रायपुर में बाथरूम में खोदे गए सेप्टिक टैंक के गड्ढे में गिरकर 5 साल की बच्ची की मौत हो गई। बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे। बच्ची को गड्ढे से बाहर निकाला। निजी अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बच्ची की मौत हो चुकी थी। मामला मोवा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक मृत बच्ची का नाम रिया महिलांग है। महासमुंद जिले के पटेवा गांव की रहने वाली थी। अपनी मौसी की गोदभराई कार्यक्रम में अपने पिता एलन और मां धनेश्वरी महिलांग के साथ रायपुर आई थी। टॉयलेट गई थी, तभी हादसे का शिकार हो गई। अब सिलसिलेवार पढ़िए हादसे की पूरी कहानी दरअसल, शनिवार दोपहर 1 बजे बच्ची टॉयलेट गई थी। इस दौरान उसकी नानी भी वहां मौजूद थी, लेकिन नानी बाथरूम के बाहर पानी लाने गई। बच्ची टॉयलेट से उठकर बाथरूम में आ गई। यहां सेप्टिक टैंक में गड्ढा था। बच्ची का पैर बोरी में फंस गया। वह सीधे सेप्टिक टैंक के गड्ढे में गिर गई। इस दौरान बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सेप्टिक टैंक से बच्ची को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। बच्ची को फौरन नजदीकी निजी अस्पताल लेकर गए, लेकिन डॉक्टर्स ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। 2 गड्ढे किए गए थे, लेकिन बोरी से ढककर छोड़ दिया था पुलिस के मुताबिक किराएदारों के कहने पर 4 दिन पहले मकान मालिक जीवनलाल कुर्रे ने टॉयलेट का गंदा पानी निकलवाने के लिए बाथरूम में एक गड्ढा करवाया था। इसके बाद उन्होंने उस गड्ढे को एक बोरी से ढंककर छोड़ दिया था। बाथरूम में कोई दरवाजा भी नहीं था, जिससे वह खुला रहता था। गड्ढे को जिस बोरी से ढंका गया था, उसी बोरी में बच्ची का पैर फंस गया था। इसी वजह से बच्ची गड्ढे में गिर गई। भास्कर की टीम मौके पर पहुंची, तो पाया कि बाथरूम के बाहर भी एक गड्ढा खोदा गया है, जिसे बिना ढके छोड़ दिया गया है। इससे कोई भी अनहोनी हो सकती है। 2025 में दो घटनाओं में 3 बच्चों की मौत पिछले साल 2025 में इस तरह की दो घटनाओं में तीन बच्चों की मौत हुई थी। पहली घटना 11 नवंबर 2025 को हुई थी। जिसमें रायपुर के सरकारी स्कूल के पास 2 बच्चे खेलते-खेलते सड़क किनारे बने पानी से भरे गड्ढे में गिर गए। दोनों बच्चे मौसेरे भाई थे। गड्ढे की गहराई ज्यादा होने के कारण वे बाहर नहीं निकल पाए। डूबने से उनकी मौत हो गई। मृतकों में सत्यम (8 साल) और आलोक (7 साल) शामिल थे। ये दोनों बच्चे अपनी मौसी के बेटे के जन्मदिन के मौके पर यहां आए थे। यह गड्ढा फॉर्च्यून डेवलपर्स (बिल्डर) द्वारा खुदवाया गया था, लेकिन उसे भरा नहीं गया था। एक बच्चे की मौत, 2 को बचाया गया वहीं, दूसरी घटना 13 अप्रैल 2025 की है। यह हादसा रायपुर के ईडब्ल्यूएस कॉलोनी गुलमोहर पार्क, रामनगर में हुआ था। निगम की ओर से खोदे गए गड्ढे में 3 बच्चे गिर गए थे। इसमें से एक बच्चे की जान चली गई, जबकि स्थानीय लोगों की मदद से 2 बच्चों को किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। रायपुर में हुआ था ऐसा ही हादसा गुलमोहर पार्क वाली घटना से एक दिन पहले यानि 12 अप्रैल 2025 को भी ऐसा ही हादसा हुआ था। शनिवार की रात छत्तीसगढ़ नगर स्थित शीतला मंदिर के पास 3 साल का बच्चा खुले गड्ढे में गिर गया था। गनीमत रही कि सड़क से गुजर रहे एक बाइक सवार ने बच्चे को डूबता देख लिया। इस दौरान समय रहते बाइक सवार ने गड्ढे में कूदकर उसे बचा लिया। शीतला मंदिर के पास हुए हादसे में भी गड्ढा निगम की ओर से खोदा गया था। यहां गंदे पानी की शिकायत के बाद गड्ढा खोदा गया लेकिन उसे खुला ही छोड़ दिया गया था। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। ........................................ इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें गड्ढे में डूबे 2 भाई...48 घंटे बाद भी कार्रवाई नहीं:रायपुर में फॉर्च्यून डेवलपर्स ने खुदवाया था, भरा नहीं; रो-रोकर बेसुध हुई मां रायपुर के सरकारी स्कूल के पास 2 बच्चे खेलते-खेलते सड़क किनारे बने पानी से भरे गड्ढे में गिर गए। दोनों बच्चे मौसेरे भाई थे। गड्ढे की गहराई ज्यादा होने के कारण वे बाहर नहीं निकल पाए और डूबने से उनकी मौत हो गई। मृतकों में सत्यम (8 साल) और आलोक (7 साल) शामिल थे। ये दोनों बच्चे अपनी मौसी के बेटे के जन्मदिन के मौके पर यहां आए थे। पढ़ें पूरी खबर... ........................................................................................................................................................................................... रायपुर में सीवरेज गड्ढे में डूबे 3 बच्चे..1 की मौत:गुस्साए लोगों ने निगम के खिलाफ की नारेबाजी; एक दिन पहले भी ऐसा ही हादसा रायपुर में खुले गड्ढे एक बच्चे के लिए मौत का गड्ढा बन गया। रविवार को गुलमोहर पार्क कॉलोनी में सीवरेज टैंक के गड्ढे में 3 बच्चे डूब गए। इसमें से एक बच्चे की जान चली गई। ये गड्ढा नगर निगम की ओर से खोदा गया था। पढ़ें पूरी खबर
छत्तीसगढ़ में हिंदू और ईसाई समुदाय के बीच टकराव बढ़ता ही जा रहा है। इसमें एक ही पैटर्न है धर्मांतरण, मतांतरण और प्रार्थना सभा। ये टकराव अक्सर संडे को ही देखने को मिलता है। इस पैटर्न से निपटने पुलिस और प्रशासन की टीम शुक्रवार-शनिवार से ही हाई अलर्ट पर रहती है। भास्कर डिजिटल की टीम ने हिंदू-ईसाई समाज के बीच टकराव के पैटर्न की पड़ताल की। इस दौरान पता चला कि पिछले 5 साल में हिंदू और ईसाई समुदाय के बीच 200 से ज्यादा बवाल हुए हैं। 60 से ज्यादा FIR हुईं हैं। बस्तर समेत 19 जिलों में ज्यादा टकराव देखने को मिला है। प्रदेश में पिछले 5 साल में हुए बवाल में कांकेर में शव दफनाने को लेकर हिंसा, दुर्ग रेलवे स्टेशन से 2 मिशनरी सिस्टर्स की गिरफ्तारी, रायपुर में देवी-देवताओं को यीशु से छोटा बताना, बिलासपुर में प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण के आरोप समेत अन्य मामले शामिल हैं। इस रिपोर्ट में विस्तार से पढ़िए, कब-कहां बवाल हुआ, कौन से जिले विवाद के हॉटस्पॉट हैं ? अब जानिए किन जिलों में सबसे ज्यादा बवाल छत्तीसगढ़ में ईसाई समाज के लोग 19 जिलों में एक्टिव हैं। प्रार्थना सभा और चर्च चला रहे हैं। इनमें कुछ चर्च रजिस्टर्ड हैं, कुछ चर्च घरों से ही चल रहे हैं। इसी को लेकर धर्मांतरण-मतांतरण मुद्दे पर हिंदू संगठन और मसीही समाज के बीच टकराव की स्थिति बनती है। प्रदेश में धर्मांतरण-मतांतरण और प्रार्थना सभा को लेकर सबसे ज्यादा विवाद बस्तर संभाग में हुआ है। बस्तर, कोंडागांव, नारायणपुर, कांकेर और सुकमा जिले कथित धर्मांतरण और अंतिम संस्कार (दफनाने) को लेकर होने वाले विवादों के हॉटस्पॉट हैं। इसके साथ ही कोरबा, बलरामपुर, महासमुंद, दुर्ग और बिलासपुर में सबसे ज्यादा बवाल हुआ है। इन्हीं जिलों में सबसे ज्यादा FIR भी हुई है। इसके अलावा सबसे कम विवाद की बात करें तो सरगुजा और सूरजपुर जिला शामिल है। संडे को ही क्यों भिड़ रहे हिंदू-ईसाई समाज दरअसल, रविवार को ईसाई समुदाय के लोग प्रार्थना सभाएं आयोजित करते हैं। यीशु मसीह की पूजा और धार्मिक कथा सुनाई जाती है। पास्टर इन सभाओं में धार्मिक उपदेश देते हुए यीशु मसीह से जुड़ी शिक्षाएं और कहानियां बताते हैं। इसे सुनने के लिए उनके अनुयायी आते हैं। अधिकतर केसेस में देखा गया है कि सभाओं में हिंदू समुदाय के लोगों को भी बुलाया जाता है। इनमें बच्चे, युवा, महिलाएं और पुरुष शामिल होते हैं। ऐसे में जब हिंदू संगठन के लोग इन सभाओं में शामिल होते हैं या उन्हें विरोध करते हुए वहां पहुंचते हैं, तो टकराव की स्थिति बन जाती है। इस दौरान कई बार इन प्रार्थना सभाओं को लेकर कड़ी कार्रवाई की मांग उठती है। दोनों समुदायों के लोग आमने-सामने आ जाते हैं। हिंदू और ईसाई दोनों समुदायों के बीच यह टकराव पुलिस के लिए चुनौती बन जाता है। प्रशासन को स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ता है। दूसरे समुदायों की प्रार्थना सभाओं पर हमला हो रहा- वरिष्ठ पत्रकार सुनील कुमार वरिष्ठ पत्रकार सुनील कुमार ने कहा कि अगर किसी को लगता है कि हर रविवार को दो समुदायों के बीच टकराव हो रहा है, तो यह गलत है। यह एक समुदाय के आक्रामक तेवर वाले दल का हमला दूसरे समुदायों की प्रार्थना सभाओं पर हो रहा है। यह हमला लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि यह बात याद रखना चाहिए कि बस्तर में नक्सलियों से लड़ने के लिए जब भाजपा और कांग्रेस की साझेदारी में सलवा जुडूम शुरू हुआ था, तो वह इसी तरह का डेलीगेटेड, आउटसोर्स किया हुआ पावर था, जिसने सब कुछ तबाह किया था। इसलिए सरकार को खुद कार्रवाई करनी चाहिए। अगर लगता है कि कुछ गलत हो रहा है। अब पढ़िए छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण-मतांतरण, प्रार्थना सभा पर 10 बड़ी घटनाएं केस-1: जिला: दुर्ग तारीख: 20 जुलाई 2025 घटना की वजह: धर्मांतरण को लेकर जमकर बवाल हुआ। 20 जुलाई 2015 को छत्तीसगढ़ के भिलाई के कैलाश नगर में कथित धार्मिक धर्मांतरण को लेकर बड़ा हंगामा हुआ। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक चर्च के बाहर ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया। चर्च के सदस्यों पर जबरदस्ती धर्मांतरण कराने का आरोप लगाया। मामला जामुल पुलिस स्टेशन इलाके का है। इस दौरान बजरंग दल के विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस लगभग 100-150 लोगों को चर्च से एक बस में बिठाकर पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन ले गई। हालांकि इसके बाद ईसाई समाज के लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था, लेकिन टकराव की स्थिति बनी रही। केस-2: जिला: रायपुर तारीख: 10 अगस्त 2025 घटना की वजह: रायपुर के सरस्वती नगर इलाके में 10 अगस्त की सुबह सरस्वती नगर थाना क्षेत्र के कुकुर बेड़ा में हिंदू संगठनों ने एक मकान का घेराव कर दिया। हिंदू संगठन ने ईसाई समाज के लोगों पर प्रार्थना सभा की आड़ में धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया। इस दौरान पुलिस ने मौके से एक महिला समेत 3 संदेहियों को हिरासत में लिया। जिन संदेहियों को मौके पर पकड़ा गया। उनके साथ थाना परिसर में पुलिसकर्मियों के सामने मारपीट भी हुई। ईसाई समुदाय के लोगों ने भी हिंदू समाज के लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। केस-3: जिला: रायपुर तारीख: 4 अक्टूबर 2025 घटना की वजह: रायपुर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के परशुराम नगर में एक महिला का बीमारी ठीक करने के बाद ब्रेनवॉश किया गया। फिर उसका धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाकर उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई। बजरंग दल के प्रदर्शन के बाद राजेंद्र नगर पुलिस ने 6 लोगों को हिरासत में लिया। बजरंग दल ने उक्त मामले में थाने का भी घेराव किया था। इसके बाद पुलिस ने जांच कर कार्रवाई की थी। केस-4: जिला: रायपुर तारीख: 31 जनवरी 2025 घटना की वजह: रायपुर के पंडरी के मितान विहार में चंगाई सभा में धर्मांतरण और हिंदू देवी-देवताओं के अपमान पर जमकर बवाल हुआ। दावा किया गया था, कि चंगाई सभा में 4 हिंदू परिवारों का धर्मांतरण कराया जा रहा था, लेकिन उसके पहले ही बजरंग दल और RSS के कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया। विवाद के बाद मोवा थाने में एफआईआर दर्ज हुई और पादरी कीर्ति केशरवानी सहित पुलिस ने तीन लोगों को अरेस्ट किया। इसके बाद हिंदू संगठन के लोग शांत हुए। केस-5: जिला: बिलासपुर तारीख: 27 जुलाई घटना की वजह: बिलासपुर जिले में स्थित बंधवापारा इमलीभाठा जोगी आवास स्थित प्रीति भवन में 2 महिलाओं ने प्रार्थना सभा का आयोजन किया था। जहां बड़ी संख्या में महिलाएं अपने बच्चों को लेकर पहुंची थी।हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया। साथ ही बंधवापारा इमलीभाठा में जमकर हंगामा मचाया। इसके बाद थाने में सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सरकंडा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दो महिलाओं को पकड़ा। उक्त मामले में अवैध चर्च पर भी कार्रवाई की गई थी। केस-6: जिला: बिलासपुर तारीख: 18 अगस्त 2025 घटना की वजह: बिलासपुर जिले के सकरी थाना इलाके में अवैध चर्च पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाया। सरकारी जमीन पर चर्च बनाया गया था। कार्रवाई पर ईसाई समाज के लोगों ने बताया कि ये चर्च नहीं है, जिसे प्रशासन की टीम ने तोड़ा है, वह घर है। बच्चों की भविष्य को लेकर मकान बनाया था। इसी तरह से कई लोगों के घर हैं, जो सरकारी जमीन पर बने हैं, लेकिन हमारे घर को ही टारगेट किया। विरोध कर तोड़ा गया। इस कार्रवाई से एक दिन पूर्व पुलिस ने हिंदू संगठन की शिकायत पर पास्टर समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया था। केस-7: जिला: कोरबा तारीख: 14 दिसंबर 2025 घटना की वजह: कोरबा जिले के सुतर्रा गांव में ईसाई समुदाय के लोगों ने खेत में पंडाल लगाकर प्रार्थना सभा का आयोजन किया था। सभा को पास्टर बजरंग जायसवाल लीड कर रहे थे। आरोप है कि वह ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन करा रहे थे। सरपंच की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की। घटना के दौरान बजरंग दल ने प्रदर्शन किया। केस- 8: जिला: कोरबा तारीख: 8 नवंबर 2025 घटना की वजह: कोरबा जिले में धर्मांतरण को लेकर रूमगड़ा न्यू शांति नगर बस्ती में हिंदू संगठनों और ईसाई समाज के बीच विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों में लात-घूंसे चले और बाद में सड़क जाम कर कार्रवाई की मांग की गई। हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि एक निजी मकान में क्रिश्चियन कमेटी द्वारा धर्मांतरण की प्रक्रिया चल रही थी। धर्मांतरण की खबर मिलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन करने लगे। केस- 9: जिला: बालोद तारीख: 8 दिसंबर घटना की वजह: बालोद जिले में एक धर्मांतरित बुजुर्ग के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। करीब चार घंटे तक चले तनाव और प्रशासन के दखल के बाद परिजन मृतक को उसकी निजी जमीन पर दफनाने के लिए तैयार हुए। मामला गुंडरदेही थाना क्षेत्र के ग्राम परसदा का था। हिंदू संगठन के विरोध के बाद धर्मांतरित लच्छन साहू के शव को निजी जमीन पर दफनाया गया था। केस- 10: जिला: कांकेर तारीख: 18 दिसंबर 2025 घटना की वजह: कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र के बड़े तेवड़ा गांव में शव दफनाने को लेकर आदिवासी और धर्मांतरित समुदाय के बीच हिंसक झड़प हुई थी। आदिवासी समाज के लोग ईसाइयों को डंडे मारकर भगा रहे थे। धर्मांतरित समुदाय के लोगों ने आदिवासी समाज के लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। वहीं हमले से गुस्साए आदिवासियों ने सरपंच के घर में तोड़फोड़ कर दी। गांव के चर्च में आग लगा दी। ग्रामीण इसके बाद भी नहीं रुके। 3 हजार से ज्यादा की भीड़ आमाबेड़ा पहुंच गई। यहां भी एक चर्च को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया। घटना में कई ग्रामीण, कवरेज कर रहे कुछ पत्रकार और ASP अंतागढ़ आशीष बंछोर समेत 20 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। विवाद तब शुरू हुआ जब गांव के सरपंच रजमन सलाम के पिता चमरा राम की मृत्यु के बाद उनका शव गांव में ही दफना दिया गया था। अब समझिए धर्मांतरण और मतांतरण के बारे में धर्मांतरण: धर्मांतरण किसी ऐसे नये धर्म को अपनाने का कार्य है, जो धर्मांतरित हो रहे व्यक्ति के पिछले धर्म से अलग हो। धर्मांतरित व्यक्ति के साथ-साथ धर्मांतरण कराने वाले शख्स द्वारा जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष 60 दिन पहले धर्मांतरण के इरादे की घोषणा करनी होती है। पूरी प्रक्रिया के होने के बाद धर्मांतरण होता है। इसमें दूसरा धर्म अपनाने वाला व्यक्ति को अपना सरनेम बदलना होता है। मतांतरण: मतांतरण यानि मत में परिवर्तन होने की क्रिया या भाव को मत परिवर्तन, धर्म परिवर्तन कहते हैं। लेकिन सरकारी कागजों में इसका कोई रिकॉर्ड नहीं होता। कई बार किसी 'विशेष जाति' के लोग, जो ये महसूस करते हैं कि समाज में उन्हें उचित दर्जा नहीं मिल रहा है, तो वे मतांतरण कर लेते हैं। मतांतरण के बाद शख्स अपनाए गए धर्म की आस्था और मान्यताओं का पालन करने लगता है। छत्तीसगढ़ में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम लागू, लेकिन सरकार ने नया ड्राफ्ट किया तैयार छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 1968 लागू हो इस अधिनियम के तहत छत्तीसगढ़ में मौजूदा धर्म स्वतंत्रता कानून के तहत 'बल पूर्वक' धर्मांतरण कराने पर किसी व्यक्ति या व्यक्तियों को एक साल की कैद या पांच हज़ार रुपए जुर्माना या फिर दोनों सजाएं साथ-साथ दिए जाने का प्रावधान है। इस नियम को और सख्त साय सरकार कर रही है। तीन राज्यों की स्टडी करके सरकार ने फरवरी 2024 में एक मसौदा तैयार करवाया है। इस नए कानून में 17 प्वाइंट्स को शामिल किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, विधानसभा में इसे पेश करने से पहले कुछ संशोधन होगा। नया कानून लागू होते ही धर्म परिवर्तन से पहले सूचना देनी होगी। ड्राफ्ट के अनुसार यदि प्रलोभन, बल, विवाह या कपटपूर्ण तरीके से किसी व्यक्ति का धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है, तो धर्मांतरण अवैध माना जाएगा। साथ ही धर्मांतरण के बाद, व्यक्ति को 60 दिनों के भीतर एक और डिक्लेरेशन फॉर्म भरना होगा। इसका सत्यापन कराने के लिए उसे स्वयं जिला प्रशासन के अधिकारियों के सामने पेश होना पड़ेगा। धर्मांतरण के बाद व्यक्ति यदि इस नियम का पालन नहीं करता, तो जिला प्रशासन के अधिकारी उसके धर्मांतरण को अवैध करार दे सकते हैं। छत्तीसगढ़ की 19 सीटों में ईसाई मतदाताओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका दरअसल, राज्य की 90 में से सरगुजा संभाग और उससे लगी हुई विधानसभा की 19 सीटों पर ईसाई मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। जशपुर जिले में तो ईसाई मतदाता ही विधानसभा में जीत-हार का फैसला करते हैं।
छत्तीसगढ़ में सामने आए धर्मांतरण के मामलों में इस बार जो तस्वीर उभरकर आई है, वह किसी एक गांव, चर्च या प्रार्थना सभा तक सीमित नहीं है। जांच में यह मामला एक संगठित कन्वर्जन नेटवर्क से जुड़ा पाया गया है, जिसमें लोगों को जोड़ने, उन्हें ट्रेनिंग देने और प्रमोशन तक का पूरा सिस्टम तैयार किया गया था। इस मॉडल में धर्म नहीं, बल्कि इंसानों को टारगेट की तरह देखा गया। इस नेटवर्क का मुख्य फोकस समाज के सबसे कमजोर तबकों पर था। अनाथ बच्चे, विधवा महिलाएं, भिखारी और फुटपाथ पर रहने वाले लोगों की पहचान कर उन्हें नेटवर्क से जोड़ा जाता था और धीरे-धीरे मानसिक रूप से तैयार किया जाता था। पुलिस का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क को ऑपरेट करने की जिम्मेदारी डेविड चाको के पास थी। राजनांदगांव जिले के धर्मापुर गांव में बनाए गए आश्रम और चर्च की इमारत को नेटवर्क का ऑपरेशनल बेस बनाया गया था। यहीं से पूरे प्रदेश में कन्वर्जन से जुड़ी गतिविधियों की डिजिटल मॉनिटरिंग, टारगेट तय करने और प्लानिंग की जाती थी। मामले में पुलिस ने डेविड चाको के खिलाफ छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 1968 की धारा 3, 4 और 5 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस रिपोर्ट में पढ़िए, कैसे डेविड चाको ने कमजोर वर्गों को टारगेट बनाकर पूरे प्रदेश में धर्मांतरण का नेटवर्क तैयार किया:- पहले ये दो तस्वीर देखिए... धर्मापुर: शांत गांव, जहां बाहर से देखने पर सब सामान्य लगता है दैनिक भास्कर की टीम जब धर्मापुर गांव पहुंची, तो पहली नजर में यह गांव किसी बड़े विवाद का केंद्र नहीं लगा। करीब 650 की आबादी वाला यह छोटा सा गांव चारों तरफ खेतों और कच्चे-पक्के रास्तों से घिरा है। दोपहर के वक्त गांव का चौराहा शांत था। कुछ लोग पेड़ की छांव में बैठे थे, वहीं से बातचीत शुरू हुई। गांव में कोई हड़बड़ी नहीं थी, न कोई पुलिस की तैनाती, न कोई तनाव। लेकिन बातचीत शुरू होते ही साफ हो गया कि पुलिस की रेड के बाद गांव में यह चर्चा जरूर फैल चुकी है कि यहां से पूरे प्रदेश का कन्वर्जन नेटवर्क ऑपरेट हो रहा था। गांव वालों से दूरी बनाए रखते थे गांव के चौराहे पर मिले पुंदेव शर्मा ने बताया कि डेविड चाको और उसके साथ रहने वाले लोग गांव के किसी भी व्यक्ति से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे। उन्होंने कहा कि कुछ नाबालिग लड़के और लड़कियां उनके साथ रहते थे, जो गांव के स्कूल में पढ़ते थे। साथ बैठे हेमंत नेताम ने कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि डेविड चाको किसी बड़े कन्वर्जन नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। गांव के युवक खिलेश्वर बघेल ने बताया कि डेविड चाको की गतिविधियां उन्हें पहले से ही संदिग्ध लगती थीं। उनके यहां रोजाना लोग आते-जाते थे, लेकिन यह आवाजाही ज्यादातर रात के समय होती थी। जमीन से मकान तक की पूरी टाइमलाइन इसके बाद भास्कर की टीम ग्राम पंचायत पहुंची, जहां सरपंच कोमल सिंह टंडन से मुलाकात हुई। पंचायत भवन में बैठे टंडन ने पूरी टाइमलाइन विस्तार से बताई। सरपंच के मुताबिक, डेविड चाको मार्च 2022 में उनके पास आया था। उसने बताया था कि वह राजनांदगांव के नेहरू नगर का रहने वाला है और शहर छोड़कर गांव में बसना चाहता है। उसने गांव में किसी किसान से जमीन खरीदने की इच्छा जताई थी और मकान निर्माण के लिए आवेदन दिया था। प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायत की ओर से उसे एनओसी दी गई। टंडन ने बताया कि जमीन लेने में करीब छह से सात महीने का वक्त लगा और उसके बाद मकान बनने में चार से पांच साल लग गए। अक्टूबर महीने में मकान की ओपनिंग हुई, जिसके बाद डेविड चाको यहां आकर रहने लगा। नाबालिग बच्चे और उनकी कहानी गांव में चर्चा का एक बड़ा विषय वे नाबालिग बच्चे हैं, जो डेविड चाको के साथ रहते थे। गांव वालों ने बताया कि ये बच्चे पहले गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चमेली साहू के घर किराए पर रहते थे। इसकी पुष्टि के लिए भास्कर की टीम चमेली साहू के घर पहुंच। चमेली ने बताया कि जुलाई 2023 में डेविड चाको चार बच्चों को लेकर उनके घर आया था। उसने कहा था कि इन बच्चों की पढ़ाई गांव में करानी है और दो महीने तक किराए पर रहने की बात कही थी। चमेली के मुताबिक, दो महीने की बात कहकर करीब दो साल गुजर गए। बच्चे उनके घर में ही रहते रहे। बाद में, अक्टूबर महीने में जब डेविड चाको की बिल्डिंग बन गई, तब बच्चों को वहां शिफ्ट कर दिया गया। कौन थे ये बच्चे चमेली साहू ने बताया कि उनके घर में तीन नाबालिग लड़कियां और एक लड़का रहते थे। दो लड़कियां पास के सरकारी स्कूल में पढ़ती थीं, जिनमें से एक 10वीं और दूसरी 11वीं कक्षा में थी। लड़का गांव के ही प्राथमिक स्कूल में 6वीं कक्षा में पढ़ता था। चमेली ने बताया कि दो साल तक साथ रहने के बावजूद बच्चे किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे। कौन है डेविड चाको, जिसके हाथ में था पूरे नेटवर्क का संचालन पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे कन्वर्जन नेटवर्क को ऑपरेट करने वाला डेविड चाको मूल रूप से केरल के एरनाकुलम जिले का रहने वाला है। बीते कई वर्षों से वह छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में रह रहा था और यहीं से उसकी गतिविधियां संचालित हो रही थीं। पुलिस के मुताबिक डेविड चाको का लाइफ पैटर्न सामान्य स्थानीय व्यक्ति जैसा नहीं था। जानकारी के अनुसार वह छह महीने भारत और छह महीने अमेरिका में रहता था, जिससे उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को लेकर भी जांच की जा रही है। पुलिस को डेविड चाको की कई तस्वीरें और डिजिटल रिकॉर्ड मिले हैं, जिनमें वह प्रार्थना सभाओं में पास्टर की भूमिका में नजर आता है। इन तस्वीरों में वह धार्मिक उपदेश देते हुए दिखाई देता है। इसके अलावा डेविड की कुछ तस्वीरें तालाबों और खुले जलस्रोतों में बपतिस्मा (बेप्टिज्म) कराते हुए भी सामने आई हैं, जो उसके सक्रिय धार्मिक प्रचार में शामिल होने की पुष्टि करती हैं। डेविड चाको सिर्फ प्रचारक नहीं, पूरे नेटवर्क का ऑपरेटर पुलिस अधिकारियों के मुताबिक डेविड चाको कोई नया चेहरा नहीं है। धमतरी और दुर्ग जिलों में भी पहले प्रार्थना सभाओं को लेकर उसके साथ विवाद हो चुके हैं। इन मामलों में स्थानीय स्तर पर आपत्ति और विरोध की स्थिति बनी थी, हालांकि तब कोई बड़ा मामला दर्ज नहीं हो पाया था। अब मौजूदा केस में सामने आए डिजिटल दस्तावेज, नेटवर्किंग मॉडल और फाइनेंशियल रिकॉर्ड के बाद पुलिस डेविड चाको की भूमिका को केवल स्थानीय प्रचारक नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क के ऑपरेटर के तौर पर देख रही है। पुलिस का कहना है कि डेविड चाको की विदेश यात्राएं, उसकी डिजिटल गतिविधियां और अलग-अलग जिलों में सक्रियता इस बात की ओर इशारा करती हैं कि वह लंबे समय से एक संगठित और योजनाबद्ध तरीके से नेटवर्क को खड़ा कर रहा था, जिसकी कड़ियां अब जांच में सामने आ रही हैं। प्रदेशभर के नेटवर्क की प्लानिंग राजनांदगांव की पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के मुताबिक, नेटवर्क ने सिर्फ मौजूदा गतिविधियों तक खुद को सीमित नहीं रखा था, बल्कि भविष्य के लिए भी बड़े टारगेट तय कर रखे थे। इन टारगेट्स को हासिल करने के लिए बाकायदा ट्रेनिंग दी जा रही थी, जिससे यह साफ होता है कि नेटवर्क लंबे समय की योजना के तहत काम कर रहा था। पुलिस का कहना है कि धर्मापुर गांव में चर्च की इमारत जरूर बन चुकी थी, लेकिन यहां खुले तौर पर कन्वर्जन की गतिविधियां शुरू नहीं हुई थीं। यह जगह मुख्य रूप से पूरे प्रदेश में चल रहे नेटवर्क की मॉनिटरिंग और प्लानिंग का केंद्र थी। बरामद डिजिटल दस्तावेज, प्रेजेंटेशन और फाइनेंशियल रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ रही है। इससे जुड़ी ये तस्वीरें देखिए...
जल आपूर्ति व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए क्लाउड बेस्ड रिमोट मॉनिटरिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम बनाया जाएगा। यह व्यवस्था रिमोट सेंसर आधारित होगी, जिसमें हर कनेक्शन में पानी आपूर्ति, टीडीएस, गंगाजल, नलकूप और रैनीवेल संचालन की जानकारी का आंकड़ा जल्द मिलेगा। इसके लिए कंपनी का चयन इसी सप्ताह कर लिया जाएगा। छह जनवरी तक आवेदन मांगे गए थे। जिसमें एक ही कंपनी आई। ये तीसरी बार आवेदन मांगे गए थे इसलिए जो कंपनी आई है उसी को कंसिडर किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट पर काम होगाप्राधिकरण के जीएम आरपी सिंह ने बताया कि इस सिस्टम से नोएडा प्राधिकरण को यह पता चल जाया करेगा कि कौन सी लाइन से कितने घरों या संस्थानों में पानी की आपूर्ति नहीं हुई है। इसके बाद कारण पता कर तत्काल सुधार करवाया जा सकेगा। जल विभाग इस व्यवस्था को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 6 सेक्टरों से शुरू करने जा रहा है, जिसमें 1 करोड़ 80 लाख 97 हजार रुपए की लागत का अनुमान है। इन सेक्टरों को चुना गयाप्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सेक्टर-14, 14 ए, 15, 15 ए, 16 व 16 ए का चयन किया गया है। इस व्यवस्था के जरिए इन सेक्टरों की सभी पानी की लाइन, भूमिगत व ओवरहेड जलाशय, नलकूप और यमुना किनारे के रैनीवाल जोड़े जाएंगे। हर एक सेक्टर के प्रवेश स्थल जहां से सेक्टर में पानी आपूर्ति की लाइनें अलग-अलग दिशा में जाती हैं, वहां पर रिमोट सेंसर लगाए जाएंगे। छह महीने में हो जाएगा इंस्टॉलइस मॉनिटरिंग सिस्टम को कंपनी छह महीने में इंस्टॉल करेगी। जिसके बाद आकड़े मिलने लगेंगे। पायलट प्रोजेक्ट है इसलिए कंपनी खुद ही इस प्रोजेक्ट की मानिटरिंग करेगी और आकड़े प्राधिकरण को देगी। पायलट प्रोजेक्ट सफल होने पर इसे पूरे सिस्टम में इंस्टॉल किया जाएगा।
भिवानी में घर व दुकान से चोरी:रात को सो रहा था परिवार, पीछे से कैश व दुकान का गल्ला उठा ले गए चोर
भिवानी के लाजपत नगर एरिया में घर व दुकान से चोरी होने का मामला सामने आया है। वारदात उस समय हुई जब रात को परिवार सो रहा था और पीछे से चोर घर व दुकान में घुसे। जो कैश व अन्य सामान चोरी करके फरार हो गए। इसकी शिकायत मिलने पर पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। भिवानी के लाजपत नगर निवासी मुकुल ने बीटीएम पुलिस चौकी में शिकायत दी। शिकायत में बताया कि उसने किरयाणा की दुकान अपने मकान के अंदर ही की हुई है। 16 जनवरी की रात को कोई अज्ञात व्यक्ति उनके घर व दुकान में चोरी कर ले गया। सुबह उन्हें सामान बिखरा देखा तो इस चोरी का पता लगा। जबकि वे रात को ठीक से घर व दुकान को बंद करके सोए थे। वहीं घर के जिस कमरे में चोरी हुई, उसके बगल में वे खुद सो रहे थे। कैश व सामान किया चोरीउसने बताया कि जब सुबह उठकर देखा और सामान चेक किया तो पाया कि उनके घर के अंदर रखी पेटी (संदूक) में से 50 हजार रुपए चोरी हुए मिले। वहीं दुकान का शटर भी एक-दो फीट ऊपर उठा हुआ था। उसमें से चोर गल्ला उठाकर ले गए। दुकान के गल्ले में भी करीब एक हजार रुपए थे। वहीं अन्य सामान भी चोरी करके ले गए। उन्होंने इस घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहीं फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट को भी बुलाया गया।
गोरखपुर में महिला बास्केटबॉल का रोमांच बढ़ा:रायपुर और काशी की शानदार जीत, DDU को मिली हार
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में चल रहे पूर्वी क्षेत्र अंतर-विश्वविद्यालय महिला बास्केटबॉल टूर्नामेंट के तहत आज कुल सात मैच खेले गए। पूरे दिन खिलाड़ियों में जबरदस्त जोश और उत्साह देखने को मिला। कुछ मुकाबले एकतरफा रहे, जबकि कुछ मैच अंत तक बेहद रोमांचक बने रहे। आज का सबसे रोमांचक मुकाबला पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर और जाधवपुर विश्वविद्यालय, कोलकाता के बीच खेला गया। दोनों टीमों ने शुरू से ही कड़ा मुकाबला किया और स्कोर लगभग बराबर बना रहा। आखिरी क्वार्टर के अंतिम मिनटों में रायपुर विश्वविद्यालय ने बेहतर खेल दिखाते हुए 33-30 से जीत दर्ज की।दिन का पहला मैच विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग और मणिपुर विश्वविद्यालय, इंफाल के बीच खेला गया। इस मुकाबले में हजारीबाग विश्वविद्यालय की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 31-20 से जीत हासिल की।दूसरा मैच संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा और पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय, पटना के बीच खेला गया। यह मैच पूरी तरह एकतरफा रहा, जिसमें सरगुजा विश्वविद्यालय ने 35-5 के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।तीसरे मैच में नेशनल स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय, मणिपुर और बर्दवान विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल आमने-सामने थे। इस मुकाबले में बर्दवान विश्वविद्यालय ने शानदार खेल दिखाते हुए 37-5 से जीत हासिल की।पांचवां मैच विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग और रावेंशा विश्वविद्यालय, कटक के बीच खेला गया। इसमें कटक विश्वविद्यालय की टीम ने 30-15 से जीत दर्ज की।छठवां मुकाबला संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय, सरगुजा और मेजबान दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के बीच हुआ। इस मैच में सरगुजा विश्वविद्यालय ने दमदार खेल दिखाते हुए 55-34 से जीत हासिल की।आज का सातवां और अंतिम मैच बर्दवान विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के बीच खेला गया। यह मुकाबला स्कोर के लिहाज से काफी रोमांचक रहा। काशी विद्यापीठ की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 69-42 से जीत दर्ज की। इस मैच में काशी विद्यापीठ की प्रतिभा सिंह ने सर्वाधिक 21 अंक बनाए। उनकी साथी खिलाड़ी अन्नू उरांव ने 18 अंक का योगदान दिया। वहीं बर्दवान विश्वविद्यालय की ओर से लक्ष्मी मंडल ने 11 और प्रियंका घोष ने 8 अंक बनाए। टूर्नामेंट में लगातार रोमांचक मुकाबले देखने को मिल रहे हैं और आगे के मैचों को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह बना हुआ है।
नमस्कार, कानपुर में कल (शनिवार) की बड़ी खबरें… पति ने लव-मैरिज के 4 महीने बाद ही पत्नी की हत्या कर दी। उसने खुद थाने जाकर सरेंडर किया। रोते हुए इंस्पेक्टर से बोला- साहब, मैंने अपनी पत्नी का गला घोट दिया। उसकी लाश घर पर कंबल में लिपटी पड़ी है। वहीं एक युवक गर्लफ्रेंड से VIDEO कॉल पर बात करते हुए फंदे से लटक गया। उसने कहा- आखिरी बार पूछ रहा हूं कि शादी करोगी कि नहीं? गर्लफ्रेंड ने जैसे ही मना किया, उसने सुसाइड कर लिया। यूपी में सबसे ठंडा कानपुर रहा। यहां का पारा 4C दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले हफ्ते बारिश की संभावना जताई है। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…। अब पढ़िए सिलसिलेवार 10 खबरें... 1. मुझसे शादी करोगी...मना करने पर फंदे से लटका:कानपुर में मरने से पहले वीडियो कॉल की; पिता बोले- हम बेटे को समझा नहीं पाए कानपुर में एक युवक गर्लफ्रेंड से VIDEO कॉल पर बात करते हुए फंदे से लटक गया। युवक ने गर्लफ्रेंड को कॉल किया और 23 मिनट तक उसे शादी के लिए मनाता रहा। कहा- आखिरी बार पूछ रहा हूं कि शादी करोगी कि नहीं? गर्लफ्रेंड ने जैसे ही मना किया, उसने सुसाइड कर लिया। थोड़ी देर बाद युवक का छोटा भाई और उसकी बहन ने कई बार कॉल की, लेकिन फोन नहीं उठा। अनहोनी की आशंका के चलते छोटा भाई घर पहुंचा, तो भाई फंदे पर लटकता मिला। मामला शुक्रवार शाम बजरिया थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर 2. लव मैरिज के बाद पत्नी की हत्याकर थाने पहुंचा:कानपुर में बोला- साहब, गला घोटकर मार डाला, लाश कंबल में पड़ी है कानपुर में पति ने लव-मैरिज के 4 महीने बाद ही पत्नी की हत्या कर दी। उसने खुद थाने जाकर सरेंडर किया। रोते हुए इंस्पेक्टर से बोला- साहब, मैंने अपनी पत्नी का गला घोट दिया। उसकी लाश घर पर कंबल में लिपटी पड़ी है। उसने बताया- वारदात के 4 घंटे बाद तक इधर-उधर भटकता रहा। भागने की कोशिश की, लेकिन बाद में सरेंडर करने का फैसला किया। यह सुनते ही थाने में अफरा-तफरी मच गई। पुलिसवालों ने उसे घेरकर पकड़ लिया। पढ़ें पूरी खबर 3. कानपुर की रात प्रदेश में सबसे ठंडी, पारा 4C:अमृत भारत और तेजस समेत 20 ट्रेनें लेट; अगले दो दिनों में बारिश की संभावना कानपुर में कड़ाके की ठंड लगातार जारी है। शाम के समय से चली सर्द हवाओं ने मौसम को ठंडा कर दिया। रात में चली हवाओं ने गलन का एहसास कराया। प्रदेश में कानपुर की रात सबसे ठंडी रिकॉर्ड की गई। यहां 4C पारा दर्ज किया गया। सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। CSA की ओर से जारी वेदर रिपोर्ट के अनुसार यह तापमान सामान्य से 2.6 डिग्री कम है। ठंड से बचाव के लिए लोगों ने अलाव का सहारा लिया। सुबह के समय निकलने वाले लोग गर्म कपड़ों को खुद को ढककर निकले। पढ़ें पूरी खबर 4. कानपुर-बेंगलुरु फ्लाइट अब सप्ताह में तीन दिन उड़ेगी:इंडिगो ने यात्रियों की कमी के कारण लिया निर्णय कानपुर से बेंगलुरु के लिए इंडिगो एयरलाइंस की सीधी उड़ान अब सप्ताह में केवल तीन दिन संचालित होगी। यात्रियों की संख्या में कमी को देखते हुए एयरलाइन ने यह निर्णय लिया है। यह उड़ानें अब मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को उपलब्ध रहेंगी। पहले यह फ्लाइट प्रतिदिन संचालित होती थी। एयरपोर्ट डायरेक्टर प्रदीप यादव ने इस बदलाव की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इंडिगो एयरलाइंस ने बेंगलुरु की फ्लाइट को सप्ताह में तीन दिन (मंगलवार, गुरुवार और शनिवार) चलाने का निर्णय लिया है। पढ़ें पूरी खबर 5. 14 लाख गवां दिए... इसलिए सुसाइड कर रहा हूं:शेयर मार्केट में किया था इंवेस्ट, पनकी में दोस्त के घर में लगाया फंदा पनकी में शेयर मार्केट में करीब 14 लाख रुपए गंवाने से परेशान स्क्रैप व्यापारी ने दोस्त के घर जाकर सुसाइड कर लिया। सुसाइड करने से पहले युवक ने दोस्त के साथ खाना बनाकर खाया था। दोस्त के काम पर जाने के बाद युवक ने घटना को अंजाम दिया। परिजनों ने बताया कि स्क्रैप व्यापारी के पिता ने जमीन खरीदने के लिए उसे पैसा दिया था, जिसे हारने से वह परेशान था। व्यापारी की जेब से एक पर्ची मिली जिसमें लिखा था कि मैं शेयर मार्केट में 14 लाख हार गया हूं, इसलिए आत्महत्या कर रहा हूं… मेरी मौत का जिम्मेदार मैं खुद हूं, इसमें किसी का दोष नहीं है। पढ़ें पूरी खबर 6. कानपुर में युवक को न्यूड करके पीटा:हैलट हॉस्पिटल में सिक्योरिटी गार्ड ने खींचा, प्रिसिंपल संजय काला बोले- युवक ने खुद ही कपड़े उतारे कानपुर के हैलट अस्पताल में युवक को न्यूड करके पीटने का वीडियो सामने आया है। वीडियो में युवक को सिक्योरिटी गार्ड खींचकर ले जाते हुए दिख रहे हैं। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वीडियो अस्पताल परिसर के अंदर का है या बाहर का।हैलट के नोडल अधिकारी डॉ. अनुराग राजोरिया ने कहा- ये वीडियो अभी का नहीं है। एक से 2 महीने पुराना हो सकता है। यह कन्फर्म नहीं है कि यह वीडियो अस्पताल के भीतर का है या परिसर के बाहर का, पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। पढ़ें पूरी खबर 7. संगठन महामंत्री बोले, निरस्त होगा पार्षदों का निलंबन:कानपुर में मेयर और पार्षदों के बीच चल रहा है विवाद, पार्षदों ने लखनऊ जाकर की मुलाकात मेयर और पार्षदों के बीच चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। नगर निगम से सस्पेंड हुए पार्षदों ने अब संगठन के प्रदेश महामंत्री धर्मपाल सिंह से मुलाकात की है और उन्हें सारे प्रकरण की जानकारी दी है। सस्पेंड पार्षदों के साथ 4 और भाजपा पार्षद उनसे मिले हैं। नगर निगम में बागी हुए सभी 6 पार्षदों ने प्रदेश संगठन मंत्री से मुलाकात की और उन्हें निगम में चलने वाले सारे प्रकरण की जानकारी दी। जिसके बाद उन्हें आश्वासन मिला है कि उनका सस्पेंशन निरस्त किया जाएगा। इसके साथ ही नगर निगम में चलने वाले सारे विवादों को खत्म किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर 8. कानपुर में 8वीं छात्रा के अपहरण की कहानी निकली फर्जी:स्कूल की जगह मंदिर चली गई थी, डांट के डर से गढ़ी झूठी कहानी कानपुर में 8वीं की छात्रा के किडनैपिंग की बात पुलिस की जांच में फर्जी निकली। जांच में पता चला कि छात्रा स्कूल जाने की बजाय वैष्णो मंदिर चली गई थी। देर होने पर परिवार वालों की डांट से बचने के लिए उसने अपहरण की झूठी कहानी गढ़ दी। पूरा मामला कल्याणपुर के आवास विकास 1 की है। शुक्रवार दोपहर कंट्रोल रूम में छात्रा के अपहरण के प्रयास की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में वरिष्ठ अधिकारियों ने एसीपी कल्याणपुर और स्थानीय थाना पुलिस को मौके पर भेजा। पढ़ें पूरी खबर 9. बिधनू थाने के पास भाजपा जिला मंत्री की पिटाई:डिप्टी सीएम की फोटो देख दबंगों ने गाड़ी तोड़ी, 5 बाइकों से आए थे कानपुर के बिधनू में दबंगों ने गाड़ी में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की फोटो देखकर भाजपा ओबीसी मोर्चा कानपुर ग्रामीण जिला मंत्री से मारपीट करने के साथ गाड़ी में तोड़फोड़ की है। जिला मंत्री ने थाने पहुंचकर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ आरोपियों को चिह्नित कर रही है। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी करने की तैयारी में है। पढ़ें पूरी खबर 10. नवादा टोल प्लाजा पर आयकर विभाग का छापा:तीन दिन तक चलेगी जांच, मोबाइल जब्त कानपुर के शिवराजपुर स्थित नवादा टोल प्लाजा पर सुबह आयकर विभाग ने छापा मारा। लगभग 20 अधिकारियों और निजी सुरक्षाकर्मियों की टीम तीन गाड़ियों में सुबह 5 बजे टोल प्लाजा पहुंची। छापेमारी शुरू होते ही टीम ने जैमर लगाकर नेटवर्क प्रतिबंधित कर दिया और सभी कर्मचारियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए। यह कार्रवाई गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए की गई। यह टोल प्लाजा बीआर गोयल नामक फर्म द्वारा संचालित किया जाता है। इस फर्म के देश भर में लगभग चार से पांच दर्जन टोल प्लाजा और अन्य प्रतिष्ठान हैं। जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग ने फर्म के सभी प्रतिष्ठानों पर एक साथ छापेमारी की है। पढ़ें पूरी खबर
