जयपुर के चाकसू में रोडवेज बस ओवरटेक की कोशिश में आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। इस दौरान ट्रक बेकाबू हो गया और आगे चल रही बाइक को चपेट में ले लिया। ट्रक की टक्कर के बाद बाइक सवार पति-पत्नी लहूलुहान हालत में सड़क पर गिर पड़े। अस्पताल में डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक दंपती का बेटा अग्निवीर है। घटना दोपहर करीब 2 बजे नेशनल हाईवे-52 पर कोथून गांव के पास हुई। रोडवेज बस के ओवरटेक करने से बेकाबू हुआ ट्रक चाकसू थानाधिकारी मनोहर लाल मेघवाल ने बताया - कोथून निवासी रामेश्वर जाट (48) अपनी पत्नी ममता (44) के साथ खेत पर पशुओं का चारा लेने गए थे। दोनों बाइक पर चारा लेकर वापस घर लौट रहे थे। इस बीच चाकसू से जयपुर की ओर जा रही टोंक डिपो की बस ने ट्रक को ओवरटेक करने की कोशिश की। इस दौरान बस का अगला हिस्सा ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गया। टक्कर के बाद बस भी बेकाबू होकर डिवाइडर की दूसरी ओर चली गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बेकाबू ट्रक ने आगे चल रही बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर के बाद बाइक सवार दंपती लहूलुहान हालत में सड़क पर गिर पड़े। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घायल दंपती सड़क किनारे पड़े हुए थे। दोनों के शरीर पर गहरी चोटें आई थी। मौके पर मौजूद लोगों ने दंपती को सीपीआर देकर जान बचाने की कोशिश की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने एंबुलेंस और ग्रामीणों की मदद से पति-पत्नी को चाकसू अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। हादसा दंपती के घर से महज 700 मीटर की दूरी पर हुआ। घटना के बाद रोडवेज बस में मौजूद यात्रियों को दूसरी बस से भेजा गया। पुलिस ने ट्रक और बस को जब्त कर थाने में खड़ा किया है। दो साल पहले अग्निवीर जवान बना था बेटा मृतक के रिश्तेदार सीताराम ने बताया - रामेश्वर का परिवार खेती-बाड़ी पर निर्भर था। माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। रामेश्वर के तीन बच्चे हैं। सबसे छोटा बेटा दो साल पहले ही अग्निवीर के तहत सेना में भर्ती हुआ था। अभी उसकी अरुणाचल प्रदेश में पोस्टिंग है। दोनों बड़ी बेटियां पढ़ाई कर रही हैं। ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने अभी तक बेटे को हादसे की जानकारी नहीं दी है। वहीं, बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा है। यह खबर भी पढ़ें किराया मांगा तो मकान मालिक को 4 गोली मारी:बोला- तेरा खेल खत्म कर दूंगा; 2 साल से नहीं दिया था रेंट पाली के सोजत रोड इलाके में किराया मांगने पर किरायेदार ने मकान मालिक पर एक के बाद एक चार गोलियां चला दीं। आरोपी ने दो साल से किराया नहीं दिया था। मंगलवार सुबह मकान मालिक ने किराया मांगा तो किरायेदार रिवॉल्वर लेकर आया और बोला- तेरा खेल खत्म कर दूंगा। ( पूरी खबर यहां पढ़ें)
अरुणाचल सरकार ने अपर सियांग मेगा हाइड्रो प्रोजेक्ट के लिए उच्च स्तरीय समिति बनाई
इटानगर, 23 सितंबर . अरुणाचल प्रदेश Government ने Wednesday को सियांग और अपर सियांग जिलों में प्रस्तावित अपर सियांग बहुउद्देशीय परियोजना (एसयूएमपी) के लिए पूर्व-व्यवहार्यता रिपोर्ट (पीएफआर) सर्वेक्षण और संबंधित गतिविधियों के मार्गदर्शन और समन्वय के लिए एक सशक्त उच्च स्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है. एसयूएमपी एक विशाल जलविद्युत परियोजना है, जिसकी ... Read more
IMD Rain Alert: देश के कई हिस्सों में मौसम गतिविधियों ने उग्र और भयावह रूप ले लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने गुरुवार 24 सितंबरके लिए मौसम का बहुत बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक 24 सितंबर को छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में मौसम का प्रचंड तांडव देखने को मिलेगा। इन चारों राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा समुद्र में 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और कई अन्य राज्यों में तेज बारिश होने की चेतावनी दी गई है।4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्टमौसम विभाग द्वारा 24 सितंबर के लिए जारी बुलेटिन के मुताबिक छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में बादल आफत बनकर बरसेंगे। इन चारों राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने के पूरे आसार हैं। इसके साथ ही इन चारों राज्यों छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले थंडरस्कवॉल (आंधी-तूफान) का अलर्ट जारी किया गया है। मूसलाधार बारिश और तूफानी हवाओं के कारण निचले इलाकों में गंभीर जलभराव और नदी-नालों में उफान आने का बड़ा खतरा जताया गया है।बिहार, झारखंड, विदर्भ और बंगाल में बहुत भारी बारिश का अलर्टदेश के पूर्वी और मध्य भागों में भी मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा रहेगा। मौसम विभाग ने बिहार, झारखंड, विदर्भ और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन राज्यों में दिन भर बादलों का कड़ा पहरा रहेगा और कई जिलों में रुक-रुक कर मूसलाधार पानी गिरेगा।यूपी, एमपी, कर्नाटक और महाराष्ट्र में भारी बारिश का अनुमानदेश के कई दूसरे राज्यों में भी तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, असम व मेघालय, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे और मराठवाड़ा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है।40 से 50 kmph की रफ्तार से आंधी और बिजली कड़कने की चेतावनीमौसम विभाग ने तटीय और मैदानी इलाकों में तेज हवाओं को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कोंकण व गोवा, महाराष्ट्र और रायलसीमा में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, मध्य प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर सिर्फ गरज-चमक और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और तेलंगाना में अलग अलग तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है।समुद्र में 75 kmph का तूफान: तटीय इलाकों के लिए भीषण अलर्टसमुद्री क्षेत्रों में मौसमी प्रणालियों के कारण स्थिति बेहद खतरनाक बनी हुई है। मौसम विभाग ने तटीय इलाकों और समुद्र में तेज तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया है। पश्चिम-मध्य और उससे सटी उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से तूफानी हवाएं चलेंगी। इसकी रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।उत्तर और दक्षिण बंगाल की खाड़ी के निकटवर्ती क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। दक्षिणी ओडिशा, उत्तरी आंध्र प्रदेश और यणम के तटीय इलाकों में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक जाने का अनुमान है। पश्चिम बंगाल और दक्षिणी आंध्र प्रदेश व यणम के तटों पर 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जहां झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।ये भी पढ़ें- UP-EDGE Project: योगी सरकार का पूर्वांचल पर मेगा प्लान! 28 जिलों की बदलने वाली है किस्मत, ₹2,500 करोड़ से होगा ये बदलाव
भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय पदाधिकारियों की नई टीम घोषित करने के बाद अब संगठन की अगली कड़ी भी सामने रख दी है। पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन ने आज 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारियों की नई सूची जारी कर दी है। यानी राष्ट्रीय संगठन के पुनर्गठन के बाद अब पार्टी की निगाहें राज्यों की राजनीतिक जमीन पर संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने पर हैं। नई सूची में वरिष्ठ और अनुभवी चेहरों के साथ अपेक्षाकृत नए नेताओं, महिलाओं और अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले नेताओं को जगह दी गई है। हम आपको याद दिला दें कि पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची अगस्त में जारी हुई थी, जिसमें पार्टी ने अनुभव, ऊर्जा और जमीनी जुड़ाव के मिश्रण पर जोर दिया था। भाजपा की प्रदेश प्रभारियों की सूची को सिर्फ नियुक्तियों की सूची मानना संगठन की इस कवायद के राजनीतिक अर्थ को छोटा करके देखना होगा। दरअसल, पार्टी ने महत्वपूर्ण राज्यों में ऐसे नेताओं को लगाया है जिनके पास संगठन, चुनाव और राज्य स्तर की राजनीति का लंबा अनुभव है। सबसे बड़ा उदाहरण उत्तर प्रदेश का है, जहां प्रभारी की जिम्मेदारी विनोद तावड़े को दी गई है। उनके साथ जगदीश पटेल, मेधा कुलकर्णी, डॉ. प्रदीप वर्मा और अनंत ओझा को सह प्रभारी बनाया गया है। विनोद तावड़े को पहले भी उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी जा चुकी है और अगस्त में पार्टी ने उन्हें राज्य का प्रभारी नियुक्त किया था। ऐसे में उत्तर प्रदेश में उनकी भूमिका संगठन और चुनावी रणनीति के बीच बेहतर तालमेल बनाने की दिशा में देखी जा सकती है। इसे भी पढ़ें: Meerut में Nitin Nabin की युवाओं को सलाह, नशे और शॉर्टकट से दूर रहकर देशहित को सर्वोपरि रखें पंजाब में डॉ. सतीश पूनिया को प्रभारी बनाया गया है, जबकि वीरेंद्र सचदेवा और डॉ. अलका गुर्जर को सह प्रभारी की जिम्मेदारी मिली है। पूनिया भाजपा की राजस्थान इकाई के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं और राष्ट्रीय स्तर पर उन्हें हाल ही में पार्टी महासचिव की जिम्मेदारी भी मिली है। ऐसे अनुभवी नेताओं का इस्तेमाल उन राज्यों में संगठन को मजबूत करने के लिए किया जा सकता है जहां सामाजिक समीकरण, स्थानीय नेतृत्व और चुनावी रणनीति एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। गुजरात में तरुण चुग को प्रभारी बनाया गया है, जबकि अजय महावर और गोमती साई सह प्रभारी होंगी। तरुण चुग पहले से राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वहीं पश्चिम बंगाल और तेलंगाना जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्यों में सुनील बंसल को प्रभारी बनाया गया है। पश्चिम बंगाल में उनके साथ लाल सिंह आर्य, राजेंद्र सिंह और पिंकी कुशवाहा तथा तेलंगाना में अभय पाटिल और रेखा शर्मा को सह प्रभारी बनाया गया है। सूची में महिला नेतृत्व की मौजूदगी भी साफ दिखाई देती है। छत्तीसगढ़ और हरियाणा में स्मृति ईरानी को प्रभारी बनाया गया है। महाराष्ट्र में बैजयंत जय पांडा प्रभारी हैं और उनके साथ तीन सह प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। बिहार में हरीश द्विवेदी के साथ संगीता यादव और रोहन गुप्ता, जबकि राजस्थान में संजय भाटिया के साथ कविता पाटीदार और कुलजीत चहल को जिम्मेदारी दी गई है। उत्तर-पूर्व को भी सूची में पर्याप्त संगठनात्मक प्रतिनिधित्व मिला है। असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम जैसे राज्यों में अलग-अलग नेताओं को जिम्मेदारियां दी गई हैं। असम में मंगल पांडे के साथ फांग्नोन कोन्याक और मनोज टिग्गा हैं, जबकि मणिपुर में डॉ. राजदीप राय और त्रिपुरा में मृगांका देव बर्मन को जिम्मेदारी मिली है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भाजपा ने राष्ट्रीय टीम के बाद अब राज्य स्तर पर भी ऐसा ढांचा खड़ा किया है जिसमें अनुभव और नई ऊर्जा को साथ रखने की कोशिश दिखाई देती है। अगस्त में घोषित राष्ट्रीय टीम में 65 पदाधिकारियों में 51 नए चेहरे थे और पार्टी ने युवा, महिला, क्षेत्रीय तथा सामाजिक प्रतिनिधित्व पर विशेष जोर दिया था। अब प्रदेश प्रभारियों की सूची उसी संगठनात्मक सोच को राज्यों तक ले जाती दिखती है। राजनीतिक तौर पर इन नियुक्तियों का बड़ा लाभ यह हो सकता है कि केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश संगठन के बीच संवाद की एक मजबूत कड़ी बने। अनुभवी प्रभारी स्थानीय गुटबाजी, सामाजिक समीकरण और चुनावी इतिहास को समझकर रणनीति बनाने में मदद कर सकते हैं, जबकि नए और क्षेत्रीय चेहरे संगठन को स्थानीय समाज और कार्यकर्ता स्तर से जोड़ने में उपयोगी हो सकते हैं। खासकर उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, पंजाब, तमिलनाडु और तेलंगाना जैसे राज्यों में प्रभारी केवल संगठनात्मक समन्वयक नहीं, बल्कि केंद्रीय रणनीति और स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों के बीच महत्वपूर्ण सेतु की भूमिका निभाएंगे। बहरहाल, भाजपा ने राष्ट्रीय टीम के बाद अब राज्यों में भी संगठन की बिसात बिछा दी है। संदेश साफ है। केंद्र में नई टीम और राज्यों में नई जिम्मेदारियां, दोनों को एक साथ साधकर पार्टी आने वाले राजनीतिक दौर के लिए अपने संगठन को सक्रिय, व्यापक और अधिक क्षेत्रीय रूप से सक्षम बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। अब देखना होगा कि अगले साल होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में यह नये प्रभारी पार्टी को कितना मजबूत समर्थन दिला पाते हैं।
भाजपा ने बुधवार को 36 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में पार्टी के नए प्रभारियों और 24 राज्यों में सह-प्रभारियों का ऐलान किया। संजय भाटिया को राजस्थान और बिप्लब कुमार देव को मध्य प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। राजस्थान में पहले डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल प्रभारी थे। वहीं, मध्य प्रदेश की जिम्मेदारी डॉ. महेंद्र सिंह के पास थी। नई लिस्ट के मुताबिक, स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ और हरियाणा का प्रभारी बनाया गया है। राम माधव को तमिलनाडु और उत्तराखंड की जिम्मेदारी दी गई है। तीन अन्य नेताओं को भी दो-दो राज्यों का प्रभारी बनाया गया है। बिहार में हरीश द्विवेदी को प्रभारी बनाया गया है। यूपी में 4 सह-प्रभारी नियुक्त हुए हैं। UP-पंजाब-गुजरात के प्रभारी नहीं बदले, 18 अगस्त को हुई थी नियुक्ति भाजपा ने उत्तर प्रदेश, पंजाब और गुजरात के प्रभारी नहीं बदले हैं। विनोद तावड़े उत्तर प्रदेश, सतीश पूनिया पंजाब और तरुण चुघ गुजरात के प्रभारी बने रहेंगे। इन तीनों नेताओं की नियुक्ति 18 अगस्त को ही की गई थी। उस समय पार्टी ने कहा था कि बाकी राज्यों के प्रभारी और सह-प्रभारी बाद में नियुक्त किए जाएंगे। अब नई लिस्ट में इन तीनों राज्यों और उनके प्रभारियों के नाम फिर से शामिल किए गए हैं। ये तीनों राज्य 2027 में विधानसभा चुनाव वाले 7 राज्यों में शामिल हैं। इनके अलावा उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर और हिमाचल प्रदेश में अगले साल चुनाव होंगे। 