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उन्नाव में अंतरजनपदीय पुलिस फुटबॉल प्रतियोगिता शुरू:लखनऊ जोन की टीमें लेंगी हिस्सा, तीन दिन चलेंगे मुकाबले

उन्नाव में 29वीं अंतरजनपदीय पुलिस फुटबॉल प्रतियोगिता सोमवार से शुरू हो गई। लखनऊ जोन की यह प्रतियोगिता जिले के ग्राम सरैंया स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मिनी स्टेडियम में आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देना और पुलिस कर्मियों के बीच खेल भावना विकसित करना है। प्रतियोगिता का उद्घाटन सोमवार सुबह पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने किया। उद्घाटन के साथ ही शुभारंभ मैच खेला गया। इस तीन दिवसीय प्रतियोगिता में लखनऊ जोन के विभिन्न जनपदों से महिला और पुरुष दोनों वर्गों की पुलिस टीमें हिस्सा ले रही हैं। आयोजन समिति के अनुसार, प्रतियोगिता का समापन और पुरस्कार वितरण समारोह 27 मई को शाम 6 बजे होगा। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। इस प्रतियोगिता को लेकर जिले के खेल प्रेमियों और पुलिस विभाग में काफी उत्साह है। आयोजकों का कहना है कि ऐसी प्रतियोगिताएं पुलिस कर्मियों में शारीरिक दक्षता, अनुशासन और टीम भावना को मजबूत करती हैं। सफल आयोजन के लिए मैदान की सजावट, खिलाड़ियों के ठहरने और सुरक्षा व्यवस्था की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पुलिस विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खिलाड़ियों और दर्शकों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। स्टेडियम परिसर में चिकित्सा, पेयजल और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई है। प्रतियोगिता के आयोजन में प्रतिसार निरीक्षक सचिन राय, क्षेत्राधिकारी लाइन विनी सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश सिंह सहित कई अधिकारी सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। पुलिस प्रशासन ने जिलेवासियों से प्रतियोगिता में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।

दैनिक भास्कर 25 May 2026 8:54 am

रेगिस्तान में बकरियां चराती थीं, आज फुटबॉल खिलाड़ी:लड़कियों के शॉर्ट्स पहनने का विरोध हुआ, कोच ने बेच दी थी अपनी 15 बीघा जमीन

