Motorola का तोहफा; FIFA Heroes के साथ मैदान में उतरी आर्केड फुटबॉल की नई दुनिया
Motorola बना FIFA Heroes का ऑफिशियल स्मार्टफोन पार्टनर! 5v5 आर्केड गेम, खास इन-गेम रिवॉर्ड्स और 2026 वर्ल्ड कप का रोमांच अब मोबाइल पर।
युद्ध की आग में झुलसा फुटबॉल; अमेरिका में होने वाले FIFA World Cup से हट सकता है ईरान
ईरान-इजरायल तनाव और अमेरिकी बमबारी के बीच 2026 FIFA World Cup में ईरान की एंट्री पर सवाल। क्या ट्रैवल बैन से टीम बाहर हो जाएगी?
फुटबॉल की दुनिया के सबसे बड़े टूर्नामेंट 'फीफा वर्ल्ड कप 2026' पर युद्ध का साया मंडराने लगा है। इजरायल और अमेरिका के हमलों के कारण ईरान टूर्नामेंट का बॉयकॉट कर सकता है। ईरान फुटबॉल फेडरेशन के प्रेसिडेंट मेहदी ताज ने कहा है कि मौजूदा हालातों में नेशनल टीम का अमेरिका जाकर फुटबॉल खेलना बेहद मुश्किल है। वर्ल्ड कप 11 जून से 19 जुलाई के बीच अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में खेला जाएगा। ईरान को अपने तीनों मैच अमेरिका में ही खेलने हैं। उम्मीद के साथ वर्ल्ड कप नहीं देख सकते- मेहदीईरानी स्पोर्ट्स वेबसाइट 'वर्र्जिश-3' से बातचीत में मेहदी ताज ने कहा, इस हमले के बाद हमसे यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि हम आशा और उत्साह के साथ वर्ल्ड कप की ओर देखें। अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए। इससे पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव का माहौल बन गया। ट्रंप सरकार ने ट्रैवल बैन भी लगायाईरान के लिए स्पोर्ट्स के अलावा राजनीतिक परेशानियां भी कम नहीं हैं। ट्रंप सरकार ने ईरानी फैंस को देश में एंट्री देने से मना कर दिया है। ऐसे में ईरानी टीम का अमेरिका जाकर खुलकर खेल पाना भी मुश्किल लग रहा है। अमेरिका में होने हैं ईरान के मैचईरान को वर्ल्ड कप के लिए ग्रुप-जी में रखा गया है। शेड्यूल के मुताबिक, ईरान को अपने मुकाबले अमेरिकी शहरों में ही खेलने हैं... फीफा ने अब तक कुछ नहीं कहा वर्ल्ड कप 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में होना है। ईरान-इजरायल के मामले पर इंटरनेशनल फुटबॉल फेडरेशन (FIFA) ने कोई ऑफिशियल बयान नहीं दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर ईरान ने टूर्नामेंट से नाम वापस लिया तो फीफा को फाइनेंशियल नुकसान उठाना पड़ सकता है। क्रिकेट वर्ल्ड कप में बांग्लादेश बॉयकॉट कर चुका खेल जगत में यह पहला मौका नहीं है जब कोई देश वर्ल्ड कप बॉयकॉट करने के बारे में सोच रहा हो। पिछले महीने ही बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने सुरक्षा कारणों को हवाला देते हुए भारत में टी-20 वर्ल्ड कप खेलने से मना कर दिया था। जिसके बाद इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में एंट्री दे दी। क्रिकेट वर्ल्ड कप 7 फरवरी से शुरू हुआ। 1 मार्च तक फर्स्ट और सेकेंड राउंड के 52 मुकाबले खेले गए। 20 टीमों से 4 टॉप टीमें निकलीं। जिनके बीच 4 और 5 मार्च को सेमीफाइनल खेले जाएंगे। फाइनल 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होगा। भारत, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में एंट्री की है। --------------------------------- क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ------------------------------------------------------- क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… भारत टी-20 वर्ल्डकप के सेमीफाइनल में; वेस्टइंडीज को 5 विकेट से हराया भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। अब टीम 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड से भिड़ेगी। आखिरी सुपर-8 मैच में भारत ने वेस्टइंडीज को 5 विकेट से हराया। संजू सैमसन ने सबसे ज्यादा नाबाद 97 रन बनाए। पढ़ें पूरी खबर
