जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में 13 मार्च से आईएफएल-2026 की शुरुआत होगी। इस बार कई विदेशी और अनुभवी खिलाड़ी शामिल होंगे, जिनमें स्पेन के फुटबॉलर पेड्रो स्त्री लोपेज भी मैदान में नजर आएंगे। इस सीजन का पहला घरेलू मुकाबला राजस्थान यूनाइटेड फुटबॉल क्लब और नामधारी फुटबॉल क्लब के बीच खेला जाएगा। शुक्रवार को होने वाले मैच में क्लब प्रबंधन और खिलाड़ियों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। टीम अपने घरेलू मैदान पर जीत के साथ शुरुआत करने के लिए उत्साहित है। क्लब के चेयरमैन कृष्ण कुमार टांक ने बताया- इस सत्र में टीम के कुल पांच घरेलू मैच विद्याधर नगर स्टेडियम में खेले जाएंगे। पहला मुकाबला नामधारी फुटबॉल क्लब के खिलाफ होगा, जबकि 17 मार्च को टीम का अगला मैच रियल कश्मीर फुटबॉल क्लब के साथ होगा। उन्होंने कहा- जयपुर में फुटबॉल को बढ़ावा देने के लिए क्लब लगातार प्रयास कर रहा है। दर्शकों को इस सत्र में बेहतर और प्रतिस्पर्धी मुकाबले देखने को मिलेंगे। क्लब चेयरमैन कृष्णा कुमार टांक ने बताया- सत्र के पहले मैच के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भी औपचारिक रूप से आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री ने क्लब की इस पहल की सराहना करते हुए कहा- ऐसे प्रयास प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणादायक हैं। इससे राजस्थान के खिलाड़ियों को फुटबॉल में अपना भविष्य बनाने के बेहतर अवसर मिलेंगे और राज्य में खेल संस्कृति को भी मजबूती मिलेगी। सीजन के पहले घरेलू मैच के अवसर पर क्लब की ओर से विशेष उद्घाटन समारोह भी आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में राजस्थान में तेजी से बढ़ रहे फुटबॉल कल्चर को प्रदर्शित किया जाएगा। क्लब प्रबंधन का मानना है कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में फुटबॉल के प्रति रुचि और बढ़ेगी तथा राज्य की खेल प्रतिभाओं को नया मंच मिलेगा। युवा होंगे खेलों के लिए आकर्षितक्लब प्रबंधन में डायरेक्टर कमल सिंह सरोहा भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वहीं क्लब डायरेक्टर रोशनी टांक ने कहा- आज के समय में युवा उन्हीं खेलों की ओर अधिक आकर्षित होते हैं। इनमें अधिक पहचान और प्रसिद्धि मिलती है, लेकिन फुटबॉल भी ऐसा खेल है, जिसने दुनिया को कई महान खिलाड़ी दिए हैं। उन्होंने कहा कि भारत के महान फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया ने इसी खेल के माध्यम से देश का नाम दुनिया में रोशन किया। रोशनी टाक ने कहा- क्लब का उद्देश्य केवल जयपुर ही नहीं, बल्कि पूरे देश के फुटबॉल खिलाड़ियों को मंच देना है, ताकि वे प्रतिभा दुनिया के सामने दिखा सकें। क्लब अपने पेशेवर ढांचे और युवा विकास कार्यक्रमों के माध्यम से राजस्थान में फुटबॉल को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।
भारतीय फुटबॉलर मनीषा कल्याण ने 30 गज की दूरी से दागा 'रॉकेट' फ्री-किक गोल। रोनाल्डो जैसी तकनीक से दुनिया को चौंकाया; आनंद महिंद्रा ने भी की तारीफ। पढ़ें रिपोर्ट।
