झांसी में 8 युवकों ने होटल मैनेजर को बेरहमी से पीट दिया। सभी एक रूम में ठहरना चाहते थे। जब मैनेजर ने मना किया तो भड़क गए और गाली गलौच करने लगे। फिर किसी ने बेल्ट बरसाए तो किसी ने लात-घुसे मारे। मैनेजर को लगभग 40 बेल्ट मारे। दो कर्मचारियों बचाने आए तो उनको भी पीटा और सीसीटीवी कैमरा तोड़ दिया। मगर उससे पहले ही पूरी मारपीट रिकॉर्ड हो गई। घटना 15 फरवरी की रात 10:20 बजे की है। सोमवार को सीसीटीवी फुटेज वायरल हो गया। तब पुलिस एक्शन में आ गई और 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूरा मामला नवाबाद थाना क्षेत्र के जेल चौराहा के पास का है। 7 महीने पहले खोला था होटल मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ निवासी घनेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया- जेल चौराहा के पास मेरा विकास नाम से होटल है। जिसे मैं 7 महीनों से संचालित कर रहा हूं। रात 10:20 बजे 7 से 8 युवक आए, वे शराब पिए थे। पहले दो युवक ऊपर आए। काउंटर पर मैनेजर और दो कर्मचारी बैठे थे। दोनों युवक रूम मांगने लगे। मैनेजर ने उनसे कहा कि दो रूम में ठहरने की व्यवस्था कर देंगे। सभी 8 लोग बन जाओगे और 1600 रुपए लगेंगे। तब वे कहने लगे कि एक ही रूम चाहिए। तब मैनेजर ने कह दिया कि एक रूम में नहीं हो पाएगा। आप लोग नशा किए हो, यहां से जाओ। इस पर वे गाली गलौच कर मारपीट करने लगे। कैमरे तोड़ दिए। मैं किसी को नहीं जानता। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों को पकड़ भी लिया है। वीडियो में गिराकर बेरहमी से पीटा घटना का 1 मिनट 59 सेकेंड का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। जिसमें नजर आ रहा है कि युवक और काउंटर के अंदर मौजूद मैनेजर के बीच बहस हो रही है। तभी युवक के साथी आ आते हैं और वे गिरेबान पकड़कर मैनेजर को पीटने लगते हैं। दो कर्मचारी बीच बचाव करने की कोशिश करते हैं तो उन्हें भी पीटते हैं। इसके बाद आरोपी बेल्ट उतार लेते हैं और मैनेजर व दो कर्मचारियों पर बरसाने लगते हैं। इस बीच कुछ युवक काउंटर के ऊपर चढ़कर लात-घुसे मारने लगते हैं। तभी एक आरोपी पत्थर मारकर कैमरा तोड़ देता है। होटल मालिक ने तहरीर नहीं दी नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव ने बताया कि वायरल हो रहे वीडियो को संज्ञान में लेते हुए 3 आरोपियों का शांतिभंग के आरोप में चालान किया गया है। अभी तक होटल मालिक ने तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
यमुनानगर में मकान बेचने के नाम पर दपंती द्वारा धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने मकान का सौदा करके पीड़ित से अग्रिम पांच लाख रूपए हड़प लिए और रजिस्ट्री न करवाकर दस्तावेजों में हेरफेर किया। पीड़ित द्वारा जुलाई 2024 में इसकी शिकायत पुलिस को सौंपी थी, जिसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा ने की। पुलिस ने इसे सिविल विवाद बताकर एफआईआर दर्ज नहीं की। जिसके बाद पीड़ित ने कोर्ट का रूख किया। अब करीब दो साल बाद आरोपियों पर मामला दर्ज हुआ है। 51 लाख रुपए में सौदा हुआ तय शिकायतकर्ता बलविंदर पाल सिंह निवासी ईस्ट भाटिया नगर, मदनपुरी ने कोर्ट में अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी राजविंदर कौर और उसका पति संतोख सिंह निवासी ईस्ट भाटिया नगर ने उससे संपर्क कर अपना मकान बेचने की बात कही, जो राजविंदर कौर के नाम पर होना बताया गया और जिसका रकबा 102.5 वर्ग गज था। आरोपियों की बातों पर विश्वास कर उसने 8 जुलाई 2023 को उक्त मकान के संबंध में 51 लाख रुपए में एग्रीमेंट टू सेल किया और उसी दिन 5 लाख रुपए बतौर बयाना दे दिए। आरोपियों ने इस राशि की रसीद पर हस्ताक्षर भी किए तथा 8 नवंबर 2023 को रजिस्ट्री कराने की तिथि तय हुई। रजिस्ट्री कराने नहीं पहुंचे आरोपी तय तिथि पर शिकायतकर्ता सब-रजिस्ट्रार कार्यालय जगाधरी में शेष रकम और खर्च के साथ पहुंचा, लेकिन आरोपी रजिस्ट्री कराने नहीं आए। बाद में संपर्क करने पर आरोपियों ने पारिवारिक व्यस्तता का बहाना बनाकर जल्द रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया, परंतु बार-बार कहने के बावजूद उन्होंने रजिस्ट्री नहीं कराई। इसके बाद शिकायतकर्ता ने 10 जनवरी 2024 को कानूनी नोटिस भेजकर 7 फरवरी 2024 तक रजिस्ट्री कराने को कहा, लेकिन उस दिन भी आरोपी उपस्थित नहीं हुए और शिकायतकर्ता ने अपनी उपस्थिति शपथपत्र के माध्यम से दर्ज कराई। एग्रीमेंट में ज्यादा दिखाई जमीन आगे शिकायतकर्ता ने बताया कि जब उसने दस्तावेजों की जांच कराई तो पता चला कि ट्रांसफर डीड नंबर 6172 दिनांक 30 सितंबर 2014 के अनुसार राजविंदर कौर के नाम केवल 91.5 वर्ग गज जमीन है, जिसकी नाप पूर्व-पश्चिम 40-40 फुट है, जबकि एग्रीमेंट में 102.5 वर्ग गज दिखाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि संतोष सिंह को अपने पिता की वसीयत से केवल 2040 फुट का हिस्सा मिला था, लेकिन उन्होंने उससे अधिक जमीन ट्रांसफर कर दी और बाद में उससे भी ज्यादा क्षेत्रफल का सौदा शिकायतकर्ता से कर लिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने धोखाधड़ी की नीयत से दस्तावेजों में हेरफेर कर अधिक जमीन दिखाकर उनसे पैसे ठगने की कोशिश की। कोर्ट के आदेश पर करीब दो साल बाद केस दर्ज शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने 2 जुलाई 2024 को पुलिस अधीक्षक, यमुनानगर को शिकायत दी, जिसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा ने की, परंतु मामला सिविल बताकर एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बाद आरोपियों ने उसे धमकाया कि वे प्रभावशाली लोग हैं और यदि दोबारा कार्रवाई की तो उन्हें और उसके परिवार को जान से मार देंगे। इन तथ्यों के आधार पर शिकायतकर्ता ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करने और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की। अदालत के आदेश पर थाना शहर यमुनानगर में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। एफआईआर दर्ज होने के बाद आगे की जांच पुलिस चौकी रामपुरा को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है और तथ्यों के अनुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
साइबर ठग ने सेक्टर-82 विवेक विहार में रहने वाले एक आईटी इंजीनियर महिला से 4जी सिम को 5जी में अपग्रेड के बहाने 24.86 लाख रुपये ठग लिए। महिला से बिना पूछे ठग उनके नाम से ई-सिम के लिए आवेदन कर दिया। इस वजह से उनका मोबाइल बंद हो गया। आरोपी चार दिन के अंदर बैंक खातों व क्रेडिट कार्ड से कुल 24 लाख 86 हजार रुपये आठ बार में अन्य खातों में ट्रांसफर कर लिए। महिला के पति ने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दी। 4जी सिम को 5 जी में कंवर्ट करने की बातपुलिस को पीड़िता ने बताया कि वह सेक्टर 82 विवेक विहार में परिवार के साथ में रहते हैं। वह और उनकी पत्नी एक आईटी कंपनी में इंजीनियर पर पद पर कार्यरत हैं। इसी महीने चार फरवरी को उनकी पत्नी के मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉलर ने वाले ने खुद को एयरटेल कंपनी का कर्मचारी बताया और उनकी 4जी सिम को 5जी में अपग्रेड करने की बात कही। महिला ने स्वीकार कर लिया। ई सिम का कर दिया अनुरोध इसके बाद ठग ने बिना ओटीपी लिए और बिना कोई लिंक भेजे उनके नाम से ई-सिम जारी करने का अनुरोध डाल दिया। तभी पीड़िता को मोबाइल स्वीच ऑफ हो गया। ठग ने उन्हें कॉल कर बताया कि 5जी अपग्रेड के लिए ई-सिम जरूरी है और 24 घंटे के लिए फोन बंद रहेगा। इस दौरान ठग अलग-अलग नंबरों से कॉल कर तकनीकी समस्या का बहाना बनाता रहा। चार दिन तक सिम रहा बंद चार दिन तक मोबाइल चालू नहीं हुआ तो पीड़िता आठ फरवरी को पास के एयरटेल स्टोर पर पहुंची, जहां नई 4जी सिम जारी कराई इसके बाद जब महिला ने अपने बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड चेक किए तो ठगी की जानकारी सामने आई। ठग उनके एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के खातों के साथ-साथ एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड से अलग-अलग खातों से रुपये निकाले थे। अलग-अलग प्लेटफार्म पर किए ट्रांसफर साथ ही कुछ पैसे अमेजन, फ्रीचार्ज और फोनपे जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से ट्रांसफर कर लिए। महिला ने तुरंत बैंकों को सूचना देकर ऑनलाइन एक्सेस बंद कराया, कार्ड ब्लॉक कराए और ट्रांजेक्शन पर शिकायत दर्ज कराई। साथ ही एनसीआरपी पोर्टल पर भी शिकायत दी। मामले में साइबर थाना पुलिस केस दर्ज कर रकम ट्रांसफर खातों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
'हर हर शंभू' शिव भजन से फेमस हुईं अभिलिप्सा पंडा सोमवार को गोरखपुर पहुंची। यहां उनके फैंस ने उनका फूलमाला से जोरदार स्वागत किया। वह गोरखपुर में महाशिवरात्रि महोत्सव में शामिल होने पहुंची हैं। दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में अभिलिप्सा पंडा ने अपने करियर, सफलता और हिन्दुत्व पर बेबाकी से अपनी बात रखी। पढिए पूरी बातचीत… इस वक्त मेरे साथ बॉलीवुड सिंगर अभिलिप्सा पंडा है… स्वागत है मैम! किस प्रोग्राम में गोरखपुर में आई हैं? जवाब: सबसे पहले तो जितने आपके दर्शक हैं उनको सादर नमस्कार हर-हर महादेव। गोरखपुर में मैं महाशिवरात्रि महोत्सव के लिए आई हूँ जो की 17 फरवरी को गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में शाम 7 बजे आयोजित किया जाएगा। आशा करती हूं की आप लोग जरूर आएँगे। गोरखपुर में आकर काफी अच्छा लग रहा है। एक अलग सी ऊर्जा है यहां। एक अलग ही औरा है इस शहर का। सवाल: जिस गाने से आप फेमस हुई हैं सबके जुबान पर है वो गाना, दो लाइन गुनगुना दीजिए… जवाब: जी सही कहा आपने जिसके बारे में बात कर रहे हैं आप, उस गाने ने मुझे बहुत प्यार दिया है। मैं तो इसके लिए महदेव की ही कृपा मानती हूं। गाने के बोल ऐसे हैं ‘नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय, नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय।नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै नकाराय नमः शिवाय।नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै नकाराय नमः शिवाय।हर हर शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेवा,शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेव’ सवाल: अपने करियर के बारे में कुछ बताइए, कैसे उतार चढ़ाव रहा लाइफ में? जवाब: देखिए उतार चढ़ाव और स्ट्रगल तो सबकी लाइफ में होता है। हम सबको स्ट्रगल को इम्पोर्टेंस नहीं देना चाहिए। मैं तो यही कहूँगी कि अपनी स्ट्रगल स्टोरी किसी को मत बताइए यदि किसी को प्रेरणा लेना होगा तो वो आपकी सक्सेस स्टोरी से ले लेगा। बचपन से ही एक आर्टिस्ट की जीन रही है डीएनए में। कल्चरल बैकग्राउंड भी रहा है, 3 साल की उम्र से ही मेरी संगीत शिक्षा शुरू हो गई थी। सवाल: प्रयागराज में अपने काफी समय बिताया है अभी हाल में ही शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर काफी विवाद हुआ है इस पर क्या कहेंगी? जवाब: देखिए विवादास्पद चीजों पर मैं टिप्पणी नहीं करना चाहूंगी। सबका अपना आस्पेक्ट्स होता है, अलग परसेप्शन होता है हम किसी एक साइड को देखकर जज नहीं कर सकते। मैं तो काफी छोटी हूँ, मैं जजमेंट नहीं देना चाहूंगा लेकिन जो भी होता है उसके पीछे कोई ना कोई रीज़न होता है जो ऊपर बैठे हैं वो निर्धारण करते हैं। सवाल: गोरखपुर पहुंचे सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि सभी भारतीय हिन्दू हैं, इसपर क्या कहना है? जवाब: देखिए हिंदू एक धर्म नहीं है, हमारा धर्म सनातन है और सनातन मतलब जिसका न आदि हो न कोई अंत हो। अगर सनातन कहें तो गलत नहीं है। हम हिन्दीभाषी हैं, हिंदुस्तान में रहते हैं, पहले सिंधु नदी के किनारे रहते थे तो अंग्रेज बोल नहीं पाए तो इसे हिंदुस्तान कर दिया। जो भारत में रहते हैं वो हिन्दुस्तानी इसलिए हैं क्योंकि हम सिंधु नदी के मूल निवासी हैं। इसलिए हिंदू कहना गलत नहीं है, हिन्दू कोई धर्म विशेष नहीं, हिन्दू एक विचारधारा है। अगर आप उस विचारधारा को फालो करते हैं तो बेसिकली भारतीय हिन्दू हैं। अंत में उन्होंने गोरखपुर और आस पास के लोगों से अपील की कि उनके प्रोग्राम में भारी संख्या में आकार उनको सपोर्ट करें।
फिल्म प्रोड्यूसर रोहित शेट्टी के घर फायरिंग केस में यूपी के 7 आरोपी पकड़े गए हैं। इसमें 5 आरोपी आगरा के है। इन सबको लॉरेंस गैंग से जुडे़ बाह बिजौली के ही शूटर प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू पंडित ने अपने साथ जोड़ा था। गोलू पंडित ने जयपुर के जी क्लब होटल पर फायरिंग की थी। इस मामले में राजस्थान पुलिस ने उसे आगरा से गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के लिंक गैंगस्टर लॉरेंस से जुड़े हैं। रंगदारी के लिए इस वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों ने एसटीएफ को बताया- लॉरेंस व शुभम लोनकर गैंग के वीडियो इंस्टाग्राम पर देखते थे। हमें लगता था कि हर कोई इनसे डरता है। वीडियो देखकर ही गैंग से जुड़ने का मन बनाया था। इसके बाद प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू पंडित के संपर्क में आया। उसी ने हम सबको गैंग में जुड़वाया था। दैनिक भास्कर की टीम आरोपियों के गांव पहुंची। सभी आगरा के बाह तहसील के बिजौली गांव के रहने वाले हैं। सभी आपस में दोस्त है। सभी के घर 100 मीटर की दूरी पर है। भास्कर इन लोगों के गांव का हाल जाना। वहां के हालातों को जाना। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…. पहले पढ़िए STF की कार्रवाईहरियाणा STF और मुंबई पुलिस ने साथ मिलकर ये ऑपरेशन किया है। आरोपियों में 5 आगरा और नोएडा और इटावा के एक-एक निवासी है। आरोपी लॉरेंस गैंग के कहने पर फिल्मी हस्तियों को डराने के लिए उनके घरों पर फायरिंग करते थे, ताकि रंगदारी वसूली जा सके। आरोपी आगरा, नोएडा और इटावा के रहने वाले दीपक मेन शूटर, विदेश में बैठे हरि बॉक्सर और आरजू के संपर्क में थाSTF के मुताबिक, दीपक मुख्य शूटर था, जो विदेश में बैठे हरि बॉक्सर और आरजू के संपर्क में था। उसी ने रोहित शेट्टी के घर पर गोली चलाई थी। वहीं, उसके साथी सन्नी और सोनू ने घर के बाहर रेकी की थी। आरोपी रितिक ने दीपक और उसके साथियों को छिपने में मदद की। लॉरेंस गैंग के ये मेंबर हरियाणा के झज्जर, आगरा और नोएडा में छिपे हैं। इसके बाद STF और मुंबई पुलिस की टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी। 15 फरवरी को झज्जर के मछरौली से मेन शूटर दीपक सहित सनी, सोनू और रितिक को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा आगरा और साहिबाबाद (गाजियाबाद) से विष्णु कुशवाहा, जतिन भारद्वाज और विशाल को भी गिरफ्तार किया गया। अब पढ़िए पकड़े गए आगरा के आरोपियों के बारे में….. गांव बिजौली, 6 आरोपी, 100 मीटर में सबके घररोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच के साथ यूपी एसटीएफ भी लगी थी। मुंबई क्राइम ब्रांच ने रविवार को आगरा एसटीएफ के साथ मिलकर बाह के बिजौली गांव में दबिश दी। यहां से एसटीएफ ने विष्णु नाम के युवक को पकड़ा। विष्णु ही शुभम लोनकर गैंग के शूटर प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू पंडित के संपर्क में था। उसने ही प्रदीप के कहने पर अपने गांव के रहने वाले लड़कों को गैंग के लिए काम करने को तैयार किया था। उसने ही गांव के दीपक, सनी, सोनू, रितिक को गोलू को तैयार किया। सभी के घर गांव में 100 मीटर के दायरे में हैं। सब एक-दूसरे को बचपन से जानते हैं। आरोपियों ने बताया- हम लोग लॉरेंस व शुभम लोनकर गैंग के वीडियो इंस्टाग्राम पर देखते थे। लगता था कि हर कोई इनसे डरता है। वीडियो देखकर ही गैंग से जुड़ने का मन बनाया। इसके बाद प्रदीप उर्फ गोलू पंडित के संपर्क में आए। प्रदीप भी हमारे गांव का था। उसने ने जयपुर के कारोबारी से 5 करोड़ की रंगदारी के लिए फायरिंग की थी तो उसे इसके एवज में मोटी रकम मिली थी। हमें भी लगा कि फायरिंग करके अमीर बन जाएंगे। मुंबई में रहकर रेकी कीइसके बाद प्रदीप ने ही हम लोगों गैंग में जुड़वाया। हम लोगों का पहला काम रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग का दिया गया। फायरिंग करने के लिए हम मुंबई पहुंचे। वहां रहकर हम लोगों ने एक हफ्ते तक रेकी की। फायरिंग के बाद आसानी से कहां से भाग सकते हैं, वो भी देखा। इसके बाद गैंग की ओर से हम लोगों सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल उपलब्ध कराई गई। 31 जनवरी की आधी रात को हम लोगों ने रोहित शेट्टी के घर पर अंधाधुंध फायरिंग की। मुंबई से भागकर नोएडा पहुंचे, वहां छिपे रहे इसके बाद हम लोग सोशल मीडिया और इलेक्ट्रोनिक मीडिया के जरिए पुलिस की गतिविधि पर नजर रखे हुए थे। मौका मिलते ही हम लोगो मुंबई छोड़कर निकल आए। विष्णु ने अपने क्षेत्र के रहने वाले जतिन भारद्वाज जो वर्तमान में नोएडा में रह रहा था, उसके घर पर सबको छिपाने की व्यवस्था की। इटावा के विशाल ने भी इनकी मदद की थी। विष्णु के घर पर लगा तालाविष्णु आर्थिक रूप से कमजोर है। उसके पिता किसान है। एक भाई गुजरात में काम करता है। विष्णु भी गांव की एक जिम में काम करता था। सोमवार को गांव में विष्णु के घर पर ताला लगा हुआ था। वहीं, रितिक के घर पर भी कोई नहीं था। सोनू के घर पर ताला नहीं था, लेकिन घर पर उसकी दो बहनें थीं। अब गांव में कोई भी इनके बारे में बात नहीं कर रहा है। पकडे़ गए सभी आरोपी 20 से 24 साल के हैं। 10 दिन पहले ही छूटा है प्रदीपलॉरेंस गैंग के लिए काम करने वाला प्रदीप उर्फ गोलू पंडित को राजस्थान पुलिस ने दो साल पहले गिरफ्तार किया था। गांव में चर्चा है कि 10 दिन पहले ही प्रदीप राजस्थान की जेल से जमानत पर बाहर आया है। अभी वो गांव में दिखाई नहीं दिया। प्रदीप ने ही अपने गांव के युवकों को गैंग में शामिल कराया था। जानिए क्या है पूरा मामला? 31 जनवरी देर रात रोहित शेट्टी की बिल्डिंग पर पांच राउंड फायरिंग की गई थी। पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने मुंबई के जुहू इलाके में स्थित नौ मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर रात करीब 12.45 बजे फायरिंग की। उन्होंने बताया था कि कम से कम पांच राउंड गोलियां चलाई गईं, जिनमें से एक गोली इमारत में बने जिम के शीशे से टकराई। वहीं, इंडिया टुडे ने अपनी रिपोर्ट में एक स्क्रीनशॉट शेयर कर दावा किया था कि लॉरेंस गैंग ने हमले की जिम्मेदारी ली है। यह स्क्रीनशॉट शुभम लोनकर आरजू नाम के अकाउंट की फेसबुक पोस्ट का है। पोस्ट में लिखा था- अगली बार छाती पर गोली लगेगीइस पोस्ट में लिखा गया था, सभी भाइयों को आज जो ये मुंबई में (शेट्टी टावर) फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग हुई है, उसकी जिम्मेदारी शुभम लोनकर, आरजू बिश्नोई, हरि बॉक्सर, हरमन संधू हम लेते हैं। हमने इसको बहुत बार मैसेज लगाया कि हमारे काम में दखल ना दे, लेकिन इसको समझ में नहीं आया। इसको ये छोटा सा ट्रेलर दिया है। अगर इसने आगे फिर हमारी बात नहीं समझी और हमारी बात नहीं मानी, तो अब घर के बाहर नहीं, अंदर इसके बेडरूम में गोली चलेगी, इसकी छाती पर। इसी पोस्ट में आगे लिखा था, और आगे बॉलीवुड को चेतावनी है कि टाइम रहते सुधर जाओ, नहीं तो बहुत बुरा हाल होगा। तुम्हारा बाबा सिद्दीकी से भी बुरा हाल करेंगे। हमने जिन-जिन लोगों को फोन कर रखा है, या तो टाइम रहते लाइन पर आ जाओ, वरना छिपने के लिए जगह कम पड़ जाएगी। और जितने भी हमारे दुश्मन हैं, तैयार रहो, जल्दी ही मुलाकात होगी तुमसे। नोट- एक ही था, एक ही है और एक ही रहेगा लॉरेंस बिश्नोई गैंग। रणवीर सिंह-रोहित शेट्टी को फिर मिली थी धमकीवहीं, रणवीर सिंह और फिल्ममेकर रोहित शेट्टी को शुक्रवार को एक ऑडियो क्लिप के जरिए धमकी मिली। पुलिस ने बताया कि भेजने वाले ने खुद को लॉरेंस गैंग का सदस्य हरि बॉक्सर बताया। रणवीर सिंह को एक में हफ्ते दूसरी बार धमकी मिली। धमकी वाली यह ऑडियो क्लिप कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो गई, जिसके बाद मुंबई पुलिस ने मामले में जांच शुरू की। समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, एक अधिकारी ने कहा कि शक है कि देशभर में कई और लोगों को भी ऐसी ही धमकियां दी गई हों। पूरी खबर पढ़ें… कौन है शुभम लोनकर और आरजू बिश्नोई? शुभम लोनकर लॉरेंस गैंग का एक प्रमुख की ऑपरेटिव माना जाता है। शुभम एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या (अक्टूबर 2024) का मुख्य संदिग्ध और साजिशकर्ता है। उसने फेसबुक पर उस हत्या की जिम्मेदारी भी ली थी। वहीं, आरजू बिश्नोई को गैंग का एक सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है, जो सोशल मीडिया और धमकियों के जरिए गैंग की गतिविधियों को संचालित करने में मदद करता है। …………… ये खबर भी पढ़ें… क्या अखिलेश फिर मायावती को साथ लाना चाहते हैं:नसीमुद्दीन की जॉइनिंग पर बसपा को साधने की कोशिश; देखिए VIDEO लखनऊ में अखिलेश यादव ने 15 फरवरी को नसीमुद्दीन सिद्दीकी को सपा में जॉइन कराया। नसीमुद्दीन का सपा में शामिल होना यूपी के सियासी समीकरण बदलने का संकेत माना जा रहा है। लेकिन, सबसे ज्यादा चर्चा जॉइनिंग के दौरान अखिलेश यादव के बहुजन समाज को लेकर दिए भाषण को लेकर हो रही है। कहा जाने लगा है कि क्या अखिलेश एक बार फिर से मायावती से जुड़ना चाहते है? पढ़िए पूरी खबर
जवाबदेही मजबूत करने और विभागों के बीच जिम्मेदारी टालने की प्रवृत्ति खत्म करने के उद्देश्य से नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। प्राधिकरण ने अलग-अलग संचालित पब्लिक हेल्थ और नोएडा ट्रैफिक सेल की जिम्मेदारियां जोनल वर्क सर्किलों को सौंप दी हैं। नए ढांचे में निर्णय लेने और फील्ड स्तर पर निगरानी की जिम्मेदारी सीधे जनरल मैनेजर (जीएम) स्तर पर तय की गई है।संशोधित व्यवस्था के तहत वर्क सर्किल 1 से 5 का प्रभार जीएम एसपी सिंह को दिया गया है, जबकि वर्क सर्किल 6 से 10 की कमान जीएम एके अरोड़ा संभालेंगे। एसपी सिंह, जो पहले ट्रैफिक सेल और पब्लिक हेल्थ विभाग के साथ-साथ सिविक कार्यों का अतिरिक्त प्रभार देख रहे थे, अब अपने क्षेत्र में स्वच्छता, सीवर रखरखाव, नालों की सफाई, खुदाई की निगरानी, सड़क बहाली और ट्रैफिक से जुड़े सिविल कार्यों की एकीकृत जिम्मेदारी निभाएंगे। अरोड़ा को भी अपने जोन में इसी प्रकार की जिम्मेदारी दी गई है। सिंगल-पॉइंट जवाबदेही का मॉडलनए ढांचे में सीनियर मैनेजर और प्रोजेक्ट स्टाफ सीधे वर्क सर्किल के जीएम को रिपोर्ट करेंगे। इससे जीएम स्तर पर सिंगल-पॉइंट जवाबदेही सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है। प्राधिकरण का मानना है कि इससे फाइलों के अनावश्यक आदान-प्रदान, देरी और निर्णय में अस्पष्टता की समस्या कम होगी।सेक्टर 150 हादसे के बाद समीक्षायह पुनर्गठन सेक्टर 150 स्पोर्ट्स सिटी में 27 साल के युवराज सिंह की मौत के बाद किया गया है। युवराज खुले ट्रेंच में गिरकर डूब गए थे। घटना के बाद बैरिकेडिंग, खुदाई सुरक्षा मानकों और साइट मॉनिटरिंग को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया था कि ट्रेंच पर्याप्त चेतावनी संकेत, रोशनी या सुरक्षा कवर के बिना खुला छोड़ा गया था। ओवरलैपिंग जिम्मेदारियों से छुटकाराअधिकारियों के अनुसार, 2012 में गठित ट्रैफिक सेल और पब्लिक हेल्थ विभाग समय के साथ सिविल विभाग से अलग-अलग काम करते रहे। खुदी सड़कों, ट्रेंच बहाली या जलभराव जैसे मामलों में फाइल विभागों के बीच घूमती थी, जिससे देरी और जवाबदेही का अभाव पैदा होता था। नई व्यवस्था से ओवरलैप की समस्या नहीं होगी। इससे काम जल्दी और जावबदेही तय करने में आसानी होगी।
हरियाणा के रोहतक की रहने वाली कांग्रेस नेत्री हिमानी नरवाल हत्याकांड में आज कोर्ट में सुनवाई होगी। वहीं, हिमानी की मां सविता पुलिस की जांच पर बार-बार सवाल उठा रही है। मां का दावा है कि आरोपी सचिन अकेला हत्या करने वाला नहीं है। वहीं, पुलिस ने सचिन को ही आरोपी बनाकर चार्जशीट पेश कर रखी है। इस मामला अब कोर्ट में विचाराधीन है। हिमानी नरवाल की 27 फरवरी की रात बहादुरगढ़ के रहने वाले सचिन ने गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद सूटकेस में हिमानी नरवाल का शव रखकर सांपला बस स्टैंड के पास झाड़ियों फेंक दिया। एक मार्च को सूटकेस से हिमानी नरवाल का शव मिला, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और 5 मार्च को आरोपी सचिन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मामले को दबाने का प्रयास कियामां सविता ने कहना है कि पुलिस मामले को शुरू से ही दबाने का प्रयास कर रही है। हिमानी की हत्या में सचिन तो आरोपी है ही, लेकिन सचिन के साथ ओर भी व्यक्ति हत्याकांड में शामिल है। सचिन को उसके घर तक पहुंचाने वाला कोई ओर है, जिसके इशारे पर सचिन ने हत्या की है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चुन्नी से गला दबाने की बात, पुलिस मोबाइल चार्जर से बता रहीसविता ने सवाल उठाया कि पुलिस ने हिमानी की हत्या मोबाइल चार्जर से गला दबाकर करने की बात कही थी। लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चुन्नी से गला दबाकर हत्या करने की बात सामने आई। अब या तो पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट झूठी है या पुलिस द्वारा बताई गई बात झूठी है। मणीपुर में हिमानी को किया परेशानसविता ने बताया कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान हिमानी मणीपुर गई थी, जहां कांग्रेस के नेताओं ने ही उसे परेशान किया और इसी कारण हिमानी यात्रा को बीच में छोड़कर वापस आ गई। हिमानी ने बताया कि उसे परेशान किया जा रहा है और उसके साथ कुछ भी गलत हो सकता है। राहुल गांधी की यात्रा में शामिल होने से चर्चा में आईहिमानी नरवाल उस समय चर्चा में आई, जब राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में वह शामिल हुई। भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी के साथ हिमानी को एक-दो बार नहीं, बल्कि 14 बार देखा गया। राहुल गांधी व हुड्डा परिवार से नजदीकी बढ़ती देख कुछ लोगों को हिमानी से परेशानी होने लगी थी। सचिन को पहुंचाने वाला कोई ओर षड़यंत्रकारीसविता ने कहा कि सचिन ने हत्या की, लेकिन हत्या की साजिश रचने वाला सचिन नहीं बल्कि कोई ओर है। बरोदा हलके के एक युवक के साथ हिमानी की कहासुनी हुई थी। वह शराब के नशे में घर भी आया था। इस बात पर झगड़ा भी हुआ था। हत्या के पीछे उसी व्यक्ति का हाथ होने की पूरी संभावना है, जिसे कांग्रेस के नेता बचाने में लगे है।
लुधियाना के दुगरी इलाके में सोमवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। दुगरी फेस-1 में दिहाड़ी पर काम कर रही विवाहिता महिला पर बाइक सवार युवक ने एसिड फेंककर फरार हो गया। हमले में महिला का चेहरा और आंखें बुरी तरह झुलस गई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उसे गंभीर हालत में चंडीगढ़ के पीजीआई रेफर किया गया है। क्या था पूरा मामला घटना 16 फरवरी दोपहर करीब 2 बजे की है। पीड़ित महिला सावित्री दुगरी के गुरुग्यान विहार फेस-1 स्थित प्लॉट में रोड़ी डालने का काम कर रही थी। तभी बाइक पर सवार एक युवक वहां पहुंचा। युवक ने सिर पर पगड़ी और ऊपर से हेलमेट पहन रखा था जिससे पहचान मुश्किल हो गई। महिला को लगा कि शायद प्लॉट मालिक का कोई लड़का सामान देने आया होगा। जैसे ही वह पास पहुंची बाइक सवार ने बोतल निकाली और उसके चेहरे पर तरल पदार्थ फेंकते हुए कहा अब तुम्हें किसी काम के लायक नहीं रहने देंगे।तेजाब चेहरे पर गिरते ही महिला दर्द से चीख उठी। आरोपी मौके से बाइक भगा ले गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे सिविल अस्पताल पहुंचाया जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। पीड़िता ने बताई अपनी आपबीती पीड़ित महिला ने बताया कि वह मूल रूप जिला हरदोई उत्तर प्रदेश की रहने वाली है पहले वहा चंडीगढ़ रहती थी और कुछ महीनों से अपनी बहन के पास लुधियाना में रह रही थी। महिला के अनुसार उसकी बहन इंस्टाग्राम पर वीडियो बनाती है और कभी-कभी वह भी उसके साथ वीडियो में दिखाई देती है। इसी को लेकर एक युवक सोशल मीडिया पर दोनों बहनों के बारे में गलत टिप्पणियां करता था। महिला ने बताया एक लड़का मेरी बहन के वीडियो अपने अकाउंट और एक फेक अकाउंट पर पोस्ट करता था। हमारे बारे में गलत बातें लिखता था। हमें बदनाम करता था। हमने इसकी शिकायत पुलिस को भी की थी। पुलिस ने उसे चेतावनी भी दी थी लेकिन वह नहीं माना। परिवार का शक है कि इसी रंजिश के चलते आरोपी ने हमला किया होगा क्योंकि वह युवक चंडीगढ़ का रहने वाला है। फिलहाल पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है। पीड़िता शादीशुदा,तीन बच्चों की मां महिला विवाहित है और उसके तीन छोटे बच्चे हैं। परिवार इस घटना से सदमे में है। इलाज जारी है और डॉक्टरों के अनुसार उसकी आंखों और चेहरे को गंभीर नुकसान पहुंचा है। पुलिस जांच: आरोपी की पहचान मुश्किल हमलावर ने पगड़ी और हेलमेट दोनों पहन रखे थे जिससे चेहरा दिखना लगभग असंभव था। पुलिस आसपास की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और सोशल मीडिया पर चल रही आपसी रंजिश की भी जांच कर रही है।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिला के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सोशल मीडिया विवाद सामने आया है लेकिन पुख्ता सबूतों के लिए CCTV कॉल डिटेल्स और अन्य तकनीकी जांच जारी है।
रोहतक में दिल्ली बाईपास स्थित आईजी ऑफिस से महज 50 मीटर दूर गैंगवार देखने को मिली। नोबल हार्ट अस्पताल के बाहर 3 बदमाशों ने एक युवक पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाना शुरू कर दिया। गोलियां लगने के कारण युवक की मौके पर ही मौत हो गई। यह पूरा मामला वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो गया। मृतक की पहचान गांव निजामपुर माजरा जिला सोनीपत निवासी दिनेश उर्फ गोगा के रूप में हुई, जो गांव रिटोली के बाबा गैंग का सदस्य है। वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश हिमांशु भाऊ गैंग के सदस्य होने की आशंका है, क्योंकि बाबा गैंग व भाऊ गैंग के बीच 2019 से दुश्मनी चलती आ रही है। दोनों गैंगों के बीच अब तक 6 मर्डर हो चुके हैं। सीसीटीवी में हथियारों के साथ दिखा बदमाश अस्पताल के बाहर लगे सीसीटीवी में दो युवक चिप्स व कोल्ड ड्रिंक लेकर जाते दिख रहे हैं। उनके पीछे से एक युवक आया और गोली मारकर भाग गया। इसके बाद दो युवक आए और वहीं खड़े होकर लगातार गोलियां चलाते रहे। इसमें एक युवक के दोनों हाथों में हथियार दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें वह बाद में जेब के अंदर रख लेता है। मृतक के शरीर पर 20 से अधिक गोलियों के निशानमृतक दिनेश उर्फ गोगा के शरीर को गोलियों से छलनी किया गया है। दिनेश की पेट व छाती पर 20 से अधिक गोलियों के निशान देखने को मिले। जबकि चेहरे पर भी गोलियों के निशान दिख रहे हैं। अचानक पीछे से हुए हमले के कारण दिनेश को संभलने का मौका नहीं मिला था। आरोपी वारदात को अंजाम देकर आराम से पैदल ही मौके से निकल गए। गोलियों की आवाज सुनकर घबरा गया अस्पताल के साथ लगती दुकान के मालिक ने बताया कि वह दुकान के अंदर था। अचानक गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। बाहर झांक कर देखा तो दो युवक गोलियां चला रहे थे। यह देखकर वह घबरा गया और दुकान में काउंटर के पीछे बैठ गया। जब आरोपी चले गए तो उसने वहां एक युवक का शव पड़ा देखा। 2 मार्च 2022 को बाबा गैंग ने हिमांशु भाऊ के चचेरे भाई की हत्या कीगांव रिटोली के सक्रिय दो गैंग हिमांशु भाऊ व बाबा गैंग के बीच पहला मर्डर 2 मार्च 2022 को हुआ था। इस दिन बाबा गैंग के सदस्यों ने हिमांशु भाऊ के चचेरे भाई रोहित उर्फ बजरंग की हत्या की थी। उसके साथ रोहित के दोस्त राजेंद्र उर्फ माडू को भी मार दिया था। हिमांशु भाऊ ने लिया चचेरे भाई की मौत का बदलाचचेरे भाई की मौत का बदला हिमांशु भाऊ ने मात्र 5 दिन बाद ही ले लिया। हिमांशु भाऊ ने 7 मार्च 2022 को बाबा गैंग के सदस्य हंसराज उर्फ हंसे की बस अड्डे पर बस में घुसकर हत्या की थी। इसके बाद 2 जून 2025 को अंकित उर्फ बाबा के चाचा अनिल कुमार की गांव रिटोली के बाहर फायरिंग करके हत्या करवाई गई। 19 दिसंबर 2025 को शराब ठेके पर सन्नी रिटोलिया पर हुई फायरिंग गैंगवार के दौरान 19 दिसंबर 2025 को गांव रिटोली के शराब ठेके पर अंकित उर्फ बाबा के भाई सन्नी रिटोलिया पर हिमांशु भाऊ गैंग ने फायरिंग की। इस मामले में हिमांशु भाऊ गैंग का एक सदस्य मारा गया। मृतक झज्जर का रहने वाला दीपांशु था। गैंगवार में 16 फरवरी 2026 को बाबा गैंग के सदस्य दिनेश उर्फ गोगा की हत्या हुई है। मृतक का आज करवाया जाएगा पोस्टमॉर्टममामले की जांच कर रही पुलिस ने बताया कि मृतक दिनेश के शव को रात के समय डेड हाउस में रखवा दिया था। आज मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। वहीं, सीसीटीवी को कब्जे में लिया है। पुलिस मामले में आरोपियों की तलाश कर रही है। जल्द आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा।
बिहार विधानसभा के बजट सत्र का आज 11वां दिन है। आज भी आरक्षण समेत कई मुद्दों पर सदन में जोरदार हंगामा होने के आसार हैं। लोजपा आर ने दलित नेता रामविलास पासवान के बेचारे मामले पर राजद के खिलाफ मोर्चा खोल रखी है। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस आरक्षण की सीमा इजाफे को लेकर सरकार पर हमलावर है। दोनों दलों के हंगामे की वजह से सदन गर्म रहेगा। कल LJP-R और राजद विधायक में हुई थी नोकझोंक सोमवार को सदन की कार्यवाही काफी गरमा गरम रहा। सेकेंड हाफ में सदन में उस समय माहौल गरमा गया जब विधानसभा की कार्यवाही के दौरान LJP-R के विधायक राजू तिवारी और राजद विधायक कुमार सर्वजीत के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। राजू तिवारी ने अपने भाषण में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “पता नहीं विपक्ष के लोग किस संस्कार के हैं। विपक्ष को सदन का आईना कहा जाता है, लेकिन आईना तो बस एक दिन ही दिखा। विपक्ष के लोग बताएं कि नेता प्रतिपक्ष कहां हैं?” इस बयान पर कुमार सर्वजीत भड़क गए। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा, “हमलोग सामाजिक न्याय के लोग हैं। जब 12 जनपथ खाली था तब आपकी जुबान बंद थी। जब रामविलास पासवान जी की मूर्ति उखाड़ी जा रही थी, तब भी आपकी जुबान बंद थी।” दोनों नेताओं के बीच कुछ देर तक तीखी बहस चलती रही, जिससे सदन का माहौल शोर-शराबे में बदल गया। हालांकि बाद में सभापति के हस्तक्षेप के बाद कार्यवाही आगे बढ़ाई गई। मैंने किसी का अपमान नहीं किया रामविलास को बेचारा बताने वाले राजद विधायक सर्वजीत ने कहा, 'जब कोई महान पुरुष धरती से चला जाता है तो कहा जाता है वो बेचारे आज होते तो दलितों के लिए कुछ और बेहतर करते। ये कोई अपराधिक शब्द नहीं है। हम मांग करते हैं रामविलास पासवान जी की मूर्ति विधानसभा में लगनी चाहिए।' राजद विधायक सर्वजीत ने कहा था- रामविलास पासवान जी दलितों के बड़े नेता हैं। विधानसभा के कैंपस में उनकी मूर्ति लगवानी चाहिए। दलितों के बच्चे सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आज बेचारे रामविलास पासवान जी जिंदा होते तो ऐसे हालात नहीं होते।
