एंटे बुदिमिर के गोल के दम पर क्रोएशिया ने फुटबॉल वर्ल्ड कप में बुधवार को पनामा को 1-0 से हराया। इस जीत के साथ क्रोएशिया ने नॉकआउट दौर में पहुंचने की अपनी उम्मीदें बरकरार रखीं हैं। जबकि पनामा टूर्नामेंट से बाहर हो गया। टोरंटो स्टेडियम में ग्रुप-एल के इस मैच के पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। हालांकि, कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। पनामा की डिफेंस लाइन ने क्रोएशिया के हमलों को अच्छी तरह रोके रखा। फिर दूसरे हाफ में क्रोएशिया के एंटे बुदिमिर मैदान पर उतरने के चार मिनट बाद ही गोल करने में सफल रहे। उन्होंने 54वें मिनट में जोसिप स्तानिशिच के सटीक क्रॉस पर आसान गोल दागा। इस गोल ने क्रोएशिया को 1-0 की बढ़त दिला दी। जोकि आखिरी तक कायम रही। मोड्रिच ने 200वां इंटरनेशनल मैच खेला 40 साल के लुका मोड्रिच ने करियर का 200वां इंटरनेशनल मैच खेला। उन्होंने 57वें मिनट में मार्को पालिच के लिए शानदार मौका बनाया, लेकिन पनामा के गोलकीपर ऑरलैंडो मॉस्केरा ने बेहतरीन बचाव किया। गोलकीपर लिवाकोविच ने 3 अटैक रोकेमैच के 67वें मिनट में पनामा ने बराबरी के लिए लगातार तीन प्रयास किए, लेकिन गोलकीपर डोमिनिक लिवाकोविच ने शानदार बचाव करते हुए सभी मौके विफल कर दिए। मैच 45: इंग्लैंड Vs घाना, स्कोरलाइन 0-0 इंग्लैंड और घाना का मैच ड्रॉ हुआ बूस्टन स्टेडियम में ग्रुप-एल के एक अन्य मैच में इंग्लैंड और घाना ने गोलरहित ड्रॉ खेला गया। इंग्लैंड ने पूरे मैच में 19 शॉट लगाए, जबकि घाना सिर्फ एक शॉट ही लगा सका। घाना ने अहम एक अंक हासिल कर लिया।86वें मिनट में निको ओ'राइली का हेडर क्रॉसबार से टकराया। हैरी केन के पास रिबाउंड पर गोल करने का मौका था, लेकिन उनका प्रयास लक्ष्य से ऊपर निकल गया। घाना के लिए सबसे अच्छा अवसर 78वें मिनट में बना, जब अब्दुल फतावू ने शानदार रन लगाकर प्रिंस अडू को पास दिया। हालांकि इंग्लैंड के डिफेंडर एजरी कोन्सा ने समय रहते हस्तक्षेप कर खतरा टाल दिया। घाना ने इस मौके पर पेनल्टी की मांग की, लेकिन रेफरी ने इसे नकार दिया। घाना के कोच कार्लोस क्वेइरोज ने मैच के बाद कहा कि उनकी टीम की योजना इंग्लैंड को शुरुआत से ही रोकने और निराश करने की थी, जिसमें वे सफल रहे। इंग्लैंड टॉप पर आया, पनामा बाहर ग्रुप एल में अब इंग्लैंड और घाना 4-4 अंकों के साथ टॉप-2 पर हैं, जबकि क्रोएशिया के 3 अंक हैं। आखिरी ग्रुप मैच में क्रोएशिया का मैच घाना से होगा। पनामा की टीम लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप में बिना कोई अंक हासिल किए बाहर हो गई। -------------------------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रोनाल्डो 6 वर्ल्डकप में गोल करने वाले पहले फुटबॉलर, उज्बेकिस्तान को 5-0 से हराया पुर्तगाल के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो 6 फुटबॉल वर्ल्डकप में गोल करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। 41 साल के रोनाल्डो ने ह्यूस्टन स्टेडियम में उज्बेकिस्तान के खिलाफ छठे मिनट में गोल दागकर यह रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद उन्होंने 39वें मिनट में दूसरा गोल भी किया। इन्हीं गोल की मदद से पुर्तगाल ने 5-0 की जीत हासिल की। पढ़ें पूरी खबर
अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी फुटबॉल वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले प्लेयर बन गए हैं। ऑस्ट्रिया के खिलाफ मेसी ने 17वां गोल दागकर जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोजे का रिकॉर्ड तोड़ दिया। डलास स्टेडियम में 40वें मिनट में मेसी ने फील्ड गोल लगाकर इतिहास रचा। अर्जेंटीना के अटैक पर मेसी ने फिनिश करते हुए गेंद को गोलपोस्ट के निचले कोने में पहुंचा दिया। मेसी ने पिछले मैच में अल्जीरिया के खिलाफ हैट्रिक गोल दागे थे। FIFA वर्ल्ड कप 2026 में उनके कुल 4 गोल हो गए हैं। मेसी की 5 फोटो… 9वें मिनट में पेनल्टी चूके मेसी के पास