25 जुलाई को जालौन आएंगे सीएम योगी:1200 करोड़ की परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण-शिलान्यास
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 25 जुलाई को जालौन के दौरे पर आएंगे। इस दौरान वह करीब 1200 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। साथ ही लंबे समय से प्रतीक्षित नई तहसील उरई भवन का भी लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री की जनसभा कालपी रोड स्थित नवीन गल्ला मंडी परिसर में प्रस्तावित है, जिसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह तथा कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने नवीन गल्ला मंडी पहुंचकर कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मंच निर्माण, बैरिकेडिंग, पार्किंग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था सहित सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में आने वाले लोगों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों के कर्मचारी भी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। मुख्यमंत्री के इस दौरे को जिले के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। करीब 1200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास से सड़क, भवन, आधारभूत संरचना और अन्य विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है। वहीं नई तहसील उरई भवन शुरू होने से क्षेत्र के हजारों लोगों को राजस्व संबंधी सेवाएं पहले से अधिक सुगमता से मिल सकेंगी। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार कार्यक्रम स्थल तथा आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि मुख्यमंत्री का दौरा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सके।
गोहाना में जुआ खेलते 15 व्यक्ति काबू:2.46 लाख रुपए बरामद, ताश के पत्ते भी मिले, 8 पानीपत के शामिल
सोनीपत जिले के गोहाना में जुआ खेलते हुए 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने नई कोर्ट के पीछे स्थित एक मकान में छापेमारी कर यह कार्रवाई की। पुलिस ने मौके से 2 लाख 46 हजार 20 रुपए नकद और ताश की 2 गड्डी बरामद की है। यह कार्रवाई थाना शहर गोहाना की पुलिस टीम ने रात्रि गश्त के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की। पुलिस को सूचना मिली थी कि बस अड्डा गोहाना क्षेत्र के पास नई कोर्ट के पीछे एक मकान में कुछ लोग भारी रकम दांव पर लगाकर जुआ खेल रहे हैं। मकान में बैठकर खेल रहे थे जुआ सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान मकान के अंदर एक बड़ी मेज के चारों ओर बैठकर जुआ खेल रहे सभी 15 व्यक्तियों को मौके पर ही पकड़ लिया गया। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ हरियाणा जुआ निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत थाना शहर गोहाना में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों में पानीपत के भी शामिल गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अनिल (रोहतक गेट, गोहाना), सुनील (वाल्मीकि बस्ती, गोहाना), रिंकू (गांव बनवासा, सोनीपत), सविन (गांव बड़ौता, सोनीपत), राजेश (वाल्मीकि बस्ती, गोहाना), टिंकू उर्फ कुनाल (कलंदर पीर दरगाह, पानीपत), सुरेन्द्र (अशोक नगर, पानीपत), राकेश (आठ मरला कॉलोनी, पानीपत), पवन (दत्त वाली गली, पानीपत), दीपक (बरोदा रोड, गोहाना), सलमान (देसराज कॉलोनी, पानीपत), हीरालाल (रमेश नगर, पानीपत), सोनू (हनुमान कॉलोनी, पानीपत), तरुण (हलवाई हट्टा, पानीपत) और बिजेन्द्र (गांव ईशापुर खेड़ी, गोहाना) के रूप में हुई है।
खरगोन में जिला कांग्रेस कमेटी ने राहुल गांधी और अन्य प्रमुख कांग्रेस नेताओं को दिल्ली में पुलिस हिरासत में लिए जाने का कड़ा विरोध किया। यह कार्रवाई पेपर लीक मामले के विरोध में किए गए आंदोलन के दौरान हुई थी। मंगलवार रात 9 बजे जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि नाईक के नेतृत्व में किसान कांग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) और अजा युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता व पदाधिकारी श्रीकृष्ण टॉकीज चौराहा पर एकत्र हुए। उन्होंने दिल्ली पुलिस और प्रधानमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष परशुराम पाटीदार, NSUI के जिलाध्यक्ष निलेश सागर, कांग्रेस अजा अध्यक्ष अमित भालसे, कादर बेग और प्रवक्ता राजेश मंडलोई सहित कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे। सरकार ने कोई संवेदनशीलता नहीं दिखाई जिलाध्यक्ष रवि नाईक ने कहा कि पेपर लीक मामले में सरकार ने कोई संवेदनशीलता नहीं दिखाई। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता जताने वाले विपक्षी नेताओं को पुलिस हिरासत में ले लिया गया। कांग्रेस केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही थी। नाईक ने बताया कि मंगलवार रात को सांकेतिक प्रदर्शन किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि बुधवार को इसी स्थान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इटावा में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने मंगलवार रात 8 बजे शास्त्री चौराहा पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की जंतर-मंतर पर हुई गिरफ्तारी के विरोध में किया गया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और इस गिरफ्तारी को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। प्रदेश सचिव गोपाल यादव और सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान सपाइयों ने हाथों में पार्टी के झंडे लेकर केंद्र सरकार के विरोध में नारे लगाए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो संविधान की भावना के विपरीत है। उन्होंने जोर दिया कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और किसी भी विपक्षी नेता की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। प्रदेश सचिव गोपाल यादव ने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए दमनात्मक कार्रवाई कर रही है। उनका मत था कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज का सम्मान होना चाहिए, न कि उसे बलपूर्वक दबाया जाए। सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य ने अखिलेश यादव की गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया। उन्होंने अखिलेश यादव की तत्काल रिहाई और लोकतांत्रिक अधिकारों के सम्मान की मांग की। शाक्य ने चेतावनी दी कि यदि विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न जारी रहा, तो समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन और तेज करेगी। प्रदर्शन स्थल पर पुलिस बल तैनात रहा और पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी गई। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे।
बागपत पुलिस ने 5 पशु तस्करों को पकड़ा:दो कैंटर से 28 पशु बरामद, गाजियाबाद ले जा रहे थे
बागपत शहर कोतवाली पुलिस ने बुधवार शाम चेकिंग अभियान के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच पशु तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दो कैंटरों से क्रूरतापूर्वक भरे गए 28 पशु बरामद किए हैं। मामले में आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि पशुओं को तस्करी के लिए बागपत से गाजियाबाद ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस ने मवीकला गांव के पास घेराबंदी कर दो संदिग्ध कैंटरों को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखकर दोनों वाहनों के चालक भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रखवीर पुत्र मदनलाल निवासी हरियाणा तथा जावेद, वजीर, आरिफ और अनस निवासी जनपद बागपत के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से दो कैंटर और 28 पशु बरामद किए हैं, जिन्हें कथित तौर पर तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था। शहर कोतवाली प्रभारी मनोज चहल ने बताया कि चेकिंग अभियान के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बरामद पशुओं को सुरक्षित कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि पशुओं की तस्करी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
ओडिशा के भुवनेश्वर से दिल्ली आ रहा एयर इंडिया का एक विमान मंगलवार को हादसे का शिकार होते बच गया। पैंसेंजर्स ने बताया कि एयर इंडिया की भुवनेश्वर-दिल्ली फ्लाइट नं. IX1058 ने दोपहर 3.30 बजे उड़ान भरी थी। लेकिन करीब 30 मिनट बाद ही प्लेन हवा में डगमगाने लगा। इस दौरान फ्लाइट में बैठे 150 से ज्यादा पैसेंजर डर गए। पैसेंजर्स ने यह भी आरोप लगाया कि पायलट ने मुश्किल से प्लेन को संभाला। उसने प्लेन की स्पीड बढ़ा दी। फ्लाइट दिल्ली की बजाय हरियाणा के चरखी दादरी की तरफ चली गई थी। बाद में उसे घुमाकर वापस दिल्ली एयरपोर्ट पर लाया गया। फ्लाइट आधे घंटे पहले ही दिल्ली पहुंच गई थी। हालांकि, एयर इंडिया की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। आधे घंटे पहले ही पहुंच गई थी दिल्ली हरियाणा के कुरुक्षेत्र में रहने वाले स्पर्श सिंगल ने बताया कि वे प्राइवेट बैंक में सेल्समैन हैं। वे 14 जुलाई को भगवान श्री जगन्नाथ की यात्रा में शामिल होने के लिए पुरी गए थे। यहां भगवान के दर्शन और यात्रा में शामिल होने के बाद आज मंगलवार को वापस आ रहे थे। दोपहर करीब साढ़े 3 बजे उनकी भुवनेश्वर से दिल्ली की फ्लाइट (IX1058) थी। शुरुआत में सबकुछ ठीकठाक रहा, लेकिन करीब आधे घंटे बाद फ्लाइट में हलचल होने लगी। प्लेन जोर से हिलने लगा। प्लेन में पैसेंजर्स की चीख-पुकार मच गई थी। वहीं, एक महिला तो बेहोश हो गई थी। इसी दौरान पायलट ने प्लेन संभालने के लिए उसकी स्पीड बढ़ा दी थी। इसी के चलते फ्लाइट आधे घंटे पहले ही दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड हो गई थी। हम लोगों ने दिल्ली एयरपोर्ट पर अधिकारियों से बात करने की कोशिश की, लेकिन हमें कोई जवाब नहीं मिला। ---------------- ये खबर भी पढ़ें… 30 हजार फीट पर प्लेन की खिड़की टूटी:पैसेंजर का सिर-कंधा बाहर निकले, पत्नी ने बचाया, दोनों पैर पकड़े रही ग्रीस के आकाश में 30 हजार फीट की ऊंचाई पर एक फ्लाइट की खिड़की टूट जाने से बड़ा हादसा टल गया। उस खिड़की के नजदीक बैठे 61 साल के पैसेंजर का सिर और कंधे खिड़की से बाहर निकल गए। पास बैठी पत्नी ने बचाया। जैसे ही वह विंडो से बाहर निकलने लगे, उनकी पत्नी ने जोर से दोनों पैर पकड़ लिए। पूरी खबर पढ़ें…
हरदा में दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार देर शाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घंटाघर चौक पर प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया। इसके बाद कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को हिरासत में लिए जाने का भी विरोध किया गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन साई ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक के विरोध में देशभर के छात्र जंतर-मंतर पर एकत्र हुए थे, लेकिन केंद्र सरकार ने उनके आंदोलन को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और सुरक्षा बलों ने बल प्रयोग किया। मोहन साई ने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों पर ध्यान देने के बजाय सरकार ने आंदोलन को खत्म करने की कोशिश की। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया और कहा कि छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए। पेपर लीक से युवाओं के सपने टूट रहे: कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष गोविंद व्यास ने कहा कि लाखों छात्र डॉक्टर बनने के लिए वर्षों मेहनत करते हैं और उनके परिवार कोचिंग के लिए भारी खर्च उठाते हैं। उनका आरोप था कि बार-बार पेपर लीक होने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के सपने टूट रहे हैं। उन्होंने छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ पटेल ने कहा कि राहुल गांधी की गिरफ्तारी लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास है। उन्होंने चेतावनी दी कि राहुल गांधी की रिहाई और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा।
राजस्थान स्टेट साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग के नाम पर 12 करोड़ 9 लाख 65 हजार 512 रुपए की साइबर ठगी का खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने एक फर्जी फाइनेंस कंपनी गोल्डन लीजेंड लीजिंग एंड फाइनेंस लिमिटेड (GLLFL) की निदेशक दिव्या सिंह कुशवाहा को मुंबई से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि फर्जी गोल्ड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के लिए यूज किए जा रहे वर्चुअल मर्चेंट खातों के संचालन में कंपनी की अहम भूमिका थी। मामले में मुख्य आरोपी जयंता रॉय सहित अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं पुलिस ठगी के शिकार हुए अन्य राज्यों के पीड़ित लोगों की भी तलाश कर रही है। भारी मुनाफे का झांसा देकर कराया निवेश एडीजी साइबर क्राइम संजय अग्रवाल ने बताया कि स्टेट साइबर क्राइम पुलिस थाना जयपुर में 9 दिसंबर 2025 को दर्ज मामले में परिवादी ने शिकायत दी थी कि उसे वाट्सएप के माध्यम से गोल्ड ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर फर्जी वेबसाइट पर निवेश कराया गया। इसके बाद विभिन्न बैंक खातों और वर्चुअल मर्चेंट खातों में 12.09 करोड़ रुपए से ज्यादा जमा करवाकर उसके साथ धोखाधड़ी की गई। करोड़ों रुपए लेने के बाद भी नहीं लौटाई निवेश की राशि एडीजी ने बताया कि जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने का प्रयास किया तो आयकर, प्रोसेसिंग फीस, अकाउंट अनफ्रीज शुल्क और अन्य चार्ज के नाम पर पीड़ित को बार-बार अतिरिक्त रकम जमा करानी पड़ी। करोड़ों रुपए लेने के बावजूद न तो निवेश की राशि लौटाई गई और न ही निकासी की अनुमति दी गई। वित्तीय जांच में खुला बड़ा साइबर नेटवर्क स्टेट साइबर क्राइम पुलिस थाना जयपुर की टीम ने तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों की गहन जांच की। जांच में सामने आया कि साइबर ठगी में यूज किया गया वर्चुअल मर्चेंट खाता प्राइम इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को उपलब्ध कराया गया था, जिसका संचालन गोल्डन लीजेंड लीजिंग एंड फाइनेंस लिमिटेड (GLLFL) के माध्यम से किया जा रहा था। पुलिस जांच में ऑनबोर्डिंग, केवाईसी, ड्यू डिलिजेंस, रिस्क मॉनिटरिंग और फ्रॉड डिटेक्शन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। साथ ही इन खातों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (1930) पर देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज होने की पुष्टि भी हुई। मुंबई से महिला निदेशक गिरफ्तार मामले में पहले आरोपी इकबाल अहमद के खिलाफ जांच पूरी कर कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया जा चुका है। आगे की जांच में GLLFL के निदेशकों की भूमिका सामने आने पर साइबर थाना जयपुर की टीम ने मुंबई पहुंचकर कंपनी की निदेशक दिव्या सिंह कुशवाहा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने कोर्ट के जरिए आरोपी महिला को 5 दिन के रिमांड पर लिया है। इस दौरान मनी ट्रेल, फरार आरोपियों की भूमिका, डिजिटल सबूतों और साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ की जा रही है। अन्य राज्यों के पीड़ितों की भी तलाश राजस्थान पुलिस अब इस साइबर नेटवर्क में यूज किए गए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और अन्य डिजिटल सबूतों का विश्लेषण कर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान में जुटी है। साथ ही राजस्थान सहित अन्य राज्यों में इस गिरोह से ठगी के शिकार हुए पीड़ित लोगों की भी पहचान की जा रही है। इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका थानाधिकारी गजेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम में अनुसंधान अधिकारी पुलिस निरीक्षक अमृता सिंह, उप निरीक्षक मुकेश कुमार और कॉन्स्टेबल बोदूराम की विशेष भूमिका रही। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
राजगढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता चंदर सिंह सौंधिया मंगलवार रात कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन शुरू किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राहुल गांधी की रिहाई और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग उठाई। धरने पर बैठे चंदर सिंह सौंधिया ने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ अन्याय हुआ और कई छात्रों को गंभीर चोटें आईं। उनका आरोप था कि कुछ छात्रों के हाथ-पैर टूटे, जबकि कई के सिर में चोट लगी। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की। राहुल छात्रों की आवाज उठा रहे थे: सौंधिया सौंधिया ने कहा कि राहुल गांधी छात्रों के साथ हुए कथित अन्याय के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उनका कहना था कि राहुल गांधी ने छात्रों को न्याय दिलाने और पूरे मामले की जिम्मेदारी तय करने की मांग की थी। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की थी। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस राहुल गांधी की गिरफ्तारी का विरोध करती है। उन्होंने राहुल गांधी को तत्काल रिहा करने, छात्रों के साथ हुई घटना की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की। मंगलवार देर रात तक कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता और राहुल गांधी रिहा नहीं होते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
कटनी के कुठला थाना क्षेत्र में बायपास पर चाकू की नोक पर ऑटो यात्रियों से लूटपाट करने वाले तीन नाबालिगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी नकदी, घटना में प्रयुक्त दो चाकू और बिना नंबर की स्कूटी जब्त की है। चाका ब्रिज के पास की वारदात पुलिस के अनुसार, पन्ना जिले के सुडौरा निवासी दुर्गेश चौधरी 19 जुलाई की रात अपनी भाभी और भतीजी के साथ ऑटो से बायपास जा रहे थे। चाका ब्रिज के आगे बिना नंबर की स्कूटी सवार तीन नाबालिगों ने ऑटो रुकवाया और चाकू अड़ाकर दुर्गेश से 6,000 रुपए और ऑटो चालक से 300 रुपए लूट लिए। हाथ पर बने टैटू से मिले सुराग वारदात के दौरान पीड़ित दुर्गेश ने आरोपियों के हाथों पर बने टैटू देख लिए थे, जिन पर 'मनु', 'ॐ' और 'यादव जी' लिखा था। पीड़ित की शिकायत पर धारा 309(6) BNS के तहत मामला दर्ज कर कुठला पुलिस ने टैटू और स्कूटी के हुलिए के आधार पर जांच करते हुए तीनों नाबालिगों को धर दबोचा। जबलपुर बाल संप्रेक्षण गृह भेजे आरोपी पूछताछ में नाबालिगों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद कुठला थाना पुलिस ने तीनों विधि का उल्लंघन करने वाले बालकों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से न्यायालय के आदेश पर उन्हें बाल संप्रेक्षण गृह, जबलपुर भेज दिया गया।
दिल्ली में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के विरोध में गाजीपुर में सपा कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। मंगलवार रात करीब 9 बजे जिलाधिकारी कार्यालय के सामने यह धरना शुरू हुआ, जिसका नेतृत्व सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने किया। बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अखिलेश यादव की हिरासत को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। सपा नेताओं ने बताया कि मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के पास प्रदर्शन के दौरान अखिलेश यादव, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। विपक्षी दल कथित तौर पर छात्रों के आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने सुरक्षा कारणों और निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। गाजीपुर में धरने के दौरान सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को जनता की आवाज उठाने से रोका जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए हिरासत में लिए गए सभी नेताओं को तत्काल रिहा करने की मांग की। धरनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया था।
उदयपुर में शिक्षाविद, समाजसेवी एवं महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर के पूर्व कुलपति प्रो. विजय श्रीमाली की आठवीं पुण्यतिथि पर मंगलवार को टाईगर हिल स्थित संस्कार भवन में प्रो. विजय श्रीमाली फाउंडेशन की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए 178 यूनिट रक्तदान किया। इसके साथ ही 201 पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। शिविर में आरएनटी मेडिकल कॉलेज की रक्तदान इकाई की टीम ने रक्त संग्रह किया। रक्तदान करने वाले सभी रक्तवीरों को प्रशस्ति प्रमाण-पत्र देकर उनका सम्मान और हौसला बढ़ाया गया। संस्कार भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष रविंद्र श्रीमाली ने कहा कि प्रो. विजय श्रीमाली ने अपना पूरा जीवन शिक्षा, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन और समाजसेवा के लिए समर्पित किया। उन्होंने सुखाड़िया विश्वविद्यालय में प्राध्यापक से लेकर अजमेर स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति तक का गौरवपूर्ण सफर तय किया। उनका व्यक्तित्व शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में आज भी प्रेरणा का स्रोत है। प्रो. विजय श्रीमाली फाउंडेशन के अध्यक्ष जतिन श्रीमाली ने कहा कि अस्पतालों में रक्त की कमी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। ऐसे में रक्तदान शिविर जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि पुण्यतिथि पर आयोजित यह शिविर प्रो. विजय श्रीमाली को सच्ची श्रद्धांजलि देने के साथ मानव सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का माध्यम बना। आयोजन के तहत संस्कार भवन और नटराज किड्स प्लैनेट स्कूल परिसर में 201 पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि किसी जरूरतमंद को जीवनदान देने से बड़ी सेवा कोई नहीं हो सकती। इस अवसर पर विधायक ताराचंद जैन, विधायक दीप्ति माहेश्वरी, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, प्रेमशंकर बोहरा, ओमशंकर श्रीमाली, रामकृपा शर्मा, दीपक शर्मा, प्रो. कैलाश सोडाणी, आई.वी. त्रिवेदी, अतुल चंडालिया, पृथ्वी सिंह चौहान, वसीम खान, पंकज शर्मा आदि मौजूद रहे।
