बिजनौर के शिवाला कला थाना क्षेत्र के फीना गांव में 32 वर्षीय एक महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। महिला की मौत से उसके परिवार में मातम छा गया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका की पहचान पिंकी देवी (32) पत्नी रवि के रूप में हुई है। पिंकी की शादी आठ साल पहले रवि से हुई थी। उनके दो बेटे और एक बेटी है। पिंकी के पति रवि मजदूरी का काम करते हैं। मृतका के परिजनों ने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस को तहरीर देकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की जांच में जुट गई है।
पलामू में 80 लाख की शराब जब्त:पंजाब से लाकर निकाय चुनाव में खपाने की थी तैयारी, तीन गिरफ्तार
पलामू पुलिस ने नगर निकाय चुनाव के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए 80 लाख रुपए की अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की है। बुधवार रात शहर थाना क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई में शराब तस्करी में शामिल तीन अपराधियों को भी गिरफ्तार कियाा है। बिहार के उत्पाद विभाग ने पलामू पुलिस को शराब तस्करी की सूचना दी थी। जानकारी मिली थी कि गढ़वा की ओर से शाहपुर के रास्ते एक ट्रक में शराब लादकर मेदिनीनगर लाया जा रहा है। बिहार के अधिकारियों से मिली इस सूचना के आधार पर शहर थाना की टीम सक्रिय हुई। सद्दीक मंजिल चौक पर वाहनों की सघन चेकिंग शुरू की गई। इसी दौरान बिहार नंबर का एक ट्रक वहां पहुंचा, जिसकी तलाशी लेने पर उसमें भारी मात्रा में शराब मिली। प्रत्येक पेटी की अनुमानित कीमत करीब दस हजार रुपए ट्रक में सवार लोग शराब से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। इसके बाद पुलिस ने ट्रक को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। गुरुवार को पूरे दिन शराब की गिनती की गई, जिसमें ट्रक से आठ सौ पेटी शराब बरामद हुई। प्रत्येक पेटी की अनुमानित कीमत करीब दस हजार रुपए बताई गई है। शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला है कि यह शराब पंजाब के मोहाली से लाई जा रही थी। इसे पलामू के शहरी इलाकों में ही खपाने की योजना थी, संभवतः निकाय चुनाव के मद्देनजर। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर ज्योति लाल रजवार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस इस अवैध शराब कारोबार के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
होली पर्व पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन ने जबलपुर और निजामुद्दीन के बीच साप्ताहिक होली स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन अतिरिक्त यात्री यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। इसमें वातानुकूलित, शयनयान और सामान्य श्रेणी के कोच उपलब्ध होंगे। यह रहेगी ट्रेन की टाइमिंग गाड़ी संख्या 01701 जबलपुर–निजामुद्दीन होली स्पेशल ट्रेन 2 मार्च और 9 मार्च 2026 (सोमवार) को जबलपुर से रात 8:20 बजे प्रस्थान करेगी। ट्रेन कटनी मुड़वारा 9:35 बजे, दमोह 10:55 बजे, अगले दिन सागर 12:15 बजे, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी 5:50 बजे, ग्वालियर 7:30 बजे, आगरा कैंट 9:30 बजे, मथुरा जंक्शन 11:10 बजे और कोसी कला 11:43 बजे पहुंचेगी। इसके बाद, यह दोपहर 2:25 बजे निजामुद्दीन पहुंचेगी। वापसी में, गाड़ी संख्या 01702 निजामुद्दीन–जबलपुर होली स्पेशल ट्रेन 3 मार्च और 10 मार्च 2026 (मंगलवार) को निजामुद्दीन से शाम 3:45 बजे रवाना होगी। यह कोसी कला 4:50 बजे, मथुरा जंक्शन 5:45 बजे, आगरा कैंट 7:15 बजे, ग्वालियर 10:10 बजे, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी 11:50 बजे, सागर 3:30 बजे, दमोह 4:40 बजे और कटनी मुड़वारा 6:10 बजे रुकेगी। यह ट्रेन अगले दिन सुबह 9:30 बजे जबलपुर पहुंचेगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, होली के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए यह विशेष सेवा शुरू की गई है। इससे त्योहार पर घर जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की स्मृति में गुरुवार को जिले के पवित्र रामेश्वरम स्थित चंबल तट पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सर्वधर्म प्रार्थना, विचार सभा और पिछले कुछ दिनों से चल रही 35 किलोमीटर लंबी पदयात्रा का समापन हुआ। कार्यक्रम में प्रख्यात पर्यावरणविद् और 'जल पुरुष' के नाम से मशहूर राजेंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। जल संरक्षण और नारी शक्ति पर दिया जोर अपने संबोधन में राजेंद्र सिंह ने 'नीर, नदी और नारी' के अंतर्संबंधों पर गहरा प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने हमें प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर जीना सिखाया था। आज के समय में जल संरक्षण ही हमारे भविष्य की सबसे बड़ी सुरक्षा है। उन्होंने कहा- जहां नीर (पानी) बचेगा, वहीं नारी सुरक्षित रहेगी और जहां नारी सशक्त होगी, वहीं हम अपनी नदियों को बचा पाएंगे। उन्होंने अरावली जैसी पर्वत श्रृंखलाओं के संरक्षण को नदियों के अस्तित्व के लिए अनिवार्य बताया। सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का संकल्प विशिष्ट अतिथि और महात्मा गांधी सेवा आश्रम के सचिव रनसिंह परमार ने कहा कि चंबल की बहती धारा हमें निरंतर साधना की प्रेरणा देती है। उन्होंने बताया कि आत्मशुद्धि और पवित्र आचरण अपनाना ही गांधी जी के प्रति हमारी सच्ची निष्ठा है। कार्यक्रम समन्वयक जय सिंह जादौन ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि सत्य, अहिंसा, सेवा और स्वच्छता को अपने जीवन का हिस्सा बनाना ही इस दिन का वास्तविक उद्देश्य है। 35 किमी पदयात्रा का समापन श्योपुर से चंबल तट तक निकली 35 किलोमीटर की पदयात्रा का इस आयोजन के साथ समापन हुआ। यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले छह यात्रियों रामशंकर, युवराज रावत, अनिल चौधरी, डॉ. सतीश शर्मा, रामबिलास और रनसिंह परमार का मंच पर गर्मजोशी से सम्मान किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सर्वधर्म प्रार्थना से हुई। यह रहे उपस्थित विधायक बाबू जंडेल की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष गुड्डी बाई, सहारिया विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष सीताराम आदिवासी और जनपद अध्यक्ष रीना मीणा सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
जबलपुर के शाहपुरा भिटोनी निवासी करण मल्लाह ने मदन महल स्थित स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. अमित खरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है कि उनकी मारुति वैन का कथित रूप से फर्जी दुर्घटना प्रकरण में दुरुपयोग किया गया है। मल्लाह के अनुसार, उनकी मारुति वैन (क्रमांक MP 20 BA 6728) पिछले छह माह से कुण्डम थाने में खड़ी है। शिकायत में कहा गया है कि वाहन को बिना उचित कार्रवाई के थाने में रखा गया है और बार-बार निवेदन के बावजूद उसे वापस नहीं किया जा रहा है। करण मल्लाह ने बताया कि उन्होंने 10 फरवरी 2026 को एसपी कार्यालय में इस संबंध में लिखित शिकायत दी थी। उनका आरोप है कि शिकायत के बाद कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग उनके घर पहुंचकर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं और इनकार करने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने अपने और परिवार पर हमले की आशंका जताई है। शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक से वाहन जल्द वापस दिलाने और उन्हें तथा उनके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने मामले की गंभीरता स्वीकार करते हुए बताया कि शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उनके अनुसार, पीड़ित को एक पुराने एक्सीडेंट और उससे जुड़े घाव के प्रकरण को लेकर कुंडम ले जाया गया था, जहां उसकी वैन को जबरन क्षतिग्रस्त कर फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराने का प्रयास किया गया। प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है। एडिशनल एसपी शर्मा ने संबंधित थाना प्रभारी को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यदि वाहन किसी वैध प्रकरण में जब्त है, तो उसकी स्पष्ट जानकारी शिकायतकर्ता को दी जाए। वहीं, यदि वाहन बिना उचित कारण के थाने में खड़ा पाया जाता है, तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। प्रशासन ने पीड़ित के आवेदन को जांच के लिए कुंडम थाना प्रभारी को भेज दिया है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रतलाम जिले के सैलाना में गुरुवार दोपहर कालिका माता मंदिर का निर्माणाधीन प्रवेश द्वार (तोरण द्वार) अचानक गिर गया। इस हादसे में वहां काम कर रहे एक मिस्त्री और दो मजदूर मलबे में दबकर घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। सैलाना नगर परिषद द्वारा यह गेट 15 लाख रुपए की लागत से बनवाया जा रहा था। हादसे की वजह बीम भरने वाली मशीन का बैलेंस बिगड़ना बताई जा रही है। गेट के निर्माण का कार्य ठेकेदार संजय धाकड़ के माध्यम से कराया जा रहा था। गुरुवार दोपहर अचानक निर्माणाधीन गेट का छज्जा गिर गया। हादसे में जावरा निवासी मिस्त्री प्रकाश बंजारा (55), बध्धापूरा कांगसी निवासी मजदूर मांगीलाल निनामा (35) और गोवर्धन लाल निनामा (22) घायल हो गए। जेसीबी से हटाया मलबा, अफसर पहुंचे सूचना मिलते ही सैलाना एसडीएम तरुण जैन, तहसीलदार कुलभुषण शर्मा, सीएमओ मनोज शर्मा व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहगीरों और नगर परिषद के कर्मचारियों ने तुरंत घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। वहां डॉ. जितेंद्र रायकवार ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रतलाम मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घायलों को निजी वाहन से रतलाम लाया गया। वहीं, गिरे हुए मलबे को जेसीबी की मदद से हटाया गया। सीएमओ बोले- मशीन अनबैलेंस होकर गिर गई हादसे के बाद निर्माण कार्य के दौरान निगरानी व सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। सैलाना नगर परिषद के सीएमओ मनोज शर्मा ने बताया, गेट निर्माण कार्य चल रहा है। इस दौरान आज बीम भरने की मशीन का बैलेंस बिगड़ गया। अचानक मशीन अनबैलेंस होकर गेट की सेंटिंग पर गिर गई। इस कारण हादसा हुआ। मामले में जांच करवा कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
बलौदाबाजार के गिधपुरी थाना क्षेत्र में एक 30 वर्षीय युवक ने पुलिया से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना जुनवानी से चिखली मार्ग पर स्थित एक पुलिया के पास गुरुवार को हुई। मृतक की पहचान टिकेश्वर उर्फ गोलू कुमार टंडन (30 वर्ष), निवासी ग्राम धाराशिव, थाना लवन के रूप में हुई है। पुलिया की रेलिंग से लटकती लाश देखकर राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। गिधपुरी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई शुरू की। प्रारंभिक जांच में मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। थाना प्रभारी संदीप बंजारे ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि मर्ग कायम कर मामले की जांच की जा रही है, लेकिन फिलहाल आत्महत्या के पीछे का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। सुसाइड की वजह स्पष्ट नहीं जानकारी के अनुसार, टिकेश्वर मूलतः लवन थाना क्षेत्र के धाराशिव गांव का रहने वाला था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि वह किस काम से गिधपुरी इलाके में आया था और उसने यह कदम क्यों उठाया। परिजनों ने बताया है कि वह मानसिक रूप से परेशान था, हालांकि इसकी अभी तक पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के लोगों से कर रही पूछताछ घटना स्थल पर पुलिया से सटा इलाका सुनसान होने के कारण आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं है, जिससे जांच में कुछ दिक्कतें आ रही हैं। इसके बावजूद, पुलिस ने आसपास के दुकानदारों और राहगीरों से पूछताछ शुरू कर दी है। थाना प्रभारी संदीप बंजारे ने बताया कि जांच पूरी होने तक हर पहलू को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने इस मामले में धारा 174 के तहत मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व डीजी और सीएनआरसी (उत्तर प्रदेश) के प्रभारी सूर्य कुमार शुक्ल मेरठ पहुंचे। उन्होंने यहां एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया, जिसमें पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित 99 हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वास का भी जिक्र किया। शुक्ल ने कहा कि असम से आए लोगों से जब नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स (NRC) के दस्तावेज मांगे जाते हैं, तो वे अक्सर इन्हें दिखाने में असमर्थ रहते हैं। एनआरसी का नाम सुनते ही वे घबरा जाते हैं और भागने की कोशिश करते हैं। यह दर्शाता है कि वे असम के नहीं, बल्कि बांग्लादेशी हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों को पकड़कर पूछताछ की जानी चाहिए और विदेशी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। सरकार ने हाल ही में सन 2025 में एक कड़ा कानून बनाया है, जिसके तहत अवैध रूप से लोगों को लाने वालों पर 10 साल की कैद और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। शुक्ल ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि यहां के कबाड़ी असम जाकर बांग्लादेशियों को लाते हैं। उनका तर्क होता है कि स्थानीय मजदूर महंगे हैं और अधिक मजदूरी मांगते हैं, जबकि बांग्लादेशी 300 रुपये में काम करने को तैयार हो जाते हैं। इस तरह वे अपने फायदे के लिए देश के बाहर के लोगों को लाकर यहां बसाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि ये लोग आधार कार्ड बनवा लेते हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की मांग करते हैं। वे वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, किसान सम्मान निधि और उज्ज्वला गैस योजना जैसी सभी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए कतार में लग जाते हैं। शुक्ल ने कहा कि इससे भारत जैसे गरीब देश पर बोझ बढ़ता है और भीड़ बढ़ती चली जाती है। ऐसे में सरकार देश की गरीबी दूर करने और विकास कार्य करने में कैसे सफल हो पाएगी, जब दूसरे देशों के लोग भी इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए कतार में खड़े हो जाएंगे।
फागुन आते ही राजसमंद के श्रीनाथजी मंदिर में उत्सव शुरू हो जाता है। मंदिर में रसिया गान के स्वर सुनाई दे रहे हैं। फाग की उमंग भक्ति के रंग में रंगी दिखाई देती है। भगवान श्रीनाथजी की सेवा-पूजा को स्वरूप बदलता है। फागुन के महीने में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रीनाथजी के दर्शन करने पहुंचते हैं और फाग उत्सव का हिस्सा बनते हैं। पुष्टिमार्ग की प्रधानपीठ श्रीनाथजी मंदिर नाथद्वारा में गुरुवार का दिन खास रहा। श्रीजी प्रभु और लाडले लाल प्रभु का गुलाल कुंड मनोरथ भव्य रहा। भावपूर्ण तरीके से भगवान को गुलाल अर्पित की गई। मंदिर के तिलकायत राकेश महाराज और और तिलकायत पुत्र विशाल बावा ने भगवान को चोवा, चंदन, गुलाल और अबीर का अर्पण कर लाड़ लड़ाए। वही गुलाल कुंड के दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंदिर परिसर भक्तिरस और उत्साह से सराबोर हो उठा। देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालु गुलाल के रंग में रंगे दिखे। श्रीनाथजी के आंगन में भक्ति का रंग.. श्रीनाथजी को अबीर-गुलाल से सजाया मनोरथ के दौरान प्रभु को अबीर-गुलाल से सजाकर फाग खेली गई। तिलकायत ने प्रभु की आरती उतारकर सेवा समर्पित की। उपस्थित वैष्णव जन भी प्रभु के रंग में रंगे नजर आए और पूरा वातावरण रसमय एवं आनंदमय हो गया। इस अवसर पर विशाल बावा ने कहा- फागुन मास की सेवा में साक्षात निकुंज नायक प्रभु वैष्णवों के साथ फाग खेलते हैं। समस्त पुष्टि सृष्टि को आनंद से भर देते हैं। ऐसा अलौकिक आनंद देवताओं के लिए भी दुर्लभ है, जो प्रभु की विशेष कृपा से ही भक्तों को प्राप्त होता है। इस अवसर पर मंदिर के अधिकारी सुधाकर उपाध्याय, मंदिर के मुख्य प्रशासक भारत भूषण व्यास, श्रीनाथजी मंदिर मंडल के सीईओ श्री जितेंद्र पांडे, तिलकायत के मुख्य सलाहकार अंजन शाह, मंदिर मंडल के सदस्य समीर चौधरी, सहायक अधिकारी अनिल सनाढ्य, तिलकायत सचिव लीलाधर पुरोहित, समाधानी उमंग मेहता, मीडिया प्रभारी गिरीश व्यास, कैलाश पालीवाल, कल्पित, प्रतीक उपस्थित रहे। नाथद्वारा में रसिया गायन के रंग.. नाथद्वारा में फागुन के दौरान रसिया गायन में भी श्रद्धालु खूब आनंद पाते हैं। रसिया गायन फागुन में नाथद्वारा में कई जगह होता है। यह केवल एक साधारण गायन नहीं, बल्कि भगवान श्रीनाथजी के साथ खेली जाने वाली सखा-भाव की जीवंत लीला है।
नागौर और मेड़ता मंडियों के आज के भावों पर नज़र डालें तो दोनों ही जगहों पर जीरा और सुवा की कीमतों में अच्छी तेजी दर्ज की गई है। जहां नागौर मंडी में जीरा और सिन्धी सुवा के भाव में मज़बूती दिखी, वहीं मेड़ता में भी इन फसलों ने बढ़त का रुख बनाए रखा। हालांकि, मेड़ता मंडी में आज रायड़ा (सरसों) की कीमतों में बड़ी गिरावट ने किसानों को थोड़ा निराश किया है, जबकि नागौर में सरसों के भाव कल के स्तर पर ही टिके रहे। बाकी फसलों जैसे मूंग और सौंफ के मामले में दोनों मंडियों में स्थिति लगभग स्थिर या मामूली उतार-चढ़ाव वाली बनी हुई है। नागौर मण्डी में कल और आज के भावों की तुलना करने पर जिन्सों की कीमतों में मिला-जुला असर देखने को मिला है। मूंग, ग्वार, असालिया, काला तिल, सफेद तिल और सरसों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है और ये अपने पुराने स्तर पर ही स्थिर बनी हुई हैं। सबसे बड़ी बढ़त जीरा और सिन्धी सुवा में देखी गई है, जहां जीरा का अधिकतम भाव 300 रुपये और सिन्धी सुवा 500 रुपये तक तेज हुआ है। इसी तरह विराट चमकी मूंग, सौंफ और ज्वार की कीमतों में भी 100 रुपये प्रति क्विंटल तक का मामूली सुधार दर्ज किया गया है। वहीं दूसरी ओर, कुछ जिन्सों में मंदी का रुख भी रहा। दाणा मैथी के न्यूनतम भाव में 200 रुपये की गिरावट आई है, जबकि अधिकतम भाव में 150 रुपये की कमी दर्ज की गई। इसबगोल, तारामीरा और मोठ की कीमतों में भी 50 से 100 रुपये तक की नरमी देखी गई है। मेड़ता सिटी मंडी में 12 फरवरी 2026 को जिन्सों के भावों में मिला-जुला रुख देखने को मिला है। कल (11 फरवरी) के मुकाबले आज जीरा और सुवा की कीमतों में सुधार हुआ है, जबकि रायड़ा और ग्वार जैसी फसलों में गिरावट दर्ज की गई है। जीरा के अधिकतम भाव में आज 200 रुपये की तेजी आई है, जिससे यह 22,200 रुपये से बढ़कर 22,400 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुँच गया है। इसी तरह सुवा के भाव में भी 200 रुपये का उछाल आया और यह 9,000 रुपये के स्तर को छू गया है। असालिया के भाव में भी कल के मुकाबले 100 रुपये की मामूली बढ़त देखी गई है। वहीं दूसरी ओर, रायड़ा (सरसों) की कीमतों में 300 रुपये प्रति क्विंटल की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है; कल रायड़ा 6,500 रुपये पर था जो आज घटकर 6,200 रुपये रह गया है। ग्वार के भाव में भी 30 रुपये की मामूली मंदी रही और तारामीरा के अधिकतम भाव में 100 रुपये की कमी आई है। मूंग, चना, सौंफ और ईसबगोल जैसी महत्वपूर्ण फसलों के भाव आज पूरी तरह स्थिर रहे और इनमें कल के मुकाबले कोई बदलाव नहीं देखा गया।
मेरठ में दरोगा की टोपी लगाकर वीडियो बनाया:स्पा सेंटर संचालक गिरफ्तार, पुलिस कर रही जांच
मेरठ पुलिस ने एक स्पा सेंटर संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने उत्तर प्रदेश पुलिस के दरोगा की टोपी पहनकर इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें वह दबंगई दिखाते हुए नजर आ रहा था। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे बृहस्पतिवार को पकड़ा। मामला मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र के कमालपुर गांव का है। आजाद पुत्र अमजद नामक व्यक्ति स्पा सेंटर चलाता है। उसने खुद को प्रभावशाली दिखाने के लिए यूपी पुलिस के दरोगा की टोपी पहनकर एक वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। वीडियो वायरल होते ही पुलिस अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी। जांच के बाद बृहस्पतिवार को आजाद को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि उसके 'एवन स्टूडियो' नामक स्पा सेंटर में कहीं देह व्यापार जैसी कोई अवैध गतिविधि तो नहीं चल रही थी। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वर्दी या पुलिस के चिन्हों का गलत इस्तेमाल करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाती है। आरोपी से पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है।
चोरों ने चर्च प्रबंधक के आवास को बनाया निशाना:मेरठ: दानपात्र और अलमारी से नकदी चोरी
मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में स्थित सेंट पीटर चर्च में चोरी की वारदात सामने आई है। चोरों ने सरधना रोड स्थित चर्च के प्रबंधक के आवास और चर्च परिसर के ताले तोड़कर दानपात्र व अलमारियों से नकदी चोरी कर ली। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, चोर देर रात चर्च परिसर में दाखिल हुए। उन्होंने सबसे पहले प्रबंधक फादर मारिया वीनों के आवास को निशाना बनाया और वहां रखी अलमारियों के ताले तोड़ दिए। इसके बाद चोर चर्च के भीतर पहुंचे और दानपात्र को तोड़कर उसमें रखी रकम चुरा ली। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। सुबह चौकीदार थामस ने चर्च पहुंचने पर दरवाजों के ताले टूटे और सामान बिखरा हुआ पाया। उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू की। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि चोरी की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में एक नकाबपोश व्यक्ति चोरी करते हुए दिख रहा है। चौकीदार ने पुलिस को बताया कि फादर मारिया वीनों दो दिन पहले किसी काम से बाहर गए थे। चोरी हुई रकम का सही आकलन उनके लौटने के बाद ही हो पाएगा। पुलिस ने जानकारी दी है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसकी जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
ट्रेन की चपेट में आए मजदूर की मौत:दतिया में कल से लापता था; जेब में मिले आधार कार्ड से हुई पहचान
दतिया रेलवे स्टेशन के पास गुरुवार शाम एक युवक की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही जीआरपीएफ पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। मृतक की पहचान धर्मेंद्र परिहार (38) निवासी गुर्जरा गांव के रूप में हुई है। पुलिस को शव के पास से एक मोबाइल फोन और जेब में रखा आधार कार्ड मिला, जिसके आधार पर उसकी पहचान की गई। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और शव की शिनाख्त की। परिजनों ने पुलिस को बताया कि, धर्मेंद्र परिहार मजदूरी का काम करता था और शादीशुदा था। वह बुधवार से लापता था, जिसकी तलाश परिजन कर रहे थे। गुरुवार शाम रेलवे ट्रैक के पास उसका शव मिलने से परिवार में कोहराम मच गया। फिलहाल युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस आत्महत्या अथवा हादसे के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा।
कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान रेवाड़ी में बिजली निगम के आला अधिकारी भी सरकार की खिलाफत में उतरे। एसडीओ के साथ एक्शइन और एसई ने गेट मीटिंग की और सरकार के खिलाफ धरना दिया। अधिकारियों ने निगम में निजीकरण पर अपना विरोध जताया। कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन (HPEA) के आह्वान पर निगम के अधिकारियों ने धरना दिया। अधिकारियों ने सरकार पर निजीकरण कर बिजली निगम धीरे-धीरे उद्यौगिक घरानों को देने का आरोप लगाया। मनमर्जी से उपभोक्ताओं पर बढ़ेग बोझ अधिकारियों ने कहा कि सरकार ने बिजली वितरण, उत्पादन और ट्रांसमिशन का निजीकरण करने की तैयारी में है। ऐसा होने पर निजी कंपनी टोल टैक्स की तर्ज पर मनमर्जी से बिजली दरों में बढ़ोत्तरी करेंगी। जिसका बोझ आम आदमी के साथ छोटे उद्योगों और किसानों पर पड़ेगा। इन्होंने किया विरोध प्रदर्शन अधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार ने का इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025* और *नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 बिजली निगम के निजीकरण की दिशा में बढ़ाया गया कदम है। उन्होने पालिसी को वापस लेने, आउटसोर्सिंग पर रोक लगाने, जिला और उपमंडल स्तर पर अधिकारियों की पर्याप्त नियुक्ति करने की मांग की। प्रदर्शन करने वालों में एसई पी. के. चौहान, एक्शइन संदीप कुमार, ओ. के. भारद्वाज और संजय यादव, उपमंडल अधिकारी (SDO) विजय पाल, मोहित, सोनू, अरुण, भरत मलिक और कविंद्र शामिल हुए।
प्रतापगढ़ के भागामढ़ में एमजीएसएस भागामढ़ स्कूल का भवन अत्यधिक जर्जर होने के कारण शिक्षा विभाग ने उसे सील कर दिया है। इसके बाद स्कूल प्रबंधन समिति और ग्रामसभा ने सर्वसम्मति से ग्रामीणों के निजी भवन में अस्थायी रूप से कक्षाएं शुरू की हैं। खाली पड़े निजी भवन में कक्षाएं संचालित ग्रामीणों तुफान पुत्र मोहन और रमेश पुत्र मोहन के खाली पड़े निजी भवन को अस्थायी स्कूल के रूप में चुना गया। पिछले एक महीने से कक्षाएं यहीं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। इस भवन में बच्चों के बैठने, शौचालय और पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई है। ग्रामीणों ने बच्चों के लिए चद्दर आदि लगाकर एक व्यवस्थित पड़साल भी तैयार किया है। स्कूल भवन ट्रांसफर से ग्रामीणों में असंतोष इसके साथ ही मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, समग्र शिक्षा दलोट ने एक पुराने आदेश का हवाला देते हुए स्कूल को 04 फरवरी 2026 से एमजीएसएस बड़ीसाखथली ट्रांसफर करने के निर्देश जारी किए हैं। इस निर्णय से ग्रामीणों में असंतोष है। साधनों की कमी के कारण बच्चों की सुरक्षा को खतरा ग्रामीणों का कहना है कि जुनाखला, वनीमानपुरा और भागामढ़ के छोटे बच्चों को प्रतिदिन 2-3 किलोमीटर पैदल चलकर बड़ीसाखथली पहुंचना पड़ेगा। खराब रास्ता और परिवहन के साधनों की कमी के कारण बच्चों की सुरक्षा को खतरा होगा, जिससे उनके स्वास्थ्य और पढ़ाई दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ये रहे मौजूद ग्रामीणों ने रामलाल, दिनेश, कान्तुराम, नाबुराम, कालुराम, तुफान और वागा के नेतृत्व में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने मांग की है कि बड़ीसाखथली में स्थानांतरण का आदेश निरस्त किया जाए और विद्यालय को पूर्ववत निजी भवन में ही अस्थायी रूप से संचालित रखने की स्वीकृति प्रदान की जाए।
राजस्थान बजट के दूसरे दिन सीकर जिले को केंद्र सरकार से बड़ा तोहफा मिला है। सीकर से रींगस तक ब्राॅडगेज का अब डबल रेलवे ट्रैक होगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के PRO अमित सुदर्शन ने बताया कि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रींगस-सीकर, 50 किलोमीटर ट्रैक को डबल करने के लिए 470.34 करोड़ रूपए की राशि स्वीकृत जारी की है। ये ट्रैक डबल होने से रींगस, सीकर और आसपास के क्षेत्रों में फास्ट रेलवे नेटवर्क की सुविधा मिलेगी। वहीं, शेखावाटी क्षेत्र की जयपुर और दिल्ली समेत पूर्वी-दक्षिणी भारत से रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। शेखावाटी इलाका पर्यटन, सेना और शिक्षा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। शेखावाटी में सीकर, बगड़, पिलानी और लक्ष्मणगढ़ को एजुकेशन हब माना जाता है। वहीं, बिसाऊ, चिराना, डूंडलोद, चिड़ावा, फतेहपुर, काजड़ा, महनसर और नवलगढ़ अपनी सोने-चाँदी की भित्ती चित्रों वाली हवेलियों के लिए प्रसिद्ध है तथा खाटूश्यामजी, सालासर, जीणमाता व शाकंभरी माता विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थान हैं। ये रेलवे ट्रैक डबल होने के कारण रेलवे कनेक्टिविटी मजबूत होगी और टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। शेखावाटी के हजारों सैनिक भारतीय सेना में भी कार्यरत हैं, उनका आना-जाना भी सुगम होगा। रींगस-सीकर रेलवे ट्रैक के डबल होने से लाइन क्षमता बढ़ेगी, ट्रेन क्राॅसिंग की समस्या दूर होगी, टाइमिंग घटेगी तथा पहले से ज्यादा ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। गौरतलब है कि रींगस-खाटूश्यामजी 18 किलोमीटर नई रेलवे लाइन का काम 254 करोड़ रूपए की लागत से चल रहा है। सीकर और रींगस रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य भी चल रहा है।
पाली शहर के बोमादड़ा रोड पर संचालित होने वाली श्रीमती धापूबाई BSTC कॉलेज प्रबंधन और स्टूडेंट के बीच पिछले करीब दो महीने से चल रहे विवाद के बीच गुरुवार को शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी किया। जिसके तहत श्रीमती धापूबाई BSTC कॉलेज की मान्यता रद्द की गई और अगले सत्र 2026-27 में भी डीएलएड काउन्सलिंग में छात्र/छात्राओं के लिए श्रीमती धापूबाई बीएसटीसी कॉलेज को सीट आवंटित नहीं की जाएगी। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) प्रारंभिक पाली इस संस्थान में वर्तमान में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को जिले के किसी अन्य संस्थान में सुरक्षित शिक्षण व्यवस्था शिफ्ट करेंगे। वही इस मामले में कॉलेज प्रबंधक गुणेश रावल ने अपने खिलाफ राजनीतिक षड्यंत्र बताया। रोते हुए बोला- हमारी गलती नहीं थी, झूठे आरोप लगाएस्टूडेंट महेन्द्र कुमार ने कहा कि हमारे पर कॉलेज प्रबंधन ने झूठे आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया। कॉलेज से निकाला। इसकी जानकारी घर पर माता-पिता तक पहुंची तो वे रोने लगे। मैं यहां पढ़ाई करने आया था ताकि कॅरियर बना संकू लेकिन हक के लिए आवाज उठाने पर मुकदमा दर्ज करवा दिया। यह है मामलाबता दे कि श्रीमता धापू बाई बीएसटीसी कॉलेज के स्टूडेंट 30 दिसम्बर को जिला कलक्टर पाली से मिले थे। और कॉलेज के डायरेक्टर पर हॉस्टल और बस सुविधा लेने का दबाव देने का आरोप लगाया था। इसके साथ छुट्टी लेने पर निष्कासित करने की धमकी देने का आरोप लगाया। उन्होंने मामले की जांच करवाकर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) प्रारंभिक शिक्षा पाली की अध्यक्षता में एक जांच दल का गठन किया गया। 31 दिसम्बर को जांच दल ने कॉलेज की जांच की। और रिपोर्ट एक जनवरी को मुख्यालय भेजी। जिसमें बताया कि एक ही परिसर में तीन कॉलेज व दो हॉस्टल आवास स्थित है। जिनका मुख्य द्वार एक ही है। इससे यह स्पष्ट है कि एक ही परिसर बताकर दो बीएसटीसी कॉलेज एक उज्जवल विक्रम बीएसटीसी कॉलेज तथा दूसरी श्रीमती धापू बीएसटीसी कॉलेज तथा उज्जवल लॉ कॉलेज की मान्यता प्राप्त की है जो कि नियमानुसार गलत है। साथ ही हॉस्टल एवं बस सुविधा प्राप्त करने के लिए अनैतिक रूप से विद्यार्थियों पर दबाव बनाया जाता है जो विद्यार्थी सुविधा लेते हैं उनसे लगभग 50 हजार रुपए लेते हैं। उनको अवैधानिक रूप से घर पर रहने की छूट दे देते हैं। छात्र/छात्राओं एवं अभिभावकों द्वारा इसका विरोध किये जाने पर अभद्र व्यवहार करना एवं नम्बर कम देने की धमकी देना भी प्रमाणित होता है। छात्रों के बयान एवं आक्रोश से प्रमाणित है एवं जांच दल का अभिमत है कि कॉलेज संचालक पर लगाए गए आरोप प्रमाणित हुए। इस रिपोर्ट के आधार पर कार्यालय निदेशक प्रारंभिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर के निदेशक सीताराम जाट ने एक आदेश जारी किया। जिसके तहत कॉलेज की मान्यता रद्द की। स्टूडेंट ने मनाई खुशी, माला पहनाकर कहां थेक्सपाली शहर के साइंस पार्क में कॉलेज के स्टूडेंट सुबह से ही धरने पर बैठे रहे। उन्हें जब कॉलेज की मान्यता रद्द होने की जानकारी मिली तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक गए। कॉलेज स्टूडेंट वेदप्रकाश ने बताया कि हॉस्टल में रहने के लिए उन्हें मजबूर जाता था। जो स्टूडेंट उनकी बात नहीं मानता उन्हें परेशान किया जाता था। आखिर परेशान होकर वे कॉलेज प्रबंधन के विरोध में उतरे। उन्होंने मामले में साथ देने वाले भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी, महामंत्री नारायण कुमावत, राकेश पंवार, एबीवीपी के राजेश विश्नोई का माला पहनाकर आभार जताया। इस दौरान कई स्टूडेंट मौजूद रहे।
भोपाल के कमल नगर में 6 दुकानों के पास खुले मैदान में बने सेप्टिक टैंक में टीन के बक्से में बंद महिला की लाश मिली है। पुलिस ने बक्सा जब्त कर लिया है। वहीं शव को पीएम के लिए रवाना किया जा रहा है। बॉडी करीब तीन-चार दिन पुरानी बताई जा रही है। एक स्थानीय निवासी की सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। मामले में मर्ग कायम कर जांच की जाएगी। निशातपुरा थाने के टीआई मनोज पटवा ने बताया कि गुरुवार शाम करीब पांच बजे सूचना मिली कि मैदान में बने सेप्टिक टैंक में एक बक्सा पानी में तैर रहा है। पुलिस मौके पर पहुंची और बक्से को बाहर निकालकर चेक किया, जिसमें एक महिला का शव मिला। शव पुराना होने के कारण डीकंपोज हो चुका है। पुलिस का कहना है कि मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी है। आशंका है कि हत्या के बाद उसे बक्से में बंद कर फेंका गया है। सभी एंगल से जांच की जाएगी। आसपास रहने वालों से भी तस्दीक की जाएगी।
अल्ट्राटेक सीमेंट मजदूर कांग्रेस इंटक और जेके लक्ष्मी सीमेंट मजदूर संघ इंटक ने बुधवार को चार मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं (लेबर कोड) को वापस लेने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीवा रेड्डी और प्रदेश अध्यक्ष पूर्व राज्य मंत्री जगदीश राज श्रीमाली के निर्देशानुसार तथा ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी हड़ताल के आह्वान के समर्थन में किया गया। इस अवसर पर दोनों यूनियनों के अध्यक्षों, पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में श्रमिकों ने एकजुट होकर मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। श्रमिकों ने रैली निकालकर राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में चारों श्रम संहिताओं को श्रमिक हितों के प्रतिकूल बताया गया और उन्हें तुरंत वापस लेने की मांग की गई। यूनियनों ने ज्ञापन में कहा है कि इन कानूनों से स्थायी रोजगार की सुरक्षा कमजोर होगी, ठेका एवं फिक्स्ड टर्म रोजगार (FTE) को बढ़ावा मिलेगा तथा श्रमिकों के अधिकारों में कटौती होगी। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि देश के मजदूर इन कानूनों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मजदूर विरोधी कानून वापस नहीं लिए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान 'श्रमिक एकता जिंदाबाद', 'मजदूर विरोधी कानून वापस लो', 'चारों श्रम संहिताएं रद्द करो' जैसे नारे लगाए गए। अंत में, यूनियन पदाधिकारियों ने शांतिपूर्ण और अनुशासित रूप से हड़ताल को सफल बनाने के लिए सभी श्रमिक साथियों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान जेके लक्ष्मी सीमेंट से मंत्री रामाराम, कोषाध्यक्ष गोविंद राम, उपाध्यक्ष हरियाराम, श्यामलाल गरासिया, उत्तम सिंह देवड़ा, सरवन परिहार, चेलाराम, रुपाराम, अमरसिंह, विक्रम, भीम सिंह, जितेंद्र सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। अल्ट्राटेक से अध्यक्ष रतन सिंह देवड़ा, महामंत्री राजेंद्र कुमार मेवाड़ा, धना राम, नरसा राम, समीरा राम, जीवन सिंह देवड़ा और अल्ट्राटेक सीमेंट मजदूर कांग्रेस के अन्य सदस्य भी मौजूद थे।
हनुमानगढ़ में हेरोइन तस्करी में 1 और आरोपी गिरफ्तार:अब तक गैंग के 6 बदमाश दबोचे, अन्य की तलाश जारी
हनुमानगढ़ जंक्शन पुलिस ने हेरोइन तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी हेरोइन बरामदगी से जुड़े एक पुराने मामले में की गई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हनुमानगढ़ टाउन के सूर्यनगर स्थित गली नंबर 4 निवासी अनिकेत कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इस संगठित गिरोह के अब तक कुल 6 सदस्यों को पकड़ा जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों के संबंध में अनुसंधान और पूछताछ जारी है। यह मामला 18 जनवरी, 2024 का है, जब गश्त के दौरान पुलिस ने होंडा सिटी कार में सवार अमन कुमार और रहमत अली को 10.38 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था।इस मामले की जांच के दौरान राजकुमार उर्फ राजू, श्योकत अली उर्फ खड्डू और सन्नी को भी पहले गिरफ्तार किया गया था। अब इसी प्रकरण में एनडीपीएस एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत वांछित अनिकेत कुमार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह युवाओं को लालच और आर्थिक सहायता देकर अपने साथ जोड़ता था। इसके बाद इन युवाओं के माध्यम से हेरोइन की तस्करी करवाई जाती थी।इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में एएसआई गजेंद्र शर्मा, कॉन्स्टेबल योगेंद्र कुमार और सुभाष चंद्र शामिल थे। मामले में अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
भीलवाड़ा शहर में नगर निगम ने हटाया अतिक्रमण:आजाद चौक और प्रताप टॉकीज एरिया में तोड़े अवैध निर्माण
भीलवाड़ा नगर निगम द्वारा आज लंबे समय बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इसके तहत शहर के आजाद चौक, प्रताप टॉकीज एरिया और हरी शेवा मार्ग से दुकानों के बाहर पिछले लंबे समय से काबिज अतिक्रमण को हटाया। इस दौरान नगर निगम के अतिक्रमण निरोधी टीम ने दुकानों के बाहर लगे होर्डिंग,टीन शेड बोर्ड आदि हटाए और कई जगह अवैध निर्माण को भी तोड़ा। कलेक्टर के प्रशासक बनने के बाद हुई कार्रवाई भीलवाड़ा नगर निगम में महापौर के कार्यकाल समाप्त होने और जिला कलेक्टर के प्रशासक लगने के बाद आज निगम के अतिक्रमण निरोधी दस्ते द्वारा शहर में कई स्थानों से अतिक्रमण को हटाया गया। हरि शेवा रोड से बस स्टैंड जाने वाले रास्ते को अतिक्रमण मुक्त किया गया, यहां टीम ने कार्रवाई करते हुए कई दुकानों के बोर्ड और टीन शेड को तोड़ा,नालियों के ऊपर बने पक्के अतिक्रमण को हटाया गया। आजाद चौक ओर प्रताप टाकीज एरिया से हटाया अतिक्रमण इसके बाद नगर निगम का दस्ता प्रताप टॉकीज क्षेत्र में पहुंचा जहां दुकानों के बाहर पिछले लंबे समय से 10 से 15 फीट तक किए हुए अतिक्रमण को निगम की जेसीबी और अतिक्रमण शाखा के जवानों द्वारा हटाया गया। इस दौरान टीम ने करीब दो दर्जन से ज्यादा दुकानों के बाहर से अतिक्रमण हटाने कार्रवाई की।कई दुकानों के बाहर बने रैंप को तोड़ा गया, इसके साथ ही कुछ दुकानदारों ने फिक्स बोर्ड लगाकर यातायात को बाधित किया था उन बोर्ड को भी टीम ने जब्त किया। शहरवासियों ने की कार्रवाई की तारीफ कई जगह दुकान की आड़ में कच्चे निर्माण,बांस बल्लियों से किए अतिक्रमण तो कई जगह पक्की रेलिंग लगाकर रोड ब्लॉक किया गया था। इन्हें भी टीम द्वारा हटाया गया। यहां से नगर निगम की टीम आजाद चौक क्षेत्र में पहुंची यहां भी दुकानों के बाहर से अतिक्रमण को हटाया गया। टीम की कार्रवाई को देखकर व्यापारियों में हड़कंभ मच गया। वहीं शहरवासियों ने इस कार्रवाई की प्रशंसा की। लंबे समय से अतिक्रमण की शिकायत पिछले लंबे समय से आजाद चौक और प्रताप टॉकीज एरिया अतिक्रमण की वजह से टू व्हीलर वालों को परेशानी हो रही थी। नगर निगम की कार्रवाई देख बाजार नंबर 3, बाजार नंबर 2, गोल प्याऊ चौराहा आदि क्षेत्रों में दुकान के बाहर जिन-जिन व्यापारियों ने अतिक्रमण कर किया था उन्होंने खुद अपना अतिक्रमण हटाया ओर सामान समेटने लगे। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि भीलवाड़ा में अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
छिंदवाड़ा जिले के चौरई विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार शाम स्कूल बस पलटने से बड़ा हादसा हो गया। कुंडा के पास हुए इस एक्सीडेंट में 10 छात्र घायल हुए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। बस स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चों को घर छोड़ने जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ड्राइवर ने दूसरी गाड़ी को ओवरटेक करने की कोशिश की, जिससे बस अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई और पलट गई। हादसे का शिकार हुई बस (MP 04 PA 0323) कुंडा स्थित उड़ान पब्लिक स्कूल की है। घटना के समय बस में स्कूली बच्चों के साथ स्कूल का स्टाफ भी मौजूद था, जिन्हें हल्की चोटें आई हैं। ग्रामीणों ने की मदद, पुलिस जांच में जुटी घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां सभी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों और चालक की लापरवाही की जांच की जा रही है।
रायबरेली के लालगंज कोतवाली क्षेत्र में बृहस्पतिवार शाम को बालेमऊ NH 232 हाईवे पर एक सड़क दुर्घटना में साइकिल सवार बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में मोटरसाइकिल पर सवार मां-बेटा भी घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना उस समय हुई जब तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने सड़क पार कर रहे साइकिल सवार बुजुर्ग बद्री प्रसाद को टक्कर मार दी। बद्री प्रसाद, जो पूरे कालिका बक्स सिंह ऐहार के निवासी थे, बाजार से अपने घर लौट रहे थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। मोटरसाइकिल पर सवार अमित पुत्र रमेश और उनकी मां सुमन देवी पत्नी रमेश भी इस दुर्घटना में घायल हो गए। ये दोनों अटौरा बुजुर्ग के रहने वाले हैं और रायबरेली की ओर से एक निमंत्रण कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से लालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक बद्री प्रसाद के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। मृतक बद्री प्रसाद के बेटे और नाती और उनकी पत्नी सुखा देवी का रो है के बुरा हाल बना हुआ है। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम भेजी गई थी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मंगलवार को प्रयागराज दौरे पर रहेंगे। उनके दौरे को लेकर प्रशासन और पार्टी संगठन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। डिप्टी सीएम शहर में विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे और पार्टी पदाधिकारियों के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी करेंगे। उधर एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए डिप्टी सीएम बृजेश पाठक भी शुक्रवार को सुबह प्रयागराज पहुंचेंगे सुबह। शाम को पहुंचेंगे प्रयागराजडिप्टी सीएम शाम 4:15 बजे पुलिस लाइन हेलीपैड पर पहुंचेंगे। वहां से वे सीधे जिला पंचायत सभागार जाएंगे, जहां भाजपा युवा मोर्चा काशी क्षेत्र द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। युवा मोर्चा ने ‘बजट 2026 पर युवा संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया है, जिसमें प्रदेश सरकार के बजट की प्रमुख योजनाओं और युवाओं से जुड़े प्रावधानों पर चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि इस दौरान डिप्टी सीएम युवाओं को सरकार की नीतियों और उपलब्धियों से अवगत कराएंगे। इसके बाद शाम 5:20 बजे वे इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन कन्वेंशन सेंटर पहुंचेंगे, जहां एक कार्यक्रम में शामिल होंगे। सर्किट हाउस में पार्टी पदाधिकारियों से मिलेंगेशाम 6:10 बजे डिप्टी सीएम सर्किट हाउस पहुंचकर पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद करेंगे। इस दौरान संगठनात्मक मुद्दों, आगामी कार्यक्रमों और स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके साथ ही वे विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर विकास कार्यों और योजनाओं की प्रगति का जायजा भी लेंगे। डिप्टी सीएम प्रयागराज में रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन सुबह 10:00 बजे वे प्रयागराज से अंबेडकर नगर के लिए रवाना हो जाएंगे। निगम चुनाव: कुंज बिहारी प्रभारी, वरुण बने पर्यवेक्षकनगर निगम में 17 फरवरी को होने वाले कार्यकारिणी उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर भाजपा ने संगठनात्मक जिम्मेदारियां तय कर दी हैं। भाजपा महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता ने पार्टी संगठन के महामंत्री कुंज बिहारी मिश्रा को चुनाव प्रभारी और वरुण केसरवानी को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए भाजपा मीडिया प्रभारी एवं पूर्व पार्षद पवन श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों पदाधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया के सुचारू संचालन और समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
