गाजियाबाद में महिला दरोगा भुवनेश्वरी सिंह 45 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए अरेस्ट की गई। यह दूसरी बार है, जब वह रिश्वतखोरी के मामले में जेल गई है। इससे पहले साल 2022 में कानपुर में भी 50 हजार रुपए की घूस लेते हुए पकड़ी गई थी। भुवनेश्वरी सिंह स्पोर्ट्स कोटे से यूपी पुलिस में 1999 में भर्ती हुईं। सिपाही से प्रमोशन पाकर वह हेड कॉन्स्टेबल बनीं और फिर दरोगा। इंस्पेक्टर के पद प्रमोशन होना था। ट्रेनिंग भी हो चुकी है, लेकिन विभागीय जांच के चलते उनका प्रमोशन रुका हुआ था। उन्होंने शादी नहीं की। साथ काम कर चुकी महिला इंस्पेक्टरों का कहना है कि भुवनेश्वरी कहती थी कि शादी ही सब कुछ नहीं है। उन्होंने एक बच्ची और एक लड़के को गोद लिया। दोनों की पूरी जिम्मेदारी खुद उठाई। एंटी करप्शन टीम ने 13 जनवरी को उसे महिला थाने की साहिबाबाद रिपोर्टिंग चौकी से अरेस्ट किया था। स्पोर्ट्स कोटे से भर्ती हुईं, शादी नहीं की मूलरूप से अलीगढ़ की रहने वाली भुवनेश्वरी साल 1999 में यूपी पुलिस में सिपाही भर्ती हुईं। जिसके बाद हेड कॉन्स्टेबल बनीं। 2013 में वह आगरा में तैनात रहते हुए दरोगा बनीं। लेकिन वह अपने प्रमोशन को लेकर कोर्ट की शरण में भी गईं। हालांकि यहां भी उनका प्रमोशन नहीं हुआ। वह अभी इंस्पेक्टर बनने की दौड़ में थी, लेकिन पूर्व में विभागीय जांच में दोषी पाई गईं। जिसके चलते प्रमोशन नहीं हुआ। उनके साथ तैनात रहीं एक महिला इंस्पेक्टर ने बताया कि भुवनेश्वरी ने शादी भी नहीं की है। शादी को लेकर वह अक्सर कहती थीं कि शादी ही सब कुछ नहीं है। आप किसी बेटी या बेटे को गोद भी ले सकते हैं, वह भी आपको परिवार की तरह जिम्मेदारी रहेगी। उन्होंने पहले एक बच्ची को गोद लिया, फिर एक लड़के को गोद लिया। दोनों बच्चों की पढ़ाई और सारी जिम्मेदारी वह खुद ही देख रही थी। अपराधियों को मौके पर ही थप्पड़ जड़ देती एक महिला इंस्पेक्टर ने बताया- भुवनेश्वरी 2 बार मेरे साथ तैनात रहीं हैं। छेड़छाड़ को लेकर जब भी स्कूल-कॉलेजों के बाहर अभियान में हम पहुंचते तो भुवनेश्वरी सीधे युवकों को थप्पड़ लगा देती थी। एक बार आगरा में तैनाती के समय एक अपराधी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। इसके बाद भुवनेश्वरी सिंह ने उसे पकड़कर मौके पर ही थप्पड़ लगा दिए। कहा कि मुझे महिला समझ रहा है। भाग, मैं तुझसे ज्यादा भाग लूंगी। एनकाउंटर के समय भी 23 सितंबर को वीडियो में बोल रही हैं कि और चलाएगा पुलिस पर गोली। कभी जेल गईं तो कभी एनकाउंटर से चर्चाओं में जून 2022 में महिला दरोगा भुवनेश्वरी सिंह कानपुर में एडीसीपी पूर्वी के ऑफिस में तैनात थी। तब भुवनेश्वरी ने होमगार्ड संजीव के साथ पनकी में चल रहे सेक्स रैकेट में छापा मारा था। जालौन के रहने वाले दो व्यापारियों और सेक्स रैकेट में शामिल दो महिलाओं को मौके से पकड़ा। हिरासत में लेने के बाद चारों को बंधक बना लिया और 15 लाख रुपए की मांग की थी। जैसे ही यह गोपनीय सूचना कानपुर पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीना को मिली तो उन्होंने टीम लगाई। इसके बाद एडीसीपी राहुल मिठास और एसीपी कोतवाली अशोक सिंह ने सिविल ड्रेस में एक रेस्टोरेंट में 50 हजार की घूस लेते दरोगा भुवनेश्वरी को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद जेल भेजा गया। जेल से जमानत पर आकर वह लंबे समय सस्पेंड हुईं। जिसके बाद भुवनेश्वरी ने अपना ट्रांसफर गाजियाबाद करा लिया। यहां उन्हें महिला थाने में तैनाती मिली। गाजियाबाद में बदमाश के पैर में गोली मारकर सुर्खियों में रही 23 सितंबर, 2025 को महिला दरोगा भुवनेश्वरी ने 4 पुलिसकर्मियों के साथ एक बदमाश का एनकाउंटर किया था। उसने बदमाश को पैर में गोली मारकर पकड़ा था। भुवनेश्वरी बदमाश को अपने कंधे पर लादकर ले गई थी। इसके बाद पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ ने एनकाउंटर में शामिल महिला थाना प्रभारी रितु त्यागी, दरोगा विनीता यादव, दरोगा भुवनेश्वरी सिंह, हेड कॉन्स्टेबल ममता सिंह और हेड कॉन्स्टेबल नीतू सिंह को सम्मानित भी किया था। गाजियाबाद में नगर आयुक्त और महापौर सुनीता दयाल ने भी सम्मानित किया था। गाजियाबाद में 45 हजार लेते अरेस्ट 13 जनवरी 2026 को साहिबाबाद थाना क्षेत्र के वृंदावन के रहने वाले रामपाल ने दहेज के मामले में उन्हें महिला थाने की साहिबाबाद रिपोर्टिंग चौकी पर पहुंचकर 45 हजार रुपए दिए। जैसे ही महिला दरोगा ने यह रकम अपनी टेबिल पर रखी तभी एंटी करप्शन की टीम ने उन्हें अरेस्ट कर लिया। इसके बाद महिला दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज हुआ। डीसीपी धवल जायसवाल ने अरेस्ट करते हुए जांच शुरू करा दी। बुधवार को एंटी करप्शन कोर्ट ने दरोगा को जेल भेज दिया। ------------------------ ये खबर भी पढ़िए- एनकाउंटर करने वाली महिला दरोगा घूस लेते अरेस्ट:गाजियाबाद में दुपट्टे से चेहरा ढंका, धक्का देकर गाड़ी में बैठाया, सस्पेंड गाजियाबाद में एक महिला दरोगा को 45 हजार रुपए घूस लेते पकड़ा गया। महिला दरोगा भुवनेश्वरी 23 सितंबर, 2025 को एक बदमाश का एनकाउंटर करके चर्चा में आई थी। जांच के दौरान उसके पास से रिश्वत की रकम भी बरामद हुई। मंगलवार देर शाम उसे सस्पेंड कर दिया गया। पढ़ें पूरी खबर...
गुमला जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र में सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में कार चालक की मौके पर ही मौत हो गई। यह दुर्घटना छतरपुर गांव के पास सुबह करीब सात बजे हुई। विपरीत दिशा से आ रहे एक कार और ट्रक के बीच सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई। जबकि अनाज से लदा ट्रक सड़क किनारे गड्ढे में पलट गया। हादसे के बाद कार चालक का शव वाहन के अंदर बुरी तरह फंस गया। मौके पर पहुंचे लोगों ने पुलिस को सूचना दी। घटना के कारण कुछ देर तक सड़क पर यातायात भी प्रभावित रहा। इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। घंटों की मशक्कत के बाद निकाला गया शव सूचना मिलते ही चैनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। कार चालक का शव वाहन के अंदर फंसे होने के कारण उसे बाहर निकालने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई घंटों के प्रयास के बाद शव को बाहर निकाला जा सका। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। वहीं, ट्रक चालक को मौके से हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया। ट्रक चालक ने अपना नाम दक्षिणेश्वर बंगाली बताया है। उसने पुलिस को बताया कि वह राशन का चावल लेकर जा रहा था। उसके अनुसार कार चालक मोबाइल पर बात कर रहा था, इसी कारण यह हादसा हुआ। हालांकि पुलिस इस दावे की जांच कर रही है। ट्रक चालक को इस दुर्घटना में कोई गंभीर चोट नहीं आई है। जारी के रिगनिटोली का है मृतक चालक पुलिस के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त कार का नंबर JH01Q 3111 है, जो डूमरी की ओर से आ रही थी, जबकि ट्रक (नंबर JH 02W 7481) गुमला की ओर से जा रहा था। छतरपुर गांव के पास एक तीखे मोड़ पर दोनों वाहनों की आमने-सामने टक्कर हो गई। कार से पुलिस ने एक मोबाइल फोन बरामद किया था। फिंगर लॉक होने के कारण तत्काल मृतक की पहचान नहीं हो सकी। बाद में काफी प्रयास के बाद मृतक की पहचान अशोक कुमार खलखो (पिता पीटर खलखो) के रूप में हुई, जो जारी थाना क्षेत्र के रिगनिटोली गांव के निवासी थे। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
संभल के बहजोई क्षेत्र में एक मुर्गा फार्म में आग लगने से 3500 मुर्गे-मुर्गियां, 700 अंडे और दो कुत्तों की मौत हो गई। यह घटना गुरुवार रात करीब 9:30 बजे हुई, जिस पर मध्यरात्रि तक काबू पाया जा सका। फार्म में सो रहे एक बुजुर्ग ने मुश्किल से अपनी जान बचाई और मामूली रूप से झुलस गए। इस आगजनी का आरोप दो अज्ञात लोगों पर है। जनपद संभल के कोतवाली बहजोई क्षेत्र के गांव सिंघपुर में हुई इस घटना के दौरान आग की लपटें देखकर ग्रामीण जंगल की ओर दौड़े। उन्होंने जनरेटर चलाकर सबमर्सिबल पंप की मदद से कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक फार्म में मौजूद सभी मुर्गे-मुर्गियां, अंडे और कुत्ते जलकर राख हो चुके थे। सिंहपुर निवासी सुलेन्द्र कश्यप ने बताया कि गुरुवार शाम को उन्होंने मुर्गा फार्म बंद कर अपने चाचा महेंद्र कश्यप को वहां सुलाया था। रात करीब 9:30 बजे फार्म में आग लगा दी गई। सुलेन्द्र के अनुसार, 15 दिन पहले दो युवकों से उनकी मामूली कहासुनी और झगड़ा हुआ था, जिसके बाद यह घटना हुई। महेंद्र कश्यप ने बड़ी मुश्किल से मुर्गा फार्म का गेट तोड़कर बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। इस दौरान वे मामूली रूप से झुलस गए। उन्हें गांव के ही एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। घटना की सूचना डायल 112 पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच-पड़ताल की। आग से करीब 3500 मुर्गे-मुर्गियां और 700 देसी अंडे जलने से लगभग 16 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। पीड़ित सुलेन्द्र कश्यप ने शुक्रवार को थाना पुलिस को घटना की तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने गांव खेतापुर के दो युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की अपील की है। मामले की सूचना लेखपाल को भी दी गई है, लेकिन घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी लेखपाल ने मौके पर आकर जांच नहीं की। थाना प्रभारी संत कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस को मौके पर भेजा गया था। उन्होंने आश्वासन दिया कि पीड़ित की शिकायत पर जांच करने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
विदिशा को आज (शनिवार) 4,400 करोड़ रुपए से अधिक की सड़क परियोजनाओं और ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटरों की सौगात मिलने जा रही है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। कार्यक्रम से पहले मुख्य बाजार में रोड शो भी निकाला जाएगा। इसके बाद पुरानी कृषि उपज मंडी परिसर में मुख्य समारोह आयोजित होगा, जहां 181 किलोमीटर लंबी 8 सड़क परियोजनाओं की शुरुआत होगी। बड़ा बाजार से माधवगंज तक रोड शो नेताओं के स्वागत के लिए शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र में रोड शो आयोजित किया जाएगा। यह रोड शो बड़ा बाजार से शुरू होकर माधवगंज चौराहे तक जाएगा। इस दौरान जगह-जगह मंच लगाकर मुख्यमंत्री और दोनों केंद्रीय मंत्रियों का स्वागत किया जाएगा। भोपाल-विदिशा फोरलेन का शिलान्यास आज जिन प्रमुख परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा, उनमें भोपाल से विदिशा, विदिशा से ग्यारसपुर, ग्यारसपुर से राहतगढ़ और राहतगढ़ से बेरखेड़ी तक का फोरलेन चौड़ीकरण कार्य प्रमुख है। इसके अलावा सागर वेस्टर्न बायपास (ग्रीनफील्ड) के फोरलेन सड़क निर्माण की भी नींव रखी जाएगी। रातापानी और देहगांव रोड का लोकार्पण लोकार्पण की जाने वाली परियोजनाओं में रातापानी वन्यजीव अभ्यारण्य क्षेत्र में अब्दुल्लागंज से इटारसी खंड का फोरलेन चौड़ीकरण शामिल है। इसके साथ ही सीआरआईएफ (CRIF) के तहत बने देहगांव से बम्होरी मार्ग को भी जनता को समर्पित किया जाएगा। NH-46 पर बनेंगे 5 अंडरपास एनएच-46 के भोपाल-ब्यावरा खंड पर नरसिंहगढ़ जंक्शन, झिरनिया, हिंगोनी और बड़ोदिया तालाब जोड़ पर कुल पांच अंडरपास निर्माण का शिलान्यास भी आज होगा। इसके अलावा, सड़क सुरक्षा और वाहन चालकों के प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए विदिशा जिले में एक और सागर जिले में दो आधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटरों का लोकार्पण व शिलान्यास किया जाएगा।
अयोध्या में कड़ाके की ठंड और शीतलहर का प्रकोप लगातार जारी है। तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मौजूदा ठंड ने पिछले नौ वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। घने कोहरे के कारण न केवल दृश्यता प्रभावित हो रही है, बल्कि हवा की रफ्तार और ठंड का असर भी ज्यादा महसूस किया जा रहा है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज के मौसम वैज्ञानिक डॉ. सीताराम मिश्रा ने बताया कि हर साल सर्दियों में तापमान गिरता है, लेकिन इस बार गिरावट ज्यादा तीव्र रही है। उन्होंने वर्ष 2018 से अब तक के न्यूनतम तापमान के आंकड़े साझा किए। डॉ. मिश्रा के अनुसार, 6 जनवरी 2018 को न्यूनतम तापमान 1.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि सामान्य न्यूनतम 7.2 डिग्री था। 31 जनवरी 2019 को भी न्यूनतम तापमान 1.0 डिग्री (सामान्य 7.0) रहा। 1 जनवरी 2020 को न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री (सामान्य 7.2) और 2 जनवरी 2021 को 2.0 डिग्री सेल्सियस (सामान्य 7.2) दर्ज किया गया। इसी तरह 16 जनवरी 2022 को न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री (सामान्य 6.9) और 6 जनवरी 2023 को 2.0 डिग्री सेल्सियस (सामान्य 6.5) रहा। हाल के वर्षों में 15 दिसंबर 2024 को न्यूनतम तापमान 2.5 डिग्री (सामान्य 8.3), 10 जनवरी 2025 को 4.0 डिग्री (सामान्य 6.5) और 14 जनवरी 2026 को 3.5 डिग्री सेल्सियस (सामान्य 6.5) दर्ज किया गया है। विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला से प्राप्त ताजा आंकड़ों के अनुसार, अधिकतम तापमान 20.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.9 डिग्री कम है। सापेक्षिक आर्द्रता अधिकतम 82 प्रतिशत और न्यूनतम 66 प्रतिशत रही। हवा की गति 2.1 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जिसकी दिशा उत्तर-पश्चिमी रही। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी 24 घंटों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में सुबह के समय हल्का कोहरा छाए रहने की संभावना है। इस दौरान औसत तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा और हवा पश्चिमी दिशा से सामान्य गति से चलने की उम्मीद है।
राजस्थान में आज से चार दिन थर्ड ग्रेड टीचर भर्ती परीक्षा होगी। आज यानि शनिवार को लेवल-1 के लिए सुबह 10 बजे से एग्जाम शुरू हुए। परीक्षा के लिए सुबह 8 बजे से 9 बजे तक एंट्री दी गई। 9 बजे गेट को बंद कर दिया गया। बाड़मेर में 12 सेंटरों पर कड़ी जांच के बाद एंट्री दी गई। मेटल के बटन वाले कपड़ों, हाथ में बंधे धागे और गले की चेन, रिंग को खुलवाने के बाद ही प्रवेश दिया गया। परीक्षा सेंटरों पर लंबी लाइनें लगी नजर आई। कर्मचारी चयन बोर्ड के अनुसार 7759 वैकेंसी के लिए चार दिन एग्जाम होगा। बाड़मेर में पहले दिन यानि शनिवार को फर्स्ट लेवल के एग्जाम एक पारी में हो रहा है। कल से तीन दिन लेवल-2 के लिए दो परियों में एग्जाम होगा। तस्वीरों में देखे फर्स्ट लेवल टीचर एग्जाम ... जिले में बनाए गए 12 सेंटरों पर शनिवार को परीक्षार्थियों की लाइनें लग गई। हर सेंटर पर महिलाओं की संख्या ज्यादा देखने को मिली। दिव्यांग और युवा की संख्या बहुत थी। बाड़मेर शहर के गांधी चौक, गर्ल्स स्कूल माल गोदाम रोड, हाई स्कूल, एमबीसी गर्ल्स कॉलेज, पीजी कॉलेज समेत परीक्षा सेंटरों पर सुबह 8 से लाइनें लग गई। करीब एक घंटे में परीक्षार्थियों के डॉक्यूमेंट चैक, फिजिकल चैक और बायोमेट्रिक चैकिंग के बाद सेंटर में एंट्री दी गई। सोने-चांदी के आभूषण खुलवाए परीक्षा सेंटरों पर चैकिंग के दौरान अभ्यार्थियों के सोने-चांदी के आभूषण पहनने होने पर उन्हें रोका गया। उनको खुलवाने के बाद परीक्षा सेंटर पर एंट्री दी गई। 9 बजे के बाद किसी को एंट्री नहीं दी गई है। अब कल से लेवल-2 एग्जाम विषयवार होंगे। कल से 6 पारियों में लेवल-2 एग्जाम राजेंद्र सिंह चांदावत ने बताया- परीक्षा के दौरान प्रथम पारी का समय सुबह 10 से दोपहर 12.30 बजे एवं दूसरी पारी का समय दोपहर 3 से सांय 5.30 बजे तक रहेगा। 18 जनवरी को फर्स्ट पारी में लेवल-2 की विज्ञान एवं गणित, दूसरी पारी में सामाजिक अध्ययन, 19 जनवरी को फर्स्ट पारी में अंग्रेजी, दूसरी पारी में हिन्दी, 20 जनवरी को फर्स्ट पारी एवं दूसरी पारी में संस्कृत विषय की परीक्षा होगी।
महाराजगंज जिले में शनिवार सुबह कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित किया। न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे ठंड का प्रकोप और बढ़ गया। सुबह के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोगों ने घरों से बाहर निकलने से परहेज किया। तेज ठंडी हवाओं और घने कोहरे के कारण वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी हुई। सुबह के समय दृश्यता कम होने से दोपहिया वाहन चालकों को विशेष चुनौतियों का सामना करना पड़ा। राष्ट्रीय राजमार्गों और ग्रामीण सड़कों पर वाहन धीमी गति से चलते दिखे। ठंड के कारण बाजारों में भी चहल-पहल कम रही। हालांकि, चाय की दुकानों और सार्वजनिक अलाव के पास लोग ठंड से राहत पाने के लिए इकट्ठा हुए। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों ने सुबह जल्दी खेतों में जाने से परहेज किया, जिससे मजदूरी का काम भी देरी से शुरू हुआ। इस कड़ाके की ठंड का सर्वाधिक असर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों पर देखा जा रहा है। डॉक्टरों ने लोगों को सुबह और देर रात घरों से बाहर निकलने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और ठंड से बचाव के सभी आवश्यक उपाय अपनाने की सलाह दी है। प्रशासन ने भी सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की है ताकि जरूरतमंदों को राहत मिल सके। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक ठंड का यह प्रकोप जारी रहने की संभावना है। लोगों से अपील की गई है कि वे सावधानी बरतें और ठंड से बचाव के सभी आवश्यक उपाय अपनाएं।
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (जेएलएफ) का तीसरा दिन शनिवार साहित्य, इतिहास और विचार-विमर्श के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है। इस दिन देश और दुनिया की जानी-मानी हस्तियां अलग-अलग सत्रों में शिरकत करेंगी। महात्मा गांधी, विनायक दामोदर सावरकर और मोहम्मद अली जिन्ना जैसे व्यक्तित्वों पर गहन चर्चा होगी। शनिवार को होने वाले प्रमुख सत्रों में गांधी, सावरकर और जिन्ना के विचारों, उनकी विरासत और आज के भारत पर उनके प्रभाव को लेकर संवाद किया जाएगा। इस चर्चा में साहित्यकार और शिक्षाविद् मकरंद आर. परांजपे, इतिहासकार एलेक्स वॉन टुनजेलमैन और वरिष्ठ लेखिका किश्वर देसाई अपने विचार साझा करेंगे। यह सत्र इतिहास और समकालीन राजनीति को समझने के इच्छुक पाठकों और श्रोताओं के लिए खास रहेगा। आज ये बड़े नाम शामिल होंगेतीसरे दिन के कार्यक्रम में कई बड़े और लोकप्रिय नाम भी नजर आएंगे। सुधा मूर्ति, गौर गोपाल दास, अनुपमा चोपड़ा, भूमि पेडनेकर और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी अलग-अलग सत्रों में अपनी बात रखेंगे। इन सत्रों में साहित्य, सिनेमा, समाज, आध्यात्म और मानवीय मूल्यों जैसे विषयों पर चर्चा होगी, जिसे सुनने के लिए बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है। पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग देखिए...
