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UN ने नए मैप में अरुणाचल और अक्साई चिन को अलग क्षेत्र दिखाया, भारत ने जताई आपत्ति

संयुक्त राष्ट्र के नए विश्व मानचित्र में अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन को भारत-चीन के बीच अलग क्षेत्रों के रूप में दिखाए जाने पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है।

जागरण 9 Sep 2026 12:17 am

Delhi में North East के लोगों पर हमले की इस साल 3 घटनाएं, सुरक्षा पर उठे सवाल

नयी दिल्ली, आठ सितंबर दिल्ली में इस साल पूर्वोत्तर के लोगों के खिलाफ कथित नस्लीय टिप्पणी या हिंसा की कम से कम तीन घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें एक मणिपुरी संगीतकार की हत्या भी शामिल है। इन घटनाओं ने राष्ट्रीय राजधानी में उनकी सुरक्षा और भेदभाव को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। ताजा मामला 54 वर्षीय मणिपुरी संगीतकार सी. विक्रम सिंह का है, जिनकी दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी गांव में सोमवार तड़के सामान पहुंचाने का काम करने वालों और ढाबा कर्मचारियों के एक समूह ने कथित तौर पर पीट-पीट कर हत्या कर दी। पुलिस ने मामले के सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है और एक नाबालिग को पकड़ा है। पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच में पता चला है कि सिंह ने अपने अपार्टमेंट के बाहर समूह द्वारा कथित तौर पर शोर मचाने, शराब पीने और उपद्रव करने पर आपत्ति जताई थी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस हमले के पीछे कोई नस्लीय मंशा थी। सिंह की मौत ने पूर्वोत्तर समुदाय के सदस्यों में चिंता पैदा कर दी है। उनका आरोप है कि नस्लीय टिप्पणी और भेदभाव दिल्ली में उनके रोजमर्रा की जिदंगी का हिस्सा बने हुए हैं। सिंह की इमारत में रहने वाली मणिपुर की एक महिला ने कहा कि उन्होंने घर के बाहर देर रात कुछ लोगों को किसी का पीछा करते देखा था। उन्होंने कहा, “मैंने कुछ लोगों को एक व्यक्ति के पीछे भागते देखा। मुझे अंदाजा नहीं था कि वे कौन थे क्योंकि बाहर अंधेरा था। वे उसे गाली दे रहे थे और डर के कारण व देर रात होने की वजह से मैंने अपना दरवाजा बंद कर लिया।”महिला ने सिंह को विनम्र और मृदुभाषी बताया। उन्होंने दावा किया कि पूर्वोत्तर के रहने वालों को अक्सर नस्लीय उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा, “हम हमेशा यहां नस्लवाद का सामना करते हैं। कई लोग हमें चीनी या मोमो कहते हैं। हम भारतीय हैं और हमें गर्व महसूस होता है। बाकी लोग हमें भारतीय क्यों नहीं मानते?”‘नॉर्थ ईस्ट इंडिया फोरम अगेंस्ट रेसिज्म’ के सदस्यों ने आरोप लगाया कि सिंह की हत्या नस्लीय हिंसा से जुड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह राजधानी में पूर्वोत्तर के लोगों के साथ किए जाने वाले भेदभाव को दर्शाती है। फोरम के एक सदस्य ने कहा, “लोग सुरक्षा के लिए दिल्ली आते हैं। क्या यह वही भारत है जिसमें हम रहना चाहते हैं, जहां नागरिक अपने परिवारों के साथ शांति का जीवन नहीं जी सकते?”इससे पहले इस साल आठ मार्च को, एक मणिपुरी महिला ने आरोप लगाया था कि मालवीय नगर के एक पार्क में उसके और उसकी सहेली पर अश्लील व नस्लीय टिप्पणियां की गईं और इसपर आपत्ति जताने पर लड़कों के एक समूह ने उस पर बेल्ट से हमला किया और चाकू से वार किया। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की और चार नाबालिगों को पकड़ा। इस घटना से कुछ दिन पहले मालवीय नगर में रहने वाली अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं ने आरोप लगाया था कि उनके किराए के फ्लैट में मरम्मत कार्य को लेकर हुए विवाद के दौरान उनके पड़ोसियों ने उन पर नस्लीय फब्तियां कसीं और अपमानजनक टिप्पणियां कीं। इस बाबत हर्ष सिंह और उनकी पत्नी रूबी जैन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें नस्ल के आधार पर शत्रुता को बढ़ावा देने से संबंधित धारा 196 भी शामिल है। इन मामलों ने अरुणाचल प्रदेश के 20 वर्षीय छात्र नीडो तानिया की मौत की यादों को ताजा कर दिया है। उसकी जनवरी 2014 में लाजपत नगर बाजार में एक दुकानदार व अन्य लोगों के साथ विवाद के बाद पीटकर हत्या कर दी गई। उसके परिवार और दोस्तों ने आरोप लगाया था कि उस पर नस्लीय फब्तियां कसी गईं। वहीं दिल्ली पुलिस में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए विशेष पुलिस इकाई (एसपीयूएनईआर) की स्थापना 2014 में की गई थी। इसका मकसद पूर्वोत्तर के लोगों के अलावा दार्जिलिंग के गोरखा समुदाय और राजधानी में लद्दाखी निवासियों को सहायता और सशक्त बनाना है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि एसपीयूएनईआर प्रकोष्ठ पूर्वोत्तर क्षेत्र के लोगों की उचित शिकायत के निवारण के लिए स्थानीय पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर उनकी मदद करता है। दिल्ली पुलिस ने हाल में एसपीयूएनईआर के लिए एक आधिकारिक ‘लोगो’ का अनावरण किया, और कहा कि इसका उद्देश्य इकाई की दृश्यता में सुधार करना और पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा, समावेशिता व त्वरित सहायता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करना है। सिंह की मौत के बाद, स्थानीय निवासियों और समुदाय के सदस्यों ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और हत्या में नस्लीय पूर्वाग्रह की भूमिका थी या नहीं, इसकी गहन जांच की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला।

प्रभासाक्षी 8 Sep 2026 9:33 pm

बुरहानपुर में बसों पर परिवहन विभाग की कार्रवाई:4 स्लीपर बसों के परमिट रद्द, स्कूल बस का चालान; टैक्स बकाया होने पर एक जब्त

बुरहानपुर जिले में परिवहन विभाग यात्री और स्कूली बसों की जांच का अभियान चला रहा है। मंगलवार को RTO विभाग ने कार्रवाई की। इस दौरान 4 स्लीपर कोच यात्री बसों के परमिट रद्द किए गए। एक यात्री बस को करीब 2 लाख रुपए टैक्स बकाया होने पर जब्त किया गया, जबकि एक स्कूली बस का फिटनेस और बीमा नहीं होने पर 10 हजार रुपए का चालान काटा गया। RTO राजेश गुप्ता ने बताया कि एक बस संचालक ने करीब डेढ़ साल से टैक्स जमा नहीं किया था। बस का फिटनेस भी नहीं था। करीब 2 लाख रुपए टैक्स बकाया होने के कारण बस जब्त की गई। स्कूल बस का 10 हजार रुपए चालान सेंट जेवियर स्कूल की बस का फिटनेस और बीमा नहीं था। इस पर परिवहन विभाग ने 10 हजार रुपए का चालान काटा। जिन 4 यात्री बसों के परमिट रद्द किए गए, उनमें जलगांव (महाराष्ट्र) की 1, अरुणाचल प्रदेश की 2 और अलीराजपुर की 1 बस शामिल है। राजेश गुप्ता ने बताया कि यात्री और स्कूली बसों की जांच आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने बस संचालकों से नियमों का पालन करने की अपील की।

दैनिक भास्कर 8 Sep 2026 9:04 pm

अरुणाचल में एलएसी पर भारत-चीन के बीच पहली सीनियर कमांडर-स्तरीय फ्लैग बैठक, शांति बनाए रखने पर दिया जोर

New Delhi, 8 सितंबर . हाल के दिनों में विभिन्न तंत्रों के तहत India और चीन के बीच कई दौर की चर्चाएं हुई. चर्चाओं के बाद, वास्तविक नियंत्रण रेखा (एमएसी) पर पहली वरिष्ठ उच्चतम सैन्य कमांडर-स्तरीय फ्लैग बैठक अरुणाचल प्रदेश में भारतीय पक्ष पर वाचा में 6 सितंबर को और चीनी पक्ष पर दामाई में ... Read more

डेली किरण 8 Sep 2026 8:33 pm

संयुक्त राष्ट्र के नए नक्शे पर विवाद, बंगाल में पेंशन वादे पर घिरी शुभेंदु सरकार; पढ़ें शाम की बड़ी खबरें

भारत समर्थित संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव के बाद जारी नए विश्व मानचित्र में अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन को अलग क्षेत्र दिखाए जाने से नई दिल्ली में चिंता बढ़ी है। दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार ने चुनाव में पेंशन दोगुनी करने के वादे के बावजूद पहली किस्त में सिर्फ 50 प्रतिशत बढ़ोतरी की है।

लाइव हिन्दुस्तान 8 Sep 2026 6:49 pm

MEA Press Conference: UN Map Controversy, BRICS Summit, BAPS Paris Temple, SAF Games Pakistan और China से जुड़े मुद्दों पर विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया रुख

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब देते हुए चीन के साथ संबंधों, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, रूस-यूक्रेन युद्ध, नेपाल में राहत एवं बचाव अभियान, बांग्लादेश, संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव और एलएसी पर भारत-चीन सैन्य वार्ता समेत कई अहम मुद्दों पर भारत का रुख स्पष्ट किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और चीन के संबंध धीरे-धीरे सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों का क्रमिक सामान्यीकरण हो रहा है और इस प्रक्रिया में लोगों के बीच संपर्क यानी ‘पीपुल-टू-पीपुल’ संबंध बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि वीजा से जुड़े मुद्दे भी लोगों के बीच संपर्क और संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसे भी पढ़ें: India-Pakistan के बीच फिर से महासंग्राम ! UN Resolution के बाद Kashmir पर भारत के जवाब का विरोध करना पाकिस्तान को पड़ा भारी एलएसी पर भारत और चीन के बीच सैन्य स्तर पर संवाद के संबंध में जायसवाल ने बताया कि भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच अगस्त 2025 और अगस्त 2026 में बनी समझ तथा बीजिंग और नई दिल्ली में मई एवं अगस्त 2026 में हुई वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन (डब्ल्यूएमसीसी) की बैठकों के बाद 6 और 7 सितंबर को वरिष्ठ उच्चतम सैन्य कमांडर स्तर की पहली फ्लैग बैठक आयोजित की गई। यह बैठक भारतीय पक्ष की ओर से अरुणाचल प्रदेश के वाचा और चीनी पक्ष की ओर से दमाई में हुई। उन्होंने बताया कि पश्चिमी सेक्टर में भी इसी तरह का एक तंत्र मौजूद है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में पारित एक प्रस्ताव से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत ने प्रस्ताव का समर्थन किया था और उसके पक्ष में मतदान किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्ताव किसी निजी पक्ष या किसी विशेष संस्था के नक्शे का समर्थन नहीं करता। प्रस्ताव का मुख्य फोकस ‘इक्वल-एरिया मैप्स’ यानी समान क्षेत्रफल वाले नक्शों के सिद्धांत पर है, जिससे महाद्वीपों के आपसी आकार को उचित महत्व और सही प्रतिनिधित्व मिल सके। बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त की बैठक को लेकर रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारतीय उच्चायुक्त ने बांग्लादेश के राष्ट्रपति से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान भारत-बांग्लादेश संबंधों, दोनों देशों के साझा रिश्तों, लोगों के बीच संपर्क और आने वाले दिनों में द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाने के मुद्दों पर चर्चा हुई। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री सम्मेलन के दौरान कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। किन नेताओं के साथ बैठक होगी और उनका समय क्या होगा, इसकी विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी। उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष भी उन अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल होगा, जिन पर द्विपक्षीय वार्ताओं के दौरान चर्चा हो सकती है। ब्रिक्स सम्मेलन में राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों की भागीदारी को लेकर उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय उचित समय पर इसकी जानकारी देगा। रूसी सेना में भारतीय नागरिकों के मुद्दे पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि अभी भी करीब दो दर्जन भारतीय नागरिक रूसी सेना में मौजूद हैं। भारत ने इस मुद्दे को रूसी सरकार के समक्ष उठाया है और उम्मीद है कि इन लोगों को जल्द रिहा किया जाएगा। रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत के रुख को दोहराते हुए जायसवाल ने कहा कि विदेश मंत्री ने हाल ही में यूक्रेन और पोलैंड का दौरा किया था। बातचीत के दौरान भारत ने स्पष्ट किया कि यह युद्ध का युग नहीं है और किसी समाधान का रास्ता युद्ध के मैदान से नहीं निकलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश का भी उल्लेख किया कि अंतहीन युद्ध को अब युद्ध के अंत का रास्ता देना चाहिए। भारत का मानना है कि संघर्ष में शामिल पक्षों को समाधान का रास्ता स्वयं तलाशना होगा, लेकिन यदि भारत किसी भी रूप में युद्ध समाप्त कराने में मदद कर सकता है तो वह इसके लिए तैयार है। भारत यूक्रेन और रूस दोनों पक्षों के संपर्क में है और ऐसे विचारों व सुझावों पर काम कर रहा है, जो शांति की दिशा में योगदान दे सकें। नेपाल में आई आपदा पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने नेपाल की जनता और सरकार के प्रति एकजुटता और संवेदना व्यक्त की है। एक करीबी मित्र और पड़ोसी के रूप में भारत ने तुरंत सहायता पहुंचाई है और राहत, बचाव तथा पुनर्निर्माण कार्यों में नेपाल का समर्थन जारी रखेगा। भारत ने अब तक सात विमानों के जरिए 95 टन राहत सामग्री भेजी है और जल्द ही और सामग्री भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि भारत की फॉरेंसिक टीम और टनल रेस्क्यू टीम नेपाल में जमीनी स्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों में मदद कर रही हैं। फॉरेंसिक टीम काठमांडू की दो प्रयोगशालाओं में करीब 1,200 डीएनए नमूनों पर काम कर रही है। जायसवाल के अनुसार, इस आपदा में 275 भारतीय नागरिक लापता हैं, जबकि अब तक 169 भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है। लापता लोगों में 49 ऐसे लोग भी शामिल हैं, जो चीन की ओर लापता हुए हैं। पाकिस्तान में होने वाले 2027 दक्षिण एशियाई फेडरेशन (सैफ) खेलों में भारत की भागीदारी के सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि किसी अंतरराष्ट्रीय या बहुपक्षीय खेल प्रतियोगिता में भारत की भागीदारी खेल मंत्रालय और युवा मामलों के मंत्रालय की घोषित नीति के अनुसार तय होती है। इस मामले में अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं के दिशा-निर्देशों और भारतीय खिलाड़ियों के हितों को भी ध्यान में रखा जाता है। पेरिस क्षेत्र में बीएपीएस संस्था द्वारा मंदिर के उद्घाटन और एफिल टॉवर में महिला कर्मचारियों को कुछ क्षेत्रों से दूर रहने के कथित निर्देशों से जुड़े सवाल पर जायसवाल ने कहा कि भारत को पेरिस क्षेत्र में बीएपीएस संस्था द्वारा मंदिर के उद्घाटन की जानकारी है। हालांकि, एफिल टॉवर से जुड़ा विशेष मामला संबंधित संस्थाओं के बीच का विषय है। बहरहाल, विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग में भारत ने स्पष्ट किया कि वह पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने, चीन के साथ संबंधों के क्रमिक सामान्यीकरण, वैश्विक संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान और मानवीय सहायता के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है। साथ ही भारत ने यह भी संकेत दिया कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर व्यापक कूटनीतिक बातचीत देखने को मिल सकती है।

प्रभासाक्षी 8 Sep 2026 6:26 pm

कल का मौसम: 9 सितंबर को बिहार-झारखंड संग 9 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने का खतरा! IMD ने दी ये चेतावनी

IMD Heavy Rain Alert: देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में मानसूनी बारिश अपना पूरा रंग दिखा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 9 सितंबरके मौसम को लेकर ताजा चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक बिहार, झारखंड और ओडिशा समेत देश के 9 प्रमुख राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। इसके साथ ही कई तटीय व मैदानी राज्यों में तेज तूफानी हवाएं चलने और बादलों की कड़क के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।बिहार, झारखंड और ओडिशा समेत 9 राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनीमौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 9 सितंबर को पूर्वी भारत से लेकर पूर्वोत्तर के राज्यों तक मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। आईएमडी के मुताबिक 9 सितंबर को बिहार, झारखंड, ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश की आशंका है।बिजली कड़कने और 30 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी का अलर्टबारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज हवाओं और बिजली गिरने से होने वाले नुकसान को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका है। बिहार, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना और उप-हिमालयी व गांगेय पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30 से 40 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और बिजली गिरने का अनुमान है। उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों में बादलों की जोरदार गर्जना के साथ बिजली गिरने का खतरा जताया गया है।आंध्र प्रदेश में तेज सतही हवाएं, केरल में उमस और गर्मीदक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के राज्यों में मौसम के अलग-अलग रूप देखने को मिलेंगे। तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में दिनभर तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, केरल और माहे के अलग-अलग हिस्सों में 9 सितंबर को मौसम काफी गर्म और अत्यधिक उमस भरा बना रहेगा।ये भी पढ़ें- El Nino effect: अल नीनो का कहर! जानिए भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका में लाखों लोगों के सामने इसने कैसे खड़ा कर दिया जल संकटइसके अलावा मौसम विभाग ने अरब सागर के तटीय और खुले समुद्री क्षेत्रों में मौसम का मिजाज काफी खराब रहने की आशंका जताई गई है। सोमालिया और ओमान के तटवर्ती क्षेत्रों तथा उससे सटे पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएंचल सकती हैं। हवाओं की रफ्तार बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। IMD ने मछुआरों को इन इलाकों में समुद्र में न उतरने की सख्त सलाह दी है।

