झज्जर जिले के बहादुरगढ़ शहर को करीब 10 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात मिली है। एचएल सिटी सेक्टर-37 में 7 करोड़ 23 लाख रुपए की लागत से आधुनिक फुटबॉल स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। शनिवार को विधायक राजेश जून और एचएल सिटी के निदेशक राकेश जून ने स्टेडियम निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। 2 एकड़ जमीन में बनने वाले फुटबॉल स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएगी। स्टेडियम में दर्शकों के बैठने के लिए करीब 600 लोगों की क्षमता वाला पैवेलियन बनाया जाएगा। वहीं, करीब 2 एकड़ क्षेत्र में पार्किंग विकसित की जाएगी, जिसमें लगभग 250 वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था होगी। 1.92 करोड़ के जॉगिंग-साइकिल ट्रैक का उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान 1 करोड़ 92 लाख रुपए की लागत से तैयार किए गए जॉगिंग और साइकिल ट्रैक का भी उद्घाटन किया गया। ट्रैक शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को सुबह-शाम जॉगिंग, साइकिलिंग और फिटनेस के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी। इससे युवाओं के साथ आम लोगों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। स्थानीय खिलाड़ियों को मिलेगा बेहतर मंच विधायक राजेश जून ने कहा कि बहादुरगढ़ में खेल सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में फुटबॉल स्टेडियम का निर्माण महत्वपूर्ण कदम है। स्टेडियम बनने के बाद स्थानीय खिलाड़ियों को अभ्यास के साथ प्रतियोगिताओं के लिए भी बेहतर मंच मिलेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं को खेलों से जोड़ने और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ऐसे प्रोजेक्ट जरूरी हैं। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी बहादुरगढ़ के विकास के लिए हर परियोजना को मंजूरी दे रहे हैं। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री का हृदय से आभार जताया। उन्होंने कहा कि खेल और स्वास्थ्य से जुड़ी इन सुविधाओं का लाभ क्षेत्र के खिलाड़ियों के साथ आम लोगों को भी मिलेगा। फुटबॉल स्टेडियम, जॉगिंग ट्रैक और साइकिल ट्रैक जैसी सुविधाओं से शहर में खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ युवाओं को खेलों से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।
नेव्हिल डिसुझा फुटबॉल मैदान पर MFA का हक नहीं, बॉम्बे HC में MHADA की सफाई
म्हाडा ने अदालत को बताया कि बांद्रा रिक्लेमेशन स्थित मैदान पर मुंबई फुटबॉल संघ का कोई कानूनी या मालिकाना अधिकार नहीं है।
बंगाल के झारग्राम में फुटबॉल मैच के दौरान बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत, 22 लोग घायल
कोलकाता, 19 सितंबर . पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम जिले में एक फुटबॉल टूर्नामेंट के दौरान बारिश के तूफान के समय एक पेड़ के नीचे शरण लिए हुए फुटबॉल खिलाड़ियों और दर्शकों के एक समूह पर बिजली गिरने से कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और 22 अन्य घायल हो गए. यह घटना ... Read more
फुटबॉल की चोट ने क्विंसी डिसूजा को मैदान से दूर किया, लेकिन इंस्टाग्राम पर रोनाल्डिन्हो की एक रील ने उन्हें नया खेल दिखा दिया।
खेरवाड़ा में संकुल स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का समापन, कबड्डी में दानवाव और फुटबॉल में कोटड़ा विजेता
खेरवाड़ा में संकुल स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का समापन हुआ। कबड्डी में दानवाव आबूरोड और फुटबॉल में कोटड़ा की टीम विजेता रही।
TMC के दोनों गुटों को मिले नए नाम और चुनाव चिह्न, ममता गुट को फुटबॉल खिलाड़ी; वीडियो में जाने 6 अक्टूबर को उपचुनाव
Bilaspur News: घुमारवीं में अंडर-19 मेजर गेम्स टूर्नामेंट का आगाज, फुटबॉल में रोमांचक मुकाबले
घुमारवीं (बिलासपुर ) । पीएम श्री मुख्यमंत्री आदर्श राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घुमारवीं में
Yamuna Nagar News: अंडर-17 फुटबॉल में डीपीएस यमुनानगर उपविजेता
दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) की अंडर-17 फुटबॉल टीम ने एसजीएफआई जिला स्तरीय फुटबॉल चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया है। स्कूल की टीम प्रतियोगिता में जिला उपविजेता बनी है।
कोलकाता, 18 सितंबर . पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर चल रही गुटबाजी के बीच चुनाव आयोग (ईसीआई) ने गुटों को नए नाम और चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं. इस फैसले के बाद सियासत तेज हो गई है. राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, “हमने इस पर मिलकर ... Read more
