IMD Weather Update: देश भर से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया जारी रहने के बावजूद मौसमी प्रणालियों के आपस में टकराने से मौसम का मिजाज काफी उग्र बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा बुधवार 7 अक्टूबर को जारी ताजा वेदर बुलेटिन के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों के दौरान महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कुछ और हिस्सों से मानसून की पूरी तरह विदाई के लिए स्थितियां अनुकूल हो रही हैं। इस बीच उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) और विभिन्न राज्यों के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरणों के कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में भारी बारिश और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।बीते 24 घंटों के दौरान दर्ज किए गए मौसम की बात करें तो तमिलनाडु में अलग-अलग जगहों पर 12 से 20 सेमी तक बेहद भारी बारिश दर्ज हुई है। इसके अलावा तमिलनाडु के दूसरे हिस्सों, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, बिहार और केरल में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश दर्ज की गई।उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का दबदबा: यूपी, हिमाचल और उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्टउत्तर भारत के आसमान पर इस समय मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में ट्रफ रेखा के रूप में पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है। इसके साथ ही उत्तराखंड और उससे सटे हिमाचल प्रदेश पर निचले क्षोभमंडल में एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। इन मौसमी प्रणालियों के असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 7-8 अक्टूबर और 10 अक्टूबर को व्यापक बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 7 से 13 अक्टूबर तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला बना रहेगा। 7 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में पृथक स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, जबकि उत्तराखंड में 8 और 9 अक्टूबर को भारी बारिश होने का अनुमान है।मैदानी राज्यों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 7 से 13 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है। 7 अक्टूबर को पंजाब, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। 11 और 12 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान और 12 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान में भी बारिश की बौछारें पड़ सकती हैं।बिहार, झारखंड और बंगाल में आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश का अनुमानपूर्वी भारत के राज्यों में भी चक्रवाती परिसंचरणों का असर देखा जा रहा है। दक्षिण झारखंड पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना है जबकि दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश से उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक निचले क्षोभमंडल में एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। इस वजह से 7 अक्टूबर को बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश होगी। गांगेय पश्चिम बंगाल में 7 और 8 अक्टूबर को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। झारखंड में 7 अक्टूबर को और ओडिशा में 7 और 8 अक्टूबर के दौरान 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। बिहार में 7 और 8 अक्टूबर को बिजली चमकने और 30 से 40 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 9 से 13 अक्टूबर के बीच व्यापक बारिश होने का अनुमान है।मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों का मौसम हालछत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में 7 से 9 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश होगी। छत्तीसगढ़ में 7 और 8 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 7 से 13 अक्टूबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। 7 और 8 अक्टूबर को असम व मेघालय में बिजली कड़कने की आशंका है। पश्चिम भारत के कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 7 अक्टूबर को हल्की बारिश होने के बाद मौसम साफ होने लगेगा।दक्षिण भारत में जारी रहेगा बारिश का दौर, 8 से 10 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्टदक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मन्नार की खाड़ी से उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तक निचले क्षोभमंडल में एक ट्रफ रेखा गुजर रही है। इसके असर से दक्षिण के राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। केरल व माहे में 7 से 11 अक्टूबर के दौरान काफी बारिश होगी जबकि केरल और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 8 से 10 अक्टूबर के दौरान फिर से भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। केरल, माहे और लक्षद्वीप में 9 और 10 अक्टूबर को 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 7 से 9 अक्टूबर तक दिन भर तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।ये भी पढ़ें- Barapullah flyover jam: बारापुला फेज-III फ्लाईओवर पर क्यों लग रहा है भारी जाम? अब नए सिरे से डिजाइन पर होगा काम
देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के बीच पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में मौसमी गतिविधियों ने एक बार फिर करवट ले ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं और पूर्वी असम व आसपास के क्षेत्रों पर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के चलते आने वाले दिनों में पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला तेज होने जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि भले ही उत्तर भारत में धीरे-धीरे गुलाबी ठंड की दस्तक हो रही हो, लेकिन पूर्वी सीमाओं पर बादलों का जमावड़ा बना हुआ है, जिससे स्थानीय स्तर पर अचानक तेज आंधी और आकाशीय बिजली (Lightning Strikes) गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।