वाराणसी के मिर्जामुराद थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक सड़क के शिलापट्ट को लेकर विवाद हो गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम वाले इस शिलापट्ट को कुछ लोगों ने उखाड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे उनमें आक्रोश है। पुलिस ने पूछताछ के लिए एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री प्रेम कुमार पटेल ने बताया कि करधना बाजार से प्रतापपुर होते हुए हिरापुर मार्ग का निर्माण वर्ष 2020 के आसपास जनसुविधा के लिए किया गया था। इसी सड़क के निर्माण से संबंधित शिलापट्ट मौके पर स्थापित था। पटेल ने आरोप लगाया कि गांव के कुछ प्रभावशाली लोगों ने इसे जमीन से उखाड़ दिया। उन्होंने इसे सरकारी संपत्ति के साथ छेड़छाड़ का मामला बताते हुए मिर्जामुराद थाने में शिकायत दर्ज कराई है। निजी भूमि पर शिलापट्ट लगाने का आरोप दूसरी ओर, दूसरे पक्ष का दावा है कि जिस स्थान पर शिलापट्ट लगा था, वह उनकी निजी भूमि है। उनके अनुसार, शिलापट्ट उनकी संपत्ति के दायरे में आ रहा था। उन्होंने तोड़फोड़ के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि इसे तोड़ा नहीं गया, बल्कि सावधानीपूर्वक उखाड़कर एक तरफ रख दिया गया था। मिर्जामुराद पुलिस के अनुसार, मामले की सूचना मिलते ही जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस मामले में पूछताछ कर रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि यह मामला स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
उमरिया जिले के विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में इस पर्यटन सत्र के दौरान रिकॉर्ड संख्या में पर्यटक पहुंचे। इस साल दो लाख से अधिक पर्यटकों ने रिजर्व का भ्रमण किया, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 30 हजार अधिक है।पर्यटन गतिविधियों से इस सत्र में 19 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित हुआ है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में करीब तीन करोड़ रुपए ज्यादा बताया गया है। आज सफारी का अंतिम दिनटाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय के अनुसार मंगलवार शाम इस पर्यटन सत्र की अंतिम सफारी होगी। इसके बाद 1 जुलाई से 30 सितंबर तक मानसून सीजन के कारण कोर एरिया (ताला, मगधी और खितौली जोन) पर्यटकों के लिए बंद रहेगा। यहां सफारी का संचालन 1 अक्टूबर से दोबारा शुरू किया जाएगा। वन्यजीव दर्शन से बढ़ा आकर्षणइस सत्र में पर्यटकों को बाघों के साथ-साथ तेंदुआ, भालू, जंगली हाथी, गौर, चीतल और सांभर जैसे वन्यजीवों के भी दर्शन हुए। बेहतर वन्यजीव दृश्य और प्राकृतिक वातावरण के कारण देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचे, जिससे पर्यटन और राजस्व दोनों में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
गांव छुरियावास के ग्रामीणों ने मंगलवार दोपहर बिजली- पानी की समस्या को रेवाड़ी- बावल रोड पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने कहा कि पिछले एक माह से गांव में बिजली पानी की समस्या बनी हुई है। कई बार शिकायत देने के बाद भी अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे। जिस कारण उन्हें रोड जाम करने के लिए विवश होना पड़ा। जाम के चलते सड़क पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। इससे पहले सोमवार को गढ़ी बोलनी के ग्रामीणों ने रेवाड़ी- कोटकासिम रोड को तीन घंटे जाम रखा था। इस खबर को हम अपडेट कर रहे हैं…
डिंडौरी में मंगलवार को पुलिस मैदान में एक पुलिस सम्मेलन का आयोजन किया गया। बालाघाट रेंज के आईजी ललित शाक्यवार इस सम्मेलन में शामिल हुए, जिसका उद्देश्य पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाना था। इस अवसर पर जिले के पुलिस अधीक्षक आशीष खरे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी सतीश द्विवेदी, शहपुरा एसडीओपी अजय तिवारी, बजाग एसडीओपी विवेक गौतम सहित कई पुलिस अधिकारी, थाना प्रभारी और विवेचना अधिकारी उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान, आईजी शाक्यवार ने पुलिस अधिकारियों को अपराधों की विवेचना, कानून-व्यवस्था के प्रबंधन, शिकायतों के त्वरित निराकरण और संवेदनशील मामलों में की जाने वाली कार्रवाई की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि आमजन में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण भी निर्मित करना है। आईजी ने लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा की और गुणवत्तापूर्ण विवेचना, साक्ष्य संकलन, साइबर अपराधों की जांच तथा महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित कार्रवाई पर विशेष जोर दिया। उन्होंने न्यायालयीन मामलों में बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। सम्मेलन में अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था में सुधार, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने और जनसंपर्क गतिविधियों को मजबूत करने जैसे कई विषयों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को बदलते अपराध स्वरूप के अनुरूप अपनी तकनीकी दक्षता बढ़ाने और पुलिसिंग में आधुनिक संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने के संबंध में भी मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम के समापन पर, उपस्थित अधिकारियों ने विभिन्न विषयों पर अपने अनुभव साझा किए और पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।
चंडीगढ़ के हल्लोमाजरा लाइट प्वाइंट पर सोमवार देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में 14 वर्षीय सुशांत की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब वह अपने पिता के साथ दुकान से सामान लेकर साइकिल पर घर लौट रहा था। आरोप है कि रेड लाइट जंप कर तेज रफ्तार में आए ट्रक ने सुशांत को कुचल दिया। हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे डेराबस्सी से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, सुशांत अपने पिता के साथ हल्लोमाजरा स्थित एक दुकान से सामान लेकर लौट रहा था। पिता बाइक पर आगे चल रहे थे, जबकि सुशांत साइकिल से उनके साथ-साथ आ रहा था। इसी दौरान रेड लाइट की अनदेखी कर तेज रफ्तार से आए ट्रक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक का पहिया सुशांत के ऊपर से गुजर गया। गंभीर रूप से घायल किशोर ने अपने पिता के सामने ही दम तोड़ दिया। बेटे की आंखों के सामने हुई इस दर्दनाक मौत से परिवार सदमे में है। डेराबस्सी से पकड़ा आरोपी चालक हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस ने नाकाबंदी कर ट्रक की तलाश शुरू की। कुछ ही देर बाद पुलिस ने आरोपी चालक को ट्रक समेत डेराबस्सी से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने और दुर्घटना में मौत का कारण बनने समेत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही हादसे वाली जगह के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
जौनपुर में मंगलवार को एस.यू.सी.आई (सी) पार्टी ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, अपराध, सरकारी क्षेत्रों के निजीकरण, पेपर लीक और जनवादी अधिकारों पर बढ़ते हमलों सहित विभिन्न जन समस्याओं के विरोध में आयोजित किया गया था। इसमें सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि देश में नौकरी और रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं, जबकि आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं के दाम बढ़ रहे हैं। उन्होंने भाजपा की 'डबल इंजन' सरकारों की नीतियों पर सवाल उठाए। वक्ताओं के अनुसार, इन नीतियों के कारण शासक वर्ग अमीर हो रहा है, वहीं मेहनतकश वर्ग गरीब होता जा रहा है। पार्टी ने विश्व असमानता रिपोर्ट 2026 का हवाला दिया, जिसके अनुसार देश के सबसे अमीर 1% लोगों के पास देश की 40% से अधिक संपत्ति जमा हो चुकी है। वहीं, नीचे की 50% आबादी केवल 6% संपदा पर निर्भर है। इस असमानता के कारण मेहनतकश जनता अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रही है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का विनाशकारी प्रभाव छात्रों, महिलाओं, किसानों, सरकारी और निजी क्षेत्र के मजदूरों-कर्मचारियों, दिहाड़ी मजदूरों, छोटे व्यापारियों और रिक्शा-ऑटो-टेम्पो चालकों सहित सभी वर्गों पर पड़ रहा है। पार्टी का कहना था कि देशी-विदेशी बड़ी और एकाधिकार पूंजी को बढ़ावा देने की सरकार की नीति ने रोजगार देने वाले देश के सरकारी क्षेत्र, मध्यम और लघु उद्योगों को विनाश के कगार पर पहुंचा दिया है। पार्टी ने 'डबल इंजन' सरकार की शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, श्रम, व्यापार और रोजगार नीतियों के नकारात्मक प्रभावों पर भी प्रकाश डाला। उनके अनुसार, छात्र, नौजवान, महिलाएं, किसान और व्यापारी सभी परेशान हैं और निराशा के कारण आत्महत्या करने को विवश हो रहे हैं। वक्ताओं ने यह भी कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, तथा सरकार हिंसा, भ्रष्टाचार, चोरी, डकैती और हत्याओं को रोकने में असफल रही है। पार्टी ने उत्तर प्रदेश में 27,000 सरकारी स्कूलों को बंद करने के सरकारी फैसले की भी आलोचना की। उनका कहना था कि इस निर्णय से गरीब बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं, जबकि निजीकरण को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। निजी संस्थानों की लूट जग जाहिर है जिससे गरीब व मध्यम वर्ग के बच्चों व अभिभावकों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए अब सिर्फ जन आंदोलन ही बचने का एकमात्र रास्ता है, जिसके लिए एसयूसीआई (सी) लगातार संघर्ष कर रही है।
ब्यावर के संस्थापक कर्नल डिक्सन की जयंती मनाई:प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर कांग्रेस सेवादल ने किया याद
ब्यावर के संस्थापक कर्नल चार्ल्स जॉर्ज डिक्सन की 231वीं जयंती पर जिला कांग्रेस सेवादल ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम सेवादल ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. अरविंद माथुर के नेतृत्व में छावनी फाटक के बाहर स्थित कर्नल डिक्सन की कब्र पर संपन्न हुआ। इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं ने कर्नल डिक्सन की प्रतिमा और कब्र पर पुष्पमालाएं अर्पित कर श्रद्धासुमन चढ़ाए। उन्होंने ब्यावर जिले की सुख-समृद्धि, अमन और शांति के लिए प्रार्थना भी की। आदर्शों और योगदान को किया यादवक्ताओं ने कर्नल डिक्सन द्वारा स्थापित आदर्शों और उनके योगदान को सदैव याद रखने की बात कही। कार्यकर्ताओं ने जब तक सूरज चांद रहेगा, डिक्सन साहिब का नाम रहेगा और डिक्सन साहिब अमर रहें जैसे नारों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में पीसीसी सचिव कल्पना भटनागर, जिला प्रवक्ता सोहन मेवाड़ा, इंटक फेडरेशन प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट रामेश्वर मेवाड़ा, शिक्षक प्रकोष्ठ उपाध्यक्ष जगदीश सिंह राठौड़, प्रदेश कॉर्डिनेटर अल्पसंख्यक विभाग ऋषि लाम्बा, सेवादल उपाध्यक्ष बाबूलाल पंवार, कर्मचारी नेता रामलाल लखन, अशोक मूंदड़ा, सेवादल के पूर्व अध्यक्ष बालूराम सेन, ब्लॉक प्रवक्ता भरत भाटी, छगन मेवाड़ा, राहुल मेवाड़ा, आर्यन मैसी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सलूंबर जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनैद ने मंगलवार को जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक की।इस दौरान ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर-2026, विभिन्न बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन और आगामी राज उन्नति बैठक की तैयारियों पर चर्चा हुई। कहा-लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागों की प्रगति का आकलन किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि आमजन से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी योजनाओं और विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। मौके पर समस्याओं के समाधान के निर्देश जिला कलेक्टर ने ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों के उद्देश्य पर जोर दिया, जो आमजन को त्वरित राहत और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करना है। उन्होंने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को नियमित रूप से शिविरों का निरीक्षण करने और मौके पर ही समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलक्टर ने चेतावनी दी कि जो अधिकारी शिविरों में नियमित उपस्थिति नहीं देंगे या निरीक्षण में लापरवाही बरतेंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. दिनेश राय सपेला ने सभी विभागों को अपने कार्यों की नियमित समीक्षा करने और लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के लिए कहा जिला कलेक्टर ने यह भी कहा कि सेवा शिविरों में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों और नवाचारों का सफलता की कहानियों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करना है। समीक्षा के दौरान, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश चंद्र पाटीदार को आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सार्वजनिक निर्माण विभाग को विद्यालयों के सत्यापन संबंधी रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा गया। इसके अतिरिक्त, डीएनटी समुदाय के लिए घुमंतू पहचान एवं प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना की धीमी प्रगति पर अधिकारियों को फटकार जिला कलेक्टर ने जल संचय जनभागीदारी अभियान और मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन योजना की धीमी प्रगति पर संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं में किसी भी प्रकार की उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। कलक्टर ने सभी अधिकारियों को तय लक्ष्यों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। बैठक में सभी विभागों के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
देवरिया में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने मंगलवार सुबह भारी बारिश के बीच रामपुर कारखाना विकासखंड कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ब्लॉक कार्यालय में अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित मिले। कई महत्वपूर्ण अनुभागों में जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं थे, जबकि विभिन्न योजनाओं की प्रगति से जुड़े सवालों का भी संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। लापरवाही पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला तो संबंधित कर्मचारियों का वेतन रोकते हुए नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे जिलाधिकारी बिना पूर्व सूचना के रामपुर कारखाना विकासखंड कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कार्यालय के विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण कर कर्मचारियों की उपस्थिति, कार्यालय व्यवस्था और संचालित योजनाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कई सीटें खाली मिलीं और अधिकांश अधिकारी-कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर मौजूद नहीं थे। एडीओ पंचायत को नहीं थी जानकारी निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पंचायत सचिव की अनुपस्थिति पर जानकारी ली। दूरभाष पर संपर्क करने पर पंचायत सचिव ने स्वयं को फील्ड में होने की बात कही, लेकिन एडीओ पंचायत को उनके फील्ड में जाने की कोई पूर्व सूचना नहीं थी। इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। इसके अलावा ब्लॉक मिशन मैनेजर (बीएमएम) भी कार्यालय से अनुपस्थित मिले। जिलाधिकारी ने अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों के संबंध में पूरी रिपोर्ट तलब करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। एनआरएलएम और मनरेगा की प्रगति नहीं बता सके अधिकारी निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी मांगी। संबंधित अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और उपलब्धियों का स्पष्ट ब्यौरा भी प्रस्तुत नहीं कर पाए। वहीं मनरेगा कार्यों की समीक्षा के दौरान भी स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। योजनाओं की प्रगति बताने के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी : डीएम निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को समय से कार्यालय पहुंचने, नियमित रूप से जनसुनवाई करने तथा आमजन की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकारी कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता और गैर-जिम्मेदाराना रवैया किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की कार्यशैली में लापरवाही पाई जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। वेतन रोकने की भी चेतावनी जिलाधिकारी ने अनुपस्थित मिले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि संबंधित कर्मचारी संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करते हैं तो उनका वेतन रोकने के साथ-साथ विभागीय कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। डीएम के औचक निरीक्षण के बाद विकासखंड कार्यालय में पूरे दिन अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हलचल बनी रही। निरीक्षण को प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार और सरकारी कार्यालयों में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
डीडवाना-कुचामन के नावा उप जिला हॉस्पिटल में मंगलवार सुबह करीब 8 बजे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को हॉस्पिटल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। इसी दौरान एक्स-रे विभाग में कार्यरत रेडियोलॉजिस्ट बाबूलाल कुमावत चिकित्सा प्रभारी की कुर्सी पर बैठकर मरीजों को परामर्श देते और इलाज से जुड़े काम करते नजर आए। डॉक्टरों की गैरमौजूदगी में रेडियोलॉजिस्ट द्वारा मरीजों को देखे जाने के बाद हॉस्पिटल की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। सुबह 8 बजे नहीं मिला कोई डॉक्टर मंगलवार सुबह हॉस्पिटल खुलने के समय करीब 8 बजे बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे। मरीजों का आरोप है कि उस समय हॉस्पिटल में एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। मरीज घंटों तक पर्ची लेकर लाइन में खड़े रहे और डॉक्टर के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन काफी देर तक कोई चिकित्सक अस्पताल नहीं पहुंचा। इसी दौरान अस्पताल के एक्स-रे विभाग में कार्यरत रेडियोलॉजिस्ट बाबूलाल कुमावत चिकित्सा प्रभारी की कुर्सी पर बैठकर मरीजों को परामर्श देते और इलाज से जुड़े कार्य करते नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वे मरीजों की समस्याएं सुन रहे थे, उनकी जांच कर रहे थे और दवाइयां भी लिख रहे थे। इस दौरान कई मरीज इलाज के लिए उनके पास पहुंचे। मरीजों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल डॉक्टरों की गैरमौजूदगी में रेडियोलॉजिस्ट द्वारा मरीजों को देखना और इलाज से जुड़ी सलाह देना नियमों के खिलाफ माना जा रहा है। केवल पंजीकृत और अधिकृत डॉक्टर ही मरीजों की जांच कर दवा लिख सकते हैं। किसी अन्य कर्मचारी द्वारा मरीजों का इलाज करना या दवा लिखना मरीजों की सुरक्षा के लिए जोखिम भरा हो सकता है और इसे चिकित्सा नियमों का उल्लंघन भी माना जाता है। इस घटना के बाद लोगों ने हॉस्पिटल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि जब हॉस्पिटल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था, तो उस समय मरीजों की जिम्मेदारी किसके भरोसे छोड़ी गई थी। पीएमओ बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई मामले को लेकर पीएमओ डॉ. पुष्पेंद्र शर्मा ने बताया कि ऑफिस के काम के कारण वे कुछ देर से हॉस्पिटल पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक है और नियमानुसार रेडियोलॉजिस्ट को मरीजों का इलाज करने या उन्हें देखने की अनुमति नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि यदि जांच में यह सामने आता है कि डॉक्टर की गैरमौजूदगी में किसी अन्य कर्मचारी ने चिकित्सकीय कार्य किया है, तो नियमानुसार विभागीय जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मामले में पूछे जाने पर रेडियोलॉजिस्ट बाबूलाल कुमावत ने कहा कि उन्होंने केवल आपात स्थिति को देखते हुए मरीजों की मदद की है। उनका कहना था कि उनका उद्देश्य सिर्फ मरीजों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराना था।
फरीदकोट में अमृतसर–बठिंडा नेशनल हाईवे पर कोटकपूरा के पास मंगलवार सुबह एक अज्ञात वाहन की टक्कर से ट्रैक्टर-ट्रॉली सवार किसान की मौत हो गई। मृतक की पहचान गांव संधवां निवासी बसंत सिंह (45) पुत्र जगसीर सिंह के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। जानकारी के अनुसार सब्जियां की खेती करने वाला बसंत सिंह अपने खेतों से टमाटरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर बेचने के लिए सुबह करीब सवा तीन बजे कोटकपूरा की सब्जी मंडी जा रहा था। जैसे ही वह गांव की संपर्क सड़क से निकलकर अमृतसर–बठिंडा नेशनल हाईवे पर पहुंचा, तभी पीछे से आ रहे किसी अज्ञात वाहन ने उसकी ट्रैक्टर-ट्रॉली को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई और बसंत सिंह के सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी की जल्द पहचान कर कार्रवाई की जाए-पूर्व सरपंच इस मामले में गांव के पूर्व सरपंच जसविंदर सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए थे। पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से हादसे के जिम्मेदार अज्ञात वाहन चालक की जल्द पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश के लगभग 80 हजार कोटेदारों ने बढ़े लाभांश और न्यूनतम मासिक आय की गारंटी की मांग को लेकर अगस्त 2026 से खाद्यान्न वितरण का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के जिलाध्यक्ष निर्मोही उमेश द्विवेदी के नेतृत्व में मंगलवार को फतेहपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया। एसोसिएशन द्वारा भेजे गए ज्ञापन में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश में कोटेदारों को प्रति कुंतल खाद्यान्न वितरण पर मात्र 90 रुपये का लाभांश मिलता है। इसकी तुलना में हरियाणा और दिल्ली में यह राशि 200 रुपये प्रति कुंतल है, जबकि गोवा में 230 रुपये प्रति कुंतल तक दी जाती है। गुजरात में कोटेदारों को न्यूनतम 20 हजार रुपये मासिक आय की गारंटी भी प्रदान की जा रही है। कोटेदारों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण वर्तमान लाभांश में परिवार का भरण-पोषण करना अत्यंत कठिन हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कम लाभांश के कारण वे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं, जिससे राशन वितरण व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। जिलाध्यक्ष निर्मोही उमेश द्विवेदी ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो अगस्त 2026 से प्रदेशभर के कोटेदार खाद्यान्न वितरण कार्य का पूर्ण बहिष्कार करेंगे। इसके अतिरिक्त, 28 जुलाई को लखनऊ में विधानसभा का घेराव भी किया जाएगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि इस दौरान वितरण संबंधी किसी भी असुविधा की जिम्मेदारी विभाग और शासन की होगी। एसोसिएशन ने शासन से अपील की है कि जल्द से जल्द सकारात्मक निर्णय लेकर प्रदेश के कोटेदारों के हितों की रक्षा की जाए। इस अवसर पर विजय प्रताप सिंह, अनुराग द्विवेदी, श्याम सिंह, मनोज कुमार, मानवेन्द्र सिंह, हरिमिलन सिंह और राज कुमार सिंह सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
भिवानी में डिग में डूबने से 2 बच्चों की मौत:नहाने के लिए गए थे; गहराई ज्यादा होने के कारण डूबे
भिवानी के गांव लहलाना व भाखड़ा के बीच स्थित नहर के साथ लगते डिग के पानी में 2 मासूम बच्चे डूब गए। जिसके कारण दोनों की मौत हो गई। वहीं मामले का पता लगते ही मृतकों के परिजन व ग्रामीण एकत्रित हो गए। जो बच्चों को पानी से निकालकर अस्पताल में ले आए। जहां पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान भिवानी के गांव लहलाना निवासी करीब 16 वर्षीय पियुष व करीब 15 वर्षीय वीरेन के रूप में हुई है। दोनों आपस में चचेरे भाई थे।
नूंह जिले के इन्दाना गांव की एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसके पति को मजदूरी दिलाने के बहाने ले जाकर गायब कर दिया गया है। एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उसके पति का कोई सुराग नहीं मिला है। महिला ने पुलिस से मामले में कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता सितारा ने शिकायत में बताया कि उसके पति खुर्शीद को 23 मई 2026 को गांव खाईका निवासी सहवान, मुनीन और साजिद होटल में काम दिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले गए थे। महिला ने पति को बाहर भेजने का विरोध किया था, लेकिन आरोपी उसे अपने साथ ले गए। संपर्क करने पर आरोपियों ने की टालमटोल इसके बाद से खुर्शीद का मोबाइल बंद है और उसका कोई पता नहीं चल पाया है। महिला का आरोप है कि कई बार संपर्क करने पर आरोपियों ने पहले टालमटोल की और बाद में कहा कि खुर्शीद उनसे कहीं गुम हो गया है। पीड़िता का कहना है कि यदि खुर्शीद गुम हो गया था, तो इसकी सूचना परिवार या पुलिस को तुरंत क्यों नहीं दी गई। उसे आशंका है कि उसके पति को किसी षड्यंत्र के तहत गायब किया गया है। महिला का आरोप- थाने पर शिकायत दी, नहीं हुई कार्रवाई महिला ने बताया कि उसने 3 जून को बिछौर थाना और बाद में डीएसपी पुन्हाना को भी शिकायत दी थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। महिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची, लेकिन अवकाश होने के कारण वह अपनी शिकायत सीधे एसपी को नहीं सौंप सकी। उसने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और अपने पति की जल्द सकुशल बरामदगी की मांग की है। इस मामले में बिछौर थाना प्रभारी सुखबीर सिंह ने बताया कि खुर्शीद की गुमशुदगी का मामला महाराष्ट्र पुलिस में दर्ज है। मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई महाराष्ट्र पुलिस द्वारा की जा रही है।
