...

नेपाल बाढ़ के बाद हाई अलर्ट पर अरुणाचल, जोखिम वाली 7 ग्लेशियल झीलों की हुई पहचान

नेपाल में बाढ़ के बाद अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में सात ग्लेशियल झीलों की पहचान की गई है, जिनसे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा है।

जागरण 22 Sep 2026 11:08 pm

अरुणाचल प्रदेश में भी पुरुषों से महिला वोटरों की संख्या ज्यादा, फाइनल वोटर लिस्ट से पता चला

ईटानगर, 22 सितंबर . मणिपुर और मिजोरम के बाद अरुणाचल प्रदेश की फाइनल वोटर लिस्ट में भी महिला वोटरों की संख्या पुरुष वोटरों से ज्यादा है. अधिकारियों ने Tuesday को बताया कि नॉर्थ-ईस्ट बॉर्डर वाले इस राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पूरा हो गया है. फाइनल इलेक्टोरल रोल पब्लिश करते हुए चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर ... Read more

डेली किरण 22 Sep 2026 10:58 pm

शोर से दूर, सुकून के करीब: भारत के 10 शांत और अनूठे आध्यात्मिक डेस्टिनेशन, जहां आत्मा को मिलता है परम विश्राम

आज की तेज-तर्रार जिंदगी, ट्रैफिक का शोर, ऑफिस की समय-सीमा और लगातार बजते मोबाइल फोन के नोटिफिकेशन ने इंसान को मानसिक रूप से बुरी तरह थका दिया है। ऐसे में हर कोई कुछ समय के लिए ऐसी जगह जाना चाहता है जहां न कोई भागमभाग हो, न सांसारिक कोलाहल, बल्कि चारों ओर सिर्फ प्रकृति का मौन, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक शांति हो। भारत अनादि काल से तपस्या, साधना और आत्म-खोज की भूमि रहा है। हालांकि, देश के कई प्रमुख तीर्थस्थलों पर सालभर भारी भीड़ और व्यावसायिकता का पहरा रहता है, जिसके चलते कई बार लोग वहां जाकर भी वह आंतरिक शांति महसूस नहीं कर पाते जिसकी उन्हें दरकार होती है। यदि आप भीड़-भाड़ से दूर किसी एकांत और ऊर्जावान स्थान पर ध्यान लगाने या खुद से जुड़ने की योजना बना रहे हैं, तो भारत के ये 10 शांत आध्यात्मिक स्थल आपकी आत्मा को असीम शांति से भर देंगे।पहाड़ों की गोद में बसे शांत ध्यान और साधना स्थलपहाड़ों की ताजी हवा और देवदार के घने जंगलों के बीच ध्यान का अनुभव मन को तुरंत स्थिर कर देता है:कसार देवी (उत्तराखंड): अल्मोड़ा के पास स्थित कसार देवी मंदिर दुनिया के उन दुर्लभ तीन स्थानों में से एक है जो 'वैन एलेन बेल्ट' (Van Allen Radiation Belt) के अंतर्गत आते हैं। माचू पिच्चू और स्टोनहेंज की तरह यहां अत्यधिक भू-चुंबकीय ऊर्जा (Geomagnetic Energy) पाई जाती है। स्वामी विवेकानंद, रबींद्रनाथ टैगोर और बॉब डिलन जैसी विभूतियों ने यहां गहन साधना की थी। यहां का शांत वातावरण और हिमालय की बर्फीली चोटियों का दृश्य मन को सहज ही शून्य में ले जाता है।तवांग मठ (अरुणाचल प्रदेश): समुद्र तल से लगभग 10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तवांग बौद्ध मठ भारत का सबसे बड़ा और विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मठ है। बर्फ से ढकी पहाड़ियों के बीच भिक्षुओं की गूंजती मंत्रोच्चार की ध्वनि और उड़ती हुई बौद्ध प्रार्थना पताकाएं मन के सभी संशयों को शांत कर भीतर एक अलौकिक ठहराव पैदा करती हैं।त्रियुगीनारायण और कल्पेश्वर (उत्तराखंड): जहां केदारनाथ में भारी भीड़ रहती है, वहीं रुद्रप्रयाग का त्रियुगीनारायण गांव अत्यंत शांत है। मान्यता है कि यहां भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था और उस विवाह की अखंड धूनी आज भी प्रज्वलित है। इसी तरह पंच केदार में शामिल 'कल्पेश्वर' एकमात्र ऐसा धाम है जो वर्षभर खुला रहता है और वहां की मौन घाटी साधना के लिए अद्वितीय है।मैक्लॉडगंज और धरमकोट (हिमाचल प्रदेश): दलाई लामा का निवास स्थल होने के कारण यह क्षेत्र तिब्बती बौद्ध धर्म और ध्यान की समृद्ध परंपरा का केंद्र है। मुख्य बाजार से थोड़ा ऊपर धरमकोट की शांत पहाड़ियों में कई विपश्यना केंद्र और योग आश्रम स्थित हैं, जहां बिना किसी बातचीत के एकांत में मन की गहराइयों को टटोला जा सकता है।दक्षिण और पूर्व भारत के मौन आध्यात्मिक केंद्रदक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में प्राकृतिक विविधता के बीच स्थित ये स्थल मानसिक पुनर्जीवन के लिए आदर्श माने जाते हैं:अरुणाचल पहाड़ी, तिरुवन्नामलाई (तमिलनाडु): भगवान शिव के अग्नि तत्व का प्रतीक माना जाने वाला अरुणाचलेश्वर मंदिर और महर्षि रमण का आश्रम दुनिया भर के साधकों को आकर्षित करता है। रमण आश्रम के शांत हॉल में बैठकर केवल मौन रहने से ही अवसाद और मानसिक अशांति दूर हो जाती है। अरुणाचल पर्वत की 14 किलोमीटर की 'गिरिवलम' (परिक्रमा) नंगे पांव करना एक गहरा आध्यात्मिक रूपांतरण माना जाता है।माजुली द्वीप (असम): ब्रह्मपुत्र नदी के सीने पर बसा माजुली दुनिया का सबसे बड़ा नदी द्वीप है। यह 15वीं शताब्दी के महान संत श्रीमंत शंकरदेव द्वारा स्थापित 'सत्रों' (वैष्णव मठों) का केंद्र है। ढोल-खोल की मधुर थाप, बोरगीत की गूंज और नदी का शांत प्रवाह आधुनिक दुनिया के कोलाहल से बिल्कुल अलग एक शांत आध्यात्मिक दुनिया की सैर कराता है।गोकर्ण (कर्नाटक): जहां गोवा की पहचान पार्टियों और तेज संगीत से है, वहीं उससे कुछ दूरी पर स्थित गोकर्ण अपने शांत समुद्र तटों और भगवान महाबलेश्वर के प्राचीन आत्मलिंग मंदिर के लिए जाना जाता है। समुद्र की लहरों की आवाज के बीच कुडले बीच या ओंम बीच के शांत कोनों में बैठकर योग और साधना करना मन को गहरे विश्राम में डुबो देता है।पुष्कर (राजस्थान): दुनिया का एकमात्र प्रमुख ब्रह्मा मंदिर और 52 पवित्र घाटों से घिरी शांत पुष्कर झील शाम की महाआरती के समय एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभूति कराती है। घाट की सीढ़ियों पर बैठकर जल में प्रतिबिंबित होते दीयों को देखना और नगाड़ों की गूंज सुनना सांसारिक चिंताओं को पूरी तरह भुला देता है।मौन साधना और चेतना के वैश्विक आश्रमअगर आप पारंपरिक मंदिर दर्शन के बजाय संगठित ध्यान और मौन की तलाश में हैं, तो ये दो केंद्र जीवन बदलने वाले अनुभव प्रदान करते हैं:ऑरोविले और श्री अरविंदो आश्रम (पुडुचेरी): ऑरोविले किसी धर्म या जाति की सीमा से परे एक वैश्विक आध्यात्मिक नगरी है। इसके केंद्र में स्थित स्वर्ण गुंबदनुमा 'मातृमंदिर' (Matrimandir) पूरी तरह मौन एकाग्रता के लिए बनाया गया है। यहां कोई मूर्ति या पूजा-पाठ नहीं होता; केवल सफेद संगमरमर पर गिरती सूर्य की किरण के सामने बैठकर व्यक्ति अपने अंतर्मन से जुड़ता है।धम्म गिरि, इगतपुरी (महाराष्ट्र): यह विश्व का सबसे बड़ा विपश्यना ध्यान केंद्र है। गौतम बुद्ध की 2500 साल पुरानी ध्यान पद्धति 'विपश्यना' के 10 दिवसीय मौन शिविर में व्यक्ति को बाहरी दुनिया, फोन, किताबों और यहां तक कि आपसी बातचीत से पूरी तरह अलग कर दिया जाता है। सह्याद्रि की वादियों में स्थित यह केंद्र उन लोगों के लिए सर्वोत्तम है जो अपने मानसिक विकारों और तनाव की जड़ों को काटकर शुद्ध मन पाना चाहते हैं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 22 Sep 2026 10:32 pm