एसएन साध ट्रस्ट ने फर्रुखाबाद में तीन दिवसीय निःशुल्क दिव्यांग सहायता शिविर का आयोजन किया। पहले दिन एनएकेपी डिग्री कॉलेज के सामने स्थित सेवा केंद्र में आयोजित इस शिविर में 150 से अधिक दिव्यांगजनों ने विभिन्न सहायक उपकरणों का लाभ उठाया। शिविर में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सुबोध कुमार वर्मा और कान-नाक-गला रोग विशेषज्ञ डॉ. शिखर सक्सेना ने मरीजों की जांच की। कम सुनने वाले लोगों के लिए ऑडियोमेट्री टेस्ट के बाद निःशुल्क कान की मशीनें प्रदान की गईं। इसके अतिरिक्त, कृत्रिम पैर, कटे हुए कृत्रिम हाथ, पोलियो ग्रस्त लोगों के लिए कैलिपर, वैशाखी और ट्राइसाइकिल जैसे सहायक उपकरण भी वितरित किए गए। लाभार्थियों को शिविर में पंजीकरण के लिए आधार कार्ड और दिव्यांग प्रमाण पत्र की फोटो कॉपी साथ लाने को कहा गया था। फरीदाबाद से आईं शिक्षिका अर्चना ने कृत्रिम पैर लगवाने के बाद ट्रस्ट के कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल जरूरतमंदों को बड़ी राहत दे रही है। शमसाबाद से आए एक लाभार्थी ने ट्राइसाइकिल मिलने पर कहा कि ऐसी संस्थाएं गरीबों के लिए वरदान साबित होती हैं। दूर-दराज के शहरों से भी लोग इस शिविर में पहुंच रहे हैं, जिससे ट्रस्ट की इस पहल को व्यापक सराहना मिल रही है। ट्रस्ट के प्रमुख राकेश साध ने बताया कि जरूरतमंदों को कृत्रिम पैर और अन्य उपकरण पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह शिविर जयपुर फुट के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है और 13 व 14 तारीख तक जारी रहेगा। शिविर के सफल आयोजन में उदय, रोहित और सुजीत का भी विशेष सहयोग रहा।
जमुई में 2 कमरों में 1-8 तक की पढ़ाई:36 साल पुराने भवन में पढ़ते हैं 156 बच्चे
जमुई के बरहट प्रखंड अंतर्गत नुमर पंचायत के वार्ड संख्या-1 स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय भरकहूआ की स्थिति चिंताजनक है। वर्ष 1990 में निर्मित इस विद्यालय का भवन आज तक नहीं बन पाया है। वर्तमान में 156 छात्र-छात्राओं के लिए कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई मात्र दो जर्जर कमरों में संचालित हो रही है। जगह की कमी के कारण कई बार कक्षाएं बरामदे में लगानी पड़ती हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। विद्यालय भवन की छतों में दरारें पड़ चुकी हैं और बारिश के दौरान पानी टपकता है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने बच्चों को डर के साए में स्कूल भेजते हैं, क्योंकि जर्जर छत या दीवार गिरने का खतरा बना रहता है। मरम्मत कार्य के लिए आए संवेदक ने भी काम अधूरा छोड़ दिया है। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं विद्यालय परिसर में जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। रसोईघर के पास गंदा पानी जमा रहता है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। विभागीय निर्देशों के बावजूद स्कूल में चारदीवारी नहीं है और रसोईघर भी असुरक्षित है, जिससे आवारा कुत्तों का खतरा बना रहता है। बच्चों को खेल का मैदान नहीं मिल पा रहा ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय के पास पर्याप्त जमीन है, लेकिन उस पर स्थानीय लोगों ने कब्जा कर लिया है। प्रशासन द्वारा एक बार अतिक्रमण हटाया गया था, पर दोबारा कब्जा हो गया। बची हुई जमीन का उपयोग भी लोग घरेलू कार्यों में कर रहे हैं, जिससे बच्चों को खेल का मैदान नहीं मिल पा रहा है। एक बेंच पर बैठते हैं 4-5 बच्चे सातवीं कक्षा के छात्र अवधेश कुमार ने बताया कि एक बेंच पर 4-5 बच्चे बैठते हैं और एक ही कमरे में दो कक्षाएं चलती हैं, जिससे पढ़ाई समझना मुश्किल होता है। छात्रा रितु कुमारी ने कहा कि बरसात में उनकी कॉपी-किताबें भीग जाती हैं, फिर भी वे कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई कर रहे हैं। कई बार विभाग को आवेदन दिया गया प्रधानाध्यापिका पूनम कुमारी ने जानकारी दी कि नए भवन निर्माण के लिए कई बार विभाग को आवेदन दिया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। वहीं, जिला शिक्षा पदाधिकारी दयाशंकर ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच कर मरम्मत और नए भवन के लिए विभाग को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
खगड़िया के परबत्ता प्रखंड स्थित ठाकुरवाड़ी बिशौनी में गुरुवार को सनातन हिन्दू सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में सनातन धर्मावलंबियों, माताओं, बहनों और युवाओं ने भाग लिया, जिससे आयोजन ऐतिहासिक बन गया। संस्कार और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर जोर कार्यक्रम का मंच संचालन मनोज कुमार मिश्रा ने किया। सम्मेलन के मुख्य वक्ता श्री शैलेन्द्र अंबष्ट ने अपने संबोधन में हिन्दू समाज को संगठित रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सनातन केवल आस्था नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली शाश्वत जीवन पद्धति है। अंबष्ट ने सामाजिक एकता, संस्कार और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर जोर दिया। शिव नंदन साहब, महेंद्र तिवारी, सुभाष विद्यार्थी, रोहित कुमार और पंडित मनोज कुंवर ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने हिन्दू समाज को एकजुट करने, आपसी भेदभाव समाप्त करने और सांस्कृतिक चेतना को सशक्त बनाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि हिन्दू समाज के संगठित होने से ही राष्ट्र सशक्त और समृद्ध बनेगा। सभा के दौरान उपस्थित जनसमूह ने हर हर महादेव और भारत माता की जय के नारों से वातावरण को देशभक्ति और सनातन चेतना से भर दिया। आध्यात्मिक संगीत रहा विशेष आकर्षण का केंद्र सम्मेलन में आध्यात्मिक संगीत विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। बाबू लाल, जय नारायण, आशीष कुमार और देवेंद्र जी ने अपनी मधुर भजन प्रस्तुतियों और तबले की थाप से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्तिमय माहौल में श्रोता भाव-विभोर होकर झूम उठे। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित जनसमूह ने एकता, समरसता और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया। यह सम्मेलन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक जागरण और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त संदेश बनकर उभरा। इस सफल आयोजन में सिंधु कुमार मिश्रा, मृत्युंजय कुमार, विजय कुमार, पप्पू कुमार, दिनेश कुमार, अभिनन्दन कुमार, नवीन मिश्रा, सुदर्शन झा, नटबर मिश्रा और रंजीत मिश्रा सहित समस्त ग्रामवासियों की सक्रिय और सराहनीय भूमिका रही।
दौसा में कॉलेज छात्रा की मौत:क्लास रूम में अचेत होकर गिरी, हार्ट अटैक से मौत की आशंका
दौसा के प्राइवेट कॉलेज में छात्रा की मौत का मामला सामने आया है। घटनाक्रम गुरुवार दोपहर इम्प्लस डिग्री कॉलेज का है, जहां क्लास रूम में छात्रा स्टूल से नीचे गिर गई। पता चलते ही कॉलेज स्टाफ ने अचेत अवस्था में उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां जांच के बाद डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया। प्रथम दृष्टया हार्ट अटैक से मौत होना माना जा रहा है। पुलिस ने मर्ग में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि जीरोता गांव निवासी विनीता बैरवा (19) बीए सैकेंड ईयर की छात्रा थी। वह अन्य स्टूडेंट्स के साथ क्लास रूम में स्टूल पर बैठी थी कि अचानक अचेत होकर गिर गई। जिसे अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर में मृत घोषित कर दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे को ईडी का सम्मन जारी हुआ तो कांग्रेस ने उन्हें वापस पार्टी में आने का ऑफर दे दिया। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने कैप्टन को कांग्रेस पार्टी में आने का न्यौता दे दिया। ईडी का सम्मन मिलने के बाद से राजनीतिक गलियारों में चर्चा चल रही थी कि कैप्टन ने कांग्रेस के साथ नजदीकियां बढ़ानी शुरू कर दी हैं इसलिए ईडी ने उन्हें और उनके बेटे को सम्मन जारी कर दिया ताकि वो कांग्रेस में वापसी करने से पहले सोच लें। उधर कैप्टन अमरिंदर सिंह की बेटी व भाजपा महिला मोर्चा पंजाब की अध्यक्ष जयइंद्र कौर ने लुधियाना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि ईडी का सम्मन पहले भी था और अब भी वही है। उसका जवाब दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह कहीं नहीं जा रहे हैं। वो भाजपा में हैं और भाजपा में ही रहेंगे। बाजवा व रंधावा भी दे चुके हैं कैप्टन को ऑफर कांग्रेस में कैप्टन अमरिंदर सिंह के चिर विरोधी रहे सुखजिंदर सिंह रंधावा व प्रताप सिंह बाजवा भी कुछ समय पहले उनकी तारीफ कर चुके हैं और उन्होंने भी पार्टी में आने का ऑफर दिया था। हालांकि उसके बाद बाजवा व रंधावा ने फिर से कैप्टन अमरिंदर सिंह को घेरना शुरू कर दिया था।
धौलपुर में पीड़ित प्रतिकर स्कीम को लेकर हुई बैठक:4 आवेदनों पर 8.95 लाख रुपए की अनुशंसा की
धौलपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा गुरुवार को पीड़ित प्रतिकर स्कीम-2011 के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला एवं सेशन न्यायाधीश संजीव मागो की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 4 आवेदनों पर कुल 8 लाख 95 हजार रुपए के प्रतिकर की अनुशंसा की गई। बैठक का आयोजन जिला एवं सेशन न्यायाधीश के अवकाशागार में किया गया। इसमें कमेटी सदस्यों ने विभिन्न प्रार्थना पत्रों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। बैठक के दौरान पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत कुल 14 प्रार्थना पत्रों पर विचार किया गया। समिति ने प्रत्येक प्रकरण का गंभीरतापूर्वक परीक्षण करते हुए तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर निर्णय लिया। यह सहायता राशि पात्र पीड़ितों को आर्थिक संबल प्रदान करने और न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अध्यक्ष संजीव मागो ने कहा कि स्कीम का उद्देश्य अपराध से प्रभावित व्यक्तियों को त्वरित और प्रभावी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रकरणों का निस्तारण संवेदनशीलता एवं समयबद्धता के साथ किया जाए। बैठक में प्रीति नायक (न्यायाधीश, एमएसीटी), रेखा यादव (सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण), श्रीनिधि बीटी (जिला कलेक्टर), विकास सांगवान (जिला पुलिस अधीक्षक), शैला फौजदार (न्यायाधीश, एसीजेएम), शैलेंद्र मथुरिया (राजकीय अधिवक्ता) और हरिओम शर्मा (अध्यक्ष, अभिभाषक संघ धौलपुर) सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। बैठक का समापन सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेखा यादव द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।
हरदोई में 133 केंद्रों पर बोर्ड परीक्षा:जिलाधिकारी ने दिए नकल विहीन परीक्षा कराने के निर्देश
हरदोई में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं को नकल विहीन और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है। इस संबंध में गुरुवार को विवेकानंद सभागार में जिलाधिकारी अनुनय झा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जनपद में ये परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक चलेंगी, जिसके लिए कुल 133 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिलाधिकारी ने सभी जोनल, सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेटों को पुलिस टीम के साथ लगातार भ्रमणशील रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विशेष रूप से अंग्रेजी, गणित और विज्ञान जैसे विषयों की परीक्षा के दिनों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा। बैठक में अनुशासन को लेकर कड़ा रुख अपनाया गया। जिलाधिकारी ने अनुपस्थित अधिकारियों को 'कारण बताओ नोटिस' जारी करने के निर्देश जिला विद्यालय निरीक्षक को दिए। जनपद के 22 संवेदनशील केंद्रों के व्यवस्थापकों को विशेष रूप से तटस्थ और सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है। इस वर्ष हरदोई जनपद में कुल 1,00,530 परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होंगे। इनमें हाईस्कूल के 53,033 (29,756 बालक और 23,277 बालिकाएं) तथा इंटरमीडिएट के 47,497 (27,558 बालक और 19,939 बालिकाएं) परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। परीक्षा केंद्रों का तहसीलवार विभाजन इस प्रकार है: सदर में 36, सण्डीला में 28, बिलग्राम में 25, शाहाबाद में 24 और सवायजपुर में 20 केंद्र। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) प्रियंका सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक और प्रभारी जिला सूचना अधिकारी दिव्या निगम सहित सभी केंद्र व्यवस्थापक उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने दोहराया कि शासन की मंशा के अनुरूप नकल विहीन परीक्षा संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बूंदी के केशोरायपाटन थाना पुलिस ने पिता की हत्या के आरोप में उसके पुत्र लेखराज को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक बूंदी राजेंद्र कुमार मीणा के निर्देश पर की गई। यह घटना 10 फरवरी 2026 की है। फरियादी परमेश्वर पुत्र रामरतन मीणा निवासी छोड़ेदा ने पुलिस को बताया कि उसका बड़ा भाई लेखराज अपने पिता रामरतन (60 वर्ष) के साथ छोड़ेदा में रहता था। 10 फरवरी को काम करने को लेकर लेखराज और पिता रामरतन के बीच कहासुनी हुई थी। कहासुनी के दौरान लेखराज ने अपने पिता रामरतन के साथ मारपीट की, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। इलाज के दौरान 11 फरवरी 2026 को रामरतन की मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए, जिला पुलिस अधीक्षक बूंदी ने आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। थानाधिकारी दिनेश शर्मा के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने वांछित आरोपी की तलाश में गोपनीय सूचनाएं जुटाईं और तकनीकी अनुसंधान का सहारा लिया। मुखबिर तंत्र और तकनीकी सहायता से 11 फरवरी 2026 को आरोपी लेखराज मीणा (35 वर्ष) पुत्र रामरतन मीणा निवासी छोड़ेदा, थाना के. पाटन, जिला बूंदी को गिरफ्तार कर लिया गया। अनुसंधान के बाद आरोपी को माननीय कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
सुल्तानपुर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों को जुलाई से मासिक मानदेय के भुगतान में लगातार देरी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में प्रांतीय संगठन ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रमुख सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को एक ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और 'नो पे-नो वर्क' आंदोलन की चेतावनी दी है। ज्ञापन में बताया गया है कि कर्मचारियों को एक माह का मानदेय दो या उससे अधिक महीनों के बाद मिल रहा है। SNA स्पर्श पोर्टल लागू होने के बाद 'कमी लिमिट शून्य', 'बिल फेल' या 'जनपद में बजट की अनुपलब्धता' जैसे कारण बताए जाते हैं। इस विलंब से अल्प वेतनभोगी संविदा कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने यह भी जानकारी दी है कि आर्थिक तंगी के कारण कुछ कर्मचारियों द्वारा आत्महत्या के प्रयास की घटनाएं भी सामने आई हैं। संगठन के अनुसार, यह स्थिति विभागीय व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाती है। प्रांतीय संगठन पिछले लगभग छह माह से उच्चाधिकारियों से कई बार वार्ता और पत्राचार कर चुका है, लेकिन मानदेय भुगतान व्यवस्था में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है। संगठन की मांग है कि NHM के सभी संविदा कर्मचारियों को प्रत्येक माह की 7 तारीख तक अनिवार्य रूप से मानदेय का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इसके अतिरिक्त, बिल फेल, लिमिट शून्य और बजट जैसी तकनीकी व प्रशासनिक समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए स्पष्ट और बाध्यकारी दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है। संगठन ने सभी लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने और भविष्य में विलंब की पुनरावृत्ति रोकने के लिए समयबद्ध भुगतान एसओपी (SOP) जारी करने का भी आग्रह किया है। संगठन मंत्री राज कुमार सोनकर ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में प्रत्येक माह की 7 तारीख तक मानदेय का भुगतान सुनिश्चित नहीं किया जाता है, तो जनपद के समस्त संविदा कर्मचारी 'नो पे-नो वर्क' की थीम पर कार्य बंद कर जिला मुख्यालय स्थित कार्यालय पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
अनियंत्रित बाइक फिसलने से 3 स्कूली छात्र घायल:सिवनी के गोरखपुर मार्ग पर हुआ हादसा, पुलिस जांच जारी
सिवनी जिले के छपारा थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में तीन स्कूली छात्र घायल हो गए। यह घटना भीमगढ़ से गोरखपुर सड़क मार्ग पर दोपहर के समय हुई, जब तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई। जानकारी के अनुसार, भीमगढ़ हायर सेकेंडरी स्कूल के छात्र किसी काम से बाहर गए थे और लौटते समय गोरखपुर के समीप दुर्घटना का शिकार हो गए। हादसे में बाइक सवार तीनों छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में शोएब अमान और एक अन्य छात्र की पहचान हुई है। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह क्षेत्र वाहनों की आवाजाही वाला है। यदि दुर्घटना के समय अन्य वाहन या राहगीर होते, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। घटना की सूचना मिलते ही छपारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने बाइक चालक को अस्पताल में भर्ती कराया है और हादसे के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में तेज गति को दुर्घटना का संभावित कारण माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि स्कूल के किसी शिक्षक ने छात्रों को किसी काम से भेजा था, जिसके बाद वे दुर्घटनाग्रस्त हुए। इस मामले की जानकारी मिलने पर आदिवासी जनजाति कार्य विभाग के सहायक आयुक्त लालजी मीणा ने जांच कराने की बात कही है। छपारा थाना प्रभारी खेमेंद्र जेतवार ने बताया कि बाइक हादसे की सूचना मिली थी और फिलहाल जांच जारी है। पुलिस प्रशासन ने वाहन चालकों से घाटी क्षेत्रों और मोड़ों पर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। तेज गति और लापरवाही न केवल चालक बल्कि अन्य लोगों के लिए भी खतरा बन सकती है।
लखनऊ कॉलेज में तीन दिवसीय टेकफेस्ट-5.0 शुरू:छात्रों को नवाचार और तकनीकी कौशल दिखाने का अवसर
लखनऊ नेशनल पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज के कंप्यूटर साइंस विभाग ने कॉलेज सभागार में तीन दिवसीय टेकफेस्ट-5.0 का आयोजन किया है। यह तकनीकी महोत्सव 12 से 14 फरवरी 2026 तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न प्रतिष्ठित कॉलेजों के तकनीकी छात्रों को एक मंच पर लाकर नवाचार, रचनात्मकता और सहयोग को बढ़ावा देना है। टेकफेस्ट-5.0 स्नातक स्तर के छात्रों को अपने अभिनव विचार प्रस्तुत करने और तकनीकी कौशल निखारने का अवसर प्रदान कर रहा है। इस कार्यक्रम का नेतृत्व कॉलेज के प्राचार्य प्रो. देवेंद्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। छात्रों ने प्रोजेक्ट्स की प्रदर्शनी लगाई महोत्सव के पहले दिन, 12 फरवरी को कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। 'एक्सपो रैनैसां' के तहत छात्रों ने अपने हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट्स की प्रदर्शनी लगाई। 'द लास्ट प्रोटोकॉल' में तकनीकी विषयों पर वाद-विवाद हुआ, जबकि 'ब्रांड ब्लिट्ज' में लोगो डिजाइनिंग और 'आईटी क्विज' में कंप्यूटर ज्ञान का परीक्षण किया गया।कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष डॉ. शालिनी लांबा के साथ सहायक प्राध्यापक अमित कुमार श्रीवास्तव, डॉ. श्वेता सिन्हा, रिंकू रहेजा, महेश तिवारी और डॉ. गौरवी शुक्ला ने इस आयोजन में विशेष योगदान दिया है। ग्राफिक डिजाइनिंग प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी दूसरे दिन, 13 फरवरी को 'कोड-ए-थॉन' में 8 घंटे की कोडिंग प्रतियोगिता होगी। इसके अतिरिक्त, 'फ्यूचर फोर्ज' में हस्तनिर्मित कला सृजन और 'पिक्सेल परफेक्ट' में ग्राफिक डिजाइनिंग प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। विजेताओं को आकर्षक नकद और तकनीकी पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे, जिनका मूल्यांकन विशेषज्ञ निर्णायकों द्वारा किया जाएगा। टेकफेस्ट-5.0 में एलपीसीपीएस, एकेटीयू, मॉडर्न गर्ल्स कॉलेज, लखनऊ विश्वविद्यालय, एमिटी विश्वविद्यालय और बीबीडी सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के छात्र भाग ले रहे हैं। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्र-नेतृत्व वाली पहलों के माध्यम से तकनीकी नेतृत्व और नवाचार को बढ़ावा देना है।