पश्चिम बंगाल की राजनीति में 'फुटबॉल' केवल एक खेल नहीं, बल्कि जनभावनाओं और तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी के आक्रामक चुनावी अभियानों का सबसे बड़ा राजनीतिक हथियार रहा है। वर्ष 2021 के ऐतिहासिक विधानसभा चुनाव में जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बंगाल फतह के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी, तब ममता बनर्जी ने व्हीलचेयर पर बैठकर मंचों से फुटबॉल उछाली थी और उनका नारा 'खेला होबे' (Khela Hobe) पूरे देश की जुबान पर चढ़ गया था। इसी नारे और फुटबॉल के प्रतीक के दम पर उन्होंने भाजपा के विजय रथ को रोकते हुए सत्ता में वापसी की थी। अब नियति और राजनीति का चक्र देखिए—पार्टी में दोफाड़ होने और पारंपरिक 'घास-फूल' (Flowers and Grass) चुनाव चिह्न फ्रीज होने के बाद भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने ममता बनर्जी के गुट को चुनाव मैदान में उतरने के लिए 'फुटबॉल खिलाड़ी' (Football Player) सिंबल ही आवंटित कर दिया है।चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: पार्टी का नाम और 'घास-फूल' सिंबल फ्रीजतृणमूल कांग्रेस के भीतर पार्टी पर वर्चस्व और संगठन के नियंत्रण को लेकर खड़े हुए आंतरिक विवाद के बाद चुनाव आयोग ने 'इलेक्शन सिंबल्स (रिजर्वेशन एंड अलॉटमेंट) ऑर्डर 1968' के पैराग्राफ 15 के तहत अंतरिम आदेश जारी किया। आयोग ने स्पष्ट किया कि जब तक दोनों गुटों के वास्तविक बहुमत की अंतिम सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक कोई भी पक्ष मूल नाम 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' और लगभग तीन दशकों से पंजीकृत उसका पारंपरिक चुनाव चिह्न 'घास-फूल' इस्तेमाल नहीं कर सकेगा।आगामी विधानसभा उपचुनावों (नंदीग्राम और रेजीनगर) को देखते हुए आयोग ने दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों से नए नाम और सिंबल के विकल्प मांगे थे, जिसके बाद शुक्रवार को आयोग ने दोनों पक्षों की नई पहचान तय कर दी:ममता बनर्जी गुट: पार्टी का नया अंतरिम नाम 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' (Mamata All India Trinamool Congress) और नया चुनाव चिह्न 'फुटबॉल खिलाड़ी' (Football Player)।बागी गुट: पार्टी का नया अंतरिम नाम 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' (Democratic Trinamool Congress) और चुनाव चिह्न 'लिफाफा' (Envelope)।यह अंतरिम व्यवस्था पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा राज्यों के लिए प्रभावी की गई है।'खेला होबे' के स्लोगन से 'फुटबॉल सिंबल' तक का भावनात्मक सफरममता बनर्जी के लिए फुटबॉल केवल एक सिंबल नहीं, बल्कि बंगाल की सांस्कृतिक पहचान (मोहन बागान और ईस्ट बंगाल की विरासत) से सीधे जुड़ने का माध्यम है। 2021 के चुनाव में जब ममता बनर्जी ने 'खेला होबे' का नारा दिया था, तो उन्होंने बाद में 16 अगस्त को सरकारी स्तर पर 'खेला होबे दिवस' घोषित कर राज्य भर के हजारों स्पोर्ट्स क्लबों को लाखों फुटबॉल बांटी थीं।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 'घास-फूल' जैसा स्थापित सिंबल छिनना किसी भी क्षेत्रीय दल के लिए बड़ा झटका होता है, लेकिन ममता बनर्जी के खाते में 'फुटबॉल खिलाड़ी' का सिंबल आना एक तरह से उनके लिए वरदान जैसा है। उन्हें मतदाताओं को इस नए चुनाव चिह्न से जोड़ने के लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी, क्योंकि बंगाल का वोटर पहले से ही ममता बनर्जी के नाम को फुटबॉल और 'खेला होबे' के साथ जोड़कर देखता रहा है।आयोग के फैसले पर भड़कीं ममता: 'लोकतंत्र का काला दिन, झुकेंगे नहीं'चुनाव आयोग द्वारा पार्टी का मूल नाम और सिंबल फ्रीज किए जाने पर ममता बनर्जी ने तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र का काला दिन बताते हुए सीधे तौर पर केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया। ममता ने कहा, यह फैसला एक राजनीतिक दल के अहंकार को संतुष्ट करने के लिए लिया गया है। हमारे कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है और बैंक खातों को निशाना बनाया जा रहा है। लेकिन हम कभी अपना सिर नहीं झुकाएंगे। ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस मेरी आत्मा है और मैं जब तक जीवित हूं, इससे अलग नहीं हो सकती। हम मैदान में बाउंस बैक करेंगे।नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव में होगी पहली कड़ी परीक्षादोनों गुटों के लिए यह नई पहचान महज कागजी नहीं है, बल्कि आगामी 6 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनावों में इसकी अग्निपरीक्षा होने जा रही है:रेजीनगर सीट: यहां ममता गुट के प्रत्याशी 'फुटबॉल खिलाड़ी' सिंबल पर और बागी गुट के उम्मीदवार 'लिफाफा' चुनाव चिह्न पर सीधे आमने-सामने टकराएंगे।नंदीग्राम सीट: नंदीग्राम सीट पर राजनीतिक समीकरण काफी रोचक हो गए हैं, जहां ममता बनर्जी ने इंडिया गठबंधन के तहत कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा कर दी है, जबकि बागी गुट 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' के बैनर तले मैदान में ताल ठोक रहा है।इन उपचुनावों के नतीजे 9 अक्टूबर को आएंगे, जो यह साफ कर देंगे कि बंगाल का आम मतदाता ममता बनर्जी के चेहरे और 'फुटबॉल' पर भरोसा जताता है या फिर संगठन से अलग हुए बागी गुट के साथ खड़ा होता है।
