Arunachal Singam Peak Result हुए घोषित; 26.03 लाख का प्रथम पुरस्कार जाहीर
अरुणाचल प्रदेश सिंघम पीक लॉटरी के 6 अप्रैल 2026 सुबह 10:55 बजे के परिणाम घोषित। टिकट संख्या 62J 27451 ने जीता 26.03 लाख का प्रथम पुरस्कार। पूरी सूची यहाँ देखें।
सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा खांडू के परिवार को सरकारी ठेके देने के मामले में CBI से प्रारंभिक जांच कराने का आदेश दिया है। मामला 1270 करोड़ रुपये के ठेकों में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसमें खांडू परिवार की 4 कंपनियां शामिल हैं।
सिक्किम के मंगन जिले में रविवार को लाचेन-चुंगथांग रोड पर तेज बारिश और बर्फबारी हुई। इसके कारण लैंडस्लाइड भी हुआ और सड़क में बड़ी-बड़ी दरारें आ गईं। यहां 800 टूरिस्ट फंस गए । यहां आज सुबह से ही पर्यटकों का रेस्क्यू जारी है। इधर, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से उत्तर भारत के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में यमुनोत्री धाम समेत 3 जिलों में रविवार को बर्फबारी हुई। वहीं 6 जिलों में बारिश के साथ ओले गिरे। हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति के ऊंचे इलाकों में भी बर्फबारी हुई। गोंदला में 28.5 सेंटीमीटर, केलांग में 20.0 सेमी, हंसा में 5 सेमी बर्फ गिरी। जबकि शिमला, कुल्लू और मंडी में ओले गिरने से सेब की फसल को नुकसान हुआ। यूपी में आंधी-बारिश और बिजली गिरने से 72 घंटे में 15 लोगों की मौत हुई है। काशी, गोंडा, सुल्तानपुर और कानपुर समेत 11 जिलों में रविवार को रुक-रुककर बारिश हुई। कानपुर, मथुरा, संभल में ओले गिरे। राजस्थान में आज से नया वेदर सिस्टम एक्टिव होगा। 14 जिलों में आंधी के साथ तेज बारिश का अलर्ट है। दिल्ली-NCR और हरियाणा के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना है। देशभर में बारिश-बर्फबारी की 3 तस्वीरें… अगले दो दिन मौसम का हाल 5-6 अप्रैल- हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, ओडिशा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छतीसगढ़, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरलम और आंध्र प्रदेश में आंधी-तूफान की संभावना है। आंध्र प्रदेश, केरलम और पुडुचेरी में ओलावृष्टि हो सकती है। वहीं, राजस्थान, बिहार और झारखंड में तेज बारिश हो सकती है। पंजाब और राजस्थान में कुछ जगहों पर 60 किमी/घंटा तक की रफ्तार से हवा चल सकती है। राज्यों के मौसम का हाल… मध्य प्रदेश: राज्य में 9 अप्रैल तक आंधी-बारिश का दौर, ग्वालियर समेत 24 जिलों में अलर्ट मध्य प्रदेश में 9 अप्रैल तक आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा। टर्फ के सक्रिय होने से सोमवार को ग्वालियर-चंबल, जबलपुर, रीवा और शहडोल और सागर संभाग के 24 जिलों में असर बना रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक 7 अप्रैल से नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। इसके कारण आंधी-बारिश की स्थिति बनी रहेगी। पूरी खबर पढ़ें… राजस्थान: राज्य के 14 जिलों में बारिश और आंधी की चेतावनी, ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट राजस्थान में नया स्ट्रॉन्ग वेदर सिस्टम एक्टिव होने से आज से तेज आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी है। 14 जिलों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है। राज्य के कुछ शहरों के तापमान में 1C-2C की बढ़ोतरी हुई है। पूरी खबर पढ़ें… छत्तीसगढ़: बंगाल में बने सिस्टम से राज्य में बारिश का अलर्ट, 3C तक गिर सकता है तापमान पश्चिम बंगाल में बने सिस्टम के असर से छत्तीसगढ़ का मौसम बदला हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार एक ट्रफ लाइन छत्तीसगढ़ के ऊपर से गुजर रही है, जिसके कारण बादल, बारिश की स्थिति बनी हुई है। प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान जगदलपुर में 36.9C का रहा। पूरी खबर पढ़ें… बिहार: राज्य के 6 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट, आंधी के साथ ओले गिरने की संभावना बिहार में आज 6 जिलों में बारिश-आंधी का ऑरेंज अलर्ट है। इन इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान तेज हवा, गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। अगले 3 दिनों तक पारा 40C के नीचे रहने के आसार हैं। अधिकतम तापमान में 2C से 4C तक गिरावट आ सकती है। पूरी खबर पढ़ें… पंजाब: 20 जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का यलो अलर्ट, अगले दो दिन ऑरेंज अलर्ट पंजाब के 20 जिलों में आज आंधी-बारिश का यलो अलर्ट है। कल से ऑरेंज अलर्ट है। बीते 24 घंटे में राज्य के तापमान में 1.6C की बढ़ोतरी हुई। सबसे ज्यादा तापमान 33.4C फरीदकोट का रहा। पूरी खबर पढ़ें…