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। नितिन गडकरी के सामने शिवराज का मेगा शोअपने संसदीय क्षेत्र विदिशा में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के सामने मेगा शो कर दिया। उन्होंने मंच से गडकरी और सीएम डॉ. मोहन यादव के सामने कई सड़कों की मांग रख दी। उन्होंने कहा- दिल है कि मानता नहीं, विकास की भूख कभी पूरी नहीं होती। शिवराज जब मंच से बोल रहे थे, तभी एक ऐसा मौका भी आया जब उन्होंने मंत्री राकेश सिंह को टोक दिया। उन्होंने कहा- राकेश जी, एक मिनट.. अभी हम बोल रहे हैं, डिस्टर्ब मत करो। राकेश सिंह सीएम से बात कर रहे थे। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में जवाब देते हुए कहा- मैं आपके सपोर्ट में ही खड़ा हूं। शिवराज ने मंच से अपने लगातार चुनाव जीतने का किस्सा भी सुनाया। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मजाकिया अंदाज में कहा- आपने ही बताया कि आप 6 बार सांसद और 6 बार विधायक बने। ये तो कुंभ स्नान हो गया। सीएम की इस बात पर मंच और पंडाल दोनों जगह ठहाके गूंज उठे। इधर, मंच से उठी मांगों पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी मजेदार अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा- मेरे पास द्रौपदी की थाली है, एक भी आदमी भूखा नहीं रहेगा। सबको खाना खिलाने का काम हम करेंगे। एक बार फिर उजागर हुआ कांग्रेस का कलह मध्य प्रदेश कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। ये बात एक बार फिर सामने आ गई। इंदौर में कांग्रेस के एक नेता राहुल गांधी के सामने खुलेआम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की शिकायत कर दी। इसका वीडियो भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी जैसे ही इंदौर एयरपोर्ट से बाहर निकले, कांग्रेस नेता गजेंद्र वर्मा उनके पास दौड़ते हुए पहुंचे और उनसे कहा- राहुल जी, जीतू पटवारी ने कांग्रेस को खत्म कर दी है। हालांकि, इस दौरान राहुल गांधी ने इस शिकायत पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और बिना कुछ कहे आगे बढ़ गए। लेकिन इस घटना ने कांग्रेस की एकजुटता और अंदरूनी तालमेल के दावों पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। महापौर ने कैमरे के सामने किया पानी का टेस्ट इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में नगर निगम की पानी सप्लाई की शुद्धता जांचने पहुंचे महापौर पुष्यमित्र भार्गव का एक वीडियो इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। इस दौरान महापौर ने एक नल से गिलास में पानी भरकर खुद पीकर देखा। पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बन रहा था। इसी बीच जब महापौर पानी पीने की तैयारी कर रहे थे, तभी एक व्यक्ति अचानक बीच में आ गया। उसे देखते ही महापौर के पास खड़े पार्षद और अन्य लोग उसे हटाने लगे। अब इस वीडियो को लेकर विपक्ष ने सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष का कहना है कि अगर पानी की गुणवत्ता वाकई ठीक है, तो इस तरह कैमरे के सामने प्रदर्शन करने की क्या जरूरत थी। विपक्ष ने इस पूरे मामले को जनता की आंखों में धूल झोंकने वाली नौटंकी करार दिया है। विधायक से नाराज नजर आए मंत्री प्रहलाद पटेल राजगढ़ के खिलचीपुर में एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री प्रहलाद पटेल और भाजपा विधायक हजारीलाल दांगी के बीच मंच पर ही नोकझोक की स्थिति बन गई। विधायक की कुछ बातों पर मंत्री प्रहलाद पटेल नाराज नजर आए। दरअसल, विधायक हजारीलाल दांगी मंच से संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उनके कुछ शब्दों पर मंत्री प्रहलाद पटेल ने बीच में ही टोक दिया। मंत्री ने कहा- बस करो, ऐसा मत करो, खुश करने के लिए मत बोलो… नहीं तो मैं आपके खिलाफ बोलूंगा। इधर, विधायक दांगी ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन और सामुदायिक भवन नहीं हैं। उन्होंने कुछ पंचायतों की सूची मंत्री को देने और घोषणाएं करने का आग्रह किया। इस पर मंत्री प्रहलाद पटेल का रुख और सख्त हो गया। उन्होंने विधायक से कहा- थोड़ा सही बोलने की आदत डालो। पुराने और जर्जर भवनों को यह कहना कि वहां भवन ही नहीं है, यह गलत बात है। बातों का सिलसिला आगे बढ़ा तो विधायक दांगी ने मजाकिया लहजे में कहा- मांगना हमारा काम है और देना आपका। इस टिप्पणी पर सभा में हंसी गूंज उठी, लेकिन मंत्री प्रहलाद पटेल हाथ जोड़ते हुए बोले- भैया, रहने दो। विधायक जब मंत्री के पास जाकर बात करने लगे तो मंत्री ने इशारे से उन्हें बैठने को कहा और उनकी ओर देखा तक नहीं। इनपुट सहयोग - कपिल जैन (विदिशा), संतोष शितोले (इंदौर), मनीष सोनी (राजगढ़) ये भी पढ़ें - भाजपा विधायक ने गाली दी, बोले- कभी-कभी निकल जाती है: सीएम ने पहले कहा- इनकी क्या औकात, अब हनुमान जी से तुलना कोई सचिव अगर काम नहीं करेगा तो हटा देंगे। सचिव हैं, सहायक सचिव हैं, इनकी क्या औकात... करीब दो महीने पहले सीएम डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में सरपंच सम्मेलन में ये बयान दिया तो पंचायत सचिव नाराज हो गए थे। लेकिन, अब सीएम ने इन्हें खुश करने का काम किया है। भगवान हनुमान जी से इनकी तुलना की है। पूरी खबर पढ़ें
गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र में 8वीं की छात्रा अपने मां-पिता और दादी को खाने में नींद की दवा मिलाकर सुला देती थी। इसके बाद रात के अंधेरे में पड़ोस में रहने वाले प्रेमी से मिलने जाती थी। एक महीने पहले प्रेमी ने ही छात्रा को अलप्राजोलम टैबलेट का पत्ता देना शुरू किया था। खत्म होने पर दूसरा देता था। जिसे वह रैपर से निकालकर गोलियां एक शीशी मेंं रखती थी। यह बातें पुलिस की जांच में सामने आ रही है। वहीं डॉक्टर का कहना है कि दवा का लगातार सेवन दिमाग पर गहरा असर डाल सकता है। इसके हाई डोज से परिवार के लोग कोमा में भी जा सकते थे। इस दवा को हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही लिया जाता है। पुलिस अब लगातार प्रेमी को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है। सूत्रों की मानें तो 22 साल का प्रेमी गुजरात के किसी शहर मेंं काम करता था। घटना के बाद वह फिर से गुजरात भाग गया है। पुलिस लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही है। उसके माेबाइल नंबर को ट्रेस करने पर उसकी लोकेशन गुजरात में मिली है। जिसके बाद पुलिस उसे पकड़ने के लिए प्रयास शुरू कर दिया है। पुलिस का यह भी कहना है कि बिना पर्चे के यह दवा किसी को नहीं मिल सकती है। युवक हमेशा अल्प्राजोलम का पत्ता खरीदता था। उसे पकड़ने के बाद जहां से दवा लेता था, उस दुकानदार पर भी पुलिस कार्रवाई कर सकती है। खाने में मिलाकर छात्रा देती थी दवा पुलिस की जांच में सामने आया है कि प्रेमी ने छात्रा के साथ मिलकर रात में मिलने के लिए प्लान बनाया था। इधर करीब 2 माह से वह छात्रा को अल्प्राजोलम का पत्ता खरीदकर देता था। चालाकी दिखाते हुए छात्रा पत्ते से सारी दवा निकालकर एक शीशी में रखती थी। ताकि कोई दवा का नाम न जान पाए। रात के समय जैसे ही खाना बनना शुरू होता था, वह घर के कीचन में एक्टिव हो जाती थी। जैसे ही सारा खाना बन जाता था। दाल या सब्जी में चार से पांच गोली दवा पीसकर मिला देती थी। जिसे खाने के थोड़ी देर बाद ही मां-पिता और दादी गहरी नींद में सो जाते थे। इसके बाद बड़े आराम से वह रात को पड़ोस में रहने वाले प्रेमी से मिलने जाती थी। भोर में उठने से पहले ही वह घर वापस आ जाती थी। भेद खुलने पर 10 जनवरी को पिता ने पड़ोस में रहने वाले युवक के खिलाफ गुलरिहा थाने में एप्लिकेशन दी। शनिवार को पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में FIR दर्ज कर आरोपी की तलाश में दबिश दी, लेकिन वह फरार हो गया। आरोपी युवक पेंट-पॉलिश का काम करता है। लड़का और लड़की दोनों निषाद समाज के हैं। डॉक्टर बोलीं- अल्प्राजोलम का प्रतिदिन सेवन खतरनाक जिला अस्पताल की डॉ. विश्व ज्योति ने बताया अल्प्राजोलम टैबलेट का लगातार सेवन या फिर ओवर डोज के बहुत से साइड इफेक्ट्स होते हैं। जिनमें सबसे पहले तो स्लीप साइकल डिस्टर्ब होना, हर समय सुस्ती रहना, यादाश्त कमजोर होना, हमेशा चिड़चिड़ा और झुझलाहट होना। इसका सीधा असर मानसिक शांति पर पड़ता है। जिसकी वजह से दिमाग कमजोर होता है और ठीक से फंक्शन नहीं करता है। सिलसिलेवार पढ़िए पूरा मामला 'बेटी का व्यवहार बदला, खाना खाते ही नींद आ जाती थी'गुलरिहा थाना क्षेत्र के एक गांव में 15 साल की लड़की रहती है। पिता मुंबई में पेंटिंग का काम करते हैं। घर पर मां और बुजुर्ग दादी रहती हैं। एक महीने पहले मुंबई से पिता घर आए। उन्होंने बेटी के व्यवहार में काफी बदलाव देखा। हमेशा मोबाइल पर बातें करना, देर तक घर से गायब रहने की आदत देखकर वह बेटी को डांट-फटकार भी लगाते थे। पिता को अक्सर रात में खाना खाने के बाद अजीब-सा महसूस होने लगता था। इसके बाद उन्हें बहुत तेज नींद आती थी। इस बारे में उन्होंने अपनी पत्नी समेत पूरे परिवार को बताया। तब पत्नी और बुजुर्ग मां ने भी कहा कि उनके साथ भी यही होता है। लेकिन, बेटी कुछ नहीं बोली। वह चुपचाप सबकी बातें सुनती रही। रोज रात को बेटी खाना खिलाते समय ज्यादा एक्टिव हो जाती थी। तब उन्हें बेटी पर शक हुआ। उन्होंने पुलिस को बताया कि मैंने पत्नी के साथ मिलकर प्लान बनाया। तीन जनवरी की रात को खाना तो आया, लेकिन मैं और मेरी पत्नी ने उसे छिपा दिया। दोनों ने ही खाना नहीं खाया। माता-पिता ने सोने का नाटक कर बेटी को पकड़ापिता ने बताया- 3 जनवरी की रात मैं और मेरी पत्नी ने अपने कमरे में जाकर सोने का नाटक किया। रात 11:30 बजे कुछ आवाज आई। चुपके से बाहर निकलकर देखा तो बेटी शॉल ओढ़कर कहीं जा रही थी। उसके पीछे-पीछे हम लोग भी निकले। 200 मीटर दूर जाकर पड़ोस में रहने वाले युवक के घर के अंदर बेटी गई। बाहर से युवक उसे अंदर लेकर गया। इस दौरान एक कमरे में बेटी को युवक के साथ हम लोगों ने पकड़ लिया। पिता बोले- युवक ने बेटी का माइंड वॉश कियापिता ने बताया- इसके बाद मैंने बेटी को डांट-फटकार कर पूरी बात पूछी। तब उसने बताया कि एक साल से अधिक समय से पड़ोसी युवक के संपर्क में है। युवक पहले मोबाइल पर बातें करता था। उसने ही खाने में नींद की दवा मिलाने का आइडिया दिया था। उसके कहने पर खाने में चुपके से दवा मिलाती थी। दवा भी वही लाकर देता था। पकड़े जाने के बाद गांव में 4 जनवरी को पंचायत हुई। माफी मांगते हुए युवक ने आगे ऐसा नहीं करने की बात कही थी, लेकिन उसकी आदत में सुधार नहीं आया। उसके घर जाकर शिकायत करने पर युवक ने जान से मारने की धमकी दी और घर से कहीं भाग गया। तब जाकर पिता ने गुलरिहा थाने में एप्लिकेशन दी। गुलरिहा थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह ने बताया- आरोपी के खिलाफ छेड़खानी, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी सहित पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर किया गया है। परिजनों ने बताया कि आरोपी ने किशोरी को मोबाइल फोन देकर बातचीत शुरू की थी। धीरे-धीरे उसे प्रेमजाल में फंसा लिया। इसके बाद उसने रात में मिलने के लिए माता-पिता को बेहोश करने की साजिश रची। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। वह बाहर रहकर काम करता था, घटना के बाद भी वहीं पर भाग कर गया है। बहुत जल्द उसे अरेस्ट कर लिया जाएगा
इटावा में सैफई सीओ कार्यालय में तैनात एक सिपाही पर गंभीर आरोप लगे हैं। सड़क हादसे के बाद एक निर्दोष ग्रामीण को हिरासत में लेने और एकतरफा कार्रवाई कराने के विरोध में जसवंतनगर क्षेत्र के पड़रपुरा गांव के ग्रामीण ट्रैक्टरों से एसएसपी कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच, निर्दोष की रिहाई और सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सिपाही पर पहले भी डिलीवरी बॉय के साथ मारपीट के आरोप लग चुके हैं। शनिवार सुबह करीब 10 बजे का है, जब पड़रपुरा गांव के सामने सैफई रोड पर बने सड़क ब्रेकर के पास एक दुर्घटना हुई। एक वृद्ध व्यक्ति की मोटरसाइकिल पीछे से आ रही स्कूटी से टकरा गई। वृद्ध डायलिसिस के लिए सैफई अस्पताल जा रहे थे। स्कूटी सवार व्यक्ति सिविल ड्रेस में था और उसने खुद को सैफई सीओ कार्यालय में तैनात सिपाही बताया। ग्रामीणों के अनुसार, हादसे के बाद सिपाही ने वृद्ध के साथ अभद्र व्यवहार किया। गांव के लोगों ने बीच-बचाव कर वृद्ध को इलाज के लिए सैफई अस्पताल भेजा। इसी दौरान गांव निवासी कमलेश यादव से सिपाही की कहासुनी हो गई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। सिपाही अपना मोबाइल फोन मौके पर छोड़कर चला गया और कमलेश को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। कमलेश की बहन संध्या ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मामले की निष्पक्ष जांच किए बिना उनके बड़े भाई श्रीनिवास को हिरासत में ले लिया। संध्या के मुताबिक, श्रीनिवास घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं थे। वे गांव में कपड़े की दुकान चलाते हैं और इसी से अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। हिरासत में लिए गए श्रीनिवास की पत्नी शीला यादव ग्रामीणों के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने एक प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनके पति पूरी तरह निर्दोष हैं। एसएसपी कार्यालय में मौजूद स्टाफ को यह भी बताया गया कि संबंधित सिपाही का व्यवहार पहले भी विवादित रहा है। ग्रामीणों ने जानकारी दी कि दीपावली के दौरान इसी सिपाही का सैफई स्थित सीओ कार्यालय में एक डिलीवरी बॉय के साथ मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। हालांकि, उस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था।
राजस्थान के टॉप-10 वांटेड क्रिमिनल में शामिल MD ड्रग्स का मास्टरमाइंड रमेश कुमार विश्नोई 8 साल बाद हत्थे चढ़ा है। 16 जनवरी को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) उसे कोलकाता से दबोच कर लाई है। बाड़मेर का रहने वाला रमेश उर्फ अनिल उर्फ रामलाल बिश्नोई (31) महज 10वीं पास है। उसने महाराष्ट्र जेल में एक डॉक्टर से खतरनाक ड्रग MD बनाने का फॉर्मूला सीखा था। जेल से बाहर आते ही उसी फॉर्मूले से उसने MD ड्रग बनाकर बेचना शुरू कर दिया। फिर उसी डॉक्टर के कहने पर राजस्थान में MD बनाने की फैक्ट्रियां लगा दीं। एक लाख का इनामी रमेश भले ही पुलिस की पकड़ से दूर था, लेकिन पत्नी से रोज बात करता था। पत्नी से कहता था- पुलिस कभी पकड़ नहीं पाएगी। तस्करी की डील करने फ्लाइट से आता-जाता था। इसी रूट के कारण पकड़ा गया। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए- वाहन चोर से ड्रग माफिया बनने और उसके पकड़े जाने की पूरी कहानी... आईजी (ANTF) विकास कुमार ने बताया- रमेश बाड़मेर के धोरीमन्ना के गांव नेडी नाडी का रहने वाला है। उस पर राजस्थान सहित पांच राज्यों में 36 मामले दर्ज हैं। राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक की जेलों में बंद रह चुका है। 12वीं में फेल होने के बाद आवारागर्दी करने लगा था। शौक पूरे करने के लिए 17 साल की उम्र में पहली बार बाइक चोरी की। इस मामले में वो बाल सुधार गृह में बंद रहा। बाहर आने के बाद दोबारा से बाइक चुराने लगा। धीरे-धीरे तस्करों के संपर्क में आया और अफीम-डोडा पोस्त और फिर शराब तस्करी करने लगा। तस्करों के लिए ऑन डिमांड चुराता लग्जरी कारेंरमेश महज 20-21 साल की उम्र में ही गाड़ियां चुराने का मास्टरमाइंड बन गया था। जोधपुर-बाड़मेर के बड़े शराब तस्करों के लिए ऑन डिमांड बोलेरो-स्कॉर्पियो जैसी कारें चुराने लगा। एक गाड़ी के बदले उसे 50 हजार से 1 लाख रुपए तक मिलते थे। सूत्र तो यहां तक बताते हैं कि रमेश ने 100 से ज्यादा वाहन चोरी कर शराब तस्करों को बेच डाले। शराब तस्करी में मोटा मुनाफा देख इसी धंधे में कूद गया। इसी दौरान गुजरात और महाराष्ट्र के तस्करों के संपर्क में आया। दोस्त को अमीर होता देख लगाई शर्त, जेल में मिला डॉक्टरपुलिस के अनुसार, शराब तस्करी में उसका पार्टनर दोस्त भजन लाल सिहाग भी था। अवैध धंधे से कमाई को लेकर दोनों में टशन हुआ कि सबसे बड़ा पैसे वाला कौन है? इसको लेकर दोनों के बीच पैसा कमाने की रेस शुरू हो गई थी। इस बीच साल-2017 में महाराष्ट्र पुलिस के हत्थे चढ़ने पर रमेश को जेल हो गई। पुणे की येरवड़ा सेंट्रल जेल में बंद होने के दौरान ड्रग्स मेकर डॉ. बिरजू से उसकी मुलाकात हुई। डॉ. बिरजू ने रमेश को केमिकल और एमडी ड्रग का बड़ा सप्लायर बताया। एक ही जेल में साथ रहने के दौरान दोनों में गहरी दोस्ती हो गई। इस दौरान बिरजू ने रमेश को एमडी ड्रग सप्लाई के लिए तैयार कर लिया। जेल में बनाया गुरु, हर बिजनेस में देता रॉयल्टीजमानत मिलने पर रमेश येरवड़ा सेंट्रल जेल से बाहर आया। शुरुआत में डॉ. बिरजू ने उसे एक-दो लाख रुपए प्रति किलो के हिसाब से MD ड्रग बेचने को दी। उस माल को रमेश ने राजस्थान के कई शहरों में खपाया। नशे की बढ़ती डिमांड देख रमेश ने बड़ा हाथ मारने का प्लान बनाया। इस पर डॉ. बिरजू ने ही उसे राजस्थान में ड्रग फैक्ट्री लगाने का आइडिया दिया। पुलिस के अनुसार, डॉ. बिरजू को कई रसायनों की मदद से एमडी ड्रग बनाने का फॉर्मूला पता था। जेल में बैठे बिरजू ने रमेश को MD ड्रग बनाने का पूरा फॉर्मूला बता दिया। ड्रग बनाने के लिए जरूरी केमिकल कहां मिलेगा, कितना खर्चा आएगा, इन सबकी जानकारी भी दी। इसके बाद रमेश ने अपने नेटवर्क के जरिए खेतों में लैब तैयार की। उसमें ड्रग बनाने के लिए डॉ. बिरजू अपने सूत्रों के जरिए केमिकल भिजवाता रहा। ड्रग तैयार होने के बाद रमेश उसे बेचने लगा। माफिया रमेश, डॉ. बिरजू को 'गुरु' बुलाता था। साथ ही तस्करी से कमाई का एक हिस्सा भी उसे बतौर रॉयल्टी देता था। पश्चिमी राजस्थान में डाली दर्जनों फैक्ट्रीशुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि रमेश कुमार विश्नोई बड़े शातिराना तरीके से ड्रग तस्करी को अंजाम देता था। वो जगह बदल-बदल कर अलग-अलग स्थानों पर फैक्ट्री लगाता। हर फैक्ट्री में नए पार्टनर बनाता था। किसी भी पार्टनर को एक-दूसरे की जानकारी नहीं देता था। यह भी नहीं बताता था कि केमिकल कहां से आ रहा है, ड्रग सप्लाई करने वाला कौन है? 7 दिन में डॉ. बिरजू के बताए फॉर्मूले से एमडी ड्रग तैयार होने पर सबसे पहले पैकेट में बंद कर महाराष्ट्र में अपने सप्लायरों को पहुंचाता। कभी बल्क में माल नहीं भिजवाता था। उसके बाद राजस्थान के तस्करों और हैंडलरों की डिमांड पर महाराष्ट्र से वही माल दोबारा मंगवाता। उसकी सप्लाई चेन की पुलिस को भनक लग गई थी। पुलिस के मुताबिक जोधपुर, बाड़मेर और सिरोही में पिछले दिनों उसकी तीन ड्रग्स फैक्ट्रियों को छापा मारकर पकड़ा था। ड्रग की कमाई से मार्बल की खदानें खरीदीं, लग्जरी लाइफ का शौकगिरफ्तार रमेश विश्नोई ने पूछताछ में बताया कि वो 7 दिन में 1 लाख के केमिकल से 9 करोड़ की एमडी तैयार करता था। पिछले ढाई साल से एमडी बनाने का काम कर रहा था। इससे आरोपी ने करोड़ों की संपत्ति अर्जित की। उस कमाई से गांव में बड़ा मकान बनवाया, गाड़ियां खरीदीं, दो बोरिंग, मार्बल की माइनिंग, मार्बल की कटिंग फैक्ट्री के अलावा कार डेकोर का शोरूम बनवाया। इसके अलावा भी कई प्रॉपर्टी की जांच अभी जारी है। ड्रग से होने वाली कमाई के चलते वह लग्जरी लाइफ जीने लगा था। वह कोलकाता में एक लग्जरी फ्लैट में रहता था। काम करने के लिए घर में नौकर लगा रखे थे। जयपुर, जोधपुर, कोलकाता, पुणे या किसी भी शहर में सफर के लिए फ्लाइट से ही आता-जाता था। घूमने के लिए हमेशा क्रेटा कार रेंट पर लेता। फरारी के दौरान की धार्मिक यात्राआईजी विकास कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी रमेश कुमार विश्नोई पिछले कुछ सालों से भक्ति में लग गया था। उसे लगता था कि उस पर जो पैसों की कृपा हो रही है। भगवान काे उसे आशीर्वाद मिल रहा है। इस कारण वह राजस्थान में एफआईआर दर्ज होने के बाद बाहर निकल गया। उसने फरारी के दौरान 12 ज्योतिर्लिंग, चारों धाम की यात्रा सहित कई कर्मकांड किए। एक बार जयपुर के बरकत नगर में पुलिस टीम ने उसे पकड़ने के लिए दबिश दी थी, तब वह कुंभ से लौटा ही था। हर दिन करता था पत्नी से बातरमेश कभी मोबाइल का उपयोग नहीं करता था। इसके बावजूद अपनी पत्नी से रोज बात करता था। पत्नी कई बार रमेश को बोलती थी की आप बात करते हो, पुलिस पकड़ लेगी, तो रमेश उसे कहता था- वह जिस तकनीक का इस्तेमाल करता है, उसे पुलिस कभी नहीं पकड़ पाएगी। अब जांच टीम उस तकनीक की भी पड़ताल कर रही है। एक तस्कर से मिला इनपुट, हवाई सफर के डेटा से पकड़ा गयाजानकारी के अनुसार, पुलिस टीम को गिरफ्तार रमेश बिश्नोई के एक साथी ने ही टिप दी थी। उसने पुलिस को बताया कि रमेश नाम का एक तस्कर है, जो कोलकाता एयरपोर्ट से पुणे के रेगुलर फ्लाइट लेता है। इसके बाद टीम के सदस्यों ने पिछले छह माह का फ्लाइट का रिकॉर्ड निकाला। इससे पता चला कि रमेश महीने में 5 से 7 बार इसी रूट पर फ्लाइट से आना-जाना कर रहा था। पुलिस ने क्रिमिनल रिकॉर्ड खंगाला तो पता चला कि ये कोई आम तस्कर नहीं, बल्कि राजस्थान पुलिस का मोस्टवांटेड एक लाख का इनामी रमेश कुमार बिश्नोई है। इसके बाद जयपुर से कोलकाता के लिए एक टीम भेजी गई। टीम ने 16 जनवरी को उसे धर दबोचा। उम्र-31, मुकदमे 36 से ज्यादारमेश कुमार के खिलाफ राजस्थान सहित पांच राज्य (गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक) में करीब 36 केस दर्ज हैं। वह पांचों जिलों की जेलों में सजा भी काट चुका है। बदमाश के खिलाफ आसाम और मणिपुर में फेक नाम से क्राइम करने और केस दर्ज होने का पता चला है। बाड़मेर के पुलिस स्टेशन में ड्रग्स तस्करी को लेकर रमेश के खिलाफ साल-2018 में केस दर्ज है। उसी के बाद से वह फरार चल रहा था। पिछले 8 साल से नाम-हुलिया छिपाकर ठिकाने बदल-बदल कर फरारी काट रहा था। आईजी विकास कुमार ने बताया कि राजस्थान में दर्जनों एमडी फैक्ट्रियों के सूत्रधार रमेश उर्फ रामलाल उर्फ अनिल को गिरफ्तार करना एजेंसियों के लिए बड़ा टास्क था। ANTF ने न केवल उसे गिरफ्तार किया है, बल्कि कई अन्य माफिया के सुराग मिले हैं। --- ड्रग माफिया के पकड़े जाने की यह खबर भी पढ़िए... ANTF ने कोलकाता से पकड़ा राजस्थान का मोस्टवांटेड बदमाश, एमडी ड्रग्स फैक्ट्रियां डाल बन गया करोड़पति एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की टीम ने राजस्थान के टॉप-10 वांटेड बदमाश को कोलकाता (पश्चिमी बंगाल) में दबिश देकर पकड़ा है। पिछले 8 साल से फरार बदमाश पर एक लाख रुपए का इनाम रखा गया था...(CLICK कर पढ़ें)
गोरखपुर के गोला ब्लॉक के हटवा दुबे पूरा गांव की रहने वाली स्मृति दुबे ने जयपुर में आयोजित 'मिसेज इंडिया' प्रतियोगिता में स्मृति ने अपनी खूबसूरती, आत्मविश्वास और बुद्धिमानी का परिचय देते हुए 'मिसेज इंडिया चार्मिंग क्वीन' का खिताब अपने नाम कर लिया है। बेंगलुरु में डायरेक्टर, जयपुर में क्वीन स्मृति दुबे की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि वह केवल फैशन की दुनिया तक सीमित नहीं हैं। वह वर्तमान में बेंगलुरु की एक नामी आईटी कंपनी में एसोसिएट डायरेक्टर के ऊंचे पद पर काम कर रही हैं। घर, ऑफिस और प्रोफेशनल जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने जिस तरह इस नेशनल लेवल की प्रतियोगिता की तैयारी की, वह काबिल-ए-तारीफ है। गांव में जश्न का माहौल जैसे ही स्मृति की जीत की खबर हटवा दुबे पूरा गांव और गोला क्षेत्र में पहुंची, लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर इस जीत का जश्न मनाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्मृति ने यह साबित कर दिया है कि गांव की बेटियां और बहुएं अगर ठान लें, तो वे किसी भी वैश्विक मंच पर अपना लोहा मनवा सकती हैं। बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने स्मृति को बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह उपलब्धि ग्रामीण अंचल की उन हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो बड़े सपने देखती हैं। स्मृति की जीत केवल एक ताज की जीत नहीं है, बल्कि यह उनके कठिन परिश्रम और व्यक्तित्व की जीत है।
राजद के विधायक तेजू भैया के फॉलोअर:बाहुबली के बेटे ने छेड़ा सुर, स्कूल की छत पर धान का भंडार
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कार्रवाई : स्लीपर बसों की सीट पर लगे मिले स्लाइडर
सागर | स्लीपर बसों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। लगातार आग की घटनाओं के बाद विभाग ने चेतावनी दी है कि तीन दिन के भीतर ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (एआईएस) जांच नहीं कराने वाली स्लीपर बसों को सीधे ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। इसके तहत शनिवार को मुख्य बस स्टैंड के साथ नरसिंहपुर रोड व भोपाल रोड पर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी मनोज कुमार तेहनगुरिया ने 32 स्लीपर यात्री बस व अन्य वाहनों की जांच की। जांच के दौरान 8 यात्री बसों में निर्धारित मानक के अग्निशमन यंत्र, निकासी द्वार नहीं पाए तो स्लीपर बर्थ पर स्लाइडर लगे मिले। इसके अलावा अन्य सुरक्षा संबंधी खामियां पाए जाने पर वाहनों के विरूद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए 55 हजार रुपए का जुर्माना वसूल किया गया है। आरटीओ तेहनगुरिया ने एआईएस-119 के प्रावधानों के तहत आवश्यक पूर्तियां की जांच के लिए जिले की सभी स्लीपर कोच यात्री बसों को रविवार को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में खड़ी करने के निर्देश दिए हैं। स्लीपर बसों में आने-जाने अलग-अलग 2 दरवाजे, 4 इमरजेंसी एक्जिट होना आवश्यक है। प्रत्येक इमरजेंसी गेट 58 सेंटीमीटर वाया 90 सेंटीमीटर का होगा। अग्नि सुरक्षा के लिए 10-10 किलोग्राम के 2 अग्निशमन यंत्र, ड्राइवर पार्टीशन डोर किसी भी वाहन में नहीं होंगे और किसी भी स्लीपर बर्थ पर स्लाइडर नहीं होने चाहिए।
दिव्यांगों को मिलेंगे प्रोस्थेटिक हैंड्स
भास्कर संवाददाता|सागर स्वास्थ्य विभाग द्वारा 22 व 23 जनवरी को आयोजित विशेष शिविर में निशुल्क इलेक्ट्रॉनिक प्रोस्थेटिक हैंड्स लगवाए जाएंगे। बिना हाथ के जन्मे या दुर्घटना में हाथ का निचला हिस्सा गंवाने वाले लोगों को यह कृत्रिम हाथ लगाए जाएंगे। इस कृत्रिम हाथ के माध्यम से दैनिक कार्य जैसे वस्तुओं को पकड़ना, खाना, लिखना, डिजाइन जैसे कार्य आसानी से किए जा सकते हैं। सीएमएचओ डॉ. ममता तिमोरी ने बताया कि 15 साल से ऊपर के ऐसे लोग जिनके कोहनी से नीचे का हिस्सा नहीं है, वे नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य कार्यकर्ता या जिला अस्पताल परिसर स्थित शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र में संपर्क कर सकते हैं।
52 की चैकिंग, 17 के फिटनेस निरस्त
परिवहन विभाग ने पहली बार यात्री स्लीपर की बसों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यह कि जिले में सभी पंजीकृत करीब 838 बसों के संचालकों को नोटिस जारी कर इन्हें कम्प्यूटर में लॉक कर दिया है। इन पर ये कार्रवाई इसलिए की है, ताकि ये बस बॉडी कोड कंडक्ट के प्रावधानों के अनुरूप संचालित हो। दरअसल यात्रियों की सुविधा व सुरक्षित सफर की दृष्टि से वर्ष 2019 में बस बॉडी कोड कंडक्ट लागू हुआ। इसके तहत बसों के निर्माण व संचालन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण बिंदू अनिवार्य किए थे। इसकी मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी परिवहन विभाग की है। वर्ष 2023 के बाद स्लीपर यात्री बसें रजिस्टर होना बंद हो गई, लेकिन देखने में यह भी आया कि इस अवधि से पहले की जो बसें रजिस्टर हुई हैं, उनमें से भी कुछ में मापदंडों की कमी है। लिहाजा इनकी पूर्ति करवाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने इन्हें कम्प्यूटर में लॉक किया है। आरटीओ संतोष मालवीय बस की चैकिंग करते हुए। लॉक से बस संचालन में दिक्कत आएगी कम्प्यूटर में लॉक के बाद यात्री स्लीपर बस के पहिए स्वत: थम जाएंगे। बस किसी भी टोल नाके से गुजरेगी तो उसका परिवहन स्टेटस लॉक प्रदर्शित होगा। उसका फिटनेस, परमिट, बीमा कहीं भी नहीं बन पाएगा। यानी बस वैधानिक रूप से आगे चलने योग्य नहीं रहेगी। ऐसे में संचालक को बस को चैकिंग के लिए परिवहन कार्यालय लाना पड़ेगा। यदि बस उज्जैन में पंजीकृत हैं और दूसरे जिले में कहीं चैकिंग करवा रही है तो वहां के परिवहन विभाग से इस संबंध में उज्जैन सूचना पहुंचेगी। चैकिंग में बस बॉडी कोड कंडक्ट के बिंदुओं से जुड़ी कमी पाई जाने पर उसे दूर करवाए जाने के बाद ही कम्प्यूटर में लॉक खोला जा सकेगा। मानकों पर फीट होने पर खुलेगा लॉक ^यात्री स्लीपर 838 बसों को नोटिस जारी कर कम्प्यूटर में लॉक किया है। इन्हें बस बॉडी कोड कंडक्ट के तहत चैकिंग करवाना होगी। बस फीट पाए जाने पर ही लॉक खोला जाएगा। अन्यथा जो कमी होगी, उसे दूर करवाना रहेगा। - संतोष मालवीय, आरटीओ
विद्यालयों में खेल-खेल में स्वच्छता सीख रहे बच्चे
उज्जैन | वार्ड 3 के शासकीय प्राथमिक विद्यालय खिलचीपुर और वार्ड 18 स्थित गांधी पब्लिक स्कूल में नगर निगम ने आनंद उत्सव के तहत बच्चों के लिए परंपरागत खेलों का आयोजन किया। विद्यार्थियों को खेल-खेल में स्वच्छता और कचरा पृथक्करण की जानकारी दी गई। इस दौरान बच्चों ने डस्टबीन पहचानों खेल में भाग लिया। खेल के माध्यम से विद्यार्थियों ने रंग के अनुसार बाल को सही डस्टबीन में डालकर कचरे के प्रकार के बारे में जानकारी प्राप्त की। हरे बिन में गीले कचरे और अन्य बिन में सूखे कचरे को डालकर बच्चों को अलग-अलग कचरा पृथक्करण की प्रक्रिया समझाई गई। कार्यक्रम में स्कूल के सभी स्टाफ और आईईसी टीम भी मौजूद रहीं। बच्चों ने उत्साह के साथ खेल में भाग लेकर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझा।
आज 11 बस्तियों में हिंदू सम्मेलन
उज्जैन | संघ शताब्दी वर्ष 2026 के उपलक्ष्य में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को उज्जैन महानगर के पांच नगरों की 11 बस्तियों में हिंदू सम्मेलन होंगे। इनमें धार्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ ही बौद्धिक सत्र होंगे, जिनमें संत मार्गदर्शन देंगे। केशव नगर के चेतक केशव बस्ती में सम्मेलन सुबह 11 बजे सरस्वती विद्या मंदिर, महाकालपुरम परिसर में होगा। विक्रमादित्य नगर क्षेत्र की गोवर्धन बस्ती में सुबह 10 बजे समाधान मैदान में, अशोक मंडी बस्ती में सुबह 10 बजे हरियाणा गौड़ धर्मशाला में और रणकेचुर बस्ती में सुबह 10 बजे सम्मेलन होगा। सुदर्शन नगर की तिरुपति सुदर्शन बस्ती में दोपहर 1 बजे श्री श्याम गार्डन, एमआर-4 तिरुपति सालिटेयर गेट पर सम्मेलन होगा। गोवर्धन बस्ती में दोपहर 3 बजे पद्मावती गार्डन, पद्मावती कॉलोनी में और धन्वंतरि बस्ती में सुबह 10 बजे ऐलान सिटी उद्यान में सम्मेलन होगा।
जीडीए की जमीन पर कॉलोनी काटने वाले को 3 साल की जेल
ग्वालियर विकास प्राधिकरण को आवंटित जमीन पर कॉलोनी काटने के मामले में त्रिलोक चंद किरार को न्यायालय ने दोषी ठहराया। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट निशांत मिश्रा ने मप्र नगर पालिका अधिनियम की धारा 1956 की धारा 292 (ग) में दोषी मानते हुए तीन साल के कठोर कारावास की सजा दी और दस हजार रुपए का जुर्माना लगाया। एडीपीओ अजय शर्मा ने कोर्ट को बताया - नगर निगम के तत्कालीन भवन अधिकारी ने 26 जनवरी 2014 को पुलिस थाना बहोड़ापुर में एक आवेदन दिया। इसमें आरोप लगाया कि विनय नगर सेक्टर नंबर-2 स्थित जमीन पर अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही है। जबकि ये जमीन ग्वालियर विकास प्राधिकरण को एक स्कीम के लिए दी गई है। भवन अधिकारी की शिकायत पर जांच की गई, जिसके बाद 3 जून 2014 को पुलिस थाना बहोड़ापुर ने त्रिलोक चंद किरार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। 16 जुलाई 2015 को 58 वर्षीय त्रिलोक चंद किरार के खिलाफ चालान पेश किया गया। 10 साल से अधिक समय तक ट्रायल चलने के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए 3 साल की सजा दी।
एप पर 1333 शिकायतें...:सबसे ज्यादा सीवर की, निराकरण के लिए रिटायर्ड अफसरों के भरोसे निगम
