अंडर-20 स्टेट फुटबॉल चैंपियनशिप आज से चित्तौड़गढ़ में, मनीष जयपुर के कप्तान
जयपुर | चित्तौड़गढ़ में सोमवार 6 अप्रैल से शुरू होने वाली अंडर-20 स्टेट फुटबॉल चैंपियनशिप के लिए जयपुर टीम की घोषणा कर दी गई। टीम का कप्तान मनीष को बनाया गया है। टीम रविवार को रवाना हो गई। पहले दिन डूंगरपुर से खेलेगी जयपुर की टीम। टीम: मनीष (कप्तान), दिव्यांशु (उपकप्तान), शिवम कुमार (गोलकीपर), रिशित (गोलकीपर), सागर पारीक, तनिष्क, मेधांश, साहबराज, अशोक सैनी, रिषभ सिंह, भव्य, कृतज्ञ सिंह, कृष्णा काछवा मोहित, रुद्रांश श्याम सिंह।
चित्तौड़गढ़ जिला फुटबॉल संघ के बैनर तले सोमवार से अंडर-20 स्टेट फुटबॉल कॉम्पिटीशन होने जा रहा है। यह चार दिवसीय प्रतियोगिता होगी। चित्तौड़गढ़ को पहली बार इस प्रतियोगिता की मेजबानी मिली है। लोकल फुटबॉल प्लेयर्स को मिलेगा मौका यह फुटबॉल टूर्नामेंट 9 अप्रैल तक चलेगा। पूरे राजस्थान से टीमें इसमें हिस्सा लेंगी। आयोजकों का कहना है कि इस तरह के बड़े टूर्नामेंट से न केवल जिले में फुटबॉल को बढ़ावा मिलेगा बल्कि इससे जुड़े खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का नया प्लेटफॉर्म मिलेगा। स्थानीय खिलाड़ियों में कॉम्पिटीशन को लेकर काफी उत्साह है। 27 टीमें उतरेंगी, दो मैदानों में एक साथ होंगे मुकाबले इस स्टेट लेवल कॉम्पिटीशन में अजमेर, कोटा, बीकानेर, हनुमानगढ़, जोधपुर सहित विभिन्न जिलों की कुल 27 टीमें भाग लेंगी। इन टीमों के करीब 500 खिलाड़ी मैदान में अपना दमखम दिखाने उतरेंगे। मुकाबलों के लिए जिले के सैनिक स्कूल के दो फुटबॉल मैदानों पर मैच खेले जाएंगे। दोनों ही मैदानों पर एक साथ मैच खेले जाएंगे और प्रतिदिन 10 से 12 मुकाबले आयोजित होंगे। उद्घाटन मैच डूंगरपुर और जयपुर के बीच चार दिवसीय कॉम्पिटीशन में कुल 25 मैच खेले जाएंगे। प्रतियोगिता के लिए टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है। इससे मैचों का आयोजन आसानी से किया जा सके। सभी मैचों के संचालन के लिए रेफरी राजस्थान फुटबॉल एसोसिएशन की ओर से नियुक्त किए गए हैं। उद्घाटन मैच डूंगरपुर और जयपुर के बीच खेला जाएगा, जबकि दूसरा मुकाबला सिरोही और पाली की टीमों के बीच होगा। प्रतियोगिता में दर्शकों को रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। बेहतर खिलाड़ियों को नेशनल लेवल पर मिलेगा मौका स्थानीय कोच शाहीद हुसैन का कहना है कि इस तरह के बड़े टूर्नामेंट में खेलने से लोकल खिलाड़ियों को अच्छा एक्सपोजर मिलता है। अच्छा खेलने वाले प्लेयर्स को स्स्टेट टीम में भी जगह मिल सकती है। यही स्टेट टीम आगे चलकर नेशनल लेवल पर छत्तीसगढ़ में होने वाली सीरीज में भाग लेगी। आयोजन में राजस्थान फुटबॉल एसोसिएशन के सचिव दिलीप शेखावत भी मौजूद रहेंगे। मेजबान के रूप में चित्तौड़गढ़ जिला फुटबॉल संघ की टीम भी इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेगी। इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का रखा जाएगा ध्यान सभी मैच इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के अनुसार ही संचालित किए जाएंगे। इसके लिए राजस्थान फुटबॉल एसोसिएशन ने अनुभवी रेफरी नियुक्त किए हैं। प्रतियोगिता का उद्घाटन सोमवार सुबह 10 बजे सैनिक स्कूल परिसर स्थित फुटबॉल ग्राउंड पर किया जाएगा। जिला फुटबॉल संघ के संयुक्त सचिव धर्मेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि इस आयोजन को जिला फुटबॉल संघ के अध्यक्ष पूरण आंजना की अगुवाई में तैयार किया गया है। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक चंद्रभान सिंह आक्या मौजूद रहेंगे।
