साउथ कोरिया ने फुटबॉल वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत जीत से की। उसने शुक्रवार को चेक गणराज्य को 2-1 से हराया। ग्रुप-ए मुकाबले में ह्वांग इन-बोम ने एक गोल किया और एक गोल में मदद की। मैक्सिको के एस्टाडियो ग्वाडलाहारा में खेले गए मैच का पहला हाफ गोल रहित रहा। 59वें मिनट में चेक गणराज्य के कप्तान लाडिस्लाव क्रेजी ने हेडर से टीम को बढ़त दिलाई। हालांकि, साउथ कोरिया ने 67वें मिनट में ह्वांग इन-बोम के गोल से बराबरी कर ली। 80वें मिनट में उनके सटीक क्रॉस पर ओह ह्योन-ग्यू ने गोल कर टीम को 2-1 से आगे कर दिया। साउथ कोरिया ने 2010 के बाद पहली बार फुटबॉल वर्ल्ड कप में अपना पहला मैच जीता है। टीम ने लगातार तीसरे वर्ल्ड कप में किसी यूरोपीय टीम को हराया है। उसका अगला मैच मेजबान मैक्सिको से 19 जून को सुबह 6:30 बजे होगा। 3 फोटो देखिए मैच के गोल...? पहले हाफ में कोरिया हावी रही, गोल नहीं मैच का पहला हाफ गोल रहित रहा। इसमें कोरियाई टीम का दबदबा रहा, क्योंकि उसने ज्यादा मौके बनाए। चेकिया ने अटैकिंग शुरुआत की, लेकिन जल्द ही डिफेंसिव हो गई। कोरियाई कप्तान सोन ह्युंग-मिन और ली कांग-इन ने मिडफील्ड में बेहतरीन तालमेल से लगातार मौके बनाए, लेकिन सफलता नहीं मिली। चेकिया का एक गोल अमान्य हुआ 78वें मिनट में चेक रिपब्लिक ने गोल कर 2-1 की बढ़त बना ली थी, लेकिन ऑफसाइड के कारण गोल अमान्य कर दिया गया। फ्री-किक पर व्लादिमीर कूफाल के साथ खड़े मिखाल सादिलेक ने गेंद गोल पोस्ट के किनारे पहुंचाई, जहां टॉमस सूचेक ने हेडर से उसे नेट में भेज दिया। गोल के तुरंत बाद सहायक रेफरी ने ऑफसाइड का झंडा उठा दिया। इससे चेकिया की खुशी ज्यादा देर नहीं टिक सकी और स्कोर बराबर रहा। वर्ल्ड कप में रिकॉर्ड 1-0 हुआ इस जीत के साथ वर्ल्ड फुटबॉल रैंकिंग में 25वें नंबर की टीम साउथ कोरिया ने 41वें पायदान की चेक रिपब्लिक के खिलाफ वर्ल्ड कप रिकॉर्ड 1-0 कर लिया है। दोनों टीमें इस टूर्नामेंट में पहली बार आमने-सामने थीं। ओवरऑल रिकॉर्ड में भी कोरियाई टीम 2-1 से आगे हो गई है। दोनों के बीच यह पांचवां इंटरनेशनल मैच था। दो मुकाबले ड्रॉ रहे, जबकि एक जीत चेक रिपब्लिक को मिली है। दोनों टीमों की स्टार्टिंग इलेवन साउथ कोरिया: गोलकीपर- स्युंग-ग्यू, डिफेंडर- ली हान-बोम, मिन-जे, ली ते-सोक, सीलो यंग-वू। मिडफील्डर्स- ली-ह्युक, ह्वांग इन-बोम, पइक स्युंग-हो, ली जे-सुंग, ली कांग-इन। अटैक- सोन ह्युंग-मिन। चेक रिपब्लिक: गोलकीपर- मातेज कोवार, डिफेंडर्स- रॉबिन ह्रानाच, व्लादिमिर कूफाल, स्टीफन शलूपेक, लाडीस्लाव क्रेजची, जारोस्लाव जेलेनी। मिडफील्डर्स- लुकास प्रोवोड, टॉमस सूचेक, अलेक्जेंडर सोयका। अटैक-पैट्रिक शेक, पावेल सल्क। ------------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… पॉपस्टार शकीरा ने ओपनिंग सेरेमनी में ‘डाई-डाई’ सॉन्ग गाया; मैक्सिको ने साउथ अफ्रीका को हराया फुटबॉल वर्ल्ड कप की शुरुआत हो चुकी है। गुरुवार रात को मैक्सिको में 39 दिन चलने वाले इस टूर्नामेंट की ओपनिंग सेरेमनी हुई। इसमें पॉप स्टार शकीरा और नाइजीरियाई सिंगर बर्ना बॉय ने परफॉर्म किया। दोनों ने मिलकर FIFA का ऑफिशियल सॉन्ग ‘डाई-डाई’ गाया। पढ़ें पूरी खबर
फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता अपने अंतिम और सबसे रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुकी है। साल 2026 का फीफा वर्ल्ड कप एक ऐसे अभूतपूर्व रिकॉर्ड का गवाह बनने जा रहा है, जहां सर्वकालिक महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो अपने करियर के छठे वर्ल्ड कप में खेलने उतरेंगे। दुनिया भर के फुटबॉल फैंस के मन में केवल एक ही सवाल है- क्या इस महाकुंभ में ये दोनों दिग्गज अपनी नेशनल जर्सी में एक-दूसरे के आमने-सामने होंगे? अर्जेंटीना के मेसी (38 वर्ष) और पुर्तगाल के रोनाल्डो (41 वर्ष) की उम्र को देखते हुए, यह वर्ल्ड कप के मंच पर दोनों के बीच भिड़ंत का आखिरी मौका हो सकता है। ग्रुप स्टेज मुकाबले और शेड्यूल लियोनेल मेसी की कप्तानी वाली अर्जेंटीना को ग्रुप जे में रखा गया है। क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल को ग्रुप-के में जगह मिली है। अगर अर्जेंटीना अपने ग्रुप में टॉप पर रहता है, तो वे 4 जुलाई को राउंड ऑफ-32 में ग्रुप-एच (जिसमें स्पेन, उरुग्वे, केप वर्डे, सऊदी अरब शामिल हैं) की रनरअप टीम से भिड़ेंगे। अर्जेंटीना की तरह पुर्तगाल से भी अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहने की उम्मीद है। इस स्थिति में 4 जुलाई को राउंड ऑफ-32 में उनका सामना ग्रुप D, E, I, J या L ग्रुप में से किसी तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम से होगा। 3 समीकरण टूर्नामेंट के फॉर्मेट और ब्रैकेट को देखते हुए मेसी और रोनाल्डो के बीच इस टूर्नामेंट में आमने-सामने की भिड़ंत होने के मुख्य रूप से 3 समीकरण बन रहे हैं... 1. राउंड ऑफ-16 में कड़ा मुकाबला अगर किसी बड़े उलटफेर के चलते दोनों टीमें अपने-अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहती हैं, तो कहानी रोमांचक हो सकती है। ऐसी स्थिति में राउंड ऑफ-32 का मैच जीतने के बाद ये दोनों दिग्गज सीधे राउंड ऑफ-16 में एक-दूसरे के सामने आ सकते हैं। हालांकि, दूसरे स्थान पर रहने पर 'राउंड ऑफ 32' की राह बेहद कठिन हो जाएगी, क्योंकि तब अर्जेंटीना का सामना स्पेन से और पुर्तगाल का सामना क्रोएशिया जैसी मजबूत टीमों से होने की संभावना बढ़ जाएगी। 