नौवें मिनट में ही रिकॉर्ड बनाने का मौका था। लॉटारो मार्टिनेज पर ऑस्ट्रियाई डिफेंडरों के फाउल के बाद अर्जेंटीना को पेनल्टी मिली, लेकिन मेसी शॉट को पोस्ट के बाहर मार बैठे। इसके साथ ही वह वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा तीन पेनल्टी मिस करने वाले खिलाड़ी भी बन गए। इससे पहले घाना के असामोआ ग्यान ने दो पेनल्टी मिस की थीं। पेनल्टी चूकने के बाद 18वें मिनट में मेसी को एक और मौका मिला, लेकिन ऑस्ट्रियाई डिफेंडरों ने शॉट ब्लॉक कर दिया। ऑस्ट्रिया के गोलकीपर डेविड अलाबा ने भी एक मौके पर गोललाइन के पास शानदार बचाव किया। अल्जीरिया के खिलाफ हैट्रिक के लगाई थी 38 साल के मेसी ने 5 दिन पहले अल्जीरिया के खिलाफ अर्जेंटीना की 3-0 की जीत में हैट्रिक लगाई थी। वह मुकाबला उनके लिए भावुक भी रहा था। पहले गोल के बाद मेसी की आंखों में आंसू आ गए थे। बाद में पता चला कि उनके पिता जॉर्ज स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। जीत से नॉकआउट की राह आसान अर्जेंटीना और ऑस्ट्रिया दोनों ने अपने शुरुआती मैच जीते थे। अर्जेंटीना ने अल्जीरिया को 3-0 और ऑस्ट्रिया ने जॉर्डन को 3-1 से हराया था। ऐसे में इस मुकाबले की विजेता टीम का राउंड ऑफ-32 में पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है। ---------------------------------वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… फीफा वर्ल्ड कप में केप वर्डे का उलटफेर फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सोमवार को ग्रुप G और ग्रुप H के मुकाबले खेले गए। ग्रुप G में मिस्र ने न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर टूर्नामेंट के इतिहास में अपनी पहली जीत दर्ज की। मिस्र अपना पहला वर्ल्ड कप 1934 में खेला था। वहीं, बेल्जियम और ईरान के बीच मैच 0-0 की बराबरी रहा। पढ़ें पूरी खबर…
इंग्लैंड को न्यूजीलैंड के खिलाफ द ओवल टेस्ट में धीमी ओवर गति का खामियाजा भुगतना पड़ा है। टीम के 12 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) पॉइंट्स काट दिए गए हैं। साथ ही खिलाड़ियों पर मैच फीस का 50% जुर्माना भी लगाया गया है। इंग्लैंड की टीम तय समय से 12 ओवर पीछे पाई गई। WTC नियमों के अनुसार हर ओवर की कमी पर एक अंक काटा जाता है। यानी इंग्लैंड ने उतने ही अंक गंवाए जितने एक टेस्ट जीतने पर मिलते हैं। दूसरे टेस्ट में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 253 रन से हराया। तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर है और आखिरी मुकाबला 25 जून से ट्रेंट ब्रिज में खेला जाएगा। फिलहाल इंग्लैंड WTC पॉइंट्स टेबल में 38 अंकों और 26.39 प्रतिशत के साथ सातवें स्थान पर है। बच्चे के जन्म के लिए वर्ल्ड कप छोड़ने पर विवाद बेल्जियम के विंगर जेरेमी डोकू के पहले बच्चे के जन्म के समय मौजूद रहने के लिए 2026 वर्ल्ड कप से हटने के फैसले पर विवाद खड़ा हो गया। ल'इक्विप टीवी चैनल की जर्नलिस्ट फ्रांस पियरॉन ने उनके फैसले की आलोचना की, जिसके बाद उन्हें माफी मांगनी पड़ी। पियरॉन ने कहा था कि वर्ल्ड कप खेलना एक दुर्लभ मौका होता है और सैकड़ों खिलाड़ी इसकी जगह लेना चाहेंगे। उन्होंने बच्चे के जन्म के समय पिता की मौजूदगी को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि वहां पिता का कोई खास काम नहीं होता और वह सिर्फ एक एक्स्ट्रा की तरह होता है। प्रेग्नेंसी के बाद महिला खिलाड़ियों की वापसी आसान होगी ICC ने महिला क्रिकेटरों के लिए रिटर्न टू प्ले पोस्ट-प्रेग्नेंसी गाइडलाइंस जारी की हैं। इसके तहत सदस्य बोर्डों को खिलाड़ियों की प्रेग्नेंसी, बच्चे के जन्म और क्रिकेट में वापसी के दौरान मेडिकल, ट्रेनिंग, चाइल्डकेयर और यात्रा संबंधी सहायता उपलब्ध कराने की सिफारिश की गई है। नई गाइडलाइन में ‘रेडी, रिव्यू, रिस्टोर, रिकंडीशन, रिटर्न और रिफाइन’ मॉडल शामिल है। ICC ने हर खिलाड़ी के लिए एक केस मैनेजर नियुक्त करने, मेडिकल टीम की निगरानी और खिलाड़ी की जरूरतों के मुताबिक वापसी की योजना बनाने पर जोर दिया है। ऑस्ट्रेलिया महिला टीम की डॉक्टर फिलिपा इंगे ने कहा कि मां बनना किसी खिलाड़ी के करियर का अंत नहीं है। वहीं वेस्टइंडीज की स्पिनर फ्लेचर ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे खिलाड़ियों को परिवार और क्रिकेट दोनों को साथ लेकर चलने का मौका मिलेगा।