TMC Election Symbol: ममता गुट को फुटबॉल खिलाड़ी और अरूप रॉय खेमे को मिला लिफाफा
निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में छह अक्टूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी नीत खेमे को ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ जबकि अरूप रॉय गुट को ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है। यह आदेश निर्वाचन आयोग द्वारा दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आया। तृणमूल के दोनों गुटों के बीच, पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर अधिकार को लेकर विवाद चल रहा है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी नीत गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और अरूप रॉय की अगुवाई वाले प्रतिद्वंद्वी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम आवंटित किया। आयोग ने बृहस्पतिवार रात जारी अपने अंतरिम आदेश में ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ (एआईटीसी) को लेकर विवाद में शामिल दोनों पक्षों को निर्देश दिया था कि वे आगामी पश्चिम बंगाल उपचुनावों के लिए पार्टी के नाम और उसके ‘जोड़ा घास फूल’ चुनाव चिह्न का इस्तेमाल न करें। आयोग ने उनसे शुक्रवार सुबह तक अपनी पसंद के नाम और चुनाव चिह्न बताने को कहा था। आयोग ने कहा था कि प्रस्तावित नाम ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ से मिलता-जुलता हो सकता है और चुनाव चिह्न निर्दलीय उम्मीदवारों एवं पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के लिए अधिसूचित खाली या उपलब्ध चुनाव चिह्नों की सूची में से चुना जाना चाहिए। पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम एवं मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव छह अक्टूबर को होने हैं और मतगणना नौ अक्टूबर को होगी। निर्वाचन आयोग ने कहा था कि ‘चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968’ के पैरा 15 के तहत कार्यवाही पूरी करने के लिए पर्याप्त समय नहीं था लेकिन उसने आगामी उपचुनावों के लिए पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न की जरूरत को ध्यान में रखा। आयोग ने कहा था कि यह अंतरिम व्यवस्था खास तौर पर आगामी उपचुनावों के लिए की गई है और यह तब तक लागू रहेगी जब तक कि ‘चुनाव चिह्न आदेश’ के पैरा 15 के तहत विवाद का अंतिम समाधान नहीं हो जाता। निर्वाचन आयोग ने बंगाल के रेजीनगर और नंदीग्राम तथा असम के नागांव में, जहां उसी दिन लोकसभा उपचुनाव होने हैं, निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे नामांकन की जांच और चुनाव चिह्न आवंटित करने के दौरान आयोग के आदेशों का सख्ती से पालन करें। आयोग ने कहा कि रेजीनगर से नामांकन दाखिल करने वाले सफीउज्ज्मान शेख और नंदीग्राम से नामांकन दाखिल करने वाले एहतेशमुल हक को डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस (जिसका चुनाव चिह्न लिफाफा है) का उम्मीदवार माना जाएगा। उनके नामांकन पत्रों पर अरूप रॉय के हस्ताक्षर हैं। इसी तरह, रेजीनगर में रबीउल आलम चौधरी और नंदीग्राम में संचिता प्रधान (डे) को ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का उम्मीदवार माना जाएगा, जिसका चुनाव चिह्न फुटबॉल खिलाड़ी है। उनके नामांकन पत्रों पर ममता बनर्जी के हस्ताक्षर हैं। निर्वाचन आयोग का यह आदेश मई में विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल में हुई बगावत के बाद आया है। जून में 58 बागी विधायकों ने ममता खेमे के उम्मीदवार शोभनदेब चट्टोपाध्याय के बजाय पार्टी से निकाले गए नेता ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता चुना और विधानसभा अध्यक्ष से मान्यता हासिल कर ली, जो 28 साल के इतिहास में पहली बार पार्टी में विभाजन का संकेत था। इसके पांच दिन बाद यह बगावत संसद तक पहुंच गई। वरिष्ठ नेता काकोली घोष दस्तीदार की अगुवाई में 20 लोकसभा सदस्यों ने ‘नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया’ (एनसीपीआई) का दामन थामा और ‘‘अलग गुट के तौर पर’’ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को समर्थन दिया। इससे पार्टी के संसदीय खेमे में दरार और गहरी हो गई। यह घटनाक्रम ममता बनर्जी के लिए झटका है। कांग्रेस से अलग होकर 1998 में तृणमूल कांग्रेस की स्थापना होने के बाद से ही उनके द्वारा हाथ से बनाया गया चुनाव चिह्न पार्टी की पहचान का अहम हिस्सा रहा है। यह चुनाव चिह्न पिछले 28 वर्ष से पार्टी की पहचान रहा है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीट पर जीत हासिल की थी और नंदीग्राम सीट छोड़ने का फैसला किया था जबकि आम जनता उन्नयन पार्टी के नेता हुमायूं कबीर ने नाओदा और रेजीनगर दोनों सीट पर जीत हासिल करने के बाद रेजीनगर सीट छोड़ दी थी। इसी कारण यह उपचुनाव हो रहा है।
New Delhi, 18 सितंबर . भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह ने बताया कि वह मैनचेस्टर यूनाइटेड के बड़े फैन हैं. रिंकू ने बताया कि नीतीश राणा की वजह से उनकी फुटबॉल में रुचि बढ़ी और धीरे-धीरे वह मैनचेस्टर यूनाइटेड को पसंद करने लगे. इसके बाद उन्होंने क्लब के मैच देखना शुरू किया और टीम को नियमित ... Read more
भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह फुटबॉल क्लब मैनचेस्टर यूनाइटेड के फैन हैं। उन्होंने बताया कि नीतीश राणा ने उन्हें फुटबॉल से जोड़ा और गेम देखना सिखाया। रिंकू हाल ही में पहली बार लाइव फुटबॉल मैच देखने ओल्ड ट्रैफर्ड पहुंचे थे। जियो-स्टार से बातचीत में रिंकू ने मैनचेस्टर सिटी और मैनचेस्टर यूनाइटेड के मैच को याद किया। उन्होंने कहा कि टीवी पर मैच देखने और स्टेडियम में मैच देखने का एक्सपीरियंस बिल्कुल अलग है। रिंकू बोले- फुटबॉल में दिलचस्पी नीतीश की वजह से बढ़ी मैच के दौरान रिंकू ने मैनचेस्टर सिटी को भी सपोर्ट किया। उन्होंने कहा कि उस समय यूनाइटेड अच्छा नहीं खेल रही थी, जबकि सिटी बेहतर प्रदर्शन कर रही थी। रिंकू ने बताया कि फुटबॉल में उनकी दिलचस्पी नीतीश राणा की वजह से बढ़ी। उन्होंने कहा- ‘मैं नीतीश के साथ समय बिताता था। नीतीश फुटबॉल देखते थे और इसी दौरान मैं भी इसमें दिलचस्पी लेने लगा।’ रिंकू के पसंदीदा खिलाड़ी हैं मार्कस रैशफोर्ड रिंकू ने मार्कस रैशफोर्ड को अपना फेवरेट खिलाड़ी बताया। रिंकू ने कहा कि उन्होंने रैशफोर्ड को काफी फॉलो किया है। वहीं ब्रूनो फर्नांडिस का मैदान पर शांत अंदाज भी उन्हें पसंद है। मैनचेस्टर यूनाइटेड का अगला मुकाबला फुलहम के खिलाफ प्रीमियर लीग के 2026-27 सीजन में 20 सितंबर को होगा। यह मैच रात 9 बजे से जियोस्टार और स्टार स्पोर्ट्स पर लाइव देखा जा सकेगा। रिंकू KKR के कप्तान बन सकते हैं IPL 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान रहे अजिंक्य रहाणे ने 30 जुलाई को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था। अब फ्रेंचाइजी को नए कप्तान की तलाश है। इसमें रिंकू सिंह के नाम पर सबसे ज्यादा चर्चा है। वे 2018 से KKR का हिस्सा हैं। ------------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… अभिषेक पावरप्ले में टी-20 के हाईएस्ट स्कोरर:विराट कोहली के 10 शतकों की बराबरी की; रोहित के फास्टेस्ट सेंचुरी का रिकॉर्ड तोड़ा भारत ने तीसरे टी-20 में अफगानिस्तान को 127 रन से हरा दिया। दिल्ली में खेले गए मुकाबले में भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा ने 108 रन बनाए। किसी टी-20 इंटरनेशनल मैच में वे पावरप्ले के हाईएस्ट स्कोरर बन गए। साथ ही उन्होंने ओवरऑल टी-20 में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले भारतीयों में विराट कोहली की बराबरी की। दोनों के नाम 10 शतक हैं। पूरी खबर पढ़ें…
तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों को नई आधिकारिक पहचान दे दी है।
ममता बनर्जी गुट को ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ तो ऋतब्रत बनर्जी को मिला ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न
कोलकाता, 18 सितंबर . चुनाव आयोग की ओर से पूर्व Chief Minister ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के गुट के नए नामों की घोषणा कर दी गई है. चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी की पार्टी को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ जबकि ऋतब्रत बनर्जी के गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम दिया गया है. चुनाव ... Read more
TMC में टूट के बाद दोनों गुटों को मिला नया नाम-चिह्न, ममता खेमे को MAITC और फुटबॉल खिलाड़ी का सिंबल
ममता बनर्जी गुट ने आयोग को तीन वैकल्पिक नाम और चुनाव चिन्हों के विकल्प भेजे थे। इनमें ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’, ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस ममता’ और ‘तृणमूल ममता कांग्रेस’ जैसे नाम शामिल थे।
ममता बनर्जी गुट को 'फुटबॉल खिलाड़ी' तो ऋतब्रत बनर्जी को मिला 'लिफाफा' चुनाव चिह्न
ममता बनर्जी गुट को 'फुटबॉल खिलाड़ी' तो ऋतब्रत बनर्जी को मिला 'लिफाफा' चुनाव चिह्न
ममता बनर्जी को मिला फुटबॉल खिलाड़ी का सिंबल, पार्टी का भी नया नाम; TMC के बागी गुट को लिफाफा
तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों को चुनाव आयोग की तरफ से चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया है। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट का नाम ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस होगा। वहीं, उन्हें फुटबॉल खिलाड़ी चुनाव चिह्न मिला है।
ममता गुट को 'फुटबॉल खिलाड़ी', ऋतब्रत खेमे को 'लिफाफा' चुनाव चिह्न मिला
निर्वाचन आयोग (ECI) ने तृणमूल कांग्रेस के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों के लिए नए नाम और चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं. आयोग ने ममता बनर्जी गुट को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'फुटबॉल खिलाड़ी' सिंबल दिया है, जबकि बागी गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' और 'लिफाफा' चुनाव चिह्न मिला है.
