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Weather Update: अगले 48 घंटे भारी! यूपी, MP और झारखंड समेत इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, चक्रवाती सिस्टम हुआ एक्टिव

IMD Weather Bulletin: देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां प्रचंड रूप पकड़ने की वजह से भारी बारिश का दौर चल रहा है। आने वाले दिनों में भी इसमें राहत की उम्मीद नहीं दिख रही क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 अगस्त को जारी अपने वेदर बुलेटिन में चेतावनी दी है कि अगले 24 से 48 घंटे देश के कई राज्यों में भारी बारिश देखने को मिलेगी। झारखंड और उससे सटे गंगीय पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों पर बने डिप्रेशन (अवदाब) के असर से मौसम का मिजाज काफी आक्रामक हो गया है।इसके चलते उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में बेहद भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से उठा यह डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए झारखंड और आसपास के इलाकों में केंद्रित हो गया है। अगले 24 घंटों के दौरान इसके इसी दिशा में झारखंड और बिहार से होकर गुजरने और धीरे-धीरे कमजोर होकर वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदलने की संभावना है। त्तर हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पंजाब के ऊपर ऊपरी हवा का साइक्लॉनिक सर्कुलेशन बना हुआ है, जबकि मानसूनी ट्रफ भी अपने सामान्य स्थान पर सक्रिय है।पिछले 24 घंटों में बदला मौसम का मिजाजIMD के आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान देश के कई राज्यों में भारी बारिश देखने को मिली है। उत्तराखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 21 सेमी से अधिक की बेहद भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं छत्तीसगढ़, असम व मेघालय, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश में 12 से 20 सेमी की बहुत भारी बारिश हुई है। इसके अलावा कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, त्रिपुरा, पूर्वी मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश में भी 7 से 11 सेमी तक की भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।दक्षिण-पूर्वी UP, MP और झारखंड में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनीमौसम प्रणालियों के प्रभाव से उत्तर भारत और मध्य भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 और 19 अगस्त को अलग-अलग जगहों पर बेहद मूसलाधार यानी अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इसी तरह उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और झारखंड में 18 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है।उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य क्षेत्रों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश में 18 अगस्त को, उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 से 19 अगस्त के दौरान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 और 20 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पूर्वी राजस्थान में भी अलग-अलग दिनों में तेज बौछारों के साथ भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तराखंड में 18 से 24 अगस्त तक गरज और चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका बनी रहेगी।मध्य भारत और ओडिशा-छत्तीसगढ़ में तेज हवाओं के साथ बरसेगी आफतमध्य भारत में पूर्वी मध्य प्रदेश में 18 से 20 अगस्त तक और छत्तीसगढ़ में 18 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 18 से 22 अगस्त के दौरान तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का अनुमान है। पूर्वी भारत में झारखंड में 18 अगस्त को 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।इनकी स्पीड 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ओडिशा में 18 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होगी। बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18 से 20 अगस्त के दौरान हल्की से मीडियम और कुछ जगहों पर भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने के आसार हैं।पूर्वोत्तर, पश्चिम और दक्षिण भारत के राज्यों का हालपूर्वोत्तर भारत में असम और मेघालय में 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 18 से 24 अगस्त तक लगातार भारी बारिश और बिजली चमकने का दौर जारी रहेगा। पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में 18 से 24 अगस्त तक व्यापक बारिश होगी, जबकि मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी गरज-चमक देखने को मिलेगी।ये भी पढ़ें- PMCARES Fund: पीएम केयर्स फंड पर आया बड़ा अपडेट! कॉर्पस का बैलेंस पहुंचा ऑल-टाइम हाई पर, जानें- पैसे कहां हुए फिक्स्डदक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में तटीय कर्नाटक, केरल और माहे में 18 और 19 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु और कर्नाटक के अलग अलग इलाकों में तेज सतही हवाएं और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

ज़ी न्यूज़ 18 Aug 2026 2:17 pm

Aaj Ka Mausam: 18 अगस्त को झारखंड में बेहद भारी बारिश का अलर्ट! यूपी-बिहार संग इन राज्यों में भी जमकर बरसेंगे बादल, IMD का बड़ा अपडेट!

Aaj Ka Mausam: देश भर में अलग-अलग मौसमी प्रणालियों की वजह से कई इलाकों में भारी बारिश देखने को मिल रही है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 अगस्त के लिए मौसम का बड़ा अपडेट जारी किया है। देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश, अंधड़ और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। पूर्वी भारत में मौसम का मिजाज सबसे ज्यादा आक्रामक बना हुआ है, जहां झारखंड के लिए अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जैसी स्थिति है।इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक आज सुबह 5:30 बजे डिप्रेशन झारखंड और आसपास के उत्तरी गंगा के पश्चिम बंगाल क्षेत्र पर केंद्रित था (रांची से लगभग 100 किमी उत्तर-पूर्व)। यह आगे पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में झारखंड और बिहार की ओर बढ़ने की संभावना है।मानसून ट्रफ और अन्य ऊपरी हवा के सिस्टम भी सक्रिय हैं। इससे बारिश का दायरा व्यापक बना हुआ है। ऐसे में मैदानी इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड के जोखिम को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आम लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।झारखंड में आफत की बारिश, बिहार और यूपी समेत 6 राज्यों में बहुत भारी वर्षा की चेतावनीमौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 18 अगस्त को सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला राज्य झारखंड रहेगा। झारखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इससे राज्य की नदियों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में गंभीर जलभराव का खतरा मंडरा रहा है।इसके अलावा 6 अन्य प्रमुख राज्यों में भी मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 18 अगस्त को बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इन राज्यों के कई इलाकों में तेज बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।दिल्ली-एनसीआर, पूर्वी यूपी और पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश का अनुमानदेश के कई अन्य राज्यों में भी मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 18 अगस्त को दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मानसून काफी सक्रिय रहेगा।इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बौछारें पड़ सकती हैं। दक्षिण भारत की बात करें तो केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा होने का अनुमान है।50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बिजली कड़कने की भी आशंकामौसम विभाग ने भारी बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज तूफानी हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की है। आंध्र प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने के आसार हैं।वहीं अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल व सिक्किम, जम्मू-कश्मीर, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं भी चलेंगी। अरब सागर में 65 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएंसमुद्र में मौसमी परिस्थितियां काफी उथल-पुथल भरी रहने वाली हैं। अरब सागर में गुजरात, सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के पास, तथा मध्य-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों और दक्षिण-पश्चिम, उत्तर व मध्य-पूर्व अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने समुद्र में बनी इस स्थिति को देखते हुए मछुराहों को तटीय और गहरे समुद्री इलाकों में न जाने की सख्त सलाह दी है।ये भी पढ़ें- Nepal Sanatan Row: नेपाल की राजनीति में बड़ा भूचाल! सनातन को लेकर नेपाली कांग्रेस में मचा घमासान, समझिए शेर बहादुर देउबा चला ये कैसा दांव

ज़ी न्यूज़ 18 Aug 2026 9:33 am

कल का मौसम: IMD की बड़ी चेतावनी! 18 अगस्त को 6 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, दिल्ली से यूपी-बिहार तक ऐसा रहेगा वेदर

18 अगस्त को मौसम विभाग ने बड़े पैमाने पर बारिश का अलर्ट जारी किया है। झारखंड में सबसे ज्यादा खतरा है। यहां बहुत ज्यादा भारी बारिश की पूरी संभावना बन रही है। इसी तरह बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का गंभीर खतरा बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के कारण देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दायरा काफी व्यापक रहने वाला है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।झारखंड में आफत की बारिश, बिहार समेत 6 राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी18 अगस्त को मौसम का सबसे भयानक रूप झारखंड में देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार झारखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। राज्य में मूसलाधार बारिश से निचले इलाकों में पानी भरने और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने की आशंका है। इसके अलावा देश के 6 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 18 अगस्त को बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अति भारी बारिश होने की पूरी संभावना बनी हुई है। इन राज्यों में बारिश की तीव्रता काफी अधिक रहेगी।दिल्ली-एनसीआर, पूर्वी UP और उत्तराखंड समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अनुमानउत्तर और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी 18 अगस्त को हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बौछारें पड़ने की संभावना है। वहीं दक्षिण भारत के राज्यों केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में भी अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बिजली कड़कने की आशंकाबारिश के साथ-साथ 18 अगस्त को देश के अलग अलग हिस्सों में तेज हवाओं और बिजली गिरने का भी असर देखने को मिलेगा। आंध्र प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में अलग-अलग जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली गिरने की संभावना है।इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल व सिक्किम, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और आंतरिक कर्नाटक में तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।गुजरात, सोमालिया और ओमान तटों पर 65 किमी/घंटे की गति से चलेंगी हवाएंसमुद्री इलाकों में 18 अगस्त को स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण रहेगी। अरब सागर में गुजरात, सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के पास, तथा मध्य-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश भागों और दक्षिण-पश्चिम, उत्तर व मध्य-पूर्व अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने के आसार हैं। इनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने समुद्र में तेज हवाओं को देखते हुए मछुआरों को तटीय और गहरे समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है।

ज़ी न्यूज़ 17 Aug 2026 5:13 pm

क्या चीन के साथ अरुणाचल बॉर्डर पर है तनाव? ओवैसी ने सरकार से पूछे 5 सवाल

असदुद्दीन ओवैसी ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना की घुसपैठ और भारतीय जवानों की गश्त रोकने के दावों पर मोदी सरकार से 5 तीखे सवाल पूछते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा पर चुप्पी तोड़ने की मांग की है. इतना ही नहीं ओवैसी ने कहा कि सरकारें आती और जाती रहेंगी,लेकिन देश से समझौता नहीं होना चाहिए.

आज तक 17 Aug 2026 2:46 pm

IMD Rain Alert: बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन से बदला मौसम, यूपी-बिहार समेत 10 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

India Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर बना डिप्रेशन देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बदल रहा है। इसके असर से उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ समेत 10 से अधिक राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के तटों पर बना वेल मार्क्ड लो प्रेशर सिस्टम डिप्रेशन में बदल गया है। यह मौसमी प्रणाली उत्तर-उत्तर-पश्चिम और उसके बाद गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के रास्ते उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगी।ओडिशा, बंगाल, छत्तीसगढ़ और झारखंड में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनीबंगाल की खाड़ी में बने इस डिप्रेशन की वजह से पूर्वी और मध्य भारत में सबसे ज्यादा आफत की स्थिति बन रही है। मौसम विभाग ने गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड के लिए अगले 2 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 17 अगस्त को गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। झारखंड में 18 अगस्त को अत्यधिक मूसलाधार बारिश हो सकती है।इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मानसूनी बारिश लगातार आफत बनी हुई है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 17 से 23 अगस्त तक लगभग पूरे सप्ताह भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में 17-18 अगस्त और फिर 20 से 22 अगस्त के दौरान तेज बारिश और बिजली चमकने का अनुमान जताया गया है।उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार में अगले कई दिनों तक रहेगा बारिश का कहरउत्तर भारत के मैदानी व पहाड़ी राज्यों में भी मानसूनी प्रणालियों का असर साफ दिखेगा। उत्तराखंड में 17 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है जबकि 18 से 23 अगस्त तक लगातार भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। हिमाचल प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 17 अगस्त के साथ-साथ 20 और 21 अगस्त को अत्यधिक मूसलाधार बारिश हो सकती है।बिहार में 17 अगस्त को गंभीर बिजली कड़कने की गतिविधियों के साथ भारी बारिश का अलर्ट है जबकि 18 अगस्त को राज्य में बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। इसके साथ ही 19 और 20 अगस्त को भी राज्य के अलग अलग हिस्सों में बारिश जारी रहेगी। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 17 और 18 अगस्त को काफी बारिश और तूफानी बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत में मौसम का मिजाजमध्य भारत के राज्यों में भी डिप्रेशन का व्यापक असर देखने को मिलेगा। पूर्वी मध्य प्रदेश में 17 से 19 अगस्त के दौरान अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश की आशंका है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20 से 23 अगस्त के बीच मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। छत्तीसगढ़ में 18 अगस्त को अति भारी बारिश का अनुमान है विदर्भ में 17 और 18 अगस्त को व्यापक बारिश होगी।पश्चिम भारत में कोंकण व गोवा में 17 से 23 अगस्त तक लगातार भारी बारिश का अलर्ट है जबकि गुजरात क्षेत्र में 17 अगस्त को भारी बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का अनुमान है। दक्षिण भारत में तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु, कर्नाटक और तेलंगाना में 17 से 21 अगस्त के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और तूफानी बौछारें गिरने की संभावना जताई गई है।पिछले 24 घंटों के दौरान कहां कितनी हुई बारिशमौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटों में देश के अलग अलग राज्यों में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान ओडिशा में 21 सेंटीमीटर से अधिक की अत्यंत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कई जगहों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक की बहुत भारी बारिश दर्ज हुई।ये भी पढ़ें- महाराष्ट्र के हॉस्टल में भूत का खौफ! 600 छात्राओं ने छोड़ा स्कूल, लड़कियों के 'आत्मा के साए' में होने का दावाइसके अलावा असम, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, झारखंड, बिहार और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 7 से 11 सेंटीमीटर तक की भारी वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में लैंडस्लाइड के खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आम लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी है।

ज़ी न्यूज़ 17 Aug 2026 2:24 pm

अरुणाचल सीमा पर चीन की गतिविधियों को लेकर ओवैसी के सवाल, केंद्र से मांगा स्पष्टीकरण

एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास चीन की गतिविधियों और भारतीय सेना की पेट्रोलिंग को रोके जाने की खबरों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार से सीमा पर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और देश को पूरी जानकारी देने की मांग की है।

खास खबर 17 Aug 2026 1:16 pm

20 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र की मौत, सुसाइड नोट बरामद

पुलिस ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश के 20 साल के इंजीनियरिंग छात्र को शनिवार शाम को कोठामंगलमके पास कोझीपिल्ली में किराए के मकान में फर्श पर पड़ा हुआ पाया गया, जहां वह अपने कॉलेज के साथियों के साथ रहता था. उसके गले में रस्सी बंधी हुई थी और कमरे से तीन पेज का सुसाइड नोट बरामद हुआ है.