जयपुर के नांगलजैसा बोहरा इलाके में एक जुलाई 2018 की सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक खाली प्लॉट में प्लास्टिक के कट्टे से एक शख्स की लाश बरामद हुई। हत्यारों ने बेरहमी की सारी हदें पार करते हुए न केवल युवक की हत्या की, बल्कि उसकी गर्दन काटकर शरीर से अलग कर दी। यही नहीं मृतक के दोनों पंजों पर दो-दो कीलें भी ठोकी हुई थीं। वारदात का खुलासा सुबह करीब साढे़ छह बजे हुआ। इलाके के मयूर विहार में हर रोज की तरह एक स्थानीय निवासी अपने मकान की छत पर टहलने गया। तभी उसकी नजर उसके घर के पास पड़े एक खाली प्लॉट पर गई। ध्यान से देखा तो खाली प्लॉट में एक प्लास्टिक का कट्टा पड़ा हुआ था,दूर से ऐसा नजर आ रहा था जैसे उसे बांध कर रखा हुआ हो। कट्टे को देखकर उसे संदेह हुआ। संदेह होने पर फौरन पड़ोसियों को इकट्ठा किया। जैसे-तैसे हिम्मत जुटाकर कट्टे के ऊपरी हिस्से को खोला। जैसे ही कट्टे को खोला गया वहां मौजूद लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। कट्टे के अंदर एक थैली रखी थी, जिसमें एक व्यक्ति का खून से लथपथ कटा हुआ सिर था। कटा सिर देख लोगों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में 100 नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने खाली प्लॉट का मुआयना किया। स्थानीय लोगों की निशानदेही पर पुलिस ने पूरे कट्टे को खोलकर उसकी तलाशी ली। शख्स की सिर कटी लाश थी। धड़ पर कपड़े नहीं थे। ऐसा लग रहा था कि शरीर से गर्दन को काटकर अलग किया गया। फिर उसे एक अलग थैली में भरकर लाश के साथ ही कट्टे में डाल दिया गया। दोनों पैरों के पंजों पर दो-दो नुकीली कीलें ठोंकी हुई थीं। प्रारंभिक जांच में साफ हो गया था कि हत्यारों ने वारदात की कहीं और अंजाम दिया और इसके बाद शव ठिकाने लगाने के लिए कट्टे में बांधकर इस प्लॉट में फेंक दिया। पुलिस के सामने कई सवाल थे… कल पार्ट-2 में पढ़िए इन सभी सवालों के जवाब…
पाकिस्तानी महिला सबा उर्फ नाजी उर्फ नाजिया की गिरफ्तारी को उनके अधिवक्ता वीके शर्मा कोर्ट में चुनौती देंगे। उनका आरोप है कि पुलिस ने गलत तरीके से सबा उर्फ नाजी उर्फ नाजिया को गिरफ्तार किया है। वह लान्ग टर्म वीजा पर यहां हैं जो 2027 तक वैलिड है। जहां तक बात नकली वोटर ID कार्ड तैयार कराने की है तो वह भी उन्होंने नहीं बनवाया। उन्होंने इसे उन विरोधियों की साजिश बताया है, जिनका लंबे समय से सबा उर्फ नाजी उर्फ नाजिया से प्रोपर्टी विवाद चला आ रहा है। तीन तस्वीरें देखें… पहले जानिए पुलिस की कार्रवाई देहलीगेट की कोठी अतानस निवासी रुकसाना ने उच्चाधिकारियों को एक शिकायती पत्र देकर पाकिस्तानी महिला सबा उर्फ नाजी उर्फ नाजिया पर गैरकानूनी तरीके से भारत में रहने का आरोप लगाया था। महिला ने बताया कि नादिर अली बिल्डिंग निवासी फरहत मसूद ने पाकिस्तान जाकर सबा उर्फ नाजी से निकाह किया। 25 मई, 1993 को पाकिस्तान में सबा ने एक बेटी ऐमन फरहत को जन्म दिया। बाद में वह लान्ग टर्म वीजा पर भारत आ गई और अपने पासपोर्ट पर बेटी को भी ले आई। पासपोर्ट व वोटर ID बनवाने का आरोपआरोप है कि भारत आकर सबा उर्फ नाजी ने फर्जी तरीके से अपने दो वोटर कार्ड बनवा लिए। इनमें एक वोटर ID सबा मसूद तो दूसरा नाजिया मसूद के नाम का है। इसके अलावा गलत तरीके से अपनी बेटी का पासपोर्ट भी तैयार करा लिया। शिकायत में बताया गया कि सबा के पिता पाकिस्तान में ISI एजेंट हैं, जिनके लिए भारत में सबा व ऐमन जासूसी करते आ रहे हैं। नियमों को तोड़कर दोनों बिना अनुमति के यात्रा भी करती आ रही हैं। अब जानिए क्या बोले उनके अधिवक्ता एडवोकेट वीके शर्मा बताते हैं कि यह विवाद प्रोपर्टी या कहें तो कारोबार पर कब्जा जमाने से जुड़ा है और सालों से चला आ रहा है। दरअसल, मोहम्मद इशाक ने इस कारोबार की शुरुआत की थी। उनकी दो पत्नियां थीं। एक पत्नी से फरहत मसूद हुए जबकि दूसरी से फाइज अहमद पैदा हुए। दोनों के बीच ही यह प्रोपर्टी विवाद है। नियमानुसार दोनों को दादा अथवा पिता के द्वारा शुरु की गई फर्म के नाम का उपयोग करने का अधिकार है। जबकि विपक्ष यह नहीं चाहता। आरोप बिल्कुल बेबुनियाद व गलत वीके शर्मा का कहना है कि एक महिला ने यह आरोप लगाए हैं कि फरहत मसूद की पत्नी सबा उर्फ नाजी उर्फ नाजिया व बेटी ऐमन फरहत पाकिस्तान के लिए जासूसी करते हैं। यहां तक कहा गया है कि वह गैरकानूनी तरीके से भारत में रह रहे हैं। जबकि दोनों आरोप पूरी तरह गलत व निराधार हैं। सबा उर्फ नाजी उर्फ नाजिया पर लॉन्ग टर्म वीजा है, जिसे चेकपोस्ट परमिट भी बोला गया है। इसी वीजा से ऐमन फरहत भारत आईं थीं। दोनों ही एलआईयू के संपर्क में रही हैं। पिता से होती है औलाद की पहचान अधिवक्ता का कहना है कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सबा उर्फ नाजी उर्फ नाजिया द्वारा भारत की नागरिकता से जुड़ा आवेदन भी वर्ष 1991 में किया जा चुका है जो अभी तक लंबित है। जब तक उनके पास वैलिड पासपोर्ट है, तब तक उन्हें गैरकानूनी बोलना गलत है। जहां तक बात बेटी ऐमन फरहत की है तो वह अपने पिता के नाम से जानी जाएगी और पिता भारत के नागरिक हैं। जहां तक वीजा की बात है तो यह 10 मार्च, 2027 तक वैध है। मुकदमे व गिरफ्तारी को देंगे चुनौती वीके शर्मा एडवोकेट ने कहा कि सबा उर्फ नाजी उर्फ नाजिया की गिरफ्तारी एकदम गैरकानूनी है। उन पर वैध वीजा है। इसके अलावा एक आरोप फर्जी वोटर आईडी बनवाने का है जोकि उनके द्वारा नहीं बनवाया गया। यह एक सोची समझी साजिश के तहत हुआ है। बिना जांचे तीन दिन में केस दर्ज कर लिया गया। इस मुकदमे व महिला की गिरफ्तारी को कोर्ट के समक्ष चुनौती दी जाएगी।
पाली में सोमवार रात को प्रशासन में बड़ी करवाई करते हुए पूनायता औद्योगिक क्षेत्र के निकट सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाया धुलाई का प्लांट पकड़ा। टीम को आता देख यहां फैक्ट्रियों में बनने वाले रंगीन कपड़ों को धोकर उसका दूषित पानी जमीन पर ही डिस्चार्ज कर उसे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा था।10 होदे तोड़ेटीम ने यहां पर 10 होदे तोड़ने की कार्रवाई की। साथ ही मौके से सैकड़ों कपड़े के थान। एक लोडिंग टेम्पो भी जब्त किया। यहां पर फैक्ट्रियों में बनने वाले कपड़ों की धुलाई के बाद दूषित पानी वही पर छोड़कर सरकारी जमीन को प्रदूषित किया जात रहा था। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार कल्पेश जैन, तहसीलदार यूआईटी महावीर सीलू, निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज, आरटीओ इंस्पेक्टर मिनाक्षी सहित पुलिसकर्मी मौजूद रहे। दर्ज होगा मामलामौके पर पहुंचे तहसीलदार कल्पेश जैन ने बताया कि जिला कलेक्टर ln मंत्री के निर्देश पर करवाई को अंजाम दिया गया। यहां अवैध प्लांट कौन चला रहा था। इसको लेकर जांच की जाएगी और निगम की ओर से मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा। करवाई के दौरान निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज, Rto इंस्पेक्टर मीनाक्षी, तहसीलदार यूआईटी महावीर सीलू, पुलिस मौजूद रही। जलता हुआ चूल्हा छोड़ भागे, मौके पूनायता के निकट जहां प्रशासन की टीम ने कार्रवाई की। वह जंगल जैसा लग रहा था। जैसी ही टीम को वहां आता देखा जलता हुआ चूल्हा छोड़ भागे। मौके पर बच्चों को सुलाने वाले एक झोली पेड़ से टंगी नजर आई। इस साथ ही यहां पर घरेलू सामान भी मिला जो साफ इशारा
“कुछ दिन पहले बेटे का फोन आया था, बोला मां, यहां काम बहुत खतरनाक है और मालिक पैसे भी नहीं दे रहा। मैंने कहा था बेटा होली में घर आ जाना, पैसे नहीं मिले तो हम भेज देंगे। लेकिन आज फोन आया कि मेरा बेटा नहीं रहा…” यह कहते-कहते सुजांत की मां रोने लगती हैं। राजस्थान के भिवाड़ी औद्योगिक इलाके में पटाखा और केमिकल फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट ने पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के 6 मजदूरों की जान ले ली। कई शव इतने जल गए कि पहचान मुश्किल हो गई है। गांवों में मातम पसरा हुआ है। मृतकों में सिकारगंज के नारायणपुर के सुजांत, घोड़ासहन के मिंटू, हरसिद्धि के मटियरिया गांव के अजीत, रवि, श्याम और मुरारूपुर के अमरेश शामिल हैं। मोतिहारी प्रशासन का कहना है कि कई शवों की पहचान अब तक पूरी तरह नहीं हो सकी है, इसके लिए डीएनए और अन्य प्रक्रियाओं के जरिए पहचान की कोशिश की जा रही है। पहले घटना के दौरान की 2 तस्वीरें देखें… धमाके की सुबह, क्या-क्या हुआ... सोमवार सुबह राजस्थान के भिवाड़ी के खुशखेड़ा करौली इंडस्ट्रियल एरिया में रोज की तरह काम चल रहा था। फैक्ट्री के अंदर मजदूर अपने-अपने काम में लगे थे। अचानक करीब साढ़े नौ बजे एक जोरदार धमाका हुआ जिसने पूरे औद्योगिक इलाके को हिला दिया। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास की फैक्ट्रियों में काम कर रहे लोग घबराकर बाहर निकल आए। कुछ ही सेकंड में फैक्ट्री से काला धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग की लपटें आसमान तक पहुंचने लगीं। अंदर मौजूद मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस गश्ती दल ने धुआं उठते देखा और तुरंत मौके पर पहुंच गया। रेस्क्यू शुरू हुआ, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि उस पर काबू पाने में घंटों लग गए। जब तक दमकल और रेस्क्यू टीम अंदर पहुंची, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अंदर का दृश्य दिल दहला देने वाला था। कई शव पूरी तरह जल चुके थे, कई जगह शरीर के टुकड़े बिखरे पड़े थे। रेस्क्यू टीम को बॉडी पार्ट्स तक पॉलीथीन में इकट्ठा करने पड़े। अधिकारियों के मुताबिक धमाका बेहद तेज था और आग ने मजदूरों को पलभर में घेर लिया। पीड़ित परिवारों का दर्द पढ़िए… मौसी से कहा था- होली में घर आऊंगा सुजांत की मां बताती हैं कि कुछ दिन पहले बेटे ने फोन कर कहा था कि काम बहुत खतरनाक है और मालिक पैसे भी नहीं दे रहा। उन्होंने बेटे से कहा था कि होली में घर आ जाए, पैसा नहीं मिला तो घर से भेज देंगे। बेटे ने घर आने का वादा किया था, लेकिन अब उसकी मौत की खबर आई है। सुजांत की उम्र मात्र 20 साल थी और वह तीन भाइयों में मंझला था। तीन दिन पहले ही उसने मौसी से कहा था कि वह 20 तारीख को होली मनाने घर आएगा। परिवार का गुजारा कैसे होगा, समझ नहीं आ रहासुजांत के पिता शिव पासवान का दर्द शब्दों में नहीं समा रहा। वे कहते हैं कि लोग अपने बच्चों को कमाने बाहर भेजते हैं, लेकिन पैसा नहीं आता, उनका शव जरूर लौट आता है। उनका कहना है कि अब परिवार का गुजारा कैसे होगा, यह समझ नहीं आ रहा। मिंटू के घर पर सन्नाटा पसरामिंटू की शादी हो चुकी थी और उसके दो छोटे बच्चे हैं जो अभी स्कूल भी नहीं जाते। परिवार का कहना है कि वह घर का इकलौता सहारा था। अब उसके जाने के बाद पूरा परिवार टूट गया है। परिवार ने बताया कि पिछले दो से तीन साल से वह राजस्थान में काम कर रहा था। पहले वह बोरा फैक्ट्री में काम करता था, लेकिन ज्यादा कमाई की उम्मीद में पटाखा फैक्ट्री में चला गया। उसे मजदूरी कितनी मिलती थी, इसकी पूरी जानकारी घरवालों को नहीं थी, लेकिन अक्सर वे फोन पर कहते थे कि मालिक पैसा नहीं देता। गांवों में शवों का इंतजार हो रहामोतिहारी के गांवों में इस समय लोग अपने स्वजनों के शवों का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन ने बताया है कि शव बुधवार तक पैतृक गांव पहुंच सकते हैं, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। गांवों में हर घर में मातम पसरा है घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरा शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है।
कैथल में गुहला से कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस द्वारा एसडीएम को झुनझुना देने का प्रयास करने के मामले में विधायक व अन्य लोगों पर दर्ज एफआईआर पर विधायक ने अपनी खुली प्रतिक्रिया दी है। विधायक देवेंद्र हंस ने कहा कि उन पर बेशक एफआईआर दर्ज कर दी गई है, लेकिन वे जनहित के कार्य करने से पीछे नहीं हटेंगे। पुलिस ने जो धाराएं लगाई हैं वे तो कुछ भी नहीं है। मामले में और बड़ी धाराएं लगानी चाहिए थीं। कहा- जनता की आवाज नहीं दबने देंगे विधायक ने यह भी कहा कि भले ही सूली पर लटका दें, लेकिन वे पीछे नहीं हटेंगे। जनता ने उनको काम के लिए चुना है और वे हर हाल में काम करेंगे। एक दलित विधायक को दबाने के लिए ये सब किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक तो भ्रष्ट अधिकारियों को केवल झुनझुना पकड़ाया था, लेकिन आगे ऐसा हुआ तो वे अधिकारियों को ढोल पकड़ा देंगे, लेकिन जनता की आवाज को नहीं दबने देंगे। विधायक के नजदीकी वहीं विधायक के साथ जिन लोगों पर केस दर्ज किया गया है, उनमें हरदीप बदसूई, संजय बस्ती चीका निवासी दीपक शर्मा, डेरा भाग सिंह निवासी जगजीत सिंह व चीका निवासी हर्ष का नाम शामिल है। ये सभी विधायक के नजदीकी हैं। हरदीप बदसूई किसान यूनियन का पूर्व युवा प्रधान है और दीपक इसके साथ रहता है। जगजीत सिंह आरटीआई एक्टिविस्ट ह और हर्ष गर्ग चीका का नागरिक है। इस संबंध में गुहला डीएसपी कुलदीप बेनीवाल ने बताया कि एसडीएम की शिकायत पर विधायक और उनके साथियों पर मानहानि, धमकी देने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में FIR दर्ज की गई है। मामले की जांच कर आगामी कार्रवाई की जा रही है। जानें पूरा मामला बता दें कि कैथल में गुहला से कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामला 28 दिन पहले का है, जब कांग्रेस विधायक ने एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह को झुनझुना थमाने का प्रयास किया था। विधायक बीडीपीओ चीका परिसर में दुकानों के निर्माण से संबंधित मामले में विरोध प्रदर्शन करने के लिए एसडीएम कार्यालय गुहला पहुंचे। आरोप है कि यहां उनकी एसडीएम से काफी बहस हुई थी। बहस बढ़ने पर हंस ने एसडीएम को झुनझुना थमाते हुए कहा था- पकड़ो और जाकर बजाते रहो। इसकी शिकायत एसडीएम ने पुलिस के आला अधिकारियों से की थी, जिस पर अब केस दर्ज किया गया है। इसमें विधायक के अलावा उनके चार साथियों को भी नामजद किया गया है।
गोरखपुर के चिलुआताल में अरुण निषाद (22) की रविवार शाम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना को लेकर सोमवार पूरे दिन हमीनपुर तेनुअहिया गांव से लेकर सड़क तक हंगामा चलता रहा। परिजन गोरखनाथ मंदिर जाने की कोशिश करते रहे। बवाल की आशंका को देखते हुए कई थानों की पुलिस और सीओ को तैनात कर दिया गया था। दिन भर परिजन हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते रहे। देर रात पुलिस ने हत्या के आरोप में अरुण के 04 दोस्तों को अरेस्ट कर लिया। वहीं मुख्य आरोपी विशाल समेत दो की तलाश में पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। पकड़े गए आरोपियों में 02 नाबालिग हैं। पूछताछ में सामने आया है कि घटना वाले दिन अरुण और उसके साथी बाइक से खेल मैदान में पहुंचे थे। आरोप है कि विशाल अपने साथ अवैध पिस्टल लेकर आया था और साथियों को दिखा रहा था। इसी दौरान पिस्टल चेक करते समय अचानक गोली चल गई, जो अरुण के पेट में लग गई। गंभीर रूप से घायल अरुण को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। सभी दोस्तों की अरुण के साथ कई रील्स भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। सभी साथ में रील्स भी बनाते थे। दोपहर बाद अरुण का पोस्टमार्टम बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कराया गया। इसके बाद उसका शव गांव लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के बाद छामू धान पर दाह संस्कार किया गया। इस दौरान कई थानों की पुलिस फोर्स व अधिकारी मौजूद रहे। वहीं कई नेता भी परिवार को ढांढस बंधाने मृतक के घर पहुंचे। परिवार से मिलकर कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। अब विस्तार से जानें पूरा मामलाचिलुआताल के हमीनपुर तेनुअहिया गांव निवासी अरुण निषाद की रविवार की शाम को करीब चार बजे खेल के मैदान में गोली लगने से मौत हो गई थी। इस मामले में अरुण के पिता ने करीमनगर निवासी विशाल और देवेन्द्र को नामजद तथा चार अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया है। पुलिस ने सीसी फुटेज के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और आरोपियों की तलाश शुरू की तो नामजद आरोपी फर्टिलाइजर निवासी देवेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया। उससे पूछताछ के बाद एक अन्य आरोपित बिट्टू निषाद समेत तीन को पकड़ लिया। इनमें दो नाबालिग बताए जा रहे हैं। उनसे पूछताछ में यह पूरा मामला दूसरे एंगल की तरफ ही मुड़ने लगा। पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि विशाल अपने साथ कहीं से अवैध पिस्टल खरीद कर ले आया था। अरुण और अन्य को पिस्टल दिखा रहा था। इस दौरान गोली चली और अरुण के पेट में गोली लगने से उसकी मौत हो गई। हालांकि वह पिस्टल कहां से लेकर आया था इसका मकसद क्या था इन सभी पहलुओं की पुलिस जांच कर रही है। इस संबंध में एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि विशाल की गिरफ्तारी के बाद अन्य मामलों की जानकारी सामने आएगी। फुटेज में घेरा बनाकर खड़े हैं सभी सीसीटीवी फुटेज में 2 बाइक से चार लोग जाते दिख रहे हैं। जिसमें विशाल और अरुण भी शामिल हैं। वहीं खेल के मैदान में एक घेरा बनाकर अरुण और 06 आरोपी कुछ देख रहे हैं। इस बीच गोली चलती है और अरुण मैदान में गिर जाता है। जबकि उसके साथी एक-एक कर भागने लगते हैं। इस बीच गोली की आवाज सुनकर और अरुण को जमीन पर गिरा देखकर कुछ महिलाएं ईंट-पत्थर लेकर दौड़ाती हैं लेकिन आरोपी बाइक से फरार हो जाते हैं। पेंट पालिश का काम करता था अरुण चिलुआताल थाना क्षेत्र के तेनुहिया निवासी भोला निषाद का बेटा अरुण पेंट पालिश का काम करता था। पिता भोला निषाद ने चिलुआताल थाने में दी गई तहरीर में बताया कि रविवार की शाम करीब चार बजे विशाल नामक युवक मेरे घर आया और मेरे बेटे अरुण निषाद को बुलाकर ले गया। दो भाइयों में बड़ा था अरुणअरुण निषाद दो भाइयों में बड़ा था। छोटा भाई तरुण है, अरुण पेंट पालिश का काम करता था। हत्या के बाद परिवार में कोहराम मच गया। अरुण की मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था।
आज से शुरू हो रहे मैट्रिक और सीबीएसई परीक्षा 2026 के शांतिपूर्ण संचालन और सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पुलिस उपाधीक्षक (यातायात), बिहारशरीफ, नालंदा ने एक नया ट्रैफिक नियंत्रण प्लान जारी किया है। शहर में यह यातायात व्यवस्था 17 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक लागू रहेगी। परीक्षार्थियों और उनके परिजनों के आगमन को देखते हुए शहर के कई मुख्य मार्गों पर वाहनों का परिचालन बदला गया है। भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित ट्रैफिक प्लान के अनुसार, परीक्षा अवधि के दौरान शहर में बड़े व्यावसायिक वाहनों जैसे ट्रक, ट्रैक्टर, पिकअप आदि का प्रवेश और परिचालन प्रातः काल से लेकर मध्य रात्रि तक पूरी तरह से प्रतिबंधित (नो पार्किंग) रहेगा। सुबह 7 बजे से इन मार्गों पर प्रतिबंध सुबह 07:00 बजे से परीक्षा समाप्त होने तक हॉस्पिटल चौराहा से भैंसासुर और भैंसासुर से अंबेर चौक तक छोटे-बड़े सभी वाहनों का प्रवेश और परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा। समाहरणालय नालंदा (बिहारशरीफ) की ओर भी सुबह 07:00 बजे से सवारी वाहनों (ऑटो, टोटो), चार पहिया और व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा। शहर में यहां लागू रहेगी वन-वे (One-Way) व्यवस्था अंबेर चौक से भैंसासुर की ओर ट्रैफिक का संचालन 'वन-वे' (एकतरफा) के रूप में किया जाएगा। भैंसासुर से पुरानी जेल रोड की ओर छोटे वाहनों के लिए रास्ता 'वन-वे' रहेगा, जबकि जेल रोड से आने वाले वाहनों को एतवारी होते हुए जाना होगा। शेखाना ईमादपुर से आने वाले छोटे वाहन रहुई रोड होकर अंबेर चौक की ओर जाएंगे। ऐसे वाहनों का प्रवेश सोहसराय नई रहुई रोड मोगलकुआं की तरफ नहीं होगा। आम लोगों के लिए बनाए गए वैकल्पिक मार्ग शहर में प्रवेश और निकासी के लिए छोटी सवारी गाड़ियां आवश्यकतानुसार मामू-भगीना पहाड़तल्ली से मोगलकुआं (सिंगारहाट) वाले रास्ते का उपयोग कर सकेंगी। हॉस्पिटल चौराहा की ओर से आने वाले सभी वाहन शहर के बाहर की ओर एतवारी बाजार सोहसराय होते हुए 17 नंबर से एनएच (NH) की तरफ जाएंगे। सोहसराय की तरफ से समाहरणालय की ओर जाने वाले सवारी वाहन (ऑटो, टोटो आदि) मोगलकुआं/सिंगारहाट से शेखाना, रहुई मोड़ होते हुए अंबेर की ओर जाएंगे। ड्रॉप गेट और पार्किंग की व्यवस्था भीड़ और जाम को नियंत्रित करने के लिए मामू-भगिना पहाड़ तल्ली, नालंदा हेल्थ क्लब (एतवारी बाजार) और ब्लॉक मोड़ के पास 'ड्रॉप गेट' बनाए गए हैं। वहीं, वाहनों की सुरक्षित पार्किंग के लिए श्रम-कल्याण मैदान, बरबीघा बस स्टैंड, रांची रोड स्थित सरकारी बस स्टैंड और ब्लॉक मोड़ के दोनों ओर की जगह निर्धारित की गई है। पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) मो. खुर्शीद आलम ने यातायात सुचारु रखने के लिए यह आदेश जारी किया है।
मुजफ्फरपुर में बिहार बोर्ड मैट्रिक की परीक्षा आज यानी 17 फरवरी से शुरू है, जो 25 फरवरी तक चलेगी। जिले में 82 परीक्षा केंद्रों पर एग्जाम होना है। जिलाधिकारी ने परीक्षार्थियों के लिए प्रवेश संबंधी नियम स्पष्ट किए हैं। परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले परीक्षा भवन में प्रवेश करना अनिवार्य है। प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से शुरू होगी, जिसके लिए परीक्षार्थियों को अधिकतम 9:00 बजे तक प्रवेश दिया जाएगा। इसी तरह, द्वितीय पाली की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से होगी और प्रवेश की अंतिम समय सीमा दोपहर 1:30 बजे निर्धारित की गई है। निर्धारित समय के बाद पहुंचने वाले किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं मिलेगी। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, पेजर, इलेक्ट्रॉनिक घड़ी, स्मार्ट वॉच, मैग्नेटिक वॉच, व्हाइटनर, इरेजर सहित सभी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक-वर्जित उपकरणों के लाने और उपयोग पर रोक है। परीक्षा कक्ष में न तो परीक्षार्थी और न ही वीक्षक मोबाइल फोन लेकर जाएंगे। परीक्षार्थियों को परीक्षा भवन में जूता-मोजा पहनकर आने की अनुमति नहीं है। ऐसे परीक्षार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा छूटने पर घबराए नहीं, फिर मिलेगा मौका जिलाधिकारी ने परीक्षार्थियों और अभिभावकों को आश्वस्त किया है कि यदि किसी विशेष परिस्थिति में किसी परीक्षार्थी की कोई परीक्षा छूट जाती है, तो उन्हें चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से मुख्य परीक्षा समाप्त होने के कुछ दिनों बाद एक विशेष परीक्षा आयोजित3 करेगी। परीक्षार्थी अपने छूटे हुए विषयों या पूरी परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। इससे उनके सत्र या शैक्षणिक वर्ष पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। नियमित और विशेष परीक्षा के परिणामों के प्रकाशन में आमतौर पर केवल 3-4 महीने का अंतर होता है। पराक्षार्थियों को परेशानी न हो, ट्रैफिक व्यवस्था की होगी मॉनिटरिंग परीक्षा अवधि में शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए ट्रैफिक डीएसपी को विशेष निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा प्रारंभ से लेकर समाप्ति तक सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास गश्ती दंडाधिकारी तैनात रहेंगे। परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए ट्रैफिक डीएसपी को अलर्ट एंड एक्टिव मोड में यातायात व्यवस्था का निर्देश दिया है। इसकी मॉनिटरिंग संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) करेंगे। दंडाधिकारी और पुलिस बल तैनात होंगे परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल तैनात किए हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सभी थाना अध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, होटल और गेस्ट हाउस पर निगरानी रखी जाए और अपने-अपने क्षेत्र में स्थित विद्यालय और महाविद्यालयों में शांतिपूर्ण परीक्षा संपन्न कराई जाए। परीक्षा केंद्र परिसर में परीक्षा अवधि के दौरान मीडिया कर्मियों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध रहेगा। जिला नियंत्रण कक्ष की ओर से परीक्षा की मॉनिटरिंग की जाएगी, जिसके लिए सुरक्षित दंडाधिकारी और कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। आसपास फोटो स्टेट पर रोकअनुमंडल पदाधिकारी (पूर्वी/पश्चिमी) और संबंधित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को अपने-अपने क्षेत्र में विधि-व्यवस्था के संपूर्ण प्रभार में रहने का निर्देश दिया गया है। उन्हें परीक्षा केंद्रों के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू करने के लिए आदेश निर्गत करने को कहा गया है, ताकि अनावश्यक भीड़ और अवांछित गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जा सके।साथ ही निर्देश दिया गया है कि परीक्षा अवधि के दौरान परीक्षा केंद्रों के आसपास स्थित फोटो स्टेट मशीन, कॉपियर और डुप्लीकेट मशीनों का संचालन प्रतिबंधित रहेगा। मुजफ्फरपुर डीएम सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि मैट्रिक परीक्षा शांतिपूर्ण संपन्न होगी। किसी भी प्रकार की अनियमितता या कदाचार पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भागलपुर में आज यानी 17 फरवरी से वार्षिक माध्यमिक (मैट्रिक) परीक्षा शुरू हो रही है, जो 25 फरवरी तक 2 पालियों में होगी। जिले में कुल 62 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सभी परीक्षार्थियों के लिए एडमिट कार्ड अनिवार्य है। बिना प्रवेश पत्र के किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना सख्त मना है। जूता-मौजा पहनकर केंद्र में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा, अभ्यर्थी चप्पल पहनकर ही केंद्र में प्रवेश करेंगे। केंद्र पर प्रवेश के समय फ्रिस्किंग की व्यवस्था रहेगी। छात्राओं की तलाशी महिला कर्मियों की ओर से ली जाएगी। परीक्षा अवधि में केंद्र के अन्य द्वार बंद रहेंगे और मुख्य गेट से ही प्रवेश होगा। विक्रमशिला सेतु पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। ट्रैफिक पुलिस तैनात किए जाएंगे। 9:00 बजे तक केंद्र में प्रवेश करना होगा सदर अनुमंडल में 42 केंद्र पर प्रति पाली 16,576 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। नवगछिया अनुमंडल में 10 केंद्रों पर 3,372 और कहलगांव अनुमंडल में 9 केंद्रों पर 3,286 परीक्षार्थी शामिल होंगे। पहली पाली के परीक्षार्थियों को सुबह 9:00 बजे तक केंद्र में प्रवेश करना होगा। दूसरी पाली के लिए 1:30 बजे के बाद किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। अभ्यर्थियों को समय से पहले केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई है।
होली में यात्रियों की भीड़ देखते हुए रेलवे कई स्पेशल ट्रेनों को चला रहा है। सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने बताया कि इसी कड़ी में 9 जोड़ी और स्पेशल ट्रेनों के परिचालन का निर्णय लिया गया है। जिसमें 5 जोड़ी ट्रेनें बरौनी के रास्ते चलाई जाएगी। - 07005-07006 चर्लपल्ली-रक्सौल-चर्लपल्ली स्पेशल: रांची-बोकारो-धनबाद-झाझा-बरौनी-समस्तीपुर-दरभंगा-सीतामढ़ी के रास्ते चलेगी। ट्रेन नंबर- 07005 चर्लपल्ली-रक्सौल स्पेशल 23 और 28 फरवरी और 1 मार्च को चर्लपल्ली से 22.00 बजे खुलकर तीसरे दिन 03.50 बजे धनबाद, 10.50 बजे बरौनी, 13.33 बजे दरभंगा रुकते हुए 16.50 बजे रक्सौल पहुंचेगी। ट्रेन नंबर- 07006 रक्सौल-चर्लपल्ली स्पेशल 26 फरवरी तथा 3 एवं 4 मार्च को रक्सौल से 03.15 बजे खुलकर 07.10 बजे दरभंगा, 09.30 बजे बरौनी, 16.00 बजे धनबाद रूकते हुए अगले दिन 19.40 बजे चर्लपल्ली पहुंचेगी। - 09451/09452 गांधीधाम-भागलपुर-गांधीधाम स्पेशल: गोरखपुर-नरकटियागंज-बापूधाम मोतीहारी-मुजफ्फरपुर-बरौनी के रास्ते चलेगी। ट्रेन नंबर- 09451/52 गांधीधाम-भागलपुर-गांधीधाम स्पेशल का परिचालन विस्तार होली स्पेशल के रूप में किया जा रहा है। ट्रेन नंबर- 09451 गांधीधाम-भागलपुर स्पेशल 6 मार्च से 27 मार्च तक हर शुक्रवार और ट्रेन नंबर- 09452 भागलपुर-गांधीधाम स्पेशल 9 मार्च से 30 मार्च तक हर सोमवार को अपने पुराने समय और ठहराव के अनुसार होली स्पेशल के रूप में चलेगी। - 03131/03132 सियालदह-गोरखपुर-सियालदह स्पेशल: किउल-बरौनी-शाहपुर पटोरी-हाजीपुर-छपरा के रास्ते चलेगी। ट्रेन नंबर- 03131 सियालदह-गोरखपुर स्पेशल 26 फरवरी और 2-5 मार्च को सियालदह से 23.50 बजे खुलकर अगले दिन 10.15 बजे बरौनी, 12.05 बजे हाजीपुर रुकते हुए 18.00 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। ट्रेन नंबर- 03132 गोरखपुर-सियालदह स्पेशल 27 फरवरी और 3-6 मार्च को गोरखपुर से 21.00 बजे खुलकर अगले दिन 02.20 बजे हाजीपुर, 04.20 बजे बरौनी रुकते हुए 16.20 बजे सियालदह पहुंचेगी। - 03525/03526 आसनसोल-गोरखपुर-आसनसोल स्पेशल: किउल-बरौनी-शाहपुर पटोरी-हाजीपुर-छपरा के रास्ते चलेगी। ट्रेन नंबर- 03525 आसनसोल-गोरखपुर स्पेशल 28 फरवरी और 2 मार्च को आसनसोल से 19.15 बजे खुलकर अगले दिन 00.30 बजे बरौनी, 02.30 बजे हाजीपुर रुकते हुए 09.15 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। ट्रेन नंबर- 03526 गोरखपुर-आसनसोल स्पेशल 1 और 3 मार्च को गोरखपुर से 12.15 बजे खुलकर 17.10 बजे हाजीपुर, 20.20 बजे बरौनी रुकते हुए अगले दिन 04.30 बजे आसनसोल पहुंचेगी। - 03527/03528 आसनसोल-गोरखपुर-आसनसोल स्पेशल: किउल-बरौनी-शाहपुर पटोरी-हाजीपुर-छपरा के रास्ते चलेगी। ट्रेन नंबर- 03527 आसनसोल-गोरखपुर स्पेशल 1 मार्च को आसनसोल से 13.20 बजे खुलकर 19.15 बजे बरौनी, 21.15 बजे हाजीपुर रुकते हुए अगले दिन 03.30 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। ट्रेन नंबर- 03528 गोरखपुर-आसनसोल स्पेशल 2 मार्च को गोरखपुर से 06.30 बजे खुलकर 11.00 बजे हाजीपुर, 13.20 बजे बरौनी रुकते हुए उसी दिन 21.00 बजे आसनसोल पहुंचेगी। - 08439/08440 पुरी-पटना-पुरी स्पेशल: खड़गपुर-आसनसोल-झाझा के रास्ते चलेगी। ट्रेन नंबर- 08439 पुरी-पटना स्पेशल 28 फरवरी से 28 मार्च तक प्रत्येक शनिवार को पुरी से 14.55 बजे खुलकर अगले दिन 10.45 बजे पटना पहुंचेगी। ट्रेन नंबर- 08440 पटना-पुरी स्पेशल 1 से 29 मार्च तक हर रविवार को पटना से 13.30 बजे खुलकर अगले दिन 09.45 बजे पुरी पहुंचेगी। - 03009/03010 दानकुनी-आनंद विहार-दानकुनी स्पेशल: झाझा-किउल- नवादा-गया-डीडीयू के रास्ते चलेगी। ट्रेन नंबर- 03009 दानकुनी-आनंद विहार स्पेशल 28 फरवरी और 7 मार्च को दानकुनी से 00.20 बजे खुलकर 07.40 बजे किउल, 09.13 बजे नवादा, 10.35 बजे गया और 14.00 बजे डीडीयू रुकते हुए अगले दिन 11.00 बजे आनंद विहार पहुंचेगी। ट्रेन नंबर- 03010 आनंद विहार-दानकुनी स्पेशल 01 और 08 मार्च को आनंद विहार से 15.00 बजे खुलकर अगले दिन 08.40 बजे डीडीयू, 11.45 बजे गया, 13.00 बजे नवादा और 14.30 बजे किउल रुकते हुए 23.30 बजे दानकुनी पहुंचेगी। - 03435/03436 मालदा टाउन-आनंद विहार-मालदा टाउन स्पेशल: भागलपुर-किउल-नवादा-गया-डीडीयू के रास्ते चलेगी। ट्रेन नंबर- 03435 मालदा टाउन-आनंद विहार स्पेशल 2, 9 और 16 मार्च को मालदा टाउन से 09.30 बजे खुलकर 15.15 बजे किऊल, 16.25 बजे नवादा, 18.15 बजे गया और 21.40 बजे डीडीयू रुकते हुए अगले दिन 13.40 बजे आनंद विहार पहुंचेगी। ट्रेन नंबर- 03436 आनंद विहार-मालदा टाउन स्पेशल 3, 10 और 17 मार्च मंगलवार को आनंद विहार से 15.35 बजे खुलकर अगले दिन 08.30 बजे डीडीयू, 11.40 बजे गया, 12.58 बजे नवादा एवं 15.20 बजे किऊल रुकते हुए 22.30 बजे मालदा टाउन पहुंचेगी। - 09031/09032 उधना-हसनपुर रोड-उधना स्पेशल: डीडीयू-पाटलिपुत्र-हाजीपुर- मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर के रास्ते चलेगी। ट्रेन नंबर- 09031 उधना-हसनपुर रोड स्पेशल 22 फरवरी से 29 मार्च तक हर रविवार को उधना से 11.25 बजे खुलकर अगले दिन 10.30 बजे डीडीयू, 14.15 बजे पाटलिपुत्र, 17.10 बजे मुजफ्फरपुर रुकते हुए 20.00 बजे हसनपुर रोड स्टेशन पहुंचेगी। ट्रेन नंबर- 09032 हसनपुर रोड-उधना स्पेशल 23 फरवरी से 30 मार्च तक प्रत्येक सोमवार को हसनपुर रोड स्टेशन से 21.45 बजे खुलकर अगले दिन 00.25 बजे मुजफ्फरपुर, 02.15 बजे पाटलिपुत्र, 05.40 बजे डीडीयू रुकते हुए तीसरे दिन 15.00 बजे उधना पहुंचेगी।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की ओर से आज से 10वीं की परीक्षा शुरू होगी। परीक्षा की सभी प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई हैं। बेगूसराय में कुल 43 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां की दो पालियों में 46 हजार 430 परीक्षार्थी शामिल होंगे। सुबह 9:30 बजे से 12:45 बजे तक की पहली पाली में 23 हजार 979 जबकि दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक की दूसरी पारी में 22 हजार 451 परीक्षार्थी शामिल होंगे। एग्जाम में नकल को रोकने के लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। परीक्षार्थियों को एक घंटा पहले पहुंचने की सलाह दी गई है। परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट पहले गेट बंद कर दिए जाएंगे। उसके बाद किसी भी हालत में परीक्षार्थी को प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा। सभी सेंटर पर रुम से लेकर मेन गेट तक CCTV कैमरा से निगरानी की जाएगी। जूता-मोजा पहनकर सेंटर में एंट्री की इजाजत नहीं होगी। आज हिंदी, बांग्ला, उर्दू और मैथिली भाषा की परीक्षा आज यानी मंगलवार को पहले दिन दोनों पाली में मातृभाषा हिंदी, बंगला, उर्दू एवं मैथिली विषय की परीक्षा होगी। परीक्षा के शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त संचालन के लिए बेगूसराय के जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने सभी केंद्राधीक्षक, प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट, पुलिस पदाधिकारी और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ब्रीफ कर दिया है, जिसमें दायित्व का निर्वहन करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने पारदर्शिता और अनुशासन बनाने के दिए निर्देश डीएम ने बताया कि परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था, समयबद्ध प्रवेश, कदाचार-निरोधी उपाय, संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की सतत निगरानी, दंडाधिकारियों की भूमिका तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। सभी अधिकारी समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने, सभी स्तर पर सतर्कता, पारदर्शिता और अनुशासन बनाने का निर्देश दिया गया है। ट्रैफिक डीएसपी को संभावित जाम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए विशेष सतर्कता बरतने और सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। परीक्षा की सभी आवश्यक तैयारी पूरी कर ली गई है। बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे परीक्षा तिथि से पहले केंद्र का रास्ता, समय और नियम अच्छी तरह समझ लें, ताकि अंतिम समय में किसी तरह की परेशानी न हो। रिकॉर्ड संख्या में परीक्षार्थी इस बार बिहार बोर्ड की परीक्षाओं में रिकॉर्ड संख्या में छात्र शामिल होंगे। मैट्रिक एग्जाम में 15 लाख 12 हजार 963 परीक्षार्थी शामिल होंगे, जिनके लिए राज्यभर में 1,699 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर पुख्ता इंतजाम परीक्षा केंद्रों पर इस बार कई स्तर की निगरानी व्यवस्था लागू होगी। हर केंद्र पर दंडाधिकारी, पुलिस बल और परीक्षा पदाधिकारी तैनात रहेंगे। संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई है। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी निगरानी कंट्रोल रूम से की जाएगी। परीक्षा हॉल में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, इयरफोन, कैमरा या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। प्रवेश से पहले परीक्षार्थियों की सघन जांच की जाएगी। महिला परीक्षार्थियों के लिए महिला सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगी। वेब सिस्टम और डिजिटल निगरानी बिहार बोर्ड 2026 में परीक्षा को पूरी तरह डिजिटल निगरानी से जोड़ रहा है। इसमें ऑनलाइन फॉर्म भरने, एडमिट कार्ड जारी करने, उपस्थिति दर्ज करने, उत्तर पुस्तिकाओं के मूवमेंट, रिजल्ट प्रोसेसिंग, हर चरण को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। इससे मानवीय गलती और गड़बड़ी की संभावना काफी कम हो जाएगी। AI से फर्जी सर्टिफिकेट पर बड़ा प्रहार बिहार बोर्ड का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक कदम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करना है। 2026 से बोर्ड एआई की मदद से फर्जी सर्टिफिकेट और डुप्लीकेट परीक्षार्थियों को पकड़ेगा, जो छात्र नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि या फोटो बदलकर एक से अधिक बार मैट्रिक या इंटर की परीक्षा दे चुके हैं, उन्हें एआई सिस्टम तुरंत चिह्नित कर लेगा। 1985-86 तक के रिकॉर्ड की जांच बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि एआई सिस्टम 1985-86 तक के पुराने सर्टिफिकेट की भी जांच करेगा। नाम, पता, जन्म तिथि, फोटो, सिग्नेचर और आधार डेटा का मिलान कर फर्जी सर्टिफिकेट्स को पकड़ा जाएगा। बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने पहले ही कहा है कि, 'एआई के आने से बोर्ड का काम तेज, पारदर्शी और सटीक होगा। छोटी-सी गड़बड़ी भी पकड़ में आ जाएगी।'
