बुलंदशहर में सड़क सुरक्षा माह का अभियान:दुर्घटना रोकने को समीक्षा, चालकों को जागरूक किया
उत्तर प्रदेश सरकार के आदेशों के क्रम में 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत बुलंदशहर में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए अभियान जारी है। इसी कड़ी में 19 जनवरी 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बुलंदशहर श्री दिनेश कुमार सिंह के निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक यातायात पूर्णिमा सिंह ने महत्वपूर्ण बैठक की। पूर्णिमा सिंह ने जनपद में गठित क्रिटिकल कॉरिडोर टीम के साथ बैठक कर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए, ताकि सड़क सुरक्षा उपायों को और प्रभावी बनाया जा सके। इसके अतिरिक्त, पुलिस उपाधीक्षक यातायात पूर्णिमा सिंह और यातायात प्रभारी निरीक्षक राजपाल सिंह तोमर ने यातायात पुलिस टीम तथा क्रिटिकल कॉरिडोर टीम के साथ चाँदपुर चीनी मिल का दौरा किया। यहाँ वाहन चालकों को यातायात नियमों के बारे में विस्तृत जानकारी देकर जागरूक किया गया। अभियान के तहत यातायात नियमों से संबंधित पंपलेट वितरित किए गए। साथ ही, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाए गए और ट्रैक्टर चालकों को ओवरलोड गन्ना न ले जाने के लिए विशेष रूप से निर्देशित किया गया।
गाजीपुर में आर्म रेसलिंग स्टेट सिलेक्शन प्रतियोगिता:125 खिलाड़ियों ने लिया भाग, 105 का हुआ चयन
गाजीपुर जिला आर्म रेसलिंग संगठन ने सोमवार को लंका मैदान में स्टेट सिलेक्शन प्रतियोगिता का आयोजन किया, जो सफलतापूर्वक संपन्न हुई। प्रतियोगिता का शुभारंभ अति प्राचीन रामलीला कमेटी गाजीपुर के महामंत्री ओमप्रकाश तिवारी उर्फ बच्चा ने फीता काटकर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. चंद्रभान चौबे ने की, जबकि संचालन जनरल सेक्रेटरी रामप्रवेश कुशवाहा ने किया। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारी संजय सिंह कुशवाहा (वाइस प्रेसिडेंट), मोहम्मद सरवर (कोषाध्यक्ष), अभिषेक चौबे (ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी), मोहम्मद कामरान (चेयरमैन) और सुमित सिंह कुशवाहा (जॉइंट सेक्रेटरी) भी उपस्थित रहे। इस प्रतियोगिता में कुल 125 खिलाड़ियों ने भाग लिया। चयन प्रक्रिया के तहत 35 खिलाड़ियों को प्रथम, 35 को द्वितीय और 35 को तृतीय स्थान के लिए चयनित किया गया। कुल 105 खिलाड़ियों का चयन हुआ। कार्यक्रम में प्रकाश केसरी, सुधीर केसरी, मिथिलेश राठौर, तनवीर अहमद और डॉ. राजकुमार चौबे अतिथि के रूप में मौजूद थे। इस आयोजन को लेकर खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में उत्साह देखा गया।
मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और पुलिस के बीच हुए विवाद का मामला गरमाता जा रहा है। राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आने लगी हैं। साथ ही साधु संताें का शंकराचार्य के पक्ष में उतरना जारी है। महाकुंभ से खास चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के पक्ष में खुलकर उतरी हैं। उन्होंने कहा जो कुछ हुआ वह दहला देने वाला है। हर्षा ने एक वीडियो जारी कर समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य की ये बेटी उनके साथ है। हर्षा ने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारियां होती हैं लेकिन हमारी संस्कृति में शंकराचार्य सबसे ऊपर हैं। मैं इस घटना की कड़ी निंदा करती हूं।ऊपर फोटे क्लिक कर देखें वीडियो …
रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी की तरफ से युवा क्रिकेटर अदिति श्योराण को खेल क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों के लिए स्पोर्ट्स एक्सीलेंस अवॉर्ड से नवाजा गया। क्रिकेटर अदिति को यह अवॉर्ड नार्थ जोन इंटर यूनिवर्सिटी महिला क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन समारोह में दिया गया। क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन समारोह में वीसी प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा की इस बेटी ने अपनी प्रतिभा ही नहीं, जज्बे से बहुत ही कम उम्र में कई उपलब्धियों को हासिल कर प्रदेश की बेटियों के लिए मिसाल कायम की है। एमडीयू ऐसी होनहार खिलाड़ियों की कालेज और यूनिवर्सिटी स्तर पर पढ़ाई व हॉस्टल निशुल्क करने को लेकर लगातार काम कर रहा है। बेटियां हर क्षेत्र में बेहतर कर रही प्रदर्शन समारोह के दौरान डॉ. शरणजीत कौर ने कहा कि जब अदिति जैसी बेटियां खेल ही नहीं किसी भी फिल्ड में बेहतर करती हैं, तो समाज में बड़ा बदलाव देखने को मिलता है। खिलाड़ियों से जुड़े किसी भी कार्यक्रम में आकर उन्हें नई ऊर्जा मिलती है। अदिति का खेल के प्रति समर्पण काबिले तारीफ है। एमडीयू ऐसी खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा सकारात्मक है। हरियाणा की ऐसी बेटियों पर सभी को नाज होता है। चंडीगढ़ में ट्रेनिंग ले रही अदिति श्योराण अदिति श्योराण मूल रूप से सोनीपत के दुभेटा गांव की रहने वाली है। अदिति ने स्कूल स्तर की शुरुआती पढ़ाई खानपुर स्थित ग्लोबल पब्लिक स्कूल से की। वह इस समय चंडीगढ़ के सेक्टर-9 स्थित कार्मल कान्वेंट स्कूल में दसवीं की छात्रा है। साथ ही चंडीगढ़ प्रशासन की प्रतिष्ठित सेक्टर-16 स्थित क्रिकेट एकेडमी में ट्रेनिंग ले रही हैं। इस एकेडमी में दाखिला पाने वाली अदिति श्योराण पहली महिला क्रिकेटर है। पिछले 4 साल से खेल रही क्रिकेट अदिति श्योराण स्टेट,नेशनल और बीसीसीआई अंडर-15 और अंडर-19 स्तर पर पिछले चार वर्षों से खेल रही हैं । नेशनल स्कूल लेवल पर अदिति अंडर-19 चंडीगढ़ गर्ल्स क्रिकेट टीम की सबसे युवा कप्तान भी रही हैं। यूटीसीए जोनल टूर्नामेंट के अलावा चंडीगढ़ में इंटर स्कूल स्टेट लेवल पर गर्ल्स टीम की कप्तान रही हैं। अदिति की खेल उपलब्धियों के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने 15 अगस्त को स्टेट अवॉर्ड से सम्मानित किया था।
अलवर शहर के तुलसीदास रोड स्थित पूर्णिमा कॉलोनी में 30 फीट चौड़ी सार्वजनिक सड़क पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। इस संबंध में शुक्रवार को कॉलोनीवासियों ने नगर विकास न्यास (यूआईटी) कार्यालय पहुंचकर सचिव को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की कॉलोनीवासी गिरधारी लाल सैनी ने ज्ञापन में बताया कि खसरा नंबर 175 यूआईटी योजना के तहत स्वीकृत ले-आउट प्लान में 30 फीट चौड़ी सड़क दर्शाई गई है, लेकिन कुछ लोगों द्वारा इस सड़क पर जबरन कब्जा कर निर्माण कार्य कर लिया गया है। आरोप है कि सड़क पर पिलर खड़े कर रास्ते को संकरा किया जा रहा है, जिससे आमजन को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार 17 जनवरी 2026 को कुछ व्यक्तियों ने सड़क पर कब्जा करने का प्रयास किया। जब कॉलोनीवासियों ने इसका विरोध किया तो आरोपितों ने गाली-गलौज करते हुए झगड़ा और मारपीट पर उतारू हो गए। साथ ही सड़क को पूरी तरह बंद करने की धमकी भी दी गई। पीड़ित कॉलोनीवासियों ने यूआईटी सचिव से मांग की है कि अवैध कब्जे को तत्काल हटवाया जाए, सड़क को उसकी मूल स्थिति में बहाल किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।इस मामले में यूआईटी सचिव ने जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है
गौरीबाजार में बिजली विभाग का चेकिंग अभियान:देवरिया में 53 कनेक्शन काटे, राहत योजना के बारे में बताया
देवरिया। बिजली बिल राहत योजना के दूसरे चरण के तहत विद्युत विभाग ने जिले में सघन चेकिंग अभियान चलाया है। इसी क्रम में विद्युत वितरण उपखंड द्वितीय गौरीबाजार के विभिन्न मोहल्लों और गांवों में जांच कर बकाएदारों तथा बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। यह अभियान उपखंड अधिकारी चंदन जायसवाल के नेतृत्व में चलाया गया। इस दौरान अवर अभियंता राजा कुमार प्रसाद, कृष्मोहन यादव, रजनीश सिंह, जयप्रकाश प्रजापति और विभाग के सभी लाइनमैन मौजूद रहे। टीम ने लाला टोली वार्ड, मस्जिद वार्ड, मदनपुर और अकटहिया जैसे क्षेत्रों में घर-घर जाकर बिजली कनेक्शनों की जांच की। जांच के दौरान, बकाया बिजली बिल का भुगतान न करने पर 45 उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन काटे गए। इसके अतिरिक्त, बिजली चोरी करते पाए गए 8 उपभोक्ताओं की आपूर्ति भी तत्काल प्रभाव से विच्छेदित कर दी गई। कुल 53 कनेक्शन काटे गए। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। अभियान के दौरान उपभोक्ताओं को बिजली बिल राहत योजना के बारे में भी जागरूक किया गया। अधिकारियों ने बताया कि योजना के दूसरे चरण में उपभोक्ताओं को सरचार्ज में 100 प्रतिशत और मूलधन पर 20 प्रतिशत तक की छूट मिल रही है। यह योजना घरेलू श्रेणी के दो किलोवॉट तक तथा दुकानों के लिए एक किलोवॉट तक के कनेक्शनधारकों पर लागू है। योजना के तहत, बिजली चोरी में पकड़े गए उपभोक्ताओं के असेसमेंट बिल में भी 45 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान है। इस योजना का लाभ उठाने की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। उपखंड अधिकारी चंदन जायसवाल ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस राहत योजना का समय रहते लाभ उठाएं। उन्होंने बकाया बिजली बिल जमा कर विद्युत आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने का आग्रह किया और कहा कि यह उपभोक्ताओं के लिए एक सुनहरा अवसर है, इसलिए अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द भुगतान करें।
गाजीपुर में 23 जनवरी 2026 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती और उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर एक ब्लैकआउट मॉकड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इसकी तैयारियों को लेकर सोमवार शाम गाजीपुर कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी ने की। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि इस मॉकड्रिल का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासनिक तैयारियों, विभिन्न विभागों के समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली का परीक्षण करना है। उन्होंने कानून-व्यवस्था, यातायात, स्वास्थ्य सेवाएं, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी विभागों को समय पर आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। बैठक में संबंधित प्रशासनिक अधिकारी, आपदा विशेषज्ञ और नागरिक सुरक्षा के पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने सभी विभागों को मॉकड्रिल को सफल बनाने के लिए आपसी तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
संभल की डॉली का जूडो में राष्ट्रीय स्तर पर चयन:ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का प्रतिनिधित्व करेंगी
संभल की छात्रा डॉली का जूडो में राष्ट्रीय स्तर पर चयन हुआ है। उन्हें ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के लिए चुना गया है, जिससे उनके परिवार और कॉलेज में खुशी का माहौल है। कॉलेज प्रशासन, जूडो अकादमी और क्षेत्रवासियों ने डॉली को इस उपलब्धि पर बधाई दी है। चंदौसी के एनकेबीएमजी गर्ल्स डिग्री कॉलेज की छात्रा डॉली ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU), फगवाड़ा में आयोजित नॉर्थ ईस्ट ज़ोन जूडो चैंपियनशिप सह चयन ट्रायल में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। यह प्रतियोगिता 15 से 18 जनवरी तक हुई थी। इस प्रतियोगिता में डॉली ने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करते हुए शानदार खेल का प्रदर्शन किया और 12वां स्थान प्राप्त किया। उनकी यह उपलब्धि कॉलेज और पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। कोच एकांश गुप्ता ने बताया कि डॉली बहजोई के सम्भल रोड की निवासी हैं। उन्होंने एसबीएम जूडो अकादमी, बहजोई में नियमित अभ्यास कर यह सफलता हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि के पीछे कड़ी मेहनत, अनुशासन और प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन रहा है।
गिरिडीह पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई में धनवार थाना क्षेत्र से लगभग एक करोड़ रुपए मूल्य की चोरी की चांदी जब्त की है। इस मामले में एक तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास से एक कार भी बरामद हुई है। एसपी डॉ. बिमल कुमार को 18 जनवरी 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि धनवार थाना क्षेत्र में एक गिरोह चोरी के चांदी के जेवरात को बाजार में खपाने की कोशिश कर रहा है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए, एसपी के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, खोरीमहुआ के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने धनवार थाना क्षेत्र में एंटी-क्राइम चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान, एक संदिग्ध स्विफ्ट डिजायर कार को रोका गया। वाहन चालक ने पूछताछ में अपना नाम हजरत अंसारी (लगभग 25 वर्ष), पिता दिल मोहम्मद मियां, ग्राम मनगसो, थाना धनवार (परसन ओपी), जिला गिरिडीह बताया। चांदी के पिघले हुए 6 सिल्ली पाए गए वाहन की गहन तलाशी के दौरान, सीट के पास से एक सफेद प्लास्टिक का थैला और एक अन्य बैग बरामद किया गया। प्लास्टिक के थैले में चांदी के पिघले हुए 6 सिल्ली पाए गए, जिनका कुल वजन 32 किलो 457 ग्राम था। दूसरे बैग से भारी मात्रा में तैयार चांदी के जेवरात मिले। पुलिस ने मौके पर ही सभी सामानों को जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बरामद चांदी के जेवरात में 42 जोड़े चांदी के पायल, 13 चांदी की चेन, 6 चांदी के ब्रेसलेट, 12 चांदी के पान पत्ते, 3 जोड़े चांदी के कड़े और 44 जोड़े चांदी की बिछिया शामिल हैं। घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार को भी जब्त कर लिया गया है। बरामद सभी चांदी का कुल वजन लगभग 35.351 किलोग्राम है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब एक करोड़ रुपए बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में चांदी की बरामदगी से क्षेत्र में सक्रिय चोरी और तस्करी गिरोह के नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है। नेटवर्क से जुड़े और भी खुलासे होने की संभावना एसपी डॉ. बिमल कुमार का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि चांदी की चोरी कहां-कहां से की गई थी तथा इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्य कौन-कौन हैं। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े और भी खुलासे होने की संभावना है। इस संबंध में धनवार थाना में कांड संख्या 11/2026, दिनांक 18.01.2026 को धारा 317(2)/3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
डीग शहर की पुरानी अनाज मंडी स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में सोमवार दोपहर छत की एक पट्टी गिर गई। यह घटना लंच टाइम के दौरान हुई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। तेज आवाज के साथ हुई इस घटना से बैंक परिसर में हड़कंप मच गया। संयोगवश, घटना के समय बैंक में ग्राहकों की संख्या काफी कम थी और अधिकांश बैंककर्मी भोजन अवकाश पर थे। इस कारण किसी को गंभीर चोट नहीं आई। हादसे के दौरान बैंक के ब्रांच मैनेजर शेखर मुदगल और हेड कैशियर चक्रेश तिवारी बाल-बाल बच गए। छत की पट्टी गिरते ही बैंक में मौजूद लोग सुरक्षित बाहर निकल आए। घटना के बाद बैंक का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया। सूचना मिलते ही बैंक के बाहर लोगों की भीड़ जमा हो गई। सुरक्षा की दृष्टि से बैंक शाखा को फिलहाल बंद कर दिया गया है। स्थानीय लोगों और बैंककर्मियों का कहना है कि यदि यह हादसा लंच टाइम से पहले या बाद में होता, तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।
भोपाल में 26 टन गोमांस मिलने का मामला:एसआईटी का गठन; एसीपी सहित दो टीआई करेंगे जांच
भोपाल में मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय के सामने 26 टन गोमांस मिलने के मामले में एसआईटी का गठन किया गया है। एसीपी उमेश तिवारी सहित दो टीआई और उनकी टीमें पूरे मामले की जांच करेंगी। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि मांस कहां से लाया गया और कौन-कौन लोग अवैध मांस तस्करी गिरोह का हिस्सा हैं। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा के करीबियों से पूछताछ की तैयारी में है। असलम और उसके ड्राइवर को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा सकता है। दोनों से पूछताछ के लिए उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर रिमांड में लिया जाएगा। पुलिस गोमांस को भैंसे का मांस बताने वाले डॉक्टर को भी नोटिस जारी कर रही है। जानिए क्या है मामला 17 दिसंबर की रात भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय के सामने हिंदू संगठनों ने मांस से भरा एक ट्रक पकड़ा था। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि इस ट्रक में जो मांस का परिवहन हो रहा था, वह गोमांस है। इसकी सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस और अन्य अधिकारी पहुंच गए थे। पुलिस ने सबसे पहले ड्राइवर को गिरफ्तार किया था। इसके बाद इस मांस को लैब में टेस्टिंग के लिए राज्य पशु चिकित्सालय जहांगीराबाद भेजा गया था। लैब रिपोर्ट में 26 टन जब्त मांस गोमांस का ही पाया गया। इसके बाद लाइव स्टॉक कंपनी के संचालक असलम उर्फ चमड़ा की गिरफ्तारी की गई।
पाली में पालतू डॉग का हमला, रिटायर्ड सफाईकर्मी घायल:गले-सिर पर काटने से हुए गहरे घाव, हालत गंभीर
पाली में 65 साल के रिटार्यड सफाईकर्मी को गली में टहलते समय पालतू डॉग ने काट लिया। गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए हॉस्पिटल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज किया। वृद्ध की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना सोमवार शाम करीब पांच बजे शहर के सर्वोदय नगर में हुई। 65 साल के मीठालाल पुत्र रतनलाल गली में टहल रहे थे। इसी दौरान पालतू डॉग ने अचानक उन पर हमला कर दिया। डॉग ने उनके गले, सिर और चेहरे के पास कई बार काटा। मीठालाल के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बड़ी मशक्कत के बाद डॉग को भगाया। घटना के बाद लहूलुहान हालत में मीठालाल को परिजन और मोहल्ले के लोग तुरंत पाली के बांगड़ अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। डॉक्टरों के अनुसार गले और सिर पर गहरे घाव होने के कारण उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने कुत्तों को पकड़ने के लिए निगम और स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई। हादसे का सुनते ही घर पहुंचामामले में घायल के बेटे नंदकिशोर ने बताया कि हादसे के बारे में सुनते ही तुरंत काम छोड़कर घर पहुंचा। डॉक्टर इलाज कर रहे है। डॉग के काटने से उनके गले, सिर में घाव हुए।
कोलारस में गलत कृषि दवा से फसल बर्बाद:दुकान सील, मुआवजा मांगने एसडीएम ऑफिस पहुंचे परेशान किसान
शिवपुरी जिले के कोलारस अनुविभाग क्षेत्र में कृषि दवा के कथित गलत असर से बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इंदार थाना क्षेत्र सहित आसपास के दर्जनों गांवों में चना और मसूर की फसलें बर्बाद हो गईं। किसानों का आरोप है कि उन्होंने खतौरा गांव में संचालित अग्रवाल कृषि सेवा केन्द्र से इल्ली मारने की दवा खरीदी थी, जिसके छिड़काव के बाद फसलें सूखने लगीं। जानकारी के अनुसार रविवार को इंदार थाना क्षेत्र के करीब 10 गांवों के लगभग 20 किसानों ने कृषि विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलते ही विभाग हरकत में आया और संबंधित दुकान को सील कर जांच शुरू की गई। सोमवार को फसल नुकसान से परेशान कई किसान शिकायत लेकर कोलारस एसडीएम कार्यालय पहुंचे। एक सैकड़ा से अधिक किसान, सैकड़ों बीघा फसल नष्टकिसानों के अनुसार अब तक दर्जनों गांवों के करीब 100 से अधिक किसानों की फसल खराब होने की जानकारी सामने आ चुकी है। ग्राम सिमलयाई निवासी सुरेश लोधी ने बताया कि 14 बीघा में बोई गई चने की फसल में दवा और टॉनिक डालने के बाद पूरी फसल खराब हो गई। अशोकनगर जिले के गोविंदनगर निवासी राजा सिंह परिहार ने 10 बीघा चने की फसल नष्ट होने की बात कही। वहीं ग्राम एडवारा निवासी सुरेंद्र यादव ने बताया कि उसकी 40 बीघा चने की फसल बर्बाद हो गई। किसानों का आरोप है कि इल्ली मारने की दवा के नाम पर संभवतः खरपतवार (कचरा) मारने की दवा दे दी गई। “पूरा सेट” दवा से अगले दिन सूखने लगी पत्तियांग्राम छापी निवासी राजीव यादव (26) ने बताया कि 9 जनवरी को उसने अग्रवाल कृषि सेवा केन्द्र, खतौरा से 3100 रुपए में चने की फसल के लिए “पूरा सेट” दवा खरीदी थी। दुकानदार ने प्रति बीघा 6 क्विंटल उत्पादन का दावा किया था। 10 जनवरी को 12 बीघा खेत में दवा का छिड़काव कराया गया, लेकिन अगले ही दिन पत्तियां सूखने लगीं। शिकायत करने पर दुकानदार ने पहले ग्लूकोज डालने की सलाह दी और बाद में जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया। कृषि विभाग ने दुकान सील कीकृषि विभाग के एसएडीओ कल्लू सिंह ने बताया कि किसानों की शिकायतों के बाद अग्रवाल कृषि सेवा केन्द्र, खतौरा को फिलहाल सील कर दिया गया है और दवाओं के सैंपल लेकर जांच की जा रही है। एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, मुआवजे की मांगएडवारा और सिमलयाई गांव के किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि दवा के छिड़काव से करीब 100 बीघा से अधिक फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। किसानों ने दुकानदार पर अभद्र व्यवहार और राजनीतिक संरक्षण का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई व मुआवजे की मांग की। ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी भेजी गई है। किसानों का कहना है कि अधिकांश प्रभावित किसान सीमांत हैं, जिनकी आजीविका पूरी तरह फसल पर निर्भर है। यदि समय पर मुआवजा और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।
मानसा जिले के बुढलाडा क्षेत्र में एक सड़क हादसे में दो लोगों की मौके पर मौत हो गई। यह घटना गांव कलीपुर के पास हुई, जहां एक मारुति कार बेकाबू होकर पेड़ से टकरा गई। मृतक रामपुर मंडेर से कार का सामान लेकर लौट रहे थे। मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के शामली जिले के गंगेरू के रहने वाले दिलशाद (45) और बुढलाडा का रहने वाला मैकेनिक सुखदीप सिंह (19) के रूप में हुई है। बता दे कि दिलशाद पुरानी गाड़ियों की खरीद-फरोख्त के लिए बुढलाडा आता-जाता था। सोमवार को वह सुखदीप की वर्कशॉप पर एक पुरानी गाड़ी लेकर पहुंचा था। कबाड़ की दुकान से सामान लेने गए थे इसके बाद दोनों दिलशाद की कार में रामपुर मंडेर स्थित एक कबाड़ की दुकान से गाड़ी का सामान लेने गए थे। दोपहर के समय जब दोनों बुढलाडा लौट रहे थे, तभी उनकी मारुति कार गांव कलीपुर के पास बेकाबू हो गई। कार सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई और कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। मृतक दिलशाद के रिश्तेदार कुर्बान मोहम्मद ने बताया कि दिलशाद पांच बच्चों का पिता था और काम के सिलसिले में अक्सर बुढलाडा आता-जाता रहता था। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
सिरोही के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि बीजेपी सरकार ग्रामीण गरीबों की आजीविका पर सीधा हमला कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा को कमजोर करने की साजिश रच रही है। लोढ़ा ने बताया कि मनरेगा को यूपीए सरकार ने अधिकार आधारित कानून के रूप में लागू किया था। इसके तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई थी। पहले इसका पूरा बजट केंद्र सरकार देती थी, लेकिन अब 60 प्रतिशत राशि केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य सरकार पर डाल दी गई है। लोढ़ा के अनुसार, यह बदलाव सरकार की मनरेगा से पल्ला झाड़ने की मंशा को स्पष्ट करता है। उन्होंने यह बात खंद्रा, अरठवाडा, भेव, पोसालिया, बागसीन, वाण, अंदोर और मोरली गांवों में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कही। लोढ़ा ने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ऐसे महान व्यक्ति के नाम का उपयोग कर देश की गरीब जनता का हक छीनने का काम कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि मनरेगा आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का सबसे बड़ा और भरोसेमंद साधन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा को खत्म करने की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने देगी। लोढ़ा ने कार्यकर्ताओं से सड़क पर उतरकर जन-जागरण अभियान को मजबूत करने और आमजन को मनरेगा के महत्व के बारे में जागरूक करने का आह्वान किया। इस दौरान वाण गांव में ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कार्य को लेकर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि बागसीन से वाण तक बन रही सड़क में बिना खुदाई किए सीधे पुरानी डामर सड़क पर ही डामर किया जा रहा है, जिससे सड़क जल्दी टूट जाएगी और गड्ढे पड़ने लगेंगे। इस शिकायत पर पूर्व विधायक लोढ़ा ने तुरंत अधीक्षक अभियंता बादल को टेलीफोन कर मौके पर जाकर जांच करने का आग्रह किया।