आज तक 17 Aug 2026 10:34 am

Kerala में BTech Student की संदिग्ध मौत, मंत्री ने दिए जांच के आदेश

केरल में कोठामंगलम में एक इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ने वाले अरुणाचल प्रदेश के 20 वर्षीय छात्र का शव रविवार को उसके किराए के कमरे में मिला। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम. जॉन ने संवाददाताओं से कहा कि घटना की विस्तृत जांच कराई जाएगी। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान अरुणाचल प्रदेश के पापुम पारे जिले के नाहरलागुन निवासी मिची मारपु के रूप में हुई है। वह कोठामंगलम के ‘एमए कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग’ में बीटेक के तीसरे वर्ष का छात्र था। अधिकारियों ने बताया कि मारपु शनिवार शाम कोठामंगलम के निकट कोझिप्पिल्ली स्थित किराए के उस मकान में फर्श पर पड़ा मिला, जहां वह अपने कॉलेज के सहपाठियों के साथ रहता था। उसकी गर्दन में रस्सी बंधी हुई थी। उन्होंने कहा कि मारपु को कोठामंगलम तालुक अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को संदेह है कि मारपु ने फंदा लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया , लेकिन रस्सी टूट गई और वह फर्श पर गिर गया। इसने बताया कि उसके कमरे से अंग्रेजी और हिंदी में लिखा तीन पन्नों का एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार, कुछ विषयों में कम अंक आने के बाद वर्ष खराब होने के डर से मारपु ने यह कदम उठाया होगा। हालांकि, पुलिस ने कहा कि उसकी मौत की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। घटना के संबंध में कॉलेज के छात्रों ने प्रदर्शन करने का फैसला किया है। उनका आरोप है कि कॉलेज में न्यूनतम ‘क्रेडिट’ की आवश्यकता राज्य के अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों की तुलना में अधिक है। कॉलेज में ‘स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (एसएफआई) और केरल छात्र संघ (केएसयू) के नेताओं ने संवाददाताओं को बताया कि ‘एमए कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग’ स्वायत्त व्यवस्था के तहत संचालित होता है और उसने न्यूनतम क्रेडिट की आवश्यकता 22 निर्धारित की है, जबकि केरल प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में यह 18 ‘क्रेडिट’ है। उन्होंने कहा कि केटीयू द्वारा ईयर-बैक सिस्टम को बंद किए जाने के बाद भी, एमए कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग में इसे अब भी लागू किया जा रहा है। मूवाट्टुपुझा के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के. आर. मनोज ने बताया कि छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद छात्र प्रतिनिधियों ने कॉलेज प्रबंधन के साथ बातचीत की। छात्र प्रतिनिधियों ने संवाददाताओं को बताया कि प्रबंधन ने ईयर-बैक (साल दोहराने की) व्यवस्था को स्थगित करने, पूरक परीक्षाएं आयोजित करने और पूरक परीक्षा शुल्क को कम करने सहित उनकी मांगों पर विचार करने पर सहमति व्यक्त की है। वहीं, कॉलेज के प्राचार्य बोस मैथ्यू जोस ने संवाददाताओं से कहा कि छात्रों की मांगों पर विचार किया जाएगा और आगे के आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। पुलिस ने बताया कि मृतक के परिजनों के कोठामंगलम पहुंचने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। कोठामंगलम पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस बीच, मंत्री जॉन ने छात्र की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और आश्वासन दिया कि मामले की उचित जांच की जाएगी। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘किसी भी स्थिति में, किसी छात्र का इस तरह आत्महत्या करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इसकी उचित जांच की जाएगी। विभाग के स्तर पर मैं विश्वविद्यालय से संपर्क करूंगा और मामले की जांच कराने के लिए आधिकारिक तौर पर अनुरोध करूंगा।’’जॉन ने कहा कि उन्होंने जिला पुलिस प्रमुख से पहले ही संपर्क कर लिया है। उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मृतक छात्र के परिवार के सदस्य आज पहुंचेंगे। उनकी मौजूदगी में पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी तथा पुलिस मामले की गहन जांच करेगी।’’उन्होंने कहा कि वर्ष दोहराने (ईयर-बैक) की व्यवस्था से प्रभावित होने के बाद छात्र को कथित तौर पर छात्रावास से निकाल दिया गया था और उसे परिसर के बाहर पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास में रहना पड़ रहा था। उन्होंने कहा, ‘‘रिपोर्ट के अनुसार, इसी कॉलेज के करीब 20 छात्र ऐसी ही स्थिति का सामना कर रहे हैं। इसका इन छात्रों के भविष्य पर सीधा असर पड़ता है।’’जॉन ने कहा कि ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न होने पर कॉलेजों को युवा छात्रों के मामले में अधिक संवेदनशीलता और सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘यदि ऐसे छात्र हैं तो कॉलेजों को उनका परामर्श कराना चाहिए, उनके माता-पिता से संपर्क करना चाहिए, परिवार को स्थिति से अवगत कराना चाहिए और छात्रों को ऐसी दुखद परिस्थितियों में जाने से रोकने के लिए सभी आवश्यक सावधानियां बरतनी चाहिए।’’जॉन ने कहा कि ईयर-बैक व्यवस्था 2024 में पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान केरल प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (केटीयू) के तत्कालीन बोर्ड ऑफ स्टडीज के फैसले के बाद लागू की गई थी।

प्रभासाक्षी 17 Aug 2026 7:15 am

यूपी-बिहार-झारखंड समेत 10 राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, यहां पर 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है।

खबर इंडिया टीवी 17 Aug 2026 6:54 am

यूपी-एमपी समेत 10 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट:ओडिशा में अधिकारियों को छुट्‌टी से वापस बुलाया; 2.37 लाख से ज्यादा लोग रिलीफ कैंप भेजे गए

बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का नया क्षेत्र बना है इसके चलते IMD ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल के 15 जिलों में सोमवार को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और अरुणाचल प्रदेश में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। हालांकि राजस्थान, गुजरात, पश्चिमी मध्य प्रदेश, कर्नाटक और केरलम में आज मौसम साफ रहेगा। महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। इधर, ओडिशा में लगातार 2 दिन से हो रही भारी बारिश से बालासोर, भद्रक और जाजपुर में जनजीवन पर असर पड़ा है। अबतक 2.37 लाख से ज्यादा लोगों को रिलीफ कैंप पहुंचाया गया है। ओडिशा सरकार ने पूरे राज्य को हाई अलर्ट पर रखा है। सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और जो छुट्टी पर थे, उन्हें तुरंत ड्यूटी पर लौटने को कहा है। भद्रक, मयूरभंज, क्योंझर और बालासोर में सोमवार को स्कूल-कॉलेज बंद रखने का आदेश दिया है। उत्कल यूनिवर्सिटी के कई पेपर कैंसिल कर दिए गए हैं। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें… मौसम से जुड़े अपडेट्स… अगले 2 दिन मौसम का हाल… 18 अगस्त 19 अगस्त देश के प्रमुख शहरों का तापमान

दैनिक भास्कर 17 Aug 2026 5:00 am

झाझरा के Doon Sanskriti School में मना स्वतंत्रता दिवस, जनजातीय बच्चों की देशभक्ति ने जीता दिल

झाझरा स्थित जनजातीय गुरुकुल दून संस्कृति स्कूल में स्वतंत्रता दिवस समारोह बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस खास मौके पर देश और समाज के कई मूर्धन्य विद्वान शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में साइंस सिटी के प्रमुख डॉ. दुर्गेश पंत, उत्तराखण्ड सब एरिया के डिप्टी जीओसी व कैंट बोर्ड प्रमुख ब्रिगेडियर आर. एस. थापा, मसूरी प्रशासनिक अकादमी के पूर्व निदेशक संजीव चोपड़ा, उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर, जर्मनी की प्रसिद्ध लेखिका मारिया वर्थ और दिव्यांग विकास संगठन सक्षम के उत्तराखंड अध्यक्ष श्री ललित पंत मौजूद रहे। जनजातीय बच्चों के देशभक्ति गीतों ने मोह लिया मन समारोह के दौरान उत्तराखण्ड की थारू और बुक्सा जनजाति के बच्चों के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश, असम और मणिपुर के छात्रों ने देशभक्ति से भरे लोकगीत और समूह नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दीं। विशेष रूप से अरुणाचल के बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए गढ़वाल रेजिमेंट के मशहूर गीत “बढ़े चलो गढ़वालियों” ने वहां मौजूद सभी अतिथियों और दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में आए विद्वानों ने प्रतिभावान छात्रों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। विज्ञान और तकनीक का सीमांत युवाओं तक विस्तार: डॉ. दुर्गेश पंत साइंस सिटी के महानिदेशक डॉ. दुर्गेश पंत ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में विज्ञान और प्रौद्योगिकी का विस्तार अब सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं तक तेजी से हो रहा है। उन्होंने कहा कि दूरदराज के जनजातीय बच्चों को तकनीक से जोड़कर ही देश और प्रदेश का सर्वांगीण विकास संभव है। जनजातीय युवा देश का प्रथम रक्षक: ब्रिगेडियर आर. एस. थापा उत्तराखण्ड सब एरिया के डिप्टी जी ओ सी और कैंट बोर्ड प्रमुख ब्रिगेडियर आर. एस. थापा ने अपने संबोधन में कहा कि देश की सीमाओं और संस्कृति का असली रक्षक जनजातीय युवा ही है। उन्होंने बच्चों के जज्बे और देशभक्ति की जमकर सराहना की। कार्यक्रम की शुरुआत में निदेशक ऋत्विक विजय ने सभी अतिथियों का स्वागत किया, वहीं विद्यालय प्रबंध समिति के प्रमुख और संघ विचारक श्री नीरज मित्तल ने समारोह के अंत में सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

प्रभासाक्षी 16 Aug 2026 6:41 pm

कल का मौसम: 17 अगस्त दिल्ली-एनसीआर, UP और उत्तराखंड समेत 8 राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, 2 राज्यों में रेड वॉर्निंग