पांच सौ प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा, फुटबॉल में संत पीयूष हाई स्कूल रामपुर आया प्रथम
भास्कर न्यूज|कामडारा कामडारा स्टेडियम मैदान पर आज शनिवार को भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की ओर से फिट इंडिया मूवमेंट के अंतर्गत भव्य फिट कार्यक्रम आयोजित की गई। जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों व स्थानीय ग्रामीणों के बीच फिटनेस, स्वास्थ्य जीवनशैली व खेल संस्कृति को बढ़ावा देना था। वहीं कार्यक्रम का शुरुआत फिट इंडिया साइकिल रैली से की गई। जो पोकला गेट से मुख्य पथ होते हुए कामडारा स्टेडियम मैदान तक निकाली गई। जिसमें लगभग पांच सौ प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वहीं मुख्य अतिथि के रुप मे मौजूद कामडारा के जिला परिषद सदस्य दीपक कंडुलना ने पोकला गेट पर हरी झंडी दिखाकर उक्त साइकिल रैली को कामडारा के लिए रवाना किया।इसके बाद जिला परिषद सदस्य ने कामडारा मे सभी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुये कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम से ग्रामीण क्षेत्रों मे खेल प्रतिभाओं को निखारने एवं युवाओं मे अनुशासन व टीम भावना विकसित करने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।इसके बाद स्टेडियम मैदान पर फुटबॉल, बॉलीबाल व दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन करनेवाले टीमों को अतिथियों के द्वारा पुरस्कृत कर सम्मानित की गई।इसी बीच आचानक पहुंची गुमला के जिला परिषद अध्यक्ष किरणमाला बाड़ा ने उपस्थित लोगों को संबोधित कर कहा कि इस तरह के आयोजन से ग्रामीण स्तर पर खेल संस्कृति को सशक्त बनाने की दिशा मे एक सफल पहल साबित होगी। आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान प्रखंड प्रमुख सुनील सुरीन, कामडारा मुखिया लभली तिर्की, थाना प्रभारी मुकेश कुमार सुमन, भारतीय खेल प्राधिकरण की ओर से जगन तोपनो (सीनीयर हॉकी कोच), समेंद्र (सहायक तीरंदाज कोच) बिरेंद्र कुमार, अमित कंडुलना, सहित अन्य गणमान्य लोग काफी संख्या मे शामिल हुए। फुटबॉल प्रतियोगिता के परिणाम- प्रथम स्थान-संत पीयूष हाई स्कूल रामपुर, द्वितीय स्थान--ग्लोसप हाई स्कूल कामडारा, तृतीय स्थान--इपिफानी गर्ल्स मिडिल स्कूल कामडारा, चतुर्थ स्थान--प्लस टू अपग्रेड हाई स्कूल कुरकुरा। बॉलीबॉल में: प्रथम स्थान--ग्लॉसप हाई स्कूल कामडारा द्वितीय स्थान-इपिफानी मध्य विद्यालय कामडारा।
गुमला की बेटी अष्टम का भारतीय महिला फुटबॉल टीम में चयन होने पर दी गई बधाई
भास्कर न्यूज|गुमला अष्टम उरांव को भारतीय महिला फुटबॉल टीम में चयनित होने पर जिला प्रशासन गुमला की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई हैं। ऑस्ट्रेलिया में 1 मार्च से प्रारंभ हो रहे एएफसी महिला एशियन कप के िलए घोषित भारतीय टीम में झारखंड गुमला की प्रतिभावान डिफेंडर अष्टम उरांव को स्थान मिला है। यह प्रतियोगिता 21 मार्च तक आयोजित होगी व वर्ष 2027 में ब्राजील में प्रस्तावित फीफा महिला विश्व कप के क्वालीफिकेशन से भी जुड़ी हुई है। हाल के राष्ट्रीय शिविरों में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन, रक्षण पंक्ति में उनकी