8 साल से हिंदी फिल्में नहीं देखी। कैसे देखूं? जिस फिल्म में 7-8 साल का कोई बच्चा दिखता है, मेरा अपना बेटा ‘माही’ उसमें दिखने लगता है। रास्ते में चलते-फिरते भी यदि कोई गोरा-चिट्ठा बच्चा दिख जाए, तो जी करता है- दौड़ गले लगा लूं। मेरी ऐसी कोई रात नहीं बीतती, जब आंसुओं से तकिया गीली न होता हो। पिछले चार साल कहीं भी जाती हूं तो अक्सर मुझसे पूछा जाता है- रश्मि, आपके कितने बच्चे हैं? दो बच्चे… कहना चाहती हूं, लेकिन यह बात जुबान पर आते-आते ठहर जाती है। फिर बोलती हूं- एक बेटी है। सोचती हूं- दो बच्चे बताऊंगी तो लोग सवाल पूछेंगे कि- दूसरा बच्चा कहां है? पति क्या करते हैं और कहां रहते हैं? लेकिन सच यह है कि मेरी कोख ने दो बच्चे को जन्म दिया। दूसरे बच्चे की मां होने का सुख पति ने छीन लिया। मैं रश्मि सहगल, दिल्ली की रहने वाली हूं। पैदा तो एक बड़े खानदान में हुई, लेकिन 15 साल की उम्र के बाद अनाथालय में पली। चौथी क्लास में थी, तभी पापा की मौत हो गई थी। कैसे हुई थी, पता नहीं। कुछ लोगों ने तो यहां तक कहा- आपकी मां ने पैसे के लिए आपके पापा को मार दिया। जबकि मां बताती हैं कि पापा को कैंसर था। खैर… पापा की मौत के बाद मां ने एक अमीर आदमी से दूसरी शादी कर ली। उनके साथ सौतेले पापा के यहां रहने लगी थी। 5वीं से 10वीं की पढ़ाई वहीं की। वहां मुझे हर रोज एहसास कराया जाता कि सौतेले पापा के पास रह रही हूं। हर बात पर टोका जाता। कहीं जाने-आने पर मनाही थी। कई बार तो कोई चीज अनजाने में टूट जाती, तो खूब पिटाई की जाती। बच्ची थी, कम समझती थी इसलिए सोचती कि मां-बाप तो बच्चे को मारते ही हैं। बड़ी हुई, तो पता चला कि सौतेले पापा मुझे जान-बूझकर मारते थे। अक्सर मुझे गंदे तरीके से छूते भी थे। एक दिन उन्होंने मेरी खूब पिटाई की। बेल्ट से मारा। एक हाथ की चमड़ी उधड़ गई। मारते हुए मां से कहा- इसे अभी घर से निकालो, वर्ना तुम्हें भी घर में नहीं रहने देंगे। उस समय रात के 10 बज रहे थे। मां ने मेरे खून से सने हाथ को पकड़ा और घर से बाहर कर दिया। फौरन अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। पूरी रात घर के बाहर बैठी रही कि शायद मम्मी का कलेजा पसीजेगा और वह मुझे भीतर बुला लेंगी। सुबह के लगभग 4 बज गए, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। मेरे हाथ से खून अब भी निकल रहा था। मैंने दुपट्टा फाड़ा और हाथ में लपेट लिया। घर से कुछ किलोमीटर की ही दूरी पर हमारी मेड का घर था। सुबह होते ही मैं उनके यहां चली गई। मुझे देखकर मेड डर गईं। कहने लगीं- क्या हुआ रश्मि? तुम यहां क्या कर रही हो? मेरे मुंह से आवाज ही नहीं निकल रही थी। हकलाते हुए बोली, मम्मी-पापा ने घर से निकाल दिया। कुछ दिन आप अपने यहां मुझे रहने देंगी? कुछ देर बाद मेड बोली- नहीं, नहीं। तुम जवान हो। इस तरह किसी के घर कैसे रह सकती हो? जाओ अपने घर जाओ। यह कहते हुए उन्होंने भी दरवाजा बंद कर लिया। उसके बाद घर के पास एक अनाथालय था, वहां पहुंची। अनाथालय में मुझे रहने को जगह मिली। फिर वहीं रही और 12वीं तक पढ़ाई की। एक कंपनी में रिसेप्शनिस्ट की जॉब लग गई। यहीं पर एक कश्मीरी लड़के से मुलाकात हुई। वह बहुत हैंडसम लड़का था। उस ऑफिस की सारी लड़कियां उस पर फिदा थीं। 2014 की बात है। धीरे-धीरे हम दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। एक-दूसरे से मिलने लगे। बचपन में पिता की मौत, फिर मां के होते हुए भी मैंने अनाथ की जिंदगी जिया था। मुझे लगा कि- अब हर खुशी मिलने वाली है- पत्नी का सुख। मां बनने का सपना और अपना घर-परिवार, लेकिन किसे पता था कि यह खुशी ज्यादा दिन नहीं रहने वाली। उस लड़के ने कहा- अगर तुम्हें मेरे साथ शादी करनी है, तो इस्लाम को मानना होगा। मेरे पास कोई दूसरा चारा नहीं था- मैंने हां कह दिया। उसके बाद बुरका, पांच वक्त की नमाज… सब करने लगी। फिर हम दोनों कश्मीर चले गए। वहां मुस्लिम रीति-रिवाज से हमारी शादी हुई। कुछ ही महीने वहां रही, फिर पति के साथ दुबई चली गई। वहां पहुंचते ही पति का रवैया बदलने लगा। हर रोज गाली-गलौज, मार-पिटाई करने लगे। घर से निकल जाने को कहते। मन-ही-मन सोचती- हे भगवान! जिंदगी कितनी परीक्षा लेगी! पहले सौतेला बाप ने मार-पीटकर भगाया और अब पति भगाना चाहता है। किसी तरह रिश्ता निभाती रही। 