IMD Heavy Rain Alert: देश में मानसूनी हवाएं एक बार फिर प्रचंड रूप धारण कर चुकी हैं। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजातरीन वेदर बुलेटिन में 4 अगस्त के लिए देश के कई हिस्सों में मुसलाधार से लेकर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इसके साथ ही दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत कुल 21 राज्यों में भारी बारिश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।पूर्वोत्तर और बंगाल में भारी बारिश की आशंका: 3 राज्यों के लिए रेड अलर्टमौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 4 अगस्त को पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) दर्ज की जा सकती है। असम और मेघालय इन दोनों राज्यों में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्रों और सिक्किम में भी 4 अगस्त को एक-दो जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश को लेकर लाल चेतावनी दी गई है।बिहार और पूर्वोत्तर के इन राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनीइसके अलावा पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों और पूर्वी भारत में भी बादलों का आक्रामक रुख देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने नीचे दिए गए राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है:-अरुणाचल प्रदेशबिहारनागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरादिल्ली-यूपी से लेकर दक्षिण तक: इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट4 अगस्त को देश के उत्तर, मध्य, पूर्व और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है:-उत्तर भारत: हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।पूर्वी व मध्य भारत: झारखंड, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह।पश्चिम व दक्षिण भारत: मध्य महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे।आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की चेतावनीमौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं और बिजली गिरने को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चलने की संभावना है। आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।ये भी पढ़ें- Brij Bhushan Sharan Singh: 'व्यवस्था बचाने में लगी हुई है..'; बृजभूषण शरण सिंह को बरी करने के फैसले के खिलाफ अपील करेंगे पहलवानबिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उत्तराखंड और विदर्भ में वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना के तटीय इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।
भारत के खिलाफ चीन और पाकिस्तान की सैन्य तैयारियां अब किसी अनुमान का विषय नहीं रह गई हैं, बल्कि जमीन और आसमान दोनों मोर्चों पर उनकी रणनीतिक तैनाती खुलकर दिखाई देने लगी है। एक ओर पाकिस्तान ने चीन से प्राप्त अत्याधुनिक SH-15 155 मिमी सेल्फ-प्रोपेल्ड हॉवित्जर तोपों को जम्मू-कश्मीर और पंजाब सेक्टर में भारत के सामने बड़ी संख्या में तैनात कर दिया है, वहीं दूसरी ओर चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के सामने अपने सबसे आधुनिक J-20 स्टील्थ लड़ाकू विमानों की बड़ी तैनाती कर दी है। यह घटनाक्रम भारत पर निरंतर दबाव बनाए रखने की चीन-पाकिस्तान की साझा रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि भारत भी अपनी सैन्य क्षमताओं का तेजी से आधुनिकीकरण कर रहा है और स्पष्ट संकेत दे चुका है कि उसकी सुरक्षा और संप्रभुता को चुनौती देने की किसी भी कोशिश की कीमत बेहद भारी होगी। हम आपको बता दें कि पाकिस्तान ने वर्ष 2019 में चीन की सरकारी रक्षा कंपनी नोरिन्को से 236 SH-15 पहिएदार सेल्फ-प्रोपेल्ड तोपों का सौदा किया था। इनकी आपूर्ति 2022 से शुरू हुई और 2023 में दूसरी खेप भी पाकिस्तान पहुंच गई। इतना ही नहीं, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (ToT) समझौते के तहत पाकिस्तान ने टैक्सिला स्थित हेवी इंडस्ट्रीज प्लांट में इन तोपों के स्थानीय उत्पादन का लाइसेंस भी प्राप्त कर लिया है। यह कदम पाकिस्तानी सेना की तोपखाना क्षमता को आधुनिक और मानकीकृत बनाने की व्यापक योजना का हिस्सा है। इसे भी पढ़ें: बीजिंग Embassy के ओपन हाउस में भारतीय समुदाय ने उठाए वीजा और सोशल मीडिया से जुड़े मुद्दे इन SH-15 तोपों की तैनाती मुख्य रूप से भारत से सटे गुजरांवाला, सियालकोट और जलालपुर जट्टन क्षेत्रों में की गई है, जो रणनीतिक रूप से शकरगढ़ बल्ज के पीछे स्थित हैं। शकरगढ़ बल्ज जम्मू के दक्षिण और अमृतसर के उत्तर के बीच का वह संवेदनशील इलाका है, जिसके पूर्व में पठानकोट स्थित है। रक्षा सूत्रों के अनुसार इन्हीं आधुनिक तोपों का उपयोग पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी किया था। उत्तरी पंजाब और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में SH-15 तैनात हैं, जबकि राजस्थान और गुजरात के रेगिस्तानी मोर्चों पर अमेरिका से प्राप्त M-109 ट्रैक्ड सेल्फ-प्रोपेल्ड गनों को लगाया गया है। रेगिस्तानी इलाकों में M-109 अधिक उपयुक्त मानी जाती हैं, जबकि SH-15 मैदानी और पहाड़ी दोनों क्षेत्रों में तेज गति से संचालन के लिए डिजाइन की गई है। हम आपको बता दें कि 52 कैलिबर वाली SH-15 पाकिस्तान की पहली ऐसी आधुनिक तोप प्रणाली है, जो 155 मिमी गोले दागने में सक्षम है। रॉकेट-सहायता प्राप्त प्रोजेक्टाइल के साथ इसकी मारक क्षमता 50 किलोमीटर से अधिक बताई जाती है। लंबी दूरी, बेहतर सटीकता और तेज गतिशीलता इसे पारंपरिक तोपों की तुलना में अधिक प्रभावी बनाती है। स्पष्ट है कि पाकिस्तान अपनी पारंपरिक तोपखाना क्षमता को चीन की तकनीक के सहारे अगले स्तर पर ले जाने की कोशिश कर रहा है। उधर, चीन ने भी भारत के सामने अपने सैन्य दबाव को और बढ़ाने के संकेत दिए हैं। व्यावसायिक उपग्रह चित्रों से पता चला है कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी एयर फोर्स (PLAAF) ने कम से कम 12 J-20 माइटी ड्रैगन स्टील्थ लड़ाकू विमानों को भारत के निकट दो अग्रिम एयरबेस पर तैनात किया है। 