Weather Alert: देश भर में मानसून का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और 17 अगस्त को मौसम का रुख कई राज्यों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के मुताबिक 17 अगस्त को देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश, अंधड़ और आकाशीय बिजली गिरने का बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। विशेष रूप से ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के लिए मौसम विभाग ने अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए रेड अलर्ट जैसी स्थिति बताई है। वहीं दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत कई मैदानी व पहाड़ी राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।मौसम प्रणालियों के मजबूत होने की वजह से पूर्व से लेकर उत्तर-पश्चिम भारत तक बारिश की गतिविधियां काफी तेज रहने वाली हैं। तटीय और समुद्री क्षेत्रों में तूफानी हवाओं के चलने से स्थिति और चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, जिसको देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आम लोगों को सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में आफत की बारिश, इन 2 राज्यों में रेड कलर वॉर्निंगमौसम विभाग के अनुसार 17 अगस्त को ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इन दोनों राज्यों में मौसम का सबसे उग्र रूप देखने को मिलेगा, जिससे तटीय व निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। इसके अलावा देश के 8 प्रमुख राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की ऑरेंज कलर वॉर्निंग जारी की गई है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 17 अगस्त को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश होने की प्रबल संभावना है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा समेत इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनीदिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ उत्तर भारत के अन्य राज्यों में भी मानसूनी बारिश का दौर तेज रहेगा। 17 अगस्त को हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के अलावा पंजाब, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र के अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। मैदानी इलाकों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन कई जगहों पर जलभराव की समस्या का सामना भी करना पड़ सकता है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और नदी-नालों के उफान पर रहने का खतरा बना हुआ है।50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, बिजली कड़कने की आशंकाबारिश के साथ-साथ 17 अगस्त को कई राज्यों में मेघगर्जन, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली का प्रकोप देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के मुताबिक अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर बिजली गिरने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।इसके अलावा बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने का अनुमान है। वहीं उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, विदर्भ, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।गुजरात, सोमालिया और ओमान तटों पर 65 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएंसमुद्री इलाकों में 17 अगस्त को मौसम काफी खतरनाक बना रहेगा। अरब सागर में गुजरात, सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के पास तथा मध्य-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों और दक्षिण-पश्चिम, उत्तर व मध्य-पूर्व अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चक्रवाती हवाएं चलने के आसार हैं। इनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने समुद्र में तेज हवाओं और ऊंची लहरों को देखते हुए मछुआरों को तटीय क्षेत्रों और गहरे समुद्र में न जाने की हिदायत दी है।

ज़ी न्यूज़ 16 Aug 2026 6:10 pm

Rain Forecast: अगले 48 घंटे बेहद भारी मौसम, देश के कई हिस्सों में आफत की बारिश! UP से ओडिशा-बंगाल तक IMD ने जारी किया बड़ा अलर्ट

IMD Heavy Rain Forecast: देश भर में मानसूनी गतिविधियां बेहद उग्र रूप धारण कर चुकी हैं और अगले 48 घंटे देश के कई राज्यों के लिए मौसम के लिहाज से काफी भारी रहने वाले हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा वेदर बुलेटिन में चेतावनी जारी की है कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र और मानसून ट्रफ के असर से उत्तर प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत देश के कई इलाकों में मूसलाधार से लेकर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा तटों पर 16 अगस्त को एक निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया है, जो उत्तर-पश्चिम की तरफ बढ़ते हुए अगले 24 घंटों में और मजबूत होगा। इसके अलावा मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर और पूर्वी सिरा दक्षिण की ओर बना हुआ है। साथ ही दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश, गुजरात, जम्मू डिविजन और मध्य क्षोभमंडल में कई चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र बने हुए हैं। इन सभी सिस्टम्स के मेल से देश भर में बारिश का दौर तेज हो गया है।ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्टउत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने इस नए वेदर सिस्टम के असर से गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड में अगले 2 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से चेतावनी दी है कि 16 और 17 अगस्त को ओडिशा में और 17 अगस्त को गांगेय पश्चिम बंगाल में अलग-अलग जगहों पर बेहद भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।इसके अलावा पूर्वोत्तर भारत में अगले 2 से 3 दिनों तक और असम व मेघालय में पूरे हफ्ते भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 17 और 18 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 16 से 22 अगस्त तक लगातार भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में 3-4 दिन आफत का मौसममानसून ट्रफ की स्थिति के कारण उत्तर भारत के राज्यों में भी मौसम काफी सख्त रहेगा। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र (हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर) में सप्ताह के अधिकांश दिनों में और उत्तर प्रदेश में अगले 3 से 4 दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।उत्तराखंड और पश्चिम उत्तर प्रदेश में 16 और 17 अगस्त को जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 16 से 18 अगस्त तक बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 17 से 19 अगस्त और हिमाचल प्रदेश में 17 एवं 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 17 और 18 अगस्त को व्यापक बारिश और भारी बौछारों का अनुमान है।मध्य, पश्चिम और दक्षिण भारत में मौसम का हालमध्य भारत के राज्यों की बात करें तो छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 16 और 17 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में 20 और 21 अगस्त को बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। विदर्भ क्षेत्र में 16 से 18 अगस्त तक व्यापक वर्षा की संभावना है। पश्चिमी भारत में कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में 16 और 17 अगस्त को भारी बारिश का दौर रहेगा। गुजरात क्षेत्र और मराठवाड़ा में 16 अगस्त को भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी दी गई है।दक्षिण भारत के तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 16 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल, कर्नाटक और तेलंगाना में 16 से 20 अगस्त के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं और तूफानी हवाएं चलने की आशंका व्यक्त की गई है।पिछले 24 घंटों के दौरान दर्ज की गई बारिशपिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई। इस दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) दर्ज हुई। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान और ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।ये भी पढ़ें- आज 65 Km/h की रफ्तार से चलेंगी हवाएं! यूपी संग इन 5 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने दिया मौसम का ताजा अपडेटवहीं हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य महाराष्ट्र और असम में विभिन्न जगहों पर भारी बारिश (7 से 11 सेमी) रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने जलभराव, नदियों का जलस्तर बढ़ने और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

ज़ी न्यूज़ 16 Aug 2026 3:28 pm

'वंदे मातरम पर विवाद सिर्फ ध्यान भटकाने का पैंतरा', केसी वेणुगोपाल ने बीजेपी को घेरा

केसी वेणुगोपाल ने वंदे मातरम् विवाद को लेकर BJP पर असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया. उन्होंने अरुणाचल प्रदेश समेत दूसरे मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस वंदे मातरम् का सम्मान करती है.

आज तक 16 Aug 2026 3:03 pm

मौसम विभाग की चेतावनी: दिल्ली-UP-बिहार सहित कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान का अलर्ट

मौसम विभाग ने आज देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम खराब रहने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम और सिक्किम में पहले से चल रही भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन […]

पांचजन्य 16 Aug 2026 9:18 am

Weather Update: देश के 6 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, पूर्वोत्तर में बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही

मौसम विभाग ने रविवार को देश के विभिन्न राज्यों में मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। वहीं असम, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में लगातार हो रही बारिश से बाढ़ और भूस्खलन का संकट और गहरा गया है।

दैनिक जागरण 16 Aug 2026 9:00 am

सचिन तेंदुलकर-निर्मला सीतारमण के नाम पर 45 लाख ठगे:दुर्ग में रिटायर्ड BSP कर्मचारी ने फर्जी निवेश में गंवाए रुपए; 9वीं फेल आरोपी अरेस्ट

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई में 45 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और समाजसेवी सुधा मूर्ति के नाम के विज्ञापन दिखाकर निवेश से जुड़े कई दावे किए और एक रिटायर्ड बीएसपी कर्मचारी से पैसे ऐंठ लिए। मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने मध्यप्रदेश के बैतूल से आरोपी विशाल नागले (24) को गिरफ्तार किया है। अभी मास्टरमाइंड की तलाश जारी है। ठगों ने बीएसपी कर्मचारी को लिंक भेजा था, जिसमें रजिस्ट्रेशन फीस, ट्रेडिंग, मार्जिन, सोने-तेल में निवेश और टैक्स के नाम पर अलग-अलग किस्तों में पैसे लिए। इस तरह कुल 45 लाख 18 हजार 998 रुपए की ठगी की। पुलिस के मुताबिक, आरोपी विशाल 9वीं फेल है और पेशे से मजदूर है। वह साल 2020 में मजदूरी के लिए पुणे गया था। वहां पर लॉट में ऑनलाइन अकाउंट खुलवाया गया था। उसके इसी अकाउंट में ठगी के पैसे आए। हालांकि पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है। अब जानिए पूरा मामला पीड़ित जयंत बागची (61) भिलाई के हुडको के रहने वाले हैं। वे भिलाई इस्पात संयंत्र से रिटायर हो चुके हैं। इससे पहले वे भारतीय सेना में भी सेवा दे चुके हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 10 मार्च 2026 को वे मोबाइल पर फेसबुक चला रहे थे। इसी दौरान उन्हें ऑनलाइन निवेश से जुड़ा एक विज्ञापन दिखाई दिया। इसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सचिन तेंदुलकर और सुधा मूर्ति जैसे बड़े नामों का इस्तेमाल किया गया था। विज्ञापन देखकर उन्हें लगा कि यह निवेश योजना भरोसेमंद है। उन्होंने विज्ञापन में दिए लिंक पर क्लिक कर रजिस्ट्रेशन कर दिया। रजिस्ट्रेशन के बाद उनकी बात कृतिका नाम की महिला से हुई। उसने खुद को निवेश प्रक्रिया से जुड़ा बताया। कृतिका ने पीड़ित के वरिष्ठ नागरिक होने की बात कहते हुए 18,998 रुपए रजिस्ट्रेशन फीस मांगी। पीड़ित ने ऑनलाइन यह रकम जमा कर दी। इसके बाद ठगों ने अलग-अलग बहाने बनाकर उनसे पैसे ऐंठने का सिलसिला शुरू कर दिया। अलग-अलग किस्तों में जमा कराई रकम रजिस्ट्रेशन के बाद सिद्धार्थ विपुल नाम के एक व्यक्ति ने पीड़ित से संपर्क किया। उसने खुद को अकाउंट मैनेजर बताया और ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश कराने की बात कही। आरोपियों ने भरोसा दिलाने के लिए यह भी बताया कि उनका कारोबार यूके, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया समेत चार देशों में चलता है। इसके बाद ठगों ने निवेश के नाम पर पीड़ित से अलग-अलग तारीखों में बड़ी रकम जमा कराई। 17 मार्च को 1 लाख रुपए, जबकि 24 और 25 मार्च को 5-5 लाख रुपए जमा कराए गए। इसके अलावा आरोपियों ने मार्जिन बढ़ाने के नाम पर भी पीड़ित से और पैसे मांगे। सोने और ऑयल ट्रेडिंग का लालच देकर लाखों जमा कराए पुलिस के मुताबिक 26 मार्च को पीड़ित की बातचीत करण तनेजा नाम के व्यक्ति से कराई गई। उसने ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध का हवाला देते हुए सोने के भाव में तेजी आने की बात कही और इसमें निवेश को फायदे का सौदा बताया। इसके बाद पीड़ित ने 27 मार्च को 25 लाख रुपए और निवेश कर दिए। वहीं 9 अप्रैल को ऑयल में निवेश के नाम पर 5 लाख रुपए और 16 अप्रैल को 4 लाख रुपए और जमा कराए। इस तरह अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराते-कराते पीड़ित द्वारा कुल 45,18,998 रुपए निवेश किए गए। खाते में करोड़ों का मुनाफा दिखाया, निकासी पर लगाया नया पेंच जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने कहा कि उसका ट्रेडिंग अकाउंट बंद करना होगा। इसके बाद ट्रेडिंग अकाउंट में 2,71,275.68 अमेरिकी डॉलर का लाभ और मूल रकम मिलाकर रकम दिखाई गई। पीड़ित ने करीब 2,70,000 अमेरिकी डॉलर निकालने के लिए अपने बैंक खाते की जानकारी दी। आरोपियों ने कहा कि यह क्रॉस बॉर्डर ट्रांजेक्शन है, इसलिए रकम आने में दो-तीन दिन लगेंगे। टैक्स के नाम पर 34 लाख से ज्यादा की मांग 20 अप्रैल को जब पीड़ित ने रकम के बारे में जानकारी ली तो आरोपियों ने नया पेंच डाल दिया। उन्होंने कहा कि 2,70,000 अमेरिकी डॉलर की रकम निकालने के लिए 15 प्रतिशत टैक्स, यानी 34 लाख रुपए से अधिक की राशि जमा करनी होगी। पीड़ित ने टैक्स की रकम काटकर शेष राशि देने को कहा। इसके बाद आरोपियों ने मांग घटाकर 12 लाख रुपए कर दी और कहा कि यह राशि जमा करने के बाद आंशिक भुगतान किया जाएगा। इसके बाद समीर नाम के व्यक्ति ने भी पीड़ित से बातचीत कर टैक्स जमा करना जरूरी बताया। दूसरे राज्य के बैंक खाते में रकम भेजने को कहा 22 अप्रैल को आरोपियों ने दावा किया कि पीड़ित की रकम तैयार है और टैक्स जमा करते ही भुगतान कर दिया जाएगा। इसके बाद उसे अरुणाचल प्रदेश के एक बैंक खाते में आरटीजीएस करने के लिए कहा गया। यहीं पीड़ित को पूरे मामले पर संदेह हुआ। उसे महसूस हुआ कि ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर उसके साथ साइबर ठगी की जा रही है। इसके बाद उसने तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई और बैंक को भी सूचना दी। बैंकिंग ट्रांजेक्शन और डिजिटल साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस शिकायत के आधार पर भिलाई नगर थाने में अपराध क्रमांक 217/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले में धारा 318(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने अलग-अलग बैंक खातों में हुए लेन-देन, तकनीकी सबूत और डिजिटल जानकारी खंगाली। जांच में पुलिस को आरोपी के बारे में अहम सुराग मिले। इसके बाद पुलिस टीम आरोपी की तलाश में मध्यप्रदेश के बैतूल पहुंची, जहां से 24 वर्षीय विशाल नागले को गिरफ्तार कर लिया गया। मोबाइल, चेकबुक और आधार कार्ड जब्त पुलिस ने आरोपी के पास से एक बैंक की चेकबुक, आधार कार्ड और ठगी में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन जब्त किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर दिया गया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किन-किन बैंक खातों में पहुंची और इस पूरे ठगी के नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं। ………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…. 45 करोड़ दिलाने के नाम पर 1.13 करोड़ ठगे: नकली नोट को असली नोट में बदलने का झांसा दिया, 2 महिला नागपुर से अरेस्ट रायपुर पुलिस ने 1.13 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में 2 महिला आरोपियों को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया है। दोनों पर लोगों को बड़े निवेश और फंड दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपए की ठगी करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह करीब 15 साल से देश के अलग-अलग राज्यों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा है। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 16 Aug 2026 7:02 am

