ऑस्ट्रेलिया में शरण मांगने के विवाद के बाद ईरान की महिला फुटबॉल टीम स्वदेश लौट आई है। ईरानी मीडिया के अनुसार, टीम तुर्की के रास्ते ईरान पहुंची, जहां सीमा पर अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टीम पहले तुर्की उतरी और वहां से बस के जरिए ईरान की सीमा में दाखिल हुई। इस दौरान कुछ अधिकारियों ने खिलाड़ियों का स्वागत किया। इस मामले ने तब सुर्खियां बटोरी थीं जब टीम की कुछ खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलिया में शरण मांगी थी। हालांकि, बाद में कई खिलाड़ियों ने अपना फैसला बदल लिया और टीम के साथ वापस लौट आईं। वहीं, दो खिलाड़ी (फातेमेह पसंदिदेह और अतेफेह रमेजानिसादेह) ने ऑस्ट्रेलिया में ही रहने का फैसला किया है। 3 दिन पहले दिन प्लेयर्स घर लौटी थीं 3 दिन पहले 15 मार्च को 7 में से 3 खिलाड़ियों ने अपना निर्णय बदला और अपने देश लौट आईं। ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री टोनी बर्क ने एक बयान में इसकी जानकारी दी थी। तीन सदस्य सिडनी से कुआलालंपुर (मलेशिया) के लिए रवाना हुए। इनमें दो खिलाड़ी और एक सपोर्ट स्टाफ शामिल रहे। ईरान की टीम ऑस्ट्रेलिया से निकलने के बाद से कुआलालंपुर में ही रुकी हुई है। ऑस्ट्रेलिया में शरण मांगकर चर्चा में आई टीमएशिया कप के दौरान साउथ कोरिया के खिलाफ मैच में ईरानी टीम ने अपना राष्ट्रगान नहीं गाया था। इसके बाद ईरान में कुछ लोगों ने टीम की कड़ी आलोचना की और खिलाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसी डर के चलते पहले पांच खिलाड़ियों ने और बाद में टीम के दो अन्य सदस्यों ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार से शरण मांगी थी। ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें मानवीय आधार पर वीजा देकर देश में रहने की अनुमति दी थी। टीम में कुल 26 खिलाड़ी और स्टाफ मौजूद थे, लेकिन सात खिलाड़ियों ने ही शरण मांगी थी। उसके बाद 3 प्लेयर्स ने अपना फैसला बदलकर ईरान में वापसी कर ली थी। ईरानी महिला खिलाड़ियों के राष्ट्रगान न गाने का वीडियो… ईरान ने फुटबॉल वर्ल्डकप के मैच मैक्सिको में कराने की मांग कीइधर, ईरान की पुरुष फुटबॉल फेडरेशन ने अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए अमेरिका से मैच हटाकर मेक्सिको में कराने की मांग की है। यह मांग ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच जंग जारी है। फिलहाल इस मुद्दे पर अंतिम फैसला FIFA को लेना है कि ईरान के मैचों की मेजबानी कहां होगी। इससे पहले ईरान फुटबॉल संघ के प्रेसिडेंट ने कहा था कि हमारा वर्ल्ड कप खेलना मुश्किल है। इसके बाद मेक्सिको के राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने कहा है कि वह 2026 फीफा वर्ल्ड कप में ईरान के मैचों की मेजबानी करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि अगर FIFA सहमति देता है, तो उनके देश को ईरान के मैच आयोजित करने में कोई दिक्कत नहीं है। ------------------------------------------------ ईरान फुटबॉल से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… पांच ईरानी फुटबॉल खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया ने शरण दी; एशिया कप खेलने गई थीं एशियन कप से बाहर होने के बाद ईरान की महिला फुटबॉल टीम की पांच खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया ने मानवीय वीजा देकर अपने देश में रहने की इजाजत दे दी है। ऑस्ट्रेलिया के होम अफेयर्स मिनिस्टर टोनी बर्क ने बताया कि इन खिलाड़ियों को पुलिस ने सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया है। पढ़ें पूरी खबर