स्वच्छ सर्वेक्षण की टूल किट आ चुकी है। नगर निगम में अब स्वच्छता से जुड़े कचरा डंप, सेप्टिक टैंक से गंदा पानी निकलना, कचरा डंप और खुले में शौच जैसी शिकायतों की मॉनीटरिंग होने लगी है। निगम में रोज स्वच्छता एप में आने वाली शिकायतों में शनिवार को 1333 शिकायतें दर्ज हो चुकी है। इन शिकायतों में सबसे ज्यादा सीवर की 389 समस्याएं दर्ज है। खुले में सीवर की गंदगी बहने की 325 शिकायत एप में पहुंची हैं। मजेदार बात यह है कि निगम में इन शिकायतों के निराकरण के लिए नगर निगम अभी-भी सूची में उन अधिकारियों के नाम दर्शा रहा है, जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इनमें एक निगम (पीएचई) के लल्लन सिंह सेंगर सेवानिवृत्त हो गए हैं। फिर भी उनको उक्त समस्याओं के निराकरण के लिए सूची में शामिल कर रखा है। स्वच्छता एप में सफाई व्यवस्था के अलावा बिजली संबंधी शिकायतें भी पहुंच रही है। ये शिकायत पब्लिक टॉयलेट की है। जहां पर लाइट तक नहीं जल रही है। ऐसी दो शिकायतें है। एप में दर्ज शिकायतों के निराकरण की जिम्मेदारी निगम के अधिकारी संजीव गुप्ता, डॉ.वैभव श्रीवास्तव, रामबाबू दिनकर, महेंद्र अग्रवाल और पवन शर्मा को दी गई है। कचरा डंप और जल रहा, पब्लिक टॉयलेट भी ब्लॉकेज निगम का स्वास्थ्य अमले की अनदेखी के चलते शहर के 66 वार्डों में 198 स्थान पर कचरा डंप होने की शिकायतें दर्ज हो चुकी है। निगम को अमला उक्त कचरे को उठा भी नहीं रहा है। वहीं सात शिकायतें खुले में कचरा जलाने की एप में इंट्री है। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने वाले वाहन तक समय पर नहीं पहुंच रहे है। लोग फोन कर रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। पब्लिक टॉयलेट ब्लॉक और गंदे पड़े हैं। सीएम हेल्पलाइन: सीवर की 3 समस्याओं के निराकरण का सच 1. जनकपुरी: यहां आनंद ईंट भट्टे के पास रहने वाले नरेंद्र कुशवाह का कहना है कि सीवर की बड़ी लाइन साफ नहीं है। कर्मचारी आते हैं और एक दूसरे स्टाफ की बात कर चले जाते हैं। वहीं इस संबंध में निगम के अधिकारी लिखित में जवाब दे चुके हैं कि लाइन साफ है। शिकायतकर्ता निजी कॉलोनी की सीवर लाइन को साफ करने के लिए कह रहा है। 2. महादजी नगर : शिवपुरी लिंक रोड निवासी योगेंद्र कुमार शर्मा का कहना है कि बारिश के दौरान नाला खुदाई करते वक्त सीवर लाइन को तोड़ दिया था। उसका मिलान नहीं होने से सीवर की गंदगी खुले में फैल रही है। शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। अधिकारियों ने शिकायत बंद करने के लिखकर दिया है कि शिकायतकर्ता नई सीवर लाइन की मांग कर रहा है। 3. कृष्णा नगर: यहां के निवासी अमित श्रीवास्तव का कहना है जनसुनवाई से लेकर सीएम हेल्पलाइन पर कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ है। यहां सड़क पर सीवर चेंबर ओपन पड़ा है, रोज गंदगी बहती है।सीएम हेल्पइान पर शिकायत को लेकर अधिकारियों ने लिखा है कि सहायक यंत्री- उपयंत्री निरीक्षण किया। एजेंसी के माध्यम से लाइन की सफाई करा दी। सफाई व्यवस्था पर कर रहे हैं कसावट ^स्वच्छ सर्वेक्षण को ध्यान में रखकर प्लानिंग की जा रही है। स्वच्छता एप में सामने आ रही शिकायतों का भी निराकरण कर रहे हैं। कुछ जगह कचरा जलाने और कचरा सड़क पर डालने के मामले आए है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग में कसावट कटी जा रही है। यदि एप में सेवानिवृत्त अधिकारी का नाम है, उसे हटा दिया जाएगा।-संघ प्रिय, आयुक्त, नगर निगम
कैथल में अब अगर किसी भी व्यक्ति ने बिजली की हाई वोल्टेज तारों के नीचे मकान या दुकान बनाए तो ऐसे लोगों के खिलाफ निगम की ओर से कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में निगम के एसई ने सभी एक्सईएन, एसडीओ और जेई को आदेश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा है कि अगर कोई व्यक्ति ऐसे मकान या दुकान बनाते पाया गया तो निगम की कार्रवाई के साथ-साथ एस व्यक्ति के खिलाफ केस भी दर्ज करवाया जाएगा। निगम ने करवाया सर्वे बता दें कि निगम की ओर से एक साल पहले अधिकारियों को फील्ड में भेजकर सर्वे करवाया गया था। उस दौरान निगम के पास 306 साइट ऐसी आई थी, जो डेंजर लाइन के नीचे थी। उनमें से 122 ऐसी थी, जो सार्वजनिक स्थानों के ऊपर से थी। उनमें से 121 हो हटा दिया गया। 306 में से 184 मामले ऐसे थे, जो निजी व्यक्तियों के थे। वहां पर लाइनें पहले से थी और उपभोक्ताओं ने उनके नीचे घर बना लिए। हादसों की रहती है संभावना अब सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इसमें जो भी कार्रवाई बनती है वह की जाए। मकान पर बिजली लाइन होने से हादसों की संभावना रहती है। ऐसे काफी मामले सामने आतें हैं। अगर किसी ने जान बूझकर तारों के नीचे मकान बनाया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों को भी इस संबंध में सख्त आदेश दिए गए हैं कि ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। अधिकारियों को दें सूचना बिजली निगम के एसई सोमवीर भालोटिया ने कहा कि उपभोक्ता ऐसे कार्य न करें। इस प्रकार से तारों के नीचे मकान बनाना अपराध की श्रेणी में आता है। अगर तार के नीचे मकान बनाना पड़े तो पहले निगम के अधिकारियों को सूचना दें। अपने खर्च पर पहले उसे हटवाएं। अगर इस प्रकार मकान या दुकानें बनाई तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शहर के वार्ड 1 झिरका बाग में श्मशान में जलती चिता की राख से नहाने और खोपड़ी व अस्थियां चोरी करने वाले बल्ली कुशवाहा को कुशवाहा समाज के लोगों ने चप्पलों की माला पहनाकर जुलूस निकाला। झिरका बाग निवासी मूलचंद की मौत हो गई थी। शुक्रवार शाम को श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया। बल्ली ने भी दाह संस्कार में हिस्सा लिया। इसके बाद रात करीब 11 बजे बल्ली फिर श्मशान पहुंचा। यहां जलती चिता की राख से स्नान किया। फिर खोपड़ी और अस्थियां लेकर घर आ गया। सुबह मूलचंद के परिजन अस्थियां बटोरने पहुंचे तो राख बिखरी मिली। श्मशान की राख से नहाने और हड्डियां ले जाने वाले को पहनाई चप्पलों की माला...खोजबीन में बल्ली का शॉल मिला, जिससे उसकी पहचान हुई। बल्ली के घर के बाहर अस्थियों से भरी पॉलिथीन मिली थी। बाद में बल्ली ने स्वीकार भी कर लिया। उसके पूरे परिवार को कुशवाहा समाज से बहिष्कृत कर दिया। संतान की चाह में अपराधबल्ली को शादी के 20 साल बाद तक संतान नहीं हुई तो दूसरी शादी की। उससे दो बच्चे हुए, पर दोनों मर गए। उसे भितरवार में किसी जनवा ने उसे श्मशान की राख से स्नान करने की सलाह दी। जिससे उसकी संतान उत्पत्ति हो सके। आरोप- गंदगी पिलाईभतीजे राजकुमार कुशवाहा ने बताया कि लोगों ने बल्ली चाचा को पानी में मिलाकर गंदगी भी पिलाई। बल्ली का इलाज चल रहा है। एसडीओपी आकांक्षा जैन का कहना है मामला संज्ञान में आया है। पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया है।
भीषण हादसा:बायपास पर तेज रफ्तार कार ट्रक में घुसी, ट्रांसपोर्टर की मौके पर मौत
इंदौर-देवास बायपास पर शनिवार सुबह तेज रफ्तार कार पीछे से ट्रक में जा घुसी। हादसे में कार सवार ट्रांसपोर्टर की मौके पर ही मौत हो गई। लसूड़िया पुलिस के अनुसार दुर्घटना शेरेटन होटल के सामने हुई। मृतक की पहचान कनाड़िया रोड निवासी विक्रम सिंह राणा (40) पिता परमजीत सिंह राणा के रूप में हुई। विक्रम की कार (MP09 ZM 4545) तेज रफ्तार में थी, जो आगे चल रहे ट्रक में जा घुसी। हादसे में चालक का सिर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। गर्दन स्टेयरिंग में फंस गई थी। कार के एयर बैग खुलने के बाद भी युवक की जान नहीं बच सकी। लसूड़िया पुलिस ने क्रेन की मदद से कार सड़क से हटाकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए एमवायएच भेजा। इधर, ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट मुकेश कुमार के अनुसार तय लिमिट से ज्यादा स्पीड होने पर एयर बैग खुलने के बाद भी यात्री की जान बचना मुश्किल होता है। ओवर स्पीड जान ही लेती है
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज:लैब में न बीकर, न कैडेवर, बिना प्रैक्टिकल MBBS की पढ़ाई
नए ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज इंदौर में एमबीबीएस पहली बैच के 50 छात्रों का भविष्य अधर में है। सत्र शुरू हुए तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन भविष्य के डॉक्टरों की नींव यहां ‘प्रैक्टिकल’ के बिना ही रखी जा रही है। छात्रों को न कैडेवर उपलब्ध कराया गया, न ही लैब में बीकर-माइक्रोस्कोप की सुविधा है। एनाटॉमी, फिजियोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री जैसे मूलभूत विषयों की पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित है। यहां नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की गाइडलाइन का भी उल्लंघन हो रहा है। इससे नाराज पूरे बैच (50 छात्रों) ने पिछले दिनों प्रैक्टिकल क्लास का बहिष्कार कर दिया था। एनएमसी के नियमों के अनुसार हर 10-15 छात्रों पर एक कैडेवर होना चाहिए, ताकि वे मानव शरीर की बारीकियों को समझ सकें। 50 छात्रों के इस छोटे बैच के लिए भी कॉलेज प्रबंधन 3 महीने में एक भी कैडेवर नहीं जुटा पाया है। प्रबंधन का तर्क है कि इंदौर में शवों की कमी है। पीपीटी से खानापूर्ति फिजियोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री लैब की हालत और भी खराब है। छात्रों के मुताबिक लैब में माइक्रोस्कोप, टेस्ट ट्यूब, बीकर और जरूरी केमिकल (रीजेंट) तक उपलब्ध नहीं हैं। ‘एग्जामिनेशन टेबल’ तक नहीं है। प्रैक्टिकल के नाम पर पीपीटी दिखा देते हैं। अब भविष्य की चिंता बैच में 35 से अधिक छात्र हिंदी माध्यम से हैं। कई छात्रों ने जीएमसी भोपाल, जबलपुर और रतलाम सरकारी कॉलेजों की सीट छोड़कर ईएसआईसी इंदौर को चुना था। अब ये छात्र खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कीमती समय बर्बाद हो रहा है। एक सप्ताह में सारी व्यवस्थाएं करेंगे : डीन ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. यू. राजेश संग्राम का कहना है कि छात्रों की शिकायतें संज्ञान में हैं और समाधान की प्रक्रिया चल रही है। छात्रों से एक सप्ताह का समय मांगा है।
इंदौर को उम्मीद:विराट का शतक हिटमैन के सिक्स रचें इतिहास
भारत-न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वन-डे सीरीज का निर्णायक मुकाबला रविवार को होलकर स्टेडियम में दोपहर 1:30 बजे से होगा। होलकर स्टेडियम में अब तक हुए सभी 7 वनडे भारतीय टीम ने जीते हैं। आज विराट कोहली सेंचुरी लगाते हैं तो वे न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे में सबसे ज्यादा 7 शतक जड़ने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन जाएंगे। अभी यह रिकॉर्ड संयुक्त रूप से वीरेंद्र सहवाग और ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग(6-6 शतक) के नाम है। इधर, हिटमैन रोहित शर्मा 2 छक्के जड़कर न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे ज्यादा 51 सिक्स मारने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे। अभी यह रिकॉर्ड शाहिद अफरीदी (50) के नाम है। इन पर रहेगी नजर विराट कोहली: पिछले 10 वनडे में 577 रन रोहित शर्मा: पिछले 10 मैचों में 502 रन डेरिल मिचेल: पिछले 8 मैचों में अब तक 573 रन डेवोन कॉनवे: पिछले 6 मैचों में अब तक 256 रन टॉस: डे-नाइट मैच है। यहां ओस की भूमिका भी अहम रहती है। अक्सर टीमें टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी पसंद करती हैं। पिच रिपोर्टकाली मिट्टी की पिच सपाट है और अच्छे उछाल वाली है। बल्लेबाजी आसान। शुरुआत में तेज गेंदबाजों को मदद। आउटफील्ड तेज और बाउंड्री छोटी है। मौसम: अच्छी धूप खिलेगी। दिन का तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। रात को ओस गिर सकती है। अंडर-19 वर्ल्ड कप: भारत जीता, वैभव के 1000 रन पूरे बुलवायो| अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत ने बांग्लादेश को हरा दिया। वैभव सूर्यवंशी ने 72 रन बनाए। वे यूथ वनडे में 1000 रन वाले 35वें बल्लेबाज बन गए।
आज मौनी अमावस्या है। प्रयागराज के माघ मेले में 3 करोड़ लोगों के स्नान करने का अनुमान लगाया जा रहा। घाटों पर खास इंतजाम किए गए हैं। पूरे शहर में डायवर्जन लागू किया गया है। बता दें, 17 जनवरी यानी मौनी अमावस्या से 1 दिन पहले त्रिवेणी में 1.5 करोड़ लोग स्नान कर चुके हैं। पिछले साल मौनी अमावस्या के वक्त महाकुंभ चल रहा था। तब त्रिवेणी में करीब 10 करोड़ लोगों ने स्नान किया था। भगदड़ मचने से हादसा भी हो गया था। इसलिए इस बार घाट पर सिक्योरिटी ज्यादा कर दी गई है। मान्यता है कि मौनी अमावस्या के दिन मौन रहकर स्नान करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मौनी अमावस्या का पुण्यकाल जानिए इस साल मौनी अमावस्या की 17 जनवरी (शनिवार) की रात 11:52 बजे से शुरू होकर 18 जनवरी (रविवार) की रात 1:08 बजे तक रहेगी। पंडितों के अनुसार, 18 जनवरी को अमावस्या तिथि पूरे दिन रहने से श्रद्धालु किसी भी समय गंगा स्नान कर सकते हैं। विशेष पुण्यकाल के साथ सामान्य समय में भी स्नान, दान और पूजा का पूर्ण फल मिलेगा। स्नान का पुण्यकाल मौन व्रत रखना तपस्या है इस अमावस्या पर ब्रह्म, पद्म और वायु पुराण में मौन व्रत करने की बात कही गई है। इनके अनुसार माघ महीने की अमावस्या पर भगवान विष्णु और पितरों की पूजा के साथ इस दिन मौन व्रत रखने से महापुण्य मिलता है। श्रीमद् भगवद् गीता में मौन को तप कहा गया है। माना जाता है कि इस तिथि पर मौन व्रत रखने से तप के समान पुण्य फल मिलता है। अपनी इच्छाओं पर काबू पाने के लिए युगों से मौन व्रत किया जा रहा है। इस व्रत से मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है। इससे डिप्रेशन, चिंता और तनाव में कमी आती है। इससे सेल्फ कंट्रोल और सहनशक्ति भी बढ़ती है। तीर्थ स्नान का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
नमस्कार, कल की बड़ी खबर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इंदौर दौरे से रही। उन्होंने कहा कि यहां कि हवा, पानी और जमीन में जहर है। वहीं, दूसरी बड़ी खबर मणिकर्णिका घाट पर दिए योगी के बयान को लेकर है। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. मोदी बोले- TMC और कांग्रेस घुसपैठियों को बसा रही, हिमंता सरकार उन्हें खदेड़ रही PM मोदी ने पश्चिम बंगाल और असम दौरे के दौरान TMC, कांग्रेस पर घुसपैठियों को बसाने का आरोप लगाया। उन्होंने असम में कहा कि ये घुसपैठिये कांग्रेस के कट्टर वोटर हैं। ये लोग जमीन पर कब्जा करते रहे, कांग्रेस उनकी मदद करती है। लेकिन हिमंता सरकार कब्जे हटाकर घुसपैठियों को खदेड़ रही है। PM ने पश्चिम बंगाल में कहा;- बंगाल के कई इलाकों में आबादी का संतुलन बिगड़ रहा है। टीएमसी घुसपैठियों को वोटर बना रही। गरीबों का हक छीना जा रहा है। BJP बोली- ममता ₹10,000 में नागरिकता दे रहीं: भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी 10 हजार से लेकर 10 लाख रुपए में बांग्लादेशियों और रोहिग्याओं को नागरिकता दे रही हैं। भारत के करोड़ों रुपए केवल इसी में खर्च कर रही हैं। इसी वजह से I-PAC दफ्तर पर ED छापे से घबरा गईं, फाइलें छीनकर ले गईं। पढ़ें पूरी खबर... 2. शिंदे के सभी 29 पार्षद होटल में शिफ्ट, मेयर के लिए भाजपा को 25 पार्षद चाहिए महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव रिजल्ट के बाद शिंदे ने अपने सभी 29 पार्षदों को ताज होटल में शिफ्ट कर दिया है। उनके इस फैसले को मुंबई के मेयर पद से जोड़कर देखा जा रहा है। 227 पार्षदों वाली BMC में भाजपा ने 89 सीटों पर जीत दर्ज की है। बहुमत का आंकड़ा 114 है। भाजपा को मेयर बनाने के लिए 25 पार्षदों की जरूरत होगी। दोनों डिप्टी सीएम भाजपा से नाराज: सूत्रों के मुताबिक, शिंदे और अजित पवार गुट को जितनी उम्मीद थी, परिणाम वैसा नहीं आया। दोनों डिप्टी सीएम अपनी पार्टियों की सीटें कम आने से भाजपा से नाराज हैं। दोनों महाराष्ट्र सरकार की कैबिनेट बैठक में भी नहीं गए। पढ़ें पूरी खबर... 3. योगी बोले- अहिल्याबाई की टूटी मूर्ति का वीडियो AI से बना, यह कांग्रेस की साजिश काशी में मणिकर्णिका घाट पर रानी अहिल्याबाई की मूर्ति टूटने के विवाद पर योगी ने कांग्रेस को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा- रानी की मूर्ति सुरक्षित रखी है। कांग्रेस ने AI से मूर्ति टूटने का वीडियो बनाया। यह काशी को बदनाम करने की साजिश है, इसलिए मुझे खुद यहां आना पड़ा। साजिश का पर्दाफाश होना चाहिए। सीएम ने कहा- मंदिर तोड़े गए हैं, इससे ज्यादा बड़ा झूठ नहीं हो सकता। अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा को संरक्षित किया गया है। जब जीर्णोद्धार का काम पूरा हो जाएगा, तब प्रतिमा नई तरह से दिखेगी। कांग्रेस मंदिर तोड़ने के AI वीडियो से जनता को गुमराह कर रही, यह अपराध है। योगी ने कहा कि अहिल्याबाई का कांग्रेस ने सम्मान नहीं किया। इनके नेताओं की टिप्पणी पर हंसी और दया आती है। ये वैसा ही है, जैसे 100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली। मैं AI से तस्वीर बनाने वालों को चेतावनी देता हूं, इसे कतई स्वीकार नहीं करेंगे। पढ़ें पूरी खबर... 4. यूपी के SIR में महिलाओं की संख्या ज्यादा घटी, गांव की तुलना में शहरों में मतदाता कम हुए यूपी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में जेंडर रेश्यो में गिरावट आई है। यह 877 से घटकर 824 हो गया है। 27 अक्टूबर, 2025 को मतदाता सूची में एक हजार पुरुषों के पीछे 877 महिला मतदाता थीं। SIR के पहले चरण के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में एक हजार पुरुष मतदाताओं के पीछे अब 824 महिला मतदाता हैं। यानी जेंडर रेश्यो में करीब 53 प्रति हजार की कमी आई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया- SIR में 2.89 करोड़ मतदाता कम हुए। इनमें 1 करोड़ 54 लाख 53 हजार महिलाओं के नाम कटे। पुरुषों के 1 करोड़ 33 लाख 50 हजार नाम कटे। पुरुषों की तुलना में 20 लाख महिलाओं के नाम अधिक कटे हैं। पूरी खबर पढ़ें... 5. MP के कांग्रेस विधायक का विवादित बयान, कहा- खूबसूरत लड़की का रेप हो सकता है MP के कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने दलित, आदिवासी और ओबीसी महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया है। उन्होंने कहा, 'अगर कोई व्यक्ति रास्ते से जा रहा है तो खूबसूरत लड़की देखकर उसका ब्रेन विचलित हो सकता है तो रेप हो सकता है। आदिवासियों में, एससी में कौन सी अति सुंदर स्त्री है? मोस्ट ओबीसी में ऐसी स्त्रियां, सुंदरियां हैं? क्यों होता है बलात्कार, क्योंकि उनके धर्म ग्रंथों में इस तरह के निर्देश दिए गए हैं। इससे तीर्थ जैसा फल मिलता है। BJP ने बयान की आलोचना की: भाजपा नेता संबित पात्रा ने कहा कि बरैया ने सनातन धर्म का अपमान कर मानवता का भी अपमान किया है। उन्होंने बाबासाहेब अंबेडकर को आहत किया है। मुझे उम्मीद है कि प्रियंका गांधी इस पर कुछ कहेंगी। राहुल गांधी से कोई उम्मीद नहीं है। पढ़ें पूरी खबर... 6. ट्रम्प ने 8 यूरोपीय देशों पर 10% टैरिफ लगाया, ग्रीनलैंड पर कब्जे का विरोध कर रहे थे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यूरोप के 8 देशों पर 10% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ये देश ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्जे की धमकी का विरोध कर रहे थे। ट्रम्प ने कहा कि डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड और फिनलैंड टैरिफ के दायरे में आएंगे। इन पर 1 फरवरी से टैरिफ लागू होगा। टैरिफ 25% बढ़ाया जा सकता है: ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अगर ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के साथ कोई समझौता नहीं होता है, तो 1 जून से यह टैरिफ बढ़ाकर 25% कर दिया जाएगा। ट्रम्प ग्रीनलैंड पर कब्जा क्यों करना चाहते हैं: ट्रम्प का कहना है कि अमेरिका की सुरक्षा के लिए बहुत अहम जगह है। यहां से चीन और रूस पर नजर रखी जा सकती है। अगर अमेरिका कंट्रोल नहीं करेगा तो रूस-चीन कब्जा कर सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... अजमेर में बच्चों ने चेक किया यूनिवर्सिटी का पेपर अजमेर की महर्षि दयानंद सरस्वती यूनिवर्सिटी का एग्जाम पेपर, बच्चे चेक कर रहे थे। चेकिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसे लेकर यूनिवर्सिटी के छात्रों ने कलेक्टर से शिकायत की। हालांकि यूनिवर्सिटी का कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज मिथुन राशि वालों को धन लाभ का मौका मिलेगा। तुला राशि वालों के प्रॉपर्टी से जुड़े फैसले हो सकते हैं। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज (रविवार को) अमृतसर जिले के मजीठा स्थित दाना मंडी में ग्रामीण लिंक सड़कों का उद्घाटन करेंगे। ग्रामीण संपर्क सड़कों के शुरू होने से आसपास के गांवों को बेहतर आवाजाही सुविधा मिलेगी, जिससे आम लोगों को राहत मिलेगी। इसी दौरान किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी की ओर से ऐलान किया गया है कि वे अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और जरूरत पड़ने पर उनका घेराव भी किया जाएगा। संगठन के आह्वान पर आज हजारों की संख्या में किसान मजीठा क्षेत्र में पहुंचेंगे। किसान नेताओं का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से ठोस समाधान नहीं निकला है। किसानों की मौजूदगी के चलते इलाके में माहौल पूरी तरह सतर्क बना रहेगा और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। 19 जनवरी को बिकरौर में कॉलेज का नींव पत्थर रखेंगे मुख्यमंत्री वहीं, कल (19 जनवरी) को मुख्यमंत्री पंजाब में पाकिस्तान सीमा से सटे सीमावर्ती गांव बिकरौर का दौरा करेंगे। जहां वे करीब 15 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले कॉलेज का शिलान्यास करेंगे। इस संबंध में अजनाला विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने बताया है कि यह कॉलेज निर्माण की मांग आजादी के बाद से चली आ रही एक बड़ी मांग रही है, जिसे आम आदमी पार्टी की सरकार पूरा करने जा रही है। उन्होंने कहा है कि इस कॉलेज के बनने से सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले मेहनतकश परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे। बिकरौर पंचायत द्वारा 15 एकड़ जमीन निशुल्क देने को भी उन्होंने सराहनीय कदम बताया है। कॉलेज खुलने से क्षेत्र के बच्चों के भविष्य को नई दिशा मिलेगी।
राजस्थान के श्रीगंगानगर में बैंकिंग इतिहास का अब तक का संभवतः सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। पंजाब एंड सिंध बैंक की दो शाखाओं में बैंक अधिकारियों और निजी व्यक्तियों की मिलीभगत से 1621 करोड़ रुपये का घोटाला उजागर हुआ है। सीबीआई, जोधपुर ने इस मामले में बैंक के दो तत्कालीन ब्रांच मैनेजरों समेत 30 से अधिक लोगों और फर्मों के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। घोटालेबाजों ने साइबर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग की काली कमाई को सफेद करने के लिए 'म्यूल अकाउंट्स' का इस्तेमाल किया। सीबीआई ने 21 जुलाई 2025 को PE (Preliminary Enquiry) दर्ज की थी, जिसके बाद जांच में तथ्य सामने आए तो, अब 13 जनवरी को FIR दर्ज की गई। यह पूरा खेल अस्तित्वहीन कंपनियों और फर्जी दस्तावेजों के दम पर खेला गया। सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के मुताबिक, आरोपियों ने महज कुछ महीनों में 17 खातों के जरिए हजारों करोड़ रुपये इधर-उधर कर दिए। मोडस ऑपरेंडी: फर्जी विजिट रिपोर्ट और जाली केवाईसी यह महाघोटाला एक गहरी और सुनियोजित आपराधिक साजिश का परिणाम था, जिसे बैंक अधिकारियों और निजी व्यक्तियों ने मिलकर अंजाम दिया। सीबीआई FIR के अनुसार, इस साजिश के मुख्य सूत्रधार पंजाब एंड सिंध बैंक के दो तत्कालीन ब्रांच मैनेजर विकास वाधवा (सीनियर मैनेजर, गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल ब्रांच) और अमन आनंद (चीफ मैनेजर, मुख्य शाखा, श्रीगंगानगर) थे। इन्होंने आदित्य गुप्ता उर्फ विशाल गुप्ता (जीरकपुर, चंडीगढ़), प्रवीण अरोड़ा, प्रेम कुमार सैन और आतिल खान जैसे शातिरों के साथ मिलकर फ्रॉड किया। फर्जी फर्में और जाली दस्तावेजों का खेल इस गैंग ने कुल 17 ऐसी फर्मों और कंपनियों के नाम पर ‘म्यूल’ करंट अकाउंट्स खोले, जिन फर्मों का धरातल पर कोई अस्तित्व ही नहीं था। निजी आरोपियों की भूमिका: इन्होंने जाली केवाईसी (KYC) दस्तावेज, फर्जी रेंट एग्रीमेंट और अन्य बनावटी सहायक दस्तावेज तैयार करके बैंक में जमा कराए। बैंक अधिकारियों की भूमिका: बैंक प्रबंधकों ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए बिना मौके पर गए ही फर्जी साइट विजिट रिपोर्ट और बिजनेस वेरिफिकेशन तैयार कर दीं, ताकि खाते आसानी से खुल सकें। दो ब्रांच, 17 खाते, 1621 करोड़ के लेनदेन पूरी गैंग की मिलीभगत से इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक में कुल 17 म्यूल करंट अकाउंट खोले गए: मुख्य शाखा: 20 दिन में ही घूमा डाले 537 करोड़- यहां महज 20 दिनों (19 जून से 9 जुलाई 2024) के भीतर 4 खाते खोले गए, जिनमें लगभग 537 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ। गर्ल्स स्कूल ब्रांच: 8 महीने में 1084 करोड़ का लेनदेन- यहां अगस्त 2024 से मार्च 2025 की अवधि में कुल 13 खाते खोले गए, जिनमें लगभग 1084 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ था। फंड की लेयरिंग और नुकसान खाते एक्टिव होने के बाद, इनका उपयोग साइबर क्राइम और अन्य अवैध गतिविधियों से प्राप्त काली कमाई को बैंकिंग चैनलों के माध्यम से रूट और लेयरिंग (उस रास्ते को इतना उलझा देना कि कोई उसका सिरा न पकड़ सके) और ट्रांसफर करने के लिए किया गया। इसका उद्देश्य पैसे के असली स्रोत को छुपाना था। यह पूरा स्कैम बैंक अधिकारियों की सक्रिय मिलीभगत के बिना संभव नहीं था, जिन्होंने अपनी आधिकारिक स्थिति का दुरुपयोग कर फर्जी रिपोर्ट तैयार कीं। इन फर्जी फर्मों के नाम पर हुआ खेल सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में उन फर्जी फर्मों और उनके प्रोपराइटर/डायरेक्टर्स को भी नामजद किया है, जिनके नाम पर खाते खुले थे। इनमें – ए वन हाइब्रिड सीड्स (प्रोपराइटर: मनोज कुमार), यूनिक कॉस्मेटिक्स (प्रोपराइटर: गोविंदा), स्टार लैब एंड डायग्नोस्टिक्स (प्रोपराइटर: भवानी सोनी), लैगून टूर प्लानर (प्रोपराइटर: मनोज मेहरा), एच.एच. रॉक साल्ट सप्लायर (प्रोपराइटर: जसपाल सोनी), गंगा कैटल केयर (प्रोपराइटर: शंकर सिंह), सिंपलेक्स टेक्सटाइल्स ट्रेडिंग प्रा. लि. (डायरेक्टर: राजेश व रवि), यरिद टेक्सको प्रा. लि. (डायरेक्टर: प्रवीण कुमार नायक व विनोद कुमार), महादेव ट्रेडर्स (प्रोपराइटर: कौशल कुमार), मोहितोही इंडस्ट्रीज प्रा. लि. (डायरेक्टर: जगदीश कुमार व संजय कुमार), वैंडेले एक्सपोर्ट्स प्रा. लि. (डायरेक्टर: अमरीक सिंह व भीमसेन), भवजोग एंटरप्राइजेज (डायरेक्टर: कपिल व सुखप्रीत कौर), हीड कम्युनिकेशंस प्रा. लि. (डायरेक्टर: शिवम व सूरज), ग्लोसग्लो प्रा. लि. (डायरेक्टर: वीरेंद्र), एलकेजी इन्फो सॉल्यूशंस प्रा. लि. (डायरेक्टर: अजय गर्ग व लविश कुमार), आर.पी. ट्रेडिंग कंपनी (प्रोपराइटर: राम लाल), बालाजी ट्रेडिंग कंपनी (प्रोपराइटर: किरण बाला) के नाम की फर्में बनाकर बैंक अकाउंट खोले गए। उन्हीं खातों में हेरफेर के ट्रांजैक्शन किए जा रहे थे। सीबीआई का एक्शन: छापेमारी और धाराएं मामला दर्ज होने के बाद सीबीआई ने छापेमारी भी शुरू कर दी। सूत्रों के अनुसार, हनुमानगढ़ रोड पर निकुंज विहार स्थित एलकेजी इन्फो सॉल्यूशंस के डायरेक्टर अजय गर्ग के ठिकानों पर दबिश दी गई। सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और जाली दस्तावेज का उपयोग करने की धाराओं के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए हैं।
राजस्थान में बर्फीली हवा का दौर कमजोर पड़ा है। इससे तापमान में बढ़ोतरी हुई, जिससे सुबह-शाम की तेज सर्दी से थोड़ी राहत मिली। दिन और रात का तापमान भी बढ़ा है। मौसम विभाग के अनुसार 22 जनवरी से एक नया स्ट्रॉन्ग वेदर सिस्टम राजस्थान में एक्टिव होगा, जिसके प्रभाव से आधे से ज्यादा राजस्थान में मावठ होने की संभावना है। पिछले 24 घंटों में, बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़,सीकर, चूरू और झुंझुनूं के कुछ इलाकों में आसमान में ऊंचाई पर बादल छाए, इन शहरों में धूप थोड़ी कमजोर रही। जबकि राज्य के शेष सभी जिलों में आसमान साफ रहा और तेज धूप खिली। दिन का तापमान 29 डिग्री तक पहुंचा शनिवार को जैसलमेर, जोधपुर, चूरू, बीकानेर समेत कई शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस चित्तौड़गढ़ में दर्ज हुआ। न्यूनतम तापमान 5 डिग्री तक बढ़ा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया। सिरोही में न्यूनतम तापमान बढ़कर शनिवार को 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। दौसा और करौली को छोड़कर, शनिवार को शेष सभी जिलों में न्यूनतम तापमान 5 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ। 22 जनवरी से शुरू होगा मावठ का दौर मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया - राजस्थान में 22 से 24 जनवरी के दौरान एक नया मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश (मावठ) होने की संभावना है। 22-23 जनवरी को जोधपुर, बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में आकाशीय बिजली चमकने के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 23-24 जनवरी को शेखावाटी क्षेत्र के अलावा जयपुर, अलवर, दौसा, भरतपुर, धौलपुर और करौली के इलाकों में आकाशीय बिजली के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
प्रयागराज के करीब शंकरगढ़ में 27 दिसंबर को एक महिला की लाश मिली। चेहरे और गर्दन पर गहरे जख्म थे और साफ था कि उसकी हत्या की गई। 18 दिन बाद पुलिस को पता चला कि महिला मध्य प्रदेश की रहने वाली है। जिस ननदोई के साथ महिला लिव इन में थी, उसने ही बेरहमी से मर्डर कर दिया था। सबसे चौंकाने वाला था वो हथियार, जिसे उसने मर्डर के लिए चुना। उसने हत्या करने के लिए रोटी सेंकने वाले तवे का इस्तेमाल किया, ताकि महिला को शक न हो। मर्डर के 21 दिन तक ननदोई छिपा रहा, आखिरकार पुलिस ननदोई तक पहुंच गई। इस कत्ल के पीछे की वजह 2 लाख रुपए और करीब 4 लाख रुपए के गहने थे, जो उसने महिला को इमोशनल ब्लैकमेल करके हथिया लिए थे। अब महिला उन्हें वापस मांग रही थी। ननदोई ने पुलिस से कहा- ललिता मुझ पर दबाव बना रही थी कि अगर मेरे जेवर और रुपए वापस नहीं किए तो मैं पुलिस के पास जाऊंगी। इसके बाद वारदात को अंजाम देने के लिए हत्यारे ने फुलप्रूफ प्लानिंग की। मप्र के चाकघाट में रहने वाली महिला को 15 किमी दूर यूपी की सीमा से सटे शंकरगढ़ के धवैया गांव में घूमने के बहाने से ले आया। फिर वहां हत्या करने के बाद लाश को खेत में फेंककर भाग निकला। उसे लगा महिला मप्र की रहने वाली है, यहां उसे कोई पहचान ही नहीं सकेगा। हालांकि पुलिस ने जब क्लू से क्लू को जोड़ना शुरू किया, तो 21 दिन बाद हत्यारे तक पहुंच गई। पढ़िए लव स्टोरी से हत्या तक की पूरी कहानी… खेत के किनारे लगी झाड़ियों में मिली थी बॉडीइस कहानी की शुरुआत 27 दिसंबर, 2025 से हुई। जब शकरगढ़ के धवैया गांव में दरोगा सिंह भदौरिया के खेत में एक महिला का खून से लथपथ शव मिला। पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस महिला की चोटें देखकर समझ गई कि ये हत्या हुई है, लाश ज्यादा पुरानी नहीं थी, इसलिए पुलिस को लेकर पहचान जल्दी हो जाएगी, मगर 13 जनवरी तक महिला के बारे में कोई भी जानकारी नहीं लग सकी। न ही पुलिस से किसी ने महिला की पहचान को लेकर संपर्क किया। शंकरगढ़ पुलिस ने यूपी के प्रयागराज और एमपी के रीवा, सतना में महिला की तस्वीरों के साथ इश्तिहार चस्पा करवाए। पुलिस को इस मर्डर केस में पहला क्लू 14 जनवरी को लगा, जब मध्य प्रदेश के रीवा डभौरा में रहने वाला रामाधार शंकरगढ़ थाने पहुंचा। भाई पुलिस के पास पहुंचा, बोला- ये मेरी बहन है...थाने में उसने बताया कि धवैया गांव में जिस महिला की लाश मिली है, वह मेरी बहन ललिता (42 वर्ष) है। मैंने रीवा के चाकघाट थाने के नोटिस बोर्ड पर अपनी बहन की तस्वीर देखी। पुलिस को उसने अपनी बहन की शादी की कहानी सुनाई। कहा- ललिता की शादी 21 साल पहले चाकघाट के रीवा में रहने वाले कमलेश से हुई थी। 3 साल पहले कमलेश की हार्ट अटैक से मौत हो गई। इसके बाद से ललिता अकेला महसूस करने लगी। तब सहारा बना उसकी ही ननद का पति धीरज। वो बारा इलाके के कुड़ी गौहानी गांव का रहने वाला है। भाई ने यह भी बताया- 26 दिसंबर, 2025 को उसकी बहन थोड़ी देर में लौटकर आने की बात कहकर घर से निकली थी, मगर फिर लौटी नहीं। उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गया था। इंस्पेक्टर बोले- धीरज ही प्राइम सस्पेक्ट थापुलिस के लिए यह बड़ा क्लू था। पुलिस ने धीरज से बात करने का प्रयास किया, मगर उसका भी मोबाइल बंद मिला। इससे शक गहरा गया। टीम उसके घर पहुंची तो वह वहां भी नहीं था। वहां उसकी पत्नी मिली, मगर उसने बताया कि वो अपने काम से कुछ दिनों के लिए बाहर गए हुए है। कहां गए हैं? ये भी मुझे नहीं पता। थाना प्रभारी यशपाल सिंह ने बताया- इसके बाद धीरज पर ही हमारा डाउट हो गया। उसकी डिटेल के साथ 3 टीमें एक्टिव कर दी गईं। हम जानते थे कि धीरज के मिलने के बाद ही ललिता के मर्डर की असली कहानी सामने आएगी। घर आते ही पुलिस ने धीरज को पकड़ा पुलिस की 1 टीम धीरज के घर के पास भी सादे कपड़ों में तैनात थी। 17 जनवरी को वह अपने घर पहुंचा। इसके बाद पुलिस ने घर को घेर लिया और धीरज को अरेस्ट कर लिया। उसको थाने लाया गया। यहां उससे पूछा गया कि ललिता की हत्या क्यों कर दी? धीरज कहने लगा- मैं इस बारे में नहीं जानता हूं कि ललिता कहां है? इसके बाद ललिता के साथ लिव-इन में रहने के बारे में उससे पूछा गया? मोबाइल के CDR (कॉल डिटेल) दिखाए गए, जिसमें वो लगातार ललिता से बातचीत कर रहा था। 26 दिसंबर की रात में भी उसने ललिता को कॉल किया था। इसके बाद ललित का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया था। तब उसने पूरी सच्चाई बताना शुरू किया। कहा- ललिता के पति कमलेश की मौत होने के बाद उसको 2 लाख रुपए का एक्सीडेंट मुआवजा मिला था। ललिता अकेला महसूस करने लगी थी। जब भी मैं जाता, वह घंटों मुझसे बात करती और अपना दुख हल्का करती थी। इस तरह धीरे-धीरे हमारा अफेयर हो गया। मैं पेशे से प्लंबरिंग का ठेका लेता था। अक्सर बड़ी-बड़ी कंस्ट्रक्शन साइटों पर काम करता था। मैं ललिता को भी अपने साथ लेकर जाने लगा। वहां हम साथ रहते, हम बिल्कुल मियां-बीवी की तरह जिंदगी बिता रहे थे। वो खुश थी। धमकी दी तो रची हत्या की साजिशधीरे-धीरे ललिता मुझे पर भरोसा करने लगी। ललिता के अकाउंट में मुआवजे में मिले 2 लाख रुपए थे, वो हमने घूमने और खाने-पीने में खर्च कर दिए। मुझे रुपयों की जरूरत रहती थी, इसलिए मैंने ललिता का मंगलसूत्र और उसके सारे जेवर भी एक-एक करके बेच दिए। कुछ महीने सब ठीक चला, मगर फिर वो अपने रुपए और गहने वापस मांगने लगी। एक दिन ज्यादा गुस्सा में आने पर उसने धमकी दे दी कि अगर मेरे जेवर, रुपए वापस नहीं मिलते हैं, तो मैं पुलिस के पास चली जाऊंगी। उसी दिन मैंने सोच लिया था कि अब ललिता को मार डालूंगा। अब मर्डर की रात 26 दिसंबर की कहानी… लोहे के तबे से चेहरे, गर्दन पर किए वार धीरज ने पुलिस को बताया- 26 दिसंबर की शाम को मैंने ललिता से कहा कि चलो कहीं घूमकर आते हैं, हम दोनों बाइक पर करीब 15Km दूर शंकरगढ़ के धवैया गांव में आ गए। रास्ते में एक जगह पर गांव के लोग लोहे के सामान बेच रहे थे। यहीं से मैंने एक तवा खरीद लिया। हंसिया या धारदार चीज नहीं ली, ताकि ललिता को ऐसा न लगे कि मैं उसे मारना चाहता हूं। ललिता ने पूछा- ये क्यों खरीदा? मैंने कहा- घर का तवा पुराना हो गया है, इसलिए दूसरा ले लिया है। फिर ललिता को बातों में उलझाते हुए मैं एक सुनसान जगह पर पहुंच गया। बाइक रोक दी, कहा कि लगता है कि ये खराब हो गई। फिर वो एक जगह पर बैठ गई, मुझे जैसे ही मौका मिला, पीछे से मैंने उसके सिर पर तवे से वार किया। वह जमीन पर गिर गई तो उसके चेहरे व गर्दन पर ताबड़तोड़ वार करता चला गया, जब तक कि उसकी सांस थम नहीं गई। इसके बाद शव को खींचकर कुछ दूर पर एक खेत में ले जाकर फेंक दिया। साथ ही तवे को झाड़ियों में छिपा दिया और मैं अपने घर वापस आ गया। चूंकि मैं डरा हुआ था कि पुलिस कहीं मुझे ट्रेस न कर ले, इसलिए इधर-उधर छिपकर रहने लगा। परिवार के लोगों को बता दिया था मुझे एक बड़ा ठेका मिला है, कुछ दिन वहीं रहना होगा। शंकरगढ़ थाने के प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह ने बताया- महिला की लाश मिलने के बाद 20 दिन गुजर गए थे। लगा कि ये केस खुलने की चुनौती हो गई है। मगर पुलिस के प्रयासों से हम असली कातिल तक पहुंच गए हैं। आरोपी ननदोई को अरेस्ट किया गया है, उसको जेल भेजा जा रहा है। ............. ये पढ़ें - योगी बोले-अहिल्याबाई की टूटी मूर्ति का वीडियो AI से बना, यह कांग्रेस की साजिश, रानी की प्रतिमा सुरक्षित; मणिकर्णिका घाट पर अभी काम रुका काशी में मणिकर्णिका घाट पर रानी अहिल्याबाई की मूर्ति टूटने के विवाद पर सीएम योगी ने शनिवार को इसके लिए कांग्रेस को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा- रानी की मूर्ति सुरक्षित रखी है। कांग्रेस ने AI से मूर्ति टूटने का वीडियो बनाया। यह काशी को बदनाम करने की साजिश है, इसलिए मुझे खुद यहां आना पड़ा। साजिश का पर्दाफाश होना चाहिए। पढ़िए पूरी खबर...
बांदा में पिछले 2 दिन से पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा चल रही है। इस दौरान कथा सुनाने के साथ धीरेंद्र शास्त्री काफी कुछ ऐसा ङी कह रहे, जो समाज से जुड़ा है। 17 जनवरी को उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर रहा है। इससे तो भगवान ही लोगों को बचाए। इससे पहले 16 जनवरी को धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था- मुसलमान दो बच्चों के नियम का पालन नहीं कर रहे। तभी उनकी जनसंख्या बढ़ रही। हिंदुओं से अपील है कि जनसंख्या घटाने के बजाय संतुलन बनाएं। VIDEO में देखिए धीरेंद्र शास्त्री की कथा के 2 दिन...