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से आज से मैट्रिक की परीक्षा शुरू हो गई है। दरभंगा में 10वीं की एग्जाम के लिए 63 एग्जाम सेंटर बनाए गए हैं। एग्जाम के शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संचालन को लेकर जिला प्रशासन ने संयुक्त आदेश जारी किया है। जिलाधिकारी कौशल कुमार और सीनियर एसपी जगुनाथ रेड्डी की ओर से जारी आदेश के अनुसार परीक्षा 17, 18, 19, 20, 21, 23, 24 एवं 25 फरवरी 2026 को दो पालियों में आयोजित होगी। फर्स्ट शिफ्ट में एग्जाम सुबह 09:30 बजे से 12:45 बजे तक जबकि दूसरी शिफ्ट में दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगी। परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पूर्व ही केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। 9 बजे तक ही एग्जाम सेंटर में मिल पाएगी एंट्री प्रथम पाली के लिए प्रवेश सुबह 9 बजे तक जबकि द्वितीय पाली के लिए प्रवेश दोपहर 1:30 बजे तक ही दिया जाएगा। निर्धारित समय के बाद आने वाले परीक्षार्थियों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस साल मैट्रिक परीक्षा में कुल 61,770 परीक्षार्थी शामिल होंगे। सभी प्रतिनियुक्त अधिकारी सुबह 8 बजे एग्जाम सेंटर पर पहुंचेंगे हर एग्जाम सेंटर पर स्टैटिक दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र बल की तैनाती की गई है। सभी प्रतिनियुक्त अधिकारी सुबह 8 बजे तक केंद्र पर पहुंचेंगे। एग्जाम सेंटर के मेन गेट पर ही परीक्षार्थियों की सघन तलाशी ली जाएगी। मोबाइल, ब्लूटूथ, पेजर, किताब, कॉपी, चीट-पुर्जा, व्हाइटनर, इरेजर आदि प्रतिबंधित रहेंगे। वैध प्रवेश पत्र एवं फोटोयुक्त पहचान पत्र से मिलान के बाद ही छात्र-छात्राओं को एग्जाम सेंटर में एंट्री मिलेगी। एग्जाम सेंटर कैंपस में किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति का प्रवेश वर्जित रहेगा। केंद्र के बाहर भीड़ जमा नहीं होने दी जाएगी। परीक्षार्थी जूता-मोजा पहनकर नहीं आएंगे, केवल चप्पल पहनकर ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर सकेंगे। जिला प्रशासन ने स्टूडेंट्स से समय पर पहुंचने की अपील की केन्द्राधीक्षक एवं स्टैटिक दंडाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि वीक्षक एवं कर्मी भी परीक्षा से संबंधित वैध कागजात के अतिरिक्त कोई अन्य सामग्री साथ न रखें। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को निर्धारित समय के भीतर परीक्षा केंद्र पर अवश्य पहुंचाएं, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि परीक्षा को स्वच्छ, पारदर्शी और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं।
बिहार बोर्ड की 10वीं की परीक्षा आज से शुरू हो गई है। अलग-अलग एग्जाम सेंटर्स पर छात्रों का पहुंचना शुरू हो गया है। गयाजी में कुल 63 एग्जाम सेंटर्स बनाए गए हैं, जिसमें 79 हजार 574 परीक्षार्थी (40 हजार 310 छात्र और 39 हजार 262 छात्राएं) एग्जाम देंगे। 10वीं की परीक्षा 17 फरवरी से 25 फरवरी तक चलेगी। सदर अनुमंडल में सबसे अधिक 47 केंद्र हैं। शेरघाटी में 7, टिकारी में 5 और नीमचक बथानी में 4 केंद्र बनाए गए हैं। 10वीं के एग्जाम को लेकर कलेक्ट्रेट में सोमवार को अधिकारियों की लंबी बैठक हुई। साफ कहा गया कि कदाचार बर्दाश्त नहीं होगा। हर केंद्र पर दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी तैनात रहेंगे। सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। बाहरी तत्वों पर कड़ी नजर रहेगी। दो शिफ्ट में होगी परीक्षा परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 9:30 से 12:45 तक जबकि दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:00 से 5:15 तक होगी। दिव्यांग और दृष्टिबाधित परीक्षार्थियों को प्रति घंटे 20 मिनट अतिरिक्त समय मिलेगा। ऐसे परीक्षार्थियों के लिए गणित की जगह गृह विज्ञान और विज्ञान की जगह संगीत विषय की परीक्षा निर्धारित तिथि पर प्रथम पाली में ली जाएगी। आधे घंटे पहले तक ही एग्जाम सेंटर में मिलेगी एंट्री प्रवेश को लेकर भी सख्ती तय है। परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले तक ही केंद्र में एंट्री मिलेगी। देर से आने वालों को किसी हाल में अनुमति नहीं दी जाएगी। जिन प्रवेश पत्रों में फोटो गड़बड़ है, उन्हें आधार, वोटर कार्ड या अन्य मान्य पहचान पत्र के साथ सत्यापन कराना होगा। हर अनुमंडल में एक-एक आदर्श परीक्षा केंद्र बनाया गया है। सदर में रमना स्थित राजकीय कन्या उच्च विद्यालय, शेरघाटी में प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय, टिकारी में बालिका उच्च विद्यालय और नीमचक बथानी में खिजरसराय का यशवंत प्लस टू उच्च विद्यालय। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिरिक्त यातायात पुलिस तैनात रहेगी। आपात स्थिति से निपटने के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल समेत जयप्रकाश नारायण अस्पताल और प्रभावती अस्पताल में डॉक्टरों और एंबुलेंस की व्यवस्था रहेगी। समाहरणालय में जिला नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय रहेगा। प्रशासन का दावा है कि इस बार परीक्षा शांतिपूर्ण और पारदर्शी होगी।
चोरी का मामला:शादी में आरएनटी के पूर्व प्राचार्य की पत्नी के सोने के कंगन चोरी
शादी समारोहों में मेहमान बनकर चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं। ताजा मामला आरएनटी मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. लाखन पोसवाल के बेटे की शादी से जुड़ा है। यहां मेहंदी समारोह के दौरान उनकी पत्नी के सोने के दो कंगन चोरी हो गए। पहले भी शादियों में कई चोरियां हुई हैं। खास बात यह है कि चोर बड़ी होटलों में घुसकर भी चोरी कर भाग जाते हैं। पुलिस के अनुसार अजमेर मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. लाखन पोसवाल ने हाथीपोल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 3 से 5 फरवरी तक बेटे की शादी के कार्यक्रम थे। 3 फरवरी को होटल लक्ष्मी विलास के ओको लॉन में मेहंदी का आयोजन था। मेहंदी के लिए ब्यूटीशियन पूजा अरोड़ा ने दीक्षा से संपर्क कराया। मेहंदी लगाने आई युवती ने पहले अपना नाम गीता उर्फ भावना और बाद में दीक्षा बताया। उसके साथ दो अन्य युवतियां भी थीं। मेहंदी लगाने से पहले उनकी पत्नी ने 15-15 ग्राम के दो सोने के कंगन उतारकर कुर्सी के पास रख दिए। मेहंदी पूरी होते ही तीनों युवतियां चली गईं। इसके बाद कंगन गायब मिले। सीसीटीवी फुटेज में मेहंदी से पहले कंगन दिखाई दिए, बाद में नहीं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। भास्कर अलर्ट!- पहले भी हो चुकी वारदातें 14 फरवरी 2025 : तीतरड़ी निवासी नाथूलाल कलाल सेक्टर-9 में रिश्तेदार की शादी में गए थे। वहां उनकी पत्नी के बैग से 7.5 तोले का नौलखा हार, एक-एक तोले की दो चूड़ियां और 4.5 तोले का मंगलसूत्र चोरी हो गया। 21 जनवरी 2024: भुवाणा निवासी महेंद्र बोकड़िया की बेटी की शादी ओकेजन गार्डन में थी। वहां से 3 लाख रु., चांदी की गाय व पायल चोरी हो गई। 4 फरवरी 2024: होटल रेडिसन ब्लू में मुंबई निवासी मनीषा अग्रवाल का डायमंड सेट, हार, अन्य जेवर व 80 हजार रु. चोरी हुए। नाई क्षेत्र के होटल गोविंद पैलेस से भी जेवर चोरी गए। 24 अक्टूबर 2024: देवी पैलेस में गांधीनगर निवासी सैयद मकसूद की भतीजी की शादी में सोने-प्लेटिनम अंगूठी, जेवर, मोबाइल आदि चोरी हुआ। 2 दिसंबर 2024: प्रतापनगर के उत्तरी सुंदरवास निवासी हस्तीमल बोहरा की बेटी की शादी विलास वाटिका में थी। मोबाइल व जेवर से भरा बैग चोरी हुआ।
समस्तीपुर के 78 परीक्षा केंद्रों पर आज से मैट्रिक की परीक्षा शुरू होगी। एग्जाम में जिले के कुल 73 हजार 448 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इस बार एग्जाम में छात्रों से ज्यादा छात्राएं एग्जाम में शामिल होंगी। छात्राओं की संख्या को ज्यादा देखते हुए चारों अनुमंडल में उनके लिए अलग से एग्जाम सेंटर बनाया गया है। परीक्षा दो पालियों में होगी। जिला प्रशासन की ओर से जारी किए गए संयुक्त आदेश में कहा गया है कि इस बार कुल दोनों पाली मिला कर 34 हजार 221 छात्र परीक्षा में शामिल होंगे। जबकि इस बार लड़के से ज्यादा 39 हजार 227 छात्राएं परीक्षा में भाग ले रही है। 10वीं की परीक्षा के लिए कुल 35 एग्जाम सेंटर बनाए गए प्रथम पाली में 17 हजार 213 छात्र और 19 हजार 374 छात्राएं परीक्षार्थी शामिल होंगे। जबकि दूसरी पाली में 17 हजार 008 छात्र और 19 हजार 853 छात्राएं परीक्षा में शामिल होंगी। समस्तीपुर में कुल 35 परीक्षा केंद्र बनाया गया है, जिसमें छात्रों के लिए 18 व छात्राएं के लिए 17 परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इसके अलावा रोसड़ा में छात्र के लिए 10 व छात्राएं के लिए 11, दलसिंहसराय में छात्र के लिए 6 व छात्राएं के लिए 7 व पटोरी अनुमंडल में छात्र के लिए 3 व छात्राएं के लिए 6 परीक्षा केंद्र बनाया गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद ने बताया कि परीक्षा को लेकर सभी प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है। परीक्षा कदाचार मुक्त हो इसके लिए सभी परीक्षा केंद्रो पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बलों की तैनाती की गई है। इसके अलावा उड़दस्ता की टीम भी विभिन्न केंद्रों पर औचक जांच करेगी। अपील की गई है कि सुबह की पाली में सभी परीक्षार्थी 9 बजे तक परीक्षा केंद्र में एंट्री कर जाएं, तय समय के बाद छात्र-छात्राओं को एंट्री नहीं दी जाएगी। दूसरी पाली में दोपहर 1.30 के बाद एंट्री नहीं होगी।
समस्तीपुर रेल मंडल के बेतिया-कुमारबाग स्टेशन के बीच 17 फरवरी को नॉन-इंटरलॉकिंग होना है। इस कारण रूट से चलने वाली 6 ट्रेनों का परिचालन मंगलवार को रद्द कर दिया गया है, जबकि आनंद विहार-बनमंखी एक्सप्रेस समेत 3 ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है। जबकि 17 ट्रेनों का मार्ग बदला गया है। रेलवे मंडल के मीडिया प्रभारी आके सिंह ने बताया कि 17 फरवरी यानी मंगलवार को रेलवे मंडल के बेतिया-कुमारबाग स्टेशन के बीच 17 फरवरी को नॉन इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा। जिस कारण इस रूट पर मेगा ब्लॉक लिया गया है। इस रूट पर चलने वाली 75235 रक्सौल- नरकटियागंज सवारी गाड़ी, 75236 नरकटियागंज-रक्सौल सवारी गाड़ी का परिचालन रद्द रहेगा। इसके अलावा 63309 मुजफ्फरपुर- नरकटियागंज, 63338 नरकटियागंज-मुजफ्फरपुर सवारी गाड़ी, 63442 नरकटियागंज-मुजफ्फरपुर सवारी गाड़ी और 63311 मुजफ्फरपुर-रक्सौल सवारी गाड़ी का परिचालन नहीं होगा। तीन ट्रेनों को किया गया शॉट टर्मिनेंट मुजफ्फरपुर- नरकटियागंज के बीच चलने वाली 63341 सवारी गाड़ी को सुगौली स्टेशन से ही वापस कर दिया जाएगा। इसके अलावा 14010 आनंद विहार-बनमनखी एक्सप्रेस को नरकटियागंज से वापस किया जाएगा, जबकि 14009 बनमनखी-आनंद विवार को नरकटियागंज से मंगलवार को वापस कर दिया जाएगा। 17 ट्रेनों का बदला गया रूट 12558 आनंदविवार-मुजफ्फरपुर सप्तक्रांति एक्सप्रेस को 15 फरवरी को नरकटियागंज-सीतामढी के रास्ते चलाया जाएगा। इसके अलावा 15212 दरभंगा- अमृतसर जननायक एक्सप्रेस, 15274 आनंदविहार -रक्सौल समेत कुल 17 ट्रेनों को कल रूट बदल कर चलाया जाएगा।
नालंदा में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की मैट्रिक परीक्षा और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं-12वीं की परीक्षाएं एक साथ शुरू हो रहीं। दोनों बोर्ड की परीक्षाओं को मिलाकर जिले भर में कुल 49 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 51 हजार 524 परीक्षार्थी अपना भाग्य आजमाएंगे। कदाचार मुक्त और शांतिपूर्ण परीक्षा संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा और निगरानी के पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। डीएम कुंदन कुमार ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नकल करते पकड़े जाने पर परीक्षार्थियों को निष्कासित कर दिया जाएगा।मैट्रिक परीक्षा को लेकर जिले के 36 केंद्रों पर कुल 45 हजार 324 परीक्षार्थी शामिल होंगे, जिनमें 23,026 छात्र और 22,192 छात्राएं हैं। छात्रों के लिए 21 और छात्राओं के लिए 15 केंद्र बनाए गए हैं। डीईओ आनंद विजय ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर जूता-मोजा पहनकर आने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। परीक्षार्थियों को केवल चप्पल पहनकर ही प्रवेश की अनुमति मिलेगी।समय-पालन को लेकर भी कड़े निर्देश हैं, जिसके तहत परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले प्रवेश बंद कर दिया जाएगा। 9 बजे के बाद एंट्री नहीं मिलेगीपहली पाली में सुबह 9 बजे और दूसरी पाली में दोपहर 1:30 बजे के बाद किसी भी हाल में एंट्री नहीं मिलेगी। इसके अलावा, ड्यूटी से नदारद रहने वाले वीक्षकों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिले के बिहारशरीफ, राजगीर और हिलसा में चार ऐसे 'आदर्श केंद्र' बनाए गए हैं, जहां केंद्राधीक्षक से लेकर वीक्षक और सुरक्षाकर्मी तक सभी महिलाएं ही होंगी। दूसरी ओर, जिले के 13 केंद्रों पर आज से 10 अप्रैल तक चलने वाली सीबीएसई की 10वीं-12वीं की परीक्षाओं की तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं। इसमें लगभग 6,200 परीक्षार्थी शामिल होंगे। यह परीक्षा एक ही पाली में सवा 10 बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक संचालित होगी, जिसमें छात्रों को प्रश्न पत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। परीक्षार्थियों को सुबह 9 बजे से केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। भीड़भाड़ और जाम से बचने के लिए छात्रों को समय पर पहुंचने की हिदायत दी गई है। सीबीएसई परीक्षार्थियों के लिए स्कूल ड्रेस और आईडी कार्ड पहनना अनिवार्य किया गया है, अन्यथा वे परीक्षा से वंचित हो सकते हैं। डायबिटीज वाले छात्रों दवा और हल्का भोजन ले जाने की छूटछात्रों को केवल पारदर्शी पानी की बोतल, एडमिट कार्ड और ब्लू या ब्लैक पेन ले जाने की छूट है। हालांकि, मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित छात्रों को मानवीय आधार पर राहत दी गई है; वे डॉक्टर की पर्ची के साथ जरूरी दवा और हल्का भोजन परीक्षा केंद्र में ले जा सकते हैं। परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए 78 स्टैटिक, 18 गश्ती दल, 8 जोनल और 5 सुपर जोनल दंडाधिकारी तैनात किए गए हैं, जो लगातार केंद्रों का भ्रमण कर दैनिक रिपोर्ट सौंपेंगे।
नमस्कार, कानपुर में कल (सोमवार) की बड़ी खबरें…रिटायर फौजी ने लाइसेंसी बंदूक से पत्नी और 16 साल के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। फिर ट्रेन से कटकर जान दे दी। गोविंद नगर स्थित साई विला अपार्टमेंट के 5वें फ्लोर में भीषण आग लग गई। 3 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने एक घंटे में आग पर काबू पाया। चकेरी थाना क्षेत्र में डंपर और कार की आपस में टक्कर हो गई। दोनों वाहन चालकों में मुआवजे को लेकर विवाद हो गया। मामला बढ़ा तो कार सवारों ने डंपर चालक-परिचालक का किडनैप कर लिया। कानपुर की ऐसी कल की 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें… सिलसिलेवार 10 खबरें पढ़िए- 1: पत्नी-बेटे की रिटायर फौजी ने गोली मारकर हत्या की:खुद रेलवे लाइन पर लेटकर सुसाइड किया, कानपुर की वारदात कानपुर में रिटायर फौजी ने लाइसेंसी बंदूक से पत्नी और 16 साल के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद वह बाइक से रेलवे अंडरपास पहुंचा और ट्रेन के नीचे लेटकर जान दे दी। वारदात का पता उस वक्त चला, जब पुलिस बाइक के नंबर से फौजी की पहचान कर उसके घर पहुंची। घर के अंदर जाने पर पत्नी और बेटे की फर्श पर लाश मिली। पत्नी के सिर और बेटे के सीने में गोली मारी गई थी। किचन से बेडरूम तक खून फैला हुआ था। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने अफसरों को इसकी जानकारी दी। पढ़ें पूरी खबर 2: गोविंद नगर के साई विला अपार्टमेंट में भीषण आग:मंदिर में जल रहा दीपक चूहे ने गिराया, 3 गाड़ियों ने पाया काबू, गृहस्थी खाक गोविंद नगर स्थित साई विला अपार्टमेंट के 5वें फ्लोर में सोमवार तड़के मंदिर में जल रहा दीपक गिरने से फ्लैट में भीषण आग लग गई। कुछ ही देर में आग की लपटों ने कमरे में रखी लकड़ी की अलमारी और बिस्तरों को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही देर में लपटें रूफ टॉप तक पहुंच गई। लपटें उठती देख इलाकाई लोगों ने गोविंद नगर पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। जानकारी पर 3 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे में आग पर काबू पाया। पढ़ें पूरी खबर 3: कार सवारों ने डंपर चालक-परिचालक को किडनैप किया:कानपुर हाईवे पर वाहनों के टकराने के बाद विवाद हुआ, टोल पर छोड़कर भागे कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में शनिवार रात डंपर और कार की टक्कर के बाद विवाद हो गया। मुआवज़े को लेकर हुए झगड़े में कार सवारों ने डंपर चालक अनिल यादव और परिचालक रणधीर सिंह का कथित तौर पर अपहरण कर लिया। पुलिस ने सोमवार को दोनों को बरामद कर लिया। घटना रामादेवी फ्लाईओवर के ऊपर हुई। टक्कर के बाद दोनों पक्षों में मुआवज़े को लेकर कहासुनी शुरू हुई, आरोप है कि कार सवारों ने डंपर चालक और परिचालक की पिटाई की। उन्हें जबरन अपनी कार में बिठाकर फतेहपुर की ओर ले गए। पढ़ें पूरी खबर 4: कलेक्ट्रेट में भाइयों ने आत्मदाह का प्रयास किया:पेट्रोल डालते ही पुलिस ने पकड़ा, पीड़ित बोले- मुझे मर जाने दो, आवास विकास जमीन नहीं दे रहा कानपुर कलेक्ट्रेट परिसर में 2 सगे भाइयों ने अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया। फिर माचिस जलाकर आत्मदाह का प्रयास किया। तभी गार्ड ने भाइयों के हाथ से पेट्रोल की बोतल और माचिस छीन ली। भाई बोले- मुझे मर जाने दो। मेरी जमीनों को बेच डाला है। कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जानकारी पर डीएम ने दोनों भाइयों को पास बुलाया। भाइयों ने बताया कि पाटीदारों ने मेरी 9 बीघा जमीन पर कब्जाकर लिया है। जमीन का कुछ हिस्सा बेच भी दिया है। मैं लगातार तहसील और थानों के चक्कर लगा रहा हूं। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। डीएम ने दोनों भाइयों को जांच कराकर न्याय दिलाने की बात कही है। पढ़ें पूरी खबर 5: कृषि भूमि पर दबंगों ने कब्जा किया:चौबेपुर के किसान बोले- हत्या की धमकी दी, 5 लाख की रंगदारी मांगी कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के शेरपुर बैरा गांव में एक किसान की कृषि भूमि पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। पीड़ित किसान विश्वनाथ पुत्र सालिकराम ने गांव के कुछ दबंगों पर वर्षों से जमीन हड़पने की कोशिश करने, विरोध करने पर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। सोमवार को किसान ने डीसीपी से शिकायत कर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। विश्वनाथ के अनुसार, गाटा संख्या 203 की उनकी कृषि भूमि पर वर्ष 2017 में रघुवीर नामक व्यक्ति ने करीब 1.25 बिस्वा जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था। शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। पढ़ें पूरी खबर 6: कानपुर पुलिस ने 101 गायब मोबाइल बरामद किए:25 लाख कीमत के फोन मालिकों को लौटाए, पुलिस को मिठाई खिलाकर बोले- धन्यवाद कानपुर पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों से 101 गुमशुदा और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत 25 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई से मोबाइल मालिकों को बड़ी राहत मिली है। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज गुमशुदा मोबाइल की शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र की सहायता से इन मोबाइलों को ट्रेस किया गया। बरामद किए गए 101 फोनों में स्मार्टफोन और कीपैड मोबाइल दोनों शामिल हैं। पढ़ें पूरी खबर 7: कानपुर में कल 12 घंटे का ट्रैफिक डायवर्जन:ग्रीनपार्क, फूलबाग और बड़ा चौराहा पर सख्ती, जानिए नया रूट प्लान बार एसोसिएशन चुनाव के चलते कानपुर में कल मंगलवार को ट्रैफिक डायवर्जन रहेगा। यह व्यवस्था सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक 12 घंटे रहेगी। चुनाव को शांतिपूर्ण और सुचारु संपन्न कराने के लिए कचहरी और आसपास के प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंधित या परिवर्तित रहेगा। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से समय से पहले निकलने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है। जेएनके इंटर कॉलेज (चेतना चौराहा के पास), गैस गोदाम ग्राउंड (लठ्ठा कोठी के पास), नगर निगम इंटर कॉलेज (एमजी कॉलेज चौराहा के पास), डीएवी कॉलेज ग्राउंड (मधुवन तिराहा के पास) और मकराबर्टगंज हॉस्पिटल पार्किंग (मर्चेंट चैंबर के सामने) में वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पढ़ें पूरी खबर 8: निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट बोले-सनातनी पार्टी का विकल्प देंगे:बरेली पहुंचे अलंकार अग्निहोत्री का दावा- BJP का 50% कोर वोटर छोड़ा; जीरो सीट मिलेगी निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री रविवार को बरेली पहुंचे। यहां पहुंचने के बाद वे सीधे परशुराम धाम पहुंचकर दर्शन किए। अग्निहोत्री के स्वागत में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। हाल ही में उन्होंने नए राजनैतिक दल का ऐलान किया है। दैनिक भास्कर ने अलंकार अग्निहोत्री से भविष्य की रणनीति सहित कई मुद्दों पर बातचीत की। बातचीत में उन्होंने बिना नाम लिए पीएम मोदी और गृहमंत्री शाह पर जमकर निशाना साधा। कहा- दो गुजरातियों ने देश को नुकसान पहुंचाया है। वे देशी आतंकवादी हैं। बताया कि वे लोगों को 'सनातनी पार्टी' के रूप में विकल्प देंगे जिसमें जातिवाद के लिए कोई स्थान नहीं होगा। 2027 में यूपी की सभी सीटों पर हमारी पार्टी चुनाव लड़ेगी। मुझे सभी सनातनी लोगों का समर्थन मिल रहा है। आज मैंने काउंट किया तो पता चला हमारा नेटवर्क 9 राज्यों तक फैल चुका है। इसमें जनरल, ओबीसी, सनातनी और किसान यूनियन के विभिन्न संगठनों से लेकर व्यापार मंडल तक शामिल हैं। अब हम एक ऐसी सनातनी परंपरा स्थापित कर रहे हैं। जिसमें सामान्य और ओबीसी वर्ग दोनों को सम्मान मिले और डिवाइड एंड रूल की राजनीति खत्म हो सके। 2027 में हम पूरे प्रदेश की सभी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। इसमें सनातनी एससी, ओबीसी और जनरल-सभी लोग हमारा अंग होंगे और उनका स्थान होगा। हम अपनी पहचान के साथ या तो अलग चुनाव लड़ेंगे या जो भी उत्तम व्यवस्था होगी (गठबंधन), उस पर विचार करेंगे। 9: यूपी बोर्ड एग्जाम- कानपुर के 124 सेंटर पर होगी परीक्षा:डबल लॉक में प्रश्नपत्र रखे गए, CCTV से निगरानी, 92 हजार स्टूडेंट बैठेंगे यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। कानपुर में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए शिक्षा विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली। परीक्षा केन्द्रों की निगरानी के लिए दो कंट्रोलरूम बनाए गए हैं। अगर किसी सेंटर पर कोई समस्या आएगी तब भी इसी कंट्रोलरूम को सूचित करना होगा। जीजीआईसी चुन्नीगंज में बने कंट्रोलरूम से एग्जाम सेंटर की सीसीटीवी के जरिए ऑनलाइन निगरानी शुरू हो गई है। क्यों की सभी केन्द्रों पर बोर्ड परीक्षा के पेपर पहुंच चुके हैं। वहीं, दूसरा कंट्रोल रूम जीआईसी चुन्नीगंज में भी बनेगा, जिसमें फोन पर शिकायत दर्ज होने पर उनका निस्तारण किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर 10: कानपुर में फिर मौसम बिगड़ेगा, 2 दिन बारिश का अलर्ट:अधिकतम पारा 27C पार, 40 की स्पीड में हवा चलेगी; रविवार सबसे गर्म दिन रहा कानपुर में एक बार फिर मौसम बिगड़ने के आसार हैं। दो दिन आंधी-बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार, 17-18 फरवरी को नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण बादल छाएंगे, बारिश भी होगी। करीब 30 से 40 की स्पीड में हवा भी चल सकती है। रविवार को सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.3 डिग्री अधिक रहा। वहीं, अधिकतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.8 डिग्री ज्यादा रहा। यह इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक अधिकतम तापमान है। पढ़ें पूरी खबर
बरेली के मोहम्मदगंज गांव में अवैध मदरसे में सामूहिक नमाज को लेकर एक बार फिर से विवाद खड़ा हो गया है। एक महीने पहले भी सामूहिक नमाज को लेकर गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया था और एक बार फिर से पुलिस के मना करने के बावजूद वही घटना दोहराई गई। जिससे हिंदू समुदाय में आक्रोश है। हिंदू समुदाय के लोगों ने गांव से पलायन की चेतावनी दी है। पलायन की बात सामने आते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। हिंदू समुदाय का कहना है जब कभी भी गांव में सामूहिक नमाज नहीं पढ़ी गई तो फिर ये नई प्रथा क्यों डाली जा रही है। जब गांव में कोई भी मंदिर और मस्जिद नहीं है तो फिर क्यों अवैध तरीके से मस्जिद की नींव डाली जा रही है। आइए जानते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है... गांव का गणित: आबादी और समीकरण ग्राउंड जीरो पर भास्कर की टीम: पुलिस और बजरंग दल तैनात दैनिक भास्कर की टीम ग्राउंड जीरो पर पहुंची। हमने बरेली शहर से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित विसारतगंज थाना क्षेत्र के मोहम्मदगंज गांव में जाकर वहां की स्थिति का जायजा लिया। हमने दोनों समुदाय के लोगों से बातचीत की। गांव में जाकर देखा तो वहां पुलिस तैनात थी हमने उनसे भी बात की और कानूनी प्रक्रिया की भी जानकारी ली। इसी बीच वहां बजरंग दल के कार्यकर्ता पहुंच गए। हमने उनका पक्ष भी जाना। ग्राम प्रधान का पक्ष: 'मजबूरी में घर में पढ़ रहे नमाज' भास्कर की टीम जैसे ही मोहम्मदगंज गांव में पहुंची तो हमारी मुलाकात सबसे पहले ग्राम प्रधान मोहम्मद आरिफ से हुई, वहां पर पुलिस भी मौजूद थी। पुलिस ग्राम प्रधान को थाना विसारतगंज लेकर जा रही थी। थाने में एसडीएम और सीओ मामले की जांच करने पहुंचे हुए थे। हमने सबसे पहले ग्राम प्रधान से बात की। वो पहले तो हमसे बचकर भागने लगे। बहुत पूछने पर उन्होंने बताया कि गांव में सामूहिक नमाज पढ़ने पर विवाद है। इसलिए अब सामूहिक नमाज नहीं पढ़ी जाएगी। उन्होंने बताया कि हसीन के खाली घर में जुमा (शुक्रवार) को नमाज अदा की जाती है। क्योंकि गांव में कोई भी मस्जिद नहीं है इसलिए खाली घर में नमाज अदा करना सबकी मजबूरी है। उन्होंने बताया कि नमाज बहुत पहले से पढ़ी जा रही है। लेकिन अब हिंदू समुदाय के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहली बार एक महीने पहले जनवरी में नमाज पढ़ी गई थी तब भी गांव वालों ने विरोध किया था। जिसके बाद पुलिस ने नमाज पढ़ने वाले लोगों का चालान कर दिया था। उसके बाद मुस्लिम समुदाय के लोग हाईकोर्ट इलाहाबाद गए थे। वहां मामले की सुनवाई चल रही है। इस बीच गांव वाले फिर से नमाज पढ़ने लगे। मुस्लिम बस्ती का हाल: अफसार ने दी सफाई ग्राम प्रधान से बातचीत के बाद हम आगे बढ़े। हम उस जगह पहुंचे जहां पर नमाज पढ़ी जाती है। उस घर में ताला पड़ा हुआ था। जिस जगह नमाज होती है, वो मुस्लिम बाहुल्य है। सभी घर मुस्लिम समुदाय के लोगों के हैं। मुस्लिम समुदाय के लोगों से हमने बात करने की कोशिश की। हम जैसे ही लोगों से बात करने की कोशिश करते लोग अपना दरवाजा बंद कर ले रहे थे। लोगों का कहना था हमारी कोई सुनता ही नहीं इसलिए हम किसी को कुछ भी नहीं बताना चाहते हैं। एक के बाद एक हम कई घरों में गए लेकिन कोई नहीं बोला। इसी बीच हमें गांव के अफसार मिले हमने उनसे बात की। हालांकि गांव की महिलाएं लगातार उन्हें बात करने को मना करती रहीं। अफसार ने बताया कि गांव में कोई मस्जिद नहीं है इसलिए जिसका घर खाली होता है उसके घर पर जाकर हम सभी जुमा की नमाज पढ़ लेते हैं। लेकिन अब हिंदू समुदाय के लोग नमाज का विरोध कर रहे हैं तो हम नमाज नहीं पढ़ेंगे। उन्होंने कहा अब रमजान भी आने वाले हैं ऐसे में हम लोग नमाज अदा करने कहां जाएं। उन्होंने कहा ये बाहर के लोग बजरंग दल के लोग आकर के गांव वालों को भड़का रहे हैं। वो लोग उल्टी सीधी वीडियो सोशल मीडिया पर डालकर माहौल खराब कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि हिंदू ईमानदारी से बता दें कि आज तक हम लोगों से उन्हें कोई तकलीफ हुई हो। हम लोग सब प्रेम से रहते हैं। हमारे बाप दादा से रहते आ रहे हैं कभी कोई दिक्कत नहीं हुई। ये सब झूठ सच फैलाया जा रहा है। गांव से धूमधाम से कांवड़ यात्रा निकलती है और हम लोग सब मिलकर निकलवाते हैं। यहां से मोहर्रम और बारावफात का भी जुलूस निकलता है कोई दिक्कत नहीं होती है। विवाद के 5 बड़े कारण हिंदू संगठनों का विरोध: ‘अत्याचार बर्दाश्त नहीं करेंगे’ इसके बाद हमें गांव में बजरंग दल के कार्यकर्ता मिले। सबसे पहले हमने अनुपम शंखधार से बात की, अनुपम शंखधार जिलाध्यक्ष अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद राष्ट्रीय बजरंग दल आंवला से हैं। उन्होंने बताया कि हमें ये जानकारी मिली है कि हिंदू समाज के लोग गांव से पलायन करने को मजबूर हैं। यहां पर नाजायज तरीके से नमाज पढ़ रहे हैं। इससे हिंदू समुदाय को लगता है कि हमारे साथ कुछ अन्याय और अत्याचार हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद राष्ट्रीय बजरंग दल के विभागाध्यक्ष ब्रज प्रांत के ठाकुर अनिल सिंह राठौर ने बताया कि यहां के मुस्लिम समाज के लोगों से हिंदू समाज के लोग प्रताड़ित हैं इसलिए वो पलायन करने को मजबूर हैं। अब हम लोग मामले की जांच करेंगे। उन्होंने कहा लोग अपने-अपने घरों में नमाज पढ़ें इससे किसी को कोई दिक्कत नहीं है लेकिन अगर सामूहिक नमाज पढ़ेंगे तो ये कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिवम सिंह चौहान तहसील अध्यक्ष का कहना है कि हिंदुओं को परेशान किया जा रहा है इसलिए हम लोग गांव में आए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सबकी है, सारे समाज की है। लेकिन हमारे हिंदू समाज की बहू-बेटी और किसी व्यक्ति को किसी विशेष व्यक्ति द्वारा न सताया जाए। हिंदू बस्ती की महिलाओं का दर्द: 'मकान बिकाऊ है' इसके बाद हम हिंदू बस्ती में पहुंचे वहां बहुत सारी महिलाएं घरों के बाहर मौजूद थीं। हमने वहां कई सारी महिलाओं से बात की। सबसे पहले हमने गांव की विद्यावती से बात की। हमने उनसे पूछा आप लोग पलायन क्यों करना चाहते हैं, घरों के बाहर आप लोगों ने ऐसा क्यों लिखा है कि मकान बिकाऊ है? जिस पर उन्होंने कहा कि जब हमें रहने ही नहीं देंगे, हम लोग निकलकर जाते हैं तो गाली-गलौज करते हैं। वो लोग कह रहे थे कि हम तो पांचों टाइम की नमाज पढ़ेंगे तो हमारे बच्चों का तो रहना दुश्वार है पढ़ाई-लिखाई बेकार हो जाएगी। कौशल्या का कहना है कि मुस्लिम समुदाय के लोग कहते हैं कि अभी तुम्हारी सरकार है हमारी आने दो तब देखना। जब हमने पूछा कि अगर वो अपने घर में नमाज पढ़ रहे हैं तो आप लोगों को क्या दिक्कत है जिस पर उन्होंने कहा कि हमें कोई दिक्कत नहीं है सब अपने-अपने घरों में पढ़ें। लेकिन अगर इकट्ठे होकर पढ़ेंगे तो हमें दिक्कत होगी। एक और महिला का कहना है कि जो अवैध मदरसा बनाया गया है उसे तोड़ा जाए। अगर ऐसा नहीं होगा तो हम चले जाएंगे। जब हमारे मेहमान आते हैं तो उन पर पानी फेंकते हैं। ईंटा फेंकते हैं। मेहमानों को परेशान करते हैं। एक और महिला का कहना है कि मुस्लिम समुदाय के लोग कम हैं तब ये हाल है ज्यादा होते तो क्या हालत होती। अभी एक दिन इन लोगों ने फायरिंग भी की। पुलिस और प्रशासन का बयान: 'जांच जारी है' गांव में विसारतगंज थाने की पुलिस पहुंची हुई थी जो ग्रामीणों को समझा रही थी। तभी हमने एसओ सतीश कुमार से बात की। उन्होंने बताया कि दोनों समुदाय के लोग प्यार से रह रहे हैं। जब उनसे नमाज के बारे में पूछा गया कि क्या मामला है तो उन्होंने कहा मामला हाईकोर्ट में है जो निर्णय होगा उसका पालन कराया जाएगा। हमने दोनों पक्षों को समझा दिया है कोई दिक्कत नहीं है। वहीं एसपी साउथ अंशिका वर्मा का कहना है कि मोहम्मदगंज गांव में जांच के लिए पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम बनाई गई है। जिसमें सीओ और एसडीएम जांच करने गए हैं। गांव में शांति है किसी तरह की समस्या नहीं है। पलायन जैसा भी कोई मामला नहीं है।
फतेहाबाद में कांग्रेसी विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया के भतीजे अभिमन्यु के शादी समारोह में हरियाणा के सीएम नायब सैनी भी शामिल होंगे। वह कल 18 फरवरी को भूना रोड स्थित फाइव एकड़ पैलेस में होने वाले प्रीतिभोज समारोह में पहुंचेंगे। सीएम हेलिकॉप्टर से आएंगे। हेलिकॉप्टर की लैंडिंग पुलिस लाइन स्थित हैलीपेड पर होगी। इस कार्यक्रम में पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा, रोहतक से सांसद दीपेंद्र हुड्डा और सांसद कुमारी सैलजा के अतिरिक्त प्रदेश सरकार के कई मंत्री-विधायकों के भी आने की संभावना है। इसके लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रशासन भी सीएम के दौरे के चलते अलर्ट मोड पर है। बता दें कि, विधायक बलवान के छोटे भाई सुरेश दौलतपुरिया के बेटे अभिमन्यु की शादी झज्जर के बिजनेसमैन आनंद देशवाल की बेटी नैंसी से होगी। अभिमन्यु के ससुर का ईंट भट्ठों का कारोबार है। जिले के प्रमुख सियासी परिवार में शादी की रस्में शुरू हो चुकी हैं। 20 फरवरी को होगी शादी, रोहतक जाएगी बारात विधायक के भतीजे अभिमन्यु की शादी 20 फरवरी को होनी है। 20 फरवरी की शाम को उनकी बारात रोहतक जाएगी। वहां मैरिज पैलेस में उनकी शादी का मुख्य समारोह होगा। उससे पहले परिवार की ओर से नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए प्रीतिभोज समारोह रखा गया है। परिवार के बिजनेस और राजनीति में हाथ बंटाते हैं अभिमन्यु अभिमन्यु दौलतपुरिया अभी परिवार के बिजनेस और अपने चाचा की राजनीति में हाथ बंटाते हैं। अभिमन्यु साल 2024 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान लाइमलाइट में आए थे। उन्होंने ही अपने चाचा का चुनावी कैंपेन और पूरा मैनेजमेंट संभाला था। अब भी विधायक की अनुपस्थिति में हलके में सामाजिक कार्यक्रमों में अभिमन्यु ही शामिल होते हैं। खासकर, युवाओं से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी प्रमुखता से भागीदारी होती है। सुरक्षा के रहेंगे कड़े प्रबंध वीवीआईपी मूवमेंट के कारण भूना रोड पर 18 फरवरी को सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहेंगे। डीसी डॉ. विवेक भारती और एसपी सिद्धांत जैन ने अधिकारियों के साथ समारोह स्थल पर जाकर तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। समारोह के दिन कड़ी सुरक्षा के बीच लोगों की आवाजाही होगी। 5 PHOTOS में देखिए शादी के समारोह….