2015 आते-आते गर्भवती हुई। पति को पता चला तो वह कहने लगे- अभी बच्चा नहीं पैदा करना है। इसे गिरा दो। सुनकर घबरा गई कि- एक बाप कोख में पल रहे अपने बच्चे को गिराने के लिए कह रहा है! लेकिन मैं अड़ गई, बोली- बच्चे पैदा करूंगी। 6-7 महीने की गर्भवती थी तब पति मेरे साथ संबंध बनाने की जिद करते थे। कहते - शौहर हूं, जब चाहूं संबंध बना सकता हूं। मैं मना नहीं कर पाती थी। जिद करके मेरे साथ संबंध बनाता। उससे मेरी प्रेग्नेंसी में दिक्कत आ गई। बच्चे के पैदा होने की तारीख नजदीक आई और जब तेज दर्द हुआ तो हॉस्पिटल लेकर गए। डॉक्टर ने फौरन कहा- सर्जरी करके बच्चा निकालना होगा। उस वक्त भी मेरे पति बार-बार कह रहे थे- डॉक्टर नॉर्मल डिलीवरी होने दीजिए। डॉक्टर ने समझाया नॉर्मल डिलीवरी का इंतजार करोगे, तो जच्चा-बच्चा दोनों की जान जा सकती है। तब मेरे पति माने। डॉक्टर ने सर्जरी की। बेटी पैदा हुई, सुनते ही पति के होश उड़ गए। कहने लगा- क्या ही पैदा किया तुमने। बेटी जनमी हो। मेरे सास-ससुर भी कश्मीर से दुबई आ गए। सर्जरी के दूसरे दिन ही अस्पताल से घर आ गई। बच्ची को दूध पिलाने से लेकर डायपर लाने तक सब काम करना पड़ता। पेट में टांके कच्चे थे, घाव खुल गया और उसमें पस भर गई। उस दौरान भी सास-ससुर कोई मदद नहीं कर रहे थे। एक दिन तो अपने पति से डायपर लाने को बोली तो उन्होंने गुस्से में आकर मेरे मुंह पर थूक दिया और कहा- जानती हो कि तुम्हारी औकात क्या है? न तुम्हारे बाप का पता है, न घर का। सड़क से उठकर महल में आ गई हो। उस दिन समझ गई कि अब भी मैं अकेली हूं। पति का बेटी से कोई लगाव नहीं था। वह कुछ तय रकम दे देते। उसी में बच्चे और खुद की देखभाल करती। दो साल बाद, 2017 में बेटे माही का जन्म हुआ। तब लगा कि अब शायद सब ठीक हो जाएगा। देखभाल के लिए फिर से मेरी सास दुबई आ गईं। वह अक्सर कहतीं- तुम्हारे बच्चे मेरे हाथ से कुछ नहीं खाते, तुम ही इन्हें संभालो। दोनों बच्चों की जिम्मेदारी मुझ पर ही थी। आज भी वह हिजाब मेरे पास है, जिसमें गांठ बांधकर मैं अपने बेटे को पेट से बांधकर रखती थी। पेट पर बांधे हुए उसे दूध पिलाती और बेटी को खाना खिलाती। एक बार भी सास नहीं कहती कि लाओ मैं संभाल दूं। बस मुझे इतना भरोसा था कि बेटा अब बड़ा हो रहा है, शायद सब ठीक हो जाएगा। 2022 की बात है। उस वक्त हम पति-पत्नी सिंगापुर चले गए। वहां रोज दोनों बच्चों को स्कूल छोड़ने जाना पड़ता। सुबह पति को जगाती तो झगड़ पड़ते। एक दिन मैंने पति से कहा- मुझे ड्राइविंग सिखा दो, ताकि बच्चों को स्कूल छोड़ सकूं। उसके बाद मैंने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अप्लाई किया। जिस दिन ड्राइविंग टेस्ट था, मेरे पति ने मुझे कार देने से इनकार कर दिया। मैं कार के सामने खड़ी गिड़गिड़ाती रही। चाबी देने को कहती रही, लेकिन उसने एक नहीं सुनी। जाते वक्त मेरे पैर पर कार चढ़ाते हुए ऑफिस निकल गए। सोचा जिस इंसान को मेरी बिल्कुल कद्र नहीं, उसके साथ रहना बेकार है। 2021 आते-आते हालात और बिगड़ गए। पुलिस के पास भी नहीं जा सकती थी। जाती, तो वापस उसी घर में आना होता और फिर से वही मार-पिटाई होती। बेटा हर वक्त पति के साथ ही रहता था। एक रात पति ने मुझे और मेरी बेटी को घर से धक्का मारकर निकाल दिया। उसे लगा कि हर बार की तरह रोऊंगी और वापस लौट जाऊंगी, लेकिन उस दिन मैंने ऐसा नहीं किया। रात में ही दोस्तों को फोन करके उधार पैसे मांगे। फ्लाइट का टिकट कराया और बेटी के साथ दिल्ली लौट आई। कुछ दिनों तक अपने एक जानने वाले के यहां रही, फिर नौकरी करने लगी। कोई रेंट पर मकान देने को तैयार नहीं था। पूछते थे- पति क्या करते हैं? कहां रहते हैं? बताती- हम मां और बेटी हैं। पति नहीं हैं। मकान मालिक कमरा देने से इंकार कर देता। बड़ी मुश्किल से एक फ्लैट मिला। जो बेटी सिंगापुर में पढ़ रही थी, उसे दिल्ली में कोई स्कूल एडमिशन देने को तैयार नहीं था। सभी स्कूल बच्चे के पिता की डिटेल्स मांग रहे थे। बड़ी मुश्किल से एक स्कूल में एडमिशन मिला। वहां महीने की फीस 15 हजार थी और मेरी सैलरी 30 हजार। करीब एक साल तक वहां पढ़ाया, फिर स्कूल ने फीस न जमा करने से बेटी को निकाल दिया। उसके बाद बेटी बीमार पड़ने लगी। जो भी पैसा मेरे