मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जमीन खरीद मामले को लेकर बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस सांसद व मीडिया विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा और मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को घेरा है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह भूमि खरीद पूरी तरह से सत्ता के संरक्षण में हुई है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज (Sitting Judge) से कराने की मांग की है। इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व चुप्पी साधे हुए हैं। इस चुप्पी से साफ है कि इसमें भाजपा और आरएसएस की मिलीभगत है। दूसरी ओर, भाजपा ने कांग्रेस आरोपों पर पलटवार किया है। मंत्री चेतन्य काश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री ओबीसी समाज से हैं, इसलिए कांग्रेस पार्टी उन्हें बदनाम कर रही है। पटवारी ने पूछा- 'एक रुपए' में जमीन एक ट्रस्ट को क्यों दी जीतू पटवारी ने सरकार और भाजपा को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के परिवार की जमीन खरीदी की खबर छपे 30 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है। अगर यह खबर झूठी और बेबुनियाद है, तो मुख्यमंत्री या भाजपा ने अब तक संबंधित अखबार के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की और मानहानि का मुकदमा दर्ज क्यों नहीं कराया? उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पर मामले को भटकाने का आरोप लगाया और कहा कि जब जमीन पर सवाल पूछा गया तो भाजपा ने मुख्यमंत्री के 'ओबीसी' होने का कार्ड खेल दिया। पटवारी ने पलटवार करते हुए पूछा कि क्या ओबीसी होने का मतलब यह है कि किसी को भी गलत काम करने की छूट मिल जाती है? मैं खुद ओबीसी समाज से आता हूं और मुख्यमंत्री से सीधे जवाब चाहता हूं। वीर भारत न्यास को 1 रुपए में 500 करोड़ की जमीन दी जीतू पटवारी ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उज्जैन में 'वीर भारत न्यास' नामक एक ट्रस्ट को 500 करोड़ रुपए की सरकारी जमीन महज '1 रुपए' की टोकन राशि पर दे दी गई। इस ट्रस्ट के ट्रस्टी श्रीराम तिवारी हैं, जो मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार हैं। पटवारी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि इस ट्रस्ट को इतनी महंगी जमीन किस आधार पर दी गई। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके परिवार ने जो जमीनों का लैंड बैंक बनाया, उसकी आय का स्रोत क्या था? क्या इन संपत्तियों का विवरण सार्वजनिक नहीं होना चाहिए? उन्होंने चेतावनी दी कि यह घोटाला सिर्फ पहली सीरीज है। उन्होंने दावा किया कि चार दिन पहले ही मुख्यमंत्री के सानिध्य में छह विभागों में ट्रांसफर इंडस्ट्री चलाकर 1000 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार का स्टिंग देखा है। पटवारी ने मांग की कि सरकार सभी परियोजनाओं की टाइमलाइन साझा करे और वर्ष 2023 के बाद मुख्यमंत्री के परिवार द्वारा खरीदी गई सभी जमीनों को लेकर एक 'श्वेत पत्र' (White Paper) जारी करे। मंत्री चेतन्य काश्यप बोले- सीएम ओबीसी इसलिए बदनाम कर रहे कांग्रेस के इन गंभीर आरोपों पर मध्य प्रदेश के एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप ने पलटवार किया है। उन्होंने भोपाल और दिल्ली में जीतू पटवारी द्वारा की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की छवि खराब करने की एक साजिश करार दिया। काश्यप ने साफ किया कि जीतू पटवारी जिस 'वीर भारत न्यास' ट्रस्ट पर 500 करोड़ की जमीन हथियाने का आरोप लगा रहे हैं, वह कोई निजी ट्रस्ट नहीं बल्कि पूरी तरह से एक सरकारी ट्रस्ट है। जमीन की खरीद CM बनने