बुरहानपुर में मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में जिलेभर से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। लोगों ने अधिकारियों के सामने विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतें रखीं। इस दौरान कुछ मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि अन्य शिकायतों को जांच और कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया। दो साल से पेंशन नहीं मिलने की शिकायत जनसुनवाई में ग्राम खातला से छह से अधिक बुजुर्ग महिलाएं अपनी पेंशन की समस्या लेकर पहुंचीं। महिलाओं ने बताया कि उन्हें पिछले दो साल से पेंशन नहीं मिली है। इस संबंध में वे कई बार पंचायत के चक्कर लगा चुकी हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। महिलाओं ने अधिकारियों से हस्तक्षेप कर जल्द पेंशन शुरू कराने की मांग की। अधिकारियों ने उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। ताप्ती राजघाट पर अवैध मछली पकड़ने का मामला उठा जनसुनवाई में ताप्ती सेवा समिति ने ताप्ती नदी के राजघाट पर अवैध रूप से मछली पकड़ने का मुद्दा उठाया। समिति की अध्यक्ष सरिता भगत ने बताया कि राजघाट से प्रतिदिन अवैध तरीके से मछलियां पकड़ी जा रही हैं। समिति ने इस पर रोक लगाने के लिए नियमित पुलिस गश्त शुरू करने और क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की, ताकि अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके। एआईएमआईएम ने सौंपा ज्ञापन जनसुनवाई के दौरान एआईएमआईएम के प्रतिनिधियों ने डिप्टी कलेक्टर राजेश पाटीदार को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नाजिया खान द्वारा हाल ही में दिए गए एक बयान की निंदा की गई। जिला संयोजक अधिवक्ता सोहेल हाशमी ने आरोप लगाया कि नाजिया खान ने धार्मिक भावनाएं भड़काने वाला बयान दिया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान एआईएमआईएम के कई सदस्य और पदाधिकारी भी मौजूद रहे। संबंधित विभागों को भेजी गई शिकायतें अधिकारियों ने जनसुनवाई में प्राप्त सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना। जिन मामलों का मौके पर समाधान संभव था, उनका तत्काल निराकरण किया गया। अन्य मामलों को आवश्यक जांच और आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया।
MP के 25 साल के युवक ने 16 साल की नाबालिग गर्लफ्रेंड का शव राजस्थान के दौसा में लाकर दफना दिया। पुलिस ने आरोपी से सख्ती पूछताछ की तो उसने पूरा राज उगल दिया। आरोपी दौसा में ही काम करता था, ऐसे में उसने ये जगह चुनी, ट्रेन से नाबालिग को लेकर आया और ट्रैक के पास ही मारकर दफना दिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी की शादी तय हो गई थी। नाबालिग उसे शादी करने का दबाव बना रही थी। ऐसे में, उसने गर्लफ्रेंड की हत्या कर शव को जमीन में गाड़ दिया। MP से आई पुलिस ने मंगलवार को शव को निकाला तो कंकाल बरामद हुआ। नाबालिग लापता, परिजनों को शक था MP से आए पुलिसकर्मी ने बताया- मार्च महीने में परिजनों ने नाबालिग के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। परिजनों को युवक पर शक था। ऐसे में, इस पर नजर रखी गई थी। नाबालिग के पास कोई फोन भी नहीं था तो उसके बारे में कोई लोकेशन भी नहीं मिल रही थी। सोमवार को सबूतों के साथ युवक को डिटेन कर पूछताछ की तो उसने हत्या कर शव को दौसा जिले में दफनाने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद आज उसे यहां लेकर आए और खाली प्लाट से शव को निकलवाया है। ये 4 फीट नीचे कट्टे में डालकर गाड़ दिया गया था। पूछताछ में बोला- शादी का दबाव बना रही थी आरोपी ने पूछताछ में बताया- मार्च महीने में युवक की सगाई कहीं और हो गई थी। इस पर नाबालिग उससे शादी करने का दबाव बना रही थी। ऐसे में, युवक उसे दौसा लेकर आया और एक खाली प्लाट में उसकी हत्या कर शव कट्टे में भरकर दफना दिया। इसके बाद वापस MP आ गया। मार्च महीने में ही युवक की शादी थी। यह शादी के दिन ही गांव लौटा था। परिजनों से पूछताछ की तो शक गहराया पुलिस ने बताया- इधर, पुलिस की छानबीन जारी थी। परिजनों से भी संभावित ठिकानों को लेकर पूछताछ की तो सामने आया कि युवक दौसा में काम करता है। इसके बाद युवक को पकड़कर सख्ती से पूछताछ की तो उसने पूरा राज उगल दिया। DNA जांच होगी मंगलवार को दौसा पहुंच कर खाली प्लाट में खुदाई करवाई। 4 फीट खोदने पर सफेद रंग का कट्टा नजर आया। इसी में नाबालिग का शव था। शव पूरी तरह कंकाल में बदल जाने के कारण डीएनए जांच भी कराई जाएगी।
जन्म प्रमाण-पत्र समय सीमा में जारी नहीं करना खालवा विकासखंड के तीन पंचायत सचिवों को भारी पड़ गया। लोक सेवा गारंटी अधिनियम-2010 के तहत निर्धारित अवधि में सेवा उपलब्ध नहीं कराने पर कलेक्टर ने मंगलवार को तीनों पंचायत सचिवों पर अर्थदंड लगाया है। यह कार्रवाई उन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ की गई है जिन्होंने आवेदकों को समय पर जन्म प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं कराया। खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम-2010 के तहत नागरिकों को चिन्हित सेवाएं तय समय-सीमा में उपलब्ध कराना अनिवार्य है। यदि संबंधित अधिकारी या कर्मचारी निर्धारित अवधि में सेवा देने में विफल रहता है तो उसके विरुद्ध आर्थिक दंड की कार्रवाई का प्रावधान है। नियमों के अनुसार देरी होने पर 250 रुपए प्रतिदिन की दर से जुर्माना लगाया जाता है। इन सचिवों पर लगा जुर्माना समय पर सेवा देने के निर्देशकलेक्टर ऋषव गुप्ता ने कहा कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम का उद्देश्य आम नागरिकों को सरकारी सेवाएं तय समय में उपलब्ध कराना है। सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अधिनियम के तहत मिलने वाली सेवाओं का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करें। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
मानसा के बचत भवन में नगर परिषद मानसा के अध्यक्ष पद के लिए निर्धारित चुनाव को स्थगित कर दिया गया। मानसा के डिप्टी कमिश्नर ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि चुनाव कराने के लिए नियुक्त कन्वीनर की तबीयत खराब होने के कारण यह फैसला लिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगली चुनाव तिथि अभी तय नहीं की गई है। नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए 2 निर्दलीय उम्मीदवार अर्पित चौधरी और भूषण कुमार मट्टी मैदान में थे। बताया जा रहा है कि निर्दलीय पार्षद भूषण कुमार मट्टी को मानसा के विधायक डॉ. विजय सिंगला के गुट का समर्थन प्राप्त था। मानसा में आरटीआई एक्टिविस्ट मानिक गोयल और भाजपा नेता मनीष कुमार ने बताया कि नगर परिषद अध्यक्ष पद को लेकर पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा चल रही थी। इस मुद्दे पर कई बार विरोध-प्रदर्शन भी हुए। अर्पित चौधरी के समर्थकों और शहर के लोगों ने पक्षपात और अन्याय का आरोप लगाया था। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मानसा के विधायक डॉ. विजय सिंगला के पास कोरम पूरा नहीं होने के कारण चुनाव को जानबूझकर स्थगित करवाया गया है। उन्होंने कहा कि पहले भी इस मामले में हाईकोर्ट का रुख किया गया था और अदालत के निर्देशों के बाद ही आज चुनाव निर्धारित किया गया था, लेकिन इसे जानबूझकर टाला गया। दूसरी ओर, मानसा के विधायक डॉ. विजय सिंगला ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी ओर से ऐसा कुछ भी नहीं किया गया है और विपक्ष उन्हें जानबूझकर बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।
उज्जैन में महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय का षष्ठ दीक्षांत समारोह मंगलवार को कालिदास अकादमी के संकुल सभागार में आयोजित हुआ। समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति एवं मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने की। कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू हुआ। इधर, समारोह में शामिल होने पहुंचे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज से राम मंदिर ट्रस्ट में दान चोरी के मामले को लेकर दैनिक भास्कर ने सवाल किए। हालांकि उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। उन्होंने मुंह पर उंगली रखकर चुप रहने का इशारा किया और बिना कुछ बोले अपनी कार में बैठकर रवाना हो गए। मानद उपाधि से सम्मानित हुए दीक्षांत समारोह में स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज को 'महा महोपाध्याय' की मानद उपाधि दी गई। वे मंगलवार सुबह चार्टर्ड विमान से उज्जैन पहुंचे थे। वहीं, श्रीलाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. रमेश पांडेय को 'विद्या वाचस्पति' की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। 21 विद्यार्थियों को उपाधि, 42 को पदक समारोह में कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने 21 विद्यार्थियों को उपाधियां और 42 विद्यार्थियों को पदक प्रदान किए। उपाधियों और पदकों के लिए पात्र 1303 विद्यार्थियों में से 179 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया था। 63 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान विश्वविद्यालय के 63 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर और विद्यावारिधि (पीएचडी) की उपाधियां प्रदान की गईं। साथ ही विभिन्न संकायों के मेधावी विद्यार्थियों को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों से सम्मानित किया गया।
उज्जैन में महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय का षष्ठ दीक्षांत समारोह मंगलवार को कालिदास अकादमी के संकुल सभागार में आयोजित हुआ। समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति एवं मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने की। कार्यक्रम सुबह 11 बजे शुरू हुआ। इधर, समारोह में शामिल होने पहुंचे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज से राम मंदिर ट्रस्ट में दान चोरी के मामले को लेकर दैनिक भास्कर ने सवाल किए। हालांकि उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। उन्होंने मुंह पर उंगली रखकर चुप रहने का इशारा किया और बिना कुछ बोले अपनी कार में बैठकर रवाना हो गए। मानद उपाधि से सम्मानित हुए दीक्षांत समारोह में स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज को 'महा महोपाध्याय' की मानद उपाधि दी गई। वे मंगलवार सुबह चार्टर्ड विमान से उज्जैन पहुंचे थे। वहीं, श्रीलाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. रमेश पांडेय को 'विद्या वाचस्पति' की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया। 21 विद्यार्थियों को उपाधि, 42 को पदक समारोह में कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने 21 विद्यार्थियों को उपाधियां और 42 विद्यार्थियों को पदक प्रदान किए। उपाधियों और पदकों के लिए पात्र 1303 विद्यार्थियों में से 179 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया था। 63 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान विश्वविद्यालय के 63 विद्यार्थियों को स्नातक, स्नातकोत्तर और विद्यावारिधि (पीएचडी) की उपाधियां प्रदान की गईं। साथ ही विभिन्न संकायों के मेधावी विद्यार्थियों को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों से सम्मानित किया गया।
अशोकनगर पुलिस ने रास्ते के विवाद में हुई हत्या के मुख्य आरोपी शैतान सिंह गुर्जर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत गिरफ्तार कर केंद्रीय जेल ग्वालियर भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी फरारी के दौरान लगातार फरियादी और पीड़ित पक्ष को धमकाकर क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल बना रहा था। रास्ते के विवाद में हुई थी हत्या पुलिस के अनुसार, 27 जून को बहादुरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पुरा मथाना में खेत पर जाने के रास्ते को लेकर विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि बृजेश गुर्जर की हत्या कर दी गई। घटना के बाद बहादुरपुर थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया। आठ घंटे में चार आरोपी हुए थे गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देश पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के महज आठ घंटे के भीतर चार आरोपियों रामक्रेश गुर्जर, जितेंद्र गुर्जर, राजकुमार गुर्जर और लक्ष्मण उर्फ गोटीराम गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस के मुताबिक, हत्या का मुख्य आरोपी शैतान सिंह गुर्जर घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था। फरारी के दौरान वह फरियादी और पीड़ित पक्ष को धमकाने के साथ क्षेत्र में भय का माहौल बना रहा था। जिला दंडाधिकारी ने NSA के आदेश जारी किए आरोपी की गतिविधियों को गंभीर मानते हुए पुलिस अधीक्षक ने उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई का प्रस्ताव जिला दंडाधिकारी को भेजा। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला दंडाधिकारी साकेत मालवीय ने शैतान सिंह गुर्जर को NSA के तहत निरुद्ध करने के आदेश जारी कर दिए। विशेष टीम ने किया गिरफ्तार आदेश मिलने के बाद बहादुरपुर थाना पुलिस और विशेष तकनीकी टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार किया। सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे केंद्रीय जेल ग्वालियर भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था भंग करने, गंभीर अपराध करने और आमजन में भय का वातावरण बनाने वाले अपराधियों के खिलाफ आगे भी कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा और जिले में शांति बनाए रखना अशोकनगर पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सतना जिले की नागौद विधानसभा क्षेत्र के पिथौराबाद ग्राम पंचायत में शराब दुकान के विरोध में जनपद सदस्य रमेश कुशवाहा उर्फ लालाजी मंगलवार से भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उन्होंने पोड़ी तिराहा स्थित हनुमान मंदिर के सामने धरना शुरू किया और दुकान को तत्काल हटाने की मांग की। रमेश कुशवाहा ने बताया कि लगभग 15 दिन पहले कलेक्टर, जिला आबकारी अधिकारी और पुलिस चौकी को ज्ञापन सौंपा गया था। इसमें शराब दुकान हटाने की मांग की गई थी और चेतावनी दी गई थी कि निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई न होने पर भूख हड़ताल की जाएगी। उनका आरोप है कि प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया। जनपद सदस्य के अनुसार, पोड़ी के नाम से स्वीकृत शराब दुकान का संचालन पिथौराबाद में हो रहा है। दुकान के ठीक सामने एक विद्युत सब-स्टेशन है और कुछ ही दूरी पर शासकीय माध्यमिक विद्यालय भी स्थित है। मुख्य मार्ग पर दुकान होने के कारण दिनभर शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे स्थानीय निवासियों, राहगीरों और छात्रों को असुविधा होती है। बोले- शैक्षणिक माहौल बिगड़ रहारमेश कुशवाहा ने आरोप लगाया है कि शराब दुकान के कारण क्षेत्र का सामाजिक और शैक्षणिक माहौल बिगड़ रहा है। विद्यालय परिसर में शराब की खाली बोतलें फेंकी जाती हैं, और शराबियों की अनुचित गतिविधियों से छात्र-छात्राओं तथा अभिभावकों में रोष है। उन्होंने प्रशासन से जनहित में दुकान को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की। भूख हड़ताल शुरू होने के बाद अब क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि इस मामले का जल्द समाधान नहीं होता है, तो आंदोलन के और तेज होने की संभावना है।
पन्ना जिले के गुन्नौर थाना क्षेत्र के ग्राम भटनवारा में सरकारी पट्टे की जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। आरोप है कि जमीन पर कब्जे का विरोध करने पर एक किसान के साथ मारपीट की गई और उसे गंभीर धमकी दी गई। रास्ते में घेरकर हमलापीड़ित रामस्वरूप पटेल ने बताया कि उनके पिता के नाम पर स्वीकृत पट्टे की भूमि पर गांव के भोला पटेल द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉली से मिट्टी डालकर कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि 23 जून की सुबह रामस्वरूप जब शिकायत करने जा रहे थे, तभी रास्ते में उन्हें घेर लिया गया और मारपीट की गई, जिससे उन्हें चोटें आईं। जान से मारने की धमकी का आरोपशिकायत में यह भी कहा गया है कि मारपीट के दौरान आरोपी ने जान से मारने और जमीन में गाड़ देने की धमकी दी। पीड़ित का आरोप है कि इस घटना के बाद भी आरोपी पर कार्रवाई नहीं की गई और वह खुलेआम घूम रहा है, जिससे परिवार दहशत में है। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोपरामस्वरूप पटेल का कहना है कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद गुन्नौर थाने में शिकायत दी थी, लेकिन एक सप्ताह बीतने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने मंगलवार को पन्ना पुलिस अधीक्षक से मिलकर सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की है।
फर्रुखाबाद में बादल छाए, ठंडी हवा से मिली राहत:भीषण गर्मी के बाद मौसम बदला, बारिश की संभावना
फर्रुखाबाद में मंगलवार सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवा चल रही है। इससे पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को काफी राहत मिली है। बीते दिनों फर्रुखाबाद में तेज धूप और गर्मी के कारण तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा था। उमस भरी गर्मी से लोग परेशान थे। रात के समय भी तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहता था, जिससे लोगों को नींद पूरी करने में भी दिक्कत हो रही थी। एसी और कूलर से बाहर निकलते ही लोग पसीने से तरबतर हो जाते थे। मंगलवार सुबह से हुए इस मौसम परिवर्तन से लोगों को काफी सुकून मिला है। हालांकि, बादल छाए होने और ठंडी हवा चलने के बावजूद अभी तक बारिश नहीं हुई है। बादलों के छाने से धूप की तपिश कम हुई है, और हवा चलने से भी राहत महसूस की जा रही है। मौसम विभाग ने इस सप्ताह जिले में बारिश होने की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, बारिश के साथ गरज, चमक, तेज हवाएं और वज्रपात भी हो सकता है। जिला प्रशासन ने मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का गंभीरता से पालन करने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की है। बताया गया है कि हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। जनपद के कई स्थानों पर 2 जुलाई तक बारिश की संभावना है।
शाहजहांपुर में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET)-2026 का आयोजन 2, 3 और 4 जुलाई को किया जाएगा। इसके लिए जिले में नौ परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए हैं कि परीक्षा केंद्रों के गेट परीक्षा शुरू होने से 45 मिनट पहले बंद कर दिए जाएंगे। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में एक बैठक आयोजित की गई। इस दौरान उन्होंने सभी अधिकारियों को परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए समयबद्ध और नियमानुसार व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि UPTET-2026 की लिखित परीक्षा 2 और 3 जुलाई को दो पालियों में, जबकि 4 जुलाई को प्रथम सत्र में आयोजित होगी। प्रथम पाली सुबह 09:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक और द्वितीय पाली दोपहर 02:30 बजे से शाम 05:00 बजे तक चलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षार्थियों को समय से पहले केंद्र पर पहुंचना होगा, क्योंकि प्रवेश द्वार 45 मिनट पहले बंद कर दिया जाएगा। बैठक में सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए गए कि वे 1 जुलाई को सभी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करें। इस दौरान विद्युत, पेयजल, पंखे और बैठने की व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुविधाओं की जांच की जाएगी। साथ ही, ड्यूटी पर तैनात प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी के लिए परिचय पत्र अनिवार्य रूप से रखने के निर्देश भी दिए गए। संभावित बारिश को देखते हुए जिलाधिकारी ने वैकल्पिक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ संपन्न कराने के निर्देश दिए गए। जनपद में जिन नौ केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जाएगी, उनमें जीएफ कॉलेज (ब्लॉक-ए एवं ब्लॉक-बी), जनता इंटर कॉलेज, आर्य महिला पीजी कॉलेज, आर्य महिला इंटर कॉलेज, एबी रिच इंटर कॉलेज, देवी प्रसाद इंटर कॉलेज, इस्लामिया इंटर कॉलेज और श्री हर कुमार पाठक कन्या इंटर कॉलेज, दलेलगंज पक्का पुल शामिल हैं।
चूरू जिले के तारानगर-साहवा सड़क मार्ग पर सोमवार देर शाम एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पलट गई। कार सड़क किनारे लगे बिजली के चार पोल से टकराई, जिससे वे टूट गए और क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सफेद रंग की यह कार तेज गति में थी और अचानक बेकाबू होकर सड़क किनारे एक दुकान के सामने पलट गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। दुकान के सामने पलटी बेकाबू कारटक्कर के कारण कंक्रीट के 4 बिजली के पोल टूट गए और हाईटेंशन बिजली के तार जमीन पर आ गिरे। इस हादसे से पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और इलाका अंधेरे में डूब गया। सड़क पर कार के मलबे और टूटे तारों का ढेर लग गया। धमाके की आवाज सुनकर दौड़े लोगहादसे के समय हुए जोरदार धमाके को सुनकर आसपास के दुकानदार, राहगीर और ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए राहत और बचाव कार्य शुरू किया और कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और बिजली विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस के अनुसार यह कार पंजाब नंबर की है और इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
नाथनगर ब्लॉक के सभी रोजगार सेवक अपने हितों की रक्षा के लिए प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित धरना प्रदर्शन में शामिल होंगे। इसके लिए रोजगार सेवकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को सामूहिक अवकाश के लिए प्रार्थना पत्र सौंपा है। मंगलवार को ब्लॉक परिसर में रोजगार सेवक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद यादव पिंकू की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मनरेगा के बदलते स्वरूप और रोजगार सेवकों के हितों की सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा हुई। ब्लॉक अध्यक्ष यादव ने बताया कि 1 जुलाई से मनरेगा का स्वरूप बदलकर 'वीबी ग्रामजी' के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना को धरातल पर उतारने में रोजगार सेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन नए कलेवर में उनके हितों की अनदेखी की जा रही है। श्री यादव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश नेतृत्व इस मामले में पूरी तरह सतर्क और तत्पर है। प्रदेश नेतृत्व ने अपनी मांगों के समर्थन में विधान भवन के सामने प्रदर्शन करने की रणनीति तैयार की है। उन्होंने ब्लॉक क्षेत्र के सभी रोजगार सेवकों से लखनऊ पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की। बाद में, ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद यादव के नेतृत्व में रोजगार सेवकों का एक प्रतिनिधिमंडल बीडीओ कुलदीप कुमार से मिला। उन्होंने बीडीओ को 1 जुलाई से 2 जुलाई तक सामूहिक अवकाश दिए जाने का प्रार्थना पत्र सौंपा। बीडीओ कुलदीप कुमार ने उनके पत्र को स्वीकार करते हुए इसे उनका मौलिक अधिकार बताया और प्रार्थना पत्र पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया। इस दौरान संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष संतोष यादव, रामराज, रामपाल, जितेंद्र यादव, जयहिंद, अशोक कुमार सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।
अगस्त से राशन वितरण ठप करने की चेतावनी दी:सुल्तानपुर में कम कमीशन के विरोध में सड़क पर उतरे कोटेदार