तपती रेत, दूर-दूर तक फैला सन्नाटा, और रूढ़िवादिता की मजबूत बेड़ियां। ढाई हजार की आबादी का यह छोटा सा गांव ढींगसरी, राजस्थान के नक्शे पर किसी भी आम रेतीले गांव जैसा ही नजर आता है। इन दिनों इस गांव की हवा बदली हुई है। सुबह की पहली किरण फूटने से पहले, जब पूरा रेगिस्तान सो रहा होता है, तब यहां की रेतीली जमीन पर जूतों की थाप और फुटबॉल की 'टप-टप' की आवाजें गूंजने लगती हैं। यह कहानी सिर्फ एक खेल की नहीं है। यह कहानी है उस संघर्ष की, जिसने बकरियां चराने वाली और घर-खेत के कामों में सिमटी बच्चियों को अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बना दिया। आज वर्ल्ड फुटबॉल डे के मौके पर बीकानेर शहर से दक्षिण में 58 किलोमीटर दूर ढींगसरी गांव हम आपके ले चलते हैं, जहां की बेटियां फुटबॉल में नाम कमा रही हैं। जो कल तक बकरियां चराती थीं, वो आज देश के लिए गोल दाग रही हैं ढींगसरी गांव की एक बेटी है- मुन्नी भांभू। मुन्नी आज इस गांव की हर उस बच्ची की उम्मीद का चेहरा बन चुकी है, जो कभी पिंजरे में कैद थी। एक बेहद सामान्य परिवार से आने वाली मुन्नी के पास कभी खेलने के लिए ढंग के जूते तक नहीं थे। वो संसाधनों की कमी के बावजूद सबसे पहले मैदान पहुंचती और देर शाम तक अकेले पसीना बहाती। आज मुन्नी भांभू भारतीय अंडर-17 महिला फुटबॉल टीम की मुख्य गोलकीपर हैं और चीन में हुए 'एशियन कप क्वालिफायर मैच' में देश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। 27 साल बाद राजस्थान से भारतीय महिला फुटबॉल टीम में जगह बनाने वाली वे पहली खिलाड़ी हैं। इतना ही नहीं, 'SAFF U-19 महिला चैंपियनशिप 2026' में मुन्नी को 'सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर' का अवॉर्ड भी मिल चुका है। मुन्नी भावुक हो जाती हैं और कहती हैं- मैं तो गांव में बस सामान्य पढ़ाई कर रही थी। विक्रम सर ने उंगली थामी और मुझे फुटबॉल से जोड़ा। आज मैं जो कुछ भी हूं, उन्हीं की बदौलत हूं। गांव की बेटियां गोलकीपर के दस्ताने पहनकर तूफानी शॉट रोक रहीं ढींगसरी गांव की मुन्नी अकेली नहीं है। इस रेतीले धोरों से फुटबॉल की ऐसी पौध निकली है कि आज गांव की करीब 60 बेटियां मैदान पर पसीना बहा रही हैं। ये वो बच्चियां हैं, जिनके हाथों में कुछ समय पहले तक या तो बकरियां चराने की लाठी थी, या फिर चूल्हा-चौका संभालते हुए घरेलू काम का बोझ। जिन उंगलियों को सिर्फ गोबर के उपले थापना सिखाया जा रहा था, आज वे गोलकीपर के दस्ताने पहनकर तूफानी शॉट रोक रही हैं। लड़कों ने नहीं दिखाया इंटरेस्ट, तो कोच ने थामी लड़कियों की उंगली इस सुनहरे सफर की शुरुआत साल 2020 में हुई थी। भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान और अर्जुन अवॉर्डी मगन सिंह राजवी के बेटे विक्रम सिंह राजवी (जो खुद रेलवे में हैं और फुटबॉल कोच हैं) ने नई पीढ़ी को तराशने का बीड़ा उठाया। उन्होंने शुरुआत गांव के लड़कों से की थी, लेकिन लड़कों ने खेल में कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। वे कभी प्रैक्टिस में आते, तो कभी गायब हो जाते। गांव की बेटियों को मैदान में उतारा यह राह इतनी आसान नहीं थी। विक्रम सिंह उन घरों तक पहुंचे जहां बच्चियां सिर्फ स्कूल, चूल्हे-चौके या खेत के कामों तक सीमित थीं। शुरुआत में हर दरवाजे से 'ना' सुनने को मिली। लोग बेटियों को बाहर भेजने को तैयार नहीं थे। लेकिन कोच की जिद के आगे कुछ परिवार राजी हुए और साल 2021 में 20 लड़कियों के साथ ढींगसरी की रेतीली जमीन पर ट्रेनिंग शुरू हुई। जब 'शॉर्ट्स' पहनने पर हुआ विरोध, तो घर की महिलाओं को मैदान में उतारा गांव में लड़कियों का फुटबॉल खेलना ही बड़ी बात थी, लेकिन असली परीक्षा तब हुई जब बच्चियों को लोअर (शॉर्ट्स) पहनकर खेलने को कहा गया। रूढ़िवादी माहौल में बच्चियों के छोटे कपड़े पहनकर खेलने को लेकर खूब विरोध हुआ। परिवार वाले अड़ गए। तब कोच विक्रम सिंह ने एक तरकीब निकाली। उन्होंने कोटा फुटबॉल एकेडमी की टीम को ढींगसरी में मैच के लिए बुलाया। उस मैच में कोटा की लड़कियां शॉर्ट्स पहनकर उतरीं और ढींगसरी की टीम हार गई। विक्रम सिंह ने बच्चियों और उनके माता-पिता को समझाया कि इस खेल में फुर्ती के लिए शॉर्ट्स पहनना मजबूरी है, शौक नहीं। ग्रामीणों का झिझक और डर दूर करने के लिए कोच की पत्नी और उनके घर की महिलाएं भी हर रोज प्रैक्टिस के दौरान मैदान पर बैठने लगीं। तब जाकर माता-पिता का भरोसा जागा। कोच विक्रम सिंह राजवी कहते हैं- शुरुआत में जो बच्चियां 4-5 किलोमीटर दूर से आती थीं, उन्हें खुद अपनी गाड़ी से मैदान लाता था। उनके पैर न रुकें, बस यही एक जिद थी। एक खिलाड़ी की सगाई हुई, तो पूरी टीम को लेकर कोटा चले गए कोच साल 2022 में इस सफर में एक और बड़ा मोड़ आया। टीम की एक होनहार खिलाड़ी की उसके घर वालों ने कोटा में सगाई तय कर दी। विक्रम सिंह को डर था कि कहीं एक लड़की के जाने से पूरी टीम का हौसला न टूट जाए। उन्होंने एक ऐतिहासिक फैसला लिया। वे सभी 20 बच्चियों को लेकर खुद कोटा शिफ्ट हो गए। वहां उनका स्कूल में एडमिशन कराया और एकेडमी जॉइन कराई। दो साल की इस तपस्या का फल तब मिला, जब कर्नाटक के बेलगाम में नेशनल टूर्नामेंट हुआ। राजस्थान की टीम में चुने गए 22 खिलाड़ियों में से 12 लड़कियां अकेले ढींगसरी गांव की थीं। जब इन बेटियों ने कर्नाटक में नेशनल फुटबॉल टूर्नामेंट जीता, तो पूरे ढींगसरी गांव की आंखों में आंसू आ गए। जो गांव कभी विरोध कर रहा था, वो अब अपनी बेटियों के स्वागत में पलकें बिछाए खड़ा था। बेटियों के सपनों के लिए बेच डाली 15 बीघा जमीन साल 2024 में विक्रम सिंह बच्चियों को लेकर वापस गांव लौट आए। अब गांव वालों का विश्वास मजबूत हो चुका था, लेकिन ट्रेनिंग के लिए एक बड़े मैदान की जरूरत थी। विक्रम सिंह ने पहले अपनी जमा पूंजी से गांव में 10 बीघा जमीन खरीदी, लेकिन मैदान छोटा पड़ रहा था। उन्हें 8.50 बीघा जमीन और चाहिए थी। विक्रम सिंह बताते हैं- गांव से दूर मेरी 15 बीघा पुश्तैनी जमीन और थी। लेकिन एकेडमी मुझे इसी गांव में बनानी थी। मैंने अपनी वो पूरी 15 बीघा जमीन बेच दी और उस पैसे से गांव में ही जमीन खरीदकर दो शानदार फुटबॉल मैदान तैयार किए। इस मैदान का करिश्मा देखिए... साल 2024 में 60 साल बाद राजस्थान की लड़कियों ने फुटबॉल की नेशनल ट्रॉफी जीती। इस टीम में भी 12 लड़कियां ढींगसरी की थीं। यह एक अद्भुत संयोग था कि 60 साल पहले कोच विक्रम सिंह के पिता मगन सिंह राजवी ने जो नेशनल ट्रॉफी जीती थी, ठीक 60 साल बाद उसी गांव की बेटियों ने इतिहास दोहरा दिया। बदल गई ढींगसरी की तस्वीर, अब 100 बेटियां हॉस्टल में रहकर ले रहीं ट्रेनिंग आज ढींगसरी गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। सीनियर खिलाड़ी हंसा राजवी कहती हैं- पहले हम सिर्फ घर का काम करते थे, पानी भरते थे। अब सुबह 5:30 बजे मैदान में होते हैं। वहीं राजस्थान टीम की कप्तान संजू राजवी कहती हैं- अब गांव के लोगों की सोच बदल गई है। छोटी उम्र में लड़कियों की शादी करने की बजाय लोग उन्हें खिलाना चाहते हैं। अर्जुन अवॉर्डी बोले- 100 बच्चियां ट्रेनिं ले रही हैं अर्जुन अवॉर्डी मगन सिंह राजवी कहते हैं- हमने अपनी पूरी पूंजी लगा दी, लेकिन आज खुशी है कि 100 बच्चियां यहां ट्रेनिंग ले रही हैं। इस पुनीत कार्य में अब भामाशाह भी आगे आ रहे हैं।

