राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), अरुणाचल प्रदेश ने अपने विभिन्न विभागों में पूरी तरह से अस्थायी आधार पर केवल 11 महीने की अवधि के लिए एडजंक्ट फैकल्टी (गेस्ट फैकल्टी) और प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के पोस्ट पर योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं
चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वाले नए आवेदकों के लिए भी नया नियम लागू किया है। अब फॉर्म-6 भरकर वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने वाले हर नए वोटर को अपने माता-पिता के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का ब्योरा भी देना होगा। चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, यह नियम केवल पुराने मतदाताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पहली बार वोटर बनने वाले आवेदकों पर भी लागू होगा। चुनाव आयोग ने यह नियम क्यों बनाया? फॉर्म-6 के साथ देना होगा घोषणा पत्र EC अधिकारियों ने बताया कि बिहार में जून 2025 में शुरू किए गए SIR अभियान के दौरान फॉर्म-6 के साथ यह घोषणा पत्र जोड़ा गया था। नए मतदाताओं को आवेदन के साथ यह घोषणा भी भरनी होती थी। हालांकि आयोग ने स्पष्ट किया कि फॉर्म-6 में कोई औपचारिक संशोधन नहीं किया गया है, बल्कि निर्देश जारी कर इस घोषणा को अनिवार्य बनाया गया है। संयुक्त राष्ट्र की आपत्तियों पर EC का जवाब चुनाव आयोग ने संयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्तेयर्स द्वारा SIR की पारदर्शिता पर उठाए गए सवालों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि SIR पूरी तरह संवैधानिक और पारदर्शी प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य सभी पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और अपात्र नाम हटाना है। किसी भी समुदाय के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है और यदि किसी का नाम हटता है, तो उसे चुनौती देने का अवसर दिया जाता है। SIR से जुड़ा अपडेट…. चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को तीन चरणों में लागू किया है। पहला फेज, सबसे पहले SIR बिहार में लागू हुआ। फाइनल वोटर लिस्ट जारी हो चुकी है और यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया था। दूसरा फेज: उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, केरल, गोवा, पुडुचेरी, अंडमान निकोबार, लक्षद्वीप में दूसरे चरण का SIR हुआ। तीसरा फेज: आयोग ने 16 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में SIR शुरू किया है। इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ शामिल हैं। SIR: भारत में 21 साल बाद हो रहा वोटर लिस्ट का रिविजन SIR (Special Intensive Revision) चुनाव आयोग की वह प्रक्रिया है, जिसमें वोटर लिस्ट की पूरी तरह से जांच और अपडेट किया जाता है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना होता है कि वोटर लिस्ट में सिर्फ पात्र और सही मतदाताओं के नाम हों। भारत में SIR करीब 21 साल बाद हो रहा है। चुनाव आयोग के मुताबिक, इससे पहले देशभर में ऐसा बड़ा अभियान 2002 से 2004 के बीच चला था। चुनाव आयोग ने बताया था कि देश में SIR की प्रक्रिया आठवीं बार हो रही है। ------------------------------------- ये खबर भी पढे़ं… सुप्रीम कोर्ट बोला- SIR अवैध नहीं: चुनाव आयोग शर्तों के साथ नागरिकता जांच सकता है; SIR में 13 राज्य-UT में 7.41 करोड़ नाम कटे सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई को वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को वैध और संवैधानिक करार दिया था। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने बुधवार को कहा था कि SIR मनमाना नहीं है और चुनाव आयोग को यह प्रक्रिया चलाने का अधिकार है। पूरी खबर पढ़ें…
India Weather Update 13 July 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून (Monsoon) अपनी पूरी ताकत के साथ बरस रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 13 जुलाई 2026 के लिए देश का ताजा और विस्तृत वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है. मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की अक्षीय रेखा (Monsoon Trough) इस समय श्री गंगानगर, हिसार, मेरठ, शाहजहाँपुर, गोरखपुर और मुजफ्फरपुर से होते हुए पूर्व-दक्षिण-पूर्व की ओर दक्षिण असम तक सक्रिय है.इसके साथ ही, उत्तर-पूर्वी बिहार, दक्षिण बांग्लादेश और उत्तर-पूर्वी असम के वायुमंडल में अलग-अलग मजबूत चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations) बने हुए हैं. इन शक्तिशाली वेदर सिस्टम के चलते बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल सहित देश के कुल 11 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy Rainfall Alert) की चेतावनी जारी की गई है. आइए जानते हैं आपके राज्य में 13 जुलाई को कैसा रहेगा मौसम का मिजाज.