जब फुटबॉल का बुखार अमेरिका पहुंचता है, तो वह किसी एक राष्ट्रीय संस्कृति से बंधे देश में प्रवेश नहीं करता। अर्जेंटीना, ब्राजील, इंग्लैंड या जर्मनी जैसे देशों में फुटबॉल पूरे देश को एक धागे में पिरोता है। लेकिन अमेरिका इसके ठीक उलट एक बिल्कुल अलग और अनूठा अनुभव पेश कर रहा है। इस बार का फीफा वर्ल्ड कप अमेरिका के 11 अलग-अलग शहरों में खेला जा रहा है और इनमें से हर शहर का अपना एक अलग प्रवासी इतिहास, अपनी खेल परंपराएं और अपनी एक विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है। इस वजह से अमेरिका के इन 11 अलग-अलग श्शहर रूपी देशों’ के अनूठे मिजाज का एक वैश्विक जश्न नजर आ रहा है। मियामी के लैटिन कार्निवल वाले माहौल से लेकर लॉस एंजिलिस की मैक्सिकन फुटबॉल संस्कृति तक, यह वर्ल्ड कप किसी एक राष्ट्र की कहानी न होकर, अलग-अलग शहरों की कहानी बनता जा रहा है। 1. मियामी - मेसी का गढ़, कैफे और बार में स्पेनिश फैंस का शोर जब से मेसी इंटर मियामी क्लब से जुड़े हैं, तब से दक्षिण फ्लोरिडा में फुटबॉल एक सांस्कृतिक घटना बन गया है। बार और कैफे स्पेनिश, अंग्रेजी और पुर्तगाली भाषाओं के शोर से गूंज उठते हैं। इस दौरान मियामी एक अमेरिकी शहर की तरह कम और लैटिन अमेरिका की फुटबॉल राजधानी की तरह ज्यादा महसूस होने वाला है। 2. लॉस एंजिलिस - मैक्सिकन मूल की सबसे बड़ी आबादी यहीं यह मैक्सिको के बाहर मैक्सिकन मूल की सबसे बड़ी आबादी वाला शहर है। दीवारों पर बने भित्ति चित्र, स्थानीय लीग और फैन ग्रुप इस शहर को एक ऐसी फुटबॉल पहचान देते हैं, जिससे यहां का माहौल ग्वाडलहारा या मॉन्टेरी (मैक्सिको के शहर) जैसा लगता है। 3. डलास - जहां फुटबॉल से मिलती है टेक्सास की भव्यता यहां हर चीज बहुत बड़ी और भव्य होती है। डलास मजबूत मैक्सिकन-अमेरिकी फुटबॉल परंपराओं को टेक्सास शैली की महत्वाकांक्षा के साथ जोड़ता है। कॉर्पोरेट हॉस्पिटैलिटी जोन, बड़े पैमाने पर फैन फेस्टिवल और विशाल बुनियादी ढांचा इस शहर को टूर्नामेंट के मुख्य आकर्षणों में से एक बनाती हैं। 4. न्यूयॉर्क - न्यू जर्सी: एक स्टेडियम में बसी पूरी दुनिया यह क्षेत्र बड़ी संख्या में भारतीय, बांग्लादेशी, पाकिस्तानी, डोमिनिकन, इक्वाडोरियन, नाइजीरियाई, मिस्र, इतालवी, आयरिश, लैटिन अमेरिकी समुदायों का घर है। स्टेडियम तक की ट्रेन यात्रा में ही आधा दर्जन देशों के समर्थक एक साथ मिल सकते हैं। 5. ह्यूस्टन - लैटिन अमेरिकी कल्चर, फुटबॉल पहले से जीवन का हिस्सा शहर की बड़ी मैक्सिकन, मध्य अमेरिकी और दक्षिण अमेरिकी आबादी ने दशकों से यहां एक संपन्न फुटबॉल संस्कृति का निर्माण किया है। सामुदायिक लीग और युवा एकेडमी पहले से ही प्रवासी लोगों के लिए मेलजोल का जरिया हैं। यहां फुटबॉल रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा है। 6. सिएटल - डिजिटल युग का फुटबॉल, यहां उच्च शिक्षित फैंस सिएटल ने जिस स्वाभाविक तरीके से फुटबॉल को अपनाया है, वैसा बहुत कम अमेरिकी शहरों ने किया है। शहर की संस्कृति में पारंपरिक समर्थकों के जुनून के साथ-साथ एक युवा, उच्च शिक्षित टेक वर्कफोर्स का प्रभाव दिखता है। डेटा-संचालित फैन एंगेजमेंट और डिजिटल समुदाय यहां की फुटबॉल का हिस्सा है। 7. सैन फ्रांसिस्को - ‘सिलिकॉन वैली’ से मिलेगा खूबसूरत खेल बे एरिया की फुटबॉल कहानी खुद इस क्षेत्र को दर्शाती है। मैच सांता क्लारा में हो रहे हैं, जो सिलिकॉन वैली का दिल है। भारत, चीन से लेकर लैटिन अमेरिका और यूरोप तक के इस क्षेत्र के अप्रवासी समुदाय फुटबॉल का सपोर्ट कर रहे हैं। एआई, ऑगमेंटेड रियलिटी के जरिए फैंस को लुभाया जा रहा है। 8. फिलाडेल्फिया - यूरोप के पारंपरिक फुटबॉल जैसा जुनून यहां के फैंस अपने भावनात्मक जुड़ाव और वफादारी के लिए जाने जाते हैं। यह संस्कृति इस शहर को टूर्नामेंट के सबसे शानदार माहौल वाले स्थानों में से एक बनाती है। फिलाडेल्फिया के फैंस की भीड़ यूरोप के पारंपरिक फुटबॉल शहरों की याद दिलाती है। 9. बोस्टन - क्लब फुटबॉल का भी रोमांच आयरिश, पुर्तगाली, इतालवी और लैटिन अमेरिकी समुदायों ने पीढ़ियों से स्थानीय फुटबॉल परंपराओं को कायम रखा है। पूरे शहर के पब नियमित रूप से प्रीमियर लीग, चैम्पियंस लीग जैसे क्लब फुटबॉल टूर्नामेंट के दौरान भर जाते हैं। 10. अटलांटा - सबसे तेजी से उभरता शहर यह शहर अमेरिका के दक्षिण में सबसे तेजी से बढ़ते अंतरराष्ट्रीय केंद्रों में से एक के रूप में उभरा है, जो अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और एशिया के प्रवासियों को आकर्षित कर रहा है। हालांकि, लोग अभी भी अटलांटा की फुटबॉल संस्कृति को कम आंकते हैं। 11. कंसास - अमेरिका की फुटबॉल राजधानी फुटबॉल के जानकारों के बीच कंसास सिटी की प्रतिष्ठा अक्सर बाहरी लोगों को आश्चर्यचकित करती है। इस शहर ने फुटबॉल के बुनियादी ढांचे में भारी निवेश किया है और यह अमेरिका में सबसे मजबूत फुटबॉल समुदायों में से एक है।
