Arunachal Pradesh: SIR प्रक्रिया वोटर लिस्ट को साफ कर लोकतंत्र को मजबूत करती है - सीएम पेमा खांडू
11 अक्टूबर, रविवार: ईटानगर में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने SIR प्रक्रिया पर कहा कि यह वोटर लिस्ट को साफ करती है।
रणजी ट्रॉफी के पहले ही दिन बवाल, नागालैंड के खिलाफ मैच खेलने नहीं उतरी अरुणाचल प्रदेश की टीम
रणजी ट्रॉफी के पहले ही दिन बवाल खड़ा हो गया है। आज यानी 11 अक्टूबर से अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के खिलाफ अहमदाबाद में मुकाबले की शुरुआत होनी थी। मगर इस मैच में अरुणाचल प्रदेश की टीम मैदान पर ही नहीं आई, जिसकी वजह से नागालैंड को वॉकओवर के जरिए विजेता घोषित कर दिया। अरुणाचल …
New Delhi, 11 अक्टूबर . अरुणाचल प्रदेश के घरेलू क्रिकेट अभियान को एक और झटका लगा है. राज्य ने नागालैंड के खिलाफ अपना रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप का पहला मैच गंवा दिया है. ऐसा प्रशासनिक गतिरोध के कारण हुआ है, जिससे क्रिकेट एसोसिएशन के पास टीम चयन और अन्य कामकाज संभालने के लिए कोई काम ... Read more
अरुणाचल प्रदेश के घरेलू क्रिकेट अभियान को एक और झटका लगा है। राज्य ने नागालैंड के खिलाफ अपना रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप का पहला मैच गंवा दिया है। ऐसा प्रशासनिक गतिरोध के कारण हुआ है, जिससे क्रिकेट एसोसिएशन के पास टीम चयन और अन्य कामकाज संभालने के लिए कोई काम करने वाली अथॉरिटी नहीं बची है। यह मैच रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शुरू होना था, जो 2026-27 रणजी ट्रॉफी सीजन की शुरुआत के साथ ही हो रहा था। इससे पहले, इस हफ्ते की शुरुआत में भुवनेश्वर में सिक्किम के खिलाफ वीनू मांकड़ ट्रॉफी मैच के लिए अरुणाचल प्रदेश टीम नहीं उतार पाया था। यह घटनाक्रम दिखाता है कि इस विवाद का असर सभी उम्र के खिलाड़ियों पर कितना बढ़ रहा है। यह संकट अरुणाचल क्रिकेट एसोसिएशन (एसीए) के सितंबर में हुए चुनावों को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई से पैदा हुआ है, जिसमें नबम विवेक को अध्यक्ष चुना गया था। इसके बाद कई जिला एसोसिएशन ने चुनावों को चुनौती दी, जिसमें गड़बड़ी का आरोप लगाया गया और नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की गई। यह मामला गुवाहाटी हाई कोर्ट की ईटानगर बेंच के सामने लंबित है, जिसने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट की कार्यवाही ने एसोसिएशन के कामकाज को पूरी तरह ठप कर दिया है, जिससे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के लिए मामले के लंबित रहने के दौरान कोई वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था बनाने के लिए दखल देना मुश्किल हो गया है। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने पहले 'आईएएनएस' को बताया था कि कानूनी गतिरोध के कारण अरुणाचल प्रदेश की जूनियर घरेलू प्रतियोगिताओं में भागीदारी पहले ही बाधित हो चुकी है, क्योंकि राज्य की कोई काम करने वाली संस्था न होने से टीम चयन और तैयारी असंभव हो गई है। उन्होंने बताया था, अरुणाचल क्रिकेट एसोसिएशन में दो गुट हैं, और गुवाहाटी हाई कोर्ट की ईटानगर बेंच में उनके बीच कानूनी विवाद चल रहा है। हाई कोर्ट ने कुछ महीने पहले बोर्ड के कामकाज पर रोक लगाने का आदेश दिया था। इसी कारण उस बेंच के सामने मौजूद मामले के कारण, अरुणाचल क्रिकेट एसोसिएशन में कोई पदाधिकारी नहीं है। मामले की सुनवाई आखिरकार सितंबर के पहले हफ्ते में हुई थी, लेकिन बेंच की ओर से अभी फैसला आना बाकी है। वहां काफी समय से कोई बोर्ड नहीं है, इसलिए वीनू मांकड़ ट्रॉफी के लिए टीम बनाने की कोई तैयारी नहीं हो पाई। उस समय, सैकिया ने रणजी ट्रॉफी में राज्य की भागीदारी को लेकर भी अनिश्चितता जताई थी, क्योंकि नागालैंड के खिलाफ पहला मैच नजदीक था और कोर्ट का फैसला अभी आना बाकी था। सैकिया ने आगे कहा था, नतीजतन, वे जूनियर पुरुष स्तर पर टीम नहीं उतार पाए। मुझे नहीं पता कि 11 अक्टूबर से शुरू होने वाली रणजी ट्रॉफी में उनके खेलने को लेकर क्या होगा। हर कोई कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहा है। चूंकि मामला कोर्ट में है, इसलिए बीसीसीआई भी दखल नहीं दे सकता। कोर्ट में मामला होने के कारण वहां कोई प्रशासन नहीं है। रणजी ट्रॉफी मैच गंवाने से राज्य की सीनियर पुरुष टीम के लिए चिंताएं बढ़ गई हैं और टीम के लिए यह एक बड़ा झटका साबित हुआ है। अगर प्रशासनिक कामकाज में यह खालीपन बना रहता है, तो इस विवाद ने घरेलू सीजन के बाकी मैचों में अरुणाचल प्रदेश की भागीदारी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एसोसिएशन के सितंबर के चुनाव तब विवादों में घिर गए जब