मुजफ्फरपुर के चक्कर मैदान में आज से अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। भारतीय सेना में शामिल होने के इच्छुक बिहार के युवाओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। सेना भर्ती कार्यालय (एआरओ) ने शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) और मेडिकल जांच के लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस भर्ती रैली में मुजफ्फरपुर और दानापुर भर्ती बोर्ड के अंतर्गत आने वाले कुल 15 जिलों के अभ्यर्थी भाग ले रहे हैं। विभिन्न श्रेणियों के लिए कुल 7040 युवाओं को शॉर्टलिस्ट किया गया है। यह प्रक्रिया 28 फरवरी तक चलेगी। आज मोतिहारी के युवाओं की है बारी सोमवार देर शाम से ही चक्कर मैदान और आसपास के इलाकों में अभ्यर्थियों का पहुंचना शुरू हो गया था। प्रशासन ने बाहर से आने वाले युवाओं के लिए बुनियादी सुविधाओं के इंतजाम किए हैं। भर्ती बोर्ड ने भीड़ प्रबंधन के लिए जिलावार तिथियां निर्धारित की हैं। 17 फरवरी को पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के युवाओं से भर्ती की शुरुआत हुई। 18 फरवरी को दरभंगा और समस्तीपुर जिले के अभ्यर्थी शारीरिक परीक्षा देंगे। 19 फरवरी को बेतिया (पश्चिम चंपारण) और सीतामढ़ी के युवाओं की बारी होगी, जबकि 20 फरवरी को मधुबनी, मुजफ्फरपुर और शिवहर जिले के अभ्यर्थी शामिल होंगे। सेना ने भर्ती नियमों में एक महत्वपूर्ण स्पष्टता दी है। यदि किसी अभ्यर्थी ने दो अलग-अलग श्रेणियों (जैसे जनरल ड्यूटी और टेक्निकल) में आवेदन किया है, तो उसे केवल एक ही बार भर्ती रैली और मेडिकल टेस्ट में शामिल होना होगा। इससे अभ्यर्थियों को अनावश्यक परेशानी से मुक्ति मिलेगी। कड़ी सुरक्षा और निगरानीचक्कर मैदान के चारों ओर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और दलाल मुक्त रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों और सेना के सतर्कता दस्ते की मदद ली जा रही है। अधिकारियों ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे अपने सभी मूल दस्तावेज, एडमिट कार्ड और फोटोग्राफ साथ लाएं और किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े या नशीली दवाओं के सेवन से दूर रहें। मुजफ्फरपुर प्रशासन ने भी ट्रैफिक और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है।
औरंगाबाद में मैट्रिक परीक्षा की तैयारियां पूरी कर ली गई है। जिले में कुल 48 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 47,026 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इनमें 22,676 छात्र और 24,350 छात्राएं हैं। परीक्षा शुरू होने से लगभग 12 घंटे पहले बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की गई। एसडीओ संतान कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेंद्र प्रसाद, सभी परीक्षा केंद्रों के केंद्र अधीक्षक समेत अन्य अधिकारी बैठक में शामिल हुए। प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से 12:45 बजे तक और दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से 5:15 बजे तक होगी। परीक्षार्थियों को प्रथम पाली में सुबह 9:00 बजे और दूसरी पाली में 1:30 बजे तक ही प्रवेश की अनुमति होगी। देर से आने वालों को किसी भी परिस्थिति में प्रवेश नहीं मिलेगा। प्रवेश पत्र जांच के बाद ही परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। किसी भी स्थिति में परीक्षार्थियों के अतिरिक्त किसी अनाधिकृत व्यक्ति को परीक्षा केंद्र के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इलेक्टॉनिक सामान नहीं ले जाना है क केंद्र पर दंडाधिकारी, स्टैटिक मजिस्ट्रेट, उड़नदस्ता टीम और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू रहेगी, ताकि अनाधिकृत भीड़ जमा न हो सके। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले प्रवेश प्रक्रिया शुरू होगी और आधा घंटा पहले मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। विभागीय निर्देश के अनुसार केंद्राधीक्षक को छोड़ किसी भी कर्मी के पास मोबाइल फोन नहीं रहेगा। उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई होगी। मोबाइल, ब्लूटूथ, कैलकुलेटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे। प्रश्नपत्र परीक्षार्थियों की उपस्थिति में खोले जाएंगे और शेष प्रश्नपत्र सुरक्षित सील किए जाएंगे। एक बेंच पर अधिकतम दो परीक्षार्थी बैठेंगे। सभी केंद्रों पर पेयजल, बिजली और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। छात्राओं की संख्या छात्रों से 1,674 अधिक इस वर्ष छात्राओं की संख्या छात्रों से 1,674 अधिक है। औरंगाबाद सदर के 17 केंद्रों पर पहली पाली में 8,285 और दूसरी पाली में 8,248 छात्राएं परीक्षा देंगी। दाउदनगर के 7 केंद्रों पर पहली पाली में 3,949 और दूसरी पाली में 3,868 छात्राएं शामिल होंगी। वहीं, छात्रों की बात करें तो सदर अनुमंडल के सात केंद्रों पर पहली पाली में 3,451 और दूसरी पाली में 3,608 छात्र परीक्षा देंगे। दाउदनगर के 19 केंद्रों पर पहली पाली में 7,824 और दूसरी पाली में 7,793 छात्र शामिल होंगे। चार केंद्र बने आदर्श परीक्षा केंद्र इस वर्ष जिले में चार केंद्रों को आदर्श परीक्षा केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। इनमें औरंगाबाद में 3 और दाउदनगर में 1 केंद्र शामिल है। आदर्श केंद्रों में अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज, अनुग्रह कन्या हाई स्कूल, किशोरी सिन्हा कॉलेज और महिला कॉलेज दाउदनगर शामिल हैं। इन केंद्रों को फूल-मालाओं से आकर्षक रूप से सजाया जाएगा। यहां केंद्राधीक्षक से लेकर वीक्षक, मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारी तक सभी महिलाएं होंगी। परीक्षार्थियों के लिए पर्याप्त बेंच-डेस्क, पेयजल, शौचालय, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार परीक्षार्थियों की संख्या 2,363 कम हुई है। 2023 में 51,880 और 2024 में 54,583 व 2025 में 49,389 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। 8 बजे तक पहुंचने के निर्देश परीक्षा दो पालियों में होगी। सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, पुलिस बल, केंद्राधीक्षक एवं वीक्षक को सुबह 8:00 बजे तक अपने-अपने केंद्रों पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया। परीक्षा के लिए औरंगाबाद सदर अनुमंडल में 22 और दाउदनगर अनुमंडल में 26 केंद्र बनाए गए हैं। सदर अनुमंडल के 7 केंद्रों पर छात्र और 15 केंद्रों पर छात्राएं परीक्षा देंगी। वहीं, दाउदनगर अनुमंडल के 26 केंद्रों में 19 पर छात्र और सात पर छात्राएं परीक्षा में शामिल होंगी।
7 चौराहों पर सिग्नल बंद:ट्रैफिक सिग्नल फ्री सिटी में लगेगा लंबा समय, जाम की समस्या यथावत
बजट में उदयपुर को ट्रैफिक सिग्नल फ्री करने की घोषणा तो हो गई, लेकिन पुलिस-प्रशासन की तैयारी अभी बाकी है। पहले उदयपुर विकास प्रन्यास (यूडीए) और नगर निगम अपने क्षेत्रों के चौराहों की स्टडी करेंगे। इसमें रोज निकलने वाले वाहनों की संख्या, सुबह से शाम तक ट्रैफिक दबाव, जाम की समस्या और संभावित समाधान शामिल होंगे। अधिक दबाव वाले चौराहों पर फ्लाईओवर या अंडरपास की रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी। बजट स्वीकृति के बाद ही काम शुरू होगा, इसलिए पूरी योजना के लागू होने में समय लगेगा। शहर को सिग्नल फ्री करने का मकसद है कि चौराहों-तिराहों पर वाहन बिना रुके गुजरें और जाम कम हो। भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि 7 चौराहों- प्रतापनगर, ठोकर, सूरजपोल, उदियापोल, कोर्ट सर्किल, शास्त्री सर्किल और पारस तिराहा पर ट्रैफिक सिग्नल बंद हैं। वाहन बिना रोक-टोक निकल रहे हैं। वहीं, देहलीगेट, दुर्गा नर्सरी, फतेहपुरा और चेतक सर्किल पर सिग्नल चालू हैं, वाहन तय समय के बाद ही निकल पा रहे हैं। फ्लाईओवर या अंडरपास की रिपोर्ट सरकार को भेजेंगे 10 लाख से ज्यादा वाहन: परिवहन विभाग के अनुसार उदयपुर में कुल 10,06,519 वाहन हैं। टूरिस्ट सीजन में वाहन 15% तक बढ़ जाते हैं। प्रति माह लगभग 1.5 लाख पर्यटक शहर में आते हैं। इससे पुलिस-प्रशासन लंबे समय से ट्रैफिक सुधार में लगा हुआ है, लेकिन सफलता सीमित रही। पर्यटक, वीकेंड और भर्ती परीक्षाओं के समय शहर में जाम की स्थिति चरम पर रहती है। बंद सिग्नल वाले चौराहों की स्थिति प्रतापनगर : शहर, जयपुर, गुजरात व नाथद्वारा से आने-जाने वाले वाहन; फ्लाईओवर जाम नहीं घटा पाया। रोज 20 हजार भारी, 35-40 हजार अन्य वाहन। ठोकर: प्रतापनगर, आयड़, मादड़ी और सूरजपोल से वाहन; दिनभर जाम। वीआईपी मूवमेंट में भारी जाम। रोज 30 हजार वाहन। सूरजपोल: शहर का केंद्र, वाहन धीमी गति से निकलते हैं; एलिवेटेड निर्माण के चलते ट्रैफिक दबाव। रोज 35 हजार वाहन। उदियापोल: बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के पास, एलिवेटेड निर्माण से जाम; रोज 49 हजार वाहन। कोर्ट चौराहा: कोर्ट परिसर के पास, देहलीगेट, चेतक, शास्त्री सर्किल और कलेक्टर आवास मार्ग से आवाजाही ज्यादा; रोज 45 हजार वाहन। शास्त्री सर्किल: बड़ा फैला हुआ चौराहा, बड़े इवेंट में जाम; रोज 30-35 हजार वाहन। पारस तिराहा: गुजरात मुख्य मार्ग, फ्लाईओवर और अंडरपास बन रहा; निर्माण पूरा होने पर जाम से मुक्ति। चालू सिग्नल वाले चौराहे देहलीगेट: कई बार सिग्नल शुरू-बंद करने के प्रयोग; अंत में चालू किया। बापूबाजार, टाउनहॉल रोड, अश्विनी बाजार और कोर्ट सर्किल से वाहन गुजरते हैं। निर्माणाधीन एलिवेटेड से ट्रैफिक दबाव कम होगा। रोज 50 हजार वाहन। दुर्गा नर्सरी: हाल ही में रोड चौड़ा; सुबह-शाम जाम। लेकसिटी मॉल और शिक्षण संस्थाओं के कारण भी भीड़। बजट के अनुसार आयड़ पुलिया चौड़ी होगी। रोज 20-30 हजार वाहन। फतहपुरा सर्कल: एआई कंट्रोल ट्रायल पूरा, प्रशासन ने अभी शुरू नहीं किया; सुबह-शाम मामूली जाम। रोज 40-50 हजार वाहन। चेतक सर्किल: जाम कम, बड़े इवेंट में कभी-कभार जाम। रोज 50 हजार वाहन।
करनाल के घरौंडा में दिनदहाड़े वार्ड पार्षद की बुजुर्ग मां के साथ चाकू की नोक पर लूटपाट का मामला सामने आया है। महिला गली में टहलने के लिए निकली थी, तभी एक युवक ने अचानक हमला कर गले में पहना सोने का ओम छीन लिया और मौके से फरार हो गया। घटना से इलाके में दहशत फैल गई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस को शिकायत दी गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वार्ड नंबर-2 में हुई वारदातघटना घरौंडा के वार्ड नंबर-2 की है। यहां नगरपालिका पार्षद बलविंद्र सिंह की 85 वर्षीय बुजुर्ग माता करेसनी देवी सोमवार को घर से बाहर गली में टहलने के लिए आई थीं। इसी दौरान एक युवक उनके पास पहुंचा और अचानक चाकू निकाल लिया। चाकू की नोक पर आरोपी ने महिला के गले से सोने का ओम छीन लिया और तेजी से फरार हो गया। शोर मचाने पर जुटे लोगलूट की वारदात के बाद बुजुर्ग महिला ने शोर मचाया। आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। महिला ने पूरी घटना लोगों को बताई। इसके बाद लोगों ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। सीसीटीवी में कैद हुआ आरोपीसीसीटीवी कैमरों की फुटेज में आरोपी युवक साफ नजर आ रहा है। फुटेज में दिख रहा युवक जाना-पहचाना सा लग रहा है, जिससे उसे सामने आने पर पहचाना जा सकता है। पार्षद बलविंद्र सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान की कोशिश की जा रही है। पुलिस को दी गई शिकायतघटना के बाद पार्षद बलविंद्र सिंह ने सीसीटीवी फुटेज के साथ घरौंडा पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की ओर से आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही आरोपी को काबू कर लिया जाएगा।
निगम चुनाव:80 वार्डों में होगा मुकाबला, भाजपा में अंतर्कलह तो कांग्रेस ने साधी रणनीतिक चुप्पी
नगर निगम उदयपुर सहित प्रदेशभर में नगर निकाय चुनाव अप्रैल में प्रस्तावित हैं। परिसीमन के बाद नगर निगम उदयपुर में 70 की जगह 80 वार्डों में मतदान होगा। वार्ड बढ़ने से सियासी समीकरण बदले हैं। भाजपा-कांग्रेस तैयारियों में जुट गई हैं। 1994 से लगातार छह चुनाव जीतकर निगम बोर्ड पर काबिज भाजपा इस बार आंतरिक असंतोष के कारण दबाव में है। हाल ही में पार्टी के एक पूर्व पार्षद के खिलाफ गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हुआ है। पुलिस जांच जारी है। वहीं भाजपा से जुड़े एक अधिवक्ता की गिरफ्तारी को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। विपक्षी हलकों में पुलिस कार्रवाई की गति और प्राथमिकता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि सभी मामलों में विधिसम्मत कार्रवाई हो रही है। इन घटनाओं के बीच अब शहर कांग्रेस ने भाजपा नेता की गिरफ्तारी और कथित एकतरफा कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन की घोषणा की है। भाजपा : एक साल से जारी है संगठनात्मक असंतोषभाजपा में एक वर्ष से अंतर्कलह की स्थिति है। शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ की कार्यकारिणी में कुछ वरिष्ठ नेताओं और पूर्व पदाधिकारियों को स्थान नहीं मिलने से असंतोष है। हाल के सार्वजनिक आयोजनों और उच्च पदस्थ नेताओं के शहर आगमन के दौरान भी संगठनात्मक एकजुटता नहीं दिखी। इससे पार्टी की एकता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कांग्रेस : संगठन विस्तार चल रहा, राठौड़ को फिर कमानप्रदेश नेतृत्व ने हाल ही फतहसिंह राठौड़ को फिर से शहर कांग्रेस की कमान सौंपी है। राठौड़ ने नई कार्यकारिणी के लिए नाम प्रदेश नेतृत्व को भेजने की पुष्टि की है। हालांकि औपचारिक घोषणा बाकी है। कांग्रेस का कहना है कि वह भाजपा के छह चुनावों से बने गढ़ को इस बार चुनौती देने की रणनीति पर काम कर रही है। बदले समीकरण 80 वार्डों में चुनाव होने से नए चेहरे और स्थानीय समीकरण अहम होंगे। भाजपा अपना गढ़ बचाने की चुनौती से जूझ रही है, कांग्रेस संगठनात्मक पुनर्संरचना व मुद्दा-आधारित रणनीति के सहारे चुनावी मैदान में उतरेगी। आगामी हफ्तों में उम्मीदवार चयन, संगठनात्मक एकजुटता जैसे कारक चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकते हैं।
बांके बिहारी कॉरिडोर को लेकर मंदिर के सेवायतों में आपस में विवाद बढ़ता जा रहा है। मंदिर के अधिकांश गोस्वामी जहां कॉरिडोर और न्यास के विरोध में हैं वहीं कुछ गोस्वामी इसके समर्थन में हैं। समर्थन करने वाले गोस्वामी और हाई पावर मैनेजमनेट कमेटी सदस्य ने विरोध कर रही गोस्वामी परिवार की महिलाओं के खिलाफ मुकदद्मा दर्ज कराया तो महिलाओं ने कमेटी सदस्य के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। यह था मामला बांके बिहारी कॉरिडोर और न्यास का विरोध कर रही महिलाएं रविवार को हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी के बिहारी पुरा स्थित पैतृक घर पहुंची। यहां उन्होंने किराए पर ब्यूटी पार्लर का संचालन कर रही चेतना से दिनेश गोस्वामी के बारे में जानकारी ली। किराएदार द्वारा दिनेश गोस्वामी के मौजूद न रहने की बात कही। इसके बाद वह कुछ देर रुकीं और चली गईं। यह लगाया था आरोप उच्च अधिकार प्राप्त कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने आरोप लगाया कि महिलाओं ने घर पर पहुंच कर हंगामा किया और किरायेदार से कहा कि वह दिनेश गोस्वामी को जयपुर से आने पर जूतों से मारेंगी और घर को आग लगा देंगे। इस दौरान बाहर गली में कुछ पुरुष गोस्वामी भी खड़े थे। जो CCTV कैमरे में दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने दिनेश गोस्वामी की तहरीर पर रेणु गोस्वामी,अंकित गोस्वामी के अलावा 15 अज्ञात महिलाओं के खिलाफ मुकदद्मा दर्ज कर लिया। मुकदद्मा दर्ज होने से भड़की महिलाएं हाई पावर मैनेजमेंट कमेटी सदस्य और मंदिर के सेवायत दिनेश गोस्वामी द्वारा मुकदद्मा दर्ज कराये जाने की जानकारी मिलते ही कॉरिडोर और न्यास का विरोध कर रही गोस्वामी परिवार की महिलाएं आक्रोशित हो गयी। महिलाओं ने दिनेश गोस्वामी के खिलाफ मंदिर के मुख्य गेट पर पहुंच कर प्रदर्शन किया। महिलाओं ने कहा कि वह तो अपने अभियान के तहत डोर टू डोर कैम्पेन करने गयीं थीं। उनके घर में घुसे भी नहीं सब कुछ CCTV कैमरे में दिखाई दे रहा है। षड्यंत्र के तहत हो रहा सब कुछ विरोध करने पहुंची नीलम गोस्वामी ने बताया सभी आरोप झूठे और निराधार हैं। यह सब पूर्व सुनियोजित साजिश के तहत षड्यंत्र रचकर किया जा रहा है। नीलम गोस्वामी ने बताया दिनेश गोस्वामी सोशल मीडिया पर उल्टा सीधा बोलते रहते हैं। जब से विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ है तभी से यह सब कुछ चल रहा है। नीलम गोस्वामी ने आरोप लगाया कि कहा जा रहा है कि रजिस्ट्री करिये तब यह मुकदद्मा वापस लेंगे। कुलटा किसके लिए कहा प्रदर्शन में शामिल एडवोकेट हिमांशु गोस्वामी ने बताया कि इस तरह की झूठी FIR कर दवाव बनाने की कोशिश की जा रही है। सोशल मीडिया पर दिनेश गोस्वामी ने कुलटा शब्द का प्रयोग किया है ,यह किसके लिए किया है। हिमांशु गोस्वामी ने कहा कि वह जानना चाहते हैं यह केवल एक सदस्य का बयान है या पूरी कमेटी का। इस तरह की भाषा का प्रयोग करना निंदनीय है,यह सहन नहीं किया जायेगा। किसी के घर जाकर बात करना अपराध है क्या बांके बिहारी मंदिर के मुख्य द्वार पर हुए प्रदर्शन में शामिल रेनू गोस्वामी ने बताया कि क्या किसी के घर जाकर बात करना अपराध है। रेनू ने बताया वह कमेटी के सदस्य हैं उनके घर पूछने गए थे कि आप इतने अपशब्द प्रयोग कर रहे हैं। जिस तरह के शब्द प्रयोग किये जा रहे हैं वह मानसिक प्रताड़ना वाले हैं,विरोध कर यही सभी महिलाओं की मानहानि की जा रही है। वीडियो में दिख रहा है गेट नॉक किया पुछा हैं या नहीं न मिलने के बाद वहां से चले गए।
राजस्थान के भिवाड़ी की फैक्ट्री में धमाके के बाद लगी आग में 8 मजदूर जिंदा जल गए, जबकि 4 गंभीर रूप से झुलस गए। समय पर आग पर काबू नहीं पाया जाता तो पास स्थित गत्ते बनाने की फैक्ट्री भी चपेट में आ सकती थी। हादसे के समय उस फैक्ट्री में दर्जनभर से ज्यादा मजदूर काम कर रहे थे। 16 फरवरी को इंडस्ट्रियल एरिया में हुई घटनाभिवाड़ी के खुशखेड़ा रीको एरिया में 16 फरवरी की सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुई इस घटना के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। डेढ़ महीने से फैक्ट्री में गुपचुप तरीके से पटाखे बनाए जा रहे थे। रीको प्रशासन या पुलिस को इसकी भनक तक नहीं थी। न तो मजदूर अंदर जाते हुए नजर आते थे, न ही बाहर आते हुए। रीको ने नोटिस जारी कियाआशंका जताई जा रही है कि फैक्ट्री में चाइनीज गन में काम आने वाली कैप्सूल बनाई जा रही थी। माल दिल्ली भेजा जाना था। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक सहित 4 के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। रीको ने भी नोटिस जारी किया है। फैक्ट्री में क्या होता था, किसी को जानकारी नहींआसपास के लोगों का कहना है कि उन्हें पता नहीं था कि फैक्ट्री में क्या काम होता है। फैक्ट्री के कामकाज का तरीका काफी गोपनीय था। यहां काम करने वाले मजदूर कब आते थे और कब जाते थे, इसकी किसी को भनक नहीं लगती थी। आमतौर पर मजदूरों का आना-जाना सुबह और शाम के वक्त होता है। इस फैक्ट्री में सुबह-शाम भी मजदूर नजर नहीं आते थे। मजदूर आते-जाते नहीं दिखते थेइसी फैक्ट्री से लगती एक अन्य फैक्ट्री के मालिक नीरज गुप्ता बताते हैं- इस फैक्ट्री में पहले कोई और कंपनी किराए पर चल रही थी। पिछले साल के आखिरी महीनों में वो खाली करके चले गए थे। उसके बाद इस फैक्ट्री में कौन आया, ये पता नहीं चला। फैक्ट्री में कोई मजदूर या अन्य कर्मचारी आते-जाते नजर नहीं आते थे। कुछ दिनों पहले ही एक मजदूर को बाहर आते देखने पर पूछा तो उसने चुप्पी साध ली थी। उस वक्त काफी अजीब लगा, लेकिन फिर ध्यान नहीं दिया। डेढ़ महीने से फैक्ट्री चल रही थीइतने बड़े औद्योगिक क्षेत्र में बिना लाइसेंस के पटाखों का बनना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सवाल ये है कि डेढ़ महीने से फैक्ट्री में चल रही हलचल अधिकारियों की नजरों से कैसे बच गई? अब उस रेंट एग्रीमेंट की तलाश की जा रही है, जिसके आधार पर यह फैक्ट्री किराए पर दी गई थी। 13-14 सालों से किराए पर ही चल रही है फैक्ट्रीइलाके में चल रही दूसरी फैक्ट्री के संचालकों ने बताया कि उन्होंने आज तक इस प्रॉपर्टी के असली मालिक को नहीं देखा है। फैक्ट्री संचालक नीरज गुप्ता ने बताया कि 2012 से यहां फैक्ट्री चला रहे हैं। अब तक 2-3 कंपनियों को किराए पर दिया जा चुका था। राजेंद्र कुमार से हेमंत कुमार नाम के शख्स ने फैक्ट्री को किराए पर लिया था। हेमंत कुमार ने फैक्ट्री संचालित करने का जिम्मा सुपरवाइजर अभिनन्दन को सौपा था। उसने ठेकेदार अजीत सिंह के जरिए बिहार के मजदूरों को हायर कर फैक्ट्री में प्रोडक्शन शुरू कराया था। ठेकेदार अजीत सिंह की तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में बनने वाले माल को दिल्ली सप्लाई किया जाना था। आवंटन निरस्त हो सकता हैफैक्ट्री मालिक गाजियाबाद के रहने वाले राजेन्द्र कुमार हैं। रीको ने कारण बताओ नोटिस जारी कर 45 दिन में जवाब मांगा है। जवाब संतोषप्रद नहीं पाए जाने पर फैक्ट्री मालिक को आवंटित की गई जमीन को निरस्त करने की कार्रवाई की जा सकती है। आवंटन निरस्त होने की स्थिति में, रीको नियमानुसार जमीन का कब्जा वापस ले लेगा और जमा की गई राशि को भी नियमों के तहत जब्त किया जा सकता है। 2005 में आवंटित हुआ था प्लॉटरीको अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, 600 गज का प्लॉट राजेन्द्र कुमार को साल 2005 में आवंटित किया गया था। रिकॉर्ड के मुताबिक, संचालक ने साल 2011 में इस प्लॉट पर गारमेंट प्रोडक्शन शुरू करने का सत्यापन कराया था। साल 2019 में इस प्लॉट को किसी कंपनी को किराए पर दे दिया था। प्लांट किराए पर देने की सूचना रीको को दी थी, लेकिन पटाखा फैक्ट्री की सूचना रीको को नहीं दी। फैक्ट्री मालिक के खिलाफ एफआईआरमृतकों के परिजनों की शिकायत पर फैक्ट्री मालिक राजेंद्र कुमार, हेमंत, सुपरवाइजर अभिनंदन और ठेकेदार अजीत के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। घटना के बाद फैक्ट्री मालिक राजेन्द्र ने अपना मोबाइल बंद कर लिया है। पुलिस फैक्ट्री मालिक की तलाश में यूपी रवाना हो गई है। फिलहाल पटाखा फैक्ट्री के मैनेजर से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस ने बताया कि बच्चों के लिए पटाखे बनाने की बात सामने आ रही है। जिस प्रकार का हादसा हुआ, उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि काफी मात्रा में बारुद को एकत्रित करके रखा गया था। शवों की शिनाख्त के लिए एफएसएल ने लिए सैंपलहादसे के शिकार कई मजदूरों के सिर्फ कंकाल ही बचे हैं। कौन सा शव किसका है, इसका पता लगाने के लिए डीएनए जांच होगी। मामले में एफएसएल सुबह ही मौके पर पहुंच गई थी और शवों के सैम्पल लिए गए थे। दांतों के सैम्पल से डीएनए टेस्ट किया जाएगा। ------------------------ भिवाड़ी हादसे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए…राजस्थान की केमिकल फैक्ट्री में धमाका, 8 लोग जिंदा जले:अवैध रूप से बन रहे थे पटाखे, 3 मृतकों की हुई पहचान राजस्थान के भिवाड़ी की केमिकल फैक्ट्री में अचानक तेज धमाका हुआ। इसमें 8 मजदूर जिंदा जल गए, जबकि 4 गंभीर रूप से झुलस गए। (पढ़िए पूरी खबर) एक के बाद एक 5 धमाके, शवों के चीथड़े उड़े:कपड़ा बनाने के लिए रजिस्टर्ड फैक्ट्री में बन रहे थे पटाखे; किराए पर चल रही थी राजस्थान के भिवाड़ी में जिस फैक्ट्री में आग लगने से आठ लोग जिंदा जल गए, वह गारमेंट फैक्ट़्री के नाम से रजिस्टर्ड थी। (पढ़िए पूरी खबर)
हम तो गांव में कूड़ा प्लांट का विरोध कर रहे हैं। पिछले दो महीने से बैठे हैं। हमें विधायक नंद किशोर गुर्जर ने भरोसा दिया था। उनके ही बयान पर हम धरने पर बैठे। अब उन्होंने ही हमें पिटवा दिया। वह हमारा फोन भी रिसीव नहीं कर रहे हैं। अब चाहे जो हो, इस डंपिंंग ग्राउंड काे गांव से हटवाकर ही मानेंगे। इसकी जगह पर यहां अस्पताल या कुछ और बने।' ये कहना है गाजियाबाद के मीरपुर गांव के उन किसानों का, जिन्हें 15 फरवरी को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। घंटों चले बवाल के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। देर रात छोड़ दिया गया। अब उन ग्रामीणों ने गांव में फिर से धरना शुरू कर दिया है। गांव के लोग पुलिस के रवैये से नाराज हैं। बवाल के दूसरे दिन सोमवार को उसी प्लांट से करीब 700 मीटर की दूरी पर मंदिर परिसर में किसान धरने पर बैठे। दैनिक भास्कर ने मीरपुर गांव पहुंचकर किसानों से मुलाकात की। उनसे कूड़ा निस्तारण केंद्र और उससे जुड़े विवाद पर बात की। पूरी रिपोर्ट पढ़िए… अब पढ़िए किसानों से बातचीत… भास्कर टीम मीरपुर गांव में बन रहे डंपिंग पहुंची, तो वहां गेट बंद मिला। अंदर पीएसी के 2 ट्रक खड़े दिखाई दिए। यहां करीब 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात थे। अंदर करीब 50 कर्मचारी कार्य में लगे हैं। यह प्लांट 120 बीघा जमीन पर पर बनाया जा रहा है। यहां बड़ी-बड़ी मशीनें लग चुकी हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक कर्मचारी ने बताया- इस प्लांट की क्षमता एक दिन में 2000 टन कूड़ा निस्तारण करने की है। जिसमें प्लास्टिक, पन्नी और कचरा को अलग-अलग कर दिया जाएगा। इससे गंदगी नहीं आएगी। बल्कि कूड़े को मशीनों से साफ करेगा। डिग्री कॉलेज का वादा थाडंपिंज प्लॉट से निकलकर टीम यहां से 700 मीटर दूर धरनास्थल पर पहुंची। यहां सबसे पहले किसान पवन कुमार से बात की। उन्होंने कहा- हम 2012 से इसका विरोध कर रहे हैं। मीरपुर हमारा गांव है, इससे उस समय सांसद जनरल वीके सिंह ने गोद लिया था। गांव के लोगों से कहा था कि डिग्री कॉलेज और सालिड वेस्ट प्लांट बनेगा। गांवों के लोगों ने सोचा कि कोई अच्छी चीज बनेगी। गांव के लोगों को बहकाया गया। 2 महीने से धरना चल रहा है। हमारी नगर आयुक्त के साथ मीटिंग हुई थी। हमारी मांग थी कि जब तक बातचीत का नतीजा नहीं निकल जाता, तब तक काम बंद रहेगा। लेकिन पिछले गेट से यहां काम चलता रहा। हमारे साथ वादा खिलाफी की गई है। हम भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर के पास गए थे। वह किसानों के पास नहीं आए। वह हमारे प्रतिनिधि हैं, उन्होंने किसानों से कहा- आप इसका विरोध करो, हम अधिकारियों से बात करते हैं, कोशिश करेंगे कि इसे हटवा दें। धरने पर मजबूती से बैठो। लेकिन आज तक विधायक यहां नहीं आए। मुझे लाठियों से पीटा, रात 12 बजे छोड़ाग्रामीण किसान नीरज ने बताया- यहां एक प्लांट बनाया जा रहा है। इसे डंपिंग ग्राउंड का नाम दिया जा रहा है। ट्रोनिका सिटी यहां एक औद्योगिक शहर है। यहां गांवों की आबादी है। हमारे यहां कूड़े कचरा का सेंटर न बनाया जाए। हम लोग यहां बैठे थे। हम 400 से अधिक किसान थे, मुझे लाठियों से पीटा। आसपास के गांवों के लोग पहुंचे, तो पुलिस वाले प्रेशर में आ गए। मुझे जेल के डालने के लिए ले गए। डासना जेल के बाहर पहुंचकर रात के 12 बजे कहा कि आपके कागज पूरे हो गए, आपको छोड़ा जा रहा है। कूड़ा घर ले जाओ, हॉस्पिटल बनवा दोकिसान अरुण त्यागी ने कहा- हमारी एक मांग है कि इस कूड़े घर को उठाकर ले जाओ। यहां मेडिकल कॉलेज बनवा दो, यहां कोई हॉस्पिटल या अन्य चीज बना दो। सुप्रीम कोर्ट का कोई आदेश नहीं है। किसानों ने कोई पथराव नहीं किया है। पुलिस ने वीडियो ग्राफी कराई होगी। वहां पत्थर थे ही नहीं। पुलिस ने ही किसानों पर लाठीचार्ज किया है, लेकिन हम यहां कूड़ाघर बर्दाश्त नहीं करेंगे। पूरे शहर और पूरे जिले का कूड़ा यहां लाया जाएगा, सड़कों पर नरक हो जाएगा। ऐसे तो जीना मुहाल हो जाएगा। विधायक ने ही धरना करायाकिसान राकेश ने बताया- पुलिस ने ही ईंट मारीं, हमारी तरफ कोई नहीं आया। किसान यूनियन या हमारा क्षेत्र के अलावा कोई नहीं आया। विधायक ने यह कह दी कि यह बनेगा। विधायक ही बनवा रहा है। विधायक ने ही धरना कराया है। सारा काम इन्होंने कराया है, बहुत बड़ा अन्याय हुआ है। विधायक नंदकिशोर हमारा फोन तक नहीं उठाते। हमारे साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ है। कूड़ाघर बनवा रहे हो, कोठी भी बनवा लो अपना80 साल के घूलेराम ने कहा- हम गेट पर खड़े थे। एक पुलिसवाला आया कि बाबा जी हटो, गिर जाओगे, मर जाओगे। इतने में लाठी मारनी शुरू कर दीं। पता नहीं कितनों को पीटा है। गेहूं के खेत में गिराकर पीटा है। मैंने कहा कि हम मरने को आए ही हैं। मुझे भी मारा-पीटा, मैं गेट पर गिरा था। गांव के लड़कों के फोन में घटना का वीडियो है। पुलिस ने सबको पीटा है। हम तो बर्बाद हो जाएंगे। जब यहां कूड़ा घर बना रहे हैं तो अपनी कोठी भी बना लो। अधिकारी यहां अपनी कोठी बनाकर रहें। या तो कॉलेज बनाएं या खेल मैदान बनवाएं। लेकिन हम कूड़ा घर नहीं बनने देंगे। अब पढ़िए लाठीचार्ज की घटना… विरोध में धरना दे रहे थे ग्रामीण, पुलिस पहुंची तो बवाल हुआ गाजियाबाद में डंपिंग ग्राउंड को लेकर रविवार को बवाल हो गया। ट्रॉनिका सिटी में बन रहे डंपिंग ग्राउंड का किसान 2 महीने से विरोध कर रहे थे। इसी बीच प्रदर्शन कर रहे किसानों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। पुलिस उनको जबरिया हटाने लगी और गाड़ियों में भरना शुरू किया, तो किसान उग्र हो गए। इस पर गुस्साई भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें कई महिलाएं और बुजुर्ग घायल हो गए। एक बुजुर्ग महिला तो बेहोश हो गई। गांववालों का दावा है कि करीब 25 लोग घायल हुए हैं। एक महिला के सिर में गंभीर चोट लगी है, वहीं एक ग्रामीण का कूल्हा टूट गया। किसानों का कहना है कि हम सिर्फ अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे। यहां डंपिंग ग्राउंड बनने से पूरे इलाके में बदबू फैलती है। लोग बीमार होते हैं। इस जमीन पर स्कूल या अस्पताल बनाया जाना चाहिए, न कि कूड़ाघर। मामला ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र का है। वहीं, ACP लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया- पुलिस की तरफ से लाठीचार्ज नहीं किया गया। केवल हल्का बल प्रयोग किया गया है। घटना वाले दिन की 2 तस्वीर देखिए… किसान डंपिंग ग्राउंड का कर रहे विरोधमीरपुर हिंदू गांव में डंपिंग ग्राउंड बना है। इसके विरोध में किसान और ग्रामीण धरना दे रहे थे। इसी बीच वहां पहुंची पुलिस से उनकी नोकझोंक हो गई। स्थिति उस समय बिगड़ गई, जब पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। इसमें कई किसान, महिलाएं और बुजुर्ग घायल हो गए। गांववालों का कहना है कि वे शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे। अचानक पुलिस ने लोगों को जबरन गाड़ियों में बैठाना शुरू कर दिया। जब महिलाओं ने इसका विरोध किया, तो उन पर भी लाठियां चलाई गईं। वहीं, ACP लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि पुलिस की तरफ से लाठीचार्ज नहीं हुआ है। केवल हल्का बल प्रयोग किया गया है। अब जानिए कूड़ा निस्तारण केंद्र से जुड़ जानकारी…सीएम योगी आदित्यनाथ ने शिलान्यास किया था गाजियाबाद के मीरपुर में सॉलिड वेस्ट मैंनेजमेंट योजना के तहत डंपिंग ग्राउंड बना है। 1728 लाख रुपये की लागतसे प्लांट का शिलान्यास 12 दिसंबर 2020 को हुआ था। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसकी नींव रखी थी। उनके साथ भाजपा के तत्कालीन सांसद जनरल वीके सिंह भी रहे थे। उस समय अजय शंकर पांडे गाजियाबाद के डीएम और अस्मिता लाल मुख्य विकास अधिकारी थे। ग्रामीणों को इस डंपिंग ग्राउंड पर ऐतराज है। वह इसका लगातार विरोध कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि कूड़ा निस्तारण केंद्र से बदबू फैलती है। लोग बीमार होते हैं। इस जमीन पर स्कूल या अस्पताल बनाया जाना चाहिए, न कि कूड़ाघर। -----------यह खबर भी पढ़िए… गाजियाबाद में किसानों पर पुलिस ने बरसाईं लाठियां:खेतों में दौड़ाकर पीटा, गुस्साई भीड़ ने भी पत्थर मारे; डंपिंग ग्राउंड का विरोध कर रहे थे गाजियाबाद में डंपिंग ग्राउंड को लेकर रविवार को बवाल हो गया। ट्रॉनिका सिटी में बन रहे डंपिंग ग्राउंड का किसान विरोध कर रहे थे। इसी बीच प्रदर्शन कर रहे किसानों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। पुलिस उनको जबरिया हटाने लगी और गाड़ियों में भरना शुरू किया, तो किसान उग्र हो गए। इस पर गुस्साई भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें कई महिलाएं और बुजुर्ग घायल हो गए।पूरी खबर पढ़ें
डिप्टी CM की चमक-धमक का राज पंचमेवा:विधायक जी को BJP में सुख चाहिए, खूब झूमीं लाडली IAS मैडम
ऊपर Video पर क्लिक करें और देखें... आज यूपी की राजनीति और सरकारी विभागों की कौन सी बात खरी है.…
यूपी विधानसभा में सोमवार को कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। माहौल उस समय गरमा गया, जब डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा- अगर ये सवाल से हटकर कुछ पूछेंगे तो हम भी उस तरह जवाब देंगे और रायता फैला देंगे। VIDEO में देखिए विधानसभा की कार्यवाही…
