दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेल फुटबॉल का सालाना बाजार 100 बिलियन डॉलर (करीब 9.6 लाख करोड़ रुपए) को पार कर चुका है। यह 95 देशों की जीडीपी से ज्यादा है। फीफा, क्लब्स, ब्रॉडकास्टर्स, कॉर्पोरेट घराने और खिलाड़ियों के पर्सनल ब्रांड्स मिलकर फाइनेंशियल इकोसिस्टम बनाते हैं। जानिए फुटबॉल की इस विशाल इकोनॉमी के हर उस अहम सोर्स को, जहां से इस खेल में पैसा आता है... 1. प्राइज मनी - 48 टीमों वाले वर्ल्ड कप में प्राइज पूल करीब 8400 करोड़ रुपए रहा। चैम्पियन को 480 करोड़ रुपए मिले। यूरोप की शीर्ष क्लब प्रतियोगिता चैम्पियंस लीग का प्राइज पूल करीब 27 हजार 500 करोड़ रुपए का है। - इंग्लिश प्रीमियर लीग में टेबल में सबसे नीचे रहने वाली 20वीं टीम को भी सेंट्रल रेवेन्यू शेयरिंग के तहत करीब 1290 करोड़ रुपए तक मिलते हैं। 2. ब्रॉडकास्टिंग राइट्स फीफा अपने चार साल के साइकल में कुल कमाई का 50% से अधिक हिस्सा केवल ब्रॉडकास्टिंग राइट्स बेचकर हासिल करता है। अब पारंपरिक टीवी चैनलों के साथ-साथ एपल टीवी, अमेजन प्राइम और नेटफ्लिक्स जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स भी अरबों डॉलर की बोली लगाकर मैचों के राइट्स खरीद रहे हैं। एपल ने मेजर लीग सॉकर के साथ 10 साल के लिए 2.5 बिलियन डॉलर (करीब 24 हजार करोड़ रु.) डील की है। 3. ट्रांसफर मार्केट एमबापे, हालेंड और यमाल जैसे खिलाड़ियों की मार्केट वैल्यू करीब 1900 से 2200 करोड़ रु. के बीच आंकी गई। जब क्लब किसी खिलाड़ी को अनुबंध समाप्त होने से पहले खरीदता है, तो उसे दूसरे क्लब को ट्रांसफर फीस देनी होती है। ट्रांसफर फीस के अलावा, जब कोई खिलाड़ी फ्री एजेंट बनता है, तो उसे क्लब 500 करोड़ रुपए से ज्यादा का साइनिंग-ऑन बोनस देते हैं। 4. जर्सी स्पॉन्सरशिप, मर्चेन्डाइज क्लब की जर्सी बनाने का अधिकार हासिल करने के लिए एडिडास और नाइकी जैसी कंपनियां रियल मैड्रिड और बार्सिलोना जैसे क्लबों को 1200 करोड़ से ज्यादा का भुगतान करती हैं। जर्सी के सामने अपनी कंपनी का नाम छपवाने के लिए एमिरेट्स और एतिहाद जैसे मुख्य स्पॉन्सर सालाना 700-800 करोड़ रुपए अलग से खर्च करते हैं। जब रोनाल्डो-मेसी जैसे स्टार नए क्लब से जुड़ते हैं तो उनकी जर्सी की मांग अचानक बढ़ जाती है। 5. स्टेडियम से कमाई स्टेडियम के नाम के आगे अपना ब्रांड जोड़ने (जैसे बार्सिलोना का ‘स्पॉटिफाई कैंप नोउ’) से भी कमाई बढ़ी है। बार्सिलोना और स्पॉटिफाई के बीच करीब 50 हजार करोड़ की डील हुई है। रियल मैड्रिड और टॉटेनहम जैसे बड़े क्लबों ने स्टेडियम को अपग्रेड किया है। सीजन खत्म होते ही पिच जमीन के नीचे बने चेंबर में चली जाती है और वहां म्यूजिक कॉन्सर्ट्स और कॉर्पोरेट इवेंट्स होते हैं। 6. सोशल मीडिया एंगेजमेंट रोनाल्डो और मेसी जैसे स्टार्स की एक सोशल मीडिया स्पॉन्सर्ड पोस्ट की कीमत 30 करोड़ रुपए तक होती है। क्लबों के अपने डिजिटल चैनल्स और ऐप्स हैं। फैंस को बिहाइंड-द-सीन कंटेंट, ट्रेनिंग सेशन और प्लेयर्स के साथ इंटरेक्शन के लिए सब्सक्रिप्शन लेना पड़ता है। 7. सरकारी फंड्स की एंट्री फुटबॉल के इस अर्थशास्त्र में एक दशक का सबसे बड़ा बदलाव ‘ऑयल मनी’ (खाड़ी देशों के सरकारी फंड्स) की एंट्री है। कतर ने पीएसजी का अधिग्रहण करके स्पोर्ट्स मैप पर अपनी अलग पहचान बनाई। सऊदी अरब ने इंग्लिश क्लब न्यूकैसल यूनाइटेड को खरीदने के अलावा अपनी घरेलू सउदी प्रो लीग में करोड़ों डॉलर झोंककर रोनाल्डो, बेंजेमा और नेमार जैसे सितारों को साइन किया। मैनचेस्टर सिटी का मालिकाना हक यूएई के सिटी फुटबॉल ग्रुप के पास है। इस ग्रुप के पास दुनिया भर में 13 अलग-अलग फुटबॉल क्लबों का नेटवर्क है।