दैनिक भास्कर 25 May 2026 7:33 am

हिंदुस्तान जिंक फुटबॉल एकेडमी : तीसरी बार जीती स्टेट मेंस लीग, अंडर-18 में सेकंड

उदयपुर } विश्व फुटबॉल दिवस के अवसर पर हिंदुस्तान जिंक की फुटबॉल एकेडमी ने भारत में फुटबॉल के विकास को गति देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। अकादमी ने पिछले एक वर्ष में 1400 से अधिक युवा लड़के-लड़कियों को फुटबॉल के माध्यम से सशक्त बनाते हुए जमीनी स्तर की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का काम किया है। एकेडमी ने तीसरी बार राजस्थान स्टेट मेन्स लीग का खिताब अपने नाम किया। वहीं एआईएफएफ अंडर-18 एलीट लीग में उपविजेता बनकर देश की दूसरी सर्वश्रेष्ठ अंडर-18 टीम होने का गौरव प्राप्त किया। इसके साथ ही जावर एकेडमी ने पहली बार भारतीय फुटबॉल की प्रतिष्ठित आई-लीग 3 में पदार्पण किया। एकेडमी में आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं, तकनीक आधारित प्रदर्शन विश्लेषण और विश्वस्तरीय कोचिंग के माध्यम से युवा खिलाड़ियों को तैयार कर रही है। साथ ही खिलाड़ियों को पूर्ण छात्रवृत्ति के साथ शिक्षा भी उपलब्ध कराई जा रही है। चार खिलाड़ी मोहम्मद कैफ, साहिल पूनिया, प्रेम हंसदक और राजरूप सरकार भारतीय टीम की जर्सी पहन चुके हैं। महिला खिलाड़ियों में गीत मीना की कहानी सफलता का उदाहरण बनकर उभरी है।

