आकाशीय बिजली गिरने से युवक की मौत:शहडोल में बारिश से बचने पेड़ के नीचे खड़ा था; मौके पर ही झुलस गया
शहडोल के गोहपारू थाना क्षेत्र के गोडारू गांव में आकाशीय बिजली गिरने से युवक की मौत हो गई। यह घटना गुरुवार रात की है। युवक बारिश से बचने के लिए एक आम के पेड़ के नीचे खड़ा था। तभी आकाशीय बिजली गिरने से उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, गोडारू निवासी चंद्र प्रकाश केवट (22) अपने घर के पास स्थित खेत की ओर शौच के लिए गया था। इसी दौरान अचानक मौसम बदल गया और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। युवक मौके पर ही झुलस गया बारिश से बचने के लिए युवक खेत में लगे एक आम के पेड़ के नीचे जाकर खड़ा हो गया। उसी समय तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली पेड़ के पास आ गिरी। बिजली की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़ा। बिजली गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के घरों में मौजूद लोग बाहर निकले। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर युवक को आम के पेड़ के नीचे गंभीर हालत में पड़ा देखा। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई। परिजन और ग्रामीण तत्काल युवक को उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा घटना की सूचना मिलते ही गोहपारू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम कराया। पुलिस का कहना है कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, घटना के समय क्षेत्र में अचानक मौसम खराब हो गया था और तेज गर्जना के साथ कई स्थानों पर बिजली चमक रही थी। विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे खड़ा होना खतरनाक हो सकता है। बिजली अक्सर ऊंची वस्तुओं को अपनी चपेट में लेती है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और सावधानी बरतने की अपील की है।
ग्वालियर अंचल में राजस्थान से आ रही गर्म और शुष्क हवाओं के कारण मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। गुरुवार को दिनभर बादलों और धूप की आंख-मिचौली चलती रही। सुबह बादलों को देखकर लोगों को राहत की उम्मीद जगी, लेकिन दोपहर में तेज धूप निकलने से उमस बढ़ गई और लोग बेहाल रहे। शुक्रवार सुबह भी बादलों की आवाजाही के बीच उमस का असर बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल ग्वालियर-चंबल संभाग में कोई मजबूत मौसमी सिस्टम सक्रिय नहीं है। इसी वजह से क्षेत्र में मानसून की रफ्तार धीमी बनी हुई है। हालांकि स्थानीय स्तर पर बादल बनने की प्रक्रिया जारी है, जिससे कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी या छिटपुट बारिश हो सकती है। लेकिन इससे तापमान और उमस में खास राहत मिलने की संभावना नहीं है। रात में भी गर्मी से नहीं मिली राहत शुक्रवार को शहर का न्यूनतम तापमान 30.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.2 डिग्री अधिक रहा। बढ़े हुए तापमान के कारण रात में भी लोगों को गर्मी का एहसास होता रहा। 25 जून के बाद मानसून की उम्मीद मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्वालियर में मानसून की एंट्री 25 जून के बाद होने की संभावना है। तब तक प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी और कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। फिलहाल ऐसा कोई प्रभावी सिस्टम विकसित नहीं हुआ है, जो व्यापक बारिश करा सके। चिड़ियाघर के वन्यजीवों पर भी असर मौसम के बदलते मिजाज का असर ग्वालियर चिड़ियाघर के वन्यजीवों पर भी दिखाई दे रहा है। वनराज शेर और बगुला सहित कई जानवर अपेक्षाकृत शांत नजर आए। बादलों की मौजूदगी के बीच उनकी गतिविधियों में बदलाव देखा गया और वे बारिश की उम्मीद में सुस्त दिखाई दिए।
संभल में तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोगों को परेशानी हो रही है। जिले में पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 111 दर्ज किया गया है। 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चल रही हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। शुक्रवार सुबह 8 बजे संभल का तापमान 34 डिग्री सेल्सियस था। मौसम विभाग के अनुसार, दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे के बीच अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। पिछले चार दिनों से तापमान 39 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं गया था। दोपहर 12 बजे तक मौसम साफ रहने के बाद काले बादल छाने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। जून महीने की शुरुआत सुहावने मौसम से हुई थी और अब तक 28 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। मानसून की दस्तक 24 जून तक होने की संभावना है, जिसके लिए किसानों ने धान की बुवाई की तैयारी कर ली है। हाल ही में हुई बारिश से संभल तहसील के किसानों को मक्का की फसल में 30 से 40 प्रतिशत का नुकसान हुआ है, हालांकि चंदौसी और गुन्नौर तहसील क्षेत्र में किसानों को कोई नुकसान नहीं हुआ है। स्थानीय निवासी विवेक कुमार ने बताया कि सुबह से ही गर्मी का असर शुरू हो जाता है और दोपहर में अधिक गर्मी के कारण लोग घरों और दुकानों से बाहर नहीं निकलते। उन्होंने बारिश से राहत मिलने की उम्मीद जताई। अप्रैल में अधिकतम तापमान 47 डिग्री, मई में 45 डिग्री और जून में अब तक 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा है। गर्मी के कारण जिला संयुक्त चिकित्सालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चंदौसी की ओपीडी में मरीजों की संख्या 1000 के पार पहुंच गई है, जिनमें सांस, पेट दर्द और एलर्जी के मरीज सबसे अधिक हैं।
मुजफ्फरनगर पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए तैयार किए गए कथित फर्जी धर्मांतरण वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने थाना छपार क्षेत्र के वर्तमान ग्राम प्रधान बबलू प्रधान उर्फ जुबेर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा जा रहा है। पुलिस के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से शामली निवासी चर्चित युवक आयुष मलिक के कथित धर्मांतरण से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा था। जांच में सामने आया कि वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया गया था और उसकी सामग्री भ्रामक थी। वीडियो के वायरल होने से सामाजिक और सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई थी। मामले में हिंदू रक्षा दल के जिलाध्यक्ष शैंकी शर्मा ने थाना छपार में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धारा 353 बीएनएस तथा 67 आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर तकनीकी साक्ष्यों और सोशल मीडिया विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया। SSP संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में SP सिटी अमृत जैन, CO सदर विनय कुमार द्विवेदी और थाना प्रभारी मोहित कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर एआई के माध्यम से फर्जी, एडिटेड या भ्रामक सामग्री तैयार कर समाज में भ्रम या तनाव फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि किसी भी वीडियो, फोटो या संदेश को सत्यापन किए बिना सोशल मीडिया पर साझा न करें, अन्यथा उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
लखनऊ में एक बार फिर से होर्डिंग वार शुरू हो गई है। सपा मुख्यालय के बाहर राम मंदिर चंदा चोरी प्रकरण से संबंधित होर्डिंग लगाई गई। होर्डिंग में लिखा गया 'मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम हुए नाराज',अब न आएंगे योगी महाराज'। होर्डिंग सपा नेता सोमिल सिंह के द्वारा लगवाई गई। जिसमें चरथावल से विधायक पंकज मलिक की तस्वीर है। होर्डिंग के दूसरी ओर अखिलेश यादव हनुमान जी की आरती करते हुए नजर आ रहे हैं लगवाई गई होर्डिंग में सबसे ऊपर लिखा है। '27 में आ रहे हैं अखिलेश। मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम हुए नाराज, अब न आएंगे योगी महाराज ,महा पापियों का खुला भेद, भाजपाइयों पे सच्चे , सनातनियों को है खेद'। यह होर्डिंग सपा मुख्यालय के एंट्री गेट से ठीक पहले दाहिनी तरफ लगी है। जिसकी तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। होर्डिंग लगवाने वाले सोमिल सिंह ने कहा कि भाजपा चंदा चोरों की पार्टी है। यह बेहद शर्मनाक है कि इन लोगों ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के नाम पर पर गबन कर दिया। लाखों करोड़ों लोगों की आस्था से सीधे खिलवाड़ है। राम मंदिर चंदा चोरी यह दर्शाता है कि भाजपा वालों को आस्था और श्री राम से कोई मतलब नहीं। इन्हें बस पैसा चाहिए। उत्तर प्रदेश की सनातनी जनता 2027 में बीजेपी को सबक सिखाएगी। सोमिल ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि अभी तक FIR दर्ज क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जो SIT गठित हुई है उस से हम लोगों को बहुत ज्यादा उम्मीदें नहीं है। उन्होंने कहा कि जो राम मंदिर ट्रस्ट की कमेटी है उसमें नपेंद्र मिश्रा जैसे पूर्व आईएएस ऑफिसर हैं, मुख्य चुनाव आयुक्त हैं। यहां यह हो रहा है कि मालिकों की जांच चौकीदार करेगा। कमेटी में इतने बड़े लोग हैं कि उनके सामने SIT की क्या हैसियत है। हम इसे निष्पक्ष जांच की क्या उम्मीद करें यहां पर तो आरोपी और चोरी जो हुआ दोनों सामने है। अब तक एफआईआर दर्ज हो जानी चाहिए राम मंदिर में यह चीज बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शहडोल के धनपुरी थाना क्षेत्र के कुदरा टोला में गुरुवार रात घरेलू विवाद के बाद एक महिला ने आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से उसकी जान बच गई। समय रहते मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने फांसी के फंदे पर झूल रही महिला को नीचे उतारकर बचाया। कुदरा टोला निवासी रज्जू और उसकी पत्नी के बीच गुरुवार-शुक्रवार की रात खाना बनाने को लेकर विवाद हो गया था। विवाद के बाद महिला ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। काफी देर तक जब वह बाहर नहीं निकली और परिजनों के समझाने पर भी दरवाजा नहीं खोला, तो उन्होंने अनहोनी की आशंका जताई। महिला ने खुद को कमरे में बंद कर लिया परिजनों को अनहोनी की आशंका होने पर उन्होंने तत्काल धनपुरी पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही धनपुरी थाने में पदस्थ आरक्षक प्रिंस अग्रवाल और कोमल लोधी मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने तुरंत कमरे का दरवाजा खुलवाया। अंदर महिला फांसी के फंदे पर लटकी हुई थी। दोनों आरक्षकों ने तत्काल उसे नीचे उतारा और प्राथमिक सहायता दी, जिससे उसकी जान बच गई। अगर देरी होती तो नहीं बचती जान प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि पुलिस कुछ मिनट और देर से पहुंचती तो महिला की जान जा सकती थी। पुलिस की तत्परता और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद महिला को आवश्यक उपचार और परामर्श के लिए भेजा गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में घरेलू विवाद की बात सामने आई है। पति रज्जू के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। महिला को बचाने की पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद धनपुरी पुलिस की कार्यशैली की क्षेत्र में सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों ने आरक्षक प्रिंस अग्रवाल और कोमल लोधी की संवेदनशीलता, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की प्रशंसा की है।
युवतियों की फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर अश्लील फोटो अपलोड करने के मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने साथ पढ़ने वाली युवतियों के नाम से करीब 12 से इंस्टाग्राम आईडी बनाए थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी युवती से दोस्ती करना चाहता था। युवती के मना करने पर उससे बदला लेने के लिए ऐसा किया। मामला सीकर का है। फेक आईडी से गलत मैसेज किए SHO राकेश कुमार मीणा ने बताया कि 27 मई को कॉलेज में पढ़ने वाली युवती ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में बताया था कि वह प्राइवेट कॉलेज में पढ़ती है। उसका इंस्टाग्राम पर अकाउंट है। किसी युवक ने 30 मार्च को उसकी फेक आईडी बनाकर उसके नाम से कई लोगों को गलत मैसेज किए। इसके बाद 2 अप्रैल,11 अप्रैल,15 अप्रैल और 26 मई को भी ऐसा हुआ। युवक ने किसी के साथ उसकी अश्लील फोटो एडिट करके अपलोड भी की। एक अन्य युवती की भी फेक आईडी बनाई आरोपी युवक ने कॉलेज की ही एक अन्य युवती की भी फेक इंस्टाग्राम आईडी बनाई। आरोपी बार-बार आईडी बनाकर उसे डिलीट कर देता। पुलिस ने टेक्निकल सोर्सेज के आधार पर इन्वेस्टिगेशन शुरू की, जिसके आधार पर पुलिस ने दोनों युवतियों के साथी बैचमेट को गिरफ्तार किया है। जिससे अब पुलिस पूछताछ कर रही है।
श्रावस्ती जिले में गुरुवार रात एक सड़क हादसे में बुलेट बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। यह दुर्घटना नवीन मॉडर्न थाना क्षेत्र के जेतवन इंटर कॉलेज के पास हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और दुर्घटना में शामिल कंटेनर चालक को हिरासत में ले लिया है। जानकारी के अनुसार, रॉयल इनफील्ड (बुलेट) पर सवार दोनों युवक सिद्धार्थ नगर से बलरामपुर होते हुए इकौना की ओर जा रहे थे। जेतवन इंटर कॉलेज के सामने सड़क पर अचानक आए छुट्टा मवेशी से उनकी बाइक टकरा गई। टक्कर के बाद दोनों बुलेट सवार सड़क पर गिर पड़े, तभी पीछे से आ रहे एक कंटेनर ने उन्हें रौंद दिया। इससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान लगभग 40 वर्षीय राजेश मिश्रा उर्फ़ राजन पुत्र रामनरेश मिश्रा, निवासी चकपिहानी, थाना कोतवाली भिनगा, श्रावस्ती और बहनोई टिंकू तिवारी निवासी ग्राम मनीकापुर, थाना पयागपुर, बहराइच के रूप में हुई है। बताया जा रहा है दोनों बीते 17 जून को सिद्धार्थनगर रिश्तेदारी मे गए थे, वहीं से तीसरे दिन लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, राजेश मिश्रा अपने चार भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके दो भाई भी दिल्ली में व्यवसाय करते हैं, जबकि राजेश भी दिल्ली में रहते हैं और समय-समय पर गांव आकर खेती का काम भी देखते थे। उनके परिवार में माता-पिता और एक 14 वर्षीय बेटी है।बताया गया है कि राजेश तीन दिन पहले अपने बहनोई टिंकू तिवारी के साथ सिद्धार्थनगर स्थित अपने ननिहाल गए थे और गुरुवार को घर लौट रहे थे। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में शोक छा गया। गांव के लोगों का कहना है कि अभी चार दिन पहले ही राजेश दिल्ली से गांव लौटे थे आज शुक्रवार को फिर उन्हें दिल्ली लौटना था,परिवार के अन्य लोग दिल्ली में थे राजेश के मौत की खबर सुनते ही सभी लोग घर के लिए रवाना हो गए।पुलिस ने बताया कि दुर्घटना में शामिल कंटेनर और उसके चालक को हिरासत में ले लिया गया है। मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।वहीं घटनास्थल पर शांति व्यवस्था और यातायात सामान्य बना हुआ है।
जालोर के रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। रेलवे लालगढ़ (बीकानेर) और साबरमती (अहमदाबाद) के बीच नई दैनिक एक्सप्रेस ट्रेन शुरू करने जा रहा है। यह ट्रेन जालोर होकर संचालित होगी, जिससे जिले को पहली बार बीकानेर के लिए नियमित दैनिक रेल सेवा का लाभ मिलेगा। इससे पहले करीब एक महीने पहले जालोर को दिल्ली के लिए दैनिक ट्रेन की सुविधा मिली थी। 21 जून को बीकानेर से शुरू होगी ट्रेन रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव 21 जून को बीकानेर में इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। ट्रेन संचालन को लेकर 14 जून को स्वीकृति जारी हो चुकी थी, हालांकि उस समय ट्रेन नंबर और समय-सारिणी जारी नहीं की गई थी। नई ट्रेन अहमदाबाद और बीकानेर के बीच वाया जालोर संचालित होगी। जालोर से बीकानेर के लिए अब रोज मिलेगा रेल कनेक्शन वर्तमान में जालोर से बीकानेर के लिए केवल दादर-बीकानेर-दादर एक्सप्रेस सप्ताह में दो दिन ही उपलब्ध है। नई ट्रेन शुरू होने के बाद दोनों शहरों के बीच रोजाना रेल संपर्क स्थापित हो जाएगा। करीब 740 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली यह ट्रेन मेहसाणा, पाटन, मोदरान, समदड़ी, भीलड़ी, धानेरा, रानीवाड़ा, भीनमाल, जालोर, मोकलसर, लूणी, जोधपुर, गोटन, मेड़ता रोड, नागौर, नोखा, बीकानेर और लालगढ़ सहित कई स्टेशनों पर ठहराव करेगी। सुबह बीकानेर पहुंचकर रात को वापस आ सकेंगे यात्री नई ट्रेन साबरमती-लालगढ़ एक्सप्रेस (19407) और लालगढ़-साबरमती एक्सप्रेस (19408) के नाम से संचालित होगी। साबरमती से ट्रेन प्रतिदिन शाम 5.55 बजे रवाना होकर रात 8.50 बजे भीलड़ी, 11.20 बजे जालोर और अगली सुबह 7.30 बजे बीकानेर पहुंचेगी। इसके बाद सुबह 8.10 बजे लालगढ़ पहुंचेगी। वहीं लालगढ़ से ट्रेन रात 9.05 बजे रवाना होगी और 9.20 बजे बीकानेर, अगली सुबह 6.20 बजे जालोर, 8.45 बजे भीलड़ी होते हुए सुबह 11.30 बजे साबरमती पहुंचेगी। यात्रियों को मिलेगा दिनभर काम निपटाने का मौका नई ट्रेन जालोर के यात्रियों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी। यात्री सुबह बीकानेर पहुंचकर दिनभर अपने जरूरी काम निपटा सकेंगे और रात में उसी ट्रेन से वापस जालोर लौट सकेंगे। ट्रेन को 23 एलएचबी कोच के साथ संचालित किया जाएगा। कोचों में पानी भरने की व्यवस्था जोधपुर और रानीवाड़ा स्टेशनों पर की जाएगी।
जैसलमेर में आज आंधी-बारिश का येलो अलर्ट:तेज हवाओं के साथ धूलभरी आंधी की आशंका; पारा 39 डिग्री पार
जैसलमेर जिले में पिछले दो दिनों से मौसम पूरी तरह साफ रहने के बाद अब एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। गुरुवार को सुबह से ही तीखी धूप निकलने के कारण दिन का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जिससे लोग उमस और भीषण गर्मी से बेहाल नजर आए। मौसम में आ रहे इस उतार-चढ़ाव के बीच मौसम विभाग ने आज जिले के लिए तेज आंधी के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, शुक्रवार दोपहर बाद अचानक मौसम का मिजाज बदलेगा और धूलभरी हवाओं के साथ गरज-चमक की स्थिति बनेगी। 24 घंटे में पलटा पासा, रात में बढ़ी उमस जैसलमेर जिले में तापमान का ग्राफ लगातार चौंका रहा है। बुधवार रात को क्षेत्र में तेज हवाएं चलने से मौसम में थोड़ी ठंडक महसूस हुई थी, जिसके चलते बुधवार के न्यूनतम तापमान में 6 डिग्री की भारी गिरावट दर्ज की गई थी। लेकिन गुरुवार को पासा पूरी तरह पलट गया। गुरुवार को दिन के पारे में जहां 1 डिग्री की बढ़ोतरी हुई, वहीं रात का पारा फिर से 6 डिग्री सेल्सियस उछलकर सीधे 28 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। रात के तापमान में आई इस अचानक तेजी की वजह से हवा थमते ही लोग रातभर उमस से परेशान होते रहे। पश्चिमी विक्षोभ का असर, आंधी के साथ आ सकती है राहत मौसम केंद्र के अनुसार, एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हवाओं के रुख में बदलाव आ रहा है। शुक्रवार को जिले के कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है। इसके साथ ही कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। इस मौसमी बदलाव से आगामी 24 से 48 घंटों में दिन और रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे आमजन को भीषण गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिलेगी। हालांकि, विभाग ने आंधी के दौरान कच्चे मकानों, टिनशेड और बिजली के खंभों से दूर रहने की हिदायत दी है।
पानीपत के सेक्टर 40 में किराए के मकान में रहने वाला एक शख्स अपनी ही 17 वर्षीय नाबालिग साली को बहला-फुसलाकर अपने साथ लेकर फरार हो गया। पीड़िता उत्तर प्रदेश के हाथरस की रहने वाली है, जो अपनी बड़ी बहन के पास पानीपत में रह रही थी। दोनों के अचानक गायब होने के बाद जब बड़ी बहन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, तब जीजा और नाबालिग साली के बीच चल रहे अवैध प्रेम प्रसंग का सनसनीखेज खुलासा हुआ। सेक्टर 13-17 थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जीजा, ढाई साल की बेटी का पिता है। माता-पिता की मौत के बाद बेटी की तरह पाला था थाने में दी गई शिकायत के अनुसार, पीड़ित महिला ने बताया कि माता-पिता की मौत के बाद उसने और उसके पति (पवन) ने अपनी छोटी बहन को अपनी सगी बेटी की तरह समझकर पाला-पोसा था। धीरे-धीरे वह बड़ी होती चली गई और अब उसकी उम्र 17 वर्ष है। बड़ी बहन इस बात से पूरी तरह अनजान थी कि जिस पति को वह अपना हमसफर मानती है और जिस बहन को बेटी की तरह प्यार दिया, उन दोनों के बीच घर के अंदर ही प्रेम प्रसंग पनप रहा था। साली को गांव भेजने की बात पर झगड़ता था पति महिला ने पुलिस को बताया कि पिछले कुछ दिनों से जब भी वह अपनी नाबालिग बहन को वापस गांव भेजने की बात करती थी, तो उसका पति पवन इस बात पर बुरी तरह झगड़ा करने लगता था। वह हमेशा कहता था कि अगर यह लड़की गांव चली गई, तो मैं भी इस घर में नहीं रहूंगा। हालांकि, पत्नी उस वक्त उनके बीच चल रहे इस नाजायज संबंध से पूरी तरह अनजान थी, लेकिन उसे अपने पति का यह अजीब व्यवहार और साली को हमेशा अपने ही साथ रखने की जिद बेहद खटक रही थी। 4 रातों से जागकर पहरा दे रही थी पत्नी, 5वीं रात आंख लगते ही हुआ कांड पति के बदले हुए बर्ताव और खुदकुशी जैसी धमकियों से डरी पत्नी पिछले चार दिनों से रात-रात भर जागकर अपने पति पर नजर रख रही थी, ताकि वह गुस्से में आकर खुद को कोई नुकसान न पहुंचा ले। लेकिन पांचवीं रात को थकान के कारण पत्नी से ज्यादा देर जागा नहीं गया और वह सो गई। 16 जून की रात को जैसे ही पत्नी की आंख लगी, वैसे ही मौका पाकर आरोपी पति अपनी 17 वर्षीय नाबालिग साली को साथ लेकर घर से रफूचक्कर हो गया। सुबह जब दोनों गायब मिले, तब जाकर पत्नी के सामने इस गहरे प्रेम प्रसंग का राज खुला।
पंजाब में नीट री-एग्जाम के लिए प्रशासनिक स्तर पर फुलप्रूफ तैयारियां की जा रही हैं। परीक्षा संचालन के लिए हर जिले में डिप्टी कमिश्नर को नोडल अफसर बनाया गया है। कस्टोडियन बैंक से सेंटर तक प्रश्नपत्र ले जाने व उन पर नजर रखने की जिम्मेदारी पंजाब पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों की रहेगी। राज्य सरकार ने सभी जिला अधिकारियों को सख्त हिदायतें दी हैं कि 19 जून को तैयारियों की समीक्षा के लिए सभी डिपार्टमेंट्स के साथ बैठक करें। परीक्षा में केंद्र सरकार की सभी गाइडलाइन को फोलो किया जाए ताकि स्टूडेंट्स फ्री माइंड अपना एग्जाम दे सकें। एग्जाम से एक दिन पहले और एग्जाम के दिन यानि 20 व 21 जून को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर विशेष नजर रखी जाए। डिप्टी कमिश्नर्स को स्पष्ट किया गया है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर तुरंत एक्शन लिया जाए। डिप्टी कमिश्नर (DC) हिमांशु जैन ने बताया कि परीक्षा सामग्री की सुरक्षा के लिए इस बार विशेष रणनीति बनाई गई है। हर परीक्षा केंद्र के लिए सीएपीएफ (CAPF) के दो सशस्त्र जवान तैनात रहेंगे। ये जवान सबसे पहले कस्टोडियन बैंक पहुंचेंगे और वहां से परीक्षा सामग्री वाले वाहनों को सुरक्षा घेरा (एस्कॉर्ट) देकर सीधे सेंटर्स तक पहुंचाएंगे। इन 5 बड़े पॉइंट्स में समझें प्रशासनिक तैयारी: NEET-UG परीक्षा NTA व केंद्र सरकार की तरफ से जारी एसओपी… 1. सुरक्षा और गोपनीयता CAPF और स्थानीय पुलिस का पहरा: कस्टोडियन बैंक (जहां पेपर रखे जाते हैं) से लेकर परीक्षा केंद्रों तक गोपनीय परीक्षा सामग्री को लाने-ले जाने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के सशस्त्र जवान और स्थानीय पुलिस तैनात रहेगी। परीक्षा सामग्री को विशेष वाहनों में पूरी सुरक्षा के साथ सीधे परीक्षा केंद्रों तक एस्कॉर्ट किया जाएगा। सीसीटीवी और जैमर्स: परीक्षा के दौरान पेपर लीक या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के इस्तेमाल को रोकने के लिए सभी केंद्रों पर लाइव सीसीटीवी सर्विलांस और हाई-पावर जैमर्स लगाए जाएंगे। 2. परीक्षा केंद्र पर एंट्री और चेकिंग बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन: डमी कैंडिडेट की पहचान के लिए एंट्री गेट पर और परीक्षा हॉल के अंदर उम्मीदवारों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशनअनिवार्य है। कड़ी तलाशी : उम्मीदवारों की मेटल डिटेक्टर के जरिए सघन तलाशी ली जाती है। स्टूडेंट्स अपने साथ एडमिट कार्ड, एक आईडी कार्ड, पारदर्शी पानी की बोतल, एक साधारण पारदर्शी बॉलपॉइंट पेन ले जाने की अनुमति रहेगी। 3. सख्त ड्रेस कोड कपड़े: हल्के कपड़े, हाफ स्लीव शर्ट पहन सकेंगे। फुल स्लीव शर्ट नहीं पहन सकेंगे। कपड़ों में बड़े बटन, हुड या जेबें नहीं होनी चाहिए। जूते-चप्पल: केवल कम हील वाले सैंडल या चप्पल पहनने की अनुमति होती है। मोटे सोल वाले जूते पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। गहने और धातु की वस्तुएं: किसी भी प्रकार के आभूषण या धातु की वस्तुएं पहनकर आने की सख्त मनाही है। 4. प्रतिबंधित वस्तुएं इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स: मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, ईयरफोन, माइक्रोफोन, पेजर, स्मार्ट वॉच, हेल्थ बैंड, कैलकुलेटर आदि। स्टेशनरी: कोई भी लिखित सामग्री, कागज के टुकड़े, ज्योमेट्री/पेंसिल बॉक्स, प्लास्टिक पाउच, लॉग टेबल, स्कैनर या इलेक्ट्रॉनिक पेन। अन्य वस्तुएं: वॉलेट, गॉगल्स, हैंडबैग, बेल्ट, कैप या कोई भी खाने-पीने की सामग्री (डायबिटिक मरीजों के लिए विशेष छूट के साथ)।
पंजाब सरकार की ओर से अब चंडीगढ़ की तर्ज पर मोहाली में भी वर्किंग वुमेन हॉस्टल बनाया जाएगा। यह अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। करीब 15 साल से इसकी मांग की जा रही थी। इसका नींव पत्थर सेक्टर-66 में आज कैबिनेट मंत्री बलजीत कौर रखेंगी। इस हॉस्टल का निर्माण तय समय में पूरा किया जाएगा, जिससे महिलाओं को लाभ मिलेगा। अब तीन प्वाइंटों में जानिए हॉस्टल कितना जरूरी इस प्रोजेक्ट को पहले मिली मंजूरी मोहाली के सबसे बड़े महिला हॉस्टल प्रोजेक्ट पर ₹73.85 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसमें 350 महिलाओं के रहने की व्यवस्था होगी। सेक्टर-79 हॉस्टल के प्रोजेक्ट पर ₹12.57 करोड़ खर्च होंगे। फंडिंग में 60% राशि केंद्र सरकार के निर्भया फंड से और 40% (करीब ₹5.03 करोड़) पंजाब सरकार देगी।
अयोध्या में टेम्प्रेचर 39°C:आज आसमान में बादल छाए रहेंगे, बारिश के आसार, बिजली कटौती से लोग परेशान