सुदृढ़ भूमिका व पूर्व अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में उनके अनुभव को देखते हुए चयनकर्ताओं द्वारा उन्हें टीम में शामिल किया गया है। उक्त उपलब्धि के उपलक्ष्य में उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश के आलोक में जिला खेल पदाधिकारी प्रवीण कुमार द्वारा बिशुनपुर प्रखंड के बनारी पंचायत अंतर्गत गोरा टोली गांव स्थित अष्टम उरांव के आवास पर पहुंचकर उनके माता-पिता को सम्मानित किया गया। भ्रमण के दौरान उनके परिवारजनों से भेंट कर आवश्यकताओं की जानकारी ली गई। अष्टम उरांव द्वारा पक्का मकान, बोरिंग, शौचालय व बाउंड्री वाल निर्माण के िलए अनुरोध किया गया, जिस पर डीसी के निर्देशानुसार अविलंब आवश्यक कार्रवाई व सहयोग सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया। डीसी प्रेरणा दीक्षित ने कहा कि अष्टम उरांव की यह उपलब्धि केवल उनके परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि अष्टम की मेहनत, अनुशासन और समर्पण यह सिद्ध करता है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। डीसी ने विश्वास व्यक्त किया कि अष्टम की सफलता से जिले की अन्य बेटियां भी खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन प्रतिभावान खिलाड़ियों को आवश्यक सहयोग, मार्गदर्शन व प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है, ताकि गुमला की बेटियां राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराती रहें।
भोपाल के गिन्नौरी रोड पर एक तेज रफ्तार कार अचानक डिवाइडर से टकरा गई और फिल्मी अंदाज में हवा में उछल गई। घटना 19 फरवरी की है। शनिवार को इसका वीडियो सामने आया है। जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। गनीमत रही कि भीषण टक्कर के बावजूद कार सवारों को गंभीर चोट नहीं आई। हालांकि, इस हादसे ने नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर कर दी है। बिना रिफ्लेक्टर ‘अदृश्य’ बना डिवाइडर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिस डिवाइडर से कार टकराई, उस पर न तो रिफ्लेक्टर लगे थे और न ही कोई चेतावनी बोर्ड। रात के समय यह डिवाइडर सड़क के रंग में ही घुल-मिल जाता है, जिससे दूर से आने वाले वाहन चालकों को इसका अंदाजा नहीं लग पाता। तेज रफ्तार कार जैसे ही डिवाइडर से टकराई, वह उछलकर आगे जा गिरी। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मदद की। हालांकि इस घटना में कोई गंभीर घायल नहीं हुआ। सीसीटीवी वीडियो के बाद सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल हादसे का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। शहर में कई स्थानों पर बिना संकेतक और रेडियम पट्टी के डिवाइडर बने हैं, जो रात के अंधेरे में खतरा बन रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी यहां छोटे-मोटे हादसे हो चुके हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया। क्षेत्र के पार्षद समर हुजूर ने वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि संबंधित डिवाइडर पर तुरंत रिफ्लेक्टर और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। उनका कहना है कि यह लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
फुटबॉल मैच, रस्साकशी और 100 मीटर दौड़ में बुजुर्गों ने दिखाई गजब की फुर्ती
