साउथ अफ्रीका ने फुटबॉल वर्ल्ड कप के नॉकआउट में प्रवेश कर लिया है। टीम ने गुरुवार को ग्रुप-ए के मैच में साउथ कोरिया को 1-0 से हराया। साउथ अफ्रीका पहली बार फुटबॉल वर्ल्ड कप के नॉकआउट स्टेज में पहुंची है। मॉन्टेरी स्टेडियम में थापेलो मासेको ने 63वें मिनट में गोल दागा, जोकि निर्णायक गोल साबित हुआ। मुकाबले का पहला हाफ गोल रहित रहा। ग्रुप-ए के एक अन्य मैच में मैक्सिको ने चेक रिपब्लिक को 3-0 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। साउथ अफ्रीका की अटैकिंग शुरुआत साउथ अफ्रीका ने अटैकिंग शुरुआत की। साउथ कोरिया के डिफेंडर ली गिह्युक ने मैच की शुरुआत में मासेको का एक तेज अटैक रोक दिया। इसके बाद थालेंटे म्बाथा और एविडेंस मकगोपा के प्रयासों को गोलकीपर किम स्युंगग्यु ने नाकाम किया। कोरिया ने रणनीति बदली, फायदा अफ्रीका को हुआ दूसरे हाफ में साउथ कोरिया के कोच हांग म्युंग-बो ने आक्रामक रणनीति अपनाते हुए 3 बदलाव किए। इनमें स्टार खिलाड़ी सोन ह्युंग-मिन को भी मैदान पर उतारा गया। कोरिया लगातार दबाव बना रहा था, लेकिन निर्णायक क्षण दक्षिण अफ्रीका के हिस्से आया। 63वें मिनट में तेशपांग मोरेमी ने बाएं फ्लैंक से शानदार रन बनाते हुए पेनल्टी बॉक्स के किनारे पास दिया। मासेको ने गेंद को कंट्रोल करके बाएं पैर से नजदीकी पोस्ट की ओर सटीक शॉट लगाया, जो गोल में तब्दील हो गया। अफ्रीकी डिफेंस को भेद नहीं सका कोरिया गोल खाने के बाद साउथ कोरिया ने बराबरी के लिए कई प्रयास किए, लेकिन साउथ अफ्रीका की डिफेंस लाइन को भेद नहीं सकी। आखिरकार साउथ अफ्रीका ने 1-0 की जीत दर्ज करते हुए नॉकआउट चरण में जगह पक्की कर ली। मैच 53: चोकिया Vs मैक्सिको, स्कोरलाइन 0-3 मैक्सिको ने पहली बार ग्रुप स्टेज के तीनों मैच जीते मेजबान मैक्सिको ने चेक गणराज्य को 3-0 से हराकर ग्रुप-ए में 100% जीत के साथ टॉप पोजिशन हासिल की। टीम ने पहली बार ग्रुप स्टेज के तीनों मैच जीते हैं। टीम ने 1986 और 2002 वर्ल्ड कप में दो मैच जीते थे और एक ड्रॉ रहा था। मैक्सिको सिटी स्टेडियम में खेले गए मैच के दूसरे हाफ में मातेओ चावेज और जूलियन क्विन्योनेस ने छह मिनट के अंदर गोल दागकर टीम को मजबूत बढ़त दिलाई। फिर इंजुरी टाइम में अल्वारो फिडाल्गो ने तीसरा गोल कर जीत दिला दी। पहला वर्ल्ड कप खेल रहे 22 साल के मातेओ चावेज ने 55वें मिनट में गोल कर मैक्सिको का खाता खोला। फिर जूलियन क्विन्योनेस ने 61वें मिनट में दूसरा गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया। निर्धारित समय समाप्त होने के बाद फिडाल्गो ने तीसरा गोल कर चेक गणराज्य की वापसी की उम्मीदें खत्म कर दीं। मैक्सिको के मैच में समलैंगिक-विरोधी नारा लगा, जुर्माना लग चुका मैक्सिको-चेक गणराज्य मैच के दौरान एक बार फिर समलैंगिक-विरोधी नारा सुनाई दिया। यह वही नारा है, जिसकी वजह से फीफा मैक्सिको फुटबॉल महासंघ पर कई बार जुर्माना लगा चुका है। एस्टाडियो एज्टेका में चेक गणराज्य के गोलकीपर मातेय कोवार के गोल किक लेने के दौरान स्टेडियम में मौजूद कुछ दर्शकों ने यह नारा लगाया। स्पेनिश भाषा में इस्तेमाल होने वाला यह शब्द मूल रूप से पुरुष वेश्या के लिए प्रयोग किया जाता है। इसे अपमानजनक माना जाता है। यह नारा करीब 25 साल पहले मैक्सिकन फुटबॉल संस्कृति में लोकप्रिय हुआ था। इसे विपक्षी गोलकीपर्स पर मानसिक दबाव बनाने के लिए लगाया जाता है। 