Coal Ministry ने शुरू किया Commercial Coal Auction का 16वां दौर, 25 ब्लॉक होंगे नीलाम
कोयला मंत्रालय ने कमर्शियल कोयला खदान नीलामी का 16वां दौर शुरू किया। इसमें नौ कोयला-उत्पादक राज्यों में 25 कोयला ब्लॉक पेश किए गए और साथ ही पहले के दौर में नीलाम हुई छह खदानों के लिए 'कोयला खदान विकास और उत्पादन समझौते' (CMDPAs) सौंपे गए। कोयला मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि इन छह खदानों के चालू होने पर सालाना लगभग 1,984 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिलने, करीब 1,743 करोड़ रुपये का कैपिटल इन्वेस्टमेंट आने और लगभग 15,700 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। कमर्शियल कोयला खदान नीलामी के 16वें दौर की शुरुआत नई दिल्ली में कोयला और खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने की। उन्होंने कोयला सचिव विक्रम देव दत्त के साथ सफल बोलीदाताओं को CMDPAs भी सौंपे। ये समझौते तारा (संशोधित), मार्गो वेस्ट, मार्गो ईस्ट, मंडला साउथ, डोंगेरी ताल-II और PKoC के डिप साइड के लिए किए गए। इसे भी पढ़ें: Middle East Tension: मक्का के पास सऊदी एयर डिफेंस ने हूथी ड्रोन को किया ढेर, गठबंधन ने दी 'रेड लाइन' की सख्त चेतावनी सफल बोलीदाताओं में CG सिन-गैस एंड केमिकल्स लिमिटेड, झारखंड एक्सप्लोरेशन एंड माइनिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड, क्यूब कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड, गैलेंट इस्पात लिमिटेड और सिंगरेनी कोलियरीज लिमिटेड शामिल हैं। इन छह खदानों में कुल मिलाकर लगभग 1,504 मिलियन टन का जियोलॉजिकल रिज़र्व है और इनकी संयुक्त पीक रेटेड क्षमता 11.62 MTPA है। नीलामी के इस नए दौर के लिए मंत्रालय 25 कोयला ब्लॉक पेश कर रहा है, जिनमें 21 पूरी तरह से एक्सप्लोर की गई और चार आंशिक रूप से एक्सप्लोर की गई खदानें शामिल हैं। ये ब्लॉक अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में फैले हुए हैं। 25 ब्लॉक में से छह को कोल माइन्स (स्पेशल प्रोविजन्स) एक्ट (CMSP) के तहत और 19 को माइन्स एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट (MMDR) के तहत पेश किया जा रहा है। इसे भी पढ़ें: Hasdeo Arand: CMDC ने कहा तारा Coal Block की सिर्फ नीलामी हुई, मंजूरी बिना नहीं होगा खनन मंत्रालय ने कहा कि कमर्शियल कोल माइनिंग फ्रेमवर्क के तहत ये ब्लॉक अनुभवी माइनिंग कंपनियों, नई कंपनियों और टेक्नोलॉजी-बेस्ड कंपनियों के लिए खुले हैं। इस फ्रेमवर्क में इस्तेमाल पर कोई पाबंदी नहीं है, ऑटोमैटिक रूट से 100% विदेशी निवेश की इजाज़त है और शुरुआती पेमेंट कम है जिसे भविष्य में होने वाली कमाई के हिस्से के साथ एडजस्ट किया जा सकता है। इस नए दौर के साथ, भारत का कमर्शियल कोल माइनिंग ऑक्शन प्रोग्राम 16 दौर पूरे कर चुका है; यह सेक्टर 2020 में कमर्शियल माइनिंग के लिए खोला गया था। मंत्रालय ने बताया कि अब तक कुल 147 कोयला खदानों की नीलामी हो चुकी है, जिससे नौ कोयला उत्पादक राज्यों में कुल मिलाकर 47,500 करोड़ रुपये से ज़्यादा की सालाना कमाई और 55,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा का कैपिटल इन्वेस्टमेंट होने का अनुमान है।
IMD Mausam Bulletin: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 सितंबर के लिए देश भर का मौसम पूर्वानुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक, उत्तर भारत के राजस्थान से लेकर पूर्व में बिहार, ओडिशा और दक्षिण भारत के तमिलनाडु व केरल तक कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।बिहार, राजस्थान, ओडिशा और तमिलनाडु समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्टमौसम विभाग के 18 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक देश के 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग अलग जगहों स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तर और पूर्व भारत की बात करें तो बिहार, पूर्वी राजस्थान, ओडिशा तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है। दक्षिण भारत और द्वीप समूह में तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल, केरल व माहे, लक्षद्वीप और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अलग-अलग जगहों पर भारी पानी बरसने के आसार हैं।अंडमान और तमिलनाडु में 40 से 50 kmph की रफ्तार से आंधी का अलर्टदक्षिण भारत और द्वीपीय इलाकों में आंधी-तूफान के साथ तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में थंडरस्टॉर्म के साथ आकाशीय बिजली कड़कने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।बिहार, राजस्थान, गुजरात और बंगाल में 30 से 40 kmph की गति से चलेंगी हवाएंदेश के उत्तर-पश्चिमी, पूर्वी, मध्य और पश्चिमी राज्यों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, कोंकण व गोवा, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल व सिक्किम और पश्चिम मध्य प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर थंडरस्टॉर्म, बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में अलग जगहों पर धरातल पर तेज सतही हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।उत्तराखंड, असम और केरल में बिजली कड़कने की आशंका, यहां गर्म व नम रहेगा मौसममौसम विभाग ने पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों के साथ-साथ दक्षिणी क्षेत्रों में बिजली चमकने की हिदायत दी है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने की आशंका जताई गई है। केरल और माहे के अलग-अलग इलाकों में 18 सितंबर को मौसम गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है। समुद्री क्षेत्रों में तूफानी हलचल: मछुआरों के लिए अलर्टतटीय और समुद्री इलाकों में तेज हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। उत्तरी सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। इनकी स्पीड 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है।ये भी पढ़ें- UPI MDR Charges Row: यूपीआई पेमेंट पर चार्ज को लेकर 'इंडिया' गठबंधन में फूट! मोदी सरकार को मिला CM उमर अब्दुल्ला का साथदक्षिण-पूर्व व दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों, दक्षिणी श्रीलंका तट से लगे क्षेत्रों और दक्षिणी अंडमान सागर के इलाकों में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी मौसम बना रहेगा। इसके अलावा अंडमान सागर और उससे लगे दक्षिण-पूर्वी व दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के अन्य हिस्सों में 40 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 60 किमी/घंटे तक जा सकते हैं।
IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 17 सितंबर को देश भर का मौसम बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक 21 से 23 सितंबर के दौरान देश के कई राज्यों में बारिश का नया और तेज दौर देखने को मिलेगा। इसके साथ ही IMD ने दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई और बंगाल की खाड़ी व अंडमान सागर में बनने जा रहे नए कम दबाव के क्षेत्र को लेकर भी स्थिति साफ की है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए स्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं।अंडमान सागर में बनेगा लो प्रेशर, ओडिसा-आंध्र की ओर बढ़ेगा सिस्टमIMD के मुताबिक सौराष्ट्र और उससे सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र 17 सितंबर को भी उसी स्थान पर बना हुआ है। वहीं उत्तरी थाईलैंड के ऊपर मध्य क्षोभमंडल में बना चक्रवाती परिसंचरण 18 सितंबर की शाम तक उत्तरी अंडमान सागर में उभरेगा। इसके असर से 19 सितंबर 2026 की शाम के आसपास उसी क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके बाद यह धीरे-धीरे मजबूत होगा और अगले 3-4 दिनों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश तटों की ओर बढ़ेगा।इसके अलावा पश्चिम उत्तर प्रदेश पर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। हिमाचल प्रदेश पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। सिक्किम से उत्तरी ओडिशा तक एक ट्रफ रेखा गुजर रही है जबकि पूर्वोत्तर असम और मराठवाड़ा पर भी चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र बने हुए हैं। दैनिक मौसम परिचर्चा (17-09-2026)19 सितंबर, 2026 के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी के लिए हालात अनुकूल हो रहे हैं।