पास था और ज्वैलरी थी, बेचकर उसका इलाज करवाने लगी। हर रात बेटी के साथ बेटे माही की याद आती है। कई बार मैंने उससे बात करने की कोशिश की, लेकिन पति बात नहीं कराता। धमकी देते हुए कहता- दिल्ली में हो, चैन से रहो, नहीं तो इतने टुकड़े काटूंगा कि गिनती भी नहीं हो पाएगी। उसी दौरान मेरी भी तबीयत बहुत खराब हो गई। अस्पताल में भर्ती होने की नौबत आ गई। मैं बेटी को कुछ दिनों के लिए अपनी मां के पास छोड़ने के लिए लाजपत नगर गई, लेकिन मां ने दरवाजा बंद कर लिया और सीधे मना कर दिया- यहां मत आना। बीमार होने की वजह से मेरी नौकरी छूट गई। उस वक्त लोग सलाह देने लगे- दूसरी शादी कर लो। बच्ची के चक्कर में जिंदगी क्यों खराब कर रही हो, जिसका बच्चा है, उसे दे दो, लेकिन उन्हें क्या पता, मैं अपनी बेटी के लिए ही जी रही हूं। उस वक्त बेटी कुछ मांगती, तो कोई बहाना बना लेती। उससे सच बताने की हिम्मत नहीं होती। जब नौकरी के लिए इंटरव्यू देने जाती तो बेटी फोन करके पूछती- मां, नौकरी लगी? मैं हंसकर कहती- नहीं बेटा। मन-ही-मन सोचती- आज फिर उसे पिज्जा खिलाने और फिल्म दिखाने का वादा पूरा नहीं कर पाऊंगी। ऐसे ही चार महीने गुजर गए। तब जाकर फिर से एक नौकरी लगी। अब सिर्फ बेटी के लिए जी रही हूं। सिंगल मदर हूं। कई बार तो सोचकर ही कांप जाती हूं- अगर मुझे कुछ हो गया, तो मेरी 10 साल की बेटी का क्या होगा? बेटी का नाम लॉरिन है। मेरा बस एक ही सपना है कि उसे पढ़ा-लिखा दूं, उसके लिए एक घर बना दूं, जिसके गेट के बोर्ड पर लिखा हो- ‘लॉरिन हाउस’, ताकि कभी कोई उसे ताना दे, घर से निकाले तो वह कह सके- मेरा अपना भी घर है। बेटे की शक्ल देखे हुए सालों हो गए हैं। मुझे नहीं पता कि वह कहां है? किस देश में है? पति दूसरी शादी कर चुका है। शायद अब ऑस्ट्रेलिया में रह रहा है। मैंने कई बार कश्मीर जाकर बेटे को तलाशने की कोशिश की। बहुत पहले वह एक बार मिला भी था। कश्मीर मानवाधिकार आयोग की मदद से। तब मैंने उससे गले लगकर कहा था- मैं तुम्हारी नजर में अपराधी हो सकती हूं। जब कभी लौटने का मन हो तो लौट आना। मुझे जितना मारने का मन करे, मार लेना। हूं तो तुम्हारी मां। जहां रहो खुश रहो। मेरे पास उसकी एक भी तस्वीर नहीं है। 5 साल हो गए हैं, उसकी शक्ल नहीं देखी है। हर दिन यही सोचती हूं कि आज भी बेटे की कोई खबर नहीं है। पति ने घर से निकालते वक्त धमकी दी थी कि बेटी से ही संतोष करना, वर्ना उसे भी छीन लूंगा। (रश्मि सहगल ने अपने ये जज्बात भास्कर रिपोर्टर नीरज झा से साझा किए) --------------------------------------- 1- संडे जज्बात-उन्होंने हेलिकॉप्टर से लाश भेजी, हम ट्रेनें भर देंगे:दिल्ली वालों ने पीट-पीटकर मार डाला मेरा बेटा, क्योंकि हमारी शक्ल अलग है मैं अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर की रहने वाली मरीना नीडो हूं- नीडो तानिया की मां, जिसे दिल्ली में भीड़ ने पीट-पीटकर मार दिया। अगर ऐसी नफरत बढ़ती रही, तो किसी दिन हालात खतरनाक हो सकते हैं। हम बस इतना चाहते हैं कि- आप हमें समझिए। हम अलग दिखते हैं, लेकिन अलग नहीं हैं। हम भी इसी देश के हैं। मेरे बेटे को सिर्फ इसलिए मार दिया गया, क्योंकि उसका चेहरा आपसे अलग था। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात-पुलिस ने मेरे प्राइवेट पार्ट पर ईंट बांधी:सिर कुर्सी में बांधकर उल्टा टांगा, मैं वकील बनकर केस खुद लड़ा- 12 साल बाद जीता 18 साल की उम्र में पुलिस ने मुझे हत्या के मामले में आरोपी बना दिया। मैंने अपने केस की खुद पैरवी की और 12 साल बाद बाइज्जत बरी हुआ। अपना केस लड़ने के लिए लॉ किया और अब मैं एडवोकेट अमित चौधरी हूं। मेरठ बार एसोसिएशन का सदस्य भी हूं। मेरी जिंदगी पर जल्द ही एक फिल्म बन रही है, जो नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