कल का मौसम: 23 सितंबर को ओडिशा, आंध्र, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में भारी बारिश का अलर्ट, इन राज्यों में भी मौसम का तांडव

September 23 Weather: देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां प्रचंड रूप ले चुकी हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार 23 सितंबर के लिए मौसम का बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक 23 सितंबर को ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में मौसम का भारी तांडव देखने को मिलेगा। इन राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की रेड कलर वॉर्निंग जारी की गई है। इसके अलावा देश के दूसरे राज्यों में भी तूफानी हवाओं, गरज-चमक और मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। 4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश की रेड कलर वॉर्निंगमौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 23 सितंबर को छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में तूफानी मौसम का सामना करना होगा। इन चारों राज्यों में मध्यम से तेज बारिश के बीच कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने के पूरे आसार हैं।महाराष्ट्र, बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्टदेश के कई दूसरे राज्यों में भी मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, आंतरिक कर्नाटक, झारखंड, केरल व माहे, कोंकण व गोवा, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के साथ सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में दिन भर रुक-रुक कर तेज बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है।50 से 60 kmph की रफ्तार से थंडरस्कवॉल और आंधी की चेतावनीमौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना के तटीय और मैदानी इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले थंडरस्कवॉल (आंधी-तूफान) की चेतावनी दी है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, छत्तीसगढ़, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कोंकण व गोवा और महाराष्ट्र में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है। वहीं कर्नाटक, केरल व माहे, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं।पूर्वोत्तर भारत और मध्य प्रदेश में बिजली कड़कने की संभावनाअरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, मध्य प्रदेश और रायलसीमा में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा तटीय सुरक्षा और हवा की स्थिति को देखते हुए आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।यह भी पढ़ें:बंगाल की खाड़ी में बना रहा 'अर्नब' चक्रवात? ओडिशा, आंध्र प्रदेश और बंगाल में भारी बारिश-तूफान का खतरा, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

ज़ी न्यूज़ 22 Sep 2026 5:40 pm

IMD Rain Forecast: बंगाल की खाड़ी में बढ़ा खतरा! 12 घंटे में डीप डिप्रेशन से 4 राज्यों में बेहद भारी बारिश का अलर्ट, इन राज्यों में भी बिगड़ेगा मौसम

India Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम ने देश के कई राज्यों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 22 सितंबर के मौसम बुलेटिन के मुताबिक पश्चिम-मध्य और उससे सटी पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र 21 सितंबर की शाम 5:30 बजे डिप्रेशन (चक्रवाती दबाव) में बदल गया था। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और 22 सितंबर की सुबह 8:30 बजे यह ओडिशा के गोपालपुर से करीब 200 किमी दक्षिण-पूर्व, पुरी से 210 किमी दक्षिण, आंध्र प्रदेश के कलिंगपटनम से 200 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व और विशाखापट्टनम से 290 किमी पूर्व में केंद्रित था।मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 12 घंटों के दौरान यह डिप्रेशन और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की तड़के के बीच विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों को पार करेगा। इस सिस्टम के असर से ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट: ओडिशा से तेलंगाना तक संकटचक्रवाती दबाव के सीधे प्रभाव से ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में मूसलाधार और तूफानी बारिश का दौर शुरू होने वाला है। ओडिशा में 22 से 24 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान है। 25 सितंबर को बहुत भारी और 22 से 24 सितंबर के दौरान अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश जारी रहेगी। इसके साथ ही 22 से 24 सितंबर तक राज्य में 50 से 60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की रफ्तार से थंडरस्कवॉल चलने का भी अलर्ट है।तटीय आंध्र प्रदेश और यणम में 22 और 23 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश होगी। 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 22, 23 और 25 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। 23 और 24 सितंबर को यहां 50 से 60 किमी/घंटे की गति से थंडरस्कवॉल चलने की आशंका है।इसी तरह छत्तीसगढ़ में 23 और 24 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। राज्य में 22 से 24 सितंबर और 27 सितंबर को भारी बारिश तथा 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। तेलंगाना में 23 और 24 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा 22, 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 23 व 24 सितंबर को 50 से 60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड और बिहार का मौसमचक्रवाती दबाव की वजह से मध्य भारत और पूर्वी भारत के राज्यों में भी वर्षा की गतिविधियां काफी तेज रहेंगी। पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 22 से 27 सितंबर तक और छत्तीसगढ़ में 22 से 28 सितंबर तक काफी बारिश होने का अनुमान है। विदर्भ में 24 और 25 सितंबर को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है।पूर्वी भारत के गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 24 सितंबर को, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 25 सितंबर को और बिहार में 24 व 25 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। झारखंड में 22 सितंबर को मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी भी दी गई है।उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में बारिश व बिजली का पूर्वानुमानउत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड में 26 और 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 28 सितंबर को भारी बारिश होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 25 व 27 सितंबर को भारी बारिश होने के आसार हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26 और 27 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 28 सितंबर को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।दूसरी ओर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान के शेष हिस्सों, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों से अगले 2 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की स्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो असम और मेघालय में 23 सितंबर को काफी बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 22 और 23 सितंबर को भारी बारिश होने का अनुमान है।पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत का हालपश्चिम भारत के कोंकण व गोवा और मराठवाड़ा में 22 और 23 सितंबर को और मध्य महाराष्ट्र में 22 सितंबर को व्यापक बारिश होगी। कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 22 एवं 23 सितंबर को और मराठवाड़ा में 22 से 25 सितंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना है। 24 और 25 सितंबर को मध्य महाराष्ट्र व मराठवाड़ा में तेज सतही हवाएं चलेंगी।दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के केरल व माहे में 23 से 25 सितंबर, तटीय कर्नाटक में 24 सितंबर, उत्तर व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 22 से 24 सितंबर तथा रायलसीमा में 22 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।समुद्र में तूफानी हवाओं का अलर्ट और मछुआरों के लिए सख्त निर्देशसमुद्र में मौसमी गतिविधियों के कारण स्थिति बहुत गंभीर बनी हुई है। पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 22 सितंबर की शाम से हवा की गति 50-60 किमी/घंटे से बढ़कर 23 और 24 सितंबर की शाम तक 55 से 65 किमी/घंटे (झोंके 75 किमी/घंटे) तक पहुंच जाएगी।दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर 22 सितंबर की शाम से हवाएं 50-60 किमी/घंटे और 23 सितंबर की सुबह से 24 सितंबर की शाम तक 55-65 किमी/घंटे (झोंके 75 किमी/घंटे) की गति से चलेंगी।पश्चिम बंगाल और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों पर भी 23 और 24 सितंबर को 45 से 55 किमी/घंटे की हवाएं चलेंगी। इस दौरान बंगाल की खाड़ी के विभिन्न हिस्सों और आंध्र प्रदेश, ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहेगी।ये भी पढ़ें- Jamui Molestation Case: जमुई छेड़छाड़ मामले में मुख्य आरोपी नंदन यादव का एनकाउंटर, बिहार पुलिस ने पैर में मारी गोली