मोरक्को को AFCON 2025 का चैंपियन घोषित किया गया है। कॉन्फेडरेशन ऑफ अफ्रीकन फुटबॉल (CAF) ने सेनेगल की 1-0 की जीत को रद्द कर दिया है। यह फैसला 18 जनवरी को खेले गए फाइनल मैच के दौरान हुए विवाद के बाद लिया गया है। दरअसल, मैच के आखिरी समय में सेनेगल के खिलाड़ियों ने रेफरी के एक फैसले के विरोध में मैदान छोड़ दिया था,जिसे नियमों का उल्लंघन माना गया है।क्या था विवाद18 जनवरी को खेले गए फाइनल मैच में निर्धारित समय तक स्कोर 0-0 की बराबरी पर था। स्टॉपेज टाइम (इंजुरी टाइम) में रेफरी ने मेजबान मोरक्को के पक्ष में एक पेनल्टी दी। इस फैसले से सेनेगल के खिलाड़ी नाराज हो गए और विरोध स्वरूप मैदान से बाहर चले गए। करीब 17 मिनट तक खेल रुका रहा। बाद में खिलाड़ी वापस लौटे, मोरक्को के ब्राहिम डियाज पेनल्टी पर गोल करने से चूक गए और एक्स्ट्रा टाइम में सेनेगल के पापे गुये ने गोल कर अपनी टीम को 1-0 से जीत दिला दी थी। नियमों के आधार पर पलटा गया फैसलामोरक्को फुटबॉल फेडरेशन (FRMF) ने मैच के नतीजों को लेकर CAF की अपील कमेटी में चुनौती दी थी। CAF ने अपनी जांच में पाया कि सेनेगल ने AFCON रेगुलेशन के आर्टिकल 82 का उल्लंघन किया है। इस नियम के मुताबिक, अगर कोई टीम रेफरी की अनुमति के बिना मैच खत्म होने से पहले मैदान छोड़ती है, तो उसे हारा हुआ माना जाता है। आर्टिकल 84 के तहत ऐसी स्थिति में विरोधी टीम को 3-0 से विजेता घोषित कर दिया जाता है। इसी आधार पर सेनेगल को अयोग्य ठहराते हुए मोरक्को को 3-0 से विजेता मान लिया गया। मोरक्को फेडरेशन ने कहा- यह सिर्फ नियमों की जीतफैसला आने के बाद मोरक्को फुटबॉल फेडरेशन ने बयान जारी कर कहा कि उनकी अपील किसी टीम के प्रदर्शन को चुनौती देने के लिए नहीं थी, बल्कि टूर्नामेंट के नियमों को लागू कराने के लिए थी। फेडरेशन ने कहा,'हम नियमों के सम्मान और अफ्रीकी प्रतियोगिताओं में स्पष्टता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले सभी देशों की सराहना करते हैं।' सेनेगल फेडरेशन की तरफ से अभी कोई कमेंट नहीं सेनेगल फुटबॉल फेडरेशन ने अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। लेकिन उनकी नेशनल टीम के X अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट हुआ। इसमें प्लेयर्स बस परेड में ट्रॉफी के साथ सेलिब्रेट करते दिखे। साथ में 'OK' इमोजी था। अफ्रीका कप में पहले भी हो चुके हैं ऐसे विवाद
फुटबॉल खेलते समय युवक पर हमला, 2 पर केस
अमृतसर| फुटबॉल खेलते समय एक युवक पर हमला कर उसे घायल कर दिया गया। इस संबंध में पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कथूनंगल थानांतर्गत रंगीलपुरा गांव निवासी रंजीत सिंह ने बताया कि 14 मार्च की शाम करीब साढ़े 6 बजे वह गांव के ग्राउंड में अन्य युवकों के साथ फुटबॉल खेल रहा था। इसी दौरान आरोपी अमनदीप सिंह और जसराज सिंह के साथ उसकी कहासुनी हो गई। इसी दौरान अमनदीप सिंह ने ग्राउंड में पड़ी ईंट उठाकर उसके सिर पर वार कर दिया, जिससे वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर लिया है।
सीतापुर के मेजर ध्यान चंद्र स्टेडियम में खेल निदेशालय के तत्वाधान में जिला खेल कार्यालय द्वारा ओपन राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ किया गया। प्रतियोगिता का उद्घाटन जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर.के. ने फीता काटकर किया। इस दौरान खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने के लिए खेल प्रेमियों और अधिकारियों की भी मौजूदगी रही। इस प्रतियोगिता में प्रदेश के विभिन्न जनपदों की कुल 10 टीमें हिस्सा ले रही हैं। इनमें मेजबान सीतापुर के अलावा बरेली, पीलीभीत, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर, बस्ती, उन्नाव, हरदोई और गाजीपुर की टीमें शामिल हैं। प्रतियोगिता लीग नॉकआउट आधार पर आयोजित की जा रही है, जो आगामी पांच दिनों तक चलेगी। प्रतियोगिता का पहला मुकाबला पीलीभीत और उन्नाव के बीच खेला गया, जिसमें दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। हालांकि पूरे मैच के दौरान कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी और मुकाबला बिना गोल के समाप्त हुआ। वहीं दूसरा मुकाबला मेजबान सीतापुर और कानपुर के बीच खेला गया, जो काफी रोमांचक रहा। मैच के 25वें मिनट में कानपुर की टीम ने शानदार तालमेल का प्रदर्शन करते हुए पहला गोल कर बढ़त बनाई। हालांकि सीतापुर की टीम ने जल्द ही वापसी करते हुए स्कोर 1-1 से बराबर कर लिया। इसके बाद सीतापुर को कई मौके मिले, लेकिन खिलाड़ी उन्हें गोल में तब्दील नहीं कर सके। निर्धारित समय तक दोनों टीमें बराबरी पर रहीं, जिसके बाद निर्णायक प्रक्रिया में कानपुर की टीम ने सीतापुर को हराकर जीत दर्ज की। आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता का उद्देश्य प्रदेश में फुटबॉल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और खेलों के प्रति युवाओं को प्रेरित करना है। प्रतियोगिता के आगामी मुकाबलों को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
2026 विमंस एशियन कप के मैच में भारतीय टीम चीनी ताइपे से 1-0 से पीछे थी। 39वें मिनट में भारत को गोल से 30 गज की दूरी पर फ्री-किक मिली। सामने सफेद जर्सी में चार डिफेंडर दीवार बनकर खड़ी थीं। ऐसे में 24 वर्षीय मनीषा कल्याण एक पल के लिए रुकीं और अपने बाएं पैर से एक ऐसा करारा शॉट दागा कि गेंद क्रॉसबार के निचले हिस्से से टकराकर सीधे गोल लाइन के पार चली गई। वीएआर ने गोल की पुष्टि की और कमेंटेटर ने इसे देखते ही ‘गोल ऑफ द टूर्नामेंट’ करार दिया। भले ही भारतीय टीम यह मैच 1-3 से हारकर ग्रुप में सबसे नीचे रही, लेकिन पंजाब के होशियारपुर की इस बेटी ने दुनिया को भारतीय फुटबॉल की एक उजली तस्वीर जरूर दिखा दी। यह सिर्फ एक गोल की नहीं, बल्कि उस लड़की की कहानी है जिसके नसीब में कभी खेल के जूते नहीं थे। आठ साल पहले पंजाब के मुग्गोवाल गांव के एक सरकारी स्कूल में पीटी टीचर ब्रह्मजीत सिंह ने एक लड़की को लड़कों के साथ नंगे पैर खेलते देखा। वह बेखौफ गोल दाग रही थी। मनीषा के पिता नरेंद्रपाल सिंह की गांव में एक छोटी सी कॉस्मेटिक की दुकान थी। वह अपनी चार बेटियों को सिर्फ पढ़ाना चाहते थे; उनके पास स्पोर्ट्स शूज और ट्रेनिंग के पैसे नहीं थे। कोच ब्रह्मजीत ने पिता को एक महीने तक मनाया और भरोसा दिलाया कि पैसा कभी रुकावट नहीं बनेगा। जब पिता राजी हुए, तो पड़ोसियों ने ताने कसे कि लड़की शॉर्ट्स पहनकर लड़कों के साथ खेलती है, आगे चलकर इसका कुछ नहीं होगा। लेकिन माता-पिता ने इन तानों को अनसुना कर दिया। गांव में लड़कियों की कोई टीम नहीं थी, इसलिए मनीषा खेलने के लिए अक्सर 15 किलोमीटर पैदल चलती या दौड़ती थीं। उनके शानदार खेल और खास हेयरस्टाइल के कारण दोस्तों ने उन्हें ब्राजीलियाई दिग्गज रोनाल्डिन्हो के नाम पर प्यार से ‘डिनो’ बुलाना शुरू कर दिया। नवंबर 2021 में एक बड़ा बदलाव आया। भारत ने ब्राजील के खिलाफ मैच 6-1 से गंवाया, लेकिन इकलौता गोल मनीषा ने किया। वह सीनियर फुटबॉल में ब्राजील के खिलाफ गोल दागने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। इस गोल ने उनके लिए दुनिया के दरवाजे खोल दिए। साइप्रस के क्लब ‘अपोलोन लेडीज’ ने उन्हें साइन किया। शुरुआत में अंग्रेजी न आने के कारण उन्हें मैदान पर पास नहीं मिलते थे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और भाषा सीखी। अगस्त 2022 में वह यूईएफए विमंस चैम्पियंस लीग खेलने और गोल करने वाली पहली भारतीय बनीं। ग्रीस के क्लब ‘पाओक’ के लिए 23 मैचों में 8 गोल दागने के बाद, अब वह पेरू के चैम्पियन क्लब ‘एलियांजा लीमा’ में शामिल हैं। सिडनी गई 26 सदस्यीय भारतीय महिला फुटबॉल टीम में मनीषा अकेली खिलाड़ी थीं जो विदेश में इतने ऊंचे स्तर पर खेल रही हैं। यही वजह है कि मनीषा के बेसिक्स, पासिंग और तकनीक बाकी खिलाड़ियों से कहीं ऊंचे स्तर के हैं।