पंजाब के लुधियाना में एक व्यक्ति ने चुन्नी के सहारे फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। छत्त के किनारे जंगले से शव लटकता देख लोगों ने पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंच पुलिस ने शव कब्जे में लेकर घर की जब तलाशी ली तो मृतक के कमरे से सुसाइड नोट मिला। जिसके बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके दो साथियों पर धारा 108 , 351 (2), 3 (5) BNS के तहत थाना डिवीजन नंबर 6 की पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। मृतक काफी लंबे अर्से से लुधियाना में रहता है। जानकारी मुताबिक पुलिस को से सूचना मिली कि गली नंबर 23, नजदीक खुहीसर गुरुद्वारा साहिब, कोट मंगल सिंह नगर में एक मकान की छत के किनारे वाले जंगले से एक नौजवान व्यक्ति फंदा लगाकर मर गया है। उसका शव गली में लटक रहा है। घटना स्थल पर पहुंच पुलिस ने मामला की जांच शुरू की। फंदे से लटक रहे व्यक्ति का नाम जुनेद अहमद पुत्र अल्ताफ अहमद पता चला। पुलिस ने जुनैद को फंदे से उतारा और उसे चैक किया लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक के परिजनों संबंधी आस-पास से पता किया गया लेकिन कुछ पता नहीं लग सका। जिस पर मृतक जुनेद अहमद की लाश को प्राइवेट व्हीकल के जरिए अगली कार्रवाई तक सिविल अस्पताल लुधियाना की मोर्चरी में रखवाया गया। जुनैद के मकान में बने रिहायशी कमरों को जब पुलिस ने इलाके के लोगों के साथ मिलाकर चेक किया तो कमरे में पड़े बेड पर 02 पर्चे हिंदी में लिखित सुसाइड नोट के मिले। इसके बाद पुलिस को पूरा मामला क्लियर हुआ। पुलिस ने जुनैद की पत्नी लक्ष्मी, कृष्ण कंडा और लक्की उर्फ युवराज पर मामला दर्ज किया। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापामारी कर रही है। अब पढ़िए मरने से पहले जुनैद ने सुसाइड नोट में क्या लिखाः “मैं जुनेद अहमद कोट मंगल सिंह गली नंबर 23 मकान नंबर 8760/2 का रहने वाला। मेरी बीवी लक्ष्मी ने 2 लड़कों के साथ मिलकर मुझे डराया धमकाया बहुत। जिनका नाम लक्की उर्फ युवराज भल्ला लोहारा का रहने वाला है। दूसरा कृष्ण कांडा जो कोट मंगल 21 नंबर गली का रहने वाला है। इन लोगों ने बिना किसी गवाह की मौजूदगी में मुझसे तलाक पेपर पर साइन करवाए जो कि खाली था। मुझे और मेरे बच्चों को जान से मारने की धमकी दी। बहुत डराया धमकाया तब मुझे साइन करने पड़े। ये लोग मेरे बच्चे को भी मार देंगे। मेरी पुलिस प्रशासन से अपील है कि मेरे दोनों बच्चे जिनका नाम रूहल और लड़के का नाम दानिश है उनको मेरे बाप के सुपुर्द कर दिया जाए जो कि लखनऊ में रहते हैं। जिनका मोबाइल नंबर 9598405201 है। इन लोगों ने मेरे सर पर बहुत कर्ज चढ़ा दिया है। 3,4 लाख का। इन के पास मेरे क्रेडिट कार्ड भी है और इन्होंने मेरा फोन भी छीन लिया। मैं खुदकुशी करने जा रहा हूं। इन तीनों ने मुझे डरा धमका कर 1 और पेपर लिखवाया था। जिसमें इन लोगों ने लिखवाया था कि मैं मर जाऊं या मुझे कुछ भी हो इसके ये लोग जिम्मेदार नहीं पर सच तो ये है। इन सब चीजों के मेरी मौत के ये तीनों ही जिम्मेदार होंगे। मैं सरकार और पुलिस प्रशासन से ये अपील करूंगा कि इन तीनों को उम्र कैद या फांसी की सजा हो। ये लोग बड़े लंबे समय से मेरे खिलाफ प्लान बना रहे थे। जिसका पता मुझे 4,5 दिन पहले चला। पुलिस प्रशासन से मेरी अपील है कि इन से मेरा सारा कर्ज चुकाया जाए ये लोग मेरा सारा कर्ज चुकाए 9803424077 नंबर चेक करे। आप लोगों को सारी जानकारी मिल जाएगी। कृष्ण कांडा कहता है कि मैं जज का भी फैसला बदलवाने का दम रखता हूं मेरे अंडर में पुलिस है। मैंने DSP को थप्पड़ मारा है। मेरा ना पुलिस कुछ बिगाड़ सकती है। ना प्रधानमंत्री। मैं खुदकुशी करने जा रहा हूं जिसके तीनों ही जिम्मेदार है। उनको छोड़ना मत इन लोगों ने मेरी और मेरे बच्चों की जिंदगी बर्बाद कर दी है। बस मेरी आखिरी 3 ख्वाहिशें है। मेरे बच्चों को मेरे पापा सौंपा जाए, मेरा सारा कर्ज इन तीनों से चुकाने को कहा जाए और मेरी लाश गुरु अंगद कॉलोनी की 7-10 गली में जो मस्जिद है उन्हें सौंपा जाए या फील्ड गंज जामा मस्जिद के उस्मान भाई शाही इमाम को सौंपा जाए और मेरी दुकान को भी जामा मस्जिद को सौंपी जाए। सामने वाली आंटी से बोलना मुझे माफ कर दे। 12/1/2026 मेरे पापा का नाम अफताब मोहम्मद है। मैंने और भी 2 लेटर लिखे है। जो कि मेरी दुकान के मालिक के पास है। जिसमें से 1 लेटर मेरी बेटी रूहल के हाथ का लिखा हुआ है। मेरे लिए सही मेरी बेटी के लिए हर्ष को छोड़कर सब पर कार्रवाई की जाए। दूसरा वर्क की लिखत इस प्रकार है, “ मेरी बच्ची रूहल और केयान (दानिश) बेटे के नाम। आप लोगों से गुजारिश है जरूर पढ़वाना मेरी बच्ची से ये लेटर उसे जरूर देना। मेरी बच्ची रूहल मैं तुम्हारा डैडा मैं तुमसे किया हुआ वादा निभा ना सका क्योंकि कल तक जो तुम्हारी मां मुझसे प्यार करती थी। आज वो मेरी जान की दुश्मन बन चुकी है। मैं अकेला पड़ गया हूं मेरा साथ देने वाला कोई भी नहीं सिवा अल्लाह के। बस मेरी बच्ची मैं कुछ बातें कहना चाहता हूं इस को जरूर मानना कोई कुछ भी कहे पर तुम्हारा डैडा तुमसे बहुत प्यार करता था, है और रहेगा कयान से भी। मेरी बच्ची कभी खुद को अकेला पाना तो अल्लाह को याद कर लिया करना और अपने दीन पर ही कायम रहना और अपने भाई को भी कायम रहने की सीख देना। सिर्फ अल्लाह को मानना और अल्लाह से मांगना वही तुम्हारी हर मदद करेगा सच्चे दिल से मांगना अल्लाह से। तुम्हारी मां तुम्हें पेट में ही मारना चाहती थी। फिर जब तुम 4 साल की थी तब किसी के साथ जा रही थी तुम्हें अकेला छोड़ के मेरी बच्ची अल्लाह से मेरे लिए माफी मांगती रहना। और तुम भी मुझे माफ कर देना। अपने भाई का खयाल रखना। I Love u।
नीमच में आज 4 घंटे बिजली कटौती:MPRDC के पोल शिफ्टिंग के कारण; 12 से 4 बजे तक नहीं रहेगी लाइट
नीमच शहर के महू रोड फीडर से जुड़े क्षेत्रों में आज शनिवार को 4 घंटे बिजली गुल रहेगी। यह कटौती दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक MPRDC की ओर से पोल शिफ्टिंग और आवश्यक सुधार कार्यों के कारण की जाएगी। सहायक यंत्री (शहर) महेश ठाकुर ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 11 केवी महू रोड फीडर का विद्युत प्रदाय इन चार घंटों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा। इस बिजली कटौती से महू रोड, पटिया कॉलोनी, उदय विहार कॉलोनी, स्टार सिटी कॉलोनी, आदित्य स्टेट, वृंदावन कॉलोनी, महावीर नगर, हवाईअड्डा रोड, कस्तूरी नगर, वैभव नगर और तिहारी क्षेत्र के उपभोक्ता प्रभावित होंगे। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कार्य की जटिलता और आवश्यकता को देखते हुए बिजली कटौती का यह समय घटाया या बढ़ाया जा सकता है। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने आवश्यक कार्य समय रहते निपटा लें।
देवरिया जिले के बरहज नगर पटेल नगर पश्चिमी मोहल्ले में छह साल पहले डीजे बजाने को लेकर हुई युवक की हत्या के मामले में शुक्रवार को न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिखा रानी जायसवाल की अदालत ने छह आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष की सश्रम कारावास और 17-17 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं एक आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया, जबकि दो आरोपी अब भी फरार हैं। अदालत ने आरोपियों को गोल बनाकर हथियारों से लैस होकर गैर इरादतन हत्या, अपमानित करने और धमकी देने का दोषी पाया। दोषी ठहराए गए आरोपियों में सीटू उर्फ हैदर, शनि, शालू, इस्तेखार अहमद, फैयाज राइन और हैदर अली शामिल हैं। आरोपी दुर्गा गुप्ता को प्रमाणित संलिप्तता न होने के कारण बरी कर दिया गया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरेंद्र निषाद के अनुसार घटना 24 अगस्त 2019 की रात करीब 12 बजे हुई थी। बरहज थाना क्षेत्र के पटेल नगर पश्चिमी निवासी मन्नूलाल जायसवाल के पड़ोसी प्रद्युम्न उर्फ दीपक ने तेज आवाज में डीजे बजाया। मन्नूलाल ने आवाज कम करने का अनुरोध किया, जिससे विवाद बढ़ गया। आरोप है कि प्रद्युम्न ने अपने साथियों को बुलाकर धारदार हथियार और लोहे की रॉड से लैस होकर रात करीब 12:45 बजे मन्नूलाल पर जानलेवा हमला कर दिया। मन्नूलाल को बचाने पहुंचे उनके पुत्र सुमित जायसवाल पर भी हमला किया गया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान मौत गंभीर रूप से घायल सुमित को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरहज ले जाया गया, फिर जिला अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। मन्नूलाल जायसवाल की तहरीर पर छह नामजद आरोपियों और अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। विवेचना और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने छह आरोपियों को दोषी करार दिया। दो आरोपी फरार, एक की सुनवाई अलग इस मामले में दो आरोपी प्रद्युम्न उर्फ दीपक और खरपतू उर्फ रेहान अभी भी फरार हैं। एक आरोपी की पत्रावली अलग कर दी गई है और उस पर सुनवाई जारी है। अदालत के फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है और क्षेत्र में संदेश गया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को अंततः सजा मिलती है।
संभल में घने कोहरे में पिकअप-ऑटो की भिड़ंत:एक महिला की मौत, पति सहित 6 घायल; पांच जिला अस्पताल रेफर
संभल के इस्लामनगर-बहजोई रोड पर शनिवार सुबह घने कोहरे के कारण एक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार पिकअप गाड़ी ने एक ऑटो को टक्कर मार दी, जिसमें ऑटो चालक सहित सात लोग घायल हो गए। इस हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि पांच घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। यह दुर्घटना जनपद संभल की तहसील चंदौसी के कोतवाली बहजोई क्षेत्र के गांव मऊ कठेर के पास सुबह करीब 07:30 बजे हुई। पिकअप ने सामने से आ रहे ऑटो को जोरदार टक्कर मारी, जिससे तेज आवाज हुई और मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस और पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। ऑटो चालक और एक महिला सहित सभी सात घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहजोई में भर्ती कराया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही एक महिला ने दम तोड़ दिया, जिसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। एक घायल का इलाज बहजोई अस्पताल में चल रहा है, जबकि पांच अन्य को बेहतर इलाज के लिए जिला संयुक्त चिकित्सालय रेफर किया गया है। पुलिस ने मृतक महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक महिला की पहचान हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव अढ़ोल निवासी 40 वर्षीय अफसाना पत्नी इकबाल के रूप में हुई है। अफसाना का पति इकबाल भी इस हादसे में घायल हुआ है। अन्य घायलों में गांव अढ़ोल निवासी 45 वर्षीय भीमसेन यादव पुत्र रहीश पाल, बहजोई फैक्ट्री क्वार्टर निवासी 40 वर्षीय डालचंद पुत्र बलवीर, बदायूं जनपद के बिसौली थाना क्षेत्र के गांव फिरोजपुर निवासी 30 वर्षीय सचिन पुत्र कुंवरपाल, 25 वर्षीय गुड़िया पत्नी सचिन और 03 वर्षीय दिव्यांश पुत्र सचिन शामिल हैं। भीमसेन को छोड़कर अन्य सभी घायलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। थाना प्रभारी संत कुमार ने बताया कि पिकअप और ऑटो की टक्कर में एक महिला की मौत हुई है और सात लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
बहराइच जिले के रामगांव इलाके में स्थित रेहुआ मंसूर गांव में एक बाघ देखे जाने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर प्रभागीय वनाधिकारी और स्थानीय रेंजर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम जब बाघ को रेस्क्यू करने पहुंची, तो वह खेतों में भाग गया। ड्रोन से तलाश के दौरान झाड़ियों में बैठे बाघ की तस्वीर भी कैद हुई थी। वन विभाग ने हाथियों की मदद से इलाके में कांबिंग शुरू की। हालांकि, बाघ को ट्रेंकुलाइज करने में टीम असफल रही, जिसके कारण अभी तक उसका रेस्क्यू नहीं हो सका है। प्रभागीय वनाधिकारी सुंदरेशा ने बताया कि बाघ को पकड़ने के लिए चारों ओर जाल लगाए गए हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व से दो प्रशिक्षित हाथियों के साथ कांबिंग की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि मौसम साफ होने के बाद आज फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाएगा। बाघ को ट्रेंकुलाइज करने के लिए दुधवा टाइगर रिजर्व के वन्य चिकित्सक दयाशंकर भी अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद हैं। वन विभाग की टीम लगातार बाघ को ट्रेस करने का प्रयास कर रही है। वन विभाग की टीम आसपास के ग्रामीणों से अपील कर रही है कि वे अकेले खेतों में न जाएं और सतर्क रहें।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (आरएसएसबी) की रीट मेंस 2025-26 परीक्षा आज (शनिवार) को शुरू हो गई है। यह परीक्षा 17 से 20 जनवरी तक सात पारियों में आयोजित की जा रही है। हजारों युवा शिक्षक बनने के सपने को साकार करने के लिए एग्जाम सेंटरों पर पहुंच चुके हैं। श्रीगंगानगर जिले में 46 परीक्षा केंद्रों पर 57,136 कैंडिडेट्स रजिस्टर्ड हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुबह 8 से 9 बजे तक एंट्री दी गई। 9 बजते ही गेट बंद कर दिए गए। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कैंडिडेट्स की जांच के बाद ही अंदर जाने दिया गया। मेल कैंडिडेट्स के मफलर, टोपी व महिलाओं के शाल, दुप्पटे परीक्षा केंद्रों के बाहर ही उतरवाए गए। परीक्षा को नकल मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए 7 उड़नदस्ते टीमों को तैनात किया गया है। 42 उप-समन्वयक और 91 पर्यवेक्षक नजर रख रहे हैं। 3500 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी ड्यूटी पर हैं। केंद्रों के बाहर कैंडिडेट्स के साथ आए परिजन कॉलेज परिसरों और पार्कों में धूप सेकते नजर आए।
भाजपा के फायर ब्रांड नेता और पूर्व सांसद विनय कटियार शनिवार को बाराबंकी पहुंचे। उन्होंने कटिहार शहर के कंपनी बाग स्थित राम सजीवन वर्मा के आवास पर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान पत्रकारों ने उनसे अयोध्या से चुनाव लड़ने की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया मांगी। विनय कटियार ने कहा कि अयोध्या से चुनाव लड़ने की चर्चा कोई नई बात नहीं है। उन्होंने बताया कि वह पांच बार अयोध्या से सांसद रह चुके हैं और उनके अयोध्या से पुराना और गहरा नाता है। पत्रकारों ने उनसे काशी में मंदिर तोड़े जाने के आरोपों पर सवाल किया। इस पर विनय कटियार ने टिप्पणी करने से बचते हुए कहा, “यह सवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा जाना चाहिए।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई। विकास पर जोर, विवाद पर नहीं जवाब कटियार ने कहा कि देश और प्रदेश में विकास कार्य लगातार हो रहे हैं और सरकार जनहित के मुद्दों पर काम कर रही है। हालांकि काशी में मंदिरों से जुड़े आरोपों पर उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया। विनय कटियार के इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में प्रतिक्रियाएं अलग-अलग हैं। उनके समर्थक इसे सामान्य राजनीतिक बयान बता रहे हैं, जबकि विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर सवाल खड़े करना शुरू कर दिया है।
प्रयागराज के फूलपुर क्षेत्र स्थित बौड़ई गांव की प्रिया बिंद ने गुरुवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। प्रिया ने यूरोप में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय रोबोटिक चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। यह भेंट राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत के प्रयासों से संभव हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रिया की इस उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने प्रिया को आत्मनिर्भरता और सफलता का मंत्र भी दिया। प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के बाद स्वदेश लौटने पर राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने प्रयागराज स्थित प्रिया के आवास पर उनका सम्मान किया था। उस समय डॉ. बलवंत ने कहा था कि प्रिया की सफलता उसके परिवार, क्षेत्र और पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रिया ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से यह साबित किया है कि किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। इसी अवसर पर प्रिया ने मुख्यमंत्री से मिलने की इच्छा व्यक्त की थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रिया बिंद से उनकी रोबोटिक चैंपियनशिप की उपलब्धि के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अब प्रतियोगिताएं केवल शौक नहीं रह गई हैं, बल्कि वे जीवन को बेहतर बनाने और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इस अवसर पर डॉ. अवधेश बिंद, प्रिया बिंद के पिता लाल बहादुर बिंद, ग्राम प्रधान देवराज बिंद और पूर्व प्रधान जीतलाल बिंद भी उपस्थित थे।
बस्ती के गौर थाना क्षेत्र में ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। नगर पंचायत वभनान, थाना गौर के अभिषेक कुमार गुप्ता ने पुलिस को शिकायत दी है कि फेसबुक पर कैरी बैग के प्रचार का झांसा देकर अज्ञात ठगों ने उनसे करीब 2 लाख 20 हजार रुपये हड़प लिए। अभिषेक ने बताया कि फेसबुक पर दिखाए गए विज्ञापन में सस्ते दाम पर कैरी बैग उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। आकर्षक ऑफर देखकर उन्होंने दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। सामने वाले व्यक्ति ने खुद को व्यापारी बताकर भरोसा दिलाया और कहा कि भुगतान के बाद तय समय पर सामान डिलीवर कर दिया जाएगा। कई बार ट्रांसफर के बाद भी नहीं मिली डिलीवरी आरोप है कि ठगों ने अलग–अलग तिथियों में ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न खातों में भुगतान कराए। कई बार भुगतान करने के बावजूद न तो सामान मिला और न ही पैसे वापस हुए। बाद में जब पीड़ित ने संपर्क किया तो मोबाइल नंबर बंद और फेसबुक अकाउंट निष्क्रिय मिला। पीड़ित ने गौर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बताया कि साइबर माध्यम से हुई ठगी की जांच की जा रही है। संबंधित खातों और डिजिटल लेन-देन का ब्योरा खंगाला जा रहा है। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले आकर्षक विज्ञापनों के झांसे में न आएं और किसी भी डिजिटल लेन-देन में सतर्कता बरतें।
राजधानी के पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम को एक तेज रफ्तार कार ने कहर मचा दिया। कैलाशपुरी रोड पर लगभग रात 8:30 बजे सीजी 04 पी आर 8866 नंबर की कार सड़क किनारे खड़ी एक दुकान में अनियंत्रित होकर जा घुसी। हादसे के समय दुकान में मौजूद दुकानदार और उसका परिवार बाल-बाल बच गया, लेकिन दुकान का सामने का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। आक्रोशित लोगों ने ड्राइवर को पीटा हादसे की सूचना पाते ही आसपास के लोग घटना स्थल पर जमा हो गए। भीड़ ने कार में मौजूद ड्राइवर को पकड़ लिया और आक्रोशित लोगों ने कथित रूप से उसकी पिटाई भी कर दी। घर में मौजूद लोग दहशत में थे और चिल्लाते हुए मदद की गुहार लगाई। हड़बड़ाहट में हादसा मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, कार अचानक अनियंत्रित हुई थी और ड्राइवर नशे में नहीं था। जिस दुकान में कार घुसी, उसके पीछे ही मकान है, जहां बबलू पठान का परिवार रहता है। कार के अचानक फिसलने और दुकान में जा घुसने से परिवार में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच शुरू कर दी है। दुकानदार और पड़ोसियों के मुताबिक, कार की रफ्तार बहुत तेज थी, जिससे हादसा हुआ। पुलिस ने ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और कार को जब्त कर लिया गया है। वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे कार दुकान में जा घुसती है और लोग हड़कंप मचाते हैं। अधिकारियों का कहना है कि सड़क किनारे पार्किंग और तेज रफ्तार वाहन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे टाले जा सकें।
उदयपुर के एक थानाधिकारी का सीसीटीवी फुटेज सामने आया जिमसें वो रात को एक रेस्टोरेंट में आए कुछ युवकों पर घूंसे बरसा रहे थे और शटर पर लाते मा रहे थे। यहीं नहीं वीडियो में वे गालियां भी दे रहे थे। बताते है कि वीडियो पुराना है लेकिन इस वीडियो ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए है। यह वीडियो वैसे 28 जुलाई 2025 का है लेकिन जैसे ही वीडियो सामने आया तो इसमें पुलिस की बर्बरता साफ तौर पर दिख रही थी। असल में शहर के मल्लातलाई क्षेत्र में रात को पुलिस गश्त के दौरान अंबामाता थानाधिकारी मुकेश सोनी गाड़ी से टीम के साथ निकले थे। तब सोनी एक दुकान के वहां पर पहुंचते है और शटर के वहां पर कान लगाते है जब उनको डाउट होता है तो वे दुकान खोलने की आवाज देते है और इस बीच शटर को लाते मारते दिखे। बाद में वे और टीम के सदस्य पास के गेट पर भी आवाज देते है। करीब 3 मिनट 8 सैकेंड का ये वीडियो था। इसके बाद दूसरा वीडियो आया जो 1 मिनट 34 सैकेंड का आया है जिसमें थानाधिकारी मुकेश सोनी लात-घूंसे मार रहे है। सामने जो युवक थे वो अपनी बात रखते हुए गुहार लगा रहे थे लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी और उनकी जमकर पिटाई की। वीडियो पर जो समय आ रहा है वो रात सवा तीन बजे का है। इस बारे में अंबामाता पुलिस थाना अधिकारी मुकेश सोनी से जब पूछा तो उन्होंने बताया कि ये बहुत पुराना मामला है और रात को 2 बजे बाद इस तरह शटर बंद कर के ये लोग अंदर थे। हमे सूचना मिली तो हम वहां पहुंचे। अब पुलिस पिटाई की तस्वीरें देखिए...
गोंडा जिले में नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत मैनपुर गांव में हुए 21 वर्षीय पूजा हत्याकांड को लेकर के मृतका की मां अनीता ने पूजा के पूर्व प्रेमी राजकुमार सोनकर पर हत्या का आरोप लगाते हुए नवाबगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अनीता ने अपनी तहरीर में बताया कि उनकी बेटी पूजा पहले टपरा कॉलोनी निवासी राजकुमार सोनकर से बातचीत करती थी। राजकुमार शादी तय होने के बाद से ही पूजा पर शादी न करने का दबाव बना रहा था और उसे लगातार धमकियां दे रहा था। अनीता के अनुसार, उन्होंने एक महीने पहले पूजा की शादी कुंजालपुर निवासी सुभाष से कर दी थी। इसके बावजूद राजकुमार ने पूजा का पीछा नहीं छोड़ा। उसने किसी तरह पूजा का मोबाइल नंबर हासिल कर लिया और शादी के बाद भी उसे लगातार फोन करके परेशान करता रहा। पूजा 14 जनवरी को मकर संक्रांति का त्योहार मनाने अपने ससुराल कुंजालपुर से मायके मैनपुर डड़वा गांव आई थी। 15 जनवरी की सुबह वह घर से निकली, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने काफी खोजबीन की, पर उसका कोई पता नहीं चला। अगले दिन सुबह चंद्र प्रताप सिंह के गन्ने के खेत में पूजा का शव मिला। मां अनीता ने आरोप लगाया है कि राजकुमार ने पूजा को बुलाकर गन्ने के खेत में ही गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। नवाबगंज पुलिस आरोपी प्रेमी से पूछताछ कर रही है। वहीं नवाबगंज थाना अध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि पूरे मामले को लेकर हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। परिवार के लोगों ने पूर्व प्रेमी राजकुमार पर हत्या का आरोप लगाया है उससे भी पूरे मामले को लेकर के पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है देर रात 12:00 बजे पोस्टमार्टम हुआ है अभी तक पीएम रिपोर्ट सामने नहीं आई है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण फाइनली स्पष्ट हो पाएगा। वहीं नवाबगंज थाना अध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि पूरे मामले को लेकर हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। परिवार के लोगों ने पूर्व प्रेमी राजकुमार पर हत्या का आरोप लगाया है उससे भी पूरे मामले को लेकर के पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है देर रात 12:00 बजे पोस्टमार्टम हुआ है अभी तक पीएम रिपोर्ट सामने नहीं आई है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण फाइनली स्पष्ट हो पाएगा।
इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर झाबुआ जिले के कालीदेवी थाना क्षेत्र में वाहन की टक्कर से एक तेंदुए की मौत हो गई। घटना आज शनिवार सुबह ग्राम भूराडाबरा के पास हुई। सड़क पार करते समय तेंदुए को टक्कर लगी, जिससे मौके पर ही दम तोड़ दिया। ग्रामीणों को सड़क किनारे मृत तेंदुआ मिलने पर इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। हालांकि, जिस वाहन से यह हादसा हुआ, उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है और चालक मौके से फरार हो गया। वन विभाग के अधिकारियों ने मृत तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक समय और चोटों की गंभीरता की पुष्टि हो सकेगी।
सीहोर जिले के सीलकंठ गांव में सड़क और नाली निर्माण कार्य में बाल श्रमिकों से काम कराने का मामला सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता इंद्राज बरखने ने इसकी शिकायत भैरुंदा थाने में दर्ज कराई है। निर्माण स्थल पर एक नाबालिग बालिका द्वारा काम करने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इंद्राज बरखने ने अपनी शिकायत में बताया कि गांव में पंचायत द्वारा कराए जा रहे इस निर्माण कार्य में ठेकेदार राजेश पंवार बाल श्रमिकों का उपयोग कर रहे हैं। आरोप है कि करीब एक दर्जन से अधिक नाबालिग सुबह से शाम तक मजदूरी कर रहे हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, ठेकेदार इन मजदूरों को बैतूल जिले से लाया है। बच्चों से खतरनाक और जोखिम भरा काम कराया जा रहा है, जिससे उन्हें गंभीर चोट लगने का खतरा है। यह पूरी तरह गैरकानूनी है। बरखने ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में पहले पंचायत में भी शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि पंचायत के जिम्मेदार भी इस काम में संलिप्त हैं। थाने में शिकायत के बाद भी ठेकेदार पर कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने श्रम विभाग को भी सूचित किया है। इस मामले पर भैरुंदा टीआई घनश्याम दांगी ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार और मजदूरों के दस्तावेज बुलाए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। श्रम पदाधिकारी सीहोर एसएन संगोले ने जानकारी दी कि उन्होंने इस संबंध में निरीक्षक को जांच के निर्देश दिए हैं।
कोटा के ग्रामीण इलाके में सुबह 8 बजे तक कोहरा छाया रहा। विजिबिलिटी 300 से 400 मीटर रही। लोग सर्दी से बचाव के जतन करते नजर आए। जबकि शहरी क्षेत्र में आसमान साफ रहा। धूप खिली रही। कोटा में पिछले 6 दिन से न्यूनतम पर 10 डिग्री से नीचे चल रहा है। जिसके चलते शाम व सुबह गलन बरकरार है। मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से तापमान में बढ़ोतरी की संभावना जताई है। शुक्रवार को भी आसमान साफ रहा दिन में धूप निकली। दिन के पारे में 2 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज हुई। अधिकतम तापमान 25.6 डिग्री व न्यूनतम तापमान 7 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। करीब 4 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। बीते सात दिन से अधिकतम पारा 20 डिग्री से ऊपर दर्ज हुआ है। जबकि 6 दिन से न्यूनतम पारा 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ धूप निकलने व पारा बढ़ने से दिन में सर्दी का असर कम रहा है।
सतना में कर अपवंचन के मामले में स्टेट जीएसटी की टीम ने शुक्रवार शाम नागौद कस्बे के थोक किराना व्यापारी विजय कुमार अग्रवाल के प्रतिष्ठान और गोदाम में एक साथ छापामार कार्रवाई की। स्टॉक सत्यापन न होने के कारण प्रतिष्ठान को सीज कर दिया गया है। टीम ने कारोबार से संबंधित दस्तावेजों को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। रात अधिक होने के कारण प्रतिष्ठान को सीज किया गया। जानकारी के मुताबिक, विजय कुमार अग्रवाल की यह फर्म नागौद के बड़े किराना व्यापारियों में गिनी जाती है। इसका कारोबार ग्रामीण क्षेत्रों तक फैला हुआ है और यहीं से थोक में भी किराना की आपूर्ति होती है। यह कार्रवाई स्टेट जीएसटी कमिश्नर के निर्देश पर की गई। इसमें स्टेट जीएसटी सर्किल दो की असिस्टेंट कमिश्नर गरिमा शुक्ला, एसटीओ अजीत सिंह, विनोद प्रताप सिंह, पूनम तिवारी, निरीक्षक रश्मि रेखा, सत्यनारायण सेन सहित करीब 12 सदस्यीय टीम शामिल थी।
