वर्ल्ड कप के दौरान दुनिया में फुटबॉल का जुनून हर जगह दिखाई देता है। लेकिन प्रशांत महासागर के बीच बसे 21 वर्ग किलोमीटर के छोटे से देश नौरू में विश्व कप खत्म होते ही फुटबॉल भी जैसे खत्म हो जाता है। इस देश में फुटबॉल सिर्फ टीवी तक सीमित है। करीब 12 हजार आबादी वाले नौरू ने अब तक एक भी अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल मैच नहीं खेला। पूरे देश में फुटबॉल खेलने के लिए सिर्फ एक सख्त रेत का मैदान है। बच्चे लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो की जर्सी पहनते हैं, लेकिन अगर कोई फुटबॉल खेलने की बात करे तो अक्सर उसका मजाक बना दिया जाता है। यहां ऑस्ट्रेलियन रूल्स फुटबॉल सबसे लोकप्रिय है। हालांकि, तस्वीर धीरे-धीरे बदलने लगी है। ब्रिटेन के पूर्व फुटबॉलर चार्ली पॉमरॉय और उनके साथ जुड़े कुछ वॉलंटियर्स नौरू में फुटबॉल की नई शुरुआत करने में जुटे हैं। उनका सपना फुटबॉल की ऐसी संस्कृति तैयार करना है, जो आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचे। इस रास्ते की सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ खिलाड़ी नहीं, बल्कि हालात हैं। कभी दुनिया का सबसे अमीर देश माना जाने वाला नौरू फास्फेट खनन पर टिका था। लगातार खनन से द्वीप का बड़ा हिस्सा बंजर और रहने लायक नहीं बचा। खेती लगभग खत्म हो गई। देश को अपने 90% से ज्यादा खाद्य पदार्थ आयात करने पड़ते हैं। इसका असर लोगों की सेहत पर भी पड़ा। यहां करीब 69% आबादी मोटापे की शिकार है। ऐसे में फुटबॉल सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि बेहतर जीवन की उम्मीद बनकर सामने आया है। वॉलंटियर्स ने 4 से 14 साल के दो हजार बच्चों तक फुटबॉल पहुंचाने का अभियान शुरू किया है। चर्च और स्कूलों की मदद से बच्चों को गेंदें बांटी जा रही हैं। स्थानीय कोच तैयार किए जा रहे हैं, ताकि यह पहल कुछ महीनों की नहीं, बल्कि लंबे समय तक चल सके। ‘मिनी ओलिंपिक’ की मेजबानी भी करेगा नाउरू नौरू 2028 में माइक्रोनेशियन गेम्स की मेजबानी करेगा, जिसमें फुटबॉल भी शामिल है। इसलिए देश के लिए यह बदलाव और भी अहम हो जाता है। दुनिया के नक्शे पर छोटा दिखने वाला देश खेल के जरिए नई पहचान बनाने की कोशिश कर रहा है। माइक्रोनेशियन गेम्स, जिन्हें ‘माइक्रो गेम्स’ कहा जाता है, प्रशांत महासागर के माइक्रोनेशिया क्षेत्र के देशों के बीच 4 साल में होने वाला इंटरनेशनल मल्टी-स्पोर्ट्स टूर्नामेंट है। इसे इस क्षेत्र का ‘मिनी-ओलिंपिक’ भी माना जाता है।
अमेठी के युवा फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए प्रदेश स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करने का सुनहरा अवसर आ गया है। वर्ष 2026-27 की प्रदेश स्तरीय समन्वय जूनियर बालक फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए जिला एवं मंडल स्तरीय चयन प्रक्रिया का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। पहला पड़ाव 23 जुलाई को अमेठी में होगा, जहां से चयनित खिलाड़ी मंडल स्तर पर अपनी चुनौती पेश करेंगे। इसके बाद सफल खिलाड़ियों को मऊ में आयोजित होने वाली प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। 