12 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में कोई सह-प्रभारी नहीं 12 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में भाजपा ने कोई सह-प्रभारी नियुक्त नहीं किया है। इसमें अंडमान-निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा नगर हवेली एवं दमन और दीव, लद्दाख और लक्षद्वीप शामिल है। मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड, पुडुचेरी, सिक्किम और त्रिपुरा में भी सिर्फ प्रभारी नियुक्त किए गए हैं, कोई सह-प्रभारी नहीं है। एंटनी प्रभारी और सह-प्रभारी दोनों बने, यूपी में 4 सह-प्रभारी बने; 4 खास फैक्ट्स --------------------------------- यह खबरें भी पढ़ें… मध्य प्रदेश: नए प्रभारी बिप्लब पूर्व CM, 4 नेताओं को दूसरे राज्यों का जिम्मा मध्य प्रदेश के नए भाजपा प्रभारी बिप्लब कुमार देब त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री हैं। अभी त्रिपुरा पश्चिम सीट से लोकसभा सांसद हैं। वह RSS के पूर्व स्वयंसेवक भी रह चुके हैं। बिप्लब से पहले डॉ. महेंद्र सिंह मध्य प्रदेश के भाजपा प्रदेश प्रभारी थे। भाजपा के प्रभारियों और सह-प्रभारियों की नई लिस्ट में मध्य प्रदेश के चार नेताओं को दूसरे राज्यों की जिम्मेदारी दी गई है। पूरी खबर पढ़ें… बिहार: 4 साल से प्रभारी रहे तावड़े को चुनावी राज्य यूपी भेजा भाजपा ने अब तक बिहार के सह-प्रभारी रहे हरीश द्विवेदी को नया प्रभारी बना दिया है। वह उत्तर प्रदेश के बस्ती से हैं और बस्ती लोकसभा सीट से दो बार सांसद रह चुके हैं। वहीं, करीब 4 साल तक बिहार के प्रभारी रहे विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। तावड़े के बिहार प्रभारी रहते भाजपा पहली बार राज्य में अपना मुख्यमंत्री बनाने में सफल हुई। पूरी खबर पढ़ें… छत्तीसगढ़: डी. पुरंदेश्वरी के बाद स्मृति ईरानी दूसरी महिला प्रभारी स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ भाजपा का नया प्रदेश प्रभारी बनाया गया है। दैनिक भास्कर ने एक महीने पहले ही बताया था कि प्रदेश प्रभारी की रेस में स्मृति ईरानी का नाम सबसे आगे है। डी. पुरंदेश्वरी के बाद स्मृति ईरानी छत्तीसगढ़ भाजपा की दूसरी महिला प्रदेश प्रभारी हैं। पूरी खबर पढ़ें… राजस्थान: BJP ने का प्रभारी बदला, तीन नेताओं को दूसरे राज्यों का प्रभार भाजपा ने राजस्थान में डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल की जगह संजय भाटिया को नया प्रभारी बनाया गया है। कविता पाटीदार और कुलजीत चहल को सह-प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। राज्य के तीन नेताओं को दूसरे राज्यों की जिम्मेदारियां दी हैं। इनमें सुनील बंसल और सतीश पूनिया को दो-दो राज्यों के प्रभारी की जिम्मेदारी दी है। पूरी खबर पढ़ें…
IMD Weather Report: बंगाल की खाड़ी के ऊपर 23 सितंबर को एक कम दबाव का मौसम तंत्र बना है, जिससे देश के कई राज्यों में भारी बारिश और सामान्य से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज, बुधवार, 23 सितंबर 2026 को जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, डीप डिप्रेशन की वजह से आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और आस-पास के इलाकों में बहुत ज्यादा बारिश हो सकती है। यह सिस्टम उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट की ओर बढ़ रहा है और 23 सितंबर की रात तक विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच से गुजर सकता है।मौसम विभाग नेजारी कीअलर्ट की तस्वीरआईएमडी ने कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बहुत ज्यादा बारिश, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने का अनुमान लगाया है। पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, विदर्भ और पूर्वी और मध्य भारत के दूसरे हिस्सों में भी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने 23 सितंबर के लिए राज्य-वार मौसम का अनुमान और अलर्ट की तस्वीर भी जारी की है। छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ जगहों पर बहुत ज्यादा भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 23 सितंबर के लिए राज्य-वार मौसम का अनुमान और अलर्ट की तस्वीर भी जारी की है।50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आ सकता है आंधी-तूफानअरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, अंदरूनी कर्नाटक, झारखंड, केरल और माहे, कोंकण और गोवा, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ जगहों पर भी भारी बारिश होने का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में कुछ जगहों पर 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान आ सकता है। अंडमान और निकोबार आइलैंड, बिहार, छत्तीसगढ़, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कोंकण और गोवा और महाराष्ट्र में कुछ जगहों पर बिजली और तेज हवाओं (40-50kmph) के साथ तूफान आ सकता है।तेज हवाओं के साथ तूफान की आशंकाकर्नाटक, केरल और माहे, सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर बिजली और तेज हवाओं (30-40kmph) के साथ तूफान की आशंका है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में कुछ जगहों पर तेज हवाएं चल सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा और रायलसीमा में कुछ जगहों पर गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना है।अरब सागर : दक्षिण-पश्चिम अरब सागर और मन्नार की खाड़ी से सटे सोमालिया के तटों पर और उसके आस-पास 45-55 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार बढ़कर 65 किलोमीटर प्रतिघंटे तक पहुंच सकती है। कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप के तटों पर 35-45 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 55 किलोमीटर प्रतिघंटे तक पहुंच सकती हैं।बंगाल की खाड़ी : हवा की रफ्तार 45-55 किलोमीटर प्रतिघंटे से बढ़कर 65 किलोमीटर प्रतिघंटे तक पहुंचने के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।Onion prices: फिर रुलाने की तैयारी में प्याज के भाव, सब्सिडी के बावजूद मेट्रो शहरों में आसमान छू रहे प्याज के दाम
अरुणाचल प्रदेश में भी पुरुषों से महिला वोटरों की संख्या ज्यादा, फाइनल वोटर लिस्ट से पता चला
ईटानगर, 22 सितंबर . मणिपुर और मिजोरम के बाद अरुणाचल प्रदेश की फाइनल वोटर लिस्ट में भी महिला वोटरों की संख्या पुरुष वोटरों से ज्यादा है. अधिकारियों ने Tuesday को बताया कि नॉर्थ-ईस्ट बॉर्डर वाले इस राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पूरा हो गया है. फाइनल इलेक्टोरल रोल पब्लिश करते हुए चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर ... Read more
आज की तेज-तर्रार जिंदगी, ट्रैफिक का शोर, ऑफिस की समय-सीमा और लगातार बजते मोबाइल फोन के नोटिफिकेशन ने इंसान को मानसिक रूप से बुरी तरह थका दिया है। ऐसे में हर कोई कुछ समय के लिए ऐसी जगह जाना चाहता है जहां न कोई भागमभाग हो, न सांसारिक कोलाहल, बल्कि चारों ओर सिर्फ प्रकृति का मौन, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक शांति हो। भारत अनादि काल से तपस्या, साधना और आत्म-खोज की भूमि रहा है। हालांकि, देश के कई प्रमुख तीर्थस्थलों पर सालभर भारी भीड़ और व्यावसायिकता का पहरा रहता है, जिसके चलते कई बार लोग वहां जाकर भी वह आंतरिक शांति महसूस नहीं कर पाते जिसकी उन्हें दरकार होती है। यदि आप भीड़-भाड़ से दूर किसी एकांत और ऊर्जावान स्थान पर ध्यान लगाने या खुद से जुड़ने की योजना बना रहे हैं, तो भारत के ये 10 शांत आध्यात्मिक स्थल आपकी आत्मा को असीम शांति से भर देंगे।पहाड़ों की गोद में बसे शांत ध्यान और साधना स्थलपहाड़ों की ताजी हवा और देवदार के घने जंगलों के बीच ध्यान का अनुभव मन को तुरंत स्थिर कर देता है:कसार देवी (उत्तराखंड): अल्मोड़ा के पास स्थित कसार देवी मंदिर दुनिया के उन दुर्लभ तीन स्थानों में से एक है जो 'वैन एलेन बेल्ट' (Van Allen Radiation Belt) के अंतर्गत आते हैं। माचू पिच्चू और स्टोनहेंज की तरह यहां अत्यधिक भू-चुंबकीय ऊर्जा (Geomagnetic Energy) पाई जाती है। स्वामी विवेकानंद, रबींद्रनाथ टैगोर और बॉब डिलन जैसी विभूतियों ने यहां गहन साधना की थी। यहां का शांत वातावरण और हिमालय की बर्फीली चोटियों का दृश्य मन को सहज ही शून्य में ले जाता है।तवांग मठ (अरुणाचल प्रदेश): समुद्र तल से लगभग 10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित तवांग बौद्ध मठ भारत का सबसे बड़ा और विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मठ है। बर्फ से ढकी पहाड़ियों के बीच भिक्षुओं की गूंजती मंत्रोच्चार की ध्वनि और उड़ती हुई बौद्ध प्रार्थना पताकाएं मन के सभी संशयों को शांत कर भीतर एक अलौकिक ठहराव पैदा करती हैं।