बंगाल से सिक्किम तक मूसलाधार बारिश की चेतावनी: भूस्खलन का बढ़ा खतरामौसम विभाग ने विशेष रूप से उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल (Sub-Himalayan West Bengal) और सिक्किम के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार जिलों में 8 अक्टूबर तक गरज-चमक के साथ 64.5 मिमी से 115.5 मिमी तक तेज पानी बरसने के आसार हैं। सिक्किम के उच्च और मध्यम पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण तीस्ता नदी के जलस्तर में इजाफा होने और पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन (Landslide) की आशंका को देखते हुए पर्यटकों व स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही गंगीय पश्चिम बंगाल (कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर व दक्षिण 24 परगना) में भी 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और छिटपुट बारिश का अनुमान है।इन सात राज्यों में बिजली गिरने (Lightning) और आंधी का अलर्टआईएमडी द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, वायुमंडलीय अस्थिरता और बादलों के तीव्र घर्षण के कारण निम्नलिखित सात राज्यों में वज्रपात (ठनका गिरने) और तेज गरज-चमक का मुख्य अलर्ट जारी किया गया है:1. असम: ब्रह्मपुत्र घाटी और कछार के निचले इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की प्रबल संभावना।2. मेघालय: खासी और जयंतिया हिल्स के पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने का खतरा।3. अरुणाचल प्रदेश: सीमावर्ती पहाड़ी जिलों में भारी बादलों की गर्जना और बिजली का अलर्ट।4. नागालैंड: कोहिमा और दीमापुर सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ वज्रपात का जोखिम।5. मणिपुर: घाटी और पहाड़ी दोनों इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका।6. मिजोरम: दक्षिणी और मध्य भागों में तेज बौछारों के साथ बिजली कड़कने की चेतावनी।7. त्रिपुरा: अगरतला समेत राज्य के सभी जिलों में 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट।किसानों और आम नागरिकों के लिए मौसम विभाग की सख्त एडवाइजरीआकाशीय बिजली से होने वाले जान-माल के नुकसान से बचाव के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और मौसम विभाग ने विशेष सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं:खुले मैदानों और पेड़ों से दूर रहें: गरज-चमक शुरू होते ही खेतों, खुले मैदानों या अकेले ऊंचे पेड़ों के नीचे शरण लेने से पूरी तरह बचें, क्योंकि बिजली सबसे ऊंचे बिंदुओं पर गिरने की संभावना अधिक होती है।इलेक्ट्रिक उपकरणों और जलस्रोतों से दूरी: बारिश और बिजली कड़कने के दौरान तालाबों, नदियों और गीले बिजली के खंभों से दूर रहें। घरों के भीतर टीवी, कंप्यूटर और फ्रिज जैसे उपकरणों के प्लग निकाल दें।दामिनी ऐप (Damini App) का उपयोग: नागरिक अपने स्मार्टफोन में मौसम विभाग का 'दामिनी' ऐप डाउनलोड करें, जो 20 से 40 मिनट पहले ही आपके स्थान पर संभावित बिजली गिरने की सटीक पूर्व चेतावनी देता है।
नई दिल्ली 07.10.2026: मानसून की विदाई के बीच एक बार फिर मौसम बिगड़ने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने नॉर्थ-ईस्ट और पूर्वी भारत के लिए भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया है। अगले 4-5 दिन पहाड़ी राज्यों के लिए मुश्किल भरे हो सकते हैं।मौसम विभाग के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी और सिक्किम के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं।कहां होगी सबसे ज्यादा बारिश? नॉर्थ-ईस्ट में भारी बारिश: अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में आज 7 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। IMD के अनुसार नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6 और 7 अक्टूबर को तेज बारिश का अलर्ट है। deb5 बंगाल-सिक्किम में भी अलर्ट: सब-हिमालयन वेस्ट बंगाल और सिक्किम में 7 से 8 अक्टूबर के बीच व्यापक बारिश होगी। 8 अक्टूबर को यहां अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी है। यहां 30-40 kmph की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ गया है। deb5 बिहार-झारखंड-ओडिशा का हाल: बिहार, झारखंड और ओडिशा में 6 से 10 अक्टूबर तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। बीच-बीच में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है। यात्रियों के लिए एडवाइजरी: पहाड़ी राज्यों में जाने वाले टूरिस्ट्स को IMD ने सतर्क रहने को कहा है। लगातार बारिश से सड़कें बंद हो सकती हैं और नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है।फिलहाल IMD ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पहाड़ी इलाकों में ट्रेकिंग या लंबी ड्राइव से बचें। उत्तर-पूर्वी राज्यों और दार्जिलिंग-सिक्किम बेल्ट में तेज बारिश से सड़कों पर जलभराव और भूस्खलन की घटनाएं बढ़ सकती हैं। वहीं, बिहार से लेकर ओडिशा तक के किसानों के लिए भी यह बारिश चिंता बढ़ाने वाली है, क्योंकि खेतों में कटी हुई फसल के भीगने का खतरा है। कुल मिलाकर 10 अक्टूबर तक पूरे पूर्वी भारत में मौसम का मिजाज बिगड़ा ही रहने वाला है, इसलिए घर से बाहर निकलने से पहले एक बार मौसम का अपडेट जरूर देख लें।
भारत में मानसून की औपचारिक विदाई के दौर के बीच वायुमंडलीय परिस्थितियों में अचानक आए बदलाव ने पूरे देश का मौसम बदल कर रख दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने गहरे चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय ताजा पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के परस्पर टकराने से एक बेहद मजबूत मौसमी तंत्र सक्रिय हो गया है। इसके चलते कल 7 अक्टूबर को उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम तक देश के 20 से अधिक राज्यों में मौसम अपना आक्रामक रुख दिखाएगा। मौसम विभाग ने कई राज्यों में मूसलाधार बारिश, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज झोंके वाली आंधी और भीषण आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर प्रायद्वीपीय भारत के तटीय क्षेत्रों तक लोगों को खराब मौसम के प्रति सतर्क रहने की हिदायत दी गई है।दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा, बूंदाबांदी से गिरेगा पाराराष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR)—नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम—में कल मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। सुबह के समय आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, जबकि दोपहर बाद या शाम के समय गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज झोंके वाली हवाएं चलने के आसार हैं। दिल्ली-एनसीआर में हवा की गति 30 से 40 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इस मौसमी बदलाव के चलते दिन के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे पिछले कुछ दिनों से जारी उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी। हालांकि, अचानक होने वाली बारिश से शाम के व्यस्त समय में सड़कों पर जलभराव और पीक-आवर ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो सकती है, जिसको लेकर स्थानीय यातायात पुलिस ने भी सतर्कता बरतने की सलाह दी है।