कल का मौसम 17 सितंबर: दिल्ली-NCR से बिहार तक आंधी-बारिश का अलर्ट, जानिए कैसा रहेगा आपके शहर का मौसम
Weather forecast for September 17: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 17 सितंबर के लिए देश भर का मौसम पूर्वानुमान और अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियों और मौसमी प्रणालियों के असर से झमाझम बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका बनी हुई है। उत्तर भारत में दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा से लेकर पूर्व में बिहार, पश्चिम बंगाल और दक्षिण में तमिलनाडु व केरल तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा।बिहार, बंगाल और केरल समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्टमौसम विभाग के 17 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक देश के 8 प्रमुख राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के साथ-साथ पूर्वोत्तर के राज्यों अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय में अलग अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत में केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल के कई हिस्सों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है।दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और झारखंड में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी की चेतावनीउत्तर और पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों में तेज हवाओं और आंधी-तूफान के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब में अलग-अलग जगहों पर थंडरस्टॉर्म के साथ आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। झारखंड, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भी अलग-अलग जगहों पर 40-50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाओं के साथ बिजली कड़कने के आसार हैं।राजस्थान, बंगाल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 30-40 किमी/घंटे की गति से चलेंगी हवाएंदेश के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है। आंध्र प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, गांगेय पश्चिम बंगाल, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में थंडरस्टॉर्म, बिजली चमकने और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश और आंतरिक कर्नाटक मेंतेज सतही हवाएं चलने का भी अनुमान जताया गया है।यूपी, एमपी, राजस्थान और बिहार में बिजली चमकने की आशंकामौसम विभाग ने देश के 13 से अधिक राज्यों में आकाशीय बिजली कड़कने लेकर विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी है। बिहार, उत्तर प्रदेश (पश्चिम राजस्थान व पूर्वी राजस्थान), मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य और लक्षद्वीप में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली चमकने की आशंका है।समुद्र में तूफानी हलचल: मछुआरों के लिए चेतावनीसमुद्री क्षेत्रों में प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए अलर्ट जारी किया है। उत्तरी सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। दक्षिण-पूर्व और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, दक्षिणी श्रीलंका तटों से लगे इलाकों तथा दक्षिणी अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे तक) की गति से तूफानी मौसम बना रहेगा। इसके अलावा अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्वी व दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के अन्य हिस्सों में 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है।
IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश भर का लेटेस्ट मौसम बुलेटिन जारी किया है। बुलेटिन के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में एक नया चक्रवाती सिस्टम तैयार हो रहा है। इसके असर से पूर्व, पूर्वोत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में 22 सितंबर तक भारी बारिश और थंडरस्टॉर्म की गतिविधियां जारी रहेंगी। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के लिए स्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं।बंगाल की खाड़ी में बनेगा नया लो-प्रेशर सिस्टममौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी थाईलैंड के ऊपर मध्य क्षोभमंडल में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इसके 18 सितंबर की शाम तक उत्तरी अंडमान सागर में उभरने की संभावना है। इसके असर से 19 सितंबर की शाम तक इसी क्षेत्र (उत्तरी अंडमान सागर) में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने का अनुमान है। इसके बाद यह धीरे-धीरे और मजबूत होते हुए अगले 3-4 दिनों में दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश तटों की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ेगा।उत्तरी गांगेय पश्चिम बंगाल से उत्तरी ओडिशा तक एक ट्रफ रेखा गुजर रही है। मध्य असम पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र मौजूद है। दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा पर भी साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है, जबकि उत्तरी आंतरिक कर्नाटक से मन्नार की खाड़ी तक एक अन्य ट्रफ रेखा बनी हुई है।पिछले 24 घंटों में कहां कितनी हुई बारिशमौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 24 घंटों के दौरान सिक्किम में बहुत भारी बारिश यानी 30 सेमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा कच्छ और असम के साथ उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, रायलसीमा, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में भी भारी बारिश देखने को मिली है।बिहार, झारखंड, बंगाल और ओडिशा में मूसलाधार बारिश की चेतावनीIMD के मुताबिक पूर्वी भारत के राज्यों में 22 सितंबर तक व्यापक बारिश का अलर्ट है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 16 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। 17 सितंबर को भारी बारिश और 16-18 और 22 सितंबर को व्यापक बारिश का अनुमान है। 19 से 21 सितंबर के दौरान छिटपुट बारिश रहेगी। इसी तरह बिहार और झारखंड में 16 से 22 सितंबर तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। बिहार में 17 और 18 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।गांगेय पश्चिम बंगाल में 16 से 22 सितंबर के दौरान व्यापक वर्षा और थंडरस्टॉर्म के आसार हैं। ओडिशा में 16 सितंबर को और 18 से 20 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है। 19 से 22 सितंबर के बीच व्यापक बारिश होगी। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अगले 7 दिनों (16 से 22 सितंबर) के दौरान भारी बारिश की चेतावनी है, जिसमें 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है।पूर्वोत्तर राज्यों में मूसलाधार पानी बरसने के आसारपूर्वोत्तर भारत के राज्यों में 16 सितंबर को असम और मेघालय में अलग अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। असम और मेघालय में 17 और 19 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। 16 से 20 सितंबर तक गरज-चमक की संभावना बनी रहेगी। अरुणाचल प्रदेश में 16 और 17 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 16 सितंबर और 19 सितंबर को भारी वर्षा के साथ 16-18 सितंबर तक थंडरस्टॉर्म और बिजली चमकने का अलर्ट है।उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मौसम का हालजम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पंजाब में 16-17 सितंबर को और पूर्वी राजस्थान में 17 सितंबर को गरज-चमक के साथ व्यापक बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 16 से 18 सितंबर और पश्चिम मध्य प्रदेश में 18-19 सितंबर को व्यापक बारिश का अनुमान है। छत्तीसगढ़ में 19 से 22 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी। इसमें 20 से 22 सितंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना है। विदर्भ में 22 सितंबर को बारिश बढ़ेगी। कोंकण और गोवा में 16 सितंबर को और गुजरात क्षेत्र में 17 से 19 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश हो सकती है। 16 से 18 सितंबर तक गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र व कच्छ में बिजली चमकने का अलर्ट है।दक्षिण भारत: तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना में तेज हवाओं की चेतावनीमौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश के साथ तेज सतही और झोंकेदार हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 16 से 20 सितंबर तक, केरल व माहे में 17 से 20 सितंबर तक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 16 सितंबर व 19-22 सितंबर को, तटीय आंध्र प्रदेश व रायलसीमा में 19 से 21 सितंबर तक और तेलंगाना में 19 से 22 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है।तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 16-20 सितंबर और तटीय आंध्र प्रदेश में 19-20 सितंबर के दौरान 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 16 से 20 सितंबर तक तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।समुद्र में तूफानी हवाएं: मछुआरों के लिए चेतावनी जारीसमुद्री क्षेत्रों में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को सतर्क किया गया है। उत्तरी गुजरात तटों से लगे उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 16 सितंबर को और सोमालिया तट व उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के हिस्सों में 19 सितंबर तक समुद्र में न उतरने की सलाह है। दक्षिण-पूर्व व दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान सागर में 21 सितंबर तक तूफानी मौसम रहेगा। इसके अलावा 19 और 20 सितंबर को दक्षिण श्रीलंका तट से लगे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी मछुआरों को न जाने की हिदायत दी गई है।ये भी पढ़ें- Shahzad Bhatti Network: आतंक के खिलाफ भारत सरकार का बड़ा एक्शन! शाहजाद भट्टी नेटवर्क UAPA के तहत आतंकी संगठन घोषित
Weather Forecast Today: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 16 सितंबर के लिए देश भर का मौसम पूर्वानुमान और अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक उत्तर भारत के मैदानी इलाकों दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा से लेकर दक्षिण के केरल व तमिलनाडु तक देश के 9 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बिहार से लेकर पश्चिम बंगाल और झारखंड तक कई राज्यों में थंडरस्टॉर्म, आकाशीय बिजली कड़कने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और केरल समेत इन 9 राज्यों में भारी बारिश का अलर्टमौसम विभाग के 16 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक देश के 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग अलग जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। उत्तर भारत में हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली और पंजाब में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। दक्षिण भारत में केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में भारी पानी बरसने के आसार हैं। पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश तथा असम व मेघालय में भारी बारिश हो सकती है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है।केरल, तमिलनाडु और अंडमान में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएंमौसम विभाग ने दक्षिण भारत और द्वीपीय इलाकों में तेज हवाओं और आंधी-तूफान का पूर्वानुमान जताया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक और बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।बिहार से बंगाल, ओडिशा और राजस्थान तक आंधी-तूफान की चेतावनीपूर्वी, उत्तर-पश्चिमी और दक्षिणी भारत के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। आंध्र प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर थंडरस्टॉर्म के साथ बिजली कड़कने और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में पृथक स्थानों पर धरातल पर तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।यूपी, एमपी, उत्तराखंड और दिल्ली-NCR में बिजली कड़कने का अनुमानमौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में आकाशीय बिजली चमकने को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और लक्षद्वीप में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने की आशंका है।समुद्र में तूफानी हलचल: गुजरात तट से बंगाल की खाड़ी तक अलर्टसमुद्री क्षेत्रों और तटीय इलाकों में तेज हवाओं के कारण मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। उत्तरी सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। इनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। उत्तर-पूर्वी अरब सागर से लगे उत्तरी गुजरात तटों पर 35 से 45 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसम बना रहेगा। यहां हवा की गति 55 किमी/घंटे तक जा सकती है।दक्षिण-पूर्व और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तथा दक्षिणी अंडमान सागर में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है, जो बढ़कर 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती हैं। इसके अलावा अंडमान सागर और उससे लगे दक्षिण-पूर्वी व दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के अन्य इलाकों में 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी मौसम बना रहेगा।ये भी पढ़ें- Houthi attacks Mecca: सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच घातक युद्ध! पहली बार मक्का के हवाई क्षेत्र में घुसा ड्रोन, इमरजेंसी अलर्ट
Amroha News: जहरीली शराब की तस्करी में मेरठ के दो दोषियों को सात-सात साल की सजा
अरुणाचल प्रदेश मार्का शराब में नशीली गोलियां मिलाकर उसकी तीव्रता बढ़ाकर दूसरे राज्यों में तस्करी करने के मामले में न्यायालय ने मेरठ के दो दोषियों को सात-सात साल की सजा सुनाई है।
