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संडे जज्बात-क्या है भगवान? राधे-राधे करते मारे गए मेरे मम्मी-पापा:अगर भगवान के दर वृंदावन में नाव पलट जाती है, तो कौन जाएगा वहां?

पहले मम्मी-पापा से बात करना कई बार टाल देता था, लेकिन अब वे बात करने के लिए इस दुनिया में ही नहीं रहे। मेरी सभी से गुजारिश है, अगर आप भी अपने मम्मी-पापा से बात करना टालते हैं, तो ऐसा न करें। मैं मोहित गुलाटी लुधियाना का रहने वाला हूं। जालंधर से आईटी की पढ़ाई पूरी करने के बाद पुणे की एक कंपनी में इंजीनियर हूं। जिंदगी पूरी रफ्तार से चल रही थी- वही रोज का काम, जिम्मेदारियां। लेकिन इस भाग-दौड़ के बीच मम्मी-पापा से बात होती रहती थी। कई बार काम के दबाव में उनका फोन नहीं उठा पाता था, तब अंदाजा नहीं था कि ये 'टालना' एक दिन उम्रभर का पछतावा बन जाएगा। वृंदावन में उस नाव हादसे ने मेरा सब कुछ छीन लिया। मेरे मम्मी-पापा भी उसी नाव पर सवार थे और उस हादसे ने उनकी जान ले ली। 10 अप्रैल को मैं ऑफिस में था… मेरे एक पड़ोसी ने फोन कर बताया कि- आपके मम्मी-पापा नहीं रहे। नाव हादसे में उनकी भी जान चली गई है। एक पल तो लगा यह सब झूठ है। इसी बीच, मेरी बहन दामिनी ने मुझे फोन किया। उसने रोते-रोते बताया- मम्मी-पापा नहीं रहे। मैंने तुरंत फोन काटा और अपने जीजा जी को फोन लगााया। कहा- ठीक से पता कर लीजिए, कोई गलतफहमी तो नहीं है। वो बोले- मरने वालों की लिस्ट में मम्मी-पापा का भी नाम है। इतना सुनते ही, मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई। दरअसल, उस हादसे में एक आंटी बच गई थीं, उन्होंने अपने बच्चों को फोन करके बताया। उसके बाद हादसे में मारे गए परिवारों को पता चला। मैं बदहवास ऑफिस से सीधे पुणे एयरपोर्ट पहुंचा। आंखों के सामने बार–बार मम्मी-पापा का चेहरा आ रहा था। लगा शरीर में जान ही नहीं है, अचानक एयरपोर्ट के अंदर गिर गया। एयरपोर्ट स्टाफ ने मुझे संभाला और पानी पिलाया। वहां से किसी तरह दिल्ली पहुंचा। वृंदावन जाना चाह रहा था, लेकिन पता लगा कि सभी शव दिल्ली लाए जा रहे हैं। वृंदावन के स्थानीय विधायक ने शवों को भेजने में बड़ी मदद की थी। जब मम्मी-पापा का शव दिल्ली आया तो बहुत रोया। उन्हें लेकर लुधियाना चल पड़ा। रास्तेभर मां की बातें, उनकी आवाज, उनकी हंसी याद आ रही थीं। सच कहूं तो, आज जब आपसे मम्मी-पापा की यादें साझा करने को तैयार हो रहा था, तो शब्द गले में अटक जा रहे थे। मुझमें हिम्मत नहीं थी कि आपसे बात करूं। मैंने अपनी बहन दामिनी से साफ कह दिया कि अकेले इंटरव्यू नहीं दे पाऊंगा। ‘बहन दामिनी ने जब कहा कि पत्रकार काफी दूर से आई हैं, तो मैंने खुद को संभाला। हमें लगा कि हमारी आपबीती के जरिए उन बच्चों तक एक संदेश पहुंचना चाहिए जो करियर की दौड़ में इतने मशरूफ हो गए हैं कि अपने मां-बाप कॉल तक नहीं उठा पाते। मेरी सबसे एक ही विनती है- कुछ भी करें, अपने मम्मी-पापा से रोज बात जरूर करें।’ मेरी मां मुझे हर दिन कई सारे वॉयस नोट्स यानी संदेश रिकॉर्ड करके भेजती थीं। अब मैं बार-बार उन्हें सुन रहा हूं। अब उनकी आवाज सुनने का बस यही जरिया बचा है। दरअसल, अपनी कंपनी में शाम से देर रात तक क्लाइंट्स की कॉल्स में उलझा रहता था। मां इस बात को अच्छे से समझती थीं, इसलिए उन्होंने एक रास्ता निकाला था। वे मुझे कॉल करके परेशान नहीं करना चाहती थीं, वॉयस नोट्स भेज दिया करती थीं। व्यस्त बेटे से जुड़े रहने का उन्होंने यह अपना एक तरीका बना लिया था। उन वॉयस नोट्स में मां की ममता गूंजती थी। वे बड़े प्यार से कहतीं- 'बेटा, जब भी काम से फुर्सत मिले तो एक बार फोन कर लेना।' वे अक्सर पूछतीं कि कहां हूं? क्या कर रहे हूं? खाना समय पर खाया या नहीं? और आखिर में हमेशा की तरह ढेर सारी दुआएं देना नहीं भूलतीं। अभी कुछ ही दिन पहले की बात है, मैं किसी काम की उलझन में फंसा हुआ था। उस वक्त मम्मी का फोन आया। मैं उठा नहीं पाया। उसके कुछ देर बाद उनका एक वॉयस नोट आया, जिसमें उन्होंने बड़े प्यार से कहा था- ‘जब मैं नहीं रहूंगी न, तो तरस जाएगा मेरी आवाज सुनने को।’ मां का वो वॉयस मैसेज सुनकर मेरा गला भर आया और मैं रो पड़ा। जब मैंने उन्हें वापस फोन किया, तो वो हंस पड़ीं। दिनभर में उनका तीन बार फोन आता था… पर अब मां का फोन कभी नहीं आएगा। एक झटके में मेरा सब कुछ उजड़ गया। मेरी छोटी बहन दामिनी बेंगलुरु में सीए है, हम दोनों के बीच सिर्फ दो साल का फर्क है। घर में मैं बड़ा हूं। हमारे पास मम्मी-पापा बारी बारी से आकर रहते थे। मम्मी जब भी हमारे पास आतीं तो हम खुश होते थे कि अब तरह-तरह के पराठे खाने को मिलेंगे। वह हमारे पास कभी अचार खत्म नहीं होने देती थीं। यहां तक कि आचार कूरिअर से भिजवा देतीं। मेरी बच्चे कहते नानी हाउस से अचार आया है। दरअसल, बहन के बच्चे नानी हाउस कहते थे, तो मेरे बच्चे भी वही सीख गए थे और वे भी नानी हाउस कहते। मेरे बच्चे मम्मी को दादी न कहकर नानी कहते थे। इस समय साथ में हमारे बच्चे भी आए हुए हैं। यहां उन्हें मम्मी के बिना बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा है। वे बार-बार कह रहे हैं कि नानी हाउस से वापस चलो। यहां नानी नहीं है। यह बस यही बार-बार सोच रहा हूं कि अगर भगवान के दर पर जाकर भी ऐसा हो सकता है, तो उनके यहां कौन जाएगा? भगवान भला इस तरह राधे-राधे जपने वाले अपने श्रद्धालु को कैसे मार सकते हैं? मम्मी-पापा पहली बार बांके बिहारी के दर्शन करने गए थे। बहन ने तो तय कर लिया था कि वह कभी भी वृंदावन नहीं जाएगी। इस दौरान हमारे घर लोग आते तो बहन वही बात दोहराती, तब वे कहते कि- परेशान मत हो। तुम्हारे मम्मी-पापा ने कितनी अच्छी जगह मौत पाई है। वे राधे-राधे करते हुए इस दुनिया से गए हैं, लेकिन हम उनकी बातों से सहमत नहीं हो पाते। आखिर भगवान जब अपने भक्त की रक्षा नहीं कर सकते फिर काहे का भगवान? लेकिन अब धीरे-धीरे मन शांत हो रहा है। मैंने दामिनी से बात की और तय किया है कम से कम एक बार उस घाट पर चलेंगे, जहां मम्मी-पापा आखिरी बार एक साथ थे। वहां चलकर एकांत में बैठेंगे और उन्हें महसूस करेंगे। आपको पता है कि पापा वृंदावन नहीं जा रहे थे। मम्मी उन्हें जबरदस्ती लेकर गई थीं। वह पापा से कह रही थीं कि साथ इसलिए चल रही हूं, ताकि वहां आपको रोटी-पानी दे सकूं। दरअसल, मम्मी पापा को बहुत प्यार करती थीं। उन्हें हमेशा लगता था कि पापा उनके बिना अकेले कैसे रहेंगे? कैसे खाना खाएंगे? इसलिए जहां भी पापा जाते, मम्मी साथ जाती थीं। उस दिन जब वे जा रहे थे तो मम्मी ने हमें बताया था कि मोहल्ले वालों के साथ बस से पापा को लेकर वृंदावन जा रही हूं। वृंदावन पहुंचकर मम्मी ने पापा का एक वीडियो भेजा था कि- देखो नाव में बैठकर तुम्हारे पापा कैसे राधे-राधे कर रहे हैं। पापा को पानी से बहुत डर लगता था। इसलिए वे कभी नदी वगैरह में नहीं जाते, न ही नाव में बैठते थे। इसलिए मम्मी वीडियो दिखाकर बताना चाह रही थीं कि- देखो तुम्हारे पापा नाव में बैठकर कैसे मस्ती में गा रहे हैं। उसके बाद नाव पलट गई थी। अब जिंदगी में बस दो चीजें रह गई हैं। एक अफसोस और दूसरे पापा जैसा बनने की तमन्ना। अफसोस इस बात का है कि उस दिन काश मम्मी-पाप लाइफ जैकेट पहने होते। काश, जो चार लोग दूसरी नाव में शिफ्ट