जिले में उमस भरी गर्मी और अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के बीच ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित हो रही है। ओवरलोड ट्रांसफार्मरों के कारण रात में कई बार लाइन ट्रिप होने और घंटों बिजली गुल रहने से लोग बेहाल हैं। रातभर कटौती, दिन में भी बिजली संकट शहर और गांवों में बिजली आपूर्ति की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। लोगों का कहना है कि रात के समय कई-कई बार बिजली चली जाती है। इसके अलावा दो-दो घंटे की अघोषित कटौती भी की जा रही है। उमस भरे मौसम में पंखे और कूलर बंद होने से लोगों को रातभर जागकर समय बिताना पड़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी स्थानीय निवासियों के मुताबिक बिजली संकट का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर पड़ रहा है। लगातार गर्मी और उमस के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही हैं। रात में नींद पूरी न होने से लोगों को दिनभर थकान और बेचैनी का सामना करना पड़ रहा है। व्यापार और घरेलू कामकाज भी प्रभावित बिजली कटौती का असर घरेलू कार्यों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ रहा है। दुकानदारों और छोटे कारोबारियों का कहना है कि बार-बार बिजली जाने से काम प्रभावित हो रहा है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। अगले 24 घंटे में बारिश के आसार कम मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में आसमान में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन व्यापक बारिश की संभावना फिलहाल नहीं है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. सीताराम मिश्रा के अनुसार मानसून अभी बिहार सीमा के आसपास ठहरा हुआ है, जिसके चलते अयोध्या मंडल में अच्छी बारिश के आसार कम हैं। कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन इससे गर्मी से विशेष राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। सामान्य से अधिक दर्ज हुआ तापमान मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले का अधिकतम तापमान 39.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.2 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 28.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। अधिकतम सापेक्षिक आर्द्रता 78 प्रतिशत और न्यूनतम 50 प्रतिशत रही। हवा की औसत गति 2.4 किलोमीटर प्रति घंटा रिकॉर्ड की गई। लोगों ने की व्यवस्था सुधारने की मांग बढ़ती गर्मी और बिजली संकट से परेशान लोगों ने प्रशासन और बिजली विभाग से आपूर्ति व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है। साथ ही ओवरलोड ट्रांसफार्मरों को जल्द बदलने और कटौती पर नियंत्रण लगाने की अपील की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के तीसरे दीक्षांत समारोह में मेधावियों की सफलता से उनके घरों में जश्न का माहौल है। बहराइच के किसान पुत्र हरमन सिंह ने MBBS में सर्वोच्च प्रदर्शन कर डायरेक्टर मेडल हासिल किया, जबकि फरीदाबाद की आकांक्षा जैन परिवार की पहली डॉक्टर बनकर चांसलर मेडल की हकदार बनीं। पीजी टॉपर डॉ. शुभी शुक्ला ने गोल्ड मेडल के साथ एम्स दिल्ली में सुपर स्पेशियलिटी कोर्स में चयन हासिल किया। वैष्णवी श्रीवास्तव समेत अन्य मेधावियों की उपलब्धियों से सभी खुश हैं। दैनिक भास्कर ने दीक्षांत समारोह में टॉप प्रदर्शन करने वाले कुछ मेधावियों से बात की। पढ़िए टॉपर्स की कहानी… बचपन में नटखट, बड़े होकर बने MBBS टॉपर डायरेक्टर मेडल पाने वाले MBBS टॉपर हरमन सिंह की सफलता ने सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। बहराइच निवासी हरमन सिंह के पिता कुलबीर सिंह पेशे से किसान हैं, जबकि माता भूपेंद्र कौर गृहिणी हैं। हरमन ने बताया कि उनके पिता ने हमेशा उन्हें डॉक्टर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पिता की मेहनत को अपनी प्रेरणा बनाया और पढ़ाई में लगातार मेहनत की। हरमन ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में कदम रखने के बाद सबसे ज्यादा खुशी उन्हें तब हुई, जब उन्होंने अपने माता-पिता के चेहरे पर गर्व और खुशी देखी। उनकी इस उपलब्धि ने न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। बेटे की सफलता से किसान पिता की वर्षों की मेहनत और उम्मीदें आखिरकार रंग लाई हैं। उन्होंने कहा कि बेटे ने कड़ी मेहनत और हौसले से उनके सपनों को पूरा किया। कड़ी मेहनत कर बेटे ने सिर्फ MBBS की डिग्री हासिल की, बल्कि प्रतिष्ठित डायरेक्टर मेडल भी प्राप्त किया। कुलबीर कहते हैं कि बचपन में बेटा थोड़ा नटखट था पर जो मन मे ठान लेता था, उसे पूरा करके ही मानता था और आज उसने एक बार फिर वहीं कर दिखाया। इंजीनियर की फैमिली में पहली डॉक्टर एनेस्थीसिया में गोल्ड मेडल पाने वाली डॉ.शुभी शुक्ला ने बताया कि साल 2022 में मेडिकल PG में दाखिला लिया था। यहां पढ़ाई के बाद एम्स दिल्ली में डीएम क्रिटिकल केयर के लिए सेलेक्शन हो गया है। पिता रेलवे में चीफ इंजीनियर के पद से रिटायर हुए। मां गृहणी है। छोटा भाई BITS पिलानी से इंजीनियरिंग कर रहा। शुभी कहती है कि उनके नाना-नानी का सपना था कि वह डॉक्टर बने। उस सपने को पूरा करने के लिए मेहनत की और उनके आशीर्वाद से सफलता हासिल हुई। ये कह सकते है कि इंजीनियर्स की फैमिली में मैं पहली डॉक्टर हूं। माता-पिता के आशीर्वाद से मिली सफलता शुभी कहती हैं कि मेरे लिए डॉक्टर बनना ही अहम है। मैंने कभी डॉक्टर बनने के बारे में नहीं सोचा था पर ईश्वर की कृपा से ही ये संभव हुआ है। गोल्ड मेडल पाने की बात कभी जेहन नहीं थी। आज वह भी संभव हुआ और अब एम्स दिल्ली में सुपर स्पेशलिटी कोर्स के लिए सेलेक्शन, ये सब कुछ माता-पिता के आशीर्वाद से ही संभव हुआ। चांसलर मेडल पाने वाली आकांक्षा की कहानी फरीदाबाद निवासी आकांक्षा जैन ने अपनी मेहनत और लगन से चांसलर मेडल हासिल कर परिवार का नाम रोशन किया है। आकांक्षा बताती हैं कि वह अपने परिवार की पहली डॉक्टर हैं। उनके पिता रमन जैन व्यवसायी हैं, जबकि माता आयुष जैन शिक्षिका हैं। उनके भाई गुरुग्राम में नौकरी करते हैं। आकांक्षा ने बताया कि लोहिया संस्थान में पढ़ाई का अनुभव बेहद शानदार रहा। यहां उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ क्लीनिकल कार्य सीखने का भी बेहतर अवसर मिला, जो उन्हें एक बेहतर और सफल डॉक्टर बनने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि अब वह मेडिसिन में पीजी कर मरीजों की सेवा करना चाहती हैं। आकांक्षा की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है और सभी को उन पर गर्व है। वैष्णवी के खाते में आए 2 गोल्ड मेडल बस्ती की मूल निवासी वैष्णवी श्रीवास्तव ने अपनी मेहनत और लगन से पीडियाट्रिक्स में गोल्ड मेडल हासिल कर परिवार का नाम रोशन किया है। वैष्णवी बताती हैं कि वह बचपन से ही डॉक्टर बनना चाहती थीं और अब उनका यह सपना पूरा हो गया है। वैष्णवी ने बताया कि अब वह मेडिसिन में पीजी कर विशेषज्ञ डॉक्टर बनना चाहती हैं। उनके पिता दिलीप कुमार श्रीवास्तव शिक्षक हैं, जबकि माता सुषमा श्रीवास्तव बाल विकास पुष्टाहार विभाग में आईसीडीएस सुपरवाइजर हैं। उनकी छोटी बहन दीपाशी बीएससी की पढ़ाई कर रही हैं। वैष्णवी ने बताया कि लोहिया संस्थान में पढ़ाई का माहौल बेहद बेहतर रहा। यहां मिले क्लीनिकल अनुभव ने उन्हें एक अच्छा डॉक्टर बनने में काफी मदद की। उनकी इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है और सभी को उन पर गर्व है। ----------------------------- संबंधित खबर भी पढ़िए- गदंगी पर भड़कीं राज्यपाल, बोलीं- नॉनवेज खाना जरूरी?:लखनऊ में लोहिया संस्थान के डॉक्टरों को फटकारा, मंत्रियों से कहा- व्यवस्था देखिए लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान का तीसरा दीक्षांत समारोह सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित किया गया। समारोह में ऑनलाइन जुड़ीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने एससी राय हॉस्टल के ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाली गंदगी को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने ACS अमित कुमार घोष को भी इस पर ध्यान देने को कहा। (पूरी खबर पढ़िए)
रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए छपरा-आनंद विहार साप्ताहिक एक्सप्रेस और मऊ-आनंद विहार टर्मिनल के लिए विशेष साप्ताहिक ट्रेन का संचालन करने का निर्णय लिया है। इन ट्रेनों का ठहराव जौनपुर और शाहगंज स्टेशनों पर होगा, जिससे स्थानीय यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। गोरखपुर के मुख्य जन संपर्क अधिकारी सुमित कुमार के अनुसार, 19 जून, रविवार को 02527 छपरा-आनंद विहार टर्मिनस उद्घाटन विशेष ट्रेन छपरा से दोपहर 1:45 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन बलिया, मऊ और आजमगढ़ होते हुए शाहगंज शाम 6:15 बजे और जौनपुर शाम 6:58 बजे पहुंचेगी। इसके बाद, यह सुलतानपुर, लखनऊ, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद होते हुए अगले दिन सुबह 7:30 बजे आनंद विहार टर्मिनस पहुंचेगी। इसी क्रम में, 19 जून, रविवार को 05129 मऊ-आनंद विहार टर्मिनस उद्घाटन विशेष गाड़ी मऊ से दोपहर 1:45 बजे प्रस्थान करेगी। यह मुहम्दाबाद, आजमगढ़ और खौरासन रोड से होते हुए शाहगंज शाम 4:15 बजे, जौनपुर शाम 5:00 बजे और जंघई शाम 6:20 बजे पहुंचेगी। यह ट्रेन प्रयागराज और कानपुर सेंट्रल होते हुए अगले दिन सुबह 5:45 बजे आनंद विहार टर्मिनस पहुंचेगी।
खरगोन जिले की 750 करोड़ रुपए लागत की बिंजलवाड़ा सिंचाई परियोजना के तीसरे चरण में शुक्रवार को PS-4 से BR-3 की टेस्टिंग की गई। इस टेस्टिंग के बाद परियोजना का पानी नरगांव तक पहुंच गया है, जिससे किसानों को लाभ मिला है। परियोजना के तहत अब मालखेड़ा, रामपुर, नूरियाखेड़ी और सिराली क्षेत्रों में भी पानी पहुंचाया जाएगा। किसानों ने इस उपलब्धि पर 'जय बलराम' का जयघोष किया। भारतीय किसान संघ के लगातार आंदोलन के कारण नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) और निर्माण कंपनी पर काम में तेजी लाने का दबाव था। भीकनगांव के एसडीएम लोकेश छापरे, NVDA के कार्यपालन यंत्री एमके सिंह और प्रोजेक्ट कंपनी के समन्वय से परियोजना के काम में गति आई है। अधूरे कार्य एक सप्ताह में करने पर जोरकिसान संघ के युवा प्रतिनिधि श्यामसिंह पवार ने कहा कि बारिश से पहले नर्मदा जल की टेस्टिंग किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने शेष अधूरे कार्यों को भी बारिश से पहले पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया। एक सप्ताह पूर्व पंप-4 BR-2 की टेस्टिंग भी की गई थी। इसके माध्यम से मचलगांव, एकतासा, बायरल, बड़ी पोखर, लछोरा और पालड़ी क्षेत्रों में पानी पहुंचने का दावा किया गया है। परियोजना के अंतिम चरण में PS-5 से कायदू नदी लाइन तक का काम जारी है। इससे झिरनिया क्षेत्र के बागदरी, बदनिया, शिवना और आभापुरी क्षेत्र के किसानों को सिंचाई का लाभ मिलेगा।
गुरुग्राम में आईएमटी मानेसर सेक्टर-1 स्थित व्यस्त मार्केट में एक मारुति स्विफ्ट कार ड्राइवर द्वारा सरेआम खतरनाक स्टंटबाजी का मामला सामने आया है। इस दौरान बाजार में घूम रहे बेजुबान मासूम कुत्तों और खरीदारी करने आए राहगीरों की जान दांव पर लग गई। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसको लेकर दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सफेद रंग की मारुति स्विफ्ट कार का चालक अपनी गाड़ी को बाजार के बीचो-बीच तेज रफ्तार में गोल-गोल घुमा रहा है। कार की रफ्तार इतनी तेज और असंतुलित थी कि वहां मौजूद आवारा कुत्ते डर के मारे इधर-उधर भागने लगे। लापरवाही और हैवानियत की हद तो तब पार हो गई, जब चालक ने भागते हुए कुत्तों के ऊपर ही कार चढ़ाने का प्रयास किया। दो बार मासूम कुत्ते बेहद करीब से कार के पहियों के नीचे आने से बचे। अगर जरा सी भी चूक होती, तो कई बेजुबान जानवर मौके पर ही दम तोड़ देते। पैदल चलने वाले खरीदार भी परेशानयह स्टंटबाजी केवल बेजुबान जानवरों तक ही सीमित नहीं रही। जिस वक्त यह स्टंटबाजी चल रही थी, उस वक्त बाजार में लोगों की आवाजाही थी। मार्केट में कई लोग पैदल चल रहे थे, लेकिन कार चालक बिना किसी डर के गाड़ी को ड्रिफ्ट कर रहा था, जिससे वहां मौजूद पैदल यात्रियों और खरीदारों ने अपना रास्ता बदल लिया। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए दूर से निकलने लगे। गनीमत रही कि कोई राहगीर चपेट में नहीं आया, वरना एक बड़ा और जानलेवा हादसा हो सकता था। व्यापारियों और स्थानीय लोगों में आक्रोशइस घटना के बाद से आईएमटी मानेसर सेक्टर-1 मार्केट के स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों में गहरा रोष है। व्यापारियों का कहना है कि इस तरह की रील बनाने और स्टंटबाजी के चक्कर में बाजार को रेस ट्रैक बना दिया गया है। बेजुबान जानवरों और इंसानों की जान को इस तरह खतरे में डालना सीधे तौर पर मारने के प्रयास जैसा है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से इस वीडियो का संज्ञान लेने और आरोपी ड्राइवर की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। सोशल मीडिया पर उठी गिरफ्तारी की मांगवीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट होते ही तेजी से वायरल हो गया है। पशु प्रेमियों और आम जनता ने गुरुग्राम पुलिस को टैग करते हुए आरोपी चालक के खिलाफ खतरनाक ड्राइविंग की धाराओं के तहत कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जब तक ऐसे स्टंटबाजों पर सख्त एक्शन नहीं लिया जाएगा, तब तक सड़कों और बाजारों में मासूमों की जिंदगी सुरक्षित नहीं रहेगी। हालांकि इस मामले में पुलिस का रिप्लाई नहीं आया है।
होर्मुज खुलते ही भारत को राहत, LNG से भरा सुपरटैंकर गुजरात पहुंचा; गैस सप्लाई में होगी सुधार
अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से LNGC Disha सुपरटैंकर भारत के दहेज पोर्ट पहुंचा। 62 हजार टन से अधिक LNG की खेप आने से गैस और LPG सप्लाई में राहत की उम्मीद।
वाराणसी के काशी स्टेशन के रीडेवलेपिंग कार्य में आ रही मस्जिद गंज शहीदा को रेलवे की तरफ से नोटिस दी गयी है। इस नोटिस में मस्जिद को 20 जून तक खाली करने का निर्देश दिया गया है। उसके बाद रेलवे उसे कभी भी गिरा सकता है। इस नोटिस के चस्पा होने के बाद शहर मुफ्ती मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी और अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमिटी के प्रतिनिधिमंडल से डीएम सत्येंद्र कुमार से मुलाकात की। इस दौरान सभी ने यह मांग किया कि मस्जिद गंज शहीदा के संबंध में डीएम द्वारा रेलवे से बातचीत कर कोई समाधान निकाला जाए क्योंकि मस्जिद काफी पुरानी और आस्था का केंद्र है। हमारी आस्था का केंद्र, 1034 साल पुरानी शहर मुफ्ती अब्दुल बातिन नोमानी ने बताया - काशी स्टेशन पर बनी मस्जिद गंज शहीदा 1034 इसवीं में बनाई गयी थी। उसका रिकार्ड बनारस शहर के बंदोबस्ती नक्शे में भी है। बंदोबस्ती नक्शा साल 1983-84 में यह नक्शा बना है। जबकि काशी स्टेशन का अस्तित्व साल 1987 में आया है। ऐसे में यह मस्जिद गंज शहीदा जो लाखों की लोगों की आस्था का केंद्र है उसके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई न की जाए। रेलवे से बात कर निकालें समाधान शहर मुफ्ती ने बताया - डीएम से हम लोगों ने जो रेलवे ने नोटिस चिपकाई है। उसके संबंध में बात की है और उनसे रेलवे से बात कर इस प्रकरण में समाधान निकालने की बात कही है। इसपर डीएम ने हमें आश्वासन दिया है और जल्द ही कोई रास्ता निकालने की बात कही है। अंजुमन इंतेजामिया ने तब तक किसी भी प्रकर की ध्वस्तीकरण की कार्रवाई न करने का अनुरोध किया है। जिसपर डीएम ने आश्वासन दिया है। अब सिलसिलेवार जानिए पूरा घटनाक्रम… वाराणसी में काशी स्टेशन को मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए रेलवे प्रशासन लगातार अतिक्रमण हटाने और भूमि खाली कराने की कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में काशी स्टेशन के निकट स्थित गंज शहीदा मस्जिद को अवैध निर्माण बताते हुए रेलवे ने वहां नोटिस चस्पा किया है। नोटिस लगाए जाने के बाद मस्जिद के आसपास रहने वाले लोगों में हलचल का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग मस्जिद से जुड़े तथ्यों और मामले की जानकारी लेने के लिए वहां पहुंच रहे हैं। इस बीच मस्जिद के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने वाली अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने भी अपना जवाबी नोटिस चस्पा किया है। कमेटी ने नोटिस के माध्यम से रेलवे के दावे पर आपत्ति जताते हुए अपना पक्ष सार्वजनिक किया है। 20 जून तक खाली करने का दिया अल्टीमेटम रेलवे प्रशासन की ओर से मस्जिद गंज शहीदा पर चस्पा किए गए नोटिस में 20 जून 2026 तक परिसर खाली करने का निर्देश दिया गया है। नोटिस में कहा गया है कि काशी रेलवे स्टेशन के प्रथम प्रवेश द्वार (सर्कुलेटिंग एरिया) के पास रेलवे भूमि पर मस्जिद का निर्माण है, जो स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों में बाधा बन रहा है। रेलवे के अनुसार, इस मामले में मूल वाद संख्या 1174/1991 (अंजुमन इंतेजामिया बनाम यूनियन ऑफ इंडिया) सिविल जज (जूनियर डिवीजन), वाराणसी की अदालत में लंबित था, जिसे 28 अगस्त 2024 को खारिज कर दिया गया था। रेलवे प्रशासन ने नोटिस में कहा है कि रेलवे भूमि पर स्थित इस निर्माण को हटाने का निर्णय लिया गया है। संबंधित पक्ष को 20 जून तक स्वयं मस्जिद खाली करने और हटाने का अनुरोध किया गया है। निर्धारित समय सीमा के बाद रेलवे प्रशासन किसी भी दिन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर सकता है। अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के ज्वाइंट सेक्रेटरी एसएम यासीन ने दी थी जानकारी …हमें कोई नोटिस रिसीव नहीं कराई गई एसएम यासीन ने बताया - मस्जिद पर किसने नोटिस चस्पा किया हमने नहीं पता। इसके अलावा उस नोटिस पर सिर्फ उत्तर रेलवे लिखा है।किसी की साइन मुहर उसपर नहीं है। इसके अलावा हमें या मस्जिद के और किसी जिम्मेदार को वह नोटिस रिसीव नहीं कराई गई है। नोटिस में जिस मुकदमें की बात की जा रही है। वह पूरब तरह स्थित प्लाट का केस था जिसमें पैरवी न होने पर खारिज किया गया था। उसमें मस्जिद का कोई जिक्र नहीं है। 183-84 के बंदोबस्ती नक्शे में है मौजूद एसएम यासीन ने बताया - मस्जिद गंज शहीदा 1034 ईंसवीं की बनी हुई है। इस मस्जिद में कब्रिस्तान और कई मजारें हैं जैसा की इसके नाम से पता चलता है। इसके अलावा इस मस्जिद के रेलवे के पहले से होने का पुख्ता दस्तावेज बनारस के 1883-84 बंदोबस्ती नक्शा है। जिसमें साफ मस्जिद का जिक्र है। यदि यहां मस्जिद नहीं होती तो नक्शे में मस्जिद नहीं लिखा जाता जबकि हमारे पास कोर्ट की अटेस्टेड कॉपी है। तो यह रेलवे कैसे अवैध कह रहा है।
धार शहर में गंदे पानी की सप्लाई के विरोध में हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। कोतवाली पुलिस ने गुरुवार को युवक कांग्रेस जिला अध्यक्ष रोहित कामदार सहित 12 कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई नगर पालिका कर्मचारी की शिकायत पर हुई है। दरअसल, गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने नगर पालिका परिसर में प्रवेश कर नारेबाजी और हंगामा किया। उनका विरोध शहर में स्वच्छ जल प्रदाय न होने को लेकर था। तोड़फोड़ और अभद्र व्यवहार का आरोपनगर पालिका प्रशासन ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान शासकीय कार्य में बाधा डाली गई। इसके साथ ही कार्यालय परिसर में तोड़फोड़ और अभद्र व्यवहार भी किया गया। नगर पालिका कर्मचारी संजय पिता रामगोपाल सिंह ठाकुर की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने रोहित कामदार, परितोष राठौर, बंटी डोड, टोनी छाबड़ा, हेमराज सूजन, गणेश खेर, सिद्धार्थ भूरिया, जितेंद्र चौहान, वाकिब मोहम्मद, सुनील चौहान और मोहन डामोर सहित कुल 12 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। गंदे पानी की सप्लाई को लेकर किया था प्रदर्शनपुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2), 221, 324(2), 351(3) तथा लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धारा 3 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गुरुवार को हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और महिलाओं ने गंदे पानी की सप्लाई को लेकर नगर पालिका के खिलाफ जमकर विरोध जताया था। महिलाओं ने मटके फोड़े और सीएमओ को चूड़ियां पहनाने का प्रयास भी किया। उन्होंने नगर पालिका प्रशासन पर शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में विफल रहने का आरोप लगाया था। कामदार बोले- धरना-प्रदर्शन शांतिपूर्ण थायुवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष रोहित कामदार ने कहा कि कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और इसका उद्देश्य केवल शहरवासियों को गंदे पानी की समस्या से राहत दिलाना था। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ नहीं की और न ही किसी अधिकारी या कर्मचारी के साथ अभद्र व्यवहार किया। कामदार ने बताया कि जब सीएमओ विश्वनाथ सिंह लंबे समय तक अपने चेंबर से बाहर नहीं आए, तब कार्यकर्ता जनता की शिकायत और अपनी बात रखने के लिए उनके कक्ष तक पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद नगर पालिका प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों पर जबरन वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, जिससे स्थिति बिगड़ी। उन्होंने कहा कि नगर पालिका द्वारा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर झूठा प्रकरण दर्ज कराया गया है। यदि जनता को स्वच्छ पेयजल दिलाने और उनकी समस्याओं के लिए आवाज उठाना अपराध है, तो वे ऐसी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। जनता के हितों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
इंदौर के गुरूनानक कॉलोनी में कैलाश मोदी की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी मुकेश शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि मंदिर परिसर में उसकी आवाजाही पर पिछले आठ महीनों से रोक लगा दी गई थी, जिससे वह बेहद नाराज था। इसी रंजिश के चलते उसने कैलाश मोदी पर अचानक हमला कर उनकी हत्या कर दी। अन्नपूर्णा थाना पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान मुकेश शर्मा ने अपने कृत्य पर किसी तरह का पछतावा नहीं जताया। उसने बताया कि कैलाश मोदी ने उसके परिवार और भाइयों के मन में भी उसके प्रति नफरत पैदा कर दी थी। आरोपी का कहना था कि उसका परिवार करीब 40 वर्षों से मंदिर परिसर की सफाई और देखरेख का कार्य करता रहा है, लेकिन उसे मंदिर में आने-जाने से रोक दिया गया था। मुकेश को मंदिर में रहने की अनुमति नहीं थी जानकारी के मुताबिक कैलाश मोदी ने मंदिर निर्माण और विकास में अपनी जीवनभर की बड़ी पूंजी लगाई थी। करीब 80 वर्ष पुराने इस मंदिर से क्षेत्र के लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है और इसकी देखरेख की जिम्मेदारी भी कैलाश मोदी संभालते थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि मुकेश अक्सर मंदिर आने वाले लोगों को परेशान करता था। इसी वजह से कैलाश मोदी उससे नाराज रहते थे और उन्होंने उसके परिवार से साफ कह दिया था कि केवल उसके दो भाई और उनके परिवार ही परिसर में रह सकते हैं। मुकेश को मंदिर के आसपास रहने की अनुमति भी नहीं दी गई थी। आरोपी के परिवार से संबंध खराब पुलिस के अनुसार मुकेश शर्मा अविवाहित है और नशे की लत के कारण परिवार से भी उसका संबंध खराब हो चुका था। उसके भाई और परिजन भी उससे दूरी बनाए हुए हैं और अब उससे मिलना नहीं चाहते। जांच में यह भी सामने आया है कि मुकेश शर्मा के खिलाफ जिलाबदर की कार्रवाई की तैयारी चल रही थी। उसका जिलाबदर नोटिस तैयार हो चुका था, लेकिन पुलिस उसे तामील नहीं करा पाई थी क्योंकि वह लगातार पुलिस से बचता फिर रहा था। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। ये खबर भी पढ़िए… शराब पीने से टोका तो डंडे से किए 31 वार-VIDEO इंदौर शहर के अन्नपूर्णा इलाके में 150 साल पुराने एक मंदिर के ट्रस्टी कैलाश मोदी (70) की डंडे से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें मंदिर का चौकीदार मुकेश शर्मा उन पर डंडे से हमला करता हुआ दिखाई दे रहा है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। पढ़ें पूरी खबर…
रेवाड़ी नगर परिषद हाउस की पहली बैठक आज 11 बजे बुलाई गई है। चेयरपर्सन विनिता पीपल फैमिली फैक्शन के लिए आउट ऑफ स्टेशन हैं और उनके रविवार रात तक लौटने का कार्यक्रम है। मीटिंग में उपप्रधान का चुनाव होना है। जिसके लिए 17 पार्षदों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी। चेयरपर्सन के शहर में नहीं होने के चलते हाउस की पहली मीटिंग पर अब संशय बना हुआ है। हालांकि अधिकारी फिलहाल इस पर खुलकर नहीं बोल रहे हैं। 30 दिन में बुलानी होती है बैठक शपथ के बाद 30 दिन में हाउस की मीटिंग बुलाना अनिवार्य है। ऐसे में माना जा रहा है कि चेयरपर्सन की गैरमौजूदगी में नगर परिषद प्रशासन ने इन्हीं नियमों का पालन करने के लिए हाउस की बैठक बुलाने का पत्र जारी किया है। भाजपा के अपने 12 पार्षद 10 मई को हुए चुनाव में 32 पार्षद वाले हाउस में भाजपा के 12 पार्षद और कांग्रेस का एक पार्षद विजयी हुआ था। भाजपा ने 32 और कांग्रेस ने 5 उम्मीदवार उतारे थे। हाउस में बहुमत के लिए भाजपा को 17 पार्षदों की जरूरत पड़ेगी। हालांकि चुनाव जीतने के बाद अधिकतर पार्षदों ने रामपुरा हाउस पहुंचकर केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह सामने भाजपा को समर्थन देने का ऐलान किया था। उपप्रधान का नाम भी राव इंद्रजीत सिंह के इशारे पर फाइनल होगा। चेयरपर्सन बोलीं, संडे तक आऊंगी चेयरपर्सन विनिता पीपल ने कहा कि वह 17 जून से फैमिली फैक्शन के चलते परिवार के साथ शहर से बाहर है। रविवार रात तक वापसी की संभावना है। हाउस की आज होने वाली मीटिंग की उन्हें जानकारी है, परंतु बाहर होने के कारण मीटिंग में शामिल नहीं हो पाऊंगी। उपप्रधान चुनने को लेकर कहा कि सीनियर नेता तय करेंगे, हम तो उनके मार्गदर्शन में काम करेंगे। हां बुलाई गई है मीटिंग नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अरूण नांदल ने कहा कि आज हाउस की पहली बैठक बुलाई गई है। जिसमें उपप्रधान का चुनाव होना है। पर्याप्त संख्या में पार्षद पहुंचे तो मीटिंग होगी, अन्यथा रद हो जाएगी। ऐसे में मीटिंग से पहले इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।
पठानकोट से अमेरिका घूमने गए एक परिवार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब न्यूयॉर्क के सुप्रसिद्ध 'सेंट्रल पार्क' में एक घोड़ा-गाड़ी (हॉर्स कैरिज) हादसे का शिकार हो गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में 18 वर्षीय पठानकोट के इंदिरा कॉलोनी निवासी छात्र रोमांच महाजन की सिर में गंभीर चोट लगने के कारण मौत हो गई। सबसे दिल दहला देने वाली बात यह रही कि पीड़ित युवक के माता-पिता भी उसी पार्क में मौजूद थे और उन्होंने अपनी आंखों के सामने इस खौफनाक मंजर को देखा। बताया जा रहा है कि मृतक युवक परिवार के साथ चार दिन पहले ही घूमने के लिए न्यूयॉर्क गया था। रोमांच परिवार से साथ पहली बार न्यूयॉर्क घूमने गया था। अचानक बेकाबू होकर दौड़ा घोड़ा, रेस्टोरेंट के पास पलटी बग्गीन्यूयॉर्क पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, रमन महाजन तीन अन्य यात्रियों के साथ पारंपरिक घोड़ा-गाड़ी में बैठकर सेंट्रल पार्क की सैर कर रहा था। इसी दौरान 'चेरी हिल' इलाके के पास घोड़ा अचानक किसी बात से डर गया और बेकाबू होकर सरपट दौड़ने लगा। बेकाबू घोड़ा बग्गी को घसीटते हुए 'वेस्ट ड्राइव' की तरफ भागा और मशहूर 'टैवर्न ऑन द ग्रीन' रेस्टोरेंट के पास दूसरी घोड़ा-गाड़ी से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बग्गी बीच सड़क पर ही पलट गई और रमन उछलकर कंक्रीट की सड़क पर जा गिरा, जिससे उसके सिर पर जानलेवा चोटें आईं। उसे नाजुक हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। ड्राइवर की भारी लापरवाही आई सामनेशुरुआती जांच और ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन के बयानों के मुताबिक, हादसे के वक्त बग्गी चालक अपनी सीट पर मौजूद नहीं था। वह सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते हुए यात्रियों की फोटो खींचने के लिए गाड़ी से नीचे उतरा हुआ था, तभी घोड़ा बिदक गया। इस घोर लापरवाही के बाद बग्गी मालिक ने ड्राइवर को तत्काल प्रभाव से नौकरी से सस्पेंड कर दिया है, और हादसे में शामिल 7 वर्षीय घोड़े 'सैमसन' को भी इस काम से हटा दिया गया है।न्यूयॉर्क में 150 साल पुरानी इस परंपरा को बंद करने की उठी मांगइस हादसे ने न्यूयॉर्क में पिछले 150 वर्षों से चल रहे घोड़ा-गाड़ी उद्योग पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्क की देखरेख करने वाली संस्था'सेंट्रल पार्क कंजर्वेंसी' और पशु अधिकार संगठनों ने इस उद्योग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग तेज कर दी है। संस्था के प्रतिनिधियों का कहना है कि एक युवा हमारे पार्क का आनंद लेने आया था और उसने अपनी जान गंवा दी। अमेरिका के सबसे व्यस्त सार्वजनिक स्थलों में से एक के बीच इस पुरानी और असुरक्षित परंपरा को जारी रखने की कीमत किसी की जान देकर नहीं चुकाई जा सकती। हम 'राइडर्स लॉ' को पारित करने की मांग करते हैं, जिससे इन घोड़ा-गाड़ियों पर प्रतिबंध लगे और चालकों को वैकल्पिक रोजगार दिया जाए। इस दर्दनाक हादसे के बाद अब सेंट्रल पार्क की इस सदी पुरानी रवायत पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या पर्यटकों के मनोरंजन के नाम पर इस तरह के खतरों को अब और बर्दाश्त किया जाना चाहिए?यूनियन ने कहा कि यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है। किसी भी ड्राइवर को यात्रियों की तस्वीरें लेने के लिए बग्गी छोड़कर कभी नहीं जाना चाहिए। हम इस हादसे से स्तब्ध हैं और हमारी संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं।