उत्तर भारत: यूपी, बिहार, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश में तूफानी हवाओं का पहराउत्तर भारत के बड़े राज्यों में कल मौसम का सबसे व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और तराई के जिलों में दिन भर रुक-रुक कर मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और पूर्णिया में स्थानीय स्तर पर घने बादलों के जमावड़े के कारण आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल आशंका है, जिसे देखते हुए किसानों और आम नागरिकों को खेतों में खुले में न जाने की चेतावनी दी गई है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तीव्र बौछारें पड़ने और संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर हल्के भूस्खलन का जोखिम बना हुआ है। वहीं मध्य भारत के मध्य प्रदेश—विशेषकर भोपाल, ग्वालियर, रीवा, सागर और जबलपुर संभाग—में तेज आंधी और गरज के साथ भारी वर्षा का अनुमान जताया गया है।पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर में झमाझम बारिशबंगाल की खाड़ी से लगातार नमी खींच रही पूर्वी हवाओं के कारण पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश की गतिविधियां चरम पर रहेंगी। कोलकाता, हावड़ा और दक्षिण 24 परगना सहित ओडिशा के तटीय जिलों जैसे पुरी, कटक और बालासोर में कल भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने और 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के कारण मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। इसके साथ ही असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड और मणिपुर में भी मूसलाधार बारिश के चलते निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने और जलभराव का खतरा पैदा हो गया है। स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया है।दक्षिण और प्रायद्वीपीय भारत: केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी वर्षादक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून के शुरुआती संकेतों और स्थानीय ट्रफ रेखा के प्रभाव से मौसम पूरी तरह करवट ले चुका है। केरल के तिरुवनंतपुरम, कोच्चि, कोझिकोड और इडुक्की जैसे पहाड़ी जिलों में कल मूसलाधार बारिश का ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। कर्नाटक के तटीय हिस्सों (मंगलुरु, उडुपी) और आंतरिक दक्षिणी कर्नाटक (बेंगलुरु, मैसूर) में तेज गरज के साथ व्यापक वर्षा की संभावना है। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई, कांचीपुरम और तटीय क्षेत्रों में रुक-रुक कर भारी बौछारों का दौर जारी रहेगा। इसके अतिरिक्त आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई हिस्सों में तेज आंधी के साथ बिजली चमकने और भारी बारिश के चलते फसलों और कच्चे निर्माणों को नुकसान की आशंका जताई गई है।किसानों के लिए जरूरी कृषि सलाह और आम नागरिकों की सुरक्षा गाइडलाइनअक्टूबर महीने की इस बेमौसम बारिश ने देश भर के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस समय उत्तर और मध्य भारत में खरीफ की प्रमुख फसलों—जैसे धान, सोयाबीन, मक्का और बाजरा—की कटाई का काम चल रहा है या फसलें पकने के कगार पर हैं। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को कड़े दिशा-निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत कटाई का काम रोक दें और जो फसल कट चुकी है, उसे खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित शेड या वाटरप्रूफ तिरपाल से पूरी तरह ढक दें। खेतों में पानी का ठहराव रोकने के लिए जल निकासी की नालियां तुरंत साफ करें। वहीं, आम जनता के लिए आपदा प्रबंधन टीमों ने निर्देश दिया है कि आंधी और बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों, पुराने मकानों, बिजली के खंभों और होर्डिंग्स के नीचे खड़े होने से बचें तथा सुरक्षित पक्के भवनों के भीतर ही रहें।
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल और सीएम खांडू ने रणनीतिक अवसंरचना और समावेशी विकास पर चर्चा की
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ग्राम समिति चुनाव में एनडीए की बड़ी जीत, रिजिजू ने त्रिपुरा की जनता का जताया आभार
New Delhi/अगरतला, 6 अक्टूबर . केंद्रीय संसदीय एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने Tuesday को त्रिपुरा के लोगों को हाल ही में हुए ग्राम समिति चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) पर भरोसा जताने और उसे समर्थन देने के लिए धन्यवाद दिया. अरुणाचल प्रदेश से संबंध ... Read more
Weather Alert: देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 6 से 12 अक्टूबर के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया है। कुछ इलाकों में भारी बारिश की भी चेतावनी दी गई है।दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम?उत्तर-पश्चिम भारत में 6 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 7 से 12 अक्टूबर तक इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश कुछ स्थानों पर जारी रह सकती है।हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 6 से 12 अक्टूबर तक बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में भी 6 से 12 अक्टूबर के बीच कहीं-कहीं बारिश की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 से 9 अक्टूबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 10 अक्टूबर तक बारिश हो सकती है। सात अक्टूबर को दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।आंधी और तेज हवाओं का भी अलर्टहिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र में 6-7 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान हवा की रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक जा सकती है। वहीं, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 6-7 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में यह स्थिति 6 से 8 अक्टूबर तक रह सकती है।मध्य भारत में भी बारिश का दौरमध्य भारत में पूर्वी मध्य प्रदेश में 6 से 9 अक्टूबर, छत्तीसगढ़ में 6 से 10 अक्टूबर और विदर्भ में 6 अक्टूबर को बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है। सातअक्टूबर को पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी बारिशपूर्वी भारत में बिहार और झारखंड में 6 से 10 अक्टूबर तक कई इलाकों में बारिश हो सकती है। ओडिशा में 6 से 12 अक्टूबर तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।