19 सितंबर, 2026 के आसपास अंडमान सागर और उसके आस-पास के इलाकों में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।…— India Meteorological Department (@Indiametdept) September 17, 2026 पिछले 24 घंटों में दर्ज की गई बारिशदेशभर में पिछले 24 घंटों के दौरान कई जगहों पर भारी बारिश दर्ज की गई है। सिक्किम में 21 सेमी से अधिक बारिश हुई है। जम्मू कश्मीर के साथ पंजाब, हिमाचल प्रदेश, कोंकण, अरुणाचल प्रदेश, असम, त्रिपुरा, झारखंड और तमिलनाडु में भी बारिश बारिश दर्ज की गई।21 से 23 सितंबर तक इन राज्यों में होगी बारिशमौसम विभाग ने 21 से 23 सितंबर के दौरान देश के विभिन्न राज्यों में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। विदर्भ में 22-23 सितंबर और छत्तीसगढ़ में 18 से 23 सितंबर तक व्यापक बारिश का अनुमान है। छत्तीसगढ़ में 20 से 23 सितंबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है। पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश में 19 से 23 सितंबर के बीच छिटपुट से हल्की बारिश की संभावना है।अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 17 से 23 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी। ओडिशा में 21 से 23 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश होने का अनुमान है, जिसमें 23 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। वहीं गांगेय पश्चिम बंगाल में 23 सितंबर को व्यापक बारिश होगी। बिहार, झारखंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 20 से 23 सितंबर तक छिटपुट बारिश के आसार हैं।कोंकण और गोवा में 20 से 23 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 21-22 सितंबर और मराठवाड़ा में 22 सितंबर को व्यापक बारिश दर्ज हो सकती है। मध्य महाराष्ट्र में 21 और 22 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट है। गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र व कच्छ में 20 से 23 सितंबर के दौरान छिटपुट बारिश होगी।केरल व माहे और लक्षद्वीप में 17 से 23 सितंबर तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। तटीय कर्नाटक और तेलंगाना में 20 से 23 सितंबर तथा उत्तर व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 19 से 23 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश होगी। तेलंगाना में 20-23 सितंबर, तटीय आंध्र प्रदेश में 19-21 सितंबर व 23 सितंबर और कर्नाटक के तीनों तटीय व आंतरिक हिस्सों में 20-21 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है।17 और 18 सितंबर को राज्यों के मौसम का हाल17 सितंबर को हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पंजाब में व्यापक बारिश की संभावना है। 17 सितंबर को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में, 17-18 सितंबर को पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय में 17 सितंबर को व्यापक बारिश की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 19 सितंबर को व्यापक बारिश का अनुमान है। असम व मेघालय में 19 से 21 सितंबर तक भारी बारिश हो सकती है।बिहार और ओडिशा में 17 और 18 सितंबर को तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 17 सितंबर को भारी (17 तारीख को बहुत भारी) बारिश की संभावना है।थंडरस्टॉर्म और गर्म-नम मौसम की चेतावनीतमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 17 से 23 सितंबर तक 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। गुजरात, कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र के क्षेत्रों में 30 से 40 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश व यनम और रायलसीमा में 17 से 21 सितंबर तक तेज सतही हवाएं चलेंगी। केरल और माहे में 17 और 18 सितंबर को मौसम गर्म और उमस भरा बना रहने की संभावना है।समुद्री क्षेत्रों के लिए मछुआरों को अलर्टसोमालिया तट और उससे लगे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के इलाकों में 19 सितंबर तक मछुआरों को न जाने की सलाह दी गई है। दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों और अंडमान सागर में 22 सितंबर तक तूफानी मौसम रहेगा। 17 सितंबर और 19 से 22 सितंबर के दौरान दक्षिणी श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी तूफानी स्थिति बनी रहेगी।यह भी पढ़ें:Kashmir First Snowfall: कश्मीर में समय से पहले बर्फबारी! गुलमर्ग और गुरेज में गिरी बर्फ और मौसम को लेकर आया ये अपडेट
PM Narendra Modi के 76वें जन्मदिन पर मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर बृहस्पतिवार को राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों और अन्य नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना की। गुजरात के वडनगर में 17 सितंबर, 1950 को जन्मे मोदी बृहस्पतिवार को अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘‘दृढ़ संकल्प के साथ देश को आगे बढ़ाया है।’’शर्मा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सेवा, सुशासन और राष्ट्रनिर्माण का संकल्प लेकर भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।’’उन्होंने कहा, ‘‘पहले गुजरात में सरकार और बाद में भारत के प्रमुख के तौर पर पिछले 25 वर्षों से उन्होंने दृढ़ संकल्प के साथ देश को आगे बढ़ाया है।’’बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को उनके जन्मदिन पर बधाई दी। उन्होंने विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर राज्यवासियों को भी शुभकामनाएं दीं। चौधरी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘आज का दिन विशेष है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिवस है। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र और देशसेवा के लिए समर्पित किया है। उनके दीर्घ राष्ट्रसेवा के सफर को नमन करते हुए उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना करता हूं।’’उन्होंने कहा, ‘‘17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक पूरे बिहार में ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। ‘सेवा सेतु अभियान’ के तहत सभी प्रखंडों एवं विधानसभा क्षेत्रों में ‘सरकार आपके द्वार’ समाधान शिविर आयोजित करके नागरिकों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। वहीं मार्च 2027 तक ‘कायाकल्प अभियान’ के माध्यम से विकास कार्यों में तेजी, स्वच्छता तथा सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता एवं पहुंच को और प्रभावी बनाया जाएगा।’’आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर ने प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की बधाई देते हुए ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘प्रदेश की जनता और अपनी ओर से मैं आपको जन्मदिन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। आपके परिवर्तनकारी शासन और ऐतिहासिक आर्थिक सुधारों के तहत भारत अब सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित है।’’मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।...गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नेतृत्व करने से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्र का मार्गदर्शन करने तक आपकी यात्रा ने भारत की विकास गाथा को नई गति दी है।’’उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का ‘‘सेवा, संकल्प और सुशासन’’ का दृष्टिकोण देशभर के लोगों को प्रेरित करता रहता है। युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के प्रमुख वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने भी प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई दी और देश की सेवा के लिए उनके उत्तम स्वास्थ्य तथा दीर्घायु की कामना की। सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए पूरे पूर्वोत्तर के विकास के लिए उनके समर्थन के प्रति आभार व्यक्त किया। तमांग ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘सिक्किम सरकार और राज्य की जनता की ओर से मैं सिक्किम तथा पूर्वोत्तर के प्रति प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन, समर्थन और निरंतर प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त करता हूं।’’