ज़ी न्यूज़ 8 Sep 2026 5:00 pm

मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी! फिर बन रहा नया वेदर सिस्टम, MP, छत्तीसगढ़, यूपी समेत 10 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: देश भर में मानसूनी बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 सितंबर को जारी ताजा वेदर बुलेटिन में एक नए और ताकतवर वेदर सिस्टम के एक्टिव होने की बड़ी चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक 11 सितंबर के आसपास पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से सटे उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा तटों पर एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की पूरी संभावना है।इस नए सिस्टम और देश के अलग-अलग हिस्सों में एक्टिव साइक्लॉनिक सर्कुलेशन की वजह से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा और महाराष्ट्र समेत 10 से अधिक राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होने जा रहा है।बीते 24 घंटों का हाल: अंडमान और असम में रिकॉर्ड 20 सेमी तक बारिशबीते 24 घंटों में देखें तो अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और असम में अलग-अलग जगहों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और मिजोरम में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।एक्टिव वेदर सिस्टम: उत्तर प्रदेश से बंगाल की खाड़ी तक बने कई सिस्टममौसम विभाग के मुताबिक मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है, जबकि पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति के करीब बना हुआ है। निचले ट्रोपोस्फीयर में पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण गुजरात से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं बिहार के इस सिस्टम तक एक ट्रफ लाइन गुजर रही है।दक्षिण तेलंगाना से मन्नार की खाड़ी तक और उत्तरी हरियाणा के ऊपर भी अलग-अलग ट्रोपोस्फेरिक स्तरों पर साइक्लॉनिक सर्कुलेशन एक्टिव हैं। इन मौसमी प्रणालियों के बीच 11 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया लो-प्रेशर सिस्टम मानसूनी हवाओं को और अधिक बल देगा।मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 10 से 14 सितंबर तक भारी बारिशIMD के मुताबिक मध्य भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश में काफी तेजी देखने को मिलेगी। छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 10 से 14 सितंबर तक अधिकांश जगहों पर बादल गरजने और बिजली चमकने के साथ झमाझम बारिश होगी। इस दौरान छत्तीसगढ़ में 10 से 14 सितंबर के बीच और पूर्वी मध्य प्रदेश में 12 व 13 सितंबर को भारी बारिश की आशंका है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12 से 14 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश होगी, जिसमें 12 और 13 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में 12 सितंबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है जबकि 8 से 14 सितंबर तक छिटपुट बारिश का दौर जारी रहेगा।पूर्व और पूर्वोत्तर भारत: ओडिशा में 10 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्टपूर्वी भारत के राज्यों में 8 से 14 सितंबर के दौरान भारी बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। ओडिशा में 10 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार यानी बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। इसके बाद 11 और 12 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रहेगी। 8 सितंबर को ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में तेज आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट है। बिहार में 8 से 10 सितंबर और 14 सितंबर को भारी बारिश दर्ज हो सकती है।उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 सितंबर को और फिर 11 से 13 सितंबर के बीच भारी बारिश का अनुमान है। झारखंड में 9 से 11 सितंबर तक और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 8 और 12 से 14 सितंबर के बीच मूसलाधार बारिश होने के आसार हैं। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश में 12 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है जबकि 8, 9, 11, 13 और 14 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 8 से 12 सितंबर के बीच लगातार भारी बारिश और बिजली गिरने का सिलसिला बना रहेगा।उत्तर-पश्चिम भारत: उत्तराखंड में लगातार बारिश, मैदानी इलाकों में छिटपुट बौछारेंउत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी राज्यों में मानसून का असर बना रहेगा। उत्तराखंड में 10 से 14 सितंबर के दौरान अधिकांश जगहों पर बारिश होगी और इस पूरे अंतराल में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश में 13 और 14 सितंबर को व्यापक स्तर पर बारिश होगी। उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर के बाकी हिस्सों में 14 सितंबर तक छिटपुट स्थानों पर बादलों की गर्जना और बिजली कड़कने के साथ हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी।पश्चिम और दक्षिण भारत: कोंकण, गुजरात और तटीय आंध्र प्रदेश में बिगड़ेगा मौसमपश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में 8 से 14 सितंबर तक व्यापक बारिश जारी रहेगी जहां 12 और 13 सितंबर को भारी बारिश होने का अनुमान है। गुजरात क्षेत्र में 12 और 13 सितंबर को और मध्य महाराष्ट्र में 13 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बंगाल की खाड़ी के नए सिस्टम का सीधा असर दिखेगा।तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11 से 14 सितंबर के बीच तथा तेलंगाना में 11 से 13 सितंबर के बीच भारी बारिश होगी। केरल, माहे और तटीय कर्नाटक में 10 से 12 सितंबर के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तमिलनाडु में 8 से 12 सितंबर तक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही और झोंकेदार हवाएं चलेंगी।गर्मी व उमस और मछुआरों के लिए विशेष चेतावनीमौसम विभाग ने 8 और 9 सितंबर को केरल व माहे में और 8 से 10 सितंबर के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश व यनम में मौसम के बेहद गर्म और उमस भरा रहने की संभावना जताई है। समुद्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए IMD ने मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है।ये भी पढ़ें- Judge Ravi Kumar Diwakar: यूपी के जज रवि कुमार दिवाकर ने 5 महीनों में 23 को सुनाई फांसी की सजा! उन सभी की पूरी लिस्ट जिन्हें अब तक वो दे चुके डेथ सेंटेंससोमालिया तट के पास और अरब सागर के हिस्सों में 13 सितंबर तक तथा ओमान तट के पास 11 सितंबर तक तेज तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। वहीं अंडमान सागर और बंगाल की खाड़ी के आसपास 10 से 13 सितंबर के दौरान स्थिति खराब रहेगी, इसलिए मछुआरों को इन क्षेत्रों में समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

ज़ी न्यूज़ 8 Sep 2026 2:01 pm

गरजने लगी इंडियन आर्मी की 'ब्रह्मास्त्र कोर', चिनूक हेलीकॉप्टरों की मदद से खतरनाक 'अंडरस्लंग' ट्रेनिंग शुरू

भारतीय सेना अपनी मारक क्षमता, आक्रामक রণनीति और अत्याधुनिक हथियारों के दम पर दुनिया की सबसे ताकतवर सेनाओं में शुमार की जाती है, और इसी कड़ी में एक बार फिर से देश के रक्षा गलियारों से एक रोमांचक खबर सामने आई है। भारतीय सेना की बेहद शक्तिशाली और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'ब्रह्मास्त्र कोर' ने दुश्मन के होश उड़ाने के लिए आसमान में अपनी ताकत का खुला प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उत्तर और पश्चिमी सीमाओं पर देश की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए इस कोर के जवानों ने अमेरिकी मूल के अत्याधुनिक और भारी-भरकम चिनूक (Chinook) हेलीकॉप्टरों की मदद से 'अंडरस्लंग' (Underslung) ट्रेनिंग को अंजाम देना शुरू कर दिया है। दुर्गम पहाड़ी रास्तों, घने जंगलों और दुर्गम भूभागों पर भारी सैन्य साजो-सामान, तोपों और युद्धक वाहनों को हवा के रास्ते पलक झपकते ही एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने की यह खास तकनीक भारतीय सेना के पराक्रम में चार चांद लगा रही है। इस युद्धाभ्यास और ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युद्ध या आपातकालीन स्थिति के दौरान जब पारंपरिक मार्ग बंद हों, तब सेना दुश्मन को चौंकाते हुए हवा के रास्ते ही अपने भारी हथियारों को सही समय पर सही जगह पर तैनात कर सके।क्या होती है 'अंडरस्लंग' तकनीक और क्यों है यह भारतीय सेना के लिए इतनी खाससैन्य अभियानों और लॉजिस्टिक्स की भाषा में 'अंडरस्लंग' उस सामरिक प्रक्रिया को कहा जाता है जिसमें किसी भारी-भरकम हथियार, गोला-बारूद, रसद या सैन्य वाहन को हेलीकॉप्टर के ठीक नीचे एक मजबूत केबल या हार्नेस के जरिए लटकाकर हवा में ही एक स्थान से उठाकर दूसरे रणनीतिक स्थान पर सुरक्षित रूप से पहुंचाया जाता है। जब भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण भौगोलिक देश की बात आती है, जहां एक तरफ हिमालय की ऊंची बर्फीली चोटियां हैं तो दूसरी तरफ घने जंगल और मरुस्थल हैं, तब यह तकनीक किसी वरदान से कम साबित नहीं होती है। सड़क मार्ग से जहां तोपों और भारी साजो-सामान को सीमावर्ती चौकियों तक पहुंचाने में कई घंटे या दिन लग जाते हैं, वहीं चिनूक जैसे जांबाज हेलीकॉप्टर इस तकनीक के जरिए उस काम को कुछ ही मिनटों में पूरा कर देते हैं। ब्रह्मास्त्र कोर के जवानों द्वारा की जा रही इस विशेष ट्रेनिंग से यह साफ हो गया है कि भारतीय सेना अब किसी भी परिस्थिति में अपने दुश्मन को मात देने के लिए तकनीकी रूप से पूरी तरह से एडवांस और तैयार है।चिनूक हेलीकॉप्टरों की मारक क्षमता और ब्रह्मास्त्र कोर का रणनीतिक पराक्रमबोइंग द्वारा निर्मित सी-47 (CH-47) चिनूक हेलीकॉप्टर अपनी अद्भुत लिफ्टिंग क्षमता और बेहतरीन पेलोड कैपेसिटी के लिए पूरी दुनिया में अपनी एक अलग पहचान रखते हैं, और भारतीय वायुसेना में शामिल होने के बाद से इनकी ताकत कई गुना बढ़ गई है। ब्रह्मास्त्र कोर के साथ मिलकर इन हेलीकॉप्टरों द्वारा की जाने वाली अंडरस्लंग ट्रेनिंग इस बात का प्रमाण है कि थल सेना और वायु सेना के बीच का तालमेल अब और भी ज्यादा घातक और सटीक हो चुका है। चाहे लद्दाख की बर्फीली वादियां हों या अरुणाचल प्रदेश की खड़ी पहाड़ियां, चिनूक बिना किसी परेशानी के भारी से भारी हॉवित्जर तोपों और बख्तरबंद गाड़ियों को अपने पंजों में दबाकर हवा में उड़ सकता है। इस ट्रेनिंग के दौरान जवानों को यह सिखाया जाता है कि कैसे बेहद कम समय में साजो-सामान को हेलीकॉप्टर के साथ जोड़ा जाए और बिना किसी तकनीकी बाधा के उसे तयशुदा टारगेट तक पहुंचाया जाए, जिससे युद्ध के मैदान में लॉजिस्टिक्स कभी भी रुकावट न बने।आधुनिक युद्धक रणनीतियों और एआई (AI) के दौर में सैन्य तैयारियों का महत्वआज के आधुनिक और डिजिटल युद्ध के दौर में केवल पारंपरिक हथियारों के सहारे युद्ध नहीं जीते जा सकते, बल्कि इसके लिए तेजी से निर्णय लेने की क्षमता, सटीक खुफिया तंत्र और एडवांस लॉजिस्टिक्स का होना सबसे जरूरी माना जाता है। जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन और आधुनिक तकनीकी बदलावों के बीच दुनिया भर की सेनाएं अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सैटेलाइट कम्युनिकेशंस के साथ अपनी ट्रेनिंग को अपग्रेड कर रही हैं। भारतीय सेना भी इसी आधुनिक दृष्टिकोण को अपनाते हुए अपनी हर कोर को ग्लोबल स्टैंडर्ड के मुताबिक ढालने में जुटी हुई है, ताकि भविष्य के किसी भी संभावित संघर्ष में देश को रणनीतिक बढ़त हासिल हो सके। ब्रह्मास्त्र कोर की यह ट्रेनिंग इस बात का जीवंत उदाहरण है कि हमारी सेनाएं केवल जमीन पर ही नहीं, बल्कि आसमान की ऊंचाइयों से भी दुश्मन के हर नापाक मंसूबों को पलभर में नेस्तनाबूद करने का माद्दा रखती हैं।देश की सीमाओं की सुरक्षा और भविष्य के लिए एक अभेद्य रक्षा चक्रभारतीय सेना का यह कड़ा अभ्यास और अभ्यास के दौरान दिखाई गई तत्परता देश के 140 करोड़ नागरिकों को यह अहसास कराती है कि हमारी सरहदें पूरी तरह से सुरक्षित हाथों में हैं। चाहे चीन की सीमा हो या पाकिस्तान का मोर्चा, देश के वीर जवान और अधिकारी हर पल सतर्क हैं और किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति से निपटने के लिए अपनी युद्धक क्षमताओं को लगातार मांझ रहे हैं। चिनूक हेलीकॉप्टरों की गड़गड़ाहट और ब्रह्मास्त्र कोर के जांबाजों का यह पराक्रम दुश्मन देशों के लिए एक साफ संदेश है कि भारत की संप्रभुता पर आंख उठाने वाले को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हमारी सेनाएं पूरी तरह से मुस्तैद हैं। आने वाले दिनों में इस तरह की ट्रेनिंग और अधिक व्यापक स्तर पर आयोजित की जाएगी, जिससे भारतीय रक्षा तंत्र और अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बनकर उभरेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Sep 2026 12:32 pm

यूएन के नक्शे में अक्साई चिन और अरुणाचल पर गलत दावा, असम सीमा से नगालैंड भी गायब

संयुक्त राष्ट्र के करेक्ट द मैप प्रस्ताव के बाद जारी नए नक्शे में भारत के अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिन्हें भारत अपना अभिन्न अंग मानता है।

जागरण 8 Sep 2026 11:47 am

Stocks to Watch: Nifty की एक्सपायरी पर चार लिस्टिंग्स; LIC, SBI Life और Deepa Jewellers समेत ये 21 स्टॉक्स फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों से मिले-जुल रुझानों से घरेलू मार्केट में लाल शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 42.00 प्वाइंट्स यानी 0.17% की गिरावट के साथ 23,786.00 पर है। चूंकि आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल रह सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 7 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 382.62 प्वाइंट्स यानी 0.50% की गिरावट के साथ 76,132.81 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 118.55 प्वाइंट्स यानी 0.50% की फिसलन के साथ 23,779.15 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस Shiprocket Q1 (Consolidated YoY)जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर शिपरॉकेट का कंसालिडेटेड घाटा ₹18 करोड़ से घटकर ₹13.7 करोड़ रह गया और रेवेन्यू 33.8% उछलकर ₹592.1 करोड़ पर पहुंच गया।Behari Lal Engineering Q1 (YoY)जून 2026 तिमाही में सालाना आधार पर बेहरी लाल इंजीनियरिंग का मुनाफा 24.5% बढ़कर ₹19.2 करोड़ और रेवेन्यू 18% उछलकर ₹151.7 करोड़ पर पहुंच गया।Arisinfra Solutionsएरिसइंफ्रा सॉल्यूशंस ने अपनी सब्सिडियरी एरिसयूनिटर्न आरई सॉल्यूशंस के जरिए ओटू स्पेसेज (O2 Spaces) से एक ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड में मॉर्निंग मिस्ट नाम के रेजिडेंशियल अपार्टमेंट प्रोजेक्ट के लिए DaaS (डेवलपर-ऐज-अ-सर्विस) को लेकर है। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित GDV (ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू) ₹280 करोड़ है। इस डील से एरिसइंफ्रा को ₹100 करोड़ से अधिक की मटीरियल सप्लाई का मौका मिलेगा।Asian Energy Servicesएशियन एनर्जी सर्विसेज की सब्सिडियरी ऑयलमैक्स एनर्जी को अरुणाचल प्रदेश के पाकड़ो गांव में 155.46 हेक्टेयर इलाके में फैले पाकड़ो वैनेडियम और ग्रेफाइट ब्लॉक के लिए कम्पोजिट लाइसेंस को लेकर राज्य सरकार से LoI (लेटर ऑफ इंटेंट) मिला है।Neuland Laboratoriesनियूलैंड लैबोरेटरीज के बोर्ड ने आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में लगभग 134 एकड़ जमीन खरीदने के लिए ₹126 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर को मंजूरी दी है। इसके अलावा इससे लगी हुई लगभग 66 एकड़ की अतिरिक्त जमीन भी खरीदने की मंजूरी कंपनी को मिली है।Mankind Pharmaमैनकाइंड फार्मा की सब्सिडियरी भारत सीरम्स एंड वैक्सीन्स के शेयरहोल्डर्स ने भारत सीरम्स एंड वैक्सीन्स के वालंटरी लिक्विडेशन यानी स्वेच्छा से बंद करने को मंजूरी दे दी है।GE Vernova T&Dबाड़मेर II से साउथ कलांब तक रिन्यूएबल पावर पहुंचाने के लिए 6,000 MW, 800 kV हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट (HVDC) LCC टर्मिनल स्टेशन (2x3,000 MW) बनाना है और इसके लिए जीई वर्नोवा टीएंडडी ने सबसे कम बोली लगाई है।Adani Powerअदाणी पावर को जीवीके एनर्जी के अधिग्रहण के लिए रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल से LoI (लेटर ऑफ इंटेंट) मिला है। जीवीके एनर्जी अपनी सब्सिडियरी अलकनंदा हाइड्रो पावर कंपनी के जरिए उत्तराखंड में 330 MW का हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट चलाती है।LICअगस्त महीने में सालाना आधार पर एलआईसी का नए बिजनेस से प्रीमियम (NBP) 45.3% बढ़कर ₹23,275 करोड़ और इस साल अब तक 22.31% उछलकर ₹80,005 करोड़ पर पहुंच गया।SBI Life Insurance Companyअगस्त महीने में सालाना आधार पर एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का नए बिजनेस से प्रीमियम (NBP) 2.8% बढ़कर ₹3,415 करोड़ और इस साल अब तक 12.73% उछलकर ₹16,220 करोड़ पर पहुंच गया।HDFC Life Insurance Companyअगस्त महीने में सालाना आधार पर एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस का नए बिजनेस से प्रीमियम (NBP) 17.8% बढ़कर ₹3,609 करोड़ और जनवरी से अब तक 14.43% उछलकर ₹15,570 करोड़ पर पहुंच गया।ICICI Prudential Life Insurance Companyअगस्त महीने में सालाना आधार पर आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का नए बिजनेस से प्रीमियम (NBP) 9.9% बढ़कर ₹1,953 करोड़ और जनवरी से अब तक 18.52% उछलकर ₹9,120 करोड़ पर पहुंच गया।Edelweiss Financial Servicesप्रमोटर वेंकटाचलम अराकोनी रामास्वामी ने जून 2026 तक 4.7% की अपनी पर्सनल होल्डिंग्स में से 50 लाख शेयर (0.52% हिस्सेदारी) ₹65.41 करोड़ में प्रति शेयर ₹130.83 के भाव पर बेचे।HEGएचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड बनाने वाली एचईजी के 9.93 लाख शेयर (0.51% इक्विटी होल्डिंग) ₹26.44 करोड़ प्रति शेयर ₹266.21 के भाव पर खरीदे हैं।GMM Pfaudlerपर्सिस्टेंस कैपिटल फंड I ने GMM Pfaudler के 2.4 लाख शेयर (0.53% होल्डिंग) ₹29.67 करोड़ में प्रति शेयर ₹1,236.11 के भाव पर खरीदे हैं।Kopranप्रमोटर ग्रुप की यूनाइटेड शिपर्स ने फार्मा कंपनी कोपरन (Kopran) के 5 लाख शेयर ₹234.66 के भाव और 7 लाख शेयर ₹234.30 के भाव पर बेचे। कुल मिलाकर प्रमोटर एंटिटी ने 2.48% हिस्सेदारी ₹28.13 करोड़ में बेचे हैं।RPP Infra Projectsप्रमोटर ग्रुप की यागावी एनए ने आरपीपी इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के 8.31 लाख शेयर (1.67% होल्डिंग) ₹4.44 करोड़ में प्रति शेयर ₹53.52 के भाव पर बेच दिए। इसके साथ ही यागवी एनए ने अगस्त से अब तक कुल 7.98% हिस्सेदारी (39,61,027 शेयर) बेच दी है। जून 2026 तक उनके पास कंपनी में 8.01% हिस्सेदारी थी। वहीं भास्करन गणेशन अबिन दिनेश ने प्रति शेयर ₹53.58 के भाव पर ₹2.49 करोड़ में कंपनी के 4.65 लाख शेयर खरीदे और अब कंपनी में उनकी कुल हिस्सेदारी 2.66% हो गई है। इसके अलावा जी विसलाची ने भी प्रति शेयर ₹53.50 के भाव पर ₹2.47 करोड़ में कंपनी के 4.62 लाख शेयर खरीदे हैं, जिससे उनकी कुल हिस्सेदारी 2.65% हो गई है।Rays of Belief, Deepa Jewellersआज रेज ऑफ बिलीफ और दीपा ज्वैलर्स के शेयरों की बीएसई और एनएसई पर एंट्री होगी।Farm Peace, Fly-Hi Maritime Travelsफार्म पीस और फ्लाई-हाई मैरिटाइम ट्रैवल्स के शेयर आज बीएसई एसएमई पर लिस्ट होंगे।Stocks to Watch: इन पर भी रहेगी नजरएक्स-डिविडेंड: एपीएल अपोलो ट्यूब्स, भंडारी होजरी एक्सपोर्ट्स, बीएलएस ई-सर्विसेज, ग्लोबस स्पिरिट्स, केडीडीएल, पॉलीप्लेक्स कॉरपोरेशन, रुशील डेकोर, सिंक्लेयर्स होटल्स, स्किपर, टीना रबर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर, वैलप्लास्ट टेक्नोलॉजीज,एक्स-स्कीम ऑफ अरेंजमेंट: टीवीएस होल्डिंग्सF&O बैन: आज आईनॉक्स विंड, कीन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस और SAIL में एफएंडओ की नई पोजिशन नहीं ले पाएंगे।स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ेंडिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ज़ी न्यूज़ 8 Sep 2026 8:34 am

