नोएडा में ब्लू लाइन के सेक्टर-52 और एक्वा लाइन के सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन को जोड़ने वाला स्काईवॉक जल्द शुरू किया जाएगा। हालांकि 2029 में या 2035 तक इसे डिस्मेंटल कर दिया जाएगा। यहां बनने वाले मॉल से दोनों मेट्रो स्टेशन को इंटर कनेक्ट कर दिया जाएगा। सीईओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि इसका निर्माण हो चुका है। अब प्रियार्टी से जल्द से जल्द शुरू करने की है। सेक्टर-51 में स्वीडन की कंपनी IKEA कंपनी को 49,675 वर्गमीटर जमीन आवंटित की गई है। इसी जमीन पर इंगका सेंटर्स नाम से विशाल मॉल का निर्माण हो रहा है। प्राधिकरण और कंपनी के बीच हुए एग्रीमेंट के मुताबिक, मॉल के डिजाइन में ही सेक्टर-52 और सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशनों को इंटरकनेक्ट करने की व्यवस्था शामिल है। एग्रीमेंट साफ कहता है कि कंपनी 2029 के बाद स्काईवॉक को डिस्मेंटल कर सकती है, क्योंकि तब मॉल के अंदर से ही दोनों स्टेशनों को जोड़ा जाएगा। यदि किसी वजह से 2029 में यह नहीं हटाया गया, तो 2035 में इसे अनिवार्य रूप से तोड़ा जाएगा, क्योंकि तब तक मॉल का निर्माण पूरा हो जाना है। यानी 40 करोड़ रुपये का यह स्काईवॉक अस्थायी ढांचा है, जिसकी उम्र पहले से तय है। पांच महीने की डेडलाइन, डेढ़ साल बाद भी अधूरास्काईवॉक का निर्माण जून 2023 में शुरू हुआ था। इसे महज पांच महीने में पूरा किया जाना था, लेकिन अब तक काम अधूरा है। इस दौरान प्राधिकरण करीब 40 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। अब नई तकनीकी समस्या सामने आई है। सेक्टर-51 की ओर जहां स्काईवॉक को जोड़ा जाना है, वहां बीम आ गई है। समाधान के नाम पर अब स्ट्रक्चर टेस्टिंग कर बीम को हटाने और मेट्रो स्टेशन के भार को दूसरे बीम पर डायवर्ट करने की तैयारी है। यह सब उस स्काईवॉक के लिए किया जा रहा है, जिसे खुद एग्रीमेंट के अनुसार कुछ सालों में तोड़ा जाना है। पहले 2 करोड़ का वॉक-वेसबसे चौंकाने वाली बात यह है कि स्काईवॉक से पहले प्राधिकरण ने दोनों स्टेशनों को जोड़ने के लिए वॉक-वे भी बनाया गया है। इस पर करीब 2 करोड़ रुपये खर्च किए गए। कुछ महीनों तक इस रास्ते पर ई-रिक्शा भी चलाए गए, लेकिन जैसे ही स्काईवॉक का काम शुरू हुआ, वॉक-वे पर ई रिक्शा को बंद कर दिया गया। अब मुसाफिर पैदल ही जाते है। अब न वॉक-वे पर ई रिक्शा, न स्काईवॉक पूरा हुआ।इस पूरे मामले में बड़ा सवाल यही है कि जब मॉल बनने के बाद स्थायी इंटरकनेक्शन तय था, तो फिर 42 करोड़ रुपये खर्च कर अस्थायी स्काईवॉक और पाथ वे बनाने की जरूरत क्या थी? क्या यह फैसला यात्रियों की सुविधा के नाम पर लिया गया, फिलहाल हकीकत यही है कि नोएडा में जनता के पैसे से बना यह स्काईवॉक अधूरा, अस्थायी है।
UP बोर्ड (उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद) की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू हो रही है। परीक्षा में किसी तरह की सेंधमारी न होने पाए इसके लिए शासन से लेकर अफसर विभिन्न पहलुओं पर नजर रखे हुए हैं। नकलविहीन परीक्षा किस तरह से आयोजित कराए जाने की तैयारी है, इस संबंध में ‘दैनिक भास्कर’ की वाराणसी मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक दिनेश सिंह से विशेष बातचीत हुई। उन्होंने बताया कि वाराणसी मंडल में 96 ऐसे परीक्षा केंद्र चिह्नित किए गए हैं जो संवेदनशील हैं और 44 अति संवदेनशील परीक्षा केंद्र हैं। इस पर विशेष फोकस होगा। उन्होंने बताया कि राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम की मानिटरिंग के लिए AI सिस्टम का प्रयाेग होगा, जो कंट्रोल रूम को भी अलर्ट करता रहेगा। जैसे किसी परीक्षा केंद्र पर अस्वाभाविक गतिविधियां हो रही हैं तो AI कंट्रोल रूम को अलर्ट करेगा। जानिए, कौन सा केंद्र संवेदनशील वाराणसी : जौनपुर : गाजीपुर: चंदौली ये हैं अति संवदेनशील परीक्षा केंद्र वाराणसी में कोई भी अति संवदेनशील केंद्र नहीं हैं। जौनपुर गाजीपुर चंदौली
होली पर रेलवे चलाएगा साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन:गोमतीनगर से खातीपुरा के लिए 3 मार्च से शुरू होगा संचलन
होली के त्योहार पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ और पंजाब व उत्तर भारत की ओर सफर की मांग को देखते हुए रेलवे ने साप्ताहिक होली विशेष ट्रेनों के संचालन का फैसला किया है। रेलवे की ओर से इसका शेड्यूल जारी कर दिया गया है। मार्च महीने में ये ट्रेनें तय दिनों पर चलेंगी, जिससे त्योहार पर घर जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। गोमतीनगर–खातीपुरा होली विशेष ट्रेन का संचालन रेलवे के अनुसार रेलगाड़ी संख्या 05023/24 गोमतीनगर–खातीपुरा–गोमतीनगर होली विशेष गाड़ी चलाई जाएगी। गाड़ी संख्या 05023 गोमतीनगर से 3 मार्च से 24 मार्च तक प्रत्येक मंगलवार को रवाना होगी। यह ट्रेन रात 11:55 बजे गोमतीनगर से प्रस्थान कर बादशाहनगर, डालीगंज, सीतापुर, बरेली, मुरादाबाद, गाजियाबाद, दिल्ली जंक्शन, दिल्ली कैंट और गुड़गांव होते हुए अगले दिन सुबह 7:30 बजे खातीपुरा पहुंचेगी। खातीपुरा से गोमतीनगर वापसी सेवा वापसी में रेलगाड़ी संख्या 05024 खातीपुरा से 4 मार्च से 25 मार्च तक प्रत्येक बुधवार को चलाई जाएगी। यह ट्रेन शाम 6:50 बजे खातीपुरा से रवाना होकर उसी मार्ग से गोमतीनगर पहुंचेगी। रेलवे के अनुसार यह होली विशेष गाड़ी कुल चार फेरों के लिए संचालित की जाएगी। मऊ जंक्शन–अंबाला कैंट साप्ताहिक होली विशेष ट्रेन इसके अलावा रेलवे मऊ जंक्शन और अंबाला कैंट के बीच भी साप्ताहिक होली विशेष गाड़ी चलाएगा। रेलगाड़ी संख्या 05301 मऊ जंक्शन से 5 मार्च से 26 मार्च तक प्रत्येक बृहस्पतिवार को सुबह 4 बजे प्रस्थान करेगी। वहीं, वापसी में रेलगाड़ी संख्या 05302 अंबाला कैंट से प्रत्येक शुक्रवार को रात 1:40 बजे मऊ जंक्शन के लिए रवाना होगी।
मथुरा के वृंदावन में स्थित रामकृष्ण मिषन सेवाश्रम अस्पताल में नव निर्मित कैंसर ब्लॉक के उद्घाटन के लिए वृन्दावन रामकृष्ण मठ एवं मिशन के सचिव स्वामी सुप्रकाशानंद महाराज एवं सह सचिव स्वामी काली कृष्णानंद महाराज ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को वृन्दावन आने का निमंत्रण दिया। रामकृष्ण मठ एवं मिशन के पदाधिकारियों के अनुसार राष्ट्रपति ने निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। मठ के सह सचिव ने बताया वह मार्च महीने में वृंदावन आ सकती हैं। 68000 वर्ग फुट में बना है कैंसर ब्लॉक निर्धन, असहाय एवं जरुरतमंद रोगी नारायण की सेवा में समर्पित रामकृष्ण मिषन सेवाश्रम अस्पताल में कैंसर रोगियों के लिए 68000 वर्ग फुट में चार मंजिला एक कैंसर ब्लॉक जल्द शुरु होने जा रहा है। जिसकी विधिवत तथा औपचारिक शुरुआत मार्च महीने के अंतिम सप्ताह तक होने की पूरी संभावना है। मंगलवार को सेवाश्रम के सचिव स्वामी सुप्रकाषानंद महाराज एवं सह सचिव स्वामी कालीकृष्णानंद महाराज ने राष्ट्रपति से औपचारिक भेंट कर इस आधुनिक कैंसर विंग के उद्घाटन हेतु वृन्दावन आने का निमंत्रण दिया। 11 मार्च से 31 मार्च तक आ सकती हैं राष्ट्रपति राष्ट्रपति से भेंट के बाद सह सचिव स्वामी काली कृष्णानंद महाराज ने बताया कि महामहिम ने सेवा के इस विराट प्रकल्प की सराहना करते हुए कहा कि यह कैंसर प्रकल्प जरूरतमंद एवं असहाय लोगों के लिए बहुत ही उपयोगी साबित होगा एवं रामकृष्ण मिशन समाज सेवा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया की जल्द ही उनके कार्यालय से उदघाटन का तारिख की सूचना भेजी जाएगी। संभावना है राष्ट्रपति 11 मार्च से 31 मार्च के बीच कभी भी वृंदावन आ सकती हैं। राष्ट्रपति ने इससे पहले रामकृष्ण मिशन के रांची एवं जमशेदपुर शाखाओं में उनकी यात्रा के पलों को महाराज लोगों के संग याद किया। सह सचिव स्वामी काली कृष्णानंद महाराज ने राष्ट्रपति को युग पुरुष स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा भेंट करते हुए कहा कि इन्हीं युग पुरुष की प्रेरणापुंज का यह बीज आज 400 बिस्तरों वाले अस्पताल का साकार वटवृक्ष बन चुका है। उन्होंने बताया कि आसपास के क्षेत्रों में यह कैंसर ब्लॉक रोगियों के सेवार्थ और लाभार्थ उत्कृष्ट कार्य करेगी। कैंसर ब्लॉक में होंगी यह सुविधा अत्याधुनिक मेडिकल संसाधनों से सुसज्जित एवं सुशोभित इस कैंसर ब्लॉक में रेडियोथेरेपी, ब्रकीथेरेपी, कैंसर आधुनिक शस्त्र चिकित्सा, कीमोथेरेपी, इम्मुनोथेरपी एवं हॉर्मोनथेरपी, आरटी सीटी स्कैन, पिईटी सीटी स्कैन, एक जनरल वार्ड, डे केयर, फार्मेसी, प्राइवेट केबिन जैसे कई सुविधाएँ उपलब्ध हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं आस-पास के राज्यों में यह केवल एकमात्र आधुनिकतम सुविधावाली कैंसर चिकित्सा विभाग होगी एवं यहाँ पर हर तरह के कैंसर का पूर्ण इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी।
दौसा में भीषण सड़क हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए जयपुर रेफर किया गया है। हादसा बीती देर रात करीब 11 बजे जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर कैलाई गांव के पास हुआ। जहां तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार कर दूसरी साइड से गुजर रहे ट्रेलर से टकरा गई। खबर अपडेट की जा रही है....
छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 26 ट्रेनों को रद्द किया गया है। इनमें एक्सप्रेस और मेमू ट्रेनें शामिल हैं। नागपुर मंडल गोंदिया स्टेशन के प्लेटफॉर्म-3 पर बने वॉशेबल एप्रन का डिस्मेंटलिंग और बैलेस्टेड ट्रैक बनाने का काम होगा। जिसके लिए 20 दिन तक ब्लॉक लिया जाएगा। इस दौरान 14 ट्रेनों को 4 से 26 अप्रैल तक कैंसिल किया गया है। इसके अलावा रायपुर मंडल में हथबंद-भाटापारा सेक्शन में रोड अंडर ब्रिज निर्माण के लिए गर्डर लॉन्चिंग का काम किया जाएगा। इसके लिए ट्रैफिक ब्लॉक लिया जाएगा, जिससे 14 और 15 फरवरी को यात्री ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। इसके अलावा भिलाई स्टेशन पर डिस्मेंटलिंग कार्य के कारण भी कुछ ट्रेनें रद्द रहेंगी। रेलवे के अनुसार 14 और 15 फरवरी को कुल 12 ट्रेनें रद्द रहेंगी। इन ट्रेनों के रद्द होने से छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मध्य प्रदेश, बिहार और पंजाब जाने वाले यात्रियों को दिक्कत होगी। खासकर रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर, दुर्ग, गोंदिया, नागपुर, शालीमार (कोलकाता), अमृतसर, हजरत निजामुद्दीन और लोकमान्य तिलक टर्मिनल (मुंबई) रूट के यात्रियों को यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांच करें। रेलवे ने यात्रियों से वैकल्पिक व्यवस्था करने और यात्रा से पहले जानकारी लेने की अपील की है। इसके अलावा 14 फरवरी को 68862 झारसुगुड़ा-गोंदिया मेमू बिलासपुर में ही समाप्त होगी और बिलासपुर-गोंदिया के बीच रद्द रहेगी। इसी दिन 68861 गोंदिया-झारसुगुड़ा मेमू बिलासपुर से ही रवाना होगी और गोंदिया-बिलासपुर के बीच रद्द रहेगी। कोरबा-अमृतसर एक्सप्रेस भी रहेगी रद्द गाड़ी संख्या 18030 और 18029 (शालीमार-लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस) 4 से 24 अप्रैल और 6 से 26 अप्रैल तक रद्द रहेंगी। इसी तरह 18237 (कोरबा-अमृतसर) और 18238 (अमृतसर-बिलासपुर) एक्सप्रेस भी 5 से 27 अप्रैल के बीच रद्द रहेंगी। 12409-12410 (रायगढ़-हजरत निजामुद्दीन) और 12101-12102 (लोकमान्य तिलक टर्मिनल-शालीमार) सहित 12807-12808 (विशाखापत्तनम-हजरत निजामुद्दीन) एक्सप्रेस भी अलग-अलग तिथियों में अप्रैल में रद्द रहेंगी। इसके अलावा कई मेमू और डेमू पैसेंजर ट्रेनें 5 से 25 अप्रैल तक बंद रहेंगी। साथ ही कुछ ट्रेनें अपने गंतव्य तक नहीं जाएंगी और बीच रास्ते में ही स्टॉप की जाएंगी। गोंदिया-बल्लारशाह रूट की कई पैसेंजर ट्रेनें 5 से 25 अप्रैल तक हिरदामाली स्टेशन तक ही चलेंगी और आगे का सफर रद्द रहेगा। वहीं 15231-15232 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस को 5 से 26 अप्रैल तक दुर्ग स्टेशन तक ही चलाया जाएगा। दुर्ग से गोंदिया और गोंदिया से दुर्ग के बीच का सफर रद्द रहेगा। गंतव्य से पहले समाप्त होने वाली गाड़ियां ……………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… छत्तीसगढ़ में 6 पैसेंजर ट्रेनें 2 दिन कैंसिल: बिलासपुर, रायगढ़ और कोरबा जाने वाले यात्री परेशान होंगे, 19 जनवरी तक नहीं चलेंगी गाड़ियां छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेल मंडल में ब्रिज मरम्मत के चलते रेलवे में 2 दिन ट्रैफिक ब्लॉक लिया जाएगा। इस काम के चलते छत्तीसगढ़ की 6 पैसेंजर ट्रेनों को कैंसिल किया गया है। बिलासपुर रेल मंडल के कोटमीसोनार-जयरामनगर सेक्शन के बीच ट्रैफिक ब्लॉक लेकर मेंटेनेंस वर्क किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर
इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है और जनता उसे कैसे देखती है? इसी का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर ने खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’ शुरू की है। इसमें हम पार्षदों के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज के एपिसोड में हम वार्ड 33 पहुंचे हैं, जहां से मनोज रामकिशोर मिश्रा पार्षद हैं। यहां कौन-से काम पूरे हुए, कौन-से बाकी हैं? जनता 10 में से कितने नंबर देती है। ‘आज का पार्षद’ में देखिए काम का पूरा हिसाब। सवाल: आपके वार्ड की सबसे बड़ी उपलब्धि कौन-सी है? जवाब: हमारे वार्ड की सबसे बड़ी उपलब्धि रही है नर्मदा। मेरे मन में विचार था कि अगर मैं पार्षद बनूंगा तो सबसे पहले पानी की समस्या को हल करेंगे। पार्षद बनने के बाद लाहिया कॉलोनी, कबीडखेड़ी, शारदा नगर, स्वास्थ्य नगर, संस्कृति नगर में नर्मदा पहुंचाई है। ये नर्मदाविहीन कॉलोनियां थी। यहां पर एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई हो रही है। सवाल: कौन सा काम अधूरा है और क्यों? जवाब: अधूरे काम की बात करें तो वह भी नर्मदा से जुड़े कार्य हैं। पहला, मेरे वार्ड में नर्मदा की टंकी नहीं है। अमृत-2 योजना में नर्मदा की टंकी प्रस्तावित की गई है। अभी जो चर्चा चल रही है, उसके अनुसार आने वाले समय में उसका टेंडर होगा। जोन क्रमांक-5 की सुखलिया टंकी से जो पानी की सप्लाई होती है, उसके लिए नई लाइन डाली जा रही है। वह काम अभी अधूरा है। ठेकेदार ने टेंडर तो ले लिया है, लेकिन काम धीमी गति से कर रहा है, इसलिए यह काम अधूरा है। यह काम पूरा होने से गंदे पानी की समस्या और कम प्रेशर की परेशानी से भी निजात मिलेगी। अधूरे कामों को पूरा कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। सवाल: जनता की सबसे आम शिकायत क्या आती है? जवाब: जनता की शिकायतों की बात करें तो सबसे अधिक ड्रेनेज से जुड़ी शिकायतें आती हैं। जब ड्रेनेज चौक हो जाती है, तो लोग फोन कर सूचना देते हैं कि नाली जाम हो गई है। भागीरथपुरा की घटना के बाद से जनता ज्यादा अलर्ट हो गई है। कहीं गंदा पानी आ रहा हो या नर्मदा के पानी में बदबू आ रही हो, तो लोग तुरंत फोन कर शिकायत दर्ज कराते हैं। हम मौके पर पहुंचकर सबसे पहले ड्रेनेज लाइन की जांच करते हैं। ड्रेनेज लाइन साफ होते ही गंदे पानी की समस्या दूर हो जाती है। कभी-कभी स्ट्रीट लाइट से संबंधित शिकायतें भी आती हैं। सवाल: किसी नए प्रयोग से क्या बदलाव हुआ? जवाब: नए प्रयोग तो विशेष रूप से नहीं किए गए हैं, लेकिन मेरा मानना है कि हमारा सबसे बड़ा प्रयोग यही है कि हम जनता के जनप्रतिनिधि हैं। पार्षद जैसा पद जनता ने हमें चुनकर दिया है। नगर निगम से जुड़ी समस्याएं पिछले कई सालों से चली आ रही हैं। मैंने तत्कालीन महापौर मधुकर वर्मा के कार्यकाल का समय भी देखा है, जब इंदौर में डामर की सड़कों की ही कल्पना की जाती थी और सीमेंट की सड़कें नहीं बनती थीं। इसके बाद जब कैलाश विजयवर्गीय महापौर बने, तब उन्होंने इंदौर में विकास किस तरह होता है, यह सिखाया। मेरा मानना है कि पार्षद बनने के बाद भी यदि नगर निगम की समस्याएं हल नहीं हो पा रही हैं, तो सबसे पहला कर्तव्य यह होता है कि जब जनता आपको बुलाए, तो आप उनके बीच जाकर उनसे मिलें और उनकी समस्याएं सुनें। जनता को यह महसूस होना चाहिए कि उन्होंने सही पार्षद चुना है। मेरा यही प्रयोग रहा है कि मैं वार्ड में निरंतर लोगों के संपर्क में रहता हूं। पूरे वार्ड में शायद ही कोई ऐसा परिवार हो, जो मेरे संपर्क में न हो। सवाल: किन इलाकों में काम नहीं हो पाया? जवाब: मेरा वार्ड काफी पुराना है। यहां अधिकतर हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियां हैं। मेरे पूर्व के पार्षद भी होनहार और मजबूत रहे हैं, जिनमें काम करने का गुण था। राजेंद्र राठौर और चंदू शिंदे जैसे पार्षद यहां रह चुके हैं, जिनके कार्यकाल में काफी विकास कार्य हुए हैं। सवाल: आपके यहां पानी की शिकायत आई है क्या? जवाब: नर्मदा के पानी को लेकर कोई बड़ी समस्या नहीं है, क्योंकि यहां दो स्थानों से नर्मदा जल की आपूर्ति होती है। हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में सुखलिया टंकी से कई सालों से नियमित रूप से पानी सप्लाई किया जा रहा है, जहां प्रॉपर नल से पानी आ रहा है। वहीं लाहिया कॉलोनी और शारदा नगर में स्कीम नंबर-136 की टंकी से एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई की जा रही है। बीच में पुरानी लाइनों में दिक्कत आने के कारण कुछ इलाकों में पानी नहीं पहुंच पा रहा था। इन पुरानी लाइनों को बदलने का काम फिलहाल जारी है। सवाल: अगले 6 महीने का रोडमैप क्या है? जवाब: अगले छह महीनों के रोडमैप की बात करें तो संजीवनी से जुड़ा काम पहले लंबित था, जिसका टेंडर अब हो चुका है। इंदौर में फिलहाल यही एकमात्र स्थान है, जहां संजीवनी का टेंडर हाल ही में हुआ है। अब यहां संजीवनी का काम शुरू किया जाएगा, जिसके लिए हमारे पास पर्याप्त जगह उपलब्ध है। इसके अलावा कबीडखेड़ी में बनाए गए श्मशान घाट के सौंदर्यीकरण का कार्य भी शुरू किया जाना है। वहां अभी सभी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जैसे चौकीदार की झोपड़ी और लकड़ी-कंडे रखने की व्यवस्था। इन सभी व्यवस्थाओं के लिए फाइल बन चुकी है और जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। न्याय नगर के सौंदर्यीकरण को लेकर महापौर और विधायक रमेश मेंदोला से चर्चा हो चुकी है। उन्होंने क्षेत्र का निरीक्षण भी कर लिया है। न्याय नगर का सौंदर्यीकरण होना एक बड़ी उपलब्धि होगी, क्योंकि यहां वीआईपी मूवमेंट रहता है। इसके अलावा छह गलियों के सौंदर्यीकरण का काम अगले महीने शुरू किया जाएगा। जो कार्य लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन थाने इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
कैथल में आज इनेलो के जिला कार्यालय में पार्टी की बैठक का आयोजन किया जाएगा। बैठक में जिलेभर से इनेलो के कार्यकर्ता और नेता भाग लेंगे। बैठक की अध्यक्षता इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा करेंगे। इस दौरान हरियाणा प्रदेश में सरकार द्वारा काटी गई पेंशन के मुद्दे को लेकर विचार विमर्श किया जाएगा। साथ ही इसको लेकर इनेलो द्वारा किए जाने वाले आंदोलन की रूप रेखा तैयार की जाएगी। इनेलो के जिला अध्यक्ष अनिल तंवर ने बताया कि इस बैठक में पूरे जिले से कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया गया है। सबसे विचार विमर्श करने के बाद 20 फरवरी को होने वाले प्रदेश स्तरीय आंदोलन की तैयारी की जाएगी। बोले- बुजुर्गों के साथ किया अन्याय जिला अध्यक्ष अनिल तंवर ने कहा कि स्वर्गीय ताऊ देवी लाल ने अपने कार्यकाल में बुजुर्गों को राहत देने के लिए पेंशन शुरू की थी, लेकिन भाजपा सरकार ने पेंशन काटकर बुजुर्गों और अन्य पेंशन लाभार्थियों के साथ अन्याय किया है। इसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा। रोजाना बुजुर्ग अपनी पेंशन दोबारा शुरू करवाने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सभी बुजुर्गों की पेंशन दोबारा से बहाल नहीं की जाती, तब तक इनेलो चुप नहीं बैठेगी। इसे लेकर पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू किए जाएंगे। उन्होंने मांग की कि काटी हुई पेंशन का लाभ तुरंत प्रभाव से लाभार्थियों को दियया जाए।
यमुनानगर के रादौर क्षेत्र के गांव रपौली में पशुओं को चारा डालने जा रहे व्यक्ति की बीच रास्ते में खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टक्कर लगने के कारण मौत हो गई है। परिजनों का आरोप है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क के बीचों-बीच बिना किसी चेतावनी संकेत के लापरवाही से खड़ी थी, जिससे यह जानलेवा दुर्घटना हुई। घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया, जबकि रादौर थाना पुलिस ने मृतक के भाई के बयान पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान जसविंद्र सिंह (उम्र लगभग 45 वर्ष) निवासी गांव रपौली के रूप में हुई है, जो रोजाना की तरह सुबह पशुओं को चारा डालने और दूध निकालने के लिए घर से निकला था। दो बच्चों का पिता था पुलिस को दी शिकायत में रपौली निवासी महिंद्र सिंह ने बताया कि उसके परिवार में तीन भाई और चार बहनें हैं तथा सभी की शादी हो चुकी है। उसका छोटा भाई जसविन्द्र सिंह भी शादीशुदा था, जिसके एक बेटा और एक बेटी हैं। जसविंद्र सिंह पिछले लगभग एक साल से हरविंद्र सिंह निवासी नमदारपुर के यहां नौकरी कर रहा था। वह रोजाना हरविंद्र के पशुओं को चारा डालने और दूध निकालने के लिए काम पर जाता था। मंगलवार को भी जसविन्द्र सिंह रोज की तरह अपनी मोटरसाइकिल पर काम के लिए निकला। भाई को राम-राम करके निकला था उसी समय वह खुद भी गांव की सड़क पर टहलने के लिए निकला हुआ था और जसविन्द्र सिंह ने उसे रास्ते में राम-राम कहा। आगे कुछ दूरी पर सड़क के बीचों-बीच ट्रैक्टर-ट्रॉली बिना किसी संकेतक, रिफ्लेक्टर या चेतावनी बोर्ड के खड़ी थी, जिससे दूर से उसका पता नहीं चल सकता था। अंधेरे के कारण पीछे से आ रही जसविन्द्र सिंह की मोटरसाइकिल उस खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई, जिससे गंभीर दुर्घटना हुई और जसविन्द्र सिंह की मौके पर ही मृत्यु हो गई। महिन्द्र सिंह ने बताया कि दुर्घटना के तुरंत बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली का चालक वहां आया, जिसे उसने देख लिया और पहचान सकता है, लेकिन गांव के लोग इकट्ठा होने पर चालक भीड़ का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज किया इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायल जसविन्द्र सिंह को निजी वाहन से सिविल अस्पताल यमुनानगर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शिकायतकर्ता ने अपने बयान में स्पष्ट कहा कि ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक ने लापरवाही से वाहन सड़क के बीच खड़ा किया था और कोई चेतावनी चिन्ह नहीं लगाया, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। जांच अधिकारी के अनुसार हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। सड़क पर बिना संकेतक खड़ी ट्रॉली को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वाहन सड़क पर खड़ा करते समय सुरक्षा नियमों का पालन करें, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।
खेजड़ी बचाओ आंदोलन 9वें दिन भी जारी रहा। संत भागीरथ शास्त्री की वाणी मंगलवार को अन्य दिनों की अपेक्षा तीखी थी। उसमें क्रोध झलक रहा था। खेजड़ी बचाने के लिए बायतू विधायक हरीश चौधरी को उन्होंने मंच से विधानसभा में सभी कांग्रेसी विधायकों के साथ धरने पर बैठने की सलाह दी। बाद में मीडिया से बातचीत के दौरान चौधरी ने कहा, यदि हमारे पास 101 विधायक होते तो खेजड़ी की रक्षा कर लेते। यहां नहीं आते। ताकत संख्या से होती है, जो हमारे (कांग्रेस) पास नहीं है। खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत बिश्नोई धर्मशाला के सामने चल रहे धरने पर संत भागीरथ शास्त्री एक बार फिर मुखर हुए। दरअसल बायतू विधायक हरीश चौधरी और पीलीबंगा के विधायक विनोद कुमार गोठवाल सोमवार को अपना समर्थन जताने महापड़ाव पर पहुंचे। खेजड़ी के संरक्षण को लेकर हरीश चौधरी का भाषण खत्म होने के बाद संत भागीरथ शास्त्री ने माइक थाम लिया। उन्होंने कहा कि आंदोलन में जीत-हार नहीं होती। मांगें मान लें तो सफल, नहीं तो असफल होते हैं। कानून बनाना चाहते हैं तो विधानसभा में धरने पर बैठ जाएं, वरना भाषण देना तो सबको आता है। जयपुर में मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद भी कटाई पर प्रतिबंध नहीं लगने पर संत भावुक होकर बोले—हमें राजनीति नहीं आती, इसलिए धोखा हो गया। सरकार की बात समझ नहीं आई। हम धार्मिक लोग हैं। धर्म की बात ही जानते हैं। भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा के पाठ हुए महापड़ाव पर मंगलवार को दिनभर भजन-कीर्तन और हनुमान चालीसा के पाठ होते रहे। स्वामी भागीरथदास शास्त्री, स्वामी पवनपुरी महाराज, महंत शिवदास महाराज, स्वामी सेवादास महाराज और साध्वी ने प्रवचन दिए और खेजड़ी पर कठोर कानून बनाने की मांग की। बलवाना से पूर्व विधायक राजेंद्र कौर, युवा आइकन राजवीर सिंह, अलाय से दिलीप सियाग ने भी महापड़ाव में पहुंचकर अपना समर्थन दिया। पर्यावरण संघर्ष समिति के संयोजक रामगोपाल बिश्नोई और आंदोलन संयोजक परसराम बिश्नोई ने आगामी रणनीति की जानकारी दी। ओमप्रकाश खीचड़ ने सरकार की हठधर्मिता पर रोष जताया। शशिकला राठौड़, मोहनलाल गोदारा, सुनील सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। रावला में पेड़ काटने के मामले में रेंजर एपीओ, दो वनकर्मी निलंबित रावला में विद्युत निगम और जलसंसाधन विभाग की जमीन पर पेड़ काटने के मामले में एक रेंजर को एपीओ कर दिया गया है तथा सहायक वनपाल और वन रक्षक को निलंबित किया गया है। रावला के चक 30 एएसबी में कीकर, शीशम और खेजड़ी के करीब पेड़ काटने के विरोध में पर्यावरण प्रेमी पुलिस थाने पर धरने पर बैठ गए थे। इस संबंध में रेंजर अजय सिंह, सहायक वनपाल लक्ष्मीनारायण मीणा और वनरक्षक श्रवण सिंह के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। खेजड़ी को लेकर बीकानेर में महापड़ाव के चलते मामला गंभीर होने के कारण मंगलवार को रेंजर के एपीओ और दोनों वनकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। खेजड़ी बचाओ आंदोलन के संयोजक परसराम बिश्नोई ने बताया कि रावला में लोग तहसील पर धरने पर बैठे हैं। फलोदी में भी मंगलवार को आंदोलन के समर्थन में महारैली निकाली गई। यह आंदोलन प्रदेश के हर जिले, गांव-ढाणी तक फैल गया है।
बरेली के सीबीगंज थाना क्षेत्र के जौहरपुर गांव में सोमवार शाम को एक हिस्ट्रीशीटर ने अपने बेटों और साथियों के साथ मिलकर एक विधवा महिला के घर पर हमला बोल दिया। आरोपियों ने न सिर्फ महिला के साथ मारपीट की, बल्कि उसके घर की दीवार तोड़कर जमीन कब्जाने का प्रयास किया। शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देते हुए पथराव भी किया गया। अकेला देख घर में घुसे हमलावर, अपहरण का प्रयासपीड़िता सुनीता देवी पत्नी स्वर्गीय नरेंद्र श्रीवास्तव का आरोप है कि सोमवार शाम करीब 6 बजे वह घर पर अकेली थीं। इसी दौरान गांव का ही हिस्ट्रीशीटर नरेश गुप्ता अपने बेटों जतिन उर्फ काले, रोहित, आकाश, सीमा गुप्ता और 10-12 अज्ञात हमलावरों के साथ उसके घर में घुस आया। महिला का आरोप है कि जतिन और उसके साथियों ने उसे पकड़कर मारपीट की और गला दबाकर अपहरण करने की कोशिश की। तमंचा तानकर दी धमकी, दीवार गिराकर शुरू किया कब्जासुनीता देवी के मुताबिक, जब उन्होंने विरोध किया तो हिस्ट्रीशीटर नरेश गुप्ता ने तमंचा निकाल लिया और गोली मारने की धमकी दी। दबंगों ने महिला पर जान से मारने की नीयत से पथराव किया, जिससे वह बेहोश होकर गिर पड़ी। होश आने पर पीड़िता ने देखा कि आरोपी उसके घर की दीवार तोड़कर अवैध कब्जे की कोशिश कर रहे थे। किसी तरह जान बचाकर महिला ने रिश्तेदारों और पुलिस को सूचना दी। पूरे परिवार को जान का खतरा, दहशत में ग्रामीणपीड़िता ने थाने में प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाई है कि विपक्षी बेहद शातिर और आपराधिक किस्म के लोग हैं। इस घटना के बाद से सुनीता और उसका परिवार दहशत में है। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और अपनी जान-माल की सुरक्षा की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
झांसी मंडल के रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) का ट्रैकर डॉग तूफान मंगलवार को अपने दस साल के सेवाकाल के बाद सेवानिवृत्त हो गया। इस अवसर पर आरपीएफ लाइन परिसर में विशेष फेयरवेल समारोह आयोजित किया गया, जहां तूफान और उसके डॉग स्क्वायड के अन्य साथियों के लिए फेयरवेल पार्टी रखी गई। समारोह के दौरान तूफान और उसके साथी डॉग्स को उनका पसंदीदा भोजन और बिस्कुट दिया गया। अधिकारियों और जवानों ने तूफान को फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया और मुकुट लगाकर विदाई दी। समारोह में मौजूद कई जवान भावुक नजर आए, क्योंकि तूफान केवल एक डॉग नहीं बल्कि वर्षों तक फोर्स का अभिन्न हिस्सा बनकर काम करता रहा। पहले फेयरवेल पार्टी की दो तस्वीर देखें… एक दशक तक आरपीएफ का भरोसेमंद सिपाही रहाआरपीएफ ने वर्ष 2016 में ट्रैकर डॉग तूफान की तैनाती झांसी मंडल में की थी। तब से लेकर अब तक तूफान ने रेलवे स्टेशन, ट्रेनों और ट्रैक पर होने वाली चोरियों व अपराधों के खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।अपने पूरे सेवाकाल के दौरान तूफान ने लगभग 25 शातिर चोरों को पकड़वाने में मदद की। कई ऐसे ब्लाइंड केस रहे, जिनमें आरपीएफ को कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था, लेकिन तूफान ने अपनी सूंघने की क्षमता और ट्रैकिंग स्किल से चंद मिनटों में ही रास्ता खोज लिया।आरपीएफ अधिकारियों के मुताबिक, तूफान की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वह कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी शांत रहते हुए सटीक दिशा पकड़ लेता था।हैंडलर से था खास भावनात्मक रिश्ता तूफान के साथ तैनात डॉग हैंडलर का कहना है कि वह हर ड्यूटी के दौरान पूरी सतर्कता के साथ काम करता था। ट्रेनिंग से लेकर फील्ड ऑपरेशन तक, तूफान ने कभी भी लापरवाही नहीं दिखाई।हैंडलर ने बताया कि कई बार रात के अंधेरे में, जंगल और सुनसान इलाकों में भी तूफान ने बिना घबराए अपराधियों तक पहुंचने में मदद की। इतने वर्षों तक साथ रहने के कारण तूफान और हैंडलर के बीच गहरा भावनात्मक रिश्ता बन गया था।बीएसएफ कैंप से मिली थी विशेष ट्रेनिंगजर्मन शेफर्ड नस्ल के तूफान को हैदराबाद से लाकर आरपीएफ में शामिल किया गया था। उसकी मां सायरा और पिता रुस्तम भी भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके हैं।आरपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट के.एन. तिवारी ने बताया कि आरपीएफ में शामिल होने से पहले तूफान की ट्रेनिंग ग्वालियर स्थित टेकनपुर बीएसएफ कैंप में कराई गई थी। वहां से ट्रेनिंग पूरी करने के बाद वह झांसी आरपीएफ डॉग स्क्वायड का स्थायी सदस्य बना।तूफान की मदद से खुलीं कई बड़ी चोरियां केस-1 साल 2021 में ललितपुर रेलवे स्टेशन के पास लेवल क्रॉसिंग से 20 बैटरियां चोरी हुई थीं। तूफान ने करीब डेढ़ किलोमीटर तक जंगल की ओर ट्रैक कर झाड़ियों में छिपी बैटरियां बरामद कराईं और चोरों तक पहुंचाया। केस-2 अप्रैल 2022 में झांसी-बीना रेलखंड पर तीसरी लाइन के लिए बिछाई गई लाखों रुपये कीमत की ओएचई केबल चोरी हुई। तूफान की मदद से केबल बरामद हुई और आरोपी गिरफ्तार किए गए।सेवानिवृत्ति के बाद सुरक्षित जीवनआरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद तूफान की देखभाल के लिए आगरा की एक पशु प्रेमी संस्था से संपर्क किया गया है, जहां उसकी नियमित देखभाल, भोजन और स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था रहेगी।अधिकारियों का कहना है कि फोर्स को ऐसे जांबाज डॉग्स पर गर्व है, जिन्होंने बिना किसी स्वार्थ के देश और समाज की सेवा की। गणतंत्र दिवस परेड का आकर्षण रहा था तूफानरिटायरमेंट से पहले ट्रैकर डॉग तूफान ने अपने सेवाकाल की अंतिम गणतंत्र दिवस परेड में भी भाग लिया था। परेड के दौरान तूफान ने अधिकारियों के सामने लाइव प्रदर्शन करते हुए यह दिखाया कि यदि कोई व्यक्ति चोरी कर सामान लेकर भीड़ में छिप जाए, तो भी वह उससे बच नहीं सकता।प्रदर्शन के दौरान तूफान ने चोरी कर भीड़ में छिपे व्यक्ति को खोजकर पकड़ लिया, जिसे देखकर मौजूद लोग हैरान रह गए।परेड के समापन से पहले तूफान ने झांसी मंडल के डीआरएम अनिरुद्ध कुमार को आखिरी सलामी भी दी।आरपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट के.एन. तिवारी ने बताया कि फोर्स के नियमों के अनुसार किसी भी डॉग को दस साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त कर दिया जाता है। इसी नियम के तहत तूफान को भी भारी मन और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के साथ विदा किया गया।
