बात 1977 की है। पाकिस्तानी फौज के हेडक्वार्टर रावलपिंडी से करीब 50 किलोमीटर दूर कहूटा। छोटा सा शहर। भारत के जम्मू-कश्मीर का पुंछ यहां से महज 70 किलोमीटर है। सुबह का वक्त था। एक सैलून में बाल कटाने वालों की भीड़ थी। कैंचियों की 'खिच-खिच' और रेडियो पर बजते फिल्मी गानों बीच कई लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। तभी सैलून का दरवाजा खुला। दो फौजी अफसर अंदर दाखिल हुए। उन्होंने कड़क आवाज में कहा, ‘पहले हमारे बाल काटो…वक्त नहीं है अपने पास।’ वे सीधे जाकर कुर्सी पर बैठ गए। सैलून के कोने में बैठे तीन लड़के अखबार पढ़ रहे थे। कड़क आवाज सुनते ही उनकी नजरें फौजियों पर टिक गईं। अब नाई ने बाल काटना शुरू किया। लड़कों की नजर फर्श पर गिर रहे फौजियों के बालों पर थी। थोड़ी देर बाद फौजी बाल कटवाकर चले गए। अब सैलून वाला झाड़ू लेकर उन बालों को साफ करने के लिए आगे बढ़ा, तभी तीन में से दो लड़के आपस में भिड़ गए। ‘तूने मुझे गाली कैसे दी?’ एक चिल्लाया। ‘तेरी हिम्मत कैसे हुई मुझसे ऐसे बात करने की।’ दूसरे ने उसका कॉलर पकड़ लिया। सैलून में हड़कंप मच गया। नाई झाड़ू छोड़कर दोनों को छुड़ाने लगा। सैलून में बैठे बाकी लोग भी मार-पीट को शांत कराने में जुट गए। इधर, चुपचाप बैठा तीसरा लड़का धीरे से उठा। फर्श पर गिरे फौजियों के बालों को समेटकर एक लिफाफे में डाला और जेब में रखकर चुपचाप निकल गया। लड़का भागता हुआ रावलपिंडी स्टेशन पहुंचा। वहां से ट्रेन पकड़कर लाहौर आया। प्लेटफॉर्म पर भारत जाने वाली समझौता एक्सप्रेस खड़ी थी। लड़का खिड़कियों से अंदर झांकते हुए आगे बढ़ा। अचानक उसने एक शख्स से पूछा- ‘जनाब दिल्ली जा रहे हैं क्या? शख्स ने सिर हिलाया- जी हां।’ थोड़ी देर बाद, भीड़ का फायदा उठाकर लड़का बोगी के अंदर गया और लोगों की नजरों से बचकर उस अनजान मुसाफिर के बैग में वो लिफाफा रख दिया। करीब 10 घंटे बाद ट्रेन पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंची। भारत की खुफिया एजेंसी RAW के अफसर वहां मौजूद थे। जांच के नाम पर एक-एक बैग की तलाशी ली गई। फिर एक अफसर के हाथ वो लिफाफा लग गया। अफसर उस लिफाफे को लेकर फौरन एक फॉरेन्सिक लैब पहुंचा। उसने एक अधिकारी से कहा- ‘अर्जेंट है। प्लीज इस सैंपल की जांच कीजिए।’ वैज्ञानिक ने लिफाफे से बाल निकाले और एक मशीन के भीतर रखकर स्विच ऑन कर दिया। मशीन की लाल लाइटें चमकने लगीं और मॉनिटर का ग्राफ तेजी से ऊपर होने लगा। वैज्ञानिक ने घबराहट में री-चेकिंग की, पर नतीजा नहीं बदला। आखिर उन बालों में क्या था? पाकिस्तान के किस राज से पर्दा उठने वाला था? आज ‘स्पाई फाइल्स’ सीरीज में कहानी भारत के खुफिया ‘ऑपरेशन कहूटा’ की… कहानी की शुरुआत होती है 1962 के भारत-चीन जंग से। चीन ने लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश के एक हिस्से पर अचानक हमला कर दिया। एक महीने तक जंग चली। भारत बुरी तरह हार गया। करीब 38 हजार वर्ग किलोमीटर जमीन पर चीन ने कब्जा कर लिया। नेहरू की सरकार कठघरे में थी। देश की सुरक्षा और आधुनिक हथियारों की जरूरतों को लेकर बहस छिड़ी हुई थी। इसी बीच 1964 में चीन ने परमाणु परीक्षण कर दिया। पूरी दुनिया चौंक गई। देश में यह मांग जोर पकड़ने लगी कि भारत को बचे रहना है, तो हर हाल में परमाणु बम बनाना होगा। 1965 की एक तपती दोपहर। कराची में पाकिस्तान के विदेश मंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो पत्रकारों से बात कर रहे थे। एक पत्रकार ने सवाल दागा- ‘भुट्टो साहब, अगर हिंदुस्तान ने परमाणु बम बना लिया, तो पाकिस्तान क्या करेगा?’ भुट्टो के चेहरे के भाव बदल गए। उन्होंने गुस्से में कहा- ‘अगर हिंदुस्तान परमाणु बम बनाता है, तो हम भी बनाएंगे। इसके सिवा हमारे पास और कोई रास्ता नहीं है। भले ही हमें घास खानी पड़े या पत्ते चबाने पड़ें। जरूरत पड़ी, तो हम भूखे पेट भी सो जाएंगे।’ इधर, पाकिस्तान, भारत पर हमले की तैयारी कर रहा था। वह यह सोच बैठा था कि चीन से मात खाने के बाद हिंदुस्तान कमजोर पड़ चुका है। अप्रैल 1965 में उसने गुजरात के कच्छ में कुछ इलाकों पर कब्जा कर लिया। कुछ दिनों बाद दोनों देशों के बीच सुलह हुई, लेकिन जुलाई में पाकिस्तान ने कश्मीर को भारत से अलग करने के लिए ऑपरेशन जिब्राल्टर शुरू कर दिया। भारत ने फौरन जवाबी कार्रवाई शुरू की और अगस्त महीने में पीओके के दाना और दर्रा हाजीपीर इलाके पर कब्जा कर लिया, लेकिन इतना काफी नहीं था। फिर आई 6 सितंबर की सुबह। भारत की फौज लाहौर के बाहरी इलाके तक पहुंच गई। जोरदार हमला कर दिया। तब पाकिस्तान को लगा कि कश्मीर हथियाने के चक्कर में कहीं उसका लाहौर न छीन जाए। आखिरकार यूनाइटेड नेशन्स की पहल पर 23 सितंबर को दोनों देश सीज फायर पर राजी हो गए। ठीक 15 दिन बाद… 8 अक्टूबर को भारत के मशहूर परमाणु वैज्ञानिक डॉ. होमी भाभा ने ऑल इंडिया रेडियो पर ऐलान किया- ‘अगर मुझे छूट दी जाए तो भारत 18 महीने के भीतर परमाणु बम बना सकता है।’ तीन महीने बाद यानी 10 जनवरी 1966 को भारत और पाकिस्तान के बीच ताशकंद में समझौता हुआ, लेकिन 12 घंटे बाद ही आधी रात में प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की मौत हो गई। अचानक हुई शास्त्री की मौत पर साजिश की बात चल ही रही थी कि 24 जनवरी को लंदन जा रहे एक विमान हादसे में परमाणु वैज्ञानिक होमी भाभा का निधन हो गया। चर्चा होने लगी कि दोनों मौतों में कोई ना कोई कड़ी तो है। 7 साल बाद… 3 अगस्त 1972, अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने पाकिस्तान सरकार को बताया कि भारत बहुत जल्द परमाणु परीक्षण करने वाला है। 1971 की जंग हार चुका पाकिस्तान बेचैन हो उठा, लेकिन परीक्षण कब होगा, कहां होगा और किस रूप में होगा, इसकी जानकारी CIA को भी नहीं थी। पाकिस्तान इधर-उधर हाथ-पैर मारता रहा। 2 साल बाद, तारीख-13 मई 1974 और जगह- राजस्थान का पोकरण। भारत के परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष होमी सेठना की देखरेख में वैज्ञानिकों ने परमाणु डिवाइस असेंबल करना शुरू किया। 14 मई की रात ढलने से पहले, उस डिवाइस को L शेप के एक गहरे गड्ढे में पहुंचा दिया गया। काम का पहला चरण पूरा हो चुका था, अब बारी थी फैसले की। अगली सुबह, सेठना साहब ने दिल्ली का रुख किया। प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से मुलाकात का वक्त पहले से मुकर्रर था। सेठना ने इंदिरा से कहा- ‘मैडम… हमने उस डिवाइस को असेंबल कर दिया है। अब आप यह मत कहिएगा कि उसे बाहर निकालो। ऐसा करना मुमकिन नहीं है। अब आप भी हमें आगे बढ़ने से नहीं रोक सकतीं।’ इंदिरा के चेहरे पर न कोई शिकन थी, न कोई हिचकिचाहट। उन्होंने बड़ी सहजता से कहा- ‘क्या तुम्हें डर लग रहा है, सेठना?’ सेठना के होठों पर मुस्कान उभर आई, बोले- ‘बिल्कुल नहीं, प्रधानमंत्री जी। मैं तो बस आपको बता रहा था कि अब इस रास्ते पर वापसी का कोई मोड़ नहीं है।’ इंदिरा ने मुस्कुराते हुए कहा- ‘गो अहेड।’ अगले दिन सेठना वापस पोकरण पहुंचे। टीम को एक जगह जमा किया। माहौल में एक अजीब सा सन्नाटा था। सेठना ने सबकी तरफ देखा और पूछा- ‘साथियों, अगर यह मिशन नाकाम रहा, तो किसका सिर काटा जाना चाहिए?’ बम का डिजाइन तैयार करने वाले राजगोपाल चिदंबरम ने झट से जवाब दिया- ‘मेरा, मेरा सिर काट लीजिएगा।’ 18 मई 1974, सुबह के ठीक 9 बज रहे थे। आकाशवाणी के दिल्ली स्टेशन पर उस दौर की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘बॉबी’ का गाना बज रहा था- ‘हम तुम एक कमरे में बंद हों, और चाबी खो जाए...’ अचानक, गाने को बीच में ही रोक दिया गया। रेडियो पर कुछ सेकेंड्स के लिए सन्नाटा पसर गया। फिर अनाउंसर की गंभीर आवाज गूंजी- ‘एक महत्वपूर्ण प्रसारण की प्रतीक्षा करें…’ रेडियो सुन रहे लोगों की सांसें थम गईं। कुछ ही सेकेंड्स के बाद अनाउंसर ने बताया- ‘आज सुबह 8 बजकर 5 मिनट पर भारत ने एक अज्ञात जगह पर भूमिगत परमाणु परीक्षण किया है।’ यह भारत का 'स्माइलिंग बुद्धा' मिशन था। यानी भारत ने परमाणु बम बनाने की टेक्नोलॉजी हासिल कर ली थी। जब ये खबर रेडियो पर चल रही थी, तब नीदरलैंड्स में बैठा एक शख्स भी कान लगाए हुए था। उसका नाम था- ‘अब्दुल कदीर खान।’ आजादी से पहले भोपाल में जन्मे कदीर खान उन दिनों नीदरलैंड्स में एक जर्मन यूरेनियम लैबोरेटरी में काम कर रहे थे। अमेरिकी पत्रिका ‘फॉरेन अफेयर्स’ के मुताबिक- 'जैसे ही कदीर खान को पता चला कि हिंदुस्तान ने परमाणु बम बना लिया है, उन्होंने सीधे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को चिट्ठी लिखी। कदीर खान ने लिखा- ‘हिंदुस्तान के परमाणु परीक्षण ने हमारे अस्तित्व को खतरे में डाल दिया है। पाकिस्तान को बिना देर किए परमाणु बम बनाना चाहिए। मेरे पास वह समझ और पहुंच है, जो पाकिस्तान को परमाणु ताकत वाला मुल्क बना सकता है। मैं काम करने को तैयार हूं।’ चिट्ठी मिलते ही भुट्टो ने कदीर खान के इस ऑफर को मान लिया और हर मुमकिन मदद का भरोसा भी दिया। कदीर खान अपने मिशन में जुट गए। इधर, अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA और नीदरलैंड्स की खुफिया एजेंसियां उनके पीछे पड़ गईं। एजेंसियों को पता चल चुका था कि खान चोरी-छिपे परमाणु बम बनाने की टेक्नोलॉजी और डिजाइनों का अध्ययन कर रहे हैं। हालांकि, एजेंसियों ने तुरंत गिरफ्तार करने के बजाय, उनकी जासूसी करने का फैसला किया। क्योंकि, उनकी नजर सिर्फ एक व्यक्ति तक नहीं थी। वे पाकिस्तान के पूरे नेटवर्क का पता लगाना चाहते थे। कदीर खान भी कम शातिर वैज्ञानिक नहीं थे। जल्द ही उन्हें आभास हो गया कि चौबीसों घंटे उनकी निगरानी की जा रही है। उनके फोन टैप हो रहे हैं। अगर वे जरा भी चूके, तो यूरोप की जेलों में उन्हें सड़ना होगा। दिसंबर 1975 की एक सर्द रात। नीदरलैंड्स के यूरेनियम प्लांट के बरामदे में सन्नाटा पसरा था। भारी ओवरकोट पहने कदीर खान तेजी से आगे बढ़ रहे थे। अचानक उनके कदम एक दरवाजे के सामने रुक गए, जिस पर लाल अक्षरों में लिखा था- ‘प्रतिबंधित एरिया’। खान ने गर्दन घुमाकर चारों तरफ देखा। कोई नजर नहीं आ रहा था। उन्होंने कोट की अंदरूनी जेब से एक मास्टर चाबी निकाली। चाबी घूमते ही महीन सी 'क्लिक' की आवाज हुई और दरवाजा खुल गया। अंदर टेबल पर एक ब्रीफकेस रखा था। खान ने फुर्ती से उसका लॉक खोला। भीतर रखे डिजाइन्स और ब्लूप्रिंट्स को निकालकर ओवरकोट में छुपा लिया। दबे पांव बाहर निकले। दरवाजा बंद किया और अंधेरे में गुम हो गए। कुछ देर बाद… खान अपने घर के एक बंद कमरे में थे। टेबल लैंप की मद्धम रोशनी में उनके साथ 35-40 साल का भरोसेमंद असिस्टेंट बैठा था। खान एक-एक कर सीक्रेट फाइलें बढ़ाते जा रहे थे और असिस्टेंट उनका अंग्रेजी में अनुवाद करता जा रहा था। दो घंटे की मशक्कत के बाद अनुवाद पूरा हो गया। तड़के 4 बजे। एम्सटर्डम एयरपोर्ट कोहरे की चादर से लिपटा हुआ था। कदीर खान बीवी और बच्चों के साथ पाकिस्तान जाने वाले जहाज में बैठ चुके थे। जैसे ही जहाज आसमान की ऊंचाइयों में ओझल हुआ, खान ने खिड़की से बाहर देखते हुए गहरी सांस ली।…'Now we are safe.' उधर, एम्सटर्डम एयरपोर्ट के कंट्रोल रूम में डच खुफिया एजेंसी के अफसरों के होश उड़े थे। वे बदहवासी में सुरक्षा कैमरों की फुटेज खंगाल रहे थे। कुछ अफसर गाड़ियां दौड़ाते हुए खान के घर की तरफ भागे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। अगले दिन, इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री आवास। बंद कमरे में प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो, सेना के टॉप अफसर और ISI प्रमुख के सामने वो फाइल और ब्लूप्रिंट्स रखे थे। भुट्टो ने सिगार का धुआं छोड़ते हुए खान से कहा- ‘डॉक्टर साहब, क्या इन कागजातों के दम पर हम एटम बम बना लेंगे।?’ खान की आंखों में एक चमक उभरी, ‘बिल्कुल जनाब। अगर हमें इसका सामान मिल जाए, तो एटम बम सिर्फ एक ख्वाब नहीं, हकीकत होगा।’ भुट्टो के चेहरे पर मुस्कान तैर गई। उन्होंने मेज पर मुट्ठी मारी और मंजूरी दे दी- ‘चलिए, अपने काम में जुट जाइए। हुकूमत आपके साथ है।' कुछ दिन बाद…रावलपिंडी के पास कहूटा की बंजर, पथरीली और वीरान पहाड़ियां फौज के बूटों की थाप से गूंज उठीं। भारी मशीनें दिन-रात कंक्रीट उगल रही थीं। देखते ही देखते, एक बड़ी सी बिल्डिंग के मेन गेट पर बोर्ड टांग दिया गया, जिस पर लिखा था- ‘खान रिसर्च लैबोरेट्रिज'। धूल और कंक्रीट के उस बवंडर के बीच, सिर पर सेफ्टी हेलमेट पहने कदीर खान एक ऊंची पहाड़ी पर खड़े थे। तभी एक सीनियर अफसर उनके पास आया। बोला- ‘मुबारक हो डॉक्टर खान… आज से आप इस लैब के डायरेक्टर और चीफ साइंटिस्ट हैं। हिंदुस्तान को बता दीजिए कि अब हमारे पास भी एटमी ताकत है।’ खान ने कहूटा की पहाड़ियों को देखा। कुछ कहा नहीं, बस मुस्कुराते रहे। कदीर खान के पास बम बनाने की चोरी की गई टेक्नोलॉजी तो थी, लेकिन उसके लिए जरूरी कच्चा माल और क्रिटिकल पार्ट्स पाकिस्तान में उपलब्ध नहीं थे। उस दौर में यूरोप की कुछ गिनी-चुनी कंपनियां ही ऐसे संवेदनशील टेक्निकल पार्ट्स बनाती थीं। पाकिस्तान सीधे उन कंपनियों से डील करता, तो उसका मिशन लीक हो जाता। RAW या अमेरिका की CIA को तुरंत भनक लग जाती कि पाकिस्तान एटम बम बना रहा है। इस सीक्रेसी को बनाए रखने के लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों ने एक तरकीब निकाली। उन्होंने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों जैसे- स्विट्जरलैंड, ब्रिटेन, जर्मनी और दुबई में फर्जी कंपनियां बना लीं। इन फर्जी कंपनियों के जरिए इंडस्ट्रियल सामान खरीदने के बहाने बम बनाने के पार्ट्स खरीदे जाने लगे। इन पार्ट्स को अलग-अलग रास्तों से घुमाकर पाकिस्तान लाया जाने लगा। इस मिशन को नाम दिया गया- ‘प्रोजेक्ट 706.’ इसी दौरान, भारत में बड़ा सियासी उलटफेर हुआ। देश में लगे आपातकाल के बाद मार्च 1977 में लोकसभा चुनाव हुए। कांग्रेस को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। इंदिरा गांधी खुद चुनाव हार गईं। जनता पार्टी ने 542 में से 296 सीटें जीत लीं। पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार बनी। कभी इंदिरा गांधी सरकार में वित्त मंत्री रहे मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बन गए। इसके कुछ ही महीनों बाद, सरहद पार पाकिस्तान में भी एक खूनी उलटफेर हो गया। 5 जुलाई 1977 को जनरल जिया-उल-हक ने सैन्य तख्तापलट करते हुए प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो को सत्ता से बेदखल कर दिया। देश में मार्शल लॉ लागू कर दिया, केंद्र और सभी प्रांतीय सरकारों को भंग करके खुद को पाकिस्तान का राष्ट्रपति घोषित कर दिया। दो साल बाद यानी 1979 में भुट्टो को भ्रष्टाचार के एक मामले में फांसी दे दी गई। अब पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम की कमान सीधे जनरल जिया-उल-हक के हाथों में आ चुकी थी। कहूटा में फौज का दखल और सख्त हो गया। खान रिसर्च लैबोरेट्रिज की सुरक्षा ऐसी सख्त कर दी गई कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता था। चारों तरफ तोपें और मॉडर्न रडार तैनात कर दिए गए। पाकिस्तान सोच रहा था कि उसका यह राज कोई जान नहीं पाएगा, लेकिन मार्च 1979 में जर्मन ब्रॉडकास्टर ZDF ने एक डाक्यूमेंट्री जारी कर दी। इस डॉक्यूमेंट्री में बताया गया कि कदीर खान ने नीदरलैंड्स से परमाणु बम बनाने की डिजाइन चुराई है। वे पाकिस्तान में परमाणु बम बना रहे हैं।' पाकिस्तान परमाणु बम बना रहा है, लेकिन कहां?… इसकी पुख्ता जानकारी किसी एजेंसी के पास नहीं थी। पाकिस्तान में मौजूद RAW के अंडरकवर एजेंट्स दिन-रात कड़ियों से कड़ियां जोड़ने में लगे थे, लेकिन उनके हाथ कोई खास सुराग नहीं लग रहा था। तभी इस मिशन में एंट्री हुई- इजराइल के मोसाद की। मोसाद दुनिया की सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसी मानी जाती है। इजराइल हरगिज नहीं चाहता था कि किसी इस्लामिक मुल्क के पास परमाणु बम हो। उसे डर था कि इस 'इस्लामिक बम' का इस्तेमाल आगे चलकर उसके विनाश का कारण बन सकता है। यहां से ‘RAW’ और 'मोसाद' के बीच एक सीक्रेट और अघोषित साझेदारी की शुरुआत हुई। दोनों एजेंसियां पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम को भेदने में जुट गईं। उसी दौरान, अमेरिकी खुफिया विभाग में काम करने वाले एक सीनियर अफसर रॉबर्ट गैलुची किसी तरह कहूटा जा पहुंचे, लेकिन पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने उनकी गाड़ी रोक ली। गैलुची ने बताया कि वे कहूटा की पहाड़ियों में पिकनिक मनाने आए हैं। कहूटा पिकनिक स्पॉट था तो जरूर, लेकिन पाकिस्तानी फौज इतनी मूर्ख नहीं थी। उन्होंने अमेरिकी अधिकारी को फौरन इस्लामाबाद भेज दिया। कुछ महीने बाद पाकिस्तान में तैनात फ्रांस के राजदूत ने भी कहूटा जाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन पाकिस्तानी फौज की नजर से वे बच नहीं सके। फौज ने न सिर्फ उनकी गाड़ी रोकी, बल्कि बेरहमी से पिटाई भी कर दी। इसके चलते फ्रांस और पाकिस्तान के बीच मनमुटाव भी हो गया। कहूटा के चारों तरफ बिखरी इन घटनाओं ने भारत की खुफिया एजेंसी RAW के कान खड़े कर दिए थे, लेकिन अभी तक जो भी जानकारियां थीं, वे महज कयास, सुनी-सुनाई बातें या विदेशी रिपोर्टों पर आधारित थीं। कहूटा के भीतर झांकने और उस परमाणु प्रोजेक्ट को बेनकाब करने के लिए भारत को एक ऐसे सबूत की जरूरत थी, जिसे झुठलाया न जा सके। तभी भारत के जासूसों के हाथ कुछ ऐसा लगा जिसे जानकर दुनिया चौंक गई। ***** पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल जिया अक्सर भारत के पीएम मोरारजी देसाई को फोन करते थे। देसी दवाओं और मूत्र चिकित्सा पर सलाह लेने के बहाने। मोरारजी इस पर गद्गद हो जाते थे। जिया गंभीरता दिखाते हुए उनसे पूछते- ‘जनाब, एक दिन में कितनी बार मूत्र पीना चाहिए? क्या ये सुबह का पहला मूत्र होना चाहिए या दिन के किसी भी वक्त का?’ उस रोज भी जनरल जिया का फोन आया था, पर उस दिन मोरारजी देसाई नेचर थेरेपी बताने के मूड में नहीं थे। वे परेशान थे। गुस्से में थे। पूरी कहानी कल यानी रविवार को पढ़िए 'ऑपरेशन कहूटा' पार्ट-2… रेफरेंस : 1. Raja ramanna years of pilgrimage.2. Kahuta: The Indo-Israeli Plan to Attack Pakistan's Nuclear Plant.3. The man from Pakistan.
