भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने 7 साल बाद साउथ एशियन फुटबॉल चैंपियनशिप जीत ली है। उसने शनिवार रात फाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन बांग्लादेश को 3-1 से हराया। भारत ने रिकॉर्ड छठी बार यह टूर्नामेंट जीता है। गोवा के मडगांव स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में भारत के लिए प्यारी जाख्सा, सनफिदा नोंगरुम और लिंडा कोम सेर्तो ने एक-एक गोल किया। बांग्लादेश के लिए रितु पोर्ना ने इकलौता गोल किया। हाफ टाइम तक 1-1 की बराबरी पर रहा मुकाबला भारत की ओर से प्यारी जाख्सा ने 42वें मिनट में पहला गोल किया। पहले हाफ के इंजरी टाइम में रितु पोर्ना चकमा ने गोल कर बांग्लादेश को बराबरी दिला दी। दूसरे हाफ की शुरुआत में सनफिदा नोंगरुम ने शानदार हेडर लगाकर भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी। इसके बाद भारतीय टीम ने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा। 82वें मिनट में लिंडा कोम सेर्तो ने बांग्लादेशी डिफेंस की गलती का फायदा उठाकर तीसरा गोल दागा और भारत की जीत सुनिश्चित कर दी। पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही भारतीय टीम मेजबान भारत पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहा। टीम ने सभी चार मुकाबले जीते, 18 गोल किए और केवल एक गोल खाया। मौजूदा चैंपियन बांग्लादेश की लगातार तीसरी बार खिताब जीतने की उम्मीद भी टूट गई। ग्रेस ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास लिया फाइनल के बाद भारतीय खेमे में जश्न का माहौल रहा। अनुभवी खिलाड़ी डांगमेई ग्रेस ने इसी मैच के बाद इंटरनेशनल फुटबॉल को अलविदा कह दिया। उन्होंने 2013 में भारत के लिए डेब्यू किया था और 95 इंटरनेशनल मैच खेलने के बाद अपने करियर का अंत एक और SAFF खिताब के साथ किया। अवॉर्ड्स: अवेका सिंह टॉप स्कोरर रहीं टूर्नामेंट के अवॉर्ड्स में भी भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा रहा। अवेका सिंह चार गोल के साथ शीर्ष स्कोरर रहीं। सनफिदा नोंगरुम को मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर चुना गया और पंथोई चानू एलांगबाम को बेस्ट गोलकीपर का पुरस्कार मिला। नेपाल को फेयर प्ले अवॉर्ड दिया गया। ------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़िए… 19 साल की एंड्रीवा ने फ्रेंच ओपन जीता, फाइनल में च्वालिंस्का को 6-3, 6-2 से हराया 19 साल की मीरा एंड्रीवा ने पहली बार फ्रेंच ओपन जीत लिया है। शनिवार को खेले गए विमेंस सिंगल्स फाइनल में उन्होंने पोलैंड की माया च्वालिंस्का को सीधे सेटों में 6-3, 6-2 से हराया। यह मुकाबला 1 घंटे 22 मिनट तक चला। पढ़ें पूरी खबर
ग्रेस डांगमेई ने इंटरनेशनल फुटबॉल से लिया संन्यास, भारत के सैफ चैंपियनशिप 2026 जीतने के बाद की घोषणा