आबकारी विभाग ने रायपुर-आरंग मार्ग पर कार्रवाई करते हुए 30 पेटी अवैध शराब जब्त की है। शराब तालाब किनारे गड्ढे में छिपाकर रखी गई थी। टीम को देखकर तस्कर वाहन सहित अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। जब्त शराब की कीमत करीब 1.72 लाख रुपए बताई गई है। मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच की जा रही है। आबकारी विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि क्षेत्र में बड़ी मात्रा में अवैध शराब खपाने की तैयारी की जा रही है। इसके बाद टीम ने लगातार 5 दिनों तक गश्त और तलाश अभियान चलाया। 20 और 21 जुलाई की दरमियानी रात आबकारी टीम ने रायपुर-आरंग मार्ग पर नाकेबंदी की। इसी दौरान सूचना मिली कि ग्राम गोढ़ी के पास तालाब किनारे शराब छिपाई गई है। टीम ने मौके पर दबिश दी। टीम को देखकर तस्कर भाग निकले आबकारी टीम के पहुंचते ही तस्कर वाहन सहित मौके से फरार हो गए। तलाशी लेने पर तालाब किनारे गड्ढे से शराब बरामद हुई। टीम ने रॉयल गोवा व्हिस्की की 30 पेटी जब्त की। इनमें 1,440 प्लास्टिक पाव (180-180 मिलीलीटर) शराब थी। कुल 259.20 बल्क लीटर शराब जब्त की गई। यह शराब केवल गोवा राज्य में बिक्री के लिए थी। जब्त शराब की अनुमानित कीमत 1 लाख 72 हजार 800 रुपए है। आबकारी विभाग ने शराब को जब्त कर लिया है। अज्ञात आरोपियों पर केस दर्ज आबकारी विभाग ने अज्ञात तस्करों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2), 36 और 59(क) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश जारी है। यह कार्रवाई आबकारी सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले, आबकारी आयुक्त पदुम सिंह एल्मा, कलेक्टर गौरव सिंह और प्रभारी उपायुक्त आबकारी डॉ. प्रवीण वर्मा के निर्देशन में की गई। आबकारी विभाग का अभियान जारी आबकारी विभाग ने बताया कि रायपुर जिले में अवैध शराब की तस्करी, भंडारण और बिक्री के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। दूसरे राज्यों से आने वाली अवैध शराब पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि अवैध शराब की जानकारी या शिकायत आबकारी नियंत्रण कक्ष रायपुर के फोन नंबर 0771-2428201 पर दी जा सकती है।
राजगढ़ जिले में फर्जी शिक्षा बोर्ड के नाम पर 10वीं और 12वीं की परीक्षा कराकर नकली अंकसूची और प्रमाण-पत्र जारी करने का मामला सामने आया है। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों सरकारी मान्यता नहीं रखने वाले बोर्ड ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन, दिल्ली के नाम पर विद्यार्थियों का पंजीयन करते थे, अपने स्कूल में परीक्षा आयोजित कराते थे और बाद में फर्जी अंकसूची व प्रमाण-पत्र देकर रुपए वसूलते थे। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और फर्जी प्रमाण-पत्र पाने वाले विद्यार्थियों की जानकारी जुटा रही है। एसपी अमित तोलानी ने बताया कि मामले का खुलासा ग्राम नाटाराम निवासी कुमेरसिंह भिलाला की शिकायत के बाद हुआ। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी पत्नी गायत्री भिलाला को जीनियस कंप्यूटर एजुकेशन सेंटर के संचालक कुनाल मेवाड़े ने 10वीं और 12वीं की अंकसूचियां उपलब्ध कराई थीं। इन दस्तावेजों पर बोर्ड ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन, दिल्ली का नाम दर्ज था। पुलिस ने दस्तावेजों की जांच के लिए दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय और स्कूल शिक्षा विभाग से जानकारी मांगी। वहां से स्पष्ट हुआ कि इस नाम का कोई भी शिक्षा बोर्ड सरकार से मान्यता प्राप्त नहीं है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी कुनाल मेवाड़े को हिरासत में लेकर पूछताछ की। भाई के स्कूल में होती थीं परीक्षाएं पूछताछ में सामने आया कि कुनाल मेवाड़े फर्जी बोर्ड की वेबसाइट पर विद्यार्थियों का ऑनलाइन पंजीयन करता था। इसके बाद उसके भाई राजू मेवाड़े के पूर्वी विद्या निकेतन स्कूल में परीक्षाएं आयोजित कराई जाती थीं। परीक्षा के बाद विद्यार्थियों को फर्जी अंकसूची और प्रमाण-पत्र जारी कर दिए जाते थे। पुलिस ने राजू मेवाड़े (47) और कुनाल मेवाड़े (41) को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ पहले से भी विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि इस फर्जी बोर्ड के माध्यम से अब तक कितने विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र जारी किए गए, कितनी राशि वसूली गई और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।
लखीमपुर खीरी में मंगलवार शाम 5 बजे एक घर में आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते पास के अन्य दो घर चपेट में आ गए। तीनों घरों में रखा गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया। पीड़ितों के मुताबिक तीनों घरों को मिलाकर लाखों का नुकसान हुआ है। आग भड़कते ही दमकल विभाग को सूचना दे दी गई। कुछ ही देर में आग की लपटें ऊपर उठने लगी। गांव के बाहर तक धुएं का गुबार दिखाई दिया। आसपास के लोगों ने पानी से बुझाने का प्रयास किया। सूचना पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने 1 घंटे बाद आग पर काबू पाया। पढ़िए पूरी घटना… यह घटना जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर मझगई थाना क्षेत्र के धर्मापुर गांव में हुई। विकास धर्मापुर के रहने वाले है। शाम 5 बजे उनके घर में खाना बन रहा था। उसी दौरान अचानक से आग पास रखे घरेलू सामान तक पहुंच गई। जब तक खाना बना रही विकास की मां कुछ समझ पाती। तब तक आग ने पूरे कमरे को अपनी जद में ले लिया था। आग फैलते ही गांव के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने दमकल विभाग को सूचना दी। कुछ ही देर में आग ने पास बने और दो घरों तक फैल गई। वाटर कैनन से पानी की बौछारें अन्य दो घर छप्पर के बने हुए थे। आग पकड़ते ही लपटे आसमान में ऊंचाई तक उठ गई। गांव के बाहर से ही धुएं का गुबार दिखने लगा। आसपास के लोगों ने आग को पानी से बुझाने का प्रयास किया। सूचना पर पहुंची दमकल की टीम ने वाटर कैनन से पानी की बौछारे मारी। करीब 1 घंटे बाद आग पर दमकल की टीम ने काबू पा लिया। इस अग्निकांड में तीन घर जल गए। घरों में रखा गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया। हालांकि इस अग्निकांड में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। अग्निकांड पीड़ित ने बताया कि सालों की मेहनत से घर बनाया था। पीड़ितों के लिए आर्थिक संकट सब जलकर राख हो गया। इस महंगाई में हमारे लिए आर्थिक संकट खड़ा हो गया। पीड़ितों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। दमकल कर्मी हसन अली ने बताया कि आग से तीन घर जले हैं। उन्होंने पुष्टि की कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है।
दिल्ली में छात्रों के समर्थन में धरना दे रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में अमेठी में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। दोनों दलों ने अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है और अपने नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग कर रहे हैं। जिला मुख्यालय पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता एसपी कार्यालय के बाहर मंगलवार रात साढ़े आठ बजे धरने पर बैठे। इन दौरान सपा जिलाध्यक्ष राम उदित यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। उन्होंने नेताओं की गिरफ्तारी को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ और लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा बताया। अमेठी कस्बे के अंबेडकर तिराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर प्रतिमा के नीचे धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस धरने में कांग्रेस नेता अरविंद चतुर्वेदी, आसिफ उर्फ छोटू, विनय मिश्र, देवमणि तिवारी, धर्मेंद्र शुक्ल और कुद्दुस खान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक राहुल गांधी और अखिलेश यादव को रिहा नहीं किया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। दोनों दलों के नेताओं ने केंद्र सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन पूरी स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है। नेताओं ने यह भी चेतावनी दी कि यदि गिरफ्तारी वापस नहीं ली गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
झांसी में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के समर्थन में मंगलवार शाम समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। इलाइट चौराहे पर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे कार्यकर्ताओं को नवाबाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष महेश कश्यप, समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष विश्वप्रताप सिंह समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने मौके से हिरासत में लेकर नवाबाद थाने पहुंचाया है। फिलहाल सभी को थाने में बैठाया गया है। बताया जा रहा है कि सपा कार्यकर्ता अचानक इलाइट चौराहे पर एकत्र हुए और अखिलेश यादव के समर्थन में नारे लगाने लगे। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही नवाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया। नारेबाजी जारी रहने पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।हिरासत के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली। हालांकि किसी तरह की हिंसा या अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। इलाइट चौराहे पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और यातायात को सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।सपा नेताओं का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज करा रहे थे, लेकिन पुलिस ने बिना वजह कार्रवाई की। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बिना अनुमति प्रदर्शन किए जाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन कार्रवाई की गई है। यहां सूचना मिलते ही सपा के महानगर अध्यक्ष तनवीर आलम नवाबाद थाने पहुंच गए हैं।
भागलपुर पुलिस महानिरीक्षक विवेक कुमार ने मंगलवार को बांका जिले के बेलहर पुलिस अनुमंडल कार्यालय का वार्षिक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण मंगलवार शाम तक चला। बेलहर पहुंचने पर पुलिस जवानों ने आईजी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। बांका एसपी अमितेश कुमार ने बुके देकर उनका स्वागत किया। निरीक्षण के दौरान आईजी विवेक कुमार ने पुलिस अनुमंडल कार्यालय के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया। उन्होंने कार्यालय परिसर की साफ-सफाई, रखरखाव और विभिन्न पंजियों का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश इस दौरान उन्होंने पुलिसिंग व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों और थानों में संधारित किए जाने वाले विभिन्न अभिलेखों की जानकारी ली। आईजी ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और संबंधित पुलिस अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आईजी ने अधिकारियों को अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रखने, लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और पुलिस व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेलहर पुलिस अनुमंडल कार्यालय का वार्षिक निरीक्षण किया गया है, जिसमें अनुमंडल क्षेत्र की पुलिसिंग व्यवस्था और अपराध नियंत्रण का अवलोकन किया गया। सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की इसके अतिरिक्त, आईजी ने बांका एसपी अमितेश कुमार के साथ आगामी विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला की तैयारियों पर भी चर्चा की। उन्होंने मेले के दौरान दूर-दराज से आने वाले कांवरिया श्रद्धालुओं को सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुचारू यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रविंद्र मोहन प्रसाद, इंस्पेक्टर रंजीत कुमार, बेलहर थानाध्यक्ष दिनेश कुमार वर्मा सहित बेलहर पुलिस अनुमंडल अंतर्गत सभी थानों के थानाध्यक्ष और पुलिस बल के जवान मौजूद थे।
राजकीय बाल गृह का किशोर स्कूल से लापता:देवरिया में पीएम श्री इंटर कॉलेज से गायब, पुलिस जांच में जुटी
देवरिया में पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज से मंगलवार दोपहर 12:30 बजे राजकीय बाल गृह का 15 वर्षीय किशोर लापता हो गया। घटना की सूचना मिलते ही बाल गृह प्रशासन, शिक्षा विभाग और पुलिस महकमे में सक्रियता बढ़ गई। सदर कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बाल गृह में रहने वाला यह किशोर प्रतिदिन की तरह सुबह पढ़ाई के लिए पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज गया था। सुबह करीब सात बजे एक होमगार्ड उसे विद्यालय छोड़कर आया था। दोपहर लगभग 12:30 बजे छुट्टी के बाद जब होमगार्ड उसे वापस लेने स्कूल पहुंचा, तो किशोर वहां नहीं मिला। पहले स्कूल परिसर में उसकी तलाश की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। होमगार्ड ने इसकी सूचना विद्यालय के प्रधानाचार्य को दी। इसके बाद शिक्षकों और कर्मचारियों ने सभी कक्षाओं, परिसर और अन्य स्थानों पर खोजबीन की, लेकिन किशोर का कोई सुराग नहीं मिला। मामले की जानकारी तत्काल राजकीय बाल गृह के प्रबंधक को दी गई। सूचना मिलने पर बाल गृह प्रशासन ने सदर कोतवाली पुलिस को सूचित किया। प्रभारी निरीक्षक राकेश राय पुलिस टीम के साथ पहले राजकीय बाल गृह पहुंचे और आवश्यक जानकारी ली। इसके बाद वे पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज पहुंचे। पुलिस ने विद्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। साथ ही स्कूल परिसर और आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। कोतवाल राकेश राय ने बताया कि किशोर की तलाश के लिए संभावित स्थानों पर खोजबीन की जा रही है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। देर शाम तक किशोर का कोई सुराग नहीं मिल सका था। पुलिस ने जल्द ही किशोर का पता लगाने का दावा किया है।
दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के समर्थन में मंगलवार को सपा विधायक नसीम सोलंकी और पूर्व विधायक इरफान सोलंकी जंतर-मंतर पहुंचे। दोनों नेताओं ने प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की और अभिजीत दीपके से भी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज का विरोध जताया। नसीम सोलंकी ने कहा कि सोमवार को छात्रों पर जिस तरह लाठीचार्ज किया गया, वह गलत था। उन्होंने कहा, हमारे भी बच्चे हैं, उनका भी भविष्य है। छात्रों की इस लड़ाई में हम भी उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और मीडिया में सामने आईं छात्रों पर लाठियां चलने की तस्वीरें चिंताजनक हैं और ऐसी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी। पूर्व विधायक इरफान सोलंकी ने कहा कि छात्रों पर पुलिस की बर्बरता की तस्वीरें देखने के बाद वह जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों की बातें सुनीं और भरोसा दिलाया कि समाजवादी पार्टी उनके साथ खड़ी है। इरफान ने कहा कि पार्टी की सांसद डिंपल यादव भी सोमवार को छात्रों के समर्थन में पहुंची थीं, इसलिए वह भी छात्रों के समर्थन में आए हैं। वहीं, मंगलवार को कानपुर-बुंदेलखंड कांग्रेस महिला मोर्चा की अध्यक्ष करिश्मा ठाकुर भी जंतर-मंतर पहुंचीं। उन्होंने महिला आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा था कि महिला कांग्रेस 33% आरक्षण की लड़ाई लड़ने के लिए दिल्ली पहुंच रही है और अगर कोई रोक सके तो रोक ले। मंगलवार शाम को करिश्मा ठाकुर ने केंद्र सरकार से महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान किया जाए।
दमोह जिले के जबेरा ब्लॉक अंतर्गत सिंग्रामपुर-भैंसाघाट मार्ग पर 18 घंटे से ठप आवागमन मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे बहाल हो गया। भैंसाघाट पहाड़ी पर एक 18 चक्का ट्राला फंस जाने से इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई थी। शॉर्टकट के चक्कर में फंसा भारी वाहन सोमवार रात दो बजे चालक शॉर्टकट के फेर में 18 चक्का ट्राले को संकरे और चढ़ाई वाले भैंसाघाट पहाड़ी मार्ग पर ले गया, जहां वाहन फंस गया। सूचना मिलते ही सिंग्रामपुर चौकी प्रभारी विकास सिंह चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था संभाली। बड़ी क्रेन की मदद से हटाया गया ट्राला शुरुआत में छोटी क्रेन से ट्राला हटाने का प्रयास विफल रहने पर बड़ी क्रेन मंगवाई गई। मंगलवार रात साढ़े आठ बजे क्रेन की मदद से ट्राले को सड़क किनारे कर यातायात फिर से चालू कराया गया। इस दौरान छोटे वाहनों को एहतियातन निकाला गया, जबकि भारी वाहन रुके रहे। मार्ग पर सांकेतिक बोर्ड लगाने की मांग घटना के दौरान पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर तैनात रही। स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह पहाड़ी रास्ता भारी वाहनों के लायक नहीं है। उन्होंने भविष्य में हादसों से बचाव के लिए मार्ग पर स्पष्ट चेतावनी और प्रतिबंधात्मक बोर्ड लगाने की मांग की है।
दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज के विरोध में सोमवार को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने औरंगाबाद शहर में आक्रोश मार्च निकाला। युवा कांग्रेस नेता आशुतोष कुमार सिंह और मजहर साहिल के नेतृत्व में निकले मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से होकर रमेश चौक पहुंचा, जहां सभा आयोजित कर छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई की निंदा की गई। 'छात्रों की आवाज दबाना लोकतंत्र के खिलाफ' सभा को संबोधित करते हुए युवा कांग्रेस नेता आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि देश के युवा अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर कथित लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और इस अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए। वहीं, मजहर साहिल ने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाकर सरकार अपनी जिम्मेदारियों से नहीं बच सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की जायज मांगों पर विचार करने के बजाय उनके खिलाफ बल प्रयोग करना सरकार की असहिष्णुता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा छात्रों और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और घायल छात्रों के इलाज की मांग कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से बल प्रयोग करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की। साथ ही घायल छात्रों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई। नेताओं ने कहा कि यदि छात्रों की मांगों की लगातार अनदेखी की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। आक्रोश मार्च में एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष भीम सिंह चौहान, ऋषभ सिंह, विवेक यादव, गोविंद यादव, बाबर खान, साकिब हसन, रवि सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ता शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर विरोध प्रदर्शन किया तथा केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर सियासत गरमा गई है। दिल्ली में धरना दे रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पुलिस हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार रात 8 बजे आगरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। शहर के व्यस्त एमजी रोड पर बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता इकट्ठा हुए और सड़क पर ही धरने पर बैठ गए, जिससे कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका आरोप था कि नीट पेपर लीक जैसे गंभीर मामले में सरकार दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय विपक्ष की आवाज दबाने का काम कर रही है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस मुद्दे पर कांग्रेस लगातार संघर्ष करती रहेगी।धरने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वे सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसियों को जबरन उठाना शुरू कर दिया। कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल भी बन गया।प्रदर्शन में कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष अमित सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और बिना अनुमति सड़क जाम करना उचित नहीं है। फिलहाल पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए यातायात को सामान्य करा दिया है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को राजस्थान में कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा व्यवस्था समेत अलग - अलग मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। राजधानी जयपुर में अंबेडकर सर्किल पर आयोजित प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी शामिल हुए। जयपुर के अंबेडकर सर्किल पर बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, विधायक, पूर्व विधायक, विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रतिनिधि और कार्यकर्ता एकत्रित हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। नेताओं ने आरोप लगाया कि शिक्षा से जुड़े विभिन्न मामलों में केंद्र सरकार जवाबदेही निभाने में विफल रही है। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार का रवैया निराशाजनक रहा है। उनका कहना था कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मामलों में लगातार विवाद सामने आने के बावजूद सरकार प्रभावी कदम उठाने में असफल रही है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के बजाय केंद्र सरकार विपक्ष के सवालों से बच रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि जब तक छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय नहीं होती और केंद्रीय शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगी। वहीं, प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। इसके बाद बड़ी संख्या में एक कांग्रेसी कार्यकर्ता अंबेडकर सर्किल पर ही धरने पर बैठ गए। जहां लगभग 40 मिनट के धरने के बाद पुलिस प्रशासन ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा समेत दो दर्जन से ज्यादा कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में ले लिया। इस दौरान कांग्रेसी नेता पुलिस की बस के सामने आ गए और कांग्रेस के सीनियर नेताओं की गिरफ्तारी का विरोध करने लगे। इस दौरान पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर कांग्रेसी नेताओं को खदेड़ा और कांग्रेसी नेताओं को लेकर थाने पहुंची। बता दें कि कांग्रेस की ओर से यह विरोध केवल जयपुर तक सीमित नहीं रहा। कांग्रेस ने प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर एक साथ धरना-प्रदर्शन आयोजित किए, जहां स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई।
जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से मंगलवार शाम कांग्रेस कार्यालय के सामने नीट पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। शाम 7 बजे हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक होने से लाखों मेधावी छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। बोले- छात्रों के भविष्य के साथ हुआ खिलवाड़ प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द होने से देशभर के छात्रों में भारी नाराजगी है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कई राज्यों में छात्र निराश होकर आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हुए हैं, लेकिन केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं। उच्च स्तरीय जांच की मांग कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नीट पेपर लीक मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों को न्याय दिलाने के लिए पारदर्शी जांच जरूरी है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मोहम्मद सलीम नागौरी, मोहन मेघवाल, भैराराम मकवाना, रामलाल बिश्नोई, गिरिराज, डॉ. नवल किशोर जोशी, लीलाधर कनौजिया, यश जोशी, बबलू व्यास, गोरधन जयपाल, मोहम्मद अली, गोपाल गोगलु, अशोक मेघवाल, प्रकाश सैन, अब्दुल मजीद एडवोकेट और ओम प्रकाश सहित बड़ी संख्या में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पंजाब में हो रही भारी बारिश के बीच शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल बाढ़ जैसे हालातों का जायजा लेने के लिए डेरा बाबा नानक पहुंचे। उन्होंने धुस्सी बांध के आसपास के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और खराब मौसम के बावजूद करतारपुर कॉरिडोर के गेट के पास एकत्रित किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान स्थानीय किसानों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि लगातार हो रही बारिश से धुस्सी बांध के आसपास के इलाकों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इससे फसलों के नष्ट होने और लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो गया है। मुश्किल समय में किसानों के साथ खड़ी है पार्टी किसानों को राहत का आश्वासन देते हुए सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल इस संकट की घड़ी में पंजाब के किसानों और आम जनता के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि स्थिति से निपटने और लोगों को राहत पहुंचाने के लिए पार्टी स्तर पर हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी। प्रशासन को तुरंत धुस्सी बांध के तटबंधों को मजबूत करना चाहिए और जमा पानी को निकालने के लिए आपातकालीन कदम उठाने चाहिए, ताकि किसानों की फसलों और लोगों के घरों को नुकसान से बचाया जा सके। अकाली दल प्रमुख ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और प्रशासन से मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों में बचाव व राहत कार्यों को युद्ध स्तर पर शुरू किया जाए।
अमृतसर के कोट खालसा इलाके से एक युवक की लाश चादर में लिपटी मिली। यह मामला कोट खालसा चौकी, थाना इस्लामाबाद में सामने आया। चौकी इंचार्ज बलजिंदर सिंह और एसएचओ कोट खालसा हरसंदीप सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले मृतक की पहचान करवाई। मृतक की पहचान 36 साल के सुखविंदर सिंह के रूप में हुई जो कोट खालसा का ही रहने वाला था। इसके बाद पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से मामले की कड़ी जोड़नी शुरू की। अधिक नशा करने के कारण हुई मौत जांच में सामने आया कि सुखविंदर सिंह अपने दोस्त कुलदीप सिंह के साथ पेंटर का काम करता था। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने रात को पहले शराब पी और इसके बाद नशा किया। पुलिस का कहना है कि अधिक नशा करने के कारण सुखविंदर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस आरोपी से पूछताछ में जुटी इसके बाद कुलदीप सिंह डर गया और उसने घर से चादर लाकर शव को उसमें लपेट दिया। आरोपी शव को अपने कंधों पर रखकर तकिये वाली गली में फेंककर चला गया। पुलिस ने आरोपी कुलदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ मुकदमा नंबर 221 के तहत BNS की धारा 105 और 238 में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर पूरे मामले की आगे की जांच कर रही है।
उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति रामौतार सिंह और सदस्यों ने संभल जनपद का दौरा किया। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोग के अध्यक्ष को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। बैठक मंगलवार शाम 5:30 बजे संभल जिला मुख्यालय के सभागार में शुरू हुई और रात 8 बजे समाप्त हुई। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) गोरखनाथ भट्ट ने पुष्पगुच्छ और भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा भेंट कर आयोग अध्यक्ष का स्वागत किया। इस अवसर पर आयोग के सदस्य बृजेश कुमार (सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश), संतोष कुमार विश्वकर्मा (सेवानिवृत्त अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश) और एसपी सिंह (सेवानिवृत्त आईएएस) भी मौजूद थे। जिला विकास अधिकारी रामआशीष ने आयोग को जनपद की कुल जनसंख्या 17,31,335 बताई। इसमें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की जनसंख्या 9,70,492 और अनुसूचित जाति की जनसंख्या 3,87,025 है। आयोग के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) मोहम्मद अंसारी ने आयोग की कार्यप्रणाली, रूपरेखा और जनपद भ्रमण के उद्देश्य की जानकारी दी। जनसुनवाई के दौरान, आयोग ने विकासखंडवार पंचायतों में आगामी चुनावों के संदर्भ में पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक आरक्षण पर चर्चा की। अध्यक्ष और सदस्यों ने जिला पंचायत सदस्यों, ब्लॉक प्रमुखों, ग्राम प्रधानों तथा उपस्थित नागरिकों से गांवों में पिछड़ा वर्ग की स्थिति, आरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आर्थिक स्थिति पर सुझाव और आपत्तियां प्राप्त कीं। इसके साथ ही, सामान्य एवं अनुसूचित जाति वर्ग की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों पर भी जानकारी ली गई। आयोग ने स्पष्ट किया कि नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों से पहले राजनीतिक आरक्षण की वर्तमान स्थिति और पिछड़ेपन के वास्तविक स्वरूप का आकलन करना आवश्यक है। इस अवसर पर एडीएम (वित्त एवं राजस्व) सत्यप्रिय सिंह, एएसपी मनोज कुमार रावत, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत आशीष सिंह, अपर जिला पंचायती राज अधिकारी चेतेन्द्र पाल सिंह सहित समस्त ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र के कोल्हुआ पैगंबरपुर चौर में 14 जुलाई को होर्डिंग ऑपरेटर राकेश कुमार उर्फ ब्लैकी की हत्या हुई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या जुए के पैसे के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में की गई थी। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि वारदात का मुख्य आरोपी अब भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अहियापुर थाना क्षेत्र के कोल्हुआ पैगंबरपुर के रहने वाले मिंटू कुमार के रूप में हुई है। हत्या का मुख्य आरोपी धीरज कुमार उर्फ बाबा अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। घटना से जुड़ी 3 तस्वीरें देखिए किराए के मकान में रहकर फ्लेक्स, होर्डिंग्स लगाता था राकेश बता दें कि 14 जुलाई को कोल्हुआ पैगंबरपुर ढाबा के पास एक पल्सर बाइक पर युवक का शव संदिग्ध अवस्था में मिला था। सूचना मिलने पर अहियापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एफएसएल टीम की मदद से घटनास्थल से सबूत जुटाए गए थे। मृतक की पहचान मोतीपुर थाना क्षेत्र निवासी फगुनी भगत के 30 साल के बेटे राकेश कुमार उर्फ ब्लैकी के रूप में हुई थी। राकेश अहियापुर थाना क्षेत्र के कोल्हुआ गांधी नगर में किराये के मकान में रहकर फ्लेक्स और होर्डिंग लगाने का काम करता था। घटना के बाद एसडीपीओ टाउन-2 बिनीता सिन्हा के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया था। तकनीकी सबूत और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने मिंटू कुमार को हिरासत में लिया, जहां पूछताछ के दौरान पूरे हत्याकांड का खुलासा हुआ। जुए के पैसे के बंटवारे को लेकर हुई हत्या सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी मिंटू कुमार ने स्वीकार किया कि उसने धीरज कुमार उर्फ बाबा के साथ मिलकर जुए के पैसे के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में राकेश कुमार उर्फ ब्लैकी की गोली मारकर हत्या की थी। पुलिस के अनुसार, हत्या की साजिश दोनों ने मिलकर रची थी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों मौके से फरार हो गए थे। मुख्य आरोपी की तलाश जारी पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के बयान के आधार पर फरार मुख्य आरोपी धीरज कुमार उर्फ बाबा की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी के लिए भी कार्रवाई चल रही है। घटनास्थल से बरामद बाइक को जब्त कर लिया गया है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पाली शहर के सूरजपोल चौराहे पर मंगलवार शाम को कांग्रेस की ओर से प्रदर्शन किया गया और प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री का पूतला फूंका। इस दौरान उन्होंने दोनों के इस्तीफे की मांग की। साथ ही केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस जिला अध्यक्ष शिशुपालसिंह राजपुरोहित ने कहा कि पेपर लीक मामले में दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही युवाओं पर सरकार लाठियां बरसा रही है। उनके सिर फोड़ रही है, लेकिन युवाओं की मांग पूरी नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मामले में नैतिकता के तौर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंन्द्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए था। वहां प्रदर्शन करने वाले युवा भी यही मांग कर रहे हैं। लेकिन केंद्र सरकार उनके खिलाफ दमनकारी नीति अपना रही हैं, जो गलत है। युवा देश का भविष्य है और उनके साथ ही सरकार बर्बरता पूर्ण व्यवहार कर रही है।
दतिया के बम-बम महादेव चौराहे पर मंगलवार शाम छात्रों और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर शिक्षा प्रणाली में सुधार तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान चौराहे पर राहगीरों और वाहन चालकों की भीड़ जुटने से कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। प्रदर्शन में शामिल छात्र 'We Stand With Sonam Sir', 'Save Democracy' और 'Please Support Save Education System' लिखी तख्तियां लेकर पहुंचे। कुछ पोस्टरों पर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने वाले संदेश भी लिखे थे, जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहे। मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। उनका कहना था कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा और स्थिति पर लगातार नजर रखी। पूरे कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई।
गोंडा में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिल्ली में हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार शाम 7 बजे कलेक्ट्रेट गेट पर सपा कार्यकर्ताओं ने दो घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर नगर कोतवाली पहुंचा दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व सपा लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव लाल चंद्र गौतम और सपा के जिला प्रवक्ता जावेद अख्तर उर्फ मंटू कर रहे थे। सूचना मिलने पर एसडीएम सदर जितेंद्र गौतम और सीओ नगर योगेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद नगर कोतवाली पुलिस ने सपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को हिरासत में लेकर कोतवाली भेज दिया।हिरासत में लिए गए नेताओं में मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के जिला अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप उर्फ दीपू यादव, समाजवादी छात्र सभा के जिला अध्यक्ष सिद्धार्थ सिंह, मेराज अहमद सहित कई सपा कार्यकर्ता शामिल रहे। सपा नेताओं ने लगाए सरकार पर आरोप सपा लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव लाल चंद्र गौतम ने कहा कि जब समाजवादी पार्टी युवाओं, किसानों और महिलाओं के मुद्दे उठाती है तो उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष को हिरासत में लेकर परेशान किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश और देश में लोकतंत्र नहीं बचा है और अखिलेश यादव को तत्काल रिहा किया जाना चाहिए। सपा के जिला प्रवक्ता जावेद अख्तर उर्फ मंटू ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार से इस्तीफे की मांग करने गए अखिलेश यादव को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि उन्हें बस में बैठाकर ले जाया गया, यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के जिला अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप उर्फ दीपू यादव ने कहा कि सपा कार्यकर्ता आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक अखिलेश यादव को रिहा नहीं किया जाता, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने मीरी-पीरी दिवस के शुभ अवसर पर 24 जुलाई को एक विशाल 'मीरी-पीरी खालसा मार्च' निकालने की घोषणा की है। यह ऐतिहासिक मार्च श्री अकाल तख्त साहिब से शुरू होकर तख्त श्री दमदमा साहिब तक जाएगा। पंथिक नेताओं ने सिख संगत, विशेष रूप से नौजवानों से अपील की है कि वे खालसाई दस्तारें सजाकर बड़ी संख्या में इस मार्च का हिस्सा बनें। भक्ति और शक्ति का प्रतीक है 'मीरी-पीरी' सिद्धांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने मीरी-पीरी सिद्धांत के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि छठे पातशाह श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने श्री अकाल तख्त साहिब की स्थापना कर सिख कौम को यह महान सिद्धांत दिया था। गुरु साहिब द्वारा धारण की गई मीरी और पीरी की दो तलवारें धर्म और राजसत्ता, भक्ति और शक्ति के संतुलन का प्रतीक हैं। यह सिद्धांत सिखों को आध्यात्मिक जीवन के साथ-साथ सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्वों को निभाने की प्रेरणा देता है। मार्च का मार्ग और कार्यक्रम प्रस्थान: 24 जुलाई, सुबह 10:00 बजे (श्री अकाल तख्त साहिब, अमृतसर से) मार्ग: अमृतसर, तरनतारन और मालवा क्षेत्र के विभिन्न गांवों व शहरों से चरणबद्ध तरीके से गुजरेगा। धार्मिक कार्यक्रम: मार्ग के प्रत्येक पड़ाव पर दिन और रात में धार्मिक दीवान सजाए जाएंगे, जिनमें गुरबाणी कीर्तन, कथा-विचार और संगत के लिए विशेष कार्यक्रम होंगे। समापन: तख्त श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो) में। एकता और 'चढ़दी कला' का संदेश एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने मार्च के मुख्य उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि इसका लक्ष्य सिख इतिहास, समृद्ध परंपरा और गुरु साहिबान द्वारा दिए गए मीरी-पीरी के सिद्धांत को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यह मार्च सिख कौम की एकता, अनुशासन और 'चढ़दी कला' का प्रतीक बनेगा।
बालाघाट के बहुचर्चित 600 करोड़ रुपए के डबलमनी घोटाले के मुख्य आरोपी सोमेंद्र कंकरायने समेत आठ आरोपियों को मंगलवार शाम बालाघाट कोर्ट में पेश किया गया। न्यायाधीश दीपनारायण सिंह की अदालत ने सभी आरोपियों को 27 मई तक पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है। हरिद्वार से पकड़ा गया मुख्य आरोपी पुलिस ने सोमेंद्र कंकरायने और उसके साथियों को हरिद्वार से गिरफ्तार किया है। आरोपी फरारी के दौरान टेलीग्राम के जरिए लोगों के संपर्क में थे। जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी पंजीकरण की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने दबिश देकर यह सफलता हासिल की। 60 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज आरोपियों के खिलाफ लांजी, किरनापुर और बालाघाट कोतवाली में 60 से अधिक आपराधिक केस दर्ज हैं। वर्ष 2022 में बड्स एक्ट के तहत गिरफ्तारी के बाद जमानत मिलते ही आरोपी फरार हो गए थे। रिमांड के दौरान वित्तीय लेनदेन की होगी पूछताछ पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से फरारी के समय मिले सहयोगियों और इस अवधि में हुए वित्तीय लेनदेन के संबंध में पूछताछ करेगी। इसके साथ ही डबलमनी नेटवर्क से जुड़ी अन्य जानकारियों की भी पड़ताल की जाएगी।
पूर्व मुखिया प्रत्याशी की करंट लगने से मौत:सीतामढ़ी में परिजनों ने PHC पर लापरवाही का आरोप लगाया
सीतामढ़ी जिले के परसौनी थाना क्षेत्र के अंदहारा-परसौनी गांव में एक पूर्व मुखिया प्रत्याशी की करंट लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान बलिराम कापर के पुत्र विक्की कुमार के रूप में हुई है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, विक्की कुमार अपने घर पर गाड़ी धो रहे थे। इसी दौरान वह पंखे का प्लग बिजली के बोर्ड में लगाने गए। प्लग लगाते ही वह तेज करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलसकर बेहोश हो गए। परिजनों और स्थानीय लोगों ने उन्हें तत्काल परसौनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पहुंचाया। मृतक के भाई कुंदन कुमार ने आरोप लगाया कि पीएचसी में चिकित्सकों ने गंभीर रूप से घायल विक्की कुमार का समुचित इलाज करने के बजाय तुरंत सीतामढ़ी सदर अस्पताल रेफर कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में समय पर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके कारण उन्हें निजी वाहन से सीतामढ़ी सदर अस्पताल ले जाना पड़ा। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर इलाज और एंबुलेंस मिल जाती, तो शायद विक्की की जान बचाई जा सकती थी। सीतामढ़ी सदर अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद विक्की कुमार को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। विक्की कुमार पूर्व में मुखिया पद का चुनाव भी लड़ चुके थे और क्षेत्र में सामाजिक रूप से सक्रिय माने जाते थे। उनकी असामयिक मौत से गांव में मातम पसरा है। परसौनी थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है।