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR) के तहत अब तक करीब सवा लाख मतदाताओं के नाम काटने के लिए आपत्तियां भारत निर्वाचन आयोग के पास आई हैं। वहीं, नाम जुड़वाने के लिए अब तक 51 लाख लोगों ने आवेदन किया है। समाजवादी पार्टी, भाजपा और चुनाव आयोग पर बड़े पैमाने पर नाम कटवाने के लिए साजिश रचने का लगातार आरोप लगा रही। ऐसे में सवाल उठना वाजिब है कि अब तक भाजपा ने कितने लोगों के नाम जुड़वाने और कटवाने के लिए आवेदन किया? सपा और अन्य राजनीतिक दलों ने कितने आवेदन किए? सपा के आरोपों में कितना दम है? आयोग का क्या कहना है? पढ़िए ये खास खबर… चुनाव आयोग ने दावे और आपत्तियां लेने के लिए समय एक महीने बढ़ाया। पहले यह 6 फरवरी तक था, जिसे बढ़कर 6 मार्च किया जा चुका है। आयोग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक आए ज्यादातर आवेदन आम मतदाताओं ने खुद बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) के पास जमा किए हैं। चाहे नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 हो या नाम हटाने के लिए फॉर्म-7, राजनीतिक दलों की भागीदारी एक फीसदी से भी कम रही है। आयोग के पास अब तक कुल 51 लाख 43 हजार 362 लोगों ने फॉर्म 6 जमा किए हैं। इसमें राजनीतिक दलों के जमा किए गए फॉर्म- 6 की संख्या सिर्फ 40,284 है। इसमें भी सपा और भाजपा ने मिलाकर सबसे ज्यादा 36 हजार 950 फॉर्म जमा किए हैं। इसी तरह एक लाख 18 हजार 688 मतदाताओं को लेकर आपत्तियां आई हैं। इसमें राजनीतिक दलों की ओर से मात्र 1790 आपत्तियां आईं। भाजपा की ओर से सबसे ज्यादा 1729 आपत्तियां हैं। सपा की ओर से 47 मतदाताओं के विरुद्ध आपत्तियां की गईं। दावे और आपत्तियों के लिए समय सीमा 6 मार्च तक है। 27 मार्च तक सुनवाई पूरी होगी और 10 अप्रैल को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा। समय अवधि बढ़ाने के बाद आवेदन में आई तेजीनिर्वाचन आयोग के आंकड़े बताते हैं कि दावे और आपत्तियों की समय सीमा एक महीने बढ़ाए जाने के बाद आवेदन की संख्या में तेजी आई है। 6 फरवरी को मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि 6 जनवरी से 4 फरवरी तक के 30 दिनों में करीब 37 लाख 80 हजार लोगों ने नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 भरा था। जबकि 82 हजार से ज्यादा लोगों ने नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 जमा किया था। इस दौरान रोजाना औसतन 1 लाख 26 हजार फॉर्म-6 और करीब 2756 फॉर्म-7 भरे जा रहे थे। लेकिन जब 6 फरवरी को आवेदन की आखिरी तारीख एक महीने बढ़ाई गई, तब रफ्तार और तेज हो गई। सपा का आरोप- भाजपा नाम कटवा रहीसमाजवादी पार्टी का आरोप है कि भाजपा और आयोग मिलकर बड़े पैमाने पर लोगों के वोट काटना चाहते हैं। इसके लिए फर्जी तरीके से फॉर्म-7 भरवाए जा रहे। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ये आरोप लगा चुके हैं कि बड़े पैमाने पर भाजपा कार्यकर्ता फर्जी तरीके से मतदाताओं के फर्जी हस्ताक्षर कर लोगों के नाम काटने के लिए फॉर्म-7 भर रहे। ये फॉर्म कंप्यूटर से भरे हैं। अखिलेश यादव ने 16 फरवरी को भी कहा कि सपा के कार्यकर्ता, विधायकों के परिवार के नाम फॉर्म-7 के जरिए कटवाने की कोशिश की जा रही। उन्होंने मांग की है कि जो फॉर्म अज्ञात में भरे गए हैं, उनकी जांच कराई जाए। उन लोगों के नाम सार्वजनिक किए जाएं, जिनके नाम काटने के लिए फॉर्म-7 भरे गए और जिन्होंने नाम काटने के लिए आपत्तियां दीं। अखिलेश यादव ने कहा है कि पार्टी के विधायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिलेंगे। SIR में हो रही गड़बड़ी की शिकायत करेंगे। जो शंकाएं हैं, उनको लेकर आयोग से सवाल पूछेंगे। इसके बाद मामले को विधानसभा में भी उठाया जाएगा। आयोग ने खारिज किया राजनीतिक दखल का आरोपमुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा कहते हैं- फॉर्म-7 किसी व्यक्ति का नाम हटाने या किसी के दावे पर आपत्ति करने के लिए भरा जाता है। आपत्तिकर्ता को फॉर्म-7 भरते समय अपना नाम, वोटर आईडी कार्ड नंबर, जिस व्यक्ति के खिलाफ आपत्ति की जा रही, उसका नाम और आपत्ति का कारण बताना होता है। फॉर्म-7 को बड़ी संख्या में (बल्क में) स्वीकार नहीं किया जाता। राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट फॉर्म-7 एक दिन में अधिकतम 10 जमा कर सकते हैं। साथ ही उन्हें अंडरटेकिंग भी देनी होती है। फॉर्म-7 मिलने पर ईआरओ आपत्तिकर्ता और जिस व्यक्ति के खिलाफ आपत्ति की गई है, दोनों को नोटिस भेजता है। नोटिस मिलने के बाद सुनवाई होती है। इसमें साक्ष्य पेश किए जाते हैं। फिर ईआरओ नियमानुसार निर्णय लेता है। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… यूपी में चौधरी की नई टीम में फंसा जातीय पेंच, होली के बाद होगा ऐलान भारतीय जनता पार्टी की यूपी इकाई में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल अब होली के बाद ही होगा। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम को लेकर पहले दौर का मंथन पूरा हो चुका है। लेकिन, जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर पेंच फंसा है। ऐसे में लखनऊ से लेकर दिल्ली तक दूसरे दौर की बैठकों के बाद ही अंतिम मुहर लगेगी। पढ़ें पूरी खबर
नमस्कार, कल की बड़ी खबर राजस्थान की केमिकल फैक्ट्री में हुए धमाके से जुड़ी रही। हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई। दूसरी बड़ी खबर सुप्रीम कोर्ट के बयान को लेकर रही। अदालत ने शादी से पहले सेक्स पर हैरानी जताई। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात करेंगे। मैक्रों एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे। दिल्ली हाई कोर्ट पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की याचिका पर सुनवाई करेगा। कल की बड़ी खबरें... 1. राजस्थान में अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाका, 8 लोग जिंदा जले; 4 गंभीर झुलसे राजस्थान के भिवाड़ी की केमिकल फैक्ट्री में तेज धमाके में 8 मजदूर जिंदा जल गए। जबकि 4 गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें दिल्ली एम्स रेफर किया गया है। इस फैक्ट्री में अवैध रूप से पटाखे बनाए जा रहे थे। मौके से बारूद, पटाखे और पैकिंग के डिब्बे मिले हैं। फैक्ट्री मैनेजर से पुलिस पूछताछ कर रही है। पॉलीथीन में ले जाने पड़े शव: कई शवों के कंकाल भर बचे थे। बॉडी पाट्र्स के टुकड़े बिखरे मिले। रेस्क्यू टीम ने इन टुकड़ों को पॉलीथीन में इकट्ठा किया। फैक्ट्री मैनेजर को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। वहीं, फैक्ट्री मालिक समेत दो लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पूरी खबर पढ़ें... 2. मणिशंकर अय्यर बोले- कांग्रेस पार्टी मूर्ख है, मैं गांधीवादी-नेहरूवादी हूं, राहुलवादी नहीं कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने अपनी ही पार्टी को मूर्ख बताया। उन्होंने कहा कि कोई पार्टी इतनी मूर्ख कैसे हो सकती है कि पवन खेड़ा को प्रवक्ता बना दे। पवन खेड़ा वही दोहराते हैं, जो जयराम रमेश उन्हें बताते हैं। उन्होंने आगे कहा कि राहुल भूल गए हैं कि मैं पार्टी का मेंबर हूं। मैं गांधीवादी, नेहरूवादी और राजीववादी हूं, लेकिन राहुलवादी नहीं हूं। खेड़ा ने कहा- कांग्रेस से कोई संबंध नहीं: अय्यर बोले- थरूर विदेश मंत्री बनना चाहते हैं: कांग्रेस नेता ने कहा कि शशि थरूर एंटी-पाकिस्तान हैं। वे अगले विदेश मंत्री बनना चाहते हैं। हालांकि, अय्यर के बयान के बाद पवन खेड़ा ने X पर लिखा- मणिशंकर अय्यर का पिछले कुछ सालों से कांग्रेस से कोई संबंध नहीं है। वे अपनी व्यक्तिगत क्षमता से बोलते और लिखते हैं। पूरी खबर पढ़ें… 3. यूपी में 1.56 लाख शिक्षामित्र-अनुदेशकों की सैलरी बढ़ेगी, सीएम योगी ने किया ऐलान यूपी विधान परिषद में सीएम योगी ने कहा- शिक्षा मित्र, अनुदेशक, आंगनवाड़ी वर्कर्स और आशा कार्यकत्रियों की सैलरी हम बढ़ाएंगे। निराश्रित महिलाओं, दिव्यांगजनों की पेंशन भी बढ़ाने जा रहे हैं। कोई भी शिक्षक हो, हम लोगों ने इनको 5 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य की सुविधा उपलब्ध करवाई है। 1 अप्रैल से यह लागू भी हो जाएगा। यूपी में 1.47 लाख शिक्षामित्र और 28 हजार से अधिक अनुदेशक: सरकार करीब 9 साल बाद मानदेय बढ़ाने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, शिक्षामित्र और अनुदेशक के मानदेय में 2 हजार रुपए महीने की बढ़ोतरी हो सकती है। भाजपा ने 2017 के विधानसभा चुनाव के संकल्प पत्र में शिक्षामित्रों की समस्या का समाधान करने का वादा किया था। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश से शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक पद से समायोजन रद्द हो गया था। पूरी खबर पढ़ें… 4. सुप्रीम कोर्ट बोला- शादी से पहले सेक्स समझ से परे, जब तक शादी नहीं, तब तक लड़का-लड़की अजनबी सुप्रीम कोर्ट ने एक सुनवाई के दौरान शादी से पहले सेक्स पर हैरानी जताई। कोर्ट ने कहा कि हम यह नहीं समझ पाते कि एक लड़का और लड़की शादी से पहले शारीरिक संबंध कैसे बना सकते हैं। हो सकता है हम पुराने ख्यालों के हों लेकिन शादी से पहले लड़का और लड़की अजनबी होते हैं। आपको बहुत सावधान रहना चाहिए, किसी पर भी भरोसा नहीं करना चाहिए। क्या है पूरा मामला: जस्टिस नागरत्ना के साथ जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच एक व्यक्ति की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिस पर एक महिला से शादी का वादा करके शारीरिक संबंध बनाने का आरोप है। वहीं, व्यक्ति पर पहले से शादीशुदा होने और बाद में दूसरी महिला से शादी करने का आरोप भी है। पूरी खबर पढ़ें… 5. भारतीय लड़की भी एपस्टीन का शिकार हुई, अमेरिकी अधिकारियों ने मुआवजा देने के लिए ढूंढा एक भारतीय लड़की भी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन का शिकार हुई थी। एपस्टीन फाइल्स के एक मेल से यह खुलासा हुआ है। अमेरिकी अधिकारियों ने पीड़ित लड़की को ढूढने की कोशिश की थी, ताकि उसे मुआवजा दिया जा सके। रिलीज दस्तावेजों में इस मेल का टाइटल ‘एपस्टीन विक्टिम्स’ है, हालांकि अधिकारियों के नाम और कुछ जानकारियां छुपा दी गई हैं। एपस्टीन फाइल्स के बारे में पढ़िए: जेफ्री एपस्टीन नाबालिग लड़कियों की तस्करी करता था और उनका यौन शोषण करता था। वो पार्टियां करता था और इसमें बड़े-बड़े नेताओं और सेलिब्रेटीज को बुलाता था, जहां नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण होता था। इसमें ट्रम्प, बिल गेट्स समेत दुनियाभर के कई बड़े नेताओं के नाम आए हैं। 2019 में एपस्टीन की जेल में मौत हो गई थी। लेकिन उसकी फाइल्स अब खुल रही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 6. थोक महंगाई 10 महीने में सबसे ज्यादा, जनवरी में बढ़कर 1.81% पर पहुंची; खाने-पीने की चीजें महंगी हुईं थोक महंगाई 10 महीने में सबसे ज्यादा रिकॉर्ड की गई है। जनवरी में 1.81% पर दर्ज हुई, जो दिसंबर में 0.83% थी। रोजमर्रा के सामान और खाने-पीने की चीजें महंगी हुईं, जिससे प्राइमरी आर्टिकल्स 2.21% और फूड इंडेक्स 1.55% पर पहुंचा। मैन्युफैक्चरिंग महंगाई 2.86% रही, जबकि फ्यूल और पावर में गिरावट जारी रही। रिटेल महंगाई 8 महीनों के हाई पर: जनवरी में रिटेल महंगाई पिछले महीने के मुकाबले बढ़कर 2.75% पर पहुंच गई है। दिसंबर में ये 1.33% पर थी। 8 महीनों में सबसे ज्यादा है। मई 2025 में महंगाई 2.82% पर पहुंच गई थी। पूरी खबर पढ़ें… 7. चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के 7 अधिकारी सस्पेंड किए, SIR में लापरवाही-पावर के गलत उपयोग के आरोप चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में 7 अधिकारियों को सस्पेंड किया है। सभी पर SIR में गंभीर लापरवाही और वैधानिक शक्तियों के दुरुपयोग का आरोप है। आयोग ने कहा है कि वोटर लिस्ट जुड़ा काम बहुत संवेदनशील है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या अधिकारों के दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। TMC और भाजपा आमने-सामने: TMC का कहना है कि निर्वाचन आयोग केंद्र सरकार के दबाव में काम कर रहा है। पार्टी ने कहा कि बिना पारदर्शी जांच के अधिकारियों को निलंबित करना राज्य प्रशासन को डराने की कोशिश है। वहीं, भाजपा ने कहा कि पहली बार निर्वाचन आयोग ने सीधे निलंबन की कार्रवाई की है और आगे जरूरत पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है। पूरी खबर पढ़ें… 8. महाराष्ट्र में मुस्लिम विधायक शिवरात्रि पर मंदिर पहुंचे, दावा- उनके जाने के बाद शिव मंदिर में गोमूत्र छिड़ककर शुद्धिकरण किया गया महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक और पूर्व मंत्री अब्दुल सत्तार के महाशिवरात्रि पर मंदिर दर्शन को लेकर विवाद हो गया। दावा किया जा रहा है कि सत्तार के दर्शन के बाद कुछ युवकों ने मंदिर परिसर में गौमूत्र छिड़ककर शुद्धिकरण किया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल: युवकों का गौमूत्र छिड़कने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। युवकों का कहना है कि सत्तार मांसाहारी भोजन करते हैं। उनके अनुसार, महाशिवरात्रि जैसे पवित्र दिन ऐसे व्यक्ति का मंदिर में प्रवेश उचित नहीं था। हालांकि, इस घटना पर अब्दुल सत्तार की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। पूरी खबर पढ़ें… 9. PM मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे सस्पेंड PCS अफसर, देवरिया में कहा- ये देश में सिर्फ हिंदू-मुस्लिम करा रहे बरेली के सस्पेंड सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री का बड़ा बयान सामने आया है। देवरिया में उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री मोदी 2029 से पहले इस्तीफा देंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ और मोदी 2029 में वाराणसी से चुनाव लड़े, तो मैं उनके खिलाफ चुनाव लड़ूंगा और उन्हें हराऊंगा। ये लोग अयोध्या में बेइज्जत होकर बुरी तरह हारे थे। आने वाले समय में काशी और मथुरा में भी हारने वाले हैं। कौन हैं अलंकार अग्निहोत्री: ब्राह्मण वर्ग से आने वाले अलंकार अग्निहोत्री 2019 में PCS अफसर बने थे। उनकी 15वीं रैंक आई थी। अलंकार अपने ऑफिस में भगवान बजरंगबली की तस्वीर लगाकर चर्चा में आए थे। उस समय भीम आर्मी ने कलेक्ट्रेट में हंगामा भी किया था। इस दौरान अफसर से नोकझोंक भी हुई थी। पूरी खबर पढ़ें… आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… बॉलीवुड: रोहित शेट्टी फायरिंग केस में हरियाणा से 4 आरोपी गिरफ्तार: मुख्य शूटर हरि बॉक्सर और आरजू के संपर्क में था; अब तक 11 अरेस्ट (पूरी खबर पढ़ें) राजस्थान: ऑपरेशन सिंदूर की तर्ज पर होगी बमबारी: बॉर्डर इलाकों में पहली बार आसमान में बाज की तरह हमला करने वाला एयरक्राफ्ट दिखेगा (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: गुजरात के 32 स्कूलों में बम की धमकी: ईमेल में लिखा- बस को उड़ा देंगे, हिंदुस्तान टुकड़ों में बंट जाएगा; पैरेंट्स बच्चे लेकर लौटे (पूरी खबर पढ़ें) स्पोर्ट्स: पाकिस्तान की हार पर सहवाग बोले- फुल कंबल कुटाई: दिल्ली पुलिस ने लिखा- गलत जगह यू-टर्न लोगे तो यूं ही मुंह की खाओगे (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: ईशान किशन की लव स्टोरी परिवार के सामने कैसे आई:6 साल डेटिंग; दादा ने रखी शादी की शर्त, कहा- इंटरकास्ट मैरिज से ऐतराज नहीं (पूरी खबर पढ़ें) बॉलीवुड: राजपाल यादव को हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत:1.5 करोड़ रुपए डिमांड ड्राफ्ट से जमा करने के बाद मिली राहत, कोर्ट की सख्ती के बीच आदेश (पूरी खबर पढ़ें) बॉलीवुड: दावा- रश्मिका मंदाना-विजय देवरकोंडा 26 फरवरी को करेंगे शादी:इंटिमेट वेडिंग की तैयारी शुरू, ऑफिशियल ऐलान का फैंस को इंतजार (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: हिमंता शूटिंग वीडियो मामला, सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार:कहा- चुनाव से पहले कोर्ट का दरवाजा खटखटाना ट्रेंड बन गया है, इसे प्लेग्राउंड मत बनाइए (पूरी खबर पढ़ें) इंटरनेशनल: अमेरिकी राजदूत इंडियन आर्मी के कमांड ऑफिस जाएंगे: यूबीटी सांसद ने सवाल उठाए, लिखा- भारत के फैसले अमेरिका से प्रभावित होते हैं, ये उसका उदाहरण (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: दिल्ली ब्लास्ट, डॉक्टरों ने 'अंसार अंतरिम' संगठन बनाया था:2016 में कट्टरपंथी विचारधारा अपनाई, वाइट कॉलर मॉड्यूल का मकसद अटैक करना (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: भुवनेश्वर में छत पर धमाका, CCTV में घटना कैद:बदला लेने के लिए बम बना रहा था परिवार; 4 लोग बुरी तरह झुलसे, दो की मौत (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: राजनाथ बोले- भारतीय सेना भगवान शंकर से प्रेरणा लेती है:लोगों की मदद भी करती है और जरूरत पर ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाई भी (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... गुजरात में शादी में नोटों की बारिश, लोग पैसों के लिए इमारतों से कूदे गुजरात के मेहसाना में भाजपा महिला सदस्य के भतीजे की शादी में लाखों रुपये के नोट हवा में उछाले गए। जिससे वहां हंगामा हो गया और लोग उड़ते हुए नोटों को पकड़ने के लिए गलियारों और ऊंची इमारतों से कूदने लगे। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… आज का एक्सप्लेनर: क्या 1 लाख तक गिर सकता है सोना, रूस ने अमेरिका को ऐसा क्या ऑफर दिया, जिससे भारत में सस्ता होगा गोल्ड मंडे मेगा स्टोरी: 114 राफेल की डील क्यों जरूरी: एयरफोर्स के पास 13 स्क्वाड्रन कम, आगे और घटेंगे; पाकिस्तान-चीन की एयर पावर कितनी मजबूत बांग्लादेश से भास्कर: ‘भारत को बांग्लादेशी हिंदुओं की कोई फिक्र नहीं‘: BNP के हिंदू सांसद बोले- हसीना राज में टॉर्चर हुए, तब इंडिया ने कुछ नहीं कहा फिजिकल हेल्थ- क्या अचानक झड़ रहे हैं बाल: हो सकता है एलोपेशिया, जानें क्या है ये ऑटोइम्यून बीमारी, क्या है इसका इलाज ईशान किशन की लव स्टोरी परिवार के सामने कैसे आई: 6 साल डेटिंग; दादा ने रखी शादी की शर्त, कहा- इंटरकास्ट मैरिज से ऐतराज नहीं करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज कर्क राशि वालों को रुका पैसा मिल सकता है। बिजनेस के लिहाज से भी अनुकूल दिन है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
यूपी के गाजियाबाद में 3 नाबालिग बहनों की मौत ने ऑनलाइन कल्चर और डिजिटल लत को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यह मामला केवल एक दुखद घटना नहीं, बड़ी सामाजिक चेतावनी बन गया है। आखिर कोरियन डिजिटल कंटेंट में ऐसा क्या है, जो जेन-जी को इतनी तेजी से अपनी ओर खींच रहा? क्या इससे जुड़े गेम भारत में वैध हैं या प्रतिबंधित? कब मनोरंजन की दुनिया बच्चों के लिए मानसिक जोखिम बन जाती है? इन सभी सवालों के जवाब और एक्सपर्ट के सुझाव भास्कर एक्सप्लेनर में पढ़िए… सबसे पहले मामला जान लीजिए…गाजियाबाद में 3 बहनों निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) ने फरवरी के पहले हफ्ते नौवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। जांच में सामने आया कि तीनों कोरियन वेब सीरीज, फिल्म, गेम और म्यूजिक में डूबी रहती थीं। वो खुद को पूरी तरह से कोरियन मानती थीं। जब पिता उन्हें रोकने लगा तो जान दे दी। सुसाइड नोट में लिखा…'तुम हमसे कोरियन छुड़ाओगे, कोरियन हमारी जान थी। शादी के नाम से तो हमारे दिल में टेंशन होती थी। हमारी पसंद और प्यार कोरियन कल्चर ही था। इंडिया के आदमी से शादी कैसे करें। नहीं, नहीं, नहीं… बल्कि मर गए तो हमें मौत ही अच्छी लगेगी।' सुसाइड नोट में बताया कि कोरिया, थाइलैंड, अमेरिका, जापान, चीन की फिल्में, गाने और एक्टर पसंद हैं। इसके अलावा, 5 तरह के गेम और 6 तरह के कार्टून पसंद हैं। इसके साथ ही लिखा- अब तो यकीन हो गया न कि कोरियन हमारी जान है। आखिर कोरियन लव गेम है क्या? सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि कोरियन गेम कोई एक आधिकारिक या लोकप्रिय मेनस्ट्रीम गेम कैटेगरी नहीं है। इस मामले में जिस गेम का जिक्र सामने आया, उसे अलग-अलग रिपोर्ट्स में ‘Korean Love Game' या 'Korean Lover Game' कहा जा रहा है। नोएडा के साइबर एक्सपर्ट डॉ. रक्षित टंडन के मुताबिक, यह कोई गेम नहीं, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद कोरियन वेब सीरीज, के-पॉप ड्रामा, मूवीज और म्यूजिक है। कोरियन ड्रामा क्या होते हैं? कोरियन ड्रामा दक्षिण कोरिया में बनने वाली टीवी और वेब सीरीज होती हैं। इन्हें आमतौर पर लिमिटेड एपिसोड्स में पूरी कहानी के साथ पेश किया जाता है। इन ड्रामों में रोमांस, परिवार, थ्रिलर और फैंटेसी जैसे सब्जेक्ट को इमोशनल अंदाज में पेश किया जाता है। क्या कोरियन वेब सीरीज या ड्रामा भारत में बैन हैं? नहीं, भारत में कोरियन वेब सीरीज या ड्रामा शोज पर कोई सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर बैन नहीं लगाया गया है। ये शो भारत में वैध रूप से ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध हैं। लोग इन्हें देखते भी हैं। जेन-जी में है कोरियन कल्चर का क्रेज? एटा जिले का रहने वाला 16 साल का राज (बदला हुआ नाम) कोरियन कल्चर का फैन है। उसके बालों का स्टाइल और पहनावा काफी हद तक कोरियन युवाओं जैसा है। राज का कहना है कि कोरिया के लड़के-लड़कियों की स्किन बहुत ग्लोइंग होती है। वे दिखने में काफी अच्छे लगते हैं। उसके मोबाइल में कोरियन स्टार्स की कई तस्वीरें सेव हैं। राज बताता है कि लड़कों में बीटीएस के शोज देखना, उन्हें सोशल मीडिया पर फॉलो करना और हर अपडेट जानना आम बात है। वहीं, कोरियन गर्ल ग्रुप ब्लैकपिंक भी जेन-Z के बीच काफी लोकप्रिय है। राज मानता है कि वह कई बार रात के 3-4 बजे तक बीटीएस के लाइव या पुराने शोज देखता रहता है। लेकिन, उसे इसमें कुछ गलत नहीं लगता। उसका कहना है कि वे सच में बहुत डैशिंग हैं। उनके जैसा बनने की चाह हर फैन में होती है। कॉलेज में भी आमतौर पर टीनएजर्स बॉलीवुड या हॉलीवुड की बातों से ज्यादा थाई ड्रामा, के. ड्रामा यानी कोरियन ड्रामा, सी. ड्रामा यानी चाइनीज ड्रामा पर डिस्कस करना और उसके बारे में नई-नई चीजें जानना पसंद कर रहे हैं। राज की एक फ्रेंड महिमा (बदला हुआ नाम) तो यहां तक कहती है कि वह बीटीएस आर्मी के लिए समर्पित है। उसकी टी-शर्ट और बैग से लेकर उसके बेड की चादर भी बीटीएस ग्रुप के लड़कों के फोटो छपी है। उसके मम्मी-पापा को भी पता है कि वह कोरियन बैंड पसंद करती है। वे उसकी पसंद पर कुछ नहीं कहते। यंगस्टर कोरियन ड्रामा से क्यों जुड़ते हैं? साइबर एक्सपर्ट डॉ. रक्षित के अनुसार, कोरियन ड्रामा में दिखाया गया ग्लैमर, इमोशनल स्टोरी और परफेक्ट लाइफस्टाइल युवाओं को जल्दी अट्रैक्ट करती है। इन स्टोरीज में एक्टर/एक्ट्रेसेस की भावनाएं, अकेलापन, संघर्ष और रिश्तों से यंगस्टर्स खुद को जोड़ने लगते हैं। वहां के-पॉप सिंगर्स के गाने खासतौर पर यूथ को ध्यान में रखकर लिखे जाते हैं। इन गानों में मजबूत दोस्ती निभाने, एक-दूसरे का साथ देने और अपने सपनों को पूरा करने जैसे पॉजिटिव मैसेज होते हैं। ये युवाओं को गहराई से प्रभावित करते हैं। क्या कोरियन वेब सीरीज बच्चों के लिए खतरनाक हैं? साइबर एक्सपर्ट बताते हैं कि खतरा कोरियन कंटेंट नहीं, खतरा है ज्यादा और बिना गाइडेंस वाला कंटेंट कंजम्प्शन। पेरेंट्स अपने बिजी टाइम में बच्चों को फोन पकड़ा देते थे। इस बात पर ध्यान नहीं देते कि बच्चा क्या देख रहा और क्या कर रहा? बच्चा असल जिंदगी से कटने लगता है और वो अलार्म होता है। लेकिन, माता-पिता इस पर ध्यान नहीं देते हैं। गोरखपुर जिला अस्पताल के साइकेट्रिस्ट डॉ. अमित शाही कहते हैं- डिजिटल दौर में वेब सीरीज और ऑनलाइन गेम सिर्फ मनोरंजन नहीं रहे। ये बच्चों की सोच, व्यवहार और फैसलों को भी प्रभावित करने लगे हैं। खासकर किशोर उम्र के बच्चों पर इसका असर ज्यादा गहरा दिख रहा। किशोरों का दिमाग अभी डेवलप हो रहा होता है। वे जो देखते हैं, उसे जल्दी सच मान लेते हैं। फिक्शन और रियलिटी के बीच फर्क करना मुश्किल हो जाता है। वेब सीरीज या गेम बच्चों के दिमाग पर कैसे डालते हैं असर? एक्सपर्ट का कहना है, वेब सीरीज और गेम में दिखाए जाने वाले हिंसक, इमोशनल या फैंटेसी कंटेंट को बच्चे जल्दी सच मान लेते हैं। फिक्शन और रियलिटी के बीच का फर्क धुंधला होने लगता है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का एल्गोरिदम भी इसमें अहम भूमिका निभाता है। एक बार किसी खास तरह का कंटेंट देखने पर उसी से जुड़ी वेब सीरीज, रील्स और गेम बार-बार दिखाए जाते हैं। इससे बच्चा धीरे-धीरे उसी डिजिटल दुनिया में डूबता चला जाता है। ऑनलाइन गेम्स में मौजूद टास्क, लेवल और रिवॉर्ड सिस्टम बच्चों पर मानसिक दबाव बनाते हैं। जीतने और आगे बढ़ने की चाह कई बार लत में बदल जाती है। वहीं, वेब सीरीज के किरदारों से भावनात्मक जुड़ाव बच्चों को असल जिदगी से दूर करने लगता है। इसका सीधा असर बच्चों की नींद, पढ़ाई और पारिवारिक रिश्तों पर पड़ता है। लंबे समय तक मोबाइल इस्तेमाल करने से चिड़चिड़ापन, अकेलापन, गुस्सा और व्यवहार में अचानक बदलाव जैसे लक्षण दिखने लगते हैं। क्या सच में ऑनलाइन गेम बच्चों को टारगेट करता है? साइबर एक्सपर्ट डॉ. रक्षित टंडन बताते हैं- पहले ब्लू व्हेल गेम जैसा मामला सामने आ चुका है। जिसमें करीब 50 दिनों तक टास्क दिए जाते थे। अंत में खुद को नुकसान पहुंचाने जैसे कदम उठाने की घटनाएं सामने आई थीं। हालांकि, हर मामले में पूरी तरह समानता होना जरूरी नहीं। लेकिन, टास्क आधारित कंट्रोल और मानसिक दबाव का पैटर्न कई मामलों में मिलता-जुलता दिख सकता है। डॉ. टंडन यह भी साफ करते हैं कि हर कोरियन या ऑनलाइन गेम खतरनाक नहीं होता। दुनियाभर में कई वैध और सुरक्षित गेम खेले जाते हैं। असली खतरा उन अनधिकृत, संदिग्ध और भावनात्मक रूप से हेरफेर करने वाले ऐप्स और ऑनलाइन चैलेंजेस से है। ये बच्चों और किशोरों की मानसिक कमजोरियों को निशाना बनाते हैं। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर मौजूद कुछ चैट ग्रुप्स और निजी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी बच्चों को टारगेट किए जाने के मामले सामने आते रहे हैं। जहां उन्हें धीरे-धीरे मानसिक दबाव में लाने की कोशिश की जाती है। डॉ. रक्षित टंडन के मुताबिक आज के समय में 10-11 साल के बच्चे भी 17-18 साल के युवकों के लिए बने ऑनलाइन गेम खेल रहे। पेरेंट्स को इस पर ध्यान रखना होगा। पेरेंटल कंट्रोल जरूरी है। कोरियन कल्चर क्या है? कोरियन कल्चर दक्षिण कोरिया की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान है। यह बीते कुछ सालों में K-Drama, K-Pop, फिल्मों और सोशल मीडिया के जरिए पूरी दुनिया में तेजी से फैली है। भारत में भी खासकर युवाओं के बीच इसका प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। कोरियन कल्चर में दोस्ती, परिवार, प्यार, मेहनत और अनुशासन को अहम माना जाता है। K-Drama में स्कूल-कॉलेज लाइफ, रिश्तों और संघर्ष की कहानियां दिखाई जाती हैं। इनसे युवा खुद को आसानी से जोड़ लेते हैं। वहीं K-Pop म्यूजिक, जैसे BTS (एक बॉय बैंड है, जो दोस्ती, मेहनत, मेंटल हेल्थ और सपनों जैसे मुद्दों पर गाने करता है। इसके फैंस खुद को आर्मी कहते हैं। ब्लैकपिंक (Black pink) एक गर्ल ग्रुप है, जो स्टाइल, सेल्फ रिस्पेक्ट और स्ट्रांग महिला छवि के लिए जाना जाता है। इसके गाने और फैशन जेन-Z के बीच खासे लोकप्रिय हैं जो युवाओं से जुड़े मैसेज देते हैं। देश में कोरियन कल्चर की कैसे शुरुआत हुई? कोरियन कल्चर की ओर बढ़ता ट्रेंड कोई अचानक नहीं, धीरे-धीरे बनी सांस्कृतिक स्वीकृति का नतीजा है। इसे हॉल्यू (Hallyu) या कोरियन वेव कहा जाता है। भारत में इसकी शुरुआत साल 2000 में पूर्वोत्तर राज्यों, खासकर मणिपुर से मानी जाती है। वहां लोगों ने सबसे पहले कोरियन कंटेंट देखना शुरू किया। इसके बाद कोविड काल के लॉकडाउन ने इस ट्रेंड को देशभर में फैलाने का काम किया। घरों में बंद युवाओं ने नेटफ्लिक्स और दूसरे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर कोरियन ड्रामा और म्यूजिक को मनोरंजन का जरिया बनाया। यहीं से कोरियन कंटेंट की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी। आज इस कदर यूथ इसके दीवाने हो चुके हैं कि कोरिया के कल्चर को फॉलो करते हैं। वहां की लाइफस्टाइल को अपनाते हैं। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… यूपी में चौधरी की नई टीम में फंसा जातीय पेंच, लखनऊ के बाद अब दिल्ली में होगा मंथन भारतीय जनता पार्टी की यूपी इकाई में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल अब होली के बाद ही होगा। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की नई टीम को लेकर पहले दौर का मंथन पूरा हो चुका है। लेकिन, जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर पेंच फंसा है। ऐसे में लखनऊ से लेकर दिल्ली तक दूसरे दौर की बैठकों के बाद ही अंतिम मुहर लगेगी। पढ़ें पूरी खबर
लुधियाना में सेहत विभाग की बड़ी लापरवाही:15 महीने में भरे महज 49 बेकरी सैंपल, अफसरों के खिलाफ शिकायत
पंजाब के लुधियाना में सेहत विभाग पब्लिक की लापरवाही सामने आई है। सेहत विभाग लोगों की सेहत के प्रति गंभीर नहीं है। सेहत विभाग लुधियाना जिले में नियिमत तौर पर फूड प्रोडक्ट की सैंपलिंग नहीं कर रहा है। सेहत विभाग ने 15 महीनें में सिर्फ 49 सैंपल भरे हैं। अगर औसत देखी जाए तो सेहत विभाग ने प्रति माह लगभग तीन सैंपल लिए। सेहत विभाग की इस लापरवाही का खुलासा तब हुआ जब आरटीआई एक्टिविस्ट रोहित सभ्रवाल ने सिविल सर्जन दफ्तर से इस संबंध में सूचना मांगी। रोहित सभ्रवाल ने सिविल सर्जन लुधियाना को इस संबंध में शिकायत दी है और जिम्मेदार अफसरों पर सख्त कार्रवाई की डिमांड की है। उनका कहना है कि इतने बड़े शहर में सैकड़ों की तादात में बेकरी हैं और हजारों की तादात में बेकरी प्रोडक्ट बेचने वालों की दुकानें हैं। 8 अक्तूबर 2024 से 10 जनवरी 2026 की है रिपोर्ट आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार सेहत विभाग ने 8 अक्तूबर 2024 से 10 जनवरी 2026 तक सेहत विभाग ने लुधियाना की अलग-अलग बेकरियों से 49 सैंपल लिए। उसमें से कितने सैंपल पास हुए और कितने फेल हुए यह भी स्पष्ट नहीं किया है। दिवाली के दो सीजन भी हैं इसमे शामिल 8 अक्तूबर 2024 से 10 जनवरी 2026 के बीच में दिवाली के दो सीजन निकले हैं। दिवाली के सीजन में बेकरी प्रोडक्ट की डिमांड ज्यादा होती है ऐसे में सब स्टैंडर्ड बेकरी प्रोडक्ट के मार्केट में बिकने के ज्यादा चांस होते हैं। यही नहीं बेकरी प्रोडक्ट ज्यादातर लूज बेचे जाते हैं इसलिए उन पर कंपनी का नाम भी नहीं होता है। बेकरी प्रोडक्ट की सैंपलिंग बेहद जरूरी रोहित सभ्रवाल का कहना है कि लुधियाना जिले में सैकड़ों की तादात में बेकरियां हैं और 15 महीने में सिर्फ 49 सैंपल भरना सीधे तौर पर पब्लिक की सेहत से खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि बेकरी के ज्यादातर प्रोडक्ट बिना एक्सपायरी डेट के बेचे जाते हैं। ऐसे में उनकी नियमित जांच बेहद जरूरी है। अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की डिमांड रोहित सभ्रवाल ने बताया कि उन्होंने अब सिविल सर्जन से संबंधित अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि फूड प्रोडक्ट की सैंपलिंग न करना सीधे तौर पर पब्लिक की सेहत के साथ खिलवाड़ है। सैंपल फेल होने वालों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई सिविल सर्जन दफ्तर के फूड सेफ्टी अफसर का कहना कि सैंपलों की जांच के बाद जो फेल हुए हैं उनके खिलाफ संबंधित अदालत में केस दायर कर दिया गया है। उनके संबंध में कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
