अलीगढ़ पुलिस ने दो दिन पहले जिस बड़े हथियार तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया था, उसमें अब बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। हिरासत में लिए गए एएमयू छात्रों शहवान, मो. कासिफ और होटल संचालक प्रियेंद्र के इस गैंग का मकसद सर सैयद नगर में एक बड़े मकान में डकैती डालना था। पकड़े गए आरोपियों में मुनीर गैंग से जुड़े लोग भी शामिल हैं। वहीं, पंजीपुर में खंडहर नुमा किले में दबिश के दौरान तीन आरोपी पुलिस पर फायरिंग कर फारर हो गए। पुलिस अब इन आरोपियों वसीम, कामरान और सिराज की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। कई दिनों से हो रही थी रेकी पूछताछ में सामने आया है कि डकैती के लिए पूरी योजना के साथ काम किया जा रहा था। गैंग के सदस्य पिछले कई दिनों से सर सैयद नगर स्थित बड़े मकान की रेकी कर रहे थे। वे वारदात के लिए सही दिन, समय और मौके का इंतजार कर रहे थे। डकैती के दौरान अगर कोई विरोध करता, तो दहशत फैलाने के लिए ये लोग ताबड़तोड़ फायरिंग करने से भी पीछे नहीं हटते। इसके लिए इनके पास भारी मात्रा में अवैध असलहे और कारतूस मौजूद थे। वसीम, कामरान और सिराज की तलाश तेज बुधवार रात को दबिश के दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर सीधी फायरिंग कर दी थी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 12 को दबोच लिया, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर भागे तीन आरोपी फायरिंग कर फरार हो गए। इन आरोपियों नगला पटवारी निवासी वसीम, देहलीगेट निवासी कामरान और ऊपरकोट के सिराज की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 4 टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। मोबाइल डेटा और चैट से खुलेगी दिल्ली तक की चेन पुलिस की साइबर सेल गिरफ्तार किए गए 12 आरोपियों के मोबाइल फोन खंगाल रही है। आईएमईआई ट्रैकिंग और सीडीआर से इस नेटवर्क की तलाश की जा रही है। डकैती और रेकी के लिए इस्तेमाल की जा रही फर्जी नंबर प्लेट वाली स्विफ्ट कार का चेसिस नंबर निकाला गया है। पुलिस यह पता लगा रही है कि इस गाड़ी का इस्तेमाल पहले किन-किन वारदातों में हुआ है। गिरफ्तार एएमयू छात्रों के फोन से मिले डेटा से यह साफ हो रहा है कि वे कैंपस के भीतर और दिल्ली तक के खरीदारों को पिस्टल सप्लाई कर रहे थे। कई और नाम आ रहे सामने सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कई और नाम सामने आए हैं। वहीं फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। उन्होंने बताया कि हथियार सप्लायरों के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी रहेगा।
SMS मेडिकल कॉलेज के न्यू आरडी हॉस्टल में एक छात्र ने सुसाइड कर लिया। वह MBBS फाइनल ईयर का स्टूडेंट था। शुक्रवार देर रात उसने हॉस्टल के 8वें फ्लोर पर फंदा लगाकर जान दे दी। छात्र के परिजनों को सूचना दे दी गई है।खुदकुशी की वजह अभी स्पष्ट नहीं है । सूचना मिलने पर कॉलेज के अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. जितेंद्र सिंह शेखावत और डॉ. मोनिका जैन सहित पूरा प्रशासन हॉस्टल पहुंचा। उधर, पुलिस और एसएमएस के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। SMS हॉस्पिटल थाना पुलिस ने FSL टीम की मदद से मौके से सबूत जुटाए हैं। मृतक नितिन यादव अलवर जिले का रहने वाला था। छात्र हॉस्टल के बाहर किराये के मकान में रहता था। उसने हॉस्टल के 8वीं मंजील में जाकर फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। मृतक नितित देर रात हॉस्टल पहुंचा था।
पानीपत शहर के वार्ड-6 की पार्षद कोमल पांचाल के नाम और पद की फर्जी मोहर व हस्ताक्षर का उपयोग कर सरकारी दस्तावेज तैयार करने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। पार्षद ने SP को लिखित शिकायत देकर चार नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की मांग की है। आरोप है कि यह गिरोह पिछले काफी समय से सक्रिय है और फर्जी दस्तावेजों के जरिए जनता और प्रशासन को गुमराह कर रहा है। एसपी के आदेशों पर आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा वार्ड-6 की पार्षद कोमल पांचाल ने बताया कि 13 मार्च को उनके पास नूरवाला स्थित एक कंप्यूटर सेंटर का संचालक 5-6 फाइलें लेकर आया। ये फाइलें हरियाणा निवास प्रमाण पत्र बनवाने से संबंधित थीं। जब पार्षद ने फाइलों की जांच की, तो वह दंग रह गईं। उन फाइलों पर पार्षद के नाम की मोहर और हस्ताक्षर पहले से ही लगे हुए थे, जबकि पार्षद ने उन पर कभी हस्ताक्षर किए ही नहीं थे। CSC संचालकों की मिलीभगत का आरोप पार्षद ने अपने स्तर पर पड़ताल की तो एक बड़े गिरोह का नाम सामने आया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सतपाल नामक व्यक्ति आवेदकों को लेकर कमलजीत कौर (CSC संचालक नूरवाला), सौरव (CSC संचालक तहसील कैंप) और शर्मा (CSC संचालक नजदीक नगर निगम) के पास जाता है। ये सभी आरोपी कथित तौर पर मिलीभगत कर पार्षद की फर्जी मोहर और जाली हस्ताक्षर फाइलों पर कर देते हैं और फिर उन्हें ऑनलाइन पोर्टल पर आगे फॉरवर्ड कर देते हैं। पिछली फाइलों के दुरुपयोग की भी आशंका पार्षद कोमल पांचाल ने आशंका जताई है कि यह गिरोह काफी समय से सक्रिय है और इससे पहले भी न जाने कितने आवेदकों के दस्तावेजों पर उनके फर्जी हस्ताक्षर कर प्रमाण पत्र बनवाए जा चुके होंगे। उन्होंने कहा, यह न केवल मेरे पद का अपमान है, बल्कि सरकारी नियमों के साथ भी खिलवाड़ है। ऐसे गिरोह भोले-भाले लोगों से पैसे ठगते हैं और फर्जी कागजात तैयार करते हैं।
इंदौर में एक हफ्ते तक दिन और रात को गर्मी से कुछ राहत मिलने के बाद शुक्रवार से फिर मौसम बदलना शुरू हुआ है। एक हफ्ते बाद फिर दिन का पारा फिर करीब 2 डिग्री उछलकर 41 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रहा। रात का तापमान भी अभी सामान्य से ज्यादा ही है। शनिवार सुबह से मौसम साफ होने के साथ धूप चढ़ने लगी और गर्मी का असर होने लगा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगरे तीन-चार दिनों में तापमान और धीरे-धीरे बढ़ने के आसार हैं। इससे गर्मी का असर और तेज होगा। गुरुवार को दिन का पारा 39.9 (0) डिग्री सेल्सियस था जो सामान्य था। शुक्रवार को दोपहर 12 बजे बाद गर्मी का असर तेज होना शुरू हुआ। इस दौरान दिन का तापमान 2 डिग्री बढ़कर 41.2 (+1) डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रात का तापमान गुरुवार को 26.3 (+3) डिग्री सेल्सियस था जो शुक्रवार को हल्का सा कम हुआ और 25.1 (+1) डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रात को भी गर्मी का अहसास रहा। गर्मी बढ़ने से अब दोपहर 12 से 4 बजे के बीच इसका असर जनजीवन पर जरूर पड़ रहा है। सड़कों पर आवाजाही पहले की तुलना में कम रही। गर्मी के कारण लोग हलाकान होते रहे। शाम के बाद जरूर कुछ राहत महसूस हुई। आज भी मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही बना हुआ है। आज तापमान 41 से 42 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार हैं। इंदौर में 2023 में गिरा था 3 इंच पानी इंदौर में भी मई महीने में पारा 46 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 31 मई 1994 को इतना तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। इसके चलते बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। पिछले साल पूरे महीने 3 इंच बारिश हुई थी। वर्ष 2014 से 2023 के बीच 9 बार बारिश हो चुकी है। इंदौर के एक हफ्ते का तापमान
शिवपुरी के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक युवती और उसकी तीन माह की बच्ची के अपहरण का मामला सामने आया है। युवती के लिव-इन पार्टनर ने अपने 8 से 10 साथियों के साथ मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया है। आरोपी हथियार लेकर घर में घुसे और परिजनों से मारपीट कर मां-बेटी को जबरन कार में डालकर ले गए। पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित अन्य के खिलाफ अपहरण और एससी-एसटी एक्ट का केस दर्ज कर लिया है। शिवपुरी पब्लिक स्कूल के पास रहने वाली नीलम गुहारिया ने पुलिस को बताया कि उनकी 22 वर्षीय बेटी महक पिछले तीन साल से करैरा निवासी पुष्पेंद्र चौहान के साथ इंदौर में लिव-इन रिलेशनशिप में थी। दोनों की तीन माह की एक बच्ची आरोही भी है। पुष्पेंद्र द्वारा परेशान किए जाने के कारण महक कुछ समय से अपनी बच्ची के साथ वापस शिवपुरी आकर माता-पिता के साथ रह रही थी। हॉकी और डंडे लेकर घर में घुसानीलम गुहारिया ने आरोप लगाया कि 8 मई की रात करीब 8:35 बजे पुष्पेंद्र अपने साथियों के साथ हथियार, हॉकी और डंडे लेकर उनके घर में घुस आया। आरोपियों ने परिवार के सदस्यों के साथ गाली-गलौज और जातिसूचक अभद्रता करते हुए जमकर मारपीट की। इस दौरान आरोपियों ने घर में मौजूद बच्ची को भी धक्का दिया, जिससे नीलम और उनके पति तृप्तेश घायल हो गए। सफेद रंग की वैगनआर कार में बैठाकर ले गएमारपीट के बाद आरोपी महक और तीन माह की बच्ची आरोही को जबरन एक सफेद रंग की वैगनआर कार में बैठाकर ले गए। उन्होंने परिजनों को पीछा करने पर जान से मारने की धमकी भी दी है। यह पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई है। कोतवाली पुलिस ने पुष्पेंद्र और उसके साथियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
एसपी यांगचेन डोलकर भुटिया ने किया औचक निरीक्षण:पदभार ग्रहण के बाद चार थानों की व्यवस्थाएं परखीं
शिवपुरी की नई पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भुटिया ने पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद जिला मुख्यालय के चार प्रमुख थानों का औचक निरीक्षण किया। इनमें कोतवाली, देहात, फिजिकल और महिला थाना शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान, एसपी भुटिया ने थानों में चल रही कार्यवाहियों की जानकारी ली। उन्होंने परिसर, हवालात, रिकॉर्ड रूम और आर्म्स रूम का बारीकी से जायजा लिया और अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान, उन्होंने थानों पर पहुंचे आवेदकों से सीधे संवाद किया। उनकी समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों पर तत्काल उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ने कानून व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने क्षेत्र के अपराधियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। एसपी ने यह भी कहा कि आमजन की शिकायतों का त्वरित निराकरण और पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता उनकी प्राथमिकता रहेगी।
रिछन नदी में अवैध उत्खनन, भू-माफिया सक्रिय:नदी की धारा मोड़ी, प्रशासन पहुंचने से पहले आरोपी फरार
रायसेन जिला मुख्यालय की रिछन नदी में रात के समय बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन किया जा रहा है। भू-माफिया सक्रिय होकर कोपरा, मुरम और मिट्टी का अवैध खनन कर शासन को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा रहे हैं। शहर के वार्ड 14, राहुल नगर क्षेत्र में भू-माफियाओं ने रिछन नदी की प्राकृतिक धारा तक मोड़ दी है। आरोप है कि यहां से सैकड़ों डंपर मिट्टी और मुरम का अवैध उत्खनन कर बेचा जा चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात होते ही पोकलेन मशीनें, डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी क्षेत्र में उतर जाते हैं और पूरी रात अवैध खुदाई का काम चलता रहता है। मौके पर जेसीबी और डंपर का वीडियो भी सामने आया है जिससे प्रमाणित होता है कि यहां रात के समय अवैध उत्खनन किया जा रहा था। लोगों ने एसडीएम मनीष शर्मा को अवैध उत्खनन की सूचना दी। इसके बाद प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा, लेकिन कार्रवाई से पहले ही भू-माफियाओं को भनक लग गई। आरोपी पोकलेन मशीन, डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर मौके से फरार हो गए। प्रशासनिक टीम के पहुंचने से पहले ही माफिया वहां से भाग चुके थे। तहसीलदार भरत माण्डले का कहना है कि पटवारी और खनिज विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन तब तक आरोपी भाग चुके थे।आगे की कार्रवाई खनिज विभाग द्वारा की जा रही है।
मैहर जिले के मुकुंदपुर वन परिक्षेत्र के गोरा गांव में अवैध तेंदूपत्ता तोड़ाई का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर वन विभाग ने शुक्रवार शाम कार्रवाई की। वन मंडल अधिकारी सतना मयंक चादीवाल के निर्देश पर उड़नदस्ता टीम मौके पर पहुंची और तेंदूपत्ता तोड़ रहे लोगों को रोक दिया। नियमों के उल्लंघन पर दी चेतावनी वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बिना अनुमति तेंदूपत्ता तोड़ना वन नियमों का उल्लंघन है। मौके पर मौजूद लोगों को सख्त समझाइश दी गई और भविष्य में दोबारा ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। टीम ने की गश्त और जागरूकता कार्रवाई के दौरान टीम ने क्षेत्र में गश्त भी की और ग्रामीणों को वन संपदा के संरक्षण के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने लोगों से नियमों का पालन करने की अपील की। आगे भी अभियान जारी रहेगा वन विभाग ने कहा कि सतना और मैहर वन मंडल क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा। वन संपदा की सुरक्षा के लिए सख्त निगरानी रखी जा रही है। इस कार्रवाई में उड़नदस्ता टीम के सदस्य नरेंद्र पयासी, वनपाल मुकेश पांडे, वनरक्षक ब्रजलाल वर्मा, दिलीप निगम और वाहन चालक संजय प्रजापति शामिल रहे।
महिलाओं में बढ़ती पेशाब संबंधी समस्याओं (यूरोगायनेकोलॉजी) और जटिल ऑपरेशनों को लेकर अब नई तकनीकें वरदान साबित हो रही हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के जच्चा-बच्चा अस्पताल में शुक्रवार को आयोजित एक खास लाइव सर्जिकल वर्कशॉप में देश के नामचीन सर्जन्स ने आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया। इस दौरान डॉक्टरों को बताया गया कि कैसे बिना बड़े चीरे और जटिलताओं के पेचीदा ऑपरेशन सफल किए जा सकते हैं। लाइव सर्जरी से सीखीं बारीकियां वर्कशॉप में कटक से आए मशहूर विशेषज्ञ डॉ. हारा पटनायक और अहमदाबाद के डॉ. विनीत मिश्रा ने ऑपरेशन थिएटर से सीधे सर्जरी का प्रदर्शन किया। डॉक्टरों ने बताया कि महिलाओं में उम्र के साथ होने वाली 'स्ट्रेस यूरिनरी इनकंटीनेंस' (हंसते या खांसते समय पेशाब का निकल जाना) जैसी समस्याओं के लिए अब TVT और TOT जैसी एडवांस तकनीकें उपलब्ध हैं। इन प्रक्रियाओं में मरीज को रिकवरी बहुत जल्दी होती है और अस्पताल में ज्यादा दिन रुकने की जरूरत नहीं पड़ती। बिना टांके के निकाले गए गर्भाशय सर्जरी के दौरान 'Sutureless NDVH' यानी बिना टांके और बिना चीरे के गर्भाशय निकालने की विधि आकर्षण का केंद्र रही। इसके साथ ही 'रेलरोड वेजिनोप्लास्टी' और 'सेक्रो-हिस्टेरोपेक्सी' जैसी जटिल प्रक्रियाओं को भी लाइव दिखाया गया। डॉक्टरों का कहना है कि इन नई तकनीकों के आने से सर्जरी के दौरान होने वाले रक्तस्राव और संक्रमण का खतरा काफी कम हो गया है। 150 से ज्यादा डॉक्टरों ने ली ट्रेनिंग इस कार्यशाला में केवल कानपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लगभग 150 सीनियर डॉक्टरों और रेजिडेंट्स ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने लेक्चर के माध्यम से यह भी समझाया कि कैसे पुरानी पद्धतियों की जगह अब नई मशीनें और धागे (सूटर्स) ऑपरेशनों को और भी सुरक्षित बना रहे हैं। जूनियर डॉक्टरों के लिए यह एक बड़ा मौका था, जहाँ उन्होंने देश के बड़े विशेषज्ञों से सीधे सवाल-जवाब कर अपनी जिज्ञासाएं शांत कीं। इनकी रही मुख्य भूमिकामेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय कला और डॉ. रिचा गिरी ने इस आयोजन को चिकित्सा जगत के लिए मील का पत्थर बताया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. किरण पाण्डेय, डॉ. रेनू गुप्ता, डॉ. शैली अग्रवाल, डॉ. दिव्या त्रिपाठी और डॉ. पविका लाल का विशेष सहयोग रहा। वहीं, नेशनल लेवल की संस्था IMS की ओर से डॉ. सुधा शर्मा और डॉ. अंजुला सहाय ने भी इन तकनीकों को मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी बताया।