हरदा जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहन साई ने गुरुवार को मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर सिद्धार्थ जैन को एक पत्र सौंपा है। इसमें उन्होंने किसानों को तत्काल यूरिया और डीएपी खाद उपलब्ध कराने तथा लघु एवं सीमांत किसानों को अनुदान पर बीज देने की मांग की। साई ने बताया कि मानसून आने वाला है और किसानों को खरीफ फसल की बुवाई करनी है। हालांकि, हरदा जिले में किसानों को डीएपी खाद कहीं भी नहीं मिल रही है। सोयाबीन, मक्का और उड़द जैसी फसलों की बुवाई के लिए डीएपी खाद अत्यंत आवश्यक है, जिसकी कमी से उत्पादन में भारी गिरावट आ सकती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों पर खाद के अग्रिम भंडारण में लापरवाही का आरोप लगाया। खाद की कीमतें काफी बढ़ गई हैंवर्तमान में किसानों को डीएपी के स्थान पर 20:20:0:13 और 12:32:16 एनपीके खाद दी जा रही है, जिनकी कीमतें काफी बढ़ गई हैं। कुछ समय पहले 50 किलो 20:20:0:13 खाद 1300 रुपए में मिलती थी, जो अब 2100 रुपए में मिल रही है। इसी तरह, 50 किलो 12:32:16 एनपीके खाद की कीमत 1500 रुपये से बढ़कर 2400 रुपए हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी बताया कि किसानों को यह खाद भी तभी मिलती है जब वे ई-टोकन जनरेट करते हैं। जिले में लगभग 1 लाख 25 हजार से अधिक किसान खाताधारक हैं, जिनमें से अधिकांश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग से हैं। इनमें से कई किसान पढ़े-लिखे नहीं हैं या उनके पास मोबाइल फोन नहीं हैं, जिससे उन्हें ई-टोकन जनरेट करने में भारी परेशानी हो रही है। सोसायटियों में भी किसानों को खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। मांग- नकद खाद उपलब्ध कराई जाएज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने मांग की कि किसानों को पूर्व की तरह बाजार से नकद खाद उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, कृषि विभाग द्वारा लघु एवं सीमांत किसानों को अनुदान पर सभी प्रकार के बीज दिए जाएं। साई ने सरकार के 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के वादे का जिक्र करते हुए कहा कि आय तो दोगुनी नहीं हुई, बल्कि लागत चार गुना बढ़ गई है। डीजल, खाद और बीज सभी की कीमतें आसमान छू रही हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि किसानों से सोयाबीन 3000 रुपए प्रति क्विंटल खरीदा गया था, जबकि अब किसानों को वही सोयाबीन 16000 रुपए प्रति क्विंटल में मिल रहा है।
नोएडा वेस्ट स्थित रक्षा अडेला सोसाइटी में बुधवार को एक नाबालिग बच्ची से कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने रास्ता पूछने के बहाने बच्ची को बैड टच किया। घटना के बाद सोसाइटी के निवासी गुस्से में हैं। उन्होंने बच्चों तथा महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विरोध जताया। परिजनों ने लगाया छेड़छाड़ का आरोप जानकारी के अनुसार, नाबालिग बच्ची सोसाइटी परिसर में मौजूद थी। इसी दौरान एक व्यक्ति ने उससे रास्ता पूछने के बहाने संपर्क किया। परिजनों का आरोप है कि बातचीत के दौरान उसने बच्ची के साथ अनुचित तरीके से स्पर्श किया। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन और अन्य निवासी मौके पर एकत्र हो गए। सोसाइटी में बच्चों की सुरक्षा की मांग घटना से नाराज लोगों ने सोसाइटी परिसर में हंगामा करते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। निवासियों का कहना है कि सोसाइटी में बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने बाहरी लोगों की आवाजाही पर निगरानी बढ़ाने की भी मांग की। पुलिस ने शुरू की जांच पीड़ित परिवार की शिकायत पर बिसरख थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रोहतक में एमडीयू गेट नंबर-दो के सामने चौक का नगर निगम द्वारा सौंदर्यीकरण करने के साथ ही उसका नाम बदल दिया गया। पहले चौक का नाम शहीद के नाम से था, जिसे बदलकर रिजनने प्यार से रोहतक ते कर दिया, जिसका सामाजिक संगठनों ने विरोध किया। चौक का नाम वापस शहीद के नाम से रखने की मांग को लेकर सामाजिक संगठन आज निगम कमिश्नर से मिलेंगे। लोकहित संस्था के अध्यक्ष चंचल नांदल ने कहा कि 1999 में कारगिल युद्ध में शहीद हुए मेजर सज्जन सिंह गहलोत की शहादत का नगर निगम ने अपमान किया है। कारगिल में शहीद होने के बाद से चौक का नाम शहीद सज्जन सिंह गहलोत के नाम से रखा गया था, लेकिन अब नगर निगम ने इसका नाम बदल दिया, जिससे शहीद का अपमान हुआ है। शहीद के नाम से चौक का नामकरण करने की मांगचंचल नांदल ने कहा कि चौक का नाम जो रखा गया है, उसका गूगल पर भी कोई मतलब नहीं मिल रहा। चौक का नाम दोबारा कारगिल शहीद मेजर सज्जन सिंह गहलोत के नाम से रखा जाना चाहिए, ताकि शहीद को सम्मान मिल सके। जब तक चौक का नाम नहीं बदला जाएगा, उनका विरोध जारी रहेगा। साथ ही वह धरना देने पर मजबूर हो जाएंगे। कैसे लगेंगे शहीदों की चिताओं पर मेलेचंचल नांदल ने कहा कि शहीदों को सम्मान देने के लिए एक शेर बनाया था कि शहीदों की चिताओं पर हर वर्ष लगेंगे मेले, वतन पर मिटने वालों का यही बाकी निशान होगा। लेकिन शहीदों के नाम ऐसे ही मिटाए जाते रहेंगे तो कहां से लगेंगे मेले। युवाओं को अपने शहीदों का पता कैसे चलेगा। शहीदों को सम्मान देने की जरूरत है।
मैहर जिले के ताला थाना क्षेत्र में दीवार में सेंध लगाकर चोरी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई नकदी का हिस्सा और वारदात में इस्तेमाल की गई टॉर्च बरामद की गई है। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। ताला थाना प्रभारी महेंद्र मिश्रा ने बताया कि 17 जून को ग्राम ललितपुर नंबर-2 निवासी रामनिहोर केवट (70) ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। फरियादी के अनुसार, अज्ञात चोरों ने उनके घर की पिछली दीवार में सेंध लगाई और घर में घुसकर पेटी-बक्सों के ताले तोड़ दिए। चोरों ने सोने-चांदी के आभूषणों के साथ 15 हजार रुपए नकद भी चुरा लिए थे। दोनों आरोपियों ने चोरी करना कबूल किया शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान, संदेह के आधार पर ग्राम ललितपुर नंबर-2 निवासी राजमणि उर्फ संतलाल केवट (27) और सुग्रीव केवट (70) से पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी की गई कुल राशि में से 4,500 रुपए नकद और घटना में इस्तेमाल की गई दो छोटी टॉर्च बरामद की हैं। गुरुवार शाम दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
सिंगरौली कोल माइंस में डंपर खाई में गिरी:दबने से ऑपरेटर की मौत; 5 घंटे रेस्क्यू के बाद मिला शव
सिंगरौली जिले के मुहेर स्थित रिलायंस कोल माइंस में गुरुवार देर रात करीब 2 बजे एक डंपर ऑपरेटर की मौत हो गई। डंपर लगभग 100 फीट गहरी खाई में गिर गया था। मृतक की पहचान देवेंद्र यादव के रूप में की गई है। देवेंद्र यादव खदान में ड्यूटी पर थे और डंपर चला रहे थे। इसी दौरान डंपर अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा, जिससे ऑपरेटर वाहन के साथ नीचे फंस गया। हादसे की सूचना मिलते ही रिलायंस कोल माइंस की सुरक्षा टीम, प्रबंधन के अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे। तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया। खदान की विषम परिस्थितियों और अत्यधिक गहराई के कारण बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। पांच घंटे चले रेस्क्यू के बाद निकाला शव करीब पांच घंटे तक चले बचाव अभियान के बाद टीम ने ऑपरेटर देवेंद्र यादव के शव को खाई से बाहर निकाला। नवानगर थाना प्रभारी अनिल पटेल ने बताया कि पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची थी। पुलिस और रिलायंस कोल माइंस की सुरक्षा टीम ने मिलकर बचाव अभियान चलाया। शव को बरामद कर टाइम ऑफिस के पास रखा गया है, जहां आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। फिलहाल हादसे के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। खदान प्रबंधन कर रहे मामले की जांच पुलिस और खदान प्रबंधन द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी, सुरक्षा मानकों और अन्य संभावित कारणों की पड़ताल की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।
फिरोजाबाद पुलिस ने शिकोहाबाद में हुई लूट की वारदात का खुलासा कर दिया है। पुलिस मुठभेड़ के बाद तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से एक के पैर में गोली लगी है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 19 लाख रुपये नकद, अवैध हथियार और लूट में इस्तेमाल की गई बाइक व स्कॉर्पियो कार बरामद की है। एसएसपी आदित्य लांग्हे के निर्देश पर लूट की घटना के खुलासे के लिए छह पुलिस टीमों का गठन किया गया था। पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी, जिसके बाद आरोपियों तक पहुंचा जा सका। एसपी ग्रामीण अनुज चौधरी ने बताया कि 12 जून को शिकोहाबाद कस्बा क्षेत्र में हुई लूट से जुड़े बदमाश छीछामई नहर मार्ग से नसीरपुर होते हुए लखनऊ भागने की फिराक में थे। सूचना मिलने पर थाना शिकोहाबाद पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने संयुक्त रूप से छीछामई के पास चेकिंग अभियान चलाया। देर रात एक काली स्कॉर्पियो कार को रोकने का प्रयास किया गया तो उसमें सवार बदमाशों ने वाहन छोड़कर भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश सुमित उर्फ भोला निवासी कामबक्षपुर, थाना नॉलेज पार्क, ग्रेटर नोएडा के पैर में गोली लग गई। उसके दो साथी नीरज और कौशेंद्र को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे, छह कारतूस, 19 लाख रुपये नकद, एक टीवीएस राइडर बाइक और बिना नंबर की काली स्कॉर्पियो बरामद की है। पूछताछ में पता चला कि बरामद धनराशि लूट में हासिल सोना बेचने से मिली थी। मुख्य आरोपी सुमित उर्फ भोला के खिलाफ गौतमबुद्ध नगर और अन्य जिलों में हत्या के प्रयास, लूट, आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तार अन्य दोनों आरोपियों का भी आपराधिक इतिहास है। घायल बदमाश का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
मोहर्रम के पवित्र माह की दूसरी तारीख पर शहर के घीया मंडी क्षेत्र से मोहर्रम कमेटी की ओर से अलम का दूसरा जुलूस निकाला गया। देर रात निकले इस जुलूस में बड़ी संख्या में आलमदार, अखाड़ेदार और मुस्लिम समाज के लोगों ने भाग लिया। जुलूस के दौरान राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) नेता कुंवर नरेंद्र सिंह भी शामिल हुए और लोगों को आपसी प्रेम, भाईचारे व सौहार्द का संदेश दिया। मुस्लिम समाज ने किया स्वागत जुलूस के दौरान समाजसेवी रज्जो कुरैशी समेत मुस्लिम समाज के कई गणमान्य लोगों ने कुंवर नरेंद्र सिंह का पटका पहनाकर स्वागत किया। इस मौके पर उपस्थित लोगों ने सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लिया। बोले- मोहर्रम बलिदान और इंसानियत की सीख देता है मीडिया से बातचीत में कुंवर नरेंद्र सिंह ने कहा कि मोहर्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि त्याग, बलिदान और इंसानियत का संदेश देने वाला पर्व है। उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन की शहादत पूरी मानवता को अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में प्रेम, सद्भाव और आपसी सम्मान की भावना मजबूत होती है। साथ ही उन्होंने प्रदेश और देश में अमन-चैन तथा भाईचारे का माहौल बनाए रखने की दुआ की। सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद मोहर्रम के जुलूस को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। जुलूस मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्था पर नजर बनाए हुए थे। जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
विदिशा के इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी राजेंद्र अहिरवार ने शायद नहीं सोचा होगा कि 20 हजार रुपए का मोबाइल चोरी होने के बाद उसे वापस पाने के लिए उन्हें चार साल तक थानों, अफसरों और आयोगों के चक्कर लगाने पड़ेंगे। अक्टूबर 2022 में उनकी दुकान से मोबाइल चोरी हो गया था। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद थी। फुटेज भी उसी दिन पुलिस को सौंप दिया गया था। इसके बावजूद न तो तुरंत एफआईआर दर्ज हुई और न ही मोबाइल बरामद हो सका। खरी फाटक के पास रहने वाले राजेंद्र बताते हैं कि शुरुआत में उन्हें भरोसा था कि सीसीटीवी फुटेज होने के कारण पुलिस जल्द कार्रवाई करेगी, लेकिन समय बीतता गया और मामला आवेदन तक सीमित रहा। कई बार थाने और एसपी कार्यालय जाने के बाद भी जब सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम के तहत जानकारी मांगनी शुरू कर दी। दुकान में आईं तीन बच्चियां, कुछ मिनट में गायब हो गया मोबाइल राजेंद्र बताते हैं- 12 अक्टूबर 2022 को राजेंद्र अपनी दुकान पर ग्राहकों के काम में व्यस्त थे। इसी दौरान तीन बच्चियां दुकान में आईं। कुछ देर बाद जब उन्होंने काउंटर पर रखा मोबाइल देखा तो वह गायब था। सीसीटीवी फुटेज देखने पर पता चला कि बच्चियों में से एक मोबाइल उठाकर ले गई थी। राजेंद्र बताते हैं कि सीसीटीवी फुटेज लेकर सिविल लाइन थाने पहुंचा। पुलिस ने आवेदन तो ले लिया, लेकिन एफआईआर नहीं की। पूछने पर स्पष्ट जवाब नहीं मिला। समय बीतता गया और मामला आवेदन तक ही सीमित रहा। एसपी ऑफिस में भी कई आवेदन दिए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। मुझे बार-बार आश्वासन मिलता रहा कि कार्रवाई होगी, लेकिन जमीन पर कुछ नहीं हुआ। देखिए वारदात की सीसीटीवी फुटेज लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जानकारी मांगी राजेंद्र कहते हैं- जब पुलिस से संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो मध्य प्रदेश लोक सेवा प्रदाय गारंटी अधिनियम-2010 के तहत जानकारी मांगी। उन्होंने सवाल पूछा कि CCTV फुटेज होने के बाद भी अपराध दर्ज क्यों नहीं किया गया? आरोपियों की तलाश क्यों नहीं की गई? मोबाइल ट्रैकिंग की क्या स्थिति है? और कार्रवाई में देरी का कारण क्या है? लेकिन तय समय सीमा में उन्हें जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने 2 जून 2023 को प्रथम अपील दायर कर दी। 18 जुलाई 2023 को जवाब मिला कि तकनीकी जांच में मोबाइल की लोकेशन कर्नाटक में मिली है और मोबाइल सक्रिय है, लेकिन उनके मूल सवालों का जवाब फिर भी नहीं दिया गया। सूचना नहीं देने पर थाना प्रभारी पर जुर्माना जब जवाब नहीं मिला तो राजेंद्र ने सूचना के अधिकार और लोक सेवा गारंटी कानून का सहारा लिया। मामले में जानकारी उपलब्ध नहीं कराने पर तत्कालीन थाना प्रभारी पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। साथ ही प्रतिदिन 250 रुपए की पेनल्टी के भी निर्देश दिए गए। राजेंद्र बताते हैं कि टीआई को 2023 से केस क्लोज होने तक यह पेनल्टी देना थी। प्रक्रिया में हुई परेशानी और आवागमन के लिए क्षतिपूर्ति राशि भी मिली, लेकिन उनका कहना है कि इसके बावजूद FIR दर्ज होने में और समय लगा। नौ महीने बाद दर्ज हुई एफआईआर राजेंद्र का आरोप है कि पुलिस ने आवेदन तो ले लिया, लेकिन मामला दर्ज नहीं किया। लगातार शिकायतों और दबाव के करीब नौ महीने बाद 22 जुलाई 2023 में एफआईआर दर्ज हुई। इस दौरान उन्होंने पुलिस से पूछा कि कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। ट्रांसलेटर नहीं है, इसलिए दिक्कत है राजेंद्र का दावा है कि जांच के दौरान उन्हें कई अजीब जवाब सुनने को मिले। एक थाना प्रभारी ने कहा कि मोबाइल कर्नाटक में सक्रिय है। वहां की भाषा अलग होने के कारण कार्रवाई में परेशानी आ रही है, क्योंकि ट्रांसलेटर उपलब्ध नहीं है। राजेंद्र के मुताबिक, एक बार तो उनसे यह तक कहा गया कि यदि मोबाइल जल्दी मंगवाना है तो आने-जाने का खर्चा उठा लो। आयोगों से मंत्रियों तक पहुंची शिकायत मोबाइल की तलाश में राजेंद्र ने हार नहीं मानी। उन्होंने एसपी, आईजी, डीआईजी कार्यालय, मानवाधिकार आयोग, अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग, जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों तक शिकायतें भेजीं। हर जगह से कार्रवाई का भरोसा मिला, लेकिन मोबाइल नहीं मिला। खात्मा लगाने की जानकारी मिली, फिर शुरू हुई नई लड़ाई इस साल राजेंद्र को पता चला कि मामले में खात्मा लगा दिया गया है। उन्होंने 30 मार्च 2026 को दोबारा आवेदन देकर खात्मा हटाने और मामले में दोबारा कार्रवाई की मांग की। सवाल उठाया कि जब मोबाइल की लोकेशन उपलब्ध थी तो मामला बंद कैसे किया जा सकता है? नए थाना प्रभारी आए और कुछ दिनों में बरामद हुआ मोबाइल राजेंद्र बताते हैं कि हाल ही में सिविल लाइन थाना प्रभारी के रूप में राजपाल सिंह जादौन की पदस्थापना हुई। उन्होंने पुराने रिकॉर्ड और तकनीकी जानकारी की समीक्षा कर मामले को फिर से खुलवाया। राजेंद्र का दावा है कि जहां कई वर्षों तक कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी, वहीं नए थाना प्रभारी के आने के बाद कुछ ही दिनों में मोबाइल कर्नाटक से बरामद कर लिया गया। राजेंद्र का आरोप है कि पुलिस ने मोबाइल तो बरामद कर लिया, लेकिन आरोपी के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं की। मैं 10वीं पास हूं, लेकिन अपने अधिकार जानता हूं… करीब 25 साल से इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार कर रहे राजेंद्र कहते हैं- मैं सिर्फ 10वीं पास हूं, लेकिन अपने अधिकार जानता हूं, अगर मैं बीच में हार मान लेता तो शायद मेरा मामला हमेशा के लिए बंद हो जाता। यह लड़ाई सिर्फ मोबाइल की कीमत के लिए नहीं थी। राजेंद्र कहते हैं- चार साल बाद मेरा मोबाइल तो बरामद हो गया, लेकिन यह मामला कई सवाल जरूर छोड़ रहा है- क्या एक आम नागरिक को अपनी शिकायत पर कार्रवाई कराने के लिए इतनी लंबी लड़ाई लड़ना पड़ेगी? अगर CCTV फुटेज होने के बावजूद FIR और कार्रवाई में वर्षों लग जाएं तो व्यवस्था की जवाबदेही कौन तय करेगा? 2023 में मोबाइल चोरी का मामला दर्ज हुआ था मामले में सिविल लाइन थाना प्रभारी राजपाल सिंह जादौन का कहना है कि वर्ष 2023 में मोबाइल चोरी का केस दर्ज किया गया था। साइबर टीम मोबाइल की लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लगातार ट्रैकिंग करती रही। हाल ही में मोबाइल की लोकेशन कर्नाटक में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां जाकर मोबाइल बरामद कर लिया। कोर्ट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मोबाइल फरियादी को सौंप दिया जाएगा।
बड़वानी जिले के राजपुर तहसील के ग्राम खड़की में तेज आंधी और बारिश से केले की फसल तबाह हो गई। दो किसान भाइयों अंबाराम और गंगाराम ने लगभग 9 एकड़ में 1500 केले के पौधे लगाए थे, जो अब पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। फसल बाजार में बेचने के लिए लगभग तैयार थी। फसल बर्बाद होने से किसान अंबाराम सदमे में आ गए, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने उन्हें तत्काल राजपुर स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है। किसान ने बताया कि उन्होंने खेती के लिए लाखों रुपए का कर्ज लिया था और पूरी उम्मीद इसी फसल पर टिकी थी। अब उन्हें कर्ज चुकाने की चिंता सता रही है। किसान बोले-कुल 36 लाख रुपए की फसल को नुकसान अंबाराम के चचेरे भाई गंगाराम की फसल भी पूरी तरह बर्बाद हो गई है। गंगाराम के अनुसार, इस बार केले के अच्छे दाम मिल रहे थे और बाजार में मांग भी बनी हुई थी। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले सीजन में भी उन्हें नुकसान उठाना पड़ा था और इस बार की फसल से उन्हें राहत मिलने की उम्मीद थी। उन्होंने बताया कि करीब 14 लाख से अधिक की लागत लगी थी। अनुमानित टोटल 36 लाख रुपए की फसल को नुकसान हुआ है। अधिकारी मौके पर सर्वे के लिए नहीं पहुंचा किसानों का कहना है कि केले के अलावा क्षेत्र में सब्जी उत्पादकों को भी नुकसान हुआ है। कई खेतों में लौकी, खीरा, करेला और गिलकी की फसलें प्रभावित हुई हैं। लाखों रुपए का नुकसान होने के बावजूद अब तक कोई राजस्व या प्रशासनिक अधिकारी मौके पर सर्वे के लिए नहीं पहुंचा है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर नुकसान का आकलन करने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय पर सहायता नहीं मिली तो कर्ज का बोझ और बढ़ जाएगा, जिससे आर्थिक संकट गहरा सकता है। किसान अब सरकार से जल्द राहत मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।
मंत्रालयिक कर्मचारियों ने किया सद्बुद्धि यज्ञ:बोले- उनकी 8 सूत्री लंबित मांगों का समाधान करें सरकार
रोहट में पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन की ओर से पंचायत समिति परिसर में ब्लॉक स्तरीय सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया गया। कर्मचारियों ने इस यज्ञ के माध्यम से अपनी 8 सूत्रीय लंबित मांगों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। संगठन का कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं होने से कर्मचारियों में निराशा बढ़ रही है। लंबे समय से लंबित हैं कर्मचारियों की मांगें संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि मंत्रालयिक कर्मचारी लंबे समय से विभिन्न मांगों को लेकर संघर्षरत हैं। कई बार मांगों को सरकार के समक्ष रखने के बावजूद अब तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द निराकरण किया जाना चाहिए। मांगों के समर्थन में किया सांकेतिक विरोध कर्मचारियों ने बताया कि मांगों के निराकरण में लगातार हो रही देरी के कारण रोष बढ़ता जा रहा है। इसी के तहत ब्लॉक स्तर पर सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन कर सरकार से संवेदनशीलता के साथ उनकी समस्याओं पर विचार करने की अपील की गई। कर्मचारियों ने इसे सांकेतिक विरोध बताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य सरकार का ध्यान लंबित मुद्दों की ओर आकर्षित करना है। बड़ी संख्या में कर्मचारी रहे मौजूद सद्बुद्धि यज्ञ में संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष जालम सिंह, वरिष्ठ सहायक राजाराम शर्मा, कनिष्ठ सहायक गमना राम, उमेश कुमार, वरिष्ठ सहायक कमलेश दवे, कनिष्ठ सहायक कपूराराम, यजुर राठौर, स्वरूप सिंह सहित मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन के सभी कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के शीघ्र समाधान की मांग दोहराई।
ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाना क्षेत्र के सेक्टर ईटा-2 स्थित मिग्शन ट्विन्स सोसाइटी में गुरुवार शाम एक लिफ्ट में छह लोग करीब 20 मिनट तक फंसे रहे। दो युवकों की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला सोसाइटी के एक निवासी के अनुसार, गुरुवार शाम एक टावर की लिफ्ट में सवार होकर छह लोग ऊपर से नीचे आ रहे थे, तभी लिफ्ट बीच में अटक गई। अंदर फंसे लोगों ने बताया कि उन्होंने काफी देर तक मदद मांगी और लिफ्ट का अलार्म भी बजाया, लेकिन किसी ने नहीं सुना। लगभग 20 मिनट बाद, दो युवकों ने लिफ्ट को खोलकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला। इस घटना के बाद सोसाइटी के निवासियों ने लिफ्ट के रखरखाव को लेकर विरोध प्रदर्शन किया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति लिफ्ट के पास दौड़कर आता है और अंदर फंसे लोगों से बातचीत करता है। इसके बाद कुछ लोग मिलकर लिफ्ट का दरवाजा खोलने का प्रयास करते हैं। गौरतलब है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में लिफ्ट अटकने की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। हालांकि, इन मामलों में प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई न होने पर सवाल उठते रहे हैं।
एटा के कोतवाली देहात क्षेत्र में एक पुलिसकर्मी द्वारा युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। केटीएल एजेंसी के पास हुई इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, घटना सोमवार रात करीब 7:30 बजे की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि डायल-112 वाहन पर तैनात पुलिसकर्मी किसी सूचना के आधार पर मौके पर पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद एक युवक से उनकी कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर मामला मारपीट तक पहुंच गया। वायरल सीसीटीवी फुटेज में पुलिसकर्मी युवक के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए दिखाई दे रहा है। आरोप है कि इस दौरान युवक के साथ मारपीट भी की गई, जिससे उसे चोटें आईं। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। लोगों ने उठाए पुलिस की कार्यशैली पर सवाल वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस के रवैये पर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि यदि युवक किसी गलती का दोषी था तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए थी, लेकिन सार्वजनिक स्थान पर मारपीट उचित नहीं है। कई लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है। जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग सक्रिय हो गया है। अधिकारियों द्वारा वायरल फुटेज की जांच की जा रही है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों को एकत्र किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में पुलिसकर्मी की भूमिका संदिग्ध या दोषपूर्ण पाई जाती है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है। फिलहाल मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग जांच के निष्कर्ष का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आजमगढ़ में 41°C पहुंचा तापमान:प्रदेश के 16 जिलों में और बारिश का अलर्ट, 25 जिलों में लू का अलर्ट
आजमगढ़ में शुक्रवार का तापमान 41 सेंटीग्रेड पहुंच गया। जिले में लगातार बढ़ रहे तापमान और उमस के कारण आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित होता हुआ दिख रहा है।मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 16 जिलों में आंधी तूफान का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही 25 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का भी अंदेशा जताया है। इसके साथ ही अगले 2 दिनों तक प्रदेश में तेज हवाओं के चलने के साथ ही मौसम कहीं साफ रहेगा तो कहीं बादल रहेंगे। हालांकि इस दौरान तापमान में चार से लेकर 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि यूपी बॉर्डर पर मानसून पहुंच चुका है और निश्चित रूप से जल्दी प्रदेश के अन्य जिलों में भी पहुंचेगी मानसून पहुंचने के बाद जिलों की जनता को राहत मिलेगी। जिला प्रशासन ने जारी किया हुआ है अलर्ट हालांकि जिला प्रशासन ने 20 दिन पूर्व ही जिले की आम जनता से जरूरी काम न होने पर दोपहर 12 से लेकर शाम 4 बजे तक अपने घरों से बाहर न निकलने की अपील की है। इसके साथ ही लिक्विड ज्यादा से ज्यादा लेने की भी अपील की है। जिससे कि भीषण गर्मी के प्रतिकूल प्रभाव से बचा जा सके। मौसम बदलने पर भी जिला प्रशासन ने तेज हवाओं के चलने पर सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
हरियाणवी डांसर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर डिंपल चौधरी का एक वीडियो सामने आया है। वायरल वीडियो में वह दो लोगों के साथ गाली-गलौज करती नजर आ रही हैं। मामला ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 थाना क्षेत्र स्थित कमर्शियल बेल्ट का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, डिंपल चौधरी अपने परिवार के साथ कमर्शियल बेल्ट में मौजूद थीं। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें पहचान लिया और उनके साथ फोटो खिंचवाने का अनुरोध किया। बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। वायरल वीडियो में डिंपल चौधरी संबंधित लोगों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करती दिखाई दे रही हैं। मौके पर जुटी लोगों की भीड़ घटना के दौरान गाली-गलौज होने पर आसपास मौजूद लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। विवाद बढ़ता देख किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस के अनुसार, इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। इसलिए कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। 3-4 दिन पुराना बताया जा रहा वीडियो स्थानीय लोगों के मुताबिक वायरल वीडियो तीन से चार दिन पुराना है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
