फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए ब्राजील और क्रोएशिया की टीमों का ऐलान हो गया है। 5 बार की वर्ल्ड चैंपियन ब्राजील में 3 साल बाद जूनियर नेमार की वापसी हुई है। जबकि, क्रोएशिया ने 40 साल के लुका मोड्रिच को कप्तान बनाया है। वे अपना 5वां वर्ल्ड कप खेलेंगे। वहीं, स्पेन के युवा मिडफील्डर फर्मिन लोपेज दाएं पैर में फ्रैक्चर के कारण वर्ल्ड कप से बाहर हो गए हैं। 48 टीमें के इस टूर्नामेंट की शुरुआत 11 जून से होगी। जोकि अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की मेजबानी में 16 शहरों में खेला जाएगा। हाल ही में फ्रांस और बेल्जियम ने भी अपनी-अपनी टीमों का ऐलान किया था। चौथा वर्ल्ड कप खेलेंगे नेमार ब्राजील के मुख्य कोच कार्लो एंसेलोटी ने सोमवार को रियो डी जेनेरियो में टीम का ऐलान किया। उन्होंने कहा- 'हमने पूरे साल नेमार का बारीकी से विश्लेषण किया। पिछले कुछ समय में उन्होंने लगातार फुटबॉल खेला है। उनकी फिटनेस इस बड़े मंच के लिए बिल्कुल दुरुस्त है।' 34 साल के नेमार चोट के कारण 2023 के बाद से ब्राजील के लिए एक भी मैच नहीं खेल पाए। वे करियर का चौथा वर्ल्ड कप (2014, 2018, 2022, 2026) खेलेंगे। ब्राजील को ग्रुप-C में रखा गया है। उसका पहला मैच 13 जून को मोरक्को से होगा। फिर हैती और स्कॉटलैंड से मुकाबले होंगे। ब्राजील का पूरा वर्ल्ड कप स्क्वाॅड: गोलकीपर्स: एलिसन बेकर (लिवरपूल), एडरसन (फेनरबाश), वेवरटन (ग्रेमियो)। डिफेंडर्स: एलेक्स सैंड्रो, डैनिलो, लियो परेरा (फ्लेमेंगो), ब्रेमर (जुवेंटस), इबानेज़ (अल-अहली), वेस्ले (रोमा), मार्किन्होस (पेरिस सेंट-जर्मेन), गेब्रियल (आर्सेनल), डगलस सैंटोस (जेनिट सेंट पीटर्सबर्ग)। मिडफील्डर्स: ब्रूनो गुइमारेस (न्यूकैसल), कैसिमिरो (मैनचेस्टर यूनाइटेड), डैनिलो सैंटोस (बोटाफोगो), फैबिन्हो (अल-इत्तिहाद), लुकास पाकेटा (फ्लेमेंगो)। फॉरवर्ड्स: एंड्रिक (लायन), गेब्रियल मार्टिनेली (आर्सेनल), इगोर थियागो (ब्रेंटफोर्ड), मैथ्यूज कुन्हा (मैनचेस्टर यूनाइटेड), राफिन्या (बार्सिलोना), विनिसियस जूनियर (रियल मैड्रिड), लुइज़ हेनरिक (जेनिट सेंट पीटर्सबर्ग), नेमार (सांतोस), रेयान (बॉर्नमाउथ)। मोड्रिच 200 इंटरनेशनल मैच पूरे कर सकते हैं क्रोएशिया के मुख्य कोच ज्लाटको डालिच ने 26 सदस्यीय टीम का ऐलान किया। इसमें 40 साल के दिग्गज लुका मोड्रिच को चुना गया। वे करियर का 5वां वर्ल्ड कप खेलेंगे। वे पिछले महीने गाल की हड्डी टूटने की चोट का शिकार हो गए थे। डालिच ने उम्मीद जताई है कि वे 17 जून को इंग्लैंड के खिलाफ पहले वर्ल्ड कप मैच तक फिट हो जाएंगे। मोड्रिच 200 इंटरनेशनल मैच पूरे कर सकते हैं। टीम में स्टार फॉरवर्ड इवान पेरिसिच भी शामिल हैं, जिन्होंने पिछले तीनों वर्ल्ड कप में क्रोएशिया के लिए गोल दागे हैं। क्रोएशिया की टीम 2018 वर्ल्ड कप की उपविजेता रही थी, जबकि 2022 वर्ल्ड कप में उसने तीसरा स्थान हासिल किया था। क्रोएशिया को ग्रुप-एल में रखा गया है। टीम 17 जून को इंग्लैंड के खिलाफ पहला मैच खेलेगी। इसके बाद पनामा और घना से मुकाबले होंगे। क्रोएशिया का पूरा वर्ल्ड कप स्क्वाॅड: गोलकीपर्स: डोमिनिक लिवाकोविच, डोमिनिक कोटार्स्की, इवोर पांडुर। डिफेंडर्स: जोस्को ग्वारदियोल, दुये सालेटा-सार, जोसिप