पाकुड़ जिले के मध्य विद्यालय जिंदातो की अंडर-12 बालक फुटबॉल टीम ने रांची के खेलगांव में आयोजित द्वितीय राज्य स्तरीय लिटिल चैंप्स फुटबॉल चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अनुशासित खेल और बेहतरीन तालमेल का प्रदर्शन करते हुए राज्य में तीसरा स्थान हासिल किया। कांस्य पदक मुकाबले में जिंदातो की टीम ने लोहरदगा की मजबूत टीम को 1-0 से हराकर यह उपलब्धि दर्ज की। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले इन खिलाड़ियों ने अपने जज्बे और मेहनत से यह साबित कर दिया कि संसाधनों की कमी प्रतिभा के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती। उपायुक्त ने किया सम्मान, खिलाड़ियों को मिला प्रोत्साहन इस बड़ी उपलब्धि पर उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में खिलाड़ियों और उनके कोच को सम्मानित किया। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को माला पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मान दिया, साथ ही फुटबॉल और पानी की बोतल भेंट कर उनका उत्साह बढ़ाया। उपायुक्त ने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि इस तरह की उपलब्धियां जिले के लिए गर्व की बात हैं। उन्होंने खिलाड़ियों, कोच, शिक्षकों और पूरे विद्यालय परिवार को बधाई देते हुए कहा कि मध्य विद्यालय जिंदातो बच्चों में खेल के प्रति रुचि जगाने और उनकी प्रतिभा को निखारने का सराहनीय कार्य कर रहा है। जिले में खेल प्रतिभाओं को मिलेगा बेहतर मंच उपायुक्त ने इस सफलता को जिले के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इससे अन्य बच्चे भी खेलों की ओर आकर्षित होंगे। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन का लक्ष्य खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि पाकुड़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। उन्होंने जिला क्रीड़ा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि उभरते खिलाड़ियों के लिए व्यवस्थित और प्रभावी प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करने हेतु विस्तृत कार्ययोजना जल्द तैयार करें। इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पुरती, जिला शिक्षा अधीक्षक प्रियाश्री भगत और जिला खेल पदाधिकारी राहुल कुमार ने भी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और विद्यालय परिवार को बधाई दी।
एक अगस्त से पत्थलगडा में नॉकआउट फुटबॉल टूर्नामेंट
पत्थलगडा | आदिवासी क्लब पत्थलगड़ा की ओर से आगामी 1 अगस्त से प्रखंड मुख्यालय के उमाकांत पाठक खेल मैदान में नॉकआउट फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। आयोजन समिति ने बताया कि आयोजन में स्थानीय टीमों को प्राथमिकता दी जा रही है। समिति के अध्यक्ष सनिका मुंडा ने बताया कि टूर्नामेंट में कुल 20 टीमों को शामिल किया जाएगा। प्रतियोगिता का उद्घाटन 1 अगस्त को होगा और उसी समय से मैचों की शुरुआत होगी।
रांची में 135वें इंडियन ऑयल डूरंड कप के रांची चरण का भव्य आगाज आज होगा। पहली बार इस प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा रांची शहर ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने जा रहा है। मोरहाबादी स्थित बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में आयोजित समारोह का उद्घाटन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। समारोह में भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा के साथ झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। फ्लाईपास्ट, आर्मी बैंड, स्काई डाइविंग, खुकरी मार्शल आर्ट, भांगड़ा और पारंपरिक लोकनृत्य दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण होंगे, जिससे पूरा स्टेडियम देशभक्ति और उत्साह के रंग में रंगा नजर आएगा। दोपहर 2 बजे से खुलेंगे गेट, शाम 5 बजे पहला मुकाबला आयोजकों