उत्तर प्रदेश के उचित दर विक्रेता (कोटेदार) अपनी आर्थिक तंगहाली और कम लाभांश को लेकर सरकार के खिलाफ एकजुट हो गए हैं। ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा है, जिसमें मांगों को जल्द पूरा करने की गुहार लगाई गई है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो अगस्त 2026 से प्रदेश के 80 हजार कोटेदार खाद्यान्न वितरण का पूर्ण बहिष्कार करेंगे। एसोसिएशन का कहना है कि उत्तर प्रदेश में राशन वितरण करने वाले कोटेदारों को प्रति क्विंटल केवल ₹90 का लाभांश मिलता है। यह राशि जीवन निर्वाह और परिवार के भरण-पोषण के लिए बेहद कम है। एसोसिएशन ने अन्य राज्यों में मिलने वाले लाभांश का हवाला दिया है, जैसे हरियाणा और दिल्ली में ₹200 प्रति क्विंटल, गोवा में ₹230 प्रति क्विंटल, जबकि गुजरात में ₹20,000 प्रति माह की न्यूनतम आय गारंटी है। कोटेदारों ने बढ़ती महंगाई के कारण राशन विक्रेताओं में भारी आक्रोश व्यक्त किया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के सभी 80 हजार कोटेदार अगस्त के खाद्यान्न वितरण का पूरी तरह बहिष्कार करेंगे। इस दौरान कोटेदार वितरण संबंधी सभी सरकारी कार्यों से खुद को अलग रखेंगे। हड़ताल के कारण आम जनता को होने वाली किसी भी असुविधा की पूरी जिम्मेदारी राशन विभाग और शासन की होगी, इसमें कोटेदार या एसोसिएशन जिम्मेदार नहीं होंगे। इस मांग पत्र को सौंपने और आंदोलन की रणनीति तैयार करने में सुल्तानपुर के स्थानीय पदाधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मुहिम में जिलाध्यक्ष प्रेम प्रकाश यादव, जिला महासचिव रबीन्द्र प्रताप सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष (कुड़वार) अन्सार अहमद सहित धनपतगंज, कुड़वार, दूबेपुर, जयसिंहपुर और पालिया जैसे विभिन्न ब्लॉकों के दर्जनों राशन विक्रेता शामिल रहे। कोटेदारों ने शासन से इस संबंध में जल्द से जल्द उचित और सकारात्मक निर्णय लेने का अनुरोध किया है।
बुलंदशहर जिले की सिकंदराबाद विधानसभा सीट से भाजपा विधायक लक्ष्मी राज सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में विधायक सिंह भ्रष्टाचार के एक मामले को लेकर सिकंदराबाद एसडीएम के पेशकार (अहलमद) को सरेआम फटकार लगाते हुए दिख रहे हैं। जानकारी के अनुसार, विधायक लक्ष्मी राज सिंह को क्षेत्र की जनता से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों में तहसील और एसडीएम कार्यालय में काम कराने के बदले भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का आरोप लगाया गया था। इन्हीं शिकायतों के मद्देनजर विधायक ने एसडीएम कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, पेशकार के रवैये और भ्रष्टाचार की पुष्टि करने वाली शिकायतों से विधायक सिंह आक्रोशित हो गए। वायरल वीडियो में विधायक लक्ष्मी राज सिंह ने पेशकार को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, जनता का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि भ्रष्टाचार की शिकायत दोबारा मिली, तो परिणाम भुगतने होंगे। इस पूरी घटना को वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय जनता विधायक के इस कदम की सराहना कर रही है। लोगों का मानना है कि सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए जनप्रतिनिधियों का ऐसा कड़ा रुख आवश्यक है। फिलहाल इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, विधायक की इस कार्रवाई से तहसील परिसर के अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के जैतूखेड़ा में मंगलवार सुबह करीब 8 बजे दो गाड़ियों ने भीषण टक्कर हो गई। हादसे में एक डिलीवरी वाहन चालक की मौत हो गई। तेज रफ्तार डंपर ने डिलीवरी गाड़ी को टक्कर मार दी, जिससे चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने डंपर को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है। मृतक की पहचान बंथरा थाना क्षेत्र के भवापुर निवासी विकास सिंह (30) के रूप में हुई है। वह पेशे से डिलीवरी वाहन चालक था। विकास अपने पीछे पत्नी काजल, दो छोटे बेटे कान्हा और डुग्गू को छोड़ गया है। मृतक के छोटे भाई सुरेश ने बताया कि विकास मंगलवार सुबह रोज की तरह काम पर निकला था। सुबह करीब 8 बजे मोहनलालगंज के जैतूखेड़ा इलाके में उसकी डिलीवरी गाड़ी को तेज रफ्तार डंपर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि विकास गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही मोहनलालगंज पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को इलाज के लिए अस्पताल भेजा, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। हादसे के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने डंपर को कब्जे में लेकर फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि चालक की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जा सके।
कानपुर देहात में साइबर ठगों ने पुलिस को निशाना बनाया है। अमराहट थाने के सीयूजी नंबर को हैक कर थाना प्रभारी के नाम और फोटो का इस्तेमाल करते हुए व्हाट्सएप ग्रुपों में फर्जी आरटीओ चालान डाउनलोड करने के लिंक भेजे जा रहे हैं। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। यह घटना कानपुर देहात में साइबर अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस को दर्शाती है, जहां अब वे आम लोगों के साथ-साथ पुलिस को भी निशाना बना रहे हैं। अमराहट थाने के थाना प्रभारी का सीयूजी नंबर हैक कर ठगों ने लोगों को ठगने का प्रयास किया। जानकारी के अनुसार, हैकरों ने थाना प्रभारी महेश कुमार के फोटो और उनके आधिकारिक सीयूजी नंबर का उपयोग करते हुए कई व्हाट्सएप ग्रुपों में आरटीओ चालान डाउनलोड करने के नाम पर एक संदिग्ध लिंक प्रसारित किया। पुलिस को इसकी सूचना मिलते ही तत्काल लोगों को सतर्क किया गया। थाना प्रभारी महेश कुमार ने पुष्टि की कि उनका सीयूजी नंबर हैक हो गया है और उसी नंबर से फर्जी लिंक भेजे जा रहे हैं। उन्होंने जनता से आग्रह किया है कि वे किसी भी स्थिति में उस लिंक पर क्लिक न करें और न ही उसे डाउनलोड करें। पुलिस ने बताया कि ऐसे फर्जी लिंक पर क्लिक करने से मोबाइल फोन की निजी जानकारी, बैंकिंग विवरण, ओटीपी और अन्य संवेदनशील डेटा साइबर अपराधियों तक पहुंच सकता है। इसके परिणामस्वरूप ठग बैंक खातों से पैसे निकाल सकते हैं या मोबाइल का दुरुपयोग कर सकते हैं। इस मामले की सूचना साइबर थाने को दे दी गई है। हैक हुए नंबर को सुरक्षित करने की कार्रवाई की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस साइबर हमले के पीछे कौन लोग शामिल हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक पर भरोसा न करें। यदि किसी परिचित या अधिकारी के नंबर से भी कोई संदिग्ध लिंक प्राप्त हो, तो पहले उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें।
देवघर जिले के सोनारायठाड़ी थाना क्षेत्र स्थित नवाडीह गांव में मां-बेटे की हत्या कर दी गई है। इस दोहरे हत्याकांड की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में सक्रियता बढ़ गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी प्रवीण पुष्कर के नेतृत्व में चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की। स्थानीय लोगों ने नवाडीह गांव में मां और बेटे के शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने की सूचना है। मृतकों में जुबेदा खातून और उनका बेटा शामिल है। घटना की सूचना पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई। पुलिस द्वारा घटनास्थल से विभिन्न साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। फोरेंसिक टीम भी घटना के कारणों और आरोपियों की पहचान के लिए जांच कर रही है। संदिग्ध गतिविधियों से संबंधित जानकारी जुटा रही पुलिस हत्या के कारणों का अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस पारिवारिक विवाद, आपसी रंजिश और संपत्ति विवाद जैसे संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और सभी बिंदुओं पर गहन जांच जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही घटना के कारणों का खुलासा कर दोषियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। नवाडीह गांव में हुई इस घटना के बाद पुलिस की टीम लगातार जांच में जुटी हुई है। पुलिस मामले के शीघ्र खुलासे का दावा कर रही है। कुल्हाड़ी और हथौड़े से हत्या करने की आशंका एसपी प्रवीण पुष्कर ने कहा बीती रात हमें सूचना प्राप्त हुई। लगभग साढ़े तीन चार बजे कि यहां सोनारिया ठाणी के इस गांव में रुबेना खातून तथा उनके बेटे की हत्या कर दी गई है। तुरंत यहां पर पुलिस की टीम पहुंची और यहां पर देखा कि उन दोनों की डेड बॉडी पड़ी है और काफी सारा खून बहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि कुल्हाड़ी और हथौड़े से उनकी हत्या की गई है। आगे पुलिस इस पर छानबीन कर रही है।
कानपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे को लेकर भाजपा ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। संगठन ने पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी में कोर कमेटी की बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा की जा चुकी है। इसकी जानकारी कानपुर-बुंदेलखण्ड के क्षेत्रिय मीडिया प्रभारी ने दी है। क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी अनूप अवस्थी ने बताया कि प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं को उनकी जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। जैसे ही दौरे की तारीख तय होगी, स्वागत और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री का जुलाई में कानपुर आने का प्रस्तावित कार्यक्रम है। इसे देखते हुए संगठन ने पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं। संभावना है कि प्रधानमंत्री इस दौरान शहर की कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण कर सकते हैं। अनूप अवस्थी ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर कार्यकर्ताओं के पहुंचने, बैठने और अन्य व्यवस्थाओं का खाका भी तैयार कर लिया गया है। संगठन का लक्ष्य कार्यक्रम को व्यवस्थित और सफल बनाना है। 3 हजार से ज्यादा कार्यकर्ताओं को स्थल पर जिम्मेदारी सौंपी जायेगी।
भादरा पुलिस ने हरियाणा में पकड़ा बदमाश:बाइक चोरी मामले में दबोचा, चोरी की गाड़ी भी बरामद
हनुमानगढ़ जिले की भादरा थाना पुलिस ने बाइक चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए हरियाणा निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चोरी की गई बाइक भी बरामद कर ली है। आरोपी की पहचान सिरसा (हरियाणा) के चाहरवाला निवासी कुलदीप के रूप में हुई है। पुलिस उससे अन्य चोरी की वारदातों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है। यह मामला 27 जून को भादरा निवासी चिरंजीलाल उर्फ दारासिंह द्वारा थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के बाद सामने आया। परिवादी ने बताया था कि 20 जून की सुबह करीब 3:40 बजे उसके घर के बाहर खड़ी बाइक कोई अज्ञात व्यक्ति चोरी कर ले गया था। इस संबंध में भादरा थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। आरोपी की निशानदेही पर चोरी की बाइक भी बरामदपुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों की सूचना के आधार पर संदिग्धों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने हरियाणा निवासी कुलदीप को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर चोरी की गई बाइक भी बरामद कर ली गई। पुलिस के अनुसार आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किसी संगठित वाहन चोर गिरोह से जुड़ा है या नहीं। इसके अलावा जिले और आसपास के क्षेत्रों में हुई अन्य मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं में उसकी संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है।इस कार्रवाई में एएसआई सुमेर सिंह, कॉन्स्टेबल राजकुमार और कॉन्स्टेबल सतीश की विशेष भूमिका रही।
अयोध्या में उमस भरी गर्मी और लगातार बदल रहे मौसम का असर लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर शत-शैय्या संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज तक मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जहां पहले रोज करीब 200 मरीज ओपीडी में पहुंचते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 300 हो गई है। डॉक्टरों के मुताबिक इन दिनों उल्टी-दस्त, वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, लूज मोशन, गैस, ब्लड प्रेशर और शुगर के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। सबसे ज्यादा असर बच्चों पर दिख रहा है। अस्पतालों में जरूरत पड़ने पर मरीजों को भर्ती भी किया जा रहा है। करीब 3 दिनों में 1200 मरीज को भर्ती किया गया। मंगलवार दोपहर बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष कुमार सिंह ने बताया- बच्चों में उल्टी, दस्त, बुखार और लूज मोशन के मामले तेजी से बढ़े हैं। अस्पताल आने वाले सभी बच्चों का इलाज किया जा रहा है। जिन बच्चों की हालत गंभीर होती है, उन्हें भर्ती भी किया जा रहा है। वायरल संक्रमण के मरीज भी बढ़े जनरल फिजिशियन डॉ. अरविंद कुमार मौर्य ने बताया कि मौसम में लगातार हो रहे बदलाव की वजह से वायरल संक्रमण के मामले बढ़े हैं। अस्पताल में उल्टी-दस्त, सर्दी-जुकाम और बुखार के साथ ब्लड प्रेशर और शुगर के मरीज भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों की टीम सभी मरीजों का इलाज कर रही है। सीएचसी की ओपीडी में रोज 300 मरीज पहुंच रहे जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में भी मरीजों की संख्या बढ़ी है। पहले यहां रोज करीब 200 मरीज इलाज के लिए आते थे। अब यह संख्या बढ़कर करीब 300 हो गई है। शत-शैय्या संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज में भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पहले यहां रोज करीब 300 मरीज ओपीडी में आते थे, लेकिन पिछले तीन दिनों से उमस भरी गर्मी के चलते यह संख्या 400 से अधिक हो गई है। अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक, बीते तीन दिनों में करीब 1200 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। डॉक्टरों ने दी सावधानी बरतने की सलाह अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. रवि पांडे ने बताया कि अस्पताल में सभी जरूरी दवाएं उपलब्ध हैं। गंभीर मरीजों को तुरंत भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से पर्याप्त पानी पीने, ताजा और साफ भोजन करने तथा उल्टी, दस्त या तेज बुखार जैसे लक्षण दिखने पर बिना देरी अस्पताल पहुंचने की अपील की।
समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक व पूर्व मंत्री अंसार अहमद (पहलवान) पर गैंगस्टर लगाने की तैयारी है। अंसार अहमद के फाफामऊ स्थित कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस पाइप लाइन में रिसाव के बाद धमाका हुआ था। कोल्ड स्टोरेज ढह जाने से 4 मजदूरों की मौत हो गई थी जबकि 12 जख्मी हुए थे। मामले में अंसार अहमद को जेल भेजा गया था। बाद में उन्हें जानमत मिल गई। अब संगठित अपराध करने वालों के खिलाफ प्रयागराज कमिश्नरेट पुलिस ने अभियान की शुरुआत की है। इसी के तहत फाफामऊ थाने में दर्ज गंभीर धाराओं के मुकदमें अंसार अहमद, मंजूर, अलाउद्दीन, मो. अनवार, मो. जाबिर अली उर्फ जावेद, मो. उस्मान, मो. इरफान, मो. असलम उर्फ बाबा के विरुद्ध गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही की तैयारी है। अंसार अहमद और अन्य के खिलाफ अवैध रूप अर्जित की गई संपत्ति कुर्की और सम्पत्ति जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। गैस रिसाव से फिस्फोट के बाद ढहा था स्टोरेज अंसार अहमद का प्रयागराज के फाफामऊ क्षेत्र के चंदापुर में 'आदर्श कोल्ड स्टोरेज' है। इस कोल्ड स्टोरेज 23 मार्च 2026 को अमोनिया गैस चैंबर की पाइप लाइन में विस्फोट के बाद एक हिस्सा ढह गया था। हादसे में चार मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई थी और 14 अन्य घायल हो गए थे। घटना के बाद पुलिस ने पूर्व विधायक अंसार अहमद, उनके बेटे और भतीजे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। घटना के बाद जिला प्रशासन ने कोल्ड स्टोरेज का लाइसेंस निरस्त कर दिया था। जून 2026 में प्रयागराज की MP/MLA कोर्ट ने मुख्य आरोपी पूर्व विधायक अंसार अहमद और अन्य को जमानत दे दी गई थी।
हरदा जिले में दुष्कर्म के आरोप में पति, सास, देवर और मामा ससुर सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। यह मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। सिटी कोतवाली थाना पुलिस के अनुसार, एक महिला ने अपने मायके जाकर नर्मदापुरम जिले के इटारसी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता ने अपनी शिकायत में देवर और मामा ससुर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। यह रिपोर्ट बाद में हरदा के सिटी कोतवाली थाने को प्राप्त हुई, जिसके आधार पर मामला दर्ज किया गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि 12 जून की रात करीब 12 बजे उसकी सास और पति ने उससे मायके से पैसे लाने की मांग की। जब उसने पैसे लाने से इनकार कर दिया, तो सास ने उसके कमरे का दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खोलने पर सास ने उसे पिता से एप के जरिए 10 हजार रुपए मंगवाने को कहा। पीड़िता के मना करने पर, पति और सास की मौजूदगी में देवर और मामा ससुर ने दुष्कर्म किया। पीड़िता के चिल्लाने पर पति और सास ने उसके हाथ पकड़ लिए और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। इसके बाद उसे मायके जाने या मोबाइल पर बात करने की अनुमति नहीं दी गई। अगले दिन, जब पति नहाने गया, तो पीड़िता ने चुपके से अपने पिता को फोन कर बुलाया। मायके पहुंचकर इटारसी थाने में मामला दर्ज कराया। टीआई रोशनलाल भारती ने बताया कि पीड़िता की रिपोर्ट के आधार पर चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। सोमवार को चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
केंद्रीय श्रम, रोजगार एवं पर्यावरण मंत्री और अलवर सांसद भूपेंद्र यादव का जन्मदिन मंगलवार को अलवर सहित देश के विभिन्न हिस्सों में सेवा ही संगठन के संकल्प के साथ मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री को जन्मदिन की बधाई दी। वहीं, भूपेंद्र यादव ने कोलकाता के प्रसिद्ध काली माता मंदिर में पूजा-अर्चना की। इधर, उनके संसदीय क्षेत्र अलवर मे शहर से लेकर गांवों तक कार्यकर्ताओं और व्यापारिक संगठनों ने पौधरोपण, गो-सेवा, रक्तदान और कन्या पूजन जैसे आयोजन किए। कंपनी बाग में 'मगां-पौधरोपण': संयुक्त व्यापार महासंघ और अलवर टाइगर मैराथन की सहयोगी संस्थाओं ने मिलकर कंपनी बाग में एक साथ 1057 पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। सरस डेयरी चेयरमैन की तरफ से 21 कन्याओं का पूरे विधि-विधान से पूजन किया गया और उन्हें आदरपूर्वक भोजन कराया गया। सार्वजनिक गोशाला में गायों के लिए गो-सवामणि का आयोजन किया गया, जहां हजारों गायों को चारा खिलाया गया। मूंगस्का स्थित गुरुनानक वाटिका में युवा मोर्चा अलवर दक्षिण के कार्यकर्ताओं ने मिलकर पौधे लगाए।भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ और मीडिया प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में मन्नू मार्ग स्थित केके हॉस्पिटल में एक फ्री मेडिकल कैंप लगाया गया, जिसमें सैकड़ों मरीजों की जांच हुई। पूर्व जिला उपाध्यक्ष हरिओम कटारा के नेतृत्व में जीवनधारा ब्लड बैंक में और पूर्व विधायक बनवारी लाल सिंघल की ओर से रोटरी ब्लड बैंक में ब्लड डोनेशन कैंप लगाया गया। प्रतिभाओं का सम्मान और फल वितरण: ओसवाल जैन स्कूल में क्षेत्र की प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया। वहीं, व्यापार महासंघ के रमेश जुनेजा की ओर से जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को फल बांटे गए। सभी 6 विधानसभा क्षेत्रों में सेवा ही संकल्प अलवर दक्षिण के सभी 6 विधानसभा क्षेत्रों में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के जन्मदिन को सेवा दिवस के रूप में मनाया गया। इस दौरान ग्रामीण और शहरी इलाकों के प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई। कार्यकर्ताओं ने स्वच्छता अभियान चलाकर श्रमदान किया और जगह-जगह सामूहिक रूप से पौधरोपण कर उनके दीर्घायु होने की कामना की।
सोनीपत शहर में लगातार बिगड़ती सफाई व्यवस्था, सीवर ओवरफ्लो और घरों में दूषित पेयजल की सप्लाई को लेकर मंगलवार को नगर निगम कार्यालय में अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। खास बात यह रही कि भाजपा और कांग्रेस के पार्षद प्रतिनिधियों ने अलग-अलग तरीके से नगर निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला। भाजपा पार्षद प्रतिनिधि वार्ड-5 के मुकेश सैनी गंदे पानी की कावड़ कंधे पर उठाकर और कमर से रस्सी बांधकर कूड़ा घसीटते हुए नगर निगम कमिश्नर कार्यालय पहुंचे, जबकि कांग्रेस के पार्षद प्रतिनिधियों के साथ स्थानीय महिलाएं दूषित पानी से भरे मटके लेकर निगम कार्यालय पहुंचीं। प्रदर्शनकारियों ने कमिश्नर के सामने कावड़ और मटके रखकर कहा कि यही पानी लोगों के घरों में सप्लाई हो रहा है, यदि यह पीने योग्य है तो अधिकारी स्वयं इसे पीकर दिखाएं। इस दौरान निगम अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और शहर की समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग उठाई गई। भाजपा पार्षद प्रतिनिधि कंधे पर कावड़ और कमर से कूड़ा बांधकर पहुंचे वार्ड-5 के भाजपा पार्षद पति मुकेश सैनी ने अपने अनोखे विरोध प्रदर्शन से सभी का ध्यान आकर्षित किया। वह कंधे पर गंदे पानी से भरी कावड़ लेकर पहुंचे, जबकि कमर से रस्सी के सहारे कूड़ा बांधकर उसे घसीटते हुए नगर निगम कार्यालय के अंदर पहुंचे। उनका कहना था कि शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं, सीवर ओवरफ्लो हो रहे हैं और सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है, लेकिन नगर निगम प्रशासन समस्या के समाधान के बजाय चुप्पी साधे बैठा है। कांग्रेस पार्षद प्रतिनिधियों के साथ महिलाएं मटकों में भरकर लाई दूषित पानी दूसरी ओर कांग्रेस से जुड़े वार्ड-16, 19, 21 और 22 के पार्षद प्रतिनिधियों ने भी नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनके साथ बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं भी पहुंचीं, जिन्होंने घरों में आने वाले गंदे पानी को मटकों में भरकर निगम कार्यालय पहुंचाया। महिलाओं ने अधिकारियों के सामने मटके रखकर कहा कि यही पानी रोजाना उनके घरों में सप्लाई होता है और इसी को पीने के लिए मजबूर होना पड़ता है। कमिश्नर से कहा-पहले आप पीकर दिखाइए यह पानी प्रदर्शन के दौरान भाजपा और कांग्रेस दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों ने नगर निगम कमिश्नर के सामने गंदे पानी से भरी कावड़ और मटके रख दिए। उन्होंने कहा कि यदि निगम प्रशासन इसे साफ पानी मानता है तो अधिकारी पहले खुद इसे पीकर दिखाएं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जनता को दूषित पानी पिलाकर उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। लोग बोले-सीवर का पानी मिलकर आ रहा, बच्चे और बुजुर्ग हो रहे बीमार स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पिछले लंबे समय से पेयजल आपूर्ति में सीवर का पानी मिलकर घरों तक पहुंच रहा है। पानी से तेज बदबू आती है और उसका रंग भी बदला हुआ रहता है। लोगों का कहना है कि दूषित पानी के कारण त्वचा संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं, वहीं बच्चे और बुजुर्ग भी लगातार बीमार पड़ रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।निगम अधिकारियों के खिलाफ जमकर हुई नारेबाजी प्रदर्शन के दौरान नगर निगम कार्यालय परिसर में निगम अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद अधिकारी केवल आश्वासन देते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं होती। मुकेश सैनी बोले-नंबर-1 कहलाने वाला सोनीपत बदहाल हो गया पार्षद प्रतिनिधि मुकेश सैनी ने कहा कि कभी हरियाणा में नंबर-1 कहलाने वाला सोनीपत आज बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा चुकी है, सीवर ओवरफ्लो की समस्या आम हो गई है और दूषित पेयजल से लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम को केवल कागजों में नहीं बल्कि जमीन पर काम करना चाहिए ताकि लोगों को राहत मिल सके। निगम प्रशासन ने दिया समाधान का आश्वासन प्रदर्शन के बाद नगर निगम प्रशासन ने प्रतिनिधियों से बातचीत की और शहर में सफाई व्यवस्था सुधारने, सीवर ओवरफ्लो की समस्या दूर करने तथा दूषित पेयजल की शिकायतों का समाधान कराने का आश्वासन दिया। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।
फतेहपुर में बार एसोसिएशन ने डीएम से की मुलाकात:राजस्व मुकदमों के शीघ्र निस्तारण सहित 5 मांगों पर जोर
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में जिला बार एसोसिएशन ने मंगलवार को जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें राजस्व न्यायालयों में लंबित मुकदमों के समयबद्ध और नियमानुसार निस्तारण सहित पांच सूत्रीय मांगें रखी गईं। एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि अधीनस्थ राजस्व न्यायालयों में अधिवक्ताओं और वादकारियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे न्याय मिलने में अनावश्यक देरी हो रही है। ज्ञापन में कहा गया कि हदबंदी, रिकॉर्ड दुरुस्ती और नक्शा दुरुस्ती जैसे राजस्व मामलों में वादपत्र की दो प्रतियां ली जानी चाहिए। एक प्रति पर संबंधित विभाग से आख्या मंगाकर दूसरी मूल प्रति न्यायालय में सुरक्षित रखी जाए। यदि निर्धारित तिथि तक आख्या न मिले, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाए। बार एसोसिएशन ने चकबंदी से जुड़े मामलों में भी यही व्यवस्था लागू कर उनके शीघ्र निस्तारण की मांग की। इसके अतिरिक्त, शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण संबंधी मामलों में थाना और तहसील से 15 दिनों के भीतर आख्या मंगाकर विभागीय स्तर पर नवीनीकरण प्रक्रिया पूरी करने की मांग की गई। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि तहसील स्तर पर छोटे मामलों को तकनीकी आधार पर या कागजों के अभाव का हवाला देकर खारिज न किया जाए, बल्कि उनका नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। बार एसोसिएशन ने तहसील में कार्यरत कर्मचारियों को नियमित रूप से अपने कार्यालयों में बैठने के निर्देश देने की भी मांग की। आरोप लगाया गया कि कई लेखपाल और राजस्व निरीक्षक तहसील से बाहर अलग कार्यालय बनाकर कार्य कर रहे हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बाबू सिंह यादव और महामंत्री अनुराग नारायण मिश्रा ने जिलाधिकारी से आग्रह किया कि राजस्व संहिता के अनुरूप प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए। इससे न्यायिक प्रक्रिया पारदर्शी, सुचारु और समयबद्ध बनेगी, जिससे वादकारियों को शीघ्र न्याय मिल सकेगा।