किए गए थे, उसमें मेरे मम्मी-पापा भी होते। काश नाव पुल से टकराने से पहले घूम गई होती, जिससे हादसा टल जाता। काश मम्मी-पापा मेरे पास पुणे आ जाते, क्योंकि उन्हें पुणे आना था। हमने योजना बनाई थी कि पुणे से एक साथ उज्जैन और इंदौर घूमने चलेंगे। अब वो सारी बातें दिमाग में चल रही हैं। दूसरी चीज यह कि- पापा की तरह बनना चाहता हूं। पापा पूरे दिन लोगों की मदद करते थे। उनके काम करवाने में लगे रहते थे। यह जिस पार्क में बैठकर हम बात कर रहे हैं, इसे भी पापा ने बनवाया था। इसकी देखरेख भी वही करते थे। लोगों के लिए साल में एक बार जगराता करवाते थे। मोहल्ले में हजारों औरतें हैं, जिनकी पेंशन पापा ने लगवाई थी। दरअसल, हमारी सोसाइटी का नाम अर्बन स्टेट 2 है, जिसका मुखिया पापा को चुना गया था। मुझे याद है कि पिछले साल जब मम्मी-पापा के पास आया था तो अपना टिफिन भूल गया था। मैंने उन्हें फोन किया तो लगातार उनका फोन बिजी जा रहा था। जब बात हुई तो पता चला कि वह किसी का आधार कार्ड बनवाने साथ गए हुए थे। इस तरह पापा लोगों की मदद करने में लगे रहते। मम्मी-पापा कभी पैसे के पीछे नहीं भागते थे। हम शुरू से कोई बहुत अमीर नहीं थे। मुझे इंजीनियरिंग कराने और दामिनी को सीए बनाने के लिए मम्मी ने अपने गहने तक बेच दिए थे। मम्मी-पापा ने जैसे भी हो हम भाई-बहन को अच्छे स्कूल में पढ़ाया। पापा का बिजनेस बहुत अच्छा नहीं चल रहा था, तो हमारी फीस भरने के लिए मम्मी ने घर में बूटीक काम शुरू कर दिया था। घर पर ही कपड़े सिलतीं और बेचती थीं। मेरे सामने की बात है। एक बार मम्मी ने एक सूट सिला था। उसे बनाने में 275 रुपए लगे थे, लेकिन उन्होंने 300 में बेचा, क्योंकि उन्हें हमारी फीस भरनी थी। इस तरह मम्मी ने हमारे लिए बहुत मेहनत की थी। आखिर में मुझे सरकार से बहुत शिकायत है। कहना चाहता हूं कि वृंदावन जैसी धार्मिक जगहों पर हम सभी के माता-पिता जाते हैं। उनमें ज्यादातर बूढ़े होते हैं। कई बार वे मुसीबत में घबरा जाते हैं। सरकार ऐसी धार्मिक जगहों पर सख्त नियम बनाए। कम से कम वहां तो जरूर, जिन धार्मिक जगहों पर ज्यादा लोग जाते हैं। अगर आज हमारे मम्मी-पापा लाइफ जैकेट पहने होते तो बच जाते या नाव में सवार बच्चों का ख्याल रखा गया होता तो कम से कम वे जिंदा होते। (मोहित गुलाटी ने अपने ये जज्बात भास्कर रिपोर्टर मनीषा भल्ला से साझा किए) ---------------------------------- 1- संडे जज्बात-मैंने 20 अपनों को गोली मारी:अपनों पर गोली चलाना आसान नहीं था, लेकिन बम-धमाके में साथियों की मौत ने मुझे झकझोर दिया था मैं शरतचंद्र बुरुदा हूं, ओडिशा के मलकानगिरी जिले के सरपल्ली गांव का रहने वाला। एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी हूं। 1990 के दशक के आखिर में जब मैंने पुलिस की नौकरी जॉइन की, तब ओडिशा के दंडकारण्य इलाके में नक्सलवाद अपने चरम पर था। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात-उन्होंने हेलिकॉप्टर से लाश भेजी, हम ट्रेनें भर देंगे:दिल्ली वालों ने पीट-पीटकर मार डाला मेरा बेटा, क्योंकि हमारी शक्ल अलग है मैं अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर की रहने वाली मरीना नीडो हूं- नीडो तानिया की मां, जिसे दिल्ली में भीड़ ने पीट-पीटकर मार दिया। अगर ऐसी नफरत बढ़ती रही, तो किसी दिन हालात खतरनाक हो सकते हैं। हम बस इतना चाहते हैं कि- आप हमें समझिए। हम अलग दिखते हैं, लेकिन अलग नहीं हैं। हम भी इसी देश के हैं। मेरे बेटे को सिर्फ इसलिए मार दिया गया, क्योंकि उसका चेहरा आपसे अलग था। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें

दैनिक भास्कर 19 Apr 2026 5:42 am

भगवान परशुराम के बारे में 13 अनसुने तथ्य, जानकर रह जाएंगे हैरान

वैशाख माह के शुक्ल पक्ष यानी अक्षय तृतीया पर भगवान परशुराम का जन्मोत्वस मनाया जाता है। इस बार यह तिथि 2 दिन है- 19 अप्रैल और 20 अप्रैल 2026। उदयातिथि से 20 अप्रैल को जयंती मनाई जाएगी। भगवान परशुराम के बारे में पुराणों और प्राचीन ग्रंथों में कई ऐसे तथ्य छिपे हैं, जो सामान्य चर्चाओं में कम ही सुनने को मिलते हैं। यहाँ उनके जीवन से जुड़े कुछ अनसुने और अद्भुत रहस्य दिए गए हैं। 1. वे 'चिरंजीवी' हैं (आज भी जीवित हैं) हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, सात महापुरुषों को 'चिरंजीवी' होने का वरदान प्राप्त है। परशुराम जी उन्हीं में से एक हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, वे कलयुग के अंत तक पृथ्वी पर निवास करेंगे और जब भगवान विष्णु का 'कल्कि अवतार' होगा, तब परशुराम जी ही उन्हें अस्त्र-शस्त्र की शिक्षा (गुरु के रूप में) देंगे। 2. उनका वास्तविक नाम नहीं था परशुराम जन्म के समय उनका नाम 'राम' रखा गया था। चूँकि वे महर्षि जमदग्नि के पुत्र थे, इसलिए उन्हें 'जामदग्न्य' भी कहा जाता था। जब उन्होंने भगवान शिव की कठोर तपस्या की, तब शिवजी ने प्रसन्न होकर उन्हें एक दिव्य कुल्हाड़ी (परशु) भेंट की। उस 'परशु' को धारण करने के कारण उनका नाम 'परशुराम' पड़ा। 3. एक अनोखा 'परशुराम कुंड' अरुणाचल प्रदेश में 'परशुराम कुंड' नाम का एक तीर्थ स्थल है। कहा जाता है कि अपनी माता का वध करने के बाद (पिता की आज्ञा पर), परशुराम जी का फरसा उनके हाथ से चिपक गया था। उन्होंने इस कुंड के पानी में अपना हाथ धोया, तब जाकर वह फरसा अलग हुआ। आज भी यहाँ हज़ारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। 4. केरल और कोंकण के रचयिता दक्षिण भारत की लोककथाओं के अनुसार, परशुराम जी ने ही केरल, कोंकण और तटीय कर्नाटक की भूमि को समुद्र से निकाला था। कहा जाता है कि उन्होंने अपना फरसा समुद्र में फेंका, जिससे समुद्र पीछे हट गया और उपजाऊ भूमि प्रकट हुई। इसलिए उन्हें इस क्षेत्र का संरक्षक देवता माना जाता है। मान्यता अनुसार परशुराम जी ने हैहयवंशी क्षत्रियों से धरती को जीतकर दान कर दी थी। जब उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं बची तो वे सह्याद्री पर्वत की गुफा में बैठकर वरुण देव की तपस्या करने लगे। वरुण देवता ने परशुराम जी को दर्शन दिए और कहा कि तुम अपना फरसा समुद्र में फेंको। जहां तक तुम्हारा फरसा समुद्र में जाकर गिरेगा, वहीं तक समुद्र का जल सूख कर पृथ्वी बन जाएगी। वह सब पृथ्वी तुम्हारी ही होगी। परशुराम जी के ऐसा करते पर समुद्र का जल सूख गया और जो भूमि उनको समुद्र में मिली, उसी को वर्तमान को केरल कहते हैं। 5. ओणम और परशुराम परशुरामजी ने सर्वप्रथज्ञ इस भूमि पर विष्णु भगवान का मंदिर बनाया। कहते हैं कि वह मंदिर आज भी 'तिरूक्ककर अप्पण' के नाम से प्रसिद्ध है। जिस दिन परशुराम जी ने मंदिर में मूर्ति स्थापित की थी, उस दिन को 'ओणम' का त्योहार मनाया जाता है। 6. मार्शल आर्ट्स के जनक ऐसा भी कहा जाता है कि दुनिया की सबसे पुरानी युद्ध कलाओं में से एक, 'कलारीपयट्टू' (Kalaripayattu), का श्रेय भगवान परशुराम को दिया जाता है। माना जाता है कि उन्होंने ही उत्तर कलारी की स्थापना की और इस कला को ऋषियों व योद्धाओं को सिखाया ताकि वे अपनी और धर्म की रक्षा कर सकें। हालांकि कुछ विद्वान मानते हैं कि इसके जन्मदाता श्रीकृष्‍ण हैं। 