बिहार में 6-7 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भी आंधी-तूफान और बिजली चमकने की संभावना है। 8 अक्टूबर को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश की चेतावनी है।पूर्वोत्तर राज्यों में भी अलर्टअरुणाचल प्रदेश में 6 से 11 अक्टूबर तक, असम और मेघालय में 6 से 10 अक्टूबर तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6 से 12 अक्टूबर तक बारिश हो सकती है। 7अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।दक्षिण भारत में बारिश और तेज हवाएंदक्षिण भारत में भी मौसम सक्रिय रहेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 6 से 12 अक्टूबर के बीच बारिश की संभावना है।केरल और माहे में 6 से 11 अक्टूबर तक कई जगहों पर बारिश हो सकती है। लक्षद्वीप में भी 6 अक्टूबर और 9 से 11 अक्टूबर के बीच व्यापक बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 6 से 10 अक्टूबर तक गरज-चमक के साथ 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनीदक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश: 6-7 अक्टूबरपूर्वोत्तर मध्य प्रदेश: 6-7 अक्टूबरअरुणाचल प्रदेश: 6-7 अक्टूबरअसम और मेघालय: 6-7 अक्टूबरउप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 8-9 अक्टूबरतमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल: 7 और 8-10 अक्टूबरकेरल और माहे: 6-7 अक्टूबर और 9-10 अक्टूबरदक्षिण आंतरिक कर्नाटक: 6-7 अक्टूबरये भी पढ़ें- Heatwave Alert: भीषण गर्मी से गर्भवती महिलाओं और नवजातों पर बढ़ा खतरा, सर्वे में सामने आई चौंकाने वाली तस्वीर
IMD Rain Forecast: देश भर से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की प्रक्रिया के बीच एक नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के मौसम में भारी उथल-पुथल मचा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा मंगलवार 6 अक्टूबर की दोपहर जारी वेदर बुलेटिन के मुताबिक इस पश्चिमी विक्षोभ के असर से 10 अक्टूबर तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में बारिश और तेज आंधी का सिलसिला शुरू हो चुका है।बीते 24 घंटों के दौरान मौसम के मिजाज की बात करें तो तमिलनाडु में अलग-अलग जगहों पर 12 से 20 सेमी तक अत्यधिक भारी बारिश हुई है। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और बिहार में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश हुई है।उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर: दिल्ली, यूपी और पंजाब में 60 kmph की आंधीमौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में ट्रफ रेखा के रूप में बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण हरियाणा पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है, जबकि एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश पर सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 6 अक्टूबर को भारी बारिश और बर्फबारी का अनुमान है, जबकि 7 से 12 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश जारी रहेगी। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 6 से 12 अक्टूबर तक बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी।मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 से 7 अक्टूबर के दौरान और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 अक्टूबर तक 40 से 50 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने और बारिश होने का अलर्ट है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 6 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश में पृथक स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। 11 और 12 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान तथा 12 अक्टूबर को पूर्वी राजस्थान में भी हल्की बारिश हो सकती है।मध्य भारत और पूर्वी राज्यों में भारी बारिश और तूफानी हवाएंमध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के इलाकों में भी मौसमी चक्र सक्रिय है। 6 अक्टूबर को पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। 6 और 7 अक्टूबर को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।पूर्वी भारत में बिहार और झारखंड में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान और ओडिशा में 6 से 12 अक्टूबर तक बारिश होने की संभावना है। बिहार में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।पूर्वोत्तर भारत और तटीय इलाकों में उथल-पुथलपूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश तेज रहेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 6 अक्टूबर को भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6 और 7 अक्टूबर को भारी बारिश के साथ बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है।पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 6 और 7 अक्टूबर को बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है, जिसके बाद मौसम में सुधार देखने को मिलेगा।दक्षिण भारत में जारी रहेगा मूसलाधार बारिश का दौरदक्षिण भारत के राज्यों में समुद्र और धरातल के ऊपर एक साथ कई चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र सक्रिय हैं। एक चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण केरल तट के पास दक्षिण-पूर्व अरब सागर पर और दूसरा उत्तरी तमिलनाडु पर बना हुआ है। इसके साथ ही मन्नार की खाड़ी से मध्य महाराष्ट्र तक एक ट्रफ रेखा फैली हुई है। इनके असर से केरल व माहे में 6 से 11 अक्टूबर के दौरान काफी बारिश होगी।ये भी पढ़ें- Navratri 2026: 'भगवान ने बनाया, हम उनका रूप गढ़ते हैं...'; नवरात्रि से पहले मूर्तिकारों की दुनिया, 1500 रुपये रोज कमाई और बढ़ती लागत की पूरी कहानीकेरल और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 6 अक्टूबर और 8 से 10 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का नया दौर आएगा। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 6 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज हो सकती है। तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में 6 से 10 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 6 से 8 अक्टूबर तक दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।
दिल्ली की रहने वाली नीपा मनोचा भारतीय पुलिस सेवा के 2023 बैच की IPS अधिकारी हैं और उन्हें AGMUT (अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर आवंटित हुआ है।