स्पेस में भी फीफा वर्ल्ड कप का खुमार:'ट्रिओंडा' बॉल से फुटबॉल खेलते दिखे नासा के अंतरिक्ष यात्री
फीफा विश्व कप 2026 के बीच अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में अंतरिक्ष यात्रियों ने फुटबॉल खेला है जिसका वीडियो सामने आया है। नासा के अंतरिक्ष यात्री जेसिका मीर, क्रिस विलियम्स, जैक हैथवे और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) की अंतरिक्ष यात्री सोफी एडेनोट ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में फुटबॉल खेलकर फीफा वर्ल्ड कप सेलिब्रेट किया। वीडियो में अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में तीन अलग-अलग फुटबॉल घूमते हुए दिखे। अंतरिक्ष यात्रियों ने कहा, ‘आप चाहे किसी भी टीम का समर्थन करें, पूरे दिल से चीयर करें। हम यहां ऊपर तक आपका उत्साह सुनना चाहते हैं।’ स्पेस पहुंची ट्रिओंडा बॉल ट्रिओंडा को खेल सामान बनाने वाली कंपनी एडिडास ने तैयार किया है। फीफा के अनुसार, इसका नाम स्पेनिश भाषा के शब्द से लिया गया है, जिसका अर्थ 'तीन लहरें' होता है. यह नाम इसलिए चुना गया क्योंकि 2026 का वर्ल्ड कप पहली बार तीन देशों कनाडा, मेक्सिको और अमेरिका की संयुक्त मेजबानी में खेला जा रहा है। गेंद में लाल, हरा और नीला रंग इस्तेमाल किया गया है, जो इन तीनों देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं. इसकी बनावट भी खास है, जिसमें चार पैनल मिलकर एक त्रिकोणीय आकार बनाते हैं, गेंद में गहरे सीम और उभरी हुई सतह दी गई है, जिससे बारिश या गीले मौसम में भी खिलाड़ियों को बेहतर पकड़ मिलती है और गेंद की उड़ान अधिक स्थिर रहती है।
सैयद शाहिद हाकिम: पिता के नक्शे-कदमों पर चलकर बनाई फुटबॉल में पहचान, इंटरनेशनल रेफरी भी बने
भारत में फुटबॉल को नई पहचान दिलाने वाले खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों का जब भी जिक्र होता है, तो सैयद शाहिद हाकिम का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। वह 1960 के रोम ओलंपिक में भारतीय फुटबॉल टीम का हिस्सा रहे थे। इसके अलावा, बतौर कोच उन्होंने भारतीय फुटबॉल को कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए, जिसके लिए उन्हें द्रोणाचार्य लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सैयद शाहिद हाकिम का जन्म 23 जून, 1939 को हैदराबाद में हुआ। शाहिद के पिता सैयद अब्दुल रहीम खुद भारत के महान फुटबॉलर में से एक रहे। यही कारण रहा कि सैयद शाहिद का भी बचपन से ही फुटबॉल के खेल से खास लगाव रहा। उन्होंने इस खेल की बारीकियां अपने पिता से ही सीखी और इस खेल में धीरे-धीरे रमते चले गए। वह 1960 के रोम ओलंपिक में हिस्सा लेने वाली भारतीय टीम के सदस्य थे। उस समय भारतीय टीम के कोच उनके पिता सैयद अब्दुल रहीम थे। हालांकि, टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा और वह ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ सकी। फिर भी भारत ने फ्रांस के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलकर अपनी छाप छोड़ी थी। घरेलू फुटबॉल में शाहिद हाकिम ने सर्विसेज की ओर से खेलते हुए संतोष ट्रॉफी जीती। उन्होंने भारतीय वायु सेना की टीम का भी प्रतिनिधित्व किया। वह 1960 के रोम ओलंपिक में हिस्सा लेने वाली भारतीय टीम के सदस्य थे। उस समय भारतीय टीम के कोच उनके पिता सैयद अब्दुल रहीम थे। हालांकि, टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा और वह ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ सकी। फिर भी भारत ने फ्रांस के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलकर अपनी छाप छोड़ी थी। Also Read: LIVE Cricket Score उन्होंने बंगाल मुंबई एफसी को भी कोचिंग दी। साल 2017 में फुटबॉल के खेल में कोच के तौर पर अहम योगदान देने के लिए उन्हें द्रोणाचार्य लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से भी नवाजा गया। सैयद शाहिद हाकिम का निधन 22 अगस्त, 2021 को हुआ। उन्होंने 82 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। Article Source: IANS
