India Weather Update: देश में अभी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य, बिहार, उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर समेत कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। कुछ जगहों पर फ्लैश फ्लड और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय रहने से व्यापक बारिश का माहौल है। हालांकि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगस्त 2026 के लिए पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा है कि पूरे देश में बारिश औसत से कम (LPA का 94% से कम) रहने की संभावना है। वैसे उत्तर-पश्चिम, मध्य भारत, पूर्वी प्रायद्वीप और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। एल नीनो की स्थिति भी मानसून को प्रभावित कर रही है। इस बीच IMD ने वेदर बुलेटिन में 2 अगस्त के लिए दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और दक्षिण भारत के राज्यों सहित देश भर में भारी से बहुत भारी बारिश, थंडरस्क्वॉल और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है।मौसम विभाग के अनुसार, 2 अगस्त को देश के 7 राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार और बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।इन 7 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्टमौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक रविवार को देश के 7 प्रमुख राज्यों के छिटपुट इलाकों में अत्यंत मूसलाधार यानी भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पूरे राजस्थान में कई जगहों पर बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम के साथ-साथ पूर्वोत्तर के नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल व माहे में पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।दिल्ली-यूपी, बिहार समेत इन 16 राज्यों में होगी भारी बारिश देश के 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2 अगस्त को तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। आईएमडी ने निम्नलिखित इलाकों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। उत्तर भारत: हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पूर्व उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख। पूर्व व मध्य भारत: बिहार, ओडिशा, अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, कोंकण व गोवा, मध्य महाराष्ट्र और गुजरात राज्य। पूर्वोत्तर भारत: अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय। इन इलाकों से टकराएगा थंडरस्क्वॉल, 60 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएंरविवार को कई राज्यों में गरज-चमक के साथ-साथ तूफानी हवाओं का प्रभाव भी देखा जाएगा। आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग जगहों पर 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं यानी थंडरस्क्वॉल चलने का गंभीर अलर्ट है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, तटीय कर्नाटक, झारखंड, केरल व माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल और पश्चिम मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, राजस्थान और तेलंगाना में तेज गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटे की गति से झोंके वाली हवाएं चलने की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, ओडिशा, उत्तराखंड और विदर्भ में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना में मैदानी व तटीय क्षेत्रों में तेज सतही हवाएं चलेंगी।
दक्षिण-पश्चिम मानसून इस समय देशभर में सक्रिय है। इस वजह से कई इलाकों में धुआंधार बारिश हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विदर्भ और दक्षिण मध्य प्रदेश के आसपास एक डिप्रेशन सिस्टम सक्रिय है, जो पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे पश्चिमी, मध्य और उत्तरी भारत में भारी बारिश की संभावना बढ़ गई है। कई इलाकों में जलभराव, फ्लैश फ्लड और यातायात बाधाओं का खतरा है। इस बीच मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 अगस्त को जारी अपने वीकली वेदर बुलेटिन में अगले 7 दिनों के लिए देश के अलग अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और तूफानी हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया है।