तमांग ने कहा, ‘‘मैं प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, प्रसन्नता और उनके सतत ऊर्जा से भरे रहने की प्रार्थना करता हूं ताकि देश की सेवा करते रहें।’’उन्होंने कहा कि सिक्किम और पूरा पूर्वोत्तर मोदी के मार्गदर्शन में अधिक शांति, समृद्धि और विकास की ओर आगे बढ़ता रहेगा। तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और अन्य नेताओं ने भी प्रधानमंत्री मोदी को उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं। वर्ष 2047 के लिए प्रधानमंत्री की योजना पर जोर देते हुए राज्यपाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘विकसित भारत-2047’ का दृष्टिकोण हर नागरिक से व्यापक विकास, नवाचार, आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास की दिशा में देश की यात्रा में योगदान देने का आह्वान करता है।’’मुख्यमंत्री विजय ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘एक मजबूत भारत के निर्माण की दिशा में समर्पण के साथ काम कर रहे भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मैं जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। मैं आपके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता हूं।’’द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दीं। भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री मोदी की ‘‘दूरदर्शी सोच और अथक प्रयासों’’ को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री वैश्विक मंच पर भारत के गौरव और ताकत को बढ़ा रहे हैं। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘देश की प्रगति, जन कल्याण और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के प्रति आपका समर्पण और प्रतिबद्धता अत्यंत प्रेरणादायी है। मैं ईश्वर से आपके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की प्रार्थना करता हूं।’’मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं देते हुए कहा, ‘‘मरांग बुरु आपको सदैव उत्तम स्वास्थ्य एवं सुदीर्घ जीवन प्रदान करें, यही कामना करता हूं।’’अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के.टी. परनाइक ने अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी दृष्टिकोण, दृढ़ संकल्प और राष्ट्र के प्रति गहरी प्रतिबद्धता ने उन्हें वैश्विक पहचान दिलाने में मदद की है। परनाइक ने कहा कि पिछले 12 वर्षों के दौरान, भारत ने ‘‘प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकास, जन कल्याण, राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक वृद्धि में उल्लेखनीय प्रगति’’ देखी है। मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने अपने संदेश में अरुणाचल प्रदेश के विकास के प्रति प्रधानमंत्री के अभूतपूर्व समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। खांडू ने मोदी के लंबे जीवन और ‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए निरंतर सेवा की प्रार्थना करते हुए कहा, ‘‘सीमावर्ती बुनियादी ढांचे और संपर्क व्यवस्था से लेकर परिवर्तनकारी विकास पहलों तक, आपके दृष्टिकोण और समर्थन ने अरुणाचल प्रदेश को पहले से कहीं अधिक मजबूत किया है।’’उपमुख्यमंत्री चौना मीन ने भी मोदी को बधाई दी और बुनियादी ढांचे, डिजिटल और समाज कल्याण जैसे क्षेत्रों में प्रगति लाने के लिए प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता की सराहना की। ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कम्भमपति ने मोदी के निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर 25 वर्षों की जनसेवा की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘‘गुजरात की सेवा करने से लेकर देश का नेतृत्व करने तक, नरेन्द्र मोदी की यात्रा विकास, सुशासन और जनता की आकांक्षाओं के प्रति एक दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता हूं। कामना करता हूं कि उनका दृष्टिकोण और नेतृत्व एक मजबूत, समृद्ध और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देता रहे।’’मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में भाग लेने से पहले एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘प्रभु श्री जगन्नाथ उन्हें राष्ट्र सेवा के लिए दीर्घायु, स्वस्थ जीवन और असीम शक्ति प्रदान करें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं।’’मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी का ‘‘दूरदर्शी नेतृत्व और राज्य के प्रति अटूट स्नेह’’ लोगों को एक मजबूत, आत्मनिर्भर और समृद्ध ओडिशा बनाने के लिए प्रेरित करता रहता है। मुख्यमंत्री ने बाद में लोक सेवा भवन परिसर में पौधारोपण किया और भुवनेश्वर में भाजपा की युवा शाखा द्वारा आयोजित एक रक्तदान शिविर में भी भाग लिया। ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करता हूं।
आज का मौसम: बिहार से बंगाल तक भारी बारिश और 50 Kmph की रफ्तार से आंधी, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 17 सितंबर को देश के पूर्वी और मध्य राज्यों के लिए मौसम का कड़ा अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी और उससे सटे तटीय इलाकों में सक्रिय कम दबाव के क्षेत्र (Low-Pressure Area) और मॉनसून ट्रफ के प्रभाव से बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम तेजी से बिगड़ने की संभावना है।मौसम विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में बादलों की तेज गर्जना और आकाशीय बिजली चमकने के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। कई जिलों में मूसलाधार बारिश होने से निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय यातायात में बाधा और नदियों के जलस्तर में इजाफे की चेतावनी दी गई है।बिहार और पश्चिम बंगाल में अलर्ट: किन जिलों में होगी भारी बारिश?बिहार: उत्तर और पूर्वी बिहार के जिलों में मौसम विभाग ने विशेष सावधानी बरतने को कहा है। किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, सुपौल और भागलपुर में भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) की आशंका है। इसके साथ ही पटना, गया और मुजफ्फरपुर में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।पश्चिम बंगाल (गंगा तटीय व उप-हिमालयी क्षेत्र): कोलकाता, हावड़ा, हुगली, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर और नदिया में सुबह से ही घने बादल छाए रहने और मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं। वहीं, उत्तरी बंगाल के दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार में मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन (Landslides) का खतरा बना हुआ है। तटीय क्षेत्रों में 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंके चलने के कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं।ओडिशा, झारखंड और पूर्वोत्तर के राज्यों में भी असरओडिशा: उत्तरी और तटीय ओडिशा के मयूरभंज, क्योंझर, बालासोर और भद्रक जिलों में भारी बारिश और आंधी का येलो से ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।झारखंड: रांची, जमशेदपुर, धनबाद और देवघर समेत संताल परगना क्षेत्र में आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की प्रबल आशंका है। खुले खेतों और ऊंचे पेड़ों से दूर रहने का परामर्श जारी किया गया है।असम और मेघालय: पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड में अगले 48 घंटों तक रुक-रुक कर भारी से अति भारी वर्षा का दौर बना रह सकता है।मौसम के मौजूदा हालात और चेतावनी का संक्षिप्त ब्यौराराज्य / क्षेत्रमुख्य मौसम चेतावनीहवा की अनुमानित गतिअलर्ट का स्तरपश्चिम बंगालमूसलाधार बारिश, तटीय आंधी40 - 50 kmphऑरेंज अलर्टबिहारभारी बारिश, मेघगर्जन व वज्रपात35 - 45 kmphयेलो/ऑरेंज अलर्टओडिशाभारी वर्षा, समुद्र में ऊंची लहरें45 - 50 kmphयेलो अलर्टझारखंडगरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश30 - 40 kmphयेलो अलर्टउत्तर भारत और एनसीआर के मौसम का हालपूर्वी भारत में जहां मॉनसूनी सक्रियता चरम पर है, वहीं दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और उमस भरी गर्मी रहने का अनुमान है। स्थानीय नमी के चलते कुछ इलाकों में छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की बौछारें पड़ सकती हैं, लेकिन किसी बड़े मौसमी उलटफेर की संभावना कम है।IMD की एडवाइजरी: आकाशीय बिजली और जलभराव से रहें सतर्कमौसम विभाग ने भारी बारिश और आंधी के पूर्वानुमान को देखते हुए नागरिकों के लिए जरूरी दिशानिर्देश जारी किए हैं:वज्रपात से सुरक्षा: बारिश या बादलों की गड़गड़ाहट के समय खुले खेतों, टीन शेड या बड़े पेड़ों के नीचे शरण बिल्कुल न लें। पक्के मकानों में रहें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें।मछुआरों को चेतावनी: बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम हिस्से में समुद्र की स्थिति बेहद अशांत रहने की संभावना है, इसलिए मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने का निर्देश दिया गया है।यातायात सावधानी: भारी बारिश के दौरान दृश्यता (Visibility) कम हो सकती है, इसलिए वाहन धीमी गति से चलाएं और जलभराव वाले अंडरपास से गुजरने से बचें।
