निजी शिक्षण संस्थानों को बुनियादी ढांचे के मानकों का पालन करना जरूरी: अरुणाचल के राज्यपाल
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) के.टी. परनायक ने कहा कि निजी शिक्षण संस्थानों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित बुनियादी ढांचे के मानकों का सख्ती से पालन करना चाहिए और आवश्यक सुविधाओं को लगातार बनाए रखना चाहिए
संगठन सृजन अभियान: 6 कांग्रेस नेताओं को बाहरी राज्यों में पर्यवेक्षक बनाया
जयपुर| कांग्रेस आलाकमान ने चार राज्यों में हो रहे संगठन सृजन अभियान में राजस्थान कांग्रेस के भी 6 नेताओं को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इसके तहत महाराष्ट्र के लिए दानिश अबरार, विधायक मनीष यादव और पाली से लोकसभा प्रत्याशी रहीं संगीता बेनीवाल को पर्यवेक्षक लगाया गया है। दिल्ली में करौली धौलपुर से लोकसभा सांसद भजनलाल जाटव को पर्यवेक्षक लगाया गया है। अरुणाचल प्रदेश में जाहिदा शबनम को पर्यवेक्षक बनाया है। पार्टी हाईकमान ने संगठन सृजन अभियान में देशभर से कांग्रेस नेताओं को पर्यवेक्षक लगाया है। संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल ने इसके आदेश जारी किए।
उत्तर प्रदेश में स्थायी DGP की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद हलचल तेज हो गई है। करीब 4 साल से यूपी पुलिस को स्थायी DGP नहीं मिला है। हालांकि, राज्य सरकार नियम बना चुकी है, लेकिन अब तक लागू नहीं करा सकी है। अब सवाल यह है कि यूपी सरकार अपने ही नियम लागू क्यों नहीं करा पा रही? राज्य सरकार ने क्या नियम बनाए थे? UPSC की रूलिंग के हिसाब से मौजूदा कार्यवाहक DGP राजीव कृष्ण स्थायी कब हो सकते हैं? पढ़िए दैनिक भास्कर की इस रिपोर्ट में… सरकार क्यों नहीं लागू कर पा रही अपने ही नियम? यूपी सरकार ने सितंबर, 2024 में स्थायी DGP की नियुक्ति के लिए ‘पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश चयन एवं नियुक्ति नियमावली, 2024’ को मंजूरी दी थी। सीनियर जर्नलिस्ट राजेंद्र कुमार बताते हैं कि राज्य सरकार ने जो नियम बनाए थे, उसमें कई पेंच थे। उन नियमों को कोर्ट में चैलेंज किया जा सकता है। यही वजह है कि सरकार ने अपनी ही नियमावली ठंडे बस्ते में डाल दी है। UPSC स्वायत्त संस्था है। इसे राज्य सरकार निर्देशित नहीं कर सकती। इसी तरह DGP के अखिल भारतीय सेवा (IPS) का अफसर होने के चलते ये मामला केंद्र सरकार के काम में हस्तक्षेप के तौर पर भी देखा जा रहा। नियमावली के अहम पहलू चयन समिति: हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में 6 सदस्यीय समिति बनेगी। इसमें मुख्य सचिव, UPSC का एक प्रतिनिधि, UPPSC के अध्यक्ष या उनका प्रतिनिधि, अपर मुख्य सचिव (गृह) और एक पूर्व DGP शामिल होंगे। कार्यकाल: DGP के रूप में नियुक्त अफसर का कार्यकाल कम से कम 2 साल का होगा। योग्यता: अफसर के रिटायरमेंट की तारीख कम से कम 6 महीने बाद की हो। प्रक्रिया: DGP की नियुक्ति के लिए UPSC को पैनल भेजने की जरूरत नहीं। राज्य सरकार चयन समिति की सिफारिश पर नियुक्ति करेगी। 2006 के प्रकाश सिंह केस में सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रक्रिया को निर्देशों के अनुरूप बताया है।