रायपुर में 10 दिनों तक चले पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का समापन शुक्रवार को हुआ। इसमें कर्नाटक की टीम 23 गोल्ड मेडल के साथ ओवरऑल चैंपियन रही। वहीं, ओडिशा (21 गोल्ड) और झारखंड (16 गोल्ड) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। मेजबान छत्तीसगढ़ ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 गोल्ड, 10 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज समेत कुल 19 मेडल जीतकर 9वें स्थान पर रहा। मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के सभी पदक विजेताओं के लिए नकद पुरस्कारों की घोषणा की। सीएम ने कहा कि व्यक्तिगत स्पर्धाओं में गोल्ड जीतने वाले खिलाड़ियों को 2 लाख रुपए, सिल्वर के लिए 1.5 लाख और ब्रॉन्ज के लिए 1 लाख रुपए दिए जाएंगे। वहीं, टीम इवेंट्स में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज विजेताओं को क्रमशः 1 लाख, 75 हजार और 50 हजार रुपए मिलेंगे। फुटबॉल में पुरुष टीम ने जीता सिल्वरअंतिम दिन पुरुष फुटबॉल के फाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल की टीम आमने-सामने थी। दोनों टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। 45वें मिनट में बंगाल के चाको ने गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। जबकि प्रदेश के खिलाड़ी फुल टाइम तक गोल करने में असफल रहे। इसके साथ ही टीम को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा, जबकि ब्रॉन्ज अरुणाचल प्रदेश और गोवा को मिला। वहीं, इसके पहले गुरुवार को छत्तीसगढ़ की महिला टीम ने झारखंड को हराकर गोल्ड जीता। मल्लखंभ में भी हम अव्वल:ट्राइबल गेम्स में मल्लखंभ को डेमोस्ट्रेशन गेम के रूप में शामिल किया गया। अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में हुए मल्लखंभ प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ ने 124.35 अंक के साथ पहला स्थान हासिल किया। महाराष्ट्र 118.35 अंक के साथ दूसरे और झारखंड 86.95 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा। रोप, पोल और हैंगिंग मल्लखंभ में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रदेश को व्यक्तिगत खेल में 16 पदकछत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत खेलों में 16 मेडल जीते। इंटरनेशनल स्वीमिंग पूल में हुए इवेंट में हमारी टीम ने चार सिल्वर, 3 ब्रॉन्ज मेडल जीते। इसमें अनुष्का भगत ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए चारों सिल्वर मेडल हासिल किए। वहीं, वेटलिफ्टिंग में एकमात्र गोल्ड 77 किग्रा में निकिता ने जीता। इसके अलावा जगदलपुर में हुए एथलेटिक्स में मेंस शॉटपुट में सिद्धार्थ नागेश ने गोल्ड हासिल किया। इस तरह छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत खेलों में कुल 2 गोल्ड, 9 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज जीते। इंजरी के बाद गोल्ड जीतने वाली बॉक्सर मैरी कॉम से खास बातचीत मैरी कॉम ने जताई इच्छा- छत्तीसगढ़ सरकार एकेडमी का सेटअप देगी तो युवाओं को बॉक्सिंग की ट्रेनिंग और कोर्स कराने को तैयार सुमय कर की रिपोर्ट खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में शिरकत करने पहुंची 6 बार की वर्ल्ड चैम्पियन मुक्केबाज मैरी कॉम ने अपने जीवन के सबसे कठिन संघर्षों, ओलिंपिक के दबाव और अपनी एकेडमी को लेकर खास बातचीत की। उन्होंने बताया कि 2022 में उन्हें एक गंभीर चोट लगी थी। दर्द और डर के कारण मैं 6 महीने तक रोती रही। उन्होंने इच्छा जताई कि मैं छत्तीसगढ़ में बॉक्सिंग की ट्रेनिंग देना चाहती हूं। पेश है मैरी कॉम के साथ भास्कर से खास बातचीत... आपकी एकेडमी का रूटीन क्या है, क्या छत्तीसगढ़ में कोचिंग देना चाहेंगी?मणिपुर में मेरी एकेडमी में 100 से ज्यादा बच्चे हैं, जो अरुणाचल, असम, झारखंड के हैं। अगर छत्तीसगढ़ सरकार एकेडमी सेटअप करके देती है, तो मैं बॉक्सिंग कोर्स और ट्रेनिंग देने को तैयार हूं। आपकी फिल्म में बच्चे की बीमारी का एक इमोशनल सीन है, असलियत क्या थी?-फिल्म में दिखाया गया है कि मुझे विदेश में फोन पर सूचना मिली, लेकिन असलियत अलग थी। मुझे चीन जाने से पहले ही पता चल गया था कि मेरे बच्चे के दिल में छेद है। मेरा मन ट्रेनिंग में नहीं लग रहा था। तब आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, मैं सब-इन्स्पेक्टर थी और सैलरी मात्र 20-30 हजार थी। मैंने हिम्मत जुटाई और देश के लिए खेलने गई। वहां गोल्ड जीता और टूर्नामेंट की ‘बेस्ट बॉक्सर’ भी चुनी गई। आज की खेल सुविधाओं में क्या बदलाव ?-हमारे समय में सुविधाएं बहुत कम थीं। हम कच्चे मैदानों पर खेलते थे। आज सरकार साईं, टॉप्स स्कीम और स्कॉलरशिप से खिलाड़ियों को सब कुछ दे रही है। यहां तक कि अब साइकोलॉजिस्ट भी उपलब्ध है। ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर मेडल के करीब आकर खिलाड़ी क्यों चूक जाते हैं? - इसका सबसे बड़ा कारण ‘प्रेशर’ है। खिलाड़ियों पर देश, माता-पिता और दोस्तों की उम्मीदों का बहुत बोझ होता है। हर कोई इस मानसिक दबाव को हैंडल नहीं कर पाता, जिससे परफॉर्मेंस ऊपर-नीचे हो जाती है। मैं युवाओं को यही कहती हूं कि इस दबाव को साइड में रखकर सिर्फ अपने बेस्ट प्रदर्शन पर ध्यान दें।
