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चंडीगढ़ में नाबालिग फुटबॉल प्लेयर का यौन उत्पीड़न:भरे स्टेडियम में नामी कोच ने पीछे से अंगुली डाली; अफसर जांच करने हथियार लेकर एकेडमी में घुसा

चंडीगढ़ में एक नाबालिग फुटबॉल प्लेयर से भरे स्टेडियम में यौन उत्पीड़न हुआ। यौन उत्पीड़न करने वाला कोई और नहीं बल्कि एक नामी फुटबॉल कोच है। प्लेयर का कहना है कि टूर्नामेंट के दौरान 2 टीमों में झगड़ा हुआ। इसी दौरान कोच ने उसके पीछे अंगुली डाल दी। इस मामले में पुलिस ने करीब डेढ़ महीने बाद केस दर्ज किया लेकिन आरोपी कोच को अभी तक अरेस्ट नहीं किया। फुटबॉल प्लेयर की तरफ से इस बारे में चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया और चीफ सेक्रेटरी को शिकायत भेजी गई है। जिसमें उन्होंने कहा कहा कि पुलिस आरोपी को पकड़ने के बजाय गवाहों और शिकायत करने वालों को धमका रही है। उन पर दबाव डाला जा रहा है। उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि उन्हें FIR की कॉपी तक नहीं दी जा रही। यही नहीं, बार-बार नोटिस भेज परेशान किया जा रहा। पुलिस की टीमें सीधे एकेडमी के अंदर आकर दहशत का माहौल बना रही हैं। एक अफसर तो हथियार लेकर ही घुस आया। जिससे बच्चे सहम गए। जानिए, कैसे हुई पूरी घटनागवर्नर को भेजी शिकायत में करीब 15 साल के प्लेयर के वकील ने बताया- इसी साल जनवरी के आखिरी हफ्ते में चंडीगढ़ के स्पोर्ट्स स्टेडियम में फुटबॉल का टूर्नामेंट था। जहां कई टीमें अलग-अलग स्कूल और एकेडमी से हिस्सा लेने आई हुई थीं। इस दौरान एक मैच में 2 टीमों के बीच विवाद हो गया था। दोनों टीमें आपस में उलझ गईं। इस दौरान नाबालिग खिलाड़ी ने आरोप लगाया कि उसके पीछे में अंगुली डाली गई। उससे वह काफी डर गया। इसके बावजूद उसने यह बात अपने सीनियर व कोच को बताई कि ग्राउंड में लड़ाई के दौरान उसके साथ यह घटना हुई। इसके बाद उसने पहले 28 जनवरी को POCSO ई-बॉक्स और ई-बाल निदान पोर्टल पर शिकायत की गई। इसके अगले दिन 29 जनवरी को चंडीगढ़ पुलिस के ऑनलाइन पोर्टल पर भी मामला दर्ज कराया गया। इसके बावजूद FIR दर्ज होने में लगभग डेढ़ महीने लग गए और आखिरकार 12 मार्च 2026 को केस दर्ज किया गया। चाइल्ड वेलफेयर में दर्ज हुए बयानपुलिस ने बच्चे को बयान देने के लिए थाने बुलाया, लेकिन परिवार ने मना कर दिया। उनका कहना था कि इतने छोटे बच्चों को थाने ले जाना ठीक नहीं है, खासकर ऐसे मामले में तो यह बिल्कुल उचित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के बयान किसी सुरक्षित और आरामदायक जगह पर लिए जाने चाहिए। इसके बाद 9 मार्च को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी में बच्चों के बयान लिए गए और उनका मेडिकल भी हुआ। लेकिन यहां भी काम देरी से हुआ और कुछ चीजें सही तरीके से नहीं हो पाईं, जिससे शिकायत करने वाले लोग संतुष्ट नहीं थे। बार-बार नोटिस और दबाव के आरोपशिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जांच अधिकारी बार-बार नोटिस भेजते रहे, लेकिन कई बार पहले से सही जानकारी या पर्याप्त समय नहीं दिया गया। उन्हें बहुत कम समय में थाने या तय जगह पर आने के लिए कहा जाता था, जिससे उन्हें काफी परेशानी हुई। यही नहीं, जब गवाहों के बयान लिए जा रहे थे, तब उनके कहे हुए शब्दों को बदलने या प्रभावित करने की कोशिश की गई। गवाहों को ऐसा महसूस हुआ कि उनके बयान को सही तरीके से नहीं लिखा जा रहा। इसी वजह से कुछ गवाहों ने अपने बयान देने से ही मना कर दिया। एकेडमी