पंचायत-निकाय चुनाव से पहले सरकार प्रदेश के युवाओं को साधने के लिए खेलों का सहारा लेने जा रही है। इसे लेकर सीएम भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को युवा सुयोग कार्यक्रम लॉन्च किया। कार्यक्रम के तहत वार्ड और पंचायत स्तर पर क्रिकेट, वॉलीबॉल, कबड्डी और फुटबॉल जैसे खेलों का आयोजन होगा। खेलों में भाग लेने के लिए युवाओं को युवा सुयोग प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। सीएमआर मे लॉचिंग के मौके पर सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि हम युवाओं पर नीतियां सौपेंगे नहीं, बल्कि उनके खेल के आधार पर खेल की नीतियं तैयार करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं की शक्ति को सामर्थ्य में बदलने के लिए युवा सुयोग प्लेटफॉर्म एक सही दिशा, सही अवसर और सही मंच उपलब्ध कराएगा। उन्होने कहा कि शहर में वार्ड और गांवों में पंचायत स्तर पर खेलों का आयोजन होगा। वहीं इसमें विजेता रहने वाली टीमें विधानसभा क्षेत्र स्तर पर अपना हुनर दिखाएंगी और युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। जिला स्तर पर बनेंगे क्लबयुवा सुयोग कार्यक्रम के तहत सरकार प्रदेश के हर गांव, हर वार्ड के युवाओं की टैकिंग करेगी। जिला स्तर पर सुयोग युवा क्लब स्थापित किए जाएंगे, जिनमें सुयोग प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन करने वाला प्रत्येक युवा सदस्य होगा। ये जिला क्लब ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर और शहरी क्षेत्रों में वार्ड स्तर के युवा क्लबों से जुड़ेंगे। आज बगरू विधानसभा क्षेत्र और बारां जिले से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसकी शुरूआत की गई। सीएम ने कहा कि इसके लिए स्कूल, कॉलेज तथा पंचायत और वार्ड के खेल मैदानों की डिजिटल पहचान भी की जाएगी। युवाओं के सुझावों को बजट मे शामिल कियासीएम ने कहा कि युवाओं को खेलने का मौका मिलता रहे और उनकी रूचि विकसित हो, इसके लिए राज्य सरकार संकल्पित होकर कार्य कर रही है। गांव से लेकर कस्बों तक खेल सुविधाओं एवं सेवाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। हमारी सरकार युवाओं से विभिन्न विषयों पर संवाद कर उनके सुझावों को बजट में शामिल कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में हर क्षेत्र में कार्य करते हुए युवाओं को सफलता की पहली से लेकर अंतिम सीढ़ी तक की यात्रा में पूर्ण सहयोग कर रही है।
दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार शाम मंदसौर एनएसयूआई कार्यकर्ता गांधी चौराहे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का पुतला दहन करने की तैयारी कर रहे थे। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गांधी चौराहे को छावनी में तब्दील कर दिया। पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर सिटी कोतवाली थाना पहुंचा दिया। इसके विरोध में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर करीब दो घंटे तक प्रदर्शन कर नारेबाजी की। बाद में सभी कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया। गांधी चौराहे पर प्रदर्शन की तैयारी के दौरान पुलिस ने एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने पूर्व जिलाध्यक्ष ऋतिक पटेल, वर्तमान जिलाध्यक्ष मंथन धनोतिया, आदर्श जोशी, अमन टेलर, राहुल सिंह, राघव शक्तावत, दुर्गाशंकर धाकड़, ओमप्रकाश ररोतिया, अरबाज मंसूरी, समीर मंसूरी और निहाल डाया सहित कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर सिटी कोतवाली थाना पहुंचाया। कोतवाली के बाहर दो घंटे तक प्रदर्शन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सिटी कोतवाली पहुंचे। उन्होंने करीब दो घंटे तक पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की। इस दौरान जब-जब मोदी डरता है, पुलिस को आगे करता है और पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद जैसे नारे लगाए गए। मौके पर पहुंचे सीएसपी जितेंद्र कुमार भास्कर ने नेताओं से चर्चा कर स्थिति शांत कराने का प्रयास किया। रिहाई के बाद फिर गांधी चौराहे पर सत्याग्रह सभी कार्यकर्ताओं की रिहाई के बाद राहुल गांधी की गिरफ्तारी की सूचना मिलने पर कांग्रेस कार्यकर्ता दोबारा गांधी चौराहे पर एकत्र हुए। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में सत्याग्रह किया गया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। कांग्रेस नेता मनजीत सिंह मनी ने आरोप लगाया कि एनएसयूआई कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने बिना किसी आधार के उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने कहा कि छात्र आत्महत्या जैसे गंभीर मुद्दों पर केंद्र सरकार संवेदनशील नहीं है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। पुलिस बोली- बिना अनुमति नहीं दी जा सकती थी इजाजत सीएसपी जितेंद्र कुमार भास्कर ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से गांधी चौराहे पर पुतला दहन की सूचना मिली थी। चूंकि गांधी चौराहा शहर का सबसे व्यस्त चौराहा है, इसलिए वहां बिना अनुमति प्रदर्शन और पुतला दहन की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि कार्यकर्ताओं को समझाइश देने के बाद आश्वासन मिलने पर सभी को रिहा कर दिया गया। साथ ही स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी संगठन को सार्वजनिक स्थान पर प्रदर्शन के लिए निर्धारित प्रक्रिया और अनुमति का पालन करना होगा।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रतापगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सूरजपोल चौराहे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व विधायक रामलाल मीणा ने किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस सांसदों की ओर से प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए जा रहे धरने का भी समर्थन किया। सरकार पर लगाए दमनकारी नीतियां अपनाने के आरोप पूर्व विधायक रामलाल मीणा ने कहा कि नीट पेपर मामले को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर पुलिस द्वारा किया गया लाठीचार्ज निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए दमनकारी नीतियों का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक मामले की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। मीणा ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी कर रही है। कार्रवाई की मांग को लेकर की नारेबाजी प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की। मैंने इसे दैनिक भास्कर डिजिटल की लोकल न्यूज स्टाइल में क्लिकेबल हेडलाइन, लोकेशन इंट्रो, सबहेडिंग और छोटे पैराग्राफ के साथ तैयार किया है।
गोरखपुर में टैक्स पेयर्स को मिलेगी राहत:लंबित टैक्स मामलों के समाधान, 31 जुलाई तक चलेगा कैंप
गोरखपुर के प्रधान आयकर आयुक्त कार्यालय में 15 से 31 जुलाई तक आयोजित ‘अरियर डिमांड एंड ग्रिवेंस रिड्रेसल कैंप’ के तहत मंगलवार की शाम 7:00 बजे महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयकर विभाग के अधिकारियों ने करदाताओं, व्यापारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) और अधिवक्ताओं की लंबित टैक्स डिमांड एवं अन्य शिकायतों को सुना और उनके जल्द निस्तारण का भरोसा दिया। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस स्पेशल कैंप का उद्देश्य करदाताओं की समस्याओं का फास्ट-ट्रैक डिस्पोजल सुनिश्चित करना है। विभाग चाहता है कि लंबित टैक्स डिमांड, तकनीकी दिक्कतों और अन्य कर संबंधी मामलों का समाधान पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से हो, ताकि करदाताओं को अनावश्यक परेशानी और बार-बार कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। व्यापारिक संगठनों ने रखे अहम सुझाव बैठक के दौरान व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों, सीए और अधिवक्ताओं ने करदाताओं के सामने आने वाली व्यावहारिक समस्याओं और टैक्स सिस्टम से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। अधिकारियों ने सभी सुझावों और शिकायतों पर गंभीरता से विचार करने तथा नियमानुसार त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में समस्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष नितिन कुमार जायसवाल, उपाध्यक्ष अमित टिबरेवाल, गोरखपुर किराना कमेटी के अध्यक्ष गोपाल जायसवाल, चैंबर ऑफ ट्रेडर्स के अध्यक्ष अनूप किशोर अग्रवाल, सुरेश जायसवाल और अशोक मलानी सहित शहर के कई प्रमुख चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) एवं अधिवक्ता मौजूद रहे। सभी ने करदाताओं के हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। 31 जुलाई तक मिलेगा शिकायत दर्ज कराने का मौका आयकर विभाग के अनुसार, 31 जुलाई तक चलने वाले इस स्पेशल ग्रिवेंस कैंप में करदाता अपनी लंबित टैक्स डिमांड, कर संबंधी शिकायतें और अन्य समस्याएं सीधे विभागीय अधिकारियों के समक्ष रख सकते हैं। विभाग का कहना है कि इस पहल से लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी और करदाताओं तथा आयकर विभाग के बीच संवाद और विश्वास भी मजबूत होगा।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बरसते पानी के बीच नगर निगम का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की ओर से लगाए गए 12 फीट ऊंचे बैरिकेड को छलांग लगाकर पार किया और मुख्य गेट तक पहुंचे। इस दौरान पुलिस के साथ उनकी झड़प भी हुई। कांग्रेसियों ने प्रधानमंत्री आवास और पट्टा नहीं मिलने सहित शहर में डेढ़ साल से विकास कार्य ठप होने का आरोप लगाते हुए महापौर पर गंभीर आरोप लगाए। पुलिस से धक्का-मुक्की पार्षद दल सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए नगर निगम का घेराव किया। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए करीब 12 फीट ऊंचा बैरिकेड लगाया था। कांग्रेसियों ने बैरिकेड लांघकर निगम के मुख्य गेट पर पहुंचने की कोशिश की, जहां उनकी पुलिस से धक्का-मुक्की हुई। पार्षदों और कांग्रेसियों ने पट्टा और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम के डेढ़ साल के कार्यकाल में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का बोलबाला रहा है। जनता के पैसे का खुलेआम दुरुपयोग कांग्रेसी पार्षदों के अनुसार, जनता के पैसे का खुलेआम दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने रिक्शा खरीदी घोटाला, बेलिंग मशीन घोटाला, टिप्पर घोटाला, चैन माउंटेन घोटाला और डीजल घोटाला जैसे कई घोटालों का जिक्र किया। कांग्रेसियों ने याद दिलाया कि भाजपा ने चुनावी वादों में पट्टाविहीन परिवारों को पट्टा देने और आवास योजना का लाभ दिलाने की बात कही थी। हालांकि, डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी न तो पट्टे मिले हैं और न ही आवास योजना का लाभ। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम की सत्ता में काबिज भाजपा हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है और शहरवासी मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं।
मोतिहारी पुलिस ने शराब तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मधुबन थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की और एक तस्कर को गिरफ्तार किया। मधुबन थानाध्यक्ष प्रवीण पांडे को सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र के कृष्णानगर नयका टोला में अवैध रूप से शराब का भंडारण किया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान पर छापेमारी की। पुलिस ने राजा कुमार सिंह के घर के पास ईंट और करकट से बने एक कमरे (गवास) की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कुल 327 लीटर विदेशी शराब मिली, जिसके बाद राजा कुमार सिंह को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। बरामदगी के बाद पुलिस ने संबंधित स्थल को विधिवत सील कर दिया है। गिरफ्तार तस्कर से पुलिस गहन पूछताछ कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई के पीछे एक बड़े तस्करी नेटवर्क के जुड़े होने की संभावना है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की यह खेप कहां से लाई गई थी और इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। मधुबन पुलिस की इस कार्रवाई को शराब तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। जिले में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। पुलिस अधिकारियों ने दोहराया है कि अवैध शराब कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
विदिशा के गांधी चौक नीमताल पर मंगलवार को महिला ने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में धरना दिया। महिला का सिर मुंडा हुआ था और उसके हाथ में विरोध से जुड़े स्लोगन लिखी तख्तियां थीं। वह केंद्र सरकार से पूरे घटनाक्रम पर जवाब मांग रही थी। धरना देने वाली महिला की पहचान रायपुरा नई बस्ती निवासी शिवानी अहिरवार के रूप में हुई है। वह शहर के एक निजी होटल में कार्यरत हैं। शिवानी ने कहा कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई दुखद है। उनके अनुसार, छात्र देश का भविष्य हैं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए। सिर मुंडवाने के बारे में शिवानी ने बताया कि यह उन्होंने स्वयं कराया है। हालांकि, इसके पीछे उन्होंने कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया। समझाइश के बाद हड़ताल खत्म कीमुख्य चौराहे पर धरने की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। महिला पुलिस की मौजूदगी में शिवानी से धरना-प्रदर्शन की अनुमति संबंधी दस्तावेज मांगे गए, लेकिन उनके पास कोई प्रशासनिक अनुमति नहीं थी। इस दौरान चौराहे पर लोगों की भीड़ भी जुटने लगी। पुलिस और प्रशासन ने उन्हें समझाया कि बिना अनुमति सार्वजनिक स्थान पर धरना देने से कानून-व्यवस्था और यातायात प्रभावित हो सकता है। अधिकारियों ने बताया कि गांधी चौक शहर का व्यस्त चौराहा है और यहां दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। उन्हें बिना अनुमति प्रदर्शन से जुड़े कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। समझाइश के बाद शिवानी ने अपना धरना समाप्त कर दिया और घर लौट गईं। कोतवाली थाना प्रभारी आनंद राज ने बताया कि शिवानी अहिरवार रायपुरा नई बस्ती की निवासी हैं और होटल रॉयल पैलेस में काम करती हैं। उनके पति भी नौकरी करते हैं। थाना प्रभारी ने कहा कि शिवानी के पास धरना देने की अनुमति नहीं थी। भीड़ बढ़ने और यातायात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए उन्हें समझाइश दी गई, जिसके बाद उन्होंने स्वेच्छा से धरना समाप्त कर दिया।
दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के सामने लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को हिरासत में लेने के विरोध में मंगलवार देर शाम को दौसा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष रामजीलाल ओढ़ के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शहीद स्मारक पर धरना दिया और केंद्र सरकार व भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट चौराहे पर जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे जाम लगाने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। एएसपी शंकरलाल मीणा, कोतवाली और सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को हाईवे से हटाकर यातायात सुचारू कराया। विधायक बोले- यह युवाओं की आवाज दबाने का प्रयासविधायक दीनदयाल बैरवा ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर दिल्ली में विरोध कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज करना कायराना हरकत है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है और जनता भविष्य के साथ मारपीट करने वालों को कभी माफ नहीं करेगी। इस दौरान दौसा प्रधान प्रहलाद मीणा, सिकंदरा प्रधान सुल्तान बैरवा, पीसीसी सदस्य सुरेन्द्र गुर्जर, हंसराज सिंगवाड़ा, सियाराम दुब्बी, मक्खन डोई, सियाराम सत्तावन, करतार माल, कन्हैया लाल छावड़ी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
कटिहार के दर्शन साह महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) और बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (बी.एस.डी.एम.ए.) पटना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय 'युवा आपदा मित्र आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम' का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न महाविद्यालयों से चयनित लगभग 250 युवाओं को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण शिविर जिले में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, प्रभावी और जनभागीदारी आधारित बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इसमें 250 युवाओं ने उत्साह और अनुशासन के साथ भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को बाढ़, अग्निकांड, भूकंप और सड़क दुर्घटना जैसी आपदाओं से निपटने के लिए व्यावहारिक ज्ञान दिया गया। इसमें प्राथमिक उपचार, राहत-बचाव कार्य, खोज एवं बचाव तकनीक, संचार व्यवस्था और सामुदायिक सहयोग शामिल थे। समापन समारोह में पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. अखिलेश कुमार और दर्शन साह महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. प्रशांत कुमार ने प्रशिक्षुओं को प्रमाण-पत्र और पदक प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने सभी युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर पूर्णिया विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की समन्वयक डॉ. अंकिता विश्वकर्मा ने कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 'युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम' का मुख्य उद्देश्य ऐसे प्रशिक्षित स्वयंसेवकों का निर्माण करना है, जो आपदा की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित सहायता पहुंचा सकें और प्रशासन व आम जनता के बीच सेतु का काम कर सकें। डॉ. विश्वकर्मा ने बताया कि ये युवा अब अपने-अपने महाविद्यालयों और गांवों में आपदा जागरूकता फैलाने और आपदा के समय स्वयंसेवा देने के लिए तैयार रहेंगे। कार्यक्रम में एनएसएस के पदाधिकारी, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
दरभंगा के रैयाम और सकरी में नई सहकारी चीनी मिलों की स्थापना को लेकर मंगलवार की देर शाम बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में चीनी मिलों की स्थापना की प्रगति, किसानों की भागीदारी तथा गन्ना उत्पादन बढ़ाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जिलाधिकारी कौशल कुमार ने मुख्य सचिव को जिले के किसानों से प्राप्त सुझावों एवं अपेक्षाओं की जानकारी देते हुए सहकारी चीनी मिलों की स्थापना के लिए किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया।मुख्य सचिव ने मुखिया, प्रमुख एवं पैक्स अध्यक्षों से संवाद करते हुए उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों को गन्ना की खेती अपनाने और सहकारी समिति की सदस्यता लेने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि रैयाम सहकारी चीनी मिल के कार्यक्षेत्र में 6 प्रखंडों के 580 गांव, जबकि सकरी सहकारी चीनी मिल के कार्यक्षेत्र में 12 प्रखंडों के 697 गांव शामिल किए गए हैं। मुख्य सचिव ने कहा कि सहकारी समिति की सदस्यता के लिए 18 वर्ष या उससे अधिक आयु निर्धारित की गई है। उन्होंने प्रखंड सहकारिता पदाधिकारियों को पात्र किसानों का अधिक से अधिक सदस्यता पंजीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। किसानों से जुड़ी योजनाओं की भी दी गई जानकारी बैठक में किसानों को आधुनिक एवं लाभकारी गन्ना खेती से जोड़ने के लिए कई योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके तहत वैज्ञानिक तरीके से गन्ना उत्पादन का प्रशिक्षण, मिट्टी की जांच, गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता, यंत्रीकरण को बढ़ावा तथा आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्थानीय स्तर पर नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने निर्देश दिया कि प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक किसानों को इस योजना से जोड़ा जाए, ताकि नई सहकारी चीनी मिलों की स्थापना के साथ क्षेत्र में गन्ना उत्पादन को भी नई गति मिल सके। बैठक में सहायक निदेशक (विकास) अजीत कुमार प्रसाद, जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ, ईख पदाधिकारी पुष्कर राज सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला एवं प्रखंड स्तर के कृषि, सहकारिता और प्रशासनिक अधिकारी भी बैठक से जुड़े।
किशनगंज में अवैध सीमेंट स्टोरेज का खुलासा:गोदाम सील, भारी मात्रा में सीमेंट-ट्रैक्टर जब्त