इतालवी फुटबॉल संकट पर लुका टोनी का बड़ा बयान; इंटर की 'झूठी उम्मीद' और सिस्टम के पतन पर उठाए सवाल। बैजियो और माल्डिनी जैसे दिग्गजों को कमान देने की वकालत।
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ईरान की फुटबॉल टीम अमेरिका जाकर वर्ल्डकप में हिस्सा लेगी। FIFA के अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो ने इसकी पुष्टि की है। इन्फैन्टिनो ने बताया कि उन्हें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भरोसा दिलाया है कि ईरान की नेशनल टीम को 2026 फुटबॉल वर्ल्ड कप खेलने अमेरिका आने दिया जाएगा। इस बार फीफा वर्ल्ड कप 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में हो रहा है। अमेरिका-ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण ईरान पर ट्रैवल और वीजा बैन के बाद टीम की भागीदारी को लेकर सवाल उठ रहे थे। इन्फैन्टिनो ने X पोस्ट पर कहा- मैंने मंगलवार रात ट्रम्प से वर्ल्ड कप की तैयारियों पर चर्चा की। हमने ईरान की स्थिति और उसकी टीम की भागीदारी पर भी बात हुई। ट्रम्प ने मुझे भरोसा दिलाया है कि ईरान को वर्ल्ड कप में खेलने के लिए अमेरिका आने दिया जाएगा। ईरान का पहला मैच कैलिफोर्निया में होगा2026 वर्ल्ड कप में ईरान के ग्रुप मैच तय हैं। टीम 15 जून को कैलिफोर्निया के इंगलवुड में न्यूजीलैंड से खेलेगी। 21 जून को बेल्जियम और 26 जून को सिएटल में मिस्र से मुकाबला होगा। ईरान को ग्रुप G में बेल्जियम, मिस्र और न्यूजीलैंड के साथ रखा गया है। ईरानी फुटबॉल प्रेसिडेंट ने कहा था- हमारा वर्ल्ड कप खेलना मुश्किल9 दिन पहले ईरानी फुटबॉल फेडरेशन के प्रेसिडेंट मेहदी ताज ने कहा था कि मौजूदा हालातों में नेशनल टीम का अमेरिका जाकर फुटबॉल खेलना बेहद मुश्किल है। उन्होंने कहा था- ‘इस हमले के बाद हमसे यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि हम आशा और उत्साह के साथ वर्ल्ड कप की ओर देखें।’ इतना ही नहीं, ट्रम्प सरकार ने ईरानी फैंस को देश में एंट्री देने से मना कर दिया था। इस मसले पर फीफा ने कहा है कि टूर्नामेंट को टालना संभव नहीं है। फीफा के वर्ल्ड कप चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर हाइमो शिर्गी ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, लेकिन वर्ल्ड कप तय समय पर ही होगा। उम्मीद है कि क्वालिफाई करने वाली सभी टीमें इसमें हिस्सा लेंगी। क्या कहते हैं FIFA के नियम? फीफा नियमों के मुताबिक यदि मेजबान देश किसी टीम को प्रवेश देने से इनकार करता है तो उसकी मेजबानी भी छीनी जा सकती है। तीन साल पहले इंडोनेशिया ने अंडर-20 वर्ल्ड कप में इजराइल टीम को अनुमति देने से इनकार किया था, जिसके बाद फीफा ने टूर्नामेंट इंडोनेशिया से लेकर अर्जेंटीना को दे दिया था। पांच ईरानी फुटबॉल खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया ने शरण दी एशियन कप से बाहर होने के बाद ईरान की महिला फुटबॉल टीम की पांच खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया ने मानवीय वीजा देकर अपने देश में रहने की इजाजत दे दी है। ऑस्ट्रेलिया के होम अफेयर्स मिनिस्टर टोनी बर्क ने बताया कि इन खिलाड़ियों को पुलिस ने सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया है। दरअसल, पिछले हफ्ते दक्षिण कोरिया के खिलाफ मैच से पहले ईरान की टीम ने अपना राष्ट्रगान नहीं गाया था। इसके बाद ईरान में कुछ लोगों ने टीम की आलोचना की और उन्हें सख्त सजा देने की मांग भी की। इसी वजह से खिलाड़ियों ने शरण मांगी थी।। टीम में कुल 26 खिलाड़ी और स्टाफ मौजूद थे, लेकिन फिलहाल सिर्फ पांच खिलाड़ियों ने ही शरण मांगी थी। बाकी खिलाड़ी अभी अपने फैसले पर विचार कर रहे हैं, क्योंकि उनके परिवार ईरान में रहते हैं और उन्हें उनके खिलाफ कार्रवाई का डर है। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… ईरान जंग- लोग पालतू कुत्ते-बिल्ली छोड़कर भाग रहे:बिना खाना-पानी दिए खंभे से बांधा, नोट लिखा- सॉरी देश छोड़ रहा हूं; 25 PHOTOS मिडिल ईस्ट में बढ़ते इजराइल-ईरान तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में लोग देश छोड़ने की तैयारी में अपने पालतू कुत्तों, बिल्लियों और दूसरे जानवरों को सड़कों या शेल्टर में छोड़ रहे हैं। रेस्क्यू संगठनों के अनुसार, लोग जानवरों को बिना खाना-पानी के भीषण गर्मी में रास्ते में पोल से बांध कर छोड़ रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
दुनिया में फुटबॉल संचालित करने वाली संस्था FIFA के अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो ने कहा है कि ईरान की फुटबॉल टीम अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में हो रहे वर्ल्ड कप में हिस्सा लेगी। इन्फैन्टिनो ने बताया कि उन्हें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भरोसा दिलाया है कि ईरान की नेशनल टीम को 2026 फुटबॉल वर्ल्ड कप खेलने अमेरिका आने दिया जाएगा। अमेरिका-ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण ईरान की भागीदारी को लेकर सवाल उठ रहे थे। फुटबॉल वर्ल्ड कप 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको के 16 शहरों में खेला जाएगा। इन्फैन्टिनो ने X पोस्ट पर कहा- मैंने मंगलवार रात ट्रम्प से वर्ल्ड कप की तैयारियों पर चर्चा की। हमने ईरान की स्थिति और उसकी टीम की भागीदारी पर भी बात हुई। ट्रम्प ने मुझे भरोसा दिलाया है कि ईरान को वर्ल्ड कप में खेलने के लिए अमेरिका आने दिया जाएगा। ईरान का पहला मैच कैलिफोर्निया में होगा2026 वर्ल्ड कप में ईरान के ग्रुप मैच तय हैं। टीम 15 जून को कैलिफोर्निया के इंगलवुड में न्यूजीलैंड से खेलेगी। 21 जून को बेल्जियम और 26 जून को सिएटल में मिस्र से मुकाबला होगा। ईरान को ग्रुप G में बेल्जियम, मिस्र और न्यूजीलैंड के साथ रखा गया है। IFF प्रेसिडेंट मेहदी ताज ने कहा था- ईरान का वर्ल्ड कप खेलना मुश्किल9 दिन पहले ईरानी फुटबॉल फेडरेशन के प्रेसिडेंट मेहदी ताज ने कहा था कि मौजूदा हालातों में नेशनल टीम का अमेरिका जाकर फुटबॉल खेलना बेहद मुश्किल है। उन्होंने कहा था- ‘इस हमले के बाद हमसे यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि हम आशा और उत्साह के साथ वर्ल्ड कप की ओर देखें।’ इतना ही नहीं, ट्रम्प सरकार ने ईरानी फैंस को देश में एंट्री देने से मना कर दिया था। इस मसले पर फीफा ने कहा है कि टूर्नामेंट को टालना संभव नहीं है। फीफा के वर्ल्ड कप चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर हाइमो शिर्गी ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, लेकिन वर्ल्ड कप तय समय पर ही होगा। उम्मीद है कि क्वालिफाई करने वाली सभी टीमें इसमें हिस्सा लेंगी। क्या कहते हैं FIFA के नियम?फीफा नियमों के मुताबिक यदि मेजबान देश किसी टीम को प्रवेश देने से इनकार करता है तो उसकी मेजबानी भी छीनी जा सकती है। तीन साल पहले इंडोनेशिया ने अंडर-20 वर्ल्ड कप में इजराइल टीम को अनुमति देने से इनकार किया था, जिसके बाद फीफा ने टूर्नामेंट इंडोनेशिया से लेकर अर्जेंटीना को दे दिया था।
भारत विमेंस फुटबॉल एशियन कप से बाहर हो गया है। मंगलवार को एशियन फुटबॉल कॉन्फेडरेशन (AFC) के आखिरी ग्रुप मैच में भारत को चाइनीज ताइपे के खिलाफ 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही टीम का टूर्नामेंट में सफर समाप्त हो गया। इस मैच में जीत भारत के लिए बेहद जरूरी थी, क्योंकि अगले दौर में पहुंचने के लिए उसे कम से कम दो गोल के अंतर से जीत दर्ज करनी थी। मुकाबले के दौरान भारतीय कप्तान स्वीटी देवी और गोलकीपर पंथोई चोटिल हो गईं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। भारत ने कई मौके बनाए, लेकिन गोल नहीं कर पाया सिडनी में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने लंबे समय तक गेंद पर नियंत्रण रखा और कई मौके भी बनाए, लेकिन अंतिम हिस्से में टीम गोल करने में नाकाम रही। इसी वजह से टीम को हार झेलनी पड़ी और टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा। भारत इससे पहले ग्रुप स्टेज में वियतनाम और जापान से भी हार चुका था। 12वें मिनट में चाइनीज ताइपे की बढ़त मैच के 12वें मिनट में चाइनीज ताइपे ने बढ़त बना ली। संजू के खराब बैक पास के बाद जे डब्ल्यू चेन ने गेंद वाई एच सू को पास की, जिन्होंने खाली गोलपोस्ट में गेंद डाल दी। भारत ने 39वें मिनट में वापसी की। मनीषा कल्याण ने करीब 30 गज दूर से जोरदार शॉट लगाकर गोल किया और स्कोर 1-1 कर दिया। पेनल्टी से फिर आगे निकला चाइनीज ताइपे पहले हाफ के अतिरिक्त समय में चाइनीज ताइपे को पेनल्टी मिली। वाई वाई सू का शॉट पोस्ट से टकराया और गोलकीपर पंथोई से लगकर गेंद गोल में चली गई। इससे ताइपे ने 2-1 की बढ़त बना ली। दूसरे हाफ में भारत ने बराबरी की कोशिश की, लेकिन 77वें मिनट में यू चिन चेन ने तीसरा गोल कर मैच लगभग तय कर दिया। टक्कर के बाद घायल हुईं स्वीटी देवी और पंथोई मैच के 83वें मिनट में गोलकीपर एलांगबाम पंथोई चानू एक अटैक रोकने के लिए आगे बढ़ीं। इसी दौरान उनकी टक्कर कप्तान स्वीटी देवी से हो गई। दोनों खिलाड़ी मैदान पर गिर गईं और उन्हें स्ट्रेचर पर बाहर ले जाया गया। पंथोई के चेहरे पर सूजन आई है, जबकि स्वीटी देवी कुछ समय तक मैदान पर स्थिर पड़ी रहीं। बाद में दोनों खिलाड़ियों को जांच के लिए अस्पताल भेजा गया है। ---------------------------- स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… जसप्रीत T20 वर्ल्डकप की टीम ऑफ द टूर्नामेंट में, कुल 4 भारतीय शामिल ICC ने सोमवार को टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम ऑफ द टूर्नामेंट का ऐलान किया है। चैंपियन बनी भारतीय टीम के चार खिलाड़ी इस टीम में शामिल किए गए हैं। इनमें संजू सैमसन, ईशान किशन, हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह का नाम है। पढ़ें पूरी खबर
