सुमीत मीणा का राष्ट्रीय कैंप में चयन:अंडर-17 फुटबॉल कैंप में मिली जगह
सलूम्बर ज़िले के जावर माइंस क्षेत्र स्थित महादेव की नाल निवासी और होनहार खिलाड़ी सुमीत मीणा ने फुटबॉल के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए राज्य स्तरीय अंडर-17 फुटबॉल प्रतियोगिता से राष्ट्रीय कैंप में चयन पाकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे ज़िले का नाम रोशन किया है। सुमीत की इस उपलब्धि से क्षेत्र में हर्ष, गर्व और उत्साह का माहौल बन गया है। सुमीत मीणा वर्तमान में कोटा वोकेशनल हॉस्टल में अध्ययनरत हैं। इससे पूर्व वे महादेव की नाल विद्यालय के छात्र रहे हैं। सीमित संसाधनों और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद सुमीत ने अपने अनुशासन, मेहनत और निरंतर अभ्यास के दम पर फुटबॉल में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर यह मुकाम हासिल किया है। सुमीत मीणा सलूम्बर ज़िले का प्रतिनिधित्व करते हुए कई राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं। उनकी तेज़ गति, खेल की समझ और टीम भावना ने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया, जिसके चलते उनका चयन राष्ट्रीय स्तर के अंडर-17 कैंप के लिए हुआ। सुमीत के चयन की खबर मिलते ही खेल प्रेमियों, शिक्षकों, ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।
धौलपुर में शहीद भगत सिंह फुटबॉल लीग सीजन-3 का समापन हो गया। इंदिरा गांधी स्टेडियम में सिक्ख समुदाय और खालसा क्लब के सहयोग से आयोजित इस लीग के फाइनल मुकाबले आतिशबाजी और राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुए। सीनियर वर्ग में बालाजी फुटबॉल क्लब और जूनियर वर्ग में सोना ब्रिक्स फुटबॉल क्लब विजेता रहे। समापन समारोह के मुख्य अतिथि अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा थे। उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि धौलपुर में इस स्तर का फुटबॉल आयोजन सराहनीय है। उन्होंने खालसा क्लब द्वारा आयोजित इस लीग को महानगरों की तर्ज पर बताया और कहा कि ऐसे आयोजनों से राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतिभाएं उभरती हैं। शर्मा ने आयोजकों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। आरएसी 6वीं बटालियन के डिप्टी कमांडेंट सुरेश सांखला ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि खेल में हार-जीत से अधिक अनुशासन महत्वपूर्ण होता है। सांखला ने बताया कि शहीद भगत सिंह फुटबॉल लीग में खिलाड़ियों ने अनुशासन का प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक अब्दुल सगीर खान ने कहा कि धौलपुर में यह फुटबॉल का एक बड़ा आयोजन है, जो पूरे राजस्थान में भी कम ही देखने को मिलता है। उन्होंने प्रतियोगिता को शहीद भगत सिंह के नाम से प्रेरणादायक बताया। पूर्व उपसभापति निशांत चौधरी ने कहा कि धौलपुर के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में धौलपुर के खिलाड़ी भारतीय फुटबॉल टीम में शामिल होंगे। फाइनल मुकाबलों के परिणाम इस प्रकार रहे: जूनियर वर्ग में सोना ब्रिक्स फुटबॉल क्लब ने मचकुंड फुटबॉल क्लब को 3-1 से हराया। सीनियर वर्ग में बालाजी फुटबॉल क्लब ने इंकलाब सिंडिकेट फुटबॉल क्लब को 2-1 से पराजित कर खिताब अपने नाम किया। टूर्नामेंट में विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार भी प्रदान किए गए। अंशुल (सोना ब्रिक्स) को बेस्ट प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। चंद्रेश बेस्ट स्कोरर ऑफ द टूर्नामेंट रहे, जबकि आर्यन (पचौरी फुटबॉल क्लब) को बेस्ट डिफेंडर और आरती (मयूरी फुटबॉल क्लब) को बेस्ट गोलकीपर का पुरस्कार मिला। दीपेश (भारत फुटबॉल क्लब) ने बेस्ट अमेजिंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब जीता। संतोष ट्रॉफी में चयनित अंगद तोमर को भी अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।