को-होस्ट मैक्सिको फुटबॉल वर्ल्ड कप के नॉकआउट राउंड में पहुंच गई है। वह टूर्नामेंट के राउंड ऑफ 32 में पहुंचने वाली इस एडिशन की पहली टीम बन गई। उसने शुक्रवार के आखिरी मुकाबले में साउथ कोरिया को 1-0 के अंतर से हराया। ग्वाडलाहारा स्टेडियम में खेले गए ग्रुप-ए मैच का पहला हाफ गोलरहित रहा। मैच का इकलौता गोल 50वें मिनट में लुइस रोमो ने दागा। अब मैक्सिको अपने आखिरी ग्रुप मैच में चेक गणराज्य से भिड़ेगा, जबकि साउथ कोरिया का सामना साउथ अफ्रीका से होगा। इस जीत से टीम 6 अंक के साथ पॉइंट्स टेबल के टॉप पर है। कोरिया 3 अंक के साथ दूसरे नंबर पर है। मैच में खास मैक्सिको 2022 के वर्ल्ड कप में लीग स्टेज से बाहर हो गई थी। टीम अब तक 2 बार क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुकी है। पहला हाफ गोलरहित रहा मुकाबले का पहला हाफ गोलरहित रहा। दोनों टीमों ने डिफेंसिव शुरुआत की और गोल के मौके कम बने। फैंस ने फीके खेल पर नाराजगी भी जताई। रोमो ने मैक्सिको को बढ़त दिलाई दूसरे हाफ की शुरुआत में मैक्सिको ने 1-0 की बढ़त बना ली। यहां लुइस रोमो ने साउथ कोरिया के गोलकीपर किम स्युंग-ग्यू और डिफेंडर ली गिह्युक की गलती का फायदा उठाकर आसान गोल दागा। रेंगल ने आखिरी क्षणों में 2 गोल रोके साउथ कोरिया ने अंतिम मिनटों में गोल करने के कई प्रयास किए, लेकिन मैक्सिकन गोलकीपर राउल रेंगल ने आखिरी समय पर दो शानदार बचाव कर टीम की जीत तय कर दी। ------------------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… कनाडा की फुटबॉल वर्ल्डकप में पहली जीत, डेविड की हैट्रिक 'हैट्रिक... आत्मघाती गोल और 2 रेड कार्ड।' ये सब कनाडा और कतर मैच में देखने को मिला, जिसमें कनाडा ने फुटबॉल वर्ल्ड कप में अपनी पहली जीत हासिल की। टीम ने होम फैंस के सामने कतर को ग्रुप-बी मैच में 6-0 के बड़े अंतर से हराया। वैंकूवर के BC पैलेस में शुक्रवार सुबह मिली इस जीत के हीरो जोनाथन डेविड रहे। पढ़ें पूरी खबर
'हैट्रिक... आत्मघाती गोल और रेड कार्ड।' ये सब कनाडा और कतर मैच में देखने को मिला, जिसमें कनाडा ने फुटबॉल वर्ल्ड कप में अपनी पहली जीत हासिल की। टीम ने होम फैंस के सामने कतर को 6-0 के बड़े अंतर से हराया। वैंकूवर के BC पैलेस में शुक्रवार सुबह मिली इस जीत के हीरो जोनाथन डेविड रहे। 26 साल के युवा स्टार ने मैच के इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में नाथन सालिबा के पास को हल्के टच से कंट्रोल किया, फिर जोरदार किक लगाकर बॉल को गोल पोस्ट में धकेल दिया। इसी के साथ उन्होंने वर्ल्ड कप में अपनी पहली हैट्रिक पूरी की। वे सुपीरियर प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। जोनाथन डेविड की हैट्रिक में खास साइल लारिन के गोल से कनाडा को बढ़त कनाडा को 16वें मिनट में साइल लारिन के गोल से बढ़त मिली। फिर जोनाथन डेविड ने 29वें मिनट में गोल दागा। उन्होंने पहले हाफ के इंजरी टाइम के तीसरे मिनट में गोलकर स्कोर 3-0 कर दिया। कतर के 2 प्लेयर्स को रेड कार्ड कतर को आखिरी 49 मिनट 9 प्लेयर्स से खेलना पड़ा मादीबो को रेड कार्ड मिलने के बाद कतर की मुश्किलें बढ़ गईं। टीम को आखिरी 49 मिनट 9 प्लेयर्स के साथ खेलना पड़ा। इसी कारण वह कनाडा के हमलों का सामना नहीं कर सकी। सालिबा का फ्री-किक पर गोल, मनाई का आत्मघाती गोल नाथन सालिबा ने 64वें मिनट में फ्री-किक से गोल किया। 75वें मिनट में मोहम्मद मनाई के आत्मघाती गोल से कनाडा की बढ़त 5-0 हो गई। इंजरी टाइम में डेविड ने तीसरा गोल कर हैट्रिक पूरी की और टीम की 6-0 की ऐतिहासिक जीत तय की। साइल लारिन बोले- कनाडा ने दुनिया को अपना दम दिखाया कनाडा के स्ट्राइकर साइल लारिन ने कहा- 'हमने दुनिया को दिखा दिया कि कनाडा क्या है। हमारे कई खिलाड़ी लगभग गुमनामी से आए हैं, लेकिन हमने अपना जज्बा और लड़ने की क्षमता दिखाई। हमने साबित किया कि हम विश्व मंच पर प्रदर्शन कर सकते हैं।' 'यह तो सिर्फ शुरुआत है। इस्माइल कोए की चोट दुखद है और भावुक करने वाली भी, लेकिन हम मैदान पर लौटे और अपना काम पूरा किया। कोने हमारे दिमाग में रहेंगे और हम उनके लिए भी खेलेंगे।' मैच 26: स्विट्जरलैंड Vs बोस्निया, स्कोरलाइन 4-1 मंजाम्बी के डबल गोल से जीता स्विट्जरलैंड स्विट्जरलैंड ने बोस्निया-हर्जेगोविना को 4-1 से हराकर ग्रुप-बी में स्थिति मजबूत कर ली। इंगलवुड में दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष हुआ। दूसरे हाफ में जोहान मंजाम्बी के डबल गोल ने स्विस टीम को बढ़त दिलाई। बोस्निया को आखिरी में 10 प्लेयर्स के साथ खेलना पड़ा, क्योंकि तारिक मुहरेमोविच को खतरनाक टैकल के लिए रेड कार्ड मिला। LA स्टेडियम में 19 जून के मुकाबले में मंजाम्बी 71वें मिनट में सब्स्टीट्यूट के तौर पर मैदान पर आए और 74वें मिनट में शानदार वॉली से स्विट्जरलैंड को बढ़त दिलाई। 84वें मिनट में रुबिन वर्गास के गोल से बढ़त दोगुनी हो गई। 90वें मिनट में मंजाम्बी ने दूसरा गोल किया, जबकि इंजरी टाइम में कप्तान ग्रेनिट झाका ने पेनल्टी को गोल में बदलकर स्कोर 4-0 कर दिया। बोस्निया के लिए एरमिन माहमिक ने अंतिम क्षणों में एक गोल कर हार का अंतर कम किया, लेकिन टीम को 4-1 से हार झेलनी पड़ी। इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने कतर के खिलाफ पहले मैच की निराशा पीछे छोड़कर नॉकआउट चरण की ओर मजबूत कदम बढ़ाया है।
