लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल को कहा अलविदा, वीडियो में बोले- पिता की मौत के बाद लगा यही सही समय
लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल को कहा अलविदा, वीडियो में बोले- पिता की मौत के बाद लगा यही सही समय
'खेल तुम्हें हमेशा याद रखेगा': Yuvraj-Kuldeep ने Football Legend Messi को कहा अलविदा
पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने अर्जेंटीना के लिए दो दशक के शानदार इंटरनेशनल करियर के बाद संन्यास लेने वाले महान फुटबॉलर और FIFA वर्ल्ड कप विजेता लियोनेल मेसी की तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि 'मैच की आखिरी सीटी बजने के काफी समय बाद भी' खेल उन्हें याद रखेगा। अर्जेंटीना के लिए दो दशक के शानदार इंटरनेशनल करियर के बाद इस महान फॉरवर्ड खिलाड़ी ने संन्यास ले लिया और अपने पीछे अनगिनत यादगार पल छोड़े। इसे भी पढ़ें: England से हार के बाद Pakistan का महा बदलाव: 7 खिलाड़ी बाहर, Coaching Staff में फेरबदल युवराज ने इंस्टाग्राम पर मेसी के शानदार करियर को सम्मान देते हुए एक स्टोरी पोस्ट की और लिखा कि ऐसे बहुत कम लोग होते हैं जो इतिहास रचते हुए ही महान खिलाड़ी (लीजेंड) बन जाते हैं। लियो, तुम भी उन्हीं में से एक हो। क्या शानदार करियर रहा है! आखिरी सीटी बजने के बाद भी खेल तुम्हें हमेशा याद रखेगा। भारतीय स्पिनर और बार्सिलोना के फ़ैन कुलदीप यादव ने भी मेसी के अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में रोसारियो के एक छोटे से लड़के से लेकर वर्ल्ड कप चैंपियन बनने तक के उनके सफ़र को दिखाया गया था। वीडियो का कैप्शन था, ओब्रिगाडो लियो (Obrigado Leo), जिसका मतलब है थैंक यू, लियो। एक लिखित बयान में मेसी ने कहा फाइनल के बाद इतना समय बीतने और काफ़ी सोचने-विचारने के बाद, मैं सभी को बताना चाहता हूँ कि मैं नेशनल टीम से रिटायर हो रहा हूँ। यह एक ऐसा फ़ैसला था जिससे मुझे बहुत दुख हुआ और अब भी अंदर तक दुख होता है, लेकिन मैं समझता हूँ कि यही सही समय है। उन्होंने आगे कहा कि मैं कसम खाता हूँ कि मैंने हमेशा अपना सब कुछ दिया है - न सिर्फ़ उन कुछ सालों में जब हमने सब कुछ जीता, बल्कि उससे पहले भी। मैंने हमेशा इस जर्सी के लिए संघर्ष किया और अपना सब कुछ झोंक दिया, ताकि आपको खुशियाँ दे सकूँ और फ़ुटबॉल के ज़रिए आपको अर्जेंटीना का होने पर गर्व महसूस करा सकूँ। इसे भी पढ़ें: India A के खिलाफ सीरीज के लिए 14 सदस्यीय Australia A टीम घोषित, 22 सितंबर से पुडुचेरी में मुकाबले लियोनेल मेसी ने माना कि टीम से अलग होना उन्हें बहुत दुख देता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना सब कुछ दे दिया है और अब देने के लिए कुछ नहीं बचा है। उन्होंने टीम के उभरते हुए टैलेंट की भी बात की और कहा कि वे यहां रहने के हकदार हैं। उन्होंने कहा कि अब ज़्यादा समय नहीं बचा है और ज़िंदगी के अलग-अलग पड़ाव खत्म हो रहे हैं। यह एक ऐसा ही पड़ाव है जो मुझे बहुत दुख देता है। मुझे नेशनल टीम का हिस्सा रहना पसंद है, हमेशा पसंद था और हमेशा पसंद रहेगा। मैंने अपना सब कुछ दे दिया है और अब देने के लिए कुछ नहीं बचा है। साथ ही, कई बेहतरीन युवा खिलाड़ी भी आ रहे हैं जो यहां रहने के हकदार हैं। For more Sports News in Hindi Today please click here.
अर्जेंटीना को विश्व फुटबॉल के शिखर तक पहुंचाने वाले दिग्गज खिलाड़ी और कप्तान लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास का ऐलान कर दिया है। उनके इस फैसले ने दुनियाभर के लाखों फुटबॉल फैंस को हैरान कर दिया है। मेसी के इस कदम के साथ ही फुटबॉल की दुनिया के एक शानदार और यादगार दौर के खत्म होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। 39 साल के मेसी ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर एक पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने पोस्ट शेयर कर अपने फैंस को अपने रिटायरमेंट की जानकारी दी। मेसी ने अपने पोस्ट में कहा, इंटरनेशनल फुटबॉल को अलविदा कहने का यह सही समय है। FIFA वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मैच में अर्जेंटीना को स्पेन से हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के कुछ ही महीनों बाद मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल को अलविदा कहने का बड़ा फैसला लिया है। लगभग दो दशकों तक अर्जेंटीना की नेशनल टीम को रिप्रेजेंट करने वाले मेसी का करियर बहुत शानदार रहा है। 220 से ज़्यादा इंटरनेशनल मैचों में अर्जेंटीना की जर्सी पहनने वाले मेसी ने मैदान पर बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। वर्ल्ड फुटबॉल में उनके योगदान की वजह से उन्हें हमेशा इतिहास के सबसे अच्छे खिलाड़ियों में से एक के तौर पर जाना जाएगा।
फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास का किया ऐलान
अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास का ऐलान कर दिया है... यानी अब मेसी अर्जेंटीना की जर्सी में मैदान पर नजर नहीं आएंगे. सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए मेसी ने अपने इस फैसले का ऐलान किया. यह फैसला उनके लिए बेहद भावुक और दर्द भरा है... लेकिन उन्हें लगता है कि अब यही सही वक्त है...