दौसा में श्री जय भवानी स्पोर्ट्स क्लब की ओर से आयोजित 13वीं राज्य स्तरीय फुटबॉल टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला रविवार को किला सागर मैदान में खेला गया। खिताबी मुकाबले में जयपुर सिटी फुटबॉल क्लब, जयपुर ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए बांदीकुई फुटबॉल क्लब को 4-1 से हराकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। फाइनल मैच के दौरान मैदान पर जोश, उत्साह और रोमांच चरम पर रहा, जिससे दर्शक पूरे समय खेल से जुड़े रहे। शुरुआत से ही जयपुर सिटी का आक्रामक खेल मैच की शुरुआत से ही जयपुर सिटी फुटबॉल क्लब ने आक्रामक रुख अपनाया। टीम के जर्सी नंबर 86 अनुज शर्मा ने तेज खेल दिखाते हुए पहला गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। कुछ ही देर बाद अनुज शर्मा ने दूसरा गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया। बांदीकुई ने किया पलटवार, लेकिन जयपुर रहा भारी दो गोल से पिछड़ने के बाद बांदीकुई फुटबॉल क्लब ने भी जोरदार वापसी की। टीम के जर्सी नंबर 6 महिपत ने शानदार गोल कर स्कोर 2-1 कर दिया और मुकाबले में नया रोमांच भर दिया। हालांकि जयपुर सिटी क्लब ने तुरंत पलटवार किया। जर्सी नंबर 12 रोहित ने गोल दागकर बढ़त 3-1 कर दी। अनुज शर्मा की हैट्रिक से निर्णायक जीत मैच के अंतिम क्षणों में एक बार फिर अनुज शर्मा ने गोल कर अपनी हैट्रिक पूरी की और जयपुर सिटी क्लब को 4-1 की निर्णायक जीत दिला दी। शानदार प्रदर्शन के लिए अनुज शर्मा को ‘मैन ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया, जबकि बांदीकुई फुटबॉल क्लब के महिपत को ‘मैन ऑफ द मैच’ का पुरस्कार मिला। पुरस्कार वितरण और सम्मान फाइनल मुकाबले के बाद मुख्य अतिथि एडीएम अरविंद शर्मा ने विजेता जयपुर सिटी फुटबॉल क्लब को 11 हजार रुपए नकद व ट्रॉफी, जबकि उपविजेता बांदीकुई फुटबॉल क्लब को 5100 रुपए नकद व ट्रॉफी भेंट कर सम्मानित किया। खेल से मिलता है अनुशासन और आत्मविश्वास: एडीएम इस मौके पर एडीएम अरविंद शर्मा ने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास विकसित करता है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच देती हैं और इससे स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान मिलती है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि कोषाधिकारी रामचरण मीणा, पूर्व पालिकाध्यक्ष सुरेश घोसी, भाजपा के पूर्व शहर अध्यक्ष राजेश शर्मा और डिप्टी सीएमएचओ डॉ. दीपक शर्मा भी उपस्थित रहे। समापन अवसर पर एडीएम अरविंद शर्मा ने ध्वज अवतरण कर टूर्नामेंट के समापन की घोषणा की।
फुटबॉल चैंपियनशिप:हिमाचल में वाईएफसी अंडर-16 की टीम लगातार दूसरी बार बनीं विजेता
भास्कर न्यूज | जालंधर यूथ फुटबॉल क्लब (वाईएफसी) रुड़का कलां ने एक बार फिर हिमाचल प्रदेश में आयोजित फुटबॉल टूर्नामेंट में अपनी उत्कृष्ट खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी वाईएफसी रुड़का कलां ने इसी टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी अपने नाम की थी। इस ऐतिहासिक जीत के साथ क्लब ने लगातार दूसरी बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया है। हिमाचल प्रदेश के खड्ड में 27 से 30 दिसंबर तक आयोजित इस फुटबॉल टूर्नामेंट में वाईएफसी रुड़का कलां ने पहले दिन संस्कार फुटबॉल अकादमी, ऊना को 4-0 से हराकर अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। इस मुकाबले में विशाल ने टीम के लिए स्कोरिंग की शुरुआत की। दूसरे दिन भी जीत का सिलसिला जारी रहा, जब वाईएफसी रुड़का कलां ने कड़े मुकाबले में बेल्को 11 को 1-0 से मात दी। इस जीत के साथ टीम ने फाइनल में प्रवेश किया। 