9 जुलाई को लिए गए चित्रों में शिनजियांग के होतान एयरबेस पर आठ J-20 दिखाई दिए, जबकि 25 जून के उपग्रह चित्रों में तिब्बत के दामशुंग एयरबेस पर चार अन्य J-20 सुरक्षात्मक शेल्टरों के नीचे खड़े नजर आए। हम आपको बता दें कि होटान एयरबेस भारत के दौलत बेग ओल्डी एयरबेस से लगभग 245 किलोमीटर तथा लेह से करीब 389 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वहीं दामशुंग एयरबेस अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर से लगभग 344 किलोमीटर दूर है। इतने कम समय में दो अलग-अलग अग्रिम एयरबेस पर J-20 की इतनी बड़ी संख्या में मौजूदगी हाल के वर्षों में भारत के सामने चीन की सबसे बड़ी ज्ञात स्टील्थ फाइटर तैनातियों में से एक मानी जा रही है। हम आपको बता दें कि J-20 चीन का सबसे आधुनिक पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ लड़ाकू विमान है, जिसे कम रडार पहचान क्षमता, लंबी दूरी की मारक क्षमता और उन्नत सेंसर प्रणाली के साथ विकसित किया गया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन विमानों की लगातार बढ़ती अग्रिम तैनाती अब किसी अस्थायी अभ्यास का हिस्सा नहीं, बल्कि चीन की स्थायी सैन्य नीति का संकेत है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब भारत और चीन के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर 2020 की गलवान झड़प के बाद से सैन्य तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। दोनों देशों के बीच कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक वार्ताओं के बावजूद अग्रिम मोर्चों पर सैनिकों, बख्तरबंद वाहनों और आधुनिक हवाई संसाधनों की भारी तैनाती बनी हुई है। हालांकि इन चुनौतियों के समानांतर भारत भी अपनी सैन्य शक्ति को तेज़ी से आधुनिक बना रहा है। फील्ड आर्टिलरी रैशनलाइजेशन प्लान के तहत भारतीय सेना अपनी अधिकांश तोपों को 155 मिमी प्रणाली में परिवर्तित कर रही है। M777 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर, K-9 वज्र और स्वदेशी धनुष तोप पहले ही सेना में शामिल हो चुकी हैं। इसके अलावा 307 स्वदेशी एडवांस्ड टोव्ड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) का ऑर्डर दिया जा चुका है। SH-15 जैसी स्वदेशी पहिएदार माउंटेड गन सिस्टम (MGS) भी विकास के अंतिम चरण में है और इसके प्रारंभिक परीक्षण सफल रहे हैं। वायु शक्ति के क्षेत्र में भी भारत अपनी क्षमताओं के विस्तार पर काम कर रहा है, भले ही तेजस Mk1A कार्यक्रम में देरी और नए बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमानों की खरीद प्रक्रिया अभी जारी है। सामरिक दृष्टि से यह पूरा घटनाक्रम बेहद महत्वपूर्ण है। पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान और उत्तरी सीमा पर चीन की समानांतर सैन्य सक्रियता इस बात का संकेत है कि दोनों देश भारत पर निरंतर रणनीतिक दबाव बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। आधुनिक तोपों, स्टील्थ लड़ाकू विमानों और सीमा क्षेत्रों में सैन्य ढांचे के विस्तार का उद्देश्य केवल रक्षा तैयारियां नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक और सामरिक बढ़त हासिल करना भी है। लेकिन भारत ने हालिया वर्षों में स्पष्ट कर दिया है कि वह आवश्यकता पड़ने पर निर्णायक जवाब देने की क्षमता और इच्छाशक्ति दोनों रखता है। ऐसे में यदि कोई भी शक्ति भारत की सुरक्षा, संप्रभुता या सीमाओं को हल्के में लेने की भूल करती है, तो उसे इसकी कीमत केवल सामरिक ही नहीं, बल्कि रणनीतिक स्तर पर भी चुकानी पड़ सकती है। - नीरज कुमार दुबे
Weekly Weather Update: देश में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर से बेहद सक्रिय हो गई हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले 7 दिनों के लिए देश के कई हिस्सों में भारी से बेहद भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वोत्तर और उससे सटे पूर्वी भारत में अगले एक हफ्ते तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। वहीं, उत्तर भारत के राज्यों दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में भी मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। मौसम प्रणालियों में हो रहे बदलावों की वजह पहाड़ी से लेकर मैदानी राज्यों तक बिजली कड़कने और तेज हवाओं (30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार) के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।देश में सक्रिय प्रमुख मौसम प्रणालियांमौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक इस समय मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर है, जबकि पूर्वी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर बना हुआ है। इसके अलावा कई चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय हैं। उत्तर-पूर्वी राजस्थान और आसपास के निचले ट्रोपोस्फीयर में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और उत्तर-पूर्वी असम के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। जम्मू संभाग और आसपास मध्य ट्रोपोस्फेरिक स्तर पर पश्चिमी विक्षोभ एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है।उत्तर भारत: दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और UP के लिए अलर्टउत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में अगले कुछ दिनों तक व्यापक बारिश की गतिविधि देखी जाएगी। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 4 से 6 अगस्त के दौरान 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं, गरज-चमक के साथ व्यापक बारिश की संभावना है। 3 और 4 अगस्त को हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़ और पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 3 से 7 अगस्त और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 3 से 8 अगस्त तक तेज हवाओं के साथ भारी बारिश के आसार हैं। उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 3 से 7 अगस्त के बीच भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में 3 से 9 अगस्त और उत्तराखंड में 4 से 9 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहेगा। उत्तराखंड में 3 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश हो सकती है, जबकि 4 से 9 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 3 से 7 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना है। वहीं राजस्थान की बात करें तो पूर्वोत्तर और पश्चिमी राजस्थान में 6 से 9 अगस्त के दौरान भारी बारिश देखने को मिल सकती है।