आमने-सामने से भिड़ीं कार, मासूम समेत तीन घायल:शिवपुरी में सड़क के नीचे गिरा वाहन; बिजली पोल से टकराया
शिवपुरी जिले के देहरदा-ईसागढ़ मार्ग पर गुरुवार को दो कारों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। इस हादसे में 6 साल के मासूम समेत तीन लोग घायल हो गए। टक्कर के बाद एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खेत में जा घुसी और बिजली के खंभे से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बिजली का खंभा टूट गया। गनीमत रही कि बिजली का तार कार पर नहीं गिरा, जिससे बड़ा हादसा टल गया। वहीं, दूसरी कार का चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, अनंतपुर गांव निवासी अभिषेक रघुवंशी (22), भूमिका रघुवंशी (16) और 6 वर्षीय हर्षुल रघुवंशी इंदार गांव में हाल ही में हुई शादी के बाद नवविवाहिता को लेने जा रहे थे। एज़वारा गांव के पास तिराहे पर गिन्दौरा गांव की ओर से तेज रफ्तार से आ रही एक स्कॉर्पियो ने उनकी कार में टक्कर मार दी। टक्कर के बाद उनकी कार अनियंत्रित होकर खेत में उतर गई और बिजली के खंभे से जा टकराई। हादसे में हर्षुल गंभीर रूप से घायल हुआ है, जबकि अभिषेक के सीने में चोट आई है और भूमिका को भी चोटें आई हैं। तीनों घायलों को उपचार के लिए बदरवास स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
होली पर यात्रियों के लिए विशेष ट्रेन:मऊ-अम्बाला कैंट साप्ताहिक ट्रेन, देवरिया-भटनी से गुजरेगी
देवरिया में होली पर्व के मद्देनज़र यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने मऊ जंक्शन से अम्बाला कैंट के बीच साप्ताहिक विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन वाया देवरिया सदर कुल चार फेरों के लिए संचालित की जाएगी, जिससे पूर्वांचल के यात्रियों को विशेष सुविधा मिलेगी। गाड़ी संख्या 05301 मऊ जंक्शन–अम्बाला कैंट साप्ताहिक होली विशेष ट्रेन 5 मार्च से 26 मार्च 2026 तक प्रत्येक गुरुवार को मऊ जंक्शन से सुबह 4:00 बजे प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन बेलथरा रोड, भटनी, देवरिया सदर, गोरखपुर, खलीलाबाद, बस्ती, मनकापुर, गोंडा, बुढ़वल, सीतापुर जंक्शन, बरेली, मुरादाबाद, गाजियाबाद, दिल्ली, सोनीपत और पानीपत जंक्शन होते हुए अगले दिन रात 12:30 बजे अम्बाला कैंट पहुंचेगी। वापसी में, गाड़ी संख्या 05302 अम्बाला कैंट–मऊ जंक्शन साप्ताहिक होली विशेष ट्रेन 6 मार्च से 27 मार्च 2026 तक प्रत्येक शुक्रवार को अम्बाला कैंट से रात 1:40 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन पानीपत, सोनीपत, दिल्ली, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, सीतापुर जंक्शन, बुढ़वल, गोंडा, मनकापुर, बस्ती, खलीलाबाद, गोरखपुर, देवरिया सदर, भटनी और बेलथरा रोड होते हुए रात 11:00 बजे मऊ जंक्शन पहुँचेगी। वाराणसी के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि इस विशेष ट्रेन के संचालन से होली के अवसर पर यात्रियों को काफी राहत मिलेगी। इससे लंबी दूरी की यात्रा अधिक सुगम और सुविधाजनक हो सकेगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण को लेकर दायर एक याचिका का निस्तारण कर दिया है। राज्य सरकार ने न्यायालय को बताया कि वह पंचायत चुनाव कराने के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग (ओबीसी कमीशन) का गठन कर रही है। अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता ईशा मित्तल ने राज्य सरकार की ओर से सुनवाई के दौरान न्यायालय को सूचित किया। उन्होंने बताया कि इस आयोग की रिपोर्ट और रैपिड सर्वे के आधार पर ही पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण लागू किया जाएगा। न्यायालय ने राज्य सरकार की अधिवक्ता के बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए याचिका को निस्तारित करने का आदेश दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति अवधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने मोती लाल यादव द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किया।
आगर मालवा के अचलेश्वर महादेव कमलकुंडी मंदिर परिसर में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के पांचवें दिन गुरुवार को श्रीराम और सीता माता के विवाह प्रसंग का आयोजन किया गया। कथावाचक शंकरस्वरूप व्यास ने इस अवसर पर कथा का वाचन किया। व्यास ने बताया कि भगवान राम ने सीता स्वयंवर में अपने बल का प्रदर्शन कर सीता से विवाह किया था। विवाह के उपरांत उन्होंने पिता के आदेश पर 14 वर्ष का वनवास काटा। इसके बाद रावण का वध किया और प्रजा के आरोप पर माता सीता का त्याग भी किया। कथावाचक ने जोर दिया कि भगवान राम ने अपने सांसारिक जीवन में हर व्यक्ति के लिए कर्तव्य और बलिदान को चरितार्थ किया है। उन्होंने अपने बाल्यकाल से लेकर युवावस्था तक के जीवन में मानव के कई प्रश्नों के उत्तर दिए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि संसार में किस तरह जीवन जीना है और मोक्ष तक कैसे पहुंचा जा सकता है। इस दौरान राम-जानकी विवाह प्रसंग पर उपस्थित श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर झूमते हुए दिखाई दिए। कथा के अंत में आरती की गई, जिसके बाद प्रसाद वितरण किया गया।
दुल्हन ने एक लाख रुपए लेकर भागने की कोशिश की:परिजनों ने पकड़ा, शादी से पहले दो परिवारों में हुआ विवाद
मऊ जिले के रोडवेज परिसर में एक दुल्हन ने शादी के नाम पर एक लाख रुपये लेकर भागने की कोशिश की। इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को सूचना दी गई। यह घटना बिजनौर से आए दो परिवारों के बीच तय हुई शादी से संबंधित है। दोनों परिवार एक स्थानीय प्लाजा में ठहरे हुए थे। दुल्हन और उसके परिवार से शादी की बातचीत अंतिम चरण में थी। सुबह शादी की रस्मों को आगे बढ़ाने से पहले, तय रकम के तौर पर दुल्हन को एक लाख रुपये दिए गए। आरोप है कि रुपए लेने के बाद दुल्हन बनी युवती ने साथ जाने से इनकार कर दिया और मौके से भागने की कोशिश करने लगी। परिजनों को मामला संदिग्ध लगा और उन्होंने तुरंत युवती को पकड़ लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रोडवेज परिसर में युवती ने हाथ छुड़ाकर भागने का प्रयास किया, तभी बिजनौर से आई महिलाओं ने उसे पकड़ लिया और कथित तौर पर थप्पड़ मारे। परिवार ने तुरंत युवती को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। यह पूरा मामला जनपद मऊ के थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत रोडवेज परिसर का है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है और संबंधित पक्षों से पूछताछ जारी है।
जशपुर जिले में गुरुवार को एक सड़क दुर्घटना में 20 से अधिक यात्री घायल हो गए। यहां एक यात्री बस और तेज रफ्तार अजाक्स मिक्सर मशीन के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह घटना बगीचा थाना क्षेत्र अंतर्गत रौनी घाट की है। जानकारी के अनुसार, यात्री बस बगीचा से कुसमी की ओर जा रही थी। रौनी घाट पहुंचते ही बस की सामने से आ रही अजाक्स मिक्सर मशीन से सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह डैमेज हो गया, जिससे यात्रियों को गंभीर चोटें आई। देखिए सड़क हादसे की तस्वीरें गंभीर रूप से घायल जिला अस्पताल रेफर हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए। घायलों को एम्बुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बगीचा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। गंभीर रूप से घायल कुछ यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। घायलों में बालमनी बाई (35 वर्ष), निरुता लकड़ा (32 वर्ष), पुनिता (23 वर्ष), जेठू, तृप्ति, आयुष गुप्ता, विक्टोरिया, शिवप्रसाद, सुखनी, दीनानाथ, उमेश प्रकाश यादव, जगन राम, सावित्री, संझियारी, सुनीता, सेवती, आशा एक्का, शुभम और लगन सहित अन्य लोग शामिल हैं। सभी घायलों का इलाज जारी है। मिक्सर का ड्राइवर वाहन छोड़कर फरार हादसे के बाद अजाक्स मिक्सर का ड्राइवर वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर बगीचा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस फरार चालक की तलाश कर रही है और दुर्घटना के कारणों की जांच पड़ताल जारी है। लोगों ने स्पीड कंट्रोल और चेतावनी बोर्ड की मांग की स्थानीय लोग कहते हैं कि रौनी घाट में हाल ही में नई सड़क बनी है, लेकिन सुरक्षा का ध्यान नहीं रखा गया। घाट में गाड़ियों की रफ्तार बहुत तेज होती है, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। लोग प्रशासन से सड़क पर स्पीड कंट्रोल, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा के लिए बाधा लगाने की मांग कर रहे हैं। हाल ही में रौनी घाट में हुए गंभीर हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल लोगों की नजरें घायलों के स्वास्थ्य और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
मोगा की थाना सदर पुलिस ने चोरी के मोटरसाइकिल के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गांव घल्लकलां निवासी सतिंदर सिंह उर्फ जुगनी के रूप में हुई है। उसके खिलाफ थाना सदर मोगा में मामला दर्ज किया गया है। बता दे कि थाना सदर के प्रभारी जसविंदर सिंह ने बताया कि सहायक थानेदार लखवीर सिंह अपनी पुलिस पार्टी के साथ इलाके में गश्त कर रहे थे। गांव घल्लकलां के पास उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि सतिंदर सिंह उर्फ जुगनी चोरी की कई वारदातों में शामिल रहा है और आज भी चोरी के मोटरसाइकिल पर गांव रतियां से मोगा की ओर आ रहा है। चोरी की बाइक समेत आरोपी गिरफ्तार इस सूचना के आधार पर पुलिस ने नाकाबंदी की और मोटरसाइकिल सवार युवक को रोका। जब उससे मोटरसाइकिल के दस्तावेज पेश करने को कहा गया, तो वह कोई भी वैध दस्तावेज दिखाने में असमर्थ रहा।इसके बाद पुलिस ने उसे चोरी के मोटरसाइकिल सहित हिरासत में ले लिया। वहीं अब आरोपी को पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश पेश किया जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
धौलपुर अभिभाषक संघ द्वारा आयोजित बार-बेंच स्पोर्ट्स वीक के तहत जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्ण मुकाबले देखने को मिले। क्रिकेट में धौलपुर बार ने राजाखेड़ा बार को 6 विकेट से हराया, जबकि कैरम में रोहित कुमार विजेता रहे। क्रिकेट प्रतियोगिता में धौलपुर बार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राजाखेड़ा बार को 6 विकेट से पराजित कर जीत दर्ज की। मुकाबले के दौरान खिलाड़ियों ने खेल भावना और अनुशासन का परिचय दिया। एक अन्य रोमांचक क्रिकेट मुकाबले में न्यायिक कर्मचारी एकादश ने अधिवक्ता एकादश को सुपर ओवर में हराया। कैरम प्रतियोगिता में रोहित कुमार विजेता और अंकित सक्सेना उपविजेता रहे। महिला वर्ग की जैवलिन थ्रो में कुमारी शिवानी शर्मा विजेता व कुमारी वीनू उपविजेता रहीं। डिस्क थ्रो में कीर्ति राजावत विजेता तथा प्रज्ञा शर्मा उपविजेता रहीं, जबकि गोला फेंक में प्रज्ञा शर्मा विजेता और कीर्ति राजावत उपविजेता रहीं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजाखेड़ा बार अध्यक्ष रामचरित्र शर्मा ने कहा कि जिले में पहली बार वकीलों के लिए इस प्रकार का खेल आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजनों से वकीलों को मानसिक तनाव से राहत मिलती है और उनके व्यक्तित्व के समग्र विकास में सहायता मिलती है। उन्होंने धौलपुर अभिभाषक संघ को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। वरिष्ठ वकील शरीफ खान ने कहा कि बार और बेंच के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में प्रतियोगिताएं आयोजित होना एक सकारात्मक पहल है। उन्होंने जोर दिया कि खेल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। वरिष्ठ वकील अतुल कुमार भार्गव ने इसे अनुकरणीय पहल बताते हुए प्रतिवर्ष ऐसे आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया। वरिष्ठ वकील देवेंद्र सिंह राना ने कहा कि खेलकूद से आपसी समन्वय और सहयोग की भावना मजबूत होती है। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में मोहम्मद जाकिर हुसैन, रवि भवन त्रिवेदी, विमल शर्मा, सौरभ गुर्जर, गौरव वर्मा, पूजा नरसल और शांति शामिल रहे। इस अवसर पर अभिभाषक संघ के महासचिव अरविंद सिंह गुर्जर सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।
किशनगंज में 105 लीटर अवैध शराब जब्त:होली से पहले बंगाल से मधेपुरा ले जाई जा रही थी खेप, 3 अरेस्ट
किशनगंज के गलगलिया थाना पुलिस ने होली से ठीक पहले अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने एक टेम्पो ट्रैक्टर से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की और तीन तस्करों को गिरफ्तार किया। थानाध्यक्ष राकेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने टेम्पो ट्रैक्टर को रोककर जांच की। इसमें कुल 105 लीटर अवैध शराब जब्त की गई। यह शराब बंगाल से मधेपुरा जिले की ओर ले जाई जा रही थी, जहां होली के अवसर पर इसे बेचने की तैयारी थी। तस्करों ने टेम्पो की छत पर एक विशेष तहखाना बनाकर शराब की बोतलों को छिपाया था। पुलिस की सतर्कता के कारण यह चालाकी भरी कोशिश नाकाम हो गई। कार्रवाई में टेम्पो को भी जब्त कर लिया गया है। इस मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। इनकी पहचान मधेपुरा जिले के निवासी प्रिंस कुमार, संजय कुमार और अभिनव आनंद के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में पता चला कि ये तस्कर बंगाल से सस्ती शराब खरीदकर बिहार के विभिन्न जिलों में सप्लाई करते थे। पुलिस ने चेकिंग और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई होली के मौके पर शराब की मांग बढ़ने के कारण उन्होंने यह बड़ी खेप लाने की योजना बनाई थी। गलगलिया थाना क्षेत्र बिहार-बंगाल सीमा पर स्थित होने के कारण अवैध शराब तस्करी का एक प्रमुख मार्ग माना जाता है। पुलिस इस क्षेत्र में लगातार सघन चेकिंग और गुप्त सूचनाओं पर कार्रवाई कर रही है। थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि बरामद शराब और वाहन को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत सील कर दिया गया है। अभियुक्तों के खिलाफ मद्य निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जांच में तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।
नोएडा की सोसाइटी में क्रेडल का तार टूटा:तीन तार के सहारे फंसा मजदूर, फ्लैट से रस्सी बांधकर बचाया
नोएडा के सेक्टर-78 स्थित सिक्का कार्मिक ग्रींस सोसायटी के एस्पायर टावर की मरम्मत कर रहा एक मजदूर बाल-बाल बच गया। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो एक मिनट से अधिक का है। जिसमें तीन तारों पर क्रैडल लटका दिख रहा है। उस पर एक मजदूर भी है। जिसे पास वाले फ्लैट से एक अन्य व्यक्ति रस्सी के जरिए बचाने का प्रयास कर रहा है। क्रैडल तीन तारों पर लटका रहा। गनीमत रही कि तार टूटने के दौरान क्रैडल से मजदूर नीचे नहीं गिरा। पास के फ्लैट की बालकनी की ग्रिल से रस्सी बांधकर उसे ऊपर की ओर खींचा गया। बता दें सिक्का कार्मिक ग्रींस सोसायटी में रखरखाव के लिए मरम्मत कार्य चल रहा है। एस्पायर टावर पर मरम्मत के लिए प्लास्टर का काम हो रहा है। इसके लिए क्रैडल लगाया गया था। इसी दौरान क्रैडल का एक ओर से तार टूट गया। तीन तारों पर क्रैडल लटका रहा। घबराया मजदूर ने खुद को बचाने की गुहार लगाई। इसके बाद पड़ोस के एक फ्लैट की बालकनी में ग्रिल से दूसरी रस्सी बांधकर उसको ऊपर खींचा गया। फिलहाल मजदूर पूरी तरह से सुरक्षित है।
मैनपुरी जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने जिला स्तरीय डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट कमेटी एवं सहकारी समितियों के कम्प्यूटरीकरण से संबंधित जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने एम-पैक्स के गठन और बी-पैक्स के ई-पैक्स में रूपांतरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, सचिव एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी को निर्देशित किया कि प्रथम और द्वितीय चरण में शामिल सभी बी-पैक्स समितियों को 15 मार्च तक हर हाल में ई-पैक्स घोषित किया जाए। उन्होंने कम्प्यूटरीकरण की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए शेष डाटा शीघ्र फीड कर डीएलआईएमसी की अगली बैठक में प्रस्तुत करने को कहा। सहायक निबंधक सहकारिता ने बताया कि जनपद की प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो-दो बी-पैक्स गठन का लक्ष्य निर्धारित है। वर्तमान में 58 बी-पैक्स समितियां संचालित हैं। बी-पैक्स उन्नयन योजना के तहत 44 नई समितियों के गठन का लक्ष्य था, जिसके सापेक्ष 42 नई समितियां गठित की जा चुकी हैं। समीक्षा में बताया गया कि गठित समितियों में से 24 प्रथम चरण, 11 द्वितीय चरण और 22 तृतीय चरण में ई-पैक्स घोषित की जानी हैं। इनमें से 8 समितियों की सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हैं और अनुमोदन के बाद उन्हें ई-पैक्स घोषित किया जाएगा। कम्प्यूटरीकरण के प्रथम एवं द्वितीय चरण में कुल 35 समितियां चयनित हैं, जिनमें 8 समितियों का ऑडिट एवं पार्किंग अकाउंट की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। बैठक में अन्न भंडारण योजना की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि जिला सहकारी विकास संघ के बंद पड़े शीतगृह की खाली भूमि पर 2500 मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम यू.पी.आर.एन.एस.एस. द्वारा निर्मित किया जाना प्रस्तावित है। जिलाधिकारी ने जर्जर भवन और पुरानी मशीनरी का नियमानुसार निस्तारण कराने तथा शेष भूमि पर भी 2500 मीट्रिक टन क्षमता का एक और गोदाम निर्माण की कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इस दौरान बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सोमदत्त, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता जितेन्द्र पाल, सहायक निदेशक मत्स्य धर्मराज चौहान, मुख्य कार्यपालक अधिकारी जिला सहकारी बैंक एम.ए. सिद्दीकी, नाबार्ड से मीतेश कुमार सहित विभिन्न समितियों के सचिव एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जालंधर के रेनबो रोड,जीटीबी नगर और मॉडल टाउन इलाकों में दर्जनों विरासत वृक्षों की कथित अवैध कटाई को लेकर पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। सजावटी लाइटों और व्यावसायिक निर्माण के नाम पर काटे गए इन प्राचीन पेड़ों के मामले में नगर निगम ने संज्ञान लेते हुए दोषियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे पारिस्थितिक तंत्र की अपूरणीय क्षति बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। जालंधर के रेनबो रोड और जीटीबी नगर में निर्माणाधीन एक व्यावसायिक भवन और स्थानीय गुरुद्वारा प्रबंधन पर आरोप है कि उन्होंने सजावटी प्रकाश व्यवस्था करने के लिए करीब 20 से अधिक प्राचीन वृक्षों को काट दिया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, ये पेड़ अब केवल छोटे ठूंठ बनकर रह गए हैं। मॉडल टाउन में सागौन पेड़ पर चली कुल्हाड़ी पेड़ काटने की एक अन्य घटना मॉडल टाउन के पुराने वृक्षारोपण क्षेत्र में सामने आई। यहां जमीन के मालिकों के निर्देश पर सागौन के दो पेड़ों को पूरी तरह काट दिया गया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि अब केवल तने ही शेष बचे हैं, जिससे पेड़ों की पूरी तरह नष्ट हो गई है। कानूनी नियमों का उल्लंघन और कार्यकर्ताओं की मांग पर्यावरण कार्यकर्ता लक्ष्य बहल और तेजस्वी मिन्हास के नेतृत्व में हुए इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में कत्लेआम बंद करो की तख्तियां लहराई गईं। कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि यह कार्रवाई धारा 303 और 324,पंजाब वृक्ष संरक्षण नीति 2024 और पंजाब वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 2025 के खिलाफ है। नगर निगम की कार्रवाई और प्रदर्शनकारी मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजस्वी मिन्हास ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद प्रशासन ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जालंधर नगर निगम ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी। इस विरोध प्रदर्शन में डॉ. नवनीत भुल्लर, डॉ. अर्चना बेरी, मीनल वर्मा, जगदीश चंदर, वाबेक सरोया, शाहरुख और लक्ष्य बहल सहित शहर के कई प्रमुख नागरिक शामिल हुए। सभी ने एक सुर में शहर की हरियाली को बचाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की अपील की है।
