जोहार संगवारी फुटबॉल एसोसिएशन के सभी पदाधिकारी निर्विरोध चुने गए
भास्कर न्यूज | खरोरा जोहार संगवारी फुटबॉल एसोसिएशन खरोरा में तय निर्वाचन कार्यक्रम के तहत आज सुबह 07:00 बजे पदाधिकारियों का चुनाव हुआ। चुनाव शांतिपूर्ण रहा। माहौल लोकतांत्रिक रहा। निर्वाचन अधिकारी ने तय समय-सीमा में मिले नामांकन पत्रों की जांच की। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी हुई। हर पद के लिए एक-एक वैध नामांकन मिला। सभी अभ्यर्थी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। अध्यक्ष पद पर कुमार अमोल रतन साहू चुने गए। उपाध्यक्ष पद पर मोरध्वज मानिकपुरी चुने गए। उपाध्यक्ष पद पर विनय वर्मा चुने गए। कोषाध्यक्ष पद पर परमेश्वर दास मानिकपुरी चुने गए। सचिव पद पर अभिषेक वर्मा चुने गए। संयुक्त सचिव पद पर तुषार गुप्ता चुने गए। नवनिर्वाचित अध्यक्ष कुमार अमोल रतन साहू ने सदस्यों का आभार जताया। उन्होंने कहा, एसोसिएशन का उद्देश्य खरोरा और आसपास के क्षेत्र में फुटबॉल का विकास करना है। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देना है। खिलाड़ियों को अवसर उपलब्ध कराना है। खेल के जरिए युवाओं में अनुशासन की भावना विकसित करनी है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ानी है। सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना मजबूत करनी है। उन्होंने सदस्यों से टीम भावना के साथ काम करने की अपील की। क्लब को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया। निर्वाचन प्रक्रिया सर्वसम्मति से पूरी होने पर मौजूद सदस्यों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दी। शुभकामनाएं दीं।
सीई जिंक बनी जूनियर बालिका फुटबॉल चैंपियन
जिला फुटबॉल संघ उदयपुर के तत्वावधान में आयोजित जिला स्तरीय जूनियर बालिका फुटबॉल प्रतियोगिता का खिताब सी.ई. जिंक ने अपने नाम कर लिया। रोमांचक फाइनल मुकाबले में सी.ई. जिंक ने जी. एंड आर. क्लब को 3-2 से पराजित कर विजेता बनने का गौरव हासिल किया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आनंदी को सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। समापन समारोह में पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी दिलीप सिंह अम्बावली, जनकसिंह, फिरोज खान, कौशिक चंदा, महावीर शर्मा एवं त्रिलोक नाथ चौहान का सम्मान किया गया। मुख्य अतिथि जिला फुटबॉल संघ के अध्यक्ष अभिमन्यु सिंह झाला थे।
फुटबॉल वर्ल्ड कप का फाइनल न्यूयॉर्क के न्यूजर्सी स्टेडियम में स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेला जा रहा है। टूर्नामेंट में दोनों टीमें 60 साल बाद आमने-सामने हो रही हैं। स्पेन के लामिन यमाल 5वें मिनट में गोल करने से चूक गए। इसके बाद अर्जेंटीना के मेसी ने अटैक किया। हालांकि वे गोल नहीं कर सके। स्पेन 2010 के बाद दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बनने उतरेगा। दूसरी ओर डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना के पास चौथी बार ट्रॉफी जीतने और लगातार दूसरा वर्ल्ड कप अपने नाम करने का मौका होगा। जीत दर्ज करने पर अर्जेंटीना की टीम इटली (1938) और ब्राजील (1962) के बाद लगातार दो वर्ल्ड कप जीतने वाली तीसरी टीम बन जाएगी। दोनों टीमों के बीच अब तक 14 मुकाबले खेले गए हैं। दोनों ने 6-6 मैच जीते हैं और 2 मुकाबले ड्रॉ रहे। वर्ल्ड कप में दोनों की अब तक सिर्फ एक भिड़ंत हुई है। 1966 में अर्जेंटीना ने स्पेन को 2-1 से हराया था। वहीं पिछली भिड़ंत 2018 के दोस्ताना मैच में हुई थी, जिसमें स्पेन ने अर्जेंटीना को 6-1 से मात दी थी। क्लोजिंग सेरेमनी की 5 फोटोज… दोनों टीमों की स्टार्टिंग-11 स्पेन: उनाई सिमोन (गोलकीपर), पेड्रो पोरो, एमेरिक लापोर्टे, पाउ क्यूबार्सी, मार्क कुकुरेला, फाबियान रुइज, एलेक्स बाएना, रोड्री (कप्तान), दानी ओल्मो, लामिन यामाल, मिकेल ओयारजाबाल। अर्जेंटीना: एमिलियानो मार्टिनेज (गोलकीपर), निकोलस टैग्लियाफिको, गोंजालो मोंटिएल, लिसांद्रो मार्टिनेज, क्रिस्टियन रोमेरो, रोड्रिगो डी पॉल, निको गोंजालेज, एलेक्सिस मैक एलिस्टर, एंजो फर्नांडेज, जूलियन अल्वारेज, लियोनेल मेसी (कप्तान)।
इंगलैंड ने फ्रांस को 6-4 से हराकर जीता FIFA World Cup का ब्रोंज मेडल
बुकायो साका की हैट्रिक की बदौलत इंग्लैंड ने फीफा विश्वकप 2026 के कांस्य पदक मुकाबले में फ्रांस को 6-4 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया।मियामी स्टेडियम में शनिवार रात खेले गये मुकाबले के शुरुआती 20 मिनट में डेकलन राइस और एजरी कॉन्सा ने इंग्लैंड को बढ़त दिलाई। इसके बाद साका ने दो गोल कर टीम का स्कोर 4-0 से कर दिया। डेकलन राइस ने तीसरे मिनट, एजरी कॉन्सा ने 18वें तथा साका ने 37वें और स्टॉपेज समय में गोल दागे। दूसरे हाफ में फ्रांस ने तीन गोल कर वापसी की और बराबरी करने के कई आसान अवसर भी बनाए, लेकिन उन्हें भुना नहीं सका। किलियन एमबापे ने पहला गोल (44) मिनट और 66वें मिनट में अपना दूसरा गोल किया। इन दो गोलों के बीच ब्रैडली बारकोला (54वें मिनट) गोल किया। इन दो गोलों की बदौलत एमबापे 2026 विश्वकप के गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे पहुंच गए। वह विश्व कप इतिहास में 22 गोल के साथ लियोनेल मेसी को पछाड़ते हुए सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गये है। फ्रांस के लिए बराबरी करने का एक शानदार मौका माइकल ओलिस के पास था, लेकिन उनका शॉट लक्ष्य से चूक गया। और यह चूक इंग्लैंड के लिए महंगी साबित हुई क्योंकि इंग्लैंड ने दूसरी तरफ से हमला किया और पेनल्टी हासिल की, जिस पर साका ने पेनल्टी से अपनी हैट्रिक पूरी। डायोट उपामेकानो के शानदार पास के बाद फ्रांस के चौथे गोल के साथ उस्मान डेम्बेले ने मैच के अंतिम क्षणों में इंग्लैंड को चिंता में डाल दिया । मैच के अंतिम क्षणों में जूड बेलिंगहैम ने 98वें मिनट में निर्णायक गोल करके इंग्लैंड को 1966 के बाद से विश्व कप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में मदद की। विश्व कप में इंग्लैंड का पिछले 60 साल में यह सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा। 1966 में इंग्लैंड ने विश्व कप का खिताब जीता था।