झांसी में पूर्व डिप्टी सीएम एवं राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए गए आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा की तारीफ की। उन्होंने कहा- राघव चड्ढा एक अच्छे वक्ता हैं। उन्होंने कुछ पब्लिक इश्यू उठाए हैं, जो आम आदमी पार्टी को अच्छे नहीं लगे। रही बात भाजपा के प्रति झुकाव की तो सभी स्पीच में वे भाजपा के खिलाफ ही बोलते हैं। सांसद के तौर पर उनकी परफॉरमेंस अच्छी रही है। अब वो आम आदमी पार्टी नहीं रही, वो खास आदमी पार्टी हो गई है। पार्टी में बहुत सारे उद्योगपति सदस्य बन गए। इसलिए वहां कार्यकर्ता और नेता का कोई महत्व नहीं है। राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा शुक्रवार को झांसी में सखी हनुमान मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां से भाजपा नेता रामजी परिहार और सदर विधायक रवि शर्मा के घर पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत की। लोग अफवाह फैला रहे हैं दिनेश शर्मा ने कहा- दूसरे दलों के लोग गैस और पेट्रोल को लेकर अफवाह फैला रहे हैं। मगर ये बात सही है कि विश्व में संकट है, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 रुपए लीटर पेट्रोल और डीजल पर टैक्स में छूट कर दी। प्रोडक्ट और खाद पर कस्टम ड्यूटी हटा दी। जीएसटी का सरलीकरण कर दिया। क्राइसिस का मैनेजमेंट किया जा रहा है। देश के विपक्ष को उनकी आरती उतारनी चाहिए, मगर वो आरती अमेरिका से लेकर चीन तक की उतार रहे हैं। उस पाकिस्तान के बारे में बोलते हैं, जहां बुखमरी मची है। किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा दिनेश शर्मा ने यूजीसी पर कहा- थोड़े दिन प्रतीक्षा कर लीजिए। धर्मेंद्र प्रधान का 1 मार्च को बयान आ चुका है। उन्होंने कहा- अगड़ा, पिछड़ा, दलित समेत किसी के साथ कोई भेदभाव न हो। ये सरकार की प्राथमिकता पहले भी थी और आज भी है। अभी सुप्रीम कोर्ट में मामला है। अखिलेश के भारत के विश्वगुरु खोने का मौका गंवाने वाले बयान पर कहा- विश्व गुरु कौन बनता है, जो नेतृत्व करता है। अभी G20 हुआ तो जापान, जर्मनी, फांस, अमेरिका के लोग सामने की रो में बैठे थे और मोदी अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे थे। अब गुरु तो हो ही गए न। गुरू का मतलब, नेतृत्वकर्ता और मोदी आज विश्व में है। 102 जिले हिंदू अल्पसंख्यक, उन्हें सुविधा मिले उन्होंने कहा- 2 की जगह अब हम एक बच्चे के सिद्धांत पर बढ़ रहे हैं। ये रिश्तों को समाप्त कर रहा है। संस्कृति को खत्म कर रहा है। डेमोग्राफी का परिवर्तन कर रहा है। अमेरिका रिसर्च कहती है कि जिनके यहां एक बच्चा होता है तो वे अवसादग्रस्त हो जाते हैं। सरसंघचालक ने 3 बच्चों के लिए कहा है। इस पर अमल होना चाहिए। सब लोगों को मिलकर एक राष्ट्रीय नीति तैयार करनी होगी। जनसंख्या के स्थाईकरण के संदर्भ में कानून बने। कश्मीर, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश समेत 10 राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हो गए हैं। हिंदू अल्पसंख्यक है, लेकिन उसको बहूसंख्यक का दर्जा मिलता है। 102 जिलों में हिंदू अल्पसंख्यक है, उसको अल्पसंख्यक के अधिकार मिलने चाहिए। इसमें मुस्लिम, सिख या किश्चियन का विरोध नहीं है, बल्कि देश के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रत्यन की बात है। भारत बुजुर्ग भारत देश न कहलाए, इसलिए ये प्रयास करना चाहिए। मैंने खतरा बताया है, अब मानना और न मानना समाज के ऊपर है। इस दौरान मंत्री मनोहर लाल मन्नू कोरी, सांसद अनुराग शर्मा, सदर विधायक रवि शर्मा, विधायक डॉ. रश्मि आर्य, जिलाध्यक्ष सुधीर सिंह आदि मौजूद थे। --------------------------- यह खबर भी पढ़ें… अयोध्या में बुर्का पहनकर लूटने वाली महिला हिंदू निकली:4 महीने की गर्भवती, खिलौना पिस्टल दिखाकर ज्वेलरी लूटी; बॉयफ्रेंड के साथ गिरफ्तार अयोध्या में ज्वेलरी शॉप में बुर्का पहनकर लूट करने वाली महिला हिंदू निकली। बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर उसने वारदात की थी। पुलिस ने गुरुवार देर रात दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। महिला का नाम पायल (25) और लड़के का नाम राहुल (27) है। पढ़ें पूरी खबर….