IMD Weather Updates: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 17 सितंबर के लिए देश भर का मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को देश के पूर्वी, पूर्वोत्तर, पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। दिल्ली में सुबह से दोपहर के दौरान हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। पूर्वानुमान के मुताबिक, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, गुजरात, तमिलनाडु और केरल के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश होगी। इसके साथ ही कई राज्यों में थंडरस्टॉर्म, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने का अलर्ट है।बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनीपूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश का दायरा काफी व्यापक रहेगा। बिहार में 17 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, गांगेय पश्चिम बंगाल में व्यापक बारिश का अनुमान जताया गया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के पृथक क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।अरुणाचल प्रदेश में व्यापक बारिश की संभावना है, जबकि अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में छिटपुट बौछारें गिर सकती हैं। IMD ने 17 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी व्यापक बारिश के साथ अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने के आसार हैं।उत्तर और पश्चिम भारत: आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्टउत्तर और पश्चिमी भारत के हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय बनी रहेंगी। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पंजाब और पूर्वी राजस्थान में गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ व्यापक बारिश होने का अनुमान है। गुजरात के सौराष्ट्र एवं कच्छ के क्षेत्रों में व्यापक बारिश की संभावना है। यहां आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है।दक्षिण भारत: तमिलनाडु और केरल में 40-50 kmph की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएंदक्षिण भारत के राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाओं का प्रकोप देखने को मिलेगा। केरल और माहे में व्यापक बारिश की संभावना है जबकि तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और केरल व माहे में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। इनकी स्पीड बढ़कर 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।दिल्ली-NCR का मौसम: हल्की बारिश और तापमान का हालदिल्ली-एनसीआर में 17 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। सुबह से दोपहर से पहले के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बहुत हल्की बारिश हो सकती है। दिल्ली में अधिकतम तापमान 32C से 34C और न्यूनतम तापमान 23C से 25C के बीच रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.6C से 3C तक कम रह सकता है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा। उत्तर-पश्चिमी हवाएं सुबह के समय 10 किमी/घंटे और दोपहर में 15 किमी/घंटे की गति तक पहुंच सकती हैं। बाद में शाम के समय शांत हो जाएंगी।17 सितंबर के बाद कैसा रहेगा देश का मौसम?IMD के मुताबिक 17 सितंबर के बाद भी देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। पश्चिम मध्य प्रदेश में 18 और 19 सितंबर को व्यापक बारिश होने की संभावना है। ओडिशा में 19 सितंबर से व्यापक वर्षा की शुरुआत हो सकती है। 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए स्थितियां अनुकूल बन रही हैं।उत्तरी थाईलैंड के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण 18 सितंबर के आसपास उत्तरी अंडमान सागर में उभरेगा। इसके प्रभाव से 19 सितंबर को उसी क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जो अगले 3 से 4 दिनों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश तटों की ओर बढ़ेगा।यह भी पढ़ें:Delhi NCR Weather: दिल्ली-एनसीआर में सुबह-सुबह पलटा मौसम, तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर, IMD ने दिया ये अलर्ट
IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश भर का लेटेस्ट मौसम बुलेटिन जारी किया है। बुलेटिन के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में एक नया चक्रवाती सिस्टम तैयार हो रहा है। इसके असर से पूर्व, पूर्वोत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में 22 सितंबर तक भारी बारिश और थंडरस्टॉर्म की गतिविधियां जारी रहेंगी। मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के लिए स्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं।बंगाल की खाड़ी में बनेगा नया लो-प्रेशर सिस्टममौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी थाईलैंड के ऊपर मध्य क्षोभमंडल में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इसके 18 सितंबर की शाम तक उत्तरी अंडमान सागर में उभरने की संभावना है। इसके असर से 19 सितंबर की शाम तक इसी क्षेत्र (उत्तरी अंडमान सागर) में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने का अनुमान है। इसके बाद यह धीरे-धीरे और मजबूत होते हुए अगले 3-4 दिनों में दक्षिण ओडिशा-उत्तरी आंध्र प्रदेश तटों की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ेगा।उत्तरी गांगेय पश्चिम बंगाल से उत्तरी ओडिशा तक एक ट्रफ रेखा गुजर रही है। मध्य असम पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र मौजूद है। दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा पर भी साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है, जबकि उत्तरी आंतरिक कर्नाटक से मन्नार की खाड़ी तक एक अन्य ट्रफ रेखा बनी हुई है।पिछले 24 घंटों में कहां कितनी हुई बारिशमौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 24 घंटों के दौरान सिक्किम में बहुत भारी बारिश यानी 30 सेमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा कच्छ और असम के साथ उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान, रायलसीमा, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में भी भारी बारिश देखने को मिली है।बिहार, झारखंड, बंगाल और ओडिशा में मूसलाधार बारिश की चेतावनीIMD के मुताबिक पूर्वी भारत के राज्यों में 22 सितंबर तक व्यापक बारिश का अलर्ट है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 16 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। 17 सितंबर को भारी बारिश और 16-18 और 22 सितंबर को व्यापक बारिश का अनुमान है। 19 से 21 सितंबर के दौरान छिटपुट बारिश रहेगी। इसी तरह बिहार और झारखंड में 16 से 22 सितंबर तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। बिहार में 17 और 18 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।गांगेय पश्चिम बंगाल में 16 से 22 सितंबर के दौरान व्यापक वर्षा और थंडरस्टॉर्म के आसार हैं। ओडिशा में 16 सितंबर को और 18 से 20 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है। 19 से 22 सितंबर के बीच व्यापक बारिश होगी। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अगले 7 दिनों (16 से 22 सितंबर) के दौरान भारी बारिश की चेतावनी है, जिसमें 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है।