पूर्वोत्तर भारत: मूसलाधार बारिश और भारी तबाही की आशंकापूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मौसम सबसे अधिक आक्रामक रहने वाला है। आईएमडी ने यहां अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) की चेतावनी जारी की है। 3 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं 4 अगस्त को बहुत भारी और 5 से 7 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट रहेगा। असम और मेघालय में 4 और 5 अगस्त को अत्यधिक मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। 3 अगस्त को यहां बहुत भारी बारिश और 4 से 9 अगस्त के दौरान रुक-रुक कर भारी बारिश का दौर बना रहेगा। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा इन चार राज्यों में 3 से 9 अगस्त तक व्यापक बारिश होगी। 3 और 4 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश, जबकि 5 से 9 अगस्त के दौरान भारी बारिश की भविष्यवाणी की गई है।पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड और बंगाल का हालपूर्वी भारत के अधिकांश राज्यों में 3 से 9 अगस्त के दौरान बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश होगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 अगस्त को यहां अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा 3 और 5 अगस्त को भी बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। बिहार में 3 और 4 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि 5 और 6 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। झारखंड में 4 से 7 अगस्त के बीच भारी बारिश देखने को मिलेगी। ओडिशा में 3 से 9 अगस्त तक और गांगेय पश्चिम बंगाल में 5 से 7 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 4 से 9 अगस्त के दौरान थंडरस्क्वाल (50-60 किमी प्रति घंटे से लेकर 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी) चलने की चेतावनी दी गई है।मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसममध्य भारत के राज्यों में 5 अगस्त से मानसूनी गतिविधियां जोर पकड़ेंगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 5 से 9 अगस्त और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 से 9 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी। 3 अगस्त तथा 6 से 8 अगस्त के दौरान मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 3 से 9 अगस्त के दौरान लगातार भारी बारिश के आसार हैं। विदर्भ में 7 और 8 अगस्त को गरज-चमक के साथ बारिश होगी।पश्चिम और दक्षिण भारत: तटीय इलाकों में तेज हवाएंकोकण और गोवा में 3 से 9 अगस्त तक व्यापक बारिश जारी रहेगी, जहां 3 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में भी 3 और 4 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक, केरल, माहे और लक्षद्वीप में अगले 6 से 7 दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। तटीय कर्नाटक में 3 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 4 से 9 अगस्त के दौरान भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 3 अगस्त और फिर 6-7 अगस्त को भारी बारिश होगी। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, तेलंगाना, रायलसीमा और कर्नाटक के आंतरिक इलाकों में 3 से 9 अगस्त के दौरान सतह पर तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
Weather Today: देशभर में मानसून अपनी पूरी रफ्तार पकड़ चुका है और देश के कई हिस्सों में बारिश का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 अगस्त के लिए मौसम की ताजा रिपोर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि आज देश के कई राज्यों में मौसम का विकराल रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक बिहार समेत पूर्वोत्तर राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। वहीं दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा सहित कुल 23 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी और तटीय क्षेत्रों तक मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है।बिहार और पूर्वोत्तर के 3 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्टमौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 3 अगस्त को बिहार समेत तीन प्रमुख राज्यों में बारिश का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। आईएमडी ने यहां अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। बिहार के कई जिलों में मूसलाधार बारिश का तांडव देखने को मिलेगा, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा बढ़ गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में अत्यंत तेज मानसूनी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।दिल्ली, यूपी से लेकर दक्षिण भारत तक: इन 20 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनीमौसम विभाग ने देश के बड़े भू-भाग में भारी बारिश की चेतावनी दी है। मैदानी, पहाड़ी और तटीय क्षेत्रों को मिलाकर कुल 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के साथ-साथ पंजाब और उत्तर प्रदेश में भारी बारिश होगी। इसके अलावा पहाड़ी राज्यों में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के इलाकों में तेज बारिश का अलर्ट है।मध्य और पूर्वी भारत: झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में बारिश का जोर बना रहेगा।पश्चिम भारत: कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र के क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है।दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।40 से 50 किमी/घंटे की आंधी और बिजली कड़कने का अलर्टबारिश के साथ-साथ देश के कई हिस्सों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली कड़कने का खतरा जताया गया है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंके वाली हवाएं चलेंगी।बिहार, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुज़फ़्फ़राबाद, झारखंड, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली चमकने का पूर्वानुमान है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, रायलसीमा, उत्तराखंड और विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने के साथ थंडरस्टॉर्म की गतिविधि देखी जा सकती है।तटीय इलाकों में चलेंगी तेज सतही हवाएंमौसम विभाग ने तटीय और मैदानी इलाकों में तेज हवाओं को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है। तटीय आंध्र प्रदेश, पूरे कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर दिन के दौरान काफी तेज सतही हवाएं चलने की प्रबल संभावना है। ऐसे में मौसम विभाग ने स्थानीय लोगों और मछुआरों को सतर्क रहने की हिदायत दी है।
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ने नशे के खिलाफ 100 दिन के ‘नशा मुक्त स्ट्रीट शो’ का रखा प्रस्ताव
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असम में बाढ़ से अब तक 82 की मौत, अरुणाचल-नगालैंड और मणिपुर में भी हालात खराब
राज्य के अधिकांश हिस्सों में पानी घट रहा है मगर मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों में असम के कई हिस्सों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड और मिजोरम में कई जगह अगले तीन दिन भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
India Weather Update: देश भर में मानसूनी गतिविधियों के बीच मौसम विभाग (IMD) ने एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। आईएमडी के मुताबिक 4 अगस्त से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने जा रहा है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी राज्यों, मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 7 दिनों तक झमाझम और मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।मौसम विभाग ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उत्तर-पश्चिम भारत में नए पश्चिमी विक्षोभ के साथ-साथ दक्षिण-पश्चिम राजस्थान पर बने कम दबाव के क्षेत्र, उत्तराखंड व आसपास के इलाकों में निचले क्षोभमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर-पश्चिम बांग्लादेश से सटे उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसूनी बारिश में भारी तेजी आएगी।उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, यूपी, पंजाब और हरियाणा में 3 से 7 अगस्त तक भारी बारिशमौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में आगामी दिनों में व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है। 4 अगस्त से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के साथ ही मैदानी इलाकों में बारिश का दायरा बढ़ेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 3 से 7 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी और कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं 2 अगस्त को पूर्वी यूपी में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 4 से 7 अगस्त के दौरान व्यापक रूप से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। हालांकि 2, 3 और 8 अगस्त को छिटपुट जगहों पर ही बारिश होगी।हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 3 से 6 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर तेज बारिश होगी और 3 व 4 अगस्त को भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा 2 अगस्त और 7-8 अगस्त को इन क्षेत्रों में छिटपुट बारिश दर्ज होगी। पश्चिम राजस्थान में 2 अगस्त को व्यापक बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है, जिसके बाद 3 से 8 अगस्त तक हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश होगी। वहीं पूर्वी राजस्थान में 2 से 8 अगस्त तक छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान है।पहाड़ी राज्यों में आफत की बारिश: हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर का हालपहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते व्यापक रूप से मूसलाधार बारिश होने का अलर्ट है। उत्तराखंड में 2 से 8 अगस्त के दौरान बिजली कड़कने और भारी बारिश की लगातार चेतावनी दी गई है।जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 2 से 6 अगस्त और 8 अगस्त को व्यापक बारिश होगी। 2 से 5 अगस्त के बीच भारी बारिश के साथ-साथ पूरे हफ्ते (2-8 अगस्त) 30-40 किमी/घंटे से लेकर 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और थंडरस्टॉर्म की संभावना जताई गई है।पूर्वी भारत और बिहार: 3 अगस्त को बिहार में अत्यंत भारी बारिश का अलर्टमध्य और पूर्वी हिमालय की तलहटी में अगले 4-5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश में इजाफा होगा। बिहार में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश होगी। आईएमडी के मुताबिक बिहार में 2, 4 और 5 अगस्त को भारी बारिश होगी जबकि 3 अगस्त को राज्य में पृथक स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने का गंभीर अलर्ट है। 6 से 8 अगस्त के दौरान बिहार में बारिश में कमी आएगी। वहीं झारखंड में 3 से 8 अगस्त के बीच व्यापक बारिश और 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है।उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 से 5 अगस्त के दौरान अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 5 से 7 अगस्त के बीच भारी बारिश होगी। ओडिशा में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते भारी बारिश और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 2 से 6 अगस्त तक भारी बारिश के साथ 4 से 8 अगस्त के बीच 50-60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट है।पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल में 5 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिशपूर्व व पूर्वोत्तर भारत में अगले 5 दिनों के दौरान मानसूनी बारिश की गतिविधियों में काफी तेजी आएगी। असम और मेघालय में 2 से 5 अगस्त के दौरान व्यापक भारी बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी तथा 5 से 7 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहेगी। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 से 8 अगस्त के दौरान पूरे हफ्ते काफी व्यापक बारिश होगी, जिसमें 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 5 से 8 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 4 अगस्त से बढ़ेगी बारिशमध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 8 अगस्त के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और 5 से 8 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जाएगी। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। 2 से 6 अगस्त के बीच दोनों हिस्सों में तेज हवाएं (30-40 किमी/घंटा) और बिजली कड़कने का अलर्ट है। छत्तीसगढ़ में 3 से 8 अगस्त के दौरान काफी व्यापक स्तर पर भारी बारिश होगी। विदर्भ में 2 अगस्त और 6 से 8 अगस्त के दौरान व्यापक वर्षा देखने को मिलेगी।पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र में भारी बारिशकोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में 2 से 8 अगस्त तक पूरे हफ्ते व्यापक स्तर पर बारिश जारी रहेगी और 2-3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है और 3 अगस्त को भारी बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में 2 अगस्त को भारी बारिश और बिजली कड़कने के बाद 3 से 8 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश दर्ज की जाएगी।दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक और केरल में भारी बारिश, तमिलनाडु में अलर्टदक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी बारिश में कुल मिलाकर कमी दर्ज की जाएगी, लेकिन कुछ तटीय इलाकों में बारिश का जोर बना रहेगा। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। इसके बाद 3 अगस्त को भी इन क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान है।ये भी पढ़ें- जंतर-मंतर पर हमले की थी साजिश, गर्लफ्रेंड के सोशल मीडिया पोस्ट से खुली PAK आतंकी की पोलकेरल और माहे में 2-3 अगस्त और फिर 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश होगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराकल में 2 और 3 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में 2 से 6 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंके वाली हवाएं चलेंगी।
IMD Heavy Rain Alert: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 से 7 अगस्त के बीच उत्तर, मध्य, पूर्व, पश्चिम, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के अनेक राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है।IMD ने 2 अगस्त से 7 अगस्त तक देश भर के मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान और अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों तक उत्तर, पूर्व, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश, तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।उत्तर भारत में बारिश का अलर्टहिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने कीआशंका है। मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में भी कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।मध्य और पूर्वी भारत पर भी मेहरबान रहेगा मानसूनमध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी व्यापकबारिश होने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा बिहार, ओडिशा, झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।इन राज्यों मेंतेज बारिश की आशंकाअरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी लगातार बारिश का दौर बना रहेगा। वहीं केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में भी कई स्थानों पर भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने कीआशंका है। कुछ इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।पहाड़ी राज्य: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर (लद्दाख, गिलगित-बालटिस्तान और मुज़फ़्फ़राबाद) में 2 से 7 अगस्त के दौरान व्यापक स्तर पर भारी बारिश और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।मैदानी क्षेत्र: पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: 3 से 4 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 3 से 7 अगस्त और पूर्वी यूपी में 2 से 6 अगस्त के बीच भारी बारिश होने कीआशंका है।राजस्थान: पूर्व और पश्चिम राजस्थान में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ 30-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलनेकी आशंका है।कोंकण, गोवा और गुजरात: कोंकण और गोवा में 2 से 7 अगस्त तक लगातार भारी बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ में 2 से 3 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है।दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश कीआशंका है। 2 अगस्त को उत्तरी एवं दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 50-70 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं (Thundersquall) चल सकती हैं।तापमान औरबारिश की स्थितिहालिया बारिश: पिछले 24 घंटों में केरल के कन्नानूर (11 सेमी) और त्रिशूर (10 सेमी) में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। जबकि गुजरात के राजकोट में 7 सेमी बारिश हुई।तापमान: मध्य प्रदेश के खरगोन में देश का सबसे कम न्यूनतम तापमान (18.2C) और तमिलनाडु के तोंडी में सबसे अधिक अधिकतम तापमान (40.5C) दर्ज किया गया।