मौसम विभाग के मुताबिक 1 अगस्त को गुजरात, केरल व माहे, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग जगहों पर बेहद भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद इन इलाकों में बारिश की तीव्रता में कमी आएगी। उत्तर-पूर्वी और उत्तर-पश्चिम भारत में पूरे सप्ताह भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।पश्चिम भारत: गुजरात में आज अत्यधिक भारी बारिश, महाराष्ट्र में भी अलर्टपश्चिम भारत के राज्यों में अगस्त के शुरुआती दिनों में मानसून की स्थिति काफी आक्रामक रहेगी। 1 अगस्त को गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है। 1 से 2 अगस्त के दौरान भी क्षेत्र में भारी बारिश बनी रहेगी। कोंकण व गोवा में 1 से 7 अगस्त तक व्यापक बारिश होगी, जिसमें 1 से 3 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। मध्य महाराष्ट्र में 1 अगस्त को बहुत भारी बारिश और 2-3 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है। सौराष्ट्र और कच्छ में 1 से 3 अगस्त तक व्यापक बारिश की संभावना है।उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में अगले 7 दिन कैसा रहेगा मौसम?उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में 1 से 7 अगस्त के बीच भारी बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 2 से 7 अगस्त और पश्चिम उत्तर प्रदेश में 3 से 7 अगस्त तक व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान 2 से 6 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज हो सकती है। पूर्वी और पश्चिम राजस्थान में 1 और 2 अगस्त को पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 1-2 अगस्त के दौरान आंधी, बिजली और 30-40 किमी/घंटे (झोंके 50 किमी/घंटे) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली और पंजाब में 3 से 7 अगस्त के बीच व्यापक बारिश होगी, जिनमें 2 से 4 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 1 से 7 अगस्त तक व्यापक बारिश होगी। इन राज्यों में 1 से 7 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश और 30-40 किमी/घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।मध्य भारत: मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधिपश्चिम मध्य प्रदेश में 1 अगस्त को भारी बारिश और व्यापक वर्षा होगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 7 अगस्त के बीच व्यापक बारिश और भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। छत्तीसगढ़ में 3 से 7 अगस्त तक व्यापक बारिश और भारी वर्षा दर्ज हो सकती है। विदर्भ में 1 अगस्त और फिर 5-6 अगस्त के दौरान व्यापक वर्षा होगी, जबकि 2 से 5 अगस्त के दौरान बिजली कड़कने की संभावना है।पूर्व और पूर्वोत्तर भारत: असम से बिहार तक बहुत भारी बारिश का अलर्टपूर्व और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में पूरे हफ्ते मूसलाधार बारिश का दौर बना रहेगा। असम व मेघालय में 1 और 4 अगस्त को, और अरुणाचल प्रदेश में भी 1 व 4 अगस्त को बहुत भारी बारिश (Very Heavy Rainfall) की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में 1 से 4 अगस्त के दौरान बहुत भारी बारिश और 5 से 7 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 1 से 5 अगस्त के बीच बहुत भारी बारिश की संभावना है। बिहार में 2 से 5 अगस्त, ओडिशा में 2 से 7 अगस्त, और झारखंड में 5 अगस्त को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 1 से 7 अगस्त तक 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश होगी।दक्षिण भारत: कर्नाटक और केरल में आज अत्यंत भारी बारिश, थंडरस्क्वॉल की चेतावनीदक्षिण भारतीय प्रायद्वीप में 1 अगस्त को मानसून का सबसे रौद्र रूप देखने को मिलेगा। 1 अगस्त को केरल व माहे, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश होगी। 2 अगस्त को इन क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 1 से 2 अगस्त के दौरान 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तूफानी आंधी चलने की संभावना है, जिसके झोंके 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।तटीय कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना में 1 से 5 अगस्त के दौरान तेज सतही हवाएं और गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराकल में 1 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