ज़ी न्यूज़ 22 Sep 2026 2:39 pm

22 सितंबर को मौसम का बड़ा अलर्ट! इन राज्यों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट, झारखंड से आंध्र तक मूसलाधार

IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार 22 सितंबर के लिए देश भर का विस्तृत मौसम अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक आज देश के कई राज्यों में मानसूनी गतिविधियां बेहद उग्र रहने वाली हैं। तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक समेत कई राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही विभिन्न राज्यों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की भी चेतावनी दी गई है।तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में बहुत भारी बारिश की चेतावनीमौसम विभाग के 22 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इन दोनों राज्यों के तटीय क्षेत्रों और मैदानी इलाकों में मूसलाधार पानी गिरने के चलते निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है।झारखंड, असम और महाराष्ट्र समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्टदेश के अन्य हिस्सों की बात करें तो मौसम विभाग ने असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कर्नाटक, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन सभी राज्यों में दिन भर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कई इलाकों में रुक-रुक कर तेज बारिश का दौर देखने को मिलेगा।40 से 50 kmph की रफ्तार से आंधी और बिजली का अलर्टतटीय और मैदानी क्षेत्रों में तेज हवाओं और आंधी-तूफान को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ स्थानों पर तेज सतही हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है।30 से 40 kmph की हवाएं और बिजली कड़कने की आशंकागुजरात, झारखंड, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। वहीं पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और मध्य भारत के पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर सिर्फ गरज-चमक और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है।समुद्र और तटीय इलाकों के लिए चेतावनीसमुद्री क्षेत्रों में खराब मौसम और तूफानी हवाओं के चलते मौसम विभाग ने मछुआरों और तटीय इलाकों के लोगों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। उत्तरी सोमालिया तट से लगे और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के इलाकों में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी, उत्तर बंगाल की खाड़ी से सटे पश्चिम-मध्य के कुछ हिस्सों और दक्षिणी श्रीलंका तट से लगे दक्षिण बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जहां झोंके 65 किमी/घंटे तक जा सकते हैं।दक्षिण म्यांमार तट के पास, अंडमान सागर, दक्षिण व मध्य बंगाल की खाड़ी (जो उत्तर बंगाल की खाड़ी से लगी है) और मन्नार की खाड़ी में 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है, जिनके झोंके 60 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं।

ज़ी न्यूज़ 22 Sep 2026 9:36 am

कल का मौसम: 22 सितंबर को महाराष्ट्र, झारखंड, बंगाल समेत इन राज्यों में होगी भारी बारिश, 40-50 kmph की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

Kal Ka Mausam 22 Sep: देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियों में तेजी देखने को मिल रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार 22 सितंबर के लिए मौसम का विस्तृत बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक 22 सितंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं महाराष्ट्र, झारखंड, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और तेलंगाना समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा कई क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और आकाशीय बिजली कड़कने की आशंका है।तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में बहुत भारी बारिश की चेतावनीमौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, 22 सितंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में अलग अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने के पूरे आसार हैं। इन दोनों राज्यों के तटीय और मैदानी इलाकों में बारिश की वजह से आम जनजीवन प्रभावित होने की संभावना जताई गई है।महाराष्ट्र, झारखंड और बंगाल समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्टदेश के कई अन्य प्रमुख राज्यों में भी मूसलाधार बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कर्नाटक, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में मध्यम से तेज बारिश का दौर दिन भर देखने को मिल सकता है।40 से 50 kmph की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, कई राज्यों में आंधी का अलर्टमौसम विभाग ने तटीय और मैदानी इलाकों में तेज झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और बिजली गिरने की आशंका है। इसके अलावा रायलसीमा और तेलंगाना में अलग अलग जगहों पर तेज सतही हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है।30 से 40 kmph की हवाएं और बिजली कड़कने की आशंकागुजरात, झारखंड, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। वहीं पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और मध्य भारत के पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ सिर्फ आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।समुद्र और तटीय इलाकों में खराब मौसम का अलर्टसमुद्री क्षेत्रों में चक्रवाती गतिविधियों और तूफानी हवाओं के कारण मौसम विभाग ने समुद्री गतिविधियों पर सतर्कता बरतने को कहा है। उत्तरी सोमालिया तट से लगे और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। इनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं।पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी, उत्तर बंगाल की खाड़ी से सटे पश्चिम-मध्य के कुछ हिस्सों और दक्षिणी श्रीलंका तट से लगे दक्षिण बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जहां झोंके 65 किमी/घंटे तक जा सकते हैं। दक्षिण म्यांमार तट के पास, अंडमान सागर, दक्षिण व मध्य बंगाल की खाड़ी (जो उत्तर बंगाल की खाड़ी से लगी है) और मन्नार की खाड़ी में 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। झोंके 60 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं।

ज़ी न्यूज़ 21 Sep 2026 5:09 pm

Weather Forecast: 30 सितंबर तक जारी रहेगा बरसात का दौर! इन राज्यों में होगी आफत की बारिश, जानें- दिल्ली और यूपी समेत पूरे देश का हाल