बाराबंकी के सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री लोधेश्वर महादेव धाम में आगामी फाल्गुनी मेले की तैयारियों का जायजा लेने के लिए सोमवार दोपहर करीब 2 बजे जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने जिले के सभी अधिकारियों के साथ पूरे मेला क्षेत्र का भ्रमण किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मेले से पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां हर हाल में पूरी कर ली जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मेला क्षेत्र में स्थित बारीक आईडी तालाब, अभरण सरोवर, बोहनिया तालाब और जिला पंचायत द्वारा बनाए गए परिसर का जायजा लिया। उन्होंने तालाबों की साफ-सफाई, मरम्मत कार्य और शौचालयों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि जहां सेना रुकती है, वहां शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की जाए। लोधेश्वर महादेव मंदिर के पीछे बने कुंड की साफ-सफाई के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को अर्धनिर्मित सड़कों को शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, मेला क्षेत्र में जहां-जहां जल निकासी की समस्या है, उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर करने को कहा गया। पंचायत घर के सामने टूटे हुए शौचालय के ढक्कनों को ठीक कराने के निर्देश खंड विकास अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह को दिए गए। ग्राम प्रधान को भी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गुंजिता अग्रवाल, तहसीलदार विपुल सिंह, नायब तहसीलदार विजय प्रकाश तिवारी, सीओ गरिमा पंत, कोतवाल अनिल पांडे, खंड विकास अधिकारी जितेंद्र कुमार, नोडल अधिकारी डॉक्टर दलबीर सिंह, ग्राम प्रधान अजय तिवारी और चौकी इंचार्ज अभिनंदन पांडे सहित सभी विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।
कुशीनगर में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ हो गया है। भारत सरकार के निर्देश पर यह 100 दिवसीय विशेष कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत जिला न्यायालय परिसर में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया और जिला अस्पताल में नुक्कड़ नाटक का आयोजन हुआ। यह अभियान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में शुरू हुआ। अभियान के तहत लखनऊ से आई एक टीम ने बाल विवाह और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए। इस दौरान अधिवक्ताओं और आम जनता को बाल विवाह न करने का प्रभावी संदेश दिया गया। हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन टीम के जिला मिशन समन्वयक नलिन सिंह ने बाल विवाह के दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से अपने बच्चों का बाल विवाह न करने की अपील की। सिंह ने बताया कि यदि कहीं भी कम आयु में विवाह (लड़का-21 वर्ष, लड़की-18 वर्ष) की जानकारी मिले तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, 112 या 181 पर सूचित करें। महिला कल्याण विभाग की जेंडर स्पेशलिस्ट वंदना कुशवाहा ने विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। इनमें निराश्रित महिला पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) शामिल हैं। उन्होंने पात्र लाभार्थियों से इन योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन अपर जिला जज द्वारा उपस्थित अधिवक्ताओं और आम जनता को बाल विवाह न करने की शपथ दिलाकर किया गया। इस अवसर पर कुशीनगर ने ठाना है, बाल विवाह मुक्त जनपद बनाना है का नारा भी गूंजा।
प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुग्राम में डीएलएफ सिटी फेज-5 स्थित हाई प्रोफाइल सोसाइटी द मैगनोलियास के एक अपार्टमेंट को जब्त किया है। यह अपार्टमेंट एंवी पावर इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर रजिस्टर्ड है और इसकी कीमत लगभग 32.28 करोड़ रुपए है। आरोप है कि यह संपत्ति जेनसोल समूह के चेयरमैन और मुख्य प्रमोटर अनमोल सिंह जग्गी ने खरीदी थी और इसे जेनसोल समूह की कंपनी मैट्रिक्स गैस एंड रिन्यूएबल्स लिमिटेड से डायवर्ट किए गए फंड का उपयोग करके खरीदा गया। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन सरकारी फंड मिला इडी ने मैट्रिक्स कंपनी और अन्य संबंधित पक्षों के खिलाफ जांच सीबीआई द्वारा की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की थी। जांच में यह पता चला कि नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत इस्पात मंत्रालय के माध्यम से भारत में इस्पात क्षेत्र में पायलट परियोजनाओं के लिए सरकारी फंड आवंटित किया था। सरकारी अनुदान की धनराशि को घुमाया इन परियोजनाओं का लक्ष्य ग्रीन हाइड्रोजन का उपयोग करके लोहा और इस्पात का उत्पादन करना था। इस कार्य के लिए इस्पात मंत्रालय ने योजना कार्यान्वयन एजेंसी नियुक्त की थी। पायलट परियोजनाओं के लिए सफल बोलीदाता के रूप में मैट्रिक्स कंपनी को चुना गया और परियोजना के लिए स्वीकृत सरकारी अनुदान का 20 प्रतिशत यानी 32.28 करोड़ कंपनी को वितरित किया गया। कंपनियों के माध्यम से धन डायवर्ट जांच में यह भी सामने आया कि मैट्रिक्स कंपनी ने सरकारी फंड का उपयोग परियोजना के लिए करने के बजाय इसे अनमोल सिंह जग्गी के नियंत्रण वाली कंपनियों के माध्यम से डायवर्ट कर दिया। फंड को कई लेन-देन के माध्यम से प्रमोटरों के व्यक्तिगत फायदा और ग्रुप की अन्य गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया गया। अपराध से अर्जित धन से खरीदने का आरोप इसी राशि से गुरुग्राम की इस लग्जरी सोसाइटी में अपार्टमेंट खरीदा गया। ईडी ने जांच में यह राशि अपराध से अर्जित की गई मानी गई, इसलिए इसे अस्थायी रूप से जब्त किया गया है। ईडी की तरफ से बताया गया है कि जांच अभी जारी है और आगे भी संबंधित व्यक्तियों और फंड डायवर्जन की विस्तार से जांच की जाएगी।
रतलाम से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे पर 14 दिन पहले बाइक सवार दंपती से लूट करने वाले 6 बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में तीन सगे भाई हैं। सोमवार शाम एसपी अमित कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि ये बदमाश शराब के शौक को पूरा करने के लिए वारदात को अंजाम देते थे। इनमें से 2 आरोपी राजस्थान के बांसवाड़ा और 4 रतलाम जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके पास से लूटा गया सामान और वारदात में इस्तेमाल बाइक जब्त कर ली है। बाइक रोककर जेवर और कैश छीना था घटना 5 जनवरी की है। शिवगढ़ थाना क्षेत्र के वालारुण्डी के पास 8 लेन पर बाइक सवार दंपती राकेश (23) और उनकी पत्नी संगीताबाई (21) (निवासी सांवलिया रूंडी) को अज्ञात बदमाशों ने ओवरटेक करके रोक लिया था। बदमाशों ने डरा-धमकाकर उनसे 23,900 रुपए नकद, एक मोबाइल और चांदी की दो चूड़ियां लूट ली थीं। फरियादी की शिकायत पर शिवगढ़ थाने में बीएनएस की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। मंदिर के पास मिली सिम से खुला राज पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए एक्सप्रेस-वे और आसपास के करीब 500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसी दौरान वरोठमाता मंदिर के पास पुलिस को एक सिम कार्ड पड़ा मिला। जब उसे ट्रैक किया गया, तो वह फरियादी के नंबर की सिम निकली। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने तकनीकी जांच को आगे बढ़ाया और आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में 3 सगे भाई पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों में कैलाश (24), दिनेश उर्फ कालु (22) और लखन (20) तीनों पिता लालु हाड़ा (निवासी ग्राम तलीनखेड़ा, बाजना) सगे भाई हैं। इनके अलावा फतेहसिंह उर्फ फतिया (25) और सतीश (24) निवासी बांसवाड़ा (राजस्थान) व बाबूलाल उर्फ बबलु (20) निवासी बाजना शामिल हैं। सभी को सोमवार को सैलाना कोर्ट में पेश किया गया। 87 हजार का माल बरामद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लूटी गई चांदी की दो चूड़ी (कीमत 6000 रुपए), एक मोबाइल (15,000 रुपए), नकद 6350 रुपए और घटना में प्रयुक्त एक बाइक (60,000 रुपए) जब्त की है। कुल बरामद मशरूका 87,250 रुपए का है। कार्रवाई में शिवगढ़, बिलपांक थाना और साइबर सेल की टीम शामिल रही।
एसबीएस नगर के अधीन आते बंगा स्थित रसुखाना नाभ कंवल राजा साहिब गुरुद्वारा से गुरु ग्रंथ साहिब SIT द्वारा लिए जाने का विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब पंजाब भाजपा का वरिष्ठ नेतृत्व 22 जनवरी को शहीद-ए-आजम भगत सिंह नगर जिले के बंगा स्थित रसुखाना नाभ कंवल राजा साहिब गुरुद्वारा में नतमस्तक होगी। इस धार्मिक कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ और कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा करेंगे। बता दें कि 328 स्वरूप गायब मामले की जांच कर रही SIT ने गुरुद्वारा साहिब से गुरू ग्रंथ साहिब मिलने का दावा किया था और माघी मेले पर मुख्यमंत्री द्वारा इसका ऐलान किया गया था। इसके बाद विधायक सुखविंदर सिंह सुखी की तरफ से इस्तीफा दिया जा चुका है। यह वरिष्ठ नेता रहेंगे मौजूदकार्यक्रम में भाजपा की प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। इनमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोरंजन कालिया, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष (एससी आयोग) एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजय सांपला, पूर्व राज्यसभा सांसद व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्वेत मलिक, पूर्व केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश, पूर्व विधायक केवल ढिल्लों और पूर्व अल्पसंख्यक आयोग उपाध्यक्ष मनजीत सिंह राय प्रमुख हैं। 169 स्वरूपों के मुद्दे पर आप सरकार पर हमलाभाजपा ने 169 गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूपों की बरामदगी के मामले को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर सिख संगतों की भावनाओं से राजनीति करने का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकार बरामदगी के दावे तो कर रही है, लेकिन गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा सच्चाई सामने लाने के बावजूद कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। धार्मिक आस्था से जुड़ा मामला- भाजपाभाजपा का कहना है कि यह मामला सिखों की धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है, लेकिन राज्य सरकार इसे राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि जब तक मामले में पूरी जांच, दस्तावेजी स्पष्टता और जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक सरकार के दावों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। भाजपा ने चेतावनी दी है कि यदि गुरु साहिबान के पवित्र स्वरूपों से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर सरकार ने सच्चाई सामने नहीं रखी, तो पार्टी सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन को और तेज करेगी।
बेतिया के रामलखन सिंह यादव कॉलेज से एक छात्रा लापता हो गई है। नौतन थाना क्षेत्र की निवासी यह छात्रा 14 जनवरी को कॉलेज के लिए निकली थी, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटी। छात्रा के पिता ने नौतन थाने में एक अज्ञात मोबाइल धारक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। 14 जनवरी को सुबह 11 बजे कॉलेज को निकली थी छात्रा जानकारी के अनुसार, छात्रा 14 जनवरी को सुबह लगभग 11 बजे रामलखन सिंह यादव कॉलेज पढ़ने गई थी। शाम तक घर वापस न आने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसी बीच, छात्रा के मोबाइल नंबर पर एक नए अज्ञात नंबर से कॉल आया। परिजनों ने जब कॉल करने वाले व्यक्ति से पूछताछ की, तो उसने गलती से फोन लगने की बात कही। इससे परिजनों का संदेह और बढ़ गया। परिजनों की लिखित शिकायत पर पुलिस ने दर्ज की एफआईआर छात्रा के पिता की लिखित शिकायत के आधार पर नौतन थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। नौतन थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार पासवान ने बताया कि पुलिस टीम छात्रा की तलाश में सक्रिय रूप से जुटी है। उन्होंने कहा कि सभी संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भी जांच की जा रही है। थानाध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि छात्रा को जल्द ही सुरक्षित बरामद कर लिया जाएगा और इस घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा नोहर में एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में फूड लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के लिए कुल 317 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 88 आवेदनों को मौके पर ही ऑनलाइन दर्ज कर रजिस्ट्रेशन जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि शिविर के दौरान सभी खाद्य कारोबारियों को साफ-सफाई बनाए रखने और खाद्य पदार्थों को ढककर रखने के निर्देश दिए गए। उन्हें खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 तथा नियम-विनियम 2011 के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस शिविर के सफल आयोजन में किराना एसोसिएशन के प्रधान पवन कुमार कन्दोई, मिष्ठान विक्रेता एसोसिएशन के प्रधान बसन्त कुमार तिवाड़ी और भैराराम सहारण का विशेष सहयोग रहा। खाद्य सुरक्षा अधिकारी (एफएसओ) सुदेश कुमार और रफीक मोहम्मद भी शिविर में उपस्थित रहे। शिविरों में किराना, मिठाई, होटल, डेयरी, रेस्टोरेंट, हलवाई, केटरिंग, फास्ट फूड, चाट-पकौड़ी, फल-सब्जी, ठेला और स्टॉल संचालक जैसे विभिन्न खाद्य कारोबार कर्ता आवेदन कर सकते हैं। फूड रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड की फोटोकॉपी और एक पासपोर्ट साइज फोटो आवश्यक है। वहीं, फूड लाइसेंस के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, बिजली बिल और जीएसटी रजिस्ट्रेशन से संबंधित दस्तावेज अनिवार्य होंगे। विभाग ने चेतावनी दी है कि इन शिविरों के बाद बिना लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन के खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आगामी शिविर 22 जनवरी को हनुमानगढ़ जंक्शन के दुर्गा मंदिर धर्मशाला में, 27 जनवरी को भादरा की लुहारीवाली धर्मशाला में और 30 जनवरी को पीलीबंगा के व्यापार मंडल भवन में आयोजित किए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर समाजवादी पार्टी ने सख्त रुख अपनाया है। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में अनियमितताएं हो रही हैं और जानबूझकर कुछ खास लोगों के नाम काटे जा रहे हैं। इसी के मद्देनजर सपा ने लखनऊ महानगर की लखनऊ कैंट विधानसभा में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और SIR से जुड़े कार्यों की निगरानी के लिए वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। अखिलेश यादव के निर्देश पर प्रभारी नियुक्त समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशानुसार लखनऊ कैंट विधानसभा क्षेत्र के लिए विनय शंकर तिवारी, पूर्व विधायक, तथा तेज नारायण उर्फ पवन पाण्डेय, पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को SIR से जुड़े कार्यों का प्रभारी नामित किया गया है। यह जानकारी लखनऊ महानगर अध्यक्ष फाखिर सिद्दीकी की ओर से जारी पत्र के माध्यम से दी गई। फॉर्म 6, 7 और 8 का कार्य पूरा कराने की जिम्मेदारी पार्टी की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि प्रभारी नेताओं को SIR के तहत फॉर्म नंबर 6, 7 और 8 भरवाने, जमा कराने, अपलोड कराने और उनसे जुड़ी आपत्तियों के निस्तारण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही संगठनात्मक ढांचे को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। SIR में अनियमितता का सपा का आरोप समाजवादी पार्टी का आरोप है कि प्रदेशभर में SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ियां की जा रही हैं। पार्टी का कहना है कि कुछ वर्ग विशेष के मतदाताओं के नाम जानबूझकर सूची से हटाए जा रहे हैं। इसी वजह से सपा ने हर जिले में पदाधिकारियों की नियुक्ति कर SIR पर सीधी निगरानी का फैसला लिया है। विधानसभावार समीक्षा के निर्देश सपा नेतृत्व ने सभी नामित पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने आवंटित जिलों की विधानसभाओं का तत्काल भ्रमण करें। इस दौरान विधानसभावार बीएलओ की सूची, बूथ प्रभारियों की स्थिति और बूथों पर फॉर्म के वितरण, जमा और अपलोड की स्थिति की गहन समीक्षा की जाए। पार्टी कार्यालय को भेजनी होगी रिपोर्ट पत्र में यह भी कहा गया है कि पूरी समीक्षा के बाद विस्तृत रिपोर्ट समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय भेजी जाए। पार्टी इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय करेगी और जरूरत पड़ने पर चुनाव आयोग से भी शिकायत दर्ज कराई जाएगी। प्रदेश अध्यक्ष के हस्ताक्षर से जारी पत्र यह पत्र समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल के हस्ताक्षर से जारी किया गया है। पार्टी का कहना है कि लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों की रक्षा के लिए वह SIR प्रक्रिया पर पूरी नजर बनाए रखेगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ओरछा में हुए अमर सिंह पाल हत्याकांड का खुलासा:पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार, पांच की तलाश
निवाड़ी पुलिस ने ओरछा में हुए अमर सिंह पाल हत्याकांड का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पांच अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से नागरिकों में कानून के प्रति भरोसा कायम हुआ है। घटना 18 जनवरी 2026 की शाम करीब 06 बजे हुई थी। मृतक अमर सिंह पाल के साथ आरोपियों ने बेरहमी से मारपीट की थी। गंभीर रूप से घायल अमर सिंह को मेडिकल कॉलेज झांसी ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। अस्पताल से पुलिस को घटना की सूचना मिली थी। जांच में सामने आया कि हमला अचानक हुआ था और इसमें कुल सात आरोपी शामिल थे। हत्या की सूचना मिलते ही थाना ओरछा की चौकी नाराईनाका पुलिस ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक निवाड़ी डॉ. रायसिंह नरवरिया स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और तत्काल गिरफ्तारियों के निर्देश दिए। पुलिस ने इस मामले में प्रमोद पिता श्यामलाल अहिरवार (उम्र 33 साल) और अनिल पिता कमल किशोर अहिरवार (उम्र 30 साल) को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी ग्राम जिजौरा, थाना ओरछा, जिला निवाड़ी के निवासी हैं। उनसे पूछताछ में घटना में शामिल अन्य पांच आरोपियों की पहचान पुख्ता हुई है, जिनकी तलाश में पुलिस ने संबंधित क्षेत्रों में दबिश बढ़ा दी है। पुलिस ने शेष आरोपियों के ठिकानों पर नजर रखते हुए पता राशि जारी की है और गिरफ्तारी के प्रयासों में तेजी लाई है। पूरे अभियान में थाना प्रभारी ओरछा रामबाबू शर्मा के निर्देशन में टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। टिंकल यादव और उनकी टीम को 24 घंटे में 2 आरोपियों को पकड़ने में सफलता हाथ लगी है।
मुजफ्फरपुर के नगर थाना क्षेत्र स्थित पंकज मार्केट में सोमवार को दिनदहाड़े एक व्यक्ति के झोले से 1.40 लाख रुपए चोरी हो गए। अपराधी पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से पैसे निकालकर फोटोस्टेट कराने रुके व्यक्ति को निशाना बनाकर फरार हो गए। जानकारी के अनुसार, कथैया थाना क्षेत्र के रहने वाले उदय कुमार सिंह एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। वे सोमवार को अपने निजी काम के लिए पैसे निकालने के लिए पंकज मार्केट स्थित पीएनबी ब्रांच पहुंचे थे। उन्होंने बैंक से 1.40 लाख रुपए निकाले और उन्हें एक झोले में रखकर बाहर निकले। फोटो कॉपी कराने दुकान पर रुके, अपराधियों ने ब्लेड से झोला काटा बैंक से कुछ ही दूरी पर स्थित एक दुकान पर उदय कुमार कुछ जरूरी कागजात की फोटोस्टेट कराने के लिए रुके। जैसे ही वे दुकानदार से बातचीत करने में व्यस्त हुए, उनके पीछे लगे चार शातिर अपराधियों ने मौका पाकर झोले को ब्लेड से नीचे से काट दिया। अपराधियों ने इतनी सफाई से वारदात को अंजाम दिया कि उदय कुमार को इसकी भनक तक नहीं लगी। पलक झपकते ही अपराधी नकदी लेकर भीड़ का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गए। जब उदय कुमार ने झोला उठाया, तो वह हल्का महसूस हुआ। नीचे देखने पर उन्हें पता चला कि झोला कटा हुआ था और पूरी रकम गायब थी।
झुंझुनूं पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह ज्योतिष विद्या (एस्ट्रोलॉजी) के नाम पर देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना रहा था। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के 4 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बिछाते थे जाल पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि ये ठग फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर फर्जी अकाउंट और पेज बनाकर विज्ञापन चलाते थे। ये आरोपी 'मनोकामना पूर्ण करने' और 'दुखों का निवारण' करने के नाम पर भोले-भले लोगों को झांसे में लेते थे और फिर उनसे ऑनलाइन मोटी रकम वसूलते थे। गुढ़ा रोड पर दबिश, तकनीकी यंत्रों से कर रहे थे ठगी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह राजावत और वृताधिकारी गोपाल सिंह ढाका के सुपरविजन में कोतवाली थानाधिकारी श्रवण कुमार नील के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि गुढ़ा रोड स्थित डेविस बार के पास कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त हैं। पुलिस और साइबर सेल की टीम ने जब वहां दबिश दी, तो चारों युवक रंगे हाथों साइबर ठगी करते हुए पकड़े गए। इन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार गिरफ्तार किए गए युवक पढ़े-लिखे हैं और तकनीक का इस्तेमाल कर संगठित अपराध चला रहे थे। पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पंकज कुमावत (28 वर्ष) निवासी नागरपुरा, झुंझुनूं, आदित्य वाल्मिकी (23 वर्ष): निवासी बाबा हरिराम कॉलोनी, झुंझुनूं, सुरेन्द्र कुमार राजपूत (30 वर्ष): निवासी नागरपुरा, झुंझुनूं और नवीन सैनी (26 वर्ष) निवासी सूर्य विहार झुंझुनूं को गिरफ्तार किया गया देशव्यापी किसी बड़े नेटवर्क का खुलासा पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 07 स्मार्ट मोबाइल फोन जब्त किए हैं। प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि ये लोग 'नकली ज्योतिषी' बनकर ठगी का जाल फैलाए हुए थे। पुलिस ने इनके खिलाफ संगठित अपराध की धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में देशव्यापी किसी बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है और कई अन्य गिरफ्तारियां भी संभव हैं।