2. क्वार्टर फाइनल में ब्लॉकबस्टर मुकाबला इसका सबसे सीधा और सरल जवाब यह है कि दोनों टीमें अपने-अपने ग्रुप में टॉप करें। इसके बाद, यदि अर्जेंटीना और पुर्तगाल दोनों ही राउंड ऑफ-32 और राउंड ऑफ-16 के अपने-अपने मुकाबले जीत जाते हैं, तो फुटबॉल फैंस को क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना बनाम पुर्तगाल का ब्लॉकबस्टर मैच देखने को मिलेगा। वर्तमान ब्रैकेट को देखते हुए यह सबसे व्यावहारिक स्थिति लगती है। इस रास्ते में अर्जेंटीना के लिए राउंड ऑफ-32 में उरुग्वे सबसे कठिन प्रतिद्वंद्वी हो सकता है, जबकि पुर्तगाल को क्वार्टर फाइनल से पहले किसी बहुत बड़ी टीम से भिड़ना नहीं पड़ेगा। 3. फाइनल का भी जादुई समीकरण वर्ल्ड कप के विशाल प्रारूप को देखते हुए एक और जादुई समीकरण भी संभव है। यदि दोनों में से कोई एक टीम अपने ग्रुप में पहले स्थान पर रहे और दूसरी टीम अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहे, तो दोनों का रास्ता अलग-अलग हो जाएगा। इस स्थिति में दोनों टीमें केवल और केवल फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में ही एक-दूसरे से टकरा सकती हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह खेल इतिहास का सबसे बड़ा लास्ट डांस'' साबित होगा। इस बार दांव पर होंगे कई रिकॉर्ड क्लब फुटबॉल में मेसी का दबदबा, इंटरनेशनल में बराबर ----------------------------------------------
अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस पर श्रीराम स्टेडियम में हुई फुटबॉल प्रतियोगिता
बारां| अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस पर गुरुवार सुबह 8 बजे से जिला फुटबॉल संघ बारां ने शहर के श्रीराम स्टेडियम में फुटबॉल प्रतियोगिता कराई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बारां नागरिक सहकारी बैंक के चेयरमैन हरगोविंद जैन रहे। विशिष्ट अतिथि निशांत तिवारी, अश्विनी बंसल रहे। अतिथियों का स्वागत प्रदेश उपाध्यक्ष निर्मल माथोडिया, अध्यक्ष भीम चौधरी, वरिष्ठ खिलाड़ी नरेंद्र चतुर्वेदी, अब्दुल अजीज, कृष्णकांत, अनवर अली, प्रदीप हाड़ा, हरिओम, कुशल शर्मा, शराफत अली, अन्य खेल प्रेमियों ने किया। हरगोविंद जैन ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए रोज कुछ समय खेल के लिए निकालना चाहिए। खेल से शरीर मजबूत होता है। अनुशासन बढ़ता है। नेतृत्व क्षमता बनती है। टीम भावना मजबूत होती है। फुटबाल संघ प्रदेश उपाध्यक्ष निर्मल माथोडिया ने बताया कि हर साल ग्रीष्मकालीन फुटबॉल प्रशिक्षण शिविर लगाया जाता है। उद्देश्य खिलाड़ियों को आधुनिक तकनीक, खेल कौशल सिखाना है। उन्होंने बताया कि 31 मई से शुरू 20 दिवसीय शिविर में अब तक रिकॉर्ड 118 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। खिलाड़ी सुबह, शाम दो सत्रों में अनुभवी प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण ले रहे हैं। प्रवक्ता सुनील शर्मा ने बताया कि शिविर में नियमित आने वाले, अच्छा प्रदर्शन करने वाले चयनित खिलाड़ियों को समापन समारोह में टी-शर्ट, नेकर, फुटबॉल शूज, बैग, पानी की बोतल देकर सम्मानित किया जाएगा। अध्यक्ष भीम चौधरी ने बताया कि कार्यक्रम में बारां नागरिक सहकारी बैंक ने सभी खिलाड़ियों को फुटबॉल सॉक्स बांटे। बैंक ने खेल प्रोत्साहन के लिए जिला फुटबॉल संघ को पांच फुटबॉल भी भेंट कीं। खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों ने पहल पर खुशी जताई।
FIFA वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे दिन 2 मैच खेले जाएंगे। दिन का पहला मैच सह-मेजबान कनाडा और बोस्निया-हर्जेगोविना के बीच खेला जाएगा। यह मैच टोरंटो स्टेडियम में भारतीय समयानुसार रात 12:30 बजे से शुरू होगा। जबकि, दूसरा मैच सह-मेजबान अमेरिका और पराग्वे के बीच लॉस एंजिल्स स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मुकाबला सुबह 6:30 बजे से शुरु होगा। मैच-3: कनाडा और बोस्निया पहली बार आमने-सामने ग्रुप-B में शामिल कनाडा और बोस्निया-हर्जेगोविना के बीच यह फुटबॉल इतिहास की पहली भिड़ंत होगी। सह-मेजबान कनाडा को अपने घरेलू दर्शकों के सामने स्टार डिफेंडर अल्फोंसो डेविस और फॉरवर्ड जोनाथन डेविड से धमाकेदार प्रदर्शन की उम्मीद होगी। वहीं, बोस्निया की टीम अपने कप्तान और दिग्गज स्ट्राइकर एडिन जेको के अनुभव के दम पर उलटफेर करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। FIFA रैंकिंग की बात करें तो कनाडा दुनिया की 30वें नंबर की टीम है, जबकि बोस्निया-हर्जेगोविना की टीम रैंकिंग में 64वें पायदान पर है। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: कनाडा: क्रेपेउ, जॉनस्टन, बॉम्बिटो, कॉर्नेलियस, डेविस, लारेया, इस्टाक्वियो, कोन, मिलर, डेविड, लारिन। बोस्निया-हर्जेगोविना: वासिल, अहमदहोडज़िक, कातिच, राडेलिच, गाज़िबेगोविच, हजराडिनोविच, हुसेिनबासिच, ताहिरोविच, कोलासिनाक, डेमिरोविच, जेको। मैच-4: 96 साल बाद अमेरिका और पराग्वे की वर्ल्ड कप में भिड़ंत ग्रुप-D में शामिल अमेरिका और पराग्वे के बीच कुल 8 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में अमेरिका का पलड़ा भारी है। अमेरिका ने 4 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि पराग्वे को 2 मैचों में सफलता मिली है। वहीं 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें पूरे 96 साल बाद आमने-सामने होंगी। इससे पहले दोनों की भिड़ंत साल 1930 के पहले वर्ल्ड कप में हुई थी, जहां अमेरिका ने पराग्वे को 3-0 से शिकस्त दी थी। अमेरिका की नजरें अपने स्टार विंगर क्रिस्टियन पुलिसिक और मिडफील्डर वेस्टन मैकेनी पर टिकी होंगी। दूसरी ओर, पराग्वे अपने धाकड़ मिडफील्डर मिगुएल अल्मिरोन के दम पर अमेरिकी डिफेंस को भेदने की कोशिश करेगी। वर्ल्ड रैंकिंग में अमेरिका 17वें स्थान पर है, जबकि पराग्वे 41वें पायदान पर है। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: अमेरिका: फ्रीज, फ्रीमैन, मैकेंजी, रीम, रॉबिन्सन, मैकेनी, एडम्स, डेस्ट, टिलमैन, पुलिसिक, बालोगुन। पराग्वे: फर्नांडीज, कासेरेस, जी. गोमेज, अल्डरेटे, अलोंसो, कुबास, डी. गोमेज, अल्मिरोन, बोबाडिला, सोसा, सनाब्रिया।
फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत हो चुकी है। दुनिया की 48 बेस्ट टीमें खिताब के लिए भिड़ रही हैं। ऑप्टा सुपरकंप्यूटर और EPSN ने एनालिसिस किया और कहा कि इस वर्ल्ड कप की सबसे बड़ी दावेदार स्पेन है। इस टीम का सबसे चर्चित चेहरा हैं 18 साल के लेमिन यमाल। उन्हें 16 गोल करने के लिए स्पेन के सबसे बड़े टूर्नामेंट ला लीगा का प्लेयर ऑफ द सीजन चुना गया। साथ ही रोड्री और पेड्री जैसे भरोसेमंद मिडफील्डर्स के ये टीम ताकतवर हैं। 2018 का वर्ल्ड कप जीत चुकी फ्रांस इस बार दूसरी बड़ी दावेदार है, जिसके स्टार खिलाड़ी किलियन एम्बापे इन-फॉर्म हैं। जिन्होंने पिछले वर्ल्ड कप में गोल की हैट्रिक बनाई थी। वर्ल्ड कप में फ्रांस की टीम का नेतृत्व एम्बापे के हाथ में ही है। इसके बाद नंबर है इंग्लैंड का, जिनके कैप्टन हैरी केन जबरदस्त फॉर्म में हैं। वे इस टूर्नामेंट में गोल्डन बूट के दावेदार भी माने जा रहे हैं। वे 2025-26 के सीजन में 51 मैचों में 61 गोल कर चुके हैं। चौथी दावेदार है पिछली विजेता अर्जेंटीना। जिनके स्टार खिलाड़ी लियोनल मेसी से इस बार भी करिश्मे की उम्मीद है। मेसी पिछले वर्ल्डकप में गोल्डन बूट विजेता थे और फाइनल में भी उन्होंने 2 गोल किए थे। स्टोरी में जानते हैं ऑप्टा सुपरकंप्यूटर-ESPN के एनालिसिस में इस बार खिताब की दावेदार टीमों में क्या खास और दावे कितने मजबूत… 1. स्पेन: डिफेंडिंग यूरो कप चैंपियन FIFA वर्ल्ड कप 2026 में स्पेन को खिताब का सबसे बड़ा दावेदार माना है। स्पेन के चैंपियन बनने के चांस 16.1% हैं, जो सभी टीमों में सबसे ज्यादा है। स्पेन इकलौती ऐसी टीम रही, जिसके क्वार्टर फाइनल में पहुंचने की संभावना 50% से ज्यादा रही। स्पेन को ग्रुप-H में उरुग्वे, सऊदी अरब और काबो वर्डी के साथ रखा गया है। 2. फ्रांस: लगातार तीसरे वर्ल्ड कप फाइनल की उम्मीदफ्रांस को वर्ल्ड कप 2026 जीतने का दूसरा सबसे बड़ा दावेदार माना है। टीम के खिताब जीतने की संभावना 13% आंकी गई है। हालांकि, टॉप टीमों में फ्रांस का ग्रुप सबसे कठिन माना जा रहा है। ग्रुप-I में उसे नॉर्वे, सेनेगल और इराक का सामना करना है। 3. इंग्लैंड: 60 साल का सूखा खत्म करने का मौका इंग्लैंड के खिताब जीतने की संभावना 11.2% है। नए कोच थॉमस टचल को अपनी टीम की आक्रामक ताकत पर पूरा भरोसा है। कप्तान हैरी केन शानदार फॉर्म में हैं और टीम की सबसे बड़ी उम्मीद माने जा रहे हैं। 4. अर्जेंटीना: मेसी के दम पर लगातार दूसरा खिताब जीतने की चुनौती डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना को ऑप्टा सुपरकंप्यूटर ने वर्ल्ड कप 2026 का चौथा सबसे बड़ा दावेदार माना है। टीम के खिताब जीतने की संभावना 10.4% बताई गई है। ग्रुप-J में ऑस्ट्रिया, अल्जीरिया और जॉर्डन के साथ होने के कारण अर्जेंटीना के लिए शुरुआती दौर आसान माना जा रहा है। 5. पुर्तगाल: रोनाल्डो के आखिरी वर्ल्ड कप में खिताब की उम्मीद पुर्तगाल के खिताब जीतने की संभावना 7% आंकी गई है। फीफा रैंकिंग में 5वें स्थान पर मौजूद पुर्तगाल को ग्रुप-K में डीआर कांगो, उजबेकिस्तान और कोलंबिया के साथ रखा गया है, जिससे उसके नॉकआउट स्टेज में पहुंचने की संभावना मजबूत मानी जा रही है। कैसे एनालिसिस करता है ऑप्टा सुपरकंप्यूटर? ऑप्टा सुपरकंप्यूटर खेलों के नतीजों की सटीक भविष्यवाणी नहीं करता, बल्कि आंकड़ों के आधार पर अलग-अलग परिणामों की संभावना बताता है। इसके लिए वह टीमों और खिलाड़ियों के हालिया प्रदर्शन, आपसी रिकॉर्ड, टीम की ताकत, खिलाड़ियों की फॉर्म और अन्य महत्वपूर्ण आंकड़ों का विश्लेषण करता है। इसके बाद सुपरकंप्यूटर किसी मैच या पूरे टूर्नामेंट को हजारों बार वर्चुअली खेलकर देखता है और यह गणना करता है कि कौन-सी टीम कितनी बार जीतती है। उदाहरण के लिए, अगर कोई टीम 10,000 सिमुलेशन में 2,500 बार चैंपियन बनती है, तो उसे खिताब जीतने की 25% संभावना दी जाती है। हालांकि यह सिर्फ एक अनुमान होता है, क्योंकि असली मैचों में मौसम, चोट, दबाव या किसी खिलाड़ी के शानदार प्रदर्शन जैसी अप्रत्याशित चीजें भी नतीजों को बदल सकती हैं। ------------------------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… मैक्सिको ने पहला मैच जीता, साउथ अफ्रीका को 2-0 से हराया मैक्सिको ने FIFA फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 का ओपनिंग मैच जीत लिया है। टीम ने साउथ अफ्रीका को 2-0 से हरा दिया। मुकाबले के 9वें मिनट में मैक्सिको के जूलियन क्विनोनेस ने गोल किया। इसके बाद 67वें मिनट में स्ट्राइकर राउल जिमेनेज बेहतरीन हेडर लगाकर बढ़त दोगुनी कर दी। पढ़ें पूरी खबर