पूर्वोत्तर राज्यों में मूसलाधार पानी बरसने के आसारपूर्वोत्तर भारत के राज्यों में 16 सितंबर को असम और मेघालय में अलग अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। असम और मेघालय में 17 और 19 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। 16 से 20 सितंबर तक गरज-चमक की संभावना बनी रहेगी। अरुणाचल प्रदेश में 16 और 17 सितंबर को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 16 सितंबर और 19 सितंबर को भारी वर्षा के साथ 16-18 सितंबर तक थंडरस्टॉर्म और बिजली चमकने का अलर्ट है।उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मौसम का हालजम्मू-कश्मीर, लद्दाख और पंजाब में 16-17 सितंबर को और पूर्वी राजस्थान में 17 सितंबर को गरज-चमक के साथ व्यापक बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 16 से 18 सितंबर और पश्चिम मध्य प्रदेश में 18-19 सितंबर को व्यापक बारिश का अनुमान है। छत्तीसगढ़ में 19 से 22 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी। इसमें 20 से 22 सितंबर के दौरान भारी बारिश की संभावना है। विदर्भ में 22 सितंबर को बारिश बढ़ेगी। कोंकण और गोवा में 16 सितंबर को और गुजरात क्षेत्र में 17 से 19 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश हो सकती है। 16 से 18 सितंबर तक गुजरात क्षेत्र और सौराष्ट्र व कच्छ में बिजली चमकने का अलर्ट है।दक्षिण भारत: तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना में तेज हवाओं की चेतावनीमौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण भारत के राज्यों में बारिश के साथ तेज सतही और झोंकेदार हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 16 से 20 सितंबर तक, केरल व माहे में 17 से 20 सितंबर तक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 16 सितंबर व 19-22 सितंबर को, तटीय आंध्र प्रदेश व रायलसीमा में 19 से 21 सितंबर तक और तेलंगाना में 19 से 22 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है।तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 16-20 सितंबर और तटीय आंध्र प्रदेश में 19-20 सितंबर के दौरान 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 16 से 20 सितंबर तक तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।समुद्र में तूफानी हवाएं: मछुआरों के लिए चेतावनी जारीसमुद्री क्षेत्रों में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को सतर्क किया गया है। उत्तरी गुजरात तटों से लगे उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 16 सितंबर को और सोमालिया तट व उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के हिस्सों में 19 सितंबर तक समुद्र में न उतरने की सलाह है। दक्षिण-पूर्व व दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान सागर में 21 सितंबर तक तूफानी मौसम रहेगा। इसके अलावा 19 और 20 सितंबर को दक्षिण श्रीलंका तट से लगे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में भी मछुआरों को न जाने की हिदायत दी गई है।ये भी पढ़ें- Shahzad Bhatti Network: आतंक के खिलाफ भारत सरकार का बड़ा एक्शन! शाहजाद भट्टी नेटवर्क UAPA के तहत आतंकी संगठन घोषित
Weather Forecast Today: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 16 सितंबर के लिए देश भर का मौसम पूर्वानुमान और अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक उत्तर भारत के मैदानी इलाकों दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा से लेकर दक्षिण के केरल व तमिलनाडु तक देश के 9 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बिहार से लेकर पश्चिम बंगाल और झारखंड तक कई राज्यों में थंडरस्टॉर्म, आकाशीय बिजली कड़कने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और केरल समेत इन 9 राज्यों में भारी बारिश का अलर्टमौसम विभाग के 16 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक देश के 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग अलग जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। उत्तर भारत में हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली और पंजाब में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। दक्षिण भारत में केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में भारी पानी बरसने के आसार हैं। पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश तथा असम व मेघालय में भारी बारिश हो सकती है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है।केरल, तमिलनाडु और अंडमान में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएंमौसम विभाग ने दक्षिण भारत और द्वीपीय इलाकों में तेज हवाओं और आंधी-तूफान का पूर्वानुमान जताया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक और बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।बिहार से बंगाल, ओडिशा और राजस्थान तक आंधी-तूफान की चेतावनीपूर्वी, उत्तर-पश्चिमी और दक्षिणी भारत के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। आंध्र प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर थंडरस्टॉर्म के साथ बिजली कड़कने और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में पृथक स्थानों पर धरातल पर तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।यूपी, एमपी, उत्तराखंड और दिल्ली-NCR में बिजली कड़कने का अनुमानमौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में आकाशीय बिजली चमकने को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और लक्षद्वीप में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने की आशंका है।समुद्र में तूफानी हलचल: गुजरात तट से बंगाल की खाड़ी तक अलर्टसमुद्री क्षेत्रों और तटीय इलाकों में तेज हवाओं के कारण मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। उत्तरी सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। इनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। उत्तर-पूर्वी अरब सागर से लगे उत्तरी गुजरात तटों पर 35 से 45 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसम बना रहेगा। यहां हवा की गति 55 किमी/घंटे तक जा सकती है।दक्षिण-पूर्व और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तथा दक्षिणी अंडमान सागर में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की संभावना है, जो बढ़कर 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती हैं। इसके अलावा अंडमान सागर और उससे लगे दक्षिण-पूर्वी व दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के अन्य इलाकों में 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी मौसम बना रहेगा।ये भी पढ़ें- Houthi attacks Mecca: सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच घातक युद्ध! पहली बार मक्का के हवाई क्षेत्र में घुसा ड्रोन, इमरजेंसी अलर्ट
Amroha News: जहरीली शराब की तस्करी में मेरठ के दो दोषियों को सात-सात साल की सजा
अरुणाचल प्रदेश मार्का शराब में नशीली गोलियां मिलाकर उसकी तीव्रता बढ़ाकर दूसरे राज्यों में तस्करी करने के मामले में न्यायालय ने मेरठ के दो दोषियों को सात-सात साल की सजा सुनाई है।
