बनारस हिंदू विश्वविद्यालय प्रशासन ने अनुशासनहीनता के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच छात्रों के खिलाफ दंडात्मक कदम उठाए हैं। जिसपर छात्रों में नाराजगी जताई है। छात्रों ने कहा कि हम लोगों ने अस्पताल प्रशासन के अव्यवस्था पर सवाल खड़ा किया था। कमेटी ने जांच में जो हम लोगों पर आरोप लगे थे वह असत्य पाया था फिर भी यह नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार पल्लव सुमन, सत्यानारायण सिंह और श्यामल कुमार को उनके वर्तमान अध्ययन पाठ्यक्रम से 15 दिनों की अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान इन छात्रों के सभी शैक्षणिक अधिकार समाप्त रहेंगे और वे विश्वविद्यालय की किसी भी शैक्षणिक गतिविधि में भाग नहीं ले सकेंगे। छात्रावास और पुस्तकालय सुविधा भी वापस आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि इन छात्रों को छात्रावास अथवा पुस्तकालय की सुविधा प्राप्त है तो उसे भी 15 दिनों के लिए तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया जाएगा। निलंबन अवधि के दौरान यदि कोई छात्र विश्वविद्यालय के किसी भी छात्रावास में अनधिकृत रूप से पाया गया या पुस्तकालय सुविधाओं का उपयोग करते हुए पकड़ा गया, तो भविष्य में उसे स्थायी रूप से छात्रावास आवंटन से वंचित कर दिया जाएगा। सामुदायिक सेवा और काउंसलिंग अनिवार्य इन तीनों छात्रों को निलंबन अवधि समाप्त होने के बाद 10 घंटे की अनिवार्य सामुदायिक सेवा करनी होगी। इसके साथ ही किसी परामर्शदाता द्वारा संचालित अधिकतम 5 काउंसलिंग सत्रों में भी भाग लेना अनिवार्य होगा। इन सभी दायित्वों की पूर्ति की रिपोर्ट डीन ऑफ स्टूडेंट्स कार्यालय के माध्यम से उप कुलसचिव (अकादमिक) को सौंपनी होगी। साथ ही इस पूरे आदेश की जानकारी छात्रों के अभिभावकों और पीएचडी पर्यवेक्षकों को भी औपचारिक रूप से दी जाएगी। दो अन्य छात्रों को कड़ी चेतावनी इसके अलावा पुनीत कुमार मिश्रा और शिवम सोनकर पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। दोनों छात्रों को सख्त चेतावनी दी गई है कि वे अपने शेष शैक्षणिक अध्ययन काल में किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन या अनुशासनहीन गतिविधियों से दूर रहें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में यदि वे किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता में शामिल पाए गए, तो विश्वविद्यालय नियमों के तहत उनके खिलाफ और कठोर कार्रवाई की जाएगी।
माघ मेला प्रशासन द्वारा जारी कानूनी नोटिस के जवाब में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की ओर से विधिक प्रत्युत्तर भेज दिया गया है। यह जवाब सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अंजनि कुमार मिश्रा के माध्यम से ई-मेल द्वारा 24 घंटे की समय-सीमा से पहले प्रयागराज मेला प्राधिकरण को भेजा गया। जवाब में मेला प्राधिकरण के 19 जनवरी 2026 के पत्र पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। अधिवक्ता की ओर से कहा गया है कि नोटिस अधिकार क्षेत्र से बाहर, मनमाना, भेदभावपूर्ण और दुर्भावना से प्रेरित है, जिसका उद्देश्य शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को अपमानित करना और सनातन धर्म के अनुयायियों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना है। जवाब में यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को ब्रह्मलीन जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती द्वारा 2017 में की गई पंजीकृत वसीयत और घोषणा पत्र के माध्यम से ज्योतिषपीठ बदरिकाश्रम का उत्तराधिकारी नियुक्त किया गया था। 12 सितंबर 2022 को वैदिक विधि-विधान के साथ लाखों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में उनका पट्टाभिषेक संपन्न हुआ था। कानूनी जवाब में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका को गुजरात हाईकोर्ट ने 2 सितंबर 2025 को खारिज कर दिया था। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के दौरान भी न्यायालय के संज्ञान में यह तथ्य लाया गया था कि पट्टाभिषेक पहले ही हो चुका है, जिसे अदालत ने अपने आदेश में दर्ज किया है। जवाब में यह भी कहा गया है कि देश की अन्य शंकराचार्य पीठों श्रृंगेरी, द्वारका, पुरी और भारत धर्म महामंडल ने भी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की नियुक्ति का समर्थन किया है। इसके अलावा, उनके पद, उपाधि या अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा किसी प्रकार का कोई स्थगन या निषेधाज्ञा लागू नहीं है। नोटिस के जवाब में मेला प्रशासन के पत्र को न्यायालय में विचाराधीन विषय में हस्तक्षेप बताते हुए इसे अवमानना की श्रेणी में रखा गया है। साथ ही कहा गया है कि इससे शंकराचार्य की प्रतिष्ठा, सामाजिक छवि और सम्मान को क्षति पहुंची है तथा मीडिया में भ्रम और अशांति फैली है। अंत में मेला प्राधिकरण से मांग की गई है कि 19 जनवरी 2026 का पत्र 24 घंटे के भीतर वापस लिया जाए। अन्यथा शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से मानहानि, सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका और अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। शंकराचार्य पक्ष की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि प्रशासनिक नोटिस का विधिक जवाब समय से पहले भेज दिया गया है।
लखनऊ में एसीपी काकोरी कार्यालय के सामने प्लॉट कब्जे को लेकर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे गैंगस्टर उमेश रावत उर्फ मूसा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, मामले में लापरवाही बरतने पर पुलिस कमिश्नर ने दुबग्गा थाने के प्रभारी निरीक्षक अभिनव वर्मा को हटा दिया है। उन्हें नाका कोतवाली का थाना प्रभारी बनाया गया है। नाका कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक श्रीकांत राय को दुबग्गा थाने का चार्ज सौंपा गया है। रविवार को हुआ था कब्जे और रंगदारी का विवाद रविवार को एसीपी काकोरी कार्यालय के सामने अमीनाबाद निवासी फहाम जहीर के प्लॉट पर कब्जेदारी और रंगदारी मांगने को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के दौरान फायरिंग और ईंट-पत्थर चलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। मामले में नामजद आरोपी गैंगस्टर उमेश रावत उर्फ मूसा, जो पूर्व में जिला बदर भी रह चुका है, फरार था। शांति व्यवस्था के नाम पर निर्माण कार्य रुका पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि, शांति व्यवस्था बनाए रखने के नाम पर फिलहाल प्लॉट पर निर्माण कार्य रोक दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है और उनकी पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस नवनियुक्त प्रभारी निरीक्षक श्रीकांत राय ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम प्लॉट के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि फायरिंग और ईंट बरसाने में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस का दावा है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि अगर गवाह के बयान का एक हिस्सा गलत है तो इसका मतलब यह नहीं है कि उसका पूरा बयान ही गलत है। अगर बाकी सबूत अपराध साबित करने के लिए पर्याप्त हैं, तो सजा बरकरार रखा जा सकता है, भले ही अन्य सह अभियुक्तों को बरी कर दिया गया हो।न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय तथा न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने सहारनपुर में 39 साल पहले हुई हत्या मामले में उम्रकैद की सजा पाने वाले अभियुक्त इस्लाम की अपील खारिज करते हुए यह बात कही है। कोर्ट ने कहा कि एक गवाह के बयान का वह हिस्सा जो अन्य सह अभियुक्तों से संबंधित है, वह भले ही कमजोर हो, लेकिन अपीलार्थी के खिलाफ उसका बयान विश्वसनीय है और अन्य साक्ष्यों से समर्थित है।उसे खारिज करने का कोई कारण नहीं है। जमानत पर चल रहे अपीलकर्ता को कोर्ट ने 25 फरवरी, 2026 तक ट्रायल कोर्ट के सामने आत्मसमर्पण का निर्देश दिया है।कहा है कि ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई बची सजा को पूरा करने के लिए उसे जेल भेजा जाएगा। कोर्ट ने कहा अगर अपीलार्थी आत्मसमर्पण नहीं करता है तो ट्रायल कोर्ट उसकी उपस्थिति को सुरक्षित करने के लिए कानून के अनुसार कदम उठाएगा।
ईरान में फंसे भारतीय छात्रों का दूसरा बैच मंगलवार रात को सुरक्षित भारत लौट आया है। जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) के मुताबिक, मौजूदा हालात के बीच यह वापसी छात्रों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। JKSA ने बताया कि छात्र दुबई और शारजाह के रास्ते एअर इंडिया की फ्लाइट AI-996 और AI-930 से दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे। सभी छात्र अपने खर्च पर भारत लौटे हैं। अब तक 200 से अधिक भारतीय छात्र ईरान से भारत लौट चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या जम्मू-कश्मीर के छात्रों की है। JKSA ने कहा कि अजरबैजान और मस्कट होकर चलने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट्स सहित सिविल एविएशन सेवाएं पहले रद्द होने के कारण कई छात्र समय पर वापस नहीं आ पाए थे। इससे पहले 17 जनवरी को भी भारतीय छात्र ईरान से लौटे थे। ईरान में वहां की करेंसी 'रियाल' के ऐतिहासिक रूप से नीचे गिरने और महंगाई के विरोध में 28 दिसंबर 2025 में प्रदर्शन शुरू हुए थे। देश के सभी 31 प्रांतों में हिंसा फैल गई है। इसमें 3 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। ज्यादातर लोग गोली लगने से मारे गए हैं। 17 जनवरी को स्टूडेंट्स का पहला बैच आया इससे पहले 17 जनवरी को भी कई भारतीय ईरान से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे थे। इनमें ज्यादातर स्टूडेंट्स हैं। कुछ लोग भारत सरकार की पहल से लौटे, तो कुछ अपने खर्च पर वापस आए। दिल्ली एयरपोर्ट पर परिजन से मिलते ही कई नागरिक फूट-फूटकर रोने लगे थे। उन्होंने बताया कि हिंसा के दौरान ईरान में हालात कैसे बिगड़े। ईरान से लौटे जम्मू-कश्मीर के एक युवक ने कहा, 'वहां हालात बहुत खराब हैं। हिंसक विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं।' ईरान से लौटी एक मेडिकल स्टूडेंट ने बताया कि भारतीय दूतावास ने उनसे संपर्क किया था, लेकिन वह निजी फ्लाइट से खुद दिल्ली पहुंची। भारत सरकार ने गुरुवार को एडवाइजरी जारी करके भारतीय नागरिकों से अपने पासपोर्ट, वीजा और अन्य जरूरी दस्तावेज हमेशा अपने पास रखने को कहा था। भारत सरकार के प्रयासों से निजी फ्लाइट के जरिए नागरिक वापस लौटे हैं। पूरी खबर पढ़ें... आने वाले दिनों में कई छात्र आएंगे JKSA ने यह भी बताया कि तेहरान स्थित भारतीय दूतावास के साथ लगातार बातचीत चल रही है। फ्लाइट ऑपरेशन धीरे-धीरे सामान्य होने के साथ आने वाले दिनों में और छात्रों के भारत लौटने की उम्मीद है। भारत लौटने वाले छात्र तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज, शाहिद बेहेश्ती यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज, इस्फहान यूनिवर्सिटी, गोलेस्तान यूनिवर्सिटी, शिराज यूनिवर्सिटी और अराक यूनिवर्सिटी सहित ईरान के कई शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ाई कर रहे थे। ईरान में दो हफ्तों से जारी हिंसा में 3 हजार से ज्यादा मौतें ईरान में वहां की करेंसी 'रियाल' के ऐतिहासिक रूप से नीचे गिरने और महंगाई के विरोध में 28 दिसंबर 2025 में प्रदर्शन शुरू हुए थे। देश के सभी 31 प्रांतों में हिंसा फैल गई है। इसमें 3 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। ज्यादातर लोग गोली लगने से मारे गए हैं। ईरान ने 14 जनवरी को अपना एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। इसके बाद तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने वहां मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द से ईरान छोड़ने की सलाह दी थी। ईरान ने 15 जनवरी अपना एयरस्पेस खोला, जिसके बाद कई भारतीय अपने देश लौटे। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 16 जनवरी को कहा था- हमारे लगभग 9,000 नागरिक इस समय ईरान में रह रहे हैं। इनमें से अधिकांश छात्र हैं। वहां के हालिया घटनाक्रमों के मद्देनजर हमने भारतीय नागरिकों को वहां उपलब्ध साधनों से देश छोड़ने की सलाह दी है। विदेश मंत्रालय ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया इससे पहले, गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने ईरान में फंसे भारतीय लोगों के लिए एक एडवाइजरी की थी। सरकार ने भारतीय नागरिकों से अपने पासपोर्ट, वीजा और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट्स हमेशा अपने पास तैयार रखने को कहा था। भारतीय दूतावास ने लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर और ईमेल एड्रेस भी जारी किया है। ईरान में भारतीय लोगों को +989128109115; +989128109109, +989128109102 और +989932179359 पर संपर्क करने को कहा गया है। ईमेल एड्रेस cons.tehran@mea.gov.in पर मदद ली जा सकती है। भारत सरकार की यह एडवाइजरी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की उस धमकी के बाद आई है, जिसमें कहा गया है कि अगर ईरान देशभर में हो रहे प्रदर्शनों का हिंसा से जवाब देना जारी रखता है, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है। ईरान में हुए प्रदर्शन का कारण जानिए... ईरान में 28 दिसंबर से शुरू हुई हिंसा कई कारणों से भड़की है। ये प्रदर्शन अब तक के सबसे बड़े प्रदर्शनों में से एक माने जा रहे हैं। ----------- ये खबर भी पढ़ें... ईरान पर हमले से पीछे क्यों हटा अमेरिका:नेतन्याहू ने किस मजबूरी में ट्रम्प को रोका; क्या बरकरार रहेगी खामेनेई की इस्लामिक सत्ता 15 जनवरी को लगने लगा कि ट्रम्प अब कुछ ही घंटे में ईरान पर हमले का आदेश दे सकते हैं। नेतन्याहू का विमान इजराइली एयर स्पेस से बाहर कहीं 'सेफ जगह' पर चला गया। कतर के अमेरिकी एयरबेस से सैनिक हटाए जाने लगे। पेंटागन के आसपास पिज्जा के ऑर्डर्स बढ़ गए। ऐसा तभी होता है, जब अमेरिका कोई बड़ा एक्शन लेने वाला होता है। फिर अचानक ईरान को लेकर ट्रम्प के तेवर नरम पड़ गए। पूरी खबर पढ़ें... अमेरिकी राजदूत की ईरान को चेतावनी:ट्रम्प बातें नहीं करते, एक्शन लेते हैं संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपात बैठक में अमेरिका ने गुरुवार को ईरान को कड़ा संदेश दिया है। अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ कर दिया है कि ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर हो रही क्रूर दमनकारी कार्रवाई को रोकने के लिए सभी विकल्प खुले हैं। उन्होंने ईरान के लोगों की बहादुरी की सराहना की और कहा कि ईरान के लोगों ने इतिहास में कभी भी इतने जोरदार तरीके से आजादी की मांग नहीं की। वाल्ट्ज ने कहा, ‘ट्रम्प एक्शन लेने वाले इंसान हैं, लंबी-लंबी बातें करने वाले नहीं।’ पूरी खबर पढ़ें...
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग कर रहे एक छात्र को लाइब्रेरी में पेट्रोल की बोतल के साथ पकड़ लिया। एएमयू प्रशासन ने थाना सिविल लाइंस से पुलिस बुलाकर छात्र को हिरासत में दे दिया। उधर, पुलिस ने शांतिभंग की धारा में छात्र का चालान किया। इस घटना के बाद से छात्रों में आक्रोश है। सोमवार को धरने पर बैठे थे छात्र सोमवार को बड़ी संख्या में छात्रों ने छात्र संघ चुनाव के लिए बाब-ए-सैयद गेट पर धरना देकर इंतजामिया के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों ने रात में धरना दिया, जिससे आवाजाही पूरी तरह से प्रभावित रही। हालांकि विश्वविद्यालय के अन्य गेटों से वाहनों का आवागमन सामान्य रूप से चलता रहा। छात्रों ने दी थी आंदोलन की चेतावनी छात्र नेता गय्यूम हुसैन, इब्राहिम और सोनपाल ने आरोप लगाया कि इंतजामिया ने दिसंबर 2025 में चुनाव कराने का आश्वासन दिया था। बावजूद इसके अब तक न तो चुनाव अधिकारी के नाम की घोषणा की गई और न ही कोई ठोस पहल की गई। उन्होंने कहा कि एएमयू जैसे केंद्रीय विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव न कराना लोकतंत्र की हत्या के समान है। चेतावनी दी कि यदि जल्द चुनाव अधिकारी की घोषणा नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। लाइब्रेरी में बैग ले जाने पर है प्रतिबंध एएमयू प्रॉक्टर वसीम अली ने बताया कि एमटेक फाइनल ईयर का छात्र सोनपाल लाइब्रेरी में जा रहा था। लाइब्रेरी में बैग ले जाने पर प्रतिबंध है। छात्र केवल किताब लेकर ही अंदर जा सकते हैं। जब लाइब्रेरी पर मौजूद कर्मचारियों ने बैग ले जाने से मना किया तो वह नहीं माना। इसके बाद उसके बैग को देखा तो उसमें पेट्रोल की एक बोतल मिली। इसके बाद लाइब्रेरियन ने प्रॉक्टर ऑफिस को सूचना दी। इसके बाद मौके पर पहुंची थाना सिविल लाइंस पुलिस छात्र को गिरफ्तार करके ले गई। शांतिभंग के तहत की गई कार्रवाई एएमयू के प्रॉक्टर प्रोफेसर वसीम अली ने बताया कि छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर कुछ छात्रों ने प्रदर्शन किया था। सोनपाल भी छात्र संघ के धरने में शामिल हुआ था, लेकिन उसके ऊपर हुई कार्रवाई को धरने से कोई मतलब नहीं है। वह पेट्रोल की बोतल लेकर लाइब्रेरी में घुसा था, इसलिए उसपर कार्रवाई की गई है। पुलिस ने शांतिभंग के तहत कार्रवाई की है।
मथुरा के थाना वृंदावन कोतवाली इलाके में मंगलवार की देर शाम तेज रफ़्तार R15 बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गयी। इस हादसे में बाइक सवार 3 युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद राहगीरों ने घायल युवकों को अस्पताल पहुंचाया जहां एक युवक को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया वहीं दो को गंभीर घायल अवस्था में भर्ती कर लिया। मथुरा रोड पर हुई घटना मंगलवार की देर शाम तीन दोस्त आकाश,तौफीक और दुष्यंत मथुरा की तरफ से R15 बाइक से वृंदावन की तरफ आ रहे थे। वृंदावन की गौरानगर कॉलोनी के रहने वाले आकाश और तौफीक अपने पानीघाट इलाके के रहने वाले दोस्त दुष्यंत के साथ तेज रफ़्तार में बाइक चलाते हुए आ रहे थे। यह तीनों कैलाश नगर मोड़ के सामने पहुंचे कि तभी बाइक अनियंत्रित हो गयी और डिवाइडर से जा टकराई। तेज आवाज सुन मौके पर पहुंचे राहगीर स्पीड तेज होने के कारण डिवाइडर से बाइक टकराने की आवाज इतनी तेज थी कि वहां से गुजर रहे राहगीर चौंक उठे। आवाज सुनकर राहगीरों ने हादसे वाली जगह दौड़ लगा दी। मौके पर पहुंचे राहगीरों ने घायलों को तत्काल रामकृष्ण मिशन हॉस्पिटल भिजवाया। जहां पहुंचने से पहले ही एक युवक ने दम तोड़ दिया जिसकी पहचान आकाश पुत्र वहीद खान निवासी गौरानगर के रूप में हुई है। इस घटना में तौफीक पुत्र सलीम निवासी गौरानगर और दुष्यंत पुत्र मनोज निवासी पानीघाट घायल हुए हैं। जिसमें तौफीक की हालत गंभीर बनी हुई है। इधर दुर्घटना की सूचना पर इलाका पुलिस मौके पर पहुंच गई।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) के उस फैसले को चुनौती देते हुए जनहित याचिका दायर की गई है। इस याचिका में नीट पीजी -25 परीक्षा में 800 में से -40 (माइनस 40) नंबर लाने वाले एससी-एसटी, ओबीसी छात्रों को काउंसलिंग की अनुमति दी गई।याचिकाकर्ता एडवोकेट अभिनव गौर ने इस कदम को भारत के संविधान के अनुच्छेद 16(4) के खिलाफ बताते हुए याचिका में आरोप लगाया है। याचिका में इस आधार पर फैसले को चुनौती दी गई कि नीट पीजी परीक्षा 2025 के लिए कट-ऑफ नंबरों में भारी कमी से मेरिट-आधारित चयन प्रक्रिया की पवित्रता खत्म हो जाएगी। याचिका में बताया गया कि जब 19 अगस्त, 2025 को नीट पीजी परीक्षा 2025 के नतीजे घोषित किए गए थे, तो क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल मूल नीट पीजी परीक्षा 25 इंफॉर्मेशन बुलेटिन के अनुसार था । जनरल/ ईडबल्यूएस के लिए 50 वां पर्सेंटाइल। जनरल-पीडब्बल्यूडी के लिए 45 वां पर्सेंटाइल। एस सी, एस टी, ओबीसी (इन कैटेगरी में पीडब्ल्यूडी सहित) के लिए 40वां पर्सेंटाइल।हालांकि, याचिका में आगे कहा गया कि काउंसलिंग के दूसरे राउंड के बाद 18,000 से ज़्यादा सीटें खाली रहने के बाद, बोर्ड ने क्वालिफाइंग क्राइटेरिया को काफी कम कर दिया और एससी-एसटी, ओबीसी कैटेगरी के लिए स्कोर -40/800 तय कर दिया। याचिका में यह भी बताया गया कि जनरल (ई डब्ल्यू एस) कैटेगरी में कट-ऑफ 276 से घटाकर 103 कर दिया गया है, जबकि जनरल -पीडब्बल्यूडी कैटेगरी में, इसे 255 से घटाकर 90 कर दिया गया। हालांकि, एससी, एसटी, ओबीसी कैटेगरी में इसे 235 से घटाकर -40 नंबर कर दिया गया, जिसके बारे में याचिका में तर्क दिया गया कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा पर बुरा असर डालेगा, जो सार्वजनिक चिंता के सबसे महत्वपूर्ण मामला है।आगे यह भी कहा गया कि ऐसे डॉक्टरों की गुणवत्ता, जिनके पास परीक्षा पास करने के लिए न्यूनतम योग्यता नहीं है, भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्वास्थ्य और जीवन के अधिकार को प्रभावित करेगी।
मेडिकल थाना क्षेत्र में नकाबपोश बदमाशों ने पेट्रोल पंप के सेल्समैन को बंधक बनाकर 55 हजार रुपये लूट लिए। बंधनमुक्त होने के बाद पीड़ित थाने आया और तहरीर दी। पुलिस सीसीटीवी कैमरे की मदद से बदमाशों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पहले एक नजर वारदात पर नंगला बट्टू निवासी विनोद कुमार भावनपुर क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप पर सेल्समैन है। सोमवार शाम विनोद घर वापस लौट रहा था। आरोप है कि परीक्षितगढ़ रोड पर अचानक दो बाइक पर आए चार बदमाशों ने उसे रोका और जबरन खींचकर खेतों में ले गए। यहां उसे बंधक बनाया और जेब में रखी 56600 रुपये लूटकर ले गए। चिल्लाने पर दी गोली मारने की धमकी विनोद ने बताया कि चारों बदमाशों ने चेहरे ढके थे। उनकी बाइकों पर भी कोई नंबर नहीं था। उसने विरोध कर शोर मचाने का प्रयास किया तो एक बदमाश ने तमंचा तान दिया और गोली मारने की धमकी दी। काफी देर वह खेत में डरा सहमा पड़ा रहा। किसी तरह खुदकर बंधनमुक्त किया और पुलिस को सूचना दी। सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही पुलिस विनोद ने मेडिकल पुलिस को लूट की सूचना दी। पुलिस ने पूरा घटनाक्रम जाना और बदमाशों की तलाश शुरु कर दी। वारदात परीक्षितगढ़ रोड की बताई जा रही है जिसका कुछ हिस्सा मेडिकल थाना क्षेत्र में आता है।
