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Kal Ka Mausam 28 July: दिल्ली, UP, उत्तराखंड समेत 12 राज्यों में 'अति भारी बारिश' का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी

देश के अधिकांश राज्यों में इस समय मानसून अपने पूरे शबाब पर है। असम और गुजरात से लेकर ओडिशा तक नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर रखा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 जुलाई (मंगलवार) के लिए अपना ताजा मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश समेत देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) का अलर्ट जारी किया गया है।इसके साथ ही, देश के 15 से अधिक अन्य राज्यों में भी मूसलाधार बारिश, 65 किमी/घंटा की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाएं, आकाशीय बिजली और समुद्र में भीषण उथल-पुथल की चेतावनी दी गई है।दिल्ली-UP समेत इन 12 राज्यों में 'अति भारी बारिश' का अलर्टIMD के मुताबिक, 28 जुलाई को देश के 12 प्रमुख क्षेत्रों में तेज बादलों के जमावड़े के साथ भारी से बहुत भारी वर्षा दर्ज होने का अनुमान है:दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा व चंडीगढ़: मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।उत्तर प्रदेश: पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ अति भारी बारिश होगी।उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी राज्यों में तेज बारिश के कारण लैंडस्लाइड (भूस्खलन) और नदियों के उफान पर आने की आशंका है।पंजाब: राज्य के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का पूर्वाकलन है।ओडिशा, छत्तीसगढ़ व विदर्भ: मध्य और पूर्वी भारत के इन हिस्सों में मानसून की गतिविधियां काफी उग्र रहेंगी।मध्य महाराष्ट्र व कर्नाटक: मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों और तटीय व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश जारी रहेगी।इन 15 राज्यों में भी होगी मूसलाधार बरसातमौसम विभाग ने देश के 15 अन्य राज्यों में छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है:उत्तर व पश्चिम भारत: पूर्वी राजस्थान, गुजरात रीजन और कोंकण व गोवा में मूसलाधार बारिश हो सकती है।मध्य भारत: मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तेज बारिश का अलर्ट है।पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत: पश्चिम बंगाल, सिक्किम, झारखंड, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के पहाड़ी राज्यों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज होगी।दक्षिण भारत: तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे में तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है।65 किमी/घंटा की तूफानी हवाएं और वज्रपात की चेतावनीबारिश के साथ-साथ कई राज्यों में आंधी, बिजली और समुद्री तूफानों का खतरा बना रहेगा:तूफानी हवाएं (40-50 किमी/घंटा): अंडमान-निकोबार, तटीय आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, केरल और पूरे कर्नाटक में तेज हवाएं चलेंगी।वज्रपात (आकाशीय बिजली): उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात, झारखंड, महाराष्ट्र, अरुणाचल प्रदेश, असम और पूर्वोत्तर के राज्यों में बिजली गिरने का खतरा है, इसलिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।समुद्री अलर्ट (मछुआरों के लिए चेतावनी): अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मौसम बेहद खराब रहेगा। ओडिशा और पश्चिम बंगाल तटों पर 55 से 65 किमी/घंटा (झोंके 75 किमी/घंटा) की रफ्तार से भयंकर हवाएं चलेंगी। मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 27 Jul 2026 10:11 pm

सुप्रीम कोर्ट दल-बदल कानून से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करेगा:कहा- 10वीं अनुसूची संसद ने पारित की, इसके लिए सिस्टम बनाना उन्हीं का काम; नोटिस भेजा

सुप्रीम कोर्ट दल-बदल कानून से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। याचिका में कानून की व्याख्या पर पुनर्विचार की मांग की गई है। इसे सीनियर एडवोकेट और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने दायर किया है। सिब्बल ने उस प्रावधान को चुनौती दी है, जो विधायकों और सांसदों को किसी दूसरी पार्टी में विलय का दावा करके अयोग्यता से बचने की छूट देता है। सोमवार को सुनवाई के दौरान बेंच ने टिप्पणी की कि इसमें कई ऐसे मुद्दे शामिल हैं, जिन पर फैसला संसद को लेना है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने इस मामले में केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। संसद को तय करना है सिस्टम क्या होगा जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि दसवीं अनुसूची संसद ने बनाई थी। इसके लिए सिस्टम तैयार करना भी उन्हीं का काम है। उन्होंने कहा कि ये मुद्दे सदन के पटल पर उठाए जाने चाहिए। कोर्ट ने कहा कि दसवीं अनुसूची का मकसद एक सिस्टम को रेगुलेट करना था और हम इसे देख रहे हैं। हालांकि सिब्बल ने आरोप लगाया कि यह पूरी तरह से धोखाधड़ी है। गोवा मामले के साथ टैग हुई याचिका सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि दलबदल से जुड़ा एक समान मामला गोवा का भी लंबित है। इसके बाद बेंच ने सिब्बल की याचिका को गोवा वाले मामले के साथ टैग कर दिया। सिब्बल ने यह याचिका अपनी व्यक्तिगत क्षमता में दायर की है। उन्होंने 22 जुलाई को मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की थी। सिब्बल ने दल-बदल को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया सिब्बल ने अपनी याचिका में कहा है कि दसवीं अनुसूची का पैरा 4 दलबदल को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि यह प्रावधान एक अल्पसंख्यक पार्टी को बहुमत में और बहुमत को अल्पसंख्यक में बदलने की अनुमति देता है। सिब्बल का कहना है- यह व्याख्या संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन है और इससे थोक में दलबदल, हॉर्स ट्रेडिंग और जनादेश को पलटने जैसे हालात पैदा हो रहे हैं। दलबदल से गिरी कई सरकारें याचिका में यह कहा गया है कि पिछले एक दशक में गोवा, अरुणाचल प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में दलबदल के कारण सरकारें गिरी हैं या बनने से रुकी हैं। सिब्बल ने कहा कि बसपा, कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी जैसी पार्टियां भी इसका शिकार हुई हैं। उन्होंने मांग की कि पैरा 4 की व्याख्या को सीमित किया जाए ताकि दल-बदल पर रोक लग सके।

दैनिक भास्कर 27 Jul 2026 8:19 pm

अरुणाचल प्रदेश में नॉर्वे मॉडल पर बनेगा पहला गतिज ऊर्जा संयंत्र

अरुणाचल प्रदेश ने परीक्षण के तौर पर एक गतिज ऊर्जा संयंत्र की स्थापना के लिए नार्वे के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. यह तकनीक आधारभूत ढांचे का खर्च के साथ ही जमीन और पर्यावरण भी बचाएगी

देशबन्धु 25 Jul 2026 12:08 am

Bigg Boss 18 : चुम दरांग को मिला अरुणाचल प्रदेश के सीएम का सपोर्ट

सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 18' अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर कोई इस सीजन का विनर बनने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन दिनों शो में 'टिकट टू फिनाले' टास्क चल रहा है। इस टास्क में विवियन डीसेना और चुम दरंग आमने-सामने खड़े हैं। वहीं ...

वेब दुनिया 10 Jan 2025 2:40 pm