परिसर में प्रवेश पर विवादपरिवार में यह भी आरोप लगाया गया है कि पुलिस टीम बिना परमिशन के परिसर में अंदर आ गई। वहां दबाव बनाने की कोशिश की। शिकायतकर्तां के अनुसार, इस तरह बिना इजाजत आना और सख्त तरीके से पेश आना सही नहीं था, खासकर जहां बच्चे मौजूद हों। उन्होंने 11 मार्च की एक घटना को लेकर भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि एक पुलिस अफसर हथियार के साथ एकेडमी परिसर में दाखिल हुआ, जहां उस समय नाबालिग बच्चे भी मौजूद थे। इस पर सवाल उठाए गए हैं कि ऐसे संवेदनशील माहौल में इस तरह का व्यवहार बच्चों को डराने वाला हो सकता है। FIR की कॉपी अब तक नहीं मिली15 अप्रैल और 28 अप्रैल 2026 को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) और अन्य बड़े अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी। इसमें उन्होंने बताया कि केस की FIR की कॉपी उन्हें अभी तक नहीं दी गई है। शिकायत में कहा गया है कि उन्होंने कई बार पुलिस से FIR की कॉपी मांगी। लिखित रूप में भी और मौखिक रूप से भी, लेकिन हर बार उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। उनका कहना है कि FIR की कॉपी लेना उनका कानूनी अधिकार है, और इसे न देना नियमों के खिलाफ है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी कहा कि FIR की कॉपी ही नहीं दी जा रही, तो इससे जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। उन्हें लगता है कि इस तरह की देरी और जानकारी न देना सही प्रक्रिया का पालन नहीं है। POCSO नियमों के उल्लंघन का आरोपउनका ये आरोप है कि जांच के दौरान POCSO एक्ट में जो नियम बच्चों की सुरक्षा और सुविधा के लिए बनाए गए हैं, उनका ठीक से पालन नहीं किया गया। इस कानून के तहत यह जरूरी होता है कि नाबालिग बच्चों से बहुत ही संवेदनशील और सुरक्षित माहौल में बात की जाए, ताकि उन्हें डर या दबाव महसूस न हो। मगर, बच्चों को बार-बार अलग-अलग जगहों पर बुलाया गया, उनसे कई बार बयान लेने की कोशिश की गई। यह पूरी प्रक्रिया उनके लिए आसान या आरामदायक नहीं थी। इससे बच्चों पर मानसिक दबाव बढ़ा और वे तनाव में आ गए। अकादमी का कहना है कि ऐसे मामलों में बच्चों की मानसिक स्थिति का खास ध्यान रखना चाहिए, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ, जिसकी वजह से पीड़ित बच्चों को बार-बार परेशानी और तनाव झेलना पड़ा। शिकायतकर्ता पीछे हटा, एकेडमी मालिक ने मोर्चा संभालाइस बीच मामले में एक बड़ा बदलाव सामने आया। शुरुआत में जो व्यक्ति इस केस में शिकायतकर्ता थे, उन्होंने 23 अप्रैल को खुद को इस मामले से अलग कर लिया। उन्होंने बताया कि लगातार यात्रा, समय की कमी और बार-बार पुलिस की ओर से संपर्क किए जाने के कारण उन्हें काफी परेशानी हो रही थी, इसलिए अब वे इस केस में आगे नहीं जुड़ पाएंगे। इसके बाद एकेडमी के मालिक ने खुद आगे आकर जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने कहा कि अब वे ही इस मामले में एकेडमी की ओर से प्रतिनिधित्व करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वे घटना के समय मौजूद थे और मामले की पूरी जानकारी रखते हैं, इसलिए जांच में पूरा सहयोग करेंगे। चंडीगढ़ पुलिस ने मामले में क्या कहाचंडीगढ़ के पुलिस थाना-39 के SHO इंस्पेक्टर शादीलाल ने बताया कि मामले में POCSO के तहत एफआईआर दर्ज की गई है, पेरेंटस को कॉपी प्रोवाइड करवा दी गई है। उन्होंने माना कि इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

