बौद्ध विरासत के संरक्षण में अरुणाचल प्रदेश की अहम भूमिका रही है: सीएम पेमा खांडू
ईटानगर, 3 नवंबर . अरुणाचल प्रदेश सदियों से बौद्ध दर्शन, संस्कृति और आध्यात्मिक आदान-प्रदान का जीवंत केंद्र रहा है. राज्य ने बौद्ध विरासत के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका…
कुल्लू के सिंदूरी अनार और अरुणाचल की कीवी का दुबई में जलवा! भारत ने भेजी 2.8 मीट्रिक टन फलों की खेप
भारत के पहाड़ी इलाकों में उगने वाले फलों की विदेशों में मांग बढ़ाने की दिशा में एक अहम पहल हुई है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू से 1.3 मीट्रिक टन सिंदूरी अनार और अरुणाचल प्रदेश के जीरो से 1.5 मीट्रिक टन कीवी दुबई भेजी गई है। वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक इन फलों को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बाजार तक पहुंचाया गया है। इस पहल के जरिए हिमाचल प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश के किसानों की उपज को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की कोशिश की गई है।कुल्लू के अनार की खेप दुबई भेजने से वहां के किसानों को विदेशी बाजार में अपनी उपज बेचने का मौका मिला है। वहीं अरुणाचल प्रदेश की कीवी को दुबई के एक बड़े रिटेल स्टोर में रखी गई है। यहां कस्टमर इसे देख और चखकर अपनी प्रतिक्रिया दे सकेंगे। दोनों निर्यात पहलों को कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने फेसिलेट किया है। आपको बता दें कि APEDA वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत काम करता है।कुल्लू से दुबई भेजे गए 1.3 मीट्रिक टन सिंदूरी अनारहिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से 1.3 मीट्रिक टन सिंदूरी किस्म के अनार दुबई भेजे गए हैं। इस खेप में 2-2 किलोग्राम के कुल 650 बॉक्स शामिल हैं। उत्तर प्रदेश की कंपनी अमामा एक्सपोर्ट्स ने इन अनारों का निर्यात किया है। इस खेप के लिए अनार सीधे स्थानीय किसानों और भुंतर फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (FPO) से खरीदे गए। इस FPO से करीब 600 किसान जुड़े हुए हैं। कुल्लू जिला बागवानी प्रशासन ने अनार की खरीद और इससे जुड़ी व्यवस्था में सहयोग किया।इस खेप को APEDA के चेयरमैन अभिषेक देव ने औपचारिक रूप से रवाना किया। इस मौके पर APEDA के अधिकारी, बागवानी विभाग के प्रतिनिधि, निर्यातक, किसान उत्पादक संगठन और किसान मौजूद थे।किसानों को घरेलू बाजार के मुकाबले 50% ज्यादा कीमत मिलीइस निर्यात पहल का एक अहम पहलू किसानों को मिलने वाली कीमत है। PIB के मुताबिक इस खेप में शामिल किसानों को आमतौर पर घरेलू बाजार में मिलने वाली कीमत के मुकाबले करीब 50 फीसदी ज्यादा मूल्य मिला है। इससे किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर बाजार और कीमत मिलने की संभावना सामने आई है। इस पहल में स्थानीय किसानों, FPO और निर्यातक को एक साथ जोड़कर सीधे खरीद की व्यवस्था की गई। इससे किसानों को अपनी उपज अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का अवसर मिला।APEDA के मुताबिक FPO के जरिए किसानों की सामूहिक भागीदारी और सीधे खरीद से बाजार तक पहुंच मजबूत करने में मदद मिल सकती है। इससे किसानों को निर्यात से जुड़े बाजारों में नए अवसर मिल सकते हैं और वे गुणवत्ता पर अधिक ध्यान देने के लिए प्रोत्साहित हो सकते हैं।