केंद्र सरकार क्या बिहार के साथ नाइंसाफी कर रही? हालिया दो बड़े फैसलों ने इस सवाल को बल दिया है। दोनों फैसले क्या हैं, क्या वाकई बिहार की हकमारी हो रही, सांसद-मंत्री क्या कर रहे, जानेंगे; बूझे की नाही में…। फैसला-1ः 466 गांव डूबे, फूटी कौड़ी नहीं मिली, गुजरात को 1,277 करोड़ नेपाल में मूसलाधार बारिश के बाद बिहार की गंडक उफना गई हैं। इससे कई जगह तटबंध, जमींदारी बांध और सुरक्षात्मक तटबंध टूट गए हैं। नासा ने सैलेटाइल तस्वीरों और रिपोर्ट में भी विकराल बाढ़ की पुष्टि की है। नासा ने 20 सितंबर और 29 सितंबर 2026 को ली गई सैटेलाइट तस्वीरों के अध्ययन से बाढ़ के विस्तार का स्पष्ट वैज्ञानिक प्रमाण मिला है। इन सबके बावजूद केंद्र सरकार ने 4 अक्टूबर तक बिहार के लिए किसी राहत पैकेज का ऐलान नहीं किया है। यहां तक कि केंद्र ने SDRF (राज्य आपदा मोचन निधि) के तहत अलॉट अपने हिस्से के 1971 करोड़ रुपए में से एक रुपए भी बिहार को नहीं दिया है। 16 सितंबर 2026 को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान बाढ़ का मुआयना करने आए। गए। लेकिन केंद्र ने अब तक आर्थिक मदद नहीं की है। जबकि… PIB की प्रेस रिलीज के मुताबिक, केंद्र सरकार ने 1 अगस्त 2026 को अरुणाचल प्रदेश को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए SDRF के केंद्रीय हिस्से की पहली किस्त 44.55 करोड़, असम को 379.35 करोड़ और गुजरात को 500 करोड़ रुपए जारी किए। महाराष्ट्र को 500 करोड़ और ओडिशा को दूसरी किस्त के दौर पर 500 करोड़ देने का ऐलान किया। फैसला-2ः बिहार की ‘पाली’ भाषा, ओडिशा में सेंटर फॉर एक्सीलेंस खुलेगा 1 अक्टूबर 2026 को भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने पांच शास्त्रीय भाषाओं- असमिया, बंगाली, पाली, मराठी और प्राकृत के संरक्षण के लिए 'सेंटर फॉर एक्सीलेंस' बनाने की मंजूरी दी। इसका मकसद इसका संरक्षण, रिसर्च और डिजिटलीकरण को बढ़ावा देना। मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक, असम की तेजपुर यूनिवर्सिटी में असमिया, बंगाल के विश्व भारती विश्वविद्यालय में बंगाली, ओडिशा सेंट्रल यूनिवर्सिटी में पाली, गुजरात सेंट्रल यूनिवर्सिटी में प्राकृत और महाराष्ट्र के पुणे स्थित डेक्कन कॉलेज पोस्ट ग्रेजुएट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में मराठी भाषा का सेंटर फॉर एक्सीलेंस खुलेगा। जबकि… सर्वविदित है कि भगवान बुद्ध बिहार के बोधगया से पाली भाषा में उपदेश देते थे। पाली भाषा की उत्पत्ति बिहार के मगध से मानी जाती है। इसका उल्लेख इतिहास की किताबों के साथ-साथ भारत सरकार के डॉक्यूमेंट में भी है। मोदी सरकार ने 3 अक्टूबर 2024 में मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बंगाली को शास्त्रीय भाषा की मान्यता दी। 4 अक्टूबर 2024 को भारत सरकार के जारी डॉक्यूमेंट और प्रेस रिलीज में कहा है... 3 अक्टूबर 2024 को जारी भारत सरकार के प्रेस रिलीज में साफ कहा गया है कि बिहार सरकार ने पाली को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने का प्रस्ताव दिया था। इस मांग को लेकर कमेटी बनाई गई थी। 42 सांसद, 8 मंत्री, फिर कर क्या रहे हैं? इस वक्त केंद्र की मोदी सरकार में बिहार के 42 सांसद (30 लोकसभा, 12 राज्यसभा) और 8 मंत्री शामिल हैं। 14 सांसद (10 लोकसभा, 4 राज्यसभा) विपक्ष में हैं। इसके बावजूद बिहार में अब तक कोई बड़ा निवेश नहीं आया है। इसके 2 बड़े कारण हैं… 1. ना विजन, ना एरिया में खास पकड़, सिर्फ सामाजिक समीकरण पॉलिटिकल एनालिस्ट संजय सिंह कहते हैं, ‘बिहार के सांसदों में विजन की साफ कमी झलकती है। यहां के सांसद दिल्ली में अपने राज्य के लिए लॉबी नहीं कर पाते हैं। जबकि, साउथ के सांसद दिल्ली-नोएडा में डेरा डाले रहते हैं। वह किसी ना किसी तरह अपने एरिया में बड़ा प्रोजेक्ट ले जाने की कोशिश करते हैं।’ ताजा उदाहरण ही देख लीजिए, सितंबर में दिल्ली में सेमीकंडक्टर 2.0 मिशन शुरू हुआ। इसमें साउथ के सांसदों ने जमकर लॉबिंग की। अपने यहां प्रोजेक्ट लेकर गए। बिहार के सांसद बयानबाजी और जातीय समीकरण साधने में रह गए। 2. अधिकतर सांसद अपने अधिकार को ही नहीं जानते PRS लेजिस्लेटिव रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, बिहार के 80% से अधिक सांसद अपने पूरे 5 साल के कार्यकाल में एक भी प्राइवेट मेंबर बिल पेश नहीं करते। अधिकतर सांसद या तो इसकी जटिल प्रक्रिया/ड्राफ्टिंग की जानकारी न होने के कारण बिल पेश नहीं कर पाते, या इसे अपनी प्राथमिकता में शामिल ही नहीं करते। केवल 2-3 अपवाद सांसद (जैसे नालंदा या नवादा के सांसद) ही ऐसे रहे हैं जिन्होंने कई बिल पेश किए। पॉलिटिकल एनालिस्ट केके लाल कहते हैं, ‘हकीकत तो है कि यहां के सांसदों को अपने पूरे अधिकार का पता ही नहीं है। उनको हॉस्पिटलों में मरीज को एडमिट करा देना, रेलवे टिकट कंफर्म करा देना, पर्व-त्योहार में स्पेशल ट्रेन चलवा देना बड़ा काम लगता है।’
अरुणाचल प्रदेश को मिलेगा स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बढ़ावा, दो नए मेडिकल कॉलेज खुलेंगे: मुख्यमंत्री
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अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कॉफी की खेती को बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयासों का आह्वान किया
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Weather forecast for October 5: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कल यानी पांच अक्टूबर को देश के कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारों का अनुमान जताया है। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की आशंका है। कई इलाकों में आंधी, बिजली चमकने और तेज हवाओं का दौर भी देखने को मिल सकता है। हालांकि, दिल्ली समेत उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों में मौसम फिलहाल शुष्क रहने की संभावना है।दिल्ली में कल मौसम रहेगा साफ और शुष्कराजधानी दिल्ली में 5 अक्टूबर को मौसम मुख्य रूप से साफ और धूप वाला रहने का अनुमान है। IMD के मुताबिक, दिल्ली में कोई महत्वपूर्ण बारिश होने की संभावना नहीं है। इस दौरान करीब 20-22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक सूखा मौसम जारी रहने की संभावना है। हालांकि, 6 से 7 अक्टूबर के बीच हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में छिटपुट से लेकर कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। दिल्ली में 6 से 8 अक्टूबर के बीच बारिश की संभावना बनी हुई है।यूपी में फिलहाल बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहींउत्तर प्रदेश के लिए फिलहाल मौसम विभाग ने कोई गंभीर चेतावनी जारी नहीं की है। 5 से 9 अक्टूबर के दौरान पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए IMD के नवीनतम बुलेटिन में आंधी, भारी बारिश या खराब मौसम का कोई विशेष अलर्ट नहीं है।इन राज्यों में बारिश और गरज-चमकउत्तर भारत के मुकाबले देश के दूसरे हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है:- केरल: गरज-चमक, मध्यम बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। अगले दो दिनों में बारिश की गतिविधि कम होने की संभावना है। ओडिशा: 7 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है। बिहार और झारखंड: 5 अक्टूबर से छिटपुट बारिश की शुरुआत हो सकती है। पूर्वोत्तर भारत: कई हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कोंकण और गोवा: 7 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर बारिश जारी रहने का अनुमान है। हिमाचल-उत्तराखंड में भी बारिश के आसार 5 से 7 अक्टूबर के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां लौट सकती हैं। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश होने की संभावना है। 6 और 7 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में भी छिटपुट से लेकर कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश के लिए 6 और 7 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। दक्षिण भारत में भारी बारिश का अनुमान दक्षिण भारत में बारिश का दौर अभी जारी रहेगा। केरल और माहे में 7 अक्टूबर तक व्यापक बारिश होने की संभावना है। 