2014 के ब्राजील वर्ल्ड कप के दौरान यह वैश्विक स्तर पर चर्चा में आया था। इसके बाद 2018 रूस वर्ल्ड कप और 2022 कतर वर्ल्ड कप में भी यह कई बार सुनाई दिया। मैक्सिको फुटबॉल महासंघ इस नारे को रोकने के लिए लंबे समय से अभियान चला रहा है, लेकिन इसके बावजूद यह पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका है। फीफा पहले भी इस मामले में मैक्सिको पर लाखों डॉलर का जुर्माना लगा चुका है।--------------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… ब्राजील फुटबॉल वर्ल्ड कप के नॉकआउट में, स्कॉटलैंड को 3-0 से हराया 5 बार की वर्ल्ड चैंपियन ब्राजील ने फुटबॉल वर्ल्ड कप के नॉकआउट राउंड में प्रवेश कर लिया है। उसने गुरुवार सुबह ग्रुप-सी के मैच में स्कॉटलैंड को 3-0 से हराया। मियामी स्टेडियम में ब्राजील की ओर से विनीसियस जूनियर ने दो गोल किए। जबकि एक गोल मैथियस कुन्हा ने दागा। पढ़ें पूरी खबर
फीफा वर्ल्ड कप 2026 (FIFA World Cup 2026) के मंच पर फुटबॉल का असली रोमांच और ड्रामा देखने को मिल रहा है। बुधवार को खेले गए ग्रुप-सी के एक बेहद उतार-चढ़ाव भरे और सांसें रोक देने वाले मुकाबले में मोरक्को (Morocco) ने जुझारू खेल दिखा रही हैती (Haiti) की टीम को 4-2 से शिकस्त दे दी है। इस धमाकेदार जीत के साथ ही मोरक्को ने 'राउंड ऑफ 32' (नॉकआउट स्टेज) का टिकट शान से कटा लिया है।हालांकि, इस बड़ी जीत के बावजूद मोरक्को की टीम ग्रुप-सी में शीर्ष स्थान हासिल करने से चूक गई। मोरक्को ने ग्रुप स्टेज का अंत दिग्गज ब्राजील के बराबर कुल 7 अंकों के साथ किया। ब्राजील ने अपने अंतिम ग्रुप मैच में स्कॉटलैंड को 3-0 से मात दी थी, जिसके कारण बेहतर गोल अंतर (Goal Difference) के आधार पर ब्राजील पहले स्थान पर रहा और मोरक्को को दूसरे पायदान से संतोष करना पड़ा। अब नॉकआउट स्टेज में मोरक्को का सामना ग्रुप-एफ की नंबर वन टीम से होगा, जहां फिलहाल नीदरलैंड्स (Netherlands) मजबूती से टॉप पर काबिज है।पहले हाफ में हैती का धमाका; स्टार गोलकीपर यासीन बोनो भी हुए हैरानटूर्नामेंट की रेस से पहले ही बाहर हो चुकी हैती की टीम ने इस मुकाबले में अपनी प्रतिष्ठा के लिए खेलते हुए इतिहास का सबसे यादगार प्रदर्शन किया। मैच की शुरुआत में हैती के आक्रामक और निडर खेल ने मोरक्को के डिफेंस को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया। खेल के 10वें मिनट में ही हैती ने मैच का पहला गोल दागकर सबको चौंका दिया। जोसुए कैसिमिर ने बेहतरीन मूव बनाते हुए गेंद को संभाला और जीन-केविन डुवर्न की तरफ पास बढ़ाया। डुवर्न ने बिना गलती किए गेंद को पेनल्टी एरिया के भीतर क्रॉस किया, जहां मुस्तैद खड़े लेनी जोसेफ ने एक जादुई 'बैकहील शॉट' मारा। गेंद मोरक्को के स्टार गोलकीपर यासीन बोनो (Yassine Bounou) के शरीर से दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से टकराती हुई सीधे नेट में चली गई और हैती ने 1-0 की बढ़त बना ली।कप्तान अशरफ हकीमी ने संभाली कमान; पहले हाफ में चार गोल का रोमांचशुरुआती झटके के बाद मोरक्को ने मैच पर अपना नियंत्रण बढ़ाया और लगातार आक्रमण किए, लेकिन हैती के अनुभवी गोलकीपर जॉनी प्लासिड दीवार बनकर खड़े रहे और कई शानदार बचाव किए। आखिरकार, हाफ-टाइम से ठीक 6 मिनट पहले मोरक्को का दबाव रंग लाया। बिलाल अल खानूस ने डी-एरिया के भीतर एक खतरनाक क्रॉस डाला, जिसे हैती के गोलकीपर प्लासिड केवल दूर ही धकेल सके। वहां खड़े मोरक्को के कप्तान अशरफ हकीमी (Achraf Hakimi) ने चीते जैसी फुर्ती दिखाते हुए रिबाउंड गेंद को गोल पोस्ट में डाल दिया और स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।