दैनिक भास्कर 25 May 2026 5:30 am

ईरानी फुटबॉल टीम का बेस कैंप अमेरिका से मैक्सिको शिफ्ट:मिडिल-ईस्ट में तनाव के कारण फैसला, 15 जून को वर्ल्डकप में पहला मैच खेलेगी टीम

ईरान ने अपना बेस कैंप अमेरिका से मैक्सिको में ट्रांसफर कर दिया है। ईरान फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष मेहदी ताज ने शनिवार को यह जानकारी दी। हालांकि, अभी तक फीफा ने इसकी पुष्टि नहीं की है। ईरान को एरिजोना के टक्सन में ट्रेनिंग शिविर लगाना था, लेकिन मिडिल-ईस्ट में युद्ध और सुरक्षा चिंताओं के कारण इसे कहीं और ट्रांसफर करने की चर्चा थी। टक्सन के कीनो स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के अधिकारियों ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। ईरानी महासंघ का कहना है कि टीम अब सैन डिएगो के दक्षिण में स्थित मैक्सिको के तिजुआना में ठहरेगी। वर्ल्ड कप 11 जून से 19 जुलाई तक चलेगा। अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको इसकी मेजबानी कर रहे हैं। वर्ल्ड कप टीमों को बेस कैंप के लिए FIFA से मंजूरी लेनी होती है मेहदी ताज ने कहा, 'वर्ल्ड कप में भाग लेने वाले सभी देशों को अपने बेस कैंप के लिए फीफा से मंजूरी लेनी होती है। सौभाग्य से फीफा और वर्ल्ड कप के अधिकारियों के साथ इस्तांबुल में हुई बैठकों के बाद हमारी टीम के बेस कैंप को अमेरिका से मैक्सिको में स्थानांतरित करने का हमारी मांग स्वीकार ली है।' ईरान का पहला मेच न्यूजीलैंड से होगा ईरान वर्ल्ड कप में ग्रुप-जी का अपना पहला मैच 15 जून को कैलिफोर्निया के इंग्लेवुड में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगा। इसके 6 दिन बाद वह इसी स्थान पर बेल्जियम से भिड़ेगा। टीम ग्रुप चरण के अपने अंतिम मैच में 26 जून को सिएटल में मिस्र का सामना करेगी। ईरानी टीम ने 7वीं बार फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया है। टीम अब तक सिर्फ 3 मैच जीत सकी है। पहले वर्ल्ड कप खेलने से इंकार किया था ईरान ने पहले अमेरिका की मेजबानी में कोई भी मैच खेलने से इनकार कर दिया था। वहां के खेल मंत्री अहमद दुन्यामाली ने कहा था कि फुटबॉल टीम 2026 फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं ले सकती। उनका कहना था कि अमेरिकी-इजराइली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या के बाद ऐसी परिस्थितियों में टूर्नामेंट में भाग लेना संभव नहीं है। बाद में फीफा के मनाने पर वह तैयार हो गया। पढ़ें पूरी खबर --------------------------------------------------------- स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… गुरिंदरवीर 100m में भारत के सबसे तेज धावक, 10.09 सेकेंड में रेस पूरी रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में शनिवार को भारतीय एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक दिन रहा। पंजाब के 25 साल स्प्रिंटर गुरिंदरवीर सिंह ने एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता में पुरुषों की 100 मीटर दौड़ को महज 10.09 सेकेंड में पूरा किया और नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया। पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 24 May 2026 12:40 pm

राम चरण ने जसप्रीत बुमराह से मांगी माफी:गलती से फुटबॉल से जोड़ दिया था क्रिकेटर का नाम; कहा- लोगों और उत्साह के बीच भूल हुई