त्रियुगीनारायण और कल्पेश्वर (उत्तराखंड): जहां केदारनाथ में भारी भीड़ रहती है, वहीं रुद्रप्रयाग का त्रियुगीनारायण गांव अत्यंत शांत है। मान्यता है कि यहां भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था और उस विवाह की अखंड धूनी आज भी प्रज्वलित है। इसी तरह पंच केदार में शामिल 'कल्पेश्वर' एकमात्र ऐसा धाम है जो वर्षभर खुला रहता है और वहां की मौन घाटी साधना के लिए अद्वितीय है।मैक्लॉडगंज और धरमकोट (हिमाचल प्रदेश): दलाई लामा का निवास स्थल होने के कारण यह क्षेत्र तिब्बती बौद्ध धर्म और ध्यान की समृद्ध परंपरा का केंद्र है। मुख्य बाजार से थोड़ा ऊपर धरमकोट की शांत पहाड़ियों में कई विपश्यना केंद्र और योग आश्रम स्थित हैं, जहां बिना किसी बातचीत के एकांत में मन की गहराइयों को टटोला जा सकता है।दक्षिण और पूर्व भारत के मौन आध्यात्मिक केंद्रदक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में प्राकृतिक विविधता के बीच स्थित ये स्थल मानसिक पुनर्जीवन के लिए आदर्श माने जाते हैं:अरुणाचल पहाड़ी, तिरुवन्नामलाई (तमिलनाडु): भगवान शिव के अग्नि तत्व का प्रतीक माना जाने वाला अरुणाचलेश्वर मंदिर और महर्षि रमण का आश्रम दुनिया भर के साधकों को आकर्षित करता है। रमण आश्रम के शांत हॉल में बैठकर केवल मौन रहने से ही अवसाद और मानसिक अशांति दूर हो जाती है। अरुणाचल पर्वत की 14 किलोमीटर की 'गिरिवलम' (परिक्रमा) नंगे पांव करना एक गहरा आध्यात्मिक रूपांतरण माना जाता है।माजुली द्वीप (असम): ब्रह्मपुत्र नदी के सीने पर बसा माजुली दुनिया का सबसे बड़ा नदी द्वीप है। यह 15वीं शताब्दी के महान संत श्रीमंत शंकरदेव द्वारा स्थापित 'सत्रों' (वैष्णव मठों) का केंद्र है। ढोल-खोल की मधुर थाप, बोरगीत की गूंज और नदी का शांत प्रवाह आधुनिक दुनिया के कोलाहल से बिल्कुल अलग एक शांत आध्यात्मिक दुनिया की सैर कराता है।गोकर्ण (कर्नाटक): जहां गोवा की पहचान पार्टियों और तेज संगीत से है, वहीं उससे कुछ दूरी पर स्थित गोकर्ण अपने शांत समुद्र तटों और भगवान महाबलेश्वर के प्राचीन आत्मलिंग मंदिर के लिए जाना जाता है। समुद्र की लहरों की आवाज के बीच कुडले बीच या ओंम बीच के शांत कोनों में बैठकर योग और साधना करना मन को गहरे विश्राम में डुबो देता है।पुष्कर (राजस्थान): दुनिया का एकमात्र प्रमुख ब्रह्मा मंदिर और 52 पवित्र घाटों से घिरी शांत पुष्कर झील शाम की महाआरती के समय एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभूति कराती है। घाट की सीढ़ियों पर बैठकर जल में प्रतिबिंबित होते दीयों को देखना और नगाड़ों की गूंज सुनना सांसारिक चिंताओं को पूरी तरह भुला देता है।मौन साधना और चेतना के वैश्विक आश्रमअगर आप पारंपरिक मंदिर दर्शन के बजाय संगठित ध्यान और मौन की तलाश में हैं, तो ये दो केंद्र जीवन बदलने वाले अनुभव प्रदान करते हैं:ऑरोविले और श्री अरविंदो आश्रम (पुडुचेरी): ऑरोविले किसी धर्म या जाति की सीमा से परे एक वैश्विक आध्यात्मिक नगरी है। इसके केंद्र में स्थित स्वर्ण गुंबदनुमा 'मातृमंदिर' (Matrimandir) पूरी तरह मौन एकाग्रता के लिए बनाया गया है। यहां कोई मूर्ति या पूजा-पाठ नहीं होता; केवल सफेद संगमरमर पर गिरती सूर्य की किरण के सामने बैठकर व्यक्ति अपने अंतर्मन से जुड़ता है।धम्म गिरि, इगतपुरी (महाराष्ट्र): यह विश्व का सबसे बड़ा विपश्यना ध्यान केंद्र है। गौतम बुद्ध की 2500 साल पुरानी ध्यान पद्धति 'विपश्यना' के 10 दिवसीय मौन शिविर में व्यक्ति को बाहरी दुनिया, फोन, किताबों और यहां तक कि आपसी बातचीत से पूरी तरह अलग कर दिया जाता है। सह्याद्रि की वादियों में स्थित यह केंद्र उन लोगों के लिए सर्वोत्तम है जो अपने मानसिक विकारों और तनाव की जड़ों को काटकर शुद्ध मन पाना चाहते हैं।
September 23 Weather: देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां प्रचंड रूप ले चुकी हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार 23 सितंबर के लिए मौसम का बड़ा अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक 23 सितंबर को ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में मौसम का भारी तांडव देखने को मिलेगा। इन राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की रेड कलर वॉर्निंग जारी की गई है। इसके अलावा देश के दूसरे राज्यों में भी तूफानी हवाओं, गरज-चमक और मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। 4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश की रेड कलर वॉर्निंगमौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 23 सितंबर को छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में तूफानी मौसम का सामना करना होगा। इन चारों राज्यों में मध्यम से तेज बारिश के बीच कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने के पूरे आसार हैं।महाराष्ट्र, बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्टदेश के कई दूसरे राज्यों में भी मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, आंतरिक कर्नाटक, झारखंड, केरल व माहे, कोंकण व गोवा, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के साथ सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में दिन भर रुक-रुक कर तेज बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है।50 से 60 kmph की रफ्तार से थंडरस्कवॉल और आंधी की चेतावनीमौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना के तटीय और मैदानी इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाले थंडरस्कवॉल (आंधी-तूफान) की चेतावनी दी है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, छत्तीसगढ़, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कोंकण व गोवा और महाराष्ट्र में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका है। वहीं कर्नाटक, केरल व माहे, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं।पूर्वोत्तर भारत और मध्य प्रदेश में बिजली कड़कने की संभावनाअरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, मध्य प्रदेश और रायलसीमा में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा तटीय सुरक्षा और हवा की स्थिति को देखते हुए आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।यह भी पढ़ें:बंगाल की खाड़ी में बना रहा 'अर्नब' चक्रवात? ओडिशा, आंध्र प्रदेश और बंगाल में भारी बारिश-तूफान का खतरा, IMD ने जारी किया रेड अलर्ट
India Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम ने देश के कई राज्यों के लिए बड़ा खतरा पैदा कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 22 सितंबर के मौसम बुलेटिन के मुताबिक पश्चिम-मध्य और उससे सटी पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र 21 सितंबर की शाम 5:30 बजे डिप्रेशन (चक्रवाती दबाव) में बदल गया था। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा और 22 सितंबर की सुबह 8:30 बजे यह ओडिशा के गोपालपुर से करीब 200 किमी दक्षिण-पूर्व, पुरी से 210 किमी दक्षिण, आंध्र प्रदेश के कलिंगपटनम से 200 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व और विशाखापट्टनम से 290 किमी पूर्व में केंद्रित था।मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 12 घंटों के दौरान यह डिप्रेशन और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की तड़के के बीच विशाखापट्टनम और गोपालपुर के बीच उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों को पार करेगा। इस सिस्टम के असर से ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।4 राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट: ओडिशा से तेलंगाना तक संकटचक्रवाती दबाव के सीधे प्रभाव से ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में मूसलाधार और तूफानी बारिश का दौर शुरू होने वाला है। ओडिशा में 22 से 24 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान है। 25 सितंबर को बहुत भारी और 22 से 24 सितंबर के दौरान अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश जारी रहेगी। इसके साथ ही 22 से 24 सितंबर तक राज्य में 50 से 60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की रफ्तार से थंडरस्कवॉल चलने का भी अलर्ट है।तटीय आंध्र प्रदेश और यणम में 22 और 23 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश होगी। 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 22, 23 और 25 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। 23 और 24 सितंबर को यहां 50 से 60 किमी/घंटे की गति से थंडरस्कवॉल चलने की आशंका है।इसी तरह छत्तीसगढ़ में 23 और 24 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। राज्य में 22 से 24 सितंबर और 27 सितंबर को भारी बारिश तथा 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। तेलंगाना में 23 और 24 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा 22, 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 23 व 24 सितंबर को 50 से 60 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है।मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड और बिहार का मौसमचक्रवाती दबाव की वजह से मध्य भारत और पूर्वी भारत के राज्यों में भी वर्षा की गतिविधियां काफी तेज रहेंगी। पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 22 से 27 सितंबर तक और छत्तीसगढ़ में 22 से 28 सितंबर तक काफी बारिश होने का अनुमान है। विदर्भ में 24 और 25 सितंबर को और पूर्वी मध्य प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है।पूर्वी भारत के गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 24 सितंबर को, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 25 सितंबर को और बिहार में 24 व 25 सितंबर के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। झारखंड में 22 सितंबर को मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी भी दी गई है।उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में बारिश व बिजली का पूर्वानुमानउत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड में 26 और 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 28 सितंबर को भारी बारिश होगी। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 25 व 27 सितंबर को भारी बारिश होने के आसार हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 26 और 27 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 28 सितंबर को गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।दूसरी ओर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान के शेष हिस्सों, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों से अगले 2 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई की स्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो असम और मेघालय में 23 सितंबर को काफी बारिश होगी। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 22 और 23 सितंबर को भारी बारिश होने का अनुमान है।पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत का हालपश्चिम भारत के कोंकण व गोवा और मराठवाड़ा में 22 और 23 सितंबर को और मध्य महाराष्ट्र में 22 सितंबर को व्यापक बारिश होगी। कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 22 एवं 23 सितंबर को और मराठवाड़ा में 22 से 25 सितंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना है। 24 और 25 सितंबर को मध्य महाराष्ट्र व मराठवाड़ा में तेज सतही हवाएं चलेंगी।दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के केरल व माहे में 23 से 25 सितंबर, तटीय कर्नाटक में 24 सितंबर, उत्तर व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 22 से 24 सितंबर तथा रायलसीमा में 22 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।समुद्र में तूफानी हवाओं का अलर्ट और मछुआरों के लिए सख्त निर्देशसमुद्र में मौसमी गतिविधियों के कारण स्थिति बहुत गंभीर बनी हुई है। पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 22 सितंबर की शाम से हवा की गति 50-60 किमी/घंटे से बढ़कर 23 और 24 सितंबर की शाम तक 55 से 65 किमी/घंटे (झोंके 75 किमी/घंटे) तक पहुंच जाएगी।दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर 22 सितंबर की शाम से हवाएं 50-60 किमी/घंटे और 23 सितंबर की सुबह से 24 सितंबर की शाम तक 55-65 किमी/घंटे (झोंके 75 किमी/घंटे) की गति से चलेंगी।पश्चिम बंगाल और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों पर भी 23 और 24 सितंबर को 45 से 55 किमी/घंटे की हवाएं चलेंगी। इस दौरान बंगाल की खाड़ी के विभिन्न हिस्सों और आंध्र प्रदेश, ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहेगी।ये भी पढ़ें- Jamui Molestation Case: जमुई छेड़छाड़ मामले में मुख्य आरोपी नंदन यादव का एनकाउंटर, बिहार पुलिस ने पैर में मारी गोली
IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार 22 सितंबर के लिए देश भर का विस्तृत मौसम अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक आज देश के कई राज्यों में मानसूनी गतिविधियां बेहद उग्र रहने वाली हैं। तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जबकि झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक समेत कई राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही विभिन्न राज्यों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की भी चेतावनी दी गई है।तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में बहुत भारी बारिश की चेतावनीमौसम विभाग के 22 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इन दोनों राज्यों के तटीय क्षेत्रों और मैदानी इलाकों में मूसलाधार पानी गिरने के चलते निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है।झारखंड, असम और महाराष्ट्र समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्टदेश के अन्य हिस्सों की बात करें तो मौसम विभाग ने असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कर्नाटक, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी दी है। इन सभी राज्यों में दिन भर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कई इलाकों में रुक-रुक कर तेज बारिश का दौर देखने को मिलेगा।40 से 50 kmph की रफ्तार से आंधी और बिजली का अलर्टतटीय और मैदानी क्षेत्रों में तेज हवाओं और आंधी-तूफान को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है। इसके साथ ही रायलसीमा और तेलंगाना के कुछ स्थानों पर तेज सतही हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है।30 से 40 kmph की हवाएं और बिजली कड़कने की आशंकागुजरात, झारखंड, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। वहीं पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और मध्य भारत के पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर सिर्फ गरज-चमक और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है।समुद्र और तटीय इलाकों के लिए चेतावनीसमुद्री क्षेत्रों में खराब मौसम और तूफानी हवाओं के चलते मौसम विभाग ने मछुआरों और तटीय इलाकों के लोगों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। उत्तरी सोमालिया तट से लगे और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के इलाकों में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी, उत्तर बंगाल की खाड़ी से सटे पश्चिम-मध्य के कुछ हिस्सों और दक्षिणी श्रीलंका तट से लगे दक्षिण बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जहां झोंके 65 किमी/घंटे तक जा सकते हैं।दक्षिण म्यांमार तट के पास, अंडमान सागर, दक्षिण व मध्य बंगाल की खाड़ी (जो उत्तर बंगाल की खाड़ी से लगी है) और मन्नार की खाड़ी में 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है, जिनके झोंके 60 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं।