Weather update for September 16: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 16 सितंबर के लिए देश भर का मौसम पूर्वानुमान और अलर्ट बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक उत्तर भारत के मैदानी इलाकों दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा से लेकर दक्षिण भारत के केरल और तमिलनाडु तक देश के 9 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश होने की पूरी आशंका जताई गई है। अलग अलग मौसमी प्रणालियों के असर से देश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और केरल समेत इन 9 राज्यों में भारी बारिश का अलर्टमौसम विभाग के 16 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक देश के 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तर भारत में हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली और पंजाब के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। दक्षिण भारत में केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में कई जगहों पर तेज बारिश की संभावना है। पूर्व और पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में मूसलाधार पानी बरस सकता है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।केरल, तमिलनाडु और अंडमान में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएंदक्षिण भारत और द्वीपीय क्षेत्रों में आंधी-तूफान के साथ तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर थंडरस्टॉर्म के साथ बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।राजस्थान, बिहार, जम्मू-कश्मीर और आंध्र प्रदेश में आंधी व तेज हवाओं की चेतावनीदेश के विस्तृत मैदानी और तटीय इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ बारिश और बिजली कड़कने की आशंका है। आंध्र प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किमी/घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में धरातल पर तेज सतही हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान है।यूपी, एमपी, उत्तराखंड और दिल्ली-NCR में बिजली चमकने का अनुमानमौसम विभाग ने देश के 9 से अधिक राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली चमकने को लेकर सतर्क रहने की हिदायत दी है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और लक्षद्वीप में अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने की पूरी संभावना जताई गई है।समुद्र में तूफानी हवाओं का अलर्ट: मछुआरों को हिदायतसमुद्र और तटीय क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं के असर की वजह से स्थितियां खतरनाक बनी रहेंगी। मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। उत्तरी सोमालिया तट के साथ और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। इसकी स्पीड 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। उत्तर-पूर्वी अरब सागर से लगे उत्तरी गुजरात तटों पर 35 से 45 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी मौसमबना रहेगा, जहां हवा की गति 55 किमी/घंटे तक जा सकती है। दक्षिण-पूर्व और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तथा दक्षिणी अंडमान सागर में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। ये बढ़कर 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती हैं। इसके अलावा अंडमान सागर और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी व दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के अन्य हिस्सों में 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से तूफानी मौसम बना रहेगा।
IMD Rain Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश भर के मौसम को लेकर लेटेस्ट वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों से 19 सितंबर के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं। मानसून की वापसी की आहट के बीच देश के कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, उससे सटे कच्छ क्षेत्र और दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से 15 सितंबर को सौराष्ट्र और कच्छ के अलग-अलग इलाकों में बेहद भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।जानिए देशभर में पिछले 24 घंटों का मौसममौसम विभाग के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान पश्चिम मध्य प्रदेश, गुजरात राज्य और तमिलनाडु में बहुत भारी बारिश (12-20 सेमी) दर्ज की गई है। पश्चिम उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी भारी बारिश (7-11 सेमी) रिकॉर्ड की गई है।गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में भारी बारिश का अलर्टमौसम विभाग ने बताया है कि पश्चिमी भारत में 15 सितंबर को बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। IMD ने सौराष्ट्र एवं कच्छ में 15 सितंबर को अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 15 सितंबर को गुजरात रीजन और सौराष्ट्र व कच्छ में व्यापक बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। कोंकण और गोवा में 15-16 सितंबर तथा 19-21 सितंबर के दौरान भारी बारिश का पूर्वानुमान है।दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और उत्तर-पश्चिम भारत का हालउत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के असर से बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 16 और 17 सितंबर को अधिकांश जगहों पर गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ बारिश होगी। 15 से 17 सितंबर के दौरान हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और पंजाब के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 17 सितंबर को व्यापक बारिश होने का अनुमान है जबकि उत्तर-पश्चिम भारत के बाकी हिस्सों में छिटपुट बारिश दर्ज की जा सकती है।बिहार में गंभीर बिजली कड़कने की चेतावनी, बंगाल और ओडिशा का मौसमपूर्वी भारत में 15 सितंबर को बिहार में मध्यम से तेज आकाशीय बिजली गिरने की विशेष चेतावनी दी गई है। बिहार में 17 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 15 से 20 सितंबर तक तथा गांगेय पश्चिम बंगाल में 16 से 20 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 15 से 21 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहेगा, जहां 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। ओडिशा में 15 सितंबर और 18 से 21 सितंबर तक भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।मध्य और पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसममध्य भारत में पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 से 17 सितंबर और पश्चिम मध्य प्रदेश में 17 से 19 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश और गरज-चमक के आसार हैं। छत्तीसगढ़ में 19 से 21 सितंबर के बीच भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। विदर्भ में 20 और 21 सितंबर को बारिश का दायरा बढ़ेगा।पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश तथा असम व मेघालय में 15 से 17 सितंबर के दौरान भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 15 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है।दक्षिण भारत: तमिलनाडु, केरल और तेलंगाना में तेज हवाओं का अलर्टदक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में केरल व माहे और लक्षद्वीप में 15 से 21 सितंबर तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। तेलंगाना में 17 से 21 सितंबर के दौरान बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में 15 से 21 सितंबर तक, केरल व माहे में 15-16 और 19-21 सितंबर को तथा तेलंगाना में 19 से 21 सितंबर के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।इसके अलावा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं और सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।समंदर में तूफानी स्थिति: मछुआरों के लिए चेतावनी जारीतटीय और समुद्री इलाकों में प्रतिकूल मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को सतर्क किया है। गुजरात तटों से सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर में 15 और 16 सितंबर को समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है। सोमालिया तट और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम व पश्चिम-मध्य अरब सागर में 19 सितंबर तक तूफानी हवाएं जारी रहेंगी। दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 18 से 20 सितंबर तक तथा अंडमान सागर में 16 से 20 सितंबर के बीच खराब मौसम और चक्रवाती हवाओं के कारण मछुआरों को गहरे समुद्र में न उतरने की सलाह दी गई है।ये भी पढ़ें- अमेरिकी स्पेस फोर्स का बड़ा खुलासा, पहली बार माना कि अंतरिक्ष में भी उसने तैनात किए हथियार, ये कैसी तैयारी?
अरुणाचल प्रदेश में APPSC भर्ती 2026: 155 पदों के लिए आवेदन करें
अरुणाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग (APPSC) ने 2026 के लिए 155 सरकारी पदों की भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस अवसर का लाभ उठाने के लिए, उम्मीदवारों को 30 सितंबर 2026 तक आवेदन करना होगा। विभिन्न विभागों में रिक्तियों की जानकारी, शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, और चयन प्रक्रिया के बारे में जानें। यह भर्ती उन लोगों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो सरकारी नौकरी की तलाश में हैं।
'कमजोर' पटरी पर तेजी से दौड़ने का प्रयास कर रही भारत-चीन 'दोस्ती' की रेल कहीं डिरेल ना हो जाए!