अरुणाचल प्रदेश के बिचोम में भूकंप के झटके: रिक्टर पैमाने पर 2.9 दर्ज की गई तीव्रता, जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं

भारतीय प्लेट का यूरेशियन प्लेट के नीचे निरंतर खिसकना और दबाव बनना इस हिमालयी पट्टी में बार-बार हल्के और मध्यम झटकों का मुख्य कारण रहता है। राहत एजेंसियों द्वारा पर्वतीय इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है।

खास खबर 8 Sep 2026 7:59 am

अरुणाचल प्रदेश में सुबह-सुबह महसूस किए गए भूकंप के झटके, इतनी रही तीव्रता

मंगलवार सुबह अरुणाचल प्रदेश के बिछोम इलाके में भूकंप का झटका महसूस किया गया। भूकंप का झटका सुबह 5:44 बजे महसूस किया गया।

खबर इंडिया टीवी 8 Sep 2026 7:37 am

नेपाल तबाही के बावजूद नहीं माना चीन : ब्रह्मपुत्र पर 14 लाख करोड़ का 'सदी का बांध' बनाने की ज़िद, भारत के पूर्वोत्तर पर बड़ा संकट?

China Brahmaputra Dam: तिब्बत के 'ग्रेट बैंड' (Great Bend) क्षेत्र में यारलुंग ज़ंगबो (ब्रह्मपुत्र नदी) के निचले प्रवाह पर चीन द्वारा 60 गीगावाट (GW) क्षमता की ' यारलुंग ज़ंगबो लोअर रीचेस हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट' का निर्माण भारत की सामरिक और जल सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। 14 लाख करोड़ (1.2 ट्रिलियन युआन) की लागत से बनने वाली यह परियोजना न केवल दुनिया का सबसे बड़ा जलविद्युत ढांचा (विश्व प्रसिद्ध 'थ्री गॉर्जियस डैम' से तीन गुना बड़ा) है, बल्कि यह सीधे भारत के अरुणाचल प्रदेश और असम की जीवन रेखा को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। परियोजना की पूरी इनसाइड स्टोरी ' ग्रेट बैंड ' ( बड़ा मोड़) पर इंजीनियरिंग की बिसात यह विशाल बांध ब्रह्मपुत्र नदी के उस हिस्से पर बनाया जा रहा है जिसे ग्रेट बैंड ( Great Bend) कहा जाता है। यहाँ से नदी एक तीखा मोड़ लेते हुए तेजी से भारत के अरुणाचल प्रदेश की ओर गिरती है। रन-ऑफ-द-रिवर का दावा : यद्यपि चीन इसे 'रन-ऑफ-द-रिवर' परियोजना बता रहा है, लेकिन इसमें न्यिंगची के ऊपरी क्षेत्र मेनलिंग में एक विशाल जलाशय (Reservoir) का निर्माण शामिल है। 40 किमी लंबी सुरंग : नदी के पानी को लगभग 40 किलोमीटर लंबी विशाल सुरंग के माध्यम से मोड़कर 5 पावरहाउस संचालित किए जाएंगे, जिसके बाद पानी पुनः निचले प्रवाह में मिल जाएगा। जांगमू बांध का अनुभव : चीन पहले ही मध्य प्रवाह पर जांगमू बांध बना चुका है, जिससे तिब्बत की 26% बिजली मांग पूरी होती है। भारत की 3 मुख्य चिंताएं और सामरिक कोण चीन की इस ज़िद से भारत के पूर्वोत्तर राज्यों (विशेष रूप से अरुणाचल प्रदेश और असम) के लिए गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है: जल प्रवाह और जलाशय का नियंत्रण : ऊपरी इलाके मेनलिंग में जलाशय बनने से चीन के पास ब्रह्मपुत्र के पानी को रोकने या अचानक छोड़ने की चाबी आ जाएगी। सूखे के मौसम में पानी रोका जा सकता है और मानसून में अचानक छोड़कर निचले इलाकों में कृत्रिम बाढ़ लाई जा सकती है। पारिस्थितिकी व भूकंपीय जोखिम: यह पूरा हिमालयी बेल्ट अत्यधिक संवेदनशील टेकटोनिक प्लेट्स (Seismic Zone V) पर स्थित है। हाल ही में नेपाल-चीन सीमा पर आए हिमस्खलन इस बात का प्रमाण हैं। इतने बड़े पैमाने पर टनलिंग और निर्माण से भूस्खलन व बांध टूटने का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा। डेटा साझाकरण में अनिश्चितता: यद्यपि दोनों देशों के बीच 'विशेषज्ञ-स्तरीय तंत्र' (Expert-Level Mechanism) मौजूद है, लेकिन सीमा तनाव के दौरान चीन द्वारा हाइड्रोलॉजिकल डेटा (जल-विज्ञान आंकड़े) देना निलंबित कर दिया जाता है, जिससे भारत समय पर बाढ़ की अग्रिम चेतावनी जारी करने में असमर्थ हो जाता है। भारत की जल सुरक्षा पर मुख्य प्रभाव ( Water Security Impact) (A) ' वाटर वेपन ' (Water Weapon) या कृत्रिम नियंत्रण का खतरा यद्यपि बीजिंग इसे पर्यावरण-अनुकूल 'रन-ऑफ-द-रिवर' (Run-of-the-river) परियोजना बताता है, लेकिन इसमें तिब्बत के न्यिंगची स्थित मेनलिंग में एक विशाल जलाशय ( Reservoir) और 40 किलोमीटर लंबी सुरंग शामिल है। सूखे के मौसम में पानी का कम होना : शीत ऋतु या शुष्क मौसम (Lean Season) में चीन यदि जलाशय में पानी रोकता है, तो भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में पानी का प्राकृतिक प्रवाह 20% से 30% तक घट सकता है, जिससे कृषि, पेयजल और मत्स्य पालन संकट में आ जाएंगे। आकस्मिक डिस्चार्ज और कृत्रिम बाढ़ : मानसून के दौरान चीन द्वारा बिना पूर्व चेतावनी भारी मात्रा में पानी छोड़ने पर असम के मैदानी इलाकों में अचानक विनाशकारी बाढ़ (Flash Floods) आ सकती है। (B) हाइड्रोलॉजिकल डेटा साझाकरण में अनिश्चितता भारत और चीन के बीच जल-विज्ञान संबंधी डेटा (पानी का बहाव और स्तर) साझा करने का समझौता है। लेकिन पूर्व के अनुभवों (जैसे 2017 के डोकलाम विवाद) में देखा गया है कि सीमा पर राजनीतिक या सैन्य तनाव के दौरान चीन अचानक डेटा रोक देता है। विश्वसनीय पूर्व चेतावनी के अभाव में भारत की आपदा प्रबंधन एजेंसियां समय पर कार्रवाई करने में असमर्थ हो जाती हैं। (A) अरुणाचल प्रदेश : सियांग नदी का बिगड़ता स्वरूप ब्रह्मपुत्र जब अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करती है, तो इसे सियांग ( Siang) कहा जाता है। ऊपरी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर टनलिंग और ब्लास्टिंग के कारण नदी के पानी में अत्यधिक गाद ( Silt/Sediment) और मलबे की मात्रा बढ़ जाएगी, जिससे पानी पीने योग्य नहीं रहेगा और स्थानीय जलीय जीव नष्ट हो जाएंगे। चीन के नियंत्रण से सीमावर्ती क्षेत्रों में अचानक जलस्तर के उतार-चढ़ाव से नदी तटबंधों का कटाव (Soil Erosion) तेज होगा। (B) असम : ब्रह्मपुत्र घाटी की जैव-विविधता पर प्रहार काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान पर खतरा : काजीरंगा का अनूठा पारिस्थितिकी तंत्र ब्रह्मपुत्र के प्राकृतिक जल चक्र और बाढ़ पर निर्भर है। पानी के अप्राकृतिक प्रवाह से एक-सींग वाले गैंडों और दुर्लभ वनस्पतियों के अस्तित्व पर खतरा मंडराएगा। माजुली द्वीप का अस्तित्व संकट में: दुनिया के सबसे बड़े नदी द्वीप 'माजुली' (Majuli) का क्षेत्र पहले से ही कटाव के कारण घट रहा है। बांध से होने वाले अनियमित प्रवाह से माजुली का बचा हुआ हिस्सा भी जलमग्न होने या कटने के कगार पर पहुंच सकता है। पारिस्थितिकीय और भूगर्भीय जोखिम ( Ecological & Seismic Hazards) अत्यधिक भूकंप-संवेदनशील क्षेत्र ( Seismic Zone V): 'ग्रेट बैंड' हिमालयन सिंटैक्सिस (Himalayan Syntaxis) पर स्थित है, जहां भारतीय और यूरेशियन प्लेट आपस में टकराती हैं। यहां 7+ तीव्रता के भूकंप आने की संभावना हमेशा बनी रहती है। बांध टूटने ( Dam Failure) का भयानक खतरा : यदि भूकंप या लैंडस्लाइड के कारण चीन का यह विशाल बांध या जलाशय क्षतिग्रस्त होता है, तो लाखों क्यूसेक पानी अरुणाचल और असम को जलमग्न कर देगा, जिससे लाखों इंसानी जानें जा सकती हैं। भारत का जवाबी और रणनीतिक एक्शन प्लान चीन के इस 'जल-घेराबंदी' (Water Encirclement) का मुकाबला करने के लिए भारत ने अपनी रणनीति तेज कर दी है: अरुणाचल प्रदेश में ' सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट ' (Siang Upper Multipurpose Project): भारत सरकार अरुणाचल में 11 GW क्षमता वाले विशाल बांध के निर्माण की योजना पर तेजी से काम कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य बिजली बनाना नहीं, बल्कि चीन द्वारा अचानक छोड़े गए पानी को बफर के रूप में स्टोर करना और सूखे के दौरान पानी का प्रवाह बनाए रखना है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कूटनीतिक दबाव : भारत, बांग्लादेश के साथ मिलकर (जो ब्रह्मपुत्र का तीसरा सबसे बड़ा प्रभावित देश है) ट्रांस-बाउंड्री नदियों पर बहुपक्षीय संधि और तीसरे पक्ष की निगरानी (Third-party inspection) के लिए वैश्विक कूटनीतिक दबाव बढ़ा रहा है। सैटेलाइट आधारित निगरानी : भारत की अंतरिक्ष एजेंसी (ISRO) और सैन्य उपग्रह तिब्बत में यारलुंग ज़ंगबो के प्रवाह, टनल निर्माण और जलाशयों में पानी के स्तर पर 24x7 रियल-टाइम निगरानी रख रहे हैं। चीन का आधिकारिक पक्ष दूसरी ओर, चीनी विदेश मंत्रालय का दावा है कि बीजिंग एक ज़िम्मेदार रुख अपना रहा है। चीन का तर्क है कि यह परियोजना पूरी नदी घाटी में बाढ़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन में मददगार साबित होगी तथा इससे भारत या बांग्लादेश जैसे निचले प्रवाह वाले देशों को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा।

वेब दुनिया 8 Sep 2026 7:30 am

Stocks to Watch: 8 सितंबर को फोकस में रहेंगे ये 15 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल़

Stocks to Watch: मंगलवार 8 सितंबर को शेयर बाजार में कुछ चुनिंदा स्टॉक्स पर निवेशकों की नजर रहेगी। कई कंपनियों से जुड़े बड़े अपडेट सामने आए हैं। इनमें अधिग्रहण, नए ऑर्डर, फंड जुटाने और कारोबार से जुड़े अहम ऐलान शामिल हैं। इन खबरों से इन 15 स्टॉक्स में हलचल दिख सकती है।Adani Powerअदाणी ग्रुप की बिजली कंपनी Adani Power को GVK Energy के अधिग्रहण के लिए लेटर ऑफ इंटेंट यानी LoI मिला है। GVK Energy के लेनदारों की समिति ने इसके इनसॉल्वेंसी प्रोसेस के तहत Adani Power के रिजॉल्यूशन प्लान को मंजूरी दी है।Swiggyऑनलाइन फूड ऑर्डरिंग कंपनी Swiggy की सब्सिडियरी स्विगी नेटवर्क्स Lynks Logistics में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचेगी। यह हिस्सेदारी सिंगापुर की Trustroot Internet को करीब 5.24 करोड़ डॉलर में बेची जाएगी। डील 22 अक्टूबर तक पूरी होने की उम्मीद है।Mankind Pharmaफार्मा कंपनी Mankind Pharma की सब्सिडियरी Bharat Serums and Vaccines यानी BSVL को स्वैच्छिक लिक्विडेशन के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई है। हालांकि, इसके लिए BSVL के लेनदारों की मंजूरी भी जरूरी होगी।Shiprocketई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स और शिपिंग कंपनी Shiprocket का जून तिमाही में नेट लॉस घटकर ₹13.7 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹18 करोड़ था। रेवेन्यू 33.8% बढ़कर ₹592 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹442 करोड़ था। EBITDA लॉस भी ₹26 करोड़ से घटकर ₹21 करोड़ रह गया। लिस्टिंग के बाद यह कंपनी का पहला तिमाही रिजल्ट है।Neuland Laboratoriesफार्मा कंपनी Neuland Laboratories ने ₹126 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर को मंजूरी दी है। कंपनी आंध्र प्रदेश के काकीनाडा स्थित Auro Industrial City में करीब 134 एकड़ जमीन खरीदेगी। इसके अलावा, 66 एकड़ की अतिरिक्त जमीन खरीदने का पहला अधिकार भी कंपनी के पास है।GE Vernova T&D Indiaपावर ट्रांसमिशन कंपनी GE Vernova T&D India, Power Grid Corporation of India के एक बड़े प्रोजेक्ट में L1 बोलीदाता बनी है। प्रोजेक्ट के तहत Barmer II से South Kalamb तक रिन्यूएबल पावर की निकासी के लिए 6,000 MW का 800 kV HVDC LCC टर्मिनल स्टेशन बनाया जाएगा।PVR INOXमल्टीप्लेक्स कंपनी PVR INOX ने कर्मचारियों पर लगे कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर अपनी शुरुआती जांच पूरी की है। कंपनी ने कहा कि जांच में किकबैक यानी रिश्वत का कोई सबूत नहीं मिला। प्रमोटर्स को अप्रैल में ऐसे गुमनाम संदेश मिले थे।Arisinfra Solutionsकंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट सर्विसेज कंपनी Arisinfra Solutions की सब्सिडियरी ArisUnitern RE Solutions को ₹280 करोड़ का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर O2 Spaces से मिला है। इसके तहत कंपनी Developer-as-a-Service यानी DaaS सेवाएं देगी।Sammaan Capitalसम्मान कैपिटल NCDs और बॉन्ड्स के जरिए ₹25,000 करोड़ तक जुटाने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी के बोर्ड ने इस तरह की डेट फंडिंग के लिए शेयरधारकों की मंजूरी लेने का प्रस्ताव रखा है।Asian Energy Servicesएनर्जी सर्विसेज कंपनी Asian Energy Services की होल्डिंग और मर्जर वाली कंपनी Oilmax Energy को अरुणाचल प्रदेश सरकार से LoI मिला है। यह Pakro Vanadium and Graphite Block के लिए कंपोजिट लाइसेंस से जुड़ा है।Knowledge Realty Trustरियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट Knowledge Realty Trust ने ₹1,000 करोड़ तक जुटाने की योजना को मंजूरी दी है। रकम सूचीबद्ध, रेटेड, सिक्योर्ड और रिडीमेबल नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर यानी NCD जारी करके जुटाई जाएगी। यह फंड जुटाने की प्रक्रिया एक या कई सौदों, सीरीज या चरणों में हो सकती है।LICसरकारी बीमा कंपनी LIC का अगस्त में फर्स्ट ईयर प्रीमियम 45.3% बढ़कर ₹23,275 करोड़ हो गया। वहीं, HDFC Life का फर्स्ट ईयर प्रीमियम 17.8% बढ़कर ₹3,609 करोड़ और ICICI Prudential Life का 9.9% बढ़कर ₹1,953 करोड़ रहा।HDFC Lifeनिजी जीवन बीमा कंपनी HDFC Life का अगस्त में फर्स्ट ईयर प्रीमियम 17.8% बढ़कर ₹3,609 करोड़ रहा। इसी दौरान ICICI Prudential Life का प्रीमियम 9.9% बढ़कर ₹1,953 करोड़ और SBI Life का 2.8% बढ़कर ₹3,415 करोड़ रहा।ICICI Prudential Lifeनिजी जीवन बीमा कंपनी ICICI Prudential Life का अगस्त में फर्स्ट ईयर प्रीमियम 9.9% बढ़कर ₹1,953 करोड़ हो गया। वहीं, SBI Life का प्रीमियम 2.8% बढ़कर ₹3,415 करोड़ रहा। सभी जीवन बीमा कंपनियों का कुल फर्स्ट ईयर प्रीमियम अगस्त में 33.1% बढ़कर ₹41,198 करोड़ हो गया।SBI Lifeजीवन बीमा कंपनी SBI Life का अगस्त में फर्स्ट ईयर प्रीमियम 2.8% बढ़कर ₹3,415 करोड़ रहा। इसके साथ अगस्त में जीवन बीमा कंपनियों का कुल फर्स्ट ईयर प्रीमियम 33.1% बढ़कर ₹41,198 करोड़ पहुंच गया।Shiprocket Q1 Results: आईपीओ के बाद पहला रिजल्ट; घाटा घटकर ₹14 करोड़ हुआ, रेवेन्यू 34% बढ़ाDisclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ज़ी न्यूज़ 7 Sep 2026 9:51 pm

LAC पर भारत-चीन की सेनाओं की बड़ी बैठक, अरुणाचल सेक्टर को लेकर हुई बड़ी चर्चा

भारत और चीन की सेनाओं ने अरुणाचल प्रदेश सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। दोनों देशों के बीच यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले ही सीमा विवाद को लेकर बीजिंग में भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों (Special ...