हैती ने भी तुरंत पलटवार किया। पहले हाफ के अंतिम पलों में जीन-केविन डुवर्न ने एक बार फिर असिस्ट करते हुए विल्सन इसिडोर को पास दिया, जिन्होंने बॉक्स के बाहर से एक बेहद शक्तिशाली और सनसनीखेज शॉट दागकर अपनी टीम को 2-0 से आगे कर दिया, जिससे मोरक्को के फैंस सन्न रह गए।ब्रेक से ठीक पहले मोरक्को की वापसी और दूसरे हाफ का पलटवारहैती के दूसरे गोल का जश्न अभी थमा भी नहीं था कि मोरक्को ने ब्रेक (हाफ-टाइम) से ठीक पहले मैच में दोबारा वापसी कर ली। सोफियान अमराबत ने राइट विंग पर दौड़ रहे कप्तान हकीमी को थ्रू-पास दिया। हकीमी के सटीक कट-बैक को इस्माइल सैबारी ने बेहद शांति के साथ गोल पोस्ट के कोने में धकेल दिया। सैबारी का इस वर्ल्ड कप के इतने ही मैचों में यह तीसरा गोल है, जो उनकी शानदार फॉर्म को दर्शाता है।पहले हाफ के अंत तक स्कोर 2-2 की बराबरी पर था। लेकिन जैसे ही दूसरा हाफ शुरू हुआ, मोरक्को के लगातार और तीखे हमलों के सामने हैती का डिफेंस धीरे-धीरे बिखरने लगा। मैच के 78वें मिनट में मोरक्को को आखिरकार वह बढ़त मिल गई जिसका उसे इंतजार था। एक कॉर्नर किक को हैती के डिफेंडर ठीक से क्लियर नहीं कर पाए और गेंद सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी सौफियान राहिमी के पैरों पर जा गिरी, जिन्होंने बिना कोई गलती किए करीब से गोल दागकर स्कोर 3-2 कर दिया।स्टॉपेज टाइम का हाई-वोल्टेज ड्रामा और वीएआर (VAR) का अंतिम फैसलामैच के इंजरी/स्टॉपेज टाइम में मोरक्को ने अपनी जीत पर अंतिम मुहर लगा दी, हालांकि यह गोल थोड़े विवाद और ड्रामे से भरपूर रहा। हैती के डिफेंडर यह सोचकर मैदान पर पूरी तरह रुक गए थे कि गेंद बाईलाइन (Byline) को पार करके बाहर जा चुकी है, लेकिन मोरक्को के राहिमी ने खेल जारी रखा और गेंद को गोल पोस्ट के सामने पास कर दिया, जहां खड़े 20 साल के युवा गेसिम यासीन ने खाली नेट में गेंद डालकर स्कोर 4-2 कर दिया।हैती के खिलाड़ियों ने इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद रेफरी ने लंबे समय तक वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की मदद ली। गहन रिव्यू के बाद अधिकारियों ने पुष्टि की कि गेंद पूरी तरह से खेल के दायरे के भीतर ही थी और उसे लाइन से बाहर नहीं माना जा सकता, जिसके चलते गोल को वैध घोषित कर दिया गया।52 साल बाद वर्ल्ड कप में वापसी करने वाली हैती का सम्मानजनक सफरइस हार के साथ ही पूरे 52 साल (पांच दशक) बाद फीफा वर्ल्ड कप के मुख्य ड्रा में जगह बनाने वाली हैती की टीम बिना कोई अंक हासिल किए ग्रुप स्टेज से बाहर हो गई है। भले ही हैती टूर्नामेंट में कोई मैच नहीं जीत सकी, लेकिन अफ्रीका की सबसे मजबूत और गत सेमीफाइनलिस्ट टीम मोरक्को को जिस तरह उन्होंने लोहे के चने चबाने पर मजबूर किया, उसकी दुनिया भर के फुटबॉल पंडित जमकर तारीफ कर रहे हैं। दूसरी ओर, मोरक्को अब पूरी लय और आत्मविश्वास के साथ नॉकआउट स्टेज (Round of 32) में प्रवेश कर चुका है, जहां दुनिया भर के फैंस को अब मोरक्को और नीदरलैंड्स के बीच एक ऐतिहासिक और कड़े मुकाबले की उम्मीद है।