पूर्वोत्तर में बाढ़ से हाहाकार, अरुणाचल में पांच जवान लापता; दिल्ली-यूपी समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ पूर्वोत्तर राज्यों में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है।अरुणाचल प्रदेश के दिबांग घाटी जिले में एक सेना शिविर में अचानक आई बाढ़ में दो आश्रय स्थल बह जाने से पांच सैन्यकर्मी लापता हो गए।

जागरण 16 Aug 2026 6:59 am

आज अखबार नहीं, गोंडा की कल की 5 बड़ी खबरें:सड़क हादसे में एक युवक की मौत, घाघरा नदी कर रही कटान; 44 पुलिसकर्मी हुए सम्मानित

आज नो न्यूजपेपर डे है, इसलिए रविवार को अखबार आपके घर नहीं पहुंचेगा। गोंडा जिले की कल दिनभर की 5 बड़ी और जरूरी खबरें एक नजर में पढ़िए।गोंडा जिले में खरगूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत महाराजगंज- आर्यनगर मार्ग पर भवनियापुर के पास दो बाइकों की आमने-सामने हुई टक्कर में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम देखकर के लौट रहे 25 वर्षीय अंकित चौरसिया की मौत हो गई है। जबकि इस सड़क हादसे में 20 वर्षीय अंकित और 24 वर्षीय इरफान घायल है जिनका इलाज चल रहा है।यहां पढ़े पूरी खबर… गोंडा में घाघरा का कटान तेज, नदी किनारे बसे गांवों तक पहुंची गोंडा में घाघरा नदी का कटान तेज हो गया है। बहुवन मदार माझा, चांदपुर किटौली और ऐली परसौली के पास नदी तेजी से जमीन काट रही है। अब कटान पेड़ों और खेतों तक सीमित नहीं है,बल्कि नदी किनारे बसे गांवों और मकानों तक पहुंच गया है। कई स्थायी और अस्थायी मकान कटान की जद में आ गए हैं। तरबगंज और करनैलगंज तहसील प्रशासन प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी कर रहा है और ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। यहां पढ़े पूरी खबर.. राहुल के अरुणाचल सीमा बयान पर करणभूषण सिंह का पलटवार: कहा- राहुल सीमा पर भ्रमित कर रहे,भारत विरोधी चाल न चलें। अरुणाचल प्रदेश सीमा को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान पर गोंडा के कैसरगंज से बीजेपी सांसद करण भूषण सिंह ने राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है। कहा नहीं यह गलत है वो भ्रमित कर रहे हैं भारत के अंदर रहकर भारत विरोधी चाल राहुल गांधी न चलें और सोनिया,प्रियंका राहुल को अंग्रेज बताया है। यहां पढ़ें पूरी खबर. गोंडा में धूमधाम से मनाया जा रहा 80वां स्वतंत्रता दिवस, डीएम-कमिश्नर और डीआईजी-एसपी ने फहराया तिरंगा गोंडा में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार दोपहर 12 बजे रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। एसपी विनीत जायसवाल ने पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश और गृह मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से घोषित पदक और सम्मान चिन्ह वितरित किए। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वाले 28 पुलिसकर्मियों, एक शासकीय अधिवक्ता और एक अभियोजन अधिकारी को प्रशस्ति पत्र भी दिए गए। यहां पढ़ें पूरी खबर… गोंडा में धूमधाम से मनाया जा रहा 80वां स्वतंत्रता दिवस, डीएम-कमिश्नर और डीआईजी-एसपी ने फहराया तिरंगा जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने कैंप कार्यालय और कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वजारोहण किया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता बनाए रखने की शपथ दिलाई। इस दौरान डीएम ने कलेक्ट्रेट परिसर में पौधरोपण भी किया। विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद ने ध्वजारोहण कर अधिकारियों और कर्मचारियों को शपथ दिलाई। यहां पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 16 Aug 2026 6:00 am

16 अगस्त को बिगड़ेगा मौसम! यूपी, उत्तराखंड और बंगाल संग इन राज्यों में मूसलाधार बारिश का बड़ा अलर्ट, जानें IMD की चेतावनी

देश भर में मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है और मौसम विभाग ने 16 अगस्त को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 16 अगस्त को देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल समेत देश के विभिन्न राज्यों में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। IMD ने कई इलाकों में तेज हवाओं और आकाशीय बिजली चमकने को लेकर भी चेतावनी जारी की है।तटीय इलाकों से लेकर मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों तक मानसूनी गतिविधियां तेज होने वाली हैं। स्वतंत्रता दिवस के ठीक अगले दिन देश के उत्तर-पश्चिम, पूर्व और पूर्वोत्तर के राज्यों में बारिश की तीव्रता में भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।यूपी, उत्तराखंड और बंगाल में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनीमौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 16 अगस्त को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर के राज्य अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इन राज्यों में बारिश के उग्र रूप को देखते हुए प्रशासन और आम लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।इसके अलावा देश के अन्य कई राज्यों में मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात क्षेत्र, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है।50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं, बिजली कड़कने का अलर्टबारिश के साथ-साथ कई राज्यों में गर्जना और तेज हवाओं का प्रकोप भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने बताया है कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और तेलंगाना के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तराखंड और विदर्भ में गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के मैदानी इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।समुद्री क्षेत्रों में खराब रहेगा मौसम, मछुआरों के लिए एडवाइजरीसमुद्री क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं के प्रभाव से मौसम काफी चुनौतीपूर्ण रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक अरब सागर में गुजरात, सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों के पास, मध्य-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर और मध्य-पूर्व अरब सागर के कुछ इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं।इसी तरह बंगाल की खाड़ी के भी कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों और तेज हवाओं की स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को तटीय और गहरे समुद्री इलाकों में न जाने की सख्त सलाह दी है।

ज़ी न्यूज़ 15 Aug 2026 9:32 pm

Arunachal Cloudburst Landslide Tragedy: अरुणाचल प्रदेश में कुदरत का खौफनाक तांडव! सैलाब में बहा सेना का कैंप, 5 जवान लापता और 4 लोगों की दर्दनाक मौत

पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश में कुदरत ने भयानक तबाही मचाई है। लगातार हो रही मूसलाधार मानसूनी बारिश, बादल फटने (Cloudburst) और जगह-जगह हुए भीषण भूस्खलन (Landslides) के कारण पर्वतीय नदियां और बरसाती नाले अचानक उफान पर आ गए। इस विनाशकारी सैलाब और मलबे के बहाव ने तटीय व सीमावर्ती इलाकों में भारी तबाही मचाई है। सबसे बड़ा हादसा उस समय हुआ जब अचानक आए तेज सैलाब में भारतीय सेना (Indian Army) का एक अग्रिम कैंप पूरी तरह बह गया। इस दुखद प्राकृतिक आपदा में अब तक 4 स्थानीय नागरिकों की दर्दनाक मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि सेना के 5 जवान सैलाब में बह जाने के बाद से लापता हैं। घटना के बाद राज्य प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें युद्धस्तर पर खोज एवं बचाव अभियान में जुट गई हैं।बादल फटने से आया पानी और पत्थरों का सैलाब: बह गया सैन्य कैंपस्थानीय प्रशासन और सैन्य सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सुदूर पहाड़ी और दुर्गम इलाके में तड़के बादल फटने जैसी भारी बारिश हुई, जिसके बाद पहाड़ियों से भारी मात्रा में पानी, कीचड़ और विशालकाय चट्टानें नीचे की ओर लुढ़कते हुए आ गिरीं।अचानक बढ़ा जलस्तर: पास बहने वाली पहाड़ी नदी में जलस्तर कुछ ही मिनटों में रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ गया, जिससे किनारे स्थित सैन्य प्रतिष्ठान और कैंप चपेट में आ गए।तंबू और बंकर बहे: पानी का बहाव इतना तेज था कि कैंप के तंबू, जरूरी साजो-सामान और वाहन सैलाब में बह गए। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात 5 जवान पानी के तेज बहाव में लापता हो गए।सर्च ऑपरेशन तेज: सेना के विशेष गोताखोरों, सेना के हेलीकॉप्टरों और खोजी कुत्तों (Sniffer Dogs) की मदद से पूरे नदी क्षेत्र और मलबे के ढेर में लापता जवानों की तलाश के लिए बड़ा सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।नागरिक इलाकों में तबाही: 4 लोगों की मौत और दर्जनों घर जमींदोजपहाड़ों से आए इस विनाशकारी सैलाब का असर केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि निचले रिहायशी गांवों में भी भयानक तबाही देखने को मिली है।घरों में घुसा मलबा: कई बस्तियों में सोए हुए लोगों के घरों में अचानक कीचड़ और पानी घुस गया, जिसमें दबने और बहने से 4 लोगों की जान चली गई।सड़क और पुल ध्वस्त: कई प्रमुख पहाड़ी संपर्क मार्ग, पुलिया और नेशनल हाईवे भूस्खलन की वजह से टूट चुके हैं, जिससे दर्जनों सीमावर्ती गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह कट गया है।बिजली और टेलीकॉम ठप: तेज हवाओं और पानी के बहाव से बिजली के खंभे और मोबाइल टॉवर उखड़ गए हैं, जिससे आपदाग्रस्त क्षेत्रों में संचार व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई है।राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर: रेड अलर्ट जारीआपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें नावों और अर्थमूवर मशीनों (JCB) के जरिए मलबे को हटाने और फंसे हुए ग्रामीणों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाने में जुटी हैं।राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए आपातकालीन राहत और वित्तीय सहायता की घोषणा की है।मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में अगले 48 घंटों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट (Red Alert) जारी करते हुए लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित ढलानों से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Aug 2026 5:42 pm

अरुणाचल प्रदेश में भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से 4 की मौत, सेना के 5 जवान भी लापता

अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है. दिबांग घाटी में अचानक बाढ़ या गई है, वहां अभी बचाव अभियान लगातार जारी है.