Neymar Junior : फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदी या सिर्फ दुर्भाग्य? जानिए क्यों मेसी-रोनाल्डो के स्तर तक पहुंचने का दम रखने वाला यह सितारा गुमनामी की ओर बढ़ रहा है।
एशियन कप से बाहर होने के बाद ईरान की महिला फुटबॉल टीम की पांच खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया ने मानवीय वीजा देकर अपने देश में रहने की इजाजत दे दी है। ऑस्ट्रेलिया के होम अफेयर्स मिनिस्टर टोनी बर्क ने बताया कि इन खिलाड़ियों को पुलिस ने सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया है। दरअसल, पिछले हफ्ते दक्षिण कोरिया के खिलाफ मैच से पहले ईरान की टीम ने अपना राष्ट्रगान नहीं गाया था। इसके बाद ईरान में कुछ लोगों ने टीम की आलोचना की और उन्हें सख्त सजा देने की मांग भी की। इसी वजह से खिलाड़ियों ने शरण मांगी थी।। टीम में कुल 26 खिलाड़ी और स्टाफ मौजूद थे, लेकिन फिलहाल सिर्फ पांच खिलाड़ियों ने ही शरण मांगी थी। बाकी खिलाड़ी अभी अपने फैसले पर विचार कर रहे हैं, क्योंकि उनके परिवार ईरान में रहते हैं और उन्हें उनके खिलाफ कार्रवाई का डर है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी पुष्टि कीऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी पुष्टि की कि इन पांच खिलाड़ियों को मानवीय वीजा दे दिया गया है। इस वीजा के तहत वे ऑस्ट्रेलिया में रह सकती हैं, काम कर सकती हैं और पढ़ाई भी कर सकती हैं। इसी मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी कहा था कि अगर जरूरत पड़े तो अमेरिका भी इन खिलाड़ियों को शरण देने के लिए तैयार है। खिलाड़ियों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गयाऑस्ट्रेलिया में ईरानी टीम को लेकर व्यापक अटकलें लगाई गईं और खबरें भी खूब छपीं जब खिलाड़ियों ने अपने पहले मैच से पहले ईरानी राष्ट्रगान नहीं गाया। मंगलवार की सुबह ऑस्ट्रेलिया के संघीय पुलिस अधिकारियों ने गोल्ड कोस्ट, ऑस्ट्रेलिया के एक होटल से पांच महिलाओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, क्योंकि उन्होंने शरण के लिए आवेदन किया था। मंत्री टोनी बर्क ने जानकारी दीवहां उनकी मुलाकात ऑस्ट्रेलिया के होम अफेयर्स मिनिस्टर टोनी बर्क से हुई और उनके मानवीय वीजा की प्रक्रिया पूरी हो गई। यह जानकारी मंत्री ने कुछ घंटों बाद ब्रिस्बेन में पत्रकारों को ही। बर्क ने कहा, मैं कल्पना भी नहीं कर सकता कि यह निर्णय प्रत्येक महिला के लिए कितना कठिन रहा होगा, लेकिन निश्चित रूप से कल रात खुशी और राहत का माहौल था। उन्होंने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते समय महिलाओं के मुस्कुराते और ताली बजाते हुए फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए। ------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… टीम