इलाहाबाद हाइकोर्ट ने पत्नी के पक्ष में अंतरिम भरण-पोषण के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि पत्नी द्वारा अपनी शिक्षा से संबंधित खर्चों के लिए अंतरिम भरण-पोषण का दावा करना प्रथम दृष्टया उचित है। हाइकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अब यह स्थापित कानून है कि यदि पति को पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद वह अपनी आय और संपत्ति का विवरण हलफनामे के माध्यम से प्रस्तुत नहीं करता तो अदालत उसके खिलाफ प्रतिकूल अनुमान (एडवर्स इंफेरेंस) लगा सकती है। जस्टिस गरिमा प्रसाद की एकल पीठ पति द्वारा दाखिल उस आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें फैमिली कोर्ट द्वारा पत्नी को अंतरिम भरण-पोषण दिए जाने के आदेश को चुनौती दी गई थी। मामले के अनुसार पत्नी ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 के तहत भरण-पोषण की अर्जी दाखिल की थी। उसने बताया कि विवाह 14 जून 2020 को हुआ था, लेकिन 14 मार्च, 2022 से दोनों अलग रह रहे हैं। पत्नी का आरोप था कि दहेज की मांग को लेकर उसे ससुराल से निकाल दिया गया और उसके बाद से उसे कोई आर्थिक सहायता नहीं दी गई। उसने प्रति माह 15,000 रुपये भरण-पोषण की मांग की थी यह कहते हुए कि उसे अपनी पढ़ाई, दैनिक खर्च और मेडिकल जरूरतों के लिए धन की आवश्यकता है। पत्नी ने दावा किया कि पति के पास 75 बीघा कृषि भूमि है, वह ठेके पर खेती करता है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग चलाता है और लगभग 40,000 रुपये प्रतिमाह की आय अर्जित करता है। वहीं पति ने इन सभी दावों से इनकार करते हुए कहा कि उसके पास कोई आय का स्रोत नहीं है। राजस्व अभिलेखों में उसके नाम कोई भूमि दर्ज नहीं है और वह कोई कोचिंग भी नहीं चलाता। पति की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि पत्नी उच्च शिक्षित है। उसने वर्ष 2011 में एमए और वर्ष 2024 में एलएलबी की पढ़ाई पूरी कर ली है। इसलिए वह स्वयं अपना भरण-पोषण करने में सक्षम है। ऐसे में फैमिली कोर्ट द्वारा 3,500 रुपये प्रति माह अंतरिम भरण-पोषण का आदेश मनमाना और अवैध बताया गया। हाइकोर्ट ने पाया कि पति को कई अवसर दिए जाने के बावजूद उसने फैमिली कोर्ट के समक्ष अपनी आय और संपत्ति का हलफनामा दाखिल नहीं किया। ऐसे मामलों में पति द्वारा आय छिपाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता और उसके विरुद्ध प्रतिकूल अनुमान लगाया जा सकता है। इस संदर्भ में कोर्ट ने सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 19 नियम 3 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 106 (अब भारतीय साक्ष्य संहिता की धारा 109) का उल्लेख किया। कोर्ट ने कहा कि अंतरिम भरण-पोषण के स्तर पर सटीक गणना आवश्यक नहीं होती बल्कि पत्नी के अधिकार और आवश्यकता को ध्यान में रखकर आदेश पारित किया जाता है। पीठ ने यह भी कहा कि पति यह साबित करने में असफल रहा कि पत्नी की कोई स्वतंत्र आय है या वह किसी लाभकारी कार्य में संलग्न है। ऐसी परिस्थितियों में, एडिशनल प्रिंसिपल जज, फैमिली कोर्ट, पीलीभीत द्वारा दिया गया 3,500 रुपये प्रति माह का अंतरिम भरण-पोषण न तो अत्यधिक है और न ही मनमाना बल्कि न्यायोचित है। इसके साथ ही हाइकोर्ट ने पति की पुनरीक्षण याचिका खारिज कर दी।
सदर कैंट स्थित श्री शिव श्याम मंदिर परिसर में सोमवार से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। श्री शिव श्याम मंदिर समिति द्वारा आयोजित इस कथा में पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।कथा के प्रथम दिवस कथावाचक देवेश अवस्थी ने भागवत महात्म्य, गोकर्ण उपाख्यान और भागवत की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। कथावाचक ने बताया कि श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि भगवान की भक्ति और प्रेम से ही मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य पूर्ण होता है। अहंकार, ईर्ष्या और मोह से ऊपर उठकर भक्ति के मार्ग पर चलने से सच्चा सुख और शांति मिलती है। श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 26 जनवरी तक किया जाएगा कथा संयोजक राजेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक चेतना और संस्कारों का प्रसार करना है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा श्रवण कर लाभ लेने की अपील की।आयोजन से जुड़े ब्रह्म प्रकाश और पुष्पा अग्रवाल ने जानकारी दी कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 26 जनवरी 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे से किया जाएगा। कथा के दौरान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, भक्त प्रह्लाद, ध्रुव चरित्र, रास लीला और सुदामा प्रसंग सहित विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा।
लखनऊ में पर्वतीय महापरिषद द्वारा आयोजित उत्तरायणी कौथिग का सातवां दिन गोमती तट पर पहाड़ की संस्कृति, सुर और संवेदनाओं से सराबोर रहा। पंडित गोविंद बल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन, बीरबल साहनी मार्ग पर सजी इस सांस्कृतिक संध्या में 'पहाड़ की आवाज' गायन प्रतियोगिता मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। बड़ी संख्या में दर्शकों ने प्रवासी पहाड़ी लोकगायकों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया। पर्वतीय महापरिषद के सचिव शंकर पाण्डेय की परिकल्पना से तैयार मंच उत्तराखंड के पारंपरिक घर, आंगन, फुलवारी और नदी घाटियों की झलक प्रस्तुत कर रहा था। इस दौरान लखनऊ में रह रहे दिग्गज पहाड़ी लोकगायकों की सधी हुई गायकी से पूरा परिसर पहाड़ की वादियों सा गूंज उठा। तीन दिवसीय प्रतियोगिता के पहले दिन बलवंत वाणगी, दिव्यांशु जोशी, राधा मेहरा, ललिता जोशी और रीमा वाणगी ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधा। पिछले वर्ष से प्रतिभागियों की संख्या लगातार बढ़ रही महासचिव महेंद्र सिंह रावत ने बताया कि उत्तराखण्डी प्रवासी समाज की नई पीढ़ी संगीत में कुशल होने के बावजूद भाषा ज्ञान के अभाव में लोकगीतों से दूर हो रही है। इसी उद्देश्य से 'पहाड़ की आवाज' प्रतियोगिता शुरू की गई है, ताकि युवाओं को उत्तराखण्डी गीतों की ओर प्रेरित किया जा सके और अनुभवी कलाकारों को बेहतर मंच मिल सके। प्रतियोगिता के प्रायोजक सातू-आठू प्रोडक्शन के निर्माता चंचल सिंह बोरा हैं, जिन्होंने बताया कि पिछले वर्ष से प्रतिभागियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में क्षेत्रीय शाखाओं की नृत्य प्रस्तुतियां, झोड़ा प्रतियोगिताएं और छपेली प्रतियोगिता 'झूमिगो सीजन-4' भी आयोजित की गईं। झोड़ा प्रतियोगिता में विजय नगर, कटहरी बाग, शाहीनूर कॉलोनी और आदर्श नगर नीलमथा की टीमों ने भाग लिया। छपेली में गोमती नगर शाखा, तेलीबाग रामलीला समिति, महिला शाखा गोमती नगर और माही वेलफेयर सोसाइटी शक्ति नगर की प्रस्तुतियों को सराहा गया। लोकगाथा पर आधारित नृत्य नाटिका 'प्योली' ने दर्शकों को भावुक कर दिया। इसके अतिरिक्त, उत्तराखंड से आए अतिथि कलाकारों की प्रस्तुतियों पर श्रोता मंत्रमुग्ध नजर आए।
गोरखपुर के प्रमुख गुरुद्वारा जटाशंकर में मंगलवार को गुरुनानक देव रक्तदान सेवा सोसायटी और गुरु गोरक्षनाथ ब्लड बैंक की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 20 से अधिक लोगों ने अपने इच्छा से रक्तदान कर स्वस्थ समाज की कामना की। शिविर की शुरुआत भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राहुल श्रीवास्तव ने खुद रक्तदान कर किया और समाज के हर स्वस्थ युवा को रक्तदान की सेवा में आगे आने की प्रेरणा दी। रक्तदान एक बड़ी सेवाइस मौके पर गुरुद्वारा समिति के अध्यक्ष जसपाल सिंह ने कहा कि रक्तदान एक बड़ी सेवा है। हर स्वस्थ व्यक्ति यदि रक्तदान के प्रति जागरूक हो जाए तो किसी भी मरीज को जरूरत पड़ने पर कहीं भटकना नहीं पड़ेगा।शिविर की सफलता पर उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के सदस्य जगनैन सिंह नीटू के समस्त रक्तदानियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इन्होंने किया रक्तदान शिविर में रक्तदान करने वालों में राहुल श्रीवास्तव, जगनैन सिंह नीटू ,अरविंद हरि गुप्ता, चरणप्रीत सिंह मोंटू, पन्नेलाल पासवान, सविता पासवान, सुबोध श्रीवास्तव, पंकज अरोड़ा, हर्षित कुमार, सनी हिंदुस्तानी, वंश आनंद, राजिंदर सिंह, रविंदरपाल सिंह, सत्यप्रकाश सिंह, हेमंत चोपड़ा, सुभाष सेठी, अशोक मल्होत्रा, जितेंद्र सैनी सहित तमाम लोग शामिल रहे।
माँ श्री बड़ी काली जी मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का सातवें दिन भावपूर्ण वातावरण में समापन हो गया। अंतिम दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने श्रद्धालुओं के मन को भाव-विभोर कर दिया। मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जय श्रीकृष्ण और हरि नाम के संकीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। समापन दिवस की विशेष आकर्षण वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा प्रस्तुत श्रीकृष्ण-राधा और सुदामा की मनोहारी झांकियां रहीं। भगवान श्रीकृष्ण और राधा के अलौकिक स्वरूप ने भक्तों को मानो वृंदावन की अनुभूति करा दी। वहीं सुदामा-श्रीकृष्ण की मित्रता को दर्शाती झांकी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया। मित्रता, प्रेम और निस्वार्थ भावना के इस जीवंत चित्रण को देख कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। झांकियों के दर्शन के लिए मंदिर परिसर में देर तक श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही। भागवत की कथा जीवन को सही दिशा देने का मार्ग कथा व्यास आचार्य राघवाचार्य ने सातवें दिन श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत समापन कराया। उन्होंने श्रीकृष्ण लीलाओं का सार बताते हुए कहा कि भागवत कथा केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने का मार्ग है। उन्होंने भक्ति मार्ग, प्रेम, सेवा और सदाचार के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। आचार्य ने कहा कि मानव जीवन तभी सार्थक है, जब उसमें करुणा, सत्य और सेवा का समावेश हो। सात दिवसीय इस धार्मिक आयोजन के निवेदक मंदिर प्रबंधक देवराज सिंह रहे। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, कलाकारों, महिला मंडल एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की व्यवस्था और संचालन में महिला मंडल की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही, जिसमें पंखुरी अग्रवाल और लक्ष्मी अग्रवाल का विशेष योगदान रहा।
सूरत क्राइम ब्रांच से भोपाल लाए गए राजू ईरानी को आखिरकार कोर्ट से राहत मिल गई है। भोपाल की विशेष अदालत ने मंगलवार को उसे 15 हजार रुपए के मुचलके पर जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। विशेष न्यायाधीश पल्लवी द्विवेदी की कोर्ट ने जमानत मंजूर की है। कोर्ट में राजू की ओर से पैरवी करते हुए एडवोकेट जफर रजा ने दलील दी कि मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है। ऐसे में आरोपी को जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए। बचाव पक्ष की दलीलों को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने राजू को जमानत दे दी। सूरत से रिकॉर्ड पर लेकर लाई थी पुलिसमामले में भोपाल पुलिस 11 जनवरी को राजू ईरानी को सूरत क्राइम ब्रांच से रिकॉर्ड पर लेकर भोपाल पहुंची थी। इसके बाद कोर्ट में पेशी के दौरान राजू को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था। इस दौरान कोर्ट परिसर से बाहर निकलते समय राजू ने जल्द छूटने का दावा भी किया था। रिमांड खत्म होने के बाद भेजा गया था जेलपुलिस रिमांड पूरी होने के बाद 17 जनवरी को राजू को दोबारा कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन के लिए जेल भेज दिया था। इसके बाद शनिवार को बचाव पक्ष की ओर से जमानत आवेदन लगाया गया। यह खबर भी पढ़ें...भोपाल के ईरानी डेरे का कुख्यात राजू कौन? भोपाल में लुटेरे, चोर और ठगों का पनाहगार ईरानी डेरा यूं ही बदनाम नहीं है, यहां रहने वाले करीब 70 परिवारों में हर एक घर में किसी न किसी का क्रिमिनल रिकॉर्ड है। ये न केवल मध्य प्रदेश बल्कि देश के 12 राज्यों में आपराधिक वारदातों को अंजाम देते आए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें...
राजधानी भोपाल की जिला अदालत ने पूर्व शादियों की जानकारी छिपाकर विवाह करने के एक गंभीर मामले में अहम फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपी महिला हसीना को दोषी मानते हुए दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह निर्णय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मेघा अग्रवाल की अदालत द्वारा दिया गया। मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 82(2) के अंतर्गत सिद्ध पाया गया, जबकि धारा 82(1) में संदेह का लाभ दिया गया। इस प्रकरण के फरियादी तबरेज उल्लाह स्वयं पेशे से अधिवक्ता हैं और जिला न्यायालय भोपाल में प्रैक्टिस करते हैं। उन्होंने अदालत के समक्ष पूरा घटनाक्रम बयान किया, जिसके आधार पर ट्रायल आगे बढ़ा और सजा तक मामला पहुंचा। 27 मई 2022 को हुआ निकाह, सिर्फ एक पति की दी जानकारीफरियादी तबरेज उल्लाह ने बताया कि उन्होंने 27 मई 2022 को हसीना से निकाह किया था। विवाह से पहले महिला ने यह जानकारी दी थी कि उसका केवल एक पूर्व पति सलमान है और उससे उसका तलाक हो चुका है। इसी जानकारी के आधार पर फरियादी ने विवाह के लिए सहमति दी। उस समय महिला ने अपने वैवाहिक जीवन से जुड़ा कोई अन्य तथ्य सामने नहीं रखा। शादी के एक से डेढ़ महीने बाद बदला व्यवहारफरियादी के अनुसार, शादी के एक से डेढ़ महीने बाद ही महिला का व्यवहार पूरी तरह बदलने लगा। घर में आए दिन विवाद, झगड़े और असामान्य गतिविधियां सामने आने लगीं। इसी दौरान महिला ने अपनी बेटियों को भी अपने साथ घर में बुला लिया। इसके बाद मां और बेटियों द्वारा मिलकर फरियादी और उनके भाई के साथ लगातार विवाद, तनाव और मानसिक दबाव की स्थिति बनती चली गई। भाई पर बढ़ता मानसिक दबाव, फिर आत्महत्यातबरेज उल्लाह ने अदालत को बताया कि महिला और उसकी बेटियों द्वारा किए जा रहे निरंतर विवाद और प्रताड़ना का सबसे अधिक असर उनके भाई पर पड़ा। लगातार तनाव, झगड़े और पारिवारिक अशांति के कारण भाई मानसिक रूप से टूटता चला गया। अंततः वह इस दबाव को सहन नहीं कर सका और उसने आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद पूरे मामले की गंभीरता और महिला की पृष्ठभूमि को लेकर संदेह और गहराया। पूछताछ में सामने आया कई शादियों का सचभाई की मृत्यु के बाद जब फरियादी ने महिला की पृष्ठभूमि को लेकर गहराई से पूछताछ और जांच की, तब यह तथ्य सामने आया कि महिला ने उनसे पहले केवल एक नहीं बल्कि कई लोगों से विवाह किया था। जांच में जिन नामों का खुलासा हुआ, उनमें शमशेर, मतलूब हसन, सलमान और साबिर शामिल हैं। फरियादी के अनुसार, इन शादियों के संबंध में महिला ने उनसे कभी पूरी सच्चाई साझा नहीं की थी। पूर्व पतियों से तलाक के प्रमाण नहींट्रायल के दौरान यह भी सामने आया कि महिला ने अपने किसी भी पूर्व पति से वैधानिक तलाक के दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए। इसके बावजूद उसने नया विवाह किया और अपने पिछले वैवाहिक संबंधों की जानकारी छिपाई। यही तथ्य इस मामले का मुख्य आधार बना। धारा 494 और 495 में परिवाद, कोर्ट ने लिया संज्ञान इन परिस्थितियों के बाद फरियादी तबरेज उल्लाह ने जिला न्यायालय भोपाल में धारा 494 और 495 के तहत परिवाद प्रस्तुत किया। अदालत ने परिवाद का संज्ञान लिया, प्रकरण पंजीबद्ध किया गया और नियमित ट्रायल प्रारंभ हुआ। उज्जैन और भोपाल से जुटाए दस्तावेज ट्रायल के दौरान फरियादी ने महिला के पूर्व वैवाहिक मामलों से जुड़े कई दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए। इनमें— कोर्ट को भ्रमित करने की कोशिशकोर्ट की कार्यवाही के दौरान जब महिला से यह प्रश्न किया गया कि मतलूब, सलमान और साबिर क्या उसके पति हैं, तो उसने यह कहकर अदालत को भ्रमित करने का प्रयास किया कि ये तीनों नाम एक ही व्यक्ति के हैं। हालांकि वह इस दावे के समर्थन में कोई ठोस दस्तावेज या प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकी। चार निकाह से जुड़े दस्तावेज और शपथ पत्र पेशफरियादी ने अदालत में चार अलग-अलग निकाह से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए। इसके साथ ही एक शपथ पत्र भी पेश किया गया, जिसे न्यायालय ने साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया। इन दस्तावेजों से यह स्पष्ट हुआ कि महिला ने अपने पूर्व वैवाहिक संबंधों की जानकारी छिपाकर नया विवाह किया। 19 जनवरी 2026 को सुनाया गया फैसलासभी साक्ष्यों, प्रमाणित प्रतिलिपियों और गवाहों के अवलोकन के बाद 19 जनवरी 2026 को न्यायालय ने निर्णय सुनाया। अदालत ने माना कि महिला ने पूर्व पतियों से तलाक लिए बिना विवाह किया और अपने वैवाहिक इतिहास को जानबूझकर छिपाया। इस आधार पर उसे धारा 82(2) के तहत दोषी ठहराया गया। दो साल का कठोर कारावास, फिलहाल जमानतअदालत ने महिला को दो साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। हालांकि सजा के बाद उसे निचली अदालत से जमानत दे दी गई है और अपील दायर करने के लिए समय प्रदान किया गया है।
सितंबर 2025 में वाहन चेंकिग के दौरान जबलपुर में पूर्व महापौर और एक पुलिस आरक्षक के बीच जमकर विवाद हुआ। इस मामले पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने साफ कहा था कि जब थानों में पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो वे आम जनता को सुरक्षा कैसे देंगे। मामले पर मंगलवार को एक बार फिर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस की कोर्ट ने इस पूरे मामले की जांच एसटीएफ द्बारा कराए जाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि आगामी सुनवाई जो कि 17 फरवरी को होगी, उसमें सीलबंद लिफाफे के साथ जांच रिपोर्ट पेश की जाए। जबलपुर निवासी अधिवक्ता मोहित वर्मा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करते हुए कोर्ट को बताया कि पूर्व महापौर प्रभात साहू ने पुलिसकर्मी के साथ अभद्रता की थी। कोर्ट में यह भी दलील दी गई कि पूर्व महापौर के द्वारा वर्दी फाड़ने का स्पष्ट वीडियो भी वायरल होने के बावजूद उनके व समर्थकों के विरुद्ध राजनीतिक दबाव में नामजद रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। हाईकोर्ट के पूर्व निर्देश के परिपालन में मंगलवार को लार्डगंज थाना प्रभारी दोनों पक्षों की ओर से दायर कराई गई एफआईआर व केस डायरी के साथ उपस्थित हुए। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि दोनों शिकायत में सही व निष्पक्ष जांच नहीं की गई है। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार दोनों प्रकरणों में सही व निष्पक्ष जांच नहीं हुई है। इस अवलोकन के साथ नई व्यवस्था दे दी गई है कि अब इस मामले की जांच एसटीएफ करेगी। यह था पूरा घटनाक्रमजनहित याचिकाकर्ता के अनुसार पूर्व महापौर प्रभात साहू को लार्डगंज थाना अंतर्गत बल्देव बाग के समीप वाहन सितंबर 2025 को चेकिंग दौरान पुलिसकर्मी ने बिना हेलमेट पहने वाहन चलाते हुए रोका था। पूर्व महापौर अपना परिचय देते हुए पुलिसकर्मी के साथ अभद्रता करने लगे। इसके कुछ ही देर बाद समर्थकों के हुजूम एकत्र हो गया। याचिका में आरोप है कि सरेराह पुलिसकर्मी की वर्दी फाड़ दी थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल भी हुआ था। इसके बावजूद राजनीतिक दबाव के कारण ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी के विरुद्ध नामजद एफआईआर दर्ज करते हुए उसे निलंबित कर दिया गया। पुलिसकर्मी की शिकायत पर अज्ञात आरोपितों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है। वायरल वीडियो में आरोपितों की शिनाख्त स्पष्ट है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि लार्डगंज थाने में अपराध क्रमांक 525/2025 और 526/2025 की जांच तत्काल प्रभाव से एसटीएफ जबलपुर को स्थानांतरित की जाती है। कोर्ट का यह भी मानना है कि स्थानीय पुलिस पर पहले से ही पक्षपात और दबाव के आरोप लग रहे थे, ऐसे में उस एजेंसी से निष्पक्ष जांच की अपेक्षा नहीं की जा सकती। अदालत ने एसटीएफ को निर्देश दिए गए हैं कि वह सभी तथ्यों, वीडियो फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट, केस डायरी और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर स्वतंत्र जांच करें और अगली सुनवाई तक रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश करें, ताकि किसी भी तरह की छेड़छाड़ या प्रभाव की संभावना ना रहे। इससे पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने याचिका पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि जब पुलिसकर्मी सुरक्षित नहीं तो वह आम जनता को कैसे सुरक्षा प्रदान करेंगे। कोर्ट ने लार्डगंज थाना प्रभारी को निर्देशित किया था, कि वे अगली सुनवाई में दर्ज की गई दोनों एफआईआर व केस डायरी के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे। कोर्ट ने पूर्व महापौर व पुलिस अधीक्षक जबलपुर को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा था। ये खबर भी पढ़ें... पूर्व महापौर और ट्रैफिक पुलिस में झड़प जबलपुर के बलदेव बाग चौराहे पर गुरुवार रात उस समय हंगामा हुआ जब पूर्व भाजपा महापौर प्रभात साहू का ट्रैफिक आरक्षक से जोरदार विवाद हो गया। घटना के बाद पूर्व महापौर के समर्थकों ने मौके पर ही धरना देकर सड़क जाम कर दिया। जिससे तनाव का माहौल पैदा हो गया। इस तरह से महापौर समर्थकों ने जाम लगा दिया।पूरी खबर पढ़ें
ग्वालियर में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी है। मोबाइल और पैसों के लेनदेन पर तीन बदमाशों ने उसे बेरहमी से पीटा था। जब वह बेहोश हो गया तो हमलावर भाग गए। सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और उस पर पानी छिड़क कर घर ले गए। घर कपड़े बदलकर सुला दिया। काफी देर तक उसे सोता समझकर किसी ने परेशान नहीं किया, लेकिन शाम को जब उसे जगाना चाहा तो वह नहीं जागा। तत्काल परिजन हॉस्पिटल लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना मंगलवार दोपहर से शाम तक के बीच शिव शक्ति नगर घासमंडी ग्वालियर की है। घटना के बाद परिजन ने हंगामा कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर डेड हाउस में रखवा दिया है। बुधवार को शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। पुलिस इस मामले में हत्या का मामला दर्ज कर रही है। तीनों हमलावरों को हिरासत में ले लिया है। बेहोश होने तक पीटते रहे तीनोंशहर के उपनगर ग्वालियर के शिव शक्ति नगर निवासी 28 वर्षीय नरेंद्र पिता मुन्नालाल बाथम के घर के पास ही जगदीश बाथम, बल्लू बाथम व राकेश बाथम रहते हैं। ऐसा पता लगा है कि नरेंद्र के यह लोग दूर के रिश्ते में भाई लगते हैं। इनके बीच एक मोबाइल और पैसों के लेन-देन पर विवाद चल रहा है। नरेंद्र को इन तीनों से पैसे और मोबाइल लेना था। मंगलवार दोपहर नरेंद्र इनके घर पहुंचा और मोबाइल और रुपयों की मांग की, जिस पर यह तीनों आक्रोशित हो गए और गाली गलौज करने लगे। विवाद बढ़ा तो तीनों ने नरेंद्र से मारपीट शुरू कर दी। उसे जमीन पर पटककर पेट, चेहरे पर लात घूसे मारते चले गए। हमलावर जब तक मारते रहे तब तक कि नरेंद्र बेहोश नहीं हो गया। उसके बेहोश होते ही तीनों हमलावर वहां उसे वैसा ही पड़ा छोड़कर भाग गए। परिजन पानी डालकर उसे होश में लाएघटना का पता चलते ही नरेंद्र के परिजन वहां पहुंचे। उसे बेहोश पड़ा देखकर तत्काल उस पर पानी का छिड़काव किया तो उसकी चेतना लौटी। इसके बाद घर ले जाकर उसके कपड़े बदलकर उसे सुला दिया। परिजन ने सोचा कि वह ठीक है, लेकिन शाम को जब परिजन उसे उठाने पहुंचे तो वह बिस्तर पर मृत पड़ा था। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था। परिजन उसे तत्काल हॉस्पिटल ले गए। यहां अस्पताल में डॉक्टर ने नब्ज टटोलते ही उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन ने किया हंगामा, पुलिस ने तीन आरोपी पकड़ेअस्पताल में डॉक्टरों ने जैसे ही नरेंद्र को मृत घोषित किया तो परिजन ने हंगामा खड़ा कर दिया। हंगामा की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर जांच डेड हाउस में रखवा दिया है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने तीनों हमलावर जगदीश, बल्लू और राकेश को पकड़ लिया है।