Lionel Messi ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को कहा अलविदा, अर्जेंटीना के लिए बनाए 125 गोल
लियोनेल मेस्सी ने अर्जेंटीना के लिए दो दशक तक खेलने के बाद सोमवार को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर दी। इस 39 वर्षीय महान खिलाड़ी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कहा, “यह फैसला मेरे लिए बेहद पीड़ादायक है और आज भी इसका दर्द गहरा है, लेकिन मैं समझता हूं कि अब इस फैसले का समय आ गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि मैंने हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ दिया है। सिर्फ उन पिछले कुछ वर्षों में नहीं, जब हमने सब कुछ जीता, बल्कि उससे पहले भी। मैंने हमेशा इस जर्सी के लिए पूरी शिद्दत से संघर्ष किया और मैदान पर अपना सब कुछ झोंक दिया, ताकि आपको खुशी दे सकूं और फुटबॉल के जरिए आपको अर्जेंटीना का होने पर गर्व महसूस करा सकूं।’’ रिकॉर्ड की बराबरी करने वाले छह विश्व कप में खेलने वाले मेस्सी ने 2022 में कतर में अर्जेंटीना को विश्व चैंपियन बनाया था। 2026 में उन्होंने टीम को विश्व कप के फाइनल तक पहुंचाया, जहां अर्जेंटीना को स्पेन के हाथों हार का सामना करना पड़ा। अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा की मेजबानी में हुए विश्व कप में मेस्सी ने अर्जेंटीना के सभी आठ मुकाबले खेले और आठ गोल किए। वह टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर फ्रांस के किलियन एमबाप्पे से केवल एक गोल पीछे रहे। मेस्सी ने अपना अंतरराष्ट्रीय करियर अर्जेंटीना के सर्वकालिक सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी के रूप में समाप्त किया। उनके नाम 125 अंतरराष्ट्रीय गोल हैं, जिनमें से 21 गोल विश्व कप में आए। इसे भी पढ़ें: Lionel Messi का अंतरराष्ट्रीय Football से संन्यास, Argentina के सबसे सफल खिलाड़ी ने मैदान को कहा अलविदा मेस्सी ने बताया कि उन्होंने संन्यास का पत्र 21 जुलाई को लिखा था, यानी विश्व कप फाइनल के दो दिन बाद। उन्होंने हालांकि इसे सार्वजनिक करने में देरी की क्योंकि उनके पिता की तबीयत खराब थी और बाद में बीमारी के चलते उनका निधन हो गया। जॉर्ज मेस्सी का आठ अगस्त को उनके गृह नगर रोसारियो में निधन हुआ। मेस्सी अब इंटर मियामी के लिए खेलना जारी रखेंगे। उन्होंने सप्ताहांत में सीएफ मॉन्ट्रियल के खिलाफ इंटर मियामी की 7-1 की जीत में चार गोल दागे। मेस्सी ने 2006 में अर्जेंटीना की सीनियर राष्ट्रीय टीम के लिए पदार्पण किया था। इसके बाद लंबे समय तक उन्हें निराशाओं का सामना करना पड़ा और आखिरकार 2022 में विश्व कप की ट्रॉफी उठाकर उनका सपना पूरा हुआ। मेस्सी ने कहा, ‘‘पिछले 20 वर्षों में मिले आपके तमाम प्यार के लिए धन्यवाद। मैदान के अंदर से आप सभी की आवाज सुनना मुझे बहुत याद आएगा। इसे भी पढ़ें: Argentina और Germany बने नए चैंपियन, हॉकी विश्व कप में पदक से चूकी भारतीय टीमें अब मैं आप (प्रशंसक) ही में से एक रहूंगा और बाहर से आपका हौसला बढ़ाऊंगा तथा आपका समर्थन करूंगा। हर अच्छे-बुरे वक्त में, बल्कि पहले से भी ज्यादा।’’ इंटर मियामी के मौजूदा कप्तान मेस्सी ने अपने पत्र में यह नहीं बताया कि वह पेशेवर फुटबॉल खेलना कितने समय तक जारी रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “मैं इस सुकून और गर्व के साथ विदा ले रहा हूं कि मैंने अपने साथियों के साथ मिलकर आपको ऐसे पल दिए, जिनका हमने कभी सिर्फ सपना देखा था। आपके साथ इन पलों को साझा करना अविश्वसनीय रहा। मैं आप सभी से प्यार करता हूं।’’ अर्जेंटीना के साथ मेस्सी की हालिया शानदार सफलता शायद कभी देखने को नहीं मिलती। करीब एक दशक पहले उन्होंने राष्ट्रीय टीम से संन्यास ले लिया था। 2016 कोपा अमेरिका के फाइनल में चिली के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में अर्जेंटीना की हार के बाद मेस्सी ने यह फैसला किया था। उस मुकाबले में मेस्सी खुद भी पेनल्टी चूक गए थे। मेस्सी ने हालांकि बड़े मुकाबले जीतने में असफल रहने की धारणा को पीछे छोड़ दिया। इसे भी पढ़ें: अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज चेल्सी से जुड़े, 3 साल का हुआ करार उन्होंने बार्सिलोना के लिए शानदार प्रदर्शन जारी रखा और इसके बाद पेरिस सेंट-जर्मेन तथा इंटर मियामी के लिए भी खेलते रहे। संन्यास से वापसी के बाद उन्होंने 2022 विश्व कप और 2021 तथा 2024 में कोपा अमेरिका खिताब हासिल किया। वह मेजर लीग सॉकर (अमेरिका) के लगातार दो बार के मौजूदा ‘मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर’ हैं। लीग की मौजूदा चैंपियन टीम के स्टार खिलाड़ी मेस्सी आज भी बड़े मौकों पर निर्णायक गोल करने और गोल के मौके बनाने की क्षमता रखते हैं। अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी ने हालिया विश्व कप के दौरान मेस्सी की तारीफ करते हुए कहा था, ‘‘वह अपने आप में पूरा इतिहास हैं। इतिहास। एक दिग्गज।
Lionel Messi Retirement: लियोनेल मेसी ने 2026 फीफा विश्व कप फाइनल के बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का फैसला किया है।
Mirzapur News: फुटबॉल में विंध्याचल मंडल ने चित्रकूट, सहारनपुर को हराया
Vindhyachal Division defeated Chitrakoot and Saharanpur in football.
जोधपुर नगर निगम के वार्डों में भारतीय जनता पार्टी में कई चौंकाने वाले नाम सामने आए है। भाजपा ने फुटबॉल नेशनल प्लेयर को इस चुनावी मैदान में उतारा है। इसके अलावा पार्टी ने पूर्व पार्षदों, युवा मोर्चा में काम कर चुके कार्यकर्ताओं और कई पूर्व पार्षदों की पत्नियों को भी टिकट दिया है। इतना ही नहीं तीन बच्चों की बाध्यता हटने के बाद पार्टी के दो पुराने कार्यकर्ताओं को भी पहली बार चुनाव लड़ने का मौका मिला है। इसके अलावा हाउस वाइफ, प्रॉपर्टी बिजनेसमैन, प्रोड्यूसर को भी चुनाव लड़ने का मौका दिया है। पढ़ें भाजपा प्रत्याशियों की प्रोफाइल… विकास रागवानी नेशनल फुटबॉल प्लेयर, पहली बार मिला मौका भाजपा ने वार्ड नंबर 28 से विकास रागवानी को पहली बार चुनावी मैदान में उतारा है। विकास फुटबॉल के नेशनल प्लेयर रह चुके हैं। इसके अलावा स्टेट भी खेल चुके हैं। वे मार्बल व्यवसायी भी है। जनसंघ के समय उनके दादा पहली बार वार्ड अध्यक्ष बने थे। उन्होंने साल 2006 में पार्टी की सदस्यता ली थी। इसके बाद से वे लगातार संगठन में सक्रिय है। उनका मुकाबला कांग्रेस के सीनियर नेता राकेश कल्ला से होगा। तीन बच्चों की बाध्यता हटी तो प्रोड्यूसर और बिजनेसमैन को मिला मौका भाजपा ने वार्ड नंबर 14 से सोनिया रामचंदानी और वार्ड नंबर 19 से घनश्याम वैष्णव को टिकट दिया है। दोनों 2008 से पार्टी में लगातार सक्रिय है। लेकिन, तीन बच्चों की बाध्यता के चलते इन्हें टिकट नहीं मिल पाया था। लेकिन, इस बार जब ये बाध्यता हटी तो पार्टी ने दोनों को मौका दिया। सोनिया रामचंदानी राजस्थान टूरिज्म से जुड़े