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देश में सूखे का साया! मानसून की विदाई के साथ 14 राज्यों में बारिश की भारी कमी, 10% डेफिसिट पर खत्म हो सकता है सीजन

देश के अन्नदाताओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए मौसम विभाग से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून (Southwest Monsoon) की देश से आधिकारिक वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पश्चिमी राजस्थान के फलौदी, रामगढ़ और खाजूवाला से मानसून की वापसी रेखा गुजर रही है और आने वाले दिनों में यह पंजाब, हरियाणा और गुजरात के कच्छ क्षेत्र से भी विदा हो जाएगा।हालांकि, इस बार मानसून का जाना राहत भरा नहीं, बल्कि गहरी चिंता का सबब बन रहा है। देश के 14 बड़े राज्यों में सामान्य से 20 प्रतिशत से भी अधिक कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि 30 सितंबर को जब 4 महीने का यह मानसूनी सीजन समाप्त होगा, तो समूचे भारत में बारिश का कुल घाटा (Overall Deficit) 10% से अधिक दर्ज हो सकता है—मौसम विज्ञान की परिभाषा में 10% से अधिक की अखिल भारतीय कमी को सूखे (Drought) की स्थिति के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।14 राज्यों में गहराया जल संकट, 200 से अधिक जिलों में सूखे की आहटआईएमडी के संचयी वर्षा आंकड़ों के अनुसार देश भर में 1 जून से लेकर अब तक कुल बारिश में लगभग 14% से 15% की कमी बनी हुई है। सबसे खराब स्थिति देश के 14 राज्यों में है जहां वर्षा की कमी 20 फीसदी के खतरे के निशान को पार कर चुकी है। इनमें उत्तर भारत के पंजाब (लगभग 40% की कमी), हरियाणा (23% की कमी) और राजस्थान (25% की कमी) शामिल हैं।पूर्वी भारत में बिहार राज्य सबसे गंभीर संकट से गुजर रहा है, जहां सामान्य से 35% कम बारिश हुई है। वहीं पूर्वोत्तर के मेघालय (59% डेफिसिट) और अरुणाचल प्रदेश (42% डेफिसिट) में नदियां और जलस्रोत सूखने की कगार पर हैं। इसके अलावा प्रायद्वीपीय भारत के सभी पांचों राज्य—आंध्र प्रदेश (43% की भारी कमी), कर्नाटक (29%), केरल (27%), तमिलनाडु (26%) और तेलंगाना (20%)—कमजोर मानसून की दोहरी मार झेल रहे हैं। देश भर के 218 से अधिक कृषि जिलों में भूजल स्तर में भारी गिरावट और सूखे जैसी गंभीर परिस्थितियां बन गई हैं।अल-नीनो का कहर और मानसून की चाल क्यों हुई सुस्तइस वर्ष मानसूनी हवाओं के असमान और कमजोर रहने का सबसे मुख्य कारण प्रशांत महासागर में सक्रिय अल-नीनो (El Nio) मौसमी परिघटना को माना जा रहा है। अल-नीनो के प्रभाव से भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र की समुद्री सतह असामान्य रूप से गर्म हो जाती है, जिससे भारत की ओर नमी खींचने वाली मानसूनी ट्रफ लाइन कमजोर पड़ जाती है।जून के महीने में देश में 40% तक की भारी कमी देखी गई थी, हालांकि जुलाई में आए पश्चिमी विक्षोभों के चलते बारिश में सुधार हुआ था। लेकिन अगस्त और सितंबर के महीनों में लंबे 'मॉनसून ब्रेक' (Monsoon Break) के कारण बादलों की आवाजाही ठप पड़ गई। भले ही बंगाल की खाड़ी में हाल ही में बने निम्न दबाव और डिप्रेशन के चलते पूर्वी तटीय राज्यों (ओडिशा, बंगाल, आंध्र प्रदेश) में अंतिम समय में कुछ बौछारें देखने को मिल रही हैं, लेकिन यह बारिश पूरे चार महीने के इस संचयी घाटे की भरपाई करने के लिए नाकाफी साबित होगी।उत्तर प्रदेश, लखनऊ, बिहार और पंजाब के कृषि अंचल पर संकटउत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर और बुंदेलखंड के जनपदों से लेकर सीमावर्ती बिहार (पटना, गया, मुजफ्फरपुर) तक किसानों की नजरें आसमान की ओर टिकी हुई हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के वे जिले जो पूरी तरह वर्षा आधारित खेती (Rainfed Farming) पर निर्भर हैं, वहां सिंचाई की लागत बेतहाशा बढ़ चुकी है।किसानों को ट्यूबवेल और डीजल पंपों के जरिए पानी देने पर भारी खर्च करना पड़ रहा है, जिससे उनकी उत्पादन लागत दोगुनी हो गई है। पंजाब और हरियाणा जैसे सिंचित राज्यों में भी भूजल स्तर (Water Table) पाताल में पहुंच रहा है और बिजली की खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। जिन जिलों में नहरों और बांधों में पानी का भंडारण सामान्य क्षमता से 30 से 40 प्रतिशत कम दर्ज किया गया है, वहां आने वाले महीनों में पीने के पानी और सिंचाई के लिए कड़ा जल संकट खड़ा हो सकता है।खरीफ की धान फसल और आने वाले रबी सीजन पर क्या होगा असरमानसून की इस 10% से 15% की कमी का सीधा प्रभाव देश की खाद्य सुरक्षा और फसलों की पैदावार पर पड़ना तय है:धान (Paddy) की पैदावार पर मार: पानी की सबसे अधिक खपत करने वाले धान के रकबे में पिछले साल की तुलना में करीब 4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। जिन इलाकों में फूल आने और दाना भरने के नाजुक समय पर बारिश नहीं हुई, वहां उपज (Yield) में 15 से 20 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है।दालें और तिलहन: कर्नाटक, महाराष्ट्र और राजस्थान में तुअर (अरहर), उड़द, मूंग और सोयाबीन की फसलों को समय पर नमी न मिलने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है, जिससे आने वाले दिनों में दालों की खुदरा कीमतों में तेजी आ सकती है।रबी बुवाई की तैयारी (Soil Moisture Deficit): सबसे बड़ी चिंता अक्टूबर-नवंबर से शुरू होने वाले रबी सीजन (गेहूं, सरसों, चना) को लेकर है। यदि विदाई के समय मिट्टी में अवशिष्ट नमी (Soil Moisture) पर्याप्त नहीं रही और जलाशयों में पानी की कमी रही, तो किसानों के लिए गेहूं और सरसों की समय पर बुवाई करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाएगा।सरकार की आकस्मिक योजनाएं (Contingency Plans) और किसानों के लिए सलाहकमजोर मानसून के शुरुआती संकेतों को देखते हुए केंद्रीय कृषि मंत्रालय और राज्य सरकारों ने देश के 315 से अधिक संवेदनशील जिलों के लिए कृषि आकस्मिक योजनाएं (Contingency Plans) सक्रिय की हैं। विशेष रूप से उन 111 जिलों पर नजर रखी जा रही है जहां सिंचाई का कवरेज 25% से भी कम है।कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को यह व्यावहारिक सलाह दी है:जहां धान की फसल सूखने की कगार पर है, वहां ड्रिप या स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों का उपयोग करें।आने वाले रबी सीजन के लिए लंबी अवधि वाली किस्मों के बजाय कम समय और कम पानी में पकने वाली दलहनी और तिलहनी फसलों (जैसे चना, मसूर और राई/सरसों) की बुवाई को प्राथमिकता दें।खेतों में जैविक मल्चिंग (Mulching) का प्रयोग करें ताकि जमीन में मौजूद नमी लंबे समय तक सुरक्षित रह सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 20 Sep 2026 8:57 pm