14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति के साथ ही खरमास खत्म हो गया। अब शुभ कार्य हो रहे हैं। बिहार सरकार के स्तर पर देखें तो मंत्रिमंडल विस्तार होना है। जदयू और भाजपा के कई नेताओं को खरमास खत्म होने का इंतजार था ताकि मंत्री पद मिल सके। हालांकि सरकार से जुड़े विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि उनका इंतजार थोड़ा लंबा हो सकता है। बजट सत्र से पहले कैबिनेट एक्सटेंशन की उम्मीद थी, लेकिन अब सीएम नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के चलते इसमें देर हो सकती है। सीएम 24 जनवरी तक यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान पूरे बिहार से फीडबैंक लेंगे, जनता की राय समझेंगे, फिर मंत्रिमंडल बढ़ाएंगे। जदयू और भाजपा के कौन से नेता मंत्री बन सकते हैं? कैबिनेट का विस्तार कब तक हो सकता है? पढ़ें खास रिपोर्ट… सबसे पहले जानिए नीतीश कैबिनेट की मौजूदा स्थिति नीतीश कुमार ने 20 नवंबर 2025 को 10वीं बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लिया था। पहली कैबिनेट में 26 मंत्री शामिल किए गए। मंत्रिमंडल में सबसे बड़ा हिस्सा भाजपा कोटे में गया। बीजेपी के 14 नेता मंत्री बने। नितिन नबीन ने कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद इस्तीफा दे दिया। इससे पार्टी के मंत्रियों की संख्या 13 बची है। जदयू के 9 मंत्री (CM समेत) हैं। लोक जन शक्ति पार्टी (LJP-R) से 2 और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) (HAM) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) से 1-1 मंत्री हैं। नीतीश कैबिनेट में 10 पद खाली बिहार में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं। 10 मंत्री पद खाली हैं। NDA मंत्रिपरिषद के लिए तय फॉर्मूले के मुताबिक BJP से 17, JDU से 15 (CM समेत), लोक जन शक्ति पार्टी (LJP R) से 2, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा( RLM) से 1-1 मंत्री हो सकते हैं। इस गणित से JDU के 6 और BJP के 4 नेताओं को मंत्री की कुर्सी मिल सकती है। कब हो सकता है कैबिनेट एक्सटेंशन? सरकार से जुड़े विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक विधायकों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। बजट सत्र 2026-27 से पहले कैबिनेट विस्तार की उम्मीद कम है। सीएम नीतीश कुमार यात्रा पर हैं। अभी उनका फोकस अपने कार्यक्रम पर है। इसलिए मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर फैसला होने में देर हो सकती है। विधायकों को मंत्री बनने के लिए यात्रा खत्म होने तक का इंतजार करना पड़ सकता है। मौजूदा मंत्रियों पर अतिरिक्त बोझ अभी मौजूदा मंत्रियों पर विभागीय कामकाज का ज्यादा प्रेशर है। कई कैबिनेट मंत्री अतिरिक्त विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। नीतीश कुमार जब चाहें करेंगे कैबिनेट एक्सटेंशन जदयू के सीनियर नेता और मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि कैबिनेट एक्सटेंशन सरकार की स्वाभाविक प्रक्रिया है। यह जरूरी भी है। कई सीटें खाली हैं। यह सीएम का निजी फैसला होता है। नीतीश कुमार जब चाहेंगे तब कैबिनेट एक्सटेंशन कर सकते हैं। यह काम एनडीए नेताओं के साथ विचार विमर्श के साथ होगा। 2 फरवरी से शुरू होगा बजट सत्र बिहार सरकार ने 3 सप्ताह पहले बजट सत्र बुलाया है। 2 फरवरी से 27 फरवरी तक यह सत्र चलेगा। 3 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। मंत्री पद की रेस में हैं जदयू के ये 7 विधायक जदयू कोटे से कैबिनेट में नए चेहरे शामिल होंगे। इसके साथ ही उन नेताओं को भी मौका मिल सकता है, जो पिछली सरकार में मंत्री थे। रेस में हैं ये 4 पूर्व मंत्री 1. महेश्वर हजारी: नीतीश सरकार में अब तक मंत्री नहीं बनने वाले महेश्वर हजारी को कैबिनेट एक्सटेंशन में मौका मिल सकता है। पिछली सरकार में IPRD मंत्री थे। मौजूदा कैबिनेट में यह विभाग मंत्री विजय चौधरी के पास है। हजारी समस्तीपुर के कल्याणपुर से विधायक हैं। 2. रत्नेश सदा: रत्नेश सदा सहरसा के सोनवर्षा विधानसभा क्षेत्र से चौथी बार विधायक बने हैं। इन्होंने 13454 वोटों के अंतर से जीत पाई है। 2023 में जीतन राम मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन ने इस्तीफा दिया तो महादलित समुदाय से आने वाले रत्नेश सादा को उत्पाद, मद्य निषेध एवं निबंधन मंत्री बनाया गया था। 3. जयंत राज: भवन निर्माण मंत्री रह चुके जयंत राज को फिर से बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। अभी भवन निर्माण विभाग का अतिरिक्त प्रभार विजय कुमार चौधरी के पास है। जयंत राज बांका के अमरपुर विधानसभा सीट से विधायक बने हैं। उन्होंने 33 हजार से अधिक मतों से जीत हासिल की। 2020 में पहली बार विधायक बनने के बाद उन्हें नीतीश ने मंत्रिमंडल में जगह दी थी। 4. शीला कुमारी: पहले परिवहन मंत्री रहीं हैं। इस समय परिवहन मंत्री का अतिरिक्त प्रभार श्रवण कुमार के पास है। शीला मधुबनी जिले के फुलपरास विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। 14099 वोटों के अंतर से चुनाव जीता। 55 साल की शीला कुमारी ने पोस्ट ग्रेजुएट तक पढ़ाई की है। अब जानिए नए चेहरे, जिन्हें मिल सकता है मौका 1. उमेश कुशवाहा: जदयू के प्रदेश अध्यक्ष हैं। कुशवाहा समाज से आते हैं। नीतीश कैबिनेट में इनके मंत्री बनने की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जाती है। वैशाली जिले के महनार विधानसभा सीट से विधायक चुने गए हैं। 2. नचिकेता मंडल: मुंगेर के जमालपुर विधानसभा सीट से विधायक बने नचिकेता मंडल मंत्री बन सकते हैं। नीतीश कुमार के राइट हैंड ललन सिंह के करीबी माने जाते हैं। नचिकेता ने 36228 वोटों के अंतर से विधानसभा चुनाव जीता है। 3. शालिनी मिश्रा: मोतिहारी के केसरिया विधानसभा सीट से विधायक बनीं शालिनी मिश्रा भूमिहार समाज से आती हैं। लगातार दूसरी बार विधायक चुनी गईं हैं। उनके पिता स्वर्गीय कमला मिश्र मधुकर मोतिहारी से CPI के टिकट पर 4 बार सांसद बने थे। मंत्री पद की रेस में भाजपा के ये 5 नेता नितिन नबीन कायस्थ समाज से हैं। उनकी मंत्री वाली कुर्सी फिलहाल दिलीप जायसवाल को मिली है। वह अतिरिक्त प्रभार मंत्री बनाए गए हैं। कैबिनेट विस्तार के दौरान यह पद भाजपा के किसी नेता को मिलेगा। मंत्री किसे बनाया जाए, इसको लेकर पार्टी सोशल इंजीनियरिंग का भी ध्यान रख रही है। भाजपा कोटे से राजपूत, भूमिहार, मैथिल ब्राह्मण जाति से मंत्रिपरिषद में जगह मिलनी है। ओबीसी और ईबीसी कोटा में गुंजाइश नहीं के बराबर है। भाजपा के ये नेता बन सकते हैं मंत्री 1. नीतीश मिश्रा: झंझारपुर से 5 बार विधायक चुने गए हैं। विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी की ओर से तीसरी सबसे बड़ी जीत (मार्जिन 55 हजार) हासिल की है। 2020 का चुनाव 42 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीता था। नीतीश कैबिनेट में युवा मंत्री रहे हैं। इनके पास उद्योग, आपदा प्रबंधन और ग्रामीण विकास विभाग मंत्री का लंबा अनुभव है। दिल्ली यूनिवर्सिटी और नीदरलैंड व यूके से पढ़ाई की है। इनके पास एमबीए की डिग्री है। मैथिल ब्राह्मण कोटे से सबसे मजबूत दावेदारी है। 2. संजीव चौरसिया: पटना शहर के दीघा सीट से विधायक संजीव चौरसिया मंत्री बन सकते हैं। उन्हें इस पद का लंबा इंतजार रहा है। चौरसिया ने सीपीआई (एमएल) की उम्मीदवार दिव्या गौतम को 59,079 वोटों के अंतर से हराया है। दिव्या दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की बहन हैं। संजीव चौरसिया के पिता गंगा प्रसाद भाजपा के सीनियर नेता हैं। सिक्किम के राज्यपाल रहे हैं। यह ईबीसी सेक्शन से आते हैं। उनके पास डॉक्टरेट (PhD) की डिग्री है और राजनीति में आने से पहले वे एक सहायक प्रोफेसर (Assistant Professor) थे। 3. संजय मयूख: विधान परिषद के सदस्य संजय मयूख कायस्थ जाति से आते हैं। नितिन नबीन की जगह ले सकते हैं। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के करीबी हैं। जमीनी स्तर के नेता माने जाते हैं। इनकी पकड़ प्रदेश नेतृत्व पर भी है। 4. रजनीश कुमार: बेगूसराय की तेघड़ा सीट से 35,364 वोटों के अंतर से जीतकर विधायक बने हैं। उन्हें 1,12,770 वोट मिले। यह तेघड़ा में भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता और वामपंथी किले के ढहने का सबूत था। भूमिहार जाति से आने वाले रजनीश चार्टर्ड अकाउंटेंट रहे हैं। महागठबंधन के कड़े मुकाबले के बीच जीत हासिल की। 2009 से 2021 तक बिहार विधान परिषद के सदस्य थे। छात्र जीवन से ही RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) से जुड़े हैं। 5. नीरज कुमार बबलू: राजपूत जाति से आने वाले नीरज कुमार बबलू 2005 से लगातार विधायक चुने जा रहे हैं। उन्होंने JDU से राजनीतिक करियर शुरू किया था। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के साथ-साथ लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। विधानसभा चुनाव 2025 में छातापुर सीट से 16,178 मतों के अंतर से जीत पाई है। उन्हें 1,22,491 वोट मिले।
दहेज और धोखा...:फर्जी IT अफसर बनकर की शादी, 20 महीनों तक ड्यूटी का नाटक
एक युवक ने दहेज के लालच में लड़की के पिता को बताया कि वह इनकम टैक्स विभाग का बड़ा अफसर है। लड़की वालों ने शादी में 40 लाख खर्च कर विवाह किया। शादी के बाद पति महावीर अवस्थी अक्सर छुट्टी खत्म होने का बहाना बनाकर पत्नी को यह कहता था कि उसे कोलकाता ड्यूटी पर लौटना है। वह फोन पर भी अफसर जैसी बातें करता रहा। 20 महीने बाद पत्नी ने पड़ताल की तो पता चला पति अफसर नहीं, बेरोजगार जालसाज है। उसका इनकम टैक्स विभाग से कोई लेना-देना ही नहीं है। इसके बाद रोशनी और उसके पिता ने महिला थाना पहुुंचकर इसकी शिकायत की। महिला थाना टीआई रश्मि भदौरिया ने बताया कि जांच के बाद पुलिस ने आरोपी पति महावीर अवस्थी, ससुर राधेश्याम अवस्थी, सास सुनीता अवस्थी और देवर विशाल अवस्थी के खिलाफ धोखाधड़ी, दहेज प्रताड़ना और धमकी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। डीएसपी शिखा सोनी का कहना है आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। गुमराह करने कार्ड पर भी लिखवाया IT अफसरमहलगांव निवासी रोशनी (परिवर्तित नाम) की शादी 21 अप्रैल 2024 में थी। शादी तय होते वक्त महावीर ने खुद को कोलकाता में पदस्थ इनकम टैक्स अफसर बताया। झूठ को सच दिखाने महावीर के पिता राधेश्याम ने कार्ड पर भी बेटे के नाम के साथ आईटी अफसर लिखवाया। पति धौंस देता - अफसर हूं, मांग तो पूरी करनी पड़ेगीरोशनी की शादी में पिता ने 40 लाख खर्च किए। इसके बाद पति, सास-ससुर और देवर मिलकर रोशनी पर 70 लाख रुपए और कार लाने का दबाव बनाने लगे। जब रोशनी ने विरोध किया तो पति ने धौंस देते हुए कहा- तुम्हारी शादी आईटी अफसर से हुई है, मांग तो पूरी करनी पड़ेगी। पति का फोन बंद रहने लगा तो रिश्तेदारों ने उसकी पोल खोल दी।
प्रयागराज में महाकुंभ- 2025 से पहले जो माघ मेला होता था, उसकी पहचान धार्मिक थी। महाकुंभ ने रोजगार और बहुत सारे लोगों को पहचान दी। अब इसका असर माघ मेला- 2026 में नजर आ रहा। बहुत सारे नौजवान रोजगार की तलाश में माघ मेले में आ गए। कुछ कमा रहे, तो कुछ अभी संघर्ष कर रहे। इसी तरह से कई ऐसे नौजवान हैं, जो अपने अंदर की योग्यता से पॉपुलर होना चाहते हैं। दैनिक भास्कर ने ऐसे ही नौजवानों से बात की। उनके बिजनेस आइडिया को देखा। पहचान स्थापित करने के प्रयासों को समझा। उन्होंने माघ मेले को ही क्यों चुना, यह भी जाना। यहां की चुनौतियों के बारे में भी बात की…पढ़िए मोबाइल से आइडिया आया, गिटार लेकर आ गयाप्रयागराज में 3 जनवरी से माघ मेले की शुरुआत हुई। प्रशासन के मुताबिक, 9 करोड़ से ज्यादा लोग इस 45 दिन के मेले में शामिल होंगे। यही चीज लोगों को मोटिवेट करती है कि अगर इतने लोग आएंगे तो रोजगार के अवसर बनेंगे। अच्छी कमाई की जा सकती है। महाकुंभ में ऐसा ही कुछ हुआ था। इसी चीज को देखते हुए कानपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले शिवम अपना गिटार लेकर प्रयागराज आ गए। शिवम ने गिटार के साथ एक पंपलेट लगवा रखा है। उस पर लिखा है- गिटार के साथ फोटो खिंचवाएं मात्र 5 रुपए में। हमने शिवम से इस आइडिया को लेकर बात की। वह कहते हैं- मैं यहां से जुड़े वीडियो लगातार देख रहा था। कोई दातून बेच रहा, तो कोई कुछ और। सभी अच्छा पैसा कमाने की बात कहते। इसलिए हमारे दिमाग में भी आइडिया आया कि क्यों न माघ मेला चलते हैं? हम यहां आए, पहले दिन बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिला, करीब एक हजार रुपए की कमाई हुई। मैं कानपुर में ग्रुप-डी की तैयारी करता हूं। अगर यहां मेले में ऐसा ही रिस्पॉन्स मिलता रहा तो रुका रहूंगा। प्रयाग की मिट्टी में बहुत लोग सोना बने, इसलिए आयावीआईपी घाट पर हमारी मुलाकात एक ऐसे नौजवान से हुई, जो पुष्पा का रूप धरकर घूम रहा था। हमने बातचीत की। पुष्पा कहता है- मेरा असली नाम रविकिशन मिश्रा है। मैं मध्यप्रदेश के कटनी जिले के कैमूर गांव का हूं। मैं यहां पहली बार आया हूं। मैंने सुना है प्रयाग की मिट्टी का यह प्रभाव है कि यहां मिट्टी भी सोना हो जाती है, बस यही सोचकर मैं आ गया। पुष्पा का रूप धारण किया। अभी तक तो खूब रिस्पॉन्स मिल रहा है। आगे देखता हूं। रवि कहते हैं- मैं गरीब घर का हूं। एक्टिंग पसंद है मुझे। मैं इसी लाइन में जाना चाहता हूं। एक बार पुष्पा बनकर वाराणसी गया था। वहां भी खूब लोगों ने सराहा था। स्कूल के दिनों में अनपढ़ विधायक का इंटरव्यू वाला रोल किया था। तभी से ख्याल आया था कि एक्टिंग में जाना है। रवि पूरे दिन पुष्पा का रूप धारण किए उसकी स्टाइल में डॉयलाग बोलते रहते हैं। आसपास भीड़ लगी रहती है, लोग साथ में फोटो खिंचवा रहे हैं। इत्र और दातून बेचने का धंधा नहीं चल पाया22 साल के आशीष लैब टेक्नीशियन का कोर्स कर रहे हैं। प्रयागराज में ही रहते हैं। मेले में कमाई के उद्देश्य से पहुंचे और इत्र बेचने लगे। आशीष कहते हैं- यह आइडिया मुझे महाकुंभ से आया था। इसीलिए मैं यहां इत्र बेचने आया, लेकिन अभी तक कोई रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा। कोई भी नहीं खरीद रहा। 2-3 दिन से ऐसी ही स्थिति है। अगर ऐसे ही रहा तो वापस घर चला जाऊंगा। कोई और काम नहीं करूंगा। सोनभद्र से अवध कुमार यादव आए हैं। संगम घाट पर दातून बेचने का काम करते हैं। कहते हैं- लोगों के वीडियो देखकर घर से दातून लेकर आ गया। एक हफ्ते हुए, लेकिन कोई पूछ नहीं रहा। घाट पर दातून का कोई नाम ही नहीं ले रहा। अगर ऐसा ही रहा, तो जल्द ही वापस चले जाएंगे। इसके बाद अवध कुमार ने प्रयागराज से जुड़ा एक गाना सुनाया। कहा कि गाना मेरा शौक है, मैं चाहता हूं कि मुझे इसके जरिए लोग जानें। चंदन टीका के बिजनेस में कमाई, पुलिस रोक रहीकुंभ मेले में युवाओं की सबसे ज्यादा कमाई चंदन-टीका लगाकर हुई थी। बस इसीलिए सबसे ज्यादा संख्या में नौजवान माघ मेले में पहुंच गए। दीपक मिश्रा प्रयागराज के ही मांडा से आए हैं। कहते हैं- चंदन-टीका में तो अच्छी कमाई है, लेकिन प्रशासन रोक रहा। वह एक जगह खड़े ही नहीं होने देते। कोई 500 रुपए, कोई 1 हजार तो कोई प्रमुख स्नान वाले दिन 2500 रुपए तक कमा लेता है। परमहंस तिवारी प्रयागराज के ही सैदाबाद से आए हैं। कहते हैं- इसी साल आया हूं। पिताजी पहले यही काम करते थे, अब मैं कर रहा हूं। फायदा तो है। सुबह 8 बजे आता हूं, फिर चंदन-टीका लगाने का काम करता हूं। मेरे पास जो झोला है, जब वह भर जाता है, तो इसे लेकर वापस चला जाता हूं। चंदन लगाने का ही काम करने मेजा से अभिषेक उपाध्याय आए हैं, लेकिन अभी तक वह कमाई नहीं कर पा रहे। जहां गाड़ियां प्रतिबंधित, वहां बाइक चला रहे युवाकुंभ मेले की तरह ही माघ मेले में भी विशेष स्नान दिनों पर मेला क्षेत्र और आसपास के क्षेत्र में गाड़ियां प्रतिबंधित रहती हैं। बाइक से लोग आ-जा सकते हैं। शहर में तैयारी करने वाले कई युवाओं ने ऐसे वक्त में बाइक के जरिए लोगों को लाने- ले जाने का काम शुरू कर दिया। इसके जरिए भी वह दिन में 500 रुपए से ज्यादा की कमाई कर रहे हैं। हालांकि कुंभ के मुकाबले इस बार बाइकर्स की संख्या कम है। लेकिन, आने वाले दिनों में बढ़ने की संभावना है। मेले में गोरखपुर से खेसारी नाम का एक नौजवान आया है। वह भोजपुरी फिल्म स्टार खेसारी लाल की आवाज निकालकर लोगों का मनोरंजन कर रहा। खेसारी की आवाज ऐसी है कि लोग सुनने के बाद चौंक जा रहे। खेसारी, पवन सिंह की भी आवाज निकाल लेते हैं। मेले से 3 हजार करोड़ रुपए के रोजगार का अनुमानमाघ मेला कुल 44 दिन चलेगा। इस मेले में 15 करोड़ लोगों के आने का अनुमान है। अनुमान के मुताबिक, 3 हजार करोड़ रुपए के कारोबार की संभावना है। कुल 5 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिल रहा। इसमें टेंट, पंडाल, होटल, धर्मशाला, ट्रैवल ऑपरेटर, रेस्टोरेंट, ढाबा, फल-सब्जी, फूल-माला, पूजा सामग्री, मिठाई नमकीन, पानी और पेय पदार्थ, हस्तशिल्प कारीगर, नाविक, चंदन-टीका जैसे रोजगार शामिल हैं। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के अनुसार, महाकुंभ-2025 में तीन लाख करोड़ रुपए का कारोबार हुआ था। CAIT के महासचिव खंडेलवाल ने बताया था कि कुल 66 करोड़ लोग आए थे। 10 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला था। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें... एक रुपए के 100 नोट 2700 में, यूपी में फ्रेश नोटों का भौकाल, दुकानदार बोला- बैंक से ब्लैक में खरीदते हैं जो फ्रेश नोट आपको बैंकों से मिलने चाहिए, वे बैंक से ब्लैक होने के बाद यूपी की सड़कों पर बिक रहे हैं। इसका सेंटर पॉइंट है कानपुर का घंटाघर एरिया। यहां 1 रुपए के 100 फ्रेश नोट की गड्डी 2700 रुपए में बेची जा रही है। पढ़ें पूरी खबर
उत्तर प्रदेश में कुटुंब परिवार की बैठक। फिर ब्राह्मण विधायकों का सहभोज। और अब अवध में राष्ट्रकथा। तीनों आयोजन देखने में भले ही अलग-अलग लग रहे। लेकिन, सियासी मकसद सिर्फ एक है कि सत्ता कैसे उनके काबू में रहे? प्रदेश में कई बाहुबली क्षत्रियों में इस बात की होड़ है कि कौन सबसे बड़ा? कभी राजा भैया और बृजभूषण सिंह में तुलना होती है, तो कभी अभय सिंह, ब्रजेश सिंह और धनंजय सिंह की चर्चा। हालांकि, बृजभूषण खुलकर कहते हैं कि इस तरह के बेकार की चर्चा राजपूत समाज को बांटने और कमजोर करने के लिए की जाती है? अभी राजनाथ सिंह बैठे हैं, वो हम सब लोगों से ‘बड़े’ हैं। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए यूपी में क्षत्रिय नेताओं को लेकर इतनी सियासत क्यों? राजनीति में वो कितने प्रभावी? यूपी में हर चौथा विधायक ब्राह्मण-ठाकुरयूपी के मौजूदा विधानसभा में सबसे अधिक 52 ब्राह्मण तो 49 ठाकुर विधायक हैं। इसके बाद कुर्मी, यादव आदि विधायकों की संख्या है। 403 विधायकों में ठाकुर-ब्राह्मण को जोड़ दें, तो 101 विधायक हो जाते हैं। मतलब हर चौथा विधायक ठाकुर या ब्राह्मण है। अब 2027 में विधानसभा चुनाव है। ऐसे में हर जातियों की तरह ठाकुर भी अपनी सियासी ताकत दिखाने में जुटे हैं। इसकी शुरुआत क्षत्रियों के बाहुबली नेताओं को एकजुट करने के प्रयास से हो रही। यूपी में तीसरा सबसे बड़ा जाति समूह क्षत्रिययूपी की राजनीति को जाति से अलग करके नहीं समझा जा सकता। यहां जब भी चुनाव होते हैं, तो जाति का फैक्टर सबसे ऊपर रहता है। चुनावी सफलता के लिए राजनीतिक दल इसी फैक्टर के इर्द-गिर्द अपनी चुनावी बिसात बिछाते हैं। यूपी की जातियों में ब्राह्मण सबसे बड़ा वोटबैंक है। प्रदेश में 9 से 11 प्रतिशत ब्राह्मण हैं। दूसरे नंबर पर यादव की आबादी 8 से 9 प्रतिशत और तीसरे नंबर पर क्षत्रियों की आबादी 7 से 8 प्रतिशत है। बावजूद चुनावी परिणामों में अक्सर क्षत्रिय विधायकों की संख्या ठीक-ठाक रहती है। मौजूदा विधानसभा की बात करें, तो 52 ब्राह्मण विधायकों के बाद 49 क्षत्रिय विधायक हैं। जबकि यादव विधायकों की संख्या कुर्मी विधायकों के बाद चौथे नंबर पर है। यूपी में 70-80 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां क्षत्रिय वोट बैंक 10 से 20 प्रतिशत है। इसमें पूर्वी यूपी के गोरखपुर, गोंडा, अयोध्या, बलिया, आजमगढ़, मिर्जापुर, सोनभद्र, बुंदेलखंड के जालौन, हमीरपुर, पश्चिम में मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, गाजियाबाद, बुलंदशहर जैसे जिले शामिल हैं। वहीं, लोकसभा की 20 सीटों पर क्षत्रिय प्रभावी हैं। क्षत्रिय नेताओं को लेकर यूपी की सियासत में क्या चल रहायूपी के मानसून सत्र में एक लंबे अर्से बार अलग-अलग दल के 40 क्षत्रिय विधायक एक होटल में एक साथ बैठे। ये एकजुटता कुटुंब परिवार के नाम पर हुई। इसमें राजपूत समाज की दशा-दिशा पर चर्चा हुई। बाद में सभी विधायकों को भगवान श्रीराम की मूर्ति, महाराणा प्रताप की तस्वीर और पीतल का त्रिशूल भेंट दिया गया। इसके बाद सूबे में कोडीन कफ सिरप का प्रकरण सामने आया। इसमें जौनपुर के बाहुबली धनंजय सिंह के कुछ करीबियों की गिरफ्तारी हुई। इसको लेकर धनंजय सिंह का नाम खूब उछाला गया। फिर उनके खिलाफ अभय सिंह के बयानों को खूब तूल दिया गया। नए साल में गोंडा के बाहुबली नेता बृजभूषण सिंह ने अपने जन्मदिन के अवसर पर राष्ट्रकथा का आयोजन कराया। इस कथा के माध्यम से बृजभूषण सिंह ने अपना दबदबा दिखाया। इन चर्चाओं के बीच बृजभूषण सिंह का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह राजा भैया से उनकी तुलना किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए दिख रहे हैं। बृजभूषण सिंह अपनी बात रामचरित मानस की चौपाई–’जाकी रही भावना जैसी, हरि मूरत देखी तिन तैसी’ के साथ शुरू करते हुए कहते हैं- सोशल मीडिया पर एक पोस्ट देखकर बड़ा दुख हुआ। इसमें लिखा था कि राजा भैया क्षत्रियों के बड़े नेता हैं या बृजभूषण सिंह? तो मैं स्पष्ट कर दूं कि जो लोग राजा भैया का इतिहास जानना चाहते हैं, वे पहले उनके पिता महाराज उदय सिंह का इतिहास पढ़ें। वो संघर्ष के प्रतीक हैं और मैं उनको अपना आदर्श मानता हूं। राजा भैया उनके पुत्र हैं। उम्र के नाते वो मेरे छोटे भाई हैं और मेरे बच्चों के दोस्त भी हैं। कृपया ऐसी बकवास मत कीजिए। इससे पहले अभय सिंह बड़े कि धनंजय सिंह? इसमें मिलता क्या है आपको कि कौन बड़ा है, कौन छोटा? कृपया हाथ जोड़कर कहता हूं कि किसी के बारे में ऐसी टिप्पणी मत करो। राष्ट्रकथा जोड़ने के लिए थी, तोड़ने के लिए नहीं। चलो हम बोलते हैं, राजा भैया बड़े हैं। क्या दिक्कत है तुमको? अभी राजनाथ सिंह बैठे हैं, वो हम सब लोगों से बड़े हैं। आप समाज को बांटने का काम मत करें। आप झगड़ा लगाने का काम मत करें। क्या क्षत्रिय विधायक एकजुट हो रहेइन सब कवायदों ने यूपी की सियासत में एक चर्चा छेड़ दी कि क्या क्षत्रिय विधायक और नेता अपनी कटुता दूर कर एकजुट होने का प्रयास कर रहे? वरिष्ठ पत्रकार सुरेश बहादुर सिंह कहते हैं- क्षत्रिय विधायक कभी एकजुट नहीं हो सकते। हर क्षत्रिय विधायक खुद को दूसरे से श्रेष्ठ समझता है। अगर ऐसा नहीं होता तो क्या कारण था कि क्षत्रिय विधायकों की एकजुट बैठक 35 साल बाद हुई। इससे पहले 80 के दशक में कांग्रेस में रहते हुए जगदंबिका पाल ने ऐसी बैठक बुलाई थी। तब लखनऊ में क्लार्क अवध होटल में सारे दलों के क्षत्रिय विधायक शामिल हुए थे। वैसे भी क्षत्रिय कभी एक पार्टी के साथ बंधकर कभी नहीं रहा। कांग्रेस के समय उनके साथ थे, फिर वीपी सिंह के समय जनता दल के हो गए। बाद में सपा उनका ठिकाना बना। अब मौजूदा समय में बीजेपी में सबसे अधिक क्षत्रिय विधायक हैं। एकमात्र बसपा ऐसी पार्टी रही, जहां क्षत्रिय कभी बहुतायत संख्या में नहीं जुड़े। लेकिन, कई क्षत्रिय विधायक बसपा से जीते तो उनकी जीत में क्षत्रिय वोटरों की भी भूमिका थी। राजा भैया के प्रकरण से क्षत्रियों की एक नाराजगी बसपा के साथ बनी रही। 2022 में भाजपा ने सबसे अधिक क्षत्रियों को दिया था टिकटक्षत्रियों को 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सबसे अधिक टिकट दिया था। एक कारण ये भी है कि क्षत्रिय सबसे अधिक 43 विधायक भाजपा से जीत कर सदन पहुंचे। भाजपा ने 71 प्रत्याशी उतारे थे। जबकि सपा ने 23 और बसपा ने 28 क्षत्रियों को ही प्रत्याशी बनाया था। लोकनीत-सीएसडीएस सर्वे के मुताबिक, 2022 में भाजपा को क्षत्रियों का 87 प्रतिशत वोट मिला था। दूसरे नंबर पर सपा थी, जिसे 7 प्रतिशत समर्थन क्षत्रियों का मिला था। यूपी में कब-कब क्षत्रियों के बड़े नेता रहेयूपी के पूर्वांचल से आने वाले गाजीपुर के विश्वनाथ प्रताप सिंह और बलिया के चंद्रशेखर सिंह देश के प्रधानमंत्री बने। विश्वनाथ प्रताप सिंह तो यूपी में कांग्रेस से सीएम भी रहे। इससे पहले गोरखपुर से आने वाले वीर बहादुर सिंह कांग्रेस के सीएम थे। तीनों नेताओं की खासियत के बारे में वरिष्ठ पत्रकार शरद प्रधान कहते हैं- कभी भी इन नेताओं ने जाति की राजनीति नहीं की। वीर बहादुर सिंह अगड़ों के साथ पिछड़ों में काफी लोकप्रिय रहे। इसी तरह चंद्रशेखर की पूरी राजनीति ही खाटी समाजवादी रही। वे भी अगड़ों के साथ पिछड़ों, दलितों और मुस्लिमों में भी उतने ही लोकप्रिय थे। विश्वनाथ प्रताप सिंह के बारे में तो सर्वविदित है कि मंडल कमीशन लागू करके इस देश में पिछड़ों को हक देने वाले वही थे। जब वे यूपी के पहली बार सीएम बने तो अधिकांश लोग उन्हें जानते तक नहीं थे। उनकी तब यही पहचान थी कि वे अमेठी के संजय सिंह के चचिया ससुर हैं। वरिष्ठ पत्रकार सुरेश बहादुर सिंह वीपी सिंह के बारे में कहते हैं- उन्होंने मंडल कमीशन लागू न किया होता तो रामविलास पासवान, नीतीश कुमार, मुलायम सिंह यादव सहित देश में कई पिछड़े नेता कभी भी अपनी अलग पहचान नहीं बना पाते। 90 के दशक से राजनीति में सक्रिय भाजपा के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह भी पूर्वांचल से ही आते हैं। वह भी क्षत्रिय हैं, लेकिन कभी जाति की राजनीति नहीं की। राजनाथ सिंह सभी वर्गों में लोकप्रिय हैं। शरद प्रधान कहते हैं कि राजनाथ सिंह पर कभी भी ठाकुर वाद का ठप्पा नहीं लगा। और न ही यूपी के पूरे क्षत्रियों ने कभी उनको अपना एक मात्र सर्वमान्य नेता ही स्वीकार किया। जाति के वोटबैंक से उस समाज के नेता को कितना फायदाप्रदेश की 70 से 80 विधानसभा सीटों पर क्षत्रियों का वोटबैंक 10 से 20 प्रतिशत के बीच है। सवाल उठता है कि क्या जाति के वोटबैंक से समाज के नेताओं को भी फायदा मिलता है? इसका जवाब वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन शाही देते हैं। कहते हैं- सिर्फ एक जाति के भरोसे कोई नेता कितना भी बड़ा क्यों न हो, वह जीत नहीं सकता। क्षत्रियों की आबादी किसी भी सीट पर 20 प्रतिशत से अधिक नहीं है। मतलब 80 प्रतिशत आबादी दूसरी जातियों की है। तो बहुमत कहां है? जाति का फैक्टर इतना ही मजबूत होता तो सपा के अखिलेश यादव क्यों एमवाई फैक्टर से पीडीए की ओर चले गए। क्योंकि उन्हें समझ में आ गया कि बिना सर्वसमाज के वोटबैंक को साधे कोई सत्ता नहीं मिलने वाली है। कई बार देखने में मिला है कि एक ही सीट पर दो क्षत्रिय प्रत्याशी बने, तो जो दबंग रहा, उसके पीछे क्षत्रिय समाज चला गया। 2007 में इसी तरह बसपा सत्ता में आई तो कहा गया कि सतीश मिश्रा के जरिए उसने ब्राह्मण वोटबैंक को साधा। सतीश मिश्रा आज भी बसपा के साथ हैं। बसपा भी वही है। उसने कभी ब्राह्मणों के खिलाफ कोई काम भी नहीं किया, फिर क्यों सत्ता से बाहर हो गई? दरअसल, लोग कामयाबी की व्याख्या अपनी सुविधा और फायदे के लिए करते हैं। जबकि सच्चाई ये है कि हर बार सत्ता में आने वाली पार्टी को जब सर्वसमाज के अधिकांश वोट मिले, तब ही उसे सफलता मिली है। बृजभूषण ने जिसे आदर्श बताया, उनका क्या है इतिहासबृजभूषण सिंह ने राजा भैया से तुलना किए जाने पर उनके पिता राजा उदय प्रताप सिंह को अपना आदर्श बताया। साथ में ये भी कहा कि उनका इतिहास जानना चाहिए। आखिर क्या है राजा उदय प्रताप सिंह का इतिहास? वरिष्ठ पत्रकार सुरेश बहादुर सिंह कहते हैं- संविधान के मुताबिक राजे-रजवाड़े तो नहीं रहे। लेकिन, आज भी कुंडा में उदय प्रताप सिंह को लोग आदर से राजा साहेब या बाबा साहेब कहकर ही पुकारते हैं। 1933 में जन्मे उदय प्रताप सिंह को उनके चाचा बजरंग बहादुर सिंह ने गोद लिया था। राजा बजरंग बहादुर सिंह स्वतंत्रता सेनानी रहे। स्वतंत्रता के बाद वे पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के संस्थापक और कुलपति रहे। बाद में हिमाचल प्रदेश के दूसरे उपराज्यपाल भी रहे। पंडित जवाहर लाल नेहरू के साथ उनकी अच्छी बनती थी। उनकी पत्नी रानी गिरिजा देवी इंदिरा गांधी से काफी नजदीक थीं। हालांकि, उनके बाद राजा बने उदय प्रताप सिंह कांग्रेस की बजाय विहिप और संघ के अधिक करीब रहे। उन्होंने दोनों संस्थाओं को अपनी कई संपत्तियां दान में दी हैं। यूपी में प्लास्टिक की थैलियों पर प्रतिबंध लगवाने का श्रेय राजा उदय प्रताप सिंह को जाता है। उन्होंने पर्यावरण बचाने के लिए प्रकृति नामक संस्था बनाई है। कई स्कूलों-कॉलेजों के संस्थापक, संरक्षक भी हैं। इंदिरा गांधी जब देश की पीएम बनी, तो राजा उदय प्रताप सिंह ने भदरी को भारत का स्वतंत्र राज्य घोषित कर दिया था। इसके बाद प्रधानमंत्री को मजबूरन कुंडा में सैन्य दल भेजना पड़ा था। बाद में जब 2002 में मायावती यूपी की सीएम बनीं, तो पोटा के तहत राजा भैया और बाद में उनके पिता उदय प्रताप सिंह को जेल भिजवा दिया था। लगभग एक साल उन्हें जेल में रहना पड़ा था। तब उनकी उम्र 70 साल थी। पूरे प्रदेश के क्षत्रिय उनके पक्ष में एकजुट हुए थे। -------------------- ये खबर भी पढ़ें यूपी के CM योगी अब शेरों वाली कुर्सी पर बैठेंगे, केदारनाथ से लाई गई भगवा गद्दी यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अब शेरों वाली कुर्सी पर बैठेंगे। कुर्सी बेहद खास है। केदारनाथ प्रोजेक्ट में बची देवदार की लकड़ियों से कुर्सी बनाई गई है। इसमें उत्तराखंड के मंदिरों में बनी नक्काशी की झलक है। इससे सुगंधित खुशबू भी निकलती है। मतलब- जहां रखी जाएगी, वहां महकेगी। पूरी खबर पढ़ें...