अनुभवी फॉरवर्ड खिलाड़ी ग्रेस डांगमेई ने शनिवार को इंटरनेशनल फुटबॉल से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया। इसके साथ ही भारतीय महिला फुटबॉल टीम के साथ उनके 13 साल के शानदार करियर का अंत हो गया। डांगमेई ने यह घोषणा पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में भारत के सैफ महिला चैंपियनशिप 2026 जीतने के बाद की। भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में बांग्लादेश को 3-1 से मात देते हुए खिताब पर कब्जा जमाया। आखिरी सीटी बजने के साथ ही भावुक ग्रेस ने अपनी टीम की साथियों को गले लगाया, जबकि भारतीय कैंप में जश्न मनाया गया। इस जीत ने भारतीय महिला फुटबॉल की सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में से एक को शानदार विदाई दी। 2013 में सीनियर टीम की ओर से डेब्यू करने के बाद से 30 साल की इस खिलाड़ी ने 95 इंटरनेशनल मुकाबलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और 24 गोल किए। अपने इंटरनेशनल करियर के दौरान, उन्होंने तीन सैफ महिला चैंपियनशिप खिताब और दो साउथ एशियन गेम्स गोल्ड मेडल जीते, जिससे वह नेशनल सेटअप में सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक बन गईं। ग्रेस भारत के लिए कई जरूरी कैंपेन का हिस्सा रहीं, जिसमें 2014 से 2022 तक एशियन गेम्स, एएफसी विमेंस एशियन कप और ओलंपिक क्वालिफायर शामिल हैं। उन्होंने 2016 साउथ एशियन गेम्स जैसे टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन से पहचान बनाई, जहां उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ दो गोल किए। वहीं, 2016 सैफ विमेंस चैंपियनशिप फाइनल में ग्रेस ने गोल करके भारत को लगातार चौथा खिताब दिलाया था। 2013 में सीनियर टीम की ओर से डेब्यू करने के बाद से 30 साल की इस खिलाड़ी ने 95 इंटरनेशनल मुकाबलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और 24 गोल किए। अपने इंटरनेशनल करियर के दौरान, उन्होंने तीन सैफ महिला चैंपियनशिप खिताब और दो साउथ एशियन गेम्स गोल्ड मेडल जीते, जिससे वह नेशनल सेटअप में सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक बन गईं। Also Read: LIVE Cricket Score ग्रेस का आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला यादगार रहा, जहां भारत ने सैफ विमेंस चैंपियनशिप फाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन बांग्लादेश को 3-1 से हराया। प्यारी जाक्सा, सैनफिदा नोंग्रुम और लिंडा कोम सेर्टो के गोलों ने भारत को रिकॉर्ड छठी बार खिताब दिलाया। भारत ने टूर्नामेंट को बिना हारे खत्म किया और सभी चार मैच जीते। भारत ने टूर्नाामेंट में कुल 18 गोल किए और सिर्फ एक गोल खाया। Article Source: IANS
FIFA World Cup में भारत का कौन सा राज्य कर रहा है किस देश का समर्थन
भारत भले ही फीफा विश्व कप में नहीं खेल रहा हो लेकिन देश में फुटबॉल के प्रति जुनूनी इलाकों ने इस खूबसूरत खेल से लंबी दूरी का रिश्ता कायम रखते हुए खुद को उत्तरी अमेरिका 2026 के रंग में रंग लिया है। लंबी दूरी का रिश्ता इसलिए, क्योंकि भारत इस समय विश्व कप के करीब कहीं भी नहीं है, लेकिन फुटबॉलप्रेमियों की उत्सुकता में यह बाधा नहीं बनने वाला। क्रिकेट के दीवाने देश में फुटबॉलप्रेमियों के ये छोटे इलाके अपनी पसंदीदा टीमों का समर्थन करने के लिए तैयार हैं। क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल टीम को गोवा का एकजुट समर्थन है लेकिन नेमार की ब्राजील और लियोनेल