डीडवाना के सुद्रासन गांव की फुटबॉल खिलाड़ी प्रतिज्ञा मेहरा ने खेल जगत में एक और उपलब्धि हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। शंकरलाल मेहरा की बेटी प्रतिज्ञा का लगातार चौथी बार राष्ट्रीय स्तर की फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ है। वह अभी हिंदुस्तान जिंक फुटबॉल अकादमी में ट्रेनिंग ले रही हैं। इस बार उन्हें राजस्थान फुटबॉल टीम का कप्तान भी बनाया गया है। प्रतिज्ञा का लगातार चौथी बार राष्ट्रीय स्तर पर चयन और राजस्थान टीम की कमान मिलना उनकी मेहनत, अनुशासन, प्रतिभा और खेल के प्रति समर्पण को दिखाता है। बताया गया है कि कई सालों बाद जिले की किसी बालिका खिलाड़ी को राजस्थान टीम की कप्तानी का मौका मिला है। प्रतिज्ञा की इस उपलब्धि से सुद्रासन गांव और डीडवाना क्षेत्र में खुशी है। प्रतिज्ञा की सफलता में उनके नियमित अभ्यास, परिवार के सहयोग और कोच शादाब उस्मानी के मार्गदर्शन की अहम भूमिका रही है। अकादमी के संरक्षक डॉ. सोहन चौधरी ने प्रतिज्ञा की उपलब्धि पर खुशी जताई और उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। अगर उन्हें अच्छी ट्रेनिंग, सुविधाएं और मौके मिलें तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकती हैं। प्रतिज्ञा के राजस्थान टीम की कप्तान बनने पर रहमान, नितेश बाजारी, अजीज तबाक, आसिफ इकबाल खान, फराज खान, सद्दाम खान, वीपी सिंह, अशफाक खान, नियाज मोहम्मद खान, अनवर खान, हनीफ खान, अमानुल्लाह सिद्दीकी, अजीत सिंह एडवोकेट, ओम जी, अशोक दादली, गजराज सिंह, दामोदर होलानी, मोनू सिंह और नजीर खान नेगी सहित डीडवाना जिले के खेल संघों और खेल प्रेमियों ने बधाई दी।
TMC का जोड़ाफूल छिना तो फुटबॉल या क्रिकेट बैट? ममता गुट ने EC को भेजी 3 नाम-चिह्न की लिस्ट
1 जनवरी 1998 को ममता बनर्जी के पार्टी के गठन के बाद यह पहला मौका होगा जब बंगाल के मतदाता EVM पर न तो तृणमूल कांग्रेस का नाम देख पाएंगे और न ही उनका जाना-पहचाना चुनाव चिन्ह।
बैतूल के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में आज (शुक्रवार) से स्कूल शिक्षा विभाग की संभाग स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता शुरू हो रही है। हालांकि, प्रतियोगिता से पहले मैदान की खराब हालत ने खिलाड़ियों और कोच की चिंता बढ़ा दी है। मैदान पर गिट्टी और चूरी पड़ी है, घास भी नहीं कटी है। कई जगह मैदान की सतह भी खेल के लिए ठीक नहीं है। इस संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में हरदा और होशंगाबाद की बालक-बालिका टीमों समेत कुल छह टीमें भाग लेंगी। यहां से चुने गए खिलाड़ी अंडर-17 वर्ग की राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शाजापुर में खेलेंगे। यह मुकाबला खिलाड़ियों के लिए बहुत अहम है, लेकिन प्रतियोगिता के लिए तैयार किए गए मैदान पर सवाल उठ रहे हैं। कोच कृष्णकांत उइके ने बताया कि यह संभाग स्तर की प्रतियोगिता है, जिसमें छह टीमें हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने मैदान की हालत को फुटबॉल के लिए सुरक्षित नहीं बताया। उनका कहना है कि फुटबॉल दौड़ने वाला खेल है। मैदान में गिट्टी और चूरी होने से खिलाड़ियों के गिरने और चोट लगने की आशंका है। घास की कटिंग भी नहीं हुई है। कोच उइके ने बताया कि मैदान की सफाई के लिए सुबह 6 बजे से ही कोच और खिलाड़ी जुटे हुए हैं। दरअसल, एक दिन पहले स्टेडियम में प्रधानमंत्री के जन्मदिन का कार्यक्रम हुआ था, जिसमें दीपक जलाए गए थे। कार्यक्रम के बाद से सामान अभी भी हटाया जा रहा है और मैदान को प्रतियोगिता