नमस्कार, कानपुर में कल (मंगलवार) की बड़ी खबरें… लेम्बोर्गिनी कार से 6 लोगों को कुचलने के मामले में कारोबारी पिता केके मिश्रा ग्वालटोली थाने पहुंचे। दावा किया कि हादसे के वक्त बेटा शिवम नहीं, बल्कि ड्राइवर मोहन लेम्बोर्गिनी कार चला रहा था। शिवम उस वक्त सो रहा था। पुलिस कमिश्नर झूठ बोल रहे हैं। HDFC बैंक में ‘ठाकुर हूं, ऐसी-तैसी कर दूंगी’ कहने वाली रिलेशनशिप मैनेजर आस्था सिंह ने वीडियो जारी करके सफाई दी। उन्होंने कहा- मेरा विवाद बैंक की एक महिला संविदा कर्मचारी के पति से हुआ था। उसने मेरी जाति पूछकर मेरे साथ अभद्रता की। तभी मुझे गुस्सा आ गया। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…। अब सिलसिलेवार 10 खबरें पढ़िए- 1: कारोबारी बोले-कानपुर पुलिस कमिश्नर झूठ बोल रहे:लेम्बोर्गिनी बेटा नहीं, ड्राइवर चला रहा था; योगी का आदेश- एक्शन लो कानपुर में लेम्बोर्गिनी कार से 6 लोगों को कुचलने के मामले में नया ट्विस्ट आ गया है। कारोबारी पिता केके मिश्रा मंगलवार को ग्वालटोली थाने पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि हादसे के वक्त बेटा शिवम नहीं, बल्कि ड्राइवर मोहन लेम्बोर्गिनी कार चला रहा था। शिवम उस वक्त सो रहा था। केके मिश्रा ने कहा- हादसे के बाद कार लॉक हो गई थी, जिससे बेटे की तबीयत बिगड़ गई। ठीक होने पर बेटे को लेकर मैं खुद थाने आऊंगा। मीडिया ने पूछा कि पुलिस कमिश्नर ने कहा है कि गाड़ी शिवम चला रहा था। इस पर पिता ने जवाब दिया- पुलिस कमिश्नर झूठ बोल रहे हैं। वहीं, कारोबारी के वकील ने दावा किया कि शिवम बेहोश है और दिल्ली में भर्ती है। पढ़ें पूरी खबर 2: 'ठाकुर हूं, ऐसी-तैसी कर दूंगी'...कहने वाली बैंककर्मी सामने आई:कहा- बदतमीजी की, इसलिए गुस्सा आया, ठाकुर होने पर गर्व कानपुर में HDFC बैंक में ‘ठाकुर हूं, ऐसी-तैसी कर दूंगी’ कहने वाली महिला बैंक कर्मी सामने आ गई है। रिलेशनशिप मैनेजर आस्था सिंह ने वीडियो जारी करके सफाई दी। उन्होंने हाथ जोड़कर कहा- मैंने किसी ग्राहक के साथ अभद्रता नहीं की। मेरा विवाद बैंक की एक महिला संविदा कर्मचारी के पति से हुआ था। उसने मेरी जाति पूछकर मेरे साथ अभद्रता की, तभी मुझे गुस्सा आ गया। मैं आज भी अपने बयान पर कायम हूं। ठाकुर हूं, मुझे गर्व है। पढ़ें पूरी खबर 3: जिस अस्पताल में मासूम जिंदा जली, उसका लाइसेंस रद्द:NICU का परमिशन नहीं था, पिता बोले- जिसका चेहरा देखना था; उसकी लाश मिली कानपुर के राजा नर्सिंग होम का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। NICU को सील कर दिया गया। वहीं, अस्पताल के डॉक्टरों पर केस दर्ज कर लिया गया है। यह कार्रवाई डीएम के आदेश पर सीएमओ ने की। CMO ने बताया कि अस्पताल में बगैर अनुमति के NICU चल रहा था। एक्सपायर अग्निशमन यंत्र मिले। सीएमओ ने बताया कि एनआईसीयू यूनिट को सील कर दिया गया है। अस्पताल को पूरी तरह बंद रखने के आदेश हैं। प्रबंधन को नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा गया है। दरअसल, रविवार को NICU के वॉर्मर मशीन में आग लग गई। पढ़ें पूरी खबर 4: छात्र बोले- लेट आने पर टीचर डस्टर से पीटते हैं:फाइन के नाम पर वसूली चल रही, कानपुर के इंजीनियरिंग कॉलेज में हंगामा कानपुर के महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कॉलेज में टीचर और स्टूडेंट्स के बीच का विवाद थम नहीं रहा है। 6 दिन में सोमवार को तीसरीबार कॉलेज में करीब 300 छात्र कॉलेज गेट पर हंगामा किया। हंगामा करने वाले छात्र नेताओं पर मुकदमा दर्ज होने और मांगों पर कोई कार्रवाई न होने से नाराज थे। हंगामे के बाद कई थानों की पुलिस, PAC, एसीपी कल्याणपुर और एडीसीपी वेस्ट मौके पर पहुंचे। छात्रों को समझाकर मामला शांत कराया। छात्रों का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन अटेंडेंस का प्रतिशत और लेट आने को आधार बनाकर साल में लाखों रुपए की वसूली करता है। इस पेनाल्टी के पैसे कैश में लिए जाते हैं। क्लास के अंदर टीचर छात्रों को डस्टर से पीटते हैं। पढ़ें पूरी खबर 5: निष्कासित पार्षदों को प्रदेश अध्यक्ष ने लखनऊ बुलाया:पंकज चौधरी बोले- मैं दर्द समझ सकता हूं; पार्षदों ने कानपुर की समस्याएं बताई कानपुर में BJP मेयर और पार्षदों के बीच चल रहे विवाद मामले में पार्षदों ने 46 दिन बाद दिल्ली में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से मुलाकात की। सोमवार को पार्षदों ने कानपुर शहर की समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। साथ ही मेयर द्वारा किए गए निष्कासन के मामले में भी अलग से ज्ञापन दिया। पार्षद पवन गुप्ता ने बताया- प्रदेश अध्यक्ष मेरे “बॉस” हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि न्याय होगा। उन्होंने 15 फरवरी के बाद लखनऊ आकर मिलने के लिए भी कहा है। पढ़ें पूरी खबर 6: हाईवे पर कंटेनर ने 2 को रौंदा, मौत:कानपुर में मारपीट करते हुए रोड पर आए, तभी हादसा हुआ; पुलिस बोली- नशे में थे कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र में देर रात सड़क किनारे मारपीट के दौरान बड़ा हादसा हो गया। दो पक्षों के बीच झगड़ा हाइवे तक पहुंच गया, तभी तेज रफ्तार कंटेनर की चपेट में आने से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद दूसरा पक्ष मौके से फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। कल्याणपुर थाना क्षेत्र के आईआईटी गेट के पास रहने वाले सूरज कुमार (30) एक फास्ट फूड की दुकान पर पत्नी इंद्रावती के साथ काम करते थे। पढ़ें पूरी खबर 7: रमईपुर चौराहे पर 6 घंटे लगा भीषण जाम:सड़क संकरी और हाइवे पर चढ़ते समय रुकता है ट्रैफिक; रोज यही हाल कानपुर के बिधनू थाना क्षेत्र स्थित रमईपुर चौराहे पर लगने वाला जाम अब स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या बन चुका है। मंगलवार सुबह एक बार फिर यहां भीषण जाम लग गया, जिससे करीब छह घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। जाम में फंसे राहगीर, स्कूली बच्चे, डॉक्टर, शिक्षक और सरकारी कर्मचारी समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। जाम को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस और यातायात पुलिस लगातार मशक्कत करती नजर आती है। पढ़ें पूरी खबर 8: कल्याणपुर में गर्भवती पत्नी के पेट पर लात मारी:महिला बोली- घर से निकाला, विधायक का ड्राइवर है पति कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में एक युवक द्वारा अपनी गर्भवती पत्नी के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि युवक ने दो माह की गर्भवती पत्नी के पेट में लात मारकर उसे घर से बाहर निकाल दिया। पीड़िता का कहना है कि उसका पति एक विधायक का ड्राइवर है। महिला ने थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो वह पुलिस आयुक्त से मिलकर गुहार लगाएगी। पढ़ें पूरी खबर 9: होलिका दहन की जमीन पर कब्जे को लेकर हंगामा:ग्रामीणों ने किया विरोध, पुलिस दोनों पक्षों को थाने लाई कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के बैरी अकबरपुर गांव में ग्राम समाज और होलिका दहन की जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर मंगलवार को विवाद हो गया। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य का विरोध किया और 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को शांत कराया और दोनों पक्षों को थाने ले जाकर पूछताछ की। गांव निवासी नितिन कुमार कनौजिया ने बताया कि वर्षों से ग्राम समाज की इसी जमीन पर होलिका दहन होता आ रहा है और यह बच्चों के खेलने की जगह भी है। पढ़ें पूरी खबर 10: बिल्हौर तहसील में समस्याओं पर वकीलों का विरोध:SDM को सौंपा ज्ञापन, बोले- दाखिल-खारिज में देरी हो रही; प्राइवेट कर्मी मनमानी कर रहे कानपुर में बिल्हौर बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने मंगलवार को उपजिलाधिकारी (एसडीएम) डॉ. संजीव दीक्षित से मुलाकात कर तहसील परिसर में फैली अव्यवस्थाओं और विभिन्न पटलों पर बढ़ती समस्याओं को लेकर नाराजगी जताई। अधिवक्ताओं ने नियमविरुद्ध तरीके से तहसील में प्राइवेट कर्मचारियों की मौजूदगी और उनकी मनमानी के कारण कामकाज प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए ज्ञापन सौंपा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट बृजेश कटियार और महामंत्री सौरभ कटियार के नेतृत्व में दर्जनों अधिवक्ता दोपहर में एसडीएम कार्यालय पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर
पंजाब के लुधियाना में अंबेडकर नगर इलाके में पंजाबी सिंगर अमन सहोता पर 4 से 5 युवकों ने धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में अमन गंभीर रूप से घायल हो गया। खून से लथपथ हालत में उसे लोगों ने तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत बेहद नाजुक बताते हुए देर रात PGI चंडीगढ़ रेफर कर दिया। सिर की हड्डी के हुए दो टुकड़े डॉक्टरों के मुताबिक अभी तक जो शक है कि शायद अमन के सिर की हड्डी के दो टुकड़े हो गए हैं और उसकी आंख तक बाहर आ गई है। बाकी स्कैन आदि करने पर पूरा क्लियर हो पाएगा। घायल अमन दुगरी इलाके के हिम्मत नगर का रहने वाला है और अक्सर स्टेज शो में गाने गाता है। धारदार हथियारों से हुआ है हमला अमन के दोस्त अर्श कुमार ने बताया कि अमन किसी काम से अंबेडकर नगर गया था, जहां कुछ युवकों ने उसे घेर लिया और तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। हमले की वजह अभी तक सामने नहीं आई है। पहचान वाले दोस्तों ने उसे खून से लथपथ हालत में अस्पताल पहुंचाया। परिजनों को सूचना दे दी गई है। फिलहाल हमलावरों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस को सूचना दी जा रही है और मामले की गहन जांच शुरू की जाएगी।
जालंधर वेस्ट में घर में चल रहे नशे के कारोबार और संदिग्ध गतिविधियों से मोहल्ला निवासी बेहद परेशान हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस घर में दिन-रात नशेड़ियों और अनजान युवक-युवतियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे पूरे इलाके का माहौल खराब हो रहा है। आज गुस्साए मोहल्ला निवासियों ने उस घर को घेर लिया और अंदर मौजूद युवकों को रंगे हाथों पकड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।बाबू लाभ सिंह नगर के निवासियों का कहना है कि एक विशेष घर पिछले काफी समय से नशे का अड्डा बना हुआ है। मोहल्ले वालों के अनुसार, यहां न केवल शराब और चट्टा का सेवन किया जाता है, बल्कि संदिग्ध रूप से युवक और युवतियों का आना-जाना लगा रहता है। स्थानीय महिलाओं ने बताया कि रात के समय यहां शोर-शराबा और गाली-गलौज आम बात हो गई है, जिससे बच्चों और बहू-बेटियों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है।परिजनों ने भी खड़े किए हाथहैरानी की बात यह है कि घर के मालिक और आरोपी युवकों के परिजन भी उनकी इन हरकतों से तंग आ चुके हैं। बातचीत के दौरान पता चला कि आरोपी युवक का अपना भाई भी उससे परेशान है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने कई बार इन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन हालात सुधरने के बजाय बिगड़ते चले गए। अब परिवार ने भी कह दिया है कि प्रशासन इन पर जो चाहे कार्रवाई करे।मौके पर मचा भारी हंगामाजब मोहल्ले के लोगों का सब्र टूट गया, तो उन्होंने एकजुट होकर घर को बाहर से कुंडी लगा दी। बताया जा रहा है कि उस समय घर के अंदर 5 से 6 युवक मौजूद थे, जो नशे की हालत में थे। सूचना मिलने पर जब लोग इकट्ठा हुए, तो अंदर मौजूद युवकों ने बाहर निकलने की कोशिश की और धक्का-मुक्की भी हुई। लोगों ने बताया कि नशे की हालत में ये युवक किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हैं।प्रशासन से सख्त कार्रवाई की गुहारमोहल्ला निवासियों का कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार रोकने की कोशिश की थी, लेकिन आरोपी मारपीट और धमकियों पर उतारू हो जाते हैं। इलाके की महिलाओं ने भावुक होते हुए कहा कि हमारे छोटे बच्चों पर इसका गलत असर पड़ रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस घर में चल रही अवैध गतिविधियों को तुरंत बंद कराया जाए और दोषियों को जेल भेजा जाए ताकि मोहल्ले में शांति बहाल हो सके।
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। ‘कमलनाथ फिर एक बार’ समर्थकों ने लगाए नारेहाल ही में जब कमलनाथ छिंदवाड़ा पहुंचे, तो समर्थकों ने उनके सामने जमकर नारेबाजी की। ‘मध्य प्रदेश की फिर पुकार… कमलनाथ फिर एक बार…’ और ‘हमारे मुख्यमंत्री कैसे हों… कमलनाथ जैसे हों…’ नारे गूंजे। हालांकि अपने नेता के समर्थन में ऐसे नारे लगना कोई नई बात नहीं है, लेकिन ये नारे कांग्रेस के उन नेताओं को बेचैन कर सकते हैं, जो पार्टी की राजनीति में अपनी लाइन क्लीयर मानकर चल रहे हैं। यानी कांग्रेस की सरकार बनी तो मुख्यमंत्री वही बनेंगे, ऐसी उम्मीद पाले बैठे हैं। कांग्रेस में अलग-अलग बड़े नेताओं के समर्थक समय-समय पर अपने-अपने नेता को मुख्यमंत्री बनाने के नारे लगा चुके हैं। एक मौके पर सीनियर नेता सज्जन वर्मा ने जीतू पटवारी को लेकर कहा था कि अभी ये मुख्यमंत्री बनेंगे। वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के समर्थन में भी उनके समर्थकों ने नारे लगाए थे। इधर, भले ही कमलनाथ की सक्रियता इन दिनों मध्य प्रदेश की राजनीति में कुछ कम नजर आ रही हो, लेकिन उनके समर्थक उन्हें फिर से मैदान में उतारने की कोशिश में जुटे हैं। उधर दिग्विजय सिंह, अरुण यादव और अजय सिंह की भी अपनी-अपनी सियासी फील्डिंग है। कुल मिलाकर मुकाबला तगड़ा है। विधायक और सांसद ने सीएम को कहा राजा रामभाजपा विधायक शरद कोल और भाजपा सांसद राजेश मिश्रा ने भरे मंच से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जमकर जय-जयकार की और उनकी तुलना भगवान राम से कर दी। दरअसल, मुख्यमंत्री शहडोल जिले के गंधिया पहुंचे थे, जहां उन्होंने माता शबरी की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के मंच से विधायक शरद कोल ने कहा कि जिस तरह प्रभु श्रीराम ने माता शबरी को दर्शन देकर उन्हें आशीर्वाद दिया था, उसी तरह राजा राम के स्वरूप में आप हमारे बीच पधारे हैं। वहीं, सांसद राजेश मिश्रा ने कहा कि यह स्थान त्रेता युग से जुड़ा हुआ है और द्वापर युग में भगवान कृष्ण, यानी मोहन का जन्म हुआ था। आज इस स्थल पर त्रेता और द्वापर युग दोनों का अहसास हो रहा है। सांसद ने डॉ. मोहन यादव की जय के नारे भी लगवाए। बात यहीं खत्म नहीं हुई। जब मुख्यमंत्री संबोधन के लिए आए, तो उन्होंने ऐसा बयान दिया, जिससे लगा मानो उन्होंने विधायक और सांसद की भावनाओं का सम्मान किया हो। सीएम ने कहा कि जब हेलिकॉप्टर उतरा, तो वहां इतनी भीड़ थी, जैसे सभा वहीं लग गई हो। मुझे लगा यह सभा मेरे लिए नहीं है। ये लोग भगवान राम के पुष्पक विमान को देखने आए हैं। गोपाल भार्गव बोले- मुझे दिग्विजय ने ऑफर दिया थाभाजपा के सबसे सीनियर विधायक गोपाल भार्गव ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कभी दिग्विजय सिंह ने उन्हें कांग्रेस में शामिल होने का ऑफर दिया था, लेकिन उन्होंने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया। गोपाल भार्गव का यह बयान अब सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल, एक कार्यक्रम के दौरान वे अपनी राजनीतिक यात्रा और भाजपा के प्रति अपनी वफादारी का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति लगातार संघर्ष करता रहे, अपनी मांगें रखता रहे, लेकिन अगर सरकार सुनने को तैयार न हो, तो किसी का भी हौसला टूट सकता है। उसकी ताकत जवाब दे सकती है और मनोबल गिर सकता है। लेकिन मैंने 20 साल तक अपने मन को बांधे रखा। भार्गव ने आगे बताया कि कई मंत्री और मुख्यमंत्री उनसे कहते थे। दिग्विजय सिंह भी कहते थे कि गोपाल जी, वहां बीजेपी में क्या रखा है? कुछ नहीं है। आप हमारे पास आ जाइए, मैं आपको अच्छे विभाग का मंत्री बना दूंगा। इस पर मैंने कहा- राजा साहब, एक बात साफ कह देता हूं, यह माल टिकाऊ है, बिकाऊ नहीं। उन्होंने कहा कि वे 20 साल तक पार्टी में टिके रहे, जबकि आज लोग 20 महीने में ही पाला बदल लेते हैं। हमने धैर्य रखा और सोचा कि जब हमारी सरकार आएगी, तब अपने क्षेत्र का विकास करवाएंगे। जनता ने भी मेरा पूरा साथ दिया। अब इस बयान को गोपाल भार्गव की भाजपा में कथित उपेक्षा और उन्हें मंत्री नहीं बनाए जाने के दर्द से जोड़कर भी देखा जा रहा है। बजट की खूबियां बताने आए, कमियों पर झल्लाए मंत्रीभिंड में केंद्रीय बजट की खूबियां गिनाने पहुंचे मंत्री एदल सिंह कंसाना एक सवाल पर झल्ला गए। दैनिक भास्कर के रिपोर्टर ने जैसे ही सवाल किया, मंत्री ने तल्ख लहजे में कह दिया कि सरकार की आलोचना करना आपकी आदत बन गई है। मंत्री के इस बयान पर वहां मौजूद मीडियाकर्मियों ने एकजुट होकर प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह आलोचना नहीं, बल्कि सच्चाई है। दरअसल, पूरा मामला नेशनल हाईवे-719 (भिंड–ग्वालियर) से जुड़ा था। रिपोर्टर ने सवाल किया था कि बजट में इस हाईवे के उन्नयन का कोई जिक्र क्यों नहीं है। इस पर सीधे जवाब देने के बजाय मंत्री ने मीडिया पर नकारात्मकता फैलाने का आरोप लगा दिया। माहौल बिगड़ता देख मंच पर मौजूद भाजपा जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नरवरिया और विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह को हस्तक्षेप करना पड़ा। मंत्री को समझाया कि NH-719 जिले का सबसे बड़ा और संवेदनशील जनहित का मुद्दा है। इसके बाद मंत्री कंसाना शांत तो हुए, लेकिन हाईवे से जुड़े सवाल पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। अब इस पूरे घटनाक्रम पर लोग तंज कसते नजर आ रहे हैं, कह रहे हैं कि मंत्री जी तो बजट की खूबियां गिनाने आए थे, फिर भला खामियां क्यों सुनते और उन पर जवाब क्यों देते। इनपुट सहयोग - देवेंद्र ठाकुर (छिंदवाड़ा), सौरभ पांडे (शहडोल), जितेंद्र तिवारी (सागर), पवन दीक्षित (भिंड) ये भी पढ़ें - भरे मंच पर भाजपा विधायक ने सीएम को टोका: सिंधिया ने खुद को बताया डब्बा मंत्री शहडोल जिले के जैतपुर से भाजपा विधायक जयसिंह मरावी ने मंच पर ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को टोक दिया। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा- इधर भी थोड़ा मेरा ध्यान रख लीजिए, मुख्यमंत्री जी। ये सुनकर हर कोई हैरान रह गया। पूरी खबर पढ़ें
वैलेंटाइन वीक का पांचवा दिन प्रॉमिस डे के लिए जाना जाता है। इस दिन अक्सर लोग वो वादा कर जाते हैं, जो वर्षों तक निभाते हैं। ऐसी ही कुछ कहानी है गोरखपुर के निशा- रजत और स्वाति- दीपक की। एक तरफ शादी से पहले रजत की ओर से कभी न साथ छोड़ने का प्रॉमिस ने निशा का दिल जीता, तो दूसरी ओर स्वाति और दीपक ने शादी के बाद एक- दूसरे को हमेशा सपोर्ट करने का वादा करके एक-दूसरे का साथ निभाया। ये कपल हर साल अपनी प्रॉमिस को याद करते हैं,और निभाने के लिए दुबारा से यही प्रॉमिस करते। रजत के प्रॉमिस से हुआ यकीन, शादी के लिए राजी हुई निशा निशा और रजत की मुलाकात कॉलेज के दिनों में हुई। धीरे- धीरे पहचान बढ़ी और दोनों की गहरी दोस्ती हो गई। आगे चलकर दोस्ती प्यार में बदली। अब बारी थी जीवन साथ बिताने की। निशा बताती हैं कि कहीं न कहीं मेरे मन में डर था कि रिलेशनशिप आगे तक जाएगी या नहीं। पता नहीं रजत इसे कैसे देखता है। लेकिन एक साल प्रॉमिस डे पर उसने मेरे लिए सरप्राइज रखा। मुझे घूमने के बहाने ले कर गया। और वहीं उसने हाथ पकड़ कर कहा- ये रिश्ता बस इस जन्म का नहीं है। मैं वादा करता हूं हर जन्म में तुम्हारे ही साथ बिताऊंगा। उस दिन मुझे उस पर पूरा यकीन हो गया। हमने अपने घर वालों को मना कर अगले साल 2019 में वैलेंटाइन वीक में ही 9 फरवरी को शादी की। हम हर साल इस दिन को और उस वादे को याद करते हैं और बचे हए जीवन के हर दिन उसे निभाने का फिर से वादा करते हैं। शादी के ढाई महीने और भरोसे का अहसास स्वाति और दीपक की शादी साल 2009 में 27 नवंबर को घर वालों की मर्जी से हुई थी। शादी के बाद पहला वेलेंटाइन वीक उनके लिए बेहद ही खास था। स्वाति बताती हैं कि उस साल का प्रॉमिस डे वह कभी नहीं भूल सकती। लगभग ढाई महीनों के इस सफर के बाद उस दिन मुझे यकीन हो हुआ कि दीपक से अच्छा जीवन साथी मेरे लिए और कोई नहीं। प्रॉमिस डे के दिन सुबह ऑफिस जाने से पहले दीपक मेरे पास आएं और पूछा कि तुम्हारे सपने क्या हैं ? मैं थोड़ी देर चुप थी कि पता नहीं मेरी बात सुनकर ये क्या सोचेंगे। मैंने धीरे से कहा मुझे आगे पढ़ कर कुछ करना है, जिससे मेरी पहचान बने। फिर दीपक ने कहा- शादी के बाद यह पहला प्रॉमिस डे है। आज के दिन मैं वादा करता हूं कि तुम लाइफ में जो भी बनना चाहती हो, जो कुछ भी करना चाहती हो मैं उसमें तुम्हारे साथ हूं। यह सुनकर मेरे दिल को तसल्ली हुई। फिर मैंने भी उनसे प्रॉमिस किया कि लाइफ में कुछ भी करूंगी उनका और परिवार का ध्यान सबसे पहले रखूंगी। हर प्रॉमिस डे पर हम दोनों उस प्रॉमिस को याद करते हैं।
बांके बिहारी कॉरिडोर के लिए कुछ लोग अपने मकान और जमीन की रजिस्ट्री कर दी है। वहीं, कुछ लोगों ने अब इसका विरोध शुरू कर दिया है। मंदिर के मुख्य द्वार पर गोस्वामी, स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान विरोध कर रहे लोगों ने हाथ उठाकर कसम खाई कि वह किसी कीमत पर अपने मकान और मंदिर नहीं देंगे। विरोध कर रहे लोगों ने कहा- सरकार कुछ भूमाफियाओं द्वारा दबाव डालकर जबरदस्ती हमारे सैकड़ों साल पुराने मंदिरों और मकानों को छीनना चाहती है। दबाव में करवाई रजिस्ट्री प्रदर्शन करने पहुंचे सोहन लाल मिश्र ने कहा- सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश है कि यदि कॉरिडोर बनता है तो बिहारी जी के कोष से रकम दी जाएगी और बिहारी जी मंदिर के निमित्त ही रजिस्ट्री होगी। फिर यह सरकार, प्रशासन अपने नाम रजिस्ट्री कैसे करवा सकता है और कहां से धन दे रहा है। यह सब जो रजिस्ट्री हुई हैं, यह सब अवैध हैं और दबाब डालकर करवाई गई हैं। गुमराह कर दिखाई जा रही भीड़ राधा मिश्रा ने कहा कि प्रशासन जनता के बीच में भ्रम की स्थिति पैदा करके बाकी अन्य लोगों को भी दबाव में लेने की कोशिश कर रहा है। शशि पहलवान खोआ वालों ने कहा कि एक दर्शनार्थी जूते चप्पल लेने को दो बार घूमकर मंदिर आता है और इससे प्रशासन भीड़ का अतिरिक्त दबाव बनाकर ज़बरदस्ती भीड़ दिखाता है। ऑनलाइन रेजिस्ट्रेशन करके सरकार इस दबाव को कम कर सकती है। यह रहे मौजूद प्रदर्शन करने वालों में बृजेन्द्र गोस्वामी, देव गोस्वामी, नीलम गोस्वामी, रेनू गोस्वामी, अलौकिक गोस्वामी, आकाश गोस्वामी, सोमनाथ गोस्वामी, रुक्मणि रमन गोस्वामी, दीपक पाराशर, गोविन्द खंडेलवाल, वैभव सिद्ध आदि उपस्थित रहे। इस दौरान सभी ने हाथ उठाकर कसम ली कि कोई भी अपना मकान और मंदिर नहीं देगा।
प्रदेश में अवैध खनन और खनिज परिवहन पर रोक के साथ राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से हर खदान का ड्रोन सर्वे कराने की प्रक्रिया अब विवादों में घिरती नजर आ रही है। खान विभाग का दावा है कि ड्रोन सर्वे से लीज क्षेत्र के आसपास हुए अवैध खनन को पकड़कर पेनल्टी वसूली जाएगी, लेकिन व्यवहार में यह प्रक्रिया खुद विभाग के लिए उलझन बनती जा रही है। विभाग निजी कंपनियों के माध्यम से ड्रोन सर्वे करवा रहा है। आरोप है कि सर्वे के दौरान पूरी खदान के पूरे पिट (खड़े) को ही खनिज मानकर उसका वॉल्यूम निकाला जा रहा है और उसी आधार पर पेनल्टी तय की जा रही है। जबकि वास्तविकता यह है कि खनन के दौरान मिनरल के साथ ओवरबर्डन, वेस्ट, मिट्टी व अन्य सामग्री भी निकलती है। इसके बावजूद पूरे खड़े को खनिज मानकर करोड़ों रुपए की पेनल्टी थोप दी जा रही है। लीजधारकों का आरोप है कि कई मामलों में ड्रोन सर्वे से पहले उन्हें कोई सूचना तक नहीं दी गई। इससे विवाद बढ़ते गए और अब कई मामले न्यायालय तक पहुंच चुके हैं। भास्कर एक्सपर्ट- पीआर आमेटा, सेवानिवृत्त अतिरिक्त खान निदेशक लीजधारक को सूचना देना जरूरी ड्रोन सर्वे नियमानुसार उचित है, लेकिन इसकी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। लीजधारक को पूर्व सूचना देना अनिवार्य है। सर्वे के दौरान विभाग के जियोलॉजिस्ट से वॉल्यूम की जांच होनी चाहिए, जिसमें ओवरबर्डन, वेस्ट और बाहर पड़े माल को घटाकर रिपोर्ट बने। अभी निजी कंपनियां अचानक जाकर सर्वे कर रही हैं, विभागीय टीम साथ नहीं होती। इससे सर्वे रिजल्ट पर सवाल उठते हैं। कई मामलों में 10 से 50 करोड़ रुपए तक की पेनल्टी लगा दी गई है, जबकि न उतना मिनरल निकला और न ही उतना मौजूद था। मिनरल की ग्रेड के आधार पर ही राशि तय होनी चाहिए। नियमों के अनुसार 10 गुना तक दंड का प्रावधान एसपी शर्मा, एसएमई उदयपुर जोन ने कहा कि ड्रोन सर्वे की सूचना दी जाती है। कुछ लोग बीमारी या अन्य कारण बताकर सर्वे टालने का प्रयास करते हैं। कई लीज 30 साल पुरानी हैं, उस समय रॉयल्टी कम थी। अवैध खनन पकड़े जाने पर उस तिथि के अनुसार पेनल्टी तय होती है, जिसमें नियमों के तहत 10 गुना तक दंड लगाया जा सकता है। बता दें कि राजस्थान हाईकोर्ट ने 23 जनवरी को खान विभाग द्वारा ड्रोन सर्वे के आधार पर जारी किए गए शो-कॉज नोटिसों को अवैध ठहराते हुए रद्द कर दिया।
राजस्थान सरकार का बजट बुधवार को पेश किया जाएगा, जिससे पूरे प्रदेश के साथ-साथ उदयपुर को भी नई उम्मीदें हैं। हालांकि, बीते साल के बजट में भी उदयपुर के विकास को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की गई थीं। इनमें ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट, इंस्टीट्यूट ऑफ माइंस, नाइट टूरिज्म, वैदिक गुरुकुल, वैदिक पर्यटन केंद्र सहित कई प्रोजेक्ट शामिल थे। सरकार और सत्ताधारी दल ने उस समय इन योजनाओं को लेकर बड़े दावे किए थे, लेकिन भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि इनमें से अधिकांश योजनाएं आज भी घोषणाओं और फाइलों से आगे नहीं बढ़ पाई हैं। 1. ट्राइबल टूरिस्ट सर्किटआदिवासी बहुल क्षेत्रों में ऋषभदेव सहित दक्षिणी राजस्थान के धार्मिक, सांस्कृतिक व ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ने के लिए 100 करोड़ का ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट विकसित करने का प्रस्ताव था। 2. इंस्टीट्यूट ऑफ माइंसउदयपुर में इंस्टीट्यूट ऑफ माइंस खोलने की घोषणा हुई थी। इसके लिए एमपीयूएटी के सीटीएई परिसर को चिह्नित किया गया, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। 3. वैदिक पर्यटन केंद्रवैदिक शिक्षा और संस्कृति के प्रचार के उद्देश्य से वैदिक गुरुकुल व पर्यटन केंद्र की घोषणा की गई थी, लेकिन न तो जमीन चिह्नित हुई और न ही बजट जारी किया गया। 4. पैरा-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्ससंभाग में दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए पैरा-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने की घोषणा की थी। अभी पैरा बॉक्सिंग रिंग और टॉयलेट्स ही उपलब्ध कराए गए हैं। 5. बलीचा तिराहे पर फोर-लेन फ्लाईओवर इस फ्लाईओवर के लिए राज्य सरकार ने बजट में 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया था, लेकिन अब तक निर्माण कार्य ही शुरू नहीं हो पाया। 6. मेडिकल कॉलेज में स्पाइनल इंजरी सेंटर आरएनटी मेडिकल कॉलेज में 120 बेड क्षमता वाले स्पाइनल इंजरी सेंटर का विस्तार किया जाना था, ताकि गंभीर मरीजों को बाहर रेफर न करना पड़े।
मेवाड़ अंचल को इसी महीने आधुनिक रेल कनेक्टिविटी की बड़ी सौगात मिलने जा रही है। भारतीय रेलवे 16 फरवरी से उदयपुर से गुजरात के असारवा रेलवे स्टेशन तक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन शुरू करेगा। इस हाईस्पीड और सेमी-हाईस्पीड ट्रेन के संचालन से उदयपुर, डूंगरपुर सहित मेवाड़-वागड़ क्षेत्र का सीधा रेल संपर्क अहमदाबाद से हो जाएगा। इससे न केवल यात्रियों को तेज और आरामदायक सफर की सुविधा मिलेगी, बल्कि पर्यटन और उद्योग को भी नई रफ्तार मिलेगी। शिड्यूल के अनुसार ट्रेन सुबह 6:10 बजे उदयपुर से रवाना होकर 10:25 बजे असारवा पहुंचेगी। वापसी में शाम 5:45 बजे असारवा से रवाना होकर रात 10 बजे उदयपुर आएगी। सफर में 4 घंटे 15 मिनट लगेंगे, जबकि अन्य ट्रेनों से सवा 5 घंटे लगते हैं। इससे यात्रियों का 1 घंटे 10 मिनट समय बचेगा। ट्रेन सप्ताह में 6 दिन चलेगी। चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी ने 16 फरवरी से संचालन शुरू होने की जानकारी दी। बता दें कि अभी उदयपुर-अहमदाबाद फ्लाइट लगभग बंद है। उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत और चित्तौड़ सांसद सीपी जोशी ने इस ट्रेन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया। नई वंदे भारत ट्रेन उदयपुर से रवाना होकर डूंगरपुर और गुजरात के हिम्मतनगर होते हुए असारवा पहुंचेगी। खास बात यह है कि उदयपुर-अहमदाबाद रेल लाइन के आमान परिवर्तन और पूर्ण विद्युतीकरण के बाद इस रूट पर यह पहली वंदे भारत ट्रेन होगी। इसके जरिए उदयपुर को अहमदाबाद, मुंबई और आगे दक्षिण भारत के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। कम समय में लंबी दूरी तय करने वाली यह सेवा खासतौर पर कारोबारियों, नौकरीपेशा यात्रियों और पर्यटकों के लिए फायदेमंद साबित होगी। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने कहा कि भविष्य में इस ट्रेन को सूरत तक बढ़ाया जाना चाहिए। अहमदाबाद-मुंबई के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी
यूपी में एक बार फिर बाबरी मस्जिद और राम मंदिर पर सियासत शुरू हो गई है। इसकी तपिश चुनावी राज्य बंगाल तक पहुंची है। सीएम योगी ने कहा- कयामत तक बाबरी नहीं बनेगी। बंगाल में बाबरी की नींव रखने वाले पूर्व विधायक हुमायूं कबीर बोले- भारत सीएम योगी आदित्यनाथ के बाप का नहीं है। योगी कुछ नहीं कर सकते, ये लखनऊ नहीं है। मैं मस्जिद बनाऊंगा कोई रोक सकता है, तो रोक लें। वहीं, संसद में अखिलेश यादव को राम याद आ गए। बात कारसेवकों पर गोली चलवाने तक पहुंच गई। VIDEO में देखिए पूरी कंट्रोवर्सी...