मछुआरों के लिए विशेष चेतावनीमौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में समुद्र उग्र रहने की आशंका जताई है। गुजरात, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप और श्रीलंका से लगे समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।अरब सागर:मौसम विभाग के मुताबिक, 6 अगस्त तक सोमालिया, ओमान तटों, गुजरात, कर्नाटक, केरल तटों और लक्षद्वीप के आसपास समुद्र में भीषण हलचल रहेगी।बंगाल की खाड़ी: 6 अगस्त तक श्रीलंका तट और अंडमान सागर से सटे इलाकों में तेज हवाओं के कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।बीते 24 घंटे मेंइन राज्यों में हुई अच्छी बारिशपिछले 24 घंटों के दौरान असम-मेघालय, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पूर्वी राजस्थान, पश्चिम उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, कोंकण-गोवा, महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक समेत कई राज्यों में व्यापक बारिश दर्ज की गई। केरल और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ इलाकों में भारीबारिश रिकॉर्ड की गई। IMDने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।ये भी पढ़ें- Ethanol Petrol Row: '...तो दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹125 प्रति लीटर होती'; एथेनॉल विवाद पर सरकार का बड़ा दावा
देशभर से आए 26 अधिकारियों ने समझा इंदौर का स्वच्छता एवं शहरी प्रबंधन मॉडल
Clean City : एसोसिएशन आफ म्युनिसिपैलिटीज एंड डेवलपमेंट अथॉरिटीज (एएमडीए), नई दिल्ली द्वारा 30 जुलाई से 1 अगस्त 2026 तक इंदौर में अधिकारियों के अध्ययन दौरे का आयोजन किया। इसमें दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश तथा अरुणाचल प्रदेश के 26 वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
India Weather Update: देश में अभी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य, बिहार, उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर समेत कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। कुछ जगहों पर फ्लैश फ्लड और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय रहने से व्यापक बारिश का माहौल है। हालांकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगस्त 2026 के लिए पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा है कि पूरे देश में बारिश औसत से कम (LPA का 94% से कम) रहने की संभावना है। वैसे उत्तर-पश्चिम, मध्य भारत, पूर्वी प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। एल नीनो की स्थिति भी मानसून को प्रभावित कर रही है। इस बीच IMD ने वेदर बुलेटिन में 2 अगस्त के लिए दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और दक्षिण भारत के राज्यों सहित देश भर में भारी से बहुत भारी बारिश, थंडरस्क्वॉल और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है।मौसम विभाग के अनुसार, 2 अगस्त को देश के 7 राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।इन 7 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्टमौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक रविवार को देश के 7 प्रमुख राज्यों के छिटपुट इलाकों में अत्यंत मूसलाधार यानी भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पूरे राजस्थान में कई जगहों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के साथ-साथ पूर्वोत्तर के नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे में पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।दिल्ली-यूपी, बिहार समेत इन 16 राज्यों में होगी भारी बारिश देश के 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2 अगस्त को तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। आईएमडी ने निम्नलिखित इलाकों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। उत्तर भारत: हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पूर्व उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख। पूर्व व मध्य भारत: बिहार, ओडिशा, अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात राज्य। पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय। इन इलाकों से टकराएगा थंडरस्क्वॉल, 60 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएंरविवार को कई राज्यों में गरज-चमक के साथ-साथ तूफानी हवाओं का प्रभाव भी देखा जाएगा। आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग जगहों पर 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं यानी थंडरस्क्वॉल चलने का गंभीर अलर्ट है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, तटीय कर्नाटक, झारखंड, केरल व माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल और पश्चिम मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, राजस्थान और तेलंगाना में तेज गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटे की गति से झोंके वाली हवाएं चलने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, ओडिशा, उत्तराखंड और विदर्भ में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना में मैदानी व तटीय क्षेत्रों में तेज सतही हवाएं चलेंगी।
दक्षिण-पश्चिम मानसून इस समय देशभर में सक्रिय है। इस वजह से कई इलाकों में धुआंधार बारिश हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विदर्भ और दक्षिण मध्य प्रदेश के आसपास एक डिप्रेशन सिस्टम सक्रिय है, जो पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे पश्चिमी, मध्य और उत्तरी भारत में भारी बारिश की संभावना बढ़ गई है। कई इलाकों में जलभराव, फ्लैश फ्लड और यातायात बाधाओं का खतरा है। इस बीच मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 अगस्त को जारी अपने वीकली वेदर बुलेटिन में अगले 7 दिनों के लिए देश के अलग अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और तूफानी हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया है।