5 और 6 अक्टूबर को केरल और माहे में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। वहीं, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 अक्टूबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और यनम तथा रायलसीमा में भी तेज सतही हवाएं चल सकती हैं। मानसून की विदाई जारी देश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का दौर जारी है। IMD के मुताबिक, मानसून उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों से विदा हो चुका है। अगले 2-3 दिनों में महाराष्ट्र के मराठवाड़ा, विदर्भ, बिहार, झारखंड, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों तथा तेलंगाना और उत्तर आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं। महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी मानसून की वापसी हो चुकी है। IMD के अनुसार राज्य के 36 में से 20 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। ये भी पढ़ें- Wedding Season: वेडिंग सीजन पर होटल कारोबार में बंपर उछाल! 2027 के लिए भी मिल रही है बुकिंग
IMD Weather Update October 4: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जताया है। केरल, ओडिशा, बिहार, झारखंड, अरुणाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में बारिश होने की संभावना है। कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के भी कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में फिलहाल मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने वाला है। IMD के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में 5 से 7 अक्टूबर के बीच बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।दिल्ली-NCR में अभी सूखा मौसम, 6-7 अक्टूबर को बारिश के आसारदिल्ली में आज मौसम मुख्य रूप से शुष्क और धूप वाला रहने की संभावना है। राजधानी में फिलहाल कोई बड़ी बारिश होने का अनुमान नहीं है। इस दौरान करीब 20-22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में मौसम के शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि, 6 और 7 अक्टूबर को दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में कहीं-कहीं से लेकर छिटपुट बारिश हो सकती है। यानी दिल्ली-NCR के लोगों को सप्ताह के मध्य में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।यूपी में फिलहाल बारिश का अलर्ट नहींउत्तर प्रदेश में भी फिलहाल मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है। राज्य में अगले कुछ दिनों के दौरान किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं है। IMD के ताजा चेतावनी बुलेटिन के अनुसार, 4 से 9 अक्टूबर के बीच पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। राज्य में शनिवार को भी गरज-चमक, भारी बारिश या किसी अन्य गंभीर मौसम की स्थिति का अलर्ट नहीं है।ओडिशा, बिहार और झारखंड में बारिशउत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में जहां मौसम शुष्क रहने वाला है। वहीं, पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। ओडिशा में 7 अक्टूबर तक कहीं-कहीं से लेकर छिटपुट बारिश होने की संभावना है। वहीं, बिहार और झारखंड में 5 अक्टूबर से छिटपुट बारिश शुरू हो सकती है।पूर्वोत्तर में गरज-चमक और भारी बारिश के आसारपूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बिजली गिरने और बारिश की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है। इस क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां 7 अक्टूबर तक जारी रहने का अनुमान है। छत्तीसगढ़, कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में भी 7 अक्टूबर तक कहीं-कहीं से लेकर छिटपुट बारिश होने की संभावना है।केरल में तेज हवाओं के साथ बारिशकेरल में मौजूदा बारिश का दौर जारी रहेगा। यहां गरज-चमक, मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि, अगले दो-तीन दिनों में बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आ सकती है। IMD ने 4 से 6 अक्टूबर के बीच केरल और माहे में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान जताया है। वहीं, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।उत्तर-पश्चिम भारत में 5 से 7 अक्टूबर के बीच बारिशIMD ने उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में 5 से 7 अक्टूबर के बीच बारिश के नए दौर का अनुमान जताया है। इस दौरान हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश हो सकती है। वहीं, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 6 और 7 अक्टूबर को कहीं-कहीं से लेकर छिटपुट बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 6 और 7 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। हालांकि, 3 से 5 अक्टूबर के बीच पंजाब, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर जारीदक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। केरल और माहे में 7 अक्टूबर तक व्यापक स्तर पर बारिश हो सकती है। इसके अलावा दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। 2 से 5 अक्टूबर के बीच तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में तेज सतही हवाएं चल सकती हैं।मानसून की वापसी का दौर जारीदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का दौर जारी है। IMD के मुताबिक, आने वाले दिनों में उत्तर और मध्य भारत के कुछ और हिस्सों से मानसून की वापसी हो सकती है। हालांकि, मानसून की विदाई के बावजूद दक्षिण, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने की संभावना है।ये भी पढ़ें- SIR विवाद के बीच CEC ज्ञानेश कुमार पर 20 साल पुराने भ्रष्टाचार के आरोप, केरल सरकार कराएगी विजिलेंस जांच
एबीवीपी ने अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में 2-3 अक्टूबर को हुई अपनी दो दिवसीय अखिल भारतीय पदाधिकारी बैठक में पायलट कैप्टन स्मित मच्छर के साहस की सराहना की और उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित करने की मांग की।
देश भर में मौसमी गतिविधियों में बड़ा फेरबदल दर्ज किया जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों से औपचारिक रूप से विदा हो चुका है। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में अब शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाएं स्थापित हो चुकी हैं। हालांकि, मानसून की इस वापसी के बीच देश के पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिणी प्रायद्वीपीय राज्यों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के ऊपर सक्रिय मौसमी प्रणालियों (Weather Systems) के चलते मौसम वैज्ञानिकों ने 4 से 6 अक्टूबर के दौरान कई राज्यों में तेज हवाओं, गरज-चमक और भारी से बहुत भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया है।पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का खतरा: असम, मेघालय और त्रिपुरा में चेतावनीपूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। अगले 72 घंटों के दौरान इन राज्यों में मौसम बेहद चुनौतीपूर्ण रह सकता है:असम और मेघालय: इन दोनों राज्यों के कई पर्वतीय और मैदानी इलाकों में 4 से 6 अक्टूबर के बीच मूसलाधार बारिश की आशंका है। मौसम विभाग ने यहां आकाशीय बिजली चमकने और अचानक जलभराव को लेकर चेतावनी जारी की है।अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और त्रिपुरा: पहाड़ी ढलानों पर लगातार हो रही नमी के जमावड़े के कारण भूस्खलन (Landslides) और नदी-नालों में उफान की संभावना जताई गई है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को संवेदनशील रास्तों पर आवाजाही के दौरान सावधानी बरतने को कहा गया है।उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: तीस्ता और जलढाका जैसी नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में मध्यम से तेज बारिश के कारण जलस्तर बढ़ने का खतरा है।दक्षिण भारत में सक्रिय ट्रफ लाइन: केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में अलर्टदक्षिणी प्रायद्वीप में चक्रवाती परिसंचरण और तटीय ट्रफ के चलते मौसमी हलचल तेज हो गई है। 4 से 6 अक्टूबर तक दक्षिणी राज्यों में व्यापक रूप से बारिश का पूर्वानुमान है:केरल और माहे: पश्चिमी घाट से सटे जिलों में तेज गर्जना के साथ भारी वर्षा का येलो व ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।तटीय और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक: बेंगलुरु, मैसूरु समेत तटीय जिलों जैसे दक्षिण कन्नड़ और उडुपी में रुक-रुक कर तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल: कई अंदरूनी और तटीय इलाकों में शाम के वक्त बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली गिरने (Thunderstorm Activity) के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है।उत्तर और मध्य भारत में खिली धूप, रात के तापमान में गिरावट का दौर शुरूएक तरफ जहां देश के कुछ हिस्से भारी बारिश का सामना कर रहे हैं, वहीं उत्तर और पश्चिमी राज्यों में मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क हो चुका है:दिल्ली, यूपी और बिहार: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में आसमान साफ रहेगा और तेज धूप निकलेगी। दिन का अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा।गुलाबी ठंड की आहट: मानसून की विदाई के बाद हवा में नमी का स्तर घट गया है। इसके चलते राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रात के न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे सुबह-शाम हल्की गुलाबी ठंड का अहसास शुरू हो गया है।मध्य प्रदेश और गुजरात: इन राज्यों से भी मानसूनी बादल पूरी तरह छंट चुके हैं और आगामी दिनों में कोई सक्रिय बारिश का अलर्ट नहीं है।किसानों और यात्रियों के लिए मौसम विभाग की अहम सलाहमौसम विभाग ने जिन राज्यों में 4 से 6 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट दिया है, वहां के किसानों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है:फसल कटाई और भंडारण: खरीफ फसलों (धान, तिलहन) की कटाई कर चुके किसान कटी हुई उपज को खुले खेतों में छोड़ने के बजाय सुरक्षित व सूखे स्थानों पर रखें ताकि नमी से फसल खराब न हो।आकाशीय बिजली से बचाव: बारिश और बादलों की तेज गड़गड़ाहट के समय खेतों में काम करने वाले किसान और आम लोग खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें।सड़क सुरक्षा: पर्वतीय क्षेत्रों में वाहन चलाने वाले लोग फिसलन और लैंडस्लाइड की आशंका को देखते हुए रात के समय लंबी यात्राओं से परहेज करें।
मानसून की विदाई और बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के चलते देश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 अक्टूबर यानी रविवार के लिए ताजा वेदर बुलेटिन जारी करते हुए देश के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही तटीय और दक्षिणी राज्यों में तेज हवाओं और बिजली गिरने को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में बादलों का डेरा: असम, मेघालय और बंगाल में भारी बारिश के आसारमौसम विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर राज्यों में मानसूनी नमी और ट्रफ लाइन के प्रभाव से मौसम सबसे ज्यादा प्रभावित रहेगा।असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश: इन तीनों राज्यों के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन (Landslides) की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मध्यम से भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। दुर्गा पूजा की तैयारियों के बीच कोलकाता समेत दक्षिणी बंगाल के जिलों में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की संभावना है।बिहार और झारखंड: बिहार के सीमांचल और उत्तरी हिस्सों के साथ-साथ झारखंड के कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश और आकाशीय बिजली गिरने (Thunderstorm & Lightning) का येलो अलर्ट जारी किया गया है।दक्षिण भारत और तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिशदक्षिणी प्रायद्वीप में मौसमी गतिविधियों के चलते तटीय और अंदरूनी हिस्सों में बारिश की तीव्रता बढ़ेगी:तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक: केरल और तटीय कर्नाटक के कई हिस्सों में तेज गरज के साथ भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु और पुडुचेरी में स्थानीय बादलों के बनने से रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है।मछुआरों को चेतावनी: मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 40 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिसके चलते मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।उत्तर-पश्चिम भारत से मानसून की विदाई तेज: दिल्ली-यूपी में शुष्क रहेगा मौसमउत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश राज्यों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है, जिसके चलते यहां मौसम लगभग साफ और शुष्क बना रहेगा।दिल्ली-एनसीआर: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में रविवार को आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। दिन में हल्की धूप और उमस रह सकती है, जबकि रात के तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जाएगी। अधिकतम तापमान 34 से 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।उत्तर प्रदेश और राजस्थान: पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा। राजस्थान के अधिकांश हिस्सों से मानसून पहले ही विदा हो चुका है, जिससे दिन में तेज धूप और रात में हल्की ठंडक महसूस की जा रही है।मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: मध्य भारत में भी बादलों की आवाजाही कम होगी, हालांकि छत्तीसगढ़ के दक्षिणी बस्तर संभाग में छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है।किसानों और आम नागरिकों के लिए IMD की सलाहमौसम विभाग ने आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली के दौरान आम लोगों और किसानों को खुले मैदानों, जलजमाव वाले क्षेत्रों और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों को भूस्खलन संभावित मार्गों से बचने और स्थानीय मौसम अपडेट्स पर नजर रखने की सलाह दी गई है। जिन राज्यों में फसलों की कटाई का समय चल रहा है, वहां किसानों को कटी हुई फसलों को सुरक्षित शेड में रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि अचानक होने वाली बारिश से नुकसान न हो।
Water Bodies Census: महाराष्ट्र में जल निकायों की संख्या पांच गुना बढ़ी, यूपी में भी 16 फीसदी इजाफा
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर जल निकायों की दूसरी गणना में महाराष्ट्र में 4.74 लाख जल निकाय दर्ज किए गए हैं, जो पहली गणना में दर्ज संख्या से लगभग पांच गुणा अधिक हैं। वहीं उत्तर प्रदेश में 2.86 लाख जल निकाय दर्ज किए गए हैं। कर्नाटक, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में भी जल निकायों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पांच राज्यों मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और राजस्थान में पहली गणना की तुलना में जल निकायों की संख्या में कमी दर्ज की गई। इनमें मिजोरम में सबसे ज्यादा 63 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई, जिसके बाद अरुणाचल प्रदेश में 50 प्रतिशत की कमी आई। ये आंकड़े जल निकायों की दूसरी गणना के खंड-2, भाग-2 का हिस्सा हैं। इसमें 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ तथा जम्मू-कश्मीर को शामिल किया गया है। यह रिपोर्ट केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने 25 सितंबर को यहां भारत मंडपम में आयोजित नौवें भारत अंतरराष्ट्रीय जल सप्ताह के समापन समारोह के दौरान जारी की थी। दूसरे खंड में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अलावा चंडीगढ़ और जम्मू-कश्मीर को शामिल किया गया है। जल निकायों की पहली गणना 2017-18 में की गई थी, जबकि दूसरी गणना 3 अप्रैल 2025 को शुरू की गई थी और इसके लिए 2023-24 को आधार वर्ष रखा गया था। महाराष्ट्र में दूसरी गणना में 4,74,548 जल निकाय दर्ज किए गए, जबकि पहली गणना में इनकी संख्या 97,062 थी। यानी इसमें 388.91 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। लगभग 99.72 प्रतिशत जल निकाय ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं, जबकि कुल जल निकायों में तालाबों की हिस्सेदारी 61.68 प्रतिशत है। महाराष्ट्र में उपयोग में आने वाले जल निकायों में से 98.06 प्रतिशत का मुख्य रूप से सिंचाई के लिए इस्तेमाल होता है। उत्तर प्रदेश में 2,86,292 जल निकाय दर्ज किए गए, जो पहली गणना में दर्ज 2,45,087 जल निकायों से 16.81 प्रतिशत अधिक हैं।
