पांच बार की फीफा वर्ल्ड कप चैंपियन ब्राजील की टीम पहली बार भारत का दौरा करेगी। यह टीम 3 अक्टूबर को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में भारत के साथ फ्रेंडली मैच खेलेगी। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली इससे बेहद खुश हैं। उनका मानना है कि जब आप खुद से बेहतर खिलाड़ियों के साथ खेलते हैं, तो खुद भी बेहतर बनते हैं। सौरव गांगुली ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा, फुटबॉल एक शानदार खेल है। मुझे इसे देखना पसंद है। ब्राजील फुटबॉल खेलने वाले सबसे बेहतरीन देशों में से एक है। मुझे उम्मीद है कि वे एक बहुत मजबूत टीम के साथ आएंगे और इससे हमारे फुटबॉलर को अच्छा अनुभव मिलेगा, क्योंकि जब आप अपने से बेहतर खिलाड़ियों के साथ खेलते हैं, तो आप भी बेहतर बनते हैं। तो, यह भारतीय फुटबॉल के लिए बहुत अच्छा है। सिर्फ ब्राजील ही नहीं, उरुग्वे और पनामा भी आ रहे हैं, यानी कई टीमें फुटबॉल खेलने के लिए बंगाल आ रही हैं। उम्मीद है कि यह सिलसिला लगातार चलता रहेगा, क्योंकि इससे खिलाड़ियों को बहुत अच्छा अनुभव मिलेगा। भारत की सीनियर मेंस फुटबॉल टीम फीफा मेंस इंटरनेशनल मैच विंडो के दौरान पनामा के खिलाफ एक दोस्ताना मैच की मेजबानी करने जा रही है, जिसके बाद उसका सामना उरुग्व और ब्राजील से होगा। सौरव गांगुली ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा, फुटबॉल एक शानदार खेल है। मुझे इसे देखना पसंद है। ब्राजील फुटबॉल खेलने वाले सबसे बेहतरीन देशों में से एक है। मुझे उम्मीद है कि वे एक बहुत मजबूत टीम के साथ आएंगे और इससे हमारे फुटबॉलर को अच्छा अनुभव मिलेगा, क्योंकि जब आप अपने से बेहतर खिलाड़ियों के साथ खेलते हैं, तो आप भी बेहतर बनते हैं। तो, यह भारतीय फुटबॉल के लिए बहुत अच्छा है। सिर्फ ब्राजील ही नहीं, उरुग्वे और पनामा भी आ रहे हैं, यानी कई टीमें फुटबॉल खेलने के लिए बंगाल आ रही हैं। उम्मीद है कि यह सिलसिला लगातार चलता रहेगा, क्योंकि इससे खिलाड़ियों को बहुत अच्छा अनुभव मिलेगा। Also Read: LIVE Cricket Score बंगाल की नई सरकार के तहत खेलों से जुड़ी नई पहलों पर सौरव गांगुली ने कहा, खेल लोगों पर सबसे ज्यादा असर डालने वाली चीज है। जब आप युवा लड़के-लड़कियों को खेलने के लिए लाते हैं - चाहे वह फुटबॉल हो या क्रिकेट - तो आप उन्हें एक जिंदगी देते हैं। इसीलिए मौके बहुत जरूरी हैं। उम्मीद है कि यह सिलसिला जारी रहेगा। Article Source: IANS
खुद से बेहतर के साथ खेलने से आप भी बेहतर बनते हैं, ब्राजील फुटबॉल टीम के भारत दौरे से खुश गांगुली
कोलकाता, 3 सितंबर (आईएएनएस)। पांच बार की फीफा वर्ल्ड कप चैंपियन ब्राजील की टीम पहली बार भारत का दौरा करेगी। यह टीम 3 अक्टूबर को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में भारत के साथ फ्रेंडली मैच खेलेगी। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली इससे बेहद खुश हैं। उनका मानना है कि जब आप खुद से बेहतर खिलाड़ियों के साथ खेलते हैं, तो खुद भी बेहतर बनते हैं।
दिग्गज खिलाड़ी एडिन जेको का इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास का ऐलान, इंस्टाग्राम पर लिखा भावुक पोस्ट
नई दिल्ली, 3 सितंबर (आईएएनएस)। बोस्निया और हर्जेगोविना के दिग्गज खिलाड़ी और मैनचेस्टर सिटी के पूर्व स्टार एडिन जेको ने इंटरनेशनल फुटबॉल से रिटायरमेंट का ऐलान किया है। बोस्निया का यह स्टार खिलाड़ी नेशनल टीम के लिए अपना आखिरी मैच 2 अक्टूबर को खेलेगा, जब उनकी टीम नेशंस लीग में स्वीडन का सामना करेगी।
पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने ब्राजील के इंडिया टूर का समर्थन किया है। उन्होंने गुरुवार को कहा- 'ब्राजील एक मजबूत फुटबॉल टीम है। उनके यहां आने से भारतीय फुटबॉल को एक्सपोजर मिलेगा। 14 दिन पहले भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान बाईचुंग भूटिया ने भारतीय फुटबॉल फैंस से भारत-ब्राजील फ्रेंडली मैच के बॉयकॉट की अपील की थी। भारत और ब्राजील का इंटरनेशनल फ्रेंडली मैच 3 अक्टूबर को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में खेला जाएगा। गांगुली को मजबूत टीम के आने की उम्मीद गांगुली से भारत-ब्राजील मैच के बारे में पूछा गया था। इस पर उन्होंने कहा, 'फुटबॉल शानदार खेल है। मुझे इसे देखना पसंद है। ब्राजील दुनिया के महान फुटबॉल खेलने वाले देशों में से एक है। मुझे उम्मीद है कि वे बहुत मजबूत टीम के साथ आएंगे।' 50-70 करोड़ से खिलाड़ियों-क्लबों की मदद करें- भूटिया मैच के बॉयकॉट की अपील के पीछे भूटिया का तर्क था कि इस मैच पर 50 से 70 करोड़ रुपए खर्च होंगे। एक फ्रेंडली मैच के लिए इतना पैसा खर्च करना ठीक नहीं। इस पैसे को बंगाल के खिलाड़ियों, फुटबॉल इंफ्रास्ट्रक्चर, फुटसल मैदानों और आर्थिक संकट से जूझ रहे क्लबों पर लगाया जा सकता है। ----------------------------------------- भारतीय फुटबॉल से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… भारत-ब्राजील फुटबॉल मैच के टिकट की बिक्री शुरू, पनामा-उरुग्वे से भी खेलेगी भारतीय टीम भारत और ब्राजील के बीच 3 अक्टूबर को कोलकाता में होने वाले इंटरनेशनल फ्रेंडली फुटबॉल मैच के टिकट की बिक्री शुरू हो गई है। मैच साल्ट लेक स्टेडियम में होगा। टिकट डिस्ट्रिक्ट ऐप पर उपलब्ध हैं। पढ़ें पूरी खबर
स्पेन फुटबॉल महासंघ राष्ट्रीय महिला टीम की खिलाड़ियों के लिए बड़ा कदम उठाने जा रहा है। महासंघ महिला खिलाड़ियों के एग फ्रीज कराने की तैयारी में है। आइए जानते क्या है इस पहल के पीछे कारण...