वेब दुनिया 7 Sep 2026 9:50 pm

देश-विदेश की बड़ी खबरें: Amit Shah का बयान, LAC वार्ता और चुनाव आयोग का फैसला

नयी दिल्ली, सात सितंबर की विभिन्न फाइल से सोमवार रात नौ बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार है :- अर्थ56 लीड शाह अर्थव्यवस्थावैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत ने आर्थिक वृद्धि की रफ्तार कायम रखी: अमित शाहपणजी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कहा कि भारत ने वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बावजूद अन्य देशों के साथ जुड़ाव बढ़ाकर और रणनीतिक साझेदारियां कायम कर अपनी आर्थिक वृद्धि की रफ्तार को कायम रखा है। दि85 चीन भारत वार्ताभारत, चीन की सेनाओं ने एलएसी पर शांति बनाए रखने को लेकर की वार्तानयी दिल्ली, सीमा विवाद को लेकर बीजिंग में विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता के कुछ दिन बाद भारत और चीन की सेनाओं ने अरुणाचल प्रदेश क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति की समीक्षा की। दि101 दिल्ली इमारत दूसरी लीड मालिक गिरफ्तारसत्य निकेतन हादसा : इमारत की मालकिन व पति समेत तीन गिरफ्तार, बचाव अभियान पूरानयी दिल्ली, दक्षिण पश्चिमी दिल्ली के सत्य निकेतन में एक पीजी इमारत के ढहने की घटना को लेकर भवन की मालकिन और वायुसेना से सेवानिवृत्त उनके पति समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं संबंधित एजेंसियों ने इलाके में बचाव अभियान पूरा कर लिया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। दि99 निर्वाचन आयोग उपचुनावनंदीग्राम सहित पांच विधानसभा क्षेत्रों और नगांव लोकसभा सीट पर छह अक्टूबर को होंगे उपचुनावनयी दिल्ली, निर्वाचन आयोग ने सोमवार को तीन राज्यों की पांच विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराने की घोषणा की, जिनमें पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा रिक्त की गई नंदीग्राम सीट भी शामिल है। दि93 कांग्रेस लीड शुद्धीकरणकांग्रेस के एससी-एसटी सांसदों का साझा मंच बनाने का फैसला, समुदायों के मुद्दों पर मिलकर लड़ेंगेनयी दिल्ली, कांग्रेस के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के सांसदों ने सोमवार को एक साझा मंच बनाने का फैसला किया ताकि वे पार्टी एवं सरकार के समक्ष अपने समुदाय के मुद्दे उठा सकें और मिलकर लड़ाई लड़ सकें। दि95 अरावली रमेशअरावली समिति की समयसीमा पर उच्चतम न्यायालय का फैसला समझ से परे: रमेशनयी दिल्ली, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने उच्चतम न्यायालय द्वारा अरावली पर्वतमाला संबंधी उच्चाधिकार प्राप्त समिति के अनुरोध को अस्वीकार किए जाने पर सोमवार को निराशा जताई और कहा कि यह फैसला समझ से परे है। प्रादे148 इसरो निजीकरण लीड नारायणननारायणन ने इसरो के निजीकरण को लेकर जताई जा रही चिंताओं को खारिज कियाबेंगलुरु, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष वी नारायणन ने इसरो के निजीकरण को लेकर जताई जा रही चिंताओं को खारिज करते हुए सोमवार को कहा कि अंतरिक्ष एजेंसी अब भी एक सरकारी संगठन है। प्रादे129 उप्र मस्जिद कुआं जांचसहारनपुर कलेक्ट्रेट में ढहाई गई मस्जिद के नीचे मिले कुएं की एएसआई टीम ने की जांचसहारनपुर (उत्तर प्रदेश), भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की एक टीम ने सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में ढहाई गई मस्जिद के नीचे मिले कुएं की सोमवार को जांच शुरू की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। प्रादे71 उप्र वाहन दूसरी लीड दुर्घटना मौतउप्र : डिवाइडर से टकराकर पलटा वाहन, 12 लोगों की मौतबागपत (उप्र), राजस्थान से उत्तर प्रदेश के बदायूं जा रही एक पिकअप गाड़ी के बागपत जिले में डिवाइडर से टकराकर पलट जाने से उसमें सवार 12 लोगों की मौत हो गई और कम से कम 20 अन्य लोग घायल हो गये। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। वि23 नेपाल लीड बाढ़नेपाल बाढ़: मृतकों की संख्या बढ़कर 1,355 हुई, करीब 5,000 लोग अब भी लापताकाठमांडू, नेपाल में अचानक आयी विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित इलाकों से और शव बरामद किए जाने के बाद सोमवार को मृतकों की संख्या बढ़कर 1,355 हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अर्थ63 एनबीएफसी स्वर्ण ऋणएनबीएफसी का स्वर्ण आभूषण के बदले कर्ज जुलाई में 68.5 प्रतिशत बढ़ाः आरबीआईमुंबई, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की तरफ से स्वर्ण आभूषण के बदले दिए जाने वाले कर्ज (स्वर्ण ऋण) में जुलाई के दौरान 68.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को यह जानकारी दी। खेल7 खेल तीरंदाजी पैरा सीरिज भारतविश्व पैरा तीरंदाजी सीरिज: शीतल फाइनल में, सरिता कांस्य पदक के प्लेआफ मेंअहमदाबाद, मौजूदा विश्व चैम्पियन शीतल देवी ने विश्व तीरंदाजी पैरा सीरिज (तीसरा चरण) के तीसरे दिन सोमवार को महिला कंपाउंड व्यक्तिगत वर्ग के फाइनल में प्रवेश कर लिया।

प्रभासाक्षी 7 Sep 2026 9:42 pm

अयोध्या से अरुणाचल तक निकलेगी श्रीपरशुराम कुंड आमंत्रण यात्रा:5200KM का सफर तय करेंगे, 27 नवंबर को अयोध्या में शुभारंभ

अरुणाचल प्रदेश में आदि तीर्थ श्रीपरशुराम कुंड पर भगवान परशुराम की 54 फुट ऊंची पंचधातु मूर्ति ‘स्टैच्यू ऑफ स्ट्रेंथ’ बनी हुई है। इसके दर्शन और तीर्थ से देशभर को जोड़ने के लिए ‘श्रीपरशुराम कुंड आमंत्रण यात्रा’ निकाली जाएगी। यात्रा के दूसरे चरण का शुभारंभ 27 नवंबर को अयोध्या से होगा और करीब 5200 किलोमीटर की यात्रा तय कर 29 दिसंबर को यह रथ यात्रा श्रीपरशुराम कुंड पहुंचेगी। विप्र फाउंडेशन के संस्थापक संयोजक सुशील ओझा ने कानपुर में इसकी घोषणा करते हुए बताया कि यह यात्रा भगवान श्रीराम से भगवान परशुराम तक की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक जुड़ाव का संदेश लेकर निकलेगी। उन्होंने कहा, यह केवल एक रथयात्रा नहीं, बल्कि देश की विविध संस्कृतियों, तीर्थ परंपराओं और सनातन चेतना का महामिलन है। कांचीपुरम से जयपुर तक पूरा हुआ प्रथम चरण ओझा ने बताया कि यात्रा का प्रथम चरण दक्षिण भारत के कांची कामकोटि मठ से आरंभ हुआ था। करीब 12462 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर इसका समापन जयपुर के श्रीगोविंददेवजी मंदिर में हुआ। अब द्वितीय चरण में यात्रा अयोध्या से अरुणाचल प्रदेश स्थित श्रीपरशुराम कुंड तक जाएगी। 11 राज्यों से होकर गुजरेगी यात्रा यात्रा संयोजक एवं विप्र फाउंडेशन उत्तर प्रदेश जोन-4 के अध्यक्ष पं. नरेंद्र शर्मा ने बताया कि ‘श्रीराम से परशुराम’ मंगल यात्रा 11 राज्यों से होकर गुजरेगी। अयोध्या में धर्माचार्यों के सान्निध्य में विशेष अनुष्ठान और सरयू तट पर महाआरती के बाद यात्रा का विधिवत शुभारंभ होगा। ‘स्टैच्यू ऑफ स्ट्रेंथ’ बना आस्था और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक सुशील ओझा ने बताया, भारत के ईशान कोण में चीन की सीमा के निकट लोहित नदी के तट पर स्थित श्रीपरशुराम कुंड पौराणिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ है। विप्र फाउंडेशन द्वारा पांच वर्षों में पूर्ण किए गए भव्य मूर्ति स्थापना प्रकल्प के तहत यहां भगवान परशुराम की 54 फुट ऊंची पंचधातु प्रतिमा स्थापित की गई है। अमित शाह ने किया था शिलान्यास मूर्ति स्थापना का भूमि-पूजन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया था। भारत सरकार और अरुणाचल प्रदेश सरकार द्वारा तीर्थ क्षेत्र के विकास के लिए व्यापक विकास कार्य किए गए हैं। मूर्ति स्थापना के माध्यम से विप्र फाउंडेशन तीर्थोन्नयन में सहभागिता निभा रहा है। विकास कार्यों में मुख्य भूमिका निभा रहे स्थानीय विधायक एवं अरुणाचल प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री चाऊना मीन ने प्रतिमा का नामकरण ‘स्टैच्यू ऑफ स्ट्रेंथ’ किया है। सुशील ओझा ने कहा, विप्र फाउंडेशन के इस प्रकल्प से भगवान परशुराम की तपोस्थली को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिली है और यहां श्रद्धालुओं का आवागमन निरंतर बढ़ रहा है। पं. नरेंद्र शर्मा ने कहा, ‘स्टैच्यू ऑफ स्ट्रेंथ’ अब राष्ट्रीय आस्था, सांस्कृतिक एकता और सनातन चेतना का प्रभावशाली प्रतीक बन चुका है। यात्रा के माध्यम से देशभर के श्रद्धालुओं और समाज को श्रीपरशुराम कुंड से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य विजय पांडे ने बताया कि यात्रा के संयोजन का दायित्व पं. नरेंद्र शर्मा, कानपुर एवं विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय सचिव संजय शर्मा, सिलीगुड़ी को सौंपा गया है।

दैनिक भास्कर 7 Sep 2026 8:11 pm

भारत-चीन की बैठक में फैसला, शुरू होगी 2 नई हॉटलाइन

अरुणाचल प्रदेश की बर्फीली चोटियों के बीच एलएसी पर भारत और चीन संबंधों को लेकर एक बड़ी हलचल देखने को मिली है। जहां पर नई दिल्ली में आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में जहां खुद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के आने की संभावनाएं हैं। उससे ठीक पहले ही भारतीय सेना और चीन की पीएलए के बीच एक अहम बैठक देखने को मिली है। यह बैठक कोर कमांडर स्तर के अधिकारियों के बीच हुई है। इससे पहले भी भारत और चीन के कोर कमांडरों की बैठक होती रही है। लेकिन वह तमाम बैठकें लद्दाख में हुआ करती थी। इस बार यह बैठक अरुणाचल प्रदेश के उस सेक्टर में हुई है। जहां से पिछले कुछ समय में तनाव की खबरें भी हैं। दरअसल भारत और चीन के बीच अब तक कोर कमांडर सर की ज्यादातर बैठकें लद्दाख के चुशूल और मोल्डो पॉइंट पर होती थी। लेकिन इस बार इतिहास में पहली बार अरुणाचल प्रदेश के वाचा दमाई बॉर्डर मीटिंग पॉइंट पर यह उच्च स्तरीय वार्ता हुई है। इसे भी पढ़ें: वो इलाका जो था कभी लिट्टे का अभेद किला, वहां घुसकर भारत की 61 मलियन डॉलर की बड़ी डील, इस बैठक का नेतृत्व भारतीय सेना की ओर से लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया ने किया जो कि नागालैंड के दीमापुर स्थित थ्री कोर यानी कि स्पेयर कॉप्स के कमांडर है। यह वही कोर है जो अरुणाचल के संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालती है। वहीं चीन की ओर से भी कोर कमांडर सर के अधिकारी इस बैठक में मौजूद रहे। यह जो बातचीत है यह ऐसे समय में हुई है जब अरुणाचल के दक्षिण जैसे दूरदराज के इलाके में दोनों सेनाओं के बीच तनातनी की खबरें हैं। साथ ही में 12 और 13 सितंबर को दिल्ली में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। जहां पर शी जिनपिंग के भारत आने की संभावनाएं हैं। और हाल ही में बीजिंग में दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच 25वें दौर की बातचीत भी हुई थी। जहां पर खुद एनएसए अजीत डोवाल पहुंचे थे। उन्होंने चीनी विदेश मंत्री के साथ मुलाकात की थी। इसे भी पढ़ें: China Masters खिताब जीतकर Satwik Chirag ने Asian Games से पहले बढ़ाया अपना हौसला जिसमें सीमा प्रबंधन सुधारने के आठ बिंदुओं पर दोनों देशों के बीच सहमति बनी थी और अब यह कोर कमांडर स्तर की बैठक भी अरुणाचल प्रदेश में अंजाम दी गई है। इस बड़ी बैठक के बाद जो सबसे बड़ा नतीजा लिया गया है वो यह है कि दो नई मिलिट्री हॉटलाइंस को स्थापित किया जाएगा। सीमा पर अक्सर गलतफहमी के कारण विवाद बढ़ सकता है। इसलिए अब भारतीय सेना की ईस्टर्न और सेंट्रल कमांड सीधे चीनी कमान से फोन लाइन के जरिए जुड़ जाएगी। इसका मतलब यह होगा कि अगर बॉर्डर पर कोई भी हलचल होती है तो कमांडर्स एक दूसरे को फोन घुमाकर विवाद को बढ़ाने से पहले ही सुलझा सकते हैं। इस संदेश की देरी और किसी भी तरीके की फेस ऑफ को रोकने में बड़ा प्रभावी साबित हो सकता है और दोनों ही राष्ट्र एलएसी पर तनाव को कम करने के लिए सजग दिख रहे हैं। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सीमा पर शांति और स्थिरता नहीं होगी तब तक द्विपक्षीय रिश्ते सामान्य नहीं हो सकते। सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने हाल ही में तीन कोर मुख्यालय का दौरा भी किया था और वहां पर तैयारियों का जायजा लिया था। वहीं तेजपुर से चार कोर और रंगपारा स्थित थ्री कोर दोनों ही को अरुणाचल की 10126 कि.मी. लंबी एलएसी पर मुस्तैद रहना है।

प्रभासाक्षी 7 Sep 2026 7:57 pm

5200 किमी की ‘श्रीराम से परशुराम’ यात्रा निकलेगी:अयोध्या से 27 नवंबर को होगी रवाना; 11 राज्यों से होकर 29 दिसंबर को पहुंचेगी अरुणाचल प्रदेश

अयोध्या की रामनगरी से अरुणाचल प्रदेश के श्रीपरशुराम कुंड तक 5200 किलोमीटर लंबी यात्रा निकलेगी। विप्र फाउंडेशन की इस ‘श्रीपरशुराम कुंड आमंत्रण यात्रा’ के दूसरे चरण का शुभारंभ 27 नवंबर को अयोध्या से होगा। ‘श्रीराम से परशुराम’ संदेश के साथ निकलने वाली यह रथयात्रा 11 राज्यों से होकर 29 दिसंबर को श्रीपरशुराम कुंड पहुंचेगी। विप्र फाउंडेशन के संस्थापक संयोजक सुशील ओझा ने बताया- यात्रा का उद्देश्य अरुणाचल प्रदेश के आदी तीर्थ श्रीपरशुराम कुंड और वहां स्थापित भगवान परशुराम की 54 फुट ऊंची पंचधातु प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ स्ट्रेंथ’ से देशभर के श्रद्धालुओं को जोड़ना है। ओझा ने बताया- यात्रा के पहले चरण की शुरुआत दक्षिण भारत के कांची कामकोटि मठ से हुई थी। करीब 12 हजार 462 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर इसका समापन जयपुर के श्रीगोविंददेवजी मंदिर में हुआ था। अब दूसरे चरण में यात्रा अयोध्या से श्रीपरशुराम कुंड तक जाएगी। सरयू तट पर महाआरती के बाद होगा शुभारंभ यात्रा संयोजक और विप्र फाउंडेशन उत्तर प्रदेश जोन-4 के अध्यक्ष पं. नरेंद्र शर्मा ने बताया- अयोध्या में धर्माचार्यों के सान्निध्य में विशेष अनुष्ठान और सरयू तट पर महाआरती के बाद यात्रा रवाना होगी। पांच साल में तैयार हुआ भव्य प्रतिमा प्रकल्प चीन सीमा के निकट लोहित नदी के तट पर स्थित श्रीपरशुराम कुंड पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण तीर्थ है। विप्र फाउंडेशन ने पांच वर्ष में यहां भगवान परशुराम की 54 फुट ऊंची पंचधातु प्रतिमा स्थापित की है। प्रतिमा स्थापना का भूमि-पूजन केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया था। तीर्थ क्षेत्र के विकास में केंद्र और अरुणाचल प्रदेश सरकार की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। स्थानीय विधायक और अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री चाऊना मीन ने प्रतिमा का नामकरण ‘स्टैच्यू ऑफ स्ट्रेंथ’ किया। राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य विजय पांडे ने बताया- यात्रा के संयोजन का दायित्व पं. नरेंद्र शर्मा, कानपुर के साथ विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय सचिव संजय शर्मा, सिलीगुड़ी को सौंपा गया है।