जुनून, जिद और जिम्मेदारी-इन शब्दों में फुटबॉल कोच परम आशावर की कहानी समाई है। आर्थिक दबाव के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। खिलाड़ियों और टीम को आगे बढ़ाने के लिए पहले 10 लाख रुपए का लोन लिया। इसके बाद भी पैसों की कमी बनी रही तो पत्नी के जेवर गिरवी रखकर 2 लाख रुपए का अतिरिक्त कर्ज उठाया। गांवों और देश के दूर-दराज इलाकों में रहने वाली बेटियों को एकजुट कर फुटबॉल टीम तैयार की। लगातार मेहनत और संघर्ष से इस टीम को इंडियन वीमेंस लीग (टियर-2) तक पहुंचाया। कोच परम आशावर के अनुसार, सबसे पहले रायसेन डिस्ट्रिक्ट फुटबॉल क्लब (डीआरएफसी) की टीम तैयार की। खिलाड़ियों की ट्रेनिंग, किट, यात्रा तथा रहने-खाने का खुद इंतजाम किया। टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पॉइंट टेबल में मप्र को तीसरा स्थान दिलाया और मजबूत मानी जाने वाली ओडिशा फुटबॉल क्लब को हराकर सबको चौंका दिया। टीम में देश के अलग-अलग हिस्सों से आई खिलाड़ी शामिल थीं, जिनमें अधिकांश साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से थीं। किसी प्रकार की आर्थिक सहायता न मिलने के बावजूद खिलाड़ियों ने मेहनत और अनुशासन के दम पर अपनी पहचान बनाई। परम का मानना है कि ग्रामीण बेटियों में प्रतिभा की कमी नहीं होती, जरूरत केवल सही अवसर और मार्गदर्शन की होती है। इसी सोच के साथ उन्होंने टीम को व्यवस्थित प्रशिक्षण देकर प्रतियोगिता के लिए तैयार किया, जिसका असर मैदान पर नजर आया। मार्च में बेंगलुरु में खेले गए मुकाबलों के लिए 22 खिलाड़ियों और 4 ऑफिशियल्स सहित 26 लोग थे। टीम ने रूट्स फुटबॉल क्लब बेंगलुरु को हराकर प्रतियोगिता में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई और साबित किया कि प्रतिबद्धता और भरोसे से बड़ी चुनौतियां भी पार की जा सकती हैं। टीटी नगर: टीम फाइनल के लिए कैंप लगाया, 22 का चयन किया फाइनल चयन के लिए टीटी नगर स्टेडियम में कैंप लगाया गया था, जहां 30 खिलाड़ियों में से 22 का चयन हुआ। कोच परम आशावर खुद अलग-अलग राज्यों में ट्रायल लेकर खिलाड़ी चुनकर लाए। इंडियन लीग में 16 टीमों ने हिस्सा लिया।
इंटर हाउस फुटबॉल जूनियर में अग्नि व पृथ्वी सदन बने विजेता
सिटी रिपोर्टर | बोकारो चिन्मय विद्यालय में कक्षा 5-6 एवं 7-8 के लिए शनिवार को इंटर हाउस फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें विद्यालय के चारों सदन, अग्नि, वायु, जल व पृथ्वी के खिलाड़ियों ने शानदार खेल का परिचय दिया। प्राचार्य सूरज शर्मा ने सभी खिलाड़ियों से मिलकर हौसला बढ़ाया। कक्षा 5-6 ग्रुप के फाइनल मैच में जल सदन ने अग्नि सदन को 1-0 गोल से हराकर जीत दर्ज की। इससे पूर्व जल सदन ने पृथ्वी