भास्कर न्यूज | अमृतसर खालसा कॉलेज में वरिष्ठ नागरिकों के लिए 2 दिवसीय खेल समारोह करवाया गया। कॉलेज के प्रिं. डॉ. आत्म सिंह रंधावा के दिशा-निर्देशों पर पंजाब सरकार की ‘साड्डे बुजुर्ग साड्डा मान’ पहल के अंतर्गत इस कार्यक्रम का उद्देश्य 2 पीढ़ियों के बीच संबंधों को मजबूत करना तथा खेलों और सामुदायिक जीवन में वरिष्ठ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना था। डॉ. रंधावा ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की रीढ़ की हड्डी हैं और युवाओं के लिए ज्ञान एवं प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का समन्वय प्रो. रणदीप सिंह, सहायक प्रोफेसर एवं एनएसएस इंचार्ज तथा प्रो. पलविंदर सिंह, सहायक प्रोफेसर शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा किया गया। मैच से पूर्व प्रिंसिपल डॉ. रंधावा और डॉ. दलजीत सिंह, डीन छात्र कल्याण एवं प्रमुख, शारीरिक शिक्षा विभाग ने खिलाड़ियों से मुलाकात की। प्रिंसिपल डॉ. रंधावा ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत एक मैत्रीपूर्ण फुटबॉल मैच से हुई, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों और कॉलेज विद्यार्थियों ने भाग लिया। दूसरे दिन वरिष्ठ नागरिकों के लिए रस्साकशी और 100 मीटर दौड़ का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में वरिष्ठ नागरिकों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक एवं जीवंत भागीदारी दिखाई। उन्होंने कहा कि ‘साडे बुजुर्ग साडा मान’ जैसी पहले पीढ़ियों के अंतर को कम करने और सामाजिक सद्भाव के मूल्यों को बढ़ावा देने में सहायक होती हैं। इस अवसर पर डॉ. दलजीत सिंह ने जीवन के प्रत्येक चरण में शारीरिक फिटनेस और सक्रिय जीवनशैली बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। यह मैच उत्साह और खेल भावना के साथ खेला गया।
पीएमश्री में फुटबॉल फॉर स्कूल कार्यक्रम में खेल को बढ़ावा
भास्कर न्यूज | खड़गपुर खड़गपुर के झपेटापुर इलाके से सटे पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक -2, खड़गपुर में फुटबॉल फॉर स्कूल कार्यक्रम का उत्साहपूर्वक आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में केन्द्रीय विद्यालय संकुल के प्रभारी और केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक 2 कलाई कुंडा के प्राचार्य अभिषेक त्रिपाठी उपस्थित रहे। गणमान्य व्यक्तियों के आगमन के साथ, कार्यक्रम की शुरुआत हुई। मुख्य अतिथि अभिषेक त्रिपाठी ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत उद्घाटन किया। विद्यालय की ओर से अतिथि का ग्रीन वेलकम (पौधा भेंट कर) किया गया। स्वागत भाषण विद्यालय के प्राचार्य संग्राम बैनर्जी द्वारा दिया गया, जिन्होंने खेल के महत्व और विद्यालय की प्रगति पर प्रकाश डाला। विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा मनमोहक स्वागत गान और नृत्य प्रस्तुत किया किया। मुख्य अतिथि अभिषेक त्रिपाठी ने अपने संबोधन में फुटबॉल फॉर स्कूल पहल की सराहना करते हुए बताया कि खेल न केवल शारीरिक विकास बल्कि जीवन कौशल सीखने का भी एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने भारत को फुटबॉल का पावरहाउस बनाने के विज़न 2047 के संकल्प को भी दोहराया। फुटबॉल फॉर स्कूल योजना के तहत पश्चिम बंगाल के 11,847 स्कूलों में 88,113 फुटबॉल वितरित किए जाने का लक्ष्य है। पीएमश्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक 2 को 6866 फुटबॉल 1003 विद्यालयों को वितरित किए जाने हैं जिसमें 5477 फुटबॉल 693 विद्यालयों को वितरित किए जा चुके हैं। आज वितरण के तृतीय चरण में 1380 फुटबॉल 310 विद्यालय को प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन हिजली हाई स्कूल और पीएमश्री केवी नंबर 2, खड़गपुर के बीच एक प्रतीकात्मक फुटबॉल मैच के साथ हुआ। मैच का शुभारंभ (किक-ऑफ) स्वयं मुख्य अतिथि ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र, शिक्षक और अभिभावक उपस्थित रहे।