न्यूजीलैंड की कीवी होगी सस्ती? FTA के बाद भारत में घटेगी कीमत, जानें कितना मिलेगा फायदा
न्यूजीलैंड से भारत आने वाला कीवीफ्रूट भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के तहत सस्ता हो सकता है। हालांकि, शुरुआत में इसकी कीमत में ज्यादा कमी आने की संभावना नहीं है, क्योंकि कीवीफ्रूट का आयात एक तय कोटे और न्यूनतम आयात कीमत के नियम के तहत किया जाएगा।बता दें कि भारत और न्यूजीलैंड ने अप्रैल 2026 में FTA पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत, भारत ने न्यूजीलैंड को कीवीफ्रूट, सेब और मानुका शहद जैसे चुनिंदा उत्पादों के लिए विशेष पहुंच दी है। इस व्यवस्था का मकसद आयात की बाधाओं को कम करना है, साथ ही कोटा, मौसमी नियंत्रण और न्यूनतम आयात मूल्य के जरिए भारतीय किसानों के हितों की रक्षा करना भी है।वहीं, दोनों देशों की घरेलू प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इस समझौते के लागू होने की उम्मीद है। न्यूजीलैंड की संसद ने सितंबर में इस समझौते को लागू करने के लिए जरूरी कानून को मंजूरी दे दी थी और उम्मीद है कि यह समझौता अक्टूबर के दूसरे हिस्से में लागू हो जाएगा।न्यूजीलैंड की कीवी और कितनी सस्ती हो सकती हैं?अभी भारत कीवी फल के इंपोर्ट पर 33% कस्टम ड्यूटी लगाता है। FTA के तहत, न्यूजीलैंड को पहले साल में 6,250 टन का ड्यूटी-फ्री कोटा मिलेगा। न्यूजीलैंड के समझौते के आधिकारिक विश्लेषण के अनुसार, यह कोटा धीरे-धीरे बढ़कर छठे साल तक 15,000 टन हो जाएगा।इस कोटे के अंदर होने वाले इंपोर्ट पर कोई ड्यूटी नहीं लगेगी, बशर्ते इंपोर्ट की कीमत कम से कम 1.80 अमेरिकी डॉलर प्रति किलोग्राम हो। न्यूजीलैंड सरकार के दस्तावेज के अनुसार, कोटे से बाहर के शिपमेंट पर तुरंत 50% टैरिफ में कटौती होगी, जिससे प्रभावी ड्यूटी लगभग 33% से घटकर 16.5% हो जाएगी।इसका सीधा फायदा यह होगा कि पात्र खेप के भारत पहुंचने की लागत में लगने वाली ड्यूटी काफी कम हो सकती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बाजार में कीवी की कीमत भी उतने ही प्रतिशत कम हो जाएगी।कीवी की अंतिम कीमत तय होने में कई दूसरे खर्च भी शामिल होते हैं। इनमें फ्रेट, इंश्योरेंस, पोर्ट हैंडलिंग, कोल्ड स्टोरेज, खराब होने से होने वाला नुकसान, रुपये और डॉलर की कीमत में बदलाव, इंपोर्टर का मार्जिन, थोक विक्रेताओं का कमीशन, रिटेलर का मार्जिन और घरेलू टैक्स शामिल हैं। इसलिए कस्टम ड्यूटी घटने के बावजूद ग्राहकों को मिलने वाली कीमत में कमी इससे कम हो सकती है।कम से कम आयात कीमत यह भी तय करती है कि घोषित आयात मूल्य कितना कम हो सकता है। इसका मकसद बहुत कम कीमत वाले आयात को घरेलू उत्पादकों पर ज्यादा दबाव डालने से रोकना है।शुरुआती कोटा, न्यूजीलैंड से भारत के हालिया आयात से ज्यादा है। ट्रिज (Tridge) के ट्रेड डेटा से पता चलता है कि भारत ने 2024 में न्यूजीलैंड से लगभग 5.84 मिलियन किलोग्राम कीवी फल का आयात किया, जिसकी कीमत लगभग 16.74 मिलियन अमेरिकी डॉलर थी।न्यूजीलैंड के कीवी फल उद्योग ने इस समझौते का स्वागत किया है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, न्यूजीलैंड सरकार का अनुमान है कि यह सेक्टर 5 वर्षों में टैरिफ के तौर पर लगभग 125 मिलियन न्यूजीलैंड डॉलर बचा सकता है।भारत को कीवी कहां से मिलती है?भारत का कीवी फल मार्केट काफी हद तक आयात पर निर्भर है। Tridge के ट्रेड डेटाबेस के अनुसार, 2024 में भारत ने लगभग 60.51 मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य के करीब 49.14 मिलियन किलोग्राम ताजे कीवी फल का आयात किया।प्रमुख सप्लायर ये थे: देश 2024 में आयात की मात्रा 2024 में आयात की कीमत चिली 1.307 करोड़ किलोग्राम 2.406 करोड़ अमेरिकी डॉलर न्यूजीलैंड 58.4 लाख किलोग्राम 1.674 करोड़ अमेरिकी डॉलर ईरान 2.385 करोड़ किलोग्राम 1.291 करोड़ अमेरिकी डॉलर ग्रीस 51 लाख किलोग्राम 51.9 लाख अमेरिकी डॉलर इटली 11.3 लाख किलोग्राम 14.7 लाख अमेरिकी डॉलर आंकड़े बताते हैं कि ईरान ने सबसे ज्यादा मात्रा में सप्लाई की, जबकि प्रमुख सप्लायरों में न्यूजीलैंड ने प्रति किलोग्राम सबसे ज्यादा कीमत दर्ज की। भारतीय सुपरमार्केट और ऑनलाइन ग्रॉसरी मार्केट में प्रीमियम इम्पोर्टेड कीवीफ्रूट के लिए चिली और न्यूजीलैंड भी महत्वपूर्ण स्रोत हैं।भारत में इम्पोर्ट की मांग काफी बनी हुई है। ट्रिज (Tridge) के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में लगभग 49.17 मिलियन किलोग्राम और 2022 में 45.94 मिलियन किलोग्राम का इम्पोर्ट हुआ।क्या भारत में कीवी फल उगाया जाता है?हां, भारत में कीवी फल की खेती होती है, हालांकि इसकी घरेलू पैदावार मांग के मुकाबले बहुत कम है।नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड के अनुसार, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, सिक्किम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और केरल के कुछ हिस्सों के पहाड़ी इलाकों में कीवी फल की खेती की जाती है।अरुणाचल प्रदेश को भारत का सबसे बड़ा कीवी फल उत्पादक राज्य माना जाता है। ICAR की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस राज्य में लगभग 3,558 हेक्टेयर जमीन पर इसकी खेती होती है और सालाना पैदावार करीब 7,111 टन है। इस रिपोर्ट में मणिपुर, सिक्किम, नागालैंड, मिजोरम और हिमाचल प्रदेश को भी अन्य उत्पादक क्षेत्रों के तौर पर बताया गया है।उत्तराखंड और हिमालय के अन्य इलाकों में भी कीवी फल की खेती बढ़ी है। इस फसल के लिए ठंडी जलवायु की जरूरत होती है, और इसका कमर्शियल उत्पादन देश के मैदानी इलाकों के बजाय पहाड़ी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में ज्यादा होता है।हालांकि, घरेलू उत्पादन अभी भी जरूरत के हिसाब से कम है। हिमालयी बागवानी पर हुई एक रिसर्च में बताया गया है कि भारत अपनी ताजी कीवी की जरूरत का सिर्फ एक-चौथाई हिस्सा ही पैदा करता है, यानी लगभग 75% मांग आयात से पूरी करनी पड़ती है।इसी अंतर की वजह से कम कीमत वाले आयात का शहरी बाजारों पर साफ असर दिख सकता है, साथ ही इससे घरेलू उत्पादकों में चिंता भी पैदा होती है। FTA इसी चिंता को दूर करने की कोशिश करता है। इसके लिए आयात की सुविधा को कृषि उत्पादकता कार्यक्रमों, तकनीकी सहयोग, बाग के प्रबंधन में मदद और फसल कटाई के बाद बेहतर तरीकों से जोड़ा गया है।FTA का ग्राहकों पर क्या होगा असर?न्यूजीलैंड से आने वाला कीवीफ्रूट रातोंरात बहुत सस्ता होने की उम्मीद नहीं है। इसकी बड़ी वजह यह है कि शुरुआत में सिर्फ 6,250 टन कीवीफ्रूट को ड्यूटी-फ्री कोटा मिलेगा। भारत के कुल सालाना आयात के मुकाबले यह मात्रा काफी कम है। 2024 में भारत ने करीब 49,000 टन कीवीफ्रूट आयात किया था।फिर भी, इसका असर तीन तरह से महत्वपूर्ण हो सकता है:हालांकि, इस FTA का असर तीन तरह से देखने को मिल सकता है।