अजमेर के खरेखड़ी रोड पर दीवार निर्माण के दौरान चल रही खुदाई में जेसीबी का बकैट लगने से नाग जख्मी हो गया। उसके पास ही मौजूद नागिन ने फन मारकर करीब एक घंटे तक दहशत फैलाई। सूचना के बाद पहुंचे सर्परक्षक ने बड़ी मुश्किल से पकड़ा और सुरक्षित जंगल में छोड़ा। सर्परक्षक सुखदेव भट्ट ने बताया-नाग नागिन जोडे़ से रहते है और जब नाग जख्मी हुआ तो खतरा भांप कर नागिन गुस्से में आई और सुरक्षा के लिए वहीं बैठी रही और बार बार फन मारती रही। वहां मौजूद लोग बेहद डरे हुए थे। घटना शुक्रवार शाम करीब चार बजे की है। भट्ट ने बताया- खरेखड़ी रोड एक निजी होटल में निर्माण कार्य चल रहा था। जहां पर खुदाई के दौरान जेसीबी के बकेट के नीचे आ जाने से नाग जख्मी हो गया। उसके बाद नागिन ने चारो तरफ फन मारकर दहशत फैला दी। साजन चौहान ने दूरभाष के माध्यम से संपर्क कर नाग नागिन की सूचना दी। इस पर मौके पर पहुंच कर देखा तो 5 5 फिट लम्बे कोबरा सांप एक दूसरे के सामने कुंडली बना कर बैठे हुए थे। बाद में मशक्कत कर पकड़ा और सुरक्षित पास ही जंगल में छोड़ दिया। ........ पढें ये खबर भी... थर्ड ग्रेड टीचर भर्ती एग्जाम-चेकिंग कर एक घंटे पहले एन्ट्री:शूज व मौजे खुलवाकर चेक किया, हाथ पर बंधे धागे, दुपट्टा व स्टॉल उतरवाए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से थर्ड ग्रेड टीचर के पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा हो रही है। पहले दिन 20 हजार 640 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड है। अजमेर में 66 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सुबह नौ बजे तक सेंटर पर एन्ट्री दी गई। इस दौरान शूज व मौजे खुलवाकर चेक किया। हाथ पर बंधे धागे, दुपट्टा व स्टॉल आदि उतरवाए। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त रहे। पूरी खबर पढें
सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार देर रात हुए एक सड़क हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई और सात अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना देर रात करीब एक बजे किमी 153.500 के पास घने कोहरे के कारण हुई। सभी मजदूर रायबरेली से आजमगढ़ जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, पिकअप चालक वीरू रायबरेली से 14 मजदूरों को लेकर आजमगढ़ जा रहा था। रास्ते में किसी अज्ञात ट्रक ने पिकअप को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रक चालक गाजीपुर की ओर फरार हो गया, जबकि पिकअप गाड़ी MBCB से टकराकर पलट गई। इस दुर्घटना में अजय कुमार (30, पुत्र राम नरेश, निवासी गंभीरपुर, रायबरेली) और किसन पाल (30) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उन्हें दोस्तपुर सीएचसी मृत अवस्था में लाया गया। रजोली (35, पुत्र राम नरेश, निवासी गंभीरपुर, रायबरेली) ने अंबेडकर नगर जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। घायलों में अशोक (40, पुत्र रामकुमार), नरेश पासी (45, पुत्र श्रीराम), रामप्रसाद (40, पुत्र ननकू), विनोद (40, पुत्र गुरुदेव), दिलीप (35, पुत्र शिव शंकर), राजेश (40, पुत्र भूरेलाल) और राजू (30, पुत्र रामनरेश) शामिल हैं। इन सभी को प्राथमिक उपचार के बाद दोस्तपुर अस्पताल से अंबेडकर नगर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। बचाव कार्य के दौरान, अत्यधिक कोहरे के कारण एक और हादसा हो गया। सुल्तानपुर से बिहार जा रही मुर्गों से लदी एक पिकअप, जिसे सलमान (निवासी खोरपुर बुजुर्ग, थाना संग्रामपुर, अमेठी) चला रहा था, ने पहले सेफ्टी कोन को टक्कर मारी और फिर दुर्घटनाग्रस्त पिकअप से जा भिड़ी। इस दूसरी टक्कर में पिकअप चालक सलमान भी घायल हो गया, जिसे एंबुलेंस से सरकारी अस्पताल दोस्तपुर भेजा गया और बाद में अकबरपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही जिला के प्रोग्राम मैनेजर आशीष कुमार सिंह और जिला प्रभारी मनोज कुमार सिंह ने 102/108 एंबुलेंस की मदद से सभी मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दोस्तपुर में भर्ती कराया। मरीजों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल अंबेडकर नगर रेफर कर दिया गया। दोस्तपुर इंस्पेक्टर अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और उनके परिवारों को सूचित कर दिया गया है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में मोबाइल हैक कर बैंक अकाउंट से कुल 6 लाख रुपए निकाल लिए। पीड़ित का दावा है कि उसने मोबाइल में ना कोई ऐप इंस्टॉल नहीं की और ना उसके पास कोई OTP आया। जिसे उसने किसी के साथ शेयर किया। कैथल के जडौला गांव के रहने वाले ललित कुमार ने पुलिस को बताया कि वह अपने रूटीन कामकाज के लिए मोबाइल पर नेट बैंकिंग चलाता है। उसका HDFC बैंक शाखा पिहोवा में बैंक अकाउंट है। उसका बैंक अकाउंट उसके मोबाइल नंबर पर रजिस्टर्ड है। इस 6 जनवरी को उनके अकाउंट से अलग-अलग ट्रांजैक्शन हो गई। 6 लाख रुपए कट गए उसके अकाउंट से करीब 6 लाख रुपए कट गए थे। शुरू में उसे लगा कि कोई गड़बड़ी हुई है। उसने बैंक में जाकर भी पता किया, लेकिन बाद में उसे पता चला कि उनका मोबाइल हैक हो गया था। ठगों ने मोबाइल हैक करके नेट बैंकिंग के जरिए पैसे ट्रांसफर कर लिए। कोई ऐप नहीं इंस्टॉल की उसने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराई। हैरानी की बात यह है कि उसने अपने मोबाइल पर कोई ऐप इंस्टॉल नहीं की। उसके मोबाइल पर कोई OTP भी नहीं आया और ना उसने कोई OTP किसी के साथ शेयर किया। पुलिस कर रही जांच- महेश कुमार थाना साइबर के SHO महेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। ठगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। मोबाइल हैकिंग कैसे हुई, ट्रांजैक्शन कहां हुए, इन सबकी डिटेल निकाली जा रही है।
दुश्मनों को चकमा देने के लिए AI से बनाया विमान। बम पहचानने और उबड़-खाबड़ रास्तों पर चलने में माहिर रोबोटिक डॉग। CELL AI से वायु सेना को पता चलता है कि कौन सा विमान मिशन के लिए तैयार है, किस मिशन में कितना खतरा है और कहां तुरंत फैसला लेना जरूरी है। भारतीय सेना तेजी से AI बेस्ड, डेटा आधारित रणनीति की ओर बढ़ रही है। कश्मीर से लेकर राजस्थान और समुद्री इलाकों तक AI आर्मी, नेवी और एयरफाेर्स के काम करके के तरीके को बदल रहा है। वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों का कहना है कि AI अब केवल मदद करने वाली तकनीक नहीं रही, बल्कि भविष्य के युद्ध का मुख्य आधार बन चुकी है। सीमा सुरक्षा के लिए AI-पावर्ड सर्विलांस सिस्टम तैनातभारतीय सेना ने हाल ही में उत्तर और दक्षिण कश्मीर के कई इलाकों में सीमा सुरक्षा के लिए AI-पावर्ड सर्विलांस सिस्टम तैनात किया। यह पहल उत्तरी कमान के नए उत्तरी कमान (नॉर्दर्न कमान) के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ प्रतीक शर्मा के निर्देश पर शुरू हुई। मई 2025 में कमान संभालने के बाद उन्होंने ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर और इंटेलिजेंट मॉनिटरिंग टूल्स की तैनाती को प्राथमिकता दी। ये सिस्टम खतरे की पहचान, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और पाकिस्तान व चीन की सीमाओं पर हो रहे बदलावों को रियल-टाइम में मॉनिटर करने में सक्षम है। इन AI सर्विलांस सिस्टम्स की तुलना अमेरिका के ‘प्रोजेक्ट मेवन’ से की जा रही है, जिसने वीडियो एनालिसिस में लगने वाला समय लगभग 70 प्रतिशत तक घटा दिया था। बड़े अभ्यासों में AI की भूमिकामेजर शैलेंदर सिंह का कहना है कि राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर में हुए बड़े अभ्यासों में AI-सक्षम सेंसर, टारगेट एक्विजिशन सिस्टम (लक्ष्य अर्जन प्रणाली) और स्मार्ट सर्विलांस टूल्स का व्यापक इस्तेमाल हुआ। ‘भारत शक्ति’ जैसे हालिया अभ्यासों में भी AI की बड़ी भूमिका देखने को मिली। इसी कड़ी में जयपुर के जगतपुरा के महल रोड पर 15 जनवरी को हुई भारतीय सेना की परेड ने यह साफ कर दिया कि भविष्य की सेना कैसी दिखेगी। इस परेड में रोबोटिक म्यूल और रोबोट डॉग्स को सार्वजनिक तौर पर दिखाया गया। ये रोबोट दुर्गम इलाकों में सामान ढोने, निगरानी करने और जोखिम भरे इलाकों में आगे जाकर जानकारी लाने के लिए बनाए गए हैं। स्वदेशी निगरानी ड्रोन और काउंटर ड्रोन सिस्टम भी दिखाए गए, जो यह बताते हैं कि सेना अब मानव और मशीन को एक साथ युद्ध क्षेत्र में उतारने की तैयारी कर चुकी है। बीते कुछ सालों में भारतीय सेना में डिजिटल यूजर्स की संख्या 1200 प्रतिशत और डेटा स्टोरेज क्षमता 620 प्रतिशत तक बढ़ी है। डिजिटल यूजर्स का मतलब सेना के डिजिटल सिस्टम, नेटवर्क और सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने वालों से है। पहले ये सुविधाएं सीमित यूनिट्स और अफसरों तक थीं। अब ज्यादा से ज्यादा सैनिकों को एक्सेस मिला है। ऐसे में डिजिटल यूजर्स 1200 प्रतिशत बढ़ गए हैं। CELL AI वायु सेना का GPT जैसा सिस्टमजयपुर में हुई भारतीय सेना की परेड के दौरान भारतीय वायु सेना के 2 ऑफिसर्स ने पहली बार अपने खास AI सिस्टम CELL AI के बारे में जानकारी दी। CELL AI को वायु सेना का अपना GPT जैसा सिस्टम माना जा रहा है, लेकिन इसका उपयोग बातचीत के लिए नहीं बल्कि सैन्य और एयरफोर्स जरूरतों के लिए किया जाता है। यह सिस्टम उड़ान से जुड़ा डेटा, मौसम की जानकारी, रडार से मिले सिग्नल, विमान के रख-रखाव का रिकार्ड और मिशन रिपोर्ट को एक साथ जोड़कर उनका एनालिसिस करता है। इससे वायु सेना को यह पता चलता है कि कौन सा विमान मिशन के लिए तैयार है, किस मिशन में कितना खतरा है और कहां तुरंत फैसला लेना जरूरी है। चार पैरों वाले आधुनिक रोबोटभारतीय सेना के रोबोटिक डॉग, जिन्हें MULE (मल्टी-यूटिलिटी लेग्ड इक्विपमेंट) कहा जाता है, चार पैरों वाले आधुनिक रोबोट हैं। इनका इस्तेमाल निगरानी, सीमा गश्त और खतरनाक कामों के लिए किया जाता है। ये रोबोट पहाड़ों, बर्फीले इलाकों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर आसानी से चल सकते हैं। बम की पहचान, विस्फोटक निष्क्रिय करने तथा गोला-बारूद और दवाइयों जैसे जरूरी सामान को ढोने में मदद करते हैं। इनमें थर्मल और 360 डिग्री कैमरे, एआई तकनीक और सेंसर लगे होते हैं। ये अपने आप रास्ता पहचान कर काम कर सकते हैं। 12 किलो ग्राम तक वजन उठा सकते हैं। AI के जरिए विमान का भ्रमऑपरेशन सिंदूर में वायुसेना ने विमान के AI-आधारित एक्स-गार्ड टोड डेकोय (X-Guard towed decoy) का इस्तेमाल किया। यह 500 वॉट का 360-डिग्री जैमिंग सिग्नल देता है। 30 किलो वजन का होता है। 100 मीटर लंबी फाइबर-ऑप्टिक केबल पर विमान के पीछे चलता है। यह असली विमान जैसी रडार सिग्नेचर बनाकर दुश्मन को उलझन में डालता है। साथ ही असली विमान को सुरक्षित रखता है। तेजी से बढ़ रही ड्रोन क्षमताकर्नल दीप्तंगशु चौधरी ने बताया- भारतीय सेना ड्रोन क्षमता को तेजी से बढ़ा रही है। इसके तहत एक लाख से अधिक ड्रोन ऑपरेटरों को ट्रेनिंग दी जा रही है। इन्फेंट्री यूनिट्स में ड्रोन प्लाटून शामिल किए जा रहे हैं। राजस्थान का मरुस्थलीय क्षेत्र इन ड्रोन प्रणालियों के परीक्षण और प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त माना जाता है। पूर्व सैन्य अधिकारी ले. कर्नल अभिषेक सोनी ने बताया कि हथियारों में AI का पूरा इस्तेमाल, खुद फैसले लेने वाली मशीनें और पूरी तरह स्वचालित युद्ध प्रणाली अभी बनने की प्रक्रिया में हैं। थल सेना, वायुसेना और नौसेना के बीच AI को एक साथ जोड़ने और एक जैसी नीति बनाने का काम चल रहा है, लेकिन यह व्यवस्था अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हुई है। आधुनिक युद्ध तकनीकों का प्रयोगराजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में ‘मरु ज्वाला’ अभ्यास में तकनीक-समेकित युद्ध क्षमताओं का परीक्षण किया गया। भारत-यूके ‘अजेय वॉरियर’ अभ्यास में AI-गाइडेड स्ट्राइक और आधुनिक युद्ध तकनीकों का प्रयोग हुआ। इन अभ्यासों ने वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में तकनीक की उपयोगिता को साबित किया। रक्षा क्षेत्र का सबसे बड़ा गेम-चेंजरAI अब रक्षा क्षेत्र में निर्णायक तकनीक बन चुका है। 2022 में वैश्विक मिलिट्री AI मार्केट का आकार 8.3 अरब डॉलर था, जो 2027 तक बढ़कर 19.2 अरब डॉलर होने का अनुमान है। ड्रोन अब जटिल मिशन खुद पूरा कर रहे हैं, AI-आधारित एनालिटिक्स दुश्मन की गतिविधियों का पहले ही अनुमान लगाने लगी है, और युद्ध क्षेत्र में निर्णय लेने की गति अभूतपूर्व रूप से तेज हुई है। दुनिया के तीसरे सबसे बड़े रक्षा खर्च वाले देश के रूप में भारत भी रणनीतिक मजबूती के लिए AI तकनीकों को तेजी से अपना रहा है। AI युद्ध का स्वरूप बदल रहा हैसेवानिवृत्त मेजर जनरल ए. के. सिवाच, YSM, VSM कहते हैं- AI आधुनिक युद्ध क्षेत्र को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है। भारतीय सेना किस तरह खतरों की पहचान, उनका विश्लेषण और उन्हें सटीकता से निष्प्रभावी कर रही है। AI ने इसमें अभूतपूर्व परिवर्तन किया है। यह तकनीक सैनिक की जगह नहीं ले रही, बल्कि उसे अधिक सक्षम बना रही है और युद्ध की गति को बदल रही है। लेफ्टिनेंट जनरल राजीव कुमार सहनी कहते हैं- ऑपरेशन सिंदूर के दौरान AI-आधारित सिस्टम ने सर्विलांस, इंटेलिजेंस और सटीक टारगेटिंग में अहम भूमिका निभाई। --- यह खबर भी पढ़े... आर्मी-डे पर पहली बार जयपुर में सेना ने दिखाया शौर्य: शहीद जवान की मां मेडल लेते बेहोश हुईं, राजनाथ सिंह बोले-ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ जयपुर के SMS स्टेडियम में आर्मी-डे पर गुरुवार शाम शौर्य संध्या कार्यक्रम में सेना के पैराट्रूपर्स उतरे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में पूरा स्टेडियम जय हो के नारे से गूंज उठा। पूरी खबर पढ़े
सुल्तानपुर में शुक्रवार आधी रात को एक सड़क हादसे में कई श्रद्धालु घायल हो गए। घने कोहरे के कारण एक अज्ञात वाहन ने श्रद्धालुओं से भरी पिकअप को टक्कर मार दी, जिससे वह अनियंत्रित होकर खड्ड में पलट गई। यह घटना जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के चांदपुर महमूदपुर गांव के पास टांडा बांदा राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई। बस्ती जनपद के कलवारी थाना क्षेत्र के चरकेला गांव और आसपास के करीब 50 श्रद्धालु तीन पिकअप वाहनों में सवार होकर प्रयागराज गंगा स्नान के लिए जा रहे थे। चांदपुर महमूदपुर गांव के पास पहुंचते ही सामने से आ रही एक तेज रफ्तार अज्ञात बस ने आगे चल रही पिकअप को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड्ड में जा गिरी। पीछे आ रहे दो अन्य पिकअप वाहनों के चालक और सवार भी घबराकर मौके पर रुक गए। हादसे के बाद श्रद्धालुओं की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सेमरी चौकी पुलिस और ग्राम प्रधान वीरेंद्र दुबे ग्रामीणों के साथ मिलकर बचाव कार्य में जुट गए। सूचना मिलने पर एंबुलेंस की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इस हादसे में जियालाल शर्मा, मनीराम शर्मा, मल्लू शर्मा, बजरंगी लाल गुप्ता और धर्मेंद्र शर्मा सहित कई लोग घायल हुए। इनमें से पिकअप चालक धर्मेंद्र (40 वर्ष), मनीराम (45 वर्ष), जियालाल (42 वर्ष), लालमती और शांति को गंभीर चोटें आई हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए बिरसिंहपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जयसिंहपुर कोतवाली प्रभारी प्रमोद कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घायलों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने कहा कि किसी को गंभीर चोटें नहीं आई हैं और सभी सुरक्षित हैं। इस बीच, स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं के रहने और ठंड से बचाव में भी मदद की। ग्रामीणों ने दिखाई मानवता शुक्रवार रात प्रयागराज गंगा स्नान करने जा रहे श्रद्धालुओं की पिकअप पलटने के बाद चांदपुर महमूदपुर गांव निवासी ग्राम प्रधान वीरेंद्र दुबे ने ग्रामीणों के साथ मिलकर फ़ौरी तौर पर स्थानीय लोगों के लिए तीन अलाव की व्यवस्था कर उनके चाय और ठंड से बचाव के उपाय कर मानवता पेश की।
भोजपुर पुलिस की लगातार बढ़ती दबिश और कानूनी शिकंजे के बाद मोस्ट वांटेड अपराधी दीपक पांडेय ने शुक्रवार को रोहतास जिले के डेहरी कोर्ट में सरेंडर कर दिया। दीपक पांडेय तरारी के भकुरा गांव का रहने वाला है। भोजपुर और रोहतास जिले में आधा दर्जन से अधिक संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे। मिथुन, हर्षित और योगेन्द्र हत्याकांड जैसे चर्चित मामले भी शामिल है। दीपक पांडेय के क्रिमिनल रिकॉर्ड को देखते हुए साल 2025 में प्रशासन की ओर से उस पर दो लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। बताया जा रहा है कि उसने सात नवंबर 2019 में रोहतास जिले के दरिहट थाना क्षेत्र में ईंट-भट्ठा के पास हुए निकु सिंह हत्याकांड से जुड़े मामले में सरेंडर किया है। करीब दस वर्षों से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी, लेकिन वह लगातार ठिकाने बदलकर कानून के हाथों से बचता रहा। हत्या, लूट समेत कई मामले दर्ज भोजपुर के पुलिस अधीक्षक राज ने इनामी अपराधी के सरेंडर की पुष्टि करते हुए कहा कि उस पर दर्ज सभी मामलों में रिमांड के लिए संबंधित न्यायालय में आवेदन दिया जाएगा, ताकि उससे पूछताछ कर अन्य आपराधिक घटनाओं के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। नवादा, सिकरहट्टा, सहार और चांदी थाना क्षेत्रों में हत्या, अवैध हथियार रखने और अन्य गंभीर अपराधों के मामले दर्ज है। लगातार दबिश, संभावित गिरफ्तारी और बढ़ते कानूनी दबाव के कारण दीपक पांडेय ने अदालत में आत्मसमर्पण का रास्ता चुना। सरेंडर के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उसके आत्मसमर्पण से भोजपुर और रोहतास पुलिस के साथ-साथ प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर लंबित मामलों की कड़ियां जोड़ने की तैयारी में जुट गई है। वीडियो जारी कर विरोधियों पर लगाया आरोप सरेंडर से पहले उसने एक वीडियो भी जारी किया था। उसने कहा था कि उसके दो चचेरे भाइयों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उसके विरोधियों ने साजिश के तहत उसका नाम फंसा दिया। उसे वर्ष 2018 में भी गोली मारी गई थी और उसके खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे फर्जी है। न्याय पाने के लिए वह भोजपुर एसपी राज की पहल पर कोर्ट में सरेंडर कर रहा हूं।
शिवपुरी शहर में एटीएम कार्ड बदलकर 30 हजार रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। सुरेंद्र सिंह यादव (57), पुत्र स्व. संग्राम सिंह यादव, निवासी झांसी तिराहा चर्च गली, शिवपुरी ने इस संबंध में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, यह घटना 15 जनवरी 2026 को सुबह करीब 9:55 बजे हुई। सुरेंद्र सिंह यादव हाजी सन्नू मार्केट, झांसी तिराहा स्थित भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम से रुपए निकालने गए थे। उसी दौरान एटीएम कक्ष में एक अज्ञात व्यक्ति आ गया। फरियादी ने अपने एटीएम कार्ड से 8 हजार रुपए निकाले, जिसका मैसेज उन्हें मोबाइल पर मिला। इसी बीच, एटीएम मशीन में एरर आने पर अज्ञात व्यक्ति ने एरर ठीक करने के बहाने सुरेंद्र सिंह से उनका कार्ड ले लिया। कुछ देर बाद उसने कार्ड वापस कर दिया, जिसे फरियादी ने बिना जांचे अपनी जेब में रख लिया और वहां से चले गए। कुछ देर बाद, जब सुरेंद्र सिंह ने अपना फोनपे चेक किया, तो उन्हें पता चला कि 8 हजार रुपए निकालने के बाद उनके खाते से 30 हजार रुपए और गायब हो गए थे। इन अतिरिक्त निकासी का कोई मैसेज उन्हें प्राप्त नहीं हुआ था। बैंक से संपर्क करने पर उन्हें जानकारी मिली कि 8 हजार रुपए की निकासी के बाद 10-10 हजार रुपए के तीन और लेनदेन किए गए थे, जिससे कुल 30 हजार रुपए निकाल लिए गए। बाद में जांच करने पर यह भी सामने आया कि उनके पास जो एटीएम कार्ड था, वह उनका नहीं बल्कि 'DINABANDHU FALIA' नाम के व्यक्ति का था, जिसका कार्ड नंबर 4591560281136242 है। इस धोखाधड़ी का पता चलते ही फरियादी ने तुरंत अपना एटीएम कार्ड ब्लॉक करवा दिया। सुरेंद्र सिंह यादव ने आरोप लगाया है कि अज्ञात व्यक्ति ने उनका एटीएम कार्ड बदलकर यह धोखाधड़ी की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह मामला थाना कोतवाली शिवपुरी में दर्ज किया गया है।
पंजाब में मोहाली के रहने वाले बॉलीवुड सिंगर बी प्राक से लॉरेंस गैंग ने एक हफ्ते में 10 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी है। लॉरेंस गैंग के गैंगस्टर आरजू बिश्नोई ने सिंगर को धमकी भरा वॉयस मैसेज भेजा है। जिसमें सिंगर को फिरौती न देने पर जान से मारने की भी धमकी दी गई है। सिंगर को कहा गया है कि इसे फेक समझा तो मिट्टी में मिला देंगे। इस मामले को लेकर सिंगर बी प्राक की तरफ से सिंगर दिलनूर ने मोहाली थाने में शिकायत दी है। सिंगर को धमकी के बाद पंजाब पुलिस के मोहाली स्थित साइबर क्राइम ब्रांच ने इसकी जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा सिंगर की सिक्योरिटी को लेकर पुलिस भी अलर्ट पर है। सिंगर के करीबी को भेजा वॉयस मैसेजपुलिस के मुताबिक यह धमकी सीधे बी प्राक को नहीं, बल्कि उनके करीबी साथी और पंजाबी सिंगर दिलनूर के जरिए भेजी गई। यह वॉयस मैसेज दिलनूर को भेजा गया है। मैसेज भेजने वाले ने खुद को आरजू बताया है, जो विदेश में बैठकर गैंगस्टर लॉरेंस के लिए काम करता है। धमकी भरे संदेश में कहा गया है कि उनके पास पैसे देने के लिए एक हफ्ते का समय है। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि वह दुनिया के किसी भी देश में चले जाएं, गैंग के लोग उन तक पहुंच जाएंगे। मैसेज में यह भी कहा गया, इसे फेक कॉल मत समझना, नहीं तो मिट्टी में मिला देंगे। मोहाली पुलिस को दी गई है शिकायतसिंगर दिलनूर ने इस मामले की शिकायत मोहाली पुलिस SSP से की है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और कॉल के सोर्स का पता लगाया जा रहा है। बी प्राक की सुरक्षा को लेकर भी एहतियात बरती जा रही है। बता दें कि बी प्राक तेरी मिट्टी में मिल जावां गीत से खूब हिट हुए थे।
सिरसा में किलोमीटर स्कीम बस मामले में बस ड्राइवर को रोडवेज प्रशासन ने ब्लैकलिस्ट कर दिया है। अब आगे से ये ड्राइवर रोडवेज में किलोमीटर स्कीम की बस नहीं चला सकेगा। इसके अलावा रोडवेज प्रशासन ने कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। अगर जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। कंडक्टर की भूमिका पर भी सवाल है, क्योंकि कंडक्टर ने पहले ध्यान नहीं दिया और बस नहीं रोकी। ये सवारियों की जान के साथ बड़ा जोखिम था। वहीं, चौपटा में रोडवेज पिंक मिनी बस पलटने के वाले मामले में ड्राइवर को सस्पेंड कर दिया गया है। यह पिंक मिनी बस सिरसा से कुतियाना गांव जा रही थी। गुडियाखेड़ा गांव से निकलने के बाद ढुकड़ा पहुंचने से पहले ये हादसा हो गया था। ड्राइवर ने निजी वाहन को साइड देने के चक्कर में बस को सड़क से नीचे उतार दी, जिससे किनारों पर लगी रेतीली मिट्टी में आगे के टायर धंस गया। तभी बस नीचे पलट गई थी। इसके अलावा हुमायूंखेड़ा में बस का एक्सीडेंट मामले में ड्राइवर को सस्पेंड कर दिया गया है। ड्राइवर एचकेआरएन के तहत कार्यरत है और धुंध के चलते बाइक को टक्कर मार दी थी। हादसे में बाइक सवार हुमांयूखेड़ा निवासी युवक की मौत हो गई थी, जो अपने परिवार का इकलौता बेटा था। ड्राइवर शराब के नशे में ऐलनाबाद जाने के बजाय ले गया डबवाली रोड यात्रियों के अनुसार, बुधवार शाम करीब 8 बजे किलोमीटर स्कीम बस का ड्राइवर ऐलनाबाद जाने के बजाय सुर्खाब चौक से डबवाली रोड की ओर ले गया और बस को टेढी-मेढी चला रहा था और न ही मेन स्टॉपेज पर बस रोकी। इस पर यात्रियों को ड्राइवर पर शराब पीने का शक हो गया और बस को रूकवा ली। कई देर हंगामा हुआ। सूचना पर रोडवेज अधिकारियों ने दूसरे ड्राइवर को भेजा और बस को ऐलनाबाद भिजवाया गया। यह बस ऐलनाबाद से अल सुबह चंडीगढ के लिए चलती है और रात्रि को ऐलनाबाद में ठहराव होता है। दो कंडक्टर-ड्राइवर पहले से सस्पेंड इससे पहले चौपटा में बस रोड से नीचे उतारने के मामले में ड्राइवर व कंडक्टर को सस्पेंड किया था। बस में सवार कंडक्टर और ड्राइवर में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया और कई देर से चल रहा था। दोनों राजस्थान के बीकानेर से आ रहे थे। असरासर शहर से निकलते ही बस स्टैंड पर सवारी उतारने को लेकर विवाद होना शुरू हुआ था। वे झगड़ते-झगड़ते वहां से चौपटा आ गए। चौपटा बस स्टैंड पर भी झगड़ा हुआ।यहां से सिरसा जाते समय रास्ते में फिर झगड़ा शुरू हो गया और बस रोड से नीचे उतर गई। चूंकि, बस में सवारी नहीं थी, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। ड्राइवर को किया ब्लैकलिस्ट सिरसा रोडवेज जीएम अनीत कुमार का कहना है कि किलोमीटर स्कीम बस के ड्राइवर को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। अब वह लीज की बस नहीं चला सकेगा। इस बारे में कंपनी से भी जवाब मांगा गया है। चौपटा में बस पलटने के मामले में ड्राइवर को सस्पेंड कर दिया है।
हाड़ कंपाने वाली सर्दी में REET लेवल प्रथम के एग्जाम में शनिवार को अलवर के 64 परीक्षा केंद्रों पर हजारों अभ्यर्थी कंपकंपाते हुए पहुंचे। कुछ तो स्वेटर व जैकेट पहनकर सुबह 8 बजे एग्जाम सेंटर में घुसे। कुछ ने पहले ही उतार कर जमा करा दिया। इस कारण स्वेटर उतारकर आने वालों को पूरा एग्जाम धूजते हुए देना पड़ा। जबकि गाइडलाइन में ये लिखा था कि जूते, स्वेटर व जैकेट पहनकर जा सकते हैं। लेकिन कोई मेटल नहीं होना चाहिए। कुछ की जैकेट पर मेटल वाले बटन थे। उनको मुंह से बटन तोड़ने पड़े महिलाओं को कंगन उतारने में खूब मशक्कत करनी पड़ी। देखे PHOTOS...... कोटपूतली से आए अथ्यर्थी सोनू ने कहा कि मेटल ले जाने की अनुमति नहीं है। लेकिन जैकेट व स्वेटर पहनकर जा सकते हैं। प्रवेश पत्र पर निर्देश में साफ लिखा है कि मेटल नहीं लगा हो। ऐसे जैकेट व जूते पहनकर जा सकते हैं। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने साफ निर्देश दिए हैं। फिर भी कुछ अभ्यर्थी अपने आप ही स्वेटर उतार कर पहुंचे। कुछ को मेटल के बटन के कारण जैकेट उतारने पड़े। अलवर में पहले दिन 18 हजार अभ्यर्थी अलवर में रीट लेवल प्रथम में करीब 18 हजार अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। अलवर के बाहर के जिलों से आने वाले अभ्यर्थी एक दिन पहले आ गए थे। कुछ सुबह-सुबह पहुंचे हैं। अभ्यर्थियों ने कहा कि सर्दी अधिक है। इस कारण अलाव तापने में लगे हैं। अभ्यर्थी राजेंद्र ने बिना स्वेटर पहने बैठा मिला। उसने बताया कि पहले ही स्वेटर उतार दी। आगे पता नहीं उतारनी पड़े। सिक्के, पेन के ढक्कन, बटन, घड़ी, चाबी सब बाहर बाइक से आने वाले अभ्यर्थियों की बाइक की चाबी, घड़ी, स्वेटर के बटन, पेन के ढक्कर सब बाहर की रखवा लिए। कुछ दुकान पर रखकर गए। कुछ ने बाइक की चाबी को भी गेट के पास ही पेड़ की टहनी पर टांग दी। महिलाओं को शॉल उतारने पड़े। कुछ के स्वेटर पर मेटल के बटन थे। इसलिए स्वेटर उतारनी पड़ी। सुबह 9 बजने से पहले सब अभ्यर्थियों को कमरे में प्रवेश दे दिया गया। 10 बजे से एग्जाम शुरू हुआ। अब 18 जनवरी से 20 जनवरी तक सैकंड लेवल के एग्जाम होंगे। दोनों एग्जाम में करीब 70 हजार अभ्यर्थी अलवर में पंजीकृत हैं।
बीजापुर के नेशनल पार्क के जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है। इस मुठभेड़ में अब तक 2 नक्सली के मारे जाने की खबर है। वहीं, इलाके में नक्सली लीडर पापाराव के साथ बड़ी संख्या में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मौके से AK-47 बरामद किए गए हैं। शनिवार सुबह से ही संयुक्त टीम और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग जारी है। नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सलियों की बड़ी संख्या डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के जवान नेशनल पार्क क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान चला रहे थे। इसी दौरान उनका सामना नक्सलियों की बड़ी टुकड़ी से हुआ। मुठभेड़ अब भी जारी है। सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और मारे गए नक्सलियों के शवों को बरामद करने और अन्य नक्सलियों की तलाश के लिए अभियान तेज कर दिया गया है। बीजापुर पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि अभियान अब भी जारी है। इसलिए मुठभेड़ का स्थान, ऑपरेशन में शामिल सुरक्षाबलों की संख्या और अन्य संवेदनशील जानकारी फिलहाल साझा नहीं की जा सकती, ताकि जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। ................................. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें... नक्सलवाद के खात्मे का काउंटडाउन शुरू, 90 दिन बाकी:खत्म होगा 40 साल का आतंक, हिड़मा-बसवाराजू का एनकाउंटर, देवजी, पापाराव समेत 6 की तलाश बस्तर में नक्सलवाद खत्म करने का काउंटडाउन शुरू हो गया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त बस्तर बनाने की डेडलाइन तय की है। अब इस तारीख तक सिर्फ 90 दिन बचे हैं। 2025 में नक्सलवाद पर बड़ा अभियान चलाया गया। पिछले 40 वर्षों से बस्तर में सक्रिय नक्सलियों का प्रभाव अब लगभग समाप्त हो गया है। पढ़ें पूरी खबर...