जालौन के ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही और भाजपा के जालौन ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सोमवार को ब्लॉक प्रमुख ने पत्रकार वार्ता कर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट पर अभद्रता, धक्का-मुक्की और थप्पड़ मारने का प्रयास करने के आरोप लगाए थे। वहीं अब मंगलवार को उपजिलाधिकारी कार्यालय से जारी एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है। वायरल पत्र के अनुसार, 23 जून 2026 को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, नलकूप विभाग और उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ तहसील क्षेत्र में संचालित कोल्ड स्टोरेजों का संयुक्त निरीक्षण किया था। यह निरीक्षण जिलाधिकारी के 6 जून 2026 के आदेश के अनुपालन में किया गया था। पत्र में बेतवा आइस एंड कोल्ड स्टोरेज, ग्राम भिटारा के निरीक्षण का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि निरीक्षण के दौरान फायर सेफ्टी व्यवस्था की जांच की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि हाईड्रेंट लाइन निर्धारित समय तक पानी की आपूर्ति नहीं कर सकी, जिससे प्रथम दृष्टया फायर पंप के संचालन में कमी प्रतीत हुई। निरीक्षण टीम ने कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन से संचालन संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा, लेकिन पत्र के अनुसार आवश्यक अभिलेख तत्काल प्रस्तुत नहीं किए गए। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि निरीक्षण के दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई, जिसके चलते निरीक्षण स्थगित कर भविष्य में वीडियोग्राफी के साथ दोबारा निरीक्षण करने का निर्णय लिया गया तथा व्यवस्थाओं में सुधार के लिए 15 दिन का समय दिया गया। इसी पत्र में मिथला कोल्ड स्टोरेज के निरीक्षण का भी विवरण दर्ज है। रिपोर्ट के अनुसार वहां भंडारण मानकों के उल्लंघन, फायर सेफ्टी उपकरणों की कमी, ड्राई बल्ब थर्मामीटर का अभाव, बी-सेट उपलब्ध न होने, अमोनिया प्लांट से संबंधित परीक्षण अभिलेख प्रस्तुत न किए जाने तथा निर्माण संबंधी स्वीकृत नक्शा और संरचनात्मक प्रमाण-पत्र उपलब्ध न कराए जाने जैसी कई कमियां दर्ज की गई हैं। निरीक्षण टीम ने इन बिंदुओं को अपनी आख्या में शामिल किया है। दूसरी ओर, ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन का आरोप है कि निरीक्षण के दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, थप्पड़ मारने का प्रयास किया गया तथा धक्का-मुक्की हुई। उन्होंने दावा किया है कि पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है और इसकी फुटेज उन्होंने जिलाधिकारी को सौंप दी है। उनके अनुसार यह मामला केवल निरीक्षण का नहीं, बल्कि एक जनप्रतिनिधि के सम्मान से जुड़ा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने ब्लॉक प्रमुख की शिकायत पर अपर जिलाधिकारी राजीव राज और अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी को जांच सौंपी है। प्रशासन का कहना है कि दोनों अधिकारियों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब यह विवाद प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर ब्लॉक प्रमुख अपने साथ अभद्रता और मारपीट के आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी ओर निरीक्षण से जुड़ी आधिकारिक रिपोर्ट में कोल्ड स्टोरेज में विभिन्न खामियों का उल्लेख किया गया है। ऐसे में पूरे मामले की सच्चाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
लखनऊ में एक युवक को उसकी पत्नी ने खांसी की दवा देने के बहाने पानी में जहर मिलाकर पिला दिया। युवक की तबीयत खराब होने पर वह सीतापुर अपने पैतृक घर चला गया। इसके बाद वहां हालत बिगड़ी तो स्थानीय सरकारी अस्पताल गया। वहां से लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। लखनऊ में उसका पांच दिनों से नेफ्रो डिपार्टमेंट में इलाज चल रहा है। उसने अस्पताल में कहा कि पत्नी उसको अस्पताल में देखने तक नहीं आई। उस दिन पानी में मिला जहर पीने के बाद जब मेरी तबीयत बिगड़ रही थी तो उसने कमरे से निकलकर बाहर से दरवाजा कर दिया था। पीड़ित पति दिलेराम (29) सीतापुर के रामपुर मथुरा का रहने वाला है। उसने 8 साल पहले रामनगर बाराबंकी निवासी सुषमा से लव मैरिज की थी। शादी के बाद दोनों लखनऊ शिफ्ट हो गए। यहां दोनों चिनहट में किराये के घर में रह रहे थे। अब पढ़िए युवक का दर्द- काम के दौरान दूसरे युवक से प्रेम करने लगी 8 साल शादी के बाद से दिलेराम और सुषमा के कोई संतान नहीं है। दिलेराम लखनऊ में रहकर प्लंबरिंग का काम करता है। उसकी पत्नी हाउस कीपिंग करती है। दिलेराम ने बताया- पत्नी सुषमा ने खुशी नाम की महिला के घर में काम शुरू किया। वहीं पर उसकी मुलाकात बाराबंकी के हैदरगढ़ के पंकज नाम के युवक से हुई। वह ई-रिक्शा चलाता है। दोनों के बीच पिछले 1 साल से पंकज से अफेयर चल रहा है। मैंने कई बार टोका तो पत्नी विवाद हर बार मुझसे करती थी। उसकी शह पाकर पंकज ने मुझसे एक बार मारपीट भी की। मुझे मना करती, प्रेमी के साथ घूमती है दिलेराम ने कहा- वह दिनभर पंकज के साथ घूमती और उसके कमरे पर रुकती भी है। कई बार मना किया लेकिन नहीं मानी। पिछले रक्षाबंधन पर मैंने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया तो पत्नी सुषमा ने अंतिम गलती कहकर माफी मांग ली। इसके बावजूद दोनों के बीच संबंध जारी रहा। काम से आने के बाद अगर मैं कहीं घूमने चलने को कहूं तो मना कर देती थी। जबकि, पंकज के साथ घूमने जाती थी। पुलिस कार्रवाई न होने पर हौसले बढ़ गए दिलेराम ने अवैध संबंध का पता चलने पर इसी साल 28 जनवरी को चिनहट थाने में शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे पंकज को और हौसला मिल गया। वह खुलेआम पत्नी को लेकर घूमने लगा। अगर लौटने के लिए कहो तो मना कर देती। इसके बाद दोनों ने मिलकर मेरी हत्या की साजिश रची। काम से लौटने पर पानी में दिया जहर दिलेराम का कहना है 18 जून को वह घर लौटा तो पत्नी से खाने के बारे में पूछा। उसने खाना नहीं बनाया तो दोनों के बीच विवाद हुआ। इस दौरान मैंने सुषमा को थप्पड़ मार दिया। कुछ देर बाद सुषमा पानी लेकर आई। अचानक बदला हुआ बदलाव देखकर वजह पूछी तो बोली आपको खांसी आ रही थी, इसलिए दवा पी लीजिए। मुझे संदेह हुआ कि खांसी के लिए सिरप होता है लेकिन भरोसा करके मैंने वह पानी पी लिया। पानी पीते ही उसमें कड़वापन लगा। दरवाजा बंद करके बाहर चली गई मैंने पानी के कड़वेपन के बारे में पूछा तो सुषमा दरवाजा बाहर से बंद करके दूसरे कमरे में सो गई। अंदर मुझको उल्टी और दस्त शुरू हो गए। इस पर मैंने अपने सीतापुर में परिजों को जानकारी दी। वहां से भाई ने तुरंत लखनऊ से सीतापुर आने के लिए कहा तो बाहर से दरवाजा बंद होने की वजह से नहीं निकल सका। सुबह किसी तरह दरवाजा खुलवाकर मैं सीतापुर भाग निकला। सीतापुर में हालत बिगड़ने पर परिजन सीएचसी रामपुर मथुरा लेकर गए। वहां हल्का उपचार होने के बाद बाराबंकी अस्पताल रेफर कर दिया। वहां पर सुधार नहीं हुआ तो लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल भेज दिया। यहां इमरजेंसी में इलाज के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया। पत्नी अस्पताल देखने तक नहीं आई दिलेराम का कहना है कि अगर पत्नी ने निर्दोष है, तो अस्पताल देखने तक क्यों नहीं आई? अपने प्रेमी के साथ चिनहट में ही रह रही है। दिलेराम का कहना है कि उसने ऑनलाइन शिकायत की है। gसके बाद एक पुलिसकर्मी उसके पास बयान लेने अस्पताल आया था लेकिन फिर उसके बाद जानकारी नहीं है। वहीं, मामले में चिनहट इंस्पेक्टर दिनेश मिश्रा का कहना है कि अभी तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पटना में गिग वर्कर्स के लिए बनाए गए दोनों एसी लाउंज का संचालन और रखरखाव अब एजेंसी करेगी। इसके लिए एजेंसी का चयन किया जाएगा। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने टेंडर जारी कर दिया है। टेंडर के अनुसार चयनित एजेंसी दोनों लाउंज का संचालन, नियमित साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव करेगी। एजेंसी को बिजली और पानी की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के साथ-साथ एयर कंडीशनर सहित अन्य सुविधाओं का भी नियमित रखरखाव करना होगा। पटना में डिलीवरी बॉयज, कूरियर बॉयज को गर्मी से राहत देने के लिए पटना नगर निगम की ओर से गिग वर्कर्स के लिए शहर में 2 एसी लाउंज तैयार है। इस एसी लाउंज में अनावश्यक रूप से लोग आकर अतिक्रमित ना करें, इसके लिए एक चार्ज निर्धारित किया गया है। यहां बैठने के लिए प्रति घंटे 4 रुपये का चार्ज लगेगा। एक साथ करीब 15 लोगों के बैठने की व्यवस्था गांधी मैदान गेट नंबर- 4 और इनकम टैक्स गोलंबर के पास इसका निर्माण हुआ है। चेन्नई के तर्ज़ पर इस प्री फैब्रिकेटेड एसी लाउंज को बनाया गया, जहां आम लोग भी आराम कर सकेंगे। इन लाउंज में एक साथ करीब 15 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। दोनों लाउंज में 30 लोग बैठ सकेंगे। मोबाइल चार्जिंग के साथ ठंडे पीने के पानी की व्यवस्था गिग वर्कर्स को यहां पूरी तरह मुफ्त में आराम करने का मौका मिलेगा। इसके अलावा, लाउंज के अंदर मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और ठंडे पीने के पानी की व्यवस्था भी की जा रही है। इसके अलावा कम कीमत पर रिफ्रेशमेंट उपलब्ध कराने के लिए जीविका दीदियों को भी जोड़ा जाएगा। यहां आने वाले लोग उनके स्टॉल से छाछ, आम पन्ना जैसे पारंपरिक ग्रीष्मकालीन पेय किफायती दर पर खरीद सकेंगे। अगर ये प्रोजेक्ट सफल हो जाता है, तो आने वाले दिनों में शहर में और भी जगहों पर एसी लाउंज बनाए जाएंगे।
करनाल पुलिस के हत्थे चढ़े 5 गैंगस्टर:8 पिस्टल 30 कारतूस बरामद, पूर्व एमसी की हत्या करने की थी साजीश
करनाल में कुटेल बाइपास के नजदीक पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच खतरनाक बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद हुए हैं। पूछताछ में सामने आया कि ये लोग दो बड़ी वारदातों को अंजाम देने की फिराक में थे। पुलिस आज आरोपियों को कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लेगी, ताकि इन आरोपियों से गहनता से पूछताछ की जा सके। सीआईए-1 के इंचार्ज संदीप कुमार ने बताया कि 29 जून को उनकी टीम गश्त पर थी। इसी दौरान सूचना मिली कि कुछ लोग भारी हथियारों के साथ कुटेल बाइपास की ओर आने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत घेराबंदी की और पांच आरोपियों को मौके से काबू कर लिया। एक आरोपी परमीत मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। 8 अवैध पिस्टल, 30 कारतूस और गाड़ी बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 8 अवैध पिस्टल और 30 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा एक सिलोरियों गाड़ी भी जब्त की गई है। पुलिस का कहना है कि इतने हथियार किसी बड़ी वारदात की ओर इशारा करते हैं। पुलिस ने एक सप्लायर भी पकड़ा गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पवन निवासी कलानौर, जतिन निवासी कलानौर, राहुल निवासी खरखौदा, नवदीप निवासी शहर मेहालपुर और कपिल निवासी मेहलापुर के रूप में हुई है। वहीं आकाश को खरखौदा से अलग से गिरफ्तार किया गया है, जो हथियार सप्लाई करने का काम करता था। फरार आरोपी परमीत की तलाश में छापेमारी जारी है। पूर्व एमसी रहा पवन, पुरानी रंजिश में हत्या की योजना प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी पवन कलानौर से पूर्व में एमसी रह चुका है। वह 2013 में एमसी बना था और बाद में प्रधान भी रहा। 2017 में उसकी विरोधी पार्टी के अवतार ने उसे गंभीर चोट पहुंचाई थी। उसी रंजिश के चलते वह बदला लेना चाहता था। पुलिस के अनुसार ये लोग कलानौर में अवतार कालिया और चंदू फिरोजपुरिया पंजाब की हत्या करने की योजना बना रहे थे। गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़े तार पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी पंजाब में भी एक बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले थे। हालांकि पुलिस की समय पर कार्रवाई से दोनों योजनाएं विफल हो गईं। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़े हुए हैं। इनका संपर्क मनीष और अमर नाम के अपराधियों के जरिए हुआ था। मनीष डबल मर्डर केस में दोषी है, जबकि अमर 20 साल की सजा काट रहा था और पेरोल पर आने के बाद फरार हो गया। यही दोनों आरोपियों की बात गैंग से करवाते थे। आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाल रही है। साथ ही फरार परमीत की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। रिमांड के दौरान आरोपियों से और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है। आज सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा और रिमांड पर लिया जाएगा।
पत्नी, बेटे-बेटी की हत्या कर किसान ने किया सुसाइड:पाली से 04 साल पहले गया था जोधपुर के फतेहगढ़
पत्नी, बेटा-बेटी की हत्या कर किसान के सुसाइड करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतक परिवार करीब चार साल पहले पाली जिले के बीठू (रोहट) से जोधपुर जिले के देचू थाना क्षेत्र के फतेहगढ़ गया था। जहां एक खेत में कृषि का काम करता था। एक साथ चार मौतें होने का समाचार की खबर क्षेत्र में फैल गई। पुलिस ने बॉडी स्थानीय हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवा कर जांच शुरू की है। जोधपुर जिले के फलोदी जिला मुख्यालय से करीब 42 KM दूर फतेहगढ़ गांव में मंगलवार सुबह पाली जिले के बीठू (रोहट) निवासी गेनाराम (35), उसकी पत्नी पुष्पा (32), बेटी खुशबू (13) बेटा किशन (10) के शव मिले। देचू थाना अधिकारी विक्रम सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पति ने पहले अपनी पत्नी और दोनों बच्चों को गला दबाकर हत्या की। इसके बाद खुद फंदे पर लटक गया। चार साल पहले गया थागेनाराम खेत में मजदूरी करता था। उसका परिवार भी साथ रहता था। आज मंगलवार सुबह करीब 8 बजे खेत में शव पड़े होने की सूचना मिली थी तो पुलिस फतेहगढ़ गांव के खेत में पहुंची। जहां 4 शव मिले हैं। महिला और दो बच्चों के शव जमीन पर पड़े थे। एक फंदे पर लटका था। पत्नी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थीबीते कुछ दिनों से गेनाराम की पत्नी का मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसी को लेकर परिवार उसे एक भोपा (तांत्रिक) के पास लेकर गया था। परिवार वालों को आशंका थी कि पुष्पा पर भूत-प्रेत का साया था। माना जा रहा है कि इसी के चलते वह परेशान था। मृतक परिवार चार साल से रह रहा थो देचू मेंमामले मे रोहट SHO पदमपाल सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि मृतक परिवार बीठू गांव का रहने वाला है। जो पिछले करीब चार साल से मजदूरी करने के लिए जोधपुर जिले में गया हुआ था।
देवरिया जिले के बैतालपुर क्षेत्र में मंगलवार सुबह आकाशीय बिजली गिरने से चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए। इनमें पिता-पुत्र भी शामिल हैं। यह घटना तब हुई जब सभी धान की रोपाई के दौरान बारिश से बचने के लिए एक मुर्गी फार्म के शेड के नीचे खड़े थे। नगर पंचायत बैतालपुर के वार्ड संख्या-9 आनंद नगर के ग्रामीण मंगलवार सुबह खेतों में धान की रोपाई कर रहे थे। अचानक तेज बारिश शुरू होने पर वे पास के एक मुर्गी फार्म के शेड में शरण लेने पहुंचे। सुबह करीब 8:30 बजे मुर्गी फार्म पर अचानक आकाशीय बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आकर वहां मौजूद चार लोग झुलस गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के ग्रामीण दौड़ पड़े। घायलों की पहचान ऋषिकेश यादव (20), रामप्रवेश यादव (55), रामआश्रय प्रसाद (56) और रानी (17) के रूप में हुई है। ऋषिकेश यादव और रामप्रवेश यादव पिता-पुत्र हैं। ग्रामीणों ने तत्काल सभी घायलों को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज, देवरिया पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद ऋषिकेश यादव की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर कर दिया गया। अन्य घायलों का इलाज देवरिया मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों को बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों या अस्थायी शेड के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है।
लखीमपुर खीरी जिले में अवैध खनन के खिलाफ खनन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मैगलगंज और ईसानगर क्षेत्रों में देर रात की गई छापेमारी में कुल 6 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और एक स्क्रैपर मशीन जब्त की गई। इस दौरान एक रीपर चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है। जिला खनन अधिकारी आशीष सिंह के नेतृत्व में शनिवार देर रात मैगलगंज क्षेत्र के अलियापुर में छापा मारा गया। इस दौरान बिना वैध दस्तावेजों के खनिज परिवहन कर रही तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पकड़ी गईं। कार्रवाई के समय एक रीपर चालक टीम को देखकर वाहन सहित मौके से फरार हो गया। जब्त किए गए वाहनों को मैगलगंज पुलिस को सौंप दिया गया है। इसके बाद, रविवार देर रात करीब दो बजे ईसानगर क्षेत्र में भी खनन विभाग ने कार्रवाई की। यहां अवैध मिट्टी खनन में लगी तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और एक स्क्रैपर मशीन जब्त की गई। इन वाहनों को ईसानगर थाने के सुपुर्द कर दिया गया। जिला खनन अधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि जनपद में अवैध खनन और अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जबलपुर में मानसून की देरी और जून में सामान्य से बेहद कम बारिश का असर अब जलाशयों पर साफ दिखाई देने लगा है। शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले बरगी बांध का जलस्तर लगातार घट रहा है। परियट और खंदारी जलाशयों में भी पानी कम होने लगा है। बरगी बांध प्रबंधन के अनुसार बांध का जलस्तर प्रतिदिन करीब 5 सेंटीमीटर घट रहा है। कम पानी के कारण बिजली उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। दो में से एक बिजली उत्पादन यूनिट बंद कर दी गई है, जबकि दूसरी यूनिट का संचालन भी सीमित कर दिया गया है। 15 साल में सबसे खराब स्थिति बरगी बांध प्रबंधन के अनुसार 15 जून को बांध का जलस्तर 407.85 मीटर था, जो घटकर अब 407.45 मीटर रह गया है। यानी करीब 40 सेंटीमीटर पानी कम हो चुका है। वर्तमान में बांध में केवल 12.59 प्रतिशत पानी शेष है। पिछले वर्ष इसी अवधि में जल भंडारण करीब 22 प्रतिशत था। जून में सिर्फ डेढ़ इंच बारिश सामान्य तौर पर 30 जून तक जबलपुर में करीब 8 इंच बारिश दर्ज होती है, लेकिन इस वर्ष अब तक केवल करीब 1.5 इंच बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की उत्तरी सीमा अभी मंडला के आसपास है और इसके आगे बढ़ने की संभावना है। बिजली उत्पादन पर असर कम जलस्तर का असर बिजली उत्पादन पर भी पड़ा है। बरगी बांध की दो उत्पादन इकाइयों में से एक को 27 जून से बंद कर दिया गया है। दूसरी यूनिट, जो पहले 8 से 10 घंटे चलती थी, अब केवल 3 घंटे प्रतिदिन संचालित की जा रही है। गेट खोलने पर भी नहीं निकलेगा पानी एक्सपर्ट का कहना है कि बांध का जलस्तर इतना नीचे पहुंच गया है कि यदि सभी 21 गेट खोल भी दिए जाएं तो उनसे पानी बाहर नहीं निकलेगा। बांध का एक हिस्सा सूख चुका है और इसे देखने के लिए लोग भी पहुंच रहे हैं। 15 साल का रिकॉर्ड टूटा मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष मानसून की दस्तक में भी देरी हुई है। इससे पहले 2009 में 29 जून और 2019 में 28 जून को मानसून सक्रिय हुआ था। वहीं 2013 और 2021 में मानसून 11 जून को ही पहुंच गया था। पानी की सप्लाई और सिंचाई पर बढ़ सकता है संकट बरगी बांध से नर्मदा का पानी जबलपुर समेत कई शहरों में पेयजल आपूर्ति के लिए भेजा जाता है। इसी बांध से निकलने वाली नहरों से जबलपुर और नरसिंहपुर में सिंचाई होती है और भविष्य में कटनी व सतना तक पानी पहुंचाने की योजना है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो आने वाले समय में पेयजल और सिंचाई दोनों पर संकट गहरा सकता है। लोग देखने पहुंच रहे सूखता बांध जबलपुर निवासी आकाश कोष्ठा ने बताया कि बरगी बांध के सूखने की चर्चा सुनकर वे मौके पर पहुंचे। उनका कहना है कि बांध का जलस्तर काफी नीचे चला गया है। नर्मदा के कई घाटों पर चट्टानें दिखाई देने लगी हैं और नदी का पानी भी पहले की तुलना में कम व गंदला नजर आ रहा है। अल नीनो का असर भी माना जा रहा कारण मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अल नीनो प्रभाव के कारण इस वर्ष कम बारिश की संभावना बनी हुई है। यदि जुलाई में अच्छी बारिश नहीं हुई तो मध्य प्रदेश के कई जलाशयों में जल संकट गहरा सकता है और इसका असर बिजली उत्पादन, सिंचाई तथा पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
कैथल जिले के पूंडरी में गर्मी के कारण एक करीब 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। महिला घर पर अकेली थी। वह रात को सो गई। गर्मी ज्यादा थी और घर पर कोई पंखा कूलर इत्यादि कुछ नहीं था। ऐसे में वह गर्मी की चपेट में आ गई और उसकी मौत हो गई। मृतक महिला की पहचान पूंडरी के शिव मोहल्ला निवासी कंचन देवी के रूप में हुई है। सुबह जैसे ही आसपास के लोग उसके घर पर खाना देने के लिए गए, तो वह मृत अवस्था में पाई गई। इस पर पड़ोसियों ने तुरंत पूंडरी चौकी पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। बेटी छोड़कर चली गई पूंडरी चौकी इंचार्ज ऋषि कुमार ने बताया कि मृतका के परिवार में केवल उसकी एक बेटी है, वह भी उसको छोड़कर कहीं चली गई। इसके बाद से महिला अपने घर में अकेली ही रह रही थी। पड़ोस के लोग ही उसे खाना पानी इत्यादि देकर उसकी सेवा कर रहे थे। वह कमाने लायक भी नहीं थी, ऐसे में पड़ोसियों द्वारा दिया गया खाना रात को खाकर सो गई, लेकिन सुबह तक गर्मी के कारण उसकी मौत हो गई। इत्तेफाकिया मौत की कार्रवाई उन्होंने बताया कि पुलिस ने मृतका के शव का पोस्टमार्टम करवा कर शव को अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। अगर महिला के परिजन शव को लेने आए, तो उन्हें सौंप दिया जाएगा, नहीं तो इसका संस्कार सामाजिक संस्थाओं द्वारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मामले में इत्तेफाकिया मौत की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
रोहतक जिले में महम की राजनीति में बड़ी हलचल देखने को मिली है। पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने पूर्व विधायक बलराज कुंडू के शिक्षण संस्थान का दौरा किया, जिससे बलराज कुंडू के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के संकेत मिल रहे हैं। जानकारी के अनुसार, पूर्व विधायक बलराज कुंडू ने सोनीपत जिले के मोहाना स्थित बिट्स शिक्षण संस्थान खरीदा है। शनिवार को इस संस्थान का मुहूर्त कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। इसके बाद बलराज कुंडू ने महम स्थित अपने कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। इस बैठक में उन्होंने पार्टी में शामिल होने के संबंध में कार्यकर्ताओं से राय मशविरा किया। मनीष ग्रोवर ने कही थी शमशेर को भाजपा में शामिल कराने की बात बता दें कि, कुछ दिन पहले, वकीलों के एक कार्यक्रम में मनीष ग्रोवर ने शमशेर खरकड़ा को जल्द ही भाजपा में शामिल करने की बात कही थी। इन दोनों घटनाक्रमों ने महम की राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिनके जवाब आने वाले दिनों में भाजपा के बड़े नेताओं को देने होंगे। जिस तरह का घटनाक्रम चल रहा है, उससे यह जरूर शंका पैदा हो गई है कि पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, शमशेर खरकड़ा के रथ के सारथी बनेंगे या पूर्व विधायक बलराज कुंडू के रथ के। क्या भारतीय जनता पार्टी महम के इन दोनों नेताओं को पार्टी में शामिल कर रही है या किसी एक को। मनीष ग्रोवर का कुंडू के शैक्षणिक संस्थान में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचना कोई आम घटना नहीं है। यह बलराज कुंडू के भाजपा में शामिल होने का संकेत हो सकता है। बलराज कुंडू जब विधायक थे तब मनीष ग्रोवर और बलराज कुंडू के बीच 36 का आंकड़ा था और पता नहीं एक दूसरे को कितना भला बुरा कहा था। लेकिन फिलहाल दोनों नेताओं की मनीष ग्रोवर के साथ नजदीकियां बढ़ रही हैं।