के अनुसार दर्शकों के लिए स्टेडियम के गेट दोपहर 2:00 बजे से खोल दिए जाएंगे। दोनों टीमों का आगमन दोपहर 3:00 से 3:30 बजे के बीच होगा। इसके बाद 3:40 बजे से प्री-शो की शुरुआत होगी, जिसमें डूरंड कप पर आधारित विशेष ऑडियो-वीडियो प्रस्तुति दिखाई जाएगी। भारतीय नौसेना प्रमुख, सेना के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य विशिष्ट अतिथि 3:40 से 4:00 बजे के बीच स्टेडियम पहुंचेंगे। शाम 4:00 से 4:35 बजे तक मुख्य उद्घाटन समारोह आयोजित होगा, जिसमें सेना के बैंड की प्रस्तुति, फ्लाईपास्ट और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति होगी। इसके बाद स्काई डाइविंग और ब्रास बैंड का प्रदर्शन समारोह का सबसे रोमांचक हिस्सा होगा। उद्घाटन कार्यक्रम के समापन के बाद शाम 5:00 बजे से टूर्नामेंट के रांची चरण का पहला मुकाबला खेला जाएगा। जेएफसी और डिफेंडर्स एफसी के बीच पहला मैच टूर्नामेंट के उद्घाटन मुकाबले में जमशेदपुर एफसी और श्रीलंका की डिफेंडर्स एफसी आमने-सामने होंगी। दोनों टीमें रांची पहुंच चुकी हैं। मैच को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रांची में ग्रुप सी के मुकाबले खेले जाएंगे। जिसमें जमशेदपुर एफसी, एससी दिल्ली, भारतीय वायुसेना फुटबॉल टीम और डिफेंडर्स एफसी शामिल हैं। फुटबॉल प्रेमियों के बीच इस मुकाबले को लेकर खासा उत्साह है। आयोजकों ने दर्शकों से अपील की है कि वे समय से पहले स्टेडियम पहुंचें ताकि उद्घाटन समारोह और मैच दोनों का पूरा आनंद ले सकें। सुरक्षा के कड़े इंतजाम, कई चीजों पर रहेगा प्रतिबंध स्टेडियम में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाया गया है। आग्नेयास्त्र, चाकू, कटर, पटाखे, फ्लेयर्स, लाइटर, माचिस, बड़े बैग, बाहर का भोजन, पानी की बोतलें, कांच के कंटेनर, शराब, तंबाकू उत्पाद, ड्रोन, पेशेवर कैमरे, ट्राइपॉड, लैपटॉप और बड़े पावर बैंक लाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा हेलमेट, बड़े छाते, मेगाफोन, एयर हॉर्न, बड़े बैनर और लेजर पॉइंटर जैसी वस्तुएं भी प्रतिबंधित रहेंगी। मैदान, दर्शक दीर्घा, खिलाड़ियों के ड्रेसिंग रूम, मीडिया सेंटर और अन्य सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं, जिससे आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
लिटिल चैंप्स फुटबॉल में गिरिडीह की बालक व बालिका टीम राज्य चैंपियन
भास्कर न्यूज |गिरिडीह झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची के तत्वावधान में खेलगांव, रांची में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय द्वितीय लिटिल चैंप्स फुटबॉल प्रतियोगिता (अंडर-12 बालक एवं बालिका वर्ग) का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। प्रतियोगिता में गिरिडीह जिले की बालक एवं बालिका दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। बालक वर्ग के फाइनल मुकाबले में गिरिडीह और रामगढ़ के बीच रोमांचक संघर्ष देखने को मिला। निर्धारित 15-15 मिनट के खेल में दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं और मुकाबला बराबरी पर रहा। इसके बाद दिए गए 5-5 मिनट के अतिरिक्त समय में गिरिडीह के खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए एकमात्र गोल दागा और रामगढ़ को 1-0 से पराजित कर खिताब अपने नाम कर लिया। वहीं बालिका वर्ग के फाइनल मुकाबले में गिरिडीह की टीम ने सिमडेगा के खिलाफ बेहतरीन तालमेल और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया। पूरे मैच में शानदार खेल दिखाते हुए गिरिडीह की बालिकाओं ने सिमडेगा को 1-0 से हराकर राज्य चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया। गिरिडीह की दोनों टीमों की इस दोहरी सफलता ने जिले का नाम पूरे राज्य में गौरवान्वित किया है। इस ऐतिहासिक जीत पर जिला शिक्षा अधीक्षक-सह-अपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अशोक कुमार हेम्ब्रम सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने सभी विजेता खिलाड़ियों, उनके शारीरिक शिक्षकों तथा संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को बधाई दी।