7. परशुराम और गणेश जी का युद्ध एक बार जब परशुराम जी भगवान शिव से मिलने कैलाश गए, तो बाल गणेश ने उन्हें द्वार पर रोक दिया। क्रोध में आकर परशुराम जी ने अपने फरसे से प्रहार किया। गणेश जी जानते थे कि यह फरसा उनके पिता (शिव) ने दिया है, इसलिए उन्होंने उसका सम्मान करते हुए अपना एक दाँत कटवा लिया। इसी के बाद गणेश जी 'एकदंत' कहलाए। 8. भीष्म और कर्ण के गुरु वे केवल शस्त्र चलाने वाले योद्धा ही नहीं, बल्कि महान शिक्षक भी थे। महाभारत के तीन सबसे शक्तिशाली योद्धाओं भीष्म, द्रोणाचार्य और कर्ण ने अस्त्र विद्या की शिक्षा परशुराम जी से ही प्राप्त की थी। हालांकि, कर्ण ने अपनी पहचान छुपाकर शिक्षा ली थी, जिसके कारण परशुराम जी ने उसे अंत समय में विद्या भूल जाने का श्राप दिया था। 9. श्री राम को अपनी शक्ति सौंपना रामायण के एक प्रसंग (सीता स्वयंवर के बाद) में जब परशुराम जी और श्री राम का मिलन होता है, तो परशुराम जी को आभास हो जाता है कि श्री राम स्वयं विष्णु के अवतार हैं। तब उन्होंने अपनी समस्त संचित तपस्या और वैष्णव धनुष श्री राम को सौंप दिया था और स्वयं तपस्या के लिए चले गए थे। 10. जीती धरती को किया दान भगवान परशुराम ने कभी राज्य नहीं किया। उन्होंने 21 बार आततायी राजाओं को हराया, लेकिन हर बार जीती हुई भूमि ब्राह्मणों या ऋषियों को दान कर दी और खुद एक सन्यासी की तरह महेंद्र पर्वत पर चले गए। 11. परशुराम ने श्रीकृष्ण को दिया सुदर्शन चक्र: महाभारत के काल में परशुराम जी दक्षिण भारत में गोमांतक पर्वत के आगे कहीं आश्रम में रहती थे। जरासंध के आक्रमण के चलते एक बार श्रीकृष्‍ण दक्षिण में चले गए। उस काल में दक्षिण में यादवों के 4 राज्य थे। आदिपुरुष, पद्मावत, क्रौंचपुर और चौथा राज्य यदु पुत्र हरित ने पश्चिमी सागर तट पर बसाया था। पद्मावत राज्य में वेण्या नदी के तट पर भगवान परशुराम निवास करते थे। श्रीकृष्‍ण ने उनसे वहीं उनके आश्रम में मुलाकात की तो परशुराम ने उन्हें सुदर्शन चक्र भेंट करके कहा कि यह तुम्हारा ही अस्त्र है। 12. परशुराम ने श्रीराम को दिया कोदंड धनुष: जब प्रभु श्रीराम ने शिवजी का धनुष तोड़ दिया था तब परशुराम जी क्रोधित होकर वहां आ धमके थे। परंतु उन्होंने श्रीराम में विष्णु जी के दर्शन किए और उस समय विश्वामित्र ने भी उन्हें बताया था कि आपके अवतार रहने का समय समाप्त हो चुका है और अब विष्णु जी स्वयं प्रभु श्रीराम के रूप में हैं। तब परशुराम जी ने रामजी को कोदंड नाम का धनुष दिया। 13. परशुराम ने कर्ण को दी ब्रह्मास्त्र की शिक्षा: जब द्रोणाचार्य ने कर्ण को ब्रह्मास्त्र विद्या सिखाने से इनकार कर दिया, तब वे परशुराम के पास पहुंच गए। परशुराम ने प्रण लिया था कि वे इस विद्या को किसी ब्राह्मण को ही सिखाएंगे, क्योंकि इस विद्या के दुरुपयोग का खतरा बढ़ गया था। कर्ण यह सीखना चाहता था तो उसने परशुराम के पास पहुंचकर खुद को ब्राह्मण का पुत्र बताया और उनसे यह विद्या सीख ली। बाद में इस छल का परशुराम जी को पता चला तो उन्होंने कर्ण को श्राप दिया कि जब तुझे इस विद्या की सबसे ज्यादा जरूरत होगी तब तू इसे भूल जाएगा।