मैसी की अर्जेंटीना के लिए पूर्व और दक्षिण में प्रशंसक बंटे हुए हैं। पुर्तगालियों की पूर्व कॉलोनी गोवा में ब्राजील को लेकर भी काफी उत्साह है। प्रशंसकों ने ग्रामीण स्तर के खेल क्लबों में बड़ी-बड़ी स्क्रीन लगा दी हैं, जो रूस में होने वाले मुकाबलों को देखने के लिए अपनी रातें यहां बिताएंगे। गोवा फुटबॉल संघ के अध्यक्षकैटिनो फर्नाडिसने कहा कि तटीय राज्य में विश्व कप फुटबॉल मैच देखने के लिए बड़ी स्क्रीन लगाई गई है। 1 महीने के लिए फुटबॉल का बुखार काफी तेज रहेगा।इस तटीय क्षेत्र में जहां पुर्तगाल के झंडे लहराना आम दृश्य होगा, तो वहीं गोम्स की पसंदीदा टीम नाइजीरिया है, जो अर्जेंटीना, क्रोएशिया और आइसलैंड के साथ है। उन्होंने कहा कि मैं छुपी रुस्तमदक्षिण अफ्रीकाका समर्थन कर रहा हूं। मैं चाहता हूं कि विश्व कप एक बार के लिए अफ्रीका आना चाहिए। पूर्व भारतीय कप्तान ब्रुनो कौतिन्हो ने कहा कि गोवा में माहौल विश्व कप फुटबॉल के लिए काफी गर्म है। हर प्रशंसक अपने पसंदीदा स्थल पर मैच देख रहा होगा। क्लब हाउस ने बारिश के कारण इंडोर स्क्रीन लगाई है, वे इसे खुली जगह पर नहीं लगा सकते थे। केरल के प्रशंसकों ने उत्तरी क्षेत्र में मलाबार में फुटबॉल प्रेम को अपने पसंदीदा खिलाड़ी के कटआउट सड़कों पर लगाकर दिखा रहे हैं। मैसी सभी प्रशंसकों के पसंदीदा हैं और उनके कटआउट मल्लपुरम, कोझीकोड और कासारागोड में देखे जा सकते हैं।
एडीईओ का स्वागत व फुटबॉल मैच आयोजित
भास्कर न्यूज | बाड़मेर पीएम श्री महात्मा गांधी राउमावि स्टेशन रोड के फुटबॉल मैदान में बुधवार को उप जिला शिक्षा अधिकारी शा. शिक्षा बाड़मेर में नव पदस्थापित अमरेश जाकड का स्वागत किया। इस मौके पर मैत्री फुटबॉल मैच खेला गया। जिला फुटबॉल संघ के सचिव फरस सिंह चौहान ने साफा व पुष्पहार पहनाकर बहुमान किया। मुख्य अतिथि अमरेश जाकड ने खिलाड़ियों से कहा कि फुटबॉल में खेल कौशल का विकास जरूरी है। अनुशासन में रहकर लगन से नियमित अभ्यास किया जाए। इससे उचित मुकाम मिल सकता है। उन्होंने कहा कि सभी खिलाड़ियों का सहयोग व समर्पण जरूरी है। कमेटी बनाकर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम किया जाए। उन्होंने होनहार खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिए कुलदीप को उपहार स्वरूप फुटबॉल शूज भेंट किए। कार्यक्रम में भीमसिंह मेपावत, चंदनसिंह, प्रकाशचन्द्र शर्मा, शंकरलाल, राजेश व्यास, भवरसिंह परिहार, मूलसिंह, लीलसिंह, दिनेश पंवार, देवेंद्र अवस्थी, चंदनसिंह, शंकर सिंह, मदनसिंह, रुपसिंह, आनन्दसिंह, अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ अध्यक्ष भीमसिंह राठौड़ मौजूद रहे।
5 उम्रदारज फुटबॉलर, जिन्होंने FIFA World Cup में हैट्रिक लगाई