NDTV इंडिया 15 Aug 2026 5:24 pm

लखनऊ में भव्यता और गरिमा के साथ मना 80वां स्वतंत्रता दिवस, ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की दिखी झलक

लखनऊ, 15 अगस्त। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में विधानभवन के सामने 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह पूरी भव्यता, गरिमा और देशभक्ति के उत्साह के साथ मनाया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान पूरा परिसर देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। कलाकारों की प्रस्तुतियों के बीच जब आसमान से पुष्प वर्षा हुई तो दर्शकों का उत्साह देखते ही बना। पूरा परिसर देशभक्ति और सांस्कृतिक एकता के संदेश से गूंज उठा।कार्यक्रम की शुरुआत सुबह करीब 9:15 बजे राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के साथ हुई। भारतखण्डे संगीत विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने वंदे मातरम की शानदार प्रस्तुति देकर वातावरण को देशभक्ति से ओतप्रोत कर दिया। इसके बाद 32वीं वाहिनी पीएसी, 35वीं वाहिनी पीएसी और मिलिट्री बैंड ने अनुशासित एवं आकर्षक प्रस्तुति के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस समारोह की गरिमा बढ़ाई। तिरंगे गुब्बारों को मुख्यमंत्री ने जब आसमान में छोड़ा तो माहौल भारत माता के जयघोष और उत्साह से भर उठा।एक भारत- श्रेष्ठ भारत की दिखी झलकस्वतंत्रता दिवस समारोह में संस्कृति विभाग की ओर से 'एक भारत- श्रेष्ठ भारत' की भावना को केंद्र में रखते हुए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड, पूर्वांचल, अवध और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की लोक संस्कृति के साथ जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, गुजरात और बिहार के कलाकारों ने अपनी-अपनी लोक परंपराओं की झलक प्रस्तुत की। ‘गणपति बप्पा मोरया’ और ‘छठी मैया’ के लोकगीतों से लेकर विभिन्न राज्यों के लोकनृत्यों तक कलाकारों ने भारत की सांस्कृतिक विविधता को एक मंच पर उतार दिया।भगवान राम और माता सीता की झांकी ने मोहा मनगौरी कला मंडपम ग्रुप की ओर से भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण की झांकी प्रस्तुत की गई। वाराणसी की कुमकुम रस्तोगी ने माता सीता, ऋत्विक सिंह ने भगवान राम और आयुष साहू ने लक्ष्मण की भूमिका निभाई। करीब 16 कलाकारों की टीम ने इस प्रस्तुति को तैयार किया था।कुमकुम रस्तोगी ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने प्रस्तुति देना उनके लिए बेहद शुभ और गौरवपूर्ण अवसर रहा। उन्होंने कहा कि एक कलाकार के लिए इतने बड़े मंच पर अपनी कला प्रस्तुत करने से बड़ा अवसर नहीं हो सकता। टीम ने करीब पांच दिनों तक संगीत नाट्य अकादमी में लगातार तैयारी की थी।कथक एवं लोकनृत्य ने बांधा समांभारतखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय की कथक एवं लोकनृत्य टीम ने भी शानदार प्रस्तुति दी। टीम में 20 प्रतिभागियों ने कथक और छह प्रतिभागियों ने लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। कथक के अंतर्गत तराना प्रस्तुत किया गया। कलाकारों ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए करीब पांच दिनों से अभ्यास चल रहा था। भारतखण्डे की टीम को हर वर्ष इस तरह के राष्ट्रीय समारोह में प्रस्तुति देने का अवसर मिलता है। वहीं मथुरा-वृंदावन से आए रवि शंकर ने शंख वादन की प्रस्तुति देकर वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा भर दी। उन्होंने बताया कि पिछले चार दिनों से रिहर्सल चल रही थी और स्वतंत्रता दिवस के इस बड़े मंच पर प्रस्तुति देकर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है।छत्तीसगढ़ के 'रेला पाटा' ने दिखाई बस्तर की संस्कृतिछत्तीसगढ़ से आए 19 कलाकारों के दल ने बस्तर की प्रसिद्ध पारंपरिक लोक कला 'रेला पाटा' की प्रस्तुति दी। दल का नेतृत्व कर रहे कुलभूषण चंद्राकर ने बताया कि उनकी टीम करीब एक सप्ताह से प्रस्तुति की तैयारी कर रही थी। अलग-अलग राज्यों के कलाकारों के साथ मिलकर करीब 15 मिनट की प्रस्तुति में रेला पाटा को शामिल किया गया। कुलभूषण ने कहा कि लखनऊ आकर उन्हें बेहद अच्छा लगा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद करते हुए कहा कि बस्तर में अपार प्रतिभाएं मौजूद हैं। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपनी कला दिखाने का अवसर मिलना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती को माता कौशल्या का मायका कहा जाता है और आज उन्हें भगवान राम की धरती उत्तर प्रदेश में आकर प्रस्तुति देने का अवसर मिला है।अरुणाचल और महाराष्ट्र के कलाकारों ने भी दी प्रस्तुतिअरुणाचल प्रदेश से आई नीलम ने बताया कि उनकी टीम ने भी स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रस्तुति दी और सभी कलाकारों के लिए यह बेहद खुशी एवं गर्व का अवसर रहा है। वहीं महाराष्ट्र से आए बाहुबली राजमान ने बताया कि उनकी 22 सदस्यीय टीम ने करीब एक सप्ताह तक तैयारी की। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों से आए कलाकारों के साथ एक मंच पर प्रस्तुति देना बेहद सुंदर अनुभव रहा है।पुष्प वर्षा और तिरंगे गुब्बारों ने बढ़ाया उत्साहसमारोह के दौरान आसमान से हुई पुष्प वर्षा ने स्वतंत्रता दिवस के उत्साह को और बढ़ा दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तिरंगे गुब्बारों को हवा में उड़ाया। इस दृश्य ने वहां मौजूद बच्चों और आम लोगों में खासा उत्साह पैदा किया। बच्चों के चेहरों पर खुशी और हाथों में तिरंगा पूरे वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंगता नजर आया।इस अवसर पर विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मेयर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद बृजलाल, विधान परिषद सदस्य पवन सिंह, विधायक डॉ. नीरज बोरा समेत अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 15 Aug 2026 4:39 pm

अरुणाचल प्रदेश में कुदरत का कहर! फ्लैश फ्लड में 5 जवान बहे, भूस्खलन ने 4 लोगों की ली जान

अरुणाचल प्रदेश में कुदरत का कहर! फ्लैश फ्लड में 5 जवान बहे, भूस्खलन ने 4 लोगों की ली जान

समाचार नामा 15 Aug 2026 4:05 pm

सचिन तेंदुलकर, सुधा मूर्ति का नाम लेकर 45 लाख ठगे:दुर्ग में रिटायर्ड BSP कर्मचारी ने फर्जी इन्वेस्टमेंट में गंवाए पैसे, MP से पकड़ाया आरोपी

भिलाई में साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड बीएसपी कर्मचारी से ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर 45 लाख 18 हजार 998 रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने भरोसा जीतने के लिए फेसबुक पर देश की जानी-मानी हस्तियों के नाम और फोटो का इस्तेमाल किया था। फेसबुक पर दिखाए गए विज्ञापन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और समाजसेवी सुधा मूर्ति के नाम का इस्तेमाल करते हुए निवेश से जुड़े दावे किए गए थे। विज्ञापन देखकर रिटायर्ड बीएसपी कर्मचारी को लगा कि निवेश प्लेटफॉर्म भरोसेमंद है। उन्होंने विज्ञापन में दिए लिंक पर रजिस्ट्रेशन किया। इसके बाद ठगों ने रजिस्ट्रेशन फीस, ट्रेडिंग, मार्जिन, सोने-तेल में निवेश और टैक्स के नाम पर उनसे अलग-अलग किस्तों में पैसे जमा कराए। इस तरह ठगों ने कुल 45 लाख 18 हजार 998 रुपए ऐंठ लिए। जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस लेने की कोशिश की तो ठगों ने क्रॉस बॉर्डर ट्रांजेक्शन और टैक्स के नाम पर नया बहाना बनाया और उनसे फिर लाखों रुपए की मांग करने लगे। शक होने पर पीड़ित ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। मामले में भिलाई नगर पुलिस ने मध्यप्रदेश के बैतूल से 24 वर्षीय आरोपी विशाल नागले को गिरफ्तार किया है। अब जानिए पूरा मामला पीड़ित जयंत बागची (61) भिलाई के हुडको के रहने वाले हैं। वे भिलाई इस्पात संयंत्र से रिटायर हो चुके हैं। इससे पहले वे भारतीय सेना में भी सेवा दे चुके हैं। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 10 मार्च 2026 को वे मोबाइल पर फेसबुक चला रहे थे। इसी दौरान उन्हें ऑनलाइन निवेश से जुड़ा एक विज्ञापन दिखाई दिया। इसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सचिन तेंदुलकर और सुधा मूर्ति जैसे बड़े नामों का इस्तेमाल किया गया था। विज्ञापन देखकर उन्हें लगा कि यह निवेश योजना भरोसेमंद है। उन्होंने विज्ञापन में दिए लिंक पर क्लिक कर रजिस्ट्रेशन कर दिया। रजिस्ट्रेशन के बाद उनकी बात कृतिका नाम की महिला से हुई। उसने खुद को निवेश प्रक्रिया से जुड़ा बताया। कृतिका ने पीड़ित के वरिष्ठ नागरिक होने की बात कहते हुए 18,998 रुपए रजिस्ट्रेशन फीस मांगी। पीड़ित ने ऑनलाइन यह रकम जमा कर दी। इसके बाद ठगों ने अलग-अलग बहाने बनाकर उनसे पैसे ऐंठने का सिलसिला शुरू कर दिया। अलग-अलग किस्तों में जमा कराई रकम रजिस्ट्रेशन के बाद सिद्धार्थ विपुल नाम के एक व्यक्ति ने पीड़ित से संपर्क किया। उसने खुद को अकाउंट मैनेजर बताया और ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश कराने की बात कही। आरोपियों ने भरोसा दिलाने के लिए यह भी बताया कि उनका कारोबार यूके, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया समेत चार देशों में चलता है। इसके बाद ठगों ने निवेश के नाम पर पीड़ित से अलग-अलग तारीखों में बड़ी रकम जमा कराई। 17 मार्च को 1 लाख रुपए, जबकि 24 और 25 मार्च को 5-5 लाख रुपए जमा कराए गए। इसके अलावा आरोपियों ने मार्जिन बढ़ाने के नाम पर भी पीड़ित से और पैसे मांगे। सोने और ऑयल ट्रेडिंग का लालच देकर लाखों जमा कराए पुलिस के मुताबिक 26 मार्च को पीड़ित की बातचीत करण तनेजा नाम के व्यक्ति से कराई गई। उसने ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध का हवाला देते हुए सोने के भाव में तेजी आने की बात कही और इसमें निवेश को फायदे का सौदा बताया। इसके बाद पीड़ित ने 27 मार्च को 25 लाख रुपए और निवेश कर दिए। वहीं 9 अप्रैल को ऑयल में निवेश के नाम पर 5 लाख रुपए और 16 अप्रैल को 4 लाख रुपए और जमा कराए। इस तरह अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराते-कराते पीड़ित द्वारा कुल 45,18,998 रुपए निवेश किए गए। खाते में करोड़ों का मुनाफा दिखाया, निकासी पर लगाया नया पेंच जब पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने कहा कि उसका ट्रेडिंग अकाउंट बंद करना होगा। इसके बाद ट्रेडिंग अकाउंट में 2,71,275.68 अमेरिकी डॉलर का लाभ और मूल रकम मिलाकर रकम दिखाई गई। पीड़ित ने करीब 2,70,000 अमेरिकी डॉलर निकालने के लिए अपने बैंक खाते की जानकारी दी। आरोपियों ने कहा कि यह क्रॉस बॉर्डर ट्रांजेक्शन है, इसलिए रकम आने में दो-तीन दिन लगेंगे। टैक्स के नाम पर 34 लाख से ज्यादा की मांग 20 अप्रैल को जब पीड़ित ने रकम के बारे में जानकारी ली तो आरोपियों ने नया पेंच डाल दिया। उन्होंने कहा कि 2,70,000 अमेरिकी डॉलर की रकम निकालने के लिए 15 प्रतिशत टैक्स, यानी 34 लाख रुपए से अधिक की राशि जमा करनी होगी। पीड़ित ने टैक्स की रकम काटकर शेष राशि देने को कहा। इसके बाद आरोपियों ने मांग घटाकर 12 लाख रुपए कर दी और कहा कि यह राशि जमा करने के बाद आंशिक भुगतान किया जाएगा। इसके बाद समीर नाम के व्यक्ति ने भी पीड़ित से बातचीत कर टैक्स जमा करना जरूरी बताया। दूसरे राज्य के बैंक खाते में रकम भेजने को कहा 22 अप्रैल को आरोपियों ने दावा किया कि पीड़ित की रकम तैयार है और टैक्स जमा करते ही भुगतान कर दिया जाएगा। इसके बाद उसे अरुणाचल प्रदेश के एक बैंक खाते में आरटीजीएस करने के लिए कहा गया। यहीं पीड़ित को पूरे मामले पर संदेह हुआ। उसे महसूस हुआ कि ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर उसके साथ साइबर ठगी की जा रही है। इसके बाद उसने तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई और बैंक को भी सूचना दी। बैंकिंग ट्रांजेक्शन और डिजिटल साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस शिकायत के आधार पर भिलाई नगर थाने में अपराध क्रमांक 217/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले में धारा 318(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने अलग-अलग बैंक खातों में हुए लेन-देन, तकनीकी सबूत और डिजिटल जानकारी खंगाली। जांच में पुलिस को आरोपी के बारे में अहम सुराग मिले। इसके बाद पुलिस टीम आरोपी की तलाश में मध्यप्रदेश के बैतूल पहुंची, जहां से 24 वर्षीय विशाल नागले को गिरफ्तार कर लिया गया। मोबाइल, चेकबुक और आधार कार्ड जब्त पुलिस ने आरोपी के पास से एक बैंक की चेकबुक, आधार कार्ड और ठगी में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन जब्त किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर दिया गया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किन-किन बैंक खातों में पहुंची और इस पूरे ठगी के नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं। ……………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…. 45 करोड़ दिलाने के नाम पर 1.13 करोड़ ठगे:नकली नोट को असली नोट में बदलने का झांसा दिया, 2 महिला नागपुर से अरेस्ट रायपुर पुलिस ने 1.13 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में 2 महिला आरोपियों को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया है। दोनों पर लोगों को बड़े निवेश और फंड दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपए की ठगी करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह करीब 15 साल से देश के अलग-अलग राज्यों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा है। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 15 Aug 2026 3:34 pm