इन 3 राज्यों में मूसलाधार और 'बहुत भारी' बारिश का रेड/ऑरेंज अलर्टमौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 13 जुलाई को तीन प्रमुख राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की भीषण गर्जना के साथ मूसलाधार और अत्यधिक भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है. इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जलभराव (Waterlogging), बाढ़ जैसी स्थिति और आकाशीय बिजली से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है:बिहारगंगा तटीय पश्चिम बंगालअसम और मेघालयपूर्वी यूपी और उत्तराखंड समेत इन 8 राज्यों में 'भारी बारिश' की चेतावनीमानसूनी हवाओं और पहाड़ों पर सक्रिय वेदर सिस्टम के कारण मौसम विभाग ने देश के 8 अन्य राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. इन इलाकों में तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है:पूर्वी उत्तर प्रदेशउत्तराखंडउप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किमओडिशाअरुणाचल प्रदेशनागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा (सभी पूर्वोत्तर राज्य)आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएंबारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कई राज्यों में वज्रपात (आकाशीय बिजली गिरने) और तेज रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का गंभीर पूर्वानुमान जारी किया है:अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और बिजली कड़कने की आशंका है.बिहार, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना: इन राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है.छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्य: यहां अलग-अलग स्थानों पर तेज गरज के साथ आकाशीय बिजली (Lightning Alert) गिरने की विशेष चेतावनी दी गई है. वहीं, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ मैदानी इलाकों में धरातल पर बहुत तेज गति से धूलभरी हवाएं चल सकती हैं.एक तरफ बारिश, दूसरी तरफ तटीय आंध्र प्रदेश में लू (Heatwave) का कहरजहां एक तरफ उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में मानसून झमाझम बरस रहा है, वहीं दक्षिण और तटीय भारत के कुछ इलाकों में मौसम इसके बिल्कुल विपरीत रहने वाला है:तटीय आंध्र प्रदेश: यहां के अलग-अलग हिस्सों में गंभीर लू (Heatwave Conditions) की स्थिति बनी रहेगी.ओडिशा और तमिलनाडु (पुडुचेरी व कराइकल): इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में तापमान बढ़ने के साथ-साथ मौसम बेहद गर्म और उमस (Humid Weather) भरा रहने वाला है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है.मछुआरों के लिए समंदर में हाई अलर्ट: 65 किमी/घंटे की रफ्तार से उठेंगी लहरेंसमंदर में उठने वाले संभावित तूफान और बेहद तेज हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को तटीय इलाकों और गहरे समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है:अरब सागर: पश्चिम-मध्य, पूर्वी-मध्य, उत्तरी और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों, सोमालिया और ओमान के तटों के साथ-साथ उत्तरी गुजरात के तटों पर 45-55 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं 65 किमी/घंटे की चरम रफ्तार तक पहुंच सकती हैं.बंगाल की खाड़ी: उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों से सटे समुद्र और अंडमान सागर में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति बढ़कर 60 किमी/घंटे तक पहुंचने का अनुमान है.
दिल्ली-यूपी समेत 20 राज्यों में भारी बारिश और 80 KMPH की रफ्तार से आंधी का कहर, रहें सावधान
उत्तर भारत समेत पूरे देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) अपने चरम रूप में पहुंच चुका है, जिससे जहां एक तरफ भीषण गर्मी से तड़प रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ आसमानी आफत का खतरा भी तेजी से बढ़ गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार, 11 जुलाई 2026 की सुबह एक बेहद संवेदनशील और व्यापक मौसम बुलेटिन जारी करते हुए देश की राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड सहित कुल 20 राज्यों में मूसलाधार बारिश और भयंकर आंधी-तूफान का ऑरेंज व रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटों के दौरान इन प्रभावित क्षेत्रों में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की विनाशकारी रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और व्यापक स्तर पर वज्रपात (Lightning Strikes) होने की गंभीर आशंका है।