शौर्य और स्वाभिमान के प्रतीक महाराणा प्रताप अब सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर युवाओं के बड़े प्रेरणास्रोत बन चुके हैं। उनकी स्वीकार्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज दुनिया भर में महाराणा प्रताप की छोटी-बड़ी करीब 4500 प्रतिमाएं स्थापित हैं। इनमें 12 इंच के स्मृति चिह्नों से लेकर 14 फीट तक की भव्य मूर्तियां शामिल हैं। इन कुल प्रतिमाओं में से करीब 400 विशाल मूर्तियां हैं, जिनकी ऊंचाई 3.5 फीट से लेकर 14 फीट तक है। दावा ये भी है कि इन प्रतिमाओं में से 95% एक ही शिल्पी परिवार की बनाई हैं। ग्लोबल आइकॉन - दुबई में हाथी रामप्रसाद पर सवार महाराणा प्रताप संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई स्थित अल सीफ रिसॉर्ट में 14 फीट की अनोखी प्रतिमा लगाई गई है। इसमें प्रताप अपने प्रिय हाथी रामप्रसाद पर सवार हैं। यहीं पर चेतक पर सवार 12.5 फीट की एक और प्रतिमा स्थापित है। अमेरिका, मॉरीशस और लंदन में भी प्रताप की मूर्तियां लगाई गई हैं। भारत में अयोध्या में (जिस स्थान पर भगवान श्रीराम ने अंतिम दर्शन दिए थे) महाराणा की प्रतिमा लगाई गई है। इसके अलावा मध्य प्रदेश, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, अहमदाबाद, वड़ोदरा, बोधगया और सुदूर उत्तर-पूर्व के ईटानगर (अरुणाचल प्रदेश) तक प्रताप की मूर्तियां स्थापित हैं। दुनिया की सबसे ऊंची 351 फीट की प्रतिमा भी देश में बनकर तैयार हुई है। उदयपुर के प्रताप गौरव केंद्र में स्थित प्रताप प्रतिमा 57 फीट की है। बदला ट्रेंड - वक्त के साथ प्रताप को लेकर समाज, विशेषकर नई पीढ़ी का नजरिया तेजी से बदला है। मूर्तिकारों के अनुसार, पहले केवल सरकारें या बुजुर्ग लोग ही चौराहों और सार्वजनिक स्थानों के लिए मूर्तियां मंगवाते थे। लेकिन पिछले 7 सालों में एक बड़ा ट्रेंड देखने को मिला है। जयंती से ठीक एक महीने पहले 50 बड़ी मूर्तियों के ऑर्डर अचानक आते हैं। हुनर - दुनिया भर में प्रताप की 4500 मूर्तियों के पीछे जयपुर के एक ही मूर्तिकार परिवार का हुनर है। भारती शिल्पकला प्राइवेट लिमिटेड के मूर्तिकार महावीर भारती और उमेश भारती कई दशकों से इस कार्य में जुटे हैं। उनका दावा है कि विश्व भर में लगी प्रताप प्रतिमाओं में से 95% उनके ही हाथों से तराशी गई हैं। इन प्रतिमाओं को ऑर्डर और पसंद के आधार पर अष्टधातु, पंचधातु, ब्रॉन्ज, पीतल, एल्युमिनियम, फाइबर ग्लास के साथ-साथ मार्बल, पिंक स्टोन और रेड स्टोन से बनाया जाता है।
देश के 9 राज्यों में प्री मानसून एक्टिव है। एमपी समेत 9 राज्यों में बारिश हो रही है। दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को बारिश और तेज हवाएं चलीं। अधिकतम तापमान सामान्य से 6C तक कम दर्ज किया गया, जिससे यह जून का अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा। मौसम विभाग ने 21 जून तक बारिश और आंधी-तूफान की आशंका जताई है। वहीं राजस्थान के सीकर, बीकानेर में बारिश हुई। श्रीगंगानगर में धूल का गुबार छा गया। हिमाचल प्रदेश की छोटी काशी मंडी में बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर गया। पानी और कचरा दुकानों में घुस गया। मानसून की बिहार, झारखंड और ओडिशा में आगे बढ़ चुका है। हालांकि मानसून तेलंगाना के भद्राचलम में 6 दिन से अटका हुआ है। इस वजह से छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में बारिश में देरी हो गई है। नॉर्थ-ईस्ट में यह उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की बॉर्डर पर पहुंच चुका है। 