तूफानी मौसम का खतरा: यूपी-उत्तराखंड संग इन 15 राज्यों में अगले 4 दिन भारी बारिश! यहां 17 अगस्त को एक्स्ट्रीम हैवी रेनफॉल का अलर्ट

India Weather update: दक्षिण-पूर्वी झारखंड और आसपास के इलाकों में बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से देश के बड़े हिस्से में मानसूनी बारिश का कहर तेज हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 अगस्त 2026 को जारी अपने विशेष बुलेटिन में चेतावनी दी है कि अगले चार दिनों के दौरान गांगेय पश्चिम बंगाल, उत्तरी ओडिशा और झारखंड में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग ने विशेष अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि 17 अगस्त को उत्तर ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर प्रदेश में भी हफ्ते के ज्यादातर दिनों में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।आईएमडी ने बताया कि मध्य समुद्र तल पर मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है, जबकि पूर्वी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर बना हुआ है। 14 अगस्त को झारखंड और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल पर बना डिप्रेशन कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया था, जो 15 अगस्त की सुबह दक्षिण-पूर्वी झारखंड के ऊपर स्थित है। यह प्रणाली अगले 12 घंटों के दौरान और कमजोर हो जाएगी। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसके प्रभाव से अगले 48 घंटों के दौरान उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके अलावा, मध्य और निकटवर्ती उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत में एक शीयर जोन बना हुआ है जबकि दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और मध्य असम के ऊपर भी चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र सक्रिय है।बीते 24 घंटों में बारिश का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन24 घंटों के आंकड़ों के मुताबिक देश के कई राज्यों में भीषण बारिश दर्ज की गई है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश हुई। वहीं हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, असम, मिजोरम, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात क्षेत्र और तमिलनाडु में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी और उत्तराखंड में 16-17 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिशउत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में 15 से 21 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश का दौर चलेगा। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुज़फ़्फ़राबाद में 15 से 21 अगस्त तक अधिकांश जगहों पर बारिश होगी। मैदानी इलाकों में हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 15 और 18 अगस्त को, पश्चिम उत्तर प्रदेश में 16 और 17 अगस्त को तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 16 से 21 अगस्त तक व्यापक बारिश का अनुमान है।पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तराखंड में 15 से 17 अगस्त के दौरान और पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16 और 17 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 17 और 18 अगस्त को तथा जम्मू-कश्मीर इलाके में 17 अगस्त को बहुत भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा 15 अगस्त को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और पश्चिमी यूपी में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि 15 से 21 अगस्त के बीच उत्तराखंड और यूपी में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने के आसार हैं।पूर्व और पूर्वोत्तर भारत: 17 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश का अलर्टपूर्वी भारत में मौसम सबसे अधिक आक्रामक रुख दिखाएगा। गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 15 से 21 अगस्त तक और बिहार में 17 से 20 अगस्त तक भारी बारिश की गतिविधि जारी रहेगी। इस दौरान 17 अगस्त को उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।गांगेय पश्चिम बंगाल में 16 अगस्त को, ओडिशा में 16 से 18 अगस्त को और झारखंड में 17 और 18 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। 15 अगस्त को ओडिशा में और 17 अगस्त को बिहार में भीषण आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश में 15 से 17 अगस्त तक और असम व मेघालय में 17 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है। वहीं नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 से 21 अगस्त तक लगातार भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है।मध्य और पश्चिम भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और कोंकण में झमाझममध्य भारत के राज्यों में मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हैं। छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिम मध्य प्रदेश में 15 से 21 अगस्त तक तथा विदर्भ में 15 से 18 अगस्त तक अधिकांश स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश होगी। पश्चिम मध्य प्रदेश में 15 से 17 अगस्त तथा छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 से 19 अगस्त के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जाएगी।पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 15 से 21 अगस्त तक तथा गुजरात क्षेत्र में 15 और 16 अगस्त को व्यापक बारिश का अनुमान है। कोंकण व गोवा में 15 से 17 अगस्त, मध्य महाराष्ट्र में 15 से 18 अगस्त और गुजरात क्षेत्र में 15 व 16 अगस्त को भारी वर्षा हो सकती है।दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तटीय इलाकों में तेज हवाएं और बारिशदक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक, केरल व माहे में 15 से 21 अगस्त तक तथा लक्षद्वीप में 15-16 और 19-21 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18 से 20 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक में 15 से 19 अगस्त के दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और तेज गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है, जिनकी गति बढ़कर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तटीय कर्नाटक, आंतरिक कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के इलाकों में 15 से 19 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।

ज़ी न्यूज़ 15 Aug 2026 3:28 pm

अरुणाचल प्रदेश में भूस्खलन और बाढ़ के चलते 4 की मौत, सेना के 5 जवान भी लापता 

अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश के बाद आई तबाही ने भारी नुकसान पहुंचाया है. भूस्खलन के चलते 4 लोगों की जान चली गई है. वहीं, सेना के 5 जवान भी लापता बताए जा रहे हैं.

आज तक 15 Aug 2026 2:55 pm

अरुणाचल प्रदेश में अचानक आई बाढ़ में बह गए 5 सैनिक, भूस्खलन में दबकर 4 लोगों की मौत

सुबनसिरी जिले के केओजारिंग-ब्याचिंग सड़क कटाई स्थल पर एक बड़ा भूस्खलन हुआ, जिसमें कई मजदूर और लोग मलबे के नीचे दब गए। इस हादसे में 4 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है।

लाइव हिन्दुस्तान 15 Aug 2026 2:07 pm

अरुणाचल प्रदेश में भूस्खलन और बाढ़ से चार लोगों की मौत, सेना के 5 जवान लापता

अरुणाचल प्रदेश में भूस्खलन और बाढ़ से चार लोगों की जान चली गई है। सेना के पांच जवान भी लापता बताए जा रहे हैं।

जागरण 15 Aug 2026 2:04 pm

IPS Nupur Prasad को President's Medal, Sushant Singh Rajput केस में CBI जांच का किया था नेतृत्व

सीनियर IPS अधिकारी नूपुर प्रसाद को इस साल 'विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक' (President’s Medal for Distinguished Service) के लिए चुना गया है। इन्होंने एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत की CBI जांच की देखरेख की थी। 2007 बैच की AGMUT-कैडर IPS अधिकारी प्रसाद ने हाल ही में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) में अपना कार्यकाल पूरा किया और दिल्ली पुलिस में वापस लौटीं। वह अभी इकोनॉमिक ऑफ़ेंस विंग में जॉइंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस के तौर पर काम कर रही हैं। इसे भी पढ़ें: Mohan Bhagwat बोले: सही मार्गदर्शन मिले तो युवा देश की ताकत, वरना बन सकते हैं बोझ यह अवॉर्ड जांच, अपराध रोकने, जन सेवा, कानून-व्यवस्था और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में किए गए योगदान को मान्यता देता है। प्रसाद ने मुश्किल जांचों को संभालने और पुलिसिंग से जुड़ी पहलों का नेतृत्व करने में अपनी पहचान बनाई है। अपने करियर के दौरान, उन्होंने दिल्ली पुलिस, CBI, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल में काम किया है। उन्होंने समुदाय पर केंद्रित कार्यक्रमों में भी अहम भूमिका निभाई है, जिनमें महिलाओं के आत्म-रक्षा, युवाओं के विकास, साइबर सुरक्षा और नशा मुक्ति से जुड़ी पहलें शामिल हैं। सुशांत सिंह राजपूत केस में भूमिका प्रसाद तब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आईं जब अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की CBI जांच चल रही थी; अभिनेता 14 जून, 2020 को मुंबई स्थित अपने घर पर मृत पाए गए थे। अभिनेता के परिवार की शिकायत और अधिकार क्षेत्र (ज्यूरिस्डिक्शन) को लेकर कानूनी विवाद के बाद, अगस्त 2020 में यह मामला CBI को सौंप दिया गया था। एजेंसी में अपने कार्यकाल के दौरान, प्रसाद ने जांच के अहम पहलुओं की देखरेख की, जिसमें गवाहों के बयान, फोरेंसिक सबूत और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच शामिल थी। 2025 में, CBI ने क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की, जिसमें कहा गया कि जांच में अभिनेता की मौत के मामले में किसी भी तरह की गड़बड़ी, आत्महत्या के लिए उकसाने या आपराधिक साजिश का कोई सबूत नहीं मिला। इसे भी पढ़ें: RSS Chief Mohan Bhagwat बोले, भारत को विश्वगुरु बनाने के खिलाफ काम कर रही हैं कई ताकतें सीबीआई में शामिल होने से पहले, प्रसाद ने दिल्ली पुलिस में कई वरिष्ठ पदों पर कार्य किया। वह शाहदरा की पहली पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) थीं, जहां उन्होंने जिले के गठन के बाद उसकी पुलिस व्यवस्था स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने मादक पदार्थों के नेटवर्क और अवैध जुआ गतिविधियों के खिलाफ अभियानों का नेतृत्व किया, साथ ही जिले में अपराध रोकथाम उपायों पर भी ध्यान केंद्रित किया। बाद में उन्होंने उत्तरी दिल्ली की डीसीपी के रूप में कार्य किया, जहां उन्होंने लाल किले में स्वतंत्रता दिवस समारोह और दिल्ली विश्वविद्यालय चुनावों सहित प्रमुख सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए सुरक्षा व्यवस्था की देखरेख की।

प्रभासाक्षी 15 Aug 2026 12:53 pm

Azim Premji Scholarship 2026: 12वीं पास छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए हर साल मिलेंगे ₹30,000, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की इस स्कॉलरशिप के लिए 31 अगस्त तक करें आवेदन