कोंडागांव में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर सुकुरपाल के पास मंगलवार (30 जून) सुबह एक यात्री बस और ट्रैक्टर के बीच भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में ट्रैक्टर के दो टुकड़े हो गए और वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि ट्रैक्टर चालक और बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद घटनास्थल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों में सहयोग किया। हादसे के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा, जिसे बाद में वाहनों को हटाकर सामान्य किया गया। दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू सूचना मिलने पर पुलिस भी घटनास्थल पहुंची और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। पुलिस इस मामले में सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। गनीमत रही कि इतनी भीषण टक्कर के बावजूद कोई जनहानि नहीं हुई। ट्रैक्टर के बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने से हादसे की गंभीरता का पता चलता है।
उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक अज्ञात वाहन की टक्कर से साइकिल सवार मजदूर की मौत हो गई। मृतक जय प्रकाश पुत्र स्व. अमर लाल, निवासी किशुन खेड़ा, थाना पुरवा मझगवां गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। बताया गया कि जय प्रकाश मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। मंगलवार को वह साइकिल से बिहार थाना क्षेत्र के मझगवां गांव में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने के लिए निकला था। इसी दौरान मौकमगंज-मझगवां मार्ग पर एक अज्ञात वाहन ने उसकी साइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद जय प्रकाश गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गया। राहगीरों ने तत्काल घटना की जानकारी परिजनों और पुलिस को दी। हालांकि, जब तक उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की जाती, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना स्थल पर पहुंचे परिवार के सदस्य शव देखकर बिलख पड़े। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे मृतक के परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। परिजनों ने बताया कि जय प्रकाश ही परिवार का एकमात्र सहारा था और मजदूरी कर घर का खर्च चलाता था। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक के परिवार में उसकी पत्नी के अलावा दो बेटे और दो बेटियां हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जय प्रकाश की मौत के बाद परिवार के सामने अब आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि जय प्रकाश शांत स्वभाव का व्यक्ति था और मेहनत से अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहा था। थानाध्यक्ष राहुल सिंह ने अज्ञात वाहन चालक की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है।
दतिया में NH-44 पर युवक रातभर घायल पड़ा रहा:सुबह राहगीरों ने देखा, आधार कार्ड से पहचान हुई
दतिया में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर हड़ा पहाड़ के पास एक युवक पूरी रात घायल अवस्था में पड़ा मिला। मंगलवार सुबह करीब 8 बजे राहगीरों ने उसे देखा और तत्काल डायल-112 को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। घायल युवक की पहचान उसकी जेब में मिले आधार कार्ड से हुई है। उसका नाम राधे मोगिया (25) पिता मिठ्ठू मोगिया है, जो ग्राम सहदौरा का निवासी है और वर्तमान में प्रकाश नगर, बजानी रोड दतिया में रहता है। पुलिस की प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि युवक देर रात किसी अज्ञात वाहन की टक्कर का शिकार हुआ। हादसे के बाद वह सड़क किनारे बेसुध पड़ा रहा और पूरी रात किसी की नजर उस पर नहीं पड़ी। पुलिस के अनुसार, राधे मोगिया सोमवार को अपने गांव सहदौरा खेती के काम से गया था। वहां से बाइक से दतिया लौटते समय कोतवाली थाना क्षेत्र के हड़ा पहाड़ के पास यह हादसा हुआ। पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना दे दी है, लेकिन दोपहर 12 बजे तक कोई परिजन जिला अस्पताल नहीं पहुंचा था। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुट गई है। हादसे के सही कारणों का पता लगाने के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य खंगाले जा रहे हैं।
अनूपपुर जिले के रामनगर थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। डोला नगर परिषद क्षेत्र में तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर एक घर में जा घुसी। घटना में कार सवार तीन लोग, जिनमें एक 8 साल का बच्चा भी शामिल था, सुरक्षित बच गए। रामनगर थाना प्रभारी सुमित कौशिक ने बताया कि कार क्रमांक CG16CU8927 कोतमा से मनेन्द्रगढ़ की ओर जा रही थी। तेज गति के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। कार सड़क किनारे नाले को पार करते हुए वार्ड क्रमांक 3 निवासी कुंदन गुप्ता के घर में जा घुसी। घर में घुसते ही इलाके में अफरा-तफरी मची प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन की रफ्तार काफी तेज थी, जिससे हादसा और भी भयावह हो सकता था। कार के घर में घुसते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। राहत की बात यह रही कि घर खाली था, जिससे किसी को चोट नहीं आई। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए कार में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही संबंधित अमला मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और वाहन के अनियंत्रित होने को दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है।
कोटा यूनिवर्सिटी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। उज्बेकिस्तान की मशहूर सिल्क रोड इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ टूरिज्म एंड कल्चरल हेरिटेज ने पूरे भारत में से सिर्फ कोटा यूनिवर्सिटी को अपना पार्टनर (साझेदार) चुना है जहां से पांच स्टूडेंटस उज्बेकिस्तान में यूनिवर्सिटी में जाकर पढ़ाई कर सकेंगे। सबसे अच्छी बात यह है कि इन स्टूडेंटस को वहां की यूनिवर्सिटी से स्कॉलरशिप भी मिलेगी। कुलगुरू प्रो.बीपी सारस्वत ने बताया कि 5 स्टूडेंटस को पूरी तरह से मुफ्त (फुल स्कॉलरशिप) पढ़ाई करने का मौका मिलेगा। चयनित छात्रों को हर महीने 500 अमेरिकी डॉलर करीब 41 हजार की स्कॉलरशिप और हॉस्टल के खर्च के लिए 100 अमेरिकी डॉलर यानी करीब 8 हजार रूपए मिलेंगे। भारत से उज्बेकिस्तान आने-जाने के लिए मुफ्त हवाई टिकट भी मिलेगा और उज्बेकिस्तान के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को देखने के लिए साल में 2 फ्री स्टडी टूर भी मिलेंगे। कौन से सब्जेक्टर में कर सकते हैं डिग्रीविभागाध्यक्ष प्रो. अनुकृति ने बताया कि स्टूडेंटस के लिए यह अवसर टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट, पुरातत्व, म्यूजियम विज्ञान, ऐतिहासिक इमारतों का रखरखाव और संरक्षण विभाग के लिए है। इसमें स्टूडेंटस मास्टर्स डिग्री ले सकेंगे। इसके लिए स्टूडेंटस 1 अगस्त से आवेदन कर सकते है। जिनमें से स्टूडेंटस का चयन किया जाएगा और लिस्ट यूनिवर्सिटी को भेजी जाएगी। सितंबर 2026 से वहां नया सत्र शुरू होगा। उन्होंने बताया कि उज्बेकिस्तान सरकार की इस योजना का मकसद दुनिया भर के छात्रों को अपने देश में बुलाकर शिक्षा और संस्कृति का आदान-प्रदान करना है। कोटा विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए यह वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने का एक शानदार मौका है।
प्रयागराज में सपा के पूर्व विधायक अंसार अहमद समेत सात लाेगों पर जल्द ही गैंगस्टर लगेगा। फाफामऊ के चर्चित आदर्श कोल्ड स्टोरेज हादसे के इन आरोपियों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। गैंगस्टर लगने के साथ ही आरोपियों की अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति की पहचान कर उसे कुर्क और जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। कमिश्नरेट पुलिस ने यह कार्रवाई संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने और अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों पर प्रहार करने की रणनीति के तहत शुरू की है। पुलिस का कहना है कि मामले में गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के बाद आरोपियों की संपत्तियों की जांच कर नियमानुसार जब्ती की जाएगी। इन सात आरोपियों पर होगी कार्रवाईगैंगस्टर एक्ट के तहत जिन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है, उनमें आदर्श कोल्ड स्टोरेज के मालिक पूर्व विधायक अंसार अहमद, मंजूर, अलाउद्दीन, मो. जाबिर अली उर्फ जावेद, मो. उस्मान, मो. इरफान और मो. असलम उर्फ बाबा शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ पहले से थाना फाफामऊ में बीएनएस और सीएलए एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है।23 मार्च को हुआ था दर्दनाक हादसा23 मार्च को फाफामऊ थाना क्षेत्र के चंदापुर स्थित आदर्श कोल्ड स्टोरेज की इमारत अचानक भरभराकर गिर गई थी। हादसे के समय वहां कई मजदूर और कर्मचारी मौजूद थे। मलबे में दबने से चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 12 लोग घायल हुए थे। राहत और बचाव अभियान कई घंटों तक चला था और प्रशासन को भारी मशक्कत करनी पड़ी थी।लापरवाही और क्षमता से अधिक भंडारण पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया कि कोल्ड स्टोरेज का संचालन निर्धारित मानकों के विपरीत किया जा रहा था। आरोप है कि अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से क्षमता से अधिक आलू का भंडारण किया गया और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई। पुलिस का कहना है कि इसी वजह से हादसा हुआ, जिसमें चार लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हुए।संपत्तियों की जांच होगी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के बाद पुलिस और प्रशासन आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा जुटाएंगे। यदि जांच में यह पाया जाता है कि संपत्तियां अपराध या अवैध कमाई से अर्जित की गई हैं, तो उन्हें गैंगस्टर एक्ट के प्रावधानों के तहत कुर्क और जब्त किया जाएगा।
अलवर जिले के तूलेड़ा गांव में ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान के दौरान जोरदार हंगामा हो गया। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने पटवारी हटाओ के नारे लगाकर विरोध-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने शिविर में वरिष्ठ अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर भी नाराजगी जताई। इस दौरान कांग्रेस जिला पार्षद जगदीश जाटव और विकास अधिकारी (वीडीओ) आरती गुप्ता के बीच तीखी बहस भी हो गई। जिला पार्षद जगदीश जाटव ने कहा कि जब बड़े अधिकारी ही मौजूद नहीं हैं तो ऐसे शिविर का क्या औचित्य है। उन्होंने कहा कि शिविर लगाने के बावजूद लोगों के राजस्व संबंधी काम नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का पटवारी 6-6 महीने में गांव में नहीं आता और पंचायत समिति में भी नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहता, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। पटवारी को हटाने की उठी मांग जिला पार्षद ने ग्रामीणों के साथ मिलकर वीडीओ के माध्यम से एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में तूलेड़ा हल्का पटवारी उमाशंकर शर्मा को हटाकर नया पटवारी लगाने की मांग की गई। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि पटवारी लंबे समय से गांव में नियमित रूप से उपस्थित नहीं होते, फोन कॉल भी रिसीव नहीं करते और नामांतरण, जमाबंदी की नकल, सीमांकन, आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र सहित अन्य राजस्व कार्य समय पर नहीं होने से ग्रामीण परेशान हैं। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि जब पटवारी से शिकायत की जाती है तो वह कहते हैं कि उनके पास कई ग्राम पंचायतों का कार्यभार है और चाहो तो उनका तबादला करवा दो। प्रशासक बोले- एक छत के नीचे समस्याओं का समाधान वहीं तूलेड़ा के सरपंच रहे और वर्तमान प्रशासक बबल यादव ने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर का उद्देश्य एक ही छत के नीचे लोगों की समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने बताया कि शिविर में सभी विभागों के प्रतिनिधि मौजूद हैं और रास्ते खुलवाने, पेंशन, नाम संशोधन सहित विभिन्न सरकारी कार्यों का मौके पर ही निस्तारण किया जा रहा है।
कैमूर जिले में हिट एंड रन सड़क दुर्घटनाओं के 208 पीड़ितों और उनके आश्रितों को मोटर वाहन अधिनियम के तहत मुआवजा दिया गया है। जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) रवि रंजन ने बताया कि सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। अब तक कुल 293 आवेदन प्राप्त हुए आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अप्रैल 2022 से जिले में हिट एंड रन मामलों के दावाकर्ताओं और मृतकों के आश्रितों को मुआवजा राशि का भुगतान किया जा रहा है। अब तक कुल 293 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 208 मामलों में पीड़ितों या उनके आश्रितों को सीधे मुआवजा राशि का भुगतान किया जा चुका है। औपचारिक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही DTO ने स्पष्ट किया कि शेष लंबित मामलों में आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा रही हैं। इसके बाद बचे हुए पात्र लाभुकों को भी शीघ्र भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि योजना से किसी भी पात्र व्यक्ति को वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। पीड़ित या उनके आश्रित किसी भी प्रकार की जानकारी, आवेदन की स्थिति या सहायता के लिए जिला परिवहन कार्यालय से सीधे संपर्क कर सकते हैं।
संभल के जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने जिला प्रोबेशन अधिकारी चंद्रभूषण के सभी वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिए हैं। उनके स्थान पर डिप्टी कलेक्टर अवधेश कुमार को संभल के जिला प्रोबेशन अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। चंद्रभूषण को अगले आदेश तक मुख्य विकास अधिकारी, संभल के कार्यालय से संबद्ध किया गया है। यह कार्रवाई महिला कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं, सेवा प्रदाता एजेंसी के चयन और वित्तीय व्यय में गंभीर अनियमितताओं की शिकायतों के बाद की गई है। जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच समितियों की रिपोर्ट के आधार पर चंद्रभूषण के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश पहले ही शासन को भेजी जा चुकी थी। जांच समितियों ने अपनी रिपोर्ट में सेवा प्रदाता एजेंसी के चयन में शासनादेशों और निर्धारित प्रक्रियाओं के उल्लंघन की पुष्टि की। इसके अतिरिक्त, अभिलेखीय कमियों और विभिन्न योजनाओं में वित्तीय एवं प्रक्रियागत अनियमितताएं भी पाई गईं, जिसके बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। इसके अलावा 15 जून 2026 को जिलाधिकारी के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी चंद्रभूषण बिना पूर्व अनुमति के कार्यालय से अनुपस्थित पाए गए थे। निरीक्षण में कार्यालय की अभिलेख व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली भी संतोषजनक नहीं पाई गई थी। CDO की जांच रिपोर्ट में 'मिशन बेटी बचाओ पढ़ाओ' और 'चाइल्ड हेल्पलाइन' सहित कई योजनाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप साबित हुए हैं। चाइल्ड हेल्पलाइन के सरकारी बजट में 60 लाख रुपये के गबन का मामला भी इस रिपोर्ट में शामिल था, जिसे जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल को सौंपा गया था। इस जांच रिपोर्ट में जालसाजी, जीईएम (GEM) पोर्टल के अनुबंधों में हेराफेरी कर फर्जी फर्मों को लाभ पहुंचाने, वित्तीय मामलों में धांधली और डिप्टी कलेक्टर की जांच समिति की अवहेलना जैसे गंभीर आरोप साबित हुए हैं। सीडीओ ने अपनी रिपोर्ट में जिला प्रोबेशन अधिकारी (DPO) से गबन की धनराशि की वसूली, 250 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना वसूलने और उन्हें पद से हटाए जाने की सिफारिश की थी। यह व्यवस्था सक्षम प्राधिकारी के अंतिम निर्णय तक लागू रहेगी। यह एक अंतरिम प्रशासनिक कदम है, जो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध विचाराधीन विभागीय कार्रवाई और शासन स्तर पर लिए जाने वाले अंतिम निर्णय के अधीन होगा।
सिंगरौली में 10 लाख की सड़क 20 दिन में उखड़ी:वीडियो बनाकर किया पोस्ट; अधिकारियों को भेजा, होगी जांच
सिंगरौली जिले के चितरंगी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत ओड़नी में पीसीसी सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रेहड़ा आदिवासी बस्ती में लगभग 10 लाख रुपए की लागत से बनाई गई पीसीसी सड़क निर्माण के महज 20 दिन बाद ही कई स्थानों से उखड़ने लगी है। ग्रामीणों ने मंगलवार को उखड़ी हुई सड़क का वीडियो बनाकर जांच की मांग की है। सड़क की इस स्थिति के सामने आने के बाद निर्माण कार्य में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। जानकारी के अनुसार, रेहड़ा आदिवासी बस्ती में करीब 288 मीटर लंबी पीसीसी सड़क का निर्माण कराया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के कुछ ही दिनों बाद उसकी ऊपरी परत उखड़ने लगी, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों का पालन नहीं किया गया। 400 लोगों को मिलना था लाभ इस मामले में ग्राम पंचायत ओड़नी के सरपंच अमरनाथ प्रजापति ने बताया कि लगभग एक माह पहले 10 लाख रुपए की लागत से 288 मीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया गया था। सरपंच के अनुसार, इस आदिवासी बस्ती में लगभग 400 की आबादी निवास करती है, जिन्हें इस सड़क का लाभ मिलना था। सब इंजीनियर नहीं उठाया फोन वहीं, सड़क उखड़ने के संबंध में जब संबंधित उपयंत्री (सब इंजीनियर) से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने आवाज स्पष्ट नहीं आने की बात कहते हुए कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया और कोई जवाब नहीं दिया। वीडियो भेजें में मामले की जांच कराऊंगा चितरंगी जनपद पंचायत के सीईओ मानसिंह ने कहा कि सड़क निर्माण की जानकारी उन्हें है, लेकिन सड़क उखड़ने की सूचना अभी तक नहीं मिली थी। उन्होंने वीडियो भेजने को कहा और आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी।
आजमगढ़ में कार और पिकअप में जोरदार टक्कर:गंभीर रूप से घायल 6 लोगों को इलाज के लिए एक कराया गया भर्ती
आजमगढ़ जिले के बिलरियागंज थाना क्षेत्र के गुलवा गौरी नहर के पास सोमवार की देर रात करीब 1 बजे वैगनार कार और पिकअप वाहन के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा इतना भीषण था कि कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। टक्कर की आवाज सुनते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और मामले की सूचना पुलिस को दी आसपास के लोगों की मदद से पुलिस ने सभी गाड़ियों को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। जहां सभी घायलों का इलाज चल रहा है।शहर की तरफ से आ रही थी कारवैगनार कार आजमगढ़ की ओर से आ रही थी। जबकि पिकअप मोहम्मदपुर की तरफ से जा रही थी। दोनों वाहनों की आमने-सामने टक्कर में वैगनार चालक अजीत सिंह (38) पुत्र अमरनाथ सिंह निवासी करखिया, थाना रौनापार समेत कार में सवार गौरव सिंह (26) पुत्र प्रमोद सिंह, शैलेश सिंह (29) पुत्र अरविंद सिंह, आर्यन सिंह (24) पुत्र राकेश सिंह, गोपाल सिंह पुत्र ओंकार सिंह तथा वीरेंद्र प्रताप सिंह पुत्र स्वर्गीय राजवंत सिंह निवासी करखिया घायल हो गए।पिकअप वाहन अलाउद्दीन पट्टी निवासी राजू का है। दुर्घटना में पिकअप चालक सुरक्षित बच गया और उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर थाने भेज दिया है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र स्थित करसो जंगल में सोमवार को एक युवती का अधजला शव मिला। संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर जमा हो गई। चैनपुर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस को आशंका है कि युवती की हत्या के बाद पहचान छिपाने और सबूत मिटाने के इरादे से शव को जलाने का प्रयास किया गया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हत्या किसी अन्य स्थान पर करके शव को जंगल में लाकर जलाया गया या वारदात को इसी जगह अंजाम दिया गया। थाना प्रभारी लालजी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर मौजूद हैं और हत्या से जुड़े संभावित सबूतों की तलाश कर रहे हैं। फिलहाल मृत युवती की पहचान नहीं हो सकी है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। थाना प्रभारी लालजी ने बताया कि मौत के कारणों और घटना की वास्तविक जानकारी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही सामने आ पाएगी। पुलिस आसपास के थानों से भी गुमशुदगी के मामलों की जानकारी जुटा रही है। दिनदहाड़े जंगल में अधजला शव मिलने की इस घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग इस वारदात को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। पुलिस ने मामले का जल्द खुलासा करने का दावा किया है।
नरवाना पुलिस ने मंगलवार को बिजली निगम के साथ मिलकर एक संयुक्त अभियान चलाया। डीएसपी कमलदीप राणा के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में छह स्थानों पर बिजली चोरी पकड़ी गई, जिसके बाद संबंधित अवैध कनेक्शनों को तुरंत काट दिया गया। बिजली निगम के अधिकारियों ने बताया कि इस क्षेत्र में पहले भी कई अवैध कनेक्शन हटाए गए थे। इसके बावजूद कुछ लोगों ने दोबारा गैरकानूनी तरीके से बिजली का उपयोग शुरू कर दिया था। टीम के पहुंचने की सूचना मिलते ही कई लोगों ने अपनी बिजली की तारें हटा लीं, लेकिन जांच में छह मामलों में बिजली चोरी की पुष्टि हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उनसे जुर्माना भी वसूला जाएगा। पुलिस और बिजली निगम की इस संयुक्त कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। नशा तस्करों की अवैध गतिविधि पर भी कार्रवाई : डीएसपी डीएसपी कमलदीप राणा ने बताया कि पुलिस का उद्देश्य केवल नशा तस्करी पर अंकुश लगाना ही नहीं है, बल्कि तस्करों द्वारा की जा रही अन्य अवैध गतिविधियों पर भी सख्ती से कार्रवाई करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक क्षेत्र से नशा तस्करी पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाती, तब तक ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस प्रशासन शहर को नशामुक्त बनाने के लिए गंभीरता से काम कर रहा है। नशा तस्करों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ उनके अवैध कारोबार और गैरकानूनी गतिविधियों पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कानून तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी ऐसे संयुक्त अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जयपुर के मुहाना थाना क्षेत्र स्थित डिग्गी-मालपुरा रोड पर रातल्या गांव के गुरु महाराज मंदिर में हुई चोरी की वारदात को नौ दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। मामले का खुलासा नहीं होने से ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश है। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मंदिर परिसर में एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग उठाई। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो मुहाना थाने का घेराव कर जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि 23 जून को दोपहर करीब 2:30 बजे दो अज्ञात बदमाश गुरु महाराज मंदिर परिसर में घुसे और भगवान के आगे सिर झुका कर माथा टैका। फिर मौका पाकर मंदिर से चार पीतल की घंटियां, झालर, विद्युत कनेक्शन की केबल तथा ट्यूबवेल की केबल चोरी कर ले गए। घटना के बाद दोनों आरोपी वाहन में बैठकर मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों का दावा है कि चोरी की पूरी वारदात मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। फुटेज में दोनों आरोपियों के चेहरे और उनके वाहन का नंबर भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद नौ दिन बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस ने सख्ती दिखाई होती तो अब तक आरोपियों तक पहुंचा जा सकता था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस ने जल्द खुलासे का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक न तो चोरी गया सामान बरामद हुआ है और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। इससे क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल है और पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। मंदिर के महंत मोरदास बाबा ने मुहाना थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि इससे पहले भी मंदिर में चोरी की वारदात हो चुकी है। उन्होंने पुलिस से तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक करण सिंह को सौंपी है। विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की आस्था का केंद्र है। ऐसे स्थान पर चोरी होना और उसके बाद भी आरोपियों का गिरफ्त से बाहर रहना कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द ही चोरी का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे मुहाना थाने का घेराव करेंगे और बड़े स्तर पर आंदोलन छेड़ेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। अब पूरे क्षेत्र की निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। लोगों का एक ही सवाल है—जब सीसीटीवी में आरोपी और वाहन नंबर दिखाई दे रहे हैं, तो आखिर पुलिस चोरों तक कब पहुंचेगी?