सिवनी में तेज बारिश से मिली गर्मी से राहत:युवाओं ने बारिश के बीच फुटबॉल खेलकर उठाया लुत्फ
सिवनी जिला मुख्यालय और आसपास के ग्रामीण इलाकों में नौतपा के बाद भी भीषण गर्मी और उमस का दौर जारी था। लोग तेज धूप और चुभन भरी गर्मी से परेशान थे। गुरुवार शाम करीब 5 बजे मौसम ने अचानक करवट ली। घने बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिससे लोगों को लंबे समय बाद गर्मी से राहत मिली। गुरुवार सुबह से दोपहर तक तेज धूप रही, जिससे गर्मी का अनुभव हुआ। दोपहर बाद मौसम में बदलाव आया और शाम तक आसमान बादलों से घिर गया। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने वातावरण में ठंडक ला दी। बारिश के कारण सड़कों पर आवाजाही कुछ समय के लिए कम हो गई, जबकि कई लोग घरों की छतों और बरामदों से मौसम का लुत्फ उठाते दिखे। बारिश को लेकर युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया। कई युवक मैदान में बारिश के बीच फुटबॉल खेलते हुए नजर आए। खिलाड़ियों ने बताया कि फुटबॉल खेलने का असली आनंद बारिश के मौसम में ही आता है, क्योंकि गीले मैदान और फुहारों के बीच खेल का रोमांच बढ़ जाता है। शाम करीब 5 बजे शुरू हुई बारिश कुछ देर बाद थम गई थी। हालांकि, लगभग 6:15 बजे एक बार फिर तेज वर्षा शुरू हो गई। समाचार लिखे जाने तक आसमान में बादल छाए हुए थे और आगे भी बारिश की संभावना बनी हुई थी। संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ा इस बीच, चिकित्सकों ने मौसम में हो रहे बदलाव के मद्देनजर लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों के अनुसार, गर्मी के बाद मानसून के शुरुआती दिनों में हल्की बारिश, धूप और उमस बढ़ने से संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे मौसम में वायरल फीवर, सर्दी-खांसी, उल्टी-दस्त और पेट संबंधी बीमारियों के मामले सामने आ सकते हैं। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सतर्क रहने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से स्वच्छ भोजन और साफ पानी का उपयोग करने की अपील की है।
फुटबॉल के सबसे बड़े इवेंट FIFA वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत शुक्रवार से होने जा रही है। भारतीय समयानुसार पहले दिन दो मुकाबले खेले जाएंगे। टूर्नामेंट का पहला मैच मेजबान मैक्सिको और साउथ अफ्रीका के बीच मैक्सिको सिटी स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मुकाबला रात 12:30 बजे से शुरु होगा। दिन का दूसरा मैच साउथ कोरिया और चेक रिपब्लिक के बीच ग्वाडलाहारा स्टेडियम में होगा। यह मुकाबला सुबह 7:30 बजे से खेला जाएगा। पहले दिन खेलने वाली चारों टीमें ग्रुप- A में मौजूद हैं। मैच-1: मैक्सिको का पलड़ा भारी, वर्ल्ड कप में बराबरी दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 4 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें से 2 मुकाबले मैक्सिको ने जीते हैं, जबकि साउथ अफ्रीका 1 मैच जीतने में सफल रही। वहीं 1 मुकाबला ड्रॉ रहा है। FIFA वर्ल्ड कप में दोनों टीमें सिर्फ 1 बार 2010 में आमना-सामना हुईं। वह मैच 1-1 की बराबरी पर खत्म हुआ था। मैक्सिको को कप्तान एडसन अल्वारेज और अनुभवी स्ट्राइकर राउल हिमेनेज से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होंगी। वहीं साउथ अफ्रीका अफ्रीका से कप्तान रोनवेन विलियम्स और स्ट्राइकर लाइल फोस्टर और ओसविन अपोलिस की जोड़ी पर निगाहें रहेंगी। फुटबॉल रैंकिंग के लिहाज से मेजबान मैक्सिको की स्थिति बेहद मजबूत है। मैक्सिको फिलहाल दुनिया की 15वें नंबर की टीम है। इसके उलट साउथ अफ्रीका की टीम रैंकिंग में 60वें पायदान पर है। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन मैक्सिको: ओचोआ, सांचेज, मोंतेस, अल्वारेज, गाल्यार्दो, गुतिएरेज, फिदाल्गो, पिनेडा, अल्वारादो, हिमेनेज, किन्योनेस। दक्षिण अफ्रीका: विलियम्स, मुदाउ, म्बोकाजी, ओकोन, मोडिबा, म्बाथा, सिथोले, मोकोएना, अपोलिस, फोस्टर, मोरेमी। मैच 2: FIFA में पहली बार साउथ कोरिया और चेक रिपब्लिक की भिड़ंत साउथ कोरिया और चेक रिपब्लिक के बीच अब तक कुल 4 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। दोनों टीमें 1-1 मैच जीतकर बराबरी पर रही हैं। 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। FIFA वर्ल्ड कप के इतिहास में दोनों टीमें पहली बार एक-दूसरे से भिडेंगी। साउथ कोरिया से स्ट्राइकर ह्युंग-मिन पर नजर होंगी। वहीं चेक रिपब्लिक का दारोमदार अनुभवी मिडफिल्डर तोमस सूचेक पर होगा। वर्ल्ड फुटबॉल रैंकिंग में साउथ कोरिया 25वें स्थान पर है। वहीं चेक रिपब्लिक की टीम 41वें पायदान पर है। रैंकिंग में बड़ा अंतर होने के बावजूद हेड-टू-हेड रिकॉर्ड रोमांचक मैच की उम्मदी जगा रहा है। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन साउथ कोरिया: स्युंग-ग्यू, मिन-जे, हान-बोम, की-ह्युक, यंग-वू, ते-सोक, इन-बोम, स्युंग-हो, कांग-इन, जे-सुंग, ह्युंग-मिन। चेक रिपब्लिक: कोवार, कूफाल, डूदेरा, होलेश, क्रेजची, जेलेनी, सूचेक, सादिलेक, ह्लोजेक, शुल्त्स, शिक।