वीडियो शूट करती है और वे प्रोड्यूसर हैं। जबकि घनश्याम वैष्णव युवा मोर्चा में वार्ड अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके साथ ही प्रॉपर्टी और कूलर व्यवसायी है। भाजपा से चार दिग्गज मैदान में, चारों मेयर की दौड़ में शामिल भाजपा से चार बड़े दिग्गज चुनावी मैदान में हैं। इनमें पूर्व डिप्टी मेयर देवेंद्र सालेचा, पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष प्रसन्नचंद मेहता, पूर्व राज्यमंत्री मेघराज लोहिया और पूर्व यूआईटी चेयरमैन कमलेश पुरोहित पार्षद का चुनाव लड़ेंगे। ये चारों मेयर की दौड़ में शामिल है। हालांकि इन चारों में से देवेंद्र सालेचा और पूर्व राज्यमंत्री के वार्ड का सबसे रोचक मुकाबला है। युवा मोर्चा से जुड़े कार्यकर्ताओं को भी मौका, मार्बल फिटिंग ठेकेदार, किराना व्यापारी को टिकट भाजपा ने इस बार युवा मोर्चा और पार्टी में सक्रिय रहने वाले कार्यकर्ताओं और उनके परिवार से भी टिकट दिए है। इसके अलावा वैभव पुरोहित, राकेश बागरेचा और राजेश सिंह जो युवा मोर्चा में काम कर चुके हैं, उन्हें भी मौका दिया है। इनमें राजेश सिंह और राकेश बागरेचा पहले भी पार्षद का चुनाव लड़ चुके हैं। जबकि वैभव पुरोहित को पहली बार मौका मिला है। इसके अलावा पार्टी ने वार्ड नंबर 31 से अब्दुल सकील को मौका दिया है। अब्दुल मार्बल फिटिंग का काम करते हैं और ठेकेदार है। वहीं वार्ड नंबर 53 से मनीष चौधरी को मैदान में उतारा है। मनीष चौधरी की किराना की दुकान है। इसके अलावा हितेश गौड़ का होम स्टे का बिजनेस है। मनीष और हितेश दोनों को पहली बार मौका मिला है। पार्टी ने पहली बार महिलाओं को भी दिया मौका पार्टी ने इस बार महिलाओं उम्मीदवारों को भी मौका दिया है। अधिकांश महिलाओं को पहली बार चुनावी मैदान में उतारा है। इनमें प्रियंका बाहेती सोशल वर्कर है। वहीं डॉ. नुपूर पुरोहित खांडा फलसा मंडल अध्यक्ष अरविंद पुरोहित की पत्नी हैं। उन्हें भी पार्टी ने पहली बार चुनावी मैदान में उतारा है। इसके अलावा पूर्व पार्षद दीपक माथुर की पत्नी दीपिका माथुर को भी टिकट दिया गया है। वे योगा सेंटर ऑनर है। पार्टी ने इस बार गृहणियों को भी दिए टिकट वार्ड नंबर 99 से निकिता को पहली बार चुनावी मैदान में उतारा है। लेकिन, उनके पति संदीप और उनका परिवार पिछले 27 साल से भाजपा में सक्रिय भूमिका के तौर पर काम कर रहा है। संदीप वार्ड प्रभारी और मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं। निकिता का मुकाबला कांग्रेस से पूर्व मेयर कुंती देवड़ा से होगा। वहीं वार्ड नंबर 33 से रेहाना बानो को मैदान में उतारा है। रेहाना बानो हाउस वाइफ है। इसके अलावा प्रियंका बाहेती, स्वीटी चावड़ा और नुपूर पुरोहित को भी पहली बार मौका दिया है। --------- ये खबरें भी पढ़िए… महिला कांग्रेस प्रदेश महासचिव ने आरएलपी से भरा नामांकन:घूंघट में नॉमिनेशन करने पहुंचीं पूर्व सरपंच; कांग्रेस ने डायरेक्ट सिंबल जमा करवाए जोधपुर में पूर्व-राज्यमंत्री और कांग्रेस जिलाध्यक्ष के बीच होगी टक्कर:भाजपा और कांग्रेस के दो-दो मेयर चेहरे आमने-सामने; अलग-अलग वार्ड से चचेरे भाई-बहन लड़ेंगे चुनाव पीपाड़, बिलाड़ा नगर पालिका में बीजेपी ने जारी की लिस्ट:नए लोगों को भी मौका; जानें किसे मिला किस वार्ड से मौका जानिए आपका घर किस वार्ड में आता है:परिसीमन के बाद 160 से घटकर 100 वार्ड, 11 सितंबर को होगी वोटिंग; देखें वार्डों की लिस्ट
लियोनेल मेसी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर अर्जेंटीना के साथ अपने लंबे और यादगार सफर को विराम दे दिया है। 39 वर्षीय मेसी ने कहा कि यह फैसला उनके लिए आसान नहीं था और भीतर से उन्हें अब भी इसका दुख है, लेकिन वह समझते हैं कि उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का समय पूरा हो चुका है। आठ बार बैलन डी’ओर जीत चुके मेसी अर्जेंटीना के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने और सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने देश के लिए 207 मुकाबलों में 125 गोल किए हैं। उनके नेतृत्व में अर्जेंटीना ने 2022 में कतर विश्व कप जीता था। इसके अलावा उन्होंने 2021 और 2024 में कोपा अमेरिका का खिताब भी देश को दिलाया है। मेसी ने अपने संदेश में कहा कि उन्होंने अर्जेंटीना की जर्सी में हर मुकाबले के दौरान अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश सिर्फ हाल के सफल वर्षों में ही नहीं, बल्कि पूरे करियर में अपने देश को खुशी देने और लोगों को गर्व महसूस कराने की रही है। उन्होंने अपने साथियों के साथ हासिल किए गए उन पलों को भी याद किया, जिनका सपना कभी देखा जाता था। गौरतलब है कि मेसी का अर्जेंटीना के साथ सफर हमेशा आसान नहीं रहा। 2014 के विश्व कप फाइनल में जर्मनी के हाथों मिली हार और कोपा अमेरिका के लगातार दो फाइनल गंवाने के बाद उन पर काफी सवाल उठे थे। एक समय तो उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से दूरी बनाने का फैसला भी किया था। लेकिन 2021 की कोपा अमेरिका जीत ने कहानी बदल दी। इसके बाद 2022 के विश्व कप में अर्जेंटीना को चैंपियन बनाकर मेसी ने अपने करियर की सबसे बड़ी कमी पूरी कर दी। 2024 में एक और कोपा अमेरिका खिताब जीतने के बाद वह 2026 के विश्व कप में भी टीम के साथ उतरे थे। मौजूद जानकारी के अनुसार, इस विश्व कप के फाइनल में अर्जेंटीना को स्पेन के खिलाफ 1-0 से हार मिली। इस नतीजे के साथ मेसी को उस विदाई का मौका नहीं मिल पाया जिसकी उम्मीद उनके प्रशंसक कर रहे थे। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में उनकी उपलब्धियां उन्हें खेल के महानतम खिलाड़ियों में शामिल करती हैं। मेसी ने 2005 में अर्जेंटीना के लिए पदार्पण किया था। शुरुआती दौर में उनकी तुलना 1986 के विश्व कप विजेता कप्तान डिएगो माराडोना से होती रही। लंबे समय तक यह बहस चली कि क्या वह माराडोना की तरह अर्जेंटीना को विश्व कप दिला पाएंगे। 2022 की ऐतिहासिक जीत के बाद मेसी ने अपनी अलग विरासत कायम कर दी। बार्सिलोना और पेरिस सेंट-जर्मेन के पूर्व खिलाड़ी मेसी अब इंटर मियामी के लिए खेलते हैं। उनका अंतरराष्ट्रीय संन्यास अर्जेंटीना के फुटबॉल इतिहास के एक बेहद महत्वपूर्ण अध्याय का अंत माना जा रहा है।
लियोनेल मेसी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लिया
New Delhi, 31 अगस्त . अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेस्सी ने Monday को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर दी है. मेसी ने अर्जेंटीना के लिए 207 मुकाबलों में 125 गोल किए. मेसी ने संन्यास की घोषणा करते हुए बताया कि उन्हें मैदान पर फैंस से मिला समर्थन बेहद याद आएगा. लियोनेल मेसी ने ... Read more