30 दिसंबर को खेले गए फाइनल मुकाबले में वाईएफसी रुड़का कलां ने फिट-15 को 3-0 से हराकर एक बार फिर चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की। क्लब के अध्यक्ष गुरमंगल दास सोनी ने इस शानदार उपलब्धि पर सभी खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को बधाई देते हुए उनके अनुशासन, मेहनत और उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की।
बक्सर के चौसा में शेरशाह सूरी फुटबॉल प्रतियोगिता के तहत एक दिवसीय महिला फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। चौसा हाई स्कूल के खेल मैदान में झारखंड और उत्तर प्रदेश की महिला टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला खेला गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे। मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया। पहले हाफ में उत्तर प्रदेश की टीम ने बेहतर तालमेल और रणनीति के साथ खेलते हुए हाफ टाइम से पहले एक महत्वपूर्ण गोल कर 1-0 की बढ़त बना ली। यह गोल पूरे मैच का निर्णायक साबित हुआ। झारखंड की टीम ने बराबरी के लिए भरपूर प्रयास किया दूसरे हाफ में झारखंड की टीम ने बराबरी के लिए भरपूर प्रयास किया। पूरे 70 मिनट के खेल के दौरान झारखंड ने लगभग 12 बार गेंद को गोल पोस्ट तक पहुंचाया, लेकिन उत्तर प्रदेश के मजबूत डिफेंस और गोलकीपर की सतर्कता के कारण कोई भी प्रयास सफल नहीं हो सका। मैच के अंतिम क्षणों तक झारखंड की टीम लगातार दबाव बनाती रही, जबकि उत्तर प्रदेश की टीम ने अपनी बढ़त बनाए रखते हुए धैर्यपूर्ण खेल का प्रदर्शन किया। अंततः रेफरी की अंतिम सीटी बजने पर उत्तर प्रदेश को 1-0 से विजेता घोषित किया गया, और झारखंड की टीम उपविजेता रही। अल्पसंख्यक मंत्री जामा खान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे मैच के समापन पर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। इसमें बिहार सरकार के अल्पसंख्यक मंत्री जामा खान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों के कप्तानों को शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया। महिला खिलाड़ियों का उत्साह और खेल कौशल सराहनीय इस अवसर पर मंत्री जामा खान ने कहा कि महिला खिलाड़ियों का उत्साह और खेल कौशल सराहनीय है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे आयोजनों से न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच मिलता है, बल्कि समाज में खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल भी बनता है। इस टूर्नामेंट का आयोजन पूर्व जिला पार्षद डॉ. मनोज पाण्डेय के नेतृत्व में किया गया था। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर बक्सर के प्रसिद्ध होम्योपैथ चिकित्सक डॉ. एस. एन. सी. सिंह, चौसा नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी रानी कुमारी, मुफस्सिल थाना अध्यक्ष सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित थे।
स्टेट फ्लैग फुटबॉल : बॉयज में जयपुर, गर्ल्स में नागौर चैम्पियन
जयपुर | पूर्णिमा यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय राजस्थान स्टेट फ्लैग फुटबॉल चैंपियनशिप मंगलवार को सम्पन्न हुई। इसमें 16 जिलों के 200 प्लेयर शामिल हुए। बॉयज कैटेगरी में जयपुर और गर्ल्स में नागौर की टीमें चैम्पियन बनीं। बॉयज कैटेगरी के फाइनल में जयपुर ने हनुमानगढ़ को 33-18 से हराया। चित्तौड़गढ़ की टीम तीसरे स्थान पर रही। गर्ल्स कैटेगरी के एकतरफा फाइनल में नागौर ने जयपुर की टीम को 12-0 से पराजित किया। बारां की टीम तीसरे नंबर पर रही। मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर जयपुर के माधवेन्द्र सिंह और नागौर की मुस्कान रहे। समापन समारोह में बीसीजीआई के मोहित सिंह राजावत, एबीवीपी के अश्विनी शर्मा व योगेश दुबे तथा पूर्णिमा यूनिवर्सिटी के डीएसडब्लू डॉ. राकेश गुप्ता ने विजेताओं को पुरस्कृत किया।