अटलांटा में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-ए मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने चेक रिपब्लिक के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेला। मैच के 5वें मिनट में मिखाल सादिलेक ने गोल कर चेकिया को बढ़त दिलाई, लेकिन 83वें मिनट में मिले पेनल्टी मौके को टेबोहो मोक्वेना ने गोल में बदलकर साउथ अफ्रीका की हार टाल दी। मैच के गोल 5वां मिनट: अलेक्जेंडर सोज्का के पास पर मिखाल सादिलेक ने गोल कर चेकिया को 1-0 की बढ़त दिलाई। यह टूर्नामेंट का अब तक का सबसे तेज गोल रहा। 83वां मिनट: पावेल सुल्क के हैंडबॉल के कारण साउथ अफ्रीका को पेनल्टी मिली। टेबोहो मोक्वेना ने गेंद को गोलपोस्ट के निचले बाएं कोने में भेजकर स्कोर 1-1 कर दिया। मैच में खास साउथ अफ्रीका की वापसी पहले हाफ में पिछड़ने के बाद साउथ अफ्रीका ने लगातार दबाव बनाया। थापेलो मासेको, मोफोकेंग और माकगोपा ने कई मौके बनाए, लेकिन चेक गोलकीपर मातेज कोवार ने शानदार बचाव किए। आखिरकार 81वें मिनट में हैंडबॉल से मिली पेनल्टी ने अफ्रीकी टीम को मैच में वापस ला दिया। अगले मुकाबले ग्रुप-ए के अंतिम मुकाबलों में साउथ अफ्रीका का सामना 25 जून को साउथ कोरिया से होगा, जबकि चेकिया की टीम मेक्सिको से भिड़ेगी। नॉकआउट में पहुंचने के लिए दोनों टीमों को जीत की जरूरत होगी। ------------------------------फीफा वर्ल्डकप से जुड़ी यह खबर भी पढिएइंग्लैंड टीम के फुटबॉल वर्ल्डकप बेस के पास फायरिंग फुटबॉल वर्ल्ड कप में इंग्लैंड टीम के बेस से 15 मिनट की दूरी पर फायरिंग से एक की मौत और 4 लोग घायल हो गए हैं। अमेरिका के कैनसस सिटी में 22 साल के ऑस्कर सांचेज-मुनोज को घटना का दोषी पाया गया है। हालांकि आधे घंटे के अंदर चार फायरिंग करने के बाद आरोपी फरार है। पढ़ें पूरी खबर…
फुटबॉल वर्ल्ड कप में इंग्लैंड टीम के बेस से 15 मिनट की दूरी पर फायरिंग से एक की मौत और 4 लोग घायल हो गए हैं। अमेरिका के कैनसस सिटी में 22 साल के ऑस्कर सांचेज-मुनोज को घटना का दोषी पाया गया है। हालांकि आधे घंटे के अंडर चार फायरिंग करने के बाद आरोपी फरार है। पुलिस आरोपी बड़े स्तर पर सर्च अभियान चला रही है। पुलिस के मुताबिक मंगलवार रात आधे घंटे के भीतर हुई चार अलग-अलग शूटिंग की गई। इन घटनाओं में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हुए हैं। पुलिस ने आरोपी ऑस्कर सांचेज-मुनोज को हथियारबंद और खतरनाक बताया है। अधिकारियों के अनुसार उसके खिलाफ वायंडॉट काउंटी से एक लाख डॉलर का बॉन्ड वारंट भी जारी किया गया है। लोगों से अपील की गई है कि आरोपी दिखने पर तुरंत 911 या पुलिस हेल्पलाइन पर सूचना दें। इससे पहले 6 जून को भी इंग्लैंड के बेस कैंप से 6 मील दूर फायरिंग हुई थी। इंग्लैंड टीम के बेस के पास हुई घटना गोलीबारी की एक घटना प्रॉस्पेक्ट एवेन्यू इलाके में हुई, जो इंग्लैंड टीम के ट्रेनिंग बेस स्वोप सॉकर विलेज से लगभग 15 मिनट की दूरी पर है। इंग्लैंड की टीम कोच थॉमस टुखेल की अगुआई में टीम यहीं अभ्यास कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम को उसके होटल से ट्रेनिंग ग्राउंड तक भारी पुलिस सुरक्षा के बीच ले जाया जा रहा है। क्रोएशिया पर 4-2 की जीत के बाद इंग्लैंड टीम कैनसस सिटी लौट चुकी है। रिजर्व खिलाड़ियों का एक बंद दरवाजों के पीछे अभ्यास मैच भी निर्धारित है। घर में आग लगी, लेकिन आरोपी नहीं मिला पुलिस को सूचना मिली थी कि ऑस्कर सांचेज-मुनोज इंडिपेंडेंस इलाके के एक घर में छिपा हुआ है। इसके बाद कई घंटों तक घर की घेराबंदी की गई। कार्रवाई के दौरान मकान में आग लग गई। आग बुझने के बाद पुलिस ने घर की तलाशी ली, लेकिन आरोपी वहां नहीं मिला। हालांकि उसकी कार मौके से बरामद हुई है। इसके बाद पूरे इलाके में तलाशी अभियान और तेज कर दिया गया। पुलिस बोली- गिरफ्तारी के करीब हैं कैनसस सिटी पुलिस प्रमुख स्टेसी ग्रेव्स ने कहा, अगर कोई इस व्यक्ति को देखे तो तुरंत 911 पर कॉल करे। हम आरोपी के बेहद करीब हैं और उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार करना चाहते हैं। अर्जेंटीना मैच जा रहे फैंस को ले जा रहा उबर ड्राइवर भी घायल रिपोर्ट्स के अनुसार, गोलीबारी की घटनाओं में एक उबर ड्राइवर भी घायल हुआ, जो अर्जेंटीना के मैच के लिए जा रहे प्रशंसकों को लेकर जा रहा था। इससे वर्ल्ड कप के दौरान शहर की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी बीच गोलीबारी की घटनाओं के बाद शहर में एक कार दुर्घटना और एक मौत की घटना भी सामने आई। पुलिस पूरे मामले को जोड़कर जांच कर रही है। इंग्लैंड टीम का समान चोरी हुआ था यह घटना ऐसे समय में हुई है जब इंग्लैंड टीम हाल ही में एक चोरी की वारदात का भी सामना कर चुकी है। 14 जून को फ्लोरिडा से ट्रेनिंग बेस भेजे जा रहे सामान को रास्ते में निशाना बनाया गया था। चोरी हुए सामान में जॉर्डन पिकफोर्ड के फुटबॉल बूट्स, साइन की हुई इंग्लैंड जर्सियां, ट्रेनिंग किट, वर्ल्ड कप फुटबॉल, स्पीकर और अन्य सामान शामिल थे। बाद में इनमें से अधिकांश सामान बरामद कर लिया गया। पढ़ें पूरी खबर… 6 जून को भी फायरिंग हुई थी 6 जून को भी स्वोप सॉकर विलेज ट्रेनिंग बेस से करीब चार मील दूर गोलीबारी में नौ लोग घायल हो गए थे। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया था कि घटना का वर्ल्ड कप या इंग्लैंड टीम से कोई संबंध नहीं था और सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर थी। कैनसस सिटी के पुलिस अधिकारियों ने इंग्लैंड टीम और वर्ल्ड कप से जुड़े सभी कार्यक्रमों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियां तैनात कर दी हैं। खराब मौसम ने भी बढ़ाई मुश्किलें इंग्लैंड टीम के कैनसस सिटी के दौरान खराब मौसम भी चिंता का कारण बना हुआ है। हाल के दिनों में तेज तूफान और 80 मील प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई थी। नेशनल वेदर सर्विस ने लोगों को घरों के अंदर सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी थी। इलाके में टॉरनेडो सायरन भी बजाए गए थे। इंग्लैंड ने क्रोएशिया को 4-2 से हराया फीफा वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-L मुकाबले में इंग्लैंड ने क्रोएशिया को 4-2 से हराकर टूर्नामेंट में जीत के साथ आगाज किया। इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन ने दो गोल किए, जबकि जूड बेलिंगहम और मार्कस रैशफोर्ड ने एक-एक गोल दागा।
अंडर-13 फुटबॉल लीग : अंशु और अब्बास बने जीत के हीरो
जयपुर | दूसरी अंडर-13 राजस्थान बॉयज फुटबॉल लीग के पहले मुकाबले में जयपुर बॉयज एफसी ने जयपुर फुटसल एफसी को 4-0 से हराया। महेश, गीतांश, खुशांत और हेम ने एक-एक गोल किया। दूसरा मैच राजस्थान फुटबॉल स्कूल और रेड स्टोन एफसी के बीच 1-1 से ड्रा रहा। तीसरे मुकाबले में ब्रदर्स यूनाइटेड जयपुर ने एएसएल फुटबॉल क्लब को 9-0 से रौंद दिया। अब्बास ने चार, नकुल ने तीन, जबकि विनय और मृदुल ने एक-एक गोल किया। दिन के अंतिम मैच में रॉयल फुटबॉल क्लब ने जयपुर एलीट फुटबॉल क्लब को 9-0 से हराया। अंशु ने शानदार पांच गोल दागे।
अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने बुधवार को फुटबॉल वर्ल्ड कप में अपने करियर की पहली हैट्रिक लगा दी है। यह मौजूदा वर्ल्ड कप की पहली हैट्रिक भी है। मेसी की यह हैट्रिक खास मौके पर आई है। उन्होंने आज ही के दिन 17 जून 2006 में फीफा वर्ल्ड कप में अपना पहला मैच खेला था। 38 साल के मेसी ने 17वें, 60वें और 76वें मिनट में गोल दागे। वे 78 मिनट के गेम के बाद मैदान से बाहर चले गए। कैनसस सिटी के एरोहेड स्टेडियम में मेसी के इस दमदार प्रदर्शन से अर्जेंटीना ने ग्रुप-जे के मुकाबले में अल्जीरिया को 3-0 से हराया। इस जीत से अर्जेंटीना ग्रुप-जे के पॉइंट्स टेबल में पहले स्थान पर आ गई है। अर्जेंटीना अब 22 जून को अपने अगले ग्रुप मुकाबले में ऑस्ट्रिया से भिड़ेगा। वहीं, अल्जीरिया की टीम अपने अगले मैच में जॉर्डन से भिड़ेगी। मैच में खास मेसी ने क्लोज के रिकॉर्ड की बराबरी इस मैच से पहले मेसी के नाम वर्ल्ड कप में 13 गोल थे। वे जर्मनी के दिग्गज फुटबॉलर मिरोस्लाव क्लोज के 16 गोल के रिकॉर्ड से तीन गोल पीछे थे। मेसी ने हैट्रिक लगाकर इस अंतर को खत्म किया और क्लोज की बराबरी पर आ गए। मेसी ने 200वां इंटरनेशनल गोल दागा मेसी ने अल्जीरिया के खिलाफ शुरुआती मिनटों में गोल कर मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 की बढ़त दिलाई। यह मुकाबला मेसी के इंटरनेशनल करियर का 200वां मैच भी था। उनका इंटरनेशनल करियर 2005 में 18 वर्ष की उम्र में शुरू हुआ था। उनसे ज्यादा मैच केवल पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो और कुवैत के बदर अल-मुतावा ने खेले हैं। पहले हाफ में ऑफ साइड के कारण 2 गोल रद्द मुकाबले की शुरुआत तेज रही। मेसी और अल्जीरिया के फारिस शाइबी, दोनों के गोल ऑफसाइड के कारण रद्द कर दिए गए। इसके बाद मेसी ने 30 गज दूर से गेंद हासिल की, डिफेंडर को छकाया और शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर अर्जेंटीना को बढ़त दिला दी। पहले हाफ में अल्जीरिया ने अर्जेंटीना को ज्यादा मौके नहीं दिए। हालांकि, एलेक्सिस मैक एलिस्टर का एक हेडर क्रॉसबार के ऊपर चला गया। दूसरी ओर अल्जीरिया के अनिस हद्ज मौसा ने भी मौका बनाया, लेकिन गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने आसानी से उसे रोक लिया। दूसरे हाफ में छाए मेसी, 3 गोल दागे ब्रेक के बाद मेसी लगातार अर्जेंटीना के हमलों का केंद्र बने रहे। पहले उन्होंने दूर से शॉट लगाया और फिर लाउतारो मार्टिनेज को शानदार पास दिया। उनका दूसरा गोल तब आया जब मैक एलिस्टर के तेज शॉट को गोलकीपर लुका जिदान पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सके। मेसी ने मौके का फायदा उठाते हुए रिबाउंड पर गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इसके बाद उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में बॉक्स के बाहर से कर्लिंग शॉट लगाकर हैट्रिक पूरी की और स्टेडियम में मौजूद अर्जेंटीनी समर्थकों को जश्न मनाने का मौका दे दिया। मेसी ने आज के दिन डेब्यू किया था, अब छठा वर्ल्ड कप खेल रहे हैं मेसी अपने करियर का रिकॉर्ड छठा वर्ल्ड कप खेल रहे हैं। उन्होंने 20 साल पहले आज के दिन सर्बिया