Lionel Messi Retirement: दुनिया के महानतम फुटबॉलरों में शुमार लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। मेसी ने अर्जेंटीना के लिए अपना आखिरी मैच 2026 फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल में खेला, जहां अर्जेंटीना को 1-0 से हार का सामना करना पड़ा।अपने एक भावुक बयान में मेसी ने कहा कि उन्होंने फाइनल के दो दिन बाद ही रिटायर होने का फैसला कर लिया था और उनके पिता जॉर्ज के गुजर जाने के बाद उन्हें अपने इस फैसले पर और भी ज्यादा यकीन हो गया।क्लब फुटबॉल के दिग्गज मेसी, 18 साल की उम्र में 17 अगस्त 2005 को हंगरी के खिलाफ एक फ्रेंडली मैच में डेब्यू करने के बाद से ही अर्जेंटीना की पहचान, शान और उम्मीद रहे हैं। उन्होंने कतर में हुए 2022 फीफा वर्ल्ड कप में नेशनल टीम को जीत दिलाई और अपना दूसरा गोल्डन बॉल भी जीता।मेसी ने 2021 और 2024 में लगातार कोपा अमेरिका चैंपियनशिप जीतीं, साथ ही इटली के खिलाफ 2022 की फाइनलिसीमा ट्रॉफी भी अपने नाम की। उन्होंने 2008 बीजिंग गेम्स में ओलंपिक गोल्ड मेडल और 2005 FIFA U-20 वर्ल्ड कप भी जीता। कुल मिलाकर, 207 मैचों में उन्होंने 125 गोल किए और 65 गोल करने में मदद की।हालांकि, मेसी इंटर मियामी के लिए खेलना जारी रखेंगे।रिटायरमेंट पर मेसी का पूरा बयान“फाइनल के बाद इतना समय बीतने और इस बारे में काफी सोचने के बाद, मैं सभी को बताना चाहता हूं कि मैं नेशनल टीम से रिटायर हो रहा हूं... यह एक ऐसा फैसला था जिससे मुझे बहुत दुख हुआ और अब भी अंदर तक दुख होता है, लेकिन मैं समझता हूं कि यही सही समय है।“मैं कसम खाता हूं कि मैंने हमेशा अपना सब कुछ दिया, न सिर्फ इन कुछ सालों में जब हमने सब कुछ जीता, बल्कि उससे पहले भी। मैंने हमेशा इस जर्सी के लिए संघर्ष किया और अपना सब कुछ दिया, ताकि आपको खुशी दे सकूं और फुटबॉल के जरिए आपको अर्जेंटीना का होने पर गर्व महसूस करा सकूं।“अब ज्यादा समय नहीं बचा है, और जिंदगी के अलग-अलग अध्याय खत्म हो रहे हैं। यह एक ऐसा अध्याय है जो मुझे बहुत दुखी करता है। मुझे नेशनल टीम का हिस्सा बने रहना पसंद है, पसंद था और हमेशा पसंद रहेगा। मैंने अपना सब कुछ दे दिया, और अब मेरे पास देने के लिए कुछ और नहीं बचा है।इसके अलावा, कई बेहतरीन युवा खिलाड़ी भी आ रहे हैं जो यहां होने के हकदार हैं।“इन 20 सालों में मिले सारे प्यार के लिए शुक्रिया। मुझे मैदान के अंदर से आपकी आवाज सुनना बहुत याद आएगा। अब मैं भी आपमें से ही एक हो जाऊंगा और हमेशा बाहर से आपका साथ दूंगा—चाहे अच्छे पल हों या बुरे, बुरे समय में तो और भी ज्यादा।“मेरे परिवार का शुक्रिया कि वे हमेशा मेरे साथ रहे और इस खूबसूरत लेकिन मुश्किल सफर में मेरा साथ दिया। उन सभी कोच, टीम के साथियों और डायरेक्टर का भी शुक्रिया जिनके साथ मुझे यह सफर तय करने का मौका मिला। मैं अपने साथ कभी न भूलने वाली यादें और पल लेकर जा रहा हूं। मैं सुकून और गर्व के साथ जा रहा हूं, यह जानते हुए कि मैंने अपनी टीम के साथियों के साथ मिलकर आपको वे पल दिए जिनका हमने कभी सपना देखा था। आप सबके साथ यह सब अनुभव करना अद्भुत था। मैं आप सभी से बहुत प्यार करता हूं!“मुझे अर्जेंटीना का नागरिक बनाने के लिए भगवान का शुक्रिया। वामोस अर्जेंटीना! मैंने ये शब्द 21 जुलाई को, फाइनल के दो दिन बाद लिखे थे। आज, मेरे पिता के साथ जो हुआ, उसके बाद मुझे अपने इस फैसले पर पहले से कहीं ज्यादा यकीन हो गया है।”यह भी पढ़ें:Dhoni: धोनी ने मांगी थी CSK में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी? सीईओ ने तोड़ी चुप्पी
अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर ने लियोनेल मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास ले लिया है। उन्होंने सोमवार को एक इंस्टा पोस्ट के जरिए इसकी जानकारा दी। मेसी ने लिखा कि अब वे राष्ट्रीय टीम की जर्सी नहीं पहनेंगे। मेसी ने बताया कि ‘उन्होंने यह फैसला वर्ल्ड कप फाइनल में स्पेन से हारने के 2 दिन बाद ही ले लिया था।’ मेसी ने कहा कि यह फैसला उनके लिए बेहद मुश्किल और दर्दनाक है। मेसी ने लिखा, 'फाइनल के बाद से इतना समय बीत चुका है। काफी सोचने के बाद मैं सभी को बताना चाहता हूं कि मैं नेशनल टीम से संन्यास ले रहा हूं।' आगे पढ़िए मेसी ने क्या-क्या लिखा...? (हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं।)
एक युग का अंत, महान फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से लिया संन्यास
अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेस्सी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है। उन्होंने यह ऐलान सोमवार को किया। हाल ही में फीफा विश्व कप में उनकी टीम उप विजेता रही थी।
लियोनेल मेसी ने 39 साल की उम्र में किया संन्यास का ऐलान, इंटरनेशनल फुटबॉल को कहा अलविदा
फटबॉल जगत से बहुत बड़ी खबर सामने आई है। अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है।
सुमित का राजस्थान फुटबॉल टीम में चयन, शानदार प्रदर्शन के बाद बीसी रॉय ट्रॉफी में मौका
शाहपुरा के सुमित ने 17 वर्षीय बालक फुटबॉल प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर राजस्थान टीम में जगह बनाई। अब सुमित छत्तीसगढ़ के नाराणपुरा में होने वाली बीसी रॉय ट्रॉफी में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेगा।
सहरसा के राष्ट्रीय फुटबॉल कोच एवं शारीरिक शिक्षा शिक्षक नीतीश मिश्र को बिहार स्पोर्ट्स अवॉर्ड 2026 समारोह में सर्वश्रेष्ठ फुटबॉल कोच (बेस्ट कोच) के सम्मान से नवाजा गया है। यह समारोह रविवार को पटना में आयोजित किया गया, जिसमें बिहार के कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खिलाड़ियों तथा प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया। सोमवार को समारोह का वीडियो सामने आने के बाद कोसी क्षेत्र में खुशी की लहर है। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बिहार को दिलाया कांस्य पदक नीतीश मिश्र वर्तमान में सहरसा के मध्य विद्यालय, जेल कॉलोनी में शारीरिक शिक्षा शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। ग्वालियर में आयोजित राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता में बिहार टीम को कांस्य पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने और टीम के मुख्य कोच के रूप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। वह कोसी प्रमंडल से यह सम्मान पाने वाले एकमात्र फुटबॉल कोच हैं। कई नामचीन हस्तियां समारोह में रहीं मौजूद समारोह में खेल जगत और विभिन्न क्षेत्रों की कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं। इनमें कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेता, एशियाई स्तर के स्वर्ण पदक विजेता, विश्व चैंपियनशिप से जुड़े खिलाड़ी, प्रधानमंत्री बाल पुरस्कार से सम्मानित प्रतिभाएं, पद्मश्री एवं खेल रत्न सम्मानित खिलाड़ी और ओलंपिक खिलाड़ी शामिल थे। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, शिक्षाविद खान सर, अंतरराष्ट्रीय कवि दिनेश बावरा और खेल विभाग के महानिदेशक रविंद्र संकरण भी समारोह में मौजूद रहे। कोच बोले- शुरू से ही मेहनती और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे नीतीश नीतीश मिश्र के कोच और पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी ब्रह्मदेव हंसदा ने उनकी प्रशंसा करते हुए कहा कि नीतीश शुरू से ही मेहनती, लगनशील और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक रहे हैं। उन्होंने बताया कि नीतीश पिछले कई वर्षों से बिहार की टीम के साथ जुड़कर खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनके नेतृत्व में बिहार टीम ने इससे पहले जम्मू-कश्मीर में आयोजित 68वीं राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी पदक हासिल किया था। सहरसा के युवा खिलाड़ियों को मिल रहा फायदा वर्तमान एमएलसी अजय कुमार सिंह ने नीतीश मिश्र को बधाई देते हुए उनकी उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक शारीरिक शिक्षा शिक्षक के रूप में लगातार बिहार के लिए उपलब्धियां हासिल करना सहरसा और पूरे कोसी क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी एवं संरक्षक रघुनाथ प्रसाद यादव ने भी कहा कि नीतीश के प्रयासों से पिछले कुछ वर्षों में सहरसा के युवा खिलाड़ी बिहार फुटबॉल टीम में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।
सेंट एंड्रयूज पीजी कॉलेज के फुटबॉल मैदान पर सोमवार को गोरखपुर फुटबॉल लीग ए डिवीजन का फाइनल पूरा नहीं हो सका।
गोरखपुर के सेंट एंड्रयूज पीजी कॉलेज के फुटबॉल मैदान पर रविवार को गोरखपुर फुटबॉल लीग ए डिवीजन का फाइनल पूरा नहीं हो सका। पेनाल्टी कॉर्नर पर निर्णायक के फैसले के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ी आपस में भिड़ गए। धक्का-मुक्की के बाद मामला मारपीट तक पहुंच गया। अफरा-तफरी के बीच मैच को रद्द कर दिया गया। खेल के दौरान मारपीट की घटना का सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल हो रहा है। पेनाल्टी कॉर्नर के फैसले पर विवाद हुआ दोपहर करीब 2:30 बजे पहले हॉफ में सद्भावना फुटबॉल क्लब से एनई रेलवे की टीम 1-0 से आगे थी। दूसरे हॉफ की शुरुआत में पेनाल्टी कॉर्नर के निर्णायक के फैसले को गलत बताते हुए विवाद शुरू हो गया। दोनों टीमों के बीच पहले कहासुनी हुई फिर खिलाड़ी एक-दूसरे से भिड़ गए। मैदान पर ही हाथापाई होने लगी। दोनों टीमों के कप्तानों ने भी एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। स्थिति बिगड़ती देख आयोजकों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस बल के पहुंचने के बाद मामला शांत कराया गया लेकिन खिलाड़ियों के व्यवहार और मैदान पर बने माहौल को देखते हुए मैच आगे नहीं कराया जा सका। आयोजन सचिव डॉ. आमिल हयात खां ने बताया कि खिलाड़ियों के आपस में भिड़ने के कारण फाइनल मुकाबला रद्द करना पड़ा। खेल के दौरान खिलाड़ियों की ओर से बार-बार अनुशासन का उल्लंघन किया जा रहा था। घटना को गंभीरता से लिया गया है। मारपीट की जांच कर रही समिति अनुशासन समिति पूरे मामले की जांच करेगी और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा। अनुशासन समिति के सदस्य हमजा खां ने कहा कि खिलाड़ियों के इस व्यवहार से खेल भावना प्रभावित हुई है। समिति घटना से संबंधित जानकारी और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर दोषी खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई तय करेगी। मैच का कोई परिणाम घोषित नहीं किया गया है। फाइनल का विजेता कौन होगा या मुकाबला दोबारा कराया जाएगा इस संबंध में अनुशासन समिति के निर्णय के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। ब्लू सफायर ने जीता बी डिवीजन फाइनल सेंट एंड्रयूज पीजी कॉलेज के फुटबॉल मैदान पर रविवार को गोरखपुर फुटबॉल लीग बी डिवीजन का फाइनल मुकाबला खेला गया। इसमें ब्लू सफायर ने सेंट एंड्रयूज फुटबॉल क्लब को 2-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया। मैच के 25वें मिनट में निखिल ने ब्लू सफायर के लिए पहला गोल किया। मध्यांतर तक ब्लू सफायर 1-0 से आगे रही। दूसरे हाफ के 34वें मिनट में संदीप ने दूसरा गोल कर टीम की बढ़त 2-0 कर दी। इसके बाद सेंट एंड्रयूज के अमित ने 50वें मिनट में गोल कर अंतर कम किया लेकिन टीम को बराबरी नहीं मिल सकी। ब्लू सफायर ने 2-1 से जीत दर्ज की। मुख्य अतिथि अक्षय मिश्रा, विशिष्ट अतिथि कार्तिकेय सिंह, जितेंद्र गौतम और डेविड सिरील ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया।
भारतीय फुटबॉल मंच पर चमके JFC के सितारे: ओवेन कोएल और मो. सानन ने जीते शीर्ष FPAI अवार्ड्स
कोलकाता में आयोजित एफपीएआई वार्षिक पुरस्कार समारोह में जमशेदपुर एफसी से जुड़े दिग्गजों का दबदबा रहा। मो. सानन को यंग प्लेयर ऑफ द ईयर और पूर्व कोच ओवेन कोएल को कोच ऑफ द ईयर का सम्मान मिला।
मिनी स्टेडियम में 8 पुरुष और 2 महिला टीमों के बीच हुआ फुटबॉल का रोमांचक मुकाबला
राष्ट्रीय खेल दिवस पर शुक्रवार को मेजर ध्यानचंद की स्मृति में सुकमा के मिनी स्टेडियम में जिला स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता हुई। प्रतियोगिता में जिले की 8 पुरुष टीमों और 2 महिला टीमों ने हिस्सा लिया। मुकाबले सुबह 10 बजे शुरू हुए। शाम 6 बजे तक चले। पूरे दिन स्टेडियम खिलाड़ियों के जोश और खेलप्रेमियों की तालियों से गूंजता रहा। खिलाड़ियों ने खेल कौशल दिखाया। अनुशासन रखा। खेल भावना भी दिखाई। कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहयोग से प्रतियोगिता कराई गई। अलग-अलग टीमों के बीच रोमांचक मुकाबले हुए। मैदान पर खिलाड़ियों ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंकी। बेहतर तालमेल दिखा। तेज पासिंग रही। आक्रामक रणनीति भी दिखी। इससे मुकाबलों में लगातार रोमांच बना रहा। महिला टीमों ने भी उत्साह के साथ खेला। अपनी प्रतिभा दिखाई। कोंटा ने शानदार प्रदर्शन कर ट्रॉफी अपने नाम की। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतर तालमेल रखा। मजबूत रणनीति के साथ खेला। प्रतिद्वंद्वी टीमों को पीछे छोड़ा। फाइनल मुकाबले में शानदार प्रदर्शन के बाद कोंटा की टीम विजेता बनी। प्रतियोगिता से जिले के युवा खिलाड़ियों को प्रतिभा दिखाने का मौका मिला। प्रतिस्पर्धा के माहौल में अनुभव भी मिला। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को खेलों से जोड़ना रहा। उनमें अनुशासन, स्वस्थ जीवनशैली, खेल भावना विकसित करना भी रहा। जिला प्रशासन स्थानीय खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए खेल गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है। आयोजन के दौरान जिला खेल अधिकारी कैलाश कश्यप, कोच शिवेंद्र ठाकुर, अधिकारी-कर्मचारी, पत्रकार और बड़ी संख्या में खिलाड़ी मौजूद रहे।
Sonipat News: बुटाना में फुटबॉल का बढ़ा क्रेज, नर्सरी में पसीना बहा रहे 40 खिलाड़ी
Football craze grows in Butana 40 players sweating it out at the nursery.