रामपुर के स्मार्ट इंडियन मॉडल स्कूल में आयोजित कृष्णा अवतार एवं उत्तम देव स्मृति कप तृतीय (2025) बालिका आमंत्रण फुटबॉल प्रतियोगिता में गोल्डन गेट ग्लोबल स्कूल की बालिका फुटबॉल टीम उपविजेता रही। यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता थी, जिसमें देश के विभिन्न विद्यालयों की टीमों ने हिस्सा लिया। गोल्डन गेट ग्लोबल स्कूल की टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अनुशासन और तालमेल का प्रदर्शन किया और लगातार जीत दर्ज करते हुए फाइनल में जगह बनाई। फाइनल मुकाबले में खिलाड़ियों ने अंतिम क्षण तक संघर्ष किया। टीम ने अपनी तेज गति, सटीक पास और मजबूत रक्षा पंक्ति से प्रभावित किया। हालांकि टीम खिताब जीतने से चूक गई, लेकिन उसके प्रदर्शन की सराहना की गई। टीम की इस उपलब्धि पर विद्यालय प्रबंधन, प्रशिक्षक और शिक्षकों ने खुशी जताई। प्रशिक्षक ने बताया कि यह सफलता खिलाड़ियों के नियमित अभ्यास, समर्पण और खेल भावना का परिणाम है। विद्यालय परिवार ने सभी खिलाड़ियों को बधाई दी। इस प्रदर्शन से गोल्डन गेट ग्लोबल स्कूल का नाम क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर रोशन हुआ है।
पाकुड़ के गोकुलपुर स्थित मैदान में चांद भैरव क्लब द्वारा तीन दिवसीय अंतर्राज्यीय वार्षिक फुटबॉल चैंपियनशिप का आयोजन किया गया। कड़ाके की ठंड के बावजूद खिलाड़ियों और दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। इस प्रतियोगिता में असम, पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार की टीमों ने हिस्सा लिया। कई टीमों में नाइजीरिया, घाना और अन्य अफ्रीकी देशों के अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी भी शामिल हैं। सोमवार को खेले गए मैचों में इन खिलाड़ियों ने कड़ाके की ठंड के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया। हजारों की संख्या में पहुंचे दर्शकों ने तालियां बजाकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। प्रतियोगिता का उद्घाटन एसडीओ साइमन मरांडी, अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन, भू-अर्जन पदाधिकारी अजय सिंह बराईक, जिला खेल पदाधिकारी राहुल कुमार, बीडीओ समीर अल्फ्रेड मुर्मू, नगर थाना प्रभारी बबलू कुमार और उद्योगपति लुत्फ़ल हक ने फुटबॉल को किक मारकर किया। पश्चिम बंगाल की मोहन बागान टीम की विशेष आकर्षण का केंद्र रही इस चैंपियनशिप में देश के विभिन्न राज्यों से कुल 16 टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के नामचीन खिलाड़ी शामिल हैं। पश्चिम बंगाल की मोहन बागान टीम की उपस्थिति दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। विदेशी खिलाड़ियों को देखने के लिए भी बड़ी संख्या में खेल प्रेमी गोकुलपुर मैदान पहुंचे हैं। टूर्नामेंट का सीधा प्रसारण भी किया जा रहा है ताकि लोग घर बैठे इसका आनंद ले सकें। प्रतियोगिता में एफसी सोरेन स्टार बाडघुटु की टीम ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। आयोजन समिति के सदस्य और शहरकोल पंचायत के मुखिया विकास गौड़ ने बताया कि यह प्रतियोगिता वर्षों से आयोजित की जा रही है। उन्होंने ठंड के बावजूद दर्शकों की भारी संख्या में उपस्थिति पर संतोष व्यक्त किया।
सिख समुदाय ने धौलपुर में फुटबॉल को दी नई पहचान:शहीद भगत सिंह लीग में अमित मुदगल ने की सराहना