पहला, कोटे के तहत बिना इंपोर्ट ड्यूटी के आने वाला न्यूजीलैंड का कीवीफ्रूट उन देशों से आने वाले फलों के मुकाबले ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो सकता है, जिन्हें ऐसी टैरिफ छूट नहीं मिलती।दूसरा, इंपोर्टर्स को ड्यूटी में होने वाली बचत का कुछ हिस्सा रिटेलर्स और ग्राहकों तक पहुंचाने का मौका मिलेगा। खासकर ऐसे समय में जब बाजार में कीवीफ्रूट की सप्लाई अच्छी होगी, तब ग्राहकों को इसका फायदा कीमतों में देखने को मिल सकता है।छठे साल तक कोटा बढ़कर 15,000 टन हो जाएगा, जिससे जीरो-ड्यूटी पर आने वाले सामान की मात्रा बढ़ जाएगी।रिटेल में असल कमी इस बात पर निर्भर करेगी कि टैरिफ से हुई बचत का कितना हिस्सा सप्लाई चेन में आगे बढ़ाया जाता है। जीरो कस्टम ड्यूटी का मतलब जीरो इंपोर्ट कॉस्ट नहीं है, और ट्रांसपोर्टेशन, रेफ्रिजरेशन और खराब होने से जुड़े खर्चों की वजह से छोटे शहरों में कीमतें ज्यादा बनी रह सकती हैं।कीवी फल को सेहत के लिए अच्छा क्यों माना जाता है?कीवी फल में खास तौर पर विटामिन C भरपूर मात्रा में होता है। हार्वर्ड हेल्थ के अनुसार, एक कीवी फल से किसी वयस्क की रोजाना की विटामिन C की जरूरत का लगभग 80% हिस्सा मिल जाता है। साथ ही, यह फाइबर, पोटैशियम और विटामिन K का भी अच्छा स्रोत है।US नेशनल इंस्टिट्यूट्स ऑफ हेल्थ की एक साइंटिफिक समीक्षा में कीवी फल को पोषक तत्वों से भरपूर बताया गया है, जिसमें विटामिन C, डाइटरी फाइबर, पोटैशियम, विटामिन E और फोलेट होते हैं। इसमें नियमित रूप से कीवी खाने से पाचन, इम्यून सिस्टम और मेटाबॉलिक हेल्थ को संभावित फायदे होने की बात कही गई है, साथ ही यह भी कहा गया है कि इन फायदों को एक संतुलित आहार के हिस्से के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।इस वजह से कीवी फल भारतीय ग्राहकों को न सिर्फ एक प्रीमियम इंपोर्टेड फल के तौर पर, बल्कि विटामिन C और फाइबर के आसान स्रोत के तौर पर भी पसंद आ सकता है। इसके हेल्थ बेनिफिट्स, सुपरमार्केट में बढ़ती उपलब्धता और शहरों में बढ़ती मांग ने कीवीफ्रूट को भारत में इंपोर्ट किए जाने वाले फलों में शामिल कर दिया है।ग्राहकों के लिए FTA का सबसे बड़ा और तुरंत दिखने वाला फायदा यह नहीं है कि हर कीवी सस्ता हो जाएगा। असली फायदा यह हो सकता है कि न्यूजीलैंड से ज्यादा मात्रा में कीवीफ्रूट कम टैरिफ रेट पर भारत आ सके।हालांकि, बाजार में इसकी कीमत वास्तव में कितनी कम होगी, यह कई चीजों पर निर्भर करेगा। इनमें ड्यूटी-फ्री कोटे का कितना इस्तेमाल होता है, बाजार में कीवीफ्रूट की सप्लाई कैसी रहती है और इंपोर्टर्स व रिटेलर्स ड्यूटी में हुई बचत का कितना हिस्सा अपने पास रखते हैं, ये सभी बातें शामिल हैं।
Kal Ka Mausam 22 Sep: देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियों में तेजी देखने को मिल रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार 22 सितंबर के लिए मौसम का विस्तृत बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक 22 सितंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं महाराष्ट्र, झारखंड, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और तेलंगाना समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा कई क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और आकाशीय बिजली कड़कने की आशंका है।तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में बहुत भारी बारिश की चेतावनीमौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, 22 सितंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में अलग अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने के पूरे आसार हैं। इन दोनों राज्यों के तटीय और मैदानी इलाकों में बारिश की वजह से आम जनजीवन प्रभावित होने की संभावना जताई गई है।महाराष्ट्र, झारखंड और बंगाल समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्टदेश के कई अन्य प्रमुख राज्यों में भी मूसलाधार बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कर्नाटक, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में मध्यम से तेज बारिश का दौर दिन भर देखने को मिल सकता है।40 से 50 kmph की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, कई राज्यों में आंधी का अलर्टमौसम विभाग ने तटीय और मैदानी इलाकों में तेज झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और बिजली गिरने की आशंका है। इसके अलावा रायलसीमा और तेलंगाना में अलग अलग जगहों पर तेज सतही हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है।30 से 40 kmph की हवाएं और बिजली कड़कने की आशंकागुजरात, झारखंड, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं। वहीं पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और मध्य भारत के पश्चिमी मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ सिर्फ आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।समुद्र और तटीय इलाकों में खराब मौसम का अलर्टसमुद्री क्षेत्रों में चक्रवाती गतिविधियों और तूफानी हवाओं के कारण मौसम विभाग ने समुद्री गतिविधियों पर सतर्कता बरतने को कहा है। उत्तरी सोमालिया तट से लगे और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। इनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं।पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी, उत्तर बंगाल की खाड़ी से सटे पश्चिम-मध्य के कुछ हिस्सों और दक्षिणी श्रीलंका तट से लगे दक्षिण बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जहां झोंके 65 किमी/घंटे तक जा सकते हैं। दक्षिण म्यांमार तट के पास, अंडमान सागर, दक्षिण व मध्य बंगाल की खाड़ी (जो उत्तर बंगाल की खाड़ी से लगी है) और मन्नार की खाड़ी में 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। झोंके 60 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं।
Weather Forecast: देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर अभी जारी रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की रिपोर्ट के मुताबिक 21 से 30 सितंबर के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और भारी बारिश देखने को मिल सकती है। वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रह सकता है। हालांकि, इस दौरान देश के किसी भी हिस्से में लू चलने की आशंका नहीं है।बंगाल की खाड़ी में बनेगा नया मौसम सिस्टममौसम विभाग के अनुसार, उत्तर थाईलैंड के ऊपर बना ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती सिस्टम 21-22 सितंबर के दौरान पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके बाद इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटों की ओर जाने की संभावना है। IMD के अनुसार, इस सिस्टम का अवशेष आगे उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़कर उत्तर छत्तीसगढ़ और फिर पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा आसपास के बिहार तक पहुंच सकता है।दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में बारिश23 सितंबर तक हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख क्षेत्र में कई जगह बारिश और गरज-चमक की संभावना है। पंजाब में भी इस दौरान बारिश हो सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली तथा पंजाब में 21 सितंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई थी। वहीं, पूर्वी राजस्थान में इस दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।