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मेरठ की रहने वाली सिपाही संध्या भारद्वाज के अपहरण केस की छानबीन करते हुए पुलिस उसकी लव स्टोरी तक पहुंच गई। अपनी शादी वाले दिन वह खुद हिस्ट्रीशीटर अंकित चौहान के साथ गई थी। दोनों कोर्ट मैरिज करना चाहते थे, लेकिन पुलिस की घेराबंदी बढ़ गई। यही वजह है किडनैपिंग के सिर्फ 8 घंटे के अंदर महिला सिपाही खुद ही मवाना थाने पहुंच गई। इस मामले में पिछले 48 घंटे में 2 बड़े घटनाक्रम हुए। पहला- 9 फरवरी को महिला सिपाही के कोर्ट में बयान हुए। दूसरा- 10 फरवरी को हिस्ट्रीशीटर ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जिसे जेल भेजा गया। सिपाही ने कोर्ट में कहा- मैं अंकित के साथ अपनी मर्जी से गई थी। हम कोर्ट मैरिज करने वाले थे। उससे पहले मेरी मां वहां आ गईं। इसलिए हम कोर्ट मैरिज नहीं कर सके थे। दरअसल, संध्या की शादी अलीगढ़ के बन्नादेवी थाने में तैनात सिपाही अतुल शर्मा से तय हुई थी। 8 फरवरी को शादी होनी थी, लेकिन उसी दिन सुबह संध्या भाग गई। इसके चलते उसके पिता की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट करना पड़ा था। महिला सिपाही ने एक झटके में अपनी शादी तोड़ दी, परिवार से बगावत की थी। लेकिन, यह सब अचानक नहीं हुआ। इसकी शुरुआत 12 साल पहले हुई थी। जब महिला सिपाही अपने गांव से 6km दूर अपनी बुआ के साथ रहकर 9वीं की पढ़ाई कर रही थी। पढ़िए वो लव स्टोरी, जिसमें एक महिला सिपाही ने पूरे सिस्टम से बगावत कर दी… शादी वाले दिन क्या हुआ, पहले यह जानिए रात 2 बजे अंकित बाइक पर आया, संध्या को साथ ले गया7 फरवरी को बहसूमा इलाके के अकबरपुर सादात गांव में सिपाही संध्या का घर सजा हुआ था। घर के अंदर ढोलक पर महिलाएं बधाई गीत गा रही थीं। परिवार के लोग शादी की तैयारियां कर रहे थे। भाई प्रिंस ने बताया- शादी का पूरा अरेंजमेंट DPM स्कूल के पास स्थित प्रधान फॉर्म हाउस में किया गया था। दिनभर की दौड़-भाग के बाद हम लोग थक चुके थे। सारा बवाल, रात 2 बजे हुआ, जब घर के बाहर एक बाइक आकर रुकी। कोई और नहीं, हिस्ट्रीशीटर अंकित चौहान हमारे घर पहुंचा था। उसने संध्या को फोन किया। कुछ देर में संध्या के साथ उसके परिवार के लोग भी घर के बाहर निकल आए। गहमा-गहमी शुरू हुई। अंकित चिल्लाया- जब मैंने कहा था कि संध्या की शादी मुझसे होगी, तो आप लोग क्यों कहीं और उसकी शादी कर रहे हो। इसके बाद संध्या उसके साथ बाइक पर बैठ गई। इससे पहले परिवार के लोग उसको रोक पाते, दोनों वहां से चले गए। इस घटना के बाद पिता सुभाष शर्मा ने थाने में अंकित चौहान के खिलाफ बेटी को किडनैप करने की FIR दर्ज करा दी। पुलिस ने मेरठ बॉर्डर पर घेराबंदी तेज कर दी। मामला महिला सिपाही से जुड़ा था, जिसे शादी से पहले किडनैप किया गया था। कोर्ट मैरिज करनी थी, लेकिन तेजी से घटनाक्रम बदलते गएदूसरी तरफ, संध्या की मां भी लगातार अपनी बेटी को कॉल करके समझा रही थीं। वह अपने परिवार के एक सदस्य के जरिए संध्या को फॉलो करने की कोशिश कर रही थीं। संध्या और अंकित ने पहले ही अपनी कोर्ट मैरिज की तैयारी कर ली थी। संध्या ने अपनी मां को फोन पर बता दिया कि आप परेशान मत हो। मैं शादी ही कर रही हूं। अब दूल्हा आपकी नहीं, मेरी पंसद का होने जा रहा। संध्या कैसे मिली, इसकी 2 कहानी सामने आईं संध्या अपने परिवार से नाराज थी, इसलिए वो अपने पिता के घर वापस नहीं आई, बल्कि अपने ननिहाल चली गई। वहां पहुंचकर संध्या ने परिवार को पूरी बात बताई। इसके बाद संध्या के मवाना थाने में बयान दर्ज हुए। वहीं, पुलिस की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में संध्या के पिता का आरोप अंकित चौहान पर लगाया। कहा कि उसने संध्या का अपहरण किया है। इस पर पुलिस ने रिपोर्ट में बदलाव कर दिया था। अब संध्या-अंकित की लवस्टोरी पढ़िए बुआ के घर पर मिले, दोस्ती के बाद मुलाकातें होने लगीं संध्या ने मवाना थाने के SHO पूनम जादौ को अपनी लव स्टोरी भी सुनाई। संध्या के मुताबिक, यह 2015-16 की बात है। उसका परिवार बहसूमा के अकबरपुर सादात गांव में रहता था। संध्या की स्कूलिंग मनफूल कन्या इंटर कॉलेज, बहसूमा में हुई। कॉलेज की पढ़ाई ASPG कॉलेज, मवाना से हुई। संध्या ने यहां से B.COM की पढ़ाई की। संध्या जब 9वीं में पढ़ती थी, तब वह अपने गांव से 6km दूर अपनी बुआ के गांव ढकौल चली गई थी। गांव में ही अंकित चौहान भी रहता था। उस वक्त वो 10वीं की पढ़ाई कर रहा था। अंकित ने इसके बाद पढ़ाई छोड़ दी। लेकिन, उसका संध्या की बुआ के घर आना-जाना था। यही वो वक्त था, जब संध्या और अंकित की मुलाकातें हुई। पहले घर, फिर घर के बाहर भी दोनों मिलने लगे, लेकिन मामला दोस्ती तक था। दोनों को यह नहीं पता चला कि वो प्यार की नाजुक डोर में धीरे-धीरे बंधते जा रहे थे। बुआ के घर में भी यही पता था कि अंकित से संध्या की दोस्ती है। पढ़ाई पूरी करने के बाद 2021 में संध्या का सिलेक्शन यूपी पुलिस में हो गया। उसको साइबर क्राइम थाने में तैनाती मिल गई। वहीं, अंकित चौहान के पैर क्राइम की दुनिया में जमते जा रहे थे। 1-1 करके उसके खिलाफ 11 केस दर्ज हो गए। पुलिस रिकार्ड में वह हिस्ट्रीशीटर बन गया था। बहुत कुछ बदला, लेकिन संध्या और अंकित का प्यार कम नहीं हुआ। इस दौरान संध्या की शादी अलीगढ़ के बन्नादेवी थाने में तैनात सिपाही अतुल शर्मा से तय कर दी गई। तब संध्या ने अपने घर पर अंकित चौहान के लिए बात की। परिवार के लोगों ने कहा कि एक सिपाही को छोड़कर तुम हिस्ट्रीशीटर के साथ घर बसाना चाहती हो। हम यह नहीं होने देंगे। इसके बाद ही संध्या ने अंकित के साथ घर से भागने की प्लानिंग कर ली। सीओ मवाना पंकज लवानिया ने बताया- मई, 2025 में अंकित चौहान ने शराब के ठेके पर लूट की थी। इसमें ठेका मालिक की हत्या कर दी गई थी। पुलिस मुठभेड़ में अंकित के पैर में गोली लगी थी। पुलिस ने उसको जेल भेजा था। कुछ दिन पहले ही अंकित छूटकर बाहर आया था। अंकित पर मवाना थाने में 9 केस, जबकि 2 केस किला परीक्षितगढ़ थाने में दर्ज हैं। ठेका मालिक की हत्या करने में अंकित के खिलाफ हिस्ट्रीशीट खोली गई थी। वह मेरठ के गोलू गैंग से जुड़ा है। अब संध्या के पिता की पूरी बात पढ़िए पहले टीचर बनना चाहती थी, फिर यूपी पुलिस में सिलेक्ट हुई पिता सुभाष शर्मा कहते हैं- संध्या चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी है। दूसरे नंबर का भाई प्रिंस है, जो बीएससी कर रहा। उसके बाद हर्षित और एक छोटी बहन भी है। सभी पढ़ाई कर रहे हैं। संध्या पहले टीचर बनना चाहती थी। B.Ed की पढ़ाई नहीं की, इसलिए पुलिस विभाग में भर्ती होने का फैसला किया। उसने 2020 की भर्ती परीक्षा भी पास की थी, लेकिन दौड़ में पीछे गई थी। उसके बाद रेलवे का एग्जाम दिया और उसे भी पास कर लिया। वहां भी हाइट आड़े आ गई। इसके बाद दिल्ली पुलिस का भी एग्जाम क्रैक किया, लेकिन हाइट के चलते सिलेक्शन नहीं हुआ। 2021 का यूपी पुलिस का एग्जाम पास करने के बाद वह कॉन्स्टेबल बन गई। पिता का दावा- धमकी देकर किया गया अगवा सुभाष शर्मा का कहना है- अगर संध्या को मनमानी ही करनी होती तो वह ड्यूटी से ही चली जाती। उसने अपनी शादी की सारी खरीदारी की। वह अपनी शादी को लेकर बहुत खुश थी। तनाव जैसी बात उसके चेहरे पर नजर नहीं आई। निश्चित तौर पर अंकित ने उसे धमकी दी होगी या हथियारों के बल पर उसे ले गया होगा। पिता ने यह भी बताया कि बेटी के लापता होने की सूचना जब वर पक्ष को लगी तो उन्होंने फोन पर सारी जानकारी ली थी। उन्होंने हरसंभव मदद का भरोसा भी दिलाया था, लेकिन उसके बाद उनसे कोई बात नहीं हुई। उन्होंने बताया कि 5 फरवरी को सगाई हुई थी, जिसमें वह दहेज का ज्यादातर सामान बेटी की ससुराल भेज चुके हैं। इसमें एक लाख रुपए कैश भी शामिल है। ------------------------ यह खबर भी पढ़ें - मथुरा में परिवार के 5 लोगों की लाश मिली, पति-पत्नी, 3 बच्चे; किचन की दीवार समेत 3 जगह सुसाइड नोट मिले मथुरा में एक ही कमरे से एक परिवार के 5 लोगों की लाशें मिलीं। मृतकों में पति, पत्नी और 3 बच्चे शामिल हैं। कमरे में बेड पर मां, एक बेटी-बेटा मिले। दूसरी बेटी चारपाई पर पड़ी थी, जबकि पति का शव फर्श पर मिला। पुलिस के अनुसार, पति ने पहले पत्नी की हत्या की, फिर बच्चों की जान ली। बाद में खुद करंट लगाकर आत्महत्या कर ली। पढ़िए पूरी खबर...
‘देवी मां पैदा हुईं...9 दिन में मइया ने 9 रूप दिखाए। पहले काली मां का, फिर दुर्गा मां का। आखिर में कह कर चली गईं कि जा रही हूं… मां मेरा स्थान यहां बना देना।’ मैनपुरी के दन्नाहर क्षेत्र के हलपुरा गांव में यह बात कंचन की पत्नी राधा हर आने-जाने वाले को बता रही हैं। उनका दावा है कि जिस बच्ची को जन्म दिया, वो देवी है। जन्म से पहले देवी ने सपने में अपने बारे में सब कुछ बता दिया था। अब 13 दिन से उनके घर के बाहर कीर्तन हो रहा। चमत्कार का दावा किया जा रहा। दूर-दूर से लोग दर्शन करने आ रहे। 60 हजार का चढ़ावा आ चुका है। मंदिर बनाने की तैयारी है। हालांकि परिवार बार-बार अपना बयान बदल रहा। दैनिक भास्कर की टीम गांव पहुंची, वहां की स्थिति जानी। परिवार का दावा क्या है? डिलीवरी कराने वाले डॉक्टर का क्या कहना है? ऐसे पैदा होने वाले बच्चों के बारे में एक्सपर्ट से बात की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सबसे पहले पढ़िए पूरा मामला…मैनपुरी के हलपुरा गांव के रहने वाले कंचन की पत्नी राधा ने 21 जनवरी, 2026 की सुबह करीब 11 बजे एक बच्ची को जन्म दिया। घरवालों का दावा है कि यह कोई सामान्य बच्ची नहीं, देवी का अवतार थी, जिसने 9 दिनों तक अलग-अलग रूपों में दर्शन दिए। परिवार के अनुसार, राधा को कुछ समय पहले सपने में देवी के दर्शन हुए थे। जिसमें देवी ने उनके घर जन्म लेने की बात कही थी। इसके कुछ समय बाद राधा को प्रसव पीड़ा हुई। उन्हें कुचेला स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उन्होंने कन्या को जन्म दिया। घरवालों का दावा है कि नवजात पूरी तरह स्वस्थ थी। डॉक्टरों ने भी बच्ची को सामान्य बताया, जिसके बाद उसे घर लाया गया। राधा का कहना है कि बच्ची ने आने से पहले सपना दिया और फिर उसी रात प्रसव पीड़ा हुई। सपने में कहा कि मां मैं आपकी कोख से जन्म ले रही हूं। मैं एक बेटी नहीं, मां हूं। मैंने अपने पति को बताया था कि मुझे सपना आया है। अल्ट्रासाउंड में पहले ही बता दिया था कि न ये लड़की है, न ही लड़का। डॉक्टर ने कहा था कि जितनी जल्दी हो ऑपरेशन करवा दो। लेकिन, मैंने ऑपरेशन नहीं करवाया। क्योंकि मां ने मुझे रोककर रखा था, ऐसा ना करवाना मां। राधा का कहना है कि जन्म के बाद डॉक्टर ने कहा कि बच्चा जिंदा नहीं है। लेकिन मैंने उसे 8 दिन रखा, नौंवें दिन उसे सबने देखा था, फिर देवी जागरण हुआ। बच्ची ने मुझसे सपने में कहा था कि मां मैं समाधि लेने जा रही हूं। मेरा स्थान यहीं बनाना। वह काली के रूप में आई थी। परिवार के दावे ही अलग-अलगदैनिक भास्कर ने परिवार के सदस्यों से अलग-अलग बात की, तो उन्होंने अलग-अलग बातें बताईं। मां राधा ने पहले कहा कि बच्ची ने अस्पताल से आने के बाद दूध पीया, फिर पीना बंद कर दिया। घर आने के बाद विशाल रूप दिखाया और 9 रूप में दर्शन दिए। कंचन (बच्ची के पिता) के भाई चरण सिंह का कहना है कि बच्ची के नैन-नक्श माता दुर्गा जैसे थे। वो माता है। फोन पर बातचीत के दौरान चरण सिंह कहते हैं कि वह बच्ची 9 दिन तक जीवित रही। इस दौरान वह थोड़ा-थोड़ा दूध पीती थी। कभी काली, तो कभी विशाल रूप में दिखाई देती थी। चरण सिंह और बच्ची की मां राधा बताती हैं- हम एक चौकी पर बैठे थे, तभी माता ने समाधि ले ली। फिर मुझे सपने में दर्शन देते हुए बच्ची ने कहा कि वह जा रही है। उसका स्थान यहीं बनाया जाए। परिवार का यह भी दावा है कि सपने में बच्ची ने खुद को “नादाऊ धाम” की देवी बताया। बच्ची के पिता कंचन का कहना है- मेरी पत्नी को सपना आया था। हॉस्पिटल में बताया था कि ये ना लड़का हैं ना लड़की। कुचैला के सरकारी अस्पताल में बच्ची का जन्म हुआ। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसके बाद हम उसे घर लेकर आए। घर आने के बाद देवी ने रंग बदल लिया। उसके बाद गांव में जागरण होने लगा। अब बहुत भीड़ हो रही है। ढोल-नगाड़े बज रहे हैं। स्थान बना दिया है, अब मंदिर बनवाएंगे।’ हालांकि बाद में राधा ने भी बताया कि डॉक्टरों ने जन्म के समय ही बच्ची को मृत घोषित कर दिया था। राधा ने बताया कि बच्ची का जन्म 8वां महीना पूरा होने में 5-6 दिन बाकी थे, तभी हुआ था। डॉक्टरों ने अस्पताल में कहा कि घर ले जाकर इसका अंतिम संस्कार कर देना। लेकिन, जब मैं घर आई तो बच्ची ने आंखें खोलीं और मां काली के रूप में दर्शन दिए। नादऊ धाम क्या है?स्थानीय लोगों के अनुसार, नादऊ धाम को एक दैवीय स्थान माना जाता है। जहां दर्शन करने के लिए लोग दूर-दराज से आते हैं। यह स्थान गांव से करीब 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पिछले तीन-चार साल से यहां लोगों की आस्था बढ़ी है। अब नियमित रूप से दर्शन के लिए भीड़ पहुंचने लगी है। कंचन, राधा और उसका पूरा परिवार यहां हमेशा आते हैं। यहां आने वाले श्रद्धालु इसे किसी अवतार या दिव्य शक्ति से जुड़ा स्थल मानते हैं। मनोकामना पूरी होने की मान्यता भी प्रचलित है। हालांकि, नादऊ धाम को लेकर जो भी कथाएं और विश्वास हैं, वे स्थानीय मान्यताओं पर आधारित हैं। कंचन और राधा की 11 साल पहले हुई थी शादीकंचन ने बताया कि वह मजदूरी करता है। उसकी पत्नी गृहिणी है। दोनों पढ़े-लिखे नहीं हैं। दोनों का एक ढाई साल का बेटा है। यह दूसरी बेटी हुई थी। कंचन और राधा की शादी करीब 11 साल पहले हुई थी। कंचन के 5 भाई हैं। वह चौथे नंबर का है। पांचों भाई मजदूरी करते हैं। कंचन अपने माता-पिता, पत्नी और बच्चे के साथ अलग रहता है। अब गांव में माहौल के बारे में जानिए… पड़ोसी बोले- मां में शक्ति हैयह खबर फैलने के बाद गांव में भीड़ लगने लगी। एक टेंट लगा दिया गया है। बच्ची के शव को शृंगार करके 2 फरवरी को समाधि दे दी गई। वहां सजावट कर दी गई है। समाधि पर कालीजी की फोटो रख दी गई है। वहां भजन-कीर्तन और हवन-पूजन हो रहा। दूर-दराज से लोग दर्शन करने आ रहे है। आगे मंदिर बनाने की तैयारी की जा रही है। गांव के पड़ोसी रंजीत यादव दावा करते हैं कि मां काली की शक्ति है। मां सच्ची है, मां का स्थान सच्चा है। काली के रूप में मां ने जन्म लिया। काफी दूर-दूर से भक्त आ रहे हैं। अब गांव में भक्तिमय माहौल है। जल्द ही मंदिर बना दिया जाएगा। अब तक यहां पर 50 से 60 हजार का चढ़ावा भी चढ़ाया जा चुका है। डॉक्टर ने बताई सच्चाई, कहा- मृत पैदा हुई थी बच्चीकुचैला सीएचसी के अधीक्षक डॉ. एसएस भदौरिया से हमने बात की। उन्होंने बताया कि बच्ची मृत पैदा हुई थी। क्या कहते हैं एक्सपर्ट?मेडिकल साइंस की नजर में यह अविकसित भ्रूण है। जिसकी समय से अल्ट्रासाउंड और अन्य जांच न होने के कारण ऐसा हुआ। लेकिन, अंधविश्वास के चलते लोग इसे दैवीय अवतार मान रहे। गोरखपुर जिला अस्पताल के साइकेट्रिस्ट डॉ. अमित शाही का कहना है कि इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। लेकिन, अंधविश्वास के चलते लोग इन्हें दैवीय अवतार मानने लगते हैं। ऐसा कुछ नहीं होता। गोरखपुर के संजीवनी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के एमडी फिजिशियन डॉ. संजीव बताते हैं कि कई बार कुछ बच्चों के जन्म के वक्त आखें बड़ी, माथा चौड़ा या बहुत छोटा होता है। फेस की आकृति थोड़ी विचित्र होती है। ऐसे मामलों में नवजात में जन्मजात विकृति के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसे मेडिकल भाषा में कन्जेनाइटल डिफॉर्मिटी (Congenital Deformity) कहा जाता है। संभव है कि इस बच्ची को अंदरूनी तौर पर कोई चिकित्सकीय समस्या रही हो। हालांकि, बिना मेडिकल जांच के कहना कि क्या समस्या है, वो संभव नहीं। कन्जेनाइटल डिफॉर्मिटी क्या होती है?वह शारीरिक विकृति या असामान्यता, जो बच्चे में जन्म के समय से मौजूद होती है। जब बच्चे के शरीर का कोई हिस्सा (हाथ-पैर, चेहरा, दिल आदि) सामान्य बनावट से अलग हो। यह फर्क जन्म से ही दिखे, तो वह कन्जेनाइटल डिफॉर्मिटी कहलाती है। एक्सपर्ट के अनुसार, यह समस्या गर्भावस्था के दौरान भ्रूण के विकास में गड़बड़ी के कारण होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि कन्जेनाइटल डिफॉर्मिटी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। सबसे प्रमुख कारणों में जेनेटिक या वंशानुगत गड़बड़ी शामिल है। इसमें माता-पिता के जीन या क्रोमोसोम की समस्या बच्चे में आ सकती है। ऐसा क्यों होता है?गर्भावस्था के दौरान होने वाले संक्रमण, जैसे रूबेला (जर्मन मीजल्स), टॉक्सोप्लाज्मोसिस या सिफिलिस, भ्रूण के अंगों के विकास को प्रभावित करते हैं। पोषण की कमी भी एक बड़ा कारण मानी जाती है। डॉक्टरों के मुताबिक, गर्भावस्था में फॉलिक एसिड की कमी से रीढ़ और मस्तिष्क से जुड़ी जन्मजात विकृतियां होने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं, गर्भावस्था के दौरान शराब, सिगरेट, तंबाकू या कुछ दवाओं का सेवन, केमिकल्स और रेडिएशन के संपर्क में आना भी कन्जेनाइटल डिफॉर्मिटी का कारण बन सकता है। इसके साथ ही मां की डायबिटीज, थायरॉइड जैसी बीमारियां, अधिक उम्र में गर्भधारण और प्लेसेंटा से जुड़ी समस्याएं भी जोखिम बढ़ाती हैं। कई मामलों में तमाम जांच के बावजूद साफ कारण सामने नहीं आ पाता। ------------------------- यह खबर भी पढ़ें… मैनपुरी में नवजात बच्ची को देवी मानने का दावा, दर्शन के लिए उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ मैनपुरी के दन्नाहर क्षेत्र के हलपुरा गांव में एक नवजात बच्ची को देवी का स्वरूप मानने का दावा किया जा रहा है। गांव निवासी कंचन के परिवार का कहना है कि उन्हें कन्या के रूप में देवी के दर्शन हुए हैं। इस घटना को लेकर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में चर्चा का माहौल है। पढ़िए पूरी खबर…
राजस्थान क्राइम फाइल के पार्ट-1 में आपने पढ़ा था कि एक घर से महिला के चिल्लाने की आवाज आई। कुछ देर बाद उसी घर से एक युवक कट्टे में लाश लेकर निकल गया। पड़ोसियों की सूचना पर पहुंचे पुलिस ने ताले तोड़कर घर में घुसी तो वहां खून बिखरा हुआ मिला। कुछ घंटे बाद युवक को पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल ली। अब पढ़िए आगे की कहानी… पकड़े गए युवक ने पुलिस को बताया कि उसका नाम मुकेश कुमार खियानी (36) है। जिसकी हत्या की वो और कोई नहीं, उसकी पत्नी जेनिफर दास (32) थी। 26 दिन पहले ही उनकी शादी हुई थी। मुकेश ने बताया कि एक परिचित के जरिए वो और जेनिफर शादी के लिए एक दूसरे से मिले थे। घरवाले भी राजी हो गए। 29 अक्टूबर 2022 को दोनों ने अजमेर के एक आश्रम में शादी कर ली। शादी में दोनों पक्षों की तरफ से करीब 400-500 लोग उपस्थित हुए। जेनिफर की मां द्वारा अपनी बेटी की शादी में अपनी हैसियत के अनुसार दहेज दिया था। शादी के बाद महिला जेनिफर और मुकेश कुमार अपने भाई के द्वारका नगर स्थित घर में रहने लगे। उनके साथ मुकेश का छोटा भाई मां वह छोटी बहन भी रहती थी। मुकेश शादी में ज्यादा पैसे खर्च होने व कर्ज से परेशान रहने लगा। जेनिफर को बोलने लगा कि तुम्हारे घर वालों ने शादी में मुझे कुछ भी नहीं दिया। सारा खर्चा उसने ही उठाया। लेकिन महिला जेनिफर ने कुछ नहीं बोला और वह सुनती रही। मुकेश ने जेनिफर से कहा कि उसने शादी के खाने में चार लाख रुपए खर्च किए थे। आधे पैसे दो। लाख रुपए तुम्हारी मां से लेकर आओ। शादी के 5 दिन बाद महिला जेनिफर अपने पीहर चली गई और तीन-चार दिन वहीं रही। इसी बीच मनोज ने पत्नी जेनिफर से फोन पर बातचीत की और 2 लाख लाने के लिए कहा। जेनिफर ने अपनी मां को बताया और पति मुकेश से बात करवाई। जेनिफर की मां ने मुकेश को याद दिलाया कि उसने शादी से पहले कुछ भी मांग नहीं होने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि फिर भी वह 2 साल बाद रिटायर्ड होने पर 2 लाख दे देगी। तब तक वह उनकी बेटी को रुपए के परेशान न करे। करीब तीन-चार दिन बाद जेनिफर वापस अपने ससुराल चली गई। जेनिफर को नॉनवेज का शौक था। उसने पति और सास को कहा, लेकिन सास ने कार्तिक माह की बात कहकर मना कर दिया। इसे लेकर दोनों में बहस हो गई। मुकेश की मां अपने छोटे बेटे और बेटी को लेकर वहां से चली गई। पैसों को लेकर मुकेश फिर से जेनिफर को ताने मारने लगा। 22 नवंबर 2022 को मुकेश देर रात रात घर आया और खाना खाकर सो गया। 23 नवंबर 2022 को मुकेश सुबह 9-10 बजे के बीच उठा। उस समय उसकी पत्नी जेनिफर मकान की तीसरी मंजिल पर कपड़े धो रही थी। मुकेश ऊपर गया और जेनिफर से कहा कि वह फोन करके अपनी मां से 2 लाख रुपए मांगे। दोनों के बीच बहस हो गई। इसी बीच जेनिफर के पास कॉलोनी की एक महिला ने फोन किया। वह अपने बच्चों को जेनिफर से ट्यूशन पढ़वाना चाहती थी। जेनिफर ने पड़ोसी महिला से कहा कि अभी उसके घर में पति से प्रॉब्लम चल रही है। इतना कहकर फोन काट दिया। इस बात से मुकेश और गुस्सा हो गया। मुकेश ने चाकू से जेनिफर का गला काट दिया। जेनिफर दर्द से कराहने लगी। इसके बाद एक बड़ा चाकू लेकर जेनिफर पर कई और वार किए। कुछ ही देर में जेनिफर की सांसें टूट गईं। मुकेश घबरा गया। उसने तय किया कि वह भी आत्महत्या कर लेगा। सुसाइड करने के लिए वह घर बंद कर आनासागर की तरफ जाने लगा। रास्ते में जाते समय अपनी मां को फोन कर पत्नी की हत्या की बात बताई। ये भी बताया कि वो आत्महत्या करने जा रहा है। उसकी मां ने उसे पुलिस थाने जाने के लिए कहा। उसके बाद मुकेश दोबारा घर आया। पत्नी की लाश को घर में पड़े सफेद प्लास्टिक के कट्टे में डाला और घटनास्थल पर फैले हुए खून को साफ कर दिया। पत्नी की लाश को सफेद कट्टे में डालकर स्कूटी पर रखने लगा। तभी कट्टे का मुंह खुल गया और पड़ोसियों ने शव देख लिया। उसके जाने के बाद पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दे दी। इधर, मुकेश कट्टे को स्कूटी पर रखकर बूढ़ा पुष्कर रोड पर गया। वहां वन विभाग की दीवार के पास सुनसान जगह देखकर पत्नी की लाश डालकर वापस अपने घर की तरफ आया। अपने घर की तरफ पुलिस और लोगों की आवाजाही को देखकर घूमता फिरता बस स्टैंड के पीछे डीआरएम ऑफिस के सामने सुनसान जगह पर छिप गया। वहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मामले में जेनिफर के भाई रोनी दास ने मुकदमा दर्ज करवाया था। जिसमें उसने बताया कि उसकी बहन जेनिफर को उसका पति मुकेश लगातार पैसों के लिए परेशान कर रहा था। 23 नवंबर को बहन को कई कॉल किए। एक रिंग जाने के बाद कॉल डिस्कनेक्ट हो रहा था। इसके बाद उसने मुकेश को कॉल किया तो उसका भी फोन बंद आ रहा था। चिंता हुई तो वह बहन के ससुराल गया। घर के लॉक लगा हुआ था। पड़ोसियों से पूछा तो बताया कि थोड़ी देर पहले ही उसका जीजा स्कूटी में कुछ कट्टे में डालकर लेकर गया है। तभी उसे शक हो गया था। भाई की रिपोर्ट पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। आरोपी पति मुकेश ने पूछताछ में बताया था कि वह टीवी पर क्राइम पेट्रोल सीरियल देखा था। इसी से उसे लाश ठिकाने लगाने और सबूत मिटाने का आइडिया आया था। इसी आइडिया के जरिए उसने पूरे घर में पोंछा लगाया और शव को पुष्कर की तरफ जाकर फेंक दिया। आरोपी हत्या से एक दिन पहले अपनी पत्नी को पुष्कर घूमने भी लेकर गया था। वहीं से उसे लाश ठिकाने की जगह मिली थी। उसने पत्नी पर पहले छोटे चाकू से वार किए, लेकिन उसकी सांसें चल रही थी। इसके बाद बड़ा चाकू लगाया और गला काट दिया। आरोपी अभी जेल में है और केस चल रहा है। कट्टे में किसकी लाश लेकर घर से निकला था युवक:मुझे माफ कर दो... चिल्लाती महिला की आवाज अचानक बंद हुई, पार्ट-1
खजुराहो के बागेश्वर धाम में 15 फरवरी यानी महाशिवरात्रि पर होने वाली 301 जोड़ों के विवाह समारोह की तैयारियां आखिरी दौर में हैं। 12 फरवरी से तीन दिन कल्चरल नाइट होगी। इन दिनों में करीब 10 से 12 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है, इसलिए इतने ही लोगों के भोजन की व्यवस्था भी की जा रही है। मेहमानों के लिए नागपुर से रबड़ी और राजस्थान से रसगुल्ले मंगवाए जा रहे हैं। 100 एकड़ में कार्यक्रम की व्यवस्था है। बारातियों के लिए बुफे की व्यवस्था रहेगी। पिछले साल इलाहाबाद में हुए महाकुंभ की तर्ज पर 11 तोरण द्वार भी बनाए गए हैं। मुख्य कार्यक्रम में छह प्रदेशों के मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश के राज्यपाल, विदेशी मेहमान, सेलिब्रिटी और खिलाड़ी शामिल होंगे। दैनिक भास्कर की टीम शादी की तैयारियों का जायजा लेने बागेश्वरधाम पहुंची। दो किमी दूर से नजर आने लगती है सजावट अलसुबह अभी सूरज नहीं निकला है। जैसा कि बताया गया था कि शादी के लिए बागेश्वरधाम तिरंगा थीम पर सजाया जाएगा। उसकी झलक धाम के पांच किलोमीटर दूर से ही नजर आने लगती है। सड़क के दोनों पर तिरंगा थीम पर लाइटिंग की गई है। कुछ देर में धाम के मुख्य मंदिर के सामने पहुंच गए। यहां आरती हो रही है। दूर-दूर से दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं की भी भीड़ है। जिस जगह पर समाराेह होना है, वहां 24 घंटे काम चल रहा है। सामान से भरी लारियां आ रही हैं। सेवादार सही जगह पर सामान अनलोड कराने में व्यस्त हैं। किसी में टेंट का सामान है, तो किसी में खाने-पीने का। कोलकाता से आए कारीगर रंग-बिरंगा छत्री नुमा टेंट लगा रहे हैं। दूसरे लोग डोम के लिए पाइप कस रहे हैं। राज मिस्त्री करीब छह लाख लोगों के लिए बनने वाले खाने के लिए बड़ी-बड़ी भट्टियां बना रहे हैं। शादी वाली इस जगह की जिम्मेदारी संभाल रहे सेवादार नितेंद्र चौबे कहते हैं कि चार दिन बचे हैं, सभी काम समय से पूरे हो जाएंगे। पांच तस्वीरों में तैयारियां पंडित प्रदीप मिश्रा से लेकर मोरारी बापू तक आएंगे नितेंद्र कहते हैं- पहले 300 बेटियों की शादी होनी थी, लेकिन अब ये संख्या 301 हो गई है। उसी हिसाब से तैयारियां हो रही हैं। मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली की मुख्यमंत्री कन्याओं को आशीर्वाद देने आ रहे हैं। 12 फरवरी को गुरुकुलम के भूमिपूजन के लिए एमपी के राज्यपाल मंगुभाई पटेल आने वाले हैं। 13 से 15 फरवरी तीनों दिन अलग-अलग लोग आएंगे। इसमें संत राजेंद्र दास, इंद्रेश कुमार, अनिरुद्धचार्य, पुंडरीक महाराज, मोरारी बापू, बाबा रामदेव, पंडित प्रदीप मिश्रा और रमेश भाई ओझा का आना तो तय हो चुका है। कई दूसरे संत भी आएंगे, लेकिन उनकी अभी तारीख फिक्स नहीं हुई है। कुछ खिलाड़ी भी आने वाले हैं- उमेश यादव और शिखर धवन का आना तय हो चुका है। 1500 विदेशी भक्त भी आएंगे शादी समारोह के मुख्य व्यवस्थापक धीरेंद्र गौर कहते हैं कि आस-पास के ग्रामों में पीले चावल बांटे जा रहे हैं। विदेश से करीब 1500 भक्त आएंगे। अभी करीब 100 श्रद्धालु आ चुके हैं। दुबई, नेपाल, फिजी आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और लंदन से गुरुभाई आना शुरू हो गए हैं। ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड के तो एमएलए भी आ रहे हैं। तीन दिन में 10 से 12 लाख लोगों के आने का अनुमान है। बहुत बड़ी व्यस्था होनी है। भारत में धाम से रजिस्टर्ड 75 सेवादारों के संगठन अलग-अलग जगह हैं। इनके करीब 12 हजार सदस्य शादी समारोह की व्यवस्था संभालने आ रहे हैं। उनकी अलग-अलग ड्यूटी लगाई जाएगी। पंडित धीरेंद्र शास्त्री को पसंद है मटर पनीर भंडारा प्रभारी कपिल साहू के पास भंडार की जिम्मेदारी है। शादी पंडाल के आसपास ये तीन जगह होगा। एक बराता-घराती के लिए तो दूसरा सेवादारों के लिए। वहीं, तीसरा– शादी में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए। इसके अलावा, धाम में आठ-दस जगह भी भोजन-फल की व्यवस्था है। वह कहते हैं कि गुरु धीरेंद्र शास्त्री को मटर-पनीर की बहुत पसंद है, वो खासतौर पर शादी वाले दिन ही बनाई जाएगी। ये मटर-पनीर आने वाले पांच सीएम के अलावा अन्य VVIP को भी परोसी जाएगी। इसमें सबसे खास बात है कि इस बार माल-पुआ के साथ लाखों मेहमानों के लिए नागपुर से रबड़ी और राजस्थान से रसगुल्ले मंगवाए जा रहे हैं। अस्थायी अस्पताल भी बनाया समारोह के लिए प्रशासन द्वारा यहां अस्पताल भी बनाया गया है। राजनगर बीएमओ और बागेश्वर धाम में स्वास्थ व्यवस्था प्रभारी अवधेश चतुर्वेदी ने बताया कि टीम 24 घंटे काम करेगी। तीन शिफ्ट में 50 स्वास्थ्य कर्मी ड्यूटी पर रहेंगे। जिनमें डॉक्टर, फार्मासिस्ट, नर्सिंग स्टाफ, वार्ड बॉय और ड्रेसर शामिल हैं। अस्पताल में ऑक्सीजन, पलंग और आपातकालीन दवाओं की सुविधा रहेगी। फिलहाल 6 बेड की व्यवस्था की गई है। दो एम्बुलेंस तैनात रहेंगी। 12 से 14 फरवरी के दौरान तीन और एम्बुलेंस आ जाएंगी। हालत गंभीर होने पर मरीज को छतरपुर रेफर किया जाएगा। इसलिए दी जा रही 30-30 हजार रुपए की FD समारोह के मुख्य व्यवस्थापक धीरेंद्र गौर को बनाया गया है। इस बार नव दंपत्ति को बाइक और होम आटा-चक्की नहीं दी जा रही है। धीरेंद्र गौर कहते हैं कि इन दो उपहार से नए परिवार का खर्च बढ़ रहा था, इसलिए इस बार प्रत्येक जोड़े को 30- 30 हजार की फिक्स डिपॉजिट (FD) दी जा रही है। इसके साथ ही सोने की लौंग और बाली। मंगलसूत्र के साथ दुल्हन को श्रृंगार और ढाई लाख रुपए का घर-गृहस्थी के सामान दिया जा रहा है। छह स्लाइड में पढ़िए समारोह की पूरी व्यवस्था
राजस्थान के मौसम में बदलाव शुरू हो गया है। न्यूनतम-अधिकतम तापमान बढ़ने के कारण सर्दी धीरे-धीरे कम होने लगी है। कई जिलों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री तक पहुंच गया। यहां हल्की बारिश भी हुई। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने राज्य में अगले एक सप्ताह मौसम साफ रहने और तापमान में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने की संभावना जताई है। दोपहर बाद बदला मौसम पिछले 24 घंटे में बीकानेर, श्रीगंगानगर, चूरू, झुंझुनूं, सीकर के एरिया में आसमान में मंगलवार दोपहर में हल्के बादल छाए। चूरू, श्रीगंगानगर के एरिया में कहीं-कहीं हल्की बारिश हुई। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक अचानक तापमान बढ़ने और वातावरण में ह्यूमिडिटी (नमी) की मात्रा ज्यादा होने से स्थानीय स्तर पर बादल बन गए। इस कारण मौसम बदला। 7 शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री पर दर्ज राजस्थान में मंगलवार को कई शहरों में हल्की गर्मी रही। 7 शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पर दर्ज हुआ। इसमें बाड़मेर, पिलानी, चित्तौड़गढ़, बीकानेर, चूरू, फतेहपुर और दौसा शामिल है। राजधानी जयपुर में मंगलवार को अधिकतम तापमान 27.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। जयपुर में दिनभर तेज धूप रही और देर शाम को भी सर्दी का असर कम रहा। रात में सर्दी गायब, न्यूनतम तापमान 17 डिग्री से ऊपर पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर में तो रात में भी सर्दी लगभग गायब हो गई। मंगलवार बाड़मेर में न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री दर्ज हुआ। बीकानेर में न्यूनतम तापमान 15.1, झुंझुनूं में 14, जयपुर में 14.5 और अजमेर में 13.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी 40 मीटर दर्ज की गई। बिहार के मधेपुरा, सुपौल और मधुबनी में सुबह-सुबह घना कोहरा छाया रहा। यहां विजिबिलिटी जीरो रही। इससे वाहन चालकों को सुबह के वक्त परेशानी हुई। हरियाणा के 15 जिलों में तापमान 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया है। राज्य का अधिकतम तापमान 24C के आसपास रहा, जबकि न्यूनतम तापमान में गिरावट देखी गई है। कई जिलों में सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी रही। वहीं मंगलवार शाम से जम्मू कश्मीर के कुछ क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई। मौसम विभाग ने 9-11 फरवरी तक हिमालयी राज्यों में बर्फबारी और बारिश की चेतावनी जारी की थी। राज्यों में मौसन की 5 तस्वीर… अगले दो दिन का मौसम…
हरियाणा में फरवरी के दूसरे हफ्ते में ही मौसम का मिजाज बदलने लगा है। दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में औसत अधिकतम तापमान में करीब 1.7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह सामान्य से लगभग 2.7 डिग्री अधिक बना हुआ है। हरियाणा के 13 जिलों में दिन का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। इनमें अंबाला, हिसार, रोहतक, भिवानी, सिरसा, फरीदाबाद, गुरुग्राम, जींद, करनाल, महेंद्रगढ़, नूंह (मेवात), पानीपत और सोनीपत शामिल हैं। वहीं, रात के तापमान में भी हल्की बढ़ोतरी देखी गई है, हालांकि न्यूनतम तापमान अभी सामान्य के आसपास बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में दिन की गर्मी और महसूस हो सकती है, जबकि फिलहाल राज्य में मौसम शुष्क बना रहेगा। हरियाणा के प्रमुख शहरों का अधिकतम तापमान रोहतक सबसे गर्म रहा, गुरुग्राम सबसे ठंडा मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान रोहतक के कैनाल रेस्ट हाउस (AWS) में 27.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। भिवानी और महेंद्रगढ़ में भी पारा 27 डिग्री के आसपास पहुंच गया। राज्य में न्यूनतम तापमान में भी हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, औसत न्यूनतम तापमान में लगभग 1.3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है, हालांकि यह अभी भी सामान्य के आसपास बना हुआ है। हरियाणा में सबसे कम न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस गुरुग्राम (AWS) में दर्ज किया गया। अंबाला में 10.4 डिग्री, हिसार में 9.5 डिग्री और करनाल में 7.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रोहतक, नारनौल और फरीदाबाद जैसे इलाकों में भी रात का तापमान 9 से 11 डिग्री के बीच रहा। एक्सपर्ट बोले-17 को बारिश के आसार वहीं कृषि मौसम विज्ञान विभाग चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. चंद्रशेखर डागर ने बताया कि प्रदेश में मौसम आमतौर पर 16 फरवरी तक खुश्क परंतु परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इस दौरान उत्तर व उत्तर पश्चिमी हवाएं चलने की संभावना है, जिससे विशेषकर रात्रि तापमान में हल्की गिरावट परंतु दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी संभावना है। परंतु 16 फरवरी को पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण राज्य के मौसम में बदलाव आने की संभावना है। जिससे राज्य में 16 फरवरी की रात व 17 फरवरी को आंशिक बादलवाई रहने तथा हवाएं व गरज चमक के साथ कहीं कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश की संभावना बन रही है।