सीतापुर में गुरुवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत चयनित स्थल पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम विकास खण्ड रेउसा के सामने स्थित खेल मैदान में सम्पन्न हुआ, जहां एक ही पंडाल के नीचे हिंदू और मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह की रस्में अदा की गईं। विशेष रूप से तीन युवतियों का निकाह काजी द्वारा पढ़ाया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर विकास खण्ड रेउसा से 26, रामपुरमथुरा से 7 तथा महमूदाबाद से 1 सहित कुल 34 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। सभी जोड़ों को शासन द्वारा निर्धारित सहायता एवं उपहार सामग्री प्रदान की गई। कार्यक्रम स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और प्रशासन की ओर से समुचित व्यवस्थाएं की गई थीं। कार्यक्रम में सेवता विधायक ज्ञान तिवारी, खण्ड विकास अधिकारी रेउसा, जिला समाज कल्याण अधिकारी सीतापुर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की। जिला समाज कल्याण विभाग की देखरेख में सम्पन्न हुए इस आयोजन को शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक कराना है। कार्यक्रम के सफल आयोजन से लाभार्थी परिवारों में खुशी का माहौल देखा गया और शासन की इस जनकल्याणकारी योजना की सराहना की गई।
विदिशा कोतवाली पुलिस ने खरीफाटक रोड स्थित अरिहंत ज्वैलर्स में हुई बड़ी चोरी (डकैती) के मामले में एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी जीतू पारदी (21) को गुना के जंगलों में घेराबंदी करके पकड़ा। उसके पास से लगभग सवा पांच किलो चांदी बरामद की गई है, जिसकी कीमत करीब 15 लाख रुपए बताई जा रही है। यह वारदात 3 जनवरी को हुई थी। पुलिस को इनपुट मिला था कि आरोपी गुना जिले के थाना बजरंगगढ़ क्षेत्र के ग्राम गड़ला गिर्द के जंगल में है। एसपी रोहित काशवानी द्वारा गठित 8 विशेष टीमों ने सुनियोजित घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। आरोपी के कब्जे से चांदी की पायल, कड़े, लच्छे, थाली-ट्रे, गिलास, कटोरी, चम्मच और घटना में इस्तेमाल औजार भी जब्त किए गए हैं। जीतू पारदी मूल रूप से ग्राम गड़ला गिर्द का रहने वाला है और हाल मुकाम हड्डी मिल, जिला गुना है। 3 जनवरी को तोड़े थे ताले 3 जनवरी को अज्ञात बदमाशों ने अरिहंत ज्वैलर्स के ताले तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस मामले में अब तक कुल 3 आरोपी और 2 विधि विरुद्ध बालक पकड़े जा चुके हैं। इनसे पहले भी लगभग 13 लाख रुपए का चोरी का सामान बरामद किया गया था। अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से पुलिस ने मामले की गुत्थी लगभग सुलझा ली है। शेष फरार आरोपियों की तलाश जारी है। आरोपी पर पहले से 7 अपराध दर्ज पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी जीतू पारदी शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ हत्या, बलात्कार, चोरी, बलवा और मारपीट सहित 7 आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब उससे अन्य वारदातों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है। एसपी बोले- सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने कहा कि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
मऊगंज में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका एकता यूनियन मध्यप्रदेश ने अपनी लंबित मांगों को लेकर गुरुवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की। यूनियन की जिला अध्यक्ष साधना त्रिपाठी के नेतृत्व में दोपहर 3 बजे केंद्र और राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में डिजिटल ऐप, फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) और मानदेय कटौती को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज की गई। कार्यकर्ताएं बोलीं-दो ऐप से बढ़ा काम का बोझ यूनियन का कहना है कि पोषण ट्रैकर और संपर्क ऐप दोनों में एक ही जानकारी दर्ज करनी पड़ती है। इससे काम का बोझ बढ़ रहा है। खराब नेटवर्क और तकनीकी दिक्कतों के कारण समय पर जानकारी अपलोड नहीं हो पाती, फिर भी मानदेय में कटौती कर दी जाती है। कर्मियों ने इसे अन्याय बताते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग की है। FRS प्रणाली को बताया अव्यावहारिक ज्ञापन में टेक होम राशन (टीएचआर) वितरण में लागू फेस रिकग्निशन सिस्टम को अव्यावहारिक बताया गया है। यूनियन का कहना है कि सिस्टम फेल होने पर हितग्राहियों का नाम सूची से हटाना गलत है। इससे गरीब बच्चों और महिलाओं के पोषण पर असर पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है कि एफआरएस प्रणाली को तुरंत रोका जाए। पानी, बिजली सहित कई समस्याओं पर कार्रवाई की मांग यूनियन ने आंगनबाड़ी केंद्रों में पानी, बिजली और भोजन की व्यवस्था, ग्रीष्मकालीन अवकाश, टीए-डीए भुगतान और पदोन्नति जैसे मुद्दे भी उठाए हैं। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इटावा शहर में गुरुवार को ट्रैफिक पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना परमिट चल रही रोडवेज बस को सीज कर दिया और 17,500 रुपये का चालान काटा। बस चालक चौधरी पेट्रोल पंप के पास सवारियां उतार और चढ़ा रहा था, जिससे सड़क पर जाम लग गया। मौके पर पहुंची पुलिस से चालक उलझ गया और जरूरी दस्तावेज भी नहीं दिखा सका, जिसके बाद बस को सीज कर दिया गया। जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम शहर कोतवाली क्षेत्र के चौधरी पेट्रोल पंप के पास जाम लगने की सूचना ट्रैफिक पुलिस को मिली थी। सूचना मिलते ही यातायात प्रभारी सूबेदार सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां UP 84 T 8729 नंबर की परिवहन निगम की बस सड़क किनारे सवारियां उतार और चढ़ा रही थी। बस इटावा, फर्रुखाबाद, बेवर और किशनी रूट पर संचालित होती है। बस के रुकने से पीछे वाहनों की लंबी कतार लग गई थी और यातायात बाधित हो गया था। चालक से कहासुनी, दस्तावेज नहीं दिखा पाया पुलिस के अनुसार जब बस चालक को सड़क पर वाहन खड़ा न करने और यातायात बाधित न करने की हिदायत दी गई तो वह ट्रैफिक पुलिस से बहस करने लगा। इसके बाद चालक अवनीश कुमार निवासी कुसमरा से बस के दस्तावेज मांगे गए। जांच के दौरान वह न तो अपना ड्राइविंग लाइसेंस दिखा सका और न ही बस का वैध परमिट प्रस्तुत कर पाया। कार्रवाई के बाद बस सीज दस्तावेजों की कमी और यातायात नियमों के उल्लंघन को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने बस को मौके पर ही सीज कर दिया। साथ ही 17,500 रुपये का चालान काटते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई। यातायात प्रभारी सूबेदार सिंह ने कहा कि शहर में जाम की समस्या को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
हरदा के हंडिया में गुरुवार दोपहर करीब बारह बजे ग्राम देवास के पास एक बड़ी नहर में तीन दिन से लापता बुजुर्ग का शव मिला। इसकी सूचना मिलते पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को नहर से बाहर निकाला और शिनाख्त के लिए आसपास के थानों में फोटो भेजी, जिसके बाद परिजनों को लापता बुजुर्ग की मौत की जानकारी मिली। मृतक की पहचान मुलताई तहसील में बराई गांव के रहने वाले नारायण सिंह रघुवंशी (69 साल) के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि मृतक के दो बेटे और एक बेटी है, दोनों बेटे भारतीय सेना में हैं। एएसआई विनोद रघुवंशी ने बताया कि मृतक के परिजनों ने 9 फरवरी को मुलताई थाने में उनकी गुमशुदगी की दर्ज कराई थी। गांव से पथरौटा कैसे पहुंचे, जांच में जुटी पुलिसपुलिस के अनुसार, अब तक ये स्पष्ट नहीं है कि बुजुर्ग अपने गांव से इटारसी के पास पथरौटा कैसे पहुंचा और नहर में कैसे डूबा। मामले में हंडिया पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।
जिलेभर के आउटसोर्स, संविदा, दैनिक वेतनभोगी और अस्थायी कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। आल डिपार्टमेंट आउटसोर्स अस्थायी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर हुए इस प्रदर्शन में कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे और उन्होंने नियमित करो–न्याय दो जैसे नारे लगाए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस प्रदर्शन में नगरीय निकाय, पंचायत, सहकारिता, शिक्षा और वन विभाग सहित विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारी शामिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद उन्हें नियमित नहीं किया गया है और न्यूनतम वेतन से भी वंचित रखा जा रहा है। संयुक्त मोर्चा के जिला अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने बताया कि प्रदेशभर में आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रमिकों के हित में बने नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण कई कर्मचारी 2 से 5 हजार रुपए के कम मानदेय पर काम करने को मजबूर हैं। इससे उनके परिवारों का गुजारा मुश्किल हो रहा है। शर्मा ने यह भी कहा कि सरकार की निजीकरण और ठेका प्रथा की नीतियों से स्थायी नौकरियां खत्म हो रही हैं। उन्होंने पंचायत चौकीदार, पंप ऑपरेटर, सफाईकर्मी, भृत्य, अंशकालीन कर्मचारी, आंगनवाड़ी, आशा, मिड-डे मील वर्कर्स और मनरेगा श्रमिकों की बिगड़ती स्थिति पर चिंता व्यक्त की। ज्ञापन में कर्मचारियों ने कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें सभी आउटसोर्स, संविदा और अस्थायी कर्मचारियों का नियमितीकरण, न्यूनतम वेतन 30,000 रुपए प्रतिमाह लागू करना और कलेक्टर दर के आधार पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ठेका प्रथा और निजीकरण पर रोक लगाने, न्यूनतम पेंशन 10,000 रुपए प्रतिमाह करने और मनरेगा में 200 दिन का रोजगार व 600 रुपए प्रतिदिन मजदूरी देने की भी मांग की है।
चौराहे पर बैग में लेकर घूम रहे थे 24 लाख:हवाला कारोबारी से जुड़े होने का अंदेशा, 2 युवक गिरफ्तार
भीलवाड़ा की कोतवाली थाना पुलिस ने हवाला राशि के साथ 2 युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि शहर के गोल प्याऊ चौराहा क्षेत्र में 2 युवक एक बैग लेकर घूम रहे हैं। इसमें बड़ी मात्रा में कैश हो सकता है। इस सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची ओर दोनों युवकों को रोककर तलाशी ली, इसमें बड़ी मात्रा में कैश पाया गया। फिलहाल पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया है। 500-200 के नोटों की गड्डियां मामला शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र का है। प्रोबेशनर आईपीएस आयुष क्षोत्रिय ने कोतवाली थाना पुलिस को सूचना दी। थाना क्षेत्र के गोल प्याऊ चौराहे पर दो युवक एक बैग लेकर घूम रहे हैं, इस बैग में बड़ी मात्रा में कैश हो सकता है। इस सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों युवकों को पकड़ा और तलाशी ली तो बैग में 500 और 200 के नोटों की गड्डियां मिली। हवाला कारोबारी से जुड़े होने की आशंका इन दोनों के पास कैश से संबंधित कोई डॉक्यूमेंट नहीं मिले। पुलिस ने थाने लाकर बैग रखा कैश काउंट किया तो यह 24 लाख 10 हजार निकला। इस पर कोतवाली थाना पुलिस ने कैश जब्त कर दोनों को गिरफ्तार किया। दोनों युवक बड़े हवाला कारोबारी के यहां जुड़े हुए हैं। इनसे डिटेल पूछताछ में हवाले के बड़े कारोबार का खुलासा होने की संभावना है। इनको किया गिरफ्तार
किशनगंज में गुरुवार को विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। इस हड़ताल के कारण जिले में बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं, जिससे लगभग 200 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ। बैंक यूनियनों ने नए लेबर कोड की वापसी, बैंकों को मजबूती प्रदान करने और पांच दिवसीय कार्य सप्ताह (फाइव डे वर्किंग वीक) सहित अन्य मांगों को लेकर यह आह्वान किया था। एसबीआई के कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं हुए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल नहीं हुए, जिसके कारण एसबीआई की शाखाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं। हालांकि, शहर में एसबीआई को छोड़कर 20 से अधिक अन्य राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाएं हैं। इन सभी शाखाओं में कामकाज पूरी तरह बंद रहा, जिससे ग्राहकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। नकद जमा-निकासी, चेक क्लियरेंस और आरटीजीएस/एनईएफटी जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हुईं। हड़ताली बैंक कर्मचारियों ने शहर के भगत टोली रोड पर स्थित एक बैंक शाखा के सामने धरना प्रदर्शन किया और सरकार विरोधी नारे लगाए। इसके बाद वे गांधी चौक पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का तर्क था कि छह दिवसीय कार्य सप्ताह और लगातार बढ़ते कार्यभार से उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने नए लेबर कोड को श्रमिक विरोधी बताते हुए कहा कि यह यूनियनों की आवाज दबाने और नौकरी की सुरक्षा कम करने का प्रयास है। नकदी निकालने और आवश्यक बैंकिंग कार्यों में ग्राहक हुए परेशान जिले में दैनिक बैंकिंग कारोबार का बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ। अनुमान के मुताबिक, इस एक दिवसीय हड़ताल से 200 करोड़ रुपये से अधिक का व्यवसाय प्रभावित हुआ। नकदी निकालने या अन्य आवश्यक बैंकिंग कार्यों के लिए ग्राहक परेशान दिखे। कई लोगों ने डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया, लेकिन शाखा स्तर पर सेवाएं बंद होने से व्यापारियों और आम जनता को विशेष रूप से कठिनाई हुई। यह हड़ताल देशव्यापी स्तर पर विभिन्न बैंक यूनियनों, जैसे AIBEA, AIBOA और BEFI, के आह्वान पर की गई थी। इन यूनियनों ने केंद्र सरकार की श्रम नीतियों का विरोध किया है। किशनगंज में भी एसबीआई को छोड़कर इस हड़ताल का व्यापक असर देखा गया। बैंक कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे भविष्य में आंदोलन को और तेज करेंगे।
करौली में एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) के तहत इंटीग्रेटेड हेल्थ इन्फॉर्मेशन प्लेटफॉर्म (IHIP) का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें एएनएम, चिकित्सा अधिकारी, लैब टेक्नीशियन और डाटा एंट्री ऑपरेटरों को पोर्टल से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। CMHO डॉ. जयंतीलाल मीणा ने बताया कि आईएचआईपी पोर्टल पर प्रतिदिन रियल टाइम रिपोर्टिंग की जाती है। यह भारत सरकार के ई-गवर्नेंस मानकों के अनुरूप एक इलेक्ट्रॉनिक सूचना प्रणाली है। यह प्रणाली रोगों के प्रकोप की निगरानी और संबंधित संसाधनों के प्रबंधन के लिए भौगोलिक सूचनाएं भी उपलब्ध कराती है। डिप्टी सीएमएचओ (हेल्थ) डॉ. ओमप्रकाश महावर ने आईडीएसपी के अंतर्गत स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को उनके कर्तव्यों से अवगत कराया। उन्होंने कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उपाय समझाते हुए एक्टिव सर्विलांस और पेसिव सर्विलांस के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. महावर ने काउंसलिंग और परामर्श सेवाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। प्रशिक्षक जेएसए अंकुर सिंघल ने कार्यक्रम के तहत अपनाई जाने वाली गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने जागरूकता और बचाव संबंधी गतिविधियों को ईमानदारी से लागू करने को सभी की जिम्मेदारी बताया। सिंघल ने टेमीफोस सॉल्यूशन के उपयोग, एमएलओ (मलेरिया लिंक वर्कर) की भूमिका और समय-समय पर एंटी-लार्वल, एंटी-एडल्ट तथा सोर्स रिडक्शन गतिविधियों के नियमित आयोजन पर भी जोर दिया।इस दौरान डीईओ राजेश जैन ने प्रतिभागियों को लैब जांचों की ऑनलाइन एंट्री प्रक्रिया समझाई। उन्होंने मौसमी बीमारियों से संबंधित मरीजों के रिकॉर्ड संधारण और ओपीडी में आने वाले मरीजों की ऑनलाइन रिपोर्टिंग की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की।
अशोकनगर में गुरुवार को संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा के बैनर तले मजदूरों और किसानों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने चार श्रम संहिताओं का विरोध करते हुए न्यूनतम मासिक वेतन 26 हजार रुपये और पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यह आंदोलन देशव्यापी हड़ताल कार्यक्रम का हिस्सा है। उन्होंने स्मरण कराया कि 9 जुलाई 2025 को 25 करोड़ श्रमिकों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल और 26 नवंबर 2025 को भी सरकार को ज्ञापन दिए गए थे, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है। मोर्चा के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि सरकार ने भारतीय श्रम सम्मेलन बुलाए बिना और ट्रेड यूनियनों से चर्चा किए बिना चार श्रम संहिताएं अधिसूचित कर दी हैं। उनका कहना है कि इन संहिताओं के लागू होने से लगभग 70 प्रतिशत फैक्ट्रियां श्रम कानूनों के दायरे से बाहर हो जाएंगी, जिससे श्रमिक सामाजिक सुरक्षा से वंचित हो जाएंगे। ज्ञापन में प्रमुख रूप से 26 हजार रुपये मासिक राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन और 10 हजार रुपये मासिक पेंशन लागू करने की मांग उठाई गई। इसके अतिरिक्त, ठेकाकरण व आउटसोर्सिंग पर रोक लगाने, फिक्स टर्म एम्प्लॉयमेंट समाप्त करने, श्रम शक्ति नीति-2025 का प्रारूप वापस लेने तथा सभी श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की मांग भी शामिल थी। मोर्चा ने बीज बिल, बिजली सुधार बिल, 100 प्रतिशत एफडीआई, सार्वजनिक उपक्रमों के निजीकरण और नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन का भी विरोध किया। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को पुनः लागू करने और ग्रामीण रोजगार गारंटी से जुड़े नए प्रावधानों को निरस्त करने की मांग भी रखी गई। प्रदर्शनकारियों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि श्रमिकों और किसानों से संवाद स्थापित नहीं किया गया और उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
मैनपुरी जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने जिला स्तरीय डिस्ट्रिक को-ऑपरेटिव डेवलपमेन्ट कमेटी और सहकारी समितियों के कम्प्यूटराइजेशन से संबंधित जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, सचिव और मुख्य कार्यपालक अधिकारी को तत्काल एम-पैक्स के गठन के लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने 15 मार्च तक प्रथम और द्वितीय चरण में आने वाले सभी बी-पैक्स को हर हाल में ई-पैक्स घोषित करने का भी फरमान सुनाया और सहकारी समितियों की सुस्ती पर नाराजगी व्यक्त की। बैठक में सहायक निबंधक सहकारिता ने बताया कि जनपद की प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो-दो बी-पैक्स के गठन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जनपद में पहले से 58 बी-पैक्स समितियां संचालित हैं। इस वर्ष बी-पैक्स उन्नयन योजना के तहत शासन स्तर से 44 नई समितियां गठित करने का लक्ष्य तय किया गया था, जिसके सापेक्ष अब तक 42 नवीन बी-पैक्स का गठन किया जा चुका है। 8 समितियों को ई-पैक्स घोषित समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि जनपद में गठित समितियों में से 24 समितियां प्रथम चरण में, 11 समितियां द्वितीय चरण में और 22 समितियां तृतीय चरण में ई-पैक्स घोषित होनी हैं। इनमें से 08 समितियों को ई-पैक्स घोषित करने की सभी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं। समिति के अनुमोदन के बाद इन 08 समितियों को ई-पैक्स घोषित कर दिया जाएगा। सचिव, मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि कम्प्यूटराइजेशन के प्रथम और द्वितीय चरण में कुल 35 समितियां चयनित की गई हैं, जिनमें से 08 समितियों का ऑडिट और पार्किंग अकाउंट की कार्यवाही पूरी कर ई-पैक्स घोषित करने की प्रक्रिया की गई है। खाली भूमि पर 2500 मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता ने अन्न भण्डारण योजना के तहत जानकारी दी कि जिला सहकारी विकास संघ के लंबे समय से बंद पड़े शीतगृह की खाली भूमि पर 2500 मीट्रिक टन क्षमता का एक गोदाम यू.पी.आर.एन.एस.एस. द्वारा निर्मित किया जाना प्रस्तावित है। इस पर जिलाधिकारी ने ए.आर. को-ऑपरेटिव को निर्देश दिया कि शीतगृह के जर्जर भवन और पुरानी मशीनरी का नियमानुसार निस्तारण कराएं। साथ ही, शेष भूमि पर भी 2500 मीट्रिक टन क्षमता का एक और गोदाम बनाने संबंधी आवश्यक कार्यवाही करें।
बांसवाड़ा में अवैध हथियारों के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत राजतालाब थाना पुलिस और डीएसटी टीम ने संयुक्त कार्रवाई की। एक युवक के पास से अवैध देसी पिस्टल बरामद की गई। पुलिस को पहले आरोपी की फोटो मिली थी, जिसके बाद पहचान कर उसे पकड़ा गया और हथियार जब्त किया गया। फोटो मिलने के बाद शुरू हुई कार्रवाईपुलिस के अनुसार 11 फरवरी को डीएसटी प्रभारी विवेकभान सिंह को एक फोटो मिली, जिसमें एक युवक अवैध पिस्टल के साथ दिखाई दे रहा था। मुखबिर की सूचना और तकनीकी सहायता से युवक की पहचान सन्नी थमीर 29 साल निवासी खान्दू कॉलोनी के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने उसे डिटेन किया। पूछताछ में सन्नी ने फोटो में खुद के होने और पिस्टल अपने पास होने की बात स्वीकार की। खंडहर कमरों के पीछे से मिली पिस्टलआरोपी की निशानदेही पर पुलिस टीम दाहोद रोड स्थित कृषि उपज मंडी समिति के पीछे सुनसान जगह पहुंची। वहां खंडहर कमरों के पीछे पत्थरों के नीचे प्लास्टिक की थैली में छिपाकर रखी गई अवैध देसी पिस्टल बरामद की गई। आर्म्स एक्ट में मामला दर्जपिस्टल के संबंध में आरोपी कोई लाइसेंस या वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इस पर पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी यह पिस्टल कहां से लेकर आया था। इनकी रही भूमिकाएसपी सुधीर जोशी के निर्देशन और एएसपी नरपत सिंह तथा डीएसपी गोपीचंद मीणा के सुपरविजन में यह कार्रवाई की गई। टीम में राजतालाब थानाधिकारी देवीलाल मीणा, डीएसटी प्रभारी विवेकभान सिंह, एएसआई गंगाराम, हेड कांस्टेबल देवीलाल और कांस्टेबल जिग्नेश, कमलेश, पवन और भीमसिंह शामिल रहे।