Weather Forecast: देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर अभी जारी रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की रिपोर्ट के मुताबिक 21 से 30 सितंबर के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और भारी बारिश देखने को मिल सकती है। वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रह सकता है। हालांकि, इस दौरान देश के किसी भी हिस्से में लू चलने की आशंका नहीं है।बंगाल की खाड़ी में बनेगा नया मौसम सिस्टममौसम विभाग के अनुसार, उत्तर थाईलैंड के ऊपर बना ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती सिस्टम 21-22 सितंबर के दौरान पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके बाद इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों की ओर जाने की संभावना है। IMD के अनुसार, इस सिस्टम का अवशेष आगे उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़कर उत्तर छत्तीसगढ़ और फिर पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा आसपास के बिहार तक पहुंच सकता है।दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में बारिश23 सितंबर तक हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र में कई जगह बारिश और गरज-चमक की संभावना है। पंजाब में भी इस दौरान बारिश हो सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली तथा पंजाब में 21 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई थी। वहीं, पूर्वी राजस्थान में इस दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।मध्य भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसूनपूर्वी मध्य प्रदेश में कई जगह बारिश और गरज-चमक हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 21 से 23 सितंबर के बीच बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। 21 से 23 सितंबर के दौरान छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है। विदर्भ में 22-23 सितंबर को व्यापक बारिश होने की आशंका है।बंगाल, ओडिशा और बिहार में बारिशअंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 21 से 23 सितंबर तक कई जगह बारिश होने की संभावना है। ओडिशा में भी इस दौरान व्यापक बारिश हो सकती है। बिहार में भी कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में 23 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। वहीं, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई थी।पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौरअरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय में इस सप्ताह कई जगह बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश में इसी दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है। असम और मेघालय में 21 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश की संभावना है।महाराष्ट्र और गुजरात में भी बारिशमहाराष्ट्र के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मध्य महाराष्ट्र में 21-22 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। जबकि मराठवाड़ा में 22 सितंबर को बारिश हो सकती है। मध्य महाराष्ट्र में 21-22 सितंबर को कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है।दक्षिण भारत में 23 सितंबर तक बारिशकेरल और माहे तथा लक्षद्वीप में 23 सितंबर तक कई जगह बारिश जारी रह सकती है। तटीय कर्नाटक और तेलंगाना में 21-23 सितंबर के दौरान बारिश की संभावना है। उत्तर आंतरिक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 21-23 सितंबर के बीच बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 21-23 सितंबर के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 21-23 सितंबर, जबकि रायलसीमा में 21 सितंबर को बारिश हो सकती है। तेलंगाना में 21-23 सितंबर के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है।24 से 30 सितंबर के बीच कैसा रहेगा मौसम?मौसम विभाग के अनुसार 24 से 30 सितंबर के दौरान पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में हल्की से मध्यम बारिश कई स्थानों पर हो सकती है। ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और पूर्वोत्तर भारत में कुछ दिनों के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है। कोंकण-गोवा और तटीय कर्नाटक में भी कुछ दिनों तक बारिश के साथ कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। प्रायद्वीपीय भारत के बाकी हिस्सों में भी कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। इस सप्ताह देशभर में कुल बारिश सामान्य के आसपास रहने का अनुमान है।उत्तर-पश्चिम भारत में बढ़ेगा तापमान23 सितंबर तक उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है। प्रायद्वीपीय, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री अधिक रह सकता है। 24 से 30 सितंबर के दौरान भी उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से 2-4 डिग्री अधिक रहने का अनुमान है। हालांकि, दोनों सप्ताह के दौरान देश के किसी भी हिस्से में हीटवेव की संभावना नहीं है।पिछले सप्ताह देश में सामान्य से कम बारिशमौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 10 से 16 सितंबर के दौरान देशभर में बारिश सामान्य से 17 प्रतिशत कम रही। 1 जून से 16 सितंबर तक पूरे मानसून सीजन में संचयी बारिश सामान्य से 15 प्रतिशत कम दर्ज की गई। इस अवधि में पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में बारिश सामान्य से 26 प्रतिशत कम, उत्तर-पश्चिम भारत में 10 प्रतिशत कम और दक्षिण प्रायद्वीप में 28 प्रतिशत कम रही। इसके विपरीत मध्य भारत में बारिश सामान्य से 5 प्रतिशत कम रही।ये भी पढ़ें- UP Division: उत्तर प्रदेश को 4 हिस्सों में बांटा जाएगा? यूपी चुनाव से पहले योगी के मंत्री ने पूर्वांचल CM पद पर ठोका दावामौसम विभाग ने बताया है कि 21-23 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही थीं। साथ ही, उत्तर-पश्चिम भारत में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के दोनों सप्ताह के दौरान प्रभाव डालने की संभावना है।

ज़ी न्यूज़ 21 Sep 2026 4:37 pm

IMD Rain Forecast: 'बंगाल की खाड़ी' में बना डिप्रेशन! 21 से 27 सितंबर तक 15+ राज्यों में आफत की बारिश! यूपी से ओडिशा तक ऐसा रहेगा मौसम

IMD Rain Forecast: बंगाल की खाड़ी में बने मौसम प्रणालियों के मजबूत होने और डिप्रेशन की स्थिति बनने की वजह से देश भर में 21 सितंबर से 27 सितंबर के बीच मौसम का मिजाज काफी बिगड़ने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने लेटेस्ट बुलेटिन में चेतावनी जारी की है कि अगले एक सप्ताह के दौरान उत्तर भारत, पूर्वी भारत, मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के 15 से भी अधिक राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान कई इलाकों में तेज आंधी, थंडरस्कवॉल और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका है।पूर्वी भारत: ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश और थंडरस्कवॉल का संकटपूर्वी भारत में 21 से 27 सितंबर के दौरान मानसूनी गतिविधियां बेहद उग्र रहेंगी। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, झारखंड और ओडिशा में 21 से 27 सितंबर तक ज्यादातर इलाकों में बारिश होगी। गांगेय पश्चिम बंगाल में 22 से 27 सितंबर, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 23 से 27 सितंबर और बिहार में 24 से 27 सितंबर के दौरान काफी बारिश होने का पूर्वानुमान है।ओडिशा में 21 और 26 सितंबर को भारी बारिश होगी। जबकि 22, 23 और 25 सितंबर को बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने 24 सितंबर को ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 23 और 24 सितंबर को ओडिशा में 50 से 60 किमी प्रति घंटे (झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से थंडरस्कवॉल (आंधी-तूफान) चलने की आशंका है।IMD के मुताबिक, गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 24 सितंबर को और बिहार में 24 और 25 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 21 सितंबर को झारखंड, ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं।मध्य भारत: छत्तीसगढ़ में 24 सितंबर को रेड अलर्ट, एमपी-विदर्भ में भी तेज बारिशमध्य भारत में छत्तीसगढ़ में 21 से 27 सितंबर, विदर्भ में 22 से 27 सितंबर और पूर्वी मध्य प्रदेश में 23 से 27 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश होगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21 से 27 सितंबर के बीच हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश के आसार हैं। छत्तीसगढ़ में 21, 22 और 27 सितंबर को भारी बारिश तथा 23, 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश होगी।मौसम विभाग ने 24 सितंबर को छत्तीसगढ़ में अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है। 23 सितंबर को छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से थंडरस्कवॉल आंधी चलेगी। पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। विदर्भ में 23 से 26 सितंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना है।उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी में 25 से 27 सितंबर के बीच मूसलाधार बारिश का अलर्टउत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मौसम का असर 23 सितंबर से तेजी से बढ़ेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को और उत्तराखंड में 26 और 27 सितंबर को ज्यादातर इलाकों में बारिश होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 से 27 सितंबर के दौरान भारी बारिश होने का अनुमान है, जबकि 24 से 27 सितंबर के बीच यहां 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी।पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26 और 27 सितंबर को भारी बारिश और 25 से 27 सितंबर के दौरान तेज हवाएं और बिजली कड़कने की संभावना है। उत्तराखंड में 26 और 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग दिनों में छिटपुट बारिश देखने को मिलेगी।दक्षिण भारत: तटीय आंध्र और कर्नाटक में अत्यंत भारी बारिश का खतरादक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में 21 से 26 सितंबर के दौरान तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, लक्षद्वीप, तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में व्यापक बारिश होगी। तटीय आंध्र प्रदेश व यनम में 22 से 25 सितंबर तक अधिकांश स्थानों पर बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने तटीय आंध्र प्रदेश व यनम में 23 और 24 सितंबर को और तटीय कर्नाटक में 24 सितंबर को पृथक स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी है। तटीय आंध्र प्रदेश व यनम में 22 सितंबर को और तटीय व उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 23 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है।तेलंगाना में 23 से 25 सितंबर के दौरान बहुत भारी बारिश के साथ 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से थंडरस्कवॉल आंधी और तेज सतही हवाएं चलने की आशंका है। केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराइकल, रायलसीमा और लक्षद्वीप में भी अलग-अलग दिनों में भारी बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं।पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत की स्थितिपश्चिम भारत में कोंकण व गोवा में 22 से 24 सितंबर, मध्य महाराष्ट्र में 22 व 23 सितंबर और मराठवाड़ा में 23 सितंबर को अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी। इस दौरान कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 21 से 23 सितंबर के बीच और मराठवाड़ा में 23 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र व कच्छ में 21 से 27 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में असम और मेघालय में 23 से 25 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश होगी तथा 22 और 23 सितंबर को भारी बारिश होने के आसार हैं। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 21 से 27 सितंबर के दौरान छिटपुट बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है।समुद्री तटों के लिए तूफानी हवाओं की चेतावनी और मछुआरों को निर्देशसमुद्र में मौसमी गतिविधियों के कारण स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। पूर्व-मध्य और अंडमान सागर में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल रही हैं। 21 सितंबर को पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में हवा की गति 45 से 55 किमी प्रति घंटे, 22 सितंबर को मध्य बंगाल की खाड़ी में 50 से 60 किमी प्रति घंटे और 23 से 24 सितंबर की शाम तक पश्चिम-मध्य व उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 55 से 65 किमी प्रति घंटे (झोंके 75 किमी प्रति घंटे तक) पहुंचने का अनुमान है।ये भी पढ़ें- Russia Election 2026: रूस में पुतिन की पार्टी की फिर ऐतिहासिक जीत! संसदीय चुनाव में यूनाइटेड रशिया को भारी बहुमत, विपक्ष का सूपड़ा साफ23 से 24 सितंबर की शाम तक दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के पास 55 से 65 किमी प्रति घंटे तथा पश्चिम बंगाल व दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलेंगी। 24 सितंबर तक इन समुद्री क्षेत्रों और तटीय इलाकों में समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहेगी। इसे देखते हुए मछुआरों को अंडमान सागर, बंगाल की खाड़ी और आंध्र प्रदेश, ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।