वेब दुनिया 17 Apr 2026 5:08 pm

MP-राजस्थान के 10 शहरों में तापमान 42°C के पार:छत्तीसगढ़ में हीटवेव, 11 दिन पहले स्कूलों में गर्मी छुट्टी; महाराष्ट्र में 19 अप्रैल तक लू चलेगी

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और महाराष्ट्र में पिछले दो दिनों से लू चल रही है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कहा है कि 20 अप्रैल तक इन राज्यों में गर्मी और उमस से राहत की उम्मीद नहीं है। तापमान 40 से 44C के बीच रह सकता है। मध्य प्रदेश के 6 और राजस्थान के 4 शहरों में गुरुवार को तापमान 42C के पार दर्ज किया गया। MP में नर्मदापुरम 43C के साथ सबसे गर्म शहर रहा। राजस्थान का बाड़मेर 42.9C के साथ राज्य का सबसे गर्म शहर रहा। राजस्थान में आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में गुरुवार को तापमान 43C तक पहुंच गया है। भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच राज्य सरकार ने स्कूलों की गर्मी की छुट्टियां 11 दिन पहले, 1 मई की जगह 20 अप्रैल से ही घोषित कर दीं। राज्य के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल 20 अप्रैल से 15 जून तक बंद रहेंगे। महाराष्ट्र में अगले कुछ दिनों में गर्मी का असर और तेज होने वाला है। IMD के अनुसार, राज्य के विदर्भ, मध्य और कोंकण क्षेत्र में 19 अप्रैल तक लू चलेगी। इस दौरान लोगों से जरूरी सावधानियां बरतने और गर्मी से बचने की सलाह दी गई है। पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर राज्यों असम और मेघालय में भारी बारिश होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में आंधी के साथ ओले गिर सकते हैं। हिमाचल, उत्तराखंड, सिक्किम और पश्चिम बंगाल में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, कर्नाटक, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और पंजाब में भी बिजली के साथ आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। अगले 2 दिन कैसा रहेगा मौसम 18 अप्रैल: 19 अप्रैल:

दैनिक भास्कर 17 Apr 2026 5:06 am

नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने नोएडा आंदोलन पर शायरी कर किया तंज:कहा- शीशे की अदालत है, पत्थर की गवाही है, कोई सुनने वाला नहीं