दुनिया के सबसे बड़े स्पोर्ट्स इवेंट फुटबॉल वर्ल्ड कप का फाइनल मैच आज रात 12:30 बजे से खेला जाएगा। इसमें अर्जेंटीना और स्पेन की टीमें वर्ल्ड चैंपियन के ट्रैग के लिए आमने-सामने होंगी। लियोनेल मेसी की टीम लगातार दूसरा खिताब जीतना होगी, जबकि लामिल यमाल की टीम को दूसरे टाइटल की तलाश है। फाइनल का क्रेज भारत में भी देखने को मिल रहा है। सबसे ज्यादा दीवानगी कोलकाता में है। यहां स्पोर्ट्स बार, मल्टीप्लेक्स, क्लब और मोहल्लों के मैदानों पर बड़ी स्क्रीन लग चुकी है। जुनून इस हद तक है कि स्कूलों ने 20-21 जुलाई की परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। बेंगलुरु पुलिस और असम सरकार ने होटल, रेस्तरां और क्लबों को सुबह 3:30 बजे तक खुला रखने की अनुमति दी है। प्रसेनजीत- अर्जेंटीना के सबसे ज्यादा फैंस कोलकाता में हैंमोहन बागान क्लब के सदस्य प्रसेनजीत सरकार ने बताया, ‘बंगाल में कोई कहे कि उसे फुटबॉल पसंद नहीं है, तो उसके बंगाली होने पर ही सवाल उठ सकता है। कोलकाता में अर्जेंटीना के समर्थक सबसे ज्यादा हैं। अर्जेंटीना जीता तो जश्न वैसा ही होगा, जैसा भारत के क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने पर होता है।’ गुवाहाटी के फाइव स्टार होटल्स में वर्ल्डकप थीम पर डिश गुवाहाटी के एलीट क्लब्स और फाइव-स्टार होटल्स के ‘वर्ल्ड कप थीम’ में ‘मेसी किक बर्गर’ और ‘स्पेनिश ट्रॉफी मॉकटेल’ जैसे व्यंजन शामिल हैं। कई नामचीन पब्स और लाउंज ने ‘जर्सी ड्रेस कोड’ अनिवार्य किया है। रेस्तरां के फर्श पर आर्टिफिशियल टर्फ बिछाई है। स्टाफ भी हाथों में व्हिसल और जर्सी पहनकर सर्व कर रहे हैं। रात में फैंस के झगड़े नहीं हों, इसलिए पुलिस की तैनाती कोच्चि के ईगल एफसी फुटबॉल क्लब ने बड़ी स्क्रीन पर लाइव स्ट्रीमिंग के लिए टिकट की कीमत 90 से 500 रुपए रखी है। फाइनल मैच की बुकिंग पूरी हो चुकी है। जीत के बाद फैंस झगड़ न पड़ें, इसलिए भारी पुलिस बल भी तैनात रहेगा। कई स्कूलों ने सोमवार को छुट्टी की घोषणा कर दी है।
फुटबॉल वर्ल्ड कप का फाइनल सिर्फ स्पेन और अर्जेंटीना की दो टीमों के बीच नहीं होगा, बल्कि दो ऐसे देशों के बीच भी होगा, जिनके रिश्ते सदियों पुराने हैं। दोनों की भाषा एक है, संस्कृति में कई समानताएं हैं और लाखों परिवार ऐसे हैं जिनकी जड़ें दोनों देशों से जुड़ी हैं। ऐसे में मैच कई लोगों के लिए भावनात्मक परीक्षा बन गया है। सवाल यही है कि दिल की सुनी जाए या जन्मभूमि की। अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में रहने वाले 75 वर्षीय जुआन मैनुएल पोसादा इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। उनका जन्म स्पेन में हुआ था, लेकिन 1968 में वे अर्जेंटीना आकर बस गए। वे कहते हैं, ‘मेरा दिल स्पेन के साथ है, लेकिन अगर अर्जेंटीना जीत गया तो भी मुझे दुख नहीं होगा।’ उनके परिवार में भी यही दुविधा है। उनका पोता अर्जेंटीना का समर्थक है और उसने दादा से वादा लिया है कि अगर अर्जेंटीना जीता तो वे उसकी टीम की जर्सी पहनकर जश्न मनाएंगे। 81 वर्षीय मैनुएल फर्नांडीज असेवेडो भी बचपन में स्पेन छोड़कर अर्जेंटीना आ गए थे। उनकी बेटी और पोती यहीं पैदा हुईं। वे कहते हैं कि दोनों देशों से उनका समान लगाव है और वे सिर्फ यही चाहते हैं कि बेहतर टीम जीते। स्पेन और अर्जेंटीना का रिश्ता सिर्फ भाषा तक सीमित नहीं है। 16वीं सदी में स्पेन के ही एक खोजकर्ता पेड्रो डी मेंडोसा ने ब्यूनस आयर्स की स्थापना की थी। बाद में बड़ी संख्या में स्पेनिश नागरिक अर्जेंटीना जाकर बस गए। इसी कारण दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंध लगातार मजबूत होते गए। साहित्य, संगीत और खानपान के साथ-साथ फुटबॉल ने भी इस रिश्ते को नई पहचान दी। रियल मैड्रिड के लिए अल्फ्रेडो डी स्टेफानो और बार्सिलोना के लिए लियोनेल मेसी जैसे महान खिलाड़ियों ने दोनों देशों को भावनात्मक रूप से और करीब ला दिया। वर्ल्ड कप के इतिहास में स्पेन और अर्जेंटीना की टक्कर सिर्फ एक बार हुई है। 1966 वर्ल्ड कप के ग्रुप चरण में अर्जेंटीना ने स्पेन को हराया था। अब पहली बार दोनों टीमें फाइनल में आमने-सामने हैं। यह वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा ऐसा फाइनल होगा, जिसमें दो स्पेनिश भाषी देश खिताब के लिए भिड़ेंगे। इससे पहले 1930 में उरुग्वे और अर्जेंटीना भिड़े थे। पिछले कुछ दशकों में आर्थिक संकट और सैन्य शासन के बाद हजारों अर्जेंटीनी बेहतर भविष्य के लिए स्पेन जाकर बस गए। स्पेन में अर्जेंटीना में जन्मे करीब 4.5 लाख लोग रह रहे हैं। ऐसे लोगों के लिए यह मुकाबला किसी पारिवारिक उत्सव जैसा है। सोशल मीडिया पर अर्जेंटीना-स्पेन के परिवारों के मजेदार वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें बच्चे किस टीम का समर्थन करेंगे, इसे लेकर घरों में हल्की-फुल्की नोकझोंक दिखाई दे रही है। यही वजह है कि फाइनल सिर्फ चैम्पियन तय नहीं करेगा, बल्कि उन लाखों परिवारों की भावनाओं को भी मैदान पर ले आएगा, जिनके दिल में स्पेन व अर्जेंटीना दोनों के लिए बराबर जगह है।