सिंदूरी अनार की क्या है खासियत?हिमाचल प्रदेश में सिंदूरी के अलावा भागवा और कंधारी किस्म के अनार भी उगाए जाते हैं। सिंदूरी अनार की पहचान इसके आकर्षक लाल छिलके, रसदार दानों और मीठे-खट्टे स्वाद से होती है। इस किस्म का इस्तेमाल ताजे फल के रूप में खाने के लिए किया जाता है। इसके गुणों को देखते हुए इसे निर्यात बाजार के लिए भी उपयुक्त माना जा रहा है।कुल्लू से दुबई भेजी गई यह खेप हिमाचल प्रदेश के कृषि निर्यात को सेब से आगे बढ़ाने की कोशिश का हिस्सा है। राज्य में सेब का कारोबार पहले से स्थापित है लेकिन अब अनार, पर्सिमन, गुठली वाले फल, जूस और खाने के लिए तैयार उत्पादों को भी विदेशी बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं।अरुणाचल प्रदेश से दुबई पहुंची 1.5 मिट्रिक टन कीवीदूसरी खेप अरुणाचल प्रदेश के जीरो से दुबई भेजी गई है। इसमें 1.5 मीट्रिक टन कीवी शामिल है। यह एक ट्रायल एक्सपोर्ट यानी परीक्षण के तौर पर किया गया निर्यात है। यह खेप दुबई पहुंच चुकी है और वहां के लुलु हाइपरमार्केट, अल कुसैस में इसे डिस्प्ले किया गया है। इस पहल का उद्देश्य अरुणाचल प्रदेश की कीवी के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में संभावनाएं तलाशना और ग्राहकों की प्रतिक्रिया जानना है।इस पहल को पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (MDoNER) के तहत चलाया जा रहा है। इसके जरिए अरुणाचल प्रदेश की कीवी को Kiwi: USP of Arunachal Pradesh ब्रांडिंग के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने की कोशिश की जा रही है। इस कार्यक्रम को अरुणाचल प्रदेश सरकार के व्यापार एवं वाणिज्य विभाग और बागवानी विभाग के सहयोग से लागू किया गया है।अरुणाचल की कीवी की खासियत और प्रमुख किस्मेंअरुणाचल प्रदेश में ऊंचाई वाले इलाकों की जलवायु और प्राकृतिक परिस्थितियां कीवी की खेती के लिए अनुकूल हैं। यहां उगने वाली कीवी की गुणवत्ता और स्वाद को इसकी खास पहचान माना जाता है। राज्य में कीवी की प्रमुख किस्मों में हयवर्ड, मोंटी, एलिसन और ब्रूनो शामिल हैं। इनमें हयवर्ड किस्म की अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अच्छी मांग बताई गई है।दुबई के ग्राहक चखेंगे कीवी, फिर तय होगी आगे की रणनीतिअरुणाचल प्रदेश की कीवी को दुबई के रिटेल स्टोर तक पहुंचाना इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे यह पहल सिर्फ खेप रवाना करने तक सीमित नहीं रही बल्कि अब विदेशी बाजार में ग्राहकों की प्रतिक्रिया जानने का चरण शुरू हो गया है। लुलु हाइपरमार्केट में ग्राहकों को कीवी चखने का मौका दिया जाएगा। उनके फीडबैक के आधार पर यह समझने की कोशिश होगी कि दुबई के उपभोक्ताओं को इस फल का स्वाद और गुणवत्ता कैसी लगती है और वहां इसकी कितनी मांग हो सकती है।ये भी पढ़ें- कल का मौसम 4 नवंबर: छत्तीसगढ़, केरल और कर्नाटक समेत इन 6 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! IMD ने दी ये चेतावनी
Siang Dam प्रोजेक्ट के विरोध में बंद, Arunachal Pradesh के अपर सियांग में स्कूल और बाजार ठप