हरदा में आयोजित राज्य स्तरीय समावेशी क्रिकेट कप का खिताब गर्ल्स ऑन फायर हंडिया ने जीत लिया है। शुक्रवार रात शहर के नेहरू स्टेडियम में हुए फाइनल मुकाबले में हंडिया की टीम ने गुना टाइटन्स को 24 रनों से हराया। फाइनल मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए गर्ल्स ऑन फायर हंडिया ने निर्धारित 6 ओवर में 70 रन बनाए। जवाब में, गुना टाइटन्स की टीम 6 ओवर में 9 विकेट खोकर केवल 46 रन ही बना सकी। इस तरह हंडिया ने 24 रनों से जीत दर्ज की। इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेश के 8 जिलों की टीमों ने हिस्सा लिया था। लीग मैचों के बाद 16 टीमों का चयन हुआ, जिसके बाद सुपर 16 और फिर क्वार्टर फाइनल मुकाबले खेले गए। सेमीफाइनल में हंडिया और निमाचा के साथ-साथ गुना और गाड़ामोड़ की टीमें पहुंची थीं। जीत के बाद गर्ल्स ऑन फायर हंडिया की कप्तान कीर्ति निकुम भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि आज की जीत की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। हम पांच सालों से ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियों को खेलने के लिए तैयार कर रहे थे। आज हमारी टीम के खिलाड़ियों की मेहनत रंग लाई है। वहीं, उपविजेता गुना टाइटन्स की कप्तान नंदिनी रघुवंशी ने कहा-खेल में हार-जीत तो चलती है, लेकिन हमारी टीम यहां तक पहुंची यह बड़ी बात है। हम अगले साल पूरी कोशिश करेंगे कि हम फर्स्ट आएं। मैच के समापन पर पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल ने विजेता और उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। इन मुकाबलों के बाद अब शीर्ष टीमें फाइनल मुकाबले में आमने-सामने होई समावेशी कप की सबसे खास बात यह है कि इसमें लड़कियाँ कप्तान की भूमिका निभाती हैं और लड़के उप-कप्तान होते हैं, जिससे मैदान पर ही नहीं बल्कि समाज में भी समानता और सम्मान का संदेश जाता है।राज्यभर से आए अधिकतर खिलाड़ी ग्रामीण और अर्ध-शहरी पृष्ठभूमि से हैं, जहाँ लड़कियों को खेल के अवसर कम मिलते हैं। समावेशी कप ने उन्हें मंच, नेतृत्व और आत्मविश्वास दिया है।यह सिर्फ क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का अभियान है, जहाँ हर रन बराबरी की ओर एक कदम है।
बड़वानी में नए साल के शुरुआती 16 दिनों में ठंड का असर कम रहा है। उत्तरी हवाओं में नमी की कमी और धीमी गति के कारण ऐसा हुआ। शनिवार सुबह से आसमान में बादल छाए रहे, जिससे दिन-रात के तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। कृषि विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को अधिकतम तापमान 21.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री दर्ज किया गया। इस दौरान अधिकतम आर्द्रता 88 प्रतिशत रही और हवा की गति 0.0 किलोमीटर प्रति घंटा थी। गुरुवार को अधिकतम तापमान 19.9 डिग्री और न्यूनतम 9 डिग्री था। विशेषज्ञ बोले-बेहतर उत्पादन के लिए कड़ाके की ठंड जरूरी मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, रबी सीजन की फसलों की स्थिति फिलहाल बेहतर है, लेकिन अच्छे उत्पादन के लिए वातावरण में ठंडक आवश्यक है। पिछले साल जनवरी में मावठे की स्थिति बनी थी, जबकि इस बार कड़ाके की ठंड का इंतजार है। हालांकि, रात और सुबह के समय ठंडक बनी हुई है, लेकिन उत्तरी हवाओं की गति धीमी होने से दिन में ठंड का असर कम हो गया है। महीने के अंत में कड़ाके की ठंड का अनुमान मौसम विशेषज्ञ रवींद्रसिंह सिकरवार ने बताया कि आगामी दिनों में दिन और रात के तापमान में एक से दो डिग्री की बढ़ोतरी होगी। बारिश या बूंदाबांदी की संभावना नहीं है, लेकिन महीने के अंत तक कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान है। उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल फसलों की स्थिति संतोषजनक है।
जिले की सभी ग्राम पंचायतों में 19 जनवरी से 25 जनवरी 2026 तक एक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत निर्मित 'अमृत सरोवरों' पर 'चौपाल पर चर्चा' और 'सरोवर संवाद' जैसे कार्यक्रमों का आयोजन होगा। जिला परिषद झुंझुनूं के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एवं अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक कैलाश चन्द्र यादव ने इस संबंध में सभी विकास अधिकारियों (BDO) को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य: विधिक साक्षरता और सशक्तिकरण इस विशेष सप्ताह का प्राथमिक उद्देश्य 'विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025' के प्रमुख प्रावधानों से आमजन को रूबरू करवाना है। सरकार की मंशा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग, विशेषकर श्रमिक और वंचित वर्ग, अपने कानूनी अधिकारों और अधिनियम के तहत मिलने वाली सुविधाओं के प्रति जागरूक हों। कार्यक्रम की मुख्य गतिविधियां सरोवर संवाद के दौरान निम्नलिखित प्रमुख कार्य किए जाएंगे: सरोवर स्थल पर संवाद: ग्राम पंचायत के अमृत सरोवर पर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में सूचनात्मक सत्र आयोजित होंगे। समावेशी भागीदारी: कार्यक्रम में विशेष रूप से महिला श्रमिकों, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और समाज के कमजोर वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। डिजिटल मॉनिटरिंग: पूरे कार्यक्रम की कार्यवाही का दस्तावेजीकरण किया जाएगा। 'पंचायत निर्णय ऐप' के माध्यम से कार्यक्रम की जियो-टैग फोटो और वीडियोग्राफी को वास्तविक समय (Real-time) में अपलोड करना अनिवार्य होगा। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं रहेगी उपस्थित अभियान को सफल बनाने के लिए जिला परिषद ने विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिलाओं की उपस्थिति रहेगी। जिला परियोजना प्रबंधक को दी गई है। सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और सहयोगिनियां इन सत्रों में भाग लेंगी। इसकी जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग उप निदेशक को दी गई है। विकास अधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र की पंचायतों में इन कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन की कमान सौंपी गई है। सीईओ कैलाश चन्द्र यादव ने कहा कि विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 के प्रावधानों को धरातल पर उतारने के लिए यह संवाद एक सेतु का कार्य करेगा। इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है ताकि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी उसके अधिकारों की जानकारी मिल सके।
अलवर शहर के ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में तुलेड़ा रोड के पास शुक्रवार रात करीब 9 बजे ट्रक चालक और 18 चक्का डंपर चालक के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हो गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार विवाद के बाद ट्रक चालक ने ट्रांसपोर्ट नगर मस्जिद के पास डंपर के आगे ट्रक आड़ा लगाकर खड़ा कर दिया, जिससे पूरा सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गया। डंपर में सवार दो व्यक्ति जब नीचे उतरे तो ट्रक चालक के साथ उनकी हाथापाई हो गई। इसी दौरान ट्रक चालक ने अपने साथियों को फोन कर मौके पर बुला लिया। देख PHOTOS.. कुछ ही देर में एक बोलेरो गाड़ी में सवार करीब छह युवक मौके पर पहुंचे और डंपर चालक व उसके साथी के साथ बेरहमी से मारपीट की। युवकों ने लात-घूंसे मारते हुए डंपर चालक को सड़क पर पटक दिया और जमीन पर पड़े-पड़े भी लातें मारीं। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मारपीट के बाद बदमाश युवकों ने पहले ट्रक चालक को ट्रक सहित वहां से भगा दिया और इसके बाद डंपर चालक व उसके साथी के साथ मारपीट करते रहे। बाद में दोनों को सड़क पर गिराकर आरोपी बोलेरो गाड़ी में बैठकर भागने लगे। इसी दौरान डंपर चालक ने डंपर स्टार्ट कर बोलेरो पर चढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन बोलेरो सवार युवक मौके से फरार होने में सफल रहे। घटना को देखने के लिए आसपास के लोग और युवक बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। फिलहाल झगड़े में शामिल युवक अज्ञात बताए जा रहे हैं। घायलों के डंपर पर लिखा था लखपत बिल्डर्स मामले को लेकर पुलिस को सूचना नहीं दी गई है।
भोपाल के जेपी नगर स्थित यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जाएंगे। इस दौरान वे गैस राहत से जुड़े अफसरों से चर्चा भी करेंगे। बताया जाता है कि इस फैक्ट्री की करीब 85 एकड़ जमीन के उपयोग के संबंध में चर्चा हो सकती है। शुक्रवार को भोपाल जिला प्रशासन, गैस राहत के अफसर जमीन से जुड़ी फाइलों को खंगालते रहे। पुलिस विभाग ने भी डीआरपी लाइन के लिए जमीन मांगी है। गैस पीड़ित संगठन भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मुलाकात कर सकते हैं। संगठन की रचना ढिंगरा ने बताया कि 2-3 मुद्दों पर बात करना चाह रहे हैं। कई महिलाओं को एक हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन नहीं मिल रही है। साथ ही गैस पीड़ितों के पुनर्वास, स्वास्थ्य को लेकर बनी राज्य स्तरीय समिति की बैठक पिछले 11 साल से नहीं हुई है। इस संबंध में मुख्यमंत्री से बात करेंगे। पिछले साल पीथमपुर पहुंचा था 337 टन जहरीला कचरायूका फैक्ट्री का 337 मीट्रिक टन जहरीला कचरा 40 साल बाद पिछले साल जनवरी में हटा था। 12 कंटेनर के जरिए हाई सिक्योरिटी के बीच कचरा पीथमपुर ले जाया गया था। यहां लंबे विरोध प्रदर्शन के बाद यह कचरा जलाया गया था, लेकिन फैक्ट्री में अब भी हजारों टन कचरा दफन होने की बात गैस पीड़ित संगठन कर रहे हैं। जिसकी वजह से 42 बस्तियों का भूजल प्रदूषित हुआ है। भोपाल गैस कांड दुनिया की सबसे बड़ी गैस त्रासदीभोपाल गैस त्रासदी करीब 41 साल पहले 2-3 दिसंबर 1984 की रात हुई थी। JP नगर में यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के प्लांट नंबर-CK टैंक नंबर-610 से लीक हुई मिथाइल आइसोसाइनेट गैस ने हजारों परिवारों को तबाह कर दिया।आज की पीढ़ी ने उस भयानक रात के बारे में सिर्फ सुना या तस्वीरों में देखा होगा। यकीन मानिए कि वह रात दुनिया की सबसे खौफनाक रातों में से एक है। गूगल सर्च इंजन भी मानता है कि दुनिया में उससे पहले और उसके बाद आज तक ऐसा कोई भी इंडस्ट्रियल डिजास्टर नहीं हुआ है, जो भोपाल गैस त्रासदी के दुख-दर्द और नुकसान के बराबर हो। इस घटना को करीब से देखने वाले और कवर करने वाले बताते हैं कि लाशें ही लाशें थीं, जिन्हें ढोने के लिए गाड़ियां कम पड़ गईं। चीखें इतनी कि लोगों को आपस में बातें करना मुश्किल हो रहा था। धुंध इतनी कि पहचानना ही चैलेंज था उस रात। भोपाल गैस त्रासदी या गैस कांड क्या था?भोपाल में अमेरिका की यूनियन कार्बाइड कॉरपोरेशन ने 1969 में यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड का प्लांट शुरू किया था। इस फैक्ट्री में मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) और अल्फा नेफ्थॉल के फॉर्मूलेशन से सेविन ब्रांड का कीटनाशक बनाया जाता था। MIC इतना खतरनाक था कि अमेरिका इसे एक-एक लीटर की स्टील की बोतलों में दूसरे देशों को सप्लाई करता था, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर भारत में इसे स्टील के कंटेनरों में अमेरिका से मंगाया जाता था। 1978 में भोपाल के फैक्ट्री परिसर में अल्फा नेफ्थॉल और 1979 में MIC बनाने की यूनिट लगाई गई थी। एमआईसी का स्टोरेज टैंक 610 अपनी क्षमता से अधिक भरा हुआ था। 2 दिसंबर की रात 8:30 बजे ठोस अपशिष्ट से भरे पाइपों को पानी से साफ किया जा रहा था। यह पानी लीक वाल्वों के कारण एमआईसी टैंक में घुसने से टैंक में 'रन अवे रिएक्शन' शुरू हो गया, जिस कारण टैंक 610 फट गया और उसमें मौजूद एमआईसी गैस हवा में लीक हो गई। रातभर में ही गैस के रिसाव से 3828 लोग मारे गए। 2003 तक 15,000 से ज्यादा मौत होने के दावे किए गए। 30,000 से अधिक लोग हादसे से प्रभावित हुए थे। यह आंकड़ा अब 5.5 लाख हो गया है।
जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS) में मरीजों और स्टाफ की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं, खासतौर पर आईसीयू जैसे महत्वपूर्ण वार्डों में। कुछ दिनों पहले ट्रॉमा सेंटर की इमारत में बने पोलीट्रोमा आईसीयू वार्ड में पानी भरने की घटना हुई थी। अब मुख्य भवन में स्थित 2डीई आईसीयू वार्ड में पानी टपकने की समस्या ने परेशानियां और बढ़ा दी हैं। हैरानी की बात यह है कि यह आईसीयू पिछले साल मई-जून में ही बनकर तैयार हुआ था। इस घटना ने वार्ड के नए निर्माण की क्वालिटी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आईसीयू में काम करने वाले स्टाफ सदस्यों का कहना है कि इस वार्ड में कई महीनों से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है। इस वजह से आईसीयू के 10 बेड मरीजों के उपयोग में ही नहीं आ रहे हैं। इस मुद्दे पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार सूचना देकर ठीक करवाने के लिए कह दिया, लेकिन कोई इस पर ध्यान नहीं दे रहा। हो सकती है बड़ी दुर्घटना स्टाफ के ही लोगों का कहना है कि पानी का रिसाव जिस तरह से हो रहा है, वहां अगर कोई बिजली की लाइन गलकर कट गई या उसमें दरार आ गई तो वहां बड़ा हादसा हो सकता है। इसी आशंका के चलते स्टाफ ने इस क्षेत्र में बैठना बंद कर दिया है और पिछले कुछ महीनों से मरीजों को बेड आवंटित नहीं किए जा रहे। बता दें कि ट्रॉमा सेंटर में पिछले साल न्यूरोसर्जरी आईसीयू वार्ड में हुई आग की घटना के पीछे भी पानी का रिसाव और उससे हुई स्पार्किंग को एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। 7 महीने पहले तैयार, निर्माण पर उठे सवाल 30 से ज्यादा बेड वाले इस आईसीयू का निर्माण पिछले साल मई-जून में पूरा हुआ था और जून के अंत में डॉक्टरों की टीम को हैंडओवर कर दिया गया। उस समय भी डॉक्टरों की टीम ने इसके निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे और इसे नियमों के अनुरूप नहीं बनाए जाने की बात कही थी। इसके लिए बनी एक कमेटी ने तो पहले दो बार इसके हैंडओवर को भी रिजेक्ट कर दिया था, लेकिन तत्कालीन अधीक्षक के दबाव में टीम ने इसका हैंडओवर पिछले साल लेकर इसमें मरीजों की भर्ती शुरू की। लेकिन 7 माह बाद ही अब इसके घटिया निर्माण का नमूना सामने आ गया। --- ये खबर भी पढ़ें SMS के ट्रॉमा आईसीयू में फिर आफत:अब पानी से बिगड़े हालात; देर रात 14 मरीजों को करना पड़ा शिफ्ट जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल के ट्रोमा सेंटर में मरीजों की आफत कम नहीं हो रही। करीब साढे तीन माह पहले लगी न्यूरो आईसीयू में आग के बाद आज देर रात पॉलीट्रोमा आईसीयू में हालात बिगड़ गए। अबकी बार आग के बजाय पानी से हालात बिगड़े, जिसके बाद 14 गंभीर मरीजों को आनन-फानन में आईसीयू से शिफ्ट करना पड़ा। (पूरी खबर पढ़ें)
नर्मदापुरम में एक बार फिर से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। तेज सर्द हवाओं से लोगों को ठिठुरन का सामना करना पड़ रहा है। तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे में नर्मदापुरम में तापमान 0.3 डिग्री और पचमढ़ी में 2.8 डिग्री सेल्सियस बढ़ा है। हालांकि, ठंड का असर कम नहीं हुआ है और शनिवार सुबह से सर्द हवाएं लगातार जारी हैं। मौसम वैज्ञानिक वाहिद खान ने बताया कि नर्मदापुरम में मौसम फिलहाल स्थिर बना हुआ है। अगले चार-पांच दिन जिले में मौसम शुष्क रहने की संभावना है और तापमान में हल्की बढ़त हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ दिनों से पश्चिमी विक्षोभ लगातार बन रहे हैं, जिसके कारण तापमान में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। पिछले 24 घंटे में नर्मदापुरम और पचमढ़ी में रात के न्यूनतम तापमान में बढ़त दर्ज की गई। नर्मदापुरम में रात का तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस और दिन का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, पचमढ़ी में रात का तापमान 6 डिग्री और दिन का अधिकतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
गाजीपुर में जनरल स्टोर में लगी आग:लाखों का सामान जलकर राख, 25-30 लाख रुपये का नुकसान
गाजीपुर के सकलेनाबाद में एक जनरल स्टोर में भीषण आग लग गई। इस घटना में दुकान में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। सदर कोतवाली क्षेत्र के सकलेनाबाद स्थित संजय ट्रेडर्स नामक इस दुकान के मालिक निरंजन गुप्ता ने बताया कि रात में आसपास के लोगों ने उन्हें फोन कर आग लगने की सूचना दी। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड को बुलाया गया, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पा लिया था। हालांकि, तब तक दुकान में रखा सारा सामान पूरी तरह जल चुका था। निरंजन गुप्ता के अनुसार, इस अग्निकांड में उन्हें 25 से 30 लाख रुपये का भारी नुकसान हुआ है।
गिरिडीह के पंचम्बा थाना क्षेत्र अंतर्गत रानीखावा पुल के पास देर शाम एक ही बाइक पर सवार तीन युवक सड़क हादसे का शिकार हो गए। बाइक सवारों को तेज रफ्तार चारपहिया वाहन ने चकमा दे दिया। इस वजह से बाइक डिवाइडर से टकरा गई। जिससे तीनों युवक सड़क पर गिर पड़े। इस घटना में दो युवकों को गंभीर चोटें आईं, जबकि तीसरे को मामूली चोटें लगी हैं। दो घायलों की हालत नाजुक, सदर अस्पताल रेफर घायलों की पहचान देवरी थाना क्षेत्र के मगड़िहा गांव निवासी 40 वर्षीय धीरेन्द्र राम और 29 वर्षीय सियाराम राय के रूप में हुई है। दोनों को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। तीसरे युवक मृत्युंजय राय को हल्की चोटें लगी हैं। उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। हादसे के तुरंत बाद राहगीरों और स्थानीय लोगों ने निजी वाहनों से सदर अस्पताल गिरिडीह पहुंचाया। सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। जांच के बाद डॉक्टरों ने धीरेन्द्र राम और सियाराम राय की हालत नाजुक बताते हुए बेहतर इलाज के लिए उन्हें रेफर कर दिया। वहीं, मृत्युंजय राय का इलाज सदर अस्पताल में किया गया। गांव लौटते समय हुआ हादसा जानकारी के अनुसार तीनों युवक एक ही बाइक पर सवार होकर किसी निजी काम से गिरिडीह आए थे। काम निपटाने के बाद वे शाम को अपने गांव लौट रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक रानीखावा पुल के पास पहुंची, सामने से आ रहे एक चारपहिया वाहन ने अचानक चकमा दे दिया। इससे बाइक चालक का संतुलन बिगड़ गया और बाइक सीधे पुल के डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों उछलकर सड़क पर गिर पड़े।
बालाघाट जिले में रेलवे ओवरब्रिज और पुलों के निर्माण की धीमी गति के कारण आवाजाही में परेशानी हो रही है। इस स्थिति पर कलेक्टर मृणाल मीणा ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बालाघाट से वारासिवनी तक रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य जारी है। बालाघाट शहरी क्षेत्र में गर्रा और भटेरा रेलवे ओवरब्रिज और जागपुर नदी पर पुल का निर्माण प्रगति पर है। हालांकि, इन परियोजनाओं की धीमी रफ्तार के कारण निर्माण में देरी हो रही है, जिसका सीधा असर लोगों के आवाजाही पर पड़ रहा है। सरेखा रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण तो हो गया है, लेकिन इसमें सरफेस और लाइटिंग की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे यात्रियों को असुविधा हो रही है। ओवरब्रिज के किनारों पर बनने वाली सर्विस रोड भी अभी तक पूरी नहीं हो पाई हैं। कलेक्टर मीणा ने रेल ओवरब्रिज शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश कलेक्टर मीणा ने निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया कि रेल ओवरब्रिज के कार्य शीघ्रता से पूरे किए जाएं। उन्होंने ब्रिज पर समुचित लाइटिंग व्यवस्था करने पर जोर दिया ताकि अंधेरे के कारण कोई हादसा न हो। सरेखा ओवरब्रिज रोड के सरफेस (सतह) कार्य को असंतोषजनक बताते हुए कलेक्टर ने इसमें सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ओवरब्रिज की दोनों ओर की सर्विस रोड का कार्य पूरा होने पर कुछ समय के लिए ट्रैफिक डायवर्ट कर सरफेस के सुधार एवं मरम्मत का कार्य कराया जाए। भटेरा ओवरब्रिज हेतु अस्थायी बस स्टैंड, डायवर्जन जल्द शुरू कलेक्टर ने अन्य स्थानों पर बन रहे रेल ओवरब्रिज की सड़क के सरफेस पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। सरेखा रेल ओवरब्रिज पर लाइटिंग और हाईमास्ट लाइट शीघ्र लगाने के निर्देश दिए गए। भटेरा रेल ओवरब्रिज निर्माण के लिए भटेरा रोड पर अस्थायी बस स्टैंड की व्यवस्था करने तथा रेलवे और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को समन्वय कर डायवर्जन रोड का कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि निर्माण एजेंसियों को अब निर्धारित समयावधि से अधिक का समय नहीं दिया जाएगा। 30 जून तक काम पूरा करने के दिए निर्देश कलेक्टर ने जागपुर घाट पर बन रहे पुल कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की और ठेकेदार को निर्देशित किया कि 30 जून तक इस कार्य को अनिवार्य रूप से पूर्ण कराए, अन्यथा उनका कांट्रेक्ट निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि वारासिवनी कटंगी रोड पर शेरपार चौकी एवं अगासी में बन रहे रेल ओव्हरब्रिज का कार्य मार्च में पूर्ण हो जाएगा और इनसे आवाजाही शुरू हो जाएगा।
सीवर सफाई में लापरवाह पर नपा CMO तलब:भिंड पार्षद ने कलेक्टर से की थी शिकायत, सुपरवाइजर पर लगाए आरोप
भिंड शहर में लगातार बिगड़ती सीवर सफाई व्यवस्था को लेकर प्रशासन अब सख्त रुख अपनाता नजर आ रहा है। शहर के कई वार्डों में सीवर ओवरफ्लो, जाम लाइनें और गंदगी की शिकायतों के बीच वार्ड क्रमांक 13 के पार्षद यश जैन द्वारा की गई शिकायत को कलेक्टर ने गंभीरता से लिया है। मामले में लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने नगर पालिका परिषद भिंड के सीएमओ यशवंत वर्मा को फोन पर तलब करते हुए तत्काल व्यवस्था सुधार के निर्देश दिए हैं। भिंड शहर की सीवर सफाई व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह बदहाल स्थिति में है। शहर के मुख्य इलाकों सहित कई वार्डों में सीवर चैम्बर जाम, लाइन ओवरफ्लो और अधूरे कनेक्शन के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। इससे न केवल आमजन को परेशानी हो रही है, बल्कि शहर की स्वच्छता और छवि पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। इस स्थिति को लेकर वार्ड क्रमांक 13 के पार्षद यश जैन ने कलेक्टर को शिकायती पत्र सौंपा है। पत्र में नगर पालिका परिषद भिंड के सीवर विभाग में पदस्थ सुपरवाइजर नरेश पर गंभीर लापरवाही और मनमानी के आरोप लगाए गए हैं। पार्षद का कहना है कि संबंधित कर्मचारी लंबे समय से अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर रहा है, जिससे पूरे वार्ड के साथ-साथ मुख्य शहर क्षेत्र में सीवर की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि सुपरवाइजर न तो फोन पर उपलब्ध रहता है और न ही शिकायतों पर कोई कार्रवाई करता है। यहां तक कि पार्षद का मोबाइल नंबर ब्लॉक किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। इस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी, सीवर विभाग के नोडल अधिकारी और सहायक यंत्री को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। पार्षद यश जैन ने कहा कि वार्ड क्रमांक 13 शहर का प्रमुख क्षेत्र है, जहां की समस्या का असर पूरे भिंड शहर पर पड़ता है। उन्होंने बताया कि अन्य पार्षद भी इस कर्मचारी की कार्यशैली से नाराज हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने सीएमओ यशवंत वर्मा को तलब कर सीवर और नालों की सफाई व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है कि लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जल संचयन, जन भागीदारी अभियान के तहत हुए कार्यों में भ्रष्टाचार करने वाले एक ग्राम रोजगार सहायक पर गाज गिरी है। दैनिक भास्कर डिजिटल की खबर का हवाला देते हुए सीईओ जिला पंचायत ने रोजगार सहायक (GRS) को सस्पेंड कर दिया है। वहीं पंचायत सचिव को निलंबन का नोटिस जारी किया है। फिलहाल, इंजीनियर के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया। जबकि उसके खिलाफ रिश्वत लेकर फर्जी कामों का मूल्यांकन किए जाने के आरोप हैं। मामला हरसूद जनपद की ग्राम पंचायत शाहपुरा माल का है। 27 दिसंबर 2025 को दैनिक भास्कर डिजिटल पर प्रकाशित खबर के बाद भोपाल से आए राज्य स्तरीय दल ने शाहपुरा माल में जल संचयन से जुड़े कामों को देखा था। इस दौरान यहां गंभीर अनियमितताएं सामने आई थी। खेत तालाब और डगवेल रिचार्ज जैसे कार्य अधूरे पाए गए। वहीं एक काम के फोटो दिखाकर 50 काम बता दिए और राशि निकाल ली गई। इस मामले में सीईओ जिला पंचायत डॉ. नागार्जुन बी गौड़ा ने रोजगार सहायक कृपाराम कलमे को सस्पेंड किया है। सहायक यंत्री की जांच में मिली कई खामियां निलंबन आदेश में बताया गया कि सहायक यंत्री जनपद पंचायत हरसूद ने जांच प्रतिवेदन सौंपा है। इस अनुसार ग्राम पंचायत शाहपुरा माल में किए गए कार्यों का भौतिक निरीक्षण, सत्यापन किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि शासन के निर्देशानुसार डगवेल रिचार्ज का साईज 3 बाय 3 बाय 3 मीटर तथा पाइप का साइज 200 एमएम के उपयोग करने के निर्माण निर्देश दिए गए थे। उक्त निर्माण कार्यों में फिल्टर मीडिया तीन स्तर से होता है लेकिन मात्र बोल्डर का उपयोग किया गया जो कि तकनीकी मापदंड अनुसार नहीं किया गया। जबकि कार्यालयीन समीक्षा बैठकों, क्लस्टर बैठकों, फोन पर चर्चा, मौका निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य के संबंध में तकनीकी जानकारी से अवगत करा दिया गया था। इसके बावजूद रोजगार सहायक कृपाराम कलमे ने मनमाने तरीके से निर्माण कार्य कराए। जो नियम विरूद्ध होकर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों की निरंतर अवहेलना है। सचिव को निलंबन का नोटिस, इंजीनियर को बख्शा मामले में शाहपुरा माल ग्राम पंचायत के सचिव लालजीराम गठिया को निलंबन के संबंध में कारण बताओ सूचना-पत्र जारी किया गया है। सचिव के खिलाफ कोई ठोस एक्शन नहीं लिया गया। जबकि मनरेगा के कामों में अप्रूवल और मॉनिटरिंग का जिम्मा ग्राम पंचायत सचिव का है। इधर, बिना कार्य हुए भी मूल्यांकन करने के मामले में इंजीनियर श्वेताली लुक को नोटिस तक जारी नहीं किया गया हैं। किसी भी कार्य की राशि तभी निकलती है, जब इंजीनियर उसका मूल्यांकन करता है। इंजीनियर श्वेताली लुक पर भ्रष्टाचार के कई गंभीर आरोप है। कलेक्टर, CEO का झूठ छिपाने आज सुबह खोदा गड्ढा:खंडवा में राष्ट्रपति अवॉर्ड फर्जीवाड़े पर भास्कर का खुलासा; रियलिटी चेक करने पहुंची टीम