बेस्ट मानसून लिस्ट में सज्जनगढ़ पैलेस, बताया देश के बेहतरीन व्यू-पॉइंट्स में से एक
उदयपुर } कोंडे नास्ट ट्रैवल ने मानसून सीजन में घूमने के लिए देश के 16 बेहतरीन डेस्टिनेशन की सूची जारी की है। इसमें राजस्थान से उदयपुर और सोंखलिया को जगह मिली है। पोर्टल के अनुसार उदयपुर मानसून पर्यटन के लिए देश के सबसे खास शहरों में शामिल है, जबकि सोंखलिया लेसर फ्लोरिकन पक्षी के मनमोहक प्रणय नृत्य के लिए प्रसिद्ध है। पोर्टल ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि उदयपुर शहर के बाहरी हिस्से में पहाड़ियों की चोटी पर स्थित 19वीं सदी का सज्जनगढ़ पैलेस, जिसे मानसून पैलेस के नाम से भी जाना जाता है, बारिश के मौसम में शहर के सबसे शानदार व्यू-पॉइंट्स में से एक है। दक्षिणी राजस्थान में मानसून के बादल छाने पर यह पहाड़ी महल उदयपुर की झीलों, महलों और हरियाली से आच्छादित प्राकृतिक दृश्यों का मनमोहक नजारा प्रस्तुत करता है। यहां पर्यटकों को डबल एक्सपीरियंस मिलता है पर्यटन विभाग उपनिदेशक शिखा सक्सेना ने कहा कि पोर्टल ने उदयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थल सज्जनगढ़ को सूची में शामिल किया है। यहां पर्यटकों को डबल एक्सपीरियंस मिलता है। एडवेंचर पसंद करने वाले लोगों को घुमावदार पहाड़ी सड़क पर सफर करने का मौका मिलता है, वहीं किले से हरियाली से आच्छादित पहाड़ियों और पूरे शहर का विहंगम दृश्य दिखाई देता है। यह नजारा यात्रा की खूबसूरती को और बढ़ा देता है। दोपहर बाद पिछोला झील के ऊपर का नजारा दर्शनीय पोर्टल के मुताबिक दोपहर बाद सज्जनगढ़ पहुंचना सबसे बेहतर माना जाता है। इस समय पिछोला झील के ऊपर उमड़ते-घुमड़ते बादलों का नजारा देखा जा सकता है। शाम ढलने के बाद रोशनी से जगमगाता महल मानसून के नाटकीय आसमान की पृष्ठभूमि में और भी आकर्षक दिखाई देता है। घुमावदार पहाड़ी सड़क से होकर, अक्सर धुंध के बीच, महल तक पहुंचने का सफर भी अपने आप में एक यादगार अनुभव माना गया है। मानसून डेस्टिनेशन लिस्ट में राजस्थान का सोंखलिया भी देश के 16 डेस्टिनेशन की सूची जारी; उदयपुर में मानसून पैलेस और झीलों के नजारों का जिक्र }मुन्नार (केरल) : शोला वनों में हर्पिंग (सरीसृप एवं उभयचर जीवों की खोज) के लिए। } कर्नाटक : हाथियों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने के लिए। } मेघालय : दुनिया के सबसे अधिक वर्षा वाले स्थान का अनुभव करने के लिए। चोरला घाट (गोवा–कर्नाटक–महाराष्ट्र सीमा) : जंगलों में प्राकृतिक जैव-दीप्ति (बायोल्यूमिनेसेंस) देखने के लिए। सोंखलिया (राजस्थान) : लेसर फ्लोरिकन पक्षी का मनमोहक प्रणय नृत्य देखने के लिए। } गोवा : दूधसागर जलप्रपात तक के रोमांचक ट्रैक का आनंद लेने के लिए। } मांडू (मध्य प्रदेश) : बारिश के मौसम में ऐतिहासिक शहर की रोमांटिक खूबसूरती का अनुभव करने के लिए। } केरल : आयुर्वेदिक डिटॉक्स और प्राकृतिक स्वास्थ्य लाभ के लिए। } अरुणाचल प्रदेश : सियांग नदी में रिवर राफ्टिंग का रोमांच लेने के लिए। } उत्तराखंड : फूलों की घाटी तक खूबसूरत ट्रैक के लिए। }उदयपुर (राजस्थान) : मानसून पैलेस और झीलों के मनमोहक नजारे देखने के लिए। } पश्चिम बंगाल या कर्नाटक : मानसून के खास व्यंजनों जैसे हिलसा मछली और मड्ड थोप्प का स्वाद लेने के लिए। } सह्याद्रि (महाराष्ट्र) : मानसून ट्रेकिंग और हरियाली का आनंद लेने के लिए। }अगुम्बे (कर्नाटक) : प्रकृति की गोद में नेचर ट्रेल्स का आनंद लेने के लिए। अंबोली (महाराष्ट्र) : रिवर्स वॉटरफॉल (उल्टे बहते झरने) का नजारा देखने के लिए। } गोवा : मोलेम राष्ट्रीय उद्यान में मानसून ट्रैक का रोमांच अनुभव करने के लिए
मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय होते ही आंधी-बारिश का दौर तेज हो गया है। हरदा और खरगोन में बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि बैतूल में एक ही परिवार के चार लोग झुलस गए। वहीं, चंपा नदी के उफान में बाइक समेत दो युवक बह गए। बिहार में भी बिजली गिरने से 5 लोगों की मौत हो गई। यूपी के सोनभद्र में मंगलवार शाम 4 बजे पिकनिक मनाने गए 3 लोग बरसाती नाले के तेज बहाव में बह गए। हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक घायल हो गया। उत्तराखंड में बारिश से देहरादून में रिस्पना नदी उफान पर है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा का जलस्तर बढ़ने से संगम की सीढ़ियां डूब गईं। गंगा के बढ़ते जलस्तर देखते हुए ऋषिकेश में मंगलवार शाम से राफ्टिंग पर 31 अगस्त तक रोक लगा दी गई है। मानसून ने मंगलवार दोपहर जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल, उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश में एंट्री की। देश में अब तक 26 राज्यों को कवर कर लिया है। इससे पहले 24 जून को मध्य प्रदेश-गुजरात में एंट्री ली थी। मौसम विभाग (IMD) ने अनुमान जताया है कि जुलाई में देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। हालांकि, उत्तर-पश्चिम, पूर्वोत्तर, पूर्व-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में सामान्य या सामान्य से ज्यादा बारिश होने की संभावना है। मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून… देश