Weather update for September 16: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 16 सितंबर के लिए देश भर का मौसम पूर्वानुमान और अलर्ट बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक उत्तर भारत के मैदानी इलाकों दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा से लेकर दक्षिण भारत के केरल और तमिलनाडु तक देश के 9 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश होने की पूरी आशंका जताई गई है। अलग अलग मौसमी प्रणालियों के असर से देश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और केरल समेत इन 9 राज्यों में भारी बारिश का अलर्टमौसम विभाग के 16 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक देश के 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तर भारत में हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। दक्षिण भारत में केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में कई जगहों पर तेज बारिश की संभावना है। पूर्व और पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में मूसलाधार पानी बरस सकता है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।केरल, तमिलनाडु और अंडमान में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएंदक्षिण भारत और द्वीपीय क्षेत्रों में आंधी-तूफान के साथ तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर थंडरस्टॉर्म के साथ बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।राजस्थान, बिहार, जम्मू-कश्मीर और आंध्र प्रदेश में आंधी व तेज हवाओं की चेतावनीदेश के विस्तृत मैदानी और तटीय इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ बारिश और बिजली कड़कने की आशंका है। आंध्र प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में धरातल पर तेज सतही हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है।यूपी, एमपी, उत्तराखंड और दिल्ली-NCR में बिजली चमकने का अनुमानमौसम विभाग ने देश के 9 से अधिक राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली चमकने को लेकर सतर्क रहने की हिदायत दी है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और लक्षद्वीप में अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने की पूरी संभावना जताई गई है।समुद्र में तूफानी हवाओं का अलर्ट: मछुआरों को हिदायतसमुद्र और तटीय क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं के असर की वजह से स्थितियां खतरनाक बनी रहेंगी। मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। उत्तरी सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। इसकी स्पीड 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। उत्तर-पूर्वी अरब सागर से लगे उत्तरी गुजरात तटों पर 35 से 45 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसमबना रहेगा, जहां हवा की गति 55 किमी/घंटे तक जा सकती है। दक्षिण-पूर्व और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तथा दक्षिणी अंडमान सागर में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। ये बढ़कर 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती हैं। इसके अलावा अंडमान सागर और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी व दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के अन्य हिस्सों में 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी मौसम बना रहेगा।
IMD Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश भर के मौसम को लेकर लेटेस्ट वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों से 19 सितंबर के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं। मानसून की वापसी की आहट के बीच देश के कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, उससे सटे कच्छ क्षेत्र और दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से 15 सितंबर को सौराष्ट्र और कच्छ के अलग-अलग इलाकों में बेहद भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।जानिए देशभर में पिछले 24 घंटों का मौसममौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान पश्चिम मध्य प्रदेश, गुजरात राज्य और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई है। पश्चिम उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश (7-11 सेमी) रिकॉर्ड की गई है।गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में भारी बारिश का अलर्टमौसम विभाग ने बताया है कि पश्चिमी भारत में 15 सितंबर को बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। IMD ने सौराष्ट्र एवं कच्छ में 15 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 15 सितंबर को गुजरात रीजन और सौराष्ट्र व कच्छ में व्यापक बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। कोंकण और गोवा में 15-16 सितंबर तथा 19-21 सितंबर के दौरान भारी बारिश का पूर्वानुमान है।दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और उत्तर-पश्चिम भारत का हालउत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के असर से बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 16 और 17 सितंबर को अधिकांश जगहों पर गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ बारिश होगी। 15 से 17 सितंबर के दौरान हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और पंजाब के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 17 सितंबर को व्यापक बारिश होने का अनुमान है जबकि उत्तर-पश्चिम भारत के बाकी हिस्सों में छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है।बिहार में गंभीर बिजली कड़कने की चेतावनी, बंगाल और ओडिशा का मौसमपूर्वी भारत में 15 सितंबर को बिहार में मध्यम से तेज आकाशीय बिजली गिरने की विशेष चेतावनी दी गई है। बिहार में 17 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 15 से 20 सितंबर तक तथा गांगेय पश्चिम बंगाल में 16 से 20 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 15 से 21 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहेगा, जहां 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में 15 सितंबर और 18 से 21 सितंबर तक भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।मध्य और पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसममध्य भारत में पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 से 17 सितंबर और पश्चिम मध्य प्रदेश में 17 से 19 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश और गरज-चमक के आसार हैं। छत्तीसगढ़ में 19 से 21 सितंबर के बीच भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। विदर्भ में 20 और 21 सितंबर को बारिश का दायरा बढ़ेगा।पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश तथा असम व मेघालय में 15 से 17 सितंबर के दौरान भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है।दक्षिण भारत: तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना में तेज हवाओं का अलर्टदक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में केरल व माहे और लक्षद्वीप में 15 से 21 सितंबर तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। तेलंगाना में 17 से 21 सितंबर के दौरान बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में 15 से 21 सितंबर तक, केरल व माहे में 15-16 और 19-21 सितंबर को तथा तेलंगाना में 19 से 21 सितंबर के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।इसके अलावा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं और सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।समंदर में तूफानी स्थिति: मछुआरों के लिए चेतावनी जारीतटीय और समुद्री इलाकों में प्रतिकूल मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को सतर्क किया है। गुजरात तटों से सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 15 और 16 सितंबर को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है। सोमालिया तट और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर में 19 सितंबर तक तूफानी हवाएं जारी रहेंगी। दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 18 से 20 सितंबर तक तथा अंडमान सागर में 16 से 20 सितंबर के बीच खराब मौसम और चक्रवाती हवाओं के कारण मछुआरों को गहरे समुद्र में न उतरने की सलाह दी गई है।ये भी पढ़ें- अमेरिकी स्पेस फोर्स का बड़ा खुलासा, पहली बार माना कि अंतरिक्ष में भी उसने तैनात किए हथियार, ये कैसी तैयारी?