Kolkata में India vs Brazil फुटबॉल मैच के टिकट खुलते ही बिके
कोलकाता, दो सितंबर फुटबॉल के प्रति जुनून के लिए मशहूर कोलकाता के प्रशंसकों ने अगले महीने होने वाले बहुप्रतीक्षित भारत-ब्राजील मैत्री मैच के लिए बुधवार को ऑनलाइन टिकट बिक्री शुरू होते ही जबरदस्त उत्साह दिखाया। इस मुकाबले के कम कीमत वाले टिकट ऑनलाइन बिक्री शुरू होने के एक घंटे के भीतर ही बिक गए। भारत तीन अक्टूबर को पांच बार के विश्व चैंपियन ब्राजील से भिड़ेगा। खेल और खासकर ब्राजील की राष्ट्रीय टीम के प्रति जुनूनी इस शहर में मुकाबले को लेकर फुटबॉल का रोमांच पहले ही चरम पर पहुंचने लगा है। टिकटों की कीमत 999 रुपये से लेकर 15,000 रुपये तक है। बुधवार को कुल कितने टिकट बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए इसका तत्काल पता नहीं चल सका। हालांकि विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन (वीवाईबीके) में होने वाले इस मुकाबले के लिए ‘डिस्ट्रिक्ट’ पर ऑनलाइन बिक्री शुरू होने के एक घंटे के भीतर ही कम कीमत वाले टिकट बिक गए। टिकटों की कीमत 999 रुपये, दो हजार रुपये, ढाई हजार रुपये, साढ़े तीन हजार रुपये, साढ़े चार हजार रुपये, छह हजार रुपये, सात हजार रुपये, नौ हजार रुपये और वीआईपी सीटों के लिए 15 हजार रुपये रखी गई है। वीवाईबीके की दर्शक क्षमता करीब 67,000 है और उम्मीद है कि इनमें से 70 प्रतिशत सीटों के टिकट बिक्री के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। भारतीय टीम इस हाई प्रोफाइल मैत्री श्रृंखला में पनामा और दो बार के विश्व चैंपियन उरुग्वे से भी भिड़ेगी। भारत 26 सितंबर को बेंगलुरु के श्री कांतीरवा स्टेडियम में पनामा की मेजबानी करेगा। इसके बाद टीम कोलकाता पहुंचेगी जहां तीन अक्टूबर को ब्राजील और फिर छह अक्टूबर को उरुग्वे का सामना करेगी। ब्राजील के खिलाफ मुकाबले के टिकट केवल ऑनलाइन बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए हैं और काउंटर से टिकट नहीं मिलेंगे। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) इस बार भौतिक टिकट जारी नहीं करेगा। सभी पास डिजिटल प्रारूप में दिए जाएंगे जैसा फीफा विश्व कप के दौरान किया गया था। भारत के मुख्य कोच खालिद जमील ने फीफा मैत्री मुकाबलों के लिए 26 सदस्यीय टीम की घोषणा पहले ही कर दी है। राष्ट्रीय शिविर 14 सितंबर से बेंगलुरु में शुरू होगा। पनामा के खिलाफ मुकाबले के दो दिन बाद 28 सितंबर को टीम कोलकाता रवाना होगी। तीनों प्रतिद्वंद्वी इस साल की शुरुआत में फीफा विश्व कप में हिस्सा ले चुके हैं।
लियोनल मेसी के अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से विदा लेने के साथ एक बार फिर वही पुरानी बहस चर्चा में है मेसी या क्रिस्टियानो रोनाल्डो, आखिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर कौन रहा? 21 साल तक अर्जेंटीना की जर्सी में नजर आए मेसी ने 207 मुकाबलों में 125 गोल के साथ अपने अंतरराष्ट्रीय सफर को अलविदा कहा। उनका आखिरी मुकाबला 2026 विश्व कप का फाइनल रहा, जहां अर्जेंटीना को स्पेन के हाथों 0-1 से हार मिली। हालांकि, मेसी ने फुटबॉल से संन्यास नहीं लिया है और क्लब स्तर पर खेलते रहेंगे। कुल अंतरराष्ट्रीय गोल की बात करें तो रोनाल्डो फिलहाल मेसी से काफी आगे हैं। पुर्तगाल के लिए उन्होंने 233 मुकाबलों में 146 गोल किए हैं, जबकि मेसी ने 207 मैचों में 125 गोल दागे। यानी रोनाल्डो के नाम 21 गोल अधिक हैं। प्रति मुकाबला गोल और प्रति गोल लगने वाले समय में भी रोनाल्डो आगे हैं। लेकिन तस्वीर तब बदलती है जब गोल के साथ साथियों के लिए मौके बनाने और गोल कराने को भी शामिल किया जाता है। मौजूद आंकड़ों के अनुसार मेसी ने 65 गोल में सहायता की है, जबकि रोनाल्डो के नाम 37 सहायता हैं। गोल और सहायता को मिलाकर कुल योगदान की बात करें तो मेसी हर 90.1 मिनट में किसी गोल में सीधे योगदान देते हैं, जबकि रोनाल्डो को इसके लिए औसतन 101.4 मिनट लगते हैं। यानी गोलों की संख्या में पीछे होने के बावजूद मेसी का समग्र आक्रमण प्रभाव ज्यादा नजर आता है। खेल बनाने की क्षमता में भी मेसी का पलड़ा भारी है। उनके नाम 438 सफल ड्रिबल हैं, जबकि रोनाल्डो 142 सफल ड्रिबल के साथ पीछे हैं। गोल के लिए अहम पास देने के मामले में भी मेसी 294-154 से आगे हैं। वहीं रोनाल्डो ने ज्यादा शॉट लिए हैं और निशाने पर भी उनके शॉट ज्यादा रहे हैं। दाएं पैर से गोल, सिर से किए गए गोल और हवाई मुकाबलों में रोनाल्डो की ताकत साफ दिखाई देती है, जबकि मेसी के 125 अंतरराष्ट्रीय गोलों में 111 बाएं पैर से आए हैं। पेनल्टी और फ्री किक में भी मेसी का रिकॉर्ड बेहतर बताया जाता है। उन्होंने 32 पेनल्टी में 25 गोल किए, जबकि रोनाल्डो ने 33 में 23 पेनल्टी को गोल में बदला। फ्री किक से मेसी ने 12 और रोनाल्डो ने 11 गोल किए हैं। हैट्रिक के मामले में भी मेसी 11-10 से आगे हैं। बड़े टूर्नामेंटों में मेसी का प्रभाव और मजबूत नजर आता है। विश्व कप में उन्होंने 34 मुकाबलों में 21 गोल और 12 सहायता दर्ज की है, जबकि रोनाल्डो ने 27 मैचों में 11 गोल और दो सहायता की हैं। प्रमुख टूर्नामेंटों के नॉकआउट चरण में भी मेसी के गोल और सहायता के आंकड़े रोनाल्डो से बेहतर हैं। हालांकि विश्व कप क्वालिफायर में रोनाल्डो का प्रदर्शन मजबूत रहा है। उन्होंने 52 मुकाबलों में 41 गोल किए हैं, जबकि मेसी ने अधिक मैचों में 36 गोल किए। ट्रॉफियों की कहानी में दोनों खिलाड़ियों ने अपने-अपने देश को गौरव दिलाया है। रोनाल्डो ने पुर्तगाल के साथ 2016 में यूरोपीय चैंपियनशिप जीती। 2019 और 2025 में वह राष्ट्र लीग जीतने वाली पुर्तगाल की टीम का हिस्सा रहे। 2025 के फाइनल में उन्होंने स्पेन के खिलाफ 40 साल की उम्र में गोल भी किया था। वहीं मेसी ने 2021 कोपा अमेरिका, 2022 फिनालिसिमा, 2022 विश्व कप और 2024 कोपा अमेरिका जीता। उन्होंने 2008 ओलंपिक में स्वर्ण पदक और 2005 अंडर-20 विश्व कप भी जीता था। गौरतलब है कि मेसी का अंतरराष्ट्रीय सफर शुरुआत में उतना आसान नहीं रहा था। 2007, 2015 और 2016 में कोपा अमेरिका तथा 2014 विश्व कप के फाइनल में उन्हें हार मिली। इसके बाद 2021 में कोपा अमेरिका जीतने के साथ उनका लंबा इंतजार खत्म हुआ। अगले ही साल उन्होंने अर्जेंटीना को विश्व कप जिताया और 2024 में कोपा अमेरिका खिताब भी अपने नाम किया। रोनाल्डो की कहानी भी संघर्ष और वापसी से भरी रही है। 2004 में यूरोपीय चैंपियनशिप के फाइनल में पुर्तगाल को ग्रीस से हार मिली थी। 2016 में चोट के कारण वह फाइनल में जल्दी मैदान से बाहर हो गए, लेकिन पुर्तगाल ने फ्रांस को हराकर खिताब जीत लिया। अब रोनाल्डो का करियर भी अंतिम दौर में माना जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया है कि मौजूदा सत्र उनका आखिरी सत्र हो सकता है। हालांकि उन्होंने आधिकारिक तौर पर संन्यास की घोषणा नहीं की है। ऐसे में आने वाले समय में यह बहस और तेज हो सकती है। आंकड़े बताते हैं कि रोनाल्डो अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के सबसे बड़े गोल मशीनों में हैं, जबकि मेसी गोल करने के साथ खेल बनाने और साथियों को मौके देने वाले अधिक बहुआयामी खिलाड़ी के रूप में सामने आते हैं। दोनों की उपलब्धियां इतनी बड़ी हैं कि अंतिम फैसला आंकड़ों से ज्यादा देखने वाले की नजर पर निर्भर करता है और यही वजह है कि मेसी बनाम रोनाल्डो की बहस आज भी फुटबॉल की सबसे चर्चित बहसों में शामिल हैं।
भारत और ब्राजील के बीच 3 अक्टूबर को कोलकाता में होने वाले इंटरनेशनल फ्रेंडली फुटबॉल मैच के टिकट की बिक्री शुरू हो गई है। ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) ने बुधवार को X पोस्ट में लिखा- ‘इंतजार खत्म हुआ। भारत-ब्राजील के मैच में मिलते हैं। भारत में भी ब्राजील के लाखों प्रशंसक हैं। ब्राजील टीम को देश के बाहर भारत को उसकी सबसे बड़ी फैन बेस में से एक माना जाता है। 1992 के बाद भारत का टॉप रैंकिंग टीम से मैच 1992 में फीफा वर्ल्ड रैंकिंग शुरू होने के बाद भारत सबसे ऊंची रैंकिंग वाली टीम के साथ मैच खेलने जा रहा है। ब्राजील इस समय वर्ल्ड रैंकिंग में पांचवें नंबर पर है। ब्राजील 5 बार की वर्ल्ड चैंपियन है। इसे भारतीय फुटबॉल इतिहास के सबसे बड़े मैचों में गिना जा रहा है। मैच विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में होगा, जिसके टिकट डिस्ट्रिक्ट ऐप पर उपलब्ध हैं। 26 सितंबर को पनामा से खेलेगा भारत टीम इंडिया 26 सितंबर को पनामा से भी फ्रेंडली मैच खेलेगी। यह मैच बेंगलुरु के श्री कांतीरवा स्टेडियम में होगा। भारत का यह किसी वर्ल्ड कप खेलने वाले देश के खिलाफ पहला फ्रेंडली मैच होगा। पनामा इस समय वर्ल्ड रैंकिंग में 44वें नंबर पर है। सेंट्रल अमेरिकी देश पनामा ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा लिया था। 6 अक्टूबर को उरुग्वे से मुकाबला पनामा और ब्राजील के बाद भारतीय टीम वर्ल्ड फुटबॉल की एक और मजबूत टीम से खेलेगी। दो बार की फीफा वर्ल्ड कप चैंपियन उरुग्वे के खिलाफ भारत का इंटरनेशनल फ्रेंडली मैच 6 अक्टूबर को होगा। यह मुकाबला भी कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में खेला जाएगा। -------------------------------------------------------- भारतीय फुटबॉल से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सुनील छेत्री बोले- ब्राजील, उरुग्वे से खेलने पर जलन होती है; 20 साल में मुझे ऐसा मौका नहीं मिला पूर्व भारतीय कप्तान सुनील छेत्री ने ब्राजील और उरुग्वे के खिलाफ भारत के मुकाबलों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा टीम को इन बड़ी टीमों के खिलाफ खेलते देखकर उन्हें थोड़ी जलन होती है। पूरी खबर पढ़ें…