12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद आगे कॉलेज या यूनिवर्सिटी में दाखिला लेकर उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना देखने वाली छात्राओं के लिए एक बेहद शानदार और राहत भरी खबर सामने आई है। देश के जाने-माने उद्योगपति और समाजसेवी अजीम प्रेमजी के नेतृत्व वाले 'अजीम प्रेमजी फाउंडेशन' (Azim Premji Foundation) ने वर्ष 2026-27 के शैक्षणिक सत्र के लिए 'अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप 2026' (Azim Premji Scholarship 2026) के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक या सामाजिक रूप से कमजोर और वंचित पृष्ठभूमि से आने वाली मेधावी छात्राओं को वित्तीय सहायता प्रदान कर उनके सपनों को नई उड़ान देना है। इस छात्रवृत्ति योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की खिड़की खोल दी गई है और योग्य छात्राएं 31 अगस्त 2026 तक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपना फॉर्म जमा कर सकती हैं।अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप 2026: क्या है योजना और कितनी मिलेगी सहायता राशि?अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा संचालित यह स्कॉलरशिप प्रोग्राम देश में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और उच्च शिक्षा में लड़कियों के ड्रॉप-आउट रेट (पढ़ाई छोड़ने की दर) को कम करने के लिए शुरू किया गया एक क्रांतिकारी कदम है। इस योजना के तहत चुनी गई प्रत्येक पात्र छात्रा को उनकी उच्च शिक्षा की पूरी अवधि के लिए सालाना ₹30,000 की वित्तीय सहायता राशि प्रदान की जाती है।सालाना छात्रवृत्ति: ₹30,000 प्रति वर्ष।कोर्स की अवधि: 2 वर्ष से लेकर 5 वर्ष तक के अंडरग्रेजुएट (UG) डिग्री या डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए सहायता मिलेगी।कुल वित्तीय मदद: यदि कोई छात्रा 3 साल का ग्रेजुएशन डिग्री कोर्स कर रही है, तो उसे कुल ₹90,000 मिलेंगे, जबकि 5 साल के प्रोफेशनल/एकीकृत कोर्स (जैसे BA LLB, B.Tech आदि) के लिए कुल सहायता राशि ₹1,50,000 तक होगी।भुगतान का माध्यम: स्कॉलरशिप की राशि बिना किसी बिचौलिए के सीधे लाभार्थी छात्रा के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी।उपयोग की स्वतंत्रता: प्राप्त छात्रवृत्ति राशि का उपयोग छात्राएं अपनी कॉलेज ट्यूशन फीस, किताबें, हॉस्टल खर्च या पढ़ाई से जुड़े किसी भी व्यक्तिगत खर्च को पूरा करने के लिए कर सकती हैं।निशुल्क आवेदन: फाउंडेशन द्वारा इस पूरी आवेदन प्रक्रिया के लिए किसी भी स्तर पर कोई आवेदन शुल्क या प्रोसेसिंग फीस नहीं ली जाती है।कौन सी छात्राएं हैं पात्र? जानिए योग्यता की पूरी शर्तेंअजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप 2026 के लिए पात्रता मानदंड बेहद सरल और सुलभ रखे गए हैं, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लड़कियां इसका लाभ उठा सकें। इस योजना की सबसे खास बात यह है कि यह किसी जाति, धर्म, पारिवारिक आय या केवल बोर्ड परीक्षा के अंकों (मेरिट) के आधार पर सीमित नहीं है।शैक्षणिक पृष्ठभूमि: छात्रा ने अपनी 10वीं और 12वीं की परीक्षा किसी मान्यता प्राप्त सरकारी स्कूल या सरकारी कॉलेज से नियमित (Regular) छात्रा के रूप में पास की हो।कॉलेज प्रवेश: सत्र 2026-27 में किसी मान्यता प्राप्त सरकारी या निजी विश्वविद्यालय/कॉलेज में अंडरग्रेजुएट (UG) डिग्री या डिप्लोमा कोर्स के प्रथम वर्ष (First Year) में नियमित प्रवेश लिया हो।योग्य राज्य और केंद्र शासित प्रदेश: यह स्कॉलरशिप योजना देश के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है, जिनमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, दिल्ली (NCT), आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक, ओडिशा, तेलंगाना, असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, सिक्किम और पुडुचेरी शामिल हैं।अपात्रता की स्थिति: जो छात्राएं ओपन/डिस्टेंस लर्निंग (दूरस्थ शिक्षा) से पढ़ाई कर रही हैं या जो पहले से ही द्वितीय, तृतीय या चतुर्थ वर्ष में हैं, वे नए आवेदक के रूप में पात्र नहीं होंगी। इसके अलावा अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी या विप्रो की अन्य स्कॉलरशिप पाने वाली छात्राएं इसके दायरे से बाहर रहेंगी।आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज हैं जरूरी?ऑनलाइन फॉर्म भरते समय अभ्यर्थियों को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की डिजिटल कॉपी अपलोड करनी होगी। ध्यान रहे कि सभी दस्तावेज स्पष्ट और निर्दिष्ट साइज में ही अपलोड किए जाएं।आवेदक छात्रा की हाल की पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर।आधार कार्ड (पहचान पत्र के रूप में)।10वीं कक्षा की मार्कशीट व पासिंग सर्टिफिकेट।12वीं कक्षा की मार्कशीट व पासिंग सर्टिफिकेट।वर्तमान कॉलेज/यूनिवर्सिटी में प्रवेश का प्रमाण (फीस रसीद या बोनाफाइड सर्टिफिकेट)।बैंक खाता विवरण (पासबुक के पहले पन्ने की कॉपी या कैंसिल चेक)।ध्यान दें कि अपलोड किए जाने वाले सभी दस्तावेज केवल PDF, PNG या JPG फॉर्मेट में होने चाहिए, जिनका साइज 30 KB से 500 KB के बीच होना आवश्यक है।ऑनलाइन आवेदन की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रियास्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। इच्छुक छात्राएं नीचे दिए गए आसान चरणों का पालन करके अपना फॉर्म जमा कर सकती हैं:सबसे पहले अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की आधिकारिक वेबसाइट azimpremjifoundation.org पर जाएं।होमपेज पर दिए गए 'Azim Premji Scholarship' सेक्शन के अंतर्गत 'Register New Applicants Cohort 2026' लिंक पर क्लिक करें।अपना चालू मोबाइल नंबर दर्ज करें और ओटीपी (OTP) के जरिए सत्यापन करें।अपना यूजर आईडी और मजबूत पासवर्ड बनाकर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन पूरा करें।अब अपने आईडी व पासवर्ड से लॉगिन करें और आवेदन पत्र में मांगी गई व्यक्तिगत, शैक्षणिक और बैंक संबंधी सभी जानकारियां सही-सही भरें।मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेजों को निर्धारित फॉर्मेट और साइज में स्कैन करके अपलोड करें।फॉर्म को अच्छी तरह री-चेक करें और 'Submit' बटन पर क्लिक करके आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।भविष्य के संदर्भ के लिए भरे गए आवेदन पत्र का एक प्रिंटआउट निकालकर सुरक्षित रख लें।महत्वपूर्ण तारीखें और आगे की समय-सारणीअजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने पहले चरण के लिए आवेदन की समय-सीमा तय कर दी है:राउंड 1 आवेदन शुरू होने की तिथि: 10 अगस्त 2026राउंड 1 आवेदन की अंतिम तिथि: 31 अगस्त 2026राउंड 2 आवेदन अवधि: 10 जनवरी 2027 से 31 जनवरी 2027 तकपुराने छात्रों के लिए रिन्यूअल की तिथि: सितंबर 2026 में रिन्यूअल विंडो खुलेगी।महिला शिक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदमअजीम प्रेमजी फाउंडेशन का लक्ष्य प्रतिवर्ष 5 लाख से अधिक लड़कियों को इस स्कॉलरशिप के माध्यम से उच्च शिक्षा से जोड़ना है। फाउंडेशन का मानना है कि जब एक लड़की शिक्षित होती है, तो वह न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारती है, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती है। यदि आप या आपके परिचित में कोई योग्य छात्रा है जिसने हाल ही में 12वीं पास करके कॉलेज में दाखिला लिया है, तो 31 अगस्त 2026 से पहले इस योजना में आवेदन करके इस अवसर का लाभ अवश्य उठाएं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Aug 2026 9:43 am

चर्चाओं में हैं अरुणाचल के शिक्षक ताई तुगुंग, उत्तराखंड में विशेष सम्मान; फ्रांस तक जलवा

अरुणाचल प्रदेश के ताई तुगुंग चर्चाओं में हैं। उन्हें उत्तराखंड में विशेष सांस्कृतिक सम्मान मिला है। उनकी फिल्म कान्स फिल्म फेस्टिवल में धमाल मचा चुकी है।

लाइव हिन्दुस्तान 13 Aug 2026 11:48 am

क्या था माओ का 5 फिंगर प्लान, जिसे फॉलो करते हुए जिनपिंग बढ़ा सकते हैं भारत की टेंशन

1958 का वो दौर, जब बीजिंग के तियानमेन स्क्वायर से माओ त्से-तुंग ने भारत की सीमाओं पर अपने विस्तारवादी मंसूबों की पहली लकीर खींची थी। माओ ने तिब्बत को चीन के दाहिने हाथ की हथेली बताया और लद्दाख, नेपाल, सिक्किम, भूटान व अरुणाचल प्रदेश को उसकी पाँच उंगलियां। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा था कि ये पाँचों इलाके या तो भारत के कब्जे में हैं या उसके सीधे असर मे और इन्हें 'आजाद' कराकर चीन की हथेली से दोबारा जोड़ना बीजिंग का ऐतिहासिक धर्म है। एक ऐसा खतरनाक और अघोषित ब्लूप्रिंट, जिसे चीन ने कभी किसी सरकारी दस्तावेज में दर्ज तो नहीं किया, लेकिन 1962 की जंग से लेकर डोकलाम और गालवान घाटी की हिंसक झड़पों तक भारत को घेरने की हर चीनी चाल के पीछे इसी 'फाइव फिंगर्स ऑफ तिब्बत पॉलिसी' का साया रहा है। आज जब ड्रैगन हमारी सीमाओं पर आँखें दिखा रहा है, तो सवाल उठता है कि क्या चीन आज भी माओ के उसी 68 साल पुराने सपने को पूरा करने की साजिश रच रहा है? आज हम एमआरआई स्कैन करेंगे चीन की उसी सबसे बड़ी और सबसे पुरानी उस गुप्त रणनीति से, जो भारत की संप्रभुता के लिए आज भी सबसे बड़ा खतरा बनी हुई है। इसे भी पढ़ें: भुखमरी, कंगाली और दिवालीयपन के बावजूद पाकिस्तान आया नंबर-1, भारत 13वें नंबर पर, लेकिन किसमें? PPA की रिपोर्ट ने क्या दावा किया अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले के ताक्सिंग इलाके से बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। क्षेत्रीय दल पीपल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (PPA) की एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने भारतीय सैनिकों को ताक्सिंग के रणनीतिक और अहम पेट्रोलिंग पॉइंट्स तक जाने से रोक दिया है। इतना ही नहीं, 'द अरुणाचल टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्व मंत्री और PPA के मुख्य सलाहकार काहफा बेंगिया की अगुवाई वाली चार सदस्यीय टीम ने जब 10 जुलाई को ताक्सिंग का दौरा किया, तो पाया कि एलएसी (LAC) के पास भारतीय चरवाहों और स्थानीय शिकारियों के पारंपरिक इलाकों पर चीनी सेना धीरे-धीरे अपना अवैध कब्जा बढ़ा रही है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश में चीन की ओर से कोई धीरे-धीरे कब्ज़ा नहीं हो रहा है, जैसा कि कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है। रिपोर्ट में भारत-चीन सीमा विवाद के इतिहास और 'लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल' (एलएसी) पर गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए उठाए जा रहे कदमों का भी ज़िक्र किया गया है। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ऐतिहासिक रूप से अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा करता रहा है और इस इलाके को दक्षिणी तिब्बत कहता है। यह दावा 1960 में भारत-चीन सीमा वार्ता के दौरान किया गया था, जब चीन ने कथित तौर पर मौजूदा राज्य के लगभग 69,000 वर्ग किलोमीटर इलाके पर अपना दावा जताया था। इसे भी पढ़ें: हो गया खेल! भारत को रोककर खुद रूसी तेल खरीद रहा अमेरिका? चीन को भारत ने एक बार फिर दो टुक जवाब दिया अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन को भारत ने एक बार फिर दो टुक जवाब दिया है। भारत ने यह साफ कर दिया है कि अरुणाचल प्रदेश पर उसका रुख बिल्कुल स्पष्ट और साथ ही चीन के किसी भी दावे या आपत्ति से जमीन पर मौजूद हकीकत नहीं बदलने वाली। तो हुआ यह है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों को भारत के नक्शे में आधिकारिक तौर पर दिखाने पर आपत्ति जताई थी। लेकिन भारत ने साफ कर दिया है कि चीन की इस आपत्ति से अरुणाचल प्रदेश की स्थिति पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। मंगलवार 11 अगस्त को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस हकीकत को कोई नहीं बदल सकता। अरुणाचल प्रदेश भारत का एक अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और यह एक प्रकार से एक स्वय सिद्ध तथ्य भी है और कोई भी चीज इस निर्वाद निर्विवाद वास्तविकता को बदल नहीं सकता। दरअसल विवाद की शुरुआत तब हुई जब भारत ने अरुणाचल प्रदेश के 27 जगहों और दूसरे ज्योग्राफिकल फीचर्स को उनके आधिकारिक नामों के साथ अपने सरकारी नक्शे में दर्ज किया। इसके एक दिन बाद चीन ने अपनी आपत्ति जताई। चीन अरुणाचल प्रदेश को जांगनान यानी कि साउथ तिब्बत कहता है। बीजिंग का दावा है कि यह इलाका चीन का हिस्सा है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गो जियाकुन ने भारत के इस कदम को गैरकानूनी बताया। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश को तथाकथित अरुणाचल प्रदेश कहते हुए कहा कि जगहों के नाम बदलने या तय करने से चीन का दावा नहीं बदलेगा। भारत हमेशा से चीन के इस दावे को खारिज करता रहा है। इस बार भी भारत ने साफ-साफ कहा कि चीन की आपत्ति से अरुणाचल प्रदेश के स्टेटस पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अब सवाल यह है कि भारत ने आखिर इन 27 जगहों को आधिकारिक नक्शे में दर्ज क्यों किया है? सरकार की तरफ से कहा गया है कि इसका मकसद बॉर्डर को फिर से तय करना नहीं है। बस इन जगहों की सही पहचान और सही नाम सरकारी नक्शे में दर्ज करना है ताकि लोगों को कभी भी इन जगहों के बारे में सही जानकारी मिल सके। तो क्या भारत और चीन के बीच इस मुद्दे पर सिर्फ बयानबाजी ही चल रही है? ऐसा नहीं है। दोनों देशों के बीच सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए बातचीत भी जारी है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक 6 अगस्त को नई दिल्ली में भारत चीन सीमा मामलों पर काम करने वाले वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन यानी कि डब्ल्यूएमसीसी की 36वीं बैठक हुई। इसमें एलएसी यानी कि लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल की स्थिति, बॉर्डर मैनेजमेंट, सीमा के बंटवारे से जुड़े मुद्दों और दोनों देशों के बीच बॉर्डर पर सहयोग पर चर्चा हुई। भारत ने इस बैठक में भी साफ कहा कि सीमा पर शांति और स्थिरता दोनों देशों के रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी है। माओ का फाइव फ‍िंगर प्‍लान क्‍या है? 1949 के बाद कम्युनिस्ट पार्टी दुनिया को अलग नजरिए से देखती है। कम्युनिस्ट पार्टी चाइना के जितने भी प्रेसिडेंट बने हैं सब महत्वाकांक्षी रहे हैं। ये महत्वाकांक्षी लोग ये चाहते हैं कि हमारा कब्जा बना रहे। पूरी दुनिया में अलग-अलग क्षेत्रों पर कब्जा करना चाहते हैं तो ठीक उसी वजह से क्या होता है कि संबंध बिगड़ने लग जाते हैं। 1949 में चीनी गणराज्य के फाउंडर नेता माओ से तुंग ने कहा कि हथेली और पांच उंगलियों को चीन को कब्जे में कर लेना चाहिए यहीं से चीन की पड़ोसियों के प्रति नीति बदल गई। दरअसल माओ से तुंग ने कहा था कि हथेली और पांच उंगलियों पर कब्जा कर लेना चाहिए तो इसमें शामिल क्या-क्या है इस पे भी नजर डालनी जरूरी हो जाता है। दरअसल तिब्बत जिसको इसने शुरुआत में ही अपने कब्जे में ले लिया था तो उसे ये कहता है कि ये हमारी हथेली है वहीं इसके आसपास की अलग-अलग ट्रीटज को ये कहता है कि ये हमारी पांच उंगलियां हैं। तो तिब्बत इसकी हथेली हुई इसके अलावा पांच उंगलियों में लद्दाख, नेपाल, सिक्किम, भूटान और अरुणाचल प्रदेश शामिल है। अगर इन पांचों उंगलियों को समझे तो हमें यह भी पता लगता है कि तीन हिस्से भारत की मुख्य भूमि में शामिल है जिनके ऊपर चाइना की सीधी नजर है। लद्दाख में पहले अक्साई चीन बसा हुआ है अब अक्साई चीन के वजह से हम देखते हैं कि पहले ही दिक्कतें हैं और अभी भी वो लद्दाख को लेकर के अपनी मंशा छोड़ता नहीं है। अरुणाचल प्रदेश को पहले ही कहता है कि वो अरुणाचल प्रदेश नहीं है बल्कि जांग नान है और ये चीन का हिस्सा है। तो ये स्थिति है तो इस प्रकार से ये इसकी हथेली और पांच उंगलियां बन जाती है। इन इलाकों को 'आजाद' कराना या उन पर अपना प्रभाव जमाना चीन का रणनीतिक कर्तव्य माना जाता है।