झारखंड के गुमला जिले के बिशनपुर प्रखंड स्थित बनारी गोरा टोली गांव की बेटी अष्टम उरांव का चयन भारतीय महिला फुटबॉल टीम में हुआ है। वह इन दिनों ऑस्ट्रेलिया में टीम के साथ ट्रेनिंग सेंटर में हिस्सा ले रही हैं। 1 मार्च से 21 मार्च तक ऑस्ट्रेलिया में आयोजित होने वाले एएफसी महिला एशियन कप फुटबॉल टूर्नामेंट के लिए उनका चयन किया गया है। यह टूर्नामेंट 2027 में ब्राजील में होने वाले फीफा महिला विश्व कप के क्वालिफिकेशन से भी जुड़ा हुआ है, ऐसे में अष्टम की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। मिट्टी के घर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मैदान तक पहुंचने की उनकी कहानी हजारों ग्रामीण बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है। गांव के लोग टीवी पर उनका खेल देखने को बेताब हैं और हर किसी की जुबां पर आज अष्टम का नाम है। माता-पिता आज भी कर रहे हैं दिहाड़ी अष्टम की इस उपलब्धि के पीछे संघर्ष की लंबी दास्तान है। उनके पिता हीरा उरांव और मां तारा उरांव आज भी मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। दोनों मिलकर प्रतिदिन करीब ढाई सौ रुपए कमाते हैं। पिता ने बताया कि मजदूरी किए बिना घर चलाना मुश्किल है। परिवार के पास मात्र एक एकड़ जमीन है, जिसमें साल में सिर्फ धान की एक फसल होती है। खपरैल और मिट्टी का जर्जर घर आज भी उनकी आर्थिक स्थिति की कहानी कहता है। मां तारा देवी गर्व से कहती हैं कि अष्टम बचपन से ही जुझारू रही है और जो ठान लेती है, उसे पूरा कर दिखाती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जब बेटी को स्थायी नौकरी मिलेगी, तब वे मजदूरी छोड़ देंगे। संघर्ष के बीच यह उपलब्धि परिवार के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आई है। गांव में जश्न की तैयारी, प्रशासन से आवास की मांग बनारी पंचायत के मुखिया बसनु उरांव के अनुसार, अष्टम के पिता स्वयं बिशनपुर क्षेत्र के प्रसिद्ध फुटबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण आगे नहीं बढ़ सके। उन्होंने प्रशासन से प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर देने की मांग की है। इससे पहले जब अष्टम को टीम का कप्तान बनाया गया था। राज्य सरकार ने उनके सम्मान में गांव तक सड़क निर्माण की घोषणा की थी, जिस पर काम शुरू हो चुका है। गुमला शहर से 56 किलोमीटर दूर बसे इस गांव में अब जश्न की तैयारी है। मुखिया ने कहा कि अष्टम के लौटने पर भव्य स्वागत किया जाएगा। एक छोटे से गांव की बेटी ने यह साबित कर दिया है कि सपनों की उड़ान के लिए मजबूत इरादे ही सबसे बड़ी पूंजी होते हैं।
फुटबॉल कोच के बाद अब बड़े परदे पर क्रिकेटर बनकर चमकेंगे Ajay Devgan,एक्टर की नई बायोपिक फिल्म पर आया बड़ा अपडेट
Maidaan Review:अजय देवगन की दमदार डायलॉग डिलीवरी और एक्टिंग ने दिखाया रियल सिनेमा, जरूर देखेफुटबॉल कोच की ये कहानी
Maidaan Review: सीट से हिलने का मौका नहीं देगी Ajay Devgan की ये फिल्म, जरूर देखनी चाहिएइंडियन फुटबॉल टीम के महान कोच
‘भीड़ से साथ की उम्मीद मत रखना', Ajay Devgan की मच अवेटेड फिल्म Maidaan काट्रेलर हुआ लॉन्च,फुटबॉल कोच बनकर छा गए एक्टर