Varanasi News: वाराणसी की फुटबॉल टीम ने देवी पाटन को छह गोल से हराया
Varanasi's football team defeated Devi Patan by six goals
बठिंडा के सरकारी हाई स्कूल जंगियाणा में पीटी शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे नथाना निवासी अमृतपाल सिंह जुग्गू की सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसा शनिवार को गांव गुमटी और दियालपुरा मिर्जा के बीच मुख्य सड़क पर हुआ। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, अमृतपाल सिंह जुग्गू स्कूल में छुट्टी के बाद रोजाना की तरह खिलाड़ियों को फुटबॉल की प्रैक्टिस करवाकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान गांव गुमटी और दियालपुरा मिर्जा के बीच उनकी कार की एक अन्य कार से टक्कर हो गई। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने पहुंचाया था अस्पताल राहगीरों की मदद से उन्हें उपचार के लिए आदेश अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अमृतपाल सिंह जुग्गू फुटबॉल के प्रतिभावान खिलाड़ी और कोच भी थे। उन्होंने पंजाब और विश्वविद्यालय स्तर पर फुटबॉल खेली थी। वह लंबे समय से युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें फुटबॉल का प्रशिक्षण भी दे रहे थे। उनकी मौत से शिक्षा और खेल जगत के साथ-साथ पूरे इलाके में शोक का माहौल है। हादसे की सूचना मिलने पर भगता भाईका पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
राष्ट्रीय खेल दिवस पर शनिवार को भरतपुर में स्व. मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में कार्यक्रम हुए। राजेश पायलट स्टेडियम में खेल गतिविधियां और सम्मान समारोह हुआ, जिसमें खिलाड़ियों और खेल प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। जिला ओलंपिक संघ की बैठक में जिले में खेलों के विकास और खिलाड़ियों को सुविधाएं देने पर चर्चा हुई। वहीं, स्टेडियम में ग्रासिंग फुटबॉल मैदान विकसित करने और अन्य निर्माण कार्यों का प्रस्ताव कलेक्टर के सामने रखने का निर्णय लिया गया। खिलाड़ियों और खेल प्रतिभाओं का सम्मान स्व. मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर राजेश पायलट स्टेडियम में खेल गतिविधियों एवं कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला ओलंपिक संघ की ओर से खिलाड़ियों एवं खेल प्रतिभाओं के लिए सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। कार्यक्रम जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष केदार प्रसाद मीना की अध्यक्षता में हुआ। इसमें खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में ओलंपिक संघ के सचिव शिवचरण रावत, मुंशी खान, प्रदीप नागर, इरफान अहमद, चंदरेश शर्मा, अब्दुल रसीद तथा प्रभारी खेल अधिकारी कजोड़मल नरानिया सहित खिलाड़ी मौजूद रहे। खेल दिवस पर फुटबॉल मैच कराया गया राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर मान क्लब में मैत्री फुटबॉल मैच भी आयोजित किए गए। खिलाड़ियों ने इसमें उत्साहपूर्वक भाग लिया। मैच के दौरान खिलाड़ियों ने खेल भावना और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। इस अवसर पर खेल विभाग से लक्ष्मीनारायण मौना, सूबे सिंह गुर्जर एवं राकेश गुर्जर सहित वरिष्ठ खिलाड़ी मौजूद रहे। जिला ओलंपिक संघ की साधारण सभा में खेलों पर चर्चा प्रभारी खेल अधिकारी कजोड़मल नरानिया ने बताया कि कार्यक्रम से पहले जिला ओलंपिक संघ की साधारण सभा आयोजित की गई। सभा में जिले में खेलों के विकास, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा खेल मैदानों की स्थिति पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि राजेश पायलट स्टेडियम में ग्रासिंग फुटबॉल मैदान विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही मैदान में आवश्यक मिट्टी भराव सहित निर्माण कार्य कराने का प्रस्ताव भी कलेक्टर के समक्ष रखने का निर्णय लिया गया। खेल मंत्री से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल खेल संबंधी विषयों को लेकर जिला ओलंपिक संघ के प्रतिनिधिमंडल द्वारा खेल मंत्री से मुलाकात करने का भी निर्णय लिया गया। प्रतिनिधिमंडल खेलों के विकास, खिलाड़ियों की सुविधाओं और खेल मैदानों से जुड़े विषयों को खेल मंत्री के सामने रखेगा।
भारतीय टीम सोमवार को एएफसी अंडर-20 एशियाई कप चीन 2027 क्वालीफायर में सीरिया के खिलाफ मुकाबले से अपने अभियान की शुरुआत करेगी। डोस्तलिक स्टेडियम में होने वाले मुकाबले में भारत की नजर इस स्तर पर सीरिया के खिलाफ पहली जीत दर्ज करने पर होगी। दोनों टीम अब तक प्रतिस्पर्धी फुटबॉल में केवल दो बार आमने-सामने हुई हैं और दोनों मुकाबलों में भारत को हार मिली है। 1996 के एएफसी युवा चैंपियनशिप में भारत 0-1 और 2004 में 1-2 से हारा था। भारत के मुख्य कोच महेश गवली ने सीरिया को अनुभवी और मजबूत टीम बताते हुए कहा कि उनकी टीम का मुख्य ध्यान अपनी रणनीति पर अमल करने और पूरे 90 मिनट तक अनुशासित रहने पर होगा। गवली ने कहा, ‘‘सीरिया एक अच्छी और इस स्तर पर काफी अनुभवी टीम है। इसे भी पढ़ें: Sunil Chhetri ने कहा Indian Football को पटरी पर लाने के लिए मिलकर काम करें AIFF और खिलाड़ी हम उसका सम्मान करते हैं। हमने उसकी टीम का अध्ययन किया है और हमें अंदाजा है कि मुकाबले में क्या उम्मीद की जा सकती है। हमारा मुख्य ध्यान अपने खेल पर रहेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब गेंद हमारे पास ना रहे तब भी हमें अपने खेल में अच्छी तरह व्यवस्थित रहना होगा और जब भी मौके मिलें उनका पूरा फायदा उठाना होगा। इसे भी पढ़ें: FPAI Awards में छांगते बने सर्वश्रेष्ठ भारतीय फुटबॉलर, मनीषा कल्याण भी सम्मानित मुकाबला कड़ा होने की उम्मीद है और हमें पूरे 90 मिनट तक अपना ध्यान बनाए रखना होगा।’’ सीरिया की टीम 1994 में एएफसी अंडर-19 चैंपियनशिप का खिताब जीत चुकी है और हाल की दो एएफसी अंडर-20 एशियाई कप प्रतियोगिताओं के लिए भी क्वालीफाई कर चुकी है। नीदरलैंड के अर्नो ब्यूटेनवेग के मार्गदर्शन में खेल रही सीरिया की टीम भारत के लिए अभियान की चुनौतीपूर्ण शुरुआत पेश करेगी। भारत को अच्छी तरह पता है कि उज्बेकिस्तान और बांग्लादेश जैसी टीमों वाले ग्रुप बी में गलती की कोई खास गुंजाइश नहीं होगी। भारत 2006 के बाद पहली बार इस टूर्नामेंट में जगह बनाने का लक्ष्य लेकर उतरा है। भारत पिछली बार 2025 क्वालीफायर में बेहद करीब जाकर चूक गया था और गोल अंतर के कारण सर्वश्रेष्ठ उपविजेता टीम में जगह नहीं बना सका था। मौजूदा टीम ने क्वालीफायर से पहले लंबे समय तक तैयारी की है। इसे भी पढ़ें: Pranavi Urs ने Irish Open में 3 अंडर 69 के स्कोर से की शानदार शुरुआत अगस्त में भारत ने सिंगापुर और यमन के खिलाफ चार अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच खेले, जिनमें सिंगापुर को दोनों बार हराया जबकि यमन के खिलाफ एक मैच ड्रॉ रहा और दूसरे में जीत दर्ज की। टीम बृहस्पतिवार को ताशकंद पहुंची और अब तक तीन अभ्यास सत्र कर चुकी है। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे शुरू होगा।