Aaj Ka Mausam News: देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार (15 सितंबर) को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक, कोंकण और गोवा, गुजरात रीजन तथा सौराष्ट्र-कच्छ में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।इसके अलावा हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, बिहार, ओडिशा, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और माहे समेत कई इलाकों मेंमूसलाधार बारिश की संभावना है। बारिश के साथ कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है।दिल्ली-NCR में बारिश और आंधी का अलर्टदिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में मंगलवार को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज के साथ बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की भीआशंका है। IMD के अनुसार, 16 और 17 सितंबर को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में कई स्थानों पर बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में दिल्ली-NCR के लोगों को अगले दो दिनों के दौरान मौसम में बदलाव के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट ओडिशा में मंगलवार को कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक बारिश का दौर 17 सितंबर तक जारी रह सकता है। राज्य के कई हिस्सों में व्यापक बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने कीआशंका भी जताई गई है। ऐसे में संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम? IMD के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में मंगलवार को कई स्थानों पर बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। इसके अलावा हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, पूर्वी राजस्थान में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। मध्य भारत में भी बारिश के आसार पश्चिमी मध्य प्रदेश में मंगलवार को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में कई इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने कीआशंका है। विदर्भ में भी कई स्थानों पर बारिश और आंधी-तूफान जैसी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर में भी बारिश बिहार में मंगलवार को कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने कीआशंका है। ओडिशा में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। झारखंड में कुछ स्थानों पर बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिर सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। पूर्वोत्तर राज्यों की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। असम और मेघालय में भी भारी बारिश हो सकती है। गुजरात और महाराष्ट्र में बहुत भारी बारिश की चेतावनी पश्चिम भारत में भी मौसम खराब रहने की आशंका है। IMD ने मंगलवार को गुजरात, कोंकण और गोवा तथा सौराष्ट्र-कच्छ में कई स्थानों पर बारिश का अनुमान जताया है। इनमें कोंकण और गोवा, गुजरात रीजन तथा सौराष्ट्र-कच्छ में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। मध्य महाराष्ट्र में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। गुजरात और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर दक्षिण भारत में रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में बारिश होने की संभावना है। केरल और माहे में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। जबकि लक्षद्वीप में भी मौसम नम रहने का अनुमान है। तेलंगाना में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और केरल-माहे में भी भारी बारिश की संभावना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाएं चल सकती हैं। अगले कुछ दिनों तक सक्रिय रहेगा मौसम IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर सक्रिय रहने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी, पूर्वोत्तर, पश्चिमी और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। बारिश के साथ कई राज्यों में थंडरस्टॉर्म, बिजली गिरने और तेज हवाओं की गतिविधियां भी जारी रह सकती हैं।
IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 सितंबर के लिए देश भर का ताजा मौसम पूर्वानुमान और बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक उत्तर भारत के मैदानी इलाकों दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा समेत देश के 10 राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की आशंका है। मानसून की विदाई चरण के बीच कई मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से उत्तर, दक्षिण, पूर्वोत्तर और पश्चिमी भारत के हिस्सों में आंधी-तूफान, गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा समेत इन 10 राज्यों में भारी बारिश का अलर्टमौसम विभाग के 15 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक देश के 10 प्रमुख राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उत्तर भारत में हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली और पंजाब में बारिश का दौर तेज रहने वाला है, जहां अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार पानी बरस सकता है।पश्चिम भारत में गुजरात के सौराष्ट्र एवं कच्छ क्षेत्र में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। दक्षिण भारत में केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कई हिस्सों में भारी बारिश के आसार हैं। पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के साथ-साथ पूर्वोत्तर के राज्यों अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है।राजस्थान, बिहार और जम्मू-कश्मीर में आंधी के साथ बिजली कड़कने का अनुमानदेश के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के अलग-अलग इलाकों में थंडरस्टॉर्म के साथ 30-40 किमी/घंटे की गति से आंधी चलने का अलर्ट है।यूपी, एमपी समेत 16 से अधिक राज्यों में आकाशीय बिजली चमकने की आशंकामौसम विभाग ने कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली चमकने को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, गुजरात रीजन, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली चमकने की आशंका जताई गई है।समुद्र में तूफानी हवाएं: गुजरात तट और बंगाल की खाड़ी के लिए अलर्टसमुद्र और तटीय क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं के असर से समुद्री स्थिति प्रतिकूल बनी रहेगी। सोमालिया तट के साथ और उससे लगे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।उत्तर-पूर्वी अरब सागर से सटे गुजरात तटों पर 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी मौसम बना रहेगा, जहां हवा की गति 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। दक्षिणी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है, जो बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती हैं। मौसम विभाग ने तटीय इलाकों और गहरे समुद्र में जाने वाले मछुआरों को खराब मौसम को ध्यान में रखते हुए विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी है।