ग्वालियर के डबरा स्टेडियम ग्राउंड में मंगलवार सुबह 10.30 बजे हजारों की संख्या में महिलाएं एकत्रित थीं। यहां एशिया के सबसे बड़े नवग्रह मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा था। 25 हजार महिलाओं को साड़ियां पहले ही बांटी जा चुकी थीं, जबकि कलश स्टेडियम मैदान से वितरित किए जाने थे। बताया गया था कि यात्रा के बाद कलश और साड़ी वापस नहीं लिए जाएंगे। इसी कारण महिलाएं जल्द से जल्द कलश पाने की होड़ में आगे बढ़ने लगीं। गेट नंबर-1 के सामने भीड़ लगातार बढ़ती जा रही थी। स्टेडियम में प्रवेश के लिए चार गेट थे, लेकिन एक को छोड़कर बाकी सभी बंद रखे गए थे। हालात ऐसे थे कि मौके पर तैनात पुलिसकर्मी स्थिति नियंत्रित नहीं कर पा रहे थे। इसी दौरान अफवाह फैल गई कि कलश वितरण शुरू हो गया है। महिलाओं ने गेट पर दबाव बनाया और गेट खुलते ही भगदड़ मच गई। जो गिर पड़ीं, उन्हें पैरों तले रौंदते हुए हजारों महिलाएं आगे बढ़ गईं। हादसे में 70 वर्षीय रतिबाई साहू की मौत हो गई। जबकि एक चार साल की मासूम प्राची समेत आठ महिलाएं घायल हैं। प्रारंभिक जांच में आयोजकों द्वारा भीड़ का सही आकलन न कर पाना हादसे का प्रमुख कारण सामने आया है। वहीं, जिला प्रशासन और पुलिस की लापरवाही भी मानी जा रही है। दैनिक भास्कर ने हादसे के कारण तलाशे। प्रत्यक्षदर्शियों से बात की। जिम्मेदारों से वजह पूछी। पढ़िए.. 25 हजार महिलाएं आनी थी, तो क्यों बंद रखे गेटडबरा के जिस स्टेडियम ग्राउंड से कलश यात्रा निकाली जानी थी और कलश वितरित किए जाने थे, वहां सुबह 9 बजे से ही महिलाओं का जुटना शुरू हो गया था, जबकि कलश यात्रा दोपहर 12 बजे के बाद निकलनी थी। आयोजनकर्ताओं के अनुसार, करीब 25 हजार पीली साड़ियां बांटी गई थीं और उसी संख्या के अनुसार कलश मंगाए गए थे। यह भी बताया गया था कि कलश यात्रा के बाद साड़ी और कलश संबंधित महिलाओं के पास ही रहेंगे। स्टेडियम में प्रवेश और निकास के लिए कुल चार गेट हैं, लेकिन सुबह 10.30 बजे तक चारों गेट बंद रखे गए थे, जबकि कुछ महिलाएं पहले से ही अंदर मौजूद थीं। अस्पताल के सामने स्थित गेट नंबर-1 पर महिलाओं की भारी भीड़ एकत्र हो गई थी, लेकिन गेट बंद था। मौके पर न तो आयोजनकर्ता दिखाई दे रहे थे और न ही पर्याप्त पुलिस बल मौजूद था। भीड़ नियंत्रण के लिए केवल दो से तीन पुलिसकर्मी तैनात थे। ऐसे में जब हजारों महिलाएं एकत्रित हो गईं, तो गेट पर लगी जंजीर टूट गई और महिलाएं अंदर की ओर दौड़ पड़ीं, जिससे भगदड़ मच गई। पीछे से भगदड़ में धक्का लगा फिर उठ नहीं पाएडबरा स्टेडियम ग्राउंड में गेट नहीं खुलने पर मची भगदड़ में घायल आरती की बेटी चार साल की प्राची की हालत बेहद नाजुक है। वह आयोजकों द्वारा बांटी गई साड़ी पहनकर कलश लेने के लिए पहुंची थी। गेट पर सबसे आगे थी और अपनी बेटी का हाथ थामे हुए थी। जैसे ही गेट खुला तो महिलाएं कलश के लिए दौड़ पड़ीं। नानी गिरीं, लोग उन्हें रौंदते हुए निकलेरति साहू के नाती हेमंत ने बताया कि मेरी नानी रतिबाई साहू गेट पर सबसे आगे खड़ी थीं। प्रशासन या आयोजनकर्ताओं को चाहिए कि महिलाओं की पीछे कर व्यवस्थित कर गेट खोलें, लेकिन अचानक गेट खुला और नानी गिर पड़ीं। नानी के गिरते ही उनके ऊपर से कई महिलाएं उनको रौंदते हुए निकल गईं। मेरी नानी वहां पर तड़प रही थीं। हम हॉस्पिटल लेकर पहुंचे तो वहां 20 मिनट तक डॉक्टर ही नहीं मिले। इतना बड़ा आयोजन हुआ और अस्पताल में डॉक्टर नहीं थे। मैं कहता रहा कि नानी को ऑक्सीजन लगाइए लेकिन डॉक्टर सुन नहीं रहे थे। मेरी आंखों के सामने तड़पते हुए उन्होंने दम तोड़ दिया। भीड़ का आकलन नहीं कर सका प्रशासन आयोजनकर्ताओं ने कलश यात्रा के लिए 25 हजार साड़ियां बांटी थीं। अनुमान था कि करीब 20 हजार महिलाएं कार्यक्रम में पहुंचेंगी, लेकिन आयोजनकर्ताओं, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित नहीं हो सका। प्रशासन भीड़ का सही आकलन नहीं कर पाया। यही कारण था कि सुबह 9 बजे से ही स्टेडियम ग्राउंड में महिलाएं पहुंचने लगी थीं, लेकिन मौके पर प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। आयोजनकर्ता भी नदारद रहे। पुलिस व्यवस्था के नाम पर गेट नंबर-1 पर केवल दो से तीन पुलिसकर्मी तैनात थे। इस हादसे के लिए आयोजनकर्ता, प्रशासन और पुलिस तीनों की जिम्मेदारी बनती है। अफवाह के बाद मची भगदड़ जानकारी के अनुसार, जब गेट के बाहर महिलाओं की भीड़ एकत्र हो गई थी, तभी अफवाह फैल गई कि कलश वितरण शुरू हो चुका है और केवल वही महिलाएं कलश प्राप्त करेंगी, जो सबसे पहले पहुंचेंगी और आयोजनकर्ताओं द्वारा वितरित की गई साड़ी पहने होंगी। इस अफवाह के बाद महिलाओं ने गेट पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। जैसे ही गेट खोला गया, महिलाएं तेजी से अंदर की ओर दौड़ पड़ीं। इसी दौरान भगदड़ मच गई, जिसमें कुछ लोग गिर पड़े और भीड़ उन्हें पैरों तले रौंदते हुए कलश लेने आगे बढ़ गई। बिखरी पड़ी चप्पलें, कड़े और चूड़ियां जब दैनिक भास्कर की टीम डबरा के स्टेडियम ग्राउंड पहुंची, तो वहां खामोशी छाई हुई थी। चारों ओर बिखरा पड़ा सामान हादसे को साफ बयां कर रहा था। गेट नंबर-1, जहां हादसा हुआ था, वहां चप्पलें पड़ी थीं, तो कुछ दूरी पर पर्स, चूड़ियां और कड़े बिखरे नजर आए। इससे अंदाजा लगाया जा सकता था कि भगदड़ के दौरान पैरों तले कुचले गए लोगों की स्थिति कितनी भयावह रही होगी। हादसे में 20 से अधिक घायल, 9 अस्पताल पहुंचे हादसे में सरोज साहू पत्नी लालाराम साहू (निवासी दर्शन कॉलोनी), सुमन पत्नी कमल किशोर, विनीत पिता बाबूलाल कोरी, विमला देवी, पुष्पा, दुर्गेश, उम्मेद सिंह रावत (निवासी अशोक नगर), अनिता अहिरवार, चार वर्षीय प्राची जाटव और आरती अहिरवार घायल हुईं। वहीं, 70 वर्षीय रतिबाई साहू निवासी हनुमान कॉलोनी, डबरा की मौत हो गई।अस्पताल तक 9 घायल पहुंचे, जबकि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घायलों की संख्या 20 से अधिक थी। कई घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद मौके से ही रवाना कर दिया गया। 2 हजार पुलिसकर्मी की तैनाती का दावा फेल एशिया के सबसे बड़े और अद्भुत नवग्रह मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के 11 दिवसीय आयोजन का शुभारंभ मंगलवार को कलश यात्रा के साथ होना था। इससे एक दिन पहले ग्वालियर रेंज के आईजी अरविंद सक्सेना ने निरीक्षण कर दो हजार से अधिक जवानों और अधिकारियों की तैनाती का दावा किया था। हालांकि, यह सुरक्षा व्यवस्था मंदिर परिसर और कलश यात्रा मार्ग तक ही सीमित रही। जिस स्थान पर कलश वितरण किया जा रहा था, वहां न तो पुलिस बल नजर आया, न ही प्रशासन का कोई कर्मचारी मौजूद था। आयोजनकर्ताओं की ओर से भी कोई प्रभावी प्रबंधन दिखाई नहीं दिया। सुबह 9 बजे से कलश की चाह में जुटी भीड़ वैसे तो कलश यात्रा दोपहर 12.40 बजे शुरू होनी थी। आयोजनकर्ताओं ने घर-घर जाकर साड़ियां बांटी थीं और कहा गया था कि जो महिला यह साड़ी पहनकर स्टेडियम ग्राउंड आएगी, उसे कलश दिया जाएगा। बाद में वह कलश और साड़ी उसी महिला की हो जाएगी। इसी कारण कलश पाने की होड़ में सुबह 9 बजे से ही महिलाएं स्टेडियम पहुंचने लगी थीं। भीड़ प्रबंधन फेल कैसे हुआ? डबरा के स्टेडियम ग्राउंड में चार गेट हैं, लेकिन आयोजनकर्ताओं और प्रशासन ने शुरुआत से ही क्राउड मैनेजमेंट पर ध्यान नहीं दिया। चार में से तीन गेट बंद रखे गए थे। गेट नंबर-1 से ही महिलाओं को प्रवेश देने और कलश वितरण की व्यवस्था की गई थी। आयोजनकर्ताओं की ओर से पर्याप्त वॉलेंटियर तैनात नहीं किए गए थे। गिने-चुने कार्यकर्ताओं के भरोसे पूरा आयोजन संचालित किया जा रहा था। जब तक पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ग्राउंड में मौजूद रहे, तब तक भारी पुलिस बल तैनात था, लेकिन उनके जाने के बाद पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके से नदारद नजर आए। 15 हजार की क्षमता, पहुंच गए 25 हजार डबरा के जिस स्टेडियम में कलश वितरण होना था, उसकी क्षमता 10 से 15 हजार लोगों की है, जबकि वहां 20 से 25 हजार लोगों की भीड़ पहुंच गई। क्षमता से अधिक भीड़ होने के बावजूद उचित प्रबंधन नहीं किया गया, जिसके चलते यह हादसा हुआ। ग्वालियर आईजी बोले- फोर्स बढ़ा दिया गयाघटना के बाद ग्वालियर आईजी अरविंद सक्सेना, आईजी अमित सांघी और कलेक्टर रुचिका चौहान पुलिस बल के साथ डबरा पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आधे घंटे से अधिक समय तक स्टेडियम ग्राउंड में रहकर घटना के कारणों की समीक्षा की। जब आईजी अरविंद सक्सेना से हादसे के कारणों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि कलश पाने की जल्दबाजी में महिलाओं का उतावलापन इस भगदड़ की मुख्य वजह बना। ये खबरें भी पढ़ें… 25 हजार कलश, 1500 पुलिसकर्मी… फिर भी भगदड़ ग्वालियर के डबरा में बने एशिया का सबसे बड़े नवग्रह मंदिर के स्थापना समारोह के पहले दिन बड़ा हादसा हो गया। एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। सात महिलाएं घायल हैं। ये सभी वे महिलाएं हैं जो कलश यात्रा में शामिल होने आई थी। पूरी खबर यहां पढ़ें... डबरा में कलश बांटते वक्त भगदड़...VIDEO:महिला की मौत, बच्ची समेत 8 घायल मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा में नवग्रह मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में कलश यात्रा शुरू होने से पहले भगदड़ मच गई। इसमें 70 वर्षीय महिला रति साहू की मौत हो गई। बच्ची समेत 8 लोग घायल हो गए हैं। इनमें से एक की हालत गंभीर है। ग्वालियर रेफर किया गया है। पढ़ें पूरी खबर देश का सबसे बड़ा नवग्रह मंदिर: 12 एकड़ जमीन पर सिर्फ मंदिर बना एशिया का सबसे बड़ा और अद्भुत नवग्रह मंदिर ग्वालियर के डबरा में बना है। वैदिक धर्म ग्रंथों एवं शास्त्रों में बताया गया है कि संपूर्ण ब्रह्मांड में कुल 27 तारामंडल हैं। इन तारामंडलों की चार दिशाएं हैं। यदि हम 27 को 4 से गुणा करते हैं, तो कुल 108 संख्या आती है।जिसका अर्थ यह है कि संपूर्ण ब्रह्मांड का स्वरूप 108 अंक है। पढ़ें पूरी खबर…
भोपाल में एमबीबीएस की छात्रा रोशनी की मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव एक प्राइवेट पीजी के बाथरूम में मिला था। पास ही एसिड की बोतल भी पाई गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में एसिड से मौत की पुष्टि हुई है। बेटी का शव लेने आलीराजपुर से आए छात्रा के पिता वंतर सिंह ने बताया कि रोशनी पढ़ाई के दबाव में जरूर थी, लेकिन आत्महत्या जैसा कदम उठाएगी, इसकी कभी कल्पना नहीं की थी। वह अच्छी डॉक्टर बनना चाहती थी। नीट परीक्षा में 400 से अधिक अंक लाकर खुद गांधी मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया था। दूसरी ओर, जिस पीजी में छात्रा रहती थी, उसकी संचालक का दावा है कि रोशनी घर से लौटने के बाद पिछले दो दिनों से सहेलियों से सुसाइड की बात कर रही थी। सुबह जब वह कॉलेज जाने के लिए बाहर नहीं निकली तो साथ रहने वाली छात्राओं ने दरवाजा तोड़कर देखा। वह बेसुध हालत में थी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, कॉलेज डीन ने भी पुष्टि की है कि रोशनी पढ़ाई समझ न आने के कारण मानसिक तनाव में थी। पिता बोले- बेटी कुछ दिनों से घर पर ही थी अलीराजपुर जिले के अकलवा गांव की रहने वाली रोशनी के पिता वंतर सिंह कलेश ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 8.30 बजे बेटी की हालत की जानकारी मिली। रोशनी कुछ दिनों से घर पर ही थी। वह दो बहनों में बड़ी थी। शनिवार को ही तो उसे अलीराजपुर से भोपाल के लिए ट्रेन में बैठाया था। रविवार और सोमवार वह भोपाल में रही। पढ़ाई का दबाव था, लेकिन हिम्मत वाली थी रोशनी पिता वंतर सिंह ने कहा कि रोशनी ने पढ़ाई के स्ट्रेस का जिक्र जरूर किया था, लेकिन वह हमेशा यही कहती थी कि “पापा, मैं पढ़ लूंगी।” नीट परीक्षा में उसके 400 से ज्यादा अंक आए थे और उसने खुद गांधी मेडिकल कॉलेज का चयन किया था। वह शुरू से डॉक्टर बनना चाहती थी। परिवार को उम्मीद थी कि बेटी मेहनत के दम पर आगे बढ़ेगी। पीजी इंचार्ज बोलीं- सभी से अच्छे से बात करती थी जिस प्राइवेट पीजी में रोशनी रह रही थी, उसकी संचालक करुणा नायर ने बताया कि रोशनी का स्वभाव बेहद अच्छा था। वह हमेशा हंसते-खेलते रहती थी और सभी से अच्छे से बात करती थी। पीजी में हर जगह कैमरे लगे हैं, जिससे बच्चों की निगरानी की जाती है। करुणा नायर के मुताबिक, रोशनी की दोस्तों ने बताया कि वह पिछले दो दिनों से सुसाइड करने की बात कर रही थी। वह दो दिन पहले ही घर से लौटकर भोपाल आई थी। अगर यह बात समय रहते उन्हें या परिवार को बता दी जाती, तो शायद कोई कदम उठाया जा सकता था। कई बार आवाज देने पर भी नहीं निकली गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में एमबीबीएस प्रथम वर्ष की छात्रा रोशनी का शव उसके पीजी के बाथरूम में मिला था। मंगलवार सुबह जब वह कॉलेज जाने के लिए कमरे से बाहर नहीं निकली, तो साथ पढ़ने वाली छात्राओं को शक हुआ। कई बार आवाज देने और फोन कॉल करने के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला, तो पीजी के गार्ड को बुलाया गया। पहले कमरे और फिर बाथरूम का दरवाजा तोड़ा गया, जहां रोशनी बेसुध हालत में पड़ी मिली। उसके पास एक खाली एसिड की बोतल भी मिली। अस्पताल ले गए, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया साथी छात्राओं और पीजी स्टाफ ने तत्काल कॉलेज प्रबंधन को सूचना दी। इसके बाद रोशनी को सुबह करीब 8:30 बजे हमीदिया अस्पताल के इमरजेंसी मेडिसिन विभाग ले जाया गया, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पीएम रिपोर्ट में एसिड पीने से मौत की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि रोशनी की मौत एसिड पीने से हुई। डॉक्टरों के मुताबिक, एसिड से उसके अंदरूनी अंग बुरी तरह जल गए थे, जिससे उसकी जान नहीं बच सकी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मौत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमॉर्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। डीन ने कहा- पढ़ाई समझ न आने से थी परेशान गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन कविता एन. सिंह ने बताया कि रोशनी के मोबाइल में परिजनों को भेजे गए मैसेज से पता चला है कि वह पढ़ाई को लेकर तनाव में थी। वह मेहनत तो कर रही थी, लेकिन उसे लग रहा था कि सब कुछ ठीक से समझ में नहीं आ रहा है। इसी वजह से वह मानसिक रूप से परेशान थी। डे-स्कॉलर थी, प्राइवेट पीजी में रहती थी कॉलेज से मिली जानकारी के अनुसार, रोशनी डे-स्कॉलर थी और कोहेफिजा इलाके में स्थित एक प्राइवेट पीजी में रह रही थी। उसने अक्टूबर में ही एडमिशन लिया था। साथी छात्राओं ने बताया कि रोशनी शांत स्वभाव की थी और पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर रहती थी। यह खबर भी पढ़ें… भोपाल में बाथरूम में मिला MBBS छात्रा का शव भोपाल में एमबीबीएस छात्रा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। गांधी मेडिकल कॉलेज की छात्रा रोशनी का शव बाथरूम में पड़ा था। पास ही एसिड की बोतल भी मिली है। रोशनी ने पिछले साल ही अक्टूबर में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर में एडमिशन लिया था। पूरी खबर यहां पढ़ें...
मुरैना जिले के रवि कुमार शर्मा ने 19 अक्टूबर 2020 को मुरैना से निजामुद्दीन जाने के लिए भोपाल एक्सप्रेस का ऑनलाइन टिकट बुक किया था। टिकट के साथ महज 45 पैसे का ट्रेवल इंश्योरेंस भी लिया था। 21 अक्टूबर 2020 की रात करीब 3:20 बजे मुरैना रेलवे स्टेशन पर तेज बारिश और अंधेरे के बीच बिजली गुल थी। प्लेटफॉर्म पर कोच नंबर बताने वाला डिस्प्ले बोर्ड भी बंद था। जब रवि कुमार शर्मा अपने आवंटित डी-1 कोच तक पहुंचे तो गेट बंद मिला। वे दरवाजा खोलने के लिए आवाज लगा ही रहे थे कि ट्रेन अचानक चल पड़ी। पायदान पर चढ़ चुके रवि कुमार शर्मा का पैर फिसल गया और वे ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच गिर पड़े। फिर उन्हें 108 एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पत्नी मनीषा शर्मा ने आईआरसीटीसी को घटना की सूचना दी। निर्देश मिलने पर उन्होंने बीमा कंपनी बजाज एलायंस जनरल इंश्योरेंस में अगस्त 2021 में सभी दस्तावेजों के साथ क्लेम प्रस्तुत किया। इसके बावजूद बीमा कंपनी ने भुगतान नहीं किया और यह कहकर मामला टालती रही कि दस्तावेज पूरे नहीं हैं। जनवरी 2022 में भी दस्तावेज दोबारा दिए गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार, मामला भोपाल उपभोक्ता आयोग पहुंचा। सुनवाई के बाद आयोग ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह 10 लाख रुपए की बीमा राशि परिवाद दायर करने की तारीख से 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित दे। इसके अलावा मानसिक, शारीरिक और आर्थिक क्षति के लिए अलग से 10 हजार रुपए और वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपए दो माह के भीतर अदा करे। तय समय में भुगतान न होने पर ब्याज दर 9 प्रतिशत होगी। उपभोक्ता आयोग पहुंचा मामला बीमा राशि न मिलने से परेशान होकर मनीषा शर्मा ने 30 सितंबर 2022 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग, भोपाल की बेंच-2 में परिवाद दायर किया। परिवाद में कहा गया कि यात्रा के दौरान दुर्घटना हुई, बीमा लिया गया था और इसके बावजूद भुगतान न करना सेवा में कमी और अनुचित व्यापार प्रथा है। यह फैसला आयोग की बैंच 2 की अध्यक्ष गिरिबाला सिंह सदस्य अंजुम फिरोज ने सुनाया। आयोग ने क्या माना, क्या नहीं माना बीमा कंपनी की टालमटोल पर सख्त टिप्पणीआयोग ने आदेश में कहा कि बीमा कंपनी ने समय पर क्लेम का निराकरण नहीं किया, जबकि आईआरसीटीसी और बीमा कंपनी के बीच हुए अनुबंध में 15 दिन के भीतर भुगतान का प्रावधान है। इसके बावजूद दो साल तक भुगतान न करना स्पष्ट रूप से सेवा में कमी और अनुचित व्यापार प्रथा है। आयोग का स्पष्ट आदेश भोपाल उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह 10 लाख रुपए की बीमा राशि परिवाद दायर करने की तारीख से 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित दे, इसके अलावा मानसिक, शारीरिक और आर्थिक क्षति के लिए अलग से 10 हजार रुपए और वाद व्यय के रूप में 5 हजार रुपए दो माह के भीतर अदा करे। तय समय में भुगतान न होने पर ब्याज दर 9 प्रतिशत होगी। अधिवक्ता बोले- एक क्लिक का बीमा, परिवार का सहारा मामले में पैरवी कर रहे अधिवक्ता अरुण सिंह राणा का कहना है कि यह केस हर रेल यात्री के लिए जागरूकता का उदाहरण है। टिकट बुक करते समय एक क्लिक में लिया गया बीमा हादसे की स्थिति में परिवार को इधर-उधर भटकने से बचा सकता है। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनी की जिम्मेदारी थी कि समय पर भुगतान करे, लेकिन टालमटोल के कारण परिवार को अदालत जाना पड़ा। पत्नी बोली- हादसे की जिम्मेदार सिर्फ रेलवे मृतक की पत्नी मनीषा शर्मा ने बताया कि पति की मौत के बाद जीवन पूरी तरह बदल गया। घर में दो बेटियां, एक बेटा और सास-ससुर हैं। वह सिलाई का काम कर किसी तरह घर चला रही हैं। मनीषा शर्मा का कहना है कि इस हादसे के लिए रेलवे की लापरवाही जिम्मेदार है और आयोग के फैसले से उन्हें न्याय की उम्मीद जगी है। हर यात्री के लिए सबक यह मामला बताता है कि रेल टिकट बुक करते समय ट्रेवल इंश्योरेंस पर टिक न करना एक छोटी सी चूक हो सकती है, लेकिन हादसे की स्थिति में यही चूक परिवार के लिए भारी नुकसान बन जाती है। रवि कुमार शर्मा द्वारा लिए गए महज 45 पैसे के बीमे ने उनके परिवार को 10 लाख रुपए का कानूनी हक दिलाया। यह भी जानें और समझें टिकट बुक करते समय रेलवे ट्रैवल इंश्योरेंस कैसे भरें रेलवे ट्रैवल इंश्योरेंस– कितना होता है? यह होता है फायदा रेल टिकट इंश्योरेंस क्लेम कैसे करें यह खबर भी पढ़ें… भोपाल स्टेशन FOB हादसा...मरने के बाद मिला इंसाफ भोपाल रेलवे स्टेशन के फुटओवर ब्रिज हादसे में रेलवे जिस दलील के सहारे जिम्मेदारी से बचना चाहता था, उसे जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने सख्ती से खारिज कर दिया है। रेलवे का तर्क था कि ट्रेन से उतरते ही यात्री की यात्रा समाप्त हो जाती है और स्टेशन की सुविधाएं निःशुल्क होती हैं, इसलिए उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं बनती। पूरी खबर यहां पढ़ें...
'अनुष्का की बेटी का पिता आकाश भाटी...आकाश गुर्जर…आकाश खन्ना है। मेरा ना बच्ची से संबंध है और ना अनुष्का से।' तेजप्रताप यादव के इस बयान के बाद भास्कर इन्वेस्टिगेशन टीम ने 4 दिनों तक तेजप्रताप, अनुष्का और उसके भाई आकाश के करीबियों में इन तीनों नामों को ढूंढा। अनुष्का के भाई ने कहा, तेजप्रताप इस तरह के नाम लेकर बहन का कैरेक्टर उछाल रहे हैं। मैं किसी को नहीं जानता। तेजप्रताप ने जिन 5 जयचंदों के नाम लिए वो भी इन नामों को नहीं जानते। हमने RJD, JDU, कांग्रेस और BJP के एक्टिव नेताओं से आकाश भाटी, आकाश गुर्जर और खन्ना के बारे में पड़ताल की। 100 से ज्यादा लोगों से बातचीत के बाद भी ऐसा कोई नहीं मिला जो इस नाम के किसी शख्स को जानता हो। हम तेजप्रताप के बताए पते दानापुर के टी-पॉइंट भी पहुंचे यहां 200 से ज्यादा घरों को खंगाला, लेकिन यहां भी दोनों को कोई नहीं जानता। अब सवाल ये कि इस नाम का कोई शख्स है भी या ये सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को चुप कराने के लिए एक सवाल का जवाब था। क्यों कि अनुष्का जिस अस्पताल में भर्ती थी वहां पर्चे में तेजप्रताप का नाम है। डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ भी बताते हैं कि वे अक्सर अनुष्का के साथ अस्पताल आया करते थे। पढ़िए आकाश भाटी, आकाश गुर्जर और आकाश खन्ना पर भास्कर इन्वेस्टिगेशन… तेजप्रताप यादव ने 3 नाम लेकर अनुष्का के कैरेक्टर पर सवाल उठाए। उन्होंने ये भी कहा कि उसके परिवार से पूछिए उन्हें सब पता है। हमने सबसे पहले अनुष्का से बात करने की कोशिश की। इनपुट मिला कि वो बोधी हॉस्पिटल में हैं, टीम वहां पहुंची तो वह अस्पताल से डिस्चार्ज हो गई थीं। अनुष्का के घर गए तो वहां भी परिवार का कोई सदस्य नहीं मिला। फोन पर हुई बातचीत में अनुष्का के भाई आकाश यादव ने आकाश भाटी, आकाश गुर्जर और किसी खन्ना को जानने से इनकार कर दिया। रिपोर्टर - तेजप्रताप ने अनुष्का की बच्ची पिता आकाश भाटी को बताया है, ऐसे आरोप में कितनी सच्चाई है? आकाश - वो फर्जी नाम लेकर मेरी बहन का कैरेक्टर उछाल रहे हैं, उन्हें कोर्ट में साबित करना होगा। रिपोर्टर - आकाश भाटी को आप जानते हैं, कौन है? आकाश - मैं आकाश भाटी और आकाश गुर्जर किसी को नहीं जानता, इस नाम से वो बहन पर घिनौना आरोप लगा रहे हैं। रिपोर्टर - आप इन नामों में से किसी को नहीं जानते हैं? आकाश - तेजप्रताप प्रूफ करें कौन हैं, हमारी तरफ से कानूनी जवाब दिया जाएगा। रिपोर्टर - तेजप्रताप ने तो कई बार तीनों के नाम लिए हैं? आकाश - हम वैसे खानदान से आते हैं जिस घर की बहू-बेटियां चलते-फिरते मीडिया में आकर कुछ नहीं बोलती हैं। रिपोर्टर - आकाश भाटी और आकाश गुर्जर कौन हैं, इनसे आपके परिवार से क्या संबंध हैं? आकाश - हमारा कोई संबंध नहीं है, हम तो नाम भी पहली बार सुन रहे हैं। जिन्हें 5 जयचंद बताया उनसे भी कोई संबंध नहीं अनुष्का के भाई आकाश यादव ने भास्कर से बातचीत में कहा, तेजप्रताप ने जिन 5 जयचंदों का नाम लिया है, उनसे भी मेरे परिवार से कोई मतलब नहीं है। वह सुनील सिंह और मुकेश रौशन के साथ नाम जोड़ रहे हैं, इसका कोई लॉजिक नहीं बनता है। आप और हमारे जैसे लोग इन विषयों पर समय खर्च करें तो यह समय बर्बादी है। अगर हम किसी के बारे में जानते तब न कुछ बताते। रिपोर्टर - चारों तरफ बस यही चर्चा है कि बच्ची हुई है? आकाश -जो सच्चाई है वह छिपती नहीं है, सामने आ ही जाती है। रिपोर्टर - तेजप्रताप ने इन लोगों का नाम क्यों लिया होगा? आकाश - जिस तरह मेरी सिस्टर के कैरेक्टर का हनन किया जा रहा है, यह बहुत बड़ा अपराध है। रिपोर्टर - वह खुलेआम किसी का नाम कैसे ले सकते हैं? आकाश - किसी की बहू-बेटी के चरित्र को आप मीडिया में सामने आकर इस तरह नहीं उछाल सकते। रिपोर्टर - इसके जवाब में आप क्या बोलेंगे? आकाश - अगर सोच रहे हैं कि मीडिया के सामने आकर किसी के चरित्र का हनन कर देंगे तो, इसके लिए कानून और संविधान बना है। बेटी हुई तो डिप्रेशन में चले गए आकाश ने कहा तेजप्रताप ऐसे नहीं डिप्रेशन में हैं। उन्होंने जो भी बोला है जो भी आरोप लगाया है उसके पीछे एक ही लॉजिक है। ऐसा किसी भी लड़के के मुंह से तभी आएगा, जब उस लड़के के ऊपर किसी भी बेटे या बेटी का पिता बनने का प्रेशर हो। लड़की या लड़की के परिवार वालों ने उसके ऊपर केस किया हो। या लड़के के ऊपर प्रेशर बना रहे हों, जो भी बात उन्होंने कही है, इन सभी बातों के लिए मीडिया तो प्लेटफॉर्म नहीं बना है। मीडिया के सामने आकर प्राईवेट बातें डिस्कस करना सही नहीं है, मतलब की आप डिप्रेशन में हो। तेजप्रताप के कारण मेरी हालत खराब हुई आकाश ने कहा किसी की बहन के लिए अगर ऐसे शब्द कहें जाएं तो समझ जाइए उसकी क्या हालत होगी। हम उस लड़की के भाई हैं, जिसके चरित्र पर गंदा आरोप लगाया जा रहा है। मेरी सिचुएशन क्या है, आप समझ रहे होंगे? एक भाई के नाते आप समझ सकते हैं कि हमारे ऊपर क्या बीत रही होगी। किसी की बहन के चरित्र का इस तरह सड़क पर हनन किया जा रहा है। इस घटना से मेरा पूरा परिवार दहशत में है, हम काफी परेशान हैं। हम लोग गरीब और छोटे आदमी हैं, हम क्या झेल रहे हैं और क्या परेशानी का सामना कर रहे हैं हम ही जान रहे हैं। हम लोग कहीं सही से इलाज तक नहीं करवा पा रहे हैं। हम भयभीत ही नहीं, आप समझिए हम लोग पूरी तरह से दहशत में इधर-उधर भाग रहे हैं। तेजप्रताप के बताए पते पर भास्कर की पड़ताल तेजप्रताप यादव ने गोलारोड स्थित टी पॉइंट का नाम लिया है। उन्होंने आकाश भाटी और आकश गुर्जर का पता टी पॉइंट ही बताया। गोला रोड से दीघा जाने के रास्ते में बेली रोड से 2 किलोमीटर दूर टी पॉइंट है, यहां रास्ता सामने से खत्म हो जाता है और दो रास्ते निकलते हैं। एक दाई तरफ और दूसरा बाई तरफ। इसी पॉइंट को टी पॉइंट के नाम से जाना जाता है। भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने गोला रोड के टी पॉइंट पर 5 किलोमीटर इलाके में पड़ताल की। 200 से ज्यादा घरों की पड़ताल करते हुए इलाके के लगभग 50 लोगों से आकाश भाटी और आकाश गुर्जर के बारे में पता किया, लेकिन किसी के पास कोई जानकारी नहीं थी। गोला रोड के टी पॉइंट पर हमारी मुलाकात चाय और सब्जी बेचने वाले दुकानदार राजू से हुई। राजू की दुकान पर मोहल्ले का हर छोटा बड़ा आदमी आता है, लेकिन राजू को भी आकाश भाटी और आकाश गुर्जर के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। रिपोर्टर - यहां कोई आसपास आकाश भाटी या आकाश गुर्जर रहते हैं? राजू - नाम तो नहीं सुने हैं। रिपोर्टर - तेजप्रताप के जानने वाले हैं, उनके साथ ही रहते थे ये लोग। राजू - ऐसा तो कभी नहीं दिखा, मेरी दुकान पर इस नाम का कोई कभी नहीं आया, आगे पता कर लीजिए। रिपोर्टर - कभी तेजप्रताप या उनके परिवार का कोई किसी से मिलने आया हो? राजू - हम अपनी दुकान के चक्कर में रहते हैं, यहां वह कभी नहीं आए। चाय और सब्जी के दुकानदार राजू ने बताया कि रघु से मिल लीजिए, वह पुराने आदमी हैं। हो सकता है कुछ जानकारी दे दें। राजू की दुकान से थोड़ी ही दूरी पर हमारी मुलाकात रघु से हुई। वह भी आकाश भाटी और आकाश गुर्जर के बारे में कोई जानकारी नहीं दे पाए। रिपोर्टर - इधर कोई आकाश भाटी या आकाश गुर्जर नाम के लोग रहते हैं क्या? रघु - नहीं जानते, यहां तो इस नाम का कोई नहीं रहता है। रिपोर्टर - आकाश नाम का कोई आदमी जो आसपास रहता हो या पहले रहा हो? रघु - नहीं, यह नाम बाहर का लगता है, यहां इस नाम का कोई नहीं रहता है। रघु से बातचीत के बाद हम 500 मीटर दूर किराना स्टोर पर पहुंचे। यहां हमारी मुलाकात दुकान मालिक मुकेश से हुई। किराने की दुकान चलाने वाले मुकेश को भी भाटी और गुर्जर के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। मुकेश ने बताया कि वह पिछले 20 सालों से यहां है लेकिन इस नाम का कोई व्यक्ति यहां नहीं रहता है। रिपोर्टर - यहां आकाश भाटी या आकाश गुर्जर नाम का कोई रहता है क्या? मुकेश - नाम तो मैने पहली बार सुना है, इस नाम का तो यहां कोई नहीं है। रिपोर्टर - तेजप्रताप या उनके परिवार के संपर्क का कोई आकाश नाम का रहता हो? मुकेश - आकाश नाम के तो लोग हैं, लेकिन भाटी या गुर्जर टाइटल वाला कोई नहीं है। रिपोर्टर - कभी ऐसे किसी नाम के किसी का आना जाना रहा हो आपकी दुकान पर? मुकेश - अगर कोई कभी गाड़ी-घोड़े से आता-जाता तो जरूर देखे होते, मोकामा हाउस के पास एक अपार्टमेंट में कोई नेता रहता है एक बार पता कर लीजिए। मुकेश से बातचीत में एक मोकामा हाउस का पता चला। मुकेश ने बताया कि मोकामा हाउस के बगल वाले अपार्टमेंट में कुछ बड़े नेता रहते हैं। वहां बड़ी-बड़ी गाड़ियां आती-जाती हैं, हो सकता है वहां से आपको कोई मदद मिल जाए। मुकेश की दुकान से लगभग 600 मीटर दूर दाहिने साइड में मोकामा हाउस मिला। बगल में सूर्या सिंह बिहार अपार्टमेंट दिखा। रिपोर्टर ने अपार्टमेंट में तैनात गार्ड से बात की तो गार्ड ने अपार्टमेंट के मुंशी को बुला लिया। क्योंकि गार्ड नया था मुंशी पिछले 4 साल से वहां काम कर रहा था। रिपोर्टर - यहां कोई आकाश भाटी या आकाश गुर्जर नाम का लालू परिवार से जुड़ा व्यक्ति रहता है क्या? मुंशी - नहीं यहां तो इस नाम का कोई व्यक्ति नहीं रहता है। रिपोर्टर - तेजप्रताप के जानने वाले लोग हैं? मुंशी- नाम नहीं जानते, फ्लैट नंबर क्या है, ऐसा कोई है ही नहीं यहां। रिपोर्टर- आकाश भाटी या आकाश गुर्जर नाम का कोई कभी यहां रहा हो पहले? मुंशी- मेरी जानकारी में तो नहीं रहा है, मैं यहां 4 साल से रह रहा हूं। रिपोर्टर- कोई नेता रहा है क्या यहां? ऐसा आदमी जिससे कोई नेता से मिलने जुलने आता हो। मुंशी- इस अपार्टमेंट में यहां कोई नेता नहीं रहता। तेजप्रताप की हर गतिविधियों पर नजर रखने वाले नेताओं का जवाब… हमने तेजप्रताप यादव और अनुष्का के साथ उनके परिवार और करीबियों से पड़ताल की। हमने तेजप्रताप के बताए पते पर छानबीन के बाद उन नेताओं से भी बातचीत की जो तेजप्रताप यादव की हर गतिविधियों की जानकारी रखते हैं। इसमें कई नेता ऐसे भी हैं जिन्हें तेजप्रताप ने जयचंद की सूची में रखा है। भास्कर ने 40 से ज्यादा नेताओं से आकाश भाटी और आकाश गुर्जर के बारे में पूछा, लेकिन कोई भी इस नाम के शख्स को नहीं जानता। भाटी और गुर्जर के सवाल पर नेताओं का एक लाइन में जवाब आकाश भाटी और आकाश गुर्जर के सवाल पर अधिकतर नेता एक लाइन में ही जवाब देते रहे। मैं नहीं जानता या फिर इस मामले में मैं कुछ नहीं बोलूंगा। ऐसे नेता जो तेजप्रताप के मामले में अक्सर कोई न कोई प्रतिक्रिया देते हैं, वह भी इस मामले में किनारा करते नजर आए। हमने BJP के भी कुछ नेताओं से बात की और जानने की कोशिश की आकाश भाटी कौन है, जिसका अनुष्का के साथ तेजप्रताप यादव संबंध जोड़ रहे हैं। रिपोर्टर ने तेजप्रताप के करीबी प्रेम यादव से भी बात की। प्रेम यादव से पूछा गया कि तेजप्रताप यादव ने जिस आकाश भाटी का नाम अनुष्का के साथ जोड़ा है, वो कौन है। इस सवाल पर बाद में पूरी जानकारी देने की बात कहकर उन्होंने फोन काट दिया। हालांकि उन्होंने यह कहा कि फिर बात करके या मिलकर वह पूरी जानकारी दे देंगे, लेकिन बाद में उनका कोई कॉल नहीं आया। तेजप्रताप का करीबी बोला- अनुष्का से उन्हीं का संबंध था 2 महीने पहले तक तेजप्रताप के साथ रहे और उनके हर सुख दुख में शामिल रहने वाले बेहद ही करीबी माने जाने वाले सिंगर संतोष कुमार रेणु से भी भास्कर रिपोर्टर ने बात की। संतोष से जब आकाश भाटी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ‘हम काफी दिन तक तेजप्रताप के साथ रहे, लेकिन कभी भी आकाश भाटी का न नाम सुना और न कभी आकाश भाटी नाम के किसी व्यक्ति से मिला। हम तो अनुष्का के साथ तेजप्रताप का ही नाम जानते थे।’ तेजप्रताप ने 3 नाम लिए, डिप्रेशन या अनुष्का पर आरोप का फंडा 8 फरवरी को अनुष्का की बेटी की खबर सामने आई, इसी दिन खबर के थोड़ी देर बाद तेजप्रताप यादव ने प्रेस कांफ्रेंस की। प्रेस कांफ्रेंस में अनुष्का की बेटी के सवाल पर उन्होंने आकाश भाटी और आकाश गुर्जर नाम लेते हुए अनुष्का यादव से दोनों का संबंध होने का आरोप लगाया। तेजप्रताप ने सवाल करने वाले पत्रकारों से कहा - ‘आप लोग जाकर पता करिए कि आकाश भाटी और आकाश गुर्जर कौन है? जो गोला रोड के टी-पॉइंट के पास रहता है।’ आरोप ये भी लगाए कि आकाश भाटी हमेशा अनुष्का के फ्लैट पर आता-जाता रहता है। उस लड़की का आकाश भाटी और आकाश गुर्जर के साथ क्या संबंध है ये तो आकाश भाटी ही बताएंगे। प्रेस कांफ्रेंस के अगले ही दिन 9 फरवरी को तेजप्रताप ने आकाश भाटी और आकाश गुर्जर के साथ एक और नया नाम जोड़ दिया। तेजप्रताप ने ‘खन्ना’ नाम के किसी व्यक्ति का नाम लेते हुए कहा कि आप लोग जाइए न पता करिए की खन्ना कौन है? खन्ना का उस लड़की से क्या संबंध है? सारे जयचंद मुझे फंसाने में जुटे हैं और उस लड़की का संबंध मेरे साथ जोड़ रहे हैं। तेजप्रताप ने कहा- कोई किसी का भी बच्चा बोल सकता है 9 फरवरी को तेजप्रताप ने कहा, 'हम लीगल एक्शन लेने वाले हैं। इसके लिए कोर्ट जाएंगे और गृहमंत्री से भी मुलाकात करेंगे। इस तरीके से आप किसी को भी नहीं फंसा सकते हैं। कल के दिन हम आपका संबंध जोड़ देंगे और कहेंगे कि आपका बच्चा है। मेरी लोकप्रियता को देखते हुए ऐसा किया जा रहा है और मेरे उपर कीचड़ उछालने का काम किया जा रहा है।'