साउथ फिल्म स्टार रामचरण अपनी आने वाली फिल्म 'पेड्डी' के म्यूजिक लॉन्च के लिए भोपाल पहुंचे थे। इस इवेंट में उनके साथ एआर रहमान और जान्हवी कपूर भी मौजूद थे। बातचीत के दौरान रामचरण ने भारतीय क्रिकेटरों की तारीफ की, लेकिन तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का जिक्र करते हुए उनसे एक भूल हो गई। उन्होंने क्रिकेट की जगह गलती से फुटबॉल से जोड़ दिया। इसका वीडियो सामने आने के बाद रामचरण ने तुरंत बुमराह से माफी मांगी और इसे भीड़ के बीच हुई उत्साह में हुई गलती बताया है। क्रिकेटरों को बताया लीजेंड और फायरभोपाल में हुए इस कार्यक्रम के दौरान रामचरण से भारतीय क्रिकेटरों को कुछ शब्दों में बताने के लिए कहा गया था। उन्होंने सचिन तेंदुलकर के करियर को 'लंबा और महान सफर' बताया। महेंद्र सिंह धोनी को 'शांत और कूल' कहा, जबकि रोहित शर्मा को 'हर किसी का पसंदीदा इंसान' बताया। विराट कोहली का नाम सामने आने पर उन्होंने सिर्फ एक शब्द 'फायर' कहा। वहीं कार्यक्रम के दौरान एक बार उन्होंने मध्यप्रदेश को बिहार कहकर पुकारा। जब वे स्टेज से जनता को संबोधित कर रहे थे, तब उन्होंने कहा हमारे, बिहार के लोगों को, बिहार के लोग, मेरे आप साथ हो आप? मांगी माफी, खुद को बताया भुलक्कड़वीडियो सामने आने के बाद रामचरण ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर कर बुमराह से माफी मांगी। उन्होंने लिखा, उफ्फ... मैं कभी-कभी नामों को लेकर चीजें भूल जाता हूं। इस गड़बड़ी के लिए जसप्रीत बुमराह जी से माफी मांगता हूं। इतने उत्साह और भारी भीड़ के बीच यह सिर्फ एक इंसानी भूल थी। रामचरण ने आगे लिखा कि वे बुमराह का बहुत सम्मान करते हैं और उनके खेल की सराहना करते हैं। हालांकि रामचरण की इस गलती के बाद उनके की फैंस उनका सपोर्ट करते दिखाई दिए। एक यूजर ने लिखा कि “रामचरण ने बुमराह को फुटबॉल का लेजेंड बना दिया। लेकिन मुझे पसंद आया जिस आत्मविश्वास के साथ उन्होंने ये बात कही।” फिल्म 'पेड्डी' के बारे में जानिएफिल्म 'पेड्डी' एक बड़ी पैन-इंडिया फिल्म है, जिसकी स्टारकास्ट भोपाल में इसके संगीत को प्रमोट करने आई थी। इस फिल्म में रामचरण के साथ जान्हवी कपूर मुख्य भूमिका में हैं, जबकि संगीत ऑस्कर विजेता एआर रहमान ने तैयार किया है। रामचरण की पिछली फिल्म 'आरआरआर' की सफलता के बाद से ही उत्तर भारत में भी उनकी फिल्मों को लेकर दर्शकों में काफी दिलचस्पी रहती है। यह फिल्म 4 जून को रिलीज होगी। ये खबर भी पढ़ें रैपिड फायर विद राम चरण:सलमान खान को कहा मोस्ट स्टाइलिश, जानिए विलेन बनने के हाईपोथेटिकल सवाल का क्या था मजेदार जवाब साउथ सुपरस्टार राम चरण, RRR, मगधीरा, रंगस्थल जैसी बेहतरीन फिल्मों के बाद अब जल्द ही फिल्म पेद्दी ला रहे हैं। ये फिल्म 4 जून को रिलीज होने वाली है, जिसका ट्रेलर भी जारी किया जा चुका है। फिल्म रिलीज से पहले दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में राम चरण ने रैपिड फायर के कई बेहतरीन सवालों का मजेदार जवाब दिया है। पूरी खबर पढ़ें… भोपाल में गूंजी AR रहमान की आवाज, झूम उठे फैंस:फिल्म ‘पेद्दी’ का प्रमोशन करने पहुंचे राम चरण और जाह्नवी कपूर, भेल दशहरा मैदान पर उमड़े फैंस भोपाल के भेल दशहरा मैदान में मशहूर संगीतकार और ऑस्कर विजेता गायक एआर रहमान लाइव कॉन्सर्ट करने पहुंचे। कॉन्सर्ट शुरू होने से पहले ही मैदान में फैंस की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दूर से पहुंचे लोग एआर रहमान की आवाज सुनने के लिए घंटों से इंतजार करते नजर आए। रहमान ने तेलुगू फिल्म पेद्दी के गाने ‘होलु लू’ गाया। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 24 May 2026 9:05 am