के लिए तैयार किया जा रहा है। खिलाड़ियों के मुताबिक मैदान से गिट्टी हटाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। नगरपालिका ने पहले गिट्टी हटाने का काम किया था, लेकिन पूरी गिट्टी नहीं हट पाई। अब प्रतियोगिता के दिन तक मैदान की सफाई करनी पड़ रही है। महिला खिलाड़ियों के लिए भी सुविधाओं की कमीप्रतियोगिता में बालिका टीमें भी हिस्सा ले रही हैं, लेकिन स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए जरूरी सुविधाओं को लेकर भी सवाल हैं। कोच के अनुसार, लड़कियों के लिए अलग चेंजिंग रूम और पर्याप्त वॉशरूम की सुविधा उपलब्ध नहीं है। संभाग स्तर की प्रतियोगिता में बाहर से आने वाली बालिका टीमों के लिए इन मूलभूत सुविधाओं की जरूरत है। आठ दिन पहले लगाए गए फुटबॉल पोलमैदान में फुटबॉल के पोल भी प्रतियोगिता से करीब आठ दिन पहले लगाए गए हैं। वहीं प्रतियोगिता स्थल को लेकर भी आखिरी समय में बदलाव किया गया। करीब तीन महीने पहले जारी स्कूल शिक्षा विभाग के खेल कैलेंडर में प्रतियोगिता के लिए सतपुड़ा वैली मैदान का उल्लेख था। बाद में संशोधन कर प्रतियोगिता का स्थल लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम कर दिया गया। अब मैदान की मौजूदा स्थिति में प्रतियोगिता कराए जाने को लेकर खिलाड़ियों और कोच की चिंता यह है कि मुकाबले सुरक्षित तरीके से कैसे होंगे। खिलाड़ियों की मांग है कि मैदान से गिट्टी-चूरी हटाने के साथ घास की कटिंग और सफाई पूरी कराई जाए तथा बालिका खिलाड़ियों के लिए चेंजिंग रूम और वॉशरूम जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
Yamuna Nagar News: डीपीएस की अंडर-14 टीम बनी फुटबॉल चैंपियन
भारतीय विद्यालय खेल महासंघ (एसजीएफआई) की जिला फुटबॉल चैंपियनशिप में दिल्ली पब्लिक स्कूल की अंडर-14 फुटबॉल टीम ने पहला स्थान प्राप्त किया है।
Kathua News: फुटबॉल लीग में एफसी यूके की धमाकेदार जीत, शैडो स्ट्राइकर्स को 5-0 से हराया
फुटबॉल लीग में एफसी यूके की धमाकेदार जीत, शैडो स्ट्राइकर्स को 5-0 से हराया
Mathura News: फुटबॉल फाइनल में बलूनी स्कूल फरह की शानदार जीत
मथुरासमाचार
Ambala News: फुटबॉल के ट्रायल में 25 खिलाड़ियों का हुआ चयन, 7 प्रतीक्षा पर रखे
फुटबॉल के ट्रायल में 25 खिलाड़ियों का हुआ चयन, 7 प्रतीक्षा पर रखे
फुटबॉल ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं की प्रतिभा निखारने का बेहतर माध्यम : जोबा मांझी
राजनगर प्रखंड के बतरबेड़ा गांव में आयोजित दो दिवसीय 81वां वार्षिक फुटबाल प्रतियोगिता का रंगारंग समापन हुआ। प्रतियोगिता में कुल 48 टीमों ने हिस्सा लिया। फाइनल मुकाबले में पान-तांती कल्याण समिति ने गुरमा एफसी को हराकर खिताब अपने नाम किया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सांसद जोबा मांझी एवं विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठ झामुमो नेता कालीपद सोरेन, केंद्रीय सदस्य कृष्णा बास्के, जिला सचिव सोनाराम मुर्मू, बुद्धिजीवी मोर्चा अध्यक्ष दुर्गालाल मुर्मू, रामजीत हांसदा, श्याम टुडू, संजय हांसदा, भक्तु मार्डी आदि शामिल थे। कार्यक्रम के समापन में सांसद जोबा मांझी, कालीपद सोरेन एवं कृष्णा बास्के सहित अन्य अतिथियों के हाथों विजेता टीम को खस्सी एवं 35 हजार रुपये नकद, उपविजेता टीम को खस्सी एवं 25 हजार रुपये नकद तथा छठवें स्थान तक प्राप्त करने वाली टीमों को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर सांसद जोबा मांझी ने कहा कि फुटबॉल ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं की प्रतिभा को निखारने