एवं मोंटेनेग्रो के खिलाफ मुकाबले से वर्ल्ड कप में पदार्पण किया था। हाल ही में मेसी हैमस्ट्रिंग की मामूली चोट से जूझ रहे थे, लेकिन टूर्नामेंट से पहले आइसलैंड के खिलाफ अभ्यास मैच में उन्होंने वापसी के संकेत देते हुए पेनल्टी पर गोल किया था। कैनसस सिटी में दिखा 'मेसी-मेनिया' अर्जेंटीना की टीम के कैनसस सिटी पहुंचने के बाद से ही शहर में मेसी को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। मैच के दिन हजारों प्रशंसक मेसी की नंबर-10 जर्सी पहनकर स्टेडियम पहुंचे। डाउनटाउन क्षेत्र में आयोजित वॉच पार्टी में भी मेसी के सम्मान में विशेष आयोजन किए गए। उनके नाम के नारे पूरे मुकाबले के दौरान गूंजते रहे। मेसी की इस अचीवमेंट ने एक बार फिर उन्हें फुटबॉल इतिहास के महानतम खिलाड़ियों की बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है। ------------------------------------------ फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… फ्रांस ने सेनेगल को 3-1 से हराया, एम्बापे के डबल गोल फीफा वर्ल्ड कप में बुधवार को I ग्रुप के दो मैच खेले गए। पहले मैच में फ्रांस ने अपने ओपनिंग मैच में सेनेगल को 3-1 से हराया। न्यू जर्सी में खेले गए मुकाबले में स्टार फॉरवर्ड किलियन एम्बापे ने दो गोल दागे और फ्रांस के इतिहास के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने पूर्व स्ट्राइकर ओलिवियर गिरूड का रिकॉर्ड तोड़ा। फ्रांस के लिए ब्रेडली बारकोला ने भी एक गोल किया, जबकि सेनेगल का एकमात्र गोल इब्राहिम म्बाए ने दागा। पढ़ें पूरी खबर
स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने बुधवार को फुटबॉल वर्ल्ड कप में अपने करियर की पहली हैट्रिक लगा दी है। मेसी ने इस वर्ल्ड कप की पहली हैट्रिक लगाई है। 38 साल के मेसी ने 17वें, 60वें और 76वें मिनट में गोल दागे। वे 78 मिनट के गेंम के बाद मैदान से बाहर चले गए। कैनसस सिटी के एरोहेड स्टेडियम में मेसी के इस दमदार प्रदर्शन से अर्जेंटीना ने ग्रुप-जे के मुकाबले में अल्जीरिया को 3-0 से हराया। टीम पॉइंट्स टेबल में पहले स्थान पर आ गई है। मेसी ने तोड़े कई रिकॉर्ड मेसी ने 200वां इंटरनेशनल गोल दागा मेसी ने अल्जीरिया के खिलाफ शुरुआती मिनटों में गोल कर मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 की बढ़त दिलाई। यह मुकाबला मेसी के इंटरनेशनल करियर का 200वां मैच भी है। उनका इंटरनेशनल करियर 2005 में 18 वर्ष की उम्र में शुरू हुआ था। उनसे ज्यादा मैच केवल पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो और कुवैत के बदर अल-मुतावा ने खेले हैं। मेसी ने आज के दिन डेब्यू किया था, अब छठा वर्ल्ड कप खेल रहे हैं मेसी अपने करियर का रिकॉर्ड छठा वर्ल्ड कप खेल रहे हैं। उन्होंने 20 साल पहले आज के दिन सर्बिया एवं मोंटेनेग्रो के खिलाफ मुकाबले से वर्ल्ड कप में पदार्पण किया था। हाल ही में मेसी हैमस्ट्रिंग की मामूली चोट से जूझ रहे थे, लेकिन टूर्नामेंट से पहले आइसलैंड के खिलाफ अभ्यास मैच में उन्होंने वापसी के संकेत देते हुए पेनल्टी पर गोल किया था। कैनसस सिटी में दिखा 'मेसी-मेनिया' अर्जेंटीना की टीम के कैनसस सिटी पहुंचने के बाद से ही शहर में मेसी को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। मैच के दिन हजारों प्रशंसक मेसी की नंबर-10 जर्सी पहनकर स्टेडियम पहुंचे। डाउनटाउन क्षेत्र में आयोजित वॉच पार्टी में भी मेसी के सम्मान में विशेष आयोजन किए गए। उनके नाम के नारे पूरे मुकाबले के दौरान गूंजते रहे। मेसी की इस अचीवमेंट ने एक बार फिर उन्हें फुटबॉल इतिहास के महानतम खिलाड़ियों की बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है। ------------------------------------------ फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… फ्रांस ने सेनेगल को 3-1 से हराया, एम्बापे के डबल गोल फीफा वर्ल्ड कप में बुधवार को I ग्रुप के दो मैच खेले गए। पहले मैच में फ्रांस ने अपने ओपनिंग मैच में सेनेगल को 3-1 से हराया। न्यू जर्सी में खेले गए मुकाबले में स्टार फॉरवर्ड किलियन एम्बापे ने दो गोल दागे और फ्रांस के इतिहास के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने पूर्व स्ट्राइकर ओलिवियर गिरूड का रिकॉर्ड तोड़ा। फ्रांस के लिए ब्रेडली बारकोला ने भी एक गोल किया, जबकि सेनेगल का एकमात्र गोल इब्राहिम म्बाए ने दागा। पढ़ें पूरी खबर