दैनिक भास्कर 30 Apr 2026 5:25 am

पीएम मोदी के साथ फुटबॉल खेलने का अनुभव रोमांचक और कभी न भूलने वाला रहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार की सुबह गंगटोक में लोक भवन में 17 युवा फुटबॉलरों के साथ फुटबॉल खेला था। पीएम ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से युवा खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए अपनी कुछ तस्वीरें भी साझा की थीं। इसके अलावा, पीएम ने खिलाड़ियों से खेल को गंभीरता से लेने और ओलंपिक में खेलने के लिए कड़ी मेहनत करने की सलाह दी थी। प्रधानमंत्री से मिलने के बाद सभी युवा खिलाड़ी काफी उत्साहित और खुश नजर आए। खिलाड़ियों ने पीएम के साथ बिताए लम्हों को कभी न भूलने वाला बताया। प्रीकिला तमांग ने आईएएनएस से कहा, हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फुटबॉल खेलने का अवसर प्राप्त हुआ। यह हमारे लिए बहुत सम्मान की बात है। हम बहुत खुश हैं और खुद को सौभाग्यशाली समझते हैं। हम 17 खिलाड़ियों और एक रेफरी के लिए यह जिंदगी में एक बार आने वाला अवसर था। हम इसे जिंदगी में कभी नहीं भूलेंगे। तमांग ने कहा कि मैं अपने राज्य के मुख्यमंत्री, खेल मंत्रालय और प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को आयोजित करने में शामिल सभी अधिकारियों को धन्यवाद देना चाहती हूं कि हमें यह अवसर मिला। ईशान मांझी ने आईएएनएस से कहा, प्रधानमंत्री के साथ खेलने का अनुभव शानदार रहा। उनके साथ समय बिताने का मौका बड़े-बड़े लोगों को नहीं मिलता है। हम सौभाग्यशाली रहे कि हमें मिला। हम भविष्य में फुटबॉल में देश का ओलंपिक प्रतिनिधित्व करेंगे। दीपन राय ने कहा, मैं अपने मुख्यमंत्री को धन्यवाद कहना चाहता हूं। उन्हीं की वजह से हमें प्रधानमंत्री से मिलने और उनके साथ एक छोटा सा मैच खेलने का अवसर मिला। प्रधानमंत्री का व्यवहार हमारे साथ मित्रतापूर्ण था। 75 साल की उम्र में उनकी ऊर्जा हमें प्रेरणा देने वाली थी। शेरिन लेपचा ने कहा, केंद्र सरकार ने देश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई हैं। इससे विशेष रूप से महिलाओं को काफी फायदा हुआ है। इसके लिए मैं विशेष रूप से सरकार का धन्यवाद देना चाहती हूं। दीपन राय ने कहा, मैं अपने मुख्यमंत्री को धन्यवाद कहना चाहता हूं। उन्हीं की वजह से हमें प्रधानमंत्री से मिलने और उनके साथ एक छोटा सा मैच खेलने का अवसर मिला। प्रधानमंत्री का व्यवहार हमारे साथ मित्रतापूर्ण था। 75 साल की उम्र में उनकी ऊर्जा हमें प्रेरणा देने वाली थी। Also Read: LIVE Cricket Score एक अन्य फुटबॉलर ने कहा, प्रधानमंत्री के साथ खेलने के बाद मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। 75 साल की उम्र में उनकी ऊर्जा हमारे लिए प्रेरणादायी है। Article Source: IANS

