केंद्र सरकार के खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत राजसमंद में अस्मिता फुटबॉल लीग 2025-26 का आयोजन किया गया। इस लीग में धौलपुर की महिला फुटबॉल खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। जिला फुटबॉल संघ के अध्यक्ष गुरमीत मान ने बताया कि लीग के दौरान धौलपुर की टीम ने राजसमंद पर 4-0 से जीत दर्ज की। क्वार्टर फाइनल मैच में धौलपुर का मुकाबला एम.एस.आर. क्लब बीकानेर से हुआ, जिसे देश के बड़े क्लबों में गिना जाता है। इस मैच में धौलपुर की टीम ने बीकानेर को पूरे समय दबाव में रखा और मुकाबला 1-1 से ड्रॉ रहा। इसके बाद पेनल्टी शूटआउट में धौलपुर ने 4-2 से जीत हासिल की। खिलाड़ियों को एक ही दिन में तीन मैच खेलने के कारण काफी थकावट थी, इसके बावजूद उन्होंने तीसरे मैच में बेहतरीन प्रदर्शन किया। झुंझुनू के खिलाफ मैच भी 1-1 से ड्रॉ रहा, लेकिन पेनल्टी शूटआउट में टीम को 4-2 से हार का सामना करना पड़ा। टीम का यह प्रदर्शन एक ही दिन में अब तक का सर्वश्रेष्ठ रहा है। मान ने बताया कि धौलपुर में शहीद भगत सिंह फुटबॉल प्रीमियर लीग के बाद फुटबॉल का माहौल काफी बेहतर हुआ है। पहले जहां बालिका वर्ग में फुटबॉल टीम बनाना मुश्किल था, वहीं अब धौलपुर की बेटियां राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर रही हैं। अस्मिता फुटबॉल लीग में धौलपुर की बेटियों को पहली बार अवसर मिला और उन्होंने अपना अब तक का श्रेष्ठ प्रदर्शन किया। धौलपुर की टीम में सुरभि, नंदिनी, तन्वी, मानसी, रक्षिता, रूबी, राधिका, शिखा, छोटी, आचिका, मनप्रीत, कामिनी, शिल्पी, शिवानी, सोनम और वंदना शामिल थीं।
स्पेन में फुटबॉल के लिए लोगों में अलग ही जुनून देखने को मिलता है और इस जुनून की कोई उम्र नहीं होती। ऐसी ही कहानी है उस खिलाड़ी की, जिसका खेल के प्रति जुनून और समर्पण पूरी दुनिया में मिसाल बन गया है। 70 वर्षीय एंजेल मातेओस गोंजालेज, जो 27 साल पहले प्रतिस्पर्धी फुटबॉल से संन्यास ले चुके थे, अब एक बार फिर मैदान पर उतरने जा रहे हैं। मातेओस रविवार को स्पेनिश फुटबॉल के पांचवें डिवीजन टूर्नामेंट में एस्टूरियन क्लब सीडी कोलुंगा के लिए गोलकीपर के रूप में खेल सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो वह स्पेन में आधिकारिक मैच खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन जाएंगे। मातेओस इस सीजन में टीम के गोलकीपर्स की मदद कर रहे थे। हालांकि, मातेओस ने खुद कहा है कि अभी यह तय नहीं है कि वे पूरे 90 मिनट खेलेंगे या सिर्फ पहला हाफ। उन्होंने स्थानीय अखबार ‘एल कोमर्सियो’ से बातचीत में कहा, ‘मैंने इस हफ्ते टीम के साथ अभ्यास किया, लेकिन अभी यह तय नहीं है कि मैं पूरा मैच खेलूंगा या नहीं।’ क्लब ने साफ किया कि यह कोई दिखावा या प्रचार का तरीका नहीं है। यह एक ऐसे खिलाड़ी को सम्मान देने का प्रयास है, जिसने अपने जीवन में कड़ी मेहनत और खेल के प्रति सच्ची लगन दिखाई है। क्लब के बयान में कहा गया, ‘मातेओस हमारे क्लब के मूल्यों को दर्शाते हैं, जुनून, निरंतरता और खेल के प्रति सम्मान। उम्र मायने नहीं रखती, असली बात है समर्पण और प्रतिबद्धता।’ क्लब का कहना है कि मातेओस सिर्फ 70 साल के होने की वजह से नहीं खेल रहे हैं, बल्कि इसलिए खेल रहे हैं क्योंकि उन्होंने इसे अपनी मेहनत से हासिल किया है। मातेओस ने बताया, ‘जब मैंने खेलना शुरू किया था, तब खेल काफी अलग था। उस समय के मैदान और गेंदें आज से बिल्कुल अलग थीं। मुझे याद है कि बारिश के समय मैदान में पानी भर जाता था, तो मैं गोलपोस्ट के पास एक बाल्टी रखता था ताकि पानी निकाल सकूं।’ सीडी कोलुंगा के अनुसार, यह मैच सिर्फ उम्र का नहीं, बल्कि खेल की असली भावना का जश्न है। यह कहानी दिखाती है कि अगर जुनून और समर्पण हो, तो उम्र सिर्फ एक संख्या बनकर रह जाती है। फिट रहने के लिए रोज खेलें या टहलें: मातेओस एंजेल मातेओस पहले एक खदान में काम करते थे। मातेओस ने कहा, ‘आपको हमेशा सक्रिय रहना चाहिए, चाहे खेल खेलें या रोज टहलें।’ उन्होंने यह भी बताया कि वे बचपन से ही खेल के प्रति समर्पित रहे हैं और आज भी खुद को फिट रखते हैं। मातेओस ने कहा कि उनका वजन अब भी लगभग करीब 68-69 किलो ही है, जितना 18 साल की उम्र में था। वे अब भी प्रतिस्पर्धा में विश्वास रखते हैं और हारना पसंद नहीं करते।
राजसमंद में आयोजित हो रही बालिका फुटबॉल प्रतियोगिता अस्मिता लीग 2026 में नागौर जिला टीम ने सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। टीम ने एक रोमांचक मुकाबले में अजमेर को 2-1 से हराया। नागौर की टीम ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और अपनी बढ़त अंत तक बनाए रखी। टीम ने आक्रमण और रक्षा दोनों मोर्चों पर प्रभावी संतुलन प्रदर्शित किया। टीम की खिलाड़ी राधिका और अनुराधा ने मैदान पर बेहतरीन तालमेल दिखाया। उनकी सटीक पासिंग और तेज मूवमेंट ने विपक्षी टीम की रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनाए रखा, जो जीत में महत्वपूर्ण साबित हुआ। टीम के कोच सगीर अली ने बताया कि खिलाड़ियों ने निर्धारित रणनीति के अनुसार अनुशासित प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि टीम सेमीफाइनल मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार है और खिलाड़ियों का आत्मविश्वास ऊंचा है। इस जीत पर नागौर जिला फुटबॉल संघ के अध्यक्ष चेतन डूडी, सचिव सैयद फरहत अली और उपाध्यक्ष शबीक अहमद उस्मानी ने टीम को बधाई दी। उन्होंने इसे खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और अभ्यास का परिणाम बताया और उम्मीद जताई कि टीम सेमीफाइनल में भी अच्छा प्रदर्शन कर फाइनल में जगह बनाएगी। नागौर की महिला खिलाड़ी लगातार प्रदेश स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं और जिले का नाम रोशन कर रही हैं। अब सभी की निगाहें सेमीफाइनल मुकाबले पर टिकी हैं, जहां टीम से एक और जीत की उम्मीद की जा रही है।
सेल फुटबॉल अकादमी के लिए चयन ट्रायल कल से, प्रतिभा को मिलेगा मौका
सिटी रिपोर्टर | बोकारो बोकारो जिले के प्रतिभाशाली युवा फुटबॉल खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से सेल फुटबॉल अकादमी बोकारो में सत्र 2026-27 के लिए चयन ट्रायल आयोजित किए जाएंगे। इस ट्रायल का आयोजन बोकारो स्टील प्लांट की ओर से किया जा रहा है। ट्रायल का कार्यक्रम एमकेएम स्टेडियम सेक्टर-4 में 2 व 3 मई को आयोजित होगा। रिपोर्टिंग सुबह 7 बजे करना है। इसके लिए 1 जनवरी 2010 से 31 दिसंबर 2011 के बीच जन्मे अभ्यर्थी हिस्सा ले सकते हैं। साथ ही आउटफील्ड खिलाड़ियों के लिए 5 फीट 7 इंच व गोलकीपर के लिए 5 फीट 10 इंच, चिकित्सीय मानक: कम से कम 28 दांत होना अनिवार्य है। साथ में आवश्यक दस्तावेज नगरपालिका द्वारा जारी मूल जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड लाना है।