करनाल में वर्ष 2019 में महिला द्वारा नाबालिग लड़के को किडनैप कर जबरन लिव-इन-रिलेशनशिप में रखने के आरोपों के मामले में अब बालिग हो चुके युवक का पक्ष सामने आया है। युवक ने अपने पिता द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उसे किसी ने किडनैप नहीं किया था। वह अपनी मर्जी से महिला के साथ गया था और बाद में दोनों ने आपसी सहमति से शादी की। युवक का कहना है कि उसके पिता ने पूरे मामले में सच्चाई को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है और उस पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। पहले समझिए, क्या है पूरा मामला… 2019 में लापता हुआ था बेटा, पिता ने दर्ज कराई रिपोर्ट कुरुक्षेत्र के खेड़ी मारकंडा गांव के रहने वाले राजबीर सिंह का आरोप है कि जून 2019 में उनका 17 वर्षीय बेटा लापता हो गया था। इसके बाद उन्होंने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। बाद में पता चला कि सोनीपत के गांव बाई की रहने वाली मीनाक्षी देवी उनके बेटे को किडनैप कर अपने साथ लिव-इन-रिलेशनशिप में रखने लगी। राजबीर सिंह का आरोप है कि महिला ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनके बेटे की जन्मतिथि बदलवा दी। उनके अनुसार, बेटे की जन्मतिथि 2001 से बदलकर 1991 कर दी गई, ताकि उसे 2019 में ही बालिग दिखाया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार पहचान पत्र में भी इसी तरह की धांधली की गई। बेटे को दो बच्चों का पिता दिखाने का आरोप, पति को मृत दिखाया राजबीर सिंह ने बताया कि महिला के पहले पति से दो बच्चे हैं, जिनका जन्म 2007 और 2014 में हुआ। इन बच्चों का पिता भी उनके बेटे को ही दिखा दिया गया। राजबीर का आरोप है कि अपने खिलाफ कार्रवाई से बचने के लिए मीनाक्षी देवी ने 6 जुलाई 2019 को एक हलफनामा तैयार कराया, जिसमें उसके पति धन सिंह को मृत दर्शाया गया। बाद में जांच में सामने आया कि धन सिंह सागर जीवित है और महिला के व्यवहार से परेशान होकर उससे अलग रह रहा है। एसपी से शिकायत, फिर कोर्ट का सहारा राजबीर सिंह ने बताया कि 19 अगस्त 2025 को उन्होंने करनाल एसपी को शिकायत दी थी। यह शिकायत 5472-सी मिसलेनियस नंबर देकर थाना घरौंडा भेजी गई, लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। बार-बार संपर्क करने के बावजूद पुलिस अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया। कार्रवाई न होने पर उन्होंने कोर्ट का रुख किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने थाना प्रभारी घरौंडा को केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। कोर्ट के आदेश के बाद 11 फरवरी की रात घरौंडा पुलिस ने मामला दर्ज किया और पुलिस ने जांच शुरू की। अब जानिए युवक ने पिता के आरोपों और किडनेपिंग पर क्या कहा… युवक बोला- किडनैप नहीं हुआ, अपनी मर्जी से गया था 25 वर्षीय अंकित ने साफ शब्दों में कहा कि वर्ष 2019 में वह किसी के बहकावे या दबाव में नहीं गया था। उसने बताया कि वह पूरी तरह से अपनी मर्जी से मिनाक्षी के साथ गया था। दोनों के बीच पहले बातचीत हुई, फिर आपसी समझ बढ़ी और बाद में उन्होंने साथ रहने का फैसला किया। अंकित ने कहा कि उसके पिता राजबीर द्वारा लगाए जा रहे किडनैप और जबरन लिव-इन-रिलेशनशिप के आरोप निराधार हैं। झारखंड से शुरू हुई बातचीत, सोनीपत में साथ रहने लगे अंकित ने बताया कि मिनाक्षी झारखंड की रहने वाली है। दोनों के बीच पहले फोन कॉल के जरिए बातचीत हुई। बातचीत आगे बढ़ी और बाद में मिनाक्षी हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव बई में आकर रहने लगी। इस दौरान अंकित का अपने घर आना-जाना भी बना रहा। 2023 में की लव मैरिज, साथ रह रहे परिवार की तरह अंकित ने बताया कि वर्ष 2023 में उसने मिनाक्षी के साथ लव मैरिज की। दोनों अब पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे हैं। अंकित का कहना है कि वह मिनाक्षी और उसके बच्चों की जिम्मेदारी निभा रहा है और उन्हें किसी भी हाल में छोड़ नहीं सकता। उसने कहा कि यह उसका खुद का फैसला है और इसमें किसी का दबाव नहीं है। जन्मतिथि को लेकर आरोपों पर दिया जवाब अंकित ने अपने पिता के उस आरोप को भी झूठा बताया, जिसमें कहा गया था कि उसकी जन्मतिथि में हेरफेर कर उसे बालिग दिखाया गया। अंकित ने बताया कि उसका जन्म 9 सितंबर 2001 का है। जब वह मिनाक्षी के साथ गया था, उस समय वह 18 साल का हो चुका था। उसने आरोप लगाया कि उसके पिता यह कह रहे हैं कि जन्मतिथि 1991 करवाई गई थी, जबकि यह पूरी तरह से गलत है। उसकी वास्तविक जन्मतिथि 2001 ही है। कोरे कागजों पर साइन कराकर धोखाधड़ी का आरोप अंकित ने आरोप लगाया कि उसके पिता ने उससे कोरे कागजों पर साइन कराए थे और बाद में उनका गलत इस्तेमाल किया गया। उसने कहा कि उसके साथ धोखाधड़ी की गई और अब उसी के आधार पर उस पर और उसकी पत्नी पर आरोप लगाए जा रहे हैं। मिनाक्षी के पहले पति को लेकर दी सफाई अंकित ने मिनाक्षी के पहले पति धन सिंह को लेकर भी स्थिति साफ की। उसने बताया कि मिनाक्षी के पहले पति ने दूसरी शादी कर ली थी। जब पति ने दूसरी शादी कर ली, तो सामाजिक रूप से उसका रिश्ता खत्म हो गया था। इसी वजह से दस्तावेजों में स्वर्गीय लिखा गया। अंकित का आरोप है कि उसके पिता अब इसी मुद्दे को लेकर दबाव बना रहे हैं और पहले पति को आगे कर रहे हैं, ताकि उसे मिनाक्षी से अलग किया जा सके। पिता पर दबाव बनाने और अलग कराने की कोशिश का आरोप अंकित ने कहा कि उसके पिता लगातार उस पर दबाव बना रहे हैं कि वह इस महिला और उसके परिवार को छोड़ दे। उसके मुताबिक, मामला दर्ज होने के बाद उसने घरौंडा पुलिस के सामने अपने बयान दिए हैं, जिसमें साफ कहा गया है कि वह अपनी मर्जी से मिनाक्षी के साथ रह रहा है और लगाए गए आरोप झूठे हैं। बच्चों को पिता दिखाने पर दी सफाई दो बच्चों का पिता दिखाए जाने के सवाल पर अंकित ने कहा कि बच्चे पिछले 3-4 साल से घर पर ही थे। उन्हें स्कूल में दाखिला दिलाना था और इसके लिए पिता का नाम जरूरी था। इसी कारण बच्चों के दस्तावेजों में उसका नाम पिता के रूप में दर्ज कराया गया। उसने बताया कि एक बच्चे की उम्र 18 साल है और दूसरे की 14 साल है। पिता के साथ क्यों नहीं रहना चाहते, बताई वजह जब अंकित से पूछा गया कि उसके पिता उसके लिए इतनी लड़ाई लड़ रहे हैं, फिर भी वह उनके साथ क्यों नहीं रहना चाहता, तो उसने कहा कि उसे अपने पिता से लगातार प्रताड़ित किया गया। उसने आरोप लगाया कि उसके पिता को सिर्फ उसकी कमाई से मतलब था, उससे नहीं। जुलाई 2019 में उसके पिता ने उसे कोर्ट के माध्यम से बेदखल कर दिया था। भविष्य में संपत्ति न मांग सके, इसलिए साइन करवाए अंकित ने यह भी आरोप लगाया कि उसके पिता और उनके रिश्तेदारों ने उस पर दबाव बनाकर कोरे कागजों पर साइन करवाए, ताकि वह भविष्य में पिता के घर और जमीन में हिस्सा न मांग सके। हालांकि उसने यह भी कहा कि शादी के बाद उसने अपने परिवार से रिश्ता नहीं तोड़ा और दुख-सुख में हमेशा उनके पास जाता रहा।
पुलिस ने 13 साल बाद ऐसे दो भाइयों को गिरफ्तार किया है जो हत्या के बाद फरार हो गए थे। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद पुलिस लगातार उन्हें तलाशती रही, लेकिन नहीं मिले। हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश दिए तब पुलिस ने उन्हें खोज निकाला। सोमवार को पुलिस ने इन दोनों आरोपी भाइयों को कानपुर से गिरफ्तार कर लिया।मामला जबलपुर के बाबा टोला में रहने वाले दो भाइयों का है। राजेंद्र मराठा और नरबद मराठा पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, मारपीट, अवैध हथियार रखने जैसे संगीन अपराध दर्ज हैं। दोनों ने दहशत मचा रखी थी। 1997 में हत्या करने के बाद दोनों 2012 में जेल से छूटे और 2013 में फरार हो गए। चाकू मारकर की थी हत्या1997 में राजेंद्र मराठा ने बड़े भाई नरबद मराठा, राजेंद्र केवट और नाबालिग भतीजे के साथ मिलकर श्रीनाथ कोरी की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। दोनों भाई इसके पहले भी हत्या, हत्या के प्रयास जैसे संगीन अपराध कर चुके थे, लिहाजा जिला कोर्ट ने दोनों को जेल भेज दिया। हाईकोर्ट में जमानत याचिका लगाई तो 2011 में सशर्त जमानत मिल गई। एक साल बाद 2013 में दोनों भाई परिवार के साथ आचानक गायब हो गए। हाईकोर्ट ने जमानत पर छूटे हत्या के आरोपियों को लेकर संज्ञान लेते हुए फरार हत्यारों के खिलाफ वारंट जारी किया। जबलपुर एसपी ने भी दोनों आरोपियों पर 4-4 हजार रुपए का इनाम घोषित करते हुए हनुमानताल थाना पुलिस को गिरफ्तार करने निर्देश दिए थे। एक चौकीदारी तो दूसरा करता था मजदूरीदोनों किराए का मकान लेकर रहने लगे थे। नरबद फैक्ट्री में चौकीदारी करता था, तो राजेंद्र सब्जी मंडी में मजदूरी करता था। खास बात यह है कि एक ही स्थान पर यह लोग सिर्फ पांच से छह माह रहते और मकान बदल लिया करते। नरबद अधिकतर 24 घंटे ड्यूटी करता था। एक ही शहर में रहने के कारण दोनों को कभी-कभी फोन पर बात हुआ करती थी पर इनका मिलना नहीं होता था। हाईकोर्ट ने स्थाई वारंट किया जारी2025 नवंबर में एक बार फिर हाईकोर्ट ने मामले पर संज्ञान लिया और स्थाई वारंट जारी किया। एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर हनुमानताल थाना पुलिस ने बाबा टोला में दोनों की तलाश की पर नहीं मिले। पुलिस ने आरोपियों का भाई धर्मेंद्र मराठा जो कि कटनी में रहता है, उससे पूछताछ की, लेकिन कुछ खास सफलता नहीं मिली। नरबद और राजेंद्र की एक बहन जबलपुर के घमापुर क्षेत्र में रहती है, पुलिस की एक टीम उसके घर भी पहुंची, तब उसने जानकारी दी कि बहुत समय पहले नरबद और राजेंद्र के बेटों से थोड़ी देर की बात हुई थी, बता रहे थे कि उत्तरप्रदेश के कानपुर में रह रहे हैं। पिता यहीं पर काम करते हैं। थाना प्रभारी हनुमानताल के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम साढ़े चार सौ किलोमीटर दूर कानपुर पहुंची। साइबर टीम की मदद से पुलिस ने नरबद और राजेंद्र के परिवार वालों की लोकेशन निकाली और नरबद को एक फैक्ट्री में चौकीदारी करने के दौरान हिरासत में लिया, जबकि दूसरा आरोपी राजेंद्र ठेके में बैठकर शराब पी रहा था। ये खबर भी पढ़ें… जबलपुर में आकांश हत्याकांड: 4 आरोपी गिरफ्तार जबलपुर में आकांश हत्याकांड के चार आरोपियों को रांझी पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार किया। हालांकि, वे दो आरोपी, जिन्होंने मृतक के सीने और पैर में चाकू मारकर उसे मौत के घाट उतारा था, अभी भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। घटना 8 फरवरी की रात करीब 11 बजे की है, जब आकांश की कार बाइक सवार आरोपियों से जा टकराई। इसके बाद 8 लड़कों ने घेरकर आकांश की हत्या कर दी।पूरी खबर पढ़ें
जन विश्वास संशोधन विधेयक:विपक्ष अड़ा-गेट बंद कर वोटिंग कराओ, सरकार अल्पमत में, भागते पहुंचे विधायक
राजस्थान विधानसभा में सोमवार दोपहर सरकार पहले ही बिल पर अल्पमत में आते आते बची। सरकार की तरफ से सदन में ‘जन विश्वास संशोधन बिल’ पेश हो रहा था, उस समय बीजेपी खेमे के विधायक अधिकांश नदारद थे। विपक्ष को मौका हाथ आ गया और बिल पेश करते समय भाजपा विधायकों की कम उपस्थिति का मुद्दा उठाकर डिवीजन की मांग कर डाली। हंगामा गया। उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा ने कहा- सदन के गेट बंद करके वोटिंग कराओ। मीणा की मांग पर जमकर हंगामा किया गया, लेकिन अध्यक्ष ने कहा कि जब विपक्ष से पूछा गया था तो मात्र दो ही लोगों की आपत्ति आई। ऐसे में विधेयक को पारित किया गया। विपक्ष कहता रहा-बेलेट से मत विभाजन कराओ। सरकार गिर जाएगी। सत्ता पक्ष के विधायक कोरम जितने है ही नहीं। हड़कंप मचा तो चारों तरफ से गलियारों से भागते-दौड़ते भाजपा विधायक सदन के अंदर पहुंचे। तब सत्ता पक्ष को चैन में चैन आई। इसके बाद स्पीकर की मंजूरी के बाद कार्यवाही आगे बढ़ी। हालांकि, स्पीकर पहले ही बिल को सदन में रखने की मंजूरी दे चुके थे। इसके बाद कार्यवाही को आगे बढ़ाया गया और हंगामे के बीच भी प्रक्रिया जारी रही। लंच ब्रेक के बाद जब संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ‘जन विश्वास संशोधन बिल’ सदन में प्रस्तुत करने खड़े हुए। इतने में विपक्ष ने तीखी नोकझोंक शुरू कर दी। मत विभाजन पर अड़े विपक्ष ने कहा कि- जब पर्याप्त संख्या में सदस्य उपस्थित नहीं हैं, तब औपचारिक वोटिंग करवाई जानी चाहिए। स्पीकर द्वारा वॉइस वोटिंग के माध्यम से बिल टेबल करने की अनुमति दिए जाने पर विपक्ष ने आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया और स्थिति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गई। उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश बोले- मतदान कराया जाए उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा ने कहा कि सदन में भाजपा विधायकों की संख्या पर्याप्त नहीं है, इसलिए विधिवत मतदान कराया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी स्थिति में डिवीजन की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए ताकि स्पष्ट रूप से सदन की राय सामने आ सके। विपक्ष के सदस्य अपनी बात पर अड़े रहे, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से बिल को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया जारी रही। हंगामा शांत होने के बाद सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि सदन में पारस्परिक सहयोग की परंपरा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अनावश्यक रूप से विधायकों की अनुपस्थिति का मुद्दा बना रहा है, जो उचित नहीं है। बीएसी की मीटिंग में 1 बजे जूली नहीं आ पाए तो हमने सहयोग कर 3 बजे समय किया।
पंजाब में लुधियाना के किला रायपुर ग्रामीण ओलिंपिक में 11 साल बाद आज फिर से बैलगाड़ी दौड़ेंगी। किलारायुपर के ग्रेवाल स्पोर्ट्स स्टेडियम में रूरल ओलंपिक गेम्स का शुभारंभ होगा और दोपहर 12 बजे से बैलगाड़ियों की दौड़ शुरू हो जाएगी। डीसी हिमांशु जैन ने नियमों और कानून मुताबिक बैलगाड़ी की दौड़ करवाई जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 2014 में किला रायपुर गेम्स में बैलगाड़ी की दौड़ बंद करवा दी थी। पंजाब सरकार ने विधानसभा में बिल पास करके बैल गाड़ियों की दौड़ फिर से करवाने का रास्ता साफ किया है। डीसी ने बताया कि बैलगाड़ियों की दौड़ करवाने के लिए कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी बैलगाड़ियों की दौड़ एनिमल वेलफेयर बोर्ड, पंजाब सरकार व कोर्ट के आदेशों के अनुसार करवाएगी। उन्होंने बताया कि अगर किसी ने भी नियमों का उल्लंघन किया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीसी ने बताया कि बैलगाड़ियों की दौड़ के अलावा हॉकी, कबड्डी, एथलेटिक्स व अन्य खेलों के मुकाबले करवाए जाएंगे। DC ने कहा कि इन खेलों में पांच साल से लेकर 90 साल तक खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं जो किर रोमांचित करने वाला होता है। बैलगाड़ियों की दौड़ 17 से 19 फरवरी को तीनों दिन होगी। रात को पंजाबी सिंगर अखाड़े लगाएंगे। इसके अलावा करतब बाज दिन भर अपने करतब दिखाएंगे। किला रायपुर खेलों की रौनक हो गई थी खत्म बैल गाड़ियों की दौड़ शुरू से किला रायपुर खेलों में आकर्षण का मुख्य केंद्र रही हैं। जब किला रायपुर में बैलगाड़ियों की दौड़ पर प्रतिबंध लगा तो खेलों की रौनक ही खत्म हो गई। देश विदेश से पर्यटकों ने आना बंद कर दिया। उम्मीद है कि इस बार फिर से देश विदेश से पर्यटक इन खेलों का आनंद लेने आएंगे। 17 से 19 फरवरी तक गेम्स का शेड्यूल 17 फरवरी: हॉकी मैच (लड़के ओपन), हॉकी मैच (लड़कियां ओपन),1500 मीटर फाइनल (लड़के व लड़कियां), 400 मीटर हीट्स/फाइनल (लड़के व लड़कियां),60 मीटर दौड़ (प्राथमिक स्कूल लड़के व लड़कियां), बैलगाड़ी दौड़ (दोपहर 12:15 बजे से शाम तक) आयोजित होंगी।उद्घाटन समारोह में गिद्दा, भांगड़ा और निहंग सिंहों के करतब भी प्रस्तुत किए जाएंगे। 18 फरवरी: हॉकी सेमीफाइनल (लड़के व लड़कियां),कबड्डी सर्कल स्टाइल (लड़के व लड़कियां), कबड्डी नेशनल स्टाइल अंडर-17 (लड़कियां), शॉटपुट, लॉन्ग जंप, 100 मीटर दौड़, रस्साकशी और बैलगाड़ी दौड़ (दोपहर व शाम) आयोजित होंगी। 19 फरवरी : कबड्डी नेशनल स्टाइल अंडर-17 (लड़कियां), 200 व 800 मीटर दौड़, ऊंची कूद, शॉटपुट फाइनल,साइकिल दौड़, 65+, 75+, 80+ आयु वर्ग दौड़,ट्रॉली लोडिंग-अनलोडिंग, ट्राई साइकिल दौड़ और बैलगाड़ी दौड़ आयोजित की जाएंगी। बैलगाड़ियों की रजिस्ट्रेशन लिए कमेटी से करें संपर्क डॉ. हरजिंदर सिंह, सहायक निदेशक पशुपालन विभाग, लुधियाना (91151-15153) गुरिंदर सिंह, वेट लिफ्टिंग कोच (94176-54688) कंवलजीत सिंह, वेट लिफ्टिंग कोच (83606-03295) दिलजोत सिंह (97811-22303) गुरदीप सिंह (77102-75748) हरजीत सिंह (98725-26000) गुरविंदर सिंह (98556-39080) रजिंदर सिंह (98761-04195) जगदीप सिंह(98789-66894) मनजिंदर सिंह (98140-76143) गुरिंदर सिंह (94177-78016 कैसे ग्रामीण ओलिंपिक बने किला रायपुर की खेल, जानिए 1933 में इंदर ग्रेवाल ने शुरू किया: किला रायपुर की ग्रामीण खेलों की शुरुआत साल1933 में हुई। इनको शुरू करने का श्रेय लुधियाना के किला रायपुर के इंदर सिंह ग्रेवाल को जाता है। इन खेलों को शुरू करने के पीछे उद्देश्य पंजाब के किसानों को एक प्लेटफार्म पर एकत्रित करना था। इनके मनोरंजन के लिए खेलें शुरू की गईं जो आगे चलकर पूरे पंजाब में फेमस हो गईं और इन्हें पंजाब का मिनी ओलिंपिक कहा जाने लगा। रायपुर के हॉकी में सिल्वर कप जीतने से हुई शुरुआात: साल 1933 में पहली बार रायपुर की हॉकी टीम ने जालंधर में सिल्वर कप जीता। इसी जीत से प्रेरित होकर ग्रेवाल जट्ट समुदाय ने गांवों के बीच वॉलीबॉल, कबड्डी और एथलेटिक्स की शुरुआत हुई और उसी साल ग्रेवाल स्पोर्ट्स एसोसिएशन बनाई गई। 1944 में पहली बार हुई बैल दौड़: साल 1940 में 440 गज का ट्रैक बनाकर एथलेटिक्स के मुकाबले शुरू हुए और साल 1944 में बाबा बक्शी के प्रयासों से बैलगाड़ी दौड़ शामिल की गई। साल 1950 में महिलाओं के लिए खेल आयोजनों की शुरुआत हुई, जो साल 1953 में औपचारिक रूप से शामिल किए गए। दुनियाभर को दिखाई जाती है पंजाब की विरासत: इंदर सिंह ग्रेवाल के प्रयासों के कारण, यह खेलें त्योहार की तरह बन गईं और हर साल आयोजित होने लगीं। अब ये खेलें दुनिया भर से लोगों को आकर्षित करती हैं। यह न केवल एक खेल आयोजन है, बल्कि एक सांस्कृतिक उत्सव भी है जो पंजाब की समृद्ध विरासत को दुनियाभर में दिखाता है। बैलों को पिलाते हैं देसी घी, खिलाते हैं ड्राई फ्रूट्स: बैलगाड़ी दौड़ में हिस्सा लेने वाले बैलों की कीमत लाखों रुपए तक होती है और उनकी देखभाल बच्चों की तरह की जाती है। पंजाब के पशुपालक बताते हैं कि वे अपने बैलों को देसी घी, ड्राई फ्रूट्स, चुनिंदा अनाज और पोषक आहार खिलाकर उन्हें ताकतवर बनाते हैं। अब जानें क्यों लगा बैलों की दौड़ पर प्रतिबंध… जीत के लिए बैलों को नशे की गोलियां खिलाने के लगे आरोप: इन खेलों में बैल दौड़ पर सवाल उठने शुरू हो गए। कुई पशु प्रेमियों ने पशु क्रूरता को लेकर कोर्ट का रुख किया। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि कुछ मालिक अपने बैलों को दौड़ के दौरान तेज भगाने के लिए नशे की गोलियां खिलाते हैं और लोहे की नुकीली 'क्रिच' से मारते हैं, जिससे बैल दर्द से भागने लगता है। बैलों पर क्रूरता का हवाला देकर लगी थी रोक: साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद किला रायपुर समेत देशभर में बैलगाड़ी दौड़ों पर रोक लग गई थी। अदालत ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 का हवाला देते हुए कहा था कि इस तरह की दौड़ों में जानवरों के साथ क्रूरता की आशंका रहती है। इसके बाद किला रायपुर रूरल ओलिंपिक में यह प्रतियोगिता बंद कर दी गई। 2014 के बाद से फीका पड़ा खेल उत्सव: साल 2014 के आदेश और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश के बाद कानूनी रूप से बैल दौड़ पर बैन लगने के बाद किला रायपुर में खलों का आकर्षण फीका पड़ने लगा। धीरे-धीरे यहां आने वाले लोगों की संख्या भी कम होने लगी। विवादों से भी जुड़ा किला रायपुर ग्रामीण ओलिंपिक: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की रोक के आदेश को 11 साल बीत चुके हैं और कभी भी यहां बैल दौड़ देखने को नहीं मिली। बैल दौड़ के जाने के बाद यहां और भी विवाद पैदा हुए और ये खेल आयोजन कुछ सालों में ही बंद हो गया। विवाद उस समय और गहरा गया जब आयोजन स्थल की जमीन को लेकर कानूनी मसला खड़ा हो गया, जिससे साल 2018 के बाद खेल आयोजन पूरी तरह रुक गया। साल 2023 में गांव के पट्टी सुहाविया गुट के पक्ष में फैसला आने के बाद आयोजन को दोबारा शुरू करने की राह साफ हुई। साल 2024 से पंजाब सरकार ने खेलों के आयोजन की जिम्मेदारी अपने हाथ में ली। पहले भी इसे शुरू करने के दो प्रयास हो चुके: पंजाब सरकार ने 2019 में विधानसभा में एक संशोधन विधेयक पारित किया था, जिससे बैल दौड़ को कानूनी मान्यता मिल सके। इसके तहत पशुओं की देखभाल और सुरक्षा से जुड़े विशेष प्रावधानों के साथ पारंपरिक खेल को संरक्षित करने की बात कही गई थी। 2024 में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी से मुलाकात कर इस खेल को दोबारा शुरू कराने की मांग भी की थी। अब 2025 में राज्य सरकार ने इस दिशा में अंतिम कदम बढ़ा दिया है। पंजाब विधानसभा ने सर्वसम्मति से विधेयक को पारित कर दिया है। राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही बैल दौड़ को कानूनी दर्जा मिल जाएगा। हॉकी में जीत की हैट्रिक वाली टीम को मिलती है 1 किलो सोने की ट्रॉफी: बात साल 1956 की है, पाकिस्तान की टीम ने पहली बार किला रायपुर की खेलों में कबड्डी कर में भाग लिया। ग्रामीण खेलों में भाग लेने के वाली ये पहली विदेश की टीम बनी। इसके बाद नारंगवाल के प्रह्लाद सिंह गरेवाल ने अपने बेटे की भगवंत सिंह की याद में 100 तोले (1 किलो) सोने का कप दिया। तब से भगवंत गोल्ड कप हॉकी टूर्नामेंट शुरू हुआ। खेलों के वक्त ही बैंक लॉकर से निकाली जाती है ट्रॉफी: ग्रेवाल स्पोर्ट्स एसोसिएशन के पास दो बेशकीमती ट्रॉफी हैं, एक 100 तोले शुद्ध सोने का कप और दूसरा 50 तोले चांदी का कप। इन दोनों ट्राफियों को वर्षभर बैंक के लॉकर में सुरक्षित रखा जाता है और केवल पुरस्कार वितरण के दिन ही इन्हें बाहर निकाला जाता है।
ग्वालियर में माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं बोर्ड परीक्षा का अंग्रेजी विषय का पेपर आज (मंगलवार) आयोजित किया जाएगा। परीक्षा सुबह 9 बजे से शुरू होगी, जिसके लिए परीक्षार्थियों को 8:45 बजे तक परीक्षा केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य है। इसके बाद किसी भी छात्र को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। जिला प्रशासन, माध्यमिक शिक्षा मंडल और स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह मुख्य परीक्षा जिले के 91 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी, जिसमें कुल 26,744 विद्यार्थी शामिल होंगे। परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए सात केंद्रों को रिजर्व रखा गया है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की गई है। नकल और अन्य अनियमितताओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने 14 उड़नदस्ते गठित किए हैं। इन दलों में जिला प्रशासन, बोर्ड कार्यालय और शिक्षा विभाग के अधिकारी शामिल हैं, जो परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण करेंगे। केंद्राध्यक्षों और पर्यवेक्षकों को किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए गए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर जैमर, फर्नीचर और सुरक्षा व्यवस्था सहित आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी निगरानी, प्रश्नपत्रों की सुरक्षित रख-रखाव और समय पर वितरण की विशेष व्यवस्था की गई है। जिला प्रशासन ने परीक्षार्थियों से समय पर केंद्र पर पहुंचने और निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है। अभिभावकों से भी सहयोग की अपेक्षा की गई है, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हो सके।
ग्वालियर पुलिस अब खरगोन की अवैध हथियार फैक्ट्री में तैयार की गई आठ पिस्टलों की तलाश में जुट गई है। ये पिस्टल पिछले चार महीनों में ग्वालियर-चंबल अंचल के विभिन्न शहरों में खपाई गई थीं। यह खुलासा पकड़े गए हथियार तस्करों अंकित और शिवम ने क्राइम ब्रांच की पूछताछ में किया है। रविवार को पुलिस ने दोनों बदमाशों को पिस्टल और मैग्जीन के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपियों के पास से छह पिस्टल बरामद हुई थीं। पूछताछ में सामने आया कि वे एक महीने पहले तीन पिस्टल और चार महीने पहले पांच पिस्टल की डील कर चुके हैं। इस तरह कुल आठ पिस्टल पहले ही बिक चुकी हैं, जिनकी अब पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस को आशंका है कि अंचल में हुई बड़ी वारदातों में इन हथियारों का इस्तेमाल हुआ हो सकता है। आगे किसी वारदात से पहले हथियार खरीदने वालों तक पहुंचने की रणनीति बनाई जा रही है। 12 हजार में खरीदी, 50 हजार में बेची तस्करों ने पूछताछ में बताया कि खरगोन में बनी पिस्टलों की मांग ग्वालियर-चंबल अंचल में तेजी से बढ़ी है। ये पिस्टल ऑटोमैटिक और हल्की होती हैं, जिससे अपराधियों में इनका आकर्षण ज्यादा है। भिंड, मुरैना और ग्वालियर में अवैध हथियार कारखानों पर पुलिस की सख्ती बढ़ने के कारण खरगोन के हथियारों की मांग और बढ़ गई है। तस्करों ने बताया कि वे एक पिस्टल 10 से 12 हजार रुपये में खरीदते थे, जिसे ग्वालियर-चंबल अंचल के शहरों में 40 से 50 हजार रुपये में बेचा जाता था। अंचल के युवाओं में पिस्टल का क्रेज तस्करों के अनुसार ग्वालियर, भिंड और मुरैना के युवाओं में पिस्टल रखने का क्रेज बढ़ रहा है। यहां अवैध हथियार रखना शान माना जाता है। इसी कारण लेटेस्ट मॉडल की पिस्टल 50 हजार रुपये से अधिक में भी बिक जाती है। कई युवक सोशल मीडिया पर स्टेटस और दिखावे के लिए भी पिस्टल की मांग करते हैं। चार महीने में ला चुके हैं 14 पिस्टल पकड़े गए हथियार तस्कर 21 वर्षीय शिवम पिता श्रीनिवास तिवारी, निवासी बनखंडी रोड, त्रिवेणी धर्मशाला, गोपालपुरा, मुरैना और 23 वर्षीय अंकित पिता सेवाराम शर्मा, निवासी पलपुरा, बसई मृगपुरा, मुरैना ने बताया कि पिस्टल के साथ यह उनका तीसरा टूर था। इस बार वे 6 पिस्टल और पांच मैग्जीन लेकर आए थे। आरोपियों ने बताया कि एक महीने पहले वे तीन पिस्टल बेच चुके हैं, जबकि चार महीने पहले पांच पिस्टल अंचल में खपा चुके थे। इस तरह चार महीनों में वे कुल 14 पिस्टल ला चुके हैं। ऐसे पकड़े गए हथियार तस्कर ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि रविवार को क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि हथियार तस्कर अवैध हथियार लेकर आ रहे हैं। सूचना मिलते ही डीएसपी क्राइम नागेंद्र सिंह सिकरवार और मनीष यादव को तस्दीक व कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी अमित शर्मा के नेतृत्व में तीन टीमें बनाकर घेराबंदी की गई। एक टीम ने ग्वालियर–झांसी बायपास स्थित सूरों बेहटा पुल के पास कच्चे रास्ते पर चेकिंग लगाई। चेकिंग के दौरान एमपी 09-एएच-9616 नंबर की रॉयल एनफील्ड बाइक पर सवार दो युवक आते दिखे, जो पुलिस को देखते ही बाइक मोड़कर भागने का प्रयास करने लगे। शक होने पर क्राइम ब्रांच ने उन्हें पकड़कर तलाशी ली। तलाशी में एक युवक की कमर से एक अवैध पिस्टल बरामद हुई। इसके बाद बैग की जांच की गई, जिसमें पांच पिस्टल और पांच मैग्जीन मिलीं। हथियार बरामद होते ही दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया गया। एएसपी क्राइम ब्रांच सुमन गुर्जर ने कहा- इनका आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। साथ ही पता लगाया जा रहा है कि यह कितनी बार खरगोन से यहां हथियार लेकर आए हैं। यहां स्थानीय स्तर पर किस-किस को हथियार बेचे हैं।
संगीत नगरी ग्वालियर में ध्रुपद की पारंपरिक स्वर लहरियां एक बार फिर गूंजेंगी। राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय द्वारा 17 से 19 फरवरी तक तीन दिवसीय ‘बैजू बावरा महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव विश्वविद्यालय परिसर स्थित तानसेन सभागार में आयोजित होगा, जिसमें देश के ख्यातिप्राप्त संगीतज्ञ ध्रुपद और धमार शैलियों पर अपने विचार व प्रस्तुतियां देंगे। बैजू बावरा को लेकर ये ग्वालियर का पहला आयोजन है। गायन की ध्रुपद शैली में ग्वालियर को विशिष्ट पहचान दिलाने वाले मध्यकालीन महान संगीतज्ञ बैजू बावरा की स्मृति में यह आयोजन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह महोत्सव न केवल संगीत साधकों बल्कि शहरवासियों को भी ध्रुपद की समृद्ध परंपरा से जोड़ने का अवसर देगा। 3 दिन यह रहेगा महोत्सव का शेड्यूल कुलगुरु बोले- ग्वालियर सदैव से संगीत की भूमि कुलगुरु प्रो. स्मिता सहस्त्रबुद्धे एवं कुलसचिव अरुण सिंह चौहान ने सोमवार को बताया कि ग्वालियर सदैव से संगीत की भूमि रहा है। यह महोत्सव ध्रुपद की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। इस दौरान सांस्कृतिक समिति अध्यक्ष डॉ. पारुल दीक्षित व पीआरओ कुलदीप पाठक भी उपस्थित रहे।
ग्वालियर में आज मंगलवार को पेयजल आपूर्ति बाधित रहेगी। मोतीझील स्थित रक्काश टैंक में तकनीकी कार्य के कारण पानी नहीं भर पाने से लगभग 50 हजार की आबादी प्रभावित होगी। यह कार्य नगर निगम के जलप्रदाय विभाग द्वारा किया जा रहा है। जलप्रदाय विभाग के अनुसार, मोतीझील पर रक्काश से आने वाली 750 एमएम व्यास की लाइन को मोतीझील से मुरार जाने वाली 700 एमएम व्यास की पंपिंग मेन लाइन से जोड़ने का कार्य चल रहा है। इस सुधार कार्य के चलते रक्काश टैंक में पानी नहीं भरा जा सकेगा। ये इलाके होंगे प्रभावित सहायक यंत्री हेमंत शर्मा ने बताया कि कार्य पूरा होने तक मंगलवार को रक्काश टैंक से होने वाली जलापूर्ति प्रभावित रहेगी। इससे वार्ड 6 के घास मंडी, बाबा कपूर, किला गेट, बंडाघूरा और राय मोहल्ला प्रभावित होंगे। इसके अतिरिक्त, वार्ड 7 के कृष्णा नगर और सती बिहार, वार्ड 9 के राजा की मंडी और चार शहर का नाका, वार्ड 11 के हजीरा, गोसपरा नंबर एक एवं दो, वार्ड 12 के जेसी मील लाइन और सुभाष नगर, वार्ड 13 के मटका वाला पुल तथा वार्ड 14 के तानसेन नगर क्षेत्र में भी पानी की आपूर्ति बाधित रहेगी। नगर निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे पानी का पूर्व संग्रह कर लें और आवश्यकतानुसार उपयोग करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्य शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू और मजबूत बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। कार्य पूर्ण होते ही जल आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) में भोपाल की वोटर संख्या को लेकर तस्वीर लगभग साफ हो गई है। पहले सर्वे और फिर दावे-आपत्तियों की सुनवाई के बाद वोटर लिस्ट से 3.80 लाख से ज्यादा वोटर कम हो गए हैं। सबसे ज्यादा नाम मंत्री कृष्णा गौर की विधानसभा गोविंदपुरा से 81 हजार कट चुके हैं, जबकि मंत्री विश्वास सारंग की विधानसभा नरेला में यह आंकड़ा 70 हजार के पार है। बता दें, 23 दिसंबर को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। इसके बाद 22 जनवरी तक बूथ लेवल ऑफिसर यानी, बीएलओ अपने-अपने बूथ पर बैठें। इस दौरान उन्होंने नए फॉर्म 6, 7 और 8 प्राप्त किए। एसआईआर में जिन मतदाताओं को 'नो मैपिंग' में रखा गया कि उन्हें नोटिस जारी किए गए और 50 दिन के अंदर उनका रिकॉर्ड देखा। 14 फरवरी तक ये काम पूरा हो गया। अब फाइनल मतदाता सूची 21 फरवरी को जारी होगी। पहले इतनी थी मतदाता संख्या एसआईआर से पहले 27 अक्टूबर 2025 की स्थिति में भोपाल की मतदाता संख्या 21 लाख 25 हजार 908 थी, जो 14 फरवरी को 17 लाख 45 हजार 552 हो गई है। इस तरह वोटर लिस्ट से 3 लाख 80 हजार 357 मतदाता कम हो जाएंगे। पहले और अब इतने मतदाता… ऐसे समझे भोपाल की 7 विधानसभा की तस्वीर थर्ड जेंडर वोटर भी कम हुए एसआईआर की प्रक्रिया के बाद थर्ड जेंडर वोटर भी कम हुए हैं। पहले कुल 166 थर्ड जेंडर वोटर्स थे, जो अब 72 रह गए हैं। पहले मध्य विधानसभा में कुल 104 वोटर थे। यह आंकड़ा अब 35 पर आ गया है।
राजस्थान के मौसम में आज बदलाव देखने को मिलेगा। दोपहर बाद बीकानेर, जयपुर, अजमेर संभाग के साथ जोधपुर संभाग के जिलों में तेज हवा के साथ बारिश और ओले भी गिर सकते हैं। मौसम विभाग ने आज 13 जिलों में अलर्ट जारी किया है। जयपुर सहित कई जिलों मंगलवार सुबह से तेज हवा चल रही है और घने बादल छाए हुए हैं। इस सिस्टम का सर्वाधिक असर 18 फरवरी को रहेगा। दिन का तापमान 35 डिग्री के करीब पिछले 24 घंटे में राज्य में सभी जगह आसमान साफ रहा और दिन में तेज धूप रही। सिरोही, हनुमानगढ़ और बारां को छोड़कर सोमवार को शेष सभी शहरों में दिन का अधिकतम तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ। दिन का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 34.3 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर में दर्ज हुआ। कल 25 जिलों के लिए अलर्ट मौसम विशेषज्ञों ने बताया- राज्य में 17 और 18 फरवरी को मौसम में बदलाव रहेगा। बीकानेर, जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभाग के कई जिलों में हल्की बारिश हो सकती है और आसमान में बादल छाने के साथ-साथ कहीं-कहीं तेज हवाएं और ओले भी गिर सकते हैं। कल 25 जिलों में बदले मौसम का असर दिखेगा।
गोरखपुर में साइकोलॉजिस्ट दी सलाह:Board Exam का तनाव दूर करने के बताए उपाय, बोले- खुद पर रखें विश्वास
गोरखपुर में आज से सीबीएसई का बोर्ड एग्जाम शुरू है। ऐसे में स्टूडेंट्स को किस तरह प्रेशर फ्री होकर एग्जाम देना चाहिए और एग्जाम से ठीक पहले क्या करना चाहिए इसकी जानकारी दी साइकोलॉजिस्ट डॉ. अमित शाही ने। उन्होंने बताया- बोर्ड एग्जाम के प्रेशर से तमाम बच्चे अच्छा परफॉर्म नहीं कर पाते हैं। जिसके बाद उन्हें रिजल्ट खराब होने का डर सताने लगता है या फिर अक्सर पहले से पढाई न करने वाले स्टूडेंट अचानक एग्जाम आ जाने से तनाव महसूस करते हैं। जिससे छुटकारा पाने के लिए अक्सर वे सुसाइडल अटेम्प्ट करने की कोशिश करते हैं या डिप्रेशन में चले जाते हैं। उनका कहना है कि बोर्ड एग्जाम के समय अक्सर ऐसा केस देखने को मिलता है। जब बच्चा एग्जाम का प्रेशर झेल नहीं पाता है। उन्होंने इससे बचने के लिए कुछ जरुरी उपाय भी बताएं। साथ ही सरकार की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबर के इस्तेमाल का भी सलाह दिया। घर में रखें खुशनुमा माहौल डॉ. शाही ने बताया कि इस समय पेरेंट्स को बच्चों पर खास ध्यान देना चाहिए। सबसे पहले उन्हें कभी भी इस चीज के लिए प्रेशराइज नहीं करना चाहिए कि तुम्हें टॉप ही करना है। नहीं तो वे शून्य हो जाएंगे, समाज में बदनामी होगी। इन सब मानसिक तनाव से बच्चों को फ्री रखना चाहिए। घर में खुशनुमा माहौल बनाए रखें। बच्चे के पीठ पीछे भी ऐसी बात नहीं करनी चाहिए जिसे वे गलती से भी सुन न लें और दबाव महसूस करने लगें। प्रॉपर नींद और खाने- पीने पर दें ध्यान सबसे जरुरी बात यह है कि उन्हें बोर्ड एग्जाम से ठीक पहले तो सिर्फ इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बच्चा प्रॉपर नींद लें, हेल्दी खाना खाए, उसे किसी भी भी तरह का कहीं से भी प्रेशर न मिले। जितना पढ़ाई किया है, उसी का रिवीजन अच्छे से करवाया जाए। एग्जाम से एक रात पहले जग कर पढ़ाई बिल्कुल नहीं करना चाहिए क्योंकि सबसे जरुरी भरपूर नींद है। जब नींद पूरी नहीं होगी तो आता हुआ आंसर भी अच्छे से पूरा नहीं हो पाएगा। मन शांत रखें स्टूडेंट्स उन्होंने बताया कि स्टूडेंट्स को हमेशा अपने पर विश्वास रखना चाहिए। ये सोचें कि जितना अभी तक आपने पढ़ाई की है वह पर्याप्त है। अपने मन को शांत रखें। क्योंकि अशांत मन से पढ़ा हुआ आंसर भी अच्छे से नहीं लिख पाएंगे। एक से दो घंटे करें रिवीजन नहीं पढ़ पाएं हैं तो घर वाले क्या कहेंगे, लोग क्या कहेंगे, बेज्जती होगी यह सब विचार मन में न लाएं। यह सब कुछ होता नहीं है। जितना भी पढ़े हैं उसे रिवाइज करें। उसमें ही अच्छा करें। साथ ही कोई भी प्रश्न न छोड़ें, जो आता है, जितना आता है उसे लिख कर दें। 'रिजल्ट अच्छा बनेगा' का रखें खयाल इसके साथ ही स्टूडेंट्स को हमेशा इस बात को ध्यान में रखना होगा कि उनका रिजल्ट अच्छा बनेगा। पॉजिटिव सोचेंगे तो अच्छा कर पाएंगे। कभी भी नेगेटिव विचार मन में नहीं लाना है। हेल्पलाइन नंबर पर करें कॉल उन्होंने बताया कि किसी तरह की समस्या या प्रेशर महसूस होने पर भारत सरकार के 'डेली मानस' नंबर 14416 पर 24 घंटे, सातो दिन कॉल करके काउंसलिंग कर सकते हैं। इसके अलावा हॉस्पिटल में आकर साइकेट्रिस्ट से परामर्श ले सकते हैं। मनकक्ष के 9336929266 नंबर पर भी फोन करके परेशानी दूर कर सकते हैं।
इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है और जनता उसे कैसे देखती है? इसी का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर ने खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’ शुरू की है। इसमें हम पार्षदों के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज के एपिसोड में हम वार्ड 10 पहुंचे हैं, जहां से विनीतिका दीपू यादव पार्षद हैं। यहां कौन-से काम पूरे हुए, कौन-से बाकी हैं? जनता 10 में से कितने नंबर देती है। ‘आज का पार्षद’ में देखिए काम का पूरा हिसाब। सवाल: आपके वार्ड की सबसे बड़ी उपलब्धि कौन-सी है? जवाब: मेरे वार्ड की कई उपलब्धियां रही हैं। हमने वार्ड में दो पानी की टंकियां बनवाई हैं। एक जयहिंद नगर में और दूसरी छोटी कुम्हार खाड़ी में। इसके अलावा पुल-पुलियाओं का निर्माण किया है। हमने कुओं की साफ-सफाई करवाई है। इसके अलावा ड्रेनेज का, नालों का, सड़कों का ऐसे बहुत सारे छोटे-छोटे काम हैं जो हमने वार्ड में करवाए हैं। इसके अलावा राशन कार्ड, वृद्ध पेंशन, विधवा पेंशन सहित कई काम करवाए है। हमने वार्ड में सभी काम किए हैं। सवाल: कौन सा काम अधूरा है और क्यों? जवाब: अभी कई काम चल रहे हैं। वाल्मिकी नगर में सामुदायिक भवन तैयार किया जा रहा है। जयहिंद नगर में तैयार करवाया जा रहा है। अभी काम चल रहे हैं। कई काम प्रोसेस में हैं। एक बाणेश्वर कुंड का बगीचा है, जो आधा बन गया है, आधा नहीं बन रहा है। वह सरकार और सरकार के लोगों के कारण नहीं बन पा रहा है। हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे है कि वह बने। सवाल: जनता की सबसे आम शिकायत क्या आती है? जवाब: जनता की आम शिकायतों की बात करें तो राशन कार्ड नहीं हो पा रहा है, जो आगे गवर्नमेंट की तरफ से बंद हो जाते हैं। झाडू-पोंछे की पर्चियां जो आगे से बंद हो जाती हैं। बाकी छोटे-छोटे काम हैं जो आगे बंद हो जाते हैं। कभी भोपाल से बंद हो जाते हैं, कभी नगर निगम से बंद हो जाते हैं या किसी वजह से बंद हो जाते हैं। सवाल: किन इलाकों में काम नहीं हो पाया है? जवाब: काम लगभग सभी जगह हुए हैं। जो नहीं हो पाए वह चल रहे हैं। किसी इलाके में काम नहीं हुआ या कुछ नहीं हुआ। सभी जगह काम हुआ है। ये है कि प्रोसेस धीरे हो सकती है, क्योंकि आगे सरकार बैठी है। वहां से अटका देती है, लेकिन हम अपनी पूरी कोशिश में लगे रहते है कि काम किसी तरह से हो जाए। सवाल: आपके यहां पानी की शिकायत आई है क्या? जवाब: पानी की ऐसी कोई शिकायतें नहीं है, क्योंकि मेरे वार्ड में नर्मदा की दो टंकियां बन चुकी हैं। पहले हम बाहर से पानी लेते थे, दो अलग-अलग क्षेत्रों से पानी लेना पड़ता था, लेकिन अब हम दूसरे क्षेत्रों को पानी देने लगे हैं। इसलिए नर्मदा के पानी शिकायतें नहीं है। जहां नर्मदा की लाइन नहीं थी वहां लाइन डाली जा रही है। सवाल: अगले 6 महीने का रोडमैप क्या है? जवाब: आगे 6 महीने हमारे वार्ड के जो अधूरे काम हैं हम उन्हें पूरा करना चाहते हैं। हमारे यहां की सड़के पुरानी हो गई हैं या नर्मदा की लाइन डालने में, ड्रेनेज की लाइन डालने में जो खराब हो चुकी हैं। उनका काम पूरा करना चाहेंगे। सरकारी स्कूल की दूसरी मंजिल का काम चल रहा है। हम चाहेंगे कि आने वाले 6 महीनों में जो काम स्वीकृत हो चुके है वह पूरे हो जाएं। ये खबर भी पढ़ें… पार्षद गुरजीत बोलीं- स्कूल बनने से बच्चों का भविष्य होगा उज्ज्वल इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है और जनता उसे कैसे देखती है? इसी का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर ने खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’ शुरू की है। इसमें हम पार्षदों के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज के एपिसोड में हम वार्ड 84 पहुंचे हैं, जहां से गुरजीत कौर खनूजा पार्षद हैं। यहां कौन-से काम पूरे हुए, कौन-से बाकी हैं? जनता 10 में से कितने नंबर देती है।पूरी खबर पढ़ें
टायर फटने से स्कॉर्पियो पलटी, दूसरी कार से भिड़ी
जालंधर | जालंधर-अमृतसर बाईपास पर जिंदा पिंड के सामने सोमवार शाम करीब 7 बजे सड़क हादसा हो गया। स्कॉर्पियो गाड़ी टायर फटने के कारण पलटियां खाते हुए डिवाइडर पार कर दूसरी दिशा से आ रही कार से टकरा गई। स्कॉर्पियो में परिवार सहित एनआरआई जालंधर से अमृतसर की ओर जा रहा था। हादसे में स्कॉर्पियो चालक गुरविंदर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, दूसरी कार के चालक सतपाल का बाल-बाल बचाव हो गया। वे गांव काहलवां जा रहे थे। उनकी कार भी क्षतिग्रस्त हो गई। एएसआई सुखविंदर सिंह ने क्रेन की मदद से दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे करवाया।
सिविल अस्पताल में मुलाजिमों के क्वार्टरों की मेंटेनेंस नहीं, बारिश में छत से टपकता है पानी
भास्कर न्यूज | जालंधर सिटी के सरकारी स्वास्थ्य केंद्र सिविल अस्पताल के परिसर में बने सरकारी क्वार्टरों की बदहाली से मुलाजिम परेशान हैं। अस्पताल परिसर में 50 से अधिक सरकारी आवास हैं, लेकिन लंबे समय से रखरखाव न होने के कारण वे जर्जर हो गए हैं। हालात इतने खराब हैं कि बंद क्वार्टरों में गंदगी भी फैली हुई है। इन क्वार्टरों की स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि हल्की बारिश में छतों से पानी टपकना आम बात बन गई है। दीवारों में गहरी सीलन और दरारें ढांचे को कमजोर कर रही हैं। मुलाजिमों का कहना है कि वे कई बार अस्पताल प्रशासन से मेंटेनेंस की मांग कर चुके हैं, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला। उन्होंने मांग की है कि खाली पड़े क्वार्टरों की सफाई करवाई जाए और सभी सरकारी क्वार्टरों की मरम्मत की जाए। कई क्वार्टर इतने जर्जर हैं कि कोई भी मुलाजिम रहने के लिए तैयार नहीं है। पिछले दस साल से क्वार्टरों की देखभाल नहीं हुई है और मजबूरी में कर्मचारी अपने खर्च से मरम्मत कराते हैं। अतिक्रमण भी हुआ सरकारी क्वार्टरों के परिसर में कई मकान खाली पड़े हैं और गंदगी फैल गई है। खाली कमरों में भारी गंदगी जमा है। कुछ लोग अपने क्वार्टरों के बाहर अस्थायी शेड बना चुके हैं और अतिक्रमण कर लिया है। अपनी ड्यूटी के जरिए दूसरों को स्वस्थ रखने वाले कर्मचारी खुद अस्वस्थ और असुरक्षित माहौल में रह रहे हैं। जर्जर छतों के गिरने का डर और चारों तरफ फैली गंदगी ने कर्मचारियों और उनके परिवारों का जीवन मुश्किल बना दिया है।
गांधी वनिता आश्रम में नाबालिग लड़की की मौत, दो महीने में दूसरी
भास्कर न्यूज | जालंधर गांधी वनिता आश्रम में नाबालिग लड़की की मौत हो गई। सांस लेने में तकलीफ के चलते उसे सोमवार सुबह सिविल अस्पताल में इलाज को दाखिल करवाया गया था। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। अनाथ बच्चों के इस आश्रम में 2 महीने में ये दूसरी मौत है। इससे पहले 21 नवंबर 2025 को बाथरूम में गिरने से एक 17 साल की लड़की की मौत हो गई थी। वह बाथरूम में बेहोश मिली थी। बताया जा रहा है कि जिस लड़की की सांस की दिक्कत के चलते मौत हुई है, उसे एक साल पहले ही बाल गृह में लाया गया था। डॉक्टरों का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा। मामले संबंधी डीसी डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने कहा कि लड़की को पहले से ही हेल्थ प्राब्लम थीं। आज उसे सांस लेने में तकलीफ हुई, जिसके बाद उसे जालंधर के सिविल अस्पताल ले जाया गया। मौत को लेकर किसी पर शक नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद और जानकारी सामने आएगी।
मंदबुद्धि युवक से अश्लील हरकत, एससी कमिशन ने रिपोर्ट मांगी
भास्कर न्यूज | जालंधर फिल्लौर में मंदबुद्धि दलित युवक से 200 रुपए का लालच देकर कुत्ते से कुकर्म करने के मामले में एससी कमिशन ने डीएसपी से दो दिन में रिपोर्ट मांगी और चंडीगढ़ तलब किया है। आरोप है कि पहले मंदबुद्धि युवक के कपड़े उतरवाए गए, फिर उसे शराब पिलाई गई और एक जर्मन शेफर्ड कुत्ते के साथ आपत्तिजनक हरकत करने के लिए मजबूर किया गया। हैरानी की बात यह है कि आरोपियों ने पूरी वारदात का वीडियो भी बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जानकारी मिलते ही पुलिस ने मुख्य आरोपी हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी को हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और अन्य शामिल लोगों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पीड़ित युवक की मानसिक स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मेडिकल और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। डीएसपी 19 को चंडीगढ़ पेश होने के निर्देश जिक्रयोग है कि पंजाब एससी कमिशन ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है। आयोग के चेयरमैन जसबीर सिंह गढ़ी ने फिल्लौर के डीएसपी भरत मसीह को नोटिस जारी कर 19 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने पुलिस से अब तक की गई कार्रवाई और दर्ज धाराओं की विस्तृत रिपोर्ट दो दिन में पेश करने को कहा है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि युवक के साथ हुई इस अमानवीय घटना में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, पुलिस का कहना है कि जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है, ताकि सभी आरोपियों को सख्त सजा दिलाई जा सके।
सब्जी मंडी के सामने नाका पक्का करने और ट्रांसपोर्ट बाहर करने की जरूरत
भास्कर न्यूज | जालंधर मकसूदां सब्जी मंडी और पठानकोट चौक से सिटी में हैवी वाहनों के दाखिल होने पर सुबह 8 से लेकर रात 8 बजे तक नो एंट्री है। उसके बावजूद हैवी व्हीकल सिटी में बिना किसी डर के घुस रहे हैं। इन दोनों पॉइंट्स पर सारा दिन ट्रैफिक पुलिस के मुलाजिम तैनात रहते हैं। लेकिन मुलाजिम हैवी व्हीकलों को रोकते ही नहीं है। खास तौर पर पठानकोट चौक से दोआबा चौक की तरफ बिना किसी रुकावट के घुसते हैं। मकसूदां सब्जी मंडी के सामने 2 दिन पहले एक डिलिवरी ब्वॉय की टिप्पर के नीचे आने से मौत हो गई थी। टिप्पर नो एंट्री में घुस रहा था। हादसे के बाद दो दिन से मकसूदां सब्जी मंडी के सामने पुलिस का नाका भी नहीं लग रहा है। जिस कारण बेधड़क हैवी वाहन सिटी में दाखिल हो रहे हैं। एसपी ट्रैफिक गुरबाज सिंह ने कहा कि मौके पर जांच करवाएंगे। लेकिन न तो जांच हुई और न ही हैवी वाहनों को सिटी में दाखिल होने से रोका जा रहा है। मकसूदां सब्जी मंडी के सामने अगर पुलिस का नाका लगा भी हो तो कुछ देर के लिए ही हैवी व्हीकलों को रोका जाता है और फिर बाद में सिटी में एंट्री दे दी जाती है। लगातार हादसे होने के बावजूद भी इस पॉइंट्स पर सख्ती नहीं की जा रही है। ट्रांसपोर्ट नगर सिटी से बाहर बना है और बाकी जो ट्रांसपोर्ट पटेल चौक के पास बनी हुई है। उसे प्रशासन बाहर नहीं निकाल रहा है। जिस कारण उन ट्रांसपोर्टरों के ट्रक सिटी में दाखिल होते हैं और उन्हें कोई नाके पर नहीं रोकता है। इन्हें एंट्री लेने से रोकना होगा। दोपहर 3:30 बजे : पठानकोट चौक से दोआबा चौक की और नो एंट्री में जाते ट्रक।
87 साल की महिला को चाकू दिखा बंधक बनाया, सोने के कंगन उतारकर लुटेरा फरार
भास्कर न्यूज | जालंधर जेपी नगर में सोमवार सुबह करीब 8 बजे 87 साल की जनक कंवर पत्नी जैकब कंवर को घर में घुसकर एक बदमाश ने बंधक बना लिया और हाथों से सोने के कंगन उतारकर फरार हो गया। वारदात के दौरान आरोपी के हाथ में छुरा था, जिससे महिला दहशत में आ गई। बदमाश ने महिला की बालियां छीनने की भी कोशिश की, लेकिन वह इसमें नाकाम रहा। महिला ने जब शोर मचाया तो लुटेरा अपनी लोई और छुरा वहीं फेंक कर फरार हो गया। पुलिस को इसकी सूचना 10:30 बजे मिली। आसपास के लोगों ने बताया कि दो लुटेरों ने वारदात को अंजाम दिया। एक युवक घर के अंदर घुसा, जबकि दूसरा बाहर खड़ा रहा। महिला के बच्चे विदेश में रहते हैं और घटना के समय वे घर में अकेली थीं। पुलिस को क्राइम सीन से लुटेरे की लोई और छुरा बरामद हुआ है, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि महिला के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और आरोपी की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस के अनुसार लुटेरा सोने की दो चूड़ियां लेकर फरार हुआ है। थाना बस्ती बावा खेल के प्रभारी जय इंद्र सिंह ने बताया कि लुटेरे की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वारदात के बाद महिला के केयर टेकर और दो युवक, जिनको कमरा किराये पर दिया गया है, उनसे भी पूछताछ की जा रही है। क्योंकि जब वारदात हुई तो उसके बाद केयर टेकर घर में आने लगे।
एक्टिवा सवार पांच लुटेरों ने युवक को लूटा, घायल किया, लोगों ने हाईवे पर धरना लगाया
भास्कर न्यूज | जालंधर जालंधर-अमृतसर हाईवे पर इंदिरा कॉलोनी के सामने सोमवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दो एक्टिवा पर सवार पांच हथियारबंद लुटेरों ने सरेआम लूट और जानलेवा हमला कर दिया। बदमाशों ने जूते पॉलिश का काम करने वाले युवक को घेरकर उससे 300 रुपए लूट लिए और विरोध करने पर तेजधार हथियारों से हमला कर उसे घायल कर दिया। घटना के दौरान सड़क पर मौजूद लोग सहम गए। जब हमलावर युवक को पीट रहे थे तो मौके पर पीड़ित के इलाके के ही लोग मौजूद थे। उन्होंने उसे बचाने की कोशिश की तो एक युवक ने पिस्तौल निकाल कर तान दी और गोली मारने की धमकी भी दी। इसके बाद भागते हुए हमलवारों ने ईंटें भी बरसाईं। इंदिरा कॉलोनी निवासी राकेश कुमार ने बताया कि पीड़ित युवक सोनू उनके मोहल्ले का रहने वाला है और बूट पॉलिश करके रोजी-रोटी चलाता है। सोमवार शाम काम खत्म करके घर लौट रहा था। इसी दौरान मेडिसिन शॉप के पास सिगरेट लेने के लिए रुका तो दो एक्टिवा पर सवार पांच युवक वहां पहुंचे और उसे घेर लिया। हथियारों के बल पर उससे 300 रुपए छीन लिए गए। लुटेरों ने सोनू से मोबाइल फोन भी मांगा, लेकिन उसके पास मोबाइल नहीं था। इस पर बदमाश और उग्र हो गए और उस पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में सोनू गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर गिर पड़ा। उसकी चीखें सुनकर आसपास के दुकानदार और राहगीर मदद के लिए दौड़े। जैसे ही लोग सोनू को बचाने आगे बढ़े, लुटेरों ने अपने बचाव में ईंट-पत्थर बरसाने शुरू कर दिए, जिससे लोग पीछे हट गए। कुछ ही देर में मोहल्ले से सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए और लुटेरों को घेरने की कोशिश की। भीड़ को हावी होता देख एक आरोपी ने अवैध पिस्तौल निकालकर हवा में लहराई और धमकी दी कि अगर कोई बीच में आया तो गोली मार देंगे। हथियार देखकर लोग सहम गए और इसी का फायदा उठाकर सभी लुटेरे एक्टिवा पर सवार होकर फरार हो गए। हालांकि इससे पहले स्थानीय लोगों ने मारपीट, पथराव और हवा में हथियार लहराने की पूरी घटना मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर ली और बाद में वीडियो पुलिस को सौंप दी। सूचना मिलते ही थाना-1 के प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश कुमार मौके पर पहुंचे और लोगों को आश्वासन दिया कि वीडियो फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। इसके बाद लोगों ने धरना समाप्त किया। घायल सोनू को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। देर रात तक पुलिस पीड़ित परिवार के बयान पर मामला दर्ज करने की तैयारी में जुटी हुई थी। मैंने सोनू को बचाया तो बदमाशों ने मुझ पर पिस्तौल तान दी’ मैं डीजे ऑपरेटिंग का काम करता हूं और सोनू मेरे साथ बतौर हेल्पर काम करता है। शाम को सोनू और मैं काम पर जा रहे थे। रास्ते में मैं मेडिकल स्टोर से कुछ सामान लेने चला गया और सोनू पास ही पान की दुकान पर खड़ा हो गया। इसी दौरान एक्टिवा सवार कुछ बदमाश वहां आए और आते ही दुकान के गल्ले में हाथ डालकर रुपए निकालने लगे। जब सोनू ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो बदमाशों ने उसे गालियां देते हुए थप्पड़ मार दिया। सोनू ने विरोध किया तो वे वहां से चले गए, लेकिन करीब तीन मिनट बाद दोबारा आ गए। इस बार उनकी संख्या सात थी। सभी ने आते ही सोनू के साथ मारपीट शुरू कर दी। मैं वहां पहुंचा और सोनू को बचाने की कोशिश करते हुए दो बदमाशों को दूर फेंक दिया। तभी एक बदमाश ने पिस्तौल निकालकर मुझ पर तान दी। मैं घबरा गया और फिर हिम्मत करके उसे धक्का दिया और उसके हाथ से पिस्तौल नीचे गिरा दी। इसके बाद मदद के लिए शोर मचाया। मेरी आवाज सुनकर तीन और लोग मौके पर आ गए। बदमाश ने फिर से सब पर पिस्तौल तान दी, लेकिन लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए सोनू को बचा लिया। भीड़ बढ़ती गई तो बदमाश वहां से फरार हो गए। -जैसा कि मददगार विक्की ने भास्कर को बताया
पूर्णिया सांसद पप्पू ने पटना में NEET छात्रा की मौत के मामले में एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। फेसबुक लाइव के जरिए उन्होंने इस मामले को आत्महत्या नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से हत्या बताया। सांसद ने कहा, “NEET छात्रा की मौत आत्महत्या नहीं है, साजिश के तहत प्रभात मेमोरियल और कुछ प्रशासन के लोगों ने मेरी बेटी को मारा है। मैं यह केस सुप्रीम कोर्ट तक लड़ूंगा।” पप्पू यादव ने बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी से CCTV फुटेज की जांच की मांग की। साथ ही कहा कि प्रभात मेमोरियल अस्पताल और कुछ प्रशासनिक लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए और वे इस केस को सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे। इतना ही नहीं उन्होंने बोरिंग रोड के नागेश्वर कॉलोनी में रहने वाले “संजय” नाम के एक नेता और “गुप्ता” नाम के एक अन्य व्यक्ति का जिक्र किया, लेकिन पूरा नाम नहीं बताया। पप्पू यादव ने कहा- सम्राट चौधरी भाई को कौन भूमिहार का नेता बदनाम करना चाहता था। बोरिंग रोड के नागेश्वर कॉलोनी में कौन से ऐसे नेता हैं जिनका नाम संजय है- अंतिम नाम नहीं बोलूंगा- जिसका घर खगड़िया में है। कौन है एक गुप्ता..? जैसे संजय के बाद का नाम नहीं बोला, वैसे ही गुप्ता के पहले का नाम नहीं बोलूंगा। इनके ऑफिस में कौन-कौन जाता था, इन सभी के CCTV फुटेज की जांच करिए। क्या उसमें मनीष रंजन गए थे या नहीं। पप्पू यादव ने कहा कि मनीष रंजन राजनीतिज्ञों के सप्लायर हैं और एपस्टन के नायक हैं। सांसद ने कहा कि वो जल्द ही नीट मामले के सारे सबूत सार्वजनिक करेंगे। पूरे मामले का दस्तावेज के साथ पर्दाफाश करेंगे। डॉक्टरों ने छात्रा को नशे में रखने वाली सुई दी पप्पू यादव ने कहा कि यह पूरा मामला पटना में हुए एक बड़े षड्यंत्र की तरफ इशारा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रा को इलाज के दौरान नशे में रखने वाली सुइयां दी गईं। उनका दावा है कि उनके पास इसके सबूत मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि बच्ची को संदिग्ध ओपिओइड पॉइजनिंग का मामला बताया गया, लेकिन समय पर जरूरी टेस्ट और एंटीडोट नहीं दिया गया। सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि बिना परिवार की अनुमति के प्रेग्नेंसी टेस्ट कराया गया। रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद सबूत मिटाने के लिए गलत दवाइयां देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने प्रभात मेमोरियल और मेदांता समेत अन्य मेडिकल संस्थानों पर प्रोटोकॉल का पालन न करने का आरोप लगाया। सांसद ने दावा किया, छात्रा को लगातार सेडेटिव और Kitmex 50mg इंजेक्शन दिए गए, जबकि वह पहले से ही बेहोशी की हालत में थी। एंटीडोट देने के बजाय सेडेटिव देकर हालत बिगाड़ी गई। बाद में फेंटेनिल इंजेक्शन दिए जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए और ICU में दी गई दवाओं का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की। जांच एजेंसियों पर भी उठाए सवाल उन्होंने कहा कि SIT और CID की जांच कमजोर नहीं थी, बल्कि सिस्टम ने उसे कमजोर बनाया। जब मामला CBI को सौंपा गया तो कुछ लोगों में बेचैनी क्यों दिखी, इसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने Bihar Police, CID और SIT की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की। जेल में साजिश और प्रताड़ना का आरोप पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि जेल में उनके खिलाफ साजिश रची गई। उन्होंने कहा कि 28 घंटे तक उन्हें ऐसी जगह रखा गया जहां सांप और चूहे थे। 6 से 13 तारीख के बीच उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। उन्होंने जेल सुपरिटेंडेंट के फोन रिकॉर्ड और CCTV फुटेज की जांच की मांग की। उन्होंने दावा किया कि 7 दिनों तक वे डर के कारण ठीक से सो नहीं सके और प्रशासन उन पर झूठा आरोप लगाने की साजिश कर सकता था। उन्होंने कोर्ट में वीडियोग्राफी की मांग पहले ही कर दी थी। अंत में पप्पू यादव ने कहा कि यह सिर्फ मेडिकल लापरवाही का मामला नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक साजिश भी हो सकती है। उन्होंने हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ने की बात कही और दोषियों के नाम सार्वजनिक कर सख्त कार्रवाई की मांग की। CBI का SIT से सवाल- परिवार आपकी जांच से संतुष्ट क्यों नहीं है NEET छात्रा मौत मामले में CBI की जांच का आज चौथा दिन है। सबसे पहले CBI ने SIT से पूरी रिपोर्ट ली है। SIT से ये सवाल किए गए कि परिवार आपकी जांच से संतुष्ट क्यों नहीं है? जांच के बड़े लूप होल्स क्या है? सबसे पहले बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट के पुलिस टीम ने रेप न होने की बात किस आधार पर कह दी? यही नहीं CBI ने यह भी पूछा कि अभी तक मनीष रंजन की रिमांड लेकर उससे पूछताछ क्यों नहीं की गई? इसके बाद सोमवार को चित्रगुप्त नगर थाना में पोस्टेड महिला सब इंस्पेक्टर रीना कुमारी को बुलाया गया। करीब दो घंटे तक उनसे इस केस के बारे में सवाल-जवाब किए गए। वो इस केस को लेकर क्या जानती हैं? क्या जांच टीम में वो शामिल थीं? अगर शामिल थीं तो वो कौन-कौन से जगह पर जांच करने गईं? उस दरम्यान उनके सामने कौन से तथ्य आए थे? पुलिस जांच में लापरवाही बरतने और आरोपियों को बचाने के लगाए गए परिवार के आरोप कितने सही हैं? ऐसे कई सवाल थे, जिनका जवाब CBI की टीम जानना चाहती है। यह सिलसिला अभी चलता रहेगा। CBI एक–एक करके थाने अन्य पुलिस अधिकारयों से अलग–अलग पूछताछ करेगी।
सोढल रोड पर विकास के पत्थर के पास मलबे का ढेर पड़ा है
भास्कर न्यूज | जालंधर सोढल रोड पर नगर निगम के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर साफ देखा जा सकता है। एक तरफ जहां सड़क निर्माण या उद्घाटन के शिलान्यास का पत्थर बड़े गर्व से चमक रहा है, वहीं दूसरी तरफ उसी पत्थर के ठीक पास सड़क के बीचों-बीच टूटी सड़क का मलबा और वेस्टेज का ढेर लगा हुआ है। यह मलबा न केवल सड़क की सुंदरता को बिगाड़ रहा है, बल्कि आने-जाने वाले वाहनों और राहगीरों के लिए भी बड़ी मुसीबत बन गया है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए रात के समय यह ढेर जानलेवा साबित हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ पत्थर लगाकर विकास का ढिंढोरा पीटा जा रहा है, लेकिन दूसरी तरफ काम खत्म होने के बाद छोड़े गए इस मलबे को उठाने की जहमत कोई नहीं उठा रहा। प्रशासन से मांग है कि इस वेस्टेज को तुरंत हटवाया जाए ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।
‘रफ्तार के सूरमे’ हाफ मैराथन 5 अप्रैल को, नशा मुक्त स्वस्थ समाज बनाना उद्देश्य
भास्कर न्यूज | जालंधर नेशनल आई केयर एंड लेसिक हब की ओर से 5 अप्रैल को आयोजित होने वाली हाफ मैराथन ‘रफ्तार के सूरमे’ के तहत 5 किलोमीटर का ‘फिटनेस व ब्रेकफास्ट रन’ कराया गया। डॉ. पीयूष सूद, डॉ. रुचि सिंह गौड़, राजेश बाहरी और डॉ. अमनप्रीत सिंह ने बताया कि रन सुबह 6 बजे शुरू हुई। इसका उद्देश्य नशा मुक्त स्वस्थ समाज, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वर्ल्ड आई डोनेशन और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। दौड़ को जालंधर रनर क्लब के सुनील शर्मा सहित आयोजकों ने मशाल जलाकर और झंडी दिखाकर रवाना किया। रन अर्बन स्टेट फेज-2 पेट्रोल पंप से शुरू होकर 66 फुट्टी रोड और व्हाइट डायमंड रिसोर्ट होते हुए बियोंड ऐस्थेटिक में समाप्त हुई। राजन सियाल ने धावकों को संगीत के साथ वार्मअप कराया। बाइकर्स हेवन क्लब के दीप सिंह बब्बर और साथियों ने मोटरसाइकिल करतब दिखाए। धावकों की सुरक्षा के लिए एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम मौजूद रही। कई धावकों ने उत्साह से भाग लिया।
तेजू भैया का 'योगी' अवतार:चौधरी साहब ने सिर मुड़वाकर दूर कर दी बाधा, विधान परिषद में भूतों की एंट्री
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
डेयरी उद्यम प्रशिक्षण कोर्स 23 फरवरी से शुरू होंगे
भास्कर न्यूज | जालंधर पंजाब डेयरी विकास विभाग द्वारा चार सप्ताह का डेयरी उद्यम प्रशिक्षण कोर्स 23 फरवरी से डेयरी प्रशिक्षण केंद्र फगवाड़ा में शुरू होने जा रहा है। डिप्टी डायरेक्टर डेयरी कश्मीर सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र से संबंधित इच्छुक डेयरी फार्मर, जिनकी आयु 18 से 55 वर्ष के बीच हो तथा कम से कम 10वीं पास हों और पहले कम से कम 5 पशु रखे हों, प्रशिक्षण में भाग ले सकते हैं। डेयरी प्रशिक्षण कोर्स के दौरान फार्मरों को कुशल डेयरी मैनेजर बनाने के लिए विभिन्न विषय विशेषज्ञों द्वारा पशुओं की संभाल, विभिन्न बीमारियां, कृत्रिम गर्भाधान, दूध से दूध उत्पाद तैयार करने की प्रैक्टिकल प्रशिक्षण दी जाएगी। मॉडल केटल शेडों की निर्माण, दूध निकालने वाली मशीनों तथा डेयरी धंधे के सम्पूर्ण मशीनीकरण के लिए आवश्यक तकनीकों और सब्सिडियों के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी जाएगी। जालंधर के प्रशिक्षण लेने के इच्छुक 20 फरवरी तक डिप्टी डायरेक्टर, डेयरी विकास जांलधर के कार्यालय, आरडीडीएल कॉम्प्लेक्स, लाडोवाली रोड पर आकर प्रोस्पेक्टस (फॉर्म) प्राप्त कर सकते हैं।
कनाडा से आए 3 पंजाबी मूल के सांसदों का सुरजीत हॉकी सोसायटी ने सम्मान किया
भास्कर न्यूज | जालंधर कनाडा से पंजाब दौरे पर आए पंजाबी मूल के तीन सांसद सोमवार को जालंधर पहुंचे, जिनका सुरजीत हॉकी सोसायटी की तरफ से स्वागत किया गया। इन सांसदों में कैलगरी से तीन कंजर्वेटिव सांसद जसराज सिंह हल्लन (शैडो मंत्री), अमनप्रीत सिंह गिल और दलविंदर सिंह गिल शामिल है। सुरजीत हॉकी सोसायटी के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष एलआर नायर ने सांसदों का स्वागत करते हुए कहा कि हमारे लिए गर्व की बात है कि विदेशों में एनआरआई समुदाय ने कड़ी मेहनत और लगन से काम करते हुए पंजाबी समुदाय के मान सम्मान में वृद्धि की है। यहां कार्यकारी अध्यक्ष लखविंदरपाल सिंह खैहरा, अमरप्रीत सिंह बैंस, अमृतपाल सिंह हेयर और तरनजीत सिंह मनचंदा, सुखविंदर सिंह चोहला, पंजाब हॉकी के सचिव अमरीक सिंह पुआर, सोसायटी के प्रबंधकीय सचिव सुरिंदर सिंह भापा, कोच राम प्रताप, प्रो. कृपाल सिंह मठारू, सचिव राणा टुट, राजन चोपड़ा, लखबीर सिंह नॉर्वे, राजू देओल, राज बंगा, पविंदरदीप सिंह उपस्थित थे।
राजधानी में इस बार सर्दी का मौसम कम असरदार रहा। नवंबर से फरवरी के बीच केवल जनवरी में सर्दी पड़ी। नवंबर, दिसंबर और फरवरी में तो रात का पारा सामान्य से ज्यादा रहा। कड़ाके की सर्दी का आगाज 4 जनवरी से हुआ और केवल दो हफ्ते रहा। कुल 120 दिन में से अब तक 21 दिन रात का पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। दिसंबर में 6 दिन और जनवरी में 15 दिन। 87 दिन रात का पारा 10 डिग्री से ऊपर और दिन में सीधी धूप खिली। अब बचे 12 दिन में से 17 और 18 फरवरी को एक और विक्षोभ बता रहे हैं। इसके बाद गर्मी का असर शुरू हो जाएगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इसका कारण उत्तरी इलाकों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ सिस्टम का कम और कमजोर होना है। आज से नया सिस्टम- 17-18 को ओले-बारिश का अनुमान, फिर गर्मी शुरूमौसम जयपुर केंद्र निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि अगले 2 दिन नया सिस्टम सक्रिय होने का अनुमान है। इससे राजधानी सहित उत्तरी इलाकों में ओले-बारिश का अनुमान है। इसके बाद मौसम शुष्क रहने के साथ ही तापमान बढ़ोतरी होने से गर्मी बढ़ेगी।
बिना पड़ताल सोशल मीडिया पर भरोसा करना खतरनाक
भास्कर न्यूज | जालंधर दीन की जागरूकता को लेकर हाजी आबिद हसन सलमानी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे। लुधियाना से मदनी मदरसा संगरूर के मुफ्ती मुहम्मद वसीम अकरम ने उपस्थित लोगों को सोशल मीडिया के बढ़ते दुरुपयोग के प्रति सचेत किया। उन्होंने कहा कि बिना जांच-पड़ताल सोशल मीडिया पर भरोसा करना खतरनाक प्रवृत्ति बन गया है, जो नई पीढ़ी को भ्रमित कर सकता है। मुफ्ती वसीम अकरम ने बताया कि आज लोग हर सवाल का जवाब मोबाइल फोन पर खोजते हैं, जिससे गहराई से सोचने और सही स्रोतों से जानकारी लेने की आदत कम हो रही है। उन्होंने आगाह किया कि सोशल मीडिया से मिली बिना तहकीक जानकारी युवाओं को गुमराह कर सकती है। उन्होंने कहा कि धर्म कोई भी हो, सही और प्रमाणिक जानकारी होना हर व्यक्ति के लिए जरूरी है। यहां कारी गयूर अहमद और मुफ्ती मोहम्मद खालिद ने तिलावत-ए-कुरआन पाक की। कार्यक्रम में मौलाना अबू बकर, पूर्व माइनॉरिटी कमीशन सदस्य नासिर हसन सलमानी, मुस्लिम संगठन पंजाब के प्रधान एडवोकेट नईम खान और मोहम्मद अयाज मैक्स भी उपस्थित रहे।