मौसम विभाग के मुताबिक 1 अगस्त को गुजरात, केरल व माहे, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग जगहों पर बेहद भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद इन इलाकों में बारिश की तीव्रता में कमी आएगी। उत्तर-पूर्वी और उत्तर-पश्चिम भारत में पूरे सप्ताह भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।पश्चिम भारत: गुजरात में आज अत्यधिक भारी बारिश, महाराष्ट्र में भी अलर्टपश्चिम भारत के राज्यों में अगस्त के शुरुआती दिनों में मानसून की स्थिति काफी आक्रामक रहेगी। 1 अगस्त को गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है। 1 से 2 अगस्त के दौरान भी क्षेत्र में भारी बारिश बनी रहेगी। कोंकण व गोवा में 1 से 7 अगस्त तक व्यापक बारिश होगी, जिसमें 1 से 3 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। मध्य महाराष्ट्र में 1 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 2-3 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है। सौराष्ट्र और कच्छ में 1 से 3 अगस्त तक व्यापक बारिश की संभावना है।उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में अगले 7 दिन कैसा रहेगा मौसम?उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में 1 से 7 अगस्त के बीच भारी बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 से 7 अगस्त और पश्चिम उत्तर प्रदेश में 3 से 7 अगस्त तक व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान 2 से 6 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज हो सकती है। पूर्वी और पश्चिम राजस्थान में 1 और 2 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 1-2 अगस्त के दौरान आंधी, बिजली और 30-40 किमी/घंटे (झोंके 50 किमी/घंटे) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली और पंजाब में 3 से 7 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी, जिनमें 2 से 4 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 1 से 7 अगस्त तक व्यापक बारिश होगी। इन राज्यों में 1 से 7 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश और 30-40 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।मध्य भारत: मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधिपश्चिम मध्य प्रदेश में 1 अगस्त को भारी बारिश और व्यापक वर्षा होगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 7 अगस्त के बीच व्यापक बारिश और भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। छत्तीसगढ़ में 3 से 7 अगस्त तक व्यापक बारिश और भारी वर्षा दर्ज हो सकती है। विदर्भ में 1 अगस्त और फिर 5-6 अगस्त के दौरान व्यापक वर्षा होगी, जबकि 2 से 5 अगस्त के दौरान बिजली कड़कने की संभावना है।पूर्व और पूर्वोत्तर भारत: असम से बिहार तक बहुत भारी बारिश का अलर्टपूर्व और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में पूरे हफ्ते मूसलाधार बारिश का दौर बना रहेगा। असम व मेघालय में 1 और 4 अगस्त को, और अरुणाचल प्रदेश में भी 1 व 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश (Very Heavy Rainfall) की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 1 से 4 अगस्त के दौरान बहुत भारी बारिश और 5 से 7 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 1 से 5 अगस्त के बीच बहुत भारी बारिश की संभावना है। बिहार में 2 से 5 अगस्त, ओडिशा में 2 से 7 अगस्त, और झारखंड में 5 अगस्त को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 1 से 7 अगस्त तक 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश होगी।दक्षिण भारत: कर्नाटक और केरल में आज अत्यंत भारी बारिश, थंडरस्क्वॉल की चेतावनीदक्षिण भारतीय प्रायद्वीप में 1 अगस्त को मानसून का सबसे रौद्र रूप देखने को मिलेगा। 1 अगस्त को केरल व माहे, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश होगी। 2 अगस्त को इन क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 1 से 2 अगस्त के दौरान 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तूफानी आंधी चलने की संभावना है, जिसके झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।तटीय कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना में 1 से 5 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं और गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराकल में 1 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
India Weather Today: शनिवार 1 अगस्त को देश के बड़े हिस्से में मानसून रौद्र रूप दिखाने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने बुलेटिन में गुजरात, मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और बिहार समेत देश के 21 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, थंडरस्क्वॉल और आंधी-तूफान की गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम विदर्भ और उससे सटे दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह वेदर सिस्टम विदर्भ, दक्षिण मध्य प्रदेश और उससे सटे मध्य महाराष्ट्र से गुजरते हुए एक वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल जाएगा। इस मौसमी हलचल के प्रभाव से शनिवार को देश के मैदानी, तटीय और पहाड़ी इलाकों में तूफानी बारिश देखने को मिलेगी।गुजरात में अत्यधिक भारी बारिश; जलभराव और ट्रैफिक ठप होने की आशंकागुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में 1 अगस्त को मौसम का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। आईएमडी ने इस पूरे इलाके में बेहद भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट दिया है। गुजरात के कुछ हिस्सों में 21 सेंटीमीटर से भी अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है। इस मूसलाधार बारिश के चलते निचले इलाकों में बाढ़, गंभीर जलभराव और स्थानीय स्तर पर पानी भरने का खतरा है, जिससे सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।मुंबई और कोंकण-गोवा में बहुत भारी वर्षा; महाराष्ट्र के घाट इलाकों में अलर्टमहाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश को लेकर चेतावनी दी गई है। मुंबई समेत कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। घाट क्षेत्रों सहित मध्य महाराष्ट्र में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मराठवाड़ा के छिटपुट इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।