Fifa World Cup: फीफा विश्व कप मैच में गोल हैट्रिक लगाना किसी भी फुटबॉलर के लिए बड़ी उपलब्धि है, लेकिन जब यह कारनामा बढ़ती उम्र में किया जाए तो अहमियत और बढ़ जाती है। आइए, ऐसे 5 उम्रदराज खिलाड़ियों के बारे में जानते हैं, जिन्होंने फुटबॉल के महाकुंभ में हैट्रिक लगाने का कारनामा किया है। क्रिस्टियानो रोनाल्डो: पुर्तगाल का यह दिग्गज फुटबॉलर फीफा वर्ल्ड कप में हैट्रिक लगाने वाला सबसे उम्रदराज खिलाड़ी है। रोनाल्डो ने 33 साल 130 दिन की उम्र में यह कारनामा किया था। रोनोल्डो ने साल 2018 में स्पेन के खिलाफ ग्रुप स्टेज मुकाबले में 3 गोल दागे थे। उनकी इस हैट्रिक के साथ पुर्तगाल की टीम स्पेन के खिलाफ 3-3 से ड्रॉ खेलने में कामयाब रही थी। मुकाबले के चौथे मिनट में रोनाल्डो ने पेनाल्टी को गोल में बदला। 44वें मिनट स्पेनिश गोलकीपर डेविड डी गेया को छकाकर गोल करते हुए रोनाल्डो ने पुतर्गाल को 2-1 से आगे कर दिया। अगले दो गोल स्पेन ने किए और 3-2 से बढ़त बना ली थी। 88वें मिनट में रोनाल्डो ने 25 गज की दूरी से एक शानदार फ्री-किक करते हुए टीम को 3-3 की बराबरी पर ला दिया। रॉब रेनसेनब्रिंक: 30 साल 335 दिन की उम्र में रेनसेनब्रिंक ने फीफा वर्ल्ड कप 1978 के दौरान हैट्रिक लगाई थी। ग्रुप स्टेज के इस मुकाबले में रेनसेनब्रिंक के शानदार प्रदर्शन की बदौलत नीदरलैंड ने ईरान के खिलाफ 3-0 से जीत दर्ज की थी। रेनसेनब्रिंक ने मुकाबले के 40वें मिनट में पेनाल्टी को गोल में बदला, जिसके बाद 62 मिनट में टीम की बढ़त दोगुनी की। मुकाबले के 79वें मिनट में रेनसेनब्रिंक ने एक बार फिर पेनाल्टी को गोल में तब्दील करते हुए टीम के लिए तीसरा गोल किया। पेड्रो सीया: 29 साल 329 दिन की उम्र में पेड्रो ने उरुग्वे की तरफ से खेलते हुए यूगोस्लाविया के खिलाफ हैट्रिक लगाई थी। फीफा वर्ल्ड कप 1930 के सेमीफाइनल मैच को उरुग्वे ने 6-1 से अपने नाम किया। मुकाबले के 19वें मिनट में पेड्रो ने गोल दागते हुए टीम को 1-1 की बराबरी पर ला दिया। इसके बाद 66वें और 72वें मिनट में गोल करते हुए उन्होंने 6-1 से टीम की जीत सुनिश्चित की। गैब्रियल बतिस्तुता: अर्जेंटीना के इस खिलाड़ी ने फीफा वर्ल्ड कप 1998 के ग्रुप स्टेज मुकाबले में जमैका के खिलाफ हैट्रिक लगाते हुए टीम को 5-0 से जीत दिलाई थी। इस मुकाबले में अर्जेंटीना के लिए शुरुआती दो गोल 32वें और 55वें मिनट में एरियल ओर्टेगा ने दागे। इसके बाद 73वें, 78वें और 83वें मिनट में गैब्रियल ने तीन गोल किए। पेड्रो सीया: 29 साल 329 दिन की उम्र में पेड्रो ने उरुग्वे की तरफ से खेलते हुए यूगोस्लाविया के खिलाफ हैट्रिक लगाई थी। फीफा वर्ल्ड कप 1930 के सेमीफाइनल मैच को उरुग्वे ने 6-1 से अपने नाम किया। मुकाबले के 19वें मिनट में पेड्रो ने गोल दागते हुए टीम को 1-1 की बराबरी पर ला दिया। इसके बाद 66वें और 72वें मिनट में गोल करते हुए उन्होंने 6-1 से टीम की जीत सुनिश्चित की। Also Read: LIVE Cricket Score कुबिल्यास ने 36वें और 39वें मिनट पर एक के बाद एक दो पेनाल्टी को गोल में बदलकर स्कोर 3-0 कर दिया था। इसके बाद हसन रौशन 41वें मिनट में ईरान के लिए एक गोल करने में कामयाब रहे। कुबिल्यास ने 79वें मिनट में गोल करते हुए हैट्रिक पूरी की। Article Source: IANS
48 देशों के 891 खिलाड़ी पहली बार भाग लेंगे FIFA World Cup में