जिंक फुटबॉल अकादमी के प्रशिक्षु खिलाड़ियों और ग्रामीण युवाओं ने एक मंच पर मनाया राष्ट्रीय खेल दिवस
उदयपुर। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की प्रमुख खेल पहल जिंक फुटबॉल अकादमी ने राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर राजस्थान के ऐतिहासिक जावर स्टेडियम में विशेष ... Read more
फुटबॉल मैच जीतने पर दी गई बधाई
65वीं सुब्रतो मुखर्जी कप फुटबॉल टूर्नामेंट 2026 में अंडर-17 बालिका वर्ग में राष्ट्रीय चैंपियन बनने पर संत पैट्रिक उच्च विद्यालय गुमला की महिला फुटबॉल टीम को जिला फुटबॉल एसोसिएशन के पूर्व सचिव मुरली मनोहर प्रसाद ने बधाई दी है। कहा है कि टीम की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खेल कौशल एवं जिला स्तर पर टीम भावना का बेहतरीन उदाहरण देखने को मिला है। वीणा उरांव फुटबॉल कोच के कुशल मार्गदर्शन के रूप में उभरी है। टीम की इस शानदार सफलता पर पूर्व कमिटी के अन्य पदाधिकारियों सहित खेल प्रेमियों ने भी बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
Lucknow News: फुटबॉल में पुलिस मॉडर्न स्कूल चैंपियन
फुटबॉल में पुलिस मॉडर्न स्कूल चैंपियन
Barabanki News: प्रदेशीय विद्यालयीय बालिका फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए 11 छात्राएं रवाना
प्रदेशीय विद्यालयीय बालिका फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए 11 छात्राएं रवाना
पनामा समेत दिग्गज देशों से होगा भारतीय फुटबॉल टीम का सामना, मगर सुनील छेत्री को इस बात का मलाल
कोलकाता, 29 अगस्त . India की सीनियर पुरुष फुटबॉल टीम, फीफा मेंस इंटरनेशनल मैच विंडो के दौरान पनामा के खिलाफ एक ‘दोस्ताना मैच’ की मेजबानी करने जा रही है. इसके बाद भारतीय टीम इस साल उरुग्वे, ब्राजील और न्यूजीलैंड का सामना करेगी. पूर्व कप्तान सुनील छेत्री इससे बेहद खुश हैं, लेकिन उन्हें इसका भी मलाल ... Read more
जागोडीह ने कबरा टीम को 2-1 से हराया:मेजर ध्यानचंद की जयंती पर हुआ रोमांचक फुटबॉल मुकाबला
तिलौथू प्रखंड के जागोडीह खेल मैदान में मेजर ध्यानचंद की जयंती पर एक रोमांचक फुटबॉल मैच का आयोजन किया गया। इस मुकाबले में बिहार की जागोडीह आदर्श फुटबॉल क्लब ने झारखंड के पलामू जिले की कबरा टीम को 2-1 से पराजित किया। निर्धारित समय में खेले गए इस मैच में बिहार की जागोडीह टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया। मध्यांतर के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने जीत के लिए कड़ा संघर्ष किया। झारखंड की टीम ने कई आक्रामक प्रयास किए, लेकिन बिहार के खिलाड़ियों ने बेहतरीन तालमेल और मजबूत रक्षात्मक खेल से अपनी बढ़त बरकरार रखी। झारखंड की कबरा टीम के कोच और कप्तान जयचंद थे, जबकि गोलकीपर भोला ने जिम्मेदारी संभाली। बिहार की जागोडीह आदर्श फुटबॉल क्लब टीम की कप्तानी पप्पू कुमार ने की, और नीतीश कुमार गोलकीपर रहे। मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मैदान में पहुंचे। दर्शकों ने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर सर्वजन कल्याण संस्थान के अध्यक्ष योगेंद्र कुशवाहा, रामडीहरा मुखिया विनोद चंद्रवंशी और मुंगेरी पासवान सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। आयोजकों ने बताया कि मेजर ध्यानचंद की जयंती पर इस खेल आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ाना और स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर प्रदान करना है।
मेजर ध्यानचंद जयंती पर फुटबॉल मैत्री मैच, मेजर ध्यानचंद एकेडमी ने 3-0 से जीत दर्ज की
सवाई माधोपुर में मेजर ध्यानचंद जयंती पर फुटबॉल मैत्री मैच हुआ, जिसमें मेजर ध्यानचंद एकेडमी ने 3-0 से जीत दर्ज की।
मानसा जिले के जोगा गांव में युवाओं को नशे से दूर रखने और खेलों से जोड़ने के उद्देश्य से फुटबॉल लीग का आयोजन किया गया। लीग में पंजाब के विभिन्न जिलों से फुटबॉल टीमों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के मालवा जोन के कोऑर्डिनेटर और जिला परिषद मानसा के चेयरमैन चुशपिंदरबीर सिंह चहल ने किया। उद्घाटन समारोह में आम आदमी पार्टी पंजाब के वाइस यूथ प्रधान वीर दविंदर बल्लां विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। गांव के सरपंच गोपी ने भी खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया।चुशपिंदरबीर सिंह चहल ने कहा कि पंजाब सरकार ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़कर नशे से दूर रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। चहल बोले- फुटबॉल लीग में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की भागीदारी उत्साहजनक इसी उद्देश्य से मानसा जिले के गांवों में विभिन्न खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले के अलग-अलग गांवों में युवाओं को खेल किट भी वितरित की जा रही हैं, ताकि खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रतियोगिताओं के दौरान जरूरी सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के साथ उनकी प्रतिभा को निखारने का बेहतर माध्यम हैं। चहल ने कहा कि जोगा गांव में आयोजित फुटबॉल लीग में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों की भागीदारी उत्साहजनक है। उन्होंने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में ये प्रतिभाशाली खिलाड़ी मानसा और पंजाब का नाम देशभर में रोशन करेंगे। आयोजकों ने भी युवाओं से नशे से दूर रहकर खेलों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
जिंक फुटबॉल एकेडमी के प्रशिक्षु खिलाड़ियों और ग्रामीण युवा आए एक मंच पर
राष्ट्रीय खेल दिवस के तहत आयोजित कार्यक्रम में अकादमी के खिलाड़ियों और ग्रामीण बच्चों ने विभिन्न फुटबॉल गतिविधियों में हिस्सा लिया। इसमें अकादमी की लड़कियों की आवासीय फुटबॉल टीम की खिलाड़ी भी शामिल रहीं। खेल गतिविधियों और आपसी संवाद के माध्यम से बच्चों को फुटबॉल के प्रति प्रेरित किया गया तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और खेल भावना को बढ़ावा दिया गया।
Jammu News: अंडर-14 बालिका वर्ग में गांधीनगर की टीम ने जीता फुटबॉल का खिताब
अंडर-14 बालिका वर्ग में गांधीनगरकी टीम ने जीता फुटबॉल का खिताब
Gorakhpur News: सीबीएसई गर्ल्स फुटबॉल टूर्नामेंट में आर्मी पब्लिक स्कूल का दबदबा
Army Public School dominates CBSE Girls Football Tournament
Gorakhpur News: फुटबॉल लीग के फाइनल में पहुंचे पूर्वोत्तर रेलवे और सद्भावना क्लब
North Eastern Railway and Sadbhavana Club reach the football league final.
The Faculty of Social Sciences and the Institute of Science will face off in the inter-faculty football final for the first time.