सुतालो, जोसिप स्टैनिसिच, मारिन पोंग्रासिच, मार्टिन एर्लिक, लुका वुस्कोविच। मिडफील्डर्स: लुका मोड्रिच, मातेयो कोवाचिच, मारियो पासालिच, निकोला व्लासिच, लुका सुसिच, मार्टिन बटुरिना, क्रिस्टियन जाकिच, पेटार सुसिच, निकोला मोरो, टोनी फ्रुक। फॉरवर्ड्स: इवान पेरिसिच, आंद्रेज क्रामारिच, एंटे बुदिमिर, मार्को पासालिच, पेटार मूसा, इगोर माटानोविच। स्टैंड-बाय खिलाड़ी (Stand-by Players): लोवरो मायेर, फ्रैंजो इवानोविच, डियोन ड्रेना बेलजो, इवान स्मोलसिच, कार्लो लेटिका, एड्रियन सेगेसिच, लुका स्टोज्कोविच। ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट लोपेज बाहर स्पेन के 23 साल के मिडफील्डर फर्मिन लोपेज का वर्ल्ड कप खेलने का सपना टूट गया है। बार्सिलोना क्लब के अनुसार, रविवार को रियल बेटिस के खिलाफ स्पैनिश लीग मैच में लोपेज के दाएं पैर की 5वीं मेटाटार्सल हड्डी में फ्रैक्चर हो गया। क्लब ने बताया कि उन्हें सर्जरी से गुजरना होगा और वे अगले महीने शुरू हो रहे वर्ल्ड कप तक फिट नहीं हो पाएंगे। लोपेज स्पेन की उस टीम का हिस्सा थे, जिसने 2024 यूरो कप जीता था। उन्होंने पेरिस ओलिंपिक 2024 में स्पेन को गोल्ड जिताने में 6 गोल दागे थे, जिसमें फ्रांस के खिलाफ फाइनल में किए गए 2 गोल भी शामिल थे। स्पेन वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत 15 जून को अटलांटा में केप वर्डे के खिलाफ करेगा। --------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… फीफा वर्ल्ड कप के लिए बेल्जियम टीम का ऐलान, डि ब्रुइन और कोर्टुआ संभालेंगे कमान, ओपेंडा बाहर फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए बेल्जियम ने 26 सदस्यीय टीम का ऐलान किया है। रियाल मैड्रिड के गोलकीपर थिबो कोर्टुआ और मिडफील्डर केविन डि ब्रुइन टीम की कमान संभालेंगे। वर्ल्ड कप 12 जून से अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में खेला जाएगा। पढ़ें पूरी खबर
एक समय था, जब इंग्लैंड के फुटबॉल मैदानों में कोर्टनी हॉस का नाम गूंजता था। प्रीमियर लीग में खेलना, लाखों पाउंड की कमाई, बड़े स्टेडियमों की चमक और दुनिया भर में पहचान, यह सब उनके जीवन का हिस्सा था। लेकिन अब वही खिलाड़ी फुटबॉल से दूर, माइक्रोफोन के सामने खड़ा होकर अपने नए सपनों को आवाज दे रहा है। 30 वर्षीय कोर्टनी हॉस की कहानी सिर्फ एक फुटबॉलर की नहीं, बल्कि संघर्ष, दर्द और फिर नई शुरुआत की कहानी है। इंग्लैंड के क्लब एस्टन विला के लिए खेलने वाले इस डिफेंडर ने करियर में कई बड़े पल देखे। मैनचेस्टर यूनाइटेड के खिलाफ ओल्ड ट्रैफर्ड में विजयी गोल करना सबसे यादगार पल बना। लेकिन किस्मत ने उनके लिए कुछ और ही तय कर रखा था। साल 2018 में क्रिसमस के दौरान लंदन में परिवार से मिलने गए हॉस का कुछ अपराधियों ने पीछा किया। घर पहुंचते ही उन पर हमला हुआ। सिर पर बोतल से वार किया गया। खून से लथपथ हालत में वह किसी तरह अस्पताल पहुंचे। उस रात उन्होंने सिर्फ अपना करियर नहीं, बल्कि अपनी जान भी लगभग खो दी थी। इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। फुटबॉल खेलना जारी रखा, लेकिन शरीर अब उनका साथ छोड़ने लगा था। कभी ग्रोइन इंजरी, कभी एंकल और फिर घुटने की गंभीर समस्या। चोटें बढ़ती गईं और मैदान पर उनका समय कम होता गया। 