भारत और चीन के रिश्तों में दिल्ली में जो नई गर्माहट दिखाई दे रही है, उसे केवल कूटनीतिक शिष्टाचार या दो नेताओं की मुस्कान की तस्वीरों से समझना बड़ी भूल होगी। असली कहानी इससे कहीं ज्यादा कठोर है। सात साल बाद भारत आए शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात ने यह साफ कर दिया है कि गलवान के बाद दोनों देशों ने टकराव को खत्म नहीं किया है, लेकिन अब वे उसे नियंत्रित करने और अपने-अपने हितों के लिए रिश्ते को फिर से व्यवस्थित करने की दिशा में बढ़ रहे हैं। मोदी का भाषण रोक कर शी से पूछना— “Is it okay?”, एक मानवीय कूटनीतिक क्षण था, लेकिन उसके पीछे की रणनीति कहीं अधिक गंभीर है। दिल्ली में मोदी-शी बातचीत का सबसे महत्वपूर्ण वाक्य था— “Differences should not become disputes.” मोदी ने साफ किया कि सीमा पर शांति और स्थिरता ही संबंधों के आगे बढ़ने की बुनियादी शर्त है। दोनों देशों ने सीमा विवाद के न्यायसंगत और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान की प्रतिबद्धता दोहराई, साथ ही पुराने समझौतों का पालन करने पर जोर दिया। व्यापार, निवेश, सप्लाई चेन, बाजार तक भरोसेमंद पहुंच और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। यानी बातचीत अब केवल सीमा पर सैनिकों की दूरी घटाने तक सीमित नहीं है; दोनों देश रिश्तों का पूरा ढांचा दोबारा खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन यहां सबसे जरूरी सवाल है कि चीन अचानक भारत की तरफ क्यों देख रहा है? देखा जाये तो जवाब चीन की इच्छा से ज्यादा बदलती वैश्विक परिस्थितियों में छिपा है। अमेरिका की बढ़ती संरक्षणवादी व्यापार नीति, टैरिफ का दबाव, पश्चिम और चीन के बीच तकनीकी संघर्ष तथा वैश्विक सप्लाई चेन का पुनर्गठन बीजिंग के लिए गंभीर चुनौती हैं। ऐसे समय में भारत को लंबे समय तक केवल रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी मानकर चलना चीन के लिए महंगा पड़ सकता है। भारत दुनिया का विशाल बाजार है, तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और ग्लोबल साउथ में उसका राजनीतिक प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। यही वजह है कि चीन भारत के साथ संबंधों को “रणनीतिक और दीर्घकालिक” नजरिए से देखने की बात कर रहा है। चीनी पक्ष ने खुद कहा है कि दोनों देश एक-दूसरे की ताकतों से सीख सकते हैं और साझा विकास को आगे बढ़ा सकते हैं। चीन के लिए यह केवल भारत से कारोबार बढ़ाने का मामला नहीं है; यह उस बहुध्रुवीय विश्व-व्यवस्था में भारत को अपने साथ बनाए रखने की कोशिश भी है, जिसमें BRICS की भूमिका बढ़ रही है। यहां व्यापार सबसे बड़ा दबाव-बिंदु भी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2026 में चीन से भारत का आयात करीब 131.62 अरब डॉलर, जबकि निर्यात केवल 19.47 अरब डॉलर रहा। यानी करीब 112 अरब डॉलर का भारी व्यापार घाटा। चीन भारत के कुल आयात का लगभग 19.2 प्रतिशत हिस्सा देता है। इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो कंपोनेंट्स, सोलर उपकरण, बैटरियां, मशीनरी और दूसरे औद्योगिक सामान में भारत की चीनी निर्भरता बहुत बड़ी है। दूसरी ओर भारत चाहता है कि चीन अपने बाजार को भारतीय उत्पादों के लिए ज्यादा खोले। यही विरोधाभास रिश्तों की सबसे बड़ी चुनौती भी है और सबसे बड़ा अवसर भी। भारत चीन से व्यापार बंद नहीं कर सकता, लेकिन ऐसा व्यापार भी स्वीकार नहीं कर सकता जिसमें चीन लगातार बेचता रहे और भारत केवल खरीदता रहे। इसलिए अगला चरण trade expansion नहीं, trade rebalancing का होना चाहिए। भारतीय MSMEs को BRICS की सप्लाई चेन में जोड़ना, चीन से केवल finished goods लेने के बजाय उत्पादन और value chains में हिस्सेदारी बढ़ाना और निवेश को भारतीय manufacturing capacity से जोड़ना इस दिशा में निर्णायक हो सकता है। इसे भी पढ़ें: Modi की Delhi में छक्के लगा गये Putin, Global South में Russia का नया Power Network देखकर Trump हैरान लेकिन असली कांटा अभी भी सीमा है। 2020 के गलवान संघर्ष ने भरोसे को गहरी चोट पहुंचाई। इसके बाद सैनिक तनाव कम हुआ, लेकिन सीमा विवाद खत्म नहीं हुआ। अरुणाचल प्रदेश, LAC पर सैन्य तैनाती, चीन-पाकिस्तान समीकरण और संवेदनशील रणनीतिक क्षेत्रों में चीनी गतिविधियां अभी भी भारत की चिंताओं में हैं। इसलिए दिल्ली का संदेश बिल्कुल स्पष्ट है कि व्यापार और सहयोग आगे बढ़ सकते हैं, लेकिन सीमा पर शांति की कीमत पर नहीं। फिर आता है critical minerals का सवाल। मोदी ने शी की मौजूदगी में ही technology और critical minerals की “weaponisation” के खिलाफ चेतावनी दी। यह सीधा नाम लेकर हमला नहीं था, लेकिन संदेश साफ था। चीन rare-earth refining में 90 प्रतिशत से अधिक वैश्विक क्षमता नियंत्रित करता है। आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स, EV, AI और advanced manufacturing के दौर में यह आर्थिक ताकत ही नहीं, रणनीतिक leverage भी है। इसलिए भारत-चीन की नई गर्माहट को दोस्ती की वापसी कहना जल्दबाजी होगी। यह ज्यादा सही तरीके से managed competition है। जहां दोनों देश जानते हैं कि वे एक-दूसरे को हरा नहीं सकते, लेकिन एक-दूसरे को नजरअंदाज भी नहीं कर सकते। शी का दिल्ली आना, मोदी-शी की बातचीत, व्यापारिक संपर्कों का खुलना और BRICS में साथ काम करने की कोशिशें बताती हैं कि रिश्ते अब फिर से पटरी पर लाए जा रहे हैं। लेकिन पटरी अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हुई है। एक गलत सीमा-संघर्ष, व्यापार पर एकतरफा दबाव या रणनीतिक अविश्वास इस पूरी प्रक्रिया को फिर पीछे धकेल सकता है। Xi का BRICS डिनर में शामिल न होना भी इसी सावधानी की याद दिलाता है। हालांकि उनकी अनुपस्थिति का आधिकारिक कारण नहीं बताया गया और इसे किसी राजनीतिक संकेत के रूप में स्थापित करना उचित नहीं होगा। बहरहाल, दिल्ली में इस बार मोदी ने संकेत दे दिया है कि सहयोग होगा, व्यापार होगा, BRICS में साझेदारी होगी, लेकिन सीमा, संप्रभुता, बाजार पहुंच और रणनीतिक स्वायत्तता पर भारत अपनी शर्तों से पीछे नहीं हटेगा। -नीरज कुमार दुबे
पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर में शुक्रवार को क्षेत्रीय परामर्शदात्री समिति की बैठक हुई। बैठक में सांसदों और उनके प्रतिनिधियों ने यात्रियों की सुविधा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। नई ट्रेनों के संचालन, मौजूदा ट्रेनों की गति बढ़ाने, विभिन्न स्टेशनों पर ठहराव देने, प्लेटफार्म की व्यवस्था सुधारने और यात्री सुविधाओं को बेहतर करने के प्रस्ताव रखे गए। समिति के 39 सदस्यों में से 29 सदस्य बैठक में मौजूद रहे। दिल्ली के लिए अमृत भारत का सफर 12 घंटे में कराने की मांग सदर सांसद रविकिशन के प्रतिनिधि पवन कुमार दुबे ने गोरखपुर से दिल्ली चलने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस की गति बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में ट्रेन को गोरखपुर से दिल्ली पहुंचने में करीब 13 से 14 घंटे लग रहे हैं। सामान्य ट्रेनें भी लगभग इतने ही समय में दिल्ली पहुंच जाती हैं। ऐसे में अमृत भारत एक्सप्रेस का सफर करीब 12 घंटे में पूरा कराया जाना चाहिए। उन्होंने गोरखपुर-प्रयागराज वंदे भारत एक्सप्रेस के वापसी संचालन के लिए प्लेटफार्म पहले से तय करने का सुझाव भी दिया। बताया कि गोरखपुर से प्रयागराज जाने के दौरान ट्रेन प्लेटफार्म नंबर एक से रवाना होती है, लेकिन वापसी में उसका प्लेटफार्म निर्धारित नहीं रहता। इससे यात्रियों को परेशानी होती है। लखनऊ की जगह ऐशबाग से चलाने का मुद्दा पवन कुमार दुबे ने गाड़ी संख्या 12555 गोरखधाम एक्सप्रेस, 12571 गोरखपुर-आनंद विहार हमसफर और 12595 हमसफर एक्सप्रेस को लखनऊ के बजाय ऐशबाग से चलाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि जहांगीराबाद से मानकनगर के बीच करीब 20 किलोमीटर की दूरी तय करने में इन ट्रेनों को दो से तीन घंटे तक अतिरिक्त समय लग रहा है। इससे दिल्ली जाने वाले मरीजों, विद्यार्थियों और नौकरीपेशा यात्रियों को काफी परेशानी होती है। उन्होंने इस रेलखंड पर लगने वाले अतिरिक्त समय को कम करने की मांग की। पुरी, जैसलमेर, हरिद्वार और जम्मू-कश्मीर के लिए नई ट्रेन की मांग बैठक में गोरखपुर से देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए नई ट्रेनों के संचालन की मांग भी जोरदार तरीके से उठी। समरेंद्र विक्रम सिंह