से पहले की मंत्री चेतन्य काश्यप ने जमीन की स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास कुल 17 एकड़ जमीन है। वह उनके मुख्यमंत्री बनने से बहुत पहले की है और यह उनकी व्यक्तिगत संपत्ति है। मास्टर प्लान में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है। मुख्यमंत्री की पुत्रवधू ने 10 एकड़ जमीन खरीदी है, वह भी वर्तमान मास्टर प्लान के दायरे से पूरी तरह बाहर है। काश्यप ने कहा कि जीतू पटवारी ने पढ़ना-लिखना बंद कर दिया है। राज्यसभा चुनाव में मिली करारी हार की हताशा के कारण कांग्रेस इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगा रही है। इस तरह की राजनीति करने वाली कांग्रेस को पहले अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर लगे जमीन गड़बड़ी के आरोपों की जांच करानी चाहिए। पवन खेड़ा बोले- 'इंसाइडर ट्रेडिंग' में आरएसएस का संरक्षण कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि यह मामला सिर्फ मध्य प्रदेश का स्थानीय मुद्दा नहीं है, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय विषय है क्योंकि उज्जैन और अयोध्या जैसे शहरों से पूरी दुनिया के करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। श्रद्धालु अपना पेट काटकर जो पैसा दानपात्र में डालते हैं, उसे लूटना लोगों की पीठ में खंजर घोंपने जैसा है। खेड़ा ने कहा कि जमीन हड़पने के इस खेल में शामिल लोगों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का पूरा संरक्षण प्राप्त है, इसलिए आज के हालात 'संघम शरणम् गच्छामि' जैसे हो गए हैं। उन्होंने कहा कि आरएसएस खुद को एक गैर-पंजीकृत संस्था बनाकर रखता है ताकि उसके पास सारी शक्तियां तो रहें, लेकिन किसी भी गड़बड़ी पर उसकी कोई जिम्मेदारी और जवाबदेही तय न हो सके। खेड़ा बोले- मास्टर प्लान में बदलाव और शेयर मार्केट जैसी 'इंसाइडर ट्रेडिंग' हुई पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री के परिवार द्वारा की गई जमीन खरीदी की तुलना शेयर बाजार के 'इंसाइडर ट्रेडिंग' से की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास अंदरुनी और गोपनीय जानकारी थी कि उज्जैन के मास्टर प्लान 2035 में कौन सी सड़कें कहां से गुजरेंगी और कौन सा क्षेत्र विकास योजनाओं के लिए चिन्हित होगा। इस प्रभाव और जानकारी का दुरुपयोग करके मुख्यमंत्री के परिवार ने दिसंबर 2023 में उनके सीएम बनने के बाद 168 एकड़ में से 111 एकड़ जमीन उसी क्षेत्र में खरीद ली, जहां आगामी सिंहस्थ कुंभ मेला होने वाला है। उन्होंने कांग्रेस के नैतिक मूल्यों की याद दिलाते हुए कहा कि आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटाले में सिर्फ सास के नाम पर फ्लैट होने के आरोप पर कांग्रेस ने अशोक चव्हाण का इस्तीफा ले लिया था, लेकिन यहां सैकड़ों एकड़ जमीन के पुख्ता सबूत होने के बाद भी मीडिया में सन्नाटा है और मुख्यमंत्री की कुर्सी बरकरार है। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री का उदाहरण देते हुए कहा कि आरएसएस से जुड़े मुख्यमंत्रियों पर सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती। ऊर्जा मंत्री बोले- कांग्रेस ने सीएम की छवि खराब की जीतू पटवारी के आरोपों पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री की छवि कांग्रेस ने खराब की है। मुख्यमंत्री बनने से पहले उन्होंने और उनके परिवार ने जमीन खरीदी थी। मुख्यमंत्री बनने के बाद से कोई जमीन नहीं खरीदी। मुख्यमंत्री का परिवार व्यापार करने के लिए वह स्वतंत्र है और सभी के परिवार के लोग व्यापार करते हैं। सिर्फ मुख्यमंत्री के खिलाफ भ्रामक और निराधार जानकारियां कांग्रेस उठा रही है। मध्य प्रदेश की सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि मुख्यमंत्री की संपत्ति की बारे में जानकारी गलत दी जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी कल इसके बारे में सभी के सामने अपना पक्ष रखा है। मुख्यमंत्री को बदनाम करने की साजिश कांग्रेस की हो रही है वह कभी कामयाब नहीं हो पाएगी