Weather Update: देश भर में मौसमी गतिविधियों में एक बार फिर से बेहद उतार-चढ़ाव वाला दौर दिखने की संभावना बन रही है। एक ओर जहां दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी हो रही है। वहीं दूसरी ओर एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के मौसम में बड़ी हलचल पैदा करने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा सोमवार 5 अक्टूबर को जारी वेदर बुलेटिन के मुताबिक नए वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होगी जबकि मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। दक्षिण और पूर्वी भारत के कई राज्यों में बहुत भारी बारिश और तेज तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।बीते 24 घंटों के आंकड़ों की बात करें तो उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा असम, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, केरल और तटीय व आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) दर्ज हुई।उत्तर भारत में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय: जानें बारिश, बर्फबारी और आंधी का हालमौसम विज्ञानियों के मुताबिक एक नया पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ रेखा के रूप में सक्रिय हो गया है। इसके असर से 6 से 10 अक्टूबर के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में बड़ा बदलाव आएगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 6 और 9 अक्टूबर को व्यापक बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 5 से 11 अक्टूबर के बीच रुक-रुक कर बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां बनी रहेंगी।पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 6 से 11 अक्टूबर के दौरान हल्की बारिश का अनुमान है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 6 से 10 अक्टूबर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 5 से 10 अक्टूबर के बीच छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा 11 अक्टूबर को पश्चिमी राजस्थान में हल्की बारिश हो सकती है।हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में 6 अक्टूबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और चंडीगढ़ में भी 6 व 7 अक्टूबर को आंधी-तूफान के साथ तेज हवाएं चलेंगी।दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का बड़ा अलर्टदक्षिण भारत के राज्यों में निचले क्षोभमंडल में कई चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ रेखाएं फैली हुई हैं। उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है जबकि कोमोरिन क्षेत्र से तमिलनाडु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक होते हुए एक ट्रफ रेखा गुजर रही है। इनके असर से दक्षिण में मौसम काफी उग्र रहेगा। तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में आज, 5 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश होने की गंभीर चेतावनी दी गई है।केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराइकल में 5 और 6 अक्टूबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। केरल में 9 और 10 अक्टूबर को फिर से भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप में 5 व 6 अक्टूबर को 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 5 से 8 अक्टूबर के दौरान दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनीपूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मौसमी प्रणालियों का व्यापक असर बना रहेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5 अक्टूबर को भारी वर्षा का अनुमान है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 5 से 8 अक्टूबर के दौरान आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। बिहार, झारखंड और ओडिशा में 5 से 9 अक्टूबर के दौरान गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलेंगी।असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 5 अक्टूबर को पृथक स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 और 6 अक्टूबर को बादलों की तेज गर्जना और आकाशीय बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है।तटीय महाराष्ट्र में उमस भरा मौसमपश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 5 से 7 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 5 अक्टूबर को तटीय महाराष्ट्र यानी कोंकण और गोवा में मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहेगा।ये भी पढे़ं- Gurugram Water crisis: गुरुग्राम में 2031 तक 52% बढ़ेगी पानी की मांग, हाई कोर्ट ने गिरते भूजल स्तर पर GMDA से मांगी रिपोर्ट
अरुणाचल में Siang Project की रिपोर्टिंग रोकने पर भड़के पत्रकार संगठन
ईटानगर, पांच अक्टूबर अरुणाचल प्रदेश के दो प्रमुख पत्रकार संगठनों ने सोमवार को दावा किया कि राज्य के कई पत्रकारों ने शिकायत की है कि अपर सियांग जलविद्युत परियोजना संबंधी उनकी वीडियो सामग्री और सोशल मीडिया पोस्ट या तो भारत में दिखाई नहीं दे रही हैं या उनके खातों पर ही पाबंदी लगा दी गई है। अरुणाचल प्रेस क्लब (एपीसी) और ‘अरुणाचल प्रदेश यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स’ (एपीयूडब्ल्यूजे) ने इस पर ‘‘गंभीर चिंता’’ जताते हुए संयुक्त बयान जारी किया और मांग रखी कि किसी परियोजना की रिपोर्टिंग के कारण रोकी गई वैध पत्रकारिता सामग्री को तत्काल बहाल किया जाए। दोनों संगठनों ने अधिकारियों से ‘‘पत्रकारों या समाचार संगठनों पर लगाई गई हर पाबंदी का स्पष्टीकरण’’ देने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रेस का दायित्व हर पक्ष को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ सामने लाना है। संयुक्त बयान में कहा गया, ‘‘पत्रकारिता को महज इसलिए बाधित नहीं किया जा सकता क्योंकि जमीनी रिपोर्ट असहज करने वाली, आलोचनात्मक या आधिकारिक आख्यान के विपरीत हैं।’’दोनों पत्रकार संगठनों ने कहा कि यह परियोजना जनहित से जुड़ी है, जिसमें विकास, पर्यावरण, विस्थापन, स्वदेशी लोगों के अधिकार, राष्ट्रीय हित और सियांग नदी के तट पर रहने वाले समुदायों का भविष्य शामिल हैं। बयान में कहा गया, ‘‘ऐसे समय में जब इस परियोजना को लेकर व्यापक बहस, विरोध-प्रदर्शन और सरकार तथा प्रभावित समुदायों के बीच बातचीत जारी है, ऐसे में वैध पत्रकारिता रिपोर्टिंग को रोकना नागरिकों को उस जानकारी से वंचित करने का जोखिम पैदा करता है, जो जागरूक जनसंवाद के लिए जरूरी है।’’एपीसी और एपीयूडब्ल्यूजे ने मांग की कि यदि किसी प्राधिकरण ने परियोजना से जुड़ी वैध खबरों को रोकने या सीमित करने का निर्देश दिया है, तो वह इस कार्रवाई का कानूनी आधार और ठोस कारण तत्काल स्पष्ट करे। सियांग क्षेत्र में इस जलविद्युत परियोजना का विरोध कर रहे लोग सियांग नदी पर प्रस्तावित परियोजना की पूर्व-व्यवहार्यता रिपोर्ट (पीएफआर) से जुड़ी गतिविधियों और सर्वेक्षण कार्य को तत्काल रोकने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने प्रस्तावित परियोजना से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा बलों को भी हटाने की मांग की है। दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि 11,000 मेगावाट की ‘सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना’ से आर्थिक और सामाजिक विकास को गति मिलेगी, युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे तथा राज्य और देश की जल एवं ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