कभी हार्ट अटैक को बुजुर्गों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब यह खतरा युवाओं तक तेजी से पहुंच चुका है। पिछले करीब छह महीनों में कानपुर और आसपास के इलाकों में कम उम्र के हार्ट अटैक के मामलों में साफ इजाफा देखा गया है। अनुमान के मुताबिक, इन छह महीनों में अस्पतालों में आने वाले हार्ट अटैक के कुल मामलों में करीब 25 से 30 प्रतिशत मरीज 25 से 40 वर्ष की उम्र के रहे हैं। यह आंकड़ा अपने आप में चिंता बढ़ाने वाला है। कानपुर के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ और कार्डियोलॉजी निदेशक डॉ. राकेश वर्मा ने बताया कि युवाओं में हार्ट अटैक बढ़ने की सबसे बड़ी वजह अनियमित जीवनशैली, लगातार तनाव और नशे की बढ़ती आदतें हैं। पहले जहां ऐसे मामले कभी-कभार सामने आते थे, वहीं अब लगभग हर हफ्ते कम उम्र के मरीज दिल की गंभीर समस्या लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। तनाव, नींद की कमी और मोबाइल की लत डॉ. राकेश वर्मा ने बताया कि, आज का युवा लगातार मानसिक दबाव में जी रहा है। पढ़ाई, नौकरी, करियर और आर्थिक जिम्मेदारियों के कारण तनाव आम हो गया है। देर रात तक मोबाइल और सोशल मीडिया पर समय बिताने से नींद पूरी नहीं हो पाती। अनुमान है कि शहर के करीब 60 प्रतिशत युवा रोज़ाना छह घंटे से भी कम नींद ले रहे हैं। नींद की यह कमी सीधे दिल की सेहत पर असर डालती है। अनियमित खानपान और लंबे समय तक बैठे रहने की आदत से ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं कम उम्र में ही बढ़ने लगती हैं। नशा और स्मोकिंग से बढ़ रहा खतरापिछले छह महीनों में सामने आए मामलों में यह भी देखा गया है कि करीब आधे से ज्यादा युवा मरीज किसी न किसी रूप में नशे या स्मोकिंग की आदत से जुड़े रहे। सिगरेट, तंबाकू और शराब को तनाव से राहत का जरिया समझा जा रहा है, लेकिन यही आदतें दिल की धमनियों को नुकसान पहुंचा रही हैं। स्मोकिंग से शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा घटती है और धमनियां सिकुड़ने लगती हैं। शराब और अन्य नशे ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट को असंतुलित कर देते हैं। जब तनाव और नशा साथ मिलते हैं, तो हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। शारीरिक गतिविधि की कमी भी जिम्मेदारडॉ. राकेश वर्मा बताते हैं, कि आज के युवाओं में फिजिकल एक्टिविटी लगभग खत्म होती जा रही है। ऑफिस का काम, मोबाइल और स्क्रीन के सामने लंबा समय बिताने के कारण शरीर सक्रिय नहीं रह पाता। अनुमान के अनुसार करीब 70 प्रतिशत युवा नियमित वॉक या एक्सरसाइज नहीं करते। इसका असर धीरे-धीरे दिल की मांसपेशियों पर पड़ता है और दिल कमजोर होने लगता है। समय रहते नहीं संभले तो बढ़ेगी परेशानीविशेषज्ञों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो आने वाले समय में कम उम्र में हार्ट अटैक के मामले और तेजी से बढ़ सकते हैं। पर्याप्त नींद लेना, तनाव को कम करना, नशे और स्मोकिंग से दूरी बनाना, मोबाइल का सीमित इस्तेमाल और रोज़ाना हल्की एक्सरसाइज अपनाकर इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। पिछले छह महीनों के आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि युवाओं को अब अपनी सेहत को लेकर गंभीर होने की जरूरत है, क्योंकि दिल की बीमारी अब उम्र नहीं देख रही।मामलों में साफ इजाफा देखा गया है। अनुमान के मुताबिक, इन छह महीनों में अस्पतालों में आने वाले हार्ट अटैक के कुल मामलों में करीब 25 से 30 प्रतिशत मरीज 25 से 40 वर्ष की उम्र के रहे हैं। यह आंकड़ा अपने आप में चिंता बढ़ाने वाला है।
अमृतसर के शहीद ऊधम सिंह नगर इलाके में दो परिवारों के बीच चला आ रहा विवाद देर रात हिंसक झड़प में बदल गया। इस घटना में दोनों पक्षों के लोग घायल हुए हैं। पूरी वारदात का वीडियो भी सामने आया है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत हजूर साहिब जाने के दौरान रेलवे टिकट वेटिंग को लेकर कहासुनी से हुई। बताया जा रहा है कि उसी दौरान एक परिवार की ओर से दूसरे परिवार पर तेजधार हथियारों से हमला किया गया, जिसमें कुछ लोग घायल हुए। इसके बाद देर रात दूसरा परिवार कथित तौर पर अपने ससुराल पक्ष के घर पहुंचा। हमलावरों ने घर का मुख्य गेट तोड़ दिया, अंदर से मोटरसाइकिल बाहर निकाली और फिर घर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। वीडियो में 10–15 युवक हथियारों के साथ दिखे इस पूरी घटना का वीडियो सामने आया है, वीडियो में करीब 10 से 15 युवक तेजधार हथियारों के साथ दिखाई दे रहे हैं, जो गाली-गलौज करते हुए घर में घुसकर तोड़फोड़ करते नजर आते हैं। वीडियो में हमलावरों का आक्रामक रवैया साफ दिखाई देता है। बहू का आरोप: मायके में घुसकर मारपीट पीड़ित पक्ष की बहू का आरोप है कि उसके ससुर और उसकी बुआ सास के बेटे अभय ने देर रात 10 से 15 युवकों के साथ मिलकर उनके मायके घर में जबरन घुसकर तोड़फोड़ की और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। इस हमले में उसकी चाची गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें फिलहाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़िता के मुताबिक, झगड़े की वजह पैसों को लेकर थी। उसका कहना है कि उसके ससुर का कहना है कि पहले टिकट के दिए गए पैसे वापस नहीं किए गए, इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में बहस बढ़ती चली गई और बाद में यह विवाद हिंसक घटना में बदल गया। एसएचओ बोले: दोनों पक्षों ने की मारपीट घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। थाना बी-डिवीजन के एसएचओ बलजिंदर सिंह औलख ने बताया कि यह दो परिवारों के बीच का आपसी विवाद है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पहले एक परिवार की ओर से हमला किया गया था, जिसके बाद दूसरे पक्ष ने जवाबी कार्रवाई करते हुए घर में घुसकर तोड़फोड़ की। एसएचओ के अनुसार, इस झगड़े में दोनों पक्षों को चोटें आई हैं। फिलहाल सभी घायलों की मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मेडिकल रिपोर्ट वीडियो की जांच के बाद मामले में कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रोहतक की शुगर मिल भाली आनंदपुर में 9 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई की गई, जिसमें इस बार 55 हजार क्विंटल चीनी का उत्पादन अधिक किया गया। शुगर मिल में इस बार सोलर एनर्जी की वजह से 2.55 करोड़ रुपए की बिजली बचाकर शुगर मिल को लाभ पहुंचाया। शुगर मिल भाली आनंदपुर में पिराई सत्र का ठेका पिछले साल 10 करोड़ रुपए में दिया गया था, लेकिन इस वर्ष 4.80 करोड़ रुपए में ठेका देकर 5 करोड़ रुपए से अधिक की बचत की गई। वहीं 2.55 करोड़ की बिजली बचाई गई, जो पिछले पिराई सत्र से डेढ़ करोड़ रुपए अधिक है। किसानों ने शुगर मिल की एमडी को किया सम्मानितशुगर मिल भाली आनंदपुर में पिछले साल की अपेक्षा अधिक उत्पादन होने व बिजली बचत बढ़ाकर मिल को लाभ पहुंचाने के लिए कलानौर नगर पालिका के पार्षद सत्यवान, वाइस चेयरमैन प्रतिनिधि कालू आनंद व किसानों ने शुगर मिल एमडी श्वेता सुहाग को सम्मानित किया। साथ ही कहा कि शुगर मिल को समय पर चालू करके किसानों को लाभ पहुंचाया गया है। शुगर मिल को शिखर पर पहुंचाना लक्ष्यशुगर मिल भाली आनंदपुर की एमडी श्वेता सुहाग ने कहा कि शुगर मिल में किसानों का 100 प्रतिशत गन्ना खरीदा गया है। शुगर मिल में बिजली बचत के साथ चीनी का उत्पादन भी अधिक किया गया है। उनका लक्ष्य है कि शुगर मिल भाली आनंदपुर को शिखर पर लेकर जाए, जिसके लिए किसानों का सहयोग जरूरी है।
कोटा ग्रामीण जिले के चेचट थाना क्षेत्र में 25 मीट्रिक टन अंजीर से जुड़े बड़े धोखाधड़ी के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हुआ ट्रक का माल बीच में ही गायब कर दिया गया। पुलिस ने इंदौर और उज्जैन में दबिश दी। कोटा ग्रामीण पुलिस एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि इस मामले में ट्रक चालक और उसके साथियों ने पूर्व नियोजित तरीके से अंजीर का माल गबन कर लिया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर गबन किए गए अधिकांश माल को बरामद कर लिया है। घटना 10 जनवरी की है, जब मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हुआ ट्रक RJ14GN8640, जिसमें 2230 बॉक्स अंजीर लदे थे, तय समय पर दिल्ली स्थित गोदाम तक नहीं पहुंचा। यह माल M/S CHHABRA IMPEX DELHI के नाम से भेजा गया था। ट्रांसपोर्ट कंपनी की ओर से पार्थ सेठी ने चेचट थाने में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके आधार पर बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और ऑनलाइन-ऑफलाइन लेनदेन का विश्लेषण किया। इससे सामने आया कि ट्रक चालक जमाल ने अपने साथियों एजाज और यासर शाह के साथ मिलकर इंदौर में ही अंजीर का माल उतारकर खुर्द-बुर्द कर दिया। पुलिस टीम ने इंदौर और उज्जैन में दबिश देकर आरोपी यासर शाह को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर इंदौर के अलग-अलग स्थानों से कुल 1987 अंजीर पैकेट बरामद किए गए। ग्रामीण एसपी ने बताया कि इनमें से 1164 पैकेट एक गोदाम से और 823 पैकेट एक मकान के बाड़े से जब्त किए गए। फिलहाल ट्रक चालक जमाल और सह आरोपी एजाज फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। चेचट थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि शेष आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
PWL के शुक्रवार को हुए दिल्ली और महाराष्ट्र दंगल केसरी की टीम के बीच के मुकाबलों में हरियाणा की बेटी सारिका ने विदेशी सर जमींन क्यूबा की खिलाड़ी 2024 ओलिंपिक में रजत पदक जीतने वाली गुजमान लोपेज को 7-0 से क्लीन स्वीप डे डाली और मैच को जीताया। गुजमान लोपेज को पेरिस ओलिंपिक में विनेश फोगाट ने सेमी फाइनल में हराया था लेकिन विनेश फोगाट का वजन अधिक होने के कारण उन्हें बाहर कर दिया और लोपेज को इसका फायदा मिला और रजत पदक मिला था। वहीं कप्तान सुजीत कलकल ने अंतिम मुकाबले में 6–2 की जीत दर्ज की और दिल्ली दंगल वॉरियर्स को प्रो रेसलिंग लीग में 6–3 की शानदार टीम जीत दिलाकर विजयी आगाज कराया। हरियाणा के इस स्टार पहलवान ने निर्णायक बाउट में दबाव को पूरी तरह अपने पक्ष में रखते हुए महाराष्ट्र केसरी की वापसी की उम्मीदों पर विराम लगा दिया। सुजीत कलकल हरियाणा के दादरी जिले के गांव इमलोटा के रहने वाले हैं। विनेश ने परे ओलिंपिक में लोपेज को हराया था पेरिस ओलिंपिक में भारतीय रेसलर विनेश फोगाट 50 केजी भार वर्ग में खेल रही थी। पहली बार उन्होंने 50 केजी भार वर्ग को चुना और विनेश फोगाट ने लगातार जीत दर्ज करते हुए फाइनल में जगह बनाई लेकिन उन्हें वजन अधिक होने के कारण ओलिंपिक से बाहर कर दिया गया था। वहीं विनेश फोगाट ने सेमी फाइनल में क्यूबा की खिलाड़ी गुजमान लोपेज को हराया था। लेकिन विनेश के बाहर होने के कारण लोपेज को ओलिंपिक में रजत पदक मिला था। शुभम कौशिक ने भी 12-10 से जीता मैच इस मुकाबले में हरियाणा से जुड़े पहलवानों का दबदबा साफ नजर आया। पुरुषों के 57 किग्रा वर्ग में शुभम कौशिक ने पावर मिनट में चार अंकों का निर्णायक टेकडाउन लगाते हुए 12–10 से जीत दर्ज की और दिल्ली की जबरदस्त वापसी कराई। शुभम की यह जीत मैच के टर्निंग पॉइंट्स में से एक साबित हुई। पेरिस ओलिंपिक रजत पदक विजेता को हराया महिला वर्ग में दिल्ली को सबसे बड़ी बढ़त हरियाणा की 17 वर्षीय सारिका ने दिलाई। 53 किग्रा वर्ग में सारिका ने पेरिस ओलंपिक 2024 की रजत पदक विजेता गुजमान लोपेज को 7–0 से हराकर दिन का सबसे बड़ा उलटफेर किया। उनकी बेखौफ कुश्ती और तकनीकी श्रेष्ठता ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
रेवाड़ी के गांव नंदरामपुर बास में चोर एक सूने घर से लाखों रुपए के गहने चोरी कर ले गए। परिवार पिछले कई वर्षों से रोहतक में रहता है और कभी-कभी ही पैतृक घर आता है। चोरों ने 9 से 15 जनवरी के बीच वारदात को अंजाम दिया। सूचना के बाद धारूहेड़ा पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना कर अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।रेवड़ी/गजक का कारोबारनंदरामपुर बास निवासी रविकांत परिवार के साथ रोहतक में रहता है। जहां वह रेवड़ी/गजक का कारोबार करता है। रविकांत रोहतक के अलावा धारूहेड़ा और तिजारा राजस्थान में भी अपने माल की सप्लाई करता है। समय मिलने पर कभी कभार मकान देखने के लिए गांव आता है।9 जनवरी को आया था घररविकांत ने पुलिस को बताया कि वह 8 जनवरी को गांव आया था। तब सब ठीक-ठाक था। 16 जनवरी को जब वह दोबारा गांव आया तो उसे घर में सामान बिखरा मिला। जिसके बाद उसने इसकी सूचना पुलिस को दी। घर से सोने चांदी के आभूषण गायब मिले। रविकांत ने बताया कि माता-पिता गांव में ही खेतों में बने मकान में रहते हैं। जिस कारण वह नियमित रूप से गांव आकर घर नहीं देख सकते। धारूहेड़ा थाना पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मथुरा में ई-रिक्शा यमुना में पलटा:विश्राम घाट पर हादसा, नाविकों ने बचाई श्रद्धालुओं की जान
मथुरा के विश्राम घाट पर शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। श्रद्धालुओं से भरा एक ई-रिक्शा यमुना नदी में पलट गया, जिसमें चार श्रद्धालु और तीन बच्चे सवार थे। घाट पर मौजूद नाविकों और स्थानीय लोगों की तत्परता से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना सुबह करीब सात बजे हुई, जब श्रद्धालु यमुना महारानी की आरती कर लौट रहे थे। ई-रिक्शा चालक वाहन को पीछे कर रहा था और घाट के किनारे फिसलन होने के कारण वह अनियंत्रित होकर सीधे यमुना में जा गिरा। इस अचानक हुई घटना से मौके पर चीख-पुकार मच गई। बच्चों के नदी में गिरते ही वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि, नाविकों ने तुरंत अपनी नाव बढ़ाकर सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हादसे में कुछ श्रद्धालुओं और बच्चों को मामूली चोटें आई हैं। सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस भी मौके पर पहुंची। घायल श्रद्धालुओं ने प्राथमिक उपचार के लिए स्वयं ही निजी अस्पताल जाना उचित समझा। स्थानीय लोगों ने इस घटना को लेकर प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में ई-रिक्शा चालकों की मनमानी बढ़ रही है। क्षमता से अधिक सवारियां भरना और घाट जैसे संवेदनशील स्थानों पर लापरवाही से वाहन चलाना आम बात हो गई है। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि यदि उस समय नाविक और अन्य लोग मौजूद न होते, तो यह एक बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। उन्होंने प्रशासन से विश्राम घाट क्षेत्र में ई-रिक्शा संचालन पर सख्त नियंत्रण, सुरक्षा इंतजाम और नियमित निगरानी की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
कानपुर के नवीन मंडी स्थल चकरपुर में नारियल के थोक कारोबारी के साथ 37.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपी ने कारोबारी से खरीदे गए माल का पूरा भुगतान न करने के साथ ही उसकी फर्म के नाम का दुरुपयोग कर अन्य व्यापारियों से भी रुपये वसूल लिए। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) के निर्देश पर सचेंडी थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुकदमा दर्जकर पुलिस ने जाच शुरू की चकरपुर मंडी के शेड नंबर-7 स्थित मेसर्स रुद्रा ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर दुर्गेश त्रिपाठी के अनुसार, ग्राम बिनौर निवासी शुभम पाण्डे ने अप्रैल 2024 से मई 2025 के बीच उनसे लगभग 1 करोड़ 49 लाख रुपये का नारियल खरीदा था। इस दौरान आरोपी ने 1 करोड़ 15 लाख रुपये का भुगतान किया, पीड़ित का आरोप है कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से रुद्रा ट्रेडिंग कंपनी के नाम का दुरुपयोग किया। उसने अपने घर पर फर्म का बोर्ड लगवा लिया और वाहन पर भी खुद को प्रोपराइटर दर्शाया। इस फर्जीवाड़े के जरिए उसने ग्राहकों को भ्रमित कर ब्रिजेश सिंह राठौर से 51,600 रुपये, अंकित से 84,000 रुपये और बदायूं निवासी व्यापारी चमन से 2.10 लाख रुपये वसूल कर लिए। थाना प्रभारी- बोले जांच जारी सचेंडी थाना प्रभारी ने बताया कि डीसीपी पश्चिम के आदेश पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस साक्ष्य एकत्र कर रही है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
जैसलमेर जिले के मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से शुक्रवार सुबह से ही स्वर्ण नगरी के आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही। ठंडी हवाओं और बादलों के डेरे के कारण दिन के पारे में 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को दिन में हल्की ठिठुरन का एहसास हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, इस विक्षोभ का असर शनिवार और रविवार को भी बना रहेगा। हालांकि सिस्टम कमजोर होने के कारण बारिश की संभावना कम है, लेकिन ठंडी हवाओं से दिन के तापमान में और गिरावट आ सकती है। आगामी दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री की और वृद्धि हो सकती है, जिससे रात की कड़ाके की सर्दी से राहत बरकरार रहेगी। बादलों की आवक से सूरज की तपिश हुई कम शुक्रवार को दिन भर सूर्य देवता और बादलों के बीच लुका-छिपी का खेल चलता रहा। जहां बादलों ने सूरज की तपिश को कम किया, वहीं रात के तापमान में 2 डिग्री की बढ़ोतरी ने लोगों को गलन वाली सर्दी से बड़ी राहत दी। अधिकतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस जो सामान्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 10.1 डिग्री सेल्सियस जो सामान्य से 1.3 डिग्री अधिक रहा। दिन और रात के पारे में 17 डिग्री का बड़ा फासला देखा गया। खेती और सेहत पर असर किसानों के लिए यह मौसम मिला-जुला प्रभाव लेकर आया है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, हल्की ठंड फसलों के लिए अमृत समान है, लेकिन यदि लंबे समय तक बादल छाए रहते हैं, तो फसलों में कीटों का प्रकोप बढ़ने की आशंका रहती है। दूसरी ओर, बदलते मौसम ने स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाला है। अस्पतालों में सर्दी, खांसी और जुकाम के मरीजों की तादाद बढ़ गई है। शनिवार व रविवार को भी रहेगा असर मौसम विभाग के अनुसार, इस विक्षोभ का असर शनिवार और रविवार को भी बना रहेगा। हालांकि सिस्टम कमजोर होने के कारण बारिश की संभावना कम है, लेकिन ठंडी हवाओं से दिन के तापमान में और गिरावट आ सकती है। आगामी दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री की और वृद्धि हो सकती है, जिससे रात की कड़ाके की सर्दी से राहत बरकरार रहेगी।
स्याना नगर के गढ़ हाईवे स्थित आनंदा डेरी प्लांट में आयकर विभाग का सर्वे शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। गुरुवार सुबह शुरू हुई यह कार्रवाई प्लांट के विभिन्न विभागों में चल रही है। इस दौरान प्लांट में दूध उत्पादों की पैकिंग और प्रोसेसिंग का कार्य सामान्य रूप से होता रहा। सर्वे के बावजूद, प्लांट के कर्मचारी अपने निर्धारित समय पर काम पर आते-जाते रहे। परिसर की सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान तैनात किए गए हैं। आयकर विभाग की टीम ने गुरुवार सुबह करीब 7 बजे यूपी, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान नंबरों की गाड़ियों में पहुंचकर कार्रवाई शुरू की थी। आयकर विभाग की टीम प्लांट के भीतर कंप्यूटर, लैपटॉप और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच कर रही है। यह कार्रवाई लगातार तीन दिनों से जारी है। शनिवार को भी देर रात तक सर्वे जारी रहने की संभावना जताई गई है। कोतवाली पुलिस भी नियमित रूप से प्लांट पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रही है। हालांकि, प्लांट में मौजूद आयकर विभाग के अधिकारी मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए हुए हैं और कोई जानकारी साझा नहीं कर रहे हैं। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यज्ञदत्त शर्मा ने बताया कि पुलिस बल केवल सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्लांट पर तैनात है। उन्होंने यह भी बताया कि आयकर विभाग की टीम के सर्वे के संबंध में उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। इस कार्रवाई को लेकर नगर में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। क्षेत्रवासी आयकर विभाग की इस कार्रवाई के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं।
चित्तौड़गढ़ में जनवरी का महीना इस बार लोगों के लिए कुछ अलग अनुभव लेकर आया है। कभी सुबह तेज ठंड तो कभी दिन में गर्मी का एहसास हो रहा है। शनिवार की सुबह शहर में तेज धूप निकल आई, लेकिन इसके बावजूद खेतों में हल्का कोहरे का असर दिखाई दिया। यह स्थिति साफ बताती है कि मौसम अभी पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है। जनवरी के दौरान चित्तौड़गढ़ में मौसम बार-बार करवट बदल रहा है, जिससे आमजन के साथ-साथ किसान भी मौसम को लेकर असमंजस में हैं। सुबह और रात में ठंड बनी हुई है, जबकि दिन में धीरे-धीरे गर्मी बढ़ने लगी है। तापमान में उतार-चढ़ाव जारी पिछले 24 घंटों के दौरान तापमान में बदलाव दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अधिकतम और न्यूनतम तापमान में फर्क देखने को मिला है। बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान में करीब 1.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में लगभग 1.2 डिग्री सेल्सियस का अंतर दर्ज किया गया है। हालांकि ठंड पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन दिन के समय धूप तेज होने से लोगों को हल्की गर्मी महसूस होने लगी है। तापमान के इस उतार-चढ़ाव के कारण लोग सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनने को मजबूर हैं, जबकि दोपहर में हल्के कपड़ों में भी काम चल रहा है। दिन में गर्मी, रात में ठंड चित्तौड़गढ़ में अब मौसम का मिजाज ऐसा हो गया है कि दोपहर के समय गर्मी महसूस होने लगी है, जबकि रात और सुबह ठंड अभी भी लोगों को परेशान कर रही है। शुक्रवार को जिले में अधिकतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे पहले गुरुवार को अधिकतम तापमान 26.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इन आंकड़ों से साफ है कि दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन रात की ठंड अभी कम नहीं हुई है। शीत लहर से राहत, कोई अलर्ट नहीं इधर मौसम विभाग ने चित्तौड़गढ़ जिले के लिए फिलहाल कोई भी अलर्ट जारी नहीं किया है। इससे लोगों को शीत लहर से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम लगभग इसी तरह बना रह सकता है, जिसमें सुबह-शाम ठंड और दिन में हल्की गर्मी महसूस होगी। फिलहाल जिले में ठंड का असर धीरे-धीरे कम होने की ओर है, जिससे आमजन को राहत मिलेगी।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से थर्ड ग्रेड टीचर लेवल-1 (सामान्य और संस्कृत) और लेवल-2 (विज्ञान-गणित, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी) के पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा हो रही है। पहले दिन 20 हजार 640 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड है। अजमेर में 66 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पहली पारी का समय सुबह 10 से दोपहर 12:30 बजे तक है और सुबह नौ बजे तक सेंटर पर एन्ट्री दी गई। इस दौरान शूज व मौजे खुलवाकर चेक किया। हाथ पर बंधे धागे, दुपट्टा व स्टॉल आदि उतरवाए। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त रहे। कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर की ओर से अधिकृत फर्म ने सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। फर्म ही हैंडहेल्ड मेटल डिटेक्टर (एचएचएमडी) से फ्रिस्किंग और बायोमेट्रिक व्यवस्था संभाल रही है। निगरानी के लिए सतर्कता दल गठित किए गए हैं, जिनमें प्रत्येक दल में एक आरएएस अधिकारी, एक आरपीएस अधिकारी और एक शिक्षा विभाग का अधिकारी शामिल है। 18 जनवरी को प्रथम पारी में 61 सेंटर पर 18621, 18 जनवरी को द्वितीय पारी में 58 17568, 19 जनवरी को प्रथम पारी में 15 सेंटर पर 3868, 19 जनवरी को द्वितीय पारी में 48 सेंटर पर 14128, 20 जनवरी को प्रथम पारी में 03 सेंटर पर 669, 20 जनवरी को द्वितीय पारी में 04 सेंटर पर 1008 कैंडिडेट्स शामिल होंगे। परीक्षा को देखते हुए यातायात व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं। सावित्री स्कूल, जेल तिराहा, कलेक्ट्रेट के बाहर, रोडवेज बस स्टेंड और सेशन कोर्ट के बाहर ट्रैफिक का अतिरिक्त जाप्ता लगाया गया है। इसके अलावा रोडवेज बसों की अतिरक्त व्यवस्था की गई है।