उत्तर और पूर्वी भारत में सबसे ज्यादा तबाही के आसार: पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का बड़ा खतरामौसम विशेषज्ञों द्वारा जारी ताजा उपग्रहीय आंकड़ों के मुताबिक, मानसून की अक्षीय रेखा (Monsoon Trough) इस समय बेहद सक्रिय स्थिति में है, जिसका सबसे घातक असर उत्तर और पूर्वी भारत के मैदानी व पहाड़ी इलाकों में देखने को मिलेगा। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे हिमालयी राज्यों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन (Landslides) और अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Floods) का खतरा कई गुना बढ़ गया है। मौसम विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को नदी-नालों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। इसके अलावा, समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों को देखते हुए मछुआरों को तटीय इलाकों से दूर रहने तथा किसानों को खुले आसमान के नीचे खेतों में काम न करने की विशेष एडवाइजरी जारी की गई है।दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश का वेदर अपडेट: गिरेगा पारा, बादलों की आवाजाही रहेगी जारीदेश की राजधानी दिल्ली और समूचे उत्तर प्रदेश (UP) के निवासियों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले कुछ दिनों तक आसमान में घने काले बादलों का डेरा जमा रहेगा। दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी से लेकर पूर्वी यूपी के विभिन्न जिलों में रुक-रुक कर तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर चलता रहेगा। इस सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण उत्तर भारत का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से काफी नीचे बना रहेगा, जिससे उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, मौसम विभाग ने पूर्वी भारत के कुछ छिटपुट इलाकों में भारी बारिश के साथ बड़े पैमाने पर ओलावृष्टि (Hailstorm) होने की भी आशंका जताई है।देश के इन 20 राज्यों में जारी हुआ भारी बारिश का अलर्ट: देखें पूरी सूचीमौसम केंद्र ने जिन 20 राज्यों को अगले 24 घंटों के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा है, उनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम, त्रिपुरा, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश शामिल हैं। इन राज्यों के कुछ विशिष्ट जिलों में अत्यधिक भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) दर्ज की जा सकती है।अगले 24 घंटों का संभावित वेदर फोरकास्ट: हल्की से मध्यम और मूसलाधार बारिश का अनुमानमौसम की संभावित गतिविधियों के अनुसार, अगले 24 घंटों के भीतर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा के अंदरूनी हिस्सों, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, सिक्किम, असम, अरुणाचल प्रदेश, तटीय कर्नाटक और केरल में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश होगी। इसके साथ ही, कोंकण एवं गोवा, जम्मू-कश्मीर तथा उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तरी तमिलनाडु, विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी बादलों की गर्जना के साथ मानसूनी बौछारें पड़ने की पूरी संभावना बनी हुई है।
कपल के साथ भारत के इन 5 हिल स्टेशन पर भूलकर भी न करें घूमने की प्लानिंग, हो सकता है जान को खतरा
पहाड़ों की वादियों में पार्टनर के साथ रोमांटिक पल बिताने का सपना हर किसी का होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में कुछ ऐसे हिल स्टेशन हैं जो अपनी खूबसूरती के बावजूद पर्यटकों के लिए 'डेथ ट्रैप' साबित हो रहे हैं? सोशल मीडिया पर भले ही ये जगहें अपनी तस्वीरों के लिए मशहूर हों, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। हाल के दिनों में कई घटनाओं के बाद सुरक्षा विशेषज्ञों ने कपल्स को इन खास 5 जगहों पर जाने से बचने की सलाह दी है। अगर आप भी किसी ट्रिप की योजना बना रहे हैं, तो इन जगहों के बारे में जान लेना आपकी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।1. रोहतांग पास, हिमाचल प्रदेशरोहतांग पास की बर्फ से ढकी चोटियां देखने में जितनी आकर्षक लगती हैं, वहां की सड़क और मौसम उतना ही घातक है। यहाँ का अचानक बदलने वाला मौसम और भारी बर्फबारी के कारण होने वाले भूस्खलन (Landslides) अक्सर पर्यटकों को घंटों तक फंसा देते हैं। कपल्स अक्सर रोमांच के चक्कर में यहां जोखिम उठा लेते हैं, लेकिन ऑक्सीजन की कमी और खराब रास्ते किसी भी आपातकालीन स्थिति में जान पर भारी पड़ सकते हैं।2. नुब्रा वैली, लद्दाखलद्दाख की नुब्रा वैली अपनी अद्वितीय सुंदरता के लिए जानी जाती है, लेकिन यहां का दुर्गम रास्ता और ऊंचाई कपल्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। बहुत अधिक ऊंचाई (High Altitude) होने के कारण यहाँ 'एक्यूट माउंटेन सिकनेस' का खतरा रहता है, जो अचानक तबीयत बिगाड़ सकता है। साथ ही, सुनसान रास्ते और संचार साधनों की कमी के कारण यदि बीच रास्ते में गाड़ी खराब होती है, तो वहां मदद मिलना लगभग नामुमकिन हो जाता है।