पीढ़ियों से, फुटबॉल ने दुनिया भर में अपनी सादगी और जुनून के दम पर खुद को स्थापित किया है। यह हमेशा से महज 90 मिनट का एक सीधा-सादा खेल रहा है, जिसकी पहचान स्टेडियम में गूंजती दर्शकों की दहाड़ और अपनी टीम के प्रति गहरी वफादारी से रही है। फुटबॉल एक ऐसा खेल है, जो युद्धों को रोकने और राष्ट्रों को एकजुट करने की ताकत रखता है। लेकिन, इस बार का फीफा वर्ल्ड कप अमेरिकी ‘मनोरंजन पूंजीवाद’ के साये में आयोजित हो रहा है। इस वजह से यह खेल शायद अब तक के अपने सबसे बड़े और अभूतपूर्व सांस्कृतिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। अमेरिका अब केवल फुटबॉल की मेजबानी नहीं कर रहा है। वह इसे पूरी तरह से एक नए हॉलीवुड पैकेज में ढालकर दुनिया के सामने पेश कर रहा है। वीआईपी फैन एक्सपीरियंस और कॉरपोरेट-थीम वाले फैन फेस्टिवल से लेकर मशहूर हस्तियों के हाफटाइम शो और हॉलीवुड-शैली की ब्रांडिंग तक, अमेरिका ने फुटबॉल को एक ‘लार्जर दैन लाइफ’ के एंटरटेनमेंट पैकेज में बदल दिया है। इससे यह दुनिया के सबसे प्रिय पारंपरिक खेल के बजाय अमेरिका के प्रतिष्ठित ‘सुपर बाउल’, ‘डिज्नीलैंड’ या किसी भव्य संगीत पुरस्कार समारोह जैसा अधिक दिखने लगा है। पहली बार मल्टी-सिटी काउंटडाउन कॉन्सर्ट आयोजित किया जा रहा है। केवल एक ओपनिंग समारोह के बजाय अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में सिंक किए गए तीन अलग-अलग समारोह होंगे। इसके अलावा कई जगहों पर मेगा-कॉन्सर्ट भी होंगे, जिनमें ग्लोबल स्टार्स परफॉर्म करेंगे। इन बदलावों ने वर्ल्ड कप जैसे पारंपरिक फुटबॉल टूर्नामेंट के अनुभव को पूरी तरह से एक ग्लोबल एंटरटेनमेंट इवेंट में बदल दिया है। हाफटाइम के दौरान कॉन्सर्ट; शकीरा, मैडोना और बीटीएस की परफॉर्मेंस - पारंपरिक रूप से फुटबॉल में 45 मिनट के बाद 15 मिनट का हाफटाइम ब्रेक खिलाड़ियों के रेस्ट और कोच की रणनीतियों के लिए होता है। लेकिन अमेरिका इसे एक मिनी-कॉन्सर्ट में बदल रहा है।- पहली बार फाइनल में अमेरिकी खेल सुपर बाउल की तर्ज पर एक भव्य हाफटाइम शो आयोजित किया जाएगा। इस शो को मशहूर बैंड कोल्डप्ले के क्रिस मार्टिन द्वारा क्यूरेट किया जा रहा है। इसमें शकीरा, मैडोना, बीटीएस जैसे ग्लोबल स्टार्स परफॉर्म करेंगे।- फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने इस आयोजन को एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा है कि यह दुनिया के बड़े मंच पर संगीत और फुटबॉल को एकजुट करेगा।- यह हाफटाइम तमाशा कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है। यह अमेरिका में हाल ही में आयोजित फीफा क्लब वर्ल्ड कप के दौरान किए गए एक सफल प्रयोग के बाद हो रहा है। क्लब वर्ल्ड कप के हाफटाइम में जे बाल्विन, दोजा कैट, टेम्स और कोल्डप्ले जैसे कलाकारों ने परफॉर्म किया था। एंटरटेनमेंट इकोसिस्टम- पर्दे के पीछे की कहानियां दिखाने के लिए ओटीटी से डील - एनएफएल के पूर्व कार्यकारी और स्पोर्ट्स इलस्ट्रेटेड व बिजनेस ऑफ स्पोर्ट्स पॉडकास्ट के स्पोर्ट्स बिजनेस एनालिस्ट एंड्रयू ब्रांट का कहना है कि यह अब सिर्फ फुटबॉल नहीं रह गया है। यह एक मल्टीमीडिया एंटरटेनमेंट इकोसिस्टम है। अमेरिका खेल को केवल स्टेडियम तक सीमित नहीं रख रहा है। इस इकोसिस्टम में कई चीजें शामिल हैं, जैसे कि पर्दे के पीछे की कहानियां दिखाने वाली ‘डॉक्यूमेंट्रीज’ (नेटफ्लिक्स या अमेजन प्राइम पर) के भारी भरकम सौदे। - मोबाइल ऐप्स, फैंटेसी फुटबॉल, जहां प्रशंसक हर मैच और हर गोल पर सट्टा या पॉइंट्स लगा सकते हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया एंगेजमेंट, जिसमें केवल मैच का प्रसारण नहीं, बल्कि स्टेडियम के भीतर बैठे दर्शकों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के लाइव रिएक्शन के जरिए डिजिटल विज्ञापन रेवेन्यू कमाना। एक्सपो जैसे हुए फैन जोन, इनका मकसद जेब से पैसा खर्च करवाना फैन जोन में फैंस से ज्यादा ब्रांड प्रमोटर्स- पारंपरिक रूप से, यूरोप और लैटिन अमेरिका में फीफा फैन जोन आम फैंस के लिए डिजाइन किए जाते थे। वहां प्रशंसक एक साथ ड्रम बजाते, बीयर पीते और अपनी टीम के गीत गाते थे। लेकिन कई प्रशंसकों और आलोचकों का तर्क है कि इस बार ये फैन जोन कॉरपोरेट मनोरंजन पार्क और ब्रांडेड एक्सपो जैसे होते जा रहे हैं। लग्जरी हॉस्पिटैलिटी लाउंज और स्पॉन्सर एक्टिवेशन टेंट हैं, जहां असली फैंस से ज्यादा ब्रांड प्रमोटर्स होते हैं।- ‘इन्फ्लुएंसर जोन’, जहां केवल ज्यादा फॉलोअर्स वाले सोशल मीडिया क्रिएटर्स को प्रवेश मिलता है। - एआई-संचालित फैन एंगेजमेंट बूथ और एलईडी स्क्रीन उत्साह को खत्म कर मशीन-आधारित अनुभव देते हैं। कई जगह सिर्फ वीआईपी लोगों को वरीयता अर्जेंटीना के एक समर्थक ने कहा, ‘इन फैन जोन में फुटबॉल फैन की तरह महसूस नहीं होता। ये ब्रांडेड एक्सपो जैसे हैं। मेरे देश में, स्टेडियम का माहौल वहां के लोगों का होता है। वहां ड्रम, देशों के झंडे, उनके एंथम सुनाई देते हैं, जो पीढ़ियों से चले आ रहे हैं। अमेरिका में तो ऐसा लग रहा है कि हर चीज पहले से तय की गई है। आपको कब खुश होना है, यह बताने के लिए स्पीकर से तेज संगीत बजाया जाता है। यदि आप बहुत देर तक खड़े रहते हैं तो सुरक्षाकर्मी आपको बैठने के लिए कहते हैं। बैठने की जगहें भी वीआईपी टिकट धारकों या क्रेडिट कार्ड ट्रायल वालों तक सीमित हैं। हर कोना आपकी जेब से डॉलर निकालने के लिए डिजाइन किया गया है।’ टिकट के प्रीमियम पैकेज, मांग के अनुसार बदलते दाम - व्यावसायीकरण फुटबॉल में हमेशा रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका इसे एक नए स्तर पर ले जा रहा है। अमेरिका में स्ट्रीमिंग पार्टनरशिप व ‘डायनामिक टिकट प्राइसिंग’ (मांग के अनुसार टिकट के दाम खुद-ब-खुद बढ़ना) मॉडल का आक्रामक रूप से इस्तेमाल किया गया। - विश्लेषकों का कहना है कि वर्ल्ड कप को अब खेल प्रतियोगिता के बजाय ‘ग्लोबल एंटरटेनमेंट फ्रेंचाइजी’ की तरह देखा जा रहा है। मैसाचुसेट्स में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर डॉ. विक्टर मैथेसन का कहना है, ‘यहां हर चीज टेलीविजन दर्शकों, प्रीमियम उपभोक्ताओं और विज्ञापनदाताओं के मुताबिक की जा रही है। फीफा को प्रसारण, प्रायोजन, हॉस्पिटैलिटी पैकेज, पर्यटन से अरबों डॉलर के राजस्व की उम्मीद है। अब टिकट केवल मैच देखने के लिए नहीं हैं। एक्सक्लूसिव व्यूइंग डेक, लग्जरी डाइनिंग, कलाकारों से मिलने का एक्सेस, प्राइवेट बार और फास्ट-ट्रैक एंट्री सिस्टम के नाम पर लाखों डॉलर के प्रीमियम पैकेज बेचे जा रहे हैं।’ कई सेलेब्रिटी को बनाया ब्रांड एंबेसडर, दूसरे खेलों के स्टार्स से कराया जा रहा है फुटबॉल का प्रचार - फुटबॉल का यह अमेरिकीकरण टूर्नामेंट की सेलिब्रिटी संस्कृति में सबसे अधिक दिखाई देता है। पारंपरिक वर्ल्ड कप आयोजनों के विपरीत, टूर्नामेंट को अब सेलिब्रिटी ब्रांड एंबेसडर और क्रॉसओवर एंटरटेनमेंट स्टार्स के माध्यम से प्रचारित किया जा रहा है। - दिग्गज बास्केटबॉलर लेब्रन जेम्स, शेक्विल ओ’नील, अमेरिकन फुटबॉल के स्टार टॉम ब्रेडी, सोशलाइट किम कार्दशियन और एक्टर ड्वेन जॉनसन (द रॉक) जैसी मशहूर हस्तियां फुटबॉल के प्रचार अभियानों से जुड़ी हैं। इनका उद्देश्य उन युवा दर्शकों और अमेरिकी लोगों को आकर्षित करना है जो फुटबॉल की पारंपरिक संस्कृति से अपरिचित हैं। - अमेरिका ने एनएफएल, एनबीए और एमएलबी द्वारा नियंत्रित बाजार में फुटबॉल को व्यावसायिक रूप से हावी बनाने के लिए लंबे समय तक संघर्ष किया है। लेकिन अब, अमेरिकी आयोजक फुटबॉल को ही अमेरिका के अनुकूल बनाते हुए प्रतीत हो रहे हैं। - यूसी बर्कले में प्रख्यात समाजशास्त्री और प्रोफेसर एमेरिटस डॉ. हैरी एडवर्ड्स ने कहा, ‘अमेरिकी खेल संस्कृति तमाशे के इर्द-गिर्द बनी है। खेल तो इसका केवल एक हिस्सा है। इवेंट अपने आप में मुख्य प्रोडक्ट है।’ हो रही आलोचना, लोग कह रहे- हमें तमाशे और पॉप सितारों की जरूरत नहीं, फीफा ने किया बचाव - वर्ल्ड कप फाइनल में हाफटाइम शो और वीआईपी कल्चर की यूरोप और लैटिन अमेरिका के पारंपरिक फैंस ने आलोचना की है। उनका तर्क है कि फुटबॉल की तीव्रता और रोमांच उसके 90 मिनट के खेल में है, न कि किसी कॉरपोरेट सेलिब्रिटी तमाशे से। कई फैन ग्रुप कह रहे हैं कि हमें फाइनल के बीच में आतिशबाजी और पॉप सितारों की जरूरत नहीं है। फुटबॉल में पहले से ही पर्याप्त ड्रामा है। - दूसरी ओर, आयोजकों और फीफा का तर्क है कि डिजिटल युग, स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के इस दौर में हावी रहने के लिए फुटबॉल का विकसित होना आवश्यक है। नई पीढ़ी के फैंस संगीत, स्टोरीटेलिंग, मशहूर हस्तियों, डिजिटल जुड़ाव और फुटबॉल सबको एक ही पैकेज में एक साथ चाहते हैं।
उमर अब्दुल कादिर- सर्वश्रेष्ठ अफ्रीकी फुटबॉल रेफरी को नहीं मिली अमेरिका में एंट्री (Video)
उमर अब्दुल क़ादिर आर्तन फुटबॉल विश्व कप में रेफरी बनने के बेहद करीब थे, यह सोमालिया के इतिहास में पहला ऐसा मौका होता कि उनके देश का कोई रेफरी फीफा विश्वकप में शामिल होता। वह अफ्रीका महाद्वीप के सर्वश्रेष्ठ रेफरी में से एक हैं। हालांकि उनको अमेरिका की सख्त आप्रवासन नीति के तहत मियामी एयरपोर्ट से ही वापस ही स्वदेश भेज दिया गया। गौरतलब है कि अमेरिका की नीतियों पर इस्लाम विरोधी और रंगभेद होने के आरोप लगते रहते हैं और इस घटना को देखें तो दोनों आरोप अमेरिका पर एक साथ लगाए जा सकते हैं। दिलचस्प बात यह है कि उमर एक राजनैयकि के तौर पर अमेरिका आए थे लेकिन इसके बावजूद भी उन्हें इस्तानबुल जाने वाली उड़ान में बैठा दिया गया। सोमाली दूतावास ने उन्हें वीजा दिलाने में मदद की थी लेकिन अमेरिकी सुरक्षा बल ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। इस पूरी घटना पर उमर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मैं फिलहाल सकारात्मक बना हुआ हूं और अगली चुनौती का इंतजार कर रहा हूं। उन्होंने फीफा और सीएएफ को धन्यवाद करते हुए कहा कि वह अपने काम को उच्च स्तर तक ले जाने के लिए सतत प्रयास करते रहेंगें। ABD’de dzenlenecek Dnya Kupası’nda grev alacak Somalili hakem Omar Artan, lkeye giriş izni verilmeyince geri dnmek zorunda kaldı. — Bir gn boyunca İstanbul’da konaklayan Omar Artan, bugn gece saatlerinde THY’ye ait uakla Somali’nin başkenti Mogadişu’ya gitmek iin… pic.twitter.com/xnvXDtZYsw — gdh (@gundemedairhs) June 9, 2026 वहीं सोमालिया के प्रधानमंत्री ने एक्स पर इस घटना की निंदा करते हुए लिखा-''मुझे यह ख़बर सुनकर गहरी निराशा हुई है कि अफ़्रीका के श्रेष्ठ रेफरी और दुनिया के बेहतरीन रेफरियों में से एक उमर आर्तन विश्व कप में मैचों का संचालन नहीं कर पाएंगे. उमर ने अपनी प्रतिभा, कड़ी मेहनत, पेशेवर प्रतिबद्धता और ईमानदारी के बल पर यह मुकाम हासिल किया है. मुझे अब भी उम्मीद है कि इसका कोई समाधान निकलेगा. उमर, अफ्रीका और पूरी दुनिया आपके साथ खड़ी है.''