सदन को 3-1 गोल से एवं अग्नि ने वायु को 2-0 गोल से हराकर फाइनल में जगह बनाई। वहीं, कक्षा 7-8 ग्रुप के मत में जल सदन को पृथ्वी सदन ने 3-2 से एवं वायु ने अग्नि सदन को 4-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। फाइनल मैच पृथ्वी और वायु सदन के बीच खेला गया। मैच बहुत ही रोमांचक रहा। अंतिम समय तक मैच 1-1 की बराबरी पर रहा। तत्पश्चात मैच का फैसला टाईब्रेकर से लिया गया, जिसमें अनुमय ने शानदार गोल कर खिताब पर कब्जा जमाया। प्रतियोगिता का संचालन खेल शिक्षक संजीव कुमार, प्रांजल सैकिया, विशाल मौर्या, आदर्श आचार्य, रण विजय ओझा, ललिता, प्रवीण कुमार व नितेश पांडे ने सफलतापूर्वक किया।
कैमूर में NSG SP की फुटबॉल कॉम्पटीशन:स्पोर्ट्स, एजुकेशन और सोशल सर्विस से देंगे नई दिशा
कैमूर में एनएसजी एसपी रणधीर सिंह ने कैमूर जिले के रामगढ़ में 'परिवर्तन चेतना मंच' के तहत एक फुटबॉल मैच का आयोजन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं में खेल भावना के साथ-साथ सामाजिक समरसता का संदेश देना है। गृह विभाग में कार्यरत एनएसजी एसपी ने इस अवसर पर कहा कि खेल लोगों को जोड़ने और समाज में एकता बनाए रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने क्षेत्र के युवाओं को प्रोत्साहित किया और उन सफल लोगों को भी अपने पैतृक क्षेत्र में वापस आकर योगदान देने के लिए आमंत्रित किया जो यहां से पढ़कर बाहर के शहरों में बस गए हैं। स्थानीय शहीद परिवारों को सम्मानित किया गया कार्यक्रम के दौरान स्थानीय शहीद परिवारों को सम्मानित किया गया। एनएसजी एसपी ने भावुक होते हुए कहा कि यदि हम अपने शहीदों का सम्मान नहीं करेंगे, तो आने वाली पीढ़ी देश सेवा के लिए प्रेरित कैसे होगी। इसके अतिरिक्त, हाल ही में इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले ग्रामीण बच्चों को भविष्य में करियर काउंसलिंग, किताबों और फीस में हर संभव मदद का भरोसा दिलाया गया। जल्द ही रामगढ़ से एक निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा शुरू की जाएगी 'परिवर्तन चेतना मंच' को किसी एनजीओ के बजाय एक जन-आंदोलन बताते हुए उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही रामगढ़ से एक निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा शुरू की जाएगी। साथ ही, ब्लॉक के सबसे पिछड़े गांवों में लाइब्रेरी की स्थापना की जाएगी ताकि संसाधनों के अभाव में किसी बच्चे की शिक्षा न रुके। उनका स्पष्ट संदेश है कि जब तक समाज में चेतना नहीं आएगी, तब तक वास्तविक परिवर्तन संभव नहीं है।
राजस्थान स्टेट यूथ फुटबॉल चैंपियनशिप: हनुमानगढ़ जिला टीम की घोषणा, राहुल चौधरी कप्तान
चित्तौड़गढ़ में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए 16 सदस्यीय टीम घोषित, बिहानी स्टेडियम में ड्रेस लॉन्चिंग के साथ खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में देशभर के आदिवासी खिलाड़ियों का दम देखने को मिल रहा है। इसी मंच पर छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉलर किरण पिस्दा ने अपने खेल और आत्मविश्वास से सबका ध्यान खींचा। सेमीफाइनल मैच