IMD Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बन रहा डीप डिप्रेशन! छत्तीसगढ़ से ओडिशा-आंध्र तक भारी बारिश का अलर्ट, जानिए अपने इलाके का मौसम

IMD Weather Update: पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी अंडमान सागर में बने कम दबाव के क्षेत्र के असर और इसके लगातार मजबूत होने से देश के मौसम में बड़ा बदलाव आने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 सितंबर को जारी अपने मौसम बुलेटिन में चेतावनी दी है कि उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश में 22 से 24 सितंबर, दक्षिणी ओडिशा में 22 से 25 सितंबर, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में 23 से 25 सितंबर और विदर्भ में 24-25 सितंबर के दौरान अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 23 और 24 सितंबर को दक्षिणी ओडिशा व उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश में और 24 सितंबर को दक्षिणी छत्तीसगढ़ में अलग-अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश होने के भी आसार हैं।अगर पिछले 24 घंटों के मौसम की बात करें तो तेलंगाना, रायलसीमा और तमिलनाडु में 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश हुई है। इसके अलावा ओडिशा, मध्य प्रदेश, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, असम, नागालैंड और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश रिकॉर्ड हुई है।मानसून की वापसी और प्रमुख मौसमी सिस्टमदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 19 सितंबर को मानसून की वापसी रेखा रामगढ़, मोहनगढ़, फलोदी, खाजूवाला से होकर गुजरी। अगले 2 से 3 दिनों के दौरान राजस्थान के कुछ और हिस्सों, पंजाब के कुछ भागों, सौराष्ट्र और कच्छ के कुछ क्षेत्रों से मानसून की आगे वापसी के लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल हैं।देश में अभी कई दूसरी चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ रेखाएं भी सक्रिय हैं। 19 सितंबर की शाम को उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र 20 सितंबर की सुबह पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी अंडमान सागर पर केंद्रित रहा। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 21 सितंबर को पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी पर एक डिप्रेश के रूप में और 22 सितंबर को पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर एक डीप डिप्रेशन के रूप में मजबूत होने की प्रबल संभावना है। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए 23 सितंबर की सुबह तक उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा तटों के पास पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पहुंचेगा।पूर्वी भारत का मौसम: ओडिशा में थंडरक्वाल और अत्यंत भारी बारिश का संकटपूर्वी भारत में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा गांगेय पश्चिम बंगाल में 20 से 26 सितंबर तक, झारखंड, ओडिशा और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 22 से 26 सितंबर तक और बिहार में 24 से 26 सितंबर तक अधिकांश जगहों पर बारिश होने का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 20 और 21 सितंबर को अलग अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।ओडिशा में 20 सितंबर, 23-24 सितंबर और 26 सितंबर को भारी बारिश तथा 22 व 25 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। 23 और 24 सितंबर को दक्षिणी ओडिशा में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने का अलर्ट है। ओडिशा में 23 और 24 सितंबर को 50 से 60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से थंडरक्वाल, आंधी चलने की संभावना है।इसके अलावा गांगेय पश्चिम बंगाल में 22 से 25 सितंबर, झारखंड में 23 से 25 सितंबर, बिहार में 24 से 26 सितंबर और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 23-24 सितंबर व 26 सितंबर को भारी बारिश और 25 सितंबर को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। झारखंड में 21-22 सितंबर को और गांगेय पश्चिम बंगाल में 22 से 25 सितंबर तक मध्यम से तीव्र बिजली गिरने की आशंका है।दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बिगड़ेगा मौसमदक्षिण भारत के राज्यों में केरल व माहे और लक्षद्वीप में 20-21 सितंबर तथा 24-25 सितंबर को, तटीय कर्नाटक, उत्तर आंतरिक कर्नाटक व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 20 से 25 सितंबर तक, तटीय आंध्र प्रदेश व यनम में 22 से 24 सितंबर तक और तेलंगाना में 21 से 26 सितंबर तक अधिकांश जगहों पर बारिश होगी।तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 20 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 21 सितंबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश व यनम में 22 और 23 सितंबर को बहुत भारी बारिश होगी जबकि 23 और 24 सितंबर को यहां अलग अलग जगहों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी है। तेलंगाना में 20 से 22 सितंबर और 26 सितंबर को भारी बारिश और 23 से 25 सितंबर तक बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।तेलंगाना में 23 से 25 सितंबर के दौरान 50 से 60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे तक) की स्पीड से थंडरक्वाल आंधी चलेगी। तटीय आंध्र प्रदेश व यनम में 20 से 24 सितंबर के दौरान, रायलसीमा में 20 से 23 सितंबर तक और तेलंगाना में 23 से 25 सितंबर तक तेज सतही हवाएं भी चलेंगी। इसके अलावा तटीय, उत्तर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 20 से 24 सितंबर तक भारी बारिश जारी रहने के आसार हैं।मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत का हालमध्य भारत में छत्तीसगढ़ में 20 से 26 सितंबर तक, विदर्भ में 21 से 26 सितंबर तक, पूर्वी मध्य प्रदेश में 23 से 26 सितंबर तक और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 25-26 सितंबर के दौरान भारी बारिश और गरज-चमक का अनुमान है। छत्तीसगढ़ में 20 से 22 सितंबर और 26 सितंबर को भारी बारिश और 23 से 25 सितंबर तक बहुत भारी बारिश होगी। 24 सितंबर को दक्षिणी छत्तीसगढ़ में अलग-अलग जगहों पर बेहद भारी बारिश होने का खतरा जताया गया है। विदर्भ में 24 और 25 सितंबर को औप पूर्वी मध्य प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 24 से 26 सितंबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है।उत्तर-पश्चिम भारत के संदर्भ में, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को अधिकांश जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश होगी और 24 से 26 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 25 और 26 सितंबर को अलग अलग जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तर-पश्चिम भारत के शेष हिस्सों में गरज-चमक के साथ छिटपुट से हल्की बारिश जारी रहेगी।पूर्वोत्तर और पश्चिम भारत का पूर्वानुमानपूर्वोत्तर राज्यों में असम और मेघालय में 23 से 25 सितंबर के बीच और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 20 सितंबर व 22 से 24 सितंबर तक व्यापक स्तर पर बारिश होगी। इस दौरान असम व मेघालय में 23 से 25 सितंबर, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 22 से 23 सितंबर तथा अरुणाचल प्रदेश में 24 और 25 सितंबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान है।पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 20 से 24 सितंबर तक अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी जबकि 22 और 23 सितंबर को यहां भारी बारिश की संभावना है। मध्य महाराष्ट्र में 21 से 23 सितंबर के दौरान भारी बारिश होने के आसार हैं। गुजरात क्षेत्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र व कच्छ में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है।समुद्र में तूफानी हवाएं और मछुआरों के लिए सख्त चेतावनीमौसम प्रणालियों के असर से समुद्र में बेहद खतरनाक स्थिति पैदा हो सकती है। 20 सितंबर को पूर्व-मध्य और उससे सटे अंडमान सागर में 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की गति से तूफानी हवाएं चल रही हैं। 21 सितंबर को पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में हवा की गति बढ़कर 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे), 22 सितंबर को मध्य बंगाल की खाड़ी में 50 से 60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) और 23 सितंबर से 24 सितंबर की शाम तक पश्चिम-मध्य व उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 55 से 65 किमी/घंटे (झोंके 75 किमी/घंटे) तक पहुंचने का अनुमान है।ये भी पढ़ें- Asian Games 2026: एशियाई खेलों में भारत को दूसरा मेडल, शूटिंग क्वीन इलावेनिल वलारिवन ने जीता सिल्वर23 सितंबर से 24 सितंबर की शाम तक दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के पास 55 से 65 किमी/घंटे तथा पश्चिम बंगाल व दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों के पास 40 से 50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इसकती वजह से 21 से 24 सितंबर तक बंगाल की खाड़ी के मध्य व उत्तर-पश्चिम हिस्सों तथा आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहेगी।

ज़ी न्यूज़ 20 Sep 2026 3:42 pm

'मुझे लगा मेरा करियर खत्म हो गया...': जब चीनी सेना ने भारतीय एजेंटों को दबोच लिया था, NSA अजीत डोभाल ने सुनाया वो रोंगटे खड़े करने वाला किस्सा