India Weather Today: शनिवार 1 अगस्त को देश के बड़े हिस्से में मानसून रौद्र रूप दिखाने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने बुलेटिन में गुजरात, मुंबई, दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और बिहार समेत देश के 21 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, थंडरस्क्वॉल और आंधी-तूफान की गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम विदर्भ और उससे सटे दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह वेदर सिस्टम विदर्भ, दक्षिण मध्य प्रदेश और उससे सटे मध्य महाराष्ट्र से गुजरते हुए एक वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल जाएगा। इस मौसमी हलचल के प्रभाव से शनिवार को देश के मैदानी, तटीय और पहाड़ी इलाकों में तूफानी बारिश देखने को मिलेगी।गुजरात में अत्यधिक भारी बारिश; जलभराव और ट्रैफिक ठप होने की आशंकागुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र और कच्छ में 1 अगस्त को मौसम का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। आईएमडी ने इस पूरे इलाके में बेहद भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट दिया है। गुजरात के कुछ हिस्सों में 21 सेंटीमीटर से भी अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है। इस मूसलाधार बारिश के चलते निचले इलाकों में बाढ़, गंभीर जलभराव और स्थानीय स्तर पर पानी भरने का खतरा है, जिससे सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।मुंबई और कोंकण-गोवा में बहुत भारी वर्षा; महाराष्ट्र के घाट इलाकों में अलर्टमहाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश को लेकर चेतावनी दी गई है। मुंबई समेत कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। घाट क्षेत्रों सहित मध्य महाराष्ट्र में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मराठवाड़ा के छिटपुट इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।उत्तर भारत में मौसम का हाल: पूर्वी राजस्थान में बहुत भारी बारिश, दिल्ली में छाएंगे बादलउत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में भी मानसून की तेज रफ्तार देखने को मिलेगी। पूर्वी राजस्थान में कई जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। दिल्ली में आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे। सुबह से दोपहर के बीच कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के एक या दो दौर हो सकते हैं। दिल्ली में तापमान 24 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि दोपहर के समय दक्षिण-पूर्वी हवाएं 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं।जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिम राजस्थान में पृथक स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।बिहार, बंगाल और पूर्वोत्तर भारत: मूसलाधार बारिश और 50 किमी/घंटे की आंधीपूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मूसलाधार बारिशके साथ बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश का अनुमान है। पूर्वी भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। 01-08-2026 02:18 Hrs IST01-08-2026 05:18 Hrs IST: Lightning/Thunderstorms with gusty winds (around 60 kmph) and heavy rain (>15 mm/h) very likely over following… pic.twitter.com/kC0t8F6OfZ— India Meteorological Department (@Indiametdept) July 31, 2026 दक्षिण भारत: इन इलाकों में टकराएगा थंडरस्क्वॉल, 70 किमी/घंटे की गति से चलेंगे झोंकेदक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश के साथ-साथ तूफानी हवाओं का भयंकर प्रकोप देखने को मिल सकता है। तटीय कर्नाटक, केरल व माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलेंगी, जो झोंकों के साथ 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। दक्षिण भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में प्रवासी मजदूरों पर आतंकियों ने की फायरिंग, एक की मौत, एक घायल