इंटर स्कूल फुटबॉल : फाइनल में सेंट जॉन्स को 4-1 से हराकर जीएमएसएसएस 37बी बना चैंपियन, जीता गोल्ड
गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल (जीएमएसएसएस), सेक्टर 37बी ने इंटर स्कूल स्टेट फुटबॉल चैंपियनशिप (अंडर-19 बॉयज, सत्र 2026-27) का खिताब अपने नाम कर लिया है। सेंट जॉन्स हाई स्कूल, सेक्टर 26 के खेल मैदान पर खेले गए फाइनल मुकाबले में सेक्टर 37बी की टीम ने मेजबान सेंट जॉन्स को 4-1 के अंतर से मात देकर स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) झटका।
Brazil और Uruguay के खिलाफ मुकाबले भारतीय फुटबॉल के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित होंगे
भारत की राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच खालिद जमील का मानना है कि पांच बार के विश्व चैंपियन ब्राजील और दो बार के विजेता उरुग्वे के खिलाफ अपने घरेलू मैदान पर खेलना सपना सच होने जैसा है और यह भारतीय फुटबॉल के लिए ‘टर्निंग प्वाइंट’ साबित होगा। जमील का मानना है कि इन मैच से भारत को अगले साल होने वाले एशिया कप क्वालीफायर की तैयारी में मदद मिलेगी। उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘‘ यह भारतीय फुटबॉल के लिए ‘टर्निंग प्वाइंट’ होगा। हम पहली बार ब्राजील के खिलाफ खेलेंगे। हमें सकारात्मक सोच रखनी चाहिए। हमें सिर्फ एक ही बात पर ध्यान देना चाहिए कि भारत को आगे बढ़ना ही होगा।’’ जमील ने कहा, ‘‘हमारा मुख्य लक्ष्य 2027 में एशिया कप के लिए क्वालीफाई करना है। उससे पहले हमारा सामना मजबूत टीमों से होगा। यह भारतीय फुटबॉल के लिए बहुत अच्छी बात है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भारत इन मैचों से नया इतिहास रचेगा। अगर कोई नकारात्मक बातें करता है, तो उसे चुप रहना चाहिए। इसे भी पढ़ें: AFC Under-20 क्वालीफायर में मजबूत सीरिया के खिलाफ अपनी रणनीति पर पूरा ध्यान रखेगी भारतीय Football टीम हमें प्रशंसकों के समर्थन की जरूरत है। मुझे लगता है कि अगर दर्शक भारत का शत प्रतिशत समर्थन करेंगे तो खिलाड़ी प्रेरित होंगे और अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’’ जमील ने ब्राजील और उरुग्वे जैसी शीर्ष टीमों के साथ खेलने का महत्व के बारे में भी बात की।। उन्होंने कहा, ‘‘यह खिलाड़ियों और सभी के लिए बहुत उपयोगी है। यह एक प्रेरणा है। यह एक कदम है और अगला कदम यह होना चाहिए कि हमें आत्मविश्वास हासिल करने के लिए इस तरह के अधिक से अधिक मैच खेलने होंगे।’’ जमील ने खिलाड़ियों के बारे में कहा कि उन्हें फिटनेस और आत्मविश्वास बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘खिलाड़ी इन मैच में खेलने के लिए बहुत उत्सुक हैं। इसे भी पढ़ें: Sunil Chhetri ने कहा Indian Football को पटरी पर लाने के लिए मिलकर काम करें AIFF और खिलाड़ी हम जानते हैं कि उनकी टीम में बेहतर हैं। इसलिए हमें सतर्क रहना होगा। मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि खिलाड़ियों की फिटनेस अच्छी होनी चाहिए।’’ मुख्य कोच ने कहा, ‘‘हम जिन खिलाड़ियों को टीम में शामिल करें, वे फिट होने चाहिए। दूसरी बात यह है कि हम अपने घरेलू मैदान पर खेल रहे हैं। इसलिए हमें खुद पर भरोसा होना चाहिए। हम कोलकाता में अपने दर्शकों के सामने खेलेंगे। हमें उनका समर्थन मिलना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘प्रत्येक खिलाड़ी को फिट और आत्मविश्वास से परिपूर्ण होना चाहिए। रक्षात्मक और आक्रामक दोनों तरह का खेल खेलने के लिए तैयार रहना चाहिए। हमें समझदारी से काम लेना होगा। इसे भी पढ़ें: FPAI Awards में छांगते बने सर्वश्रेष्ठ भारतीय फुटबॉलर, मनीषा कल्याण भी सम्मानित इन मैच में खिलाड़ियों पर दबाव रहेगा। हम ब्राज़ील के अलावा उरुग्वे और पनामा के खिलाफ भी खेलेंगे। यह बहुत अच्छी पहल है।’’ जमील ने कहा, ‘‘हमारे खिलाड़ियों को अच्छे समर्थन की जरूरत है और हमें उन पर भरोसा रखना चाहिए। मैंने खिलाड़ियों का चयन उनकी योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर किया है। यह एक संतुलित टीम है।
2 सितंबर, बुधवार: बेगूसराय के बखरी स्थित शकरपुरा हाईस्कूल मैदान में न्यू टाउन फुटबॉल क्लब शकरपुरा और शिवाजी फुटबॉल क्लब कुतूपुर (खगड़िया) के बीच दोस्ताना मैच खेला गया। रोमांचक मुकाबले में खगड़िया की टीम ने बखरी को 1-0 से हरा दिया। इस मैच का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे।
डेडलाइन डे पर यूरोपीय फुटबॉल में कई बड़े ट्रांसफर देखने को मिले। मैनचेस्टर सिटी ने एंजो फर्नांडेज को रिकॉर्ड 12.5 करोड़ पाउंड में चेल्सी से अपने साथ जोड़ा।
Yamuna Nagar News: फुटबॉल आवासीय अकादमी के लिए ट्रायल आठ को
तेजली खेल परिसर में चल रही लड़कों की आवासीय फुटबॉल अकादमी के लिए खिलाड़ियों का चयन किया जाना है। खेल विभाग की ओर से आठ सितंबर को फुटबॉल के ट्रायल करवाए जा रहे हैं।
गया जी के बदहाल गांधी मैदान स्टेडियम में फुटबॉल प्रतिभा दिखा रहे बच्चे
1 सितंबर, मंगलवार: गया जी शहर का ऐतिहासिक गांधी मैदान स्टेडियम बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। इसके बावजूद बच्चे मैदान में फुटबॉल खेलकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
'खेल तुम्हें हमेशा याद रखेगा': Yuvraj-Kuldeep ने Football Legend Messi को कहा अलविदा
पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने अर्जेंटीना के लिए दो दशक के शानदार इंटरनेशनल करियर के बाद संन्यास लेने वाले महान फुटबॉलर और FIFA वर्ल्ड कप विजेता लियोनेल मेसी की तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि 'मैच की आखिरी सीटी बजने के काफी समय बाद भी' खेल उन्हें याद रखेगा। अर्जेंटीना के लिए दो दशक के शानदार इंटरनेशनल करियर के बाद इस महान फॉरवर्ड खिलाड़ी ने संन्यास ले लिया और अपने पीछे अनगिनत यादगार पल छोड़े। इसे भी पढ़ें: England से हार के बाद Pakistan का महा बदलाव: 7 खिलाड़ी बाहर, Coaching Staff में फेरबदल युवराज ने इंस्टाग्राम पर मेसी के शानदार करियर को सम्मान देते हुए एक स्टोरी पोस्ट की और लिखा कि ऐसे बहुत कम लोग होते हैं जो इतिहास रचते हुए ही महान खिलाड़ी (लीजेंड) बन जाते हैं। लियो, तुम भी उन्हीं में से एक हो। क्या शानदार करियर रहा है! आखिरी सीटी बजने के बाद भी खेल तुम्हें हमेशा याद रखेगा। भारतीय स्पिनर और बार्सिलोना के फ़ैन कुलदीप यादव ने भी मेसी के अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में रोसारियो के एक छोटे से लड़के से लेकर वर्ल्ड कप चैंपियन बनने तक के उनके सफ़र को दिखाया गया था। वीडियो का कैप्शन था, ओब्रिगाडो लियो (Obrigado Leo), जिसका मतलब है थैंक यू, लियो। एक लिखित बयान में मेसी ने कहा फाइनल के बाद इतना समय बीतने और काफ़ी सोचने-विचारने के बाद, मैं सभी को बताना चाहता हूँ कि मैं नेशनल टीम से रिटायर हो रहा हूँ। यह एक ऐसा फ़ैसला था जिससे मुझे बहुत दुख हुआ और अब भी अंदर तक दुख होता है, लेकिन मैं समझता हूँ कि यही सही समय है। उन्होंने आगे कहा कि मैं कसम खाता हूँ कि मैंने हमेशा अपना सब कुछ दिया है - न सिर्फ़ उन कुछ सालों में जब हमने सब कुछ जीता, बल्कि उससे पहले भी। मैंने हमेशा इस जर्सी के लिए संघर्ष किया और अपना सब कुछ झोंक दिया, ताकि आपको खुशियाँ दे सकूँ और फ़ुटबॉल के ज़रिए आपको अर्जेंटीना का होने पर गर्व महसूस करा सकूँ। इसे भी पढ़ें: India A के खिलाफ सीरीज के लिए 14 सदस्यीय Australia A टीम घोषित, 22 सितंबर से पुडुचेरी में मुकाबले लियोनेल मेसी ने माना कि टीम से अलग होना उन्हें बहुत दुख देता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना सब कुछ दे दिया है और अब देने के लिए कुछ नहीं बचा है। उन्होंने टीम के उभरते हुए टैलेंट की भी बात की और कहा कि वे यहां रहने के हकदार हैं। उन्होंने कहा कि अब ज़्यादा समय नहीं बचा है और ज़िंदगी के अलग-अलग पड़ाव खत्म हो रहे हैं। यह एक ऐसा ही पड़ाव है जो मुझे बहुत दुख देता है। मुझे नेशनल टीम का हिस्सा रहना पसंद है, हमेशा पसंद था और हमेशा पसंद रहेगा। मैंने अपना सब कुछ दे दिया है और अब देने के लिए कुछ नहीं बचा है। साथ ही, कई बेहतरीन युवा खिलाड़ी भी आ रहे हैं जो यहां रहने के हकदार हैं। For more Sports News in Hindi Today please click here.