संभल में एक शादी में पहुंचे सपा नेता और पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने सरकार पर जुबानी हमला बोला। उन्होंने नोएडा आंदोलन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी की। सिद्दीकी ने नोएडा आंदोलन को लेकर सरकार के खिलाफ शायरी के माध्यम से कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “दुनिया में कहीं ऐसी तमसील (उदाहरण) नहीं मिलती। कातिल ही मुहाफ़िज़ है, कातिल ही सिपाही। महसूस ये होता है कि ये दौर-ए-तबाही है, शीशे की अदालत है, पत्थर की गवाही है। कोई सुनने वाला नहीं, कोई पूछने वाला नहीं है।” मायावती के 'नीला गमछा' वाले बयान पर नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, नीला गमछा किसी एक का नहीं है, जो इसे पहनेगा उसी का है। कोई भी वर्ग किसी की जेब में नहीं है। जो उनका दिल जीतेगा, उनके काम आएगा और बुरे वक्त में साथ खड़ा होगा, वे उसी के साथ हैं। सिद्दीकी ने कहा कि अखिलेश यादव उनके बुरे वक्त में उनके साथ खड़े हैं। वर्ष 2027 के चुनाव की रणनीति के बारे में पूछे जाने पर सिद्दीकी ने जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, रणनीति आपको क्यों बताएं? आप इसे अपनी टीवी में दिखा देंगे, हमारा विरोधी काट ढूंढ लेगा। उन्होंने अन्य सवालों के जवाब देने की बात कही, लेकिन रणनीति पर चुप्पी साधे रखी। ट्रंप और मोदी के संबंधों पर नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने सवाल उठाया। कहा, विश्वगुरु मोदी को कौन पूछ रहा है? ट्रंप ने भारत के दुश्मन मुल्क पाकिस्तान को आगे कर दिया है, जबकि मोदी को कोई नहीं पूछ रहा। सिद्दीकी ने मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा, वाह रे मोदी, विश्वगुरु आप और आप कहते हो ट्रंप मेरा दोस्त है। उन्होंने इजराइल पर भी टिप्पणी की, जिसे बोलने में उन्हें शर्म आने की बात कही। चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश में स्थानों के नाम बदलने के मुद्दे पर सिद्दीकी ने कहा कि ऐसे फैसले तब लिए जाते हैं जब किसी के पास कुछ नहीं बचता और कमियां छिपाने का कोई रास्ता नहीं निकलता। इस दौरान सिद्दीकी ने सपा विधायक इकबाल महमूद, पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज खान और हकीम जफर सहित कई प्रमुख लोगों से मुलाकात की। यूपी सरकार के पूर्व मंत्री अकीलुर्रहमान बर्क व तरन्नुम अकील के बेटे आमिर बिन अकील के बेटे की शादी के कार्यक्रम की दावत में शामिल होने के लिए बुधवार की रात करीब 11 बजे पहुंचे थे।

दैनिक भास्कर 16 Apr 2026 5:35 pm

MP-छत्तीसगढ़ सहित 5 राज्यों में हीटवेव का अलर्ट:महाराष्ट्र के 4 शहर देश में सबसे गर्म, 44°C तापमान; राजस्थान में रातें भी तपा रहीं

देश के कई राज्यों में भीषण गर्मी शुरू हो गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज मध्य प्रदेश, गुजरात, छत्तीसगढ़ सहित 11 राज्यों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। MP में बुधवार को सीजन में पहली बार 25 शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या इससे अधिक पहुंच गया। महाराष्ट्र के अकोला में 44.2C तापमान दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक रहा। इसके अलावा अमरावती (44C), वर्धा (43.9C) और नागपुर (43.4C) भी देश के 4 सबसे गर्म शहरों में शामिल रहे। IMD ने कहा है कि अगले 4-5 दिनों तक तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। इधर, राजस्थान के बाड़मेर में सबसे ज्यादा 42.8C तापमान दर्ज किया गया। जैसलमेर में 41.7C, चित्तौड़गढ़ और फलोदी में 41.6C तापमान रिकॉर्ड हुआ। रात में भी दिन की तरह उमस महसूस हुई। कई जगहों पर रात का तापमान 29C तक दर्ज किया गया। दिल्ली में भी गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। बुधवार को रिज इलाके में 40.7C तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.4 डिग्री ज्यादा है। वहीं, सफदरजंग में 39.2C रहा, जो सामान्य से 3.1 डिग्री ज्यादा है। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार से दिल्ली के अधिकतर इलाकों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच सकता है। अगले दो दिन के मौसम का मिजाज 17 अप्रैल: पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में हल्की से बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। हिमाचल प्रदेश में हल्की बारिश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में बर्फबारी के साथ ओले गिरने की संभावना है। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में लू चलेगी, जबकि पश्चिमी राजस्थान और झारखंड में भी हीटवेव की शुरुआत हो सकती है। 18 अप्रैल: छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक में हीटवेव की चेतावनी है। वहीं गुजरात, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश की संभावना है।