जूही में किराना दुकानदार के बंद घर में सोमवार देर रात घुसे चोरों ने नकदी और जेवर समेत 5 लाख रुपए का माल पार कर ले गए। चोराें ने आस–पड़ोस के मकानों की बाहर से कुंडी लगाकर वारदात को अंजाम दिया। घटना की जानकारी के बाद पड़ोसियों ने रिश्तेदार की मदद से दुकानदार को सूचना दी। दुकानदार साढ़ू की बेटी के निकाह में शामिल होने के लिए परिवार समेत उन्नाव गया था। इधर, दुकानदार ने घर पहुंचने के बाद पुलिस को सूचना दी। 21 जनवरी को साढ़ू की बेटी होना है निकाह परमपुरवा में रहने वाले मो. शोएब की घर में किराना की दुकान हैं। परिवार में पत्नी शबा परवीन, बेटे मो.उमर व मो. जुबैर और बेटी जुमैरा हैं। शोएब के मुताबिक उनके साढ़ू की बेटी का निकाह 21 जनवरी को है, इसलिए वह परिवार समेत सोमवार को घर पर ताला लगाकर उन्नाव के रहीमाबाद गए थे। मंगलवार सुबह उनके घर के सामने रहने वाले नसीर ने अपना मेनगेट खोलने की कोशिश की तो वह बाहर से बंद था। इस पर उन्होंने एक रिश्तेदार की मदद से दरवाजा खुलवाकर बाहर निकले तो देखा कि उनके घर का दरवाजा खुला पड़ा था। उन्होंने आवाज दी, लेकिन कोई जवाब न मिलने पर उन्हें चोरी की शंका हुई। इसके बाद नसीर ने पड़ोस में रहने वाले उनके बुआ के बेटे जीशान को सूचना दी। जीशान ने घर में आकर देखा तो अंदर कमरों के ताले टूटे हुए थे और सामान बिखरा हुआ था। अलमारियों के लॉकर टूटे पड़े मिले इसके बाद नसीर ने उन्हें फोन करके घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंचे तो अलमारियों के लाकर टूटे हुए थे और उसमें रखे तीन तौला सोने के जेवर, दो जोड़ी चांदी की पायल और 60 हजार रुपये नकद गायब थे। जूही थाना प्रभारी केके पटेल ने बताया कि चोरी का मुकदमा दर्ज कर चोरों की तलाश में टीमें लगी है। जल्द खुलासा किया जाएगा।
स्कूल छत से गिरी छात्रा, प्राचार्य ने मामला दबाया:6 दिन से बिना इलाज घर पर, मां के पास पैसे नहीं
पेंड्रा के शासकीय हाई स्कूल भांडी में एक आदिवासी छात्रा स्कूल की छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। आरोप है कि प्राचार्य ने मामले को दबाने की कोशिश की और छात्रा को तत्काल इलाज नहीं मिला। यह घटना 15 जनवरी, गुरुवार को हुई जब कक्षा 9वीं की छात्रा संतोषी स्कूल की छत पर पढ़ाई कर रही थी। घायल छात्रा संतोषी दर्द से तड़पती हुई अपने सहपाठियों के साथ घर पहुंची। दो दिन बाद, जब उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, तो एक्स-रे में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई। हालांकि, रिपोर्ट आने के बाद भी उसे न तो प्लास्टर चढ़ाया गया और न ही कोई दवा दी गई। परिजनों का आरोप है कि उन्हें एक्स-रे रिपोर्ट की कॉपी भी नहीं दी गई, जो केवल प्राचार्य के मोबाइल में थी। मामला बढ़ने पर दोबारा एक्स-रे कराया गया और छात्रा को सिर्फ पट्टी बांधकर घर पर आराम करने को कहा गया। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) रजनीश तिवारी ने इस मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं, छात्रा की मां ने बताया कि उनके पति नहीं हैं और वह मजदूरी करके दो बेटियों का पालन-पोषण करती हैं। उनके पास बेटी के इलाज के लिए पैसे नहीं हैं, जिसके कारण संतोषी पिछले 6 दिनों से बिना उचित उपचार के घर पर है।
कांकेर में सड़क सुरक्षा अभियान शुरू:वाहन चालकों को जागरूक करने 31 जनवरी तक बनेंगे लर्निंग लाइसेंस
कांकेर जिले में 37वां सड़क सुरक्षा यातायात जागरूकता अभियान 20 जनवरी से शुरू हो गया है। परिवहन विभाग कांकेर और यातायात विभाग द्वारा संयुक्त रूप से यह अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है। इस अभियान के तहत जिले के सभी ब्लॉकों में शिविर लगाकर लर्निंग लाइसेंस बनाए जा रहे हैं। इन शिविरों में लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों की भीड़ देखी जा रही है। लर्निंग लाइसेंस बनवाने का शिविर आयोजित चारामा थाना परिसर के सामने भी 20 जनवरी से लर्निंग लाइसेंस बनवाने का शिविर आयोजित किया जा रहा है। यह शिविर 31 जनवरी तक संचालित रहेगा। गुप्ता परिवहन सुविधा केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, 20 जनवरी को 85 लर्निंग लाइसेंस के आवेदन प्राप्त हुए। अभियान का मुख्य उद्देश्य वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना और बिना लाइसेंस वाहन चलाने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाना है। जिन नागरिकों के पास अभी तक ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है, वे निर्धारित अवधि में शिविरों में पहुंचकर अपना लाइसेंस बनवा सकते हैं। जिला परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने आम जनता से इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। इसका लक्ष्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है।
गोरखपुर में रोड चौड़ीकरण और लाइन शिफ्टिंग कार्य के चलते बुधवार को कई विद्युत उपकेंद्रों के 11 KV फीडरों की आपूर्ति निर्धारित समय के लिए बाधित रहेगी। विद्युत विभाग के अनुसार, कार्य के दौरान उपभोक्ताओं से पानी आदि की अग्रिम व्यवस्था रखने की अपील की गई है। कार्य के दौरान विद्युत उपकेंद्र यूनिवर्सिटी के 11 KV पार्क रोड एवं टेलीफोन फीडर, विद्युत उपकेंद्र राप्तीनगर के 11 KV रामजानकी नगर एवं फेस फोर फीडर, विद्युत उपकेंद्र रुस्तमपुर के 11 KV राजीव नगर फीडर, विद्युत उपकेंद्र धर्मशाला के 11 KV काली मंदिर फीडर, विद्युत उपकेंद्र सरदार नगर के 11 KV भउवापार फीडर तथा विद्युत उपकेंद्र कैंपियरगंज की आपूर्ति बुधवार सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बाधित रहेगी। खोराबार उपकेंद्र पर अलग समय वहीं विद्युत उपकेंद्र खोराबार की आपूर्ति बुधवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक बाधित रहेगी। 33/11 KV खोराबार उपकेंद्र से निकलने वाले सभी 11 KV फीडरों की आपूर्ति भी इसी दौरान प्रभावित रहेगी। तकनीकी कार्य के लिए किया गया शटडाउन विभाग के अनुसार, इस अवधि में नए 5 MVA पावर परिवर्तक से संबंधित केबल जोड़ने आदि तकनीकी कार्य संपन्न किए जाएंगे। कार्य पूरा होने के बाद आपूर्ति को सामान्य रूप से बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
बर्रा थाने से भागा 50 हजार का इनामी बदमाश विपिन टेढ़ी आखिर दो माह बाद पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरोपी हनुमंत विहार स्थित भाजपा विधायक के बेहद करीबी के गेस्ट हाउस में छिपा था। एसटीएफ और बर्रा पुलिस ने सोमवार रात संयुक्त कार्रवाई करते हुए गेस्ट हाउस में छापेमारी करते हुए आरोपी को दबोच लिया। हिस्ट्रीशीटर विपिन टेढ़ी पर 16 से अधिक गंभीर धाराओं के मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद इनामी बोला कि– मैं हाथ जोड़ कर माफी मांगता हूं, मुझसे जो भी गलती हुई, दोबारा नहीं होगी। नवंबर में वीरा मैगी प्वाइंट पर की थी ताबड़तोड़ छापेमारी बर्रा क्षेत्र के वीरा मैगी प्वाइंट पर बीते नवंबर माह में हिस्ट्रीशीटरों की ताबड़तोड़ फायरिंग से इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में जुटी थी, तभी वरदान गैलेक्सी के पास हिस्ट्रीशीटरों के जुटने की जानकारी मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपियों ने फायरिंग कर दी थी। मामले में दो बाइकें जब्त करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया था। मामले में अभिषेक कारतूस, विपिन टेड़ी, साहिल शर्मा उर्फ मुसीबत, अंशुल यादव फरार हो गए थे। बर्रा पुलिस विपिन टेढ़ी को पकड़ कर थाने लाई, हालांकि वह पुलिस हिरासत से फरार हो गया था। जिसके बाद से उसकी तलाश चल रही थी। बर्रा इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बर्रा आठ निवासी विपिन ठाकुर उर्फ विपिन टेढ़ी की तलाश में पुलिस व एसटीएफ लगी थीं। सोमवार रात हिस्ट्रीशीटर के हनुमंत विहार क्षेत्र के अर्रा स्थित सिद्धि विनायक गेस्ट हाउस में छिपे होने की सूचना मिली। टीम ने दबिश देकर उसे वहां से गिरफ्तार किया।
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) पर देर रात उस समय हड़कंप मच गया, जब सायरन और लाल बत्ती लगी एक तेज रफ्तार कार दौड़ती हुई दिखाई दी। यातायात नियमों के उल्लंघन की आशंका पर ट्रैफिक इंस्पेक्टर अजय यादव ने तुरंत कार का पीछा करना शुरू किया। कुछ किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पुलिस ने चेकिंग के दौरान कार को रोक लिया। जांच में सामने आया कि कार में कोई भी सरकारी अधिकारी मौजूद नहीं था, जबकि उस पर लाल बत्ती और सायरन लगे हुए थे। कार चला रहे युवक ने अपनी पहचान अब्दुल खालिद के रूप में बताई। उसने पुलिस को जानकारी दी कि यह कार आम्रपाली पैलेटियम सोसाइटी निवासी ऋचा चौधरी की है, जो गौतमबुद्धनगर के विकास भवन में लिपिक के पद पर कार्यरत हैं। पूछताछ में पता चला कि खालिद देर रात विकास भवन में मत्स्य विभाग में तैनात ऋचा चौधरी की कार को खड़ी करने के बहाने ले आया था। इसके बाद उसके कुछ दोस्त भी कार में सवार हो गए। आरोप है कि सभी युवक नशे की हालत में थे। उन्होंने गौतमबुद्धनगर से लाल बत्ती खरीदी और उसे कार पर लगाकर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर सायरन बजाते हुए गाड़ी दौड़ाने लगे। ट्रैफिक इंस्पेक्टर अजय यादव ने बताया कि कार पर काली फिल्म भी लगी हुई थी, जो नियमों का उल्लंघन है। जब कार को रोका गया और अंदर देखा गया, तो कोई भी अधिकारी या अधिकृत व्यक्ति मौजूद नहीं था। नियमों के गंभीर उल्लंघन को देखते हुए पुलिस ने कार का 19,500 रुपये का चालान किया और गाड़ी को जब्त कर लिया। कार में सवार सभी आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए विजयनगर थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सरकारी पहचान और अधिकारों का गलत इस्तेमाल करना एक गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चौकी इंचार्ज पर अधिवक्ता को धमकाने का आरोप:झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी, एसएसपी से शिकायत
सुभाषनगर थाना क्षेत्र में एक अधिवक्ता ने चौकी इंचार्ज पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अधिवक्ता विशाल गोस्वामी ने दावा किया है कि एक चौकी इंचार्ज ने उन्हें और उनके परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी है। यह धमकी उनके द्वारा पुलिस विभाग में शिकायत दर्ज कराने के बाद दी गई। अंगूरी गांव निवासी अधिवक्ता विशाल गोस्वामी ने एसएसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि सुभाषनगर थाने के एक चौकी इंचार्ज ने उनके भाई के खिलाफ गलत और मनमानी कार्रवाई की थी। इस मामले में अधिवक्ता ने 14 जनवरी को ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी। अधिवक्ता के अनुसार, उनकी शिकायत दर्ज कराने से नाराज चौकी इंचार्ज ने उन्हें और उनके परिवार को झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी। अधिवक्ता का आरोप है कि यह अधिकारों का दुरुपयोग है और शिकायतकर्ता को डराने का प्रयास है। विशाल गोस्वामी ने एसएसपी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित चौकी इंचार्ज के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इस घटना के बाद अधिवक्ता समुदाय में भी नाराजगी देखी जा रही है।
ई-रिक्शा मालिक ने चोरी का नाटक रचा:किश्तें न भरने के लिए खुद ही बन गया 'चोर', पुलिस ने किया खुलासा
हरदोई में एक ई-रिक्शा मालिक ने अपनी किश्तें चुकाने से बचने के लिए खुद ही अपने रिक्शा की चोरी की झूठी कहानी गढ़ी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस मामले का भंडाफोड़ करते हुए आरोपी को रिक्शा सहित गिरफ्तार कर लिया है। शहर के रामनगरिया लक्ष्मीपुरवा निवासी विजय गुप्ता ने 15 जनवरी को पुलिस को तहरीर दी थी। उसने बताया था कि बरगावां के पास रिक्शा खड़ा कर वह सामान लेने गया था, तभी अज्ञात चोरों ने उसका ई-रिक्शा चुरा लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान, घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर विजय की भूमिका संदिग्ध पाई गई। पुलिस ने जब उससे सख्ती से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और पूरी सच्चाई सामने आ गई। विजय ने पुलिस को बताया कि उसने पिछले साल 30 अगस्त को 1 लाख 60 हजार रुपये में ई-रिक्शा खरीदा था। 40 हजार रुपये नकद देने के बाद शेष 1 लाख 20 हजार रुपये के लिए 7500 रुपये की 16 किश्तें तय हुई थीं। वह अब तक 7 किश्तें (लगभग 74 हजार रुपये) जमा कर चुका था, लेकिन शेष 46 हजार रुपये का बकाया चुकाने में असमर्थ था। फाइनेंस कंपनी के लगातार तगादे से बचने के लिए उसने रिक्शा चोरी होने की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने की साजिश रची, ताकि उसे बची हुई किश्तें न चुकानी पड़ें। शहर पुलिस ने आरोपी विजय गुप्ता को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर छिपाकर रखा गया ई-रिक्शा बरामद कर लिया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि झूठी सूचना देकर विभाग को गुमराह करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अयोध्या में पहली बार मातेश्वरी परिवार की ओर से अश्वमेघ यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। बालू घाट पर आठ से 16 फरवरी तक यह यज्ञ चलेगा। इसकी तैयारियां बालू घाट पर शुरू कर दी गई हैं। यज्ञ के तहत 8 फरवरी को बालू घाट से कलश यात्रा निकाली जाएगी। नया घाट से कलश में जल भरकर यात्रा लता चौक, छोटी छावनी होती हुई यज्ञ स्थल पर पहुंचेगी। मातेश्वरी शक्ति पीठ के पीठाधीश्वर का प्रवचन होगा संस्था के राष्ट्रीय महासचिव आचार्य धर्मानंद पांडेय ने बताया कि 9 फरवरी से सुबह ध्यान योग शिविर, हवन-पूजन तथा शाम को सत्संग का आयोजन होगा। मातेश्वरी शक्ति पीठ के पीठाधीश्वर का प्रवचन होगा। यज्ञ के लिए एक मुख्य कुंड के साथ ब्रह्मा-विष्णु-महेश के लिए 3 कुंड होंगे। इसके साथ ही अन्य कुंड भी होंगे जिनमें श्रद्धालु हवन करेंगे। 15 फरवरी को सरयू की महाआरती होगी। बालू घाट पर यज्ञ के लिए मंडप बनाने का काम तेज उन्होंने बताया कि आयोजन में बैकांक, थाईलैंड, दिल्ली, मुंबई के साथ ही देश के अन्य हिस्से से भी श्रद्धालुओं की भागीदारी होगी। अंतरराष्ट्रीय मातेश्वरी महाधाम दोहरी घाट मऊ में पूरे आयोजन की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। कोलकाता के कारीगरों की ओर से बालू घाट पर यज्ञ के लिए मंडप बनाने का काम तेज गति से चल रहा है। उन्होंने बताया कि यह सातवां अश्वमेघ यज्ञ मातेश्वरी परिवार की ओर से आयोजित है।
कैनविज कंपनी पर ठगी का बड़ा खुलासा:प्लॉट के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी, 30 लोग नामजद
बरेली में कैनविज कंपनी और उसके संचालक कन्हैया गुलाटी पर संगठित ठगी का बड़ा नेटवर्क चलाने का आरोप लगा है। कंपनी पर प्लॉट देने के नाम पर लाखों रुपये हड़पने और न जमीन देने, न पैसा लौटाने का आरोप है। बारादरी पुलिस ने इस मामले में एक और मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लालपुर बाजार निवासी राधा समेत दर्जनों पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि कन्हैया गुलाटी और कंपनी के अन्य सदस्यों ने प्लॉट दिलाने का झांसा दिया। पीड़ितों से 25 हजार से लेकर 10 लाख रुपये तक की रकम नकद और ऑनलाइन माध्यम से वसूली गई। आरोप है कि महीनों बीतने के बाद भी न तो प्लॉट का कब्जा मिला और न ही कोई वैध दस्तावेज दिया गया। पीड़ितों के अनुसार, जब उन्होंने अपनी जमा की गई राशि वापस मांगी, तो कंपनी के लोगों ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। कुछ पीड़ितों को जान से मारने की धमकी भी दी गई, जिसके कारण वे चुप रहने को मजबूर हो गए थे। अब कई पीड़ित एकजुट होकर प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। सीओ के निर्देश पर बारादरी पुलिस ने कन्हैया गुलाटी, राधिक गुलाटी, गोपाल गुलाटी, कंपनी के डायरेक्टर प्रमोद परिहार, मुख्य व्यवस्थापक जगतपाल मौर्य और आशीष महाजन सहित 20 से 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस कंपनी के खिलाफ पहले भी शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं, जिससे ठगी का यह मामला बड़े पैमाने पर होने की आशंका जताई जा रही है।
मंदिर परिसर में महिला से मारपीट:बरेली में पूजा करने जा रही महिला पर हमला, केस दर्ज
बरेली के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में मंदिर परिसर में एक महिला से मारपीट का मामला सामने आया है। 19 जनवरी की शाम पूजा करने जा रही गुलाबनगर निवासी सविता सक्सेना पर विजय मिश्रा और मन्नु नामक व्यक्ति ने हमला कर दिया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सविता सक्सेना के अनुसार, वह अपनी नियमित पूजा के लिए मंदिर जा रही थीं। इसी दौरान विजय मिश्रा ने उन्हें मंदिर के गेट पर रखी सीढ़ी हटाने को कहा। महिला ने बताया कि यह सीढ़ी एक पेंटर द्वारा रखी गई थी और वह अकेले उसे हटाने में असमर्थ थीं। आरोप है कि इसी बात को लेकर विजय मिश्रा ने गाली-गलौज करते हुए सविता सक्सेना के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस घटना के दौरान मन्नु नामक व्यक्ति भी मौके पर मौजूद था। मारपीट में महिला घायल हो गईं। पीड़िता की शिकायत के बाद प्रेमनगर पुलिस ने विजय मिश्रा और मन्नु के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
साइबर ठगों ने अब पुलिसकर्मियों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ताजा घटना में, पुलिस लाइन स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात एक हेड कांस्टेबल के बैंक खाते से साइबर अपराधियों ने लगभग 99 हजार रुपये निकाल लिए। हेड कांस्टेबल इदरीश खान ने बताया कि 11 नवंबर को उनके खाते से बिना किसी ओटीपी, कॉल या अलर्ट मैसेज के अचानक पैसे कटने लगे। कुछ ही मिनटों के भीतर, पांच अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से कुल 98,999 रुपये निकाल लिए गए। पैसे कटने की जानकारी मिलते ही हेड कांस्टेबल ने तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर क्राइम टीम की त्वरित कार्रवाई से 25 हजार रुपये होल्ड करा दिए गए, जिससे आंशिक राहत मिली। हालांकि, शेष रकम अभी भी साइबर ठगों के पास है। उनकी तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने खाते से जुड़ी डिजिटल गतिविधियों की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगों ने बिना ओटीपी या कॉल के किस तकनीक का उपयोग करके रकम निकाली।
बिहार की बांकीपुर सीट से पांच बार के विधायक नितिन नवीन को मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी का 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। 45 वर्षीय नितिन नवीन अब 46 साल पुरानी भाजपा की कमान संभालेंगे। नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की घोषणा होते ही देशभर के साथ-साथ कटिहार में भी जश्न का माहौल देखा गया। कटिहार के शहीद चौक पर भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज राय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने खुशी मनाई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़े, अबीर-गुलाल लगाया और एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाईं। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री निखिल चौधरी, जिला उपाध्यक्ष बबन झा, बबलू गुप्ता, बिट्टू घोष, श्वेता राय, छाया तिवारी, रीना झा, दिलीप चंद्रवंशी, महेंद्र झा, प्रियंका सिंह, सौरभ मालाकार, भास्कर सिंह, राम यादव और प्रमोद महतो सहित कई भाजपा नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे। नितिन नवीन को 14 दिसंबर 2025 को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इसके बाद वह निर्विरोध पार्टी अध्यक्ष चुने गए। नए अध्यक्ष के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें माला पहनाकर बधाई दी। नितिन नवीन बिहार सरकार में पथ निर्माण मंत्री रह चुके हैं। वह पटना की बांकीपुर सीट से 2006 से लगातार पांचवीं बार विधायक चुने गए हैं। उनके पिता नवीन किशोर सिंह भी भाजपा के एक बड़े नेता थे। नितिन नवीन ने छात्र नेता के रूप में अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था और लंबे समय से भाजपा संगठन के लिए काम कर रहे हैं। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष मनोज राय ने कहा कि विश्व के सबसे बड़े संगठन भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त होने पर कार्यकर्ताओं में अपार खुशी है। उन्होंने नितिन नवीन को 'बिहार का लाल' बताते हुए कहा कि युवा जोश और संकल्प के साथ उन्होंने एक छोटे कार्यकर्ता से लेकर पांच बार के विधायक, बिहार सरकार में विभिन्न विभागों के मंत्री और संगठन में कई महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया है।
