DRI Mega Operation: इंदौर में 1.6 करोड़ का Amphetamine ज़ब्त, बस से तस्करी कर रहे अपराधी पर नकेल
डायरेक्टरेट ऑफ़ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने मध्य प्रदेश के इंदौर ज़िले में एक संदिग्ध ड्रग तस्कर को गिरफ़्तार किया है और लगभग 1.6 करोड़ रुपये की कीमत वाली 2.067 किलोग्राम एम्फ़ैटेमिन ज़ब्त की है। यह कार्रवाई इस जानकारी के आधार पर की गई कि दिल्ली से इंदौर बस से यात्रा कर रहा एक यात्री अपने सामान में नशीले पदार्थ ले जा रहा था। इस जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, DRI अधिकारियों ने 9 सितंबर को इंदौर-देवास बाईपास रोड पर इंदौर-देवास टोल प्लाज़ा पर संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की और उसे रोका। उसके सामान की बारीकी से जांच के दौरान, टीम को चार सलवार-सूट सेट के अंदर छिपाकर रखे गए पीले रंग के चार सीलबंद लिफाफे मिले। इसे भी पढ़ें: CM Pema Khandu बोले- Arunachal Pradesh के सरकारी स्कूलों का ढांचा सुधारेगी सरकार हर लिफाफे में काले रंग की सीलबंद पॉलीथीन की थैली थी, जिसमें सफेद रंग का क्रिस्टल जैसा पदार्थ था। फील्ड टेस्टिंग में इस पदार्थ में एम्फेटामाइन होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद NDPS एक्ट, 1985 के तहत कुल 2,067 ग्राम एम्फेटामाइन (पैकेजिंग के वजन सहित) वाले चार पैकेट जब्त किए गए। इसके बाद, ड्रग्स की तस्करी के शक में उस व्यक्ति को NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया और मामले की आगे की जांच चल रही है। पिछले महीने, इंदौर में एक नाइजीरियाई महिला को गिरफ्तार किया गया था और उसके पास से लगभग 29 लाख रुपये कीमत की 58 ग्राम कोकीन बरामद की गई थी। आरोपी महिला की पहचान इमैनुएल जॉय के तौर पर हुई थी और उसे जिले की चंदन नगर पुलिस ने पकड़ा था। वह मुंबई से बस के ज़रिए इंदौर आई थी। इसे भी पढ़ें: YS Jagan का Nara Lokesh पर बड़ा प्रहार, DSC Scam में CBI Inquiry और इस्तीफे की मांग तेज एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम ब्रांच) राजेश डंडोतिया ने कहा, जानकारी मिलने पर चंदन नगर पुलिस ने इमैनुएल जॉय नाम की एक नाइजीरियाई महिला को पकड़ा। उसने हमें बताया कि वह सात महीने के बिजनेस वीज़ा पर भारत आई थी और मुंबई से बस के ज़रिए इंदौर पहुंची थी। तलाशी के दौरान, उसके पास से लगभग 29 लाख रुपये कीमत की 58 ग्राम कोकीन बरामद हुई। NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
MP STF का बड़ा एक्शन: Fake Passport Racket का भंडाफोड़, Bhopal और Gwalior से 60 पासपोर्ट बरामद
मध्य प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने राज्य में चल रहे एक संदिग्ध नकली पासपोर्ट नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि STF ने ग्वालियर, भोपाल, बैतूल और छिंदवाड़ा से लगभग 60 कथित नकली पासपोर्ट ज़ब्त किए हैं और इस मामले में शामिल दो लोगों को गिरफ़्तार किया है। STF को ग्वालियर के डबरा इलाके में एक ही पते से कई पासपोर्ट जारी होने की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू हुई थी। जांच में बाद में पता चला कि भोपाल के अन्ना नगर में भी एक ही पते से बड़ी संख्या में पासपोर्ट जारी किए गए थे। इसके बाद, टीम ने राज्य की राजधानी के अन्ना नगर इलाके से कथित तौर पर 40 नकली पासपोर्ट ज़ब्त किए और मामले के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ़्तार किया, जिनकी पहचान रियाल चौधरी और बिप्लब अधिकारी के तौर पर हुई है; ये क्रमशः असम और नागालैंड के रहने वाले हैं। इसे भी पढ़ें: YS Jagan का Nara Lokesh पर बड़ा प्रहार, DSC Scam में CBI Inquiry और इस्तीफे की मांग तेज STF के DIG राहुल कुमार लोढ़ा ने कहा कुछ समय पहले हमें ग्वालियर के डबरा इलाके में समरिया ताल नाम की जगह से एक शिकायत मिली थी, जहाँ एक ही पते पर लगभग 21-22 पासपोर्ट आवेदन आए थे। इनमें से करीब 17-18 आवेदन मंज़ूर हुए, जबकि कुछ को नामंज़ूर कर दिया गया। जानकारी मिली कि ये फ़र्ज़ी पासपोर्ट हो सकते हैं, जिसके बाद मामले की जाँच की गई। उन्होंने बताया कि शुरुआती जाँच में मामला गंभीर पाया गया। इसके बाद केस दर्ज किया गया और जाँच शुरू हुई। लोढ़ा ने कहा, जाँच के दौरान यह भी पता चला कि भोपाल में एक ही जगह से लगभग 40 पासपोर्ट बनवाए गए थे। इस बारे में भी शिकायत मिली थी कि