केंद्र सरकार क्या बिहार के साथ नाइंसाफी कर रही? हालिया दो बड़े फैसलों ने इस सवाल को बल दिया है। दोनों फैसले क्या हैं, क्या वाकई बिहार की हकमारी हो रही, सांसद-मंत्री क्या कर रहे, जानेंगे; बूझे की नाही में…। फैसला-1ः 466 गांव डूबे, फूटी कौड़ी नहीं मिली, गुजरात को 1,277 करोड़ नेपाल में मूसलाधार बारिश के बाद बिहार की गंडक उफना गई हैं। इससे कई जगह तटबंध, जमींदारी बांध और सुरक्षात्मक तटबंध टूट गए हैं। नासा ने सैलेटाइल तस्वीरों और रिपोर्ट में भी विकराल बाढ़ की पुष्टि की है। नासा ने 20 सितंबर और 29 सितंबर 2026 को ली गई सैटेलाइट तस्वीरों के अध्ययन से बाढ़ के विस्तार का स्पष्ट वैज्ञानिक प्रमाण मिला है। इन सबके बावजूद केंद्र सरकार ने 4 अक्टूबर तक बिहार के लिए किसी राहत पैकेज का ऐलान नहीं किया है। यहां तक कि केंद्र ने SDRF (राज्य आपदा मोचन निधि) के तहत अलॉट अपने हिस्से के 1971 करोड़ रुपए में से एक रुपए भी बिहार को नहीं दिया है। 16 सितंबर 2026 को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान बाढ़ का मुआयना करने आए। गए। लेकिन केंद्र ने अब तक आर्थिक मदद नहीं की है। जबकि… PIB की प्रेस रिलीज के मुताबिक, केंद्र सरकार ने 1 अगस्त 2026 को अरुणाचल प्रदेश को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए SDRF के केंद्रीय हिस्से की पहली किस्त 44.55 करोड़, असम को 379.35 करोड़ और गुजरात को 500 करोड़ रुपए जारी किए। महाराष्ट्र को 500 करोड़ और ओडिशा को दूसरी किस्त के दौर पर 500 करोड़ देने का ऐलान किया। फैसला-2ः बिहार की ‘पाली’ भाषा, ओडिशा में सेंटर फॉर एक्सीलेंस खुलेगा 1 अक्टूबर 2026 को भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने पांच शास्त्रीय भाषाओं- असमिया, बंगाली, पाली, मराठी और प्राकृत के संरक्षण के लिए 'सेंटर फॉर एक्सीलेंस' बनाने की मंजूरी दी। इसका मकसद इसका संरक्षण, रिसर्च और डिजिटलीकरण को बढ़ावा देना। मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक, असम की तेजपुर यूनिवर्सिटी में असमिया, बंगाल के विश्व भारती विश्वविद्यालय में बंगाली, ओडिशा सेंट्रल यूनिवर्सिटी में पाली, गुजरात सेंट्रल यूनिवर्सिटी में प्राकृत और महाराष्ट्र के पुणे स्थित डेक्कन कॉलेज पोस्ट ग्रेजुएट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में मराठी भाषा का सेंटर फॉर एक्सीलेंस खुलेगा। जबकि… सर्वविदित है कि भगवान बुद्ध बिहार के बोधगया से पाली भाषा में उपदेश देते थे। पाली भाषा की उत्पत्ति बिहार के मगध से मानी जाती है। इसका उल्लेख इतिहास की किताबों के साथ-साथ भारत सरकार के डॉक्यूमेंट में भी है। मोदी सरकार ने 3 अक्टूबर 2024 में मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बंगाली को शास्त्रीय भाषा की मान्यता दी। 4 अक्टूबर 2024 को भारत सरकार के जारी डॉक्यूमेंट और प्रेस रिलीज में कहा है... 3 अक्टूबर 2024 को जारी भारत सरकार के प्रेस रिलीज में साफ कहा गया है कि बिहार सरकार ने पाली को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने का प्रस्ताव दिया था। इस मांग को लेकर कमेटी बनाई गई थी। 42 सांसद, 8 मंत्री, फिर कर क्या रहे हैं? इस वक्त केंद्र की मोदी सरकार में बिहार के 42 सांसद (30 लोकसभा, 12 राज्यसभा) और 8 मंत्री शामिल हैं। 14 सांसद (10 लोकसभा, 4 राज्यसभा) विपक्ष में हैं। इसके बावजूद बिहार में अब तक कोई बड़ा निवेश नहीं आया है। इसके 2 बड़े कारण हैं… 1. ना विजन, ना एरिया में खास पकड़, सिर्फ सामाजिक समीकरण पॉलिटिकल एनालिस्ट संजय सिंह कहते हैं, ‘बिहार के सांसदों में विजन की साफ कमी झलकती है। यहां के सांसद दिल्ली में अपने राज्य के लिए लॉबी नहीं कर पाते हैं। जबकि, साउथ के सांसद दिल्ली-नोएडा में डेरा डाले रहते हैं। वह किसी ना किसी तरह अपने एरिया में बड़ा प्रोजेक्ट ले जाने की कोशिश करते हैं।’ ताजा उदाहरण ही देख लीजिए, सितंबर में दिल्ली में सेमीकंडक्टर 2.0 मिशन शुरू हुआ। इसमें साउथ के सांसदों ने जमकर लॉबिंग की। अपने यहां प्रोजेक्ट लेकर गए। बिहार के सांसद बयानबाजी और जातीय समीकरण साधने में रह गए। 2. अधिकतर सांसद अपने अधिकार को ही नहीं जानते PRS लेजिस्लेटिव रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार के 80% से अधिक सांसद अपने पूरे 5 साल के कार्यकाल में एक भी प्राइवेट मेंबर बिल पेश नहीं करते। अधिकतर सांसद या तो इसकी जटिल प्रक्रिया/ड्राफ्टिंग की जानकारी न होने के कारण बिल पेश नहीं कर पाते, या इसे अपनी प्राथमिकता में शामिल ही नहीं करते। केवल 2-3 अपवाद सांसद (जैसे नालंदा या नवादा के सांसद) ही ऐसे रहे हैं जिन्होंने कई बिल पेश किए। पॉलिटिकल एनालिस्ट केके लाल कहते हैं, ‘हकीकत तो है कि यहां के सांसदों को अपने पूरे अधिकार का पता ही नहीं है। उनको हॉस्पिटलों में मरीज को एडमिट करा देना, रेलवे टिकट कंफर्म करा देना, पर्व-त्योहार में स्पेशल ट्रेन चलवा देना बड़ा काम लगता है।’
अरुणाचल प्रदेश को मिलेगा स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बढ़ावा, दो नए मेडिकल कॉलेज खुलेंगे: मुख्यमंत्री
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अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कॉफी की खेती को बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयासों का आह्वान किया
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कॉफी की खेती को बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयासों का आह्वान किया arunachalpradeshअरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कॉफी की खेती को बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयासों का आह्वान किया अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने राज्य में कॉफी की खेती का विस्तार करने, उत्पादकता और कॉफी बीन्स की गुणवत्ता […]
मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में में अगले सात दिनों तक बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु में 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं। यूपी के उन्नाव में सई नदी का पानी 12 से ज्यादा गांवों में घुस गया है। हजारों बीघे धान की फसल डूब गई। वहीं, कुशीनगर में गंडक नदी का कटाव जारी है। 48 घंटे में 6 रिहायशी झोपड़ियां और 2 पक्के मकान नदी में समा चुके हैं। नेपाल से आए भारी पानी और कमजोर तटबंधों के टूटने से बिहार में कई जगह बाढ़ के हालात हैं। इनमें 6 जिले बुरी तरह प्रभावित हैं। 253 गांवों में पानी घुस गया है। इससे 3.65 लाख लोग प्रभावित हैं। राजस्थान में वेस्टर्न डिर्स्टबेंस का असर खत्म होने के साथ ही गर्मी फिर से बढ़ने लगी है। उत्तर-पश्चिम के अलावा पूर्वी हिस्सों में तापमान 1 से 2 डिग्री तक बढ़ गया है। पिलानी, श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें
झालावाड़ के देवरी कला जागीर गांव के जयेश नागर का भारत सरकार के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ युवा संगम फेज-7 के लिए चयन हुआ है। भीलवाड़ा के राजकीय चिकित्सा कॉलेज में एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र जयेश राजस्थान का प्रतिनिधित्व करते हुए सिक्किम जाएंगे। राजस्थान से मिली 11 हजार से ज्यादा एंट्रीज में से चयनित 50 छात्रों में वे एकमात्र मेडिकल स्टूडेंट हैं। 11 हजार से ज्यादा एंट्रीज में 50 का चयन युवा संगम फेज-7 के लिए राजस्थान से 11 हजार से अधिक एंट्रीज प्राप्त हुईं। इनमें से 50 छात्रों का चयन किया गया है। जयेश नागर को इन चयनित प्रतिभागियों में जगह मिली है। वे चिकित्सा शिक्षा के साथ सामाजिक सेवा और छात्र गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं। 7 अक्टूबर को IIT जोधपुर में फ्लैग-ऑफ राजस्थान दल का फ्लैग-ऑफ समारोह 7 अक्टूबर को आईआईटी जोधपुर में आयोजित होगा। इसके बाद प्रतिभागी सिक्किम में वहां की संस्कृति, परंपराओं, तकनीक और पर्यटन को करीब से समझेंगे। इस दौरान राजस्थान के प्रतिभागी प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और विरासत को भी सिक्किम के लोगों के सामने साझा करेंगे। मेडिकल कैंपों में भी दे चुके हैं सेवाएं जयेश नागर इससे पहले ‘धन्वंतरी सेवा यात्रा’ के तहत अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में आयोजित मेडिकल कैंपों में हिस्सा ले चुके हैं। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े होने के साथ वे सामाजिक सेवा और छात्र गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं। Google Student Ambassador के लिए भी चयन जयेश नागर का चयन ‘गूगल इंडिया’ के ‘गूगल स्टूडेंट एंबेसडर-2026’ के लिए भी हुआ है। युवा संगम में चयन के साथ उनकी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। उनके चयन से देवरी कला जागीर गांव और झालावाड़ जिले का नाम भी राष्ट्रीय स्तर के इस युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम से जुड़ा है।
3 अक्टूबर को बंद रहेंगे स्कूल? इन राज्यों में झमाझम बारिश, जानें आईएमडी का ताजा अपडेट
3 अक्टूबर को क्या स्कूल बंद रहेंगे? आईएमडी ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। जानें दिल्ली, बंगाल और दक्षिण भारत के मौसम का ताजा अपडेट।
राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में पूर्वोत्तर भारत की लोक संस्कृति, परंपराओं, म्यूजि, डांस का रंग एकसाथ देखने को मिला। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर की ओर से राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के सहयोग से गुरुवार को आयोजित ‘ऑक्टेव-2026’ का उद्घाटन राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागडे और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की मौजूदगी में हुआ। राज्यपाल ने पूर्वोत्तर भारत को सांस्कृतिक विविधता का महत्वपूर्ण अध्याय बताते हुए आठों राज्यों को ‘अष्ट लक्ष्मी’ की संज्ञा दी। उद्घाटन समारोह में पूर्वोत्तर भारत के आठ राज्यों के कलाकारों ने लोक नृत्यों की प्रस्तुतियां दीं। वहीं पारंपरिक परिधानों पर आधारित एथनिक कॉस्ट्यूम शो ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा। कार्यक्रम में अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा की लोक संस्कृति को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया। आठ राज्यों के 14 समूहों ने 15 अलग-अलग लोक नृत्य रूपों की कोरियोग्राफिक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के फोटोज देखिए… पूर्वोत्तर के आठ राज्य ‘अष्ट लक्ष्मी’ : राज्यपाल मुख्य अतिथि राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागडे ने कहा- भारत की पहचान उसकी विविधता में एकता से है और इसी से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना साकार होती है। उन्होंने कहा- भारतीय संस्कृति किसी एक भाषा, प्रदेश या परंपरा तक सीमित नहीं है। देश की वास्तविक सांस्कृतिक शक्ति उसकी अलग-अलग लोक परंपराओं, भाषाओं, संगीत, नृत्य, कला, शिल्प और जीवन-पद्धतियों में निहित है। उन्होंने कहा- अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा की अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है। इन राज्यों की प्रकृति, जनजातीय परंपराएं, लोक आस्थाएं, पर्व-त्योहार, संगीत, नृत्य, वेशभूषा और हस्तशिल्प भारतीय सांस्कृतिक विरासत को और समृद्ध करते हैं। राज्यपाल ने आयोजन के लिए केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर के निदेशक डॉ. अश्विन महेश दलवी की सराहना की। उन्होंने केंद्र के पूर्व निदेशक फुरकान खान के योगदान की भी प्रशंसा की। ‘एकता में विविधता’ को समझना जरूरी : शेखावत केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा- भारत की विविधता का वास्तविक अर्थ तब सामने आता है, जब अलग-अलग क्षेत्र एक-दूसरे के करीब आते हैं और एक-दूसरे की संस्कृति को समझते हैं। उन्होंने कहा- शरीर के सभी अंग अलग-अलग हैं, लेकिन शरीर से अलग उनका कोई अस्तित्व नहीं है। इसी तरह भारत में अलग-अलग भाषाएं, संस्कृतियां और परंपराएं होने के बावजूद वे भारतीयता के व्यापक भाव से जुड़ी हैं। 