FIFA वर्ल्ड कप में आज रात इंग्लैंड और क्रोएशिया के बीच हाई वोल्टेज मैच खेला जाएगा। इस मैच को जीतकर इंग्लैंड 2018 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में मिली हार का हिसाब बराबर करना चाहेगी। यह मैच रात 1:30 बजे से डलास स्टेडियम में शुरू होगा। सुबह 4:30 बजे घाना और पनामा के बीच टोरंटो स्टेडियम में मुकाबला होगा। इसके बाद FIFA वर्ल्ड कप में पहली बार खेल रही उज्बेकिस्तान, कोलंबिया से मैच खेलेगी। मैच मेक्सिको सिटी स्टेडियम में सुबह 7:30 से खेला जाएगा। तीनों मैच भारतीय समयानुसार 18 जून को खेले जाएंगे। मैच-22: इंग्लैंड और क्रोएशिया के बीच कांटे की टक्कर ग्रुप-L में शामिल इंग्लैंड और क्रोएशिया के बीच अब तक कुल 11 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में इंग्लैंड का पलड़ा भारी है, जिसने 6 मैचों में जीत दर्ज की है। वहीं क्रोएशिया को 3 मैचों में सफलता मिली है। 2 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। FIFA वर्ल्ड कप में दोनों टीमें दूसरी बार आमने-सामने होंगी। इससे पहले 2018 के सेमीफाइनल में दोनों टीमों की भिड़ंत हुई थी। तब क्रोएशिया ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर उसका फाइनल में पहुंचने का सपना तोड़ दिया था। इंग्लिश टीम को अपने स्टार स्ट्राइकर हैरी केन, मिडफील्डर जूड बेलिंगघम और युवा विंगर बुकायो साका से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। वहीं क्रोएशियाई टीम का पूरा दारोमदार उनके अनुभवी कप्तान और दिग्गज मिडफील्डर लुका मोड्रिच और डिफेंडर जोस्को ग्वार्डियोल पर टिका होगा। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: इंग्लैंड: पिकफोर्ड, वाकर, स्टोंस, गुएही, ट्रिपियर, राइस, बेलिंगघम, साका, फोडेन, गोर्डन, केन। क्रोएशिया: लिवाकोविच, स्टैनिसिच, सुतालो, ग्वार्डियोल, सोसा, मोड्रिच, कोवासिच, पासालिक, माजेर, क्रेमारिच, पेरिसीच। मैच-23: घाना और पनामा के बीच ऐतिहासिक मुकाबला ग्रुप-L में शामिल घाना और पनामा के बीच फुटबॉल इतिहास की यह पहली भिड़ंत होगी। दोनों टीमें आज तक किसी भी इंटरनेशनल मैच में आमने-सामने नहीं आई हैं। इस ग्रुप में इंग्लैंड और क्रोएशिया जैसी मजबूत टीम हैं। ऐसे में घाना-पनामा के लिए यह जीत बेहद अहम है। घाना को अपने स्टार मिडफील्डर मोहम्मद कुदुस और अटैकिंग फॉरवर्ड इनाकी विलियम्स से काफी उम्मीदें होंगी। वहीं पनामा की निगाहें मिडफील्डर अलबर्टो कैरास्क्विला और स्ट्राइकर जोसे फजार्डो पर टिकी होंगी। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: घाना: अति-जिगी, सेदु, जिवाकू, सालिसू, मेन्सा, समेड, पार्टी, नुअमा, कुदुस, आयू, विलियम्स। पनामा: मोस्केरा, मुरिलो, कोर्डोबा, कमिंग्स, मिलर, डेविस, गोडोय, कैरास्क्विला, बारसेनास, डियाज, फजार्डो। मैच-24: FIFA वर्ल्ड कप में पहली बार उज्बेकिस्तान दिखेगी ग्रुप-K में शामिल उज्बेकिस्तान पहली बार FIFA वर्ल्ड कप खेल रही है। उसका मुकाबाल कोलंबिया से है। दोनों टीमों के बीच इंटरनेशनल फुटबॉल में अब तक कोई मैच नहीं हुआ है। उज्बेकिस्तान को अनुभवी स्ट्राइकर और कप्तान एल्डोर शोमुरोडोव के साथ मिडफील्डर ओटाबेक शुकुरोव से जादुई प्रदर्शन की उम्मीद होगी। वहीं कोलंबिया की नजरें लिवरपूल के स्टार विंगर लुइस डियाज और अनुभवी प्लेमेकर जेम्स रोड्रिगेज के कॉम्बिनेशन पर टिकी होंगी। रोड्रिगेज ने 2014 वर्ल्ड कप में गोल्डन बूट का खिताब जीता था। दोनों टीमों की पॉसिबल स्टार्टिंग इलेवन: उज्बेकिस्तान: युसुपोव, अलीकुलोव, अशुर्मतोव, एशमुरोडोव, नसरुल्लाएव, हमरोबेकोव, शुकुरोव, उरुनोव, जशुरबेक, माशारिपोव, शोमुरोडोव। कोलंबिया: वर्गास, मुनोज, सांचेज, कुएस्टा, मोजिका, रिओस, लेर्मा, एरिआस, रोड्रिगेज, कोर्डोबा, डियाज।
दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग के नॉर्थ-वेस्ट जिला प्रशासन ने छात्राओं को खेलों के माध्यम से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। ‘खेल उड़ान’ कार्यक्रम के तहत जिले की बेटियों को फुटबॉल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। तीन माह के इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ शहीद भगत सिंह स्टेडियम, मंगोलपुरी में दिल्ली ग्रामीण विकास बोर्ड के अध्यक्ष एवं विधायक राजकुमार चौहान तथा जिला मजिस्ट्रेट सौम्या सौरभ ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि राजकुमार चौहान ने कहा कि जिला प्रशासन की यह पहल सराहनीय है। उन्होंने कहा इससे बेटियों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और बच्चे मोबाइल फोन तथा नशे जैसी बुरी आदतों से भी दूर रहेंगे। खेल उड़ान’का उद्देश्य छात्राओं की खेल प्रतिभा को निखारना : सौम्या सौरभ जिला मजिस्ट्रेट सौम्या सौरभ ने कहा ‘खेल उड़ान’ का उद्देश्य छात्राओं की खेल प्रतिभा को निखारना, उन्हें शारीरिक रूप से सशक्त बनाना और उनके बौद्धिक विकास को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि खेल गतिविधियों में भागीदारी से छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा, साथ ही उनकी पढ़ाई में रुचि और एकाग्रता भी विकसित होगी। एसडीएम नांगलोई जाट विक्रम सिंह ने बताया कि कार्यक्रम के तहत जिले की 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग की छात्राओं को एक स्वयं सेवी संस्था के सहयोग से फुटबॉल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए विशेष अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने अभिभावकों और स्थानीय निवासियों से अपील की कि वे अपनी बेटियों को अधिक से अधिक संख्या में इस कार्यक्रम से जोड़ें, ताकि उन्हें खेलों में आगे बढ़ने का अवसर मिले और वे जिले तथा देश का नाम रोशन कर सकें। खेल उड़ान कार्यक्रम की प्रमुख बातें
FIFA World Cup: Iran का गंभीर आरोप, US ने टीम को मैच के तुरंत बाद देश छोड़ने को कहा!