कोटा में सीजेरियन डिलीवरी के बाद बिगड़ी तबियत और 2 प्रसूताओं की मौत के बाद ड्रग डिपार्टमेंट ने उन दवाईयों के उपयोग पर रोक लगा दी है, जिनका उपयोग वहां हुआ था। ड्रग कंट्रोल डिपार्टमेंट ने कोटा मेडिकल कॉलेज से गायनी वार्ड में (ऑपरेशन के बाद) उपयोग होने वाली 24 तरह की दवाईयों, उपकरणों के उपयोग पर रोक लगाई है। ड्रग कंट्रोलर अजय फाटक ने अलग-अलग पत्र लिखकर राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन लि. (RMSCL), प्रदेश के तमाम दवाई विक्रेताओं (रिटेलर और हॉलसेलर) को आगाह किया है कि वे इन दवाइ्रयों की सप्लाई आगामी आदेशों तक न करें। इनमें 15 ऐसी दवाईयां है, जो RMSCL की तरफ से मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना के तहत कोटा मेडिकल कॉलेज को सप्लाई की है। इसमें आईवी सेट (ग्लूकोस लगाने वाले), सिरिंज, ग्लूकोस की बोतल और कई तरह के इंजेक्शन है। स्थानीय 9 तरह की दवाईयां खरीदी गई इन 15 दवाईयों और उपकरण के अलावा कोटा मेडिकल कॉलेज के वार्ड में 9 तरह की अन्य दवाईयां (इंजेक्शन, ग्लूकोस बोतल, आईवी सेट-कैथेटर) भी उपयोग में ली गई। ये सभी दवाईयां मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर खरीद करके मरीजों में उपयोग की है। इन सभी की जांच रिपोर्ट आने तक उपयोग पर रोक ड्रग कंट्रोलर ने इन सभी दवाईयों के उपयोग, बेचान और सप्लाई पर आगामी जांच रिपोर्ट आने तक रोक लगाई है। ड्रग कंट्रोलर ने 15 दवाईयों की लिस्ट जारी करते हुए RMSCL के कार्यकारी निदेशक को पत्र लिखकर लिस्टेड दवाईयों की सप्लाई को अन्य दूसरे सरकारी हॉस्पिटल या मेडिकल कॉलेजों में न करने के निर्देश दिए है। साथ ही बाजार में तमाम मेडिकल स्टोर, हॉलसेलर्स को भी उन 9 दवाईयों की लिस्ट सार्वजनिक करके बेचान करने से रोका है, जिनके सैंपल जांच के लिए उठाए गए है।
अलवर शहर में नमन होटल के सामने शुक्रवार देर शाम को टैंकर ने बाइक को टक्कर मार दी। जिससे बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई। दूसरा गंभीर घायल है। पुलिस ने टैंकर के ड्राइवर को अरेस्ट कर लिया। शनिवार सुबह मृतक का पोस्टमार्टम किया गया। एनईबी थानाधिकारी दिनेश चंद ने बताया कि अलवर के निकट सैंथली गांव के निवासी टाइल्स लगाने के कारीगर फतेह सिंह (40) और मनीष भूगोर बाइपास से निकले थे। आगे 200 फीट रोड पर तेज रफ्तार में आ रहे टैंकर ने उनको टक्कर दी। दोनों को तुरंत जिला अस्पताल लेकर गए। लेकिन फतेह सिंह ने दम तोड़ दिया। वहीं मनीष का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। थानाधिकारी दिनेश मीणा ने बताया कि टैंकर को जब्त कर लिया है और ड्राइवर को भी डिटेन कर लिया है। वहीं आसपास के दुकानदारों का कहना है कि यहां लाल बत्ती लगने के बाद वाहन चालक तेज रफ्तार से निकलते हैं। ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी लगाने की जरूरत है। ताकि एक्सीडेंट कम हो सकें।
हरियाणा के पंचकूला में एक व्यक्ति द्वारा बर्फ की सिल्ली पर पेशाब करके उसकी बिक्री करने का मामला सामने आया है। कुछ लोगों ने इसकी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाली दी, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आ गया। वीडियो सामने आने के बाद हिंदू संगठन के लोगों ने सामूहिक तौर पर पुलिस को शिकायत सौंपी, जिस आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। साथ ही मौके पर पहुंच कर सैंपल भी लिए गए है। पता चला है कि यह व्यक्ति कई साल से बर्फ बेचने का काम करता आ रहा है। आरोप है कि इसने अपना नाम हिंदू रखा हुआ है, लेकिन असल में वह मुस्लिम है। उधर, डेढ़ मिनट के इस वीडियो पर लोगों ने तरह-तरह के कमेंट किए है। ज्यादातर का कहना है कि इस प्रकार का कृत्य न केवल जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि समाज की भावनाओं को आहत करने वाला और नैतिक रुप से भी निंदनीय है। बर्फ पर पेशाब करते व्यक्ति के कुछ PHOTOS… डेढ मिनट के वीडियो में क्या दिख रहा… पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की…. बुजुर्ग बोला : नाड़ा टाइट कर रहा थाजिस बुजुर्ग का VIDEO वायरल हुआ है, उसने बताया कि वह पेशाब नहीं कर रहा था। वह तो नाड़ा टाइट कर रहा था। उनके धर्म में मान्यता है कि अगर नाड़ा भी छू लिया तो हाथ धोने पड़ते हैं। इसलिए ही उसने हाथ धोए थे। कुछ लोग बेवजह मामले को तूल दे रहे हैं। किसी का भावनाएं आहत करने का उनका कोई मकसद नहीं है। वे व्यापार कर परिवार का गुजारा कर रहे हैं। इस तरह की नापाक हरकत वे नहीं कर सकते।
वल्लभनगर में विशेष सफाई अभियान जारी:रात में सफाई से आमजन और व्यापारियों को राहत
क्षेत्र में नगर पालिका द्वारा कस्बे को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत सफाईकर्मी दिन-रात लगातार कार्य में जुटे हैं, जिससे आमजन और व्यापारियों को काफी राहत मिल रही है। नगर पालिका की टीमें मुख्य बाजारों, सार्वजनिक स्थलों, बस स्टैंड, गलियों और प्रमुख सड़कों पर सफाई कर रही हैं। रात्रि के समय सड़क सफाई, कचरा संग्रहण, नालियों की सफाई और गंदगी हटाने का कार्य किया जा रहा है। इसका लक्ष्य पूरे कस्बे को क्लीन एंड ग्रीन वल्लभनगर बनाना है। रात में सफाई होने से दिन के समय बाजारों में भीड़भाड़ और अव्यवस्था कम देखने को मिल रही है। नगर पालिका प्रशासन ने बताया कि सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विशेष निगरानी की जा रही है, ताकि कस्बे में कहीं भी गंदगी न रहे। सफाईकर्मियों के प्रयासों से वल्लभनगर की तस्वीर बदलती दिख रही है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने इस अभियान की सराहना की है। उनका कहना है कि रात में सफाई होने से दिन में बाजारों में आवागमन प्रभावित नहीं होता और लोगों को स्वच्छ वातावरण मिल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नियमित सफाई से वल्लभनगर जल्द ही एक स्वच्छ और आदर्श कस्बे के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। वल्लभनगर के अधिशासी अधिकारी सुनील चौहान ने बताया कि नगर पालिका का उद्देश्य कस्बे को स्वच्छ रखने के साथ-साथ लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे कचरा निर्धारित स्थानों पर ही डालें और इस सफाई अभियान में सहयोग करें, ताकि वल्लभनगर को साफ-सुथरा और सुंदर बनाया जा सके।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से कानपुर जिले के 26 केंद्रों पर पीजीटी भर्ती परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। दो दिन आयोजित होने वाली परीक्षा के पहले दिन शनिवार को पहली पाली के लिए अभ्यर्थियों को सुबह करीब 7.30 बजे से प्रवेश दिया जाने लगा। कल्याणपुर स्थित जवाहर लाल नेहरु इंटर कालेज में अभ्यर्थियों के जूते व मोजे उतरवार तलाशी ली गई। सुबह से ही आने लगे परीक्षार्थी परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही परीक्षार्थियों के आने का सिलसिला शुरु हो गया। कई अलग अलग स्तर पर सघन चेकिंग तलाशी के बाद परीक्षार्थियों को प्रवेश मिला। परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षार्थी अपने अपने विषय को पढ़ते नजर आए। पहली पाली की परीक्षा 11.30 बजे खत्म होगी। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2.30 बजे से शुरु होगी, जिसके करीब एक घंटे पहले अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जाने लगेगा। कल भी होगा परीक्षा का आयोजन दो दिन तक होने वाली परीक्षा के पहले दिन शनिवार को 22253 व दूसरे दिन रविवार को जिले में 18825 परीक्षार्थी अपनी किस्मत को आजमाएंगे। परीक्षा केंद्रों पर ड्यूटी स्टाफ के साथ साथ पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल मौजूद रहा। बताते चलें कि दोनों दिन दो-दो पालियों में परीक्षा होगी। परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां कर ली हैं।
किशनगंज शहर के रेलवे स्टेशन स्थित प्लेटफॉर्म नंबर एक पर शुक्रवार को एक अज्ञात वृद्ध महिला का शव मिला। शव प्लेटफॉर्म के पोल संख्या दो के समीप पड़ा मिला। मृत महिला की उम्र लगभग 65 वर्ष बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद महिला की पहचान नहीं हो सकी। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह महिला पिछले कई दिनों से रेलवे स्टेशन परिसर में रहकर भीख मांगकर अपना जीवन यापन कर रही थी। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही थी और उसने खाना-पीना भी लगभग बंद कर दिया था। लोगों ने आशंका जताई है कि बीमारी के कारण ही उसकी मौत हुई होगी। शव की पहचान में जुटी पुलिस घटना की जानकारी मिलने के बाद रेल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव को पहचान के लिए अगले 72 घंटे तक सुरक्षित रखा गया है। रेल थाना पुलिस का कहना है कि महिला की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। स्टेशन परिसर और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। इस घटना के बाद स्टेशन पर मौजूद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं।
इंदौर पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। लसूड़िया थाने के बाद अब बाणगंगा थाना पुलिस पर एक 64 वर्षीय बुजुर्ग को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और अनुचित दबाव बनाने के आरोप लगे हैं। मामले में बाणगंगा क्षेत्र निवासी जसराज मेहता ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में याचिका दायर की है। बाणगंगा क्षेत्र के रहने वाले पेशे से किसान 64 वर्षीय जसराज मेहता का आरोप है कि पुराने जमीन विवाद के नाम पर पुलिस लगातार उन्हें थाने बुलाकर समझौता करने और पैसे लौटाने का दबाव बना रही है। उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से पुलिस कमिश्नर और डीसीपी जोन-3 को नोटिस भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। फरियादी के मुताबिक कुछ लोगों ने उनके खिलाफ अवैध कॉलोनाइजेशन की झूठी शिकायत की है, जबकि बाणगंगा क्षेत्र में उनके नाम कोई जमीन ही नहीं है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने कई बार बयान के लिए बुलाया, लेकिन तीन बार थाने पहुंचने के बावजूद उनका बयान दर्ज नहीं किया गया। आरोप है कि इस दौरान उन पर मानसिक दबाव बनाया गया और शिकायत की कॉपी तक उपलब्ध नहीं कराई गई। वहीं थाना बाणगंगा के कुछ पुलिसकर्मियों पर भी पक्षपात करने के आरोप लगाए गए हैं। बेटी के प्लॉट पर कब्जे का आरोप जसराज मेहता ने दावा किया कि उनकी बेटी के प्लॉट पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। इस मामले में भी वे अलग से कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में हैं। नोटिस में कुछ लोगों और थाना बाणगंगा के पुलिसकर्मियों पर मिलीभगत और पक्षपात के आरोप लगाए गए हैं। वकील की ओर से भेजे गए नोटिस में मांग की गई है कि पूरे मामले की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी जाए। लेकिन पुलिस की और से जब कोई उचित कार्यवाई नहीं हुई तो फरियादी ने कोर्ट की शरण ली है। समझौता करो और पैसे लौटाओ याचिका में कहा गया है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने 15 से 20 साल पुराने कथित प्लॉट बिक्री मामले में शिकायत की थी, जबकि फरियादी का कहना है कि उन्होंने कभी कोई प्लॉट बेचा ही नहीं। इसके बावजूद पुलिस लगातार उन्हें थाने बुलाती रही। याचिका के अनुसार 2 अप्रैल 2026 को थाना पहुंचने पर यह कहकर बयान नहीं लिया गया कि थाना प्रभारी छुट्टी पर हैं। बाद में समय मांगने का आवेदन लिखवाया गया। इसके बाद 19 अप्रैल को फिर बुलाया गया, लेकिन तब भी बयान दर्ज नहीं किया गया। फरियादी का आरोप है कि बयान दर्ज करने के बजाय पुलिस समझौता करने और पैसे लौटाने का दबाव बना रही थी। उनका यह भी आरोप है कि पुलिस कुछ लोगों का पक्ष लेकर काम कर रही है। आधी रात घर पहुंचे पुलिसकर्मी सबसे गंभीर आरोप 20 अप्रैल की रात का है। जसराज मेहता के मुताबिक रात करीब 12 बजे आठ पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और कहा कि उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है तथा उन्हें गिरफ्तार करने आए हैं, जबकि उस समय तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड है। फरियादी ने बताया कि वे बुजुर्ग हैं और कई बीमारियों से जूझ रहे हैं, इसके बावजूद पुलिस लगातार मानसिक दबाव बना रही है। उन्होंने पुलिस आयुक्त और डीसीपी को भी शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिवक्ता बोले- लगातार रात में पहुंच रही थी पुलिस अधिवक्ता अजय मिश्रा ने बताया कि उनका पक्षकार स्वयं बयान देने थाने जा रहा था, लेकिन थाना प्रभारी सियाराम गुर्जर द्वारा पुलिसकर्मियों को भेजकर उसे डराने का प्रयास किया गया। उन्होंने दावा किया कि उनके पास लगातार तीन दिनों के सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं, जिनमें पुलिसकर्मी रात 1 बजे से 2 बजे के बीच घर के बाहर आते-जाते दिखाई दे रहे हैं। तस्वीरों में देखें पुलिस फरियादी के घर पहुंची ये खबर भी पढ़ें… पुलिस ने तस्करों को फाइव स्टार होटल में बंधक बनाया इंदौर के विजय नगर थाने के चार पुलिसवालों ने वर्दी को वसूली का हथियार बना लिया। आगर मालवा के बड़ौद से एक ड्रग तस्कर को उठाकर लाए, उसे थाने ले जाने के बजाय शहर के एक आलीशान 5-स्टार होटल में दो दिन तक बंधक बनाकर रखा और 5 लाख रुपए की वसूली की। पढ़ें पूरी खबर…
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की प्रवक्ता संवर्ग भर्ती परीक्षा 9 और 10 मई को लखनऊ सहित 17 शहरों के 319 सेंटरों में आयोजित की जा रही है। 624 पदों के लिए कराई जा रही भर्ती परीक्षा में 4.64 लाख अभ्यर्थी हिस्सा ले रहे हैं। 9 मई शनिवार को लखनऊ मंडल के 10 सेंटर पर OMR शीट परीक्षा के तुरंत बाद चेक होगी। लखनऊ के परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थी सुबह ही पहुंचने लगे थे। 9:30 बजे से शुरू होने वाली परीक्षा में 8:45 से ही सेंटरों के गेट बंद कर दिए गए। इस दौरान जो भी अभ्यर्थी मिनटभर भी लेट हुए, उन्हें एंट्री नहीं दी गई। चारबाग स्थित केकेसी कॉलेज 8:51 बजे पहुंचे 4 अभ्यर्थी पहुंचे लेकिन गेट बंद मिला, जिससे उनकी एंट्री नहीं हो सकी। 2 तस्वीरें देखिए- OMR शीट तुरंत स्कैन क्यों? आयोग ने इस बार परीक्षा की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए OMR शीट की स्कैनिंग का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। स्कैनिंग के दौरान अभ्यर्थी और कक्ष निरीक्षक मौजूद रहेंगे। स्कैन डाटा सुरक्षित किया जाएगा। बाद में जरूरत पड़ने पर मूल OMR से मिलान किया जा सकेगा। आयोग अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों को AI आधारित CCTV कैमरों से लैस किया गया है। इन कैमरों को जिला कंट्रोल रूम और प्रयागराज स्थित इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से जोड़ा गया है। सभी केंद्रों की कनेक्टिविटी का परीक्षण भी पूरा कर लिया गया है। परीक्षा के पल-पल अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
कन्नौज में एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण शुरू:डडौना गांव में 10 किसानों ने यूपीडा को जमीन बेची
कन्नौज में फर्रुखाबाद प्रवेश नियंत्रित (ग्रीन फील्ड) लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना के तहत तहसील छिबरामऊ स्थित ग्राम डडौना में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान करीब 10 किसानों ने अपनी भूमि यूपीडा के पक्ष में बैनामा कर दी। बिजनौरा गांव निवासी रामसनेही और नरेंद्र सिंह पुत्रगण सुखु ने अपनी प्रभावित कृषि भूमि का बैनामा यूपीडा (UPEIDA) के पक्ष में किया। प्रशासन ने दोनों कृषकों की इस पहल और विकास कार्यों में सहयोग के लिए उन्हें सम्मानित भी किया। अधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि किसानों के सहयोग से ही जनहित एवं विकास की बड़ी परियोजनाएं समय पर पूरी हो पाती हैं। इस अवसर पर तिर्वा विधायक कैलाश सिंह राजपूत डडौना गांव पहुंचे और प्रभावित कृषकों से संवाद किया। उन्होंने किसानों को परियोजना के महत्व, क्षेत्रीय विकास, बेहतर यातायात सुविधा और भविष्य में रोजगार एवं निवेश की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विधायक ने जोर देकर कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी। विधायक और प्रशासन के साथ हुए सकारात्मक संवाद के बाद 10 से अधिक किसानों ने अपनी भूमि का बैनामा कराने की सहमति प्रदान की और सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर भी किए। किसानों ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के प्रयासों पर विश्वास जताते हुए विकास कार्यों में पूर्ण सहयोग देने की बात कही।
टीकमगढ़ जिले में शुक्रवार रात मौसम अचानक बदल गया। दिनभर तेज धूप रहने के बाद देर रात गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश हुई। करीब एक घंटे तक तेज हवा और बारिश का दौर चला। कई इलाकों में हुई बारिश भू-अभिलेख कार्यालय के अनुसार, टीकमगढ़ तहसील के साथ बड़ागांव, जतारा, मोहनगढ़ और बल्देवगढ़ में भी बारिश दर्ज की गई। अलग-अलग क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। दिन में धूप तेज रहने के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। गुरुवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस था, जो शुक्रवार को बढ़कर 37.5 डिग्री सेल्सियस हो गया। आंधी से कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रात में आए तेज आंधी-तूफान के कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कुछ समय तक अंधेरा रहा। बाद में देर रात बिजली बहाल कर दी गई। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को सुबह से शाम तक मौसम साफ और धूप वाला रह सकता है। अधिकतम तापमान 38 से 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। तापमान में बढ़ोतरी का अनुमान हवा की रफ्तार लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है और नमी करीब 34 प्रतिशत रह सकती है। शाम के समय फिर मौसम में बदलाव की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में दिन और रात के तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है।