4 जून को केरलम में दस्तक देने के बाद मानसून 13 दिन में 19 राज्यों तक पहुंच चुका है। मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून राज्यों से मौसम की खबरें… 10 राज्यों में गर्मी का असर, पारा 40C पार राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और मध्य प्रदेश के कई शहरों में सोमवार को पारा 40C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा उत्तर प्रदेश के वाराणसी में दर्ज किया गया। यहां पारा 43C रहा। वहीं यूपी के बांदा और प्रयागराज में 42.6C, एमपी के खजुराहो 42.2C, महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी में 42.2C और ओडिशा के बौध में 42.6C रहा। अगले दो दिन के मौसम का हाल 18 जून: बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बारिश की संभावना। बिहार में कुछ जगहों पर 50-70kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कई इलाकों में 40-60kmph की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। 19 जून: जेट स्ट्रीम कमजोर होने पर आगे बढ़ेगा मानसून मौसम विभाग के मुताबिक, जेट स्ट्रीम का मौजूदा पैटर्न कमजोर होने पर मानसूनी हवाएं तेज होंगी। अगले 4-5 दिनों में मानसून के महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने की परिस्थितियां बन सकती हैं। जेट स्ट्रीम वायुमंडल की ऊपरी परतों में बहने वाली अत्यंत तेज हवाएं हैं। ये आमतौर पर पृथ्वी की सतह से करीब 8 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई होती है। ये मानसूनी बादलों और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ को प्रभावित करती हैं।
MP दिनभर में आज दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। दिनभर की 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, एमपी में आज, क्या रहा खास. 1. मुरैना ट्रेन हादसे का VIDEO, 500 मीटर तक बिखरे मिले शवों के अवशेष मुरैना में ट्रेन हादसे के बाद का वीडियो सामने आया है, जिसमें लोग रेलवे ट्रैक पर कटे हुए दिखाई दे रहे हैं। हादसे के बाद करीब 500 मीटर तक मांस के लोथड़े बिखरे मिले। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक शवों के अवशेष पोटलियों में समेटे गए। प्रारंभिक जानकारी में अफवाह के चलते लोग ट्रैक पर पहुंचे थे। मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय टीम गठित की गई है, जो हादसे के कारणों और जिम्मेदारियों की पड़ताल करेगी। पढ़ें पूरी खबर 2. भोपाल-जबलपुर समेत 28 जिलों में बारिश, सीहोर में 61 Kmph की आंधी मध्यप्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। रविवार को भोपाल, जबलपुर सहित 28 जिलों में बारिश दर्ज की गई। सीहोर में आंधी की रफ्तार 61 किलोमीटर प्रति घंटा रही। कई जिलों में तेज बारिश हुई तो कहीं हल्की बूंदाबांदी देखने को मिली। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। पढ़ें पूरी खबर 3. चक्काजाम खुलवाने पहुंचे TI पर कुल्हाड़ी से हमला सीधी जिले में चक्काजाम खुलवाने पहुंचे थाना प्रभारी पर गुस्साई भीड़ ने हमला कर दिया। TI के सिर पर कुल्हाड़ी मारी गई, जिससे वे घायल हो गए। जानकारी के अनुसार रास्ते को लेकर दो पक्षों में विवाद था, जिसके बाद लोगों ने सड़क जाम कर दी थी। हालात बिगड़ने पर पुलिस बल पहुंचा, लेकिन भीड़ उग्र हो गई और पुलिस पर हमला कर दिया। पढ़ें पूरी खबर 4. कुत्ते के हमले में 3 साल की बच्ची का चेहरा बिगड़ा, 40 टांके लगे धार जिले की तीन साल की बच्ची पर कुत्ते ने हमला कर दिया। हमले में गाल से कान तक का मांस निकल गया। गंभीर हालत में बच्ची को इंदौर ले जाया गया, जहां सर्जरी की गई और करीब 40 टांके लगाए गए। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है। बच्ची का उपचार जारी है और परिवार उसकी हालत पर नजर बनाए हुए है। पढ़ें पूरी खबर 5. कांग्रेस प्रदर्शन पर लाठीचार्ज, नेताओं को घसीटकर थाने ले गई पुलिस मंदसौर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने पहले पानी की बौछार की, फिर लाठीचार्ज किया। कई कार्यकर्ताओं को पकड़कर घसीटते हुए पुलिस वाहन तक ले जाया गया और थाने पहुंचाया गया। घटना के वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं। पढ़ें पूरी खबर 6. MP में तबादलों की समय-सीमा बढ़ने के संकेत मध्यप्रदेश में तबादलों की निर्धारित समय-सीमा सोमवार को समाप्त हो रही है, लेकिन कई विभाग अब तक आदेश जारी नहीं कर पाए हैं। ऐसे में ट्रांसफर की समय-सीमा बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर इस संबंध में विचार-विमर्श जारी है। हजारों कर्मचारी और अधिकारी अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर 7. अजमेर शरीफ पर चादर चढ़ाने के बाद पूजा स्वीकार नहीं होती: देवकीनंदन ठाकुर भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि अजमेर शरीफ पर चादर चढ़ाने के बाद की गई पूजा भगवान स्वीकार नहीं करते। उन्होंने यह भी कहा कि रात में होने वाले विवाह दैत्य परंपरा का हिस्सा हैं और सनातन परंपरा में विवाह दिन में होने चाहिए। उनके बयान के बाद धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। पढ़ें पूरी खबर पॉजिटिव खबर 8. इंदौर की कनिका ने 16,460 फीट ऊंचा ग्लेशियर फतह किया इंदौर की कनिका रघुवंशी ने अरुणाचल प्रदेश में आयोजित माउंटेनियरिंग कोर्स के दौरान 16,460 फीट ऊंचे ग्लेशियर पर सफल चढ़ाई की। उन्होंने 12 किलो वजनी बैग के साथ कठिन ट्रेक पूरा किया और कोर्स में टॉप-5 में स्थान बनाया। उनकी इस उपलब्धि को लेकर परिवार और शहर में खुशी का माहौल है। पढ़ें पूरी खबर खबर जरा हटके 9. मोहनिया टनल में बाइक सवार का जानलेवा स्टंट, VIDEO वायरल रीवा-सीधी मार्ग स्थित मोहनिया टनल में एक युवक का खतरनाक स्टंट करते हुए वीडियो सामने आया है। युवक चलती बाइक पर खड़ा होकर ट्रकों के बीच से गुजरता दिखाई दे रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस स्टंट करने वाले युवक की पहचान करने में जुटी है। पढ़ें पूरी खबर कल का बिग इवेंट 10. कल भोपाल में कैबिनेट बैठक, भाजपा प्रशिक्षण प्रकोष्ठ की समीक्षा भी भोपाल में मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक होगी। इसमें विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय लिए जा सकते हैं। वहीं भाजपा प्रशिक्षण प्रकोष्ठ की समीक्षा बैठक भी बुलाई गई है। बैठक में प्रदेशभर के भाजपा जिला अध्यक्ष और प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के पदाधिकारी शामिल होंगे।