स्पोर्ट्स रिपोर्टर| रांचीदेश की सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल प्रतियोगिता डूरंड कप की मेजबानी के लिए रांची पूरी तरह तैयार है। 135वें इंडियन ऑयल डूरंड कप के ट्रॉफी टूर के साथ ही शनिवार को शहर में फुटबॉल के इस महाकुंभ का ऐतिहासिक आगाज हो गया। भारतीय सेना की पूर्वी कमान की ओर से दीपाटोली मिलिट्री स्टेशन िस्थत केरकेट्टा ऑडिटोरियम में डूरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप और शिमला ट्रॉफी का स्वागत किया गया। समारोह के बाद शहर में ट्रॉफी रोड शो निकाला गया। यह मिलिट्री स्टेशन से शुरू होकर कोकर, लालपुर, करमटोली रोड, कचहरी रोड और सुजाता चौक होते हुए वापस दीपाटोली पहुंचा।। समारोह में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेल एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार मुख्य अतिथि थे, जबकि कॉम्बैट आईबीजी-23 के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल सज्जन सिंह मान विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। अब 20 जुलाई को यह ट्रॉफी टूर गुमला पहुंचेगा। इस टूर्नामेंट में दर्शकों को एंट्री फ्री मिलेगी, लेकिन टिकट लेना होगा। मैच में भीड़ प्रबंधन के लिए टिकट की व्यवस्था की गईअब रांची का बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम 26 जुलाई से 16 अगस्त तक ग्रुप-सी के मुकाबलों की मेजबानी करेगा। चार प्रतिष्ठित क्लब की टीम के बीच यहां मुकाबले होंगे। खेल निदेशक छवि रंजन ने बताया कि डूरंड कप के सभी मुकाबले दर्शकों के लिए नि:शुल्क होंगे। लेकिन टिकट लेना होगा, ताकि टिकट से भीड़ का आकलन हो सके और भीड़ नियंत्रण बेहतर तरीके से की जा सके। टिकट कैसे मिलेगा, इसकी जानकारी सोमवार को खेल विभाग की ओर से दी जाएगी। कब किन टीमों के बीच मुकाबले26 जुलाई, शाम 5 बजेजमशेदपुर एफसीडिफेंडर्स एफसी 29 जुलाई, शाम 7 बजेइंडियन एयरफोर्स एफटी डिफेंडर्स एफसी-04 अगस्त, शाम 4 बजेजमशेदपुर एफसीएससी दिल्ली 07 अगस्त, शाम 4 बजेएससी दिल्लीडिफेंडर्स एफसी10 अगस्त, शाम 7 बजेइंडियन एयरफोर्स एफटीएससी दिल्ली13 अगस्त, शाम 4 बजेइंडियन एयरफोर्स एफटी जमशेदपुर एफसी 16 अगस्त, शाम 4 बजे: क्वार्टर फाइनल
फीफा वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला आज स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होगा। टूर्नामेंट में दोनों टीमें 60 साल बाद आमने-सामने हो रही हैं। न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में रात 12:30 बजे से मुकाबला खेला जाएगा। स्पेन 2010 के बाद दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बनने उतरेगा। दूसरी ओर डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना के पास चौथी बार ट्रॉफी जीतने और लगातार दूसरा वर्ल्ड कप अपने नाम करने का मौका होगा। जीत दर्ज करने पर अर्जेंटीना की टीम इटली (1938) और ब्राजील (1962) के बाद लगातार दो वर्ल्ड कप जीतने वाली तीसरी टीम बन जाएगी। करीब 19 साल पहले मेसी ने यमाल को गोद में उठाया था इस फाइनल की सबसे बड़ी कहानी लियोनेल मेसी और लामिन यमाल की है। मेसी अर्जेंटीना के सुपर स्टार हैं तो यमाल स्पेन की युवा सनसनी। मेसी स्पेन के ही क्लब बार्सिलोना के लिए खेलते थे। करीब 19 साल पहले बार्सिलोना के एक चैरिटी फोटोशूट में मेसी ने तीन महीने के यमाल को गोद में उठाकर नहलाया था। तब मेसी खुद 20 साल के थे। आज वही यमाल पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेसी के सामने उतरेंगे। यह तस्वीर 2024 में वायरल हुई थी और अब फुटबॉल इतिहास की सबसे चर्चित कहानियों में शामिल है। गोल्डन बूट की रेस में मेसी सबसे आगे मेसी गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे हैं। उन्होंने इस वर्ल्ड कप में 8 गोल और 4 असिस्ट किए हैं। दूसरी ओर स्पेन के मिकेल ओयारजाबाल 5 गोल के साथ टीम के टॉप स्कोरर हैं, जबकि 19 साल के यमाल 30 सफल ड्रिब्ल के साथ टूर्नामेंट के सबसे इम्पैक्टफुल विंगर रहे हैं। दोनों टीमें बराबरी पर दोनों टीमों के बीच अब तक 14 मुकाबले खेले गए हैं। दोनों ने 6-6 मैच जीते हैं और 2 मुकाबले ड्रॉ रहे। वर्ल्ड कप में दोनों की अब तक सिर्फ एक भिड़ंत हुई है। 1966 में अर्जेंटीना ने स्पेन को 2-1 से हराया था। वहीं पिछली भिड़ंत 2018 के दोस्ताना मैच में हुई थी, जिसमें स्पेन ने अर्जेंटीना को 6-1 से मात दी थी। स्पेन ने पूरे टूर्नामेंट में सिर्फ एक गोल खाया लुइस डे ला फुएंते की टीम की शुरुआत केप वर्डे के खिलाफ 0-0 के ड्रॉ से हुई थी। इसके बाद स्पेन ने लगातार छह मुकाबले जीतकर फाइनल में जगह बनाई। टीम ने ऑस्ट्रिया, पुर्तगाल, बेल्जियम और सेमीफाइनल में फ्रांस को 2-0 से हराया। पूरे टूर्नामेंट में स्पेन ने सिर्फ एक गोल खाया। गोलकीपर उनाई सिमोन ने वर्ल्ड कप के एक सीजन में सबसे ज्यादा छह क्लीन शीट का रिकॉर्ड बनाया। वहीं कप्तान रोड्री ने रिकॉर्ड 648 सफल पास पूरे किए। अर्जेंटीना लगातार सात जीत के साथ फाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने ग्रुप स्टेज में अल्जीरिया, ऑस्ट्रिया और जॉर्डन को हराया। इसके बाद केप वर्डे, मिस्र, स्विट्जरलैंड और इंग्लैंड को हराकर लगातार दूसरी बार फाइनल में जगह बनाई। मिस्र के खिलाफ 0-2 से पिछड़ने के बाद 3-2 की जीत और सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ पिछड़कर 2-1 से जीत ने टीम की चैंपियन मानसिकता दिखाई। अर्जेंटीना ने लगातार सात मुकाबले जीते हैं और इस विश्व कप में सबसे ज्यादा 19 गोल किए हैं। स्पेन की डिफेंस Vs अर्जेंटीना का अटैक फाइनल में सबसे बड़ी टक्कर स्पेन की डिफेंस और अर्जेंटीना के अटैक के बीच होगी। स्पेन ने सिर्फ एक गोल खाया है, जबकि अर्जेंटीना ने 19 गोल दागे हैं। रोड्री, कुबार्सी और कुकुरेला पर मेसी को रोकने की जिम्मेदारी होगी, जबकि अर्जेंटीना की उम्मीदें मेसी, जूलियन अल्वारेज और एंजो फर्नांडीज पर टिकी होंगी। पॉसिबल स्टार्टिंग XI स्पेन: उनाई सिमोन (गोलकीपर), पेड्रो पोरो, पाउ कुबार्सी, आयमेरिक लापोर्टे, मार्क कुकुरेला, रोड्री (कप्तान), फेबियन रुइज, लामिन यमाल, दानी ओल्मो, एलेक्स बेएना, मिकेल ओयारजाबाल। अर्जेंटीना: एमिलियानो मार्टिनेज (गोलकीपर), नहुएल मोलिना, क्रिस्टियन रोमेरो, लिसांद्रो मार्टिनेज, निकोलस टैग्लियाफिको, लिएंड्रो परेडेस, एलेक्सिस मैक एलिस्टर, एंजो फर्नांडीज, गिउलियानो सिमियोने, लियोनेल मेसी (कप्तान), जूलियन अल्वारेज।