बलरामपुर जिले में पेराई सत्र 2026-27 के लिए पारदर्शी गन्ना सर्वेक्षण अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। विभिन्न विकासखंड क्षेत्रों में किसानों की उपस्थिति में गन्ना सर्वेक्षण और सत्यापन का कार्य लगातार कराया जा रहा है। इसके साथ ही किसानों को तकनीकी जानकारी देकर जागरूक भी किया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम पंचायत गजह्नवा मजरा भरहा रतोहा और सुदर्शनजोत मजरा नारायणपुर दयालीडीह में अधिकारियों की मौजूदगी में सर्वेक्षण कार्य संपन्न हुआ। अभियान के तहत पेड़ी गन्ना किसान अनिता पत्नी दुखहरण के गन्ना क्षेत्र का सत्यापन भी अधिकारियों और किसानों की उपस्थिति में किया गया। किसानों को दी गई सर्वे प्रक्रिया की जानकारी अभियान के दौरान किसानों के साथ बैठकें आयोजित कर उन्हें गन्ना सर्वेक्षण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे अपनी उपस्थिति में ही सर्वेक्षण कार्य कराएं, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, शुद्ध और निष्पक्ष तरीके से पूरी हो सके। बेहतर उत्पादन के लिए दिए कृषि सुझाव विशेषज्ञों ने किसानों को गन्ना फसल की अच्छी वृद्धि और अधिक उत्पादन के लिए जरूरी कृषि तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पेड़ी और पौधा गन्ना फसल में उचित नमी होने पर यूरिया की टॉप ड्रेसिंग अवश्य करनी चाहिए, जिससे गन्ने में कल्लों का फुटाव बेहतर होता है और फसल का विकास सही ढंग से होता है। अभियान में मौजूद रहे अधिकारी और किसान इस दौरान ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक तुलसीपुर, सचिव सहकारी गन्ना विकास समिति लिमिटेड तुलसीपुर, प्रबंधक (गन्ना) राजेश कुमार चौधरी, बिजनेस सिंह सीडीओ, सर्वे कर्मी नवनीत सिंह, चीनी मिल तुलसीपुर तथा किशोर यादव सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
बुलंदशहर में युवती को पेट्रोल डालकर जलाने के गंभीर मामले में फरार चल रहा 25 हजार रुपये का इनामी आरोपी विवेक बुधवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही थी। यह घटना करीब डेढ़ सप्ताह पहले अहमदगढ़ क्षेत्र के सालवानपुर गांव में हुई थी। आरोप है कि शिकारपुर निवासी एक युवती को उसके प्रेमी और उसके परिवार के सदस्यों ने पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया था। गंभीर रूप से झुलसी युवती को इलाज के लिए दिल्ली ले जाया गया था, जहां मंगलवार को उसकी मौत हो गई। पिता की शिकायत पर दर्ज हुआ था केस मृतका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने मुख्य आरोपी आशीष, उसके भाई विवेक और परिवार की दो महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी आशीष को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि विवेक घटना के बाद से फरार चल रहा था। इनामी आरोपी ने किया सरेंडर फरार विवेक पर एसएसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। लगातार दबिश के बीच उसने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। एसपी देहात अंतरिक्ष जैन ने बताया कि विवेक ने कोर्ट में सरेंडर किया है। मामले में अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दबिश जारी है।
90KM/H की स्पीड से डंपर में टकराई बाइक:किशनगंज में 2 भाइयों की मौत, काम से जा रहे थे बाजार
किशनगंज में शुक्रवार देर रात तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर डंपर से जा टकराई। हादसे में दो सगे भाइयों की मौके पर मौत हो गई। घटना बहादुरगंज थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 327 ई पर अजीम नेशनल स्कूल के पास हुई। मृतकों की पहचान सकोर वार्ड नंबर 3 निवासी मुंतज़िर आलम(35) और दानिश आलम(36) के रूप में हुई है। वे दोनों सगे भाई थे और उनके पिता का नाम अमीनुद्दीन है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दोनों भाई किसी काम से बाइक पर जा रहे थे। हादसे के समय बाइक की रफ्तार करीब 90 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जा रही है। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए। वाहनों की लापरवाही को लेकर लोगों में नाराजगी सूचना मिलते ही बहादुरगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और मामले की जांच में जुट गई है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही को लेकर नाराजगी देखी गई। उन्होंने प्रशासन से नेशनल हाईवे पर ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फर्रुखाबाद में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और कासगंज सीआईबी की संयुक्त टीम ने रेलवे के आरक्षित ई-टिकटों के अवैध कारोबार का खुलासा करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से करीब 20 हजार रुपये मूल्य के 10 ई-टिकट बरामद किए गए हैं। आरपीएफ थाने के निरीक्षक ओपी मीणा और सीआईबी कासगंज के सुभाष चंद्र के नेतृत्व में टीम ने शुक्रवार शाम करीब साढ़े चार बजे कमालगंज के नगला दाउद स्थित मोहम्मद समी के घर छापा मारा। तलाशी के दौरान उसके मोबाइल फोन से आरक्षित ई-टिकट बरामद हुए। 20 हजार रुपये से अधिक के टिकट मिले जांच में आरोपी के पास से 20,020 रुपये 75 पैसे मूल्य के कुल 10 ई-टिकट मिले। इनमें 17,753 रुपये 90 पैसे मूल्य के सात टिकटों की यात्रा पूरी हो चुकी थी, जबकि 2,266 रुपये 75 पैसे मूल्य के तीन टिकटों पर यात्रा शेष थी। आईआरसीटीसी आईडी से बनाता था टिकट आरपीएफ इंस्पेक्टर ओपी मीणा ने बताया कि आरोपी मोहम्मद समी आईआरसीटीसी की व्यक्तिगत यूजर आईडी का इस्तेमाल कर ग्राहकों की मांग के अनुसार तत्काल, प्रीमियम तत्काल और सामान्य श्रेणी के रेल आरक्षित ई-टिकट बनाता था। 100 से 200 रुपये अतिरिक्त लेकर बेचता था टिकट पुलिस के अनुसार आरोपी टिकट बनाने के बदले ग्राहकों से 100 से 200 रुपये अतिरिक्त वसूलता था। अवैध कारोबार में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है। आरपीएफ ने आरोपी मोहम्मद समी के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
बाड़मेर जिले के शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी गिरल लिग्लाइट माइंस में श्रमिकों और ग्रामीणों के साथ डटे जुए है। भाटी ने चौथी रात धरना स्थल पर गुजारते हुए पांचवें दिन भी धरने पर बैठे है। वहीं ग्रामीणों का धरना 30 वें दिन भी जारी है। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कहा- गिरल माइंस में कार्यरत स्थानीय मजदूरों और ड्राइवरों के साथ लंबे समय से अन्याय हो रहा है। इलाके के युवाओं को रोजगार देने के बजाय उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है, जो किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा। भाटी ने कहा - जिन 100 से अधिक ड्राइवरों और श्रमिकों को कंपनी ने बाहर निकाला है, उन्हें दुबारा कार्य पर लेना होगा। साथ ही श्रमिकों से 12-12 घंटे कार्य करवाने की व्यवस्था को समाप्त कर केवल 8 घंटे की ड्यूटी लागू करनी होगी। उन्होंने कहा कि मजदूरों को उनका अधिकार दिलाने के लिए यह संघर्ष अंतिम परिणाम तक जारी रहेगा। उन्होंने कंपनी प्रबंधन और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द सकारात्मक समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन को और बड़े स्तर तक ले जाया जाएगा।विधायक भाटी ने आरोप लगाया कि कंपनी ने सरकार से नीम और शीशम जैसे उपयोगी वृक्ष लगाने के नाम पर धनराशि ली, लेकिन मौके पर अंग्रेज़ी बबूल के पेड़ पाए गए, जिन्हें पर्यावरण के लिए हानिकारक माना जाता है। इस मामले को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर भी चर्चा तेज हो गई है। कंपनी प्रतिनिधियों के आश्वासन के बावजूद आंदोलन जारी धरने के तीसरे दिन R.S.M.M. का एक प्रतिनिधिमंडल आंदोलनरत ग्रामीणों से मिलने पहुंचा था। उन्होंने ग्रामीणों की मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया था। हालांकि अब तक किसी ठोस निर्णय या लिखित सहमति के अभाव में आंदोलन जारी है।धरनास्थल पर मौजूद श्रमिकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। आंदोलनकारियों ने कहा कि यह लड़ाई उनके रोजगार, परिवार और सम्मान की है।ये हैं आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें- निकाले गए 100 से अधिक ड्राइवरों और श्रमिकों की दुबारा बहाल किया जाए - सभी श्रमिकों के लिए केवल 8 घंटे की ड्यूटी लागू करना - स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देना - श्रमिकों को उच्च कुशल वर्ग के अनुसार वेतन देना - बोनस एक्ट 1965 के अनुसार बोनस उपलब्ध करवाना - श्रमिकों के लिए आईडी कार्ड, वेतन स्लिप, गेट पास एवं अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करना
छत्तीसगढ़ के बालोद में तेज रफ्तार कार और बाइक की टक्कर में 3 दोस्तों की मौत हो गई है। हादसे में एक का पैर कटकर अलग हो गया, दूसरे का हाथ कटा और तीसरे का पैर टूट गया है। बाइक सवार तीनों युवक के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए। कार और बाइक के भी परखच्चे उड़ गए। मृतकों की पहचान सिर्राभाठा निवासी तरुण यादव (20), राहुल सेवता (20) और नरेंद्र भुआर्या (21) निवासी मुड़खुसरा के रूप में हुई है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घटना डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के खैरीडीह गांव की है। देखिए तस्वीरें… जानिए क्या है पूरा मामला जानकारी के अनुसार, शुक्रवार करीब 10 बजे तीनों दोस्त तरुण, राहुल और नरेंद्र किसी काम से डौंडी लोहारा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान डौंडी लोहारा से राजनांदगांव की तरफ जा रही तेज रफ्तार कार से उनकी बाइक की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। एक युवक का हाथ और दूसरे का पैर कटकर अलग हो गया। जबकि तीसरे युवक का पैर टूट गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, एम्बुलेंस की मदद से तीनों को अस्पताल पहुंचाया। जिस युवक का पैर कटा था, वो घटना स्थल पर तड़पते मिला, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने तीनों शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच में जुट गई है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव सौंपा जाएगा- टीआई डौंडीलोहारा टीआई सुनील तिर्की ने बताया कि, तेज रफ्तार और लापरवाही से यह हादसा हुआ है। युवक डौंडीलोहारा आ रहे थे। कार सवार दल्लीराजहरा से वापस राजनांदगांव लौट रहे थे। अभी कानूनी प्रक्रिया जारी है। थोड़े देर में पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। इसके बाद परिजनों को शव सौंप दिया जाएगा। नशे में थे या नहीं, यह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। ……………………….. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… छत्तीसगढ़ में 2 कारें भिड़ीं, कॉन्स्टेबल का परिवार खत्म,6 मौतें:पत्नी, दामाद, बहन और भांजे समेत 6 की जान गई, शादी से लौट रहे थे छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में भीषण सड़क हादसे में कॉन्स्टेबल मुनेंद्र नेताम के परिवार के चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। हादसा नेशनल हाईवे-30 पर कोतवाली थाना क्षेत्र में दो कारों की आमने-सामने टक्कर से हुआ। पढ़ें पूरी खबर…
छत्तीसगढ़ के बालोद में तेज रफ्तार कार और बाइक की टक्कर में 3 दोस्तों की मौत हो गई है। हादसे में एक का पैर कटकर अलग हो गया, दूसरे का हाथ कटा और तीसरे का पैर टूट गया है। बाइक सवार तीनों युवक के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए। कार और बाइक के भी परखच्चे उड़ गए। मृतकों की पहचान सिर्राभाठा निवासी तरुण यादव (20), राहुल सेवता (20) और नरेंद्र भुआर्या (21) के रूप में हुई है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। घटना डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के खैरीडीह गांव की है। देखिए तस्वीरें… जानिए क्या है पूरा मामला जानकारी के अनुसार, शुक्रवार करीब 10 बजे तीनों दोस्त तरुण, राहुल और नरेंद्र किसी काम से डौंडी लोहारा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान डौंडी लोहारा से राजनांदगांव की तरफ जा रही तेज रफ्तार कार से उनकी बाइक की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
उदयपुर के बड़ी क्षेत्र में पिछले 5 दिनों से फैला लेपर्ड का खौफ शनिवार सुबह खत्म हो गया। जिस लेपर्ड ने घर के बाहर सो रही महिला पर हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया था, वो आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। लेपर्ड के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने चैन की सांस ली है। वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर लेपर्ड को सज्जनगढ़ अभयारण्य शिफ्ट कर दिया है। पूरा मामला उपली बड़ी इलाके का है। 5 दिन गमेती बस्ती निवासी भूरी बाई (52), पत्नी बंशीलाल गमेती, रात करीब 2 बजे अपने कच्चे घर से बाहर आंगन की ओर निकली थीं। इसी दौरान अंधेरे में घात लगाए बैठे लेपर्ड ने उन पर झपट्टा मार दिया। लेपर्ड ने महिला के चेहरे और गर्दन पर हमला करते हुए अपने दांत गड़ा दिए। अचानक हुए हमले के बावजूद भूरी बाई ने हिम्मत दिखाते हुए जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। उनकी आवाज सुनकर लेपर्ड घबरा गया और पास के जंगल की ओर भाग गया। इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। ग्रामीणों के गुस्से के बाद जागा वन विभागइस घटना के बाद से ही बड़ी और आसपास के इलाकों में जबरदस्त दहशत थी। ग्रामीण वन विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली से नाराज थे। लोगों का कहना था कि विभाग किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है। ग्रामीणों के भारी दबाव और विरोध के बाद वन विभाग की टीम ने इलाके में पिंजरा लगाया। शनिवार सुबह जब ग्रामीण खेत और जंगल की तरफ गए, तो उन्हें पिंजरे में लेपर्ड कैद मिला। सज्जनगढ़ में किया गया शिफ्टलेपर्ड के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने सुरक्षा घेरा बनाकर लेपर्ड का रेस्क्यू किया और उसे गाड़ी में डालकर सज्जनगढ़ अभयारण्य ले जाया गया। हालांकि दहशत कम हुई है, लेकिन विभाग के अधिकारियों ने अब भी लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें। खासकर जंगल से सटे आबादी वाले इलाकों में रात के समय अकेले बाहर न निकलें और सावधानी बरतें। ………… यह खबर भी पढ़े। महिला पर लेपर्ड ने किया हमला, गंभीर घायल:चेहरे और गर्दन पर दांत गड़ाए, टॉयलेट जाने के लिए निकली थी; शोर मचाने पर भागा
नालंदा में शुक्रवार की देर शाम कूड़ेदान(डस्टबिन) रखने के मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया, जिसमें एक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान रामाधीन प्रसाद(70) के रूप में हुई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना राजगीर थाना क्षेत्र के नौन्ही गांव की है। मृतक के नाती मंदीप कुमार ने बताया कि विवाद की शुरुआत डस्टबिन की जगह बदलने को लेकर हुई थी। पड़ोसी पप्पू यादव का आरोप था कि डस्टबिन को उनके स्थान से हटाकर दूसरी तरफ रख दिया गया है, जबकि हमलोगों का कहना था कि सफाईकर्मियों ने उसे वहां रखा था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई। रात करीब 11 बजे पड़ोसी पक्ष के लोग शराब के नशे में धुत होकर आए और गाली-गलौज करने लगे। जब नाना रामाधीन प्रसाद शोर सुनकर बाहर निकले, तो उन पर ईंट से हमला कर दिया गया। ईंट सिर में लगने के कारण उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। 3 के खिलाफ केस दर्ज थानाध्यक्ष रमन कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल भेज दिया गया है। परिजनों के फर्द बयान के आधार पर कुल तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने छापेमारी कर इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी को दबोच लिया है, जबकि अन्य दो की तलाश जारी है।
सिपाही ने शादी का वादा कर युवती से रेप किया:अमरोहा में मामला दर्ज, आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा
अमरोहा के गजरौला थाना क्षेत्र में शादी का वादा कर एक युवती से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। नोएडा में तैनात एक सिपाही पर आरोप है कि उसने युवती से 1.90 लाख रुपये भी ऐंठे और बाद में शादी से इनकार कर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि दो साल पहले वह दिल्ली से बस से घर आ रही थी। उसी बस में बिजनौर के चांदपुर थाना क्षेत्र के गांव जलीलपुर निवासी पंकज सैनी भी सवार हुआ। पंकज उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही है और वर्तमान में नोएडा में तैनात है। बस में बातचीत के दौरान पंकज ने युवती का मोबाइल नंबर ले लिया। इसके बाद दोनों के बीच फोन पर बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया। शादी का वादा कर शोषण कियासिपाही पंकज ने युवती से शादी करने का वादा किया और उसके भाई से भी इस संबंध में बात की। आरोप है कि वह युवती को नोएडा स्थित अपने सरकारी आवास पर ले गया, जहां उसने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब युवती ने शादी के लिए कहा, तो पंकज ने मार्च 2026 में अपनी बहन की शादी के बाद विवाह करने का बहाना बनाया। युवती से 1.90 लाख रुपये भी ऐंठे इस दौरान, पंकज ने अपनी बहन की शादी की खरीदारी के नाम पर युवती से 1,90,750 रुपये अपने खाते में डलवा लिए। उसने युवती के सोने-चांदी के आभूषण भी गिरवी रखवा दिए। 5 मार्च 2026 की शाम को वह युवती के घर आया और उसे जल्द शादी करने का आश्वासन देते हुए उसके साथ फिर शारीरिक संबंध बनाए। पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजामार्च 2026 का महीना बीत जाने के बाद जब युवती ने पंकज से शादी करने को कहा, तो आरोप है कि उसने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए शादी करने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद युवती गजरौला थाने पहुंची और पुलिस को तहरीर दी। इंस्पेक्टर मनोज कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपी सिपाही पंकज सैनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
दमोह में 3 वर्षीय बालक का अपहरण, सुराग नहीं:पुलिस ने घर के पास के कुएं खाली कराए, जांच जारी
दमोह जिले के तेजगढ़ थाना क्षेत्र के महुआ खेड़ा गांव से शुक्रवार दोपहर तीन वर्षीय बालक अनुरोध सिंह का अपहरण हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस बच्चे की तलाश में जुटी हुई है। घर के आंगन से उठाकर ले जाने का आरोप बच्चे के पिता माखन सिंह ने बताया कि अनुरोध घर के आंगन में खेल रहा था, तभी एक अज्ञात व्यक्ति उसे उठा ले गया। उस समय पिता खेत पर गए हुए थे। घर लौटने पर परिजनों ने घटना की जानकारी दी। पिता ने बताया कि उनका घर घनी बस्ती में है और मुख्य सड़क करीब 400 मीटर दूर है। इसके बावजूद बच्चा अचानक गायब हो गया। सफेद कार और बाइक की भी चर्चा गांव के बच्चों और ग्रामीणों ने बताया कि घर के पास एक सफेद रंग की कार खड़ी देखी गई थी। कुछ लोगों ने यह भी बताया कि एक व्यक्ति कपड़े बेचने के बहाने बाइक से आया था। हालांकि किसी ने बच्चे को सीधे ले जाते नहीं देखा। ग्रामीणों का मानना है कि बच्चे को संभवतः सफेद कार में बैठाकर ले जाया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में तेंदूखेड़ा अनुभाग की टीम गांव पहुंची। पुलिस ने घर के आसपास और कुओं तक की तलाशी ली, लेकिन बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला। एडिशनल एसपी सुजीत सिंह भदोरिया ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और कई पुलिस टीमें बच्चे की तलाश में लगाई गई हैं। पुलिस जल्द से जल्द बच्चे को ढूंढने का आरोप परिजन लगातार बच्चे की सुरक्षित वापसी की मांग कर रहे हैं। पिता माखन सिंह ने कहा कि वे खेती करके परिवार चलाते हैं और उनका पूरा जीवन बच्चे पर निर्भर है। वे चाहते हैं कि पुलिस जल्द से जल्द बच्चे को ढूंढे। छोटे से गांव में हुई इस घटना के बाद लोगों में डर का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी घनी बस्ती में बच्चा अचानक गायब होना कई सवाल खड़े करता है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है और संदिग्ध वाहनों की भी तलाश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चे को सुरक्षित खोजने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
सिद्धार्थनगर में जर्जर पानी की टंकी पर हुए हादसे के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने जिले में निष्प्रयोज्य और खतरनाक भवनों को चिन्हित कर तत्काल ध्वस्त करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश सभी विभागाध्यक्षों, अधिशासी अभियंताओं और कार्यदायी संस्थाओं को जारी किया गया है। जर्जर पानी की टंकी पर चढ़ गए थे किशोर2 मई शनिवार को नगर पालिका क्षेत्र में हुई। पांच किशोर एक जर्जर पानी की टंकी पर रील बनाने के लिए चढ़े थे। उतरते समय टंकी की सीढ़ी टूट गई, जिससे तीन लड़के नीचे गिर गए और दो लड़के ऊपर फंस गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और प्रशासन को सूचित किया। घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. और पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्य की कमान संभाली। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को भी बुलाया गया, जिसके बाद फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ और अन्य बचाव दल मौके पर तैनात किए गए। बचाव अभियान प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। पानी की टंकी के चारों ओर दलदल और पानी भरा होने के कारण भारी मशीनों का पहुंचना कठिन था। इसके लिए तीन जेसीबी और एक पोकलैंड मशीन की सहायता से लगभग डेढ़ सौ मीटर लंबा अस्थायी रास्ता बनाया गया। प्रशासन ने लगभग डेढ़ सौ डंपर गिट्टी, ईंट के रोड़े और मिट्टी डालकर रास्ते को मजबूत किया। प्रशासनिक टीमें देर रात तक मौके पर सक्रिय रहीं। गोरखपुर से मंगाई गई हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म क्रेन का मुख्य मार्ग पर ट्रायल के दौरान सेंसर काम नहीं किया। इसके बाद लखनऊ से दूसरी हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म क्रेन भेजी गई, जो बाराबंकी तक पहुंच चुकी थी। इसी बीच, प्रशासन ने 'प्लान-बी' के तहत एयरफोर्स की मदद लेने का निर्णय लिया। रविवार सुबह लगभग 5:20 बजे एयरफोर्स के हेलीकॉप्टर द्वारा दोनों किशोरों को सुरक्षित बचा लिया गया। एक लड़के की मौत हो गई थी इस हादसे में जुगलीपुर निवासी 12 वर्षीय बाले उर्फ सिद्धार्थ की मौत हो गई। वह मोहाना थाना क्षेत्र के जुगलीपुर गांव का निवासी था और चार दिन पहले अपने चचेरे भाई पवन के घर काशीराम आवास कॉलोनी आया था। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और कक्षा पांच का छात्र था। हादसे में शास्त्रीनगर निवासी 14 वर्षीय गोलू और उरवलिया गांव निवासी 11 वर्षीय सनी भी घायल हुए। वहीं टंकी पर फंसे 16 वर्षीय कल्लू उर्फ साहबान और 15 वर्षीय पवन का घंटों चले अभियान के बाद सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। डीएम ने उपयोग में न आने वाले भवनों को ध्वस्त करने का आदेश दियाघटना के बाद जिलाधिकारी ने पूरे जिले में जर्जर और निष्प्रयोज्य भवनों, पानी की टंकियों, बाउंड्रीवाल और अन्य खतरनाक संरचनाओं का सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा है कि ऐसे ढांचे कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं, इसलिए उन्हें तत्काल चिन्हित कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत ध्वस्त कराया जाए। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में किसी निष्प्रयोज्य अथवा जर्जर सरकारी संरचना में हादसा होता है तो संबंधित विभागीय अधिकारी को सीधे जिम्मेदार माना जाएगा। डीएम के इस आदेश के बाद अब विभिन्न विभागों में पुराने और खतरनाक भवनों की सूची तैयार की जा रही है और जल्द ही बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण अभियान शुरू होने की संभावना है।
कोडरमा जिले के सदर थाना क्षेत्र में पुलिस अधीक्षक आवास के समीप शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान झुमरीतिलैया के पानी टंकी रोड निवासी 22 वर्षीय गोपी कुमार के रूप में हुई है। वहीं, 23 वर्षीय करण कुमार गंभीर रूप से घायल है। जिसका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक मोटरसाइकिल से झुमरीतिलैया से कोडरमा स्थित अपने नानी के घर जा रहे थे। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार बोल्डर लदे ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से जख्मी हो गए। सौ मीटर तक ट्रक के नीचे फंसी रही बाइक जानकारी के मुताबिक, टक्कर के बाद मोटरसाइकिल ट्रक के नीचे फंस गई। चालक ने वाहन नहीं रोका। ट्रक बाइक को करीब 100 मीटर तक घसीटते हुए जेजे कॉलेज के पास तक ले गया। इस दौरान दोनों युवक बुरी तरह घायल हो गए। शोर-शराबा और लोगों की भीड़ जुटने के बाद ट्रक चालक ने जेजे कॉलेज के पास वाहन रोका। इसके बाद मौके से फरार हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत दोनों घायलों को उठाकर सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने गोपी कुमार को मृत घोषित कर दिया। करण कुमार का इलाज जारी है। पुलिस ने ट्रक जब्त किया घटना की सूचना मिलते ही कोडरमा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस चालक की तलाश में जुट गई है। उधर, युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
रोहतक सिविल अस्पताल में गिरी फॉल सीलिंग:सफाई कर्मचारी बाल-बाल बचा, एमरजेंसी के पास हुआ हादसा
रोहतक के सिविल अस्पताल में एमरजेंसी के पास सुबह अचानक फाल सीलिंग गिर गई, जिसके कारण अस्पताल में हड़कंप मच गया। अस्पताल में सफाई कर्मचारी हादसे का शिकार होते-होते बच गया। सूचना पाकर सिविल अस्पताल के एसएमओ पुष्पेंद्र मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। सिविल अस्पताल में सुबह करीब साढे 7 बजे एमरजेंसी के पास व एक्सरे और खून की जांच होने वाली लैब के पास छत पर लगी फाल सीलिंग अचानक गिर गई। फाल सीलिंग गिरने के कारण बड़ा हादसा हो सकता था, लेकिन हादसे के समय वहां केवल एक सफाई कर्मचारी था, जो बाल-बाल बच गया। वहीं, एमरजेंसी में मरीज व डॉक्टर मौजूद थे और अस्पताल में मरीज भी आने शुरू हो गए थे। हादसे के दौरान नहीं हुई जानहानिअस्पताल के अंदर अचानक हुए हादसे में कोई जानहानि नहीं हुई। अस्पताल में ओपीडी का समय शुरू होने से पहले ही हादसा हो गया। अगर हादसा ओपीडी शुरू होने के बाद होता तो फाल सीलिंग मरीजों के ऊपर भी गिर सकती थी, क्योंकि खून टेस्ट करवाने के लिए मरीजों की भीड़ लगती है। पहले भी हो चुका हादसा सिविल अस्पताल में फॉल सीलिंग गिरने का पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी मेन गेट के आगे ही फॉल सीलिंग गिर गई थी। हालांकि उस समय फॉल सीलिंग रात के समय गिरी थी, जिसके कारण कोई जानहानि नहीं हुई थी, लेकिन काफी समय तक उस गेट को बंद रखा गया था। टेस्ट करवाने वालों को होगी परेशानी सिविल अस्पताल में टेस्ट करवाने के लिए आने वाले मरीजों को फॉल सीलिंग गिरने से परेशानी होगी। फर्श पर पड़े सीलिंग के मलबे को तो कर्मचारी उठा लेंगे, लेकिन छत पर लटकी तारें, ट्यूब लाइट व मैटेरियल अभी भी लटका हुआ है, जिसके कारण हादसा हो सकता है। मरीजों को अन्य सीलिंग गिरने का खतरा भी बना हुआ है। फॉल सीलिंग गिरने की करवाई जाएगी जांच सिविल अस्पताल के एसएमओ पुष्पेंद्र का कहना है कि अस्पताल में अचानक फॉल सीलिंग गिरी है, जिसकी जांच करवाई जाएगी। हादसे में किसी को कोई चोट नहीं लगी है। सीलिंग के मलबे को साफ करवाया जा रहा है। मरीजों को परेशानी होने नहीं दी जाएगी।
कलेक्टर कमर चौधरी ने भरतपुर शहर में चल रहे विकास कार्यों का निरिक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए कोशिश करेंगे की, मानसून से पहले कई कामों को पूरा कर लिया जाए। इसके अलावा जहां-जहां इम्प्रूवमेंट की ज़रूरत है। उसके लिए अधिकारियों को बता दिया गया है। एजेंसियों को कोर्डिनेशन की जरूरत कलेक्टर कमर चौधरी ने बताया कि भरतपुर में काफी एजेंसी काम कर रहीं हैं। ऐसे में सभी एजेंसी को एक दूसरे से कोर्डिनेशन की काफी जरूरत रहती है। जिसमें नाला बनाना या कोई और अंडरग्राउंड काम करना। उसमें देखना होता है जमीन के नीचे क्या-क्या चीजें चल रहीं हैं। जैसे बिजली की तारें, पानी की पाइप लाइन, सीवरेज लाइन इन्हें क्रॉस करवाना। इसमें कोर्डिनेशन की जरूरत रहती है। मानसून से पहले कई कामों को पूरा करने की कोशिश इन कामों में समय बहुत ज्यादा लगता है। कई बार अतिक्रमण के कारण काफी समस्याएं आती हैं। आज देखा गया है कामों की स्पीड क्या है और, मानसून से पहले कौनसे काम पूरे हो जाएंगे। ऐसी क्या चीजें हैं जिनके कारण हमारे काम में देरी होगी। मोBDA के अधिकारी भी रहे मौजूद इन सभी चीजों को देखने के लिए आज BDA (भरतपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी) के साथ निरिक्षण किया गया है। जहां-जहां इम्प्रूवमेंट की जरूरत है उसके लिए बता दिया गया है। ट्रैफिक मोबिलिटी लोगों की सुविधा के लिए जरूरत है। उसके लिए बता दिया गया है। कोशिश करेंगे की मानसून से पहले काफी कामों को पूरा कर लिया जाए।
जालंधर में BSF पंजाब फ्रंटियर हेड आफिस के बाहर 5 मई को हुए धमाके मामले में एक संदिग्ध को दिल्ली से पकड़ा गया है। दिल्ली CIA आरोपी से पूछताछ कर रही है। अभी तक की जांच में दावा किया गया है कि आरोपी जालंधर से बस में बैठकर आया था। CIA पूछताछ में पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि आरोपी ने खुद विस्फोट किया है या उसे किसी ने डिलीवरी दी थी। पता चला है कि आरोपी ने घटना से पहले 2 दिन तक रेकी की थी। आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद जालंधर बस स्टैंड पहुंचा था और वहां से दूसरे शहर के लिए बस पकड़ी। बाद में दिल्ली जाकर छिप गया। इस मामले में पुलिस ने भी कोई पुष्टि नहीं की, लेकिन बताया जा रहा है कि आरोपी को जालंधर पुलिस कस्टडी में ले आई है। सूत्रों के हवाले से ये भी बताया गया कि सीआईए स्टाफ जालंधर और दिल्ली पुलिस की टीम ने संयुक्त आपरेशन चलाकर संदिग्ध को पकड़ा। ब्लास्ट में इसकी कितनी भूमिका है, इसके बारे में कुछ भी शेयर नहीं किया गया है। बता दें कि 5 मई को जालंधर के बीएसएफ हेडक्वार्टर के बाहर रात 8 बजे विस्फोट हुआ था। इसमें बीएसएफ से पार्सल लेने आए गढ़ा निवासी गुरप्रीत (21) की स्कूटी जल गई थी। शुरूआती जांच में स्कूटी में विस्फोटक का शक जताया गया था। गुरप्रीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। अगले दिन रात को उसे छोड़ दिया गया। जालंधर में धमाके के बाद अमृतसर के आर्मी एरिया खासा में विस्फोट हुआ। इस मामले में अभी तक कोई नहीं पकड़ा जा सका है। 2 दिन तक BSF चौक के आसपास रेकी की थी धमाके के बाद ही जालंधर पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से क्लू मिले थे। हालांकि पुलिस ने जांच प्रभावित होने का हवाला देकर कुछ भी जानकारी शेयर करने से मना कर दिया था, लेकिन इतना जरूर पता चला था कि धमाके के बाद एक युवक बस स्टैंड की तरफ भागकर जाता दिखा था। दिल्ली में पकड़े गए संदिग्ध से हुई पूछताछ में भी कुछ ऐसी ही बातें समाने आई है। जांच में पता चला है कि आरोपी ने वारदात को अंजाम देने से पहले 2 दिन तक इलाके की रेकी की थी। धमाके के तुरंत बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने बस स्टैंड और रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस की है। पार्सल देने आए युवक को पुलिस ने क्लीन चिट दी घटना के बाद पुलिस ने धमाके में डैमेज स्कूटी मालिक गुरप्रीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। एक दिन बाद गुरप्रीत को छोड़ दिया गया था। गुरप्रीत ने पुलिस को बताया था कि वह केवल पार्सल लेने के लिए वहां आया था। इसी दौरान धमाका हो गया। पुलिस ने युवक की गतिविधियों और बयान की जांच के बाद उसे क्लीन चिट दी है। पंजाब के सभी कैंट में थ्री लेयर चेकिंग साढ़े 500 किलोमीटर बॉर्डर शेयर करने वाले पंजाब में अचानक धमाकों के बाद सभी कैंटोनमेंट में सिविलियन की एंट्री पर जांच कड़ी हो गई है। जालंधर, पठानकोट सहित सभी कैंटोनमेंट एरिया में थ्री लेयर चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। इसमें आर्मी जवान, पंजाब पुलिस और डिफेंस की पुलिस तीनों स्तर पर चेकिंग हो रही है। जालंधर कैंटोनमेंट में बहुत सा एरिया सिविलियन का है। संसारपुर, कुक्कड़ पिंड, धोगड़ी जैसे एरिया कैंट क्रास करके आते हैं। इसलिए यहां सिविलियन की चेकिंग टाइट की गई है। हर वाहन को चेकिंग के बाद प्रवेश दिया जा रहा है। इसके साथ ही पहचान पत्र के बिना एंट्री बैन है। राज्यसभा सांसद साहनी करेंगे पीड़ित युवक गुरप्रीत की मदद जालंधर IED धमाके में स्कूटी खोने वाले डिलीवरी बॉय को राज्यसभा सांसद साहनी स्कूटी लेकर देंगे। सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने पीड़ित युवक गुरप्रीत के पिता कश्मीर सिंह के साथ फोन पर बात की और पूरी जानकारी ली। सांसद ने कहा कि वह आपके बेटे गुरप्रीत को नई स्कूटी लेकर देंगे। कौन सी स्कूटी चाहिए, उसका मॉडल मेरे पीए को भिजवा दें। साहनी ने ये भी कहा कि अगर बेटा डिलीवरी का ही काम जारी रखना चाहता है, तो उनको कोई आपत्ति नहीं है। हां अगर वो स्किल होकर कुछ और बेहतर करना चाहता है तो उनकी सन फाउंडेशन उसे स्किल्ड करेगी। सांसद ने कहा कि वह आपके बेटे गुरप्रीत को नई स्कूटी लेकर देंगे। कौन सी स्कूटी चाहिए, उसका मॉडल मेरे पीए को भिजवा दें। साहनी ने ये भी कहा कि अगर बेटा डिलीवरी का ही काम जारी रखना चाहता है, तो उनको कोई आपत्ति नहीं है। हां अगर वो स्किल होकर कुछ और बेहतर करना चाहता है तो उनकी सन फाउंडेशन उसे स्किल्ड करेगी।