प्रकृति प्रेमियों और रोमांच के शौकीनों के लिए 'वर्ल्ड रेनफॉरेस्ट डे' (विश्व वर्षावन दिवस) अपने भीतर के घुमक्कड़ को जगाने का एक बेहतरीन मौका है। भारत अपनी विविध भौगोलिक संरचनाओं के कारण कई ऐसे अद्भुत और घने वर्षावनों (Rainforests) का घर है, जिनकी हरियाली, वन्यजीव (Wildlife) और अनछुए रास्ते आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाते हैं।यदि आप भी कंक्रीट के जंगलों और शहरों की भागदौड़ से दूर असली प्रकृति, एडवेंचर और शांति का अनुभव करना चाहते हैं, तो भारत के ये 7 सबसे शानदार फॉरेस्ट गेटवे आपके लिए एक परफेक्ट वीकेंड या लॉन्ग ट्रिप का विकल्प बन सकते हैं। आइए जानते हैं इन जादुई जंगलों की खासियत, पहुँचने का तरीका और बजट।1. साइलेंट वैली नेशनल पार्क (Silent Valley National Park), केरलनीलगिरी की पहाड़ियों में स्थित साइलेंट वैली नेशनल पार्क को भारत के सबसे प्राचीन और अनछुए सदाबहार वनों (Evergreen Forests) में गिना जाता है।खासियत: जैसा कि नाम से ही साफ है, यह जंगल अपनी असीम शांति के लिए जाना जाता है। यहाँ पाए जाने वाले दुर्लभ 'लॉयन-टेल्ड मकाक' (शेर जैसी पूंछ वाले बंदर) को देखने दुनिया भर से लोग आते हैं।कैसे पहुँचें: आप कोयम्बटूर या पलक्कड़ से सड़क मार्ग द्वारा आसानी से यहाँ पहुँच सकते हैं। यहाँ ट्रैकिंग का अनुभव बेहद जादुई होता है।2. पेरियार नेशनल पार्क (Periyar National Park), थेक्कडी, केरलयदि आप एक ऐसा जंगल टूर चाहते हैं जो पूरी तरह से टूरिस्ट-फ्रेंडली हो और जहाँ एडवेंचर के साथ-साथ आराम भी मिले, तो थेक्कडी स्थित पेरियार आपके लिए बेस्ट है।मुख्य आकर्षण: यहाँ की लेक बोट सफारी (Lake Boat Safari) सबसे बड़ा अट्रैक्शन है, जहाँ बोटिंग करते हुए हाथियों के झुंड, बायसन और अन्य जंगली जानवरों को पानी पीते हुए बेहद करीब से देखा जा सकता है।यात्रा और बजट: कोच्चि (Kochi) से सड़क मार्ग द्वारा लगभग 4-5 घंटे का सफर तय करके आप यहाँ पहुँच सकते हैं। यहाँ बेहतरीन इको-रिसॉर्ट्स और होमस्टे उपलब्ध हैं। प्रतिदिन का खर्च लगभग ₹2,000 से ₹5,000 तक आता है।3. अगुम्बे (Agumbe), कर्नाटक: दक्षिण का चेरापूंजीपश्चिमी घाट की गोद में बसे अगुम्बे को भारत का चेरापूंजी ऑफ साउथ भी कहा जाता है। अत्यधिक बारिश के कारण यहाँ एक रहस्यमयी और घना क्लाउड फॉरेस्ट (Cloud Forest) विकसित हुआ है।रोमांच की वजह: यह जगह दुनिया भर में 'किंग कोबरा' रिसर्च सेंटर और घने जंगलों के बीच ट्रेकिंग के लिए मशहूर है। मानसून के समय यहाँ के झरने और धुंध से ढकी पहाड़ियाँ देखने लायक होती हैं।यात्रा और बजट: मैंगलोर या उडुपी से सड़क मार्ग द्वारा अगुम्बे आसानी से पहुँचा जा सकता है। छोटे और पारंपरिक होमस्टे के कारण यह ट्रिप काफी बजट-फ्रेंडली रहती है, जहाँ प्रतिदिन का खर्च मात्र ₹1,500 से ₹3,000 तक आता है।4. वायनाड (Wayanad), केरलवायनाड आराम और एडवेंचर का एक बेहतरीन संतुलन पेश करता है। यह इलाका अपने धुंध से ढके पहाड़ों, प्राचीन गुफाओं और मसालों के बागानों के लिए जाना जाता है।खासियत: यहाँ आप घने जंगलों के बीच स्थित झरनों (Waterfalls), एडक्कल गुफाओं (Edakkal Caves) को एक्सप्लोर कर सकते हैं और स्पाइस प्लांटेशन रिसॉर्ट्स में ठहरने का अनूठा आनंद ले सकते हैं।यात्रा और बजट: कोझिकोड (Kozhikode) से मात्र 3 घंटे का सफर तय करके आप वायनाड पहुँच सकते हैं। यहाँ ठहरने और घूमने का दैनिक खर्च ₹2,000 से ₹4,500 के बीच बैठता है।