क्रिकेट न मोर 29 Apr 2026 2:04 pm

फीफा प्रमुख इन्फेंटिनो ने पीएम मोदी के सिक्किम फुटबॉल सेशन की तारीफ की

फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खेल के प्रति लगाव की तारीफ की और सिक्किम में बच्चों के साथ फुटबॉल खेलते हुए पीएम की एक फोटो शेयर की। दक्षिण एशिया में फुटबॉल को लोकप्रिय बनाने की अपनी कोशिशों के लिए मशहूर फीफा अध्यक्ष इन्फेंटिनो ने अपने इंस्टाग्राम पर पीएम की फोटो शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, पीएम मोदी को हमारा खूबसूरत खेल खेलते हुए देखकर बहुत अच्छा लगा। फुटबॉल सच में दुनिया को जोड़ता है। मंगलवार को पीएम मोदी ने सिक्किम के गंगटोक में युवा खिलाड़ियों के साथ फुटबॉल खेला, और इसे एक प्यारी सुबह और ऊर्जावान सेशन बताया था। पीएम मोदी ने एक्स पर कई तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा था, सिक्किम में अपने युवा दोस्तों के साथ गंगटोक की एक प्यारी सुबह में फुटबॉल खेलने जैसा कुछ नहीं। एक अन्य पोस्ट में पीएम ने लिखा, युवाओं के साथ एक ऊर्जावान फुटबॉल सेशन। फीफा अध्यक्ष और पीएम मोदी पूर्व में कई बार अंतरराष्ट्रीय फोरम पर मिल चुके हैं। उनकी सबसे खास मुलाकातें दिसंबर 2018 में अर्जेंटीना में जी-20 समिट में और फिर दिसंबर 2024 में कुवैत में हुईं। अर्जेंटीना में जी-20 समिट में मीटिंग के दौरान, फीफा अध्यक्ष ने पीएम मोदी को उनके नाम वाली एक फुटबॉल जर्सी गिफ्ट की। फीफा अध्यक्ष और पीएम मोदी पूर्व में कई बार अंतरराष्ट्रीय फोरम पर मिल चुके हैं। उनकी सबसे खास मुलाकातें दिसंबर 2018 में अर्जेंटीना में जी-20 समिट में और फिर दिसंबर 2024 में कुवैत में हुईं। Also Read: LIVE Cricket Score फुटबॉल एक खेल के रूप में भारत में राष्ट्रीय स्तर पर बेशक उतना लोकप्रिय न हो, लेकिन पूर्वोत्तर के राज्यों में फुटबॉल काफी लोकप्रिय है। सिक्किम, मिजोरम, मणिपुर और मेघालय जैसे राज्यों में फुटबॉल क्रिकेट से ज्यादा लोकप्रिय है। Article Source: IANS

क्रिकेट न मोर 29 Apr 2026 11:24 am

पंजाब के गांव की फुटबॉल टीम अमेरिका में खेलेगी:स्ट्रीट चाइल्ड वर्ल्ड कप के लिए रवाना, 5-15 मई तक मैच; MP चब्बेवाल ने बढ़ाया हौसला