धौलपुर में इंदिरा गांधी स्टेडियम पर चल रही शहीद भगत सिंह फुटबॉल लीग सीजन 3 के तीसरे दिन युवा कांग्रेसी नेता और प्रदेश सचिव अमित मुदगल ने खिलाड़ियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि धौलपुर में फुटबॉल को पुनर्जीवित करने में खालसा क्लब के साथ सिख समुदाय का विशेष योगदान रहा है। सिख समुदाय ने धौलपुर में फुटबॉल की एक नई इबारत लिखी है। मुदगल ने धौलपुर के फुटबॉल खिलाड़ियों को ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रेनू निखिल अग्रवाल ने बेटियों के लिए अलग से टीम बनाने की पहल को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि बेटियां बेटों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रतियोगिता में भागीदारी निभा रही हैं। नगर परिषद धौलपुर के फायर ब्रिगेड अधिकारी बृजभान सिंह गुर्जर ने कहा कि ऐसे आयोजनों से खेल प्रतिभाओं को एक बेहतर मंच मिलता है, जिससे वे अपनी क्षमताओं को और निखार सकें। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. निखिल अग्रवाल ने उम्मीद जताई कि धौलपुर में तैयार हो रहे छोटे फुटबॉल खिलाड़ियों का भविष्य सुखद होगा और वे आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने आयोजकों को प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर आयोजन कमेटी की ओर से हरदीप सिंह सोहता, हेमंत सिंह, हरविंदर सिंह सोहता, संदीप राना, कमलजीत सिंह, अजय बघेल, आमिर खान, विक्रम गहलोत, रामेंद्र सिंह और मुकेश सक्सेना मुख्य रूप से उपस्थित थे। तीसरे दिन के मैच परिणाम इस प्रकार रहे जेबीबीसी ने चंद्रमल को 4-2 से, डॉलर फुटबॉल क्लब ने भारत फुटबॉल क्लब को 2-0 से, एक्सप्रेस फुटबॉल क्लब ने मचकुंड फुटबॉल क्लब को 4-3 से, पचौरी फुटबॉल क्लब ने मंजरी फुटबॉल क्लब को 2-1 से, जेबीबीसी फुटबॉल क्लब ने एक्सप्रेस फुटबॉल क्लब को 4-1 से, बालाजी फुटबॉल क्लब ने निंबार्क फुटबॉल क्लब को 2-0 से और स्पाइसी फुटबॉल क्लब ने चंद्रमल को 3-2 से पराजित किया।
रामानुजगंज में सूर्य प्रकाश मेमोरियल जनपद स्तरीय फुटबॉल टूर्नामेंट 2025 का फाइनल मुकाबला रविवार को खेला गया। चिनियाँ खेल मैदान में हुए इस मैच में चिनियां टीम ने तेतरडीह को 3-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया। तेतरडीह की टीम उपविजेता रही। यह टूर्नामेंट क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री रामविचार नेताम द्वारा अपने दिवंगत पुत्र स्वर्गीय सूर्य प्रकाश नेताम की स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली खेल प्रतियोगिताओं का हिस्सा है। इसी क्रम में इस वर्ष सूर्य प्रकाश मेमोरियल फुटबॉल टूर्नामेंट 2025 का आयोजन जनपद स्तर पर किया गया था। चिनियां टीम ने तेतरडीह को 3-1 से हराया चिनियां टीम ने घरेलू मैदान का लाभ उठाते हुए तेतरडीह को 3-1 से पराजित किया। मुख्य अतिथि पुष्पा रामविचार नेताम ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि नेताम परिवार क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए सदैव प्रयासरत रहेगा। उन्होंने खेल के शारीरिक और मानसिक लाभों पर भी प्रकाश डाला। टूर्नामेंट में 44 टीमों ने लिया था भाग इस टूर्नामेंट में जनपद भर से कुल 44 टीमों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के मैच धमनी, आरागाही, आबादी और चिनियाँ के चार खेल मैदानों में खेले गए, जबकि समापन चिनियां खेल मैदान में हुआ। विजेता टीम को 41,000 रुपये और उपविजेता टीम को 25,000 रुपये का पुरस्कार मिला विजेता टीम चिनियां को 41,000 रुपये का नगद पुरस्कार और उपविजेता तेतरडीह टीम को 25,000 रुपये का नगद पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त, प्रतियोगिता