अकादमी में 9 से 17 वर्ष तक के बच्चों व युवाओं को फुटबॉल प्रशिक्षण दिया जाएगा
भास्कर न्यूज | सरायकेला ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी फुटबॉल प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से ग्रामीण फुटबॉल अकादमी (जीएफए) कोलाबिरा एक बार फिर सक्रिय होने जा रही है। अकादमी के माध्यम से 9 वर्ष से 17 वर्ष तक के बच्चों और युवाओं को फुटबॉल का व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा। ग्रामीण फुटबॉल अकादमी के संस्थापक एवं जिला परिषद सदस्य शंभू मंडल ने बताया कि वर्ष 2006 में अकादमी की स्थापना की गई थी। उस समय कोलाबिरा मैदान में नियमित रूप से बच्चों को फुटबॉल का प्रशिक्षण दिया जाता था, जिससे कई खिलाड़ियों ने स्थानीय एवं क्षेत्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वर्ष 2017 में कुछ प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण प्रशिक्षण कार्यक्रम को स्थगित करना पड़ा था। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय से स्थानीय बच्चों, अभिभावकों और खेल प्रेमियों की ओर से अकादमी को पुनः शुरू करने की मांग की जा रही थी। इसी मांग को देखते हुए अकादमी को फिर से संचालित करने का निर्णय लिया गया है। अकादमी का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभावान खिलाड़ियों को तकनीकी प्रशिक्षण, अनुशासन और खेल संस्कृति से जोड़ना है, ताकि वे भविष्य में जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें। शंभू मंडल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में फुटबॉल के प्रति युवाओं का उत्साह लगातार बढ़ रहा है। यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और प्रशिक्षण मिले तो यहां से कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी उभर सकते हैं। अकादमी के पुनः संचालन से क्षेत्र के खेल वातावरण को नई ऊर्जा मिलेगी तथा युवाओं को सकारात्मक दिशा प्राप्त होगी। ग्रामीण फुटबॉल अकादमी के विस्तार को लेकर शंभू मंडल की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें अभिभावकों एवं फुटबॉल प्रेमियों ने भाग लेकर अपने सुझाव दिए। बैठक में सर्वसम्मति से पानारोल गांव में पहला प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने पर सहमति बनी। इसके बाद अन्य गांवों में भी बैठक कर बच्चों की रुचि एवं सहभागिता के आधार पर प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे। बैठक में उपस्थित लोगों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उचित मंच और प्रशिक्षण की है। अकादमी के पुनर्गठन से युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। बैठक में पानारोल के संजय हांसदा, विनोद, प्रतापपुर के शिवराम बास्के, कांड्रा मोड़ के विनोद मंडल, कालीपद सरदार, जीएफए सदस्य लालू सोरेन, काली चरण किस्कू, रामु सोरेन, सहदेव नायक समेत कई खेल प्रेमी उपस्थित थे।
FIFA वर्ल्ड कप 2026 से पहले अमेरिका पर भेदभाव के आरोप लग रहे हैं। विवाद तब बढ़ा, जब सेनेगल, उज्बेकिस्तान और सोमालिया से जुड़े खिलाड़ियों व अधिकारियों की रनवे पर ही कड़ी जांच की गई। ड्रग्स की जांच के लिए डॉग स्क्वॉड भी बुलाया गया। इन घटनाओं के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। लोगों ने सवाल उठाए हैं कि खिलाड़ियों और खेल अधिकारियों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है। विवाद उस समय और बढ़ गया, जब सोमालिया के रेफरी उमर आर्टन को वैध अमेरिकी वीजा होने के बावजूद मियामी एयरपोर्ट से वापस भेज दिया गया। आर्टन वर्ल्ड कप में रेफरी की जिम्मेदारी निभाने वाले पहले सोमाली अधिकारी बनने वाले थे। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि अतिरिक्त जांच के बाद उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। इस फैसले को सोमालिया के खेल मंत्रालय ने खेल भावना के खिलाफ बताया है। सोशल मीडिया पर वायरल 2 वीडियो यूजर्स बोले- फीफा चुप क्यों है कई यूजर्स ने फीफा पर भी आरोप लगाया कि विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा उन देशों के खिलाड़ियों के साथ हुए अपमानजनक व्यवहार पर चुप है। जांच से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि क्या यह व्यवहार सभी टीमों के साथ समान था। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा- क्या किसी श्वेत टीम के साथ भी ऐसा हुआ, या यह व्यवहार केवल सेनेगल के लिए था? यह अजीब है। ईरानी फुटबॉल संघ से रिजर्व टिकट वापस लिए ईरान के फुटबॉल महासंघ (FFIRI) ने आरोप लगाया कि फीफा विश्व कप के लिए उसके लिए रिजर्व टिकटों का हिस्सा वापस ले लिया गया।इससे उन ईरानी प्रशंसकों को बड़ा झटका लगा है जिन्होंने पहले ही यात्रा की बुकिंग कर ली थी, लेकिन अब वे अपनी टीम के मैच नहीं देख पाएंगे। ईरान का पहला मुकाबला न्यूजीलैंड के खिलाफ 16 जून को होगा। इसके बाद टीम 22 जून को बेल्जियम और 27 जून को इजिप्ट से भिड़ेगी। ईरानी महासंघ ने कहा- ईरानी समर्थकों को टिकट कोटे से वंचित करना खेल भावना और समानता के सिद्धांत के खिलाफ है। फीफा वर्ल्डकप 11 जून से 19 जुलाई तक होगा फीफा वर्ल्डकप 11 जून से 19 जुलाई तक अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा। इस टूर्नामेंट में 48 टीमें हिस्सा लेंगी और 104 मैच खेले जाएंगे। --------------- ये खबर भी पढ़ें…. भारत में जी एंटरटेनमेंट पर दिखेगा फीफा वर्ल्ड कप:टीवी पर 'यूनाइट8 स्पोर्ट्स' और जी5 एप पर लाइव स्ट्रीमिंग होगी भारत में फीफा वर्ल्ड कप 2026 टीवी पर 'यूनाइट 8 स्पोर्ट्स' और जी5 (Zee5) एप पर देख सकेंगे। जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेस लिमिटेड (ZEEL) ने वर्ल्ड कप 2026 और इसके आगामी एडिशन को भी ऑफिशियल ब्रॉडकास्ट करेगा। यूनाइट 8 स्पोर्ट्स कंपनी का नया स्पोर्ट्स चैनल है। पूरी खबर पढ़ें…