5 बार की वर्ल्ड चैंपियन ब्राजील ने फुटबॉल वर्ल्ड कप के नॉकआउट राउंड में प्रवेश कर लिया है। उसने गुरुवार सुबह ग्रुप-सी के मैच में स्कॉटलैंड को 3-0 से हराया। मियामी स्टेडियम में ब्राजील की ओर से विनीसियस जूनियर ने दो गोल किए। जबकि एक गोल मैथियस कुन्हा ने दागा। स्कॉटलैंड 1998 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप में खेल रहा है, लेकिन टीम एक बार फिर ग्रुप चरण से आगे बढ़ने में नाकाम रही। टूर्नामेंट के इतिहास में यह नौवीं बार है, जब स्कॉटलैंड ग्रुप चरण पार नहीं कर सका। वहीं, ब्राजील दूसरी जीत के साथ 7 अंक लेकर ग्रुप-सी के टॉप पर है। विनीसियस ने फर्स्ट हाफ में दोनों गोल किएविनीसियस ने मैच के 7वें मिनट में गोल कर ब्राजील को शुरुआती बढ़त दिलाई। उन्होंने हाफ टाइम से ठीक पहले दूसरा गोल भी दागा। कुन्हा ने भी हाफ टाइम से ठीक स्कोरशीट में नाम दर्ज कराया। विनीसियस अब टूर्नामेंट में चार गोल कर चुके हैं और गोल्डन बूट की दौड़ में फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे की बराबरी पर पहुंच गए हैं। दोनों के चार-चार गोल हैं, जबकि अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी पांच गोल के साथ टॉप पर हैं। नेमार ने चोट से वापसी की, फैंस ने स्वागत किया ब्राजील के स्टार खिलाड़ी नेमार ने 76वें मिनट में मैदान पर उतरकर चोट के बाद वापसी की। दाएं पिंडली की समस्या के कारण वह टीम के शुरुआती दो मुकाबलों में नहीं खेल पाए थे। स्टेडियम में मौजूद ब्राजीलियाई प्रशंसकों ने उनकी वापसी का जोरदार स्वागत किया। मैच 50: मोरक्को Vs हैती, स्कोरलाइन 4-2 मोरक्को भी राउंड ऑफ 32 में पहुंचा, हैती बाहर ग्रुप-सी के आखिरी मैच में मोरक्को ने हैती को 4-2 से हराया। इस जीत से टीम राउंड ऑफ-32 में पहुंच गई। अटलांटा स्टेडियम में मोरक्को दो बार पिछड़ा, लेकिन हार नहीं मानी और वापसी करते हुए जीत हासिल की। मोरक्को के लिए सूफियान रहीमी ने 78वें मिनट में डिफ्लेक्टेड शॉट के जरिए टीम को 3-2 की बढ़त दिलाई। इसके बाद 89वें मिनट में गेसीम यासीन ने गोल कर जीत पर मुहर लगा दी। हैती ने मैच में दो बार बढ़त की। लेकिन, उसे बनाए नहीं रख सकी। 52 साल बाद वर्ल्ड कप खेलने उतरी हैती की टीम टूर्नामेंट में अपना पहला अंक हासिल करने में भी सफल नहीं हो सकी। उसका वर्ल्ड कप अभियान ग्रुप चरण में ही समाप्त हो गया।--------------------------------
एंटे बुदिमिर के गोल के दम पर क्रोएशिया ने फुटबॉल वर्ल्ड कप में बुधवार को पनामा को 1-0 से हराया। इस जीत के साथ क्रोएशिया ने नॉकआउट दौर में पहुंचने की अपनी उम्मीदें बरकरार रखीं हैं। जबकि पनामा टूर्नामेंट से बाहर हो गया। टोरंटो स्टेडियम में ग्रुप-एल के इस मैच के पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। हालांकि, कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। पनामा की डिफेंस लाइन ने क्रोएशिया के हमलों को अच्छी तरह रोके रखा। फिर दूसरे हाफ में क्रोएशिया के एंटे बुदिमिर मैदान पर उतरने के चार मिनट बाद ही गोल करने में सफल रहे। उन्होंने 54वें मिनट में जोसिप स्तानिशिच के सटीक क्रॉस पर आसान गोल दागा। इस गोल ने क्रोएशिया को 1-0 की बढ़त दिला दी। जोकि आखिरी तक कायम रही। मोड्रिच ने 200वां इंटरनेशनल