ज़ी न्यूज़ 21 Sep 2026 2:33 pm

देश में सूखे का साया! मानसून की विदाई के साथ 14 राज्यों में बारिश की भारी कमी, 10% डेफिसिट पर खत्म हो सकता है सीजन

देश के अन्नदाताओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए मौसम विभाग से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) की देश से आधिकारिक वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पश्चिमी राजस्थान के फलौदी, रामगढ़ और खाजूवाला से मानसून की वापसी रेखा गुजर रही है और आने वाले दिनों में यह पंजाब, हरियाणा और गुजरात के कच्छ क्षेत्र से भी विदा हो जाएगा।हालांकि, इस बार मानसून का जाना राहत भरा नहीं, बल्कि गहरी चिंता का सबब बन रहा है। देश के 14 बड़े राज्यों में सामान्य से 20 प्रतिशत से भी अधिक कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि 30 सितंबर को जब 4 महीने का यह मानसूनी सीजन समाप्त होगा, तो समूचे भारत में बारिश का कुल घाटा (Overall Deficit) 10% से अधिक दर्ज हो सकता है—मौसम विज्ञान की परिभाषा में 10% से अधिक की अखिल भारतीय कमी को सूखे (Drought) की स्थिति के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।14 राज्यों में गहराया जल संकट, 200 से अधिक जिलों में सूखे की आहटआईएमडी के संचयी वर्षा आंकड़ों के अनुसार देश भर में 1 जून से लेकर अब तक कुल बारिश में लगभग 14% से 15% की कमी बनी हुई है। सबसे खराब स्थिति देश के 14 राज्यों में है जहां वर्षा की कमी 20 फीसदी के खतरे के निशान को पार कर चुकी है। इनमें उत्तर भारत के पंजाब (लगभग 40% की कमी), हरियाणा (23% की कमी) और राजस्थान (25% की कमी) शामिल हैं।पूर्वी भारत में बिहार राज्य सबसे गंभीर संकट से गुजर रहा है, जहां सामान्य से 35% कम बारिश हुई है। वहीं पूर्वोत्तर के मेघालय (59% डेफिसिट) और अरुणाचल प्रदेश (42% डेफिसिट) में नदियां और जलस्रोत सूखने की कगार पर हैं। इसके अलावा प्रायद्वीपीय भारत के सभी पांचों राज्य—आंध्र प्रदेश (43% की भारी कमी), कर्नाटक (29%), केरल (27%), तमिलनाडु (26%) और तेलंगाना (20%)—कमजोर मानसून की दोहरी मार झेल रहे हैं। देश भर के 218 से अधिक कृषि जिलों में भूजल स्तर में भारी गिरावट और सूखे जैसी गंभीर परिस्थितियां बन गई हैं।अल-नीनो का कहर और मानसून की चाल क्यों हुई सुस्तइस वर्ष मानसूनी हवाओं के असमान और कमजोर रहने का सबसे मुख्य कारण प्रशांत महासागर में सक्रिय अल-नीनो (El Nio) मौसमी परिघटना को माना जा रहा है। अल-नीनो के प्रभाव से भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र की समुद्री सतह असामान्य रूप से गर्म हो जाती है, जिससे भारत की ओर नमी खींचने वाली मानसूनी ट्रफ लाइन कमजोर पड़ जाती है।जून के महीने में देश में 40% तक की भारी कमी देखी गई थी, हालांकि जुलाई में आए पश्चिमी विक्षोभों के चलते बारिश में सुधार हुआ था। लेकिन अगस्त और सितंबर के महीनों में लंबे 'मॉनसून ब्रेक' (Monsoon Break) के कारण बादलों की आवाजाही ठप पड़ गई। भले ही बंगाल की खाड़ी में हाल ही में बने निम्न दबाव और डिप्रेशन के चलते पूर्वी तटीय राज्यों (ओडिशा, बंगाल, आंध्र प्रदेश) में अंतिम समय में कुछ बौछारें देखने को मिल रही हैं, लेकिन यह बारिश पूरे चार महीने के इस संचयी घाटे की भरपाई करने के लिए नाकाफी साबित होगी।उत्तर प्रदेश, लखनऊ, बिहार और पंजाब के कृषि अंचल पर संकटउत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और बुंदेलखंड के जनपदों से लेकर सीमावर्ती बिहार (पटना, गया, मुजफ्फरपुर) तक किसानों की नजरें आसमान की ओर टिकी हुई हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के वे जिले जो पूरी तरह वर्षा आधारित खेती (Rainfed Farming) पर निर्भर हैं, वहां सिंचाई की लागत बेतहाशा बढ़ चुकी है।किसानों को ट्यूबवेल और डीजल पंपों के जरिए पानी देने पर भारी खर्च करना पड़ रहा है, जिससे उनकी उत्पादन लागत दोगुनी हो गई है। पंजाब और हरियाणा जैसे सिंचित राज्यों में भी भूजल स्तर (Water Table) पाताल में पहुंच रहा है और बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। जिन जिलों में नहरों और बांधों में पानी का भंडारण सामान्य क्षमता से 30 से 40 प्रतिशत कम दर्ज किया गया है, वहां आने वाले महीनों में पीने के पानी और सिंचाई के लिए कड़ा जल संकट खड़ा हो सकता है।खरीफ की धान फसल और आने वाले रबी सीजन पर क्या होगा असरमानसून की इस 10% से 15% की कमी का सीधा प्रभाव देश की खाद्य सुरक्षा और फसलों की पैदावार पर पड़ना तय है:धान (Paddy) की पैदावार पर मार: पानी की सबसे अधिक खपत करने वाले धान के रकबे में पिछले साल की तुलना में करीब 4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। जिन इलाकों में फूल आने और दाना भरने के नाजुक समय पर बारिश नहीं हुई, वहां उपज (Yield) में 15 से 20 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है।दालें और तिलहन: कर्नाटक, महाराष्ट्र और राजस्थान में तुअर (अरहर), उड़द, मूंग और सोयाबीन की फसलों को समय पर नमी न मिलने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है, जिससे आने वाले दिनों में दालों की खुदरा कीमतों में तेजी आ सकती है।रबी बुवाई की तैयारी (Soil Moisture Deficit): सबसे बड़ी चिंता अक्टूबर-नवंबर से शुरू होने वाले रबी सीजन (गेहूं, सरसों, चना) को लेकर है। यदि विदाई के समय मिट्टी में अवशिष्ट नमी (Soil Moisture) पर्याप्त नहीं रही और जलाशयों में पानी की कमी रही, तो किसानों के लिए गेहूं और सरसों की समय पर बुवाई करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।सरकार की आकस्मिक योजनाएं (Contingency Plans) और किसानों के लिए सलाहकमजोर मानसून के शुरुआती संकेतों को देखते हुए केंद्रीय कृषि मंत्रालय और राज्य सरकारों ने देश के 315 से अधिक संवेदनशील जिलों के लिए कृषि आकस्मिक योजनाएं (Contingency Plans) सक्रिय की हैं। विशेष रूप से उन 111 जिलों पर नजर रखी जा रही है जहां सिंचाई का कवरेज 25% से भी कम है।कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को यह व्यावहारिक सलाह दी है:जहां धान की फसल सूखने की कगार पर है, वहां ड्रिप या स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों का उपयोग करें।आने वाले रबी सीजन के लिए लंबी अवधि वाली किस्मों के बजाय कम समय और कम पानी में पकने वाली दलहनी और तिलहनी फसलों (जैसे चना, मसूर और राई/सरसों) की बुवाई को प्राथमिकता दें।खेतों में जैविक मल्चिंग (Mulching) का प्रयोग करें ताकि जमीन में मौजूद नमी लंबे समय तक सुरक्षित रह सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 20 Sep 2026 8:57 pm