India Weather Update: शनिवार 1 अगस्त को देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बेहद खराब और खतरनाक रहने वाला है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने वेदर बुलेटिन में बिहार, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर से लेकर दक्षिण भारत तक 20 से अधिक राज्यों के लिए मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम विदर्भ और उससे सटे दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में 17 किमी प्रति घंटे की स्पीड से आगे बढ़ चुका है। अगले 24 घंटों के दौरान यह पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे मध्य महाराष्ट्र से गुजरते हुए कमजोर होकर एक वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल जाएगा। इसके असर से 1 अगस्त को देश भर में भीषण तूफानी बारिश देखने को मिलेगी। गुजरात में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्टमौसम प्रणाली के पश्चिम की ओर बढ़ने की वजह से गुजरात राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला है। आईएमडी के मुताबिक 1 अगस्त को पूरे गुजरात राज्य में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। प्रशासन और आम जनता को जलभराव और तटीय इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।इन 6 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनीगुजरात के अलावा देश के 6 दूसरे राज्यों में शनिवार को अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। आईएमडी के मुताबिक पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। पूर्वी राजस्थान में कई इलाकों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का अनुमान है। दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल और माहे में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।बिहार, दिल्ली से राजस्थान तक: इन राज्यों में होगी भारी बारिशइसके अलावा भी शनिवार को देश के दूसरे बड़े हिस्सों में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पश्चिम राजस्थान, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल और लक्षद्वीप में भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।इन इलाकों से टकराएगा थंडरस्क्वॉल, 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएंमौसम विभाग के मुताबिक 1 अगस्त को हवाओं का रुख बेहद आक्रामक रहेगा और कई राज्यों में तूफानी आंधी के साथ बारिश होगी। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी और तूफानी हवाओं यानी थंडरस्क्वॉल का सामना करना पड़ेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल, झारखंड और पश्चिम मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, ओडिशा, तेलंगाना और उत्तराखंड में तेज गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटे की गति से झोंके वाली हवाएं चलेंगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य और विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में तटीय व मैदानी इलाकों में तेज सतही हवाएं चलेंगी।यह भी पढ़ें:वीकली मौसम अपडेट: 20+ राज्यों में जोरदार बारिश का अलर्ट, गुजरात-महाराष्ट्र में खतरा ज्यादा, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा वेदर
ईडी का बड़ा एक्शन: असम-अरुणाचल शराब रैकेट में शिकंजा
19 आरोपियों पर एफआईआर, करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा अरुणाचल से असम तक शराब तस्करी का सिंडिकेट बेनकाब 739 केसों में 2.63 लाख लीटर शराब जब्त दीवान-शर्मा-लोहिया पर आरोप, वेयरहाउस नेटवर्क से कंट्रोल गुवाहाटी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अरुणाचल प्रदेश और असम के बीच चल रहे बड़े पैमाने पर शराब की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट के मामले में 19 आरोपियों के खिलाफ 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (पीएमएलए), 2002 के तहत मुकदमा चलाने की शिकायत दर्ज कराई है। इन आरोपियों में पांच मुख्य आरोपी और 14 बॉन्डेड वेयरहाउस कंपनियां शामिल हैं। ईडी के गुवाहाटी जोनल ऑफिस के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट में मुख्य आरोपियों के तौर पर संजय दीवान, नीरज शर्मा, राजन लोहिया, शंकर देब और समीर मेहता के नाम शामिल हैं। यह मामला अरुणाचल प्रदेश से असम में शराब के गुप्त उत्पादन और अवैध ट्रांसपोर्टेशन से जुड़ा था, जिसके कारण बड़े पैमाने पर टैक्स की चोरी और अपराध से कमाई हुई। मनी लॉन्ड्रिंग की जांच असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा पर स्थित जिलों में असम पुलिस द्वारा दर्ज की गई 173 एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। ईडी द्वारा की गई बैंकिंग एनालिसिस में पाया गया कि नौ होलसेल कंपनियों को कुल मिलाकर लगभग 1,047.93 करोड़ रुपए का कैश डिपॉजिट मिला, जिसे एजेंसी ने अपराध से हुई कमाई माना। इसके बाद इन फंड्स को आरटीजीएस और एनईएफटी के जरिए 14 बॉन्डेड वेयरहाउस कंपनियों में ट्रांसफर किया गया, फिर मैन्युफैक्चरिंग लेवल