अर्जेंटीना को विश्व फुटबॉल के शिखर तक पहुंचाने वाले दिग्गज खिलाड़ी और कप्तान लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास का ऐलान कर दिया है। उनके इस फैसले ने दुनियाभर के लाखों फुटबॉल फैंस को हैरान कर दिया है। मेसी के इस कदम के साथ ही फुटबॉल की दुनिया के एक शानदार और यादगार दौर के खत्म होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। 39 साल के मेसी ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर एक पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने पोस्ट शेयर कर अपने फैंस को अपने रिटायरमेंट की जानकारी दी। मेसी ने अपने पोस्ट में कहा, इंटरनेशनल फुटबॉल को अलविदा कहने का यह सही समय है। FIFA वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मैच में अर्जेंटीना को स्पेन से हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के कुछ ही महीनों बाद मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल को अलविदा कहने का बड़ा फैसला लिया है। लगभग दो दशकों तक अर्जेंटीना की नेशनल टीम को रिप्रेजेंट करने वाले मेसी का करियर बहुत शानदार रहा है। 220 से ज़्यादा इंटरनेशनल मैचों में अर्जेंटीना की जर्सी पहनने वाले मेसी ने मैदान पर बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। वर्ल्ड फुटबॉल में उनके योगदान की वजह से उन्हें हमेशा इतिहास के सबसे अच्छे खिलाड़ियों में से एक के तौर पर जाना जाएगा।
फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास का किया ऐलान
अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास का ऐलान कर दिया है... यानी अब मेसी अर्जेंटीना की जर्सी में मैदान पर नजर नहीं आएंगे. सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए मेसी ने अपने इस फैसले का ऐलान किया. यह फैसला उनके लिए बेहद भावुक और दर्द भरा है... लेकिन उन्हें लगता है कि अब यही सही वक्त है...
Lionel Messi ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को कहा अलविदा, अर्जेंटीना के लिए बनाए 125 गोल
लियोनेल मेस्सी ने अर्जेंटीना के लिए दो दशक तक खेलने के बाद सोमवार को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर दी। इस 39 वर्षीय महान खिलाड़ी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कहा, “यह फैसला मेरे लिए बेहद पीड़ादायक है और आज भी इसका दर्द गहरा है, लेकिन मैं समझता हूं कि अब इस फैसले का समय आ गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि मैंने हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है। सिर्फ उन पिछले कुछ वर्षों में नहीं, जब हमने सब कुछ जीता, बल्कि उससे पहले भी। मैंने हमेशा इस जर्सी के लिए पूरी शिद्दत से संघर्ष किया और मैदान पर अपना सब कुछ झोंक दिया, ताकि आपको खुशी दे सकूं और फुटबॉल के जरिए आपको अर्जेंटीना का होने पर गर्व महसूस करा सकूं।’’ रिकॉर्ड की बराबरी करने वाले छह विश्व कप में खेलने वाले मेस्सी ने 2022 में कतर में अर्जेंटीना को विश्व चैंपियन बनाया था। 2026 में उन्होंने टीम को विश्व कप के फाइनल तक पहुंचाया, जहां अर्जेंटीना को स्पेन के हाथों हार का सामना करना पड़ा। अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा की मेजबानी में हुए विश्व कप में मेस्सी ने अर्जेंटीना के सभी आठ मुकाबले खेले और आठ गोल किए। वह टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर फ्रांस के किलियन एमबाप्पे से केवल एक गोल पीछे रहे। मेस्सी ने अपना अंतरराष्ट्रीय करियर अर्जेंटीना के सर्वकालिक सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी के रूप में समाप्त किया। उनके नाम 125 अंतरराष्ट्रीय गोल हैं, जिनमें से 21 गोल विश्व कप में आए। इसे भी पढ़ें: Lionel Messi का अंतरराष्ट्रीय Football से संन्यास, Argentina के सबसे सफल खिलाड़ी ने मैदान को कहा अलविदा मेस्सी ने बताया कि उन्होंने संन्यास का पत्र 21 जुलाई को लिखा था, यानी विश्व कप फाइनल के दो दिन बाद। उन्होंने हालांकि इसे सार्वजनिक करने में देरी की क्योंकि उनके पिता की तबीयत खराब थी और बाद में बीमारी के चलते उनका निधन हो गया। जॉर्ज मेस्सी का आठ अगस्त को उनके गृह नगर रोसारियो में निधन हुआ। मेस्सी अब इंटर मियामी के लिए खेलना जारी रखेंगे। उन्होंने सप्ताहांत में सीएफ मॉन्ट्रियल के खिलाफ इंटर मियामी की 7-1 की जीत में चार गोल दागे। मेस्सी ने 2006 में अर्जेंटीना की सीनियर राष्ट्रीय टीम के लिए पदार्पण किया था। इसके बाद लंबे समय तक उन्हें निराशाओं का सामना करना पड़ा और आखिरकार 2022 में विश्व कप की ट्रॉफी उठाकर उनका सपना पूरा हुआ। मेस्सी ने कहा, ‘‘पिछले 20 वर्षों में मिले आपके तमाम प्यार के लिए धन्यवाद। मैदान के अंदर से आप सभी की आवाज सुनना मुझे बहुत याद आएगा। इसे भी पढ़ें: Argentina और Germany बने नए चैंपियन, हॉकी विश्व कप में पदक से चूकी भारतीय टीमें अब मैं आप (प्रशंसक) ही में से एक रहूंगा और बाहर से आपका हौसला बढ़ाऊंगा तथा आपका समर्थन करूंगा। हर अच्छे-बुरे वक्त में, बल्कि पहले से भी ज्यादा।’’ इंटर मियामी के मौजूदा कप्तान मेस्सी ने अपने पत्र में यह नहीं बताया कि वह पेशेवर फुटबॉल खेलना कितने समय तक जारी रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “मैं इस सुकून और गर्व के साथ विदा ले रहा हूं कि मैंने अपने साथियों के साथ मिलकर आपको ऐसे पल दिए, जिनका हमने कभी सिर्फ सपना देखा था। आपके साथ इन पलों को साझा करना अविश्वसनीय रहा। मैं आप सभी से प्यार करता हूं।’’ अर्जेंटीना के साथ मेस्सी की हालिया शानदार सफलता शायद कभी देखने को नहीं मिलती। करीब एक दशक पहले उन्होंने राष्ट्रीय टीम से संन्यास ले लिया था। 2016 कोपा अमेरिका के फाइनल में चिली के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में अर्जेंटीना की हार के बाद मेस्सी ने यह फैसला किया था। उस मुकाबले में मेस्सी खुद भी पेनल्टी चूक गए थे। मेस्सी ने हालांकि बड़े मुकाबले जीतने में असफल रहने की धारणा को पीछे छोड़ दिया। इसे भी पढ़ें: अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज चेल्सी से जुड़े, 3 साल का हुआ करार उन्होंने बार्सिलोना के लिए शानदार प्रदर्शन जारी रखा और इसके बाद पेरिस सेंट-जर्मेन तथा इंटर मियामी के लिए भी खेलते रहे। संन्यास से वापसी के बाद उन्होंने 2022 विश्व कप और 2021 तथा 2024 में कोपा अमेरिका खिताब हासिल किया। वह मेजर लीग सॉकर (अमेरिका) के लगातार दो बार के मौजूदा ‘मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर’ हैं। लीग की मौजूदा चैंपियन टीम के स्टार खिलाड़ी मेस्सी आज भी बड़े मौकों पर निर्णायक गोल करने और गोल के मौके बनाने की क्षमता रखते हैं। अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी ने हालिया विश्व कप के दौरान मेस्सी की तारीफ करते हुए कहा था, ‘‘वह अपने आप में पूरा इतिहास हैं। इतिहास। एक दिग्गज।
Lionel Messi Retirement: लियोनेल मेसी ने 2026 फीफा विश्व कप फाइनल के बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का फैसला किया है।
स्पोर्ट्स मीट : बारिश के बीच खेले फुटबॉल मैच
डीएवी जोनल स्पोर्ट्स मीट 2026 के दूसरे दिन सोमवार को फुटबॉल प्रतियोगिता के चारों फाइनल मुकाबलों में खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। बारिश के बीच खेले गए मुकाबलों में रोमांच चरम पर रहा। ग्राउंड में जलजमाव के बीच खिलाड़ियों ने गोल पोस्ट में गोल भेदने का प्रयास किया, पर किसी भी टीम ने गोल नहीं दागा। बता दें दोनों मैचों का फैसला टाई ब्रेकर से किया गया। इसमें अंडर-19 ब्वॉयज का मुकाबला 11-11 पेनल्टी तक पहुंचने के कारण दर्शकों की धड़कनें थम गईं। प्रतियोगिता में सिवान, भागलपुर, जमालपुर और गया की टीमें अपने-अपने वर्ग में चैंपियन बनीं। पहले फाइनल मुकाबले में अंडर-19 गर्ल्स वर्ग में सिवान और भागलपुर की टीमें आमने-सामने थीं। निर्धारित समय तक दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं और मुकाबला 0-0 की बराबरी पर समाप्त हुआ। इसके बाद निर्णायक अजीत कुमार ने मैच का फैसला टाई ब्रेकर से कराया, जिसमें सिवान की टीम ने भागलपुर को 4-3 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। वहीं अंडर-14 ब्वॉयज वर्ग के फाइनल में डीएवी सीआरआरसी और डीएवी भागलपुर के बीच मुकाबला हुआ। रोमांचक मुकाबले में भागलपुर की टीम ने 2-1 से जीत दर्ज कर अंडर-14 बॉयज वर्ग की चैंपियनशिप अपने नाम कर ली। दिल्ली में होने वाले नेशनल गेम में उतरेगी बिहार की टीम डीएवी जोनल स्पोर्ट्स मीट के माध्यम से विभिन्न आयु वर्गों के उत्कृष्ट खिलाड़ियों का चयन कर बिहार की टीम तैयार की जाएगी। चयनित खिलाड़ी अक्टूबर माह में दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में बिहार का प्रतिनिधित्व करेंगे।
Mirzapur News: फुटबॉल में विंध्याचल मंडल ने चित्रकूट, सहारनपुर को हराया
Vindhyachal Division defeated Chitrakoot and Saharanpur in football.