पलवल की कालड़ा कॉलोनी में पति-पत्नी के विवाद में पति ने अपनी पत्नी पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। मां को बचाने के प्रयास में उनका बेटा भी झुलस गया। महिला का इलाज दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने महिला के बयान के आधार पर आरोपी पति के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शहर थाना प्रभारी अमित कुमार के अनुसार, यह घटना कालड़ा कॉलोनी, पलवल में हुई। 42 वर्षीय ममता ने अपनी शिकायत में बताया कि उसका पति अनिल होटल चलाता है। उनके बीच घर खर्च को लेकर अक्सर झगड़ा होता रहता था। शराब के नशे में आया पति ममता ने बताया कि घटना वाली शाम उसका पति अनिल शराब के नशे में घर आया था। रात में इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई। इसके बाद अनिल ने खुद ही 112 पर फोन कर पुलिस को बुलाया था। पुलिस ने दोनों को समझाकर मामला शांत करा दिया था। देर रात करीब ढाई बजे जब ममता रसोई में पानी पीने गई, तो पीछे से उसके पति अनिल ने उस पर पेट्रोल छिड़क दिया और आग लगा दी। आग लगने पर ममता जोर से चिल्लाई। बचाने के प्रयास में बेटे के हाथ जले ममता की चीख सुनकर उसका 19 वर्षीय बेटा अंश बाहर आया और आग बुझाने का प्रयास किया, जिससे उसके हाथ भी जल गए। गंभीर रूप से झुलसी ममता को तुरंत जिला नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसकी नाजुक हालत को देखते हुए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल महिला का इलाज वहीं चल रहा है। हथीन गेट चौकी प्रभारी शेर सिंह ने बताया कि महिला ने अपने बेटे के सामने बयान दर्ज करा दिए है। जिसके आधार पर उसके पति अनील के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि उनकी टीम आरोपी अनिल की तलाश में जुटी हुई है, जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कोटपूतली में परिवहन विभाग ने खनन क्षेत्रों में अवैध रूप से चल रहे ओवरलोड वाहनों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत 66 ओवरलोड वाहनों को जब्त किया गया और उन पर करीब 90 लाख रुपए का प्रारंभिक जुर्माना लगाया गया है। आरटीओ धर्मेंद्र चौधरी की 15 उड़न दस्तों की टीमों ने यह संयुक्त अभियान चलाया। कार्रवाई के डर से वाहन छोड़ भागे कार्रवाई से बचने के लिए कई वाहन चालक अपने वाहनों को रास्तों और खनन क्षेत्रों में ही छोड़कर मौके से फरार हो गए। कुछ चालकों ने तो वाहनों के जीपीएस सिस्टम बंद कर दिए और टायरों की हवा तक निकाल दी, ताकि परिवहन विभाग की टीमें वाहनों को आसानी से जब्त न कर सकें। इसके बावजूद, विभाग की मुस्तैद टीमों ने सभी वाहनों को अपनी कस्टडी में ले लिया और कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस अभियान में डीटीओ कोटपूतली सुनील सैनी, डीटीओ शाहपुरा यशपाल यादव, डीटीओ मुख्यालय संजय शर्मा सहित परिवहन विभाग के 15 विशेष उड़न दस्ते शामिल थे। टीमों ने कोटपूतली, बहरोड़, शाहपुरा और नीमराना के कई संवेदनशील व मुख्य खनन परिवहन वाले इलाकों में एक साथ दबिश दी।
इस सीजन में रणथंभौर 6 लाख 77 हजार पर्यटक आए:राज्य सरकार को 69 करोड़ 82 लाख रुपए का रेवेन्यू मिला
रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में मंगलवार को टूरिज्म सीजन का आखरी दिन है। यहां एक जुलाई से रणथंभौर के मुख्य जोन कहे जाने वाले एक से पांच नंबर तक के जोन आगामी तीन माह तक बंद रहेंगे। जबकि रणथंभौर के बाहरी जोन कहे जाने वाले जोन नंबर 6 से 10 बंद रहेंगे। इससे पहले वन विभाग की ओर से इस सीजन आंकड़े जारी किए गए हैं। जिसमें रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में लाखों की संख्या में पर्यटकों की आवक हुई है। रणथम्भौर टाइगर से मिलने वाले रेवन्यू से राज्य सरकार को करीब 70 करोड़ रुपए की आय हुई है। 69 करोड़ से ज्यादा का रेवेन्यू मिला रणथंभौर टाइगर रिजर्व के पर्यटन डीएफओ संजीव शर्मा ने बताया कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व इस सीजन में 1 लाख 81 हजार 303 विदेशी पर्यटकों ने सफारी की। जबकि यहां 4 लाख 72 हजार 388 देशी पर्यटक घूमने आए। इस दौरान यहां 23437 स्टूडेंट्स ने भी सफारी की। रणथंभौर टाइगर रिजर्व में इस सीजन में कुल 6 लाख 77 हजार 128 पर्यटकों ने टाइगर सफारी का लुफ्त उठाया। जिससे राज्य सरकार को 69 करोड़ 82 लाख 35 हजार 179 रूपए का राजस्व मिला है। कई नामी हस्तियों ने की रणथम्भौर में सफारी उल्लेखनीय है रणथम्भौर टाइगर रिजर्व देश के पसंदीदा टूरिस्ट प्लेसिस में शुमार है। यहां आने वाले पर्यटकों में कई नामी हस्तियां शामिल हैं। इन हस्तियों में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सचिन तेंदुलकर जैसी नामी शामिल हैं।
गोंडा जिला प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग खंड लखनऊ ने सड़क दुर्घटनाओं और जाम को कम करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। गोंडा-लखनऊ और गोंडा-बलरामपुर हाईवे पर बने 17 अवैध कटों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त निगरानी में चौपाल सागर से लेकर गोंडा के बड़गांव चौराहा तक इन कटों को चिन्हित किया गया है। इन अवैध कटों के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती थीं और यातायात बाधित होता था। इन अवैध कटों के बंद होने से न केवल सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि लोगों को भीषण जाम से भी राहत मिलेगी। अक्सर एक तरफ जाम लगने पर वाहन चालक दूसरी तरफ से निकलने का प्रयास करते थे, जिससे दोनों ओर यातायात अवरुद्ध हो जाता था। चिन्हित किए गए 17 स्थानों में जिला अस्पताल, दुःख हरण नाथ मंदिर, शिव मंदिर, मां काली भवानी देवी मंदिर, गुरु नानक चौराहा, मंडे नाला, फोरबिसगंज रोड, पीएनबी एटीएम हारीपुर, जय महाकाल, सरस्वती शिशु मंदिर, पथवालिया पोस्ट ऑफिस, अमित व आर्यन मोटर जैसे प्रमुख स्थान शामिल हैं। यह अवैध कट अपने-अपनी सुविधाओं के लिए सड़क निर्माण के दौरान लोगों द्वारा बनवाए गए थे जो आप जानलेवा साबित हो रहे हैं। 3 तस्वीरें देखिए- राष्ट्रीय राजमार्ग खंड लखनऊ के अवर अभियंता सर्वेश ने बताया कि इन अवैध कटों को बंद करने में 5 लाख रुपये से अधिक का खर्च आएगा। उन्होंने यह भी बताया कि अन्य हाईवे पर बने अवैध कटों को भी चिन्हित कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उन्हें भी बंद किया जा सके। बीते माह भी अवैध कट बंद करने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाकर NHAI द्वारा गोंडा की अंबेडकर चौराहा से लेकर के कर्नलगंज तक 20 से अधिक अवैध कट को बंद कर दिया गया था जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है।
झालावाड़ जिले के पनवाड़ थाना क्षेत्र के चलेट गांव में एक बड़ा हादसा हो गया। बारिश के दौरान पातालेश्वर महादेव मंदिर के पास लगे ट्रांसफार्मर में आग लगने से 11 केवी विद्युत लाइन का करंट फैल गया। इस घटना में 13 मवेशियों और 1 कुत्ते की मौत हो गई। ट्रांसफार्मर में आग लगने के बाद करंट आधा दर्जन से ज्यादा मकानों में फैल गया, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि इस दौरान कोई भी व्यक्ति करंट की चपेट में नहीं आया और किसी मानवीय क्षति की सूचना नहीं है। ग्रामीणों में आक्रोशहादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। उन्होंने बिजली विभाग की लापरवाही को इस घटना का मुख्य कारण बताया और अपना आक्रोश व्यक्त किया। ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर और विद्युत व्यवस्था की समय पर देखरेख नहीं होने के कारण यह गंभीर हादसा हुआ। मुआवजे की मांगपीड़ित किसानों ने मृत मवेशियों के लिए उचित मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी अपील की। किसान गिरिराज गुर्जर की 11 भैंसें और 2 अन्य गोवंश इस हादसे में मारे गए हैं। इस घटना के बाद गांव में लंबे समय तक दहशत का माहौल बना रहा। यह भी उल्लेखनीय है कि पनवाड़ क्षेत्र में करंट लगने से मवेशियों की मौत के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं।
कैमूर में एसपी शिखर चौधरी ने दुर्गावती थाने का औचक निरीक्षण किया, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि थाने में जितने मामले दर्ज होते हैं, उससे दस गुना अधिक केस लंबित पड़े हुए हैं। एसपी ने मामलों के निपटारे की धीमी गति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने थानाध्यक्ष को छह महीने से लंबित केसों की संख्या को घटाकर तीन से चार गुना करने का कड़ा निर्देश दिया। यह निर्देश लंबित मामलों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के उद्देश्य से दिया गया है। वायरलेस व्यवस्था में भी लापरवाही पाई गई इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे होने के बावजूद थाने में शराब की कम बरामदगी पर भी एसपी ने फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहाँ शराब की रिकवरी अधिक होनी चाहिए। वायरलेस व्यवस्था में भी लापरवाही पाई गई। किसी भी स्तर के अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा जनता के आवेदनों और शिकायतों पर की गई कार्रवाई का कोई रिकॉर्ड न मिलने तथा आगंतुक पंजी (विजिटर रजिस्टर) दुरुस्त न होने पर भी नाराजगी व्यक्त की गई। एसपी ने चेतावनी देते हुए कहा कि लापरवाही या गड़बड़ी पाए जाने पर किसी भी स्तर के अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। इस औचक निरीक्षण और एसपी की सख्त कार्रवाई से जिले के सभी थानों में हड़कंप का माहौल है।
हाथरस सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बुर्ज वाला कुआं में एक युवक की विद्युत करंट लगने से मौत हो गई। मृतक की पहचान 30 वर्षीय दीपक पुत्र महेशचंद्र निवासी बुर्ज वाला कुआं थाना कोतवाली सदर हाथरस के रूप में हुई है। यह घटना आज मंगलवार की दोपहर करीब 11 बजे हुई, जब दीपक अपने घर में बने मंदिर में पंखे का कंडेनसर बदल रहा था। करंट लगने के बाद वह नीचे गिर पड़ा। परिवार के लोगों ने जब उसकी यह दशा देखी तो उनमें अफरा-तफरी मच गई। परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना से परिवार में मातम छा गया है। मोहल्ले के अन्य लोग भी अस्पताल पहुंच गए। मसाला फैक्ट्री में काम करता था युवक... दीपक एक मसाला फैक्ट्री में काम करता था। वह अपने पीछे चार बच्चों और अन्य परिजनों को छोड़ गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और अन्य लोग उन्हें ढांढस बंधाने में लगे थे।
सिद्धार्थनगर के इटवा में चर्चित जनता सेवा हॉस्पिटल प्रकरण में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई ने नया मोड़ ले लिया है। नवजात शिशु की मौत और कथित रूप से अयोग्य व्यक्ति द्वारा ऑपरेशन किए जाने के मामले में अब मुकदमे का दायरा बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने थाना इटवा को नई तहरीर भेजकर अस्पताल में मिले प्रवीण कुमार यादव का नाम एफआईआर में शामिल करने और मामले में गंभीर धाराएं बढ़ाने की संस्तुति की है। विभाग का कहना है कि संयुक्त छापेमारी के दौरान मिले साक्ष्य, अस्पताल की परिस्थितियां और मौके पर सामने आए तथ्य इस कार्रवाई के लिए पर्याप्त आधार हैं। यह कार्रवाई 27 जून की देर रात हुई उस संयुक्त छापेमारी के बाद की गई है, जिसमें प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने जनता सेवा हॉस्पिटल पर दबिश दी थी। छापेमारी के दौरान अस्पताल बाहर से पूरी तरह बंद दिखाई दे रहा था, लेकिन अंदर मरीज भर्ती मिले, इलाज जारी था और ऑपरेशन होने के भी प्रमाण मिले। इसी दौरान प्रवीण कुमार यादव अस्पताल के एक कमरे में बेड के नीचे छिपा मिला था। बाहर ताला लगा था, अंदर चल रहा था इलाज स्वास्थ्य विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि अस्पताल को बंद रखने के निर्देश के बावजूद वहां चोरी-छिपे मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर 27 जून की रात करीब 11:30 बजे संयुक्त टीम ने जनता सेवा हॉस्पिटल पर छापा मारा। छापेमारी टीम में इटवा तहसीलदार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इटवा के अधीक्षक, प्रभारी निरीक्षक संजय मिश्रा तथा स्वास्थ्य विभाग के नैदानिक स्थापना के नोडल अधिकारी डॉ. मानवेन्द्र पाल शामिल थे। अस्पताल पहुंचने पर मुख्य गेट पर ताला लगा मिला। बाहर से ऐसा प्रतीत हो रहा था कि अस्पताल पूरी तरह बंद है। अधिकारियों ने ताला खुलवाकर जब अंदर प्रवेश किया तो स्थिति बिल्कुल अलग मिली। अस्पताल के अधिकांश हिस्सों की लाइटें बंद थीं, लेकिन भीतर मरीज भर्ती थे, उनके तीमारदार मौजूद थे और अस्पताल का स्टाफ भी कार्यरत मिला। प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हो गया कि अस्पताल को बंद दिखाने की कोशिश की जा रही थी, जबकि भीतर इलाज जारी था। दो मरीजों का कुछ घंटे पहले हुआ था ऑपरेशन संयुक्त टीम ने अस्पताल के सभी कमरों की तलाशी ली। जांच के दौरान दो ऐसे मरीज मिले, जिनका कुछ घंटे पहले ही ऑपरेशन किया गया था। मरीजों के परिजनों ने भी अधिकारियों को बताया कि ऑपरेशन उसी दिन कराया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों मरीजों को तत्काल एंबुलेंस से माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध चिकित्सालय भेजा गया, ताकि विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज कराया जा सके। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि अस्पताल बंद रखने के स्पष्ट आदेश के बावजूद ऑपरेशन जैसी गतिविधियों का होना गंभीर अनियमितता और आदेशों की अवहेलना का मामला है। बेड के नीचे छिपा मिला प्रवीण कुमार यादव छापेमारी का सबसे चौंकाने वाला खुलासा अस्पताल की सघन तलाशी के दौरान हुआ। अधिकारियों ने एक कमरे में जांच की तो वहां प्रवीण कुमार यादव बेड के नीचे छिपा मिला। टीम ने उसे बाहर निकलवाया और पूछताछ की। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मौके पर कोई पंजीकृत चिकित्सक मौजूद नहीं मिला। इसके बाद प्रवीण कुमार यादव और अस्पताल में मौजूद दो महिला कर्मचारियों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। वहीं अस्पताल को सील कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पहले से दर्ज मुकदमे में प्रवीण यादव का नाम शामिल नहीं था, लेकिन छापेमारी के दौरान उसकी मौजूदगी और अन्य परिस्थितियों ने उसकी भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस को भेजी नई तहरीर स्वास्थ्य विभाग के नैदानिक स्थापना के नोडल अधिकारी डॉ. मानवेन्द्र पाल ने छापेमारी के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर थाना इटवा को विस्तृत तहरीर सौंपी है। तहरीर में उल्लेख किया गया है कि संयुक्त छापेमारी के दौरान प्रवीण कुमार यादव अस्पताल परिसर में मौजूद मिला। उपलब्ध साक्ष्यों, मौके की परिस्थितियों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर उसका नाम मुकदमे में शामिल करने तथा आवश्यकतानुसार धाराओं में वृद्धि कर विधिक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया गया है। पुलिस अब स्वास्थ्य विभाग की इस नई तहरीर का परीक्षण कर रही है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद एफआईआर में संशोधन कर नए नाम जोड़े जा सकते हैं। नवजात की मौत से शुरू हुआ था पूरा मामला पूरे प्रकरण की शुरुआत 23 मई को हुई थी। डुमरियागंज क्षेत्र निवासी चंद्रमणि अपनी पत्नी बंदना को प्रसव के लिए जनता सेवा हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि प्रसव के दौरान ऑपरेशन किसी योग्य स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ या सर्जन ने नहीं, बल्कि प्रवीण कुमार यादव और उसके सहयोगियों ने किया। ऑपरेशन के बाद नवजात शिशु की मौत हो गई, जबकि प्रसूता की हालत भी गंभीर हो गई थी। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस से शिकायत की, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में डॉक्टर के दावे पर भी उठे सवाल घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जांच समिति गठित की थी। जांच के दौरान अस्पताल प्रबंधन की ओर से एक चिकित्सक का नाम प्रस्तुत किया गया और दावा किया गया कि ऑपरेशन उन्हीं के द्वारा किया गया था। हालांकि पीड़ित परिवार लगातार इस दावे को खारिज करता रहा। परिवार का कहना है कि वास्तविकता सामने लाने के लिए अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच कराई जानी चाहिए। उनका आरोप है कि ऑपरेशन वास्तव में किसी योग्य डॉक्टर ने नहीं किया था। पुलिस जुटा रही साक्ष्य, बढ़ सकती हैं धाराएं सूत्रों के अनुसार पुलिस स्वास्थ्य विभाग की नई तहरीर, संयुक्त छापेमारी की रिपोर्ट, अस्पताल से जब्त दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है। यदि जांच में आरोप पुष्ट होते हैं तो मुकदमे में नए आरोपियों के नाम जोड़े जा सकते हैं। साथ ही पहले से दर्ज धाराओं में भी संशोधन कर अधिक गंभीर धाराएं लगाई जा सकती हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले में विधिक राय लेने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिले के निजी अस्पताल भी जांच के दायरे में जनता सेवा हॉस्पिटल प्रकरण सामने आने के बाद जिले के निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने संकेत दिए हैं कि अन्य निजी अस्पतालों और क्लीनिकों की भी निगरानी और जांच तेज की जाएगी, ताकि बिना मानक और बिना योग्य चिकित्सकों के इलाज करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की जा सके। उधर नवजात शिशु की मौत के बाद न्याय की मांग कर रहे पीड़ित परिवार की निगाहें अब पुलिस की आगे की जांच और आरोपियों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। क्या बोले अधिकारी स्वास्थ्य विभाग के नैदानिक स्थापना के नोडल अधिकारी डॉ. मानवेन्द्र पाल ने बताया कि 27 जून की रात हुई संयुक्त छापेमारी के दौरान प्रवीण कुमार यादव अस्पताल में मौजूद मिला था। इस संबंध में थाना इटवा को विस्तृत तहरीर भेजी गई है। उपलब्ध तथ्यों के आधार पर उसके नाम को मुकदमे में शामिल करने तथा आवश्यक धाराओं में वृद्धि किए जाने की संस्तुति की गई है। अब आगे की कार्रवाई पुलिस स्तर से की जाएगी।
मऊगंज में ट्रक चालक की संदिग्ध मौत:भाई ने लगाया महिला पर जिंदा जलाने का आरोप
मऊगंज जिले के हनुमना थाना क्षेत्र में एक ट्रक चालक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। इलाज के दौरान युवक की मौत के बाद परिजनों ने एक महिला पर मारपीट कर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान 30 वर्षीय संतोष पटेल के रूप में हुई है, जो हनुमना थाना क्षेत्र के ग्राम घोघम का निवासी था। संतोष नागपुर में ट्रक चालक के रूप में कार्यरत था। मृतक के भाई ने महिला पर लगाया आरोप मृतक के भाई रामनयन पटेल ने बताया कि संतोष सोमवार को नागपुर से रीवा पहुंचा था और वहां से अपने गांव लौट रहा था। इसी दौरान उसकी पूर्व परिचित महिला मंजू पटेल ने उसे अपने गांव बिलोही बुलाया। रामनयन का आरोप है कि बिलोही गांव पहुंचने के बाद संतोष और मंजू के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद महिला ने संतोष के साथ मारपीट की और उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसे संतोष को पुलिस उपचार के लिए संजय गांधी अस्पताल रीवा ले गई, जहां सोमवार देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। भाई रामनयन ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए आरोपित महिला के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीएम रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि संतोष घटना स्थल तक किन परिस्थितियों में पहुंचा, वहां उसके साथ क्या हुआ और उसकी मौत का वास्तविक कारण क्या है। पुलिस ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस ने परिजनों के आरोपों को जांच में शामिल कर लिया है और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।