एशिया के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट डूरंड कप के 135वें संस्करण का आगाज रांची में ट्रॉफी शोकेस समारोह के साथ हो गया। दीपाटोली मिलिट्री स्टेशन स्थित केरकेट्टा ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में डूरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप और शिमला ट्रॉफी का भव्य प्रदर्शन किया गया। समारोह में सेना के वरिष्ठ अधिकारी, खेल विभाग के प्रतिनिधि, फुटबॉल प्रेमी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। ट्रॉफियों के रांची पहुंचने के साथ ही शहर में फुटबॉल का माहौल पूरी तरह बन गया है। कार्यक्रम में पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ट्रॉफी शोकेस इवेंट की तस्वीरें देखें… राज्य के लिए यह गर्व का क्षण आयोजन को लेकर पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य मंत्री सुदिव्य कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि झारखंड लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी कर अपनी अलग पहचान बना रहा है। डूरंड कप जैसे ऐतिहासिक टूर्नामेंट का रांची में आयोजन राज्य के लिए गर्व की बात है। इससे न केवल फुटबॉल संस्कृति को मजबूती मिलेगी, बल्कि राज्य के युवा खिलाड़ियों को बड़े मंच पर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सेना ने बताया- परंपरा और खेल भावना का प्रतीक आईबीजी-23 के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल सज्जन सिंह मान ने डूरंड कप को भारतीय सेना की गौरवशाली परंपरा से जुड़ा आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और खेल भावना का प्रतीक है। उन्होंने फुटबॉल प्रेमियों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करें। समारोह के दौरान मौजूद दर्शकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। 26 जुलाई से रांची में होंगे मुकाबले इस वर्ष डूरंड कप के मैच देश के छह शहरों में आयोजित किए जाएंगे, जिसमें रांची प्रमुख केंद्रों में शामिल है। यहां बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में 26 जुलाई से 16 अगस्त तक मुकाबले खेले जाएंगे। देश के शीर्ष क्लबों के साथ सर्विसेज टीमों की भागीदारी से टूर्नामेंट और रोमांचक होने की उम्मीद है। वर्ष 1888 में शिमला के अन्नाडेल मैदान से शुरू हुआ यह टूर्नामेंट आज भारतीय फुटबॉल की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में गिना जाता है। 2019 के बाद से इसका स्वरूप बहु-शहर टूर्नामेंट के रूप में विस्तारित हुआ है। रांची लगातार इसकी मेजबानी कर रहा है। ट्रॉफी शोकेस के साथ ही शहर में फुटबॉल का उत्साह चरम पर पहुंच गया है। रांची में ग्रुप सी के होंगे सात मुकाबले झारखंड की राजधानी रांची पहली बार प्रतिष्ठित डूरंड कप फुटबॉल टूर्नामेंट की मेजबानी कर रही है।26 जुलाई से 16 अगस्त तक बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में कुल सात मुकाबले खेले जाएंगे, जिसमें ग्रुप सी के मैच और एक क्वार्टर फाइनल शामिल है। खेल प्रेमियों के लिए स्टेडियम में प्रवेश मुफ्त रहेगा।
नई दिल्ली/लखनऊ। फुटबॉल इतिहास के सबसे बड़े और बहुप्रतीक्षित महामुकाबले से ठीक पहले फाइनल मैच के वेन्यू (स्टेडियम) के बाहर जबरदस्त हंगामा, अफरा-तफरी और अराजकता का माहौल पैदा हो गया है। फीफा वर्ल्ड कप (FIFA World Cup) के खिताबी क्लैश में एक तरफ जहां सर्वकालिक महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी (Lionel Messi) की साख दांव पर है, वहीं दूसरी तरफ दुनिया के सबसे उभरते हुए युवा सनसनी लामिन यमाल (Lamine Yamal) इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरने वाले हैं। इस ऐतिहासिक 'मेसी बनाम यमाल' की जंग को लाइव देखने के लिए दुनियाभर से लाखों फैंस स्टेडियम पहुंचे हैं। लेकिन मैच की किक-ऑफ से कुछ घंटे पहले ही स्टेडियम के प्रवेश द्वारों (Entry Gates) के बाहर सुरक्षा घेरा टूटने और भारी भीड़ के अनियंत्रित होने के कारण बड़ा बवाल खड़ा हो गया, जिससे वेन्यू पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई।स्टेडियम के बाहर क्यों मची आफत और अफरा-तफरी?ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, फाइनल मुकाबले को लेकर दर्शकों का उत्साह इस कदर चरम पर था कि हजारों की संख्या में बिना टिकट वाले फैंस भी स्टेडियम के सुरक्षा बैरिकेड्स को तोड़कर जबरन अंदर घुसने का प्रयास करने लगे। देखते ही देखते प्रवेश द्वारों पर भारी भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। टिकट धारक फैंस, जो घंटों से कतारों में खड़े थे, वे भी इस अराजकता के कारण फंस गए। भीड़ के दबाव को बढ़ता देख सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए और स्टेडियम के मुख्य द्वारों को कुछ समय के लिए पूरी तरह बंद करना पड़ा, जिससे वेन्यू के बाहर भारी आक्रोश और चिल्ला-पुल्ली का माहौल बन गया।पुलिस ने संभाला मोर्चा, मैच की टाइमिंग पर संकटस्थिति को बेकाबू होता देख स्थानीय दंगा नियंत्रण पुलिस और अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तुरंत मोर्चे पर तैनात किया गया। पुलिस ने उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया और कई उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। स्टेडियम के बाहर मचे इस भयंकर बवाल और अफरा-तफरी के कारण खिलाड़ियों के अभ्यास सत्र और वीआईपी मूवमेंट पर भी गहरा असर पड़ा है। खेल प्रेमियों और फीफा (FIFA) अधिकारियों के बीच इस बात को लेकर भी चिंता बढ़ गई है कि क्या इस सुरक्षा चूक और हंगामे की वजह से महामुकाबले की शुरुआत में देरी हो सकती है।