‘ये जो लड़की है, इसका क्या है? इसको कुछ आता है? ई कोई काम की है? ई सबको कुछ आता था? इसके (पति) हट गए, तो कुछ दिन बाद इसी को (सीएम) बना दिया। ई सब कोई काम नहीं किया। 15 साल तक कुछ काम नहीं किया।’ ‘बैठो, चुपचाप सुनो। बच्चा हो। कुछ नहीं जानते हो। तुम्हारे बाप के समय के हैं न जी। तुम्हारे बाप को भी बनाए हैं।’ ऊपर के दोनों बयान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हैं। पहला बयान 9 फरवरी का है, जब नीतीश कुमार विधान परिषद में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर भड़क गए थे। दूसरा बयान 5 फरवरी का है, जब नीतीश कुमार विधानसभा में तेजस्वी यादव के टोकाटोकी पर नाराज हो गए थे। नीतीश कुमार के इस बयान पर RJD भड़क गई। तेजस्वी ने नीतीश को डिमेंशिया से पीड़ित बुजुर्ग बताया तो पार्टी ने संवैधानिक पद पर बैठ महिलाओं के लिए अश्लील बातें करने वाला बिहार का बुड्ढा लड़का कहा। ऐसे में सवाल उठता है कि लालू फैमिली को लेकर नीतीश कुमार इतने पर्सनल क्यों हो जाते हैं और आखिर क्या वजह है? इन सवालों का जवाब जानेंगे आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में…। 3 पॉइंट में लालू फैमिली पर नीतीश पर्सनल कमेंट क्यों करते हैं… 1. तेजस्वी का मनोबल तोड़ना चाहते हैं या चार्ज करना बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) 25 सीटों पर सिमट गई। यह अब तक का उसका दूसरा सबसे खराब प्रदर्शन है। हार के बाद तेजस्वी यादव घर से लेकर अपने गठबंधन में चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। 2. भाजपा की तरह हार्ड पॉलिटिक्स करना चाहते हैं नीतीश कुमार इस चुनाव में मजबूत बनकर उभरे हैं। सरकार में भाजपा का प्रभाव भी बढ़ा है। वह एग्रेसिव पॉलिटिक्स के लिए जानी जाती है। नीतीश कुमार के हालिया फैसले और बयान से साफ है कि वह भी एग्रेसिव पॉलिटिक्स की पीच पर खेलेंगे। 3. नीतीश का सीधा मैसेज- अब लालू परिवार से नहीं मिलेंगे पॉलिटिकल एनालिस्ट संजय सिंह कहते हैं, ‘नीतीश कुमार के लगातार हमले से क्लियर मैसेज है कि अब वह लालू परिवार की तरफ रूख नहीं करेंगे। मतलब अब वह भाजपा के साथ ही रहेंगे।’ तेजस्वी बोले-नीतीश को डिमेंशिया बीमारी, क्या सच में बीमार हैं CM राबड़ी देवी को विधान परिषद में लड़की बोलने पर भड़के तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को डिमेंशिया और अल्जाइमर पीड़ित मरीज बताया। 9 फरवरी को X पर पोस्ट कर तेजस्वी ने लिखा, ‘डिमेंशिया और अल्जाइमर का दुष्प्रभाव जब बढ़ता है तो व्यक्ति मानसिक रूप से विक्षिप्त अवस्था में चला जाता है जहां आप सहानुभूतिपूर्वक रोगी के मानसिक स्वास्थ्य लाभ की कामना ही कर सकते हैं।' तेजस्वी ने डिमेंशिया बीमारी क्यों कहा, नीतीश में उसके लक्षण हैं क्या
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
बिहार के कुछ इलाकों में सुबह-सुबह हल्का कोहरा दिख सकता है। दिन चढ़ते ही धूप निकलेगी, जिसके बाद मौसम सामान्य हो जाएगा। हालांकि पछुआ हवा चलने से अभी भी हल्की ठंड लग रही है। वहीं, जनवरी के मुकाबले अब ठंड का असर कम हो रहा है। तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखी जा रही है। आने वाले दिनों में राज्य में मौसम अधिकतर शुष्क रहने वाला है और दिन में गर्माहट महसूस होगी। बीते 24 घंटे में राज्य का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री रहा। मधेपुरा सहित कुछ जिलों में घना कुहासा दिखा। ऐसा मौसम क्यों बना हुआ है- क्या है कारण मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय बिहार में शुष्क मौसम बनने की सबसे बड़ी वजह पश्चिमी विक्षोभ की कमजोर स्थिति और बारिश की गतिविधि का कम होना है। जब बादल और बारिश कम होती है तो दिन में धूप ज्यादा निकलती है और तापमान बढ़ने लगता है। ठंडी पछुआ हवाओं का असर धीरे-धीरे कम होने से भी ठंड घटती है। मौसम विभाग पहले भी बता चुका है कि ठंड और कोहरे का असर तब ज्यादा रहता है जब बादल, नमी और ठंडी हवाएं एक साथ सक्रिय रहती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि फरवरी के दूसरे सप्ताह से उत्तर भारत में मौसम सामान्य होना शुरू हो जाता है, क्योंकि सूर्य की गर्मी बढ़ने लगती है और दिन बड़े होने लगते हैं। इसी कारण दिन में तापमान बढ़ता है जबकि सुबह-शाम हल्की ठंड बनी रहती है। मौसम वैज्ञानिक बोले- फिलहाल नहीं बदलेगा मौसम मौसम विभाग के मुताबिक बिहार में आने वाले दिनों में बड़े मौसम बदलाव की संभावना कम है। राज्य में अगले कुछ दिनों तक शुष्क मौसम रहने और हल्के कोहरे की स्थिति बने रहने की संभावना जताई गई है। अगले 7 दिनों तक कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अगले एक सप्ताह तक बिहार में मौसम सामान्य रहने की संभावना है। अधिकतर जिलों में बारिश की संभावना कम रहेगी। सुबह हल्का कोहरा संभव, दिन में धूप और हल्की गर्माहट के साथ रात में हल्की ठंड महसूस हो सकती है। पटना में मौसम रहेगा सामान्य पटना के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में आसमान अधिकतर साफ रहने की संभावना है। तापमान सामान्य से थोड़ा बढ़ सकता है और दिन में धूप रहेगी। पटना में अधिकतम तापमान करीब 24-27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 10-15 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना रहती है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ 500 करोड़ का मानहानि मुकदमा किया है। इनके साथ कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह और गौरव गोगोई का नाम भी शामिल है। यह मामला एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लगाए गए '12,000 बीघा जमीन' के कथित आरोपों से जुड़ा है। दरअसल, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि, भूपेश बघेल और अन्य कांग्रेस नेताओं ने उनके खिलाफ जानबूझकर गलत और दुर्भावनापूर्ण आरोप लगाए। जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है। इसलिए उन्होंने अदालत में सिविल और क्रिमिनल मानहानि का केस दर्ज कराया है। 9 फरवरी को शुरू हुई कानूनी कार्रवाई हिमंता बिस्वा सरमा के अनुसार, 9 फरवरी 2026 को भूपेश बघेल सहित कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई। उन्होंने कहा कि, राजनीतिक असहमति अलग बात है, लेकिन सार्वजनिक मंच से निराधार आरोप लगाना कानून के दायरे में आता है। सीएम सरमा का आरोप है कि, कांग्रेस नेताओं, खासकर भूपेश बघेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए उनके खिलाफ ऐसे बयान दिए जो पूरी तरह झूठे और तथ्यहीन हैं। इसी को लेकर उन्होंने सीधे कोर्ट का रुख किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बयान बने विवाद की वजह बता दें कि, मामला 4 फरवरी को गुवाहाटी में आयोजित एक संयुक्त प्रेस वार्ता से शुरू हुई। असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने दावा किया था कि पार्टी की आंतरिक जांच में यह सामने आया है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने राज्य भर में लगभग 12,000 बीघा जमीन पर कब्जा कर रखा है। सरमा ने इन दावों को पूरी तरह से झूठा, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक करार दिया है। इससे पहले सरमा ने कहा था कि वे गांधी परिवार के गुलामों की ओर से किए जा रहे प्रचार, बदनाम करने की कोशिश या राजनीतिक नाटक से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हिट एंड रन राजनीति का दौर खत्म हो चुका है। अगर उनके पास जरा भी साहस या सबूत है तो अदालत में पेश करें। इसी बीच असम की राजनीति में हिमंता सरमा और गौरव गोगोई के बीच टकराव और तेज हो गया है। मुख्यमंत्री ने हाल ही में आरोप लगाया था कि गौरव गोगोई और उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न के पाकिस्तान के नागरिक अली तौकीर शेख से गहरे संबंध हैं और इससे संवेदनशील सूचनाएं पाकिस्तान तक पहुंचने की आशंका जताई थी। हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के पास अपने दावों के समर्थन में कोई दस्तावेजी सबूत नहीं है और उन्होंने मानसिक संतुलन खो दिया है। ……………………… राजनीति से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… चंद्राकर बोले-मनरेगा में छत्तीसगढ़ जोड़ने पर रोने लगे थे भूपेश:पूर्व मंत्री ने कहा-कांग्रेस को छग नाम से घृणा,नाम बदलने का काम कांग्रेस ने किया छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अजय चंद्राकर सोमवार को बालोद दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय बजट को लेकर पत्रकारों से चर्चा की। पत्रकारों ने उनसे पूछा कि जब 100 दिन के रोजगार की गारंटी पूरी नहीं हो पाती, तो 150 दिन का लक्ष्य कैसे पूरा होगा। पढ़ें पूरी खबर…
रूट 66 हो या लिंकन हाईवे, अमेरिका की एक पहचान अच्छी सड़कों वाले देश के रूप में भी है। जल्द ही आप बिहार में भी अमेरिका जैसी सड़कों पर फर्राटा भर सकेंगे। राज्य में ऐसे 5 एक्सप्रेस वे बन रहे हैं। 6 लेन वाले इन एक्सप्रेस वे पर 1 km दूर से मोड़ नजर आएगा। आप 120 km/h की रफ्तार से कार दौड़ा पाएंगे। सभी एक्सप्रेस वे की कनेक्टिविटी पटना से होगी। बिहार के किसी भी कोने से आप तीन घंटे में राजधानी पटना पहुंच जाएंगे। दैनिक भास्कर की खास रिपोर्ट में जानिए बिहार में किन 5 एक्सप्रेस वे का निर्माण चल रहा है। ये किन जिलों से गुजरेंगे। इनकी खासियत क्या है। 1- आमस-दरभंगा एक्सप्रेस वे यह बिहार का पहला उत्तर-दक्षिण एक्सप्रेस वे होगा। 225 km लंबा यह एक्सप्रेस वे उत्तर बिहार को दक्षिण बिहार से जोड़ेगा। औरंगाबाद के आमस से शुरू होकर दरभंगा तक जाएगा। यह एक्सप्रेस-वे 6 जिलों (गया, जहानाबाद, पटना, वैशाली, समस्तीपुर और दरभंगा) से गुजरेगा। इससे राज्य के उत्तर पूर्वी हिस्सों से देश के बाकी हिस्सों तक माल ढुलाई में आसानी होगी। 2- गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस वे 520 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस वे उत्तर प्रदेश के गोरखपुर को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से जोड़ेगा। यह एक साथ तीन राज्यों को एक सूत्र में बांधेगा। इससे नेपाल के साथ लगी सीमा तक पहुंच आसान होगी। एक्सप्रेस वे गंडक और कोसी नदी पर अतिरिक्त ब्रीज के सहारे सिलीगुड़ी तक पहुंचेगा। यह एक्सप्रेस वे बिहार के 9 जिलों (पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, सुपौल, अररिया और किशनगंज) से होकर गुजरेगा। अगले चार साल में बनकर तैयार होगा। राज्य में इसकी लंबाई करीब 416 किलोमीटर होगी। इससे बिहार, उत्तर प्रदेश और बंगाल के हाईवे को नई कनेक्टिविटी मिलेगी। पश्चिम चंपारण या किशनगंज से पटना जाना हो तो आपको मुजफ्फरपुर आना होगा। इसके बाद मुजफ्फरपुर से पटना आने वाली सड़क इस्तेमाल करनी होगी। इस एक्सप्रेस वे से सीतामढ़ी जिले में स्थित पुनौरा धाम (माता सीता की जन्मस्थली) जाना आसान होगा। 3- वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेस वे करीब 700 km लंबा यह एक्सप्रेस वे बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। तीनों राज्यों को कोलकाता पोर्ट से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे सामानों को निर्यात करना आसान होगा। बिहार में एक्सप्रेस वे की लंबाई करीब 121.70 km होगी। यह चार जिलों (कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया जी) से गुजरेगा। इससे बिहार के लोगों को उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जाने में आसानी होगी। समय कम लगेगा। इसका एलानमेंट मौजूदा जीटी रोड के 20-30 किलोमीटर दक्षिण से होकर गुजर रहा है। इस की खासियत मोस्ट अंडर डेवलप्ड और नक्सल प्रभावित इलाकों को कनेक्टिविटी देना है। बिहार सरकार इसके किनारे चार आर्थिक जोन बना रही है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण किया जा रहा है। इस एक्सप्रेस वे से मां मुंडेश्वरी मंदिर, गुप्त धाम, दुर्गावती जलाशय, मां तारा चंडी धाम और सूर्य देव मंदिर तक पहुंचना आसान होगा। इससे डोभी, औरंगाबाद और सासाराम से तीन शाखाएं निकालने का प्रस्ताव है। ये सड़कें एक्सप्रेस वे को पटना से जोड़ेंगी। 4. रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस वे करीब 650 km लंबे इस एक्सप्रेस वे का 407 km लंबा हिस्सा बिहार से गुजरेगा। यह बिहार के रक्सौल को पश्चिम बंगाल के हल्दिया पोर्ट से जोड़ेगा। इससे समुद्र के रास्ते हल्दिया पोर्ट आने वाले सामान को नेपाल ले जाना आसान होगा। बिहार को पोर्ट तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे आयात-निर्यात में आसानी होगी। उद्योग लगेंगे। यह एक्सप्रेस वे बिहार के 11 जिलों (पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, लखीसराय, मुंगेर, जमुई और बांका) से गुजरेगा। इस परियोजना के तहत बेगूसराय और मुंगेर (सूर्यगढ़ा के पास) के बीच गंगा नदी पर 6-लेन पुल बनाया जाएगा। 5. पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस वे यह एक्सप्रेस-वे राजधानी पटना को उत्तर-पूर्वी बिहार के प्रमुख शहर पूर्णिया से जोड़ेगा। इसके बनने से सीमांचल क्षेत्र से पटना आने में लगने वाला समय सिर्फ तीन घंटे रह जाएगा। नीतीश सरकार का लक्ष्य है कि बिहार के किसी भी कोने से पटना आने में लगने वाला समय 5 घंटे से कम होना चाहिए। 282 km लंबा यह एक्सप्रेस बिहार के 7 जिलों (सारण, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा और पूर्णिया) से गुजरेगा। यह सारण के दिघवारा से शुरू होगा। वैशाली के मीरनगर, बिदुपुर और देसरी जैसे क्षेत्रों से गुजरेगा। इसके बाद समस्तीपुर के सरायरंजन और रोसड़ा जैसे महत्वपूर्ण प्रखंडों को कवर करेगा। सराय रंजन मंत्री विजय चौधरी का क्षेत्र है। दरभंगा के कुशेश्वरस्थान और हायाघाट से आगे चलकर सहरसा में इन करेगा। कोसी के कहरा होते हुए मधेपुरा और इसके बाद पूर्णिया पहुंचेगा। राजधानी पटना से जुड़ेंगे सभी 5 एक्सप्रेस वे ऊपर बताए गए सभी 5 एक्सप्रेस वे पटना से कनेक्ट होंगे। इसके लिए कनेक्टिंग एक्सप्रेस वे बनाए जाएंगे। राजधानी के चारों ओर रिंग रोड पर काम चल रहा है। इसके लिए गंगा नदी पर दो बड़े ब्रिज बनाए जा रहे हैं। 120 km/h की रफ्तार से दौड़ेंगी गाड़ियां बिहार में बनने वाले सभी एक्सप्रेस वे पर तेज रफ्तार से गाड़ियां दौड़ेंगी। इनका डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि 150 km/h की रफ्तार से गाड़ी चल सके। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए गति सीमा 120 km/h रखी जाएगी। 1 km दूर से दिख जाएगी मोड़ नए एक्सप्रेस वे पर विजिबिलिटी का ख्याल रखा जा रहा है। कोशिश है कि एक्सप्रेस वे सीधी लाइन में गुजरे। पथ निर्माण विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 1 km दूर से ही मोड़ दिख जाएगी। कंटेनर को एक लेन से दूसरे लेन में जाने के लिए विशेष इंतजाम होंगे। सिक्स लेन पर यह इंतजाम रहेगा कि कंटेनर यू टर्न के दौरान कम से कम 1km दूर से दिख जाए। हादसे कम करने पर पूरा ध्यान है। सिक्स लेन पर कोई रेड लाइट और स्टॉप नहीं होगा। शहर, बाजार, गांव के पास एलिवेशन अपनाया जाएगा। क्यों खास हैं अमेरिका के हाईवे? आकार के मामले में अमेरिका दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश है। 1956 में राष्ट्रपति आइजनहावर के समय यहां इंटरस्टेट हाईवे सिस्टम शुरू किया गया था। इसके तहत लंबी-चौड़ी सड़कें बनाई गईं। सड़कों को स्पीड, सुरक्षा और डिफेंस के लिए डिजाइन किया गया था। शुरू में करीब 66 हजार किलोमीटर तक ऐसे हाई वे बनाए गए। इन सड़कों से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिला। अमेरिका के आर्थिक महाशक्ति बनने के पीछे एक बड़ी वजह यहां की सड़कों को भी माना जाता है। यू.एस. रूट- 20 अमेरिका का सबसे लंबा (5415 km) हाई वे है। यह 12 राज्यों से गुजरता है। बोस्टन से मैसाचुसेट्स, न्यूपोर्ट और ओरेगन तक जाता है। यहां सबसे ज्यादा स्पीड लिमिट (136 kh/h) टेक्सास स्टेट हाईवे-130 पर है। पैन-अमेरिकन हाईवे उत्तरी अमेरिका और दक्षिणी अमेरिका को जोड़ने वाले हाई वे का नेटवर्क है। इसकी कुल लंबाई लगभग 30,600 किमी है।
हुजूर, सरकार मेरी हत्या कराना चाहती है। PMCH में लावारिस पड़ा था। वार्ड के बाहर की एक सुई लगाई गई, जिससे मेरी तबीयत खराब होने लगी। मुझे शक है कि गलत इंजेक्शन देकर पटना पुलिस मेरी हत्या करवाना चाहती है। मैं सरेंडर करने वाला था। सादे कपड़ों में मेरे घर बहुत से हथियारबंद लोग आए। SP नहीं आते तो पता नहीं क्या होता। मंगलवार दोपहर को सांसद पप्पू यादव ने ये बातें कोर्ट में कहीं। पेश होते ही सांसद ने जज के सामने हाथ जोड़ लिए। फूट-फूटकर रोते हुए अपना दुखड़ा सुनाया। गिड़गिड़ाकर कहा- ‘हुजूर सरकार मरवा देगी, बचा लीजिए।’ सुनवाई के दौरान वह करीब 20 मिनट तक जज के सामने हाथ जोड़े खड़े रहे। पप्पू यादव को 31 साल पुराने एक मामले में पटना की MP-MLA विशेष अदालत से जमानत मिल गई है। हालांकि, अन्य दो मामलों में जमानत नहीं मिलने के कारण वे फिलहाल जेल में रहेंगे। आज इन्हीं दोनों मामलों पर सुनवाई होगी। पप्पू यादव ने जज के सामने रोते-रोते क्या कहा? सरकारी वकील ने क्या दलीलें दी, अपने संदेश में नीतीश सरकार पर क्या आरोप लगाए। पढ़िए रिपोर्ट…। कैदी वैन से पहुंचे पप्पू यादव, व्हीलचेयर से कोर्ट पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव मंगलवार दोपहर को करीब 12:30 बजे MP-MLA कोर्ट आए। पुलिस उन्हें कैदी वैन में बैठाकर बेऊर जेल से लाई थी। वह जैसे ही पहुंचे वैन के पास भीड़ जुट गई। कुछ सांसद के समर्थक थे तो बड़ी संख्या में पुलिस के जवान। सांसद को उतारने के लिए वैन का पिछला दरवाजा खोला गया। अब तक बेंच पर बैठकर खिड़की पर लगी जाली से झांककर बाहर की स्थिति का अंदाजा लगा रहे पप्पू यादव धीरे-धीरे खड़ा हुए। एक पुलिसकर्मी उनके बेहद पास मौजूद थे। वैन से उतरने से पहले सांसद ने हाथ जोड़ लिए। उन्होंने झुककर सामने मौजूद लोगों को प्रणाम किया। इसके बाद पुलिस सांसद को व्हीलचेयर पर बैठाकर कोर्ट के अंदर ले गई। पेशी के दौरान फूट-फूटकर रोने लगे पप्पू यादव MP/MLA कोर्ट के ACJM 1 की अदालत में पप्पू यादव के मामले की सुनवाई हुई। अपनी बारी आने से पहले सांसद कोर्ट के बाहर व्हीलचेयर पर बैठकर इंतजार करते रहे। वहां उनके समर्थकों की भीड़ लगी रही। कोई लिट्टी तो कोई मिल्क शेक लेकर पहुंचा। एक छोटा बच्चा भी आया था, जिसकी पढ़ाई का खर्च सांसद उठाते हैं। लंच के बाद दोपहर 2 बजे जज अपनी सीट पर पहुंचे। इसके साथ ही पप्पू यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई शुरू हुई। आगे पढ़िए, कोर्ट में क्या हुआ…(जैसा कोर्ट रूम में मौजूद वकील ऋषिकेश नारायण सिन्हा ने बताया) सरकारी वकील: हुजूर बुद्धा कॉलनी थाने से जुड़े केस में रिमांड दी जाए। जज: पप्पू यादव कहां हैं? पप्पू यादव: अपना नाम सुनकर व्हीलचेयर से लड़खड़ाते हुए खड़े हुए। पैर कांप रहे थे। आंखें भरी हुईं। उठते ही जज के सामने दोनों हाथ जोड़ लिए। बोले हुजूर मैं हूं। जज: आपको कांड संख्या 72/26 में रिमांड किया जा रहा है। पप्पू यादव: इतना सुनते ही फूट-फूटकर रोने लगे। हाथ जोड़े हुए अपनी आपबीती सुनाई। कहा, ‘हुजूर मैं सांसद हूं। मुझे बहुत से काम होते हैं। मैं कभी कोर्ट से भागा नहीं हूं। सरेंडर करने वाला था। मेरे घर पर बहुत सारी पुलिस आ गई। विरोध भी मैंने नहीं किया। साथ चलने के लिए तैयार था।’ ‘सादे लिबास में आए दीपक कुमार नाम के शख्स ने पिस्टल दिखाते हुए मुझे धमकी दी। उनके साथ और भी लोग सादे लिबास में थे। SP और अन्य लोग नहीं आते तो पता नहीं मेरे साथ उस दिन क्या होता। कुछ कह नहीं सकता। मेरे साथ बहुत दुर्व्यवहार किया गया है।’ ‘हुजूर आपके आदेश पर मुझे PMCH इलाज के लिए ले जाया गया। वहां लावारिस छोड़ दिया गया। वार्ड के बाहर एक गलत सुई लगाई गई। जिससे मुझे अब परेशानी हो रही है। इसे अपने रिकॉर्ड पर रखा जाए। सरकार मेरी हत्या करा सकती है। ऐसे में मेरे साथ कुछ भी अनहोनी होती है। इस पर संज्ञान लिया जाए।’ इस दौरान पप्पू यादव अपने हाथ में 3-4 पन्ने का आवेदन लिए हुए थे। यह आवेदन सांसद ने जेल में लिखा था। जज: डॉक्यूमेंट लाइए। यह सुनकर कोर्ट के कर्मचारी सांसद के पास आए और आवेदन लेकर जज के सामने रख दिया। पप्पू यादव के वकील: हुजूर बेल दी जाए। सरकारी वकील: हुजूर लंबे समय से फरार हैं। बार-बार बुलाने के बाद भी ना इनके वकील आए और ना खुद। इन्हें बेल नहीं दी जाए। पप्पू यादव के वकील: हुजूर इसमें प्रॉसिक्यूशन की गलती है। इसके बारे में बताया नहीं गया। मामला मिस यूज का है। प्रत्येक डेट पर आने के लिए तैयार हैं। बेल मिलनी चाहिए। जज ने दोनों पक्ष की दलीलें सुनने के बाद पप्पू यादव को बेल दे दी। बेल मिलने के बाद भी जेल गए पप्पू यादव पप्पू यादव जमानत मिलने के बाद भी जेल में हैं। ऐसा उनके खिलाफ बुद्धा कॉलनी और कोतवाली थाना में दर्ज मामलों के चलते हुआ है। इनपर आज सुनवाई होगी। वकील ऋषिकेश नारायण सिन्हा ने बताया कि सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने सांसद को जमानत दिए जाने का विरोध किया। इस पर कुछ पॉइंट्स को लेकर कोर्ट ने उन्हें फटकार लगाई। इन दोनों केस में रिमांड पर हैं पप्पू यादव अब पढ़िए मुख्यमंत्री को पप्पू यादव की चिट्ठी सांसद पप्पू यादव ने सरकार, अधिकारियों और भाजपा नेताओं का नाम लेते हुए पत्र जारी किया है। इसमें लिखा… ‘माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, दीपक बाबू, प्रत्यय अमृत, सम्राट बाबू, डीजीपी साहब, कुंदन कृष्णन साहब, ललन बाबू, संजय बाबू आपको हृदय से आभार और सम्मान! मुझे नहीं पता कि सरकार आज कौन चला रहे हैं? मुझे यह पता था कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में सरकार चल रही है। लेकिन अब लगता है कि जिस नीतीश कुमार का सम्मान मैंने हमेशा किया, उनके साथ खड़ा रहा, पहली बार जब सरकार बन रही थी तब भी हम उनके साथ सगे भाई की तरह जीने मरने को तैयार थे, उस नीतीश कुमार की सरकार नहीं है।’ कभी व्यक्तिगत तौर पर नीतीश की आलोचना नहीं की जदयू के लिए किए गए काम गिनाते हुए सांसद ने लिखा, ‘याद कीजिए, उस वक्त भी हम पाटलिपुत्रा में लालू यादव और शहाबुद्दीन की गोली खाने को तैयार थे। जहां आज जदयू का कार्यालय है, वहां पर विधायक महाबली और बसपा विधायक जो आज जीवित हैं वे जानते हैं कि मैं नीतीश के लिए किस हद तक गया था। ये मेरा नीतीश के लिए समर्पण था। जैसे मैं लालू यादव का सम्मान करता रहा हूं, उसी तरह नीतीश कुमार के हर अच्छे काम में उनके साथ रहा। व्यक्तिगत तौर पर उनकी आलोचना कभी नहीं की। उनके सकारात्मक काम की प्रशंसा की। जब नीतीश कुमार की आलोचना बीजेपी और राजद ने की, तब भी हम उनके साथ रहे। फिर भी पता नहीं, नीतीश मुझसे किस बात का बदला लेना चाह रहे हैं, जबकि मैंने उनसे उनके 20 साल के कार्यकाल में कोई मदद तक नहीं मांगी। ना ही मैंने कभी शकुनी चौधरी और सम्राट चौधरी की व्यक्तिगत आलोचना की।’ CM बताएं-मेरा गुनाह क्या है? CM पर आरोप लगाते हुए पप्पू यादव ने कहा, ‘मैं जानना चाहता हूं कि क्या वैचारिक लड़ाई को निजी बनाया जाना सही है? क्या कथनी और करनी में फर्क नहीं है? आप कहते हैं, ना किसी को फंसाते हैं और ना किसी को बचाते हैं। मुझे और बिहार की जनता को बताएं कि मेरा गुनाह क्या है? साल 2017 में भी आपने मुझे छात्रों की आवाज उठाने के चलते गिरफ्तार किया था। क्या मिला आपको, तंग करने के अलावा। सुकून मिल गया था कि आप सरकार में हैं, कुछ भी कर सकते हैं।’ लोकतंत्र में जनता और न्यायालय सर्वोच्च है, ना कि सरकार। फिर 5 साल बाद कोरोना के समय आपकी सरकार की कमियों को वैचारिक रूप से उजागर कर रहा था, तब भी जबरदस्ती केस बना कर गिरफ्तार किया था। निजी दुश्मनी और सत्ता के अहंकार की हनक मुझ पर निकाली। 5 साल बाद अब 2026 में निजी दुश्मनी मेरे साथ निभाई। समझ नहीं पा रहा हूं कि महाभारत का धृतराष्ट्र कौन है? बिहार सरकार के बड़े अधिकारियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘NEET की छात्रा और हर घर की मां, बेटियों एवं बहनों की सुरक्षा के लिए संघर्ष के परिणाम स्वरूप आपने अहंकार दिखाई। मेरा गुनाह क्या था? मैं तो आपकी साख के लिए सवाल उठा रहा था, जबकि आपका प्रशासन उस पर लगातार कालिख पोत रहा था। डीजी साहब और कुंदन कृष्णन साहब, मुझे नहीं पता कि आप दोनों में कौन बादशाह हैं और कौन गुलाम! लेकिन पब्लिक है, सब जानती है। समय बदलता है। सबका समय एक जैसा नहीं रहता है। परिस्थितियों के गुलाम सब लोग हैं। आप दोनों से हमारा व्यक्तिगत रिश्ता रहा है। दीपक बाबू, याद कीजिए, कभी आप पूर्णिया के डीडीसी थे। फिर डीएम और फिर जसवंत सिन्हा के ओएसडी। मेरा आपसे पारिवारिक रिश्ता रहा है। घर का और बच्चे का। मैंने आपसे कभी मदद नहीं ली, लेकिन आपको न्याय करनी चाहिए थी।’ मैं महाभारत का अभिमन्यु नहीं हूं। आज की परिस्थितियों में अगर महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस और स्वामी विवेकानंद भी होते तो कब के खत्म हो गए होते। 1985 से लेकर आज तक संघर्ष और सच्चाई के रास्ते चला हूं। मेरी आवाज कभी रुकी नहीं, लेकिन ये नहीं समझ पा रहा हूं कि महाभारत का धृतराष्ट्र कौन है? जो सरकार चलाने या बचाने के लिए सच्चाई और नैतिकता को कुचलना चाहता है। जो मौत से नहीं डरा, वो आपकी पुलिस से कितना डरेगा 31 साल पुराने केस में हुई गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए सांसद ने लिखा, ‘मेरी उम्र 59 हो रही है। 60 का पड़ाव बहुत खतरनाक होता है। धर्म और अधर्म की लड़ाई शुरू हो चुकी है। मुझे नहीं पता कि धर्म और अधर्म की इस लड़ाई में जीत किसकी होगी, लेकिन इतना जरूर पता है कि बिहार और बिहार की बेटियों की रक्षा के लिए हमेशा सच की लड़ाई लड़ता रहूंगा। जो आदमी कभी मौत से नहीं डरा, वो आपकी पुलिस से कितना डरेगा। मुख्यमंत्री जी, 2024 में जनता ने मुझे सांसद चुना। 2 साल आपके साथ काम करता रहा। आपकी मीटिंग अटेंड की। आपको कभी नहीं लगा कि मुझपर केस हैं। अचानक से ये केस कहां से आने लगे, जबकि ये सभी आचार संहिता और आंदोलन के केस हैं। एक भी केस मुझ पर क्रिमिनल नहीं है। बेल टूटने में ऐसा क्या हो गया कि ये नौबत आई?’ पटना SSP की कथा कहने लगूं तो.. पटना के SSP पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्होंने लिखा, ‘मैंने आपका सहयोग किया, फिर भी दीपक नाम के आदमी को (जो खुद को रंगदारी सेल का इंस्पेक्टर बताता है) आपके एसएसपी साहब ने भेजा था। मैं आपके एसएसपी साहब की कथा कहने लगूं तो शायद आप सोच नहीं सकते क्या होगा? उनकी पूर्णिया से लेकर पटना तक की पूरी कहानी और कथा मेरे पास है। उनके फोटो और वीडियो सबूत के रूप में मेरे पास हैं। मगर मैं अपनी मर्यादा जानता हूं। मैं ऐसा कभी नहीं करूंगा। आपके एसएसपी साहब ने पहले भी लॉरेंस बिश्नोई केस में गलत और निर्दोष लोगों को मेरे खिलाफ खड़ा किया था। ये लड़ाई कोर्ट तक जाएगी। मुझे न्यायालय, जनता और ईश्वर पर पूरा भरोसा है। जब तक न्यायालय और जनता है, तब तक मुझे किसी चीज की जरूरत नहीं है।’ मैं अपनी बातों पर कायम हूं। NEET की छात्रा को न्याय मिलकर रहेगा। रविवार के दिन कौन सा भारत-पाकिस्तान युद्ध हो रहा था, जिसमें आपने हमको बिना जांच पूरे हुए अस्पताल से जेल भेज दिया। आखिर कब आपको ठंडक मिलेगी और कब पप्पू यादव को तंग कर आपके अहंकार को संतुष्टि मिलेगी? तभी तो पूर्णिया समेत अन्य जगहों पर पूछने लगे कि और किस-किस केस में वारंट है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन देखें, सरकार क्या कर रही है पप्पू यादव ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से गुहार लगाई, कहा, ‘मुझ पर आंदोलन और आचार संहिता के अलावा कोई केस आपके पूरे बिहार में नहीं है, जिसकी धारा मुझे रोक पाए। ये केस विपक्ष को तंग करने के लिए सत्ता का हथकंडा जरूर हैं, लेकिन विचलित करने के लिए नहीं। किसी की आलोचना किए बगैर मैं यही कहूंगा कि सदन में सरकर के बहुत सारे ऐसे लोग हैं, जिनपर दर्जनों केस होने के बावजूद वो आपके साथ बैठते हैं। मेरा ये संदेश अगर नीतीश, सम्राट, संजय, ललन तक पहुंचे तो उनसे यही कहूंगा कि आप हमेशा से वैचारिक रूप से लड़े हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन को बधाई कि आप कम उम्र में एक बड़ी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। आपको ये जरूर देखना चाहिए कि आपकी सरकार जबरन किस विचार और आवाज को दबाना चाहती है। नित्यानंद राय, आपसे पारिवारिक संबंध रहा है। परिवार के सदस्य के रूप में आपको देखा है। कभी आपकी आलोचना नहीं की। आप करिए, लेकिन रिश्ते का कद्र भी कर लिया कीजिए। अंत में ये जरूर कहूंगा कि अगर मैं सही मामले में गलत हूं तो बेहतर है कि एक बार में ही मरवा दीजिए। लेकिन वैचारिक और सच्चाई के रास्ते पर चलने के लिए इस तरह से तंग मत कीजिये। आपकी छवि तंग करने की नहीं रही है। अगर और भी कोई केस बचा है तो वो भी लगा दीजिए।’
जयपुर डेयरी की ‘सरस मायरा योजना’ अब केवल राज्य तक सीमित नहीं रही, बल्कि देशभर के दुग्ध उत्पादकों के लिए अनुकरणीय पहल बनती जा रही है। जयपुर सरस डेयरी के सफल क्रियान्वयन के बाद मध्यप्रदेश की भोपाल स्थित सांची डेयरी ने भी दुग्ध उत्पादकों के लिए मायरा योजना लागू की है। केंद्र सरकार स्तर पर भी योजना को लेकर सकारात्मक रुख देखने को मिल रहा है। जयपुर डेयरी 10 माह में योजना के तहत जयपुर और दौसा जिले के 504 दुग्ध उत्पादकों की बेटियों का 1 करोड़ 50 लाख रुपए मायरा भरा है। मंगलवार को जयपुर दुग्ध संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश पूनिया और प्रबंध संचालक मनीष फौजदार बिंदायका जोन की दुग्ध समिति लोछब की ढाणी की दुग्ध उत्पादक चंदादेवी की पुत्री कल्पना लोछब का सरस मायरा भरा और 21 हजार रुपए राशि का चेक सौंपा। साथ ही उत्पादक परिवार की माता और पुत्री को वस्त्र भेंट कर कन्यादान की परंपरा निभाई गई। इस मौके पर आसपास की दुग्ध समितियों के सचिव, समिति पदाधिकारी, दुग्ध उत्पादक एवं संघ के अधिकारियों ने भी मायरा राशि भेंट की।
बुंदेलखंड राज्य की मांग पर 16 फरवरी से 13 मार्च तक जनआक्रोश रथ यात्रा
सागर| बुंदेलखंड राज्य निर्माण की मांग को लेकर बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा द्वारा 16 फरवरी से 13 मार्च तक जनआक्रोश रथ यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बुंदेलखंड अंचल में संचालित होगी, जिसमें क्षेत्र के 350 गांवों से सहभागिता होगी। मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय ने बुधवार को मीडिया को यह जानकारी दी। इस अवसर पर मोर्चा के अंकलेश्वर दुबे, डॉ. विवेक तिवारी, प्रवक्ता रघुराज शर्मा और मीडिया प्रभारी हनीफ खान उपस्थित रहे। भानू सहाय ने कहा कि बुंदेलखंड के लोग वर्षों से अलग राज्य की मांग कर रहे हैं। वर्ष 2014 में बुंदेलखंड को अलग राज्य बनाने का वादा किया गया था। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण की अखंड बुंदेलखंड जनआक्रोश रथ यात्रा चित्रकूट से ओरछा तक निकाली जाएगी। यात्रा चित्रकूट, बांदा, पन्ना, दमोह, सागर, टीकमगढ़, ललितपुर, दतिया, उरई, हमीरपुर, महोबा, छतरपुर, निवाड़ी, झांसी देहात, झांसी होते हुए ओरछा पहुंचेगी।
बोर्ड परीक्षा शुरू होने के पहले शिक्षकों के मोबाइल हुए सील