मिडिल ईस्ट में चल रहे वॉर की वजह से टूरिज्म सेक्टर पर बुरा असर पड़ा है। जिससे गोरखपुर के टूरिज्म व्यापारियों का बिजनेस ठप पड़ गया है। समर वेकेशन में फॉरेन ट्रिप जाने वाले लोगों ने भारी मात्रा में अपने टिकट कैंसल करा दिया है। ट्रैवल एजेंट्स का कहना है कि मिडिल ईस्ट देशों की सभी बुकिंग्स कैंसल हो गई हैं। दूसरी तरफ फ्लाइट की टिकट भी महंगी हो गई है। इसका असर डोमेस्टिक ट्रिप पर भी देखने को मिल रहा है। वॉर की वजह से लोग देश के अंदर भी ट्रैवेल करने से कतरा रहे हैं। वहीं जो लोग बुकिंग्स करवा रहे भी रहे हैं। वे भी अपना डेस्टिनेशन साउथ एशियाई देशों को चुन रहे हैं। इन देशों में ज्यादातर बुकिंग्स वियनाम की हुई है। इसके अलावा, सिंगापुर, मालदीव, थाईलैंड जाना भी लोग पसंद कर रहे हैं। वहीं देश के अंदर नैनीताल, शिमला और अरुणाचल प्रदेश की बुकिंग्स हैं। 35 से अधिक बुकिंग्स कैंसिल होप फन ट्रैवल एजेंसी के ओनर शिव मिश्रा ने बताया कि महीने भर में दुबई, साउदी अरब, अबू धाबी, कतर समेत अन्य मिडिल ईस्ट देशों कि करीब 30-35 बुकिंग कैंसिल हुई हैं। जिनमें लगभग 150 पैसेंजर शामिल हैं। इंटरनेशनल उड़ानों की रेट भी 10-20 परसेंट तक बढ़ गई है। जिसकी वजह से बूकिंग्स नहीं हो रही है। इसके अलावा समर वोकेशन के लिए जो भी बूकिंग्स हो रही हैं, उनमें ज्यादातर लोगों की पहली पसंद वियतनाम है। वियतनाम पहली पसंद बनी साथ ही सिंगापुर, मलेशिया, मारिशस, दार्जिलिंग इंडोनेशिया, कंबोडिया की बुकिंग आ रही हैं। इस समय वार और फ्लाईट की टिकट महंगी होने की वजह से लोग इंडिया हो या फॉरेन कहीं भी ट्रैवल करने से कतरा रहे हैं। लोगों को लग रहा है कि इस क्राइसिस के बीच क्या पता कब कहा फंस जाएं। उन्होंने बताया कि मार्च-अप्रैल का पीक सीजन होता है। मेरे पास जहां पहले 150- 200 तक बूकिंग्स होती थी। वह घट कर महज 15 से 20 तक रह गई हैं। जिन्होंने पहले से कराई थी वे भी कैंसिल हो गई हैं। डोमेस्टिक टूरिज्म को दे रहे बढ़ावा वहीं रॉयल टूर एंड ट्रेवल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के ओनर अहमद माआज ने बताया कि वॉर की वजह से इंटरनेशनल टूरिज्म को नुकसान पहुंचा है, लेकिन इससे गोरखपुर के लोगों में देश के अंदर ही घूमने का रुझान बढ गया है। क्योंकि ट्रैवल एजेंट्स भी डोमेस्टिक टूरिज्म को ही बढ़ावा दे रहे है। डोमेस्टिक ट्रिप के लिए लोग राजस्थान, आंध्र प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, बनारस, नैनीताल, अरुणाचल प्रदेश जैसे जगहों को पसंद कर रहे हैं। वहीं वे लोग एशियाई देशों के पैकेज ऑफर कर रहे हैं, ताकि लोग कम से कम कुछ छुट्टियां मना सकें। इनमें मालदिव, थाईलैंड, श्रीलंका, सिंगापुर सस्ते और कम जोखिम वाले ऑप्शन हैं, क्योंकि इन रूट्स पर मध्य पूर्व का हवाई क्षेत्र शामिल नहीं होता। लगातार फ्लाइट्स कैंसिल हो रही त्रिदेव टूर एंड ट्रेवल के ओनर ध्रुव गौर ने बताया कि वॉर ने टूरिज्म को बहुत ही प्रभावित किया है। लोग लगातार फ्लाइट कैंसिल करवा रहे है। पहले की बुकिंग्स तो कैंसल हो रही है। फॉरेन ट्रिप के लिए नई बुकिंग्स भी नहीं मिल रही। जिसकी वजह से हमने डोमेस्टिक टूरिज्म का ऑप्शन लोगों के सामने रखना शुरू कर दिया है। ऐसा अगर लंबे समय तक चला तो दिक्कत होगी। जिसमें लोग फिर ऐसे ऑप्शन की तलाश करेगें जो आस पास के ही हो।