होशियारपुर से लोकसभा सदस्य डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने यूथ फुटबॉल क्लब (YFC) रुड़का कलां का दौरा किया और मेक्सिको में आयोजित होने वाले 'स्ट्रीट चाइल्ड वर्ल्ड कप' में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही टीम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 5 से 15 मई तक मेक्सिको में होने वाले इस टूर्नामेंट में 14 से 17 वर्ष के खिलाड़ी वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। डॉ. चब्बेवाल ने क्लब की खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 5 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की। खिलाड़ियों व ग्रामीणों की सुविधा के लिए रुड़का कलां-घुडका-पंडवां से मौली तक 5 करोड़ रुपए की लागत से 18 फुट चौड़ी नई सड़क बनाने का ऐलान किया। गांव के बच्चे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक रहे चब्बेवाल ने कहा कि यह पूरे उत्तर भारत के लिए गर्व का विषय है कि वाईएफसी के युवा मेक्सिको में तिरंगा लहराएंगे। पंजाब सरकार ने खेड़ां वतन पंजाब दीयां जैसे आयोजनों से खेलों का जो माहौल बनाया है, उसी का परिणाम है कि गांव के बच्चे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक रहे हैं। 14 से 17 वर्ष की आयु के खिलाड़ी ले रहे हैं भाग चब्बेवाल ने बताया कि स्ट्रीट चाइल्ड वर्ल्ड कप 5 से 15 मई तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें 14 से 17 वर्ष की आयु के खिलाड़ी वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। वाईएफसी के चेयरमैन गुरमंगल दास ने लोकसभा सदस्य का धन्यवाद किया और मेक्सिको जाने वाली टीम को बधाई दी। उन्होंने बताया कि इस साल स्ट्रीट चाइल्ड वर्ल्ड कप में दुनिया भर से कुल 30 टीमें हिस्सा लेंगी, जिनमें 17 टीमें लड़कियों की और 13 टीमें लड़कों की है। टीम लीडर हर्ष जैसुख चोटालिया के नेतृत्व में खेलेंगे बच्चे वाईएफसी के चेयरमैन गुरमंगल दास ने बताया कि भारतीय टीम में सीलास सिद्धू, अर्शदीप, जशनप्रीत, राजन जखू, समीर, रमिंदर सिंह, सैम मसीह, शमशेर सिंह आकाश (गोलकीपर), रौनक, मुख्य कोच अनवर अली, टीम लीडर हर्ष जैसुख चोटालिया और टीम मैनेजर नूपुर नाग शामिल हैं। इस अवसर पर प्रिंसिपल प्रेम कुमार (हलका इंचार्ज), सरपंच अक्विंदर कौर, पाला मौली, रिंकी रानी (ब्लॉक कमेटी सदस्य), टोनी संधू, सुरजीत सिंह, दलजीत कुमार, राजेश मैनी, संजय नागपाल और बड़ी संख्या में गांव के लोग मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 29 Apr 2026 6:57 am

बच्चों के साथ फुटबॉल खेलते नजर आए पीएम मोदी, कहा- नन्हे दोस्तों के साथ खेलने का मजा ही कुछ और है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिक्किम दौरे पर हैं। मंगलवार की सुबह पीएम मोदी ने राजधानी गंगटोक में स्थानीय बच्चों के साथ फुटबॉल का आनंद लिया। पीएम ने बच्चों के साथ फुटबॉल खेलते हुए कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, गंगटोक की एक प्यारी सुबह, सिक्किम में अपने नन्हे दोस्तों के साथ फुटबॉल खेलने का मजा ही कुछ और है। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, इन युवाओं के साथ फुटबॉल का एक जबरदस्त सेशन। पीएम मोदी ने अपने एक्स पोस्ट में कई तस्वीरें पोस्ट की हैं जिसमें वे स्थानीय बच्चों के साथ फुटबॉल खेलते, उनके साथ बातचीत करते हुए नजर आ रहे हैं। इस दौरान पीएम पूरी तरह एक खिलाड़ी की वेशभूषा में हैं। पीएम 27 अप्रैल की शाम को गंगटोक पहुंचे थे। उनका मंगलवार का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहने वाला है। बच्चों के साथ समय बिताने के बाद प्रधानमंत्री गंगटोक स्थित ऑर्किडेरियम का दौरा करेंगे। वह पालजोर स्टेडियम में सिक्किम के राज्य स्थापना के 50वें वर्ष के समारोह के समापन समारोह में भाग लेंगे, जहां वे राज्य भर में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शुभारंभ और शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर वे सभा को संबोधित भी करेंगे। ये परियोजनाएं बुनियादी ढांचे, संपर्क, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बिजली, शहरी विकास, पर्यावरण, पर्यटन और कृषि सहित कई क्षेत्रों को कवर करती हैं, और इनका उद्देश्य सिक्किम में समग्र और समावेशी विकास को गति देना है। पीएम 27 अप्रैल की शाम को गंगटोक पहुंचे थे। उनका मंगलवार का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहने वाला है। बच्चों के साथ समय बिताने के बाद प्रधानमंत्री गंगटोक स्थित ऑर्किडेरियम का दौरा करेंगे। वह पालजोर स्टेडियम में सिक्किम के राज्य स्थापना के 50वें वर्ष के समारोह के समापन समारोह में भाग लेंगे, जहां वे राज्य भर में 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शुभारंभ और शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर वे सभा को संबोधित भी करेंगे। Also Read: LIVE Cricket Score पीएम मोदी की यह यात्रा सिक्किम के राज्य बनने की स्वर्ण जयंती के वर्ष में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और राज्य तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र के तीव्र और सतत विकास के प्रति वर्तमान सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। Article Source: IANS