5. दिहिंग पटकाई नेशनल पार्क (Dehing Patkai), असम: पूर्व का अमेजनपूर्वोत्तर भारत के असम में स्थित दिहिंग पटकाई को पूर्व का अमेजन (Amazon of the East) कहा जाता है। यह भारत का एकमात्र ऐसा तराई क्षेत्र का वर्षावन है जो अविश्वसनीय बायोडायवर्सिटी से समृद्ध है।वाइल्डलाइफ: यहाँ हॉर्नबिल पक्षी, एशियाई हाथी, और कई दुर्लभ प्रजाति के जीव-जंतु पाए जाते हैं। स्थानीय असमिया होमस्टे और वहाँ का पारंपरिक भोजन इस यात्रा के अनुभव को और भी प्रामाणिक बना देता है।यात्रा और बजट: डिब्रूगढ़ (Dibrugarh) से आप आसानी से इस नेशनल पार्क तक पहुँच सकते हैं। यहाँ ट्राइबल कल्चर को करीब से देखने का मौका भी मिलता है। यहाँ का प्रतिदिन का औसत बजट ₹2,500 से ₹5,000 तक रहता है।6. नामदफा नेशनल पार्क (Namdapha), अरुणाचल प्रदेशयदि आप बेहद रिमोट, अनछुए और असली खतरनाक जंगल का अनुभव करना चाहते हैं, तो नामदफा से बेहतर कोई जगह नहीं है। यह भारत के सबसे बड़े और सबसे ऊँचे राष्ट्रीय उद्यानों में से एक है।रोमांच: यहाँ की घनी वनस्पतियों के बीच 'बिग कैट्स' (बाघ, तेंदुआ, क्लाउडेड लेपर्ड और स्नो लेपर्ड) का वास है। यहाँ के अनछुए ट्रेल्स और बेसिक कैंपिंग सुविधाएं आपको आदिम काल के जंगलों का अहसास कराती हैं।यात्रा और बजट: असम के तिनसुकिया या डिब्रूगढ़ से यहाँ के लिए यात्रा शुरू की जा सकती है। यहाँ पहुँचना और सफर थोड़ा कठिन है, लेकिन एडवेंचर लाजवाब है। यहाँ प्रतिदिन का खर्च ₹3,000 से ₹7,000 तक हो सकता है।7. ग्रेट निकोबार बायोस्फीयर रिजर्व, अंडमान और निकोबारयह भारत का सबसे विशिष्ट और एक्सक्लूसिव रेनफॉरेस्ट डेस्टिनेशन है, जहाँ आपको घने उष्णकटिबंधीय वर्षावन (Tropical Rainforest) और विशाल नीले समुद्र का एक साथ अद्भुत कॉम्बिनेशन देखने को मिलता है।खासियत: यह रिजर्व अपनी अनूठी द्वीप-पारिस्थितिकी (Island Ecosystem) और विशालकाय लेदरबैक कछुओं के लिए जाना जाता है।नियम और बजट: इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए यहाँ जाने के लिए सरकार से विशेष परमिट (Permit) लेना अनिवार्य होता है। यहाँ यात्रा और ठहरने का खर्च थोड़ा प्रीमियम श्रेणी में आता है, जो प्रतिदिन ₹5,000 से ₹12,000 तक जा सकता है।
केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति भवन ने मंगलवार को कुरियन के इस्तीफे की जानकारी दी। प्रेस रिलीज में बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पीएम नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा स्वीकार किया है। हालांकि, इस्तीफे की वजह नहीं बताई गई है। 65 साल के कुरियन मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री के पद पर थे। वे अगस्त 2024 से मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद थे। बतौर राज्यसभा सांसद 21 जून को ही उनका कार्यकाल खत्म हुआ था। भाजपा ने उन्हें फिर से उम्मीदवार नहीं बनाया था। कुरियन केरल में भाजपा के सीनियर नेताओं में एक हैं। माना जा रहा है कि हाल ही में केरल विधानसभा चुनावों में पार्टी के उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न करने की वजह से उन्हें फिर से मौका नहीं मिला। मोदी-शाह के भाषणों को ट्रांसलेट करते थे कुरियन कुरियन केरल के प्रमुख ईसाई संप्रदाय सीरो-मालाबार कैथोलिक चर्च से आते हैं। वे टीवी डिबेट्स में भाजपा का प्रमुख चेहरा रहे हैं। कुरियन केरल दौरों के दौरान पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के भाषणों का मलयालम में ट्रांसलेशन भी करते रहे हैं। 