बिहार में नई सरकार के गठन और मंत्रिमंडल विस्तार के बाद ग्रामीण विकास एवं सूचना जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार शुक्रवार देर शाम अपने गृह जिले नालंदा के नूरसराय पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं के साथ जोरदार स्वागत किया। इस दौरान श्रवण कुमार ने भविष्य की कार्य योजनाओं और विपक्षी हमलों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। एक बार फिर पुराने विभागों की जिम्मेदारी मिलने के सवाल पर कहा कि उन्हें जो भी काम मिलता है, उसे पूरी निष्ठा के साथ निभाते हैं। उनका लक्ष्य पूर्व में किए गए कार्यों को और बेहतर बनाना है। अगर कहीं कोई कमी रह गई है, तो उसे दुरुस्त करना है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस संकल्प को दोहराया जिसमें बिहार को देश के शीर्ष पांच राज्यों की श्रेणी में खड़ा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पूरी सरकार इसी दिशा में प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। नई टीम ऊर्जा के साथ काम करेगी। जेडीयू हमेशा मजबूती के साथ उभरती है स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी निशांत कुमार को मिलने पर श्रवण कुमार ने कहा कि जहां भी कमियां या त्रुटियां पाई जाएंगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाएगा। सभी मंत्रियों ने अपना कार्यभार संभाल लिया है और विभागों की समीक्षा शुरू कर दी गई है। विपक्ष पर श्रवण कुमार ने तंज भरे लहजे में कहा कि कुछ लोग हमेशा जेडीयू के खत्म होने की भविष्यवाणी करते हैं, लेकिन असलियत यह है कि जब-जब ऐसी बातें कही जाती हैं, पार्टी और मजबूती के साथ उभरती है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भी जेडीयू को कमतर आंका गया था, लेकिन जनता ने भारी समर्थन देकर विरोधियों के दावों को खोखला साबित कर दिया। जेडीयू को खत्म करने की चाह रखने वाले खुद राजनीतिक रूप से हाशिए पर चले जाते हैं। बंगाल में जनता ने स्पष्ट जनादेश दिया है पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम पर कहा कि वहां की जनता ने स्पष्ट जनादेश दिया है। जिस सफाए की बात पहले कही गई थी, वह चुनाव परिणामों में नजर आई है। लोकतंत्र में जनादेश सर्वोपरि है और हम जनता के फैसले का सम्मान करते हैं।
हरियाणा के हांसी में सफाई व्यवस्था को लेकर शनिवार को तनाव की स्थिति बन गई। प्रशासन ने शहर से कूड़ा उठाने के लिए पुलिस बल और जेसीबी मशीनों के साथ कार्रवाई शुरू की, जिसका सफाई कर्मचारियों ने विरोध किया। अनाज मंडी के सामने मुल्तान कॉलोनी चौक के पास कूड़ा उठाने के लिए जैसे ही प्रशासन ने जेसीबी चलानी शुरू की, सफाई कर्मचारियों को इसकी सूचना मिल गई। बड़ी संख्या में कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे और जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध बढ़ता देख पुलिस ने हस्तक्षेप किया और सफाई कर्मचारी संघ के प्रधान बलजीत सहित कुछ महिला सफाई कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। कर्मचारियों को हिरासत में लिए जाने के बाद मौके पर तनाव और बढ़ गया। PHOTOS में देखिए कैसे बने हालात… ये प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे इस कार्रवाई के दौरान एडीसी लक्षित सरीन, डीएसपी विनोद शंकर, तहसीलदार अनिल कुमार और नायब तहसीलदार सुरेश कुमार सहित नगर परिषद के अधिकारी मौके पर मौजूद थे। प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में पुलिस बल के साथ जेसीबी मशीनों को शहर के विभिन्न स्थानों पर भेजा गया। इस तरह बनी तनाव की स्थिति… कचरा हटाने जेसीबी लेकर पहुंचे, हवा निकाली इससे पहले नगर परिषद कार्यालय के नजदीक भी तनाव की स्थिति बनी। प्रशासन जब वहां कचरा उठाने के लिए जेसीबी मशीन लेकर पहुंचा, तो आरोप है कि सफाई कर्मचारियों ने विरोध में जेसीबी के टायरों की हवा निकाल दी, ताकि कार्रवाई को रोका जा सके। भारी पुलिस बल लगाया, निगरानी कर रहे मौजूदा स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। महिला कर्मचारियों की उपस्थिति के कारण बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों को भी लगाया गया है। प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए लगातार निगरानी रख रहा है। इस दौरान वार्ड 11 के पार्षद प्रवीण वाल्मीकि और कुछ अन्य सफाई कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में प्रशासन ने हिरासत में लिए गए सफाई कर्मचारियों को छोड़ दिया।
कोडरमा जिले के सतगावां थाना क्षेत्र अंतर्गत नंदूडीह गांव में शुक्रवार देर रात हुए भीषण वज्रपात ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान ले ली। मृतकों में सरस्वती देवी, उनका पुत्र अंकित यादव और बुआ मुंद्रिका देवी शामिल हैं। घटना उस समय हुई जब तेज बारिश के साथ आसमान में लगातार बिजली कड़क रही थी। बताया गया कि तीनों घर के अंदर खिड़की के पास बैठे थे। तभी जोरदार वज्रपात हुआ। उसकी चपेट में खिड़की आ गई, जो बिजली के तार के संपर्क में थी। धातु के जरिए करंट कमरे में फैल गया। तीनों इसकी चपेट में आ गए। वज्रपात इतना शक्तिशाली था कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। शादी में शामिल होने आई थीं मुंद्रिका देवी जानकारी के अनुसार, मुंद्रिका देवी दो दिन पहले ही गिरिडीह के गांवा क्षेत्र से एक शादी समारोह में शामिल होने नंदूडीह आई थीं। वे प्रदीप यादव के भतीजे नीतीश कुमार की 6 मई को हुई शादी में शरीक हुई थीं और शनिवार को वापस लौटने वाली थीं। लेकिन इससे पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया। घटना के समय गृहस्वामी प्रदीप राउत खुद एक शादी समारोह में शामिल होने डोमचांच गए हुए थे। जैसे ही उन्हें घटना की सूचना मिली, वे तुरंत घर लौटे। बताया जा रहा है कि परिवार के अन्य बच्चे उस समय घर पर नहीं थे, जिससे वे सुरक्षित बच गए। अचानक हुए इस हादसे से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दो दिन पहले गूंज रही थी शहनाई, अब पसरा मातम जिस आंगन में दो दिन पहले शादी की खुशियों के बीच गाना-बजाना हो रहा था, वहां अब मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है। सूचना मिलते ही सतगावां थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
औबेदुल्लागंज-बैतूल नेशनल हाईवे-46 (NH-46) पर नर्मदापुरम स्थित नर्मदा ब्रिज और हाईवे पर महीनों से स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। NHAI द्वारा लाखों रुपए खर्च कर लगाई गई ये लाइटें मेंटेनेंस के अभाव में अब केवल शोपीस बनकर रह गई हैं। महज 2 किमी दूर स्थित बगवाड़ा टोल प्लाजा पर वाहनों से पूरा टैक्स वसूला जा रहा है, लेकिन रात के समय चालक सिर्फ अपनी गाड़ियों की हेडलाइट के भरोसे आवाजाही करने को मजबूर हैं। व्यस्त हाईवे पर हर समय बना रहता है हादसे का डरNH-46 प्रदेश का सबसे व्यस्त हाईवे है, जहां से रोजाना भोपाल, बैतूल और नागपुर जाने वाले हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार हाईवे फोरलेन बनने के बाद NHAI ने पूरे स्ट्रेच पर हाईमास्ट लाइटें लगवाई थीं। अब स्थिति यह है कि खंभे तो लगे हैं, लेकिन रोशनी नदारद है। ब्रिज पर तेज रफ्तार वाहनों के साथ-साथ कई बार लोग गलत दिशा में भी गाड़ियां चलाते हैं, जिससे अंधेरे में यहां हमेशा बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। चालक परेशान, पुलिसकर्मियों को भी उठाना पड़ा रिस्कडंपर चालक अंकित दुबे ने बताया कि ब्रिज पर चढ़ते-उतरते वक्त अंधेरे के कारण अचानक कोई जानवर या खराब वाहन सामने आ जाए तो संभलने का मौका ही नहीं मिलता। वहीं, दो दिन पहले इसी ब्रिज के पास शराब तस्करों की गाड़ी ने एक राहगीर को कुचल दिया था। घटना के बाद रात में घना अंधेरा होने के कारण पुलिसकर्मियों को भी अपनी जान जोखिम में डालकर हाईवे पर क्रेन का इंतजार करना पड़ा था।
भीलवाड़ा जिले के मांडल क्षेत्र में फर्जी बीमा क्लेम से जुड़े एक बड़े और संगठित खेल का खुलासा हुआ है।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गुजरात के अहमदाबाद जिले के नरोदा गांव से एक युवक को गिरोह के लोग मालोला गांव लेकर पहुंचे थे। यहां उसकी मौत होने के बाद शव पर करंट लगाया गया, ताकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण करंट लगना दर्शाया जा सके और हादसे के नाम पर लाखों रुपए का बीमा क्लेम उठाया जा सके। मृतक के नाम 83 लाख का बीमा मृतक की पहचान अहमदाबाद निवासी दीपक भाई पुत्र मालजी भाई गोयल (36) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दीपक के नाम करीब 83 लाख रुपए के चार अलग-अलग बीमे थे। मामले में नया मोड़ तब आया जब मृतक के 12 वर्षीय पुत्र ने दावा किया कि उनके गांव में इस गिरोह ने करीब 71 लोगों के इसी तरह बीमे कर रखे हैं। मौत के बाद शरीर पर लगाया करंट जानकारी के मुताबिक दीपक गंभीर रूप से बीमार था और उसे मौत से एक दिन पहले ही गुजरात से मालोला गांव में परिचित डालू गाडरी के घर लाया गया था। रात में उसकी हालत बिगड़ी और कुछ देर बाद उसकी मौत भी वही हो गई। इसके बाद गिरोह के लोगों ने उसके शरीर पर करंट लगाया जिससे यह प्रमाणित हो पाए कि उसकी मृत्यु करंट से हुई हो। उसके बाद उसे मांडल उपजिला चिकित्सालय लाया गया, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर रोहित सहरावत को मामला संदिग्ध लगा।डॉक्टर को युवक की हालत और घटनाक्रम में कई विरोधाभास नजर आए, जिसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। इसके बाद मांडल थाना प्रभारी प्रोबेशनर आईपीएस आयुष क्षोत्रिय सहित पुलिस मौके पर पहुंची और शुरुआती पूछताछ के बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई। इधर पुलिस को देख मृतक दीपक को लाने वाले लोग कार से फरार हो गए, मृतक की मां और बेटे से मिली जानकारी और नंबर के बाद गंगरार टोल नाके पर कार रुकवाकर तीन से चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। मौत के करीब लोगों को बनाता था गिरोह शिकार पुलिस सूत्रों के अनुसार गिरोह विशेष रूप से ऐसे लोगों को निशाना बनाता था जो आदतन शराबी हों, गंभीर बीमारी से ग्रसित हों या आर्थिक रूप से कमजोर हों।शुरुआत में उन्हें हर माह तीन हजार रुपए देने और आर्थिक सहायता का लालच देकर बीमा करवाया जाता था। बाद में नकद राशि देने की बजाय उन्हें शराब उपलब्ध कराई जाती थी। लगातार नशे के कारण उनकी हालत और खराब होती जाती थी। जब डॉक्टर यह कह देते कि व्यक्ति ज्यादा दिनों तक जीवित नहीं रहेगा, तब गिरोह सक्रिय हो जाता था। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को उसके परिजनों सहित राजस्थान या अन्य क्षेत्रों में किसी किसान के यहां रखवाली या मजदूरी के नाम पर भेजा जाता था। मौत के बाद शव पर लगाया जाता था करंट जांच में सामने आया है कि मौत होने के बाद शव पर करंट लगाया जाता था ताकि पोस्टमार्टम में करंट के निशान सामने आएं और मौत को हादसा साबित किया जा सके। इसके बाद परिजनों को भी बयान देने के लिए तैयार किया जाता था, ताकि बीमा क्लेम में कोई परेशानी नहीं आए। बीमा एजेंट और सर्वेयर की भूमिका भी जांच के दायरे में इस पूरे नेटवर्क में अलग-अलग स्तर पर सांठगांठ कर बीमा की मोटी रकम का बंदरबांट किया जाता था।बीमा एजेंट और सर्वेयर की भूमिका भी जांच के दायरे में पुलिस अब मेडिकल रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, बीमा दस्तावेज, कॉल डिटेल और मृतक की गतिविधियों की गहन जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि इस नेटवर्क में बीमा एजेंट, सर्वेयर और अन्य लोगों की भी मिलीभगत हो सकती है। एसपी धर्मेंद्र सिंह यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच और शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शव ले जाने के लिए नहीं थे पैसे, विधायक की मदद से पहुंची एंबुलेंस मामले का सबसे भावुक पक्ष तब सामने आया जब मृतक के 12 वर्षीय पुत्र और बुजुर्ग मां के पास शव को गुजरात ले जाने तक के पैसे नहीं थे। जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों ने क्षेत्रीय विधायक उदय लाल भडाणा को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। इसके बाद विधायक की ओर से 16 हजार रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई गई, जिससे एंबुलेंस की व्यवस्था हो सकी। बाद में एंबुलेंस के जरिए शव को अहमदाबाद भेजा गया।मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार मृतक के बेटे और वृद्ध दादी की हालत बेहद दयनीय थी। यह देखकर वहां मौजूद कुछ पत्रकारों और पुलिसकर्मियों ने भी स्वेच्छा से रुपए एकत्रित कर परिवार को खर्चे के लिए सहायता दी। पत्नी की मौत के बाद शराब की लत में डूबा मृतक चार साल पहले पत्नी की मौत के बाद शराब की लत में डूबा दीपकमृतक दीपक भाई की पारिवारिक स्थिति भी बेहद दर्दनाक बताई जा रही है। करीब चार वर्ष पूर्व उसकी पत्नी सुमन की मौत हो गई थी। पत्नी की मौत के बाद दीपक मानसिक रूप से टूट गया और धीरे-धीरे शराब के नशे का आदी हो गया। आर्थिक तंगी से गिरोह के चंगुल में फंसे परिवार में उसके दो पुत्र हैं—12 वर्षीय देवांशू और 9 वर्षीय साहिल। वृद्ध मां चंपा बेन भी उसी पर निर्भर थीं।सूत्रों के अनुसार आर्थिक तंगी, पारिवारिक टूटन और शराब की लत के कारण दीपक को इस गिरोह ने आसानी से अपने जाल में फंसा लिया। पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि गिरोह ने अब तक कितने जरूरतमंद और बीमार लोगों को इसी तरह निशाना बनाया है।
अम्बेडकरनगर में सूरापुर स्थित कृषि विपणन सहकारी समिति में जबरन कब्जे के प्रयास के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। अविनाश चौधरी की शिकायत पर आरोपी विकास चौधरी और उसके एक अज्ञात साथी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के शस्त्र लाइसेंस को निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यह घटना 8 मई की दोपहर करीब एक बजे हुई, जब विकास चौधरी अपने कुछ साथियों के साथ सहकारी समिति परिसर पहुंचा। आरोप है कि उसने मेन गेट और गोदाम के ताले तोड़ने का प्रयास किया, जिसका उद्देश्य समिति कार्यालय पर जबरन कब्जा जमाना था। सूचना मिलने पर अविनाश चौधरी मौके पर पहुंचे और इसका विरोध किया। उन्होंने बताया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और जबरन कब्जा करना गैरकानूनी है। आरोप है कि इस बात पर विकास चौधरी और उसके साथियों ने अविनाश चौधरी के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। समिति के सचिव आपाक अहमद और अन्य लोगों ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया। आरोप है कि जाते समय विकास चौधरी ने अविनाश चौधरी को धमकी दी कि यदि संपत्ति नहीं छोड़ी गई तो पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, जब गोदाम का ताला नहीं टूटा तो आरोपियों ने शटर के नीचे आग लगाकर उसे तोड़ने की कोशिश की। दिनदहाड़े हुई इस घटना से सहकारी समिति परिसर में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। अलीगंज पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विकास चौधरी और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आगजनी, धमकी और जबरन कब्जे के प्रयास जैसे आरोपों के मद्देनजर आरोपी के शस्त्र लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
इज्जतनगर मंडल के बरेली सिटी यार्ड में समपार संख्या 248/स्पेशल (श्मशान भूमि) पर एलएचएस निर्माण कार्य के चलते बदायूं रूट से जुड़ी ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव किया गया है। रेलवे प्रशासन ने कुछ ट्रेनों का शॉर्ट टर्मिनेशन और शॉर्ट ओरिजनेशन लागू किया है। 55329 सवारी गाड़ी बरेली जंक्शन तक ही चलेगी रेलवे द्वारा जारी सूचना के अनुसार कासगंज–बरेली सिटी सवारी गाड़ी (55329) 12 मई से 16 मई 2026 तक बरेली जंक्शन पर ही अपनी यात्रा समाप्त करेगी। इस दौरान ट्रेन बरेली जंक्शन और बरेली सिटी के बीच संचालित नहीं होगी। 55328 ट्रेन बरेली जंक्शन से होगी रवाना इसी तरह बरेली सिटी–कासगंज सवारी गाड़ी (55328) 13 मई से 17 मई 2026 तक बरेली जंक्शन से ही अपनी यात्रा शुरू करेगी। यह ट्रेन निर्धारित अवधि में बरेली सिटी स्टेशन तक नहीं जाएगी। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद बहाल होगी व्यवस्था संजीव शर्मा ने बताया कि एलएचएस निर्माण कार्य के कारण यह व्यवस्था अस्थायी रूप से लागू की गई है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों का संचालन सामान्य कर दिया जाएगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा शुरू करने से पहले संबंधित ट्रेनों की ताजा स्थिति रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या पूछताछ सेवा से अवश्य जांच लें, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