चारा घोटाले में लालू यादव को सजा दिलाने, शारदा चिटफंड घोटाले की जांच कर ममता बनर्जी और उनकी सरकार की मुसीबत बढ़ाने वाले सीबीआई के आईजी राजीव रंजन चर्चा में हैं। वजह, NEET छात्रा रेप-हत्या मामले की जांच उनके हवाले होना। छात्रा को रेप के बाद किसने मार डाला? उन पर इस सवाल का जवाब तलाशने की जिम्मेदारी है। रविवार को राजीव रंजन अपनी टीम के साथ जहानाबाद भी गए। मृतक छात्रा के परिजनों से बात की। आइए जानते हैं राजीव रंजन कौन हैं? बिहार से उनका क्या नाता है? किन वजहों से चर्चा में रहे हैं? लालू परिवार की मुसीबतों से उनका क्या संबंध है? कौन हैं राजीव रंजन? राजीव रंजन 2005 बैच के IPS अधिकारी हैं। CBI में बिहार और झारखंड ज्वाइंट डायरेक्टर (IG) के पद पर सेवा दे रहे हैं। उनका ऑफिस रांची में है। पहले वह CBI में ACB (Anti Corruption Branch) कोलकाता के SP और ACB भुवनेश्वर के SP थे। सिक्किम कैडर के अधिकारी राजीव रंजन मूल रूप से बिहार के रोहतास जिला के करगहर थाना क्षेत्र के एमनडेरी गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता स्व. मुरली प्रसाद शिक्षक थे। राजीव ने स्कूली पढ़ाई नोखा सर्वोदय स्कूल से की। इसके बाद आरा और पटना में पढ़े। पटना कॉलेज ऑफ कॉमर्स से ग्रेजुएशन करने के बाद UPSC क्रैक किया और आईपीएस चुना। CBI में उनका यह दूसरा कार्यकाल है। पहला कार्यकाल अक्टूबर 2011 से अक्टूबर 2018 तक चला। इसके बाद नवंबर 2023 से दूसरे कार्यकाल के लिए सीबीआई में आए। राजीव रंजन ने CRPF में भी दी सेवा राजीव रंजन ने CRPF में भी लंबे समय तक सेवा दी है। अयोध्या के श्रीराम मंदिर और मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि को सुरक्षा देने वाली CRPF टीम का नेतृत्व किया है। राजीव ने जम्मू-कश्मीर में एंटी टेरर ऑपरेशन भी संभाला है। वह नगरोटा के हीरानगर रेंज के डीआईजी थे। उनके नेतृत्व में आतंकवादियों के खिलाफ कई ऑपरेशन चलाए गए। राजीव रंजन को उत्कृष्ट एवं विशिष्ट सेवा के लिए 2025 में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्हें पुलिस मेडल भी मिला है। किन बड़े मामलों की जांच के चलते चर्चा में रहे राजीव रंजन? चारा घोटाला: करीब 950 करोड़ रुपए के चारा घोटाले की जांच 1996 में पटना हाईकोर्ट ने सीबीआई को सौंपी थी। इसकी जांच में राजीव रंजन ने बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सीबीआई की जांच के चलते राजद प्रमुख लालू यादव को कोर्ट ने सजा सुनाई। IRCTC घोटाला: यह मामला उस समय का है जब लालू यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। आरोप है कि उन्होंने साल 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री रहते हुए एक निजी कंपनी को अवैध तरीके से भुवनेश्वर और रांची में दो होटलों को चलाने का ठेका दिया। इसके बदले उन्हें पटना के सगुना मोड़ इलाके में कंपनी ने 3 एकड़ जमीन दी। इस मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी और उनके बेटे तेजस्वी यादव आरोपी हैं। लैंड फोर जॉब घोटाला: आरोप है कि लालू यादव ने रेल मंत्री रहते हुए मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर स्थित रेलवे के अलग-अलग जोन में बिहार के लोगों को 'ग्रुप-डी' पदों पर बहाल किया गया। इसके बदले इन लोगों या उनके परिवारों ने अपनी जमीन लालू यादव के परिवार के सदस्यों और एके इन्फोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी को दी। बाद में कंपनी पर लालू के परिवार के सदस्यों ने कब्जा कर लिया। CBI में बिहार और झारखंड के ज्वाइंट डायरेक्टर होने के नाते IRCTC घोटाला और लैंड फोर जॉब घोटाला की जांच का नेतृत्व राजीव रंजन कर रहे हैं। इन मामलों के चलते लालू यादव और उनके परिवार के लोगों की परेशानी बढ़ी हुई है। चिटफंड घोटाला: राजीव रंजन के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल के शारदा चिटफंड घोटाला मामले की जांच हुई। इस केस ने सीएम ममता बनर्जी की मुसीबत बढ़ा दी थी। करीब 20 हजार करोड़ रुपए के इस घोटाले की जांच 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को सौंपी थी। CBI ने पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर छापा मारा था। इसके विरोध में ममता बनर्जी धरने पर बैठी थीं। अवैध खनन घोटाला: सीबीआई अधिकारी रहते हुए राजीव ने झारखंड के साहिबगंज में अवैध खनन घोटाला का पर्दाफाश किया था। अब नीट छात्रा रेप-हत्या मामला सुलझाने की चुनौती सीबीआई के आईजी राजीव रंजन के सामने अब नीट छात्रा रेप-हत्याकांड सुलझाने की चुनौती है। इस मामले में बिहार पुलिस की SIT ने जिस तरह जांच की, उससे राज्य सरकार की काफी फजीहत हुई है। पुलिस पहले कहती रही कि रेप का मामला नहीं है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में छात्रा के प्राइवेट पार्ट में जख्म और शरीर पर चोटों के गंभीर निशान होने की बात कही गई। FSL की रिपोर्ट में कहा गया कि छात्रा के अंडरगारमेंट में स्पर्म था। इसके बाद बाद SIT ने छात्रा के जानने वाले लोगों, परिजनों समेत कई लोगों के DNA सैम्पल लिए। स्पर्म के डीएनए से मिलान किया गया, लेकिन पता नहीं चला कि वह स्पर्म किसका है। नीट छात्रा रेप-हत्याकांड में अब तक CBI ने क्या किया? 11 जनवरी को छात्रा की मौत हुई थी। 31 जनवरी को राज्य सरकार ने सीबीआई से जांच का आग्रह किया। 12 फरवरी को सीबीआई ने केस टेकओवर किया। 15 फरवरी को पहली बार सीबीआई की टीम जहानाबाद स्थित छात्रा के घर पहुंची। टीम ने मां, पिता, भाई और अन्य परिजनों से पूछताछ की। आसपास के लोगों से भी जानकारी ली। सीबीआई ने मां से अलग से करीब दो घंटे तक बातचीत की। शुरू से लेकर अंत तक की पूरी घटनाक्रम की जानकारी ली गई। पिता और भाई से भी अलग-अलग सवाल पूछे गए। छात्रा के भाई और पिता के मोबाइल के बारे में पूछा गया। परिजनों ने बताया कि दोनों का मोबाइल टूट गया है। दुकान में बनाने के लिए दिया गया है। दोनों मोबाइल बनने के बाद सीबीआई को देने को कहा गया है। छात्रा की किताबें और कपड़े सीबीआई साथ ले गई। बिहार के इन हाई-प्रोफाइल मामलों में CBI को नहीं मिली सफलता 1. शिल्पी-गौतम कांड: 3 जुलाई 1999 को पटना के फ्रेजर रोड इलाके में एक कार के अंदर 2 लाश अर्धनग्न हालत में मिली थी। पुलिस ने शुरुआती जांच में बताया कि शिल्पी और गौतम की मौत संबंध बनाने के दौरान हुई। राबड़ी देवी (उस समय मुख्यमंत्री थीं) ने सितंबर 1999 में मामला CBI को ट्रांसफर किया। सितंबर 1999 से 2004 तक CBI की टीम ने पटना और फुलवारीशरीफ की गलियों में हर तरह की छानबीन की। 3 साल की जांच के बाद क्लोजर रिपोर्ट पेश किया। दावा किया कि यह हत्या का मामला नहीं था। शिल्पी और गौतम ने जहर खाकर अपनी जान दी। 2. नवरुणा चक्रवर्ती अपहरण कांड: 18 सितंबर 2012 को 12 साल की नवरुणा चक्रवर्ती को मुजफ्फरपुर स्थित उसके घर से अगवा किया गया था। बिहार पुलिस पता नहीं लगा पाई कि नवरुणा को किसने अगवा किया। उसके साथ क्या हुआ। 26 नवंबर 2012 को उसके घर के पास के नाले से इंसान का कंकाल मिला। 25 नवंबर 2013 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद CBI ने मामले की जांच शुरू की। 24 नवंबर 2020 को सीबीआई ने मुजफ्फरपुर कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। ऐजेंसी 6 साल की जांच में अपराध साबित नहीं कर पाई। 3. ब्रह्मेश्वर मुखिया हत्याकांड: 1 जून 2012 को ब्रह्मेश्वर मुखिया की गोली मारकर हत्या की गई थी। 6 जून को बिहार सरकार ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की। 16 दिसंबर 2023 को सीबीआई ने कोर्ट में चार्जशीट दायर की। हुलास पांडेय सहित 8 लोगों को आरोपी बनाया। मामला अभी तक कोर्ट में है। किसी को सजा नहीं मिली है।
डीआरएम के जाते ही व्यवस्था बिगड़ी, खुले में बिकने लगे भटूरे
भास्कर न्यूज | जालंधर रेलवे स्टेशन पर सफाई और खाद्य सुरक्षा के दावे केवल अधिकारियों के निरीक्षण तक सीमित नजर आ रहे हैं। शनिवार को डीआरएम संजीव कुमार के दौरे के दौरान जो स्टेशन चमकता हुआ दिखाई दे रहा था, सोमवार को वही फिर पुराने ढर्रे पर लौट आया। निरीक्षण से पहले वेंडरों ने खाने-पीने की वस्तुओं को ढककर रखा था और डिस्प्ले विंडो बंद कर दी गई थीं। लेकिन सोमवार को स्टेशन परिसर में कई वेंडरों के पास खाद्य सामग्री बिना ढके पाई गई। जिन विंडो को शनिवार को बंद रखा गया था, उनमें खुलेआम भटूरे और अन्य खाद्य पदार्थ रखे नजर आए। धूल-मिट्टी के बीच खुले में बिक रहा यह सामान यात्रियों की सेहत के साथ खिलवाड़ है। इससे साफ है कि वेंडरों में रेलवे प्रशासन का कोई डर नहीं है और निरीक्षण खत्म होते ही लापरवाही फिर शुरू हो जाती है।
बिहार की सियासत में 16 फरवरी को एक शब्द 'बेचारा' ने आग लगा दी। जब RJD विधायक कुमार सर्वजीत ने दिवंगत रामविलास पासवान को याद करते हुए यह शब्द इस्तेमाल किया, तो बिहार विधानसभा बजट सत्र में घंटों हंगामा हुआ। कुछ देर के लिए सदन ठप हुआ और सड़कों पर तेजस्वी यादव का पुतला फूंका गया। लेकिन सवाल यह है कि RJD इस मामले पर क्यों इतनी सहमी नजर आई। क्या यह सिर्फ एक शब्द का विवाद है, या इसके पीछे दलित वोट बैंक का गणित है। या राजू तिवारी जैसे नेताओं की निजी महत्वाकांक्षाएं। जानेंगे, आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में...। सवाल-1ः ‘बेचारा’ शब्द का पूरा विवाद क्या है? जवाबः 11 फरवरी को बिहार विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान दलित समाज से आने वाले RJD विधायक कुमार सर्वजीत ने दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान को बेचारा कहा था। सवाल-2ः दिवंगत रामविलास के कथित अपमान पर क्या हंगामा हुआ? जवाबः कुमार सर्वजीत के बयान के 4 दिन बाद लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) एक्टिव हुई। 15 फरवरी की शाम LJP(R) अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पार्टी के X पोस्ट को शेयर किया। लिखा- 'रामविलास पासवान बिहार के गरीबों और दलित-पिछड़ों के मसीहा थे। RJD का यह अपमान करोड़ों वंचितों की भावनाओं पर चोट है।' राजू तिवारी और कुमार सर्वजीत के बीच तीखी बहस सवाल-3ः ‘बेचारा’ शब्द पर क्यों भड़की चिराग पासवान की पार्टी? जवाबः मोटे तौर पर इसके 3 बड़े कारण हैं… 1. दलित वोट बैंक को अपने पाले में रखना LJP के संस्थापक दिवंगत रामविलास पासवान दलितों के बड़े लीडर थे। बिहार में 19.65% दलित आबादी है। पोल्समैप सर्वे और लोकनीति की स्टडी की मानें तो 2025 विधानसभा चुनाव में दलित वोटों में पिछले चुनावों की तुलना में कहीं ज्यादा स्पष्ट झुकाव देखने को मिला। 2. कुमार सर्वजीत के कद को बढ़ने नहीं देना विधानसभा चुनाव में हार के बाद तेजस्वी यादव ने पार्टी की रणनीति में बदलाव किया है। RJD कुमार सर्वजीत को आगे कर दलितों को साधने का प्रयास कर रही है। पॉलिटिकल एनालिस्ट संजय सिंह कहते हैं, ‘RJD ने पासवान समाज से आने वाले कुमार सर्वजीत से बजट पर चर्चा शुरू कराई। सदन में उनको आगे की जगह दी है। पार्टी उनके कद को लगातार बढ़ा रही है ताकि दलित वोट बैंक में सेंधमारी की जा सके।’ 3. गोटी सेट कर रहे राजू तिवारी LJP (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक राजू तिवारी ने सदन में सबसे तेज विरोध किया। उन्होंने नारे लगवाए-'आरजेडी की पहचान, दलितों का अपमान। रविवार को पटना के करगिल चौक पर प्रदर्शन किया। सोमवार को सदन में हंगामा किया।
छोटी बारादरी मार्केट में स्टॉर्म सीवर बिछेगा, टेंडर प्रक्रिया शुरू, इसी माह होगा काम
भास्कर न्यूज | जालंधर बारिश होने पर छोटी बारादरी पार्ट 1 व 2 की मार्केट और रेजिडेंशियल एरिया में जलभराव से लोग बेहाल रहते हैं। अब इस समस्या से राहत दिलाने के लिए निगम मार्केट क्षेत्र में नई स्टॉर्म सीवर लाइन बिछाएगा। इस पर 48.86 लाख खर्च होंगे। निगम ने इस प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। फरवरी में इसका काम शुरू होगा। बारिश के कारण सड़कों, बाजारों और गलियों में पानी भर जाने से लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी होती है। दुकानदारों के कारोबार पर भी इसका असर पड़ता है और कई बार पानी दुकानों तक पहुंच जाता है। पानी की निकासी व्यवस्था होने से सड़कों की हालत सुधरेगी और गंदे पानी से फैलने वाली बीमारियों का खतरा भी घटेगा। स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि यह योजना समय पर पूरी हो जाती है, तो बरसात के मौसम में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। वहीं कौंसलर प्रो. कंवर सरताज सिंह ने कहा कि छोटी बारादारी पार्ट 1 व 2 की मेन मार्केट में रोजाना दस हजार से अधिक लोगों का अवागमन होता है। नई स्टॉर्म लाइन बिछने से लोगों को जलभराव से मुक्ति मिलेगी। इस संबंध में एक्सईएन रामपाल ने कहा कि बारिश से पहले ही कार्य को प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही निगम वर्क ऑर्डर जारी करेगा। ऐसे होगा काम : निगम छोटी बारादरी पार्ट 2 में ताज सुपर स्टोर के सामने और पार्ट 1 में पिम्म के सामने की मार्केट की मेन सड़क पर स्ट्रॉर्म सीवर लाइन बिछाई जाएगी। यहां पर एजेंसी 315 एमएम और 390 एमएम की सीवर लाइन बिछाई जाएगी। इसके बाद नई स्ट्रॉम सीवर लाइन को िपम्स के सामने मेन सीवर लाइन से जॉइंट किया जाएगा। ऐसा होने से बारिश का पानी स्ट्रॉर्म सीवर के जरिए सीधे फोल्ड़ीवाल एसटीपी पर भेज दिया जाएगा।
शोभना अग्रवाल ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में एचपीएआईआर कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया
जालंधर | एपीजे कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स की छात्रा शोभना अग्रवाल ने अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में 6 से 8 फरवरी तक आयोजित एचपीएआईआर कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के लिए उनका चयन बहुत ही कठिन प्रक्रिया के जरिए हुआ, जिसका एक्सेप्टेंस रेट मात्र 2% है। कॉन्फ्रेंस में शोभना ने दुनिया भर के बड़े नेताओं, राजदूतों और विशेषज्ञों के साथ वैश्विक राजनीति, टेक्नोलॉजी और बिजनेस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. नीरजा ढींगरा ने शोभना के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
एचएमवी स्कूल : फरलीन बने मिस फेयरवेल, स्नेहप्रीत मिस टेक फेहरी बनी
भास्कर न्यूज | जालंधर एचएमवी कॉलेजिएट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए विदाई समारोह उड़ान 2026 का आयोजन किया गया ।इस दौरान छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत और डांस के जरिए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। स्कूल एडवाइजर डॉ. सीमा मरवाहा ने छात्राओं को आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए उन्हें जीवन में अनुशासन और कड़े परिश्रम के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं प्रिंसिपल डॉ. एकता खोसला ने छात्राओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि यह केवल विदाई नहीं, बल्कि उनके सपनों की एक नई उड़ान है । इस समारोह के मुख्य आकर्षण मॉडलिंग प्रतियोगिता में फरलीन कौर को मिस फेयरवेल एचएमवी कॉलेजिएट चुना गया। इस मौके रिधम पहली और दीक्षा दूसरी रनर-अप रहीं। इसके अलावा खुशी को मिस आर्टसी क्वीन, स्नेहप्रीत को मिस टेक फेयरी के खिताब से नवाजा गया। जबकि जाह्नवी को विशेष प्रशंसा पुरस्कार मिला।
सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में सिविल इंजीनियरिंग समेत दो कोर्स शुरू हुए
भास्कर न्यूज | जालंधर लाडोवाली रोड स्थित सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में इस साल से सिविल इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के दो नए कोर्स भी होंगे। इन दोनों कोर्सेस की पढ़ाई 3 साल की होगी और हर कोर्स में 30-30 सीटें रखी गई हैं। जो छात्र 10वीं पास कर चुके हैं, वे इन कोर्सेस में एडमिशन ले सकते हैं। एडमिशन की प्रक्रिया अप्रैल महीने से शुरू हो जाएगी। कोर्सेस की फीस 29,150 रुपए है। अनुसूचित जाति से संबंधित छात्र जिसके परिवार की सालाना कमाई 2.5 लाख से कम है, को पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के तहत एडमिशन मिलेगी। उसे बस 1,133 रुपए देने होंगे। इसी तरह मुख्यमंत्री स्कॉलरशिप योजना के जरिए उन बच्चों को फीस में बड़ी छूट मिलेगी जिनके 10वीं में अच्छे नंबर आए हैं। इसी तरह 90% नंबर लाने वाले छात्र को सिर्फ 7,150 रुपए देने होंगे। 80 से 90% के बीच बच्चों को शुरुआत में 8,250 रुपए तो 6 महीने बाद 1,100 रुपए देने होंगे। इसी तरह 70 से 80% नंबर वालों को एडमिशन के समय 9,350 रुपए और 6 महीने बाद 2,200 देने होंगे। अगर किसी छात्र के नंबर 60 से 70% के बीच हैं, तो उसे एडमिशन के समय 10,450 और 6 महीने बीत जाने पर 3,300 का भुगतान करना होगा।
अखिल विश्व गीता महामंडल द्वारा शिवरात्रि पर्व पर सत्संग का आयोजन
भास्कर न्यूज | जालंधर अखिल विश्व गीता महामंडल के तत्वावधान में श्री श्री राधा कृष्ण मंदिर न्यू बारादरी में 1108 ॐ नमः शिवाय मंत्र जाप के अनुष्ठान का आयोजन किया गया। मंदिर के पुजारी पं. छीतर मल द्वारा पूजन करवाया गया। ईशू एवं साथियों द्वारा भजन गाए गए। गीता महामंडल के संस्थापक पं. केवल कृष्ण शर्मा ने कहा कि महाशिवरात्रि का अर्थ है कल्याण की रात्रि। श्री गीता जयंती महोत्सव कमेटी तथा मंदिर कमेटी के अध्यक्ष रविशंकर शर्मा ने कहा कि भगवान शिव आदि मध्य और अंत से रहित हैं। भगवान भोलेनाथ स्वभाव से ही निर्मल हैं तथा सर्वज्ञ एवं परिपूर्ण हैं। ॐ नमः शिवाय मंत्र उन्हीं भगवान शिव का स्वरूप है। मंदिर कमेटी के सदस्यों कमलजीत मल्होत्रा, बृज नारंग, गगन कटोच ने आए हुए महानुभावों का स्वागत किया। श्री गीता जयंती महोत्सव कमेटी के पदाधिकारी अशोक शर्मा, सतीश कपूर, शशांक शर्मा, विजय सेठी, यश पहलवान, राजीव शर्मा, सुमित कालिया, सुरेश अरोड़ा, संजय शर्मा, प्रद्युम्न ने मुख्य रूप से रुद्राभिषेक कार्यक्रम में भाग लिया। का र्यक्रम में चेतन वालिया, गुरबचन काहलों, अजयपाल बोबी, सुभाष शर्मा ने सेवा निभाई। मंदिर की स्त्री सत्संग सभा द्वारा संकीर्तन किया गया। आए हुए भक्तों ने दीपदान तथा बिल्व पत्र से मंत्रोच्चारण के द्वारा रूद्राभिषेक किया।
टेंडर : ठेकेदार ने फर्जी डॉक्यूमेंट लगाए, दूसरे के कागजों में भी गड़बड़ी मिली
भास्कर न्यूज | जालंधर नगर निगम की फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट कमेटी में विवाद की वजह बने स्ट्रीट लाइट के टेंडरों से पुराने ठेकेदारों को बाहर करने के विवाद के बाद ठेकेदारों के कागजों की जांच जारी है। एक ठेकेदार ने फर्जी डाक्यूमेंट्स लगाए थे तो उसे ब्लैक लिस्ट करने की तैयारी है। दूसरे ठेकेदार के कागजों में भी गड़बड़ी पाई गई। तीसरे ठेकेदार को 2 साल पहले जो काम अलॉट किए थे, वे आज तक अधूरे हैं। इन पर भी एक्शन संभव है। सोमवार को मेयर वनीत धीर ने कहा कि अफसरों से सारा रिकॉर्ड निकालने के आदेश पहले ही कर दिए थे। सारी कागजी कार्यवाही के बाद एक्शन होगा। दरअसल, नगर निगम के दफ्तर में एफएंडसीसी की मीटिंग के सीनियर डिप्टी मेयर बलबीर सिंह बिट्टू, डिप्टी मेयर मलकीत सुभाना ने वॉकआउट किया था। दो दिन के अवकाश के बाद निगम के तमाम अफसर अदालती केस में चंडीगढ़ रहे। ऐसे में बीएंडआर ब्रांच से जुड़े ठेकेदारों के उल्लंघन वाले कामों की लिस्टिंग फाइनल होनी बाकी रही। अब मंगलवार को सभी ठेकेदारों के कागजों की सारी चेकिंग के बाद अगला एक्शन होगा। वहीं, नगर निगम की तरफ कई ठेकेदारों से सड़क निर्माण, ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस व पार्कों के काम पूरे होने बाकी हैं। उनके कामों को खत्म करने की डेडलाइन क्रॉस होने के बाद भी अधूरे निर्माण के मुद्दे पर सभी को मेयर दफ्तर की सख्ती का सामना करना पड़ेगा। टेंडरिंग नए सिरे से होगी अब स्ट्रीट लाइट के टेंडर नए सिरे से जारी किए जा सकते हैं। इनकी गिनती सात है। ये जालंधर सिटी में अलग-अलग इलाकों में लगाई जाने वाली नई लाइटों के टेंडर हैं। दूसरा प्रोजेक्ट जालंधर कैंट विधानसभा में जो 13 नए गांव निगम की हद में जोड़े गए थे, अब उनमें भी नई स्ट्रीट लाइटें स्थापित करने का है। इन इलाकों की लाइटों के काम अलग से अलॉट होंगे। जालंधर सिटी में वडाला चौक से धर्मपुरा आबादी तक भी नई लाइटें लगेंगी।
डिफेंस कॉलोनी में भगवान शिव की महिमा गाई
जालंधर | श्री राम सत्संग सभा राम मंदिर डिफेंस कॉलोनी में महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य पर रविवार को भक्त जुड़े। भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इस दौरान सुनीता कपूर ने भोलेनाथ का गुणगान किया। समागम में पार्षद प्रो. कंवर सरताज, मंदिर कमेटी के सदस्य नरेश मल्होत्रा, अश्वनी शर्मा, विनीत ओबेरॉय, सुभाष शर्मा, आरसी शर्मा, बलविंदर सिंघल मौजूद रहे।
बुधवार को चांद दिखा तो वीरवार से शुरू होगा रमजान का पाक महीना
भास्कर न्यूज | जालंधर इस्लाम धर्म के सबसे पाक महीने रमजान की शुरुआात होने वाली है। इस्लाम के पांच अहम बिंदुओं में रमजान के रोजा रखना भी शामिल है। ऐतिहासिक इमाम नासिर मस्जिद के मौलाना अदनान जामई ने बताया कि अगर बुधवार को चांद नजर आया तो वीरवार को रमजान महीने का पहला रोजा रखा जाएगा नहीं तो शुक्रवार से रमजान शुरू होगा। हालांकि ज्यादातर मौलाना वीरवार को ही रमजान शुरू होने का कह रहे है। इस्लाम धर्म के अनुसार इस महीने सबसे ज्यादा मगफिरत मतलब अल्लाह द्वारा गुनाहों को माफ करना होता है। रमजान के पूरे महीने रोजा रखने के साथ ही खुद को इस्लामिक रीति रिवाजों के मुताबिक ढालना ही सबसे अहम होता है, जिसमें पांच वक्त की नमाज पढ़ना, कुरान पढ़ना, रात को तरावीह की विशेष नमाज और जकात देना (दूसरों की मदद) करना शामिल है। तरावीह की नमाज को लेकर सभी मस्जिदों में प्रबंध किया जा चुका है, यहां पर 21 दिन से लेकर 30 दिन तक रोजाना नमाज होगी। रमजान इस्लामी कैलेंडर के नौवें महीने में आता है। इस्लामी कैलेंडर चंद्रमा पर आधारित होता है, इसलिए हर साल रमजान की तारीख लगभग 10-11 दिन पहले आ जाती है। सुबह सूर्य उदय होने से पहले सहरी यानि की रोजा रखना शाम सूर्य अस्त होने के समय इफ्तारी करना यानि रोजा खोलना होता है। रमजान इसलिए पवित्र है क्योंकि इसी महीने में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब पर पहली बार कुरान की आयतें नाजिल हुई थीं। रमजान का उद्देश्य, दूसरों के साथ हमदर्दी, अनुशासन में रहना, न बुरा देखना, न बुरा बोलना, न बुरा सुनना और न ही बुरा करना शामिल है। भूख और प्यास का अनुभव कर गरीबों के प्रति संवेदना को अपने अंदर बढ़ाना है। ताकि यह एहसास किया जा सके कि पानी से लेकर खाद्य पदार्थ हमारे लिए कितने जरूरी है और उन्हें वेस्ट नहीं करना चाहिए और यह एहसास होना चाहिए कि जरूरतमंद जिनके पास खाने या पीने का पानी नहीं है तो उन्हें कैसे महसूस होगा। सहरी: सुबह फज्र की नमाज से पहले खाना खाना इफ्तार : सूर्यास्त के बाद रोज़ा खोलना (खजूर और पानी से) नमाज और तरावीह : दिन में 5 वक्त नमाज के अलावा रात में विशेष तरावीह की नमाज होती है। जिसमें इमाम के पीछे पुरा कुरान सुना जाता है। जकात और सदका : रमजान के पूरे महीने में दान-पुण्य का विशेष महत्व है। जरूरतमंदों को अपनी जमापूंजि, बैंक में रखे पैसे, कैश, सोने और चांदी के गहनों के आधार पर जकात दिया जाता है।
साडे मान साडे बुजुर्ग... सम्मान समारोह हुआ
जालंधर | लाजपत नगर स्थित रेड क्रॉस भवन में साडे मान साडे बुजुर्ग अभियान के तहत जिला स्तरीय सम्मान समारोह करवाया गया। इसमें हमसफर यूथ क्लब, लायलपुर खालसा कॉलेज और हंसराज महिला विद्यालय के वालंटियर्स को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। समारोह युवक सेवाएं विभाग के सहायक डायरेक्टर रवि के दिशा-निर्देशों पर हुआ। इस दौरान एचएमवी कॉलेज की एनएसएस टीम द्वारा नुक्कड़ नाटक भी पेश किया गया। यहां डॉ. गुरप्रीत कौर (एसएमओ), प्रो. सतपाल सिंह, रोहित भाटिया और पूनम भाटिया मौजूद रहीं।
बर्ल्टन पार्क और रामामंडी से एक्टिवा और बाइक चोरी
जालंधर | शहर के व्यस्त इलाकों से एक एक्टिवा और मोटरसाइकिल चोरी होने के मामले सामने आए हैं। पहली घटना थाना-1 के अधीन आते बर्ल्टन पार्क की है। कबीर नगर निवासी मनु शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपनी सफेद एक्टिवा (पीबी 08डीई 8809) लेकर बर्ल्टन पार्क गया था, जोकि वहां से चोरी हो गई। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच एएसआई साहिब सिंह को सौंपी है। दूसरी घटना थाना रामामंडी अधीन आते अनमोल क्लॉथ हाउस के पास हुई। वहां दकोहा निवासी सुरिंदर जीत सिंह की बाइक (पीबी 08एफएन 9848) चोरी हो गई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है। एएसआई भजन राम मामले की छानबीन कर रहे हैं।
ग्राहक का इंतजार करते 2 ड्रग तस्कर गिरफ्तार
जालंधर | स्पेशल सेल की पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए दो ड्रग तस्करों को 50 ग्राम हेरोइन समेत गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी थाना-8 के इलाके में मछली मार्केट के पास ग्राहक का इंतजार कर रहे थे। स्पेशल सेल के एएसआई गुरविंदर सिंह पुलिस पार्टी के साथ सोढल क्षेत्र में पैट्रोलिंग कर रहे थे। उन्हें सूचना मिली कि दो युवक हेरोइन सप्लाई करने के लिए इलाके में मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत बताए गए स्थान पर दबिश दी। पुलिस को देखकर वहां खड़े दो युवक घबराकर खिसकने लगे। शक के आधार पर एएसआई ने दोनों को रोककर पूछताछ की। उन्होंने अपनी पहचान विनोद कुमार निवासी अमन नगर और पंकज कुमार उर्फ गिन्नी निवासी ग्लोब कॉलोनी के रूप में बताई। तलाशी लेने पर आरोपियों की जेब से 50 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इसके बाद दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना 8 में मामला दर्ज कर लिया है।
शादी का झांसा देकर 15 साल की युवती को भगाया, अज्ञात पर केस
भास्कर न्यूज | जालंधर बस्ती बाबा खेल थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने के आरोप में अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। परिजनों ने थाना बस्ती बाबा खेल की पुलिस को बताया कि वे कृष्णा नगर में रहते हैं और उनकी 15 साल की बेटी को अज्ञात युवक ले गया है। पीड़िता की मां ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी बेटी रोज की तरह घर से काम पर गई थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिवार ने पहले अपने स्तर पर रिश्तेदारों और परिचितों के यहां उसकी तलाश की, मगर कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद सूचना पुलिस को दी गई। आईओ एएसआई नीला राम ने महिला के बयान के आधार पर अज्ञात युवक के बीएनएस की धारा 137(2) और 87 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
नेहरू चिल्ड्रन स्कूल के पास कुत्तों से लोग परेशान
जालंधर | नेहरू चिल्ड्रन स्कूल से लेकर पुरानी पुलिस चौकी नंबर 5 और सूद अस्पताल तक के क्षेत्र में कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हैं। इस इलाके में बड़ी संख्या में खूंखार कुत्तों के कारण स्कूली बच्चे और बुजुर्ग पैदल चलने में मुश्किल महसूस कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दुकानदारों ने सार्वजनिक जगहों पर अवैध कब्जा कर रखा है और इन कुत्तों को पनाह दे रहे हैं। यहां छात्रों के लिए बस स्टॉप भी है, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। लोग इस समस्या को लेकर नगर निगम में लिखित शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। -सुमित, रैणक बाजार
नए सिस्टम की वजह से मध्य प्रदेश के 15 जिलों में बारिश का अलर्ट है। यहां गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है। इससे पहले मंगलवार को ग्वालियर-चंबल में बादल छाएंगे, जबकि 18-19 फरवरी को बारिश होगी। जिन जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है, उनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर शामिल हैं। सबसे ज्यादा असर 18 फरवरी को देखने को मिलेगा। 19 फरवरी को बूंदाबांदी के आसार जरूर हैं, पर तेज बारिश नहीं होगी। फरवरी में तीसरी बार बारिश बता दें कि फरवरी के शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीगेगा। इस दिन सिस्टम का असर ज्यादा रहेगा। इसके बाद सिस्टम कमजोर हो जाएगा। आज दिन के तापमान में गिरावट के आसारवेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से ग्वालियर, चंबल, सागर संभाग के कुछ जिलों में बादल छा सकते हैं। इस वजह से दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट देखने को मिल सकती है। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम कटनी के करौंदी में पारा 6.7 डिग्री पहुंचा, कल्याणपुर भी ठंडाप्रदेश में दिन जहां गर्म है, वहीं कई शहरों में रातें ठंडी हैं। रविवार-सोमवार की रात कटनी का करौंदी सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कल्याणपुर-पचमढ़ी में पारा 7.6 डिग्री और राजगढ़ में 9 डिग्री रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में सबसे कम 12.6 डिग्री, इंदौर-जबलपुर में 13 डिग्री, ग्वालियर में 13.1 डिग्री और उज्जैन में 13.4 डिग्री रहा। अभी रात में ही सर्दी का दौरवर्तमान में प्रदेश में हल्की सर्दी का दौर ही जारी रहेगा। रात और सुबह के समय सर्दी रहेगी। ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर ही रहेगा। वहीं, रात में 30 डिग्री के पार पहुंच सकता है। MP के पांच बड़े शहरों में फरवरी का मौसम… भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, दिन गर्म भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 30 डिग्री के पार है। इंदौर में बारिश का ट्रेंड नहीं फरवरी में इंदौर में बारिश होने का ट्रेंड नहीं है। 2014 और 2015 में बूंदाबांदी जरूर हुई थी। दूसरी ओर दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है। 2019 में तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां रात में पारा 10 डिग्री के नीचे रहता है। ग्वालियर में कड़ाके की ठंड ग्वालियर में कड़ाके की ठंड का ट्रेंड रहता है। इसकी वजह यहां सीधे उत्तरी हवाएं आना है। 4 फरवरी 2018 की रात में न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 1.9 डिग्री दर्ज किया गया था। साल 2019, 2022 और 2023 में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री से नीचे ही रहा। पिछले साल ग्वालियर में बारिश भी हुई थी। इस बार यहां फरवरी के पहले ही दिन बारिश का दौर रहा है। जबलपुर में भी बदला रहता है मौसम जबलपुर में भी मौसम बदला रहता है। फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक रहता है, जबकि रात में तापमान न्यूनतम 11 डिग्री के आसपास रहता है। यहां फरवरी में बारिश का भी ट्रेंड है। 10 में से 6 साल यहां बारिश हो चुकी है। उज्जैन में गर्मी, बारिश और ठंड का दौर उज्जैन में गर्मी और ठंड के साथ बारिश भी होती है। दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है, जबकि रात में न्यूनतम पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया जाता है। उज्जैन में फरवरी महीने में बारिश का ट्रेंड कम ही है।
मध्य प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल की हाईस्कूल परीक्षा का आज मंगलवार को अंग्रेजी का एग्जाम है। परीक्षा सुबह 9 बजे से शुरू होकर दोपहर 12 बजे तक होगी। इस साल यह पहला मौका है, जब एक साथ 9 लाख स्टूडेंट्स परीक्षा देंगे। इससे पहले हाईस्कूल परीक्षा के 2 पेपर हो चुके हैं लेकिन उनमें सभी स्टूडेंट्स शामिल नहीं थे। पहला पेपर शुक्रवार को उर्दू का था। दूसरा पेपर शनिवार को राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के सब्जेक्ट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का था। प्रदेश में CBSE के 496 सेंटरमंगलवार से ही CBSE की 10वीं की परीक्षाएं भी शुरू हो रही हैं। स्टूडेंट्स सुबह 10.30 बजे से मैथ्स का पेपर देंगे। सेंटर पर रिपोर्टिंग टाइम सुबह 9.30 बजे है। भोपाल रीजन में करीब 1.25 लाख स्टूडेंट्स इस परीक्षा में बैठेंगे। प्रदेशभर में 496 सेंटर बनाए गए हैं, इनमें से 34 भोपाल में है। 3856 परीक्षा केंद्र, हर जिले में 4 फ्लाइंग स्क्वॉडमाध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए पूरे प्रदेश में 3856 सेंटर बनाए गए हैं। भोपाल में कुल 104 परीक्षा केंद्र हैं, जहां 30 हजार 746 छात्र एग्जाम देंगे। परीक्षा पर नजर रखने के लिए हर जिले में चार फ्लाइंग स्क्वॉड रहेंगे। इनमें से दो स्क्वॉड विकासखंड जबकि दो जिला स्तर पर काम करेंगे। हर स्क्वॉड में तीन सदस्य होंगे। तीनों पुलिस या प्रशासनिक स्तर के अधिकारी होंगे, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई हो सके। संवेदनशील केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे से निगरानीपरीक्षा में नकल और अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए इस बार तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील परीक्षा केंद्रों की पहचान कर वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। इन केंद्रों पर होने वाली गतिविधियों पर भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से सीधी निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा, थानों से प्रश्नपत्र निकालने के दौरान भी वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है। सुरक्षा गार्ड्स भी तैनात रहेंगे। इसका मकसद है कि परीक्षा प्रक्रिया की हर कड़ी पारदर्शी और सुरक्षित बनी रहे। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के सख्त नियमभोपाल जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं को लेकर सख्त व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। परीक्षार्थियों को सुबह 8:30 बजे के बाद किसी भी हालत में सेंटर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ रोकने के लिए निर्धारित दूरी तय कर दी गई है। नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। चयनित केंद्रों पर भोपाल से सीधी मॉनिटरिंगमाध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा प्रदेश के हर जिले में पांच-पांच परीक्षा केंद्रों को विशेष मॉनिटरिंग के लिए चुना गया है। इन केंद्रों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सीधे भोपाल स्थित बोर्ड कार्यालय से की जाएगी। इसके अलावा, औचक निरीक्षण के लिए उड़नदस्ते भी लगातार सक्रिय रहेंगे, जिनमें शिक्षा विभाग के साथ प्रशासनिक अधिकारी शामिल रहेंगे। ये खबर भी पढ़ें… JEE Main में इंदौर के रिद्धेश MP टॉपर, 99.99 पर्सेंटाइल JEE Main सेशन-1, 2026 के रिजल्ट में देशभर में 12 छात्रों ने 100 पर्सेंटाइल हासिल किया, लेकिन मध्यप्रदेश का एक भी विद्यार्थी इस सूची में शामिल नहीं हो सका। प्रदेश में इंदौर के रिद्धेश बेंडाले 99.992186 पर्सेंटाइल के साथ टॉपर रहे, जबकि इंदौर की ही अनुष्का अग्रवाल 99.96 पर्सेंटाइल के साथ स्टेट गर्ल्स टॉपर बनीं। पढ़ें पूरी खबर…
शहीद बाबू लाभ सिंह नगर में सीवर ओवरफ्लो होने से हालात बुरे, बीमारी फैलने का डर
जालंधर | शहीद बाबू लाभ सिंह नगर रोड पर पांच दिन से सीवर जाम होने के कारण लोग बेहाल हैं। जाम की वजह से मेन सड़क पर गंदगी फैल गई है और पैदल चलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों ने कहा कि नजदीक में बच्चों का स्कूल है और सुबह-शाम उन्हें इसी गंदे पानी के बीच से गुजरना पड़ता है। घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में भीड़ अधिक होने के कारण दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि यदि दो दिन के अंदर सीवर की सफाई नहीं कराई गई, तो वे नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। -बलबीर कौर, वार्ड 63