गंभीर पर्यावरणीय संकट के मद्देनजर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जांच दल बालोतरा, बाड़मेर पहुंचा। स्थानीय सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने बालोतरा स्थित रामकी (Ramky) औद्योगिक अपशिष्ट उपचार प्लांट का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के उपरांत सीपीसीबी एवं राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ एक मीटिंग भी की। इससे पहले निरीक्षण के दौरान सांसद ने RPCB के क्षेत्रीय अधिकारी दीपक तंवर को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “छोटी इकाइयों पर तो तुरंत कार्रवाई कर दी जाती है, लेकिन बड़ी और अवैध औद्योगिक इकाइयों पर मेहरबानी क्यों की जा रही है?”उन्होंने CPCB अधिकारियों से तथ्यात्मक, निष्पक्ष और ज़मीनी सच्चाई पर आधारित जांच रिपोर्ट तैयार करने का आग्रह किया। आपको बता दें कि सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने केंद्र सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से बालोतरा–बाड़मेर क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण संकट को लेकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। इसी क्रम में CPCB का जांच दल बाड़मेर के क्रूड ऑयल दोहन इलाकों और बालोतरा की औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले रासायनिक अपशिष्ट के कारण उत्पन्न प्रदूषण की जांच के लिए पानी के सैंपल लिए। सांसद बेनीवाल ने रामकी प्लांट की गंभीर तकनीकी एवं संचालन संबंधी खामियों, उपचार क्षमता की कमी, अनियमित संचालन तथा औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले अपशिष्ट के बारे में अवगत करवाया। साथ ही अपर्याप्त उपचार से भूजल, कृषि भूमि और पर्यावरण पर पड़ रहे दुष्प्रभावों को भौतिक निरीक्षण के माध्यम से बोर्ड के अधिकारियों को धरातल की भौतिक स्थिति से अवगत कराया। बोर्ड से बेनीवाल ने कहा कंपनी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ हो कार्रवाई सांसद बेनीवाल ने बताया- रासायनिक कचरा एवं अपशिष्ट पदार्थ आसपास की कृषि भूमि में फैल रहा है। जो बरसाती पानी के साथ घुलकर खेतों और भूजल को दूषित कर रहा है। प्लांट में न तो समुचित जल भंडारण टैंक की व्यवस्था है। न ही ग्रीन बेल्ट का विकास किया गया है। सांसद ने कहा कि प्लांट में अनेक अनियमितताएं और कमियां हैं। जिन पर कंपनी एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। बेनीवाल बोले- छोटी इकाइयों पर तुरंत कार्रवाई लेकिन बड़ी इंडस्ट्रियल इकाइयों पर मेहरबानी क्यों सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने बाड़मेर और बालोतरा की इंडस्ट्रियल इकाइयों से निकलने वाले रासायनिक अपशिष्ट जल तथा रामकी प्लांट से उत्पन्न प्रदूषण को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए RPCB के क्षेत्रीय अधिकारी दीपक तंवर को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “छोटी इकाइयों पर तो तुरंत कार्रवाई कर दी जाती है, लेकिन बड़ी और अवैध औद्योगिक इकाइयों पर मेहरबानी क्यों की जा रही है?”उन्होंने CPCB अधिकारियों से तथ्यात्मक, निष्पक्ष और ज़मीनी सच्चाई पर आधारित जांच रिपोर्ट तैयार करने का आग्रह किया। उद्योग बंद करना समाधान नहीं, पर्यावरण संरक्षण से समझौता स्वीकार्य नहीं सांसद ने कहा कि उद्योग बंद करना समाधान नहीं है, लेकिन पर्यावरण संरक्षण से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। पर्यावरण प्रदूषण और आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।मीटिंग में प्रदूषण के कारण कृषि भूमि के बंजर होने, भूजल के दूषित होने, आमजन के स्वास्थ्य पर पड़ रहे गंभीर दुष्प्रभाव, पशुधन और जन-जीवन पर मंडरा रहे संकट जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। साथ ही प्रदूषण पर प्रभावी रोक, रामकी प्लांट की उपचार क्षमता बढ़ाने, नियमित एवं पारदर्शी मॉनिटरिंग, ग्रीन बेल्ट विकास की अनदेखी तथा दोषी औद्योगिक इकाइयों पर कठोर कार्रवाई को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका थाना क्षेत्र के गांव पाठखोरी में शुक्रवार देर शाम बच्चों के खेलने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। यह विवाद जल्द ही पथराव और मारपीट में बदल गया। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के पांच लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। दरअसल गांव में कुछ बच्चे अपने घर के बाहर मोटरसाइकिल के टायर से खेल रहे थे। खेलते समय टायर दूसरे पक्ष के एक बच्चे को लग गया। इसी मामूली बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में तब्दील हो गई। दोनों पक्षों से लोग घायल आरोप है कि एक पक्ष ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया, जिसके जवाब में दूसरे पक्ष के लोग भी आमने-सामने आ गए। इस दौरान दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए, जिससे गांव में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत करवाया घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना फिरोजपुर झिरका पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया और गांव में शांति व्यवस्था बहाल की। गंभीर रूप से घायल लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभी लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई इस संबंध में सदर थाना फिरोजपुर झिरका के प्रभारी सुभाष ने बताया कि फिलहाल गांव में पूरी तरह से शांति है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर पुलिस द्वारा मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी।
भोजपुर जिले में अवैध हथियार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत नारायणपुर थाना पुलिस को बड़ी की है। अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर हथियार, कारतूस, मोबाइल और बाइक के साथ पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से हथियारों की खरीद-बिक्री में संलिप्त गिरोह को झटका लगा है। पुलिस के अनुसार पहली सफलता बनौली मोड़ के पास मिली। यहां गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर तीन बदमाशों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान एक देसी पिस्टल, जिंदा कारतूस और तीन मोबाइल बरामद किए गए, जबकि एक बाइक को भी जब्त किया गया। गिरफ्तार बदमाशों की पहचान नवादा थाना क्षेत्र के अनाईठ मोहल्ला निवासी रिशु कुमार, बक्सर जिले के डुमरांव थाना क्षेत्र अंतर्गत हथेलीपुर मठिया गांव निवासी गोविंद कुमार और अगिआंव बाजार थाना क्षेत्र के तार मठिया गांव निवासी रंजीत कुमार गोस्वामी के तौर पर हुई है। हथियार सप्लाई से जुड़े लोगों की तलाश जारी भोजपुर पुलिस अधीक्षक राज ने बताया कि सूचना मिली थी कि बनौली मोड़ के पास तीन युवक हथियार के साथ किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में मौजूद है। सूचना का सत्यापन करते हुए पुलिस जब मौके पर पहुंची तो तीनों बदमाश भागने लगे, लेकिन पुलिस बल की तत्परता से उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि तीनों हथियारों की खरीद-बिक्री के अवैध धंधे में संलिप्त रहे हैं। वहीं, दूसरी कार्रवाई वरुणा पेट्रोल पंप के पास की गई। यहां से पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से एक देसी कट्टा और दो मोबाइल बरामद हुए। उनकी बाइक भी जब्त कर ली गई है। गिरफ्तार आरोपियों में मड़नपुर गांव निवासी हरेद्र साह और सहार थाना क्षेत्र के मिश्रीचक गांव निवासी मनीष कुमार शामिल है। पुलिस अब इनके आपराधिक नेटवर्क और हथियारों की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
डीग जिले के सीकरी थाने के कांस्टेबल सोनू मीणा और अतर सिंह चर्चाओं में हैं। एक युवक ने थाने से बाहर निकलते हुए रील बनाई। रील में जो गाना बज रहा है उसमें सोनू मीणा और अतरसिंह को थानेदार बताया जा रहा है। साथ ही युवक दोनों की मदद से हरियाणा में घूमने की बात कही जा रही है। हालांकि पुलिस ने युवक के सोशल साइट से रील को डिलीट करवा दिया है लेकिन, पुलिस ने युवक ने खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। दो कांस्टेबल विवादों में युवक ने थाने से निकलते हुए एक रील बनाई थी। जिसमें गाना लगाया गया था कि सोनू मीणा और अतरसिंह सीकरी थाने के थानेदार हैं। उनकी मदद से हर महीने मैं हरियाणा में घूमता हूं। रील जैसे ही चर्चा में आई तो, पुलिस ने युवक की सोशल साइट से रील डिलीट करवा दिया। युवक के साइबर ठगों से संबंध बताये जा रहे हैं। वीडियो के ऊपर 'शुक्रिया सीकरी पुलिस' लिखा है। युवक के खिलाफ होगी कार्रवाई इसके बारे में जब सीकरी SHO मुकेश चेची से बात की तो, उन्होंने बताया कि यह युवक हरियाणा का बताया जा रहा है। वीडियो पुलिस के संज्ञान में भी आया है। युवक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि 2 दिन यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। उसके बाद भी पुलिस ने अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया है।
मेरठ के पल्लवपुरम थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे द घने कोहरे के कारण एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जब चालक को कोहरे कि वजह से आगे का रास्ता साफ दिखाई नहीं दिया और कार अनियंत्रित हो गई। कार नाले में पलटने से 18 महीने के मासूम की मौत हो गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। रिंग सेरेमनी से लौट रहा था परिवार मृतक मासूम गना के पिता संयम जो फर्नीचर व्यापारी हैं जो अपनी पत्नी शालिनी, मां आरती और अन्य परिजनों के साथ रिंग सेरेमनी में शामिल होकर लौट रहे थे। कृष्णा नगर डोरली से दौराला जाते समय सीएनजी पंप के पीछे पीएसी नाले की पुलिया पर पहुंचते ही कार नाले में गिर गई। कार से बाहर निकला युवक हादसे के बाद कार में सवार आकाश किसी तरह बाहर निकल आया और शोर मचाकर लोगों को बुलाया। मासूम गना नाले के दूसरी ओर मिला, जिसके मुंह में गंदा पानी भरा हुआ था। इसी दौरान बच्चे को पहले निजी अस्पताल ले जाया गया, फिर दूसरे अस्पताल रेफर किया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना के दौरान पहुंची पुलिस सूचना पर पल्लवपुरम पुलिस मौके पर पहुंची। कार निकालने के लिए पहले क्रेन मंगाई गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। काफी मशक्कत के बाद हाइड्रा मशीन की मदद से कार को नाले से बाहर निकाला गया।
रायसेन में उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के चलते एक बार फिर ठंड का जोर बढ़ गया है। रात के तापमान में गिरावट के साथ न्यूनतम पारा 6.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड (ठिठुरन) महसूस हो रही है। वहीं, शुक्रवार को दिन का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बाद मध्य प्रदेश सहित रायसेन जिले में सर्दी का असर बढ़ा है। अगले दो से तीन दिनों तक तेज ठंड पड़ने की संभावना जताई गई है। 19 जनवरी से एक्टिव होगा नया सिस्टम मौसम विभाग ने बताया कि 19 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होगा। इस नए सिस्टम के प्रभाव से प्रदेश में बादल छाने और बारिश होने जैसी स्थिति बन सकती है। जेट स्ट्रीम हवाओं का दिख रहा असर मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिम-उत्तर भारत के ऊपर समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर लगभग 240 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं। आसमान में नदी की तरह बहने वाली इन हवाओं का असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी देखने को मिल रहा है। 20-21 के बाद हो सकती है बारिश इससे पहले 16 जनवरी को सक्रिय हुआ पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ चुका है। अब 19 जनवरी से आने वाला नया सिस्टम उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। यदि यह सिस्टम मजबूत रहा, तो 20-21 जनवरी के बाद प्रदेश में बादल छाने और बारिश होने की संभावना है।
पंजाब से हेरोइन लाकर उसे रायपुर में बेचने की फिराकर में घूम रहे आदतन तस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी आमानाका इलाके में चाय दुकान के पास ग्राहक का इंतजार कर रहे थे। आरोपियों का नाम पंजाब निवासी राकेश कुमार और कबीर नगर निवासी हरभजन सिंग बताया जा रहा है। हरभजन सिंह को पूर्व में भी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के आरोप में पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला 16 जनवरी 2026 को थाना आमानाका को मुखबिर से सूचना मिली थी, कि नया बायपास बिलासपुर रोड स्थित वीर सिंह चाय ठेला के पास दो संदिग्ध व्यक्ति मोटरसाइकिल के साथ खड़े हैं। उनके पास अवैध मादक पदार्थ है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर टीम गठित कर मौके पर दबिश दी और आरोपियों की घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान राकेश कुमार (42 वर्ष), निवासी फिरोजपुर, पंजाब और हरभजन सिंह (40 वर्ष), निवासी कबीर नगर, रायपुर के रूप में बताई। तलाशी के दौरान राकेश कुमार के पास से 15.32 ग्राम और हरभजन सिंग के पास से 9.95 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। कुल जप्त हेरोइन की मात्रा 25.27 ग्राम है। हेरोइन की कीमत पुलिस द्वारा 2 लाख 67 हजार 700 रुपए बताई जा रही है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने बाइक भी जब्त की है। अब पढ़े पुलिस ने क्या कहा आरोपियों की गिरफ्तार पर रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने बताया, कि हेरोइन सप्लाई करने वाले आरोपी राकेश कुमार और हरभजन सिंग को पकड़ा है। आरोपियों से हेरोइन बरामद किया गया है। आपरेशन निश्चय के तहत इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। 2025 में 2.81 करोड़ की नशीली सामग्री जब्त रायपुर पुलिस के अधिकारियों ने ऑपरेशन निश्चय के तहत अभियान चलाकर साल 2025 में 2.81 करोड़ से ज्यादा की नशीली सामग्री जब्त की है। जब्त सामग्रियों में गांजा, अफीम, ब्राउन शुगर, हेरोइन, चरस, एमडीएमए, नशीली टैबलेट, सिरप, कोकीन सहित अन्य सामग्री शामिल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है, कि ये कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
शहडोल मेडिकल कॉलेज में प्रस्तावित ब्लड सेंटर को जल्द शुरू करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। चिकित्सा शिक्षा संचालक, भोपाल के निर्देश पर संयुक्त संचालक डॉ. लाल प्रणय ने शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज का दौरा कर व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डॉ. लाल प्रणय ने ब्लड सेंटर की आधारभूत संरचना, उपकरणों की उपलब्धता, स्टाफ व्यवस्था और आवश्यक मानकों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लाइसेंसिंग से जुड़ी सभी औपचारिकताएं निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाएं, ताकि ब्लड सेंटर को शीघ्र ही जनता के लिए उपलब्ध कराया जा सके। निरीक्षण में पाई गई कमियां तुरंत दूर करने निर्देश डॉ. लाल प्रणय ने मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता डॉ. जी.बी. रामटेके से भी मुलाकात की। इस बैठक में ब्लड सेंटर के संचालन से संबंधित रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। निरीक्षण में पाई गई कमियों को साझा करते हुए उन्हें तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए। शहडोल संभाग एक आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां सिकल सेल एनीमिया के मरीजों और प्रसव के दौरान रक्त की आवश्यकता अधिक रहती है। मेडिकल कॉलेज परिसर में इस आधुनिक ब्लड सेंटर का संचालन क्षेत्र के हजारों मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। डॉ. लाल प्रणय ने इस महत्वपूर्ण सेवा को शुरू करने में किसी भी प्रकार की देरी को अस्वीकार्य बताया। अस्पताल प्रबंधन ने ब्लड सेंटर प्रगति की जानकारी दी निरीक्षण के समय अस्पताल प्रबंधन की पूरी टीम उपस्थित थी। इसमें अस्पताल अधीक्षक डॉ. नागेंद्र सिंह, उप अधीक्षक डॉ. विक्रांत कबीर, अस्पताल प्रबंधक डॉ. साबिर खान और ब्लड सेंटर इंचार्ज डॉ. मारिया अंसारी शामिल थे। इन अधिकारियों ने संयुक्त संचालक को ब्लड सेंटर की प्रगति से संबंधित जानकारी प्रदान की। कमियों को सुधार कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश संयुक्त संचालक ने निर्देश दिए कि सभी चिह्नित कमियों को प्राथमिकता के आधार पर सुधार कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। इस ब्लड सेंटर के शुरू होने से शहडोल संभाग के मरीजों को रक्त के लिए अन्य जिलों या निजी संस्थानों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे उन्हें समय पर जीवनरक्षक सुविधा उपलब्ध हो सकेगी, जो क्षेत्र के स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण सुधार होगा।
गोरखपुर के सहजनवां ब्लॉक अंतर्गत जगदीशपुर गांव निवासी 32 वर्षीय युवक तौफीक उर्फ तोता की सड़क हादसे में घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। यह घटना बीते 14 दिसंबर को हुई थी। गीडा थाना क्षेत्र के जगदीशपुर निवासी तौफीक उर्फ तोता (32) पुत्र स्वर्गीय अब्दुल्ला शेख 14 दिसंबर की शाम करीब 6 बजे गोरखपुर से अपने घर लौट रहे थे। जब वह गीडा थाना क्षेत्र के कोलिया गांव के पास पहुंचे, तभी एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तौफीक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया गया। कई दिनों तक मेडिकल कॉलेज में इलाज चलने के बाद शुक्रवार की भोर करीब 4 बजे तौफीक ने दम तोड़ दिया। मृतक तौफीक अपने छह भाइयों में पांचवें नंबर पर थे। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था। वह परिवार की अहम जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मेडिकल कॉलेज पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने बताया कि अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है और मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में आज सुबह पुलिस व हिस्ट्रीशीटर के बीच आमने सामने की मुठभेड़ हाे गई। इसमें हिस्ट्रीशीटर के पांव में गोली लगी है। जबकि सीआईए इंचार्ज की जैकेट में भी गोली लगकर रह गई। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर सहित उसके एक अन्य साथी को गिरफ्तार किया है, जो अलवर जिला का है। शनिवार सुबह सीआईए पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर शिवदयाल को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान हुई आमने-सामने की फायरिंग में शिवदयाल के पैर में गोली लगी, जबकि पुलिस की ओर से सीआईए इंचार्ज को भी चोटें आई हैं। बदमाश का एक साथी भी मौके से गिरफ्तार किया गया है, जो अलवर जिले का है। दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों के पास अवैध हथियार बरामद किए गए हैं। बड़ा बाग के पास हुई घटना घटना नारनौल रेलवे स्टेशन के पास बड़ा बाग की एक गली की बताई जा रही है। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ दिन पूर्व सलामपुरा मोहल्ले में हुई फायरिंग का आरोपी शिवदयाल ट्रेन से यात्रा कर रहा है। वह फुलेरा की ओर से ट्रेन में सवार होकर नारनौल की तरफ आ रहा था। उसके साथ अलवर जिले का एक अन्य बदमाश भी मौजूद था। सूचना के आधार पर सीआईए की टीम पहले से ही स्टेशन क्षेत्र में तैनात थी। स्टेशन से पहले उतरे बताया गया कि दोनों बदमाश स्टेशन से पहले ट्रेन से उतरकर भागने लगे। पुलिस टीम ने उन्हें घेरकर पकड़ने की कोशिश की, इसी दौरान बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की। दोनों ओर से हुई गोलीबारी में सीआईए इंचार्ज को गोली लगी, जबकि शिवदयाल के पैर में गोली लगने से वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस जवानों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को काबू में लिया। बुलेटप्रूफ पहनी थी जैकेट पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के समय जवानों ने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनी हुई थी, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। मौके से पुलिस ने दोनों के पास से अवैध हथियार भी बरामद किए हैं। इनमें एक देसी कट्टा व कारतूस शामिल हैं। सलामपुरा में चलाई थी गोली शिवदयाल वही आरोपी है, जिसने कुछ दिन पहले मोहल्ला सलामपुरा में थार गाड़ी में आकर बोलेरो सवार पर फायरिंग की थी। उस घटना के बाद से वह पुलिस की पकड़ से बाहर था। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई और अन्य आपराधिक वारदातों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। मामले की जांच जारी है।
कानपुर में किशोरी के साथ गैंगरेप करने वाला 50 हजार का इनामी दरोगा अमित कुमार मौर्या 12 दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सर्विलांस, साइबर की टेक्निकल टीमें, एसटीएफ, थाने समेत करीब 25 से 30 पुलिसकर्मियों की चार टीमें लगी हैं लेकिन नतीजा सिफर। अब इसे दरोगा का पुलिस महकमे की एक–एक नस से वाकिफ होना कहे, या विभाग का दरोगा प्रति सॉफ्ट कॉर्नर। अब तक 10 जनपदों में पुलिस टीम छापेमारी कर चुकी है, लेकिन इनामी दरोगा गिरफ्त में नहीं आया है। वहीं दरोगा की अग्रिम जमानत पर शुक्रवार को सचेंडी पुलिस ने हाईकोर्ट का एक नोटिस पीड़िता को दिया, जिसमें पीड़िता को अपना पक्ष रखने को कहा गया। 8 और 9 जनवरी को वीडियो और लेटर सामने आया डीसीपी वेस्ट कासिम आबिदी ने बताया- मुकदमा दर्ज होने के बाद 6 जनवरी को दरोगा फरार हो गया था, जिसके बाद उसकी लोकेशन बर्रा इलाके में मिली। कानपुर में एक दिन रहने के बाद दरोगा ने शहर छोड़ दिया। 8 जनवरी को दरोगा ने सफाई में अपना वीडियो और 9 जनवरी को सीएम योगी और पुलिस कमिश्नर से सीबीआई जांच कराने की मांग करते हुए एक लेटर जारी किया था। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि दरोगा ने अपने मोबाइल से लेटर भेजा है, उसकी लोकेशन लखनऊ मिली। लेकिन पुलिस टीम के पहुंचने से पहले आरोपी दरोगा फरार हो चुका था। इसके बाद दरोगा की आखिरी लोकेशन प्रयागराज मिली। दरोगा ने लेटर में क्या लिखा, वो पढ़िए-5 जनवरी 2026 को मैं रात्रि गणना के बाद प्रभारी निरीक्षक के कार्यालय में गया, जहां प्रभारी निरीक्षक की ओर से 3 और 4 जनवरी की रात भीमसेन जंक्शन से तेल चोरी के मामले में पूरी जानकारी के लिए भीमसेन जंक्शन में तैनात आरपीएफ थाना प्रभारी अजय कुमार मीणा से फोन के जरिए संपर्क किया गया था। संपर्क न होने पर मुझे भीमसेन जंक्शन भेजा गया था। जहां मैं करीब 9 बजे रात के आसपास पहुंचा था। कुछ देर बाद आरपीएफ प्रभारी भी आ गए। जहां उन्होंने जानकारी को साझा किया। जिसका सीसीटीवी फुटेज भी भीमसेन जंक्शन में मिल जाएगा। बस्ती में रहने वाली महिला मित्र से हुई पूछताछ डीसीपी वेस्ट का कहना है कि दरोगा को महकमे की बारीकी से जानकारी है। इसलिए वह इलेक्ट्रानिक गैजेट्स का इस्तेमाल नहीं कर रहा है, जिस कारण वह पहुंच से बाहर है। तलाश में प्रयागराज, गोरखपुर, लखनऊ, संत कबीर नगर, सीतापुर, सिद्धार्थ नगर समेत 10 जनपदों में रहने वाले करीबी, रिश्तेदारों के यहां छापेमारी की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। यहां तक की पुलिस ने बस्ती में रहने वाली दरोगा के महिला मित्र से भी पूछताछ की है, लेकिन किसी को भी अब तक उठाया नहीं गया। पूर्व इंस्पेक्टर के संपर्क में होने की मिली जानकारी वहीं सूत्रों के मुताबिक दरोगा एक अधिवक्ता के साथ ही पूर्व में थाने में तैनात एक इंस्पेक्टर समेत कुछ लोगों के साथ संपर्क में हैं। वहीं दरोगा हाईकोर्ट तक दस्तक दे चुका है। दरोगा की अग्रिम जमानत पर पीड़िता के घर हाईकोर्ट से मिला एक नोटिस सचेंडी पुलिस ने पहुंचाया है, जिसमें उसे अपना पक्ष रखने को कहा गया है। हाल ही में पीड़िता से मिलने के लिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पहुंचे, लेकिन पीड़िता पुलिस की नाकामी न उजागर कर दे, इसलिए पूछताछ का हवाला देकर पुलिस पीड़िता और उसके भाई को पुलिस कमिश्नर आफिस लेकर पहुंच गई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के कानपुर से जाने के बाद पुलिस कमिश्नर की ओर से उसे गिफ्ट और कपड़े भेंट किए और किशोरी को सांत्वना देकर विदा कर दिया। अब पढ़िए दरोगा के लिए महकमे 7 साफ्ट प्वाइंट -----------------------ये खबर भी पढ़ें...हर्षा रिछारिया बोलीं- सनातन धर्म मानने वाला होगा मेरा दूल्हा; कौशांबी में कहा- एक्टर-मॉडल को जीवनसाथी नहीं बनाऊंगी; अब जिंदगी सुकून दे रही सनातन प्रचारक हर्षा रिछारिया ने कौशांबी में कहा कि उनका होने वाला जीवनसाथी एक्टर या मॉडल नहीं होगा। वह सनातन धर्म काे मानने वाला होगा। शादी को लेकर परिवार का कोई दबाव नहीं है। उनका सपोर्ट और प्यार हमेशा मिला है। पढ़िए पूरी खबर
अयोध्या में लंबी प्रतीक्षा के बाद भव्य-दिव्य राम मंदिर का निर्माण पूर्ण हो चुका है। रामलला के साथ राजा राम, जनक नंदिनी माता सीता के साथ विराजमान हैं। अब राम मंदिर आंदोलन में अपने प्राणों का उत्सर्ग करने वाले लाखों कारसेवकों की स्मृति में एक भव्य हुतात्मा स्मारक भी मंदिर परिसर में आकार ले रहा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के न्यासी डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि यह स्मारक सप्त मंडपम और शेषावतार मंदिर के मध्य बनाया जा रहा है। स्मारक की ऊंचाई 11 मीटर होगी। इसके पूर्ण होने पर दर्शनार्थी राम मंदिर आंदोलन के महान योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे। 13 एकड़ में बनेगी पंचवटी, ध्यान व योग की सुविधा राम मंदिर परिसर में 13 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित पंचवटी का निर्माण उद्यान विभाग के सहयोग से जीएमआर समूह द्वारा किया जा रहा है। पंचवटी को इस तरह विकसित किया जा रहा है कि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव हो। इसके लिए एक मेडिटेशन सेंटर भी बनाया जाएगा, जहां श्रद्धालु ध्यान और योग कर सकेंगे। पंचवटी की रमणीयता बढ़ाने के लिए पशु-पक्षियों के विहार स्थल, जलाशय और म्यूजिकल फाउंटेन की व्यवस्था की जा रही है। रामायण कालीन वनस्पतियों का रोपण भी किया जा रहा है। शोध कार्य में जुटी टीम ने भारत के साथ-साथ दक्षिण एशिया के देशों से भी पौधे मंगवाए हैं। हरिशंकरी वाटिका और नक्षत्र वाटिका का निर्माण पंचवटी में हरिशंकरी वाटिका और नक्षत्र वाटिका का निर्माण भी शुरू हो चुका है। नक्षत्र वाटिका एक विशेष उद्यान है, जिसमें ज्योतिष के 27 नक्षत्रों से जुड़े विशिष्ट पेड़-पौधे लगाए जाते हैं। इन पौधों का आध्यात्मिक, ज्योतिषीय और औषधीय महत्व होता है। मान्यता है कि अपने जन्म नक्षत्र के वृक्ष के नीचे ध्यान करने से विशेष लाभ मिलता है। नक्षत्र वाटिका में आम, पीपल, जामुन, गूलर, नीम, बेल जैसे औषधीय और शुभ माने जाने वाले पौधे लगाए जाएंगे। वहीं हरिशंकरी वाटिका में पीपल, बरगद और पाकड़ के समूह का रोपण किया जा रहा है, जिन्हें धार्मिक मान्यता के अनुसार ब्रह्मा, विष्णु और महेश का स्वरूप माना जाता है। अंगद टीला पर महानाट्य प्रस्तुति आज श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय श्री राम कथा संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में माता अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के अवसर पर महानाट्य प्रस्तुति ‘कर्मयोगिनी माता अहिल्या’ का आयोजन किया जा रहा है। यह नाट्य प्रस्तुति शनिवार को सायंकाल छह बजे अंगद टीला पर होगी। कार्यक्रम का आयोजन संस्कृति मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है।
गाजीपुर में कड़ाके की ठंड और घना कोहरा:श्रद्धालुओं से गुलजार रहने वाले गंगा घाटों पर पसरा सन्नाटा
गाजीपुर में अचानक बदले मौसम ने गंगा घाटों की रौनक छीन ली है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के कारण शनिवार को श्रद्धालुओं से गुलजार रहने वाले घाटों पर सन्नाटा पसरा रहा। पिछले तीन-चार दिनों से गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही थी। 14 और 15 जनवरी को गंगा स्नान के विशेष पर्व के चलते घाटों पर सुबह से ही लोग जुटे थे। 16 जनवरी को शिवरात्रि के अवसर पर भी घाटों पर चहल-पहल देखी गई थी। शनिवार सुबह से ही शहर और ग्रामीण इलाकों में घना कोहरा छाया रहा। कड़ाके की ठंड ने लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर दिया। इसका सीधा असर गंगा घाटों पर दिखा, जहां आमतौर पर श्रद्धालुओं और नावों की आवाजाही रहती है। ठंड और कोहरे के कारण नावों का संचालन भी लगभग ठप हो गया। मौसम में आई इस तब्दीली के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। गाजीपुर में न्यूनतम तापमान गिरकर करीब 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, जबकि अधिकतम तापमान भी सामान्य से नीचे बना हुआ है। ठंड और कोहरे को देखते हुए लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। फिलहाल, खराब मौसम के कारण गंगा घाटों की रौनक फीकी पड़ गई है। तस्वीरें देखिए...