रतलाम के क्रिकेटर आशुतोष शर्मा मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग (MPL) के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए हैं। उन्हें मालवा स्टैलियंस ने 15 लाख रुपए में खरीदा है। खुद आशुतोष ने रतलाम में फोन कर अपनी मां और बड़े भाई को इसकी जानकारी दी। 11 गेंदों में 50 रन बनाकर रिकॉर्ड बनाने वाले आशुतोष अब मध्यप्रदेश के सबसे महंगे खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं। परिजनों को जब यह जानकारी मिली तो वे बेहद खुश हो गए। उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। आशुतोष की मां हेमलता शर्मा ने बताया, “मुझे बड़े बेटे ने बताया, फिर आशु का भी फोन आया। बहुत खुशी हुई। बचपन से उसे क्रिकेट का शौक है। जब से उसने होश संभाला, तब से बल्ला ही संभाला है। क्रिकेट के अलावा उसे कुछ पसंद नहीं है। आज भी उसे खेलना ही सबसे अच्छा लगता है। बचपन से ही उसमें क्रिकेट के प्रति लगन रही है। वह 9 साल की उम्र से क्रिकेट खेल रहा है।” भाई अनिल शर्मा ने बताया, “बहुत खुशी हो रही है। शाम को आशु का फोन आया। उसने कहा—भैया, न्यूज देखी क्या? MPL में इंदौर में मेरी सबसे ऊंची बोली लगी है। तभी मुझे पता चला। बहुत अच्छा लग रहा है।” रतलाम में हुआ जन्म आशुतोष के पिता रामबाबू शर्मा मूलत मुरैना के पास कुमेरी के रहने वाले है। रतलाम में बीमा हॉस्पिटल में सर्विस के कारण वह रतलाम आकर बस गए। आशुतोष का जन्म रतलाम में हुआ है। 27 साल के आशुतोष शर्मा को घर में प्यार से सभी आशु बुलाते है। इसके अलावा भय्यु भी कहते है। मां हेमलता शर्मा बताती है कि आईपीएल टूर्नामेंट में जाने के पहले 16 मार्च को इंदौर में बेटे आशु के साथ दो से तीन साथ में रहे थे। 15 जनवरी को रतलाम से गया था। देहली कैपिटल टीम में शामिल आशुतोष अभी आईपीएल टूर्नामेंट में लखनऊ में है। देहली कैपिटल टीम का वह खिलाड़ी है। 1 अप्रैल को लखनऊ में देहली कैपिटल व लखनऊ की टीम का मैच है। उसमें आशुतोष खेलेगा। भाई अनिल शर्मा ने बताया कि आशुतोष तीसरी बार आईपीएल टूर्नामेंट खेल रहा है। 2 साल से वह देहली कैपिटल टीम में शामिल है। युवराज सिंह का तोड़ा था रिकॉर्ड आशुतोष शर्मा ने अक्टूबर 2023 में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी मैच में 11 गेंदों पर 50 रन बनाने का रिकॉर्ड बनाया था। जो कि टी-20 क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक बनाने का रिकॉर्ड था। आशुतोष ने क्रिकेटर युवराजसिंह के 12 गेंद का रिकॉर्ड तोड़ा था। 244 खिलाड़ियों की लगाई जा रही बोली MPL जून 2026 में इंदौर और ग्वालियर में खेला जाएगा। इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में चल रही नीलामी में 244 खिलाड़ियों के लिए बोली लगाई जा रही है। हर फ्रेंचाइजी को खिलाड़ियों की खरीद के लिए 50 लाख रुपए का पर्स दिया गया है। इसी बोली में आशुतोष को लेकर 15 लाख की बोली लगी है। जबकि दूसरे नंबर पर अक्षत रघुवंशी हैं, जिन्हें रीवा जगुआर ने 13.80 लाख रुपए देकर लिया है। तीसरी सबसे बड़ी बोली अनिकेत वर्मा को मिली। अनिकेत को भोपाल लेपर्ड्स ने 13 लाख 20 हजार रुपए में खरीदा। हर फ्रेंचाइजी को 50 लाख रुपए का पर्स इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में चल रही नीलामी में 244 खिलाड़ियों के लिए बोली लगाई जा रही है। हर फ्रेंचाइजी को खिलाड़ियों की खरीद के लिए 50 लाख रुपए का पर्स दिया गया है। MPL जून 2026 में इंदौर और ग्वालियर में खेला जाएगा।
Bigg Boss 18 : चुम दरांग को मिला अरुणाचल प्रदेश के सीएम का सपोर्ट
सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 18' अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर कोई इस सीजन का विनर बनने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन दिनों शो में 'टिकट टू फिनाले' टास्क चल रहा है। इस टास्क में विवियन डीसेना और चुम दरंग आमने-सामने खड़े हैं। वहीं ...