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को देश के रणनीतिक और खुफिया इतिहास का सबसे कुशल 'मास्टरमाइंड' माना जाता है। पाकिस्तान में वर्षों तक अंडरकवर रहने से लेकर मिजोरम, पंजाब और कश्मीर में अलगाववाद की कमर तोड़ने तक, उनके नाम कई ऐतिहासिक खुफिया ऑपरेशंस दर्ज हैं। लेकिन पर्दे के पीछे चलने वाली इस जासूसी की दुनिया में हर मिशन सीधा या आसान नहीं होता। कई बार ऐसे मोड़ भी आते हैं जब एक छोटी सी चूक पूरे मिशन के साथ-साथ जिंदगी और करियर को दांव पर लगा देती है।हाल ही में अजीत डोभाल ने अपने शुरुआती सेवाकाल और पूर्वोत्तर सीमा के एक बेहद संवेदनशील मिशन से जुड़ा ऐसा ही एक रोंगटे खड़े कर देने वाला संस्मरण साझा किया। उन्होंने उस खौफनाक दौर को याद करते हुए बताया कि एक वक्त ऐसा आ गया था जब उनके द्वारा तैयार किए गए भारतीय फील्ड एजेंटों को चीनी सेना और सीमा पार के विद्रोही तत्वों ने रंगे हाथों पकड़ लिया था। उस पल डोभाल को लगा था कि अब उनका पूरा करियर और साख हमेशा के लिए खत्म हो चुकी है।जब चीनी सीमा के पार फंसा भारतीय खुफिया नेटवर्कयह पूरा वाकया उस दौर का है जब भारत का पूर्वोत्तर क्षेत्र उग्रवाद और विदेशी हस्तक्षेप की गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा था। उस समय विद्रोही गुटों के लड़ाके म्यांमार और चीन की सीमा पार जाकर हथियारों की ट्रेनिंग लेते थे और हथियारों का भारी जखीरा लेकर भारतीय सीमा में घुसपैठ करते थे। इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के एक युवा और तेजतर्रार फील्ड ऑफिसर के रूप में अजीत डोभाल को इस पूरे क्रॉस-बॉर्डर सिंडिकेट की टोह लेने और उनकी सप्लाई लाइन को ट्रैक करने का अति-गोपनीय जिम्मा सौंपा गया था।डोभाल ने महीनों की मशक्कत और जोखिम उठाकर स्थानीय सीमावर्ती इलाकों से कुछ ऐसे लोगों को अपने नेटवर्क में शामिल किया, जो चीन और म्यांमार के ट्रेनिंग कैंपों तक पहुंच बना सकते थे। इन 'एसेट्स' (खुफिया मुखबिरों) को पूरी ब्रीफिंग देकर सीमा पार भेजा गया था ताकि वे चीनी सैन्य अधिकारियों के साथ विद्रोही कमांडरों की बैठकों, हथियारों के प्रकार और उनकी रूट मैपिंग की सटीक जानकारी जुटा सकें।चीनी सेना ने एजेंटों को पकड़ा और वायरलेस पर सन्नाटा छा गयामिशन अपनी योजना के अनुसार आगे बढ़ रहा था, लेकिन विदेशी जमीन पर खुफिया ऑपरेशंस में अप्रत्याशित खतरे हमेशा सिर पर मंडराते रहते हैं। डोभाल के एजेंट सीमा पार संदिग्ध हलचलों को रिकॉर्ड कर रहे थे, तभी चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के गश्ती दल और स्थानीय उग्रवादी कैडरों को उनकी गतिविधियों पर शक हो गया।कुछ ही घंटों के भीतर चीनी सुरक्षा तंत्र ने घेराबंदी करके उन भारतीय एजेंटों को हिरासत में ले लिया। सीमा पार से आने वाले इनपुट्स और रेडियो सिग्नल अचानक बंद हो गए। जब मुख्यालय को यह खुफिया संदेश मिला कि उनके द्वारा भेजे गए फील्ड ऑपरेटिव्स को चीनी सेना ने पकड़ लिया है और उनकी सघन पूछताछ शुरू हो चुकी है, तो सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों के होश उड़ गए।'उस रात लगा कि सब कुछ खत्म हो गया': डोभाल का कबूलनामाउस तनावपूर्ण घटनाक्रम को याद करते हुए अजीत डोभाल ने बताया कि वह उनके जीवन की सबसे लंबी और डरावनी रात थी। एक खुफिया अधिकारी के लिए अपने सोर्स या एजेंट का दुश्मन के हाथों पकड़ा जाना पेशेवर रूप से सबसे बड़ा झटका होता है। यदि पूछताछ के दौरान वे एजेंट टूट जाते और भारतीय खुफिया नेटवर्क के संचालन का खुलासा हो जाता, तो यह एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक बखेड़ा खड़ा कर सकता था।