Monsoon Withdraws: देश भर में मानसून की वापसी की प्रक्रिया अब एक नए पड़ाव पर पहुंच गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शनिवार 3 अक्टूबर की दोपहर जारी बुलेटिन के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर भारत के शेष बचे सभी इलाकों से पूरी तरह विदा हो चुका है। इसके साथ ही गुजरात और मध्य प्रदेश के संपूर्ण क्षेत्रों, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कई हिस्सों से भी मानसून विदा हो चुका है। हालांकि मानसून की वापसी के बीच दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 4 से 6 अक्टूबर के दौरान केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में फिर से भारी मूसलाधार बारिश दर्ज की जा सकती है।कहां तक पहुंची मानसून की विदाई रेखा? जानें अगले 2-3 दिनों का अपडेटमौसम विज्ञानियों के अनुसार मानसून की विदाई रेखा वर्तमान में सुपौल, रांची, रायपुर, ब्रह्मपुरी, परभणी, बारामती और हरनाई से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों के भीतर परिस्थितियां मराठवाड़ा और विदर्भ के अधिकांश भागों, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों से मानसून की विदाई के लिए पूरी तरह अनुकूल हो जाएंगी। बीते 24 घंटों में त्रिपुरा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश (7 से 11 सेमी) दर्ज की गई है।केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 4 से 6 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश का अलर्टइस बीच दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी प्रणालियों का असर आने वाले दिनों में और बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। इस वजह से केरल व माहे और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 4 से 6 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान तमिलनाडु में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तेज तूफानी हवाएं चलेंग।मौसम विभाग के मुताबिक, केरल और लक्षद्वीप में 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 अक्टूबर को भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 3 से 7 अक्टूबर के दौरान दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।पूर्वोत्तर भारत में 3 अक्टूबर को बारिश और आंधी की स्थितिपूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय में 3 अक्टूबर को भारी बारिश होने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश में 3 अक्टूबर को, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 3 व 4 अक्टूबर को बादलों की तेज गर्जना और बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है।उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिम भारत का मौसम हालउत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की विदाई के बाद 5 से 9 अक्टूबर के दौरान हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम छिटपुट बारिश और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है। 6 से 9 अक्टूबर के बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 9 अक्टूबर को व्यापक रूप से वर्षा होने की संभावना है। मध्य भारत के छत्तीसगढ़ में 6 और 7 अक्टूबर को आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। पश्चिम भारत के कोंकण और गोवा क्षेत्र में 3 से 5 अक्टूबर के दौरान मौसम काफी गर्म और उमस भरा बना रहेगा।अरब सागर में तूफानी मौसम, मछुआरों के लिए रेड अलर्ट जारीसमुद्री इलाकों की बात करें तो मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष सलाह जारी की है। 3 अक्टूबर को केरल तट के साथ और उससे सटे इलाकों, लक्षद्वीप क्षेत्र, मालदीव, कोमोरिन क्षेत्र तथा पूर्व-मध्य एवं दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ हिस्सों में समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तूफानी मौसम रहने की संभावना है। सोमालिया तट से सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में भी स्थिति खराब रहेगी। इस स्थिति को देखते हुए IMD ने मछुआरों को 3 अक्टूबर को इन सभी समुद्री क्षेत्रों में न उतरने की सख्त हिदायत दी है।ये भी पढ़ें- Priyanka Kakkar: पंजाब चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका, AAP प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ कांग्रेस में शामिल
मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में में अगले सात दिनों तक बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु में 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं। यूपी के उन्नाव में सई नदी का पानी 12 से ज्यादा गांवों में घुस गया है। हजारों बीघे धान की फसल डूब गई। वहीं, कुशीनगर में गंडक नदी का कटाव जारी है। 48 घंटे में 6 रिहायशी झोपड़ियां और 2 पक्के मकान नदी में समा चुके हैं। नेपाल से आए भारी पानी और कमजोर तटबंधों के टूटने से बिहार में कई जगह बाढ़ के हालात हैं। इनमें 6 जिले बुरी तरह प्रभावित हैं। 253 गांवों में पानी घुस गया है। इससे 3.65 लाख लोग प्रभावित हैं। राजस्थान में वेस्टर्न डिर्स्टबेंस का असर खत्म होने के साथ ही गर्मी फिर से बढ़ने लगी है। उत्तर-पश्चिम के अलावा पूर्वी हिस्सों में तापमान 1 से 2 डिग्री तक बढ़ गया है। पिलानी, श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। सैटेलाइट मैप में देखें मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर से मौसम की तस्वीरें
IMD Weather Update: देश के बड़े हिस्से से मानसूनी हवाओं की वापसी के बीच पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी चक्र की सक्रियता बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शनिवार 3 अक्टूबर के लिए जारी ताजा पूर्व अनुमान के मुताबिक देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, आंधी-तूफान और उमस भरा मौसम देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत के पहाड़ी राज्य अरुणाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि दक्षिण भारत के तमिलनाडु और पुडुचेरी में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी है।अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की आशंकामौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 3 अक्टूबर को पूर्वोत्तर भारत के राज्य अरुणाचल प्रदेश में बादलों की आवाजाही और बारिश का प्रभाव सबसे अधिक रहेगा। राज्य में अलग अलग जगहों पर भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के विभिन्न जिलों में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली चमकने और बादलों की तेज गर्जना होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।तमिलनाडु में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी की चेतावनीदक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में चक्रवाती परिसंचरण के असर से तूफानी हवाओं और आंधी की गतिविधियां तेज रहेंगी। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गति से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। मौसम विज्ञानियों ने स्थानीय निवासियों को तेज आंधी और आकाशीय बिजली कड़कने के दौरान खुले में न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।आंध्र प्रदेश, केरल और बंगाल में 40 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएंदेश के अन्य तटीय और पूर्वी राज्यों में भी मौसमी हलचल बनी रहेगी। तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, केरल व माहे, लक्षद्वीप तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में बिजली कड़कने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है।आंध्र प्रदेश के मैदानी और तटीय इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी। वहीं, पश्चिम भारत के तटीय महाराष्ट्र यानी कोंकण और गोवा क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर मौसम बेहद गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान जताया गया है।मछुआरों के लिए राहत, समुद्र में स्थिति नियंत्रिततटीय इलाकों में तेज झोंकेदार हवाओं के बावजूद समुद्र के भीतर स्थितियां अनुकूल रहने की उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 3 अक्टूबर को समुद्र में किसी बड़े चक्रवाती दबाव या तूफान का खतरा नहीं है। इसी वजह से मौसम विभाग द्वारा मछुआरों के लिए समुद्र में न जाने संबंधी कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, और समुद्री गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रह सकती हैं।
झालावाड़ के देवरी कला जागीर गांव के जयेश नागर का भारत सरकार के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ युवा संगम फेज-7 के लिए चयन हुआ है। भीलवाड़ा के राजकीय चिकित्सा कॉलेज में एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र जयेश राजस्थान का प्रतिनिधित्व करते हुए सिक्किम जाएंगे। राजस्थान से मिली 11 हजार से ज्यादा एंट्रीज में से चयनित 50 छात्रों में वे एकमात्र मेडिकल स्टूडेंट हैं। 11 हजार से ज्यादा एंट्रीज में 50 का चयन युवा संगम फेज-7 के लिए राजस्थान से 11 हजार से अधिक एंट्रीज प्राप्त हुईं। इनमें से 50 छात्रों का चयन किया गया है। जयेश नागर को इन चयनित प्रतिभागियों में जगह मिली है। वे चिकित्सा शिक्षा के साथ सामाजिक सेवा और छात्र गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं। 7 अक्टूबर को IIT जोधपुर में फ्लैग-ऑफ राजस्थान दल का फ्लैग-ऑफ समारोह 7 अक्टूबर को आईआईटी जोधपुर में आयोजित होगा। इसके बाद प्रतिभागी सिक्किम में वहां की संस्कृति, परंपराओं, तकनीक और पर्यटन को करीब से समझेंगे। इस दौरान राजस्थान के प्रतिभागी प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और विरासत को भी सिक्किम के लोगों के सामने साझा करेंगे। मेडिकल कैंपों में भी दे चुके हैं सेवाएं जयेश नागर इससे पहले ‘धन्वंतरी सेवा यात्रा’ के तहत अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में आयोजित मेडिकल कैंपों में हिस्सा ले चुके हैं। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े होने के साथ वे सामाजिक सेवा और छात्र गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं। Google Student Ambassador के लिए भी चयन जयेश नागर का चयन ‘गूगल इंडिया’ के ‘गूगल स्टूडेंट एंबेसडर-2026’ के लिए भी हुआ है। युवा संगम में चयन के साथ उनकी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। उनके चयन से देवरी कला जागीर गांव और झालावाड़ जिले का नाम भी राष्ट्रीय स्तर के इस युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम से जुड़ा है।
IMD Weather Update: देश भर में मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत के राज्यों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया काफी तेज हो गई है वहीं दूसरी तरफ दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का दौर थमता नजर नहीं आ रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा शुक्रवार को जारी मौसम बुलेटिन के मुताबिक अगले 24 घंटों में देश के बड़े हिस्से से मानसून पूरी तरह से विदा हो जाएगा। हालांकि मौसमी चक्रों की सक्रियता की वजह से दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, बादलों की गर्जना और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।अगले 24 घंटों में उत्तर और मध्य भारत से मानसून की विदाई की अनुकूल परिस्थितियांमौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों के भीतर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बचे हुए इलाकों से मानसून पूरी तरह विदा हो जाएगा। इसके साथ ही गुजरात और मध्य प्रदेश के अधिकतर हिस्सों, पूरे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी मानसून की वापसी के लिए स्थितियां बेहद अनुकूल बनी हुई हैं।दक्षिण भारत में 4 से 6 अक्टूबर के दौरान भारी मूसलाधार बारिश का अलर्टदक्षिण भारत के राज्यों में मौसमी गतिविधियों का असर आने वाले दिनों में और बढ़ेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 4 और 5 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना है। 2 से 6 अक्टूबर के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है। केरल में 4 से 6 अक्टूबर तक भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। राज्य में 2 से 6 अक्टूबर के दौरान व्यापक रूप से तेज बारिश और झोंकेदार हवाएं चलेंगी।दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 2 से 6 अक्टूबर तक दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश और गरज-चमक की चेतावनीपूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 2 अक्टूबर को भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश में 3 और 4 अक्टूबर को भारी वर्षा होने के आसार जताए गए हैं। 2 और 3 अक्टूबर को इन सभी राज्यों में आकाशीय बिजली कड़कने और बादलों की तेज गर्जना का अलर्ट है।उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्व और पश्चिम भारत का मौसमउत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की विदाई के बाद 5 से 8 अक्टूबर के बीच हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में हल्की छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। उत्तराखंड में 7 अक्टूबर को व्यापक रूप से बारिश हो सकती है।मध्य भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 5 से 8 अक्टूबर के दौरान छिटपुट बारिश और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर के साथ-साथ बिहार, झारखंड और ओडिशा में 5 से 8 अक्टूबर के बीच बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। पश्चिम भारत के तटीय महाराष्ट्र (कोंकण व गोवा) में 2 से 5 अक्टूबर के दौरान मौसम बेहद गर्म और आद्र रहने का अनुमान जताया गया है, जबकि 5 से 8 अक्टूबर के बीच कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है।