लखनऊ के कानपुर रोड स्थित सिटी मॉन्टेसरी स्कूल में सोमवार आगजनी की कोशिश की गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि आग स्कूल के ही एक छात्र के भाई ने लगाई है जो हादसे में घायल हो गया था। स्कूल के सुरक्षा इंचार्ज पवन गोसाई के अनुसार 19 जनवरी 2026 को सुबह करीब 4:15 बजे स्कूल के गेट नंबर-2 पर तैनात गार्ड प्रकाश दास ने सूचना दी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने गेट के अंदर ज्वलनशील पदार्थ फेंक दिया, जिससे आग लग गई। सूचना मिलते ही गार्ड प्रकाश दास ने तत्काल मौके पर मौजूद अन्य गार्ड राजेश मिश्रा को बुलाया और दोनों ने मिलकर आग पर काबू पा लिया। इसके बाद घटना की जानकारी नोडल अधिकारी बसंत बल्लभ पांडे को दी गई। मामले की शिकायत कृष्णा नगर थाने में की गई। एसीपी कृष्णा नगर रजनीश वर्मा ने बताया घटना के खुलासे के लिए टीम लगाई गई। इस दौरान एक युवक को गिरफ्तार किया। युवक की पहचान जानकीपुरम निवासी राजदीप शुक्ला (25) के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपी ने बताया सीएमएस स्कूल में उसके भाई पर बास्केटबॉल पोल गिर गया था। जिस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जिसका बदला लेने के लिए घटना को अंजाम दिया। पहले हादसे के समय की तस्वीर देखिए... लखनऊ के राजाजीपुरम निवासी एडवोकेट कुलदीप शुक्ला का छोटा बेटा अक्षय 10 नवंबर 2025 को स्कूल कैंपस में बास्केटबॉल खेल रहा था। उसी दौरान उसके सिर पर बास्केटबॉल पोल गिर गया था। इस घटना में उसके सिर और आंख पर गंभीर चोट आई। उसे आनन-फानन में पहले नजदीक के निजी हॉस्पिटल ले जाया गया था, पर हालत बिगड़ने के बाद उसे KGMU ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया था। अब पढ़िए बड़े भाई ने जो कहा था... मेरा भाई कैप्टन था, जिससे चिढ़ता है 9वीं का स्टूडेंट दैनिक भास्कर से बातचीत में अक्षय के बड़े भाई और लॉ स्टूडेंट राजदीप कहते हैं- ICU में अक्षय को सात दिन बाद होश आया। घटना के दिन सुबह 7 बजे पिता अक्षय को स्कूल छोड़कर आए थे। सुबह स्कूल टाइमिंग से पहले 1 घंटे के लिए स्कूल में स्टूडेंट्स की टीम बास्केटबॉल की प्रैक्टिस करती है। अक्षय उस टीम का कैप्टन है। मैच के दौरान 9वीं क्लास के ऑरोजीत नाम का स्टूडेंट खेलना चाहता था, पर और स्टूडेंट्स अच्छे खिलाड़ी थे, इसलिए उसे टीम में खेलने का मौका नहीं मिला। इस बात से नाराज होकर, खुन्नस में आकर उसने बास्केटबॉल के उस मूवेबल पोल से बैलेंस के लिए रखे वेट लात मारकर हटा दिए। जिस कारण बास्केट बॉल पोल डिस बैलेंस होकर अक्षय के सिर पर गिर गया। सभी भाई-बहनों में सबसे तेज है अक्षयदीप रोते हुए राजदीप कहते हैं- 2 टन से ज्यादा के वजन का पोल मेरे भाई के सिर पर गिरने से उसके ब्रेन में डीप इंजरी आ गई। उसका स्कल क्रैक हो गया। वो कई दिनों तक बेहोशी में रहा, 7 दिन बाद डॉक्टर किसी तरह उसे होश में ला सके। उसका दिमाग सही रहेगा या नहीं ये कह नहीं सकते। राजदीप के मुताबिक, अक्षय ऑलराउंडर रहा है। दसवीं में उसके 95% से ज्यादा नंबर थे। वह स्पोर्ट्स में भी खूब एक्टिव था। स्कूल बास्केटबॉल टीम का कैप्टन है। इसके अलावा वह बेहतरीन स्केच आर्टिस्ट भी है। वह टीशर्ट पर भी स्केच के जरिए बेहतरीन आर्ट बना लेता था। वह सभी भाई-बहनों में सबसे ज्यादा टैलेंटेड है। उस दिन अचानक हुई इस घटना से उसका जीवन और पूरा करियर संकट में है। डर है कि कहीं वह अपनी याददाश्त न खो दे। यह हादसा नहीं, अटेंप्ट टू मर्डर का केस भाई के साथ हुई ये घटना कोई हादसा नहीं है, ये एक सोची समझी साजिश है। यह अटेंप्ट टू मर्डर का केस है। स्कूल प्रशासन इस पूरी घटना को छिपा रहा है। CCTV फुटेज भी हमें दिखाने से मना किया जा रहा है। मौके से DVR निकालकर अलग रख दिया गया है। इस पूरे मामले को CMS दबा रहा है। जो छात्र मेरे भाई अक्षय के साथ खेल रहे थे और मौके पर मौजूद थे, उन सभी ने बताया कि ऑरोजीत घोष नाम के लड़के ने इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया है। कृष्णानगर पुलिस को तहरीर देकर FIR दर्ज करने की मांग की थी राजदीप कहते है कि मेरे माता पिता दोनों ही हार्ट पेशेंट है और परिवार की आर्थिक स्थिति भी बहुत मजबूत नहीं है। पर भाई के साथ हुई इस जानलेवा घटना की शिकायत मैंने खुद कृष्णा नगर थाने में कंप्लेंट देकर की है। पुलिस को तहरीर देकर दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया है। मुझे उम्मीद है कि मेरे भाई को जरूर न्याय मिलेगा। यह था पूरा मामला 10 नवंबर को CMS के LDA कॉलोनी ब्रांच में बास्केटबॉल खेलते समय अचानक एक भारी बास्केटबॉल पोल अचानक से अक्षय दीप के ऊपर गिर पड़ा, जिससे उसके गंभीर सिर की चोट (हेड इंजरी) आई। घटना के तुरंत बाद उन्हें किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां उनकी हालत को देखते हुए आपातकालीन उपचार शुरू किया गया। ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो सर्जरी विभाग में चला इलाज अस्पताल में न्यूरोसर्जरी विभाग की टीम ने सीटी स्कैन सहित सभी आवश्यक परीक्षण किए। जांच में पाया गया कि चोट अत्यंत गंभीर है और ऑपरेशन से सुधार की कोई संभावना नहीं है। अक्षय को तत्काल वेंटिलेटर की आवश्यकता थी, जिसके बाद उन्हें ट्रॉमा वेंटिलेटरी यूनिट में भर्ती किया गया था।
दतिया के परासरी उपस्वास्थ्य केंद्र पर पदस्थ सीएचओ डॉ. नेहा श्रीवास्तव ने सीएमएचओ डॉ. बीके वर्मा पर मानसिक प्रताड़ना और अपमानजनक शब्दों के प्रयोग का गंभीर आरोप लगाया है। डॉ. श्रीवास्तव के अनुसार, सीएमएचओ द्वारा बैठकों में उनके प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती हैं। इन आरोपों के बाद, सोशल मीडिया पर डॉ. श्रीवास्तव का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसके जवाब में सीएमएचओ डॉ. वर्मा ने आरोपों को झूठा बताते हुए खंडन जारी किया है। यह मामला तब सामने आया जब सीएमएचओ डॉ. वर्मा ने सोमवार को परासरी उपस्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया और अनुपस्थित पाए जाने पर डॉ. श्रीवास्तव को नोटिस जारी किया। डॉ. श्रीवास्तव का दावा है कि वे सीएमएचओ के ही आदेश पर अन्यत्र ड्यूटी पर थीं और इससे पहले स्वीकृत अवकाश पर थीं। उनके पास इसके लिखित आदेश भी मौजूद हैं। वायरल वीडियो में डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि वे सीएमएचओ के कारण अत्यधिक मानसिक दबाव में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उन्हें कुछ होता है तो इसके लिए सीएमएचओ जिम्मेदार होंगे। पांच दिन की सैलरी काटने का निर्देश दिया थासूत्रों के अनुसार, इस विवाद की जड़ 24 दिसंबर को सीएमएचओ डॉ. वर्मा द्वारा जारी किया गया एक आदेश है। इस आदेश में विभिन्न कार्यक्रमों में प्रगति न होने के कारण सीएचओ का 5 दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया गया था। सीएचओ ने इस आदेश का विरोध करते हुए सीएमएचओ कार्यालय को ज्ञापन सौंपा था, जिसमें उन्होंने अपने कार्य को बेहतर बताते हुए मूल वेतन से राशि न काटने का अनुरोध किया था। माना जा रहा है कि यही विरोध उन्हें भारी पड़ गया। इस मामले पर सीएमएचओ डॉ. बीके वर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, यह तो चोरी और सीनाजोरी है। कैचअप राउंड था। मौके पर नहीं मिलीं तो नोटिस दिया। नियमानुसार जवाब देना चाहिए था। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें डॉ. श्रीवास्तव के खिलाफ मौखिक शिकायतें भी मिल रही थीं। डॉ. वर्मा ने आरोप लगाया कि डॉ. श्रीवास्तव ने आज (मंगलवार) ही ग्वालियर से कार में बैठकर अटेंडेंस लगाई है और वे कलेक्टर को सभी साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे।
आरसीपी सिंह को ललन सिंह ने कहा, जो लोग संगठन को कमजोर करते हैं, उनके लिए पार्टी में कोई जगह नहीं
जदयू की ताकत उसके समर्पित पार्टी कार्यकर्ताओं से आती है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में पार्टी लगातार मजबूत हुई है।
बलरामपुर में जमीन विवाद में बुजुर्ग की हत्या:पुलिस ने भतीजे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रामचंद्रपुर थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग की हत्या का खुलासा हुआ है। पुलिस ने जमीन विवाद के चलते हुए इस हत्याकांड में मृतक के भतीजे को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। यह घटना 15 जनवरी 2026 को हुई थी। कालिकापुर निवासी अनिल यादव (22) ने 15 जनवरी 2026 को रामचंद्रपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके दादा देवशरण यादव उर्फ लुखुर यादव गाय-भैंस चराने गए थे, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटे। तलाश के दौरान कुरसा नाला के ऊपर टांड में उनका शव मिला, जिसका गला काटकर हत्या की गई थी। जमीन और झाड़-फूंक को लेकर रंजिश इस मामले में रामचंद्रपुर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। बलरामपुर पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी रामानुजगंज के मार्गदर्शन में एक टीम गठित की गई। जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मृतक का भतीजा देवकुमार यादव उनसे जमीन और झाड़-फूंक को लेकर रंजिश रखता था। आरोपी ने जुर्म कबूला पुलिस ने कालिकापुर निवासी आरोपी देवकुमार यादव (38) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि जमीन विवाद, सामाजिक अपमान और झाड़-फूंक के काम में प्रतिस्पर्धा के कारण वह मृतक से लंबे समय से नाराज था। आरोपी ने योजना बनाकर घटना वाले दिन कुरसा नाला के पास कुल्हाड़ी से देवशरण यादव के सिर और गले पर वार कर उनकी हत्या कर दी। पुलिस को आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले हैं। इसके आधार पर देवकुमार यादव को 20 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले की आगे की विवेचना जारी है।
रोहतास जिले के तिलौथू स्थित 119 मुख्य सड़क पर मंगलवार को स्थानीय बाजार में यातायात जाम लग गया। इस जाम में सरकारी अस्पताल की एक एंबुलेंस लगभग 30 मिनट तक फंसी रही, जिससे उसमें मौजूद मरीज को अस्पताल पहुंचाने में देरी हुई। जाम इतना गंभीर था कि एंबुलेंस न तो आगे बढ़ पा रही थी और न ही पीछे हट पा रही थी। इस स्थिति के कारण मरीज को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में बाधा उत्पन्न हुई। इस घटना ने क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता पर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय निवासियों बालाजी सोनी, प्रभु कुमार, मितलेश विश्वकर्मा और नंदन कुमार के अनुसार, जाम का मुख्य कारण अव्यवस्थित यातायात और सड़क किनारे खड़े वाहन हैं। दुकानदारों टिंकू सिंह, राजू शाह, अनिल सिंह और हरेंद्र कुमार सहित ग्रामीणों ने इस समस्या पर नाराजगी व्यक्त की। इस संबंध में स्थानीय अंचलाधिकारी हर्ष हरि ने बताया कि इस यातायात समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जाएगा।
खगड़िया में परबत्ता प्रखंड के कन्हैयाचक गांव में आयोजित कन्हैयाचक प्रीमियर लीग (KPL) सीजन-4 का फाइनल मुकाबला तेमथा टीम ने अपने नाम कर लिया। इस मैच का उद्घाटन मंगलवार को परबत्ता के पूर्व विधायक डॉ. संजीव कुमार और खगड़िया-बेगूसराय क्षेत्र के एमएलसी राजीव कुमार ने संयुक्त रूप से किया। फाइनल मैच का विधिवत शुभारंभ फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर मैदान में खिलाड़ियों और दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे पूरे इलाके में उत्सव का माहौल बन गया। युवाओं द्वारा आयोजित इस टूर्नामेंट की सराहना की उद्घाटन समारोह में अतिथियों ने युवाओं द्वारा आयोजित इस टूर्नामेंट की सराहना की। एमएलसी राजीव कुमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे खेल आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने खेल को शारीरिक विकास के साथ-साथ टीमवर्क, धैर्य और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का माध्यम बताया। अतिथियों ने प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए समाज और जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील भी की। टीम 19 ओवर में 267 रन बनाकर ऑलआउट हो गई फाइनल मुकाबला कन्हैयाचक और तेमथा की टीमों के बीच खेला गया। टॉस जीतकर तेमथा के कप्तान गोलू मिश्रा ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। कन्हैयाचक की ओर से ओपनर बल्लेबाज काजू ने शानदार शतक लगाया। हालांकि, अन्य बल्लेबाज बड़ा स्कोर नहीं बना सके और पूरी टीम 19 ओवर में 267 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। लक्ष्य का पीछा करने उतरी तेमथा की टीम की ओर से रितेश ने बेहतरीन शतक जड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अंतिम ओवर में जीत के लिए 16 रनों की आवश्यकता थी, जिसे बल्लेबाज सिमरन ने लगातार तीन छक्के लगाकर पूरा कर दिया। इस जीत के साथ तेमथा ने ट्रॉफी अपने नाम की। मेरा शेर आया जैसे नारों से खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया मैच के दौरान डॉ. संजीव कुमार के समर्थकों ने मेरा शेर आया जैसे नारों से खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया, जिससे मैदान में जोश और उमंग का माहौल बना रहा। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान डॉ. संजीव कुमार ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए मौजूदा नेतृत्व पर कमीशनखोरी के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कमीशन के चलते कई योजनाएं ठप पड़ी हैं और विकास कार्यों में गति नहीं दिख रही है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए विरोधी को “एक्सीडेंटल विधायक” बताया और कहा कि जनता सब कुछ देख रही है।कार्यक्रम के बाद डॉ. संजीव कुमार ने नयागांव और डुमरिया खुर्द का दौरा किया, जहां उन्होंने स्थानीय नागरिकों, युवाओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा विकास से जुड़े सुझाव प्राप्त किए। ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
बीएमपी परिसर में मिला कर्मी का शव:दरभंगा में खाना बनाने का करते थे काम, बेटा बोला- तनाव में थे
दरभंगा में आज खाना बनाने का काम करने वाले 40 साल की कर्मी संजय सिंह का शव एक पुराने जर्जर भवन में फंदे से लटका मिला। मामला बहादुरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बीएमपी-13 परिसर का है। मृतक संजय सिंह सारण जिले के मांझी थाना क्षेत्र अंतर्गत कटोखर गांव के निवासी थे और बीते करीब 20 साल से बीएमपी-13 में खाना बनाने का काम कर रहे थे। परिजनों के अनुसार, संजय सिंह लंबे समय से मानसिक बीमारी से ग्रसित थे, जिनका इलाज उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में चल रहा था। संजय सिंह 18 जनवरी से ही घर से लापता थे। परिजनों और सहकर्मियों ने उनकी काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इससे पहले भी वे कई बार अचानक लापता हो जाते थे और कुछ घंटों बाद लौट आते थे, लेकिन इस बार दो दिनों तक घर न लौटने से परिजन काफी चिंतित थे। मंगलवार को बीएमपी-13 स्थित उनके आवास के सामने पुराने जर्जर भवन की छत से लटका उनका शव दिखाई दिया। परिजनों ने नहीं की पुलिस से शिकायत सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।अब तक परिजनों की ओर से पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। मृतक के बेटे मनीष सिंह ने बताया कि उनके पिता करीब 20 साल से मानसिक रोग से पीड़ित थे।इलाज के दौरान उनकी कुछ दवाइयां खत्म हो चुकी थीं, जिस कारण वे छुट्टी के लिए अधिकारियों से गुहार लगा रहे थे, लेकिन छुट्टी नहीं मिलने से वह काफी तनाव में थे।मृतक के दो बेटे मनीष सिंह और आयुष सिंह तथा एक बेटी अंशिका कुमारी हैं,तीनों नाबालिग हैं। बहादुरपुर थानाध्यक्ष प्रसुंजय कुमार ने बताया कि सूचना मिलने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेजा गया और बाद में परिजनों को सौंप दिया गया है।परिजनों की ओर से अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। डीएसपी दिलीप कुमार झा ने बताया कि जिस पुराने भवन में शव मिला,वह जर्जर हो चुका था, इसलिए विभाग की ओर से सामने स्थित दूसरा आवास उन्हें आवंटित किया गया था,जहां वे रह भी रहे थे। आत्महत्या के कारणों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है, हालांकि सहकर्मियों के अनुसार वे अक्सर मानसिक तनाव में रहते थे। मृतक को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया है और तत्काल सहायता राशि उनके परिजनों को दी गई है। इसके साथ ही एक सब-इंस्पेक्टर और पुलिसकर्मी को शव के साथ गांव भेजा गया है।घटना के बाद बीएमपी-13 परिसर में शोक का माहौल है।
जयपुर में एक महिला मरीज की एड्रिनल ग्लैंड के जटिल एवं दुर्लभतम कैंसर ट्यूमर की सर्जरी की गई। झुंझुनूं निवासी मरीज रहमत बानो (39) का हाई ब्लड प्रेशर लगभग 250 तक रहता था। इससे अत्यधिक ब्लड लॉस होने से हीमोग्लोबिन कम हो गया था। मरीज को विभिन्न शारीरिक समस्याएं बढ़ रही थी। डॉक्टरों ने जांच में देखा कि किडनी के ऊपर स्थित एड्रिनल ग्लैंड में 10 सेमी. का कैंसर ट्यूमर था। यूरोलॉजिस्ट डॉ. राकेश शर्मा ने बताया कि वर्ल्ड लिटरेचर में इस तरह का दुर्लभतम एवं जटिल केस का कोई लिटरेचर रिकॉर्ड नहीं है। संभवतः अपनी तरह का यह पहला सफल केस है। फिजीशियन डॉ. मधुलिका और कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रघुराज स्वामी ने ऑपरेशन से पहले बीपी मैनेज किया। इसके बाद एसआरके ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के कार्डियक सर्जन डॉ. गौरव गोयल, महिला यूरोलॉजिस्ट डॉ. दीक्षा चौधरी और एनेस्थोलॉजिस्ट डॉ. दीपाली ने यूरोलॉजिस्ट डॉ. राकेश शर्मा के निर्देशन में सर्जरी शुरू की। 12 मिनट में किडनी में ब्लड का सर्कुलेशन शुरूडॉ. राकेश ने बताया- ट्यूमर में से थ्रोम्बस निकलकर रीनल वेन से होता हुआ आईवीसी तक पहुंच चुका था। यदि ट्यूमर थ्रोम्बस लंग या हार्ट तक पहुंच जाए तो मरीज की जान जा सकती है। ऐसे में सर्जरी के बाद ट्यूमर और ट्यूमर थोम्बस को निकाला। वहीं रीनल वेन की रिपेयरिंग की। डॉ. राकेश शर्मा ने बताया- इस दौरान किडनी में ब्लड का सर्कुलेशन शुरू करने के लिए सिर्फ 30 मिनट का समय था, जिसे पूरी टीम ने सिर्फ 12 मिनट में पूरा किया एवं किडनी को भी बचाया। मरीज अब पूरी तरह ठीक है एवं जल्द ही उसे डिस्चार्ज किया जाएगा।
लुधियाना के हैबोवाल के गोपाल नगर इलाके में एक पड़ोसी युवक ने नाबालिगा के साथ रेप करने का मामला सामने आया है ।परिवार का आरोप है की आरोपी युवक ने नाबालिगा को जबरन अपने घर में बंधक बनाकर रखा और उसके साथ रेप की कोशिश की।पुलिस ने पीड़ित के परिजनों की शिकायत पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
बीपीएम की नौकरी से हटाए गए अभ्यर्थियों ने मंगलवार को पटना स्थित भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अपनी बहाली की मांग को लेकर सड़क पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के कारण कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना था कि उन्हें बिना स्पष्ट कारण बताए नौकरी से हटा दिया गया है। कई अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि वर्षों तक सेवा देने के बाद अचानक अनुबंध समाप्त कर देना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि उनके भविष्य के साथ भी खिलवाड़ है। अभ्यर्थियों का कहना था कि वे पूरी निष्ठा से काम कर रहे थे और उनकी सेवा में किसी तरह की गंभीर कमी नहीं बताई गई। न्याय की मांग, सरकार पर लगाए आरोप प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बीपीएम पद पर कार्यरत रहते हुए उन्होंने ग्रामीण विकास से जुड़ी कई योजनाओं को सफलतापूर्वक जमीन पर उतारा। इसके बावजूद बिना किसी पूर्व सूचना के सेवा समाप्ति का आदेश जारी कर दिया गया। अभ्यर्थियों ने मांग की कि सरकार इस फैसले की समीक्षा करे और उन्हें पुनः बहाल किया जाए। कुछ अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। आज बीजेपी कार्यालय के बाहर नितिन नवीन सर से मिलने आये है. वो हमारी बात को सुने। प्रशासन की सक्रियता, प्रदर्शन शांत प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने अभ्यर्थियों से बातचीत की और उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि उनकी मांगों को संबंधित विभाग और सरकार तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन समाप्त किया और शांतिपूर्वक वहां से हट गए।
भोपाल में एक सड़क हादसे में इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में पदस्थ निरीक्षक के बेटे की मौत हो गई। घटना के श्यामला हिल्स इलाके में टीटीटीआई (ट्रिपल टीटीआई) के पास की है। सोमवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे बोलेरो की टक्कर से ऑटो पलट गया। जिससे ऑटो में सवार मां और बेटे उछलकर सड़क पर जा गिरे। गंभीर रूप से घायल चार साल के बच्चे को अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। श्यामला हिल्स थाना प्रभारी भूपेंद्र कौल सिद्दू ने बताया कि बोलेरो के अचानक मुड़ने से टक्कर हुई है। मामले में आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया है, जांच जारी है। ऑटो से शहर की ओर जा रहे थे मां-बेटापुलिस के अनुसार, नेहा पटेरिया अपने चार साल चार महीने के बेटे यशोवर्धन पटेरिया के साथ ऑटो से स्मार्ट सिटी रोड होते हुए शहर की तरफ जा रही थीं। वे 23वीं बटालियन क्षेत्र से सवार हुई थीं। जैसे ही ऑटो टीटीटीआई के सामने पहुंचा, वहीं एक कोरियर कंपनी से अटैच बोलेरो अचानक मुड़ी और सामने से ऑटो में टक्कर मार दी। टक्कर से ऑटो सवार उछल गएहादसे के बाद नेहा और उनका बेटा ऑटो से उछलकर सड़क पर गिर पड़े। ऑटो चालक भी बुरी तरह फंस गया, उसे पैर में फ्रैक्चर आया है। आसपास मौजूद लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन बच्चे को बचाया नहीं जा सका। नेहा को चोटें आई थी। उन्हें आईसीयू में रखा है, हालत अब स्थिर है। मर्ग के बाद केस दर्ज, चालक गिरफ्तारश्यामला हिल्स थाना पुलिस ने सोमवार को मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। पीएम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर मंगलवार को आरोपी बोलेरो चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। 3 महीने पहले ही हुआ था ट्रांसफरनिरीक्षक सचिन पटेरिया मूल रूप से शिवपुरी जिले के निवासी हैं। वे पहले भोपाल की सातवीं वाहिनी में पदस्थ थे और करीब तीन महीने पहले उनका तबादला इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में हुआ था। परिवार भोपाल में ही रह रहा था। उनकी सात साल की बेटी और चार साल का बेटा यहीं पढ़ाई कर रहे थे। सोमवार दोपहर बेटी के ट्यूशन जाने के बाद नेहा बेटे के साथ ऑटो से पॉलिटेक्निक चौराहे की ओर निकली थीं।
रोहतास थाना परिसर में मंगलवार शाम करीब 5 बजे 2026 में आयोजित होने वाली सरस्वती पूजा के मद्देनजर शांति समिति की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता रोहतास अंचल अधिकारी सुशी कुमारी ने की, जबकि थाना प्रभारी भूषण प्रसाद ने मंच संचालन और व्यवस्था संभाली। इस दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना लाइसेंस के किसी भी पूजा समिति को पंडाल लगाने की अनुमति नहीं मिलेगी। सभी पंडालों में डीजे के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और किसी भी प्रकार के अश्लील या आपत्तिजनक गाने बजाना सख्त मना होगा। अधिकारियों ने जोर दिया कि पूजा के दौरान शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बैठक में विभिन्न पूजा समितियों के अध्यक्ष, सदस्य, स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने शांतिपूर्ण आयोजन में प्रशासन को सहयोग करने का आश्वासन दिया।
ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 थाना क्षेत्र में शराब पीने के दौरान हुए विवाद में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मृतक की पत्नी की शिकायत पर तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी गई शिकायत में मृतक की पत्नी संध्या ने बताया कि उनके पति क्षेत्रपाल 18 जनवरी की रात करीब 9:30 बजे अपने साथियों शिव, जितेंद्र, अभिषेक और रोहित के साथ सुनील भाटी के मकान में कमरा नंबर 61 व 62 के पास शराब पी रहे थे। इसी दौरान किसी बात पर विवाद शुरू हुआ, जो जल्द ही मारपीट में बदल गया। आरोप है कि रोहित, जितेंद्र और अभिषेक ने मिलकर क्षेत्रपाल के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें तत्काल जिम्स अस्पताल ले गए, जहां से गंभीर हालत के चलते उन्हें यथार्थ अस्पताल रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान रविवार सुबह क्षेत्रपाल की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर बीटा-2 थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। मृतक की पत्नी की तहरीर पर नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। बीटा-2 कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है।
तलवार लेकर घर में घुसा हमलावर:दुकानदार परिवार पर हमला, वारदात सीसीटीवी में कैद
बरेली में एक दुकानदार के परिवार पर तलवार से जानलेवा हमला किया गया। इज्जतनगर थाना क्षेत्र में हुई यह वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है। चंद्रमणि नगर निवासी राजाराम ने बताया कि 18 जनवरी की शाम वह अपनी परचून की दुकान पर बैठे थे। तभी मोहल्ले का अविनाश उर्फ कालिया तलवार लेकर वहां पहुंचा। आरोपी ने बिना किसी उकसावे के राजाराम पर तलवार से हमला कर दिया। अपनी जान बचाने के लिए राजाराम किसी तरह घर में घुस गए, लेकिन हमलावर ने पीछा नहीं छोड़ा। आरोपी अविनाश ने घर का दरवाजा तोड़ दिया और अंदर घुसकर राजाराम के परिवार के अन्य सदस्यों पर भी तलवार से हमला किया। घर में चीख-पुकार मच गई और पूरा परिवार दहशत में आ गया। हमले की यह पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। आसपास के लोग जब मौके पर पहुंचे, तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गया। घटना के बाद मोहल्ले में भय का माहौल है। पीड़ित की तहरीर पर इज्जतनगर पुलिस ने अविनाश उर्फ कालिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है।
चोरी के आरोप में किशोरी को पीटा:पिटाई से दुखी होकर घर छोड़कर भागी, पुलिस कर रही तलाश
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में चोरी के आरोप में एक 14 वर्षीय किशोरी को पहले दुकानदार ने पीटा, फिर घर पर मां और नानी ने भी उसकी पिटाई की। इस घटना से आहत होकर किशोरी घर से भाग निकली। परिजनों ने चकेरी थाने में गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस किशोरी की तलाश कर रही है। नेताजी नगर कुम्हार मंडी निवासी पूनम शर्मा ने बताया कि उनकी 14 वर्षीय बेटी पूर्वी कक्षा 7 की छात्रा है। रविवार सुबह करीब 11 बजे पूर्वी इलाके की परचून की दुकान से सामान लेने गई थी। आरोप है कि दुकान में महिला दुकानदार के अंदर जाने पर पूर्वी ने गुल्लक उठाकर पैसे निकाल लिए और गुल्लक वहीं फेंककर घर आ गई। दुकान मालकिन ने गुल्लक गायब देखा तो सीसीटीवी फुटेज चेक किया, जिसमें पूर्वी चोरी करती दिखी। इसके बाद महिला दुकानदार ने पूर्वी को 3-4 थप्पड़ मारे और उसके घर शिकायत लेकर पहुंची। घर पर डांटने पर पूर्वी ने चोरी की बात कबूल कर ली। इसके बाद नानी और मां ने भी उसकी पिटाई की। पिटाई और अपमान से आहत होकर किशोरी ने घर के पास की दीवार कूदकर भागने का प्रयास किया। इस दौरान वह गिर गई, जिससे उसके सिर में चोट लग गई। मौका मिलते ही वह वहां से भाग निकली। काफी देर तक घर न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। मां पूनम शर्मा ने आसपास और रिश्तेदारों से जानकारी ली, लेकिन पूर्वी का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने चकेरी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि चोरी के मामले की जानकारी नहीं है, लेकिन प्राथमिकी दर्ज कर किशोरी की तलाश की जा रही है।
छात्रों की मेहनत लाई रंग:वर्चुअल ड्राइव में 10 छात्रों को मिला 5 लाख रुपये का पैकेज
छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर में मंगलवार को श्री सीमेंट की वर्चुअल कैंपस ड्राइव सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के मार्गदर्शन और ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के निदेशक डॉ. प्रवीण भाई पटेल के सहयोग से अंतिम वर्ष के B.Tech छात्रों को रोजगार के सुनहरे अवसर मिले। ड्राइव का आयोजन 19 जनवरी 2026 को किया गया था। चयन प्रक्रिया में कुल 5 राउंड शामिल थे। एप्टीट्यूड टेस्ट, साइकोमेट्रिक टेस्ट, ग्रुप डिस्कशन, तकनीकी राउंड और एचआर इंटरव्यू। इस प्रक्रिया के बाद छात्रों को 5.00 लाख रुपये वार्षिक CTC के पैकेज पर नौकरी के प्रस्ताव मिले। इस ड्राइव में B.Tech MEE के छात्र श्रजल कटियार का चयन हुआ। श्रजल ने बताया कि “पहले राउंड का एप्टीट्यूड टेस्ट थोड़ा चुनौतीपूर्ण था, लेकिन तैयारी और आत्मविश्वास ने मुझे आगे बढ़ने में मदद की। 5 लाख रुपये का पैकेज पाकर बहुत खुशी हुई।” इसी तरह, B.Tech ECE के छात्र अपूर्व भदोरिया ने भी अपनी सफलता पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, “वर्चुअल इंटरव्यू अनुभव बहुत अच्छा रहा। तकनीकी राउंड और HR राउंड में अपनी योग्यता दिखाना मेरे लिए रोमांचक अनुभव था। 5 लाख रुपये वार्षिक पैकेज मेरे करियर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।” इस ड्राइव में 10 छात्रों का चयन हुआ जबकि 1 छात्रा को प्रतीक्षा सूची में रखा गया। B.Tech CHE के छात्रों में सतीश कुमार वर्मा, जैद खान और इकरा निसार भी चयनित हुए। डॉ. प्रवीण भाई पटेल ने छात्रों को मेहनत और आत्मविश्वास से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी और बताया कि ऐसे वर्चुअल ड्राइव्स छात्रों के करियर को नई दिशा देते हैं। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के छात्र वालंटियर्स ने भी सक्रिय योगदान दिया। उनके सहयोग से आयोजन पूरी तरह अनुशासित और सफल रहा। सफल छात्रों की इस उपलब्धि ने विश्वविद्यालय में उत्साह और प्रेरणा का माहौल बना दिया है।
मुकदमा वापस न लेने पर युवक को पीटा, गिरफ्तार:आरोपी ने घर के बाहर की थी फायरिंग, दर्ज कराया था केस
कानपुर के रावतपुर में मुकदमा वापस न लेने पर युवक ने साथियों संग मिलकर युवक की पिटाई कर दी। मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार शाम को उसे जेल भेजा गया है। रावतपुर थाना क्षेत्र के गुप्ता कालोनी कर्बला मैदान के पास रहने वाले शकील के घर पर पुराने विवाद के चलते डेढ़ वर्ष पहले फैजान ने गोली चलाई थी। घटना सीसी कैमरे में कैद हुई थी। जिसके बाद शकील ने फैजान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपित फैजान को जेल भेजा था। शकील का आरोप है कि सोमवार रात को फैजान अपने साथियों संग उसके घर के पास पहुंचा और मुकदमा वापस लेने की धमकी देते हुए गाली गलौज की और उसके साथ मारपीट की है।पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर फैजान को गिरफ्तार कर लिया और उसे जेल भेजा गया है। वर्चस्व को लेकर होता है अक्सर विवाद रावतपुर के में दोनों के बीच अक्सर अपना दब दबा क़ायम रखने के लिये क्षेत्र में मारपीट करना और फायरिंग कर क्षेत्र में दहशत फैलाना जिससे उनका क्षेत्र में दबदबा बना रहे इसलिए आरोपी आये दिन इस तरह की घटना करते है, फिलहाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक आरोपी फ़ैजान को गिरफ्तार कर लिया। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। जल्द सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जायेगा। कल्याणपुर एसीपी आशुतोष कुमार ने बताया कि मुकदमा वापस लेने की धमकी और मारपीट के मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। दोनों का पहले भी विवाद हो चुका है। जिसमे फैज़ान जेल गया था। अभी एक की गिरफ्तारी कर ली गई।
गाजियाबाद चिकन प्वाइंट पर थूक लगाकर परोसी रोटियां:वीडियो वायरल होने पर कारीगर और मालिक गिरफ्तार
गाजियाबाद के गोविंदपुरम स्थित एक चिकन प्वाइंट पर ग्राहकों को थूक लगाकर रोटियां परोसने का मामला सामने आया है। इस घटना का खुलासा एक वीडियो से हुआ। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। यह घटना 19 जनवरी की रात कविनगर थाना क्षेत्र के गोविंदपुरम में हुई। स्थानीय लोगों ने चिकन प्वाइंट पर काम कर रहे कारीगर फैजान को रोटियां बनाते समय उन पर थूकते हुए देखा। थूक लगी रोटियां सीधे ग्राहकों को परोसी जा रही थीं। लोगों ने इस घटना का वीडियो बनाया और पुलिस को सूचना दी। यह चिकन प्वाइंट एक प्राचीन शिव मंदिर के पास स्थित है। मंदिर के पुजारी आचार्य शिवाकांत पांडेय ने पुलिस को लिखित शिकायत दी। उन्होंने अपनी शिकायत में इसे धार्मिक भावनाओं और सार्वजनिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली गंभीर हरकत बताया। पुलिस ने सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर आरोपी कारीगर फैजान और चिकन प्वाइंट के संचालक अमजद को हिरासत में लिया। दोनों आरोपी हापुड़ जनपद के धौलाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि संचालक को कारीगर की इस हरकत की जानकारी थी। एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ संक्रमण फैलाने, धार्मिक उन्माद भड़काने और सार्वजनिक स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
घाटमपुर के पतारा में सामने से आ रहे ट्रक से बचने में अनियंत्रित होकर डंपर खड्ड पलट गया। हादसे में डंपर चालक घायल हो गया, राहगीरों ने चालक को अपने वाहन से पतारा सीएचसी पहुंचाया। जहां डाक्टर ने प्राथमिक उपचार कर गंभीर हालत में चालक को कानपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस घटना की जांच पड़ताल कर रही है। घाटमपुर थाना क्षेत्र के कृपालपुर गांव निवासी 25 वर्षीय रवि प्रताप पुत्र स्व विनोद कुमार डंपर में जोहलूपुर मोड़ के पास से मौरंग लादकर गोंडा जा रहे थे, तभी देर रात घाटमपुर थाना क्षेत्र के पतारा कस्बे के पास पहुंचते ही सामने से ओवरटेक करके आ रहे ट्रक से बचने में डंपर अनियंत्रित होकर खड्ड में पलट गया। हादसे में डंपर चालक घायल हो गया, राहगीरों ने चालक को निजी वाहन से पतारा सीएचसी पहुंचाया। जहां डाक्टर ने प्राथमिक उपचार कर गंभीर हालत में चालक को कानपुर जिलास्पताल रेफर कर दिया। राहगीरों ने कानपुर सागर हाईवे के किनारे डंपर को खड्ड में पलटा पड़ा देखा, तो फोनकर घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने डंपर मालिक को फोनकर घटना की जानकारी देने के साथ जांच पड़ताल शुरू की है। घाटमपुर इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने बताया कि सूचना मिली थी, घायल को अस्पताल पहुंचाया गया है। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अलीगढ के छर्रा अड्डा पुल के पास पूर्वा एक्सप्रेस ट्रेन से गिरकर एक युवक गम्भीर रुप से घायल हो गया। उसको इलाज के लिए आरपीएफ ने जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया था। oहां उसकी मौत हो गई। सूचना पर परिजन मोर्चरी पहुंचे। पुलिस ने मंगलवार की शाम करीब 5 बजे तक पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया था। जिसके बाद परिजन शव दिल्ली ले गए। मामला जीआरपी थाना से जुड़ा है। उत्तर पूर्वी दिल्ली नरावल नगर के वाले 35 वर्षीय साेहिल ईवेंट का काम कर परिवार का भरण पोषण करते थे । वह सोमवार को अलीगढ में अपने एक रिश्तेदार के घर घूमने आए थे। रात में यहां से टूंडला जाने के लिए पूर्वा एक्सप्रेस ट्रेन में।सवार हुए । अलीगढ रेलवे स्टेशन से चलकर ट्रेन छर्रा अड्डा पुल के पास पहुंची थी।।तभी किसी तरफ वह ट्रेन से गिर कर घायल हो गए । उनके पैर कट गए । शोर शराबा सुनकर राहगीर एकत्र हो गए। सूचना और आरपीएफ मौके पर आ गई। गम्भीर हालत में उनको जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया । जहाँ उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई । जीआरपी ने मृतक के पास से मिले फोन और कागजात के जरिये घटना की जानकारी परिजनों को दी। परिजन मंगलवार को अलीगढ़ आ गए। मोर्चरी पहुंच कर मृतक की शिनाख्त कर ली । पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पंचायत नामा की कार्रवाई की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा। मौत की खबर से मृतक के परिवार में मातम छा गया ।
सहारनपुर पुलिस ने किसानों से करोड़ों की ठगी करने वाले एक गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने जैविक खाद प्लांट लगाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले चार आरोपियों की करीब 20 लाख रुपये की अवैध संपत्ति कुर्क की है। इसमें एक महिंद्रा XUV700 कार और छह लाख रुपये नकद शामिल हैं। यह धोखाधड़ी जय एग्रो बायो साइंसेज प्रा.लि. कंपनी के नाम पर की गई थी। थाना नानौता पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपियों की अपराध से अर्जित संपत्ति जब्त की है। यह कार्रवाई डीआईजी एसएसपी आशीष तिवारी के निर्देश पर जनपद में अपराध नियंत्रण और अवैध संपत्ति जब्ती के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। थाना नानौता पुलिस ने इस मामले में प्रभावी पैरवी की। एसपी देहात सागर जैन के अनुसार, आरोपियों ने किसानों और आम लोगों को जैविक खाद प्लांट लगाने का लालच देकर उनसे मोटी रकम वसूली थी। जांच में सामने आया कि यह पूरी योजना सुनियोजित धोखाधड़ी थी। थाना नानौता में इस संबंध में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था और चारों आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। विवेचना के दौरान यह भी पता चला कि आरोपियों ने ठगी से प्राप्त धनराशि से महंगी गाड़ियां और अन्य संपत्तियां खरीदी थीं। विवेचक एसआई जितेंद्र सिंह द्वारा कोर्ट में सशक्त पैरवी की गई, जिसके बाद अपर सिविल जज (जू.डि.)/जेएम, देवबंद ने आरोपियों द्वारा अवैध रूप से अर्जित चल संपत्ति और नकदी को कुर्क करने के आदेश दिए। एसपी देहात ने बताया कि ऐसी कार्रवाइयों का उद्देश्य न केवल अपराधियों पर शिकंजा कसना है, बल्कि समाज में यह संदेश देना भी है कि ठगी और जालसाजी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। सहारनपुर पुलिस का यह कदम किसानों और आम जनता के हितों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
जयपुर में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा- प्रदेश का हर नागरिक जागरूक होकर ऊर्जा संरक्षण के प्रति दायित्व को समझते हुए बिजली बचाने में योगदान दे। उन्होंने कहा- शहरीकरण एवं औद्योगिकीकरण के वर्तमान दौर में ऊर्जा संरक्षण की आवश्यकता बढ़ गई है। इसे लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा दे रही है। ऊर्जा मंत्री ने मंगलवार को कांस्टीट्यूशनल क्लब में राजस्थान ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार कार्यक्रम में यह कहा। उन्होंने कहा- ऊर्जा संरक्षण और आर्थिक प्रगति एक-दूसरे के पूरक हैं। ऊर्जा संरक्षण से जहां औद्योगिक इकाइयों की लागत में कमी आती है। वहीं उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ती है। नागर ने कहा- कई उद्योगों, संस्थानों, निकायों एवं व्यक्तियों ने ऊर्जा दक्षता को अपनाया। नई तकनीकों का उपयोग किया तथा ऊर्जा खपत और कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी लाई। वर्ष-2070 तक नेट जीरो का संकल्पऊर्जा मंत्री नागर ने कहा- राजस्थान नवीकरणीय ऊर्जा एवं ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष-2070 तक नेट जीरो तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। स्टेट एनर्जी एक्शन प्लानऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अजिताभ शर्मा ने कहा- राज्य सरकार द्वारा ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए स्टेट एनर्जी एक्शन प्लान के अंतर्गत प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा- ऊर्जा दक्षता एवं संरक्षण चुनौतीपूर्ण कार्य है, इसके लिए आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग की आवश्यकता है, जिससे प्रदेश को ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी बनाया जा सके। राजस्थान 42 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता के साथ देश का अग्रणी राज्यराजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रोहित गुप्ता ने कहा- राजस्थान 42 गीगावाट अक्षय ऊर्जा क्षमता के साथ देश का अग्रणी राज्य है। राज्य में बड़े पैमाने पर अक्षय ऊर्जा पार्क एवं सौर परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर एवं कुसुम योजना के माध्यम से विकेन्द्रीकृत सौर ऊर्जा को भी तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे में राज्य में ऊर्जा संरक्षण पर भी मजबूती से कार्य किया जा रहा है। कार्यक्रम में वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 के दौरान ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रयासों के लिए पांच प्रमुख श्रेणियों (उद्योग, व्यक्तिगत भवन, नगरीय निकाय भवन, सरकारी विभाग कार्यालय तथा व्यक्तिगत श्रेणी) में कुल 30 संस्थानों एवं व्यक्तियों को तथा 43 अन्य विजेताओं को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। सरकारी विभाग वर्ग की जिला कलेक्टर श्रेणी में वर्ष 2022-23 के अंतर्गत ‘प्रमोशन ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी इन डिफरेंट डिस्ट्रिक्ट’ के लिए वर्तमान अलवर जिला कलेक्टर डॉ. अर्तिका शुक्ला को प्रथम पुरस्कार दिया गया। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के 10 लाभार्थियों को इंडक्शन कुकटॉप बांटा गया।
हमीरपुर के बिवांर थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक नाबालिग लड़की का तमंचे के बल पर अपहरण कर लिया गया। वारदात बिच्छू गैंग से जुड़े एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी और उसके साथियों द्वारा अंजाम दी गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए आरोपियों का पीछा किया, जिसमें तीन आरोपियों को पकड़ लिया गया, जबकि मुख्य आरोपी किशोरी को लेकर विरमा नदी पार कर फरार हो गया। पीड़िता के पिता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि मंगलवार को उनकी 17 वर्षीय बेटी शौच के लिए जा रही थी। इसी दौरान गांव का रिंकू उर्फ डूंगर राजपूत अपने तीन साथियों—बउआ उर्फ शिवविशाल वर्मा, ऋषि यादव निवासी महेरा और दुर्गेश कुमार खंगार निवासी खड़ेहीलोधन—के साथ मौके पर पहुंचा। आरोप है कि आरोपियों ने तमंचे के बल पर किशोरी का अपहरण कर लिया और विरोध करने पर गोली मारने की धमकी दी। किशोरी के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आरोपियों का पीछा किया। पीछा करते-करते ग्रामीण दुर्गा मंदिर तक पहुंचे। इसी दौरान एक आरोपी नाले में गिरकर घायल हो गया। जब उसके दो साथी उसे उठाने लगे, तभी ग्रामीणों ने तीनों आरोपियों को दबोच लिया। वहीं मुख्य आरोपी रिंकू तमंचा लहराते हुए किशोरी को जबरन लेकर विरमा नदी पार कर फरार हो गया। हथियार बरामद, सर्च ऑपरेशन जारी पकड़े गए आरोपियों बउआ और दुर्गेश के पास से दो 315 बोर के तमंचे और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। सूचना मिलने पर मौदहा क्षेत्राधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने करीब तीन घंटे तक इलाके में सघन सर्च अभियान चलाया, लेकिन अपहृत किशोरी का कोई सुराग नहीं लग सका। घायल आरोपी ऋषि यादव को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पीड़िता के पिता की तहरीर पर चारों आरोपियों के खिलाफ अपहरण और मारपीट सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सीओ राजकुमार पांडेय ने बताया कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और किशोरी की सुरक्षित बरामदगी के लिए कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं और लगातार दबिश दी जा रही है।
सनातन धर्म इंटर कॉलेज, सदर मैदान पर चल रही चार दिवसीय स्वर्गीय चौधरी रणबीर सिंह मेमोरियल सेवेन-ए-साइड हॉकी प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला आज खेला गया। फाइनल में एसडी सदर टीम ने सीएबी कॉलेज टीम को 2-0 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। मैच के निर्धारित समय तक दोनों टीमें 0-0 की बराबरी पर रहीं, जिसके बाद परिणाम पेनल्टी शूटआउट से तय हुआ। शूटआउट में एसडी सदर की ओर से राघव प्रजापति और अमन शर्मा ने गोल दागे, जबकि सीएबी कॉलेज कोई भी प्रयास गोल में नहीं बदल सका। मुख्य अतिथि के रूप में विजन विद्यापीठ सिवाया के अध्यक्ष रविंद्र पाल विहान ने विजेता व उपविजेता टीमों को ट्रॉफी, सभी खिलाड़ियों को मेडल और उपहार देकर सम्मानित किया। विशिष्ट अतिथि के तौर पर विजन डेंटल मेरठ के निदेशक व प्रसिद्ध दन्त चिकित्सक डॉ. अर्जित विहान उपस्थित रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य अरुण गर्ग व हॉकी प्रशिक्षक जोगिंदर सिंह ने अतिथियों का स्वागत माल्यार्पण व स्मृति चिह्न प्रदान कर किया। कार्यक्रम में सभी अतिथियों ने स्वर्गीय रणबीर सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। प्रतियोगिता के आयोजक हॉकी प्रशिक्षक जोगिंदर सिंह ने बताया कि इस टूर्नामेंट का उद्देश्य नवोदित खिलाड़ियों को हॉकी की बारीकियाँ और कठिन परिस्थितियों में खेलने का अनुभव देना है, ताकि वे भविष्य में राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार हो सकें। प्रतियोगिता में जनपद की आठ टीमों ने निशुल्क सहभाग किया। मैन ऑफ द मैच अनुराग ठाकुर और मैन ऑफ द टूर्नामेंट अर्पित शर्मा चुने गए। निर्णायक की भूमिका कौशल चौधरी व जोगिंदर सिंह ने निभाई। वहीं सब-जूनियर कैटेगरी का फाइनल व पुरस्कार वितरण 24 जनवरी शनिवार को किया जाएगा।
संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) विभांशु सुधीर का तबादला कर दिया गया है। यह तबादला ASP अनुज चौधरी सहित 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के उनके आदेश के बाद हुआ है। उनके स्थान पर चंदौसी के सीनियर डिवीजन सिविल जज आदित्य सिंह को संभल का नया CJM नियुक्त किया गया है। विभांशु सुधीर को सुल्तानपुर में सीनियर सिविल डिवीजन जज के पद पर भेजा गया है। CJM विभांशु सुधीर ने यह आदेश संभल हिंसा के दौरान युवक आलम को गोली लगने के मामले में उसके पिता की याचिका पर दिया था। यह याचिका 6 फरवरी 2024 को दायर की गई थी। कोर्ट ने इस पर 9 जनवरी को FIR दर्ज करने का आदेश दिया था। आदेश में ASP अनुज चौधरी और इंस्पेक्टर अनुज तोमर सहित कुल 20 पुलिसकर्मियों के नाम शामिल थे। वर्तमान में अनुज चौधरी फिरोजाबाद के अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के पद पर तैनात हैं, जबकि अनुज तोमर संभल की कोतवाली चंदौसी के थाना प्रभारी हैं। संभल हिंसा के समय अनुज चौधरी संभल के सीओ थे। बाद में वे चंदौसी के सीओ रहे और जनपद संभल में तैनाती के दौरान ही उन्हें ASP के पद पर पदोन्नत किया गया। अनुज चौधरी संभल हिंसा के दौरान दिए गए अपने 52 जुम्मे होली एक वाले बयान को लेकर भी चर्चा में रहे थे।
गोपालगंज जिले के सिधवलिया थाना क्षेत्र के गंगवा गांव में जहर खाने से एक नवविवाहिता की मौत हो गई। मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान गंगवा गांव निवासी शहीद आलम की 30 वर्षीय पत्नी नईमा खातून के रूप में हुई है। इस घटना के बाद नईमा के मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भसुर के साथ घरेलू विवाद चल रहा थाजानकारी के अनुसार, सिधवलिया थाना क्षेत्र के शाहपुर विशुनपुरा गांव निवासी मुबारक मियां ने अपनी बेटी नईमा खातून की शादी दो साल पहले गंगवा गांव निवासी शहीद आलम से की थी। शादी के बाद शुरुआती समय में सब कुछ सामान्य था, लेकिन पिछले कुछ महीनों से नईमा का अपनी जेठानी और भसुर के साथ घरेलू विवाद चल रहा था। नईमा के पति विदेश में रहते हैं। सोमवार को ही ससुराल लौटी थीपरिजनों ने बताया कि कुछ दिन पहले नईमा खातून अपने मायके गई थी और सोमवार को ही ससुराल लौटी थी। घर पहुंचने पर आरोप है कि उसकी जेठानी ने उसके साथ मारपीट की। नईमा ने फोन पर अपनी मां नजमुन खातून को इस घटना की जानकारी दी थी। इसके कुछ ही समय बाद उसकी मौत हो गई। जेठानी के बेटे ने कहा- तबीयत खराब हैनईमा की जेठानी के बेटे ने उसके मायके वालों को फोन कर बताया कि उसकी तबीयत खराब है। सूचना पाकर जब नईमा की मां और तीन मामी मौके पर पहुंचीं, तब तक ससुराल के सभी लोग घर छोड़कर फरार हो चुके थे। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। सदर एसडीपीओ राजेश कुमार ने बताया कि गंगवा गांव में एक महिला की मृत्यु की सूचना मिली थी। सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए वह थानाध्यक्ष सिधवलिया के साथ पुलिस बल लेकर घटनास्थल पर पहुंचे और जांच-पड़ताल की। एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, जिसने मृतका के शव की जांच कर साक्ष्य एकत्र किए।
नितिन नबीन को भारतीय जनता पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। वे पार्टी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं और बिहार से इस पद पर पहुंचने वाले पहले नेता हैं। इस उपलब्धि पर अररिया जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। जिला अध्यक्ष आदित्य नारायण झा की अध्यक्षता में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी व्यक्त की। कार्यकर्ताओं ने इसे बिहार और पूरे देश के लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि बिहार से किसी नेता का विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद तक पहुंचना प्रदेश के करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणादायक है। कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे कार्यक्रम में पूर्व जिला अध्यक्ष संतोष सुराणा, जिला कार्यालय मंत्री नीरज कुमार, जिला मीडिया प्रभारी सुमित कुमार सुमन, भाग कोसी एकल गतिविधि प्रमुख राम कुमार, एकल अभियान के जिला सचिव रणजीत कुमार दास, अंचल अभियान प्रमुख चंदन कुमार, अंचल अभियान गतिविधि प्रमुख सुरेन्द्र कुमार, अंचल प्रशिक्षण प्रमुख सुनीता कुमारी, संच प्रमुख प्रियांशु दर्शन सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया महिला कार्यकर्ताओं में पुष्पा देवी, रेखा देवी, पिंकी देवी, आरती देवी, रितु सिन्हा, ज्योति सिन्हा के अलावा सिंहेश्वर बसाख और प्रदीप कुमार समेत सैकड़ों अन्य कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया। सभी ने संगठन को मजबूत करने तथा केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता की मेहनत और समर्पण का परिणाम कार्यक्रम के अंत में जिला अध्यक्ष आदित्य नारायण झा ने सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भाजपा के प्रत्येक कार्यकर्ता की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। नितिन नबीन जी के नेतृत्व में पार्टी नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। नितिन नबीन का निर्विरोध चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत शीर्ष नेतृत्व के समर्थन से हुआ। यह पीढ़ीगत बदलाव का संकेत माना जा रहा है, जो पार्टी को आगामी चुनावों में नई ऊर्जा देगा। अररिया जैसे जिले में इस उत्सव से कार्यकर्ताओं का मनोबल और बढ़ा है।
ताजमहल देखने आए फ्रांस के एक विदेशी जोड़े ने 40 साल तक लिव-इन में रहने के बाद आगरा में हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह रचाकर सभी को चौंका दिया। भारतीय संस्कृति और परंपराओं से प्रभावित होकर दोनों ने मंदिर में वैदिक मंत्रों के बीच अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए। फ्रांस के बोर्दो शहर से आए 74 वर्षीय फिलिप और 68 वर्षीय सिल्विया बीते करीब 25 दिनों से भारत भ्रमण पर थे। ताजमहल के दीदार के बाद भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और धार्मिक संस्कारों ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने अपने जीवन को वैवाहिक बंधन में बांधने का निर्णय भारत में ही लिया। इस अनोखे विवाह का आयोजन स्थानीय टूर ऑपरेटर पंकज शर्मा की संस्था ‘आमंत्रण वोयाजेस’ के माध्यम से कराया गया। आगरा स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हिंदू विधि-विधान से विवाह संपन्न कराया गया। दूल्हा-दुल्हन पारंपरिक भारतीय परिधान में नजर आए और पूरे समारोह के दौरान भारतीय संस्कृति में रंगे दिखाई दिए। विदेशी जोड़े ने बताया कि वे बीते 40 वर्षों से साथ रह रहे थे, लेकिन भारतीय विवाह परंपरा को उन्होंने सबसे पवित्र और आध्यात्मिक अनुभव बताया। उनका कहना था कि भारत भ्रमण के दौरान मिली सांस्कृतिक समझ ने उनके जीवन की सोच बदल दी। शादी की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मंदिर पहुंचे और इस अनोखे विवाह के साक्षी बने। ताजमहल की नगरी में रची गई यह नई प्रेम कहानी अब शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है, जो यह संदेश देती है कि प्रेम, संस्कार और संस्कृति की कोई उम्र या सीमा नहीं होती।
रोहतक के सांपला क्षेत्र में पुलिस व बदमाश के बीच मुठभेड़ हो गई, जिसमें बदमाश के पैर में गोली लगी। पुलिस ने घायल बदमाश को इलाज के लिए पीजीआई के ट्रोमा सेंटर में भर्ती करवाया, जहां बदमाश का इलाज चल रहा है। घायल बदमाश की पहचान शूटर अमन उर्फ काकू के रूप में हुई, जो गैंगस्टर हिमांशु भाऊ की गैंग का सदस्य है। सांपला क्षेत्र में पुलिस गुप्त सूचना के आधार पहुंची और बदमाश को रोकने का प्रयास किया। लेकिन आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की और बदमाश अमन के पैर में गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने घायल अमन को काबू कर लिया और इलाज के लिए पीजीआई में भर्ती करवाया। पुलिस पूछताछ में बदमाश अमन की पहचान हिमांशु भाऊ गैंग के शूटर के रूप में हुई, जो किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में सांपला-बेरी रोड पर घूम रहा था। इसी दौरान पुलिस के साथ मुठभेड़ हो गई। श् बिलासपुर के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर पर किया था जानलेवा हमलाहिमांशु भाऊ गैंग के शूटर अमन उर्फ काबू ने पिछले साल बिलासपुर में कांग्रेस के पूर्व विधायक बंबर ठाकुर पर जानलेवा हमला किया था। 4 बदमाशों ने कांग्रेस के पूर्व विधायक पर दनादन गोलियां चलाई थी। हमले में बंबर ठाकुर व उनके पीएसओ संजीव कुमार को कई गोलियां लगी थी। हिमांशु भाऊ के इशारे पर किया था हमला शूटर अमन उर्फ काबू ने कांग्रेस के पूर्व विधायक पर हमला गैंगस्टर हिमांशु भाऊ के इशारे पर किया था, जो अमेरिका में बैठकर पूरे गैंग को चला रहा है। हिमांशु भाऊ विदेश में बैठकर अपने गुर्गों से मर्डर व फिरौती मंगवा रहा है। हिमांशु भाऊ को पकड़ने के लिए पुलिस भी लगातार प्रयास कर रही है।
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में एक व्यक्ति की हत्या का मामला सामने आया है। पामेड़ थाना क्षेत्र के ग्राम काऊरगट्टा में ग्राम कंचाल निवासी भीमा मड़कम (लगभग 35-40 वर्ष) की अज्ञात व्यक्ति ने हत्या कर दी। पामेड़ थाने को आज ग्राम काऊरगट्टा में भीमा मड़कम का शव मिलने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके पर अतिरिक्त बल भी रवाना किया। प्रारंभिक जांच में हत्या की पुष्टि हुई है, हालांकि आरोपी की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
देवरिया के सदर कोतवाली क्षेत्र में एक सड़क हादसे में 12 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। बरियारपुर थाना अंतर्गत हुई यह घटना एक ई-रिक्शा की टक्कर से हुई। मृतक छात्र की पहचान 12 वर्षीय मनीष के रूप में हुई है। वह अगंद सिंह का पुत्र था। मनीष अपने घर के सामने से पड़ोसी के घर से वापस लौट रहा था। इसी दौरान एक ई-रिक्शा ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मनीष गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। घटना के बाद आसपास मौजूद लोग और परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे। घायल बच्चे को तुरंत देवरिया स्थित महर्षि देव राव मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मनीष को मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों की सूचना पर सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और ई-रिक्शा चालक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। बताया गया है कि मृतक मनीष गांव के एक निजी स्कूल में कक्षा छह का छात्र था। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
मऊ जिले की राजनीति में 'बाहरी' और 'भीतरी' उम्मीदवारों को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने मऊ की जनता से अपनी मिट्टी के व्यक्ति को नुमाइंदा बनाने की अपील की, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू हो गईं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बसपा के पूर्व सांसद अतुल राय ने कहा कि वह मनोनीत और निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच के अंतर को समझते हैं। उन्होंने ऊर्जा मंत्री एके शर्मा की मधुबन विधानसभा से निर्वाचित होने की महत्वाकांक्षा पर उन्हें शुभकामनाएं दीं। हालांकि, अतुल राय ने यह भी कहा कि उनकी सहानुभूति उसी दल के वर्तमान विधायक रामविलास चौहान और दारा सिंह चौहान के साथ भी है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि चुनाव 'बाहरी' और 'भीतरी' के मुद्दे पर लड़ा जाएगा, तो इन विधायकों का राजनीतिक भविष्य क्या होगा। उन्होंने ऊर्जा मंत्री एके शर्मा से इस पर स्पष्टीकरण देने की मांग की। पूर्व सांसद अतुल राय ने बिजली विभाग से जुड़े एक मामले में उज्ज्वल मिश्रा को जेल भेजे जाने पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में उनकी पूरी सहानुभूति उज्ज्वल मिश्रा के साथ है और उनके साथ गलत हुआ है। इसके अतिरिक्त, मऊ जिले में सोशल मीडिया पर सक्रिय खुरपेंच और मऊ की लोक आवाज नामक दो आईडी भी चर्चा में हैं, जिनके माध्यम से जनप्रतिनिधियों से सवाल पूछे जा रहे हैं। अतुल राय ने कहा कि सवाल सत्ता में बैठे लोगों और मौजूदा जनप्रतिनिधियों से ही होने चाहिए, क्योंकि जवाबदेही उन्हीं की बनती है। इस बीच, पूर्व सांसद अतुल राय मऊ जिले के दिव्यांग अभिषेक पांडे का हौसला बढ़ाने पहुंचे थे, जिन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वामी विवेकानंद पुरस्कार से सम्मानित किया है। गौरतलब है कि घोसी नव निर्माण मंच के संस्थापक बद्रीनाथ भी लगातार 'बाहरी' और 'भीतरी' के मुद्दे पर सवाल उठाते रहे हैं। मंत्री एके शर्मा द्वारा इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद से मऊ की राजनीति में गरमाहट आ गई है।
वित्त विभाग ने दी मंजूरी, जल्द मिलेगी दिल्ली में बुजुर्गों को लंबित पेंशन
इसे लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के दिशा-निर्देशों और समाज कल्याण मंत्री के विशेष प्रयासों पर समाज कल्याण विभाग को वित्त विभाग से विशेष स्वीकृति मिल गई है और इसी हफ्ते वरिष्ठ नागरिकों को लंबित पेंशन जारी हो जाएगी।
ग्राम जलोदिया पार में अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री पर प्रशासन ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। यहां बिना लाइसेंस और सुरक्षा इंतजामों के चल रही इस अवैध पटाखा फैक्ट्री को जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने पकड़ा। कार्रवाई के दौरान पटाखा बनाने में इस्तेमाल होने वाली बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिली, जिसे जब्त किया गया। यह कार्रवाई इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में की गई। इंदौर जिले के ग्राम जलोदिया पार में अवैध रूप से पटाखा फैक्ट्री संचालित होने की सूचना जिला प्रशासन को मिली थी। सूचना की पुष्टि के लिए कलेक्टर के निर्देश पर अनुविभागीय दंडाधिकारी देपालपुर राकेश मोहन त्रिपाठी, संयुक्त कलेक्टर दीपक सिंह चौहान, तहसीलदार बलवीर सिंह राजपूत एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस देपालपुर संघमित्र सम्राट एवं अन्य पुलिस विभाग व राजस्व विभाग के कर्मचारियों के साथ संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान पाया गया कि इस जगह पर बिना वैध अनुमति लाइसेंस के पटाखा निर्माण संबंधी गतिविधियां की जा रही थीं, जो नियमों के विरुद्ध हैं। सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था की दृष्टि से मौके पर कोई संसाधन उपलब्ध नहीं मिले। मौके पर सुतली के बंडल 12 बोरी-प्रत्येक में 6 नग खुले हुए करीब 20 नग, 55 प्लॉस्टिक ट्रे, पुष्टे के बारुद भरने की बोरी, एक प्लास्टिक की बोरी में रबड़ बैंड, एक बोरी में हरा कलर (सुखा), 6 सफेद पीला केमिकल पावडर, 2 बोरी पेक सल्फर पावडर, 6 बोरी टाट की जिसमें पिला केमिकल पावडर, 2 स्टील डब्बे में एल्युमिनियम पावडर, 3 प्लास्टिक की ट्रे में खुला बारुद मौके पर मिला, जो सील किया गया और नियमानुसार पंचनामा तैयार किया गया। पंचनामा एवं सीलिंग की कार्रवाई पुलिस एवं राजस्व अमले की मौजूदगी में की गई। अनावेदक के द्वारा उक्त स्थल पर विस्फोटक सामग्री रखकर अवैध पटाखा फैक्ट्री संचालन की तैयारी थी, लेकिन पुलिस व राजस्व विभाग के द्वारा मौके पर पहले से कार्रवाई कर दी। इस अवैध गतिविधि विस्फोटक अधिनियम एवं अन्य संबंधित नियमों का उल्लंघन की श्रेणी में आता है। इस जगह पर पूर्व में भी अवैध फटाका निर्माण किए जाने पर अनावेदक संजय पिता विनोद द्वारा के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1884 के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था। इसी जगह पर 17 दिसंबर को भी अवैध पटाखा निर्माण की शिकायत पर कच्ची सामग्री एवं तैयार अवैध पटाखे की जब्ती की कार्रवाई की गई थी।
मधुबनी जिले के लखनौर थाना क्षेत्र में पुलिस ने सोशल मीडिया पर अवैध हथियार लहराने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मात्र तीन घंटे के भीतर की गई। गिरफ्तार युवकों के पास से एक देशी कट्टा और दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। दोनों आरोपी गंगापुर गांव के निवासी हैं। एसपी योगेंद्र कुमार ने मंगलवार शाम को प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार शाम पुलिस को सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, गंगापुर का एक युवक अपनी इंस्टाग्राम आईडी पर अवैध हथियार के साथ वीडियो वायरल कर रहा था और स्टेटस भी अपलोड किया था। कार्रवाई के लिए एक विशेष टीम का गठनइस सूचना पर थानाध्यक्ष कार्तिक भगत को अवगत कराया गया, जिसके बाद वीडियो के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने वीडियो वायरल करने वाले की पहचान गंगापुर निवासी राघवेन्द्र यादव के पुत्र आशीष यादव के रूप में की। पुलिस टीम ने आशीष के घर पर विधिवत छापेमारी की। तलाशी के दौरान उसके पास से वह एंड्रॉयड मोबाइल बरामद हुआ, जिससे वह देशी कट्टे के साथ वीडियो बनाकर वायरल कर रहा था। पुलिस ने रविशंकर के घर पर छापा मारापूछताछ में आशीष ने कबूल किया कि हथियार उसके दोस्त रविशंकर यादव के पास है, जो गंगापुर गांव का ही रहने वाला है। इसके बाद पुलिस ने रविशंकर के घर पर छापा मारा। रविशंकर ने पुलिस को देखते ही भागने की कोशिश की, लेकिन बल के सहयोग से उसे पकड़ लिया गया। उसकी तलाशी में एक लोहे का देशी कट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने जब्ती सूची तैयार कर हथियार जब्त किए और दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में लखनौर थाना में कांड संख्या 08/26, धारा 25(1-बी) ए/35 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों को मंगलवार शाम न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। एसपी ने कहा कि सोशल मीडिया पर अवैध हथियारों का प्रदर्शन युवाओं में अपराध की प्रवृत्ति को बढ़ावा देता है। उन्होंने बताया कि जिले में ऐसी घटनाओं पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। मधुबनी पुलिस अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान चला रही है और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को मजबूत किया गया है।
हरदोई में सड़क हादसे में एक की मौत:आलू लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बाइक को टक्कर मारी, एक घायल
हरदोई के शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार रात एक सड़क हादसा हुआ। बासित नगर मार्ग पर भदासी गांव के पास आलू से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बाइक सवार दो लोगों को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है और उसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, पचदेवरा थाना क्षेत्र के पिपरिया गांव निवासी जगरूप राठौर (65 वर्ष) पुत्र पुत्तू लाल, अपने रिश्तेदार मेघनाथ पुत्र भोजा के साथ बाइक से आंझी गांव गए थे। शाम करीब 7:30 बजे जब वे वापस लौट रहे थे, तभी भदासी गांव के पास सामने से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उनकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर के बाद दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर घायल हो गए। राहगीरों की मदद से दोनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जगरूप राठौर को मृत घोषित कर दिया। मेघनाथ की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलने पर मृतक के परिजन अस्पताल पहुंचे। सूचना पाकर शाहाबाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने बताया शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक की तलाश कर रही है और तहरीर मिलने के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिले के कुमारगंज वन रेंज अंतर्गत संचालित पौधशालाओं का प्रभागीय वनाधिकारी प्रखर गुप्ता ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ कुमारगंज रेंज अधिकारी प्रमोद कुमार श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। डीएफओ ने कुमारगंज एवं बवां स्थित पौधशालाओं में व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डीएफओ ने कुमारगंज पौधशाला में उगाए जा रहे पौधों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने कर्मचारियों को पौधों के समुचित रखरखाव, नियमित सिंचाई और साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके बाद वे कुमारगंज वन रेंज स्थित बवां पौधशाला पहुंचे, जहां विभिन्न प्रजातियों के पौधों की नर्सरी का निरीक्षण किया। डीएफओ ने कर्मचारियों से बीज रोपण की स्थिति के बारे में जानकारी ली। कर्मचारियों ने बताया कि सभी थैलों में बीज डाल दिए गए हैं। इस पर डीएफओ ने निर्देश दिए कि तैयार हो रहे पौधों को इस प्रकार शिफ्ट किया जाए, जिससे सूर्य की किरणें सभी पौधों तक समान रूप से पहुंच सकें और पौधे स्वस्थ रूप से विकसित हों। उन्होंने कहा कि वर्तमान मौसम में पौधों की निरंतर सिंचाई और विशेष देखभाल अत्यंत आवश्यक है। कुमारगंज रेंज की नर्सरियों में आम, जामुन, शीशम, सागौन, नीम, महुआ, अमरूद, बरगद, कटहल, पीपल सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। डीएफओ प्रखर गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष वन विभाग द्वारा लगभग 20 लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। इसके अलावा अन्य विभागों द्वारा भी करीब 27 लाख पौधे रोपित किए जाएंगे, हालांकि अभी इसका आधिकारिक लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि कड़ाके की ठंड के कारण वर्तमान में पौधों के विकास में कुछ गिरावट देखी जा रही है, लेकिन फरवरी माह से तापमान अनुकूल होते ही बीज अंकुरित होने लगेंगे और पौधों की वृद्धि में तेजी आएगी। पूछने पर उन्होंने बताया कि वन विभाग का राजस्व लक्ष्य के सापेक्ष तीन गुना बढ़ गया है।
ग्वालियर में एक युवक ने पहले नशा किया फिर रेल की पटरी पर जाकर लेट गया। सूचना मिलते ही आरपीएफ के जवानों ने उसे उठाया तो वह बहस करने लगा। कहा कि भाई, मैं अपने घर से परेशान हूं। मुझे मरना है आज, और कोई मुझे नहीं रोक सकता। बस एक क्वार्टर पी है। इतना तो आप समझते हो। इसके बाद रेलवे पुलिस युवक को जीआरपी थाना लेकर पहुंची और कार्रवाई की है। आरओबी के नीचे रेलवे ट्रैक पर लेटाग्वालियर में मंगलवार शाम एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। जिसमें एक युवक ट्रेन की पटरी पर लेटकर सुसाइड करने की जिद्द कर रहा है और रेलवे पुलिस उसे बचाने का प्रयास कर रही है। यह घटना सोमवार-मंगलवार दरमियानी रात 12.30 बजे की है। आरपीएफ के उप निरीक्षक रविंद्र सिंह राजावत, प्रधान आरक्षक संतोष चौधरी, आरक्षक नरेंद्र कुमार मीणा ने देखा कि पड़ाव आरओबी के नीचे रेलवे ट्रैक पर एक युवक लेटा हुआ है। वे बिना समय गंवाए उसके पास पहुंचे और उस युवक को पटरी से उठाकर एक तरफ किया। युवक की पहचान 43 वर्षीय कृष्णा पिता बाबूलाल दहलवार निवासी पटेल स्कूल के पास रसूलाबाद हजीरा के रूप में हुई है। उसने घर से परेशान होकर सुसाइड करने की बात कही है। जिस ट्रैक पर लेटा, वहां से 10 मिनट बाद गुजरी ट्रेनरेलवे पुलिस ने युवक को जिस ट्रैक से हटाया था उसी ट्रैक पर दस मिनट बाद एक ट्रेन गुजर गई है। यदि आरपीएफ की टीम जरा भी देर करती तो उसकी जान जा सकती थी। आरपीएफ की टीम ने पूछताछ के बाद उसे जीआरपी पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। जीआरपी ने काउंसिलिंग कर परिजन के सुपुर्द कर दिया है।