डोभाल ने कहा, उस पल मेरे दिमाग में सिर्फ एक ही बात कौंध रही थी—मुझे लगा मेरा करियर अब पूरी तरह खत्म हो गया है। न केवल मेरी नौकरी और वर्षों की मेहनत दांव पर थी, बल्कि उन लोगों की जान भी खतरे में थी जिन्होंने मेरे कहने पर अपनी जिंदगी दांव पर लगाई थी। विफलता की उस आशंका ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया था।फिर चला 'मास्टरमाइंड' का कूटनीतिक और मनोवैज्ञानिक दांवऐसी विषम परिस्थितियों में अधिकांश लोग घबराकर पीछे हट जाते हैं, लेकिन अजीत डोभाल ने हार मानने के बजाय तुरंत एक जोखिम भरा 'काउंटर-प्लान' तैयार किया। उन्होंने स्थानीय कबायली संपर्कों, सीमावर्ती विद्रोही गुटों के आंतरिक मतभेदों और अपने गहरे संपर्कों का इस्तेमाल करते हुए एक समानांतर मनोवैज्ञानिक रणनीति बनाई।उन्होंने इस बात की पुष्टि करने के लिए अपने बैकअप चैनलों को सक्रिय किया कि पकड़े गए लोग केवल साधारण स्थानीय व्यापारी या गाइड के रूप में ही अपनी पहचान बनाए रखें और किसी भी कीमत पर भारत के आधिकारिक खुफिया तंत्र का नाम सामने न आए। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर ऐसा माहौल बनाया गया जिससे चीनी अधिकारियों को यह विश्वास हो जाए कि पकड़े गए लोग किसी बड़ी जासूसी का हिस्सा नहीं, बल्कि अनजाने में रास्ता भटक कर प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंचे स्थानीय ग्रामीण हैं। बैक-चैनल संपर्कों और गहन कूटनीतिक सूझबूझ के चलते आखिरकार उन एजेंटों को बिना किसी गंभीर नुकसान के वापस सुरक्षित निकालने में सफलता मिली।लखनऊ, दिल्ली और पूर्वोत्तर के रक्षा गलियारों में क्यों प्रासंगिक है यह सबकअजीत डोभाल द्वारा सुनाया गया यह किस्सा केवल एक पुरानी याद नहीं है, बल्कि यह वर्तमान में भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया तंत्र की जटिलताओं को समझने का एक बड़ा आईना है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित मध्य कमान (Central Command) के रणनीतिकारों से लेकर नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक तक, रक्षा और खुफिया विशेषज्ञ हमेशा इस बात को रेखांकित करते हैं कि चीन की सीमाओं पर खुफिया संतुलन साधना दुनिया के सबसे कठिन कार्यों में से एक है।पूर्वोत्तर के राज्यों (असम, नगालैंड, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश) में सुरक्षा की मौजूदा स्थिरता के पीछे डोभाल जैसे अधिकारियों के दशकों के ऐसे ही अनकहे और जोखिम भरे ऑपरेशंस की रीढ़ रही है। वर्तमान दौर में जब वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन के साथ तनाव और सैन्य गतिरोध बना रहता है, डोभाल का यह अनुभव नई पीढ़ी के सैन्य कमांडरों और खुफिया अधिकारियों को यह सिखाता है कि संकट के सबसे अंधेरे पलों में भी संयम और रणनीतिक धैर्य कैसे बनाए रखा जाता है।खुफिया दुनिया का अटूट नियम: जोखिम के बिना कोई बड़ी कामयाबी नहींअजीत डोभाल का यह संस्मरण यह साबित करता है कि आज जिस 'डोभाल डॉक्ट्रिन' की चर्चा पूरी दुनिया में होती है, वह किसी वातानुकूलित कमरे में बैठकर नहीं गढ़ी गई है। इसके पीछे जमीनी स्तर पर विफलता के डर, करियर के खात्मे की आशंकाओं और मौत के मुंह से वापस लौटने के दर्जनों कड़वे अनुभव शामिल हैं।डोभाल ने युवाओं और भावी अधिकारियों को संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने वालों को व्यक्तिगत लाभ, पद या करियर की चिंता छोड़कर देशहित को सर्वोपरि रखना पड़ता है। जब तक आप बड़ा जोखिम लेने के लिए तैयार नहीं होंगे, तब तक देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने वाली रणनीतिक बढ़त हासिल नहीं की जा सकती।

