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अरुणाचल कैबिनेट ने 7,834 करोड़ रुपए के पैकेज और बड़े सुधारों को दी मंजूरी

मुख्यमंत्री पेमा खांडू की अध्यक्षता में अरुणाचल प्रदेश कैबिनेट ने शुक्रवार को 7,834 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के लिए पैकेज को मंजूरी दी

देशबन्धु 18 Jul 2026 6:28 am

सुप्रीम कोर्ट बोला-SIR से नाम कटने पर नागरिकता नहीं जाती:बंगाल सरकार-EC को नोटिस; योजनाओं का लाभ न रोकने वाली याचिका पर मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को वोटर लिस्ट से बाहर किए गए लोगों से जुड़ी याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि वोटर लिस्ट में से नाम हटने से किसी की नागरिकता नहीं जाती है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें मांग की गई है कि बंगाल में जिन लोगों के नाम स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के कारण कट गए हैं उनको सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना बंद नहीं होना चाहिए। साथ ही नागरिकता पर अंतिम फैसला होने तक सभी सुविधाएं मिलती रहनी चाहिए। इस मामले में चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने चुनाव आयोग (EC) और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग बंगाल सरकार ने योजनाओं का लाभ देने से मना किया दरअसल बंगाल सरकार ने पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के तहत अन्नपूर्णा योजना जैसी योजनाओं का लाभ उन लोगों को देने से मना करने के लिए नोटिफिकेशन जारी किए हैं जिनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। दावा किया गया कि उन लोगों को जाति सर्टिफिकेट भी नहीं दिए जा रहे हैं। बंगाल में वोटर लिस्ट से 58 लाख से ज्यादा नाम कटे पश्चिम बंगाल में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में 58.20 लाख नाम कट गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 7.66 करोड़ थे, ड्राफ्ट लिस्ट में 7.08 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया। काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 7.6 है, यानी हर 100 से में लगभग 8 वोटर्स का नाम हटाया गया है। हालांकि, 58.20 लाख वोटर्स में से 24.17 लाख मृत पाए गए, 1.38 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, 32.65 लाख वोटर्स शिफ्ट, लापता और अन्य थे। SIR से जुड़ा अपडेट… चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को तीन चरणों में लागू किया है। पहला फेज: सबसे पहले SIR बिहार में लागू हुआ। फाइनल वोटर लिस्ट जारी हो चुकी है और यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया था। दूसरा फेज: उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, केरल, गोवा, पुडुचेरी, अंडमान निकोबार, लक्षद्वीप में दूसरे चरण का SIR हुआ। तीसरा फेज: आयोग ने 16 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में SIR शुरू किया है। इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ शामिल हैं। ---------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… नए वोटर को देना होगा माता-पिता के SIR का ब्योरा, अभी केवल पुराने वोटर्स पर लागू था चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वाले नए आवेदकों के लिए भी नया नियम लागू किया है। अब फॉर्म-6 भरकर वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने वाले हर नए वोटर को अपने माता-पिता के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का ब्योरा भी देना होगा। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 2:58 pm

MP-UP में 2 दिन बाद होगी मानसून की वापसी:राजस्थान को 5 दिन करना होगा इंतजार, पुरी में आज भी भारी बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में देरी से पहुंचा मानसून मानसून कुछ दिन में ही कमजोर हो गया है। राज्य के ज्यादातर हिस्से से बादल गायब हो गए हैं। हालांकि, मौसम विभाग का मानना है कि मध्यप्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जुलाई के दूसरे पखवाड़े में मानसून रफ्तार पकड़ सकता है और 19 जुलाई से वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, साइक्लोनिक सिस्टम की वजह से तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने बिहार में 17 जुलाई को किशनगंज, कटिहार, पश्चिम चंपारण और अररिया में भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं, शुक्रवार को उत्तराखंड के पांच जिलों देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर के लिए भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। राजस्थान में फिलहाल कमजोर मानसूनी परिस्थितियां अगले 3–4 दिनों तक बनी रहने की संभावना है। 21 जुलाई से पूर्वी राजस्थान के कोटा, भरतपुर और जयपुर संभाग में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। पिछले 24 घंटों में ईस्ट कामेंग, अपर सुबनसिरी, अपर सियांग, कामले और क्रा दादी जिलों में बाढ़ और भूस्खलन की नई घटनाएं सामने आई हैं। राज्य में अब तक 7 लोगों की मौत, 29 लोग घायल और 1,03,860 लोग प्रभावित हुए हैं। सैटेलाइट इमेज में देखें देश में मानसून की स्थिति… सीजन में 23% कम बरसे बादल देखें राज्यों में बारिश का अलर्ट… देशभर में मौसम से जुड़ी तस्वीरें… अगले 2 दिन के मौसम का हाल… 18 जुलाई: 19 जुलाई:

दैनिक भास्कर 17 Jul 2026 5:05 am

राजस्थान-MP, दिल्ली में पारा 38°C से ज्यादा, गर्मी बढ़ी:असम-अरुणाचल में 1.40 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित; बिहार-ओडिशा में भारी बारिश की आशंका