जोधपुर नगर निगम के वार्डों में भारतीय जनता पार्टी में कई चौंकाने वाले नाम सामने आए है। भाजपा ने फुटबॉल नेशनल प्लेयर को इस चुनावी मैदान में उतारा है। इसके अलावा पार्टी ने पूर्व पार्षदों, युवा मोर्चा में काम कर चुके कार्यकर्ताओं और कई पूर्व पार्षदों की पत्नियों को भी टिकट दिया है। इतना ही नहीं तीन बच्चों की बाध्यता हटने के बाद पार्टी के दो पुराने कार्यकर्ताओं को भी पहली बार चुनाव लड़ने का मौका मिला है। इसके अलावा हाउस वाइफ, प्रॉपर्टी बिजनेसमैन, प्रोड्यूसर को भी चुनाव लड़ने का मौका दिया है। पढ़ें भाजपा प्रत्याशियों की प्रोफाइल… विकास रागवानी नेशनल फुटबॉल प्लेयर, पहली बार मिला मौका भाजपा ने वार्ड नंबर 28 से विकास रागवानी को पहली बार चुनावी मैदान में उतारा है। विकास फुटबॉल के नेशनल प्लेयर रह चुके हैं। इसके अलावा स्टेट भी खेल चुके हैं। वे मार्बल व्यवसायी भी है। जनसंघ के समय उनके दादा पहली बार वार्ड अध्यक्ष बने थे। उन्होंने साल 2006 में पार्टी की सदस्यता ली थी। इसके बाद से वे लगातार संगठन में सक्रिय है। उनका मुकाबला कांग्रेस के सीनियर नेता राकेश कल्ला से होगा। तीन बच्चों की बाध्यता हटी तो प्रोड्यूसर और बिजनेसमैन को मिला मौका भाजपा ने वार्ड नंबर 14 से सोनिया रामचंदानी और वार्ड नंबर 19 से घनश्याम वैष्णव को टिकट दिया है। दोनों 2008 से पार्टी में लगातार सक्रिय है। लेकिन, तीन बच्चों की बाध्यता के चलते इन्हें टिकट नहीं मिल पाया था। लेकिन, इस बार जब ये बाध्यता हटी तो पार्टी ने दोनों को मौका दिया। सोनिया रामचंदानी राजस्थान टूरिज्म से जुड़े वीडियो शूट करती है और वे प्रोड्यूसर हैं। जबकि घनश्याम वैष्णव युवा मोर्चा में वार्ड अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके साथ ही प्रॉपर्टी और कूलर व्यवसायी है। भाजपा से चार दिग्गज मैदान में, चारों मेयर की दौड़ में शामिल भाजपा से चार बड़े दिग्गज चुनावी मैदान में हैं। इनमें पूर्व डिप्टी मेयर देवेंद्र सालेचा, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष प्रसन्नचंद मेहता, पूर्व राज्यमंत्री मेघराज लोहिया और पूर्व यूआईटी चेयरमैन कमलेश पुरोहित पार्षद का चुनाव लड़ेंगे। ये चारों मेयर की दौड़ में शामिल है। हालांकि इन चारों में से देवेंद्र सालेचा और पूर्व राज्यमंत्री के वार्ड का सबसे रोचक मुकाबला है। युवा मोर्चा से जुड़े कार्यकर्ताओं को भी मौका, मार्बल फिटिंग ठेकेदार, किराना व्यापारी को टिकट भाजपा ने इस बार युवा मोर्चा और पार्टी में सक्रिय रहने वाले कार्यकर्ताओं और उनके परिवार से भी टिकट दिए है। इसके अलावा वैभव पुरोहित, राकेश बागरेचा और राजेश सिंह जो युवा मोर्चा में काम कर चुके हैं, उन्हें भी मौका दिया है। इनमें राजेश सिंह और राकेश बागरेचा पहले भी पार्षद का चुनाव लड़ चुके हैं। जबकि वैभव पुरोहित को पहली बार मौका मिला है। इसके अलावा पार्टी ने वार्ड नंबर 31 से अब्दुल सकील को मौका दिया है। अब्दुल मार्बल फिटिंग का काम करते हैं और ठेकेदार है। वहीं वार्ड नंबर 53 से मनीष चौधरी को मैदान में उतारा है। मनीष चौधरी की किराना की दुकान है। इसके अलावा हितेश गौड़ का होम स्टे का बिजनेस है। मनीष और हितेश दोनों को पहली बार मौका मिला है। पार्टी ने पहली बार महिलाओं को भी दिया मौका पार्टी ने इस बार महिलाओं उम्मीदवारों को भी मौका दिया है। अधिकांश महिलाओं को पहली बार चुनावी मैदान में उतारा है। इनमें प्रियंका बाहेती सोशल वर्कर है। वहीं डॉ. नुपूर पुरोहित खांडा फलसा मंडल अध्यक्ष अरविंद पुरोहित की पत्नी हैं। उन्हें भी पार्टी ने पहली बार चुनावी मैदान में उतारा है। इसके अलावा पूर्व पार्षद दीपक माथुर की पत्नी दीपिका माथुर को भी टिकट दिया गया है। वे योगा सेंटर ऑनर है। पार्टी ने इस बार गृहणियों को भी दिए टिकट वार्ड नंबर 99 से निकिता को पहली बार चुनावी मैदान में उतारा है। लेकिन, उनके पति संदीप और उनका परिवार पिछले 27 साल से भाजपा में सक्रिय भूमिका के तौर पर काम कर रहा है। संदीप वार्ड प्रभारी और मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं। निकिता का मुकाबला कांग्रेस से पूर्व मेयर कुंती देवड़ा से होगा। वहीं वार्ड नंबर 33 से रेहाना बानो को मैदान में उतारा है। रेहाना बानो हाउस वाइफ है। इसके अलावा प्रियंका बाहेती, स्वीटी चावड़ा और नुपूर पुरोहित को भी पहली बार मौका दिया है। --------- ये खबरें भी पढ़िए… महिला कांग्रेस प्रदेश महासचिव ने आरएलपी से भरा नामांकन:घूंघट में नॉमिनेशन करने पहुंचीं पूर्व सरपंच; कांग्रेस ने डायरेक्ट सिंबल जमा करवाए जोधपुर में पूर्व-राज्यमंत्री और कांग्रेस जिलाध्यक्ष के बीच होगी टक्कर:भाजपा और कांग्रेस के दो-दो मेयर चेहरे आमने-सामने; अलग-अलग वार्ड से चचेरे भाई-बहन लड़ेंगे चुनाव पीपाड़, बिलाड़ा नगर पालिका में बीजेपी ने जारी की लिस्ट:नए लोगों को भी मौका; जानें किसे मिला किस वार्ड से मौका जानिए आपका घर किस वार्ड में आता है:परिसीमन के बाद 160 से घटकर 100 वार्ड, 11 सितंबर को होगी वोटिंग; देखें वार्डों की लिस्ट
लियोनेल मेसी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लिया
New Delhi, 31 अगस्त . अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेस्सी ने Monday को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर दी है. मेसी ने अर्जेंटीना के लिए 207 मुकाबलों में 125 गोल किए. मेसी ने संन्यास की घोषणा करते हुए बताया कि उन्हें मैदान पर फैंस से मिला समर्थन बेहद याद आएगा. लियोनेल मेसी ने ... Read more
Lionel Messi Retirement: दुनिया के महानतम फुटबॉलरों में शुमार लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। मेसी ने अर्जेंटीना के लिए अपना आखिरी मैच 2026 फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल में खेला, जहां अर्जेंटीना को 1-0 से हार का सामना करना पड़ा।अपने एक भावुक बयान में मेसी ने कहा कि उन्होंने फाइनल के दो दिन बाद ही रिटायर होने का फैसला कर लिया था और उनके पिता जॉर्ज के गुजर जाने के बाद उन्हें अपने इस फैसले पर और भी ज्यादा यकीन हो गया।क्लब फुटबॉल के दिग्गज मेसी, 18 साल की उम्र में 17 अगस्त 2005 को हंगरी के खिलाफ एक फ्रेंडली मैच में डेब्यू करने के बाद से ही अर्जेंटीना की पहचान, शान और उम्मीद रहे हैं। उन्होंने कतर में हुए 2022 फीफा वर्ल्ड कप में नेशनल टीम को जीत दिलाई और अपना दूसरा गोल्डन बॉल भी जीता।मेसी ने 2021 और 2024 में लगातार कोपा अमेरिका चैंपियनशिप जीतीं, साथ ही इटली के खिलाफ 2022 की फाइनलिसीमा ट्रॉफी भी अपने नाम की। उन्होंने 2008 बीजिंग गेम्स में ओलंपिक गोल्ड मेडल और 2005 FIFA U-20 वर्ल्ड कप भी जीता। कुल मिलाकर, 207 मैचों में उन्होंने 125 गोल किए और 65 गोल करने में मदद की।हालांकि, मेसी इंटर मियामी के लिए खेलना जारी रखेंगे।रिटायरमेंट पर मेसी का पूरा बयान“फाइनल के बाद इतना समय बीतने और इस बारे में काफी सोचने के बाद, मैं सभी को बताना चाहता हूं कि मैं नेशनल टीम से रिटायर हो रहा हूं... यह एक ऐसा फैसला था जिससे मुझे बहुत दुख हुआ और अब भी अंदर तक दुख होता है, लेकिन मैं समझता हूं कि यही सही समय है।“मैं कसम खाता हूं कि मैंने हमेशा अपना सब कुछ दिया, न सिर्फ इन कुछ सालों में जब हमने सब कुछ जीता, बल्कि उससे पहले भी। मैंने हमेशा इस जर्सी के लिए संघर्ष किया और अपना सब कुछ दिया, ताकि आपको खुशी दे सकूं और फुटबॉल के जरिए आपको अर्जेंटीना का होने पर गर्व महसूस करा सकूं।“अब ज्यादा समय नहीं बचा है, और जिंदगी के अलग-अलग अध्याय खत्म हो रहे हैं। यह एक ऐसा अध्याय है जो मुझे बहुत दुखी करता है। मुझे नेशनल टीम का हिस्सा बने रहना पसंद है, पसंद था और हमेशा पसंद रहेगा। मैंने अपना सब कुछ दे दिया, और अब मेरे पास देने के लिए कुछ और नहीं बचा है।इसके अलावा, कई बेहतरीन युवा खिलाड़ी भी आ रहे हैं जो यहां होने के हकदार हैं।“इन 20 सालों में मिले सारे प्यार के लिए शुक्रिया। मुझे मैदान के अंदर से आपकी आवाज सुनना बहुत याद आएगा। अब मैं भी आपमें से ही एक हो जाऊंगा और हमेशा बाहर से आपका साथ दूंगा—चाहे अच्छे पल हों या बुरे, बुरे समय में तो और भी ज्यादा।“मेरे परिवार का शुक्रिया कि वे हमेशा मेरे साथ रहे और इस खूबसूरत लेकिन मुश्किल सफर में मेरा साथ दिया। उन सभी कोच, टीम के साथियों और डायरेक्टर का भी शुक्रिया जिनके साथ मुझे यह सफर तय करने का मौका मिला। मैं अपने साथ कभी न भूलने वाली यादें और पल लेकर जा रहा हूं। मैं सुकून और गर्व के साथ जा रहा हूं, यह जानते हुए कि मैंने अपनी टीम के साथियों के साथ मिलकर आपको वे पल दिए जिनका हमने कभी सपना देखा था। आप सबके साथ यह सब अनुभव करना अद्भुत था। मैं आप सभी से बहुत प्यार करता हूं!“मुझे अर्जेंटीना का नागरिक बनाने के लिए भगवान का शुक्रिया। वामोस अर्जेंटीना! मैंने ये शब्द 21 जुलाई को, फाइनल के दो दिन बाद लिखे थे। आज, मेरे पिता के साथ जो हुआ, उसके बाद मुझे अपने इस फैसले पर पहले से कहीं ज्यादा यकीन हो गया है।”यह भी पढ़ें:Dhoni: धोनी ने मांगी थी CSK में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी? सीईओ ने तोड़ी चुप्पी
अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर ने लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास ले लिया है। उन्होंने सोमवार को एक इंस्टा पोस्ट के जरिए इसकी जानकारा दी। मेसी ने लिखा कि अब वे राष्ट्रीय टीम की जर्सी नहीं पहनेंगे। मेसी ने बताया कि ‘उन्होंने यह फैसला वर्ल्ड कप फाइनल में स्पेन से हारने के 2 दिन बाद ही ले लिया था।’ मेसी ने कहा कि यह फैसला उनके लिए बेहद मुश्किल और दर्दनाक है। मेसी ने लिखा, 'फाइनल के बाद से इतना समय बीत चुका है। काफी सोचने के बाद मैं सभी को बताना चाहता हूं कि मैं नेशनल टीम से संन्यास ले रहा हूं।' आगे पढ़िए मेसी ने क्या-क्या लिखा...? (हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं।)
एक युग का अंत, महान फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से लिया संन्यास
अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है। उन्होंने यह ऐलान सोमवार को किया। हाल ही में फीफा विश्व कप में उनकी टीम उप विजेता रही थी।
लियोनेल मेसी ने 39 साल की उम्र में किया संन्यास का ऐलान, इंटरनेशनल फुटबॉल को कहा अलविदा
फटबॉल जगत से बहुत बड़ी खबर सामने आई है। अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है।
लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल से लिया संन्यास, अर्जेंटीना के लिए अब नहीं खेलेंगे
दुनिया के सबसे महान फुटबॉलरों में शुमार लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास का ऐलान कर दिया है. जुलाई में हुए वर्ल्ड कप के बेहद रोमांचक फाइनल मुकाबले में स्पेन के हाथों मिली 1-0 की हार के साथ ही मेसी के अर्जेंटीना करियर का अंत हो गया.
सुमित का राजस्थान फुटबॉल टीम में चयन, शानदार प्रदर्शन के बाद बीसी रॉय ट्रॉफी में मौका
शाहपुरा के सुमित ने 17 वर्षीय बालक फुटबॉल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर राजस्थान टीम में जगह बनाई। अब सुमित छत्तीसगढ़ के नाराणपुरा में होने वाली बीसी रॉय ट्रॉफी में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेगा।
सहरसा के राष्ट्रीय फुटबॉल कोच एवं शारीरिक शिक्षा शिक्षक नीतीश मिश्र को बिहार स्पोर्ट्स अवॉर्ड 2026 समारोह में सर्वश्रेष्ठ फुटबॉल कोच (बेस्ट कोच) के सम्मान से नवाजा गया है। यह समारोह रविवार को पटना में आयोजित किया गया, जिसमें बिहार के कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खिलाड़ियों तथा प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया। सोमवार को समारोह का वीडियो सामने आने के बाद कोसी क्षेत्र में खुशी की लहर है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बिहार को दिलाया कांस्य पदक नीतीश मिश्र वर्तमान में सहरसा के मध्य विद्यालय, जेल कॉलोनी में शारीरिक शिक्षा शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। ग्वालियर में आयोजित राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता में बिहार टीम को कांस्य पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने और टीम के मुख्य कोच के रूप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। वह कोसी प्रमंडल से यह सम्मान पाने वाले एकमात्र फुटबॉल कोच हैं। कई नामचीन हस्तियां समारोह में रहीं मौजूद समारोह में खेल जगत और विभिन्न क्षेत्रों की कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं। इनमें कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेता, एशियाई स्तर के स्वर्ण पदक विजेता, विश्व चैंपियनशिप से जुड़े खिलाड़ी, प्रधानमंत्री बाल पुरस्कार से सम्मानित प्रतिभाएं, पद्मश्री एवं खेल रत्न सम्मानित खिलाड़ी और ओलंपिक खिलाड़ी शामिल थे। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, शिक्षाविद खान सर, अंतरराष्ट्रीय कवि दिनेश बावरा और खेल विभाग के महानिदेशक रविंद्र संकरण भी समारोह में मौजूद रहे। कोच बोले- शुरू से ही मेहनती और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे नीतीश नीतीश मिश्र के कोच और पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी ब्रह्मदेव हंसदा ने उनकी प्रशंसा करते हुए कहा कि नीतीश शुरू से ही मेहनती, लगनशील और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक रहे हैं। उन्होंने बताया कि नीतीश पिछले कई वर्षों से बिहार की टीम के साथ जुड़कर खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनके नेतृत्व में बिहार टीम ने इससे पहले जम्मू-कश्मीर में आयोजित 68वीं राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी पदक हासिल किया था। सहरसा के युवा खिलाड़ियों को मिल रहा फायदा वर्तमान एमएलसी अजय कुमार सिंह ने नीतीश मिश्र को बधाई देते हुए उनकी उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक शारीरिक शिक्षा शिक्षक के रूप में लगातार बिहार के लिए उपलब्धियां हासिल करना सहरसा और पूरे कोसी क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी एवं संरक्षक रघुनाथ प्रसाद यादव ने भी कहा कि नीतीश के प्रयासों से पिछले कुछ वर्षों में सहरसा के युवा खिलाड़ी बिहार फुटबॉल टीम में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
गोरखपुर के सेंट एंड्रयूज पीजी कॉलेज के फुटबॉल मैदान पर रविवार को गोरखपुर फुटबॉल लीग ए डिवीजन का फाइनल पूरा नहीं हो सका। पेनाल्टी कॉर्नर पर निर्णायक के फैसले के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ी आपस में भिड़ गए। धक्का-मुक्की के बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया। अफरा-तफरी के बीच मैच को रद्द कर दिया गया। खेल के दौरान मारपीट की घटना का सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल हो रहा है। पेनाल्टी कॉर्नर के फैसले पर विवाद हुआ दोपहर करीब 2:30 बजे पहले हॉफ में सद्भावना फुटबॉल क्लब से एनई रेलवे की टीम 1-0 से आगे थी। दूसरे हॉफ की शुरुआत में पेनाल्टी कॉर्नर के निर्णायक के फैसले को गलत बताते हुए विवाद शुरू हो गया। दोनों टीमों के बीच पहले कहासुनी हुई फिर खिलाड़ी एक-दूसरे से भिड़ गए। मैदान पर ही हाथापाई होने लगी। दोनों टीमों के कप्तानों ने भी एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। स्थिति बिगड़ती देख आयोजकों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस बल के पहुंचने के बाद मामला शांत कराया गया लेकिन खिलाड़ियों के व्यवहार और मैदान पर बने माहौल को देखते हुए मैच आगे नहीं कराया जा सका। आयोजन सचिव डॉ. आमिल हयात खां ने बताया कि खिलाड़ियों के आपस में भिड़ने के कारण फाइनल मुकाबला रद्द करना पड़ा। खेल के दौरान खिलाड़ियों की ओर से बार-बार अनुशासन का उल्लंघन किया जा रहा था। घटना को गंभीरता से लिया गया है। मारपीट की जांच कर रही समिति अनुशासन समिति पूरे मामले की