सहरसा स्टेडियम में पूर्व प्रस्तावित सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक, फुटबॉल और क्रिकेट मैदान के स्थान पर तीरंदाजी मैदान सहित अन्य खेल अवसंरचनाओं के निर्माण की योजना का विरोध शुरू हो गया है। नागरिक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के एक शिष्टमंडल ने शनिवार को जिला पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। क्रिकेट मैदान का निर्माण आवश्यक ज्ञापन में बताया गया है कि सहरसा सहित पूरे कोशी प्रमंडल में एथलेटिक्स, फुटबॉल, क्रिकेट, हॉकी, कबड्डी, कराटे, कुश्ती, बैडमिंटन और टेबल टेनिस जैसे खेलों की मजबूत परंपरा रही है। इस क्षेत्र के सैकड़ों खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। ऐसे में खिलाड़ियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्टेडियम में आधुनिक एथलेटिक्स ट्रैक, फुटबॉल और क्रिकेट मैदान का निर्माण आवश्यक है। मोर्चा ने अपने आवेदन में उल्लेख किया कि जिला प्रशासन ने 1 अप्रैल 2026 से एथलेटिक्स बालिका एकलव्य प्रशिक्षण केंद्र का संचालन शुरू किया है, जहाँ वर्तमान में 30 बालिकाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। इसके अतिरिक्त, 26 जनवरी 2026 को लगभग 40 राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया गया था। ऐसे में एथलेटिक्स प्रशिक्षण केंद्र संचालित होने के बावजूद एथलेटिक्स ट्रैक की योजना समाप्त कर तीरंदाजी मैदान बनाने का निर्णय खेल हित में उचित नहीं माना जा सकता। 300 खिलाड़ियों को अभ्यास नहीं मिल पा रहा ज्ञापन में यह भी कहा गया कि सहरसा और कोशी क्षेत्र में तीरंदाजी खेल का व्यापक आधार या प्रशिक्षण व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। दूसरी ओर, एथलेटिक्स, फुटबॉल और क्रिकेट से जुड़े बड़ी संख्या में खिलाड़ी वर्षों से बेहतर खेल सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। वर्तमान में स्टेडियम परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण क्रिकेट, कबड्डी, वॉलीबॉल, हैंडबॉल और वुशु सहित कई खेलों का नियमित अभ्यास प्रभावित हो रहा है, जिससे लगभग 300 खिलाड़ियों को पर्याप्त अभ्यास स्थल नहीं मिल पा रहा है। नागरिक संघर्ष मोर्चा ने मांग की है कि स्टेडियम में पूर्व प्रस्तावित सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक, फुटबॉल और क्रिकेट मैदान का निर्माण शीघ्र कराया जाए। साथ ही, स्टेडियम के पूर्वी हिस्से को अतिक्रमण मुक्त कर खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध कराया जाए।शिष्टमंडल में मनीष कुमार, सागर सिंह नन्हे, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि ताबिश मेहर, धीरज सम्राट, शंकर शशी एवं प्रिंस कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे
बुडापेस्ट में शनिवार को जब आर्सनल और पीएसजी आमने-सामने होंगे, तब मुकाबला सिर्फ यूरोप के सबसे बड़े क्लब खिताब का नहीं होगा। यह लड़ाई दो अलग फुटबॉल संस्कृतियों और दो अलग रास्तों की भी होगी। एक तरफ इंग्लिश क्लब आर्सनल है, जिसने पूरे सीजन संघर्ष करते हुए यहां तक सफर तय किया। दूसरी तरफ डिफेंडिंग चैम्पियन पीएसजी है, जिसके पास इतना बड़ा और मजबूत स्क्वॉड है कि कोच लुइस एनरिक अपने स्टार खिलाड़ियों को आराम देने का जोखिम उठा सकते हैं। दोनों टीमों के बीच सबसे बड़ा फर्क एक आंकड़ा दिखाता है। आर्सनल के खिलाड़ियों ने लीग मैचों में फ्रेंच क्लब पीएसजी के खिलाड़ियों से लगभग 7000 मिनट ज्यादा फुटबॉल खेला है। यानी आर्सनल के खिलाड़ी कहीं ज्यादा थके हुए शरीर के साथ फाइनल में उतरेंगे। टीम ने कुल 63 मैच