ईटानगर, दो नवंबर अरुणाचल प्रदेश के अपर सियांग जिले में प्रस्तावित जलविद्युत परियोजना के विरोध में कई संगठनों के 36 घंटे के बंद के आह्वान के कारण सोमवार को जनजीवन प्रभावित हुआ तथा इस दौरान कई स्कूल, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और बाजार बंद रहे। प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर टायर जलाए, जबकि जिले में बसों सहित सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधन सड़कों से नदारद रहे। ‘सियांग इंडिजिनस फार्मर्स फोरम’ और ‘सियांग अपर मल्टीपर्पस प्रोजेक्ट अफेक्टेड एरिया यूथ एसोसिएशन’ ने सियांग, अपर सियांग और ईस्ट सियांग जिलों में 36 घंटे के बंद का आह्वान किया था। एक अधिकारी ने बताया, बंद से अपर सियांग जिले में जनजीवन प्रभावित हुआ, जबकि ईस्ट सियांग में भी इसका असर पड़ा। हालांकि, सियांग जिले में बंद का कोई प्रभाव नहीं पड़ा। संगठनों ने अपनी मांगों के कथित तौर पर पूरे नहीं होने के विरोध में बंद का आह्वान किया था। उनकी मांगों में गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की रिहाई, सुरक्षाबलों को हटाने और सियांग नदी पर प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की विशाल सियांग अपर बहुउद्देश्यीय परियोजना के लिए जारी सर्वेक्षण गतिविधियों को रोकना शामिल है। अपर सियांग के उपायुक्त अशोक ताजो ने पीटीआई-भाषा को बताया, कई सरकारी कार्यालय और स्कूल बंद हैं। दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी बंद हैं। यिंगकियोंग शहर और गेकू में बंद का मुख्य रूप से असर है। सियांग के पुलिस अधीक्षक कामदाम सिखोम ने कहा कि जिले में बंद का कोई असर नहीं पड़ा है और सभी सरकारी कार्यालय, दुकानें तथा स्कूल खुले हुए हैं। भारत की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं में से एक के रूप में परिकल्पित इस परियोजना को स्थानीय लोगों के कुछ वर्गों, विशेषकर प्रस्तावित परियोजना से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों के निवासियों के लगातार विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इस विरोध की मुख्य वजह गांवों के जलमग्न होने, विस्थापन, कृषि भूमि और वन क्षेत्र का नुकसान तथा समुदाय की पारंपरिक जीवनशैली प्रभावित होने की आशंकाएं हैं। इस परियोजना का केंद्र सरकार के लिए रणनीतिक महत्व भी है। केंद्र इसे तिब्बत में यारलुंग सांगपो नदी पर चीन की प्रस्तावित विशाल जलविद्युत परियोजना के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानता है। यही नदी भारत में प्रवेश करने पर सियांग के नाम से जानी जाती है।
Siang Project: प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर अरुणाचल प्रदेश के 3 जिलों में बंद
ईटानगर, एक नवंबर अरुणाचल प्रदेश में सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट (एसयूएमपी) का विरोध कर रहे लोगों की गिरफ्तारी के खिलाफ सियांग अफेक्टेड एरिया यूथ एसोसिएशन (एसएएवाईए) ने दो नवंबर को बंद का आह्वान किया गया है। एसएएवाईए ने बोगुम बोकांग वेलफेयर सोसाइटी (बीबीडब्ल्यूएस) को पत्र लिखकर बंद को समर्थन देने की अपील की है। बीबीडब्ल्यूएस बोगुम बोकांग-टूटिंग क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती है। सियांग, अपर सियांग और ईस्ट सियांग जिलों में बंद का यह आह्वान किया गया है। बीबीडब्ल्यूएस के अध्यक्ष को लिखे पत्र में एसएएवाईए ने बताया कि 29 अक्टूबर को प्रभावित गांवों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में