कोलकाता में बवाल: पूर्व CM ममता बनर्जी की डिजाइन की गई फुटबॉल मूर्ति तोड़ी, 2017 में हुई थी स्थापित

साल्ट लेक स्टेडियम के बाहर लगी पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की डिजाइन की गई एक विवादित फुटबॉल मूर्ति को तोड़ दिया गया है। मूर्ति का टूटना राज्य की राजनीति और खेल जगत दोनों के लिए चर्चा का विषय बना हुआ है।

देशबन्धु 23 May 2026 8:30 pm

रोनाल्डो ने दो गोल कर अल नासिर को बनाया चैंपियन:दमैक को 4-1 से हराकर सऊदी प्रो फुटबॉल लीग का खिताब जीता

क्रिस्टियानो रोनाल्डो की कप्तानी वाली अल नासिर ने सीजन के आखिरी दिन फुटबॉल में सऊदी प्रो लीग (SPL) का खिताब अपने नाम कर लिया है। रियाद के अल-अव्वल पार्क में गुरुवार रात खेले गए फाइनल मुकाबले में अल नास्र ने शानदार खेल दिखाते हुए दमैक क्लब को 4-1 से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही अल नास्र का पिछले 7 सालों का लंबा इंतजार खत्म हो गया है। क्लब ने साल 2018-19 के बाद पहली बार लीग ट्रॉफी पर कब्जा किया है। वहीं, पुर्तगाल के स्टार स्ट्राइकर क्रिस्टियानो रोनाल्डो के लिए भी सऊदी क्लब के साथ यह पहला बड़ा ऑफिशियल खिताब है। पिछले हफ्ते AFC चैंपियंस लीग टू के फाइनल में जापानी क्लब गांबा ओसाका से मिली हार के बाद रोनाल्डो काफी निराश थे। लेकिन सीजन के इस सबसे महत्वपूर्ण मैच में 41 साल के दिग्गज फॉरवर्ड ने शानदार वापसी की और दूसरे हाफ में बैक-टू-बैक दो गोल दागकर अल नासिर के फैंस को जश्न मनाने का मौका दे दिया। सादियो माने ने दिलाई शुरुआती बढ़त, पहले हाफ में हावी रही अल नास्रमैच के पहले हाफ से ही अल नास्र ने आक्रामक फुटबॉल खेला। टीम को पहली सफलता 33वें मिनट में मिली जब सादियो माने ने मैच का पहला गोल दागा। जोआओ फेलिक्स के कॉर्नर पास पर सादियो माने ने हवा में उछलकर गेंद को सीधे नेट के अंदर धकेल दिया। फेलिक्स पूरे मैच के दौरान राइट विंग और मिडफील्ड में काफी एक्टिव नजर आए, जिसके चलते दमैक के डिफेंडर्स लगातार दबाव में दिखे। अल नास्र ने पहले हाफ में 1-0 की बढ़त बनाए रखी। दमैक ने पेनल्टी से की वापसी की कोशिश, पर कोमैन ने फिर आगे कियासऊदी प्रो लीग में बने रहने के लिए संघर्ष कर रही दमैक की टीम ने दूसरे हाफ की शुरुआत में वापसी की कोशिश की। मैच के 58वें मिनट में दमैक को एक पेनल्टी मिली, जिसे मोर्ले सिला ने बिना कोई गलती किए गोल में बदल दिया और स्कोर 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया। वहीं, मैच के 62वें मिनट में अल नास्र के किंग्सले कोमैन ने राइट साइड से ड्रिबल करते हुए दमैक के डिफेंस को छकाया और शानदार मैदानी गोल दागकर अल नास्र को 2-1 से आगे कर दिया। क्रिस्टियानो रोनाल्डो का डबल ब्लास्ट: फ्री-किक से दागा पहला गोल, 81वें मिनट में किया खेल खत्मइसके बाद मैदान पर पूरी तरह से क्रिस्टियानो रोनाल्डो का जलवा देखने को मिला। रोनाल्डो ने मैच में अपना पहला गोल फ्री-किक पर दागा।इसके बाद 81वें मिनट में रोनाल्डो ने मैच का अपना दूसरा और टीम का चौथा गोल दागा। किंग्सले कोमैन ने राइट विंग से गेंद को आगे बढ़ाया और बॉक्स के बीच में मौजूद अपने कप्तान रोनाल्डो को एक बेहतरीन पास दिया, जिसे रोनाल्डो ने आसानी से गोल में तब्दील कर अल नास्र की 4-1 से जीत और खिताबी जीत पक्की कर दी।