2024 में मोदी 3.0 सरकार में उनकी नियुक्ति को केरल में ईसाई समुदाय के बीच भाजपा की पकड़ मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा गया था। हालांकि, मई 2026 के केरल विधानसभा चुनाव में 140 में से BJP को सिर्फ 3 सीटों पर जीत मिली थी। कुरियन सहित दो केंद्रीय मंत्रियों का राज्यसभा चुनाव में कटा था 12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों पर 18 जून को चुनाव हुआ था। इनमें झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, मिजोरम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और गुजरात शामिल हैं। 26 में से 23 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। इनमें 19 सीटें NDA को, इंडिया ब्लॉक को 6 और एक सीट मिजोरम की जोराम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) को मिली। भाजपा ने 4 जून को उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी। इनमें केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन को दोबारा उम्मीदवार नहीं किया था। दोनों का टिकट कटने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की चर्चा शुरू हो गई है। कुरियन से पहले दक्षिण भारत में अन्नामलाई भी इस्तीफा दे चुके जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे से पहले भाजपा को दक्षिण भारत में एक और बड़ा झटका लगा था। तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल के. अन्नामलाई ने 2 जून को पार्टी से इस्तीफा दिया। 5 जून का इस्तीफा मंजूर हुआ, तो अन्नामलाई ने अपने नए ‘पॉलिटिकल मूवमेंट’ का ऐलान कर दिया। वे 14 सितंबर को अपनी नई पार्टी के नाम, नीति और संगठन की घोषणा करेंगे। उनकी पार्टी 2031 में विधानसभा चुनाव लड़ेगी। अन्नामलाई पूर्व IPS अधिकारी हैं। भाजपा ने उन्हें तमिलनाडु में अपना सबसे बड़ा चेहरा बनाकर आगे बढ़ाया था। -------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… क्या BJP का ही सीक्रेट प्लान है अन्नामलाई का इस्तीफा: थलापति-DMK होंगे निशाने पर, AAP और TVK जैसे मॉडल पर चलेगी नई पार्टी 17 जून 2015 की बात है। के. अन्नामलाई कर्नाटक के उडुपी के SP थे। तैनाती के 6 महीने बाद 17 साल की एक लड़की की रेप के बाद हत्या का मामला सामने आया। अन्नामलाई परिवार से मिलने पहुंचे। लड़की की मां ने उनसे पूछा- ‘क्या मेरी बच्ची को वापस ला सकते हो? अन्नामलाई ने जवाब दिया- ‘नहीं, लेकिन मैं यह कर सकता हूं कि वो सबके दिलों में रहे, सबको याद रहे।’ पूरी खबर पढ़ें…
देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। लंबे समय से भीषण गर्मी और पसीने वाली उमस झेल रहे मुंबईकरों के लिए आखिरकार राहत की बड़ी खबर आ गई है। सोमवार, 22 जून को मुंबई और नवी मुंबई के कई इलाकों में मानसून की पहली अच्छी और झमाझम बारिश दर्ज की गई है। इस पहली फुहार ने न सिर्फ मायानगरी का मौसम सुहावना बना दिया है, बल्कि तापमान में भी भारी गिरावट ला दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अनुमान जताया है कि आने वाले दिनों में मुंबई में बारिश की रफ्तार और तेज होगी।महाराष्ट्र में आगे बढ़ रहा मानसून, कोंकण और गोवा के लिए 'ऑरेंज अलर्ट'मौसम विभाग के मुताबिक, 23 जून के आस-पास महाराष्ट्र के बाकी बचे हिस्सों में भी मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। इसका साफ मतलब है कि आने वाले पूरे हफ्ते मुंबई और उसके उपनगरों में लगातार बारिश देखने को मिल सकती है।आईएमडी ने चेतावनी दी है कि 22 जून से 27 जून के बीच मुंबई सहित पूरे कोंकण क्षेत्र और गोवा में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 22 से 25 जून के दौरान इन इलाकों में बिजली कड़कने, आंधी-तूफान आने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है।