राजगढ़ में शादियों का ट्रेंड धीरे-धीरे बदलता नजर आ रहा है। डीजे, बॉलीवुड गानों और डांस फ्लोर की जगह अब कुछ परिवार अपने समारोहों को धार्मिक रंग देने लगे हैं। इसकी एक झलक गुरुवार रात खिलचीपुर शहर में आयोजित एक विवाह समारोह में देखने को मिली, जहां महिला संगीत की जगह खाटू श्याम भजन संध्या का आयोजन किया गया। शहर के प्रतिष्ठित मोतीलालजी (हलवाई) परिवार में गिरिराज गुप्ता के बेटे सौरभ गुप्ता और गागोरनी निवासी अंजली के विवाह समारोह से एक दिन पहले कस्तूर गार्डन में विशाल डोम पांडाल सजाया गया । पांडाल में प्रवेश करते ही मेहमानों का स्वागत बाबा खाटू श्याम के बड़े-बड़े चित्र कर रहे थे। कहीं बाबा की तस्वीरें लगी थीं तो कहीं 'जय श्री श्याम' के संदेश लिखे हुए थे। बाबा खाटू श्याम की भव्य झांकी सजाई गईआमतौर पर महिला संगीत में फिल्मी गीतों और डांस का माहौल दिखाई देता है, लेकिन यहां पूरा दृश्य अलग था। मंच पर बाबा खाटू श्याम की भव्य झांकी सजाई गई थी। फूलों और आकर्षक रोशनी से सजे इस दरबार के सामने श्रद्धालु फोटो खिंचवाते और नमन करते नजर आए। समारोह की एक और खास बात दूल्हे सौरभ गुप्ता की शेरवानी रही। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) सौरभ ने इंदौर में विशेष ऑर्डर देकर शेरवानी तैयार करवाई थी। इस शेरवानी पर बाबा खाटू श्याम की तस्वीर अंकित थीं। शादी में पहुंचे लोगों के बीच यह भी चर्चा का विषय बनी रही। बार-बार 'जय श्री श्याम' के जयकारे गूंजेरात 9 बजे शुरू हुई भजन संध्या देर रात 1 बजे तक चली। इंदौर की भजन गायिका गौरी शरण ने खाटू श्याम के भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों के दौरान परिजन, रिश्तेदार और मेहमान श्रद्धा भाव से झूमते नजर आए। पूरे पांडाल में बार-बार 'जय श्री श्याम' के जयकारे गूंजते रहे। विवाह समारोह से पहले पिपली बाजार में स्थित नृसिंह मन्दिर में भगवान को 56 भोग भी अर्पित किए गए। वहीं आयोजन में 5 हजार से अधिक लोगों के भोजन की व्यवस्था की गई थी। शहर में इस आयोजन की चर्चा इसलिए भी रही क्योंकि यह पारंपरिक शादी से अलग नजर आया। जहां एक तरफ शादियों में डीजे और मनोरंजन कार्यक्रमों का चलन बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ कुछ परिवार विवाह को धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
इंदौर के न्यू बर्ग कॉलोनी क्षेत्र में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। घटना गुरुवार देर रात की है। गंभीर हालत में उसे पहले निजी अस्पताल और फिर एमवाय अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक मृतका अवंतिका पुत्री डॉ. बंशीलाल मोर्य थी। वह न्यू बर्ग कॉलोनी की एक निजी बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर किराए से रहती थी। गुरुवार रात करीब 11:30 बजे वह मोबाइल पर बात करते हुए बालकनी में थी। इसके बाद वह बात करते हुए ऊपर की ओर चली गई। बताया जा रहा है कि चौथी मंजिल पर पहुंचने के बाद वह अचानक नीचे गिर गई। तेज आवाज सुनकर बिल्डिंग में रहने वाले लोग बाहर आए और परिजनों को सूचना दी। अस्पताल ले गए, नहीं बच सकी घटना के बाद पिता डॉ. बंशीलाल मोर्य उसे गंभीर हालत में जूपिटर अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे एमवाय अस्पताल रेफर कर दिया। शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बड़ी बहन के साथ रहती थी अवंतिका इंदौर में अपनी बड़ी बहन के साथ रह रही थी और मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट की तैयारी कर रही थी। उसकी बड़ी बहन डॉक्टर है। वहीं पिता डॉ. बंशीलाल मोर्य भी चिकित्सक हैं। पांच दिन पहले ही इंदौर आए थे पिता परिवार मूल रूप से धार जिले का रहने वाला है। डॉ. बंशीलाल मोर्य की एमवाय अस्पताल में ट्रेनिंग चल रही है। इसी कारण वे करीब पांच दिन पहले ही इंदौर आए थे। पिता ने पुलिस को बताया कि घटना के समय वे फ्लैट के अंदर थे। अवंतिका किन परिस्थितियों में गिरी, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। वह मोबाइल पर किससे बात कर रही थी, यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है। कॉल डिटेल और परिस्थितियों की जांच पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि छात्रा के मोबाइल की जांच, कॉल डिटेल और घटनास्थल की परिस्थितियों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल की जाएगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।
बदायूं में सड़क हादसे में 6 की मौत:पुलिस ने अज्ञात ट्रैक्टर चालकों पर लापरवाही का केस दर्ज किया
बदायूं में हुए सड़क हादसे में छह महिलाओं की मौत के मामले में पुलिस ने अज्ञात ट्रैक्टर चालकों के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का दावा है कि दोनों चालकों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह हादसा बुधवार को उझानी कोतवाली क्षेत्र में बरेली-मथुरा हाइवे पर करुआ पुल के पास हुआ। तेज रफ्तार ट्रैक्टरों ने एक ई-रिक्शा को टक्कर मार दी थी। 3 तस्वीरें देखिए- हादसे में ई-रिक्शा में सवार राजकुमारी (50), उनकी बेटी नारायणी (30), जेठानी रेवती (80), बहू गंगाश्री (30) और सरला (32) की मौत हो गई। इनके अलावा गांव की ही प्रेमावती (32) ने भी दम तोड़ दिया। राजकुमारी अपने परिजनों के साथ बेटे की शादी का शगुन लेकर गठौना गांव जा रही थीं। गुरुवार को सभी शवों का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें चार चिताएं एक साथ जलीं। शाम को मृतकों के परिजन उझानी कोतवाली पहुंचे और पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने वीरपाल की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया है, जिनकी मां, पत्नी और बहन सहित चार महिलाओं की इस हादसे में मौत हुई है। उझानी के एसएचओ प्रवीण कुमार ने बताया कि ट्रैक्टर चालकों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
राजस्थान इंटक सेवादल के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष राजेश मेवाड़ा के पाली आगमन पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। पाली जिला टेनिस बॉल क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उनका बहुमान करते हुए माला पहनाई और साफा बांधकर बधाई दी। इस दौरान संगठन और खेल जगत से जुड़े लोगों ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। खेल संघ के पदाधिकारियों ने जताई उम्मीद अभिनंदन समारोह में राजस्थान टेनिस बॉल क्रिकेट एसोसिएशन के सह सचिव रिजवान अहमद, पाली जिला सचिव जावेद मोतिवाला, अध्यक्ष इकबाल भाटी, नादिर हुसैन, नासिर जोंटी और अमजद सहित एसोसिएशन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। खेल संघ के प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि राजेश मेवाड़ा के नेतृत्व में इंटक सेवादल संगठन को मजबूती मिलेगी और जिले में खेल गतिविधियों व खिलाड़ियों के हितों को बढ़ावा देने के लिए सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे। युवाओं और खिलाड़ियों के लिए काम करने का संकल्प राजेश मेवाड़ा ने सम्मान के लिए सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के साथ-साथ जिले के युवाओं को आगे बढ़ाने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करेंगे। समारोह में पाली जिला टेनिस बॉल क्रिकेट एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी, खेल प्रेमी और शहर के कई गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।
बागपत में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर डूंडहेड़ा चौकी के पास शुक्रवार सुबह दो सांड आपस में भिड़ गए। करीब 15 मिनट तक चली इस लड़ाई के कारण हाईवे पर यातायात बाधित हो गया। चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप कर सांडों को वहां से खदेड़ा, जिसके बाद यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी। यह घटना शुक्रवार सुबह हुई जब दो सांड हाईवे की एक साइड पर बैठ गए और अचानक एक-दूसरे से भिड़ गए। सांडों की लड़ाई देखकर वाहन चालकों ने अपने वाहनों को किनारे खड़ा कर लिया। लगभग 15 मिनट तक यह 'बुल फाइट' चलती रही, जिससे सड़क पर वाहन चालकों को रुकना पड़ा। मौके पर पहुंचे दो पुलिसकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों सांडों को हाईवे से हटाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि आवारा सांड अक्सर सड़क के आसपास घूमते रहते हैं और कई बार हाईवे पर भी आ जाते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। स्थानीय निवासी राहुल ने बताया कि सांडों के हाईवे पर बैठने से आए दिन हादसे का डर बना रहता है। शुक्रवार सुबह की इस घटना में भी कई लोग घायल होने से बाल-बाल बचे। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इन आवारा सांडों को पकड़वाकर गौशालाओं में भिजवाया जाए, ताकि इस तरह की समस्याओं और संभावित दुर्घटनाओं से निजात मिल सके।
अंबेडकरनगर में 36 नई सहकारी समितियां बनेंगी:किसानों की आय दोगुनी करने के लिए भूमि चिह्नित
अंबेडकरनगर जिले में किसानों की आय दोगुनी करने और कम लागत में बेहतर उत्पादन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 36 नई साधन सहकारी समितियां स्थापित की जाएंगी। इन समितियों के भवनों के निर्माण के लिए भूमि की तलाश पूरी कर ली गई है। वर्तमान में जिले में कुल 108 सहकारी समितियां कार्यरत हैं, जिनमें से 99 सक्रिय हैं। शेष निष्क्रिय समितियों को पुनर्जीवित करने की प्रक्रिया जारी है। ये समितियां किसानों को फसल ऋण, खाद, बीज, अनुदान और जनसेवा जैसी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करती हैं। नई समितियों के गठन का मुख्य लक्ष्य किसानों को खेती-किसानी से संबंधित वस्तुएं और सेवाएं उनके घर के नजदीक ही उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें दूरदराज के क्षेत्रों में जाने की आवश्यकता न पड़े। इन 36 नई समितियों को जल्द से जल्द संचालित करने के लिए विभागीय स्तर पर प्रयास तेज कर दिए गए हैं। इनके लिए गांवों का चयन हो चुका है और अधिकांश गांवों में भूमि भी चिह्नित कर ली गई है। इन 36 बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समितियों में एक चिकित्सा क्षेत्र, एक पर्यटन क्षेत्र और पांच वेतन भोगी सहकारी समितियां भी शामिल होंगी। ये सभी समितियां किसानों को उर्वरक वितरण, ऋण प्रदान करने और समर्थन मूल्य योजना के तहत धान व गेहूं की खरीद का कार्य करेंगी। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता राघवेंद्र प्रताप शुक्ल ने बताया कि चयनित गांवों की सूची शासन को भेज दी गई है। चयनित गांवों में भीटी ब्लॉक के मुकुंदीपुर, रूदऊपुर, बाला पैकौली, जैतूपुर; भियांव ब्लॉक के भियांव, पिंडोरिया, पर्वतपुर, मथुरा रसूलपुर, सझवां; रामनगर ब्लॉक के मरौचा, कसदहां, सिपाह; जहांगीरगंज के खरूवावां, लालमनपुर, रामपुर मलिकपुर, अकथरा नारायनपुर; अकबरपुर के बनगांव, सुलेमपुर, पसियापारा, राजेपुर धावां, सतरहीं, सस्पना, मुंगरी, बेलउवा बरियारपुर; बसखारी के सोनहन, हंसवर, बहाउद्दीनपुर, भिदूण; जलालपुर के गयासपुर, टिकरी, हसनपुर, वाजिदपुर, ताहापुर, काबूलपुर; और टांडा ब्लॉक के बसहरी, मीठेपुर शामिल हैं।
रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने एक युवती की शिकायत पर भदोही निवासी युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। युवक पर रुपये हड़पने, अश्लील फोटो वायरल करने, ब्लैकमेल करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता वाराणसी के एक निजी अस्पताल में जीएनएम नर्स के रूप में कार्यरत थी। इसी अस्पताल में भदोही जनपद के सुरियावां थाना क्षेत्र निवासी सुजीत बिंद भी नर्स के तौर पर काम करता था। यहीं दोनों की पहचान हुई और बाद में युवक का युवती के घर भी आना-जाना शुरू हो गया। युवती ने आरोप लगाया है कि मई 2025 में आरोपी सुजीत बिंद ने आर्थिक परेशानी का बहाना बनाकर उससे 80 हजार रुपये उधार लिए थे। उसने दो-तीन महीने में पैसे लौटाने का वादा किया था, लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी रुपये वापस नहीं किए। जब युवती ने अपने पैसे मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगा। पीड़िता के अनुसार, रुपये वापस मांगने पर आरोपी का व्यवहार बदल गया और उसने गाली-गलौज करना शुरू कर दिया। उसने युवती को अश्लील फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर मानसिक रूप से परेशान किया। आरोप है कि 4 अप्रैल को आरोपी ने एक फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर युवती की अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर दीं, जिससे उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। युवती ने यह भी आरोप लगाया है कि जब उसने विरोध किया तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी और लगातार ब्लैकमेल करता रहा। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बहन के लिए मोमोज लेकर लौट रहे 2 सगे भाइयों की सड़क हादसे में मौत हो गई। बिलासपुर-कटघोरा नेशनल हाईवे पर कोयले से लदा तेज रफ्तार ट्रेलर बेकाबू होकर नाली निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में जा घुसा और पलट गया। हादसे के दौरान बाइक सवार दोनों भाई ट्रेलर की चपेट में आ गए और उसके नीचे दब गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी के विरोध के बाद नाली निर्माण का काम तो रोक दिया गया था, लेकिन खोदे गए गड्ढे को भरा नहीं गया था। घटना रतनपुर थाना क्षेत्र की है। देखिए पहले ये तस्वीरें- ड्राइवर और मैकेनिक थे दोनों जानकारी के अनुसार बेलतरा निवासी संदीप रजक (23) और उसका छोटा भाई प्रदीप रजक (16) ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करते थे। संदीप ट्रेलर ड्राइवर था, जबकि प्रदीप मैकेनिक का काम करता था। दोनों अपने परिवार के साथ बेलतरा के पास स्थित बेलपारा गांव में रहते थे। नाली बनाने के लिए खोदा था गड्ढा बताया जा रहा है कि बस स्टैंड के पास स्थित एक पेट्रोल पंप के सामने नेशनल हाईवे किनारे नाली निर्माण के लिए करीब 4 महीने पहले खुदाई की गई थी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी के विरोध के बाद निर्माण कार्य रोक दिया गया, लेकिन खुदाई वाला हिस्सा और निर्माण सामग्री सड़क किनारे ही पड़ी रही। रात करीब 8 बजे बिलासपुर की ओर जा रहा कोयले से लदा ट्रेलर (CG 12 BH 2296) तेज रफ्तार में था। खुदाई वाले हिस्से के पास पहुंचते ही ड्राइवर कंट्रोल खो बैठा और ट्रेलर पलट गया। उसी दौरान वहां से गुजर रही बाइक उसकी चपेट में आ गई। ट्रेलर के नीचे दबने से दोनों भाइयों की जान चली गई। संदीप और प्रदीप अपने परिवार के सहारे थे। पिता के मौत के बाद दोनों भाई अपनी मां और बहन की जिम्मेदारी उठा रहे थे। बहन के लिए मोमोज लेकर लौट रहे थे घर रिश्तेदारों के अनुसार दोनों भाई काम खत्म करने के बाद होटल गए थे। वहां से वे अपनी बहन के कहने पर उसके लिए मोमोज लेकर घर लौट रहे थे, लेकिन घर पहुंचने से पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया। हाइड्रा की मदद से निकाले गए शव घटना की सूचना मिलते ही रतनपुर पुलिस मौके पर पहुंची। हाइड्रा मशीन की सहायता से ट्रेलर को हटाकर दोनों शवों को बाहर निकाला गया। इसके बाद शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। हंगामे की आशंका पर तत्काल अस्पताल भेजे गए शव हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे। शुरुआत में पुलिस को लगा कि ट्रेलर के नीचे दबे लोग बाहरी हो सकते हैं, लेकिन ट्रेलर हटाने पर मृतकों की पहचान स्थानीय युवकों के रूप में हुई। इसके बाद माहौल बिगड़ने और विरोध-प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए पुलिस ने एहतियात बरतते हुए शवों को तत्काल अस्पताल भिजवा दिया। वहीं, रतनपुर पुलिस का कहना है कि मामले मर्ग कायम कर लिया गया है। वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। ……………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… धमतरी में पिकअप से कुचलकर युवक की मौत, VIDEO: सड़क पर पैदल चल रहे व्यक्ति को बचाने में हुआ हादसा, पुलिस जांच में जुटी छत्तीसगढ़ के धमतरी में एक सड़क हादसे में 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक बाइक से गिरने के बाद पिकअप वाहन की चपेट में आ गया। इस घटना का लाइव वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना गुरुवार को धमतरी जिले के मगरलोड थाना क्षेत्र अंतर्गत मेघा मेन रोड पर हुई। पढ़ें पूरी खबर…
मऊ जिले के चिरैयाकोट थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में 25 वर्षीय युवक की मौत हो गई। गुरुवार देर शाम मुहम्मदाबाद गोहना-चिरैयाकोट मार्ग पर खुर्दकरमी गांव के पास एक बाइक और लग्जरी कार की टक्कर हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के सुल्तानीपुर गांव निवासी आशीष के रूप में हुई है। आशीष गुरुवार रात करीब 9:30 बजे चिरैयाकोट से अपनी बाइक पर सवार होकर घर लौट रहा था। खुर्दकरमी गांव के समीप मुहम्मदाबाद गोहना-चिरैयाकोट मार्ग पर विपरीत दिशा से आ रही तेज रफ्तार लग्जरी कार ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि आशीष की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही चिरैयाकोट थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की आगे की जांच कर रही है।
फिरोजाबाद में थाना दक्षिण क्षेत्र की एक युवती संदिग्ध परिस्थितियों में गंभीर हालत में मिली, जिसने उपचार से पहले ही दम तोड़ दिया। इस घटना को लेकर परिजनों ने अनहोनी की आशंका व्यक्त की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। जानकारी के अनुसार, 24 वर्षीय नगमा, पुत्री स्वर्गीय हसनैन, निवासी उर्वशी रोड बगिया, थाना दक्षिण, गुरुवार रात फतेहाबाद रोड स्थित नगला बरी, थाना रसूलपुर क्षेत्र में गंभीर अवस्था में पड़ी मिली। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवती की मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने घटना को संदिग्ध बताते हुए किसी अनहोनी की आशंका जताई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने बताया कि युवती गंभीर अवस्था में मिली थी। मृत्यु के कारणों का पता लगाने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहनता से जांच कर रही है।
लुधियाना में स्नैचिंग की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अब ऑटो में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं है। ऑटो गैंग के सदस्य बुजु्र्ग और अकेली महिला सवाली को चलते ऑटो में लूट रहे है। ताजा मामला समराला चौक से आया है। चंडीगढ़ से आई महिला ने समराला चौक पुल के नीचे से ऑटो कृष्ण स्वीट्स पर जाने के लिए लिया। ऑटो में बैठाकर महिला को धारदार हथियार से मारने का डर दिखाकर उसके कान की बालियां बदमाशों ने झपट ली और उसे चलते ऑटो से बाहर गिरा दिया। हाईवे पर जा रहे बाइक सवार युवक ने पीछा करक ऑटो गैंग के सदस्यों को माधोपुरी चौक पर लोगों की मदद से दबोचा। समराला चौक से लिया था घर जाने के लिए ऑटो जानकारी देते हुए पीड़ित महिला संतोष रानी ने बताया कि वह लक्ष्मी कॉलोनी की रहने वाली है। 18 जून को दोपहर करीब 3:15 बजे वह चंडीगढ़ से आई थी। वह समराला चौक से अपने घर जाने के लिए ऑटो ढूंढ रही थी। तभी ऑटो नंबर PB-10-CK-0145 वहां खड़ा था। ऑटो ड्राइवर के साथ एक अन्य युवक भी बैठा हुआ था। उन्होंने उससे पूछा कि माता जी कहां जाना है। उसने कृष्णा स्वीट्स कहा। दातर का डर दिखाकर लूटा,चलते ऑटो से बाहर फेंका संतोष के मुताबिक दोनों युवकों ने कहा कि वह 10 रुपए लेंगे। जैसे ही वह ऑटो में बैठी तो ड्राइवर के साथ बैठा लड़का उसके सामने पीछे आकर बैठ गया। उसने उससे कहा कि ऊपर मत चढ़ों पीछे होकर बैठो। इतने में उस युवक ने उससे कहा कि उसके पास दातर है यदि शोर मचाया तो वह मार देगा। उसने दौलत कॉलोनी जी.टी रोड के पास उसकी बालियां झपटी। उसने विरोध किया तो पर्स में करीब 1200 रुपये नकद और अन्य जरूरी थे वह भी छीन लिए। बदमाशों ने उसे चलते ऑटो से बाहर फेंक दिया। बुजुर्ग मुताबिक उसकी बाजू और शरीर पर कई जगह चोटें आई। कान पूरा फट गया। कान में टांके लगे है। संतोष ने कहा कि किसी राहगीर युवक ने ये घटना होते देख ली उसने बदमाशों के ऑटो का पीछा किया और उसे गौशाला रोड नजदीक माधोपुरी चौक के पास शोर मचाकर पकड़ लिया। लोगों ने जमकर इन लुटेरों की धुनाई की। काफी लोगों ने वीडियोग्राफी भी की। लोगों ने पुलिस को मौके पर बुलाया और मामले की जानकारी दी। थाना दरेसी की पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 304 और 3(5) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चंडीगढ़ भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा के बयान को लेकर विपक्षी दलों ने भाजपा पर हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस ने उनके बयान को पंजाबियों का अपमान बताया है। इसी के विरोध में कांग्रेस आज पूरे पंजाब में जिला स्तर पर भाजपा के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करेगी। प्रदेश अध्यक्ष और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग की ओर से जारी सूचना के अनुसार, राज्यव्यापी प्रदर्शन के दौरान सभी जिला कांग्रेस कमेटियों (DCC) के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और समर्थक सड़कों पर उतरकर रोष प्रकट करेंगे। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेता जितेंद्र पाल मल्होत्रा और केवल सिंह ढिल्लों के पुतले भी फूंके जाएंगे। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा नेताओं के बयानों से पंजाब की गरिमा और लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। भाजपा की सोच हमेशा से पंजाब विरोधी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजा वडिंग का कहना है कि भाजपा की सोच हमेशा से पंजाब और पंजाबियों के खिलाफ रही है। उनका आरोप है कि यह केवल एक नेता का निजी बयान नहीं, बल्कि भाजपा की पंजाब-विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि जो भी पंजाब के गौरवशाली इतिहास और यहां के लोगों का अपमान करने की कोशिश करेगा, उसे राज्य की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। कानूनी कार्रवाई की मांग पर अड़ी कांग्रेस इस प्रदेशव्यापी मोर्चे के जरिए कांग्रेस न केवल सड़कों पर अपना रोष जताएगी, बल्कि आरोपी भाजपा नेताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग भी करेगी। कांग्रेस का कहना है कि सामाजिक शांति और भाईचारे को ठेस पहुंचाने वाले ऐसे बयानों पर पुलिस को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। भाजपा को राजनीतिक तौर पर घेरने की तैयारी इस बड़े प्रदर्शन के ऐलान के बाद पूरे पंजाब में सियासी पारा चढ़ गया है। सभी जिलों में कांग्रेस कमेटियों ने कल होने वाले प्रदर्शनों की तैयारियां पूरी कर ली हैं। माना जा रहा है कि इस आंदोलन के जरिए कांग्रेस राज्य में भाजपा को घेरने और जनभावनाओं को अपने पक्ष में करने की रणनीति पर काम कर रही है। अब देखना होगा कि कांग्रेस के इस ‘हल्ला बोल’ पर भाजपा की क्या प्रतिक्रिया आती है।
सतना जिला अस्पताल के लेबर रूम में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात अजगर का बच्चा घुसने से हड़कंप मच गया। प्रसूताओं के सामान्य प्रसव स्थल पर सांप दिखने से नर्सिंग स्टाफ, मरीजों और उनके परिजनों में अफरा-तफरी फैल गई। हालांकि, उसे समय रहते सुरक्षित पकड़कर बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, यह घटना रात करीब 1 बजे हुई। लेबर रूम में मौजूद एक परिजन ने लेबर टेबलों के बीच एक जीव को रेंगते हुए देखा। पास जाकर देखने पर वह अजगर का बच्चा निकला। इसकी सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों ने तुरंत सतर्कता बरतते हुए मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। खिड़की के बाहर झाड़ियां और कचरा जमाघटना की जानकारी तत्काल सफाई सुपरवाइजर को दी गई। इसके बाद पहुंचे सफाई कर्मचारी ने काफी मशक्कत के बाद अजगर के बच्चे को पकड़ा और उसे अस्पताल परिसर से बाहर निकाला। इस घटना का एक वीडियो भी गुरुवार देर रात सामने आया है। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, लेबर रूम से सटे वॉशरूम के पास की खिड़की के बाहर झाड़ियां और कचरा जमा है। आशंका जताई जा रही है कि अजगर का बच्चा उसी रास्ते से वार्ड के भीतर पहुंचा होगा। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर की साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) ने बारां रोड़ पर दो नई आवासीय योजना लॉन्च की है। प्रताप सिंह बारहठ आवासीय योजना व राजनगर आवासीय योजना के तहत 265 प्लॉट्स विकसित किए जाएंगे। KDA आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि शहरवासियों को सुनियोजित एवं आधुनिक आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दोनों योजनाएं शुरू की गई हैं। इन योजनाओं के तहत आमजन को किफायती दरों पर आवासीय भूखण्ड उपलब्ध कराए जाएंगे। इस मौके पर सचिव मुकेश कुमार चौधरी, उपायुक्त अनिल सिंघल, हर्षित वर्मा, निदेशक वित्त रोहित दीक्षित, निदेशक प्लानिंग भूपेश मालव, लेखाधिकारी डॉ. नीतू सिंह, बैंक अधिकारी सहित अन्य मौजूद रहे। राजनगर आवासीय योजना राजनगर योजना में कुल 28 भूखण्ड उपलब्ध हैं। इनमें EWS श्रेणी के 6 प्लॉट (4.59 मीटर) कीमत 5.66 लाख,, LIG श्रेणी के 22 प्लॉट (612 मीटर) कीमत 10.07 लाख है। इस योजना में भूखण्डों की दर 1300 रुपये प्रति वर्गफीट निर्धारित की गई है। योजना कोटा-बारां बाईपास से लगभग 300 मीटर दूरी पर स्थित है। देवली अरब लिंक रोड से इसकी सीधी पहुंच है। प्रताप सिंह बारहठ आवासीय योजना इस योजना में कुल 237 भूखण्ड उपलब्ध हैं। इनमें EWS श्रेणी के 97 प्लॉट (4.59 मीटर) कीमत 4.40 लाख, LIG श्रेणी के 56 प्लॉट (612 मीटर) कीमत 7.82 लाख,MIG श्रेणी के 84 प्लॉट (7.515 मीटर) कीमत 12.22 लाख है यह योजना बारां रोड क्षेत्र में विकसित की गई है। भूखण्डों की दर 1010 रुपये प्रति वर्गफीट निर्धारित की गई है। योजना में पार्क एवं खेल मैदान के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। आयुक्त ने बताया कि दोनों योजनाओं में सड़क, पेयजल, विद्युत, जल निकासी एवं अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित की गई है। जिससे निवासियों को सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित आवासीय वातावरण मिल सके। कैसे करें आवेदन दोनों योजनाओं के आवेदन पत्र 18 जून 2026 से उपलब्ध हैं। 17 जुलाई 2026 तक आवेदन जमा होंगे। आवेदन पंजाब नेशनल बैंक की कोटा स्थित सभी शाखाओं, राजस्थान के अन्य जिला मुख्यालयों की नोडल शाखाओं और KDA परिसर स्थित काउंटर से लिए व जमा किए जा सकेंगे।
पीजीआई और पंजाब यूनिवर्सिटी के बीच सड़क पार करने वाले हजारों मरीजों, तीमारदारों, डॉक्टरों और विद्यार्थियों को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है। यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने बहुप्रतीक्षित पैदल अंडरपास परियोजना के लिए दोबारा टेंडर जारी कर दिया है। करीब 8.4 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस अंडरपास को छह महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह दूसरी बार है जब प्रशासन ने इस परियोजना के लिए टेंडर जारी किया है। अंडरपास बनने से व्यस्त सड़क पार करने के दौरान होने वाले हादसों की आशंका कम होगी और लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। जानिए 14 मीटर चौड़े अंडरपास में क्या होगा खास