इंदौर की कनिका रघुवंशी ने अरुणाचल प्रदेश के देरांग स्थित नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स (NIMAS) में माउंटेनियरिंग कोर्स पूरा कर शहर का नाम रोशन किया है। इस कठिन प्रशिक्षण में शामिल प्रतिभागियों के बीच कनिका ने टॉप-5 में अपनी जगह बनाई। राऊ स्थित उमिया कन्या कॉलेज में बीबीए फर्स्ट ईयर की छात्रा कनिका ने इस चुनौतीपूर्ण कोर्स के दौरान 12 किलो वजनी बैग के साथ 16,460 फीट ऊंचाई वाले गोरिचेन ग्लेशियर पर चढ़ाई की। इस दौरान कई प्रतिभागियों का हौसला टूटने लगा, लेकिन कनिका ने अपनी शुरुआती तैयारी के दम पर यह कठिन सफर पूरा किया। कनिका ने बताया कि 1 एमपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी की एएनओ कैप्टन नम्रता सावंत की सलाह पर उन्होंने कोर्स में शामिल होने से पहले बैग में ईंटें भरकर रनिंग की थी। यही तैयारी ग्लेशियर पर चढ़ाई के दौरान उनके काफी काम आई। एशिया की सबसे बड़ी क्लाइम्बिंग वॉल पर मिली ट्रेनिंग कोर्स के दौरान प्रतिभागियों को एशिया की सबसे बड़ी आर्टिफिशियल क्लाइम्बिंग वॉल पर अभ्यास कराया गया। इसके अलावा जंगल में सर्वाइव करना, ट्रैकिंग, रिवर क्रॉसिंग और रॉक क्लाइम्बिंग जैसी कई एडवेंचर गतिविधियों की ट्रेनिंग दी गई। जंगल में रहने के लिए खुद टेंट लगाना और भोजन बनाना भी सिखाया गया। आइस क्लाइम्बिंग में भी दिखाया दम कनिका ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान आयोजित एक मील की दौड़ में उन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया। इसके बाद उन्हें जितांग (13,500 फीट) और मेराथांग कैंप (14,700 फीट) तक ले जाया गया। यहां से गोरिचेन ग्लेशियर की 16,460 फीट ऊंची चढ़ाई शुरू हुई, जहां उन्होंने आइस क्लाइम्बिंग की भी प्रैक्टिस की।
देश की बड़ी वाहन कंपनियों के रिकॉर्ड में जिन चेसिस और इंजन नंबरों का रिकॉर्ड ही नहीं, उन नंबरों पर राजस्थान में 2394 वाहन अलग-अलग परिवहन कार्यालयों में रजिस्टर्ड हो गए। इनमें अधिकांश गाड़ियां चोरी की और लोन डिफॉल्टर थीं। इन्हीं वाहनों पर फाइनेंस व बीमा भी हुआ। बाद में चोरी दिखाकर करोड़ों रुपए के बीमा क्लेम लगा दिए और सब पास भी हो गए। चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा में पांच करोड़ रुपए के क्लेम उठा भी लिए। ऐसा एमपी, हरियाणा व पंजाब में भी हुआ। दैनिक भास्कर की इन्वेस्टिगेशन में चार ट्रकों के दस्तावेजों की जांच में एक ऐसा नेटवर्क सामने आया, जिसमें मालिक, चालक, गवाह और रिपोर्टकर्ता बदलते रहे। घटनाक्रम एक जैसा ही रहा, लेकिन हर केस में चेहरे वही रहे। प्रदेश में ऐसा गिरोह है, जो अफसरों की मिलीभगत से यह खेल कर रहा है। इस खेल में नॉर्थ ईस्ट के नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश के साथ ही परिवहन विभाग के अफसर व कुछ दलाल सक्रिय हैं। दैनिक भास्कर ने पंद्रह जिलों में पड़ताल की। इसमें सामने आया कि अभी भी एक हजार से अधिक वाहनों के इंजन नंबर व चेसिस नंबर फर्जी हैं। भास्कर ने चार वाहनों की चोरी के चार मुकदमों की पड़ताल की। इसमें फर्जी दस्तावेजों से पंजीयन हुआ। खुद कंपनियों ने लिखित में माना है कि ये गाड़ियां उन्होंने नहीं बनाई। भास्कर में पढ़िए, फर्जी नेटवर्क का बड़ा खुलासा। 