अवैध डोडा-पोस्त बरामद:कंटेनर 3 हिस्सों में मॉडिफाइड, 2 पार्ट में भरा 876 किलो डोडा-पोस्त
जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में लगातार पुलिस नशा कारोबारियों को पकड़ रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार रात्रि में आबकारी टीम ने भारी मात्रा में अवैध डोडा-पोस्त बरामद किया है। आबकारी निरीक्षक रविंद्र प्रतापसिंह के नेतृत्व में शुक्रवार की रात को सिणधरी रोड पर रावतसर के पास नाकाबंदी की। इस दौरान मुखबिर की सूचना के अनुसार एक संदिग्ध कंटेनर को रुकवाया। कंटेनर रोकते ही चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग गया। जब आबकारी टीम ने पूरे कंटेनर की छानबीन की तो पूरा कंटेनर खाली मिला। काफी मशक्कत के बाद कंटेनर में एक दूसरा भाग भी मिला। जिसे कटर से कटवाकर देखा तो उसमें भारी मात्रा में डोडा पोस्त से भरे कट्टे मिले। कंटेनर को इस तरह डिजाइन किया था कि एक बार देखने पर किसी को भनक भी नहीं लग सकती कि इसके अंदर कुछ रखा हुआ भी है। एक ही कंटेनर को तीन भागों में बांटकर उसको पूरी तरह सील किया हुआ था। डबल छत के बने इस कंटेनर में ऊपर की छत को ऊपर उठाने के लिए हाइड्रोलिक पंप लगा था, उसी में 42 कट्टों में 876 किलो अवैध डोडा पोस्त छिपाकर रखा था। कार्रवाई के दौरान गार्ड उमाराम, सिपाही महेश कुमार, हुकमसिंह, विशनाराम, गोरधनराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कंटेनर की डबल छत, ऊपर का भाग हाइड्रोलिक पंप से जुड़ा, अंदर भी खांचा तस्कर ने डोडा पोस्त तस्करी के लिए पूरे कंटेनर को मॉडिफाई करवाया। इसमें एक बड़े हिस्से को खाली रखा और उसके ऊपर छत की चद्दर आ गई। इसी के अंदर एक साइड में एक खांचा बनाकर उसमें डोडा पोस्त के कट्टे भरकर वेल्डिंग करवाकर बंद कर दिया। तीसरा पार्ट कंटेनर की छत के ऊपर एक और छत लगाई। इस छत को ऊपर करने के लिए कंटेनर के अगले भाग में हाइड्रोलिक पंप लगाया। इस पंप की सहायता से ऊपर की छत खुलती है। कंटेनर के पीछे छोटे से खांचे और ऊपर की छत के नीचे 42 कट्टों में 876 किलो डोडा पोस्त भरकर पैक कर दिया। आबकारी अधिकारी दिनेश गहलोत ने बताया कि एक बार कंटेनर देखने पर कुछ भी पता नहीं चल पाया कि इसमें इतनी मात्रा में अवैध डोडा पोस्त भरा हुआ है। टीम ने कंटेनर के अलग-अलग पार्ट्स को कटर से काटकर माल जब्त किया है। सीआई सुरेंद्रप्रतापसिंह ने बताया कि कंटेनर की जांच व उसके नंबरों के आधार पर महत्वपूर्ण लीड मिली है। मुख्य आरोपी सहित चालक को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। इसको लेकर टीमें गठित कर कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपियों को पकड़ने के बाद ही माल के लाने व सप्लाई के स्थान का पता चल पाएगा। मादक पदार्थ तस्करी के नित नए तरीके इजाद कर रहे हैं तस्कर अफीम व डोडा पोस्त की मांग होने व सरकारी स्तर पर इनकी बिक्री बंद होने के कारण तस्करों की चांदी हो गई है। तस्कर मध्यप्रदेश, मणिपुर व राजस्थान के चित्तौड़गढ़ सहित अन्य इलाकों से जहां अफीम की खेती होती हैं, वहां से अवैध माल खरीदकर यहां बेच रहे हैं। पुलिस व आबकारी विभाग की सख्ती के कारण अब तस्करों ने तस्करी के नए नए तरीके इजाद करने शुरू कर दिए है। कुछ माह पहले गुड़ामालानी में पकड़े गए तस्करों के पास मॉडिफाइड एंबुलेंस बरामद की गई ताकि उसे पुलिस रोके नहीं। इसके बाद अब कंटेनर को मॉडिफाइड कर उसमें डोडा पोस्त भरकर लाए ताकि एकबारगी में देखने पर लगे कि कंटेनर खाली है। पुलिस की पकड़ में आने के बाद तस्कर फिर से नया रास्ता और नया तरीका ढूंढ़ रहे हैं।
बिहार के कई हिस्सों में सुबह और रात के वक्त घना कोहरा बरकरार है। मौसम विज्ञान केंद्र ने आज यानी रविवार को बिहार के 18 जिलों में कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। बिहार में 20-21 जनवरी के बाद ठंड में थोड़ी बढ़ोतरी होने की संभावना है। अगले चार दिनों के दौरान छाने की संभावना है। वहीं, पिछले 24 घंटे के दौरान 15 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रिकॉर्ड हुआ है। इस दौरान सबसे ठंडा सबौर (भागलपुर) रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 7 दिनों तक रात में ठंड का असर बना रहेगा, जबकि दिन में धूप निकलती रहेगी। इस कारण भीषण ठंड नहीं पड़ने की संभावना कम है। न्यूनतम तापमान में फिलहाल बहुत बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है, वातावरण में नमी अधिक होने के कारण कोहरा मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बिहार में इस समय उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाओं का प्रभाव बना हुआ है। साथ ही वातावरण में नमी अधिक होने के कारण रात के समय तापमान गिर रहा है और कोहरे की स्थिति बन रही है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जब तक पश्चिमी विक्षोभ कमजोर नहीं पड़ता, तब तक सुबह कोहरा और रात की ठंड बनी रहेगी। मौसम से जुड़ी तस्वीरें देखिए... पटना में सुबह मध्यम स्तर का कोहरा छाया रह सकता पटना में न्यूनतम तापमान करीब 10 से 11 डिग्री के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार पटना में सुबह मध्यम कोहरा छाया रह सकता है। हालांकि दिन में धूप निकलने से लोगों को ठंड से कुछ राहत मिलेगी और कनकनी कम महसूस होगी।
अमृत 2.0 के तहत चल रहे कामों पर चर्चा कल:पानी व सीवेज योजनाओं की दिक्कतें दूर करने होगी समीक्षा
मप्र में अमृत 2.0 के तहत चल रहे कामों में आ रही दिक्कतों पर चर्चा के लिए सोमवार को राजधानी में कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजन होगा। संभागवार पानी और सीवेज के कामों में ठेकेदारों को आ रही दिक्कतों पर बात होगी। चर्चा में ठेकेदार, विभाग के अधिकारी और योजनाओं से जुड़े प्रोजेक्ट डेवलपमेंट एंड मैनेजमेंट कंसलटेंट (पीडीएमसी) के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। भोपाल -इंदौर सहित कई बड़े शहरों में अमृत 2 के तहत चल रहे पेयजल और सीवेज प्रोजेक्ट की प्रगति धीमी रही है। इंदौर की भागीरथपुरा की दूषित जल वाली घटना के बाद विभाग इन कामों को लेकर और अलर्ट हो गया है। इसी के चलते अब प्रदेश स्तर पर समीक्षा करके प्रोजेक्ट से जुड़ी समस्याओं को देखा जाएगा। सोमवार को होने वाले आयोजन में संभागवार अमृत 2 के कामों की समीक्षा होगी। इस चर्चा में संभाग के अधीक्षण / कार्यपालन यंत्री, ठेकेदार और संबंधित कंसलटेंट चर्चा करेंगे। चर्चा की शुरुआत भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभागों से होगी। परेशानियां ऐसी-ऐसी विभाग लगातार अमृत 2 के कामों की समीक्षा करता रहा है। इसमें कई प्रोजेक्ट में डीपीआर में गड़बड़ी, जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा लगातार निगरानी नहीं करने और जिला स्तर पर ट्रैफिक पुलिस सहित स्थानीय प्रशासन से समन्वय में कमी जैसे विषय सामने आए हैं। मप्र के सभी निकाय वित्तीय साधनों की कमी से जूझ रहे हैं। दूषित जल अभियान में 58 प्रदूषित जल वाले ट्यूबवेल 10 जनवरी से शुरू हुए दूषित जल के खिलाफ अभियान में 413 निकायों में 7755 ट्यूबवेल की जांच हुई। इसमें 58 में प्रदूषित जल मिला। विभाग द्वारा इन्हे बंद किया गया है और इनका बिजली का कनेक्शन भी बंद हुआ है। अब तक लीकेज, टूट -फूट में 4893 जगह सुधर हो चुका है, वहीं, 2903 जगह पानी की टंकियों की सफाई हुई है। कुल 1024 अमृत मित्रों ने 45749 पाने के सैंपल लेकर जांच की है। आयुक्त नगरीय प्रशासन के मुताबिक सीएम हेल्पलाइन पर मिली पानी से जुड़ी 515 शिकायतों का निराकरण हो गया है।
नक्सल कमांडर का फरमान- ‘सरकार के लिए काम करती है ये औरत। इस जुर्म की सजा मौत है। मार डालो।’ इतना सुनते ही 4-5 जवान आगे बढ़े, महिला तो तब तक लात मारा, जब तक सांसें न थम गईं। फिर AK-47 से भून दिया। नक्सली का फरमान- ‘तुमने अपनी बेटी के प्रेमी की हत्या पत्थर से सिर कुचलकर की। अब वही पत्थर उठाओ और अपनी बेटी को मार डालो।’ पिता ने ऐसा करने से मना किया तो नक्सली ने कहा, इसे खत्म कर दो। फिर चंद जवान आगे बढ़े, पत्थर से मारकर हत्या के आरोपी की जान ले ली। ये सिर्फ दो घटनाएं नहीं। उन हजारों दर्दनाक वारदातों की बानगी हैं, जो बताती हैं कि नक्सली अपने असर वाले इलाके में लोगों पर किस कदर जुल्म ढाते थे। नक्सली आम लोगों पर किस तरह जुल्म ढाते थे? कैसे जन अदालत लगाकर लाचार लोगों को मनमानी सजा देते थे? जानने के लिए संडे बिग स्टोरी में पढ़ें बिहार में नक्सल मुक्त हुए जमुई जिले के चोरमारा गांव से रिपोर्ट। पहले जानिए चोरमारा गांव का लोकेशन, जहां चलता था नक्सलियों का राज गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि, 31 मार्च 2026 तक बिहार नक्सल मुक्त होगा। पुलिस के अनुसार अभी राज्य का कोई जिला नक्सल प्रभावित नहीं है। जमुई सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में से एक रहा है। अभी भी जिले के कुछ हिस्सों से नक्सली गतिविधियों की रिपोर्टें आती हैं। नक्सली किस तरह अपने असर वाले इलाके में लोगों पर अत्याचार करते थे? यह जानने के लिए हम जमुई के बरहट थाना क्षेत्र के चोरमारा गांव पहुंचे। यह गांव जिला मुख्यालय से 65 km और थाना से 20 km दूर है। चोरमारा आदिवासियों का गांव है। चारों तरफ से पहाड़ और घने जंगल से घिरा है। गांव में 10 टोला हैं, जो 200-400 मीटर की दूरी पर बसे हैं। इसके आसपास के करीब एक दर्जन गांव भी नक्सल प्रभावित थे। चोरमारा गांव के 3 कुख्यात नक्सली थे सुरेंद्र कोड़ा, अर्जुन कोड़ा और बालेश्वर कोड़ा। तीनों सरेंडर कर चुके हैं। 2 फरवरी 2022 को यहां CRPF कैंप बना। इसके बाद से गांव में नक्सली घटना घट गई। इससे पहले यहां नक्सलियों का राज चलता था। चोरमारा पहुंचकर हमने यहां के लोगों से बात की। आगे पढ़ें गांव के लोगों की जुबानी… पूरे गांव के सामने शारदा को पीट-पीटकर मार डाला हमने ग्रामीण नागेश्वर कोड़ा से बात की। उन्होंने गांव की शारदा देवी की कहानी बताई, जिसे नक्सलियों ने जन अदालत लगाकर मार डाला था। कहा… गांव का कोई आदमी सरकारी योजना का लाभ लेता या सरकारी नौकरी की बात करता तो नक्सली कहते कि यह मुखबिरी कर रहा है। हमारी जानकारी पुलिस को दे रहा है। शारदा देवी आशा कार्यकर्ता थीं। नक्सली कहने लगे कि वह पुलिस से मिली हुई है। हमारी जानकारी दे रही है। इसलिए उसको पूरे गांव के बीच मारा। मारने में शारदा देवी के पति का बड़ा भाई सुरेंद्र भी शामिल था। नक्सलियों ने शारदा से पहले कहा था कि सरकार के लिए काम नहीं करो। शारदा ने समझाया कि बिना हॉस्पिटल के घर पर बच्चे को जन्म देने में काफी खतरा है। महिलाओं की मौत इलाज के अभाव में हो जाती है। हॉस्पिटल जाएंगे तो बच्चा और उसकी मां की जान खतरे में नहीं पड़ेगी। वह घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करती थी। नक्सलियों को यह रास नहीं आया। समझाने पर भी शारदा ने बात नहीं मानी तो एक दिन जन अदालत लगवाई। जन अदालत के दिन शाम को गांव में घूम-घूमकर ऐलान किया गया कि 7 बजे सभी को जन अदालत में आना है। नक्सली गांव के सभी लोगों को बुलाते। कोई नहीं जाता तो उसे घर से निकालकर पीटते थे। शाम के 7 बजे गांव के लोग इकट्ठा हुए। जो लोग नहीं आए उन्हें घर से खींचकर लाया गया। इसके बाद शारदा देवी और उनके पति मदन कोड़ा को बुलाया गया। 50 से अधिक नक्सली आए थे। कमांडर एक चबूतरे पर बैठ गया। उसके बगल में हथियार लिए नक्सली बैठे। कमांडर ने फैसला सुनाया कि शारदा देवी ने बहुत बड़ा अपराध किया है। मना करने के बाद भी सरकार का काम करती है। सरकार से पैसा लेती है। इसे पीट-पीट कर मार डाला जाए। इसके बाद एक नक्सली आगे बढ़ा। उसने बाल पकड़े और शारदा को जमीन पर पटक दिया। शारदा जोर से चीखी। इसके बाद दूसरे नक्सली उसके नजदीक आए। उसे जूते से मारने लगे। पेट और सिर पर लात मारे। शारदा दर्द से चिल्ला रही थी। उनके पति सभी के सामने हाथ जोड़कर माफी मांग रहे थे। कह रहे थे कि छोड़ दीजिए, लेकिन कोई उनकी गुहार सुनने को तैयार नहीं था। उन्होंने अपने बड़े भाई सुरेंद्र के सामने हाथ जोड़कर पत्नी की जान की भीख मांगी, लेकिन उसने भी लात मारना शुरू कर दिया। सीएम नीतीश के कार्यक्रम में गया तो नक्सलियों ने पीटा नागेश्वर कोड़ा ने अपनी कहानी बतायी। कहा, मैं राजमिस्त्री हूं। नक्सलियों के डर से 2017 में महाराष्ट्र चला गया था। 2023 में वापस आया हूं। इस गांव में नक्सलियों का कानून चलता था। उनकी जन अदालत लगती थी। वे जो फैसला सुनाते, उसे गांव वालों को मानना पड़ता था। इनकार करने पर सरेआम गोली मार दी जाती थी। कहते थे कि किसी सरकारी योजना का फायदा लिया तो गोली मार देंगे। गांव के स्कूल को बम से उड़ा दिया था। इलाके के नक्सली आसपास के जंगलों में रहते थे। गांव में आकर खाना खाते थे। अचानक शाम को गांव में घुसते और किसी के घर वाले को बुलाकर कहते थे कि आज हम सभी तुम्हारे घर खाना खाएंगे। हर किसी की हालत एक साथ 80-100 लोगों को खिलाने लायक नहीं होती थी। खिलाने से इनकार करने पर पिटाई करते थे। एक बार सीएम नीतीश कुमार भीम बांध आए थे। गांव के 5 लोग उनके कार्यक्रम में गए। मैं भी गया था। वन विभाग के अधिकारियों ने हमें बुलाया था। खेती-बाड़ी के बारे में बताया गया। मैं जैसे ही घर लौटा, नक्सली आ गए। मुझे पकड़ लिया। कहने लगे कि सरकारी नौकरी के लिए गया था। मैंने कहा कि पढ़ा लिखा नहीं हूं। कोई काम करने नहीं आता। नौकरी कैसे करूंगा। वे लोग मेरी बात सुनने को तैयार नहीं थे। एक ही रट लगाए थे कि नौकरी के लिए गया था। नक्सली सरकारी नौकरी के सख्त खिलाफ थे। कहते थे कि सरकार की तरफ नहीं जाओ, न उनकी बातें सुनो। सिर्फ हमारी बात सुनो। हमारा कहना मानो। नक्सलियों ने मुझे पीटा। मुझे भी अपने साथ जोड़ने की कोशिश की। मैं इतना परेशान हुआ कि गांव छोड़कर चला गया। बेटी के प्रेमी की हत्या की, अब खुद अपनी संतान को मार डालो फुलेना नाम की महिला ने हमें गांव के पुना कोड़ा और धर्मेंद्र कोड़ा की हत्या की कहानी सुनाई। उन्होंने कहा, धर्मेंद्र कोड़ा पुना कोड़ा की बेटी से प्यार करता था। इस बात से नाराज पुना कोड़ा ने पत्थर से कुचलकर धर्मेंद्र कोड़ा की हत्या कर दी। नक्सलियों ने जन अदालत लगाया। पुना कोड़ा को फरमान सुनाया गया कि जिस तरह तुमने धर्मेंद्र की हत्या की उसी तरह पत्थर से कुचलकर अपनी बेटी को भी मार डालो। पुना ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इसके बाद नक्सली कमांडर ने फरमान सुनाया कि पुना की हत्या पत्थर से कुचलकर की जाए। इतना सुनते ही उसके साथ आए नक्सलियों ने पत्थर मारकर पुना की जान ले ली। भतीजे ने बच्चों को पढ़ाया तो पेड़ से बांधकर मारा रघुनाथ कोड़ा ने अपनी कहानी बताई। उन्होंने कहा, नक्सली गांव में किसी को पढ़ने नहीं देते थे। मेरे भतीजे ने गांव से बाहर जाकर पढ़ाई की। लौटकर गांव आया तो यहां के बच्चों को पढ़ाने लगा। नक्सली कहने लगे कि इसने सरकार से पैसे लिए हैं। सरकार के लिए काम कर रहा है। हमारी जानकारी पुलिस को देता है।
पुलिस रिमांड पूरी... राजू ईरानी कोकोर्ट ने 14 दिन के लिए जेल भेजा
भोपाल में जालसाजी और ठगी समेत कई अपराधों को अंजाम देने के आरोपी राजू ईरानी को शनिवार को भोपाल कोर्ट में पेश किया गया। राजू की 7 दिनों की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद उसे कोर्ट लाया गया था। कोर्ट ने आदेश देते हुए राजू को 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया है। शनिवार दोपहर 3 बजे के बाद राजू को कोर्ट में पेश किया गया। 11 जनवरी को भोपाल पुलिस ने राजू को भोपाल कोर्ट में पेश कर 7 दिन की रिमांड पर लिया था। इस दौरान कोर्ट से निकलते समय उसने कहा था कि जल्द छूट जाउंगा। हालांकि उस बयान के बाद शनिवार को पेशी के दौरान राजू सिर झुकाए हुए कोर्ट पहुंचा। राजू ने अपनी रिमांड के दौरान खुद को प्रॉपर्टी डीलर और किसान बताया है। पुलिस ने राजू से उसके कुनबे और उसकी गैंग के लोगों की जानकारी ली है। दरअसल, राजू को सूरत पुलिस ने उसके रिश्तेदार के यहां से गिरफ्तार किया था। पूछताछ के बाद सूरत पुलिस ने राजू को भोपाल पुलिस को सौंप दिया था। अमन कॉलोनी आगजनी व मारपीट केस 5 दिसंबर 2025 को अमन कॉलोनी में आरोपी राजू ईरानी एक घर में घुसकर मारपीट की थी। इसके बाद घर में रखे सामानों के साथ तोड़फोड़ की और उनमें आग लगा दी थी। इस पूरी घटना के पीछे का कारण बच्चों की आपसी लड़ाई थी। जिसके बाद राजू ने अपने साथियों के साथ मिलकर हमला कर दिया था। हालांकि इस मामले में काउंटर एफआईआर के बाद काला ईरानी को भी आरोपी बनाया गया है। काला ईरानी फिलहाल फरार चल रहा है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। मारपीट, आगजनी, सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत करना, घर में घुसकर हमला करना और कई लोगों के साथ मिलकर मारपीट करना जैसी धाराओं में राजू के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। राजू पर धारा में उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान जिन धाराओं में राजू ईरानी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनमें आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। आगजनी की घटना करने पर अपराध की गंभीरता के हिसाब से कोर्ट आरोपी को 10 साल से लेकर आजीवन कारावास की सजा सुना सकती है। इसके अलावा जानबूझकर चोट पहुंचाने के मामले में 7 साल तक की सजा का प्रावधान है। जगदीश गुप्ता, सीनियर एडवोकेट
शहर के जसदेर धाम में वन विभाग की ओर से 17 लाख लागत से वॉकिंग ट्रैक बनाया जा रहा है। वन विभाग जसदेर धाम तालाब के चारों ओर 400 मीटर वॉकिंग ट्रैक के साथ तालाब के बीच बने टापू पर झोपड़ी भी बनाएगा। ट्रैक पर वॉकिंग के बाद लोग झोपड़ी तक पहुंच सकें, इसके लिए सीढ़ियां भी तैयार करवाई जा रही हैं। ट्रैक की चौड़ाई 5 फीट रखी है, ताकि लोगों को आने-जाने में परेशानी न रहे। जोधपुरी पत्थर की पट्टियों से बनने वाले ट्रैक के दोनों किनारों पर आधा फीट की दीवार बनाई जाएगी। करीब 50 फीसदी कार्य संबंधित फर्म की ओर से पूरा कर दिया गया है। तीन महीने पहले शुरू हुआ काम फरवरी तक पूरा होगा। रेंजर मगी चौधरी ने बताया कि 10 लाख लागत से ट्रैक तैयार होने के बाद 7 लाख रुपए से झोपड़ी बनाई जाएगी। इसके लिए पहले प्लेटफॉर्म तैयार होगा, इसके बाद पिलर खड़े करने के साथ आयरन शेड लगाई जाएगी। झोपड़ी तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां भी बनाई जाएंगी। शहरवासी ट्रैक के तैयार होने के बाद प्राकृतिक आनंद ले सकेंगे। वॉकिंग ट्रैक के दोनों ओर सजावटी व फूलदार एक हजार से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। इनमें टीकोमा, मेहंदी, रेलिया, सदाबहार, बोगनवेल सहित पौधरोपण किया जाएगा।
भास्कर स्टैंड: सम्राट का एक्शन कब ? छह जनवरी से पोस्टमॉर्टम तक- जिस कहानी पर पुलिस चलती रही, वो झूठ निकली 6 जनवरी को NEET की तैयारी कर रही छात्रा शंभू हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिलती है। हॉस्टल के कर्मचारी उसे हॉस्पिटल ले जाते हैं। एक हॉस्पिटल, दो हॉस्पिटल और फिर तीसरे हॉस्पिटल में मौत। छह जनवरी से नौ जनवरी तक चले इस घटनाक्रम में पुलिस सीन से गायब है। तीन दिन तक न हॉस्टल सील हुआ, न कमरा, न बिस्तर, न कपड़े। कानून के जानकारों के अनुसार यही सबसे महत्वपूर्ण समय था, जिसमें सबूत इकट्ठे किए जाते, लेकिन पुलिस सबसे सुस्त रही। थाना प्रभारी रौशनी कुमारी ने एक कहानी गढ़ी कि लड़की ने सुसाइड किया है। उसी कहानी को एएसपी, एसपी और खुद एसएसपी भी आगे बढ़ाते रहे। भास्कर की पड़ताल में यह सामने आया कि यह किसी एक अफसर की गलती नहीं है। बिहार के इस संवेदनशील मामले में 5 चेहरे जिनकी लापरवाही सामने आई है। जिसमें थाना प्रभारी ने गलत रिपोर्ट दी, एएसपी, एसपी ने उसे सुसाइड बता दिया और एसएसपी ने तो रेप से ही इनकार कर दिया। भास्कर ने इस पूरे मामले पर लीगल एक्सपर्ट से बात की, पढ़िए किस अधिकारी की क्या जिम्मेदारी थी और उसने क्या लापरवाही की...? जिम्मेदारी: थाना प्रभारी के रूप में रौशनी कुमारी को 6 जनवरी को मिली सूचना को मेडिको-लीगल केस (MLC) मानना था। कानून में भी स्पष्ट है यदि कोई छात्रा संदिग्ध हालत में बेहोश मिलती है, तो पुलिस को तत्काल मौके पर पहुंचकर कमरे को सील, हॉस्टल को सर्च और परिवार को सूचित करना होता है। उन्हें चाहिए था कि वे FIR की प्रक्रिया शुरू करातीं, फोरेंसिक टीम बुलातीं और अस्पताल में इलाज के दौरान किसी निष्कर्ष से बचतीं। लापरवाही : तीन दिन तक पुलिस की गैरहाजिरी सबसे बड़ा सवाल है। इस दौरान हॉस्टल का कमरा खुला रहा। तीन लोगों को हिरासत में लेकर छोड़ दिया गया, लेकिन हॉस्टल की जांच नहीं हुई। सबसे गंभीर चूक यह रही कि थाना प्रभारी की शुरुआती रिपोर्ट ही आगे की पूरी जांच की बेसलाइन बन गई, जिसे बाद में कोई अधिकारी चुनौती देता नहीं दिखा। या उसे क्रॉस चेक करवाने की प्रक्रिया भी नहीं की गई। जिम्मेदारी: ASP स्तर पर केस की री-एप्रेजल होती है। यह देखा जाता है कि क्या शुरुआती जांच में कोई एंगल छूटा तो नहीं है। उन्हें चाहिए था कि वे 6–9 जनवरी की पुलिस गैरहाजिरी पर सवाल उठाते और हॉस्टल की दोबारा जांच के आदेश देते। यही नहीं नीट छात्रा का स्टेटमेंट भी लेना चाहिए था। जैसे-उसके शरीर पर चोट कैसे लगी, प्राइवेट पार्ट में चोट है या नहीं। लापरवाही: ASP अभिनव कुमार ने थाना प्रभारी की रिपोर्ट को ही आधार मान लिया। न कमरे की फोरेंसिक जांच कराई गई, न नए सिरे से संदिग्धों को जोड़ा गया। यह वह टाइम था, जहां केस को सही दिशा में मोड़ा जा सकता था, लेकिन कैजुअल एप्रोच से ही काम किया गया। ऐसा मान लिया गया कि मामला सुसाइड का है, दब जाएगा। जिम्मेदारी: SP स्तर पर किसी भी संवेदनशील केस में पोस्टमॉर्टम से पहले निष्कर्ष नहीं दिया जाता है। मीडिया ब्रीफिंग में संयम जरूरी होता है। यहां सीधे जजमेंटल बयान आ गया कि रेप हुआ ही नहीं है। लापरवाही: एसपी परिचय कुमार ने बिना पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के सीधे इसे सुसाइड बताया। नींद की गोली और मोबाइल सर्च की कहानी सामने लाए। मेडिकल रिपोर्ट में उनकी सभी बातें उलट साबित हुईं। बिना जांच के नीचे के अफसरों की रिपोर्ट पर भरोसा कर लिया। SSP कॉन्फ्रेंस में जल्दबाजी की जिम्मेदारी: SSP का काम अधीनस्थ अधिकारियों की रिपोर्ट को क्रॉस-वेरिफाई करना होता है। खासकर तब, जब मामला यौन शोषण जैसे मुद्दे से जुड़ा हो। लापरवाही: SSP ने भी यौन शोषण की संभावना को सीधे खारिज कर दिया। यह बयान तब आया, जब मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट आई भी नहीं थी। पता नहीं कैसे एसएसपी ने किसी प्राइवेट डॉक्टर की रिपोर्ट पर भरोसा कर लिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद वही बयान पुलिस के लिए असहज सवाल बन गया। महिला डॉक्टर का हवाला देकर रेप से इनकार, शरीर पर चोट बताई जिम्मेदारी: प्रारंभिक डॉक्टर की जिम्मेदारी होती है कि यदि संकेत अस्पष्ट हों, तो रिपोर्ट रिजर्व रखी जाए। डॉक्टर को कानूनी निष्कर्ष नहीं देना चाहिए। हालांकि प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के डॉक्टर ने रेप से इनकार किया, लेकिन शरीर पर चोट के निशान बताए थे। वो कैसे आए ये न तो पुलिस बता पाई और न डॉक्टर। लापरवाही: डॉ. सतीश ने जिस महिला डॉक्टर के आधार पर रिपोर्ट बताई उसी की शुरुआती राय से पुलिस ने रेप की संभावना से इनकार कर दिया। जबकि पोस्टमॉर्टम में जननांग पर चोट, टिश्यू ट्रॉमा और संघर्ष के निशान मिले हैं। यहीं से सवाल उठता है- क्या शुरुआती मेडिकल जांच अधूरी थी? और पुलिस जल्दबाजी कर गई। पोस्टमॉर्टम ने पुलिस की थ्योरी कैसे झूठी साबित की पुलिस : ये डिप्रेशन में आत्महत्या है रिपोर्ट: पोस्टमॉर्टम में गर्दन, कंधे, चेस्ट पर नाखूनों के निशान और पीठ रगड़ने से नीली पड़ चुकी थी। लड़की ने बचने के लिए स्ट्रगल किया, आत्महत्या की थ्योरी से मेल नहीं खाती। पुलिस: कोई रेप नहीं हुआ रिपोर्ट: प्राइवेट पार्ट में ताजा चोट, टिश्यू ट्रॉमा और ब्लीडिंग, मेडिकल ओपिनियन के मुताबिक forceful penetration किया गया। एक से ज्यादा लोग हो सकते हैं। पुलिस: नींद की गोली से लड़की बेहोश हुई रिपोर्ट: सभी प्रमुख चोटें मौत से पहले की पाई गईं। यानी पीड़िता बेहोश नहीं थी; उसने विरोध किया। पुलिस: नींद की दवाइयों का ओवरडोज रिपोर्ट: लड़की के चेस्ट को नोचा गया, कंधे पर गहरे नाखून के निशान, पीठ पर रगड़ ये सब ओवरडोज से नहीं हो सकता। पुलिस ने अब तक क्या क्या किया SIT क्या-क्या जांच करेगी 7 पॉइंट में समझिए परिवार के आरोप क्या हैं ------------------------ ये खबर भी पढ़िए... 2 घंटे तक रेपिस्ट से लड़ती रही NEET छात्रा:प्राइवेट पार्ट पर गहरी चोट, दरिंदों ने चेस्ट पर नोचा-पीठ नीली पड़ गई, पढ़िए पूरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पटना में NEET की छात्रा से रेप और मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। रेप के दौरान छात्रा से काफी जोर जबरदस्ती की गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार करीब डेढ़ से दो घंटे तक छात्रा दरिंदगी करने वाले से लड़ी। उसके शरीर पर चोट के निशान कुछ यही कहानी बयां कर रहे हैं। प्राइवेट पार्ट में काफी चोट है, इससे यह भी आशंका जताई जा रही है कि रेप करने वाले एक से ज्यादा हो सकते हैं। फिलहाल अब पुलिस ने भी छात्रा से रेप की बात स्वीकार कर ली है। छात्रा की मौत 11 जनवरी को हुई, शुरुआत में पुलिस इसे सुसाइड बता रही थी। सेक्सुअल असॉल्ट से भी इनकार किया था। जबकि परिवार शुरुआत से रेप का आरोप लगा रहा था। पूरी खबर पढ़िए
हरियाणा में आज मौसम का मिजाज मिला-जुला रहने वाला है। मौसम विभाग ने 7 जिलों में घने कोहरे की चेतावनी दी है। खासकर उत्तर और उत्तर-पूर्वी जिलों में सुबह के समय विजिबिलिटी कम रहने की आशंका है। हालांकि वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव और हवा बदलने से तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिली। अधिकतम व न्यूनतम तापमान दोनों में बीते दिन के मुकाबले हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि 17 जनवरी को राज्य में औसत न्यूनतम तापमान में करीब 1.1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई, जबकि अधिकतम तापमान में 2.3 डिग्री तक का इजाफा दर्ज किया गया। इसके बावजूद सुबह-शाम ठंड का असर बना हुआ है। मौसम विभाग ने अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, पानीपत और सोनीपत में कोहरे की चेतावनी दी है। बाकी जिलों में मौसम साफ रह सकता है। वहीं हरियाणा में सोमवार से स्कूल फिर से ओपन हो रहे हैं। रात में ठंड बरकरार, नारनौल सबसे ठंडा हरियाणा में 17 जनवरी को न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी जरूर दर्ज की गई, लेकिन रात और सुबह के समय ठंड का असर अब भी बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास रहा। सबसे कम न्यूनतम तापमान नारनौल में 3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे यह इलाका राज्य में सबसे ठंडा रहा। अन्य जिलों की बात करें तो करनाल में 4.9 डिग्री, रोहतक में 5.4 डिग्री और हिसार में 5.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। अंबाला में रात का तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री तक की और बढ़ोतरी संभव है, लेकिन सुबह के समय कोहरा और ठंड बनी रहेगी। दिन में हल्की गर्माहट दिन के तापमान में बीते दिन के मुकाबले अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राज्य के औसत अधिकतम तापमान में करीब 2.3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। सबसे अधिक तापमान गुरुग्राम (केवीके) में 22.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राज्य में सबसे ज्यादा रहा। फरीदाबाद में 21.5 डिग्री और रोहतक में 20.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अंबाला और हिसार जैसे जिलों में दिन का तापमान 20 से 21 डिग्री के आसपास रहा। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक दिन में धूप निकलने से अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी जारी रह सकती है, जिससे ठंड का असर दिन में कुछ कम महसूस होगा, हालांकि सुबह-शाम ठंड बनी रहेगी।
इंदौर के एक आर्टिस्ट ने 35 साल पहले बोतल आर्ट की शुरुआत की थी। ऐसा आर्ट जिसमें बोतल नेक में सिर्फ एक साइकिल की एक ताड़ी और अगरबत्ती जैसी बारीक लकड़ी डालकर सेलिब्रिटी का खूबसूरत आर्ट बनाते हैं। इसे तैयार होने के बाद जो भी देखता है तो जेहन में एक ही सवाल उठता है कि ऊपर से संकरी और नीचे से चौड़ी बोतल में ऐसा आर्ट कैसे बना दिया लेकिन ऐसा है। उन्होंने देशभर की कई सेलेब्रिटी खासकर क्रिक्रेटरों के ऐसे आर्ट बनाए हैं। 2011-2012 में 14 साल पहले क्रिकेटर विराट कोहली और रोहित शर्मा का बोतलबंद आर्ट बनाया लेकिन मौका ही नहीं मिल रहा है कि उन्हें यह सौंपे। चूंकि आज ये दोनों दोनों क्रिकेटर इंदौर में हैं तो इस आर्टिस्ट की इच्छा है कि वे उन्हें हर हाल में यह गिफ्ट करें। इसके लिए वे प्रयासरत है। इंदौर के कैलाश पार्क निवासी आर्टिस्ट राजेश स्वामी कस्टम डिपार्टमेंट में सीनियर इंस्पेक्टर है। वे खुद स्कूल-कॉलेज में स्पोर्टस गतिविधियों में काफी सक्रिय रहे हैं और क्रिकेट का काफी शौक है। इसी के साथ उन्हें कुछ ऐसा करने का जुनून था कि कुछ हटकर किया जाए। इस पर उन्होंने आर्ट की शुरुआत की। वर्ल्ड कप जीतने के बाद बनाई क्रिकेटरों की आर्टस्वामी ने बताया कि 2011 में जब भारत ने वर्ल्ड कप जीता था तो दिमाग में बस एक ही जुनून था कि टीम इंडिया के सारे प्लेयर को उनका बोतल आर्ट बनाकर उन्हें गिफ्ट करूं। इस पर उन्होंने वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, पीयूष चावडा, सुरेश रैना, युसूफ पठान, इरफान पठान, राहुल द्रविड के आर्ट तैयार कर जैसा भी मौका मिला, उन्हें गिफ्ट किए। यह देख सभी काफी खुश हुए और आश्चर्य व्यक्त करने के साथ तारीफ की। यही मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी रायल्टी थी। उन्होंने बताया कि 2011 में ही विराट कोहली और रोहित शर्मा का भी आर्ट तैयार किया। हर आर्ट बोतल को बिना तोड़े तैयार की गई। सहबाग ने बाहर आकर दी थी बधाई, खूब तारीफ कीउन्होंने बताया कि वीरेंद्र सहवाग ने तब उनकी इसकी आर्ट को काफी सराहा था। इसके लिए जब उन्होंने इंदौर में उन तक पहुंचाई थी तो कुछ ही देर में सहवाग बाहर आए और उनकी काफी प्रशंसा की। फिर इसके विजुअल्स अपने सोशल अकाउंट्स पर अपलोड किए तो देशभर के बड़े क्रिकेटर, सेलिब्रिटीज ने भी इसे काफी सराहा था। 12 दिनों में बनाया राम मंदिर आर्टस्वामी ने राम मंदिर आर्ट भी बनाया। इसे खड़ी बोतल में नहीं बल्कि आड़ी कर मंदिर तैयार किया गया। इसके लिए उन्हें 12 दिन लगे। इसके लिए उन्होंने राम मंदिर की थर्मोकोल से प्रतिकृति तैयार की। फिर इसके लिए 90 टुकड़े किए। फिर एक-एक टुकड़े को बोतल में डाला। फिर बोतल को आडा कर उसे तैयार किया। देखें तस्वीरें...
इंदौर के भागीरथपुरा में आईसीयू में ए़डमिट मरीजों की संख्या फिर से 6 हो गई जबकि पहले 5 थी। इन छह में से तीन लंबे समय से वेंटिलेटर पर हैं। वार्ड में 10 एडमिट हैं जो ठीक है। शनिवार को डायरिया के 6 नए मरीज मिले लेकिन उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट करने की जरूरत नहीं पड़ी। इस मामले में अब तक 445 मरीज एडमिट हो चुके हैं जिनमें से 29 को डिस्चार्ज कर दिया है। शनिवार को क्षेत्र में 50 टीमों ने सर्वे किया है। इसमें हेल्थ कार्ड डिस्ट्रीब्यूशन, प्रचार-प्रसार सामग्री का वितरण, पानी उबालकर पीने की सलाह, अच्छी तरह से पका हुआ भोजन करने तथा हाथ धोने के तरीकों के बारे में सर्वे दलों ने विस्तार से समझाया। स्वस्थ जीवन शैली का स्वास्थ्य पर प्रभाव के संबंध में भी सर्वे टीम ने रहवासियों से चर्चा की। सीएमएचओ डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने बताया कि क्षेत्र में 10 जनवरी से अभियान स्वास्थ्यवर्धन भी चलाया जा रहा है। सर्वे, शिविर और ओपीडी में सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, नर्सिंग ऑफिसर और डॉक्टरों द्वारा लगातार परामर्श दिया जा रहा है। इसके साथ ही क्षेत्र में दो एम्बुलेंस भी 24 घंटे तैनात हैं। आज क्षेत्र से 30% हिस्सों में पानी सप्लाय संभावित है। पूरी खबर यहां पढ़ें... राहुल गांधी बोले-पानी पीकर लोग मर रहे, यही अर्बन मॉडल कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को इंदौर पहुंचे। राहुल सबसे पहले बॉम्बे हॉस्पिटल गए,जहां उन्होंने दूषित पानी से पीड़ित मरीजों और परिजन से मुलाकात की।राहुल ने कहा- ये नए मॉडल की स्मार्ट सिटी है। पीने का पानी नहीं है। परिवार पानी पीने के बाद बीमार हुए। यानी इंदौर में साफ पानी नहीं मिल सकता है। ये है अर्बन मॉडल। पूरी खबर यहां पढ़ें...