जांच करेगी और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा। अनुशासन समिति के सदस्य हमजा खां ने कहा कि खिलाड़ियों के इस व्यवहार से खेल भावना प्रभावित हुई है। समिति घटना से संबंधित जानकारी और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर दोषी खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई तय करेगी। मैच का कोई परिणाम घोषित नहीं किया गया है। फाइनल का विजेता कौन होगा या मुकाबला दोबारा कराया जाएगा इस संबंध में अनुशासन समिति के निर्णय के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। ब्लू सफायर ने जीता बी डिवीजन फाइनल सेंट एंड्रयूज पीजी कॉलेज के फुटबॉल मैदान पर रविवार को गोरखपुर फुटबॉल लीग बी डिवीजन का फाइनल मुकाबला खेला गया। इसमें ब्लू सफायर ने सेंट एंड्रयूज फुटबॉल क्लब को 2-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया। मैच के 25वें मिनट में निखिल ने ब्लू सफायर के लिए पहला गोल किया। मध्यांतर तक ब्लू सफायर 1-0 से आगे रही। दूसरे हाफ के 34वें मिनट में संदीप ने दूसरा गोल कर टीम की बढ़त 2-0 कर दी। इसके बाद सेंट एंड्रयूज के अमित ने 50वें मिनट में गोल कर अंतर कम किया लेकिन टीम को बराबरी नहीं मिल सकी। ब्लू सफायर ने 2-1 से जीत दर्ज की। मुख्य अतिथि अक्षय मिश्रा, विशिष्ट अतिथि कार्तिकेय सिंह, जितेंद्र गौतम और डेविड सिरील ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया।
भारतीय फुटबॉल मंच पर चमके JFC के सितारे: ओवेन कोएल और मो. सानन ने जीते शीर्ष FPAI अवार्ड्स
कोलकाता में आयोजित एफपीएआई वार्षिक पुरस्कार समारोह में जमशेदपुर एफसी से जुड़े दिग्गजों का दबदबा रहा। मो. सानन को यंग प्लेयर ऑफ द ईयर और पूर्व कोच ओवेन कोएल को कोच ऑफ द ईयर का सम्मान मिला।
मिनी स्टेडियम में 8 पुरुष और 2 महिला टीमों के बीच हुआ फुटबॉल का रोमांचक मुकाबला
राष्ट्रीय खेल दिवस पर शुक्रवार को मेजर ध्यानचंद की स्मृति में सुकमा के मिनी स्टेडियम में जिला स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता हुई। प्रतियोगिता में जिले की 8 पुरुष टीमों और 2 महिला टीमों ने हिस्सा लिया। मुकाबले सुबह 10 बजे शुरू हुए। शाम 6 बजे तक चले। पूरे दिन स्टेडियम खिलाड़ियों के जोश और खेलप्रेमियों की तालियों से गूंजता रहा। खिलाड़ियों ने खेल कौशल दिखाया। अनुशासन रखा। खेल भावना भी दिखाई। कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहयोग से प्रतियोगिता कराई गई। अलग-अलग टीमों के बीच रोमांचक मुकाबले हुए। मैदान पर खिलाड़ियों ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंकी। बेहतर तालमेल दिखा। तेज पासिंग रही। आक्रामक रणनीति भी दिखी। इससे मुकाबलों में लगातार रोमांच बना रहा। महिला टीमों ने भी उत्साह के साथ खेला। अपनी प्रतिभा दिखाई। कोंटा ने शानदार प्रदर्शन कर ट्रॉफी अपने नाम की। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतर तालमेल रखा। मजबूत रणनीति के साथ खेला। प्रतिद्वंद्वी टीमों को पीछे छोड़ा। फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन के बाद कोंटा की टीम विजेता बनी। प्रतियोगिता से जिले के युवा खिलाड़ियों को प्रतिभा दिखाने का मौका मिला। प्रतिस्पर्धा के माहौल में अनुभव भी मिला। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को खेलों से जोड़ना रहा। उनमें अनुशासन, स्वस्थ जीवनशैली, खेल भावना विकसित करना भी रहा। जिला प्रशासन स्थानीय खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए खेल गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है। आयोजन के दौरान जिला खेल अधिकारी कैलाश कश्यप, कोच शिवेंद्र ठाकुर, अधिकारी-कर्मचारी, पत्रकार और बड़ी संख्या में खिलाड़ी मौजूद रहे।
Sonipat News: बुटाना में फुटबॉल का बढ़ा क्रेज, नर्सरी में पसीना बहा रहे 40 खिलाड़ी
Football craze grows in Butana 40 players sweating it out at the nursery.
Varanasi News: वाराणसी की फुटबॉल टीम ने देवी पाटन को छह गोल से हराया
Varanasi's football team defeated Devi Patan by six goals
फुटबॉल : एसडीआर स्टेडियम ने 4-0 से जीता फाइनल मुकाबला
सिद्धार्थनगर। मेजर ध्यानचंद के जन्मदिवस व राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर रविवार को जिला स्टेडियम में जूनियर बालक वर्ग फुटबाल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
बठिंडा के सरकारी हाई स्कूल जंगियाणा में पीटी शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे नथाना निवासी अमृतपाल सिंह जुग्गू की सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा शनिवार को गांव गुमटी और दियालपुरा मिर्जा के बीच मुख्य सड़क पर हुआ। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, अमृतपाल सिंह जुग्गू स्कूल में छुट्टी के बाद रोजाना की तरह खिलाड़ियों को फुटबॉल की प्रैक्टिस करवाकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान गांव गुमटी और दियालपुरा मिर्जा के बीच उनकी कार की एक अन्य कार से टक्कर हो गई। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने पहुंचाया था अस्पताल राहगीरों की मदद से उन्हें उपचार के लिए आदेश अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अमृतपाल सिंह जुग्गू फुटबॉल के प्रतिभावान खिलाड़ी और कोच भी थे। उन्होंने पंजाब और विश्वविद्यालय स्तर पर फुटबॉल खेली थी। वह लंबे समय से युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें फुटबॉल का प्रशिक्षण भी दे रहे थे। उनकी मौत से शिक्षा और खेल जगत के साथ-साथ पूरे इलाके में शोक का माहौल है। हादसे की सूचना मिलने पर भगता भाईका पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
राष्ट्रीय खेल दिवस पर शनिवार को भरतपुर में स्व. मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में कार्यक्रम हुए। राजेश पायलट स्टेडियम में खेल गतिविधियां और सम्मान समारोह हुआ, जिसमें खिलाड़ियों और खेल प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। जिला ओलंपिक संघ की बैठक में जिले में खेलों के विकास और खिलाड़ियों को सुविधाएं देने पर चर्चा हुई। वहीं, स्टेडियम में ग्रासिंग फुटबॉल मैदान विकसित करने और अन्य निर्माण कार्यों का प्रस्ताव कलेक्टर के सामने रखने का निर्णय लिया गया। खिलाड़ियों और खेल प्रतिभाओं का सम्मान स्व. मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर राजेश पायलट स्टेडियम में खेल गतिविधियों एवं कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला ओलंपिक संघ की ओर से खिलाड़ियों एवं खेल प्रतिभाओं के लिए सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष केदार प्रसाद मीना की अध्यक्षता में हुआ। इसमें खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में ओलंपिक संघ के सचिव शिवचरण रावत, मुंशी खान, प्रदीप नागर, इरफान अहमद, चंदरेश शर्मा, अब्दुल रसीद तथा प्रभारी खेल अधिकारी कजोड़मल नरानिया सहित खिलाड़ी मौजूद रहे। खेल दिवस पर फुटबॉल मैच कराया गया राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर मान क्लब में मैत्री फुटबॉल मैच भी आयोजित किए गए। खिलाड़ियों ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया। मैच के दौरान खिलाड़ियों ने खेल भावना और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। इस अवसर पर खेल विभाग से लक्ष्मीनारायण मौना, सूबे सिंह गुर्जर एवं राकेश गुर्जर सहित वरिष्ठ खिलाड़ी मौजूद रहे। जिला ओलंपिक संघ की साधारण सभा में खेलों पर चर्चा प्रभारी खेल अधिकारी कजोड़मल नरानिया ने बताया कि कार्यक्रम से पहले जिला ओलंपिक संघ की साधारण सभा आयोजित की गई। सभा में जिले में खेलों के विकास, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा खेल मैदानों की स्थिति पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि राजेश पायलट स्टेडियम में ग्रासिंग फुटबॉल मैदान विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही मैदान में आवश्यक मिट्टी भराव सहित निर्माण कार्य कराने का प्रस्ताव भी कलेक्टर के समक्ष रखने का निर्णय लिया गया। खेल मंत्री से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल खेल संबंधी विषयों को लेकर जिला ओलंपिक संघ के प्रतिनिधिमंडल द्वारा खेल मंत्री से मुलाकात करने का भी निर्णय लिया गया। प्रतिनिधिमंडल खेलों के विकास, खिलाड़ियों की सुविधाओं और खेल मैदानों से जुड़े विषयों को खेल मंत्री के सामने रखेगा।