दैनिक भास्कर 16 Apr 2026 5:00 am

उत्तराखंड के केदारनाथ-बद्रीनाथ में बर्फबारी:MP-UP और राजस्थान में पारा 40°C के पार; महाराष्ट्र-तेलंगाना में हीट वेव का अलर्ट

देश के ज्यादातर हिस्सों में तापमान बढ़ने लगा है। गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में पारा 40C के पार पहुंच गया है। राजस्थान में मंगलवार को सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। बाड़मेर और जैसलमेर में तापमान 41C के पार पहुंच गया। मध्य प्रदेश के तीन जिलों में भी पारा 40C से ऊपर रहा, जहां नर्मदापुरम में सबसे ज्यादा 42.1C दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश के बांदा में अधिकतम तापमान 40.4C रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो सप्ताह में तापमान 6 से 8C तक बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। केरल में सरकार ने सनस्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है। वहीं, IMD ने जम्मू-कश्मीर और असम समेत कई राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। अरुणाचल प्रदेश में तेज बारिश की संभावना है। दिल्ली में तापमान 38C तक पहुंच गया है और आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने के साथ रातें भी गर्म रहने की संभावना है। मौसम की दो तस्वीरें… अगले दो दिन के मौसम का हाल

दैनिक भास्कर 15 Apr 2026 5:01 am

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में बर्फबारी:MP-UP, राजस्थान में तापमान 40°C के करीब; गुजरात-आंध्र प्रदेश में हीटवेव का अलर्ट

देश के ज्यादातर हिस्सों में गर्मी का असर बढ़ने लगा है। राजस्थान और उत्तर प्रदेश में दिन में तेज धूप के साथ तापमान बढ़ रहा है। राजस्थान के जयपुर, अलवर और सीकर समेत कई शहरों में तापमान 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा है। मध्य प्रदेश में पारा 40C के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग के मुताबिक इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में ज्यादा गर्मी महसूस हो रही है। रतलाम में सबसे अधिक 40.6C तापमान दर्ज किया गया। IMD ने आध्र प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। आंध्र प्रदेश के कई जिलों में तापमान 40C के पार पहुंच गया है, जबकि कुछ जगहों पर 44C तक रिकॉर्ड किया गया। लोगों को गर्मी और उमस से सावधान रहने की सलाह दी गई है। दिल्ली में रविवार को अधिकतम तापमान 34.7C दर्ज हुआ, जो सामान्य से 1.4C कम रहा। वहीं, मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश समेत 8 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। ओडिशा और तमिलनाडु समेत 6 राज्यों में गर्मी और उमस बनी रहने की संभावना है। मौसम की 2 तस्वीरें… अगले दो दिन के मौसम का हाल 14 अप्रैल: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड में गर्मी तेज रहेगी। बिहार और पूर्वी भारत में भी 3-5C तक बढ़ोतरी हो सकती है। पूर्वोत्तर राज्य असम, मेघालय, अरुणाचल में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। जम्मू-कश्मीर में हल्की बारिश और बिजली गिरने के आसार हैं। 15 अप्रैल: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड में गर्मी और बढ़ेगी। मध्य प्रदेश में तापमान में 3-5C तक की बढ़ोतरी का असर बना रहेगा। इन राज्यों में मौसम सूखा रहेगा और दिन में तेज गर्मी महसूस होगी।

दैनिक भास्कर 13 Apr 2026 5:03 am

Bigg Boss 18 : चुम दरांग को मिला अरुणाचल प्रदेश के सीएम का सपोर्ट

सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 18' अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर कोई इस सीजन का विनर बनने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन दिनों शो में 'टिकट टू फिनाले' टास्क चल रहा है। इस टास्क में विवियन डीसेना और चुम दरंग आमने-सामने खड़े हैं। वहीं ...

वेब दुनिया 10 Jan 2025 2:40 pm