न्यूज़ इंडिया लाइव 20 Sep 2026 10:30 am

कल का मौसम 20 सितंबर: रविवार को इन 7 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! झारखंड से बंगाल तक आंधी-तूफान, यहां चेक करिए वेदर अपडेट

IMD Weather Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार के लिए देश भर का विस्तृत मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक 20 सितंबर को दक्षिण भारत, द्वीपीय क्षेत्रों और पूर्वोत्तर के राज्यों में मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ रहेगा। रविवार को अंडमान और कर्नाटक समेत 7 प्रमुख राज्यों/क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है जबकि झारखंड और पश्चिम बंगाल से लेकर महाराष्ट्र और राजस्थान तक गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।रविवार को इन 7 राज्यों/क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्टIMD के बुलेटिन के मुताबिक देश के 7 क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।40 से 50 kmph की रफ्तार से आंधी का अलर्टदक्षिण भारत के राज्यों, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों और अंडमान में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में आकाशीय बिजली चमकने और 40-50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चलने का अलर्ट है।झारखंड से बंगाल और राजस्थान तक 30 से 40 kmph की हवाएंदेश के पूर्वी, मध्य और पश्चिमी हिस्सों में भी मौसम का असर दिखेगा, जहां थंडरस्टॉर्म के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। पूर्वी राजस्थान, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कोंकण व गोवा, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और विदर्भ के अलावा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में पृथक स्थानों पर तेज सतही हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया गया है। IMD Weather Alertपूर्वोत्तर भारत और मध्य भारत में बिजली कड़कने की चेतावनीमौसम विभाग ने पूर्वोत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में केवल गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, केरल व माहे, लक्षद्वीप के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है।समुद्र और तटीय इलाकों के लिए चेतावनीसमुद्र में उठने वाली तेज हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों और तटीय क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया है। उत्तरी सोमालिया तट से लगे और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। दक्षिणी श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे) की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।अंडमान सागर के कुछ हिस्सों, पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे तक) की गति से तूफानी मौसम रहेगा। दक्षिण म्यांमार तट के पास, अंडमान सागर, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों और पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी से लगे क्षेत्रों में 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 60 किमी/घंटे तक जा सकते हैं।

ज़ी न्यूज़ 19 Sep 2026 9:15 pm

IMD मौसम अलर्ट: राजस्थान से मानसून की वापसी शुरू, उधर बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन बनने से कई राज्यों में भारी बारिश के आसार