में भाग लेने वाली सभी 44 टीमों को सांत्वना पुरस्कार के रूप में ड्रेस किट वितरित की गई। इस आयोजन को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष अमावस सिंह, सुनील सिंह, रामविचार सिंह, वीरेंद्र सिंह मरकाम, मंगल सिंह और राम प्रवेश सिंह सहित अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फाइनल मैच पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पुष्पा रामविचार नेताम की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता अनूप तिवारी, कन्हैयालाल अग्रवाल, भानु प्रकाश दीक्षित, भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष बलवंत सिंह, पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष तारावती सिंह, जिला पंचायत सभापति मुंशी राम सांडिल्य, बद्री यादव, जनपद अध्यक्ष मुंद्रिका सिंह, उपाध्यक्ष सुनील तिवारी, जनपद सदस्य राजकुमार यादव, अशरफी यादव, विधायक प्रतिनिधि अनोज यादव और वरिष्ठ भाजपा युवा मोर्चा के नेता पवन कश्यप लड्डू सहित कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।
फुटबॉल टूर्नामेंट के विजेता बने राजन ब्रदर्स बरटोली
इरबा टंगरा टोली फुटबॉल ग्राउंड में शनिवार को स्व. दीपक उरांव स्मृति डबल खस्सी एक दिवसीय फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। उद्घाटन अतिथियों व स्व. दीपक उरांव के परिजनों द्वारा उनके चित्र पर माल्यार्पण कर तथा खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया गया। युवा समाजसेवी अबरार ओहदार, इरबा मुखिया लखेश्वर उरांव, पूर्व मुखिया विनीता कुजूर, ग्राम प्रधान रमेश उरांव, दीपक मुंडा, सोमर मुंडा सहित आयोजन समिति के सदस्य सुरेन्द्र उरांव, प्रो. प्रतीक उरांव, मनोज उरांव, अजय कच्छप, जुगल मुंडा, चिंटू उरांव मौजूद रहे। फाइनल मुकाबला राजन ब्रदर्स बरटोली और रुक्का फुटबॉल क्लब के बीच खेला गया। राजन ब्रदर्स बरटोली ने मैदानी गोल के जरिए एक गोल के अंतर से जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया। फाइनल के समापन पर विजेता टीम राजन ब्रदर्स बरटोली को प्रथम पुरस्कार बड़ा खस्सी प्रदान किया गया, जबकि उपविजेता रुक्का फुटबॉल क्लब को छोटा खस्सी देकर सम्मानित किया गया।
16 गढ़वाल बुल ‘ए’ ने फुटबॉल फेयर जीता:एलएमसी पोलो ग्राउंड में 9वीं 7-ए-साइड टूर्नामेंट का समापन
एलएमसी पोलो ग्राउंड में आयोजित 9वीं 7-ए-साइड ओपन फुटबॉल फेयर 2025-26 तीन दिनों तक चला।इस प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।इस टूर्नामेंट में शहर और आसपास की कई मजबूत टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला 16 गढ़वाल बुल ‘ए’ और नीलमथा एफसी ‘ए’ के बीच खेला गया। निर्धारित समय तक यह मुकाबला 2-2 की बराबरी पर रहा। इसके बाद टाई-ब्रेकर में 16 गढ़वाल बुल ‘ए’ ने नीलमथा एफसी ‘ए’ को 3-2 से हराकर खिताब अपने नाम किया। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया, जिसमें तेज पासिंग और मजबूत डिफेंस शामिल था। खिलाड़ियों को विशेष पुरस्कारों से सम्मानित किया गया टूर्नामेंट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को विशेष पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। बेस्ट डिफेंडर का पुरस्कार नीलमथा एफसी ‘बी’ के करण को मिला। बेस्ट मिडफील्डर और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब 16 गढ़वाल बुल ‘ए’ के अंजिल ने जीता। बेस्ट गोलकीपर का पुरस्कार नीलमथा एफसी ‘ए’ के रोहित को दिया गया। मोस्ट प्रॉमिसिंग प्लेयर का सम्मान ब्रदर्स एफसी के तल्हा को मिला, जबकि बेस्ट डिसिप्लिन टीम का खिताब 16 गढ़वाल बुल ‘ए’ को प्रदान किया गया। ये लोग मैच देखने पहुंचे प्रतियोगिता के समापन समारोह में मुख्य अतिथि शनि यादव मौजूद रहे। विशेष अतिथियों में मोहित, प्रमोद शर्मा (कैंटोनमेंट बोर्ड, लखनऊ), शुभम अवस्थी, प्रथम सिंह, उदयभान सिंह और सलमान सैफ,डीएफए स्टाफ—केएन सिंह,इंटरप्राइजेज के प्रतिनिधि शामिल थे। अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में खेल संस्कृति को बढ़ावा देते हैं और प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं।