किशनगंज सदर थाना क्षेत्र के समदा गांव में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक अवैध सीमेंट भंडारण केंद्र का भंडाफोड़ किया है। इस छापेमारी में भारी मात्रा में सीमेंट, एक ट्रैक्टर और सीमेंट भरने में उपयोग होने वाले उपकरण बरामद किए गए। मामले में दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, समदा में अवैध रूप से सीमेंट का भंडारण कर उसकी खरीद-बिक्री की जा रही थी। सूचना मिलने के बाद थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार ने अनुमंडल पदाधिकारी को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। इस टीम में पुलिस अवर निरीक्षक विक्रम कुमार, नितेश कुमार, दीपु कुमार सहित सशस्त्र बल शामिल थे। पुलिस टीम ने समदा स्थित एक गोदाम में छापा मारा। मौके पर मकान मालिक रफीक आलम से पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि भवन का ग्राउंड फ्लोर समीम अख्तर को किराए पर दिया गया है, लेकिन वे किराएदारी से संबंधित कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। तलाशी के दौरान पुलिस ने एक ट्रैक्टर-डल्ला, अल्ट्राटेक सीमेंट के 165 बोरे, अडानी अंबुजा सीमेंट के 51 बोरे और कंक्रीटो सीमेंट के 50 बोरे जब्त किए। इसके अतिरिक्त, लगभग 200 किलोग्राम खुला सीमेंट, पांच लोहे के माप कप और अल्ट्राटेक सीमेंट के 102 खाली बोरे भी बरामद हुए। बरामद सीमेंट की कुल मात्रा 13 टन से अधिक बताई जा रही है। पुलिस ने अवैध गोदाम को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान गोदाम संचालक समीम अख्तर मौके से फरार मिला। पुलिस ने विभिन्न ब्रांड के सीमेंट के नमूने भी जांच के लिए सीलबंद कर थाने लाए हैं। एसडीपीओ खुसरु सिराज ने बताया कि अवैध भंडारण, संग्रहण और खरीद-बिक्री से जुड़े इस मामले में समीम अख्तर और मकान मालिक रफीक आलम के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच जारी है।
मेरठ के बहुचर्चित कपसाड़ कांड में हत्या और अपहरण के आरोपी पारस सोम की उम्र को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई बुधवार को निर्णायक मोड़ पर पहुंच जाएगी। स्पेशल पोक्सो कोर्ट कल यानी बुधवार को उस क्रिमिनल अपील पर फैसला सुनाएगी, जिसमें जेजे बोर्ड द्वारा पारस सोम को बालिग घोषित किए जाने के आदेश को चुनौती दी गई है। अदालत का फैसला न केवल इस चर्चित मामले की सुनवाई की दिशा तय करेगा, बल्कि यह भी स्पष्ट करेगा कि आरोपी का ट्रायल सामान्य अदालत में चलेगा या किशोर न्याय कानून के दायरे में। कपसाड़ गांव में आठ जनवरी को दलित महिला सुनीता जाटव की हत्या और उसकी बेटी रूबी के अपहरण की वारदात ने पूरे जिले को झकझोर दिया था। घटना के बाद गांव में भारी तनाव फैल गया था। हालात इतने संवेदनशील हो गए थे कि गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर देना पड़ा। राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और मीडिया की गतिविधियों पर भी कड़ी निगरानी रखी गई थी। करीब 48 घंटे बाद पुलिस ने रूबी को सकुशल बरामद कर आरोपी पारस सोम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जिसके बाद स्थिति सामान्य होने लगी थी। नाबालिग का दावा बना कानूनी लड़ाई का आधारमामले में नया मोड़ 14 जनवरी को आया, जब आरोपी पक्ष के अधिवक्ता बलराम सोम ने अदालत में याचिका दाखिल कर दावा किया कि घटना के समय पारस सोम नाबालिग था। उन्होंने मामले की सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड में कराए जाने की मांग की। एससी-एसटी कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए संबंधित अभिलेख तलब किए और नौ फरवरी को मामला किशोर न्याय बोर्ड को स्थानांतरित कर दिया। ओसिफिकेशन टेस्ट से बालिग घोषितवादी पक्ष ने शुरू से ही इस दावे का विरोध किया और आरोपी को बालिग बताते हुए कार्रवाई की मांग की। दोनों पक्षों के बीच कई महीनों तक चली सुनवाई के बाद किशोर न्याय बोर्ड ने सात मई को आरोपी का ओसिफिकेशन टेस्ट कराए जाने के आदेश दिए। 12 मई को मेडिकल परीक्षण कराया गया और आठ जून को आई रिपोर्ट के आधार पर जेजे बोर्ड ने पारस सोम को बालिग घोषित कर दिया। जेजे बोर्ड के आदेश को दी गई चुनौतीजेजे बोर्ड के फैसले से असहमत पारस सोम पक्ष ने स्पेशल पोक्सो कोर्ट में क्रिमिनल अपील दाखिल कर दी। अपील में जेजे बोर्ड के आदेश को गलत बताते हुए उसे निरस्त करने की मांग की गई। सुनवाई के दौरान अदालत ने जेजे बोर्ड से ट्रायल कोर्ट रिकॉर्ड (टीसीआर) भी तलब किया। वादी पक्ष भी विरोध में हुआ खड़ा वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता राजेंद्र कुमार ने वकालतनामा दाखिल कर जेजे बोर्ड के फैसले का समर्थन किया और आरोपी पक्ष की अपील का विरोध किया। 15 जुलाई को दोनों पक्षों की विस्तृत बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। फैसले पर टिकीं सबकी निगाहेंबुधवार को आने वाला फैसला पूरे मामले की दिशा तय करेगा। यदि स्पेशल पोक्सो कोर्ट जेजे बोर्ड के आदेश को बरकरार रखती है तो पारस सोम का ट्रायल बालिग आरोपी के रूप में आगे बढ़ेगा। वहीं यदि अदालत आरोपी पक्ष की दलीलों से सहमत होती है तो मामले में नई कानूनी स्थिति पैदा हो सकती है। वादी-प्रतिवादी का यह है कहना वादी पक्ष के अधिवक्ता राजेंद्र कुमार का कहना है कि दस्तावेज से उम्र का निर्णारण तब होता है, जब संबंधित व्यक्ति की वास्तविक पढ़ाई के सभी दस्तावेज उपलब्ध होते हैं। यहां तो कक्षा एक से चार तक का कोई रिकार्ड ही नहीं मिला। ऐसे में कैसे मान लें कि मौजूदा दस्तावेजों में उम्र ठीक लिखी है। जबकि जेजे बोर्ड भी इसी को आधार मानकर आरोपी को बालिग घोषित कर चुका है। प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता बलराम सोम ने कहा कि हमने बहस पूरी कर दी है। ऐसे निर्णयों से जुड़ी पूर्व की कुछ रूलिंग भी प्रस्तुत की हैं। हर पहलू स्पष्ट कर दिया है। अब न्यायालय पर निर्भर करता है कि वह क्या निर्णय सुनाते हैं। मेरा मानना है कि परिणाम पॉजीटिव आना चाहिए। एक्ट भी इसी का समर्थन करता है।
मधेपुरा में संभावित बाढ़ और कोसी नदी के कटाव को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। मंगलवार को डीएम अभिषेक रंजन, एसपी संदीप ने आलमनगर प्रखंड की गंगापुर पंचायत स्थित हरजोड़ा घाट पहुंचकर कोसी नदी के भीषण कटाव का निरीक्षण किया। दुर्गम रास्ते और जलजमाव के कारण अधिकारियों का दल चौबटिया तक वाहनों से पहुंचा, इसके बाद ट्रैक्टर से कीचड़ और पानी भरे रास्ते पार कर करीब एक किलोमीटर खेतों के बीच से होकर कटाव स्थल तक पहुंचा। डीएम ने कटाव प्रभावित इलाके का बारीकी से निरीक्षण करते हुए फ्लड फाइटिंग के सहायक अभियंता नीरज कुमार को आवश्यक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ और कटाव को देखते हुए सभी विभाग पूरी तरह सतर्क रहें तथा राहत और बचाव से जुड़े संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी रखने और बाढ़ पूर्व सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के भी निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से बातचीत कर बाढ़, कटाव और अन्य समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन आम लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है और किसी भी आपदा की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेंद्र नारायण यादव ने भी हरजोड़ा घाट का दौरा कर कटाव की स्थिति का जायजा लिया था। इसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों, विभागीय मंत्री और मुख्यमंत्री से संपर्क कर बचाव कार्य शुरू कराने की मांग की थी। मंगलवार को डीएम के निरीक्षण के बाद कटाव निरोधी कार्य तेज होने की उम्मीद बढ़ गई है। फ्लड फाइटिंग के सहायक अभियंता नीरज कुमार ने बताया कि कटावरोधी कार्य का प्रारूप तैयार कर विभाग को भेज दिया गया है। विभाग से स्वीकृति मिलते ही आदेशानुसार बचाव कार्य शुरू कर दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान एसडीएम पंकज कुमार घोष, एडीएम (आपदा) मुकेश कुमार, डीसीएलआर सौरभ कुमार भारती, बीडीओ अजय कुमार, सीओ अंकेश कुमार समेत कई जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने समाजवादी पार्टी महिलासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा राजभर के खिलाफ हरदोई में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। यह मांग 21 जुलाई मंगलवार देर शाम लगभग 5 बजे पुलिस को एक शिकायत पत्र सौंपकर की गई। सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुनील अर्कवंशी ने कोतवाली शहर पुलिस को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि सीमा राजभर ने सोशल मीडिया पर सुभासपा के शीर्ष नेतृत्व, महिला नेताओं और उनके परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक, मानहानिकारक और झूठे आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, सीमा राजभर ने फेसबुक, यूट्यूब सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई पोस्ट और वीडियो साझा किए। इन पोस्ट और वीडियो के माध्यम से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ नेताओं की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार, मनगढ़ंत और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित हैं। उनका आरोप है कि इन बयानों से पार्टी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है और सामाजिक माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की गई है। सुभासपा ने अपनी शिकायत में यह भी बताया है कि सीमा राजभर पहले भी प्रेस कॉन्फ्रेंस, पॉडकास्ट और सोशल मीडिया के जरिए इसी तरह के बयान देती रही हैं। शिकायत के साथ कथित पोस्ट और वीडियो के स्क्रीनशॉट भी पुलिस को साक्ष्य के तौर पर सौंपे गए हैं। पार्टी ने पुलिस से मांग की है कि मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर सीमा राजभर के खिलाफ मानहानि, सोशल मीडिया के दुरुपयोग और अन्य संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए जांच शुरू कर दी है और कहा है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस पूरे मामले पर सीमा राजभर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस जांच के निष्कर्ष और दोनों पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) मार्च-2026 में आयोजित 10वीं कक्षा के परीक्षा के प्रमाण-पत्र, माइग्रेशन और कंपार्टमेंट कार्ड 23 और 24 जुलाई, 2026 को वितरित करेगा। ये दस्तावेज प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों पर उपलब्ध होंगे। बोर्ड के अध्यक्ष शंकर लाल धूपड़ और सचिव मुनीश शर्मा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विद्यालय, गुरुकुल और विद्यापीठों के मुखिया अपने परीक्षार्थियों के प्रमाण-पत्र 23 जुलाई को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक और 24 जुलाई को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं। जिला भिवानी के प्रमाण-पत्र बोर्ड मुख्यालय के कमरा नंबर 44 में वितरित किए जाएंगे। अध्यापक या प्राध्यापक को भेजकर भी ले सकेंगे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि विद्यालय मुखिया स्वयं प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में असमर्थ हैं, तो वे अपने विद्यालय के किसी भी अध्यापक या प्राध्यापक को इस कार्य के लिए अधिकृत कर सकते हैं। स्वयंपाठी परीक्षार्थियों के प्रमाण-पत्र पंजीकृत डाक के माध्यम से उनके पते पर भेजे जाएंगे। यदि किसी अपरिहार्य कारण से विद्यालय निर्धारित तिथियों पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्रमाण-पत्र प्राप्त नहीं कर पाते हैं, तो वे बाद में बोर्ड मुख्यालय से इन्हें प्राप्त कर सकते हैं।
सोमवार को कस्बा कोट ईसे खां के मुख्य चौक पर एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। मोगा की तरफ से आ रहे राजस्थान नंबर के एक बेकाबू ट्रक ने एक्टिवा सवार महिला को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला की मौके पर ही मौत हो गई। मृतका की पहचान गांव गलोटी निवासी जसप्रीत कौर (पत्नी गुरविंदर सिंह) के रूप में हुई है। हादसे की खबर मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, जिससे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। टक्कर के बाद चालक वाहन लेकर फरार प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राजस्थान नंबर का ट्रक मोगा की ओर से आ रहा था और मुख्य चौक पार कर रहा था। इसी दौरान उसने जसप्रीत कौर की एक्टिवा को अपनी चपेट में ले लिया। महिला ट्रक के नीचे आ गई और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के तुरंत बाद आरोपी चालक ट्रक समेत मौके से भागने में कामयाब रहा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया है। फरार चालक को पकड़ने के लिए आसपास के इलाकों में नाकाबंदी कर दी गई है और सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ के गुडंबा क्षेत्र के रिंग रोड पर मंगलवार तड़के रॉन्ग साइड से आए तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार भोजपुरी फिल्म अभिनेता व निर्देशक को कुचल दिया। हादसे में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, जबकि साथ में मौजूद दोस्त शोभित गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है, वहीं ट्रक का नंबर ट्रेस कर चालक की पहचान कर ली है और उसकी तलाश में दबिश दे रही है। कुशीनगर तुरपट्टी निवासी रोहित शर्मा (26) परिवार के साथ चिनहट के कमता स्थित शंकरपुरी कॉलोनी में रहते थे। वह भोजपुरी फिल्मों में एक्टिंग करने के साथ निर्देशन भी कर चुके थे। साथ ही आईटीआई की पढ़ाई कर रहे थे। इस साल सेकंड ईयर में थे। मलिहाबाद से शूटिंग कर लौट रहे थे रोहित के छोटे भाई मंजेश शर्मा ने बताया कि सोमवार शाम रोहित अपने दोस्त शोभित के साथ मलिहाबाद में भोजपुरी फिल्म की शूटिंग के लिए गए थे। मंगलवार तड़के सुबह चार बजे दोनों बाइक से घर लौट रहे थे। टेढ़ी पुलिया से मुंशीपुलिया की तरफ जाते समय गुडंबा के रिंग रोड पर टीवीएस शोरूम के सामने डिवाइडर तोड़कर रॉन्ग साइड से आए तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी।टक्कर इतनी भीषण थी कि रोहित का हेलमेट टूट गया और उनके सिर व दोनों पैरों में गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन समेत फरार हो गया।घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने रोहित को गंभीर हालत में राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज के दौरान दोपहर के वक्त डॉक्टरों ने रोहित को मृत घोषित कर दिया। घायल शोभित का इलाज जारी है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। फिर से शुरू करने वाले थे फिल्मी करियर मंजेश ने बताया कि घर की जिम्मेदारियों के चलते रोहित ने कुछ समय पहले फिल्मों के निर्देशन का काम छोड़ दिया था। हाल ही में उन्हें दोबारा शूटिंग का काम मिला था और उसी सिलसिले में वह मलिहाबाद गए थे। रोहित के पिता मगन शर्मा फर्नीचर का काम करते हैं। परिवार में मां गायत्री देवी और छोटा भाई मंजेश हैं। बेटे की मौत की सूचना मिलते ही मां बेसुध हो गईं और परिवार में कोहराम मच गया। चालक की पहचान, जल्द होगी गिरफ्तारी इंस्पेक्टर गुडंबा अंजनी कुमार मिश्रा ने बताया कि देर शाम शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। ट्रक का नंबर पता चल गया है। चालक की पहचान भी हो गई है, जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
नीमच जिले की मनासा पुलिस ने डिकेन मार्ग पर एक कार से 41 किलो 200 ग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा बरामद किया है। मौके से पुलिस ने कार सवार एक तस्कर को गिरफ्तार कर तस्करी में इस्तेमाल वाहन को जब्त कर लिया है। नाकाबंदी कर पुलिस ने पकड़ा वाहन पुलिस को मुखबिर से अवैध मादक पदार्थ की परिवहन की सूचना मिली थी। इसके आधार पर भेरू बावजी अखेपुर बावड़ा फंटे पर नाकाबंदी कर राजस्थान नंबर की एसप्रेसो कार को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें छिपाकर रखा गया डोडाचूरा मिला। आरोपी से डोडाचूरा स्रोत की पूछताछ जारी थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान नीमच सिटी क्षेत्र के बोरखेड़ी पाणेरी निवासी पप्पूलाल गहलोत के रूप में हुई है। पुलिस आरोपी से डोडाचूरा की खेप लाने और इसके खरीदारों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के विरोध में उदयपुर में युवाओं ने प्रदर्शन किया। युवाओं, छात्रों और नागरिकों ने मंगलवार को टाउनहॉल परिसर के बाहर एकत्र होकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए। साथ ही केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। हाथों में तख्तियां लेकर लगाए नारे कार्यक्रम के तहत शाम करीब 4 बजे से नगर निगम के उद्यान स्थित टाउनहॉल परिसर में युवा जुटने लगे। इसके बाद प्रदर्शन शुरू हुआ, जहां प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। सभी ने सोनम वांगचुक के पक्ष में भी नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा- देशभर के लाखों विद्यार्थी कड़ी मेहनत और वर्षों की तैयारी के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। ऐसे में पेपर लीक और कथित अनियमितताओं जैसी घटनाएं उनके भविष्य और सपनों पर गहरा असर डालती हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने हाल के पेपर लीक मामलों और उनसे जुड़े तनाव के कारण छात्रों द्वारा आत्महत्या जैसी घटनाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं युवाओं का परीक्षा प्रणाली से विश्वास कमजोर कर रही हैं। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की गई। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
जमुई जिले के मलयपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम एक घरेलू विवाद के बाद गैस सिलेंडर से लगी आग में एक महिला और उसका डेढ़ वर्षीय पुत्र गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों की पहचान 25 वर्षीय लक्ष्मी सिंह और उनके पुत्र रुद्र प्रताप सिंह उर्फ रुद्रांश के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। सूचना मिलने पर अग्निशमन विभाग की टीम ने आग पर काबू पाया। घटना की जानकारी मिलने पर सदर अस्पताल पहुंचे महिला के मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि लक्ष्मी सिंह को शादी के बाद से ही पति समेत अन्य ससुराल वाले प्रताड़ित करते थे। परिजनों के अनुसार, मंगलवार को भी महिला के साथ मारपीट हुई थी, जिसकी सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। मायके पक्ष का आरोप है कि पुलिस के लौटने के बाद सास समेत अन्य लोगों ने जान से मारने की नीयत से आग लगा दी, जिससे मां-बेटा गंभीर रूप से झुलस गए। वहीं, घायल महिला के ससुर अभय सिंह ने इन आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने बताया कि घटना के समय उनकी पत्नी मायके गई हुई थीं और घर पर कोई मौजूद नहीं था। अभय सिंह के मुताबिक, उन्हें गैस सिलेंडर से आग लगने की जानकारी मिली है, और घर पहुंचने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। दूसरी ओर, महिला के पति सुमन कुमार सिंह ने बताया कि सुबह पति-पत्नी के बीच घरेलू विवाद को लेकर कहासुनी हुई थी। उन्होंने कहा कि वह किसी काम से जमुई गए थे और लौटने पर उन्होंने घर में आग लगी हुई देखी। मलयपुर पुलिस ने बताया कि इस मामले में अभी तक कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। हालांकि, घटना की जानकारी कंट्रोल रूम से मिली थी और मलयपुर थाने की गश्ती गाड़ी मौके पर पहुंची थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
चोरी के दोषी को 7 माह 15 दिन की जेल:कैराना सीजेएम कोर्ट ने 1 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया
शामली पुलिस को चोरी के एक मामले में अदालत में सफलता मिली है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कैराना की अदालत ने एक दोषी को 7 माह 15 दिन के कारावास और 1 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2025 में थाना आदर्श मंडी क्षेत्र के गांव सिक्का निवासी आजाद पुत्र जमील के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया था। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) एवं 317(2) के तहत पंजीकृत किया गया था। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने साक्ष्यों के साथ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने प्रभावी ढंग से पैरवी करते हुए आरोपों को साबित किया। मामले की सुनवाई पूरी होने पर मंगलवार को सीजेएम कैराना ने अभियुक्त आजाद को दोषी ठहराते हुए उक्त सजा सुनाई। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि यदि अभियुक्त जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे 7 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। शामली पुलिस ने बताया कि अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी पैरवी कर उन्हें सजा दिलाने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
बदायूं के कादरचौक थाना क्षेत्र में हुए दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी वीर सिंह को पुलिस ने मंगलवार रात 8 बजे मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी, जबकि एक सिपाही भी घायल हो गया। दोनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, वीर सिंह बीते बुधवार की रात अपनी बहन संतोषी और भांजे आकाश को तमंचे से गोली मारने के बाद से फरार चल रहा था। बुधवार रात शराब के नशे में हुए विवाद के बाद वीर सिंह ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। गोली लगने से आकाश की मौके पर ही मौत हो गई थी। गंभीर रूप से घायल संतोषी को पहले राजकीय मेडिकल कॉलेज और बाद में सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद मृतका संतोषी के दामाद मनोज निवासी गोपालपुर, थाना सहावर (जनपद कासगंज) की तहरीर पर कादरचौक थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस तभी से आरोपी वीर सिंह की तलाश में जुटी थी और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। मंगलवार को पुलिस को आरोपी के क्षेत्र में होने की सूचना मिली। घेराबंदी के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वीर सिंह के दोनों पैरों में गोली लगी। इसके बाद उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के बाद घायल आरोपी वीर सिंह और घायल सिपाही आकाश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि आरोपी के पास से तमंचा और कारतूस बरामद हुए हैं। मामले में आगे की पूछताछ जारी है।