भोपाल के अन्ना नगर में एक ही पते से कई पासपोर्ट जारी किए गए थे, और इस मामले की भी जाँच की गई। उन्होंने आगे कहा जांच के दौरान हमने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनमें से एक की पहचान रियाल चौधरी के तौर पर हुई है, जो खुद को असम का रहने वाला बताता है। उससे पूछताछ की गई और उसका लैपटॉप ज़ब्त कर लिया गया। लैपटॉप की जांच से जाली दस्तावेज़ तैयार करने से जुड़ी बातें सामने आईं। उसके पास से चार पासपोर्ट भी ज़ब्त किए गए। STF DIG ने बताया कि आरोपी लोगों के लिए जाली पासपोर्ट बनवाने में मदद करता था। ऐसी जानकारी मिली है कि डबरा इलाके में बने पासपोर्ट भी इसी आरोपी (रियाल चौधरी) के ज़रिए बनवाए गए थे। इसे भी पढ़ें: CM Pema Khandu बोले- Arunachal Pradesh के सरकारी स्कूलों का ढांचा सुधारेगी सरकार दूसरे आरोपी के बारे में लोढ़ा ने कहा, दूसरे आरोपी की पहचान बिप्लब अधिकारी के तौर पर हुई है। वह भी नॉर्थ-ईस्ट इलाके, मुख्य रूप से नागालैंड का रहने वाला है और उसके पास से एक नकली पासपोर्ट बरामद हुआ है। वह रियाल चौधरी के ज़रिए यहाँ आया था। अभी जांच चल रही है। पूरे नेटवर्क में शामिल दूसरे लोगों के बारे में जानकारी जुटाने और उन्हें गिरफ़्तार करने की कोशिशें की जा रही हैं। आरोपी द्वारा दी गई जानकारी की पुष्टि करने के लिए एक टीम नॉर्थ-ईस्ट भी गई है।
CM Pema Khandu बोले- Arunachal Pradesh के सरकारी स्कूलों का ढांचा सुधारेगी सरकार
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनका प्रशासन सरकारी विद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 को लागू करने के लिए एक कार्य बल का गठन किया गया है। खांडू यहां राज्य-स्तरीय स्वर्ण जयंती मेधावी छात्र पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस समारोह में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए तीसरी से 12वीं कक्षा तक के 30 मेधावियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा, सरकार विद्यालयों में उचित बुनियादी ढांचे और पर्याप्त शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से विषय आधारित शिक्षकों की पर्याप्त भर्ती पहले ही की जा चुकी है। खांडू ने हाल के वर्षों में राज्य के सरकारी विद्यालयों में नामांकनों में हुई वृद्धि का भी स्वागत किया। उन्होंने इस घटनाक्रम को ऐसे समय में उत्साहजनक बताया जब देश भर के सरकारी विद्यालयों में घटता नामांकन एक चुनौती बना हुआ है। विभिन्न जिला स्तरों पर लगभग 840 छात्रों को मेधावी छात्र पुरस्कार मिला। मुख्यमंत्री ने सफलता प्राप्त करने वाले छात्रों को बधाई देते हुए उनसे अनुशासित, केंद्रित और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आग्रह किया। उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ खेलों के महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि युवाओं के समग्र विकास के लिए शारीरिक गतिविधियां आवश्यक हैं। खांडू ने कहा कि राज्य भर के सरकारी विद्यालयों में खेल के मैदान हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उद्यमिता पर जोर देने के अलावा सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार के कई रास्ते तैयार कर रही है।
Himachal Pradesh: MY Bharat पहल से PM Modi तक पहुंचेगी युवाओं की आवाज, 1 लाख Youth का लक्ष्य
हिमाचल प्रदेश सरकार ने 'मेरा युवा भारत विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग' में एक लाख तक युवाओं को शामिल करने का बड़ा लक्ष्य रखा है। सरकार का मकसद है कि जनवरी 2027 में नई दिल्ली में होने वाले राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में राज्य भर से युवाओं का एक बड़ा दल भेजा जाए। बुधवार को शिमला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ANI और पत्रकारों से बात करते हुए, हिमाचल प्रदेश सरकार के युवा, खेल और सेवा विभाग के विशेष सचिव नवीन तंवर ने कहा कि इस पहल का मकसद 15-29 साल के युवाओं को अपना हुनर, विचार और रचनात्मकता दिखाने और अपनी सोच को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने का मंच देना है। तंवर ने कहा, इसका मुख्य मकसद भारत के 15 से 29 साल के युवाओं को अपनी रुचियों, हुनर, कला और क्षमताओं को दिखाने और उनके लिए पहचान पाने का मौका देना है। यह भारत की बदलती स्थिति के बारे में उनके विचारों को राष्ट्रीय मंच तक ले जाने और आखिरकार उनकी आवाज़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुँचाने का एक ज़रिया भी है। इसे भी पढ़ें: CP Radhakrishnan ने Arunachal Pradesh को बताया देश की एकता का अभिन्न अंग उन्होंने कहा कि युवा 'MY Bharat' पोर्टल और 'MY Bharat' ऐप के ज़रिए रजिस्टर कर सकते हैं और इसमें हिस्सा लेने के लिए स्कूल या कॉलेज में पढ़ाई करना ज़रूरी नहीं है। उन्होंने कहा, हम स्कूल और कॉलेजों के ज़रिए लोगों तक पहुँच रहे हैं, लेकिन किसी का स्कूल या कॉलेज में पढ़ना ज़रूरी नहीं है। 