राजस्थान के बजट को आम जनता के बीच ले जाने के लिए भाजपा ने अब कमर कस ली है। इसी सिलसिले में उदयपुर पहुंचे भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया ने बजट की जमकर तारीफ की। पटेल सर्कल स्थित पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि यह बजट केवल वर्तमान की जरूरतों को पूरा करने वाला नहीं है, बल्कि इसमें साल 2047 तक के राजस्थान का विजन नजर आता है। डॉ. पूनिया ने इस बजट को 'विकसित राजस्थान' की एक मजबूत आधारशिला बताया। युवाओं और किसानों के लिए बड़े अवसरसतीश पूनिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री ने इस बजट के जरिए प्रदेश के युवाओं और किसानों का खास ध्यान रखा है। उन्होंने बताया कि बजट में युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के साथ-साथ कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) के नए अवसर भी पैदा किए गए हैं। वहीं, अन्नदाता किसानों के लिए कई ऐसी सहायक योजनाएं लाई गई हैं, जिनसे उनकी खेती-किसानी और आसान होगी। पूनिया के मुताबिक, इस बजट में समाज के हर वर्ग को कुछ न कुछ देने की कोशिश की गई है। महिलाओं और मध्यम वर्ग को मिली बड़ी राहतबजट की खूबियां गिनाते हुए डॉ. पूनिया ने कहा कि गृहणियों और महिलाओं के लिए बजट में कई राहतकारी प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा, मध्यम वर्ग की जेब और उनके आर्थिक संतुलन को देखते हुए भी सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का यह बजट समावेशी विकास की सोच को दर्शाता है। यह एक ऐसा बजट है जो राजस्थान को विकास के मामले में नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। बची हुई घोषणाएं भी जल्द होंगी पूरीप्रेस वार्ता के दौरान जब उनसे कुछ अधूरी मांगों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बड़ी बेबाकी से जवाब दिया। सतीश पूनिया ने कहा कि जो घोषणाएं इस बजट में नहीं हो पाई हैं, उन्हें भी सरकार जल्द ही पूरा करेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि भजनलाल सरकार का पूरा फोकस समस्याओं के स्थाई समाधान पर है। सरकार केवल ऊपर-ऊपर से काम नहीं कर रही, बल्कि हर वर्ग की तकलीफ को जड़ से खत्म करने के लिए योजनाएं बना रही है। जन-जन तक बजट पहुंचाने का लक्ष्यभाजपा संगठन का मुख्य उद्देश्य अब बजट के फायदों को प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचाना है। पार्टी का मानना है कि जब तक आम आदमी को बजट की बारीकियों का पता नहीं चलेगा, तब तक वह योजनाओं का पूरा लाभ नहीं उठा पाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के सभी सात संभाग मुख्यालयों पर इस तरह की प्रेस वार्ताएं आयोजित की जा रही हैं। इस दौरान भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष अलका मूंदड़ा, उदयपुर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह और वरिष्ठ नेता प्रमोद सामर भी मौजूद रहे। पार्टी के पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि वे बजट की जनहितकारी योजनाओं को घर-घर तक लेकर जाएंगे।
मुरैना के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-44 पर दाल मिल बाईपास के पास गुरुवार शाम साढ़े 5 बजे के आसपास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यहां धौलपुर की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक पर सवार सास, बहू और नातिन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक चला रहे ससुर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना से गुस्साए लोगों ने हाईवे पर जाम लगा दिया है। पुलिस मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास कर रही है। जानकारी के मुताबिक, सभी मृतक हिंगोना गांव के रहने वाले थे। वे बाइक से धौलपुर की तरफ से मुरैना आ रहे थे, तभी दाल मिल बाईपास के पास यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों (सास, बहू और बच्ची) की मौके पर ही जान चली गई। ट्रक छोड़कर भागा ड्राइवर हादसे के बाद आरोपी ट्रक चालक मौके पर ट्रक छोड़कर फरार हो गया। वहीं, गंभीर रूप से घायल ससुर को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। फिलहाल पुलिस आक्रोशित भीड़ को शांत कराने और जाम खुलवाने की कोशिश कर रही है।हादसे में इनकी गई जान 1. रामरती पत्नी रामबरन जाटव उम्र 45 साल निवासी हिंगोना (मृतक) 2. पूनम पत्नी दिलीप जाटव उम्र 25 साल निवासी हिंगोना ( मृतक) 3. काव्या पुत्र दिलीप जाटव उम्र 2 साल निवासी हिंगोना (मृतक) वहीं बाइक चालक- रामबरन जाटव उम्र 46 साल निवासी हिंगोना घायल हुए हैं। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
बागपत के निरोजपुर गुर्जर गांव निवासी प्रवीण ने जिलाधिकारी कार्यालय में गुरूवार को शिकायत दर्ज कराई है। प्रवीण का आरोप है कि उन्हें अपने खेत में सोलर पंप लगाने से रोका जा रहा है, जिससे उनके कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। प्रवीण के मुताबिक, वह अपनी कृषि भूमि पर सिंचाई व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए सोलर पंप स्थापित कर रहे थे। हालांकि, उनके परिवार के कुछ सदस्य इसका विरोध कर रहे हैं। विरोध करने वाले 'कुराबंदी' का हवाला देकर काम रुकवाने का प्रयास कर रहे हैं। प्रवीण ने स्पष्ट किया है कि वह किसी प्रकार की 'कुराबंदी' नहीं चाहते। उनका कहना है कि वे केवल अपने खेत में वैध तरीके से सोलर पंप लगाकर सिंचाई करना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर उनके कार्य में बाधा डाली जा रही है। शिकायती पत्र में प्रवीण ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उन्हें सोलर पंप लगाने की अनुमति सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, काम में बाधा डालने वालों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की भी अपील की गई है। प्रवीण ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया, तो यह विवाद बढ़ सकता है और खेती का कार्य बाधित रहेगा। इस संबंध में जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग को जांच के निर्देश देने की बात कही है।
राजस्थान के बजट में उदयपुर के सेंट्रल जेल निर्माण की घोषणा के बाद अब नई जेल की जमीन देखने पर फिर काम शुरू होगा। असल में करीब दस साल से ज्यादा समय हो गया लेकिन नई जेल की जमीन को लेकर निर्णय नहीं हो पाया। अब अहमदाबाद हाइवे पर काया-बलीचा की तरफ जमीन देखी जाएगी। 100 एकड़ में बनने वाली जेल में बंदियों की क्षमता अभी से डबल होगी। बजट में जेल निर्माण की घोषणा के बाद उदयपुर की सेंट्रल जेल को लेकर जमीन खोजने के वर्तमान स्थितियों को जाना और समझा तो सामने आया कि अब नई जगह देखने की तैयारी की जा रही है। अब यूडीए अहमदाबाद हाईवे की तरफ देखेगा जमीनउदयपुर विकास प्राधिकरण नई जेल के लिए अब जमीन अहमदाबाद हाईवे की तरफ देखेगा। यूडीए का जोर है कि बलीचा और काया के पास जमीन हो जाएगी तो जेल डिपार्टमेंट के लिए भी सुविधाजक रहेगा। आगामी दिनों में यूडीए की टीम की और से नई जमीन के लिए फिर से कवायद शुरू की जाएगी। आगे कोर्ट भी दक्षिण विस्तार में जाएगीअसल में उदयपुर में शहर के बीच से कोर्ट भी आगे दक्षिण विस्तार क्षेत्र में आवंटित जमीन पर जाएगी। असल में जमीन आवंटन के बाद कोर्ट के निर्माण को लेकर अब प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। आवंटित जमीन पर बजट मिलने के साथ ही निर्माण शुरू होगा। यूडीए कमिश्नर राहुल जैन बताते है कि जेल के लिए बलीचा-काया वाले रूट पर अब फिर से जमीन चिन्हित करेंगे। पहले उमरड़ा और लकड़वास में देख चुके है जमीन उदयपुर शहर से करीब 17 किमी दूर लकड़वास में 21.6 हैक्टेयर यानी करीब 86 बीघा जमीन तय की थी। बाद में सामने आया कि न केवल जमीन शहर से दूर है बल्कि, इलाका भी बेहद सूना है। इसके बाद उमरड़ा में जमीन देखी गई लेकिन वहां पर भारत सरकार परमाणु ऊर्जा विभाग के प्रोजेक्ट की बात आई तो वह भी अटक गया था। हाई सिक्योरिटी अत्याधुनिक होगीनई जेल अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल और बीकानेर की अत्याधुनिक सेंट्रल जेल से भी अव्व्ल दर्जे की बनाई जाएगी। उदयपुर की सेट्रल जेल में अभी 935 बंदियों को रखने की क्षमता है। पिछले महीनों में तो यहां क्षमता से ज्यादा करीब 1200 बंदी रखे गए थे। अब नई जेल में बंदियों की क्षमता भी डबल से ज्यादा करीब 2000 से ज्यादा होगी। वर्तमान जेल यूडीए को दे सकतेनई जेल के लिए यूडीए जमीन आवंटित करता है और जेल बन जाती है उसके बाद उदयापोल बस स्टैंड से पुलिस लाइन मार्ग पर स्थित निवर्तमान जेल यूडीए को दे सकते है। वैसे इसके लिए बैठकर सक्षम स्तर पर सरकार अधिकृत निर्णय करेगी। अगर यूडीए को यह जमीन मिलती है तो यहां पर कॉमर्शियल प्रोजेक्ट लाने का प्लान करने की संभावना ज्यादा है।
शिक्षा के अधिकार कानून (RTE) के तहत निजी स्कूलों को दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने इस संबंध में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव को पत्र भेजकर प्रतिपूर्ति राशि में बड़ा इजाफा करने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर असहयोग आंदोलन की चेतावनी भी दी है। यानी RTE के तहत प्रवेश पाने वाले स्टूडेंट्स का एडमिशन प्रभावित हो सकता है। एसोसिएशन ने बताया कि RTE के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि पिछले 13 वर्षों से नहीं बढ़ाई गई। जबकि इसी अवधि में विधायकों की सैलरी 255%, IAS अधिकारियों की सैलरी 136%, राज्य और केन्द्र के ग्रेड 1 कर्मचारियों की सैलरी क्रमश: 158 और 136% तक बढ़ी है। हाईकोर्ट ने 6 महीने में निर्णय लेने के दिए थे आदेश पूरे मामले को लेकर एसोसिएशन ने हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए HC बिलासपुर ने 19 सितंबर 2025 को अंतिम आदेश पारित किया था। कोर्ट ने राज्य सरकार को 6 माह के भीतर एसोसिएशन की मांगों पर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। प्रतिपूर्ति राशि में बढ़ोतरी की यह है मांग एसोसिएशन ने मंत्री को भेजे पत्र में मांग की है कि प्राथमिक कक्षाओं में प्रतिपूर्ति राशि ₹7,000 से बढ़ाकर ₹18,000 प्रति विद्यार्थी/वर्ष, माध्यमिक कक्षाओं में ₹11,500 से बढ़ाकर ₹22,000 और हाई व हायर सेकेंडरी में अधिकतम सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 किया जाए। साथ ही बढ़ी हुई राशि पिछले 3 वर्षों से एरियर सहित दिए जाने की भी मांग की गई है। 13 साल में सैलरी बढ़ी, लेकिन शिक्षा बजट जस का तस पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि बीते 13 वर्षों में विधायकों की इन-हैंड सैलरी ₹45,000 से बढ़कर ₹1.60 लाख हो गई। आईएएस अधिकारियों की एंट्री लेवल सैलरी ₹45,000 से बढ़कर ₹1.06 लाख से अधिक हो गई। राज्य और केंद्र सरकार के ग्रेड-1 अधिकारियों के वेतन में भी दोगुने से अधिक की वृद्धि हुई इसके बावजूद गरीब विद्यार्थियों की शिक्षा पर होने वाले खर्च के लिए दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। असहयोग आंदोलन की चेतावनी एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन असहयोग आंदोलन करने पर मजबूर होगी। संगठन का कहना है कि यह न केवल शिक्षा के अधिकार कानून की भावना के खिलाफ है, बल्कि हाईकोर्ट के आदेश की भी अनदेखी है।
भोपाल के करीब 30 इलाकों में शुक्रवार को 2 से 6 घंटे तक बिजली कटौती होगी। इन इलाकों में बिजली कंपनी मेंटेनेंस करेगी। इसके चलते सप्लाई पर असर पड़ेगा। जिन इलाकों में बिजली बंद रहेगी, उनमें गेहूंखेड़ा, गोविंदपुरा, इंद्रविहार, अमराई, सतगढ़ी समेत कई बड़े इलाके भी शामिल हैं। ऐसे में बिजली संबंधित जरूरी काम पहले से निपटा लें। ताकि परेशानी का सामना न करना पड़े। इन इलाकों में पड़ेगा असर
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट (SBM) में 'एलुमनाई टॉक: रोडमैप फॉर सक्सेस' कार्यक्रम आयोजित किया गया। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के मार्गदर्शन में हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को अनुभवी पूर्व छात्रों के माध्यम से करियर और जीवन में सफलता के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराना था। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि और एलुमनाई एसोसिएशन के उपाध्यक्ष, वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. ए.एस. प्रसाद ने किया। इस अवसर पर एसबीएम निदेशक प्रो. सुधांशु पाण्डया, निदेशक एलुमनाई डॉ. सिधांशु राय और निदेशक कैंपस एलुमनाई डॉ. विवेक सचान भी उपस्थित थे। मुख्य वक्ता डॉ. ए.एस. प्रसाद ने सफलता के रोडमैप विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सफलता का पैमाना दूसरों से तुलना करना नहीं, बल्कि स्वयं का सही दृष्टिकोण विकसित करना है। डॉ. प्रसाद ने कहा, कृतज्ञता मानव का सबसे उत्कृष्ट गुण है। सफल होने के लिए व्यक्ति में सहानुभूति और समाज को वापस देने की भावना (Giving Back) होनी चाहिए। उन्होंने छात्रों से अपनी रचनात्मक क्षमताओं को पहचानने और उन्हें निरंतर निखारने का आह्वान किया। एसबीएम निदेशक प्रो. सुधांशु पाण्डया ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र आज वैश्विक स्तर पर संस्थान का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 'एलुमनाई टॉक' जैसे सत्र विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से हटकर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करते हैं, जिससे उनके करियर की दिशा स्पष्ट होती है। निदेशक एलुमनाई डॉ. सिधांशु राय ने विश्वास दिलाया कि पूर्व छात्रों के साथ समन्वय बढ़ाकर संस्थान भविष्य में इंटर्नशिप और रोजगार के नए अवसरों को सुदृढ़ करेगा। डॉ. विवेक सचान ने पूर्व छात्रों को विश्वविद्यालय की 'अमूल्य धरोहर' बताया। इस मौके पर टाई (TiE) यूपी के अध्यक्ष डॉ. राव विक्रम सिंह सहित डॉ. अलका शर्मा, डॉ. अर्पणा कटियार, डॉ. वारशी सिंह और डॉ. चारु खान जैसे प्रमुख शिक्षाविद् उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रबंधन संकाय के शिक्षकों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।
एंटी रोमियो स्क्वॉड की सख्ती:सिद्धार्थनगर में स्कूल-कॉलेजों और बाजारों में चली चेकिंग
सिद्धार्थनगर में एंटी रोमियो स्क्वॉड ने गुरुवार को महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सघन अभियान चलाया। टीम ने स्कूल-कॉलेजों, कोचिंग सेंटरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में चेकिंग कर छात्राओं व महिलाओं को जागरूक किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर अनावश्यक रूप से घूमने वाले मनचलों और शोहदों पर नजर रखना तथा महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाना था। इसी क्रम में, स्क्वॉड टीम ने होटल सिल्वर स्पून में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम ‘प्रगति 2.0’ में भी भाग लिया। “स्वाभिमान और सफलता की ओर” थीम पर आधारित बाल उत्सव 2026 के दौरान महिला सशक्तिकरण और आत्मरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। छात्राओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, किसी भी परेशानी की स्थिति में खुलकर शिकायत करने और अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी रखने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अतिरिक्त, टीम ने थाना क्षेत्र के महनगा, मधुबेनिया, पुरानी नौगढ़ और चौक सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर भी चेकिंग अभियान चलाया। स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग सेंटरों के आसपास विशेष निगरानी रखी गई। मुख्य सड़कों और चौराहों पर संदिग्ध रूप से घूम रहे युवकों से पूछताछ की गई। बाजारों में महिला दुकानदारों से बातचीत कर आसपास की गतिविधियों के बारे में जानकारी ली गई, ताकि छेड़छाड़ या असामाजिक गतिविधियों को समय रहते रोका जा सके। अभियान के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई। टीम ने मौके पर मौजूद महिलाओं की समस्याएं भी सुनीं और उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। इस तरह की लगातार कार्रवाई से सार्वजनिक स्थानों पर अनुशासन बना हुआ है और छात्राओं व महिलाओं में सुरक्षा को लेकर सकारात्मक संदेश गया है। इस अभियान में प्रभारी एंटी रोमियो टीम शाइस्ता, महिला आरक्षी नेहा सिंह और आरक्षी श्रीप्रकाश शामिल रहे।
मऊ में 16 से 27 फरवरी तक खसरा-रुबेला विशेष स्कूल-मदरसा टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में आज गुरुवार को सीएमओ मऊ डॉ. संजय गुप्ता ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि यह एक स्कूल-आधारित टीकाकरण अभियान है। इसमें खसरा-रुबेला बीमारी से बचाव के लिए एमआर वैक्सीन कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के सभी बच्चों को लगाई जाएगी। यह अभियान 16 फरवरी से शुरू होकर सोमवार, मंगलवार, बृहस्पतिवार और शुक्रवार को दो सप्ताह तक चलेगा। अभियान के लिए कुल 8 दिन निर्धारित किए गए हैं और यह 27 फरवरी तक जारी रहेगा। स्वास्थ्य विभाग ने लगभग ढाई लाख बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा है। इसके लिए जिले में 1500 विद्यालयों और मदरसों को चिह्नित किया गया है, जहां टीकाकरण किया जाएगा। डॉ. गुप्ता ने बताया कि जनवरी से अब तक जिले में खसरा के 24 मरीज मिल चुके हैं। खसरा से बच्चों में मृत्यु दर अधिक होती है। इसके लक्षणों में तेज बुखार के साथ शरीर पर छोटे लाल दाने या चकत्ते पड़ना, आंखों से पानी आना, नाक बहना और खांसी शामिल हैं। उन्होंने सलाह दी कि ऐसे लक्षण दिखने पर बच्चे को तुरंत आइसोलेट कर देना चाहिए और स्वास्थ्य विभाग को सूचित करना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग तब सक्रिय केस सर्च करता है, सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय करता है, साफ-सफाई सुनिश्चित करता है और संक्रमण के स्रोत का पता लगाता है। साथ ही, यह भी जांच की जाती है कि गांव में कोई और बच्चा संक्रमित तो नहीं है।
लुधियाना में DC का सख्त आदेश:सेफ्टी नियम तोड़ने वाली स्कूल बसों पर रोक, लटकती तारें हटाने के निर्देश
पंजाब के लुधियाना में जिला मजिस्ट्रेट-कम-डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत सख्त आदेश जारी किए हैं। “पंजाब सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी” का पालन न करने वाली स्कूल बसों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। साथ ही शहर में बिजली, केबल और टेलीफोन की लटकती तारों को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सेफ्टी नियम तोड़ने वाली बसें नहीं चलेंगीडीसी जैन ने कहा कि कई स्कूल बस ऑपरेटर सेफ स्कूल वाहन पॉलिसी के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रहे, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। आदेश के अनुसार कमियां दूर किए बिना कोई भी स्कूल बस सड़क पर नहीं चल सकेगी। यह आदेश 10 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगा। इसकी पालना करवाने की जिम्मेदारी रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (RTA), लुधियाना को सौंपी गई है। स्कूल बसों के लिए अनिवार्य शर्तेंसरकार की पॉलिसी के तहत स्कूल बसों में ये सुविधाएं जरूरी हैं:-बस के आगे-पीछे “स्कूल बस” या किराए की बस होने पर “स्कूल ड्यूटी पर” लिखा होना-फायर एक्सटिंग्विशर और फर्स्ट-एड बॉक्स-सीसीटीवी कैमरे और लॉक होने वाले सुरक्षित दरवाजे-खिड़कियों पर ग्रिल-सीटों के नीचे स्कूल बैग रखने की जगह-स्पीड गवर्नर-वैध फिटनेस, इंश्योरेंस और प्रदूषण प्रमाणपत्र-ड्राइवर के पास कम से कम 5 साल का भारी वाहन चलाने का अनुभव और वैध HMV लाइसेंस-शहर में लटकती तारों पर भी कार्रवाई लटकती तारें हादसों का खतरा पैदा करती डीसी ने बिजली बोर्ड, टेलीफोन एजेंसियों, केबल ऑपरेटरों और अन्य यूटिलिटी एजेंसियों को अपने-अपने क्षेत्र में लटकती या खतरनाक तारों की तुरंत जांच कर उन्हें ठीक करने, सुरक्षित ऊंचाई पर लगाने या हटाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन के अनुसार ये तारें जहां हादसों का खतरा पैदा करती हैं, वहीं शहर की सुंदरता को भी प्रभावित करती हैं। यदि कोई व्यक्ति या संस्था बिना अनुमति तारें लटकाते या असुरक्षित तरीके से लगाते पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL), लुधियाना को दी गई है।