खगड़िया पुलिस ने एक जालसाज को गिरफ्तार किया है, जिसने एक मामले में मदद का झांसा देकर 35 हजार रुपये की ठगी की थी। चित्रगुप्तनगर थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप सिंह ने मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि जिले में भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और ठगी के मामलों पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, चित्रगुप्तनगर थाना क्षेत्र के कनालय सन्हौली वार्ड संख्या-27 निवासी 65 वर्षीय बटन पासवान ने लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि बछौता गांव निवासी 40 वर्षीय कारे पासवान ने एक केस में मदद कराने का भरोसा दिलाया था। आरोपी ने अलग-अलग किस्तों में उनसे कुल 35 हजार रुपये ले लिए। काफी समय बीतने के बाद भी न तो कोई मदद मिली और न ही रुपये वापस किए गए। पीड़ित ने अपने आवेदन में यह भी बताया कि आरोपी का पूर्व थानाध्यक्ष के कार्यकाल में थाना में अक्सर आना-जाना होता था। इसी वजह से उन्होंने आरोपी की बातों पर विश्वास कर उसे रुपये दे दिए थे। बाद में खुद को ठगा महसूस होने पर उन्होंने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए चित्रगुप्तनगर थाना में पीड़ित के आवेदन पर कांड संख्या 120/26 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 318(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपी कारे पासवान को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ जारी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप सिंह ने कहा कि आम लोगों से ठगी, भ्रष्टाचार और अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ खगड़िया पुलिस सख्ती से कार्रवाई कर रही है। ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी व्यक्ति के झांसे में आकर रुपये का लेन-देन न करें और ऐसी घटना होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
छतरपुर के नौगांव मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर नौगांव के सफाई कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। हड़ताल के कारण पिछले 48 घंटे से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप है। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण बंद होने और नियमित सफाई नहीं होने से नगर के कई इलाकों में कूड़े के ढेर लग गए हैं। बरसात के मौसम में गंदगी बढ़ने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। नगर के करीब 20 वार्डों में सोमवार से सफाई कार्य बंद है। प्रमुख बाजारों, सड़कों और आवासीय क्षेत्रों में कचरा जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि जल्द सफाई व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो बरसात के दौरान संक्रमण फैलने का खतरा और बढ़ सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है। सीएमओ पर जातिसूचक टिप्पणी का आरोप हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मियों का आरोप है कि सीएमओ आर.एस. अवस्थी ने कुछ दिन पहले एक सफाई कर्मचारी के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अभद्र व्यवहार किया था। पीड़ित कर्मचारी ने इस संबंध में पहले नौगांव थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। कार्रवाई नहीं होने पर शुरू किया आंदोलन सफाई कर्मियों का कहना है कि शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने के बाद पीड़ित कर्मचारी ने रविवार को दोबारा थाना और एसडीएम को ज्ञापन देकर न्याय की मांग की, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे नाराज कर्मचारियों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। उनका कहना है कि जब तक संबंधित अधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं होती और उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
शेखपुरा पुलिस ने बुलेट सवार अंतरजिला लुटेरा गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। ये बदमाश दूसरे जिलों से आकर शेखपुरा शहर में किराए के मकान में रहते थे और रात में बुलेट पर सवार होकर लूटपाट करते थे। पुलिस ने इनके पास से एक बुलेट बाइक, एक मोबाइल फोन, 9500 रुपये नकद, एक देशी कट्टा, दो कारतूस और एक चाकू बरामद किया है। एडिशनल एसपी डॉ. राकेश कुमार ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस ने एक राहगीर पीयूष से लूटे गए स्मार्ट मोबाइल फोन को आधार बनाकर तीनों लुटेरों को पकड़ा। लुटेरों ने यह मोबाइल स्विच ऑफ नहीं किया था, जिससे पुलिस उन तक पहुंच पाई। गिरफ्तार लुटेरों की पहचान नवादा जिले के पकरीबरमा के डोला गांव निवासी राहुल कुमार और शिवम कुमार तथा भागलपुर जिले के सबौर थाना के लैलख निवासी सन्नी कुमार के रूप में हुई है। एएसपी ने बताया कि तीनों शेखपुरा में किराए के घर में एक साथ रहते थे। दिन में वे काली रंग की बुलेट बाइक से शेखपुरा के आसपास के मार्गों पर रेकी करते थे और रात में लूटपाट करते थे। पिछले तीन दिनों में मनकौल, ककराड़ और कैथमा मोड़ पर हुई लूट की तीन घटनाओं के बाद पुलिस सक्रिय हुई। सीसीटीवी फुटेज और कैथमा मोड़ पर पीयूष से लूटे गए मोबाइल फोन के माध्यम से पुलिस लुटेरों तक पहुंची। सोमवार रात कैथमा मोड़ पर पीयूष से मोबाइल फोन और नकदी लूटी गई थी। पुलिस इन बदमाशों के आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। एएसपी ने मकान मालिकों को भी चेतावनी जारी की है कि बिना पुलिस सत्यापन के किसी को भी किराए पर मकान देना भारी पड़ सकता है। प्रकार के घटना में शामिल पाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस सत्यापन से वंचित रहने वाले मकान मालिकों को भी इस प्रकार की घटना में शामिल माना जाएगा और उनके खिलाफ भी उन सभी अपराधों को लेकर कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल भेजने का काम किया जाएगा।
कांग्रेस ने आज भरतपुर शहर के बिजलीघर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने पर विरोध जताया। साथ ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन को खत्म करने की साजिश रच रही है। जंतर-मंतर पर बच्चों पर बरसाईं लाठियांयोगेश सिंघल ने कहा कि NEET पेपर लीक के विरोध में देशभर के युवा दिल्ली के जंतर-मंतर पर एकत्रित हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने उनके आंदोलन को कुचलने के लिए बल प्रयोग किया है। बच्चों पर लाठियां बरसाई गई हैं। आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं। सुरक्षा बलों ने बच्चों पर बंदूकें भी तानी हैं। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांगप्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आज प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री बच्चों की मांगों को सुनने के बजाय कायरतापूर्वक संसद के पीछे के गेट से निकल गए, जो शर्म की बात है।
गोपालगंज सदर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सिविल सर्जन डॉ. मो. इसराइल ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल परिसर, विभिन्न वार्डों और इमरजेंसी सेवा का जायजा लिया। उन्होंने सफाई व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता और डॉक्टरों की उपस्थिति की बारीकी से जांच की। निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत की। उन्होंने मरीजों का हालचाल जाना और उन्हें मिल रहे भोजन, दवाओं के वितरण तथा डॉक्टरों के व्यवहार के बारे में जानकारी ली। मरीजों से फीडबैक लेते हुए उन्होंने बेहतर सुविधाएँ सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। डॉ. इसराइल ने केवल व्यवस्थाओं का जायजा ही नहीं लिया, बल्कि एक चिकित्सक की भूमिका निभाते हुए कई मरीजों की स्वयं जांच की और उनका इलाज भी किया। उन्होंने मरीजों की केस फाइलें देखीं, आवश्यक परामर्श दिया और संबंधित डॉक्टरों को इलाज के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए। उनके इस कदम से मरीजों और उनके परिजनों ने राहत महसूस की। निरीक्षण के अंत में सिविल सर्जन ने सदर अस्पताल की वर्तमान व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल में साफ-सफाई का स्तर सुधरा है, डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी समय पर अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, और मरीजों को निःशुल्क दवाएं मिल रही हैं। उन्होंने अस्पताल कर्मियों को निर्देश दिए कि इस व्यवस्था को लगातार बनाए रखा जाए ताकि दूर-दराज से आने वाले मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार शाम समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बाराबंकी में प्रदर्शन किया। छाया चौराहे पर हुए प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शाम करीब 8:40 बजे शुरू हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता छाया चौराहे पर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो, अखिलेश यादव को रिहा करो सहित केंद्र सरकार के विरोध में नारे लगाए। कुछ देर तक चौराहे पर गहमागहमी का माहौल बना रहा। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही शहर कोतवाली समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने का प्रयास किया और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। सपा कार्यकर्ताओं का आरोप था कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज करा रहे नेताओं को हिरासत में लेना अलोकतांत्रिक कदम है। उन्होंने अखिलेश यादव और राहुल गांधी सहित हिरासत में लिए गए सभी नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। वहीं, पुलिस की मौजूदगी में प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुल्तानपुर में नीट (NEET) परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने मंगलवार शाम 8 बजे कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर ही रोक दिया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता रणजीत सिंह सलूजा ने आरोप लगाया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी और कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी की गई और उन्हें घसीटा गया। सलूजा ने भाजपा सरकार को 'तानाशाही' और 'जनविरोधी' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सरकार आम जनता के बजाय केवल दो बड़े उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि जनता अब सड़कों पर उतर चुकी है और इस 'तानाशाही' का अंत निश्चित है। सलूजा ने कहा कि 2027 के चुनावों में जनता भाजपा को सबक सिखाएगी और चुनाव आयोग भी उन्हें नहीं बचा पाएगा। मौके पर मौजूद कांग्रेस नेता वरुण मिश्रा ने सरकार और प्रशासन की कार्रवाई पर आक्रोश व्यक्त किया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में देश का नौजवान सड़कों पर है और दिल्ली में उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया है। मिश्रा ने बताया कि इसी समर्थन में वे लोग भी सुल्तानपुर जिला मुख्यालय पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार युवाओं के आक्रोश और आंदोलनों से भयभीत है। सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए पुलिस बल का प्रयोग कर रही है और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज करा रहे कार्यकर्ताओं को जबरन हिरासत में लेकर उनके अधिकारों का हनन कर रही है।
सोशल मीडिया पर आगरा कॉलेज का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो पर 20 जुलाई, आगरा – धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो लिखा हुआ है। इसे इस तरह पेश किया जा रहा है, मानो 20 जुलाई को आगरा कॉलेज में बड़ी संख्या में छात्र एकत्र होकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हों। साथ ही इसे दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जोड़कर साझा किया जा रहा है। हालांकि, आगरा कॉलेज प्रशासन ने वायरल दावे को पूरी तरह फर्जी बताते हुए खारिज कर दिया है। प्रशासन ने कहा कि यह वीडियो पूर्व में हुए नीट एग्जाम का है। प्रशासन ने वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात भी कही है। हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन हुआ था। इसी के बाद सोशल मीडिया पर आगरा कॉलेज का यह वीडियो प्रसारित किया जाने लगा। वायरल पोस्ट के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि आगरा कॉलेज में भी दिल्ली की तर्ज पर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। आगरा कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा वीडियो पूरी तरह फर्जी है और महाविद्यालय से जुड़ा वायरल दावा सत्य नहीं है। उन्होंने कहा कि झूठी और भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पुलिस प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है। महाविद्यालय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करें और केवल आगरा कॉलेज द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
मोतिहारी में तिलावे नदी का तटबंध टूटा:100 एकड़ खेत पानी से भरे, किसानों की फसल बर्बाद
मोतिहारी के रामगढ़वा प्रखंड में तिलावे नदी का तटबंध टूटने से सैकड़ों एकड़ खेत जलमग्न हो गए हैं। लगातार बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण उचिभटिया गांव में यह घटना हुई। इससे धान की फसल और बिचड़ा पूरी तरह बर्बाद हो गया है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। तटबंध टूटने का मुख्य कारण लघु सिंचाई विभाग की कथित लापरवाही बताई जा रही है। तिलावे नदी में लगे सुलइस गेट की समय पर सफाई नहीं की गई थी, जिससे उसमें जलकुंभी और गाद जमा हो गया था। भारी बारिश के कारण जब नदी में पानी का दबाव बढ़ा, तो सुलइस गेट से पानी की निकासी नहीं हो सकी। इस अत्यधिक दबाव के कारण तटबंध टूट गया और तेज धारा का पानी तेजी से खेतों में फैल गया, जिससे सैकड़ों एकड़ जमीन जलमग्न हो गई। बाढ़ के पानी के साथ आए बालू ने किसानों की समस्याएँ और बढ़ा दी हैं। लगभग 50 एकड़ खेतों में बालू की मोटी परत जम गई है, जिससे भविष्य में इन जमीनों पर खेती करना मुश्किल हो सकता है। घटना की जानकारी मिलते ही प्रखंड स्तर के पदाधिकारी, रक्सौल एसडीओ, मनरेगा और लघु सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि निरीक्षण के बावजूद तटबंध की मरम्मत के लिए अब तक कोई ठोस सरकारी कार्रवाई शुरू नहीं की गई है। मंगलपुर पटनी पंचायत के मुखिया अशोक कुमार सिंह ने बताया कि तटबंध टूटने से पटनी, शिवनगर और बैरिया पंचायतों के बड़े इलाके में जलजमाव हो गया है, जिससे सैकड़ों किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी उदासीनता के कारण अब स्थानीय ग्रामीण खुद ही तटबंध की मरम्मत और सुलइस गेट की सफाई का काम कर रहे हैं। निजी कोष और जनसहयोग से चल रहे इस कार्य में ग्रामीण बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन स्थायी समाधान के लिए प्रशासनिक हस्तक्षेप जरूरी है।
जांजगीर-चांपा जिला मुख्यालय में मंगलवार को यूथ कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के विरोध में था। कार्यकर्ताओं ने कचहरी चौक पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक मामले और युवाओं से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ बल प्रयोग किया गया, जो अनुचित है। इस प्रदर्शन में शामिल विधायक व्यास कश्यप ने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे युवाओं के खिलाफ की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देशभर के युवाओं में इस घटना को लेकर आक्रोश है और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए। नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज शुक्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं और छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। पंकज शुक्ला ने यह भी कहा कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे। पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल भी तैनात रहा।
जालंधर में जेसी रिसोर्ट ओवरब्रिज के पास एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ आम से भरे एक कैंटर की अज्ञात वाहन से टक्कर हो गई। इस हादसे में कैंटर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) के इंचार्ज सरबजीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि गश्त (पेट्रोलिंग) के दौरान उनकी टीम ने ओवरब्रिज पर दुर्घटनाग्रस्त कैंटर को देखा। हरियाणा नंबर का यह कैंटर सहारनपुर से आम लादकर अमृतसर की ओर जा रहा था, जिसे समीर नाम का चालक चला रहा था। चालक को नींद आने के कारण हुआ हादसा चालक समीर के अनुसार, वाहन चलाते समय अचानक उसे नींद की झपकी आ गई, जिसके कारण कैंटर बेकाबू होकर आगे चल रहे एक अज्ञात वाहन से जा टकराया। हादसे के बाद अज्ञात वाहन चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही SSF टीम ने कार्रवाई की और थाना गोराया के ड्यूटी अफसर को सूचित किया। एसएसफ के इंचार्ज सरबजीत सिंह ने बताया कि यातायात को बाधित होने से रोकने के लिए कैंटर को सड़क किनारे करवाया गया और सुरक्षा कोन लगाकर यातायात सुचारु रूप से बहाल किया गया।फिलहाल, पुलिस ने घटना का संज्ञान ले लिया है और मामले की जांच जारी है।
किशनगंज सदर थाना में जागरूकता अभियान:मानव तस्करी और बाल तस्करी रोकने पर फोकस
किशनगंज पुलिस के सहयोग से सामाजिक संस्था भूमिका विहार 'ऑपरेशन नया सवेरा-3.0' अभियान चला रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को किशनगंज सदर थाना परिसर में मानव व्यापार और बाल तस्करी की रोकथाम के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को मानव तस्करी के खतरों और उससे बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया गया। कलाकारों ने प्रभावी ढंग से दर्शाया कि कैसे तस्कर रोजगार, शिक्षा और बेहतर जीवन का झांसा देकर बच्चों, किशोरियों और महिलाओं को अपने जाल में फंसाते हैं। नाटक के जरिए लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने का संदेश दिया गया। सदर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम लोगों में मानव तस्करी के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि इस सामाजिक अपराध से निपटने के लिए पुलिस और समाज की संयुक्त भागीदारी आवश्यक है। थानाध्यक्ष ने जोर दिया कि केवल पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय सहभागिता जरूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि भूमिका विहार द्वारा चलाए जा रहे इस जागरूकता अभियान में किशनगंज पुलिस हरसंभव सहयोग प्रदान कर रही है। अभियान के तहत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों, सार्वजनिक स्थलों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर नुक्कड़ नाटक, लोकगीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जागरूकता गीत और प्रचार सामग्री के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। थानाध्यक्ष ने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मानव तस्करी के मामलों की रोकथाम के लिए जागरूकता बेहद महत्वपूर्ण है। जानकारी के अभाव में कई बार लोग तस्करों के झांसे में आ जाते हैं, जिससे बच्चों और महिलाओं का शोषण होता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि यदि किसी बच्चे, महिला या व्यक्ति को संदिग्ध परिस्थितियों में कहीं ले जाया जा रहा हो या मानव तस्करी से जुड़ी कोई गतिविधि दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।
सुपौल जिले सहित राघोपुर आसपास से सावन माह में बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर है। पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर ने सरायगढ़-देवघर मेमू स्पेशल (05573/05574) का विस्तार राघोपुर (RGV) तक करने का निर्णय लिया है। रेलवे की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह व्यवस्था 25 जुलाई से 31 अगस्त 2026 तक लागू रहेगी। यह निर्णय सावन के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए लिया गया है। रेलवे अधिसूचना के अनुसार, ट्रेन संख्या 05573 राघोपुर से रात 2:50 बजे प्रस्थान कर 3:03 बजे सरायगढ़ पहुंचेगी और 3:05 बजे देवघर के लिए रवाना होगी और सुबह 11.20 बजे पहुंचेगी। वहीं वापसी में 05574 देवघर से निर्धारित समय पर चलकर रात 10:15 बजे सरायगढ़ पहुंचेगी तथा 10:17 बजे प्रस्थान कर 10:50 बजे राघोपुर पहुंचेगी। सरायगढ़ से देवघर के बीच ट्रेन का पूर्व निर्धारित समय और ठहराव यथावत रहेगा। इस निर्णय से सुपौल जिले के राघोपुर, सिमराही और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को देवघर जाने के लिए अब अतिरिक्त यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी तथा सावन में यात्रा पहले से अधिक सुगम बनेगी। राघोपुर के युवा समाजसेवी मयंक गुप्ता ने कहा कि सरायगढ़-देवघर मेमू स्पेशल का राघोपुर तक विस्तार क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी सौगात है। उन्होंने कहा कि यह मांग लंबे समय से की जा रही थी, जिसे क्षेत्र के सांसद और संबंधित डीआरएम के प्रयासों से पूरा किया गया। इसके लिए उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों की ओर से सांसद और डीआरएम का आभार व्यक्त किया। वहीं, सिमराही निवासी उमेश गुप्ता, बैद्यनाथ प्रसाद भगत, स्मृति कुमारी, प्रशांत वर्मा, अरुण जायसवाल सहित कई लोगों ने भी रेलवे के इस निर्णय पर खुशी जताते हुए कहा कि सावन के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में इस सेवा को स्थायी रूप से संचालित किया जाएगा, जिससे पूरे क्षेत्र के यात्रियों को वर्षभर सुविधा मिल सके।
कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लेने और केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में मंगलवार को जिला मुख्यालय पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने जमकर आक्रोश जताया। शहर के प्रमुख ऐतिहासिक स्थल घंटाघर पर एकत्रित होकर कांग्रेसजनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। इस दौरान निवाई के पूर्व विधायक कमल लोदी समेत अन्य नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत अन्य नेताओं को बलपूर्वक हिरासत में लिया गया। यह लोकतंत्र के खिलाफ है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भाजपा सरकार डरी हुई है। निहत्थे छात्र-छात्राओं पर भी अत्याचार किया गया है। घंटाघर पर इकट्ठा हुए कार्यकर्ताआयोजित इस विरोध प्रदर्शन में जिले भर से बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, अग्रिम संगठनों के कार्यकर्ता और स्थानीय नेता शामिल हुए। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां और झंडे लेकर घंटाघर चौराहा पहुंचे। केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ उग्र नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। लोकतंत्र की हत्या का लगाया आरोपप्रदर्शन के दौरान स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने कार्यकर्ताओं को किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जनता और युवाओं के मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहे हैं, जिससे घबराकर केंद्र सरकार दमनकारी नीतियां अपना रही है। नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराना हर नागरिक और राजनीतिक दल का संवैधानिक अधिकार है। राहुल गांधी और अन्य नेताओं को हिरासत में लेना सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है। कांग्रेस पार्टी ऐसे दमनकारी कदमों से डरने वाली नहीं है।
मिथिला के पावन शिवालय बाबा हरिगिरिधाम में श्रावणी मेले के दौरान पवित्रता, धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने गढ़पुरा बाजार में रविवार और सोमवार को मछली की बिक्री पर रोक का फैसला लिया है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहूलियत के लिए पूरे मेला मार्ग एवं बाजार क्षेत्र की खराब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल ठीक कराने का निर्देश दिया गया है। 29 जुलाई से शुरू हो रहे प्रसिद्ध श्रावणी मेला को लेकर प्रशासनिक महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंगलवार को बेगूसराय के जिलाधिकारी (DM) श्रीकांत शास्त्री ने गढ़पुरा स्थित सुप्रसिद्ध बाबा हरिगिरिधाम का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने पूरे मेला क्षेत्र का भ्रमण कर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, आवागमन और सफाई व्यवस्था का बारकी से जायजा लिया। इस मौके पर उनके साथ बाबा हरिगिरिधाम न्यास गढ़पुरा के अध्यक्ष-सह-बखरी एसडीओ सन्नी कुमार सौरभ समेत जिले के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता डीएम श्रीकांत शास्त्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि श्रावणी मेले में राज्य और देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु बाबा हरिगिरिधाम में जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, निर्बाध आवागमन और सुविधा में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी प्रशासनिक तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरा करने का टास्क सौंपा। सड़कों की मरम्मत और सफाई पर विशेष ध्यान मेला मार्ग को सुगम बनाने के लिए डीएम ने उप विकास आयुक्त (DDC) और मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी को मेला मार्ग पर आवश्यकतानुसार मिट्टी भराई कराने, फेवर ब्लॉक लगाने और जर्जर सड़कों की तुरंत मरम्मत कराने के निर्देश दिए। सड़क किनारे उगी झाड़ियों और जंगलों को अविलंब साफ कराने पर विशेष जोर दिया गया। नाले के समीप एक नए पुल के निर्माण की आवश्यकता बताते हुए संबंधित विभाग को तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा गढ़पुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के समीप टूटी सड़क को जल्द से जल्द ठीक करने को कहा गया है। जिससे एम्बुलेंस और श्रद्धालुओं की गाड़ियों को आने-जाने में परेशानी नहीं हो। रात 10 से 2 बजे तक होगा निर्माण कार्य यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और दिन के समय श्रद्धालुओं को जाम या असुविधा से बचाने के लिए डीएम ने एक विशेष रणनीति अपनाई है। बाजार क्षेत्र में पाइप बिछाने का काम दिन के बजाय रात में किया जाएगा। रात 10 बजे से 2 बजे तक सड़क पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह बंद रखकर निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया है। अंतर-जिला पुलिस समन्वय और सुरक्षा प्रबंध सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए डीएम ने समस्तीपुर जिले के हसनपुर थाना पुलिस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया। जिससे सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा पुख्ता रहे। मेला ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों और वालंटियर्स के रहने, भोजन और बुनियादी सुविधाओं का उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे स्टेशन पर जागरूकता श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन पर सूचनात्मक और जागरूकता संबंधी बैनर लगाए जाएंगे। सुरक्षा से जुड़ी सभी आवश्यक सूचियां संबंधित स्थानीय थानों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। डीएम ने श्रद्धालुओं से अपील किया है कि मेला क्षेत्र में कीमती आभूषण पहनकर आने से बचें। मेला परिसर में माइक और प्रचार-प्रसार के माध्यम से सुरक्षा निर्देशों की निरंतर जानकारी दी जाएगी। जिससे श्रद्धालु सतर्क रहें और यात्रा सुरक्षित हो सके।
गोरखपुर में मंगलवार को शाम 5 बजे एमएसआई इंटर कॉलेज के खेल मैदान पर माध्यमिक विद्यालयीय मंडल स्तरीय नेहरू कप हॉकी प्रतियोगिता आयोजित हुई। प्रतियोगिता में गोरखपुर मंडल के अन्य जनपदों से कोई भी टीम प्रतिभाग करने नहीं पहुंची। इसके चलते अंडर-15 बालक वर्ग में मौलाना आजाद सेकेंडरी स्कूल और अंडर-17 वर्ग में एमएसआई इंटर कॉलेज की टीम को वॉकओवर प्रदान करते हुए सीधे राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित घोषित कर दिया गया। दूसरे जिलों की गैरमौजूदगी बनी वजह आयोजक मंडल ने निर्धारित समय तक अन्य जिलों की टीमों का इंतजार किया, लेकिन कोई भी टीम मैदान पर नहीं पहुंची। इसके बाद निर्णायक मंडल ने प्रतियोगिता के नियमों के तहत दोनों टीमों को वॉकओवर देकर अगले चरण के लिए क्वालीफाई घोषित कर दिया। अब दोनों टीमें 27 जुलाई को झांसी के लिए रवाना होंगी और 28 जुलाई से शुरू होने वाली राज्य स्तरीय नेहरू कप हॉकी प्रतियोगिता में गोरखपुर मंडल का प्रतिनिधित्व करेंगी। मंडल में हॉकी की स्थिति पर उठे सवाल विद्यालय के प्रबंधक महबूब सईद हारिस ने कहा कि गोरखपुर मंडल के अन्य जनपदों से किसी भी टीम का प्रतियोगिता में हिस्सा न लेना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बताती है कि गोरखपुर को छोड़कर मंडल के अन्य जिलों में विद्यालय स्तर पर हॉकी को अपेक्षित बढ़ावा नहीं मिल पा रहा है। खेल के विकास के लिए सभी जिलों में खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और प्रतियोगिताएं उपलब्ध कराना जरूरी है। प्रतियोगिता के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य मुख्तार अहमद, पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी गुलाम सरवर, जाकिर हुसैन, खेल शिक्षक कुमार गौरव सिंह, जनपदीय क्रीड़ा सचिव संतोष सिंह, पी.एन. सिंह, अभय प्रताप सिंह, जयप्रकाश यादव, शक्ति पांडे, मोहन कुमार, आलोक श्रीवास्तव, अमरुद्दीन अंसारी सहित बड़ी संख्या में खेल अधिकारी, शिक्षक और खिलाड़ी मौजूद रहे।
पत्नी की हत्या में पति को आजीवन कारावास:12 बार पेट में चाकू घोंपा था, 55 हजार का जुर्माना भी लगा
बिजनौर पोक्सो कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लोकेश नागर ने पत्नी की हत्या के मामले में पति निजामुद्दीन को दोषी ठहराया है। अदालत ने निजामुद्दीन को आजीवन कारावास और 55 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। निजामुद्दीन पर आपसी मनमुटाव के चलते अपनी पत्नी इसराना के पेट में 12 बार चाकू घोंपकर हत्या करने का आरोप था। एडीजीसी मुकेश कुमार चौहान के अनुसार, यह मामला थाना कोतवाली शहर में रिहाना पत्नी नौशाद निवासी गांव पेद्दा द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट से संबंधित है। रिहाना ने अपनी शिकायत में बताया था कि उसकी बहन इसराना अपने पति निजामुद्दीन से विवाद के कारण देहरादून में अलग रह रही थी। इसराना और निजामुद्दीन के बीच पहले से ही मनमुटाव और मुकदमेबाजी चल रही थी। निजामुद्दीन पर इससे पहले भी अपनी पत्नी पर तेजाब फेंकने का आरोप था, जिसकी कार्रवाई कोर्ट में विचाराधीन थी। घटना वाले दिन, 2 नवंबर 2024 को, इसराना पति निजामुद्दीन के कहने पर मोहल्ला बुल्ला का चौराहा स्थित उसके घर आई थी। वादिनी रिहाना को भी इसराना ने वहीं बुला लिया था। रात के समय इसराना और निजामुद्दीन घर की छत पर बने कमरे के बाहर बरामदे में सो रहे थे, जबकि रिहाना कमरे के अंदर सो रही थी। घर के अन्य सदस्य नीचे सो रहे थे। सुबह करीब चार बजे इसराना के 'बचाओ-बचाओ' चिल्लाने की आवाज सुनकर रिहाना ने खिड़की से देखा कि निजामुद्दीन लगातार छुरी से इसराना पर वार कर रहा था। निजामुद्दीन ने रिहाना के कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया ताकि वह बाहर न आ सके। रिहाना के शोर मचाने के बावजूद निजामुद्दीन ने हमला जारी रखा। बाद में उसने खुद भी कोई जहरीला पदार्थ खा लिया। शोर सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। इसराना की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि जहरीला पदार्थ खाने के कारण निजामुद्दीन को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस मामले में निजामुद्दीन के खिलाफ पत्नी इसराना की हत्या की नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई थी। मामले में पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त छूरी भी बरामद की और विवेचना के बाद आरोपी निजामुद्दीन के खिलाफ पत्नी की हत्या करने की धाराओं में आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। उक्त मामले में न्यायाधीश लोकेश नागर ने आरोपी निजामुद्दीन को दोषी पाते हुए उम्रकैद और 55 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त छूरी भी बरामद की और विवेचना के बाद आरोपी निजामुद्दीन के खिलाफ पत्नी की हत्या करने की धाराओं में आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया। उक्त मामले में न्यायाधीश लोकेश नागर ने आरोपी निजामुद्दीन को दोषी पाते हुए उम्रकैद और 55 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की दिल्ली में गिरफ्तारी के विरोध में गोंडा में प्रदर्शन हुआ। मंगलवार देर शाम अंबेडकर चौराहा स्थित जिलाधिकारी गेट पर सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया। सपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक अखिलेश यादव को रिहा नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। हालांकि, पुलिस ने सभी को हिरासत में लिया है। देखिए 2 तस्वीरें… जंतर-मंतर पर युवा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़े अखिलेश यादव दिल्ली के जंतर मंतर पर लाखों युवाओं की ओर से किए जा रहे प्रदर्शन में शामिल होने गए थे। यह प्रदर्शन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहा था। दिल्ली पुलिस ने इसी दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद गोंडा में भी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। सूचना मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट पंकज वर्मा, नगर सीओ योगेंद्र सिंह और नगर थाना प्रभारी बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल अंबेडकर चौराहा पर तैनात रहा। सपा कार्यकर्ता बोले- जब तक अखिलेश की रिहाई नहीं होगी प्रदर्शन जारी रहेगा सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सपा नेताओं ने अपनी मांग दोहराई कि जब तक उनके नेता की रिहाई नहीं होती, प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शन में सपा प्रवक्ता जावेद अख्तर उर्फ मंटू, लालचंद गौतम, छात्र नेता सिद्धार्थ सिंह और देवेंद्र प्रताप सहित कई अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
मुरैना में वन विभाग ने मंगलवार को घड़ियाल और मगरमच्छ रेस्क्यू कार्यशाला आयोजित की। इसका उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करना और मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति में सुरक्षित व त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना था। कार्यशाला में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को घड़ियाल और मगरमच्छ के सुरक्षित रेस्क्यू, पकड़ने, स्थानांतरण और बचाव के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। घड़ियाल इकोलॉजी प्रोजेक्ट, मद्रास क्रोकोडाइल बैंक ट्रस्ट और घड़ियाल लोकल एंड ग्लोबल फाउंडेशन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर जालिब्दीन और फील्ड बायोलॉजिस्ट पंकज कुमार ने प्रशिक्षण दिया। उन्होंने मगरमच्छ और घड़ियाल के व्यवहार, आधुनिक रेस्क्यू तकनीकों और आपातकालीन स्थिति में अपनाई जाने वाली मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने रेस्क्यू में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों का प्रदर्शन भी किया। अधिकारियों और कर्मचारियों से उनका अभ्यास भी कराया गया। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम वन्यजीवों को बिना नुकसान पहुंचाए सुरक्षित स्थान पर पहुंचा सकती है। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को भी कम करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में वनमंडलाधिकारी हरीश बघेल, उपवनमंडलाधिकारी मधु सिंह सिसोदिया, उपवनमंडलाधिकारी कुलदीप राजोदिया, अधीक्षक श्याम सिंह चौहान समेत वन विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
सिरसा जिले के डबवाली क्षेत्र में एक तेज रफ्तार पिकअप की टक्कर से स्कूटी सवार एक एडवोकेट गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने घायल के बयान के आधार पर पिकअप ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घायल एडवोकेट की पहचान जसबीर सिंह पुत्र सुभाष चंद्र, निवासी गांव पन्नीवाला मोटा, जिला सिरसा के रूप में हुई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि यह घटना 20 जुलाई 2026 को हुई थी, जब वह अपनी होंडा स्कूटी (HR24AG-0205) पर गांव पन्नीवाला मोटा से डबवाली कोर्ट जा रहे थे। बोलेरो पिकअप ने पीछे से मारी टक्कर जसबीर सिंह के अनुसार, चोरमार खेड़ा और मिठड़ी के बीच पहुंचने पर पीछे से आ रही बोलेरो पिकअप (HR47D-6938) के ड्राइवर ने लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाते हुए उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर के कारण जसबीर सिंह सड़क पर गिर गए, जिससे उनके सिर, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आईं। उनकी स्कूटी भी क्षतिग्रस्त हो गई। सीएचसी से सिविल अस्पताल किया रेफर राहगीरों ने उन्हें तुरंत सीएचसी ओढ़ां पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सिविल अस्पताल सिरसा रेफर कर दिया गया। सिरसा में उनकी गंभीर हालत को देखते हुए, उन्हें एम्स बठिंडा रेफर किया गया, जहां उनका उपचार जारी है। आरोपी ड्राइवर की पहचान कर रही पुलिस पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट और घायल एडवोकेट के बयान के आधार पर थाना ओढ़ां में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी ड्राइवर की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
कांग्रेस हलका इंचार्ज मालविका सूद ने खन्ना में अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे मनरेगा कर्मचारियों पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठा रहे कर्मियों पर बल प्रयोग करना पूरी तरह से अनुचित और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। मालविका सूद ने बताया कि बीते 15 जुलाई को खन्ना में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों पर पुलिस ने पानी की बौछारें (वाटर कैनन) छोड़ीं, आंसू गैस के गोले दागे और बल प्रयोग किया। पंजाब सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए सूद ने कहा कि सरकार को पिछले आठ महीनों से बकाया वेतन जारी कर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए था। लेकिन इसके विपरीत, सरकार ने उन्हें नौकरी से निकालने के आदेश जारी कर दिए हैं, जो कि एक तानाशाही फरमान है। उन्होंने चेतावनी दी कि पंजाब की जनता आने वाले विधानसभा चुनावों में सरकार के इस रवैये का मुंहतोड़ जवाब देगी। 16 वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों के भविष्य पर संकट सूद ने जानकारी दी कि पिछले 16 वर्षों से ठेका (कॉन्ट्रैक्ट) आधार पर कार्यरत लगभग 2,100 मनरेगा कर्मचारी अपनी बुनियादी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। आठ महीने से वेतन न मिलने के कारण इन परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसके बावजूद सरकार उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। मालविका सूद ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो पार्टी खुद धरनों और आंदोलनों से सत्ता में आई थी, वही आज शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का दमन कर रही है। मनरेगा मजदूरों को धरनों में शामिल होने से रोकना लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। उन्होंने मांग है कि मनरेगा कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का फैसला तुरंत वापस लिया जाए। पिछले आठ महीनों का लंबित वेतन शीघ्र जारी किया जाए। कर्मचारियों के साथ बातचीत के जरिए उनकी सभी जायज मांगों का स्थायी समाधान निकाला जाए।
दिल्ली में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लेने पर आगरा में सपाइयों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने फतेहाबाद रोड पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने फतेहाबाद रोड पर जाम भी लगा दिया। पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्होंने अखिलेश यादव की रिहाई की मांग उठाई। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने पर सपाई और भड़क गए। उन्होंने एसीपी की गाड़ी रोक दी। देर रात बसई पुलिस चौकी का घेराव किया। मंगलवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास पर प्रदर्शन में शामिल हुए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। इससे सपा कार्यकर्ता आक्रोश में आ गए। मंगलवार देर शाम फतेहाबाद रोड स्थित पार्टी कार्यालय पर कार्यकर्ता एकत्रित हुए। काफी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हो गए तो वे पार्टी कार्यालय के बाहर निकल आए। देखिये प्रदर्शन की 3 तस्वीरें… उन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ धरना शुरू कर दिया। सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त करते हुए अखिलेश यादव को रिहा करने की मांग उठाई। इसके बाद वे फतेहाबाद रोड पर पहुंच गए। यहां उन्होंने जाम लगा दिया। मगर, सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। सपाइयों को शांत करने का प्रयास किया लेकिन सपा कार्यकर्ता पार्टी अध्यक्ष को रिहा करने की जिद पर अड़े रहे। फतेहाबाद रोड पर हंगामे की 3 तस्वीरें… सपा नेता राजपाल यादव ने कहा-भाजपा सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। लोगों की आवाज को दबाने का काम किया जा रहा है। सपा नेता ममता टपलू ने कहा-सपा अध्यक्ष ने देशहित में काम किया। वे छात्रों का समर्थन करने पहुंचे थे मगर, भाजपा सरकार ने उन्हें हिरासत में ले लिया। वे अखिलेश यादव को रिहा करने की मांग पर अड़े हुए थे। सपाइयों ने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