दैनिक भास्कर 22 May 2026 8:42 am

महिला के पेट से निकली फुटबॉल के आकार की गांठ:इंदौर में हाई-रिस्क ऑपरेशन सफल; काम के दौरान बेहोश होकर गिरी थी बीएलओ

इंदौर में डॉक्टरों ने एक जटिल और दुर्लभ चिकित्सा सर्जरी कर महिला के पेट से फुटबॉल के आकार की बड़ी गांठ निकालकर नया जीवन दिया। कुछ दिनों बाद पेट में तेज दर्द और अत्यधिक रक्तस्राव की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची थी। जांच में पता चला कि उसके पेट में करीब आठ माह की गर्भावस्था जितनी बड़ी फाइब्रॉइड गांठ डेवलप हो चुकी है। दिमाग की गंभीर बीमारी के बाद बढ़ी चुनौती मामला ज्योति मौर्य (45) निवासी इंदौर का है। उनका यह केस इसलिए और अधिक जटिल हो गया क्योंकि महिला ज्योति मौर्य (45) करीब चार महीने पहले गंभीर न्यूरोलॉजिकल समस्या से भी गुजर चुकी थी। दरअसल जनवरी में महिला बीएलओ ड्यूटी के दौरान बेहोश होकर गिर गई थी। मां बोलीं- ड्यूटी से बचने का बहाना समझ रहे थे लोग मां शकुंतला के मुताबिक, जब यह घटना हुई थी तो उसके बाद उसकी हालत को लेकर यह सवाल उठने लगे थे कि वह ड्यूटी नहीं करने के लिए बहाने बना रही है। फिर उसे केयर सीएचएच हॉस्पिटल दिखाया गया। यहां जांच में उसके ब्रेन में कई स्थानों पर ‘वीनस हेमोरैजिक इन्फार्क्ट’ पाए गए थे। इस दौरान न्यूरोलॉजॉजिस्ट डॉ. मनोरंजन बरनवाल की निगरानी में मरीज का इलाज किया गया। विशेषज्ञ टीम ने बनाया प्लान महिला की स्थिति स्थिर होने के बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने 17 मई को सर्जरी प्लान की। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने 3 किलो वजनी विशाल फाइब्रॉइड और बच्चेदानी को निकाल दिया। सर्जरी के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव को नियंत्रित रखना और मरीज की सुरक्षा सुनिश्चित करना मेडिकल टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी, जिसे सफलतापूर्वक संभाला गया। ब्लड थिनर के कारण बढ़ा था जोखिम डॉ. नीना अग्रवाल (सीनियर कंसल्टेंट गायनेकोलॉजी लैप्रोस्कोपिक सर्जन) ने बताया कि महिला हाल ही में वीनस हेमोरैजिक इन्फार्क्ट से उबरी थी और ब्लड थिनर दवाएं ले रही थी। ऐसे में सर्जरी का सही समय तय करना बेहद महत्वपूर्ण था। मल्टीडिसिप्लिनरी टीम के प्लान और समन्वय के बाद सुरक्षित तरीके से ऑपरेशन किया गया। वह 12 दिनों तक हॉस्पिटल में एडमिट रही। अभी मरीज की हालत स्थिर है और उसे निगरानी में रखा गया है। गांठ और बच्चेदानी को बायोप्सी के लिए भेजा गया है। न्यूरोलॉजी और एनेस्थीसिया टीम का रहा समन्वय न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. मनोरंजन बरनवाल ने बताया कि मरीज पहले से गंभीर न्यूरोलॉजिकल स्थिति से गुजर चुकी थी, इसलिए इलाज के दौरान हर कदम बेहद सावधानी से उठाना जरूरी था। ब्लड थिनर (खून पतला करने की दवाई) के कारण सर्जरी का जोखिम काफी अधिक था। न्यूरोलॉजी, गायनेकोलॉजी और एनेस्थीसिया टीम के समन्वय से मरीज की स्थिति पर लगातार नजर रखी गई और सही समय पर सुरक्षित सर्जरी संभव हो सकी। इंदौर में ही मिल रहा हाई-एंड इलाज सीओओ मनीष गुप्ता ने कहा कि समय पर जांच, सही उपचार योजना और विशेषज्ञ टीम के समन्वय से जटिल परिस्थितियों में भी मरीजों को सुरक्षित इलाज दिया जा सकता है।