ललितपुर में भारत निर्वाचन आयोग और जिला निर्वाचन अधिकारी सत्य प्रकाश के निर्देश पर सोमवार को एक कार्यशाला आयोजित की गई। यह कार्यशाला विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष पुनरीक्षण 2026 के तहत बीएलओ और सुपरवाइजरों की समस्याओं के समाधान के लिए थी। इसका आयोजन कल्याण सिंह सभागार में किया गया, जिसमें ललितपुर और महरौनी विधानसभा क्षेत्रों के सभी बीएलओ और सुपरवाइजरों ने भाग लिया। उप जिला निर्वाचन अधिकारी अंकुर श्रीवास्तव ने एसआईआर के अंतर्गत एएसडी मतदाताओं की मैपिंग में आ रही समस्याओं के समाधान पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने फॉर्म 6, 7 और 8 भरने की प्रक्रिया को पीपीटी के माध्यम से समझाया। विशेष रूप से, एएसडी मैपिंग के दौरान डुप्लीकेट, शिफ्टेड और मृतक मतदाताओं के फॉर्मों पर स्पष्ट कारण अंकित करने के निर्देश दिए गए, ताकि मैपिंग और फीडिंग में कोई समस्या न आए। बताया गया कि एसआईआर के पहले चरण में छूटे हुए मतदाताओं की मैपिंग के लिए गांव-गांव अभियान चलाया जा रहा है। इसमें पात्र मतदाताओं से फॉर्म 6 भरवाया जा रहा है। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी वैध मतदाता छूटना नहीं चाहिए, और इसके लिए शहरी व ग्रामीण स्तर पर अभियान चलाकर भ्रांतियों को दूर किया जाए। नौ-मैपिंग मतदाताओं को नोटिस देकर मौके पर ही उनसे संबंधित दस्तावेज प्राप्त करने और उनका फॉर्म भरवाने के लिए कहा गया। यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि मतदाताओं को यह महसूस न हो कि इस कार्यवाही से उन्हें किसी प्रकार की हानि हो सकती है। मास्टर ट्रेनर महेंद्र कुमार ने बीएलओ और सुपरवाइजरों को फॉर्म 6, 7 और 8 भरने की पूरी प्रक्रिया, नौ-मैपिंग मतदाताओं को नोटिस देने, गणना प्रपत्रों में फोटो अपलोड की स्थिति और प्रपत्र भरने संबंधी विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला के दौरान बीएलओ और सुपरवाइजरों के प्रश्नों के उत्तर भी दिए गए। एसआईआर के दौरान दिवंगत हुए बीएलओ को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि भी दी गई। अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे राजेश कुमार श्रीवास्तव, उप जिलाधिकारी सदर मनीष कुमार, अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार विश्वकर्मा, तहसीलदार सदर व दोनो विधानसभाओं के बीएलओ एवं सुपरवाईजर उपस्थित रहे। कार्यशाला का संचालन राहुल जैन व शिवानी सक्सेना ने किया
कानपुर में सफाई व्यवस्था निजी हाथों में दिए जाने के विरोध में कर्मचारियों ने सोमवार को नगर निगम का घेराव किया। सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी नारेबाजी करते हुए नगर निगम पहुंचे और परिसर में बैठकर नारेबाजी की। इसके बाद कर्मचारियों ने परिसर के अंदर ही आमसभा की। कर्मचारी नेताओं ने सभी को संबोधित किया और कहा कि नगर निगम लगातार निजीकरण कर रहा है और कर्मचारियों के हक मार रहा है। उन्होंने कहा कि इसके विरोध में उन्होंने अधिकारियों को अपना ज्ञापन दिया और मांगे रखी, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अधिकारियों से मिलकर अपनी बात रखनी चाहिए, लेकिन अधिकारियों ने समय न होने की बात बता दी। निजीकरण के लिए निकाले गए हैं टेंडर कर्मचारी नेता रमाकांत ने बताया कि नगर निगम को लगातार निजीकरण की ओर ढ़केला जा रहा है। इसके लिए टेंडर निकाले गए हैं। इसी के विरोध में नगर निगम के सभी संगठनों ने एक संयुक्त मोर्चा बनाया है और अधिकारियों से मिलकर पांच सूत्री ज्ञापन दिया है। इसमें उन्होंने निजीकरण का विरोध किया है। उन्होंने बताया कि वह नगर आयुक्त से मिलकर अपनी मांगे रखना चाहते थे, लेकिन उन्हें समय नहीं मिल सका। कर्मचारी नेता ने बताया कि जब तक नगर निगम में निजीकरण को बंद नहीं किया जाएगा, कर्मचारियों का विरोध जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर आंदोलन भी किया जाएगा। नगर आयुक्त मुर्दाबाद के लगाए नारे निजीकरण का विरोध कर रहे कर्मचारी नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय से मिलना चाहते थे। लेकिन उनकी मुलाकात नगर आयुक्त से नहीं हो पाई। जिसके बाद कर्मचारी उनके कार्यालय के बाहर ही बैठ गए और जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने नगर आयुक्त मुर्दाबाद के नारे लगाए और अपना विरोध जताया। नगर निगम में हो रही मानव तस्करी कर्मचारी नेता रमाकांत ने बताया कि नगर निगम में आउट सोर्सिंग पर कर्मचारी काम कर रहे हैं। वह पूरे समर्पण के साथ काम कर रहे हैं और स्वच्छता में कानपुर की रैंकिंग सबसे बेहतर रही है। इसके बाद भी निजीकरण करते हुए इन कर्मचारियों को दूसरी कंपनी को सौंपने की तैयारी हो रही है। उन्होंने कहा कि यह सब मानव तस्करी की श्रेणी में आता है और नगर निगम में ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।
वाराणसी में सोमवार को बेरोज़गारी और सामाजिक असमानता के खिलाफ सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पदयात्रा निकाली। रोज़गार दो-सामाजिक न्याय दो पदयात्रा के चौथे दिन बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी। जखनी से जंसा चौराहा तक जनता ने सांसद का स्वागत किया। पदायात्रा का जगह-जगह फूलमालाओं, नारों और गर्मजोशी भरे स्वागत ने पदयात्रा को जनआंदोलन बताया गया। सड़कों पर उमड़ी भीड़, घर-घर से निकलता समर्थन और युवाओं का जोश नजर आया। संजय सिंह ने सरकार को भर्ती घोटाले, पेपर लीक और बेरोज़गारी पर घेरा। युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों का अभूतपूर्व समर्थन को बदलाव का संदेश बताया। सोमवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में पदयात्रा श्री कृष्ण बैंक्वेट जखनी से शुरू हुई। इसके बाद राजातालाब, बीरभानपुर सहित कई गांवों से गुजारी। जनसंवाद के दौरान संजय सिंह ने कहा कि यदि सरकार प्रदेश के युवाओं को स्थायी रोज़गार देने में असमर्थ है। सरकार युवाओं को 10 हजार रुपए प्रतिमाह बेरोज़गारी भत्ता दे। पढ़ा-लिखा नौजवान आज बेरोज़गारी की सबसे बड़ी कीमत चुका रहा है, लेकिन सरकार उसकी मेहनत और भविष्य दोनों से खिलवाड़ कर रही है। यह कोई एहसान नहीं, बल्कि युवाओं का अधिकार है, और आम आदमी पार्टी इस अधिकार को लेकर सड़क से संसद तक संघर्ष करेगी। भाजपा सरकार में सच बोलना अपराध सांसद ने कहा कि भाजपा की सरकार में सच बोलना अब अपराध बना दिया गया है, इसका बड़ा उदाहरण मणिकर्णिका घाट को तहस-नहस किए जाने, मंदिरों और मूर्तियों को तोड़े जाने के खिलाफ आवाज़ उठाने और विरोध करने पर मेरे ऊपर एफआईआर दर्ज कराना है। सरकार सवालों का जवाब देने के बजाय, सवाल पूछने वालों पर मुकदमे लाद रही है, लेकिन डराने-धमकाने से यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि मंगलवार को काशी प्रांत को छोड़कर पूरे उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में आम आदमी पार्टी मणिकर्णिका घाट को तहस-नहस किए जाने, मंदिरों और मूर्तियों को तोड़े जाने तथा पौराणिक धरोहरों को नष्ट किए जाने के विरोध में एक प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी।यह पदयात्रा 22 जनवरी को सारनाथ में समाप्त होगी, लेकिन यह आंदोलन वहीं खत्म नहीं होगा। इनकी रही मौजूदगी इस दौरान विधायक सुरेन्द चौधरी, पूर्व विधायक प्रदेश सहप्रभारी दिलीप पांडेय, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह, प्रदेश महासचिव दिनेश पटेल, मीडिया क्वार्डिनेटर सर्वेश मिश्रा, काशी प्रान्त अध्यक्ष पवन तिवारी, मुख्य प्रवक्ता वंशराज दूबे, प्रदेश प्रवक्ता मुकेश सिंह, जिलाध्यक्ष कैलाश पटेल, विनय पटेल, अंकुश चौधरी, कमांडो अशोक, नीलम यादव, प्रदेश प्रवक्ता मनीष गुप्ता, अमर सिंह पटेल, संजीव निगम, प्रशांत यादव, शारदा टंडन, अजीत सिंह, जिला मीडिया प्रभारी घनश्याम पांडेय, देवकांत वर्मा शामिल रहे।
पूर्णिया के सदर थाना क्षेत्र के दमका चौक के पास तेज रफ्तार ट्रक ने साइकिल सवार वृद्ध को कुचल दिया। इस हादसे में बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत हो गई। वे किसी जरूरी काम से घर से बाजार निकले थे। तभी ट्रक अनियंत्रित हो गया। ट्रक ने साइकिल सवार वृद्ध को रौंद दिया। वहीं, पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए GMCH पूर्णिया भेज दिया है। मृतक की पहचान सदर थाना क्षेत्र के मोहन कुंडा निवासी मोहम्मद मकसूद (80) के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि मो. मकसूद घर से किसी जरूरी काम से गुलाबबाग मंडी के लिए निकले थे। बाजार से घर लौटने के क्रम में ट्रक बेकाबू हो गया। इसके बाद ट्रक ने साइकिल सवार मो. मकसूद को कुचल दिया। चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई हादसे के बाद ट्रक छोड़कर भाग रहे ड्राइवर को लोगों ने पकड़ लिया। वहीं, घटना के बाद स्थानीय मौके पर जुटे। इसके बाद पुलिस और परिजनों को घटना की सूचना दी। वृद्ध की मौत के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की जानकारी देते हुए सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार ने कहा कि घटना की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया है। पोस्टमॉर्टम में जुट गई है। ट्रक को थाना लाकर जब्त कर लिया गया है। ड्राइवर को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जा रही है।
देवरिया में धोखाधड़ी के एक चर्चित मामले में गिरफ्तार पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को जिला जज की अदालत से बड़ी राहत मिली है। सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने उनकी जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। जिससे उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, इसी मामले में उनकी पत्नी एवं सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी। इस फैसले के बाद जहां अमिताभ ठाकुर को राहत मिली है। वहीं नूतन ठाकुर की मुश्किलें फिलहाल बढ़ गई हैं। अदालत के आदेश के बाद आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी होते ही अमिताभ ठाकुर की देवरिया जिला जेल से रिहाई संभव हो सकेगी। इस फैसले को लेकर जिले के कानूनी, प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। जमानत अर्जी पर सुनवाई सोमवार को जिला जज की अदालत में पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की ओर से दाखिल जमानत अर्जी पर सुनवाई हुई। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने अदालत में दलील दी कि यह मामला अत्यंत पुराना है और इसमें किसी भी प्रकार की आपराधिक मंशा सिद्ध नहीं होती। उन्होंने कहा कि यह प्रकरण दस्तावेजी त्रुटियों से जुड़ा है, न कि किसी सुनियोजित धोखाधड़ी से। वहीं अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए मामले की गंभीरता पर जोर दिया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला जज ने अमिताभ ठाकुर को जमानत देने का आदेश पारित किया। अदालत ने माना कि आरोपी लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हैं और जांच के लिए उनकी निरंतर हिरासत आवश्यक नहीं है। हालांकि, इसी मामले में नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद अदालत ने राहत देने से इंकार कर दिया। अदालत के इस फैसले के बाद स्पष्ट हो गया है कि नूतन ठाकुर को अब राहत के लिए उच्च न्यायालय का रुख करना होगा। यह है पूरा मामला... यह मामला वर्ष 1999 से जुड़ा है, जब अमिताभ ठाकुर देवरिया में एसपी के पद पर तैनात थे। उसी दौरान देवरिया के औद्योगिक क्षेत्र में एक प्लॉट उनकी पत्नी नूतन ठाकुर के नाम से खरीदा गया था। आरोप है कि प्लॉट की रजिस्ट्री के समय दस्तावेजों में नूतन ठाकुर का नाम नूतन देवी तथा पति का नाम अमिताभ ठाकुर की जगह अभिजात दर्ज कराया गया। इन्हीं तथ्यों को आधार बनाकर मामले को धोखाधड़ी और कूटरचना से जुड़ा बताया गया। आरोप है कि जानबूझकर नाम और पहचान से संबंधित गलत जानकारी दस्तावेजों में दर्ज कराई गई, जिससे बाद में कानूनी विवाद उत्पन्न हुआ। हालांकि यह मामला वर्षों तक ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। लेकिन सितंबर 2025 में लखनऊ के तालकटोरा थाने में इस संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और जांच के क्रम में पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए उन्हें आरोपी बनाया। इसके बाद 10 दिसंबर 2025 को पुलिस ने अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार कर देवरिया जिला जेल भेज दिया। गिरफ्तारी के बाद से वे न्यायिक हिरासत में थे और लगातार जमानत के लिए प्रयास कर रहे थे। जिला जज की अदालत से जमानत मिलने के बाद अमिताभ ठाकुर को बड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन कानूनी प्रक्रिया अभी समाप्त नहीं हुई है। उन्हें अब भी अदालत में मुकदमे का सामना करना होगा। वहीं नूतन ठाकुर की स्थिति फिलहाल चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद उनकी गिरफ्तारी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में उनके लिए उच्च न्यायालय में शीघ्र याचिका दाखिल करना आवश्यक होगा। अब वो मामला जानिए, जिसमें अरेस्ट हुए पूर्व IPS पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को 9 दिसंबर की देर रात शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था। ये गिरफ्तारी 26 साल पुराने देवरिया में एक प्लॉट आवंटन से जुड़ी है। सेवानिवृत्ति से 7 साल पहले जबरिया रिटायर किए गए अमिताभ ठाकुर के आवास पर जबरिया रिटायर्ड आईपीएस लिखा हुआ है। दरअसल, उनका रिटायरमेंट 2028 में था। लेकिन, वह सेवाकाल में कई विभागीय जांच में फंस चुके थे। प्रदेश सरकार की अनुशंसा पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें जबरिया रिटायरमेंट दे दिया। आरोपों के चलते केंद्र सरकार ने IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर की नौकरी की स्क्रीनिंग कराई थी। स्क्रीनिंग की रिपोर्ट में कहा गया था कि अमिताभ ठाकुर सरकारी नौकरी में रहने के योग्य नहीं हैं। इसके बाद उन्होंने अपने घर के बाहर बोर्ड लगवाया- जबरिया रिटायर IPS अमिताभ ठाकुर। बाद में राजनीति में सक्रिय हुए और कई मामलों पर सरकार से टकराव जारी रखा।
शेखपुरा में सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित 'मंथन' सभागार में जिलाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में साप्ताहिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जिले में चल रहे विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान विशेष रूप से 'सात निश्चय-3' के अंतर्गत चल रही योजनाओं पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी शेखर आनंद ने शिक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य, कृषि, पंचायती राज और जीविका जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति का विस्तार से जायजा लिया। सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश दिया उन्होंने अधिकारियों को बुनियादी ढांचा, ग्रामीण विकास अभिकरण, बिजली आपूर्ति और सड़क निर्माण से संबंधित सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक विभाग के वरीय पदाधिकारी अपने दैनिक कार्यों की स्वयं निगरानी करेंगे। उन्होंने 'ससमय कार्य निष्पादन' पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे इस अवसर पर जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें अपर समाहर्ता लखींद्र पासवान, उप विकास आयुक्त संजय कुमार, भूमि सुधार उप समाहर्ता मृत्युंजय कुमार, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी आर्य गौतम सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी शामिल थे।
बारां में भारतीय किसान संघ ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने परवन सिंचाई परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी लाने और अकावद डैम का पानी जिले के अनकमांड क्षेत्र तक पहुंचाने की मांग की। इस दौरान राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष अमृतलाल छजावा ने बताया कि परवन सिंचाई परियोजना का कार्य लंबे समय से चल रहा है, लेकिन इसकी गति धीमी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट की कमी और लापरवाही के कारण किसान अभी भी सिंचाई के लिए परेशान हैं। छजावा ने सरकार से तत्काल पर्याप्त बजट जारी कर परियोजना का काम तेज करने की मांग की, ताकि बारां जिले के अनकमांड क्षेत्र के किसानों को सिंचाई का लाभ मिल सके। संघ के प्रांतीय अध्यक्ष शंकरलाल नागर ने किसानों की उपज का पूरा मूल्य नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार को गेहूं की खरीद पर किसानों को बोनस देना चाहिए। नागर ने स्पष्ट किया कि यह एक दिन का सांकेतिक धरना है, लेकिन यदि सरकार ने उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया तो किसान आंदोलन को और उग्र करेंगे। धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसान संघ के पदाधिकारियों ने एक स्वर में सरकार से किसानों की मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की।
कैलाश खैर ने की रणथंभौर में टाइगर सफारी:जोन नंबर तीन में की टाइगर सफारी, नहीं हुए वनराज के दीदार
पद्म श्री प्रसिद्ध भारतीय गायक कैलाश खेर ने सोमवार सुबह की पारी में रणथंभौर टाइगर रिजर्व में टाइगर सफारी की। इस दौरान उन्होंने वन्यजीवों की अठखेलियां देखी, हालांकि उन्हें वनराज के दीदार नहीं हुए। यहां उन्होंने टाइगर सफारी पर गए पर्यटकों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। उल्लेखनीय है कि सवाईमाधोपुर स्थापना दिवस समारोह में बालीवुड कैलाश खेर दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति देंगे। इसे लेकर वे रविवार शाम सवाईमाधोपुर पहुंचे है। खेर नाहरगढ़ होटल में ठहरे है। इस दौरान उन्होंने रणथंभौर नेशनल पार्क का भ्रमण कर वन्यजीवों को अठखेलियां करते हुए देखा। जानकारी के अनुसार प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर को मुंबई में कई सालों तक स्ट्रगल करने के बाद फिल्म “अंदाज” से उन्हें ब्रेक मिला। इस फिल्म में कैलाश ने “रब्बा इश्क ना होवे” में अपनी आवाज दी। लेकिन कैलाश के किस्मत का तारा तब चमका जब उन्होंने फिल्म वैसा भी होता है में “अल्ला के बंदे हम” गाने में अपनी आवाज दी। ये गाना आजतक कैलाश के हिट गानों में से एक है। कैलाश खेर अब तक 18 भाषाओं में गाने गा चुके हैं। तीन सौ से अधिक गाने कैलाश ने सिर्फ बॉलीवुड में गाए हैं। कैलाश को अपने गानों के लिए दर्जनों अवार्ड मिल चुके हैं।
पंजाब में मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना सरकार की तरफ से 22 जनवरी को शुरू की जा रही है। लेकिन इससे पहले लोगों से लूट का मामला सामने आया है। मानसा और मुक्तसर साहिब से दो शिकायतें सरकार को आई थीं। कार्ड बनाने के बदले 50 रुपए लिए जा रहे थे। इसके बाद सरकार ने कॉमन सर्विस सेंटर के दो लोगों पर एक्शन लिया है।उन्हें नौकरी से सस्पेंड किया गया है। साथ ही उन पर एफआईआर दर्ज की गई है। यह दावा पंजाब के सेहत मंत्री बलबीर सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि यह स्कीम पूरी तरह से फ्री है। इसमें कार्ड बनवाने से लेकर लोगों के इलाज तक सब कुछ मुफ्त है। लोगों को किसी तरह की कोई मुश्किल नहीं उठानी पड़ेगी।प्रत्येक कार्ड का ले रहे थे 50 रुपए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि कुछ लोग होते हैं, जो सरकारी स्कीमों का दुरुपयोग करते हैं। हमारे पास मानसा और मुक्तसर साहिब से दो शिकायतें आई थीं, जहां लोगों ने पहले ही कार्ड बनाना शुरू कर दिया था। वे प्रति कार्ड 50 रुपये वसूल रहे थे। जबकि यह स्कीम पूरी तरह फ्री है। इन दोनों के अपने कॉमन सर्विस सेंटर थे। उन्हें हमने सस्पेंड कर दिया है। उन पर एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है।
पीलीभीत की पूरनपुर मंडी समिति में धान खरीद के दौरान कथित अवैध वसूली और अव्यवस्थाओं का मामला सामने आया है। किसानों ने मंडी परिसर में सक्रिय एक व्यक्ति पर अवैध वसूली और उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। सोमवार शाम को आक्रोशित किसानों ने मंडी परिसर में जमकर प्रदर्शन किया और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के ग्राम अध्यक्ष बालकराम ने बताया कि अब्दुल नामक एक व्यक्ति ने उनके दामाद का धान तौलने से इनकार कर दिया था। किसान ने इसकी शिकायत एसडीएम से की, जिसके बाद धान की तौल शुरू हुई। हालांकि, आरोप है कि अब्दुल ने किसान से 'खर्च' के नाम पर 150 रुपए की अवैध वसूली की और नियम विरुद्ध तरीके से किसान से ही बारदाना भी मंगवाया। यह खबर अन्य किसानों तक पहुंचने पर उनमें रोष फैल गया। सोमवार शाम करीब 4 बजे किसानों ने मंडी परिसर में अब्दुल को बिचौलिया बताते हुए उसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों ने क्रय केंद्रों पर धान की ट्रालियां खड़ी होने के बावजूद तौल न होने पर भी नाराजगी व्यक्त की। अधिकारियों ने तर्क दिया कि मानक के अनुसार खरीद का लक्ष्य पूरा हो चुका है, जिससे किसानों का गुस्सा और बढ़ गया। आरोपों के संबंध में जब अब्दुल से बात की गई, तो उन्होंने खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा, मैं न तो ठेकेदार हूँ और न ही क्रय केंद्र प्रभारी। अब्दुल ने आरोपों को झूठा करार देते हुए किसानों के खिलाफ पुलिस में शिकायत करने की बात कही है। सूत्रों के अनुसार, अब्दुल पूरे धान खरीद सीजन के दौरान रोजाना मंडी में सक्रिय रहता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि वह न तो मंडी कर्मचारी है और न ही ठेकेदार, तो मंडी में उसकी रोजाना मौजूदगी का उद्देश्य क्या है। एसडीएम अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि लिखित शिकायत मिलती है, तो पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुजफ्फरपुर के सरैया थाना क्षेत्र के रामकुरवा गांव में रविवार रात एक बंद घर में लाखों की चोरी हुई है। अज्ञात चोरों ने गणेश सिंह के घर को निशाना बनाया और लाखों रुपए के जेवरात और कीमती सामान लेकर फरार हो गए। गणेश सिंह दिल्ली में व्यवसाय करते हैं और अपने परिवार के साथ वहीं रह रहे थे। घर में उनका छोटा बेटा मौजूद था। चोरों ने वारदात को अंजाम देने के लिए पहले घर के बगल में स्थित सरकारी स्कूल का ताला काटा और फिर पीछे के रास्ते से घर में प्रवेश किया। मकान में चल रहे निर्माण कार्य का फायदा उठाकर चोर आसानी से भीतर दाखिल हो गए। सुबह नींद खुलने पर चोरी की हुई जानकारी सुबह जब गणेश सिंह के बेटे की नींद खुली, तो उसने कमरों के ताले टूटे और सामान बिखरा हुआ पाया। शोर मचाने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पारु के पूर्व विधायक अशोक सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और सरैया थाना प्रभारी सुभाष मुखिया को फोन पर जानकारी दी। सूचना मिलते ही सरैया पुलिस और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) गरिमा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। एसडीपीओ गरिमा ने मीडिया को बताया कि शुरुआती जांच में घर का सामान बिखरा हुआ मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि कीमती सामान के साथ ज्वेलरी चोरी होने की बात सामने आ रही है, लेकिन कितने रुपए के कीमती सामान और ज्वेलरी की चोरी हुई है, इसकी सटीक जानकारी परिजनों के दिल्ली से आने के बाद ही मिल पाएगी।
लातेहार जिले के छिपादोहर थाना क्षेत्र में एक 11 वर्षीय नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी मो यकीन अंसारी ने बताया कि सोमवार सुबह पुलिस को नाबालिग लड़की का शव मिलने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घटना रविवार शाम की है। बरवाडीह एसडीपीओ भरत राम ने जानकारी दी कि पुलिस ने आरोपी संतोष सिंह (18) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल, लातेहार भेजा है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं से गहन जांच कर रही है। जूते के निशान से पकड़ा गया आरोपी: परिजन छात्रा के भाई ने बताया कि आलू के खेत में एक जूता का निशान दिखा था। शक के आधार पर युवक को पूछताछ के लिए बुलाया गया। जब उसके जूते के निशान का मिलान किया गया, तो वह मौके पर मिले निशान से मेल खा गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर युवक ने हत्या की बात स्वीकार कर ली, जिसके बाद ग्रामीणों ने उसे पुलिस को सौंप दिया। मृतका के माता-पिता की मौत पहले ही हो गई थी। वो मौसी के घर रहकर पढ़ाई करती थी।