मध्य भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसूनपूर्वी मध्य प्रदेश में कई जगह बारिश और गरज-चमक हो सकती है। छत्तीसगढ़ में 21 से 23 सितंबर के बीच बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। 21 से 23 सितंबर के दौरान छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है। विदर्भ में 22-23 सितंबर को व्यापक बारिश होने की आशंका है।बंगाल, ओडिशा और बिहार में बारिशअंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 21 से 23 सितंबर तक कई जगह बारिश होने की संभावना है। ओडिशा में भी इस दौरान व्यापक बारिश हो सकती है। बिहार में भी कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में 23 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। वहीं, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई थी।पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौरअरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय में इस सप्ताह कई जगह बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश में इसी दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है। असम और मेघालय में 21 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश की संभावना है।महाराष्ट्र और गुजरात में भी बारिशमहाराष्ट्र के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मध्य महाराष्ट्र में 21-22 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। जबकि मराठवाड़ा में 22 सितंबर को बारिश हो सकती है। मध्य महाराष्ट्र में 21-22 सितंबर को कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है।दक्षिण भारत में 23 सितंबर तक बारिशकेरल और माहे तथा लक्षद्वीप में 23 सितंबर तक कई जगह बारिश जारी रह सकती है। तटीय कर्नाटक और तेलंगाना में 21-23 सितंबर के दौरान बारिश की संभावना है। उत्तर आंतरिक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 21-23 सितंबर के बीच बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 21-23 सितंबर के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 21-23 सितंबर, जबकि रायलसीमा में 21 सितंबर को बारिश हो सकती है। तेलंगाना में 21-23 सितंबर के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है।24 से 30 सितंबर के बीच कैसा रहेगा मौसम?मौसम विभाग के अनुसार 24 से 30 सितंबर के दौरान पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में हल्की से मध्यम बारिश कई स्थानों पर हो सकती है। ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और पूर्वोत्तर भारत में कुछ दिनों के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है। कोंकण-गोवा और तटीय कर्नाटक में भी कुछ दिनों तक बारिश के साथ कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। प्रायद्वीपीय भारत के बाकी हिस्सों में भी कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। इस सप्ताह देशभर में कुल बारिश सामान्य के आसपास रहने का अनुमान है।उत्तर-पश्चिम भारत में बढ़ेगा तापमान23 सितंबर तक उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है। प्रायद्वीपीय, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री अधिक रह सकता है। 24 से 30 सितंबर के दौरान भी उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से 2-4 डिग्री अधिक रहने का अनुमान है। हालांकि, दोनों सप्ताह के दौरान देश के किसी भी हिस्से में हीटवेव की संभावना नहीं है।पिछले सप्ताह देश में सामान्य से कम बारिशमौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 10 से 16 सितंबर के दौरान देशभर में बारिश सामान्य से 17 प्रतिशत कम रही। 1 जून से 16 सितंबर तक पूरे मानसून सीजन में संचयी बारिश सामान्य से 15 प्रतिशत कम दर्ज की गई। इस अवधि में पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में बारिश सामान्य से 26 प्रतिशत कम, उत्तर-पश्चिम भारत में 10 प्रतिशत कम और दक्षिण प्रायद्वीप में 28 प्रतिशत कम रही। इसके विपरीत मध्य भारत में बारिश सामान्य से 5 प्रतिशत कम रही।ये भी पढ़ें- UP Division: उत्तर प्रदेश को 4 हिस्सों में बांटा जाएगा? यूपी चुनाव से पहले योगी के मंत्री ने पूर्वांचल CM पद पर ठोका दावामौसम विभाग ने बताया है कि 21-23 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही थीं। साथ ही, उत्तर-पश्चिम भारत में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के दोनों सप्ताह के दौरान प्रभाव डालने की संभावना है।
जागरण संपादकीय: हिमालयी राज्यों की चुनौती
यह सही समय है कि उत्तराखंड, हिमाचल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर को ध्यान में रखकर शुरू की गई ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड संबंधी परियोजना की समीक्षा की जाए।
Operation Lotus के तहत BJP फिर करेगी खेल? Mamata Banerjee को झटका? TMC। Arunachal Pradesh। Meghalaya
Operation Lotus के तहत बीजेपी करने वाली है खेल, Mamata Banerjee को फिर लगेगा झटका? मेघालय की राजनीति में 2028 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा सियासी उलटफेर होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
'मैं यहां का खिलाड़ी हूं' जब नदी के उलट तैरे किरेन रिजिजू
मोदी सरकार में मंत्री किरेन किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर अरुणाचल प्रदेश की एक तेज बहाव वाली उफनती नदी में तैरते हुए अपना एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने लोगों को बिना तैराकी जाने गहरे और खतरनाक पानी में न उतरने की सलाह दी और बताया कि राज्य की नदियां बहुत गहरी और बड़ी हैं।
Arunachal Pradesh Tinkle Karga Gongo Viral Video: प्यारी सी बच्ची को मिला ढेर सारा प्यार,कहा थैंक यू
Arunachal Pradesh Tinkle Karga Gongo Viral Video: प्यारी सी बच्ची को मिला ढेर सारा प्यार ऐसे कहा थैंक यू
'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग
अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।
दिबांग घाटी में बाढ़ के बाद भोजपुर का आर्मी जवान आठ दिन से लापता
22 शनिवार, अगस्त: भोजपुर का आर्मी जवान अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में बाढ़ और बादल फटने के बाद पांच जवानों के साथ लापता हो गया। आठ दिन बाद भी उसका पता नहीं चला है। परिजनों की चिंता बढ़ गई है।
अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में बाढ़ के बाद भोजपुर का जवान आठ दिन से लापता
22 शनिवार, अगस्त: भोजपुर का रहने वाला आर्मी जवान अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में बाढ़ और बादल फटने के बाद पांच जवानों के साथ लापता हो गया। आठ दिन बाद भी जवान का पता नहीं चला है, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई है।
क्या सच में अरुणाचल प्रदेश में 60 KM तक अंदर घुस आया चीन ? वायरल दावे पर सरकार ने बताया सच
क्या सच मेंअरुणाचल प्रदेश में 60 KM तक अंदर घुस आया चीन ? वायरल दावे पर सरकार ने बताया सच
अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ के दावे से बांग्लादेश सीमा का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो चांपाईनवाबगंज के शिबगंज सीमा क्षेत्र पर बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के बीच हुई कहासुनी का है.
Bigg Boss 18 : चुम दरांग को मिला अरुणाचल प्रदेश के सीएम का सपोर्ट
सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 18' अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर कोई इस सीजन का विनर बनने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन दिनों शो में 'टिकट टू फिनाले' टास्क चल रहा है। इस टास्क में विवियन डीसेना और चुम दरंग आमने-सामने खड़े हैं। वहीं ...