का बेहतर माध्यम है। खेल के जरिए युवा अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता सीखते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन होते रहना चाहिए, ताकि यहां की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा यह फुटबॉल प्रतियोगिता केवल एक खेल का आयोजन नहीं, बल्कि करीब आठ दशक पुरानी खेल व सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने सभी से गांव में एकजुट होकर रहने और किसी भी समस्या के लिए बेहिचक उनसे मिलकर समस्याएं रखने की अपील की। वहीं, कालीपद सोरेन ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा इस तरह का आयोजन गांव में आपसी भाईचारा और समरसता को बढ़ाता है। उन्होंने शिक्षा के प्रति विशेष ध्यान देने की बात कही। वहीं, केंद्रीय सदस्य कृष्णा बास्के ने फाइनल मैच में खिलाड़ियों का हौसलाफजाई करते हुए खेल को करियर के रूप में अपनाने की बात कही। साथ ही शिक्षा पर विशेष जोर देने की अपील की।
पंजाब फुटबॉल लीग...:आईटीबीपी ने गुरु फुटबॉल क्लब को 2-0 से हराया
भास्कर न्यूज | जालंधर पंजाब फुटबॉल लीग डिवीजन-2 में गुरु फुटबॉल क्लब और आईटीबीपी के बीच खेला गया जिसमें आईटीबीपी ने 2-0 से जीत दर्ज की। हार के बावजूद गुरु फुटबॉल क्लब ने अंतिम सीटी तक संघर्ष जारी रखा। मैच में डॉ. तरसेम सिंह, डॉ. सिमरनजीत सिंह बैंस (डीन स्पोर्ट्स), विजय कुमार, प्रो. संदीप आहूजा, रमेश कुमार, बलविंदर राणा, वारुनदीप, सुरेश कुमार, हरप्रीत सिंह और रोहित कुमार शामिल रहे।
Azamgarh News: लखनऊ को हराकर आजमगढ़ मंडल बना प्रदेश का फुटबॉल चैंपियन
लखनऊ को हराकर आजमगढ़ मंडल बना प्रदेश का फुटबॉल चैंपियन
Agra News: आजमगढ़ ने लखनऊ को हराकर जीता सब-जूनियर फुटबॉल लीग का खिताब
एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रदेशीय सब जूनियर बालक फुटबॉल टूर्नामेंट का सोमवार को समापन हो गया।
हमीरपुर ने सोलन को 4-0 से हराकर जीता अंडर-14 फुटबॉल खिताब
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कोल्हान फुटबॉल टूर्नामेंट में 32 टीमें ले रही हिस्सा
बोकारो | कोल्हान स्पोर्टिंग क्लब बिरसा बासा की ओर से आयोजित 30वें कोल्हान फुटबॉल टूर्नामेंट-2026 का रविवार को कोल्हान ग्राउंड बिरसा बासा में शुरू हुआ। मुख्य अतिथि सिटी डीएसपी राजीव रंजन और समाजसेवी शशि भूषण विश्वकर्मा ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। टूर्नामेंट में कुल 32 टीमें हिस्सा लेंगी। फाइनल मुकाबला 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर खेला जाएगा। प्रतियोगिता के विजेता को 60 हजार रुपए और उपविजेता को 40 हजार रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों को 15-15 हजार रुपए दिए जाएंगे। इसके अलावा 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की टीमों के लिए भी अलग प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। बताया गया कि मुकाबले के दौरान प्रत्येक टीम में नौ खिलाड़ी होंगे। मैच 20-20 मिनट के दो हाफ में खेले जाएंगे। प्रतियोगिता में केएसएफसी के नियम लागू होंगे।
Kanpur News: इंट्राम्यूरल फुटबॉल में आजाद ने शिवाजी को 3-0 से हराया
इंट्राम्यूरल फुटबॉल में आजाद ने शिवाजी को 3-0 से हराया
Varanasi News: फुटबॉल लीग, सिगरा एफसी और वाराणसी यंग ने जीते मुकाबले
Football League: Sigra FC and Varanasi Young won their matches.
Varanasi News: 65वें सुब्रतो कप के लिए वाराणसी की फुटबॉल टीम नई दिल्ली रवाना
Varanasi football team leaves for New Delhi for the 65th Subroto Cup.