दैनिक भास्कर 7 Sep 2026 7:32 pm

कल का मौसम: 8 सितंबर को फिर बिगड़ेगा मौसम! UP-बिहार से लेकर ओडिशा तक भारी बारिश का अलर्ट, देखें IMD की चेतावनी

Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसूनी बारिश का दौर लगातार जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 सितंबर के मौसम को लेकर ताजा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के नए बुलेटिन के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश और ओडिशा समेत देश के कम से कम 10 से अधिक राज्यों में झमाझम बारिश होने का अनुमान है। इसके साथ ही कई राज्यों में तेज तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने को लेकर चेतावनी जारी की गई है।यूपी, बिहार और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनीउत्तर और मध्य भारत के राज्यों में 8 सितंबर को मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह से एक्टिव रहेंगी। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार यानी भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश के विभिन्न इलाकों में भी कल भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में दिनभर बादलों की गर्जना के साथ बिजली चमकने की आशंका बनी रहेगी।ओडिशा, बंगाल और झारखंड में बिगड़ेगा मौसमपूर्वी भारत के मैदानी व तटीय राज्यों में 8 सितंबर को तेज बारिश और आंधी का असर देखने को मिलेगा। ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इसके साथ ही ओडिशा, बिहार, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने, गरज-चमक होने और बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है। गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड के अलग-अलग इलाकों में भी कल बादलों की कड़क और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है।पूर्वोत्तर भारत में जारी रहेगा मूसलाधार बारिश का सिलसिलापूर्वोत्तर भारत में मानसून का असर काफी मजबूत बना हुआ है। 8 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग अलग हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन सभी पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश के दौरान बिजली गिरने और आंधी-तूफान चलने की चेतावनी दी है।दक्षिण भारत: तेलंगाना में तेज हवाएं, केरल में उमस और गर्मी का अलर्टदक्षिण भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां थोड़ी सुस्त रहेंगी, लेकिन तूफानी हवाओं का जोर देखने को मिलेगा। तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और दिनभर तेज सतही हवाएं रहने का अनुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी बिजली चमकने की आशंका जताई गई है। वहीं, केरल और माहे के अलग-अलग इलाकों में कल मौसम काफी गर्म और उमस भरा बना रहेगा।समुद्र में मौसम रहेगा प्रतिकूल, मछुआरों को हिदायतसमुद्री सीमाओं पर मौसम का मिजाज खराब रहने का अंदेशा जताया गया है। सोमालिया और ओमान के तटीय इलाकों तथा उससे सटे पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन इलाकों में समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

ज़ी न्यूज़ 7 Sep 2026 7:32 pm

कुत्ता टहलाने पर भेज दिए गए थे लद्दाख, फिर कर ली दिल्ली वापसी; अब सत्य निकेतन हादसे में घिरे! जानिए कौन हैं IAS संजीव खिरवार

Who is IAS Sanjeev Khirwar: दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में अपना कुत्ता टहलाने के चक्कर में विवादों में आए और दिल्ली से सीधे लद्दाख ट्रांसफर कर दिए गए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजीव खिरवार एक बार फिर सुर्खियों में हैं।जनवरी 2026 में एमसीडी (MCD) कमिश्नर के रूप में दिल्ली वापसी करने वाले संजीव खिरवार अब दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में एक पांच मंजिला इमारत गिरने के हादसे के बाद चौतरफा घिर गए हैं। इस हादसे के बाद कई छात्र संगठनों ने नगर निगम की लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग तेज कर दी है।आइए आपको बताते हैं कि आखिर कौन हैं आईएएस संजीव खिरवार, क्या था उनका पुराना कुत्ता टहलाने वाला विवाद और अब वे नए विवाद में क्यों फंसे हैं।कौन हैं संजीव खिरवार?संजीव खिरवार 1994 बैच के AGMUT (अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम-केंद्र शासित प्रदेश) कैडर के वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारी हैं। उनके पास कंप्यूटर इंजीनियरिंग में B.Tech और इकोनॉमिक्स में मास्टर डिग्री है। उन्होंने अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत चंडीगढ़ में SDM के रूप में की थी। इसके बाद वे दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रहे।साल 2022 का 'डॉग-वॉकिंग' विवाद, जिससे हुआ था लद्दाख ट्रांसफरसाल 2022 में संजीव खिरवार तब पूरे देश में चर्चा में आए थे, जब दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम से एक तस्वीर वायरल हुई थी। स्टेडियम में प्रैक्टिस करने वाले एथलीटों और कोचों ने आरोप लगाया था कि उन्हें शाम 7 बजे तक ट्रेनिंग खत्म कर स्टेडियम खाली करने को कहा जाता था, ताकि आईएएस अधिकारी संजीव खिरवार वहां अपने पालतू कुत्ते को टहला सकें।वैसे स्टेडियम प्रशासक ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि 7 बजे का समय ट्रेनिंग खत्म होने का आधिकारिक शेड्यूल था। लेकिन विवाद इतना बढ़ा कि केंद्र सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुए खिरवार का ट्रांसफर दिल्ली से सुदूर लद्दाख कर दिया था।जनवरी 2026 में की दिल्ली वापसी और MCD चीफ का संभाला मोर्चालद्दाख में अपनी सेवाएं देने के बाद गृह मंत्रालय ने जनवरी 2026 में संजीव खिरवार को वापस दिल्ली बुला लिया। उन्हें अश्वनी कुमार की जगह MCD कमिश्नर की कमान सौंपी गई। दिल्ली वापसी के बाद माना जा रहा था कि उनके करियर का नया अध्याय शुरू होगा, लेकिन कुछ ही महीनों में वे एक बड़े नागरिक हादसे के केंद्र में आ गए।सत्य निकेतन इमारत हादसे में क्यों मांगे जा रहे हैं इस्तीफे?छात्रों के हॉस्टल और पीजी के लिए मशहूर सत्य निकेतन इलाके में एक 5 मंजिला इमारत ढह गई, जिसके बाद एमसीडी की बिल्डिंग सेफ्टी और अनधिकृत निर्माण पर सवाल खड़े हो गए हैं।छात्र संगठनों ने एमसीडी मुख्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि इलाके में अवैध निर्माण और जर्जर इमारतों पर एमसीडी ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे यह हादसा हुआ। छात्र संगठन अब संजीव खिरवार के इस्तीफे पर अड़े हैं।विवाद बढ़ता देख एमसीडी कमिश्नर ने नगर निगम के पक्ष का बचाव करते हुए कहा कि पिछले कुछ महीनों में एमसीडी ने अवैध निर्माण के खिलाफ कड़ा अभियान चलाया है, जिसके तहत सैकड़ों अवैध इमारतों को सील और ध्वस्त किया गया है।

ज़ी न्यूज़ 7 Sep 2026 6:03 pm

IMD Rain Forecast: 7 से 13 सितंबर तक सावधान! उत्तर भारत में एक्टिव हुआ खतरनाक लो-प्रेशर, यूपी संग इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश

IMD Rain Forecast: उत्तर भारत में मानसून एक बार फिर आक्रामक और खतरनाक रूप ले चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मध्य हिस्सों के ऊपर एक मजबूत निम्न दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) पूरी तरह से सक्रिय हो गया है। इसके साथ ही कई अन्य साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के असर से 7 से 13 सितंबर के बीच पूरे सप्ताह देश के कई राज्यों में भीषण और मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा।मौसम विभाग ने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। जबकि दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश की गतिविधियां काफी सुस्त बनी रहेंगी।पिछले 24 घंटों का हाल: पश्चिमी यूपी में बेहद भारी बारिश दर्जमौसम विभाग के मुताबिक, 24 घंटों में देश के विभिन्न हिस्सों में तूफानी मानसून दर्ज किया गया है। इस दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 20 सेंटीमीटर से अधिक की अत्यंत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के इलाकों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज हुई।वहीं दिल्ली से सटे हरियाणा, पूर्वी राजस्थान, असम, त्रिपुरा, अंडमान और निकोबार, झारखंड, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात और तमिलनाडु में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी-उत्तराखंड में बहुत भारी बारिश का अलर्टउत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी व पहाड़ी राज्यों में 7 से 13 सितंबर के दौरान मौसम का रुख काफी कड़ा रहेगा। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में 7 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 और 8 सितंबर को अधिकांश स्थानों पर मूसलाधार बारिश होगी जबकि 8 सितंबर को भी अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी। उत्तराखंड में 7 सितंबर के अलावा 10 से 13 सितंबर के बीच फिर से व्यापक भारी बारिश का दौर लौटेगा।दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 7 से 13 सितंबर के दौरान हल्की से मध्यम तथा कुछ जगहों पर छिटपुट बारिश के साथ बिजली कड़कने की गतिविधियां जारी रहेंगी। राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में 7 सितंबर और फिर 12 व 13 सितंबर को बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।पूर्व और मध्य भारत: बिहार और बंगाल में 7 सितंबर को मूसलाधार बारिशपूर्वी भारत के राज्यों में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 7 सितंबर को भारी से अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके बाद बिहार में 8 से 10 सितंबर तक तथा झारखंड में 9 सितंबर को भारी बारिश दर्ज हो सकती है। अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में पूरे सप्ताह (7 से 13 सितंबर) व्यापक बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 7 सितंबर को तीव्र आकाशीय बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है।मध्य भारत की बात करें तो छत्तीसगढ़ में 8 से 13 सितंबर के बीच मानसून रफ्तार पकड़ेगा और 9 से 13 सितंबर तक भारी बारिश होगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 8 से 11 सितंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। पश्चिमी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 11 से 13 सितंबर के दौरान अधिकांश स्थानों पर झमाझम बारिश होने की संभावना है।पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम और दक्षिण भारत की स्थितिपूर्वोत्तर भारत के सभी सातों राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 7 से 13 सितंबर तक लगातार आंधी-तूफान के साथ मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। असम और मेघालय में पूरे सप्ताह अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। जबकि अन्य राज्यों में 8, 9, 11, 12 और 13 सितंबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान है।ये भी पढ़ें- Amazon की शानदार नौकरी और Airbus का ऑफर... फिर भी ₹46 लाख का पैकेज छोड़ बना इंड‍ियन आर्मी अफसरपश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में 7 से 13 सितंबर तक लगातार बारिश जारी रहेगी। जबकि गुजरात, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में छिटपुट बारिश ही देखने को मिलेगी। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले सात दिनों के दौरान मानसूनी बारिश सुस्त बनी रहेगी। हालांकि, केरल और माहे में 10 से 12 सितंबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना में 7 से 9 सितंबर के बीच 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने और सतही हवाओं का प्रकोप रहने की चेतावनी जारी की गई है।

ज़ी न्यूज़ 7 Sep 2026 4:16 pm

Delhi IMD Weather Alert | देशभर में बदला मौसम का मिजाज! IMD ने दिल्ली, UP, बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया

देश के कई राज्यों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 सितंबर को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और पहाड़ी राज्यों समेत देश के बड़े हिस्से में बारिश, आंधी-तूफान और बिजली कड़कने की चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने बारिश के दौरान मैदानी इलाकों में जलभराव और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (landslides) और अचानक बाढ़ (flash floods) की आशंका जताई है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से मैदानी इलाकों में भी समस्याएँ हो सकती हैं। दिल्ली के मौसम का हाल: बारिश और तेज़ हवाओं की संभावना 7 सितंबर को दिल्ली में मौसम सुहावना और थोड़ा परेशानी भरा भी हो सकता है। राजधानी के कई हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ़्तार 50 किमी/घंटा तक पहुँच सकती है, जिससे कुछ इलाकों में ट्रैफ़िक और बाहरी गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। इसे भी पढ़ें: Tamil Nadu Assembly में भारी हंगामा! कानून-व्यवस्था पर विपक्ष के तेवरों के बीच बोले CM विजय- 'पुलिस को पावर सेंटर नहीं, रक्षक बनना चाहिए' UP और बिहार में बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों तक मौसम का असर बने रहने की उम्मीद है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7 सितंबर को बारिश हो सकती है, जबकि राज्य के पूर्वी हिस्सों में 7 और 8 सितंबर को बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में आंधी-तूफान, तेज़ हवाएँ और बिजली गिरने की भी आशंका है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे आंधी-तूफान के दौरान सावधानी बरतें और अकेले खड़े पेड़ों के नीचे शरण लेने या खुली जगहों पर रहने से बचें। बिहार में भी 7 सितंबर को कई जगहों पर बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे बिजली कड़कने और तेज़ हवाओं के दौरान घर के अंदर ही रहें। पहाड़ी राज्यों में बारिश से मुश्किलें बढ़ सकती हैं उत्तराखंड में 7 सितंबर को बारिश होने की संभावना है, साथ ही 10 से 12 सितंबर के बीच बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का एक और दौर हो सकता है। पहाड़ी राज्य में भारी बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है और पहाड़ी सड़कों पर ट्रैफ़िक बाधित हो सकता है। संवेदनशील इलाकों में अचानक बाढ़ (flash floods) का भी खतरा है। हिमाचल प्रदेश में भी 7 सितंबर को बारिश होने की उम्मीद है। मध्य भारत में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा मध्य प्रदेश पर सक्रिय मौसम प्रणाली का असर बने रहने की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 सितंबर को बारिश हो सकती है, जबकि राज्य के पूर्वी हिस्सों में 7 और 8 सितंबर के साथ-साथ 11 और 12 सितंबर को भी बारिश होने की संभावना है। छत्तीसगढ़ में 8 से 12 सितंबर के बीच कई इलाकों में आंधी-तूफान और बिजली कड़कने के साथ बारिश हो सकती है। इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: Secret Airbase बनाने में तेजी से जुटा है China, सैटेलाइट तस्वीरों ने Lop Nur में बन रहे खतरनाक मिलिट्री टेस्ट बेस का किया खुलासा गुजरात से गोवा तक बारिश की संभावना पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में भी बारिश होने की उम्मीद है। कोंकण और गोवा में 7 से 12 सितंबर के बीच कई जगहों पर बारिश हो सकती है। इसी दौरान गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी अलग-अलग जगहों पर बारिश होने की संभावना है। पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा पर IMD की नज़र मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में उत्तरी ओडिशा और झारखंड होते हुए पश्चिम बंगाल की ओर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इस सिस्टम से पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश बढ़ सकती है। पश्चिम बंगाल में 7 से 10 सितंबर के बीच बारिश होने की संभावना है। झारखंड में 8 से 11 सितंबर तक बारिश हो सकती है, जबकि ओडिशा में 10 से 12 सितंबर के बीच बारिश की उम्मीद है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी 7 से 12 सितंबर के बीच बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में 7 और 8 सितंबर के साथ-साथ 11 और 12 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत में बारिश जारी रहेगी पूर्वोत्तर में भी बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है। अरुणाचल प्रदेश में 7 से 12 सितंबर के बीच कई जगहों पर बारिश हो सकती है। इस दौरान नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी व्यापक बारिश होने की संभावना है। असम और मेघालय में 9 और 10 सितंबर को कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। दक्षिणी राज्यों में मानसून सक्रिय रहेगा 7 से 12 सितंबर के बीच कई दक्षिणी राज्य भी बारिश से प्रभावित हो सकते हैं। इस दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के अलग-अलग इलाकों में बारिश होने की उम्मीद है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 7 से 10 सितंबर के बीच आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11 और 12 सितंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।

प्रभासाक्षी 7 Sep 2026 12:22 pm

IMD Rain Alert 7 September: दिल्ली-UP समेत 20 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 50-70 Kmph की रफ्तार से आंधी-तूफान की चेतावनी; जानें आज का मौसम