कपूरथला में ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों ने आज डाकखाना चौक पर विशाल धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन 12 फरवरी को प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल के आह्वान के तहत आयोजित किया गया था। इसमें सैकड़ों किसानों और यूनियन सदस्यों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी विभिन्न मांगें उठाईं। प्रदर्शनकारियों ने आठ घंटे की ड्यूटी व्यवस्था को बहाल करने की मांग की। उनकी प्रमुख मांगों में 29 श्रम कानूनों को रद्द कर बनाए गए चार लेबर कोड्स को समाप्त करना शामिल था। इसके अतिरिक्त, प्रदर्शनकारियों ने न्यूनतम मजदूरी 26 हजार रुपये प्रतिमाह तय करने और असंगठित व घरेलू कामगारों की मजदूरी निर्धारित करने की मांग की। MSP की कानूनी गारंटी सुनिश्चित करने की मांग अन्य मांगों में स्कीम वर्कर्स और ठेके पर भर्ती कर्मचारियों को स्थायी करना, पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करना और मनरेगा कानून को मजबूती से लागू करना शामिल था। किसान संगठनों ने फसलों की खरीद के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बिजली बिल 2025 और बीज बिल 2025 को रद्द करने तथा मुक्त व्यापार समझौतों से कृषि एवं डेयरी सेक्टर को बाहर रखने की भी मांग की। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन की अगल-अलग PHOTOS…
यमुनानगर के सदर थाना क्षेत्र में एक महिला को तीन तलाक देकर घर से निकालने, मारपीट करने, देवर द्वारा रेप और जबरन गर्भपात कराने जैसे गंभीर आरोपों का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत और जांच में तीन तलाक की पुष्टि होने के बाद पति सहित सास, ससुर, देवर और एक अन्य महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका निकाह वर्ष 2023 में उसमान नामक युवक से हुआ था। शुरुआती कुछ दिनों तक सब सामान्य रहा, लेकिन बाद में पति और ससुराल पक्ष द्वारा उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। करीब छह माह बाद उसे पति के किसी अन्य महिला से अवैध संबंध होने की जानकारी मिली। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और ससुरालियों ने भी पति का साथ दिया। तीन लाख रुपए लाने का बनाया दबाव महिला के अनुसार, गर्भवती होने पर पति उस पर गर्भपात कराने का दबाव बनाने लगा। इंकार करने पर मारपीट की गई और पति ने साफ कह दिया कि वह किसी अन्य महिला से प्रेम करता है और उसी से शादी करेगा। जून 2024 में महिला ने बेटे को जन्म दिया, लेकिन इस दौरान भी ससुराल पक्ष ने कोई देखभाल नहीं की और अस्पताल का खर्च मायके वालों ने उठाया। बाद में उस पर मायके से तीन लाख रुपये लाने का दबाव बनाया गया। पति ने तीन तलाक दिया और देवर ने रेप किया आरोप है कि 28 अप्रैल 2025 को ससुराल में हुए विवाद के दौरान महिला के साथ मारपीट की गई और पति ने तीन बार तलाक बोलकर संबंध खत्म करने की बात कही तथा उसे घर से निकालने का प्रयास किया। इसके बाद देवर द्वारा गलत नजर रखने और अकेला पाकर रेप करने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़िता का कहना है कि धमकी के डर से वह चुप रही, लेकिन बाद में गर्भवती होने पर ससुराल पक्ष ने जबरन दवाई देकर गर्भपात करा दिया। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हाथरस में महाशिवरात्रि पर्व के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम सक्रिय है। सहायक आयुक्त रणधीर सिंह और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज कुमार गुप्ता के नेतृत्व में विभाग लगातार निरीक्षण और नमूना कार्रवाई कर रहा है। कांवड़ रूट उमरावपुर, रतिभानपुर, एटा रोड, सिकंदराराऊ सहित विभिन्न मार्गों पर स्थित ढाबों और रेस्टोरेंटों का सघन निरीक्षण किया गया। टीम ने मौके पर स्वच्छ वातावरण बनाए रखने, ताजा और गुणवत्तापूर्ण भोजन परोसने तथा रेट लिस्ट प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, उमरावपुर एटा रोड स्थित राहुल होटल एंड ट्रक ढाबा से तैयार अरहर दाल का नमूना गुणवत्ता जांच के लिए संग्रहित किया गया। इसके अतिरिक्त, प्रधान जी फैमिली ढाबा उमरावपुर एटा रोड, बरेली रोड पर स्थित पंडित ढाबा और होटल श्री बजरंग ढाबा एवं फैमिली रेस्टोरेंट का भी निरीक्षण किया गया। ढाबा संचालकों को दिए निर्देश सादाबाद तहसील के अंतर्गत आगरा रोड पर पंजाबी ढाबा शुद्ध शाकाहारी और चौधरी ढाबा एंड फैमिली रेस्टोरेंट की भी जांच की गई। मथुरा-मुरसान रोड पर जय बजरंग ढाबा, मां वैष्णो ढाबा, वैष्णवी ढाबा और प्रधान फैमिली ढाबा का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज कुमार गुप्ता ने बताया कि यह निरीक्षण कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
अम्बेडकरनगर में समाजसेवी संस्था नारायण फाउंडेशन ने एक जरूरतमंद परिवार की बेटी के विवाह में सहयोग कर मानवीय संवेदना का परिचय दिया है। संस्था ने अकबरपुर क्षेत्र के कहरा सुलेमपुर निवासी हिमांशु गौड़ की बहन महिमा गौड़ के विवाह में गृहउपयोगी वस्तुएं भेंट कर आर्थिक सहायता प्रदान की। महिमा गौड़ का विवाह महमतपुर देवी दयाल निवासी प्रिंस गौड़ के साथ तय हुआ था। माता-पिता के निधन के बाद घर और बहन की शादी की पूरी जिम्मेदारी छोटे भाई हिमांशु गौड़ पर आ गई थी। आर्थिक तंगी से जूझ रहे हिमांशु ने ग्राम प्रधान अशोक प्रजापति के साथ संस्था के संरक्षक विवेक मौर्य से मुलाकात कर मदद की अपील की थी। विवेक मौर्य के निर्देश पर नारायण फाउंडेशन ने परिवार की आवश्यकतानुसार सहायता उपलब्ध कराई। विवाह हेतु बेड, सिंगारदान, पंखा, बक्सा, रजाई, तकिया, गद्दा, कुर्सी, मेज, प्रेस, मिक्सर, चादर और बाथरूम सेट उपहार स्वरूप भेंट किए गए। विवेक मौर्य ने बताया कि समाज की किसी भी गरीब बहन-बेटी के विवाह में आर्थिक अभाव आड़े नहीं आने दिया जाएगा। नारायण फाउंडेशन हर जरूरतमंद परिवार के साथ खड़ा है। संस्था अब तक 90 से अधिक बहन-बेटियों की शादी में गृहउपयोगी वस्तुएं और आर्थिक सहायता उपलब्ध करा चुकी है। इससे पूर्व, जिला मुख्यालय अकबरपुर में 21 बहनों का सर्वजातीय सामूहिक विवाह समारोह भी आयोजित कराया गया था, जिसमें विधि-विधान से विवाह संपन्न कराकर आवश्यक सामान व जेवर भेंट किए गए थे। नारायण फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान बाहरी जिलों से आने वाले परीक्षार्थियों के लिए नि:शुल्क भोजन व ठहरने की व्यवस्था भी संस्था द्वारा की जाती है। इसके अलावा, प्लास्टिक मुक्त अभियान के तहत जिले में 25 हजार जूट बैग वितरित किए जा रहे हैं।
आगर मालवा में गुरुवार को ऑल डिपार्टमेंट आउटसोर्स कर्मचारी संगठन के सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर कार्यालय में डिप्टी कलेक्टर प्रेम नारायण को ज्ञापन सौंपा। ऊर्जा विभाग सहित कई विभागों के आउटसोर्स कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के श्रम कानून प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने और प्रदेश में प्रचलित ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग की। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि ठेका प्रथा के कारण कर्मचारियों को न तो सेवा सुरक्षा मिल पा रही है और न ही शासकीय सुविधाओं का लाभ। उन्होंने सरकार से नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को स्थायी करने की अपील की। इस प्रदर्शन में प्रभारी दिनेश सिसोदिया, रवि तिवारी, राजू गुजराती, हरिनारायण, पीयूष सोनी, राजेश गुर्जर, राधेश्याम विश्वकर्मा, शुभम सोनी और पंकज सहित सैकड़ों कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
समस्तीपुर में एक महिला एक जहर खाकर जान दे दी। इस दौरान परिवार के लोग शव का अंतिम संस्कार करने जा रहे थे। इसी बीच सूचना पर पहुंची पुलिस ने बूढी गंडक नदी किनारे शमशान घाट से शव को जब्त कर लिया। मामला मुफस्सिल थाने के जितवारपुर निजामत वार्ड-19 मोहल्ला का है। मृतक की पहचान गांव के रोहित कुमार की पत्नी चांदनी कुमारी 30 साल के रूप में की गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए शव सदर अस्पताल भेजा है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मृतका के पति रोहित कुमार ने बताया कि वह मजदूरी का काम करता है। पहले वह टोटो चलाता था। रोहित के अनुसार वह बुधवार को मजदूरी करने के लिए गया हुआ था। इसी दौरान उसके बच्चों ने सूचना दी कि उसकी पत्नी ने गेंहूं में डालने वाला दवा खा लिया है। जिसके बाद वह भाग कर घर पहुंचा। पत्नी को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन उसकी मौत हो गई। गुरुवार को परिवार के अन्य लोग भी मौके पर जुटे। गांव के लोगों के साथ शव अंतिम संस्कार के लिए ले जा रहे थे। इसी दौरान किसी ने पुलिस को सूचना दे दी । जिस पर पहुंची पुलिस ने शव को जब्त कर लिया। पुलिस बोली- आवेदन नहीं मिला मुफस्सिल थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर अजित कुमार ने कहा कि गुप्त सूचना के आधार पर शव को जब्त किया गया है। पेास्टमार्टम कराया गया है। महिला की शादी के भी काफी समय बीत चुका है। अब-तक किसी भी पक्ष की ओर से आवदेन नहीं मिला है। अगर कोई पक्ष आवेदन देता है तो प्राथमिकी दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
अनूपपुर जिला मुख्यालय से सटे ग्राम बरबसपुर में एक दंतैल हाथी ने एक ग्रामीण के कच्चे घर की दीवार ढहा दी। इस घटना में 70 साल के बुजुर्ग विशाल भैना मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनका इलाज जारी है। घटना गुरुवार अल सुबह की है। धान की बोरियां फाड़कर खाया अनाज हाथी बरबसपुर के वार्ड क्रमांक 5 (कपिलधारा कॉलोनी के पीछे) स्थित विशाल भैना के घर पहुंचा। विशाल जमीन पर सो रहे थे, तभी हाथी ने दीवार तोड़ दी और वे मलबे की चपेट में आ गए। परिजनों ने साहस दिखाते हुए उन्हें बाहर निकाला। हाथी करीब आधे घंटे तक वहीं रुका रहा और घर में रखी धान की बोरियां फाड़कर अनाज खा गया। शोर मचाने पर खेत की ओर भागा, फसलें खराब की ग्रामीणों के शोर मचाने पर हाथी नारायण सिंह के खेत में घुस गया और गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया। इसके बाद उसने रामसहाय कोल के घर की दीवार भी तोड़ी और रामप्रसाद पाठक के टमाटर और गेहूं के खेतों को रौंदता रहा। हाथी ने इस दौरान कई अन्य घरों को भी क्षति पहुंचाई और फसलों को बर्बाद किया। ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील घटना की सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी स्वर्ण गौरव सिंह के निर्देश पर वनरक्षक रईस खान और वन्यजीव संरक्षक शशिधर अग्रवाल जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल वृद्ध को इलाज के लिए प्रारंभिक सहायता राशि उपलब्ध कराई। वन विभाग ने आसपास के गांवों में मुनादी करवाकर ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। गुरुवार को यह हाथी राष्ट्रीय राजमार्ग पार कर पोंड़ी और खांडा के बीच सिद्धबाबा पहाड़ी के जंगल में जाकर ठहर गया है। इस घटना के बाद से ग्रामीण दहशत में हैं और रतजगा करने को मजबूर हैं। दरअसल, जिले में पिछले डेढ़ माह से तीन हाथियों का दल लगातार संपत्ति और फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है।
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के सांकरा थाना और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स (ANTF) की संयुक्त टीम ने ग्राम बिजेपुर के जंगल में छापा मारा। इस कार्रवाई में टीम ने 150 लीटर महुआ शराब और बड़ी मात्रा में शराब बनाने की सामग्री जब्त की। पुलिस ने अवैध रूप से शराब बनाने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें आबकारी अधिनियम के तहत न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। सांकरा पुलिस को मंगलवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम बिजेपुर के जंगल में नहर के पास अवैध रूप से महुआ शराब बनाई जा रही है। इस सूचना के आधार पर सांकरा पुलिस और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स की संयुक्त टीम ने तत्काल जंगल में छापेमारी की योजना बनाई। टीम ने 150 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की छापेमारी के दौरान टीम ने मौके से भट्टे पर बन रही 150 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत 30 हजार रुपए है। इसके अतिरिक्त, पांच स्टील के बर्तन भी बरामद किए गए, जिनकी कीमत 2 हजार रुपए बताई गई है। कुल जब्त सामग्री की कीमत 32 हजार रुपए आंकी गई है। टीम ने शराब बनाने के लिए रखे गए 70 बोरियों में 2100 किलोग्राम (21 क्विंटल) महुआ लहन को भी मौके पर ही नष्ट कर दिया। इस लहन से लगभग 2100 लीटर कच्ची महुआ शराब बनाई जा सकती थी। आबकारी अधिनियम के तहत आरोपी भेजे गए जेल गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बिजेपुर, सांकरा थाना, जिला महासमुंद निवासी मुकेश बाघ (40), गुलाब बाघ (64), रोशन बाघ (35), बृजेश बाघ (28) और नरेंद्र बाघ शामिल हैं। सभी को आबकारी अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
एपी सेन कॉलेज में दयानंद सरस्वती जयंती:छात्राओं ने स्वामी दयानंद के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया
लखनऊ के ए.पी. सेन मेमोरियल गर्ल्स कॉलेज के शिक्षाशास्त्र विभाग ने गुरुवार को स्वामी दयानंद सरस्वती जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव के संबोधन से किया। प्राचार्या ने छात्राओं को स्वामी दयानंद सरस्वती के सामाजिक और शैक्षिक सुधारों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि स्वामी दयानंद के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और समाज के लिए महत्वपूर्ण हैं। आर्य समाज के कार्यों की विस्तृत जानकारी दी शिक्षाशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा मिश्रा ने छात्राओं को आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती के जीवन और कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वामी दयानंद एक महान समाज सुधारक और देशभक्त थे, जिन्होंने समाज से अंधविश्वास, कुरीतियों और रूढ़िवादिता को दूर करने के लिए निर्भीक होकर जनजागरण किया। स्वामी दयानंद ने बाल विवाह, सती प्रथा, पर्दा प्रथा, बहुविवाह, अस्पृश्यता, जातिगत भेदभाव और लैंगिक असमानता जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाई। वेदों से प्रेरणा लेकर उन्होंने 1875 में आर्य समाज की स्थापना की और समाज सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए। दयानंद सरस्वती के ग्रंथ समाज को मार्गदर्शन देते हैं उनकी रचनाएं जैसे सत्यार्थ प्रकाश, ऋग्वेद भाष्य, यजुर्वेद भाष्य और संस्कार विधि सहित अनेक ग्रंथ आज भी समाज को मार्गदर्शन देते हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय की वरिष्ठ शिक्षिका प्रो. ऊषा पाठक और कंचन मिश्रा भी उपस्थित रहीं। छात्राओं ने स्वामी दयानंद सरस्वती के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।
संभल के बहजोई स्थित जिला कलेक्ट्रेट पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के सैकड़ों किसानों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपा, जिसमें समझौता रद्द करने की मांग की गई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समझौता रद्द नहीं किया गया तो 2020-21 की तरह बड़ा किसान आंदोलन किया जाएगा। भाकियू टिकैत के जिलाध्यक्ष मनपाल यादव के नेतृत्व में गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे यह प्रदर्शन हुआ। किसानों ने इस व्यापार समझौते को किसान विरोधी कदम बताया। उनका तर्क है कि अमेरिका की खेती भारी सब्सिडी, मशीनरी और बड़े कोऑपरेटिव फार्म मॉडल पर आधारित है। किसानों ने आशंका जताई कि यदि भारत सोयाबीन, मक्का, गेहूं, डेयरी उत्पाद और दालों पर आयात शुल्क घटाता है, तो सस्ती अमेरिकी फसलें भारतीय बाजारों में आ जाएंगी। इससे भारतीय किसान, जो पहले से ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए संघर्ष कर रहे हैं, प्रतिस्पर्धा में टिक नहीं पाएंगे। किसानों का कहना है कि यह समझौता ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सीधा आघात करेगा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्य आत्मनिर्भरता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। इसके अतिरिक्त, भारत के किसान आज भी अपनी पारंपरिक बीज संचय और संरक्षण पर निर्भर हैं। बीज कंपनियों के हाथों में नियंत्रण आने से भारतीय किसान अपनी पारंपरिक बीज स्वतंत्रता खो देंगे। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन पहले से ही अलर्ट पर था और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र सिंह यादव ने इस समझौते को किसानों के लिए 'डेथ वारंट' करार दिया। उन्होंने कहा कि पहले भारत सरकार अमेरिकी सामान पर 70-80 प्रतिशत टैरिफ लगाती थी, जबकि अब यह केवल 18 प्रतिशत रह गया है, जिस पर सरकार खुशी मना रही है। प्रदर्शन में शामिल प्रमुख किसानों में देशराज सिंह यादव, महीदेव सिंह, युसूफ अली, डॉ. शुभम चौधरी, महेश यादव, अमर सिंह, प्रवेश यादव, नरेश शर्मा, सतेंद्र शर्मा, राजपाल सिंह, रामनिवास, उदयवीर सिंह, अमरपाल यादव, कृष्ण गोपाल, राजू यादव, तेजपाल सिंह, रामवीर सिंह यादव और जसवीर सिंह यादव आदि मौजूद रहे।
ग्वालियर में लव मैरिज के करीब 6 महीने बाद नवविवाहित ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। महिला ने मरने से पहले एक वीडियो भी बनाया है, जिसमें उसने अपनी मौत के लिए पति और ससुराल वालों को जिम्मेदार ठहराया है। यह घटना शहर के सिरोल थाना क्षेत्र में बुधवार की है। मृतक की पहचान वैष्णवी उर्फ प्राची के रूप में हुई है, जो जीडीए कॉलोनी की निवासी थी। करीब 6 महीने पहले प्राची ने अपने परिवार के विरोध के बावजूद पुरानी छावनी निवासी राजू उर्फ सत्यनारायण भदौरिया से मंदिर में और स्टांप पेपर पर लव मैरिज की थी। शादी के बाद दोनों पति-पत्नी के रूप में सिरोल थाना क्षेत्र की ईस्ट मैरेडियन मल्टी में किराए के फ्लैट में रह रहे थे। इसी दौरान प्राची को पता चला कि उसका पति राजू पहले से शादीशुदा है और उसके दो बच्चे भी हैं। यह जानकारी मिलते ही प्राची राजू के घर पहुंची, जहां राजू, उसकी पत्नी और उसके पिता ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की। इस घटना के बाद प्राची सीधे अपने फ्लैट पर लौटी और पंखे से दुपट्टे का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले प्राची ने बनाया वीडियो आत्महत्या से पहले बनाए गए वीडियो में प्राची ने स्पष्ट रूप से अपने पति राजू और ससुराल वालों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है। सूचना मिलने पर सिरोल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक प्राची के चाचा संजय सिंह चौहान का आरोप है कि उनकी भतीजी को उसके पति और ससुराल वालों ने दहेज के लिए मार डाला है, उन्होंने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। सब-इंस्पेक्टर बोले- मामले की जांच की जा रही है सिरोल थाना के सब-इंस्पेक्टर डी.एस. कुशवाह ने बताया कि एक नवविवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। नवविवाहिता ने मरने से पहले एक वीडियो भी बनाया है, जिसमें उसने अपने पति और ससुराल वालों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। मृतका का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
मोगा की स्पेशल कोर्ट ने लगभग सात साल पुराने नशीली गोलियों की अवैध बिक्री के मामले में दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोनों दोषियों को 12-12 साल की कैद और प्रत्येक पर 1 लाख 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट के आदेशानुसार, यदि दोषी जुर्माना नहीं भरते हैं, तो उन्हें छह-छह महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। नाकाबंदी के दौरान आरोपी पकड़े गए बता दे कि यह मामला 4 अप्रैल 2019 का है, जब थाना निहाल सिंह वाला पुलिस ने बुघीपुरा चौक के पास गांव हिम्मतपुरा के टी-मोड़ पर नाकाबंदी की थी। पुलिस ने एक i20 गाड़ी को रोकने का प्रयास किया। आरोपी ड्राइवर ने गाड़ी को भगाने का प्रयास किया इस दौरान पुलिस ने उसे पकड़ लिया। कार से बरामद हुई थी नशे की गोलियां कार की तलाशी लेने पर नशे की 31 हजार 300 गोलियां बरामद हुई थी, आरोपियों की पहचान बरनाला जिले के गांव मंझू के सुखदेव सिंह उर्फ काला और तपा निवासी किशमिश गर्ग उर्फ कन्नू पुत्र मंगल दास गर्ग के रूप में हुई थी। उनके खिलाफ 4 अप्रैल 2019 को थाना निहाल सिंह वाला में एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। वहीं अब इस मामले में अंतिम सुनवाई के बाद, पेश किए गए सबूतों और गवाहों के आधार पर अपना फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने दोनों दोषियों को यह सजा सुनाई।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ में मध्य प्रदेश (MP) निवासी एक व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक मानसिक रूप से परेशान चल रहा था और मजदूरी करता था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। मृतक की पत्नी सविता देवी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह अपने पति रामचरण और दो बच्चों, 6 वर्षीय खुशबू और साढ़े 3 वर्षीय दीपांशु के साथ महेंद्रगढ़ के बांस मोहल्ला में किराए के मकान में रहते थे। सुसाइड से पहले शराब पी सविता देवी के अनुसार, रामचरण पिछले 5-6 महीने से मजदूरी का काम कर रहे थे। बुधवार रात को खाना खाने के बाद वह सो गए थे। रामचरण मानसिक रूप से परेशान थे और उन्होंने शराब भी पी रखी थी। पत्नी ने काटा फांसी का फंदा गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे सविता देवी ने देखा कि उनके पति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। उन्होंने तुरंत फंदा काटा और पानी छिड़का, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पड़ोसियों ने शहर थाने को सूचना दी, जिसके बाद रामचरण को तुरंत सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पत्नी बोलीं- किसी का हाथ नहीं सविता देवी ने अपने बयान में कहा कि उनके पति ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है और इसमें किसी और का कोई हाथ नहीं है। उन्होंने पति के शव का पोस्टमार्टम कराने का अनुरोध किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