मंगलवार से एमपी बोर्ड की परीक्षा शुरू हो गई। कक्षा-12वीं के अंग्रेजी विषय का पेपर 120 परीक्षा केंद्रों पर हुआ। कुल दर्ज 21232 विद्यार्थियों में से 21006 विद्यार्थी परीक्षा देने पहुंचे। 226 अनुपस्थित रहे। 23 दलों ने कुल 56 परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। हालांकि कहीं भी कोई नकल प्रकरण नहीं बना। बोर्ड परीक्षा के पहले पेपर से ही सख्ती देखने को मिली। विद्यार्थियों को केंद्र में अंदर जाने से पहले उनकी जांच की गई। मोबाइल सहित किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइस न ले जाने की चेतावनी दी गई। परीक्षा केंद्र के अध्यक्ष से लेकर वीक्षक के रूप में ड्यूटी में लगाए गए शिक्षकों के मोबाइल परीक्षा शुरू होने के पहले पेटी मंे रखकर सील कर दिए गए। 11 परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी से निगरानी हुई, जिसमें डीईओ ऑफिस, जेडी ऑफिस, एनआईसी और जिला पंचायत कार्यालय से नजर रखी गई। भोपाल से भी सीधे निगरानी हुई। जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन ने बताया है कि विद्यार्थियों को परीक्षा के समय किसी भी समस्या के निदान के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। मोबाइल नंबर- 8223868738, 9343177347 एवं 7024054428 पर किसी भी समय संपर्क कर सकते हैं। परीक्षा शुरू होने से पहले शिक्षकों के मोबाइल पेटी में रखवा लिए गए।
डिंपल पंप आरओबी के लिए भूमि हस्तांतरण को स्वीकृति
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और अनुबंध होने के बावजूद 23 माह से अटका डिंपल पेट्रोल पंप के बाजू वाले आरओबी का निर्माण जल्दी ही शुरू होगा। यहां पर रक्षा विभाग की भूमि होने के कारण काम शुरू नहीं हो पा रहा था। सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। उन्होंने मंत्री को बताया कि यह आरओबी सागर शहर और सदर कैंट क्षेत्र के लिए अत्यंत आवश्यक है, लेकिन रक्षा मंत्रालय की भूमि से जुड़ा मामला होने के कारण परियोजना 23 माह से लंबित है। लोक निर्माण विभाग, सेतु निर्माण संभाग सागर द्वारा आरओबी निर्माण कार्य का अनुबंध 3 मार्च 2024 को किया जा चुका है। परंतु परियोजना रक्षा भूमि पर प्रस्तावित होने के कारण भूमि हस्तांतरण की स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है। न केवल निर्माण कार्य रुका है, बल्कि लागत में बढ़ोतरी की आशंका भी लगातार बनी हुई है। विषय की गंभीरता को समझते हुए रक्षा मंत्री सिंह ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और रक्षा भूमि के हस्तांतरण के लिए तुरंत स्वीकृति देने के आदेश जारी कर दिए। गौरतलब है कि रोजाना 50 हजार से अधिक लोग सदर क्षेत्र से कचहरी, विवि, बस स्टैंड, कलेक्ट्रेट, विश्वविद्यालय, कॉलेज, सब्जी मंडी आदि क्षेत्रों में आने-जाने के लिए इस मार्ग का उपयोग करते हैं। रेलवे स्टेशन के नजदीक होने के कारण अधिकांश समय फाटक बंद रहता है। जिससे लोगों का बहुत समय व ईंधन यहां बर्बाद होता है।
सिपाही भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा 23 से होगी
सागर| आरक्षक (जीडी) एवं रेडियो के 7500 पदों की भर्ती के दूसरे चरण की शारीरिक दक्षता परीक्षा 23 फरवरी से 10 मार्च तक होगी। ऑनलाइन परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की 800 मीटर दौड़, लंबी कूद, गोला फेंक परीक्षा कराई जाएगी।
कालिदास अकादमी में हुआ सिख समाज का समाज गौरव सम्मान समारोह , प्रतिभाओं का सम्मान किया
उज्जैन| समाज के सफल व्यक्तियों का सम्मान उनके उत्साह को बढ़ाता है और अन्य लोगों में प्रेरणा का संचार करता है। यह बात वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. एस.के. सलूजा ने पंजाबी साहित्य अकादमी, भोपाल के सहयोग से सिख समाज उज्जैन द्वारा कालिदास अकादमी के अभिरंग नाट्यगृह में आयोजित समाज-गौरव सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य नगरों में भी अकादमी को समाज की प्रतिभाओं को पहचानकर सम्मानित करना चाहिए। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। शिक्षा के लिए डॉ. बलबीर सिंह मक्कड़, समाज सेवा में सुरजीत सिंह डंग एवं जसविंदर सिंह ठकराल, धर्मसेवा में अमृत कौर, उद्योग में चरणजीत सिंह कालरा, चिकित्सा में डॉ. राजदीप बग्गा एवं डॉ. मयूरी कालरा, शोध में डॉ. इमित सिंह सलूजा, कला में हरपाल सिंह चावला, विधि में जिगर सिंह छाबड़ा तथा राजनीति में पार्षद नीलम कालरा को सम्मान चिह्न, पट्टिका एवं सिख साहित्य भेंट कर सम्मानित किया गया। पंजाबी साहित्य अकादमी के निदेशक सरदार इंद्रजीत सिंह खनूजा ने सभी सम्मानितों को बधाई देते हुए उन्हें समाज के लिए आदर्श बताया। अतिथि जगदीश हुरिया, इकबाल सिंह गांधी एवं चरणजीत सिंह कालरा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत से हुआ। स्थानीय संयोजक यू.एस. छाबड़ा एवं डॉ. राकेश ढंढ ने अतिथियों का स्वागत किया। स्वागत भाषण यू.एस. छाबड़ा ने दिया। संचालन डॉ. पिलकेंद्र अरोरा ने किया तथा आभार खुशाल सिंह वाधवा ने व्यक्त किया। समारोह में डॉ. कुलदीप अरोरा, मस्तान सिंह छाबड़ा, ऋषिराज अरोरा, स्वाति कालरा सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
पंचमपुरा मार्ग चौड़ीकरण में किसी को एक तो किसी को दो फीट के लिए भी नोटिस
टैगोर चौराहा से दो तालाब तक (पंचमपुरा) मार्ग चौड़ीकरण के लिए नगर निगम की तरफ से भवन स्वामियों को नोटिस बंटना शुरू हो गए हैं। मार्ग विस्तार में 50 से अधिक भवन-प्रतिष्ठान ऐसे है जो कि एक-दो फीट ही प्रभावित हो रहे हैं। लिहाजा ये मांग उठने लगी है कि मार्ग के विस्तार में प्रस्तावित तीन फीट का डिवाइडर छोटा किया जाए ताकि ये लोग प्रभावित होने से बच सकेंगे। नए शहर का पंचमपुरा वाला ये मार्ग वर्तमान में सिंगल लेन व संकरा है। भीड़ प्रबंधन की दृष्टि से इसे करीब 60 फीट चौड़ा किया जाना है। निगम की तरफ से यहां रहवासियों को नोटिस जारी करने के साथ ही प्रभावित होने वाले भवन-प्रतिष्ठानों पर निशान भी लगा दिए हैं। रहवासियों का कहना है कि नोटिस में सात दिन में अपने भवन-दुकानों का प्रभावित हिस्सा स्वयं हटा लेने के लिए कहा गया है। यहां कई के केवल ओटले, कुछ के एक से दो फीट तक के हिस्से व गैलरी आदि इस विस्तार में प्रभावित हो रहे हैं। जनप्रतिनिधि व अधिकारी एक बार करे क्षेत्र का दौरा रहवासी चाहते हैं कि निगम के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि व अधिकारी एक बार क्षेत्र का दौरा कर समाधान निकाले। तीन-साढ़े तीन फीट के डिवाइडर की चौड़ाई कुछ कम कर दी जाएगी तो इन लोगों का लाखों रुपयों का होने वाला नुकसान होने से बच जाएगा। पार्षद नवीता विकास मालवीय ने एक पत्र जनता की तरफ से तैयार कर मामले में जनप्रतिनिधि व अधिकारियों से चर्चा करने की बात कही।
जावरा ग्रीन फील्ड का निर्णय नहीं, इंदौर रोड के प्रभावितों ने 25 से आंदोलन का अल्टीमेटम दिया
उज्जैन को इंदौर और जावरा को जोड़ने वाले दोनों ग्रीन फील्ड रोड का मसला अब तक नहीं सुलझा। उज्जैन-जावरा रोड प्रभावितों को जनवरी अंत तक जमीन व सड़क की स्थिति स्पष्ट करने का वादा भी अधूरा रह गया। इसी बीच उज्जैन-इंदौर ग्रीन फील्ड से प्रभावित किसानों ने 25 फरवरी से उज्जैन में धरने की चेतावनी दे डाली। इसमें प्रशासन के लिए सबसे दुविधा वाली बात यह हैं कि उज्जैन-इंदौर से दोनों जिले के प्रभावित सभी 28 गावों के किसान उज्जैन में ही धरना देंगे। वहीं उज्जैन-जावरा रोड से प्रभावित 62 गांव के किसान भी इनके समर्थन में उज्जैन जुटेंगे। यानी 90 गांवों के किसान धरने पर बैठने की तैयारी में है। इसको लेकर प्रभावित गांवों की मिलकर बनाई किसान संघर्ष समितियों ने तैयारी शुरू कर दी है। हर गांव में बैठक रखकर आंदोलन की रूपरेखा बना रहे है। स्थानीय अफसरों ने भी अब इस मामले को उच्च स्तर का मानते हुए निर्णय भोपाल के अफसरों का हवाला देते हुए हाथ खड़े करना शुरू कर दिए। किसानों की मांग है कि हाइवे नार्मल बनाए और बाजार मूल्य से जमीन का मुआवजा दिया जाए। उज्जैन-इंदौर ग्रीन फील्ड रोड से प्रभावित 28 गांवों के किसान उज्जैन में ही प्रदर्शन करेंगे। दोनों जिले की संयुक्त बैठक भी हो गई। किसानों ने 25 फरवरी से उज्जैन कलेक्टोरेट के पास अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने का निर्णय लिया है। उज्जैन-जावरा प्रभावितों ने भी इन्हें समर्थन देने का भरोसा दिलाया है। भोपाल घेरा तो डबल सर्वे, फिर भी निर्णय नहीं उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड हाईवे के विरोध में प्रभावित 62 गांवों के लोगों ने जनवरी में एमपीआरडीसी भोपाल का घेराव किया। उस समय अफसरों ने फिर से सर्वे करवाकर एक्सिस कंट्रोल की जरूरत परखने का भरोसा दिलाया। सर्वे होकर रिपोर्ट भी भोपाल पहुंच गई, लेकिन अफसर अब तक इसका निर्णय नहीं ले सके। अफसरों की लेतलाली को देख किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ऐसे में अब इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड प्रभावितों के साथ मिलकर संयुक्त रूप से आंदोलन शुरू हो गया तो अफसरों की मुश्किलें बढ़ जाएगी। शासन स्तर से ही होगा निर्णय ^उज्जैन-जावरा ग्रीन फील्ड एक्सिस कंट्रोल रोड के मामले में फिर से ट्रैफिक सर्वे करवा लिया है। रिपोर्ट भी मुख्यालय भेज दी है। इस मामले में शासन स्तर से ही निर्णय लिया जाएगा। विजय सिंह, संभागीय प्रबंधक एमपीआरडीसी उज्जैन
प्रावि देसाईनगर परिसर में बांध रहे मवेशी गंदगी के पास क्लास, दुर्गंध के बीच भोजन
मप्र सरकार की सबसे प्राथमिकता वाले महर्षि सांदीपनि स्कूल में शामिल प्रावि स्कूल को कुछ लोगों ने मवेशियों का तबेला बना दिया। शहर के बीचोबीच संचालित हो रहे शासकीय प्रावि नूतन देसाई नगर के 136 बच्चों की गोबर व गंदगी के ढ़ेर के पास ही क्लास लगाना पड़ रही है। दुर्गंध के बीच ही उन्हें मध्याह्न भोजन करना पड़ रहा है। खास बात यह हैं कि देसाईनगर वाला यह प्रावि स्कूल महर्षि सांदीपनि जाल सेवा निकेतन उमावि में शामिल है। शहर के बीचोबीच बने इस स्कूल में पिछले 6 माह से कुछ लोग मवेशी रोक रहे है। अतिक्रमणकर्ताओं ने पास में बने खंडहर व स्कूल भवन के बीच पुलिस के बैरिकेड्स बांधकर मवेशियों का अघोषित तबेला बना लिया। रात में यहां मवेशियों को छोड़ दिया जाता है और सुबह होते ही बाहर निकाल दिया जाता है। 5 शिक्षकों के स्टॉफ वाले इस स्कूल के परिसर में जबरन बनाए गए तबेले को लेकर विभाग ने भी ध्यान देना उचित नहीं समझा। अतिक्रमणकर्ताओं की धौंस ऐसी हैं कि स्टॉफ सदस्यों ने भी मवेशियों रोकने वालों के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत नहीं जुटाई। स्कूल परिसर शरारती तत्वों का अड्डा, आए दिन शराब पार्टी नूतन देसाई नगर स्कूल परिसर शरारती तत्वों को अड्डा भी है। यहां गेट नहीं होने के कारण रात में शरारती तत्व घूस जाते है। स्कूल के गेट व सामने पड़े खुली जगह में ही शराब पार्टी होती है। सुबह स्कूल पहुंचते समय शिक्षक व बच्चों को शराब की बॉटल के कांच को ध्यान रखते हुए स्कूल के अंदर जाना पड़ता है। तत्काल चैक कराएंगे ^यदि स्कूल परिसर को मवेशी का बाड़ा बना लिया है, तो बहुत गलत है। बीआरसी को भेजकर इसे तत्काल चैक कराएंगे। अतिक्रमण कर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। -महेंद्र खत्री, प्रभारी डीईओ
शहर में अब चोर तकनीक का उपयोग कर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। दिल्ली से कार में आए 5 शातिर चोरों ने सेंधमारी के लिए गूगल मैप का इस्तेमाल किया। मोबाइल पर शहर के पॉश इलाके सर्च किए, फिर कार से बंद मकानों की रैकी की। सी-स्कीम क्षेत्र की भागीरथ कॉलोनी में 28 जनवरी की शाम ज्वेलरी व्यवसायी रचना सबीखी परिवार के साथ तीन घंटे के लिए बाहर गई थी। इस दरम्यान गिरोह के बदमाश मकान की कुंडी तोड़कर अंदर घुसे और सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। फिर तीन घंटे में मकान खंगाला और लोहे की अलमारी में रखे लाखों रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी लेकर फरार हो गए। विधायकपुरी थाना, साइबर सेल और जिला स्पेशल पुलिस टीम की संयुक्त कार्रवाई से वारदात का खुलासा हुआ। पुलिस ने दिल्ली के मयूर विहार व यूपी के बिजनौर से गिरोह के दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। तीन सदस्य अब भी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने 25 लाख नकद और ज्वैलरी बरामद की है। दिल्ली में बार-बार पकड़े जा रहे थे, इसलिए जयपुर चुनापुलिस उपायुक्त दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी शान मोहम्मद उर्फ शानू (25) निवासी संजय कैम्प, त्रिलोकपुरी, दिल्ली और शकील अहमद निवासी चांदपुर बिजनौर (उत्तरप्रदेश) बेहद शातिर हैं। जयपुर आने से पहले दोनों ने दिल्ली में उसी मॉडल के कार की नंबर प्लेट चोरी की और अपनी गाड़ी पर लगा ली, ताकि सीसीटीवी और पुलिस ट्रैकिंग से बच सकें। शान मोहम्मद के खिलाफ चोरी, नकबजनी, मारपीट, आर्म्स एक्ट लूट सहित 35 प्रकरण दर्ज हैं। उसे कोर्ट से दो बार सजा भी हो चुकी है। इसी पैटर्न पर कई शहरों में वारदात कीथानाधिकारी नरेंद्र भडाना ने बताया कि बदमाशों के आने-जाने का रास्ता मैप करने के लिए इलाके और आसपास लगे करीब 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। संदिग्ध कार की पहचान कर नंबर ट्रैक किए तो पता चला कि नंबर प्लेट 11 जनवरी को दिल्ली से चोरी की गई थी। इसके बाद तकनीकी सर्विलांस और दिल्ली पुलिस के सहयोग से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि गैंग अलग-अलग शहरों में इसी पैटर्न पर वारदात को अंजाम देता है। पुलिस अब फरार साथियों, रिसीवर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है।
एलिवेटेड रोड:लक्ष्मीबाई समाधि के पास काम करने की एएसआई ने नहीं दी अनुमति, लूप डिजाइन में होगा बदलाव
स्वर्ण रेखा नदी पर निर्माणाधीन एलिवेटेड रोड के लिए लक्ष्मीबाई समाधि के पास काम पर एएसआई ने स्वीकृति नहीं दी है। जिस कारण यहां पिलर और लूप के काम पर संकट आ गया है। इसका समाधान करने के लिए अब यहां के लूप डिजाइन में बदलाव किया जाएगा। जिसके लिए सर्वे एवं कागजी प्रक्रिया शुरू हो गई है। दरअसल, हजीरा की तरफ से फूलबाग रोड की तरफ आने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर का लूप लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के पास उतारा जाना था। समाधि स्थल से 100 मीटर की परिधी में काम करने के लिए एएसआई से अनुमति मांगी गई। जो कि एएसआई ने देने से मना कर दिया। अब लूप के लिए जगह व डिजाइन बदला जाएगा। उसके बाद यहां काम आगे बढ़ सकेगा। समाधि स्थल के आसपास काम में ज्यादा रोड़े अतिक्रमण: लक्ष्मीबाई समाधि के पिछले हिस्से में 28 मकानों का अतिक्रमण कई पिलर और स्लैब का काम रोके हुए है। ये मकान सरकारी जमीन पर बने हैं। कई बार नोटिस जारी हो चुके हैं, लेकिन अतिक्रमण नहीं हट सका। इतना ही नहीं करीब 10 दिन पहले यहां पीडब्ल्यूडी कर्मियों पर पथराव भी हो चुका है। अनुमति: एएसआई ने भी समाधि से 100 मीटर के दायरे में लूप उतारे जाने की अनुमति नहीं दी है। अब इस लूप को समाधि के काफी पहले से उतारना शुरू किया जाएगा। फिर समाधि स्थल की दीवार से दूर स्वर्ण रेखा पर ही एक छोटा पुल बनाकर उसी पर रैंप बनेगा। जहां से ट्रैफिक का आवागमन होगा। जल्द ही यहां लूप के लिए प्लान फाइनल हो जाएगालक्ष्मीबाई समाधि स्थल के पास लूप की अनुमति को लेकर वरिष्ठ कार्यालय में संपर्क किया गया है। जल्द ही यहां लूप के लिए प्लान फाइनल हो जाएगा। अतिक्रमण हटाने के लिए भी लगातार प्रयास कर रहे हैं।- जोगिंदर यादव, कार्यपालन यंत्री/सेतु संभाग लोनिवि
प्रदेश में लापता लोगों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2025 में 34,461 बड़े और 6778 बच्चे गुमशुदा हुए। इसमें चौंकाने वाली बात यह है कि बड़ों में 20111 (74%) महिलाएं और बच्चों में 5748 (84%) बच्चियां गायब हुईं। कुल 25,472 बड़ों और 6260 बच्चों को तलाश लिया गया। लापता 8,989 बड़ों में 6714 महिलाएं और 464 बच्चियां अब भी लापता है, जिन्हें तलाशा जा रहा है। किशोर आयु वर्ग में लड़कियों का अनुपात 70% से अधिक है। 12 से 18 आयु समूह में लगभग 78% तक गुमशुदा बच्चे लड़कियां हैं। पिछले तीन साल की तुलना करें तो हर साल लापता होने का आंकड़ा एक से डेढ़ हजार बढ़ा है। लड़कियां ही क्यों हो रहीं ज्यादा गायब?क्राइम व चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट्स की पड़ताल में सामने आया है कि 12 से 18 आयु समूह की नाबालिग लड़कियों के गायब होने की एक बड़ी वजह सोशल मीडिया है। 1. सोशल मीडिया संपर्कइंस्टाग्राम और फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर दोस्ती की जाती है। फिर भरोसा जीतकर घर छोड़ने या शादी का झांसा दिया जाता है। 2. पेरेंट्स सतर्क होंऑनलाइन दोस्त से बात करना और छिपाना। मोबाइल में नया नंबर या सोशल मीडिया अकाउंट मिलना। नौकरी, मॉडलिंग या फिल्मों में काम का ऑफर मिलना। नाबालिग लड़कियों के मामलों में खतरा ज्यादाप्रदेश में गुमशुदा बच्चों में हर 10 में से 8 केस नाबालिग लड़कियों के हैं। नाबालिग लड़कियों में 518 अब भी लापता हैं। यह सिर्फ गुमशुदगी नहीं, बल्कि संभावित मानव तस्करी से जुड़ा जोखिम भी माना जाता है। नौकरी, मॉडलिंग या शादी का भरोसा दिलाते हैंक्राइम व चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट्स के अनुसार सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल से संपर्क किया जाता है। नौकरी, मॉडलिंग या शादी का भरोसा दिलाया जाता है। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर एजेंट नजर रखते हैं और ट्रांजिट के जरिए एक राज्य से दूसरे राज्य में शिफ्ट कर देते हैं।
मास्टर प्लान में थोड़ी सी त्रुटि के कारण लगभग तीन साल से दो हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट अटके हुए हैं। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अफसरों को जब इस गलती के संबंध में जानकारी दी गई तो उन्होंने संशोधन करने का नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया, लेकिन इसके 6 महीने बाद भी संशोधन नहीं हो पाया है। इसका असर शहर के विकास कार्य पर पड़ रहा है। पिछले तीन सालों में यहां एक भी बहुमंजिला इमारत की मंजूरी नहीं हो पाई है। इस कारण शासन को मिलने वाला राजस्व भी प्रभावित हो रहा है। नए मास्टर प्लान में प्रीमियम फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर) की खरीदी की दर 0.05 के स्थान पर 0.50 दर्ज कर दी गई। इसका विरोध होने पर विभाग ने 19 जुलाई 2025 को दरों का संशोधन करने के लिए विज्ञापन जारी किया। इसमें एक महीने में आपत्ति मांगी गईं। विभागीय रिकार्ड के अनुसार इस मामले में एक भी आपत्ति नहीं आई और यह जानकारी भी मुख्यालय को भेज दी गई, लेकिन मास्टर प्लान में अभी तक संशोधन नहीं हो पाया है। क्या है मामला…: मास्टर प्लान 2035 का ड्राफ्ट 15 अक्टूबर 2021 को प्रस्तुत हुआ था। उसके अनुसार एफएआर खरीदने के लिए संबंधित क्षेत्र की कलेक्टर गाइड लाइन की दरों के हिसाब से 5% राशि जमा कराना थी। राजनीतिक अड़ंगों के चलते लगभग दो साल तक मास्टर प्लान भोपाल मुख्यालय में अटका रहा। कोर्ट के आदेश पर सरकार ने आनन फानन में 20 अप्रैल 2023 को मास्टर प्लान लागू कर दिया। लेकिन इसमें एफएआर खरीदी की दर 50% कर दी गई। खास बात यह है कि इंदौर में इसकी दर 5% ही है। प्रदेश के दूसरे महानगरों में यह व्यवस्था लागू नहीं है। क्या होता है फ्लोर एरिया रेशो: फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर) का मतलब किसी भी साइज के प्लॉट पर निर्माण के लिए एक एरिया निर्धारित किया जाता है। ग्वालियर में प्रचलित एफएआर 1.25 है। इसका मतलब जमीन का सवा गुना निर्माण। यानि एक हजार वर्गफीट के प्लॉट पर दो मंजिलों तक अधिकतम निर्माण 1250 वर्गफीट ही किया जा सकता है। इसके लिए ग्राउंड फ्लोर पर आगे, पीछे और साइड की ओर कुछ एरिया खाली छोड़ना पड़ता है। एफएआर ऑन परचेज योजना: एफएआर ऑन परचेज योजना के तहत बड़े निर्माण कार्य कराने वालों को सुविधा दी गई है कि यदि कोई बिल्डर यदि बड़े भूभाग पर इमारत का निर्माण करता है तो इसे मास्टर प्लान के अनुसार 1.25 एफएआर ही मिलेगा। लेकिन प्लॉट साइज के हिसाब से वह 3 तक एफएआर खरीद सकता है। इसके लिए उसे संबंधित क्षेत्र में प्रचलित कलेक्टर गाइड लाइन कर दरों की निर्धारित राशि जमा कराना होगी। भास्कर एक्सपर्ट - वीके शर्मा, पूर्व संयुक्त संचालक, नगर एवं ग्राम निवेश संशोधन में देरी का असर शहर विकास पर मास्टर प्लान में प्रीमियम एफएआर खरीदी की दरों में गलती हुई थी, उसके संशोधन के लिए जुलाई में विज्ञापन का प्रकाशन करा दिया था। 30 दिन में आपत्तियां मांगी थीं, लेकिन इस मामले में कोई आपत्ति भी नहीं आई। ऐसे में सिर्फ असफसरों के रुचि न लेने के कारण मामला लंबित है। इसका असर शहर के विकास कार्यों पर पड़ रहा है। संशोधित दरों को शीघ्रता से लागू करने पर इसका लाभ शहर के बिल्डरों को तो मिलेगा ही साथ ही सरकार को भी करोड़ों रुपए का राजस्व प्राप्त होगा।संशोधन के मामले में जल्द चर्चा करूंगामास्टर प्लान में संशोधन के मामले को लेकर मैं संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर समीक्षा करूंगा। साथ ही यह भी देखूंगा कि यह मामला किस स्तर पर लंबित है। इसे संशोधित कराने के प्रयास किए जाएंगे। -तुलसीराम सिलावट, प्रभारी मंत्री, ग्वालियर ग्वालियर में ही लगाया अनोखा टैक्सप्रदेश में ग्वालियर में अनोखा टैक्स लगाया है। इंदौर में इसकी दर 5%है, जबकि ग्वालियर में 50% कर दिया। चेंबर के प्रतिनिधि मंडल ने बिल्डरों के साथ अधिकारियों से मुलाकात की तो संशोधन का नोटीफिकेशन जारी हुआ, लेकिन संशोधन नहीं हुआ। -दीपक अग्रवाल, मानसेवी सचिव, चेंबर ऑफ कॉमर्स
ग्वालियर के सेवानगर और नूरगंज इलाके में झाड़ियों और पहाड़ियों के बीच अवैध कत्लखाना संचालित हो रहा है। शहर के आवारा मवेशियों को चोरी-छिपे पकड़कर किले की तलहटी में ले जाया जाता है, जहां उन्हें काटकर उनके मांस और हड्डियों को बोरियों में भरा जा रहा है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में खुलासा हुआ कि वसीम खान नाम का सरगना अपने 30 से 40 गुर्गों के साथ मिलकर हर महीने 4 से 5 ट्रक माल झांसी, आगरा और कटनी भेज रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे काले कारोबार को ‘मृत पशुओं के शव उठाने’ के ठेके की आड़ में अंजाम दिया जा रहा है। वसीम और उसके बेटों ने सेवानगर इलाके को अपना किला बना लिया है। सूत्रों के मुताबिक, इलाके में करीब 30 से 40 युवक तैनात रहते हैं, जो किसी भी अनजान व्यक्ति या पुलिस की गाड़ी देखते ही कोड वर्ड में सिग्नल दे देते हैं। यही वजह है कि सालों से पहाड़ियों के पीछे मवेशियों के वध का यह अवैध धंधा बेखौफ चल रहा है। यही नहीं वसीम हड्डियों एवं मांस का सौदा व्हाट्सएप पर ही तय करता था। इसके लिए व्हाट्सएप ग्रुप पर ट्रक की लोडिंग से लेकर हाइवे की लोकेशन तक साझा की जाती थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि जब ट्रकों में 250 से ज्यादा मवेशियों का मांस-हड्डियां जमा हो जाती हैं, तब रात के सन्नाटे में उन्हें रवाना किया जाता है। खाल भी बरामद, पुलिस छिपा रही सोमवार रात झांसी रोड पुलिस ने मवेशियों की हड्डियों से भरा ट्रक पकड़ा था। ट्रक झांसी नंबर का है। समाजसेवी पंकज ठाकुर और एपीएस गुर्जर की शिकायत पर पुलिस ने आसिफ खान, शाहरुख खान, अनवर खान और अरमान खान के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। समाजसेवियों का दावा- वसीम खान कर रहा गौमांस और हड्डियों की तस्करी समाजसेवी एपीएस गुर्जर ने दैनिक भास्कर को बताया कि सेवा नगर में किले की तलहटी पर झाड़ियों से घिरी एक सुनसान जगह पर लंबे समय से अवैध गतिविधियां चल रही थीं। हमें सूचना मिली कि 27 जनवरी को ट्रक में मवेशियों का मांस और हड्डियां लोड कर भेजी जाएंगी, हम पहुंचे तो ट्रक निकल चुका था। इसके बाद सूचना मिली कि 9 फरवरी की रात ट्रक रवाना होगा। इस बार ट्रक निकलते ही उसका पीछा कर रोक लिया। ट्रक में गायों के कटे हुए पैर, हड्डियां और मांस बरामद हुआ। तत्काल पुलिस को सूचना देकर FIR कराई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर आगे की कार्रवाई में जुटी है। सेवानगर की पहाड़ी से बरामद हड्डियों का जखीरा, इनसेट में मवेशी के पैर की हड्डी। (एपीएस गुर्जर इसे गाय के पैर की हड्डी बता रहे हैं।) आरोपी का कबूलनामा- पंचायतों से लिया है ठेका गिरफ्तार मुख्य सरगना वसीम खान ने पुलिस पूछताछ में खुद को बचाने के लिए नया पैंतरा चला है। उसने दावा किया कि उसने शिवपुरी की पंचायतों से मृत पशुओं को उठाने का ठेका ले रखा है और वह केवल हड्डियों की पिसाई के लिए उन्हें कटनी भेजता है। लेकिन सवाल यह है कि अगर काम कानूनी है, तो रात के अंधेरे में तस्करी जैसी लुका-छिपी क्यों की जा रही? पल्ला झाड़ते अफसर: किसी ने नहीं दी अनुमति, फिर कैसे चल रहा कत्लखाना? भास्कर एक्सपर्ट - दवाइयों और खाद में इस्तेमालमवेशियों की हड्डियों का इस्तेमाल दवाइयों के कैप्सूल (जिलेटिन), चीनी की सफाई (बोन चार), और महंगे बोन चाइना बर्तनों में होता है। इनमें मौजूद फास्फोरस से खेती के लिए खाद का काम करते हैं। इसके साथ ही सौंदर्य प्रसाधन भी बनाए जाते हैं। - डॉ. राकेश धाकड़, वेटनरी डॉक्टर
संसद के बजट सत्र का बुधवार को 11वां दिन है। लोकसभा में पिछले कुछ दिनों से विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित हो रही थी। हालांकि मंगलवार को दो बार स्थगन के बाद दोपहर 2 बजे से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने यूनियन बजट पर बहस की शुरुआत की। अब बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने बजट चर्चा के लिए कुल 18 घंटे तय किए हैं और उम्मीद है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण गुरुवार को इस पर जवाब देंगी। इसी बीच मंगलवार को विपक्ष ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश कर दिया। इसमें 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। न्यूज एजेंसी IANS ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि ओम बिरला अब लोकसभा नहीं जाएंगे। अविश्वास प्रस्ताव के गिरने के बाद ही वह स्पीकर की चेयर संभालेंगे। विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में 9 मार्च को चर्चा हो सकती है। 13 फरवरी को बजट सत्र के पहले सेशन का आखिरी दिन है। इसके बाद 8 मार्च से सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होगी। संसद में पिछले 10 दिन की कार्यवाही पढ़ें... 10 फरवरी : लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश विपक्ष ने संसद की कार्यवाही के 10वें दिन लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश किया। इसमें 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। न्यूज एजेंसी IANS ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि ओम बिरला अब लोकसभा नहीं जाएंगे। अविश्वास प्रस्ताव के गिरने के बाद ही वह स्पीकर की चेयर संभालेंगे। पूरी खबर पढ़ें… 9 फरवरी: लोकसभा केवल 13 मिनट चली, विपक्ष की मांग राहुल गांधी को बोलने दें बजट सत्र के 9 वें दिन लोकसभा की कार्यवाही केवल 13 मिनट ही चल पाई थी। विपक्ष सदन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने देने की मांग करता रहा था। राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा था कि 1 घंटा पहले स्पीकर के पास हम गए, स्पीकर ने हमें कमिट किया कि मुझे बजट डिस्कशन से पहले बोलने दिए जाएगा, आप मुझे बोलने नहीं दे रही हैं। मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि आप मुझे बोलने देंगी या नहीं। पूरी खबर पढ़ें… 6 फरवरी: लोकसभा हंगामे के कारण पूरे दिन स्थगित, केंद्रीय मंत्री बिट्टू बोले- राहुल PM की पाठशाला जाएं तो कामयाब होंगे संसद में शुक्रवार को भी लोकसभा में हंगामा और नारेबाजी हुई। पहली बार 3 मिनट और दूसरी बार 7 मिनट तक ही कार्यवाही चल सकी। इसके बाद लोकसभा 9 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा को भी सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा- उन्हें कल सबने बालक कहा। आज PM की पाठशाला थी, जिसमें बच्चों को कामयाब होना बताया गया। अगर राहुल भी पीएम की पाठशाला में चले जाएं तो जिंदगी में कामयाब हो जाएंगे। पूरी खबर पढ़ें… 5 फरवरी : लोकसभा में PM की स्पीच के बिना धन्यवाद प्रस्ताव पास, राज्यसभा में पीएम ने 97 मिनट का भाषण दिया बजट सत्र के 7वें दिन लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव हंगामे के बीच पास हो गया। 2004 के बाद पहली बार यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पास हुआ है। वहीं प्रधानमंत्री ने गुरुवार को राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर करीब 97 मिनट का भाषण दिया। विपक्षी सांसदों ने स्पीच की शुरुआत में यहां भी हंगामा किया और फिर वॉकआउट कर गए। पूरी खबर पढ़ें… 4 फरवरी : स्पीकर के ऑफिस में BJP और विपक्ष के सांसदों के बीच बहस, भाजपा सांसद ने गांधी परिवार पर लिखी किताबें दिखाईं लोकसभा में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गांधी परिवार और कांग्रेस पर लिखी किताबें और नोट्स दिखाए। उन्होंने कहा इन किताबों में गांधी परिवार और कांग्रेस परिवार की मक्कारी, गद्दारी, भ्रष्टाचार और अय्याशी का जिक्र है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के ऑफिस में विपक्ष और बीजेपी सांसदों के बीच भी बहस हुई। ऑफिस का जो वीडियो सामने आया है, इसमें विपक्ष की महिला सांसद केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू से कुछ कहती नजर आ रही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 3 फरवरी : राहुल ने कहा- मैं विपक्ष का नेता, मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा, 'कल मैंने इस आर्टिकल पर अपना भाषण शुरू किया था। स्पीकर सर ने कहा था इसे ऑथेंटिकेट करें। मैं आज इसे ऑथेंटिकेट कर रहा हूं। राहुल ने आर्टिकल टेबल किया। राहुल ने जैसे ही कहा- मैंने जैसा कल कहा था कि राष्ट्रपति की स्पीच में नेशनल सिक्योरिटी का महत्वपूर्ण मुद्दा है। वैसे ही हंगामा होने लगा। राहुल बोले- मुझे परमिशन नहीं दी जा रही है। मैं विपक्ष का नेता हूं। पूरी खबर पढ़ें… 2 फरवरी : राहुल बोले- चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर पहुंचे, शाह-राजनाथ ने टोका, स्पीकर ने माइक बंद कराया लोकसभा में सोमवार को राहुल गांधी के भाषण के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक का हवाला देते हुए कहा- 4 चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर के पास पहुंच गए थे। राहुल के ऐसा कहते ही पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फिर गृह मंत्री शाह ने उन्हें टोका। इसके बाद स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोका। पूरी खबर पढ़ें… 1 फरवरी : बजट 2026-27 पेश- ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट 15% बढ़ा, इनकम टैक्स में बदलाव नहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश कर दिया। वे संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 29 जनवरी : देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' संसद में पेश, पीएम बोले थे- हमारी रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' यानी इकोनॉमिक सर्वे लोकसभा में पेश किया गया। इस सर्वे में बताया गया है वित्त वर्ष 2026-2027 में जीडीपी ग्रोथ 6.8% से 7.2% की रेंज में रहने का अनुमान है। पीएम ने सदन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था- हमारी सरकार की पहचान रही है, रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी : राष्ट्रपति ने 45 मिनट स्पीच दी, कहा- ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून मुद्दों का जिक्र किया संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राष्ट्रपति ने अपनी 45 मिनट की स्पीच में ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून, दुनिया में भारत की भूमिका जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। भारत अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूरोपीय संघ के साथ मुक्त समझौते से सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