धौलपुर में फुटबॉल समर लीग शुरू:12 टीमें ले रही भाग, पहला मुकाबला ड्रॉ रहा
धौलपुर में जिला फुटबॉल संघ की ओर से आयोजित फुटबॉल समर लीग टूर्नामेंट का शुभारंभ हो गया है। यह आयोजन बड़ी फील्ड सहित जिले के तीन ग्राउंड पर किया जा रहा है। इसमें 8 जूनियर और 4 सीनियर टीमें भाग ले रही हैं, जिनके बीच प्रतिदिन 4 मैच खेले जाएंगे। टूर्नामेंट का पहला मैच रॉयल इवेंट और डॉलर क्लब के बीच खेला गया, जो 1-1 गोल से ड्रॉ रहा। टूर्नामेंट 25 जून तक चलेगा, जिसके बाद सीनियर और जूनियर टीमों के फाइनल मैच होंगे और विजेता-उपविजेता को ट्रॉफी दी जाएगी। खेल भावना बनाए रखने का आह्वानटूर्नामेंट का उद्घाटन समाजसेवी एवं धौलपुर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत हुंडावाल (प्रिंस) ने किया। इस अवसर पर बेसबॉल सॉफ्टबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अनूप अस्थाना और राजस्थान बैडमिंटन संघ के कोषाध्यक्ष जाकिर हुसैन विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि हुंडावाल ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं के सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव हैं। उन्होंने खेलों से अनुशासन, धैर्य, समय की पाबंदी और नेतृत्व क्षमता जैसे गुणों के विकास पर जोर दिया। हुंडावाल ने खिलाड़ियों से जीत और हार को समान भाव से स्वीकार करते हुए खेल भावना बनाए रखने का आह्वान किया। युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाना है उद्देश्यविशिष्ट अतिथि अनूप अस्थाना ने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का बेहतर मंच प्रदान करते हैं।क्रीड़ा भारती के जिला मंत्री नीरज कुमार त्यागी ने बताया कि फुटबॉल समर लीग का मुख्य उद्देश्य युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाना और उभरती प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है। इस अवसर पर जिला फुटबॉल संघ के अध्यक्ष गुरमीत मान, सचिव संदीप राणा और फुटबॉल कोच असलम खान सहित सभी टीम मालिकों व खिलाड़ियों ने अतिथियों का स्वागत किया। टूर्नामेंट के दौरान क्रीड़ा भारती के उपाध्यक्ष राजेश शर्मा, मनोज तिवारी, चंद्रशेखर, रामेंद्र सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी और खेल प्रेमी मौजूद रहे।
बलदेव नगर में अंडर-14 फुटबॉल टूर्नामेंट का आगाज
भास्कर न्यूज | अम्बाला सनातन मंच सेवा सभा और बीजीएस फुटबॉल अकादमी के सहयोग से बलदेव नगर स्थित शाखा ग्राउंड में दो दिवसीय अंडर-14 फुटबॉल टूर्नामेंट का शुभारंभ ओपनिंग सेरेमनी के साथ हुआ। कार्यक्रम में एसडीएम दर्शन कुमार मुख्य अतिथि और वार्ड-5 के पार्षद राजेश मेहता विशिष्ट अतिथि रहे। एसडीएम ने कहा कि खेल बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त माध्यम हैं। कठिन मौसम में भी मैदान में मेहनत करने वाले खिलाड़ी ही भविष्य में देश का नाम रोशन करते हैं और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाते हैं। सभा के सचिव महेश दत्त वशिष्ठ ने बताया कि टूर्नामेंट में आठ टीमें भाग ले रही हैं। पहले दिन चार मुकाबले खेले गए। विजेता टीम को 21 हजार रुपये और उपविजेता को 11 हजार रुपये नकद पुरस्कार के साथ ट्रॉफी व मेडल दिए जाएंगे। इस अवसर पर प्रमोद कुमार, सुमित बजाज, जुगल किशोर शर्मा, बंसी लाल कपूर, मदन लाल, डॉ. अमित जैन और रेडक्रॉस से मनोज सैनी मौजूद रहे।
फैक्ट चेक: क्या जर्मनी का विश्व कप फुटबॉल मैच देखने स्टेडियम में हिटलर का हमशक्ल मौजूद था?
कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हुई जिसमें दावा किया गया कि जर्मनी की कुरासाओ पर 7-1 की जीत के दौरान स्टेडियम में हिटलर जैसा दिखने वाला एक फुटबॉल फैन मौजूद था. लेकिन क्या यह वायरल तस्वीर असली है? बीते रविवार को फीफा वर्ल्ड कप मैच के दौरान जर्मनी का पूरा ध्यान अपनी राष्ट्रीय टीम की कुरासाओ पर 7-1 की शानदार और एकतरफा जीत पर था. हालांकि, मैदान के बाहर, सोशल मीडिया पर बहुत से लोग एक बिल्कुल अलग चीज पर अटक गए थे. वह था स्टेडियम के अंदर के एक प्रशंसक की तस्वीर, जिसने जर्मनी की जर्सी पहन रखी थी, हाथ में जर्मनी का झंडा थाम रखा था और जिसका चेहरा हूबहू हिटलर से मिल रहा था. यह तस्वीर कई प्लेटफॉर्म पर शेयर की गई और इसे लाखों बार देखा गया. मसलन, एक्स पर इस पोस्ट को 30 लाख से ज्यादा बार देखा गया. जबकि, इंस्टाग्राम पर इस पोस्ट को 4,60,000 से ज्यादा लाइक मिले. यह दावा कई अन्य भाषाओं में भी वायरल हुआ. जैसे, फेसबुक पर स्पेनिश भाषा में और थ्रेड्स पर रूसी भाषा में. कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में जर्मन विरोधी भावना का असर भी दिखा. जैसे, रेडिट की एक पोस्ट में ताना मारते हुए लिखा गया था, यह देखना हमेशा ही लाजवाब होता है कि जब प्रशंसक अपनी टीम का हौसला बढ़ाने के लिए इस तरह खुलकर सामने आते हैं!” हालांकि, यह तस्वीर असली नहीं है. डीडब्ल्यू ने फैक्ट चेक में पाया कि यह तस्वीर नकली है और एआई की मदद से छेड़छाड़ करके तैयार की गई है. इस तस्वीर की सच्चाई का पता लगाने के लिए, हमने कई तरीके अपनाए. 1. असली तस्वीर देखें हिटलर जैसे दिखने वाले शख्स की यह कथित तस्वीर मैच के टीवी ब्रॉडकास्ट का एक स्क्रीनशॉट लगती है, जिसमें पहले हाफ के स्टॉपेज टाइम का टाइमस्टैम्प भी है. यह ठीक उसी समय की बात है, जब काई हावेर्त्स ने पेनल्टी को गोल में बदलकर जर्मनी को 3-1 की बढ़त दिला दी थी. उस वक्त स्टेडियम में मौजूद प्रशंसक बेहद खुश थे और जश्न मना रहे थे. जब मैच के असली ब्रॉडकास्ट को दोबारा देखा गया, तो उसमें फैंस का वही समूह हावेर्त्स के गोल के बाद जश्न मनाता हुआ दिखाई देता है, लेकिन उसमें एक अहम अंतर दिखा. हिटलर जैसा दिखने वाला वह कथित शख्स उस पूरी फुटेज में कहीं भी नहीं दिखा. इसके बजाय, असली फुटेज में भूरे बालों वाला एक व्यक्ति दिखता है, जो हिटलर जैसा बिल्कुल नहीं लगता. ऊपर दी गई दोनों तस्वीरों के बीच स्लाइड करके, यह अंतर साफ तौर पर देखा जा सकता है. एक तस्वीर असली ब्रॉडकास्ट की है, जो दाईं ओर जर्मन पब्लिक ब्रॉडकास्टर एआरडी की फुटेज है. जबकि, दूसरी तस्वीर वह है जिससे एआई की मदद से छेड़छाड़ करके तैयार किया गया है. यहां यह समझना जरूरी है कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े खेल आयोजनों के लिए, मैच का मुख्य लाइव वीडियो खुद आयोजन करने वाली संस्था तैयार करती है. इस मामले में, फीफा ने तैयार किया है. फिर इसी मुख्य वीडियो फीड को दुनिया भर के पार्टनर चैनलों और ब्रॉडकास्टर्स को सेंट्रल फीड के तौर पर दिया जाता है. इसका मतलब यह है कि सभी चैनलों पर दिखाए जाने वाले मुख्य वीडियो (मैच के दृश्य) बिल्कुल एक जैसे होते हैं. बस, अलग-अलग चैनल अपनी जरूरत के हिसाब से उसमें छोटे-मोटे बदलाव करते हैं, जैसे कि अपना लोगो लगाना या स्कोरबोर्ड का रंग बदलना. लाइव टेलीकास्ट के अलावा, उस फैंस के समूह में कौन-कौन लोग शामिल थे, इसका एक और सुराग उन फोटो एजेंसियों की तस्वीरों को देखकर लगाया जा सकता है जिन्हें इस मैच को कवर करने की आधिकारिक अनुमति मिली हुई थी. उदाहरण के लिए, बर्लिन की एक एजेंसी इमागो की नीचे दी गई तस्वीर देखिए. इमागो अक्सर बड़े खेल आयोजनों को कवर करती है. इस फोटो में प्रशंसकों के उसी समूह को एक अलग एंगल से दिखाया गया है और यहां भी हिटलर जैसा दिखने वाला कोई शख्स मौजूद नहीं है. भले ही, फोटो एजेंसी द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर उस सटीक समय का पता लगाना मुमकिन नहीं था, जब यह तस्वीर खींची गई थी. फिर भी, इसे इस बात का एक और पक्का सबूत माना जा सकता है कि प्रशंसकों के उस समूह में हिटलर जैसा कोई भी आदमी शामिल नहीं था. 