मौनी अमावस्या पर संगम नोज पर हुए विवाद को लेकर रविवार को प्रयागराज के पुलिस, प्रशासनिक अफसरों ने विस्तार से अपनी बात रखी।स मेला प्राधिकरण कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कहा कि स्नान से किसी को नहीं रोका गया और यह महज भ्रम फैलाया गया। जो भी किया गया, वह नियमों के मुताबिक व करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए किया गया। यह भी स्पष्ट किया कि जो भी स्नान करना चाहता है, वह आए लेकिन जो व्यवस्था बनाई गई है, उसका पालन करना होगा। नहीं दी गई थी वाहन की अनुमतिस्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पूर्व में कोई सूचना नहीं दी थी। एक दिन पहले उन्होंने दो वाहनों की अनुमति, सुरक्षा व व्यवस्था की डिमांड की थी, जिस पर उनको स्पष्ट रूप से मना कर दिया गया था। कि यह हमारा स्नान पर्व है इसमें कोई प्रोटोकॉल किसी को उपलब्ध नहीं कराया जात। बावजूद इसके त्रिवेणी पीपा पुल, जिसे इमरजेंसी स्थिति के लिए ओपेन होता है, उस पर सैकड़ों अनुयायियों के साथ आए और बैरियर तोड़ दिया। वहां पर उनसे अनुरोध किया गया, बताया गया कि यह वह समय था जब संगम नोज पर सबसे अधिक श्रद्धालु मौजूद थे इसके बावजूद वह नहीं माने। संगम नोज पर पहुंचने पर भी उनके समर्थकों की ओर से बैरियर तोड़ा गया। इस पर भी सभी अफसरों ने उनसे अनुरोध किया, इसके बावजूद वह नहीं माने और वापस चले गए। किसी को स्नान से नहीं रोका गया, सिर्फ यह कहा गया कि व्यवस्था बनाई गई है और इसका पालन करें ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की अव्यवस्था न हो। साक्ष्यों का अवलोकन किया जा रहापुलिस कमिश्नर जोगेंदर कुमार ने बताया कि सुबह नौ से 10 का समय पीक टाइम था। ऐसे में किसी एक व्यक्ति के लिए करोड़ों श्रद्धालुओं की जान खतरे में नहीं डाली जा सकती थी। यही एकमात्र कारण था उनको रोकने का। जहां तक बैरिकेडिंग तोड़ने की बात है तो सीसीटीवी फुटेज मौजूद है। इसके अलावा कुछ विजुअल्स भी सामने आए हैं, जिसमें पुलिसकर्मियों के कार्य में बाधा पहुंचाई गई। इन सभी साक्ष्यों का अवलोकन किया जा रहा है, इसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने लगाई है रोक14/10/2022 का सुप्रीम कोर्ट का आदेश है जिसमें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य का प्रोटोकॉल देने से रिस्ट्रेन किया गया है। तब से लेकर अब तक मेला प्रशासन या मेला प्राधिकरण की ओर से स्वामी जी को शंकराचार्य का प्रोटोकॉल नहीं दिया गया है। चाहे वह भूमि आवंटन हो या सुविधा हो, क्योंकि अगर ऐसा मेला प्रशासन करता है तो यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना होगा। अफसरों के तमाम बार अनुनय-विनय करने के बाद भी लगातार वापसी मार्ग को तीन घंटे तक, जबकि उस समय तक संगम नोज पर सर्वाधिक क्राउड डेंसिटी थी, बाधित किए रखा गया। इस दौरान 100 से अधिक जवानों को, उच्चाधिकारियों को लगना पड़ा। वाहन की परमिशन उनकी ओर से मांगी गई थी, लेकिन ऐसी कोई परंपरा न होने के कारण ऐसा कोई परमिशन नहीं दिया गया। ऐसे में किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति नहीं है। इस दौरान कई संत आए और आम श्रद्धालु की तरह स्नान करके चले गए। किसी को स्नान से नहीं रोका गया है, ना ही रोका जाएगा। सिर्फ यही है कि जो व्यवस्था बनाई गई है, उसका पालन किया जाए। डीएम बोले-मामला कोर्ट में विचाराधीनडीएम मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य पद को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। जो भी डीसीजन होगा वह सभी के लिए बाध्यकारी है।
संतकबीरनगर पुलिस ने एक अंतरजनपदीय चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना बलजीत यादव सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई में लगभग 30 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, 75,200 रुपए नकद और अवैध हथियार बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह का सरगना बलजीत यादव अपनी महंगी जीवनशैली और भव्य शादी के खर्चों को पूरा करने के लिए चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। उसकी शादी फरवरी में होने वाली थी। एसपी संदीप कुमार मीना ने बताया कि चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए गठित एक विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर इस गिरोह का पता लगाया। बलजीत यादव अपने साथियों के साथ मिलकर विभिन्न जनपदों में रेकी करता था और सुनसान मकानों तथा आयोजनों के दौरान चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने तीन चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। बरामदगी में चोरी के आभूषण, नकदी और अवैध शस्त्र शामिल हैं, जो गिरोह की संगठित आपराधिक गतिविधियों की पुष्टि करते हैं। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में बलजीत यादव पुत्र पूरन यादव (निवासी बोक्टा, गीडा), प्रिंस मिश्रा (निवासी सिसवा सोनबरसा, थाना हरपुर बुदहट, गोरखपुर), महेन्द्र कुशवाहा पुत्र केदार कुशवाहा (निवासी इमलिहा लक्ष्मीगंज, थाना रामकोला, कुशीनगर), रवि निषाद पुत्र सुभाष निषाद (निवासी सेक्टर 22 गीडा डिहवा, गोरखपुर) और फारुख मोहम्मद पुत्र मोहमद गुलाम शिक्लगार (निवासी दवलेश्वर, थाना विटा, जिला सांगली, महाराष्ट्र) शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद किया है: एक सोने का ब्रेसलेट, दो सोने की अंगूठियां, दो सोने के लॉकेट, एक सोने का टॉप्स, दो गला हुआ सोने का चिपड़ा, एक जोड़ी चांदी की पायल, 75,200 रुपए नकद, एक देसी तमंचा 12 बोर और एक जिंदा कारतूस 12 बोर।
अपर्णा यादव और प्रतीक यादव के कथित तलाक विवाद ने अब राजनीतिक और सामाजिक तूफान का रूप ले लिया है। इस विवाद में एंट्री मारते हुए यूपी के सांसद चंद्रशेखर आजाद की एक्स गर्ल फ्रेंड रोहिणी घावरी ने न सिर्फ प्रतीक यादव को खुलेआम ‘मूर्ख’ कह दिया, बल्कि पुरुषों की सोच पर भी करारा हमला बोल दिया। अपर्णा यादव के लिए खुला समर्थन, बोली- ‘महिला की तरक्की पुरुषों से बर्दाश्त नहीं’ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए रोहिणी घावरी ने लिखा - “बहुत कम पुरुष महिला की तरक्की देख पाते हैं। यही वजह है कि ज़्यादातर महिला नेत्रियां या तो शादी नहीं करतीं या तलाकशुदा होती हैं।” रोहिणी घावरी ने आगे लिखा - “अपर्णा यादव जी ने मेरे लिए बयान दिया था, आज मैं उनके साथ खड़ी हूं।” रोहिणी ने प्रतीक यादव को टैग करते हुए तीखा सवाल दागा- “प्रतीक जी, जब वो घर तोड़ रही थी, तब तुम मूर्ख थे क्या?” साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि हर बार महिलाओं को ही दोषी ठहराने की मानसिकता गलत है। प्रतीक यादव ने लगाए थे गंभीर आरोप इससे पहले समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव ने अपर्णा बिष्ट यादव पर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। इंस्टाग्राम पोस्ट में प्रतीक यादव ने लिखा -“मैं इस स्वार्थी महिला से जल्द से जल्द तलाक लेने जा रहा हूं। इसने मेरे पारिवारिक संबंधों को बर्बाद कर दिया है। वह सिर्फ नाम और दबदबा बनाना चाहती है। मेरी मानसिक स्थिति खराब है और उसे कोई परवाह नहीं। मैंने कभी ऐसी बुरी आत्मा नहीं देखी।”
विदिशा के लटेरी में सोमवार को हिंदू सम्मेलन हुआ। इसमें नगर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत सिरोंज चौराहे से भव्य जुलूस के साथ हुई, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए तपोभूमि हनुमान मंदिर परिसर पहुंचा। जुलूस के दौरान जय श्रीराम के जयघोष से पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित धर्मसभा में संतों और धर्मगुरुओं ने हिंदू समाज को संगठित रहने और सनातन परंपराओं के अनुरूप जीवन जीने का संदेश दिया। समरसता पर विशेष जोर दियाधर्मगुरुओं ने समाज में एकता और समरसता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जाति, पंथ और भाषा से ऊपर उठकर हिंदू समाज का एकजुट रहना वर्तमान समय की आवश्यकता है। वक्ताओं ने भेदभाव और अलगाव की भावना को समाप्त कर सभी के साथ अपनत्व का व्यवहार करने का आह्वान किया। धर्मसभा में पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक शिष्टाचार और सामाजिक संवाद की आवश्यकता पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने सप्ताह में कम से कम एक दिन पूरे परिवार के साथ बैठकर भजन, संवाद और सामूहिक भोजन की परंपरा को पुनर्जीवित करने का आग्रह किया। महापुरुषों से प्रेरणा लेने की बात कहीसाथ ही देशहित में सोचने और हिंदुत्व की रक्षा के लिए बलिदान देने वाले महापुरुषों से प्रेरणा लेने की बात कही गई। पर्यावरण संरक्षण के तहत जल संरक्षण, सिंगल यूज प्लास्टिक के बहिष्कार, पौधरोपण और घरों में सब्जियां उगाने पर बल दिया गया। मातृभाषा और स्थानीय भाषा के प्रयोग को बढ़ावा देने की बात भी कही गई। इसके अतिरिक्त, नियम, कानून और संविधान के पालन की अपील भी की गई। कार्यक्रम के समापन पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। इस हिंदू सम्मेलन में महिलाओं की भी बड़ी संख्या में भागीदारी देखी गई।
बेगूसराय में SH-55 पर सोमवार को सड़क हादसे में एक युवक की संदिग्ध मौत हुई। घटना मंझौल थाना क्षेत्र में बसौना मोड़ के पास की है। मृतक की पहचान चेरिया रियारपुर थाना क्षेत्र के चेरिया बरियारपुर गांव के वार्ड नंबर-17 निवासी चंद्रमौली सिंह के बेटे दीपराज कुमार (26) के रूप में की गई है। पुलिस ने लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। दीपराज सुबह 6:00 बजे अपने घर से 2 युवकों के साथ बुलेट बाइक से निकाला था। थोड़ी देर बाद रास्ते से गुजर रहे लोगों ने उसे सड़क किनारे घायल हालत में देखा। स्थानीय लोगों ने उसे उठाकर मंझौल अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पहचान करके परिजनों को सूचना दी। जिसके बाद परिजन अस्पताल पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कागजी प्रक्रिया कर लाश पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। 2 दिन पहले गांव आया था मृतक के पिता चंद्रमौली सिंह ने बताया कि दीपराज मुजफ्फरपुर में अपनी बहन के यहां रहता है। 2 दिन पहले वह गांव आया था और आज फिर मुजफ्फरपुर जाने वाला था। सुबह में करीब 6:00 बजे दो युवक के साथ थोड़ी देर में आने की बात कह कर घर से निकला। लगभग 2 घंटे के बाद सूचना मिली कि एक्सटेंड हो गया है। हम लोग मंझौल अस्पताल पहुंचे तो वहां उसकी बॉडी पड़ी हुई थी। पहले तो कोई बताने के लिए तैयार नहीं हुआ था कि कहां घटना हुई है। फिर बाद में पता चला कि मेहदा शाहपुर और बसौना मोर के आसपास घटना हुई है। सिर-पैर में चोट है। जिस युवक के साथ निकाला था, वह दोनों युवा गायब है और बुलेट भी नहीं है। यह सड़क हादसा नहीं, साजिश के तहत हत्या है। गांव में पहले भी हत्या कर सड़क हादसे का रूप दिया जा चुका है। हम लोग अपने स्तर से पता कर रहे हैं, पुलिस को भी जानकारी दिए हैं।
उज्जैन में पहली बार दशहरा मैदान की जगह कार्तिक मेला ग्राउंड पर होगा गणतंत्र दिवस का मुख्य आयोजन। रंगारंग कार्यक्रम के साथ ही परेड भी मेला ग्राउंड में आयोजित होगी। इस मौके पर सीएम डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर ध्वजारोहण करेंगे। 26 जनवरी को मनाए जाने वाला राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस शहर के कार्तिक मेला ग्राउंड में मनाया जाएगा। प्रति वर्ष दशहरा मैदान में मनाया जाता था। सोमवार को गणतंत्र दिवस की होने वाली परेड की रिहर्सल शुरू हुई। पहली बार मेला ग्राउंड पर हो रही रिहर्सल को को देखने एसपी प्रदीप शर्मा खुद पहुंचे। उन्होंने परेड देखकर बच्चों और पुलिस जवानों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा की हम सब के लिए इस राष्ट्रीय पर्व में शामिल होना गौरव की बात होती है लेकिन इस बार सीएम भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसलिए और मान सम्मान की बात हो जाती है। आज हुई रिहर्सल में पुलिस स्काउट होमगार्ड और स्कूली बच्चे तैयारी में शामिल हुए थे। आज से रोजाना शाम को परेड की रिहर्सल की जाएगी।
बुलंदशहर के स्याना स्थित आनंदा डेयरी में हजारों करोड़ रुपए के संदिग्ध लेनदेन से जुड़े सबूत नष्ट किए जाने का मामला सामने आया है। इसे गंभीर कर चोरी का प्रकरण मानते हुए आयकर विभाग, दिल्ली की टीम ने व्यापक जांच शुरू कर दी है। आशंका जताई जा रही है कि लेनदेन से संबंधित महत्वपूर्ण डिजिटल और कागजी रिकॉर्ड जानबूझकर नष्ट किए गए हैं। आयकर विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की एक विशेष टीम को बुलाया है, जो डिलीट किए गए डेटा की रिकवरी में जुटी हुई है। यह कार्रवाई गुरुवार सुबह करीब सात बजे शुरू हुई थी और लगातार पांच दिनों से जारी है। दिल्ली से आई 20 से अधिक अधिकारियों की टीम स्याना स्थित आनंदा डेयरी के अलावा हापुड़ के पिलखुवा और रायबरेली स्थित प्लांट पर एक साथ छापेमारी कर रही है। जांच के दौरान बड़ी संख्या में लेनदेन से जुड़ी पर्चियां बरामद की गई हैं, जिनमें बिना बिल के करोड़ों रुपए के कारोबार का उल्लेख है। आयकर विभाग के अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बरामद पर्चियों के आधार पर हापुड़ के दो व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर भी छापेमारी की गई है। आशंका है कि डेयरी और इन व्यापारियों के बीच लंबे समय से बिना बिल के लेनदेन चल रहा था, जिससे सरकार को भारी राजस्व का नुकसान हुआ है। दस्तावेजों के गहन अध्ययन के बाद कर चोरी की राशि और भी अधिक सामने आने की संभावना है। जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, कंप्यूटर, सर्वर, हार्ड डिस्क और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से जानबूझकर डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है। यदि डेटा सफलतापूर्वक रिकवर हो जाता है, तो हजारों करोड़ रुपये के लेनदेन से जुड़े ठोस सबूत सामने आ सकते हैं। इससे न केवल कर चोरी की पुष्टि होगी, बल्कि पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य कंपनियों व व्यक्तियों की भूमिका भी उजागर हो सकती है। लगातार मिल रहे सबूत इस ओर इशारा कर रहे हैं कि कर चोरी सुनियोजित तरीके से की गई है। आयकर विभाग ने संकेत दिए हैं कि जांच पूरी होने के बाद संबंधित फर्मों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कासगंज में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल:8 सूत्रीय मांगों पर प्रदर्शन, 24 घंटे का अल्टीमेटम
कासगंज शहर में स्थानीय निकाय सफाई मजदूर संघ उत्तर प्रदेश के बैनर तले सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल कर धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन गांधी मूर्ति पर किया गया, जिसमें सफाई कर्मी नेता और कई सभासद भी शामिल हुए। कर्मचारियों ने अपनी आठ सूत्रीय मांगों के समाधान के लिए उप जिलाधिकारी कासगंज और अधिशासी अधिकारी प्रभारी, नगर पालिका परिषद कासगंज को एक मांग पत्र सौंपा है। उन्होंने मांगों को पूरा करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। संघ की प्रमुख मांगों में कड़ाके की ठंड को देखते हुए सफाई कर्मचारियों को तत्काल गर्म वर्दी उपलब्ध कराना शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले तीन-चार वर्षों से गर्म वर्दी नहीं मिली है। इसके अतिरिक्त, ठेका कर्मचारियों को तीन माह का बकाया वेतन तुरंत जारी करने और दो साल का ईपीएफ भुगतान कराने की भी मांग की गई है। कर्मचारियों ने डोर-टू-डोर सफाई व्यवस्था के लिए तत्काल प्रभाव से कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग की है। इसमें पहले से कार्यरत कासगंज निवासी कर्मचारियों को प्राथमिकता देने और आवश्यकतानुसार नए कर्मचारियों को नियुक्त करने की बात कही गई है। आबादी के हिसाब से कर्मचारियों की कमी के कारण नगर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है, जिसके चलते कम से कम 200 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की तत्काल नियुक्ति की मांग की गई है। साथ ही, कड़ाके की ठंड में सुबह 6 बजे की हाजिरी को तत्काल बंद करने की भी मांग की गई है। संविदा सफाई कर्मचारियों की डीए (महंगाई भत्ता) की किस्त तत्काल जारी करने की मांग भी की गई है। संघ ने बताया कि संविदा कर्मचारियों के लिए ईपीएफ 2011 से लागू हुआ था, लेकिन नगर पालिका परिषद ने इसे 2019 से लागू किया। इस अवधि के दौरान कर्मचारियों के खाते से ईपीएफ जमा किया गया, लेकिन मृतक बीमा मिलने में असुविधा हो रही है और किसी भी संविदा मृतक के परिवार को यह बीमा नहीं मिल पाया है। कर्मचारियों ने 2011 से 2019 से पहले की ईपीएफ धनराशि को उनके खातों में तत्काल दिलाने की मांग की है।
NEET छात्रा से रेप-मौत के बाद अब प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल ने उसकी मेडिकल रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में बताया गया है कि छात्रा जब हॉस्पिटल लाई गई तो उसकी हालत गंभीर थी। वह करीब छह घंटे पहले से बेहोश थी। उसकी सांस थम रही थी और दिमाग ठीक से काम नहीं कर रहा था। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि उसने कोई नशीली दवा खाई थी। अब ये दवा उसने खुद खाई थी या खिलाई गई थी ये जांच का विषय है। रिपोर्ट में शरीर पर चोट के निशान का जिक्र तो किया गया है लेकिन रेप जैसे लक्षण नहीं दिखाए गए हैं। हालांकि अस्पताल का दावा है कि इस के को मेडिको लीगल मानते हुए पुलिस को सूचना दी गई थी। भास्कर ने मेडिकल एक्सपर्ट से रिपोर्ट को समझा, बच्ची की हालत किस तरह खराब थी, उसके शरीर में कहां-कहां दिक्कत थी, दिमाग, ऑर्गन काम कर रहे थे या नहीं...पढ़िए रिपोर्ट हॉस्पिटल रिकॉर्ड के अनुसार छात्रा को 6 जनवरी 2026 की शाम 7:40 बजे इमरजेंसी में लाया गया। रिपोर्ट में साफ लिखा है कि छात्रा करीब 6 घंटे पहले से बेहोशी की हालत में थी। यह कोई सामान्य बेहोशी नहीं थी हालत गंभीर थी। यानी छात्रा का दिमाग ठीक से काम नहीं कर रहा था। सासें बहुत तेज चल रही थीं। छात्रा का ऑक्सीजन लेवल लगातार गिरता जा रहा था। आंखों की पुतलियां पूरी तरह से सिकुड़ी हुई थीं। हालत को देखते हुए छात्रा को तुरंत ICU में शिफ्ट किया गया। रिपोर्ट में यह भी लिखा है कि अगर समय पर इलाज नहीं मिलता, तो तुरंत सांस रुकने का खतरा था। 5 पॉइंट में पूरी रिपोर्ट नींद की या नशे की गोलियों का ओवर डोज होने कारण हॉस्पिटल ने मेडिको लीगल के लिए तो लिखा है, लेकिन पूरी रिपोर्ट में छात्रा के शरीर पर खरोंच के निशान, प्राइवेट पार्ट पर चोट या अतिरिक्त ब्लीडिंग जैसी कोई बात नहीं लिखी है। इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर पुलिस ने छात्रा से रेप न होने की बात कही थी। अब जानिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट- छात्रा को बहुत देर तक दबाए रखा, चेस्ट पर नाखून से नोचा पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) में गठित मेडिकल बोर्ड द्वारा की गई पोस्टमॉर्टम जांच में छात्रा के शरीर पर कई गंभीर और ताजा चोटें सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार ये सभी चोटें मौत से पहले की हैं, यानी रेप के दौरान ही लगीं। डॉक्टरों ने बाहरी जांच में सबसे पहले छात्रा की गर्दन, कंधे और चेस्ट को देखा। रिपोर्ट में साफ लिखा है कि गर्दन और कंधे के आसपास Crescentic Nail Abrasions यानी नाखून से गहरे घाव पाए गए हैं। डॉक्टर के अनुसार, ऐसे निशान तब मिलते हैं, जब पीड़िता किसी से खुद को बचाने की कोशिश कर रही हो। उस दौरान हमलावर उसे जबरन पकड़ता या खींचता है। ऐसी चोटें इस बात का संकेत हैं कि छात्रा ने बचने के लिए लगातार विरोध किया। रिपोर्ट में छाती और कंधे के नीचे वाले हिस्से पर Multiple Scratch Marks यानी खरोंच के कई निशान दर्ज किए गए हैं। ये खरोंच एक जगह तक सीमित नहीं हैं, बल्कि फैले हुए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसा तब होता है, जब पीड़िता को लंबे समय तक दबाया गया हो या जमीन पर रगड़ा गया हो। या किसी ने चेस्ट को नाखून से नोच दिया हो। प्राइवेट पार्ट में ताजा चोटें, काफी ब्लीडिंग हुई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पीठ के हिस्से पर bruises यानी नीले निशान पाए गए हैं। इससे पता चलता है कि छात्रा की पीठ को किसी कठोर सतह से रगड़ा गया। डॉक्टरों की राय में ये चोटें साबित करती हैं कि संघर्ष कुछ मिनटों का नहीं, बल्कि काफी देर का है। यानी यह डेढ़ से दो घंटे का भी हो सकता है। इससे यह भी आशंका है कि लड़की के साथ जबरदस्ती करने में एक से अधिक लोग शामिल हों। अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का सबसे अहम हिस्सा जननांग की जांच, जिसे रिपोर्ट में Genital Examination लिखा गया है। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से दर्ज है कि प्राइवेट पार्ट में ताजा चोटें पाई गई हैं। Vaginal area में गहरी रगड़ के निशान हैं। इससे काफी ब्लीडिंग भी हुई है। मेडिकल बोर्ड की राय में ये चोटें सहमति से बने संबंध की नहीं हैं, बल्कि forceful penetration का परिणाम हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अगर संबंध किसी भी प्रकार से सहमति से बनता तो इस तरह की अंदरूनी और बाहरी चोटें एक साथ नहीं पाई जातीं। शरीर के अन्य हिस्सों पर संघर्ष के निशान यह साबित करते हैं कि छात्रा बेहोश नहीं थी, बल्कि उसने खुद को बचाने की कोशिश की। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ब्लीडिंग की वजह से कुछ फोरेंसिक सैंपल प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन injuries अपने आप में यह बताती हैं कि छात्रा के साथ जबरदस्ती हुई है। इसी आधार पर मेडिकल ओपिनियन में कहा गया है कि पाए गए तथ्य sexual violence के अनुरूप हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अंत में डॉक्टरों ने लिखा है कि यौन शोषण की पुष्टि होती है, जबकि मौत के अंतिम कारण को अभी तक स्पष्ट नहीं किया गया है। इसके लिए आगे की विशेषज्ञ जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है। रिपोर्ट को एम्स भेजा गया है। अभी तक आपने NEET छात्रा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पढ़ी...अब 5 पॉइंट में देखिए पुलिस की थ्योरी और PM में अंतर पुलिस ने कहा: मोबाइल सर्च हिस्ट्री और नींद की दवा के आधार पर छात्रा डिप्रेशन में थी। पोस्टमॉर्टम फैक्ट: शरीर पर संघर्ष के दर्जनों निशान हैं, गर्दन-कंधे पर नाखून के घाव और पीठ नीली पड़ गई, ये यौन हिंसा की ओर इशारा करते हैं। पुलिस ने कहा: शुरुआती जांच में यौन शोषण के सबूत नहीं मिले। पोस्टमॉर्टम फैक्ट: प्राइवेट पार्ट में ताजा चोट, टिशू ट्रॉमा और ब्लीडिंग पाई गई। मेडिकल ओपिनियन में साफ लिखा है कि यौन शोषण की पुष्टि होती है। पुलिस ने कहा: छात्रा बेहोश मिली, कोई बाहरी हिंसा स्पष्ट नहीं थी। पोस्टमॉर्टम फैक्ट: सभी चोटें मौत से पहले लगीं। यह साबित करता है कि छात्रा बेहोश नहीं थी, बल्कि लंबे समय तक हमले का विरोध कर रही थी। पुलिस ने कहा: मामला अचानक बिगड़ी हालत का है। पोस्टमॉर्टम फैक्ट: शरीर पर फैली चोटें, अलग-अलग जगहों पर खरोंच और नीले निशान बताते हैं कि यह घटना क्षणिक नहीं, बल्कि लंबे समय तक चली हिंसा और रेप का मामला है। पुलिस किसे बचाना चाहती है? तीन बड़े सवाल 1- हॉस्टल संचालक की ‘डील’ का आरोप परिवार का आरोप है कि हॉस्टल संचालक ने FIR के बाद पैसे देने की पेशकश की। सवाल यह है कि अगर मामला साफ था तो समझौते की जरूरत क्यों पड़ी? क्या यह डील किसी बड़े खुलासे को रोकने के लिए थी? क्या इसकी जानकारी पुलिस को दी गई? यदि हां, तो कार्रवाई क्यों नहीं दिखी? 2- पैसा देकर तीन लोगों को छोड़े जाने का दावा परिजनों का कहना है कि पूछताछ के बाद तीन संदिग्धों को छोड़ दिया गया। सवाल उठता है क्या यह रिहाई सबूतों के अभाव में हुई या किसी और वजह से? अगर शुरुआती मेडिकल संकेत गंभीर थे तो संदिग्धों को तुरंत क्लीन चिट देने का आधार क्या था? 3- पीड़िता का कोई जानने वाला? अंदरूनी कड़ी का शक परिवार आशंका जता रहा है कि घटना में पीड़िता का कोई जानने वाला शामिल हो सकता है। सवाल यह है कि क्या पुलिस ने इस एंगल पर पूरी गहराई से जांच की? कॉल डिटेल, हॉस्टल एंट्री-एग्जिट और जान-पहचान की कड़ियों को सार्वजनिक रूप से क्लियर क्यों नहीं किया गया? --------------------- NEET छात्रा मौत मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए भास्कर एक्सक्लूसिव-NEET छात्रा रेप कांड-3 दिन थाना प्रभारी हॉस्टल गई नहीं:प्राइवेट ड्राइवर से 9 जनवरी को मंगाया DVR, सबूत मिट गए; पुलिस की थ्योरी में कोई करीबी भास्कर एक्सक्लूसिव-पीरियड के दौरान NEET छात्रा से रेप, डिप्रेशन में गई:ज्यादा ब्लड निकलने से जांच इफैक्टेड, 12 खरोंच के निशान; एक नंबर पर सबसे ज्यादा कॉल भास्कर इन्वेस्टिगेशन- NEET छात्रा से रेप-मौत, लापरवाही के जिम्मेदार 5 चेहरे:थाना प्रभारी रौशनी ने गलत रिपोर्ट दी, ASP-SP ने बिना जांच सुसाइड बताया, SSP का रेप से इनकार