2022 में वह वॉटफोर्ड क्लब गए, उम्मीद थी कि करियर पटरी पर लौटेगा। लेकिन घुटने की चोट ने सब खत्म कर दिया। लगातार सर्जरी हुईं, रिहैब चला, लेकिन वापसी नहीं हो सकी। दो साल तक उन्होंने प्रोफेशनल मैच नहीं खेला। आखिरकार एस्टन विला ने भी उनका साथ छोड़ दिया। जहां कई खिलाड़ी ऐसे समय में टूट जाते हैं, वहीं हॉस ने खुद को नए रास्ते पर खड़ा किया। फुटबॉल से दूर होने के बाद उन्होंने संगीत को चुना, जो उनका बचपन का प्यार था। अब वह ‘कोर्टनी हॉस’ नहीं, बल्कि ‘कोर्ट्स’ के नाम से पहचाने जाना चाहते हैं। अब उनका इंस्टाग्राम फुटबॉल नहीं, बल्कि म्यूजिक वीडियो और गानों से भरा है। जल्द ही उनका नया एल्बम आने वाला है। इसके साथ ही वह ‘ब्लाइंडेड माइंड्स’ नाम से कपड़ों का ब्रांड भी लॉन्च कर रहे हैं। कभी प्रीमियर लीग का डिफेंडर रहा यह खिलाड़ी जिंदगी के नए मैदान में उतर चुका है। फर्क सिर्फ इतना है कि अब उसके हाथ में फुटबॉल नहीं, बल्कि माइक्रोफोन है। लेकिन जज्बा वही पुराना है- गिरकर फिर उठने का। हॉस के परिवार में सभी संगीत के शौकीन हॉस का परिवार संगीत के बेहद करीब रहा है। सात भाइयों वाले परिवार में सभी माइकल जैक्सन, अशर, क्रिस ब्राउन जैसे कलाकारों के गाने सुना करते थे। परिवार की पार्टियों में सभी भाई मिलकर गाते थे और बचपन में उन्हें लगता था कि वे ‘जैक्सन फाइव’ का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा था कि उन्हें रैप, आर एंड बी, क्लासिकल, इंडी और रॉक सहित हर तरह का संगीत पसंद है। हालांकि, उन्होंने आर एंड बी को इसलिए चुना क्योंकि उन्हें लगा कि उनकी आवाज इस शैली के लिए सबसे बेहतर है।
आर्थिक तंगी, सुविधाओं का अभाव, लेकिन कुछ कर गुजरने की जिद ने रोनाल्डो को बनाया 'फुटबॉल का जादूगर'
कहते हैं कि किसी चीज की सही अहमियत उसी इंसान को पता होती है, जिसने वर्षों से उसके लिए इंतजार किया हो। पुर्तगाल के स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। रोनाल्डो का बचपन गरीबी में गुजरा। एक समय ऐसा भी था, जब रोनाल्डो के घर में खाने तक के पैसे नहीं थे। मां दूसरों के घर में काम करती थी। हालांकि, रोनाल्डो हालातों के आगे झुके नहीं, बल्कि इनसे लड़ने का फैसला किया। बचपन से ही रोनाल्डो ने घर चलाने में अपनी मां की हरसंभव मदद करने की कोशिश की। उनका दाखिला स्कूल में कराया गया, लेकिन एक बार शिक्षक से विवाद होने के बाद उन्हें स्कूल छोड़ना पड़ा। रोनाल्डो की फुटबॉल में शुरुआत से ही खास रुचि थी। वह राह चलते किसी भी चीज को उठाकर प्रैक्टिस करने लगे। इस खेल के प्रति उनकी दीवानगी बढ़ती चली गई और 8 साल की उम्र में उन्होंने स्थानीय क्लब एंडोरिन्हा से खेलना शुरू कर दिया। इसके बाद रोनाल्डो पूरी तरह फुटबॉल में रम गए। 12 साल की उम्र में रोनाल्डो को घर से दूर जाना पड़ा और उनका दाखिला स्पोर्टिंग लिस्बन एकेडमी में कराया गया। इस अकादमी में उन्होंने शारीरिक और मानसिक रूप से खुद को मजबूत बनाया और अपने खेल को भी निखारा। 