FIFA को अंतिम दल घोषित करने के बाद 48 देशों को प्रतिनिधित्व करने वाले रिकॉर्ड 1,248 खिलाड़ियों के नाम पर मुहर लगाई गई है। मशहूर वैश्विक सितारों से लेकर पदार्पण वालों तक, ये स्क्वॉड बहुत ज़्यादा विविधता और दुनिया भर में प्रतिनिधित्व दिखाते हैं। फीफा ने वर्ल्ड कप 2026 के लिए अंतिम दल घोषित कर दिया है, जो टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक मील के पत्थर में से एक है, जिसके शुरुआत में सिर्फ़ नौ दिन बाकी हैं। कनाडा, मैक्सिको और यूनाइटेड स्टेट्स में 104 मैचों में 48 टीमों और 1,248 खिलाड़ियों के मैदान पर उतरने के साथ, यह संस्करण वैश्विक खेल के लिए एक अहम पल है, जो पहले से कहीं ज़्यादा देशों, खिलाड़ियों और उनके फैंस के लिए दरवाज़े खोल रहा है। कन्फर्म स्क्वॉड लिस्ट टूर्नामेंट के स्केल और लंबे समय तक चलने वाले आकर्षण को दिखाती है, जिसमें 357 खिलाड़ी कम से कम एक बार पहले फीफा वर्ल्ड कप स्क्वॉड में शामिल होने के बाद वापस आ रहे हैं। करीब 891 खिलाड़ी पहली बार इस कॉम्पिटिशन का अनुभव करने वाले हैं, जो दुनिया भर के खेल में निरंतरता और नवीनीकरण दोनों को दिखाता है। पीढ़ियों का अंतर भी उतना ही चौंकाने वाला है, जिसमें सबसे उम्रदराज खिलाड़ी (स्कॉटलैंड के क्रेग गॉर्डन, 43 साल और 162 दिन के) और सबसे युवा खिलाड़ी (मेक्सिको के गिल्बर्टो मोरा, 17 साल और 240 दिन के) के बीच 25 साल से ज़्यादा का अंतर है। टूर्नामेंट की शुरुआत में 20 साल से कम उम्र के कुल 22 खिलाड़ी और 40 साल या उससे ज़्यादा उम्र के सात खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं, जबकि 22 फीफा वर्ल्ड कप विजेता दुनिया भर में वापसी कर रहे हैं। फुटबॉल के सबसे बड़े कॉम्पिटिशन में जाने-माने सितारों की वापसी के साथ, यह टूर्नामेंट खिलाड़ियों और देशों की एक नई लहर को भी सुर्खियों में लाता है। काबो वर्डे, कुराकाओ, जॉर्डन और उज़्बेकिस्तान पहली बार फीफा वर्ल्ड कप का अनुभव करने के लिए तैयार हैं, जो दिखाता है कि कैसे बड़ा फ़ॉर्मेट इस कॉम्पिटिशन को ग्लोबल गेम का ज़्यादा रिप्रेज़ेंटेटिव बना रहा है।
बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह 'धुरंधर' की सक्सेस के बीच चल रहे 'डॉन 3' विवाद को लेकर भी सुर्खियों में हैं। फिल्ममेकर फरहान अख्तर और एक्सेल एंटरटेनमेंट के साथ उनकी अनबन अब जगजाहिर हो चुकी है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) द्वारा उनके ...
सिर्फ फुटबॉल नहीं, ये है जिंदगी की फिलॉसफी!, आर्सेनल की जीत पर रणवीर सिंह ने लिखा इमोशनल नोट
आर्सेनल की इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाते हुए रणवीर सिंह ने जो हालिया नोट लिखा है, उसमें एक बेहद गहरी और छिपी हुई बात नजर आती है। ऊपर-ऊपर से देखने पर तो यह किसी फुटबॉल फैन के दिल की वो सच्ची और जज्बाती आवाज लगती है, जो दशकों के लंबे इंतजार के बाद ...
फुटबॉल कोच के बाद अब बड़े परदे पर क्रिकेटर बनकर चमकेंगे Ajay Devgan,एक्टर की नई बायोपिक फिल्म पर आया बड़ा अपडेट
Maidaan Review:अजय देवगन की दमदार डायलॉग डिलीवरी और एक्टिंग ने दिखाया रियल सिनेमा, जरूर देखेफुटबॉल कोच की ये कहानी
Maidaan Review: सीट से हिलने का मौका नहीं देगी Ajay Devgan की ये फिल्म, जरूर देखनी चाहिएइंडियन फुटबॉल टीम के महान कोच
‘भीड़ से साथ की उम्मीद मत रखना', Ajay Devgan की मच अवेटेड फिल्म Maidaan काट्रेलर हुआ लॉन्च,फुटबॉल कोच बनकर छा गए एक्टर