करीब एक माह पूर्व पचपदरा निवासी 11 वर्षीय महेंद्र नाथ के खेलते समय कोहनी से थोड़ा नीचे हाथ में फ्रैक्चर हो गया। हादसे के तुरंत बाद परिजन उसे अस्पताल की बजाय नजदीक में देशी जुगाड़ू इलाज करने वाले के पास ले गए। वहां हाथ पर अत्यधिक कसकर पट्टी बांध दी गई, जिससे हाथ में रक्त का प्रवाह पूरी तरह बाधित हो गया। परिणामस्वरूप कुछ ही समय में हाथ में तेज सूजन आ गई और बाद में छाले भी पड़ गए, इससे बच्चे की तकलीफ और अधिक बढ़ गई। कसकर पट्टी बंधने के बाद बच्चे के हाथ पर सूजन आ गई, लेकिन जानकारी के अभाव और गलत सलाह के चलते वे कुछ समय तक घर पर ही बैठे रहे। हाथ की सूजन बढ़ने व दर्द असहनीय होने पर भी उसे अस्पताल नहीं ले जाया गया। इसी बीच किसी शिक्षाविद ने उन्हें सरकारी अस्पताल में दिखाने की सलाह दी। इस पर परिजन शुक्रवार को बच्चे को राजकीय नाहटा जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में समाजसेवी राजू गोल की मदद से बच्चे को डॉ. खेताराम सुथार को दिखाया गया, जिन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे भर्ती करने की सलाह दी। डॉ. खेताराम ने बताया कि हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश चौधरी की देखरेख में बच्चे का ऑपरेशन किया जाएगा। इस दौरान डॉ. कमलेश चौधरी ने बच्चे के हाथ की जांच की। डॉक्टर ने देखा कि हाथ पर बंधी पट्टी अत्यधिक टाइट है, जिससे सूजन आ गई है। उन्होंने तत्काल पट्टी खोलकर हाथ की अच्छी तरह सफाई की और नई पट्टी बांधी। डॉक्टर ने बताया कि फिलहाल हाथ में काफी सूजन है, ऐसे में तुरंत ऑपरेशन करना संभव नहीं है। सूजन कम होने के बाद ही आवश्यक शल्य चिकित्सा की जाएगी। गंभीर चोट पर देशी इलाज की बजाय डॉक्टर के पास जाएं फ्रैक्चर या किसी भी गंभीर चोट की स्थिति में तुरंत योग्य चिकित्सक से उपचार कराना चाहिए। अंधविश्वास या झोलाछाप व देशी इलाज के चक्कर में पड़ने से मरीज की स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है। कई बार गलत उपचार के कारण हाथ या पैर को स्थायी नुकसान पहुंचने के साथ जान भी जा सकती है। चोटों को हल्के में न लें और समय पर अस्पताल पहुंचकर सही इलाज कराएं। देशी जुगाड़ से हड्डी गलत जुड़ सकती है और हड्डी में इंफेक्शन होने का भी खतरा रहता है।
झारखंड में अगले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के अधिकांश हिस्सों में सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा और कुछ इलाकों में शीतलहर का प्रभाव बना रहेगा। खासकर उत्तर-पूर्वी और मध्य झारखंड के जिलों में सुबह और देर रात ठंड अधिक महसूस की जाएगी। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले दो दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा। हालांकि दिन में धूप निकलने से तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे दोपहर के समय ठंड से कुछ राहत मिलेगी। 9 से 12 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम पारा मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य के प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान 23 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। रांची समेत आसपास के इलाकों में सुबह के समय कोहरा छाए रहने के बाद आसमान साफ रहेगा। कोल्हान, संथाल परगना और उत्तरी झारखंड के जिलों में शीतलहर का असर ज्यादा दिख सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव फिलहाल कमजोर है, जिस कारण मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। रात के समय ठंडी हवाओं के कारण लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अगले दो दिनों तक मौसम रहेगा शुष्क मौसम विभाग के आउटलुक के अनुसार सुबह कोहरा और बाद में आसमान साफ रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट या स्थिरता बनी रह सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों और आम लोगों को सुबह-शाम ठंड से बचाव करने की सलाह दी है। विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों को ठंडी हवा से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनने की हिदायत दी गई है। वहीं, कोहरे के कारण सुबह के समय सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। कुल मिलाकर झारखंड में फिलहाल ठंड का दौर जारी रहेगा और जनवरी के अंत तक मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
यह कोई प्ले स्कूल या गार्डन नहीं, बल्कि राजधानी भोपाल के तीन अस्पतालों में बने मॉडल वैक्सीनेशन सेंटर का नजारा है। यहां बच्चों को रोते‑धमकते नहीं, बल्कि खेलते‑खेलते वैक्सीन दी जाएंगी। सेंटरों को आधुनिक और बच्चों के अनुकूल बनाया गया है। यहां खिलौने, कार्टून वॉलपेपर और अलग प्ले एरिया‑वेटिंग एरिया से माहौल खुशनुमा है, ताकि बच्चों का डर कम हो और वे सहज रहें। राजधानी के केएनके अस्पताल, सिविल अस्पताल गोविंदपुरा और जेपी अस्पताल में शुरू हुए इन मॉडल वैक्सीनेशन सेंटरों पर नेशनल इम्यूनाइजेशन शेड्यूल की सभी जरूरी वैक्सीन एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। टीकाकरण प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। रोजाना 10 बजे से 6 बजे तक होगा टीकाकरण ये वैक्सीन लगाई जाएगी... सीएमएचओ डॉ मनीष शर्मा ने बताया कि टी बी, हेपेटाइटिस बी, पोलियो, खसरा, रोटा वायरस डायरिया, जापानी इंसेफेलाइटिस , टिटनेस, डिप्थीरिया , काली खांसी, हीमोफिलस इन्फ्लूएंजा, न्यूमोकोकल निमोनिया जैसी गंभीर बीमारियों से सुरक्षा के लिए टीका एक प्रभावी और सुरक्षित उपाय है। ये सभी टीके यहां लगाए जाएंगे। किसे लगेगी वैक्सीनजिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रितेश रावत ने बताया कि इन मॉडल वैक्सीनेशन रूम की खास बात यह है कि यहां 0 से 5 साल तक के बच्चों की सभी वैक्सीन, साथ ही 10 और 16 साल की उम्र में लगने वाली टीडी (टीडी) वैक्सीन भी दी जाएगी। इतना ही नहीं, गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण भी इन्हीं केंद्रों पर किया जाएगा। इससे अभिभावकों को अलग-अलग अस्पतालों और तारीखों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
लुधियाना जिले में रायकोट थाना सिटी पुलिस ने शहर में दहशत फैलाने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मौलवीया मोहल्ला, रायकोट निवासी हार्दिक बाठला के रूप में हुई है। उस पर अवैध हथियार से हवाई फायरिंग कर लोगों में डर फैलाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, आरोपी अपनी ब्रेजा और स्कॉर्पियो कारों में घूमते हुए अवैध हथियारों से फायरिंग करता था और वीडियो बनवाकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वायरल करता था, जिसका उद्देश्य शहर में दहशत का माहौल बनाना था। थाना सिटी रायकोट के एएसआई हरप्रीत सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि एक युवक अवैध हथियार से फायरिंग कर उसके वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक आईफोन और एक ब्रेजा कार बरामद की है। अवैध पिस्टल की बरामदगी के लिए आरोपी को जगराओं की कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है। एएसआई हरप्रीत सिंह ने बताया कि रिमांड के दौरान आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। अवैध हथियार की बरामदगी के प्रयास जारी हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस आपराधिक कृत्य में कोई अन्य व्यक्ति शामिल तो नहीं है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर की शांति भंग करने और लोगों में डर फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।
आरटीओ सख्त:2 स्लीपर बसें जब्त, दो की फिटनेस निरस्त... सात पर 3.10 लाख जुर्माना
स्लीपर बसों में फायर सेफ्टी को लेकर चल रही प्रदेशव्यापी चेकिंग के तहत भोपाल आरटीओ की टीम ने 16 और 17 जनवरी की दरम्यानी रात यात्री बसों की जांच की। यह कार्रवाई रात 8 बजे से देर रात 1.30 बजे तक चली। चेकिंग के दौरान परमिट शर्तों के उल्लंघन पर दो यात्री बसों को जब्त किया गया। वहीं, दो बसों में इमरजेंसी एग्जिट बंद पाए जाने पर उनकी फिटनेस निरस्त कर दी गई। इसके अलावा सात यात्री वाहनों पर परमिट शर्तों के उल्लंघन के मामले में कुल 3.10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। आरटीओ के अनुसार आगे भी सभी स्लीपर यात्री बसों की चेकिंग जारी रहेगी। इनकी फिटनेस निरस्त{एमपी 69 पी 0982{पीवाई 05 ए 9667परमिट शर्तों का उल्लंघन{एमपी 69 पी 0185{एमपी 41 पी 1840इन बसों पर लगा जुर्माना{एमपी 41 पी 1465{बीआर 06 जीजी 0717{एआर 11 ई 9191{एआर 20 ई 4710{एमपी 36 पी 4433{एमपी 44 जेडई 3884{डब्ल्यूबी 57 जे 9622 कार्रवाई फायर सेफ्टी ऑडिट के तहत की गई। बसों में इमरजेंसी एग्जिट, फायर एक्सटिंग्यूशर और स्लीपर सीटों पर लगे स्लाइडर की जांच की गई है। जिन बसों में खामियां पाई गईं, वहां मौके पर ही सुधार की कार्रवाई करवाई गई। -जितेंद्र शर्मा, भोपाल आरटीओ
ब्रज के सबसे त्योहार होली की शुरुआत बसंत पंचमी 23 जनवरी से प्रारंभ हो जाएगी। बसंत पंचमी पर होली का डांडा गाड़ने की परंपरा है, जिससे 40 दिन तक चलने वाले होली के उत्सव/फाग की शुरुआत हो जाएगी। ज्योतिषाचार्य रामभरोसी भारद्वाज ने बताया कि प्राचीन काल में इस दिन चौराहे पर सेम का पौधा गाड़ने की परंपरा रही है। अब लोग जलाऊ लकड़ी रख देते हैं, जिसकी पूजा करके फाल्गुन माह के आने और 40 दिवसीय आनंदमय होली की तैयारी का एलान हो जाता है। यह एक पुरानी परंपरा है, जो होली के आगमन और उसके निर्विघ्न संपन्न होने की खुशी और उम्मीद को दर्शाती है। शुभ मुहूर्त में इसे स्थापित करते हैं, जिससे फाग उत्सव शुरू हो जाता है। इस दिन से ही मंदिरों में भगवान को गुलाल अर्पित करने और भक्तों के साथ होली खेलने की परंपरा शुरू हो जाती है। इधर, बरसाना में लट्ठमार होली 25 फरवरी को मनाई जाएगी, जिसकी तैयारी प्रारंभ हो गई है। बरसाना और नंदगांव क्षेत्र की व्यवस्थाओं को लेकर बरसाना स्थित पीडब्ल्यूडी सभागार में एक अहम समन्वय गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में सुरक्षा, यातायात, पार्किंग और श्रद्धालुओं की आवाजाही को लेकर कड़ा और स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि सीसीटीवी कैमरा और लाउडस्पीकर सिस्टम का मुख्य कंट्रोल रूम पीडब्ल्यूडी सभागार में स्थापित किया जाएगा, जिससे पूरे आयोजन पर रियल-टाइम निगरानी रखी जा सके। श्रद्धालुओं के लिए तय रूट, बिना भटके होंगे दर्शन सभी श्रद्धालुओं का प्रवेश केवल श्रीजी गेट से होगा। श्रद्धालु कटरा पार्क, सुदामा चौक, दादी बाबा मंदिर, सिंहपौर गेट होते हुए श्रीजी के दर्शन करेंगे, जबकि जयपुर मंदिर की ओर से निकास मार्ग निर्धारित किया गया है। भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग कर छोटे-छोटे बॉक्स बनाए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को बॉक्स फॉर्मेशन में आगे बढ़ाया जाएगा। रंगीली चौक के आने-जाने वाले मार्गों पर आवागमन अत्यंत प्रतिबंधित रहेगा। बरसाना होली उत्सव की तैयारी, पुलिस के भी रहेंगे पुख्ता इंतजाम बरसाना में 60 बड़ी पार्किंग चिन्हित की गई हैं। पार्किंग के बाद श्रद्धालुओं को पैदल ही मंदिर दर्शन के लिए जाना होगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जूता-चप्पल स्टैंड रोडवेज बस स्टैंड से पहले ही बनाए जाएंगे, ताकि दर्शन के बाद किसी को वापस मंदिर क्षेत्र में लौटना न पड़े। बरसाना–नंदगांव क्षेत्र को 7 जोन और 18 सेक्टर में विभाजित कर सुदृढ़ पुलिस व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। समन्वय गोष्ठी में अपर जिलाधिकारी प्रशासन डॉ. अमरेश कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत, उप जिलाधिकारी प्राजक्ता त्रिपाठी, क्षेत्राधिकार गोवर्धन अनिल कुमार सिंह आदि ने मौका मुआयना भी किया। ये होंगी होली कार्यक्रम
भोपाल की पॉश कॉलोनी चिनार ड्रीम सिटी में एक खराब लिफ्ट ने 77 साल से बुजुर्ग की जान ले ली। होशंगाबाद रोड स्थित इस हाई-राइज सोसाइटी में बुजुर्ग तीसरी मंजिल से लिफ्ट की डक्ट में गिर गए। करीब 8 दिन बाद बदबू फैलने पर लिफ्ट डक्ट की जांच की गई, तब जाकर बुजुर्ग का शव बरामद हुआ। सोसाइटी वालों का कहना है कि कई बार ऐसे फ्लोर पर भी लिफ्ट का गेट खुल जाता था, जहां लिफ्ट पहुंचती ही नहीं। इसी लापरवाही के चलते बुजुर्ग के तीसरी मंजिल स्थित फ्लैट के सामने लिफ्ट डक्ट का गेट खुला हुआ था, जिससे उनके डक्ट में गिरने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान प्रीतम गिरी गोस्वामी के रूप में हुई है। वे अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर डी-304 में अपने बेटे के साथ रहते थे। उनका बेटा इलाके में किराने की दुकान चलाता है। 10 जनवरी को प्रीतम गिरी घर से लापता हो गए थे, जिसके बाद परिजनों ने उसी दिन मिसरोद थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार ने बताया कि जांच कर रहे हैं। खामी पहले से थी, फिर भी ठीक क्यों नहीं हुई? सोसाइटी प्रबंधन का कहना है कि घटना के समय लिफ्ट खराब होने के कारण बंद थी। शनिवार रात लिफ्ट के पास तेज बदबू फैलने लगी, जिसके बाद टेक्नीशियन को बुलाकर लिफ्ट डक्ट की जांच कराई गई। नीचे शव दिखाई देने पर पुलिस को सूचना दी गई। कपड़ों और चप्पलों के आधार पर परिजनों ने शव की पहचान की। रहवासियों का कहना है कि खराब लिफ्ट की शिकायतें पहले भी की गई थीं, लेकिन बिल्डर और सोसाइटी प्रबंधन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उनका आरोप है कि समय रहते तकनीकी खामी दूर कर दी जाती, तो हादसा टल सकता था। लिफ्ट फ्लोर लेवल पर न हो तो लैंडिंग फ्लोर का दरवाजा खुल नहीं सकता, क्योंकि सिस्टम इंटरलॉक होता है। यदि फिर भी दरवाजा खुले, तो यह तकनीकी खामी है। ऐसी स्थिति में तुरंत मेंटेनेंस टीम को बुलाएं। तब तक चेतावनी बैरिकेड लगाकर दरवाजा बंद रखें, ताकि बुजुर्ग या बच्चे हादसे का शिकार न हों।
एनआईए ने मगध जोन को पुनर्जीवित करने की साजिश के फरार नक्सली को किया गिरफ्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सीपीआई (माओवादी) से जुड़े वर्ष 2021 के एक गंभीर साजिश मामले में गुरुवार को एक फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह मामला मगध जोन में प्रतिबंधित आतंकी संगठन सीपीआई (माओवादी) को दोबारा मजबूत करने की कोशिशों से जुड़ा है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान चंदन कुमार के रूप में हुई है, जिसे एनआईए ने मुंबई से पकड़ा गया। बिहार के जहानाबाद जिले का निवासी चंदन सीपीआई (माओवादी) का सक्रिय सदस्य था और संगठन के लिए फंड जुटाने, पुराने कैडरों को फिर से सक्रिय करने और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश में शामिल था। इससे पहले एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने चंदन को फरार घोषित किया था और अक्टूबर 2023 में उसके खिलाफ़ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। एनआईए रांची ने इस मामले में दिसंबर 2021 में केस दर्ज किया था। इस केस में स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य प्रद्युमन शर्मा, योगेंद्र रविदास, हथियारबंद कैडर नागेंद्र गिरि, अभिनव उर्फ गौरव उर्फ बिट्टू, और संगठन के लिए हथियार सप्लायर धनंजय पासवान को आरोपी बनाया गया था। आतंकी गतिविधियों के लिए फंड जुटाने की बनाई गई थी योजना : जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मगध जोन को पुनर्जीवित करने के लिए साजिश रची थी। इसके तहत हथियार और गोला-बारूद की खरीद, कैडरों को आईईडी बनाने की ट्रेनिंग देने और आतंकी गतिविधियों के लिए फंड जुटाने की योजना बनाई गई। इसके लिए ठेकेदारों से जबरन वसूली और लेवी की गई और एकत्रित धन को अलग-अलग माध्यमों से मनी लॉन्ड्रिंग किया गया। एनआईए की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने अपने रिवाइवल एजेंडे के तहत विभिन्न जेलों में बंद नक्सलियों और ओवर ग्राउंड वर्कर्स से संपर्क कर आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाने की योजना बनाई थी। जांच पूरी होने के बाद एनआईए ने सभी 5 आरोपियों के खिलाफ़ चार्जशीट दाखिल की थी, जबकि चंदन कुमार की तलाश जारी थी। अब उसकी गिरफ्तारी के साथ ही एजेंसी इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच आगे बढ़ा रही है।
मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) को लेकर प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। रविवार को सभी मतदान केंद्रों पर मेगा कैंप का आयोजन किया जा रहा है। जहां वोट जोड़ने, हटाने और संशोधन से जुड़ी सभी समस्याओं का मौके पर निस्तारण किया जाएगा। इसके अलावा 31 जनवरी और 1 फरवरी को भी विशेष कैंप लगाए जाएंगे। DM ने की अपील कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में जिलाधिकारी सीपी सिंह ने आम नागरिकों से अपील की कि वे अपने-अपने बूथ केंद्र पर पहुंच कर मतदाता सूची से जुड़ी त्रुटियों को ठीक कराएं। उन्होंने साफ कहा 18 वर्ष से ऊपर के हर नागरिक के पास वोटर आईडी होना अनिवार्य है, इसे हल्के में न लें। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 6 फरवरी तक आपत्ति का मौका जिलाधिकारी ने बताया कि 6 जनवरी को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जा चुकी है, जिस पर 6 फरवरी तक आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। मथुरा में कुल 1107 मतदान केंद्र और 2402 मतदेय स्थल निर्धारित हैं। अब तक फ़ार्म न. 6 नए वोट बढ़ाने हेतु 23 हजार 142 फॉर्म जमा हुए है। फॉर्म 7 नाम हटाने के करीब 600, जबकि फॉर्म-8 नाम/पता संशोधन करने के 8392 लिए जमा हुए हैं। 3 लाख 74 हजार नाम वोटर लिस्ट से काटे गए, जिनमें मृतक व अनट्रेसेबल मतदाता शामिल है। 11% अनट्रेसेबल मतदाता, प्रशासन सख्त मथुरा जिले में 5% जबकि मथुरा सदर तहसील में 11% मतदाता अनट्रेसेबल पाए गए हैं। मैपिंग कार्य के लिए 160 अधिकारी लगाए गए हैं। सिर्फ मथुरा सदर तहसील में 66 अधिकारी नोटिस वितरण में जुटे हैं।इसके अलावा BLO घर-घर जाकर नोटिस पहुंचाएंगे, जिसके लिए चुनाव आयोग द्वारा तय दस्तावेज़ों में से एक प्रमाणित प्रति देना अनिवार्य होगा। मतदाता सूची से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण के लिए अपर जिलाधिकारी (वित्त) पंकज वर्मा को कंट्रोल रूम प्रभारी बनाया गया है। प्रेस से मुलाकात के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
मध्यप्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों को नगरीय विकास विभाग खासा रास आ रहा है। मप्र के 16 नगर निगमों में 400-500 अधिकारी-कर्मचारी ऐसे हैं, जो सालों से अपना विभाग छोड़कर डेप्युटेशन पर यहां डटे हुए हैं। अकेले भोपाल नगर निगम में ही ऐसे 90 अधिकारी-कर्मचारी हैं। ये अमला अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए सीधे निकायों में पोस्टिंग करवा लेता है, जबकि विभाग को इसकी सीधी जानकारी तक नहीं रहती। नगरीय विकास विभाग में लगभग दो दशक से बाहरी विभागों से आए स्टाफ को हटाने के प्रयास चल रहे हैं। विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने जुलाई में निगमों को पत्र लिखकर बाहरी अमले को मूल विभाग में भेजने के निर्देश दिए थे। दिलचस्प बात ये है कि विभाग में इस बात की सटीक जानकारी नहीं है कि खुद का अमला डेपुटेशन पर कहां है और बाहर के कितने अधिकारी-कर्मचारी निगमों में हैं। इसका कारण ये है कि विभाग का स्थापना सेक्शन 5-6 जगह बंटा हुआ है। हालांकि, ये दिक्कत सिर्फ निगमों में है, नगर पालिका और नगर परिषदों में नहीं। अपर आयुक्त के 4 पदों पर 6 अधिकारी तैनातभोपाल में वर्तमान में अपर आयुक्त के 4 पदों (दो प्रमोशन -2 डेपुटेशन) के विरुद्ध 6 अधिकारी हैं। इनमे अंजू अरुण कुमार (स्मार्ट सिटी सीईओ, अतिरिक्त प्रभार निगम में), आईएएस तन्मय वशिष्ठ, राज्य प्रशासनिक सेवा के मुकेश शर्मा और वरुण अवस्थी, विभाग से हर्षित तिवारी और वित्त सेवा के गुणवंत सेवतकर हैं। जून में भोपाल निगम में डेपुटेशन पर पदस्थ आयुक्त देवेंद्र सिंह चौहान और सहायक आयुक्त एकता अग्रवाल को ट्रांसफर आदेश जारी हुआ था पर दोनों 4 महीने तक अपने विभागों में नहीं गए। विभाग ने दो महीने का वेतन रोका, तब विदा हुए। वित्त सेवा के अधिकारी गुणवंत सेवतकर 5 साल से भोपाल निगम में हैं। नगरीय विकास विभाग के अधिकारी कहते हैं, हमें तो पता ही नहीं कब कौन आकर चला जाता है। पूरा मामला ऊपरी कमाई का है हरेंद्र कुशवाहा, चंचलेश गिराडे (ऊर्जा विभाग से) और दिनेश सिंह उपायुक्त हैं। उदित गर्ग (पीएचई से प्रभारी एसई हैं), दूसरे विभागीय एसई सुबोध जैन रिटायर हो गए। अब आरआर जारोलिया प्रभारी एसई हैं। विभाग को अपने अमले की भी सही जानकारी नहीं अगस्त 2020 में भोपाल निगम ने विभाग के निर्देश पर 66 बाहरियों की पहचान कर मूल विभाग में भेजने की तैयारी की। 15 लोग हाई कोर्ट चले गए। तर्क दिया कि विभाग के निर्देश पर डेप्युटेशन पर आए थे, निगम ने सीधे इसे निरस्त कर दिया। हाई कोर्ट ने स्टे दे दिया। हाल में नगरीय प्रशासन संचालनालय ने सभी 413 निकायों से अपने प्रतिनियुक्ति पर चल रहे अमले की लिस्ट मांगी थी जो 3 साल बाद भी विभाग में नहीं लौटे हैं। किसी भी नगर निगम ने अब तक जानकारी नहीं भेजी है। निकायों ने आधी-अधूरी जानकारी भेजी। जनता से जुड़ा विभाग, भ्रष्टाचार की संभावना खुद का अमला होने के बावजूद बाहरी स्टाफ राजनीतिक रसूख से निगम में पदस्थ हो जाता है। निगम में 9 ईई प्रमोट हुए हैं पर बाहर के अधिकारी एसई बने हुए हैं। ज्यादा सुविधाएं और वेतन मिलता है। जनता से जुड़ा सीधा विभाग है तो भ्रष्टाचार की बड़ी संभावना है। -जितेंद्र शुक्ला,भाजपा पार्षद भोपाल आगे भी उठाएंगे मुद्दाभ्रष्टाचार करने के लिए ही बाहरी लोग निगमों में आते हैं। पहले भी परिषद बैठक में ये मुद्दा उठाया है, आगे भी उठाएंगे और मांग करेंगे कि बाहरियों को मूल विभाग वापस भेजा जाए।-मो. अजीजुद्दीन,कांग्रेस पार्षद भोपाल स्थापना का मामला बड़ी समस्या: आयुक्तस्थापना का मामला हमारे विभाग की बड़ी समस्या रही है। फेस रिकग्निशन जैसे नवाचार से ये सामने आएगा कि कौन कहां पदस्थ है। इसके बाद आगे करवाई करेंगे।-संकेत भोंडवे, आयुक्त नगरीय विकास एवं आवास
सात दिनों में नहीं मिला कन्हैया तो रांची में होगा चक्का जाम : आदित्य
धुर्वा के अंश और अंशिका की सकुशल बरामदगी के बाद पुलिस के समक्ष करीब 55 दिनों से लापता ओरमांझी के सिलदिरी का रहने वाला बच्चा कन्हैया को ढूंढने की चुनौती है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने शनिवार को कन्हैया के परिजनों से घर पर जाकर मुलाकात की। मौके पर ही उन्होंने रांची एसएसपी से बात की सात दिनों का समय दिया। कहा कि बच्चे की सुरक्षित बरामदगी नहीं हुई, तो भाजपा, रांची में चक्का जाम करेगी। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि झारखंड में बच्चा चोर और अपहरण गैंग सक्रिय है, जबकि पुलिस-प्रशासन मौन है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य से 413 बच्चे लापता हैं, जिनका कोई सुराग नहीं मिला। वहीं मासूम कन्हैया 22 नवंबर 2025 से लापता है। आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि राज्य में विधि-व्यवस्था की स्थिति बदतर हो चुकी है। पुलिस-प्रशासन को आम जनता की समस्याओं की कोई चिंता नहीं है। आदित्य साहू ने कहा कि मासूम कन्हैया को न्याय दिलाना सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लापता कन्हैया के परिजनों से मुलाकात के दौरान कन्हैया के बड़े भाई के इलाज के लिए एक लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की। साथ ही पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाया और खाद्य सामग्री, कंबल आदि आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई। पुलिस सही दिशा में कर रही है कार्रवाई : डीजीपी डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि पुलिस गंभीरता से काम कर रही है। हमारी कार्रवाई सही दिशा में है। एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि अंश और अंशिका की बरामदगी के लिए बनाई गई एसआईटी इस मामले को भी देख रही है। हम पूरी जिम्मेवारी से काम कर रहे हैं।
ईडी ने बुलाया नहीं, खुद घोटाले की जानकारी देने गया था संतोष
पुलिस ने अब संतोष को सुरक्षा मुहैया कराई ईडी और रांची पुलिस में विवाद के बीच एक बड़ा खुलासा हुआ है। पता चला है कि पेयजल स्वच्छता विभाग में हुए 23 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोपी क्लर्क संतोष कुमार घटना वाले दिन 12 जनवरी को अपने ही विभाग के कुछ इंजीनियर्स के खिलाफ जानकारी देने ईडी कार्यालय पहुंचा था। उसे ईडी ने कोई समन जारी नहीं किया था। जिन अधिकारियों के बारे में वह जानकारी देने गया था, उनमें कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता राधेश्याम और तत्कालीन कार्यपालक अभियंता प्रभात कुमार शामिल हैं। जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद उसने नवंबर 2025 में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव को भी इस संबंध में लिखित में साक्ष्यों के साथ जानकारी दी थी। इससे पहले जेल में उसने ईडी को कई विभागीय अधिकारियों के बारे में बताया था। 12 जनवरी को उसने ईडी ऑफिस पहुंचकर इन तीन इंजीनियरों के बारे में कागजात के साथ जानकारी देना शुरू किया। जब उससे अन्य अधिकारियों के बारे में जानकारी मांगी तो वह उत्तेजित हो गया। उसने जग को अपने सिर पर मार लिया। खास बात यह है कि जिस संतोष कुमार को घोटाले के आरोप में रांची पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था, उसी को अब पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई है। उसके घर पर तीन दिन से 1-4 का सुरक्षा गार्ड तैनात है। 28 दिसंबर 2023 को हुआ था फर्जी निकासी का केस पेयजल विभाग के खाते से 2 करोड़ 71 लाख 62 हजार 833 रुपए की फर्जी निकासी के मामले में रांची के सदर थाने में 28 दिसंबर 2023 को एफआईआर दर्ज हुई थी। आरोप था कि मार्च 2020 में एलएंडटी कंपनी के फर्जी बिल के आधार पर 2.17 करोड़ रुपए फर्जी खाते में स्थानांतरित किया। सदर थाने की पुलिस ने नौ अप्रैल 2024 को संतोष कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। ईडी अनुसंधान में 23 करोड़ रु. का मामला आया सामने ईडी ने जांच में पाया कि करीब 23 करोड़ रुपए की फर्जी निकासी की गई। संतोष कुमार के माध्यम से विभिन्न लोगों को स्थानांतरित 12 करोड़ का हिसाब भी ईडी ने निकाला। संतोष कुमार व उसकी कंपनी ने मेसर्स राकड्रिल कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के खाते में कुल 22 करोड़ 93 लाख 42 हजार 947 रुपए स्थानांतरित किए थे। चंद्रशेखर व राधेश्याम पर मूल रोकड़ बही नष्ट करने का आरोप संतोष ने विभागीय सचिव को जो जानकारी दी है, उसके अनुसार कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर और तत्कालीन कार्यपालक अभियंता राधेश्याम रवि ने अप्रैल 2023 से अगस्त 2023 तक और मई 2023 से सितंबर 2023 तक के मूल रोकड़ बही को नष्ट कर जाली रोकड़ बही तैयार करने का आदेश दिया था। उक्त अवधि का रोकड़ बही तैयार कर उन्हें सौंप दिया गया। इसका प्रभार संतोष कुमार ने 21 दिसंबर 2023 को कुमार साकेत को दिया। संतोष कुमार ने यह भी जानकारी दी है कि मूल रोकड़ बही उसके पास सुरक्षित है। उसने बताया है कि विभागीय अभियंताओं द्वारा सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए सरकारी दस्तावेजों के साथ मनमाने ढंग से छेड़छाड़ किया जाता रहा है। तत्कालीन कार्यपालक अभियंता प्रभात ने एजेंसी के साथ किया अवैध इकरारनामा संतोष के घर पर तैनात एक एसआई और चार जवान। संतोष ने विभाग के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता प्रभात कुमार सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाया है। उसने सचिव को दस्तावेज के साथ बताया है कि उन्होंने एजेंसी मेसर्स प्रवीण कुमार जैन के साथ अवैध इकरारनामा किया। इकरारनामा के लिए जमानत की राशि के लिए 5.25 लाख रुपए की गारंटी बैंक अॉफ बड़ौदा दिल्ली की रानी बाग शाखा से 4 जनवरी 2019 को बनवाई। लेकिन प्रभात कुमार ने अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए सभी नियमों को ताक पर रखकर एजेंसी प्रवीण कुमार जैन के साथ 2 जनवरी 2019 को ही अवैध इकरारनामा कर लिया। संतोष कुमार ने कहा है कि प्रभात कुमार सिंह ने उसे निलंबित और बर्खास्त करने की भी धमकी देकर उक्त अवैध इकरारनामा पर हस्ताक्षर करवाया।
पुलिस की वर्दी, थाना और चौकी की मर्यादा से जुड़े मामलों में अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों के वीडियो और रील सामने आने के बाद एसपी ओमप्रकाश मीणा ने जिलेभर के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है। इसमें स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि किसी भी पुलिस थाने या चौकी परिसर में वीडियो या रील बनाई गई, अथवा कोई पुलिसकर्मी वर्दी में वीडियो बनाते हुए या अपलोड करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। खास बात यह है कि अब ऐसे मामलों में सिर्फ पुलिसकर्मी ही नहीं, संबंधित थानाधिकारी भी जिम्मेदार माने जाएंगे। क्योंकि हाल ही में जुरहरा थाने पर एक वीडियो वायरल होने पर थानाधिकारी को भी लाइन हाजिर किया गया था। उसी के बाद अब दूसरा वीडियो सीकरी थाने का वायरल हो रहा है जिस पर दो पुलिस कर्मी को लाइन हाजिर कर एएसपी डीग अखिलेश शर्मा को जांच सौंप गई है। किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा ड्यूटी के दौरान या ऑफ-ड्यूटी वर्दी में वीडियो बनाना या वायरल होना गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में नोटिस, विभागीय जांच, वेतन कटौती से लेकर निलंबन तक की कार्रवाई की जा सकती है। सभी थानाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने थानों और चौकियों में तैनात स्टाफ को अवगत कराएं और सख्त निगरानी रखें। यदि भविष्य में कोई वीडियो वायरल होता है, तो यह माना जाएगा कि थानाधिकारी ने नियंत्रण और अनुशासन में लापरवाही बरती है। कांस्टेबलों को बताया थानेदार, पूरा संरक्षण होने की बात कही थाने के अंदर रील बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने और दो कांस्टेबलों को थानेदार बताकर उनके दम पर घूमने की बात कहने के मामले में एसपी ओमप्रकाश मीणा ने सीकरी थाने के कांस्टेबल सोनू मीणा और अतर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है। साथ ही मामले की जांच एएसपी मुख्यालय अखलेश शर्मा को सौंपी गई है। एएसपी मुख्यालय अखलेश शर्मा शनिवार दोपहर को सीकरी थाने पहुंचे और मामले की जानकारी ली। इस मामले में भरतपुर - डीग भास्कर ने शनिवार को युवक ने सीकरी थाने के अंदर बनाई रील, कांस्टेबलों के दम पर घूमने की बात कही शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। रील प्रकरण को लेकर सीकरी थाने के कांस्टेबल सोनू मीणा और अतरसिंह को लाइन हाजिर किया गया है। मामले की जांच एएसपी मुख्यालय अखलेश शर्मा को सौंपी गई है। इस प्रकरण के संज्ञान में आने के बाद अगर भविष्य में किसी भी थाने परिसर का इस तरह का वीडियो वायरल हुआ तो संबंधित थानाधिकारी जिम्मेदार होंगे। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -ओमप्रकाश मीणा, एसपी ,डीग
डीएसपीएमयू...20 साल बाद बीएड शिक्षकों की सेवा ब्रेक पर लगी रोक
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू), रांची में दो बड़े बदलाव होंगे। बीएड कोर्स से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट शिक्षकों के लिए करीब 20 साल से चल रही सेवा ब्रेक व्यवस्था पर रोक लगेगी। वहीं प्रशासनिक ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए अब एक्टिंग एचओडी को भी नियमित एचओडी की तरह सभी सुविधाएं दी जाएंगी। उन्हें 33 दिन का अर्जित अवकाश भी मिलेगा। डीएसपीएमयू प्रशासन के प्रस्ताव पर राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार में मंजूरी दे दी है। यूनिवर्सिटी प्रशासन के मुताबिक इन दोनों फैसलों से न सिर्फ शिक्षकों को लाभ होगा, बल्कि यूनिवर्सिटी का शिक्षण व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचा भी मजबूत होगा। डीएसपीएमयू के बीएड कोर्स के कॉन्ट्रैक्ट पर कार्य कर रहे शिक्षकों को अब हर शैक्षणिक सत्र के बाद तकनीकी रूप से सेवा से मुक्त नहीं किया जाएगा। अब तक लागू व्यवस्था में हर साल शिक्षकों को सेवा से हटाया जाता है। इसके बाद फिर दोबारा नियुक्ति की प्रक्रिया कराई जाती थी। इससे न केवल शिक्षकों की नौकरी असुरक्षित रहती थी, बल्कि छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित होती थी। यह राष्ट्रीय अध्यापन प्रशिक्षण परिषद (एनसीटीई) की गाइडलाइन के अनुरूप नहीं थी। वहीं एक्टिंग एचओडी भी नियमित एचओडी की तरह सभी दायित्व निभाते हैं, लेकिन उन्हें नियमित की तरह सुविधाएं नहीं मिलती। एक्टिंग एचओडी को नियमित जैसा अवकाश एक्टिंग एचओडी (प्रभारी) को अब नियमित विभागाध्यक्षों के समान अवकाश दिए जाएंगे। अब इन्हें भी साल में 33 दिन का अर्जित अवकाश मिलेगा। हालांकि इन्हें भी नियमित की तरह ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान विश्वविद्यालय हित में आवश्यक सेवाएं देने के लिए मुख्यालय में उपलब्ध रहना होगा। विवि को यह अधिकार होगा कि शैक्षणिक, प्रशासनिक आवश्यकता पड़ने पर विभागाध्यक्षों की सेवाएं अवकाश अवधि में भी ली जा सकेगी। अध्यापन प्रशिक्षण परिषद (एनसीटीई) की गाइडलाइन के अनुरूप नहीं थी। वहीं एक्टिंग एचओडी भी नियमित एचओडी की तरह सभी दायित्व निभाते हैं, लेकिन उन्हें नियमित की तरह सुविधाएं नहीं मिलती। अन्य विश्वविद्यालयों में अभी यह सुविधा नहीं राज्यपाल की स्वीकृति के बाद बीएड शिक्षकों की सेवा ब्रेक और एक्टिंग एचओडी को नियमित की तरह सुविधा देने से संबंधित दोनों फैसलों का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इसका राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों पर भी बड़ा असर पड़ेगा। डीएसपीएमयू के समीप स्थित रांची विवि के बीएड शिक्षकों और एक्टिंग एचओडी को नियमित की तरह सुविधा नहीं मिलती है। बताते चलें कि लगभग 80 प्रतिशत विभागों में एक्टिंग एचओडी के भरोसे विभाग संचालित किए जा रहे हैं। बीएड शिक्षकों को सेवा ब्रेक का प्रावधान समाप्त होने के बाद अब वे अन्य शिक्षकों की तरह 65 साल तक सेवा दे सकेंगे। इन शिक्षकों का पदनाम सहायक प्रोफेसर होगा। अभी 11 माह के बाद शिक्षकों के मन में अगली सेवा को लेकर असुरक्षा की भावना रहती थी, जो खत्म हो गया है। संबंधित विभाग द्वारा फीडबैक बेहतर रहने पर नियमित शिक्षकों की तरह सेवा दे सकेंगे। अब 65 वर्ष की उम्र तक देंगे सेवा
भोपाल में 26 टन संदिग्ध मांस से जुड़े मामले ने अब सियासी और सामाजिक स्तर पर और तूल पकड़ लिया है। सेवा संकल्प युवा संगठन ने इस पूरे घटनाक्रम को गो हत्याकांड बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन का आरोप है कि एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो स्वतंत्र जांच कमेटी बनी और न ही जिम्मेदारों पर ठोस कार्रवाई हुई। पत्र में क्या कहा गयासंगठन के अध्यक्ष प्रकाश मालवीय ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में उल्लेख किया है कि 17 दिसंबर 2025 को भोपाल में 26 टन गौमांस से भरा कंटेनर पकड़ा गया था। पुलिस ने ट्रक को जब्त किया, लेकिन बिना जांच रिपोर्ट आए और बिना किसी कानूनी कार्रवाई के तीन दिन के भीतर ही वाहन छोड़ दिया गया। बाद में मथुरा की फोरेंसिक लैब से आई रिपोर्ट में मांस के गोवंश से संबंधित होने की पुष्टि हुई। पत्र में कहा गया है कि इस खुलासे के बाद प्रदेशभर के गो सेवकों और हिंदू संगठनों में भारी रोष है। भोपाल में लगातार धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार और प्रशासन की ओर से अपेक्षित सख्ती नजर नहीं आ रही। नगर निगम और प्रशासन पर सवालसंगठन ने सवाल उठाया है कि जब नगर निगम परिषद के अध्यक्ष और एमआईसी सदस्य भी एफआईआर दर्ज करने की बात कह रहे हैं, तो फिर अब तक इस मामले में स्पष्ट कार्रवाई क्यों नहीं हुई। पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई दिखाने के लिए कदम उठाए गए, जबकि असली जिम्मेदार अब भी जांच के दायरे से बाहर हैं। स्लॉटर हाउस और साजिश की आशंकापत्र में स्लॉटर हाउस के संचालन को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। संगठन का दावा है कि पहले भी जनप्रतिनिधियों की आपत्ति के बाद स्लॉटर हाउस को रोका गया था, फिर किन परिस्थितियों में इसे दोबारा शुरू किया गया, इसका खुलासा होना चाहिए। संगठन ने इस पूरे मामले को सरकार और पार्टी की छवि धूमिल करने की साजिश करार दिया है। प्रधानमंत्री से सीधी मांगसेवा संकल्प युवा संगठन ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि भोपाल गो हत्याकांड की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित की जाए और सात दिन के भीतर ठोस निर्णय लिया जाए। साथ ही दोषी चाहे नेता हों, अधिकारी हों या कर्मचारी सभी को कठोरतम सजा देने की मांग की गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ये खबर भी पढ़ें... स्लॉटर हाउस का मकसद-शर्तें क्या? हर कड़ी की पड़ताल भोपाल में गोमांस मिलने के मामले में अब आधुनिक स्लॉटर हाउस से जुड़ी पूरी फाइल की गहन जांच की तैयारी है। नगर निगम के उच्च स्तर पर निर्णय लिया गया है कि टेंडर की शर्तें तय होने से लेकर टेंडर आवंटन और अंत में कमिश्नर के हस्ताक्षर तक की हर कड़ी की पड़ताल होगी। ताकि, स्पष्ट हो सके कि करीब 100 करोड़ की सरकारी जमीन पर 33 करोड़ रुपए की लागत से मॉर्डन स्लॉटर हाउस के प्रोजेक्ट, किस उद्देश्य से और किन शर्तों पर तैयार की।पूरी खबर पढ़ें
जमीन बिक्री के बाद पैसों के बंटवारे में दो गुटों के बीच अंधाधुंध फायरिंग, तीन लोग घायल
पिस्का मोड़ में तेल मिल गली में शनिवार रात 10:15 बजे दो गुट भिड़ गए। फायरिंग हुई। इसमें तीन लोग घायल हो गए। एक गुट के विकास सिंह व उसके भाई आकाश सिंह उर्फ मोगली को गोली लगी है, जबकि दूसरे गुट का रवि यादव घायल है। दोनों भाइयों को सदर अस्पताल में इलाज कराने के बाद रिम्स रेफर कर दिया गया है। वहीं रवि का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस के मुताबिक प्लॉट बिक्री के बाद पैसों के बंटवारे में दोनों गुटों में भिड़ंत हुई। एक गुट से संदीप थापा का गुर्गा और दूसरे गुट से ये दोनों भाई वहां पहुंचे थे। अचानक फायरिंग शुरू हो गई। विकास को तीन गोली लगी। दो छाती में और एक हाथ में। वहीं आकाश को हाथ में और रवि यादव को आंख के पास गोली लगी है। पुलिस को घटनास्थल से 10 खोखे मिले हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। शहर से भाग रहे चार अपराधी गिरफ्तार, हथियार भी बरामद फायरिंग करने वाले चार अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनसे हथियार भी बरामद हुए हैं। ये सभी रिंग रोड से शहर से भाग रहे थे। पुलिस ने पीछा कर इन्हें गिरफ्तार कर लिया। घटना में प्रयुक्त कार भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। इनसे पूछताछ कर गोलीकांड में शामिल अन्य अपराधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। इनसे मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने देर रात कई जगहों पर छापेमारी भी की।
मेन रोड में रहा सन्नाटा, करमटोली में बंद समर्थकों ने टायर जला रोका रास्ता
आदिवासी समुदायों द्वारा शनिवार को बुलाए गए झारखंड बंद का राजधानी में मिलाजुला असर रहा। खूंटी के पड़हा राजा सोमा मुंडा की पिछले दिनों हुई हत्या के विरोध में यह बंद बुलाया गया था। शहर के मुख्य केंद्र मेनरोड और आसपास के क्षेत्रों में बंद का व्यापक असर दिखा। करमटोली में बंद समर्थकों ने आग जलाकर रास्ता बंद कर दिया। कटहल मोड़ और दलादली में बंद समर्थकों ने रास्ता जाम कर दिया। इधर पंडरा थोक मंडी भी बंद रही। कांके रोड में बंद का छिटपुट असर दिखा। हालांकि बरियातू, कोकर, लालपुर, हरमू रोड, अपर बाजारे, डोरंडा, हिनू, अरगोड़ा चौक आदि क्षेत्रों में बंद का असर नहीं देखा गया। एचईसी क्षेत्र में सामान्य दिनों की अपेक्षा कम गाड़ियां चलीं। कुल मिलाकर बंद का मिलाजुला असर दिखा। दोपहर में अल्बर्ट एक्का चौक और आसपास के इलाकों में लगभग सभी दुकानें बंद रहीं, जो दुकानें खुली थीं, उन्हें भी प्रदर्शनकारियों ने बंद करा दिया। प्रदर्शनकारियों ने अल्बर्ट एक्का चौक के पास रस्सी लगाकर सड़क को अवरुद्ध कर दिया। इससे मेन रोड से आने वाले वाहनों को प्लाजा रोड की ओर डायवर्ट करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सोमा मुंडा की हत्या के मामले में पुलिस अब तक मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। शनिवार को रांची के ज्यादातर स्कूल बंद रहे। गाड़ियां कम चलीं। कई निजी संस्थानों भी बंद रहे। बंद के दौरान पुलिस बल मुस्तैद रही। कहीं से कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। मेन रोड में बंद समर्थकों ने बांस-बल्ली लेकर रोका आवागमन । करमटोली में टायर जलाकर बंद समर्थकों ने रोका रास्ता। करमटोली चौक पर प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर विरोध जताया और सड़क पर बैठकर आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया, जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। इधर पंडरा क्षेत्र में थोड़ी देर कुछ दुकानें बंद रहीं। करमटोली चौक पर दोपहर एक बजे बंद समर्थक आए और टायर जलाकर प्रदर्शन किया। गाड़ियां भी रोकीं और आसपास की दुकानें बंद कराईं। कटहल मोड़ में अनेक बंद समर्थक सड़क पर उतरे और रास्ते को रस्सी लगाकर जाम किया। कई घंटे तक प्रदर्शन किया। इसी तरह दलादली चौक के पास बंद समर्थकों ने जाम किया। गाड़ियों की लंबी कतारें लगी रहीं। जिला के ग्रामीण इलाकों जैसे चिरौंदी, चान्हो, रातू, खलारी, तुपुदाना, कांके, पिठोरिया में टायर जलाकर जाम किया गया। शहर के मुख्य बाजारों में आंशिक प्रभाव लेकिन शाम तक सब सामान्य हो गया। यातायात भी बहाल हो गया। आदिवासी संगठनों ने कहा है कि न्याय नहीं मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। रांची| झारखंड बंद का असर पंडरा बाजार समिति में सबसे अधिक देखने को मिला। पंडरा क्षेत्र में कुछ दुकानें खुली जरूर नजर आईं, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने सुबह करीब नौ बजे पंडरा बाजार समिति के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया, जिसके कारण मंडी के भीतर एक भी दुकान नहीं खुल सकी। इससे पंडरा बाजार समिति में लगभग 10 करोड़ के कारोबार पर सीधा असर पड़ा। व्यापारी मदन साहू ने बताया कि शनिवार को पंडरा मंडी पूरी तरह बंद रही, जबकि रविवार को पहले से ही मंडी बंद रहती है। ऐसे में अब खुदरा दुकानदारों को जरूरी खाद्य पदार्थों की खरीद के लिए सोमवार तक इंतजार करना पड़ेगा। दूसरी ओर, अपर बाजार, तिलता और रातू सहित अन्य क्षेत्रों की बाजारें खुली रहीं, लेकिन वहां भी ग्राहकों की संख्या काफी कम रही। हालांकि व्यापारियों का कहना है कि बाजारों में खरीदार पहुंचे, लेकिन कारोबार प्रभावित ही रहा। रेल सेवा और फ्लाइट सेवा में बंद का कोई असर नहीं दिखा। हालांकि बस सेवा पूरी तरह से प्रभावित रही। गुमला, सिमडेगा, तोरपा, बुंडू, लोहरदगा, टाटा आदि जाने वालीं 200 से ज्यादा बसें नहीं चलीं। रांची से हजारीबाग, बरही आदि जाने वालीं बसें भी काफी कम चलीं। बस चालक संघ के महासचिव राणा बजरंगी ने बताया कि खादगढ़ा बस स्टैंड से करीब 200 पैसेंजर को वापस लौटना पड़ा। झारखंड प्रदेश बस ऑनर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष किशोर मंत्री ने कहा कि लोकल बस एक भी नहीं चले। बंद का मिलाजुला असर रहा।
विवि अधिकारी नियुक्ति... फाइनेंस अफसर के 9 पद के लिए 3 अभ्यर्थी
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) ने राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में अधिकारियों की नियुक्ति के लिए प्राप्त आवेदनों की स्क्रूटनी प्रक्रिया पूरी कर ली है। आयोग की ओर से योग्य पाए गए अभ्यर्थियों को अकादमिक पॉइंट आवंटित कर दिए गए हैं, जिन्हें आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। अभ्यर्थी जन्म-तिथि और रजिस्ट्रेशन नंबर के माध्यम से अपना अकादमिक स्कोर देख सकेंगे। जेपीएससी ने स्पष्ट किया है कि यूनिवर्सिटी अधिकारियों के पदों के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 8 अक्टूबर 2025 थी। इसके बाद जारी या प्राप्त किसी भी प्रकार का प्रमाण पत्र या दस्तावेज मान्य नहीं किया जाएगा। रजिस्ट्रार समेत कुल 23 पदों के लिए 124 अभ्यर्थी योग्य पाए गए हैं। लेकिन फाइनेंस अफसर के 9 पदों के लिए सिर्फ तीन अभ्यर्थी योग्य मिले हैं। इन 23 पदों पर होगी नियुक्ति पद नाम कितने पद योग्य अभ्यर्थी रजिस्ट्रार 2 11 फाइनेंस ऑफिसर 9 3 परीक्षा नियंत्रक 8 11 डिप्टी रजिस्ट्रार 2 46 डिप्टी डायरेक्टर 1 -- असिस्टेंट रजिस्ट्रार 1 53 इधर, जेएसएससी की स्थगित परीक्षा 19 को ली जाएगी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा माध्यमिक आचार्य नियुक्ति परीक्षा आयोजित की जा रही है। 15 जनवरी को आयोजित आईसीयूबीई और उषा मार्टिन सेंटर की परीक्षा तकनीकी कारणों से रद्द कर दी गई थी। यह परीक्षा 19 जनवरी को दिन के दो से पांच बजे तक आयोजित की जाएगी। आयोग की ओर से कहा गया है कि संबंधित केंद्र के अभ्यर्थी समय पर केंद्र में पहुंच कर परीक्षा में शामिल होंगे।
मोरहाबादी में 1.36 करोड़ रूपए का वेंडर मार्केट बना गोदाम, दुकानदार सड़क पर ही लगा रहे दुकान