खेले और अप्रैल तक चार ट्रॉफियों की दौड़ में बनी रही। डेविड राया ने आखिरी लीग मैच तक पूरे सीजन का हर मिनट खेला। डेकलान राइस, विलियम सलीबा, गैब्रियल जैसे खिलाड़ी लगातार मैदान में उतरे। इसके उलट पीएसजी ने खिलाड़ियों को बेहद सोच-समझकर इस्तेमाल किया। कप्तान मार्किन्योस ने चैम्पियंस लीग के 14 मैच खेले, लेकिन घरेलू लीग में सिर्फ 14 बार मैदान पर उतरे। फरवरी से अप्रैल के बीच वे सात घरेलू लीग मैचों में बेंच पर बैठे रहे, ताकि यूरोप के मैचों के लिए फिट रहें। डेम्बेले ने 22 लीग मैच खेले, लेकिन सिर्फ एक बार पूरे 90 मिनट मैदान पर रहे। यही वजह है कि पीएसजी के खिलाड़ी ज्यादा तरोताजा हैं। फाइनल से पहले आराम का अंतर भी बड़ा है। पीएसजी को फाइनल से पहले 13 दिन का आराम मिला। इसके उलट आर्सनल को सिर्फ छह दिन मिले। लेकिन कहानी सिर्फ थकान और आराम की नहीं है। यह खिताबी भूख की भी है। पीएसजी 14 साल में 12 बार फ्रांस का लीग खिताब जीत चुका है। दूसरी ओर, आर्सनल ने इस बार 22 साल बाद इंग्लैंड की लीग जीती है। पिछले साल पीएसजी ने चैम्पियंस लीग के सेमीफाइनल में आर्सनल को हराया था। अब आर्सनल के पास बदला लेने का मौका है। रात 9 बजे से फुटबॉल सिर्फ रणनीति का खेल नहीं होगी। यह सवाल भी होगा कि फाइनल में ज्यादा असर किसका पड़ता है- पीएसजी की ताजगी का या आर्सनल की थकान के बावजूद जीतने की जिद का।
विमेंस फुटबॉल लीग में एमएसआर व जिंक एकेडमी जीतीं
स्पोर्ट्स रिपोर्टर } पहली राजस्थान सीनियर विमेंस फुटबॉल लीग में शुक्रवार को मगन सिंह राजवी (एमएसआर) फुटबॉल एकेडमी ने रियल जयपुर एफसी को 4-0 से हराया। प्लेयर ऑफ द मैच संजू कंवर ने 2, दिव्यांशी कंवर और गुंजन ने 1-1 गोल किया। दूसरे मैच में जिंक फुटबॉल एकेडमी ने जयपुर सिटी एफसी को 3-1 से मात दी। जिंक के लिए प्रियंका, अंतरा और डांगी ने गोल किए जबकि जयपुर सिटी के लिए एकमात्र गोल तनिष्का ने किया। अगले राउंड के मैच 6 जून को होंगे। यह जानकारी राजस्थान फुटबॉल संघ के सचिव दिलीप सिंह शेखावत ने दी।
नेपाल के पोखरा में हुई इंडो-नेपाल चैम्पियनशिप में छत्तीसगढ़ की भारतफुटबॉल क्लब (BFC) ने शानदार परफॉर्मेंस करते हुए भारत का नाम रोशन किया। 21 से 25 मई तक पोखरा स्टेडियम में आयोजित इस टूर्नामेंट में भारत और नेपाल की टीमें शामिल हुईं। BFC की अंडर-19 टीम ने फाइनल में जबरदस्त गेम दिखाते हुए 6-4 से जीत दर्ज कर चैम्पियनशिप अपने नाम कर ली। वहीं क्लब की अंडर-17 टीम रनर-अप रही। इस इंटरनेशनल फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन यूथ स्पोर्ट्स एजुकेशन फेडरेशन इंडिया ने किया था। टूर्नामेंट को फिट इंडिया मूवमेंट से मान्यता मिली हुई है और नीति आयोग से भी अप्रूवल प्राप्त है। भारत से तीन टीमें उतरीं मैदान में चैम्पियनशिप में भारत की ओर से महाराष्ट्र, तमिलनाडु और छत्तीसगढ़ की टीमें शामिल हुईं। वहीं नेपाल से पोखरा और काठमांडू की टीमों ने हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ की ओर से BFC ने रिप्रेजेंट किया और दोनों एज ग्रुप में शानदार गेम दिखाया। फाइनल मैच में दिखा अटैकिंग गेम अंडर-19 फाइनल में BFC के खिलाड़ियों ने शुरू से अटैकिंग फुटबॉल खेली। टीम ने लगातार गोल कर मैच पर पकड़ बनाए रखी और आखिर में 6-4 से मुकाबला जीत लिया। पूरे मैच में खिलाड़ियों का कोऑर्डिनेशन और टीमवर्क शानदार रहा। अंडर-17 टीम भी रही शानदार क्लब की अंडर-17 टीम ने भी पूरे टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन किया। टीम फाइनल तक पहुंची, हालांकि आखिरी मुकाबले में हार के बाद उसे रनर-अप से संतोष करना पड़ा। खिलाड़ियों ने