सीतापुर में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत:आठ महीनें पहले हुई थी शादी, दहेज-हत्या का मुकदमा दर्ज
सीतापुर जनपद के रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र स्थित बांसुरा ग्राम पंचायत के पासिनपुरवा (टपरी) गांव में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शादी के महज आठ महीने बाद हुई इस घटना के बाद मृतका के परिजनों की तहरीर पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। मृतका की पहचान फूलकेसरी उर्फ राधा पत्नी विजय के रूप में हुई है। घटना की सूचना शाम करीब 7 बजे क्षेत्र में फैलते ही हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही रामपुर मथुरा थाना पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल सीतापुर भेज दिया। घटनास्थल पर मृतका के ससुर राजित राम मौजूद मिले। मृतका का मायका बरियारपुर गांव बताया जा रहा है। थाना प्रभारी संजय कुमार पांडे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में महिला द्वारा आत्महत्या किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, मृतका के परिजनों की तहरीर के आधार पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। घटना की जानकारी मिलते ही ग्राम पंचायत बांसुरा के प्रधान बदरूद्दीन और उनके पुत्र अदनान भी मौके पर पहुंचे। आपातकालीन सेवा 112 की टीम भी घटनास्थल पर मौजूद रही। पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही महिला की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
मुरादाबाद के गोकुलदास हिन्दू गर्ल्स कॉलेज में संस्थापक रायबहादुर गोकुलदास गुजराती की 153वीं जयंती पर संस्थापक दिवस मनाया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार और गुजराती जी के वंशजों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर चारू मेहरोत्रा और गुजराती जी के वंशजों ने संस्थापक की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। प्राचार्या प्रोफेसर चारू मेहरोत्रा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में गुजराती जी के शिक्षा के क्षेत्र में योगदान और बालिका शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गुजराती जी ने उस समय बालिकाओं की उच्च शिक्षा की आवश्यकता को समझते हुए अपनी भूमि और भवन का दान किया था। आज भी इस महाविद्यालय से शिक्षा प्राप्त छात्राएँ समाज में सक्रिय योगदान दे रही हैं। गुजराती जी के वंशज मनमोहन पोरवाल और दिलीप पोरवाल ने महाविद्यालय के सतत विकास और बालिका शिक्षा में उनके योगदान पर विस्तार से जानकारी दी। महाविद्यालय की प्राध्यापिकाओं और शिक्षकों ने भी गुजराती जी के व्यक्तित्व और उनके योगदान को याद करते हुए अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में महाविद्यालय के संगीत विभाग के निर्देशन में सरस्वती वंदना और कुलगीत का सस्वर गायन किया गया। छात्राओं ने भजन और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से कार्यक्रम को और भी आकर्षक बनाया। इसके साथ ही, रेंजर्स विभाग और राष्ट्रीय सेवा योजना इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के अंतर्गत प्रश्नोत्तरी, चित्रकला और रील मेकिंग प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। इतिहास विभाग द्वारा 'वंदे मातरम' के द्वितीय चरण के अवसर पर छात्राओं को जागरूक किया गया। बी.ए. पंचम सेमेस्टर की छात्रा सोनम ने भगत सिंह के पात्र का अभिनय कर वंदे मातरम के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर अंचल गुप्ता ने किया। राष्ट्रीय गान के साथ इस कार्यक्रम का समापन हुआ।
जिले के बीकापुर विकासखंड अंतर्गत दो ग्राम पंचायतों देवापुर और धरेठा दशरथपुर में विकास कार्यों के नाम पर की गई वित्तीय अनियमितताओं का मामला उजागर हुआ है। जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों को वसूली नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान किए गए खर्चों की लेखा परीक्षा रिपोर्ट के आधार पर की गई है। लेखा परीक्षा में देवापुर ग्राम पंचायत में कुल 14.64 लाख रुपये के खर्च पर गंभीर आपत्ति दर्ज की गई। जांच में सामने आया कि यह राशि बिना किसी स्वीकृत एस्टीमेट, माप पुस्तिका (एमबी), बिल-वाउचर, मस्टर रोल और कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र के खर्च कर दी गई। न तो कार्यों का स्पष्ट विवरण उपलब्ध कराया गया और न ही यह प्रमाणित किया जा सका कि जिन विकास कार्यों के नाम पर भुगतान किया गया, वे वास्तव में कराए गए थे। लेखा परीक्षण दल ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए विशेष आपत्ति दर्ज की थी, लेकिन निर्धारित समय सीमा में इसका संतोषजनक निस्तारण नहीं किया गया। इसी तरह ग्राम पंचायत धरेठा दशरथपुर में हैंडपंप मरम्मत और ह्यूम पाइप से संबंधित कार्यों में 5.67 लाख रुपये के अपव्यय की पुष्टि हुई है। इन कार्यों से जुड़े अभिलेख भी अधूरे पाए गए और खर्च की पुष्टि करने वाले आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। विशेष आपत्ति का निस्तारण न होने पर जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान आराधना मिश्रा और पंचायत सचिव रवि कुमार को वसूली नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस पूरे मामले में खंड विकास अधिकारी एके मिश्रा ने बताया कि उन्हें वित्तीय अनियमितताओं की जानकारी है और जांच में आरोप सही पाए गए हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है।
मोतिहारी में ट्रैक्टर की टक्कर से युवक की मौत:घायल सड़क पर तड़पता रहा, भीड़ तमाशबीन बनी रही
मोतिहारी में एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। यह घटना ढाका थाना क्षेत्र के बरेवा चौक के पास हुई। मृतक की पहचान जमुनिया गांव निवासी 38 वर्षीय सज्जाद आलम के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, सज्जाद आलम अपनी बाइक से बरेवा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सज्जाद आलम सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। युवक काफी देर तक सड़क पर तड़पता रहाप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घायल युवक काफी देर तक सड़क पर तड़पता रहा, लेकिन वहां मौजूद लोग केवल तमाशा देखते रहे। किसी ने भी उसे अस्पताल पहुंचाने की कोशिश नहीं की। सूचना मिलने पर ढाका थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल ले जाने लगी, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। ढाका थानाध्यक्ष राजरूप राय ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हुई है। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रैक्टर को जब्त कर लिया है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस हादसे के बाद मृतक के परिवार में मातम छा गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जिम्मेदार ट्रैक्टर चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
छतरपुर शहर के छत्रसाल चौक पर मंगलवार को यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने यूपी में शंकराचार्य के कथित अपमान के विरोध में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ठंड के बावजूद कांग्रेसियों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया, जिसके जवाब में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच पुतले को लेकर झड़प और छीना-झपटी भी देखने को मिली। जानकारी के अनुसार, यूथ कांग्रेस के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ता डाकखाना चौराहे पर एकत्रित हुए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी अपने हाथों में पुतला लेकर उसे फूंकने की कोशिश कर रहे थे, तभी वहां तैनात भारी पुलिस बल ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। देखते ही देखते छत्रसाल चौक पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई, पुलिसकर्मी अधजला पुतला छीनकर भागते हुए नजर आए, साथ ही प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का भी प्रयोग किया। सर्दी के मौसम में प्रदर्शनकारी ठंडे पानी से पूरी तरह भीग गए लेकिन फिर भी उन्होंने विरोध जारी रखा। कांग्रेस नेताओं का आरोप था कि भाजपा सरकार द्वारा शंकराचार्य का अपमान किया जा रहा है, जिसे देश बर्दाश्त नहीं करेगा।
लखनऊ के गोमती नगर इलाके में जलभराव की समस्या अब दूर होगी। विभूतिखण्ड में हाईकोर्ट के पास बरसात के मौसम में होने वाले जलभराव को लेकर आईआईटी समेत विभिन्न विभागों की टीम ने संयुक्त सर्वे किया था। सर्वे के सुझावों के आधार पर विनय खण्ड-5 से दयाल पैराडाइज चौराहे तक करीब 3 किलोमीटर लंबे ब्रिक वर्क नाले को अपग्रेड किया जाएगा। करीब 62 करोड़ रुपए की लागत से नाले में आरसीसी का कार्य कराया जाएगा और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं की जाएंगी। इससे क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था मजबूत होगी और लोगों को जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इसी सप्ताह काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। अब एलडीए संभालेगा पार्किंग विभूतिखण्ड में व्यावसायिक भूखण्डों के बीच बनी पार्किंग का संचालन अब लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) करेगा। इससे पार्किंग स्थलों से अवैध अतिक्रमण हटेगा और लोगों को व्यवस्थित पार्किंग सुविधा मिल सकेगी। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर विभूतिखण्ड की 9 पार्किंगों के संचालन के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। मंगलवार को एलडीए उपाध्यक्ष ने अभियंत्रण जोन-1 का निरीक्षण कर चल रहे विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि गोमती नगर के वैभव खण्ड में करीब 900 मीटर लंबे नाले का निर्माण और सुरक्षा के लिहाज से उस पर स्लैब डालने का कार्य कराया जा रहा है। 2.77 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे इस कार्य को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। फ्लाईओवर के नीचे बनेगा स्पोर्ट्स एरीना गोमती नगर में ग्वारी फ्लाईओवर के नीचे विकसित किए गए स्पोर्ट्स एरीना को आरएफपी के माध्यम से संचालित किया जाएगा। उपाध्यक्ष ने बताया कि अगले महीने से यहां बास्केटबॉल और बैडमिंटन कोर्ट जैसी सुविधाएं आम लोगों के लिए शुरू कर दी जाएंगी। सीजी सिटी में बनेगी 45 मीटर चौड़ी सड़क निरीक्षण के दौरान सीजी सिटी में चल रहे विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। सीजी सिटी के उत्तरी भाग में गोल चौराहे से सुल्तानपुर रोड को जोड़ने वाली 45 मीटर चौड़ी मास्टर प्लान रोड का काम जल्द शुरू कराया जाएगा। इसके लिए सड़क के एलाइनमेंट में आ रहे अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जाएगा। शहीद पथ के पास होंगे नियोजित भूखण्ड गोमती नगर विस्तार के सेक्टर-6 स्थित पीली कॉलोनी के पास जल्द पार्क विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं शहीद पथ की सर्विस रोड और एमआई अपार्टमेंट के बीच स्थित खाली भूखण्ड का निरीक्षण कर उसे कब्जामुक्त कराने के बाद नियोजित करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता मानवेन्द्र सिंह, प्रभारी अधिकारी अर्जन विपिन कुमार शिवहरे, अधिशासी अभियंता मनोज सागर, मनीष कुलश्रेष्ठ समेत कई अधिकारी और अभियंता मौजूद रहे।
मखदुमपुर प्रखंड के वाणावर हॉल्ट स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई। आरोप है कि यह मौत झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही के कारण हुई। घटना के बाद मंगलवार को सुबह 11 बजे ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर मखदुमपुर-वाणावर मार्ग जाम कर दिया और प्रदर्शन किया। इससे इलाके में आवागमन बाधित हो गया। डकरा पंचायत के साधु ग्राम निवासी ज्ञानती देवी को तबीयत बिगड़ने पर वाणावर हॉल्ट के निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया था। क्लिनिक में उनका डिलीवरी ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद ज्ञानती देवी की हालत अचानक बिगड़ गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टर ने उन्हें गया रेफर कर दिया, जहां मंगलवार सुबह उनकी मृत्यु हो गई। मखदुमपुर-वाणावर मार्ग पर शव रखकर सड़क जामज्ञानती देवी की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण एकजुट हो गए। उन्होंने मखदुमपुर-वाणावर मार्ग पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने झोलाछाप डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर थाना अध्यक्ष दिवाकर विश्वकर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम हटवाया। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
देवरिया में आम आदमी पार्टी (आप) ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन काशी के मणिकर्णिका घाट पर प्राचीन मंदिरों के ध्वस्तीकरण के विरोध में था। पार्टी ने इस मामले में राष्ट्रपति से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई को धार्मिक आस्था, सनातन परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार पर सीधा हमला बताया। धरने के उपरांत, आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा। पार्टी के जिलाध्यक्ष हरिनारायण चौहान ने कहा कि मणिकर्णिका घाट हिंदू धर्म का अत्यंत पवित्र स्थल है, जहां मोक्ष की मान्यता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे पावन स्थल पर प्राचीन मंदिरों को तोड़ना देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करता है। नेताओं ने इस बात पर भी चिंता जताई कि यह घटना प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र काशी में केंद्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान हुई है। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि इस पूरे प्रकरण पर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। पार्टी का मत है कि विकास के नाम पर ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों को नष्ट करना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं हो सकता। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ऐसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में अन्य पौराणिक और धार्मिक स्थलों को भी नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाएगा। इससे सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता प्रभावित हो सकती है। आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रपति से मांग की है कि मणिकर्णिका घाट पर तोड़े गए सभी प्राचीन मंदिरों का तत्काल पुनर्निर्माण कराया जाए। उन्होंने ध्वस्तीकरण के आदेश देने वाले अधिकारियों और जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, पार्टी ने व्यापक जनसहमति और धार्मिक संस्थाओं की अनुमति के बिना किसी भी धार्मिक स्थल से छेड़छाड़ पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की अपील की है। पार्टी ने कहा कि यदि इस गंभीर विषय पर शीघ्र निर्णायक कदम नहीं उठाए गए, तो देश में आक्रोश और अविश्वास का माहौल बन सकता है।
सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख तक मुफ्त इलाज:सरकार ने शुरू की कैशलेस उपचार योजना
मथुरा में सड़क दुर्घटनाओं के शिकार लोगों के लिए भारत सरकार और राज्य सरकार ने 'कैशलेस ट्रीटमेंट योजना' शुरू की है। इस पहल के तहत, सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को अब इलाज के लिए तत्काल भुगतान नहीं करना होगा। योजना के अंतर्गत 1,50,000 तक का उपचार पूरी तरह निशुल्क और कैशलेस प्रदान किया जाएगा, जिससे समय पर इलाज सुनिश्चित हो सकेगा। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मथुरा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में एक विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इसमें सरकारी और निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। डॉ. गोपाल गर्ग ने सत्र का संचालन किया, जिसमें अस्पताल प्रशासन को योजना की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह योजना सड़क दुर्घटना के बाद पहले सात दिनों तक के इलाज को कवर करेगी। इसमें सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ चयनित निजी अस्पतालों को भी पैनल में शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पीड़ितों को नजदीकी अस्पताल में बिना किसी देरी के भर्ती कराया जा सके और इलाज के अभाव में किसी की जान न जाए। प्रशिक्षण सत्र के दौरान, अस्पतालों को योजना से संबंधित कागजी कार्यवाही, ऑनलाइन पंजीकरण, क्लेम प्रक्रिया और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि योजना की सफलता के लिए अस्पतालों और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना 'गोल्डन ऑवर' यानी दुर्घटना के बाद के पहले महत्वपूर्ण घंटे में जीवनरक्षक साबित होगी। अक्सर आर्थिक तंगी या प्रक्रियात्मक देरी के कारण घायलों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता था, लेकिन अब कैशलेस व्यवस्था से यह समस्या दूर हो सकेगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि यह पहल सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को कम करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। यह आमजन के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान करेगी।
देवरिया में घरों और सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ती चोरी की घटनाओं पर पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) गोरखपुर परिक्षेत्र एस. चन्नप्पा ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार शाम को पुलिस लाइन देवरिया सभागार में आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में डीआईजी ने थाना प्रभारियों को फटकार लगाई। उन्होंने अपराध नियंत्रण में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। इस अपराध गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन, जनपद के सभी राजपत्रित अधिकारी और थाना प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना था। डीआईजी ने कहा कि घरों में चोरी, सार्वजनिक स्थानों पर चेन स्नेचिंग, नकबजनी और अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों से आमजन में असुरक्षा बढ़ रही है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चोरी, लूट, डकैती और बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों में त्वरित कार्रवाई कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। डीआईजी ने यह भी स्पष्ट किया कि लंबित मामलों में लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। महिला अपराधों और बच्चों से जुड़े मामलों में विशेष संवेदनशीलता बरतने पर जोर दिया गया। पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाने के लिए विवेचना की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, साइबर अपराध, एनडीपीएस एक्ट, गौ-तस्करी, अवैध शराब, जुआ और सट्टा पर प्रभावी नियंत्रण के लिए थाना स्तर पर सघन अभियान चलाने को कहा गया। डीआईजी ने गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट और कुर्की जैसी निरोधात्मक कार्रवाइयों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर बल दिया। वांछित और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों के गठन के निर्देश दिए गए। लंबित विवेचनाओं को समय पर पूरा करने और न्यायालय में तय समय पर चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश भी दिए गए। यातायात व्यवस्था, रात्रि गश्त और चेकिंग अभियानों की भी समीक्षा की गई। संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और सोशल मीडिया पर अफवाहों की कड़ी निगरानी के निर्देश दिए गए। डीआईजी ने साफ तौर पर कहा कि अपराध नियंत्रण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सहारनपुर में हत्या के प्रयास में दो अरेस्ट:काशीराम बस अड्डे से दबोचे गए आरोपी, सरिया भी बरामद
सहारनपुर में हत्या के प्रयास के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को अरेस्ट किया है। मंगलवार शाम को हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए दो सरिया भी बरामद किए हैं। यह मामला 19 जनवरी का है, जब सदर बाजार थाना क्षेत्र के एक युवक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। युवक ने बताया था कि कुछ लोगों ने मिलकर उसके साथ गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और लाठी-डंडों व सरियों से हमला कर दिया। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने तत्काल संज्ञान लिया और आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। एसएसपी के निर्देश पर, एसपी सिटी व्योम बिंदल और सीओ नगर द्वितीय के पर्यवेक्षण में थाना सदर बाजार की पुलिस टीम को सक्रिय किया गया। इसके बाद लगातार दबिश और चेकिंग अभियान चलाया गया। मंगलवार को चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस टीम ने काशीराम बस अड्डे के पास से दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सहारनपुर निवासी अभिषेक और सचिन के रूप में हुई है। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किए गए दो सरिया भी बरामद किए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वारदात की साजिश कैसे रची गई और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे। एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि जनपद में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हिंसा, मारपीट और आपराधिक गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