3. तवांग, अरुणाचल प्रदेशपूर्वोत्तर भारत का तवांग अपनी सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन चीन सीमा के करीब होने और बहुत ऊंचे पहाड़ी दर्रों (जैसे सेला पास) के कारण यह बेहद संवेदनशील है। यहां के रास्ते बेहद संकरे और खतरनाक हैं, जहां एक छोटी सी गलती जानलेवा साबित हो सकती है। कपल्स अक्सर ऑफबीट जगहों की तलाश में यहां भटक जाते हैं, जो सुरक्षा की दृष्टि से बेहद जोखिम भरा है।4. गंगोत्री और उत्तरकाशी के ऊंचे इलाके, उत्तराखंडउत्तराखंड के इन इलाकों में ट्रैकिंग के दौरान कई कपल्स सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज कर देते हैं। बरसात के मौसम में यहां भूस्खलन का खतरा सबसे अधिक रहता है। कई बार अनट्रेंड कपल्स बिना गाइड के दुर्गम रास्तों पर निकल जाते हैं, जो रास्तों के कटने या अचानक आई बाढ़ (Flash Floods) की स्थिति में फंसा सकते हैं। यह इलाका केवल अनुभवी ट्रैकर्स के लिए ही सुरक्षित माना जाता है।5. मुन्नार के कुछ दुर्गम ऑफबीट इलाके, केरलकेरल का मुन्नार अपनी हरियाली के लिए मशहूर है, लेकिन यहां के कुछ ऑफबीट और घने जंगल वाले इलाके वन्यजीवों के हमले और फिसलन भरी चट्टानों के कारण खतरनाक हैं। कपल्स अक्सर प्राइवेसी की तलाश में उन रास्तों पर चले जाते हैं जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं होता और जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। ऐसी जगहों पर अकेले जाना किसी बड़े खतरे को न्योता देने जैसा है।
158 वर्ष बाद अरुणाचल प्रदेश में फिर दिखा दुर्लभ हिमालयी पुष्प सियानैंथस हूकेरी
अरुणाचल प्रदेश के तवांग में वैज्ञानिकों ने 158 वर्ष बाद दुर्लभ हिमालयी पुष्प सियानैंथस हूकेरी को पुनः खोजा है। विशेषज्ञों ने इसे भारत में संकटग्रस्त घोषित करने की सिफारिश की है।
गुजरात के कामरेज में मंगलवार को 10 घंटे में 305 मिमी और सूरत में 260 मिमी बारिश हुई। सूरत में बाढ़ जैसे हालात हो गए। सड़कों पर कारें बह गईं। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों से करीब 2100 लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया है। सूरत और नवसारी में एहतियात के तौर पर स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी बंद रखे गए हैं। प्रशासन ने लोगों से बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है। गुरुग्राम के कई क्षेत्रों में दो-दो फीट पानी भर गया। नेशनल NH-48 धंस गया है, जिसके कारण 10 किमी लंबा जाम लगा गया। सर्विसलेन के नाले में एक स्कूल बस भी फंस गई है। राजस्थान के जालोर में जीप नदी में पलट गई। चित्तौड़गढ़ में बिजली गिरने से एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत हो गई। वहीं मध्य प्रदेश के जबलपुर में मंगलवार शाम को पांच मंजिला इमारत ढह गई। यूपी के 50 शहरों में मंगलवार को बारिश हुई। मथुरा और शामली में सड़कों पर नदियों जैसा बहाव दिखा। कारें और बाइकें बहने लगीं। अमरोहा में एक घंटे की बारिश से दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर पानी भर गया। मानसून ने देश का 95% हिस्सा कवर किया दिल्ली-मुंबई में भारी बारिश से उड़ानें प्रभावित दिल्ली और मुंबई में भारी बारिश से कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं। इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट ने यात्रियों से फ्लाइट स्टेटस जांचकर अतिरिक्त समय लेकर एयरपोर्ट पहुंचने की सलाह दी है। IMD ने दिल्ली-एनसीआर में 7 से 9 जुलाई तक येलो अलर्ट जारी किया है। अरुणाचल में बाढ़-भूस्खलन से 94 हजार लोग प्रभावित अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन ने 26 जिलों के 94 हजार से अधिक लोगों को प्रभावित किया है। 4 लोगों की मौत हुई है, 21 घायल हैं और 2 महिलाएं लापता हैं। कर्नाटक के बेलगावी और शिवमोग्गा में आज स्कूल और आंगनवाड़ी बंद रहेंगे। जलवायु परिवर्तन से बदल रहा मानसून का मिजाज विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और अल नीनो के कारण मानसून का स्वरूप बदल रहा है। जून में बारिश कम रही, लेकिन जुलाई की शुरुआत में मुंबई और पश्चिमी तट पर भारी बारिश हुई। उनका कहना है कि आगे भी कम समय में तेज बारिश और बाढ़ की घटनाएं बढ़ सकती हैं। देशभर से मौसम की 5 तस्वीरें… देशभर के मौसम से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
Bigg Boss 18 : चुम दरांग को मिला अरुणाचल प्रदेश के सीएम का सपोर्ट
सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 18' अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर कोई इस सीजन का विनर बनने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन दिनों शो में 'टिकट टू फिनाले' टास्क चल रहा है। इस टास्क में विवियन डीसेना और चुम दरंग आमने-सामने खड़े हैं। वहीं ...