एसोसिएशन की आपातकालीन कार्यकारिणी बैठक हुई थी। बैठक में सर्वसम्मति से दो नवंबर को बंद करने का फैसला लिया गया। यह बंद सियांग इंडिजिनस फार्मर फोरम (एसआईएफएफ), अन्य सामाजिक संगठनों, युवा समूहों और प्रभावित लोगों के साथ मिलकर किया जाएगा। एसोसिएशन ने कहा कि यह बंद परियोजना के खिलाफ आंदोलन कर रहे लोगों की गिरफ्तारी के विरोध में किया जाएगा। आंदोलनकारी आरोप लगा रहे हैं कि उनकी सहमति के बिना जबरन सर्वे कराकर परियोजना से प्रभावित इलाकों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) को तैनात किया जा रहा है। बंद की यह अपील ऐसे समय में की गई है जब अरुणाचल प्रदेश की सियांग घाटी में 11,200 मेगावाट क्षमता वाली एसयूएमपी को लेकर तनाव बढ़ रहा है। यह सियांग नदी पर प्रस्तावित एक बड़ी जलविद्युत परियोजना है। इस परियोजना को भारत की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। हालांकि, आदि समुदाय के कुछ हिस्सों, खासकर परियोजना से प्रभावित होने वाले इलाकों के लोगों की ओर से लगातार इसका विरोध किया जा रहा है। विरोध की मुख्य वजह लोगों का यह डर है कि परियोजना के कारण उनके पुश्तैनी गांव पानी में डूब सकते हैं। इससे लोगों को विस्थापन का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा खेती की जमीन और जंगलों को नुकसान पहुंचने के साथ ही समुदाय की पारंपरिक जीवनशैली भी प्रभावित हो सकती है। खबरों के अनुसार, इस परियोजना से 27 गांव पानी में डूब सकते हैं, जबकि कई दर्जन अन्य गांव भी प्रभावित हो सकते हैं।
Travel Tips: Arunachal Pradesh में Tawang और Sela Pass की सैर बना देगी आपकी ट्रिप यादगार
भारत का नॉर्थ ईस्ट अपनी अनोखी संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। इन खूबसूरत राज्यों में अरुणाचल प्रदेश भी शामिल है। जिसको अक्सर हरे-भरे जंगलों, नदियों, बर्फ से ढकी पहाड़ियों और झरनों की वजह से प्रकृति प्रेमियों का स्वर्ग कहा जाता है। ऐसे में अगर आप भी भीड़भाड़ से दूर किसी शांत और रोमांचक जगह की यात्रा करना चाहती हैं, तो अरुणाचल प्रदेश को अपनी ट्रैवल बकेट लिस्ट में जरूर शामिल करना चाहिए। यहां पर आपको हिमालय की शानदार चोटियों से लेकर खूबसूरत घाटियां, प्राचीन बौद्ध मठ और स्थानीय जनजातीय संस्कृति भी देखने को मिलेगी। तवांग, बोमडिला, जीरो वैली और सेला पास जैसे पर्यटन स्थल आपकी ट्रिप को यादगार बना देंगे। इसे भी पढ़ें: Nainital से Bhimtal तक, Lucknow के पास Summer Vacation के लिए बेहतरीन हैं ये 4 जगहें क्यों खास है अरुणाचल प्रदेश हिमालय की खूबसूरती अरुणाचल प्रदेश में आपको हिमालय का बेहद खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। बादलों से घिरी चोटियों, घने जंगल, ऊंचे पहाड़ और घुमावदार पहाड़ी आपकी रोड ट्रिप को यादगार बना देंगी। सुबह के समय जब पहाड़ों पर धूप पड़ती है, तो यह नजारा बेहद आकर्षक और खूबसूरत नजर आता है। फोटोग्राफी पंसद करने वाले लोगों को यहां पर कई शानदार दृश्य देखने को मिल जाएंगे। तवांग यह अरुणाचल प्रदेश के सबसे फेमस पर्यटन स्थलों में से एक है। यहां पर स्थित तवांग मठ ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है। पहाड़ों के बीत स्थित यह क्षेत्र अपने शांत वातावरण और खूबसूरत प्राकृतिक नजारों के लिए जाना जाता है। तवांग की यात्रा के दौरान आपको रास्ते