कानपुर में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) में सोमवार को सीसामऊ विधानसभा के हर सहाय जगदंबा सहाय इंटर कालेज पीरोड में एक अलग तस्वीर देखने को मिली। नो मैपिंग वाले वोटरों ने फाइनल वोटर लिस्ट में नाम शामिल होने का आश्वासन मिलते ही बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) को गुलाब का फूल भेंट किया। नो मैपिंग वालों से लिए जरुरी दस्तावेज बताते चलें कि जिले में दो लाख 7661 मतदाताओं को नो मैपिंग में शामिल किया गया है। यह वह हैं जो कि एसआईआर के दौरान अपने जरुरी दस्तावेजों को नहीं दे पाए हैं। बीएलओ ने 'नो-मैपिंग' श्रेणी में आने वाले मतदाताओं को नोटिस जारी कर उनसे संपर्क किया। इस दौरान बीएलओ ने न केवल उनसे जरूरी दस्तावेज मांगे, बल्कि उन्हें यह आश्वस्त भी किया कि प्रक्रिया पूरी होते ही उनके नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल कर लिए जाएंगे। नो मैपिंग वाले बूछ में देखें अपना नाम इसके अलावा, पारदर्शिता बनाए रखने और मतदाताओं को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रशासन ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब हर मतदान केंद्र (पोलिंग बूथ) पर 'नो-मैपिंग' श्रेणी के उन मतदाताओं की सूची सार्वजनिक रूप से चस्पा की जाएगी, जिनका संबंध उस बूथ से है। इससे ऐसे मतदाताओं को अपनी स्थिति की जानकारी सहजता से मिल सकेगी और वे आवश्यक कार्रवाई कर सकेंगे। एसआईआर में नौ लाख 2148 के नाम हुए हैं कम बताते चलें कि छह जनवरी को एसआईआर की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद 2003 की वोटर लिस्ट के हिसाब में शामिल 3538261 मतदाताओं में 902148 के नाम कटकर 2636113 के नाम ड्राफ्ट रोल में शामिल किए गए हैं। इनमें से 207661 वोटर नो मैपिंग की श्रेणी में हैं। नो मैपिंग में उन वोटरों को शामिल किया गया है, जो 2003 की वोटर लिस्ट के अनुसार अपना ब्योरा नहीं दे पाए हैं। ड्राफ्ट रोल जारी होने के बाद छह फरवरी तक जिले के सभी 3770 बूथों पर बीएलओ बैठकर लिस्ट में संशोधन का काम कर रहे हैं। जिसमें नया मतदाता शामिल होना, पते व नाम में संशोधन और फोटो आदि बदला जाना शामिल है। छह फरवरी के बाद फाइनल वोटर लिस्ट को जारी किया जाएगा।
गोविंदपुर चेक पोस्ट पर 51 लीटर शराब जब्त:नवादा में मैजिक गाड़ी से तस्करी कर रहे एक व्यक्ति को पकड़ा
नवादा में उत्पाद विभाग ने गोविंदपुर चेक पोस्ट पर एक मैजिक सवारी वाहन से 51 लीटर विदेशी शराब जब्त की है। इस दौरान एक शराब तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया। तस्कर ने वाहन के अंदर एक गुप्त तहखाना बनाकर शराब छिपा रखी थी। यह कार्रवाई सोमवार को गुप्त सूचना के आधार पर की गई। उत्पाद टीम को जानकारी मिली थी कि एक शराब तस्कर मैजिक वाहन से शराब लेकर बिहार में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलते ही गोविंदपुर चेक पोस्ट पर सघन जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान वाहन को रोका गया और उसकी तलाशी ली गई। कुल मिलाकर 51 लीटर शराब जब्त की गई गिरफ्तार ड्राइवर की पहचान जमुई जिले के गढ़ी थाना अंतर्गत लाल दहिया गांव निवासी टुनटुन यादव, पिता धनी यादव के रूप में हुई है। गाड़ी की तलाशी में 37.500 लीटर किंगफिशर बीयर (500 एमएल की 75 केन) और 13.500 लीटर रॉयल स्टैग विदेशी शराब (750 एमएल की 18 बोतलें) बरामद की गईं। कुल मिलाकर 51 लीटर शराब जब्त की गई। ''शराब माफिया के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा उत्पाद विभाग'' पुलिस अधीक्षक अभिनव विमान के निर्देश पर उत्पाद विभाग शराब माफिया के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है। बिहार में शराब की तस्करी रोकने के लिए उत्पाद विभाग द्वारा नियमित रूप से चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं।इस जांच अभियान का नेतृत्व सहायक अवर निरीक्षक (मध्य निषेध) दिलीप कुमार ने किया।
भागलपुर में एक टीचर की हत्या से पहले 50 हजार रुपए की सुपारी लेने वाले दो शूटरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसडीपीओ ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर हथियार के साथ दोनों शूटरों को गिरफ्तार किया गया है। मामला पीरपैंती थाना क्षेत्र के बसंतपुर रेलवे स्टेशन अंडरपास के पास का है। जानकारी के अनुसार, जमीन विवाद में इलाके के रहने वाले एक शिक्षक की हत्या के लिए बदमाशों को 50 हजार रुपए की सुपारी दी गई थी। इसकी गुप्त सूचना पुलिस को मिली, जिसके बाद एसएसपी के निर्देश पर एक एसआईटी टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने छापेमारी करते हुए बदमाशों को हथियार के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में बदमाशों ने अपना जुर्म कबूल किया है। उन्होंने बताया कि शिक्षक की हत्या के लिए उन्हें सुपारी मिली थी। आरोपियों की निशानदेही पर देसी कट्टा, जिंदा कारतूस बरामद गिरफ्तार बदमाशों की पहचान खवासपुर गांव के रहने वाले पिंटू यादव के बेटे सत्यम कुमार और सुंदरपुर के रहने वाले पंकज शाह के बेटे कमल कुमार के रूप में की गई है। दोनों आरोपियों ने पूछताछ के दौरान शिक्षक की हत्या की साजिश में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। SDPO पंकज कुमार ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर एक देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस और दो मोबाइल भी बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि मामले में एक अन्य आरोपी की पहचान कर ली गई है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। एसडीपीओ पंकज कुमार ने आगे बताया कि इस संबंध में पीरपैंती थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है और दोनों गिरफ्तार अपराधियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।
कौशांबी एसपी ने संपत्ति विवाद में सगे भाइयों को गोली मारने के मामले में फरार सात आरोपियों पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। यह घटना कोखराज थाना क्षेत्र के चकमाहपुर पांडेयमऊ गांव में हुई थी, जहां जमीन विवाद के चलते दो भाइयों को गोली मार दी गई थी। शुक्रवार शाम को चकमाहपुर पांडेयमऊ निवासी आशीष कुमार (18) और उनके भाई शिव कुमार को उनके पट्टीदारों ने बेरहमी से पीटा और फिर तमंचे से गोली मार दी। आशीष के दोनों पैरों में गोली लगी, जबकि शिव कुमार के बाएं पैर में गोली लगी। कोखराज पुलिस ने दोनों घायलों को अपनी जीप से अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एसआरएन प्रयागराज में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। आशीष कुमार जो महाराष्ट्र में प्राइवेट नौकरी करते हैं, कुछ दिन पहले ही घर आए थे। इस घटना के संबंध में पीड़ित भाइयों की मां सरोज देवी की तहरीर पर पुलिस ने आठ पट्टीदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने इस मामले में आरोपी महिला अनीता देवी पत्नी दारा सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। फरार अन्य सात आरोपियों में खिन्नीलाल, उसके भाई सुघर उर्फ दारा सिंह, बेटे रंधावां, धर्म सिंह, अनुज, भांजे भोला और परिवार की कविता देवी शामिल हैं। सोमवार शाम को एसपी कौशांबी राजेश कुमार ने इन फरार आरोपियों पर 15 हजार रुपए का इनाम घोषित किया। थाना प्रभारी चंद्र भूषण मौर्य के अनुसार, सभी आरोपी घटना के बाद से ही घर छोड़कर फरार हैं और उनके मकानों में ताले लटके हुए हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए रिश्तेदारों और अन्य संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
करौली पुलिस ने 25 हजार रुपए के इनामी स्मैक तस्कर ओमप्रकाश उर्फ ओमी को गिरफ्तार किया है। जिला स्पेशल टीम ने उसे भूरी पहाड़ी डूंगरी क्षेत्र से दबोचा। आरोपी पिछले छह माह से फरार चल रहा था और पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी। गिरफ्तार ओमप्रकाश उर्फ ओमी पर अवैध मादक पदार्थ स्मैक की तस्करी का आरोप है। उसके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत छह से अधिक मामले दर्ज हैं। उसकी लगातार फरारी और मादक पदार्थ तस्करी में संलिप्तता के कारण उस पर इनाम घोषित किया गया था। एएसआई रामकुमार ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी भूरी पहाड़ी डूंगरी क्षेत्र में छिपा हुआ है। इस सूचना के आधार पर जिला स्पेशल टीम ने इलाके में तलाशी अभियान चलाया। घेराबंदी के दौरान आरोपी ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान बताई और विभिन्न मामलों में वांछित होने की पुष्टि हुई। गिरफ्तारी के बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित थाने को सौंप दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में जिला स्पेशल टीम प्रभारी रामकुमार और कॉन्स्टेबल नेमीचंद की विशेष भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान सख्ती से जारी रहेगा।
सीकर शहर के सदर थाना इलाके में मकर संक्रांति के दिन दोस्त से मिलने गए वकील पर जानलेवा हमले के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग तेज हो गई है। आज सीकर बार एसोसिएशन के सदस्यों ने जिला पुलिस अधीक्षक से मिलकर 3 दिन में आराेपियों को गिरफ्तार करने का अल्टीमेटम दिया है। सीकर बार एसाेसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। पीड़ित वकील एडवोकेट शीशराम रूलानियां के भाई सांवरमल रूलानियां ने बताया कि गत 14 जनवरी को शीशराम सदर थाने के पीछे स्थित दोस्त हेमंत सोनी के घर गया था। उस दिन शाम करीब 7 बजे एक स्कार्पियो गाड़ी व 2-3 अन्य गाड़ियां हेमंत सोनी के घर के सामने तेज गति से निकलीं, पीड़ित के दोस्त हेमंत सोनी व कॉलोनीवासियों ने इसका विरोध किया तो स्कार्पियो गाड़ी सवार सुनील यादव व 7-8 अन्य लोग कॉलोनी की महिलाओं के साथ गाली-गलौच व बदतमीजी करने लगे। लाेगों की आवाज सुनकर बाहर एडवोकेट शीशराम ने विरोध किया तो आरोपी सुनील यादव व अन्य 7-8 बदमाशों ने शीशराम पर लोहे के सरिए व लोहे की पाइप से जानलेवा हमला किया और मारपीट करने लगे। शीशराम के दोस्त हेमंत के कान की सोने की बाली, शीशराम की जेब में रखा पर्स व जेब में रखे 5000/- रूपए नगद निकालकर ले गए। पीड़ित वकील शीशराम रूलानियां एस. के S.K. अस्पताल में एडमिट है।
जालौन–गरौठा–भोगनीपुर के सांसद नारायणदास अहिरवार की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में संसद सदस्य सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद की सड़क सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने पर गहन विचार-विमर्श हुआ। बैठक में सांसद नारायणदास अहिरवार ने बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने सिक्स लेन सड़क के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने, बिना नंबर प्लेट चल रहे वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने तथा यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति लापरवाही जानलेवा साबित हो रही है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी ने राहवीर योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए कहा कि व्यापारियों, एनजीओ और समाजसेवियों के माध्यम से होर्डिंग लगाकर लोगों को इस योजना की जानकारी दी जाए। उन्होंने ब्लैक स्पॉट का चिन्हीकरण, प्रवर्तन कार्रवाई तेज करने, कदौरा से जलालपुर मार्ग के चौड़ीकरण और मार्ग किनारे झाड़-झंखाड़ की साफ-सफाई कराने की आवश्यकता बताई। सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि जनप्रतिनिधि, प्रशासन और आम नागरिक मिलकर यातायात नियमों का पालन करें, तो सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। उन्होंने विद्यालयों, महाविद्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रमों को और प्रभावी ढंग से संचालित करने की जरूरत पर बल दिया। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने पूर्व बैठकों में दिए गए निर्देशों की समीक्षा करते हुए सड़क सुरक्षा से जुड़े चल रहे जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को त्वरित रूप से अस्पताल पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने, कदौरा–जलालपुर मार्ग के चौड़ीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग को निर्देश देने तथा नए ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर उनके समाधान और वहां कैमरे स्थापित कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा कालपी–जखौली–एट–आटा मार्ग, जिला अस्पताल क्षेत्र में रैम्प सहित फुट ओवर ब्रिज निर्माण, ओवरस्पीड, बिना नंबर प्लेट और ओवरलोड वाहनों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। बैठक में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव राजबीर सिंह जादौन ने सड़कों के चौड़ीकरण, अतिक्रमण हटाने, महाविद्यालय स्तर पर सड़क सुरक्षा प्रचार-प्रसार, कोटरा रोड की क्षतिग्रस्त सीसी सड़क की मरम्मत, एनएचएआई व बुंदेलखंड की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों को सड़क सुरक्षा अभियानों से जोड़ने पर जोर दिया। बैठक में पुलिस अधीक्षक दुर्गेश कुमार, मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, नगर मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैतूल जिले के मोहदा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति की हत्या कर शव को सड़क दुर्घटना दिखाने के लिए पुलिया के नीचे फेंकने के मामले का पुलिस ने सोमवार को खुलासा किया है। मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी व एसडीओपी भूपेंद्र सिंह मौर्य के मार्गदर्शन में मोहदा पुलिस ने इस अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश किया। मोहदा पुलिस को 14 जनवरी को ग्राम रोजड़ीखेड़ा और जड़िया के बीच पुलिया के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। मौके पर एक बाइक भी मिली, जिससे शुरुआती जांच में यह घटना सड़क दुर्घटना प्रतीत हुई। हालांकि, जांच के दौरान मृतक के सिर पर 5-6 गहरे घाव पाए गए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि मौत धारदार हथियार से हुई है, जिससे यह मामला हत्या का साबित हुआ। युवती ने परेशान होकर करवाई थी हत्यापुलिस ने मृतक की पहचान जिरुढाना निवासी लब्बू यादव (45) के रूप में की। जांच में सामने आया कि मृतक गांव की एक युवती पर बुरी नजर रखता था और उसे अक्सर परेशान करता था। इससे तंग आकर युवती ने अपने साथियों राजू यादव, संतोष यादव और रामप्रसाद यादव के साथ मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई। 13 जनवरी की रात युवती ने लब्बू यादव को अपने खेत की टप्पर पर बुलाया। वहां चारों आरोपियों ने कुल्हाड़ी और पत्थरों से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को बाइक के साथ पुलिया के नीचे फेंक दिया, ताकि इसे सड़क दुर्घटना का रूप दिया जा सके। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिरों की सूचना और गहन विवेचना के आधार पर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे खुलासे में थाना प्रभारी विष्णु प्रसाद मौर्य, सीन ऑफ क्राइम प्रभारी आबिद अंसारी, एसडीओपी भूपेंद्र सिंह मौर्य और उनकी टीम की अहम भूमिका रही। अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने पर एसपी वीरेंद्र जैन ने जांच टीम को 10,000 रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।
मेरठ के लोहिया नगर थानाक्षेत्र स्थित सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल सोमवार को जंग का अखाड़ा बन गया। स्कूल मैनेजमेंट के सदस्यों में स्वामित्व को लेकर जमकर हंगामा हो गया। सूचना पर मौके पर पुलिस भी बुलाई गई। एक पक्ष ने स्कूल में बाउंसर खड़े करके स्कूल का गेट तक बंद करा दिया।स्वामित्व को लेकर दोनों पक्ष इस तरह भिड़े कि स्कूल का पूरा माहौल ही खराब हो गया। 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गयाबता दें कि सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल में मैनेजमेंट के बीच स्वामित्व का विवाद छिड़ा हुआ है। पूर्व प्रबंधक अनुज शर्मा पर करोड़ों रुपए के गबन का आरोप है। उनके खिलाफ लोहिया नगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिसके चलते रविवार को अनुज शर्मा को स्पेशल सीजेएम की कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। सोमवार को अनुज शर्मा की बेल पर सुनवाई थी लेकिन वहां से भी उन्हें रिलीफ नहीं मिला है। वो जेल में ही है। सोमवार को स्कूल में गिरीश शर्मा और पक्ष पहुंचा। वो स्कूल में अंदर जाने लगे तो बाउंसर्स ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। उन्होंने कहा कि स्कूल के ट्रस्टी हम हैं। लेकिन हमें ही स्कूल में एंट्री नहीं दी जा रही। कहा कि हमारी प्रिंसिपल को भी स्कूल में एंट्री नहीं दी जा रही है। इसकी वजह से स्कूल में पढ़ने वाले ढाई हजार छात्रों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है। पेरेंट्स ने कहा- मुझे डर लग रहा स्कूल में पहुंचे एक पेरेंट्स ने कहा कि मैंने अपने बच्चे का एडमिशन स्कूल में शिक्षा के अधिकार के तहत कराया है। अब तो मुझे डर लग रहा है कि पता नहीं मेरा बच्चा स्कूल में पढ़ भी पाएगा या नहीं। क्योंकि स्कूल के संचालन पर ही सवाल खड़ा हो गया। वहीं मौके पर अनुज शर्मा पक्ष की ओर से टीचर अखिलेश मिश्रा सहित सहोदय के पदाधिकारी व अन्य स्कूलों के प्रिंसिपल, मैनेजर भी पहुंच गए। उन सभी ने गिरीश शर्मा पक्ष को स्कूल में अंदर जाने से रोका। दोनों पक्ष आपस में झगड़ते रहे। एक दूसरे को कागज भी दिखाते रहे लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद सूचना पर पुलिस भी पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया और किसी तरह वापस भेजा।
आगरा में बढ़ते प्रदूषण और गंदगी पर अंकुश लगाने के लिए नगर निगम ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। उर्खरा क्षेत्र में पेठा फैक्ट्रियों द्वारा नहर में गंदगी और एसिड युक्त पानी बहाने का मामला सामने आने पर नगर निगम की टीम ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए संबंधित फैक्ट्री संचालकों से 25 हजार रुपये का जुर्माना वसूला।उर्खरा क्षेत्र में पेठा निर्माण के दौरान निकलने वाला कचरा और धोने में उपयोग किया जाने वाला एसिड युक्त पानी सीधे पार्क माइनर नहर में बहाया जा रहा था। इससे न केवल जल प्रदूषण फैल रहा था, बल्कि आसपास के पर्यावरण पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा था। जांच के दौरान यह पाया गया कि पेठा फैक्ट्री संचालक राजेन्द्र, अभिषेक दुबे, कप्तान सिंह, वीरेंद्र और संजय द्वारा लगातार नियमों की अनदेखी करते हुए अपशिष्ट और दूषित पानी नहर में छोड़ा जा रहा था। नगर निगम टीम ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए सभी से जुर्माना वसूला और कड़ी चेतावनी दी कि भविष्य में यदि दोबारा इस प्रकार की लापरवाही पाई गई तो नियमानुसार विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।नगर आयुक्त की चेतावनीनगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल ने कहा-शहर में गंदगी और जल प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। किसी भी कीमत पर पर्यावरण और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी औद्योगिक इकाइयों को नियमों का पालन करना अनिवार्य है, उल्लंघन करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। आगरा नगर निगम की लगातार चेतावनी और शहर में ग्रेप लागू होने के बावजूद एनजीटी नियमों की खुलेआम अनदेखी सामने आ रही है। ताजगंज क्षेत्र के ताजनगरी फेस टू में दो लोगों द्वारा सड़क पर मिट्टी, बजरी, बालू और ईंटों के चट्टे लगाकर वायु प्रदूषण फैलाया जा रहा था।सड़क पर खुले में रखी निर्माण सामग्री के कारण उड़ रही धूल से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। सूचना मिलने पर नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और एनजीटी नियमों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए दोनों दोषियों पर तीस हजार रुपये का जुर्माना मौके पर ही वसूल किया।
लखीमपुर खीरी जिला प्रशासन ने 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' योजना के तहत एक नई पहल शुरू की है। सोमवार को 'डीएम खीरी की पाठशाला' अभियान के अंतर्गत 9,000 छात्राओं को 'विद्या दायिनी पोटली' वितरित की गई। यह पोटली परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राओं को दी गई। इस पोटली में व्हाइट बोर्ड कम स्टडी टेबल, मार्कर और डस्टर जैसी शैक्षिक सामग्री शामिल है। इसका उद्देश्य बेटियों को घर पर भी अपनी पढ़ाई जारी रखने और एक अनुकूल शैक्षिक माहौल बनाने में मदद करना है। जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य बेटियों की शिक्षा को केवल स्कूल तक सीमित न रखकर घर में भी अध्ययन के लिए वातावरण तैयार करना है। उन्होंने कहा कि इससे बेटियां अपने घर में छोटी पाठशाला स्थापित कर सकेंगी और परिवार व आसपास के लोगों को भी पढ़ाई के लिए प्रेरित करेंगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि यह पोटली जिले की हर बेटी तक पहुंचे। पहले चरण में कुल 9,000 पोटलियां 19 लाख 80 हजार रुपये की लागत से तैयार की गई हैं। इनमें परिषदीय विद्यालयों की कक्षा 6, 7 और 8 की 6,798 टॉपर छात्राएं, 'वाल ऑफ ड्रीम्स' में चयनित 51 बालिकाएं और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों की 2,151 छात्राएं शामिल हैं। राजापुर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल और विधायक सदर योगेश वर्मा ने छात्राओं को पोटली का वितरण किया। इस अवसर पर डीएम ने कहा कि 'विद्या दायिनी पोटली' केवल फर्नीचर नहीं, बल्कि बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।
हजारीबाग जिले के दारू थाना क्षेत्र में चंडी स्थान के पास एक युवक का शव संदिग्ध अवस्था में मिला है। मृतक की पहचान मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के बहेरी गांव निवासी बिट्टू कुमार के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों की सूचना पर दारू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों ने बिट्टू कुमार का शव जिला परिषद चौक पर रखकर सड़क जाम कर दिया। उनका आरोप है कि बिट्टू कुमार की हत्या की गई है। परिजनों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की। इधर, सड़क जाम के कारण शहर की यातायात व्यवस्था बाधित हो गई। जिला परिषद चौक से गुजरने वाले मुख्य मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम लोगों को परेशानी हुई। मृतक के चाचा रूपलाल प्रसाद ने अशोक कुमार नामक व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने इसे सामान्य मौत न होकर एक साजिश बताया। पुलिस ने कहा है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा सरकार ने अग्निवीरों को एक बार फिर से राहत दी है। प्रदेश की बनने वाली पहली हरियाणा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (HSDRF) में अधिकांश अग्निवीरों को शामिल किया जाएगा। इस साल हरियाणा में 2022-23 में भर्ती हुए 2227 अग्निवीरों का पहला बैच रिटायर हो रहा है। इसका खुलासा खुद सूबे की वित्तायुक्त राजस्व और अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह विभाग की डॉ सुमिता मिश्रा ने की है। सुमिता मिश्रा आज चंडीगढ़ में हाई लेवल मीटिंग ले रही थीं। इस मीटिंग में उन्होंने एचएसडीआरएफ के गठन से जुड़ी प्रगति की समीक्षा कर रही थीं। रिव्यू मीटिंग में उन्होंने प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं के दौरान क्विक रिस्पांस टीमके लिए बुनियादी ढांचे के विकास, जनशक्ति की तैनाती, विशेष प्रशिक्षण प्रोटोकॉल और परिचालन तत्परता पर ध्यान केंद्रित किया गया। मीटिंग में उन्होंने बताया कि किसी भी संवेदनशील स्थिति से निपटने के लिए राज्यभर के सभी डिवीजनों पर एक-एक त्वरित प्रतिक्रिया टीम (क्यूआरटी) बनाई जाएगी। हरियाणा के पास ट्रेंड कर्मियों का मजबूत बेस मीटिंग में डॉ मिश्रा ने हरियाणा के पास ट्रेंड आपदा प्रतिक्रिया कर्मियों का एक मजबूत बेस है। आईआरबी, भोंडसी की पहली बटालियन नोडल आपदा प्रतिक्रिया इकाई के रूप में कार्य करती है, जिसमें 594 पुलिसकर्मी कोलैप्स स्ट्रक्चर सर्च एंड रेस्क्यू, फ्लड रेस्क्यू और केमिकल बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर (CBRN) प्रतिक्रिया में प्रशिक्षित हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करते हुए यह सुनिश्चित करता है कि कर्मी आपदा प्रतिक्रिया तकनीकों में सबसे आगे रहें। 1149 पदों वाली होगी बटालियन मीटिंग में भारत सरकार द्वारा एक डेडिकेटेड एसडीआरएफ स्थापित करने के लिए रखी गई शर्तों की जांच की गई, जिसमें आपदा प्रबंधन के लिए विशेष स्वीकृत पद, डेडिकेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर, विशेष वर्दी और उपकरण तथा वरिष्ठ स्तर का नेतृत्व शामिल हैं। गृह विभाग ने 1,149 पदों वाली एक पूरी बटालियन को मंजूरी दे दी है, जिससे हरियाणा को एक मजबूत आधार मिलेगा और वह तेजी से परिचालन करने के लिए तैयार हो जाएगा। विभागों से मांगा प्रपोजल डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे समय-सीमा, संसाधनों की ज़रूरतें, बुनियादी ढ़ांचा विकास योजना, प्रशिक्षण कार्यक्रम और चरणबद्ध कार्यान्वयन नीति का विवरण देते हुए एक समग्र व्यापक प्रस्ताव प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि एक समर्पित एवं पेशेवर रूप से प्रशिक्षित राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की स्थापना से हरियाणा की आपदाओं और आपात स्थितियों में त्वरित व प्रभावी प्रतिक्रिया देने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा, आपदा लचीलापन और नागरिक कल्याण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता और अधिक सुदृढ़ होगी।