Mahoba News: फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए 22 खिलाड़ी चयनित
महोबा। डीएवी इंटर कॉलेज बांदा में आयोजित माध्यमिक विद्यालयों की मंडल स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता में महोबा जनपद के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जगह बनाई है।
गोरखपुर के सेंट एंड्रयूज कॉलेज में चल रही फुटबॉल लीग (ए डिविजन) के लीग चरण का समापन वेलेंटाइन फुटबॉल क्लब की शानदार जीत के साथ हुआ। अंतिम लीग मुकाबले में वेलेंटाइन FC ने उत्तर प्रदेश पुलिस गोरखपुर जोन को 3-1 से शिकस्त दी। टीम की जीत के हीरो सैफुद्दीन रहे, जिन्होंने तीनों गोल दागकर हैट्रिक पूरी की। मैच शुरू होते ही वेलेंटाइन FC ने आक्रामक खेल दिखाया। तीसरे मिनट में सैफुद्दीन ने शानदार गोल कर टीम को 1-0 से आगे कर दिया। इसके छह मिनट बाद नौवें मिनट में उन्होंने अपना दूसरा गोल दाग दिया। पहले हाफ के अंत तक वेलेंटाइन टीम 2-0 से आगे रही। दूसरे हाफ में भी दबदबा, सैफुद्दीन की हैट्रिक दूसरे हाफ में भी वेलेंटाइन FC का दबदबा कायम रहा। 40वें मिनट में सैफुद्दीन ने तीसरा गोल कर अपनी हैट्रिक पूरी की। इसके बाद 42वें मिनट में उत्तर प्रदेश पुलिस के आबदीन ने गोल कर अंतर कम किया, लेकिन टीम वापसी नहीं कर सकी। मुकाबला वेलेंटाइन FC ने 3-1 से जीत लिया। तालमेल की कमी से दबाव में रही पुलिस टीम मैच के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस के खिलाड़ी दबाव में नजर आए। टीम के बीच तालमेल की कमी का फायदा वेलेंटाइन FC ने उठाया और अधिकांश समय खेल पर नियंत्रण बनाए रखा। मुख्य अतिथि ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह गोरखपुर फुटबॉल संघ के उपाध्यक्ष उपेंद्र मणि त्रिपाठी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और उनके प्रदर्शन का उत्साहवर्धन किया। संघ के संरक्षक कैप्टन राधेश्याम सिंह ने लीग के सफल आयोजन के लिए खिलाड़ियों, दर्शकों और आयोजन समिति को बधाई दी। उन्होंने आयोजन सचिव डॉ. अमिल हयात खान और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना की। सेमीफाइनल में आज आमने-सामने होंगी चार टीमें लीग चरण समाप्त होने के बाद अब गुरुवार को सेमीफाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। दोपहर 2 बजे: एनई रेलवे मुख्यालय vs वेलेंटाइन फुटबॉल क्लब शाम 3:30 बजे: सद्भावना फुटबॉल क्लब vs उत्तर प्रदेश पुलिस गोरखपुर जोन
Genelia DSouza Birthday: नेशनल लेवल की Football Player से बनीं बॉलीवुड की सुपरहिट Actress
हिंदी सिनेमा की सबसे प्यारी और टैलेंटेड एक्ट्रेस जेनेलिया डिसूजा आज 05 अगस्त को अपना 39वां जन्मदिन मना रही हैं। बता दें कि एक्ट्रेस 15 साल की उम्र से अभिनय कर रही हैं। उन्होंने न सिर्फ हिंदी सिनेमा बल्कि साउथ की फिल्मों में भी काम किया है। जेनेलिया नेशनल लेवल की फुटबॉल प्लेयर भी रह चुकी हैं। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर एक्ट्रेस जेनेलिया डिसूजा के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार मुंबई में 05 अगस्त 1987 को जेनेलिया का जन्म हुआ था। अपने स्कूली और कॉलेज के जीवन में एक स्टेट लेवल एथलीट, नेशनल लेवल की फुटबॉल प्लेयर और स्प्रिंटर थीं। उन्होंने 15 साल की उम्र में मॉडलिंग में कदम रखा था। फिल्मी सफर साल 2003 में फिल्म 'तुझे मेरी कसम' से अपना बॉलीवुड डेब्यू किया था। इस फिल्म में वह अपने पति रितेश देशमुख के साथ नजर आई थीं। जेनेलिया ने हिंदी, तेलुगु, तमिल और कन्नड़ जैसी कई भाषाओं में फिल्में की और एक अलग नया मुकाम हासिल किया। एक्ट्रेस को फिल्म 'जाने तू... या जाने ना' से मिली थी। इसके अलावा एक्ट्रेस ने 'फोर्स', 'रेडी' और 'तेरे नाल लव हो गया' जैसी फिल्मों में काम किया। विज्ञापन में काम एक्ट्रेस ने कभी मॉडलिंग और एक्टिंग के बारे में सोचा नहीं था। वह MNC में काम करना चाहती थीं। लेकिन शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जेनेलिया एक शादी अडेंट कर रही थीं, जिस दौरान उनको बिग बी के साथ पॉपुलर पार्कर पेन के एड में काम करने का ऑफर मिला। इस एड में जेनेलिया ने बिग बी के फैंस का रोल किया था। रितेश देशमुख से मुलाकात जेनेलिया की अपनी डेब्यू फिल्म के को स्टार रितेश देशमुख से दोस्ती हो गई और यह दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। बाद में रितेश और जेनेलिया ने शादी कर ली। कपल दो बेटों के पेरेंट्स हैं।
फुटबॉल जगत में पसरा मातम, इस दिग्गज का निधन, जबरदस्त रहा करियर
फ्रेंको बारेसी सिर्फ एक महान डिफेंडर नहीं थे. उन्होंने दुनिया को दिखाया कि एक खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के साथ-साथ अपने चरित्र, अनुशासन और क्लब के प्रति समर्पण से भी अमर बन सकता है. वो एक ऐसे कप्तान रहे, जिन्होंने अपने खेल से ही नहीं, अपने व्यक्तित्व से भी लाखों लोगों का दिल जीता.
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के अंतिम दौर में पहुंचने के बीच अमिताभ बच्चन ने टूर्नामेंट को लेकर अपनी राय साझा की है। उन्होंने विवादित फैसलों, नए खिलाड़ियों के उभरने और बदलते दौर के फुटबॉल पर बात की। बिग बी ने कहा कि समय बदलता है और नई पीढ़ी खेल को नई दिशा ...
बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह 'धुरंधर' की सक्सेस के बीच चल रहे 'डॉन 3' विवाद को लेकर भी सुर्खियों में हैं। फिल्ममेकर फरहान अख्तर और एक्सेल एंटरटेनमेंट के साथ उनकी अनबन अब जगजाहिर हो चुकी है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) द्वारा उनके ...
सिर्फ फुटबॉल नहीं, ये है जिंदगी की फिलॉसफी!, आर्सेनल की जीत पर रणवीर सिंह ने लिखा इमोशनल नोट
आर्सेनल की इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाते हुए रणवीर सिंह ने जो हालिया नोट लिखा है, उसमें एक बेहद गहरी और छिपी हुई बात नजर आती है। ऊपर-ऊपर से देखने पर तो यह किसी फुटबॉल फैन के दिल की वो सच्ची और जज्बाती आवाज लगती है, जो दशकों के लंबे इंतजार के बाद ...
फुटबॉल कोच के बाद अब बड़े परदे पर क्रिकेटर बनकर चमकेंगे Ajay Devgan,एक्टर की नई बायोपिक फिल्म पर आया बड़ा अपडेट
Maidaan Review: सीट से हिलने का मौका नहीं देगी Ajay Devgan की ये फिल्म, जरूर देखनी चाहिएइंडियन फुटबॉल टीम के महान कोच
‘भीड़ से साथ की उम्मीद मत रखना', Ajay Devgan की मच अवेटेड फिल्म Maidaan काट्रेलर हुआ लॉन्च,फुटबॉल कोच बनकर छा गए एक्टर