FIFA वर्ल्ड कप 2026 से पहले अमेरिका पर भेदभाव के आरोप लग रहे हैं। विवाद तब बढ़ा, जब सेनेगल, उज्बेकिस्तान और सोमालिया से जुड़े खिलाड़ियों व अधिकारियों की एयरपोर्ट पर कड़ी जांच की गई। कुछ मामलों में डॉग स्क्वॉड भी बुलाया गया। इन घटनाओं के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं। लोगों ने सवाल उठाए हैं कि खिलाड़ियों और खेल अधिकारियों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है। विवाद उस समय और बढ़ गया, जब सोमालिया के रेफरी उमर आर्टन को वैध अमेरिकी वीजा होने के बावजूद मियामी एयरपोर्ट से वापस भेज दिया गया। आर्टन वर्ल्ड कप में रेफरी की जिम्मेदारी निभाने वाले पहले सोमाली अधिकारी बनने वाले थे। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि अतिरिक्त जांच के बाद उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई, लेकिन इसकी वजह नहीं बताई। इस फैसले पर सोमालिया के खेल मंत्रालय ने नाराजगी जताई है और इसे खेल भावना के खिलाफ बताया है। फीफा पर भी सवाल कई यूजर्स ने फीफा पर भी आरोप लगाया कि विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था उन देशों के खिलाड़ियों के साथ हुए अपमानजनक व्यवहार पर चुप है। सोशल मीडिया पर विवाद जांच से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। कई फुटबॉल प्रशंसकों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया, जबकि वे विश्व के सबसे बड़े खेल आयोजन में हिस्सा लेने आए थे। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि क्या यह व्यवहार सभी टीमों के साथ समान था। एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा- क्या किसी श्वेत टीम के साथ भी ऐसा हुआ, या यह व्यवहार केवल सेनेगल के लिए था? यह अजीब है। ईरान ने विश्व कप से पहले फीफा से टिकट का मुद्दा उठाया ईरान के फुटबॉल महासंघ (FFIRI) ने आरोप लगाया कि फीफा विश्व कप के लिए उसके लिए रिजर्व टिकटों का हिस्सा वापस ले लिया गया।इससे उन ईरानी प्रशंसकों को बड़ा झटका लगा है जिन्होंने पहले ही यात्रा की बुकिंग कर ली थी, लेकिन अब वे अपनी टीम के मैच नहीं देख पाएंगे। ईरान का पहला मुकाबला न्यूजीलैंड के खिलाफ 16 जून को होगा। इसके बाद टीम 22 जून को बेल्जियम और 27 जून को इजिप्ट से भिड़ेगी। ईरानी महासंघ ने कहा- ईरानी समर्थकों को टिकट कोटे से वंचित करना खेल भावना और समानता के सिद्धांत के खिलाफ है।
धौलपुर में समर फुटबॉल लीग 21 से होगी शुरू:जूनियर की 8 और सीनियर की 4 टीमें लेंगी भाग
धौलपुर में जिला फुटबॉल संघ की ओर से ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने और फुटबॉल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 21 जून से समर फुटबॉल लीग का आयोजन किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग की 8 और सीनियर वर्ग की 4 टीमें भाग लेंगी। जिले के खिलाड़ियों में इस आयोजन को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है, और टीम चयन की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। जिला फुटबॉल संघ के अध्यक्ष गुरमीत मान ने बताया कि लीग का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की उभरती फुटबॉल प्रतिभाओं को एक बेहतर मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि नियमित प्रतियोगिताओं के अभाव में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपनी क्षमता का प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं, ऐसे में यह आयोजन उनके लिए एक सुनहरा अवसर साबित होगा। ऑक्शन प्रक्रिया के माध्यम से किया टीमों का गठनकोच असलम खान ने जानकारी दी कि प्रतियोगिता में कुल 12 टीमें हिस्सा लेंगी, जिनमें जूनियर वर्ग की 8 और सीनियर वर्ग की 4 टीमें शामिल हैं। सभी टीमों का गठन ऑक्शन प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है, ताकि प्रतियोगिता में संतुलन बना रहे और मुकाबले रोमांचक हों। उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्येक टीम में बेटियों को भी शामिल किया गया है, जिससे महिला खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। चयन प्रक्रिया में 180 से ज्यादा खिलाड़ियों ने भाग लियाजिला फुटबॉल संघ के सचिव संदीप राणा ने बताया कि चयन प्रक्रिया में 180 से ज्यादा खिलाड़ियों ने भाग लिया। खिलाड़ियों का चयन उनके प्रदर्शन, फिटनेस और खेल कौशल के आधार पर किया गया है। प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। खिलाड़ियों को किया जाएगा सम्मानितआयोजकों ने बताया कि लीग के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान भी की जाएगी। उनका मानना है कि यह लीग खिलाड़ियों में अनुशासन, टीम भावना और खेल के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करेगी। जिला फुटबॉल संघ के पदाधिकारियों ने खेल प्रेमियों से प्रतियोगिता में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है। उनका कहना है कि यह समर फुटबॉल लीग धौलपुर में फुटबॉल के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का नया मंच प्रदान करेगी।
बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह 'धुरंधर' की सक्सेस के बीच चल रहे 'डॉन 3' विवाद को लेकर भी सुर्खियों में हैं। फिल्ममेकर फरहान अख्तर और एक्सेल एंटरटेनमेंट के साथ उनकी अनबन अब जगजाहिर हो चुकी है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) द्वारा उनके ...
फुटबॉल कोच के बाद अब बड़े परदे पर क्रिकेटर बनकर चमकेंगे Ajay Devgan,एक्टर की नई बायोपिक फिल्म पर आया बड़ा अपडेट
Maidaan Review:अजय देवगन की दमदार डायलॉग डिलीवरी और एक्टिंग ने दिखाया रियल सिनेमा, जरूर देखेफुटबॉल कोच की ये कहानी
Maidaan Review: सीट से हिलने का मौका नहीं देगी Ajay Devgan की ये फिल्म, जरूर देखनी चाहिएइंडियन फुटबॉल टीम के महान कोच
‘भीड़ से साथ की उम्मीद मत रखना', Ajay Devgan की मच अवेटेड फिल्म Maidaan काट्रेलर हुआ लॉन्च,फुटबॉल कोच बनकर छा गए एक्टर