15 लोक नृत्यों ने बांधा समां उद्घाटन समारोह का सबसे आकर्षक हिस्सा आठ राज्यों के 15 लोक नृत्य रूपों की कोरियोग्राफिक प्रस्तुति रही। प्रसिद्ध कोरियोग्राफर प्रोफेसर तरुण प्रधान के निर्देशन में तैयार इस प्रस्तुति में एक के बाद एक लोक नृत्यों ने दर्शकों को पूर्वोत्तर की विविध सांस्कृतिक दुनिया से परिचित कराया। प्रस्तुति की शुरुआत अरुणाचल प्रदेश के ताई खेमती नृत्य से हुई, जिसे ‘पीकॉक डांस’ के रूप में भी जाना जाता है। इसमें भगवान बुद्ध के प्रति आध्यात्मिक भाव को नृत्य के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया। अरुणाचल प्रदेश के ही जुजु-जाजा नृत्य ने भी दर्शकों को आकर्षित किया। मणिपुर के पुंग ठोल चोलम में कलाकारों ने पारंपरिक ढोल गले में लटकाकर कलाबाजियों और तेज गति के साथ प्रस्तुति दी। इसके बाद थांगटा में तलवार और भाले से जुड़े युद्ध कौशल को नृत्य के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। ‘थांग’ का अर्थ तलवार और ‘टा’ का अर्थ भाला बताया गया। मणिपुर के लाई हारोबा नृत्य ने भी दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। त्रिपुरा के होजागिरी नृत्य में कलाकारों ने असाधारण संतुलन और कौशल का प्रदर्शन किया। सिर पर बोतल और दीपक रखते हुए तथा हाथों में थाली लेकर घड़े पर खड़े होकर किए गए इस नृत्य ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। वहीं त्रिपुरा के ममिता नृत्य में फसल की पैदावार के बाद देवी लक्ष्मी की पूजा और आस्था को नृत्य के रूप में प्रस्तुत किया गया। सिक्किम के तमंग सेलो नृत्य के जरिए बौद्ध परंपरा में विवाह समारोह की झलक दिखाई गई। इसी राज्य के सिंघी छम में कलाकार हिम शेर की वेशभूषा में मंच पर उतरे और प्रस्तुति के जरिए दर्शकों को रोमांचित किया। मेघालय के वांगला नृत्य में अच्छी फसल के लिए सूर्य देवता ‘सालजोंग’ के प्रति आभार व्यक्त करने की परंपरा दिखाई गई। असम के बोडो समुदाय का ऊर्जावान बारदोई सिखा नृत्य भी दर्शकों को खूब पसंद आया। इसके बाद असम के प्रसिद्ध बिहू नृत्य की प्रस्तुति ने माहौल में और ऊर्जा भर दी। मिजोरम के चेराव नृत्य में कलाकारों ने बांस की छड़ियों के बीच बेहतरीन तालमेल के साथ प्रस्तुति दी। इसी राज्य के सरलामकाई यानी सोलकिया नृत्य में युद्ध में जीत का जश्न नृत्य के माध्यम से दिखाया गया। वहीं नगालैंड के पारंपरिक नागा वार डांस में कलाकारों ने ढोल की थाप पर हुंकार, तेज फुटवर्क और युद्ध कौशल से जुड़ी मुद्राओं के जरिए वीरता और सामुदायिक शक्ति का प्रदर्शन किया। अलग-अलग राज्यों के इन नृत्यों ने मिलकर पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक विविधता का जीवंत चित्र मंच पर प्रस्तुत किया। एथनिक कॉस्ट्यूम शो में दिखी आठ राज्यों की पहचान कार्यक्रम में पूर्वोत्तर के पारंपरिक परिधानों पर आधारित ‘एथनिक कॉस्ट्यूम शो’ भी आकर्षण का केंद्र रहा। भानुश्री दास के निर्देशन में हुए इस शो में आठों राज्यों के पारंपरिक पहनावे को मंच पर प्रदर्शित किया गया। ‘सेवन सिस्टर्स एंड वन ब्रदर’ के रूप में पहचाने जाने वाले पूर्वोत्तर के आठ राज्यों की अलग-अलग पारंपरिक पोशाकें पहनकर युवक-युवतियां मंच पर पहुंचे। प्रत्येक राज्य की पोशाक को मॉडल्स ने अलग-अलग और फिर जोड़ों में प्रस्तुत किया। अंत में सभी आठ मॉडल एक साथ मंच पर आए और दर्शकों के सामने पूर्वोत्तर की विविध वेशभूषाओं का सामूहिक प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के निदेशक निहाल चंद गोयल, सांसद मंजू शर्मा और विधायक गोपाल शर्मा आदि मौजूद रहे।
जागरण संपादकीय: हिमालयी राज्यों की चुनौती
यह सही समय है कि उत्तराखंड, हिमाचल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर को ध्यान में रखकर शुरू की गई ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड संबंधी परियोजना की समीक्षा की जाए।
Operation Lotus के तहत BJP फिर करेगी खेल? Mamata Banerjee को झटका? TMC। Arunachal Pradesh। Meghalaya
Operation Lotus के तहत बीजेपी करने वाली है खेल, Mamata Banerjee को फिर लगेगा झटका? मेघालय की राजनीति में 2028 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा सियासी उलटफेर होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
'मैं यहां का खिलाड़ी हूं' जब नदी के उलट तैरे किरेन रिजिजू
मोदी सरकार में मंत्री किरेन किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर अरुणाचल प्रदेश की एक तेज बहाव वाली उफनती नदी में तैरते हुए अपना एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने लोगों को बिना तैराकी जाने गहरे और खतरनाक पानी में न उतरने की सलाह दी और बताया कि राज्य की नदियां बहुत गहरी और बड़ी हैं।
Arunachal Pradesh Tinkle Karga Gongo Viral Video: प्यारी सी बच्ची को मिला ढेर सारा प्यार,कहा थैंक यू
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दिबांग घाटी में बाढ़ के बाद भोजपुर का आर्मी जवान आठ दिन से लापता
22 शनिवार, अगस्त: भोजपुर का आर्मी जवान अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में बाढ़ और बादल फटने के बाद पांच जवानों के साथ लापता हो गया। आठ दिन बाद भी उसका पता नहीं चला है। परिजनों की चिंता बढ़ गई है।
अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में बाढ़ के बाद भोजपुर का जवान आठ दिन से लापता
22 शनिवार, अगस्त: भोजपुर का रहने वाला आर्मी जवान अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में बाढ़ और बादल फटने के बाद पांच जवानों के साथ लापता हो गया। आठ दिन बाद भी जवान का पता नहीं चला है, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई है।
क्या सच में अरुणाचल प्रदेश में 60 KM तक अंदर घुस आया चीन ? वायरल दावे पर सरकार ने बताया सच
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अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के घुसपैठ के दावे से मणिपुर का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो 25 अप्रैल 2026 का मणिपुर के हूमी गांव में असम राइफल्स और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प का है.
अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ के दावे से बांग्लादेश सीमा का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो चांपाईनवाबगंज के शिबगंज सीमा क्षेत्र पर बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के बीच हुई कहासुनी का है.
Bigg Boss 18 : चुम दरांग को मिला अरुणाचल प्रदेश के सीएम का सपोर्ट
सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 18' अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर कोई इस सीजन का विनर बनने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन दिनों शो में 'टिकट टू फिनाले' टास्क चल रहा है। इस टास्क में विवियन डीसेना और चुम दरंग आमने-सामने खड़े हैं। वहीं ...