इंडिया को ₹131 करोड़ देगा BCCI:बोर्ड ने खिलाड़ियों, स्टाफ और सिलेक्टर्स को बधाई दी, तीसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बना भारत भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने पर टीम इंडिया के लिए 131 करोड़ रुपए के इनाम का ऐलान किया है। भारत ने रविवार को फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर यह खिताब अपने नाम किया। पूरी खबर
अमेरिका के दिग्गज कोच मैक ब्राउन को खेल जगत के सबसे सफल और सम्मानित कोचों में गिना जाता है। 50 साल के कोचिंग करियर में उन्होंने 288 मैच जीते। वे 2005 में टेक्सास यूनिवर्सिटी को नेशनल चैम्पियन बनाने वाले कोच रहे और हॉल ऑफ फेम में भी शामिल हैं। उनकी सफलता केवल स्कोरबोर्ड तक सीमित नहीं रही। कोचिंग अनुभव के आधार पर ब्राउन ने लीडरशिप से जुड़े चार सबक बताए, जो मैदान से लेकर कॉर्पोरेट ऑफिस तक हर लीडर के काम के हैं। लीडर की असली जिम्मेदारी टीम को यह बताना कि वे जीत सकते हैं 1984 में अपनी टीम के खराब खेलने पर उन्होंने खिलाड़ियों को फटकारा था। टीम वह मैच हार गई। तब दिग्गज कोच बैरी स्विट्जर ने कहा था कि तुमने टीम से कहा कि वे हार जाएंगे और वे हार गए। ब्राउन कहते हैं, ‘जब टीम ऊंचाइयों पर हो और आत्ममुग्ध हो रही हो, तब उन पर दबाव डालें। लेकिन जब मुश्किल में हों और आत्मविश्वास गिरा हुआ हो, तब उन्हें प्रेरित कर बताना चाहिए कि वे जीत सकते हैं।’ काम के तनाव के बीच आपस में हंसी-मजाक होना भी बहुत जरूरी है 2005 के रोज बाउल मैच से पहले ब्राउन की टीम काफी दबाव में थी। खिलाड़ी आपस में बात तक नहीं कर रहे थे। ब्राउन को एहसास हुआ कि अगर तनाव बना रहा, तो हार जाएंगे। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ जोक्स शेयर कर तनाव कम करने का तरीका अपनाया। ब्राउन कहते हैं, ‘लीडर को पता होना चाहिए कि माहौल को कब हल्का करना है। तनाव में काम बिगड़ता है, खुशी में टीम पूरी क्षमता से प्रदर्शन करती है।’ हारने के बाद शब्दों का काफी सोच-समझकर चयन करना चाहिए ब्राउन का मानना है कि एक लीडर के शब्द बहुत शक्तिशाली होते हैं, खासकर हार के बाद। कोच गुस्से में ऐसी बातें कह देते हैं जिनसे बाद में उन्हें पश्चाताप होता है। जब टीम जीते, तो खिलाड़ियों की तारीफ करें जबकि हार की जिम्मेदारी खुद लें। ब्राउन कहते हैं कि हार के बाद मीडिया या टीम से बात करते समय आपकी बॉडी लैंग्वेज मायने रखती है। आप निराश दिख सकते हैं, लेकिन पराजित नहीं। मानवता और सहानुभूति, जीत-हार के नतीजों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण 1999 में टेक्सास बनाम टेक्सास ए एंड एम मैच से पहले ए एंड एम यूनिवर्सिटी में भीषण हादसा हुआ, जिसमें 12 छात्रों की मौत हो गई। ब्राउन ने टीम के साथ मिलकर रक्तदान शिविर लगाया और विरोधी के प्रति संवेदना व्यक्त की। टेक्सास मैच हार गया, लेकिन ब्राउन को मलाल नहीं था। ब्राउन कहते हैं, ‘लीडर को संवेदनशील और भावनात्मक होना चाहिए। कई बार मानवता और सहानुभूति, जीत-हार के नतीजों से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण होती है।’
