जमुई के गिद्धौर प्रखंड स्थित महाराजा चंद्रचूड़ खेल मैदान में रविवार को एक दिवसीय बालिका फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता जेएम फिनांस एकेडमी के रवि कुमार एवं प्रशिक्षक नीतीश कुमार की देखरेख में संपन्न हुई। टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला सेवा एफसी और गिद्धौर एलेवन स्टार की बालिका टीमों के बीच खेला गया। लगभग 40 मिनट तक चले इस मुकाबले में गिद्धौर एलेवन की टीम ने सेवा एफसी को 6-2 के अंतर से पराजित कर ट्रॉफी अपने नाम की। मैच के दौरान दोनों टीमों की खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों को ट्रॉफी एवं मेडल देकर सम्मानित कियामुकाबले के समापन के बाद पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। समाजसेवी कुमार सुदर्शन सिंह ने विजेता टीम गिद्धौर एलेवन की खिलाड़ियों को ट्रॉफी एवं मेडल देकर सम्मानित किया। वहीं, रनरअप टीम सेवा एफसी को किसान नेता कुणाल सिंह और निदेशक राजेश कुमार द्वारा उपविजेता ट्रॉफी प्रदान की गई। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों में भाग लेने से खिलाड़ी अनुभव प्राप्त करते हैं और जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने जोर दिया कि खेल से अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना का विकास होता है, जो जीवन में प्रगति के लिए आवश्यक है। कार्यक्रम में जिला फुटबॉल लीग के खिलाड़ी राकी सिंह, खेल प्रशिक्षक ज्योति कुमारी, दीपक कुमार, लक्ष्मण साह के अलावा खिलाड़ी सोनम कुमारी, अंशु कुमारी, फ्रूटी कुमारी, रितेश कुमार, मयंक कुमार और दीपक कुमार सहित कई खेल प्रेमी मौजूद रहे। आयोजकों ने सभी अतिथियों एवं खिलाड़ियों का आभार व्यक्त किया।
ऑस्ट्रेलिया में शरण लेने का फैसला करने वाली सात ईरानी महिला फुटबॉल टीम की तीन खिलाड़ियों ने अपना निर्णय बदल लिया है और अब वे अपने देश ईरान लौट रही हैं। ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री टोनी बर्क ने रविवार को जारी बयान में इसकी पुष्टि की। इन तीन खिलाड़ियों के लौटने के बाद, अब केवल चार खिलाड़ी ही ऑस्ट्रेलिया में रह गई हैं। दरअसल, एशिया कप के दौरान साउथ कोरिया के खिलाफ मैच में ईरानी टीम ने अपना राष्ट्रगान नहीं गाया था। इसके बाद ईरान में कुछ लोगों ने टीम की कड़ी आलोचना की और खिलाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसी डर के चलते पहले पांच खिलाड़ियों ने और बाद में टीम के दो अन्य सदस्यों ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार से शरण मांगी थी। ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें मानवीय आधार पर वीजा देकर देश में रहने की अनुमति दी थी। टीम में कुल 26 खिलाड़ी और स्टाफ मौजूद थे, लेकिन सात खिलाड़ियों ने ही शरण मांगी थी। Later in the evening, they were reunited with their five teammates who had made the same decision the night before. They will be safe here. They will be at home here. They are welcome here in Australia. pic.twitter.com/6jjtPmYgLX— Tony Burke (@Tony_Burke) March 10, 2026 ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने फैसले पर दोबारा सोचने का मौका दियागृह मंत्री टोनी बर्क ने बताया कि शनिवार रात ईरानी टीम की तीन सदस्यों ने बाकी टीम के साथ जुड़ने और ईरान वापस जाने का फैसला किया। बर्क के मुताबिक, जब इन खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों को अपने फैसले के बारे में बताया, तो उन्हें अपनी पसंद और विकल्पों पर दोबारा विचार करने के लिए कई मौके दिए गए, ताकि वे बिना किसी दबाव के निर्णय ले सकें। मलेशिया के रास्ते होगी ईरान वापसीसरकारी अधिकारियों के अनुसार, शनिवार रात तीन सदस्य सिडनी से कुआलालंपुर (मलेशिया) के लिए रवाना हुए। ईरान की टीम ऑस्ट्रेलिया से निकलने के बाद से कुआलालंपुर में ही रुकी हुई है। ईरान की तसनीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि लौटने वाले इन तीन सदस्यों में दो खिलाड़ी और एक सपोर्ट स्टाफ शामिल हैं। ईरानी मीडिया ने इसे 'प्रोजेक्ट' की विफलता बतायाखिलाड़ियों के वापस लौटने के फैसले पर ईरान की न्यूज एजेंसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। तसनीम न्यूज एजेंसी ने इसे 'अमेरिकी-ऑस्ट्रेलियाई प्रोजेक्ट' की शर्मनाक हार करार दिया है। साथ ही इसे डोनाल्ड ट्रम्प के लिए एक और विफलता बताया है। फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में बचे हुए तीन सदस्यों के भविष्य को लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। ------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तानी सिलेक्टर बोले– बुमराह तेज गेंदबाजी के उस्मान तारिक:बैटर्स को लय में नहीं आने देते, फैंस का जवाब- आकिब जावेद क्रिकेट के जॉनी लीवर पाकिस्तान के चीफ सिलेक्टर आकिब जावेद ने भारतीय पेसर जसप्रीत बुमराह की तुलना अपने देश के स्पिनर उस्मान तारिक से की है। आकिब ने शनिवार को लाहौर में कहा- 'बुमराह का गेंदबाजी एक्शन अलग है, जिसकी वजह से बल्लेबाज उनके खिलाफ लय में नहीं आ पाते।' पूरी खबर