में जून में 39.8% कम बारिश देश में इस साल जून महीने में 1901 के बाद पांचवीं सबसे कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, जून में सामान्य 165.3 मिमी के मुकाबले केवल 99.5 मिमी बारिश हुई, जो 39.8 प्रतिशत कम है। देश के 36 मौसम उपखंडों में से 24 में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। IMD ने बताया कि अगले दो से तीन दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और पूरे जम्मू-कश्मीर में पहुंच सकता है। विभाग के अनुसार, अल नीनो के प्रभाव के कारण इस साल मानसूनी बारिश प्रभावित हुई है। देशभर से बारिश की 2 तस्वीरें… भारत में 9 करोड़ बच्चे हीटवेव की चपेट में यूनिसेफ की 'चिल्ड्रन्स क्लाइमेट रिस्क रिपोर्ट 2026' के अनुसार, भारत में करीब 8.93 करोड़ बच्चे ऐसे इलाकों में रहते हैं, जहां हीटवेव का खतरा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के लगभग 99.7 प्रतिशत बच्चे किसी न किसी जलवायु संबंधी खतरे का सामना कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 96.2 प्रतिशत भारतीय बच्चे सूखे के खतरे वाले क्षेत्रों में रहते हैं, जबकि 92 प्रतिशत बच्चे तेज गर्मी से प्रभावित हैं, जहां तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है। रिपोर्ट ने बच्चों पर बढ़ते जलवायु संकट को गंभीर चिंता का विषय बताया है। अगले 2 दिन के मौसम का हाल 2 जुलाई: छत्तीसगढ़, तेलंगाना, ओडिशा, केरलम, गोवा, तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, सिक्किम में भारी बारिश की संभावना है। बिहार में 50-60kmph की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। मध्य प्रदेश, ओडिशा, पूर्वी राजस्थान और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में तेज हवा चलेगी। राजस्थान में 30-40kmph की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में हीटवेव जारी रहेगी। 3 जुलाई: आंध्र प्रदेश, झारखंड, ओडिशा में भी तेज बारिश की चेतावनी है। असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होगी। सिक्किम, गोवा, तेलंगाना और कर्नाटक में समुद्र के करीबी इलाकों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के नागपुर-अमरावती रीजन में लगातार पांचवें दिन हीटवेव का अलर्ट है।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर पुणे में बच्ची के रेप-मर्डर के दोषी से जुड़ी है जिसे फांसी की सजा सुनाई गई। दूसरी खबर असम से है जहां बाढ़ में 96 गांव डूब गए। हम आपको यह भी बताएंगे कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के आरोपियों से जुड़े नए अपडेट क्या हैं। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... 1. पीएम मोदी सभी विभागों के सचिवों के साथ बैठक करेंगे। 2. विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में पहला सेमीफाइनल ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच लंदन में खेला जाएगा। कल की बड़ी खबरें... 1. राममंदिर चढ़ावा चोरी- अयोध्या के वकील आरोपियों का केस नहीं लड़ेंगे, 8 आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अयोध्या के वकीलों ने बड़ी बैठक की। इसमें फैसला लिया कि चढ़ावा चोरी के आरोपियों का केस कोई भी वकील नहीं लड़ेगा। साथ ही, चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के अयोध्या छोड़ने की मांग की। 8 आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में: इस बीच, सभी 8 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने आरोपियों की रिमांड नहीं मांगी। फिर कोर्ट ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अगली सुनवाई 13 जुलाई को होगी। तब तक आरोपी जेल में ही रहेंगे। SIT ने 23 जून को रिपोर्ट सौंपी, 2 दिन बाद गिरफ्तारी पूरी खबर पढ़ें... 2. रेप-मर्डर के दोषी को फांसी की सजा: पुणे में 65 साल के व्यक्ति ने 3 साल की बच्ची से रेप किया था महाराष्ट्र के पुणे जिले में 3 साल की बच्ची से रेप और हत्या करने के आरोपी 65 साल के दोषी भीमराव कांबले को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। कांबले पेशे से मजदूर हैं। वह 7 बच्चों का पिता और 11 बच्चों के दादा हैं। कोर्ट ने 60 दिन में फैसला सुनाया: कोर्ट का यह फैसला वारदात के 60 दिन में आया है। अदालत ने इस मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी का बताते हुए कहा कि आरोपी का कृत्य बेहद क्रूर, अमानवीय और बर्बर था। अब जानिए पूरा मामला पूरी खबर पढ़ें... 