IMD Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बन रहा डीप डिप्रेशन! छत्तीसगढ़ से ओडिशा-आंध्र तक भारी बारिश का अलर्ट, जानिए अपने इलाके का मौसम

IMD Weather Update: पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी अंडमान सागर में बने कम दबाव के क्षेत्र के असर और इसके लगातार मजबूत होने से देश के मौसम में बड़ा बदलाव आने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 सितंबर को जारी अपने मौसम बुलेटिन में चेतावनी दी है कि उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश में 22 से 24 सितंबर, दक्षिणी ओडिशा में 22 से 25 सितंबर, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में 23 से 25 सितंबर और विदर्भ में 24-25 सितंबर के दौरान अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 23 और 24 सितंबर को दक्षिणी ओडिशा व उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश में और 24 सितंबर को दक्षिणी छत्तीसगढ़ में अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने के भी आसार हैं।अगर पिछले 24 घंटों के मौसम की बात करें तो तेलंगाना, रायलसीमा और तमिलनाडु में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश हुई है। इसके अलावा ओडिशा, मध्य प्रदेश, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, असम, नागालैंड और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश रिकॉर्ड हुई है।मानसून की वापसी और प्रमुख मौसमी सिस्टमदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 19 सितंबर को मानसून की वापसी रेखा रामगढ़, मोहनगढ़, फलोदी, खाजूवाला से होकर गुजरी। अगले 2 से 3 दिनों के दौरान राजस्थान के कुछ और हिस्सों, पंजाब के कुछ भागों, सौराष्ट्र और कच्छ के कुछ क्षेत्रों से मानसून की आगे वापसी के लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल हैं।देश में अभी कई दूसरी चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ रेखाएं भी सक्रिय हैं। 19 सितंबर की शाम को उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र 20 सितंबर की सुबह पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी अंडमान सागर पर केंद्रित रहा। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 21 सितंबर को पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी पर एक डिप्रेश के रूप में और 22 सितंबर को पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर एक डीप डिप्रेशन के रूप में मजबूत होने की प्रबल संभावना है। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए 23 सितंबर की सुबह तक उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा तटों के पास पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पहुंचेगा।पूर्वी भारत का मौसम: ओडिशा में थंडरक्वाल और अत्यंत भारी बारिश का संकटपूर्वी भारत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा गांगेय पश्चिम बंगाल में 20 से 26 सितंबर तक, झारखंड, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 22 से 26 सितंबर तक और बिहार में 24 से 26 सितंबर तक अधिकांश जगहों पर बारिश होने का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 20 और 21 सितंबर को अलग अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।ओडिशा में 20 सितंबर, 23-24 सितंबर और 26 सितंबर को भारी बारिश तथा 22 व 25 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। 23 और 24 सितंबर को दक्षिणी ओडिशा में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने का अलर्ट है। ओडिशा में 23 और 24 सितंबर को 50 से 60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से थंडरक्वाल, आंधी चलने की संभावना है।इसके अलावा गांगेय पश्चिम बंगाल में 22 से 25 सितंबर, झारखंड में 23 से 25 सितंबर, बिहार में 24 से 26 सितंबर और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 23-24 सितंबर व 26 सितंबर को भारी बारिश और 25 सितंबर को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। झारखंड में 21-22 सितंबर को और गांगेय पश्चिम बंगाल में 22 से 25 सितंबर तक मध्यम से तीव्र बिजली गिरने की आशंका है।दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बिगड़ेगा मौसमदक्षिण भारत के राज्यों में केरल व माहे और लक्षद्वीप में 20-21 सितंबर तथा 24-25 सितंबर को, तटीय कर्नाटक, उत्तर आंतरिक कर्नाटक व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 20 से 25 सितंबर तक, तटीय आंध्र प्रदेश व यनम में 22 से 24 सितंबर तक और तेलंगाना में 21 से 26 सितंबर तक अधिकांश जगहों पर बारिश होगी।तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 20 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 21 सितंबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश व यनम में 22 और 23 सितंबर को बहुत भारी बारिश होगी जबकि 23 और 24 सितंबर को यहां अलग अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी है। तेलंगाना में 20 से 22 सितंबर और 26 सितंबर को भारी बारिश और 23 से 25 सितंबर तक बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।तेलंगाना में 23 से 25 सितंबर के दौरान 50 से 60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे तक) की स्पीड से थंडरक्वाल आंधी चलेगी। तटीय आंध्र प्रदेश व यनम में 20 से 24 सितंबर के दौरान, रायलसीमा में 20 से 23 सितंबर तक और तेलंगाना में 23 से 25 सितंबर तक तेज सतही हवाएं भी चलेंगी। इसके अलावा तटीय, उत्तर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 20 से 24 सितंबर तक भारी बारिश जारी रहने के आसार हैं।मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत का हालमध्य भारत में छत्तीसगढ़ में 20 से 26 सितंबर तक, विदर्भ में 21 से 26 सितंबर तक, पूर्वी मध्य प्रदेश में 23 से 26 सितंबर तक और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 25-26 सितंबर के दौरान भारी बारिश और गरज-चमक का अनुमान है। छत्तीसगढ़ में 20 से 22 सितंबर और 26 सितंबर को भारी बारिश और 23 से 25 सितंबर तक बहुत भारी बारिश होगी। 24 सितंबर को दक्षिणी छत्तीसगढ़ में अलग-अलग जगहों पर बेहद भारी बारिश होने का खतरा जताया गया है। विदर्भ में 24 और 25 सितंबर को औप पूर्वी मध्य प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 24 से 26 सितंबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है।उत्तर-पश्चिम भारत के संदर्भ में, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को अधिकांश जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश होगी और 24 से 26 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 25 और 26 सितंबर को अलग अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तर-पश्चिम भारत के शेष हिस्सों में गरज-चमक के साथ छिटपुट से हल्की बारिश जारी रहेगी।पूर्वोत्तर और पश्चिम भारत का पूर्वानुमानपूर्वोत्तर राज्यों में असम और मेघालय में 23 से 25 सितंबर के बीच और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 20 सितंबर व 22 से 24 सितंबर तक व्यापक स्तर पर बारिश होगी। इस दौरान असम व मेघालय में 23 से 25 सितंबर, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 22 से 23 सितंबर तथा अरुणाचल प्रदेश में 24 और 25 सितंबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान है।पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 20 से 24 सितंबर तक अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी जबकि 22 और 23 सितंबर को यहां भारी बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 21 से 23 सितंबर के दौरान भारी बारिश होने के आसार हैं। गुजरात क्षेत्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है।समुद्र में तूफानी हवाएं और मछुआरों के लिए सख्त चेतावनीमौसम प्रणालियों के असर से समुद्र में बेहद खतरनाक स्थिति पैदा हो सकती है। 20 सितंबर को पूर्व-मध्य और उससे सटे अंडमान सागर में 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चल रही हैं। 21 सितंबर को पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में हवा की गति बढ़कर 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे), 22 सितंबर को मध्य बंगाल की खाड़ी में 50 से 60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) और 23 सितंबर से 24 सितंबर की शाम तक पश्चिम-मध्य व उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 55 से 65 किमी/घंटे (झोंके 75 किमी/घंटे) तक पहुंचने का अनुमान है।ये भी पढ़ें- Asian Games 2026: एशियाई खेलों में भारत को दूसरा मेडल, शूटिंग क्वीन इलावेनिल वलारिवन ने जीता सिल्वर23 सितंबर से 24 सितंबर की शाम तक दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के पास 55 से 65 किमी/घंटे तथा पश्चिम बंगाल व दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों के पास 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इसकती वजह से 21 से 24 सितंबर तक बंगाल की खाड़ी के मध्य व उत्तर-पश्चिम हिस्सों तथा आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहेगी।