29 साल तक की उम्र का कोई भी व्यक्ति 'MY Bharat' पोर्टल या ऐप के ज़रिए खुद को रजिस्टर कर सकता है। तंवर ने बताया कि इस पहल में कई तरह की गतिविधियाँ शामिल हैं, जैसे क्विज़ प्रतियोगिता, निबंध लेखन और प्रेजेंटेशन, साथ ही लोक नृत्य, लोक गीत, नुक्कड़ नाटक, भाषण और पेंटिंग। टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और बिज़नेस में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए भी खास मौके हैं, जैसे 'Design for Bharat', हैकाथॉन और 'Entrepreneurship Challenge'। इसे भी पढ़ें: UP Elections से पहले SP का 'नीला' दांव: Student Wing का ड्रेस कोड बदला, Dalit वोटर आएंगे साथ? युवाओं को देश से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखने का मौका देने के लिए 'Youth Parliament' (युवा संसद) का भी प्लान बनाया जा रहा है। तंवर के मुताबिक, पिछले एडिशन में देश भर से लगभग 50 लाख युवाओं ने हिस्सा लिया था, जबकि इस साल एक करोड़ युवाओं के शामिल होने का लक्ष्य है। युवा मामले और खेल मंत्रालय के तहत 'Mera Yuva Bharat', हिमाचल प्रदेश के स्टेट डायरेक्टर ध्रुव डोगरा ने कहा कि इस प्रोग्राम का मकसद युवाओं को 'MY Bharat' से जोड़ना और उन्हें 2047 तक 'विकसित भारत' के सरकारी विज़न में योगदान देने के काबिल बनाना है।
CP Radhakrishnan ने Arunachal Pradesh को बताया देश की एकता का अभिन्न अंग
ईटानगर, नौ सितंबर उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने बुधवार को कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत की एकता का अभिन्न हिस्सा है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति से मिली गति के कारण पूर्वोत्तर क्षेत्र देश के विकास का प्रमुख इंजन बनकर उभर रहा है। यहां अरुणाचल प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह राज्य भारत की सीमाओं का एक ‘‘गौरवशाली प्रहरी’’ है और इसका विकास देश की प्रगति से गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि अरुणाचल प्रदेश सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य है और इसमें ‘‘असीम संभावनाएं’’ हैं। राधाकृष्णन ने कहा कि केंद्र सरकारों ने समय-समय पर पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास को लगातार अधिक प्राथमिकता दी है। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय का गठन किया था। उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और पूर्वोत्तर के आठ राज्यों को ‘अष्ट लक्ष्मी’ बताना इस क्षेत्र की अपार संभावनाओं को दर्शाता है। पूर्वोत्तर क्षेत्र देश की विकास यात्रा में एक अहम चालक के रूप में उभर रहा है।’’उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस वर्ष के केंद्रीय बजट में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के लिए 6,800 करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया गया है, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र पर केंद्र सरकार के निरंतर ध्यान को दर्शाता है। अरुणाचल प्रदेश के विकास पर प्रकाश डालते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि राज्य का करीब 79 प्रतिशत हिस्सा वन क्षेत्र है। राज्य समृद्ध जैव विविधता, जंगलों, नदियों और पारिस्थितिक संसाधनों से संपन्न है, जो देश की पर्यावरणीय सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘अरुणाचल प्रदेश भारत के भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह राज्य भारत की एकता का अभिन्न हिस्सा है। अरुणाचल प्रदेश का विकास भारत की प्रगति से जुड़ा हुआ है।’’उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश देश में कीवी फल का सबसे बड़ा उत्पादक बनकर उभरा है और किसानों को एक लाख से अधिक मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने ‘‘राष्ट्र प्रथम’’ की भावना के साथ एक मजबूत अरुणाचल प्रदेश और मजबूत भारत के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। मंगलवार शाम दो दिवसीय दौरे पर इस राज्य में पहुंचे राधाकृष्णन ने कहा कि पिछले एक दशक में अरुणाचल प्रदेश में ग्रामीण सड़कों की कनेक्टिविटी करीब 4,000 किलोमीटर से बढ़कर 14,000 किलोमीटर से अधिक हो गई है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई करीब 1,000 किलोमीटर से बढ़कर 2,500 किलोमीटर से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय दोगुने से अधिक हो गई है, जबकि सड़क निर्माण की रफ्तार बढ़कर करीब 1,800 किलोमीटर प्रति वर्ष हो गई है। उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान 800 से अधिक स्कूलों का उन्नयन किया गया है और सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों का नामांकन बढ़कर 1.7 लाख से अधिक हो गया है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि राज्य में महिला सशक्तीकरण की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रयास किए गए हैं। उन्होंने बताया कि करीब 16,000 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 1.5 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य में अब करीब 16,000 ‘लखपति दीदियां’ हैं और उम्मीद जताई कि भविष्य में वे ‘करोड़पति’ बनेंगी। राधाकृष्णन ने विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति के लिए मुख्यमंत्री पेमा खांडू, उनके मंत्रिपरिषद के सदस्यों, विधायकों और अरुणाचल प्रदेश की जनता को बधाई दी। विधानसभा के स्वर्ण जयंती वर्ष पूरा होने पर उन्होंने सदन को बधाई देते हुए कहा कि विधानसभा सचिवालय को प्लास्टिक मुक्त बनाने और पुस्तकालय तथा संग्रहालय स्थापित करने जैसी पहल से आने वाली पीढ़ियों को राज्य की विधायी यात्रा से सीखने में मदद मिलेगी। उन्होंने विधायकों को याद दिलाया कि चुनाव वोटों के जरिए जीते जा सकते हैं, लेकिन जनता का सम्मान केवल सेवा के जरिए हासिल किया जा सकता है। राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘विधायक के रूप में आप हजारों लोगों की आवाज हैं, जिन्हें न्याय, विकास और उम्मीद की अपेक्षा है।’’ उन्होंने कहा कि सदन में होने वाली हर नीति संबंधी चर्चा और हर विचार-विमर्श अनगिनत लोगों के जीवन को बेहतर बनाने की क्षमता रखता है। राधाकृष्णन ने विधायकों से 2047 तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य में योगदान देने का आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि विकास हर गांव और हर परिवार तक पहुंचे तथा युवाओं के लिए अधिक अवसर पैदा हों। राज्यसभा के सभापति के रूप में उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के विधायकों से आग्रह किया कि वे नीतिगत मुद्दों और अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़ी चिंताओं को उठाने के लिए प्रश्नकाल और शून्यकाल का पूरा उपयोग करें। उपराष्ट्रपति ने कहा कि संसद भी डिजिटल मंचों का इस्तेमाल कर रही है और संसदीय दस्तावेज तथा चर्चाएं कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित वॉइस-टू-टेक्स्ट उपकरणों का इस्तेमाल आठ भारतीय भाषाओं में एक साथ व्याख्या के लिए किया जा रहा है और जल्द ही सभी 22 अनुसूचित भाषाओं को इसमें शामिल किया जाएगा।’’विधानसभा पहुंचने पर राधाकृष्णन ने सलामी गारद का निरीक्षण किया। उन्होंने विधानसभा की दीर्घा-सह-संग्रहालय का भी दौरा किया।
Operation Lotus के तहत BJP फिर करेगी खेल? Mamata Banerjee को झटका? TMC। Arunachal Pradesh। Meghalaya
Operation Lotus के तहत बीजेपी करने वाली है खेल, Mamata Banerjee को फिर लगेगा झटका? मेघालय की राजनीति में 2028 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा सियासी उलटफेर होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
Bigg Boss 18 : चुम दरांग को मिला अरुणाचल प्रदेश के सीएम का सपोर्ट
सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 18' अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर कोई इस सीजन का विनर बनने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन दिनों शो में 'टिकट टू फिनाले' टास्क चल रहा है। इस टास्क में विवियन डीसेना और चुम दरंग आमने-सामने खड़े हैं। वहीं ...