देशभर में मानसून की चाल में अचानक आए बदलाव के बाद मौसम विभाग (IMD) ने आज 7 सितंबर के लिए एक विस्तृत और सख्त मौसम चेतावनी जारी की है। उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र (Cyclonic Circulation) तथा बंगाल की खाड़ी से आ रही तीव्र नम हवाओं के मेल से देश के बीस से अधिक राज्यों में मौसमी गतिविधियां उग्र हो गई हैं। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, अगले चौबीस से अड़तालीस घंटों के दौरान देश के उत्तरी, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में मूसलाधार बारिश के साथ 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आंधी चलने और आकाशीय बिजली गिरने की गंभीर आशंका है।सप्ताह के पहले कामकाजी दिन घर से दफ्तर या लंबी यात्रा पर निकलने वाले मुसाफिरों के लिए यह चेतावनी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उत्तर और मध्य भारत के प्रमुख राजमार्गों, संपर्क मार्गों और शहरी इलाकों में जलभराव के चलते यातायात बुरी तरह प्रभावित होने की संभावना है। वहीं, उत्तर ओडिशा और झारखंड से होकर पश्चिम बंगाल तक निम्न दबाव का एक नया सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है, जिससे पूर्वी और तटीय इलाकों में भी बारिश का दायरा अगले कुछ दिनों तक लगातार फैला रहेगा।दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा: गरज-चमक के साथ बौछारें और उमस का खेलराष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में आज सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई है। मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली में आज मध्यम स्तर की वर्षा के साथ तेज गरज-चमक और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। राजधानी में आज अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है।बीते दिनों हुई बारिश के बाद दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों जैसे गीता कॉलोनी, अकबर रोड और गुरुग्राम के निचले हिस्सों में जलभराव देखा गया था। आज संभावित बारिश के मद्देनजर दिल्ली नगर निगम और आपदा प्रबंधन टीमों को निचले इलाकों में पानी निकालने वाले पंप सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। हवा में नमी का स्तर 80 से 90 प्रतिशत के पार बने रहने के कारण बारिश थमते ही लोगों को पसीने छुड़ाने वाली चिपचिपी उमस का भी सामना करना पड़ सकता है।उत्तर प्रदेश और बिहार के दर्जनों जिलों में आंधी और बिजली गिरने की चेतावनीउत्तर प्रदेश में मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने पश्चिमी और पूर्वी यूपी के दर्जनों जनपदों में तेज बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी है। राजधानी लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), गाजियाबाद, मेरठ, मुरादाबाद, सहारनपुर, पीलीभीत, बदायूं, बहराइच, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर और सोनभद्र जैसे जिलों में बादलों की तेज गर्जना के साथ जोरदार बारिश का अनुमान है। लखनऊ में दिन का पारा करीब 30 से 31 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।पड़ोसी राज्य बिहार में भी हालात कमोबेश ऐसे ही बने हुए हैं। पटना, गया, बक्सर, भोजपुर, सीवान, सारण, रोहतास, कैमूर, जहानाबाद, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज में गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान का यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। किसानों को खुले खेतों में जाने से बचने की सलाह दी गई है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों में आकाशीय बिजली गिरने से जनहानि की घटनाएं दर्ज हुई हैं।पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड का भारी खतरा: हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर में एडवाइजरीपहाड़ी राज्यों में कुदरत का मिजाज बेहद संवेदनशील और जोखिम भरा बना हुआ है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल, ऋषिकेश, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा जनपदों में भारी बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है। देहरादून में अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने का अनुमान है। पहाड़ों की ढलानों पर भारी वर्षा के चलते अचानक बोल्डर गिरने और भूस्खलन की घटनाएं सामने आ सकती हैं।हिमाचल प्रदेश के मंडी, चंबा, कुल्लू, कांगड़ा, ऊना, किन्नौर, सोलन, बिलासपुर और हमीरपुर में भी मौसम विभाग ने आज और कल भारी बारिश की चेतावनी बरकरार रखी है। वहीं जम्मू-कश्मीर के पुंछ, अनंतनाग, कुपवाड़ा, जम्मू, रियासी और किश्तवाड़ में झमाझम बारिश के साथ नदियां उफान पर आ सकती हैं। स्थानीय प्रशासन ने चारधाम यात्रियों, पर्यटकों और नदी घाटियों के आसपास रहने वाले स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक पहाड़ी यात्राओं को स्थगित रखें।मध्य भारत और राजस्थान में तेज हवाओं का पहरा: एमपी के 14 जिलों में अलर्टमध्य प्रदेश में मानसूनी चक्रवात का सीधा असर देखने को मिल रहा है। पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश के कटनी, विदिशा, सीहोर, दमोह, नर्मदापुरम (होशंगाबाद), खरगोन, खंडवा, बैतूल, नरसिंहपुर, इंदौर, सागर, छिंदवाड़ा, सिवनी और सीधी जिलों में मूसलाधार बारिश और तेज अंधड़ की आशंका जताई गई है। राजधानी भोपाल में अधिकतम तापमान 28 डिग्री के आसपास रहेगा।राजस्थान के पूर्वी और दक्षिणी संभागों में बादलों की भारी घेराबंदी है। जयपुर, भरतपुर, करौली, झालावाड़, सवाई माधोपुर, झुंझुनूं, बारां, बूंदी, दौसा, भीलवाड़ा, अलवर, उदयपुर और श्रीगंगानगर में 50 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से आंधी चलने और मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर पेड़ों और कमजोर कच्चे ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है।पूर्वोत्तर और प्रायद्वीपीय भारत: समुद्र में न जाने की मछुआरों को सलाहपूर्वोत्तर के राज्यों—असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में मानसूनी बादलों की सक्रियता से लगभग सभी स्थानों पर हल्की से मध्यम और कुछ हिस्सों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले मैदानी इलाकों में पानी भरने का खतरा मंडरा रहा है।दक्षिण भारत की बात करें तो तटीय कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तूफानी हवाओं और बिजली चमकने का अनुमान है। मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन और बंगाल की खाड़ी से सटे समुद्री इलाकों में समुद्र का मिजाज उग्र रहेगा, जिसके चलते मौसम विभाग ने मछुआरों को गहरे समंदर में न उतरने की सख्त हिदायत दी है।खराब मौसम के बीच आम नागरिकों के लिए जरूरी सेफ्टी टिप्सभारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने के अलर्ट को देखते हुए आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने नागरिकों के लिए कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां जारी की हैं:आंधी और गरज-चमक के दौरान किसी भी पेड़, पुराने जर्जर मकान, टिन शेड या बिजली के खंभों व ट्रांसफॉर्मर के नीचे कतई शरण न लें। घर के भीतर टीवी, फ्रिज और कंप्यूटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग बिजली बोर्ड से अलग कर दें।यदि सड़क पर गाड़ी चला रहे हैं और अचानक तेज आंधी या मूसलाधार बारिश शुरू हो जाए, तो वाहन को किसी सुरक्षित खुली जगह पर रोक लें। जलभराव वाले अंडरपास और पुलिया से वाहन निकालने का जोखिम न उठाएं। पहाड़ी मार्गों पर चलने वाले वाहन चालक जिला प्रशासन के आपदा कंट्रोल रूम से रास्तों की ताजा स्थिति परखने के बाद ही आगे बढ़ें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Sep 2026 9:00 am

Weather Alert: पहाड़ों पर भूस्खलन का बड़ा खतरा, पूर्वोत्तर में भारी बारिश की चेतावनी; हफ्ते के पहले दिन जानें अपने शहर का हाल

हफ्ते के पहले कारोबारी दिन अगर आप घर से बाहर दफ्तर या किसी जरूरी काम के सिलसिले में निकलने की योजना बना रहे हैं, तो सबसे पहले मौसम का ताजा मिजाज जरूर जान लें। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, देश के कई हिस्सों में मानसूनी चक्रवात और निम्न दबाव का क्षेत्र पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। इस वजह से पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन यानी लैंडस्लाइड की गंभीर चेतावनी जारी की गई है। वहीं दूसरी तरफ पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिश जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर सकती है।हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के संवेदनशील इलाकों में लगातार हो रही बारिश की वजह से पहाड़ दरक रहे हैं। कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और संपर्क मार्गों पर मलबा गिरने से आवागमन बाधित होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने पहाड़ी घाटियों, नदी किनारे रहने वाले स्थानीय नागरिकों और तीर्थयात्रियों को विशेष रूप से आगाह किया है कि वे अनावश्यक यात्राओं से बचें। अचानक आने वाली बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड और ढलानों पर पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आ सकती हैं। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन टीमों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर तैनात कर दिया है।पूर्वोत्तर भारत में बादलों का डेरा: मूसलाधार बारिश से नदियां उफान परपूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश रौद्र रूप धारण किए हुए है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में घने बादलों का डेरा जमा हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के तीव्र प्रवाह के चलते पूर्वोत्तर के अधिकांश जिलों में अगले चौबीस से अड़तालीस घंटों तक भारी से बहुत भारी वर्षा का दौर जारी रहने का अनुमान है।असम की ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। मेघालय के चेरापूंजी और मासिनराम के आसपास के इलाकों में लगातार तेज बारिश रिकॉर्ड की जा रही है। पूर्वोत्तर के पहाड़ी रास्तों पर विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय प्रशासन ने निचले इलाकों के स्कूलों और दफ्तरों को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी है।मैदानी राज्यों और दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा आज का तापमान और उमसपहाड़ों और पूर्वोत्तर में जहां झमाझम बारिश आफत बनकर बरस रही है, वहीं उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्र में सुबह के समय आसमान में बादल छाए रहने और हल्की धुंध देखने को मिली है। हवा में नमी का स्तर नब्बे प्रतिशत से ऊपर बना हुआ है, जिससे लोगों को चिपचिपी उमस का सामना करना पड़ रहा है।मौसम विभाग का कहना है कि दोपहर बाद कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ सकती हैं, जिससे तापमान में दो से तीन डिग्री की मामूली गिरावट आएगी। हालांकि, जब तक व्यापक स्तर पर झमाझम बारिश नहीं होती, तब तक उमस भरी गर्मी से पूरी राहत मिलने की उम्मीद कम ही दिखाई दे रही है। कामकाजी लोगों को ऑफिस आते-जाते समय ट्रैफिक जाम और उमस की दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है।उत्तर प्रदेश और बिहार में मौसम का मिजाज: बादलों की आवाजाही और छिटपुट फुहारेंउत्तर प्रदेश और बिहार के मैदानी इलाकों में मानसून की सक्रियता में असमानता देखी जा रही है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा से सटे तराई क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जिससे धान की फसलों को संजीवनी मिली है। गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महाराजगंज जैसे जिलों में गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। वहीं पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के जनपदों में तेज धूप और बादलों की लुकाछिपी जारी है।बिहार के उत्तर-पूर्वी जिलों जैसे किशनगंज, अररिया और पूर्णिया में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर-पश्चिम दिशा से चलने वाली हवाएं वातावरण में नमी बनाए रखेंगी, जिससे दिन का तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा, लेकिन उमस लोगों के पसीने छुड़ाएगी।मध्य और दक्षिण भारत का हाल: कहीं मध्यम बारिश तो कहीं तेज हवाओं का दौरमध्य भारत के राज्यों, विशेषकर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में मौसमी दबाव की वजह से कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने का पूर्वानुमान है। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बीते दिनों बने मानसूनी सिस्टम का प्रभाव अभी भी देखा जा रहा है, जिससे नदियों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ गई है।दक्षिण भारत की बात करें तो केरल, कर्नाटक के तटीय इलाकों और तमिलनाडु में मानसून की गति थोड़ी धीमी जरूर हुई है, लेकिन पश्चिमी घाट से सटे इलाकों में तेज हवाओं के साथ स्थानीय बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। मछुआरों को तटीय इलाकों में तेज लहरों और हवा की गति को देखते हुए गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।ऑफिस जाने वाले लोगों और मुसाफिरों के लिए जरूरी सुरक्षा एडवाइजरीसप्ताह के पहले कामकाजी दिन सड़कों पर वाहनों का दबाव सामान्य दिनों से कहीं अधिक रहता है। भारी बारिश और लैंडस्लाइड की चेतावनियों के बीच अगर आप घर से बाहर निकल रहे हैं, तो कुछ सावधानियां जरूर बरतें:पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले यात्री राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबरों से मार्ग की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा शुरू करें। जिन इलाकों में जलभराव की समस्या पुरानी है, वहां वैकल्पिक रास्तों का चुनाव करें ताकि ट्रैफिक जाम में फंसने से बचा जा सके।बिजली के खंभों, पुराने पेड़ों और जर्जर इमारतों के पास खड़े होने से बचें, क्योंकि तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा लगातार बना रहता है। डिजिटल पेमेंट और जरूरी दस्तावेजों को वाटरप्रूफ बैग में रखें और अपने दोपहिया वाहनों की गति नियंत्रित रखें क्योंकि गीली सड़कों पर फिसलने का जोखिम सबसे ज्यादा रहता है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Sep 2026 8:33 am

अरुणाचल में भारत-चीन के बीच पहली कोर कमांडर वार्ता, सीमा से जुड़े विवादित मुद्दों पर हुई बात

भारत और चीन की सेनाओं के बीच अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास पहली कोर कमांडर स्तर की वार्ता हुई।

जागरण 7 Sep 2026 12:08 am

अरुणाचल पुलिस ने संदिग्ध तस्करी मामले में 34 बच्चों को बचाया, चार महिलाओं को गिरफ्तार किया

ईटानगर, 6 सितंबर . अरुणाचल प्रदेश Police ने संदिग्ध बाल तस्करी नेटवर्क की जांच में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. Police ने राज्य के अलग-अलग हिस्सों से 34 बच्चों को बचाया और उनका पता लगाया, साथ ही चार संदिग्ध महिला दलालों और मदद करने वालों को गिरफ्तार किया. Police अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध ... Read more

डेली किरण 6 Sep 2026 11:28 pm

सक्रिय मानसून का नया दौर: अगले 6-7 दिनों तक देश के बड़े हिस्से में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विशाल भूभाग पर दक्षिण-पश्चिम मानसून के अत्यंत सक्रिय चरण में प्रवेश करने के बाद एक विस्तृत और दीर्घकालिक मौसम बुलेटिन जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वोत्तर और पूर्वी तटीय राज्यों में अगले 6 से 7 दिनों तक लगातार रुक-रुक कर भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) का सिलसिला जारी रहेगा। वायुमंडलीय परिस्थितियों के विश्लेषण से स्पष्ट हुआ है कि उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक सुस्पष्ट चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र (Cyclonic Circulation) बना हुआ है, जबकि मानसूनी ट्रफ लाइन अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर झुकते हुए कई मौसमी प्रणालियों को ऊर्जा दे रही है। इसके साथ ही अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ओर से भारी मात्रा में नमी का प्रवाह गंगा के मैदानी इलाकों और पश्चिमी हिमालय की तलहटी तक पहुंच रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले एक सप्ताह के दौरान मौसम का यह उग्र मिजाज न केवल तापमान में गिरावट लाएगा, बल्कि निचले इलाकों में भीषण जलभराव, नदियों के उफान, आकाशीय बिजली (वज्रपात) और पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन जैसी गंभीर आपदाओं को भी जन्म दे सकता है।उत्तर प्रदेश में पश्चिमी से पूर्वी छोर तक आफत की फुहारें: वज्रपात और जलभराव का दोहरा संकटउत्तर प्रदेश के लिए आगामी 6 से 7 दिन मौसम के लिहाज से अत्यधिक संवेदनशील रहने वाले हैं। मौसम केंद्र लखनऊ द्वारा जारी किए गए ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के पश्चिमी संभाग से लेकर अवध, रुहेलखंड और पूर्वांचल के 30 से अधिक जिलों में भारी बारिश का येलो और ऑरेंज अलर्ट प्रभावी किया गया है। सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में अगले 72 घंटों के दौरान तेज हवाओं के साथ मूसलाधार वर्षा दर्ज की जा सकती है। वहीं राजधानी लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, आजमगढ़, गाजीपुर, बलिया और गोरखपुर में गरज-चमक के साथ लगातार बौछारें पड़ने का अनुमान है। बुंदेलखंड के झांसी, ललितपुर, बांदा, हमीरपुर और जालौन में भी मध्यम से भारी बारिश का साया बना हुआ है। मौसम विभाग ने पूर्वांचल और तराई के जनपदों में आकाशीय बिजली गिरने (ठनका) की गंभीर आशंका जताई है। खेतों में काम कर रहे किसानों को चेताया गया है कि बादलों की तेज गर्जना के दौरान वे पक्के मकानों में शरण लें, क्योंकि खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे वज्रपात की घटनाएं जानलेवा साबित हो सकती हैं।उत्तराखंड और हिमाचल में पहाड़ों पर भूस्खलन का साया: नदियां उफान पर, चारधाम यात्रा पर एडवाइजरीपर्वतीय राज्यों में मौसम का मिजाज पहले से ही विकराल बना हुआ है और आगामी 6-7 दिनों तक यहां राहत मिलने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, चंपावत, उधम सिंह नगर, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चमोली जिलों के लिए भारी से बहुत भारी वर्षा का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। लगातार हो रही बारिश के चलते अलकनंदा, मंदाकिनी, भागीरथी, पिंडर और काली नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं। पहाड़ी ढलानों पर मिट्टी के कटाव और बोल्डर गिरने (Landslides) के कारण बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-7), केदारनाथ मार्ग और ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर कई स्थानों पर यातायात बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है। राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) और जिला प्रशासन ने चारधाम तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम की सटीक जानकारी लिए बिना यात्रा शुरू न करें और संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर रात के समय सफर करने से पूरी तरह बचें। पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के मंडी, कुल्लू, शिमला, कांगड़ा, सिरमौर और चंबा में भी अगले 5 से 6 दिनों तक तेज बारिश और अचानक बाढ़ (Flash Floods) की चेतावनी जारी की गई है।दिल्ली-एनसीआर से लेकर मध्य भारत और पूर्वोत्तर तक: जानिए किन-किन राज्यों में होगा बादलों का डेरादेश की राजधानी नई दिल्ली और एनसीआर के शहरों—नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में अगले 6 से 7 दिनों तक आसमान में घने मानसूनी बादलों का डेरा रहेगा। दिल्ली में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली झोंकेदार हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश के कई स्पेल देखने को मिल सकते हैं, जिससे दिन का अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच सिमट जाएगा। हालांकि, लगातार होने वाली फुहारों से दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे, धौला कुआं, आईटीओ और निचले अंडरपासों में गंभीर जलभराव और भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो सकती है।मध्य भारत और पूर्वोत्तर के राज्यों में भी मौसमी उथल-पुथल तेज रहेगी:बिहार और झारखंड: बिहार के 20 से अधिक जिलों (पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया) में पहले से जारी बाढ़ के संकट के बीच अगले 4 से 5 दिनों तक भारी बारिश और ठनका गिरने का अलर्ट है। झारखंड के रांची, जमशेदपुर, धनबाद और दुमका में 40 किमी की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ झमाझम बारिश होगी।मध्य प्रदेश और राजस्थान: पूर्वी राजस्थान (जयपुर, कोटा, भरतपुर, उदयपुर) और मध्य प्रदेश के भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, इंदौर और सागर संभागों में आगामी 6 दिनों तक मानसून पूरी ताकत से बरसेगा।पूर्वोत्तर भारत और तटीय क्षेत्र: असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बंगाल की खाड़ी से आ रही मानसूनी हवाओं के प्रभाव से भारी से अति-भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है, जिससे ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर और अधिक बढ़ सकता है।मौसमी तंत्र का वैज्ञानिक विश्लेषण: चक्रवाती घेरे और पुरवैया हवाओं के संगम से क्यों बनी यह स्थिति?मौसम विज्ञानियों के अनुसार, सितंबर के पहले और दूसरे पखवाड़े में इस तरह की व्यापक और लगातार होने वाली मानसूनी बारिश के पीछे एक जटिल वायुमंडलीय प्रणाली सक्रिय है। सामान्यतः इस समय मानसून की विदाई की प्रक्रिया धीरे-धीरे शुरू होने की ओर बढ़ती है, लेकिन इस वर्ष बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में एक के बाद एक लगातार बने निम्न दबाव के क्षेत्रों (Low-Pressure Systems) ने मानसून की वापसी की गति को पूरी तरह थाम दिया है। इस समय पश्चिमोत्तर मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश पर केंद्रित साइक्लोनिक सर्कुलेशन वायुमंडल के निचले और मध्यम स्तरों तक फैला हुआ है।इसके साथ ही, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के ऊपर से गुजर रहा एक मध्यम तीव्रता का पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) पूर्व से आने वाली नम हवाओं के साथ सीधा संपर्क बना रहा है। जब ठंडी और शुष्क पश्चिमी हवाएं अत्यधिक गर्म और नम पूर्वी हवाओं से टकराती हैं, तो वायुमंडल में तीव्र अस्थिरता (Atmospheric Instability) पैदा होती है। इसी टकराव के चलते ऊंचे वर्टिकल विस्तार वाले क्यूम्युलोनिम्बस (Cumulonimbus) बादल विकसित हो रहे हैं, जो एक छोटे से दायरे में कुछ ही घंटों के भीतर भारी मात्रा में पानी गिराने और भयंकर बिजली कड़कड़ाने के लिए जिम्मेदार होते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह वेदर सिस्टम अगले 150 से 160 घंटों तक सक्रिय बना रहेगा, जिसके कारण उत्तर और पूर्वी भारत को लगातार बादलों के पहरे में रहना पड़ेगा।आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम केंद्र की सुरक्षा एडवाइजरी: आंधी, पानी और बिजली से कैसे बचें?खराब मौसम और विशेष रूप से आकाशीय बिजली (Lightning) व अचानक आने वाले उफान को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और संबंधित राज्य सरकारों ने नागरिकों के लिए विशेष सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं:आकाशीय बिजली से सतर्कता: यदि आसमान में बादल गरज रहे हों या बिजली चमक रही हो, तो खुले मैदान, खेत, तालाब के किनारे या ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने की भूल कतई न करें। किसी पक्के कंक्रीट के मकान या बंद वाहन के भीतर ही शरण लें।इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का उपयोग: वज्रपात के दौरान घरों के मुख्य टीवी, फ्रिज, कंप्यूटर और वाई-फाई मॉडम के प्लग बिजली के सॉकेट से अलग कर दें। चार्जिंग पर लगे मोबाइल फोन का उपयोग करने से बचें।पहाड़ों पर यात्रा से परहेज: पर्यटकों और वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के दुर्गम नदी किनारों और जलप्रपातों (Waterfalls) के पास सेल्फी लेने या पिकनिक मनाने न जाएं, क्योंकि अचानक आने वाले फ्लैश फ्लड में बचने का मौका नहीं मिलता।शहरी जलभराव और वाहन संचालन: भारी वर्षा के दौरान दोपहिया वाहन चालक जलमग्न सड़कों और खुले मेनहोलों से सावधान रहें। उफनते रपटों, पुलियों और अंडरपासों को पार करने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं।किसानों के लिए कृषि सलाह: धान की फसलों में अतिरिक्त जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें। आगामी 5 दिनों तक खेतों में किसी भी प्रकार के रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों का छिड़काव रोक दें और कटी हुई फसलों को सुरक्षित शेड में पहुंचाएं।दामिनी मोबाइल ऐप: ग्रामीण और कस्बाई नागरिक अपने फोन में भारत सरकार का 'दामिनी' ऐप इंस्टॉल रखें, ताकि बिजली गिरने से आधा घंटा पहले मिलने वाले अलर्ट से जान बचाई जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 6 Sep 2026 10:58 pm