लुधियाना में फेयरवेल पार्टी के नाम पर छात्रों द्वारा सड़कों पर हुल्लड़बाजी करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला शहर के व्यस्ततम इलाके फिरोजपुर रोड से सामने आया है जहां कुछ रईसजादों ने जश्न के नाम पर न केवल ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाईं बल्कि राहगीरों की जान को भी जोखिम में डाला। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लुधियाना ट्रैफिक पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया और पांच लग्जरी गाड़ियों के चालान काट दिए हैं। हूटर, लाउड म्यूजिक और खिड़कियों से बाहर लटके छात्र सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि छात्र फेयरवेल के बाद अपनी कारों में सवार होकर सड़क पर तांडव मचा रहे थे। इन गाड़ियों पर अवैध रूप से लाल-नीली लाइटें और हैवी साउंड सिस्टम लगाए गए थे। छात्र चलती गाड़ियों की खिड़कियों और सनरूफ से बाहर निकलकर शोर मचा रहे थे जिससे पीछे चल रहे वाहन चालकों में डर का माहौल पैदा हो गया। पुलिस का 'होम डिलीवरी' एक्शन घर जाकर दी चेतावनी ट्रैफिक पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर गाड़ियों के नंबर ट्रेस किए और सीधे उनके मालिकों के घर पहुंच गई। पुलिस ने इस मामले में 3 इनोवा 1 स्विफ्ट और 1 SUV के खिलाफ कार्रवाई की है। और न केवल भारी-भरकम चालान काटे गए बल्कि बच्चों और उनके परिजनों को सख्त चेतावनी भी दी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि अगली बार ऐसी गलती होने पर गाड़ी जब्त करने के साथ -साथ लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है। ACP ट्रैफिक बोले- यह एन्जॉयमेंट नहीं, मौत को बुलावा है मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी ट्रैफिक गुरुदेव सिंह ने दोटूक शब्दों में कहा कि बच्चे इसे अक्सर शो-ऑफ या मनोरंजन समझते हैं लेकिन यह दूसरों की जिंदगी से खिलवाड़ है। फेयरवेल का जश्न मनाना गलत नहीं है लेकिन सड़क पर स्टंट करना और नियमों को तोड़ना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खुदा ना खास्ता अगर कोई अनहोनी हो जाए तो इसका ताउम्र दर्द सिर्फ उन बच्चों के माता-पिता को झेलना पड़ेगा। हमारी टीम सोशल मीडिया और सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रख रही है। पुलिस प्रशासन ने पेरेंट्स से अपील की है कि वे नाबालिग या बिना अनुभव वाले बच्चों को स्कूल ले जाने के लिए गाड़ियां न दें। बच्चों की छोटी सी जिद बड़े हादसे का कारण बन सकती है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि हुल्लड़बाजो को बख्शा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा।
कुरुक्षेत्र पुलिस ने डॉक्टर से फोन पर रंगदारी मांगने वाले आरोपी बदमाश को गिरफ्तार किया है। आरोपी विक्रमजीत सिंह निवासी डींगवाला जिला हनुमानगढ़, राजस्थान ने रंगदारी नहीं देने पर डॉक्टर को जान से मारने की धमकी दी थी। आरोपी ने डॉक्टर को रंगदारी के लिए कई बार कॉल भी किया। थाना कृष्णा गेट में 12 अप्रैल 2022 को डॉ. अजय कुमार ने बताया था कि उसका कुरुक्षेत्र में अस्पताल है। 11 अप्रैल 2022 की रात करीब 11 बजे उसके फोन पर अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉलर ने खुद को लॉरेश बिश्नोई का दोस्त विक्रम बराड़ बताया था। उसने धमकाते हुए उससे 10 लाख रुपए मांगे थे और 2-3 दिन का समय दिया था। बाद में डिमांड बढ़ गई कुछ देर बाद आरोपी ने फिर से कॉल करके धमकाया और इस बार 25 लाख रुपए मांगे। साथ ही पैसे नहीं देने पर आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी थी। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच सीआईए-एक को सौंपी गई थी। अब पुलिस ने आरोपी विक्रमजीत सिंह को पंजाब की कपूरथला जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। दुबई से कॉल कर मांगी रंगदारी सीआईए-एक के इंचार्ज जसबीर सिंह ने बताया कि आरोपी विक्रमजीत को कोर्ट के ऑर्डर से एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने दुबई से कॉल करके रंगदारी मांगी थी। आरोपी के खिलाफ पहले से 4-5 केस दर्ज है। आरोपी पहले लॉरेंस बिश्नोई के साथ रहता था।
टोंक में कम्युनिटी थिएटर टोंक सोसायटी और एक्स्ट्रा एन ऑर्गेनाइजेशन की ओर से 3 दिन तक नाट्य प्रस्तुतियां की गईं। एक्सपेरिमेंटल स्टूडियो टोंक में हुए इस कार्यक्रम में अलग अलग शहरों के कलाकारों ने 4 नाटकों के जरिए अंधविश्वास, स्वतंत्रता, समाज और कलाकार के रिश्तों जैसे मुद्दों को दर्शकों के सामने रखा। तीनों दिन दर्शकों की मौजूदगी रही और प्रस्तुतियों को लेकर संवाद बना रहा। पहले दिन राजनीतिक और सामाजिक विषय पर नाटकपहले दिन प्रयागराज के युवा रंगकर्मी हरमेंद्र सरताज के निर्देशन में दारियो फो द्वारा लिखित नाटक कांट पे वांट पे प्रस्तुत किया गया। नाटक में आम आदमी के ट्रेड यूनियनों और राजनीतिक पार्टियों से मोहभंग की स्थिति को दिखाया गया। कहानी में यह दिखाया गया कि किस तरह आम आदमी खुद फैसले लेने को मजबूर होता है। नाटक को मौजूदा सामाजिक हालात से जोड़कर पेश किया गया। इसमें हर्ष राज, चाहत जयसवाल, आयुष केसरवानी, शालिनी मिश्रा, हर्षित केसरवानी, हेमंत सिंह, शिखर चंद्रा, ऋषि गुप्ता और आबिद ने अभिनय किया। दूसरे दिन डाकघर में स्वतंत्रता का भावदूसरे दिन शाम 4.30 बजे चितरंजन नामा के निर्देशन में नाटक डाकघर मंच पर आया। यह नाटक जीवन और मृत्यु के बीच आंतरिक स्वतंत्रता की भावना को दर्शाता है। कहानी एक बीमार बच्चे अमल के इर्द गिर्द घूमती है, जो घर की चारदीवारी में रहते हुए भी कल्पना और संवाद के जरिए आजादी महसूस करता है। मंच पर कई खिड़कियों के जरिए इस भाव को दिखाया गया। नाटक में आशीष चावला, मणिकांत लक्षकार, रामरतन गुगलिया, अदनान खान, राजवंती तमोली, शादाब, आफताब नूर, करन कुमार और मोहित वैष्णव ने अभिनय किया। मंच परे शुभम, आशीष और विजयलक्ष्मी रहे। नदी प्यासी थी में अंधविश्वास पर सवालइसी दिन शाम 6.15 बजे हरमेंद्र सरताज के निर्देशन में धर्मवीर भारती की कहानी पर आधारित नाटक नदी प्यासी थी प्रस्तुत किया गया। नाटक में गांव में फैले अंधविश्वास और बाढ़ को लेकर किए जाने वाले पाखंड को दिखाया गया। कहानी में यह सामने आता है कि किस तरह डर और मानसिक दबाव इंसान को जकड़ लेता है। एक ओर उफनती नदी और दूसरी ओर इंसानी मन को समानांतर दिखाया गया। इसमें चाहत जायसवाल, हर्ष राज पाल, आयुष केसरवानी, शालिनी मिश्रा और हर्षित केसरवानी ने अभिनय किया। मंच परे मो. आबिद, ऋषि गुप्ता, शिखर चंद्रा और हेमंत सिंह रहे। तीसरे दिन कलाकार और समाज का रिश्तातीसरे दिन राजकुमार रजक के निर्देशन में नाटक भूखवासी भांड प्रस्तुत किया गया। यह नाटक कलाकार और समाज के बदलते रिश्तों पर केंद्रित रहा। कहानी फ्रांज काफ्का की दि हंगर आर्टिस्ट और प्रफुल्ल राय की बाघ नाच से प्रेरित रही। इसमें कलाकार की इच्छाओं, संघर्षों और मानसिक स्थिति पर समाज के दबाव को दिखाया गया। नाटक में शुभम मेघवंशी, आशीष धाप, आशीष चावला, अवधेश कुमार, मणिकांत लक्षकार, अदनान खान और विजयलक्ष्मी तसेरा ने अभिनय किया। दर्शकों की सहभागिता और अतिथि मौजूद रहेकम्युनिटी थिएटर टोंक से जुड़े मोहित वैष्णव ने बताया कि तीन दिन की प्रस्तुतियों से टोंक में रंगमंच को लेकर सकारात्मक माहौल बना। दर्शकों की भागीदारी लगातार बनी रही। इस दौरान लखनऊ से वरिष्ठ कला समीक्षक और नाद रंग के संपादक आलोक पराड़कर तथा जयपुर के लेखक और वरिष्ठ नाट्य आलोचक राघवेंद्र रावत मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में द इवेंट टॉली, अक्स टेक और माइंड मैक्स अकैडमी का सहयोग रहा, जबकि मीडिया सहयोग स्वर्ण खबर और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म मजाकिया ने किया।
जमुई में आशा कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को सदर अस्पताल परिसर में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। वे पिछले आठ माह से लंबित प्रोत्साहन राशि और मानदेय के भुगतान की मांग कर रही थीं। कार्यकर्ताओं ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नाराजगी व्यक्त करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की। आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें पिछले 8 महीनों से प्रोत्साहन राशि और मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। इसके अतिरिक्त, लगभग 18 वर्षों से लगातार सेवा देने के बावजूद उन्हें अब तक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है और न ही उनके कार्य के अनुरूप वेतन दिया जा रहा है। धरना प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ता ललिता कुमारी ने बताया कि वे वर्षों से स्वास्थ्य विभाग के लिए महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। कोविड-19, फाइलेरिया उन्मूलन, टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य जैसी योजनाओं में उनसे लगातार काम लिया जाता है, लेकिन उन्हें न तो उचित मानदेय मिलता है और न ही स्थायी दर्जा। आशा कार्यकर्ता प्रमिला देवी और सुशीला देवी ने आरोप लगाया कि आठ माह से वेतन नहीं मिलने के बावजूद जब वे अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाती हैं, तो उन्हें अधिकारियों द्वारा धमकी दी जाती है। इसी के विरोध में उन्होंने एक दिवसीय हड़ताल का निर्णय लिया। आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आगे भी आंदोलन को तेज करने के लिए मजबूर होंगी। उन्होंने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से शीघ्र हस्तक्षेप कर बकाया भुगतान और अन्य मांगों को पूरा करने की अपील की। इस धरना प्रदर्शन के कारण सदर अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए कार्य प्रभावित हुआ, हालांकि आपातकालीन सेवाएं जारी रहीं।
MP दिनभर में आज दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। दिनभर की 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, एमपी में आज क्या रहा खास... 1. इंदौर में महिला-पुरुष की बेरहमी से हत्या, दो और पर हमला इंदौर के पास सिंगरौली में पूजा के बहाने बुलाकर एक युवक ने धारदार हथियार से महिला और पुरुष का सिर काट दिया। शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंचे दो लोगों पर भी आरोपी ने हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाके में दहशत फैल गई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है। पढ़ें पूरी खबर… 2. नए लेबर लॉ के खिलाफ सड़कों पर उतरे कर्मचारीनए श्रम कानूनों के विरोध में केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने प्रदेशभर में हड़ताल की। भोपाल में पीएनबी के सामने कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया, वहीं इंदौर में आशा, उषा और परिवेशक कर्मी भी सड़क पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने चारों श्रम संहिताएं रद्द करने की मांग की। हड़ताल का असर कई सरकारी और निजी सेवाओं पर पड़ा। पढ़ें पूरी खबर... 3. बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर बोले- सिर्फ माला नहीं, भाला भी जरूरीबागेश्वर धाम में 301 कन्या विवाह महोत्सव के दौरान सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ हुआ। इसमें राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के संयोजक भी शामिल हुए। मंच से धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि केवल सीताराम जपने से धर्म नहीं बचेगा, बल्कि माला के साथ भाला भी रखना होगा। उनके बयान पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पढ़ें पूरी खबर… 4. इंदौर के NMIMS कॉलेज में वेलेंटाइन डे का इवेंट रोका इंदौर के NMIMS कॉलेज में वैलेंटाइन डे के मौके पर आयोजित बेक सेल इवेंट का हिंदूवादी संगठनों ने विरोध किया। कार्यकर्ताओं ने अश्लीलता के आरोप लगाए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कॉलेज प्रशासन से कार्यक्रम रुकवाया। घटना के बाद कैंपस में तनाव का माहौल बन गया। प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की है। पढ़ें पूरी खबर… 5. दतिया में बेटे ने मां की हत्या की, जमीन अपने नाम कराना चाहता था दतिया जिले में जमीन विवाद के चलते बेटे ने अपनी ही मां को नुकीले पत्थर से कुचलकर मार डाला। आरोपी पत्नी के दबाव में जमीन अपने नाम कराना चाहता था। वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर… 6. MP में मौसम ने बदली करवट, बादल छाए, दिन का तापमान गिरावेस्टर्न डिस्टरबेंस और ट्रफ के असर से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में बादल छाए रहे। इससे दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल बारिश के आसार नहीं हैं, लेकिन ठंडक बनी रह सकती है। लोगों को सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस हो रही है। पढ़ें पूरी खबर… 7. लॉरेंस गैंग के नाम पर अशोकनगर के बिल्डर से मांगे 10 करोड़अशोकनगर के बिल्डर अंकित अग्रवाल को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर व्हाट्सऐप वॉयस नोट से धमकी मिली है। आरोपी ने 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है। कारोबारी वर्ग में डर का माहौल है। पढ़ें पूरी खबर… पॉजीटिव खबर8. 3 सामुदायिक मध्यस्थता केंद्रों का ई-लोकार्पणजबलपुर हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायाधीश विवेक रूसिया ने भोपाल में 3 सामुदायिक मध्यस्थता केंद्रों का ई-लोकार्पण किया। ये सेंटर कलेक्ट्रेट, पत्रकार कॉलोनी और बावड़ियाकलां में खुले हैं। यहां पक्षकार आपसी सहमति से पारिवारिक, संपत्ति और अन्य विवादों का निपटारा मुफ्त में करवा सकेंगे। खबर जरा हटके 9. जबलपुर में मां से बात नहीं हुई तो अलमारी में छिपे छात्र जबलपुर के ग्रीन वैली पब्लिक स्कूल हॉस्टल से दो छात्र रात में लापता हो गए। काफी तलाश के बाद दोनों क्लास की अलमारी में छिपे मिले। मां से बात न कराने से नाराज होकर उन्होंने यह कदम उठाया था। स्कूल प्रशासन ने परिजनों को सूचना दी और बच्चों को समझाइश दी। पढ़ें पूरी खबर… कल का बिग इवेंट10. जनगणना के लिए 55 कलेक्टर, 16 निगमायुक्त और 12 संभागायुक्त भोपाल में जुटेंगेमध्य प्रदेश में आगामी जनगणना की तैयारियों को लेकर बड़ा प्रशासनिक मंथन होने जा रहा है। प्रदेश के सभी 55 जिलों के कलेक्टर, 12 संभाग आयुक्त और सभी नगर निगम आयुक्त कल भोपाल में एकत्र होंगे। यहां उन्हें जनगणना से जुड़ी विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे और अधिकारियों को दिशा-निर्देश देंगे। पढ़ें पूरी खबर…
वाराणसी के DM सत्येंद्र कुमार आज शुक्रवार को परीक्षार्थियों के बीच मेंटर बनकर पहुंचे थे। वह जिलाधिकारी नहीं बल्कि उनके बीच में दोस्त व सलाहकार की भूमिका में नजर आए। दरअसल, क्वींस कॉलेज में आयोजित परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। हॉल में बड़ी संख्या में परीक्षार्थी यहां मौजूद रहे। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल व DIOS भोलेंद्र प्रताप सिंह के सामने परीक्षार्थियों ने परीक्षा को लेकर तमाम सवाल किए। 10वीं के एक छात्र ने सवाल किया कि परीक्षा को लेकर वह तनाव में है। इस पर जिलाधिकारी ने खुद की स्टोरी बताई। उन्होंने कहा कि जब वो खुद IIT की तैयारी कर रहे थे तो उनके मन में भी बेचैनी होती थी कि रिजल्ट क्या होगा? आगे उन्होंने कहा कि परीक्षा और उसके परिणाम को लेकर हर विद्यार्थी के मन में यह विचार आना स्वाभाविक है। लेकिन अच्छी तैयारी और सकारात्मक दृष्टिकोण से चरैवती चरैवति के मार्ग पर आगे बढ़ना है और अपने सपने को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि एक विद्यार्थी की सफलता की कुंजी उसकी तैयारी में निरंतरता का होना है। ईमानदारी से मेहनत, खुद के बारे में सकारात्मक सोच, आगे बढ़ने की ललक और अपने सपने को पूरा करने के लिए निरंतर अभ्यास और प्रयास निश्चय ही मार्ग प्रशस्त करता है। नगर आयुक्त बोले, मैं खुद सरकारी स्कूल में पढ़ा था परीक्षार्थियों के सवाल का जवाब देते हुए नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि वो खुद सरकारी स्कूल के छात्र रहे और अपनी मेहनत से सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़कर यहां तक पहुंचे। उन्होंने छात्रों से कहा कि कोई भी परीक्षा जीवन की आखिरी परीक्षा नहीं होती। इसलिए हर परीक्षा में एक सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जाना है। ईमानदारी से किया हुआ प्रयास हमें बेहतर करने का आत्मविश्वास देता है, फिर सफलता के मार्ग खुल जाते हैं। पहले उस प्रश्न को करें जिसका उत्तर आता हो: DIOS जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेंद्र प्रताप सिंह ने विद्यार्थियों से चर्चा के दौरान बच्चों के सवालों को सुना और उन्हें परीक्षा में बेहतर तरीके से प्रश्नों का उत्तर लिखने को प्रेरित किया। एक बालिका के सवाल पर उन्होंने बताया कि परीक्षा में समय सीमा का ध्यान रखते हुए सभी प्रश्नों को हल करें, किसी भी प्रश्न को न छोड़ें। जिस प्रश्न का उत्तर सबसे अच्छा पता हो, उसे सबसे पहले करें। महत्वपूर्ण टॉपिक का बार बार रिवीजन करें। खानपान और अच्छी नींद भी जरूरी है। समय प्रबंधन के साथ दें परीक्षा क्वींस कॉलेज के प्रधानाचार्य सुमीत कुमार श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को बिना तनाव के समय प्रबंधन के साथ तैयारी करने के लिए प्रेरित किया और विद्यार्थियों को इस वर्ष वाराणसी जनपद से पूरे प्रदेश में टॉप टेन मेरिट लिस्ट में स्थान प्राप्त करने के लिए संकल्पित होने के लिए उत्साहवर्धन किया। जनपद के माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. चारुचंद्र त्रिपाठी, डॉ. प्रतिभा यादव आदि हरे। संचालन हिमांशु तिवारी ने किया।
राजसमंद में राजनगर स्थित नंदनवन मोक्ष धाम सेवा समिति ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश करते हुए 155वें लावारिस शव का हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया। समिति लगातार उन लोगों के लिए परिवार की भूमिका निभा रही है, जिनके अंतिम सफर में साथ देने वाला कोई नहीं होता। 40 साल के युवक का अंतिम संस्कार इस बार समिति ने ढलाराम (40 वर्ष), निवासी वणदार खीवाड़ा जिला पाली, के लावारिस देहांत के बाद उन्हें सम्मानजनक विदाई दी। जानकारी के अनुसार कुंवारियां थाना के एसआई रामचंद्र ने समिति सदस्य कमलेश कोठारी और प्रहलाद वैष्णव को शव के बारे में सूचना दी। सूचना मिलते ही समिति के सदस्य मौके पर पहुंचे और पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की। कोरोना में भी दी थी सेवाएं इस दौरान नगर परिषद के जमादार गोपाल सहित कर्मचारियों का भी सहयोग रहा। समिति के सदस्य कमलेश कोठारी और प्रहलाद वैष्णव ने श्रद्धापूर्वक अंतिम संस्कार संपन्न कराया। नंदनवन मोक्ष धाम सेवा समिति कोरोना काल में भी निरंतर सेवा कार्य करती रही है और अब तक 155 लावारिस शवों का निस्वार्थ भाव से अंतिम संस्कार कर चुकी है। दाह संस्कार से जुड़ी सभी सुविधाएं जरूरतमंदों को निशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।
लखनऊ मेट्रो के प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के लिए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने दूसरा टेंडर जारी कर दिया है। यह टेंडर वसंत कुंज में बनने वाले डिपो का है। इसके निर्माण में करीब 180 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। इससे पहले प्रशासन ने पांच एलिवेटेड स्टेशनों के निर्माण का टेंडर जारी किया था। अधिकारियों का कहना है कि इससे 12 किलोमीटर लंबे ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर को गति मिलेगी। वसंतकुंज में बनने वाला डिपो ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पर चलने वाली ट्रेनों के रखरखाव, जांच और पार्किंग का मुख्य केंद्र होगा। इसे ट्रांसपोर्ट नगर स्थित मौजूदा डिपो की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। डिपो में अत्याधुनिक तकनीक आधारित उपकरण लगाए जाएंगे, जिनमें पिट व्हील लेथ मशीन (पहियों की मरम्मत के लिए), फुली ऑटोमैटिक सिंक्रोनाइज्ड पिट और मोबाइल जैक मशीन (कोच लिफ्टिंग के लिए), बोगी टर्न टेबल (बोगी शिफ्टिंग के लिए), ऑटोमैटिक ट्रेन वॉशिंग प्लांट, इलेक्ट्रिक बोगी शंटर और री-रेलिंग एवं रेस्क्यू गाड़िया शामिल होंगी। डिपो में लगाया जाएगा सोलर पैनल डिपो में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी। यहां सोलर पावर यूनिट लगाई जाएगी। मौजूदा समय लखनऊ मेट्रो 3.122 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन कर रही है। इसके अलावा ड्यूल प्लंबिंग सिस्टम, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP), एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) और संयुक्त STP-ETP यूनिट के जरिए पानी का उपयोग किया जाएगा। 5801 करोड़ की परियोजना, 5 साल में पूरा करने का लक्ष्य 12 किलोमीटर लंबा ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर चारबाग से वसंतकुंज तक विकसित किया जाएगा। इस रूट पर 7 भूमिगत और 5 एलिवेटेड स्टेशन प्रस्तावित हैं। परियोजना की कुल अनुमानित लागत 5801.05 करोड़ रुपए है। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इसे पांच वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि दूसरे बड़े टेंडर के जारी होने से परियोजना क्रियान्वयन की दिशा में मजबूती आई है।