बक्सर के धरौली गांव स्थित हनुमंत कुटी धाम के जोगीबीर बाबा खेल मैदान पर आयोजित सात दिवसीय बाबू राजमोहन सिंह मेमोरियल फुटबॉल टूर्नामेंट का शुक्रवार को भव्य फाइनल मुकाबले के साथ समापन हो गया। टूर्नामेंट के अंतिम दिन आरा (बिहार) और गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) की टीमों के बीच खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में आरा की टीम ने दमदार प्रदर्शन करते हुए गाजीपुर को 3-0 से पराजित कर विजेता ट्रॉफी अपने नाम कर ली। विशिष्ट अतिथियों ने किया फाइनल मुकाबले का उद्घाटन फाइनल मुकाबले का उद्घाटन विधायक राधाचरण साह, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं टूर्नामेंट के मुख्य आयोजक मनोज कुमार सिंह, जदयू प्रदेश उपाध्यक्ष सीता सिंह, डुमरांव विधायक राहुल सिंह, रामजी तिवारी, प्रतिष्ठित व्यवसायी कृष्णा सिंह, पंकज सिंह और डॉ. रमेश सिंह ने संयुक्त रूप से गेंद को किक मारकर किया। अतिथियों ने मैदान में उतरने से पहले दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका हौसला बढ़ाया और खेल भावना के साथ मुकाबला खेलने का संदेश दिया। मैदान में दिखा आरा का दबदबा, हाफ टाइम से पहले मिली बढ़त मैच की शुरुआत से ही आरा की टीम आक्रामक तेवर में नजर आई। गाजीपुर की टीम ने भी शुरुआती मिनटों में संघर्ष किया, लेकिन आरा के तेज आक्रमण के सामने उनकी रक्षापंक्ति कमजोर पड़ती दिखी। हाफ टाइम से पहले आरा ने शानदार गोल कर बढ़त बना ली। मध्यांतर के बाद आरा की टीम ने खेल पर पूरी तरह कब्जा जमा लिया और लगातार दो और गोल कर मुकाबले को एकतरफा बना दिया। अंततः आरा की टीम ने 3-0 से जीत दर्ज कर खिताब अपने नाम किया। 50 हजार दर्शकों ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह फाइनल मुकाबले के दौरान खेल मैदान में करीब 50 हजार दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दर्शकों ने तालियों, नारों और उत्साहवर्धन से पूरे माहौल को उत्सव में बदल दिया। ग्रामीण इलाकों में आयोजित इस बड़े खेल आयोजन ने यह साबित कर दिया कि फुटबॉल के प्रति लोगों का जुनून लगातार बढ़ रहा है। विजेता और उपविजेता टीमों को नकद पुरस्कार विजेता टीम आरा के कप्तान उत्तम टुडु को 5 लाख रुपये का चेक और उपविजेता गाजीपुर टीम के कप्तान कमरान को 2 लाख 51 हजार रुपये का चेक मुख्य अतिथि पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश और मुख्य आयोजक मनोज कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से प्रदान किया। इसके साथ ही आरा टीम के 10 नंबर जर्सी के खिलाड़ी राजू को मैन ऑफ द मैच और 4 नंबर जर्सी के खिलाड़ी ट्विन को मैन ऑफ द सीरीज का पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। खेलों से जुड़ी है गांवों की पहचान: दीपक प्रकाश समारोह को संबोधित करते हुए पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि फुटबॉल और कुश्ती सदियों से गांवों के लोकप्रिय खेल रहे हैं और इनसे ग्रामीण पहचान जुड़ी रही है। उन्होंने कहा कि सरकार खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा। गांव-गांव तक खेल प्रतिभा को मंच देने का संकल्प सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं मुख्य आयोजक मनोज कुमार सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य जिले के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहचान दिलाना है। इसके लिए भविष्य में गांव-गांव फुटबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि छुपी हुई प्रतिभाओं को सही मंच मिल सके। फाइनल मुकाबले के दौरान आयोजन समिति की ओर से दर्शकों के लिए नाश्ते की भी व्यवस्था की गई थी। इस सफल आयोजन में रेफरी, उद्घोषकों, आयोजन समिति के सदस्यों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका रही। टूर्नामेंट का समापन खेल प्रेमियों के लिए यादगार बन गया।
गोरखपुर के महात्मा गांधी इंटर कॉलेज के खेल मैदान पर आयोजित स्वर्गीय प्रकाश नारायण श्रीवास्तव स्मारक सिक्स साइड अंडर-13 एवं अंडर-17 फुटबॉल प्रतियोगिता के दूसरे दिन अंडर-13 वर्ग के नॉकआउट मुकाबले खेले गए। दोनों मुकाबलों में खिलाड़ियों ने तकनीक, अनुशासन और फिटनेस का शानदार प्रदर्शन किया। कड़े संघर्ष से भरे इन मैचों में घोसी इलेवन और नकहा एफसी ने जीत दर्ज कर अगले चक्र में प्रवेश किया। पहले मुकाबले में बराबरी के बाद पेनाल्टी से हुआ फैसला दिन का पहला नॉकआउट मुकाबला घोसी इलेवन और संदीप स्पोर्टिंग क्लब पीपीगंज के बीच खेला गया। शुरुआत से ही दोनों टीमों ने तेज रफ्तार खेल दिखाते हुए एक-दूसरे के गोलपोस्ट पर दबाव बनाया। मैच के दौरान कई बार गोल के अवसर बने, लेकिन दोनों टीमों के डिफेंडरों की सजगता और गोलकीपरों की सटीक टाइमिंग के चलते कोई भी टीम बढ़त नहीं बना सकी। निर्धारित समय तक मुकाबला गोलरहित बराबरी पर समाप्त हुआ। दबाव में दिखाया संयम, घोसी इलेवन बनी विजेता गोलरहित बराबरी के बाद मैच का निर्णय पेनाल्टी शूटआउट से हुआ। निर्णायक क्षणों में घोसी इलेवन के जर्सी नंबर 12 मकबूल और जर्सी नंबर 1 आसिफ ने जिम्मेदारी लेते हुए एक-एक पेनाल्टी को गोल में बदला। बेहतर संयम और सटीक शॉट्स के दम पर घोसी इलेवन ने मुकाबला अपने नाम किया और अगले चक्र में जगह बना ली। दूसरे नॉकआउट मुकाबले में नकहा एफसी और चरगांवा एफसी आमने-सामने रहीं। नकहा एफसी ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक रणनीति अपनाते हुए खेल पर पकड़ बना ली। टीम के जर्सी नंबर 7 के खिलाड़ी आसिफ ने मध्यांतर से पहले लगातार दो गोल दागकर नकहा एफसी को मजबूत बढ़त दिला दी, जिससे विपक्षी टीम दबाव में आ गई। मध्यांतर के बाद भी नहीं बदला मैच का रुखमध्यांतर के बाद चरगांवा एफसी ने वापसी की कोशिश की और कुछ मौके भी बनाए, लेकिन नकहा एफसी की सुदृढ़ रक्षापंक्ति के सामने उनके प्रयास सफल नहीं हो सके। खेल के अंतिम समय में नकहा एफसी के ही जर्सी नंबर 7 के खिलाड़ी अल्तमस ने तीसरा गोल कर स्कोर 3-0 कर दिया। इस जीत के साथ नकहा एफसी ने भी अगले चक्र में अपना स्थान सुनिश्चित कर लिया। उद्घाटन और आयोजन व्यवस्थाप्रतियोगिता के पहले मुकाबले का उद्घाटन महात्मा गांधी इंटर कॉलेज के प्रवक्ता एवं राज्य पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक डॉ. वीरेंद्र पटेल ने दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया। पूरे आयोजन का संचालन विद्यालय के खेल शिक्षक सुशील त्रिपाठी ने किया, जिनकी देखरेख में प्रतियोगिता व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ रही है। खेल मैदान पर रही उत्साहपूर्ण मौजूदगीमैच के दौरान विवेकानंद मिश्र, महेंद्र शर्मा, डॉ. चंदन सिंह, सूर्यकांत शर्मा, अमित चौरसिया सहित बड़ी संख्या में खेलप्रेमी, अभिभावक और स्थानीय लोग मौजूद रहे। दर्शकों की उत्साहपूर्ण मौजूदगी ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया और मुकाबलों का रोमांच और भी बढ़ गया।
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