18 खिलाड़ियों की अंडर-16 फुटबॉल टीम रवाना:राजसमंद में होने वाली अस्मिता फुटबॉल लीग में दिखाएंगी दमखम
डीडवाना की अंडर-16 बालिका फुटबॉल टीम गुरुवार सुबह बस स्टैंड से राजसमंद के लिए रवाना हुई। यह टीम 1 से 3 मई तक होने वाली अस्मिता फुटबॉल लीग 2026 में भाग लेगी, जिसमें प्रदेशभर की चुनिंदा टीमें शामिल होंगी। प्रतियोगिता से पहले 19 से 24 अप्रैल तक डीडवाना के बलदेव राम मिर्धा स्टेडियम, हीरावती और मकराना में ट्रायल कैंप आयोजित किए गए थे। इन शिविरों में कुल 44 बालिकाओं ने हिस्सा लिया, जिनमें से प्रदर्शन के आधार पर 18 खिलाड़ियों का अंतिम चयन किया गया। जिला संघ के सचिव बोले- पारदर्शी रही चयन प्रक्रियाचयन प्रक्रिया में सैयद सगीर अली, बाबू सईद, हाजी मोहम्मद यूसुफ, सरफराज, सादिक अली, राजेश गढ़वाल और जिला सह सचिव हनीफ गौड़ शामिल थे। कोच अंजू खिलेरी भी टीम के साथ गई है, जो खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करेंगी। जिला फुटबॉल संघ के सचिव सैयद फरहत अली ने बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही, जिससे एक संतुलित और मजबूत टीम का गठन हुआ है।जिला उपाध्यक्ष शबीक अहमद उस्मानी ने बताया कि 2021 से 2026 तक टीम ने विभिन्न आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कई पदक हासिल किए हैं।जिला फुटबॉल संघ के पदाधिकारी सैयद जाकिर अली, सैयद अरफत अली, रामाकिशन मरोठिया, पन्नाराम सांखला, दुलाराम, सीताराम और सूर्यप्रकाश ने टीम को शुभकामनाएं दीं और उनके सफल प्रदर्शन की कामना की।
फीफा वर्ल्ड कप के लिए कुल प्राइज मनी 727 मिलियन डॉलर (करीब 6800 करोड़ रुपए) से बढ़ाकर 871 मिलियन डॉलर (8250 करोड़ रुपए) कर दी गई है। यही नहीं, हर टीम को मिलने वाली गारंटीड रकम भी बढ़ाकर 12.5 मिलियन डॉलर (करीब 118 करोड़) कर दी गई है। 2022 में प्राइज पूल 440 मिलियन डॉलर (करीब 3600 करोड़) था, यानी इस बार यह लगभग दोगुना हो गया है। अगर इस सदी की शुरुआत से तुलना करें तो वर्ल्ड कप की प्राइज मनी में जबरदस्त उछाल देखने को मिलता है। 2002 में विजेता टीम को करीब 70 करोड़ रुपए मिलते थे, जो 2006 में 150 करोड़, 2010 में 250 करोड़, 2014 में 290 करोड़, 2018 में 315 करोड़ और 2022 में 350 करोड़ तक पहुंच गए। अब 2026 में विजेता को करीब 420 करोड़ रुपए मिलने का अनुमान है। यह दिखाता है कि पिछले 20-25 साल में प्राइज मनी 500% तक बढ़ चुकी है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण टूर्नामेंट की बढ़ती लोकप्रियता, ब्रॉडकास्टिंग राइट्स और स्पॉन्सरशिप से होने वाली भारी कमाई है। 2026 का वर्ल्ड कप 48 टीमों और 104 मैचों के साथ अब तक का सबसे बड़ा टूर्नामेंट होगा। इसकी मेजबानी अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको मिलकर करेंगे। अगर फीफा की दूसरे खेलों से तुलना करें तो फुटबॉल का दबदबा साफ नजर आता है। गोल्फ व टेनिस दोनों की कुल प्राइज मनी मिलाकर भी वर्ल्ड कप से कम है। टूर्नामेंट में खेलने वाली टीमों को टैक्स में राहत टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली सभी 48 टीमों को अमेरिका में टैक्स से राहत मिल सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार फीफा और अमेरिकी ट्रेजरी के बीच बातचीत के बाद फेडरल टैक्स में छूट देने पर सहमति बन रही है। इससे नेशनल फुटबॉल फेडरेशंस को करोड़ों रुपए का फायदा होगा और उनके खर्च का बोझ कम होगा। दरअसल, लंबी यात्रा, ठहरने और ऑपरेशनल