पिच पर मेसी बनाम लामिन यमाल का ऐतिहासिक क्लैशसुरक्षा के इस बड़े बवाल के इतर, अगर खेल की बात करें तो पूरी दुनिया की नजरें इस फाइनल मैच पर टिकी हैं। अर्जेंटीना के करिश्माई कप्तान लियोनेल मेसी के करियर का यह आखिरी और सबसे बड़ा इम्तिहान माना जा रहा है, जहां वे एक बार फिर विश्व विजेता का ताज अपने सिर सजाना चाहते हैं। वहीं दूसरी तरफ, स्पेनिश सनसनी लामिन यमाल अपनी जादुई ड्रिबलिंग और रफ्तार से मेसी के साम्राज्य को चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। फुटबॉल पंडितों का मानना है कि यह मैच केवल दो देशों की जंग नहीं, बल्कि फुटबॉल के वर्तमान और भविष्य के बीच का सबसे ऐतिहासिक मुकाबला है, बशर्ते स्टेडियम के बाहर की सुरक्षा स्थिति को जल्द से जल्द पूरी तरह नियंत्रित कर लिया जाए।
गर्ल्स फुटबॉल में आज होंगे अंतिम-4 के मुकाबले
जिला फुटबॉल संघ उदयपुर एवं वर्ल्ड प्रोग्रेसिव फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में महाराणा भोपाल स्टेडियम (गांधी ग्राउंड) पर जिला जूनियर गर्ल्स फुटबॉल चैंपियनशिप का शुभारंभ हुआ। पहले दिन खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में खिलाड़ियों ने उत्साह और खेल भावना के साथ शानदार प्रदर्शन किया। आयोजन सचिव ईरशाद खान ने बताया कि जी एंड आर एकेडमी ने बीएन फार्मेसी को एकतरफा मुकाबले में 12-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। अन्य मुकाबलों में सीई हिंदुस्तान जिंक ने बीएन स्कूल को 4-0, बीएन हॉस्टल ने पडूना स्कूल को 3-0 तथा जिंक स्मेल्टर देबारी ने इंडो अमेरिकन स्कूल को 4-0 से पराजित किया। उद्घाटन समारोह में पूर्व राष्ट्रीय खिलाड़ी जनक सिंह मुख्य अतिथि रहे। उनके साथ फिरोज खान, नितिन प्रताप सिंह एवं महावीर शर्मा भी उपस्थित रहे। शनिवार सुबह पहला सेमीफाइनल जी एंड आर एकेडमी और जिंक स्मेल्टर देबारी के बीच, जबकि दूसरा सेमीफाइनल सीई हिंदुस्तान जिंक और बीएन हॉस्टल के बीच खेला जाएगा।
2022 वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल के बाद फ्रांस और इंग्लैंड एक बार फिर फुटबॉल वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुकाबले में आमने-सामने होंगे। हालांकि दोनों टीमों के बीच तीसरे स्थान (ब्रॉन्ज मेडल) के लिए यह पहली भिड़ंत होगी। मियामी के हार्ड रॉक स्टेडियम में शनिवार देर रात 2:30 बजे से मुकाबला खेला जाएगा। फ्रांस तीसरी बार वर्ल्ड कप का ब्रॉन्ज मेडल जीतने उतरेगा। टीम इससे पहले 1958 और 1986 में तीसरे स्थान पर रही थी। दूसरी ओर इंग्लैंड के पास पहली बार वर्ल्ड कप में तीसरा स्थान हासिल करने का मौका होगा। फ्रांस के कोच दिदिएर डेशां का आखिरी मैच होगा। अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी 8 गोल और 4 असिस्ट के साथ गोल्डन बूट में सबसे आगे हैं। फ्रांस के किलियन एमबाप्पे भी 8 गोल कर चुके हैं, जबकि इंग्लैंड के हैरी केन और जूड बेलिंघम के नाम 6-6 गोल हैं। ऐसे में तीनों प्लेयर्स के पास मेसी को पीछे छोड़ने का आखिरी मौका होगा। दोनों टीमों के बीच अब तक 32 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें इंग्लैंड ने 17, जबकि फ्रांस ने 10 मैच जीते हैं और 5 मुकाबले ड्रॉ रहे। फीफा वर्ल्ड कप में दोनों टीमें चौथी बार आमने-सामने होंगी। इससे पहले 1966 और 1982 के ग्रुप स्टेज में इंग्लैंड ने जीत दर्ज की थी, जबकि 2022 के क्वार्टर फाइनल में फ्रांस ने 2-1 से इंग्लैंड को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। फ्रांस लगातार तीसरा वर्ल्ड कप फाइनल नहीं खेल सका फ्रांस ने इस वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में सेनेगल, इराक और नॉर्वे को हराया। इसके बाद नॉकआउट में स्वीडन, पराग्वे और मोरक्को को हराकर लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में जगह बनाई। हालांकि स्पेन के खिलाफ मिडफील्ड की लड़ाई हारने के कारण 0-2 से हार का सामना करना पड़ा और लगातार तीसरा वर्ल्ड कप फाइनल खेलने का सपना टूट गया। इंग्लैंड फाइनल से सिर्फ 30 मिनट दूर था इंग्लैंड ने ग्रुप स्टेज में क्रोएशिया, घाना और पनामा को पीछे छोड़ नॉकआउट में जगह बनाई। इसके बाद डीआर कांगो, मेक्सिको और नॉर्वे को हराकर सेमीफाइनल पहुंचा। अर्जेंटीना के खिलाफ एंथनी गॉर्डन के गोल से बढ़त भी बनाई, लेकिन आखिरी आधे घंटे में सिर्फ 12% बॉल पोजेशन रखने की वजह से मैच हाथ से निकल गया। अर्जेंटीना ने 2-1 से जीत गया। एमबाप्पे का अटैक Vs केन की फिनिशिंग फ्रांस की सबसे बड़ी ताकत किलियन एमबाप्पे और उस्मान डेम्बेले की जोड़ी है। एमबाप्पे इस टूर्नामेंट में 8 और डेम्बेले 5 गोल कर चुके हैं। दूसरी ओर इंग्लैंड के लिए हैरी केन और जूड बेलिंघम पर नजरें होंगी। केन 14 वर्ल्ड कप गोल के साथ रोनाल्डो की बराबरी से सिर्फ एक गोल दूर हैं, जबकि बेलिंघम ने इस वर्ल्ड कप में 6 गोल किए हैं। पॉसिबल स्टार्टिंग XI फ्रांस: माइक मैग्नन (गोलकीपर), जूल्स कौंडे, दायो उपामेकानो, विलियम सलीबा, थियो हर्नांडेज, ऑरेलियन चुआमेनी, एड्रियन रैबियो, उस्मान डेम्बेले, माइकल ओलीसे, ब्रैडली बारकोला, किलियन एमबाप्पे। इंग्लैंड: जॉर्डन पिकफोर्ड (गोलकीपर), काइल वॉकर, मार्क गुएही, लेवी कोलविल, ल्यूक शॉ, डेक्लान राइस, कोबी मैनू, बुकायो साका, जूड बेलिंघम, एंथनी गॉर्डन, हैरी केन।
कानपुर के कृष्णा ने स्वीडन में रचा इतिहास:स्पेशल ओलंपिक भारत फुटबॉल टीम ने जीता ब्रॉन्ज मेडल