'कमजोर' पटरी पर तेजी से दौड़ने का प्रयास कर रही भारत-चीन 'दोस्ती' की रेल कहीं डिरेल ना हो जाए!
भारत और चीन के रिश्तों में दिल्ली में जो नई गर्माहट दिखाई दे रही है, उसे केवल कूटनीतिक शिष्टाचार या दो नेताओं की मुस्कान की तस्वीरों से समझना बड़ी भूल होगी। असली कहानी इससे कहीं ज्यादा कठोर है। सात साल बाद भारत आए शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात ने यह साफ कर दिया है कि गलवान के बाद दोनों देशों ने टकराव को खत्म नहीं किया है, लेकिन अब वे उसे नियंत्रित करने और अपने-अपने हितों के लिए रिश्ते को फिर से व्यवस्थित करने की दिशा में बढ़ रहे हैं। मोदी का भाषण रोक कर शी से पूछना— “Is it okay?”, एक मानवीय कूटनीतिक क्षण था, लेकिन उसके पीछे की रणनीति कहीं अधिक गंभीर है। दिल्ली में मोदी-शी बातचीत का सबसे महत्वपूर्ण वाक्य था— “Differences should not become disputes.” मोदी ने साफ किया कि सीमा पर शांति और स्थिरता ही संबंधों के आगे बढ़ने की बुनियादी शर्त है। दोनों देशों ने सीमा विवाद के न्यायसंगत और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान की प्रतिबद्धता दोहराई, साथ ही पुराने समझौतों का पालन करने पर जोर दिया। व्यापार, निवेश, सप्लाई चेन, बाजार तक भरोसेमंद पहुंच और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। यानी बातचीत अब केवल सीमा पर सैनिकों की दूरी घटाने तक सीमित नहीं है; दोनों देश रिश्तों का पूरा ढांचा दोबारा खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन यहां सबसे जरूरी सवाल है कि चीन अचानक भारत की तरफ क्यों देख रहा है? देखा जाये तो जवाब चीन की इच्छा से ज्यादा बदलती वैश्विक परिस्थितियों में छिपा है। अमेरिका की बढ़ती संरक्षणवादी व्यापार नीति, टैरिफ का दबाव, पश्चिम और चीन के बीच तकनीकी संघर्ष तथा वैश्विक सप्लाई चेन का पुनर्गठन बीजिंग के लिए गंभीर चुनौती हैं। ऐसे समय में भारत को लंबे समय तक केवल रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी मानकर चलना चीन के लिए महंगा पड़ सकता है। भारत दुनिया का विशाल बाजार है, तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और ग्लोबल साउथ में उसका राजनीतिक प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। यही वजह है कि चीन भारत के साथ संबंधों को “रणनीतिक और दीर्घकालिक” नजरिए से देखने की बात कर रहा है। चीनी पक्ष ने खुद कहा है कि दोनों देश एक-दूसरे की ताकतों से सीख सकते हैं और साझा विकास को आगे बढ़ा सकते हैं। चीन के लिए यह केवल भारत से कारोबार बढ़ाने का मामला नहीं है; यह उस बहुध्रुवीय विश्व-व्यवस्था में भारत को अपने साथ बनाए रखने की कोशिश भी है, जिसमें BRICS की भूमिका बढ़ रही है। यहां व्यापार सबसे बड़ा दबाव-बिंदु भी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 में चीन से भारत का आयात करीब 131.62 अरब डॉलर, जबकि निर्यात केवल 19.47 अरब डॉलर रहा। यानी करीब 112 अरब डॉलर का भारी व्यापार घाटा। चीन भारत के कुल आयात का लगभग 19.2 प्रतिशत हिस्सा देता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो कंपोनेंट्स, सोलर उपकरण, बैटरियां, मशीनरी और दूसरे औद्योगिक सामान में भारत की चीनी निर्भरता बहुत बड़ी है। दूसरी ओर भारत चाहता है कि चीन अपने बाजार को भारतीय उत्पादों के लिए ज्यादा खोले। यही विरोधाभास रिश्तों की सबसे बड़ी चुनौती भी है और सबसे बड़ा अवसर भी। भारत चीन से व्यापार बंद नहीं कर सकता, लेकिन ऐसा व्यापार भी स्वीकार नहीं कर सकता जिसमें चीन लगातार बेचता रहे और भारत केवल खरीदता रहे। इसलिए अगला चरण trade expansion नहीं, trade rebalancing का होना चाहिए। भारतीय MSMEs को BRICS की सप्लाई चेन में जोड़ना, चीन से केवल finished goods लेने के बजाय उत्पादन और value chains में हिस्सेदारी बढ़ाना और निवेश को भारतीय manufacturing capacity से जोड़ना इस दिशा में निर्णायक हो सकता है। इसे भी पढ़ें: Modi की Delhi में छक्के लगा गये Putin, Global South में Russia का नया Power Network देखकर Trump हैरान लेकिन असली कांटा अभी भी सीमा है। 2020 के गलवान संघर्ष ने भरोसे को गहरी चोट पहुंचाई। इसके बाद सैनिक तनाव कम हुआ, लेकिन सीमा विवाद खत्म नहीं हुआ। अरुणाचल प्रदेश, LAC पर सैन्य तैनाती, चीन-पाकिस्तान समीकरण और संवेदनशील रणनीतिक क्षेत्रों में चीनी गतिविधियां अभी भी भारत की चिंताओं में हैं। इसलिए दिल्ली का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है कि व्यापार और सहयोग आगे बढ़ सकते हैं, लेकिन सीमा पर शांति की कीमत पर नहीं। फिर आता है critical minerals का सवाल। मोदी ने शी की मौजूदगी में ही technology और critical minerals की “weaponisation” के खिलाफ चेतावनी दी। यह सीधा नाम लेकर हमला नहीं था, लेकिन संदेश साफ था। चीन rare-earth refining में 90 प्रतिशत से अधिक वैश्विक क्षमता नियंत्रित करता है। आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स, EV, AI और advanced manufacturing के दौर में यह आर्थिक ताकत ही नहीं, रणनीतिक leverage भी है। इसलिए भारत-चीन की नई गर्माहट को दोस्ती की वापसी कहना जल्दबाजी होगी। यह ज्यादा सही तरीके से managed competition है। जहां दोनों देश जानते हैं कि वे एक-दूसरे को हरा नहीं सकते, लेकिन एक-दूसरे को नजरअंदाज भी नहीं कर सकते। शी का दिल्ली आना, मोदी-शी की बातचीत, व्यापारिक संपर्कों का खुलना और BRICS में साथ काम करने की कोशिशें बताती हैं कि रिश्ते अब फिर से पटरी पर लाए जा रहे हैं। लेकिन पटरी अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हुई है। एक गलत सीमा-संघर्ष, व्यापार पर एकतरफा दबाव या रणनीतिक अविश्वास इस पूरी प्रक्रिया को फिर पीछे धकेल सकता है। Xi का BRICS डिनर में शामिल न होना भी इसी सावधानी की याद दिलाता है। हालांकि उनकी अनुपस्थिति का आधिकारिक कारण नहीं बताया गया और इसे किसी राजनीतिक संकेत के रूप में स्थापित करना उचित नहीं होगा। बहरहाल, दिल्ली में इस बार मोदी ने संकेत दे दिया है कि सहयोग होगा, व्यापार होगा, BRICS में साझेदारी होगी, लेकिन सीमा, संप्रभुता, बाजार पहुंच और रणनीतिक स्वायत्तता पर भारत अपनी शर्तों से पीछे नहीं हटेगा। -नीरज कुमार दुबे
IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई और देश भर में जारी मौसमी हलचलों को लेकर ताजा वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए स्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं। हालांकि मानसून की विदाई के इन संकेतों के बीच देश के कई हिस्सों में झमाझम और आफत की बारिश का दौर जारी है।दक्षिण-पूर्व राजस्थान और उससे सटे उत्तरी गुजरात के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से 14 सितंबर को सौराष्ट्र और कच्छ में अत्यंत भारी बारिश और गुजरात रीजन में बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।पिछले 24 घंटों का हाल और सक्रिय मौसमी प्रणालियांमौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान हरियाणा, तेलंगाना और पश्चिम मध्य प्रदेश में 12 से 20 सेमी तक की बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा कोंकण, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़, सौराष्ट्र, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात रीजन, उत्तराखंड, तमिलनाडु, ओडिशा और असम के कई हिस्सों में भारी बारिश (7 से 11 सेमी) हुई है।गुजरात, सौराष्ट्र और कोंकण-गोवा में अत्यंत भारी बारिश का संकटपश्चिमी भारत में 14 सितंबर को बारिश का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने सौराष्ट्र एवं कच्छ के अलग-अलग इलाकों में 14 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुजरात रीजन में 14 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने की आशंका है जबकि सौराष्ट्र और कच्छ में 15 सितंबर को भी भारी बारिश जारी रहेगी।मध्य महाराष्ट्र में 14 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कोंकण और गोवा संग गुजरात रीजन व सौराष्ट्र-कच्छ में 14 और 15 सितंबर के दौरान अधिकांश जगहों पर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रहेंगी।उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-NCR, राजस्थान और पंजाब में बारिश का पूर्वानुमानउत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला चलेगा। उत्तराखंड और पूर्वी राजस्थान में 14 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 15 से 17 सितंबर के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में कई जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।उत्तर प्रदेश के मौसम की बात करें तो पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 और 15 सितंबर को गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है। इस दौरान दोनों हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। राजस्थान में 14 से 16 सितंबर के बीच 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली कड़कने का अनुमान जताया गया है।मध्य भारत: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का मौसममध्य भारत के राज्यों में 14 सितंबर को व्यापक बारिश का असर दिखेगा। पश्चिम मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 14 सितंबर को कई जगहों पर बारिश होगी। इसमें पश्चिम मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट शामिल है। विदर्भ में 14 और 15 सितंबर को बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। 15 से 20 सितंबर के दौरान मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में छिटपुट बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने के आसार हैं।पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: बंगाल, बिहार और ओडिशा में बदलेगा मौसमपूर्वी भारत में 14 से 20 सितंबर के बीच उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है। 16 सितंबर को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत भारी बारिश हो सकती है। बिहार में 16 और 17 सितंबर को और ओडिशा में 14 सितंबर और 18 से 20 सितंबर के बीच भारी बारिश होने की संभावना है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 14 से 18 सितंबर के दौरान तेज आंधी और हवाएं चल सकती हैं।पूर्वोत्तर के राज्यों में अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 15 से 18 सितंबर के बीच अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश का अलर्ट दिया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 14 से 20 सितंबर तक बारिश और बिजली चमकने का अनुमान है।दक्षिण भारत: तेलंगाना और कर्नाटक में आंधी-तूफान का अलर्टदक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के राज्यों में केरल, माहे और लक्षद्वीप में 14 से 20 सितंबर तक अधिकांश जगहों पर बारिश जारी रहेगी। तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 14 सितंबर को 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 14 से 20 सितंबर तक, केरल व माहे में 14-16 और 19-20 सितंबर को, तथा तटीय आंध्र प्रदेश, यानम व रायलसीमा में 19 और 20 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।समुद्र में तेज हवाएं: मछुआरों के लिए रेड अलर्ट जारीसमुद्री इलाकों में हवाओं के कड़े रुख को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को चेतावनी दी है। गुजरात तटों से सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 16 सितंबर तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है। उत्तरी महाराष्ट्र तट, पूर्व-मध्य अरब सागर और दक्षिण केरल तट से सटे कोमोरिन क्षेत्र में 14 सितंबर को खराब समुद्री स्थिति रहेगी।ये भी पढ़ें- Ganga Aarti in London: ब्रिटेन में टेम्स नदी पर पहली बार हुई गंगा आरती! लंदन में गूंजे मंत्र और भक्ति के स्वर, भारतीयों का जमावड़ाइसके साथ ही सोमालिया तट और उससे लगे अरब सागर में 19 सितंबर तक और बंगाल की खाड़ी व अंडमान सागर के इलाकों में 15 से 19 सितंबर के दौरान तूफानी हवाएं चलने के कारण समुद्री गतिविधियों पर रोक लगाने की सलाह दी गई है।
अरुणाचल प्रदेश पीएससी भर्ती 2026: असिस्टेंट डायरेक्टर सहित 37 पदों पर वैकेंसी का नोटिफिकेशन जारी, 21 सितंबर से करें आवेदन
अरुणाचल प्रदेश के बोर्डुमसा में ड्रग पेडलर गिरफ्तार, 56.91 लाख रुपए की हेरोइन बरामद
चांगलांग, 14 सितंबर . अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में Police ने मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध ड्रग पेडलर को गिरफ्तार किया है. Police ने असम राइफल्स के जवानों के साथ मिलकर यह कार्रवाई की. अधिकारियों ने बताया कि चांगलांग की बोर्डुमसा Police और असम राइफल्स की ... Read more