18 वर्ष की उम्र में रोनाल्डो की मैनचेस्टर यूनाइटेड में एंट्री हुई। क्लब ने इस युवा फुटबॉलर की काबिलियत को देखते हुए उन्हें 17 मिलियन अमेरिकी डॉलर में खरीदा, और बस यहीं से रोनाल्डो की जिंदगी बदल गई। कहा जाता है कि स्पोर्टिंग सीपी और मैनचेस्टर यूनाइटेड के बीच हुए दोस्ताना मैच में रोनाल्डो ने अपने बेहतरीन खेल से क्लब के मैनेजर सर एलेक्स फर्ग्यूसन को हैरान कर दिया था। रोनाल्डो को मैनचेस्टर यूनाइटेड में 7 नंबर की जर्सी दी गई। साल 2003 में ही रोनाल्डो ने पुर्तगाल की ओर से कजाकिस्तान के खिलाफ हुए एक मैत्रीपूर्ण इंटरनेशनल मुकाबले में अपना डेब्यू किया। 2004 में हुई यूरोपीय चैंपियनशिप में रोनाल्डो अपने खेल के दम पर लोगों का ध्यान इंटरनेशनल स्तर पर खींचने में सफल रहे। रोनाल्डो ने इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। मैनचेस्टर यूनाइटेड की जर्सी में उनका खेल लगातार निखरता चला गया। साल 2009 में रोनाल्डो को क्लब में शामिल करने के लिए रिकॉर्ड ट्रांसफर फीस चुकाई और लगभग 8 करोड़ यूरो में साइन किया। रियल मैड्रिड के लिए खेलते हुए रोनाल्डो ने अपने करियर के सबसे बेहतरीन पल दिए। अपनी तेज रफ्तार, फुर्ती और शानदार स्किल्स के दम पर उन्होंने पूरी दुनिया को अपने खेल का दीवाना बना दिया। कहा जाता है कि स्पोर्टिंग सीपी और मैनचेस्टर यूनाइटेड के बीच हुए दोस्ताना मैच में रोनाल्डो ने अपने बेहतरीन खेल से क्लब के मैनेजर सर एलेक्स फर्ग्यूसन को हैरान कर दिया था। रोनाल्डो को मैनचेस्टर यूनाइटेड में 7 नंबर की जर्सी दी गई। साल 2003 में ही रोनाल्डो ने पुर्तगाल की ओर से कजाकिस्तान के खिलाफ हुए एक मैत्रीपूर्ण इंटरनेशनल मुकाबले में अपना डेब्यू किया। 2004 में हुई यूरोपीय चैंपियनशिप में रोनाल्डो अपने खेल के दम पर लोगों का ध्यान इंटरनेशनल स्तर पर खींचने में सफल रहे। Also Read: LIVE Cricket Score साल 2016 में रोनाल्डो ने अपने देश पुर्तगाल को यूईएफए यूरो का खिताब जिताया, जबकि 2019 में उन्होंने अपनी कप्तानी में पुर्तगाल को यूईएफए नेशंस लीग की ट्रॉफी भी दिलाई। रोनाल्डो सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेलने वाले पुरुष खिलाड़ी भी हैं। कतर में हुए पिछले फीफा वर्ल्ड कप में पुर्तगाल और रोनाल्डो दोनों का प्रदर्शन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा था। टीम क्वार्टर फाइनल में ही हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी। हालांकि, फीफा विश्व कप 2026 को रोनाल्डो के करियर का आखिरी वर्ल्ड कप भी माना जा रहा है, ऐसे में वह पुर्तगाल की जर्सी में ऐतिहासिक प्रदर्शन के साथ विदाई जरूर लेना चाहेंगे। Article Source: IANS
चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने ऋतुराज गायकवाड की कप्तानी पर बयान दिया। उन्होंने रविवार को ट्रेनिंग सेशन से पहले आयोजित कार्यक्रम में कहा- हमने उसे फ्री हैंड दिया है। मैंने ऋतु से साफ कहा है कि CSK को उसी तरह चलाओ, जैसे तुम चलाना चाहते हो। मैं भी लंबे समय से इस टीम को इसी तरह चलाता आया हूं। 