3. यूपी के कासगंज में ट्रेनी विमान हाईवे पर क्रैश, डगमगाने के बाद बिजली के तारों में उलझकर नीचे गिरा यूपी के कासगंज में सोमवार दोपहर 3:30 बजे एक ट्रेनी विमान क्रैश हो गया। विमान उड़ा रही 27 साल की महिला ट्रेनी पायलट घायल हो गईं। हादसा पुलिस लाइन के पीछे 6-लेन हाईवे के पास हुआ। जिस वक्त विमान हवा में डगमगाया, वो करीब 50 फीट ऊपर था। महिला पायलट का अलीगढ़ में चल रहा इलाज: विमान संतुलन बिगड़ने के बाद हाईटेंशन तारों में उलझकर नीचे गिरा। दुर्घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। करीब 3:40 बजे सूचना पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। इलाके की घेराबंदी की गई। अलीगढ़ से ट्रेनिंग सेंटर के अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायल पायलट को इलाज के लिए साथ ले गए। पूरी खबर पढ़ें… 4. असम-अरुणाचल में बाढ़, 22 हजार से ज्यादा लोग बेघर; असम में बाढ़ में 96 गांव डूबे अरुणाचल प्रदेश और असम में लगातार बारिश से बाढ़ और लैंडस्लाइड की स्थिति है। अरुणाचल के 12 जिलों में बाढ़ और लैंडस्लाइड से इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा। लेकू नदी के उफान से असम के जोनाई इलाके में बाढ़ आ गई और नेशनल हाईवे-515 भी पानी में डूब गया। असम में बाढ़ में 96 गांव डूबे: असम में 96 गांव बाढ़ के पानी में डूब गए हैं। छह जिलों के 22 हजार से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं। सबसे ज्यादा असर धेमाजी जिले में पड़ा, जहां करीब 16 हजार लोग प्रभावित हैं। अब तक 1690 हेक्टेयर फसल खराब हो गई है। 22 राज्यों तक पहुंचा मानसून: मानसून 24 जून तक 22 राज्यों को कवर कर चुका है। इसके बाद इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 5 जुलाई तक यह बाकी राज्यों में भी पहुंच सकता है। 4 राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के कई इलाकों में प्री-मानसून बारिश जारी है। पूरी खबर पढ़ें... 5. 10वीं में तीसरी भाषा की परीक्षा नहीं होगी: थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी पर CBSE का यूटर्न CBSE ने थ्री लैंग्वेज पॉलिसी पर नई गाइडलाइन जारी की। इस साल 10वीं में पढ़ रहे छात्रों को तीसरी भाषा की परीक्षा नहीं देनी होगी। यानी सत्र 2026-27 के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया है। छात्र पहले की तरह केवल दो भाषाओं के साथ ही बोर्ड परीक्षा देंगे। तीसरी भाषा न पढ़नी होगी और न ही उसकी बोर्ड परीक्षा देनी होगी। 7वीं, 8वीं और 9वीं के छात्र क्या करेंगे: 7वीं, 8वीं और 9वीं के वे छात्र, जिन्होंने पहले से दो विदेशी भाषाएं चुनी हैं, वे अपनी वही भाषाएं जारी रख सकेंगे। हालांकि, उन्हें इसके साथ एक भारतीय भाषा भी पढ़नी होगी। इन छात्रों को 10वीं में आने पर तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी। बोर्ड ने 15 मई को सर्कुलर जारी किया था: CBSE ने 15 मई को एकेडमिक सेशन 2026-27 से थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने का सर्कुलर जारी किया था। इसका विरोध शुरू हो गया। स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और टीचर्स के 19 लोगों के एक ग्रुप ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। इस पर सुनवाई जारी है। इस बीच CBSE ने 10वीं के स्टूडेंट्स के लिए स्पष्टीकरण जारी किया। पूरी खबर पढ़ें... 6. अमेरिका और ईरान एक-दूसरे पर हमले रोकने पर राजी, आज कतर में फिर बातचीत होगी अमेरिका और ईरान ने फिलहाल एक-दूसरे पर सैन्य हमले रोकने पर सहमति जताई है। दोनों देशों के बीच पिछले 3 दिनों से हमले जारी थे। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका-ईरान में 17 जून को हुए समझौते (MoU) के सभी बिंदुओं पर बातचीत जारी रहेगी। इसी सिलसिले में मंगलवार को कतर में दोनों देशों के प्रतिनिधि वार्ता करेंगे। दोनों देशों के बीच सहमति क्यों बनी: अमेरिका ने ईरान के मिसाइल और रडार ठिकानों पर कार्रवाई की थी, जबकि ईरान ने जवाब में कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। इसके बाद दोनों देशों ने फिलहाल सैन्य कार्रवाई रोककर बातचीत के जरिए समाधान तलाशने पर सहमति जताई है। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: अब खराब विजिबिलिटी में भी प्लेन सुरक्षित उतरेंगे: सैटेलाइट सिग्नल से भारत में पहली बार कॉमर्शियल जेट की लैंडिंग, स्वदेशी गगन सिस्टम का सफल ट्रायल (पूरी खबर पढ़ें) 2. नेशनल: यूपी के कासगंज में ट्रेनी विमान हाईवे पर क्रैश: 50 फीट की ऊंचाई पर हवा में डगमगाया, बिजली के तारों में उलझकर नीचे गिरा (पूरी खबर पढ़ें) 3. नेशनल: अमरनाथ यात्रा से पहले बाबा बर्फानी की पहली पूजा: उपराज्यपाल ने दर्शन किए; यात्रा 3 जुलाई से शुरू, सिक्योरिटी का ट्रायल हुआ (पूरी खबर पढ़ें) 4. नेशनल: एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को परम विशिष्ट सेवा मेडल: राष्ट्रपति मुर्मू ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ उत्तम युद्ध सेवा मेडल से सम्मानित किया (पूरी खबर पढ़ें) 5. इंटरनेशनल: सेशेल्स में भारतीय समुदाय से मिले PM मोदी: गणेश मंदिर में पूजा भी की; महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देकर भारत रवाना हुए (पूरी खबर पढ़ें) 6. स्पोर्ट्स: भारत समेत 4 विमेंस टीमें ओलिंपिक के लिए सीधे क्वालिफाई: क्रिकेट के क्वालिफिकेशन नियमों को मंजूरी, मेंस का कटऑफ 2026 रैंकिंग से (पूरी खबर पढ़ें) 7. स्पोर्ट्स: केप वर्डे के फुटबॉल कप्तान पर रेप के आरोप: ट्रांसलेटर बोली- होटल के कमरे में दुष्कर्म किया; 4 जुलाई को नॉकआउट में अर्जेंटीना से मैच (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... जहरीली चींटी से कटवाकर साबित करते हैं मर्दानगी अमेजन के जंगलों में रहने वाली साटेरे-मावा जनजाति एक अनोखी रस्म निभाती है। यहां लड़कों को वयस्क बनने के लिए बुलेट एंट नाम की जहरीली चींटियों से भरे दस्ताने पहनने होते हैं। इस दौरान लड़कों को चीखना या रोना नहीं, बल्कि नाचना होता है। ऐसा करने पर उन्हें मर्द माना जाता है और शादी की अनुमति मिलती है। पूरी खबर पढ़ें... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर- सड़कें पिघली, पटरियां उखड़ीं, 1300 मौतें; यूरोप में गर्मी ने सारे रिकॉर्ड क्यों तोड़ दिए, भारत से ज्यादा खतरनाक कैसे 2. भास्कर एक्सप्लेनर- मोदी कैबिनेट से बाहर हो सकते हैं ये 6 मंत्री: 9 नए चेहरों के शामिल होने की सुगबुगाहट; इस बड़े फेरबदल के पीछे की पूरी कहानी 3. मंडे मेगा स्टोरी- दुश्मन के पेट में भूसा भरकर चाइनीज खेलते थे 'फुटबॉल': आज 500 करोड़ दर्शकों वाला सबसे लोकप्रिय खेल; जानिए रोचक कहानी 4. जरूरत की खबर- FSSAI की मानसून सेफ्टी गाइडलाइंस: किचन, कुकिंग और पर्सनल हाइजीन से लेकर बच्चों की हेल्थ और सेफ्टी के जरूरी टिप्स 5. फिजिकल हेल्थ- नवजात शिशु के बर्थमार्क को इग्नोर न करें: ये हेमेंजियोमा हो सकता है, डॉक्टर से जानें इसके कारण, लक्षण और इलाज करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज कर्क राशि वालों को मल्टीनेशनल कंपनी में प्रमोशन की खबर मिल सकती है। तुला राशि वालों को अचानक लाभ के योग हैं। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
देश के 4 राज्यों राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली के कई इलाकों में प्री-मानसून बारिश जारी है। हालांकि छह राज्यों में तेज गर्मी हो रही है। हरियाणा और दिल्ली में पारा 43C से ज्यादा दर्ज किया गया। बिहार के 15 जिलों में सोमवार को आंधी के साथ बारिश हुई। सीतामढ़ी, मुंगेर और पटना में बिजली गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई। वहीं 24 लोग झुलस गए। वहीं दरभंगा के जलेश्वरनाथ महादेव मंदिर के गुंबद पर बिजली गिर गई। मंदिर में करीब 25 श्रद्धालु पूजा कर रहे थे। यूपी में मानसून की एंट्री के लिए मौसम सिस्टम सक्रिय हो गया है। सोमवार को लखनऊ समेत 15 जिलों में तेज बारिश हुई। मिर्जापुर में बारिश के बाद अंडरपास में करीब 3 फीट तक पानी भरने से गाड़ियां फंस गईं। बस्ती और महराजगंज में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के डुमकी गांव में सोमवार शाम बिजली गिरने से 2 बच्चों और एक युवक की मौत हो गई। मध्य प्रदेश में सोमवार को 12 जिलों में बारिश हुई। मानसून 24 जून तक 22 राज्यों को कवर कर चुका है। इसके बाद इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है। यह मध्य प्रदेश और गुजरात के कई क्षेत्रों में आगे नहीं बढ़ पा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 5 जुलाई तक यह बाकी राज्यों में भी पहुंच सकता है। पहले मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून… असम में बाढ़, 22 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित अरुणाचल प्रदेश और असम के कई हिस्सों में लगातार बारिश की वजह से बाढ़ और लैंडस्लाइड की स्थिति बनी हुई है। अरुणाचल में बारिश से लेकू नदी उफान पर आ गई, जिससे असम के जोनाई इलाके में भीषण बाढ़ आ गई। बाढ़ से नेशनल हाईवे-515 भी डूब गया। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के मुताबिक, बाढ़ से राज्य के छह जिलों में 22 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा असर धेमाजी जिले में पड़ा है, जहां करीब 16 हजार लोग प्रभावित हैं। बाढ़ से 96 गांव डूब गए हैं, करीब 1690 हेक्टेयर फसल और 48 हजार से ज्यादा जानवर प्रभावित हुए हैं। गृह मंत्री अमित शाह ने बाढ़ और भारी मॉनसून बारिश से पैदा हुए हालात का जायजा लेने के लिए असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा और अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा खांडू को फोन कर हालात की जानकारी ली। देशभर से बारिश की 4 तस्वीरें… 6 राज्यों में गर्मी का असर, पारा 40C पार मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और गुजरात के कई शहरों में बुधवार को पारा 40C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा हरियाणा के रोहतक में 43.5C दर्ज किया गया। वहीं दिल्ली में 43.4C, यूपी के बांदा में 43.2C, मध्य प्रदेश के खजुराहो में 41.2C, पंजाब के आनंदपुर साहिब में 40.6C और गुजरात के सुरेंद्रनगर में 40.5C रहा। अगले 2 दिन के मौसम का हाल 1 जुलाई: 2 जुलाई:
गृह मंत्री अमित शाह ने अरुणाचल के मुख्यमंत्री से की बात, बाढ़ की स्थिति का लिया जायजा
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने सोमवार को कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए उनसे बात की। राज्य पिछले एक सप्ताह से लगातार हो रही मानसून की बारिश और उसके कारण आई बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है।
Bigg Boss 18 : चुम दरांग को मिला अरुणाचल प्रदेश के सीएम का सपोर्ट
सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 18' अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर कोई इस सीजन का विनर बनने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन दिनों शो में 'टिकट टू फिनाले' टास्क चल रहा है। इस टास्क में विवियन डीसेना और चुम दरंग आमने-सामने खड़े हैं। वहीं ...