2 गाड़ी में परमेश्वर चालक, तीसरी में मालिक और चोरी की कहानी एक जैसी ट्रक संख्या: RJ 36 GA 5544 मामला: गाड़ी ब्यावर में रजिस्टर्ड है। कागजी मालिक रोडू है। 17 मई 2019 को चोरी दिखाई। इसकी FIR गंगरार में कराई । इसका पिछला फर्जी रजिस्ट्रेशन नागालैंड (NL 08 D 4204) दिखाया था। ड्राइवर परमेश्वर है। इसका बीमा क्लेम 20.56 लाख का है। ट्रक संख्या: RJ 48 GA 1747 मामला: गाड़ी केकड़ी परिवहन कार्यालय में रजिस्टर्ड है। कागजी मालिक देवीलाल है। 20 जनवरी 2020 को चोरी दिखाई गई। FIR बदनौर थाने (भीलवाड़ा) में दर्ज हुई। इसमें भी ड्राइवर परमेश्वर ही था। इसका बीमा क्लेम 28 लाख का है। ट्रक संख्या: RJ 11 GB 3830 मामला: गाड़ी धौलपुर में रजिस्टर्ड है। कागजी मालिक रवि कुमार है। 15 अक्टूबर 2019 को चोरी दिखाई गई। FIR निम्बाहेड़ा थाने में दर्ज हुई। इसका पिछला मालिक भी परमेश्वर है। इसका बीमा क्लेम 23 लाख का है। झुंझुनूं में सबसे ज्यादा 540 व जयपुर में 171 गाड़ियां फर्जी दूसरे राज्यों से राजस्थान के परिवहन कार्यालयों में कुल 2394 वाहनों का पंजीकरण ऐसे इंजन व चेसिस नंबर के आधार पर हुआ है, जिनका निर्माण संबंधित वाहन निर्माता कंपनियों ने किया ही नहीं है। मतलब, इनके इंजन नंबर व चेसिस नंबर फर्जी हैं। रजिस्टर्ड हुए कुल 2394 वाहनों का डाटा संबंधित कंपनियों को भेजा गया था। सबसे ज्यादा झुंझुनूं में 540, भीनमाल में 490, दौसा में 263, धौलपुर में 250, जयपुर में 171, बालोतरा में 88, सिरोही में 62, शाहपुरा, भीलवाड़ा में 57, चित्तौड़गढ़ व जोधपुर में 53-53, उदयपुर में 37, डूंगरपुर में 36 वाहन रजिस्टर्ड हैं। भास्कर इनसाइट अरुणाचल, नागालैंड में फर्जी दस्तावेजों से रजिस्ट्रेशन फिर राजस्थान में ट्रांसफर यह गिरोह पहले चोरी या फिर लोन डिफॉल्ट हो चुके ट्रकों की पहचान बदलता है। इसके बाद इंजन और चेसिस नंबरों में फेरबदल कर अरुणाचल व नागालैंड में फर्जी दस्तावेजों पर पंजीयन कराया जाता है। पोर्टल पर एंट्री होने के बाद राजस्थान कार्यालयों में ट्रांसफर कर री-रजिस्ट्रेशन कराते हैं। पूरी प्रक्रिया में एजेंटों और कुछ परिवहन अधिकारियों का नेटवर्क सक्रिय है। राजस्थान के कुछ एजेंट नॉर्थ-ईस्ट में फर्जी किरायानामा और पते के जरिए वाहनों का पंजीयन करवाते हैं। इन्हीं वाहनों पर फाइनेंस और बीमा कराया जाता है। वाहन चोरी होने का दावा कर बीमा क्लेम पेश किए जाते हैं। पड़ताल में यह भी सामने आया कि उस दौरान राजस्थान में रजिस्ट्रेशन के समय वाहन निर्माता कंपनियों से ऑनलाइन सत्यापन की व्यवस्था नहीं थी। इसी खामी का फायदा उठाकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वाहन पोर्टल में डेटा दर्ज कराया गया।