IMD Rain Forecast: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 सितंबर के लिए मौसम का विस्तृत पूर्वानुमान और बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक पश्चिमी भारत के गुजरात में मूसलाधार बारिश का तांडव देखने को मिल सकता है। वहीं उत्तर भारत के दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दक्षिण भारत के तेलंगाना व केरल समेत देश के कई राज्यों में झमाझम बारिश और आंधी-तूफान की आशंका जताई गई है।मौसम विभाग ने कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और तटीय इलाकों में तूफानी स्थिति बने रहने की चेतावनी जारी की है।गुजरात में बहुत भारी बारिश की चेतावनी14 सितंबर को गुजरात राज्य में बारिश का सबसे अधिक जोर रहेगा। मौसम विभाग ने जारी बुलेटिन में स्पष्ट किया है कि गुजरात के अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही राज्य के कई हिस्सों में बादल गरजने और आकाशीय बिजली चमकने की प्रबल संभावना है।दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना और MP समेत 12 राज्यों में भारी बारिश का अलर्टमौसम विभाग के मुताबिक देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, पूर्वी राजस्थान और पश्चिम मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा में मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और केरल व माहे के विभिन्न हिस्सों में भारी जलभराव और वर्षा के आसार हैं। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी पानी बरसने की संभावना है।आंध्र प्रदेश, राजस्थान और दक्षिण भारत में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएंमौसम विभाग ने कई राज्यों में तेज तूफानी हवाओं का पूर्वानुमान जताया है। आंध्र प्रदेश, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और पश्चिमी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। आंध्र प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।दिल्ली-NCR, बिहार, बंगाल और ओडिशा में बिजली कड़कने और आंधी का अनुमानदेश के विस्तृत हिस्सों में थंडरस्टॉर्म और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति वाली हवाओं का असर रहेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, झारखंड, केरल व माहे, ओडिशा, पंजाब, तेलंगाना तथा पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक की संभावना है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।समुद्र में तूफानी हवाएं: गुजरात और महाराष्ट्र तटों के लिए मौसम विभाग की हिदायततटीय इलाकों और समुद्री क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं के प्रभाव से स्थितियां प्रतिकूल बनी रहेंगी। उत्तर-पूर्वी अरब सागर से सटे गुजरात तट और पूर्व-मध्य अरब सागर से लगे उत्तरी महाराष्ट्र तट पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसम बना रहेगा, जहां हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।ये भी पढ़ें- Pakistan News: पाकिस्तान ने सऊदी अरब को दिया धोखा! हूती लड़ाई से पीछे हटा, अब डैमेज कंट्रोल में जुटे शहबाज शरीफसोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार छू सकती हैं। मौसम विभाग ने खराब समुद्री स्थिति को देखते हुए मछुआरों को तटीय क्षेत्रों और समंदर में जाने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर में शुक्रवार को क्षेत्रीय परामर्शदात्री समिति की बैठक हुई। बैठक में सांसदों और उनके प्रतिनिधियों ने यात्रियों की सुविधा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। नई ट्रेनों के संचालन, मौजूदा ट्रेनों की गति बढ़ाने, विभिन्न स्टेशनों पर ठहराव देने, प्लेटफार्म की व्यवस्था सुधारने और यात्री सुविधाओं को बेहतर करने के प्रस्ताव रखे गए। समिति के 39 सदस्यों में से 29 सदस्य बैठक में मौजूद रहे। दिल्ली के लिए अमृत भारत का सफर 12 घंटे में कराने की मांग सदर सांसद रविकिशन के प्रतिनिधि पवन कुमार दुबे ने गोरखपुर से दिल्ली चलने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस की गति बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ट्रेन को गोरखपुर से दिल्ली पहुंचने में करीब 13 से 14 घंटे लग रहे हैं। सामान्य ट्रेनें भी लगभग इतने ही समय में दिल्ली पहुंच जाती हैं। ऐसे में अमृत भारत एक्सप्रेस का सफर करीब 12 घंटे में पूरा कराया जाना चाहिए। उन्होंने गोरखपुर-प्रयागराज वंदे भारत एक्सप्रेस के वापसी संचालन के लिए प्लेटफार्म पहले से तय करने का सुझाव भी दिया। बताया कि गोरखपुर से प्रयागराज जाने के दौरान ट्रेन प्लेटफार्म नंबर एक से रवाना होती है, लेकिन वापसी में उसका प्लेटफार्म निर्धारित नहीं रहता। इससे यात्रियों को परेशानी होती है। लखनऊ की जगह ऐशबाग से चलाने का मुद्दा पवन कुमार दुबे ने गाड़ी संख्या 12555 गोरखधाम एक्सप्रेस, 12571 गोरखपुर-आनंद विहार हमसफर और 12595 हमसफर एक्सप्रेस को लखनऊ के बजाय ऐशबाग से चलाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि जहांगीराबाद से मानकनगर के बीच करीब 20 किलोमीटर की दूरी तय करने में इन ट्रेनों को दो से तीन घंटे तक अतिरिक्त समय लग रहा है। इससे दिल्ली जाने वाले मरीजों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा यात्रियों को काफी परेशानी होती है। उन्होंने इस रेलखंड पर लगने वाले अतिरिक्त समय को कम करने की मांग की। पुरी, जैसलमेर, हरिद्वार और जम्मू-कश्मीर के लिए नई ट्रेन की मांग बैठक में गोरखपुर से देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए नई ट्रेनों के संचालन की मांग भी जोरदार तरीके से उठी। समरेंद्र विक्रम सिंह ने गोरखपुर से पुरी के लिए नियमित ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रखा। इसके अलावा गोरखपुर से जैसलमेर के लिए सुपरफास्ट ट्रेन और अरुणाचल प्रदेश तथा हरिद्वार के लिए नई ट्रेन चलाने की मांग की गई। जम्मू-कश्मीर के लिए भी गोरखपुर से नई ट्रेन शुरू करने का सुझाव दिया गया। वहीं, मध्य भारत के रास्ते गोरखपुर से दिल्ली के लिए स्लीपर ट्रेन चलाने की मांग भी रखी गई। गोरखपुर-पुणे ट्रेन रोज चलाने का प्रस्ताव बैठक में गोरखपुर-पुणे साप्ताहिक ट्रेन के फेरे बढ़ाने की मांग भी हुई। सदस्यों ने कहा कि यात्रियों की संख्या को देखते हुए इस ट्रेन को प्रतिदिन या कम से कम सप्ताह में चार दिन चलाया जाना चाहिए। इससे पूर्वांचल के यात्रियों को पुणे और आसपास के क्षेत्रों की यात्रा में काफी सुविधा मिलेगी। गोंडा से प्रयागराज इंटरसिटी चलाने की मांग पंकज कुमार श्रीवास्तव ने गोंडा से प्रयागराज के बीच इंटरसिटी ट्रेन चलाने की मांग की। उन्होंने 15070/15069 इंटरसिटी एक्सप्रेस का इटियाथोक और गोंडा-बहराइच रेलमार्ग के बनगाई स्टेशन पर ठहराव देने का भी प्रस्ताव रखा। उन्होंने गोंडा जंक्शन पर वाशिंग पिट लाइन बनाने, नई दिल्ली से गोरखपुर वाया गोंडा वंदे भारत या राजधानी जैसी ट्रेन चलाने और रेलवे की जमीन तथा कॉलोनियों से अतिक्रमण हटाने का सुझाव दिया। साल में दो बार हो समिति की बैठक महाराजगंज (बिहार) के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने क्षेत्रीय परामर्शदात्री समिति की बैठक साल में कम से कम दो बार कराने की मांग की। उनका कहना था कि नियमित बैठक होने से सांसदों और उनके प्रतिनिधियों को अपने क्षेत्रों से जुड़े रेल संबंधी मुद्दों को रेलवे के सामने रखने का अधिक अवसर मिलेगा। मनकापुर के सांसद कीर्तिवर्धन सिंह के प्रतिनिधि ने गोंडा लोकसभा क्षेत्र में हुए आधारभूत विकास कार्यों और आरओबी-आरयूबी के निर्माण के लिए रेलवे प्रशासन और रेल मंत्री का आभार जताया। पंकज चौधरी, जितिन प्रसाद और सनातन पांडेय के प्रतिनिधियों के साथ विपिन तिवारी ने भी अलग-अलग स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं बढ़ाने और विकास कार्यों को समय से पूरा करने के सुझाव दिए। रेलवे बोर्ड को भेजे जाएंगे प्रस्ताव पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने कहा कि बैठक में सदस्यों की ओर से रखे गए सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। रेलवे के स्तर पर जिन प्रस्तावों पर निर्णय संभव होगा, उन पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, रेलवे बोर्ड के स्तर से जुड़े मामलों के लिए प्रस्ताव तैयार कर बोर्ड को भेजा जाएगा। 