कंज्यूमर कोर्ट ने सड़क दुर्घटना में मृतक के बीमा क्लेम का भुगतान नहीं करने पर नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को सेवा में कमी का दोषी माना है। कोर्ट ने नॉमिनी को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 2 लाख रुपए की बीमा राशि देने के आदेश दिए हैं। साथ ही कंपनी को मानसिक प्रताड़ना एवं परिवाद व्यय के रूप में 21 हजार रुपए अतिरिक्त तथा परिवाद दायर करने की तिथि से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का भुगतान भी करना होगा। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, प्रथम के अध्यक्ष राजकुमार सुथार एवं सदस्य दिलशाद अली ने रूबी तिवारी की ओर से दायर परिवाद पर यह निर्णय सुनाया। सड़क दुर्घटना में हुई थी मौत परिवाद के अधिवक्ता भीख सिंह भाटी के अनुसार परिवादिया के पति ने बैंक ऑफ बड़ौदा के माध्यम से प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत पॉलिसी ली थी। सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। नॉमिनी ने बैंक में क्लेम प्रस्तुत किया, जिसे बैंक ने बीमा कंपनी को भेज दिया, लेकिन बार-बार स्मरण पत्र भेजने के बावजूद क्लेम का निस्तारण नहीं किया गया। सुनवाई के दौरान आयोग ने कहा कि तकनीकी आधार पर क्लेम रोकना सेवा में कमी है। कोर्ट ने क्लेम राशि ब्याज सहित देने का आदेश दिया।
रायगढ़ में गुरुवार शाम आए भीषण आंधी-तूफान के दौरान दो फैक्ट्रियों के बीच की बाउंड्री वॉल अचानक ढह गई। मलबे की चपेट में आने से वहां झोपड़ी में रह रही एक महिला मजदूर की मौत हो गई, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हैं। रायपुर में भी रात 8 बजे से गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। वहीं, धमतरी के मगरलोड इलाके में बुधवार देर रात आकाशीय बिजली गिरने से 40 मवेशियों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने अगले 3 दिनों तक प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया है। राहत की बात यह है कि मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं और अगले 4 से 5 दिनों में यह छत्तीसगढ़ के अन्य हिस्सों में दस्तक दे देगा। हालांकि, पिछले 24 घंटों के दौरान बिलासपुर संभाग में गर्मी बढ़ी है, जहां पारा 4 से 5 डिग्री तक चढ़कर प्रदेश में सबसे ज्यादा 41.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, दुर्ग में सबसे कम 23.2 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। तस्वीरें देखिए- रायपुर का मौसम मौसम विभाग के मुताबिक शहर में आज बादस छाए रहेंगे। गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
सोशल मीडिया पर रील्स के ज़रिए शादीशुदा ज़िंदगी और कॉर्पोरेट लाइफ का मज़ाकिया दर्द बयां करने वाले फेमस कंटेंट क्रिएटर कपिल कनपुरिया (कपिल शुक्ला) अब ओटीटी की दुनिया में धमाल मचा रहे हैं। उनकी सुपरहिट वेब सीरीज़ 'ठुकरा के मेरा प्यार' का सीजन 2 रिलीज़ हो चुका है। पहले सीजन में अपने ही जीजा की हत्या कर दर्शकों को चौंकाने वाले कपिल इस बार और बड़े धमाके का दावा कर रहे हैं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अभिनेता कपिल कनपुरिया ने अपने किरदार के डार्क शेड्स, शूटिंग के दौरान के मुश्किलों और सोशल मीडिया पर परोसी जा रही वल्गरिटी (फूहड़ता) पर खुलकर बात की। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश: सवाल: पहले पार्ट की सफलता के बाद, सीज़न 2 में दर्शकों के लिए क्या नया रोमांच है?अभिनेता: देखिए, यह किरदार मेरी असल ज़िंदगी और रील्स की इमेज से एकदम अलग है। पहले सीज़न में मुझे बताया गया था कि यह बड़ा चुलबुला और कॉमेडी वाला किरदार होगा। मुझे अंदाज़ा नहीं था कि अंत में मुझसे जीजा जी की हत्या जैसा कांड करा दिया जाएगा। इस वजह से पहले सीज़न में मुझे विलेनगिरी भी दिखानी पड़ी। सीज़न 2 में अब सान्विका चौहान को पता चलेगा कि यह कांड मैंने किया है। इसके बाद मेरा स्वर्ग जाना तय होगा या नर्क, यह दर्शकों को देखना है। पहला सीज़न आधा धमाका था, इस बार भयंकर वाला एटम बम फटेगा। फुल मौज आने वाली है। सवाल: रील्स में आप अकेले या फिर फैमिली के साथ दिखते हैं, लेकिन इस वेब सीरीज़ करने में कैसे चुनौतियाँ आईं, फिल्म के अन्य किरदारों के साथ काम करके कैसा लगा?अभिनेता: सीरीज़ में एक से बढ़कर एक महारथी है। रवि शाह और डायरेक्टर साहिबा FTII के पास आउट हैं, गोविंद पांडे ने थिएटर में पीएचडी कर रखी है, और पुनीत सिंह NSD से हैं। इन सब दिग्गजों के संगठन और अनुभव से मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला। उन्हीं के संगम से यह रस उत्पन्न हो पाया है कि मैं अपने किरदार को अच्छे से निभा सका। उन्होंने बताया कि, इस सीरीज की शूटिंग मलिहाबाद ,मॉल, बक्शी का तालाब, चंद्रिका देवी और पुराने लखनऊ में हुई है। इस सीरीज के 50 एपिसोड में से 36 एपिसोड में आपको उनका अभिनय देखने को मिलेगा। सवाल: इस वेब सीरीज में 'कनपुरिया भौकाल' का कितना ट्विस्ट और कैसा फ्लेवर देखने को मिलेगा?अभिनेता: इसमें आपको एकदम घोर कनपुरिया और अवध क्षेत्र की भाषा की झलक मिलेगी। बाकी एक्टर्स को भी हमने कनपुरिया बोली सिखाई हैं, जिसमें उन्हें बड़ा आनंद आया। मेरे किरदार में दर्शकों को पूरी तरह से शुद्ध देसी अंदाज़ देखने को मिलेगा। सवाल: इस सीरीज का कोई ऐसा किस्सा जिसे आप भुलाना चाहते हैं, या कोई ऐसा मज़ाकिया वाकया जिसे आप दर्शकों से शेयर करना चाहते हो?अभिनेता: सीज़न-1 में एक बच्ची को थप्पड़ मारने का सीन था। वह सीन मेरे लिए तय नहीं था, लेकिन दूसरा एक्टर नहीं मान रहा था तो मुझ पर थोड़ा थोप दिया गया। एक छोटी बच्ची को थप्पड़ मारने में मुझे अंदर से बहुत हर्ट हुआ था। उस सीन के लिए दर्शकों से बहुत हेट भी मिली। वहीं,मज़ाकिया वाकये की बात करें, तो मुझे ऊंचाई से डर लगता है। प्रोड्यूसर साहब ने एक मचान बनाकर मुझसे रस्सी से लटककर कूदने को कह दिया। मैं डर गया था, लेकिन बाद में डायरेक्टर ने बताया कि सिर्फ एक खंड से ही कूदना है, तब जाकर जान में जान आई। इस वेब सीरीज के फर्स्ट पार्ट को लोगों ने काफी पसंद किया था और पहली बार किसी सीरीज को 10 मिलियन लोगों ने पैड सब्सक्रिप्शन लेकर देखा था। सवाल: आज का कंटेंट काफी बदल चुका है। आप खुद फैमिली कंटेंट बनाते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर बढ़ रही वल्गरिटी को किस तरह देखते हैं?अभिनेता: मैं न्यूडिटी और फूहड़ता वाले कंटेंट के पूरी तरह खिलाफ हूँ। कुछ लोग इसे शॉर्टकट की तरह इस्तेमाल करते हैं। आजकल लोग कमेंट सेक्शन में गालियों और गंदे कंटेंट को यह कहकर नॉर्मलाइज़ कर देते हैं कि 'गाली तो सब देते हैं'। लेकिन हमारे मौलिक सिद्धांत कहाँ गए? क्या आप अपने मां-बाप के सामने ऐसी बातें कर सकते हैं? सभ्य समाज के लिए इसकी खिलाफत होनी चाहिए। मेरा फंडा साफ है। दुनिया को ज्ञान देने से अच्छा है कि हम खुद सही राह पर चलें और अपना काम अच्छा करें। सवाल: कानपुरिया फैंस और दर्शकों के लिए क्या संदेश है? और वह इस सीरीज़ को कहाँ और कब देख सकते हैं?अभिनेता: इस सीरीज़ में पूरी तरह से मिट्टी की सुगंध और देसीपन है। ऐसे ज़मीन से जुड़े शोज़ बहुत कम बनते हैं। पहले सीज़न में स्ट्रगल और आईएएस (IAS) बनने की कहानी थी, लेकिन इस बार पूरा खेल प्यार, हेर-फेर और बदले का है। यह सीरीज़ 19 जून से डिज़नी प्लस हॉटस्टार पर प्रसारित हो रही है। इसे अपनी फैमिली के साथ बैठकर आराम से देखिए, बहुत मज़ा आएगा।
अपने पुरखों की जमीन का मोह कैसा होता है, ये देखना है तो बड़वानी से महज पांच किलोमीटर दूर राजघाट कुकरा गांव चले आइए। गुजरात में बने सरदार सरोवर बांध के चलते 2019 में सरकारी रिकॉर्ड से इस गांव का नाम मिटा दिया गया है। दस्तावेजों के मुताबिक, यहां अब कोई नहीं रहता यानी इंसान, पशु तो दूर अब यहां कोई मकान भी नहीं हैं। लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। चार परिवारों के करीब 24 सदस्य यहां आज भी रह रहे हैं। ये वे लोग हैं, जो अपने पुरखों की जमीन और घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। मानसून आने में एक हफ्ता है। इससे पहले, गांव में रह रहे लोगों के माथे पर चिंता है। कारण- डैम भरने पर बैक वाटर के पानी से गांव साल में पांच महीने यानी अगस्त से दिसंबर तक के लिए टापू बन जाता है। इस बार भी यही होगा। 130 मीटर जलस्तर होने पर डूब जाता है गांव भौगोलिक स्थिति के चलते राजघाट कुकरा गांव पहली नजर में पर्यटन स्थल जैसा दिखता है। गांव में नर्मदा नदी का खतरे का निशान 123.280 मीटर है। जलस्तर 127.300 मीटर होने पर पुराना राजघाट का पुल डूब जाता है। वाटर लेवल 130 मीटर से अधिक होने पर राजघाट से सटे खेत जलमग्न होने लगते हैं। वहीं, जलस्तर 130 मीटर से ऊपर होते ही गांव टापू में तब्दील हो जाता है। एक बार फिर मानसून सिर पर है लेकिन कुकरी गांव के ये 24 लोग इसे न छोड़ने की जिद पर अड़े हैं। स्थानीय बुजुर्ग कहते हैं- विकास के नाम पर गांव को खत्म कर दिया गया लेकिन हम आखिरी सांस तक यहीं रहेंगे। पहले साल तो बड़ी परेशानी हुई, लेकिन अब हम उन छह महीने की तैयारी पहले से ही कर लेते हैं। जुगाड़ से अपनी नाव तक बना लेते हैं। पढ़िए, रिपोर्ट… बुजुर्ग बोले- डैम भरने पर समुद्र जैसा दिखता है राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि होने की वजह से गांव का नाम राजघाट कुकरा पड़ा, लेकिन डूब क्षेत्र में आने के बाद इस समाधि को 2019 में यहां से शिफ्ट कर दिया गया था। गांव नर्मदा से करीब 250 फीट दूर 50-60 फीट ऊंची पहाड़ी पर बसा है। जब यहां बसाहट थी, तो 265 परिवार रहा करते थे। अब सिर्फ पांच ही बचे हैं यानी 261 कच्चे-पक्के मकान खंडहर हो गए हैं। गांव सरकारी दस्तावेजों में खाली हो चुका है। ऐसे में न तो यहां बिजली है, न स्कूल और न ही अन्य सरकारी सुविधा। उजाड़ और वीरान हो चुके गांव की गलियों से गुजरकर हम खुली जगह में पहुंचे। यहां से नर्मदा साफ दिखती है। यहीं नीम के पेड़ के नीचे बैठे बुजुर्ग बहादुर सिंह मिले। बहादुर सिंह कहते हैं- डैम भरने पर ऐसा लगता है जैसे कि समुद्र किनारे खड़े हैं। जब तेज हवा चलती है, तो बहुत ऊंची-ऊंची लहरें डरा देती हैं। एक-डेढ़ महीने में ऐसे हालात फिर बन जाएंगे, लेकिन बांध का पानी हमारे लिए तो मुसीबत बनकर ही आया है। हमारा गांव उजड़ गया। हम लोग कहीं के नहीं रहे। पांच-छह साल से तो जिंदगी दुश्वार हो गई है। जो जमीन दी, वो पथरीली और खारी है बहादुर सिंह से पूछा- आप लोगों का तो पुनर्वास कर दिया गया है। लाखों रुपए, गुजरात में मकान और खेती के लिए जमीन भी दी है। फिर वहां गए क्यों नहीं? जवाब में वे कहते हैं- हम अपने पुरखों की जमीन कैसे छोड़ दें? मैंने तो ठान लिया है, आखिरी सांस तक यहीं रहूंगा। सरकार ने हमारा कैसा पुनर्वास किया है, इसकी हकीकत हम ही जानते हैं। गुजरात के कच्छ इलाके में जो जमीन दी, वो पथरीली और खारी है। यहां हमारी उपजाऊ जमीन है। आधार और वोटर आईडी एमपी का बहादुर सिंह ने कहा- सरकार कहती है कि पुनर्वास हो गया, गुजरात में जमीन दे दी। फिर हमें मध्य प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ क्यों दिया जा रहा है? हमें सरकार राशन दे रही है। हम यहां के मतदाता हैं। आधार भी यहीं के पते पर बने हैं। यदि हमारा पुनर्वास हो चुका है, तो सरकारी योजनाओं का लाभ मध्य प्रदेश से क्यों दिया जा रहा है? सरकार ने सिर्फ कागजों में पुनर्वास कर दिया, हकीकत कुछ और ही है। चार महीने तक आने-जाने के रास्ते बंद गांव में रहने वाले देवेंद्र सोलंकी कहते हैं- साल 2017 तक हमारा गांव डूब में नहीं था। हम निश्चिंत थे, लेकिन 16 सितंबर 2019 को सरदार सरोवर को 128.50 मीटर तक भर दिया गया। हमारे लिए तो ये दिन तबाही की तरह था। बैक वाटर लेवल इतनी तेजी से बढ़ा कि गांव कुछ ही घंटों में टापू बन गया। पहली बार समुद्र जैसा अहसास हुआ। चारों ओर पानी ही पानी हो गया। तब से लेकर आज तक हर बार टापू में रहना पड़ रहा है। चार महीने तक आने-जाने के रास्ते बंद हो जाते हैं। इस साल भी यही होगा। अगले महीने बारिश शुरू होगी। फिर जलस्तर बढ़ने लगेगा। उसी को लेकर तैयारियां कर रहे हैं। खाने के लिए अनाज की व्यवस्था अभी से कर ली गई है। मवेशियों के लिए चारे का स्टॉक कर लिया है। जरूरी व्यवस्था के लिए प्रशासन नाव देगा, तो ठीक नहीं तो हम ही जुगाड़ की नाव बनाकर आना-जाना करते हैं। जैसे ही, डैम में पानी बढ़ता है, नाव की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन हमारी नाव भी बंद कर दी जाती है। हम साल 2019 में पुनर्वास स्थल पर गए थे, लेकिन वहां मवेशियों के लिए चारे का इंतजाम तक नहीं था। वे मरने लगे, तो हम फिर से गांव वापस आ गए। घर और जमीन का मुआवजा एमपी में मिले वहीं, कनक सिंह कहते हैं- हमारी जमीन के बदले यहां से 300 किलोमीटर दूर गुजरात के भरूच में पथरीली और खारी जमीन दे दी। वहां घास तक नहीं उगती। आधी जमीन मध्य प्रदेश में है। यहां कुकरा की आठ एकड़ जमीन डूब से बाहर है। उसे कैसे छोड़ दें? हमें घर और जमीन का मुआवजा एमपी में मिले। हमारे साथ न्याय नहीं हुआ। सिंचित की जगह सिंचित जमीन ही देनी थी, लेकिन गुजरात में पथरीली और खारी जमीन दे दी। दो युवकों की हो चुकी है करंट से मौत राजघाट कुकरा गांव के चिमन सोलंकी (32) और संतोष दरबार (25) की अगस्त 2019 में करंट से मौत हो गई थी। दरअसल, गांव के टापू में तब्दील होने के बाद पांच युवक नाव से अपने परिवारों से मिलने जा रहे थे। नाव से जाते समय संतोष ने पानी से तीन फीट ऊपर बिजली के तार उठाने के लिए दोनों हाथ लगाए और करंट लगने से वहीं चिपक गया। चिमन की भी डोंगी में पानी होने से करंट फैला, उसने भी मौके पर दम तोड़ दिया। नाव में सवार तीन अन्य लोगों को भी झटका लगा, लेकिन जब तक बहाव में नाव दूर चली गई तो वे बच गए। अधिकारी बोले- साल 2019 में ही मुआवजा दे दिया दूसरी तरफ, पूर्व नर्मदा प्राधिकरण अधिकारी और वर्तमान अभियंता एसएस चोंगड का कहना है कि साल 2019 में ही विस्थापितों को मुआवजा दे दिया गया था। हालांकि, अभी भी कुछ लोग गांव में रहते हैं। उनकी मांग है कि मध्य प्रदेश में भी जमीन और मुआवजा मिले, ये संभव नहीं है। ये खबर भी पढ़ें… 2 महीने में डूब जाएगा 250 साल पुराना गांव पाई-पाई जोड़कर आशियाना बनाया, ताकि बच्चे खुशनुमा जीवन जी सकें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उल्दन बांध आया और हम बर्बाद हो गए। जिस उम्र में बच्चों को सबकुछ सौंपकर माला जपते हुए भजन करना था, उस 75 साल की उम्र में बेघर हो गए। बुढ़ापे में घर और गांव छोड़ना पड़ रहा है। पढ़ें पूरी खबर…
मध्यप्रदेश में महाकौशल, विंध्य और बुंदेलखंड के विकास को लेकर एक बार फिर अलग राज्य की मांग की चर्चा शुरू हो गई है। राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने कहा कि महाकौशल, विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्रों के साथ लगातार उपेक्षा हो रही है और जरूरत पड़ी तो अलग राज्य की मांग भी उठाई जाएगी। जबलपुर में शुक्रवार को कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठों की बैठक के दौरान विवेक तन्खा ने कहा कि कभी मध्य भारत का प्रमुख शहर रहा जबलपुर आज अपनी पहचान और सम्मान खोता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक कांग्रेस मजबूत थी, तब तक जबलपुर भी मजबूत था। विकास में भेदभाव का लगाया आरोप तन्खा ने कहा कि इंदौर, भोपाल, देवास और उज्जैन की तरह महाकौशल, विंध्य और बुंदेलखंड का विकास नहीं हुआ। इन क्षेत्रों को लगातार नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने कहा कि यहां के युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार और विकास के अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने कहा, जो भी आता है, जबलपुर को झटका देकर आगे बढ़ जाता है। हमें इतना कमजोर मत समझिए। हम चाहते हैं कि यहां अच्छे कॉलेज आएं, उद्योग लगें और युवाओं को रोजगार मिले। तन्खा ने कहा कि यह सिर्फ उनका गुस्सा नहीं बल्कि क्षेत्र के भविष्य को लेकर चिंता भी है। भाजपा ने किया पलटवार विवेक तन्खा के बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा विधायक अशो रोहानी ने कहा कि तन्खा ने खुद स्वीकार किया है कि भाजपा सरकार में भोपाल, उज्जैन और देवास का विकास हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि विकास देखना है तो जबलपुर का नया एयरपोर्ट, फ्लाईओवर, नर्मदा कॉरिडोर, सड़कें, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए कार्य देखे जा सकते हैं। भाजपा विधायक ने दावा किया कि पिछले 12 सालों में जबलपुर में अभूतपूर्व विकास हुआ है। पहले भी उठती रही हैं अलग राज्य की मांगें मध्यप्रदेश के विभाजन की मांग कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी महाकौशल, बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्रों को अलग राज्य बनाने की मांग समय-समय पर उठती रही है। कुछ संगठनों ने अलग विंध्य प्रदेश और बुंदेलखंड राज्य की मांग भी की थी। हालांकि, इस बार यह मुद्दा एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद द्वारा उठाए जाने के कारण राजनीतिक रूप से अधिक चर्चा में आ गया है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज की ओर से प्रदेश के 465 स्ववित्तपोषित स्कूलों की मान्यता स्वत: समाप्त कर दी गई है। इसमें वाराणसी मंडल के 53 विद्यालय शामिल हैं। इस मंडल में गाजीपुर जनपद में सबसे ज्यादा 47 विद्यालय हैं। वाराणसी के चार विद्यालय हैं जिसमें आरएनएस इंटर कॉलेज नरिया, लालता प्रसाद सिंह आदर्श इंटर कालेज तेंदुई, एसवीएचएस बच्छांव व सीएफआई माडल सेकेंडरी स्कूल दीनदासपुर स्कूल हैं। परिषद ने यह निर्णय विद्यालयों के शैक्षणिक सत्र 2024-2025 और 2025-2026 में छात्रों के परीक्षा में शामिल नहीं होने और कक्षाएं संचालित नहीं करने के कारण लिया है। परिषद के सचिव भगवती सिंह की ओर से यह सूची जारी की गई थी। वहीं वाराणसी के क्षेत्रीय बोर्ड कार्यालय के अपर सचिव भास्कर मिश्रा ने बताया कि लगातार दो सत्रों से परीक्षा में कोई छात्र शामिल न होने और कक्षाएं संचालित न करने के कारण इन स्व-वित्तपोषित विद्यालयों की मान्यता स्वतः समाप्त हो गई है। इन विद्यालयों का डेटा पहले ही बोर्ड की साइट पर उपलब्ध था। यह है नियम अपर सचिव भास्कर मिश्रा ने बताया कि इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 के तहत गठित परिषद विनियमों के अध्याय सात में संस्थाओं को मान्यता देने संबंधी प्रावधान हैं। इसी के विनियम 11 (ढ़) के अनुसार, यदि कोई हाईस्कूल या इंटरमीडिएट नवीन (वन टाइम) या इंटरमीडिएट नवीन वर्ग की मान्यता प्राप्त विद्यालय से लगातार दो शैक्षिक सत्रों तक कोई छात्र परीक्षा में शामिल नहीं होता है या कक्षाएं संचालित नहीं की जाती हैं, तो उस विद्यालय की प्रदत्त मान्यता स्वतः समाप्त मानी जाएगी।
गाजियाबाद में गर्मी-उमस से लोग बेहाल, 38°C पारा:लू को लेकर चेतावनी, 2 दिन बाद बारिश की संभावना
गाजियाबाद में शुक्रवार सुबह से ही तेज धूप निकलने के साथ गर्मी का असर बढ़ गया। मौसम विभाग के अनुसार आज तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। सुबह न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि दिन में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने का अनुमान है। दिन के समय हवा की रफ्तार करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्म हवाओं का सामना करना पड़ सकता है। गुरुवार को भी जिले में भीषण गर्मी रही। हालांकि रात के समय आसमान में बीच-बीच में हल्के बादल दिखाई दिए, लेकिन इससे गर्मी से ज्यादा राहत नहीं मिल सकी। पिछले तीन दिनों में लगातार बढ़ा तापमान गाजियाबाद में पिछले तीन दिनों के दौरान दिन और रात दोनों के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सुबह से ही तेज धूप निकल रही है और दोपहर होते-होते गर्मी का असर काफी बढ़ जा रहा है। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच तापमान अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच रहा है। इस दौरान सड़कों पर आवाजाही कम दिखाई दे रही है और लोगों को घरों से बाहर निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक हफ्ते पहले बारिश से मिली थी राहत करीब एक सप्ताह पहले जिले में आंधी और बारिश के कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया था। 10 जून की रात तेज हवाओं और बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दिलाई थी। 35 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के साथ हुई बारिश से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई थी। 20 जून तक सुहाना बना रहा मौसम 15 जून से 20 जून के बीच मौसम अपेक्षाकृत सुहाना बना रहा। इस दौरान बीच-बीच में हुई बारिश और तेज हवाओं के चलते गर्मी का असर काफी कम रहा। शुक्रवार रात हुई आंधी और बारिश से भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई थी, जिससे लोगों को राहत मिली थी। लेकिन अब एक बार फिर तेज धूप और बढ़ते तापमान ने लोगों की परेशानी बढ़ानी शुरू कर दी है।
शादी के कुछ दिन बाद ही मेरे भाभी से संबंध हो गए थे। रविवार को बड़े भाई ने मुझे भाभी के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया था। भाभी ने मुझसे कहा था मुझे तुम्हारे साथ रहना है। हम दोनों एक साथ तभी रह सकते हैं, जब तुम्हारा भाई बीच में रोड़ा न बने। इसके बाद मैंने भाई को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। 17 जून को मैंने पत्थर से हमला कर उसकी हत्या कर दी। जिंदा न बचे, इसलिए गमछे से भी उसका गला घोंट दिया। ये कबूलनामा रेस्टोरेंट कर्मी अमित के छोटे भाई भोलू का है। अमित की 3 महीने पहले 19 फरवरी को शादी हुई थी। बुधवार को खून से लथपथ उसका शव खेत में मिला था। पुलिस ने 24 घंटे में हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अमित के गले की हड्डी टूटी मिली। सिर की 4 हडि्डयां चकनाचूर मिलीं। पुलिस ने आरोपी भोलू और उसकी भाभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पत्थर से हमला कर अमित की हत्या की डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने गुरुवार को मामले का खुलासा कर दिया। प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने बताया कि सुल्तानपुरा छोटी बस्ती सदर निवासी अमित कुमार (22) कैंट में स्थित पंडित जी ढाबे पर वेटर का काम करते थे। 19 फरवरी को अमित की शादी प्रेमनगर निवासी खुशी के साथ हुई थी। बुधवार सुबह सात बजे वह घर से शौच जाने की बात कह कर निकले थे। एक घंटे बाद घर से 100 मीटर की दूरी पर अमित का शव झाड़ियों में खून से लथपथ पड़ा मिला। युवक की पत्थर से सिर और चेहरा कूच कर हत्या की गई थी। अमित के छोटे भाई भोलू ने ढाबे पर काम करने वाले एक युवक पर हत्या का आरोप लगाया था।पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रिपोर्ट में अमित के गले की हड्डी टूटी मिली। सिर की 4 हडि्डयां चकनारचूर मिलीं थीं। CCTV में अमित के पीछे भोलू जाता हुआ दिखा पुलिस ने अमित के घर से लेकर ढाबे सीसीटीवी देखे। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले, तो एक फुटेज में अमित के पीछे उसका छोटा भाई भोलू जाता हुआ नजर आया। दूसरी फुटेज में वह हत्या के बाद बदहवास हालत में भागता हुआ दिखाई दिया। गुरुवार को अमित के शव का अंतिम संस्कार होने के बाद पुलिस ने अमित के घर पहुंची। भोलू से पूछताछ की। फिर उसे थाने लेकर आ गई। भोलू ने पूछताछ में बताया कि भाई की शादी के कुछ दिन बाद ही मेरे भाभी खुशी से मेरा अफेयर हो गया। हमारे बीच अवैध संबंध हो गए। हम दोनों एक साथ रहना चाहते थे। हत्या करने के 14 जून को अमित ने मुझे और भाभी को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इसको लेकर घर में झगड़ा हुआ था। इसके बाद भाभी ने मुझसे कहा कि मुझे तुम्हारे साथ रहना है। मैं तुम्हारे भाई के साथ नहीं रह सकती। जब तक तुम्हारा भाई जिंदा है, तब तक हम एक नहीं हो पाएंगे। उसने कहा था कि भाई की मौत के बाद घरवाले हम दोनों की शादी करा देंगे। इसके बाद हम दोनों ने भाई की हत्या करने की प्लानिंग बनाई। शौच करते समय पीछे से सिर में मारा पत्थर 17 जून को भाई अमित घर से निकला। अमित शौच करने के लिए बैठा ही था, तभी पीछे से मैं पहुंच गया। उसके सिर पर सीमेंट के पत्थर से हमला कर दिया। हमला होते ही अमित जमीन पर गिर पड़ा। फिर मैंने उसके चेहरे पर कई वार किए। इसके बाद गमछे से उसका गला घोट दिया। जब भाई मर गया तो मैं वहां से भाग निकला। खुशी ने सुसाइड की कोशिश की गुरुवार सुबह जब पुलिस भोलू को थाने ले गई तो खुशी घबरा गई। उसने फंदा लगाकर सुसाइड करने का प्रयास किया। मगर घर में मौजूद लोगों ने उसे बचा लिया। कुछ देर बाद पुलिस दोबारा घर पहुंची और खुशी को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पुलिस पूछताछ में दोनों ने जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने पिता की तहरीर पर केस दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया। डीसीपी सिटी ने बताया- भोलू को हत्या और खुशी को हत्या का षड्यंत्र रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। --------------------------- यह खबर भी पढ़ें - 20 रुपए ज्यादा लेने पर 10 लाख का जुर्माना लगा:अलीगढ़ में 340 की सिगरेट 360 में बेची, कोर्ट ने दुकानदार-कंपनी पर कार्रवाई की यूपी के अलीगढ़ में सिगरेट के पैकेट में 20 रुपए ज्यादा लेने पर दुकानदार और सिगरेट बनाने वाली कंपनी पर 10 लाख का जुर्माना लगा है। दुकानदार ने सिगरेट पैकेट पर 340 रुपए लिखा था, फिर भी 360 रुपए ले लिए थे। ग्राहक ने दुकानदार को ऑनलाइन पेमेंट किया, फिर उसने पेमेंट का प्रिंट आउट निकालकर उपभोक्ता फोरम कोर्ट में शिकायत कर दी। पढ़ें पूरी खबर…
उन्नाव शहर के कोतवाली क्षेत्र स्थित एक इंडियन ढाबे में गुरुवार रात कर्मचारियों के बीच जमकर मारपीट हुई। यह विवाद ग्राहक सेवा को लेकर शुरू हुआ और देखते ही देखते लात-घूंसे में बदल गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। ढाबे पर ग्राहकों को सेवा देने को लेकर कर्मचारियों में बहस छिड़ गई थी। आरोप है कि एक-दूसरे पर काम में लापरवाही का आरोप लगाने के बाद विवाद बढ़ गया। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और हाथापाई शुरू कर दी। मारपीट के दौरान ढाबे में मौजूद ग्राहकों में अफरा-तफरी मच गई। अन्य कर्मचारी और ग्राहक इस घटना के दौरान तमाशबीन बने रहे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ग्राहकों को समय पर सेवा न मिलने के कारण कर्मचारियों के बीच यह विवाद हुआ था। मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद कोतवाली पुलिस को सूचना मिली। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने ढाबे के कर्मचारियों से पूछताछ की है और मामले की जांच शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर कोतवाली सीके मिश्र ने बताया कि विवाद के कारणों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ढाबा संचालक या कर्मचारियों की ओर से अभी तक कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।