बताया नेपाल की टीम को होम कंडीशन का फायदा मिला। ऊंचाई में खेलने की आदत नहीं होने के कारण फाइनल में उतना बेहतर गेम नहीं दिखा पाए। हालांकि इस हार के बावजूद खिलाड़ियों के खेल की काफी तारीफ हो रही है। कोच बोले- पैरेंट्स ने विश्वास दिखाया, जीत से बच्चों में बढ़ा विश्वास क्लब के कोच नया ने बताया कि इंडिया में ज्यादातर बच्चों का रुझान क्रिकेट की तरफ रहता है। पेरेंट्स भी चाहते हैं कि बच्चे कुछ गिने-चुने स्पोर्ट्स में ही आगे बढ़ें। फुटबॉल का कल्चर अभी उतना डेवलप नहीं हुआ है। लेकिन इसके बावजूद जिन बच्चों को नेपाल लेकर गए, उनके पेरेंट्स ने पूरा सपोर्ट किया। यही वजह रही कि बच्चों ने बिना किसी टेंशन के शानदार परफॉर्मेंस दिया।
फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए अर्जेंटीना की 26 सदस्यीय टीम घोषित कर दी गई। अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन ने गुरुवार को स्क्वॉड का ऐलान किया। 39 साल के होने जा रहे लियोनेल मेसी टीम की कप्तानी करेंगे। यह उनका छठा वर्ल्ड कप होगा। इससे पहले वे 2006, 2010, 2014, 2018 और 2022 वर्ल्ड कप खेल चुके हैं। कोच लियोनेल स्कालोनी ने खिलाड़ियों की इंजरी पर कहा- ‘ज्यादातर खिलाड़ी टूर्नामेंट तक फिट हो जाएंगे।’ स्क्वॉड में 17 खिलाड़ी 2022 कतर वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के हैं। अर्जेंटीना ने फाइनल में फ्रांस को हराकर तीसरी बार विश्व खिताब जीता था। मेसी की हैमस्ट्रिंग में खिंचाव टीम चयन से पहले कई खिलाड़ियों की फिटनेस चिंता का विषय थी। मेसी बाएं हैमस्ट्रिंग में खिंचाव से जूझ रहे हैं। इसी कारण वे इंटर मियामी का पिछला मैच पूरा नहीं खेल पाए थे। गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज की उंगली में फ्रैक्चर हुआ था। क्रिस्टियन रोमेरो, नहुएल मोलिना और गोंजालो मोंटियल भी चोट से उबर रहे हैं, लेकिन उन्हें स्क्वॉड में शामिल किया गया है। 16 जून को अल्जीरिया से मैच खेलेगी टीम अर्जेंटीना 16 जून को ग्रुप-जे में अल्जीरिया के खिलाफ अभियान शुरू करेगी। इस ग्रुप में ऑस्ट्रिया और जॉर्डन भी हैं। टीम शनिवार को कंसास सिटी स्थित बेस कैंप के लिए रवाना होगी। टूर्नामेंट से पहले अर्जेंटीना होंडुरास और आइसलैंड के खिलाफ अभ्यास मैच खेलेगा। अर्जेंटीना टीम गोलकीपर्स: एमिलियानो मार्टिनेज, जेरोनिमो रूली, जुआन मुस्सो। डिफेंडर्स: गोंजालो मोंटियल, नहुएल मोलिना, लिसांद्रो मार्टिनेज, निकोलस ओटामेंडी, लियोनार्डो बालेरडी, क्रिस्टियन रोमेरो, निकोलस टैग्लियाफिको, फाकुंडो मेडिना। मिडफील्डर्स: जियोवानी लो सेल्सो, लिएंड्रो परेडेस, रोड्रिगो डी पॉल, एक्सेकियल पलासियोस, एंजो फर्नांडीज, एलेक्सिस मैक एलिस्टर, वैलेंटिन बार्को। फॉरवर्ड: लियोनल मेसी, निकोलस गोंजालेज, गिउलियानो सिमेओने, लाउतारो मार्टिनेज, जोस मैनुएल लोपेज, जूलियन अल्वारेज, थियागो अल्माडा और निको पाज।------------------------------------------------------------
लायलपुर खालसा कॉलेज में फुटबॉल टीम के ट्रायल 4 जून को
भास्कर न्यूज | जालंधर जालंधर के लायलपुर खालसा कॉलेज ने सत्र 2026-27 के लिए अपनी फुटबॉल टीम के ट्रायल आयोजित करने की घोषणा की है। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार ट्रायल 4 जून को सुबह 8:30 बजे कॉलेज के फुटबॉल ग्राउंड में होंगे। कॉलेज ने ट्रायल में शामिल होने वाले खिलाड़ियों से 12वीं का रिजल्ट साथ लाने को कहा है। साथ ही अभ्यर्थियों को 10वीं पास का प्रमाणपत्र, 12वीं का रिजल्ट, आधार कार्ड और दो फोटो भी साथ लाने होंगे। कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक चयनित खिलाड़ियों को निशुल्क शिक्षा, हॉस्टल सुविधा, डाइट और खेल किट की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। ट्रायल से संबंधित जानकारी के लिए कोच तेजिंदर सिंह के नंबर 7589070705 पर संपर्क किया जा सकता है।