23 जुलाई को होगा जिला स्तरीय ट्रायल जिला खेल कार्यालय, डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम, अमेठी के उपक्रीड़ाधिकारी अरविंद सिंह कुशवाहा ने बताया कि क्षेत्रीय खेल कार्यालय, अयोध्या के निर्देशानुसार वर्ष 2026-27 की प्रदेश स्तरीय समन्वय जूनियर बालक फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए जिला स्तरीय चयन ट्रायल 23 जुलाई 2026 को अपराह्न 3 बजे से आयोजित किया जाएगा। ट्रायल डॉ. भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में होगा, जहां जनपद के विभिन्न विद्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी फुटबॉल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। चयन प्रक्रिया के दौरान खिलाड़ियों के खेल कौशल, फिटनेस और प्रदर्शन के आधार पर जिला टीम का गठन किया जाएगा। अयोध्या में होगा मंडल ट्रायल जिला स्तर पर चयनित खिलाड़ियों की अगली परीक्षा 25 जुलाई 2026 को अयोध्या में आयोजित मंडल स्तरीय ट्रायल में होगी। यहां बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रदेश स्तरीय टीम में जगह बनाने का अवसर मिलेगा। प्रदेश स्तरीय समन्वय जूनियर बालक फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन 1 अगस्त से 8 अगस्त 2026 तक मऊ जनपद में किया जाएगा। खेल विभाग का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराना और प्रदेश स्तर तक उनकी प्रतिभा को पहुंचाना है। इन दस्तावेजों के बिना ट्रायल में नहीं मिलेगा प्रवेश खेल विभाग ने ट्रायल में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। प्रतिभागियों को नगर निगम अथवा नगर पालिका द्वारा जारी जन्मतिथि प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। केवल वही खिलाड़ी पात्र होंगे जिनकी जन्मतिथि 1 जनवरी 2011 के बाद तथा 31 दिसंबर 2012 के बीच है। इसके अलावा प्रत्येक खिलाड़ी को अपना सीएसआर (CSR) नंबर और दो पासपोर्ट साइज फोटो भी साथ लाने होंगे। निर्धारित दस्तावेजों के अभाव में खिलाड़ियों को चयन प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों से भागीदारी की अपील उपक्रीड़ाधिकारी अरविंद सिंह कुशवाहा ने जिले के सभी विद्यालयों, खेल प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों से अधिक से अधिक खिलाड़ियों को ट्रायल में भेजने की अपील की है। उनका कहना है कि जिले में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल उन्हें सही मंच देने की है। खेल विभाग का प्रयास है कि अमेठी की सबसे मजबूत जूनियर फुटबॉल टीम तैयार की जाए, ताकि प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में जिले का प्रदर्शन प्रभावशाली रहे और यहां के खिलाड़ी राज्य स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकें।
ओटीटी प्लेटफॉर्म्स (OTT Platforms) पर हर हफ्ते दर्शकों की पसंद और व्यूअरशिप के आधार पर आने वाली टॉप 10 ट्रेंडिंग लिस्ट इस बार बेहद चौंकाने वाले परिणाम लेकर आई है। लंबे समय से टीवी और डिजिटल स्पेस पर एकछत्र राज करने वाले डेली सोप्स और बॉलीवुड कंटेंट को इस बार लाइव स्पोर्ट्स ने पीछे छोड़ दिया है।Ormax और विभिन्न ओटीटी ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म्स की ताजा व्यूअरशिप रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय दर्शकों ने इस हफ्ते ड्रामा शोज के बजाय लाइव स्पोर्ट्स और रियलिटी कंटेंट पर सबसे ज्यादा प्यार लुटाया है, जिससे रैंकिंग टेबल पूरी तरह बदल गई है।