लागत के साथ-साथ टैक्स नियमों को लेकर कई टीमों ने चिंता जताई थी, जिसके बाद यह कदम उठाया जा रहा है। वीसा संकट के कारण शामिल नहीं हो सका ईरान फीफा वर्ल्ड कप से पहले ईरान की टीम पर अनिश्चितता छाई है। वैंकुवर में हुई फुटबॉल लीडर्स की बैठक में ईरानी प्रतिनिधि वीसा समस्याओं के कारण शामिल नहीं हुए। बैठक की अध्यक्षता फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने की। रिपोर्ट्स के अनुसार, यही दिक्कत गुरुवार को होने वाली फीफा कांग्रेस में उनकी मौजूदगी पर भी असर डाल सकती है। एशियाई फुटबॉल संघ के महासचिव विंडसर जॉन ने उम्मीद जताई है कि ईरान जल्द शामिल होगा। अमेरिका-ईरान तनाव भी स्थिति को जटिल बना रहा है। खेल - प्राइज मनी फीफा वर्ल्ड कप- 8250 गोल्फ एलआईवी- 3800 फेडएक्स कप गोल्- 940 यूएस ओपन टेनिस- 850 (*करोड़ रुपए में)
होशियारपुर से लोकसभा सदस्य डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने यूथ फुटबॉल क्लब (YFC) रुड़का कलां का दौरा किया और मेक्सिको में आयोजित होने वाले 'स्ट्रीट चाइल्ड वर्ल्ड कप' में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही टीम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 5 से 15 मई तक मेक्सिको में होने वाले इस टूर्नामेंट में 14 से 17 वर्ष के खिलाड़ी वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। डॉ. चब्बेवाल ने क्लब की खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 5 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की। खिलाड़ियों व ग्रामीणों की सुविधा के लिए रुड़का कलां-घुडका-पंडवां से मौली तक 5 करोड़ रुपए की लागत से 18 फुट चौड़ी नई सड़क बनाने का ऐलान किया। गांव के बच्चे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक रहे चब्बेवाल ने कहा कि यह पूरे उत्तर भारत के लिए गर्व का विषय है कि वाईएफसी के युवा मेक्सिको में तिरंगा लहराएंगे। पंजाब सरकार ने खेड़ां वतन पंजाब दीयां जैसे आयोजनों से खेलों का जो माहौल बनाया है, उसी का परिणाम है कि गांव के बच्चे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक रहे हैं। 14 से 17 वर्ष की आयु के खिलाड़ी ले रहे हैं भाग चब्बेवाल ने बताया कि स्ट्रीट चाइल्ड वर्ल्ड कप 5 से 15 मई तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें 14 से 17 वर्ष की आयु के खिलाड़ी वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। वाईएफसी के चेयरमैन गुरमंगल दास ने लोकसभा सदस्य का धन्यवाद किया और मेक्सिको जाने वाली टीम को बधाई दी। उन्होंने बताया कि इस साल स्ट्रीट चाइल्ड वर्ल्ड कप में दुनिया भर से कुल 30 टीमें हिस्सा लेंगी, जिनमें 17 टीमें लड़कियों की और 13 टीमें लड़कों की है। टीम लीडर हर्ष जैसुख चोटालिया के नेतृत्व में खेलेंगे बच्चे वाईएफसी के चेयरमैन गुरमंगल दास ने बताया कि भारतीय टीम में सीलास सिद्धू, अर्शदीप, जशनप्रीत, राजन जखू, समीर, रमिंदर सिंह, सैम मसीह, शमशेर सिंह आकाश (गोलकीपर), रौनक, मुख्य कोच अनवर अली, टीम लीडर हर्ष जैसुख चोटालिया और टीम मैनेजर नूपुर नाग शामिल हैं। इस अवसर पर प्रिंसिपल प्रेम कुमार (हलका इंचार्ज), सरपंच अक्विंदर कौर, पाला मौली, रिंकी रानी (ब्लॉक कमेटी सदस्य), टोनी संधू, सुरजीत सिंह, दलजीत कुमार, राजेश मैनी, संजय नागपाल और बड़ी संख्या में गांव के लोग मौजूद रहे।
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