स्वीडन के गोथेनबर्ग शहर में आयोजित दुनिया के सबसे बड़े खेल और समावेशी उत्सव ‘गोथिया कप 2026’ से भारत के लिए एक बेहद शानदार और गौरवान्वित करने वाली खबर आई है। कानपुर के सत्येंद्र सिंह यादव के मार्गदर्शन में खेल रही ‘स्पेशल ओलंपिक भारत’ की फुटबॉल टीम ने मैदान पर अपना दमखम दिखाते हुए ब्रॉन्ज मेडल (कांस्य पदक) शुक्रवार 3 बजे अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक जीत के बाद से ही उत्तर प्रदेश और खासकर कानपुर में जश्न का माहौल है। शुरुआत में मिली कड़ी चुनौती, फिर ऐसे पलटा मैच गोथेनबर्ग में हुए एक भव्य उद्घाटन समारोह के बाद भारतीय टीम ने अपने अभियान की शुरुआत डिवीजनिंग राउंड के मैचों से की। शुरुआत में टीम का सफर थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रहा। फ्रांस के खिलाफ खेला गया पहला मुकाबला 1-1 की बराबरी पर छूटा, जबकि जर्मनी-1 के खिलाफ टीम को 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। इन शुरुआती नतीजों के आधार पर भारतीय टीम को डिवीजन-2 में जगह मिली। लीग मैचों का रोमांचक सफर डिवीजन-2 के लीग मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने जबरदस्त वापसी की। पहले ही मैच में भारत ने एस्टोनिया को 2-0 से हराकर टूर्नामेंट में अपनी पहली शानदार जीत दर्ज की। हालांकि, इसके बाद टीम को तुर्कमेनिस्तान से 0-6 और फिनलैंड से 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने हार नहीं मानी और आखिरी दम तक लड़ने का जज्बा बनाए रखा। प्ले-ऑफ में फिनलैंड से पुराना हिसाब चुकता कर जीता मेडल तीसरे स्थान के लिए हुए 'करो या मरो' के प्ले-ऑफ मुकाबले में भारत का सामना एक बार फिर फिनलैंड से हुआ। लीग मैच में फिनलैंड से मिली हार को भुलाकर भारतीय टीम नए जोश के साथ मैदान पर उतरी। पूरे मैच में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। बेहतरीन तालमेल और आक्रामक खेल की बदौलत भारत ने फिनलैंड को 2-1 से शिकस्त देकर ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा कर लिया। कानपुर से लेकर लखनऊ तक बधाई का तांताटीम की इस शानदार सफलता पर कानपुर और उत्तर प्रदेश के खेल प्रेमियों में भारी उत्साह है। कानपुर कैंटोनमेंट बोर्ड के मुख्य अधिशासी अधिकारी स्टीफन पी.डी. और संयुक्त मुख्य अधिशासी अधिकारी कल्लूल हजारिका ने पूरी टीम को इस सफलता पर शुभकामनाएं दी हैं। इसके साथ ही कैंट बोर्ड के उपाध्यक्ष लखन लाल ओमर, ऑफिस सुपरीटेंडेंट वंदना सिंहा, प्रधानाचार्या डॉ. शिखा अग्रवाल और सीनियर फिजियोथैरेपिस्ट सुब्रतो भद्रा ने भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सराहा। वहीं, स्पेशल ओलंपिक भारत उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मुकेश शुक्ला, एरिया स्पोर्ट्स डायरेक्टर संजीव दोहरे, स्पोर्ट्स कोऑर्डिनेटर मनोज सिंह व इंद्र पाल ने कोच सत्येंद्र सिंह यादव की रणनीति और पूरी टीम के जज्बे को सलाम करते हुए बधाई दी है।
इस बार फुटबॉल वर्ल्ड कप चैंपियन को 50 मिलियन डॉलर करीब 5 हजार करोड़ रुपए मिलेंगे। पहली बार विश्व चैंपियन को इतनी बड़ी रकम मिलेगी। FIFA ने इस बार 871 मिलियन डॉलर यानी करीब 83,866 रुपए की ईनामी राशि बांटने का ऐलान किया है। वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करने वाले हर देश को कम से कम 12.5 मिलियन डॉलर यानी करीब ₹120 करोड़ रुपए मिलेंगे। फाइनल मुकाबले से पहले FIFA ने ऐलान किया कि विजेता टीम के खिलाड़ियों को मेडल के साथ चैंपियनशिप रिंग भी दी जाएगी। टॉप-4 टीमों को मिलेगी सबसे बड़ी इनामी राशि FIFA वर्ल्ड कप 2026 में अंतिम चार में पहुंचने वाली टीमों को सबसे ज्यादा इनामी राशि मिलेगी। उपविजेता टीम को करीब 3,273.18 करोड़ (33 मिलियन डॉलर) मिलेंगे। तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को करीब 2,888.10 करोड़ (29 मिलियन डॉलर), चौथे स्थान पर रहने वाली टीम को करीब 2,695.56 करोड़ (27 मिलियन डॉलर) की पुरस्कार राशि दी जाएगी। कतर में 2022 में हुए वर्ल्ड कप से यह ईनामी राशि 50% ज्यादा है। बाद में FIFA ने पार्टिसिपेशन का बेस प्राइज और तैयारियों के लिए दी जाने वाली ग्रांट में भी इजाफा कर दिया। मेडल के साथ पहनाई जाएगी चैंपियनशिप रिंग स्पेन-अर्जेंटीना में खिताबी भिड़ंत वर्ल्ड कप 2026 का फाइनल यूरोपियन चैंपियन स्पेन और मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन अर्जेंटीना के बीच खेला जाना है। स्पेन ने सेमीफाइनल में मजबूत मानी जा रही फ्रांस की टीम को हराकर फाइनल में जगह बनाई है। वहीं, अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार और कुल सातवीं बार वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचा है। अर्जेंटीना ने दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को 2-1 से शिकस्त दी थी। 2022 में चैंपियन को मिले थे 348 करोड़ फीफा वर्ल्ड कप 2022 की चैंपियन अर्जेंटीना को 348 करोड़ रुपए (42 मिलियन डॉलर) की प्राइज मनी मिली थी। फाइनल हार कर रनर-अप रहे फ्रांस को भी 248 करोड़ रुपए मिले। टूर्नामेंट में भाग लेने वाली 32 टीमों में कुल 3600 करोड़ रुपए से ज्यादा की ईनामी राशि बांटी गई थी।