2. क्या यह एआई से तैयार की गई तस्वीर है? इस तस्वीर के असली होने की जांच करने का अगला कदम यह पता लगाना है कि क्या इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल करके बनाया गया है या इसमें कोई बदलाव किया गया है. कई एआई चैटबॉट्स अब यह जांच करने की सुविधा भी देते हैं कि क्या उनके सिस्टम का इस्तेमाल किसी तस्वीर को बनाने या उसमें कोई बदलाव करने के लिए किया गया था. यह इसलिए मुमकिन है, क्योंकि ऐसे एआई टूल तस्वीर के अंदर एक डिजिटल वॉटरमार्क छिपा देते हैं. यह वॉटरमार्क हमारी खुली आंखों से दिखाई नहीं देता, लेकिन जब इस तकनीक (टूल) का इस्तेमाल करके तस्वीर की जांच की जाती है, तो इसे आसानी से पकड़ा जा सकता है. चैटजीपीटी बनाने वाली अमेरिकी संस्था ‘ओपनएआई' के जरिए की गई जांच से पता चलता है कि हिटलर जैसे दिखने वाले शख्स की इस तस्वीर को बनाने के लिए वाकई उनके ही एआई टूल का इस्तेमाल किया गया था. ओपनएआई के विश्लेषण में कहा गया कि उसे ‘तस्वीर के भीतर एक सिंथ-आईडी वॉटरमार्क मिला है जो खुद ओपनएआई सिस्टम से ही तैयार हुआ था.” गूगल के जेमिनी टूल की मदद से की गई एक और जांच से कुछ नए सबूत मिलते हैं. इससे पता चलता है कि इमेज में बदलाव करने के लिए, गूगल एआई के किसी सिस्टम का इस्तेमाल नहीं किया गया था, लेकिन इसमें यह भी कहा गया है कि तस्वीर का विश्लेषण करने और उसके संदर्भ की जांच करने से साफ पता चलता है कि इस फोटो में डिजिटल तौर पर बदलाव किया गया है या इसे डिजिटल तरीके से बनाया गया है.” एक तीसरा टूल है, एक्स का ग्रोक. यह टूल इस इमेज को ‘पूरी तरह नकली' बताता है. यह वायरल पोस्ट के नीचे, एक्स पर एक यूजर के सवाल का जवाब देते हुए ऐसा कहता है. इसमें आगे कहा गया है, यह तस्वीर असली नहीं है. इसमें डिजिटल तौर पर बदलाव (एआई या फोटोशॉप) करके, 2026 वर्ल्ड कप की भीड़ में हिटलर को दिखाया गया है. हालांकि, इन टूल का इस्तेमाल हमेशा सावधानी से किया जाना चाहिए, क्योंकि इनसे कभी-कभी गलतियां हो सकती हैं. लेकिन, इस मामले में तीन अलग-अलग टूल एक जैसे नतीजे पर पहुंचे, जिससे ओरिजिनल फुटेज के आधार पर किए गए विश्लेषण की पुष्टि हुई. 3. संदर्भ के बारे में सोचें एक तरफ जहां वर्ल्ड कप को एक बड़े उत्सव के रूप में देखा जाता है जो दुनिया भर के प्रशंसकों और संस्कृतियों को एक साथ लाता है. वहीं, दूसरी तरफ अगर स्टेडियम में सचमुच उस नाजी तानाशाह जैसा कोई प्रशंसक मौजूद होता जिसने दूसरे विश्व युद्ध की शुरुआत की थी और जो होलोकॉस्ट (यहूदियों के नरसंहार) का जिम्मेदार था, तो इससे स्टेडियम में बहुत बड़ा विवाद खड़ा हो जाता. ऐसी घटना पर ब्रॉडकास्टर्स या स्टेडियम के अधिकारियों का ध्यान तुरंत जाता. साथ ही, स्टेडियम में मौजूद कई जर्मन प्रशंसक भी इस पर कड़ा विरोध जताते. इसके अलावा, ध्यान देने वाली बात यह भी है कि इस तस्वीर में हिटलर जैसा दिखने वाला वह कथित शख्स काले, लाल और सुनहरे रंग की जर्मनी की जर्सी पहने हुए दिखाई दे रहा है. ये राष्ट्रीय रंग जर्मनी की लोकतांत्रिक परंपरा और संघीय गणराज्य की पहचान हैं. भले ही, दक्षिणपंथी चरमपंथियों और लोकलुभावन राजनीति करने वाले नेताओं ने लंबे समय से इन रंगों और झंडे को अपने स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश की है, लेकिन काला, लाल और सुनहरा रंग असल में जिन मूल्यों और विचारों का प्रतीक है, वे हिटलर और नाजीवाद की सोच के बिल्कुल खिलाफ हैं. हिटलर की नजर में ये रंग एक कमजोर संसदीय प्रणाली के प्रतीक थे, जिसे उसने आगे चलकर पूरी तरह से खत्म कर दिया था. यह फर्जी तस्वीर झूठी और भ्रामक खबरों के उस बड़े ट्रेंड का हिस्सा है जिसमें से ज्यादातर को एआई की मदद से तैयार किया गया है या बदलाव किया गया है. ऐसी तस्वीरें वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले से लेकर मैच खेले जाने के दौरान लगातार इंटरनेट पर वायरल हो रही हैं.