मैच खेला 40 साल के लुका मोड्रिच ने करियर का 200वां इंटरनेशनल मैच खेला। उन्होंने 57वें मिनट में मार्को पालिच के लिए शानदार मौका बनाया, लेकिन पनामा के गोलकीपर ऑरलैंडो मॉस्केरा ने बेहतरीन बचाव किया। गोलकीपर लिवाकोविच ने 3 अटैक रोकेमैच के 67वें मिनट में पनामा ने बराबरी के लिए लगातार तीन प्रयास किए, लेकिन गोलकीपर डोमिनिक लिवाकोविच ने शानदार बचाव करते हुए सभी मौके विफल कर दिए। मैच 45: इंग्लैंड Vs घाना, स्कोरलाइन 0-0 इंग्लैंड और घाना का मैच ड्रॉ हुआ बूस्टन स्टेडियम में ग्रुप-एल के एक अन्य मैच में इंग्लैंड और घाना ने गोलरहित ड्रॉ खेला गया। इंग्लैंड ने पूरे मैच में 19 शॉट लगाए, जबकि घाना सिर्फ एक शॉट ही लगा सका। घाना ने अहम एक अंक हासिल कर लिया।86वें मिनट में निको ओ'राइली का हेडर क्रॉसबार से टकराया। हैरी केन के पास रिबाउंड पर गोल करने का मौका था, लेकिन उनका प्रयास लक्ष्य से ऊपर निकल गया। घाना के लिए सबसे अच्छा अवसर 78वें मिनट में बना, जब अब्दुल फतावू ने शानदार रन लगाकर प्रिंस अडू को पास दिया। हालांकि इंग्लैंड के डिफेंडर एजरी कोन्सा ने समय रहते हस्तक्षेप कर खतरा टाल दिया। घाना ने इस मौके पर पेनल्टी की मांग की, लेकिन रेफरी ने इसे नकार दिया। घाना के कोच कार्लोस क्वेइरोज ने मैच के बाद कहा कि उनकी टीम की योजना इंग्लैंड को शुरुआत से ही रोकने और निराश करने की थी, जिसमें वे सफल रहे। इंग्लैंड टॉप पर आया, पनामा बाहर ग्रुप एल में अब इंग्लैंड और घाना 4-4 अंकों के साथ टॉप-2 पर हैं, जबकि क्रोएशिया के 3 अंक हैं। आखिरी ग्रुप मैच में क्रोएशिया का मैच घाना से होगा। पनामा की टीम लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप में बिना कोई अंक हासिल किए बाहर हो गई। -------------------------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रोनाल्डो 6 वर्ल्डकप में गोल करने वाले पहले फुटबॉलर, उज्बेकिस्तान को 5-0 से हराया पुर्तगाल के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो 6 फुटबॉल वर्ल्डकप में गोल करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। 41 साल के रोनाल्डो ने ह्यूस्टन स्टेडियम में उज्बेकिस्तान के खिलाफ छठे मिनट में गोल दागकर यह रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद उन्होंने 39वें मिनट में दूसरा गोल भी किया। इन्हीं गोल की मदद से पुर्तगाल ने 5-0 की जीत हासिल की। पढ़ें पूरी खबर
अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी फुटबॉल वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले प्लेयर बन गए हैं। ऑस्ट्रिया के खिलाफ मेसी ने 17वां गोल दागकर जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोजे का रिकॉर्ड तोड़ दिया। डलास स्टेडियम में 40वें मिनट में मेसी ने फील्ड गोल लगाकर इतिहास रचा। अर्जेंटीना के अटैक पर मेसी ने फिनिश करते हुए गेंद को गोलपोस्ट के निचले कोने में पहुंचा दिया। मेसी ने पिछले मैच में अल्जीरिया के खिलाफ हैट्रिक गोल दागे थे। FIFA वर्ल्ड कप 2026 में उनके कुल 4 गोल हो गए हैं। मेसी की 5 फोटो… 9वें मिनट में पेनल्टी चूके मेसी के पास नौवें मिनट में ही रिकॉर्ड बनाने का मौका था। लॉटारो मार्टिनेज पर ऑस्ट्रियाई डिफेंडरों के फाउल के बाद अर्जेंटीना को पेनल्टी मिली, लेकिन मेसी शॉट को पोस्ट के बाहर मार बैठे। इसके साथ ही