आम आदमी पार्टी (आप) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें मास्टर प्लान में आरक्षित भूमि पर केंद्रीय बस स्टैंड के निर्माण और जंक्शन स्थित वर्तमान रोडवेज बस स्टैंड को यथावत रखने की मांग की गई। आप जिलाध्यक्ष सुरेंद्र बेनीवाल ने बताया कि 8 अगस्त 2022 को जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में जंक्शन के रोडवेज बस स्टैंड को मास्टर प्लान-2035 में आरक्षित भूमि, अबोहर बाइपास जंक्शन पर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद रोडवेज प्रबंधन ने वर्तमान बस स्टैंड को रोडवेज डिपो में शिफ्ट करने का प्रस्ताव जयपुर भेजा था। यह निर्णय बस स्टैंड के भीड़भाड़, भारी वाहनों की आवाजाही और दुर्घटनाओं की आशंका को आधार बनाकर लिया गया था। बेनीवाल ने कहा कि यदि बस स्टैंड को रोडवेज डिपो में स्थानांतरित किया जाता है, तो वर्तमान समस्याओं से कहीं अधिक गंभीर हालात पैदा होंगे। रोडवेज डिपो में पहले से वर्कशॉप, तेल डिपो और कार्यालय स्थापित हैं, जहां अतिरिक्त बस स्टैंड संचालन के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। इसके अलावा डिपो के सामने रेलवे ओवरब्रिज होने से पहले ही यातायात दबाव रहता है। ऐसे में दिनभर बसों की आवाजाही से जाम और दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाएगा। उन्होंने कहा कि जंक्शन बस स्टैंड अपने वर्तमान स्थान पर उपयुक्त है। इसे हटाने से वर्षों से बस स्टैंड पर निर्भर टी-स्टॉल संचालक, ठेले वाले, फल-सब्जी विक्रेता, हॉकर और आसपास के बाजार के दुकानदार बेरोजगार हो जाएंगे। साथ ही, 8 अगस्त 2022 के निर्णय से पहले आमजन की राय भी नहीं ली गई थी, जिससे लोगों में रोष है। आप ने मांग की कि पूर्व मास्टर प्लान में टाउन-जंक्शन रोड पर घग्घर नदी पुल के पास केंद्रीय बस स्टैंड के लिए आरक्षित भूमि पर नया केंद्रीय बस स्टैंड बनाया जाए और जंक्शन का वर्तमान बस स्टैंड यथावत रखा जाए। इस अवसर पर राजवीर माली, लीलाधर भाट, महावीर जांगिड़, दयानंद झा, जयपाल स्वामी, अजय कुमार, विजय कुमार और अनिल शर्मा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
लखनऊ में सोमवार को नर्सिंग अभ्यर्थियों ने नियुक्ति पत्र कि मांग को लेकर प्रदर्शन किया। नियुक्ति न मिलने से नाराज अभ्यर्थियों हंगामा नारेबाजी किया । प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से 2023 की भर्ती में चयनित होने के 10 महीने बाद भी अब तक नर्स अभ्यर्थियों को जॉइनिंग लेटर नहीं मिला है। जिसके बाद चयनित अभ्यर्थियों की नाराजगी बढ़ गई है। 2023 मे निकली थी भर्ती उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ नर्स (एलोपैथी) 2023 की भर्ती के लिए 21 अगस्त 2023 को विज्ञापन जारी किया था। इस भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा 19 दिसंबर 2023 को आयोजित हुई, जिसका परिणाम 20 फरवरी 2024 को घोषित किया गया। इसके बाद मुख्य परीक्षा 28 जुलाई 2024 को हुई और उसका परिणाम 7 मार्च 2025 को जारी किया गया।मुख्य परीक्षा में 1276 महिला और 160 पुरुष अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया था। इसके बाद 8 अप्रैल से 25 अप्रैल 2025 तक सभी सफल अभ्यर्थियों डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन आयोग द्वारा किया गया। मेडिकल कॉलेज का भी आवंटन हुआ डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद 24 जून 2025 को लोक सेवा आयोग ने 1183 महिला और 146 पुरुष अभ्यर्थियों की नियुक्ति के लिए संस्तुति चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय, लखनऊ को भेज दी थी। इसके बाद निदेशालय की ओर से 29 जुलाई 2025 को संबंधित विश्वविद्यालयों और संस्थानों को प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए पत्र भेजे गए। अभ्यर्थियों का कहना है कि अगस्त से नवंबर 2025 के बीच यह पूरा सत्यापन कार्य भी पूरा हो चुका है। इसके साथ ही 23 नवंबर 2025 को चयनित अभ्यर्थियों को मेडिकल कॉलेज का आवंटन भी कर दिया गया। मगर अब तक नियुक्ति न मिली । 'हीने बाद भी नियुक्ति पत्र नहीं' प्रदर्शन कर रहे विनोद ने कहा कि भर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद अब तक ढाई वर्ष हो चुके है। मुख्य परीक्षा का परिणाम आए हुए भी 10 महीने गुजर चुके हैं। मगर अभी तक नियुक्ति पत्र नहीं मिला। इसी संबंध में पहले भी अभ्यर्थियों ने महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग को ज्ञापन सौंपा है। नियुक्ति पत्र वितरण की तारीख कि मांग को लेकर बार बार प्रदर्शन करने पर मजबूर है। सभी प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर एको गार्डन भेज दिया
ग्वालियर से एक बार फिर युवा कांग्रेस, प्रदेश सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने वाली है। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव मितेन्द्र दर्शन सिंह ने बताया है कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से ही युवाओं की आवाज रही है। हमने 30 अगस्त 2024 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के घर का घेराव कर 4.10 लाख पोस्टकार्ड के माध्यम से मांग की थी कि भाजपा अपने घोषणा पत्र में किए वादे युवाओं को नौकरी देने का पूरा करे। साथ ही, शासकीय विभागों में नौकरी के लिए दी जाने वाली परीक्षा की फीस माफ करे। एक साल बीत जाने के बाद भी वर्तमान मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने एक भी वादा पूरा नहीं किया है। इसलिए अब युवा कांग्रेस ने फिर से आंदोलन का मन बना लिया है। इस बार यह आंदोलन ग्वालियर की धरती से शुरू होगा। अभी एनएसयूआई और युवा कांग्रेस की जिला इकाई के लिए अभी अभियान चलाएगी। प्रतियोगी परीक्षाओं में वन टाइम फीस पॉलिसी अपनाई जाए राष्ट्रीय महासचिव युवा कांग्रेस मितेन्द्र ने कहा कि मध्य प्रदेश में हर साल लाखों युवा सरकारी नौकरियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेते हैं। लेकिन भाजपा सरकार ने इन परीक्षाओं को कमाई का साधन बना लिया है। आज की स्थिति यह है कि हर परीक्षा के लिए अलग-अलग फॉर्म भरना पड़ता है और हर बार शुल्क वसूला जाता है। एक युवा अगर पुलिस भर्ती या किसी अन्य परीक्षा में बैठना चाहे तो उसे बार-बार 500 से 1000 रुपए तक की फीस चुकानी पड़ती है। यह फीस कई बार बढ़ाई जाती है। एक बेरोजगार युवा, जो गांव में रहता है। परिवार की कमाई पर निर्भर है या कोई छोटी नौकरी करके पढ़ाई कर रहा है। ऐसे युवा के लिए यह बार-बार का खर्च बोझ बन जाता है। पिछले कुछ सालों में कुछ संस्थाओं ने परीक्षाओं के नाम पर करोड़ों रुपए की वसूली की है, लेकिन पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मामले सामने आते रहे हैं। युवा फीस देते हैं, लेकिन नौकरी मिलने की बजाय धोखा मिलता है। यह अवैध वसूली है, जो युवाओं को सपने देखने से रोक रही है। अब हम सरकार के खिलाफ युवाओं को रोजगार देने और प्रतियोगी परीक्षाओं में वन टाइम फीस पॉलिसी की मांग के साथ चरणवद्ध आंदोलन करेंगे। परीक्षा केन्द्र 100 किलोमीटर के दायरे में होराष्ट्रीय महासचिव मितेन्द्र ने दूसरा मुद्दा यह बताया है कि परीक्षा केंद्रों का आवंटन आजकल इतना बेतरतीब है कि युवाओं को सैकड़ों किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। एक युवा अगर ग्वालियर में रहता है तो उसका केंद्र भोपाल या जबलपुर में दिया जाता है। यात्रा में बस, ट्रेन या ऑटो का खर्च रहने-खाने का बोझ और ऊपर से समय की बर्बादी। कई बार तो लड़कियां और ग्रामीण युवा परीक्षा ही छोड़ देते हैं, क्योंकि उनके पास इतना पैसा या साधन नहीं होता। महंगाई के इस दौर में, पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं और भाजपा सरकार कुछ नहीं कर रही।
फर्रुखाबाद का नाम बदलने को लेकर एक बार फिर अभियान शुरू हो गया है। हिंदू समाज पार्टी ने सोमवार शाम शहर के पांडेश्वर नाथ मंदिर में हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की। इस दौरान एक कैंप लगाकर लोगों से फर्रुखाबाद का नाम बदलकर 'पांचाल नगर' करने के समर्थन में हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं। अभियान के तहत मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं से बैनर पर हस्ताक्षर करने का आग्रह किया जा रहा है। हस्ताक्षर करने वालों को एक पत्र भी दिया जा रहा है, जिसमें नाम बदलने की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी गई है। पार्टी का कहना है कि फर्रुखाबाद नाम 'गुलामी का प्रतीक' है और इसे ऐतिहासिक 'पांचाल नगर' में बदला जाना चाहिए। दीवार पर लगाए गए पोस्टर में लिखा है, हिंदू समाज पार्टी द्वारा चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बनें। गुलामी का प्रतीक नाम फर्रुखाबाद को बदलकर ऐतिहासिक नाम पांचाल नगर कराने के लिए हस्ताक्षर अवश्य करें। पोस्टर पर प्रदेश अध्यक्ष अंकित तिवारी और राष्ट्रीय संगठन मंत्री राजेश मिश्रा सहित अन्य तीन लोगों की तस्वीरें लगी हैं। इस हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया। राजेश भवानी ने अभियान की शुरुआत की, जबकि आचार्य प्रदीप नारायण ने वैदिक मंत्र पढ़े। हिंदू समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अंकित तिवारी ने कहा कि फर्रुखाबाद का नाम यहां के पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व के अनुसार 'पांचाल नगर' होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि पार्टी इस अभियान के माध्यम से 'गुलामी के प्रतीक' नाम को बदलवाने का पूरा प्रयास करेगी। यह लोग रहे मौजूद हस्ताक्षर अभियान के दौरान जिला अध्यक्ष आशीष गुप्ता एडवोकेट, रोहन कश्यप, दिलीप शर्मा, शशिकांत पाराशर, सोहन शुक्ला, आदित्य मिश्रा, कौशल गुप्ता, सौरभ शाक्य, प्रिंस पाठक, आलोक मिश्रा, दीपक मिश्रा, विनय कटियार, शिवम बाजपेई सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
अपनी विशिष्ट पहचान और मजबूत कद-काठी के नागौरी बैलों के लिए कभी पूरे देश में मशहूर रहा श्री रामदेव पशु मेला अब अपने अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। माघ शुक्ल प्रतिपदा के पावन अवसर पर शुरू होने वाले इस ऐतिहासिक मेले की चमक अब पूरी तरह फीकी पड़ चुकी है। आलम यह है कि मेले के पहले दिन पशुओं की आवक और व्यापारियों की मौजूदगी के जो आंकड़े सामने आए हैं, वे पशुपालन विभाग और स्थानीय प्रशासन के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं हैं। जिस मेले में कभी लाखों की तादाद में पशु पहुंचते थे, वहां इस बार शुरुआती दिन महज चार सौ पशु ही दिखाई दिए। इनमें भी ऊंटों की संख्या अधिक रही, जबकि नागौरी बैलों को लेकर पहुंचने वाले पशुपालकों की संख्या निराशाजनक रही है। व्यापारियों की अनुपस्थिति और सन्नाटा मेले के उद्घाटन के दिन सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात व्यापारियों की पूर्ण अनुपस्थिति रही। वर्षों के इतिहास में यह संभवतः पहला मौका है जब मेले के पहले दिन देश-प्रदेश का एक भी बड़ा खरीदार यहां नहीं पहुंचा। इस सन्नाटे का सीधा असर मेले की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। पशुपालन विभाग की ओर से व्यापारियों के लिए निर्धारित की गई जमीनों और दुकानों को लेने वाला कोई नहीं मिल रहा है। विभाग ने करीब डेढ़ सौ दुकानें आवंटित करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन उनमें से एक तिहाई भी नहीं भर पाई हैं। खाली पड़ी जमीनें और सूनी दुकानें इस बात की तस्दीक कर रही हैं कि नागौर के इस विश्व विख्यात मेले के प्रति बाहरी राज्यों के व्यापारियों का मोहभंग हो चुका है। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ महेश कुमार मीणा ने बताया कि 2000 से पहले यहां पशुओं कि संख्या एक लाख से बाहर होती थी लेकिन अब यह स्थिति नहीं रही है। 3 साल तक के बछड़े पर लगी रोक भी इसका एक कारण है। सुरक्षा का अभाव और व्यापारियों का डर इस बदहाली के पीछे की कड़वी सच्चाई पशुपालकों और व्यापारियों के बीच व्याप्त असुरक्षा की भावना है। स्थानीय पशुपालकों का साफ कहना है कि हाल के वर्षों में बाहरी राज्यों से आने वाले व्यापारियों के साथ रास्ते में पुलिस और कथित गौरक्षकों द्वारा किया गया व्यवहार इस संकट की मुख्य वजह बना है। व्यापारियों के पास पशु खरीद के तमाम कानूनी दस्तावेज होने के बावजूद उनके साथ मारपीट की गई और उनके पशुओं को जबरन जब्त कर लिया गया। पिछले दो सालों में मध्य प्रदेश सीमा, पाली और शाहपुरा जैसे इलाकों में ट्रकों को रोकने और पशुओं को गोशालाओं में भेजने की घटनाओं ने व्यापारियों के मन में ऐसा खौफ पैदा किया है कि अब वे नागौर आने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं। पशुपालक गंगाराम बंजारा ने बताया कि वो इस बार केवल 12 बेल लेकर आया है जिनमें से कइयों कीमत 1 लाख से बाहर है लेकिन कोई खरीदने वाला ही नहीं है। गंगाराम का कहना है कि मैं आने वाले व्यापारियों के साथ होने वाली घटनाओं के बाद व्यापारी यहां आने से डर रहे हैं। सरकार की व्यवस्थाएं पूरी तरह से फ़ैल हो गई है। गंगा राम ने बताया कि अगर व्यापारी नहीं आए तो उनको ये बेल ऐसे ही छोड़ कर जाने पड़ेंगे। नागौर जिला कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित का कहना है कि स्थानीय स्तर पर सुरक्षा के साथ साथ इस बार हमने राज्य सरकार के जरिये आसपास के प्रदेशों के पुलिस मुख्यलयों को पत्र भिजवा कर यहां की स्थिति के बारे में अवगर करवा दिया है और आशा करता हूं कि ऐसी कोई समस्या नहीं आनी चाहिए। प्रशासनिक दावों की पोल खुली विगत वर्षों में परबतसर और नागौर के मेलों में हुई हिंसक झड़पों और लाठीचार्ज की घटनाओं ने आग में घी डालने का काम किया है। स्थानीय प्रशासन द्वारा हर बार व्यापारियों को सुरक्षित परिवहन का भरोसा तो दिलाया जाता है, लेकिन धरातल पर वह भरोसा कभी हकीकत नहीं बन पाया। पशुपालन विभाग खुद इन मेलों का आयोजन करता है, मगर वह खरीदारों को असामाजिक तत्वों से बचाने और निर्बाध परिवहन सुनिश्चित करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। पशुपालकों का मानना है कि यदि सरकार ने जल्द ही कोई ठोस सुरक्षा गारंटी नहीं दी, तो नागौर की यह सदियों पुरानी व्यापारिक परंपरा हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
किशनगढ़बास की निजी स्कूल में विधिक जागरूकता एवं मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष जागरूकता शिविर हुआ। शिविर का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग करना और उन्हें नालसा (राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण) की योजनाओं की जानकारी प्रदान करना रहा। कार्यक्रम में पैरालीगल वॉलंटियर (पीएलवी) सूरजभान कछवाहा एवं पीएलवी गुलाब शर्मा ने उपस्थित छात्रों और शिक्षकों को नालसा की “मानसिक रूप से बीमार एवं बौद्धिक रूप से असक्षम व्यक्तियों के लिए विधिक सेवाएं” कार्यक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानसिक रोग से पीड़ित या बौद्धिक रूप से असक्षम व्यक्तियों को निशुल्क विधिक सहायता, परामर्श, संरक्षण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पीएलवी सूरजभान कछवाहा ने कहा कि आज के समय में बढ़ता तनाव, परीक्षा का दबाव, पारिवारिक समस्याएं एवं सामाजिक चुनौतियां मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता शिविर आयोजित करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि लोग समय रहते अपनी समस्याओं को पहचान सकें और उचित सहायता प्राप्त कर सकें। वहीं पीएलवी गुलाब शर्मा ने बताया कि मानसिक समस्याओं को छिपाने के बजाय खुलकर चर्चा करना और विशेषज्ञों की सहायता लेना जरूरी है। शिविर के दौरान छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सामान्य लक्षण, उनके समाधान तथा कानूनी अधिकारों के बारे में सरल भाषा में समझाया गया। अंत में प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।
गुना बायपास पर शांति ढाबा के पास रविवार रात एक सड़क हादसा हो गया। यहां ट्रक का पंचर टायर बदल रहे ड्राइवर को किसी अज्ञात वाहन ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक इंदौर से माल लोड कर फरीदाबाद जा रहा था। पुलिस ने सोमवार को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है। जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के मुस्तफाबाद थाना क्षेत्र के खुदादाद पुर निवासी बिजेंद्र कुमार (30) पुत्र राज बहादुर सिंह पेशे से ट्रक ड्राइवर था। वह ट्रक में माल लादकर इंदौर से फरीदाबाद के लिए निकला था। रविवार रात करीब 9 से 10 बजे के बीच गुना बायपास से गुजरते समय उसके ट्रक का टायर पंचर हो गया। बिजेंद्र ट्रक को साइड में खड़ा कर टायर बदल रहा था, तभी पीछे से आए तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे चपेट में ले लिया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ दिया दम हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल ड्राइवर को आनन-फानन में इलाज के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। वहां ड्यूटी डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने मृतक के पास मिले दस्तावेजों के आधार पर पहचान कर उसके परिजनों को घटना की जानकारी दी। दो छोटे बच्चों का पिता था मृतक सोमवार दोपहर मृतक के परिजन गुना पहुंचे। अस्पताल में मौजूद परिजनों ने बताया कि बिजेंद्र ट्रक चलाकर ही अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। वह दो भाइयों में से एक था और उसके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। पिता की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उत्तराखंड बॉर्डर पर वर्दी को रौंदने की जुर्रत करने वाले खनन माफियाओं के अंत का काउंटडाउन शुरू हो गया है। खाकी पर ट्रक चढ़ाने की हिमाकत ने शासन से लेकर प्रशासन तक को हिला दिया है, जिसके बाद अब केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि माफियाओं के पूरे 'इकोसिस्टम' को जमींदोज करने की रणनीति तैयार कर ली गई है। बरेली के डीएम अविनाश सिंह और उधम सिंह नगर के डीएम के बीच होने वाली महा-मीटिंग इस खूनी खेल पर आखिरी कील ठोकने का काम करेगी। अब न पहाड़ से अवैध पत्थर उतरेगा, न यूपी की सड़कों पर माफिया का कब्जा रहेगा। इंटरस्टेट ऑपरेशन: दो राज्यों के डीएम मिलकर कसेंगे फंदा खनन सिंडिकेट की कमर तोड़ने के लिए अब उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का प्रशासन संयुक्त रणनीति पर काम कर रहा है। डीएम अविनाश सिंह ने साफ कर दिया है कि उधम सिंह नगर के जिलाधिकारी के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग फिक्स की गई है। इस बैठक का मुख्य एजेंडा बॉर्डर पार से आने वाले ओवरलोड ट्रकों पर लगाम लगाना और उन रास्तों को सील करना है, जहाँ से माफिया चोरी-छिपे राजस्व को चूना लगा रहे हैं। दोनों जिलों की पुलिस और राजस्व टीमें अब एक-दूसरे के साथ रियल-टाइम सूचनाएं साझा करेंगी ताकि माफिया किसी भी राज्य की सीमा का फायदा उठाकर भाग न सकें। डिजिटल स्ट्राइक: बड़े व्यापारियों के फोन 'लिसनिंग' पर, अब खैर नहीं प्रशासन अब केवल सड़क पर दौड़ रहे ड्राइवरों को ही नहीं पकड़ेगा, बल्कि उन सफेदपोश चेहरों को बेनकाब करेगा जो इस काले कारोबार को फंड कर रहे हैं। बरेली डीएम के निर्देश पर कई बड़े व्यापारियों और सिंडिकेट संचालकों के मोबाइल नंबर सर्विलांस (लिसनिंग) पर लगा दिए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि इन नंबरों के जरिए उन 'किंगपिन' तक पहुँचा जा सकेगा जो पर्दे के पीछे रहकर टीम पर हमले की साजिश रचते हैं। अब ट्रक का मालिक हो या अवैध माल मंगाने वाला व्यापारी, हर एक की कुंडली खंगाली जा रही है। बॉर्डर पर अभेद्य घेराबंदी: लोहे की बैरिकेडिंग नहीं, बनेंगे पक्के बैरियर माफियाओं द्वारा बैरिकेडिंग तोड़कर भागने की घटनाओं को देखते हुए अब बॉर्डर पर सुरक्षा तंत्र को अपग्रेड किया जा रहा है। डीएम ने सख्त निर्देश दिए हैं कि नैनीताल रोड और बॉर्डर के संवेदनशील पॉइंट्स पर अब अस्थायी बैरिकेडिंग के बजाय पक्के और भारी कंक्रीट बैरियर बनवाए जाएंगे। इसके साथ ही इन चेक पॉइंट्स पर सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया जाएगा ताकि ट्रकों की आवाजाही और उनके साथ चल रही 'फील्डिंग' करने वाली गाड़ियों की फुटेज सीधे कंट्रोल रूम तक पहुँच सके। माफिया की हर चाल पर अब प्रशासन की तीसरी आँख का पहरा होगा। खाकी को कुचलने की कोशिश: 24 गिरफ्तार, गैंगस्टर और गुंडा एक्ट की तैयारी बहेड़ी में जिस तरह माफिया के गुर्गों ने सब-इंस्पेक्टर को कुचलने का प्रयास किया, उसने प्रशासन के सब्र का बांध तोड़ दिया है। 15 जनवरी की शाम को हुए उस जानलेवा हमले के बाद पुलिस ने अब तक 24 आरोपियों को दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपियों पर अब गुंडा एक्ट और गैंगस्टर की कार्रवाई भी की जा रही है। प्रशासन का संदेश साफ है- सरकारी टीम पर हाथ डाला तो सात पुश्तें याद रखेंगी। 37 ट्रकों को जब्त किया गया है। राजस्व की लूट पर लगाम: करोड़ों का जुर्माना और सख्त रिकवरी अवैध खनन न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँचा रहा है, बल्कि सरकारी खजाने में भी बड़ी सेंध लगा रहा है। आंकड़ों की मानें तो इस वित्तीय वर्ष में अब तक 392 वाहनों से 177 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला जा चुका है। डीएम अविनाश सिंह ने स्पष्ट किया है कि ओवरलोडिंग से होने वाले हादसों और सड़कों की बदहाली को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जुर्माने की राशि को और अधिक सख्त बनाने और वाहनों को लंबे समय तक सीज रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि माफिया का आर्थिक ढांचा पूरी तरह चरमरा जाए।
स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत स्कूलों व छात्रावासों में काम कर रहे अंशकालीन, अस्थायी और आउटसोर्स कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन और नियमितिकरण की मांग को लेकर आंदोलन जोर पकड़ने लगा है। इसी के चलते राजधानी में डायरेक्टोरेट ऑफ पब्लिक इंस्ट्रक्शन (DPI) कार्यालय का घेराव किया गया। अस्थायी-आउटसोर्स कर्मचारी मोर्चा के बैनर तले हुए प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि वे पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से सेवाएं दे रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें मात्र 4 से 5 हजार रुपए मासिक वेतन दिया जा रहा है जो शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन से भी कम है। कर्मचारियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि लंबे समय से मांग उठाने के बावजूद शासन और विभागीय अधिकारियों द्वारा उनकी समस्याओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। अस्थायी, आउटसोर्स कर्मचारी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने कहा कि एमपी में चतुर्थ श्रेणी के लोगों को अलग-अलग नाम से रखा है और अलग-अलग कैडर बनाकर शोषण कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चपरासी का एमपी में कैडर नहीं है। जो सरकार चपरासियों का कैडर तय कर समान वेतन तय नहीं किया जा सका है। 20 साल से काम करने वालों को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बनाया जाए। लोक शिक्षण आयुक्त से प्रदर्शन कर इस अन्याय को खत्म करने की मांग की गई है। प्रदर्शन कारियों की मांगें सरकार को न्यूनतम वेतन लागू करना चाहिए़ जो शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन से भी कम है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से मांग उठाने के बावजूद शासन और विभागीय अधिकारियों द्वारा उनकी समस्याओं पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