58 स्टेशनों का हो रहा पुनर्विकास महाप्रबंधक ने रेलवे की ओर से किए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड रेलखंड का गेज परिवर्तन और 81.34 किलोमीटर मल्टी-ट्रैकिंग का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा 49.91 किलोमीटर ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग, 12 आरओबी और 43 आरयूबी का काम पूरा किया जा चुका है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पूर्वोत्तर रेलवे के 58 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष त्योहारों के दौरान यात्रियों की भीड़ को देखते हुए 94 स्पेशल, 54 ग्रीष्मकालीन और 45 होली स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया था।
त्योहारी सीजन और बढ़ती यात्री भीड़ को देखते हुए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने यात्रियों को राहत दी है। रेलवे प्रशासन ने सांतरागाछी जंक्शन और अरुणाचल प्रदेश के नाहरलगुन के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन के फेरे बढ़ाने का फैसला किया है। इससे पश्चिम बंगाल, उत्तरी असम और अरुणाचल प्रदेश के यात्रियों को यात्रा के लिए और सुविधा मिलेगी। रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 08047 (सांतरागाछी-नाहरलगुन) स्पेशल ट्रेन 11, 18 और 25 सितंबर 2026 को तीन अतिरिक्त फेरों के लिए चलेगी। वहीं वापसी में ट्रेन संख्या 08048 (नाहरलगुन-सांतरागाछी) स्पेशल 12, 19 और 26 सितंबर 2026 को तीन अतिरिक्त फेरे लगाएगी। ठहराव और कोच में नहीं हुआ बदलाव रेलवे अधिकारियों ने साफ किया है कि बढ़ाए गए फेरों के दौरान ट्रेन की समय-सारणी, तय ठहराव और कोच में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ट्रेन अपने पहले से तय समय और स्टेशनों पर ही चलेगी। रेलवे के मुताबिक, सितंबर महीने में दुर्गापूजा, पारिवारिक आयोजनों और छुट्टियों के कारण पूर्वोत्तर राज्यों और कोलकाता इलाके के बीच यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में अतिरिक्त फेरों से यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने में आसानी होगी और यात्रा का बोझ भी कम होगा। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने यात्रियों से कहा है कि वे टिकट बुकिंग और यात्रा से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या अधिकृत टिकट काउंटरों का इस्तेमाल करें। इस फैसले से पूजा सीजन में पूर्वोत्तर और पश्चिम बंगाल के बीच यात्रा और आसान हो जाएगी।
जागरण संपादकीय: हिमालयी राज्यों की चुनौती
यह सही समय है कि उत्तराखंड, हिमाचल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर को ध्यान में रखकर शुरू की गई ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड संबंधी परियोजना की समीक्षा की जाए।
Operation Lotus के तहत BJP फिर करेगी खेल? Mamata Banerjee को झटका? TMC। Arunachal Pradesh। Meghalaya
Operation Lotus के तहत बीजेपी करने वाली है खेल, Mamata Banerjee को फिर लगेगा झटका? मेघालय की राजनीति में 2028 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा सियासी उलटफेर होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
'मैं यहां का खिलाड़ी हूं' जब नदी के उलट तैरे किरेन रिजिजू
मोदी सरकार में मंत्री किरेन किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर अरुणाचल प्रदेश की एक तेज बहाव वाली उफनती नदी में तैरते हुए अपना एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने लोगों को बिना तैराकी जाने गहरे और खतरनाक पानी में न उतरने की सलाह दी और बताया कि राज्य की नदियां बहुत गहरी और बड़ी हैं।
Arunachal Pradesh Tinkle Karga Gongo Viral Video: प्यारी सी बच्ची को मिला ढेर सारा प्यार,कहा थैंक यू
Arunachal Pradesh Tinkle Karga Gongo Viral Video: प्यारी सी बच्ची को मिला ढेर सारा प्यार ऐसे कहा थैंक यू
'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग
अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।
दिबांग घाटी में बाढ़ के बाद भोजपुर का आर्मी जवान आठ दिन से लापता
22 शनिवार, अगस्त: भोजपुर का आर्मी जवान अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में बाढ़ और बादल फटने के बाद पांच जवानों के साथ लापता हो गया। आठ दिन बाद भी उसका पता नहीं चला है। परिजनों की चिंता बढ़ गई है।
अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में बाढ़ के बाद भोजपुर का जवान आठ दिन से लापता
22 शनिवार, अगस्त: भोजपुर का रहने वाला आर्मी जवान अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में बाढ़ और बादल फटने के बाद पांच जवानों के साथ लापता हो गया। आठ दिन बाद भी जवान का पता नहीं चला है, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई है।
अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के घुसपैठ के दावे से मणिपुर का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो 25 अप्रैल 2026 का मणिपुर के हूमी गांव में असम राइफल्स और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प का है.
अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ के दावे से बांग्लादेश सीमा का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो चांपाईनवाबगंज के शिबगंज सीमा क्षेत्र पर बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के बीच हुई कहासुनी का है.
Bigg Boss 18 : चुम दरांग को मिला अरुणाचल प्रदेश के सीएम का सपोर्ट
सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 18' अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर कोई इस सीजन का विनर बनने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन दिनों शो में 'टिकट टू फिनाले' टास्क चल रहा है। इस टास्क में विवियन डीसेना और चुम दरंग आमने-सामने खड़े हैं। वहीं ...

