Seagull India को मिले ₹2,423 करोड़ के ठेके, Arunachal Pradesh में करेगी सड़क निर्माण
बुनियादी ढांचा विकास कंपनी सीगल इंडिया को उसके संयुक्त उद्यमों के माध्यम से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से अरुणाचल प्रदेश में एनएच-913 पर सड़क निर्माण के लिए 2,423.70 करोड़ रुपये के पांच ठेके मिले हैं। कंपनी के बृहस्पतिवार को जारी बयान के अनुसार, सीगल इंडिया लिमिटेड और राजिंदर इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के संयुक्त उद्यम को एनएच-913 के ‘बाइले-मिग्गिंग’ खंड में 17.812 किलोमीटर से 55.377 किलोमीटर तक के हिस्से में सड़क निर्माण के लिए 274.08 करोड़ रुपये का इंजीनियरिंग, खरीद एवं निर्माण (ईपीसी) ठेका मिला है। इस संयुक्त उद्यम में सीगल इंडिया की 70 प्रतिशत और राजिंदर इंफ्रास्ट्रक्चर की 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है। परियोजना में 48 महीने की निर्माण अवधि और उसके बाद पांच साल की रखरखाव अवधि शामिल है। इसके अलावा, सीगल इंडिया को सुशी इंफ्रा एंड माइनिंग लिमिटेड के साथ अपने संयुक्त उद्यम के माध्यम से चार ठेके मिले हैं। इनकी कुल राशि 2,149.62 करोड़ रुपये है। सीगल इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक रमनीक सहगल ने कहा, ‘‘ ये परियोजनाएं क्षेत्र के सबसे दुर्गम इलाकों में लगभग 278 किलोमीटर लंबे मध्यवर्ती मार्ग के निर्माण से जुड़ी हैं। अरुणाचल प्रदेश में इंजीनियरिंग और परियोजना के निष्पादन के लिहाज से विशिष्ट चुनौतियां हैं लेकिन हम गुणवत्ता, सुरक्षा एवं समयबद्ध निष्पादन के उच्चतम मानकों के साथ सभी पांच परियोजनाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। साथ ही क्षेत्र में संपर्क बढ़ाने और आर्थिक वृद्धि में योगदान देने को भी प्रतिबद्ध हैं।
अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ में लापता हुआ आजमगढ़ का जवान, सकुशल होने की प्रार्थना कर रहा परिवार
सोशल मीडिया पर इन दिनों अरुणाचल प्रदेश को लेकर एक बड़ा दावा तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि चीनी सेना (PLA) भारतीय सीमा के अंदर 60 किलोमीटर तक घुस आई है। अब देश के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सामने आकर इन सभी मनगढ़ंत और भ्रामक खबरों का जोरदार खंडन किया है। उन्होंने जनता और मीडिया से अपील की है कि वे बिना पुष्टि के ऐसी सनसनीखेज खबरें साझा न करें, क्योंकि इससे देश की सुरक्षा में तैनात जवानों का मनोबल प्रभावित होता है।सीमांकन न होने से पैदा होती है भ्रम की स्थितिएजेंसी से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि जो लोग यह दावा कर रहे हैं कि चीन 60 किलोमीटर अंदर तक आ गया है, वे पूरी तरह से गलत और भ्रामक हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में समस्याएं जरूर हैं, लेकिन इसका मुख्य कारण यह है कि भारत और चीन के बीच उस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा का सही और स्पष्ट सीमांकन (Demarcation) नहीं हुआ है।रिजिजू ने बताया कि सीमा पर रहने वाले स्थानीय ग्रामीणों की चिंताएं अपनी जगह जायज हैं क्योंकि जमीन के अधिकार को लेकर दोनों तरफ अलग-अलग दावे हैं। भारतीय पक्ष का मानना है कि हमारी सीमाएं काफी आगे तक हैं, जबकि चीन की तरफ बसे स्थानीय लोग और तिब्बती समुदाय अपनी जमीन का दावा भी भीतर तक करते हैं। इसे किसी भी सूरत में चीनी सेना द्वारा किसी भारतीय गांव पर कब्जा किए जाने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।भ्रामक वीडियो और तस्वीरों से गिरता है सैनिकों का मनोबलकेंद्रीय मंत्री ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर पुरानी या बांग्लादेश और अन्य जगहों की अप्रमाणित तस्वीरें और वीडियो शेयर करके यह साबित करने की कोशिश करते हैं कि चीनी सेना अरुणाचल के अंदर आ गई है। इस तरह की झूठी और सनसनीखेज अफवाहें फैलाने से देश के भीतर अनावश्यक भ्रम फैलता है और सबसे बढ़कर, वहां दुर्गम इलाकों में तैनात हमारी भारतीय सेना और इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) के जवानों का मनोबल गिरता है।भारतीय सीमा पर सुरक्षा और गश्त हुई और मजबूतसरकार ने देश की संप्रभुता और सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती है। केंद्रीय मंत्री ने आश्वस्त किया कि भारतीय सेना और आईटीबीपी ने सीमावर्ती इलाकों में अपनी चौकसी और गश्त को काफी ज्यादा बढ़ा दिया है। भारत सरकार हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। हाल ही में सरकार द्वारा 'सर्वे ऑफ इंडिया' के आधिकारिक नक्शों पर अरुणाचल प्रदेश की 27 जगहों और भौगोलिक विशेषताओं को उनके वास्तविक और स्टैंडर्ड नामों से औपचारिक मान्यता देने के बाद से इस सीमाई क्षेत्र पर कूटनीतिक और रणनीतिक फोकस और अधिक बढ़ गया है।
Bigg Boss 18 : चुम दरांग को मिला अरुणाचल प्रदेश के सीएम का सपोर्ट
सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 18' अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर कोई इस सीजन का विनर बनने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन दिनों शो में 'टिकट टू फिनाले' टास्क चल रहा है। इस टास्क में विवियन डीसेना और चुम दरंग आमने-सामने खड़े हैं। वहीं ...