चतरा जिले के टंडवा क्षेत्र में रविवार रात एक अनियंत्रित हाइवा की चपेट में आने से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना टंडवा-सिमरिया-चतरा मुख्य मार्ग पर किशुनपुर के पास रात करीब 8 बजे हुई। हादसे के बाद से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और उन्होंने मुख्य मार्ग को जाम कर दिया, जो अगले दिन सोमवार को भी जारी रहा। इससे कोयला ढुलाई पूरी तरह ठप हो गई है। गोदावरी कोल ट्रांसपोर्टिंग के एक हाइवा ने किशुनपुर निवासी विनोद राम उर्फ चरका को टक्कर मार दी। विनोद राम सेरनदाग बाजार से काम निपटाकर अपने घर लौट रहे थे और घर से कुछ ही मीटर दूर थे, तभी तेज रफ्तार हाइवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। विनोद राम की हालत गंभीर हादसे में युवक के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। टंडवा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घायल को अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर कर दिया गया है। विनोद राम की हालत गंभीर बनी हुई है। इस घटना के विरोध में ग्रामीणों ने रविवार रात से ही मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। परिजनों के समर्थन में जेएमएम जिलाध्यक्ष नीलेश ग्यासेन, जिला कोषाध्यक्ष नितेश राणा और बसपा नेता रामावतार राम मौके पर मौजूद हैं। जेएमएम जिलाध्यक्ष नीलेश ग्यासेन ने स्पष्ट किया है कि जब तक घायल के इलाज का पूरा खर्च और उचित मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक जाम नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि घायल व्यक्ति एक गरीब परिवार से है और कंपनी की लापरवाही का खामियाजा एक निर्दोष को भुगतना पड़ रहा है। गोदावरी कोल हाइवा की बेतरतीब रफ्तार ने आम लोगों का पैदल चलना भी दूभर कर दिया है। खबर लिखे जाने तक चतरा-सिमरिया मुख्य मार्ग पर कोयला ढुलाई पूरी तरह बाधित है। पुलिस प्रशासन और कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ वात्र्ता का दौर जारी है, लेकिन ग्रामीण ठोस आश्वासन के बिना हटने को तैयार नहीं हैं।
झांसी में गुटखा कारोबारी के मुनीम से 7 लाख रुपए की लूट ड्राइवर ने ही कराई थी। वो मुनीम के साथ व्यापारियों से कैश इकट्ठा करने गया था। इसकी जानकारी पहले से ही अपने साथियों को दे दी थी। 12 जनवरी को कैश लेकर लौटते समय उसने सेमरी टोल पर कार की डिपर लाइट जलाकर इशारा किया। तब दो साथी बाइक से कार के पीछे लग गए और सुनसान जगह पर कार रुकवाकर तमंचे के बल पर लूटपाट की थी। सोमवार को पुलिस ने आरोपी ड्राइवर विकास पाल (23) को गिरफ्तार कर लिया है। उससे लूट के दो लाख रुपए बरामद किए गए हैं। अभी उसके दो साथी फरार हैं। उसकी तलाश की जा रही है। आरोपी ने पूछताछ में बताया- पकड़े न जाएं, इसलिए घटना के समय मोबाइल का इस्तेमाल नहीं किया था। इसलिए डिपर लाइट से इशारा किया था। आरोपी की बहन की अप्रैल में शादी होनी है। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए एशोआराम की जिंदगी जीने के लिए लूट की एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने बताया- आरोपी विकास पाल पुत्र विजय पाल रक्सा थाना क्षेत्र के पहाड़ी गांव का रहने वाला है। वह गुटखा कारोबारी विष्णु गुप्ता की कार चलाता था। विष्णु कोतवाली के सुभाषगंज के जुगयाना मोहल्ला में रहते हैं। उनके यहां उरई निवासी सर्वेश कुशवाहा मुनीम है। मुनीमा झांसी समेत आसपास के जनपदों में कैश कलेक्शन करता था। मुनीम को लेकर जाने और वापस लाने की जिम्मेदारी विकास पाल की थी। कैलाश देखकर उसके मन में लालच आ गया। उसने एशो आराम की जिंदगी जीने के लिए लूट की प्लानिंग की। इसमें दतिया के दो युवक नरेश पुत्र मैथली परिहार और जितेंद्र पुत्र रामकिशन को शामिल किया। कैश लेकर आ रहे थे मुनीम और ड्राइवर सर्वेश 11 जनवरी को विकास पाल के साथ कैश कलेक्शन के लिए निकला था। इसकी जानकारी विकास ने अपने दोनों साथियों को दे दी। कहा कि शाम को लौटेंगे, सेमरी टोल पर मिलना। कार की दो बार डिपर लाइट जलाएंगे तो पीछे लग जाना और सुनसान जगह पर लूट लेना। मुनीम ने पहले उरई एवं एट में व्यापारियों से पैसा लिया। इसके बाद झांसी में आकर पूंछ एवं समथर में कारोबारी पवन गुप्ता से कैश कलेक्शन किया। पूरा पैसा एक बैग में रखकर इसे देने वह झांसी आ रहे थे। सेमरी पर विकास ने कार की दो बार डिपर लाइट जलाकर साथियों को इशारा किया। तब वे बाइक से पीछे लग गए। शाम करीब 7 बजे जब वे लोग झांसी-कानपुर हाईवे पर बरल गांव के पास पहुंचे, पीछे से आई एक बाइक पर सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने उनकी कार रोक ली। दोनों ने तमंचा निकालकर धमकाते हुए सर्वेश से मारपीट की और कैश लूटकर ले गए थे। बैग में लगभग 7 लाख रुपए कैश और लगभग 5 लाख रुपए के कूपन थे। आज आरोपी ड्राइवर विकास पाल को गिरफ्तार करके लूट के दो लाख रुपए बरामद किए हैं। अभी नरेश और जितेंद्र की तलाश की जा रही है।
सदन जनता की आवाज बन सकता है:ओम बिरला बोले, सदन की निष्पक्षता और पारदर्शिता लोकतंत्र की असली ताकत
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पीठासीन अधिकारियों का प्रतिष्ठित सम्मेलन चौथी बार आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में देश के प्रमुख राजनीतिक हस्तियां शामिल हुईं, जिसमें राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर पर अपना संदेश भेजा, जिसे पढ़कर सुनाया गया। सम्मेलन के दौरान उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने उद्घाटन भाषण देते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की जमकर प्रशंसा की। महाना ने कहा, ओम बिरला ने अपने संसदीय नवाचार से दुनिया में नई पहचान बनाई है। उन्होंने याद दिलाया कि उत्तर प्रदेश में यह सम्मेलन 2015 में आयोजित हुआ था, और उनके आग्रह पर ओम बिरला ने 'आउट ऑफ टर्न' यूपी को एक बार फिर यह मौका दिया है। महाना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी सराहना की, जिन्होंने राज्य की छवि को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने कहा, राजनीति को नेगेटिव धारणा बनाई गई थी। यह माना जाता था कि जिसे कुछ नहीं आता, वह नेता बनता है, लेकिन अब धारणा बदली है। जिसे सबकुछ आता है, वही नेता बनता है। संसदीय लोकतंत्र ही लोकतंत की सबसे सही पद्धति लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सम्मलेन को संबोधित करते हुए कहा कि यूपी की धरती राजनीतिक चेतना की धरती है। दुनिया का सबसे बड़ा प्रदेश है इसकी जितनी आबादी दुनिया के कई देशों की आबादी से ज्यादा है। इस सम्मेलन में अलग अलग राज्यों के पीठासीन अधिकारी आए है जिनकी जिम्मेदारी है कि विधानमंडल की गरिमा प्रभावशालीता की। हम यहां से नई ऊर्जा लेकर जाएं हमारे लोकतांत्रिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा और मर्यादा बढ़े। 2015 में जो सम्मेलन हुआ था उसमें विधानसभा को पेपर लेस बनाने, IT के उपयोग और संस्थाओं की जानकारी जनता तक पहुंचे इस पर मंथन हुआ था। आज जब हम फिर यह सम्मेलन कर रहे है तो उस मंथन का सभी जगह क्रियान्वयन हुआ है। हमारे सामने बहुत चुनौती है जनता की विश्वसनीयता और प्रमाणिक बनाए इसकी जिम्मेदारी पीठासीन अधिकारी के साथ जनप्रतिनिधियों की भी है। जब हम चुनकर आते है तो जनता की अपेक्षा होती है कि उनकी समस्या और आवश्यकता को सदन में रखें। एक व्यक्ति की बात शासन तक पहुंचे शासन में जो बात पहुंचे उसका परिणाम निकले। इसी दृष्टि से हमारी संस्था कानून बनाने का काम करती है नीति पर मंथन करती है। हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र है। हमने दुनिया की बता दिया है कि संसदीय लोकतंत्र ही लोकतंत की सबसे सही पद्धति है। इस विधानसभा में जनप्रतिनिधियों ने लगातार 28 घंटे तक विकसित भारत के विजन पर चर्चा की। इस तरह के मंथन से साझा नीति बनती हम है। सहमति और असहमति लोकतंत्र की ताकत है जब सभी का मत आयेगा तब ही लोकतंत्र व्यवस्था को स्थापित कर सकते है। हमने लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास बढ़े उसके लिए कई नवाचार किए है। संसद की स्थाई समितियां बनाई, कार्यवाही को लाइव किया, नियम प्रकिया बनाई, संविधान के अंतर्गत ही राज्यों के पीठासीन अधिकारी से चर्चा की, संविधान की मर्यादा में रहकर बदलाव किया। हमारा प्रयास रहता कि जनता का विधायिका पर विश्वास बढ़े। हमारी कार्य संस्कृति लोकतन्त्र की रही है। हम प्रयास करेंगे सभी के सुझाव आयेंगे हम विधानसभा की श्रेष्ठ कार्यों को लगी करेंगे। सभी को अवसर मिले यह भी पीठासीन अधिकारी की जिम्मेदारी है यदि लोकतंत्र को मजबूत करना है तो सदन का संचालन होना चाहिए जितना सदन चलेगा उतनी अच्छी चर्चा होगी इसी सदन में सतत् विकास के लक्ष्य और लगातार 36 घंटे तक चर्चा हुई है। सदन में ही प्रदेश भर की समस्या जनता की आवाज ओर मत आता है। जब हम पीठासीन अधिकारी की कुर्सी पर बैठे तो सभी को समान रूप से देखना चाहिए क्योंकि देश हमें देखता है। हम इस सम्मेलन से सशक्त और जवाबदेह बनाएंगे। राज्यपाल ने कहा, समाधान बाधित होता है ताे समस्या बढ़ती है राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह सम्मेलन विधायी आचरण को नई दिशा देगा। यहां टकराव नहीं होना चाहिए हम सबका साझा लक्ष्य संविधानिक संस्था को मज़बूत बनाना है। लोकतंत्र की अपनी चुनौती होती है, व्यवधान के कारण महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पाती है जब समाधान बाधित होता है तो समस्या बढ़ती है। विधायी संस्थाएं अपनी पारम्परिक कार्य के साथ समाज में नई भूमिका भी निभा रही है। चार पांच दिन में विधायक को बोलने का मौका नहीं मिलता है जब लोकसभा अध्यक्ष खुद कह रहे हैं कि सदन ज्यादा दिन चलना चाहिए तो मैं उम्मीद करती हूं कि सदन ज्यादा दिन चलेगा विधायिका को मजबूत करने पर होगा विचार विमर्श महाना ने संविधान की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि इसने विधायिका की जवाबदेही तय की है। आज सदन में डॉक्टर, इंजीनियर, रिटायर्ड आईएएस-आईपीएस अधिकारी और विभिन्न प्रोफेशनल्स सदस्य के रूप में मौजूद हैं। तीन दिवसीय सत्र में जनता के प्रति जवाबदेही, देश और समाज के प्रति दायित्वों के साथ विधायिका को मजबूत करने पर गहन विमर्श होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इसकी गूंज उत्तर प्रदेश से निकलकर देश की सभी विधानसभाओं तक पहुंचेगी। सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश एक प्रमुख आकर्षण रहा। सतीश महाना ने इसे पढ़कर सुनाया, जिसमें पीएम ने लोकतंत्र की मजबूती और विधायिका की भूमिका पर जोर दिया। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के विकास पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। फिल्म में बताया गया कि बीते नौ वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य ने हर क्षेत्र में अभूतपूर्व तरक्की की है। यूपी अब देश के विकास का 'ग्रोथ इंजन' बन चुका है, जहां निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक विकास में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। सरकार का कर्तव्य है कि संवैधानिक मर्यादा का पालन करे नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की विधानसभा और प्रदेश ने देश को कई प्रधानमंत्री दिए हैं। यह सम्मेलन भारतीय लोकतंत्र के आत्ममंथन का महत्वपूर्ण मंच है। पांडेय ने जोर देकर कहा, सत्ता के मंच से लोक मंदिर की यात्रा कैसे बेहतर बने? लोकतंत्र केवल सरकार का गठन नहीं है। सरकार का कर्तव्य है कि वह संवैधानिक मर्यादा का पालन करे। यह विरोध नहीं, विवेक की संस्था है। उन्होंने याद दिलाया कि संविधान सत्ता से बड़ा है और जनता सर्वोपरि है। पीठासीन अधिकारियों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि जब सत्ता और विपक्ष को समान रूप से देखा जाता है, तभी सदन लोकतंत्र का सच्चा मंदिर बनता है। पांडेय ने कार्यपालिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि सदन को जितने दिन चलना चाहिए, उससे कम चलाया जाता है। उन्होंने आग्रह किया कि नियमों के अनुसार सदन के सत्र बढ़ाए जाएं, ताकि जनता से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा हो सके। विशेष रूप से ओम बिरला से उन्होंने इस विषय पर सम्मेलन में मंथन करने की अपील की। बदलते समय के अनुरूप विधायिका में नवाचार की जरूरत राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश ने अपने संबोधन में सम्मेलन को पीठासीन अधिकारियों के बीच जीवंत संवाद का मंच बताया। उन्होंने ओम बिरला के प्रयासों की सराहना की, जिनकी वजह से संसदीय समितियों के सम्मेलन नियमित रूप से हो रहे हैं। हरिवंश ने सतीश महाना के योगदान पर प्रकाश डाला, जिन्हें उन्होंने पिछले कुछ वर्षों से जानने का अवसर मिला। उन्होंने कहा, महाना ने नवाचार किया है।सदस्यों से अलग-अलग समूहों में संवाद कर उनकी क्षमता निर्माण का कार्य होता है। विजन डॉक्यूमेंट पर चर्चा की गई और विधानसभा की नियमावली तैयार की है। बदलते समय के अनुरूप विधायिका में नवाचार की आवश्यकता पर जोर देते हुए हरिवंश ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लगातार प्रगति कर रहा है। कभी 'समस्या प्रदेश' माना जाने वाला यूपी अब विकास की राह पर अग्रसर है। उन्होंने गर्व से बताया कि इस विधानसभा ने देश को चार भारत रत्न दिए हैं।
राजस्थान प्रांतीय गुर्जर गौड़ ब्राह्मण सभा की जिला (जयपुर) कार्यकारिणी का विधिवत गठन कर दिया गया है। यह घोषणा सभा के प्रांतीय अध्यक्ष राधे श्याम शर्मा के मार्गदर्शन एवं प्रांतीय महामंत्री राजा राम शर्मा की सहमति से की गई। नवगठित जिला कार्यकारिणी में महावीर प्रसाद गौतम ‘गुहाड़िया’ को जिला अध्यक्ष एवं सुरेंद्र कुमार शर्मा को जिला महामंत्री नियुक्त किया गया है। जिला स्तर पर उपाध्यक्ष के रूप में सुरेंद्र प्रकाश जोशी एवं डॉ. गोविंद नारायण शर्मा को दायित्व दिया गया है। मंत्री मंडल में राजेश गौतम (भाजपा जयपुर जिला आईटी संयोजक), मनी चंद शर्मा (कैप्टन आर्मी), अरविंद कुमार गौतम एवं रामजुल पंयोली को शामिल किया गया है। संगठन मंत्री के रूप में संजय उपाध्याय एवं मोहन लाल शर्मा की नियुक्ति की गई है। सभा की आर्थिक व्यवस्था के लिए बाबू नारायण शर्मा को कोषाध्यक्ष तथा श्री किशन चंद्र शर्मा को सह कोषाध्यक्ष बनाया गया है। विभिन्न प्रकोष्ठों के संयोजक सभा के सलाहकार एवं मार्गदर्शक के रूप में फूलचंद गौतम, ज्ञान प्रकाश शर्मा, शिव कुमार शर्मा, प्रेम शंकर शर्मा, डॉ. विजय प्रकाश गौतम एवं डॉ. बालकृष्ण शर्मा रहेंगे। सभा पदाधिकारियों ने बताया- नई कार्यकारिणी समाज में शिक्षा, संगठनात्मक मजबूती, सांस्कृतिक उत्थान एवं सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन हेतु सक्रिय रूप से कार्य करेगी। शीघ्र ही जिला कार्यकारिणी की बैठक आयोजित कर आगामी कार्ययोजना घोषित की जाएगी। आगे पढ़ें जयपुर की अन्य खबरें...
राजस्थान पुलिस के 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत हथुनिया थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 55.85 ग्राम अवैध मादक पदार्थ एमडी और इसके परिवहन में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल जब्त की है। हालांकि, आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। बागलिया पुल के पास गश्त कर रही थी पुलिसघटना 18 जनवरी 2026 की है। हथुनिया थाना पुलिस बागलिया से बादाखेड़ी जाने वाले मार्ग पर बागलिया पुल के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान सामने से आ रहे एक मोटरसाइकिल चालक को रोकने का प्रयास किया गया। बीट कॉन्स्टेबल गिरीश कुमार ने चालक की पहचान अब्दुल हुसैन निवासी बागलिया के रूप में की। अब्दुल हुसैन कई थानों में वांछित बताया गया है। पुलिस को देखते ही आरोपी अपनी बाइक सड़क पर छोड़कर जंगल और नदी के रास्ते अंधेरे का लाभ उठाकर भाग निकला। 55.85 ग्राम अवैध मादक पदार्थ एमडी बरामदपुलिस ने मौके पर छोड़ी गई मोटरसाइकिल की तलाशी ली। सीट के नीचे एक प्लास्टिक की थैली में 55.85 ग्राम अवैध मादक पदार्थ एमडी बरामद हुआ। पुलिस ने एमडी और मोटरसाइकिल को नियमानुसार जब्त कर हथुनिया थाने में मामला दर्ज कर लिया है। फरार आरोपी अब्दुल हुसैन निवासी बागलिया, थाना हथुनिया, जिला प्रतापगढ़ की तलाश जारी है। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है। कार्रवाई में ये रहे शामिलइस कार्रवाई में थानाधिकारी उदयवीर सिंह के साथ हेड कॉन्स्टेबल राजवीर सिंह, कॉन्स्टेबल सुरेश कुमार, मुकेश कुमार, गिरीश कुमार, भगवतीलाल और चालक कॉन्स्टेबल गणपत शामिल थे।
ललितपुर शहर में सोमवार को झांसी मार्ग और मेडिकल कॉलेज मार्ग पर भीषण जाम लग गया। इस जाम में दो एम्बुलेंस और स्कूली बच्चों को ले जा रही एक टैक्सी लगभग 15 मिनट तक फंसी रही, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। दोपहर में झांसी मार्ग पर ब्याना नाले से इलाइट चौराहे की ओर जाने वाले रास्ते पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। झांसी की ओर से मेडिकल कॉलेज जा रही दो एम्बुलेंस और एक स्कूली टैक्सी इस जाम में फंस गईं। यातायात पुलिस ने किसी तरह जाम खुलवाकर यातायात सामान्य कराया। इसी दौरान, नगर संसाधन केंद्र के सामने कर्पूरी ठाकुर चौराहे के पास भी लगभग दस मिनट तक जाम की स्थिति बनी रही, जिससे आवागमन बाधित हुआ। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे बढ़ते अतिक्रमण के कारण इलाइट चौराहे सहित शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर आए दिन जाम की समस्या उत्पन्न होती है, जिससे यातायात व्यवस्था बिगड़ जाती है।
मनेन्द्रगढ़ में सोमवार को कांग्रेस ने एमसीबी जिले के कलेक्टर के खिलाफ कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और बैरिकेड पर चढ़कर अपना विरोध दर्ज कराया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात था। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए क्षेत्र की सांसद ज्योत्स्ना चरणदास महंत ने प्रदेश की भाजपा सरकार और कलेक्टर पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने मनरेगा को लगभग समाप्त कर दिया है, जिससे गरीब मजदूरों का रोजगार प्रभावित हुआ है। सांसद महंत ने यह भी कहा कि मजदूर, किसान और व्यापारी तीनों वर्ग भाजपा सरकार से असंतुष्ट हैं। वहीं, पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने कलेक्टर पर भ्रष्टाचार और तानाशाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कलेक्टर ईमानदारी का दिखावा कर भ्रष्टाचार कर रहे हैं और उनका रवैया तानाशाहीपूर्ण है, जिससे उनके कार्यालय के कर्मचारी भी मानसिक रूप से परेशान हैं। पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने चेतावनी दी कि यदि कलेक्टर को नहीं हटाया गया तो वे भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने प्रशासन पर जनविरोधी निर्णय लेने का भी आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण बनी रही, लेकिन पुलिस और प्रशासन की सक्रियता के कारण कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
कोटा के गुमानपुरा थाना क्षेत्र में किशोर सागर तालाब के नाग-नागिन मंदिर के पास एक दसवीं कक्षा की छात्रा ने पानी में कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया। समय रहते मौके पर मौजूद लोगों की सूझबूझ से छात्रा को तालाब से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सूचना मिलने पर नगर निगम की गोताखोर टीम और गुमानपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद पुलिस छात्रा को थाने लेकर गई और परिजनों को सूचना दी गई। नगर निगम गोताखोर राकेश ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम से तालाब में लड़की के कूदने की सूचना मिली थी। टीम के मौके पर पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने छात्रा को पानी से बाहर निकाल लिया था। पूछताछ में छात्रा ने अपना नाम प्रीति मीणा बताया, जो राजीव गांधी नगर की निवासी है और दसवीं कक्षा में अध्ययनरत है। पुलिस को छात्रा के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। नोट में छात्रा ने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए कुछ भावनात्मक बातें लिखी हैं। गुमानपुरा थाना अधिकारी महेश कारवाल ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि छात्रा को उसकी मां ने डांट दिया था, जिससे आहत होकर उसने यह कदम उठाया। पुलिस ने परिजनों को थाने बुलाकर काउंसलिंग की। परिजनों ने बताया कि छात्रा की बचपन में शादी कर दी गई थी, हालांकि वह अभी मायके में रहकर पढ़ाई कर रही है और पति से फोन पर बातचीत करती थी। इसी बात को लेकर उसे डांटा गया था, जिससे नाराज होकर वह तालाब में कूद गई। पुलिस ने छात्रा और उसके परिजनों से समझाइश की। पूछताछ के बाद छात्रा को परिजनों के साथ सुरक्षित घर भेज दिया गया। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। इस घटना के बाद एक बार फिर किशोर सागर तालाब और नहरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला प्रशासन को इस ओर तत्काल ध्यान देना चाहिए। किशोर सागर तालाब और नहरों के चारों तरफ ऊंची बाउंड्री वॉल और मजबूत सेफ्टी जालियां लगाई जानी चाहिए। बीते दिनों भी नहर में कई व्यक्ति के कूदने की घटना सामने आई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।
मऊगंज में जल जीवन मिशन का कर्मचारी घायल:बरहटा रोड पर बाइक फिसलने से गिरा, रीवा रेफर
मऊगंज में सोमवार शाम बरहटा रोड पर एक सड़क हादसे में जल जीवन मिशन का एक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया। बाइक फिसलने से हुई इस घटना में घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद संजय गांधी अस्पताल रीवा रेफर किया गया है। घायल की पहचान बिहार निवासी अखिलेश पासवान के रूप में हुई है। वह मऊगंज थाना क्षेत्र के पचपहरा गांव में जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन बिछाने के कार्य में कार्यरत है। सोमवार शाम करीब 5 बजे अखिलेश काम खत्म कर बाइक से मऊगंज की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान बरहटा रोड पर उनकी बाइक अचानक फिसल गई, जिससे वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से चोटिल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और एंबुलेंस की सहायता से घायल अखिलेश को सिविल अस्पताल मऊगंज पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सिर और शरीर में गंभीर चोटों को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रीवा रेफर कर दिया।
शेखपुरा नगर थाना परिसर में सोमवार को शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक आगामी सरस्वती पूजा और महाशिवरात्रि पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से बुलाई गई थी। इसकी अध्यक्षता थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने की। बैठक में पूजा समितियों के प्रतिनिधि, डीजे संचालक, वार्ड पार्षद और अन्य गणमान्य नागरिक शामिल हुए। थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान डीजे बजाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध रहेगा। ध्वनि प्रदूषण या उन्माद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा उन्होंने चेतावनी दी कि आदेश का उल्लंघन करने पर डीजे जब्त किया जाएगा और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। थानाध्यक्ष ने कहा कि शांति, कानून-व्यवस्था और आमजन की सुविधा सर्वोपरि है, इसे देखते हुए किसी भी प्रकार का ध्वनि प्रदूषण या उन्माद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। थानाध्यक्ष ने पूजा समितियों को निर्धारित नियमों का पालन करते हुए पर्व मनाने और प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का निर्देश दिया। डीजे संचालकों को भी चेतावनी दी गई कि प्रतिबंधित गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने का संकल्प लिया बैठक में उपस्थित सदस्यों ने प्रशासन को सहयोग का भरोसा दिलाया और पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने का संकल्प लिया। पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत थाना को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। इस बैठक में एएसआई पंकज कुमार सिंह, वार्ड पार्षद सरवन कुमार, आनंदी यादव सहित अन्य वार्ड पार्षद और गणमान्य लोग उपस्थित थे।
हनुमानगढ़ टाउन थाना पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 1 किलो 460 ग्राम अवैध अफीम के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रतापगढ़ (राजस्थान) के गांव पानमोडी निवासी हबीब अजमेरी (35) के रूप में हुई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, टाउन थानाधिकारी ज्योति अपनी टीम के साथ गश्त पर थीं। इसी दौरान मेगा हाईवे रोड पर रावतसर से हनुमानगढ़ के रोही लखूवाली क्षेत्र में एक संदिग्ध व्यक्ति की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान आरोपी हबीब अजमेरी के कब्जे से 1 किलो 460 ग्राम अवैध अफीम बरामद हुई। पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले की जांच पुलिस थाना सदर के थानाधिकारी निरीक्षक राकेश सांखला करेंगे। प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि यह अफीम कहां से लाई गई थी और इसे कहां सप्लाई किया जाना था। पुलिस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में एएसआई भूपसिंह, कॉन्स्टेबल रामनारायण, पवन कुमार और जयकिशन शामिल थे।