क्रिकेट न मोर 28 Apr 2026 10:08 am

फुटबॉल क्लब नशे से उबारकर बना रहा चैम्पियन:बाप-बेटे ने शुरू किया था सिरुकलाथुर क्लब; यहां के बच्चे विदेशी टीमों से भी जुड़े

स्पेनिश फुटबॉल क्लब बार्सिलोना का एक मशहूर नारा है- ‘मेस क्यू अन क्लब’ (एक क्लब से बढ़कर)। तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले के एक छोटे से गांव सिरुकलाथुर में यह बात बिल्कुल सच साबित हो रही है। करीब 2,000 की आबादी वाले इस गांव में फुटबॉल सिर्फ 90 मिनट का खेल नहीं है, बल्कि यह युवाओं को नशे और भटकाव से दूर कर एक नई जिंदगी दे रहा है। ‘सिरुकलाथुर गालटीपेट फुटबॉल क्लब’ की शुरुआत 2014 के फीफा वर्ल्ड कप के दौरान डी. हरिकृष्णन ने की थी। जिस मैदान पर कभी कचरा फेंका जाता था, आज वहां हर हफ्ते 150 से ज्यादा बच्चे ट्रेनिंग लेते हैं। इस क्लब को ‘ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन’ से टू-स्टार मान्यता मिल चुकी है। क्लब के संस्थापक हरिकृष्णन का अपना सफर भी आसान नहीं था। 10वीं में फेल होने और आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। कोरोना काल में जब स्कूल बंद थे, तब उनके बेटे शिवारमन ने देखा कि गांव के बच्चे शराब, सिगरेट और नशे की लत का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में बाप-बेटे की इस जोड़ी ने बच्चों को वापस मैदान पर लाने की ठानी। क्लब ने महसूस किया कि दिहाड़ी मजदूरों और गरीब परिवारों के इन बच्चों को सही पोषण नहीं मिल पा रहा है। इसलिए क्लब ने ट्रेनिंग करने वाले बच्चों को नाश्ता और रात का खाना (हफ्ते में तीन दिन नॉन-वेज सहित) देना शुरू किया। एक बार हरिकृष्णन ने एक होनहार खिलाड़ी से नशे के इंजेक्शन तक छीने थे। उनका मकसद सिर्फ बेहतरीन खिलाड़ी बनाना नहीं है, बल्कि खेल के जरिए बच्चों को शिक्षा और रोजगार दिलाना है। आज इस क्लब के कई बच्चे बड़े कॉलेजों में पढ़ रहे हैं। इस छोटे से क्लब की उपलब्धियां किसी बड़े शहर की अकादमी से कम नहीं हैं। यहां के सात खिलाड़ी चेन्नईयिन एफसी की यूथ टीम में, एक बेंगलुरु एफसी और दो एफसी मद्रास में अपनी जगह बना चुके हैं। 2016 में क्लब का एक खिलाड़ी रिशिश ट्रेनिंग के लिए स्पेन गया और फिर स्वीडिश क्लब ‘IK Sirius’ तक पहुंचा। यहां से संतोष ट्रॉफी, जूनियर नेशनल और यूनिवर्सिटी स्तर के 20 से ज्यादा खिलाड़ी निकले हैं। सिरुकलाथुर गांव में अब सुबह की शुरुआत फुटबॉल से होती है। संकरी गलियों और कच्चे रास्तों से निकलकर ये बच्चे अब बड़े मैदानों पर अपना नाम रोशन कर रहे हैं। यहां फुटबॉल सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि गरीबी और भटकाव से बाहर निकलने का सबसे मजबूत रास्ता बन चुका है।

दैनिक भास्कर 27 Apr 2026 12:03 pm

मेरठ में 26 अप्रैल से आयोजित होगी MPL फुटबॉल लीग:7 टीमें करेंगी प्रतिभाग, आईआईएमटी यूनिवर्सिटी में 10 मई तक होंगे मुकाबले