जमुई के गिद्धौर प्रखंड स्थित महाराजा चंद्रचूड़ खेल मैदान में रविवार को एक दिवसीय बालिका फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता जेएम फिनांस एकेडमी के रवि कुमार एवं प्रशिक्षक नीतीश कुमार की देखरेख में संपन्न हुई। टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला सेवा एफसी और गिद्धौर एलेवन स्टार की बालिका टीमों के बीच खेला गया। लगभग 40 मिनट तक चले इस मुकाबले में गिद्धौर एलेवन की टीम ने सेवा एफसी को 6-2 के अंतर से पराजित कर ट्रॉफी अपने नाम की। मैच के दौरान दोनों टीमों की खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों को ट्रॉफी एवं मेडल देकर सम्मानित कियामुकाबले के समापन के बाद पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। समाजसेवी कुमार सुदर्शन सिंह ने विजेता टीम गिद्धौर एलेवन की खिलाड़ियों को ट्रॉफी एवं मेडल देकर सम्मानित किया। वहीं, रनरअप टीम सेवा एफसी को किसान नेता कुणाल सिंह और निदेशक राजेश कुमार द्वारा उपविजेता ट्रॉफी प्रदान की गई। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों में भाग लेने से खिलाड़ी अनुभव प्राप्त करते हैं और जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने जोर दिया कि खेल से अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना का विकास होता है, जो जीवन में प्रगति के लिए आवश्यक है। कार्यक्रम में जिला फुटबॉल लीग के खिलाड़ी राकी सिंह, खेल प्रशिक्षक ज्योति कुमारी, दीपक कुमार, लक्ष्मण साह के अलावा खिलाड़ी सोनम कुमारी, अंशु कुमारी, फ्रूटी कुमारी, रितेश कुमार, मयंक कुमार और दीपक कुमार सहित कई खेल प्रेमी मौजूद रहे। आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं खिलाड़ियों का आभार व्यक्त किया।
जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में शुक्रवार को फुटबॉल टूर्नामेंट का आगाज हुआ। टूर्नामेंट की शुरुआत उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और खेल सचिव नीरज के. पवन ने फीता काटकर की। इस मौके पर खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिला। शहर में आयोजित यह टूर्नामेंट राष्ट्रीय स्तर का है, जिसमें अलग-अलग टीमों के बीच मुकाबले होंगे। आयोजकों के अनुसार जयपुर में इस प्रतियोगिता के तहत कुल पांच फुटबॉल मैच खेले जाएंगे। आयोजन का उद्देश्य राजस्थान में फुटबॉल खेल को बढ़ावा देना और युवाओं को इस खेल से जोड़ना है। राज्य में फुटबॉल लोकप्रियकार्यक्रम के दौरान आयोजक शिवान शर्मा, केके टांक और रोशनी टांक ने बताया- राजस्थान में फुटबॉल की लोकप्रियता बढ़ाने और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मंच देने के लिए इस तरह के टूर्नामेंट आयोजित किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि राज्य में क्रिकेट के साथ-साथ फुटबॉल को भी नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में राजस्थान यूनाइटेड और कामधारी टीम के बीच रोमांचक मैच खेला गया। इस मुकाबले में राजस्थान यूनाइटेड ने प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। मैच के दौरान खिलाड़ियों के दमदार खेल और दर्शकों के उत्साह ने स्टेडियम का माहौल खेलमय बना दिया। आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा- आने वाले मैचों में भी कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी और यह टूर्नामेंट राज्य में फुटबॉल के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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