सिरसा में सफाई कर्मचारियों की लगातार हड़ताल जारी है। सफाई कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि उनको पक्का किया जाए। सरकार व मंत्री ने उनको पक्का करने का आश्वासन दिया था, जिसे पूरा नहीं किया गया है। इससे सफाई कर्मचारियों में रोष का माहौल है। यूनियन के अनुसार, आज शनिवार को धरने पर नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री सिरसा नगर परिषद में धरना स्थल पर पहुंचेंगे। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा राज्य के सहसचिव एवं जिला प्रधान मनोज अठवाल ने कहा, ये हड़ताल और आगे बढ़ सकती है। कल सिरसा में कर्मचारियों को हिरासत में लिए जाने को लेकर पुलिस प्रशासन की निंदा की है। इस खबर को बाद में अपडेट किया जाएगा। खास बात है कि सफाई कर्मचारियों के धरने व शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर नगर परिषद चेयरमैन की ओर से कोई बयान नहीं आया है और न ही इनकी मांगों को कोई सुन रहा है। वहीं, स्थानीय विधायक गोकुल सेतिया बार-बार आरोप लगा चुके हैं कि सरकार कर्मचारियों की मांग नहीं मान रही और स्वच्छता के नाम पर हर बार वोट मांगने का काम करती है। नगर परिषद में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। शहर में जगह-जगह कुड़े के ढेर, हाल बेहाल इसके बाद कर्मचारी उग्र हो गए हैं और शहर से कचरा उठाने से रोकने पर अड़े हुए हैं। हैरानी की बात है कि पुलिस की मौजूदगी में कचरा उठान हो रहा है। उनका कहना है कि मांगे पूरी न होने पर कचरा न उठाया जाए। इसके चलते जगह-जगह पर शहर में कुड़े के ढेर हुए हैं और कचरा ही कचरा नजर आ रहा है। इससे भयानक गंध आने लगी है और मच्छरजैनित बीमारी फैलने का भी डर बन गया है। इस कचरे में दिनभर बेहसहारा गाय व पशु मुंह मार रहे हैं। इससे उनको भी बीमारी होने का खतरा है। शहरवासियों के अनुसार, गंदगी से ऐसा बुरा हाल शहर में कभी नहीं देखा गया। इस हड़ताल के कारण और अधिक बुरा हाल हो गया है। चाहे बस स्टैंड हो या बाजार व गलियां, सेक्टर। लोग अब खुले में सड़कों पर कचरा डालने लगे हैं।
देवरिया में युवती से दुष्कर्म का आरोप:नामजद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज, तलाश जारी
देवरिया जिले के भाटपाररानी थाना क्षेत्र में एक युवती से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर नामजद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पीड़िता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 3 मई की रात गांव का ही युवक संतोष उसे घर में अकेला पाकर जबरन दुष्कर्म कर फरार हो गया। घटना के समय घर में कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था। आरोप है कि आरोपी ने युवती को धमकी भी दी। घटना के बाद युवती ने अपने पिता को आपबीती बताई। अगले दिन परिजन पीड़िता को लेकर स्थानीय थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ नामजद तहरीर दी। परिजनों ने आरोप लगाया कि शुरुआत में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई नहीं की। इसके बाद पीड़िता और उसके परिवार ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर भाटपाररानी पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया है। थानाध्यक्ष अभिषेक राय ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मुज़फ्फरनगर में 10 और 11 मई को दो दिवसीय आध्यात्मिक उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद और पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री एवं स्थानीय विधायक कपिल देव अग्रवाल ने लखनऊ में डॉ. शर्मा से मुलाकात कर उन्हें निमंत्रण दिया है। यह उत्सव संत स्वामी श्रीभगवान आश्रम की संत दीक्षा के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित हो रहा है। कार्यक्रम पंचेण्डा रोड स्थित दिव्य योग ध्यान आश्रम (बचनसिंह कॉलोनी) में होगा। दो दिवसीय इस आयोजन में अखंड रामायण पाठ, भजन-कीर्तन, हवन, पूजा-अर्चना और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उत्सव का मुख्य आकर्षण 'आत्मबोध-चेतना के पुष्प' नामक आध्यात्मिक पुस्तक का विमोचन होगा। डॉ. दिनेश शर्मा इस पुस्तक का विमोचन करेंगे। आयोजकों के अनुसार, यह पुस्तक आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने और जीवन को सकारात्मक दिशा देने में सहायक होगी। आयोजन समिति ने बताया कि इस उत्सव में बड़ी संख्या में साधु-संत, धर्मगुरु और श्रद्धालु शामिल होंगे। आश्रम परिसर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए भी प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। आयोजकों ने इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज में आध्यात्मिक जागरूकता और आपसी सद्भाव को भी बढ़ावा देगा।
छत्तीसगढ़ के महासमुंद, दुर्ग, धमतरी, जांजगीर-चांपा में 24 चोरियां करने वाले शातिर चोर को पुलिस ने पकड़ा है। उनके कब्जे से 163 ग्राम सोना, ढ़ाई किलो चांदी के आभूषण, बाइक और मोबाइल फोन समेत कुल 32 लाख 38 हजार 900 रुपए का सामान बरामद किया गया है। आरोपी उन मकानों की पहले रेकी करता था, जहां मकान बन रहा होता था। बिल्डिंग मटीरियल बाहर पड़ी रहती थी। वहां केवल बच्चे या बुजुर्ग होते थे। खुद को बिल्डिंग मटीरियल सप्लायर बताकर सस्ती कीमत में छड़ और सीमेंट दिलाने का लालच देता था। बातचीत के बहाने वह घर के अंदर जाता और मौका मिलते ही सोने-चांदी के गहने पार कर देता था। पहले भी पुलिस हिरासत से आरोपी इलाज के बहाने फरार हो चुका है। वो चोरी के जेवर पिथौरा, भंवरपुर और सरायपाली के स्थानीय ज्वेलर्स को बेचता था, जिनमें से कुछ की बरामदगी हो चुकी है और बाकी की तलाश जारी है। पुलिस उन ज्वेलरी कारोबारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है जिन्होंने चोरी का माल खरीदा था। पहले देखिए 3 तस्वीरें अब जानिए क्या है पूरा मामला दरअसल, बगारपाली निवासी ओमप्रकाश ठाकुर ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया कि 27 अप्रैल 2026 की सुबह उनके घर से करीब 40 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के जेवर चोरी हो गए है। पुलिस ने जांच शुरू की और संदिग्धों पर नजर रखी। इसी दौरान वाहन चेकिंग के समय पुलिस को एक संदिग्ध युवक पर शक हुआ। पूछताछ में आरोपी ने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने चोरी की वारदात कबूल कर ली। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पंचराम उर्फ पंचु निषाद (38) निवासी ग्राम चंदली, थाना चंद्रपुर, जिला सक्ती के रूप में हुई है। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि, आरोपी जिले के कई थाना क्षेत्रों में सक्रिय था। वह बेहद शातिर तरीके से चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी पहले मकानों की रेकी करता था, फिर मौका पाकर घरों से कीमती जेवरात चुरा लेता था। निर्माण सामग्री का झांसा देकर गहनों पर करता था हाथ साफ पुलिस जांच में पता चला है कि, आरोपी उन घरों को निशाना बनाता था, जहां मकान बन रहा होता था। बाहर ईंट, गिट्टी और दूसरी निर्माण सामग्री पड़ी रहती थी। वह खासतौर पर ऐसे घर चुनता था, जहां केवल बच्चे या बुजुर्ग रहते थे। आरोपी खुद को बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर बताकर सस्ती कीमत में छड़ और सीमेंट दिलाने का लालच देता था। बातचीत के बहाने वह घर के अंदर जाता और मौका मिलते ही सोने-चांदी के गहने चोरी कर फरार हो जाता था। 24 चोरी की घटनाओं में शामिल आरोपी पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 5 महीने में महासमुंद में 15 चोरी की है। चोरियों के बाद वह पंजाब चला जाता था। दुर्ग जिले के उतई, रंनचिरई, जामगांव, धमतरी के भखारा, अंड़ा, मगरलोड़ और जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़, बिर्रा थाना क्षेत्रों में भी चोरी की है। चोरी के बाद वह जेवरात को कई ज्वेलर्स दुकानों में बेच देता था। पुलिस ने पिथौरा के जीएस ज्वेलर्स और भंवरपुर के कैलाश ज्वेलर्स से चोरी के गहने जब्त किए हैं। सरायपाली के तमन्ना ज्वेलर्स और संतोष ज्वेलर्स से आभूषणों की रिकवरी अभी बाकी है। इलाज के बहाने पुलिस हिरासत से फरार हो चुका है आरोपी पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले भी दुर्ग और जांजगीर-चांपा सहित कई जिलों में चोरी के मामले दर्ज हैं। आरोपी को आदतन अपराधी बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक वह पहले न्यायिक रिमांड के दौरान इलाज के बहाने पुलिस की हिरासत से फरार भी हो चुका है। पुलिस ने क्या-क्या किया बरामद पुलिस ने आरोपी के कब्जे सोने के ज्वेलरी 63.30 ग्राम (कीमत 25 लाख 52 हजार 200 रुपए), चांदी के ज्वेलरी 2 किलो 585.94 ग्राम (कीमत 6 लाख 41 हजार 700 रुपए), बाइक, मोबाइल फोन समेत 32 लाख 38 हजार 900 रुपए का सामान बरामद किया गया है। ज्वेलरी कारोबारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में एसपी प्रभात कुमार का कहना है कि, चोरी के जेवर खरीदने वाले कुछ ज्वेलरी कारोबारियों की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है। मामले में आगे जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। ………………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… महासमुंद में 2 दिन में डेढ़ करोड़ का गांजा पकड़ाया:एबुंलेंस-पिकअप से तस्करी, ओडिशा से महाराष्ट्र ले जा रहे थे, 7 अरेस्ट छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में शुक्रवार को पुलिस ने एम्बुलेंस से 77 किलो गांजा जब्त किया है। इसके साथ 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा पुलिस ने पायलेटिंग कार और 5 मोबाइल भी जब्त किया है। जब्त माल की कुल कीमत 50.45 लाख आंकी गई है। पढ़ें पूरी खबर…
बागपत में पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान मुठभेड़ के बाद दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की गोली लगने से एक अभियुक्त घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ये दोनों अभियुक्त एक हत्या के मामले में वांछित थे। पुलिस को देर रात सूचना मिली थी कि बाइक पर सवार दो व्यक्ति किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। इस पर बागपत शहर कोतवाली पुलिस और सर्विलांस टीम ने घेराबंदी की। मुठभेड़ के दौरान एक व्यक्ति के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरे को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया। घायल अभियुक्त की पहचान समीर के रूप में हुई है, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दूसरे गिरफ्तार अभियुक्त का नाम नूर मोहम्मद है। इनके कब्जे से एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है। सीओ विजय चौधरी ने बताया कि 26 अप्रैल को निरोजपुर संतोषपुर रजवाहे के पास एक व्यक्ति का शव मिला था। उसकी पहचान कस्बा बागपत निवासी कृष्ण के रूप में हुई थी। परिजनों की तहरीर पर मामला दर्ज किया गया था और बागपत एसपी के निर्देश पर पुलिस टीम इस घटना की गुत्थी सुलझाने में जुटी थी। फिलहाल इस हत्याकांड में शामिल तो बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया है फिलहाल, घायल बदमाश का उपचार जारी है और दूसरे गिरफ्तार अभियुक्त से पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस टीम पूरे मामले की गहन छानबीन कर रही है।
सीतापुर में वर्ष 2010 में हुई तहसीलदार की पत्नी की हत्या के मामले में करीब 16 वर्ष बाद अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रभावी विवेचना और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के चलते दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 16 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) (ओएडब्ल्यू) सीतापुर की अदालत ने शुक्रवार शाम सुनाया गया। मामला थाना कोतवाली नगर में वर्ष 2010 में दर्ज मुकदमा संख्या 715/10 से जुड़ा है। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत इस मामले की लगातार प्रभावी पैरवी की गई। अदालत ने दोषसिद्ध अभियुक्त सफदर अली पुत्र रहमत अली निवासी सदर बाजार थाना कोतवाली नगर तथा फजल पुत्र अफजल अली निवासी बेगम बाग थाना कोतवाली नगर को धारा 302, 394 और 411 भादवि के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। घटना वर्ष 2010 की है, जब लहरपुर तहसील में तहसीलदार न्यायिक के पद पर तैनात रायबरेली निवासी दिनेश कुमार सिंह की पत्नी पूनम सिंह का शव शहर के मोहल्ला शिवपुरी स्थित आवास में खून से लथपथ मिला था। उस समय दिनेश कुमार सिंह ड्यूटी पर गए हुए थे। घटना की सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। उन्होंने घर में लूटपाट के बाद हत्या किए जाने की आशंका जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस जांच के दौरान दोनों आरोपियों के नाम सामने आए। विवेचना में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
जौनपुर में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को अब पोस्टपेड आधार पर बिजली बिलों का भुगतान करना होगा। अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिले में प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड में बदला जा रहा है। मई महीने की ऊर्जा खपत का बिल जून से पोस्टपेड आधार पर जारी किया जाएगा। मनोज कुमार के अनुसार, जिले में कुल 1,93,087 स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। इनमें से 1,61,252 मीटर पहले स्मार्ट प्रीपेड मोड में थे। अब इन सभी प्रीपेड उपभोक्ताओं को पोस्टपेड प्रणाली में परिवर्तित करने की प्रक्रिया चल रही है। स्मार्ट पोस्टपेड मोड के बिल उपभोक्ताओं को एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे। ये बिल हर महीने की 10 तारीख तक उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजे जाएंगे। जिन स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बिल एसएमएस पर प्राप्त नहीं होता है या जिनका मोबाइल नंबर पंजीकृत नहीं है, वे अपने नजदीकी उपकेंद्र, उपखंड या खंड कार्यालय से संपर्क कर अपना नंबर अपडेट करवा सकते हैं। प्रीपेड से पोस्टपेड में परिवर्तन के कारण पूर्व में समायोजित की गई सुरक्षा धनराशि को चार समान किस्तों में समायोजित किया जाएगा। यह समायोजन जून के बिल और उसके बाद आने वाले तीन बिलों में किया जाएगा।
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना क्षेत्र में मेरठ-करनाल हाईवे पर शुक्रवार देर रात एक बड़ा हादसा हुआ। मेरठ से सरिया लेकर पंजाब के मंडी गोविंदगढ़ जा रहा एक ट्रक टायर फटने के बाद बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गया, जिससे उसमें भीषण आग लग गई। हादसे में चालक ने कूदकर अपनी जान बचाई। यह घटना रात करीब 11:30 बजे की बताई जा रही है। टक्कर के तुरंत बाद ट्रक की डीजल टंकी फट गई और देखते ही देखते पूरा ट्रक आग के गोले में बदल गया। ट्रक में भारी मात्रा में सरिया लदा होने के कारण आग तेजी से फैल गई और कुछ ही मिनटों में पूरा वाहन धू-धू कर जलने लगा। हादसे के दौरान बदायूं निवासी ट्रक चालक राजू अली ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते ट्रक से कूदकर अपनी जान बचा ली। परिचालक भी सुरक्षित बाहर निकल आया। हाईवे पर गुजर रहे अन्य वाहन चालक भी अचानक उठती लपटों और धुएं के गुबार को देखकर सहम गए और अपने वाहनों को रोककर दूरी बनाने लगे। दमकल कर्मियों के मुताबिक, आग लगते ही ट्रक से धमाके जैसी आवाजें भी सुनाई दीं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही बुढ़ाना फायर सेंटर की दमकल गाड़ी मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। सरिया लदा होने के कारण आग पर काबू पाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक ट्रक पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था। इस हादसे के चलते हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रैफिक को संभाला और यातायात सुचारू कराया। गनीमत रही कि इस भीषण हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