वह वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा तीन पेनल्टी मिस करने वाले खिलाड़ी भी बन गए। इससे पहले घाना के असामोआ ग्यान ने दो पेनल्टी मिस की थीं। पेनल्टी चूकने के बाद 18वें मिनट में मेसी को एक और मौका मिला, लेकिन ऑस्ट्रियाई डिफेंडरों ने शॉट ब्लॉक कर दिया। ऑस्ट्रिया के गोलकीपर डेविड अलाबा ने भी एक मौके पर गोललाइन के पास शानदार बचाव किया। अल्जीरिया के खिलाफ हैट्रिक के लगाई थी 38 साल के मेसी ने 5 दिन पहले अल्जीरिया के खिलाफ अर्जेंटीना की 3-0 की जीत में हैट्रिक लगाई थी। वह मुकाबला उनके लिए भावुक भी रहा था। पहले गोल के बाद मेसी की आंखों में आंसू आ गए थे। बाद में पता चला कि उनके पिता जॉर्ज स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। जीत से नॉकआउट की राह आसान अर्जेंटीना और ऑस्ट्रिया दोनों ने अपने शुरुआती मैच जीते थे। अर्जेंटीना ने अल्जीरिया को 3-0 और ऑस्ट्रिया ने जॉर्डन को 3-1 से हराया था। ऐसे में इस मुकाबले की विजेता टीम का राउंड ऑफ-32 में पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है। ---------------------------------वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… फीफा वर्ल्ड कप में केप वर्डे का उलटफेर फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सोमवार को ग्रुप G और ग्रुप H के मुकाबले खेले गए। ग्रुप G में मिस्र ने न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर टूर्नामेंट के इतिहास में अपनी पहली जीत दर्ज की। मिस्र अपना पहला वर्ल्ड कप 1934 में खेला था। वहीं, बेल्जियम और ईरान के बीच मैच 0-0 की बराबरी रहा। पढ़ें पूरी खबर…
इंग्लैंड को न्यूजीलैंड के खिलाफ द ओवल टेस्ट में धीमी ओवर गति का खामियाजा भुगतना पड़ा है। टीम के 12 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) पॉइंट्स काट दिए गए हैं। साथ ही खिलाड़ियों पर मैच फीस का 50% जुर्माना भी लगाया गया है। इंग्लैंड की टीम तय समय से 12 ओवर पीछे पाई गई। WTC नियमों के अनुसार हर ओवर की कमी पर एक अंक काटा जाता है। यानी इंग्लैंड ने उतने ही अंक गंवाए जितने एक टेस्ट जीतने पर मिलते हैं। दूसरे टेस्ट में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 253 रन से हराया। तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर है और आखिरी मुकाबला 25 जून से ट्रेंट ब्रिज में खेला जाएगा। फिलहाल इंग्लैंड WTC पॉइंट्स टेबल में 38 अंकों और 26.39 प्रतिशत के साथ सातवें स्थान पर है। बच्चे के जन्म के लिए वर्ल्ड कप छोड़ने पर विवाद बेल्जियम के विंगर जेरेमी डोकू के पहले बच्चे के जन्म के समय मौजूद रहने के लिए 2026 वर्ल्ड कप से हटने के फैसले पर विवाद खड़ा हो गया। ल'इक्विप टीवी चैनल की जर्नलिस्ट फ्रांस पियरॉन ने उनके फैसले की आलोचना की, जिसके बाद उन्हें माफी मांगनी पड़ी। पियरॉन ने कहा था कि वर्ल्ड कप खेलना एक दुर्लभ मौका होता है और सैकड़ों खिलाड़ी इसकी जगह लेना चाहेंगे। उन्होंने बच्चे के जन्म के समय पिता की मौजूदगी को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि वहां पिता का कोई खास काम नहीं होता और वह सिर्फ एक एक्स्ट्रा की तरह होता है। प्रेग्नेंसी के बाद महिला खिलाड़ियों की वापसी आसान होगी ICC ने महिला क्रिकेटरों के लिए रिटर्न टू प्ले पोस्ट-प्रेग्नेंसी गाइडलाइंस जारी