Azamgarh News: वाराणसी को हराकर आजमगढ़ मंडल फुटबॉल के फाइनल में
Azamgarh division defeated Varanasi in the final of football
सहरसा के राष्ट्रीय फुटबॉल कोच और मध्य विद्यालय जेल कॉलोनी के शारीरिक शिक्षा शिक्षक नीतीश मिश्रा को लगातार छठी बार बिहार फुटबॉल टीम का मैनेजर बनाया गया है। उन्हें राष्ट्रीय स्तर की सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रतियोगिता का आयोजन भारतीय वायु सेना की ओर से 15 से 24 सितंबर तक नई दिल्ली में किया जाएगा। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के नेतृत्व में बिहार की टीम प्रतियोगिता में हिस्सा लेगी। देखें, मौके से आई तस्वीरें… बिहार को पदक दिलाने का लक्ष्य लगातार छठी बार मैनेजर चुने जाने पर नीतीश मिश्रा ने बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविंद्र शंकरण का आभार जताया। उन्होंने कहा कि टीम के खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उनका लक्ष्य राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बिहार को पदक दिलाना है। खेल दिवस पर मिला बेस्ट कोच अवार्ड फुटबॉल के क्षेत्र में नीतीश मिश्रा के योगदान को देखते हुए हाल ही में खेल दिवस के अवसर पर उन्हें बिहार के बेस्ट कोच अवार्ड से सम्मानित किया गया था। वे लंबे समय से फुटबॉल खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं और राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में बिहार का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। किसान परिवार से निकलकर राष्ट्रीय पहचान कोसी क्षेत्र के ऐकाढ़ गांव निवासी नीतीश मिश्रा किसान परिवार से आते हैं। वे श्री भगवान मिश्र और मुन्नी देवी के सबसे छोटे पुत्र हैं। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में लगातार छठी बार बिहार टीम के मैनेजर की जिम्मेदारी मिलने से सहरसा के खेल जगत में खुशी का माहौल है। खेल पदाधिकारियों ने दी बधाई उनके चयन पर सहरसा जिला खेल पदाधिकारी सह जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के निदेशक राजीव रंजन समेत कई अधिकारियों ने बधाई दी है। भारत खेली फुटबॉल के संस्थापक फणीभूषण, ग्रामीण, रक्त काली मंदिर एवं मत्स्यगंधा मंदिर परिवार, सहरसा जिला फुटबॉल संघ से जुड़े विभिन्न क्लबों के अध्यक्ष-सचिव और अलग-अलग खेल संघों के पदाधिकारियों ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं। सभी ने उम्मीद जताई कि नीतीश मिश्रा के मार्गदर्शन में बिहार टीम के खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय प्रतियोगिता में एक बार फिर पदक जीतेंगे।
सोलन: ठोडो मैदान में अंडर-14 फुटबॉल प्रतियोगिता का अंतिम दिन, हमीरपुर फाइनल में
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फुटबॉल जगत में पसरा मातम, इस दिग्गज का निधन, जबरदस्त रहा करियर
फ्रेंको बारेसी सिर्फ एक महान डिफेंडर नहीं थे. उन्होंने दुनिया को दिखाया कि एक खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के साथ-साथ अपने चरित्र, अनुशासन और क्लब के प्रति समर्पण से भी अमर बन सकता है. वो एक ऐसे कप्तान रहे, जिन्होंने अपने खेल से ही नहीं, अपने व्यक्तित्व से भी लाखों लोगों का दिल जीता.
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के अंतिम दौर में पहुंचने के बीच अमिताभ बच्चन ने टूर्नामेंट को लेकर अपनी राय साझा की है। उन्होंने विवादित फैसलों, नए खिलाड़ियों के उभरने और बदलते दौर के फुटबॉल पर बात की। बिग बी ने कहा कि समय बदलता है और नई पीढ़ी खेल को नई दिशा ...
बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह 'धुरंधर' की सक्सेस के बीच चल रहे 'डॉन 3' विवाद को लेकर भी सुर्खियों में हैं। फिल्ममेकर फरहान अख्तर और एक्सेल एंटरटेनमेंट के साथ उनकी अनबन अब जगजाहिर हो चुकी है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) द्वारा उनके ...
सिर्फ फुटबॉल नहीं, ये है जिंदगी की फिलॉसफी!, आर्सेनल की जीत पर रणवीर सिंह ने लिखा इमोशनल नोट
आर्सेनल की इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाते हुए रणवीर सिंह ने जो हालिया नोट लिखा है, उसमें एक बेहद गहरी और छिपी हुई बात नजर आती है। ऊपर-ऊपर से देखने पर तो यह किसी फुटबॉल फैन के दिल की वो सच्ची और जज्बाती आवाज लगती है, जो दशकों के लंबे इंतजार के बाद ...
फुटबॉल कोच के बाद अब बड़े परदे पर क्रिकेटर बनकर चमकेंगे Ajay Devgan,एक्टर की नई बायोपिक फिल्म पर आया बड़ा अपडेट
Maidaan Review:अजय देवगन की दमदार डायलॉग डिलीवरी और एक्टिंग ने दिखाया रियल सिनेमा, जरूर देखेफुटबॉल कोच की ये कहानी
Maidaan Review: सीट से हिलने का मौका नहीं देगी Ajay Devgan की ये फिल्म, जरूर देखनी चाहिएइंडियन फुटबॉल टीम के महान कोच
‘भीड़ से साथ की उम्मीद मत रखना', Ajay Devgan की मच अवेटेड फिल्म Maidaan काट्रेलर हुआ लॉन्च,फुटबॉल कोच बनकर छा गए एक्टर