छह जिला निकायों - लोअर सियांग, अपर सुबनसिरी, कामले, तवांग, वेस्ट सियांग और पापुम पारे - ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। उनकी चुनौती के कारण कोर्ट ने एसोसिएशन के कामकाज पर अंतरिम रोक लगा दी, जिससे प्रतिस्पर्धी गुट बिना किसी तय प्रशासनिक ढांचे के ही अपनी वैधता का दावा करने लगे। रणजी ट्रॉफी मैच गंवाने से राज्य की सीनियर पुरुष टीम के लिए चिंताएं बढ़ गई हैं और टीम के लिए यह एक बड़ा झटका साबित हुआ है। अगर प्रशासनिक कामकाज में यह खालीपन बना रहता है, तो इस विवाद ने घरेलू सीजन के बाकी मैचों में अरुणाचल प्रदेश की भागीदारी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। Also Read: LIVE Cricket Score Article Source: IANS
रणजी ट्रॉफी के मौजूदा सीजन की आज से शुरुआत हो गई है। अरुणाचल प्रदर्शन को नगालैंड के खिलाफ मुकाबला खेलना था, लेकिन यह मैच रद्द कर दिया गया। इस तरह अरुणाचल बिना खेले ही पहला मैच गंवा बैठी।
क्रिकेट एसोसिएशन के आपसी विवाद और कोर्ट केस के कारण अरुणाचल प्रदेश की रणजी टीम का नागालैंड के खिलाफ 11 अक्टूबर से अहमदाबाद में होने वाला ओपनिंग मैच रद्द हो गया है। प्रशासनिक कलह की वजह से समय पर टीम का चयन नहीं हो पाने से खिलाड़ियों के भविष्य पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
रणजी ट्रॉफी से पहले बवाल, अरुणाचल प्रदेश क्रिकेट में कलह, क्या रद्द होगा पहला मैच?
अरुणाचल प्रदेश क्रिकेट संघ (APCA) में अंदरूनी गुटबाजी और हाईकोर्ट में मामला लंबित होने के कारण राज्य की टीम के रणजी ट्रॉफी के पहले मैच में खेलने पर खतरा मंडरा रहा है। पहले मैच में उनका सामना नागालैंड से होगा।
विवाद में उलझा Arunachal Pradesh, Ranji Trophy के पहले मैच से बाहर होने का खतरा
इटानगर, आठ अक्टूबर अरुणाचल प्रदेश पर 11 अक्टूबर से अहमदाबाद में नगालैंड के खिलाफ होने वाले प्लेट ग्रुप रणजी ट्रॉफी के शुरुआती मुकाबले में नहीं उतर पाने का खतरा मंडरा रहा है। राज्य क्रिकेट संघ में चल रही गुटबाजी और इटानगर पीठ में लंबित मामले के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। अरुणाचल प्रदेश की टीम बृहस्पतिवार को भुवनेश्वर में सिक्किम के खिलाफ वीनू मांकड़ ट्रॉफी के एकदिवसीय मुकाबले के लिए अपनी अंडर-19 टीम भी मैदान में नहीं उतार सकी। फिलहाल संघ में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है जो चयन से जुड़े मामलों पर फैसला ले सके। पता चला है कि इस सत्र में राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए अनुबंधित पेशेवर खिलाड़ी भी असमंजस में हैं और उन्हें अब तक यह जानकारी नहीं दी गई है कि रणजी ट्रॉफी के शुरुआती मुकाबले के लिए उन्हें अहमदाबाद पहुंचना है या नहीं। अरुणाचल प्रदेश क्रिकेट संघ ने सितंबर में चुनाव कराया था जिसमें नबाम विवेक को अध्यक्ष चुना गया। हालांकि कई जिला क्रिकेट संघों ने चुनाव में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए गुवाहाटी उच्च न्यायालय की इटानगर पीठ का रुख किया। उच्च न्यायालय ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। इस बीच बीसीसीआई भी फिलहाल स्वतंत्र चयन समिति का गठन नहीं कर सकता जैसा उसने बिहार के मामले में किया था। मामला अदालत में विचाराधीन होने के कारण चुनाव जीतने वाले नबाम विवेक से संपर्क नहीं हो सका।
वीनू मांकड़ ट्रॉफी में अरुणाचल प्रदेश की टीम नहीं: बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया
New Delhi, 8 अक्टूबर . भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा है कि जारी वीनू मांकड़ ट्रॉफी में अरुणाचल प्रदेश की कोई भी टीम नहीं खेल रही है. के साथ बातचीत में सैकिया ने कहा, “अरुणाचल क्रिकेट एसोसिएशन में दो गुट हैं और उनका गुवाहाटी हाईकोर्ट-ईटानगर बेंच में एक केस ... Read more
Operation Lotus के तहत BJP फिर करेगी खेल? Mamata Banerjee को झटका? TMC। Arunachal Pradesh। Meghalaya
Operation Lotus के तहत बीजेपी करने वाली है खेल, Mamata Banerjee को फिर लगेगा झटका? मेघालय की राजनीति में 2028 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा सियासी उलटफेर होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
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Bigg Boss 18 : चुम दरांग को मिला अरुणाचल प्रदेश के सीएम का सपोर्ट
सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 18' अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर कोई इस सीजन का विनर बनने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन दिनों शो में 'टिकट टू फिनाले' टास्क चल रहा है। इस टास्क में विवियन डीसेना और चुम दरंग आमने-सामने खड़े हैं। वहीं ...