क्रिकेट को पछाड़कर नंबर 1 की कुर्सी पर काबिज हुआ FIFA (फुटबॉल)आमतौर पर भारत में क्रिकेट को सबसे ज्यादा देखा जाने वाला खेल माना जाता है, लेकिन इस हफ्ते ओटीटी व्यूअरशिप के मामले में बड़ा इतिहास रचा गया है। भारत-इंग्लैंड क्रिकेट सीरीज जैसी हाई-प्रोफाइल स्पोर्ट्स स्ट्रीमिंग को पछाड़ते हुए फीफा (FIFA) के मुकाबलों ने पहला स्थान (Number 1 Position) हासिल कर लिया है। लाइव फुटबॉल मैच और हाई-वोल्टेज रोमांच ने भारतीय दर्शकों को ओटीटी स्क्रीन से पूरी तरह बांधकर रखा, जिसके चलते स्पोर्ट्स स्ट्रीमिंग ने व्यूअरशिप के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए।10वें पायदान पर पहुंची 'अनुपमा', लॉक-अप और लाफ्टर शेफ्स का जलवा बरकरारइस पूरी लिस्ट में सबसे चौंकाने वाली गिरावट टीवी और ओटीटी की क्वीन कही जाने वाली रूपाली गांगुली के शो 'अनुपमा' (Anupamaa) में देखने को मिली है। एक समय पर टॉप 3 में रहने वाला यह शो खिसक कर अब सीधे 10वें स्थान (10th Position) पर आ गया है। दर्शकों के अनुसार, लगातार चल रहे ड्रामे और लंबे लीप के कारण व्यूअर्स थोड़े बोर महसूस कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर:नंबर 8: कंगना रनौत/मुनव्वर फारूकी फेम रियलिटी शो 'लॉक अप' का नया सीजन अपनी जगह बनाए हुए है।नंबर 5: भारती सिंह और कृष्णा अभिषेक का हिट कॉमेडी-कुकिंग शो 'लाफ्टर शेफ्स' (Laughter Chefs) दर्शकों का हंसते-हंसाते मनोरंजन कर रहा है।नंबर 3 & 6: पॉपुलर ड्रामा 'ठुकरा के मेरा प्यार' और सिटकॉम 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' अभी भी टॉप 10 की लिस्ट में मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं।स्पोर्ट्स और रियलिटी जॉनर की ओर तेजी से शिफ्ट हो रही है ऑडियंसओटीटी व्यूअरशिप के ये आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि भारतीय डिजिटल ऑडियंस का मिजाज अब तेजी से बदल रहा है। पारंपरिक सास-बहू ड्रामों और लंबे टीवी सीरियल्स के मुकाबले लोग लाइव स्पोर्ट्स (जैसे फुटबॉल और क्रिकेट) तथा अनस्क्रिप्टेड रियलिटी/कॉमेडी शोज देखना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। आने वाले हफ्तों में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स अपने कंटेंट और स्ट्रीमिंग स्ट्रैटेजी में और बड़े बदलाव कर सकते हैं।
गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार कार ने एक ट्रक में पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में दिल्ली के रहने वाले दो दोस्तों की मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। यह घटना सेक्टर-93 चौकी क्षेत्र में प्रेरणा सोसायटी के पास हुई। बताया गया कि कार सवार दोस्त सोहना रोड के एक क्लब से रातभर फुटबॉल का फाइनल मैच देखकर दिल्ली लौट रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। पुलिस के अनुसार, आगे चल रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने अचानक लेन बदली और इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। इससे पीछे आ रही तेज रफ्तार आई-10 कार सीधे ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी तेज थी कि एक तेज आवाज आई और आई-10 कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद कार में सवार लोग बुरी तरह फंस गए, जिससे उन्हें निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। मरने वाले दोनों दिल्ली के, दोस्त अस्पताल में भर्ती राहगीरों ने पुलिस की मदद से कार में