नालंदा में तेज रफ्तार ट्रक ने युवक को रौंद दिया। हादसे के बाद गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया। जहां उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान वृंदावन निवासी राम जीवन मिस्त्री के पुत्र धनराज कुमार(20) के तौर पर हुई है। घटना सरमेरा थाना क्षेत्र के सरमेरा गांव के पास की है। चचेरे भाई रंजन कुमार ने बताया कि धनराज सामान लाने के लिए पैदल ही बाजार जा रहा है। रास्ते में ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वो सड़क पर गिर गया। पुलिस और स्थानीय लोगों के सहयोग से पीएचसी लाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने बिहार शरीफ सदर अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। आरोपी ड्राइवर की तलाश जारी सरमेरा थानाध्यक्ष साकेंद्र कुमार बिंद ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फरार ट्रक चालक की तलाश की जा रही है। परिजनों की ओर से लिखित आवेदन मिलने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नरसिंहपुर जिले के मुंगवानी थाना क्षेत्र में शनिवार तड़के एक यात्री बस हादसे का शिकार हो गई। नेपाल से बेंगलुरु जा रही बस राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में बस के हेल्पर सहित छह यात्री घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, बस क्रमांक एमपी 13 जेडएक्स 0793 सुबह करीब 4 बजे हाईवे पर पलट गई। उस समय ज्यादातर यात्री सो रहे थे। हादसे के बाद बस में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में 6 लोग गंभीर घायल घायलों की पहचान दीपेंद्र (37), विमल (4), संगीता (20), उर्मिला साईं (21), सुदीप सिंह और सूजन सिंह (16) के रूप में हुई है। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। यात्री बोले-अचानक जोरदार झटका लगा बस में सवार यात्री सिंह बहादुर ने बताया कि अचानक जोरदार झटका लगा और बस पलट गई। हादसे के बाद लोग घबराकर बस से बाहर निकले। उन्होंने बताया कि बाकी यात्री पास के एक ढाबे पर रुके हुए हैं और बस के ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं। सूचना मिलते ही मुंगवानी पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में हादसे की वजह चालक द्वारा वाहन पर नियंत्रण खोना माना जा रहा है।
सीहोर-इछावर स्टेट हाईवे पर एंबुलेंस और ट्रक के बीच भिड़ंत हो गई। हादसे में एंबुलेंस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि ड्राइवर केबिन में बुरी तरह फंस गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद केबिन काटकर घायल चालक को बाहर निकाला। उसे अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों ने दूसरी एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन एक घंटे तक कोई एंबुलेंस नहीं पहुंची। समय पर मेडिकल मदद नहीं मिलने से लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखने को मिली। घटना शुक्रवार देर रात दो पुलिया जोड़ के पास की है। देखिए 2 तस्वीरें… लोगों का आरोप- बिना मरीज के दौड़ाई जाती हैं एंबुलेंस चश्मदीदों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि एंबुलेंस चालक अकसर बिना आपात स्थिति या मरीज के भी हाईवे पर तेज रफ्तार में सायरन बजाकर गाड़ियां चलाते हैं। उन्होंने इन सरकारी वाहनों का निजी कार्यों के लिए उपयोग करने का भी आरोप लगाया। लोगों का कहना है कि इसी वजह से कई बार वास्तविक मरीजों को समय पर एंबुलेंस नहीं मिल पाती है। पुलिस कर रही सायरन के गलत इस्तेमाल की जांच घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात बहाल कराया। शुरुआती जांच में दुर्घटना की मुख्य वजह तेज रफ्तार और लापरवाही मानी जा रही है। इछावर थाना प्रभारी पंकज वाडेकर ने बताया कि एक व्यक्ति के घायल होने की जानकारी मिली है, जिसे लोगों ने अस्पताल भेज दिया था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि हादसे के वक्त एंबुलेंस में कोई मरीज था या नहीं। यह खबर भी पढ़ें मवेशी से टकराई बाइक, डेढ़ साल की बच्ची की मौत शाजापुर जिले के सुनेरा थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-52 पर शुक्रवार रात सड़क हादसे में डेढ़ साल की बच्ची की मौत हो गई। हादसा बालाजी होटल मझानिया जोड़ के पास हुआ, जहां बाइक अचानक सड़क पर आए मवेशी से टकरा गई। हादसे में बच्ची के माता-पिता भी घायल हो गए। पढ़ें पूरी खबर
मेनार गांव में पांच दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा एवं धार्मिक महोत्सव शुक्रवार को संपन्न हो गया। ब्रह्म सागर की पाल पर स्थित प्राचीन श्री नीलकंठ महादेव मंदिर, इच्छापूर्ण हनुमान मंदिर और हनुमान नगर खेड़ा स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में यह आयोजन विकावतो की हास एवं समस्त ग्रामवासियों के तत्वावधान में हुआ। महोत्सव के दौरान वैदिक रीति-विधान, मंत्रोच्चार, हवन पूर्णाहुति और महाप्रसादी के साथ श्रद्धापूर्वक कार्यक्रम संपन्न हुए। बजरंग दल के सदस्यों ने सभी मेहमानों और श्रद्धालुओं के लिए पानी एवं अल्पाहार की व्यवस्था की। पूरे गांव में सुबह से ही धार्मिक उल्लास का वातावरण था। मंदिरों में शंखनाद, घंटियों की मधुर ध्वनि और वेद मंत्रों के उच्चारण से मेनार भक्तिमय हो उठा। हर-हर महादेव, जय श्रीराम और बजरंगबली की जय के जयघोष गूंजते रहे। आचार्य अंबालाल शर्मा, अजय नागदा और शंकरलाल चौबीसा के सानिध्य में अलसुबह 4 बजे जागृत देवताओं की विशेष पूजा-अर्चना के साथ महारुद्र एवं मारुति महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालु मंदिर परिसरों में पहुंचने लगे और वैदिक अनुष्ठानों में शामिल हुए। सुबह 8:19 बजे से 10:32 बजे तक वृषभ लग्न के शुभ मुहूर्त में हनुमान नगर खेड़ा स्थित पंचमुखी हनुमानजी मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन हुआ। प्रातः 9:15 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंचमुखी हनुमानजी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसके बाद मंदिर शिखर पर कलश स्थापना एवं ध्वजादंडारोहण हुआ। भगवान को विशेष राजभोग अर्पित कर महाआरती की गई और हवन अनुष्ठान की पूर्णाहुति दी गई। इसके बाद प्रातः 11:15 बजे मिथुन लग्न में ब्रह्म सागर की पाल पर स्थित इच्छापूर्ण हनुमानजी मंदिर में कलश स्थापना एवं ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न हुआ। मंदिर में विशेष श्रृंगार कर भगवान को छप्पन भोग स्वरूप राजभोग अर्पित किया गया तथा महाआरती उतारी गई। इसी क्रम में मंदिर परिसर में नवग्रह स्थापना भी विधिवत संपन्न हुई, जिसका लाभ राधेश्याम पुत्र पृथ्वीराज पांचावत परिवार ने लिया। वहीं, श्री नीलकंठ महादेव मंदिर के गर्भगृह में भगवान गणेश एवं भगवान कार्तिकेय की मूर्तियों की स्थापना भी वैदिक परंपरा के अनुसार कराई गई। आचार्य अंबालाल शर्मा ने बताया कि दोपहर 12:15 बजे अभिजीत मुहूर्त एवं मिथुन लग्न में प्राचीन श्री नीलकंठ महादेव मंदिर पर कलश स्थापना एवं ध्वजारोहण का भव्य कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। भगवान भोलेनाथ का विशेष अभिषेक, पूजन एवं राजभोग के बाद महाआरती की गई। महारुद्र महायज्ञ की पूर्णाहुति देकर विधिवत विसर्जन सम्पन्न हुआ तथा श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात दोपहर 1:30 बजे से श्री अंबामाताजी नोहरा परिसर में विशाल महाप्रसादी का आयोजन शुरू हुआ, जो देर रात 9 बजे तक निरंतर चलता रहा। महाप्रसादी में मेनार सहित रुंडेडा, वाना, बांसड़ा, खरसान, बाठरड़ा खुर्द, मावली डांगियान, भटेवर, विजयपुरा, इंटाली, सालेड़ा, कलवल, रोहिड़ा, फतेहनगर, गवारड़ी, पानेरियों की मादड़ी, उदयपुर, चित्तौड़गढ़ एवं मालवा क्षेत्र से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर धर्मलाभ लिया। पूरा गांव पांच दिनों तक धर्ममय वातावरण में सराबोर रहा। मंदिरों को आकर्षक विद्युत सज्जा एवं फूलों से सजाया गया था। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन, हवन, आरती एवं धार्मिक अनुष्ठानों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। धार्मिक महोत्सव में चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी, सूरजकुंड के महाराज श्री अवधेशानंद जी, अखिल भारतीय मेनारिया ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरज पानेरी, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष गणपतलाल मेनारिया, समाज के कोषाध्यक्ष ओंकारलाल मेनारिया, वल्लभनगर जॉन मंत्री यशवंत धर्मावत, समाजसेवी अंबालाल मेनारिया, रामलाल मेनारिया, ओमप्रकाश मेनारिया, जगन्नाथ मेनारिया मादड़ी, राधेश्याम मेनारिया, चीरवा, मेनारिया दर्पण न्यास के रवि मेनारिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाजजन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आरा-मोहनिया नेशनल हाईवे पर दो बाइकों की सीधी टक्कर हो गई। हादसे में एक बाइक सवार की मौत हो गई, जबकि दूसरे की हालत गंभीर है। मृतक की पहचान खैराहा गांव(वार्ड नंबर 2) के जगदीश शर्मा(50) के तौर पर हुई है। पेशे से ड्राइवर थे। वर्तमान में आरा सिविल कोर्ट के जज की गाड़ी चलाते थे। घटना जगदीशपुर थाना क्षेत्र के नयका टोला मोड़ के पास की है। मृतक के बेटे संतोष शर्मा ने बताया कि गुरुवार को मौसेरे भाई के नाती के तिलक में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद बाइस से घर लौट रहे थे। रास्ते में हादसे के शिकार हो गए। गंभीर हालत में अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया। जहां से डॉक्टरों ने सदर हॉस्पिटल रेफर कर दिया। इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घर में मचा कोहराम पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। परिवार में पत्नी उर्मिला देवी, तीन पुत्र संतोष शर्मा, सोनू शर्मा, गुड्डू शर्मा और दो पुत्री पूजा देवी, रीता देवी है। घटना के बाद घर में कोहराम मच गया है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
श्मशान घाट में सोते, झाड़ियों में छिपाते चोरी की बाइक:जयपुर पुलिस ने मजदूर बन पकड़ी ‘जोम्बी गैंग
जयपुर वेस्ट पुलिस ने वाहन चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 10 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की हैं। आरोपियों के वारदात के तरीके से पुलिस भी हैरान है। आरोपी दिन में शहर और ग्रामीण इलाकों से बाइक चोरी करते, फिर उन्हें न्यू ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र के खाली भूखंडों और झाड़ियों में छिपा देते थे। रात होने पर दोनों बदमाश आसपास के श्मशान घाटों में जाकर सो जाते थे ताकि पुलिस और लोगों की नजर से बच सकें। बाद में बाइक के पार्ट्स खोलकर उन्हें बेच दिया जाता था। पुलिस ने इस गिरोह को “जोम्बी गैंग” नाम दिया है। 100 से 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से मिला इनपुट डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि मामले की शुरुआत 26 अप्रैल को शंकर कॉलोनी, न्यू लोहा मंडी रोड हरमाड़ा से मोटरसाइकिल नंबर RJ26SP4712 चोरी होने की शिकायत से हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और करीब 100 से 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में सामने आया कि आरोपी चोरी के बाद वाहनों को न्यू ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में छिपा देते थे, जहां सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे थे। पुलिस ने मजदूर बन पकड़ा हरमाड़ा थानाप्रभारी उदय सिंह ने बताया कि लगातार निगरानी के बाद 7 मई को पुलिस टीम ने मजदूरों का वेश धारण कर दोनों संदिग्धों का पीछा किया। पुलिस ने देखा कि आरोपी झाड़ियों में छिपाई गई मोटरसाइकिलों के पार्ट्स खोल रहे थे। इसी दौरान टीम ने दोनों को दबोच लिया। चौमूं, मूरलीपुरा, विश्वकर्मा, करधनी और सामोद समेत कई इलाकों में चोरी की पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे चौमूं, मूरलीपुरा, विश्वकर्मा, करधनी और सामोद समेत कई इलाकों से बाइक चोरी कर चुके हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास चौधरी और अक्षय पारीक के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की कुल 10 मोटरसाइकिल बरामद की हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं और फिलहाल उनसे अन्य वारदातों को लेकर पूछताछ जारी है।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान वकील पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने माना कि वकील ने समान मामले में पहले से पारित आदेश की जानकारी छिपाकर इंदौर बेंच से अंतरिम राहत हासिल की। हाईकोर्ट ने वकील दिनेश सिंह चौहान को निर्देश दिए कि वे जुर्माने की राशि तुरंत हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति के सचिव के पास जमा करें। मामला प्राथमिक शिक्षक भर्ती से जुड़ी याचिकाओं का है। सुनवाई के दौरान वकील दिनेश सिंह चौहान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए। इसी दौरान संबंधित अन्य याचिकाओं के वकील ने कोर्ट को बताया कि इसी मुद्दे पर दायर एक याचिका को जबलपुर बेंच ने 6 अप्रैल को खारिज कर दिया था। इसके बावजूद वकील चौहान ने उक्त तथ्य छिपाकर इंदौर बेंच में समान मामले में 27 अप्रैल को अंतरिम राहत प्राप्त कर ली। कोर्ट ने नहीं मानी वकील की दलील सुनवाई के दौरान वकील दिनेश चौहान ने दलील दी कि जिन याचिकाओं को खारिज किया गया था, उनमें वे पैरोकार नहीं थे, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि उन्होंने तथ्य छिपाए। हालांकि जस्टिस विशाल धगट की कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। वकालतनामा प्रस्तुत किए बिना उपस्थित हुए कोर्ट ने कहा कि वकील दिनेश चौहान इसी मुद्दे से जुड़ी कई याचिकाओं में ऑनलाइन पैरवी कर रहे हैं, ऐसे में यह मानना संभव नहीं है कि उन्हें पहले के आदेश की जानकारी नहीं थी। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि संबंधित केस में वे बिना वकालतनामा प्रस्तुत किए भी उपस्थित हुए थे।
28 साल की युवती घर से लापता:परिवार ने युवक पर शक जताया,गेहूं पिसवाने गई महिला भी वापस नहीं लौटी
सीकर जिले में 28 साल की युवती और 40 साल की महिला के लापता होने का मामला सामने आया है। युवती घर से बिना बताए कहीं पर चली गई। वहीं 40 साल की महिला गेहूं पिसवाने के लिए गई थी। जो वापस नहीं लौटी। दोनों के परिवार ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज करवाई है। 28 साल की युवती ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि एक 1 तारीख को उनकी बेटी रात के समय घर पर परिवार के साथ ही सोई थी। सुबह जब उठे तो बेटी वहां पर नहीं मिली। बेटी का मोबाइल ट्राई किया गया तो वह भी स्विच ऑफ था। परिवार को आशंका है कि एरिया का ही रहने वाला एक युवक बेटी को अपने साथ बहला-फुसलाकर ले गया। 40 साल की महिला के परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी देकर बताया कि दोपहर के समय करीब 12 बजे महिला गेहूं पिसवाने की बात कहकर पड़ोसी गांव के लिए निकली थी। जो अभी तक वापस नहीं लौटी। 22 साल की महिला भी लापता जिले में 22 साल की महिला के भी लापता होने का मामला सामने आया है। महिला के पति ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि 7 मई की दोपहर को उनकी पत्नी नजदीकी गांव से कपड़े लाने की बात कहकर निकली थी जो अबतक वापस नहीं लौटी है।
यूपी से ओडिशा तक बनी ट्रफ लाइन के असर से छत्तीसगढ़ में मौसम बदला हुआ है। प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में आज भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। अगले दो दिनों तक कुछ जगहों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। हालांकि 11 मई के बाद आंधी-तूफान की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने के संकेत हैं। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटे में प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार को प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज हुआ। 2-3 डिग्री बढ़ेगा तापमान बीते 24 घंटों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया गया। आने वाले दो दिनों तक तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं होगा, लेकिन उसके बाद अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। रायपुर के मौसम का हाल रायपुर में आज बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
मोतिहारी में शुक्रवार देर रात एक होलसेल दुकान में आग लग गई। देर रात करीब साढ़े 12 बजे लगी आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी दो मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। इस आग में दो बच्चों समेत तीन की जलकर मौत हो गई, जबकि 2 लोग घायल हैं। घटना ढाका प्रखंड अंतर्गत बड़हरवा फतेह मोहम्मद गांव की है। आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब साढ़े 7 घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। आग इतनी भयावह थी कि दूर से ही लपटें दिखाई दे रहीं थीं। पूरा घर किसी भट्टी की तरह जलता दिखाई दिया। आग की कुछ तस्वीरें देखिए… दुकान मालिक के 2 बच्चों, स्टाफ की मौत इस आग में दुकान मालिक राजकुमार साह के 2 बच्चों बेटे रुद्र(8), बेटी सृष्टि(10) और झरोखर थाना के भंगहा निवासी स्टाफ प्रिंस कुमार की जलकर मौत हो गई। 3 दमकल की गाड़ियों ने घंटों मशक्कत के बाद काबू पाया गया। दुकान के मालिक राजकुमार साह भी बुरी तरह से झुलस गए हैं, उन्हें मोतिहारी रेफर किया गया है। तीनों गाड़ियों का पानी खत्म हो गया, इसके बाद पास के घर से टैंक भरा गया और आग बुझाई गई। सारा सामान जला, लाखों का नुकसान हालांकि, जब तक आग बुझाई गई, तब तक दुकान में रखा भारी मात्रा में किराना और अन्य सामान पूरी तरह जलकर राख हो चुका था। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है। आग लगने के कारणों का अब तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन किया जा रहा है। खबर अपडेट की जा रही….