5 बार की वर्ल्ड चैंपियन ब्राजील ने हैती को 3-0 से हराकर फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 में अपनी पहली जीत दर्ज की। इस जीत से ब्राजील ग्रुप-सी के टॉप पर आ गई। जबकि, हैती टूर्नामेंट से बाहर होने वाली पहली टीम बन गई। मैनचेस्टर यूनाइटेड के फॉरवर्ड माथियस कुन्हा को इस मैच की स्टार्टिंग-11 में मौका मिला। उन्होंने 23वें और 36वें मिनट में गोल दागे। एक गोल विनीसियस जूनियर के बूट से आया। अब 24 जून को ब्राजील का मैच स्कॉटलैंड से होगा, जबकि हैती अपने अंतिम ग्रुप मैच में मोरक्को से भिड़ेगा। सुपीरियर प्लेयर ऑफ द मैच- विनीसियस जूनियर पहले हाफ में आए तीनों गोल ब्राजील ने 24 साल पुराना वर्ल्ड कप रिकॉर्ड दोहराया डिफेंस ने संभाली जिम्मेदारी, दूसरा हाफ गोल रहित रहा मैच के दूसरे हाफ में हैती ने वापसी की कोशिश की, लेकिन ब्राजील के मजबूत डिफेंस और गोलकीपर के सामने कोई खास मौका नहीं बना सका। 1974 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप में खेल रही हैती की टीम दो मैचों में हार के बाद नॉकआउट की दौड़ से बाहर हो गई। मैच 30: स्कॉटलैंड Vs मोरक्को; 0-1 साइबारी का लगातार दूसरे मैच में गोल, मोरक्को जीता मोरक्को ने फुटबॉल वर्ल्ड कप के ग्रुप-सी मैच में स्कॉटलैंड को 1-0 से हराया। टीम 4 अंक के साथ ग्रुप सी के टॉप पर है। उसने पहले मैच में ब्राजील को ड्रॉ पर रोका था। बूस्टन स्टेडियम में शनिवार को खेले गए इस मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल स्ट्राइकर इस्माइल साइबारी ने किया, जो विश्व कप 2026 का अब तक का सबसे तेज गोल और विश्व कप इतिहास में मोरक्को का सबसे तेज गोल भी बन गया। ब्राहिम डियाज के सटीक पास पर साइबारी स्कॉटलैंड के डिफेंस को भेदते हुए आगे बढ़े और गोलकीपर एंगस गन को छकाकर गेंद को गोल पोस्ट में डाल दिया। वे वर्ल्ड कप में अपने शुरुआती दो मुकाबलों में गोल करने वाले केवल दूसरे अफ्रीकी खिलाड़ी बने हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि मिस्र के मोहम्मद सलाह ने 2018 विश्व कप में हासिल की थी। गोल डिफरेंस से ब्राजील आगे इस मैच के बाद पॉइंट्स टेबल में ब्राजील पहले और मोरक्को दूसरे स्थान पर है। दोनों के एक समान 4-4 अंक हैं, हालांकि ब्राजील गोल डिफरेंस की वजह से टेबल के टॉप पर है। ब्राजील का गोल डिफरेंस 3 है, जबकि मोरक्को का 1 है। गोल डिफरेंस टूर्नामेंट में किसी टीम के टोटल गोल और गंवाए गए गोल के बीच का अंतर होता है। उदाहरण के रुप में किसी टीम ने टूर्नामेंट में 5 गोल दागे हैं और 3 गोल खाए हैं, तो उसका गोल डिफरेंस 2 होगा। ------------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… अमेरिका 32 साल बाद फुटबॉल वर्ल्डकप के नॉकआउट में, ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराया मेजबान अमेरिका ने फुटबॉल वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 32 में प्रवेश कर लिया है। उसने शनिवार के पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराया। अमेरिकी टीम ने 32 साल बाद नॉकआउट राउंड में जगह बनाई है। पढ़ें पूरी खबर
मेजबान अमेरिका ने फुटबॉल वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 32 में प्रवेश कर लिया है। उसने शनिवार के पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराया। अमेरिकी टीम ने 32 साल बाद नॉकआउट राउंड में जगह बनाई है। सिएटल स्टेडियम में ग्रुप-डी के मैच में स्टार फॉरवर्ड क्रिश्चियन पुलिसिक की गैरमौजूदगी में उतरी अमेरिकी टीम ने इस एडिशन में लगातार दूसरी जीत दर्ज की है। पुलिसिक पिंडली की चोट के कारण इस मुकाबले में नहीं खेल सके। लेकिन, टीम को उनकी कमी नहीं खली। अमेरिका ने इससे पहले अपने पहले मुकाबले में पराग्वे को 4-1 से हराया था। टीम ग्रुप-डी में 6 अंक के साथ पहले स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया दूसरे नंबर पर है। तुर्किए और पराग्वे एक-एक अंक के साथ तीसरे और चौके नंबर पर हैं। बर्गेस का आत्मघाती गोल, अमेरिका को बढ़त मैच के 11वें मिनट में अमेरिका को बढ़त मिली, जब फोलारिन बालोगुन के क्रॉस को रोकने की कोशिश में ऑस्ट्रेलियाई डिफेंडर कैमरून बर्गेस