न्यू जर्सी। फीफा ने विश्व कप 2026 के फाइनल और तीसरे स्थान के मुकाबले के लिए मैच अधिकारियों की घोषणा कर दी है। 19 जुलाई (स्थानीय समय) को होने वाले अर्जेंटीना और स्पेन के बीच खिताबी मुकाबले में स्लोवेनिया के स्लावको विंचिच रेफरी की भूमिका निभाएंगे। विंचिच के साथ उनके हमवतन टोमाज क्लान्चनिक और आंद्राज कोवाचिच क्रमशः पहले और दूसरे सहायक रेफरी होंगे। अदहम मखादमेह को चौथा अधिकारी और मोहम्मद अलकलाफ को रिजर्व सहायक रेफरी नियुक्त किया गया है। वहीं, इंग्लैंड और फ्रांस के बीच होने वाले तीसरे स्थान के मुकाबले में वेनेजुएला के जीसस वालेंजुएला रेफरी होंगे। उनके साथ जॉर्ज उरेगो और टुलियो मोरेनो सहायक रेफरी की जिम्मेदारी संभालेंगे। जलाल जायेद चौथे अधिकारी और जकारिया ब्रिंसी रिजर्व सहायक रेफरी होंगे। स्पोर्ट्स की अन्य खबरें भी पढ़िए… पेले की जर्सी 42 करोड़ रुपए में नीलाम, 1958 वर्ल्डकप फाइनल में पहनी थी न्यूयॉर्क। ब्राजील के महान फुटबॉलर पेले की 1958 फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में पहनी गई जर्सी करीब 42 करोड़ रुपए (49 लाख अमेरिकी डॉलर) में नीलाम हुई है। सोथबीज की नीलामी में यह पेले से जुड़ी अब तक की सबसे महंगी खेल स्मृति (मेमोराबिलिया) बन गई है। नीलामी के दौरान इस जर्सी के लिए 10 बोलियां लगीं और पांच से अधिक बोलीदाताओं ने इसमें हिस्सा लिया। यह फुटबॉल इतिहास की दूसरी सबसे महंगी नीलाम हुई जर्सी बन गई। पहले स्थान पर अर्जेंटीना के महान खिलाड़ी डिएगो मैराडोना की 1986 विश्व कप क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ पहनी गई जर्सी है, जो 2022 में 93 लाख डॉलर में बिकी थी। ब्राजील की प्रतिष्ठित नंबर-10 जर्सी पहनकर 17 वर्षीय पेले ने 1958 विश्व कप फाइनल में मेजबान स्वीडन के खिलाफ दो गोल किए थे। ब्राजील ने यह मुकाबला 5-2 से जीतकर अपने इतिहास का पहला विश्व कप खिताब जीता था। पेले 1958 वर्ल्ड कप फाइनल में गोल करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी हैं और यह रिकॉर्ड आज भी कायम है। सोथबीज के अनुसार, यही जर्सी 2004 में भी नीलाम हुई थी, तब इसकी कीमत 70,505 पाउंड मिली थी।------------------------------------------------
शेरा क्रीड़ा समिति, रायपुर की ओर से आयोजित एएफसी ग्रासरूट्स फुटबॉल टूर्नामेंट-2026 का भव्य समापन बुधवार को बूढ़ापारा स्थित माधवराव सप्रे स्कूल फुटबॉल मैदान में हुआ। पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों ने खेल भावना, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अंतिम दिन अलग-अलग आयु वर्गों के फाइनल मुकाबले रोमांचक रहे। सीनियर पुरुष वर्ग के फाइनल में ब्रह्माविद एफसी ग्रीन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रह्माविद एफए को 2-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया। वहीं, मुख्य अतिथि संजय श्रीवास्तव ने खिलाड़ियों को सम्मानित किया। सीनियर महिला वर्ग में शेरा एफसी की जीत सीनियर महिला वर्ग के फाइनल में शेरा एफसी और ब्रह्माविद एफए के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। मैच का फैसला पेनाल्टी शूटआउट से हुआ, जिसमें शेरा एफसी ने 3-2 से जीत दर्ज कर ट्रॉफी अपने नाम की। अंडर-17 वर्ग में यूनिक एफसी भिलाई विजेता अंडर-17 बालक वर्ग के फाइनल में यूनिक एफसी भिलाई और एलीट एफसी भिलाई के बीच मुकाबला पेनाल्टी शूटआउट तक पहुंचा। यूनिक एफसी ने 3-1 से जीत दर्ज कर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। अंडर-15 वर्ग में एटीके चैंपियन एफसी का कब्जा अंडर-15 बालक वर्ग के फाइनल में एटीके चैंपियन एफसी ने ब्रह्माविद एफए ब्लू को हराकर प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया। अंडर-12 वर्ग में एलीट एफसी रायपुर बनी विजेता अंडर-12 बालक वर्ग के फाइनल में एलीट एफसी रायपुर ने एलीट एफसी भिलाई को 2-1 से हराकर विजेता ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। सक्षम पंजवानी बने प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट अंडर-12 वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सक्षम पंजवानी को 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि ने खिलाड़ियों को किया सम्मानित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संजय श्रीवास्तव ने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी, पदक, प्रमाण-पत्र दिए। उन्होंने खिलाड़ियों को खेल भावना, अनुशासन और निरंतर मेहनत के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। सचिव ने दी प्रतियोगिता की जानकारी समारोह के अंत में शेरा क्रीड़ा समिति के सचिव मुस्ताक अली प्रधान ने प्रतियोगिता की जानकारी साझा की। आयोजकों ने सभी टीमों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों, अभिभावकों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए प्रतियोगिता के सफल आयोजन में उनके योगदान की सराहना की।
अमृतसर के खासा स्थित बीएसएफ कैंप में बुधवार को पंजाब के विभिन्न जिलों की टीमों के बीच अंतर-जिला फुटबॉल टूर्नामेंट का शुभारंभ हुआ। यह प्रतियोगिता 19 जुलाई तक आयोजित की जाएगी। टूर्नामेंट का उद्घाटन पंजाब फ्रंटियर जालंधर के आईजी डॉ. अतुल फुलजेले, आईपीएस, सीमांत मुख्यालय जालंधर, अमृतसर सेक्टर मुख्यालय के डीआईजी एसएस चंदेल और अन्य अधिकारियों ने किया। उद्घाटन समारोह के दौरान बीएसएफ अधिकारियों ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया। प्रतियोगिता में पंजाब के विभिन्न जिलों की टीमें भाग ले रही हैं। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों में खेल भावना, टीमवर्क, अनुशासन और आपसी समन्वय को बढ़ावा देना है। संगरूर और जालंधर की टीमों के बीच खेला गया मुकाबला टूर्नामेंट का पहला मुकाबला संगरूर और जालंधर की टीमों के बीच खेला गया। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत के लिए पूरा दमखम लगाया। मैच के दौरान मैदान पर खिलाड़ियों में उत्साह और जोश देखने को मिला। बीएसएफ अधिकारियों ने कहा कि खेल न केवल शारीरिक फिटनेस को बेहतर बनाते हैं, बल्कि मानसिक मजबूती और टीम भावना को भी बढ़ावा देते हैं। ऐसे आयोजनों से युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बेहतर मंच मिलता है। टीमें एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला करेंगी इस दौरान पंजाब के विभिन्न जिलों की टीमें एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला करेंगी। प्रतियोगिता के माध्यम से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह आयोजन खेल भावना और आपसी समन्वय को बढ़ावा देने में भी मदद करेगा।