पर इकट्ठा किया गया और अंत में वैध बिजनेस मुनाफे के तौर पर दिखाया गया। लॉन्ड्रिंग से प्राप्त राशि को कथित तौर पर पर्सनल और हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली (एचयूएफ) अकाउंट्स में डायवर्ट किया गया और चल-अचल संपत्तियों में इन्वेस्ट किया गया। ईडी का आरोप है कि आरोपियों ने एक अच्छी तरह से सुनियोजित सिंडिकेट चलाया, जो अरुणाचल प्रदेश में शराब बनाता था और जरूरी ट्रांजिट परमिट या एक्साइज वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट (ईवीसी) के बिना इसे असम में तस्करी करता था। खबरों के अनुसार, शराब की बोतलों पर 'अरुणाचल प्रदेश में बिक्री के लिए' लिखा होता था, लेकिन राज्य की काफी ज्यादा एक्साइज ड्यूटी और वैल्यू एडेड टैक्स (वीएटी) से बचने के लिए उन्हें अवैध रूप से असम भेज दिया जाता था। एजेंसी के अनुसार, असम एक्साइज अधिकारियों ने जनवरी 2023 और अप्रैल 2026 के बीच 739 अलग-अलग मामलों में ऐसी 2.63 लाख बल्क लीटर से ज्यादा शराब जब्त की, जिसकी कीमत लगभग 52.77 करोड़ थी। ईडी ने कहा कि ये जब्ती राज्य में कथित तौर पर तस्करी की गई कुल मात्रा का सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा थी। जांच में यह भी पता चला कि तीन मुख्य आरोपियों - दीवान, शर्मा और लोहिया ने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, बॉंडेड वेयरहाउस, होलसेल डिस्ट्रीब्यूटर्स और रिटेल आउटलेट्स के एक बड़े नेटवर्क के जरिए अरुणाचल प्रदेश के शराब के कारोबार पर लगभग पूरा कंट्रोल बना लिया था। जांचकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि शराब बनाने वाली यूनिट्स ने बिना जरूरी एक्साइज ड्यूटी चुकाए अपनी प्रोडक्शन क्षमता काफी बढ़ा ली, जिससे भारी मात्रा में ऐसी शराब बनी, जिसका कोई हिसाब-किताब नहीं था और जिसे बाद में असम में तस्करी करके भेजा गया।
सुप्रीम कोर्ट दल-बदल कानून से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। याचिका में कानून की व्याख्या पर पुनर्विचार की मांग की गई है। इसे सीनियर एडवोकेट और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने दायर किया है। सिब्बल ने उस प्रावधान को चुनौती दी है, जो विधायकों और सांसदों को किसी दूसरी पार्टी में विलय का दावा करके अयोग्यता से बचने की छूट देता है। सोमवार को सुनवाई के दौरान बेंच ने टिप्पणी की कि इसमें कई ऐसे मुद्दे शामिल हैं, जिन पर फैसला संसद को लेना है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने इस मामले में केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। संसद को तय करना है सिस्टम क्या होगा जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि दसवीं अनुसूची संसद ने बनाई थी। इसके लिए सिस्टम तैयार करना भी उन्हीं का काम है। उन्होंने कहा कि ये मुद्दे सदन के पटल पर उठाए जाने चाहिए। कोर्ट ने कहा कि दसवीं अनुसूची का मकसद एक सिस्टम को रेगुलेट करना था और हम इसे देख रहे हैं। हालांकि सिब्बल ने आरोप लगाया कि यह पूरी तरह से धोखाधड़ी है। गोवा मामले के साथ टैग हुई याचिका सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि दलबदल से जुड़ा एक समान मामला गोवा का भी लंबित है। इसके बाद बेंच ने सिब्बल की याचिका को गोवा वाले मामले के साथ टैग कर दिया। सिब्बल ने यह याचिका अपनी व्यक्तिगत क्षमता में दायर की है। उन्होंने 22 जुलाई को मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की थी। सिब्बल ने दल-बदल को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया सिब्बल ने अपनी याचिका में कहा है कि दसवीं अनुसूची का पैरा 4 दलबदल को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि यह प्रावधान एक अल्पसंख्यक पार्टी को बहुमत में और बहुमत को अल्पसंख्यक में बदलने की अनुमति देता है। सिब्बल का कहना है- यह व्याख्या संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन है और इससे थोक में दलबदल, हॉर्स ट्रेडिंग और जनादेश को पलटने जैसे हालात पैदा हो रहे हैं। दलबदल से गिरी कई सरकारें याचिका में यह कहा गया है कि पिछले एक दशक में गोवा, अरुणाचल प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में दलबदल के कारण सरकारें गिरी हैं या बनने से रुकी हैं। सिब्बल ने कहा कि बसपा, कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी जैसी पार्टियां भी इसका शिकार हुई हैं। उन्होंने मांग की कि पैरा 4 की व्याख्या को सीमित किया जाए ताकि दल-बदल पर रोक लग सके।