उत्तर भारत में मौसम का हाल: पूर्वी राजस्थान में बहुत भारी बारिश, दिल्ली में छाएंगे बादलउत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में भी मानसून की तेज रफ्तार देखने को मिलेगी। पूर्वी राजस्थान में कई जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। दिल्ली में आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के एक या दो दौर हो सकते हैं। दिल्ली में तापमान 24 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि दोपहर के समय दक्षिण-पूर्वी हवाएं 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं।जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिम राजस्थान में पृथक स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर भारत: मूसलाधार बारिश और 50 किमी/घंटे की आंधीपूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिशके साथ बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। 01-08-2026 02:18 Hrs IST01-08-2026 05:18 Hrs IST: Lightning/Thunderstorms with gusty winds (around 60 kmph) and heavy rain (>15 mm/h) very likely over following… pic.twitter.com/kC0t8F6OfZ— India Meteorological Department (@Indiametdept) July 31, 2026 दक्षिण भारत: इन इलाकों में टकराएगा थंडरस्क्वॉल, 70 किमी/घंटे की गति से चलेंगे झोंकेदक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश के साथ-साथ तूफानी हवाओं का भयंकर प्रकोप देखने को मिल सकता है। तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी, जो झोंकों के साथ 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। दक्षिण भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में प्रवासी मजदूरों पर आतंकियों ने की फायरिंग, एक की मौत, एक घायल
ईडी का बड़ा एक्शन: असम-अरुणाचल शराब रैकेट में शिकंजा
19 आरोपियों पर एफआईआर, करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा अरुणाचल से असम तक शराब तस्करी का सिंडिकेट बेनकाब 739 केसों में 2.63 लाख लीटर शराब जब्त दीवान-शर्मा-लोहिया पर आरोप, वेयरहाउस नेटवर्क से कंट्रोल गुवाहाटी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अरुणाचल प्रदेश और असम के बीच चल रहे बड़े पैमाने पर शराब की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट के मामले में 19 आरोपियों के खिलाफ 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (पीएमएलए), 2002 के तहत मुकदमा चलाने की शिकायत दर्ज कराई है। इन आरोपियों में पांच मुख्य आरोपी और 14 बॉन्डेड वेयरहाउस कंपनियां शामिल हैं। ईडी के गुवाहाटी जोनल ऑफिस के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट में मुख्य आरोपियों के तौर पर संजय दीवान, नीरज शर्मा, राजन लोहिया, शंकर देब और समीर मेहता के नाम शामिल हैं। यह मामला अरुणाचल प्रदेश से असम में शराब के गुप्त उत्पादन और अवैध ट्रांसपोर्टेशन से जुड़ा था, जिसके कारण बड़े पैमाने पर टैक्स की चोरी और अपराध से कमाई हुई। मनी लॉन्ड्रिंग की जांच असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा पर स्थित जिलों में असम पुलिस द्वारा दर्ज की गई 173 एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। ईडी द्वारा की गई बैंकिंग एनालिसिस में पाया गया कि नौ होलसेल कंपनियों को कुल मिलाकर लगभग 1,047.93 करोड़ रुपए का कैश डिपॉजिट मिला, जिसे एजेंसी ने अपराध से हुई कमाई माना। इसके बाद इन फंड्स को आरटीजीएस और एनईएफटी के जरिए 14 बॉन्डेड वेयरहाउस कंपनियों में ट्रांसफर किया गया, फिर मैन्युफैक्चरिंग लेवल पर इकट्ठा किया गया और अंत में वैध बिजनेस मुनाफे के तौर पर दिखाया गया। लॉन्ड्रिंग से प्राप्त राशि को कथित तौर पर पर्सनल और हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली (एचयूएफ) अकाउंट्स में डायवर्ट किया गया और चल-अचल संपत्तियों में इन्वेस्ट किया गया। ईडी का आरोप है कि आरोपियों ने एक अच्छी तरह से सुनियोजित सिंडिकेट चलाया, जो अरुणाचल प्रदेश में शराब बनाता था और जरूरी ट्रांजिट परमिट या एक्साइज वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट (ईवीसी) के बिना इसे असम में तस्करी करता था। खबरों के अनुसार, शराब की बोतलों पर 'अरुणाचल प्रदेश में बिक्री के लिए' लिखा होता था, लेकिन राज्य की काफी ज्यादा एक्साइज ड्यूटी और वैल्यू एडेड टैक्स (वीएटी) से बचने के लिए उन्हें अवैध रूप से असम भेज दिया जाता था। एजेंसी के अनुसार, असम एक्साइज अधिकारियों ने जनवरी 2023 और अप्रैल 2026 के बीच 739 अलग-अलग मामलों में ऐसी 2.63 लाख बल्क लीटर से ज्यादा शराब जब्त की, जिसकी कीमत लगभग 52.77 करोड़ थी। ईडी ने कहा कि ये जब्ती राज्य में कथित तौर पर तस्करी की गई कुल मात्रा का सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा थी। जांच में यह भी पता चला कि तीन मुख्य आरोपियों - दीवान, शर्मा और लोहिया ने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, बॉंडेड वेयरहाउस, होलसेल डिस्ट्रीब्यूटर्स और रिटेल आउटलेट्स के एक बड़े नेटवर्क के जरिए अरुणाचल प्रदेश के शराब के कारोबार पर लगभग पूरा कंट्रोल बना लिया था। जांचकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि शराब बनाने वाली यूनिट्स ने बिना जरूरी एक्साइज ड्यूटी चुकाए अपनी प्रोडक्शन क्षमता काफी बढ़ा ली, जिससे भारी मात्रा में ऐसी शराब बनी, जिसका कोई हिसाब-किताब नहीं था और जिसे बाद में असम में तस्करी करके भेजा गया।
Bigg Boss 18 : चुम दरांग को मिला अरुणाचल प्रदेश के सीएम का सपोर्ट
सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 18' अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर कोई इस सीजन का विनर बनने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन दिनों शो में 'टिकट टू फिनाले' टास्क चल रहा है। इस टास्क में विवियन डीसेना और चुम दरंग आमने-सामने खड़े हैं। वहीं ...