की हैं। इसके तहत सदस्य बोर्डों को खिलाड़ियों की प्रेग्नेंसी, बच्चे के जन्म और क्रिकेट में वापसी के दौरान मेडिकल, ट्रेनिंग, चाइल्डकेयर और यात्रा संबंधी सहायता उपलब्ध कराने की सिफारिश की गई है। नई गाइडलाइन में ‘रेडी, रिव्यू, रिस्टोर, रिकंडीशन, रिटर्न और रिफाइन’ मॉडल शामिल है। ICC ने हर खिलाड़ी के लिए एक केस मैनेजर नियुक्त करने, मेडिकल टीम की निगरानी और खिलाड़ी की जरूरतों के मुताबिक वापसी की योजना बनाने पर जोर दिया है। ऑस्ट्रेलिया महिला टीम की डॉक्टर फिलिपा इंगे ने कहा कि मां बनना किसी खिलाड़ी के करियर का अंत नहीं है। वहीं वेस्टइंडीज की स्पिनर फ्लेचर ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे खिलाड़ियों को परिवार और क्रिकेट दोनों को साथ लेकर चलने का मौका मिलेगा।
सैयद शाहिद हाकिम: पिता के नक्शे-कदमों पर चलकर बनाई फुटबॉल में पहचान, इंटरनेशनल रेफरी भी बने
भारत में फुटबॉल को नई पहचान दिलाने वाले खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का जब भी जिक्र होता है, तो सैयद शाहिद हाकिम का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। वह 1960 के रोम ओलंपिक में भारतीय फुटबॉल टीम का हिस्सा रहे थे। इसके अलावा, बतौर कोच उन्होंने भारतीय फुटबॉल को कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए, जिसके लिए उन्हें द्रोणाचार्य लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सैयद शाहिद हाकिम का जन्म 23 जून, 1939 को हैदराबाद में हुआ। शाहिद के पिता सैयद अब्दुल रहीम खुद भारत के महान फुटबॉलर में से एक रहे। यही कारण रहा कि सैयद शाहिद का भी बचपन से ही फुटबॉल के खेल से खास लगाव रहा। उन्होंने इस खेल की बारीकियां अपने पिता से ही सीखी और इस खेल में धीरे-धीरे रमते चले गए। वह 1960 के रोम ओलंपिक में हिस्सा लेने वाली भारतीय टीम के सदस्य थे। उस समय भारतीय टीम के कोच उनके पिता सैयद अब्दुल रहीम थे। हालांकि, टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा और वह ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ सकी। फिर भी भारत ने फ्रांस के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलकर अपनी छाप छोड़ी थी। घरेलू फुटबॉल में शाहिद हाकिम ने सर्विसेज की ओर से खेलते हुए संतोष ट्रॉफी जीती। उन्होंने भारतीय वायु सेना की टीम का भी प्रतिनिधित्व किया। वह 1960 के रोम ओलंपिक में हिस्सा लेने वाली भारतीय टीम के सदस्य थे। उस समय भारतीय टीम के कोच उनके पिता सैयद अब्दुल रहीम थे। हालांकि, टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा और वह ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ सकी। फिर भी भारत ने फ्रांस के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलकर अपनी छाप छोड़ी थी। Also Read: LIVE Cricket Score उन्होंने बंगाल मुंबई एफसी को भी कोचिंग दी। साल 2017 में फुटबॉल के खेल में कोच के तौर पर अहम योगदान देने के लिए उन्हें द्रोणाचार्य लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से भी नवाजा गया। सैयद शाहिद हाकिम का निधन 22 अगस्त, 2021 को हुआ। उन्होंने 82 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। Article Source: IANS
धौलपुर में फुटबॉल समर लीग शुरू:12 टीमें ले रही भाग, पहला मुकाबला ड्रॉ रहा