दैनिक भास्कर 22 May 2026 6:05 am

मुरादाबाद ने जीता ऑल इंडिया फुटबॉल टूर्नामेंट का खिताब:फाइनल में रुद्रपुर को 1-0 से हराया, सिरसी में हुआ मुकाबला

संभल में आयोजित ऑल इंडिया फुटबॉल टूर्नामेंट के फाइनल में मुरादाबाद की टीम ने रुद्रपुर को 1-0 से हराकर खिताब अपने नाम किया। यह मुकाबला सिरसी में खेला गया। मैच शाम 6:00 बजे शुरू हुआ। दोनों टीमों ने शुरुआती हाफ में आक्रामक और रक्षात्मक खेल का प्रदर्शन किया, लेकिन कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। पहले हाफ तक स्कोर 0-0 रहा। मुरादाबाद के खिलाड़ी फरमान ने एक पास दिया, जिस पर प्रथम सिंह ने गोल दागकर अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। निर्धारित समय समाप्त होने तक रुद्रपुर की टीम बराबरी नहीं कर पाई और रात 8:00 बजे मुरादाबाद को विजेता घोषित किया गया। मैच के समापन पर पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। नगर पंचायत सिरसी के अध्यक्ष कौसर अब्बास और संभल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर शाने रब मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी और नकद पुरस्कार प्रदान किए। खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए डॉक्टर शाने रब ने कहा, खेल में हार-जीत गौण है, खेल भावना सर्वोपरि है। आज के डिजिटल युग में युवाओं को मोबाइल की लत छोड़कर शारीरिक गतिविधियों की ओर लौटना चाहिए। कौसर अब्बास ने घोषणा की कि खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही सिरसी में एक आधुनिक फुटबॉल स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा। रुद्रपुर टीम के कप्तान अजय नेगी ने हार का कारण डिफेंस की चूक बताया। वहीं, विजेता टीम के कप्तान इमरान ने रुद्रपुर के खेल की सराहना करते हुए अपनी टीम के सामंजस्य को जीत का श्रेय दिया। इस अवसर पर हसीब असगर, इफ्तिखार हुसैन, अकमल जेदी, मोहम्मद अब्बास, वसीम हैदर और नवाब हैदर सहित कई खेल प्रेमी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 21 May 2026 9:25 pm

सिर्फ फुटबॉल नहीं, ये है जिंदगी की फिलॉसफी!, आर्सेनल की जीत पर रणवीर सिंह ने लिखा इमोशनल नोट

आर्सेनल की इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाते हुए रणवीर सिंह ने जो हालिया नोट लिखा है, उसमें एक बेहद गहरी और छिपी हुई बात नजर आती है। ऊपर-ऊपर से देखने पर तो यह किसी फुटबॉल फैन के दिल की वो सच्ची और जज्बाती आवाज लगती है, जो दशकों के लंबे इंतजार के बाद ...

वेब दुनिया 21 May 2026 12:30 pm

फुटबॉल कोच के बाद अब बड़े परदे पर क्रिकेटर बनकर चमकेंगे Ajay Devgan, एक्टर की नई बायोपिक फिल्म पर आया बड़ा अपडेट

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समाचार नामा 31 May 2024 8:30 pm

Maidaan Review: अजय देवगन की दमदार डायलॉग डिलीवरी और एक्टिंग ने दिखाया रियल सिनेमा, जरूर देखे फुटबॉल कोच की ये कहानी

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मनोरंजन नामा 11 Apr 2024 9:18 am

Maidaan Review: सीट से हिलने का मौका नहीं देगी Ajay Devgan की ये फिल्म, जरूर देखनी चाहिए इंडियन फुटबॉल टीम के महान कोच

Maidaan Review: सीट से हिलने का मौका नहीं देगी Ajay Devgan की ये फिल्म, जरूर देखनी चाहिएइंडियन फुटबॉल टीम के महान कोच

मनोरंजन नामा 9 Apr 2024 8:30 am

‘भीड़ से साथ की उम्मीद मत रखना', Ajay Devgan की मच अवेटेड फिल्म Maidaan का ट्रेलर हुआ लॉन्च, फुटबॉल कोच बनकर छा गए एक्टर

‘भीड़ से साथ की उम्मीद मत रखना', Ajay Devgan की मच अवेटेड फिल्म Maidaan काट्रेलर हुआ लॉन्च,फुटबॉल कोच बनकर छा गए एक्टर

मनोरंजन नामा 2 Apr 2024 2:35 pm