फुटबॉल टूर्नामेंट में पटना टीम विजेता
जमुई| शहर के श्री कृष्ण सिंह स्टेडियम में चल रहे ब्लैक डायमंड फुटबॉल टूर्नामेंट के सातवें दिन महिला फुटबॉल का मुकाबला पटना और सिलीगुड़ी की टीमों के बीच खेला गया। निर्धारित समय तक मुकाबला बराबरी पर रहने के बाद मैच का फैसला ट्राइब्रेकर से हुआ, जिसमें पटना की टीम ने सिलीगुड़ी को 3-0 से हराकर जीत दर्ज की। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ब्लैक डायमंड स्कूल जमुई की प्रिंसिपल कमललता सोनी ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि महिला खिलाड़ियों ने जिस आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया है, वह इस बात का प्रमाण है कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। इस मौके पर विजेता पटना टीम को 15 हजार रुपये का चेक, जर्सी और कप, जबकि उपविजेता सिलीगुड़ी टीम को 11 हजार रुपये का चेक, जर्सी और कप देकर सम्मानित किया गया। आयोजक डॉ. अनिल सिंह ने बताया कि महिलाओं को खेल में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया है।
फुटबॉल लेजेंड IM Vijayan का बड़ा सियासी फैसला; विधानसभा चुनाव लड़ने से किया साफ इनकार
फुटबॉल दिग्गज आईएम विजयन ने केरल विधानसभा चुनाव लड़ने से किया इनकार, राज्यसभा जाने की जताई इच्छा। खेल प्रतिनिधि के रूप में सेवा करने को तैयार पद्म श्री विजेता।
जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में शुक्रवार को फुटबॉल टूर्नामेंट का आगाज हुआ। टूर्नामेंट की शुरुआत उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और खेल सचिव नीरज के. पवन ने फीता काटकर की। इस मौके पर खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखने को मिला। शहर में आयोजित यह टूर्नामेंट राष्ट्रीय स्तर का है, जिसमें अलग-अलग टीमों के बीच मुकाबले होंगे। आयोजकों के अनुसार जयपुर में इस प्रतियोगिता के तहत कुल पांच फुटबॉल मैच खेले जाएंगे। आयोजन का उद्देश्य राजस्थान में फुटबॉल खेल को बढ़ावा देना और युवाओं को इस खेल से जोड़ना है। राज्य में फुटबॉल लोकप्रियकार्यक्रम के दौरान आयोजक शिवान शर्मा, केके टांक और रोशनी टांक ने बताया- राजस्थान में फुटबॉल की लोकप्रियता बढ़ाने और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मंच देने के लिए इस तरह के टूर्नामेंट आयोजित किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि राज्य में क्रिकेट के साथ-साथ फुटबॉल को भी नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में राजस्थान यूनाइटेड और कामधारी टीम के बीच रोमांचक मैच खेला गया। इस मुकाबले में राजस्थान यूनाइटेड ने प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। मैच के दौरान खिलाड़ियों के दमदार खेल और दर्शकों के उत्साह ने स्टेडियम का माहौल खेलमय बना दिया। आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा- आने वाले मैचों में भी कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी और यह टूर्नामेंट राज्य में फुटबॉल के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
फुटबॉल प्रशासन का एक युग खत्म; कुशल दास के निधन से खेल जगत में सन्नाटा
भारतीय फुटबॉल के दिग्गज और पूर्व AIFF महासचिव कुशल दास का 65 वर्ष की आयु में निधन। 2017 फीफा अंडर-17 विश्व कप और ISL की शुरुआत में निभाई थी मुख्य भूमिका।
फुटबॉल कोच के बाद अब बड़े परदे पर क्रिकेटर बनकर चमकेंगे Ajay Devgan,एक्टर की नई बायोपिक फिल्म पर आया बड़ा अपडेट
Maidaan Review:अजय देवगन की दमदार डायलॉग डिलीवरी और एक्टिंग ने दिखाया रियल सिनेमा, जरूर देखेफुटबॉल कोच की ये कहानी
Maidaan Review: सीट से हिलने का मौका नहीं देगी Ajay Devgan की ये फिल्म, जरूर देखनी चाहिएइंडियन फुटबॉल टीम के महान कोच
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