दिल्ली-NCR में भी सुहावना मौसम, दोपहर बाद आंधी-बारिश की संभावनापहाड़ों से आ रही ठंडी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के चलते राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (Delhi-NCR) में भी सोमवार को गर्मी का असर कम रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में आज दोपहर या शाम के समय तेज आंधी-तूफान आने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना है। राहत की बात यह है कि आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 37C से 39C के बीच ही सिमटा रहेगा, जिससे पारा 40 डिग्री के नीचे बना रहेगा।असम में बाढ़ का खतरा, तो यूपी-एमपी के कुछ हिस्सों में अब भी 'लू' का प्रकोपमौसम विभाग ने देश के अन्य राज्यों के लिए जो बुलेटिन जारी किया है, उसके अनुसार भारत के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के कई रंग देखने को मिल रहे हैं:पूर्वोत्तर भारत (North-East): असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और उसके पड़ोसी राज्यों में 25 जून तक अत्यधिक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। लगातार हो रही इस मूसलाधार बारिश के कारण संवेदनशील पहाड़ी और मैदानी इलाकों में अचानक बाढ़ (Flood) और भूस्खलन (Landslide) का गंभीर खतरा मंडराने लगा है।पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के क्षेत्रों में भी पूरे सप्ताह मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है।पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और ओडिशा में गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश और आंधी-तूफान की संभावना बनी हुई है। हालांकि, बिहार और ओडिशा के कुछ विशेष हिस्सों के लिए भारी बारिश की अलग से चेतावनी जारी की गई है।हीटवेव (लू) का असर: एक तरफ जहां देश का बड़ा हिस्सा मानसून में भीग रहा है, वहीं दूसरी तरफ विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश (UP) के कुछ हिस्सों में अब भी भीषण गर्मी और लू (Heatwave) की स्थिति बनी रहेगी। इसके अलावा छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में भी तापमान ऊंचे स्तर पर दर्ज किया जा सकता है।मुंबई में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश? बीएमसी ने जारी किए आंकड़ेबृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के रेन गेज नेटवर्क से मिले आंकड़ों के अनुसार, सोमवार सुबह शहर के कई हिस्सों में तेज और लगातार बारिश दर्ज की गई। सुबह 6 बजे से 7 बजे के बीच पूर्वी उपनगर के घाटकोपर स्थित रामाबाई विद्यालय में सबसे अधिक 24 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके बाद चेंबूर फायर स्टेशन में 20 मिमी और मानखुर्द फायर स्टेशन में 16 मिमी बारिश दर्ज हुई।इसके तुरंत बाद, सुबह 7 बजे से 8 बजे के बीच वर्ली सी-फेस विद्यालय और सावित्रीबाई फुले विद्यालय के कैचमेंट एरिया में 25-25 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जो पूरे शहर में सबसे ज्यादा रही। इसके अलावा लोअर परेल स्थित जी-दक्षिण वार्ड कार्यालय में 21 मिमी और वर्ली फायर स्टेशन में 17 मिमी बारिश मापी गई। बीएमसी अधिकारियों ने राहत की सांस लेते हुए बताया कि इस शुरुआती तेज बारिश के बावजूद शहर के किसी भी हिस्से से जलभराव (Waterlogging) या ट्रैफिक जाम की कोई बड़ी शिकायत सामने नहीं आई है।
तबाही का दूसरा नाम वैभव सूर्यवंशी, 15 साल की उम्र में तोड़ चुके हैं कई बड़े रिकॉर्ड्स