Weather Forecast 2 October: भारत के कई हिस्सों में आज बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अनुमान है। दक्षिणी, उत्तर-पूर्वी और पूर्वी इलाकों में मौसम की गतिविधियां जारी हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, साथ ही देश के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं और आंधी-तूफान का अनुमान लगाया है।भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी आज यानी 02 अक्टूबर के पूर्वानुमान के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। केरल और माहे, लक्षद्वीप और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कुछ जगहों पर बिजली कड़कने और 40-50kmph प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। आंध्र प्रदेश, ओडिशा और सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ जगहों पर बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी रफ्तार 30-40kmph रह सकती है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कुछ जगहों पर बिजली कड़कने के साथ गरज के साथ बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश में कुछ जगहों पर तेज हवाएं चल सकती हैं। हालांकि, मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए चेतावनी जारी नहीं की है।भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि 2 अक्टूबर को देश के पूरे 20 राज्यों में आंधी-तूफान के साथ-साथ मूसलाधार बारिश हो सकती है। इन राज्यों में देश की राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे प्रदेश शामिल हैं। इतना ही नहीं इन राज्यों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से हवाएं चलने की आशंका भी जताई गई है।IMD ने एक विशेष अलर्ट और जारी किया है। इसमें कहा गया है कि अगर आपके शहर या गांव में जोरदार बारिश हो रही है तो पेड़ के नीचे बिल्कुल भी खड़े न हों, क्योंकि तेज बारिश में पेड़ की टहनी टूट सकती है या फिर तेज हवाओं के दबाव के कारण पेड़ गिर सकता है, जिससे आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए भी एक चेतावनी जारी की है। इस अलर्ट के मुताबिक समुद्री इलाके में मछुआरे मौसम खराब होने की स्थिति में समंदर में बिल्कुल भी न जाएं, नहीं तो उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मौसम बिगड़ने की स्थिति में गाड़ी संभलकर चलाने की भी सलाह दी गई है।
राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में पूर्वोत्तर भारत की लोक संस्कृति, परंपराओं, म्यूजि, डांस का रंग एकसाथ देखने को मिला। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर की ओर से राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के सहयोग से गुरुवार को आयोजित ‘ऑक्टेव-2026’ का उद्घाटन राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागडे और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की मौजूदगी में हुआ। राज्यपाल ने पूर्वोत्तर भारत को सांस्कृतिक विविधता का महत्वपूर्ण अध्याय बताते हुए आठों राज्यों को ‘अष्ट लक्ष्मी’ की संज्ञा दी। उद्घाटन समारोह में पूर्वोत्तर भारत के आठ राज्यों के कलाकारों ने लोक नृत्यों की प्रस्तुतियां दीं। वहीं पारंपरिक परिधानों पर आधारित एथनिक कॉस्ट्यूम शो ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा। कार्यक्रम में अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा की लोक संस्कृति को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया। आठ राज्यों के 14 समूहों ने 15 अलग-अलग लोक नृत्य रूपों की कोरियोग्राफिक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के फोटोज देखिए… पूर्वोत्तर के आठ राज्य ‘अष्ट लक्ष्मी’ : राज्यपाल मुख्य अतिथि राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागडे ने कहा- भारत की पहचान उसकी विविधता में एकता से है और इसी से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना साकार होती है। उन्होंने कहा- भारतीय संस्कृति किसी एक भाषा, प्रदेश या परंपरा तक सीमित नहीं है। देश की वास्तविक सांस्कृतिक शक्ति उसकी अलग-अलग लोक परंपराओं, भाषाओं, संगीत, नृत्य, कला, शिल्प और जीवन-पद्धतियों में निहित है। उन्होंने कहा- अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा की अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है। इन राज्यों की प्रकृति, जनजातीय परंपराएं, लोक आस्थाएं, पर्व-त्योहार, संगीत, नृत्य, वेशभूषा और हस्तशिल्प भारतीय सांस्कृतिक विरासत को और समृद्ध करते हैं। राज्यपाल ने आयोजन के लिए केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर के निदेशक डॉ. अश्विन महेश दलवी की सराहना की। उन्होंने केंद्र के पूर्व निदेशक फुरकान खान के योगदान की भी प्रशंसा की। ‘एकता में विविधता’ को समझना जरूरी : शेखावत केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा- भारत की विविधता का वास्तविक अर्थ तब सामने आता है, जब अलग-अलग क्षेत्र एक-दूसरे के करीब आते हैं और एक-दूसरे की संस्कृति को समझते हैं। उन्होंने कहा- शरीर के सभी अंग अलग-अलग हैं, लेकिन शरीर से अलग उनका कोई अस्तित्व नहीं है। इसी तरह भारत में अलग-अलग भाषाएं, संस्कृतियां और परंपराएं होने के बावजूद वे भारतीयता के व्यापक भाव से जुड़ी हैं। 15 लोक नृत्यों ने बांधा समां उद्घाटन समारोह का सबसे आकर्षक हिस्सा आठ राज्यों के 15 लोक नृत्य रूपों की कोरियोग्राफिक प्रस्तुति रही। प्रसिद्ध कोरियोग्राफर प्रोफेसर तरुण प्रधान के निर्देशन में तैयार इस प्रस्तुति में एक के बाद एक लोक नृत्यों ने दर्शकों को पूर्वोत्तर की विविध सांस्कृतिक दुनिया से परिचित कराया। प्रस्तुति की शुरुआत अरुणाचल प्रदेश के ताई खेमती नृत्य से हुई, जिसे ‘पीकॉक डांस’ के रूप में भी जाना जाता है। इसमें भगवान बुद्ध के प्रति आध्यात्मिक भाव को नृत्य के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया। अरुणाचल प्रदेश के ही जुजु-जाजा नृत्य ने भी दर्शकों को आकर्षित किया। मणिपुर के पुंग ठोल चोलम में कलाकारों ने पारंपरिक ढोल गले में लटकाकर कलाबाजियों और तेज गति के साथ प्रस्तुति दी। इसके बाद थांगटा में तलवार और भाले से जुड़े युद्ध कौशल को नृत्य के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। ‘थांग’ का अर्थ तलवार और ‘टा’ का अर्थ भाला बताया गया। मणिपुर के लाई हारोबा नृत्य ने भी दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। त्रिपुरा के होजागिरी नृत्य में कलाकारों ने असाधारण संतुलन और कौशल का प्रदर्शन किया। सिर पर बोतल और दीपक रखते हुए तथा हाथों में थाली लेकर घड़े पर खड़े होकर किए गए इस नृत्य ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। वहीं त्रिपुरा के ममिता नृत्य में फसल की पैदावार के बाद देवी लक्ष्मी की पूजा और आस्था को नृत्य के रूप में प्रस्तुत किया गया। सिक्किम के तमंग सेलो नृत्य के जरिए बौद्ध परंपरा में विवाह समारोह की झलक दिखाई गई। इसी राज्य के सिंघी छम में कलाकार हिम शेर की वेशभूषा में मंच पर उतरे और प्रस्तुति के जरिए दर्शकों को रोमांचित किया। मेघालय के वांगला नृत्य में अच्छी फसल के लिए सूर्य देवता ‘सालजोंग’ के प्रति आभार व्यक्त करने की परंपरा दिखाई गई। असम के बोडो समुदाय का ऊर्जावान बारदोई सिखा नृत्य भी दर्शकों को खूब पसंद आया। इसके बाद असम के प्रसिद्ध बिहू नृत्य की प्रस्तुति ने माहौल में और ऊर्जा भर दी। मिजोरम के चेराव नृत्य में कलाकारों ने बांस की छड़ियों के बीच बेहतरीन तालमेल के साथ प्रस्तुति दी। इसी राज्य के सरलामकाई यानी सोलकिया नृत्य में युद्ध में जीत का जश्न नृत्य के माध्यम से दिखाया गया। वहीं नगालैंड के पारंपरिक नागा वार डांस में कलाकारों ने ढोल की थाप पर हुंकार, तेज फुटवर्क और युद्ध कौशल से जुड़ी मुद्राओं के जरिए वीरता और सामुदायिक शक्ति का प्रदर्शन किया। अलग-अलग राज्यों के इन नृत्यों ने मिलकर पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक विविधता का जीवंत चित्र मंच पर प्रस्तुत किया। एथनिक कॉस्ट्यूम शो में दिखी आठ राज्यों की पहचान कार्यक्रम में पूर्वोत्तर के पारंपरिक परिधानों पर आधारित ‘एथनिक कॉस्ट्यूम शो’ भी आकर्षण का केंद्र रहा। भानुश्री दास के निर्देशन में हुए इस शो में आठों राज्यों के पारंपरिक पहनावे को मंच पर प्रदर्शित किया गया। ‘सेवन सिस्टर्स एंड वन ब्रदर’ के रूप में पहचाने जाने वाले पूर्वोत्तर के आठ राज्यों की अलग-अलग पारंपरिक पोशाकें पहनकर युवक-युवतियां मंच पर पहुंचे। प्रत्येक राज्य की पोशाक को मॉडल्स ने अलग-अलग और फिर जोड़ों में प्रस्तुत किया। अंत में सभी आठ मॉडल एक साथ मंच पर आए और दर्शकों के सामने पूर्वोत्तर की विविध वेशभूषाओं का सामूहिक प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के निदेशक निहाल चंद गोयल, सांसद मंजू शर्मा और विधायक गोपाल शर्मा आदि मौजूद रहे।