44 साल के पूर्व भारतीय कप्तान धोनी ने क्रिकेट में कप्तान के अधिकारों पर भी बात की। उन्होंने कहा- मुझे हमेशा लगता है कि क्रिकेट ऐसा खेल है, जहां फैसले मैदान पर कप्तान को ही लेने होते हैं। हां, कोच और सपोर्ट स्टाफ होते हैं, लेकिन यह फुटबॉल जैसा नहीं है, जहां मैनेजर सब कुछ तय करता है।' हालांकि, धोनी ने आज के IPL मैच में अपने खेलने पर अपडेट नहीं दिया, जिसमें चेन्नई का सामना हैदराबाद से होगा। यह टीम का घरेलू मैदान पर इस सीजन का आखिरी लीग मैच है। आयोजन के बाद धोनी ने एमए चिदंबरम स्टेडियम में प्रैक्टिस की। वे थोड़ी देर से पहुंचे, पैड पहने, वॉर्म-अप किया और सीधे नेट्स पर चले गए। धोनी ने प्रैक्टिस में बड़े-बड़े शॉर्ट मारे धोनी की 4 बातें… इस सीजन में कोई मैच नहीं खेल सके हैं धोनी धोनी चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा हैं। हालांकि, वे काफ स्ट्रेन (पिंडली की चोट) के कारण इस सीजन में अब तक एक भी मैच नहीं खेल पाए हैं। धोनी ने अपनी कप्तानी में चेन्नई को 5 बार IPL जिताया है। वे भारतीय लीग में 5 हजार से ज्यादा रन बना चुके हैं। ------------------------------------------------------------ धोनी से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… धोनी NSG कमांडो ट्रेनिंग सेंटर पहुंचे, मशीनगन चलाई; पिस्टल से निशाना भी लगाया पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी IPL के बीच रविवार को चेन्नई में नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स (NSG) के रीजनल हब पहुंचे। यहां उन्होंने सब-मशीनगन (छोटी मशीनगन) चलाई। साथ ही पिस्टल से भी निशाना लगाया। पढ़ें पूरी खबर
अंडर-20 फुटबॉल : एक जीत, 1 ड्रॉ और दो हार के साथ राजस्थान हुआ टूर्नामेंट से बाहर
राजस्थान का नारायणपुर, छत्तीसगढ़ में खेली जा रही अंडर-20 स्वामी विवेकानंद राष्ट्रीय पुरुष फुटबॉल प्रतियोगिता में मिला-जुला प्रदर्शन रहा। राजस्थान की टीम 1 मैच जीती, 1 ड्रॉ खेला और 2 में उसे हार का सामना करना पड़ा। रविवार को खेले गए अंतिम लीग मुकाबले में राजस्थान की टीम को मेघालय ने 3-0 से पराजित किया। इस हार के साथ राजस्थान के 4 अंक हुए और वह प्रतियोगिता से बाहर हो गया। राजस्थान फुटबॉल संघ के अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह जसोल व सचिव दिलीप सिंह शेखावत ने खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों की हौसलाअफजाई की। ग्रास रूट लेवल पर और काम किया जा रहा उन्होंने बताया कि ग्रास रूट लेवल पर और काम किया जा रहा है, उससे भविष्य में बेहतर परिणाम आएंगे। भविष्य में राजस्थान को पदक की तरफ ले जाने के लिए और कड़ी मेहनत की जाएगी। प्रतियोगिता में राजस्थान का प्रदर्शन पहला मैच : आंध्र प्रदेश को 2-0 से हराया। दूसरा मैच : झारखंड से 2-1 से पराजित हुई। तीसरा मैच : बिहार से 1-1 से ड्रॉ खेली टीम। चौथा मैच : मेघालय ने 3-0 से हराया। मेघालय ने अंतिम लीग मैच में राजस्थान को 3-0 से हराया
देहरादून ने पीलीभीत को 4-1 से हराया:ऑल इंडिया फुटबॉल टूर्नामेंट में पेनल्टी शूटआउट से जीत हासिल की
संभल में आयोजित ऑल इंडिया फुटबॉल टूर्नामेंट के एक रोमांचक मुकाबले में देहरादून फुटबॉल क्लब ने पीलीभीत फुटबॉल क्लब को पेनल्टी शूटआउट में 4-1 से हरा दिया। इस जीत के साथ देहरादून ने टूर्नामेंट में अपनी शानदार उपस्थिति दर्ज की। सिरसी कस्बे के जे.एल.एम. मैदान में खेले गए इस मैच में दोनों टीमों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। 