महज 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी एक के बाद एक रिकॉर्ड को ध्वस्त करते जा रहे हैं। श्रीलंका ए के खिलाफ वैभव ने सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक लगाते हुए लिस्ट ए क्रिकेट में वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया। वह लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बने। आइए आपको बताते हैं वैभव भारत की नेशनल टीम की ओर से डेब्यू करने से पहले ही किन-किन रिकॉर्ड्स को अपने नाम कर चुके हैं। सबसे तेज अर्धशतक: भारत ए की ओर से खेलते हुए श्रीलंका ए के खिलाफ वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 11 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। लिस्ट ए क्रिकेट में वैभव अब सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। वैभव ने श्रीलंका के बल्लेबाज कौशल्या वीररत्ने का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 12 गेंदों में अर्धशतक लगाया था। सबसे युवा शतक लगाने वाले बल्लेबाज:वैभव सूर्यवंशी लिस्ट ए क्रिकेट में शतक लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज हैं। उन्होंने 14 साल 272 दिन की उम्र में शतक लगाते हुए यह रिकॉर्ड अपने नाम किया था। उन्होंने बिहार की तरफ से खेलते हुए विजय हजारे ट्रॉफी में यह कारनामा किया था। वैभव ने इस मुकाबले में 190 रनों की दमदार पारी खेली थी। सबसे तेज 150 रन बनाने का रिकॉर्ड: वैभव सूर्यवंशी विश्व क्रिकेट में सबसे तेज 150 रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ खेले गए मुकाबले में एबी डिविलियर्स का रिकॉर्ड ध्वस्त किया था। वैभव ने अपने 150 रन सिर्फ 59 गेंदों में पूरे किए थे। तीसरा सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड: 15 वर्षीय बल्लेबाज के नाम लिस्ट ए क्रिकेट में भारत की ओर से तीसरा सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड दर्ज है। वैभव ने विजय हजारे टूर्नामेंट में बिहार की तरफ से खेलते हुए सिर्फ 36 गेंदों में अपना शतक पूरा किया है। लिस्ट ए क्रिकेट में वैभव से तेज शतक ईशान किशन (33 गेंद) और अनमोलप्रीत (35 गेंद) ने लगाया है। यूथ टेस्ट में सबसे तेज शतक: 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के नाम यूथ टेस्ट में भारत की ओर से सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड है। उन्होंने भारत की अंडर 19 टीम की तरफ से खेलते हुए ऑस्ट्रेलिया अंडर 19 के खिलाफ सिर्फ 58 गेंदों में शतक लगाया था। यह अंडर 19 क्रिकेट इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक भी है। तीसरा सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड: 15 वर्षीय बल्लेबाज के नाम लिस्ट ए क्रिकेट में भारत की ओर से तीसरा सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड दर्ज है। वैभव ने विजय हजारे टूर्नामेंट में बिहार की तरफ से खेलते हुए सिर्फ 36 गेंदों में अपना शतक पूरा किया है। लिस्ट ए क्रिकेट में वैभव से तेज शतक ईशान किशन (33 गेंद) और अनमोलप्रीत (35 गेंद) ने लगाया है। Also Read: LIVE Cricket Score टी20 में शतक लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज: वैभव सूर्यवंशी टी20 क्रिकेट में शतक लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज रहे हैं। उन्होंने आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए गुजरात टाइटंस के खिलाफ शतक लगाया था। वैभव ने 38 गेंदों में 101 रनों की दमदार पारी खेली थी। आईपीएल 2026 में वैभव ने एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में क्रिस गेल का रिकॉर्ड भी तोड़ा। उन्होंने एक सीजन में 72 छक्के लगाए। Article Source: IANS
अरुणाचल में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम पर क्यों बढ़ रहा है विवाद
पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में फ्रीडम आफ रिलीजन एक्ट यानी धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम लागू करने के लिए गठित उच्चाधिकार समिति ने सरकार को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है