FIFA वर्ल्ड कप के अपने पहले मैच में न्यूज़ीलैंड के साथ 2-2 से ड्रॉ खेलने के बाद, अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान की टीम को तुरंत लॉस एंजिल्स छोड़ने का आदेश दिया। इसके बाद ईरान ने FIFA पर भेदभावपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाया है। टीम के हेड कोच अमीर घालेनोई ने अपनी टीम को टूर्नामेंट की सबसे ज़्यादा परेशान की गई टीम बताया है। ईरान के कप्तान मेहदी तारेमी, मिडफील्डर मोहम्मद मोहेबी और कोच घालेनोई ने बार-बार आ रही लॉजिस्टिकल चुनौतियों पर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की, जिनकी वजह से टीम की तैयारियों में रुकावट आई। कोच के मुताबिक, सोमवार रात के मैच के बाद टीम को रिकवरी के लिए लॉस एंजिल्स में रुकने के बजाय मेक्सिको के तिजुआना में अपने ट्रेनिंग बेस पर लौटने का निर्देश दिया गया था। इसे भी पढ़ें: US-Iran Deal से इजरायल बाहर! क्या समझौते का होगा पालन, ट्रंप vs नेतन्याहू अब होने वाला है? घलेनोई ने कहा कि आज मैच के बाद उन्होंने हमसे कहा, 'आपको तुरंत निकलना होगा।' जबकि आज हमारे लिए रिकवरी बहुत ज़रूरी है। कोच ने इस फ़ैसले पर सवाल उठाए और कहा कि टूर्नामेंट की तैयारी के दौरान ईरान को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि टीम की योजना मैच से दो दिन पहले लॉस एंजिल्स पहुँचने, मैच के बाद रात वहीं रुकने और अगले दिन मेक्सिको लौटने की थी। घलेनोई ने कहा कि मुझे लगता है कि पूरे वर्ल्ड कप में हमारी टीम के साथ सबसे ज़्यादा नाइंसाफ़ी हुई है। हमारी फ़ेडरेशन यहाँ नहीं है, हमारी मीडिया यहाँ नहीं है, हमारा मैनेजमेंट यहाँ नहीं है। वीज़ा और यात्रा से जुड़ी दिक्कतों की वजह से ईरान की तैयारियों में मुश्किलें आईं। अमेरिकी इमिग्रेशन प्रक्रियाओं को लेकर चिंताओं के कारण टीम को टक्सन, एरिज़ोना में ट्रेनिंग बेस बनाने का प्लान छोड़ना पड़ा और इसके बजाय तिजुआना में कैंप लगाना पड़ा। ये चिंताएँ तब सही साबित हुईं जब ख़बरों के मुताबिक ईरान के सपोर्ट स्टाफ़ के कई सदस्यों को अमेरिका में घुसने के लिए वीज़ा नहीं मिला। इसे भी पढ़ें: Donald Trump का बड़ा बयान- ईरान को नहीं देंगे 300 अरब डॉलर, Peace Deal की खबर 'Fake News' इस वजह से, ईरान की टीम लॉस एंजिल्स बिना ज़रूरी सपोर्ट स्टाफ़ के पहुँची, जिसमें मीडिया ऑफ़िसर, एनालिस्ट और फ़ेडरेशन के प्रेसिडेंट मेहदी ताज भी शामिल नहीं थे। तारेमी ने कहा कि लगातार यात्रा और अनिश्चितता की वजह से टीम की मैचों के लिए ठीक से तैयारी करने की क्षमता पर असर पड़ रहा था। उन्होंने बताया कि तिजुआना से लॉस एंजिल्स की यात्रा, जिसमें आम तौर पर कुछ घंटे लगते हैं, उसमें देरी के कारण लगभग पाँच घंटे लग गए; माना जा रहा है कि यह देरी इमिग्रेशन प्रक्रियाओं से जुड़ी थी। For more Sports News in Hindi Today please click here.
FIFA World Cup 2026: 'कॉम्पिटिटिव एनिमल' Messi फिर मैदान पर, Argentina को 'दूसरी ट्रॉफी' की उम्मीद
अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी और डिफेंडर निकोलस ओटामेंडी ने मंगलवार को अल्जीरिया के खिलाफ होने वाले फीफा वर्ल्ड कप के अपने पहले मैच से पहले टीम में वर्ल्ड कप विजेता स्टार लियोनेल मेसी की अहमियत पर ज़ोर दिया। 2022 में कतर में हुए पिछले वर्ल्ड कप में FIFA वर्ल्ड कप का खिताब जीतकर फुटबॉल की दुनिया के शिखर पर पहुंचने वाले मेसी एक बार फिर चर्चा का केंद्र हैं और फुटबॉल प्रेमियों की पसंद बने हुए हैं; यह अनुभवी खिलाड़ी अपने संभावित आखिरी वर्ल्ड कप में लगातार दूसरी बार खिताब जीतने की कोशिश कर रहा है। इसे भी पढ़ें: FIFA World Cup 2024 में 68 साल बाद टूटा रिकॉर्ड! एक ही दिन में 4 धमाकेदार Matches हुए ड्रॉ, फैंस हैरान मैच से पहले, रॉयटर्स के अनुसार स्कालोनी ने पत्रकारों से कहा कि हर कोई उन्हें मैदान पर देखना चाहता है। स्कालोनी ने कहा कि सिर्फ़ अर्जेंटीना के लोग ही नहीं, बल्कि हमारा मानना है कि हर कोई उन्हें मैदान पर देखना चाहता है, उन्हें खेलते हुए देखना चाहता है। मेसी 6 जून को होंडुरास के खिलाफ़ हुए फ्रेंडली मैच में नहीं खेले थे, जिसे मौजूदा चैंपियन ने आसानी से 2-0 से जीता था, लेकिन पिछले हफ़्ते आइसलैंड के खिलाफ़ 3-0 की जीत में वे सब्स्टीट्यूट के तौर पर उतरे और पेनल्टी किक से गोल किया। स्कालोनी ने इस बात की किसी भी चिंता को खारिज कर दिया कि 38 साल के मेसी टीम पर बोझ बन सकते हैं; उन्होंने कहा कि वे हमेशा से टीम के लिए अहम रहे हैं, भले ही हाल के समय में उन्हें थकान और फ़िटनेस से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा हो। कोच ने कहा कि वह हमेशा से टीम का अहम हिस्सा रहे हैं और हमारे लिए बहुत ज़रूरी रहे हैं। और अब तो उनकी अहमियत और भी बढ़ गई है। मेसी के लंबे समय से साथी खिलाड़ी ओटामेंडी ने भी उनके साथ बिताए सफ़र को याद किया। उन्होंने मेसी को इतिहास का सबसे बेहतरीन खिलाड़ी और मुकाबले के लिए हमेशा तैयार रहने वाला खिलाड़ी बताया। डिफेंडर ने कहा कि हमने साथ में कई यादगार पल बिताए हैं। इसे भी पढ़ें: फीफा वर्ल्ड कप में Manuel Neuer का ऐतिहासिक कारनामा, 5वां World Cup खेलकर रचा इतिहास उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि वह एक सादे इंसान हैं जो ट्रेनिंग कैंप और प्रैक्टिस का मज़ा लेते हैं और उसके लिए खुद को तैयार करते हैं। साथ ही, वह मुकाबले के लिए हमेशा तैयार रहने वाले खिलाड़ी हैं। यह बात आपको भी कोशिश करते रहने और आराम न करने के लिए प्रेरित करती है; आप उनके साथ बने रहने, उनका साथ देने और उनकी मदद करने की कोशिश करते हैं। For more Sports News in Hindi Today please click here.