जमालपुर के पुलका मैदान में आयोजित युगल रंजीत मेमोरियल फुटबॉल टूर्नामेंट 2026 के तीसरे मैच में स्पोर्टिंग क्लब फूलका ने यूनाइटेड क्लब रामपुर को 2-0 से पराजित किया। यह मुकाबला फूलका के ऐतिहासिक मैदान में खेला गया। स्पोर्टिंग क्लब फूलका की ओर से जर्सी नंबर 11 के खिलाड़ी सुमन कुमार सुमन और जर्सी नंबर 14 के निरंजन कुमार बिच्छू ने गोल दागे। इस मैच में शानदार प्रदर्शन के लिए सुमन कुमार सुमन को सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। इंडियन बैंक, गोविंदपुर शाखा प्रबंधक राजीव रंजन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। निर्णायक मंडली में रामरक्षा यादव, सुधांशु कुमार, अजय कुमार और कृष्णानंद जी शामिल थे। टूर्नामेंट कमेटी ने बताया कि अगला रोमांचक मैच कल दोपहर 3:30 बजे इलेवन स्टार जमालपुर और खगड़िया के बीच खेला जाएगा। इस अवसर पर मनोज कुमार, अनिल कुमार यादव, अजय कुमार, विनय कुमार, प्रताप कुमार, कन्हैया तांती, प्रवीण शंकर सिंह, संजय कुमार, शंभू सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
राज्य की फुटबॉल टीम के साथ आईपीएल की तैयारियों के बीच ‘आत्मघाती गोल’ हो गया है। इंडियन फुटबॉल लीग में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने वाला राजस्थान यूनाइटेड फुटबॉल क्लब (आरयूएफसी) को इस सीजन 5 घरेलू मैच विद्याधर नगर स्टेडियम में खेलने हैं। मैचों का लाइव प्रसारण होना है, इसलिए अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने फ्लडलाइट अनिवार्य बताया है। स्टेडियम में फ्लडलाइट लगाने को तैयार की 5 करोड़ रुपए की फाइल अभी तक वित्त विभाग तक पहुंची ही नहीं। आरयूएफसी के अध्यक्ष के.के. टाक ने बताया कि वित्त विभाग सचिव से बात की तो जवाब मिला कि उनके पास ऐसी कोई फाइल आई ही नहीं है। टाक ने कहा- पता नहीं यह फाइल कहां गुम हो गई। अगर फ्लडलाइट नहीं लगी तो हमें घरेलू मैच चंडीगढ़ या हैदराबाद में शिफ्ट करने पड़ेंगे। उपमुख्यमंत्री को कई बार पत्र लिखाटाक ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी को भी कई बार पत्र लिखा है। क्लब का पहला घरेलू मैच 13 मार्च को जयपुर में प्रस्तावित है। बढ़ती गर्मी को देखते हुए दोपहर में मैच कराना मुश्किल होगा, इसलिए फ्लडलाइट जरूरी है। अब सवाल यह है कि फुटबॉल स्टेडियम की फ्लडलाइट वाली फाइल आखिर रास्ते में कहां अटक गई। क्या यह महज प्रशासनिक ढिलाई है या क्रिकेट के शोर में फुटबॉल की आवाज दब गई है। हम कोशिश कर रहे हैं। विद्याधर नगर स्टेडियम में फ्लडलाइट के लिए करीब 5 करोड़ रुपए का एस्टीमेट तैयार किया गया है, लेकिन 13 मार्च तक फ्लडलाइट लगाना आसान नहीं होगा।-नीरज के. पवन, अध्यक्ष, स्पोर्ट्स काउंसिल
फुटबॉल कोच के बाद अब बड़े परदे पर क्रिकेटर बनकर चमकेंगे Ajay Devgan,एक्टर की नई बायोपिक फिल्म पर आया बड़ा अपडेट
Maidaan Review:अजय देवगन की दमदार डायलॉग डिलीवरी और एक्टिंग ने दिखाया रियल सिनेमा, जरूर देखेफुटबॉल कोच की ये कहानी
‘भीड़ से साथ की उम्मीद मत रखना', Ajay Devgan की मच अवेटेड फिल्म Maidaan काट्रेलर हुआ लॉन्च,फुटबॉल कोच बनकर छा गए एक्टर