देवरिया जिला प्रशासन ने विकास कार्यों में लापरवाही और कर्मचारियों की अनियमित उपस्थिति पर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) राजेश कुमार सिंह द्वारा कराई गई औचक ऑनलाइन लोकेशन जांच में विभिन्न विकास खंडों और ग्राम पंचायतों के 64 कर्मचारी अपने निर्धारित कार्यस्थल पर अनुपस्थित पाए गए। सीडीओ ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। यह जांच गुरुवार को सुबह 10 बजे से 11:30 बजे के बीच की गई। सीडीओ कार्यालय से कर्मचारियों के मोबाइल पर कॉल करके और उनकी लोकेशन सत्यापित करके उपस्थिति जांची गई। इस औचक सत्यापन से कई ब्लॉकों में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान रामपुर कारखाना और पथरदेवा विकास खंडों में सबसे अधिक 10-10 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इसके अतिरिक्त, भलुअनी में 9, देसही देवरिया में 7, देवरिया सदर में 6, बैतालपुर में 5, बनकटा और भागलपुर में 4-4, रुद्रपुर और भाटपाररानी में 3-3, लार में 2 तथा बरहज में 1 कर्मचारी अनुपस्थित पाया गया। वहीं, भटनी और तरकुलवा विकास खंडों में सभी कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर उपस्थित पाए गए। समय की कमी के कारण सलेमपुर और गौरीबाजार विकास खंडों का सत्यापन नहीं हो सका। सीडीओ राजेश कुमार सिंह ने इस संबंध में कहा कि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि यदि ब्लॉक मुख्यालय और ग्राम पंचायत स्तर पर तैनात कर्मचारी कार्यस्थल पर मौजूद नहीं रहेंगे, तो आम जनता को योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पाएगा। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालयाध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे स्वयं समय पर कार्यालय पहुंचें और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की उपस्थिति भी सुनिश्चित करें। सीडीओ ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह की औचक जांच जारी रहेगी और लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीडीओ की इस कार्रवाई के बाद विकास विभाग से जुड़े कर्मचारियों में खलबली मच गई है। प्रशासन की इस सख्ती को विकास कार्यों में जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दैनिक भास्कर के ‘भास्कर समाधान‘ पर जोधपुर शहर के विभिन्न वार्डों से यूजर अपने क्षेत्र और गली की बुनियादी समस्याओं से जुड़ी फोटो–वीडियो शेयर कर रहे हैं। इनमें बिजली, नाली, पानी, सीवरेज और साफ–सफाई की परेशानी सबसे ज्यादा है। अधिकारी और जन प्रतिनिधी भी अपने स्तर पर इन समस्याओं के जल्द समाधान में सहयोग कर रहे हैं। विभाग की ओर से प्रभावी मॉनिटरिंग न होने से कुछ इलाकों में समस्याओं के हल लंबित हैं। शहर में सीवरेज लाइन, गंदे पानी की निकासी की समस्या, पेयजल और सड़कों की परेशानी लगातार बनी हुई हैं। एक नजर डालते हैं अधिकारियों के करवाए समाधानों और यूजर की ओर से भेजी उन समस्याओं पर जो दैनिक जीवन को गहराई से प्रभावित कर रही हैं। बिजली का टेढ़ा पोल ठीक नहीं कर रहे जोधपुर से दैनिक भास्कर एप के 'भास्कर समाधान' पर नागौरी गेट रोड, अजय चौक से ललित सांखला ने बिजली विभाग से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा अजय चौक पर बालाजी सॉफ्टवेयर सर्विसेज के सामने बिजली का खम्भा टेढ़ा हो गया है। इसकी शिकायत कई बार कर चुके लेकिन विभाग इसे ठीक नहीं कर रहा है। न कचरा उठता, न नाले की सफाई 'भास्कर समाधान' पर कमला नेहरु नगर से हीना चौहान ने अपने एरिया में बने नाले की सफाई समय पर न होने की शिकायत पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि नियमित सफाई न होने के कारण नाले और इसके आसपास गंदगी फैली रहती है। बेसहारा पशुओं का झुंड खड़ा रहता है। बार बार कहने के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही। पाइपलाइन डाली, मलबा मिट्टी छोड़ी भंवरलाल ने जोधपुर के डिगाड़ी रोड से 'भास्कर समाधान' पर सड़क की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि डिगाड़ी रोड से 10 दुकान मार्केट की तरफ जाने वाली रोड को पीएचईडी ने पाइपलाइन डालने के लिए खोदा था। काम पूरा होने के बाद मिट्टी मलबा सड़क पर ही डालकर चले गए। रोड भी ठीक नहीं करवाई। 15 दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, नहीं की ठीक नंदन वन नगर से गोविन्द पांडे ने स्ट्रीट लाइट से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि उनकी कॉलोनी में बीते 15 दिन से स्ट्रीट लाइट खराब है। शाम होते ही पूरे एरिया में अंधेरा छा जाता है। कई बार शिकायत कर चुके लेकिन इस समस्या को 15 दिन बाद भी विभाग के कर्मचारियों ने ठीक नहीं किया है। अब एक नजर उन समाधानों पर जो ‘भास्कर समाधान’ की पहल पर हुए… खराब रोड लाइट हुई ठीक जोधपुर की ब्राह्मणों की गली, बधला चौक से धर्मेंद्र टाक ने 'भास्कर समाधान' पर बरसात के बाद गली की रोड लाइट खराब होने की पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि इससे गली में रात भर अंधेरा रहता है। इस पर एक्शन लेते हुए बिजली विभाग ने रोड लाइट ठीक कर समस्या का समाधान कर दिया है। एक महीने पुरानी समस्या का समाधान जोधपुर की एक पॉश कॉलोनी आशापूर्णा से यूजर ने 'भास्कर समाधान' पर बार–बार पावर कट होने और विभाग के कर्मचारियों के रेस्पॉन्स न करने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने कहा कि गर्मी में लाइट काटने का कोई ठोस कारण नहीं होने के बावजूद विभाग महीने भर से पावर कट हो रहा है। इस समस्या का समाधान करवा दिया है। धीरज राय बने ‘पब्लिक के स्टार’ जोधपुर की आशापूर्णा एनआरआई एरिया से अन्ना ने 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट किया था कि उनकी सोसायटी में बीते एक महीने से लाइट की बहुत समस्या है। खराब मौसम के बिना भी अक्सर रात को लाइट काट ली जाती है। कम्प्लेन के बावजूद विभाग ध्यान नहीं देता। डिस्कॉम कॉल सेंटर के टीम लीडर धीरज राय ने समाधान करवा दिया है। समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर समाधान का असर; बेसहारा पशुओं की समस्या का निस्तारण:हाईटेंशन लाइन और पानी लीकेज से लोग परेशान, देवेन्द्र सिंह बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 2.‘भास्कर समाधान’: अधिकारी खुद करवा रहे सॉल्यूशन:दरगाह बाजार में नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था, 6 महीने से खराब हैंडपंप 3.कब होगी पानी की सप्लाई, मोबाइल पर मिलेगा अपडेट:‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट में समस्या सामने आने के बाद SE ने दिए निर्देश 4.अजमेर में 'भास्कर समाधान' पर उठी आवाज:पानी, सफाई और जलभराव की समस्याओं से जूझ रहे लोग, कई शिकायतों के बाद मिली राहत 5.‘भास्कर समाधान’, अधिकारी खुद सुलझा रहे समस्या:10 दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, नालियां जाम, घर के आगे ठेले खडे़ कर रहे सफाई कर्मचारी, सड़क बनने का इंतजार 6.‘भास्कर समाधान’, सरकारी विभाग आए एक्शन में:अधिकारी खुद कर रहे मॉनिटरिंग, 4 महीने से स्ट्रीट लाइट खराब, सफाई नहीं हो रही, पुलिया के नीचे सड़क जर्जर
जयपुर। आमजन की सुध लेने और प्रशासनिक अधिकारियों तक जनता की आवाज पहुंचाने के संकल्प के साथ 'दैनिक भास्कर' का 'भास्कर समाधान' सेगमेंट लगातार बदलाव का जरिया बन रहा है। इस डिजिटल के प्लेटफॉर्म के जरिए कई जगहों पर सालों पुरानी समस्याओं का निपटारा महज एक क्लिक पर हो रहा है, तो वहीं कुछ इलाकों में आज भी स्थानीय निवासी प्रशासन की घोर लापरवाही झेलने को मजबूर हैं। अजमेर रोड की शिव वाटिका में लंबे समय से टूटी पानी की पाइप लाइन और भवानी नगर की प्रभात कॉलोनी में खराब स्ट्रीट लाइट की समस्या का 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट होते ही समाधान कर दिया गया। इस सराहनीय कार्रवाई के लिए नगर निगम की उपायुक्त मनीषा यादव को आज का 'स्टार ऑफिसर' चुना गया है। हालांकि, तस्वीर का दूसरा पहलू काफी चिंताजनक है। शहर के आदर्श नगर, गोवर्धन नगर, बैरवा कॉलोनी और प्रताप नगर जैसे पॉश और व्यस्त इलाकों में हालात बदतर बने हुए हैं। कहीं एक महीने से सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं, तो कहीं हफ्तों से नालियों की सफाई न होने के कारण सड़कों पर कचरा और सीवर का गंदा पानी जमा हो रहा है। स्थानीय लोग नगर निगम और जिम्मेदार सुपरवाइजरों से लगातार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन पूरी तरह मौन साधे बैठा है। बुनियादी सुविधाओं की इस कमी से जनता में भारी रोष है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) आदर्श नगर में लोगों का आवागमन मुश्किलजयपुर शहर के आदर्श नगर के पुरानी कोतवाली इलाके के रहने वाले सुनील दायमा ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर सड़क की बुरी स्थिति के बारे में पोस्ट किया है। जिसमें सुनील ने बताया कि 1 महीने से सड़कें खोद कर छोड़ी दी गई है। कभी सीवर लाइन टूट जाती है तो कभी चैंबर भर जाते है। यहां पर रहने वाले लोगों को खराब रोड से आना-जाना पड़ता है। विमान विहार में नियमित सफाई नहीं होने से जमा कचराबम्बाला के गोवर्धन नगर की विमान विहार से योगेश कुमार ने 'भास्कर समाधान' पर नाली की नियमित सफाई न होने की समस्या पोस्ट की है। योगेश ने बताया कि सांगानेर क्षेत्र में पिछले कई दिनों से नालों की नियमित सफाई नहीं हो रही है, जिससे कचरा जमा हो रहा है। गली की लाइटें बंद होने से बच्चों और महिलाओं में डरजयपुर शहर की बैरवा कॉलोनी के मारुति नगर रोड के रहने वाले नरेश बैरवा ने स्ट्रीट लाइट की समस्या के बारे में पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा कि गली की लाइटें कई दिनों से खराब पड़ी हुईं है। रात के समय लोगों को यहां से गुजरने में काफी परेशानी होती है। अंधेरे के कारण बच्चों और महिलाओं के लिए असुविधा की स्थिति बन जाती है। कई बार शिकायतों के बाद भी प्रशासन मौनप्रताप नगर के सेक्टर 26 के सरयू अपार्टमेंट के पास रहने वाले योगेश धाकड़ ने पोस्ट कर बताया कि सीवर चैंबर टूटा हुआ है। कई बार शिकायत करने के बाद भी नगर निगम के लोग सुनते नहीं है। सूपरवाइजर भी फोन नहीं उठाते हैं, जिसके कारण लोगों को गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। सीवर की गंदगी सड़क पर आने से घरों के पास मच्छर, मक्खी और कीड़े पैदा हो रहे है। लोगों को बीमारियों का भी डर बना हुआ है। स्ट्रीट लाइट की समस्या का समाधानजयपुर शहर के भवानी नगर के प्रभात कॉलोनी से सुरेश कायस्थ ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर रोड लाइट की समस्या पोस्ट की थी। जिसमें सुरेश ने लिखा था कि लाइट बार-बार बंद होती है और एक लाइट तो लंबे समय से बंद ही है। समस्या पोस्ट होने के बाद संबंधित विभाग ने कार्रवाई कर समाधान करवा दिया है। एक क्लिक पर ठीक हुई पानी की टूटी पाइप लाइनजयपुर के अजमेर रोड की शिव वाटिका के रहने वाले कन्हैया ने 'भास्कर समाधान' पर पानी की टूटी पाइप लाइन की समस्या पोस्ट की थी। जिसमें कन्हैया ने बताया था कि लंबे समय से पाइप लाइन टूटी होने के कारण रोड पर पानी बर्बाद हो रहा है। समस्या पोस्ट होने के बाद नगर निगम की उपायुक्त ने समाधान करवा दिया है। मनीषा यादव बनीं आज 'स्टार ऑफिसर'अजमेर रोड की शिव वाटिका से पानी की टूटी पाइप लाइन की समस्या पोस्ट हुई थी। जिसमें क्षेत्रवासी कन्हैया ने 'भास्कर समाधान' पर लिखा था कि लंबे समय से पाइप लाइन फूटने से पानी सड़क पर बह रहा है। समस्या सामने आने के बाद नगर निगम की उपायुक्त मनीषा यादव ने समाधान करवा दिया है। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ये खबरें भी पढ़िए… भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’: बुनियादी समस्याओं का मिल रहा हल:सड़क, पानी और सीवरेज जयपुर की बड़ी समस्या, यूजर बोले दो महीने से न गड्ढा भरा, न सड़क, कॉलोनी में पीने का पानी नहीं 2.‘भास्कर समाधान’: एक पोस्ट से हो रहा समस्याओं का हल:जयपुर में कहीं 14 साल से सड़क बनने का इंतजार, तो कहीं चूहों ने पूरा पार्क खोखला कर दिया 3. जयपुर में विकास के दावों की खुली पोल:जनता ने नगर निगम पर लगाया अनदेखी का आरोप, हरमाड़ा और गोविंदपुरी में सीवर समस्या का हुआ समाधान 4.जयपुर में बिजली पोल की समस्या का समाधान:स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस, निवर्तमान पार्षद मनोज मुदगल बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 5.जयपुर शहर में असुविधाओं की हकीकत:कहीं मलबा तो कहीं अंधेरे की शिकायत; मालवीय नगर में कार्रवाई कर निधि जैन बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ 6.जयपुर में घरों के पानी से सड़क पर जलभराव:मकानों पर लटके मीटर के तार दे रहे बड़े हादसे को न्योता, ओवरफ्लो सीवर लाइन दुरस्त 7.जयपुर में जनता की आवाज बनी असरदार:समस्याओं के बीच सामने आया समाधान का उदाहरण, नगर निगम की कार्रवाई से मिली राहत 8.जयपुर के सुमेल में सुधरी बिजली:घाट गेट में नालियां साफ; मेयर कुसुम यादव बनीं ‘पब्लिक की स्टार’ 9.भास्कर समाधान का असर, स्ट्रीट लाइट की समस्या हुई दूर:पानी, सड़क और सफाई की समस्याओं से जूझ रहे लोग, शिव कुमार बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 10.जयपुर में ‘भास्कर समाधान’ की पहल का असर:आदर्श नगर की बंद स्ट्रीट लाइट और बुद्ध विहार की सफाई समस्या दूर; झोटवाड़ा, सांगानेर और जगतपुरा में लोग परेशान
महराजगंज में पुलिस ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर संचालित एक इंटरव्यू सेंटर पर छापा मारा है। इस दौरान भारी मात्रा में पासपोर्ट, अन्य दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए गए। मौके पर मौजूद लोगों को पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया है। यह कार्रवाई सदर थाना क्षेत्र के सतभरिया स्थित डायसन ट्रेनिंग एंड टेस्ट सेंटर में हुई। यहां रूस, ओमान और दुबई जैसे देशों में रोजगार दिलाने के नाम पर युवाओं के इंटरव्यू आयोजित किए जा रहे थे। बड़ी संख्या में बेरोजगार युवक इन इंटरव्यू में शामिल हुए थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि यह सेंटर बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के संचालित हो रहा था और युवाओं को विदेश भेजने के नाम पर संपर्क किया जा रहा था। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी सदर के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने सेंटर पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान सेंटर से बड़ी संख्या में पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की प्रतियां, आवेदन संबंधी दस्तावेज, कंप्यूटर, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए। पुलिस ने सभी बरामद दस्तावेजों और साक्ष्यों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सेंटर के संचालन के लिए आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृति और अन्य औपचारिकताओं का अभाव था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं का आर्थिक शोषण तो नहीं किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान सेंटर के आयोजकों, कर्मचारियों और कुछ अभ्यर्थियों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की गहन जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि विदेश में नौकरी के अवसरों के लिए किसी भी एजेंसी या संस्था पर भरोसा करने से पहले उसकी वैधता और सरकारी मान्यता की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे प्रकरण का विस्तृत खुलासा हो सकेगा।
उदयपुर शहर को सुंदर और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए दैनिक भास्कर का 'भास्कर समाधान' नागरिकों की आवाज बन रहा है। आज शहर के अलग-अलग कोनों से जनता ने मूलभूत सुविधाओं में कमी और प्रशासनिक अनदेखी को लेकर अपनी शिकायतें पोस्ट की हैं। भैसड़ा कला क्षेत्र के भैसड़ा खुर्द में रेलवे पुलिया के नीचे मामूली बारिश में भी होने वाले भारी जलभराव ने स्थानीय लोगों का निकलना दूभर कर दिया है, वहीं जवाहर नगर की दीवान शाह कॉलोनी में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों के कारण पसरे अंधेरे का फायदा उठाकर लोग वहां कचरा डाल कर रहे हैं। इसके अलावा, मीरा नगर जैसी यूडीए (UDA) अप्रूव्ड कॉलोनी में रहने के बावजूद लोग आज भी पक्की सड़क, नाली और सीवर लाइन जैसी आम सुविधाओं को तरस रहे हैं। शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली विश्व प्रसिद्ध फतेह सागर झील के किनारे असामाजिक तत्वों के जरिए शराब पीकर फेंकी जा रही बोतलें पर्यटन स्थल को गंदा कर रही हैं। हालांकि, इस निराशा के बीच राहत की तस्वीरें भी सामने आई हैं। 'भास्कर समाधान' पर खबर प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद हिरण मगरी सेक्टर 14 में पिछले दो महीने से बंद पड़ी रोड लाइटों को ठीक कर दिया गया है। साथ ही, सेक्टर 4 में सीवर लीकेज की समस्या पर एक्शन लेते हुए निगम के स्वास्थ्य प्रभारी पुरुषोत्तम चौहान ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर समाधान करवाया, जिसके लिए जनता ने उन्हें 'पब्लिक का स्टार' माना है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) हल्की बारिश में भर जाता है पानी उदयपुर शहर के भैसड़ा कला क्षेत्र के भैसड़ा खुर्द से ऋषि तिलावट ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर जलभराव की समस्या पोस्ट की है। जिसमें उन्होंने लिखा कि रेल्वे पुलिया के नीचे थोड़ी सी बारिश में पानी भर जाता है। जिसके कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। अंधेरे का कारण कचरा डाल रहे लोगशहर के जवाहर नगर से अख्तर खान ने दीवान शाह कॉलोनी की गली में सभी रोड लाइट बंद होने की समस्या के बारे में लिखा है। अख्तर ने बताया कि अंधेरे के कारण लोग यहां पर कचरा भी डाल रहे है। सुबह कचरा उठाने वाली गाड़ी भी ठीक से काम नहीं करती है। सड़क, सीवर और नाली की कमीमीरा नगर कॉलोनी के रहने वाले पवन वैष्णव ने 'भास्कर समाधान' पर लिखा कि UDA अप्रूव्ड कॉलोनी होने के बाद भी समस्याएं बनी हुईं है। इस कॉलोनी में न तो नाली है न सड़क और न ही सीवर लाइन डाली हुई है। असमाजिक लोग झील के पास फैला रहे कचराउदयपुर की फतह सागर रोड के रहने वाले गणेश लोहार ने समस्या पोस्ट करते हुए लिखा कि, विश्व प्रसिद्ध फतह सागर झील के पास कुछ असमाजिक लोग शराब पीते है और खाली बोतल वहीं छोड़ जाते है। जिसके कारण हर तरफ गंदगी हो रही है। ये झील उदयपुर शहर की लाइफ लाइन है ऐसे में झील का गंदा होना लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन सकता है। 2 महीने से बंद रोड लाइट हुई ठीकउदयपुर के हिरण मगरी के सेक्टर 14 से मनमोहन सिंह ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की थी। जिसमें उन्होंने लिखा था कि गली में लगी हुई रोड लाइट 2 महीने से काम नहीं कर रही है। जिससे अंधेरे की समस्या हो रही है, लेकिन 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट करने के बाद संबंधित विभाग ने मामले में कार्रवाई की और समाधान करवा दिया है। हिरण मगरी में ठीक हुआ सीवर लीकेज उदयपुर के हिरण मगरी सेक्टर 4 जैन मंदिर रोड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से दुर्गा कंवर ने सीवर लाइन में लीकेज की समस्या के बारे में पोस्ट किया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि लीकेज के कारण बदबू आ रही है। समस्या पोस्ट होने के बाद निगम के स्वास्थ्य प्रभारी ने एक्शन लेते हुए इस समस्या का समधान करवा दिया है। पुरूषोत्तम चौहान बने 'पब्लिक के स्टार'उदयपुर के हिरण मगरी सेक्टर 4 जैन मंदिर रोड हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में नाली जाम होने के साथ ही सीवरेज के पाइप लाइन में लीकेज की समस्या आई थी। जिस पर निगम के स्वास्थ्य प्रभारी पुरूषोत्तम चौहान ने एक्शन लेते हुए समस्या का समधान दिया है। समाधान होने के बाद क्षेत्र के लोगों को काफी राहत मिली है। आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर समाधान: पांच दिन से बंद रोड लाइट हुई ठीक:खुले बिजली तार, कचरा और सड़क सुरक्षा की समस्याओं से लोग परेशान; गिरीश मारीवाला बने ‘स्टार ऑफिसर’ 2.भास्कर समाधान का असर, लाइट की समस्या का हुआ समाधान:खुले ट्रांसफार्मर, बंद स्ट्रीट लाइट और नाले में अतिक्रमण से लोग परेशान 3.सेक्टर 11 में 33 KV लाइन का गड्ढा रिपेयर:कचरा साफ करवाकर मोहम्मद यासीन बने 'पब्लिक के स्टार', 'भास्कर समाधान' जनता ने उठाई आवाज 4.'भास्कर समाधान' में उठीं शहर की समस्याएं:कहीं कचरे का ढेर तो कहीं बंद स्ट्रीट लाइट, कई मामलों में हुआ तुरंत समाधान 5.उदयपुर में 'भास्कर समाधान' बना जनता की आवाज:ज्ञान विहार, जैन कॉलोनी में बिजली और कचरे की समस्या से राहत, हिरण मगरी में कचरे की समस्या का नहीं हुआ समाधान 6.उदयपुर में सुविधाएं नहीं मिलने से लोग परेशान:शहर की सड़कों से पार्क तक समस्याओं का अंबार, शिकायतों पर कुछ जगह मिली राहत 7.‘भास्कर समाधान’ के 12 दिन पूरे:शहरभर से सैकड़ों शिकायतें, कई समस्याओं का हुआ तुरंत समाधान 8.उदयपुर में भास्कर समाधान से राहत:कई समस्याओं पर अफसरों ने लिया एक्शन; कई इलाकों में नहीं सुधर रहे हालात 9.उदयपुर में 'भास्कर समाधान' का असर:चित्रकूट नगर में रोशन हुईं स्ट्रीट लाइटें, सेक्टर 4 का खुला चैंबर ठीक करने वाले JEN हिमांशु बने ‘स्टार ऑफिसर’ 10.उदयपुर में बिजली आपूर्ति की समस्या का हुआ समाधान:लोगों ने भास्कर समाधान पर उठाई आवाज, आशीष कुमावत बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’
गयाजी में गुरुवार रात ओवरटेक के चक्कर में तेज रफ्तार 2 कार आपस में टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एक कार अनियंत्रित होकर बिजली के पोल को तोड़ते हुए दुकान में जा घुसी। हादसे में दुकानदार गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना विष्णुपद थाना क्षेत्र के माड़नपुर स्थित खटकाचक हाईवे के पास की है। जानकारी के अनुसार, दोनों वाहन हाईवे की ओर तेज गति से बढ़ रहे थे। इसी दौरान एक ने दूसरे को ओवरटेक करने का प्रयास किया, जिससे दोनों के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद एक ड्राइवर अपना संतुलन खो बैठा। अनियंत्रित गाड़ी पहले सड़क किनारे लगे बिजली के पोल से टकराया और फिर पास की एक गुमटीनुमा दुकान में जा घुसा। उस समय दुकान के अंदर मौजूद संचालक वाहन की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने दुकानदार को बाहर निकाला हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने राहत कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों ने क्षतिग्रस्त गुमटी के अंदर फंसे दुकानदार को बाहर निकाला और तत्काल इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। बाद में घायल को बेहतर इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने बीच सड़क से गाड़ी को हटवाया सूचना मिलते ही विष्णुपद थाना की पुलिस मौके पर पहुंच गई। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया, जिससे यातायात सामान्य हो सका। हादसे के कारण कुछ समय तक हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। छानबीन में जुटी पुलिस वहीं, विष्णुपद थाना के एसआई सत्येंद्र कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला ओवरटेक के दौरान हुई टक्कर का प्रतीत हो रहा है। एक वाहन में परिवार के सदस्य सवार थे, जबकि दूसरे में दो लोग मौजूद थे। सभी सुरक्षित हैं, लेकिन दुकानदार को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
सीकर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से लोगों ने भास्कर समाधान पर अपनी समस्याएं पोस्ट कर प्रशासन से समाधान की मांग की है। कहीं नई पाइपलाइन डालने के बाद घरों में पानी की सप्लाई बंद हो गई है तो कहीं टूटी सड़कें हादसों का कारण बनी हुई हैं। पाइपलाइन लीकेज और स्ट्रीट लाइट की समस्या भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। वहीं ट्रांसफॉर्मर से कटे तार और अधूरी सड़क निर्माण की शिकायतों का समाधान होने से क्षेत्रवासियों को राहत मिली है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) नई पाइपलाइन के बाद बंद हुई पानी की सप्लाई न्यू जनता कॉलोनी से नरेश अग्रवाल ने शिकायत पोस्ट कर बताया कि जलदाय विभाग ने पुरानी पाइपलाइन हटाकर नई लाइन डाली थी। इसके बाद से क्षेत्र के कई घरों में पानी की सप्लाई प्रभावित हो गई है। लोगों का कहना है कि उन्हें रोजमर्रा के कार्यों के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने विभाग से जल्द जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है। टूटी सड़क बनी हादसों का कारण कायस्थ कॉलोनी से चंद्रप्रकाश ने शिकायत पोस्ट कर बताया कि उनके क्षेत्र की सड़क लंबे समय से टूटी हुई है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन छोटे-बड़े हादसे होते रहते हैं, लेकिन अब तक सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई है। पाइपलाइन लीकेज से सड़क पर भर रहा पानी पीपराली रोड से रामनिवास सिंधु ने शिकायत पोस्ट कर बताया कि क्षेत्र में पानी की पाइपलाइन टूट गई है। लीकेज के कारण लगातार पानी बह रहा है और सड़क पर जलभराव की स्थिति बन रही है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। लोगों ने जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। स्ट्रीट लाइट नहीं होने से अंधेरे में मोहल्ला राधाकिशनपुरा से बंशीधर कांकड़ोलिया ने शिकायत पोस्ट कर बताया कि उनके मोहल्ले में बिजली पोल पर स्ट्रीट लाइट नहीं लगी हुई है। रात के समय क्षेत्र में अंधेरा रहने से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। स्थानीय निवासियों ने जल्द लाइट लगाने की मांग की है। ट्रांसफॉर्मर से कटा तार जुड़वाया गया चंद्रपुरा रोड से राकेश कुमार जांगिड़ ने शिकायत पोस्ट की थी कि क्षेत्र के ट्रांसफॉर्मर से बिजली का तार कट गया था। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिकायत के बाद संबंधित विभाग ने कार्रवाई कर तार को ठीक करवाया और समस्या का समाधान किया। अधूरी सड़क निर्माण की समस्या का हुआ समाधान न्यू शिव कॉलोनी से जावेद बगोली ने शिकायत पोस्ट कर बताया था कि सीवर लाइन डालने के बाद सड़क निर्माण का कार्य अधूरा छोड़ दिया गया था। सड़क खराब होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। शिकायत के बाद संबंधित विभाग ने सड़क निर्माण कार्य पूरा करवाकर समस्या का समाधान किया। आज के पब्लिक स्टार: एईएन वाजिद अहमद भास्कर समाधान के तहत आज के पब्लिक स्टार एईएन वाजिद अहमद रहे। न्यू शिव कॉलोनी से जावेद बगोली ने सीवर लाइन कार्य के बाद अधूरी छोड़ी गई सड़क की समस्या पोस्ट की । शिकायत सामने आने के बाद वाजिद अहमद ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित टीम को आवश्यक निर्देश दिए। उनके प्रयासों से सड़क निर्माण कार्य पूरा करवाया गया, जिससे क्षेत्रवासियों को राहत मिली। लोगों ने उनकी त्वरित कार्रवाई और सक्रियता की सराहना की। आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। शहर में बदलाव का सकारात्मक प्रयास इस सेगमेंट को शुरू करने के पीछे भास्कर एप की सोच है कि आमजन और अधिकारियों के बीच सेतु का काम कर सकें। शहर के हर इलाके से आमजन की समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचे, ये संभव नहीं है। ऐसे में दैनिक भास्कर एप के जरिए हर व्यक्ति अपनी छोटी-बड़ी समस्याएं पोस्ट कर सकता है। यदि सरकार और अधिकारी इसे सकारात्मक लेकर समाधान के लिए काम करेंगे तो शहर में बदलाव लाया जा सकता है। ये खबरें भी पढ़िए… 1.फतेहपुर रोड पर पानी की समस्या का हुआ समाधान:महीनों से बंद स्ट्रीट लाइट, सड़क पर गड्ढा और पाइपलाइन लीकेज से बढ़ी परेशानी 2.3 साल से सीवर कनेक्शन का इंतजार:'भास्कर समाधान' पर सामने आई सीकर की जनता की परेशानी, खराब स्ट्रीट लाइट और फेल ड्रेनेज से बढ़ीं मुश्किलें 3.भास्कर समाधान: आवारा पशुओं, गड्ढे की समस्या से मिली राहत:बंद रोड लाइट, अधूरी सड़क और जलभराव से बढ़ी परेशानी, सुरेंद्र कुमार जाट बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 4.सीकर में जनसमस्याओं का अंबार, नालिया जाम:जलभराव और अधूरे विकास कार्यों से नागरिक परेशान, समाधान की राह देख रहा शहर 5.पैराडाइज सिटी में पानी की समस्या से मिली राहत:संबंधित विभागों की कार्रवाई से लोगों को मिली राहत, किरण बनी आज की 'स्टार ऑफिसर' 6.भास्कर समाधान का असर: 62 से ज्यादा समस्याओं का समाधान:504 शिकायतें मिली, कई समस्याओं पर काम जारी , लोगों को मिली राहत 7.सीकर के सबलपुरा में 8 दिन में बनी सड़क:स्टेशन रोड पर लीकेज ठीक; बस स्टैंड पर कचरा और पिपराली रोड पर गंदे पानी की सप्लाई 8.भास्कर समाधान में जलभराव की समस्या हुई ठीक:जनसुविधाओं की बदहाली, शिकायतों के बीच कई समस्याओं का हुआ समाधान 9.भास्कर समाधान का असर, पानी लीकेज की समस्या दुरस्त:सीकर में स्ट्रीट लाइट, खुली नाली और गंदगी की समस्याएं बनी चिंता का कारण
जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (आरडीवीवी) के 36वें दीक्षांत समारोह से पहले बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। 21 जून को होने वाले समारोह में राष्ट्रपति के हाथों सम्मान पाने का सपना लेकर देशभर से पहुंचे सैकड़ों शोधार्थियों और स्वर्ण पदकधारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया है। विद्यार्थियों का कहना है कि विश्वविद्यालय ने अंतिम समय में बताया कि दीक्षांत समारोह में केवल 20 चयनित विद्यार्थियों को ही मंच पर बुलाकर राष्ट्रपति के हाथों स्वर्ण पदक और उपाधि दी जाएगी। जबकि बाकी करीब 220 स्वर्ण पदकधारी, पीएचडी, डी.लिट. और डीएससी उपाधिधारी विद्यार्थियों को केवल दर्शक दीर्घा में बैठाया जाएगा या अपने स्थान पर खड़े होकर राष्ट्रपति का अभिवादन करना होगा। इस जानकारी के सामने आते ही विद्यार्थियों में नाराजगी फैल गई और उन्होंने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया। देश-विदेश से पहुंचे स्कॉलर्स विश्वविद्यालय प्रशासन ने 18, 19 और 20 जून को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक रिहर्सल का कार्यक्रम तय किया था। इसमें शामिल होने के लिए देश के कई राज्यों के अलावा विदेशों से भी शोधार्थी और स्वर्ण पदकधारी जबलपुर पहुंचे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने समारोह में शामिल होने के लिए निर्धारित पंजीयन शुल्क भी जमा किया है। उन्हें उम्मीद थी कि उनकी सालों की मेहनत का सम्मान राष्ट्रपति या प्रोटोकॉल के अनुसार राज्यपाल के हाथों होगा, लेकिन रिहर्सल के दौरान स्थिति कुछ और ही सामने आई। किस आधार पर चुने गए सिर्फ 20 विद्यार्थी? रिहर्सल के दौरान दीक्षांत समारोह के प्रभारी प्रो. एस.एस. संधू और प्रो. राकेश वाजपेयी ने जानकारी दी कि मंच पर केवल 20 विद्यार्थियों को ही सम्मानित किया जाएगा। इसके बाद विद्यार्थियों ने सवाल उठाया कि जब सभी स्वर्ण पदकधारी अपने-अपने विषयों में प्रथम स्थान हासिल कर चुके हैं तो फिर सिर्फ कुछ लोगों का चयन किस आधार पर किया गया? विद्यार्थियों का आरोप है कि चयन प्रक्रिया का कोई मापदंड सार्वजनिक नहीं किया गया और न ही इसकी जानकारी पहले विश्वविद्यालय की वेबसाइट या किसी आधिकारिक माध्यम से दी गई। 'पहले बताते तो हजारों किलोमीटर का सफर नहीं करते' कई शोधार्थियों ने कहा कि यदि उन्हें पहले ही बता दिया जाता कि उन्हें मंच पर सम्मान नहीं मिलेगा, तो वे हजारों किलोमीटर की यात्रा कर सिर्फ औपचारिक उपस्थिति दर्ज कराने नहीं आते। उनका कहना है कि यह सिर्फ सम्मान का नहीं बल्कि समान अधिकार और गरिमा का सवाल है। सभी को सम्मान मिले या राज्यपाल करें उपाधि प्रदान विरोध कर रहे विद्यार्थियों ने मांग की कि यदि सभी को राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित करना संभव नहीं है, तो कम से कम बाकी विद्यार्थियों को प्रोटोकॉल के अनुसार राज्यपाल द्वारा उपाधि और पदक प्रदान किए जाएं। विद्यार्थियों का कहना है कि दीक्षांत समारोह की मूल भावना ही तब खत्म हो जाती है जब अधिकांश उपाधिधारियों को मंच तक नहीं बुलाया जाता। छात्राओं ने लगाया अभद्र व्यवहार का आरोप विरोध प्रदर्शन के दौरान कुलगुरु कार्यालय के बाहर एक और विवाद सामने आया। कुछ छात्राओं ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने उन्हें वहां से हटाने के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग किया और अनुचित व्यवहार किया। इस घटना के बाद छात्राओं ने संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। कुलगुरु से हुई चर्चा विरोध बढ़ने पर कुलगुरु विश्वविद्यालय पहुंचे और कुछ छात्राओं तथा प्रतिनिधि विद्यार्थियों को चर्चा के लिए अपने कक्ष में बुलाया। बैठक में विद्यार्थियों ने कहा कि विश्वविद्यालय की वर्षों पुरानी गरिमामयी परंपरा को बनाए रखा जाना चाहिए। समान उपलब्धि हासिल करने वाले सभी विद्यार्थियों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। कुलगुरु ने विद्यार्थियों की बात सुनी और मामले पर विचार करने के लिए समय मांगा। साथ ही आश्वासन दिया कि सभी के साथ समान अधिकार और सम्मान सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। संविधान के समानता सिद्धांत का हवाला विरोध कर रहे विद्यार्थियों और शोधार्थियों का कहना है कि केवल 20 लोगों को मंचीय सम्मान देना और बाकी स्वर्ण पदकधारियों को इससे वंचित रखना भारतीय संविधान के अनुच्छेद-14 में दिए गए समानता के अधिकार की भावना के खिलाफ है। प्रदर्शन में डॉ. दिव्या चौबे, डॉ. सुप्रिया अंबर, डॉ. श्वेता तिवारी, डॉ. समिति शास्त्री, प्रियांशी कौरव, संजय पाटकर सहित बड़ी संख्या में शोधार्थी, स्वर्ण पदकधारी और अन्य विद्यार्थी शामिल रहे। विद्यार्थियों ने स्पष्ट कहा कि यह किसी एक व्यक्ति के सम्मान का मुद्दा नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय के हर मेधावी छात्र को समान सम्मान और अवसर मिलने का सवाल है। अब सभी की नजर विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी हुई है।
कोटा में दैनिक भास्कर एप के ‘भास्कर समाधान‘ पर पोस्ट के जरिये यूजर अधिकारियों को उनके विभाग से जुड़ी समस्याओं की रियल टाइम हकीकत बता रहे हैं। विभाग भी इन समस्याओं को हल करने में पूरी सक्रियता दिखा रहे हैं। हालांकि मॉनिटरिंग की कमी से कोटा शहर में बिजली, पानी, सीवर और सड़क जैसी समस्याएं हर वार्ड में नजर आ रही हैं। इन समस्याओं को सीधे प्रशासन और अधिकारियों तक पहुंचाने में ‘भास्कर समाधान‘ जिम्मेदारों और आम जनता के बीच संवाद का काम कर रहा है। यूजर की समस्याओं, वार्ड की जमीनी हकीकत और अधिकारियों की सक्रियता पर एक नजर.. गांव की मुख्य सड़क पर कीचड़ गड्ढे कोटा से दैनिक भास्कर एप के 'भास्कर समाधान' पर रंगपुर रोड, भदाना से नरेश मालव ने सड़क की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि भदाना चौराहे से किशनपुरा तकिया मार्ग पर लक्ष्मीनारायण मंदिर के पास मुख्य सड़क कीचड़ और गड्ढों से भरी है। यही हाल भदाना चौराहे से लेकर कृष्णा स्कूल चौराहे तक है। लोग इस रास्ते से बहुत मुश्किल से गुजर रहे हैं। पैदल चलने वालों को काफी परेशानी हो रही है। रेलवे ब्रिज पर अंधेरा, एक्सीडेंट का डर कोटा के चंदेरपोल रोड, गुरु नानक हाउसिंग के पास बनी पुलिस लाइन ओवरब्रिज पर अंधेरे की शिकायत नरेश शर्मा ने पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि ब्रिज के ऊपर लाइट की व्यवस्था नहीं है। रात को पूरा ब्रिज अंधेरे में डूबा रहता है, इससे वाहनों के एक्सीडेंट होने का डर बना रहता है। यहां लाइट की व्यवस्था जल्द करवाई जानी चाहिए। नालियों में कचरा, जाम से निकासी बंद रंगपुर रोड से नरेश ने भदाना की दूसरी पुलिया के पास बनी बरसाती नालियों में कचरे की सफाई न होने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा है कि यह गंदगी जब तक नालियों से नहीं हटाई जाएगी अने वाले मानसून में निकासी न हो पाने की वजह से गंदा पानी यहां जमा रहेगा जिससे संक्रमण फैलेगा और मच्छर पनपेंगे। कभी भी गिर सकता है जर्जर बिजली का पोल विवेकानंद नगर से प्रवीण मालव ने अपने घर के सामने मौजूद बिजली के पोल की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि विवेकानंद नगर में उनके घर 741 के सामने सीमेंट का एक जर्जर बिजली पोल है। यह खस्ताहाल खम्भा कभी भी गिर सकता है। लेकिन बिजली विभाग इस पोल को हटा नहीं रहे हैं। अब एक नजर उन समाधानों पर जो ‘भास्कर समाधान’ की पहल पर हुए… पोस्ट होने के बाद साफ हुई नालियां कोटा के उद्योग मार्ग, इंदिरा गांधी नगर से संदीप कुमार ने आम रास्ते पर अतिक्रमण और नाली के पानी की निकासी न होने का मुद्दा उठाया था। उन्होंने लिखा था कि तीन साल से यह रास्ता बंद है और नालियां जाम हैं। इस पर हैल्थ इंस्पेक्टर अरविंद बुर्ट ने सफाई करवाकर समाधान कर दिया है। उन्होंने इसकी जानकारी भी शेयर की। पोस्ट के बाद विभाग ने ढकी डीपी दादाबाड़ी से यूजर अमित ने इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड का कवर खुला होने की शिकायत दैनिक भास्कर एप के 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि इसके आसपास बच्चे भी खेलते हैं। बेसहारा पशु भी सहां से गुजरते हैं और आगे मानसून आने वाला है। ऐसे में खुली डीपी से अगर कोई घटना हुई तो इसका कौन जिम्मेदार होगा। इस पर विभाग ने डीपी कवर करवाकर समस्या हल कर दी। अंशुल चौरसिया बने ‘स्टार ऑफिसर’ कोटा के बसंत विहार रोड, गणेश तालाब, दादाबाड़ी से इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड का कवर खुला होने की शिकायत पोस्ट की गई थी। इस पर बिजली विभाग (केईडीएल) के सेफ्टी हेड अंशुल चौरसिया ने डीपी का कवर लगा समाधान करवा दिया है। उन्होंने शिकायतकर्ता अमित की पोस्ट पर कमेंट कर बताया कि यों तो डीपी नगर निगम की है लेकिन जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हमने इसे कवर करवा दिया है। समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर या गांव की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.‘भास्कर समाधान’: समस्या पोस्ट होते ही मिल रहा हल:कॉलोनी में जल भराव से आना-जाना मुश्किल, पार्क में हरे पेड़ों को सीमेंट से कवर किया 2.जयपुर में 'भास्कर समाधान' से चमकी स्ट्रीट लाइटें:जनता की आवाज का असर; नगर निगम उपायुक्त मनीषा यादव बनीं ‘स्टार ऑफिसर’ 3.जयपुर में पहली बारिश ने खोली प्रशासन की पोल:खाली प्लॉटों में आवारा पशुओं का डेरा; XEN रूपाराम बने आज ‘स्टार ऑफिसर’
महाराजपुर में 95 लीटर अवैध कच्ची शराब जब्त:1800 किलो महुआ लाहन नष्ट; कुल 1.94 लाख का सामान बरामद
मंडला में आबकारी विभाग ने गुरुवार को मंडला वृत्त में अवैध शराब निर्माण और बिक्री के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। इस दौरान महाराजपुर क्षेत्र से 95 लीटर कच्ची शराब और 1800 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया गया, जिसकी कुल अनुमानित कीमत 1.94 लाख रुपए है। अभियान के तहत, आबकारी टीम ने महाराजपुर क्षेत्र के ग्राम मड़ई में नाले के किनारे चल रहे अवैध शराब निर्माण अड्डों पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान तीन अलग-अलग ठिकानों से लगभग 95 लीटर हाथ भट्टी कच्ची शराब बरामद की गई। मौके पर महुआ लाहन को नष्ट किया मौके से शराब बनाने के लिए रखा गया 1800 किलोग्राम महुआ लाहन भी जब्त किया गया। यह लाहन 180 प्लास्टिक डिब्बों में भरा था, जिसमें प्रत्येक डिब्बे में लगभग 10 किलोग्राम लाहन था। जब्त किए गए महुआ लाहन को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। आबकारी दल को देखते ही आरोपी मौके से फरार हो गए। विभाग ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। जब्त की गई शराब और अन्य सामग्री की कुल अनुमानित कीमत 1 लाख 94 हजार 250 रुपए बताई गई है। बिक्री के खिलाफ अभियान जारी रहेगा इस कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक सर्वेश नागवंशी, प्रधान आरक्षक दुर्जन कुलेश, और आरक्षक विजय कमलेश, सत्यपाल मरावी, नेतराम ककोटिया, रघुनाथ उइके तथा महेश पटेल शामिल थे।आबकारी विभाग ने बताया कि जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
मुजफ्फरनगर के खतौली थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात करीब 11 बजे पुलिस और भैंस चोरी के आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई। रामनगर तिराहे पर वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध टाटा मैजिक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक वाहन लेकर खेतों की ओर भाग निकला। पुलिस के मुताबिक, पीछा करने पर आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लग गई, जबकि उसका साथी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने घायल आरोपी की पहचान मेरठ जिले के सरधना निवासी उस्मान पुत्र इसरार के रूप में की है। उसके कब्जे से एक तमंचा, एक खोखा, एक जिंदा कारतूस, 97,500 रुपये नकद और भैंस चोरी में इस्तेमाल की गई टाटा मैजिक बरामद की गई है। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। CO खतौली रुपाली रॉय चौधरी ने बताया कि पूछताछ में उस्मान ने चार दिन पहले रसूलपुर गांव में हुई भैंस चोरी की वारदात कबूल की है। चोरी की गई भैंसों को इसी टाटा मैजिक में ले जाया गया था। आरोपी ने पूछताछ में अपने फरार साथी फैजान और एक अन्य आरोपी नाफिज का भी नाम बताया है। पुलिस के मुताबिक नाफिज चोरी की घटनाओं की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में शामिल रहता था। पुलिस के अनुसार उस्मान के खिलाफ लूट, चोरी और अन्य संगीन धाराओं में कई मुकदमे विभिन्न जनपदों में दर्ज हैं। फरार आरोपी फैजान की गिरफ्तारी के लिए दो पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं और उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
बिहार में बड़े पैमाने पर हुए आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादलों के बाद पूर्णिया जिले को नए पुलिस अधीक्षक मिल गए हैं। शौर्य सुमन को पूर्णिया का वरीय पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। निवर्तमान एसपी स्वीटी शहरावत का तबादला कर दिया गया है। इन तबादलों की जानकारी गुरुवार देर शाम बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी अधिसूचना से मिली। शौर्य सुमन 2017 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। पूर्णिया की कमान संभालने से पहले वे बिहार के बेतिया जिले के पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत थे। पूर्णिया की निवर्तमान पुलिस अधीक्षक स्वीटी शहरावत को पुलिस अधीक्षक (जी०) विशेष शाखा, बिहार, पटना के पद पर नियुक्त किया गया है। यह तबादला भी बिहार पुलिस मुख्यालय के आदेश के तहत हुआ है।
सवाई माधोपुर में आज तेज बारिश-आंधी का अलर्ट:गर्मी से राहत मिलने के आसार, तापमान में आ सकती है गिरावट
सवाई माधोपुर में शुक्रवार, 19 जून को मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने जिले में तेज बारिश और आंधी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार दिनभर तेज हवाएं चलने के साथ कई क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है। मौसम में इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। पिछले तीन दिनों में तापमान में रहा उतार-चढ़ाव सवाई माधोपुर में दो-तीन दिन पहले हुई बारिश के बाद मौसम में ठंडक महसूस की गई थी। हालांकि एक-दो दिन बाद फिर से तेज धूप निकलने के कारण गर्मी बढ़ गई। गुरुवार को जिले का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। वहीं बुधवार को भी अधिकतम और न्यूनतम तापमान लगभग इसी स्तर पर बना रहा। बारिश से तापमान में गिरावट की उम्मीद मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक शुक्रवार को जिले के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। विभाग ने आंधी और बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अनुमान है कि तेज हवाओं के साथ होने वाली बारिश से तापमान में गिरावट आएगी और उमस व गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिलेगी।
मुरैना जिला अस्पताल में ड्रिप लगाने को लेकर दो युवकों और ड्यूटी नर्स के बीच विवाद हो गया। नर्स का आरोप है कि युवकों ने कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के साथ तस्वीर दिखाते हुए खुद को भाजपा नेता बताया। भद्दे कमेंट किए और नौकरी से निकलवाने की धमकी दी। वहीं, युवकों का कहना है कि नर्स ने इलाज में लापरवाही की। शिकायत करने पर बदसलूकी की और ड्रिप की बोतल फेंककर मारी। मामला मेल मेडिकल वार्ड में गुरुवार का है। इसका वीडियो भी सामने आया है। मामला अस्पताल चौकी से होता हुए कोतवाली थाने तक पहुंच गया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दी है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, युवकों और नर्स के नाम सामने नहीं आ पाए हैं। मरीज को पहले ड्रिप लगाने पर हुई थी बहस जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर मेल मेडिकल वार्ड में ड्यूटी नर्स गंभीर हालत में भर्ती मरीज को अटेंड कर रही थी। इसी दौरान पहले से भर्ती एक मरीज का अटेंडर वहां पहुंचा। अपने मरीज को पहले ड्रिप लगाने की मांग करने लगा। नर्स ने कहा- पहले गंभीर मरीज का इलाज करना जरूरी है। लेकिन युवक बार-बार अपने मरीज को प्राथमिकता देने की बात करता रहा। कुछ देर बाद युवक का एक और साथी भी वहां पहुंच गया। दोनों युवकों ने नर्स पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। इस पर नर्स ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि उन्हें इतनी जल्दी है तो वे मरीज को निजी अस्पताल ले जा सकते हैं। सरकारी अस्पताल में गंभीर मरीजों को प्राथमिकता देना जरूरी होता है। वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू होते ही भड़की नर्स नर्स का आरोप है कि इसी दौरान एक युवक ने खुद को भाजपा नेता बताया। कहा कि नौकरी से निकलवा दूंगा। दूसरे युवक ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया था। वह बार-बार पूछता रहा कि वह ड्रिप क्यों नहीं बदल रही है? रिकॉर्डिंग होने और बहस बढ़ने के बीच नर्स आपा खो बैठी। उसने ड्रिप की बोतल युवक की ओर फेंक दी। सिविल सर्जन ने कहा- जांच करा रहे सिविल सर्जन डॉ. गजेंद्र सिंह तोमर ने कहा- शिकायतकर्ता का मरीज पहले से भर्ती था। उसी समय एक गंभीर मरीज वार्ड में लाया गया था, उसे प्राथमिकता देना स्वाभाविक था। अस्पताल में पहले से ही स्टाफ की कमी है। किसकी कितनी गलती है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
सिरसा में ट्रक की चेसी से पकड़ी 4.5 करोड़ की अफीम केस में एसआईटी की जांच तेज हो गई है। पुलिस के अनुसार, थाने में इंपाउंड ट्रक से 10 किलो और अफीम बरामद करने के बाद अब ये केस लगभग सुलझ गया है और ट्रक में कुल 100 किलो अफीम थी, उसमें से 99 किलो से ज्यादा बरामद कर ली है। कुछ चेसी में छिपा रखी थी तो कुछ ड्राइवर सीट व अन्य जगह पर छिपा रखी थी। इसी मामले में एएसआई रणबीर सिंह बर्खास्त और थाना प्रभारी सस्पेंड हो चुके हैं। पुलिस के अनुसार, थाने में इंपाउंड ट्रक से 12 और नए पैकेट मिले हैं, जिसमें कुछ पैकेट फट गए तो कुछ पैकेट खुले हुए थे। किसी का वजन आधा किलो किसी का वजन एक किलो था। इसके अलावा आरोपी एएसआई रणबीर सिंह का पुलिस रिमांड 24 तारीख तक बढ़ गया है और ट्रक ड्राइवर सहित बाकी आरोपियों का भी। यह ट्रक अफीम से भरकर पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से आया था और राजस्थान के जोधपुर जाते समय सिरसा में पकड़ा था। पुलिस इन आरोपियों को लेकर तस्कारों का जल्द पता लगाएगी। इसके बाद और खुलासा हो सकता है। एसआईटी की टीम सिलीगुड़ी के लिए रवाना हो चुकी है। रात को पुलिस टीम लखनऊ पहुंच चुकी थी। वहीं से इन आरोपियों के जरिए नशा तस्करों तक पहुंचेगी। दरअसल, इस अफीम केस में पुलिस की जांच में लगातार आंकड़ा बदलता गया। अभी भी किसी को यकीन नहीं कि इतनी ही है। पुलिस शक के घेरे में हैं। वहीं, राजस्थान पुलिस बोली, हमने सिरसा पुलिस को हैंडओवर कर दी थी। सिलसिलेवार ढंग से जानिएं इन प्वाइंट में पूरी खबर 10 जून को सिरसा में ये ट्रक पकड़ा गया था। उस समय राजस्थान की पुलिस व डिंग थाना की पुलिस मौके पर मौजूद थी। ऐसे में राजस्थान पुलिस पर भी शक गहरा गया है कि क्या चेकिंग या अफीम वजन करते समय राजस्थान पुलिस ने चेक किया था या नहीं। इसका इनपुट भी राजस्थान पुलिस के पास था। मगर अब राजस्थान पुलिस ये नहीं बता रही कि सप्लायर द्वारा कितनी अफीम ट्रक में भरकर भेजी गई थी। पैकेट का वजन भी अलग-अलग मिला है और कई पैकेट खुले मिले हैं। पूरी स्टोरी: 10 जून को जांच में दिखाई 88.970 किलो और बाद में 90 किलो बताई, अब निकली 100 किलो 10 जून को डिंग थाना पुलिस ने ट्रक की चेसी से 88 किलो 970 ग्राम जांच में दिखाई थी। यह जानकारी डीएसपी राज सिंह ने पीसी में मीडिया को दी। 13 तारीख को फतेहाबाद के बनगांव निवासी शमशेर को पुलिस ने अफीम के साथ पकड़ा तो उसने एएसआई रणबीर का नाम उगल दिया। फतेहाबाद पुलिस ने इसका इनपुट सिरसा पुलिस को दिया। सिरसा एसपी ने एएसआई रणबीर के खिलाफ 14 तरीख को अफीम खुर्द-बुर्द का मुकदमा दर्ज कराया और उसे गिरफ्तार कर लिया। इसकी जांच एएसपी को सौंपी। 15 तारीख को एएसपी आदर्शदीप सिंह ने मीडिया को दिए बयान में कहा, 90 किलो अफीम थी, जिसमें कुछ रणबीर के दोस्त शमशेर से मिली है और बाकी उससे रिमांड के दौरान बरामद की जाएगी। इसके बाद ये केस नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को जाना था, लेकिन हिसार आई रेंज ने इसकी जांच शुरू की, जिसमें हिसार, जींद व फतेहाबाद की पुलिस को एसआईटी में शामिल किया। 17 तारीख को थाने में इंपाउंड ट्रक से ही 10 किलो 310 ग्राम अफीम और बरामद दिखाई। एक तरह से राजस्थान की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स व सिरसा पुलिस की गफलत रही, जिससे सही से ट्रक को चेक नहीं किया। जानिए किसने क्या कहा राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स नजदीकी बॉर्डर एरिया से किरण पाल कौर का कहना है कि सिरसा अफीम मामले में उनके पास किसी का फोन नहीं आया है। यदि एसआईटी की ओर से उनके पास कॉल आएगी तो वे उनसे बात करेंगे। हर संभव मदद करेंगे। हमने उसी समय अफीम बरामद के बाद उनके हवाले कर दी थी। कम कैसे हुई, वो कारण उनको ही पता होगा। इससे जुड़े नेटवर्क का पता लगाया जाएगा : एएसपी मामले में SIT से एएसपी मयंक मुदगिल का कहना है कि ट्रक से 12 पैकेट अफीम के बरामद हुए हैं, जिनका वजन करीब 10 किलो 310 ग्राम है। कुल 100 किलो अफीम थी और 99 किलो बरामद हो चुकी है। एएसआई रणबीर सिंह सहित ट्रक ड्राइवर को रिमांड पर लेकर निशानदेही व सिलीगुड़ी ले जाकर इससे जुड़े नेटवर्क का लगाया जाएगा। भावदीन टोल के पास राजस्थान पुलिस ने अफीम से भरा ट्रक पकड़ा था बुधवार (10 जून) को सिरसा की डिंग थाना पुलिस और राजस्थान से जोधपुर की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की संयुक्त पुलिस टीम ने एनएच-9 स्थित भावदीन टोल प्लाजा के समीप नाकाबंदी के दौरान ट्रक नंबर जेके-02-बीके-5276 को रोककर तलाशी ली थी। ट्रक के नीचे लोहे की एंगल से विशेष रूप से तैयार किए गए गुप्त बॉक्स बरामद हुए थे। इन बॉक्सों से 95 पैकेटों में छिपाकर रखी गई 88 किलो 970 ग्राम अफीम बरामदगी दिखाई थी। राजस्थान के पाली जिले के बिश्नोइयां की ढाणी भाणिया के रहने वाले ट्रक ड्राइवर किशना राम को अरेस्ट किया था। ट्रक ड्राइवर की निशानदेही पर जम्मू-कश्मीर से थाना भीरा नजदीक भिड़े कलां निवासी ट्रक मालिक गगनदीप सिंह एवं अफीम का मुख्य सप्लायर जिला पाली (राजस्थान) से डूंगरपुर निवासी सुखराम गिरफ्तार किया। वहीं, DSP राज सिंह का रातों-रात नूंह में ट्रांसफर हो गया है और SHO इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार को सस्पेंड कर दिया था।
गया जिले के फतेहपुर थाना क्षेत्र के गन्नी पिपरा गांव में गुरुवार रात एक युवक को प्रेमिका के घर में घुसते हुए ग्रामीणों ने पकड़ लिया। इसके बाद गांव में पंचायत बुलाई गई और पूरे मामले पर चर्चा की गई। तीन साल से था संबंध युवक की पहचान टनकुप्पा प्रखंड के मोरहर गांव निवासी सचिन के रूप में हुई है, जबकि युवती फतेहपुर थाना क्षेत्र के गन्नी पिपरा गांव की प्रीति है। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच पिछले तीन वर्षों से प्रेम संबंध था। परिजन की सहमति से शादी पंचायत में दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि युवक और युवती दोनों बालिग हैं और एक ही जाति से संबंध रखते हैं। इसके बाद ग्रामीणों ने आपसी सहमति से दोनों का विवाह कराने का निर्णय लिया। निर्णय के बाद युवक के परिजनों को सूचना दी गई और देर रात ही पंडित और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था कर सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में दोनों का विवाह संपन्न करा दिया गया। पुलिस ने क्या कहा ? थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस पहुंची थी लेकिन जब पता चला कि दोनों पक्षों की सहमति से शादी हुई तो पुलिस टीम वापस चली आई।
मुजफ्फरपुर में गुरुवार देर शाम सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। हाजीपुर जा रहे बाइक सवार को पीछे से आ रही तेज रफ्तार थार ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक कई फीट दूर जा गिरा। हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इस बीच ड्राइवर थार छोड़कर मौके से फरार हो गया। मृतक की पहचान वैशाली जिले के करताहा थाना क्षेत्र के घटारो गांव निवासी सुनील कुमार(25) के तौर पर हुई है। आईडी कार्ड के आधार पर पहचान हुई है। घटना कुढ़नी थाना क्षेत्र के बलिया ओवरब्रिज के पास की है। कार छोड़ चालक फरार, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को जब्त कर लिया है। क्षतिग्रस्त बाइक को भी कब्जे में लेकर थाने पर भेजा गया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि फरार ड्राइवर की पहचान की जा सके। कुढ़नी पुलिस ने बताया कि सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। चालक की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है। हादसे के बाद मचा कोहराम युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। देर रात बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है
मुरैना जिले में अवैध रेत कारोबार के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। गुरुवार को जिले के टेंटरा और नगरा थाना क्षेत्रों में पुलिस, वन विभाग और एसएएफ की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से भंडारित 600 ट्रॉली रेत को नष्ट कर दिया। नष्ट की गई रेत की बाजार कीमत करीब 13 लाख 20 हजार रुपए आंकी गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और प्रदेश सरकार की सख्ती के बाद जिलेभर में अवैध रेत उत्खनन और भंडारण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में यह कार्रवाई की गई। टेंटरा थाना क्षेत्र में 500 ट्रॉली रेत नष्ट टेंटरा थाना क्षेत्र में टास्क फोर्स ने रायडी घाटी क्षेत्र में कार्रवाई की। यहां चंबल नदी से निकाली गई रेत का बड़े पैमाने पर अवैध भंडारण किया गया था। संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब 500 ट्रॉली रेत को नष्ट किया। प्रशासन के अनुसार इस रेत की बाजार कीमत लगभग 11 लाख रुपए है। कार्रवाई के दौरान जेसीबी और लोडर मशीनों की मदद से रेत को नष्ट किया गया। नगरा क्षेत्र के जंगल में मिला अवैध भंडारण दूसरी कार्रवाई नगरा थाना क्षेत्र के भूपपुरा और साहसपुरा के जंगलों में की गई। यहां पहाड़ी क्षेत्र के पास अवैध रूप से रेत का भंडारण किया गया था। टास्क फोर्स ने मौके पर पहुंचकर करीब 100 ट्रॉली रेत को नष्ट किया। प्रशासन ने इसकी कीमत करीब 2 लाख 20 हजार रुपए बताई है। इस कार्रवाई में जेसीबी मशीन का उपयोग किया गया। संयुक्त टीम ने संभाला मोर्चा कार्रवाई के दौरान पुलिस, वन विभाग और एसएएफ के अधिकारियों व कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला। पूरे अभियान में दो जेसीबी और दो लोडर ट्रैक्टर लगाए गए, जिनकी मदद से अवैध रूप से जमा रेत को नष्ट किया गया। चंबल क्षेत्र में लगातार जारी है अभियान प्रशासन का कहना है कि चंबल क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और भंडारण पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। कई स्थानों पर पहले भी बड़ी मात्रा में रेत नष्ट की जा चुकी है और आगे भी अभियान जारी रहेगा। एसपी बोले- कार्रवाई लगातार जारी रहेगी मुरैना एसपी धर्मराज मीणा ने बताया कि जिलेभर में अवैध रेत भंडारण और उत्खनन के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। गुरुवार को भी दो थाना क्षेत्रों में बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से जमा रेत को नष्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि अवैध रेत कारोबार में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक और वैधानिक कार्रवाई भी की जा रही है। आने वाले दिनों में भी यह अभियान जारी रहेगा।