सवार तीनों लोगों को निकालकर तुरंत द्वारका के वेंकटेश्वर अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने दो युवकों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान दिल्ली के उत्तम नगर (वाणी विहार) निवासी दीपांक मलिक (20) और विजय विहार निवासी सक्षम सचदेवा (21) के रूप में हुई है। जबकि वाणी विहार की रहने वाली प्रगति वशिष्ठ गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। सक्षम सचदेवा चला रहा था कार हादसे के वक्त कार सक्षम सचदेवा चला रहे थे। हादसे के बाद आरोपी ट्रक ड्राइवर मौके से वाहन लेकर फरार हो गया। सेक्टर-93 चौकी पुलिस ने मंगलवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। बताया गया कि सक्षम और प्रगति इवेंट मैनेजमेंट के क्षेत्र में काम करते थे। वहीं दीपांक मलिक पानीपत के एक कॉलेज से कंप्यूटर साइंस (बीटेक थर्ड ईयर) की पढ़ाई कर रहे थे। गुरुग्राम में मैच देखकर दिल्ली जा रहे थे मृतक सक्षम के रिश्तेदार मोहित सचदेवा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि तीनों दोस्त सोहना रोड स्थित एक क्लब में बड़ी स्क्रीन पर फुटबॉल विश्व कप का फाइनल देखने आए थे। मैच खत्म होने के बाद सुबह जब वे दिल्ली वापस लौट रहे थे, तभी द्वारका एक्सप्रेसवे के मेन रोड पर परीना टावर के पास एक बेकाबू ट्रक उनकी कार के सामने आ गया और ड्राइवर ने अचानक ब्रेक दबा दिए।
स्पेन ने 2026 फीफा वर्ल्ड कप के तीन अहम व्यक्तिगत अवॉर्ड्स भी अपने नाम किए। मिडफील्ड के उस्ताद रोड्री ने शानदार खेल के लिए गोल्डन बॉल जीता। गोलकीपर उनाई सिमोन ने गोल्डन ग्लव हासिल किया, जिन्होंने 7 मैचों में बिना गोल खाए रिकॉर्ड बना दिया। इससे पहले कोई खिलाड़ी ऐसा 5 से ज्यादा बार नहीं कर पाया था। वहीं, 19 साल के युवा सनसनी पाउ कुबारसी ने बेस्ट यंग प्लेयर का अवॉर्ड जीता। ऐसा सिर्फ दूसरी बार हुआ, जब चैम्पियन टीम ने ये तीन मेजर अवार्ड्स भी जीते। 2022 में अर्जेंटीना ने भी ऐसा किया था। जानिए स्पेन के इन खिलाड़ियों की कहानियां... रोड्री - करोड़पति खिलाड़ी, लेकिन आम इंसान जैसी जिंदगी, सेकंड हैंड कार खरीदी 30 साल के रोड्री सादगी के लिए मशहूर हैं। स्पेन के टॉप लेवल फुटबॉल में खेलने के बावजूद उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के लिए एक सामान्य यूनिवर्सिटी हॉस्टल में रहना जारी रखा। दिखावे की जिंदगी से दूर, उन्होंने एक बुजुर्ग महिला से पुरानी कार खरीदी थी। उनका मानना है कि कार का मकसद सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह जाना है, दिखावा करना नहीं। रोड्री सोशल मीडिया से दूर रहते हैं। उनके शरीर पर कोई टैटू नहीं है। मॉडर्न और फैशनेबल फुटबॉलर्स के बीच वह पुराने जमाने के दिग्गजों की तरह हमेशा अपनी जर्सी (शर्ट) शॉर्ट्स के अंदर (टक-इन) करके खेलते हैं। उनकी गर्लफ्रेंड लौरा कोई सुपरमॉडल नहीं बल्कि मेडिकल की छात्रा हैं। दोनों की मुलाकात यूनिवर्सिटी हॉस्टल में ही हुई थी। पाउ कुबारसी - बढ़ई के बेटे, 200 लोगों के गांव से निकले; मैच के बाद होमवर्क 19 वर्षीय पाउ कुबारसी की जड़ें ‘एस्टानयोल’ में हैं, जो 200 से भी कम आबादी वाला एक गांव है। कुबारसी एक बढ़ई (कारपेंटर) परिवार से आते हैं और फुटबॉल स्टार बनने से पहले अपने पिता की लकड़ी की दुकान में हाथ बंटाते थे। उनके माता-पिता अब भी गांव में यह दुकान चलाते हैं। कुबारसी अपने अनुशासन