दासानिया पंचायत में पट्टों को लेकर धांधली हुई है। वर्ष 2020 से 2025 तक 5 साल में यहां 210 पट्टे जारी हुए। इनमें से खसरा नंबर 449/2 में खाली जमीन पर 91 पट्टे जारी कर दिए। जबकि खाली जमीन पर बिना नीलामी पट्टे नहीं दिए जा सकते। ये पट्टे लेने वालों में पंचायत स्टैंडिंग कमेटी में शामिल उपसरपंच रुपाराम के दो बेटे बाबूलाल और उत्तम सिंह भी हैं। सरपंच परिवार के गंगाराम को भी पट्टा मिला है। नियमानुसार कमेटी सदस्य के परिवार को पट्टे जारी नहीं हो सकते। इसमें खसरा 375/2 में 30% पट्टे ऐसे हैं जो है तो दुकानों के हैं, जो आवासीय में बनी हैं। ऐसे पट्टे कॉमर्शियल श्रेणी में ही दे सकते हैं।यहां तक की गैर मुमकिन ओरण 375 में भी पट्टा जारी किया गया है। इधर, पट्टों के लाभार्थियों से जो भी डीएलसी राशि ली गई उसे ग्राम विकास अधिकारी ने पंचायत के बैंक खाते में डाला ही नहीं। इसे नगद खर्च किया गया। इसे अलग से कैश बुक में इंद्राज किया गया है। ऐसे में पैसों की धांधली की भी आशंका है। विधानसभा में 55 पट्टों की ही जानकारी15वीं विधानसभा के दौरान तत्कालीन विधायक दिव्या मदेरणा के सवाल के जवाब में शेरगढ़ पंचायत समिति के तत्कालीन विकास अधिकारी ने गलत जानकारी भी भेजी। ग्राम पंचायत के कुल 55 पट्टों की जानकारी ही दी जबकि उस समय भी यह संख्या 150 के करीब थी। जिनकी जानकारी छुपाई गई उसमें आदुराम सहित कई रसूखदार के पट्टे हैं। खाली जमीन पर इनको दिए पट्टेइन खसरों में रमेश पुत्र टीकूराम, दीपाराम पुत्र उदाराम, हरदानराम पुत्र नरिंगराम, उपसरपंच पुत्र बाबूलाल व उत्तम सिंह पुत्र रूपाराम, प्रेमसिंह पुत्र नरपतसिंह, मानाराम पुत्र हदुराम, पेम्पराम पुत्र खेताराम, मोटाराम पुत्र भभूताराम, गंगाराम पुत्र प्रभु राम, आदूराम पुत्र गजाराम, लाखाराम पुत्र नगाराम, रामूराम पुत्र खेताराम सहित करीब 91 लोगों को पट्टे जारी किए गए हैं। सीईओ-संपर्क पोर्टल के जवाब विरोधाभासी 9 जुलाई 2025 को पंचायत समिति शेरगढ़ के अतिरिक्त बीडीओ ने जिला परिषद के सीईओ को जांच रिपोर्ट में कहा था कि खसरा 449 में कोई पट्टा जारी ही नहीं किया गया है। कमेटी में शामिल सदस्य के परिवारजन पट्टे नहीं ले सकते हैं दासानिया में बिजली पोल के पीछे दिख रही इसी खाली जमीन पर पंचायत ने पट्टे जारी कर रखे हैं। “फाइल मंगवाकर मामले की जांच करवाई जाएगी जो भी गड़बड़ मिलती है उस पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।”-आशीष कुमार मिश्रा, सीईओ, जिला परिषद, जोधपुर “पूर्व में अगर किसी ने गलत जवाब भेजा है तो देखना पड़ेगा। जो भी रिपोर्ट है उसे देखकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”-धनसिंह, बीडीओ, पंचायत समिति, शेरगढ़
होली के त्योहार के मौके पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए मऊ जंक्शन और अम्बाला कैंट के बीच साप्ताहिक होली विशेष ट्रेन चलाने का फैसला किया है। यह ट्रेन कुल 4 फेरे लगाएगी।जानिए कब और कितने दिन चलेगी ट्रेन05301 मऊ जं.–अम्बाला कैंट होली विशेष ट्रेन 05 मार्च से 26 मार्च 2026 तक हर बृहस्पतिवार को मऊ जंक्शन से चलाया जाएगा। इसके साथ ही 05302 अम्बाला कैंट–मऊ जं. होली विशेष ट्रेन 06 मार्च से 27 मार्च 2026 तक, हर शुक्रवार को अम्बाला कैंट से चलेगी।मऊ से अम्बाला कैंट जाने वाली ट्रेन (05301)यह ट्रेन मऊ जंक्शन से सुबह 4:00 बजे रवाना होगी और रास्ते में बेलथरा रोड, भटनी, देवरिया सदर, गोरखपुर, खलीलाबाद, बस्ती, मनकापुर, गोंडा, बुढ़वल, सीतापुर जंक्शन, बरेली, मुरादाबाद, गाजियाबाद, दिल्ली, सोनीपत और पानीपत जंक्शन पर रुकेगी। यह ट्रेन अगले दिन रात 12:30 बजे अम्बाला कैंट पहुंचेगी।अम्बाला कैंट से मऊ जंक्शन आने वाली ट्रेन (05302)वापसी में यह ट्रेन अम्बाला कैंट से रात 1:40 बजे चलेगी और पानीपत जंक्शन, सोनीपत, दिल्ली, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, सीतापुर जंक्शन, बुढ़वल, गोंडा, मनकापुर, बस्ती, खलीलाबाद, गोरखपुर, देवरिया सदर, भटनी और बेलथरा रोड होते हुए रात 11:00 बजे मऊ जंक्शन पहुंचेगी।ट्रेन में कोचों की व्यवस्थाइस होली विशेष ट्रेन में यात्रियों की सुविधा के लिए कुल 22 कोच लगाए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:-1 जनरेटर सह लगेज कोच-4 सामान्य द्वितीय श्रेणी कोच-5 शयनयान कोच-2 वातानुकूलित तृतीय इकोनॉमी कोच-6 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी कोच-2 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी कोच-1 वातानुकूलित प्रथम सह द्वितीय श्रेणी कोच-1 एलएसएलआरडी कोचइस विशेष ट्रेन के चलने से होली के दौरान पूर्वांचल और उत्तर भारत के विभिन्न शहरों के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलेगी।
पंजाब के संगरूर के रहने वाले बाबा गुरविंदर सिंह खेड़ी वाले इस बार लव मैरिज से चर्चा में हैं। पारिवारिक कलेश, कभी नशे तो कभी अपने घोड़े ‘पंजाब’ के शृंगार के कारण विवादों में घिरे रहने वाले खेड़ी वाले बाबा ने पॉडकास्ट में सबके सामने अपनी दूसरी शादी के बारे में खुलकर बताया। बाबा ने बताया कि वह इस बार लव मैरिज करवा रहे हैं। बाबा ने कहा कि मैं तो कहता हूं कि करवानी ही लव मैरिज चाहिए। मुझे पहली नजर में होने वाली पत्नी से प्यार हो गया था। मैं उसे प्यार से गग्गू बुलाता हूं। बाबा ने पॉडकास्ट में ही गग्गू आई लव यू भी कहा। बाबा ने लव मैरिज कहां और कब करवाई इसके बारे में जिक्र नहीं किया। उन्होंने अपनी अरेंज मैरिज को एक कड़वा अनुभव बताते हुए कहा कि उनके ससुराल पक्ष ने उन्हें जहर देने और गाड़ी चढ़ाकर मारने की कोशिश की, जिसके कारण उन्हें जेल तक जाना पड़ा। बाबा ने कहा कि जब वे अस्पताल में मौत से जूझ रहे थे, तब गग्गू के प्यार ने ही उन्हें नया जीवन दिया। बाबा ने कहा अब वे राजनीति और विवादों को छोड़ अपनी पत्नी के साथ एक शांत और खुशहाल जीवन बिताना चाहते हैं। बाबा ने कहा कि उसकी पत्नी बहुत खूबसूरत है। खेड़ी बाला बाबा जिसे घोड़ियों वाला बाबा के नाम से भी जाना जाता है। खेड़ी वाले बाबा की पत्नी के साथ वायरल हो रही 2 PHOTOS… बाबा गुरविंदर सिंह के साथ जुड़े विवाद
संगरूर जिले में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की गंडासे से काटकर हत्या कर दी। पत्नी को पीटने और गंडासे से काटने का उसने वीडियो भी शूट किया, जिसे बाद में उसने सोशल मीडिया पर अपलोड किया। इसमें दिख रहा है कि उसने महिला की गर्दन पर 3 बार गंडासा मारा। मारने के बाद आरोपी पति वीडियो में कह रहा है- यह पड़ी है कटी हुई। मैंने मारी है। यह पड़ा है गंडासा। बड़ी बात यह है कि पत्नी को मारने के बाद आरोपी पति सीधे थाने पहुंच गया और खुद को पत्नी का हत्यारा बताकर सरेंडर कर दिया। पुलिस ने व्यक्ति को गिरफ्तार कर जांच शुरू की है। पुलिस कार्रवाई के 2 PHOTOS… 3 बच्चों की मां थी महिला यह वारदात मंगलवार शाम को पंजाब के संगरूर जिले के लहरा क्षेत्र में गांव खंडेबाग में हुई। पुलिस के अनुसार, गांव के निवासी कुलदीप सिंह ने अपनी 32 वर्षीय पत्नी हरकीरत कौर उर्फ गीतू की हत्या की। हत्या के बाद कुलदीप सिंह ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर वारदात की जानकारी दी। इसके बाद आरोपी कुलदीप सिंह खुद लहरागागा पुलिस स्टेशन पहुंचा और अपना अपराध कबूल करते हुए सरेंडर कर दिया। हरकीरत कौर 3 बच्चों की मां थी। उसके 2 बेटियां और एक 6 साल का बेटा है। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले का पता लगाने की कोशिश कर रही है। डीएसपी बोले- पत्नी के चरित्र पर शक करता था आरोपी लहरागागा के डीएसपी रणवीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। पुलिस इस मामले में घरेलू विवाद और नाजायज संबंधों के एंगल से जांच कर रही है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा है। उन्होंने कहा कि महिला का शव बेडरूम में खून से लथपथ हालत में मिला है। चेहरे और गर्दन पर कट हैं। अब तक की जांच में पता चला है कि आरोपी पति अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था। हालांकि, यह अभी जांच का विषय है। शूट किए वीडियो में क्या दिख रहा… पहले से खून में लथपथ दिखी महिला: आरोपी पति की ओर से सोशल मीडिया पर अपलोड किए वीडियो में दिख रहा है कि उसने पत्नी को मार-पीटकर जमीन पर गिराया हुआ है। वह पहले से खून से लथपथ है। उसके गले से खून चल रहा है और चेहरे भी खून से सना हुआ है। इसके बाद पति उसके गले पर गंडासे से वार करता है। गला कटा तो चीख भी नहीं सकी: पहले वार के बाद खून से लथपथ पड़ी पत्नी गले पर हाथ रखकर खुद को बचाने की कोशिश करती है। वह चीखने की कोशिश कर रही है, लेकिन उसकी चीखें नहीं निकल रहीं। गला कटने की वजह से आवाज बंद हो चुकी है। इसके बाद आरोपी गंडासे से ही पत्नी का हाथ गले से हटाता है और फिर गले पर ही दूसरा वार करता है। तीसरे वार में जान निकली: यही क्रूरता पति फिर से दोहराता है। पत्नी गले पर हाथ रखती है तो पति फिर से गंडासे के सहारे उसका हाथ हटाता है और फिर तीसरा वार भी सीधे गले पर करता है। इस बार महिला के गले के पास से खून तेज धार निकलती है। इसी के साथ महिला की बॉडी में हलचल भी बंद हो जाती है। कैमरे में खुद का जुर्म कबूला: इस सीन को दीवार के सहारे टिकाकर जमीन पर रखे गए मोबाइल के कैमरे में शूट किया गया। पत्नी की हलचल बंद होने के बाद पति मोबाइल को हाथ में लेता है और पत्नी को दिखाते हुए कहता है- यह पड़ी है कटी हुई। आरोपी कुलदीप कैमरे को अपनी ओर घुमाकर कहता है, मैंने मारी है। इसके बाद उसने कैमरा उस गंडासे की ओर किया, जिससे उसने इस वारदात को अंजाम दिया। कहता है, “यह पड़ा है गंडासा।”
फाजिल्का जिले के अबोहर में मलोट रोड पर ट्रक यूनियन के पास स्थित एक होटल में एक लड़की की हत्या कर दी गई। उसका शव होटल के कमरे में खून से लथपथ पड़ा मिला। युवती की गर्दन तेजधार हथियार से काटी गई। लड़की का शव अर्धनग्न अवस्था में मिला और उसकी आंखों पर पट्टी बंधी हुई थी। होटलकर्मियों ने बताया कि लड़की अपने बॉयफ्रेंड के साथ होटल में पहुंची थी। हालांकि, युवक करीब आधे घंटे बाद ही होटलकर्मियों को जोमैटो से खाना ऑर्डर करने का बहाना लगाकर वहां से निकल गया। सूत्रों के अनुसार, लड़का गिरफ्तार हो चुका है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अभी लड़के को ट्रेस कर पकड़ने की कोशिश की जा रही है। पुलिस देर रात तक होटल में जांच करती रही। लड़की की शिनाख्त के बाद उसकी डेडबॉडी वहां से उठाकर मॉर्च्युरी पहुंचाई गई। घटना के बारे में यह जानकारी मिली… पुलिस ने होटल सील किया घटना की सूचना मिलते ही सिटी थाना-1 की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने होटल को सील कर दिया और होटल का रिकॉर्ड, रजिस्टर व अन्य सबूत अपने कब्जे में ले लिए। मौके पर जांच के लिए पहुंचे SHO हरविंदर सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपी युवक को ट्रेस कर लिया है। उसने जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस के अनुसार, लड़की का नाम आरती था। उसकी उम्र 18 साल बताई जा रही है, लेकिन उसकी उम्र को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। इसे लेकर SHO का कहना है कि अगर लड़की नाबालिग निकली तो होटल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लड़की का परिवार कानपुर का रहने वाला SHO के अनुसार, लड़की मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली थी। उसके पिता कई सालों से अबोहर में शहीद मेजर सुरिंदर सिंह चौक के नजदीक बनी गौशाला में काम करते हैं। लड़की जिस लड़के के साथ होटल में आई थी, उस लड़के का नाम सचिन (22) है। वह कुई खेड़ा गांव का रहने वाला है। परिजन बोले- 6 महीने से लड़के के टच में थी आरती मृतका के परिजन भी मौके पर पहुंचे और शव की शिनाख्त की। पिता जयलाल और माता गुड्डी देवी ने बताया है कि उनकी बेटी आरती केवल 17 साल की थी। वह करीब 6 महीने से सचिन नाम के लड़के के टच में थी। वह उससे बात करती थी, लेकिन बात कहां तक बढ़ी है, वह जानकारी नहीं। परिजन ने बताया- हम करीब 20 साल से गौशाला में रह रहे हैं। आज (मंगलवार को) गौशाला में एक शादी कार्यक्रम था। आरती भी दोपहर तक गौशाला में ही थी। पता नहीं कब वह गौशाला से निकली और यहां आ गई। हमें तो पुलिस का फोन आया कि हमारी बेटी की हत्या कर दी गई है। पुलिस उस लड़के को पकड़े और उसे सख्त सजा दे।
पंचकूला में पर्ल ग्रुप की जमीन से जुड़े रजिस्ट्री घोटाले में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के डीआरओ (DRO) जोगिंद्र शर्मा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रायपुररानी के तहसीलदार विक्रम सिंगला की गिरफ्तारी के बाद अब वे एसीबी (ACB) की रडार पर हैं। जोगिंद्र शर्मा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में अग्रिम जमानत मांगी है। उनकी याचिका पर आज एडीजे बिक्रमजीत अरोड़ा की कोर्ट में सुनवाई होगी। पंचकूला के रायपुररानी तहसील के तहसीलदार विक्रम सिंगला की गिरफ्तारी के बाद से DRO जोगिंद्र शर्मा छुट्टी पर चल रहे हैं। ACB की जांच में सामने आया है कि जिस नवीन के नाम पर पर्ल ग्रुप से जड़ी रजिस्ट्री हुई है, वो उनका रिश्ते में भाई है। एसीबी के सूत्रों के अनुसार यह मामला बेनामी संपति से जुड़ा भी हो सकता है। हांसी के बडाला गांव निवासी नवीन की गिरफ्तारी के लिए भी ACB प्रयास कर रही है। क्योंकि नवीन ने यह जमीन आगे भी रजिस्ट्री होने के एक माह बाद ही बेच दी थी। 4 नई रजिस्ट्री भी आई सामने पंचकूला ACB की टीम ने तहसीलदार विक्रम सिंगला का रिमांड पूरा होने के बाद उनसे जुड़ी दूसरी रजिस्ट्रियों को खंगाला तो 4 ऐसी रजिस्ट्री सामने आई हैं, जो पर्ल ग्रुप की जमीन से जुड़ी हैं। दो रजिस्ट्री 16-16 व दो रजिस्ट्री एक-एक एकड़ जमीन से जुड़ी हैं। इन जमीनों के रिकॉर्ड को एसीबी के द्वारा निरीक्षण किया रहा है।
हरियाणा के सिरसा में आर्केस्ट्रा डांसर सिमरन उर्फ सिम्मी की हत्या का खुलासा हुआ है। सिमरन 9 फरवरी की रात को फिल्म 'बॉर्डर-2' देखने गई थी। इसके बाद उसने अपने 9 साल के बेटे को हॉस्टल में छोड़ा और रात 9 बजे खुद अपने कमरे पर लौट आई। रात 12 बजे उसका बॉयफ्रेंड सुनील उसके कमरे पर आया, जिसके बाद दोनों के बीच झगड़ा हुआ। सुनील ने सिमरन का गला घोंटकर हत्या कर दी। फिर सिमरन की ही चुन्नी से कमरे में फांसी लगा ली। सूत्रों के मुताबिक, सुनील और सिमरन 5 महीने से एक दूसरे के संपर्क में थे। 2 महीने से सिमरन रानियां के एक युवक से भी बात करने लगी थी। सुनील को इस बात का पता चल गया था और इसी बात को लेकर सोमवार रात उनका आपस में झगड़ा हुआ। हालांकि, पुलिस अभी इस बात की पुष्टि नहीं कर रही है। मंगलवार देर रात सिमरन और सुनील के परिजन सिरसा पहुंचे, जिस कारण इनका पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया। आज पुलिस पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंपेगी। 6 साल पहले पंचायती तौर पर तलाक हुआ सिमरन (34) फतेहाबाद जिले के रतिया के वार्ड नंबर 13 की रहने वाली थी। 6 साल पहले उसका पंचायती तौर पर पति से तलाक हो गया था। अब कोर्ट में भी केस चल रहा था। माता-पिता ने सिमरन को बेदखल किया हुआ है। 9 साल का बेटा सिमरन के पास रहता था और हिसार रोड स्थित एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ता है। वहीं उसकी 5 साल की बेटी पिता के साथ रहती है। सुनील से आर्केस्ट्रा के दौरान मुलाकात हुई पुलिस के मुताबिक, सुनील (40) जींद जिले के ढाणी रामगढ़ का रहने वाला था। दोनों की आर्केस्ट्रा के दौरान मुलाकात हुई थी। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी दोनों बात करते थे। तब से दोनों एक दूसरे से मिलते रहते थे। सुनील का भाई हरियाणा पुलिस में सिपाही है और पंचकूला में पोस्टेड है। शाम को फिल्म देखकर लौटी पुलिस के अनुसार, सिमरन सोमवार शाम को अपने बेटे के साथ हिसार रोड स्थित थिएटर में 'बॉर्डर-2' फिल्म दिखाने के लिए गई थी। वहां से फिल्म देखकर वह बेटे को स्कूल के हॉस्टल में छोड़कर रात करीब 9 बजे अपने कमरे पर गई थी, जहां पर ऑर्केस्ट्रा में काम करने वाली लड़कियां रहती थीं। रात 12 बजे सिमरन के पास आया सुनील रात करीब 12 बजे सुनील उससे मिलने के लिए आया। उसी दौरान दोनों के बीच झगड़ा हो गया। मंगलवार सुबह ऑर्केस्ट्रा में काम करने वाली लड़कियों ने देखा तो मकान मालकिन को सूचना दी। इसके बाद मकान मालकिन ने पुलिस को सूचना दी। सुनील चुन्नी से फंदा लगाए हुए था और सिमरन बेड पर मृत पाई गई। बेटे ने मां के फोन का लॉक खोला हत्या के बाद मंगलवार रात को सिमरन का पति और मौसी सिरसा पहुंची। उन्होंने पुलिस को बताया कि सिमरन आर्केस्ट्रा में काम करती थी। उसके दूसरे युवक के साथ संबंध थे। इसी वजह से तलाक की नौबत आई। हत्या के बाद पुलिस ने सिमरन का फोन चेक किया तो उसका लॉक लगाय हुआ था। उसके बेटे ने ही फोन का लॉक खोला और पुलिस ने फोन की कॉल डिटेल खंगाली। थाना प्रभारी बोले- दोनों के बीच संबंध थे सिटी थाना प्रभारी संदीप सिंह ने बताया कि युवक और महिला के घरवालों का कहना है कि दोनों के बीच संबंध थे। दोनों शादीशुदा हैं। युवक ने चुन्नी का फंदा लगा लिया, और महिला की मौत के कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम के बाद ही हो पाएगी। फिलहाल, मामले में जांच जारी है। --------------- यह खबर भी पढ़ें… सिरसा में गर्लफ्रेंड का मर्डर कर किया सुसाइड: पहले युवती का गला दबाया, फिर उसी की चुन्नी का फंदा बना खुद फांसी लगाई सिरसा में एक युवती की बॉयफ्रेंड ने गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद युवक ने गर्लफ्रेंड की ही चुन्नी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। दोनों के शव युवती के रूम से बरामद हुए। युवती के गले पर उंगलियों के गहरे निशान मिले हैं। उसका शव बेड पर पड़ा हुआ था। (पूरी खबर पढ़ें)
हरियाणा में बुढ़ापा पेंशन कटने को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच एक बड़ा खुलासा हुआ है। समाज कल्याण विभाग में पेंशन का काम देखने वाले सेवा सेक्शन ने 65 से 70 साल के आयु वर्ग के बुजुर्गों की बुढ़ापा पेंशन होल्ड की है। ऐसे बुजुर्गों की संख्या लगभग 70 हजार है। सूत्रों के मुताबिक, पेंशन रोकने के मुख्य कारण कुछ बुजुर्गों के खाते डाकघर में होना, इनकम टैक्स विभाग से संदिग्ध खातों की जानकारी मिलना, पेंशन लेने वालों में कुछ के परिवार में कार होना, और कुछ पेंशन धारकों के नाम पर 20 एकड़ तक कृषि भूमि होना। इसके अलावा, कुछ मामलों में रिकॉर्ड में आयु 60 साल से कम पाई गई है। अधिकारी ऐसे लोगों के डॉक्यूमेंट्स की जांच कर रहे हैं। अगर कोई कमी नहीं मिलती है तो पेंशन एरियर के साथ रिलीज कर दी जाएगी। उधर, पेंशन को लेकर मचे बवाल के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक आज इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। इस मीटिंग में सेवा विभाग के 3 सीनियर अधिकारियों को तलब किया गया है। इस बैठक में पेंशन से जुड़े 11 अन्य अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया है। अब जानिए पेंशन होल्ड करने की वजहें... 1. डाकघर के खातों को बैंक में कनवर्ट: हरियाणा में जिन 70 हजार बुजुर्गों की पेंशन रोकी गई है, उसकी पहली वजह सेवा विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने यह बताई है कि सरकार पेंशन सीधे बैंक खातों में भेजती है, लेकिन कुछ बुजुर्गों के खाते डाकघर में चल रहे हैं, जिसके कारण कुछ तकनीकी दिक्कत आ रही है। इसलिए, अब इन खातों को बैंक में कनवर्ट किया जा रहा है। 2. इनकट टैक्स डिपार्टमेंट से मिला इनपुट: सेवा विभाग के सूत्रों का कहना है कि प्रदेश के आयकर विभाग से कुछ संदिग्ध खातों की जानकारी भेजी गई है। इन संदिग्ध खातों में वे खाते शामिल हैं जिनमें रिटायर्ड फौजी, प्रिंसिपल या अन्य ऐसे ही लोग हैं। इन लोगों की पत्नियां भी इस बुढ़ापा पेंशन का लाभ ले रही हैं। यह जानकारी मिलने के बाद विभाग की ओर से ऐसे खातों की वेरिफिकेशन शुरू की गई है। 3. कार वाले भी ले रहे पेंशन: पेंशन रोकने का तीसरा कारण विभाग के सूत्रों ने यह बताया है कि पेंशन लेने वाले कुछ ऐसे भी लोग हैं जिनके परिवार में मोटर-कार भी है। परिवार पहचान पत्र में भी उन्होंने यह जानकारी छिपाई है। यह जानकारी मिलने के बाद सेवा विभाग की ओर से पेंशन रोक दी गई है। 4. मेरी फसल मेरा ब्योरा का इनपुट: सबसे अहम बात यह है कि मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर कुछ ऐसे पेंशन धारक भी चिह्नित हुए हैं जिनके नाम पर 20-20 एकड़ तक कृषि भूमि रजिस्टर्ड है। इसके अलावा, ये पेंशन धारक केंद्रीय योजनाओं के तहत किसानों को दिए जाने वाले आर्थिक लाभ भी ले रहे हैं। 5. 60 साल से कम मिली है आयु: विभाग के सामने यह भी आया है कि कुछ बुजुर्गों के रिकॉर्ड में 60 साल से कम आयु पाई गई है। इसका कारण यह है कि ये 15 साल पुराने पेंशनर हैं, जिनकी आयु मेडिकल सर्टिफिकेट के आधार पर निर्धारित की गई थी। उन लोगों से बातचीत जिनकी पेंशन नहीं आ रही… करनाल के रविंद्र की नवंबर 2025 से पेंशन बंद करनाल के रविंद्र मरवाहा ने बताया कि उनकी उम्र 70 साल है। जब वे 60 साल के थे, तब पेंशन बन गई थी। करीब डेढ़ साल पहले पेंशन 7 महीने के लिए बंद हो गई थी, लेकिन बाद में फिर से शुरू हो गई। अब नवंबर 2025 से पेंशन बंद है। वे समाज कल्याण विभाग, करनाल के दफ्तर में पहुंचे, जहाँ उन्हें पता चला कि उनकी पेंशन काट दी गई है। इसके बाद उन्होंने अपनी फैमिली आईडी ऑनलाइन निकाली, तो उसमें उनकी पत्नी के नाम कई वाहन दर्ज मिले। अश्विनी बोले- पिछले महीने पेंशन कटी फतेहाबाद जिले के टोहाना में वार्ड नंबर 17 के रहने वाले अश्विनी कुमार ने कहा कि उनकी पेंशन एक साल से सही आ रही थी। पिछले महीने उनकी पेंशन कट गई। उनकी उम्र 65 साल है और पेंशन से ही उनकी दवाई और खर्चा चलता है। जब वे समाज कल्याण विभाग के दफ्तर गए, तो उन्होंने बताया कि उनकी फैमिली आईडी में इनकम ज्यादा है, इसलिए पेंशन काटी गई है। CM सैनी बोले- विपक्ष भ्रम फैला रहा 10 फरवरी को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विपक्ष भ्रम फैला रहा है कि प्रदेश के 2 लाख लोगों की पेंशन काटी है। दो लाख मामलों में से लगभग 1 लाख 3 तीन हजार ऐसे लाभार्थी हैं, जिनकी मृत्यु के उपरांत पेंशन बंद हुई। अक्टूबर 2024 से रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया पोर्टल में किसी तकनीकी समस्या के कारण प्रदेश सरकार को हरियाणा में मृत हुए व्यक्तियों का डेटा नहीं मिला था। यह डेटा नवंबर, 2025 में प्राप्त होने के बाद एकमुश्त में ऐसे मृतकों की पेंशन कटी है। अब जानिए पेंशन को लेकर विपक्ष का क्या दावा… INLD: इंडियन नेशनल लोकदल के मुखिया अभय सिंह चौटाला ये दावा कर रहे हैं कि सरकार लगातार बुढ़ापा पेंशन काट रही है। वह इसका विरोध कर रहे हैं, इसके लिए वह 20 फरवरी को सड़कों पर उतरेंगे। उनके लिए बुजुर्गों की पेंशन जरूरी है, चुनाव नहीं। पहले यह लड़ाई लड़ेंगे फिर कुछ और सोचेंगे। कांग्रेस: रोहतक से सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी पेंशन काटे जाने का दावा किया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस इसका जमकर विरोध करेगी। युवा कांग्रेस 17 फरवरी को पंचकूला में इसके विरोध में सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करेगी। जजपा: जननायक जनता पार्टी के नेता और पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि बुढ़ापा पेंशन पर लगातार झूठ बोलने की बजाय बीजेपी सरकार अपनी मंशा स्पष्ट करे कि वह पुरानी योजना पर प्रहार करके उसे समाप्त करने की साजिश क्यों कर रही है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह किसी भी बुजुर्ग की पेंशन न रोके और योजना से वंचित किए गए बुजुर्गों की बुढ़ापा पेंशन को तुरंत बहाल करे। पेंशन बनाने की पहले और अब की प्रक्रिया पढ़िए… वर्ष 2014 से पहले प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन बनाने के लिए एक कमेटी गठित की जाती थी, जिसमें एक डॉक्टर, जिला समाज कल्याण विभाग के अधिकारी और गांव का सरपंच शामिल होते थे। यह कमेटी ही बुजुर्ग व्यक्ति की आयु का निर्धारण करती थी। 2014 के बाद जब प्रदेश में बीजेपी की सरकार आई, तो बुढ़ापा पेंशन के लिए आयु का निर्धारण जन्म प्रमाण पत्र, वोटर कार्ड और मेडिकल प्रमाण पत्र को आधार मानकर किया जाने लगा। इसके बाद 10वीं कक्षा के प्रमाण पत्र और 1991 से पहले के पांच साल पुराने वोटर कार्ड को भी आयु प्रमाण पत्र का आधार माना जाने लगा। उसी आधार पर लोगों को बुढ़ापा पेंशन मिलने लगी। अप्रैल 2023 से तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल में वृद्धावस्था पेंशन बनाने के लिए परिवार पहचान पत्र (PPP) को आधार माना जाने लगा और सभी पेंशन इसी के आधार पर बनाई जा रही हैं। अभी हरियाणा में जो भी व्यक्ति 60 वर्ष की आयु पूरी करता है और उसकी आय 3 लाख से कम है, उसे समाज कल्याण विभाग के सेवा विभाग की ओर से एक संदेश भेजा जाता है, जिसमें सरकार के द्वारा यह पूछा जाता है कि क्या आप बुढ़ापा पेंशन के पात्र हैं और क्या आप पेंशन लेना चाहते हैं। इसके अलावा, यदि किसी बुजुर्ग की पेंशन काटी जाती है, तो उसे संदेश भेजकर नोटिस भेजा जाता है कि आपके दस्तावेजों में कुछ कमी पाई गई है, इसलिए आपके कागज़ों को वेरिफिकेशन के लिए भेजा गया है, इस कारण से आपकी पेंशन रोकी या काटी जा रही है।
जो अपने धर्म का नहीं हुआ, जो अपने मां-बाप का नहीं हुआ…वह समाज का क्या भला करेगा? दीपक ने सनातन धर्म का भी अपमान किया है। इसलिए थप्पड़ मारने वाले को दो लाख रुपए देने की बात की। मैं आज भी अपने बात पर अडिग हूं, जो दीपक को थप्पड़ मारेगा, मैं उसे 2 लाख रुपए दूंगा। दैनिक भास्कर से बातचीत में मोतिहारी के रहने वाले उत्कर्ष राज ने ये बातें कहीं। उत्कर्ष ने उत्तराखंड के कोटद्वार में बाबा नामक दुकान को लेकर चल रहे विवाद में जिम ट्रेनर दीपक को थप्पड़ मारने वाले को 2 लाख रुपए देने की बात कही थी। हालांकि, सोशल मीडिया पर धमकी भरा वीडियो पोस्ट करने वाले उत्कर्ष ने दो दिन पहले सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी, लेकिन एक बार फिर उसने यू-टर्न ले लिया है। उत्कर्ष ने भास्कर से कहा, ‘मैंने उन्हें हत्या की धमकी नहीं दी थी, सिर्फ थप्पड़ मारने की बात कही थी। आज भी मैं अपनी बात पर अडिग हूं।’ पढ़िए पूरी रिपोर्ट.. पहले 6 पॉइंट्स में जानिए पूरा मामला नीचे हंगामे की 3 तस्वीरें…. 'बाबा' विवाद में कूदा बिहार का उत्कर्ष मामला सामने आने के बाद मोतिहारी के उत्कर्ष का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उसने उत्तराखंड के मो. दीपक को थप्पड़ मारने वाले को 2 लाख देने का ऑफर किया। वीडियो में उत्कर्ष कह रहा है- “मोहम्मद दीपक को जो मारेगा और उसे जो हिंदू धर्म के बारे में वापस सनातन धर्म के बारे में जो बताएगा, उसे हम दो लाख रुपए देने का काम करेंगे।” वीडियो जारी वायरल होने के बाद दीपक ने उत्तराखंड के कोटद्वार कोतवाली ने उत्कर्ष के खिलाफ शिकायत की। जिसके बाद उत्तराखंड पुलिस ने बिहार पुलिस की मदद से उत्कर्ष के खिलाफ FIR दर्ज की। FIR के बाद उत्कर्ष ने सफाई दी- “दीपक का वीडियो सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा था और मेरे यूट्यूब चैनल की रीछ कम हो गई थी। इसलिए मैंने मिर्च मसाला लगाकर वीडियो बनाया। मैं आगे से ध्यान रखूंगा, दीपक भाई आपके दिल को अगर ठेस पहुंची है तो मैं माफी मांगता हूं।” दैनिक भास्कर से बातचीत में उत्कर्ष का फिर यू-टर्न, पढ़िए क्या कहा इस पूरे मामले पर दैनिक भास्कर ने उत्कर्ष से बातचीत की। बातचीत के दौरान उत्कर्ष अपनी बात पर अडिग दिखा। पढ़िए भास्कर से बातचीत में उसने क्या-क्या कहा…. सवाल- आपने उत्तराखंड के दीपक के नाम पर 2 लाख रुपए का इनाम क्यों रखा? उत्कर्ष- दीपक कुमार हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। वे दोनों धर्म को तोड़ने की कोशिश में थे। उन्होंने सनातन धर्म में होते हुए भी नाम के आगे मोहम्मद लगाना शुरू कर दिया। यह धार्मिक पहचान से खिलवाड़ है। जो अपने धर्म का नहीं हुआ, जो अपने मां–बाप का नहीं हुआ। वह दूसरे धर्म और समाज का क्या भला करेगा? इसी वजह से मैंने आक्रोश में आकर थप्पड़ मारने वाले को इनाम देने की बात कही थी। सवाल- उत्तराखंड में आपके खिलाफ FIR दर्ज की गई है, आपको जानकारी है? उत्कर्ष- हां, मुझे जानकारी है। हालांकि, जिसने मेरे खिलाफ केस किया है, वो दीपक सिंह है। जिसको लेकर मैंने वीडियो जारी किया था, वो मोहम्मद दीपक है। यह दोहरा चरित्र दर्शाता है। सवाल- उत्तराखंड पुलिस आपसे संपर्क किया या नहीं? उत्कर्ष- हां, उत्तराखंड पुलिस ने मुझसे संपर्क किया है। उन्होंने मुझे अपने इंवेस्टिगेशन में सहयोग करने के लिए कहा है। उनलोगों ने कहा धमकी वाला वीडियो डिलीट कर दो। मैंने उनकी बात मान ली। मैंने किसी को जान से मारने की धमकी नहीं दी थी। सिर्फ थप्पड़ मारने वाले को पुरस्कार देने की बात कही थी। सोशल मीडिया पर इसे गलत दिशा में पेश किया गया, लेकिन फिर भी मैंने अपनी बातों को गलत कहते हुए वीडियो हटा दिया। हालांकि, मैं अभी भी थप्पड़ मारने वाले को इनाम देने के लिए तैयार हूं। सवाल- क्या आप अभी भी अपनी बातों पर अडिग हैं? उत्कर्ष- हां, मैं अडिग हूं। वो हिंदू-मुस्लिम के बीच फूट डाल रहा है। मैं अपने विचारों पर कायम हूं। दीपक समाज में दो समुदायों को लड़ाने का काम कर रहा है। ऐसे लोग हिंसा फैलाते हैं। जो सनातन धर्म की बात करता है उसे पकड़ लिया जाता है। सवाल- इस पूरे मामले पर आप क्या कहेंगे? उत्कर्ष- मेरे साथ पहले से ही साजिश हो रहा है। मुझे बिहार के मेयर चुनाव में भी रोका गया था। विधानसभा चुनाव में भी रोका गया था। अब यह एक और साजिश है ताकि मैं आगे न बढ़ पाऊं।
राजस्थान रोडवेज में ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। अब सभी स्थानांतरण तय नियमों और पारदर्शी प्रक्रिया के आधार पर होंगे। पॉलिसी में अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई और ईमानदार कर्मियों को प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। पॉलिसी के अनुसार बिना टिकट यात्रियों को ले जाने, कार्यस्थल पर शराब या मादक पदार्थों के सेवन और स्टेपनी के दुरुपयोग जैसे मामलों में दोषी पाए जाने वाले कंडक्टरों पर सख्त कार्रवाई होगी। तीन या उससे अधिक बार बिना टिकट यात्रा कराते पाए जाने वाले कंडक्टरों को निलंबित किया जाएगा। निलंबन के बाद ऐसे कंडक्टर को 5 साल तक उसी डिपो और 3 साल तक उसी जोन में दोबारा पोस्टिंग नहीं दी जाएगी। गंभीर प्रकरणों में लिप्त अन्य कार्मिकों पर भी यही प्रावधान लागू होगा। किसी भी कार्मिक का दो साल से पहले तबादला नहीं किया जाएगा। जिन कंडक्टरों की सेवानिवृत्ति में 12 माह या उससे कम समय शेष है, उन्हें आवेदन पर गृह जिले या नजदीकी डिपो में स्थानांतरण दिया जाएगा। ड्राइवरों को सहायक यातायात निरीक्षक (यांत्रिक) पद पर पदोन्नत का प्रस्ताव है। ऐसे में 54 वर्ष की उम्र और 27 साल की सेवा पूरी कर चुके ड्राइवर पदोन्नत हो सकेंगे। हालांकि, गृह जिले में तबादले के बाद यदि कोई कंडक्टर बिना टिकट, भ्रष्टाचार या गबन के प्रकरण में लिप्त पाया गया तो उसे निलंबित कर दूसरे जिले में स्थानांतरित किया जाएगा। टारगेट से अधिक राजस्व लाने वाले और जिनके खिलाफ कोई रिमार्क नहीं है, ऐसे कंडक्टरों को स्थानांतरण में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही ड्राइवरों के लिए पदोन्नति का रास्ता भी खोला गया है। “ट्रांसफर-पोस्टिंग पॉलिसी लाूग हो गई है। अब इसी के आधार पर स्थानांतरण होंगे। ड्राइवरों की पदोन्नति का प्रस्ताव बोर्ड से पास होकर सरकार को भेजा गया है।” -पुरुषोत्तम शर्मा, एमडी, रोडवेज
इंदौर प्रीमियर को-ऑपरेटिव बैंक में मैनेजर हेमंत ब्रह्मवंशी की खुदकुशी में मंगलवार को नया खुलासा हुआ। भास्कर से चर्चा में हेमंत की पत्नी हेमलता उर्फ ममता ने आरोप लगाया कि पति को बैंक लोन के जंजाल में नमकीन कारोबारी उमेश जाजू ने फंसाया है। इधर, पुलिस मर्ग कायम कर मामले में जांच कर रही है। हेमलता के आरोप हैं कि पति हेमंत उमेश की दुकान पर नमकीन लेने जाते थे। इसी दौरान उनकी दोस्ती हो गई। दोस्ती गहरी होने पर उमेश जाजू से पति हेमंत ने अपनी बीमारी का जिक्र करते हुए किडनी ट्रांसप्लांट करवाने को लेकर चर्चा की। इस पर उमेश ने उन्हें सलाह दी कि किडनी ट्रांसप्लांट में 40 लाख से ज्यादा का खर्च आता है, इसके लिए काफी पैसा लगता है। उमेश ने पति को सलाह दी कि वे स्कीम 54 स्थित मकान बैंक में गिरवी रख 2 करोड़ का लोन ले लें। जब लोन का पैसा आ जाएगा तो उस पैसे को राजस्थान में बेटी (उमेश की) की कंपनी में लगा देंगे। उसके बाद कुछ ही समय में 10 से 15 करोड़ का रिटर्न आपको मिल जाएगा। उससे आप अपना मकान भी छुड़वा लेना और अन्य प्रॉपर्टी व गाड़ी-बंगले ले लेना। उमेश की बातों में आकर पति ने लोन ले लिया। लोन के रुपए भी बिना हमारी जानकारी के जाजू के कहने पर लगा दिए। घर, दुकान व खेती की जमीन भी बिकवा दीहेमलता का आरोप है कि उमेश 2 करोड़ के लोन में जमानतदार भी है। कोर्ट से जो कुर्की का आदेश निकला है, उसमें उमेश की बेटी व उमेश का भी नाम है। लोन के 2 करोड़ रुपए के अलावा उमेश के कहने पर पति ने मेरे सोने के जेवर भी गिरवी रखवा दिए। राऊ का करोड़ों का मकान भी 40 लाख में बिकवा दिया। कस्तूरी सभाग्रह की दुकान, जो रजत जयंती कॉम्प्लेक्स में थी, उसे भी बिकवा दिया। खेती की जमीन भी बिकवा दी। लोन चुकाने के लिए बैंक के नोटिस, किडनी की बीमारी में डायलिसिस की चिंता व उमेश द्वारा कोई सहयोग नहीं किए जाने से पति तनाव में आ गए और जान दे दी। हेमंत से परिचय था, लेकिन परिवार ने जो आरोप लगाए, वे गलत हैंहेमंत से मेरा परिचय था, लेकिन मुझ पर उनका परिवार जो भी आरोप लगा रहा है, वे गलत हैं। - उमेश जाजू हर बिंदु पर कर रहे जांचबैंककर्मी हेमंत ब्रह्मवंशी की आत्महत्या में हर बिंदु पर जांच की जा रही है। पत्नी व परिवार के सदस्यों के बयान नहीं हुए हैं। महाराष्ट्र बैंक के अधिकारियों ने कोर्ट के आदेश पर कुर्की की कार्रवाई करने का पक्ष रखा है। पत्नी ने यदि किसी पर आरोप लगाए हैं तो हम उसकी भी गंभीरता से जांच करेंगे। फिलहाल मर्ग कायम है। - चंद्रकांत पटेल, टीआई, विजय नगर