Kal Ka Mausam: 7 सितंबर को कैसा रहेगा मौसम? बिहार, यूपी और उत्तराखंड में भारी बारिश, कई राज्यों में आंधी-तूफान

Kal Ka Mausam: देश भर में मानसून की रफ्तार एक बार फिर तेज हो गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 सितंबर के मौसम को लेकर ताजा पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के नए बुलेटिन के मुताबिक उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना है। वहीं दक्षिण भारत के तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से सटे इलाकों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।बिहार, यूपी और उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनीउत्तर और मध्य भारत के राज्यों में 7 सितंबर को मानसूनी बारिश का असर काफी मजबूत दिखाई देगा। मौसम विभाग के अनुसार, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।इसके साथ ही पूर्वी मध्य प्रदेश में भी कल मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तराखंड में बारिश के साथ-साथ बादलों की गर्जना और बिजली चमकने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और विदर्भ के अलग-अलग हिस्सों में भी कल बिजली कड़कने और आंधी की संभावना जताई गई है।आंध्र प्रदेश में तेज आंधी और झोंकेदार हवाओं का अलर्टदक्षिण प्रायद्वीपीय भारत की बात करें तो आंध्र प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, आंध्र प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर तेज गर्जना और बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और तूफानी झोंके आने की चेतावनी जारी की गई है।इसके साथ ही आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में दिनभर तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल और माहे के अलग-अलग इलाकों में कल मौसम गर्म और बेहद उमस भरा बना रहेगा।बंगाल, झारखंड और ओडिशा में कैसा रहेगा मौसम?पूर्वी भारत में भी मानसूनी बारिश और तूफानी गतिविधियों का दौर देखने को मिलेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, झारखंड, कर्नाटक, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, गरज-चमक होने और बिजली गिरने की संभावना व्यक्त की गई है।गांगेय पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों में बादलों की गर्जना के साथ आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का दौर जारीपूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मानसून पूरी तरह मेहरबान है। 7 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न इलाकों में मूसलाधार यानी भारी बारिश होने का अनुमान है। इन सभी राज्यों में बारिश के दौरान बिजली चमकने और आंधी-तूफान देखने को मिलेगासमुद्र में खराब रहेगा मौसम, मछुआरों को चेतावनीसमुद्री तटीय इलाकों में मौसम प्रतिकूल रहने की आशंका जताई गई है। सोमालिया तट के पास, ओमान के तटवर्ती क्षेत्रों और उससे सटे पश्चिम-मध्य, दक्षिण-पश्चिम व उत्तर-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसकी स्पीड बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी है।'बाय-बाय, पापा...' ये कहकर युवती ने लगा दी चिनाब नदी में छलांग, जम्मू की ये घटना आपको कर देगी हैरान

ज़ी न्यूज़ 6 Sep 2026 10:07 pm

IMD Rain Alert: यूपी-उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, अगले 6-7 दिनों तक इन राज्यों में गरज-चमक के साथ बरसेंगे बादल

IMD Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव सेअगले 24 घंटे के दौरान उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होने कीआशंका है। इसके अलावा, उत्तर भारत के कई राज्यों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है।IMD ने अगले कुछ दिनों के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की है।आज उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर मौसम की सबसे ज्यादा नजर रहेगी, जहां बहुत भारी बारिश का खतरा है। वहीं, दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के कई इलाकों में भी बारिश के साथ बिजली गिरने और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी में सबसे ज्यादा असरमौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बना निम्न दबाव क्षेत्र अब दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में है। इसके अगले 24 घंटे में पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके प्रभाव से आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश हो सकती है। जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।उत्तराखंड में 6-7 सितंबर और फिर 10-12 सितंबर के दौरानमूसलाधार बारिश, गरज और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। अगले 24 से 48 घंटे के दौरानउत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में भी भारी बारिशIMDने 6 सितंबर को पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 9 सितंबर तक भारी बारिश हो सकती है। वहीं, उत्तराखंड में 7 सितंबर और 10 से 12 सितंबर के बीच भी भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौरमध्य भारत में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6-7 सितंबर, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 6-8 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। इसके बाद पूर्वी मध्य प्रदेश में 11-12 सितंबर को भी बारिश हो सकती है। विदर्भ में 10-12 सितंबर और छत्तीसगढ़ में 8-12 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 सितंबर और 11-12 सितंबर, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश में 6-12 सितंबर के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 9-12 सितंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।बिहार-बंगाल से लेकर ओडिशा तक बारिश पूर्वी भारत में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 6 से 12 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। गंगीय पश्चिम बंगाल में 7-10 सितंबर, झारखंड में 8-11 सितंबर, बिहार में 6-7 सितंबर और ओडिशा में 10-12 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में आज बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा बिहार में 6-8 सितंबर, गंगीय पश्चिम बंगाल में 7-9 सितंबर और ओडिशा में 9-12 सितंबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 6 सितंबर को बिहार और 6-7 सितंबर को गंगीय पश्चिम बंगाल में मध्यम से तेज आकाशीय बिजली गतिविधि की भी चेतावनी दी है। पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का अलर्ट पूर्वोत्तर भारत में भी अगले कई दिनों तक मौसम सक्रिय रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में 7-12 सितंबर, असम और मेघालय में 6-8 सितंबर तथा 11-12 सितंबर और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 6-12 सितंबर तक व्यापक बारिश हो सकती है। इन राज्यों में 6 से 12 सितंबर के बीच अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। पश्चिमी भारत में भी बरसेंगे बादल कोंकण और गोवा में 6-12 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। वहीं गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा तथा सौराष्ट्र और कच्छ में इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में बारिश कम रहने के संकेत मौसम विभाग के अनुसार, प्रायद्वीपीय भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं। हालांकि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 6 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। तेलंगाना और तमिलनाडु में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा रायलसीमा में 6-7 सितंबर को गरज-चमक और तेज हवाओं का असर रह सकता है। कर्नाटक के तटीय, उत्तर आंतरिक और दक्षिण आंतरिक हिस्सों में भी 6-7 सितंबर को तेज हवाएं चलने की संभावना है। पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश?मौसम विभाग के मुताबिक 5 सितंबर सुबह 8:30 बजे से 6 सितंबर सुबह 8:30 बजे तक उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई।सबसे ज्यादा बारिश वाले प्रमुख स्थानों में:- जसपुर, ऊधम सिंह नगर (उत्तराखंड)- 13 सेमी चांदपुर, बिजनौर (पश्चिमी उत्तर प्रदेश)- 12 सेमी मेलूर ARG, मदुरै (तमिलनाडु)- 12 सेमी सुभाषिनी टी.ई., अलीपुरद्वार (उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल)- 11 सेमी खंडार, सवाई माधोपुर (पूर्वी राजस्थान)- 10 सेमी पटना (बिहार)- 8 सेमी घाटीगांव, ग्वालियर (पश्चिमी मध्य प्रदेश)- 8 सेमी फिरोजपुर झिरका, नूंह और मानेसर, गुरुग्राम (हरियाणा)- 7-7 सेमी जी.बी. नगर, मयूरभंज (ओडिशा)- 7 सेमी चिएफोबोजोउ-नेरहेमा, नागालैंड- 7 सेमी मछुआरों के लिए भी चेतावनीमौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। अरब सागर में सोमालिया तट के आसपास और ओमान तट से लगे कुछ हिस्सों में 11 सितंबर तक परिस्थितियां प्रतिकूल रह सकती हैं। वहीं. 8 से 11 सितंबर के बीच दक्षिण तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी से जुड़े समुद्री इलाकों में भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

ज़ी न्यूज़ 6 Sep 2026 3:45 pm

24 राज्यों में सक्रिय हुआ मानसून: बंगाल की खाड़ी के वेदर सिस्टम से बदला देश का मिजाज

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के विशाल भूभाग पर दक्षिण-पश्चिम मानसून के पुनर्सक्रिय होने के बाद 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार वर्षा, तेज आंधी और आकाशीय बिजली (वज्रपात) का व्यापक अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तरी-पश्चिमी हिस्से में बना निम्न दबाव का क्षेत्र और मध्य भारत से होकर गुजर रही मानसूनी ट्रफ लाइन इस समय अत्यधिक सक्रिय अवस्था में है। इसके साथ ही अरब सागर से आने वाली नमी युक्त पछुआ हवाओं और बंगाल की खाड़ी से उठने वाली पूर्वी हवाओं के संगम ने उत्तर भारत, पूर्वोत्तर और गंगा के मैदानी इलाकों में घने मानसूनी बादलों का एक शक्तिशाली घेरा तैयार कर दिया है।इस मौसमी तंत्र के प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों में अगले 48 से 72 घंटों के दौरान व्यापक वर्षा की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि कई मैदानी और तटीय इलाकों में तेज हवाओं के झोंके 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकते हैं, जिससे कमजोर संरचनाओं, बिजली के तारों और फसलों को नुकसान पहुंचने की संभावना है।यूपी के 20 से अधिक जिलों में भारी बारिश का अलर्ट: पश्चिमी यूपी से पूर्वांचल तक झमाझमउत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह मेहरबान है और राज्य के अधिकांश संभागों में बादलों की सक्रियता बनी हुई है। मौसम केंद्र लखनऊ द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर अवध और पूर्वांचल के जिलों तक भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।विभाग ने मेरठ, मुजफ्फरनगर, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, बिजनौर, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, सीतापुर, उन्नाव, कानपुर, रायबरेली, इटावा, आजमगढ़, अयोध्या, देवरिया और गोरखपुर सहित 20 से अधिक जिलों में मध्यम से भारी बारिश का यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।राजधानी लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में रुक-रुक कर रिमझिम और तेज बौछारों का दौर जारी रहने से तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली है। हालांकि, तराई और ग्रामीण इलाकों में जलभराव के चलते धान और तिलहन की फसलों को लेकर किसानों को जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है।दिल्ली-एनसीआर में बादलों का पहरा: गरज-चमक के साथ बौछारें और जलभराव का खतराराष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली और इससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर)—नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में आसमान में घने बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली के प्राथमिक मौसम केंद्र सफदरजंग और पालम में दिनभर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश के कई दौर दर्ज किए जा सकते हैं। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ एक-दो स्पेल भारी बारिश के भी होने का अनुमान है।दिन का अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच सिमटने की संभावना है, जिससे मौसम खुशनुमा रहेगा। हालांकि, लगातार होने वाली बारिश के कारण दिल्ली और गुरुग्राम के निचले इलाकों, अंडरपासों और प्रमुख जंक्शनों पर जलभराव और भारी ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो सकती है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों को संभलकर चलने और जलमग्न सड़कों पर दोपहिया वाहन ले जाने से बचने की सलाह दी है।बिहार के 15 से अधिक जिलों में वज्रपात का तांडव: आकाशीय बिजली को लेकर रेड व ऑरेंज अलर्टपूर्वी भारत के राज्य बिहार में मौसम विभाग ने सबसे संवेदनशील स्थिति की चेतावनी जारी की है। मौसम केंद्र पटना ने राज्य के 15 से अधिक जिलों में भीषण आकाशीय बिजली (वज्रपात/ठनका) गिरने और बादलों की तीव्र गर्जना की आशंका जताई है।विभाग के अनुसार पटना, गया, जहानाबाद, भोजपुर, समस्तीपुर, पूर्णिया, अररिया, किशनगंज, कटिहार, भागलपुर, बेगूसराय, गोपालगंज, रोहतास, बक्सर और वैशाली जनपदों में तेज गरज के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमान है।बिहार में मानसून के दौरान आकाशीय बिजली गिरना जान-माल के लिए एक बड़ी आपदा साबित होता रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा है और विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में मुनादी कराकर किसानों, चरवाहों और मजदूरों को खुले खेतों में जाने से रोकने के निर्देश दिए हैं। गंगा, गंडक, कोसी और बागमती नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही वर्षा के कारण जलस्तर पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है।झारखंड में मूसलाधार फुहारें और आंधी: रांची से जमशेदपुर तक जनजीवन प्रभावितपड़ोसी राज्य झारखंड में भी मौसमी उथल-पुथल का दौर तेज हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का यलो अलर्ट जारी किया है।रांची, जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम), देवघर, बोकारो, रामगढ़, खूंटी, पलामू, धनबाद, गिरिडीह, गुमला, पश्चिमी सिंहभूम और लातेहार में मध्यम से भारी दर्जे की वर्षा होने की पूरी संभावना है।लगातार हो रही वर्षा के कारण राज्य के प्रमुख डैमों—पतरातू, तेनुघाट और चांडिल डैम का जलस्तर बढ़ रहा है, जिसके चलते सिंचाई विभाग द्वारा अतिरिक्त पानी छोड़े जाने की तैयारी की जा रही है। पहाड़ी ढलानों और कच्ची बस्तियों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। बिजली विभाग ने भी तेज हवाओं के दौरान खंभों और ट्रांसफार्मरों के पास न जाने की सार्वजनिक चेतावनी जारी की है।मध्य भारत, राजस्थान और पर्वतीय क्षेत्रों का हाल: लैंडस्लाइड और बाढ़ का सायाउत्तर और पूर्व के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी मानसूनी सिस्टम का गहरा असर दिखाई दे रहा है। मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर संभागों में तेज हवाओं और बिजली की चमक के साथ भारी बारिश का दौर बना हुआ है।पूर्वी राजस्थान के कोटा, उदयपुर, जयपुर और भरतपुर इलाकों में मूसलाधार बारिश दर्ज की जा रही है।वहीं पर्वतीय राज्यों—उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते भूस्खलन (Landslides) और पहाड़ी मलबे के सड़कों पर आने का खतरा बढ़ गया है। उत्तराखंड के चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और नैनीताल जिलों में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले चारधाम तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को मौसम साफ होने तक सुरक्षित पड़ावों पर ही रुकने के निर्देश दिए गए हैं। उधर पूर्वोत्तर के असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी ब्रह्मपुत्र नदी के उफान के चलते निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है।आकाशीय बिजली और बारिश से बचाव के जरूरी उपाय: सुरक्षा एडवाइजरीखराब मौसम और विशेषकर आकाशीय बिजली (Lightning) के बढ़ते जोखिम को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और मौसम विभाग ने नागरिकों के लिए जीवन रक्षक दिशानिर्देश जारी किए हैं:पेड़ों और खंभों से दूरी: तेज बारिश या बादलों की गर्जना के समय कभी भी किसी ऊंचे पेड़, बिजली के खंभे, मोबाइल टावर या टीन शेड के नीचे आश्रय न लें। बिजली हमेशा ऊंची वस्तुओं पर सबसे पहले गिरती है।खुले मैदान में न रहें: यदि आप खेत या खुले मैदान में हैं और कोई पक्का मकान आसपास नहीं है, तो जमीन पर लेटने के बजाय दोनों पैरों को आपस में सटाकर, घुटनों पर सिर रखकर उकड़ू बैठ जाएं और कानों को हाथों से ढक लें।इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्रयोग बंद करें: घर के भीतर रहने पर टीवी, फ्रिज, कंप्यूटर आदि के प्लग दीवार के सॉकेट से निकाल दें। तार वाले लैंडलाइन फोन का इस्तेमाल न करें और मोबाइल फोन को चार्जिंग पर लगाकर बात करने से बचें।धातु की वस्तुओं और पानी से बचें: खेतों में काम कर रहे किसान लोहे के हल, कुदाल, ट्रैक्टर या तारबंदी से तुरंत दूर हो जाएं। तालाब, नदी या भरे हुए पानी से तत्काल बाहर निकल आएं।दामिनी ऐप का उपयोग: केंद्र सरकार के 'दामिनी' (DAMINI) मोबाइल ऐप को डाउनलोड करें, जो आपके क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से 20 से 30 मिनट पहले अलर्ट जारी करता है, जिससे जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 6 Sep 2026 10:15 am

24 राज्यों में मानसून का रौद्र रूप: बंगाल की खाड़ी से उठा सिस्टम लाएगा मूसलाधार आफत