गोपालगंज के कटेया थाना क्षेत्र के गौरा बाजार स्थित दुर्गा मंदिर के समीप पोखरे से एक युवक का शव पुलिस ने बरामद किया गया है। बरामद शव को पुलिस पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज मामले की जांच में जुट गई है। मृतक की पहचान गौरा बाजार निवासी नागा राजभर का 32 वर्षीय बेटा महेश राजभर के रूप में की गई। वही इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। बेटे की मौत की खबर सुनकर 60 वर्षीय मां बसंती देवी बदहवास होकर लगातार विलाप कर रही है। आवेदन देकर दर्ज करायी थी प्राथमिकी दरअसल इस संदर्भ में बताया जाता है कि महेश राजभर वह अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में मजदूरी करता था और घर लौटने के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। बताया जाता है कि महेश राजभर 22 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश से अपने घर गौरा बाजार लौटने के लिए निकला था। 24 सितंबर को वह समउर बाजार पहुंचा था। इसके बाद वह पैदल घर की ओर निकला, लेकिन घर नहीं पहुंचा। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर पिता नागा राजभर ने कटेया थाने में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करायी थी। बैग और कपड़ा भी बरामद किया परिजनों के अनुसार, तलाश के दौरान नहर के समीप महेश का चश्मा, काले रंग का बैग और कपड़ा मिला था। सामान की पहचान महेश के रूप में होने के बाद परिजनों की चिंता और बढ़ गयी थी इसके बाद आसपास के क्षेत्रों में उसकी काफी तलाश की गयी, लेकिन उसका पता नहीं चला। इसी बीच पुलिस को एक शव बरामद होने की सूचना मिली। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव को पोखरे से बरामद किया। कटेया थानाध्यक्ष अवधेश कुमार ने बताया कि शव की पहचान महेश राजभर के रूप में हुई है उन्होंने बताया कि पोखरे के पास से उसका बैग और कपड़ा भी बरामद किया गया है। 10 साल पहले हुई थी शादी पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक महेश नशा भी करता था। हालांकि, उसकी मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा पुलिस ने शव का सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम करा शव परिजनो को सौंप दी है। साथ ही पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बताया जाता है कि महेश की शादी करीब 10 वर्ष पूर्व हुई थी। उसका आठ वर्षीय बेटा अनमोल कुमार है। उसकी पत्नी प्रियंका देवी और बेटा अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में ही रह रहे थे महेश की मौत की सूचना मिलने के बाद दोनों गांव के लिए रवाना हो गये। महेश तीन भाइयों में सबसे छोटा था।बेटे की मौत की खबर से मां बसंती देवी सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जयपुर में 1 से 4 अक्टूबर तक ऑक्टेव 2026’ का सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के तहत पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर की ओर से राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के सहयोग से होगा। 4 दिवसीय आयोजन में अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा की लोक एवं शास्त्रीय कलाओं, संगीत, पारंपरिक परिधानों, शिल्प और खानपान की झलक देखने को मिलेगी। आयोजन का उद्घाटन 1 अक्टूबर को शाम 7 बजे होगा। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे, जबकि केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत समारोह की अध्यक्षता करेंगे। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के निदेशक निहाल चंद गोयल भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे। राजस्थान में तीसरी बार होगा ऑक्टेव ‘ऑक्टेव’ केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय का प्रमुख सांस्कृतिक आयोजन है, जिसका उद्देश्य पूर्वोत्तर भारत की कला और सांस्कृतिक विरासत को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाना है। राजस्थान में इसका आयोजन तीसरी बार हो रहा है। इससे पहले 2012 में जोधपुर और 2016 में अजमेर में ऑक्टेव का आयोजन किया जा चुका है। करीब 10 साल बाद यह आयोजन फिर राजस्थान में लौट रहा है और इस बार जयपुर को इसकी मेजबानी मिली है। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर के निदेशक डॉ. अश्विन एम. दलवी ने बताया कि इस बार आयोजन में 8 राज्यों की संस्कृति को अलग-अलग माध्यमों से प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम में 250 से ज्यादा लोक कलाकार हिस्सा लेंगे, जिन्हें कोरियोग्राफर तरुण प्रधान तैयार करेंगे। आयोजन का आकर्षक एंबियंस कोलकाता के अनूप गिरी ने डिजाइन किया है। मणिपुरी रास और सत्रिया की शास्त्रीय प्रस्तुतियां आयोजन में पूर्वोत्तर की शास्त्रीय नृत्य परंपराओं को भी विशेष स्थान दिया गया है। 2 और 3 अक्टूबर को मणिपुरी रास की प्रस्तुति होगी। राधा-कृष्ण के प्रेम और गोपियों की भक्ति पर आधारित इस नृत्य शैली में भाव, लय और शास्त्रीय गतियों का समन्वय देखने को मिलेगा। वहीं 3 और 4 अक्टूबर को असम की शास्त्रीय नृत्य परंपरा सत्रिया की प्रस्तुति होगी। वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव द्वारा प्रवर्तित सत्रिया में भक्ति और नाटकीय अभिव्यक्ति का अनूठा मेल दिखाई देता है। पूर्वोत्तर की विविध लोक परंपराओं को मंच पर लाने के क्रम में सिक्किम का सिंघी छम यानी स्नो लायन नृत्य और तमांग सेलो, त्रिपुरा का होजागिरी और ममिता तथा अरुणाचल प्रदेश का जुजु-झा-झा और ताई खामती नृत्य भी प्रस्तुत किया जाएगा। इन प्रस्तुतियों के जरिए दर्शकों को पूर्वोत्तर के अलग-अलग समुदायों की जीवनशैली, परंपराओं और लोक मान्यताओं को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। पारंपरिक परिधानों में दिखेगी 8 राज्यों की पहचान 1 और 2 अक्टूबर को एथनिक कॉस्ट्यूम शो आयोजित किया जाएगा। इसमें आठों राज्यों के पारंपरिक परिधान और आभूषण प्रदर्शित किए जाएंगे। परिधानों के माध्यम से वहां के अलग-अलग समुदायों की पहचान, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी। वहीं 3 अक्टूबर को नागालैंड का समूह गायन होगा, जिसमें वहां की सामूहिक गायन परंपरा के साथ लोक और समकालीन संगीत के स्वर सुनाई देंगे। ‘ऑक्टेव’ के मुख्य आयोजन से पहले 28 सितंबर से सात दिवसीय नॉर्थ-ईस्ट पेंटर्स कैंप भी शुरू होगा। इसका आयोजन केंद्रीय ललित कला अकादमी, नई दिल्ली के सहयोग से किया जा रहा है। शिविर में पूर्वोत्तर के 10 नामचीन कलाकार हिस्सा लेकर अपनी कलाकृतियां तैयार करेंगे। शिविर में त्रिपुरा से अभिजीत भट्टाचार्जी और निशान कुरी, असम से कौशिक कुंडू और प्रियम तालुकदार, मेघालय से बनियार्जिंगुमुत जीएल मावफलंग और ए इमोजेन फ्रांसेस्का वाहलांग, अरुणाचल प्रदेश से मारबा कामकी और एजुम रीबा, मिजोरम से लालजाव्मकिया तथा मणिपुर से राहुलदेव सीरम शामिल होंगे। आयोजन के दौरान 1 और 2 अक्टूबर को दो दिवसीय सेमिनार भी होगा। इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से 12 शिक्षाविद और विषय विशेषज्ञ पूर्वोत्तर की कला, संस्कृति, सामाजिक जीवन, पारंपरिक कलाओं और बदलते सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश पर चर्चा करेंगे।
पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध और विविध संस्कृति अब जयपुर में एक साथ देखने को मिलेगी। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के तहत पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर की ओर से राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के सहयोग से ‘ऑक्टेव 2026’ का आयोजन 1 से 4 अक्टूबर तक किया जाएगा। चार दिवसीय आयोजन में अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा की लोक एवं शास्त्रीय कलाओं, संगीत, पारंपरिक परिधानों, शिल्प और खानपान की झलक देखने को मिलेगी। आयोजन का उद्घाटन 1 अक्टूबर को शाम 7 बजे होगा। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे, जबकि केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत समारोह की अध्यक्षता करेंगे। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के निदेशक निहाल चंद गोयल भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे। राजस्थान में तीसरी बार होगा ऑक्टेव ‘ऑक्टेव’ केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय का प्रमुख सांस्कृतिक आयोजन है, जिसका उद्देश्य पूर्वोत्तर भारत की कला और सांस्कृतिक विरासत को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाना है। राजस्थान में इसका आयोजन तीसरी बार हो रहा है। इससे पहले 2012 में जोधपुर और 2016 में अजमेर में ऑक्टेव का आयोजन किया जा चुका है। करीब 10 साल बाद यह आयोजन फिर राजस्थान में लौट रहा है और इस बार जयपुर को इसकी मेजबानी मिली है। पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर के निदेशक डॉ. अश्विन एम. दलवी ने बताया कि इस बार आयोजन में आठों राज्यों की संस्कृति को अलग-अलग माध्यमों से प्रस्तुत किया जाएगा। कार्यक्रम में 250 से अधिक लोक कलाकार हिस्सा लेंगे, जिन्हें कोरियोग्राफर तरुण प्रधान तैयार करेंगे। आयोजन का आकर्षक एंबियंस कोलकाता के अनूप गिरी ने डिजाइन किया है। बिहू से चेराव और नागा युद्ध नृत्य चार दिनों तक राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर का मंच पूर्वोत्तर के लोक जीवन, प्रकृति, कृषि, पर्व, वीरता और लोक आस्थाओं से जुड़ी नृत्य परंपराओं से सजेगा। असम के बारदोई सिकला और बिहू, नागालैंड के नागा युद्ध नृत्य, मेघालय के वांगला, मिजोरम के प्रसिद्ध चेराव यानी बांस नृत्य और सरलामकाई समारोह प्रमुख आकर्षण होंगे। मणिपुर की संस्कृति भी कई पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सामने आएगी। इनमें ढोल वादन और नृत्य का संगम पुंग चोलोम, पारंपरिक युद्धकला थांग-ता, मीतेई समुदाय की धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा लाई हराओबा और चेरोल जागोई की प्रस्तुतियां शामिल हैं। मणिपुरी रास और सत्रिया की शास्त्रीय प्रस्तुतियां आयोजन में पूर्वोत्तर की शास्त्रीय नृत्य परंपराओं को भी विशेष स्थान दिया गया है। 2 और 3 अक्टूबर को मणिपुरी रास की प्रस्तुति होगी। राधा-कृष्ण के प्रेम और गोपियों की भक्ति पर आधारित इस नृत्य शैली में भाव, लय और शास्त्रीय गतियों का समन्वय देखने को मिलेगा। वहीं 3 और 4 अक्टूबर को असम की शास्त्रीय नृत्य परंपरा सत्रिया की प्रस्तुति होगी। वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव द्वारा प्रवर्तित सत्रिया में भक्ति और नाटकीय अभिव्यक्ति का अनूठा मेल दिखाई देता है। पूर्वोत्तर की विविध लोक परंपराओं को मंच पर लाने के क्रम में सिक्किम का सिंघी छम यानी स्नो लायन नृत्य और तमांग सेलो, त्रिपुरा का होजागिरी और ममिता तथा अरुणाचल प्रदेश का जुजु-झा-झा और ताई खामती नृत्य भी प्रस्तुत किया जाएगा। इन प्रस्तुतियों के जरिए दर्शकों को पूर्वोत्तर के अलग-अलग समुदायों की जीवनशैली, परंपराओं और लोक मान्यताओं को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। पारंपरिक परिधानों में दिखेगी आठ राज्यों की पहचान 1 और 2 अक्टूबर को एथनिक कॉस्ट्यूम शो आयोजित किया जाएगा। इसमें आठों राज्यों के पारंपरिक परिधान और आभूषण प्रदर्शित किए जाएंगे। परिधानों के माध्यम से वहां के अलग-अलग समुदायों की पहचान, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी। वहीं 3 अक्टूबर को नागालैंड का समूह गायन होगा, जिसमें वहां की सामूहिक गायन परंपरा के साथ लोक और समकालीन संगीत के स्वर सुनाई देंगे। ‘ऑक्टेव’ के मुख्य आयोजन से पहले 28 सितंबर से सात दिवसीय नॉर्थ-ईस्ट पेंटर्स कैंप भी शुरू होगा। इसका आयोजन केंद्रीय ललित कला अकादमी, नई दिल्ली के सहयोग से किया जा रहा है। शिविर में पूर्वोत्तर के 10 नामचीन कलाकार हिस्सा लेकर अपनी कलाकृतियां तैयार करेंगे। शिविर में त्रिपुरा से अभिजीत भट्टाचार्जी और निशान कुरी, असम से कौशिक कुंडू और प्रियम तालुकदार, मेघालय से बनियार्जिंगुमुत जीएल मावफलंग और ए इमोजेन फ्रांसेस्का वाहलांग, अरुणाचल प्रदेश से मारबा कामकी और एजुम रीबा, मिजोरम से लालजाव्मकिया तथा मणिपुर से राहुलदेव सीरम शामिल होंगे। आयोजन के दौरान 1 और 2 अक्टूबर को दो दिवसीय सेमिनार भी होगा। इसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से 12 शिक्षाविद और विषय विशेषज्ञ पूर्वोत्तर की कला, संस्कृति, सामाजिक जीवन, पारंपरिक कलाओं और बदलते सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश पर चर्चा करेंगे। नागालैंड के रॉक बैंड के साथ होगा समापन 4 अक्टूबर को ऑक्टेव का समापन होगा। समापन समारोह में सत्रिया और विभिन्न लोक नृत्यों की प्रस्तुतियों के साथ नागालैंड के ‘डिवाइन कनेक्शन’ रॉक बैंड की प्रस्तुति होगी। इस तरह पारंपरिक लोक एवं शास्त्रीय कलाओं के साथ पूर्वोत्तर की आधुनिक संगीत अभिव्यक्ति भी समारोह का हिस्सा बनेगी।
जागरण संपादकीय: हिमालयी राज्यों की चुनौती
यह सही समय है कि उत्तराखंड, हिमाचल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर को ध्यान में रखकर शुरू की गई ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड संबंधी परियोजना की समीक्षा की जाए।
Operation Lotus के तहत BJP फिर करेगी खेल? Mamata Banerjee को झटका? TMC। Arunachal Pradesh। Meghalaya
Operation Lotus के तहत बीजेपी करने वाली है खेल, Mamata Banerjee को फिर लगेगा झटका? मेघालय की राजनीति में 2028 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा सियासी उलटफेर होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
'मैं यहां का खिलाड़ी हूं' जब नदी के उलट तैरे किरेन रिजिजू
मोदी सरकार में मंत्री किरेन किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर अरुणाचल प्रदेश की एक तेज बहाव वाली उफनती नदी में तैरते हुए अपना एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने लोगों को बिना तैराकी जाने गहरे और खतरनाक पानी में न उतरने की सलाह दी और बताया कि राज्य की नदियां बहुत गहरी और बड़ी हैं।
'मुझे चाइनीज मत बोलो, मैं इंडियन हूं...' मां ने बनाया था वीडियो, बेटी का जवाब सुनकर भावुक हुए लोग
अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर की छोटी-सी बच्ची करगा टिंकल गोंगो इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। टिंकल ने एक वीडियो में लोगों से कहा कि उसे चाइनीज न कहा जाए। उसका यह मासूम और भावुक वीडियो पूरे देश में वायरल हो गया।
दिबांग घाटी में बाढ़ के बाद भोजपुर का आर्मी जवान आठ दिन से लापता
22 शनिवार, अगस्त: भोजपुर का आर्मी जवान अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में बाढ़ और बादल फटने के बाद पांच जवानों के साथ लापता हो गया। आठ दिन बाद भी उसका पता नहीं चला है। परिजनों की चिंता बढ़ गई है।
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22 शनिवार, अगस्त: भोजपुर का रहने वाला आर्मी जवान अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में बाढ़ और बादल फटने के बाद पांच जवानों के साथ लापता हो गया। आठ दिन बाद भी जवान का पता नहीं चला है, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई है।
क्या सच में अरुणाचल प्रदेश में 60 KM तक अंदर घुस आया चीन ? वायरल दावे पर सरकार ने बताया सच
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अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के घुसपैठ के दावे से मणिपुर का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो 25 अप्रैल 2026 का मणिपुर के हूमी गांव में असम राइफल्स और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प का है.
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बूम ने पाया कि वीडियो चांपाईनवाबगंज के शिबगंज सीमा क्षेत्र पर बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के बीच हुई कहासुनी का है.
Bigg Boss 18 : चुम दरांग को मिला अरुणाचल प्रदेश के सीएम का सपोर्ट
सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 18' अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर कोई इस सीजन का विनर बनने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन दिनों शो में 'टिकट टू फिनाले' टास्क चल रहा है। इस टास्क में विवियन डीसेना और चुम दरंग आमने-सामने खड़े हैं। वहीं ...