पंजाब के लुधियाना में हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर कौशल चौधरी को सोमवार को लुधियाना कोर्ट ने जुडिशियल रिमांड पर भेज दिया। शनिवार को कोर्ट से मिले दो दिन के पुलिस रिमांड की समाप्ति के बाद आज उसे फिर स्ट्रेचर पर अदालत में पेश किया गया। सोमवार को कौशल चौधरी को स्ट्रेचर पर कोर्ट में पेश किया गया। थाने से भागने की कोशिश के दौरान दीवार से कूदते वक्त उसकी दोनों टांगों में गंभीर फ्रैक्चर हो गया था। कोर्ट में पेश होने के दौरान उसके चहेरा कंबल से ढाका हुआ था। कोर्ट की कार्रवाई के बाद उसे जुडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। DSP वरिंदर सिंह खोसा ने बताया पेशाब के बहाने भागने की की थी कोशिश पांच दिन पहले गुरुग्राम जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाए गए कौशल चौधरी को मुल्लांपुर दाखा थाने में रखा गया था। पुलिस के मुताबिक रात के समय उसने पेशाब जाने का बहाना बनाया और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को धक्का देकर थाने की दीवार पर चढ़ गया। दीवार से कूदते ही वह सड़क पर जा गिरा। गिरने से उसकी दोनों टांगों में गंभीर फ्रैक्चर हो गया और पुलिस ने तुरंत उसे काबू कर लिया। रॉयल लीमो शोरूम पर फायरिंग का मामला कौशल चौधरी को 10 जनवरी को बड्डोवाल मिलिट्री कैंप के सामने स्थित लग्जरी कार शोरूम रॉयल लीमो पर हुई फायरिंग के मामले में प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया था। बाइक सवार बदमाशों ने शोरूम पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर मर्सिडीज और रेंज रोवर जैसी लग्जरी कारों को निशाना बनाया था। फायरिंग के बाद शोरूम के मालिकों को फिरौती का फोन आया था। कॉलर ने खुद को गैंगस्टर पवन शौकीन बताते हुए 2 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी थी। बदमाशों ने मौके पर पवन शौकीन और मोहब्बत रंधावा के नाम की पर्चियां भी फेंकी थीं।
सोनीपत पुलिस ने कार जीतने का झांसा देकर युवक से लाखों रुपए की ठगी करने के मामले में फरार चल रहे इनामी ठग को गिरफ्तार कर लिया है। इस बहुचर्चित साइबर ठगी प्रकरण में ये 14वीं गिरफ्तारी है। पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपए का इनाम भी रखा था। सोनीपत पुलिस आयुक्त ममता सिंह (IPS) और एडीजीपी के मार्गदर्शन में, पुलिस उपायुक्त क्राइम नरेंद्र कादयान के नेतृत्व में क्राइम यूनिट सेक्टर-3 सोनीपत की टीम ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमितनिवासी जिला नवादा, बिहार के रूप में हुई है। फ्लिपकार्ट के नाम पर ठगी का मामला मामला वर्ष 2021 का है। 21 मार्च 2021 को पवन निवासी जिला जहानाबाद (बिहार), हाल निवासी इंद्रा कॉलोनी बहालगढ़, सोनीपत ने थाना राई में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 11 मार्च 2021 को उसके फोन पर फ्लिपकार्ट के नाम से संदेश आया कि उसने “महिंद्रा XUV 500” कार का प्रथम पुरस्कार जीता है, जिसके लिए ₹6,500 पंजीकरण शुल्क देना होगा। बार बार जमा कराई राशि संदेश भेजने वाले ने खुद को “सुमन पटेल” बताया और अलग-अलग नंबरों से बार-बार कॉल कर विभिन्न शुल्कों के नाम पर रकम मांगी। पहले ₹22,200, फिर ₹1,18,000 आरबीआई और इनकम टैक्स शुल्क के नाम पर, उसके बाद ₹23,200, ₹2,45,000 और अंत में ₹3,00,000 तक की राशि जमा कराई गई। आरोपी ने यह रकम हिसार (हरियाणा) और मुजफ्फरपुर (बिहार) के खातों में जमा करवाई। जब शिकायतकर्ता ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने ₹5,00,000 और जमा करने की मांग की। इस पर थाना राई में भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पहले 13 आरोपी गिरफ्तार अनुसंधान टीम अब तक इस मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी। अन्य फरार आरोपियों की तलाश के दौरान उपनिरीक्षक सुखबीर की अगुआई में क्राइम यूनिट सेक्टर-3 सोनीपत की टीम ने आरोपी अमित को बिहार से गिरफ्तार किया। आरोपी को पांच दिन का पुलिस रिमांड गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अब आरोपी से ठगी में शामिल अन्य साथियों और रकम के लेन-देन से जुड़ी जानकारी जुटा रही है।
KGMU में सोमवार को तहरी भोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कैंपस में प्रशासनिक भवन के नजदीक सरस्वती मंदिर में पहले पूजन और हवन हुआ। इसके बाद प्रसाद वितरण के साथ तहरी भोज का भी आगाज हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में डॉक्टर समेत तमाम स्टाफ भी मौजूद रहे। तहरी भोज में मेयर सुषमा खर्कवाल को आना था, पर राजधानी के बाहर होने के कारण वो इसमें शामिल नहीं हुई। पर इसके अलावा कई बड़े भाजपा नेता शामिल हुए। इनमें पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर, एमएलसी रामचंद्र प्रधान और एमएलए नीरज बोरा, योगेश शुक्ल शामिल रहे। KGMU परिवार की एकजुटता का दिया संदेश दैनिक भास्कर से बातचीत में तहरी भोज के आयोजन को लेकर कुलपति प्रो.सोनिया नित्यानंद ने कहा कि पहली बार इस तरह के तहरी भोज का आयोजन किया गया है। बीते कई दिनों में कैंपस के डॉक्टर, नर्सिंग समेत तमाम स्टाफ और एम्प्लॉई विवाद के चलते परेशान थे। पर आज पूरा KGMU परिवार इस तहरी भोज में शामिल हुआ है। पहले पूजन और हवन हुआ और फिर सभी ने प्रसाद ग्रहण किया। संकट के घड़ी में हम सब एक थे और बाहर के जिन लोगों ने कैंपस के माहौल को डिस्टर्ब किया था, उनके खिलाफ भी सभी एकजुट है और ऐसे ही आगे भी मरीजों की सेवा और इलाज करते रहेंगे। अपर्णा यादव के तलाक के सवाल पर दिया जवाब महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव और प्रतीक यादव के तलाक के सवाल के जवाब में डॉ.सोनिया नित्यानंद ने कहा कि ये उनका आपस का मामला है। निजी रिश्तों पर मेरा कमेंट करना ठीक नहीं होगा पर मेरा ये मानना है कि एक प्रोफेशनल महिला का घर में भी रोल होता है। पर इस मामले में मेरा बोलना ठीक नहीं। अपर्णा के समर्थकों ने किया था उपद्रव KGMU में 9 जनवरी को हुई घटना को लेकर डॉ. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि कुलपति चैम्बर में जो तोड़फोड़ हुई वो अपर्णा यादव ने नहीं उनके साथ आई भीड़ ने की थी। उनके साथ आए ग्रुप ने ही सब उपद्रव और हंगामा किया था। कैंपस में बदला रहा माहौल तहरी भोज के दौरान बड़ी संख्या में डॉक्टर, पैरा मेडिकल स्टॉफ, कर्मचारी संगठन सहित अन्य स्टाफ जुटे। सुबह से ही प्रशासनिक भवन के बाहर स्टाफ की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। धूप में तहरी भोज के दौरान कई दिनों बाद डॉक्टर और स्टॉफ ठहाके लगाते भी दिखे। पैथोलॉजी विभाग के रेजिडेंट डॉक्टर के साथ यौन शोषण और धर्मांतरण के प्रयास का मामला सामने आने के बाद से ही कैंपस का माहौल बदला-बदला सा नजर आ रहा था। इस दौरान कई बार हिन्दूवादी संगठनों ने कैंपस के प्रशासनिक भवन का घेराव कर जमकर नारेबाजी भी की थी।
छतरपुर में सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के नौगांव रोड पर सोमवार को मजाक के दौरान एक युवक गंभीर रूप से झुलस गया। दोस्तों के बीच मजाक चल रहा था तभी उस पर डीजल गिर गया और आग लग गई। घायल युवक को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, घायल युवक की पहचान अमित वासुदेव के रूप में हुई, जो नौगांव रोड पर चाय की दुकान चलाता है। उसकी दुकान के पास ही नफीस और तौफीक नामक दो युवक मैकेनिक का काम करते हैं। तीनों के बीच आपसी जान-पहचान थी और वे अक्सर मजाक करते थे। बताया गया है कि इसी मजाक के दौरान अमित पर डीजल गिर गया। इसी बीच जब आग जलाई गई तो डीजल ने तुरंत आग पकड़ ली, जिससे अमित गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया। बर्न वार्ड में भर्ती करायाअमित के माता-पिता उसे ऑटो में बिठाकर जिला अस्पताल लाए। उसके पिता खुद ऑटो चलाकर अस्पताल के रैम्प से सीधे इमरजेंसी तक पहुंचे। डॉक्टरों ने तुरंत उसका इलाज शुरू किया और उसे बर्न वार्ड में भर्ती किया है। अस्पताल में भर्ती अमित वासुदेव ने बताया कि यह घटना जानबूझकर नहीं हुई, बल्कि मजाक के दौरान एक हादसा था। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए युवकों ने भी इसे एक मजाकिया घटना बताया है। सीएसपी अरुण सोनी ने बताया कि घटना के संबंध में सभी पक्षों के बयान दर्ज किए गए हैं। पूछताछ के लिए युवकों को थाने बुलाया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जोधपुर में एक वकील की गिरफ्तारी और पुलिस के कथित दुर्व्यवहार को लेकर वकीलों में आक्रोश है। आरोप है कि पुलिस ने नोटरी पब्लिक और अधिवक्ता मोहनसिंह रतनू को थाने बुलाकर बिना एसोसिएशन की अनुमति के गिरफ्तार किया और उन्हें जमीन पर बैठाकर अपमानित किया। साथ ही उनकी फोटो शेयर भी की। इसके विरोध में सोमवार को हाईकोर्ट के वकीलों ने लंच के बाद न्यायिक कार्यों का बहिष्कार कर दिया। भारी विरोध को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने घटना की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। बिना सूचना गिरफ्तारी और बदसलूकी का आरोप राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन के महासचिव डॉ. अरुण कुमार झाझड़िया ने बताया- पुलिस ने अधिवक्ता मोहन सिंह रतनू को थाने बुलाया और बिना सूचना के गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने सीनियर अधिवक्ता को जमीन पर बैठाकर अभद्र व्यवहार किया और उनका फोटो शेयर कर दिया। वहीं एडवोकेट्स एसोसिएशन के महासचिव डॉ. विजय चौधरी ने बताया- यह घटना अधिवक्ताओं के सम्मान के खिलाफ है। इस कार्रवाई से वकीलों में असुरक्षा और रोष का माहौल है। लंच के बाद कामकाज ठप, कमिश्नर से मिला प्रतिनिधिमंडलघटना के विरोध में राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रणजीत जोशी की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें लंच के बाद आधे दिन के लिए न्यायिक कार्यों के बहिष्कार का निर्णय लिया गया। इसके बाद लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिलीप सिंह उदावत और एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रणजीत जोशी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की। वकीलों ने दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग करते हुए लिखित ज्ञापन सौंपा। कमिश्नर ने कहा- जांच होगी, भविष्य में रखेंगे ध्यान वकीलों के विरोध के बाद पुलिस कमिश्नर ने आश्वासन दिया कि वे पूरे मामले की जांच करवाएंगे। यदि किसी भी पुलिसकर्मी की द्वेष, दुर्भावना या गलत मंशा पाई जाती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कमिश्नर ने कहा कि भविष्य में किसी भी अधिवक्ता की गिरफ्तारी से पहले एसोसिएशन के अध्यक्ष से मिलकर सामंजस्य बैठाया जाएगा और उसके बाद ही कार्रवाई होगी। यह खबर भी पढ़ें... फर्जी कागजात के जरिए 15 लाख रुपए में प्लॉट बेचा:साजिश में शामिल एडवोकेट गिरफ्तार; 3 आरोपी पहले ही गिरफ्त में जोधपुर में फर्जी डॉक्यूमेंट के जरिए प्लॉट बेचकर 15 लाख रुपए हड़प लिए। उदयमंदिर थाना पुलिस ने प्लॉट का फर्जी आम मुख्तियारनामा बनाकर भूखंड को बेचने की साजिश में शामिल एडवोकेट को रविवार को गिरफ्तार किया। (पूरी खबर पढ़ें)
फाजिल्का जिले में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी द्वारा डिप्टी कमिश्नर दफ्तर के बारे एकत्र होकर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई । और सरकार का पुतला फूंका गया । किसानों का कहना है कि बीते दिन मजीठा रैली के दौरान पुलिस द्वारा किसान नेताओं को अपनी हिरासत में लिया गया । हालांकि किसान नेता स्वर्ण सिंह पंधेर को पुलिस ने रिहा किया लेकिन उनका आरोप है कि इस मामले में अभी कई नेताओं को रिहा नहीं किया गया है । जिनकी रिहाई की मांग को लेकर वह प्रदर्शन कर रहे हैं । उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी सुनवाई न की तो 21 तारीख को पंजाब भर में एसएसपी दफ्तरों के बाद पक्के मोर्चे लगाए जाएंगे । 2025 से बिजली के बिल को लेकर प्रदर्शन फाजिल्का से किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के पदाधिकारी जसविंदर सिंह ने बताया कि पिछले डेढ़ महीने से किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ओर किसान मजदूर मोर्चा भारत द्वारा अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है । इसी के तहत बिजली बिल 2025, मनरेगा के मुद्दे को लेकर किसान प्रदर्शन करते आ रहे है । नेताओं की रिहाई को लेकर प्रदर्शन जसविंदर सिंह बताया कि मजीठा रैली के दौरान सवाल जवाब करने पहुंचे किसान नेता स्वर्ण सिंह पंधेर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया । लेकिन आज जो पुतला फूंका जा रहा है कि कल जो पंधेर जी को छोड़ दिया गया । लेकिन बाकी नेताओं को अभी तक रिहा नहीं किया है । जिनकी रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है । उन्होंने कहा कि अगर कल तक किसान नेताओं को रिहा नहीं किया गया तो 21 तारीख को पंजाब भर के एसएसपी दफ्तर के बाहर किसान पक्के मोर्चे लगाएंगे । और प्रदर्शन करते हुए संघर्ष किया जाएगा
टोंक में सोमवार को सड़क हादसे में दो बहनों के इकलौते भाई की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में युवक सिर के बल गिरा, जिससे उसके सिर पर गहरी चोट लगी। राहगीरों ने गंभीर घायल युवक को हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां उसकी मौत हो गई। वहीं जिले के सदर थाना क्षेत्र से गुजर रहे जयपुर-कोटा हाईवे 52 किनारे पर एक पेट्रोल पंप के पास आज व्यक्ति का शव पड़ा मिला। पुलिस ने शिनाख्त के लिए बॉडी को मॉर्च्युरी में रखवाया है। मेहंदवास थाना पुलिस के अनुसार- मेहंदवास निवासी सोनू विजयवर्गीय (32) पुत्र स्व. भगवान विजय रोजाना की तरह सोमवार सुबह करीब 10 बजे अपने गांव मेहंदवास से बाइक पर पुराना बस स्टैंड के समीप एलआईसी कार्यालय के सामने एक निजी कंपनी में ड्यूटी के लिए जा रहा था। इस दौरान मेहंदवास के समीप ही पीछे से आ रही तेज रफ्तार बाइक ने सोनू की बाइक को टक्कर मार दी। इससे सोनू सिर के बल गिरा और गंभीर घायल हो गया। उसे राहगीरों की मदद से सआदत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसने कुछ देर बाद ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर उसे परिजनों के सुपुर्द किया। परिजनों के अनुसार- मृतक सोनू की फरवरी में ही शादी होनी थी। इसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी थी। मृतक के पिता का देहांत हो चुका है और वह दो बहनों में अकेला भाई था। पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाते हुए वह अपनी शादी की तैयारियां खुद ही कर रहा था। फिलहाल पुलिस ने दोनों ही मामलों में जांच शुरू कर दी है। सोनू की बॉडी पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दी गई। जबकि अज्ञात युवक के शव को मॉर्च्युरी में रखवाया गया है, जिससे उसकी शिनाख्त की जा सके।
महापौर ने सुनी लोगों की समस्याएं:31 मार्च तक चार चरणों में चलेगा संकल्प से समाधान अभियान
इंदौर में संकल्प से समाधान अभियान चलाया जा रहा है। 31 मार्च तक ये अभियान चार चरणों में चलेगा। सीएम डॉ.मोहन यादव के निर्देशानुसार शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से ये अभियान चलाया जा रहा है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत नगर निगम क्षेत्र के सभी विधानसभा क्षेत्रों में हर विधानसभा में चयनित वार्डों में शिविर आयोजित कर भारत सरकार और राज्य सरकार की हितग्राहीमूलक और लक्ष्य आधारित योजनाओं का लाभ लोगों को दिया जा रहा है, ताकि आम जनता को योजनाओं का सीधा लाभ सरल और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से मिल सके।सोमवार को महापौर जोन क्रमांक 9 के वार्ड क्रमांक 45 के अंबेडकर नगर (पानी की टंकी परिसर) और जोन क्रमांक 2 के वार्ड 69 बड़े रणजीत हनुमान मंदिर, समाजवाद नगर में आयोजित संकल्प से समाधान शिविरों को देखने पहुंचे। इस दौरान महापौर ने शिविर में मौजूद लोगों से चर्चा की और उनकी समस्याओं को सुना। साथ ही यहां आए आवेदनों पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करने के लिए भी महापौर ने अधिकारियों से कहा। इस दौरान एमआईसी मेंबर नंदकिशोर पहाड़िया, पार्षद सोमिला मिमरोट, नीता रामबाबू राठौर, क्षेत्रीय जोनल अधिकारी अभिषेक सिंह, दौलत सिंह व अन्य मौजूद थे। चार चरणों में अभियान महापौर ने बताया यह अभियान सुशासन एवं स्वराज हेतु प्रतिबद्ध विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं में पात्र हितग्राहियों को लाभ प्रदान किया जाएगा। नगर पालिक निगम इंदौर, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों द्वारा पहले चरण में 10 फरवरी तक वार्ड स्तरीय समितियों का गठन कर नगर निगम क्षेत्र के सभी 85 वार्डों में शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से हितग्राहीमूलक योजनाओं एवं सेवाओं हेतु आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। अभियान के तहत नगर पालिक निगम इंदौर, जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक पेंशन योजनाओं, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, अविवादित संपत्तियों के नामांतरण, भवन अनुज्ञा प्रमाण-पत्र सहित अन्य सेवाओं हेतु आवेदन प्राप्त कर उनका त्वरित निराकरण किया जाएगा।
MP दिनभर: MP दिनभर में आज दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। दिनभर की 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते है, एमपी में आज, क्या रहा खास. 1. कांग्रेस का आरोप: आनंदपुर धाम में सैक्स रैकेट, 5 VIDEO जारी; 3 IAS अफसरों की भूमिका का दावा अशोकनगर के आनंदपुर धाम को लेकर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए हैं। भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस SC विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने दावा किया कि यहां वर्षों से देह व्यापार का संगठित रैकेट चल रहा है और युवकों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने पांच वीडियो साक्ष्य जारी किए। अहिरवार ने तीन IAS अधिकारियों पर ट्रस्ट के जरिए काले धन को सफेद करने में मदद करने का आरोप लगाया। संबंधित अफसरों की प्रतिक्रिया नहीं मिली। पढ़ें पूरी खबर 2. शुजालपुर में तेज रफ्तार कार हादसा: डिवाइडर से टकराकर गिरा पोल, VIDEO सामने आयाशाजापुर जिले के शुजालपुर में तेज रफ्तार कार बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि सड़क किनारे लगा CCD पोल गिर गया। हादसे का वीडियो सामने आया है। कार नई बताई जा रही है, जिसे पुलिस ट्रेस कर रही है। राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। पढ़ें पूरी खबर 3 हाथों के बल नर्मदा परिक्रमा: 3500 KM उल्टा चलकर तय कर रहे धर्मपुरी महाराज डिंडोरी से धर्मपुरी महाराज हाथों के बल उल्टा चलते हुए करीब 3500 किलोमीटर की परिक्रमा कर रहे हैं। यह यात्रा वर्षों से जारी है। शोध और आध्यात्मिक उद्देश्य से की जा रही इस परिक्रमा को देखने के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। उनकी शारीरिक क्षमता और संकल्प लोगों को हैरान कर रहा है। पढ़ें पूरी खबर 4. जबलपुर हादसा: तेज रफ्तार कार ने 13 को कुचला, 5 की मौत, ड्राइवर फरार जबलपुर में दर्दनाक सड़क हादसे में तेज रफ्तार कार ने 13 लोगों को रौंद दिया। इस हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायल हैं। घटना के बाद आरोपी चालक मौके से फरार हो गया। क्राइम ब्रांच ड्राइवर की तलाश में जुटी है। हादसे ने शहर में सड़क सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। पढ़ें पूरी खबर 5. मंदसौर में पशु चिकित्सक का डांस विवाद: दोस्त की पत्नी संग ‘बिल्लो रानी’ पर थिरकते दिखे मंदसौर में पदस्थ पशु चिकित्सक अधिकारी का डांस वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में अधिकारी अपने दोस्त की पत्नी के साथ ‘बिल्लो रानी’ गाने पर डांस करते नजर आ रहे हैं। मामला सामने आने के बाद मर्यादा और आचरण पर सवाल उठे हैं। वीडियो निजी कार्यक्रम का बताया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर 6. भोपाल में पार्किंग विवाद हिंसक: युवती से मारपीट, बाल उखाड़ने का आरोप भोपाल में मदरसे के पास पार्किंग को लेकर विवाद हिंसा में बदल गया। युवती का आरोप है कि कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की और बाल उखाड़ दिए। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वीडियो और बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। पढ़ें पूरी खबर 7. उज्जैन में कारोबारी की कार जलाई: ₹11.50 लाख की गाड़ी फूंकी, CCTV खंगाल रही पुलिसउज्जैन में बदमाशों ने एक कारोबारी की करीब 11.50 लाख रुपये की कार में आग लगा दी। घटना देर रात की बताई जा रही है। कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। पढ़ें पूरी खबर पॉजिटिव खबर 8.ग्वालियर व्यापार मेले से कारों की रिकॉर्ड बुकिंग, बाहर के राज्यों तक डिमांड ग्वालियर व्यापार मेले में इस बार कारों की रिकॉर्ड बुकिंग हो रही है। 50% रोड टैक्स छूट के चलते हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक से ग्राहक पहुंच रहे हैं। कारोबारी वर्ग उत्साहित है और बिक्री में बड़ा उछाल देखा गया है। मेले से स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी मजबूती मिली है। पढ़ें पूरी खबर खबर जरा हटके 9.इंदौर का ‘करोड़पति भिखारी’ निकला तीन मकान और कार का मालिकइंदौर में भीख मांगने वाला शख्स करोड़पति निकला। जांच में सामने आया कि उसके पास तीन मकान, एक कार और किराए पर चलने वाला ऑटो है। लंबे समय से वह भीख मांगकर मोटी कमाई कर रहा था। मामला सामने आने के बाद प्रशासन और सामाजिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। नगर निगम मामले की जांच कर रहा है। कल का बिग इवेंट 10. दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में शामिल होंगे सीएम मोहन सीएम डॉ. मोहन यादव मंगलवार की रात दावोस होंगे रवाना..दावोस में वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम में हिस्सा लेंगे। ऊर्जा, ग्रीन ग्रोथ, रक्षा उत्पादन और मैन्युफैक्चरिंग पर राज्य का फोकस वैश्विक मंच पर रखा जाएगा।
कलेक्टर उत्सव कौशल ने कृषक कल्याण को बताया प्राथमिकता:डीग में जिला सहकारी विकास समिति की बैठक
डीग जिले में सहकारिता समितियों को मजबूत करने और किसानों को खाद्य-बीज तथा भंडारण की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला कलेक्टर उत्सव कौशल की अध्यक्षता में पंचायत समिति सभागार में हुई इस बैठक में सहकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे किसान तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। बैठक में गोदाम निर्माण और जीर्णोद्धार को मंजूरी दी गई। जिले में अनाज और उर्वरक भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए डीग क्रय-विक्रय सहकारी समिति लिमिटेड हेतु 500 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट का प्रशासनिक अनुमोदन किया गया। यह गोदाम बजट घोषणा 2025-26 के तहत स्वीकृत है। इसके अतिरिक्त, बहज और कासौट ग्राम सेवा सहकारी समितियों के जर्जर हो चुके गोदामों के पुनर्निर्माण प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि समितियों की कार्यक्षमता बढ़ाई जा सके। सहकारिता के दायरे को बढ़ाने के लिए पहाड़ी ब्लॉक की खेडली गुमानी ग्राम सेवा सहकारी समिति के गठन के प्रस्ताव को अनुमोदित किया गया। समिति ने सभी विभागीय मापदंड पूरे कर लिए हैं और अब इसे पंजीकरण के लिए सक्षम स्तर पर भेजा जाएगा। कृषि में मशीनीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंचायत समिति कामां की नौनेरा ग्राम सेवा सहकारी समिति में कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श हुआ। इससे स्थानीय किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र कम दरों पर उपलब्ध हो सकेंगे। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद मोहन सिंह फौजदार, सहायक रजिस्ट्रार सहकारी समितियां रामावतार सिंह, उपनिदेशक कृषि विभाग, जिला रसद अधिकारी, तथा कृषि विभाग और डीसीसीबी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