देश के मौसम परिदृश्य में आज 6 सितंबर 2026 को एक बड़ा और व्यापक मौसमी बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने अखिल भारतीय मौसम बुलेटिन में चेतावनी जारी करते हुए देश के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तरी-पश्चिमी हिस्से में बना एक गहरा निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure System) अब तेजी से मध्य और उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा है। इसके साथ ही मानसूनी ट्रफ लाइन अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर सक्रिय है, जिसने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ओर से भारी मात्रा में नमी खींच ली है। इन दो शक्तिशाली वेदर सिस्टम्स के संयोजन के चलते उत्तर, पूर्व, मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के विशाल भूभाग पर घने बादलों की चादर फैल गई है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि आज कई राज्यों में तेज हवाओं की रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे के खतरनाक स्तर तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन, यातायात और फसलों पर सीधा असर पड़ने की प्रबल आशंका है।दिल्ली-एनसीआर में तूफानी हवाओं का पहरा: 70 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंके और भारी जलभराव का खतराराष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे समूचे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में आज रविवार का दिन भारी मौसमी उथल-पुथल से भरा रहने वाला है। मौसम विभाग ने दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। दिनभर आसमान में घने काले बादल छाए रहेंगे और दोपहर से देर शाम के बीच कई दौर की तेज गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। मौसम केंद्र सफदरजंग के अनुसार, आज दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री नीचे गिरकर 28 से 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार हैं।सबसे बड़ी चिंता आज चलने वाली तेज अंधड़ और तूफानी हवाओं को लेकर है, जिनकी गति 50 से 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण दिल्ली के प्रमुख अंडरपासों, धौला कुआं, आईटीओ, रिंग रोड और गुरुग्राम के मुख्य चौराहों पर जलभराव का संकट गहरा सकता है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने, पुराने पेड़ों या कमजोर होर्डिंग्स के नीचे वाहन पार्क न करने और जलमग्न सड़कों पर संभलकर चलने की सख्त एडवाइजरी जारी की है।यूपी और बिहार में बादलों की भयंकर गर्जना: 50 से अधिक जिलों में वज्रपात और अति-भारी बारिश की चेतावनीउत्तर प्रदेश और बिहार के मैदानी इलाकों में आज मानसून अपनी पूरी ताकत के साथ सक्रिय रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ ने पूरे उत्तर प्रदेश के लिए व्यापक वर्षा की चेतावनी जारी की है। पश्चिमी यूपी के मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, गाजियाबाद, अलीगढ़, मथुरा और आगरा में तेज आंधी के साथ बारिश होगी। वहीं मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनपदों—लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, देवरिया, बस्ती और रायबरेली में मूसलाधार बारिश के साथ बादलों की तेज गर्जना और बिजली गिरने (Lightning) का हाई अलर्ट जारी किया गया है।पड़ोसी राज्य बिहार में भी हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। पटना मौसम केंद्र ने राज्य के 26 जिलों में भारी वर्षा और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की है। राजधानी पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, दरभंगा, समस्तीपुर, सहरसा और कटिहार में रुक-रुक कर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। गंगा, गंडक, कोसी और बागमती जैसी प्रमुख नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को तटीय और निचले इलाकों में सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खुले खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों को वज्रपात से बचने के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात में चक्रवाती हवाओं का तांडव: कई जिलों में बाढ़ जैसे हालातमध्य और पश्चिमी भारत के राज्यों में मानसूनी सिस्टम का दबाव सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, नर्मदापुरम, सागर और रीवा समेत 30 से अधिक जिलों में आज भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट प्रभावी है। राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही वर्षा से बरगी, तवा और इंदिरा सागर बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके चलते कई गेट खोले जा सकते हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी गई है।उधर, राजस्थान के पूर्वी और मध्य भागों—जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर और भरतपुर में 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी और उसके बाद भीषण बारिश की चेतावनी दी गई है। गुजरात के तटीय और सौराष्ट्र क्षेत्र में भी अरब सागर से उठने वाली नम हवाओं के चलते अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं। तेज हवाओं के चलते बिजली के खंभे और पेड़ उखड़ने की घटनाएं सामने आ सकती हैं, जिसे लेकर विद्युत वितरण कंपनियों की टीमें अलर्ट मोड पर हैं।पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड का अलर्ट और दक्षिण-पूर्वोत्तर का हाल: नदियां उफान परउत्तर भारत के पर्वतीय राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के संगम के चलते मौसम अत्यधिक खतरनाक बना हुआ है। उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, चमोली, उत्तरकाशी और टिहरी में बादल फटने जैसी तीव्र बारिश (Cloudburst-like Rain) और संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन (Landslides) का गंभीर खतरा जताया गया है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मनाली, कांगड़ा, मंडी और शिमला में राष्ट्रीय राजमार्गों पर बोल्डर गिरने और नदियों का बहाव तेज होने के कारण पर्यटकों को अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी तटों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड में भी ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के उफान के चलते बाढ़ का संकट गहरा सकता है। दक्षिण भारत के राज्यों—केरल, तटीय कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी चक्रवाती हवाओं के प्रभाव से रुक-रुक कर मध्यम से भारी वर्षा दर्ज की जाएगी। महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र और मुंबई में भी आज दिनभर रुक-रुक कर तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है।मौसम विभाग की सुरक्षा एडवाइजरी: घर से निकलने से पहले बरतें ये सावधानियांमौसम विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने आज के खराब मौसम को देखते हुए आम जनता और किसानों के लिए जरूरी सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं:आकाशीय बिजली से बचाव: तेज मेघगर्जन और बिजली चमकने की स्थिति में किसी भी बड़े पेड़, लोहे के खंभे या टीन शेड के नीचे खड़े होने से बचें। खुले मैदान या खेत में होने पर तुरंत पक्के मकान में शरण लें।सड़क यात्रा में सतर्कता: तेज बारिश के दौरान दृश्यता (Visibility) काफी कम हो सकती है। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक अपनी गाड़ियों की फॉग लाइट्स और हेडलाइट्स जलाकर धीमी गति से चलें। जलमग्न अंडरपासों में गाड़ी ले जाने का जोखिम बिल्कुल न लें।इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग: वज्रपात के समय घर के भारी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों (टीवी, फ्रिज, कंप्यूटर आदि) के मुख्य प्लग निकाल दें और लैंडलाइन फोन का प्रयोग न करें।किसानों के लिए जरूरी सलाह: खेतों में पानी निकासी के रास्तों को तुरंत साफ रखें ताकि खड़ी फसलों में जलभराव न हो। आगामी 24 से 48 घंटों तक किसी भी प्रकार के कीटनाशक, उर्वरक छिड़काव और सिंचाई के काम को पूरी तरह स्थगित रखें। पशुओं को सुरक्षित व पक्के बाड़े में बांधें।

न्यूज़ इंडिया लाइव 6 Sep 2026 9:25 am

जागरण संपादकीय: हिमालयी राज्यों की चुनौती

यह सही समय है कि उत्तराखंड, हिमाचल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर को ध्यान में रखकर शुरू की गई ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड संबंधी परियोजना की समीक्षा की जाए।

जागरण 3 Sep 2026 10:11 pm

Operation Lotus के तहत BJP फिर करेगी खेल? Mamata Banerjee को झटका? TMC। Arunachal Pradesh। Meghalaya

Operation Lotus के तहत बीजेपी करने वाली है खेल, Mamata Banerjee को फिर लगेगा झटका? मेघालय की राजनीति में 2028 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा सियासी उलटफेर होने की अटकलें तेज हो गई हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 31 Aug 2026 11:21 am

'मैं यहां का खिलाड़ी हूं' जब नदी के उलट तैरे किरेन रिजिजू

मोदी सरकार में मंत्री किरेन किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर अरुणाचल प्रदेश की एक तेज बहाव वाली उफनती नदी में तैरते हुए अपना एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने लोगों को बिना तैराकी जाने गहरे और खतरनाक पानी में न उतरने की सलाह दी और बताया कि राज्य की नदियां बहुत गहरी और बड़ी हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 23 Aug 2026 2:52 pm

Arunachal Pradesh Tinkle Karga Gongo Viral Video: प्यारी सी बच्ची को मिला ढेर सारा प्यार,कहा थैंक यू

Arunachal Pradesh Tinkle Karga Gongo Viral Video: प्यारी सी बच्ची को मिला ढेर सारा प्यार ऐसे कहा थैंक यू

लाइव हिन्दुस्तान 22 Aug 2026 11:05 pm

'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग

अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।

खास खबर 22 Aug 2026 12:28 pm

अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में बाढ़ के बाद भोजपुर का जवान आठ दिन से लापता

22 शनिवार, अगस्त: भोजपुर का रहने वाला आर्मी जवान अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में बाढ़ और बादल फटने के बाद पांच जवानों के साथ लापता हो गया। आठ दिन बाद भी जवान का पता नहीं चला है, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई है।

लाइव हिन्दुस्तान 22 Aug 2026 11:51 am

क्या सच में अरुणाचल प्रदेश में 60 KM तक अंदर घुस आया चीन ? वायरल दावे पर सरकार ने बताया सच

क्या सच मेंअरुणाचल प्रदेश में 60 KM तक अंदर घुस आया चीन ? वायरल दावे पर सरकार ने बताया सच

समाचार नामा 19 Aug 2026 6:00 pm

अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के घुसपैठ के दावे से मणिपुर का वीडियो वायरल

बूम ने पाया कि वीडियो 25 अप्रैल 2026 का मणिपुर के हूमी गांव में असम राइफल्स और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प का है.

बूमलाइव 14 Aug 2026 6:24 pm

Azim Premji Scholarship 2026: 12वीं पास छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए हर साल मिलेंगे ₹30,000, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की इस स्कॉलरशिप के लिए 31 अगस्त तक करें आवेदन

12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद आगे कॉलेज या यूनिवर्सिटी में दाखिला लेकर उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना देखने वाली छात्राओं के लिए एक बेहद शानदार और राहत भरी खबर सामने आई है। देश के जाने-माने उद्योगपति और समाजसेवी अजीम प्रेमजी के नेतृत्व वाले 'अजीम प्रेमजी फाउंडेशन' (Azim Premji Foundation) ने वर्ष 2026-27 के शैक्षणिक सत्र के लिए 'अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप 2026' (Azim Premji Scholarship 2026) के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक या सामाजिक रूप से कमजोर और वंचित पृष्ठभूमि से आने वाली मेधावी छात्राओं को वित्तीय सहायता प्रदान कर उनके सपनों को नई उड़ान देना है। इस छात्रवृत्ति योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की खिड़की खोल दी गई है और योग्य छात्राएं 31 अगस्त 2026 तक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपना फॉर्म जमा कर सकती हैं।अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप 2026: क्या है योजना और कितनी मिलेगी सहायता राशि?अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा संचालित यह स्कॉलरशिप प्रोग्राम देश में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और उच्च शिक्षा में लड़कियों के ड्रॉप-आउट रेट (पढ़ाई छोड़ने की दर) को कम करने के लिए शुरू किया गया एक क्रांतिकारी कदम है। इस योजना के तहत चुनी गई प्रत्येक पात्र छात्रा को उनकी उच्च शिक्षा की पूरी अवधि के लिए सालाना ₹30,000 की वित्तीय सहायता राशि प्रदान की जाती है।सालाना छात्रवृत्ति: ₹30,000 प्रति वर्ष।कोर्स की अवधि: 2 वर्ष से लेकर 5 वर्ष तक के अंडरग्रेजुएट (UG) डिग्री या डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए सहायता मिलेगी।कुल वित्तीय मदद: यदि कोई छात्रा 3 साल का ग्रेजुएशन डिग्री कोर्स कर रही है, तो उसे कुल ₹90,000 मिलेंगे, जबकि 5 साल के प्रोफेशनल/एकीकृत कोर्स (जैसे BA LLB, B.Tech आदि) के लिए कुल सहायता राशि ₹1,50,000 तक होगी।भुगतान का माध्यम: स्कॉलरशिप की राशि बिना किसी बिचौलिए के सीधे लाभार्थी छात्रा के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी।उपयोग की स्वतंत्रता: प्राप्त छात्रवृत्ति राशि का उपयोग छात्राएं अपनी कॉलेज ट्यूशन फीस, किताबें, हॉस्टल खर्च या पढ़ाई से जुड़े किसी भी व्यक्तिगत खर्च को पूरा करने के लिए कर सकती हैं।निशुल्क आवेदन: फाउंडेशन द्वारा इस पूरी आवेदन प्रक्रिया के लिए किसी भी स्तर पर कोई आवेदन शुल्क या प्रोसेसिंग फीस नहीं ली जाती है।कौन सी छात्राएं हैं पात्र? जानिए योग्यता की पूरी शर्तेंअजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप 2026 के लिए पात्रता मानदंड बेहद सरल और सुलभ रखे गए हैं, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लड़कियां इसका लाभ उठा सकें। इस योजना की सबसे खास बात यह है कि यह किसी जाति, धर्म, पारिवारिक आय या केवल बोर्ड परीक्षा के अंकों (मेरिट) के आधार पर सीमित नहीं है।शैक्षणिक पृष्ठभूमि: छात्रा ने अपनी 10वीं और 12वीं की परीक्षा किसी मान्यता प्राप्त सरकारी स्कूल या सरकारी कॉलेज से नियमित (Regular) छात्रा के रूप में पास की हो।कॉलेज प्रवेश: सत्र 2026-27 में किसी मान्यता प्राप्त सरकारी या निजी विश्वविद्यालय/कॉलेज में अंडरग्रेजुएट (UG) डिग्री या डिप्लोमा कोर्स के प्रथम वर्ष (First Year) में नियमित प्रवेश लिया हो।योग्य राज्य और केंद्र शासित प्रदेश: यह स्कॉलरशिप योजना देश के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है, जिनमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, दिल्ली (NCT), आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक, ओडिशा, तेलंगाना, असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, सिक्किम और पुडुचेरी शामिल हैं।अपात्रता की स्थिति: जो छात्राएं ओपन/डिस्टेंस लर्निंग (दूरस्थ शिक्षा) से पढ़ाई कर रही हैं या जो पहले से ही द्वितीय, तृतीय या चतुर्थ वर्ष में हैं, वे नए आवेदक के रूप में पात्र नहीं होंगी। इसके अलावा अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी या विप्रो की अन्य स्कॉलरशिप पाने वाली छात्राएं इसके दायरे से बाहर रहेंगी।आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज हैं जरूरी?ऑनलाइन फॉर्म भरते समय अभ्यर्थियों को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की डिजिटल कॉपी अपलोड करनी होगी। ध्यान रहे कि सभी दस्तावेज स्पष्ट और निर्दिष्ट साइज में ही अपलोड किए जाएं।आवेदक छात्रा की हाल की पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर।आधार कार्ड (पहचान पत्र के रूप में)।10वीं कक्षा की मार्कशीट व पासिंग सर्टिफिकेट।12वीं कक्षा की मार्कशीट व पासिंग सर्टिफिकेट।वर्तमान कॉलेज/यूनिवर्सिटी में प्रवेश का प्रमाण (फीस रसीद या बोनाफाइड सर्टिफिकेट)।बैंक खाता विवरण (पासबुक के पहले पन्ने की कॉपी या कैंसिल चेक)।ध्यान दें कि अपलोड किए जाने वाले सभी दस्तावेज केवल PDF, PNG या JPG फॉर्मेट में होने चाहिए, जिनका साइज 30 KB से 500 KB के बीच होना आवश्यक है।ऑनलाइन आवेदन की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रियास्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। इच्छुक छात्राएं नीचे दिए गए आसान चरणों का पालन करके अपना फॉर्म जमा कर सकती हैं:सबसे पहले अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की आधिकारिक वेबसाइट azimpremjifoundation.org पर जाएं।होमपेज पर दिए गए 'Azim Premji Scholarship' सेक्शन के अंतर्गत 'Register New Applicants Cohort 2026' लिंक पर क्लिक करें।अपना चालू मोबाइल नंबर दर्ज करें और ओटीपी (OTP) के जरिए सत्यापन करें।अपना यूजर आईडी और मजबूत पासवर्ड बनाकर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन पूरा करें।अब अपने आईडी व पासवर्ड से लॉगिन करें और आवेदन पत्र में मांगी गई व्यक्तिगत, शैक्षणिक और बैंक संबंधी सभी जानकारियां सही-सही भरें।मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेजों को निर्धारित फॉर्मेट और साइज में स्कैन करके अपलोड करें।फॉर्म को अच्छी तरह री-चेक करें और 'Submit' बटन पर क्लिक करके आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।भविष्य के संदर्भ के लिए भरे गए आवेदन पत्र का एक प्रिंटआउट निकालकर सुरक्षित रख लें।महत्वपूर्ण तारीखें और आगे की समय-सारणीअजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने पहले चरण के लिए आवेदन की समय-सीमा तय कर दी है:राउंड 1 आवेदन शुरू होने की तिथि: 10 अगस्त 2026राउंड 1 आवेदन की अंतिम तिथि: 31 अगस्त 2026राउंड 2 आवेदन अवधि: 10 जनवरी 2027 से 31 जनवरी 2027 तकपुराने छात्रों के लिए रिन्यूअल की तिथि: सितंबर 2026 में रिन्यूअल विंडो खुलेगी।महिला शिक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदमअजीम प्रेमजी फाउंडेशन का लक्ष्य प्रतिवर्ष 5 लाख से अधिक लड़कियों को इस स्कॉलरशिप के माध्यम से उच्च शिक्षा से जोड़ना है। फाउंडेशन का मानना है कि जब एक लड़की शिक्षित होती है, तो वह न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारती है, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती है। यदि आप या आपके परिचित में कोई योग्य छात्रा है जिसने हाल ही में 12वीं पास करके कॉलेज में दाखिला लिया है, तो 31 अगस्त 2026 से पहले इस योजना में आवेदन करके इस अवसर का लाभ अवश्य उठाएं।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Aug 2026 9:43 am

अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ के दावे से बांग्लादेश सीमा का वीडियो वायरल

बूम ने पाया कि वीडियो चांपाईनवाबगंज के शिबगंज सीमा क्षेत्र पर बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के बीच हुई कहासुनी का है.

बूमलाइव 11 Aug 2026 6:04 pm

Bigg Boss 18 : चुम दरांग को मिला अरुणाचल प्रदेश के सीएम का सपोर्ट

सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 18' अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर कोई इस सीजन का विनर बनने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन दिनों शो में 'टिकट टू फिनाले' टास्क चल रहा है। इस टास्क में विवियन डीसेना और चुम दरंग आमने-सामने खड़े हैं। वहीं ...

वेब दुनिया 10 Jan 2025 2:40 pm