उदयपुर में एक निर्माणाधीन आवासीय कॉम्प्लेक्स की चौथी मंजिल से कूदकर छात्रा ने सुसाइड कर लिया। मौके से सुसाइड नोट भी मिला है। इस पर लिखा है कि मेरे पापा-मम्मी की कोई गलती नहीं है। थानाधिकारी के अनुसार, नाबालिग छात्रा स्कूल से छूट्टी होने के बाद दोपहर पौने 2 बजे घर जाने के बजाय कस्बे के 4 मंजिला कॉम्प्लेक्स पर पहुंच गई। फिर अपनी स्कूटी बाहर खड़ी की। इमारत में काम कर रहे मजदूरों से बोला- बॉल चली गई है। चबूतरे से टकराकर नीचे गिरी छात्रा कॉम्प्लेक्स में ऊपर जाते ही नीचे कूद गई। इमारत के चबुतरे से टकराते हुए नीचे गिरी। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे। छात्रा घायल अवस्था में पड़ी हुई थी, जिसको तुरंत भीण्डर हॉस्पिटल पहुंचाया। जहां से गंभीर अवस्था में उदयपुर के लिए रेफर कर दिया लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। थानाधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच की। छात्रा की स्कूटी से एक लेटर मिला। इसमें लिखा हुआ था कि मेरे पापा-मम्मी की कोई गलती नहीं है। आई लव यू पापा-मम्मी। छात्रा एक निजी विद्यालय में 12 वीं कक्षा में पढ़ रही थी। थानाधिकारी ने बताया- अभी सुसाइड का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। परिवार के सदस्य भी अभी उदयपुर अस्पताल में हैं। बच्ची उम्र करीब 17 साल थी। स्कूल प्रशासन ने बताया कि स्कूल में छात्रा आराम से पढ़ाई कर रही थी। ऐसी कोई बात या कोई डाउट किसी को नहीं था। हम भी घटना से हैरान हैं। इनपुट : अभिषेक श्रीमाली, भींडर
कोरबा में मंगलवार को भारतीय युवा कांग्रेस ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस के निर्देश पर शहर और ग्रामीण युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सुभाष चौक, निहारिका में शाम 5 बजे प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया। इस प्रदर्शन में युवा कांग्रेस, एनएसयूआई के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में छात्र-युवा शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। उनके हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर छात्रों पर लाठीचार्ज बंद करो और नीट पेपर लीक की सीबीआई जांच हो जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुआ था। हालांकि, जैसे ही कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री का पुतला जलाने का प्रयास किया, पुलिस ने उसे बुझाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और झूमा-झटकी हुई। बाद में वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप से स्थिति नियंत्रित हुई और पुतला दहन किया गया। केंद्र सरकार पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप आंदोलनकारी नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। उनका आरोप था कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर सरकार चुप है और आवाज उठाने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज कराया जा रहा है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया और कहा कि युवा कांग्रेस इसका पुरजोर विरोध करती है। दोषियों पर कार्रवाई तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष राकेश पंकज ने कहा कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती और नीट परीक्षा में हुई धांधली की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक युवा कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। पूर्व मंत्री सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रहे मौजूद इस आंदोलन में कोरबा के पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, कांग्रेस शहर अध्यक्ष मुकेश राठौर, जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष मनोज चौहान, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश पंकज और युवा कांग्रेस ग्रामीण जिला अध्यक्ष विकास सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
शेखपुरा। बरबीघा प्रखंड के +2 उच्च विद्यालय, सर्वा में मंगलवार को साइबर अपराध से बचाव और सुरक्षा के प्रति छात्र-छात्राओं को जागरूक करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने की, जबकि उद्घाटन डीएम शेखर आनंद और एसपी हिमांशु ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक, विशेषकर विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क और जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी, बैंक खाता, एटीएम, डेबिट/क्रेडिट कार्ड, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। छात्रों को किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने और सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी पूर्वक करने की सलाह दी गई। रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत की जा सकती है डीएम ने छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, फर्जी नौकरी और छात्रवृत्ति के नाम पर होने वाले साइबर अपराधों से सावधान रहने को कहा। उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत की जा सकती है। जिला पदाधिकारी ने छात्रों को मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने, मोबाइल और कंप्यूटर में सुरक्षा संबंधी अपडेट समय-समय पर करने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की सलाह दी। इस कार्यक्रम के बाद, जिला पदाधिकारी और अन्य अधिकारियों ने स्कूल के एस्ट्रोलैब का भी निरीक्षण किया और वहां पढ़ रहे बच्चों से संबंधित जानकारी ली। इस अवसर पर डीडीसी राकेश कुमार, साइबर डीएसपी ज्योति कुमारी, विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
बुरहानपुर में फोरलेन सड़क निर्माण और बिजली लाइनों के रखरखाव के कारण कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित रहेगी। शनवारा चौराहा से गणपति नाका तक फोरलेन सड़क निर्माण के चलते बिजली के खंभों और लाइनों को स्थानांतरित किया जाएगा। इसी क्रम में, 11 केवी हमीदपुरा फर्स्ट फीडर से कल (22 जुलाई) से 26 जुलाई (शनिवार) तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक विद्युत प्रदाय बंद रहेगा। इससे गार्डिया व लखोटिया टेक्सटाइल्स, जमालपुरा, बाजा फैक्ट्री, अंजनी प्रोसेस, सुपर साइजिंग, सलामत नगर, उपासना टेक्सटाइल्स, डीएल-16, डीपी लक्ष्मण सोनजी और बीटी प्रोसेस जैसे क्षेत्र प्रभावित होंगे। इसके अतिरिक्त, 11 केवी रेस्ट हाउस फीडर के आवश्यक रखरखाव के लिए बुधवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक बिजली बंद रहेगी। इस दौरान शिकारपुरा पानी की टंकी, प्रतापपुरा, पंचमुखी हनुमान, सिलमपुरा, बस स्टैंड, एलआईसी ऑफिस, मीरा हॉस्टल और संजय नगर पार्ट ए क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। बिजली कंपनी के सहायक यंत्री (एचटी मेंटेनेंस) रोहित भारती ने बताया कि कार्य की आवश्यकता के अनुसार समय में कमी या वृद्धि की जा सकती है।
मंगलवार को दिल्ली में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को पुलिस ने हिरासत में लिया। जिसके विरोध में मंगलवार शाम गोरखपुर में सपा के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। शास्त्री चौक पर जुटे कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव की रिहाई की मांग करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। देखिए 2 तस्वीरें अपने नेता की रिहाई की मांग करने पहुंचे कार्यकर्ता मंगलवार शाम करीब 7 बजे सपा के 100 से अधिक कार्यकर्ता शास्त्री चौक पर इकट्ठा हुए। कार्यकर्ताओं के हाथों में बैनर और पोस्टर थे। प्रदर्शन का नेतृत्व सपा के जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार गौतम ने किया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव की रिहाई की मांग करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ भी जुटने लगी, जिससे शास्त्री चौक पर यातायात प्रभावित होने लगा। मौके पर पुलिस पहुंची सूचना मिलने पर गोरखपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली करने और प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की। हालांकि, सपा कार्यकर्ता अपनी मांगों पर अड़े रहे और प्रदर्शन जारी रखा। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 20 से अधिक सपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर वहां से हटाया। इसके बाद यातायात व्यवस्था सामान्य कराई गई। इस पूरे मामले पर दैनिक भास्कर से बातचीत में सपा के जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार गौतम ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की रिहाई की मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उनका आरोप है कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है, जिसे समाजवादी पार्टी कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार जनता की आवाज सुनने के बजाय उसे दबाने का काम कर रही है। बता दें कि मंगलवार शाम दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के पास धरने पर बैठे विपक्ष के कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इनमें राहुल गांधी, अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई प्रमुख नेता शामिल थे। इसी कार्रवाई के विरोध में गोरखपुर में भी समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज की गूंज अब पंजाब में भी सुनाई देने लगी है। इस बर्बर कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को जालंधर के ऐतिहासिक डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर भारतीय मूलवासी मुक्ति मोर्चा (BM3) के बैनर तले विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष एकत्र हुए कार्यकर्ताओं ने बेहद अनुशासित और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज बुलंद की। संगठन के प्रवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि छात्रों के साथ किसी भी प्रकार की धक्केशाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा प्रदर्शन में संगठन के प्रांतीय व जिला स्तरीय पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भारी संख्या में शिरकत की। संवैधानिक अधिकारों की हत्या का आरोप प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए मोर्चा के मुख्य नेताओं ने जंतर-मंतर की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी में अपने अधिकारों की आवाज उठा रहे देश के भविष्य (छात्रों) पर इस तरह से बल प्रयोग करना सीधे तौर पर लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों की हत्या है। निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग एक स्वस्थ लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन सरकार संवाद कायम करने के बजाय लाठियों के दम पर छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, जो बेहद निंदनीय है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के पूरे मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी या उच्च स्तरीय कमेटी से निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके साथ ही निर्दोष छात्रों पर लाठियां भांजने वाले जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाए। छात्रों को प्रताड़ित करने के बजाय केंद्र सरकार तुरंत उनसे वार्ता करे और उनकी सभी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार कर उनका समाधान निकाले।
जयपुर में पालतू कुत्ते-बिल्ली का रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर 5000 रुपए जुर्माना लगेगा। 30 सितंबर के बाद से यह लागू होगा। नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने कहा-यह कदम शहर को रेबीज मुक्त बनाने, पालतू पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनके स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। इसके साथ ही फ्रेंडशिप-डे के मौके पर 2 अगस्त को शहर का सबसे बड़ा पेट कार्निवल आयोजित किया जाएगा, जहां मौके पर ही रजिस्ट्रेशन, वैक्सीनेशन, हेल्थ चेकअप और पेट एडॉप्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। रेबीज जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम के लिए उठाया कदम कमिश्नर ओम कसेरा ने बताया- नगर निगम की नई व्यवस्था के तहत शहर में सभी पालतू कुत्तों और बिल्लियों का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। निगम के पास हर पालतू पशु का रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा, जिसमें उसके टीकाकरण और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी दर्ज होगी। इससे न केवल पालतू पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि रेबीज जैसी गंभीर बीमारी की रोकथाम में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह नियम किसी प्रकार की सख्ती के लिए नहीं, बल्कि जिम्मेदार पेट ओनरशिप को बढ़ावा देने और शहर में बेहतर पशु प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने के लिए लागू किया जा रहा है। नगर निगम ने लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने पालतू पशुओं का रजिस्ट्रेशन करवा लें, ताकि बाद में किसी प्रकार की कार्रवाई या जुर्माने का सामना न करना पड़े। पढ़िए, क्या हैं नए नियम नगर निगम ने पेट शॉप, डॉग, कैट ब्रीडर और केनल संचालकों के लिए भी नए नियम लागू किए हैं। अब सभी संचालकों के लिए एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (AWBI) में पंजीयन अनिवार्य होगा। किसी भी श्वान या बिल्ली को खरीददार को सौंपने से पहले उसका नगर निगम में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। अगर तीन महीने से कम उम्र का पिल्ला या बिल्ली का बच्चा बेचा जाता है तो खरीददार से रेबीज वैक्सीनेशन करवाने का शपथ-पत्र लेना भी अनिवार्य होगा। 5000 रुपए तक का जुर्माना नगर निगम ने रजिस्ट्रेशन और जुर्माने की व्यवस्था भी तय कर दी है। नए पंजीयन के लिए 1000 रुपए प्लस जीएसटी हर साल शुल्क देना होगा, जबकि सालाना नवीनीकरण के लिए 500 रुपए प्लस जीएसटी निर्धारित किए गए हैं। बिना रजिस्ट्रेशन पाए जाने पर 5000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। नियमों के उल्लंघन पर 2000 रुपए का अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जा सकेगा। वहीं, नगर निगम द्वारा अवरुद्ध किए गए श्वान के रखरखाव के लिए 100 रुपए प्रतिदिन शुल्क निर्धारित किया गया है। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक पालतू कुत्ता और बिल्ली का तीन महीने की आयु पूरी होने पर पहला एंटी-रेबीज टीकाकरण कराना अनिवार्य होगा। इसके बाद हर वर्ष नियमित रूप से वैक्सीनेशन कराना होगा। इसके अलावा पेट शॉप, ब्रीडर और केनल संचालकों को प्रत्येक तीन महीने में खरीदे और बेचे गए पशुओं का पूरा रिकॉर्ड नगर निगम को उपलब्ध कराना होगा। 2 अगस्त को होगा पेट कार्निवल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को आसान और अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए नगर निगम, PAWS और केनल क्लब ऑफ राजस्थान (KCR) के संयुक्त तत्वावधान में 2 अगस्त (रविवार) को दुर्गापुरा स्थित आईडीबी परिसर के पास सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक देश का सबसे बड़ा म्युनिसिपल डॉग एंड कैट ऑन-द-स्पॉट लाइसेंस कैंप आयोजित करेगा। मेगा पेट कार्निवल में एक ही स्थान पर ऑन-द-स्पॉट डॉग और कैट लाइसेंस, नि:शुल्क रेबीज वैक्सीनेशन, हेल्थ चेकअप, डीवर्मिंग, पप्पी एडॉप्शन, KCI रजिस्ट्रेशन, माइक्रोचिपिंग, इंडी डॉग एडॉप्शन, स्ट्रीट डॉग्स के लिए भोजन एवं रिफ्लेक्टिव कॉलर, नि:शुल्क मेटल नेम टैग, पेट हॉस्टल और ग्रूमिंग सेवाओं पर विशेष छूट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा प्रत्येक रजिस्टर्ड पेट पर 2000 रुपए तक के नि:शुल्क उपहार भी दिए जाएंगे। आयोजन के दौरान सबसे बड़े डॉग पिज्जा का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास भी किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन के लिए पालतू पशु की पासपोर्ट साइज फोटो लानी होगी नगर निगम ने बताया कि रजिस्ट्रेशन के लिए पेट मालिकों को अपने साथ पालतू पशु की पासपोर्ट साइज फोटो, स्वयं की फोटो, नवीनतम वैक्सीनेशन कार्ड तथा वैध पहचान पत्र की प्रति लेकर आनी होगी। निगम का कहना है कि 2 अगस्त का यह कैंप पालतू पशुओं का रजिस्ट्रेशन कराने का सबसे आसान अवसर होगा, जहां न्यूनतम औपचारिकताओं के साथ मौके पर ही लाइसेंस जारी किए जाएंगे। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे 30 सितंबर की अंतिम तिथि का इंतजार करने के बजाय समय रहते अपने पालतू श्वानों और बिल्लियों का रजिस्ट्रेशन कराएं, ताकि शहर में बेहतर पशु प्रबंधन व्यवस्था विकसित हो सके और जयपुर को रेबीज मुक्त बनाने के अभियान को गति मिल सके।
कटनी स्थित विजयराघवगढ़ विधानसभा के देवरी-मझगवां गांव में ग्रामीणों ने जर्जर सड़क के विरोध में मंगलवार को अनोखा प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कैमोर-कटनी मुख्य मार्ग के गड्ढों में खड़े होकर भैंस के सामने बीन बजाकर PWD और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध जताया। बारिश से बह गया मलबे का काम स्थानीय निवासी ब्रह्ममुहूर्त तिवारी के अनुसार, इस मार्ग की स्थिति लंबे समय से खराब है। इससे पहले ग्रामीणों ने सड़क पर बेशर्म के फूल लगाकर प्रदर्शन किया था। तब प्रशासन ने गड्ढों में कच्चा मटेरियल और गिट्टी-मिट्टी डलवाई थी, जो मानसून की पहली बारिश में ही बह गई। हादसे और आवाजाही से बढ़ी परेशानी यह मार्ग कटनी और कैमोर के बीच आवाजाही का मुख्य जरिया है। सड़क पर बड़े गड्ढों के कारण रोजाना दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। इस खस्ताहाल रास्ते से गुजरने में बुजुर्गों, मरीजों और स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पक्की सड़क न बनने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने शासन और PWD विभाग से अस्थायी लीपापोती बंद कर पक्के डामरीकरण या कंक्रीट निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक स्थायी सुधार नहीं होगा, विरोध जारी रहेगा। काम शुरू न होने पर उन्होंने उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है। जल्द पक्की सड़क निर्माण का आश्वासन मामले पर PWD के क्षेत्रीय एसडीओ शैलेंद्र शुक्ला ने बताया कि मंगलवार को वैकल्पिक व्यवस्था कर सड़क पर जमा पानी निकाल दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही मार्ग पर पक्की सड़क का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
भींडर में नाबालिग छात्रा ने इमारत से छलांग लगाई:गंभीर हालत में रेफर, कारणों की जांच जारी
उदयपुर जिले के भींडर थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक नाबालिग स्कूली छात्रा ने चार मंजिला इमारत से छलांग लगा दी। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों की मदद से छात्रा को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे उदयपुर रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही भींडर थाना अधिकारी मुकेश चंद्र पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल छात्रा द्वारा यह कदम उठाने के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
शाजापुर कलेक्टर ऋजु बाफना ने आगामी त्योहारों के मद्देनजर जिले की संपूर्ण राजस्व सीमा में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 के तहत बिना अनुमति धरना, प्रदर्शन, जुलूस या रैली निकालने पर रोक लगा दी गई है। आयोजनों के लिए एसडीएम से अनुमति लेना अनिवार्य सार्वजनिक स्थानों, चौराहों, तिराहों और चौपालों पर किसी भी प्रकार के आयोजन या रैली के लिए संबंधित अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। यह आदेश 20 जुलाई से लागू हो गया है और आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा। कानून-व्यवस्था और लोक शांति बनाए रखने को लिया फैसला प्रशासन ने यह निर्णय गुरु पूर्णिमा, श्रावण मास, स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन, कृष्ण जन्माष्टमी और ईद-मिलाद-उन-नबी जैसे पर्वों पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया है। यह नियम सभी संप्रदायों और राजनीतिक दलों पर समान रूप से लागू होगा। बिना अनुमति ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर रोक आदेश के तहत लाउडस्पीकर या अन्य ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग के लिए भी सक्षम अधिकारी की पूर्वानुमति आवश्यक होगी। बिना अनुमति इनका प्रयोग करने पर जिला प्रशासन द्वारा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उल्लंघन पर BNS की धारा 223 के तहत होगी कार्रवाई यह आदेश धारा 163(2) के तहत एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जोधपुर शहर में बिजली लाइनों के रखरखाव के चलते कई कॉलोनी में कल (बुधवार) बिजली बंद रहेगी। शिक्षक नगर, अमर नगर, तपस्वी नगर सहित कई इलाकों में 3 घंटे तक बिजली नहीं आएगी। इसके बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। सुबह 7 बजे से 10 बजे तक यहां रहेगी बिजली बंद शिक्षक नगर, अमर नगर, तपस्वी नगर, हस्ती नगर, नवोड़ा बेरा, हनुमान सागर, मिरासी कॉलोनी, महादेव नगर, जानकी विहार,रिद्धि-सिद्धि नगर, पंचवटी कॉलोनी,शनि विहार, रामावतार नगर,अमृत नगर, बंग नगर, बालाजी नगर में बिजली बंद रहेगी।