के लिए मशहूर हैं। बार्सिलोना के लिए शुरुआती दिनों में वह मैच के बाद हॉस्टल लौटकर अपना स्कूल का होमवर्क पूरा करते थे। चैम्पियंस लीग में पहला ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ अवॉर्ड जीतने के बाद अगली सुबह वह आम बच्चों की तरह स्कूल पहुंच गए। कुबारसी बचपन में महान स्पेनिश डिफेंडर्स कार्लेस पुयोल और गेरार्ड पिके के टैकल और डिफेंस के वीडियो देखकर सीखते थे। उनाई सिमोन - सोशल मीडिया से दूर, बोले- मेरा काम गोल रोकना, सामान बेचना नहीं 29 साल के उनाई सिमोन चकाचौंध से दूर रहना पसंद करते हैं। इस गोल्डन ग्लव विजेता सिमोन का कोई सोशल मीडिया अकाउंट नहीं है। वह स्पॉन्सरशिप और विज्ञापनों से भी दूरी बनाकर रखते हैं। उनका मानना है कि उनका काम सिर्फ मैदान पर गोल रोकना है, टीवी पर प्रोडक्ट बेचना नहीं। मैदान से फुर्सत मिलते ही वह अपने बचपन के दोस्तों के साथ मछली पकड़ने के लिए होमटाउन ‘मुर्गिया’ चले जाते हैं। मैच से पहले जब बाकी खिलाड़ी तेज संगीत सुनते हैं, तब सिमोन ड्रेसिंग रूम के एक कोने में बैठकर किताबें पढ़ना पसंद करते हैं। उनके सख्त अनुशासन की नींव बचपन में ही पड़ गई थी, क्योंकि पिता पुलिस अधिकारी रहे हैं। वे स्पेन को 2024 में भी यूरो चैम्पियन बना चुके हैं।
मुंगेर में चल रहे 65वें राज्य सुब्रतो मुखर्जी राज्य स्तरीय फुटबॉल कप 2026 (अंडर-15) का सोमवार को समापन हो गया। फाइनल मुकाबले में पश्चिमी चंपारण की टीम ने मुंगेर को 3-0 से हराकर नेशनल टीम में जगह बनाई। अब यह टीम बिहार का प्रतिनिधित्व करते हुए बेंगलुरु में मैच खेलेगी। पोलो मैदान में खेले गए इस निर्णायक मैच में मुंगेर और पश्चिमी चंपारण के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। 60 मिनट के इस खेल में पश्चिमी चंपारण ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मुंगेर पर तीन गोल की बढ़त बनाई और जीत हासिल की। खेल से जुड़ी PHOTOS उपविजेता टीमों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया खेल समापन के बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों और जिला खेल पदाधिकारी कमल किशोर सहित अन्य अतिथियों ने विजेता और उपविजेता टीमों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। जिला खेल पदाधिकारी ने बताया कि इस चार दिवसीय टूर्नामेंट की शुरुआत 17 जुलाई को हुई थी, जिसका उद्घाटन डीएम निखिल धनराज ने किया था। रविवार को हुए सेमीफाइनल मैचों में मुंगेर और पश्चिमी चंपारण की टीमों ने फाइनल में अपनी जगह पक्की की थी। पश्चिमी चंपारण की टीम ने सभी बाधाओं को पार करते हुए नेशनल टीम में स्थान बनाया है। इस राज्य स्तरीय टूर्नामेंट में बिहार के लगभग 20 जिलों से खिलाड़ियों ने मुंगेर आकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था।
सीई जिंक बनी जूनियर बालिका फुटबॉल चैंपियन
जिला फुटबॉल संघ उदयपुर के तत्वावधान में आयोजित जिला स्तरीय जूनियर बालिका फुटबॉल प्रतियोगिता का खिताब सी.ई. जिंक ने अपने नाम कर लिया। रोमांचक फाइनल मुकाबले में सी.ई. जिंक ने जी. एंड आर. क्लब को 3-2 से पराजित कर विजेता बनने का गौरव हासिल किया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आनंदी को सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। समापन समारोह में पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी दिलीप सिंह अम्बावली, जनकसिंह, फिरोज खान, कौशिक चंदा, महावीर शर्मा एवं त्रिलोक नाथ चौहान का सम्मान किया गया। मुख्य अतिथि जिला फुटबॉल संघ के अध्यक्ष अभिमन्यु सिंह झाला थे।