शहर में पहली बार मेरठ प्रीमियर लीग (एमपीएल) का आयोजन 26 अप्रैल से 10 मई 2026 तक किया जा रहा है। प्रतियोगिता का आयोजन मेरठ फुटबॉल एसोसिएशन द्वारा आईआईएमटी यूनिवर्सिटी परिसर में होगा। इस लीग में कुल 7 टीमें, मेरठ स्पोर्टिंग, आईआईएमटी, अजैक्स एफसी, इंटर मेरठ, स्पार्टन, आईएफए और एमवाईएफए भाग लेंगी। मुकाबले राउंड रॉबिन फॉर्मेट में खेले जाएंगे, जिसमें अधिक अंक हासिल करने वाली टीमें क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करेंगी। जिला सचिव ललित पंत ने बताया कि शीर्ष दो टीमें दुर्गा सिंह ट्रॉफी जिला फुटबॉल लीग में सीधे क्वार्टर फाइनल खेलने का मौका पाएंगी। उपाध्यक्ष ऋचा सिंह के अनुसार, विजेता टीम को ₹51,000, 4 फीट ट्रॉफी, पदक और रोलिंग ट्रॉफी दी जाएगी। वहीं उपविजेता को ₹31,000, 3.5 फीट ट्रॉफी और पदक, जबकि तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को ट्रॉफी व पदक प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा हर मैच में ‘मैन ऑफ द मैच’ और टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी, गोलकीपर, डिफेंडर, मिडफील्डर व स्ट्राइकर को सम्मानित किया जाएगा। सभी मुकाबलों का सीधा प्रसारण यूट्यूब चैनल “स्पोर्ट्स नगरी” पर किया जाएगा। डॉ. विरेंद्र सिंह पटियाल ने बताया कि यह मेरठ की सबसे बड़ी फुटबॉल लीग है और ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मंच देते हैं। लीग का उद्घाटन 26 अप्रैल को शाम 4 बजे वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मुमतेश गुप्ता द्वारा किया जाएगा। आयोजक सिद्धार्थ राठी और गौरव तोमर ने शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।

दैनिक भास्कर 24 Apr 2026 4:39 pm

फुटबॉल कोच के बाद अब बड़े परदे पर क्रिकेटर बनकर चमकेंगे Ajay Devgan, एक्टर की नई बायोपिक फिल्म पर आया बड़ा अपडेट

फुटबॉल कोच के बाद अब बड़े परदे पर क्रिकेटर बनकर चमकेंगे Ajay Devgan,एक्टर की नई बायोपिक फिल्म पर आया बड़ा अपडेट

समाचार नामा 31 May 2024 8:30 pm

Maidaan Review: अजय देवगन की दमदार डायलॉग डिलीवरी और एक्टिंग ने दिखाया रियल सिनेमा, जरूर देखे फुटबॉल कोच की ये कहानी

Maidaan Review:अजय देवगन की दमदार डायलॉग डिलीवरी और एक्टिंग ने दिखाया रियल सिनेमा, जरूर देखेफुटबॉल कोच की ये कहानी

मनोरंजन नामा 11 Apr 2024 9:18 am

Maidaan Review: सीट से हिलने का मौका नहीं देगी Ajay Devgan की ये फिल्म, जरूर देखनी चाहिए इंडियन फुटबॉल टीम के महान कोच

Maidaan Review: सीट से हिलने का मौका नहीं देगी Ajay Devgan की ये फिल्म, जरूर देखनी चाहिएइंडियन फुटबॉल टीम के महान कोच

मनोरंजन नामा 9 Apr 2024 8:30 am

‘भीड़ से साथ की उम्मीद मत रखना', Ajay Devgan की मच अवेटेड फिल्म Maidaan का ट्रेलर हुआ लॉन्च, फुटबॉल कोच बनकर छा गए एक्टर

‘भीड़ से साथ की उम्मीद मत रखना', Ajay Devgan की मच अवेटेड फिल्म Maidaan काट्रेलर हुआ लॉन्च,फुटबॉल कोच बनकर छा गए एक्टर

मनोरंजन नामा 2 Apr 2024 2:35 pm