हटाना: कार्य में विफलता या अन्य कारणों से राज्य सरकार की नियमावली के तहत DGP को पद से हटाया जा सकता है। वरिष्ठता में सबसे ऊपर कौन IPS अफसरों के वरिष्ठता क्रम में सबसे ऊपर रेणुका मिश्रा का नाम है। उनके अलावा 2 अन्य अफसर भी कार्यवाहक DGP राजीव कृष्ण से सीनियर हैं। इनमें 1991 बैच के IPS आलोक शर्मा और पीयूष आनंद का नाम शामिल है। आलोक शर्मा इसी साल जून में रिटायर हो जाएंगे। राजीव कृष्ण कब बन सकते हैं स्थायी DGP मौजूदा कार्यवाहक DGP राजीव कृष्ण की नियुक्ति जून, 2025 में हुई थी। योगी सरकार ने करीब 7 सीनियर अफसरों को पीछे करके उन्हें DGP बनाया था। अगर UPSC के जरिए नियुक्ति होती, तो राजीव DGP नहीं बन पाते। दरअसल, UPSC 3 सबसे सीनियर अफसरों के नाम का पैनल राज्य सरकार को भेजती है। उन्हीं में से एक को DGP चुना जाता है। हालांकि, अब राजीव से सीनियर 4 अफसर रिटायर हो चुके हैं। मौजूदा वक्त में भी वह वरिष्ठता में चौथे नंबर पर हैं। जून में आलोक शर्मा के रिटायर होने के बाद राजीव कृष्ण तीसरे नंबर पर होंगे। उनसे सीनियर दो अन्य अफसर रेणुका मिश्रा और पीयूष आनंद CM योगी की पसंद के नहीं बताए जाते। रेणुका मिश्रा को तो फरवरी, 2024 में भर्ती बोर्ड से हटाए जाने के बाद अब-तक पोस्टिंग तक नहीं दी गई है। उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के लिए अप्लाई है। हालांकि, अभी तक इसकी मंजूरी नहीं मिली है। यूपी में 4 साल से स्थायी DGP नहीं यूपी पुलिस के आखिरी स्थायी DGP मुकुल गोयल थे। 11 मई, 2022 को उन्हें पद से हटाकर देवेंद्र सिंह चौहान को कार्यवाहक DGP बनाया गया था। चौहान का कार्यकाल 31 मार्च, 2023 तक रहा। उनके बाद राजकुमार विश्वकर्मा और फिर विजय कुमार को कार्यवाहक DGP बनाया गया। विजय कुमार 31 जनवरी, 2024 को रिटायर हुए तो प्रशांत कुमार कार्यवाहक DGP बने। मई, 2025 में उनके रिटायरमेंट के बाद 1991 बैच के IPS राजीव कृष्ण को कार्यवाहक DGP बनाया गया। सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामला, राज्यों को नोटिसDGP की नियुक्ति के नियमों का पालन न करने पर सुप्रीम कोर्ट ने 12 मार्च, 2026 को 6 राज्यों पंजाब, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मणिपुर और मिजोरम को अवमानना नोटिस जारी किया था। इस मामले में अगली सुनवाई 1 अप्रैल को है। अब देखना दिलचस्प होगा कि 1 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार का रुख क्या रहता है? हालांकि, जानकारों का कहना है कि सरकार किसी भी तरह मामले को जून तक खींच कर ले जाएगी। उसके बाद राजीव कृष्ण UPSC के नियमों के तहत भी स्थायी DGP बनने के लिए एजिबिल हो जाएंगे। फिर सरकार उन्हें स्थायी DGP बना देगी। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें… पश्चिमी यूपी में सपा का बड़ा दांव, नोएडा के दादरी में होगी ‘समानता भाईचारा रैली’, अखिलेश 2027 की जमीन मजबूत करने में जुटे समाजवादी पार्टी पश्चिमी यूपी से अपने 2027 के अभियान को धार देगी। अखिलेश यादव 2026 की पहली बड़ी रैली नोएडा के दादरी में करने जा रहे हैं। यह रैली गुर्जर समाज के लोगों की ओर से हो रही है। सपा प्रवक्ता राज कुमार भाटी इसकी अगुवाई करेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
एपीएसएसबी भर्ती 2026: कांस्टेबल समेत 984 पदों पर वैकेंसी, 23 मार्च से आवेदन शुरू
अरुणाचल प्रदेश कर्मचारी चयन बोर्ड (एपीएसएसबी) ने विभिन्न विभागों में कुल 984 ग्रुप-सी पदों की भर्ती के लिए वर्दीधारी सेवा संयुक्त परीक्षा 2026 के लिए विशेष भर्ती अभियान के तहत ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी किया है।
29 राज्यों सहित 5 केंद्र शासित प्रदेशों को भेजा गया 48,240 किलोलीटर केरोसिन का कोटा