ने आत्मघाती गोल कर दिया। फ्रीमैन ने हेडर से गोल दागा पहले हाफ के 43वें मिनट में अमेरिका ने अपनी बढ़त दोगुनी कर दी। सिर्जिनो डेस्ट के डिफ्लेक्टेड प्रयास को एलेक्स फ्रीमैन ने हेडर से गोल में बदल दिया। वीडियो रिव्यू के बाद गोल को मंजूरी मिली। यह 21 साल फ्रीमैन का विश्व कप में पहला गोल था। मैच 30: स्कॉटलैंड Vs मोरक्को; 0-1 साइबारी का लगातार दूसरे मैच में गोल, मोरक्को जीता मोरक्को ने फुटबॉल वर्ल्ड कप के ग्रुप-सी मैच में स्कॉटलैंड को 1-0 से हराया। टीम 4 अंक के साथ ग्रुप सी के टॉप पर है। उसने पहले मैच में ब्राजील को ड्रॉ पर रोका था। बूस्टन स्टेडियम में शनिवार को खेले गए इस मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल स्ट्राइकर इस्माइल साइबारी ने किया, जो विश्व कप 2026 का अब तक का सबसे तेज गोल और विश्व कप इतिहास में मोरक्को का सबसे तेज गोल भी बन गया। ब्राहिम डियाज के सटीक पास पर साइबारी स्कॉटलैंड के डिफेंस को भेदते हुए आगे बढ़े और गोलकीपर एंगस गन को छकाकर गेंद को गोल पोस्ट में डाल दिया। वे वर्ल्ड कप में अपने शुरुआती दो मुकाबलों में गोल करने वाले केवल दूसरे अफ्रीकी खिलाड़ी बने हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि मिस्र के मोहम्मद सलाह ने 2018 विश्व कप में हासिल की थी। ---------------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… मैक्सिको फुटबॉल वर्ल्डकप के नॉकआउट में पहुंचने वाली पहली टीम को-होस्ट मैक्सिको फुटबॉल वर्ल्ड कप के नॉकआउट राउंड में पहुंच गई है। वह टूर्नामेंट के राउंड ऑफ 32 में पहुंचने वाली इस एडिशन की पहली टीम बन गई। उसने शुक्रवार के आखिरी मुकाबले में साउथ कोरिया को 1-0 से हराया। पढ़ें पूरी खबर
मेजबान अमेरिका ने फुटबॉल वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 32 में प्रवेश कर लिया है। उसने शनिवार के पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया को 2-0 से हराया। अमेरिकी टीम ने 32 साल बाद नॉकआउट राउंड में जगह बनाई है। सिएटल स्टेडियम में ग्रुप-डी के मैच में स्टार फॉरवर्ड क्रिश्चियन पुलिसिक की गैरमौजूदगी में उतरी अमेरिकी टीम ने इस एडिशन में लगातार दूसरी जीत दर्ज की है। पुलिसिक पिंडली की चोट के कारण इस मुकाबले में नहीं खेल सके। लेकिन, टीम को उनकी कमी नहीं खली। अमेरिका ने इससे पहले अपने पहले मुकाबले में पराग्वे को 4-1 से हराया था। टीम ग्रुप-डी में 6 अंक के साथ पहले स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया दूसरे नंबर पर है। तुर्किए और पराग्वे एक-एक अंक के साथ तीसरे और चौके नंबर पर हैं। बर्गेस का आत्मघाती गोल, अमेरिका को बढ़त मैच के 11वें मिनट में अमेरिका को बढ़त मिली, जब फोलारिन बालोगुन के क्रॉस को रोकने की कोशिश में ऑस्ट्रेलियाई डिफेंडर कैमरून बर्गेस ने आत्मघाती गोल कर दिया। फ्रीमैन ने हेडर से गोल दागा पहले हाफ के 43वें मिनट में अमेरिका ने अपनी बढ़त दोगुनी कर दी। सिर्जिनो डेस्ट के डिफ्लेक्टेड प्रयास को एलेक्स फ्रीमैन ने हेडर से गोल में बदल दिया। वीडियो रिव्यू के बाद गोल को मंजूरी मिली। यह 21 साल फ्रीमैन का विश्व कप में पहला गोल था। मैच 30: स्कॉटलैंड Vs मोरक्को; 0-1 साइबारी का लगातार दूसरे मैच में गोल, मोरक्को जीता मोरक्को ने फुटबॉल वर्ल्ड कप के ग्रुप-सी मैच में स्कॉटलैंड को 1-0 से हराया। टीम 4 अंक के साथ ग्रुप सी के टॉप पर है। उसने पहले मैच में ब्राजील को ड्रॉ पर रोका था। बूस्टन स्टेडियम में खेले गए इस मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल स्ट्राइकर इस्माइल साइबारी ने किया, जो विश्व कप 2026 का अब तक का सबसे तेज गोल और विश्व कप इतिहास में मोरक्को का सबसे तेज गोल भी बन गया। ब्राहिम डियाज के सटीक पास पर साइबारी स्कॉटलैंड के डिफेंस को भेदते हुए आगे बढ़े और गोलकीपर एंगस गन को छकाकर गेंद को गोल पोस्ट में डाल दिया। वे वर्ल्ड कप में अपने शुरुआती दो मुकाबलों में गोल करने वाले केवल दूसरे अफ्रीकी खिलाड़ी बने हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि मिस्र के मोहम्मद सलाह ने 2018 विश्व कप में हासिल की थी।
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