टीकमगढ़ के अंतौरा गांव में चुनावी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। वर्तमान सरपंच प्रकाश यादव ने पूर्व सरपंच कैलाश राय और उनके परिजनों पर अपने भाई के साथ मारपीट का आरोप लगाया है। वर्तमान सरपंच ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और निष्पक्ष जांच की मांग की। वर्तमान सरपंच के अनुसार, घटना दो दिन पहले हुई जब उनके छोटे भाई ज्ञान सिंह घर के दरवाजे पर काम कर रहे थे। इसी दौरान पूर्व सरपंच कैलाश राय बाइक से निकले और ज्ञान सिंह को टक्कर मार दी, जिससे दोनों गिर गए। घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की टक्कर के बाद कैलाश राय के साथ दूसरी बाइक पर चल रहे तीन अन्य लोगों ने ज्ञान सिंह के घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की। ज्ञान सिंह को बड़गांव में प्राथमिक इलाज के बाद झांसी रेफर किया गया, जहां पिछले तीन दिनों से उनका इलाज चल रहा है। सरपंच बोले-मारपीट की झूठी शिकायत दर्ज कराई वर्तमान सरपंच ने बताया कि सोमवार को कैलाश राय ने अपने परिजनों के साथ एसपी दफ्तर पहुंचकर मारपीट की झूठी शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि कैलाश राय को बाइक से गिरने के कारण चोटें आई हैं, लेकिन उन्होंने उन पर और उनके परिजनों पर मारपीट का आरोप लगाया है। झांसी में इलाज के कारण ज्ञान सिंह के बयान दर्ज नहीं हो सके हैं, जिसके चलते बड़गांव पुलिस ने अब तक मामला दर्ज नहीं किया है। वर्तमान सरपंच प्रकाश यादव ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। दोनों पक्षों ने क्रॉस एफआईआर दर्ज कराई इस संबंध में पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और मामले की जांच जारी है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूर्व सरपंच सुरेंद्र राय ने सोमवार को शिकायत की थी। आज वर्तमान सरपंच प्रकाश यादव ने शिकायत की है। कल सुरेंद्र राय वाली खबर लग चुकी है। आज दूसरे पक्ष की शिकायत पर खबर लगाई है। ये खबर भी पढ़े… टीकमगढ़ में युवक से मारपीट, बंधक बनाकर पीटा: पंचायत चुनाव की रंजिश, परिजन एसपी दफ्तर पहुंचे टीकमगढ़ के बड़ागांव थाना क्षेत्र में एक युवक के साथ बेरहमी से मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने सोमवार को एसपी दफ्तर पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बड़ागांव थाना पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप भी लगाया। पढ़े पूरी खबर…
देवरिया में युवती से दुष्कर्म का आरोप:शादी का झांसा देकर डेढ़ साल तक शोषण किया, तीन लोगों पर केस
देवरिया जिले के महुआडीह थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर एक युवती से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने युवक समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, महुआडीह थाना क्षेत्र की एक युवती ने शिकायत में आरोप लगाया है कि गांव के ही राज गोंड ने उससे शादी का वादा कर करीब डेढ़ साल तक शारीरिक संबंध बनाए। युवती का कहना है कि आरोपी लगातार शादी का भरोसा दिलाकर उसका शोषण करता रहा। पीड़िता के अनुसार, जब उसने राज गोंड से शादी करने की बात कही, तो आरोपी और उसके परिजनों ने इनकार कर दिया। विरोध करने पर युवती के साथ मारपीट की गई और उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। तहरीर के आधार पर महुआडीह पुलिस ने राज गोंड पुत्र नरसिंह गोंड, नरसिंह गोंड और बबीता देवी उर्फ बरसाती पत्नी नरसिंह गोंड के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की विवेचना की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज कस्बे की खीरा मंडी स्थित हिंदुस्तान मेडिकल एजेंसी में सोमवार देर रात भीषण आग लगने से लाखों रुपये का नुकसान हो गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी मेडिकल एजेंसी उसकी चपेट में आ गई। दुकान में रखी लाखों रुपये की दवाइयां, मेडिकल सामग्री, नगदी और एक मोटरसाइकिल जलकर राख हो गई। घटना के दौरान लगातार धमाकों जैसी आवाजें आती रहीं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से काफी देर की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। धमाकों की आवाज सुनकर खुली लोगों की नींद हिंदुस्तान मेडिकल एजेंसी के संचालक संजू रोज की तरह सोमवार रात दुकान बंद कर अपने घर चले गए थे। देर रात अचानक तेज धमाकों जैसी आवाजें आने लगीं। आवाज सुनकर आसपास के लोगों और संचालक की नींद खुल गई। जब वे बाहर निकले तो देखा कि मेडिकल एजेंसी से आग की ऊंची लपटें निकल रही हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुकान के भीतर रखी दवाइयां जलने के दौरान लगातार फटने जैसी आवाजें कर रही थीं। आग की लपटें तेजी से बढ़ती चली गईं और देखते ही देखते पूरे प्रतिष्ठान को अपनी चपेट में ले लिया। आग की तीव्रता के सामने बेबस रहे लोग घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के व्यापारी और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। सभी ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि कोई भी दुकान के भीतर प्रवेश नहीं कर सका। कुछ ही देर में पूरा प्रतिष्ठान धू-धू कर जलने लगा और आसपास का इलाका घने धुएं से भर गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस की डायल-112 सेवा और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। दमकल की मशक्कत से टला बड़ा हादसा सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने स्थानीय लोगों के सहयोग से आग बुझाने का अभियान शुरू किया। काफी देर तक चले रेस्क्यू और राहत कार्य के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक दुकान में रखा अधिकांश सामान जलकर नष्ट हो चुका था। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुकान के भीतर खड़ी मोटरसाइकिल भी पूरी तरह जलकर राख हो गई। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंचती तो आग आसपास की अन्य दुकानों तक फैल सकती थी और बाजार में बड़ा हादसा हो सकता था। लाखों की दवाइयां, नगदी और मेडिकल सामग्री राख मेडिकल एजेंसी संचालक संजू ने बताया कि वह रोज की तरह दुकान बंद कर घर चले गए थे। देर रात अचानक ब्लास्ट जैसी आवाज सुनाई दी। जब नीचे आकर देखा तो मेडिकल स्टोर में आग लगी हुई थी और अंदर रखी दवाइयां जल रही थीं। इसके बाद तत्काल पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। उन्होंने बताया कि आग में लाखों रुपये की दवाइयां, मेडिकल उपकरण, नगदी तथा अन्य सामान पूरी तरह नष्ट हो गया। दुकान के अंदर खड़ी मोटरसाइकिल भी जलकर राख हो गई। उन्होंने प्रशासन और शासन से आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है, ताकि हुए नुकसान की भरपाई हो सके। शॉर्ट सर्किट समेत अन्य कारणों की जांच घटना के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका है। हालांकि शॉर्ट सर्किट सहित अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। संबंधित विभागों द्वारा नुकसान का आकलन भी कराया जा रहा है। व्यापारियों ने उठाई अग्नि सुरक्षा की मांग देर रात हुई इस घटना के बाद मंगलवार सुबह भी खीरा मंडी क्षेत्र में आग की चर्चा होती रही। स्थानीय व्यापारियों ने बाजार क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में नियमित सुरक्षा जांच और पर्याप्त अग्निशमन संसाधनों की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बड़े नुकसान को रोका जा सके। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच में जुटे हैं। नुकसान का आकलन करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शाहजहांपुर में एंबुलेंस ट्रक से टकराई, कांस्टेबल की मौत:डॉक्टर और चालक घायल, हरियाणा के रहने वाले थे
शाहजहांपुर में मंगलवार रात करीब एक बजे एक सड़क हादसे में एंबुलेंस में सवार एक कांस्टेबल की मौत हो गई। एंबुलेंस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गई। इस दुर्घटना में एक पशु चिकित्सक और एंबुलेंस चालक भी घायल हो गए, जिनका इलाज चल रहा है। यह हादसा कटरा थाना क्षेत्र के शाहपुर नवदिया गांव के पास रात करीब 12 बजे हुआ। कटरा थाने में तैनात कांस्टेबल विकास सान्याल, पशु चिकित्सक लक्ष्य सिंह और एंबुलेंस चालक अनिल एक एंबुलेंस से कहीं जा रहे थे। फतेहगंज रोड पर एंबुलेंस अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि एंबुलेंस में सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस से बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल कांस्टेबल विकास सान्याल को तुरंत बरेली के एक अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान सुबह करीब पांच बजे उनकी मौत हो गई। मृतक कांस्टेबल विकास सान्याल मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले थे और 30 जून 2024 को उनकी कटरा थाने में तैनाती हुई थी। घायल पशु चिकित्सक लक्ष्य सिंह और चालक अनिल का इलाज राजकीय मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। घायल डॉक्टर भी हरियाणा के ही निवासी हैं। सीओ तिलहर इशिता सिंह ने बताया कि कांस्टेबल के शव का पोस्टमार्टम बरेली में होगा, जिसके बाद उसे शाहजहांपुर लाया जाएगा। पुलिस ने मृतक कांस्टेबल और घायल डॉक्टर के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी है और वे शाहजहांपुर के लिए रवाना हो गए हैं।
सीकर जिले में स्नैपचैट पर बातचीत के बाद एक महिला को ब्लैकमेल कर 6 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। महिला ने पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया है। 32 साल की महिला ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि करीब 1 महीने पहले उसके पास स्नैपचैट पर DR KHAN नाम की एक आईडी से एसएमएस आया। करीब 2 से 3 दिन महिला की उससे बात हुई। बात करने वाले ने खुद को डॉक्टर होना बताया और कहा कि उसे कैंसर की बीमारी है। खुद को कैंसर से पीड़ित बताया उस युवक ने महिला को कहा कि यदि आप इंडिया से हैं तो मेरी एक हेल्प करो। आरोपी युवक ने महिला को बातों में लगाकर कैंसर की दवाई के रुपए मांगे और कहा कि ठीक होने के बाद वापस लौटा दूंगा। अश्लील वीडियो से किया ब्लैकमेल आरोपी युवक ने महिला को वीडियो कॉल किया और दवाई देने वाले का नंबर भी बताया। आरोपी युवक ने वीडियो कॉल करके महिला का अश्लील वीडियो बना लिया और फिर ब्लैकमेल करके महिला से रुपए मांगे। महिला ने अपने जेवरात बेचकर और गोल्ड लोन लेकर करीब 6 लाख रुपए आरोपी युवक को ट्रांसफर करवा दिए। जान से मारने की धमकी उसके बाद भी आरोपी युवक महिला को लगातार वीडियो वायरल करने की धमकी दे रहा है। रुपए नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दे रहा है। वहीं पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रोहतक की रहने वाली मनीषा मित्तल की शिमला के सरस्वती पैराडाइज स्कूल कैंपस में गोली मारकर हत्या करने के मामले में हिमाचल पुलिस ने खुलासा कर दिया। मनीषा मित्तल की हत्या का मास्टरमाइंड उसका छोटा भाई हिमांक मित्तल ही निकला। एएसपी शिमला मेहर पंवर के मुताबिक, हिमांक ने ही अपने दोस्त गोविंद के साथ मिलकर बहन का मर्डर कराया। इसके लिए उसने गोविंद को साढ़े आठ लाख रुपए ट्रांसफर किए थे। शूटर्स को भी 70 हजार रुपए दिए गए थे। वारदात के बाद गोविंद विदेश भाग गया था, लेकिन फिर लौट आया, जिसे पुलिस ने अरेस्ट कर लिया। जांच में यह भी सामने आया है कि हिमांक ने ही अपनी बहन मनीषा की लोकेशन सीसीटीवी एक्सेस के जरिए शूटर्स को भेजी थी। दोनों शूटर्स को भी पुलिस ने रोहतक के गांव सुनारियां खुर्द और झज्जर के गांव दुजाना से गिरफ्तार किया था। आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने हत्या की साजिश रचने वाले भाई और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। मास्टरमाइंड भाई, उसका दोस्त और शूटर्स के PHOTOS… हिमाचल पुलिस ने ऐसे किया मनीषा हत्याकांड का खुलासा… पुलिस गोविंद से कर रही पूछताछ ASP मेहर पंवार ने बताया कि गोविंद को 4 दिन के रिमांड पर लिया गया है। उससे हत्या की साजिश से जुड़े हर पहलू पर पूछताछ की जा रही है। वहीं हिमांक को भी जल्द शिमला लाया जाएगा, जिससे पूछताछ की जाएगी। फिलहाल वह रोहतक में ही हिरासत में लिया गया है। वीडियो जारी कर मनीषा ने भाई से बताया था ये विवाद… माता-पिता की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद हिमांक व मनीषा के पिता धर्मपाल मित्तल व मां नूतन मित्तल की संदिग्ध मौत के बाद 2020 से ही दोनों भाई-बहन के बीच स्कूल को लेकर विवाद शुरू हो गया। मनीषा मित्तल ने जहां पिता के मरने के बाद खाली हुई जगह को भरने के लिए नई गवर्निंग बॉडी व नए सदस्यों के लिए अप्लाई किया, तो उनका आवेदन खारिज कर दिया। छोटे भाई पर लगाए थे जाली कागज रखने के आरोप मनीषा मित्तल ने शिमला में मीडिया के सामने अपने छोटे भाई हिमांक मित्तल पर गंभीर आरोप लगाए थे। मनीषा ने कहा था कि एसडीएम की सोसायटी को लेकर जांच रिपोर्ट 2 मार्च 2022 को आई, जिसमें स्पष्ट किया कि हिमांक मित्तल ने अन्य लोगों के साथ मिलकर जाली कागजों व डुप्लीकेट प्रोसीडिंग रखी है। सोसायटी की ऑरिजन मिनट बुक को छुपाया जा रहा है। हिमांक पर लगाया था करोड़ों के गबन का आरोप मनीषा मित्तल ने अपने छोटे भाई हिमांक मित्तल पर माता-पिता के फर्जी साइन करके करोड़ों रुपए का गबन करने का आरोप लगाया था। मनीषा ने कहा था कि 2007 में जब उसकी शादी हुई तो उसके पिता धर्मपाल मित्तल ने उसे 15 अगस्त 2007 को सरस्वती पैराडाइज स्कूल का वाइस प्रेजीडेंट बनाया था। जबकि हिमांक मित्तल कह रहा है कि वह प्रेजीडेंट हैं। 2023 में गलत तरीके से करवाए चुनाव मनीषा मित्तल ने वीडियो जारी कर कहा था कि 2023 में गलत तरीके से चुनाव करवाए गए थे। तहसीलदार ने उस समय केवल तीन लोगों को लेटर जारी कर कहा कि अपने लोगों को लेकर आ जाओ, हम चुनाव करवा देंगे। जबकि 2005 से लेकर 2023 तक जो भी सदस्य रहे, उन सभी लेटर जाना चाहिए था। जब इसका विरोध किया तो किसी ने नहीं सुनी और चुनाव करवा दिए। 14 दिसंबर 2025 को आया कोर्ट का फैसला मनीषा मित्तल ने अपनी वीडियो में बताया कि जब चुनाव को लेकर कोर्ट गए तो 14 दिसंबर 2025 को निर्णय आया कि चुनाव में गड़बड़ी हुई है, चुनाव गलत करवाए गए है। इसके बाद 22 जनवरी 2026 को एसपी से मिलकर कहा कि वह स्कूल जा रही है। जिसके बाद एसएचओ की मौजूदगी में 26 जनवरी 2026 को स्कूल में एंट्री की। हिमांक मित्तल ने झूठी रिपोर्ट देकर दर्ज करवाया था केस मनीषा ने अपनी वीडियो में कहा कि हिमांक मित्तल, गोविंद व एक महिला कर्मचारी ने झूठी रिपोर्ट देकर उसके खिलाफ केस दर्ज करवाया। जब पुलिस आई तो सारी जांच के बाद हिमांक मित्तल व उसके साथियों के खिलाफ एसडीएम को कलंदरा दिया था। इस दौरान एक चौकीदार को भी झूठ न बोलने पर नौकरी से हटा दिया। प्रिंसिपल के साथ मिलकर हिमांक ने की गुंडागर्दी मनीषा ने आरोप लगाया था कि प्रिंसिपल नीरज वर्मा के साथ मिलकर हिमांक मित्तल ने गुंडागर्दी मचा रखी थी। 23 मार्च को प्रिंसिपल हायर अथॉरिटी के पाए गए तो वहां भी उसे निराश होकर लौटना पड़ा। इसके बाद एक एप्लीकेशन नकली पेरेंट्स के साइन करवाकर दी गई कि मनीषा के कारण स्कूल डिस्टर्ब हो रहा है। --------------- मनीषा मित्तल मर्डर केस की ये खबरें भी पढ़ें… शिमला में लेडी स्कूल संचालक केस में लव मैरिज एंगल:रेवाड़ी के डॉक्टर से शादी करने से नाराज था भाई; वीडियो में कहा था-प्रॉपर्टी हड़पना चाहता है मनीषा मर्डर केस- पुलिस पता करेगी-किसके इशारे पर मारी गोलियां:भाई बोला-हत्या से लेना-देना नहीं, मेरे भी हाथ-पैर तोड़े गए; शिमला में मारी थीं गोलियां
महू में मंगलवार सुबह महू से बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था रवाना हुआ। यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को शुभकामनाओं के साथ विदाई दी गई। इस दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल रहा। जयकारों के बीच हुई यात्रा की शुरुआत यात्रा शुरू होने से पहले सभी श्रद्धालुओं का पुष्पमालाओं से स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। इसके बाद श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुए। श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा की कामना यात्रा संयोजक यश सैनी और दीपक कोटवार ने बताया कि यात्रा का आयोजन ब्रह्मलीन स्व. बद्रीलाल पाटीदार और ब्रह्मलीन स्व. सुरेंद्र पाल सिंह खनूजा की स्मृति में किया जा रहा है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सफल यात्रा की कामना की। कई लोग रहे मौजूद कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजू खनूजा ने कहा कि अमरनाथ यात्रा आस्था और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने सभी यात्रियों को शुभकामनाएं देते हुए उनकी सुखद और सुरक्षित यात्रा की कामना की। इस अवसर पर पूर्व पार्षद जितेंद्र शर्मा, राधेश्याम बियानी, अमित सैनी, जीतू कौशल, राहुल नागर, राजकुमार प्रजापति, प्रकाश शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
खरगोन में तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों में प्रेमनगर का एक बिल्डिंग कारीगर और दसनावल की एक गृहिणी शामिल हैं। मंगलवार को सुबह पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए गए। पहली घटना सनावद रोड के प्रेमनगर क्षेत्र में हुई। यहां एक निर्माणाधीन बिल्डिंग पर काम कर रहे कारीगर राधेश्याम पिता सोनारिया (30) की आकाशीय बिजली की चपेट में मौके पर ही मौत हो गई। उसे जिला अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उनके साथी नवलसिंग ने बताया कि राधेश्याम छत पर सरिया सेंटिंग कर रहे थे, जबकि अन्य मजदूर नीचे थे। दूसरी घटना दसनावल में सामने आई। गृहिणी केनू पति बोथू (30) देर शाम जंगल में लकड़ी लेने गई थीं, तभी वह बिजली की चपेट में आ गईं। केनू का एक 3 वर्षीय बेटा है। उनके पति ने बताया कि बिजली गिरने से जमीन में दरार आ गई थी। केनू ने रात में जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। लगभग 4 इंच बारिश दर्ज की गईइस बीच, खरगोन जिले में इस साल बारिश के सीजन में 30 जून तक लगभग 4 इंच (96 मिमी) औसत बारिश दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा बारिश भगवानपुरा ब्लॉक में 175 मिमी दर्ज हुई है, जबकि सबसे कम 66 मिलीमीटर बारिश भीकनगांव में हुई है। जिला अभिलेख कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक माह में खरगोन में 150 मिमी, गोगावां में 158 मिमी, सेगांव में 111 मिमी, भगवानपुरा में 175 मिमी, भीकनगांव में 66 मिमी, झिरनिया में 99 मिमी, बड़वाह में 158 मिमी, सनावद में 77 मिमी, महेश्वर में 84 मिमी और कसरावद में 67 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई है।
आगरा में अवैध सब्जी मंडी पर चला बुलडोजर:नगर निगम ने सड़क से हटाया अतिक्रमण, पुलिस बल रहा तैनात
आगरा में सड़क पर लंबे समय से लग रही अवैध सब्जी मंडी पर मंगलवार दोपहर 12 नगर निगम का बुलडोजर चला। पुलिस की मौजूदगी में चले अभियान के दौरान सड़क को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। कई सब्जी विक्रेताओं का सामान जब्त कर लिया गया। ताजगंज थाना क्षेत्र के बसई स्थित पर्यटन थाना रोड पर करीब एक किलोमीटर तक सब्जी विक्रेताओं का कब्जा था। दोनों ओर अतिक्रमण होने से सड़क पर दोपहिया वाहन निकालना भी मुश्किल हो गया था। नगर निगम की कई चेतावनियों के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटने पर कार्रवाई की गई। विरोध की कोशिश के बीच टास्क फोर्स और पुलिस ने अभियान पूरा कराया और सड़क को साफ कर पानी निकासी की व्यवस्था भी कराई। बुलडोजर अभियान की 3 तस्वीरें… इसके बावजूद अवैध सब्जी मंडी नहीं हटी। मंगलवार दोपहर लगभग 12 बजे नगर निगम की टीम बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंच गई। इससे सब्जी विक्रेताओं में हड़कंप मच गया। कुछ ने विरोध का प्रयास किया। उन्होंने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का विरोध किया। मगर, नगर निगम की टास्क फोर्स और पुलिस ने उन्हें मौके से हटा दिया। इस बीच बहुत से सब्जी विक्रेताओं ने अपना सामान समेटना शुरू कर दिया। नगर निगम का बुलडोजर भी आगे बढ़ने लगा। सड़क किनारे अतिक्रमण को बुलडोजर की मदद से हटाया। इस बीच बहुत से दुकानदारों का नगर निगम ने सामान जब्त कर लिया। अतिक्रमण की वजह से सड़क पर काफी गंदगी एकत्रित हो गई थी। मिट्टी के ढेर लग गए थे। बुलडोजर की मदद से सड़क को समतल करने के साथ ही यहां पानी की निकासी की व्यवस्था की गई। नगर निगम ने अभियान चलाकर इस सड़क को अतिक्रमण से मुक्त कराया।