मोरहाबादी मैदान से आगे बिजली सब स्टेशन के पास 1.36 करोड़ रुपए की लागत से वेंडर मार्केट बनाया गया, ताकि सड़क पर बाजार न लगे, जाम न हो। इस मार्केट में रांची नगर निगम ने लॉटरी के माध्यम से 220 दुकानदारों को जगह आवंटित की है। इनमें पहले फेज में 121 खाद्य पदार्थ विक्रेता, 27 सब्जी और 21 फल विक्रेताओं को जगह दी गई है। दूसरे फेज में 59 दुकानदारों को जगह दी गई। मार्केट में दुकानदारों को जगह मिल जाने के बाद लगा था कि अब सड़क पर दुकानें नहीं लगेंगी, जिससे जाम से मुक्ति मिलेगी। लेकिन हुआ ठीक इसका उल्टा। दुकानदारों ने वेंडिंग जोन में जगह तो ले ली, पर वहां दुकान नहीं लगाते। खासकर सप्ताह में दो दिन बुधवार और शनिवार को मोरहाबादी में अर्द्ध साप्ताहिक बाजार लगता है। इस दिन वेंडर मार्केट के सभी सब्जी और फल विक्रेता अपनी दुकानों को बंद करके सड़क पर आ जाते हैं। इसका नतीजा है कि सड़क पर चारों ओर जाम लगा रहता है। निगम ने जगह दे दी, लेकिन नो वेंडिंग जोन नहीं बनाया वेंडर मार्केट के अंदर दुकानें लगाने की जगह का इस्तेमाल ऐसे सामान रखने के लिए किया जा रहा है। मार्केट के बाहर आधी सड़क पर सब्जी और फल दुकानदारों का कब्जा। दुकानदारों द्वारा बाहर दुकान लगाने के पीछे निगम की गलती है। दरअसल, निगम ने सड़क किनारे दुकान लगाने वाले दुकानदारों को मार्केट में जगह तो दे दी, लेकिन बाहर के क्षेत्र को नो वेंडिंग जोन घोषित नहीं किया। इस वजह से दुकानदार दोहरा फायदा उठा रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए आसपास के क्षेत्र के फुटपाथ दुकानदार भी मोरहाबादी में आकर दुकान लगाने लगे हैं, ताकि वे भी मार्केट में दुकान लेने के लिए दावा कर सकें।
नेक्सजेन शोरूम के संचालक विनय सिंह की पत्नी की जमानत याचिका खारिज
आय से अधिक संपत्ति, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में आरोपी नेक्सजेन ऑटोमोबाइल के संचालक विनय कुमार सिंह की प|ी स्निग्धा सिंह को झटका लगा है। उसकी ओर से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका एसीबी के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत ने सुनवाई पश्चात खारिज कर दी। स्निग्धा सिंह ने एक दिसंबर को याचिका दाखिल कर अग्रिम जमानत की गुहार लगाई थी। स्निग्धा सिंह फिलहाल एसीबी की पकड़ से दूर है। जांच एजेंसी एसीबी उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत है। स्निग्धा सिंह पर गंभीर आरोप : अदालत के आदेश के अनुसार, स्निग्धा सिंह और उसके पति विनय सिंह ने अपनी कंपनी नेक्स्जेन सॉल्यूशन टेक्नोलॉजी के माध्यम से आईएएस विनय चौबे के अवैध धन को खपाने में मुख्य भूमिका निभाई। स्निग्धा के खाते से विनय चौबे के रिश्तेदारों (शिपिज त्रिवेदी और प्रियंका त्रिवेदी) के संयुक्त खाते में 14.25 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए। स्निग्धा की कंपनी द्वारा विनय चौबे की प|ी स्वप्ना संचिता को मैनेजमेंट कंसल्टेंट बताकर 2019 से 2023 के बीच हर महीने 1.50 लाख रुपए (कुल 73 लाख रुपए) का भुगतान किया गया, जिसका कोई ठोस रिकॉर्ड नहीं मिला। इन नामों का भी आया जिक्र : एसीबी की एफआईआर में विनय चौबे के अलावा उनके ससुर सतेंद्र नाथ त्रिवेदी, साला शिपिज त्रिवेदी, सरहज प्रियंका त्रिवेदी, प|ी स्वप्ना संचिता और मित्र विनय कुमार सिंह को भी आरोपी बनाया गया है।
हल्के गहने ट्रेंड में, 4 ग्राम सोने की चेन व 20 ग्राम चांदी की पायल भी
सोना और चांदी की कीमतों में तेजी का दौर जारी है, जिससे उपभोक्ता खरीदारी के पैटर्न में बदलाव आया है। इस तेजी का असर जेवरात बाजार पर स्पष्ट रूप से दिख रहा है, जहां पारंपरिक रूप से भारी गहने खरीदने वाले अब हल्के‑वजन वाले डिजाइनों को प्राथमिकता दे रहे हैं। ग्राहकों की बदलती पसंद के कारण अब पायल, हल्की सोने की चेन, 4 से 9 ग्राम के गले के हार, 1 ग्राम की कान की बाली और हल्के‑वजन के कड़े की मांग बढ़ी है। पहले जहां 30 ग्राम से ज्यादा वजन वाली पायल आमतौर पर पसंद की जाती थी, अब 18 से 20 ग्राम या उससे भी हल्की पायल बाजार में तेजी से आ रही है। इसी तरह सोने और चांदी के हल्के‑वजन गहने ग्राहकों के बजट के अनुरूप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ज्वेलर्स भी ग्राहकों को लाइट वेट गहनों के साथ‑साथ बजट‑फ्रेंडली स्कीमें और ऑफर दे रहे हैं, ताकि बढ़ती कीमतों के बावजूद बिक्री को मजबूती मिले और खरीदारों की रुचि बरकरार रहे। स्पष्ट है कि ऊंचे भावों के बावजूद खरीदारी में रुचि खत्म नहीं हुई, बल्कि ग्राहक अब कम वजन के गहने चुन रहे हैं। पिछले सात दिन में सोना-चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी तिथि सोना चांदी (नोट : सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम और चांदी की रुपए प्रति किलो में) और बढ़ सकते हैं दाम: सोना-चांदी व्यवसायी समिति, रांची के मुख्य संरक्षक रवि कुमार पिंकू ने कहा कि लग्न की खरीदारी शुरू हो चुकी है। लग्न का सीजन आ रहा है, कीमती धातुओं के दाम में और इजाफा हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस समय वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल है। विश्व के शेयर बाजार में गिरावट का रुख दिख रहा है। यही कारण है कि निवेशक भी सुरक्षित निवेश माने जाने वाले कीमती धातुओं में रुचि ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि चांदी की औद्योगिक खपत काफी बढ़ गई है। इस कारण चांदी की कीमतों में काफी उछाल दिख रहा है।सप्ताह भर में चांदी 36 हजार रु. महंगी हुई: रांची सर्राफा बाजार में सप्ताह भर में चांदी 36 हजार रुपए महंगी हो गई है। 12 जनवरी को चांदी की कीमत 256000 रुपए प्रति किलोग्राम थी, जो बढ़कर 292000 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है। इसी तरह जेवराती सोना 128000 रुपए से बढ़कर 132400 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। सोना करीब चार हजार रुपए तेज हो गया है।
यूनियन कार्बाइड का 337 मीट्रिक टन कचरा 1 जनवरी 2025 को निस्तारण के लिए पीथमपुर भेजा गया था। ठीक एक साल बाद शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बिना मास्क के उसी फैक्ट्री परिसर में पहुंचे। सीएम ने उस गोदाम का निरीक्षण किया, जहां दशकों तक कचरा रखा था। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अब इसी साफ किए गए परिसर में गैस त्रासदी में मारे गए लोगों की स्मृति में स्मारक बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मारक निर्माण सभी प्रभावित पक्षों और समाज के हर वर्ग को विश्वास में लेकर, हाई कोर्ट की निगरानी में किया जाएगा। सीएम ने कहा कि कांग्रेस ने पाप किया, लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया। हमने कलंक मिटाया। महिलाओं को देखकर काफिला रुकवाया, 50-50 हजार की मदद... लौटते समय कुछ महिलाओं ने सीएम का काफिला रुकवा लिया। मंजू और प्रभा बाई ने अपने पतियों की बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। सीएम ने तत्काल 50-50 हजार रुपए की सहायता स्वीकृत कर दी।
अब रिम्स के पास एमआरआई, 2 सीटी स्कैन व अन्य मशीनें हैं
रिम्स में संचालित रेडियोलॉजी सेंटर हेल्थ मैप का कॉन्ट्रैक्ट सरकार के साथ खत्म हो चुका है। रिम्स अब इसे एक्सटेंशन नहीं दे रहा। हेल्थ मैप का सबसे बड़ा सेंटर रिम्स में संचालित है। चूंकि यहां मरीजों का फ्लो इतना ज्यादा है कि पूर्व में रिम्स का रेडियोलॉजी विभाग इसे संभाल पाने की स्थिति में नहीं था। रिम्स के पास तब आउटडेटेड मशीनें थीं। हेल्थ मैप में एडवांस मशीन होने के कारण मरीजों को गुणवत्तापूर्ण जांच मिल रही थी। सरकार के साथ एग्रीमेंट के तहत मरीजों की सभी जांच अन्य निजी रेडियोलॉजी सेंटर की तुलना में करीब 50 से 60% तक किफायती दरों पर की जा रही थी। अब एग्रीमेंट खत्म होने के बाद हेल्थ मैप को बंद करना होगा। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि रिम्स में आने वाले मरीजों की जांच कैसी होगी? क्या अब रिम्स में अपने संसाधन बढ़े हैं? क्या रेडियोलॉजी विभाग डेवलप हुआ है? इन सवालों के जवाब हां में हैं। रिम्स में मरीजों की हेल्थ मैप पर निर्भरता एमआरआई जांच, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड जांच के लिए अधिक थी। अब रिम्स के पास अपनी एमआरआई मशीन है, 2 सीटी स्कैन मशीन, अल्ट्रासाउंड समेत अन्य उपकरण हैं। इसलिए हेल्थ मैप के बंद होने से मरीजों पर इसका असर नहीं पड़ेगा। आरआईओ बिल्डिंग में लग चुकी है एमआरआई मशीन रिम्स में पांच साल से एमआरआई जांच प्रभावित थी। पुरानी मशीन के खराब होने के बाद जांच नहीं हो रही थी। लेकिन दो माह पहले आरआईओ बिल्डिंग में थ्री टेस्ला एमआरआई मशीन इंस्टॉल की गई है। यहां जांच भी शुरू हो चुकी है। लेकिन अभी थोड़ी परेशानी यह है कि अभी केवल बिना कंट्रास्ट वाली जांच ही की जा रही हैं। क्योंकि कंट्रास्ट जांच के लिए जो जरूरी दवा की जरूरत होती है, उसका प्रबंध अबतक नहीं हो सका है। जल्द ही कैंसर जांच व इलाज के लिए 36 करोड़ के उपकरण भी रिम्स में कैंसर की जांच से लेकर इलाज तक की सुविधाओं को एडवांस बनाने की दिशा में ठोस पहल शुरू हो गई है। प्रबंधन ने कैंसर विभाग के लिए करीब 36 करोड़ रुपए से अधिक की करीब आधा दर्जन से अधिक अत्याधुनिक और हाई-एंड मशीनों और उपकरण खरीदे जा रहे हैं। इन मशीनों के आने से कैंसर की पहचान, रेडिएशन थेरेपी और सटीक इलाज पहले से कहीं ज्यादा प्रभावी तरीके से हो सकेगा। साथ ही कैंसर मरीजों को इलाज के लिए बाहर भेजने की मजबूरी काफी हद तक खत्म हो सकेगी। कितनी किफायती है रिम्स की जांच जांच रिम्स हेल्थ मैप निजी सेंटर इन हाई एंड मशीनों की हो रही खरीद {मेमोग्राफी मशीन (स्तन कैंसर की पहचान के लिए) {कीमत लगभग 4 करोड़ रुपए {लीनियर एक्सेलरेटर मशीन (रेडिएशन आंकोलॉजी के लिए) - करीब 22 करोड़ रुपए {सरफेस गाइडेड रेडियोथेरेपी मशीन - लगभग 2.5 करोड़ रुपए {डोसिमेट्री मशीन - करीब 3 करोड़ रुपए {4डी सीटी स्कैन मशीन - लगभग 9 करोड़ रुपए {ब्रैकीथेरेपी मशीन - करीब 5 करोड़ रुपए (अलग से प्रस्तावित) नोट : रिम्स के रेट रिवाइज कर और कम किए जा सकते हैं। एमआरआई मशीन सीटी स्कैन की दो मशीनों से रोज 40 जांच... एक और एडवांस एमआरआई मशीन भी लगेगी, हो चुका वर्कऑर्डर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिरेन बिरूआ ने बताया कि रिम्स में एक एमआरआई मशीन क्षेत्रीय नेत्र संस्थान बिल्डिंग में इंस्टॉल की जा चुकी है। यह फंक्शनल भी हो चुकी है। जल्द ही रिम्स में एक और एडवांस एमआरआई मशीन पहुंच जाएगी। इस एडवांस थ्री टेसला वाली मशीन की कीमत 22 करोड़ रुपए है। इसके लिए प्रबंधन ने चयनित सप्लायर को वर्कऑर्डर भी जारी कर दिया है। रिम्स में सीटी स्कैन के लिए पहले जहां एक आउटडेटेड मशीन थी, वह भी बार-बार खराब होती रहती थी। अब रिम्स के पास एक नहीं, बल्कि दो नई एडवांस सीटी स्कैन मशीनें हैं। यहां 1500 से लेकर 2500 तक में हर तरह की सीटी स्कैन जांच की जा रही है। हर दिन करीब 40 से 50 मरीजों को जांच सुविधा मिल पा रही है। कार्डियोलॉजी विभाग में 2 ईकोकार्डियोग्राफी मशीनें पुरानी ईको मशीन के खराब होने के बाद करीब दो साल पहले कार्डियोलॉजी विभाग में दो नई ईकोकार्डियोग्राफी मशीन इंस्टॉल की गई हैं। एक मशीन विभाग के ओपीडी एरिया में ओपीडी और इमरजेंसी मरीजों के लिए है। जबकि दूसरी मशीन तीसरे तल्ले में भर्ती मरीजों के लिए लगाई गई है। मात्र 180 रुपए के शुल्क में जांच आसानी से उपलब्ध है।
इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले में सियासत तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को भागीरथपुरा पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। बातचीत के बाद राहुल गांधी ने कहा- “इस घटना का कोई तो जिम्मेदार होगा? सारे परिवार गंदा पानी पीने के बाद बीमार हुए। इंदौर जैसे शहर में साफ पानी नहीं मिल सकता? यहां पानी पीकर लोग मर रहे हैं- यही अर्बन मॉडल है।’ इसके बाद राहुल ने भाजपा की ‘डबल इंजन सरकार’ पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने जहरीला पानी देकर लोगों को मारा है, लेकिन अब तक किसी की जवाबदेही तय नहीं की गई। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन और स्मार्ट सिटी मॉडल पर भी सवाल उठाए। राहुल ने सोशल मीडिया पर- ‘बीजेपी की डबल इंजन सरकार का नया स्मार्ट सिटी मॉडल... पानी में जहर, हवा में जहर, दवा में जहर, जमीन में जहर और जवाब मांगो तो चलेगा बुलडोजर। इस मॉडल में गरीबों की मौतों के लिए कोई भी जिम्मेदार नहीं होता।’ देश के सबसे साफ शहर में दूषित पानी से जानें गईं, कोई तो जिम्मेदार होगा? 10 मिनट में 8 मरीजों के हाल जानकर लौटे राहुल... एयरपोर्ट से राहुल सीधे बॉम्बे हॉस्पिटल पहुंचकर मरीजों और उनके परिजनों से मिले। उन्होंने करीब 10 मिनट में 8 मरीजों व उनके परिजनों से बातचीत की। इसके बाद भागीरथपुरा में दो मृतकों गीता बाई (60) और जीवनलाल बरेडे (75) के घर पहुंचे। यहां दोनों मृतकों को श्रद्धांजलि दी। तस्वीर गीताबाई के घर की। परिजनों ने बताया कि गीता बाई 8 दिन तक अस्पताल में भर्ती रहीं। हम अस्पताल में भी घर का पानी पिलाते रहे। राहुल ने सौंपे 1-1 लाख के चेक, लोग बोले- सब चेक दे रहे हैं, हमें तो साफ पानी चाहिए राहुल ने मृतकों के परिजनों को 1-1 लाख रुपए के चेक सौंपे। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी 50-50 हजार रु. की आर्थिक मदद का ऐलान किया। लोगों ने कहा कि सरकार ने भी चेक दिया और कांग्रेस ने भी। हमें साफ पानी चाहिए। यहां पानी को ही जहरीला कर दिया है, इंदौर के लिए जो धारणा थी, यह तो उसके विपरीत राहुल ने वरिष्ठ नेताओं से भी चर्चा की। कहा- ‘पानी की लड़ाई तो लड़नी चाहिए। यहां तो पानी को ही जहरीला कर दिया है। स्वच्छ शहर कहां गया? इंदौर के लिए जो धारणा थी, यह उसके विपरीत है। मैं इस मामले को लोकसभा में भी उठाऊंगा।’ इंदौर में दूषित पानी से जान गंवाने वालों के परिजनों से मिले राहुल, मप्र की 3 बड़ी समस्याएं उठाईं 1. पानी... देश के सबसे साफ शहर इंदौर में दूषित पानी पीने से 24 लोग जान गंवा चुके, कई अस्पताल में भर्ती हैं...। 2. दवा... छिंदवाड़ा में कफ सिरप कोल्ड्रिफ से 22 बच्चों की मौत हुई। यह मुद्दा पूरे देश में छाया रहा। 3. हवा... इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेश के हर बड़े शहर में मुद्दा। औसत एक्यूआई 300 के करीब।
इंदौर के होलकर स्टेडियम में आज भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला खेला जाएगा। मैच को लेकर शहर में क्रिकेट प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। खास बात यह है कि होलकर स्टेडियम में भारत अब तक खेले गए सभी वनडे मुकाबले जीता है। वहीं मैच को देखते हुए पुलिस ने ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। सुबह 10 बजे से ट्रैफिक डायवर्जन शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही पुलिस ने यह भी बताया है कि स्टेडियम में दर्शक अपने साथ क्या ले जा सकते हैं और किन वस्तुओं पर प्रतिबंध रहेगा। इस मैच में भारतीय टीम जीत के इरादे से उतरेगी। भले ही भारत दूसरा वनडे न्यूजीलैंड से हार गया हो, लेकिन होलकर स्टेडियम का रिकॉर्ड टीम इंडिया के पक्ष में रहा है, जहां अब तक खेले गए सभी वनडे मैच भारत ने जीते हैं। तीन मैचों की सीरीज फिलहाल 1-1 की बराबरी पर है। ऐसे में भारत इस मुकाबले को जीतकर 2-1 की बढ़त हासिल करते हुए सीरीज अपने नाम करना चाहेगा। हाई स्कोरिंग है होलकर स्टेडियम की पीच इंदौर के होलकर स्टेडियम की पीच हाई स्कोरिंग है। यहां काली मिट्टी की पिच बनाई गई है, जो पहले बल्लेबाजों को मदद करेगी, उसके बाद स्पिनर्स को मदद मिलने की उम्मीद है। ऐसे में क्रिकेट प्रेमियों को भी उम्मीद है कि उन्हें रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा। आंकड़ों की बात करें तो इंदौर के मैदान पर सभी वन-डे हाईएस्ट टोटल के रहे हैं। सातों मुकाबले जीता भारत होलकर स्टेडियम में टीम इंडिया अब तक सात मुकाबले खेली है और सभी में बड़ी जीत दर्ज की है। इस मैदान पर भारत ने अपना पहला वनडे मुकाबला साल 2006 में खेला था। 24 जनवरी 2023 को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए मैच में भी भारतीय टीम ने जीत हासिल की थी। वनडे फॉर्मेट में दर्शकों को आमतौर पर बल्लेबाजी की भरपूर उम्मीद रहती है। इसी कारण इस फॉर्मेट में बाउंड्री छोटी रखी जाती है। इंदौर का मैदान भी छोटा माना जाता है, जहां दोनों तरफ की बाउंड्री लगभग 65 यार्ड (59.43 मीटर) है, जबकि सामने की ओर बाउंड्री की लंबाई करीब 70 यार्ड (64 मीटर) है। पुलिस ने तैयार किया ट्रैफिक प्लान मैच को लेकर ट्रैफिक पुलिस ने ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। रविवार सुबह 10 बजे से ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया जाएगा। स्टेडियम में प्रवेश के लिए हुकुमचंद घंटाघर की ओर से आने वाले दर्शकों को पैदल मार्ग से जाना होगा। पंचम की फेल की ओर से आने वाले दर्शकों की एंट्री जंजीरवाला चौराहा से होगी, जबकि लैंटर्न की ओर से आने वाले दर्शक पैदल ही स्टेडियम तक पहुंच सकेंगे। ये खबर भी पढ़ें... विराट कोहली और कुलदीप ने बाबा महाकाल के दर्शन किए भारत-न्यूजीलैंड के बीच इंदौर में खेले जाने वाले मैच से पहले विराट कोहली और कुलदीप यादव उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। दोनों ने त्रिपुंड (तिलक) लगवाया। इसके बाद भस्म आरती में शामिल हुए। पढ़िए पूरी खबर। भारत-न्यूजीलैंड मैच से पहले मां बगलामुखी मंदिर पहुंचे गौतम गंभीर इंदौर में रविवार को होने वाले मैच को लेकर तैयारी तेज हो गई हैं। भारतीय और न्यूजीलैंड की क्रिकेट टीम इंदौर पहुंच गई हैं। मैच से पहले भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर शुक्रवार को आगर मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर पहुंचे। यहां वे हवन-अनुष्ठान में शामिल हुए और वैदिक मंत्रोच्चार किया। पढ़िए पूरी खबर।
बदहाली:25 पैसे में पानी खरीदा, 15 रुपए में बेचा फिर भी 14 करोड़ का कर्ज
आईआरसीटीसी ने जल संसाधन विभाग से 25 पैसे प्रति लीटर में पानी खरीदा और उसे बोतल में पैक कर 15 रुपए लीटर में बेचा। पांच साल में 3-4 अलग-अलग ठेका कंपनियों ने सिरगिट्टी स्थित रेल नीर प्लांट को चलाया और करोड़ों रुपए की देनदारी बकाया करके प्लांट को बंद कर दिया। एक साल से यह प्लांट बंद है और इसकी जल संसाधन विभाग की देनदारी 13 करोड़ 67 लाख हो गई है। आईआरसीटीसी के सिरगिट्टी स्थित रेल नीर प्लांट से पांच साल में 90 करोड़ रुपए से ज्यादा का पानी बेचा जा चुका है। एक साल से बंद सिरगिट्टी के रेल नीर प्लांट को चालू कर पाना अब आईआरसीटीसी के लिए संभव नहीं हो पाएगा। क्योंकि 13 करोड़ 67 लाख रुपए की जल संसाधन विभाग की देनदारी देने के बाद प्लांट को नए सिरे से रिनुवल करना, पुराने प्लांट को रिप्लेस करना आसान नहीं है। आईआरसीटीसी एक साल में दो से तीन बाद टेंडर निकालकर इस प्लांट को फिर से ठेके पर देने की कोशिश कर चुकी है लेकिन टेंडर डालने से पहले कंपनियों ने जल संसाधन विभाग कार्यालय जाकर भुगतान का बकाया निकलवाया उसके बाद उन्होंने दोबारा उस तरफ नहीं देखा। 1 दिसंबर 2024 को प्लांट बंद कर दिया गया। 30 नवंबर 2024 तक प्लांट ने जितना पानी भू–गर्भ से उपयोग किया उसकी बकाया राशि वसूली के लिए पिछले एक साल से जल संसाधन विभाग हर महीने कंपनी की बंद फैक्ट्री में बिल भेजकर तगादा कर रहे हैं लेकिन उन्हें कोई जवाब आईआरसीटीसी की तरफ से नहीं मिल रहा है। हर दिन 5 लाख रुपए से ज्यादा का पानी बेचा रेल नीर के सिरगिट्टी प्लांटर में पांच सालों में औसत प्रतिदिन 40 हजार पानी बोतल बेची गई जो कि 5 लाख रुपए प्रतिदिन के लगभग है। आईआरसीटीसी ने जिस–जिस कंपनी को ठेका दिया था अगर उसने इतना पानी बेचा है तो उसे जलकर देने में पीछे नहीं होना था। क्योंकि प्लांट बंद होने तक लगभग 50 हजार पानी बोतल की सप्लाई की गई है। रांची और धनबाद तक भेजते थे पानी रेल नीर प्लांट से प्रतिदिन रांची और धनबाद रेलवे स्टेशन को 18 हजार बोतल, बिलासपुर रेलवे स्टेशन को 18 हजार पानी बोतल, रायपुर और दुर्ग स्टेशन को 14 हजार 400 बोतल, झारसुगड़ा रेलवे स्टेशन को 6 हजार बोतल, बिलासपुर वंदे भारत को 500 एमएल वाला 1680 बोतल, दुर्ग वंदे भारत को 500 एमएल वाला 1680 बोतल सप्लाई की जाती थी। अब तक 90 करोड़ का पानी बेचा आईआरसीटीसी ने10 करोड़ रुपए के रेल नीर प्लांट में आमदनी और भुगतान का विवाद 2020 में शुरू हुआ था। इन पांच वर्षों में आईआरसीटीसी ने 90 करोड़ रुपए का पानी बेचा फिर भी जल संसाधन विभाग की 13 करोड़ 40 लाख रुपए का भुगतान नहीं किया। दर असल यह विवाद आईआरसीटीसी का नहीं है यह उनका है जिन्होंने प्लांट ठेके पर लेकर चलाया। शीघ्र सुलझ जाएगा मामलाबिलासपुर स्थित आईआरसीटीसी के प्लांट को शीघ्र ही चालू करने की प्रक्रिया चल रही है। उसके टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। जहां तक जल संसाधन विभाग की बकाया राशि का मामला है तो इसे भी शीघ्र ही सुलझा लिया जाएगा।वीके भट्टी, जनसंपर्क अधिकारी आईआरसीटीसी
सीमांत क्षेत्र बज्जू में कृषि प्रयोजनार्थ भूमि आवंटन में भारी अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। राज्य सरकार की ओर से गठित कमेटी ने कुल 342 पत्रावलियों की जांच की थी, जिनमें 237 मामलों में करीब 7500 बीघा भूमि के आवंटन में गड़बड़ियां उजागर हुई हैं। कमेटी ने सभी आवंटन खारिज होने योग्य माने हैं। इसके लिए तत्कालीन एसडीएम और एक कर्मचारी को चार्जशीट देने तैयारी की जा रही है। बज्जू में वर्ष 2021 से 2023 के बीच हुए कृषि भूमि के आवंटन में भारी गड़बड़ियां हुई। इनमें कोलायत में कपिल सरोवर के कैचमेंट एरिया और सीओ ऑफिस की जमीन भी गलत तरीके से आवंटित करने के मामले शामिल हैं। कांग्रेस के शासन में हुई इन गड़बड़ियों की शिकायत होने पर राज्य सरकार ने 28 मार्च 2025 को एडीएम सिटी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई। कमेटी में उपनिवेशन विभाग के अतिरिक्त आयुक्त सतर्कता, कोषाधिकारी और जिला राजस्व लेखाकार को शामिल किया गया था। जांच के दाैरान पता चला कुल 392 मामलों में भूमि आवंटन की कार्यवाही की गई थी, लेकिन 50 प्रकरण कमेटी को मिले ही नहीं, जिन्हें गायब करने की आशंका है। 34 प्रकरण कोर्ट में पेंडिंग थे। बाकी 342 प्रकरणों की जांच में 16 प्रकार की अनियमितताएं उजागर हुई हैं। सबसे बड़ा मामला बज्जू मे उरमूल को आवंटित भूमि का आवंटन किसी और को करने का है। इन मामलों में तत्कालीन एसडीएम हरी सिंह शेखावत और वरिष्ठ सहायक कन्हैयालाल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की सिफारिश राजस्व विभाग से की गई है। बताया जा रहा है कि इन गड़बड़ियों के पीछे रसूख वाले प्रभावशाली लोग और खनन माफिया की भूमिका होने के कारण काफी समय तक मामले दबे रहे। ऐसे लोगों ने दूसरों के नाम से जमीनें हथियाई थीं। गौरतलब है कि इससे पहले 69 प्रकरणों में अनियमितताएं उजागर होने पर एसडीएम को 16सीसीए की चार्जशीट मिल चुकी है। जानिए... भूमि आवंटन में किस तरह हुई अनियमितताएं महाजन फायरिंग रेंज के विस्थापितों को कोलायत के कैचमेंट एरिया में दे दी जमीनें महाजन फायरिंग रेंज के विस्थापितों को कोलायत के कैचमेंट एरिया में दे दी जमीनें : उपनिवेशन विभाग की ओर से आवंटित की गई जमीनों में भी गड़बड़ियां उजागर हुई हैं। ऐसे करीब 28 मामले सामने आए हैं, जिनमें महाजन फायरिंग रेंज के विस्थापितों को कपिल सरोवर के कैचमेंट एरिया और जिप्सम खनन क्षेत्र में जमीनों का आवंटन कर दिया गया। हालांकि ऐसे ज्यादातर मामले पूर्व में खारिज हो चुके हैं। इंदो का बाला, मढ़ और गोलरी गांव में भूमि आवंटन के चार मामलों में रिव्यू चल रहा है। सीओ ऑफिस की जमीन का गलत आवंटन उपनिवेशन विभाग के तत्कालीन अफसरों ने कोलायत सीओ ऑफिस को आवंटित जमीन को भी नहीं छोड़ा। इंदो का बाला में खसरा नंबर 177 की 0.18 हेक्टेयर भूमि 2015 में सीओ ऑफिस के लिए आवंटित की गई थी। पुलिस विभाग को कब्जा भी दे दिया गया। इसी भूमि को वापस 2020 में लादूराम पुत्र रावता नायक को अलॉट कर दिया गया। जब मौके का वास्तविक निरीक्षण किया गया तो पता चला की जमीन की तरमीम ही नहीं की गई थी। इसका रिकॉर्ड अब तक दुरुस्त नहीं हो पाया है। किस श्रेणी के कितने मामलों भूमि का आवंटन24 भूतपूर्व सैनिक36 भूमि नियमन102 कृषि भूमि का अस्थाई आवंटन10 अस्थाई कृषि पट्टा धारकों के बालिगों को आवंटित126 भूमिहीन श्रेणी के44 कमी पूर्ति के रूप में टीसी आवंटन कोलायत और बज्जू के भूमि आवंटन के मामलों की जांच पूरी कर रिपोर्ट राजस्व विभाग को भेज दी गई है। जो पत्रावलियां नहीं मिलीं उन्हें भी जांच का हिस्सा माना है। जिला कलेक्टर ने 22(3) में आवंटन खारिज करने के प्रस्ताव पेश करने के आदेश तहसीलदार को दिए हैं।-रमेश देव, एडीएम सिटी
प्रतिवर्ष बसंत पंचमी को अबूझ मुहूर्त मानकर देशभर में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे मांगलिक कार्य किए जाते रहे हैं, लेकिन इस वर्ष बसंत पंचमी पर विवाह का कोई मुहूर्त नहीं है। 23 जनवरी, शुक्रवार को आने वाली बसंत पंचमी पूर्व भाद्रपद नक्षत्र, परिघ योग तथा कुंभ के उपरांत मीन राशि में चंद्रमा की साक्षी में रहेगी। धर्मशास्त्र के अनुसार, शुक्र या गुरु का तारा अस्त होने पर विवाह जैसे संस्कार वर्जित माने जाते हैं। इसी कारण इस बार बसंत पंचमी पर विवाह का मुहूर्त नहीं बन रहा है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पंडित अमर डिब्बेवाला के अनुसार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को बसंत पंचमी कहा जाता है। इसी दिन खटवांग जयंती और तक्षक पंचमी का भी संयोग रहता है। सामान्यतः इस तिथि को विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य शुभ माने जाते हैं, किंतु शुक्र तारा अस्त होने से इस बार ये उपक्रम संभव नहीं होंगे। आमतौर पर मालवा-निमाड़ ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में बसंत पंचमी को अबूझ मुहूर्त मानकर मांगलिक कार्यों की परंपरा रही है, लेकिन इस बार परिस्थितियां भिन्न हैं। बसंत पंचमी का पर्व बुद्धि और ज्ञान की देवी मां सरस्वती को समर्पित है। इस दिन ज्ञान, संगीत और कला की साधना के लिए विशेष पूजा की जाती है। पीले वस्त्र, पीले फूल, बूंदी के लड्डू, मालपुआ, खीर और पीले चावल अर्पित किए जाते हैं। बसंत ऋतु के आगमन के प्रतीक इस पर्व पर वैष्णव मंदिरों में फाग महोत्सव की शुरुआत भी होती है, जहां भगवान को गुलाल अर्पित किया जाता है। इस बार अधिक मास ज्येष्ठ माह में रहेगाइस बार अधिक मास ज्येष्ठ माह में आने वाला है जो 17 मई से 15 जून तक रहेगा। इस दौरान विवाह आदि कार्य नहीं किए जा सकेंगे। साथ ही शुद्ध ज्येष्ठ मास का जब आरंभ होगा तो विवाह के योग पुनः बनेंगे, किंतु जो घर का बड़ा बेटा या बड़ी बेटी हो तो बड़े बच्चों का विवाह ज्येष्ठ मास में नहीं करना चाहिए। भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार होगाबसंत पंचमी पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया जाता है। प्रातः होने वाली भस्म आरती में बाबा को पीले और बसंती पुष्प अर्पित किए जाते हैं। संध्या आरती के दौरान भगवान को गुलाल समर्पित किया जाएगा। बाबा महाकाल का माता सरस्वती स्वरूप में श्रृंगार किया जाता है। इस दौरान भगवान महाकाल के भोग में पीले पकवान विशेष रूप से शामिल किए जाते हैं।सांदीपनि आश्रम में विशेष आयोजन होता है। भगवान श्री कृष्ण और बलराम को पीले वस्त्र धारण कराए जाते हैं। सरसों के पीले फूलों से श्रृंगार किया जाता है। भोग में मीठे पीले चावल अर्पित कर पहली बार विद्यालय जाने वाले बच्चों का विद्यारंभ संस्कार भी संपन्न होता है। जिसमें पाटी (स्लेट) पूजन के साथ मां सरस्वती से विद्या का आशीर्वाद मांगा जाता है। बसंत पंचमी पर पीले पुष्प अर्पित करें उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पंडित अमर डिब्बेवाला के बताया कि माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी पर बसंत पंचमी पर माता सरस्वती का विशेष पूजन किया जाता है जिसके अंतर्गत पंचोपचार या षौडशोपचार पूजन क्रमानुसार किया जाता है। परंपरा अनुसार पूजन करने की मान्यता घर परिवार तथा क्षेत्र और तीर्थ पर बताई जाती है इस दिन माता को पीले बसंत पुष्प अर्पित करना चाहिए और श्वेत मिष्ठान का भोग लगाना चाहिए। तक्षक नाग देवता का पूजन भी इस दिन किया जाता है। कुंडली में उपस्थित कालसर्प का शांति विधान इस दिन किया जा सकता है। वहीं नाग देवता के मंदिर में घी का दीपक और गाय के दूध का नैवेद्य अर्पण करना चाहिए। पंचांग के 27 योगों में से एक है परिघ योग ये खबरें भी पढ़ें... महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती संपन्न विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के भस्म आरती के लिए मंदिर के कपाट खोले गए। सबसे पहले भगवान महाकाल का दूध, दही, घी, शक्कर और शहद से बने पंचामृत से विधिवत पूजन किया गया। इसके पश्चात कपूर आरती संपन्न हुई( जलाभिषेक के बाद जटाधारी भगवान महाकाल का भव्य श्रृंगार किया गया। उन्हें रजत चंद्र-त्रिशूल मुकुट अर्पित किया गया और भांग, चंदन, ड्रायफ्रूट एवं भस्म चढ़ाई गई। भगवान महाकाल को रजत शेषनाग मुकुट, रजत मुंडमाल, रुद्राक्ष की मालाएं तथा सुगंधित पुष्पों से निर्मित आकर्षक फूलों की माला धारण कराई गई।पूरी खबर पढ़ें धार में भोजशाला को लेकर फिर उठा पूजा का मुद्दा धार की ऐतिहासिक भोजशाला में बसंत पंचमी के अवसर पर पूजा-अर्चना को लेकर एक बार फिर मांग तेज हो गई है। मध्यप्रदेश अग्रवाल महासभा और वैश्य महासम्मेलन धार ने बसंत पंचमी एवं मां सरस्वती जन्मोत्सव के दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड और शांतिपूर्ण पूजा-अर्चना की अनुमति देने की मांग प्रशासन से की है।पूरी खबर पढ़ें
इंदौर पुलिस की गिरफ्त में आया अबान शकील गोवा, इंदौर, मुंबई और दिल्ली में एमपी ड्रग की सप्लाई में करता था। उसके गिरोह में दो युवतियां सक्रिय रूप से पैडलर के तौर पर काम कर रही थीं। युवतियों पर शक आसानी से नहीं होता था, लिहाजा अबान और उसका साथी बाबा शर्मा लड़कियों को मोटे कमिशन और ड्रग की फ्री खुराक का लालच देकर तस्करी के काम में जोड़ लेते थे। अबान की निशानदेही पर दो युवतियों सहित बाबा शर्मा की भी गिरफ्तारी कर ली गई है। इंदौर पुलिस की जांच में साफ हुआ कि अबान और बाबा शर्मा अंतरराज्यीय एमडी तस्कर गिरोह का हिस्सा हैं। चार से पांच राज्यों में सक्रिय रूप से तस्करी का काम कर रहे थे। इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में पार्टी जांच में यह भी साफ हो चुका है कि इवेंट मैनेजमेंट की आड़ में बाबा शर्मा, अलीशा मसीह और नेहा तीनों आरोपी इवेंट मैनेजमेंट का काम करते हैं। इन तीनों ने कई बड़ी पार्टीज ऑर्गनाइज की हैं। जिसमें एंट्री फीस 10 से 15 हजार रुपए तक होती थी। यहां रईसजादों को ड्रग खपाने का काम किया जाता था। पार्टीज के नाम पर अबान कई युवाओं को ऐसी पार्टी में लेकर पहुंचता था। बाद में इन्हें एमडी की खुराक देकर पार्टी कल्चर के नाम पर नशे का आदि बनाया जाता था। गिरोह के चारों सदस्य मुख्य रूप से गोवा, दिल्ली, इंदौर, भोपाल, मुंबई और दिल्ली में भी पार्टीज ऑर्गनाइज करते रहे हैं। अब तक कुल चार गिरफ्तारी हो चुकीएमडी ड्रग की तस्करी करने वाले अबान गिरोह के 3 और तस्करों को थाना कनाड़िया, इंदौर पुलिस मुंबई, इंदौर और देवास से गिरफ्तार किया है। एमडी की तस्करी के मामले में अंतरराज्यीय तस्कर वैभव उर्फ बाबा ने अबान और युवतियों के साथ गिरोह बनाकर ड्रग्स तस्करी की बात स्वीकार कर ली है। उसने पुलिस को बताया कि गोवा सहित कई अन्य प्रदेशों के पब बार और क्लब में दस हजार रुपए प्रति ग्राम के हिसाब से ड्रग्स की सप्लाई करते थे। अब पुलिस आरोपियों से एमडी ड्रग्स की सप्लाई के सोर्स के संबंध में विस्तृत पूछताछ कर रही है। जिसके बाद गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी की जा सकती है। अबान शकील को बीडीसीए से हटायाअबान शकील का नाम ड्रग तस्करी में आने के बाद भोपाल डिवीजन क्रिकेट एसोसिएशन (बीडीसीए) ने उसे अपनी प्रारंभिक सदस्यता से बर्खास्त कर दिया है। बीडीसीए ने एक बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की है। अबान बीडीसीए में आजीवन सदस्य भी था। अबान कोहेफिजा इलाके में स्थित सैफिया कॉलेज मैदान में आधा एकड़ में बनी करोड़ों रुपए कीमत की कोठी में रहता है। उसके घर के पोर्च में लग्जरी कारें खड़ी रहती हैं। सेंट माइकल स्कूल चलाने में उसकी बहन भी सहयोगी है। पुराने भोपाल का रहने वाला अबान आमतौर पर नए भोपाल के क्लब और लाउंज में उठता-बैठता था। अबान के पिता भी एक नामी बॉडी बिल्डर रहे हैं। इन धाराओं में आरोपियों के खिलाफ केस दर्जइंदौर की थाना कनाड़िया में पुलिस ने अपराध क्रमांक 37/2025 धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किया है। अब तक आरोपियों के कब्जे से कुल 15.95 ग्राम एम डी ड्रग्स और एक बिना नंबर की इको स्पोर्ट कार को भी जब्त की जा चुकी है। एक थार और एक एसयूवी भी जब्त की गई है। ये खबरें भी पढ़ें... स्कूल-क्रिकेट अकादमी का मालिक बना ड्रग तस्कर भोपाल में सेंट माइकल स्कूल और सेंट माइकल क्रिकेट अकादमी का मालिक ड्रग तस्करी में पकड़ा गया। वो थार जीप से भोपाल-इंदौर के पब और लाउंज में ड्रग सप्लाई करता था। उसके लिए लड़कियां भी पैडलर का काम करती थीं। आरोपी अबान शकील इंदौर में ड्रग डिलीवरी देने के इंतजार में था, तभी इंदौर क्राइम ब्रांच और कनाडिया पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है।पूरी खबर पढ़ें भोपाल में लड़कियों से करा रहे थे एमडी ड्रग सप्लाई भोपाल की क्राइम ब्रांच पुलिस ने ड्रग्स तस्करों के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। आरोपी, लड़कियों के माध्यम से युवाओं को ड्रग्स सप्लाई करने का काम करते हैं। युवतियों को गिरोह में शामिल करने के लिए उन्हें ड्रग की लत लगाते थे। लत लगाने के लिए जिम आने वाली लड़कियों को वेट लॉस की दवा के नाम पर ड्र्रग के डोज दिए जाते थे।पूरी खबर पढ़ें आगर मालवा में नर्सरी की आड़ में बनाई एमडी ड्रग आगर-मालवा में शनिवार को एमडी ड्रग बनाने की फैक्ट्री पकड़ी गई थी। नारकोटिक्स विभाग ने छापा मारकर 31 किलो 250 ग्राम एमडी ड्रग जब्त की थी। जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 50 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। 3 दिन की जांच में फैक्ट्री को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बाहर से यह जगह “तीर्थ हर्बल फार्म एंड नर्सरी” के नाम से संचालित हो रही थी। फैक्ट्री का एमएसएमई रजिस्ट्रेशन इंदौर में पाया गया है।पूरी खबर पढ़ें
पंजाब के जीरा में पैदा हुए डॉक्टर मोहिंदर सिंह रंधावा की विरासत को पंजाबी सिंगर उनकी फैमिली के साथ मिलकर नई पहचान देंगे। इसके लिए सतिंदर सरताज ने 3 दिन पहले डॉ. रंधावा की बेटी आशा ग्लासी रंधावा, पोते रणजीत रंधावा और सतविंदर रंधावा से मुलाकात की। सतिंदर सरताज के घर पर हुई इस मुलाकात में डॉ. मोहिंदर सिंह रंधावा की विरासत को नया रूप देने के लिए लंबी चर्चा हुई। डॉक्टर सरताज ने कहा कि डॉ. रंधावा को पंजाब की नई पीढ़ी बहुत कम या न के बराबर जानती है, मगर उनका योगदान पंजाब के लिए बड़ा है। जिला होशियारपुर की तहसील दसूहा के गांव बोदलां के रॉयल परिवार से संबंधित डॉक्टर रंधावा आजादी के बाद दिल्ली के पहले डीसी बने। लुधियाना एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ रोज गार्डन में महत्वपूर्ण योगदान रहा। बॉटनी में मास्टर्स होने के चलते चंडीगढ़ की सड़कों पर ऐसे पेड़ लगवाए, जिनमें सालभर पतझड़ नहीं आता। पंजाब में ट्रैक्टर लाने से लेकर विभाजन के बाद जमीन बांटने की जिम्मेदारी उन्होंने जालंधर में बैठकर निभाई। आइए जानते हैं कौन थे डॉ. एमएस रंधावा... डॉ. रंधावा की हवेली को बनाएंगे स्मारक सिंगर डॉ. सतिंदर सरताज ने आधुनिक पंजाब के निर्माता कहे जाने वाले महान विजनरी डॉ. मोहिंदर सिंह रंधावा की विरासत को सहेजने का बीड़ा उठाया है। सरताज अब डॉ. रंधावा के पैतृक गांव बोदलां (दसूहा) स्थित उनकी पुरानी हवेली को फिर से जीवित कर उसे एक शानदार स्मारक का रूप देंगे। एक किस्सा सुनाते हुए सरताज ने बताया कि उनका पंजाब के हरियाणा में कंसर्ट था। इस दौरान उनको एक डिप्टी कमिश्नर मिले। उन्होंने कहा कि मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूं। इस पर मैंने कहा कि हो सके तो डॉ. एमएस रंधावा का स्टैच्यू लगवा दें। इसके बाद होशियारपुर में डॉक्टर रंधावा का पहला स्टैच्यू लगा। परिवार ने सरताज के घर पहुंचकर मुलाकात कीशुक्रवार को डॉ. रंधावा की बेटी आशा ग्लासी रंधावा, उनके पोत्र रणजीत रंधावा और सतविंदर रंधावा सतिंदर सरताज के निवास पर पहुंचे। इस दौरान उनके पैतृक गांव बोदलां की कुछ प्रतिष्ठित हस्तियां भी मौजूद रहीं। इस मुलाकात के दौरान डॉ. रंधावा की याद में एक भव्य स्मारक बनाने पर गंभीर चर्चा हुई, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके योगदान को जान सकें। जर्जर हो चुकी है 100 साल पुरानी हवेलीगांव बोदलां में डॉ. रंधावा का पुश्तैनी घर है। 1920 के दशक में बनी यह हवेली कभी कला और संस्कृति का केंद्र थी। लेकिन देखरेख के अभाव में अब यह जर्जर हो चुकी है। सरताज ने इस ऐतिहासिक धरोहर को संवारने की जिम्मेदारी ली है। अब जानें कौन थे पंजाब के इकोनॉमिक आर्किटेक्ट डॉक्टर रंधावा... पंजाब के छठे दरिया के नाम से फेमस डॉक्टर एमएस रंधावा का जन्म 2 फरवरी 1909 को जीरा (फिरोजपुर) में हुआ था। वे एक ICS अधिकारी होने के साथ-साथ बॉटनी में माहिर थे। आजादी के बाद पंजाब में हुए आर्थिक विकास के लिए उनकी नीतियों को माना जाता है। उनको पंजाब का छठा दरिया भी कहा जाता है। पंजाब की आर्थिकता की रीढ़ बने ग्रीन रिवेल्यूशन में डॉक्टर रंधावा का हाथ रहा। खेती को नई दिशा देने के लिए लुधियाना में एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी की नींव रखी। चंडीगढ़ में रोज गार्डन बनाने में योगदान के साथ पूरा साल हरे भरे रहने वाले पेड़ लगवाए। दसूहा की रॉयल फैमिली में पैदा हुए मोहिंदर सिंह रंधावा के पिता शेर सिंह रंधावा और माता बचिंत कौर थीं। उनका परिवार समृद्ध था। उन्होंने 1924 में खालसा हाई स्कूल, मुक्तसर से मैट्रिक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद लाहौर से 1926 में F.Sc., 1929 में BSc (ऑनर्स) और 1930 में MSc (ऑनर्स) की डिग्री की। साल 1955 में उन्हें पंजाब विश्वविद्यालय ने शैवाल पर रिसर्च के लिए डॉक्टर ऑफ साइंस की उपाधि से सम्मानित किया। दिल्ली के पहले डीसी, पंजाब के फोक को संभालाआजाद हिंदुस्तान में दिल्ली के पहले डिप्टी कमिश्नर बनने वाले डॉक्टर रंधावा ने पंजाब के फोक को संभाला। पुराने गीतों को एकत्रित किया और इन पर एक किताब लिखी। अपनी बायोग्राफी आप बीती में डॉक्टर रंधावा ने इसका जिक्र किया है। इसके अलावा कांगड़ा की पेंटिंग पर रिसर्च किए और किताबें लिखीं। कांगड़ा की पेंटिंग को संभालने में डॉ.रंधावा का योगदान रहा। यूरोप से पहला ट्रैक्टर पंजाब में डॉक्टर रंधावा लेकर आए। 800 पटवारियों के साथ जालंधर में बैठकर जमीन बांटीसिंगर सतिंदर सरताज ने एक इंटरव्यू में बताया कि जब भारत का बंटवारा हुआ तो पाकिस्तान से लाखों शरणार्थी पंजाब में आकर ठहरे। इन लोगों को जमीन और प्रॉपर्टी बांटने का जिम्मा डॉक्टर रंधावा को मिला। इससे पहले उनको दिल्ली, लखनऊ-कानपुर में कमिश्नर रहने का अनुभव था। सतिंदर सरताज बताते हैं कि डॉक्टर रंधावा ने जालंधर में 800 पटवारियों के साथ बैठकर लोगों को जमीन बांटी। ये बंटवारा इतिहास का सबसे अच्छा और निस्वार्थ बंटवारा था। पाकिस्तान से आए जिस किसी की जमीन नहर के पास थी उसे नहर के पास दी गई। जिसकी गांव में थी उसे गांव में दी, जिसकी रोड साइड थी उसे रोड साइड दी। शिव कुमार बटालवी को चंडीगढ़ में नौकरी दिलाईसतिंदर सरताज ने बताया कि डॉक्टर रंधावा ने उस समय कलाकारों के लिए भी बड़ा काम किया। उसे जमाने के दिग्गज कलाकार उनके पास आते, उनसे मिलते। वे दिल खोलकर उनकी मदद करते। पंजाब के मशहूर कवि शिव कुमार बटालवी को चंडीगढ़ के सेक्टर 22 के बैंक में नौकरी पर लगवाया। शिव सिंह बेदी को मकान दिलवाया। इसके अलावा अमृता प्रीतम, राजकुमार साहब का उनके पास अकसर आना-जाना लगा रहता था।
गोरखपुर में 12-17 घंटे ट्रेन लेट पहुंच रही:25 से अधिक ट्रेनें लेट, यात्रियों को हो रही परेशानी
गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर इन दिनों ट्रेनों की लगातार देरी से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहले से स्टेशन पर मौजूद यात्री कड़ाके की ठंड में घंटों ट्रेनों का इंतजार करने को मजबूर हैं। खासकर शनिवार को कई प्रमुख ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देरी से गोरखपुर पहुँचीं।ठंड और घने कोहरे का असर रेल यातायात पर साफ़ दिखाई दे रहा है। कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार कम कर दी गई है, जिससे ज्यादातर ट्रेनें घंटों लेट चल रही हैं। इससे यात्रियों को ठंड में प्लेटफॉर्म पर बैठकर समय काटना पड़ रहा है।शनिवार को देरी से पहुंचने वाली प्रमुख ट्रेनें इसके अलावा गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर 25 से अधिक ट्रेनें देरी से पहुंचीं।यात्रियों का कहना है कि जब अधिकतर ट्रेनें लेट चल रही हैं, तो रेलवे को अतिरिक्त ट्रेनें चलानी चाहिए ताकि लोगों को राहत मिल सके। साथ ही स्टेशन पर बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, अलाव और ठंड से बचाव के इंतजाम भी बढ़ाए जाने चाहिए।वहीं रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ठंड और कोहरे के कारण ट्रेनों की गति कम करनी पड़ रही है, जिससे देरी हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल अतिरिक्त पिट लाइन की सुविधा न होने के कारण एक्स्ट्रा ट्रेनें चलाना संभव नहीं है।रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेकर ही स्टेशन आएं।
पंजाब और चंडीगढ़ के लोगों को कड़ाके की सर्दी से थोड़ी राहत मिलने लगी है। क्योंकि तापमान बढ़ने लगा है। वहीं, अगले सप्ताह तक शीतलहर चलने की संभावना नहीं है। हालांकि 22 जनवरी तक सुबह और रात के समय कुछ स्थानों पर बहुत घनी धुंध रहने की संभावना है। आज 6 जिलों में घना कोहरा छाएगा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस पहाड़ों पर एक्टिव हो गया है। ऐसे में आज रविवार शाम से कुछ इलाकों में बादल छाना शुरू हाे जाएंगे। आज अधिकतम तापमान में 2.8 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अब यह सामान्य तापमान से 1.7 डिग्री अधिक हो गया है। श्री आनंदपुर साहिब में अधिकतम तापमान 22.6 डिग्री दर्ज किया गया है। सबसे कम न्यूनतम तापमान अमृतसर में 4.4 डिग्री दर्ज किया गया है। कोहरे के कारण पंजाब में शनिवार को हुए सड़क हादसे... बठिंडा में डिवाइडर से टकराई फॉर्च्यूनर, लेडी कॉन्स्टेबल समेत 5 की मौतबठिंडा में शनिवार को घनी धुंध के कारण फॉर्च्यूनर गाड़ी डिवाइडर से टक्करा गई। हादसे में महिला कॉन्स्टेबल सहित 5 लोगों की मौत हो गई है। यह हादसा बठिंडा के गांव गुड़तड़ी के पास नेशनल हाईवे पर हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि फॉर्च्यूनर के परखच्चे उड़ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह गाड़ी के अंदर से मृतकों के शव बाहर निकाले। इनकी पहचान अर्जुन, सतीश, जनक, भारत और अमिता बेन के रूप में हुई है। ये सभी गुजरात के बनासकांठा के रहने वाले थे। सभी की उम्र 25 से 30 साल के बीच है। अनीता बेन महिला कॉन्स्टेबल बताई गई हैं। SP नरिंदर सिंह ने बताया कि सभी शिमला गए थे। लौटते वक्त बठिंडा में ड्राइवर नियंत्रण खो बैठा। इससे कार डिवाइडर से जा टकराई। गुरदासपुर में ट्रक से टकराई स्कूली वैन, 9 टीचर घायलगुरदासपुर में शनिवार को कलानौर रोड पर गांव बिशनकोट के पास कोहरे के कारण स्कूल वैन और ट्रक की टक्कर हो गई। हादसे में वैन में सवार 9 सरकारी टीचर घायल हो गई। हादसे के वक्त वैन में करीब 15 सरकारी टीचर सवार थे, जो पठानकोट से फतेहगढ़ चूड़ियां स्थित अपने-अपने स्कूलों में ड्यूटी पर जा रहे थे। घायल टीचरों में दीनानगर निवासी शैली सैनी, सरना निवासी अंजू, बब्बेहली निवासी प्रदीप कुमार और तारागढ़ निवासी मीनू सैनी शामिल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए गुरदासपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अमृतसर में स्कूल वैन से टकराकर बाइक सवार की मौतअमृतसर–पठानकोट हाईवे पर स्थित टोल प्लाजा कथूनंगल से लगभग एक किलोमीटर आगे स्कूल वैन और बाइक की टक्कर हो गई। हादसे में बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई। थाना कथूनंगल की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली। पुलिस के अनुसार, गलत दिशा (रॉन्ग साइड) से आ रही स्कूली वैन के कारण ये हादसा हुआ। पुलिस ने युवक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। 6 जिलों घना कोहरा छाएगाचंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक आज अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला के कुछ इलाकों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जबकि मौसम ड्राई रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वोत्तर ईरान के पास बना पश्चिमी विक्षोभ अब अफगानिस्तान और उससे सटे पाकिस्तान के इलाके में पहुंच गया है। यह समुद्र तल से करीब 3.1 किलोमीटर ऊपर हवा के घुमाव के रूप में मौजूद है। ऐसे में 19 और 21 जनवरी की रात को लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकते हैं। इससे इन इलाकों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। 19 से बारिश का दौर शुरू होगाचंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल ने बताया कि 19 तारीख को राज्य के कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने की पूरी संभावना है। 22 और 23 तारीख को राज्य के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। अगले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान करीब 2 डिग्री बढ़ सकता है। इसके बाद 3 दिनों तक तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, फिर आगे चलकर तापमान में 3 से 5 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। आने वाले तीन दिनों के मौसम का अनुमान...