35-35 मिनट के दो हाफ वाले इस मुकाबले के पहले हाफ के 20वें मिनट में देहरादून के खिलाड़ियों ने पहला गोल दागकर 1-0 की बढ़त बना ली। गोल के बाद देहरादून ने अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास किया, लेकिन पीलीभीत की टीम ने लगातार जवाबी हमले किए। दूसरे हाफ के 17वें मिनट में पीलीभीत ने शानदार वापसी करते हुए बराबरी का गोल दाग दिया। निर्धारित 70 मिनट का खेल 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ, जिसके बाद मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट से करने का निर्णय लिया गया। पेनल्टी शूटआउट में देहरादून के खिलाड़ियों ने बेहतरीन संयम और सटीक निशानेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने चार सफल गोल किए, जबकि पीलीभीत की टीम केवल एक गोल ही कर सकी। इस तरह देहरादून फुटबॉल क्लब ने 4-1 से यह रोमांचक मुकाबला अपने नाम कर लिया। मैच के मुख्य रेफरी नादिर रजा थे, जबकि फैजान और यस्पी ने साइड रेफरी की भूमिका निभाई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि फिरोज हैदर रहे। इस रोमांचक मुकाबले को देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और कौसर अब्बास, मोहम्मद अब्बास, आशिक अब्बास, इफ्तेखार हुसैन, बब्बन, गुड्डू और राहत जान जैसे गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सम्भल के कस्बा सिरसी में आयोजित ऑल इंडिया फुटबॉल टूर्नामेंट में टांडा नेपाल क्लब ने भोपा क्लब मुजफ्फरनगर को 2-0 से हरा दिया। गुरुवार शाम खेला गया यह मुकाबला दर्शकों के लिए बेहद रोमांचक रहा। 35-35 मिनट के इस मुकाबले की शुरुआत से ही टांडा नेपाल क्लब ने आक्रामक रणनीति अपनाई। टीम के खिलाड़ियों ने तेज पासिंग और बेहतरीन तालमेल के दम पर भोपा क्लब के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाए रखा। मैच के 12वें मिनट में टांडा नेपाल के फॉरवर्ड खिलाड़ी ने शानदार मूव बनाते हुए पहला गोल दागा, जिससे दर्शकों में उत्साह भर गया। पहला गोल खाने के बाद भोपा क्लब मुजफ्फरनगर ने बराबरी हासिल करने के लिए कई आक्रमण किए। टीम के खिलाड़ियों ने तेज खेल दिखाया, लेकिन टांडा नेपाल की मजबूत डिफेंस लाइन और गोलकीपर ने उनके सभी प्रयासों को विफल कर दिया। देखें, 4 तस्वीरें… दूसरे हाफ में भी मुकाबला संघर्षपूर्ण रहा। भोपा क्लब लगातार दबाव बनाने की कोशिश करता रहा, लेकिन टांडा नेपाल की टीम ने संयम बनाए रखा। मैच के दूसरे हाफ के 22वें मिनट में टांडा नेपाल ने एक और शानदार मूव तैयार करते हुए दूसरा गोल कर अपनी बढ़त को दोगुना कर दिया। इसके बाद भोपा क्लब वापसी नहीं कर सका। मैच देखने के लिए सैकड़ों दर्शक मैदान में मौजूद रहे। इस दौरान कौसर अब्बास ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। चेयरमैन प्रत्याशी हसन आरिफ भी मैच का आनंद लेने पहुंचे। टूर्नामेंट के सफल आयोजन को लेकर खेल प्रेमियों में खासा उत्साह देखा गया।
फुटबॉल कोच के बाद अब बड़े परदे पर क्रिकेटर बनकर चमकेंगे Ajay Devgan,एक्टर की नई बायोपिक फिल्म पर आया बड़ा अपडेट
Maidaan Review:अजय देवगन की दमदार डायलॉग डिलीवरी और एक्टिंग ने दिखाया रियल सिनेमा, जरूर देखेफुटबॉल कोच की ये कहानी
Maidaan Review: सीट से हिलने का मौका नहीं देगी Ajay Devgan की ये फिल्म, जरूर देखनी चाहिएइंडियन फुटबॉल टीम के महान कोच
‘भीड़ से साथ की उम्मीद मत रखना', Ajay Devgan की मच अवेटेड फिल्म Maidaan काट्रेलर हुआ लॉन्च,फुटबॉल कोच बनकर छा गए एक्टर