ज़ी न्यूज़ 20 Sep 2026 3:42 pm

'मुझे लगा मेरा करियर खत्म हो गया...': जब चीनी सेना ने भारतीय एजेंटों को दबोच लिया था, NSA अजीत डोभाल ने सुनाया वो रोंगटे खड़े करने वाला किस्सा

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को देश के रणनीतिक और खुफिया इतिहास का सबसे कुशल 'मास्टरमाइंड' माना जाता है। पाकिस्तान में वर्षों तक अंडरकवर रहने से लेकर मिजोरम, पंजाब और कश्मीर में अलगाववाद की कमर तोड़ने तक, उनके नाम कई ऐतिहासिक खुफिया ऑपरेशंस दर्ज हैं। लेकिन पर्दे के पीछे चलने वाली इस जासूसी की दुनिया में हर मिशन सीधा या आसान नहीं होता। कई बार ऐसे मोड़ भी आते हैं जब एक छोटी सी चूक पूरे मिशन के साथ-साथ जिंदगी और करियर को दांव पर लगा देती है।हाल ही में अजीत डोभाल ने अपने शुरुआती सेवाकाल और पूर्वोत्तर सीमा के एक बेहद संवेदनशील मिशन से जुड़ा ऐसा ही एक रोंगटे खड़े कर देने वाला संस्मरण साझा किया। उन्होंने उस खौफनाक दौर को याद करते हुए बताया कि एक वक्त ऐसा आ गया था जब उनके द्वारा तैयार किए गए भारतीय फील्ड एजेंटों को चीनी सेना और सीमा पार के विद्रोही तत्वों ने रंगे हाथों पकड़ लिया था। उस पल डोभाल को लगा था कि अब उनका पूरा करियर और साख हमेशा के लिए खत्म हो चुकी है।जब चीनी सीमा के पार फंसा भारतीय खुफिया नेटवर्कयह पूरा वाकया उस दौर का है जब भारत का पूर्वोत्तर क्षेत्र उग्रवाद और विदेशी हस्तक्षेप की गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा था। उस समय विद्रोही गुटों के लड़ाके म्यांमार और चीन की सीमा पार जाकर हथियारों की ट्रेनिंग लेते थे और हथियारों का भारी जखीरा लेकर भारतीय सीमा में घुसपैठ करते थे। इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के एक युवा और तेजतर्रार फील्ड ऑफिसर के रूप में अजीत डोभाल को इस पूरे क्रॉस-बॉर्डर सिंडिकेट की टोह लेने और उनकी सप्लाई लाइन को ट्रैक करने का अति-गोपनीय जिम्मा सौंपा गया था।डोभाल ने महीनों की मशक्कत और जोखिम उठाकर स्थानीय सीमावर्ती इलाकों से कुछ ऐसे लोगों को अपने नेटवर्क में शामिल किया, जो चीन और म्यांमार के ट्रेनिंग कैंपों तक पहुंच बना सकते थे। इन 'एसेट्स' (खुफिया मुखबिरों) को पूरी ब्रीफिंग देकर सीमा पार भेजा गया था ताकि वे चीनी सैन्य अधिकारियों के साथ विद्रोही कमांडरों की बैठकों, हथियारों के प्रकार और उनकी रूट मैपिंग की सटीक जानकारी जुटा सकें।चीनी सेना ने एजेंटों को पकड़ा और वायरलेस पर सन्नाटा छा गयामिशन अपनी योजना के अनुसार आगे बढ़ रहा था, लेकिन विदेशी जमीन पर खुफिया ऑपरेशंस में अप्रत्याशित खतरे हमेशा सिर पर मंडराते रहते हैं। डोभाल के एजेंट सीमा पार संदिग्ध हलचलों को रिकॉर्ड कर रहे थे, तभी चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के गश्ती दल और स्थानीय उग्रवादी कैडरों को उनकी गतिविधियों पर शक हो गया।कुछ ही घंटों के भीतर चीनी सुरक्षा तंत्र ने घेराबंदी करके उन भारतीय एजेंटों को हिरासत में ले लिया। सीमा पार से आने वाले इनपुट्स और रेडियो सिग्नल अचानक बंद हो गए। जब मुख्यालय को यह खुफिया संदेश मिला कि उनके द्वारा भेजे गए फील्ड ऑपरेटिव्स को चीनी सेना ने पकड़ लिया है और उनकी सघन पूछताछ शुरू हो चुकी है, तो सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों के होश उड़ गए।'उस रात लगा कि सब कुछ खत्म हो गया': डोभाल का कबूलनामाउस तनावपूर्ण घटनाक्रम को याद करते हुए अजीत डोभाल ने बताया कि वह उनके जीवन की सबसे लंबी और डरावनी रात थी। एक खुफिया अधिकारी के लिए अपने सोर्स या एजेंट का दुश्मन के हाथों पकड़ा जाना पेशेवर रूप से सबसे बड़ा झटका होता है। यदि पूछताछ के दौरान वे एजेंट टूट जाते और भारतीय खुफिया नेटवर्क के संचालन का खुलासा हो जाता, तो यह एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक बखेड़ा खड़ा कर सकता था।डोभाल ने कहा, उस पल मेरे दिमाग में सिर्फ एक ही बात कौंध रही थी—मुझे लगा मेरा करियर अब पूरी तरह खत्म हो गया है। न केवल मेरी नौकरी और वर्षों की मेहनत दांव पर थी, बल्कि उन लोगों की जान भी खतरे में थी जिन्होंने मेरे कहने पर अपनी जिंदगी दांव पर लगाई थी। विफलता की उस आशंका ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया था।फिर चला 'मास्टरमाइंड' का कूटनीतिक और मनोवैज्ञानिक दांवऐसी विषम परिस्थितियों में अधिकांश लोग घबराकर पीछे हट जाते हैं, लेकिन अजीत डोभाल ने हार मानने के बजाय तुरंत एक जोखिम भरा 'काउंटर-प्लान' तैयार किया। उन्होंने स्थानीय कबायली संपर्कों, सीमावर्ती विद्रोही गुटों के आंतरिक मतभेदों और अपने गहरे संपर्कों का इस्तेमाल करते हुए एक समानांतर मनोवैज्ञानिक रणनीति बनाई।उन्होंने इस बात की पुष्टि करने के लिए अपने बैकअप चैनलों को सक्रिय किया कि पकड़े गए लोग केवल साधारण स्थानीय व्यापारी या गाइड के रूप में ही अपनी पहचान बनाए रखें और किसी भी कीमत पर भारत के आधिकारिक खुफिया तंत्र का नाम सामने न आए। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर ऐसा माहौल बनाया गया जिससे चीनी अधिकारियों को यह विश्वास हो जाए कि पकड़े गए लोग किसी बड़ी जासूसी का हिस्सा नहीं, बल्कि अनजाने में रास्ता भटक कर प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंचे स्थानीय ग्रामीण हैं। बैक-चैनल संपर्कों और गहन कूटनीतिक सूझबूझ के चलते आखिरकार उन एजेंटों को बिना किसी गंभीर नुकसान के वापस सुरक्षित निकालने में सफलता मिली।लखनऊ, दिल्ली और पूर्वोत्तर के रक्षा गलियारों में क्यों प्रासंगिक है यह सबकअजीत डोभाल द्वारा सुनाया गया यह किस्सा केवल एक पुरानी याद नहीं है, बल्कि यह वर्तमान में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया तंत्र की जटिलताओं को समझने का एक बड़ा आईना है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित मध्य कमान (Central Command) के रणनीतिकारों से लेकर नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक तक, रक्षा और खुफिया विशेषज्ञ हमेशा इस बात को रेखांकित करते हैं कि चीन की सीमाओं पर खुफिया संतुलन साधना दुनिया के सबसे कठिन कार्यों में से एक है।पूर्वोत्तर के राज्यों (असम, नगालैंड, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश) में सुरक्षा की मौजूदा स्थिरता के पीछे डोभाल जैसे अधिकारियों के दशकों के ऐसे ही अनकहे और जोखिम भरे ऑपरेशंस की रीढ़ रही है। वर्तमान दौर में जब वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन के साथ तनाव और सैन्य गतिरोध बना रहता है, डोभाल का यह अनुभव नई पीढ़ी के सैन्य कमांडरों और खुफिया अधिकारियों को यह सिखाता है कि संकट के सबसे अंधेरे पलों में भी संयम और रणनीतिक धैर्य कैसे बनाए रखा जाता है।खुफिया दुनिया का अटूट नियम: जोखिम के बिना कोई बड़ी कामयाबी नहींअजीत डोभाल का यह संस्मरण यह साबित करता है कि आज जिस 'डोभाल डॉक्ट्रिन' की चर्चा पूरी दुनिया में होती है, वह किसी वातानुकूलित कमरे में बैठकर नहीं गढ़ी गई है। इसके पीछे जमीनी स्तर पर विफलता के डर, करियर के खात्मे की आशंकाओं और मौत के मुंह से वापस लौटने के दर्जनों कड़वे अनुभव शामिल हैं।डोभाल ने युवाओं और भावी अधिकारियों को संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने वालों को व्यक्तिगत लाभ, पद या करियर की चिंता छोड़कर देशहित को सर्वोपरि रखना पड़ता है। जब तक आप बड़ा जोखिम लेने के लिए तैयार नहीं होंगे, तब तक देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने वाली रणनीतिक बढ़त हासिल नहीं की जा सकती।