जोहार संगवारी फुटबॉल एसोसिएशन के सभी पदाधिकारी निर्विरोध चुने गए
भास्कर न्यूज | खरोरा जोहार संगवारी फुटबॉल एसोसिएशन खरोरा में तय निर्वाचन कार्यक्रम के तहत आज सुबह 07:00 बजे पदाधिकारियों का चुनाव हुआ। चुनाव शांतिपूर्ण रहा। माहौल लोकतांत्रिक रहा। निर्वाचन अधिकारी ने तय समय-सीमा में मिले नामांकन पत्रों की जांच की। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी हुई। हर पद के लिए एक-एक वैध नामांकन मिला। सभी अभ्यर्थी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। अध्यक्ष पद पर कुमार अमोल रतन साहू चुने गए। उपाध्यक्ष पद पर मोरध्वज मानिकपुरी चुने गए। उपाध्यक्ष पद पर विनय वर्मा चुने गए। कोषाध्यक्ष पद पर परमेश्वर दास मानिकपुरी चुने गए। सचिव पद पर अभिषेक वर्मा चुने गए। संयुक्त सचिव पद पर तुषार गुप्ता चुने गए। नवनिर्वाचित अध्यक्ष कुमार अमोल रतन साहू ने सदस्यों का आभार जताया। उन्होंने कहा, एसोसिएशन का उद्देश्य खरोरा और आसपास के क्षेत्र में फुटबॉल का विकास करना है। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देना है। खिलाड़ियों को अवसर उपलब्ध कराना है। खेल के जरिए युवाओं में अनुशासन की भावना विकसित करनी है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ानी है। सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना मजबूत करनी है। उन्होंने सदस्यों से टीम भावना के साथ काम करने की अपील की। क्लब को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया। निर्वाचन प्रक्रिया सर्वसम्मति से पूरी होने पर मौजूद सदस्यों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी। शुभकामनाएं दीं।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के अंतिम दौर में पहुंचने के बीच अमिताभ बच्चन ने टूर्नामेंट को लेकर अपनी राय साझा की है। उन्होंने विवादित फैसलों, नए खिलाड़ियों के उभरने और बदलते दौर के फुटबॉल पर बात की। बिग बी ने कहा कि समय बदलता है और नई पीढ़ी खेल को नई दिशा ...
बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह 'धुरंधर' की सक्सेस के बीच चल रहे 'डॉन 3' विवाद को लेकर भी सुर्खियों में हैं। फिल्ममेकर फरहान अख्तर और एक्सेल एंटरटेनमेंट के साथ उनकी अनबन अब जगजाहिर हो चुकी है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) द्वारा उनके ...
सिर्फ फुटबॉल नहीं, ये है जिंदगी की फिलॉसफी!, आर्सेनल की जीत पर रणवीर सिंह ने लिखा इमोशनल नोट
आर्सेनल की इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाते हुए रणवीर सिंह ने जो हालिया नोट लिखा है, उसमें एक बेहद गहरी और छिपी हुई बात नजर आती है। ऊपर-ऊपर से देखने पर तो यह किसी फुटबॉल फैन के दिल की वो सच्ची और जज्बाती आवाज लगती है, जो दशकों के लंबे इंतजार के बाद ...
फुटबॉल कोच के बाद अब बड़े परदे पर क्रिकेटर बनकर चमकेंगे Ajay Devgan,एक्टर की नई बायोपिक फिल्म पर आया बड़ा अपडेट
Maidaan Review:अजय देवगन की दमदार डायलॉग डिलीवरी और एक्टिंग ने दिखाया रियल सिनेमा, जरूर देखेफुटबॉल कोच की ये कहानी
Maidaan Review: सीट से हिलने का मौका नहीं देगी Ajay Devgan की ये फिल्म, जरूर देखनी चाहिएइंडियन फुटबॉल टीम के महान कोच