दरभंगा राजघराने की अंतिम महारानी और भारत सरकार को 600KG सोना दान करने वाली कामसुंदरी देवी का 94 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। राजघराने की परंपरा के अनुसार उनका अंतिम संस्कार माधेश्वरी परिसर में किया गया। यह वही परिसर है, जहां पिछले करीब 250 वर्षों से दरभंगा राज परिवार के सदस्यों का अंतिम संस्कार होता आ रहा है। दरभंगा राजघराने की एक विशिष्ट परंपरा है कि परिवार के प्रत्येक सदस्य की चिता पर मंदिर का निर्माण किया जाता है। माधेश्वरी परिसर में अब तक कुल 9 मंदिर हैं, जो सभी किसी-न-किसी राजपरिवार के सदस्य की चिता पर बने हुए हैं। इन मंदिरों में प्रतिदिन पूजा-पाठ होता है और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। सुबह से ही लंबी कतारें लग जाती हैं। यहां देश ही नहीं, विदेशों से भी श्रद्धालु पूजा करने पहुंचते हैं। राजघराने के अंतिम महाराज कामेश्वर सिंह के चिता पर मंदिर तो है, लेकिन उनकी महारानी के चिता पर कोई मंदिर नहीं है। बड़ी महारानी राजलक्ष्मी की चिता पर एक पेड़ लगाया गया है, जहां डीह बाबा की मूर्ति रखी गई है। दूसरी महारानी कामेश्वरी प्रिया के चिता पर कोई मंदिर नहीं है। सबसे पहले देखिए महारानी कामसुंदरी देवी के अंतिम संस्कार की तस्वीरें... आखिर राजघराने के किसी भी व्यक्ति के चिता पर मंदिर क्यों बनाया जाता है? इसकी शुरुआत कब से हुई? जब सभी की चिता पर मंदिर बना तो दोनों महारानियों की चिता पर मंदिर क्यो नहीं बना है? क्या कामसुंदरी के चिता पर भी मंदिर बनेगा? इसको जानने के लिए हम राजपरिवार के अगले वारिस कुमार कपिलेश्वर से मिले। जानिए उन्होंने क्या कहा…। 400 साल से भी पुराना है दरभंगा राजपरिवार का इतिहास माधेश्वरी परिसर में हमारी मुलाकात दरभंगा राजघराने के उत्तराधिकारी कुमार कपिलेश्वेर माधेश्वरी से हुई। वो श्राद्ध कर्म की तैयारियों में जुटे थे। हमने उनसे बात की और जानने की कोशिश कि क्या कामसुंदरी देवी के चिता पर मंदिर बनेगा? उन्होंने बताया, 'हमारा इतिहास 400 साल से अधिक का है। हमारी परंपरा है कि हमारे परिवार के किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो उनकी चिता पर मंदिर बनाया जाता है।' पूरे विश्व में यही एक जगह है, जहां श्मशान में मंदिर- श्रद्धालु मंदिर में काफी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ थी। हमने श्रद्धालुओं से भी बात की। मंदिर में पूजा करने आए स्थानीय निवासी केदारनाथ मिश्रा ने बताया कि उम्र 73 साल हो गया है। बचपन से ही हम मंदिर में आते हैं। जब हम छोटे थे, तब से ही इस मंदिर में पूजा के लिए आते हैं। राजघराने के सदस्यों की चिता पर मंदिर बनाने का इतिहास राजपरिवार के वारिस से मुलाकात के बाद हम कामेश्वर सिंह यूनिवर्सिटी में इतिहासकार संतोष कुमार से मिले। हमने उनसे मंदिर बनने के इतिहास और राजघराने के बारे में विस्तार से जाना। उन्होंने बताया कि यह इलाका रामबाग पैलेस का इलाका है। राजघराने का सबसे प्राइम इलाका है। राजतंत्र में राजा अपने राज्य को चलाने के लिए अपने नियम लागू करते थे। उनका अपना संविधान होता था। इतिहासकार संतोष कुमार के मुताबिक, दरभंगा महाराज माधव के चुने जगह पर ही राजघराने के सभी लोगों का अंतिम संस्कार हो रहा है। हालांकि, महाराज माधव सिंह का अंतिम संस्कार इस कैंपस में नहीं हुआ था। उनका अस्थि कलश इस कैंपस में महादेव मंदिर के परिसर में रखा गया है। महाराज माधव ने ही पहली बार इस जगह पर माधेश्वर महादेव मंदिर बनवाया था। आत्मा की मुक्ति से जुड़ा है चिता पर मंदिर बनाने का इतिहास इतिहासकार संतोष कुमार के मुताबिक, दरभंगा राज के महाराज रामेश्वर सिंह मां काली के बहुत बड़े उपासक थे। साथ ही वह पर्यावरण प्रेमी भी थे। वह तंत्र साधना के भी बहुत बड़े साधक थे। रामेश्वर सिंह मां काली की रौद्र रूप की पूजा करते थे। महाराज मां काली के रौद्र रुप को अपना विजय प्रतीक मानते थे। उनका मानना था कि माता की उस रूप की पूजा करने से जिस तरह काली ने राक्षसों का नाश किया था। वैसे ही हम भी अपने दुश्मनों को खत्म कर सकते हैं। मंदिर के अंदर मां काली का रौद्र रूप है, जिसकी महाराज रामेश्वर सिंह उपासना करते थे। मां का काला रूप, जीभ बाहर, चार भुजाएं, तारा-मुंड माला लिए हुए मां काली की प्रतिमा है। मंदिर की गुंबज भगवती के 49 अंग के प्रतीक से बनाया गया है। रामेश्वर सिंह के चिता पर मंदिर बनने के बाद कामेश्वर सिंह ने अपने अन्य पूर्वजों की चिता पर भी मंदिर बनवाया। ताकि उन सभी के आत्मा को मुक्ति मिले। सभी की चिता पर मां काली के अलग-अलग रूपों की प्रतिमा है। राजपरिवार के इन सदस्यों का बना है मंदिर इतिहासकार संतोष कुमार के मुताबिक, महाराज रुद्र सिंह की चिता पर रुदेश्वरी काली, महाराज लक्ष्मीश्वर सिंह की चिता पर लक्ष्मीश्वरी तारा मंदिर, महाराज कामेश्वर सिंह की चिता पर छोटी श्यामा मंदिर, महादेव मंदिर के परिसर में महाराज माधव का अस्थि कलश रखा गया है। महारानी कामेश्वरी प्रिया की चिता पर अन्नपूर्णा माता मंदिर सहित टोटल 9 मंदिर हैं। बाकि और लोगों के चिता पर पीपल और बरगद के पेड़ लगाए गए हैं। महारानी राज लक्ष्मी ने अपना हीरा का हार बेचकर महाराज कामेश्वर सिंह के चिता पर मंदिर बनवाया था। राजपरिवार के सदस्यों की चिता पर बनी मंदिरों की तस्वीरें... कैसे लोगों की आस्था का केंद्र बना राजपरिवार का मंदिर? मंदिर को लेकर पहले उतना चर्चा नहीं था, क्योंकि इस मंदिर में राज परिवार के लोग ही आते थे। 1987 के आसपास भूकम्प से यहां काफी नुकसान हुआ। लोगों के घर तक उजड़ गए। तब यह रामबाग पैलेस आम लोगों के लिए भी खोल दिया गया। रामबाग पैलेस में हजारों के संख्या में लोग रहने लगे। उस समय यह माधेश्वरी परिसर भी आम लोगों के लिए खुला था। यहां भी हजारों लोग रह रहे थे। उस समय लोगों ने मां काली की पूजा करनी शुरू की। तब से ही लोगों की आस्था इस मंदिर से जुड़ गई। इतिहासकार संतोष कुमार आगे बताते हैं कि दरभंगा राज परिवार खंडवाल कुल के हैं। इनका 450 साल का इतिहास है। राज परिवार के आखिरी महाराजा कामेश्वर सिंह की तीसरी महारानी कामसुंदरी देवी थी। महाराजा कामेश्वर सिंह राज्यसभा के मेंबर रहे हैं। वह संविधान सभा के भी मेंबर रहे हैं। पूरी संपत्ति देश को समर्पित करने वाला राजपरिवार यह ऐसा परिवार है, जिसने अपने लिए बिना कुछ बचाए पूरी संपत्ति देश के नाम कर दिया। भारत-चीन युद्ध के दौरान राज परिवार ने आर्थिक रूप से सरकार का सहयोग किया। राज परिवार ने बनारस विश्वविद्यालय, दरभंगा में दो-दो विश्वविद्यालय, पटना में विश्वविद्यालय के लिए जमीन और पैसे दिए। इस परिवार की आखिरी रानी थी कामसुंदरी देवी। इनका नाम कल्याणी है, लेकिन घर में इन्हें कामसुंदरी कहते थे। राजपरिवार के योगदान को लेकर कपिलेश्वर सिंह कहते है कि दरभंगा राज परिवार हमेशा से लोगों की सेवा के लिए तत्पर रहा है। हर समय में सरकार और लोगों को आर्थिक से लेकर जमीन और अन्य प्रकार की सेवा करते रहे हैं। 1962 के युद्ध में 600 किलो सोना का दान साल 1962 में भारत-चाइना वार हुआ तो सरकार ने मदद की गुहार लगाई थी। इसके बाद दरभंगा राज सबसे पहले मदद के लिए आगे आया था। दरभंगा के इंद्रभवन मैदान में 15 मन यानी 600 किलो सोना तौला गया और उसे लड़ाई में मदद के लिए राज परिवार की तरफ से दान में दिया गया था। दरभंगा राज ने अपना तीन-तीन एयरक्रॉफ्ट भी लड़ाई के लिए दान कर दिया। अपना खुद का 90 एकड़ का एयरपोर्ट भी दान कर दिया था। आज इसी जमीन पर दरभंगा एयरपोर्ट बना है।
राजस्थान में रीट भर्ती परीक्षा के तहत आज थर्ड ग्रेड टीचर (लेवल 1) के एग्जाम हो रहे हैं। पेपर सुबह 10 बजे से शुरू हुआ, जो 12:30 बजे खत्म होगा। सेंटर्स पर मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद सुबह 8 से 9 बजे तक एंट्री मिली। उदयपुर में 110 सेंटर्स पर 34 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी रजिस्टर्ड है। लेवल-1 की एग्जाम में राजस्थान में 2.41 लाख लोग परीक्षा के लिए रजिस्टर्ड है। शहर के सभी परीक्षा केंद्रों पर रोल नंबर क्रॉस चेक करने के बाद सेंटर्स पर कड़ी जांच हुई। मेटल के बटन वाले कपड़ों, हाथ में बंधे धागे और गले की चेन को खुलवाने के बाद ही एंट्री मिली। चयन बोर्ड ने अभ्यर्थियों के लिए गर्म कपड़े पहनने की सुविधा दी है, इसके चलते सर्दी से परीक्षार्थियों को ज्यादा दिक्कतें नहीं आई।परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस बार फेस ऑथेंटिकेशन और सीसीटीवी निगरानी जैसी सख्त व्यवस्थाएं लागू है। उदयपुर में 110 केंद्राधीक्षक और 177 पर्यवेक्षक(सुपरवाइजर) लगाए गए हैं। हर सेंटर्स के एक-एक रूम में 24 अभ्यर्थियों के बैठने की व्यवस्था है। कर्मचारी चयन बोर्ड के अनुसार 7759 वैकेंसी के लिए चार दिन एग्जाम होंगे। कल से तीन दिन लेवल-2 के लिए दो परियों में एग्जाम होगी। सेंटर्स के अंदर मोबाइल, ब्लूटूथ, स्मार्ट वॉच या किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर सख्त मनाई थी। एग्जाम सेंटर्स के बाहर पेरेन्ट्स की भी भीड़ दिखी। वही पुलिसकर्मियों ने भी स्थिति को संभाले रखा। परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में छात्रों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए परिवहन विभाग ने न केवल निशुल्क यात्रा की सुविधा दी है, बल्कि भारी भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त बसों का बेड़ा भी सड़कों पर उतार दिया है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने बताया- कि शिक्षक भर्ती परीक्षा दो स्तरों में आयोजित की जाएगी। शनिवार के बाद रविवार से लेवल - 2 की परीक्षाएं 20 जनवरी तक अलग-अलग दिनों में 2 पारियों में आयोजित होगी। कुल चार दिनों में कुल 9 लाख 54 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इसके लिए 760 एग्जाम सेंटर बनाए गए हैं।
बेगूसराय जिले में एक हजार रुपए के विवाद में एक शख्स की बेरहमी से पिटाई कर दी गई। इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। मृतक की पहचान राम प्रवेश यादव(50) के तौर हुई है। शनिवार देर रात शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना गढ़पुरा थाना क्षेत्र के मणिकपुर गांव की है। मृतक के बड़े भाई पवन कुमार ने बताया कि राम प्रवेश यादव के छोटे बेटे सुबोध कुमार ने गांव के ही मदन मोहन यादव से एक हजार रुपए उधार लिया था। इसी को लेकर विवाद था। 12जनवरी की सुबह मेरा भाई मवेशियों को देखने मध्य विद्यालयमनिकपुर के पास स्थित डेरा जा रहे थे। इस दौरान मदन मोहन और उसकी मां अनिता देवी ने उन्हें रोक लिया। भाई ने घर से पैसा लाकर देने की बात कही। इसके बाद भी आरोपियों ने जाने नहीं दिया। गाली-गलौज शुरू कर दी। बेटे को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। इस दौरान दोनों पक्ष में बहस हो गई। विवाद मारपीट तक पहुंच गया। सिर पर मारा था, लगातार हालत बिगड़ रही थी भाई ने आगे कहा कि मदन मोहन ने लाठी से राम प्रवेश के सिर पर जोरदार प्रहार किया, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर गए। हल्ला सुनकर भाई को बचाने आए छोटे भाई राम दर्शन यादव पर भी आरोपियों ने हमला किया, जिससे उनके कान के ऊपरी हिस्से में गंभीर चोटें आईं। जानकारी मिलने पर परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे, तब तक आरोपी घटना को अंजाम देकर फरार हो चुके थे। घायल राम प्रवेश को तुरंत अस्पताल लेकर गए, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। परिजनों के मुताबिक, हमले के बाद से ही उनकी स्थिति काफी नाजुक बनी हुई थी और स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हो रहा था। इलाज के दौरान शुक्रवार को दम तोड़ दिया। रुपए को लेकर हुआ था विवाद वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि सुबोध कुमार ने मदन मोहन से 1000 रुपए लिया था। कुछ दिन पहले लौटा दिया था। लेकिन 10 रुपए के हिसाब से ब्याज मांग रहा था, इसी को लेकर बहस शुरू हुई।
उन्नाव में सोशल मीडिया पर रील बनाने का शौक अब कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनता जा रहा है। ताजा मामला अचलगंज थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक युवती ने बंदूक के साथ रील वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। यह खतरनाक रील देखते ही देखते वायरल हो गई, जिसके बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो “मोहनी राठौर” नाम की इंस्टाग्राम आईडी से शेयर किया गया है। वीडियो में युवती खुलेआम हथियार लहराते हुए नजर आ रही है। रील में बंदूक के प्रदर्शन को लेकर लोगों में दहशत और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि इस तरह के वीडियो न केवल नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि युवाओं को गलत दिशा में भी प्रेरित करते हैं। बताया जा रहा है कि युवती ने रीलबाजी के नशे में यह वीडियो बनाया, जिसमें वह खुद को प्रभावशाली दिखाने के लिए हथियार का प्रदर्शन कर रही है। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वीडियो में दिख रही बंदूक लाइसेंसी है या अवैध। पुलिस इसी बिंदु पर जांच कर रही है कि हथियार कहां से आया और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया। रील वायरल होने के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। आम लोगों का कहना है कि यदि इस तरह खुलेआम हथियारों के साथ वीडियो बनाए जाएंगे और सोशल मीडिया पर डाले जाएंगे, तो इसका समाज पर गलत असर पड़ेगा। खासकर युवा वर्ग इससे प्रभावित होकर अपराध की ओर आकर्षित हो सकता है। अचलगंज थाना पुलिस ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करना नियमों के खिलाफ है। वीडियो की सत्यता, युवती की पहचान और हथियार की वैधता की जांच की जा रही है। जांच में यदि कोई नियम उल्लंघन या अवैध हथियार का मामला सामने आता है, तो संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की अपील और विशेषज्ञों की चेतावनी पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल जिम्मेदारी के साथ करें और कानून का उल्लंघन करने वाली किसी भी गतिविधि से बचें। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि रील बनाने की होड़ में युवा अक्सर यह भूल जाते हैं कि उनकी एक छोटी सी हरकत उन्हें कानूनी पचड़े में डाल सकती है।
नालंदा जिला प्रशासन ने एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री के दूसरे चरण को मिशन मोड में संचालित करने का निर्देश जारी किया है। जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि 17 से 21 जनवरी तक जिलेभर में प्रतिदिन सुबह 7 बजे से विशेष शिविरों का आयोजन किया जाए। प्रथम चरण में मिली सफलता के बाद दूसरा प्रयास फार्मर रजिस्ट्री कार्यक्रम का प्रथम चरण 6 जनवरी से 11 जनवरी 2026 के बीच आयोजित किया गया था। प्रथम चरण में प्राप्त अनुभव और प्रतिक्रिया के आधार पर अब द्वितीय चरण को और अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने की तैयारी की गई है। जिला प्रशासन का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को इस योजना से जोड़ना है। ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा किसान अपनी फार्मर आईडी तैयार करने के लिए बिहार फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल (https://bhfr.agristack.gov.in/farmer-registry-bh/#/) का उपयोग कर सकते हैं। पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) की सेवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा, किसान स्वयं भी ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। दो विभागों का संयुक्त प्रयास इस महत्वाकांक्षी अभियान में कृषि विभाग के समस्त पदाधिकारी, कर्मचारी और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पदाधिकारी संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। दोनों विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अधिकतम संख्या में किसानों का पंजीकरण हो सके। एग्री स्टैक परियोजना का महत्व एग्री स्टैक परियोजना केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य किसानों का एक व्यापक डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है। इस पंजीकरण के माध्यम से किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा। साथ ही, कृषि से संबंधित नीतियां बनाने में भी यह डेटा सहायक होगा। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे इन शिविरों में बड़ी संख्या में उपस्थित होकर अपना पंजीकरण अवश्य कराएं।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज देश के गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने जा रहे हैं। यह मुलाकात गृह मंत्री के निवास पर होने जा रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान दिल्ली पहुंच चुके हैं और जल्द ही उनकी मुलाकात होने जा रही है। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच पंजाब के लॉ एंड आर्डर के मामले में बातचीत हो सकती है। पंजाब में लगातार गैंगवार बड़ी है और फायरिंग की घटनाएं लगातार हो रही हैं। जिसे लेकर यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा का शुक्रवार से आगाज हो गया है, जो 20 जनवरी तक चलेगी। पहले दिन परीक्षा एक ही पारी में आयोजित की जा रही है। भीलवाड़ा जिले में बनाए गए 31 परीक्षा केंद्रों पर 9240 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षा सुबह 10 बजे शुरू होकर दोपहर 12.30 बजे तक चलेगी। प्रशासन की ओर से परीक्षा को लेकर सख्त व्यवस्थाएं की गई हैं। केंद्रों के बाहर लगी लंबी कतारें परीक्षा से पहले सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर स्टूडेंट्स की लंबी लाइनें नजर आईं। अभ्यर्थी तय समय से कम से कम दो घंटे पहले केंद्रों पर पहुंचने लगे थे। बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले सभी केंद्रों के गेट बंद कर दिए गए, इसके बाद किसी को भी एंट्री नहीं दी गई। 31 परीक्षा केंद्रों पर कराया जा रहा आयोजन भीलवाड़ा जिले में तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा के लिए कुल 31 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। पहले दिन एक पारी में परीक्षा हो रही है, जबकि शेष तीन दिन परीक्षा दोनों पारियों में आयोजित की जाएगी। बायोमेट्रिक जांच के बाद मिली एंट्री अभ्यर्थियों को बायोमेट्रिक जांच के बाद ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया गया। भीलवाड़ा में चित्तौड़गढ़, राजसमंद और ब्यावर जिले से बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स परीक्षा देने पहुंचे हैं। ड्रेस कोड और जांच के सख्त निर्देश पुरुष अभ्यर्थियों को शर्ट, टी-शर्ट, कुर्ता-पायजामा या पैंट पहनने की अनुमति दी गई। महिला अभ्यर्थी सलवार-सूट, साड़ी, कुर्ता या साधारण शर्ट में परीक्षा देने पहुंचीं। बालों में केवल साधारण रबर बैंड की अनुमति थी। सर्दी को देखते हुए कोट और स्वेटर पहनने की छूट दी गई, लेकिन उन्हें उतारकर चेकिंग की गई। फोटोयुक्त पहचान जरूरी, हर अभ्यर्थी की रिकॉर्डिंग परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए प्रोविजनल ई-प्रवेश पत्र के साथ आधार कार्ड या अन्य फोटोयुक्त पहचान पत्र अनिवार्य किया गया। पहचान की पुष्टि आधार के माध्यम से की गई। हर केंडिडेट के फोटो और वीडियो भी लिए गए। परीक्षा के बाद बुकलेट और कार्बन कॉपी ले जाने की अनुमति बोर्ड की ओर से अभ्यर्थियों को परीक्षा समाप्त होने के बाद प्रश्न पत्र की बुकलेट और ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी अपने साथ ले जाने की अनुमति दी गई है।
बदायूं में घना कोहरा, विजिबिलिटी शून्य:आसमान में छाए बादल, दिनभर धूप निकलने की संभावना नहीं
बदायूं में कड़ाके की ठंड जारी है। बुधवार को न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। आसमान में घने बादल छाए हुए हैं, जिससे धूप निकलने की संभावना कम है और ठंड में इजाफा हुआ है। घने कोहरे और पाले के कारण दृश्यता (विजिबिलिटी) लगभग शून्य हो गई है। खासकर राष्ट्रीय राजमार्गों पर वाहन चालकों को सामने का रास्ता साफ दिखाई नहीं दे रहा है। हवा की रफ्तार महज 2 किलोमीटर प्रति घंटा होने से ठंड का असर और तेज महसूस किया जा रहा है। सुबह और रात के समय वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। पाले ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। खेतों में जमी पाले की परत से लाही और आलू की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। लगातार ठंड और धूप न निकलने से फसलें प्रभावित हो रही हैं, जिससे किसान चिंतित हैं। मौसम के इस बदले मिजाज ने सामान्य जनजीवन के साथ-साथ कृषि व्यवस्था को भी प्रभावित किया है।