बाड़मेर लिफ्ट परियोजना की गूंगा व बड़ोड़ा गांव के पास मुख्य पाइप लाइन लीकेज होने से दो दिन का शटडाउन लिया गया है। ऐसे में बाड़मेर व बालोतरा के लिए होने वाली नहरी पानी की सप्लाई दो दिन बाधित रहेगी। परियोजना के तहत मोहनगढ़ से बाड़मेर तक पहुंचने वाली मुख्य पाइप में लीकेज होने के चलते पिछले 4 महीने में 16 बार शटडाउन लिए जा चुके हैं। विभाग की ओर से ट्रंक लाइन की देखरेख पर मासिक 18 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन फिर भी ट्रंक लाइन में बार-बार लीकेज हो रहे हैं। अधिकारियों की लापरवाही व संबंधित फर्म के अधूरे मेंटेनेंस कार्य के चलते जैसलमेर, बाड़मेर व बालोतरा की जनता परेशान है। पीएचईडी नगरखंड एक्सईएन बिजेंद्र प्रसाद मीणा का कहना है कि नहरी पानी के बाड़मेर जीरो पॉइंट तक नहीं पहुंचने से बाड़मेर शहर व आसपास के इलाकों में बुधवार व गुरुवार दो दिन सप्लाई बंद रखी जाएगी। वहीं दूसरी ओर फर्म की ओर से ट्रंक लाइन की मॉनिटरिंग भी समय पर नहीं होने से बाड़मेर तक पहुंचने वाले 20% से 25% पानी की चोरी हो रही है। ऐसे में बाड़मेर शहर सहित आसपास के गांवों में सर्दियों में भी जल संकट बना है। चार माह में लीकेज के कारण 16 बार शटडाउन फर्म की लापरवाही के चलते बार-बार ट्रंक लाइन में लीकेज, पेट्रोलिंग के अभाव में न तो पानी पहुंच रहा है और न ही चोरी रोकी जा रही है। पीएचईडी परियोजना खंड मोहनगढ़ ट्रंक लाइन मेंटेनेंस के नाम पर अक्टूबर 25 से फरवरी तक 16 दिन शटडाउन ले चुका है। अक्टूबर में तीन बार लाइन फूटने के कारण शटडाउन लिया गया। अक्टूबर 4, 5 तथा 31 को नहर बंद रही। नवंबर में चार दिन नहर बंद रखी गई। नवंबर 1, 2, 3 तथा 28 को पानी बंद रहा। दिसंबर में 7 दिन शटडाउन लिया गया। नवंबर 4, 5, 14, 15, 16, 17, 18 को शटडाउन लिया गया। बीकेजी में पाइप लाइन फूटने तथा गैसकेट फटने से 5 दिन लगातार पानी सप्लाई बंद रखी गई। अब मोहनगढ़ से भागू का गांव में ट्रंक लाइन लीकेज के चलते दो दिन शहर में पानी नहीं पहुंचेगा। शहर में चार महीने से पानी का अंतराल एक-दो दिन के स्थान पर 6 से 7 दिन का जारी है।
10 मंजिला सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में 15 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से लगाई गईं लिफ्ट मरीजों व उनके परिजन को काम नहीं आ पा रही हैं। अस्पताल में लगी कुल 12 लिफ्ट में से 8 लिफ्ट मेंटेनेंस का ठेका खत्म होने के बाद नई व्यवस्था नहीं होने से बंद पड़ी हुई हैं। अस्पताल में रोज 150 से अधिक मरीज भर्ती रहते हैं। डॉक्टर, स्टाफ, परिजन भी इन्हीं लिफ्ट का इस्तेमाल करते हैं। यानी हर दिन 500 से ज्यादा लोग लिफ्ट पर निर्भर हैं। लिफ्ट बंद होने से बुजुर्ग, गंभीर और कमजोर मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी उठाना पड़ रही है। कई मरीजों को सीढ़ियों और रैम्प का सहारा लेना पड़ रहा है, जबकि अस्पताल में मरीजों को अभी छठी मंजिल तक भर्ती किया जाता है। प्रभारी अधीक्षक डॉ. डीके शर्मा ने बताया पीडब्ल्यूडी से पत्राचार जारी है और लिफ्ट संचालन जल्द शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। 2021 में लगी थीं, ठेका अक्टूबर 2025 में खत्मअस्पताल में सभी लिफ्ट वर्ष 2021 में एक मल्टीनेशनल इलेक्ट्रिकल कंपनी द्वारा ही इंस्टॉल की गई थीं, जिस पर 15 करोड़ रुपए से अधिक खर्च हुए थे। इंस्टॉलेशन के साथ दो साल तक मेंटेनेंस की जिम्मेदारी कंपनी की थी। इसके बाद वर्ष 2023 में पीडब्ल्यूडी ने एक निजी फर्म को मेंटेनेंस का ठेका दिया। शर्त यह थी कि लिफ्ट का मेंटेनेंस कंपनी या उसके अधिकृत डीलर से ही कराया जाएगा, क्योंकि सॉफ्टवेयर से जुड़ा तकनीकी नियंत्रण कंपनी के पास ही था। यह ठेका 9 अक्टूबर 2025 को समाप्त हो गया। गलत तकनीकी शर्तों से जनवरी का टेंडर खुलने से पहले ही निरस्तठेका खत्म होने से पहले ही अस्पताल प्रबंधन ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज को सूचना दी थी, जिसके बाद पीडब्ल्यूडी को नया टेंडर निकालने के लिए पत्र भेजा गया। इसके बावजूद पीडब्ल्यूडी के इलेक्ट्रिकल विभाग ने जनवरी 2026 में जो टेंडर निकाला, उसमें सामान्य इलेक्ट्रिकल फर्मों को शामिल कर लिया गया। तकनीकी खामी सामने आने पर कॉलेज प्रबंधन ने आपत्ति जताई, जिसके बाद 10 फरवरी को टेंडर खुलने से पहले ही निरस्त कर दिया गया। पहले ढूंढा अस्थायी समाधानएक माह पहले मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर अस्पताल प्रबंधन ने लिफ्ट लगाने वाली कंपनी से सहयोग लेकर कुछ लिफ्ट अस्थायी रूप से चालू कराई थीं, लेकिन नियमित मेंटेनेंस ठेका नहीं होने के कारण कंपनी ने दोबारा सहायता से इनकार कर दिया। इसके चलते लिफ्ट फिर से बंद हो गई हैं। इस बीच कर्मचारी लिफ्ट के सॉफ्टवेयर को रिसेट कर जैसे-तैसे काम चलाते रहे। अब फिर टेंडर, दो माह लगेंगेटेंडर निरस्त होने के बाद पीडब्ल्यूडी को पूरी प्रक्रिया दोबारा शुरू करना होगी, जिसमें एक से दो माह लग सकते हैं। ऐसे में अक्टूबर से मार्च के बीच छह माह तक मरीजों को परेशानी झेलना पड़ सकती है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों का कहना है टेंडर प्रक्रिया दोबारा शुरू की जा रही है और तकनीकी शर्तों में सुधार के बाद जल्द निर्णय लिया जाएगा।
राष्ट्रीयकृत बैंकों में आम आदमी के लिए लोन लेना जहां आज भी कठिन प्रक्रिया है, वहीं बैंक मैनेजर और स्टाफ ने कमीशन के लालच में धोखेबाजों के साथ मिलकर ऐसे लोन बांट दिए, जिनकी वसूली संभव ही नहीं है। गिरवी रखी गई संपत्तियों की जांच जब रीजनल मैनेजर स्तर पर हुई तो फर्जीवाड़े की परतें खुलती चली गईं। इसके बाद आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) को शिकायतें भेजी गईं और बीते 14 महीनों में 10 बैंक लोन घोटालों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन मामलों में कुल 41 करोड़ 33 लाख रुपए की धोखाधड़ी हो चुकी है। जांच एजेंसियों का आकलन है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, यह राशि 100 करोड़ रुपए तक पहुंच सकती है। चौंकाने वाली बात यह है कि अधिकांश मामलों में शाखा प्रबंधक ही घोटालों के मास्टरमाइंड निकले हैं। दर्जनभर से ज्यादा केस जांच मेंईओडब्ल्यू के पास बैंक लोन फ्रॉड से जुड़े एक दर्जन से अधिक मामले विचाराधीन हैं। इनमें बिना गारंटी लोन, फर्जी वैल्यूशन, बिक चुकी संपत्तियों को गिरवी दिखाने जैसी शिकायतें शामिल हैं। जांच के दायरे में सहकारी साख संस्थाएं, को-ऑपरेटिव, निजी सेक्टर और राष्ट्रीयकृत बैंक भी हैं। केनरा बैंक के दो मामले बने जांच की बड़ी कड़ीकेनरा बैंक क्षेत्रीय कार्यालय इंदौर के उप महाप्रबंधक आनंद शिवानंद तोतड़ की शिकायत पर जांच हुई। चंद्रशेखर पचोरी ने मे. आर. शिवम एंड कंपनी के नाम से 40 लाख का लोन लिया। राममोहन अग्रवाल को को-ऑब्लिगेंट बनाकर संपत्ति गिरवी दर्शाई। जिस प्लॉट को निर्विवाद बताया वहां इमारत थी और फ्लैट बिक चुके थे। पचोरी व अग्रवाल सहित तत्कालीन शाखा प्रबंधक रजतिन गुप्ता सहित अन्य पर केस दर्ज किया। नेहा तांबी, मनीष तांबी ने कैनरा बैंक से 2 करोड़ 56 लाख रुपए का लोन बैंक अफसरों के साथ मिलकर हासिल कर लिया था। शाखा प्रबंधक पवनकुमार झा द्वारा स्थल निरीक्षण की गलत रिपोर्ट मिलने के बावजूद लोन स्वीकृत कर दिया था। जो संपत्ति गिरवी रखी गई थी, वह पहले ही बेची जा चुकी थी। पैनल एडवोकेट ने भी इस गलती को छुपाया। बैंक ने वसूली का प्रयास किया तो जमीन मालिक ही दूसरा निकला। ऐसे किया फर्जीवाड़ा e 22.88 करोड़ प्रारंभिक जांच में दर्ज धोखाधड़ी कॉसमॉस को-ऑपरेटिव बैंकe 6.87 करोड़ एचडीएफसी बैंक e 4.20 करोड़ आईसीआईसीआई होम फाइनेंस e 3.57 करोड़ बैंक ऑफ बड़ौदाe 2.55 करोड़ केनरा बैंक e 85.46 लाख म.प्र. ग्रामीण बैंक e 40 लाख केनरा बैंक बैंक अधिकारी, वकील, निजी एजेंसियां भी जांच के दायरे मेंविभिन्न बैंकों में लोन फ्रॉड की शिकायतें विचाराधीन थीं। जांच में यह सामने आया कि बिक चुकी या कम मूल्य की संपत्तियों को बंधक दिखाकर लोन स्वीकृत किए गए। इसमें बैंक अधिकारियों, पैनल एडवोकेट और निजी एजेंसियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। अब सभी मामलों में चालान पेश करने की तैयारी है। -रामेश्वर सिंह यादव, एसपीदोषी अधिकारियों से वसूली की तैयारी में जांच एजेंसी दोषी अधिकारियों से वसूली के प्रयास किए जाएंगे। उन्हें पद से हटाने के लिए भी बैंकों के प्रबंधन को पत्र लिखे गए हैं। वहीं बैंकों ने लोन जारी करने की जो फाइल तैयार की थी उसे भी जब्त कर लिया गया है ताकि बैंककर्मी उनमें हेराफेरी नहीं कर सके। इन मामलों में अभियोजन स्वीकृति की आवश्यकता नहीं होगी, ऐसे में कार्रवाई तेजी से जारी रहेगी।
जिले के चंदेरी क्षेत्र में नारकोटिक्स विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एमडी ड्रग बनाने की फैक्ट्री पकड़ी है। ग्राम कडराना में दो युवक प्रियांशु जैन उर्फ शानू मोदी (31) निवासी हाटकापुरा चंदेरी और राघवेंद्र परमार (38) निवासी कडराना घर में लैब बनाकर केमिकल से ड्रग तैयार कर रहे थे। इंदौर से डीएसपी संतोष हाड़ा के नेतृत्व में पहुंची 15 सदस्यीय टीम ने दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। टीम को मौके से एक किलो से अधिक एमडी ड्रग, बनाने का उपकरण, एक कार और अवैध पिस्टल बरामद हुई है, जिसकी कीमत करीब दो करोड़ रुपए बताई जा रही है। नारकोटिक्स विभाग को इंदौर में पकड़े गए एक नशेड़ी से सूचना मिली थी कि ड्रग चंदेरी से सप्लाई हो रही है। इसके बाद टीम ने गांव पहुंचकर छापामार कार्रवाई की। पूछताछ में आरोपियों ने प्रदेश के बड़े शहरों के साथ अन्य राज्यों में भी सप्लाई करने की बात स्वीकार की है। मंगलवार को दोनों को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस अब मोबाइल कॉल डिटेल और ट्रांजेक्शन के आधार पर अन्य ग्राहकों व केमिकल सप्लायर की जांच कर रही है। घर में बना रखी थी पूरी ड्रग लैब जांच में सामने आया कि राघवेंद्र परमार के घर में ही पूरी लैब तैयार की गई थी, जहां केमिकल की मदद से एमडी ड्रग बनाई जाती थी। तैयार माल इंदौर, भोपाल समेत बड़े शहरों में भेजा जाता था। कुछ ग्राहक सीधे गांव पहुंचकर भी ड्रग लेते थे। पुलिस का कहना है कि लैब में इस्तेमाल उपकरण और केमिकल की जांच कर सप्लाई चेन का पता लगाया जाएगा। फिल्म शूटिंग मैनेजमेंट से जुड़े तारों की जांच : सूत्रों के अनुसार आरोपी प्रियांशु जैन चंदेरी में होने वाली फिल्म शूटिंग के दौरान मुंबई से आने वाली टीम का मैनेजमेंट देखता था। ऐसे में महंगे नशे के शौकीनों से संभावित कनेक्शन की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मोबाइल डेटा और आर्थिक लेनदेन की जांच के बाद नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकती है।
आय से अधिक संपत्ति; ईडी की कार्रवाई:इंदौर ननि के एआरओ परमार की 1.06 करोड़ की संपत्तियां अटैच
इंदौर नगर निगम में पदस्थ सहायक राजस्व अधिकारी (एआरओ) राजेश परमार की आय से अधिक संपत्ति मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के इंदौर सब-जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत परमार और उनके परिवार के नाम दर्ज 1.06 करोड़ रुपए कीमत की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। इनमें एक आवासीय मकान, प्लॉट, फ्लैट और कृषि भूमि शामिल हैं। ईडी ने जांच ईओडब्ल्यू, भोपाल की एफआईआर के आधार पर शुरू की थी, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज है। जांच में सामने आया कि 2007 से 2022 के बीच परमार ने करीब 1.66 करोड़ रुपए की संपत्तियां अर्जित कीं, जो उनकी ज्ञात आय से लगभग 175 प्रतिशत अधिक हैं। इस अवधि में संदिग्ध अपराध से अर्जित आय को 1.21 करोड़ रुपए आंका गया है। ईडी के अनुसार संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल धन का कोई वैध स्रोत अधिकारी प्रस्तुत नहीं कर सके। कैश डिपॉजिट और बैंक ट्रांसफर से छुपाया धन : ईडी जांच में सामने आया कि अवैध गतिविधियों से अर्जित रकम पहले बड़ी मात्रा में नकद के रूप में राजेश परमार और उनके परिवार के बैंक खातों में जमा की गई। इसके बाद बैंक ट्रांसफर के जरिए इस धन का इस्तेमाल अलग-अलग अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया। एजेंसी का दावा है कि इस प्रक्रिया से धन के वास्तविक स्रोत को छुपाने की कोशिश की गई।
भास्कर न्यूज| डुमरा सीतामढ़ी के रास्ते पंजाब के छेहरटा, अमृतसर जाने वाली अमृत भारत एक्सप्रेस 4 घंटा 45 मिनट विलंब से सीतामढ़ी पहुंची। इस दौरान सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन पर यात्री परेशान रहे। जानकारी के अनुसार, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 22 सितंबर 2025 को सहरसा से सीतामढ़ी के रास्ते पंजाब के छेहरटा, अमृतसर के लिए अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन शुरू किया था। यह गाड़ी प्रत्येक सोमवार को सहरसा से दिन के 1:00 बजे खुलकर शाम के 7:00 बजे सीतामढ़ी पहुंचकर सीतामढ़ी के रास्ते पंजाब के छेहरटा, अमृतसर जाती है। लेकिन, विडंबना यह है कि जब से यह गाड़ी शुरू की गयी है, कभी भी सीतामढ़ी समय पर नहीं पहुंची है। इस कारण यात्रियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता रहा है। जानकार बताते हैं कि इस गाड़ी को दिन के 1:00 बजे सहरसा से खुलना होता है। लेकिन, यह गाड़ी सहरसा से ही शाम के 5:00 बजे शाम के बाद खुलती है। जिस कारण पंजाब जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में यात्री पवन राउत, शेखर सिंह, उमेश बैठा, राकेश राम ने बताया कि हमलोग जिले के विभिन्न प्रखंडों से पंजाब कमाने जाने के लिए जा रहे हैं यहां शाम के 5 बजे से पहले से ही सीतामढ़ी रेलवे स्टेशन आकर गाड़ी की प्रतीक्षा में बैठे हैं। लेकिन, गाड़ी काफी लेट रह रही है। पूछताछ काउंटर पर बताया गया कि सहरसा से ही गाड़ी 5:46 बजे खोला गया है। जिस कारण गाड़ी सीतामढ़ी शाम के 7:00 बजे न पहुंच कर रात्रि 11:40 बजे सीतामढ़ी पहुंची। यह सूचना पाते ही यात्रियों में बेचैनी छा गयी। सभी परेशान रहे। कई यात्री छोटे-छोटे बच्चों के साथ यात्रा के लिए आए थे। जैसे ही सोमवार की रात्रि 11:40 बजे सीतामढ़ी के प्लेटफार्म संख्या एक पर गाड़ी पहुंची। लोग अपने-अपने गंतव्य स्थान के लिए गाड़ी में सवार होने के लिए दौड़ पड़े। इस संबंध में यात्री गगनदेव पासवान ने बताया कि जब से यह गाड़ी सहरसा से सीतामढ़ी, नरकटियागंज, गोरखपुर के रास्ते पंजाब के छेहरटा के लिए चालू हुई है, तब से लेकर आज तक यह कभी भी समय पर सीतामढ़ी प्लेटफार्म पर नहीं पहुंची है। हमेशा गाड़ी चार से पांच घंटा विलंब रहती है। लेकिन, रेल विभाग पूरी तरह मौन है। इस संबंध में समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश कुमार ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में आया है। मैं इस संबंध में जानकारी प्राप्त करता हूं कि गाड़ी विलंब से खुलने का क्या कारण है। गाड़ी का जो समय निर्धारित है, उस समय पर ही गाड़ी को खुलना है।
मनरेगा की जगह लेगा वीबी जी-राम-जी अधिनियम, 125 दिनों का काम मिलेगा
भास्कर न्यूज| सीतामढ़ी ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मनरेगा की जगह अब विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन–ग्रामीण अधिनियम–2025 (भीबी-जी-राम-जी) लागू किया जाएगा। इस नए अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की जाएगी। इसे लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित उप विकास आयुक्त कार्यालय में एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के तत्वावधान में आयोजित इस प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए डीडीसी संदीप कुमार ने अधिनियम की विशेषताओं, उद्देश्यों और क्रियान्वयन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह अधिनियम विकसित भारत–2047 के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करना है। इस दौरान एनईपी निदेशक शशिकांत शर्मा, डीपीओ मनरेगा गौतम कुमार विख्यात, डीएफएम राज कुमार सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। डीडीसी ने कहा कि नए कानून के तहत रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण पलायन पर प्रभावी रोक लगेगी और स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर बढ़ेंगे। अधिनियम की एक विशेष व्यवस्था के तहत कृषि कार्यों और ग्रामीण श्रम के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए वित्तीय वर्ष में 60 दिनों की समेकित विराम अवधि अधिसूचित की गई है। यह विराम बुआई एवं कटाई के मौसम में लागू रहेगा, ताकि किसानों को श्रमिकों की कमी का सामना न करना पड़े। हालांकि, श्रमिकों को 125 दिनों का रोजगार वर्ष की शेष अवधि में पूरा कराया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इसे पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। इसमें बायोमेट्रिक उपस्थिति, जियो टैगिंग, जीपीएस आधारित निगरानी, रियल-टाइम डैशबोर्ड और एआई आधारित ऑडिट जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं शामिल की गई हैं। डीडीसी ने बताया कि मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर अथवा कार्य समाप्ति के अधिकतम 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाएगा। तय समय में रोजगार उपलब्ध नहीं होने पर लाभार्थियों को बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान है। अधिनियम के तहत होने वाले कार्यों को पीएम गति शक्ति पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इसमें चार प्रमुख क्षेत्रों जल संचयन, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका सृजन तथा जलवायु जनित आपदा न्यूनीकरण को प्राथमिकता दी जाएगी।
चारपहिया वाहन की चपेट में आने से अधेड़ घायल
सीतामढ़ी | डुमरा स्थित हवाई फील्ड में मंगलवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। चारपहिया वाहन चलाना सीख रहे एक चालक का वाहन अचानक अनियंत्रित होकर बाइक के पास बैठे एक अधेड़ व्यक्ति से टकरा गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल की पहचान मधेसरा गांव निवासी संजय कुमार सिंह के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत इलाज के लिए भर्ती कराया।
विद्यालय बंद कर स्वास्थ्य शिविर लगाने पर नोटिस
भास्कर न्यूज |सीतामढ़ी जिले के बाजपट्टी प्रखंड के मध्य विद्यालय माधोपुर चतुरी में बीते 7 फरवरी को विद्यालय को अनैतिक रूप से बंद कर स्वास्थ्य शिविर लगाए जाने का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए बीईओ अभय कुमार ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक विपिन कुमार से स्पष्टीकरण मांगा है और 24 घंटे के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 7 फरवरी, शनिवार को विद्यालय परिसर में मधुमेह जांच को लेकर स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर के आयोजन के कारण विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को छुट्टी दे दी गई। इस दौरान विद्यालय का पठन-पाठन पूरी तरह से बाधित रहा। वहीं, मध्यान्ह भोजन योजना की रिपोर्ट भी शून्य पाई गई, जिससे छात्रों को मिलने वाली सरकारी सुविधा से वंचित होना पड़ा। नियमों के अनुसार विद्यालय समय में बिना विभागीय अनुमति के न तो विद्यालय बंद किया जा सकता है और न ही किसी अन्य गतिविधि के कारण शैक्षणिक कार्य प्रभावित किया जा सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य शिविर के नाम पर विद्यालय बंद करना विभागीय दिशा-निर्देशों का उल्लंघन माना जा रहा है। मामले की जानकारी मिलते ही बीईओ अभय कुमार ने प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि विद्यालय बंद करने, छात्रों को छुट्टी देने और मध्यान्ह भोजन नहीं कराने के कारणों का लिखित स्पष्टीकरण 24 घंटे के भीतर कार्यालय में समर्पित करें। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
चोरी की अपाचे मोटरसाइकिल के साथ दो गिरफ्तार
डुमरा | नगर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर नगर के रेड लाइट एरिया से दो मोटरसाइकिल चोर को चोरी की अपाचे मोटरसाइकिल के साथ पकड़ा। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस संबंध में नगर थाना अध्यक्ष विनय प्रताप सिंह ने बताया कि पकड़े गये व्यक्ति की पहचान रेड लाइट एरिया निवासी समीर एवं मंगल के रूप में की गयी है। गाड़ी को जब्त कर दोनों चोर को जेल भेज दिया गया है।
सीतामढ़ी | यातायात थाना द्वारा शहर के विभिन्न हिस्सों में वाहन जांच अभियान चलाकर यातायात नियम का उल्लंघन को लेकर वाहन चालकों से जुर्माने की राशि की वसूल की जा रही है। शहर के विभिन्न चौक चौराहों पर जांच अभियान चलाकर 32 वाहन से 31 हजार 500 रुपए फाइन की राशि की चालान काटी गई।
डीएम ने सुनीं आम जनों की समस्याएं, कार्रवाई का निर्देश
भास्कर न्यूज| शिवहर डीएम प्रतिभा रानी ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में शिवहर जिला अंतर्गत विभिन्न प्रखंडों से आये आम नागरिकों से मिलकर उनकी समस्या एवं शिकायतों को सुना। डीएम ने इसके निष्पादन को आवेदन संबंधित कार्यालय या विभाग को अग्रसारित कर दिया। साथ ही कई मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर ही की शिकायतों का निष्पादन कर दिया। डीएम से मिलने को कुल 16 लोग अपनी समस्या, शिकायतों को लेकर ऑनलाइन पंजीकरण कर आवेदन के साथ पहुंचे थे। जिनमें अधिकांश मामले राजस्व एवं भू-अर्जन विभाग से जुड़े थे। शेष मामले अतिक्रमण, शिक्षा, गली-नाली, वंशावली, बंदोबस्ती आदि से सम्बंधित थे। जिसे डीएम नें निष्पादन को सम्बंधित विभाग के पदाधिकारियों को अग्रसारित कर उन्हें इस मामलों को शीघ्र निष्पादन कर प्रतिवेदित करने का आदेश दिया।
विज्ञान प्रदर्शनी सह क्विज प्रतियोगिता आयोजित
भास्कर न्यूज |पुरनहिया उच माधयमिक विद्यालय बैरिया में मनोज कुमार की अध्यक्षता में विज्ञान प्रदर्शनी सह क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गयी। बताया गया कि राष्ट्रीय आविष्कार अभियान और बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के तत्वावधान में हो रहे इन आयोजनों से छात्रों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। इन प्रतियोगिताओं का मुख्य उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही, इनका लक्ष्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में छात्रों की प्रतिभा को सामने लाना और उन्हें विज्ञान तथा गणित विषयों में रुचि बढ़ाने के लिए प्रेरित करना है। विज्ञान प्रदर्शनी में छात्र अपने प्रोजेक्ट और मॉडल प्रस्तुत किया। जबकि क्विज प्रतियोगिता में छात्रों ने विज्ञान और गणित से संबंधित प्रश्नों के उत्तर दिए। इस प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा। बताया गया किन विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन स्कूल, प्रखंड और जिला स्तर पर किया जा रहा है।
मध्य विद्यालय चंडिहा के स्टूडेंट भ्रमण के लिए पटना रवाना हुए
भास्कर न्यूज |पुरनहिया मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना के तहत मध्य विद्यालय चंडिहा (बालक) के छात्र-छात्रा मंगलवार को पटना भ्रमण के लिए रवाना हुए। प्रधानाध्यापक रविंद्र कुमार के नेतृत्व में यह दल पटना के ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन करेगा। इस परिभ्रमण योजना का मुख्य उद्देश्य छात्रों को ऐतिहासिक, पर्यटक और पुरातात्विक महत्व के स्थलों से परिचित कराना है। इससे बच्चों की मानसिक और बौद्धिक क्षमता का विकास होता है। साथ ही उन्हें बाहरी दुनिया का ज्ञान भी मिलता है। भ्रमण के दौरान छात्र गोलघर, चिड़ियाघर और अशोक स्तंभ जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा करेंगे। यह योजना विशेष रूप से विद्यालय के कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित की गई है। बीईओ सत्येंद्र कुमार झा ने इस योजना के महत्व पर प्रकाश डाला।
विधायक ने खेल मैदान बनाने को विधानसभा में उठाई आवाज
भास्कर न्यूज| शिवहर विधायक डॉ. श्वेता गुप्ता ने विधानसभा में मंगलवार को शिवहर में खेल मैदान निर्माण की मांग उठाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि खेल मैदान नहीं होने से शिवहर के खेल प्रेमियों और खेल की किसी प्रतियोगिता में शामिल होने वाले खिलाड़ियों को काफी कठिनाई होती है। यहां कोई उचित मैदान नहीं है, जिसके लिए शिवहर के खिलाड़ियों में असंतोष व्याप्त है। बार-बार मांग और धरना प्रदर्शन भी करते रहते हैं। विधायक ने विधान सभा में कहा कि खेल मैदान बनने से युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और प्रतिभाओं को सही मंच मिलेगा। यह शिवहर के भविष्य और युवाओं के विकास की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।
हलेश्वर स्थान महोत्सव की तैयारियों में जुटा शिक्षा विभाग, मांगी गई सूची
भास्कर न्यूज |सीतामढ़ी धार्मिक आस्था, लोक-संस्कृति और पारंपरिक विरासत का प्रतीक श्री हलेश्वर स्थान महोत्सव इस वर्ष 13 फरवरी 2026 को भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। महोत्सव को यादगार बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोजन में जिले के छात्रों और शिक्षकों की अहम भूमिका सुनिश्चित की गई है। शिक्षा विभाग द्वारा डुमरा प्रखंड के निजी विद्यालयों को निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि वे सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए अपने-अपने विद्यालय से एक दल का गठन करें। विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया गया है कि छात्रों एवं शिक्षकों की सूची 11 फरवरी को पूर्वाह्न 11 बजे तक डीपीओ माध्यमिक शिक्षा एवं साक्षरता कार्यालय में उपलब्ध कराएं। प्राप्त सूचियों के आधार पर आयोजन समिति द्वारा विद्यालयों का चयन किया जाएगा, जिसकी सूचना संबंधित विद्यालयों को दी जाएगी। डीपीओ आयुष कुमार ने बताया कि हलेश्वर स्थान महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह जिले की लोक-संस्कृति, भक्ति संगीत और पारंपरिक कलाओं को मंच देने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि छात्रों और शिक्षकों की सहभागिता से युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ सकेगी।
जरूरतमंदों को श्री माता वैष्णो देवी मंदिर अतिथि गृह में भरपेट भोजन कराया गया
सीतामढ़ी| नगर के सिद्ध स्थल श्री माता वैष्णो देवी मंदिर में मंगलवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संध्या 7 बजे माता की रसोई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम मंदिर सदस्यों एवं उपस्थित भक्तों द्वारा परम मंगलमयी माता श्री की विशेष पूजा अर्चना की गयी। वहीं संध्या आरती किया गया। भक्तों ने भक्ति भाव के साथ चावल, दाल, आलू गोभी मटर की रसेदार सब्जी, भुना हुआ मिर्च एवं मूली सलाद का भोग लगाया गया। वहीं 80 जरूरतमंदों को मंदिर अतिथि गृह में पाटिया पर बैठा कर श्रद्धापूर्वक भरपेट भोजन कराया गया। जिसमें विशेष संख्या रिक्शा, ठेला चालकों, मांग कर खाने वालों एवं महिलाओं की थी। सभी ने इस पहल की सराहना की। माता श्री के माध्यम से जरूरतमंदों की सेवा डॉ. अमित वर्मा ने की। इस आयोजन को सफल बनाने में मां वैष्णो देवी सेवा मंडल के महासचिव राजीव कुमार राजा, समाजसेवी रोहित कुमार एवं शशांक कुमार अहम भूमिका रही।
आज के मेगा कैंप की सफलता को लेकर जीविका ने किया जागरूकता कार्यक्रम
भास्कर न्यूज| डुमरी कटसरी डीएम प्रतिभा रानी के निर्देश के आलोक में जीविका के बीपीएम दीपक पासवान के देख में प्रखंड क्षेत्र में मेगा कैंप आयोजन के लिए बैठक का आयोजन किया गया। इसमें क्षेत्र के सभी जीविका संपोषित समुदाय आधारित संगठन (समूह, ग्राम संगठन एवं संकूल स्तरीय संघ) के प्रतिनिधि भाग लिए। बताया गया कि 11 फरवरी को प्रखंड क्षेत्र में मेगा एमडीए कैंप लगाया जाएगा। जहां स्वास्थ्य कर्मी बूथों पर अपनी मौजूदगी में लोगों को फाइलेरिया से बचाव का दवा का सेवन कराएंगे। इसके पश्चात, प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों का दल अगले 14 दिनों तक सघन घर-घर भ्रमण कर लोगों को दवा खिलाएंगे। बताया गया कि फाइलेरिया रोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। वहीं प्रखंड क्षेत्र में सभी जीविका कर्मी ने जगह-जगह पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कर सभी को फाइलेरिया की दवा खाने के लिए जागरूक किया। सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह दवाएं खाली पेट नहीं खानी हैं और 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा गंभीर बीमारों को यह दवा नहीं दी जाएगी। मौके पर क्षेत्रीय समन्वयक गणेश पासवान, रविंद्र कुमार, धीरेंद्र कुमार मिश्रा, समन्वयक निकहत प्रवीण, रोहित कुमार, कमलेश कुमार आदि मौजूद थे।
इम्तेहान : शिवहर में कदाचार मुक्त परीक्षा का संचालन, 40 परीक्षार्थी रहे अनुपस्थित
शिवहर | शिवहर में मंगलवार को 8 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी में इंटरमीडिएट परीक्षा ली गईं। इस दौरान एक भी निष्कासन नहीं हुआ। आधिकारिक प्रतिवेदन के अनुसार, दोनों पालियों में मिलाकर 40 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे, प्रथम पाली में 830 परीक्षार्थियों में से 825 में दी परीक्षा, 5 रहे अनुपस्थित। द्वितीय पाली में कुल 2508 परीक्षार्थियों में से 2473 परीक्षार्थियों ने दी परीक्षा, 35 अनुपस्थित रहे। जबकि किसी भी केंद्र से निष्कासन की सूचना नहीं मिली। सभी केंद्रों पर दंडाधिकारी, पुलिस बल तैनात रहे, कदाचार मुक्त परीक्षा का संचालन किया गया।
शिवहर : फरार वारंटी और शराब कारोबारी को किया गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजा
शिवहर | एसपी शुभांक मिश्रा के निर्देश पर फरार अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत फतेहपुर थानाध्यक्ष राधेश्याम ने विशेष अभियान चलाकर फरार चल रहे कोर्ट के वारंटी ब्रजेश कुमार को थाना क्षेत्र के कहतरवा गांव से गिरफ्तार किया। वहीं बाइक से शराब ढो रहे भिखारी सहनी को बाइक और 8.5 लीटर देसी शराब के साथ कहतरवा गाछी से गिरफ्तार किया गया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार शराब कारोबारी के विरुद्ध थाने में पूर्व में भी उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज है। पूछताछ के बाद दोनों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
सोनबरसा : जनता दरबार में लोगों ने एसपी से लगाई गुहार
सोनबरसा | पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने तथा जनसमस्याओं के त्वरित व गुणवत्तापूर्ण समाधान के उद्देश्य से मंगलवार को भुतही थाना परिसर में जनता दरबार सह जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसपी अमित रंजन ने की। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे आम लोगों ने अपनी समस्याएं एसपी के समक्ष रखीं। एसपी ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित पदाधिकारियों को त्वरित निष्पादन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध और निष्पक्ष समाधान पुलिस की प्राथमिकता है। मौके पर डीएसपी 2 आशीष आनंद, भुतही थानाध्यक्ष चन्द्रगुप्त कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
मीनापुर में स्कूली बस और ट्रक में टक्कर, बाल-बाल बचे बच्चे
भास्कर न्यूज | पिपराही मुजफ्फरपुर के मीनापुर में मुख्यमंत्री योजना के तहत वैशाली भ्रमण कार्यक्रम में शामिल होने जा रही स्कूली बच्चों से भरी बस और ट्रक के बीच टक्कर हो गई। बस में पिपराही महुआवा उर्दू विद्यालय के कुल 40 बच्चे सवार थे। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। इस दुर्घटना में 13 बच्चे घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार, सभी घायल बच्चे खतरे से बाहर हैं और उनका इलाज किया जा रहा है। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासन ने अभिभावकों से संयम बरतने की अपील की तथा घायलों को हर संभव चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। हालांकि सभी बच्चे खतरे से बाहर है। विश्वजीत नाम का बस पिपराही के मेसौढ़ा मुखिया तेज नारायण साह के पुत्र का है, जो बच्चों को लेकर वैशाली भ्रमण पर जा रही थी।
सोनबरसा में 30 किलो मादक पदार्थ के साथ एक गिरफ्तार
भास्कर न्यूज| सोनबरसा थाना क्षेत्र में वाहन जांच के दौरान पुलिस ने 30 किलो मादक पदार्थ बरामद किया है। इस मामले में धंधेबाज को मौके से गिरफ्तार किया गया है। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, 9 फरवरी की शाम एसपी के निर्देश पर सघन वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान इंडो-नेपाल रोड पर एक संदिग्ध टेम्पो को रोककर तलाशी ली गई। जांच के दौरान टेम्पो से अवैध मादक पदार्थ बरामद किया गया। पुलिस ने मौके पर ही मादक पदार्थ को जब्त कर टेम्पो चालक को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सोनबरसा निवासी गौतम दास के रूप में हुई है। इस संबंध में सोनबरसा थाना में कांड दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि मादक पदार्थ की सप्लाई कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था।