रायगढ़ जिले में गुरुवार शाम तेज आंधी और बारिश के कारण बड़ा हादसा हो गया। चिराइपानी इलाके में महालक्ष्मी कास्टिंग कंपनी की दीवार अचानक गिर गई। यह दीवार पास ही स्थित ओम रुपेश कंपनी के लेबर क्वार्टर पर जा गिरी। मलबे में दबने से प्रेग्नेंट महिला की मौत हो गई, जबकि 2 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना पूंजीपथरा थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक रंभा, सुनील यादव और रिंकी यादव ओम रुपेश कंपनी में काम करते हैं। रंभा और रिंकी सगी बहनें थी, जबकि सुनील रिंकी का पति है।शाम को तीनों लेबर क्वार्टर पर थे। इस दौरान तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश होने लगी। मलबे में दबे तीन मजदूर इस दौरान महालक्ष्मी कास्टिंग कंपनी की दीवार ओम रुपेश कंपनी के लेबर क्वार्टर पर जा गिरी। मलबे में रंभा, सुनील यादव और रिंकी यादव दब गए। हादसे के बाद मौके पर मजदूरों की भीड़ लग गई। उन्होंने फौरन पुलिस की इसकी जानकारी दी और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया मौके पर पहुंची पुलिस ने मजदूरों के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद तीनों को घायल अवस्था में बाहर निकाला गया और फौरन मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। जहां इलाज के दौरान रंभा ने दम तोड़ दिया, जबकि सुनील और रिंकी का इलाज जारी है। इलाज के दौरान महिला की मौत पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। घायल जीजा-साली की हालत गंभीर बताई जा रही है। मामले में DSP सुशांतो बनर्जी ने बताया कि दोनों कंपनियां अगल-बगल हैं। शाम को आई तेज आंधी और बारिश के चलते दीवार गिर गई, जिससे यह हादसा हुआ। मामले की जांच की जा रही है।
भोजपुर में जमीन विवाद में 2 पक्ष आपस में भिड़ गए। मारपीट में 12 लोग घायल हो गए। इलाज के लिए सदर अस्पताल में एडमिट कराया गया है। घटना उदवंतनगर थाना क्षेत्र के कोहढा गांव की है। घायलों में एक पक्ष के राजेश कुमार सिंह, नागेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, मीरा देवी, उपेंद्र सिंह, पिंटू सिंह और रंजन सिंह शामिल हैं। जबकि दूसरे पक्ष से हरिद्वार यादव, कामता सिंह, काशी सिंह, कर्मेंद्र यादव और विशेश्वर यादव घायल हैं। जानकारी के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच दो बीघा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। उसी विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया। जिसको लेकर दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए और जमकर मारपीट हुई। 34 लोगों पर केस दर्ज इस संबंध में थाना प्रभारी थानाध्यक्ष सुमंत कुमार ने बताया कि एक पक्ष के विशेश्वर सिंह के बयान पर 20 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जिसमें चंदेश्वर सिंह, गुड्डू सिंह और राजू सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि दूसरे पक्ष से राजेश यादव के बयान पर 14 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जिसमें विशेश्वर यादव और मंजीत सिंह की गिरफ्तारी हुई है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस छापेमारी कर रही है।
मुंबई-हावड़ा रेलखंड पर सतना-मैहर के बीच लगरगवां स्टेशन के पास गुरुवार को सिग्नल की 7 मीटर केबल चोरी हो गई। इस घटना के कारण रेल संचालन लगभग तीन घंटे तक प्रभावित रहा, जिससे अप और डाउन लाइन की 19 ट्रेनें देरी से चलीं। सूचना मिलने पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए केबल लेकर भाग रही दो महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। सिग्नल विभाग के कर्मचारियों ने केबल काट कर ले जा रही महिलाओं को देखा और तत्काल आरपीएफ को सूचित किया। मौके पर पहुंची आरपीएफ टीम ने पीछा कर दोनों आरोपियों को चोरी की गई केबल के साथ पकड़ लिया। बाद में इंजीनियरों ने क्षतिग्रस्त केबल को जोड़कर रेल संचालन को सामान्य किया। 19 ट्रेनें देरी से चलींइस घटना से प्रभावित होने वाली ट्रेनों में अप लाइन की अयोध्या-एलटीटी, गोरखपुर-एलटीटी, दानापुर-एसएमवीटी, दरभंगा-अहमदाबाद, वाराणसी-एकता नगर और सतना-कटनी मेमू शामिल थीं। वहीं, डाउन लाइन में डॉ. अंबेडकर नगर-रीवा, एलटीटी-दानापुर स्पेशल, जबलपुर-रीवा शटल सहित पांच से अधिक मालगाड़ियां भी प्रभावित हुईं। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी बीरेन्द्र यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कल्ली उर्फ सुखमंती (55) निवासी उतैली और चिद्दी उर्फ चिंतामणि निवासी संग्राम कॉलोनी, थाना कोलगवां के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ रेल संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग पर टेंपो ट्रैवलर के खाई में गिरने से 2 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 21 लोग घायल हो गए। गुरुवार देर रात शव मेरठ के फैक्ट्री इलाके में पहुंचा तो मातम छा गया। घायल मोनिस ने कहा- कालाढूंगी मार्ग पर कुछ दूरी चलने के बाद चालक शहजाद ने कहा- गाड़ी के ब्रेक फेल हो गए हैं और गाड़ी अधिक गर्म हो गई है। उसने कुछ देर के लिए वाहन रोक भी लिया था। मोनिस ने कहा- उस समय रात करीब 8:15 बजे थे। गाड़ी में बैठे कई लोगों को उल्टियां हो रही थीं, इसलिए सभी लोग नीचे उतर गए। आसपास जंगल होने और जानवरों की आवाजें आने के कारण कुछ देर बाद सभी लोग वापस वाहन में बैठ गए। इसी दौरान चालक भी गाड़ी में बैठा और ट्रैवलर लेकर चल दिया। मोनिस ने कहा- चालक को यात्रियों को साफ-साफ बताना चाहिए था कि वाहन चलाने की स्थिति में नहीं है। दूसरी गाड़ी की व्यवस्था कर लो, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया और वाहन चलाता रहा। उन्होंने बताया कि आगे चलकर कई खतरनाक मोड़ आए। चालक दो मोड़ तो पार कर गया, लेकिन तीसरे मोड़ पर वाहन अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरा। मोनिस ने कहा, ड्राइवर कह रहा था कि वह 20 साल से गाड़ी चला रहा है, लेकिन उसकी ड्राइविंग देखकर लगा कि वह पहली बार पहाड़ी रास्ते पर वाहन चला रहा था। जहां गियर डाउन करना चाहिए था, वहां उसने वाहन न्यूट्रल कर दिया। 3 तस्वीरें देखिए… 30 फीट नीचे खाई में गिरी ट्रैवलर, पेड़ ने बचाईं जानेंमोनिस ने कहा-हादसे के बाद लगा कि अब कोई नहीं बचेगा। वाहन सड़क से करीब 30 फीट नीचे खाई में जा गिरा था, लेकिन रास्ते में एक पेड़ से टकराकर रुक गया। अगर ट्रैवलर पेड़ पर नहीं रुकती तो पूरा वाहन सैकड़ों फीट गहरी खाई में गिर सकता था और बड़ा हादसा हो सकता था। कहा- हादसे के बाद एक किशोर ने वाहन का पिछला शीशा तोड़कर बाहर निकलकर मदद की और परिजनों व पुलिस को सूचना दी। इसके बाद उत्तराखंड पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और सभी घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। महिलाओं के बाहर गिरने की बात से किया इंकारमोनिस ने उन चर्चाओं को भी खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि शीशा टूटने से महिलाएं बाहर गिर गई थीं। उन्होंने बताया कि हादसे के समय सभी लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर गए थे। इसी दौरान उनकी मामी शहनाज और खाला नाजरीन गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनकी बाद में मौत हो गई। सात परिवारों के 30 सदस्य गए थे घूमनेजानकारी के अनुसार मेरठ के ताला फैक्ट्री निवासी नफीस अपनी पत्नी शहनाज, बेटे जसीम और बेटी सुहेमा के साथ नैनीताल घूमने गए थे। उनके भाई अनीस, पत्नी रुकसाना और बच्चों समेत परिवार के कई सदस्य भी साथ थे। हुमायूं नगर निवासी नवाब, रेशमा, आसिफ, सना, साद, सुहैल, अरसान और सोफिया भी साथ में थे। इसके अलावा रशीद नगर निवासी शाकिर, नाजरीन, अबूजर, आफिया और रहमत, मोदीनगर निवासी फईमुद्दीन, लायबा, माहिरा, हुमायूं नगर निवासी निजामुद्दीन, इद्दो, मोनिस, आयशा, फरहत जहां और जुनेरा समेत कुल सात परिवारों के 30 सदस्य नैनीताल घूमने गए थे। ब्रेक फेल होने के बाद खाई में गिरी ट्रैवलरबुधवार रात सभी लोग टेंपो ट्रैवलर से मेरठ लौट रहे थे। नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग पर लाल मिट्टी क्षेत्र के पास वाहन के ब्रेक फेल हो गए। चालक ने वाहन नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन ट्रैवलर अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी लोगो को बाहर निकाला गया। हादसे में शहनाज और नाजरीन की मौत हो गई, जबकि 21 अन्य लोग घायल हो गए। मेरठ पहुंचते ही मचा कोहराम गुरुवार रात मृतक महिलाओं के शव और हादसे में घायल 21 लोग मेरठ पहुंचे। ताला फैक्ट्री क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। हालात को देखते हुए पुलिस ने इलाके में बैरिकेडिंग कर भीड़ को नियंत्रित किया। जैसे ही शव घर पहुंचे, परिजनों में चीख-पुकार मच गई। आसपास की छतों और गलियों में सैकड़ों लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंच गए। पूरे इलाके का माहौल गमगीन हो गया और लोगों की आंखें नम थीं। अस्पतालों में भर्ती हैं घायल, 16 की हालत गंभीर हादसे में घायल लोगों को मेरठ के शास्त्री नगर एच ब्लॉक स्थित आनंदित अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में बेड कम पड़ने के कारण कुछ घायलों को अन्य निजी अस्पतालों में भी भर्ती कराया गया है। परिजनों के अनुसार 16 घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। हजारों लोगों ने दी अंतिम विदाई गुरुवार रात करीब 10 से 11 बजे के बीच शहनाज को बाले मियां कब्रिस्तान और नाजरीन को लिसाड़ी रोड स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। दोनों जनाजों में हजारों लोग शामिल हुए। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरा मेरठ शहर शोक में डूबा हुआ है।
बाड़मेर के बहुचर्चित कमलेश प्रजापति एनकाउंटर मामले में जोधपुर महानगर सेशन कोर्ट ने आईपीएस आनंद शर्मा समेत 24 पुलिस अधिकारियों को राहत देते हुए ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया है। अदालत ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने मामले में मौजूद सीसीटीवी फुटेज, एफएसएल रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को नजरअंदाज कर पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का संज्ञान लिया था। सेशन कोर्ट ने माना कि कमलेश प्रजापति ने भागने के दौरान पुलिस टीम पर वाहन चढ़ाने का प्रयास किया था और पुलिस की फायरिंग आत्मरक्षा तथा हेड कॉन्स्टेबल की जान बचाने के लिए की गई जवाबी कार्रवाई थी, इसलिए इसे फर्जी एनकाउंटर नहीं माना जा सकता। अब पढ़िए.. सिलसिलेवार घटनाक्रम तत्कालीन सरकार ने CBI को सौंपी जांच, FIR दर्ज हुई 22 अप्रैल 2021 को बाड़मेर के सदर थाना क्षेत्र में कमलेश प्रजापति एनकाउंटर हुआ था। घटना के बाद मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध-प्रदर्शन हुए। तत्कालीन पचपदरा विधायक मदन प्रजापत और समाज के लोगों की मांग पर राज्य सरकार ने 31 मई 2021 को जांच सीबीआई को सौंप दी। इसके बाद सीबीआई के तत्कालीन एसपी एमएस खान ने 5 जुलाई 2021 को बाड़मेर सदर थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने बताया था जवाबी कार्रवाई, CCTV फुटेज भी आए थे सामने एनकाउंटर के अगले दिन 23 अप्रैल 2021 को तत्कालीन डीएसपी पुष्पेंद्र आढ़ा ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि पुलिस टीम कमलेश प्रजापति को पकड़ने के लिए सेंट पॉल स्कूल के पीछे स्थित मकान पर पहुंची थी। इस दौरान कमलेश अपनी इसुजु एसयूवी से लोहे का गेट तोड़कर भागने लगा और पुलिस टीम पर वाहन चढ़ाने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस कमांडो ने फायरिंग की, जिसमें उसकी मौत हो गई। घटना के सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए थे। सर्च ऑपरेशन में हथियार, नकदी और लग्जरी गाड़ियां मिलीं एनकाउंटर के बाद कार्यपालक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया। कार्रवाई के दौरान 59.69 लाख रुपए नकद, 11 लग्जरी वाहन, 5 अवैध पिस्टल, 9 मैगजीन, 121 कारतूस, 2 किलो 360 ग्राम अफीम का दूध, 1 किलो 715 ग्राम डोडा-पोस्त, 13 मोबाइल फोन, 4 डोंगल और एक एटीएम कार्ड बरामद किए गए थे। CBI जांच में पुलिस को क्लीन चिट, क्लोजर रिपोर्ट पेश की लंबी जांच और घटनास्थल पर फायरिंग सीन रीक्रिएट करने के बाद सीबीआई ने कोर्ट में नेगेटिव क्लोजर रिपोर्ट पेश की। जांच एजेंसी ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों से यह साबित करना मुश्किल है कि कमलेश प्रजापति फर्जी एनकाउंटर में मारा गया। सीबीआई ने परिजनों के फर्जी मुठभेड़ के आरोपों को भी खारिज कर दिया और पुलिस कार्रवाई को सही मानते हुए क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी। पत्नी ने क्लोजर रिपोर्ट को कोर्ट में चुनौती दी सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ मृतक की पत्नी जसोदा ने 28 मार्च 2023 को अदालत में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान जसोदा के वकील अर्जुन सिंह राठौड़ ने एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए कई सवाल उठाए। याचिका में आरोप लगाया गया कि कमलेश का नाम मूल मामले में फर्जी तरीके से जोड़ा गया था, जांच निष्पक्ष नहीं हुई और तत्कालीन राजस्व मंत्री हरीश चौधरी से पूछताछ तक नहीं की गई। साथ ही घर पर लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर के फुटेज डिलीट किए जाने का भी आरोप लगाया गया। ट्रायल कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट खारिज कर हत्या का संज्ञान लिया कमलेश की पत्नी की याचिका पर सुनवाई करते हुए एसीजेएम (सीबीआई) कोर्ट ने 16 अप्रैल 2025 को सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट खारिज कर दी। अदालत ने आईपीएस आनंद शर्मा, कालूराम रावत, आरपीएस रजत विश्नोई, पुष्पेंद्र आढ़ा समेत 24 पुलिस अधिकारियों और जवानों के खिलाफ हत्या और साजिश के आरोपों में संज्ञान लेने का आदेश दिया था। पुलिसकर्मियों ने सेशन कोर्ट में दी चुनौती ट्रायल कोर्ट के आदेश के खिलाफ आईपीएस आनंद शर्मा और अन्य पुलिसकर्मियों ने जोधपुर महानगर के सेशन न्यायाधीश दिनेश त्यागी की अदालत में निगरानी याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान अदालत ने सीसीटीवी फुटेज, एफएसएल रिपोर्ट, वैज्ञानिक साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों का विस्तृत परीक्षण किया। सेशन कोर्ट ने माना- कमलेश ने पुलिस पर चढ़ाई थी गाड़ी सेशन कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि घटना के दौरान कमलेश प्रजापति ने भागने के प्रयास में लोहे का भारी गेट तोड़ा और पुलिस टीम की ओर वाहन बढ़ा दिया। इस दौरान हेड कांस्टेबल मेहाराम वाहन के टायर के नीचे दब गए थे। अदालत ने माना कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के सामने तत्काल कार्रवाई के अलावा कोई विकल्प नहीं था। एनकाउंटर को आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई माना, 24 पुलिसकर्मियों को राहत अदालत ने माना कि हेड कांस्टेबल मेहाराम की जान बचाने और वाहन को रोकने के लिए कमांडो दिनेश ने गाड़ी के टायर और कमलेश के पैरों की ओर गोलियां चलाई थीं। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सेशन कोर्ट ने इसे फर्जी एनकाउंटर नहीं माना और कहा कि पुलिस की कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई थी। इसी आधार पर ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द करते हुए आईपीएस आनंद शर्मा समेत सभी 24 पुलिस अधिकारियों और जवानों को राहत प्रदान कर दी। --- संबंधित ये खबरें भी पढ़ें … कमलेश प्रजापत एनकाउंटर की दोबारा जांच करने बाड़मेर पहुंची CBI:कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट खारिज की थी; पूर्व मंत्री, 2 IPS की भूमिका की भी जांच होगी बाड़मेर जिले में 22 अप्रैल 2021 की रात को हुए कमलेश एनकाउंटर मामले में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद सीबीआई दोबारा बाड़मेर पहुंची है। पूरी खबर पढ़िए पूर्व मंत्री और 2 IPS पर सवाल उठाने वाला एनकाउंटर:पैर पर निशाना तो गोली छाती में कैसे लगी, सीसीटीवी फुटेज गायब, 9 मिनट दूर अस्पताल, 25 मिनट लगे राजस्थान के बाड़मेर जिले में 22 अप्रैल 2021 की रात को हुए कमलेश एनकाउंटर मामले में सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। पूरी खबर पढ़िए
बुरहानपुर में मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में कलेक्टर हर्ष सिंह और पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी के निर्देश पर जिला, पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने गुरुवार को ताजिया विसर्जन स्थलों और घाटों का संयुक्त निरीक्षण किया। यह निरीक्षण गुरुवार शाम को किया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, बैरिकेडिंग, घाटों की सुरक्षा और आपातकालीन व्यवस्थाओं सहित अन्य आवश्यक इंतजामों का जायजा लिया गया। निरीक्षण में अपर कलेक्टर राजेश पाटीदार, एसडीएम अजमेर सिंह गौड़, नगर पुलिस अधीक्षक गौरव पाटिल, नगर निगम कमिश्नर संदीप श्रीवास्तव, तहसीलदार नितिन चौहान, थाना प्रभारी कोतवाली नीता देयरवाल, थाना प्रभारी गणपतीनाका सुरेश महाले, थाना प्रभारी यातायात राजेश बारवाल और विद्युत कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएं, ताकि विसर्जन के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मोहर्रम पर्व जिले की सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक एकता का प्रतीक है। प्रशासन और पुलिस की प्राथमिकता है कि यह पर्व पूरी शांति, सुरक्षा और भाईचारे के वातावरण में संपन्न हो। इसके लिए सभी विभागों को समन्वय से कार्य करने और संभावित चुनौतियों का आकलन कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने आमजन, ताजिया कमेटियों तथा समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि वे पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने में सहयोग करें। साथ ही, किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन को आवश्यक सूचनाएं प्रदान करें।
बुरहानपुर में भारतीय जनता पार्टी जिला इकाई द्वारा गुरुवार शाम 5:30 बजे से राजस्थान भवन, इंदिरा कॉलोनी में एक प्रबुद्धजन सम्मेलन का आयोजन किया गया जो रात नौ बजे तक चला। यह सम्मेलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 'विकसित भारत' के संकल्प पर मंथन के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री और पूर्व राज्यसभा सदस्य सुमेर सिंह सोलंकी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के हर गरीब व्यक्ति की चिंता की है। सोलंकी ने विशेष रूप से पीएम आवास योजना को लेकर अपने विचार और अनुभव साझा किए। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा प्रवक्ता और बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस, नेपानगर विधायक मंजु राजेंद्र दादू, जिला पंचायत अध्यक्ष गंगाराम मार्को, उपाध्यक्ष गजानन महाजन, महापौर माधुरी अतुल पटेल, शाहपुर नगर परिषद अध्यक्ष साधना वीरेंद्र तिवारी, बुरहानपुर जनपद अध्यक्ष सोनाली प्रदीप पाटिल, उपाध्यक्ष आशा विनोद पाटिल, खकनार जनपद उपाध्यक्ष आरती नीलेश चौकसे और शाहपुर नगर परिषद उपाध्यक्ष रजनी गोपाल चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि, संगठन पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सम्मेलन में जिले के विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, प्राध्यापक, डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, व्यापारी, उद्योगपति, कृषक, विभिन्न समाजों के अध्यक्ष और एसोसिएशन पदाधिकारियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह संगोष्ठी रात 9 बजे तक चली, जिसमें बुरहानपुर और नेपानगर के विधायकों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
बांसवाड़ा में आज 7 घंटे बिजली कटौती:सुबह 10 से शाम 5 बजे तक रहेगा शटडाउन, कई इलाके होंगे प्रभावित
बांसवाड़ा जिले के कई ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आज सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक लगातार 7 घंटे बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। विद्युत विभाग द्वारा आवश्यक रखरखाव और मेंटेनेंस कार्य के लिए शटडाउन लिया जा रहा है। इससे सुरपुर, सेनावासा, चिड़ियावासा और निचला घंटाला जीएसएस से जुड़े दर्जनों गांवों, ढाणियों और आसपास के क्षेत्रों के उपभोक्ता प्रभावित होंगे। इन क्षेत्रों में रहेगा पावर कट सहायक अभियंता के अनुसार सुरपुर, सेनावासा, चिड़ियावासा एवं निचला घंटाला ग्रिड सब-स्टेशन (जीएसएस) से जुड़े सभी क्षेत्रों में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी। इन चारों जीएसएस से जुड़े गांवों और आसपास की ढाणियों में बिजली कटौती का असर रहेगा। मेंटेनेंस कार्य के चलते लिया गया शटडाउन विद्युत विभाग ने बताया कि आवश्यक रखरखाव और मरम्मत कार्य के लिए यह शटडाउन लिया जा रहा है। कार्य पूरा होने के बाद शाम 5 बजे से चरणबद्ध तरीके से बिजली आपूर्ति बहाल की जाएगी। यदि निर्धारित समय से पहले काम पूरा हो जाता है तो बिजली आपूर्ति भी पहले शुरू कर दी जाएगी।
सागर जिले में शासकीय संभागीय आईटीआई के आगामी सत्र 2026-27 के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। योग्य और इच्छुक अभ्यर्थी 30 जून तक https://dsd.mp.gov.in वेबसाइट पर अपना ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण के समय अभ्यार्थी प्रवेश का आधार कक्षा 8वीं और 10वीं दोनों रखें, जिससे अभ्यर्थियों को चॉइस फिलिंग में सभी ट्रेडों के विकल्प उपलब्ध होंगे और वे अपनी रुचि व योग्यता के अनुसार सही ट्रेड का चयन कर सकेंगे। पूर्व में संचालित ट्रेडों के साथ संस्था में इस वर्ष प्रवेश के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, ड्रोन तकनीशियन जैसे नए ट्रेडों को भी शामिल किया गया है। जिससे अभ्यर्थियों को आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। 35 फीसदी सीटें आरक्षितकलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा है कि सागर जिले की सभी शासकीय आईटीआई में सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सभी आईटीआई में 35% सीटें महिला प्रशिक्षणार्थियों के लिए आरक्षित हैं। इच्छुक युवा प्रवेश के लिए 30 जून तक पंजीकरण करा सकते हैं। यदि ऑनलाइन फॉर्म भरने में कोई असुविधा है तो अपने नजदीकी किसी भी शासकीय आईटीआई में जाकर आसानी से अपना पंजीयन करा सकते हैं। जिले की इन आईटीआई में होंगे एडमिशनशासकीय संभागीय आईटीआई सागर और जिले की आईटीआई बंडा, रहली, देवरी, बीना, शाहगढ़, राहतगढ़, मालथौन, केसली, और जरूआखेड़ा में रिक्त सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई है। जानकारी के अनुसार, आईटीआई में एनसीवीटी मान्यता प्राप्त ट्रेड्स इलेक्ट्रीशियन 2 वर्ष 40 सीटें, टर्नर 2 वर्ष 20 सीटें, फिटर 2 वर्ष 20 सीटें, मशीनिस्ट 2 वर्ष 20 सीटें, मैकेनिक रेफ्रिजरेशन एण्ड एयर कंडीशनिंग 2 वर्ष 24 सीटें, मैकेनिक मोटर व्हीकल 2 वर्ष 24 सीटें, मैकेनिक डीजल 1 वर्ष 48 सीटें, मैकेनिक ट्रैक्टर 1 वर्ष 40 सीटें, वेल्डर 1 वर्ष 40 सीटें, वेल्डर डीएसटी 1 वर्ष 20 सीटें, कम्प्यूटर ऑपरेटर एण्ड प्रोग्रामिंग असिसटेंट 1 वर्ष 96 सीटें, स्टेनो ग्राफर एण्ड सेक्रेटेरियल असिसटेंट (हिंदी) 1 वर्ष 72 सीटें, स्टेनो ग्राफर एण्ड सेक्रेटेरियल असिसटेंट (अंग्रेजी) 1 वर्ष 48 सीटें, मैकेनिक ट्रैक्टर डीएसटी 1 वर्ष 20 सीटें हैं। इसके अलावा एससीवीटी मान्यता प्राप्त ट्रेड्स इलेक्ट्रानिक्स मैकेनिक 2 वर्ष 48 सीटें, इलेक्ट्रीशियन 2 वर्ष 40 सीटें, स्टेनो ग्राफर एण्ड सेक्रेटेरियल असिसटेंट (हिन्दी) 1 वर्ष 24 सीटें, स्वीइंग टेक्नालॉजी (कटिंग एण्ड टेलरिंग) 1 वर्ष 20 सीटें, ड्राफ्टमैन सिविल 2 वर्ष 24 सीटें, फिटर 2 वर्ष 20 सीटें, फूड प्रोसेसिंग डक्यूमेंट, टेक्नीशियन, फिटर 1 वर्ष 24 सीटें, ड्रोन टेक्नोलॉजी 1 सेमेस्टर 24 सीटें हैं।
हापुड़ में कारोबारी के परिवार को बंधक बनाकर 2 करोड़ रुपए की डकैती डालने के आरोपी बदमाश श्याम (28) को पुलिस ने गुरुवार देर रात एनकाउंटर में ढेर कर दिया। उस पर 50 हजार रुपए का इनाम था। मुठभेड़ में एक हेड कांस्टेबल मनोज कुमार को भी गोली लगी है। SP केजी सिंह ने बताया- थाना हापुड़ नगर क्षेत्र में बुलंदशहर रोड पर चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध बाइक सवार पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस ने उसका पीछा किया। हापुड़ देहात पुलिस को सूचना दी। पुलिस की संयुक्त टीम ने गोदी गांव के पास बदमाश की घेराबंदी कर ली। खुद को चारों तरफ से घिरा देखकर आरोपी एक ट्यूबवेल की आड़ में छिप गया। पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। बदमाश गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत ही सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इससे पहले, पुलिस ने 7 जून को सुल्तानपुर रोड पर एक बड़ी मुठभेड़ के बाद गिरोह के पांच सदस्यों को दबोचा था। इसमें यूपी पुलिस का एक सस्पेंडेड सिपाही विक्की गौतम भी शामिल था। विक्की ही पूरी वारदात का मास्टरमाइंड था। पहले तस्वीरें देखिए- डकैती, लूट और गैंगस्टर एक्ट के कई मुकदमे थे बदमाश श्याम पुत्र वीरेंद्र रामपुर जिले के पटवाई थाना क्षेत्र के सूरजपुर का रहने वाला था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी श्याम के खिलाफ मुरादाबाद समेत कई जिलों में डकैती, लूट और गैंगस्टर एक्ट के 4 मुकदमे दर्ज थे। वह थाना हापुड़ देहात में एक जून को दर्ज लूट के मुकदमे में भी वांछित था। जानिए कैसे हुई थी डकैती… घर से करीब 150 मीटर की दूरी पर सीसीटीवी फुटेज से पहचान हुई थी अब पढ़िए कैसे पकड़े गए आरोपी… सीओ वरुण मिश्रा ने बताया था- 7 जून की देर रात कोतवाली देहात क्षेत्र के सुल्तानपुर रोड पर पुलिस चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान दो बाइकों पर सवार पांच संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो बदमाशों ने बाइक की रफ्तार बढ़ा दी और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में मुरादाबाद निवासी रोहित और शाहबे आलम पुलिस की गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने घेराबंदी कर निलंबित सिपाही विक्की गौतम समेत उसके तीन अन्य आरोपियों को भी दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अमरोहा के थाना अमरोहा देहात अंतर्गत जलीलपुर गांव निवासी विक्की गौतम (निलंबित सिपाही), संभल के थाना देहपा के इचवाड़ा डीगर देहपा गांव निवासी टिंकू और बिलारी थाना अंतर्गत धर्मपुर कला गांव निवासी साहिबे आलम, मुरादाबाद के कटघर थाना क्षेत्र के बसंत विहार बलदरपुरी निवासी रोहित सागर और थाना मैनाठोर के रुस्तमपुर सराय निवासी गुड्डू आलम के रूप में हुई थी। आरोपियों के पास से पुलिस ने 24 लाख रुपए नकद, एक आईफोन-16 प्लस, घटना में इस्तेमाल चार मोबाइल फोन, सोने की चार चूड़ी, दो कंगन, पांच हार, एक ब्रेसलेट, छह जोड़ी झुमके, एक माथा टीका और 10 चांदी के सिक्के बरामद किए थे। इसके अलावा 2 बाइक और 4 तमंचे भी मिले थे। चार महीने तक करते रहे रेकी पुलिस जांच में सामने आया था कि गिरोह ने वारदात को अंजाम देने से पहले कारोबारी के घर की लंबे समय तक रेकी की थी। शुरुआती जांच में दो महीने की रेकी की बात सामने आई थी, जबकि बाद की जांच में पता चला कि बदमाश करीब चार महीने से घर और परिवार की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। आने-जाने वालों, सुरक्षा व्यवस्था, घर में मौजूद लोगों और तिजोरी की स्थिति तक की जानकारी जुटाई गई थी। राजमिस्त्री के बेटे ने बताई थी तिजोरी की लोकेशन डकैती के मामले में पुलिस ने रुस्तमपुर सराय (मुरादाबाद) निवासी गुड्डू और संभल रोड निवासी टिंकू को भी गिरफ्तार किया था। टिंकू के पिता सतपाल राजमिस्त्री हैं। वे पिछले कई महीनों से कारोबारी के यहां काम कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, टिंकू ने ही डकैतों को नरेंद्र अग्रवाल के घर में रखी तिजोरी और उसकी चाबी की लोकेशन की जानकारी दी थी। इसी वजह से आरोपी सीधे उन जगहों तक पहुंचे, जहां नकदी और कीमती सामान रखा गया था। सिपाही ड्यूटी से नदारद रहने पर हुआ था सस्पेंड ------------------------- ये खबर भी पढ़िए- राम मंदिर के ट्रस्टी अनिल मिश्र से 4 घंटे पूछताछ:SIT ने टिन्नू यादव के जवाबों से क्रॉस चेक किए; आज योगी अयोध्या आएंगे राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) लगातार 4 दिन से अयोध्या में है। 18 जून (गुरुवार) को टीम करीब 10 घंटे तक मंदिर परिसर में रही। ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र से करीब 4 घंटे तक पूछताछ की। टीम ने अनिल मिश्र से राम मंदिर दान की रकम की गिनती और रख-रखाव समेत इसे बैंक में जमा करने की प्रकिया जानी। इसमें उनकी भूमिका के बारे में विस्तार से समझा। पूरी खबर पढ़ें…