विश्व फुटबॉल दिवस पर एटा में खिलाड़ी सम्मानित:जिला फुटबॉल संघ ने खेल क्लबों को प्रोत्साहित किया
एटा में विश्व फुटबॉल दिवस के अवसर पर जिला फुटबॉल संघ द्वारा खिलाड़ियों और खेल क्लबों को प्रोत्साहित किया गया। यह कार्यक्रम राजकीय इंटर कॉलेज एटा मैदान पर आयोजित किया गया, जहाँ विगत 25 वर्षों से फुटबॉल प्रशिक्षण अभियान संचालित है। इस दौरान मंडल एवं राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के साथ-साथ फुटबॉल क्लब में चयनित खिलाड़ियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में कासगंज फुटबॉल क्लब के खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन हेतु टीम कोच इमरान खान को फुटबॉल भेंट की गई। इस पहल का उद्देश्य खेल को बढ़ावा देना था। माध्यमिक शिक्षा विभाग के जिला विद्यालय निरीक्षक एवं प्रधानाचार्य प्रशांत कुलश्रेष्ठ ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए बताया कि प्रतिवर्ष 25 मई को विश्व फुटबॉल दिवस मनाया जाता है। उन्होंने फुटबॉल के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लगभग 2000 वर्ष पूर्व चीन में फुटबॉल से मिलता-जुलता खेल खेला जाता था, जबकि आधुनिक फुटबॉल की शुरुआत इंग्लैंड से मानी जाती है। वर्ष 1863 में इंग्लैंड में फुटबॉल के नियम और कायदे निर्धारित किए गए थे। जिला फुटबॉल संघ के संरक्षक एवं एआरएम संजीव कुमार ने खिलाड़ियों को फुटबॉल खेल के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फुटबॉल आज विश्व का सबसे लोकप्रिय खेल बन चुका है। 90 मिनट तक खेले जाने वाले इस खेल से खिलाड़ियों में निरंतर गतिशीलता, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति एकाग्रता विकसित होती है। संजीव कुमार ने कहा कि फुटबॉल जीवन में संघर्ष और समर्पण की प्रेरणा देता है। जिला फुटबॉल संघ के सचिव राजीव यादव ने खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ मैदान पर उतरने के लिए प्रेरित किया। उत्तर प्रदेश फुटबॉल टीम के कोच अनूप दुबे ने खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जनपद, मंडल एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए उत्साहित किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की यात्रा व्यवस्था जिला फुटबॉल संघ द्वारा कराई जाएगी। इस अवसर पर राजकीय इंटर कॉलेज मैदान पर लगातार फुटबॉल प्रशिक्षण दे रहे कोच मनोज कुमार को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राजीव वर्मा, शिवकुमार द्विवेदी, सेवाराम, मनीष दुबे, सुशील यादव शैलू, प्रभात, ललित नॉक्स, नवजोत सिंह, सिद्धार्थ यादव, दीक्षा, काव्या, सौरव, अभिषेक, विक्की, रजत, जिगर चौहान सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
उन्नाव में 29वीं अंतरजनपदीय पुलिस फुटबॉल प्रतियोगिता सोमवार से शुरू हो गई। लखनऊ जोन की यह प्रतियोगिता जिले के ग्राम सरैंया स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मिनी स्टेडियम में आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देना और पुलिस कर्मियों के बीच खेल भावना विकसित करना है। प्रतियोगिता का उद्घाटन सोमवार सुबह पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने किया। उद्घाटन के साथ ही शुभारंभ मैच खेला गया। इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता में लखनऊ जोन के विभिन्न जनपदों से महिला और पुरुष दोनों वर्गों की पुलिस टीमें हिस्सा ले रही हैं। आयोजन समिति के अनुसार, प्रतियोगिता का समापन और पुरस्कार वितरण समारोह 27 मई को शाम 6 बजे होगा। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। इस प्रतियोगिता को लेकर जिले के खेल प्रेमियों और पुलिस विभाग में काफी उत्साह है। आयोजकों का कहना है कि ऐसी प्रतियोगिताएं पुलिस कर्मियों में शारीरिक दक्षता, अनुशासन और टीम भावना को मजबूत करती हैं। सफल आयोजन के लिए मैदान की सजावट, खिलाड़ियों के ठहरने और सुरक्षा व्यवस्था की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पुलिस विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खिलाड़ियों और दर्शकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। स्टेडियम परिसर में चिकित्सा, पेयजल और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई है। प्रतियोगिता के आयोजन में प्रतिसार निरीक्षक सचिन राय, क्षेत्राधिकारी लाइन विनी सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश सिंह सहित कई अधिकारी सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। पुलिस प्रशासन ने जिलेवासियों से प्रतियोगिता में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।
हिंदुस्तान जिंक फुटबॉल एकेडमी : तीसरी बार जीती स्टेट मेंस लीग, अंडर-18 में सेकंड
उदयपुर } विश्व फुटबॉल दिवस के अवसर पर हिंदुस्तान जिंक की फुटबॉल एकेडमी ने भारत में फुटबॉल के विकास को गति देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। अकादमी ने पिछले एक वर्ष में 1400 से अधिक युवा लड़के-लड़कियों को फुटबॉल के माध्यम से सशक्त बनाते हुए जमीनी स्तर की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का काम किया है। एकेडमी ने तीसरी बार राजस्थान स्टेट मेन्स लीग का खिताब अपने नाम किया। वहीं एआईएफएफ अंडर-18 एलीट लीग में उपविजेता बनकर देश की दूसरी सर्वश्रेष्ठ अंडर-18 टीम होने का गौरव प्राप्त किया। इसके साथ ही जावर एकेडमी ने पहली बार भारतीय फुटबॉल की प्रतिष्ठित आई-लीग 3 में पदार्पण किया। एकेडमी में आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं, तकनीक आधारित प्रदर्शन विश्लेषण और विश्वस्तरीय कोचिंग के माध्यम से युवा खिलाड़ियों को तैयार कर रही है। साथ ही खिलाड़ियों को पूर्ण छात्रवृत्ति के साथ शिक्षा भी उपलब्ध कराई जा रही है। चार खिलाड़ी मोहम्मद कैफ, साहिल पूनिया, प्रेम हंसदक और राजरूप सरकार भारतीय टीम की जर्सी पहन चुके हैं। महिला खिलाड़ियों में गीत मीना की कहानी सफलता का उदाहरण बनकर उभरी है।
सिर्फ फुटबॉल नहीं, ये है जिंदगी की फिलॉसफी!, आर्सेनल की जीत पर रणवीर सिंह ने लिखा इमोशनल नोट
आर्सेनल की इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाते हुए रणवीर सिंह ने जो हालिया नोट लिखा है, उसमें एक बेहद गहरी और छिपी हुई बात नजर आती है। ऊपर-ऊपर से देखने पर तो यह किसी फुटबॉल फैन के दिल की वो सच्ची और जज्बाती आवाज लगती है, जो दशकों के लंबे इंतजार के बाद ...
फुटबॉल कोच के बाद अब बड़े परदे पर क्रिकेटर बनकर चमकेंगे Ajay Devgan,एक्टर की नई बायोपिक फिल्म पर आया बड़ा अपडेट
Maidaan Review:अजय देवगन की दमदार डायलॉग डिलीवरी और एक्टिंग ने दिखाया रियल सिनेमा, जरूर देखेफुटबॉल कोच की ये कहानी
Maidaan Review: सीट से हिलने का मौका नहीं देगी Ajay Devgan की ये फिल्म, जरूर देखनी चाहिएइंडियन फुटबॉल टीम के महान कोच
‘भीड़ से साथ की उम्मीद मत रखना', Ajay Devgan की मच अवेटेड फिल्म Maidaan काट्रेलर हुआ लॉन्च,फुटबॉल कोच बनकर छा गए एक्टर