बड़वानी शहर में बुधवार देर रात फीफा वर्ल्ड कप का रोमांच देखने को मिला। अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच खेले गए दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले का लाइव प्रसारण शहर के मिडिल स्कूल फुटबॉल मैदान में विशाल प्रोजेक्टर पर किया गया। यंग ब्रदर्स फुटबॉल क्लब की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में 200 से अधिक फुटबॉल प्रेमी देर रात तक मैच का आनंद लेने पहुंचे। अर्जेंटीना की जीत के साथ मैदान तालियों और नारों से गूंज उठा। अर्जेंटीना की जीत पर गूंजा मैदान रात 12:30 बजे शुरू हुए मुकाबले में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। जैसे ही अर्जेंटीना ने गोल किए, मैदान में मौजूद समर्थकों ने जमकर जश्न मनाया। कई युवा अर्जेंटीना की जर्सी और झंडे के साथ मैच देखने पहुंचे थे। यंग ब्रदर्स फुटबॉल क्लब के पूर्व खिलाड़ी विष्णु बनडे ने बताया कि क्लब का उद्देश्य सिर्फ मैच दिखाना नहीं, बल्कि शहर के बच्चों और युवाओं में फुटबॉल के प्रति रुचि बढ़ाना भी है। इसी उद्देश्य से फीफा वर्ल्ड कप के प्रमुख मुकाबलों की सामूहिक स्क्रीनिंग की जा रही है। 'ऐसा लगा जैसे स्टेडियम में बैठे हों' क्लब की ओर से मैदान में कुर्सियां, मैट और साउंड सिस्टम की व्यवस्था की गई थी। मैच के दौरान स्थानीय कोच और रेफरी भी मौजूद रहे। उन्होंने बच्चों और युवाओं को फुटबॉल के नियमों और खेल की रणनीतियों की जानकारी भी दी। आयोजन में शामिल खिलाड़ियों लोकेंद्र राठौर, सादिक पटेल, संकेत और सोनू ने बताया कि सामूहिक रूप से मैच देखने का अनुभव टीवी पर अकेले देखने से कहीं अधिक रोमांचक रहा। एक दर्शक ने कहा, जब अर्जेंटीना ने गोल किया तो ऐसा लगा जैसे हम स्टेडियम में ही मौजूद हैं। फाइनल मुकाबले की भी होगी भव्य स्क्रीनिंग क्लब के सदस्यों ने बताया कि फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले का लाइव प्रसारण इससे भी बड़े स्तर पर किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक फुटबॉल प्रेमी एक साथ इस रोमांच का हिस्सा बन सकें।
जिला जूनियर बालिका फुटबॉल प्रतियोगिता 17 से
उदयपुर। जिला फुटबॉल संघ उदयपुर के तत्वावधान में जिला स्तरीय जूनियर बालिका (अंडर-17) फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन 17 से 19 जुलाई तक किया जाएगा। प्रतियोगिता में भाग लेने की इच्छुक टीमें 16 जुलाई तक अपनी प्रविष्टियां आयोजन सचिव इरशाद खान को जमा करा सकती हैं। जिला फुटबॉल संघ के सचिव शकील अहमद ने बताया कि प्रतियोगिता में केवल वे खिलाड़ी भाग ले सकेंगी जिनकी जन्मतिथि 1 जनवरी 2011 से 31 दिसंबर 2012 के बीच है। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर उदयपुर जिले की टीम का चयन किया जाएगा।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के अंतिम दौर में पहुंचने के बीच अमिताभ बच्चन ने टूर्नामेंट को लेकर अपनी राय साझा की है। उन्होंने विवादित फैसलों, नए खिलाड़ियों के उभरने और बदलते दौर के फुटबॉल पर बात की। बिग बी ने कहा कि समय बदलता है और नई पीढ़ी खेल को नई दिशा ...
श्रावस्ती में 62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) भिनगा द्वारा आयोजित इंटर सेक्टर फुटबॉल प्रतियोगिता का मंगलवार को शुभारंभ हुआ। उद्घाटन मैच में क्षेत्रक मुख्यालय एसएसबी लखीमपुर खीरी केएसबी जवानों ने क्षेत्रक मुख्यालय एसएसबी गोरखपुर को 4-1 से हराकर जीत दर्ज की। यह मुकाबला सुबह करीब 6:00 से 8:00 बजे के बीच खेला गया। SSB कमांडेंट अमरेंद्र कुमार वरुण के मार्गदर्शन में हुए इस मैच में दोनों टीमों ने खेल भावना और अनुशासन का प्रदर्शन किया। लखीमपुर खीरी की टीम शुरुआत से ही आक्रामक दिखी। उन्होंने तेज आक्रमण, सटीक पासिंग और मजबूत रक्षापंक्ति के दम पर गोरखपुर पर लगातार दबाव बनाए रखा। गोरखपुर की टीम जवाबी प्रयासों के बावजूद लखीमपुर के आक्रामक खेल का सामना नहीं कर पाई और मैच 4-1 से हार गई। मैच के दौरान एसएसबी के अधिकारी, जवान और बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। खिलाड़ियों के शानदार खेल और प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। मैच के समापन पर 62वीं वाहिनी एसएसबी भिनगा के कमांडेंट अमरेंद्र कुमार वरुण ने दोनों टीमों के खिलाड़ियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, शारीरिक दक्षता और टीम भावना विकसित करने का सशक्त मंच भी है। कमांडेंट ने आगामी मुकाबलों के लिए सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं और बेहतर प्रदर्शन करने का आह्वान किया।
बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह 'धुरंधर' की सक्सेस के बीच चल रहे 'डॉन 3' विवाद को लेकर भी सुर्खियों में हैं। फिल्ममेकर फरहान अख्तर और एक्सेल एंटरटेनमेंट के साथ उनकी अनबन अब जगजाहिर हो चुकी है। फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) द्वारा उनके ...
फुटबॉल कोच के बाद अब बड़े परदे पर क्रिकेटर बनकर चमकेंगे Ajay Devgan,एक्टर की नई बायोपिक फिल्म पर आया बड़ा अपडेट
Maidaan Review:अजय देवगन की दमदार डायलॉग डिलीवरी और एक्टिंग ने दिखाया रियल सिनेमा, जरूर देखेफुटबॉल कोच की ये कहानी
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‘भीड़ से साथ की उम्मीद मत रखना', Ajay Devgan की मच अवेटेड फिल्म Maidaan काट्रेलर हुआ लॉन्च,फुटबॉल कोच बनकर छा गए एक्टर