भोपाल ईडी ने दो अलग-अलग मामलों में भोपाल के पूर्व वरिष्ठ जिला पंजीयक सोबरान सिंह अपोरिया और पूर्व वरिष्ठ प्रबंधक (सिविल), नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) जयंत परियोजना सिंगरौली शैलेंद्र पसारी को प्री काग्निजेंस सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया है। साथ ही इनके विरुद्ध कोर्ट में अभियोजन शिकायत (पीसी) दर्ज कराकर जांच शुरू की है। पसारी पर बिलों के भुगतान के बदले 200 करोड़ की रिश्वत मांगने और अपोरिया के खिलाफ ईमानदार बनकर परिजनों के खातों में मोटी रकम ट्रांसफर कर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में कार्यवाही की जा रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने शैलेंद्र पसारी के खिलाफ पीएमएलए के प्रावधानों के अंतर्गत अभियोग शिकायत (पीसी) दर्ज की है। यह अभियोग शिकायत 9 जनवरी को विशेष पीएमएलए न्यायालय, जबलपुर के समक्ष दर्ज की गई थी। आरोपी के खिलाफ पूर्व संज्ञान सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया गया है। शैलेंद्र पसारी के खिलाफ ईडी ने जबलपुर स्थित सीबीआई और एसीबी द्वारा दर्ज की गई दो एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। 200 करोड़ की रिश्वत मांगी, दस हजार लेते हुआ था गिरफ्तारपहली एफआईआर 8 सितंबर 2018 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 13(2) के साथ-साथ 13(1)(ए) के अंतर्गत दर्ज की गई थी जिसमें शैलेंद्र पसारी, तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक (सिविल), नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) जयंत परियोजना, सिंगरौली को 200 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगते और 10 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था। पसारी को लंबित बिलों के भुगतान के लिए 10,000 रुपए का भुगतान किया गया था। इसके बाद सीबीआई द्वारा उनके परिसर में सर्चिंग की गई। पसारी के आवास, बैंक लॉकरों और कार्यालय से 72 लाख 97 हजार 200 रुपए की बेहिसाब नकदी बरामद की गई। पसारी के खिलाफ दूसरी एफआईआर में अनुपात हीन संपत्ति का केसपसारी के विरुद्ध दूसरी एफआईआर 22 सितंबर 2018 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) के साथ-साथ 13(1)(बी) के तहत अनुपातहीन संपत्ति के लिए दर्ज की गई, जिसमें सीबीआई ने आरोप लगाया कि पसारी और उनके परिवार के सदस्यों के पास 1 जनवरी 2014 से 8 सितंबर 2018 की अवधि के दौरान 1.30 करोड़ रुपए (124.12% अनुपातहीन) की संपत्ति थी। ईडी ने अपराध से प्राप्त आय (पीओसी) का आकलन 1,30,94,155 रुपए किया है, जिसमें सीबीआई द्वारा जब्त की गई 72,97,200 रुपए की नकदी (कानून प्रवर्तन एजेंसी की हिरासत में) और 57,96,955 रुपए की संपत्ति शामिल है, जिसे अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है। न्याय निर्णय प्राधिकारी, पीएमएलए, नई दिल्ली ने 14 अगस्त 2025 के आदेश द्वारा इस कार्यवाही की पुष्टि की। ईडी ने सीबीआई द्वारा जब्त की गई नकदी के साथ-साथ कुर्क की गई संपत्तियों की जब्ती के लिए अपील की है। ईडी की जांच से पता चला है कि शैलेंद्र पसारी ने जानबूझकर अपराध की आय अर्जित की, उसे अपने पास रखा, छिपाया और उसका इस्तेमाल किया और अवैध नकदी को कई पारिवारिक बैंक खातों के माध्यम से भेजकर और उसे वित्तीय साधनों और संपत्तियों में परिवर्तित करके उसे बेदाग दिखाया। अपोरिया के विरुद्ध कोर्ट में पीसी, सुनवाई को लिए ईडी ने थमाया नोटिसउधर ल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भोपाल के क्षेत्रीय कार्यालय ने भोपाल में वरिष्ठ जिला पंजीयक रहे सोबरान सिंह अपोरिया के खिलाफ एक्ट के अंतर्गत अभियोग शिकायत (पीसी) दर्ज कराई है। अपोरिया के विरुद्ध विशेष पीएमएलए न्यायालय भोपाल में 19 जनवरी को यह शिकायत दर्ज की गई है। इसके साथ ही अपोरिया के खिलाफ पूर्व संज्ञान (प्री काग्निजेंस) सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया गया है। ईडी ने सोबरान सिंह अपोरिया के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13 (1) (ई) पठित 13 (2) में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की है। इसके अनुसार सोबरान सिंह अपोरिया ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी ज्ञात और वैध आय के स्रोतों से काफी अधिक संपत्ति अर्जित की। ईडी के अनुसार काली कमाई से मोटी रकम जुटाने का काम अपोरिया ने किया है।अपोरिया ने जानबूझकर ऐसी धनराशि को अपने पास रखने, छिपाने और उसका आनंद लेने के लिए एक मनी लॉन्ड्रिंग सिस्टम तैयार कर उसे लागू किया जबकि वह स्वयं को इसके दिखावटी स्वामित्व से दूर रखने का प्रयास कर रहा था। अपोरिया ने जानबूझकर अपराध से प्राप्त धनराशि को अर्जित किया, अपने पास रखा, छिपाया और उसका उपयोग किया और उसे बेदाग दिखाने के लिए अवैध नकदी को परिवार के कई बैंक खातों के माध्यम से भेजा और उसे वित्तीय साधनों और संपत्तियों में परिवर्तित किया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की मुरादाबाद महानगर इकाई ने आज हिंदू महाविद्यालय में अपनी कॉलेज इकाई का गठन किया। इस अवसर पर छात्रहित, राष्ट्रहित और शिक्षा सुधार की विचारधारा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से नई कॉलेज कार्यकारिणी की घोषणा की गई। गठन प्रक्रिया के तहत शिवम ठाकुर को कॉलेज इकाई अध्यक्ष और नवनीत कटारिया को कॉलेज इकाई मंत्री नियुक्त किया गया। उपाध्यक्ष पद पर रवि चौहान, यश प्रजापति, अंजलि दिवाकर, हर्ष कुमार और दीपांशु ठाकुर का चयन हुआ। सहमंत्री के दायित्व आंचल दिवाकर, तन्वी अग्रवाल, यश गौतम, अनिकेत शर्मा और लकी दिवाकर को सौंपे गए। अन्य नियुक्तियों में उदय पांडे को (एसएफएस) संयोजक, रवि शर्मा को (एसएफडी) संयोजक और हिमांशु सागर को मीडिया संयोजक बनाया गया। लक्ष्मी कश्यप को छात्रा प्रमुख का दायित्व मिला, जबकि दिव्यांशी और कीर्ति को कॉलेज कार्यकारिणी सदस्य के रूप में शामिल किया गया। इस अवसर पर महानगर सहमंत्री छविनाथ अरोरा ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन है। यह छात्रहितों की रक्षा, शैक्षणिक वातावरण की शुद्धता, राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नई गठित कॉलेज इकाई से विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान और रचनात्मक गतिविधियों को और अधिक गति मिलेगी। कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं ने नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दीं।
अयोध्या में वर्ष 2022 में हुई एक महिला की हत्या के मामले में मंगलवार को अदालत ने फैसला सुनाया। अपर सत्र न्यायाधीश-1 (ASJ-1) की अदालत ने आरोपी पवन पाण्डेय पुत्र रामकरन पाण्डेय को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर 10,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह निर्णय अयोध्या पुलिस की प्रभावी विवेचना और सशक्त अभियोजन के बाद आया। दोषी पवन पाण्डेय पूराकलंदर थाना क्षेत्र के नंदीग्राम भरतकुंड का निवासी है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह जघन्य घटना 13 अक्टूबर 2022 को हुई थी। मृतका की पहचान 64 वर्षीय यशोदा देवी के रूप में हुई थी, जो प्राचीन भरत मंदिर के पुजारी हनुमान दास की पत्नी थीं। मामले के अनुसार, करवा चौथ पर्व के अवसर पर पवन पाण्डेय की पत्नी पूजा सामग्री मांगने यशोदा देवी के पास गई थीं। उस समय यशोदा देवी पूजा-पाठ में व्यस्त थीं, जिसके कारण वे तत्काल सामग्री उपलब्ध नहीं करा सकीं। इसके कुछ समय बाद यशोदा देवी स्वयं सामग्री लेकर पवन पाण्डेय के घर पहुंचीं। अभियोजन के मुताबिक, इसी दौरान किसी बात को लेकर पवन पाण्डेय नाराज हो गया। गुस्से में उसने घर का दरवाजा बंद कर दिया और लोहे की रॉड से यशोदा देवी के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर चोटों के चलते यशोदा देवी की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने शव को एक कमरे में बंद कर दिया, ताकि घटना की जानकारी किसी को न हो सके। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने ठोस साक्ष्य और गवाहों के बयान अदालत में पेश किए, जिनके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना। अदालत के इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं, पुलिस प्रशासन ने भी इस निर्णय को कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास का परिणाम बताया है।
दुर्गा सिंह ट्रॉफी का खिताब एजेक्स एफसी के नाम:फाइनल में स्पार्टन एफसी को 2-0 से हराया
मेरठ फुटबॉल संघ के तत्वावधान में आयोजित जिला फुटबॉल लीग – दुर्गा सिंह ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला 20 जनवरी को तोपखाना फुटबॉल ग्राउंड पर खेला गया। प्रतियोगिता 07 जनवरी 2026 से जारी थी। फाइनल में स्पार्टन एफसी और एजेक्स एफसी आमने-सामने हुए। मैच का पहला हाफ बिना गोल के ड्रॉ रहा। दूसरे हाफ के 5वें मिनट में एजेक्स एफसी के कुणाल ने गोल दागकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद मैच के अंतिम चरण में तरुण उर्फ कट्टा ने दूसरा गोल कर टीम की जीत पक्की कर दी। इस तरह एजेक्स एफसी ने 2-0 से स्पार्टन एफसी को हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में खिलाड़ियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया फेयर प्ले ट्रॉफी जीनियस एफसी को दी गई , टॉप स्कोरर (ठाकुर अमरपाल सिंह स्मृति) जैनेक्स एफसी के तुषार बाटला रहे । बेस्ट डिफेंडर चंदा एफसी से आकाश भटनागर रहे , बेस्ट गोलकीपर विशाल एजेक्स एफसी के रहे , बेस्ट मिडफील्डर स्पार्टन एफसी के अभिषेक कश्यप रहे । बेस्ट फॉरवर्ड मेरठ स्पोर्टिंग के स्पर्श रहे । इसके अलावा मेरठ की राष्ट्रीय महिला फुटबॉल खिलाड़ी मानसी और अनामिका को भी मंच पर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि एवं उपस्थिति फाइनल मुकाबले में मुख्य अतिथि कैप्टन अनुभव कोचर रहे, जबकि एसएस मिश्रा, डिप्टी डायरेक्टर ऑफ स्पोर्ट्स, उत्तर प्रदेश अति विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। मंच पर क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी जितेंद्र यादव व लोकपाल मेरठ रविंद्र सिंह चौहान भी उपस्थित रहे। मैच के निर्णायक गुरदेव सिंह, सह निर्णायक प्रिंस कुमार व रोहित बंसल रहे। स्टेडियम में जिला फुटबॉल संघ अध्यक्ष गौरव सिंह, सचिव ललित पंत, सह सचिव हरीश ठाकुर व मेरठ के वरिष्ठ खिलाड़ी जैम्स कुक्कू, लूकस, अशोक भटनागर, पॉल थॉमस, राजेंद्र सिंह रंजन, विष्णु शर्मा,रामदास, सतीश कुमार सिंह, सुजीत कुमार, पूर्व डीएसपी, उत्तराखंड पुलिस, कौशल यादव, राम कुमार यादव, प्रदीप कुमार रस्तोगी, फुटबॉल कोच रामचंद्र, योगेश राज आदि उपस्थित रहे ।
मोतिहारी के पिपरा कोठी थाना क्षेत्र में एक बड़ा हादसा टल गया। चाप चौक के पास गन्ना लदा एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। इस दुर्घटना में ट्रैक्टर चालक सत्रुधन साह ट्रैक्टर और ट्रॉली के बीच फंस गए थे, जिन्हें पिपरा कोठी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह घटना पिपरा कोठी थाना क्षेत्र के चाप चौक के पास हुई। ट्रैक्टर पर क्षमता से अधिक गन्ना लदा हुआ था। दुर्घटना के बाद चालक 46 वर्षीय सत्रुधन साह, जो सूरजपुरा गांव के निवासी हैं, ट्रैक्टर और ट्रॉली के बीच दब गए। मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन चालक पूरी तरह से नहीं दबे थे, जिससे उनकी जान बचने की उम्मीद बनी रही। कड़ी मशक्कत के बाद ड्राइवर को बाहर निकालाघटना की सूचना मिलते ही पिपरा कोठी थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार और एसआई शशि भूषण सिंह तत्काल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बिना देरी किए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। उन्होंने तुरंत क्रेन मंगवाकर पलटे हुए ट्रैक्टर और ट्रॉली को हटवाया। कड़ी मशक्कत के बाद चालक सत्रुधन साह को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस दौरान घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई थी, जिसे पुलिस ने नियंत्रित किया। असंतुलन के कारण पलटाप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैक्टर पर अत्यधिक गन्ना लदा होने के कारण वह असंतुलित हो गया था। साइड लेने के दौरान अधिक वजन और असंतुलन के कारण ट्रैक्टर सड़क किनारे पलट गया। स्थानीय लोगों ने चालक को फंसा हुआ देखकर तुरंत पिपरा कोठी थाना को सूचना दी थी। एसआई की अपील- ओवरलोडिंग से बचेंचालक को बाहर निकालने के बाद एंबुलेंस की सहायता से इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उनकी स्थिति को स्थिर और खतरे से बाहर बताया। उपचार के बाद चालक को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और वह अपने घर लौट गए। एसआई शशि भूषण सिंह ने बताया कि गन्ना लदा ट्रैक्टर असंतुलित होकर सड़क किनारे पलट गया था, जिससे चालक दब गया। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि ओवरलोडिंग से बचें, क्योंकि इस तरह की लापरवाही बड़े हादसों का कारण बन सकती है।
फरीदकोट जिले में अतिरिक्त जिला और सेशन जज की कोर्ट ने वारिस पंजाब दे संस्था के पूर्व कोषाध्यक्ष गुरप्रीत सिंह हरीनौ की हत्या के मामले में 12 आरोपियों पर आरोप तय कर दिए है। इस मामले में एसआईटी ने असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद श्री खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह और विदेश में बैठे आतंकी अर्श डल्ला समेत 17 को नामजद किया था। बता दे कि मामले मे12 को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की हुई थी। इस केस में सभी पर अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट यानी यूएपीए की गंभीर धाराएं भी लगाई हुई हैं। गुरप्रीत की गोली मारकर हुई थी हत्या गौरतलब है कि 9 अक्टूबर 2024 को गुरप्रीत सिंह हरीनौ की उसके गांव में अज्ञात हमलावरों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इस वारदात के बाद पुलिस ने जांच के बाद 17 लोगों को नामजद किया था। इस केस में सांसद अमृतपाल सिंह ,आतंकी अर्श डल्ला समेत 5 आरोपियों की गिरफ्तारी बाकी है। सांसद असम जेल में है, जबकि बाकी 4 आरोपी विदेशों में बैठे हैं। अमृतपाल के भुल्लर व डल्ला से लिंक पुलिस जांच के अनुसार, मृतक गुरप्रीत सिंह को अमृतपाल सिंह के गैंगस्टर जयपाल भुल्लर और आतंकी अर्श डल्ला के साथ तथाकथित संबंधों की जानकारी थी। इसी वजह से उसकी हत्या की साजिश रची गई। पुलिस ने यह भी कहा कि अमृतपाल सिंह ने सार्वजनिक तौर पर खुद को वारिस पंजाब दे का नेता बताया, लेकिन वह संगठन का आधिकारिक सदस्य नहीं था। फरीदकोट कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने एसआईटी की जांच पर सवाल उठाए और कहा कि अमृतपाल सिंह के खिलाफ न तो पूछताछ की गई और न ही चार्जशीट दाखिल हुई। 3 फरवरी को अगली सुनवाई वकीलों ने दलील दी कि अधूरी जांच के कारण ट्रायल प्रभावित हो रहा है। आरोप तय होने के बाद पुलिस को अब जांच पूरी कर अमृतपाल सिंह के खिलाफ सप्लीमेंट्री चालान दाखिल करना होगा। इस मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी को होगी।
केरल विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने विनोद तावड़े को प्रभारी नियुक्त किया है। केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे को सह-प्रभारी बनाया गया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार संभालने के पहले ही दिन नितिन नबीन ने नियुक्तियां कीं। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने नियुक्ती से जुड़ा पत्र जारी किया। केरल में वर्तमान में लेफ्ट की सरकार है। पी विजयन सीएम हैं। भाजपा कभी भी केरल की सत्ता में नहीं आ सकी है। 2021 के चुनाव में भी भाजपा एक भी सीट नहीं जीत सकी थी। यहां विधानसभा की 140 सीटें हैं। केरल इकलौता राज्य जहां लेफ्ट सत्ता में केरल देश का इकलौता राज्य है, जहां अभी भी लेफ्ट सत्ता में है। यहां सत्ता बदलने की परंपरा रही है, लेकिन 2021 में वाम मोर्चा (LDF) ने इस ट्रेंड को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। कांग्रेस गठबंधन की कोशिश इस बार एंटी इनकम्बेंसी को कैश करानी की रहेगी। वहीं, BJP अब तक केरल में एक भी विधानसभा सीट नहीं जीत पाई है। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने त्रिशूर लोकसभा सीट जीती थी। यहां से सुरेश गोपी इकलौते सांसद हैं। उन्होंने CPI के वीएस सुनीलकुमार को 74 हजार वोटों से हराया था। गोपी ने पहली बार ही चुनाव लड़ा था। गोपी मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के फेमस एक्टर हैं। इसके अलावा दिसंबर 2025 में भी BJP ने पहली बार त्रिवेंद्रम (तिरुवनंतपुरम) नगर निगम का चुनाव जीता। पहली बार यहां से पार्टी का मेयर बना। केरल में पहली बार भाजपा का मेयर बना, यहां 4 दशक से लेफ्ट का कब्जा था केरल में पहली बार भाजपा का मेयर चुना गया। तिरुवनंतपुरम नगर निगम में हुए मेयर चुनाव में भाजपा के वीवी राजेश को 51 वोट मिले थे, जिसमें एक निर्दलीय पार्षद का समर्थन भी शामिल था। वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) के पी शिवाजी को 29 वोट, जबकि कांग्रेस गठबंधन (UDF) उम्मीदवार केएस सबरिनाथन को 19 वोट मिले थे। जिनमें से दो को बाद में अमान्य घोषित कर दिया गया। पूरी खबर पढ़ें… ……………… केरल से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… शशि थरूर जहां से सांसद, वहां NDA निकाय चुनाव जीता: तिरुवनंतपुरम के 101 वार्डों में से 50 पर जीत, 45 साल से लेफ्ट का कब्जा था केरल के निकाय चुनाव में NDA को बड़ी कामयाबी मिली। गठबंधन ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम के 101 वार्डों में से 50 वार्डों पर जीत दर्ज की। पिछले 45 साल से यहां वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) का कब्जा है। LDF 29 और कांग्रेस गठबंधन (UDF) को 19 वार्डों में विजय मिली। 2020 में तिरुवनंतपुरम के स्थानीय निकाय चुनावों में LDF ने 52 वार्ड जीते थे। पूरी खबर पढ़ें…
कोटा ग्रामीण पुलिस ने 14 लाख की स्मैक पकड़ी:नाकाबंदी के दौरान आरोपी भागने लगा, गिरफ्तार
कोटा ग्रामीण जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया। जिला स्पेशल टीम और थाना सांगोद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 7.16 ग्राम अवैध मादक पदार्थ स्मैक बरामद की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 14 लाख 32 हजार रुपए है। आराेपी मोहम्मद फरीद खान (59) निवासी जालपाड़ा सांगोद है। कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया- 19 जनवरी को अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए जिला स्पेशल टीम और थाना सांगोद की पुलिस टीम गश्त और चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान उजाड़ नदी पुलिस चौकी के पास गाडरवाड़ा रोड पर एक व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में पेड़ के नीचे बैठा दिखाई दिया। पुलिस वाहन को देखकर वह भागने लगा, जिस पर टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पकड़े गए व्यक्ति की तलाशी लेने पर उससे 7.16 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई। उन्होंने बताया- आरोपी के खिलाफ थाना सांगोद में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया- इस तस्करी में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया गया है। क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान जारी है।
फतेहपुर जिला मुख्यालय स्थित कचहरी में यूपी बार काउंसिल के चुनाव के दौरान मंगलवार शाम को हंगामा हो गया। चुनाव लड़ रहे एक प्रत्याशी ने वोटों में हेराफेरी का आरोप लगाते हुए चुनाव अधिकारी का घेराव किया, जिसके बाद अधिवक्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। प्रत्याशी अनुज दीक्षित और उनके समर्थकों ने आरोप लगाया कि वोटों की गिनती में धांधली की गई है। उन्होंने बताया कि शाम 4:30 बजे तक 375 वोट पड़ने की जानकारी दी गई थी, जो 5:15 बजे बढ़कर 25 और फिर 6:15 बजे 600 हो गई। अनुज दीक्षित ने दावा किया कि जब वे वोटिंग कक्ष में गए, तो एक चपरासी तीन बड़े झोले लेकर आया और उन्हीं वोटों को मिलाकर कुल 600 फर्जी वोट पड़ने की बात कही गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बार काउंसिल के निर्देशों के बावजूद चुनाव के दिन सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए, जो धांधली का संकेत है। सूचना मिलने पर डीएसपी सिटी गौरव शर्मा और कोतवाली प्रभारी तारकेश्वर राय पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान अधिवक्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि जब तक धांधली करने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया जाता, वे मौके से नहीं हटेंगे। प्रत्याशी अनुज दीक्षित के अनुसार, चुनाव अधिकारी ने कहा है कि जो वोट पड़ चुके हैं, वे मान्य हैं।
छत्तीसगढ़ में मंगलवार को पेट्रोलिंग के दौरान सीआरपीएफ का जवान शहीद हो गया। राजस्थान के टोंक निवासी भंवरलाल(54) सीआरपीएफ में इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। बाइक से पेट्रोलिंग करने के दौरान उनकी बाइक फिसल गई, जिससे वे गहरी खाई में गिर गए। साथी जवान उन्हें हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी पार्थिव देह को बुधवार सुबह टोंक लाया जाएगा, जहां राजकीय सम्मान से पैतृक गांव में अंतिम संस्कार किया जाएगा। शहीद के बड़े भाई स्वर्गीय सोजीराम मीणा के बेटे आर्मी जवान लालाराम मीणा ने बताया कि मैं भी पंजाब में आर्मी जवान हूं। चाचा के शहीद होने की पुष्टि होने के बाद मैं भी अवकाश लेकर रवाना हो चुका हूं। अभी मैं अमृतसर पहुंच गया हूं। सुबह जयपुर से चाचा की पार्थिव देह के साथ ही आऊंगा। 2029 में होना था रिटायरमेंटटोंक जिले के घाड़ थाना क्षेत्र के दौलतपुरा निवासी लाला राम मीणा ने बताया- उनके चाचा भंवरलाल (54) पुत्र चतरा मीणा छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ में इंस्पेक्टर थे। मंगलवार सुबह ड्यूटी के दौरान टीम के साथ वे भी बाइक पेट्रोलिंग कर रहे थे। इस दौरान उनकी बाइक फिसलने से वे बाइक के साथ खाई में गिर गए। हादसे में वे गंभीर घायल हो गए। बाद में उन्हें जवानों ने नजदीकी हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां अंदरूनी चोट के कारण उनका निधन हो गया। इसकी सूचना दोपहर को उनके परिजनों को मोबाइल से दी गई, जिसके बाद परिजन बिलख पड़े। गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने बताया- 2029 में उनका रिटायरमेंट था। वे अजमेर में 1987 में हुई सेना में भर्ती हुए थे। उनके 2 लड़के और 3 लड़कियां है। इनमें दो बेटे एक बेटी अविवाहित है। अन्य शादीशुदा है। बड़ा बेटा दिव्यांग है। मीणा की पार्थिव देह को छत्तीसगढ़ से वायुयान मार्ग से बुधवार सुबह जयपुर लाया जाएगा। वहां से सड़क मार्ग से दौलतपुरा में लाया जाएगा, जहां घाड़ से गांव तक उनकी अंतिम संस्कार यात्रा निकाली जाएगी। बाद में राजकीय सम्मान से उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इनपुट: अविनाश मीणा घाड़, घाड़।