धौलपुर में जिला फुटबॉल संघ की ओर से आयोजित फुटबॉल समर लीग टूर्नामेंट का शुभारंभ हो गया है। यह आयोजन बड़ी फील्ड सहित जिले के तीन ग्राउंड पर किया जा रहा है। इसमें 8 जूनियर और 4 सीनियर टीमें भाग ले रही हैं, जिनके बीच प्रतिदिन 4 मैच खेले जाएंगे। टूर्नामेंट का पहला मैच रॉयल इवेंट और डॉलर क्लब के बीच खेला गया, जो 1-1 गोल से ड्रॉ रहा। टूर्नामेंट 25 जून तक चलेगा, जिसके बाद सीनियर और जूनियर टीमों के फाइनल मैच होंगे और विजेता-उपविजेता को ट्रॉफी दी जाएगी। खेल भावना बनाए रखने का आह्वानटूर्नामेंट का उद्घाटन समाजसेवी एवं धौलपुर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत हुंडावाल (प्रिंस) ने किया। इस अवसर पर बेसबॉल सॉफ्टबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अनूप अस्थाना और राजस्थान बैडमिंटन संघ के कोषाध्यक्ष जाकिर हुसैन विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि हुंडावाल ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं के सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव हैं। उन्होंने खेलों से अनुशासन, धैर्य, समय की पाबंदी और नेतृत्व क्षमता जैसे गुणों के विकास पर जोर दिया। हुंडावाल ने खिलाड़ियों से जीत और हार को समान भाव से स्वीकार करते हुए खेल भावना बनाए रखने का आह्वान किया। युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाना है उद्देश्यविशिष्ट अतिथि अनूप अस्थाना ने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का बेहतर मंच प्रदान करते हैं।क्रीड़ा भारती के जिला मंत्री नीरज कुमार त्यागी ने बताया कि फुटबॉल समर लीग का मुख्य उद्देश्य युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाना और उभरती प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है। इस अवसर पर जिला फुटबॉल संघ के अध्यक्ष गुरमीत मान, सचिव संदीप राणा और फुटबॉल कोच असलम खान सहित सभी टीम मालिकों व खिलाड़ियों ने अतिथियों का स्वागत किया। टूर्नामेंट के दौरान क्रीड़ा भारती के उपाध्यक्ष राजेश शर्मा, मनोज तिवारी, चंद्रशेखर, रामेंद्र सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी और खेल प्रेमी मौजूद रहे।
बलदेव नगर में अंडर-14 फुटबॉल टूर्नामेंट का आगाज
भास्कर न्यूज | अम्बाला सनातन मंच सेवा सभा और बीजीएस फुटबॉल अकादमी के सहयोग से बलदेव नगर स्थित शाखा ग्राउंड में दो दिवसीय अंडर-14 फुटबॉल टूर्नामेंट का शुभारंभ ओपनिंग सेरेमनी के साथ हुआ। कार्यक्रम में एसडीएम दर्शन कुमार मुख्य अतिथि और वार्ड-5 के पार्षद राजेश मेहता विशिष्ट अतिथि रहे। एसडीएम ने कहा कि खेल बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त माध्यम हैं। कठिन मौसम में भी मैदान में मेहनत करने वाले खिलाड़ी ही भविष्य में देश का नाम रोशन करते हैं और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाते हैं। सभा के सचिव महेश दत्त वशिष्ठ ने बताया कि टूर्नामेंट में आठ टीमें भाग ले रही हैं। पहले दिन चार मुकाबले खेले गए। विजेता टीम को 21 हजार रुपये और उपविजेता को 11 हजार रुपये नकद पुरस्कार के साथ ट्रॉफी व मेडल दिए जाएंगे। इस अवसर पर प्रमोद कुमार, सुमित बजाज, जुगल किशोर शर्मा, बंसी लाल कपूर, मदन लाल, डॉ. अमित जैन और रेडक्रॉस से मनोज सैनी मौजूद रहे।
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