ने गोरखपुर से पुरी के लिए नियमित ट्रेन चलाने का प्रस्ताव रखा। इसके अलावा गोरखपुर से जैसलमेर के लिए सुपरफास्ट ट्रेन और अरुणाचल प्रदेश तथा हरिद्वार के लिए नई ट्रेन चलाने की मांग की गई। जम्मू-कश्मीर के लिए भी गोरखपुर से नई ट्रेन शुरू करने का सुझाव दिया गया। वहीं, मध्य भारत के रास्ते गोरखपुर से दिल्ली के लिए स्लीपर ट्रेन चलाने की मांग भी रखी गई। गोरखपुर-पुणे ट्रेन रोज चलाने का प्रस्ताव बैठक में गोरखपुर-पुणे साप्ताहिक ट्रेन के फेरे बढ़ाने की मांग भी हुई। सदस्यों ने कहा कि यात्रियों की संख्या को देखते हुए इस ट्रेन को प्रतिदिन या कम से कम सप्ताह में चार दिन चलाया जाना चाहिए। इससे पूर्वांचल के यात्रियों को पुणे और आसपास के क्षेत्रों की यात्रा में काफी सुविधा मिलेगी। गोंडा से प्रयागराज इंटरसिटी चलाने की मांग पंकज कुमार श्रीवास्तव ने गोंडा से प्रयागराज के बीच इंटरसिटी ट्रेन चलाने की मांग की। उन्होंने 15070/15069 इंटरसिटी एक्सप्रेस का इटियाथोक और गोंडा-बहराइच रेलमार्ग के बनगाई स्टेशन पर ठहराव देने का भी प्रस्ताव रखा। उन्होंने गोंडा जंक्शन पर वाशिंग पिट लाइन बनाने, नई दिल्ली से गोरखपुर वाया गोंडा वंदे भारत या राजधानी जैसी ट्रेन चलाने और रेलवे की जमीन तथा कॉलोनियों से अतिक्रमण हटाने का सुझाव दिया। साल में दो बार हो समिति की बैठक महाराजगंज (बिहार) के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने क्षेत्रीय परामर्शदात्री समिति की बैठक साल में कम से कम दो बार कराने की मांग की। उनका कहना था कि नियमित बैठक होने से सांसदों और उनके प्रतिनिधियों को अपने क्षेत्रों से जुड़े रेल संबंधी मुद्दों को रेलवे के सामने रखने का अधिक अवसर मिलेगा। मनकापुर के सांसद कीर्तिवर्धन सिंह के प्रतिनिधि ने गोंडा लोकसभा क्षेत्र में हुए आधारभूत विकास कार्यों और आरओबी-आरयूबी के निर्माण के लिए रेलवे प्रशासन और रेल मंत्री का आभार जताया। पंकज चौधरी, जितिन प्रसाद और सनातन पांडेय के प्रतिनिधियों के साथ विपिन तिवारी ने भी अलग-अलग स्टेशनों पर यात्री सुविधाएं बढ़ाने और विकास कार्यों को समय से पूरा करने के सुझाव दिए। रेलवे बोर्ड को भेजे जाएंगे प्रस्ताव पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर ने कहा कि बैठक में सदस्यों की ओर से रखे गए सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। रेलवे के स्तर पर जिन प्रस्तावों पर निर्णय संभव होगा, उन पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, रेलवे बोर्ड के स्तर से जुड़े मामलों के लिए प्रस्ताव तैयार कर बोर्ड को भेजा जाएगा। 58 स्टेशनों का हो रहा पुनर्विकास महाप्रबंधक ने रेलवे की ओर से किए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड रेलखंड का गेज परिवर्तन और 81.34 किलोमीटर मल्टी-ट्रैकिंग का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा 49.91 किलोमीटर ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग, 12 आरओबी और 43 आरयूबी का काम पूरा किया जा चुका है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पूर्वोत्तर रेलवे के 58 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष त्योहारों के दौरान यात्रियों की भीड़ को देखते हुए 94 स्पेशल, 54 ग्रीष्मकालीन और 45 होली स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया था।
त्योहारी सीजन और बढ़ती यात्री भीड़ को देखते हुए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने यात्रियों को राहत दी है। रेलवे प्रशासन ने सांतरागाछी जंक्शन और अरुणाचल प्रदेश के नाहरलगुन के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेन के फेरे बढ़ाने का फैसला किया है। इससे पश्चिम बंगाल, उत्तरी असम और अरुणाचल प्रदेश के यात्रियों को यात्रा के लिए और सुविधा मिलेगी। रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 08047 (सांतरागाछी-नाहरलगुन) स्पेशल ट्रेन 11, 18 और 25 सितंबर 2026 को तीन अतिरिक्त फेरों के लिए चलेगी। वहीं वापसी में ट्रेन संख्या 08048 (नाहरलगुन-सांतरागाछी) स्पेशल 12, 19 और 26 सितंबर 2026 को तीन अतिरिक्त फेरे लगाएगी। ठहराव और कोच में नहीं हुआ बदलाव रेलवे अधिकारियों ने साफ किया है कि बढ़ाए गए फेरों के दौरान ट्रेन की समय-सारणी, तय ठहराव और कोच में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ट्रेन अपने पहले से तय समय और स्टेशनों पर ही चलेगी। रेलवे के मुताबिक, सितंबर महीने में दुर्गापूजा, पारिवारिक आयोजनों और छुट्टियों के कारण पूर्वोत्तर राज्यों और कोलकाता इलाके के बीच यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में अतिरिक्त फेरों से यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने में आसानी होगी और यात्रा का बोझ भी कम होगा। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने यात्रियों से कहा है कि वे टिकट बुकिंग और यात्रा से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या अधिकृत टिकट काउंटरों का इस्तेमाल करें। इस फैसले से पूजा सीजन में पूर्वोत्तर और पश्चिम बंगाल के बीच यात्रा और आसान हो जाएगी।
जागरण संपादकीय: हिमालयी राज्यों की चुनौती
यह सही समय है कि उत्तराखंड, हिमाचल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर को ध्यान में रखकर शुरू की गई ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड संबंधी परियोजना की समीक्षा की जाए।
Operation Lotus के तहत BJP फिर करेगी खेल? Mamata Banerjee को झटका? TMC। Arunachal Pradesh। Meghalaya
Operation Lotus के तहत बीजेपी करने वाली है खेल, Mamata Banerjee को फिर लगेगा झटका? मेघालय की राजनीति में 2028 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा सियासी उलटफेर होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
'मैं यहां का खिलाड़ी हूं' जब नदी के उलट तैरे किरेन रिजिजू
मोदी सरकार में मंत्री किरेन किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर अरुणाचल प्रदेश की एक तेज बहाव वाली उफनती नदी में तैरते हुए अपना एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने लोगों को बिना तैराकी जाने गहरे और खतरनाक पानी में न उतरने की सलाह दी और बताया कि राज्य की नदियां बहुत गहरी और बड़ी हैं।
Arunachal Pradesh Tinkle Karga Gongo Viral Video: प्यारी सी बच्ची को मिला ढेर सारा प्यार,कहा थैंक यू
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'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग
अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।
दिबांग घाटी में बाढ़ के बाद भोजपुर का आर्मी जवान आठ दिन से लापता
22 शनिवार, अगस्त: भोजपुर का आर्मी जवान अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में बाढ़ और बादल फटने के बाद पांच जवानों के साथ लापता हो गया। आठ दिन बाद भी उसका पता नहीं चला है। परिजनों की चिंता बढ़ गई है।
अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में बाढ़ के बाद भोजपुर का जवान आठ दिन से लापता
22 शनिवार, अगस्त: भोजपुर का रहने वाला आर्मी जवान अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में बाढ़ और बादल फटने के बाद पांच जवानों के साथ लापता हो गया। आठ दिन बाद भी जवान का पता नहीं चला है, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई है।
अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के घुसपैठ के दावे से मणिपुर का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो 25 अप्रैल 2026 का मणिपुर के हूमी गांव में असम राइफल्स और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प का है.
अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ के दावे से बांग्लादेश सीमा का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो चांपाईनवाबगंज के शिबगंज सीमा क्षेत्र पर बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के बीच हुई कहासुनी का है.
Bigg Boss 18 : चुम दरांग को मिला अरुणाचल प्रदेश के सीएम का सपोर्ट
सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 18' अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर कोई इस सीजन का विनर बनने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन दिनों शो में 'टिकट टू फिनाले' टास्क चल रहा है। इस टास्क में विवियन डीसेना और चुम दरंग आमने-सामने खड़े हैं। वहीं ...