अमेरिका में फुटबॉल वर्ल्ड कप खेल रहे ईरान के हेड कोच आमिर घालेनोई ने कहा कि टीम को मैच के तुरंत बाद अमेरिका छोड़कर मेक्सिको लौटने का आदेश दिया गया। इससे खिलाड़ियों की रिकवरी प्रभावित हुई। घालेनोई ने बताया, ‘हमारा प्लान कैलिफोर्निया में रात बिताने के बाद अगले दिन दोपहर में तिजुआना (मेक्सिको) स्थित बेस कैंप लौटने का था। लेकिन हमें मैच के बाद सभी को तुरंत निकलने को कहा गया। टीम को आराम करने तक का समय तक नहीं दिया गया। हमें मैच के तुरंत बाद लौटना पड़ा।' मंगलवार सुबह लॉस एंजिलिस में ईरान का मुकाबला न्यूजीलैंड से हुआ। ईरान ने न्यूजीलैंड को 2-2 की बराबरी पर रोक दिया था। सोफी स्टेडियम में मैच के दौरान ईरानी फैंस मौजूद रहे। हालांकि, स्टेडियम के बाहर ईरानी सरकार के विरोध में प्रदर्शन भी हुए। कप्तान तारेमी बोले- हमारे लिए सब कुछ बेहद मुश्किल मैच के बाद ईरान के कप्तान मेहदी तारेमी ने ट्रैवल अरेंजमेंट्स पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि तिजुआना से लॉस एंजिल्स पहुंचने में टीम को करीब पांच घंटे लगे। जबकि सामान्य परिस्थितियों में यह सफर काफी छोटा माना जाता है। सुरक्षा जांच और अन्य प्रक्रियाओं के कारण खिलाड़ियों को अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ी। कप्तान ने कहा- 'टीम को फीफा से ज्यादा सहयोग की उम्मीद थी। इस समय हमारे लिए सब कुछ बेहद मुश्किल हो गया है।' वीजा विवाद से पहले ही प्रभावित रही तैयारी ईरानी फुटबॉल टीम की तैयारियां पहले से कई समस्याओं से घिरी रही है। अमेरिका ने ईरान फुटबॉल महासंघ के कुछ अधिकारियों, सहयोगी स्टाफ और मीडिया प्रतिनिधियों को वीजा नहीं दिए जाने के कारण टीम का सपोर्ट सिस्टम भी प्रभावित हुआ है। ईरान ने अमेरिका में बेस कैंप बनाने के बजाय मेक्सिको के तिजुआना को अपना ठिकाना बनाया है। इससे हर अमेरिकी मैच के लिए अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ रही है। अब बेल्जियम-मिस्र जैसी मजबूत टीमों से मैच ईरान को अब ग्रुप स्टेज में बेल्जियम और मिस्र जैसी मजबूत टीमों का सामना करना है। न्यूजीलैंड के खिलाफ ड्रॉ के बाद टीम पर अगले दोनों मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन का दबाव बढ़ गया है। ईरान ग्रुप-जी की पॉइंट्स टेबल में नंबर-2 पर है… ----------------------------------------------- ईरानी की फुटबॉल टीम से जुड़ी यें खबरें भी पढ़िए… 1. ईरानी ने न्यूजीलैंड को पहली जीत से रोका लॉस एंजिलिस में ईरान ने न्यूजीलैंड की फुटबॉल वर्ल्ड कप में पहली वर्ल्ड कप जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। दोनों के बीच का मैच 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुआ। न्यूजीलैंड से एलिजाह जस्ट ने दो गोल किए। वे वर्ल्ड कप के एक ही मैच में एक से अधिक गोल करने वाले न्यूजीलैंड के पहले खिलाड़ी बने हैं। इससे पहले मिस्र और बेल्जियम का मैच 1-1 से ड्रॉ रहा। पढ़ें पूरी खबर 2. फुटबॉल वर्ल्डकप के बीच ईरानी ट्रेनिंग-बेस के बाहर शव मिला फुटबॉल वर्ल्ड कप के दौरान ईरान फुटबॉल टीम के ट्रेनिंग बेस के पास कार से शव मिलने का मामला सामने आया है। पुलिस ने स्टेडियम के बाहर खड़ी कार की डिक्की से शव बरामद कर जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर
अंडर-13 फुटबॉल लीग : राजेंद्र के 4 गोल, एएसएल फुटबॉल क्लब की शानदार जीत
जयपुर | दूसरी अंडर-13 राजस्थान बॉयज फुटबॉल लीग में रविवार को 4 मुकाबले खेले गए। कुल 56 मैचों वाली लीग में अब तक 32 मुकाबले पूरे हो चुके हैं। दिन के सबसे रोमांचक मैच में एएसएल फुटबॉल क्लब ने रेड स्टोन फुटबॉल क्लब को 5-1 से हराया। एएसएल के लिए राजेंद्र ने 23वें, 40वें, 47वें और 58वें मिनट में चार गोल दागे, जबकि पुनीत ने एक गोल किया। अन्य मुकाबलों में जयपुर बॉयज फुटबॉल अकादमी ने जयपुर एलीट को 2-0, ब्रदर्स यूनाइटेड ने रॉयल फुटबॉल क्लब को 1-0 और राजस्थान फुटबॉल स्कूल ने जयपुर फुटसाल क्लब को 5-1 से हराया। राजस्थान फुटबॉल स्कूल के लिए इशदीप ने हैट्रिक लगाई।
बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह 'धुरंधर' की सक्सेस के बीच चल रहे 'डॉन 3' विवाद को लेकर भी सुर्खियों में हैं। फिल्ममेकर फरहान अख्तर और एक्सेल एंटरटेनमेंट के साथ उनकी अनबन अब जगजाहिर हो चुकी है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) द्वारा उनके ...
सिर्फ फुटबॉल नहीं, ये है जिंदगी की फिलॉसफी!, आर्सेनल की जीत पर रणवीर सिंह ने लिखा इमोशनल नोट
आर्सेनल की इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाते हुए रणवीर सिंह ने जो हालिया नोट लिखा है, उसमें एक बेहद गहरी और छिपी हुई बात नजर आती है। ऊपर-ऊपर से देखने पर तो यह किसी फुटबॉल फैन के दिल की वो सच्ची और जज्बाती आवाज लगती है, जो दशकों के लंबे इंतजार के बाद ...
फुटबॉल कोच के बाद अब बड़े परदे पर क्रिकेटर बनकर चमकेंगे Ajay Devgan,एक्टर की नई बायोपिक फिल्म पर आया बड़ा अपडेट
Maidaan Review:अजय देवगन की दमदार डायलॉग डिलीवरी और एक्टिंग ने दिखाया रियल सिनेमा, जरूर देखेफुटबॉल कोच की ये कहानी
Maidaan Review: सीट से हिलने का मौका नहीं देगी Ajay Devgan की ये फिल्म, जरूर देखनी चाहिएइंडियन फुटबॉल टीम के महान कोच
‘भीड़ से साथ की उम्मीद मत रखना', Ajay Devgan की मच अवेटेड फिल्म Maidaan काट्रेलर हुआ लॉन्च,फुटबॉल कोच बनकर छा गए एक्टर