मानसून के ब्रेक ने उत्तर भारत के राज्यों में तापमान बढ़ा दिया है। राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में पिछले 3 दिन से तेज गर्मी पर पड़ रही है। दिल्ली में मंगलवार को 38 डिग्री तापमान रहा। पिछले 24 घंटों में अरुणाचल प्रदेश के चार जिलों में बाढ़, लैंडस्लाइड और भारी बारिश से घरों को नुकसान पहुंचा है। राज्य में मानसून की बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 1,02,917 हो गई है। बाढ़ और लैंडस्लाइड की घटनाओं में अब तक राज्य में 7 लोगों की मौत हो चुकी है और 29 लोग घायल हुए हैं। इधर असम में बाढ़ का पानी 6 जिलों सोनितपुर, डिब्रूगढ़, लखीमपुर, धेमाजी, जोरहाट और शिवसागर में फैल गया है, जिससे 12 रेवेन्यू सर्कल और 99 गांव प्रभावित हुए हैं। कुल 37,032 लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें लखीमपुर सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। जहां 35,696 लोग प्रभावित हुए हैं। सैटेलाइट इमेज में देखें देश में मानसून की स्थिति… पुरी में जगन्नाथ रथयात्रा में भारी बारिश की आशंका… मौसम विभाग ने मंगलवार को ओडिशा के कई इलाकों में रथ यात्रा के दौरान भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें पुरी भी शामिल है। यह चेतावनी बंगाल की खाड़ी में बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र के कारण जारी की गई है। अगले 24 घंटों के दौरान बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिमी बांग्लादेश के तटों पर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। मौसम में हो रहे इस बदलाव के कारण, बुधवार से शुक्रवार सुबह तक पुरी में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। देशभर में मौसम कैसा रहेगा, देखें अलर्ट… बारिश रुकने से बढ़ी गर्मी, देखें टेम्प्रेचर मैप… अगले 2 दिन के मौसम का हाल… 16जुलाई: 17 जुलाई: मौसम से जुड़ी तस्वीरें… देश के प्रमुख शहरों का तापमान…

दैनिक भास्कर 15 Jul 2026 5:00 am

एनआईटी अरुणाचल प्रदेश में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस समेत कई पदों पर भर्ती का मौका, 15 जुलाई तक कर सकते हैं आवेदन

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), अरुणाचल प्रदेश ने अपने विभिन्न विभागों में पूरी तरह से अस्थायी आधार पर केवल 11 महीने की अवधि के लिए एडजंक्ट फैकल्टी (गेस्ट फैकल्टी) और प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के पोस्ट पर योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं

देशबन्धु 13 Jul 2026 5:22 am

नए वोटर को देना होगा माता-पिता के SIR का ब्योरा:अभी केवल पुराने वोटर्स पर लागू था; चुनाव आयोग बोला- इससे पहचान-रिकॉर्ड मिलाना आसान होगा

चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वाले नए आवेदकों के लिए भी नया नियम लागू किया है। अब फॉर्म-6 भरकर वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने वाले हर नए वोटर को अपने माता-पिता के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का ब्योरा भी देना होगा। चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, यह नियम केवल पुराने मतदाताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पहली बार वोटर बनने वाले आवेदकों पर भी लागू होगा। चुनाव आयोग ने यह नियम क्यों बनाया? फॉर्म-6 के साथ देना होगा घोषणा पत्र EC अधिकारियों ने बताया कि बिहार में जून 2025 में शुरू किए गए SIR अभियान के दौरान फॉर्म-6 के साथ यह घोषणा पत्र जोड़ा गया था। नए मतदाताओं को आवेदन के साथ यह घोषणा भी भरनी होती थी। हालांकि आयोग ने स्पष्ट किया कि फॉर्म-6 में कोई औपचारिक संशोधन नहीं किया गया है, बल्कि निर्देश जारी कर इस घोषणा को अनिवार्य बनाया गया है। संयुक्त राष्ट्र की आपत्तियों पर EC का जवाब चुनाव आयोग ने संयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्तेयर्स द्वारा SIR की पारदर्शिता पर उठाए गए सवालों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि SIR पूरी तरह संवैधानिक और पारदर्शी प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य सभी पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और अपात्र नाम हटाना है। किसी भी समुदाय के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है और यदि किसी का नाम हटता है, तो उसे चुनौती देने का अवसर दिया जाता है। SIR से जुड़ा अपडेट…. चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को तीन चरणों में लागू किया है। पहला फेज, सबसे पहले SIR बिहार में लागू हुआ। फाइनल वोटर लिस्ट जारी हो चुकी है और यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया था। दूसरा फेज: उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, केरल, गोवा, पुडुचेरी, अंडमान निकोबार, लक्षद्वीप में दूसरे चरण का SIR हुआ। तीसरा फेज: आयोग ने 16 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में SIR शुरू किया है। इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ शामिल हैं। SIR: भारत में 21 साल बाद हो रहा वोटर लिस्ट का रिविजन SIR (Special Intensive Revision) चुनाव आयोग की वह प्रक्रिया है, जिसमें वोटर लिस्ट की पूरी तरह से जांच और अपडेट किया जाता है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना होता है कि वोटर लिस्ट में सिर्फ पात्र और सही मतदाताओं के नाम हों। भारत में SIR करीब 21 साल बाद हो रहा है। चुनाव आयोग के मुताबिक, इससे पहले देशभर में ऐसा बड़ा अभियान 2002 से 2004 के बीच चला था। चुनाव आयोग ने बताया था कि देश में SIR की प्रक्रिया आठवीं बार हो रही है। ------------------------------------- ये खबर भी पढे़ं… सुप्रीम कोर्ट बोला- SIR अवैध नहीं: चुनाव आयोग शर्तों के साथ नागरिकता जांच सकता है; SIR में 13 राज्य-UT में 7.41 करोड़ नाम कटे सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई को वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को वैध और संवैधानिक करार दिया था। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने बुधवार को कहा था कि SIR मनमाना नहीं है और चुनाव आयोग को यह प्रक्रिया चलाने का अधिकार है। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 12 Jul 2026 10:31 pm