न्यूज़ इंडिया लाइव 20 Sep 2026 10:30 am

जागरण संपादकीय: हिमालयी राज्यों की चुनौती

यह सही समय है कि उत्तराखंड, हिमाचल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर को ध्यान में रखकर शुरू की गई ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड संबंधी परियोजना की समीक्षा की जाए।

जागरण 3 Sep 2026 10:11 pm

Operation Lotus के तहत BJP फिर करेगी खेल? Mamata Banerjee को झटका? TMC। Arunachal Pradesh। Meghalaya

Operation Lotus के तहत बीजेपी करने वाली है खेल, Mamata Banerjee को फिर लगेगा झटका? मेघालय की राजनीति में 2028 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा सियासी उलटफेर होने की अटकलें तेज हो गई हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 31 Aug 2026 11:21 am

Arunachal Pradesh Tinkle Karga Gongo Viral Video: प्यारी सी बच्ची को मिला ढेर सारा प्यार,कहा थैंक यू

Arunachal Pradesh Tinkle Karga Gongo Viral Video: प्यारी सी बच्ची को मिला ढेर सारा प्यार ऐसे कहा थैंक यू

लाइव हिन्दुस्तान 22 Aug 2026 11:05 pm

'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग

अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।

खास खबर 22 Aug 2026 12:28 pm

दिबांग घाटी में बाढ़ के बाद भोजपुर का आर्मी जवान आठ दिन से लापता

22 शनिवार, अगस्त: भोजपुर का आर्मी जवान अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में बाढ़ और बादल फटने के बाद पांच जवानों के साथ लापता हो गया। आठ दिन बाद भी उसका पता नहीं चला है। परिजनों की चिंता बढ़ गई है।

लाइव हिन्दुस्तान 22 Aug 2026 12:15 pm

अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में बाढ़ के बाद भोजपुर का जवान आठ दिन से लापता

22 शनिवार, अगस्त: भोजपुर का रहने वाला आर्मी जवान अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में बाढ़ और बादल फटने के बाद पांच जवानों के साथ लापता हो गया। आठ दिन बाद भी जवान का पता नहीं चला है, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई है।

लाइव हिन्दुस्तान 22 Aug 2026 11:51 am

क्या सच में अरुणाचल प्रदेश में 60 KM तक अंदर घुस आया चीन ? वायरल दावे पर सरकार ने बताया सच

क्या सच मेंअरुणाचल प्रदेश में 60 KM तक अंदर घुस आया चीन ? वायरल दावे पर सरकार ने बताया सच

समाचार नामा 19 Aug 2026 6:00 pm

अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के घुसपैठ के दावे से मणिपुर का वीडियो वायरल

बूम ने पाया कि वीडियो 25 अप्रैल 2026 का मणिपुर के हूमी गांव में असम राइफल्स और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प का है.

बूमलाइव 14 Aug 2026 6:24 pm

अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ के दावे से बांग्लादेश सीमा का वीडियो वायरल

बूम ने पाया कि वीडियो चांपाईनवाबगंज के शिबगंज सीमा क्षेत्र पर बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के बीच हुई कहासुनी का है.

बूमलाइव 11 Aug 2026 6:04 pm

Bigg Boss 18 : चुम दरांग को मिला अरुणाचल प्रदेश के सीएम का सपोर्ट

सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 18' अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर कोई इस सीजन का विनर बनने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन दिनों शो में 'टिकट टू फिनाले' टास्क चल रहा है। इस टास्क में विवियन डीसेना और चुम दरंग आमने-सामने खड़े हैं। वहीं ...

वेब दुनिया 10 Jan 2025 2:40 pm