हरियाणा के महेंद्रगढ़ क्षेत्र के रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। हावड़ा–बाड़मेर एक्सप्रेस और जयपुर–दिल्ली कैंट सैनिक एक्सप्रेस का महेंद्रगढ़ व सतनाली रेलवे स्टेशनों पर जल्द ही ठहराव शुरू होने जा रहा है। इसके लिए रेलवे की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। वहीं सांसद धर्मवीर सिंह आज इसकी विस्तार से जानकारी देंगे। इन दोनों ट्रेनों के ठहराव से हरियाणा, राजस्थान, पश्चिम बंगाल सहित देश के छह राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के साथ राजधानी दिल्ली के लिए महेंद्रगढ़ वासियों की यात्रा और अधिक सुगम हो जाएगी। गाड़ी संख्या 12323-24 हावड़ा–बाड़मेर एक्सप्रेस 2277 किलोमीटर की दूरी करीब 36 घंटे में तय करेगी। दो दिन होगा ठहराव यह ट्रेन हावड़ा से मंगलवार व शुक्रवार शाम 6:50 बजे रवाना होकर बुधवार व शनिवार को शाम 5:59 बजे महेंद्रगढ़ स्टेशन से गुजरेगी और अगले दिन गुरुवार को सुबह 6:30 बजे बाड़मेर पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन बाड़मेर से बुधवार व शनिवार शाम 5 बजे चलकर गुरुवार व रविवार सुबह 4:41 बजे महेंद्रगढ़ स्टेशन पहुंचेगी और इसके बाद हावड़ा जाएगी। इस दौरान ट्रेन 26 स्टेशनों पर ठहराव करेगी। सैनिक एक्सप्रेस सतनाली रुकेगी इसी तरह गाड़ी संख्या 19701-02 जयपुर–दिल्ली कैंट सैनिक एक्सप्रेस को भी सतनाली स्टेशन पर ठहराव की अनुमति मिल गई है। यह ट्रेन जयपुर से रात 8:45 बजे रवाना होकर रात 1:57 बजे सतनाली पहुंचेगी, जहां अब इसका ठहराव होगा। इसके बाद यह महेंद्रगढ़ स्टेशन पर 2:56 बजे और सुबह 5:15 बजे दिल्ली कैंट पहुंचेगी। वहीं दिल्ली कैंट से चलकर यह ट्रेन रात 12:07 बजे सतनाली और 2:08 बजे महेंद्रगढ़ स्टेशन पर पहुंचेगी। जल्दी ही होगी घोषणा रेलवे के बीकानेर मंडल के वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक भूपेश यादव ने बताया कि दोनों ट्रेनों के ठहराव संबंधी आदेश प्राप्त हो चुके हैं और जल्द ही इसकी तिथि भी घोषित कर दी जाएगी। उधर, सांसद चौधरी धर्मवीर सिंह ने बताया कि इन ट्रेनों के ठहराव को लेकर लंबे समय से मांग की जा रही थी। वे 18 जनवरी को पत्रकारों से बातचीत कर इस संबंध में विस्तृत जानकारी देंगे।
हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) ने ट्रेजरी अफसर और असिस्टेंट ट्रेजरी अफसर भर्ती परीक्षा का परिणाम नए सिरे से जारी कर दिया है। इसके साथ ही मेंस एग्जाम के लिए भी 1 फरवरी की डेट तय हुई है।आयोग ने इससे पहले परीक्षा परिणाम विड्रा करते हुए जनवरी में प्रस्तावित मुख्य परीक्षा को भी स्थगित कर दिया था। HPSC की ओर से जारी नोटिफिकेशन में बताया गया है कि 2 नवंबर को आयोजित परीक्षा का परिणाम 19 नवंबर को घोषित किया गया था। फिर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में आयोग ने यह परिणाम विड्रा कर लिया है। आयोग के द्वारा फिर से जारी परिणाम के कारण 17 कैंडिडेट मेंस एग्जाम की दौड़ से बाहर हो गए हैं। पहले परिणाम में 927 कैंडिडेट पास दिए थे लेकिन इस बार जारी रिजल्ट में 910 को पास दिखाया गया है। 35 पदों के लिए हुई थी भर्ती परीक्षा HPSC ने वर्ष 2023 में ट्रेजरी अफसर के 5 और असिस्टेंट ट्रेजरी अफसर के 30 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। आवेदन की अंतिम तिथि 28 अप्रैल 2023 तय की गई थी। 927 अभ्यर्थी पास हुए थे प्री एग्जाम में HPSC द्वारा जारी परिणाम के अनुसार ट्रेजरी अफसर के 5 पदों के लिए 83 और असिस्टेंट ट्रेजरी अफसर के 30 पदों के लिए 843 अभ्यर्थी प्री एग्जाम में योग्य घोषित किए गए थे। अब फिर रिजल्ट जारी हुआ तो उसमें 910 को ही योग्य माना गया है। रिजर्व कैटेगरी से जनरल में शामिल हुए कई अभ्यर्थी ट्रेजरी अफसर के परिणाम में 8 अभ्यर्थी ऐसे थे जो रिजर्व कैटेगरी से होते हुए भी जनरल कटऑफ में शामिल हुए। वहीं असिस्टेंट ट्रेजरी अफसर के परिणाम में 164 अभ्यर्थी रिजर्व कैटेगरी से जनरल सूची में आए थे। परिणाम विड्रा होने के बाद अब इन सभी अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण को लेकर संशोधित दिशा-निर्देशों की प्रतीक्षा है।
हरियाणा के रोहतक में एक साथ 29 कुत्तों की डेडबॉडी मिलने से बवाल हो है। कुत्तों की लाश पर कीड़े पड़ चुके थे। पशु प्रेमियों ने हंगामा करते हुए कहा कि नसबंदी के बाद इनकी मौत हुई है। सर्जरी में लापरवाही बरती गई। मामला बढ़ता देख पुलिस ने नसबंदी करने वाली संस्था नैन फाउंडेशन और नगर निगम के खिलाफ FIR दर्ज कर ली। यह देख निगम कमिश्नर ने SDM की अगुआई में जांच कमेटी बना दी। फाउंडेशन ने पहले इनकार किया कि ये कुत्ते उनके शेल्टर होम के नहीं हैं, लेकिन बाद में कबूल लिया कि रूटीन में कुत्ते मरते रहते हैं। अब फाउंडेशन के मालिक ने 7 पन्ने की सफाई जारी की है, जिसमें पूरी कार्रवाई और आरोपों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि हमारे खिलाफ टारगेटेड कार्रवाई की जा रही है। इसी बीच नैन फाउंडेशन का एक कर्मचारी भी सामने आया। उसने दावा किया कि शेल्टर होम में कुत्तों को ढंग का खाना नहीं दिया जाता। चेकिंग हो तो कुत्तों को अंडे और सोयाबीन खिलाए जाते हैं और रूटीन में चावल दिए जाते हैं। भूख के मारे कुत्ते कई बार एक-दूसरे को नोच देते हैं। कोई कुत्ता मर जाए तो दूसरे कुत्ते उसे खा जाते हैं। सबसे पहले जानिए, कुत्तों की मौत का मामला कैसे सामने आया फाउंडेशन के कर्मचारी का दावा- मैंने विरोध किया तो मुझे निकालाइस मामले में नैन फाउंडेशन का एक कर्मचारी मीडिया के सामने आया। उसने फाउंडेशन पर गंभीर आरोप लगाए। पूर्व कर्मचारी ने कहा कि जब उसने कुत्तों के साथ हो रहे व्यवहार का विरोध किया तो उसे नौकरी से निकाल दिया गया। अब जानिए, फाउंडेशन मालिक ने सफाई में क्या कहा...
हरियाणा के करनाल में ITI के बाहर छात्राएं आपस में भिड़ गईं। इस घटना के 3 वीडियो सामने आए हैं, जिनमें दिख रहा है कि छात्राएं एक-दूसरे को सड़क पर गिराकर लात-घूंसे मार रही हैं। एक ने बाल पकड़े हुए हैं, जबकि दूसरी बेल्ट से वार कर रही है। आसपास खड़े कुछ लोग हंसते हुए तमाशा देख रहे हैं। वहीं, कुछ युवक उन्हें छुड़ाने की कोशिश कर रहे हैं। लड़ाई के बाद एक छात्रा बेहोश भी हो गई। दूसरी छात्राओं ने उसे संभाला। छात्राओं की लड़ाई के वीडियो सामने आने के बाद ITI प्रबंधन ने कार्रवाई करते हुए 3 छात्राओं को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही उनके पेरेंट्स को भी संस्थान में बुलाया गया। 13 जनवरी को हुआ झगड़ा, कारण स्पष्ट नहींITI प्रबंधन की शुरुआती जांच में पता चला है कि यह घटना 13 जनवरी की है। ITI के बाहर 3 छात्राएं आपस में लड़ रही थीं, जबकि अन्य छात्राएं उन्हें छुड़ाने का प्रयास कर रही थीं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद इन छात्राओं की पहचान की गई। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन छात्राओं के बीच विवाद किस बात को लेकर हुआ था। अब जानिए तीनों वीडियो में क्या दिख रहा..... पहला वीडियो: 6 छात्राएं लड़ती दिख रहींपहले 19 सेकेंड के वीडियो में दिख रहा है कि 6 छात्राएं सड़क के बीचोंबीच आपस में लड़ रही हैं। दो छात्राएं सड़क पर ही एक-दूसरे को थप्पड़ मार रही हैं, जबकि तीसरी छात्रा एक अन्य छात्रा को सड़क किनारे ले जाकर जमीन पर गिरा देती है। वह बालों से पकड़कर उसे घसीटती है। बाकी 2 छात्राएं उनके झगड़े को देखकर अलग हो जाती हैं। वीडियो में पीछे से किसी के बोलने की आवाज आ रही है, पकड़-पकड़। दूसरा वीडियो: बाल पकड़कर बेल्ट से पीटादूसरे 23 सेकेंड के वीडियो में दिख रहा है कि सड़क पर काफी भीड़ जमा है। एक छात्रा ने दूसरी छात्रा के बाल पकड़े हुए हैं। तभी तीसरी छात्रा आकर बेल्ट से उस पर हमला करती है। पास में खड़े कुछ युवक बाल पकड़ने वाली छात्रा को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। वीडियो में वह छात्रा को लात भी मारती हुई दिख रही है। तभी बेल्ट से पीटने वाली छात्रा उंगली दिखाते हुए उसे धमकी देती है। तीसरा वीडियो: झगड़े के बाद छात्रा बेहोशतीसरा वीडियो एक मिनट 8 सेकेंड का है। इसमें 2-2 छात्राओं के समूह अलग-अलग लड़ रहे हैं। एक छात्रा उन्हें छुड़ाने की कोशिश कर रही है। वीडियो में पीछे से किसी के बोलने की आवाज आ रही है, बना-बना वीडियो बना, ये क्या करवा दिया। काले रंग का स्वेटर पहने एक छात्रा दूसरी छात्रा पर बेल्ट से हमला करती है। तभी कुछ युवक वहां आकर उन्हें दूर करते हैं। काले रंग का स्वेटर पहने छात्रा यहीं नहीं रुकती, वह आगे जाकर दूसरी छात्रा पर फिर से बेल्ट से हमला कर देती है। फिर युवक उन्हें दूर कर देते हैं। तभी झगड़ रही एक छात्रा बेहोश होने लगती है, जिसके बाद आसपास के युवक और अन्य छात्राएं उसे संभालते हैं। प्रिंसिपल बोले- कारण सामने नहीं आयाITI के प्रिंसिपल राकेश भाटिया ने बताया कि घटना मंगलवार की है। वीडियो सामने आने के बाद छात्राओं की पहचान कर उनके पेरेंट्स को बुलाया गया। छात्राओं से लड़ाई का कारण पूछा गया, लेकिन किसी ने भी स्पष्ट वजह नहीं बताई। लड़ाई करने वाली एक छात्रा ड्राफ्टमैन ट्रेड की है। दो अन्य छात्राएं कंप्यूटर ट्रेड की हैं। इन तीनों छात्राओं को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की जांच जारी है।
हरियाणा के झज्जर में 15 जनवरी की रात हुई मुठभेड़ को लेकर विवाद बढ़ता हा रहा है। भाजपा नेता और केंद्रीय सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन आनंद सिंह ने आरोप लगाया कि 15 जनवरी की रात जब पंकज का किसी गाड़ी ने पीछा किया तो उसने अपने बचाव में लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली चलाई। आनंद सिंह ने यह भी कहा कि जब पुलिस की गाड़ी आती देख पंकज रुका तो उसने उन्हें सारी कहानी बताई। पुलिस कर्मचारी पंकज को खेतों में ले गए। पुलिस कर्मचारी ने उसे जमीन पर गिरा दिया और उसके ऊपर बैठ गए। इसके बाद उसके पैर में गोली मारी और इसे एनकाउंटर दिखाया। न्याय के लिए आज सुबह 11 बजे डीघल गांव में खाप पंचायत बुलाई गई है। हालांकि, झज्जर DCP क्राइम अमित दहिया का कहना है कि अवैध हथियार की सूचना पर स्पेशल स्टाफ पंकज को पकड़ने के लिए गई थी। पंकज ने टीम पर फायरिंग की। इसमें ASI प्रवीण की जांघ पर गोली लगी। टीम ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चलाई तो पंकज के पैर में गोली लगी। उसका रोहतक PGI में इलाज चल रहा है। पंकज के पिता ने क्या आरोप लगाए... जानिए DCP अमित दहिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर क्या कहा था.... पंकज पर दिल्ली में धोखाधड़ी का केस16 जनवरी की दोपहर DCP क्राइम अमित दहिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया था कि बदमाशों के साथ पुलिस की 2 बार मुठभेड़ हुई। पहले स्पेशल टीम और फिर CIA टीम के साथ। CIA टीम के साथ हुई मुठभेड़ में ही पंकज पैर में गोली लगने से घायल हुआ। उसे रोहतक PGI रेफर किया गया। पंकज पर दिल्ली आरकेपुरम में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है। अवैध हथियार की सूचना पर गई थी स्पेशल स्टाफDCP ने आगे बताया था कि गुरुवार रात गैलेक्सी होटल में पंकज के साथ तीन-चार लोगों की बहस हुई थी। स्पेशल टीम को सूचना मिली थी कि पंकज के पास अवैध हथियार है। इसी सूचना पर टीम वहां पहुंची थी। स्पेशल टीम पंकज और उसके साथियों का पीछा कर रही थी। जब टीम ने उनकी गाड़ी रुकवाई तो पंकज ने शीशा उतार ASI प्रवीण पर गोली चला दी। ASI को लगी गोली जांघ में एक तरफ लगी और दूसरी जांघ की तरफ चली गई। गोली के कारण हड्डी टूट गई है। उनका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने पंकज पर दो अलग-अलग मामले दर्ज किए पहली FIR: गाड़ी में अवैध असलहा की सूचना पर पीछा कियाझज्जर शहर थाने में हवलदार अमरजीत की शिकायत पर FIR दर्ज हुई। जिसमें कहा- ASI प्रवीन के साथ प्राइवेट गाड़ी i20 में ड्यूटी पर थे। मुखबिर ने सूचना दी कि HR14U-8642 में अवैध असलहा है। सांपला फ्लाईओवर के पास नाकेबंदी की। संदिग्ध गाड़ी को रुकने का इशारा किया तो ड्राइवर ने गाड़ी भगा ली। सुर्खपुर मोड़ के पास फिर गाड़ी रोकने की कोशिश की तो कार में बैठे लड़कों ने पुलिस पार्टी पर गोली चलाई। गोली ASI प्रवीन को लगी। आरोपी गाड़ी भगा ले गए। रात 10ः45 बजे पुलिस कंट्रोलरूम से वीटी हुई। दूसरी FIR: पुलिस की गाड़ी पर दो फायर किएCIA के इंस्पेक्टर राम अवतार की शिकायत पर बेरी थाने में दूसरी FIR दर्ज हुई। जिसमें कहा- CIA इंस्पेक्टर कर्मबीर सिंह ने फोन पर सूचना दी कि आल्ट्रोज कार (HR14U-8642) में सवार 4-5 लड़के ASI प्रवीन को गोली मारकर भागे हैं। रात 11ः30 बजे पहाड़ीपुर से जहाजगढ़ के बीच यह गाड़ी दिखी। रुकने का इशारा किया तो बोलेरो गाड़ी को टक्कर मारी। 3 युवक नीचे उतरे। तभी एक युवक ने पुलिस टीम की गाड़ी पर दो फायर किए, जो शीशे पर लगे। फिर युवक खेतों की तरफ भागे। पुलिस ने उनके पैरों पर निशाना साधकर फायर किया। गोली एक के टखने पर लगी। पकड़े गए युवक ने अपना नाम पंकज बताया। फिर नीतिश उर्फ काले और रोहित पहाड़ीपुर को भी पकड़ा, जो पिस्तौल बरामद हुआ, उस पर वेबले स्कॉट इंग्लैंड मार्का है। पंकज का भाई BJP प्रवक्तापंकज के बड़े भाई भाजपा में प्रदेश प्रवक्ता हैं। पिता आनंद सिंह केंद्रीय सहकारी बैंक के चेयरमैन और डीघल गांव के सरपंच रह चुके हैं। आनंद सिंह ने बताया कि उनके परिवार का माइनिंग का काम है। पंकज कई सालों से झज्जर शहर के सुभाष नगर में रहता है।
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स
पहाड़ों में बर्फबारी और उत्तर से सर्द हवा आने से मध्यप्रदेश में भी ठंड बढ़ गई है। उत्तरी हिस्से में कोहरा छा रहा है। भोपाल, शहडोल-रीवा संभाग में तेज ठंड है। शहडोल के कल्याणपुर में पारा 3 डिग्री तक पहुंच गया है। वहीं, 25 शहरों में 10 डिग्री के नीचे टेम्परेचर है। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी के साथ तेज ठंड है। वहां से हवा मैदानी इलाकों में आ रही है। शनिवार को उत्तर-पूर्व भारत के ऊपर समुद्र तल से 12.6 किमी की ऊंचाई पर करीब 269 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम चलती रही। जिसका असर एमपी में भी देखा गया। इस वजह से सर्दी का असर देखा गया। वहीं, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में सर्द हवाएं भी चली। शुक्रवार-शनिवार की रात में शहडोल के बाद उमरिया प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री पहुंच गया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर-जबलपुर में 10 डिग्री से कमपांच बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 7.4 डिग्री, इंदौर में 9 डिग्री, ग्वालियर में 8.2 डिग्री, उज्जैन में 10 डिग्री और जबलपुर में पारा 8.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, उमरिया के बाद राजगढ़-खजुराहो में सबसे कम 5 डिग्री, मंडला में 5.4 डिग्री, रीवा में 5.5 डिग्री, नौगांव में 5.6 डिग्री, पचमढ़ी-दतिया में पारा 6.6 डिग्री दर्ज किया गया। बाकी शहरों में 10 डिग्री के आसपास ही तापमान रहा। कई जिलों में कोहरे का असररविवार सुबह ग्वालियर, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में मध्यम कोहरे का असर देखा गया। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन, सीहोर, विदिशा समेत कई जिलों में हल्का कोहरा रहा। इसकी वजह से दिल्ली से प्रदेश में आने वाली ट्रेनें प्रभावित हो रही हैं। खासकर मालवा, झेलम और सचखंड एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों पर ज्यादा असर है। आगे ऐसा रहेगा मौसममौसम विभाग के अनुसार, दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) 19 जनवरी और 21 जनवरी की रात से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं, राजस्थान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है। यह भी एमपी में असर दिखा सकता है। यानी, 22-23 जनवरी के बाद प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की बारिश भी हो सकती है। इस बार कड़ाके की ठंड का दौरइस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है। ठंड के लिए इसलिए जनवरी खास मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड... भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्परेचरभोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का अहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्परेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 में हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पाराइंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पाराजबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडाउत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पाराउज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्परेचर 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।
लापरवाही से दो घटनाएं दे गईं गम:एक में गोद सूनी हुई, दूसरी ने पिता छीन लिया
मौसी के घर आई चार साल की बच्ची टैंक में गिरी, मौत राजधानी में लापरवाही की दो घटनाएं परिजन को बड़ा दर्द दे गईं। पहली घटना रायपुर के मोवा इलाके की है, जहां एक मां की गोद सूनी हो गई। वहां महासमुंद जिले के पटेवा निवासी रिया महिलांग (5 वर्ष) अपनी मौसी की गोदभराई कार्यक्रम के लिए अपने पिता एलन और मां धनेश्वरी महिलांग के साथ रायपुर आई थी। शनिवार दोपहर करीब एक बजे रिया टॉयलेट गई थी। इसी दौरान उसकी नानी कुछ देर के लिए बाहर पानी लेने चली गई। टॉयलेट से निकलकर बच्ची पास के उस बाथरूम में चली गई, जहां सेप्टिक टैंक खाली करने के लिए चार दिन पहले करीब डेढ़ फीट चौड़ा छेद किया गया था। इस छेद को बोरी से ढंककर छोड़ दिया गया था और बाथरुम में दरवाजा भी नहीं था। बच्ची का पैर बोरी पर पड़ा और वह सेप्टिक टैंक में गिर गई। बच्ची की चीख सुनकर परिजन और आसपास के लोग पहुंचे। एक बार वापस आ जा बेटी, एक नजर देख लूं तुझे...रिया के पिता राजिम की एक दुकान में काम करते हैं। रिया का एक छोटा भाई भी है, जो अभी दो साल का ही है। भास्कर की टीम घटना स्थल पर पहुंची तो रिया की मां बेसुध घर के बरामदे में थी। रिया की नानी उससे लिपटकर रो रही थी। इस दौरान रिया की मां धनेश्वरी एक ही वाक्य बार-बार दोहरा रही थी, एक बार वापस आजा बेटी, एक नजर तुझे देख लूं...। 4 दिन पहले दो गड्ढे किए, बिना ढंके ही छोड़ दिए गए जिस घर में यह घटना हुई, वहां 9 कमरे हैं। सभी कमरे में किराए से परिवार रहते हैं। कुछ दिन से टॉयलेट जाम हो गया था। किराएदारों के कहने पर मकान मालिक जीवनलाल कुर्रे ने 4 दिन पहले ही टैंक को खाली कराने बाथरुम में एक छेद करवाया था। कुर्रे ने बताया कि टैंक भर गया था, किराएदार उसे खाली कराने कह रहे थे। 4 दिन पहले ही निगम की गाड़ी बुलवाकर मैंने उसे खाली कराया था। इसके लिए बाथरूम में एक छेद किया गया था। काम होने के बाद उसे एक बोरे और ईंट से ढंका गया था। लेकिन बच्ची कैसे गिर गई यह समझ से परे है। रूम हीटर से आग लगी, दम घुटने के चलते बुजुर्ग की मौत टाटीबंध इलाके में शनिवार सुबह करीब 9 बजे कमरे को गर्म करने के लिए चलाए गए इलेक्ट्रॉनिक हीटर से मकान में भीषण आग लग गई। आग पूरे मकान में फैल गई। घटना में कमरे में सो रहा बुजुर्ग जिंदा जल गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मकान बाहर से बंद था। ताला तोड़कर लोग अंदर गए और आग बुझाने का प्रयास किया। करीब डेढ़ घंटे में आग पर काबू पाया गया। पुलिस ने बताया कि टाटीबंध में जितेंद्र गुप्ता (35) उरला के एक रोलिंग मिल में काम करता है। उसके साथ 70 वर्षीय पिता राजकुमार गुप्ता, पत्नी सोनम गुप्ता और दो बच्चे (3 और 6 साल) रहते थे। जितेंद्र की पत्नी शुक्रवार रात 10 बजे देवी दर्शन के लिए मध्य प्रदेश के मैहर गई थीं। घर पर जितेंद्र और उसके बुजुर्ग पिता ही थे। जितेंद्र शनिवार सुबह 7 बजे पिता को नाश्ता कराकर और दवाइयां देकर ड्यूटी पर चला गया। उसने बाहर से गेट पर ताला लगा दिया था। पिता को ठंड न लगे, इसलिए कमरे में हीटर चालू कर दिया था। सुबह करीब 9 बजे मकान के भीतर से धुआं उठने लगा और आग भड़क गई। आसपास के लोगों ने तत्काल जितेंद्र को फोन किया गया। करीब डेढ़ घंटे बाद दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची, तब जाकर आग पर काबू पाया गया। इसके बाद राजकुमार को बाहर निकाला गया। पुलिस का दावा है कि बुजुर्ग की मौत दम घुटने से हुई है। आग की लपटें बिस्तर तक पहुंच गई थीं, जिससे बुजुर्ग करीब 65 फीसदी झुलस गए थे। मकान के भीतर रखा फ्रिज, टीवी, अलमारी, कपड़े समेत पूरा सामान जल गया। भास्कर एक्सपर्ट - नवदीप खरे, असिस्टेंट प्रोफेसर रूम हीटर से 3 फीट दूर रखें कपडे़, ये सावधानियां बरतें
PWL में हरियाणा के रेसलर्स की धमाकेदार परफोर्मेंस देखने को मिल रही है। महिला 53 किग्रा वर्ग में दो बार की अंडर-20 वर्ल्ड चैंपियन अंतिम पंघाल ने दमदार जीत हासिल की। जबकि पेरिस 2024 ओलंपिक कांस्य पदक विजेता अमन सहरावत को टाइगर्स ऑफ मुंबई दंगल्स के लिए शानदार प्रदर्शन के लिए फाइटर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला। हालांकि अपनी जीत के साथ वे टीम की हार को नहीं बचा पाए। यूपी डोमिनेटर्स ने शनिवार शाम नोएडा इंडोर स्टेडियम में खेले गए प्रो रेसलिंग लीग 2026 के चौथे मैच में टाइगर्स ऑफ मुंबई दंगल के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 7–2 से प्रभावशाली जीत दर्ज की। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के स्वर्ण पदक विजेता जसपूरन सिंह को उनके संयमित हेवीवेट प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। जीत के बाद बोली अंतिम पंघाल मुकाबला काफी टफ रहा मैच के बाद जीत दर्ज करने वाली यूपी डोमिनेटर्स की कप्तान हरियाणा के हिसार जिले की रहने वाली अंतिम पंघाल ने कहा, “मेरा बाउट अच्छा रहा, मेरी प्रतिद्वंद्वी मजबूत थीं और मुकाबला कड़ा था। मैंने अपनी तैयारी के अनुसार ही रणनीति को अंजाम दिया, हालांकि हर मैच के बाद सुधार की गुंजाइश रहती है। कप्तान के तौर पर हम टॉस के किसी भी नतीजे के लिए तैयार थे। सभी खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया, परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाला और टीम ने मिलकर यह शानदार जीत हासिल की। अमन बोले मेरी जीत हुई पर टीम पर दबाव महसूस हुआ पोस्ट-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में टाइगर्स ऑफ मुंबई दंगल्स के कप्तान और फाइटर ऑफ द मैच अमन सहरावत ने कहा, “हम इस मुकाबले में स्पष्ट उम्मीदों के साथ उतरे थे और व्यक्तिगत रूप से मेरा बाउट योजना के मुताबिक रहा। लेकिन टीम के रूप में हम उस स्तर तक नहीं पहुंच पाए जिसकी हमें उम्मीद थी। यह हमारा पहला मैच था और बड़े दर्शक वर्ग का दबाव भी महसूस हुआ। हमें अपनी प्रमुख भार श्रेणियों पर पूरा भरोसा था, लेकिन आज हमारा दिन नहीं था। हम आगे के मैचों में मजबूत वापसी करेंगे। अमन की जीत से खुला टीम का खाता टाइगर्स ऑफ मुंबई दंगल्स को पहला अंक कप्तान अमन सहरावत ने दिलाया, जिन्होंने सागर शर्मा के खिलाफ तकनीकी श्रेष्ठता के साथ शानदार जीत दर्ज की। हालांकि, यह वापसी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी, क्योंकि 53 किग्रा महिला वर्ग में अंतिम पंघाल ने दूसरे पीरियड में आक्रामक खेल दिखाते हुए तकनीकी श्रेष्ठता से मुकाबला जीत लिया और यूपी डोमिनेटर्स के लिए मैच और दो अंक पक्के कर दिए। जूनियर वर्ल्ड चैंपियन ने किया प्रतिद्वंदी को क्लीन स्वीप इसके बाद निशा दहिया ने फॉल के जरिए जीत हासिल की, जबकि झज्जर की रहने वाली तपस्या गहलावत ने 9–0 की एकतरफा जीत दर्ज कर बढ़त को और बढ़ाया। तपस्या गहलावत ने पिछले साल जूनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप जीतकर विदेश की धरती पर देश का परचम लहरा चुकी है।
मकर संक्रांति बीतने के साथ शहर में मौसम करवट ले रहा है। शनिवार दोपहर धूप में कुछ तल्खी महसूस हुई, जबकि रात को कंपकंपी बरकरार रही। बीते 24 घंटे में अधिकतम तापमान 0.5 डिग्री बढ़कर 28.2 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा। न्यूनतम भी 2.3 डिग्री उछलकर 9.2 डिग्री हो गया। रात के तापमान में बड़ी बढ़त के बावजूद अलसुबह और देर रात को गलन महसूस की गई। मौसम विशेषज्ञ डॉ. आर.एस. देवड़ा ने बताया कि अभी एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसका प्रभाव उत्तर और दक्षिण राजस्थान में अलग-अलग तरीके से देखने को मिलेगा। उत्तर-पश्चिमी हिमालय में हिमपात होने के कारण उत्तरी राजस्थान के जिलों में शीतलहर का प्रकोप इस सप्ताह जारी रहेगा और घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। उदयपुर सहित संभाग के अन्य जिलों में दिन और रात के तापमान में हल्की वृद्धि जारी रहेगी। यहां मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा। मावठ की संभावना नहीं है।
बिजली की अधिक खपत वाली 61 जगहों पर अप्रैल तक कॉम्पैक्ट सब स्टेशन लगेंगे
गर्मी से पहले अप्रैल तक पटना में 61 स्थानों पर बिजली के कॉम्पैक्ट सब स्टेशन लगेंगे। कंकड़बाग मेन रोड, बोरिंग रोड, बोरिंग कैनाल रोड, डाकबंगला, राजाबाजार, नाला रोड सहित अधिक बिजली खपत वाले स्थानों को चिह्नित किया जा रहा है। सभी डिविजनों के विद्युत कार्यपालक अभियंताओं को अपने इलाके में इसके लिए जमीन खोजने का निर्देश दिया गया है। कॉम्पैक्ट सब स्टेशन को जमीन पर प्लेटफॉर्म बनकर कंटेनर में रखा जाएगा। इसमें 990 केवीए क्षमता का डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर होगा। इससे एलटी लाइन में बिजली सप्लाई होगी। पेसू जीएम दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि पटना के लोगों को क्वालिटी बिजली उपलब्ध कराने के लिए यह व्यवस्था की जा रही है। यहां पहली बार 990 केवीए का डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर लग रहा है। अबतक 200, 315 और 500 केवीए क्षमता के ही डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर लगते थे। 211 स्थानों पर बढ़ेगी ट्रांसफॉर्मर की क्षमता पिछले साल गर्मी में अधिक ट्रिपिंग वाले स्थानों को चिह्नित किया गया है। ऐसे 211 स्थानों पर 200 केवीए के डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर को हटाकर 315 केवीए का लगाया जाएगा। 200 केवीए जो 211 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर हटेंगे, उन्हें जहां एडिशनल ट्रांसफॉर्मर की जरूरत होगी, वहां लगाया जाएगा। इसके साथ ही प्रमुख सड़कों की खुले एलटी लाइन को हटाकर कवर्ड वायर लगाया जाएगा। 82 से बढ़कर 100 पावर सब स्टेशन होंगे अभी पटना सिटी से दानापुर तक 7.50 लाख बिजली उपभोक्ताओं को 82 पावर सब स्टेशनों से बिजली सप्लाई हो रही है। केंद्र सरकार की आरडीएसएस स्कीम के तहत दानापुर ब्लॉक, फुलवारी के नौसा, कंकड़बाग के हनुमान नगर और पहाड़ी में नए पावर सब स्टेशन का निर्माण चल रहा है। मार्च-अप्रैल तक काम पूरा होगा। वहीं, अन्य योजनाओं से 14 पावर सब स्टेशनों का निर्माण चल रहा है। आने वाली गर्मी में 100 पावर सब स्टेशनों से बिजली सप्लाई होगी। क्या है कॉम्पैक्ट सब स्टेशन इसे पैकेज्ड या यूनिटाइज्ड सब स्टेशन भी कहते हैं। यह मॉड्यूलर इकाई है, जो ट्रांसफॉर्मर, स्विच गियर और सुरक्षा उपकरणों को एक ही कॉम्पैक्ट बाड़े में समेटती है। यह कम जगह वाले शहरी या औद्योगिक क्षेत्रों के लिए उपयोगी है। यह पारंपरिक सब स्टेशन की तुलना में कम जगह लेता है। जहां बहुत घन आबादी है, बिजली की अधिक खपत होती है, वहां दो-तीन डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर लगाने पड़ते हैं। ऐसी जगहों के लिए कॉम्पैक्ट सब स्टेशन उपयुक्त है। होटल, मॉल, बड़े अपार्टमेंट, बाजार वाले इलाकों में इसे लगाकर क्वालिटी बिजली सप्लाई की जा सकेगी। इसमें हाई क्वालिटी का प्रोटेक्शन सिस्टम लगा है, जो सामान्य ट्रांसफॉर्मर से अलग है।
550 करोड़ की योजना रद्द:खारुन रिवर फ्रंट महादेव घाट तक सिमटा
राजधानी की जीवनरेखा खारुन नदी एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार किसी विकास कार्य के लिए नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही के कारण। साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर प्रस्तावित खारुन रिवर फ्रंट परियोजना की फाइल अब हमेशा के लिए बंद हो गई है। 3 साल पहले इस परियोजना को बजट में शामिल किया गया था। इसके तहत खारुन नदी के दोनों किनारों पर 45 किमी लंबे हिस्से में सौंदर्याकरण, सड़क निर्माण और हरियाली विकसित करने की योजना थी। इसके लिए लगभग 550 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट तैयार किया गया था, लेकिन शासन से अंतिम बजट मंजूरी नहीं मिली। नियमों के तहत परियोजना स्वतः निरस्त हो गई। अब रिवर फ्रंट के नाम पर शासन ने 108 करोड़ रुपए की लागत से महादेव घाट के सौंदर्याकरण का फैसला लिया है, जिसे लोग बड़े सपने के बदले सीमित खानापूर्ति मान रहे हैं। तीन चरणों में डेवलप किया जाना था 45 किमी का रिवर फ्रंट खारुन रिवर फ्रंट योजना आमदी से बेंद्री तक तीन चरणों में प्रस्तावित थी। 45 किमी दोनों किनारों का विकास होना था। 550 करोड़ का प्रस्ताव सिंचाई विभाग नेतैयार किया था। 2023-24 और फिर 2024-25 के बजट में शामिल किया, पर दोनों बार बजट स्वीकृत नहीं हुआ। नतीजा - समय-सीमा पूरी होते ही प्रोजेक्ट रद्द सिस्टम और फंड ने रोका विकास ये हैं 3 अधूरे प्रोजेक्ट रायपुर में खारुन रिवर फ्रंट के अलावा भी कई प्रोजेक्ट अधूरे हैं। • पहला - मोवा से जोरा बीच 14.7 किमी एक्सप्रेस-वे-2 प्रस्तावित, लागत 1295 करोड़, मंजूरी लंबित। दूसरे चरण - खालसा स्कूल से पंडरी थाना ओवरब्रिज स्वीकृत, 300 करोड़ का प्रोजेक्ट अटका। तीसरे चरण - गोदवारा ओवरब्रिज से खमतराई रेलवे क्रॉसिंग सड़क चौड़ीकरण, शासन हरी झंडी नहीं। वजह-तकनीकी कारण खारुन रिवर फ्रंट में पीडब्ल्यूडी को सड़क, बस स्टैंड, पार्किंग आदि का निर्माण करना था, लेकिन तकनीकी कारणों से शुरू नहीं हो पाया। वीके भतपहरी, ईएनसी पीडब्ल्यूडी खारून रिवर फ्रंट के लिए एरिगेशन ने बजट बनाकर दिया था, पर दो बार से रिजेक्ट हो रहा है। इसकी जानकारी मुझे नहीं है, मैं पता करके बता पाऊंगा। राजेश कुमार टोप्पो, सचिव एरिगेशन विभाग छत्तीसगढ़