Lucknow News: फुटबॉल में पुलिस मॉडर्न स्कूल चैंपियन
फुटबॉल में पुलिस मॉडर्न स्कूल चैंपियन
Barabanki News: प्रदेशीय विद्यालयीय बालिका फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए 11 छात्राएं रवाना
प्रदेशीय विद्यालयीय बालिका फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए 11 छात्राएं रवाना
जागोडीह ने कबरा टीम को 2-1 से हराया:मेजर ध्यानचंद की जयंती पर हुआ रोमांचक फुटबॉल मुकाबला
तिलौथू प्रखंड के जागोडीह खेल मैदान में मेजर ध्यानचंद की जयंती पर एक रोमांचक फुटबॉल मैच का आयोजन किया गया। इस मुकाबले में बिहार की जागोडीह आदर्श फुटबॉल क्लब ने झारखंड के पलामू जिले की कबरा टीम को 2-1 से पराजित किया। निर्धारित समय में खेले गए इस मैच में बिहार की जागोडीह टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया। मध्यांतर के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने जीत के लिए कड़ा संघर्ष किया। झारखंड की टीम ने कई आक्रामक प्रयास किए, लेकिन बिहार के खिलाड़ियों ने बेहतरीन तालमेल और मजबूत रक्षात्मक खेल से अपनी बढ़त बरकरार रखी। झारखंड की कबरा टीम के कोच और कप्तान जयचंद थे, जबकि गोलकीपर भोला ने जिम्मेदारी संभाली। बिहार की जागोडीह आदर्श फुटबॉल क्लब टीम की कप्तानी पप्पू कुमार ने की, और नीतीश कुमार गोलकीपर रहे। मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मैदान में पहुंचे। दर्शकों ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर सर्वजन कल्याण संस्थान के अध्यक्ष योगेंद्र कुशवाहा, रामडीहरा मुखिया विनोद चंद्रवंशी और मुंगेरी पासवान सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। आयोजकों ने बताया कि मेजर ध्यानचंद की जयंती पर इस खेल आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ाना और स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर प्रदान करना है।
मानसा जिले के जोगा गांव में युवाओं को नशे से दूर रखने और खेलों से जोड़ने के उद्देश्य से फुटबॉल लीग का आयोजन किया गया। लीग में पंजाब के विभिन्न जिलों से फुटबॉल टीमों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के मालवा जोन के कोऑर्डिनेटर और जिला परिषद मानसा के चेयरमैन चुशपिंदरबीर सिंह चहल ने किया। उद्घाटन समारोह में आम आदमी पार्टी पंजाब के वाइस यूथ प्रधान वीर दविंदर बल्लां विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। गांव के सरपंच गोपी ने भी खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया।चुशपिंदरबीर सिंह चहल ने कहा कि पंजाब सरकार ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़कर नशे से दूर रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। चहल बोले- फुटबॉल लीग में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की भागीदारी उत्साहजनक इसी उद्देश्य से मानसा जिले के गांवों में विभिन्न खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले के अलग-अलग गांवों में युवाओं को खेल किट भी वितरित की जा रही हैं, ताकि खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रतियोगिताओं के दौरान जरूरी सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के साथ उनकी प्रतिभा को निखारने का बेहतर माध्यम हैं। चहल ने कहा कि जोगा गांव में आयोजित फुटबॉल लीग में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की भागीदारी उत्साहजनक है। उन्होंने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में ये प्रतिभाशाली खिलाड़ी मानसा और पंजाब का नाम देशभर में रोशन करेंगे। आयोजकों ने भी युवाओं से नशे से दूर रहकर खेलों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
Genelia DSouza Birthday: नेशनल लेवल की Football Player से बनीं बॉलीवुड की सुपरहिट Actress
हिंदी सिनेमा की सबसे प्यारी और टैलेंटेड एक्ट्रेस जेनेलिया डिसूजा आज 05 अगस्त को अपना 39वां जन्मदिन मना रही हैं। बता दें कि एक्ट्रेस 15 साल की उम्र से अभिनय कर रही हैं। उन्होंने न सिर्फ हिंदी सिनेमा बल्कि साउथ की फिल्मों में भी काम किया है। जेनेलिया नेशनल लेवल की फुटबॉल प्लेयर भी रह चुकी हैं। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर एक्ट्रेस जेनेलिया डिसूजा के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार मुंबई में 05 अगस्त 1987 को जेनेलिया का जन्म हुआ था। अपने स्कूली और कॉलेज के जीवन में एक स्टेट लेवल एथलीट, नेशनल लेवल की फुटबॉल प्लेयर और स्प्रिंटर थीं। उन्होंने 15 साल की उम्र में मॉडलिंग में कदम रखा था। फिल्मी सफर साल 2003 में फिल्म 'तुझे मेरी कसम' से अपना बॉलीवुड डेब्यू किया था। इस फिल्म में वह अपने पति रितेश देशमुख के साथ नजर आई थीं। जेनेलिया ने हिंदी, तेलुगु, तमिल और कन्नड़ जैसी कई भाषाओं में फिल्में की और एक अलग नया मुकाम हासिल किया। एक्ट्रेस को फिल्म 'जाने तू... या जाने ना' से मिली थी। इसके अलावा एक्ट्रेस ने 'फोर्स', 'रेडी' और 'तेरे नाल लव हो गया' जैसी फिल्मों में काम किया। विज्ञापन में काम एक्ट्रेस ने कभी मॉडलिंग और एक्टिंग के बारे में सोचा नहीं था। वह MNC में काम करना चाहती थीं। लेकिन शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जेनेलिया एक शादी अडेंट कर रही थीं, जिस दौरान उनको बिग बी के साथ पॉपुलर पार्कर पेन के एड में काम करने का ऑफर मिला। इस एड में जेनेलिया ने बिग बी के फैंस का रोल किया था। रितेश देशमुख से मुलाकात जेनेलिया की अपनी डेब्यू फिल्म के को स्टार रितेश देशमुख से दोस्ती हो गई और यह दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। बाद में रितेश और जेनेलिया ने शादी कर ली। कपल दो बेटों के पेरेंट्स हैं।
फुटबॉल जगत में पसरा मातम, इस दिग्गज का निधन, जबरदस्त रहा करियर
फ्रेंको बारेसी सिर्फ एक महान डिफेंडर नहीं थे. उन्होंने दुनिया को दिखाया कि एक खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के साथ-साथ अपने चरित्र, अनुशासन और क्लब के प्रति समर्पण से भी अमर बन सकता है. वो एक ऐसे कप्तान रहे, जिन्होंने अपने खेल से ही नहीं, अपने व्यक्तित्व से भी लाखों लोगों का दिल जीता.
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के अंतिम दौर में पहुंचने के बीच अमिताभ बच्चन ने टूर्नामेंट को लेकर अपनी राय साझा की है। उन्होंने विवादित फैसलों, नए खिलाड़ियों के उभरने और बदलते दौर के फुटबॉल पर बात की। बिग बी ने कहा कि समय बदलता है और नई पीढ़ी खेल को नई दिशा ...
बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह 'धुरंधर' की सक्सेस के बीच चल रहे 'डॉन 3' विवाद को लेकर भी सुर्खियों में हैं। फिल्ममेकर फरहान अख्तर और एक्सेल एंटरटेनमेंट के साथ उनकी अनबन अब जगजाहिर हो चुकी है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) द्वारा उनके ...
फुटबॉल कोच के बाद अब बड़े परदे पर क्रिकेटर बनकर चमकेंगे Ajay Devgan,एक्टर की नई बायोपिक फिल्म पर आया बड़ा अपडेट
Maidaan Review:अजय देवगन की दमदार डायलॉग डिलीवरी और एक्टिंग ने दिखाया रियल सिनेमा, जरूर देखेफुटबॉल कोच की ये कहानी
Maidaan Review: सीट से हिलने का मौका नहीं देगी Ajay Devgan की ये फिल्म, जरूर देखनी चाहिएइंडियन फुटबॉल टीम के महान कोच
‘भीड़ से साथ की उम्मीद मत रखना', Ajay Devgan की मच अवेटेड फिल्म Maidaan काट्रेलर हुआ लॉन्च,फुटबॉल कोच बनकर छा गए एक्टर