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 सितंबर को देश भर के मौसम को लेकर एक विस्तृत बुलेटिन जारी किया है। एक तरफ जहां देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का सिलसिला शुरू हो चुका है, वहीं दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी में एक मजबूत मौसमी सिस्टम आकार ले रहा है। इसके असर से आने वाले दिनों में ओडिशा और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में भीषण बारिश और आंधी-तूफान का दौर देखने को मिलेगा।दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की शुरुआतसामान्य तिथि 17 सितंबर के मुकाबले, दक्षिण-पश्चिम मानसून 19 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से वापस लौट गया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 3-4 दिनों के दौरान राजस्थान के कुछ और हिस्सों तथा पंजाब एवं सौराष्ट्र व कच्छ के कुछ भागों से मानसून की आगे वापसी के लिए स्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।बंगाल की खाड़ी में बनेगा डीप डिप्रेशन: जानिए सिस्टम का पूरा ट्रैकमौसम विभाग के मुताबिक, उत्तरी अंडमान सागर पर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से 19 सितंबर की शाम तक इसी क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। 21 सितंबर तक यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन में बदल जाएगा। 22 सितंबर को यह और मजबूत होकर पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन का रूप ले लेगा। पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए यह 23 सितंबर की सुबह तक दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश तट के पास पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी पहुंचेगा।पूर्वी भारत: ओडिशा में 23 और 24 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी22 और 25 सितंबर को ओडिशा में बहुत भारी बारिश होगी। 23 और 24 सितंबर को ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 23 सितंबर को राज्य में 50-60 किमी/घंटे से लेकर 70 किमी/घंटे की गति से थंडरक्वाल आंधी चलने की संभावना है। 19 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 20 और 21 सितंबर को भारी बारिश होगी। 19 से 25 सितंबर तक 40-50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। गांगेय पश्चिम बंगाल में 22 से 25 सितंबर तक भारी बारिश होगी। झारखंड में 23 से 25 सितंबर और बिहार व उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में 24 और 25 सितंबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान है।दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भारी तबाही के आसार22 से 24 सितंबर के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 21 और 22 सितंबर को 50-60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की गति से थंडरक्वाल आंधी चलेगी। 19 से 23 सितंबर तक तेज सतही हवाएं भी चलेंगी। तेलंगाना में 22 से 25 सितंबर के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 24 और 25 सितंबर को 50-60 किमी/घंटे (झोंके 70 किमी/घंटे) की गति से आंधी-तूफान आएगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 19 से 21 सितंबर, केरल व माहे में 19-21 सितंबर और 24-25 सितंबर, तटीय व उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 20 से 25 सितंबर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 19 से 25 सितंबर तक भारी बारिश का अनुमान है।मध्य और पश्चिम भारत का मौसमछत्तीसगढ़ में 23 से 25 सितंबर और विदर्भ में 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 24 और 25 सितंबर को भारी बारिश होगी। कोंकण और गोवा में 19 सितंबर तथा 22-23 सितंबर को भारी बारिश होगी। मध्य महाराष्ट्र में 21 से 23 सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट है।उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारतपूर्वी राजस्थान में 19 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड में 19 से 25 सितंबर तक; उत्तर प्रदेश में 19-20 और 23-25 सितंबर; तथा हिमाचल प्रदेश में 19 से 21 सितंबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।इसके अलावा सम व मेघालय में 23 से 25 सितंबरस नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 22 से 24 सितंबर और अरुणाचल प्रदेश में 25 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है।यह भी पढ़ें:Mausam Alert: बिहार, बंगाल से तमिलनाडु और राजस्थान तक आंधी-पानी की चेतावनी, इन 10 से अधिक राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

ज़ी न्यूज़ 19 Sep 2026 4:09 pm

Mausam Alert: बिहार, बंगाल से तमिलनाडु और राजस्थान तक आंधी-पानी की चेतावनी, इन 10 से अधिक राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 सितंबरके लिए देश भर का ताजा मौसम बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आज देश के 10 से भी अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गरज-चमक, आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, ओडिशा से लेकर दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है।अंडमान में बहुत भारी बारिश, इन 10 राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनीIMD द्वारा जारी 19 सितंबर के बुलेटिन के मुताबिक, द्वीपीय क्षेत्रों में भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। आंध्र प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, केरल व माहे, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना के अलग अलग इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।बिहार, अंडमान और तमिलनाडु में 40 से 50 kmph की रफ्तार से आंधीतेज हवाओं और कड़कती बिजली के साथ बारिश की चेतावनी जारी की गई है। बिहार, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।राजस्थान, बंगाल, झारखंड और महाराष्ट्र में 30 से 40 kmph की हवाएंदेश के पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में भी तेज आंधी का असर रहेगा। आंध्र प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में तेज सतही हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।इन राज्यों में कड़केगी आकाशीय बिजलीमौसम विभाग ने देश के मध्य, पूर्वोत्तर और पश्चिमी हिस्सों के राज्यों में बिजली कड़कने की हिदायत दी है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, केरल व माहे, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।समुद्र में तूफानी हलचल: मछुआरों और तटीय इलाकों के लिए चेतावनीसमुद्री क्षेत्रों में तेज हवाओं और खराब मौसम के चलते मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। उत्तरी सोमालिया तट से सटे और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के इलाकों में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार बढ़कर 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है। दक्षिणी श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे) की गति से तूफानी मौसम (Squally weather) बना रहेगा। वहीं, अंडमान सागर के अन्य हिस्सों और उससे लगे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 60 किमी/घंटे तक जा सकते हैं।SBI Loan Recovery: विधवा पत्नी की एफडी से बैंक ने गुपचुप की पति के लोन की वसूली, हाईकोर्ट ने सुनाया ब्याज सहित पैसा लौटाने का फैसला

ज़ी न्यूज़ 19 Sep 2026 11:29 am

कल का मौसम: 19 सितंबर को दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर में बिगड़ेगा मौसम, इन 10 से अधिक राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट

IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 19 सितंबर के लिए देश भर का मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक 19 सितंबर को दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर के राज्यों और द्वीपीय क्षेत्रों में मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। देश के 10 से भी अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश, गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज आंधी चलने की चेतावनी जारी की गई है।अंडमान में बहुत भारी बारिश, इन 10 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनीIMD के 19 सितंबर के पूर्वानुमान के मुताबिक, द्वीपीय इलाकों में अति भारी बारिश होगी। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। आंध्र प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, केरल व माहे, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में भी अलग अलग जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।बिहार, अंडमान और तमिलनाडु में 40 से 50 kmph की रफ्तार से चलेगी आंधीतेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर थंडरस्टॉर्म के साथ बिजली कड़कने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।राजस्थान, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना में 30 से 40 kmph की हवाएंदेश के मध्य, पश्चिमी और पूर्वी इलाकों में भी तेज आंधी का असर दिखेगा। आंध्र प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अलग अलग जगहों पर गरज-चमक, बिजली कड़कने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर तेज सतही हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।इन राज्यों में कड़केगी आकाशीय बिजलीमौसम विभाग ने पूर्वोत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में आकाशीय बिजली चमकने की हिदायत दी है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, केरल व माहे, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।समुद्री इलाकों के लिए चेतावनी: मछुआरों को अलर्टसमुद्र में उठने वाली तेज तूफानी हवाओं को ध्यान में रखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। उत्तरी सोमालिया तट से लगे और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के इलाकों में 45 से 55 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलेंगी। इनके झोंके 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं।दक्षिणी श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे तक) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किमी/घंटे (झोंके 65 किमी/घंटे) की गति से तूफानी मौसम रहेगा। अंडमान सागर के बाकी हिस्सों और उससे लगे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 60 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं।

ज़ी न्यूज़ 18 Sep 2026 6:44 pm

अंडमान से उठ रहा नया चक्रवाती सिस्टम, एमपी से दिल्ली-यूपी, बिहार 24 सितंबर तक इन राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट

IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 18 सितंबर को देश के मौसम को लेकर एक विस्तृत बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के ऊपर एक नया मौसमी सिस्टम आकार ले रहा है। इसके से 24 सितंबर तक देश के अधिकांश राज्यों में आंधी-तूफान, बिजली चमकने और भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए स्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं।अंडमान सागर में बनेगा लो प्रेशर, ओडिसा-आंध्र की तरफ बढ़ेगा सिस्टममौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी थाईलैंड के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण 18 सितंबर की शाम तक उत्तरी अंडमान सागर में उभरने की संभावना है। इसके असर से 19 सितंबर की शाम तक इसी क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की उम्मीद है। इसके बाद यह धीरे-धीरे और मजबूत होकर अगले 3-4 दिनों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों की ओर रुख करेगा। इसके अलावा उत्तरी गुजरात, सिक्किम और पूर्वी बांग्लादेश पर चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र सक्रिय हैं। वहीं, सिक्किम से उत्तरी बंगाल की खाड़ी तक और मराठवाड़ा से दक्षिण-पूर्वी अरब सागर तक ट्रफ रेखाएं गुजर रही हैं।उत्तर-पश्चिम भारत और दिल्ली-एनसीआर का मौसम (18 से 24 सितंबर)हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, पश्चिमी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18 से 19 सितंबर के दौरान छिटपुट बारिश और गरज-चमक की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 से 20 सितंबर तक हल्की से छिटपुट बारिश के आसार हैं। पूर्वी राजस्थान में 18 सितंबर को व्यापक बारिश होगी और बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। 19 सितंबर को भी यहां भारी बारिश हो सकती है जबकि 19 से 22 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश जारी रहने की संभावना है।जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 18 सितंबर और 23-24 सितंबर को छिटपुट बारिश हो सकती है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 18 से 24 सितंबर तक गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी।मध्य और पूर्वी भारत: एमपी, बिहार और ओडिशा का हालपश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश में 18 से 19 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है। 18 और 24 सितंबर को पश्चिम मध्य प्रदेश में तथा 24 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट है। विदर्भ में 18-19 सितंबर और 21-24 सितंबर तक जबकि छत्तीसगढ़ में 19 से 24 सितंबर तक व्यापक बारिश होगी। छत्तीसगढ़ में 22 से 24 सितंबर के बीच भारी बारिश का अनुमान है।बिहार में 18 से 24 सितंबर के बीच छिटपुट बारिश का अनुमान है जिसमें 18 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 19 व 24 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 23-24 सितंबर को भारी बारिश होगी। ओडिशा में 18-19 सितंबर और 22 सितंबर को भारी बारिश तथा 23-24 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है।18 सितंबर को ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल में मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है।पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम भारत में मौसम का मिजाजनागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 20 और 24 सितंबर को तथा अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय में 24 सितंबर को व्यापक बारिश होगी। 18 सितंबर को असम-मेघालय में और 19-20 सितंबर को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में भारी बारिश का अलर्ट है। कोंकण और गोवा में 18 सितंबर तथा 21 से 24 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश होगी। गुजरात क्षेत्र में 18 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में 18 सितंबर को तथा 20 से 22 सितंबर तक भारी वर्षा हो सकती है।दक्षिण भारत: 40-50 kmph की रफ्तार से आंधी का अलर्टकेरल व माहे और लक्षद्वीप में 18 से 24 सितंबर तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। तटीय कर्नाटक में 20 से 24 सितंबर, आंतरिक कर्नाटक व तेलंगाना में 19 से 24 सितंबर तक व्यापक बारिश का पूर्वानुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18 से 22 सितंबर तक, केरल-माहे में 18-20 सितंबर व 24 सितंबर, तटीय व आंतरिक कर्नाटक में 20-24 सितंबर, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 18-24 सितंबर, तटीय आंध्र प्रदेश में 18-20 सितंबर व 23-24 सितंबर और तेलंगाना में 19 से 24 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना है।तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में 18 से 22 सितंबर के बीच 40 से 50 किमी/घंटे की गति से (झोंके 60 किमी/घंटे तक) तेज हवाएं चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश व रायलसीमा में 18 से 22 सितंबर तक तेज सतही हवाएं चलेंगी। केरल और माहे में 18 सितंबर को मौसम गर्म और उमस भरा बना रहने का अनुमान है।मछुआरों के लिए अलर्ट और समुद्री स्थितिसोमालिया तट के पास और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 23 सितंबर तक तथा पश्चिम-मध्य अरब सागर में 18 सितंबर को मछुआरों को न जाने की सलाह दी गई है। दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के इलाकों में 23 सितंबर तक, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 19 से 23 सितंबर तक और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी व म्यांमार तट के पास 21-22 सितंबर को तूफानी मौसम रहेगा।यह भी पढ़ें:Weather Update Friday: बिहार, ओडिशा, सिक्किम संग इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानिए दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम

ज़ी न्यूज़ 18 Sep 2026 2:50 pm

अरुणाचल प्रदेश: असम राइफल्स ने संयुक्त अभियान में 46.60 लाख की ब्राउन शुगर जब्त की, दो गिरफ्तार

भारतीय सेना के स्पीयर कॉर्प्स, असम राइफल्स और सीआरपीएफ ने संयुक्त अभियान में 46.60 लाख की संदिग्ध ब्राउन शुगर के साथ दो शख्स को हिरासत में लिया है, जिसकी जानकारी सेना के स्पीयर कॉर्प्स के आधिकारिक 'एक्स' हैंडल से दी गई।

खास खबर 18 Sep 2026 1:25 pm

Amroha News: जहरीली शराब की तस्करी में मेरठ के दो दोषियों को सात-सात साल की सजा

अरुणाचल प्रदेश मार्का शराब में नशीली गोलियां मिलाकर उसकी तीव्रता बढ़ाकर दूसरे राज्यों में तस्करी करने के मामले में न्यायालय ने मेरठ के दो दोषियों को सात-सात साल की सजा सुनाई है।

अमर उजाला 16 Sep 2026 2:20 am

जागरण संपादकीय: हिमालयी राज्यों की चुनौती

यह सही समय है कि उत्तराखंड, हिमाचल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर को ध्यान में रखकर शुरू की गई ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड संबंधी परियोजना की समीक्षा की जाए।

जागरण 3 Sep 2026 10:11 pm

Operation Lotus के तहत BJP फिर करेगी खेल? Mamata Banerjee को झटका? TMC। Arunachal Pradesh। Meghalaya

Operation Lotus के तहत बीजेपी करने वाली है खेल, Mamata Banerjee को फिर लगेगा झटका? मेघालय की राजनीति में 2028 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा सियासी उलटफेर होने की अटकलें तेज हो गई हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 31 Aug 2026 11:21 am

'मैं यहां का खिलाड़ी हूं' जब नदी के उलट तैरे किरेन रिजिजू

मोदी सरकार में मंत्री किरेन किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर अरुणाचल प्रदेश की एक तेज बहाव वाली उफनती नदी में तैरते हुए अपना एक वीडियो शेयर किया। उन्होंने लोगों को बिना तैराकी जाने गहरे और खतरनाक पानी में न उतरने की सलाह दी और बताया कि राज्य की नदियां बहुत गहरी और बड़ी हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 23 Aug 2026 2:52 pm

Arunachal Pradesh Tinkle Karga Gongo Viral Video: प्यारी सी बच्ची को मिला ढेर सारा प्यार,कहा थैंक यू

Arunachal Pradesh Tinkle Karga Gongo Viral Video: प्यारी सी बच्ची को मिला ढेर सारा प्यार ऐसे कहा थैंक यू

लाइव हिन्दुस्तान 22 Aug 2026 11:05 pm

दिबांग घाटी में बाढ़ के बाद भोजपुर का आर्मी जवान आठ दिन से लापता

22 शनिवार, अगस्त: भोजपुर का आर्मी जवान अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में बाढ़ और बादल फटने के बाद पांच जवानों के साथ लापता हो गया। आठ दिन बाद भी उसका पता नहीं चला है। परिजनों की चिंता बढ़ गई है।

लाइव हिन्दुस्तान 22 Aug 2026 12:15 pm

अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में बाढ़ के बाद भोजपुर का जवान आठ दिन से लापता

22 शनिवार, अगस्त: भोजपुर का रहने वाला आर्मी जवान अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में बाढ़ और बादल फटने के बाद पांच जवानों के साथ लापता हो गया। आठ दिन बाद भी जवान का पता नहीं चला है, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई है।

लाइव हिन्दुस्तान 22 Aug 2026 11:51 am

क्या सच में अरुणाचल प्रदेश में 60 KM तक अंदर घुस आया चीन ? वायरल दावे पर सरकार ने बताया सच

क्या सच मेंअरुणाचल प्रदेश में 60 KM तक अंदर घुस आया चीन ? वायरल दावे पर सरकार ने बताया सच

समाचार नामा 19 Aug 2026 6:00 pm

अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के घुसपैठ के दावे से मणिपुर का वीडियो वायरल

बूम ने पाया कि वीडियो 25 अप्रैल 2026 का मणिपुर के हूमी गांव में असम राइफल्स और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प का है.

बूमलाइव 14 Aug 2026 6:24 pm

अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ के दावे से बांग्लादेश सीमा का वीडियो वायरल

बूम ने पाया कि वीडियो चांपाईनवाबगंज के शिबगंज सीमा क्षेत्र पर बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के बीच हुई कहासुनी का है.

बूमलाइव 11 Aug 2026 6:04 pm

Bigg Boss 18 : चुम दरांग को मिला अरुणाचल प्रदेश के सीएम का सपोर्ट

सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 18' अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर कोई इस सीजन का विनर बनने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन दिनों शो में 'टिकट टू फिनाले' टास्क चल रहा है। इस टास्क में विवियन डीसेना और चुम दरंग आमने-सामने खड़े हैं। वहीं ...

वेब दुनिया 10 Jan 2025 2:40 pm