बिलासपुर में 'हमर बिलासपुर' सोशल मीडिया मंच द्वारा आयोजित 'कौन बनेगा फुटबॉल सम्राट' फाइनल प्रेडिक्शन कॉन्टेस्ट के विजेताओं का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। शुक्रवार को पूर्व मंत्री और बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल ने विजेताओं को स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं। यह प्रतियोगिता विश्व कप फुटबॉल फाइनल के परिणाम पर आधारित थी। फाइनल मुकाबले में स्पेन ने अर्जेंटीना को 90 मिनट के खेल में 1-0 से हराकर विश्व विजेता बनने का गौरव हासिल किया था। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों से विजेता टीम और मैच के परिणाम का पूर्वानुमान लगाने को कहा गया था। इसमें कुल 432 लोगों ने भाग लिया, जिनमें से 208 प्रतिभागियों ने स्पेन की जीत का अनुमान लगाया था। इन प्रतिभागियों ने लगाया सटीक अनुमान स्पेन की 90 मिनट में 1-0 की जीत का सटीक पूर्वानुमान लगाने वाले मनीष आकाशी, विकास चौबे, सुमित पाल सलूजा, एस.एस. ठाकुर, लवलीन सलूजा, अतुल पटेल, सुरेश कुमार और उत्तम तिवारी को विजेता घोषित किया गया। खेल अनुशासन और टीम भावना का प्रतीक अमर अग्रवाल ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सामाजिक समरसता का सशक्त प्रतीक हैं। ऐसे आयोजन युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ समाज में सकारात्मक सोच, संवाद और सहभागिता को भी मजबूत करते हैं। 'हमर बिलासपुर' की पहल की सराहना उन्होंने कहा कि 'हमर बिलासपुर' द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास सराहनीय है और यह समाज को सकारात्मक दिशा देने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। 1982 से फुटबॉल का अनुसरण कर रहे अपोलो हॉस्पिटल ग्रुप के अध्यक्ष और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. देवेंद्र सिंह ने कहा कि वे वर्ष 1982 से फुटबॉल का अनुसरण कर रहे हैं। उन्होंने देश में फुटबॉल सहित विभिन्न खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह को सराहनीय बताया।
बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह 'धुरंधर' की सक्सेस के बीच चल रहे 'डॉन 3' विवाद को लेकर भी सुर्खियों में हैं। फिल्ममेकर फरहान अख्तर और एक्सेल एंटरटेनमेंट के साथ उनकी अनबन अब जगजाहिर हो चुकी है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) द्वारा उनके ...
सिर्फ फुटबॉल नहीं, ये है जिंदगी की फिलॉसफी!, आर्सेनल की जीत पर रणवीर सिंह ने लिखा इमोशनल नोट
आर्सेनल की इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाते हुए रणवीर सिंह ने जो हालिया नोट लिखा है, उसमें एक बेहद गहरी और छिपी हुई बात नजर आती है। ऊपर-ऊपर से देखने पर तो यह किसी फुटबॉल फैन के दिल की वो सच्ची और जज्बाती आवाज लगती है, जो दशकों के लंबे इंतजार के बाद ...
फुटबॉल कोच के बाद अब बड़े परदे पर क्रिकेटर बनकर चमकेंगे Ajay Devgan,एक्टर की नई बायोपिक फिल्म पर आया बड़ा अपडेट
Maidaan Review:अजय देवगन की दमदार डायलॉग डिलीवरी और एक्टिंग ने दिखाया रियल सिनेमा, जरूर देखेफुटबॉल कोच की ये कहानी
Maidaan Review: सीट से हिलने का मौका नहीं देगी Ajay Devgan की ये फिल्म, जरूर देखनी चाहिएइंडियन फुटबॉल टीम के महान कोच
‘भीड़ से साथ की उम्मीद मत रखना', Ajay Devgan की मच अवेटेड फिल्म Maidaan काट्रेलर हुआ लॉन्च,फुटबॉल कोच बनकर छा गए एक्टर