में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट के दौरान उन्होंने गोलकीपर बनकर टीम को संभाला—यहीं से उनकी चर्चा और तेज हो गई। किरण भारतीय टीम के लिए खेल चुकी हैं। इसके अलावा यूरोप की क्रोएशियन विमेंस लीग में डाइनेमो जागरेब वुमन के लिए खेल चुकी हैं। सबसे बड़ी खासियत: हर पोजीशन पर खेलने की क्षमता 24 साल की किरण इस समय अपने करियर के बेहतरीन दौर में हैं और बड़े इंटरनेशनल टूर्नामेंट में जगह बनाने के लिए लगातार मेहनत कर रही हैं। किरण का सफर आसान नहीं रहा। स्कूल से ही उन्हें खेलने का मौका मिला, जहां से उनका आत्मविश्वास बढ़ा। उनके भाई गिरीश पिस्दा, जो खुद नेशनल लेवल खिलाड़ी हैं, उनके सबसे बड़े प्रेरणा बने। बाद में वह पढ़ाई के लिए रायपुर आईं और यहीं से उनका करियर नई दिशा में बढ़ा। पहला झटका: जब नेशनल टीम में जगह नहीं मिली नेशनल कैंप तक पहुंचने के बाद भी उनका चयन नेशनल टीम में नहीं हुआ। ये उनके लिए बड़ा झटका था।किरण मानती हैं—उस समय फिटनेस और मानसिक तैयारी उतनी मजबूत नहीं थी। वो कहती हैं कि सलेक्शन नहीं हुआ तोसमझ आया कि सिर्फ टैलेंट नहीं, खुद को हर स्तर पर बेहतर बनाना जरूरी है। खुद को बदला: मेहनत, फिटनेस और पॉजिटिव सोच इस असफलता के बाद किरण ने हार नहीं मानी। फिटनेस पर जमकर काम किया मैच को समझना शुरू किया। हर स्थिति में खेलने की तैयारी की। वो कहती हैं कि सबसे बड़ा बदलाव उनके सोच में आया। उन्होंने तय किया कि कभी निगेटिव नहीं सोचूंगी, क्योंकि इसका सीधा असर खेल पर पड़ता है। कोच का साथ बना टर्निंग पॉइंट उनके कोच योगेश ने मुश्किल समय में उन्हें संभाला। जब भी आत्मविश्वास गिरता, कोच उन्हें पॉजिटिव रहने की सलाह देते। किरण की सबसे बड़ी ताकत उनकी वर्सेटिलिटी (हर पोजीशन पर खेलना) है। इंटरनेशनल सफर और चुनौतियां किरण भारत के लिए कई बार खेल चुकी हैं। 2022 SAFF चैंपियनशिप टीम का हिस्सा रहीं और यूरोप में भी खेल चुकी हैं। लेकिन यहां भी चुनौतियां खत्म नहीं हुईं। हाल ही में AFC विमेंस एशियन कप के लिए चयन नहीं होने का दर्द उन्हें झेलना पड़ा। किरण कहती हैं कि उनका फोकस साफ है। घरेलू लीग में लगातार अच्छा प्रदर्शन, भारतीय टीम में जगह पक्की करना और बड़े इंटरनेशनल टूर्नामेंट खेलना। सेलेक्शन नहीं हुआ तो इसका मतलब ये नहीं कि आप अच्छे खिलाड़ी नहीं हैं… इसका मतलब है कि आपको और मेहनत करनी है।
हरियाणा सरकार ने सत्र 2026-27 के लिए खेल नर्सरियों का आवंटन किया है। फतेहाबाद के रतिया क्षेत्र के गांव अहरंवा के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंटरी स्कूल को फुटबॉल खेल की नर्सरी मिली है। नर्सरी के कोच लवनीश कुमार ने बताया कि फुटबॉल खिलाड़ियों के चयन के लिए ट्रायल 3 अप्रैल (शुक्रवार) को सुबह 6 बजे स्कूल के खेल मैदान में होंगे। इसमें 8 से 14 वर्ष और 15 से 19 वर्ष के दो आयु वर्ग के खिलाड़ी भाग ले सकेंगे। चयनित 8 से 14 वर्ष के खिलाड़ियों को 1500 रुपए प्रतिमाह और 15 से 19 वर्ष के खिलाड़ियों को 2000 रुपए प्रतिमाह की मासिक छात्रवृत्ति मिलेगी। किसी भी गांव का खिलाड़ी ले सकता है भाग इस नर्सरी में रतिया क्षेत्र के किसी भी गांव का इच्छुक खिलाड़ी भाग ले सकता है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करेगी। गांव अहरंवा में फुटबॉल नर्सरी मिलने पर स्कूल प्रशासन, स्थानीय खिलाड़ियों और ग्रामवासियों ने खुशी व्यक्त की है।