प्रभासाक्षी 12 Aug 2026 3:57 pm

अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ के दावे से बांग्लादेश सीमा का वीडियो वायरल

बूम ने पाया कि वीडियो चांपाईनवाबगंज के शिबगंज सीमा क्षेत्र पर बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के बीच हुई कहासुनी का है.

बूमलाइव 11 Aug 2026 6:04 pm

भारत का सबसे बड़ा Tawang Monastery: हिमालय की गोद में बसी Spiritual खूबसूरती और सांस्कृतिक विरासत का संगम

अरुणाचल प्रदेश में स्थित तवांग मठ देश के सबसे प्रसिद्ध बौद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। समुद्र तल से लगभग 10,000 फीट की ऊँचाई पर स्थित यह मठ प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक शांति और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। इसे “गोल्डन नामग्याल ल्हात्से” के नाम से भी जाना जाता है, जिसका अर्थ है “दिव्य स्वर्ग में स्थित पवित्र स्थान”। तवांग मठ की स्थापना सन् 1680 में मेरक लामा लोद्रे ग्यात्सो ने की थी। यह मठ तिब्बती बौद्ध धर्म की गेलुग्पा परंपरा से जुड़ा हुआ है और दलाई लामा के अनुयायियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह भारत का सबसे बड़ा तथा विश्व का दूसरा सबसे बड़ा बौद्ध मठ है। मठ की विशाल इमारत, रंग-बिरंगी चित्रकारी और शांत वातावरण पर्यटकों को गहरे रूप से आकर्षित करते हैं। मठ के भीतर लगभग 28 फीट ऊँची भगवान बुद्ध की स्वर्णिम प्रतिमा स्थापित है, जो इसकी मुख्य विशेषताओं में से एक है। यहाँ की प्रार्थना सभाएँ, बौद्ध मंत्रों की ध्वनि और घूमते प्रार्थना चक्र पर्यटकों को एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करते हैं। मठ में एक विशाल पुस्तकालय भी है, जिसमें प्राचीन बौद्ध ग्रंथ और हस्तलिखित पांडुलिपियाँ सुरक्षित रखी गई हैं। इसे भी पढ़ें: Ujjain Travel Guide: सावन में बाबा महाकाल के दर्शन के साथ इन 5 Famous Places को अपनी List में करें शामिल तवांग मठ केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य के कारण भी अत्यंत लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। चारों ओर बर्फ से ढके पहाड़, बादलों से घिरी घाटियाँ और ठंडी हवाएँ यहाँ आने वाले पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं। सर्दियों में जब पूरा क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर से ढक जाता है, तब इसकी सुंदरता और भी बढ़ जाती है। तवांग मठ के आसपास भी कई दर्शनीय स्थल स्थित हैं। इनमें सबसे प्रमुख है सेला दर्रा, जो तवांग का प्रवेश द्वार माना जाता है। लगभग 13,700 फीट की ऊँचाई पर स्थित यह दर्रा अपनी प्राकृतिक झीलों और बर्फीले दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ का सेला झील पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है। इसके अतिरिक्त माधुरी झील भी अत्यंत सुंदर स्थल है। यह झील चारों ओर पहाड़ियों और देवदार के वृक्षों से घिरी हुई है। कहा जाता है कि हिन्दी फिल्म अभिनेत्री माधुरी दीक्षित की एक फिल्म की शूटिंग यहाँ हुई थी, जिसके बाद इस झील का नाम माधुरी झील पड़ गया। इतिहास में रुचि रखने वाले पर्यटक तवांग युद्ध स्मारक भी देख सकते हैं। यह स्मारक 1962 के भारत-चीन युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों की स्मृति में बनाया गया है। यहाँ प्रतिदिन होने वाला लाइट एंड साउंड शो देशभक्ति की भावना से भर देता है। तवांग आने का सबसे अच्छा समय मार्च से अक्टूबर के बीच माना जाता है, जब मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहता है। हालांकि, जो पर्यटक बर्फबारी का आनंद लेना चाहते हैं, वे दिसंबर और जनवरी में भी यहाँ आ सकते हैं। यहाँ पहुँचने के लिए सबसे निकटतम हवाई अड्डा तेजपुर और रेलवे स्टेशन असम में स्थित हैं, जहाँ से सड़क मार्ग द्वारा तवांग पहुँचा जा सकता है। तवांग मठ केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम है। यहाँ की शांत वादियाँ, बौद्ध संस्कृति और हिमालय की भव्यता हर पर्यटक के मन में अविस्मरणीय स्मृतियाँ छोड़ जाती हैं। जो भी व्यक्ति जीवन में शांति और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव करना चाहता है, उसके लिए तवांग मठ एक आदर्श पर्यटन स्थल है। -प्रीटी

प्रभासाक्षी 8 Aug 2026 4:50 pm

Offbeat Destinations for Monsoon: भीड़भाड़ से दूर सुकून की तलाश? Meghalaya और Arunachal के इन गांवों में लें आनंद

आजकल युवाओं में घूमने-फिरने का चलन काफी बढ़ गया है। लोग भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूर किसी शांत प्लेस को एक्सप्लोर करना पसंद करते हैं। मानसून के समय हर कोई हरियाली से भरपूर, बादल, झरने और सुकून हो वाली जगहों पर घूमने का प्लान बनाते हैं। इस बार आप बरसात के समय भारत के कुछ खूबसूरत गांव को एक्सप्लोर कर सकते हैं। इस मौसम में यहां पर पहाड़ हरे रंग को हे जाते हैं, बादल घरों के बीच से गुजरने नजर आते हैं और हर तरफ आपको ताजगी का माहौल देखने को मिलता है। इस बार आप भी इन जगहों का आनंद जरुर लें। चलिए आपको इस लेख में बताते हैं मेघालय का मावल्यान्नॉन्ग, नागालैंड का खोनोमा और अरुणाचल प्रदेश की जीरो वैली आपके लिए सबसे बेहतरीन रहने वाली है। आइए आपको बताते हैं इन तीन गांवों में ऐसा क्या खास है,जो आपको मानसून के समय जरुर विजिट करना चाहिए। मावल्यान्नॉन्ग (मेघालय) आपको बताते चलें कि मेघालय का मावल्यान्नॉन्ग गांव अपनी साफ-सफाई के लिए दुनियाभर में काफी फेमस है। इसकी गिनती एशिया के सबसे साफ गांव में मानी जाती है। यहां पर रहने वाले सभी लोग इस गांव को हमेशा साफ रखते हैं। बरसात के मौसम में चारों तरफ हरियाली छा जाती है। पेड़-पौधे, फूल और बारिश से धुले रास्ते गांव की खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं। यहां आप इन जगहों पर विजिट कर सकते हैं- - लिविंग रुट ब्रिज - बांस से बना स्काई व्यू पॉइंट - छोटे-छोटे झरने - खासी गांव की लाइफस्टाइल खोनोमा (नागालैंड) अगर आप नेचर लवर हैं, नागालैंड के खोनोमा गांव में जरुर विजिट करें। यहां की नेचुरल ब्यूटी और पर्यावरण संरक्षण बेहद लोकप्रिय है। बता दें कि, इसे भारत के पहले ग्रीन विलेज में गिना जाता है। बरसात के समय यहां पर सीढ़ीदार वाली खेती, पहाड़ और जंगल के काफी खूबसूरत नजर आते हैं। बादलों से घिरे पहाड़ भी इस गांव की खूबसूरती को बढ़ा देते हैं। यहां पर इन जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। - गांव में पैदल वॉक करना - सीढ़ीदार खेत देखना - लोकर नागा कल्चर को करीब से देख सकते हैं - नेचर वॉक और बर्ड वॉचिंग जीरो (अरुणाचल प्रदेश) मानसून के समय अरुणाचल प्रदेश की जीरो वैली में घूमने का प्लान जरुर बनाएं। यह जगह अपनी नेचुरल ब्यूटी और अपतानी जनजाति की अनोखी कल्चर के लिए जानी जाती है। इधर मानसून के समय काफी खूबसरत लगता है। बरसात के समय धान के खेत, पहाड़ और हल्का कोहरा मिलकर ऐसा नजारा बनाते हैं, जिसे देखकर मन एकदम खुश ही हो जाती है। यहां आप क्या-क्या कर सकती हैं- - हरे-भरे धान के खेतों को देख सकती हैं - अपतानी जनजाति के पारंपरिक गांव को एक्सप्लोर कर सकती है - खूबसूरती पहाड़ी रास्ते - यहां लोकल बाजार और खाने का जायका लेना मानसून के समय इन गांव में यात्रा करने से पहले जानें जरुरी बातें - बरसात से बचने के लिए रेनकोट और बढ़िया क्वालिटी की छतरी साथ रखें। - इस दौरान फिसलन ज्यादा हो सकती है, इसलिए मजबूत ग्रिप वाले शूज ही पहनें। - मौसम का अपडेट देखकर ही ट्रिप प्लान करें। - वहां के नियमों का पालन जरुर करें। - दरअसल, पहाड़ी इलाकों में शाम जल्दी हो जाती है, इसलिए समय का भी ध्यान जरुर रखें। - प्लास्टिक या कचरा कहीं भी ने फेंकें, ताकि इन गांवों के सुंदरता बनीं रहे।

प्रभासाक्षी 4 Aug 2026 4:52 pm

Bigg Boss 18 : चुम दरांग को मिला अरुणाचल प्रदेश के सीएम का सपोर्ट

सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 18' अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर कोई इस सीजन का विनर बनने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन दिनों शो में 'टिकट टू फिनाले' टास्क चल रहा है। इस टास्क में विवियन डीसेना और चुम दरंग आमने-सामने खड़े हैं। वहीं ...

वेब दुनिया 10 Jan 2025 2:40 pm