जालोर में पंचायत का तुगलकी फरमान सामने आया है। पंचों ने लिव इन में रह रहे युवक (22) और युवती (21) पर 21 लाख का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही युवक-युवती के परिवार को समाज से बहिष्कृत कर हुक्का-पानी बंद कर दिया। पंचों ने धार्मिक स्थल पर जाने की भी रोक लगा दी। 6 जून को रिश्तेदार की मौत पर 12वें में शामिल होने पहुंचे तो वहां से भी उन्हें निकाल दिया गया। मामले में 29 जून को पीड़ित परिवार एसपी ऑफिस पहुंचा और 11 नामजद आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। जालोर एसपी शैलेंद्र सिंह ने बताया- इस मामले में जांच चल रही है। सायला SHO महिपाल सिंह खुद मामले की जांच कर रहे हैं, कार्रवाई करेंगे। अब पढ़िए पीड़ित परिवार की कहानी… मर्जी से रह रहे, परिवार को की आपत्ति नहीं पीड़ितों ने बताया- लड़की का बाल विवाह हुआ था, बालिग होने के बाद 2024 में तलाक लेकर अलग रह रही थी। 1 नवंबर 2025 से युवती मर्जी से समाज के युवक के साथ लिव इन में रहने लगी। दोनों के इस फैसले से समाज के पंच नाराज हो गए। पीड़ितों ने बताया- फरवरी महीने में धर्मस्थल पर हुई एक सभा में पंचों ने परिवार को बुलाकर चेतावनी दी थी कि दोनों लिव इन में नहीं रह सकते। युवती को वापस उसके माता-पिता के घर छोड़ दिया जाए। इसके लिए पीड़ित परिवार को 2 महीने का समय दिया था। 21 लाख जुर्माना, समाज से बाहर निकाला 2 महीने पूरे होने के बाद 20 अप्रैल 2026 को एक पंच के घर फिर से पंचायत बुलाई गई। इसमें करीब 11 नामजद आरोपियों समेत 61 लोग शामिल हुए थे। पंचायत में पंच ने खड़े होकर पूरे परिवार पर 21 लाख रुपए देने का जुर्माना लगा दिया। साथ ही, परिवार का हुक्का-पानी बंद कर समाज से बाहर (न्यात बाहर) करने का फरमान जारी कर दिया। दावा है कि समाज से बहिष्कृत करने का एक लिखित दस्तावेज भी तैयार किया गया है, जो मुख्य आरोपी के पास है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि इस फरमान के बाद से समाज का कोई भी व्यक्ति उनसे बातचीत नहीं करता है। इसके साथ ही धर्म स्थल पर भी एंट्री बंद करवा दी है। न समाज के कार्यक्रम में शामिल होने दिया जा रहा है। पूर्व सरपंच को भी नहीं छोड़ा, पंचों का इलाके में खौफ परिवार ने 1 जून को सायला थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। इसमें 11 पंचों के नाम लिखे हैं। जिसमें लतीफ खां, नैने खां, मटार खां, जुसे खां, समीर खां, शुमार खां, शौकत खां, आलम खां, युसुफ खां, इस्माइल खां और हिंदे खां के खिलाफ मामला दर्ज किया। आरोप है कि 2 महीना बीत जाने के बाद भी पंचों पर कार्रवाई नहीं हुई है। रिपोर्ट में बताया है कि इलाके में पंचों का खौफ है। इनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं देता है। इससे पहले भी एक पूर्व सरपंच को समाज से बहिष्कृत करने का फरमान सुनाया था। तुगलकी फरमान की ये खबरें भी पढ़ें… मृत्युभोज में घी के मालपुए नहीं बनवाने पर हुक्का-पानी बंद:43 परिवारों को दुकानों से राशन नहीं मिल रहा, कुएं से पानी नहीं दे रहे आर्थिक तंगी की मार झेल रहे परिवार ने मृत्युभोज में 'घी के मालपुए' नहीं बनवाए। सादा खाना खिलाया। इससे समाज के लोग इतने नाराज हुए कि इनका हुक्का-पानी बंद करने का फरमान सुना दिया। इस गरीब परिवार का समर्थन करने वाले 42 अन्य परिवारों पर भी यही तुगलकी फरमान लागू किया गया। पूरी खबर पढ़ें… पंचायत ने किया बहिष्कार, शादी से पहले थाने पहुंचा परिवार:बोले- हमारे बच्चों की बिंदौरी में गांव से कोई नहीं आया, तुगलकी फरमान से डरे लोग जालोर में 19 अप्रैल को शादी से 1 दिन पहले परिवार थाने पहुंचा और पंचों के तुगलकी फरमान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। भाई-बहनों ने हाथों में लगी मेहंदी और शादी का कार्ड दिखाकर कहा था- आज हमारी बिंदौरी निकाली जानी थी, लेकिन पंचों के खौफ के कारण गांव के लोग शादी में आने से डर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर… राजस्थान में पंचों का मनमाना फैसला, महिलाएं स्मार्टफोन नहीं चलाएंगी:पढ़ने वाली बच्चियां भी समारोह और घर से बाहर मोबाइल नहीं ले जा सकेंगी जालोर जिले में 22 दिसंबर 2025 को पंचायत ने मनमाना फैसला सुनाया था। 15 गांव की बहू-बेटियों को 26 जनवरी से कैमरे वाला फोन यूज करने पर बैन लगा दिया था। इतना ही नहीं सार्वजनिक समारोह से लेकर पड़ोसी के घर पर भी फोन ले जाने पर पाबंदी रहेगी। वह स्मार्ट फोन की जगह की-पैड फोन उपयोग में ले सकेंगी। पढ़ें पूरी खबर…
हरियाणा के हांसी क्षेत्र के चैनत गांव में पानी की पाइपलाइन से 'टी-कनेक्शन' को हटाने के विवाद के चलते प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए आंदोलनकारियों के 30 से अधिक सोशल अकाउंट्स को पूरी तरह बैन कर दिया है। इस गांव में पीने के पानी की मांग को लेकर 46 दिनों से लगातार आंदोलन और महापंचायत चल रही थी। जानकारी और सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए पुलिस-प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। इसमें 10 फेसबुक अकाउंट और 20 से सोशल मीडिया चैनल शामिल है। जिन किसान नेताओं और धरना कमेटी सदस्यों के फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट बंद किए गए हैं, उनमें अनूप चैनत (चानौत), सुरेश कौथ, हर्फ छिक्कारा, सरपंच प्रतिनिधि हिमांशु, सुखराम, दीपक दूहन और योगेश दूहन आदि शामिल हैं। दूसरी तरफ, इस आंदोलन में 5 बुजुर्गों का अनशन तुड़वाने वाले पूर्व सरपंच एसोसिएशन हरियाणा के प्रधान सोमेश सरपंच के पक्ष में चरखी दादरी के ग्रामीण और खापें लामबंद हो गई हैं। मौजिज लोगों ने प्रेस वार्ता कर सरकार को चेतावनी दी है कि यदि सोमेश सरपंच पर कोई कार्रवाई हुई, तो पूरे प्रदेश में व्यापक जनाक्रोश भड़क उठेगा। सोशल मीडिया पर इसलिए की कार्रवाई पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आंदोलन से जुड़ी भड़काऊ सूचनाओं और अनर्गल वीडियो के प्रसार को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। वहीं धरना कमेटी के सदस्यों का आरोप है कि सरकार और प्रशासन लोकतंत्र में उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। पूर्व सरपंच के पक्ष में आई खाप व पंचायतें वहीं पूर्व सरपंच सोमेश सरपंच के समर्थन में चरखी दादरी क्षेत्र के 172 गांव और गौधड़िया खाप के 40 गांवों ने एकजुटता दिखाई है। राजकुमार (पूर्व प्रधान, गौधड़िया खाप 40), सुमित गौतम (बीडीसी), नवीन कौशिक (बीडीसी), सुरेश नम्बरदार (चिड़िया), हरिराम शर्मा, कृष्ण शर्मा (फतेहगढ़), पवन कुमार (पूर्व प्रधान, ऑटो मार्केट), रमेश शर्मा, सूबेदार राजकुमार, नरेन्द्र शर्मा और रवि शर्मा ने कहा कि जब अनशन पर बैठे 5 बुजुर्गों की तबीयत बिगड़ रही थी, तब सोमेश सरपंच ने हर्ष छिक्कारा और विकास सिसर के साथ मिलकर 1 घंटे में टी लगवाकर उनकी जान बचाई थी। सरकार ने बाद में उस टी को अवैध बताकर हटवा दिया। इसके बाद मंत्री रणवीर गंगवा और विधायक विनोद भयाना ने सोमेश सरपंच पर कानूनी कार्रवाई की बात कही थी। मुख्यमंत्री के साथ वार्ता रही बेनतीजा विवाद बढ़ने पर मुख्यमंत्री ने धरना कमेटी को वार्ता के लिए चंडीगढ़ भी बुलाया था, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। सोमेश सरपंच ने ऐलान किया था कि यदि 25 जून तक मांग पूरी नहीं हुई, तो वे खुद अनशन पर बैठेंगे। हालांकि, बाद में धरना कमेटी के साथ कुछ मतभेदों के चलते उन्हें धरना स्थल पर आने से प्रतिबंधित कर दिया गया था।
बेतिया कालीबाग मंदिर के पोखरे में मिला युवक का शव:पास में मिली साइकिल और बैग, नहीं हुई बॉडी की पहचान
बेतिया जिले के ऐतिहासिक कालीबाग मंदिर परिसर स्थित पोखरे में मंगलवार को एक अज्ञात युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। सुबह पोखरे के पानी में शव तैरता देख स्थानीय लोगों ने तुरंत कालीबाग थाना पुलिस को सूचना दी। खबर फैलते ही घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही कालीबाग थानाध्यक्ष अजय चौधरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को पोखरे से बाहर निकलवाया और उसकी पहचान कराने की प्रक्रिया शुरू की। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ भी की गई, लेकिन समाचार लिखे जाने तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी। कुछ कपड़े और एक मोबाइल चार्जर बरामद हुआ प्रारंभिक जांच के दौरान मंदिर के मुख्य द्वार के पास एक साइकिल खड़ी मिली, जिस पर एक बैग बंधा हुआ था। बैग की तलाशी लेने पर उसमें कुछ कपड़े और एक मोबाइल चार्जर बरामद हुआ। हालांकि, कोई पहचान पत्र या ऐसा दस्तावेज नहीं मिला, जिससे युवक की शिनाख्त हो सके। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि बरामद साइकिल और बैग मृतक के ही हैं या किसी अन्य व्यक्ति के। पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच भेज दिया पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच भेज दिया है। मृतक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उसके फोटो और उपलब्ध विवरण को सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों से साझा किया जा रहा है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति मृतक की पहचान कर सके या उसके संबंध में कोई जानकारी रखता हो, तो तत्काल कालीबाग थाना से संपर्क कर पुलिस की सहायता करें। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि युवक की मौत दुर्घटनावश हुई, आत्महत्या का मामला है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच तथा मृतक की पहचान होने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। मामले की जांच जारी है।
गोरखपुर में सोमवार शाम एक महिला ने अपने पति के बहनोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया है। महिला का आरोप है कि आरोपी पिछले 6 महीने से उसके साथ अश्लील हरकतें कर रहा था। वह घर आने पर उसके कमरे में ताक-झांक करता था और मौका मिलते ही छेड़छाड़ करता था। महिला का कहना है कि जब उसने पति और ससुराल वालों को इसकी जानकारी दी तो उन्होंने उसकी बात पर भरोसा नहीं किया। इसके बाद वह पिता के साथ थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने यौन उत्पीड़न समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया। मामला कैंट थाना क्षेत्र की है। अब जानिए पूरा मामला… 6 महीने से करता था अश्लील हरकतें 30 वर्षीय महिला ने पुलिस को बताया कि उसके पति का बहनोई कुशीनगर जिले का रहने वाला है। उसका ससुराल में अक्सर आना-जाना रहता है। पिछले छह महीने से वह उसके साथ अश्लील हरकतें कर रहा था। घर आने पर वह उस पर फब्तियां कसता था। अकेला मिलने पर छेड़छाड़ करता और बैड टच करता था। महिला का आरोप है कि आरोपी उससे कहता था। मेरा साथ दो, तुम्हें अच्छा लगेगा। बाथरूम में घुसकर भी की छेड़छाड़ का आरोप महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी कई बार उसके बाथरूम में भी घुस आया। वहां उसका मुंह दबाकर जबरदस्ती अश्लील हरकतें कीं। ससुराल पहुंचते ही वह पहले उसके कमरे में ताक-झांक करता था। पति का बहनोई होने की वजह से वह लंबे समय तक चुप रही, लेकिन आरोपी की हरकतें लगातार बढ़ती गईं। पति और ससुराल वालों ने नहीं किया भरोसा महिला का कहना है कि जब उसने पति को पूरी घटना बताई तो उन्होंने उसकी बात पर भरोसा नहीं किया। ससुराल के अन्य लोगों ने भी उसे ही गलत ठहराया और आरोपी का पक्ष लिया। इसके बाद उसने अपने मायके में पिता को जानकारी दी। पिता के साथ वह कैंट थाने पहुंची और आरोपी के खिलाफ तहरीर दी। महिला ने बताया कि घटना के बाद से वह ससुराल में डरी हुई है। पति अब भी उसकी बात मानने को तैयार नहीं हैं। आरोपी का घर में आना-जाना बना हुआ है और वह लगातार उसे परेशान करता है। महिला ने कहा कि अब वह यह सब और नहीं सह सकती। कैंट पुलिस ने महिला की तहरीर पर यौन उत्पीड़न समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक रवि प्रकाश को सौंपी गई है। थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया- तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। जांच में जो भी साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रायसेन जिले के बेगमगंज में गोह (मॉनिटर लिज़र्ड) की हत्या का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग ने कार्रवाई की है। वन विभाग की टीम ने सोमवार देर रात छापेमारी कर बीजेपी ग्रामीण मंडल अध्यक्ष लक्ष्मी दुबे के भाई विनोद दुबे समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घर में घुसी गोह को मारने का बनाया वीडियो जानकारी के अनुसार, सोमवार को एक गोह आरोपियों के घर में घुस गई थी। इसके बाद विनोद दुबे, जीवन बंसल और हरि नारायण लोधी ने मिलकर गोह को मार दिया। इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया गया। आरोप है कि घटना का वीडियो बीजेपी मंडल अध्यक्ष के सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट किया गया था। वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया था, पहली बार देखा इतना बड़ा गुहेरा। वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आया और कुछ घंटों बाद इसे हटा दिया गया। वीडियो सामने आते ही हरकत में आया वन विभाग गोह की हत्या से जुड़ी जानकारी वन विभाग तक पहुंचने के बाद विभाग की टीम सक्रिय हो गई। वन अमले ने देर रात आरोपियों के घर पहुंचकर कार्रवाई की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान वीडियो से जुड़े साक्ष्य जुटाने के लिए मंडल अध्यक्ष का मोबाइल भी जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज एसडीओ सुधीर पटले ने बताया कि आरोपी विनोद दुबे, जीवन बंसल और हरि नारायण लोधी के खिलाफ भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि गोह एक संरक्षित वन्यजीव है। इसके शिकार या हत्या के मामले में कानून के तहत 7 वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। मामले की जांच जारी वन विभाग का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। वीडियो, मोबाइल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।
जयपुर के सीके बिरला हॉस्पिटल में रोबोटिक तकनिक से राजस्थान का पहला सफल किडनी ट्रांसप्लांट किया गया है। अलग ब्लड ग्रुप (एबीओ-इनकम्पेटिबल) होने के बावजूद पत्नी ने पति के लिए किडनी दान की और रोबोट से सर्जरी की गई। इस सर्जनी का नेतृत्व सीनियर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ.देवेंद्र के.शर्मा ने किया। यह ट्रांसप्लांट बूंदी निवासी एंड स्टेज रीनल डिजीज (ESRD) से पीड़ित मरीज पर किया गया, जो लंबे समय से डायलिसिस पर निर्भर था। मरीज की पत्नी ने किडनी दान करने की इच्छा जताई, लेकिन दोनों के ब्लड ग्रुप अलग थे। मरीज का ब्लड ग्रुप बी-पॉजिटिव, जबकि पत्नी का ए-पॉजिटिव था। इतना ही नहीं, दोनों का एचएलए (ह्यूमन ल्यूकोसाइट एंटीजन) मैच भी शून्य था, जिससे यह ट्रांसप्लांट बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया। डॉ. देवेंद्र शर्मा और उनकी टीम ने सर्जरी के दौरान पहले डोनर की किडनी को लैप्रोस्कोपिक डोनर नेफ्रेक्टोमी तकनीक से निकाला गया। इसके बाद रोबोटिक असिस्टेड रीनल एलोग्राफ्ट ट्रांसप्लांट के जरिए नई किडनी मरीज के शरीर में सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित की गई। नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. शील भद्र जैन और डॉ. अश्विनी शर्मा ने ऑपरेशन से पहले और बाद में दवाओं तथा इम्यूनोसप्रेशन प्रोटोकॉल का सफल प्रबंधन किया, जिससे मरीज का शरीर नई किडनी को स्वीकार कर सका। सर्जरी के तुरंत बाद नई किडनी ने सामान्य रूप से काम करना शुरू कर दिया। सफल रिकवरी के बाद मरीज को स्वस्थ अवस्था में हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई। इस जटिल ऑपरेशन में एनेस्थीसिया टीम के डॉ. अतुल और डॉ. रुचि, जबकि सर्जिकल टीम के डॉ. महेश जोशी और डॉ. प्रतीक का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
बैतूल में एक सड़क हादसे में सरकारी हॉस्टल की रसोइया प्रमिला धुर्वे (35) की मौत हो गई। वह अपने भाई को घोड़ाडोंगरी रेलवे स्टेशन पर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में बैठाकर स्कूटी से घर लौट रही थीं। उनके पति राजू परते होमगार्ड सैनिक हैं। पुलिस के अनुसार, शोभापुर निवासी प्रमिला धुर्वे सोमवार रात को अपने भाई को घोड़ाडोंगरी रेलवे स्टेशन छोड़ने गई थीं। भाई के छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस से भोपाल रवाना होने के बाद, स्टेशन से लौटते समय घोड़ाडोंगरी-रानीपुर जोड़ पर उनकी स्कूटी को एक ट्रक (क्रमांक MH-40-CM-4786) ने टक्कर मार दी। इस टक्कर से प्रमिला धुर्वे की मौके पर ही मृत्यु हो गई। प्रमिला धुर्वे सरकारी हॉस्टल में रसोइया के पद पर कार्यरत थीं। सूचना मिलने पर घोड़ाडोंगरी पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोड़ाडोंगरी के शवगृह में रखवाया गया। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रक (क्रमांक MH-40-CM-4786) को जब्त कर लिया है। मामले में प्रकरण दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
हिसार जिले के सीसवाला निवासी अजय फगेडिया ने सीमित संसाधनों और ग्रामीण परिवेश से निकलकर बड़ी सफलता हासिल की है। उन्हें एक अमेरिकी आईटी कंपनी से 38 लाख रुपए वार्षिक पैकेज का प्रस्ताव मिला है, जो लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गया है। अजय ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल से प्राप्त की। उन्होंने कई वर्ष तक अपने परिवार के साथ खेती में हाथ बंटाया और कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने वर्ष 2019 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली से कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई पूरी की। 11500 के मासिक वेतन पर काम किया इससे पहले, आईआईटी में प्रवेश न मिलने पर उन्होंने डिप्लोमा किया और 2016 में बीटेक प्रवेश परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 12वीं रैंक हासिल की। अजय ने 2019 में मात्र 11,500 रुपए मासिक वेतन पर एक सर्विस-बेस्ड आईटी कंपनी में अपना करियर शुरू किया था। वर्तमान में, अजय बेंगलुरु में एक सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं और आईटी उद्योग में उन्हें लगभग साढ़े छह वर्षों का अनुभव है। लगातार नई तकनीकों को सीखने, कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर उनका वार्षिक पैकेज पहले 10 लाख, फिर 19.50 लाख, 23 लाख और अब 38 लाख रुपए तक पहुंच गया है। अपने करियर के दौरान उन्हें नौकरी छूटने, बिना दूसरी नौकरी के इस्तीफा देने और कार्यस्थल पर कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। हालांकि, उन्होंने हर कठिनाई को एक अवसर में बदल दिया। 7-8 साल तक किया खेतों में काम अजय बताते हैं कि आईटी क्षेत्र में आने से पहले उन्होंने लगभग 7-8 वर्षों तक खेतों में काम किया। खेती ने उन्हें मेहनत, अनुशासन और हर रुपए का महत्व सिखाया। आज भी वह अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए खेती और सामाजिक कार्यों में रुचि रखते हैं। योग, जिम, बैडमिंटन, यात्रा, पौधाराेपण और विद्यार्थियों का मार्गदर्शन उनकी विशेष रुचियों में शामिल हैं। युवाओं के लिए अजय का संदेश है कि सीमित संसाधन कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। यदि ईमानदारी, अनुशासन, निरंतर सीखने की आदत और कड़ी मेहनत के साथ आगे बढ़ा जाए, तो कोई भी युवा अपने सपनों को साकार कर सकता है।