गोरखपुर में अंडर-20 फुटबॉल टीम के चयन के लिए शनिवार को ट्रायल कराया जाएगा। यह ट्रायल सैयद मोदी रेलवे स्टेडियम के फुटबॉल मैदान पर सुबह 10 बजे से शुरू होगा। मंडल के इच्छुक खिलाड़ी इसमें भाग ले सकते हैं। गोरखपुर फुटबॉल संघ के मंडल सचिव हमजा खान ने बताया कि मंडलीय फुटबॉल चैंपियनशिप 13 अप्रैल से 18 अप्रैल 2026 तक मुरादाबाद के मॉडर्न पब्लिक स्कूल मैदान में आयोजित की जाएगी। इसी प्रतियोगिता के लिए टीम तैयार की जा रही है। ट्रायल में वही खिलाड़ी शामिल हो सकेंगे जिनका जन्म 1 जनवरी 2007 से 31 दिसंबर 2009 के बीच हुआ हो। सभी खिलाड़ियों को समय पर मैदान पर पहुंचना होगा ताकि चयन प्रक्रिया सही तरीके से पूरी हो सके। खिलाड़ियों के पास नगर पंचायत, नगर पालिका या नगर निगम द्वारा जारी आयु प्रमाण पत्र होना जरूरी है। यह प्रमाण पत्र जन्म के एक साल के भीतर बना होना चाहिए। इसके अलावा खिलाड़ियों के पास अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ का सीआरएस नंबर होना भी अनिवार्य है। अगर किसी खिलाड़ी के पास जरूरी कागज नहीं होंगे तो उसे ट्रायल में शामिल नहीं किया जाएगा। फुटबॉल संघ ने सभी योग्य खिलाड़ियों से अपील की है कि वे समय पर पहुंचकर ट्रायल में भाग लें, ताकि गोरखपुर मंडल की मजबूत टीम तैयार की जा सके।
फ्लैग फुटबॉल में राजस्थान का जलवा, तीन स्वर्ण और एक रजत पदक जीता
जयपुर | रोहतक (हरियाणा) में आयोजित जूनियर एवं सीनियर 5-ऑन-5 फ्लैग फुटबॉल नेशनल चैंपियनशिप 2025-26 में राजस्थान की टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दबदबा कायम रखा। प्रतियोगिता में 11 राज्यों की भागीदारी रही, जिसमें राजस्थान ने चारों वर्गों में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। जूनियर बालिका वर्ग में राजस्थान ने चंडीगढ़ को रोमांचक मुकाबले में 7-6 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। वहीं जूनियर बालक वर्ग में कर्नाटक को 19-8 से हराकर टीम ने एक और स्वर्ण अपने नाम किया। सीनियर पुरुष वर्ग में भी राजस्थान ने शानदार खेल दिखाते हुए बिहार को 6-0 से हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया।सीनियर महिला वर्ग में राजस्थान की टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। खिलाड़ियों के इस दमदार प्रदर्शन से राज्य का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन हुआ।
फुटबॉल कोच के बाद अब बड़े परदे पर क्रिकेटर बनकर चमकेंगे Ajay Devgan,एक्टर की नई बायोपिक फिल्म पर आया बड़ा अपडेट
Maidaan Review:अजय देवगन की दमदार डायलॉग डिलीवरी और एक्टिंग ने दिखाया रियल सिनेमा, जरूर देखेफुटबॉल कोच की ये कहानी
Maidaan Review: सीट से हिलने का मौका नहीं देगी Ajay Devgan की ये फिल्म, जरूर देखनी चाहिएइंडियन फुटबॉल टीम के महान कोच
‘भीड़ से साथ की उम्मीद मत रखना', Ajay Devgan की मच अवेटेड फिल्म Maidaan काट्रेलर हुआ लॉन्च,फुटबॉल कोच बनकर छा गए एक्टर