देवरिया में सहायक अध्यापक प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी (टीजीटी) की परीक्षा शनिवार को कड़ी सुरक्षा और सख्त प्रशासनिक निगरानी के बीच शुरू हुई। यह परीक्षा जिले के 11 निर्धारित केंद्रों पर आयोजित की जा रही है, जिसमें कुल 8064 अभ्यर्थी शामिल होंगे। नकलविहीन और पारदर्शी परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए प्रत्येक केंद्र पर सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अव्यवस्था को रोकने के लिए 177 पुलिस कर्मियों को विभिन्न केंद्रों पर तैनात किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली सुबह 9 बजे से 11 बजे तक हुई, जिसमें सामान्य अध्ययन और सामाजिक विज्ञान विषय के 4608 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी, जिसमें सामान्य अध्ययन और जीव विज्ञान विषय के 3456 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को समय से पहले पहुंचने के निर्देश दिए गए थे ताकि वे जांच प्रक्रिया पूरी कर निर्धारित समय पर परीक्षा कक्ष में प्रवेश कर सकें। घने कोहरे में केंद्रों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण शनिवार सुबह देवरिया जिले में घना कोहरा छाया रहा। कम विजिबिलिटी के कारण अभ्यर्थियों को केंद्रों तक पहुंचने में परेशानी हुई। कई अभ्यर्थी समय से पहले घरों से निकल पड़े थे, लेकिन इसके बावजूद कुछ अभ्यर्थियों को सड़कों पर दौड़ते हुए देखा गया। कोहरे के कारण वाहन धीमी गति से चल रहे थे और यातायात प्रभावित हुआ, कई अभ्यर्थियों को पैदल ही केंद्रों तक पहुंचना पड़ा। बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही प्रवेश सुबह 7:30 बजे से जांच प्रक्रिया शुरू हुई, जो 8:30 बजे तक चली। निर्धारित समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। प्रवेश के दौरान आधार कार्ड और प्रवेश पत्र की जांच के बाद बैग, पर्स और अन्य सामान की तलाशी ली गई। सुरक्षा के मद्देनजर अभ्यर्थियों की शारीरिक जांच की गई और कई केंद्रों पर जूते, मोजे आदि उतारकर जांच की गई। इसके बाद सभी अभ्यर्थियों को बायोमेट्रिक सत्यापन से गुजरना पड़ा। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष परीक्षा के लिए सतत निगरानी सत्यापन सफल होने के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। जिला प्रशासन ने परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं। अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। नकल, अनुचित साधनों और अव्यवस्था पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए सभी केंद्रों पर सतर्कता बरती जा रही है।
राजसमंद झील ओवरफ्लो रपट के पास लोडिंग वाहन पलटा:सड़क से नीचे गिरकर चट्टानों के बीच अटका, चालक घायल
राजसमंद झील की ओवरफ्लो रपट के किनारे शुक्रवार सुबह एक लोडिंग वाहन पलट गया। यह हादसा सुबह करीब 7.19 बजे हुआ, जब पिकअप वाहन भाणा से वासोल की ओर जा रहा था। दुर्घटना में चालक को हल्की चोटें आईं, जिसे राहगीरों की मदद से बाहर निकालकर आर के हॉस्पिटल पहुंचाया गया। झील में ओवरफ्लो नहीं होने से बड़ा हादसा टल गया। भाणा से वासोल जाते समय हुआ हादसा जानकारी के अनुसार पिकअप वाहन भाणा से वासोल की दिशा में जा रहा था। जैसे ही वाहन राजसमंद झील की ओवरफ्लो रपट के पास पहुंचा, अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया। सड़क से नीचे गिरकर पलटा वाहन संतुलन बिगड़ने के बाद लोडिंग वाहन सड़क से नीचे की ओर गिरते हुए पलट गया। वाहन रपट के बाहर चट्टानों के बीच अटक गया, जिससे वाहन और चालक को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। राहगीरों ने चालक को बाहर निकाला हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद राहगीरों ने सतर्कता दिखाते हुए चालक को वाहन से सुरक्षित बाहर निकाला। चालक को हल्की चोटें आई थीं। आर के हॉस्पिटल में इलाज जारी घायल चालक को तुरंत उपचार के लिए आर के हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार चालक की स्थिति स्थिर है। झील में ओवरफ्लो नहीं होने से टला बड़ा नुकसान स्थानीय लोगों के अनुसार यदि उस समय राजसमंद झील में पानी का ओवरफ्लो हो रहा होता, तो हादसा गंभीर रूप ले सकता था। ओवरफ्लो नहीं होने से बड़ा नुकसान होने से बच गया।
बिहारशरीफ शहर की तस्वीर जल्द ही बदलने जा रही है। मोरा तालाब से कारगिल चौक तक आठ किलोमीटर लंबी मुख्य सड़क अब न केवल चौड़ी होगी, बल्कि पूरी तरह से आधुनिक स्वरूप में नजर आएगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 32.66 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। पथ निर्माण विभाग के अनुसार, वर्क ऑर्डर जारी होने में अब देरी नहीं है। एक बार काम शुरू होने के बाद, एक वर्ष के अंदर यह परियोजना पूर्ण हो जाएगी। अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो 2027 तक बिहारशरीफ की मुख्य सड़क पूरी तरह से नया रूप धारण कर लेगी। सड़क की चौड़ाई में बड़ा बदलाव वर्तमान में यह सड़क महज 10 मीटर यानी करीब 30 फीट चौड़ी है, जो यातायात की बढ़ती जरूरतों के लिए अपर्याप्त साबित हो रही है। नवनिर्माण के बाद इसकी चौड़ाई बढ़कर 14 मीटर यानी लगभग 50 फीट से अधिक हो जाएगी। पथ निर्माण के कार्यपालक अभियंता नवल किशोर सिंह ने बताया कि 14 मीटर की यह चौड़ाई केवल सड़क की होगी। इसके अतिरिक्त दोनों ओर पैदल पथ और जल निकासी के लिए नालों का भी निर्माण किया जाएगा। 6.2 किलोमीटर का होगा नवनिर्माण हालांकि कुल लंबाई आठ किलोमीटर है, लेकिन 1.7 किलोमीटर के फ्लाई ओवर क्षेत्र में किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं होगा। इस प्रकार वास्तविक रूप से 6.2 किलोमीटर की सड़क का चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण किया जाएगा। अवैध अतिक्रमण हटाए जाएंगे शहर की इस महत्वपूर्ण सड़क पर कई स्थानों पर अवैध कब्जे हैं, जिसके कारण सड़क की असली चौड़ाई सिकुड़ गई है। निर्माण कार्य शुरू होने से पहले जिला प्रशासन के सहयोग से इन अतिक्रमणों को हटाया जाएगा। सड़क की चौड़ाई की विधिवत नापी की जाएगी और निर्माण के दायरे में आने वाले पेड़ों को वन विभाग के सहयोग से हटाया जाएगा। सीएम की प्रगति यात्रा में मिली थी मंजूरी यह परियोजना जनवरी 2025 में मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान स्वीकृत की गई थी। उस समय शहर की इस मुख्य सड़क की दुर्दशा को देखते हुए इसके चौड़ीकरण और नवनिर्माण की अनुमति प्रदान की गई थी।
संभल के जिला कलेक्ट्रेट सभागार बहजोई में विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) संबंधी कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जनपद संभल के लिए नियुक्त विशेष रोल प्रेक्षक निखिल गजराज (आईएएस), संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली ने बैठक की अध्यक्षता की। विशेष रोल प्रेक्षक ने बताया कि बैठक का उद्देश्य जनपद में एसआईआर के तहत हुए कार्यों और उनके परिणामों पर प्रतिक्रिया प्राप्त करना था। उन्होंने उल्लेख किया कि यह विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण वर्ष 2003 के बाद हो रहा है, और जनपद की टीम ने इसमें सराहनीय कार्य किया है। प्रेक्षक ने एसआईआर प्रक्रिया के अंतर्गत दावे एवं आपत्तियों को लेकर मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से सुझाव मांगे। उन्होंने एएसडी सूची (अनुपस्थित, स्थानांतरित या मृत मतदाता) और प्रोजेनी (वंशज) पर भी चर्चा की, तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की सक्रियता के संबंध में भी जानकारी ली गई। बैठक में जनपद के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रवार मतदान स्थलों और मतदान केंद्रों के विवरण (विभाजन से पहले और बाद) पर भी चर्चा हुई, जिसके बाद आवश्यक निर्देश जारी किए गए। फॉर्म 6 के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) प्रदीप वर्मा ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बीएलए द्वारा फॉर्म 6 भरने का अनुरोध किया। विशेष रोल प्रेक्षक ने अपर जिलाधिकारी को बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। दावे एवं आपत्तियों से संबंधित नोटिसों को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। परिवार रजिस्टर के विषय में भी जानकारी प्राप्त की गई। बैठक के दौरान, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने जनपद में एसआईआर के तहत किए गए कार्यों की सराहना की। सभी राजनैतिक दलों को पुनरीक्षण अभियान में प्राप्त दावे एवं आपत्तियों से संबंधित सूची, फॉर्म 9, 10, 11, 11ए और 11बी की प्रतियां उपलब्ध कराई गईं। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने आश्वासन दिया कि विशेष रोल प्रेक्षक द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा। बैठक में चंदौसी गुन्नौर संभल एसडीएम, बीजेपी जिलाध्यक्ष चौधरी नरेंद्र सिंह रिंकू, सपा जिलाध्यक्ष असगर अली अंसारी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष आरिफ तुर्की मौजूद रहे।
पंजाब की मोहाली पुलिस ने कबड्डी खिलाड़ी राणा बलाचौरिया की हत्या में शामिल एक आरोपी एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। पुलिस का कहना है कि वे आरोपी करण डिफाल्टर को रात में छाती में दर्द की शिकायत पर अस्पताल ले जा रहे थे। इसी दौरान वह हथकड़ी छुड़वाकर फरार हो गया। रात भर पुलिस उसे तलाश करती रही। शनिवार सुबह वह पुलिस को मिल गया। उसे पकड़ने का प्रयास किया तो उसने हथियार से पुलिस टीम पर हमला कर दिया। जवाबी कार्रवाई में उसे कई गोलियां लगी। घायल होने पर उसे सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। बता दें कि आरोपी करण डिफाल्टर ने ही कुछ समय पहले गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया की मां की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। वह इस मामले में भी वांछित है। पुलिस ने उसे दो दिन पहले ही राणा बलाचौरिया के हत्या के मामले में पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया था। शनिवार को यह एनकाउंटर एयरपोर्ट रोड पर हुआ। हथकड़ी छुड़वाकर फरार हुआ था करन डिफाल्टरमोहाली SSP हरमनदीप सिंह हंस ने बताया कि करन को सीआईए में रखा गया था, उसने देर रात छाती में दर्द की शिकायत की थी। जिसे अस्पताल ले जाया गया था। रात को करीबन 11 बजकर 30 मिनट पर जब पुलिस की गाड़ी डिवाइडर पर चढ़ गई तो पुलिस ने गाड़ी रोककर जांच करनी चाही तो यह हथकड़ी छुड़वाकर फरार हो गया था। सुबह जांच के दौरान वह पुलिस को मिल गया था। उसने पुलिस पर फायरिंग की थी। पुलिस ने जब जवाबी फायरिंग की तो उसके पैर में गोली लग गई। जमीन पर गिरने के बाद भी उसने पुलिस पर फायरिंग की। इसके बाद जवाबी फायरिंग में उसे गोलियां लग गई। उसे पहले निजी अस्पताल ले जाया गया था, यहां से उसे सरकारी अस्पताल चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया, वहां पर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पूरी प्लानिंग से की थी राणा बलाचौरिया की हत्या एसएसपी हरमदीप सिंह हंस के मुताबिक, राणा बलाचौरिया की हत्या में मुख्य रूप से तीन लोग सीधे तौर पर शामिल थे। इनमें करण पाठक उर्फ करण डिफॉल्टर निवासी अमृतसर, तरनदीप सिंह निवासी बरहेवाल, लुधियाना और आकाशदीप सिंह निवासी तरनतारन शामिल हैं। 15 दिसंबर 2025 को आरोपी खरड़ फ्लैट से सीधे सोहाना स्थित कबड्डी कैंप में पहुंचे थे। वहां शाम के समय उन्होंने राणा बलाचौरिया से फोटो (सेल्फी) लेने के बहाने पास आकर सिर में गोली मार दी। यह काम मुख्य रूप से करण पाठक और आदित्य कपूर ने किया था। इसके बाद तरनदीप सिंह उन्हें मोटरसाइकिल पर वहां से लेकर निकाल गया था। फिर सोहाना इलाके में इन्होंने अपना वाहन बदल लिया। इसके बाद वे टैक्सी से पहले पानीपत, फिर दिल्ली पहुंचे। दिल्ली से बैंगलोर, बैंगलोर से मुंबई, मुंबई से कोलकाता और कोलकाता से सिलीगुड़ी गए। पुलिस की टीमें उनके पीछे लगी हुई थीं। जैसे ही वे दोबारा कोलकाता लौटे, वहां पश्चिम बंगाल पुलिस, कोलकाता STF और सेंट्रल एजेंसियों के साथ मिलकर पंजाब पुलिस की AGTF ने उन्हें 12 जनवरी 2026 को हावड़ा स्टेशन के पास गिरफ्तार कर लिया था। कबड्डी खिलाड़ी की रेकी करने वाला भी हो चुका गिरफ्तारएसएसपी के मुताबिक, कबड्डी खिलाड़ी राणा बलाचौरिया की हत्या से पहले अच्छी तरह रेकी की गई थी। आरोपी लगातार नजर रखे हुए थे कि राणा कब कहां जाते हैं, किससे मिलते हैं और उनकी दिनचर्या क्या है। इस रेकी का काम मुख्य रूप से गगन नाम के आरोपी ने किया था। पुलिस गगन को भी गिरफ्तार कर चुकी है। इसके अलावा, इस मामले में एक टैक्सी चालक को भी गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसने हत्यारों को भागने में मदद की थी। उसके पास से गोलियां भी बरामद की गई थी। हम इस खबर को अपडेट कर रहे हैं...
रामनगरिया मेले में घना कोहरा छाया:रंगीन झालरों से जगमगाया तंबुओं का शहर, देर रात तक रही रौनक
फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर लगे मेला श्री रामनगरिया में शुक्रवार-शनिवार की मध्य रात्रि घना कोहरा छा गया। घने कोहरे के बीच गंगा तट पर बसा तंबुओं का शहर एक अलग ही नज़ारा पेश कर रहा था। इस दौरान विभिन्न पंडालों में लगी रंग-बिरंगी झालरें झिलमिलाती हुई चमक रही थीं, जिससे पूरा मेला क्षेत्र दूधिया और हल्की पीली रोशनी में जगमगा उठा। देखें 6 तस्वीर... कोहरे की सघनता इतनी अधिक थी कि मेला क्षेत्र की सड़कों पर दृश्यता 5 मीटर से भी कम रह गई थी। साउंड सर्विस की ओर से लगातार वाहन चालकों को धीमी गति से चलने के लिए अनाउंसमेंट किया जा रहा था, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे के बावजूद भी देर रात तक मनोरंजन क्षेत्र में रौनक बनी रही। बड़ी संख्या में लोग विभिन्न प्रकार के झूलों का आनंद लेने आते रहे। इसके साथ ही, मनोरंजन क्षेत्र के आसपास की दुकानों पर भी ग्राहकों की अच्छी-खासी भीड़ देखी गई। इस दौरान कल्पवासी सर्दी से बचाव के लिए अलाव तपाते दिखाई दिए। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक अलाव का सहारा लेकर सर्दी से निजात पाने के लिए आग के पास ही बैठे दिखे।
भिवानी जिले में करीब डेढ़ लाख हेक्टेयर से अधिक सरसों की बिजाई की है। जबकि सरसों में सफेद रतवा (व्हाइट रेस्ट) ने दस्तक दे दी है। कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) की टीम ने गांवों में जाकर सर्वे किया तो सरसों में इसके लक्षण दिखे। जिसके बाद विशेषज्ञों ने सलाह दी की किसान समय रहते इसका उपचार करें। भिवानी के कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) की जिला विस्तार विशेषज्ञ (कीट विज्ञान) डॉ. मीनू ने कहा कि जिस हिसाब से मौसम चल रहा है। फिलहाल तापमान कम है और नमी ज्यादा है। इस तरह के मौसम की परिस्थिति सरसों में बीमारियां बढ़ने के संकेत काफी ज्यादा हो जाते हैं। सरसों में सफेद रतवा (व्हाइट रेस्ट) आ सकता है। वहीं जिले के कई गांवों में सरसों के अंदर आ चुका है। हमनें कुछ गांवों में निरीक्षण किया तो यह बीमारी मिली। उन्होंने बताया कि जब आप सरसों का पत्ता पलटकर देखेंगे तो सबसे पहले नीचे वाले पत्तों पर सफेद रंगा का प्लास्टर का चढ़ा दिखाई देगा। वह शुरूआती लक्षण हैं। अगर यह लक्षण हम नियंत्रित नहीं करते हैं तो यह आगे चलकर फूल व फलियों तक पहुंचकर पैदावार को कम कर सकता है। इसमें हमें जैसे ही बीमारी के लक्षण दिखें तो मैंकोजेब दवाई का 600 से 800 ग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से 200 से 250 लीटर पानी में इसका घेल बनाकर इसका छिड़काव करना है, प्रति एकड़। यह लक्षण दिखते ही स्प्रे करना है। 25-30 प्रतिशत नुकसान हो सकता हैडॉ. मीनू ने बताया कि अगर शुरूआती अवस्था में कंट्रोल कर लेंगे तो इसका पैदावार पर असर नहीं होगा। अन्यथा यह फूलों पर पहुंच जाएगा, जिससे फूल मुड़ने शुरू हो जाते हैं। इसका फलियों पर भी असर पड़ता है। जिससे दाने नहीं बनेंगे और इससे 25-30 प्रतिशत नुकसान होगा। यह बीमारी मौसम पर आधारित है। मौसम अनुकूल होगा तो बीमारी आएगी, अनुकूल नहीं होगा तो बीमारी नहीं आएगी। अब तापमान कम है और नमी ज्यादा है तो यह बीमारी अभी आएगी। फरवरी में जब मौसम गर्म हो जाएगा तो यह बीमारी नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि बीमारी आने से पहले यही सावधानी है कि किसान खेत में निरंतर निगरानी रखें। यदि कोई पौधा लक्षण तो नहीं दिखा रहा, किसी प्रकार का। निरीक्षण के दौरान किसी बीमारी या कीट के लक्षण दिखें तो तुरंत कृषि अधिकारी या फिर कृषि विज्ञान केंद्र में संपर्क करके निदान कर सकते हैं।
अजमेर के गेगल थाना क्षेत्र में एक महिला से रेप का मामला सामने आया है। पीड़िता ने एक युवक पर शादी का झांसा देकर रेप करने का आरोप लगाया है। साथ ही पीड़िता की ओर से मुख्य आरोपी के भाई पर भी रेप करने और पिता द्वारा छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत पर गेगल थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गेगल थाना पुलिस के अनुसार पीड़िता ने शिकायत देकर बताया कि वर्ष 2025 में उसे शादी का झांसा देकर एक युवक के द्वारा करीब 6 महीने तक रेप किया गया। आरोपी के भाई के द्वारा भी उसके साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया गया। पीड़िता ने बताया कि जब उसने इसका विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़िता ने बताया कि आरोपी के कृत्य से वह प्रेग्नेंट हो गई। इसकी जानकारी जब दोनों आरोपियों पिता को दी तो पिता के द्वारा भी उसे धक्का देकर नीचे गिरा दिया। उसके साथ छेड़छाड़ की गई। गूगल थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
हाथरस जिले के सादाबाद में शनिवार सुबह करीब 9 बजे घने कोहरे के कारण दो अलग-अलग सड़क हादसे हुए। मथुरा मार्ग पर नगला सकत सिंह के पास दो स्कूली वाहनों की आमने-सामने टक्कर हो गई। जिसमें एक बच्चा घायल हो गया। वहीं, जैतई मार्ग पर एक ट्रक सड़क किनारे फिसलकर कच्चे रास्ते में उतर गया। टक्कर के बाद बच्चों की चीख-पुकार मची जानकारी के अनुसार, स्कूलों की छुट्टियां खत्म होने के बाद शनिवार से नियमित रूप से स्कूल वाहन बच्चों को लाने-ले जाने का काम कर रहे थे। सुबह घना कोहरा होने के कारण दृश्यता बेहद कम थी। नगला सकत सिंह के पास दोनों स्कूली वाहनों के चालकों को एक-दूसरे का वाहन समय पर दिखाई नहीं दिया, जिससे टक्कर हो गई। टक्कर के बाद बच्चों में चीख-पुकार मच गई। हादसे में एक बच्चा घायल हो गया, जिसे तुरंत एक निजी क्लिनिक ले जाया गया। चिकित्सकों ने बताया कि बच्चे की हालत स्थिर है और उसे गंभीर चोटें नहीं आई हैं। सादाबाद-जैतई मार्ग पर घने कोहरे से हादसा इसी दौरान, सादाबाद-जैतई मार्ग पर भी घने कोहरे के चलते एक ट्रक सड़क किनारे फिसलकर कच्चे रास्ते में उतर गया। चालक और क्लीनर को सामने कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। हालांकि, ट्रक किसी पेड़ या अन्य वाहन से नहीं टकराया, जिससे चालक और क्लीनर सुरक्षित रहे। मार्गों पर वाहनों की लगी लंबी कतारें शनिवार सुबह से ही पूरे क्षेत्र में कोहरे की घनी चादर छाई रही। वाहन चालकों को हेडलाइट और फॉग लाइट जलाकर धीमी गति से चलना पड़ा, जिससे कई मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात बाधित हुआ। कोहरे और कड़ाके की ठंड ने आम जनजीवन को भी प्रभावित किया। लोग अलाव जलाकर ठंड से बचने का प्रयास करते दिखे। ग्रामीण इलाकों में खेतों और संपर्क मार्गों पर देर तक कोहरा छाया रहा।
भीलवाड़ा जिले के कारोई थाना क्षेत्र में खेतों से पानी की मोटर चोरी के मामलों का पुलिस ने खुलासा किया है। कारोई थाना पुलिस ने जांच के बाद छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से छह पानी की मोटर, केबल और वारदात में इस्तेमाल किया गया टेंपो जब्त किया है। यह कार्रवाई जनवरी में दर्ज शिकायतों के आधार पर की गई। खेत से मोटर चोरी की दर्ज हुई थी रिपोर्ट कारोई थाना प्रभारी महावीर प्रसाद ने बताया कि 11 जनवरी को दौलतपुरा निवासी बबलू गुर्जर ने थाने में रिपोर्ट दी थी। शिकायत में बताया गया कि उसकी कृषि भूमि डोलपुरा में कुएं पर लगी पानी की मोटर 4 जनवरी को अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। आसपास के खेतों से भी हुई थीं चोरी की वारदातें शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि पास ही स्थित भंवरलाल गुर्जर और कैलाश गुर्जर के खेतों से भी कुछ दिन पहले पानी की मोटर चोरी हो चुकी थी। इसके अलावा आसपास के कई किसानों के कुओं से मोटर और केबल चोरी की घटनाएं सामने आई थीं। 100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले लगातार हो रही चोरी की वारदातों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान टीम ने 100 से 150 सीसीटीवी फुटेज खंगाले, रूट चार्ट तैयार किया और पहले से चालानशुदा अपराधियों से पूछताछ की। छह आरोपियों की गिरफ्तारी, सामान बरामद जांच के बाद पुलिस ने कुओं से मोटर और केबल चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके पास से चोरी की छह पानी की मोटर, केबल और वारदात में इस्तेमाल किया गया टेंपो जब्त किया है। इन आरोपियों को किया गिरफ्तार पुलिस ने कैलाश चंद्र (28) पिता भवर भील निवासी कारोई, सुरेश (23) पिता तेजू भील निवासी कारोई, पप्पू (22) पिता शंकर भील निवासी कारोई, राकेश निवासी कारोई और रतन (19) पिता भेरुलाल भील निवासी कारोई को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी में शामिल रही पुलिस टीम आरोपियों को पकड़ने वाली टीम में कारोई थाना प्रभारी महावीर प्रसाद, हेड कांस्टेबल दिनेश, कांस्टेबल हेमेंद्र, जितेंद्र, रामचंद्र, युवराज और धर्मवीर शामिल रहे। पहले से दर्ज हैं कई मामले पुलिस के अनुसार गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग थानों में पहले से भी मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों से डिटेल पूछताछ कर रही है और अन्य चोरी की वारदातों के खुलासे की संभावना जताई जा रही है।