देश के चार राज्यों में फैले साइबर ठगी के एक ऐसे शातिर तंत्र का खुलासा हुआ है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली को चुनौती दे दी है। इस नेटवर्क के तहत अपराधी अरुणाचल प्रदेश से फर्जी सिम कार्ड खरीदते हैं, राजस्थान के मेवात और मारवाड़ क्षेत्र को ठगी का केंद्र बनाते हैं, ठगी गई राशि बिहार के बैंक खातों में जमा की जाती है और अंत में महाराष्ट्र के एटीएम से उसे निकाल लिया जाता है। इस जटिल ‘फोर-स्टेट’ चक्रव्यूह के बावजूद प्रतापगढ़ जिला पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ एक ऐसा प्रभावी मॉडल तैयार किया है, जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है। जहां पिछले तीन वर्षों में राजस्थान के लोगों से 586 करोड़ रुपए की ठगी हुई और पूरी राजस्थान पुलिस महज 26 लाख रुपए ही रिकवर कर पाई, वहीं इस कुल राशि में से 20 लाख रुपए अकेले प्रतापगढ़ जिले की साइबर सेल ने पीड़ितों को वापस दिलाकर मिसाल पेश की है। प्रदेश में 26 लाख की रिकवरी, इसमें प्रतापगढ़ का 20 लाख प्रतापगढ़ पुलिस ने बैंकिंग संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर ठगी रोकने में बड़ी सफलता हासिल की है। ठगी की सूचना मिलते ही साइबर सेल संबंधित खातों को तुरंत फ्रीज करवा देती है, जिससे रकम सुरक्षित हो जाती है। इसी सक्रियता के कारण प्रतापगढ़ राजस्थान में पीड़ितों को राशि लौटाने में अग्रणी बना है। फोर-स्टेट क्राइम मैप से समझिए ठगों के नेटवर्क को साइबर अपराधियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए राज्यों की सीमाओं का इस्तेमाल करते हुए एक ‘क्राइम रूट’ तैयार किया है। जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क की पहली कड़ी अरुणाचल प्रदेश है, जो फर्जी आईडी पर मोबाइल सिम खरीदने का मुख्य केंद्र बन चुका है। इन सिम कार्ड्स का उपयोग कर राजस्थान के मेवात क्षेत्र से ठगी की कॉल्स और मैसेज किए जाते हैं। ठगी गई धनराशि का ‘गोदाम’ बिहार के बैंक खाते बनते हैं, जिन्हें ‘ड्रॉपर’ अकाउंट कहा जाता है। अंत में, इस काले धन की अवैध निकासी महाराष्ट्र के पुणे, लातूर से की जाती है। पुलिस तत्परता से खुले ठगी के 4 बड़े मामले भास्कर इनसाइट - देश का 54.1% साइबर क्राइम मेवात कनेक्शन से गृह मंत्रालय के नेशनल साइबर कोऑर्डिनेशन सेंटर के अनुसार भारत के लगभग 54.1% साइबर अपराध राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के सीमावर्ती मेवात क्षेत्र से जुड़े हैं। राजस्थान के भरतपुर, अलवर और नवगठित डीग जिले कॉल-आधारित साइबर ठगी के प्रमुख केंद्र हैं, जहां से रोज 250 से अधिक शिकायतें दर्ज होती हैं। पहले भरतपुर की हिस्सेदारी देश के कुल साइबर अपराधों में 16–18% थी, जो ‘ऑपरेशन एंटी-वायरस’ के बाद 7% रह गई। अलवर 5.1% हिस्सेदारी के साथ देश में 7वें स्थान पर है। 1.90 लाख से अधिक संदिग्ध सिम और आईएमईआई ब्लॉक किए हैं।
Bigg Boss 18 : चुम दरांग को मिला अरुणाचल प्रदेश के सीएम का सपोर्ट
सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 18' अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर कोई इस सीजन का विनर बनने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन दिनों शो में 'टिकट टू फिनाले' टास्क चल रहा है। इस टास्क में विवियन डीसेना और चुम दरंग आमने-सामने खड़े हैं। वहीं ...