भास्कर न्यूज | जालंधर मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच युद्ध जैसे हालातों के कारण वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर खतरा बढ़ गया है। इसी स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 29 राज्य और पांच केंद्र शासित प्रदेशों को मिट्टी तेल का अतिरिक्त 48,240 किलोलीटर का कोटा जारी किया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार वर्ष 2025-26 के लिए राज्यों को एडहॉक के आधार पर केरोसिन का अतिरिक्त आवंटन दिया गया है, ताकि अगर अंतरराष्ट्रीय हालातों की वजह से ईंधन की सप्लाई प्रभावित होती है तो आम लोगों को परेशानी न हो। इस समय पूरे देश में सिलेंडर न मिलने और बुकिंग न होने के कारण लोग काफी परेशान हो रहे हैं। ऐसे हालातों को कंट्रोल करने के लिए ही केंद्र सरकार ने ये फैसला लिया है। सरकार ने देश के 29 राज्य और पांच केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कुल 48,240 किलोलीटर केरोसिन आवंटित किया है। यह केरोसिन मुख्य रूप से सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी राशन की दुकानों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाएगा। कुछ राज्यों में इसे तेल कंपनियों के पेट्रोल पंपों के जरिए भी उपलब्ध कराया जा सकता है। केंद्र सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि राज्यों को यह पूरा केरोसिन 45 दिन के भीतर उठाना होगा। तय समय में कोटा नहीं उठाने पर वह लैप्स हो जाएगा। अंडमान और निकोबार – 24 आंध्र प्रदेश – 2,772 अरुणाचल प्रदेश – 264 असम – 1,248 बिहार – 4,452 छत्तीसगढ़ – 936 गोवा – 24 गुजरात – 1,452 हरियाणा – 876 हिमाचल प्रदेश – 408 जम्मू-कश्मीर – 468 झारखंड – 972 कर्नाटक – 2,304 केरल – 1,716 लद्दाख – 24 लक्षद्वीप – 12 मध्य प्रदेश – 2,436 महाराष्ट्र – 3,744 मणिपुर – 156 मेघालय – 96 मिजोरम – 84 नागालैंड – 72 ओडिशा – 1,884 पुडुचेरी– 48 पंजाब – 1,176 राजस्थान – 2,928 सिक्किम – 36 तमिलनाडु – 3,228 तेलंगाना – 1,740 त्रिपुरा – 132 दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव – 36 उत्तर प्रदेश – 7,932 उत्तराखंड – 396 पश्चिम बंगाल – 4,164 आवंटन– 48,240 किलोलीटर सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि केरोसिन की कीमतों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। लोगों को यह तेल पहले से तय पुरानी दरों पर ही मिलेगा। राज्यों को सलाह दी गई है कि वितरण के दौरान ग्रामीण और गरीब परिवारों को प्राथमिकता दी जाए, क्योंकि कई क्षेत्रों में अभी भी खाना पकाने और रोशनी के लिए केरोसिन का उपयोग किया जाता है। केंद्र ने राज्यों को चेतावनी दी है कि केरोसिन का इस्तेमाल सिर्फ खाना पकाने और रोशनी के लिए ही होना चाहिए। यह सुनिश्चित किया जाए कि इसकी पेट्रोल या डीजल में मिलावट न हो और कहीं भी इसका गलत उपयोग न किया जाए।
प्रदेश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का लगातार दायरा बढ़ रहा है। राजस्थान में पिछले एक साल में 1352 शाखाएं बढ़ी हैं। प्रदेश में अब 12 हजार 109 शाखाएं लग रही हैं। वहीं 5 हजार 950 मिलन संचालित हो रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में 7 हजार 910 स्थानों पर संगठनात्मक कार्य संचालित हो रहा है। जबकि पिछले साल (2024-25) प्रदेश में 6 हजार 839 स्थानों पर 10 हजार 757 शाखाएं और 5 हजार 311 मिलन संचालित हुए थे। प्रदेश में पिछले एक साल में 7175 हिंदू सम्मेलन हुए। इन सम्मेलनों में 76 लाख 30 हजार 965 लोगों की सहभागिता रही। इन हिंदू सम्मेलनों में पुरुषों से ज्यादा महिलाएं शामिल हुई। इन सम्मेलनों में 35 लाख 03 हजार 