में पहाड़ी नजारे और ऊंचाई वाले क्षेत्र देखने को मिलेंगे। सेला पास ऊंचाई पर स्थित सेला पास अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए फेमस है। यहां पर बर्फ से ढके पहाड़ और झीलों का नजारा आपका मन मोह लेंगे। हालांकि ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम तेजी से बदल जाता है। इसलिए यात्रा से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें। जीरो वैली जीरो वैली अपने शांत वातावरण और हरियाली के लिए जाना जाता है। यहां के खूबसूरत पहाड़, खेत और स्थानीय संस्कृति आपको एकदम अलग अनुभव देते हैं। जो लोग प्रकृति के करीब समय बिताना चाहते हैं, उनके लिए यह जगह एकदम परफेक्ट है। अनोखी जनजातीय संस्कृति बता दें कि अरुणाचल प्रदेश की सबसे बड़ी खासियत में से एक यहां की विविध जनजातीय संस्कृति है। राज्य में अलग-अलग समुदायों की अपनी परंपराएं, त्योहार, भाषा, पहनावा और खान हैं। इसके अलावा आप यहां पर स्थानीय त्योहारों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान यहां की की विविधता को करीब से जान सकते हैं। एडवेंचर लवर्स के लिए है खास कैंपिंग, फोटोग्राफी, पहाड़ी ट्रैकिंग और प्रकृति के करीब रहने की इच्छा रखने वाले अरुणाचल प्रदेश की यात्रा को रोमांचक बना सकते हैं। हालांकि कुछ इलाकों में स्थानीय नियम और परमिट लागू होते हैं, इसिलए यात्रा से पहले ऑफिशियल दिशा-निर्देश जरूर देख लें। शहरों की भीड़ से दूर मिलेगा सुकून अगर आप भी कुछ दिनों के लिए शहर की भागदौड़ से दूर जाना चाहते हैं, तो आपको अरुणाचल प्रदेश प्रकृति के बीच सुकून का अनुभव दे सकता है। यहां पर पहाड़ों की शांति और साफ वातावरण आपकी ट्रिप को यादगार बना देंगे। इन बातों का रखें ध्यान अरुणाचल प्रदेश की यात्रा करने से पहले यहां के मौसम, सड़क की स्थिति, स्थानीय यात्रा के नियम और परमिट आदि की जानकारी कर लें। पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक से मौसम बदल जाता है, इसलिए दवाएं और कपड़े आदि रखें।
Arunachal Pradesh में LAC पर India, China Army के बीच टकराव जारी, ITGB DG ने क्या खुलासा किया?
Arunachal Pradesh में LAC पर India, China Army के बीच टकराव जारी, ITGB DG ने क्या खुलासा किया?
Operation Lotus के तहत BJP फिर करेगी खेल? Mamata Banerjee को झटका? TMC। Arunachal Pradesh। Meghalaya
Operation Lotus के तहत बीजेपी करने वाली है खेल, Mamata Banerjee को फिर लगेगा झटका? मेघालय की राजनीति में 2028 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा सियासी उलटफेर होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
Arunachal Pradesh Tinkle Karga Gongo Viral Video: प्यारी सी बच्ची को मिला ढेर सारा प्यार,कहा थैंक यू
Arunachal Pradesh Tinkle Karga Gongo Viral Video: प्यारी सी बच्ची को मिला ढेर सारा प्यार ऐसे कहा थैंक यू
Bigg Boss 18 : चुम दरांग को मिला अरुणाचल प्रदेश के सीएम का सपोर्ट
सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 18' अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर कोई इस सीजन का विनर बनने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन दिनों शो में 'टिकट टू फिनाले' टास्क चल रहा है। इस टास्क में विवियन डीसेना और चुम दरंग आमने-सामने खड़े हैं। वहीं ...