278 पुरुष और 41 लाख 26 हजार 687 महिलाएं शामिल हुईं। क्षेत्र संघचालक डॉ. रमेशचंद्र अग्रवाल ने सोमवार को जयपुर स्थित सेवा सदन में हरियाणा के समालखा में हुई तीन दिवसीय (13 से 15 मार्च) अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विजयादशमी तक शाखाओं की संख्या ओर बढ़ाई जाएगी। इस दौरान उन्होंने जातीय जनगणना और दो से ज्यादा बच्चों को लेकर संघ के विचार भी साझा किए। अब संघ में तीन प्रांत की जगह होंगे पांच संभाग संघ के नए स्ट्रक्चर में अब राजस्थान में जयपुर, जोधपुर, चित्तौड़गढ़, कोटा और बीकानेर पांच संभाग होंगे। प्रांत प्रचारक की जगह अब संभाग प्रचारक होंगे। कार्यक्षेत्र भौगोलिक आधार पर तय किया जाएगा। राज्य में अभी संघ का कार्य क्षेत्र तीन प्रांत जयपुर, जोधपुर और चित्तौड़गढ़ में विभाजित है। नई व्यवस्था लागू होने के साथ प्रांत प्रणाली समाप्त हो जाएगी। नए स्ट्रक्चर में राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, जम्मू, उत्तरप्रदेश और पंजाब को मिलाकर एक क्षेत्र बनाया जाएगा। नए स्ट्रक्चर का मकसद छोटी इकाइयों पर ज्यादा फोकस करना है। लेह-अंडमान तक पहुंचीं नियमित शाखाएं डॉ. रमेशचंद्र अग्रवाल ने बताया कि संघ अंडमान, अरुणाचल प्रदेश, लेह तथा दुर्गम जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंच चुका है, जहां नियमित रूप से शाखाएं संचालित हो रही हैं। देश के दूरस्थ क्षेत्रों में भी संघ कार्य के प्रति उत्साह दिखाई दे रहा है। अंडमान के नौ प्रमुख द्वीपों से 13 हजार से अधिक लोग सरसंघचालक की मौजूद में आयोजित हिंदू सम्मेलन में शामिल हुए। अरुणाचल प्रदेश में 21 स्वधर्म सम्मेलनों में 37 हजार से अधिक लोगों की सहभागिता रही। जातिगत जनगणना के नाम पर समाज को बांटा तो संघ विरोध करेगा रमेशचंद्र अग्रवाल ने कहा कि संघ का स्पष्ट मानना है कि अच्छे शासन, अच्छी प्रकार की योजनाएं बनाने के लिए जातिगत जनगणना होती है तो संघ को आपत्ति नहीं है। लेकिन जातिगत जनगणना के नाम पर समाज को बांटने वाले कोई भी प्रश्न होते हैं तो संघ उसका प्रतिकार करेगा। दो से ज्यादा संतान के प्रश्न पर अग्रवाल ने कहा कि हिंदू समाज की जनसंख्या घट रही है। न्यूनतम चार-पांच बच्चे भी चलेंगे।
खगौल के ड्रग सप्लायर की संपत्ति होगी जब्त, दोनों बैंक खाते फ्रीज
खगौल के मुस्तफापुर नौनचक गांव निवासी ड्रग्स सप्लायर कल्लू पासवान को पूछताछ के बाद रविवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वह पटना का बड़ा पैडलर है और पूरे शहर में स्मैक, हेरोइन व ब्राउन शुगर की सप्लाई करता था। उसके पूरे नेटवर्क का पुलिस को पता चल गया है। ड्रग्स तस्करी से कल्लू ने कम समय में करोड़ों की संपत्ति बनाई है। फिलहाल पुलिस को उसके दो बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिन्हें फ्रीज करा दिया गया है। उसके घर से जमीन के कई कागजात भी मिले हैं। पुलिस को कल्लू का पैन कार्ड भी मिला है, जिससे उसकी संपत्ति और अन्य बैंक खातों की जानकारी मिलने की उम्मीद है। कल्लू खुद को केबल सप्लायर और टीवी मैकेनिक बताता है। खगौल में ही उसकी एक दुकान भी है, जिससे उसकी आमदनी महज 12 से 15 हजार रुपये प्रति माह बताई जाती है। इसके बावजूद उसने नौनचक में चार मंजिला आलीशान मकान बना रखा है। घर में सुख-सुविधा के सभी सामान मौजूद हैं। पुलिस अपराध से अर्जित इस संपत्ति को जब्त कराने की प्रक्रिया में जुट गई है। एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि कल्लू की संपत्ति जब्त की जाएगी। उसके नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिली है। कल्लू का बेटा फरार है और उसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है। आम लोग ड्रग्स या नशीले पदार्थों से जुड़ी सूचना 8102488655 नंबर पर दे सकते हैं। उनकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी। असम और अरुणाचल से मंगाता था खेप अब तक की जांच में सामने आया है कि कल्लू और उसका बेटा कई राज्यों से ड्रग्स की खेप मंगवाते थे। कल्लू ने पूछताछ में बताया कि उसके पास आरा से खेप आती थी, लेकिन जांच में पता चला है कि असम और अरुणाचल प्रदेश से भी ड्रग्स की सप्लाई होती थी। एसएसपी ने भी कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों से कल्लू ड्रग्स मंगवाता था। शनिवार देर रात तक चली छापेमारी के दौरान कल्लू के घर से 4.84 किलो ड्रग्स बरामद हुआ, जिसमें 2.02 किलो हेरोइन और 2.82 किलो ब्राउन शुगर शामिल है। बरामद ड्रग्स उच्च गुणवत्ता का है और इसकी कीमत करीब 7.50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। गोवा के पैडलर से संपर्क में था बिट्टू कल्लू का बड़ा बेटा बिट्टू भी उसके अवैध कारोबार में शामिल है। दूसरे राज्यों के तस्करों से बातचीत वही करता था। जांच में पता चला है कि बिट्टू ने कोर्ट प्यून की परीक्षा का फॉर्म भरा था। वह इंटर पास है। उसका एडमिट कार्ड कल्लू के मोबाइल में मिला है। रविवार को बिट्टू की परीक्षा खगड़िया में होनी थी। पुलिस की टीम शनिवार रात ही खगड़िया पहुंच गई थी। वहां की पुलिस के साथ परीक्षा केंद्र पर छापेमारी भी की गई, लेकिन बिट्टू नहीं मिला। वहां से जानकारी मिली कि वह परीक्षा देने नहीं आया। इधर पटना में देर रात तक पुलिस बिट्टू और उसके सहयोगियों की तलाश करती रही। कल्लू और बिट्टू के मोबाइल फोन भी पुलिस जांच रही है। दोनों के मोबाइल और घर से दर्जनों फ्लाइट टिकट मिले हैं, जिनमें कई टिकट पूर्वोत्तर राज्यों के हैं। सबसे अधिक टिकट गोवा के पाए गए हैं। पुलिस को पता चला है कि बिट्टू मौज-मस्ती के लिए अक्सर गोवा जाता था और वहां के पैडलरों के संपर्क में भी था। इसके अलावा दो दर्जन से अधिक मोबाइल नंबरों पर वाट्सएप कॉल के जरिए दोनों बाप-बेटों की लंबी बातचीत के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस सभी मोबाइल नंबरों की सीडीआर खंगाल रही है। पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए कई राज्यों की पुलिस से संपर्क किया जा रहा है।
विश्वविद्यालयों में मजबूत स्टार्ट-अप इकोसिस्टम विकसित करें: अरुणाचल के राज्यपाल
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के. टी. परनाइक ने शैक्षणिक संस्थानों से अपील की कि वे उद्यमिता को बढ़ावा दें और इनोवेशन हब, इन्क्यूबेशन सेंटर तथा स्टार्ट-अप लैब के माध्यम से मजबूत स्टार्ट-अप इकोसिस्टम विकसित करें, ताकि छात्र नौकरी खोजने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बन सकें।
अरुणाचल पर चीन का दावा भाजपा की गलती का नतीजा
चीन ने अपनी विस्तारवादी नीति और हड़पने वाली नीयत का परिचय देते हुए फिर से अरुणाचल प्रदेश को अपना हिस्सा बताया है
Bigg Boss 18 : चुम दरांग को मिला अरुणाचल प्रदेश के सीएम का सपोर्ट
सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 18' अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर कोई इस सीजन का विनर बनने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन दिनों शो में 'टिकट टू फिनाले' टास्क चल रहा है। इस टास्क में विवियन डीसेना और चुम दरंग आमने-सामने खड़े हैं। वहीं ...