पाली में शुक्रवार देर शाम को एक बाइक ट्रेक्टर ट्रॉली से टकरा गई। हादसे में दो सगे भाई घायल हो गए। एक का तो पैर बुरी तरह टूट गया। उसके पैर की टूटी हड्डी तक दिखने लग गई। दोनों का पाली के बांगड़ हॉस्पिटल में उपचार किया गया। पाली जिले के शिवपुरा थाना क्षेत्र में जाडन से सरदारसमंद की तरफ जाने वाले रोड पर शुक्रवार देर शाम को टोल नांके के निकट एक बाइक ट्रेक्टर से टकरा गई। इस हादसे में सूरायता (पाली) निवासी 19 साल का हरीश पुत्र देवाराम और उसका 13 साल का छोटा भाई पवन घायल हो यगा। हरीश के पैर में गंभीर चोट आई। घुटने से नीचे उसका एक पैर टूट गया। जिससे टूटी हड्डी तक देखने लग गई। दोनों को एम्बुलेंस से इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया। जहां दोनों का उपचार किया गया। हादसे की जानकारी मिलने पर उनके परिजन भी बांगड़ हॉस्पिटल पहुंचे। दोनों बाइक लेकर पाली में अपने दोस्त से मिलने आए थे। जो वापस गांव जाते समय हादसे का शिकार हो गए।
कानपुर के सेन में चलती अर्टिगा कार में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते कार आग के गोले में तब्दील हो गई। चालक ने कूदकर अपनी जान बचाने के साथ घटना की सूचना पुलिस दो दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने फायर ब्रिगेड की टीम की मदद से आग पर काबू पाया है। आग की चपेट में आने से कार जलकर राख हो गई। कोई हताहत नहीं हुआ है। चलती कार में अचनाक लगी आग, ड्राइवन ने कूदकर जान बचाई सचेंडी थाना क्षेत्र के रामपुर निवासी दीपक शर्मा पुत्र राजाराम शर्मा ने बताया कि उनका घर रमईपुर में है। वह शुक्रवार की रात में घर से खाना लेने जाने के लिए अर्टिगा कार से जा रहे थे। सेन पश्चिम पारा थाना क्षेत्र के पूरब पारा के पास पहुंचे ही थे, कि कार में अचानक तेज आवाज के साथ आग लग गई। देखते ही देखते कार आग के गोले में तब्दील हो गई। कार चला रहे दीपक शर्मा ने जलती हुई कार से कूदकर अपनी जान बचाई हैं। जिसके साथ उसने पुलिस को कार में आग लगने की सूचना फोनकर दी। जानकारी मिलते मौके पर पहुंची पुलिस ने फायर ब्रिगेड की टीम की मदद से कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया है। इस दौरान मार्ग पर लगभग एक घंटे यातयात बाधित रहा। पुलिस ने कार को किनारे करवाकर यातयात बहाल कराया है। आग की चपेट में आने से कार जलकर राख हो गई। इंस्पेक्टर बोले- कोई हताहत नहीं, आग बुझाई गई सेन पश्चिम पारा इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी, हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है। फायर ब्रिगेड की मदद से कड़ी मशक्कत मदद से आग पर काबू पाया गया है। इस दौरान कार जल गई है। घटना की जांच पड़ताल की जा रही है।
विदिशा में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए शनिवार को जिला न्यायालय परिसर के सामने मोबाइल कोर्ट लगाकर सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। सीजेएम रमाकांत भारके और अन्य न्यायाधीशों की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई में मौके पर ही 75 चालान बनाए गए। इस दौरान बस, ट्रक, कार और दोपहिया वाहनों की जांच कर बिना हेलमेट, ब्लैक फिल्म और मॉडिफाइड साइलेंसर वाले वाहनों पर जुर्माने की कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान पुलिस ने पूर्व विधायक शशांक भार्गव की स्कॉर्पियो को रोककर नियमानुसार उसका हूटर हटवाया। इसके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष की नेम प्लेट लगी गाड़ी से भी हूटर उतरवाकर जब्त किया गया। इस दौरान वाहन में बैठे परिजनों ने पुलिस से बहस भी की, लेकिन मजिस्ट्रेट के निर्देश पर चालान बनाने की कार्रवाई पूरी की गई। नाबालिग लड़के-लड़कियों को वाहन चलाते हुए पकड़ाचेकिंग के दौरान मोबाइल कोर्ट ने कई नाबालिग लड़के-लड़कियों को वाहन चलाते हुए पकड़ा। न्यायालय के सख्त निर्देश पर उनके परिजनों को मौके पर बुलाया गया और उन्हें हिदायत देकर समझाइश दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नाबालिगों को वाहन चलाने देना कानूनी अपराध है। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रेडियम पट्टियां भी लगवाई गईं। अवैध हूटर पर तीन हजार रुपए का जुर्मानाअधिकारियों ने बताया कि बिना हेलमेट वालों पर एक हजार और अवैध हूटर पर तीन हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। सीजेएम रमाकांत भारके ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। इससे दो दिन पहले भी मोबाइल कोर्ट ने 36 वाहनों पर कार्रवाई कर 46 हजार 900 रुपए का जुर्माना वसूला था। देखिए तस्वीरें…
पटना नगर निगम अभी प्रॉपर्टी टैक्स के भुगतान पर मूल कर राशि में 5 प्रतिशत की छूट दे रही है। 1 अप्रैल से 7 मई 2026 के बीच कुल 35948 संपत्तिधारकों ने प्रॉपर्टी टैक्स जमा कर लगभग 40.11 लाख रुपये की बचत की है। इस दौरान पटना नगर निगम को करीब 11 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स रेवन्यू के रूप में प्राप्त हुआ है। बिहार नगरपालिका संपत्ति कर नियमावली, 2013 के तहत ये छुट दी जा रही है। हर अंचल में प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन की स्थिति ऑनलाइन भुगतान को मिल रही प्राथमिकता वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने वाले करीब 60 प्रतिशत करदाताओं ने ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग किया है। करदाता पटना नगर निगम पोर्टल के अलावा अधिकृत यूपीआई ऐप्स जैसे पेटीएम, भीम और गूगल-पे के जरिए भी भुगतान कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त नगर निगम मुख्यालय और सभी अंचल कार्यालयों में चेक, डिमांड ड्राफ्ट और नकद माध्यम से भी कर जमा किया जा सकता है। 30 जून तक मिलेगी 5 प्रतिशत की छूट पिछले साल 1 अप्रैल 2025 से 7 मई 2025 तक करीब 47 हजार होल्डिंग्स से लगभग 13 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स प्राप्त हुआ था। इस साल लोगों को रियायत का लाभ दिलाने के लिए निगम के काउंटर हर दिन सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक खुले रह रहे हैं। निगम द्वारा बड़े बकायेदारों को शॉर्ट मैसेज सर्विस (SMS) के माध्यम से समय पर टैक्स भुगतान करने और छूट का लाभ उठाने की अपील की जा रही है।
स्वदेशी जागरण मंच की ओर से शुक्रवार शाम को स्वदेशी संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। रणथभौर रोड स्थित एक पांच सितारा होटल में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान यहां स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संयोजक राष्ट्रीय संगठन मंत्री अखिल भारतीय महिला प्रमुख की ओर से लोगों से संवाद किया गया। स्वदेशी संवाद में लोगों को स्वदेशी उत्पादों के उपयोग के लिए जागरूक किया स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री कश्मीरी लाल ने बताया कि शनिवार और रविवार को अखिल भारतीय कार्यकारी परिषद की बैठक आयोजित की जाएगी। जिसमें संगठन के साथ आठ बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी। ईंधन संकट, युद्ध के चलते उत्पन्न हुए संकट पर चर्चा की जाएगी। चर्चा के दौरान ईंधन के भारतीय विकल्प जैसे सोलर ऊर्जा, बायो गैस आदि के बारे चर्चा की जाएगी। इससे पहले यहां शुक्रवार शाम को स्वदेशी संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें लोगों को स्वदेशी उत्पादों के उपयोग के लिए जागरूक किया गया। जिसमें चरखे से लेकर चंद्रयान तक, चिप्स से लेकर माइक्रो चिप पर चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंत में मौजूद सभी लोगों ने ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करने का संकल्प लिया। इस दौरान स्वदेशी संवाद के दौरान स्वदेशी जागरण मंच की अखिल भारतीय महिला अर्चना मीणा, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्य सचिव राजेश मीणा, पूर्व सांसद दौसा जसकौर मीणा, संतोष शर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र से 20 लाख रुपए से अधिक की सरसों से भरा एक ट्रक रास्ते से गायब हो गया है। ट्रक कृषि उपज मंडी पोहरी से शमसाबाद (आगरा) के लिए रवाना हुआ था, लेकिन वह तय समय पर नहीं पहुंचा। व्यापारी की शिकायत पर पुलिस ने फरार ट्रक चालक के खिलाफ गबन का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्राम तिघरा खोड़ निवासी दिनेश धाकड़ ने बताया कि वे अपने भाई के साथ 'लखन ट्रेडर्स' फर्म का संचालन करते हैं। उन्होंने बैराड़ स्थित एक ट्रांसपोर्ट कंपनी से माल भेजने के लिए ट्रक (RJ11 GB 4391) मंगवाया था। इस ट्रक में पोहरी मंडी से 415 कट्टे सरसों लोड की गई थी, जिसकी कुल कीमत 20 लाख 62 हजार 797 रुपए है। मोबाइल लगातार बंद आ रहा व्यापारी के अनुसार, 5 मई की रात करीब 8:30 बजे ट्रक मंडी से रवाना हुआ था। चालक ने अपना नाम विजय बताया था। जब ट्रक तय समय पर आगरा नहीं पहुंचा, तो व्यापारी ने चालक से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उसका मोबाइल लगातार बंद आ रहा है। व्यापारी का आरोप है कि चालक रास्ते में ही माल को खुर्द-बुर्द कर फरार हो गया है। 'मंडी समिति का कोई हस्तक्षेप नहीं होता' शिकायत के बाद पोहरी थाना पुलिस ने आरोपी चालक विजय के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(3) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। इधर, मंडी कर्मचारियों का कहना है कि ऑनलाइन अनुज्ञा पत्र व्यापारी स्वयं अपनी आईडी से जारी करता है। इसमें मंडी समिति का कोई हस्तक्षेप नहीं होता, कर्मचारी सिर्फ वाहनों के अनुज्ञा पत्र की जांच करते हैं।
जालंधर में बीएसएफ (BSF) हेडक्वार्टर के पास हुए IED धमाके में स्कूटी खोने वाले डिलीवरी बॉय को राज्यसभा सांसद साहनी स्कूटी लेकर देंगे। सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने पीड़ित युवक गुरप्रीत के पिता कश्मीर सिंह के साथ फोन पर बात की और पूरी जानकारी ली। सांसद ने कहा कि वह आपके बेटे गुरप्रीत को नई स्कूटी लेकर देंगे। कौन सी स्कूटी चाहिए, उसका मॉडल मेरे पीए को भिजवा दें। साहनी ने ये भी कहा कि अगर बेटा डिलीवरी का ही काम जारी रखना चाहता है, तो उनको कोई आपत्ति नहीं है। हां अगर वो स्किल होकर कुछ और बेहतर करना चाहता है तो उनकी सन फाउंडेशन उसे स्किल्ड करेगी। सांसद ने धमाके में घायल हुए गुरप्रीत का हाल भी जाना और कहा कि अगर इलाज में भी जरूरत हो तो बताइएगा। बता दें कि धमाके वाली रात 8 बजे जालंधर के गढ़ा का गुरप्रीत अपनी स्कूटी से बीएसएफ में पार्सल लेने आया था। इस दौरान वह स्कूल के पास ही मोबाइल पर मेल सर्च कर रहा था कि उसके पिता का फोन आ गया। फोन सुनते हुए जैसे ही गुरप्रीत स्कूटी से कुछ दूर गया तो वहां पर धमाका हो गया। गुरप्रीत को एक कान से सुनाई नहीं दे रहा धमाके के बाद गुरप्रीत को एक कान से सुनाई नहीं दे रहा है। वह अभी भी सहमा हुआ है। इस हादसे में अपना रोजगार और वाहन गंवा चुके युवा डिलीवरी बॉय गुरप्रीत सिंह की मदद के लिए राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने दरियादिली दिखाई है। सांसद साहनी ने कहा… गुरप्रीत की जो स्कूटी डैमेज हुई है, उसे हमारी संस्था सन फाउंडेशन लेकर देगी ताकि वह दोबारा अपने पैरों पर खड़ा हो सके और अपना काम शुरू कर सके। धमाके में तबाह हो गया था रोजगार का साधन धमाके के वक्त गुरप्रीत सिंह अपनी स्कूटी पर सवार होकर पार्सल रिसीव करने आया था। ब्लास्ट इतना जोरदार था कि उसकी स्कूटी पूरी तरह जल गई और गुरप्रीत को भी गंभीर चोटें आईं। उसके पिता कश्मीर सिंह ने बताया कि धमाके के असर से गुरप्रीत के कान, कंधे और पैरों पर गहरे जख्म हुए हैं और उसे सुनने में भी दिक्कत आ रही है। सांसद ने फोन कर बढ़ाया हौसला सांसद विक्रम साहनी ने दिल्ली से गुरप्रीत के पिता को फोन किया। बातचीत के दौरान जब उन्हें पता चला कि परिवार का गुजारा चलाने वाला इकलौता साधन (स्कूटी) नष्ट हो चुका है, तो उन्होंने तुरंत नई बाइक देने की घोषणा की। इलाज और नौकरी का भी दिया भरोसा सांसद ने केवल वाहन तक ही अपनी मदद सीमित नहीं रखी। उन्होंने कहा कि यदि गुरप्रीत भविष्य में कुछ और सीखना चाहता है, तो वे उसे अपने स्किल सेंटर में ट्रेनिंग दिलाकर अच्छी नौकरी दिलाने में भी मदद करेंगे। फिलहाल, गुरप्रीत के इलाज और अन्य जरूरतों के लिए भी सांसद ने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। इस पहल की पूरे पंजाब में प्रशंसा हो रही है। पीड़ित परिवार ने सांसद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस मुश्किल घड़ी में यह मदद उनके लिए एक नई उम्मीद की किरण है।
छतरपुर जिले के बकस्वाहा स्थित सुनवाहा उप स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्यकर्मियों की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां शुक्रवार को नियमित जांच कराने पहुंची 5 महीने की गर्भवती महिला को फफूंद लगी और खुली हुई कैल्शियम टेबलेट दे दी गई। दवा खराब होने की जानकारी मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर कड़ी नाराजगी जताई है। ग्राम सुनवाहा की रहने वाली 22 वर्षीय हेमा नामदेव शुक्रवार को अपना उपचार कराने उप स्वास्थ्य केंद्र गई थीं। स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा दी गई दवा को जब हेमा ने ध्यान से देखा, तो टेबलेट पहले से खुली थी और उस पर सफेद धब्बे (फफूंद) लगे हुए थे। खराब दवा देखने के बाद उसने तुरंत अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं पर विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने गंदगी और अव्यवस्था पर उठाए सवालग्रामीणों ने गर्भवती महिला को इस तरह की खराब दवा देने को उसकी सेहत और जान के साथ सीधा खिलवाड़ बताया है। इसके साथ ही लोगों ने स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से व्याप्त गंदगी और अव्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का आरोप है कि अस्पताल परिसर और कमरों में हमेशा गंदगी का माहौल रहता है, जिससे यहां आने वाले मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। बीएमओ बोले- दोषी कर्मचारियों पर होगी कार्रवाईफफूंद लगी दवा दिए जाने और ग्रामीणों के हंगामे की सूचना ब्लॉक के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच गई है। इस मामले पर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) डॉ. सत्यम आसाटी ने कहा कि गर्भवती महिला को खराब दवा देना एक गंभीर लापरवाही है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शहर के एक नंबर रोड स्थित हांडी शाह दरगाह के पास वक्फ बोर्ड की जमीन से अतिक्रमण हटाने का मामला तूल पकड़ गया है। पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने इस कार्रवाई को गरीबों पर जुल्म और भ्रष्टाचार का खेल बताते हुए मोर्चा खोल दिया है। पूर्व मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा रात साढ़े 8 -9 बजे अपने समर्थकों के साथ हांडी शाह दरगाह के पास पहुंचे। मौके पर उस समय भारी तनाव फैल गया जब गुढ़ा और कोतवाली थानाधिकारी के बीच सीधी भिड़ंत हुई और पूर्व मंत्री ने गधा-गाड़ी पर चढ़कर प्रशासन और वक्फ बोर्ड के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर बनाई गई दीवार को भी तोड़ दिया गया। प्रशासनिक कार्रवाई के पीछे का विवाद और भ्रष्टाचार के आरोप दरअसल, हांडी शाह दरगाह के पास वक्फ बोर्ड की जमीन पर पिछले कई दशकों से गरीब परिवार छोटी-छोटी दुकानें और थड़ियां लगाकर अपनी आजीविका चला रहे थे। हाल ही में राजस्व रिकॉर्ड और अदालती आदेशों का हवाला देते हुए जिला प्रशासन ने इन दुकानों को हटाकर वहां दीवार खड़ी कर दी थी। राजेंद्र गुढ़ा का आरोप है कि इस कार्रवाई की आड़ में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि वक्फ बोर्ड के पदाधिकारियों और स्थानीय प्रशासन ने दुकानदारों से वापस बसने के नाम पर 5-5 लाख रुपये की मांग की। गुढ़ा ने सीधा आरोप जड़ा कि जिन लोगों ने पैसे दे दिए उनकी दुकानें सुरक्षित छोड़ दी गईं, जबकि गरीब और लाचार लोगों के आशियाने उजाड़ दिए गए। CI और गुढ़ा में हुई सीधी भिड़ंत घटनास्थल पर माहौल तब गर्म हो गया जब पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा और कोतवाली थानाधिकारी (CI) श्रवण कुमार आमने-सामने आ गए। दोनों के बीच तीखी बहस हुई। गुढ़ा ने पुलिस प्रशासन को गुंडाराज चलाने वाला बताया और आवेश में आकर थानाधिकारी से कहा, “CI तेरी कब्र खुदेगी।” थानाधिकारी ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए गुढ़ा के आरोपों को खारिज किया और सार्वजनिक रूप से कहा कि आपके शासन में आपने मुझे ऑफर किया था एक जमाने में, जो मैंने ठुकरा दिया था। गधा-गाड़ी पर प्रदर्शन और दीवार ढहाने की कोशिश विरोध को अनोखा रूप देने के लिए राजेंद्र गुढ़ा गधा-गाड़ी पर सवार हो गए और सैकड़ों समर्थकों के साथ नारेबाजी करते हुए सड़क पर निकल पड़े। इस दौरान उत्तेजित भीड़ ने प्रशासन द्वारा बनाई गई दीवार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। लोगों की बड़ी भीड़ के कारण ट्रैफिक जाम हो गया और पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। RAC के जवानों और कई थानों की पुलिस को स्थिति संभालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। नहीं चलेगा भेदभाव राजेंद्र गुढ़ा ने इस पूरी कार्रवाई को सांप्रदायिक रंग और भेदभाव से प्रेरित बताया। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि क्या टोपियों और दाढ़ी के आधार पर कार्रवाई की जा रही है? उन्होंने कहा कि पंचर बनाने वाले और ताले ठीक करने वाले गरीबों को उजाड़कर प्रशासन ने अपनी संवेदनहीनता दिखाई है। आगामी आंदोलन की चेतावनी देर शाम डीएसपी गोपाल ढाका की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ और गुढ़ा मौके से रवाना हुए, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उन्होंने घोषणा की है कि इन गरीबों को उसी स्थान पर वापस स्थापित किया जाएगा।
जिला कलेक्टर पहुंचे मेनार धंड तालाब:रामसर साइट पर पर्यटन, पक्षी संरक्षण के दिए निर्देश
उदयपुर जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने शुक्रवार को दोपहर बर्ड विलेज मेनार स्थित रामसर साइट धंड तालाब का दौरा किया। उन्होंने तालाब क्षेत्र में प्राकृतिक सौंदर्य, जैव विविधता और प्रवासी पक्षियों की गतिविधियों का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने बर्ड वाचिंग भी की, हालांकि अधिकांश प्रवासी पक्षी अपने वतन लौट चुके हैं। कलेक्टर अग्रवाल ने अधिकारियों के साथ तालाब क्षेत्र का भ्रमण करते हुए राज्य बजट में स्वीकृत विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेनार में पर्यटन विकास, पक्षी संरक्षण और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया जाए। इसका उद्देश्य बजट घोषणाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मेनार की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बर्ड विलेज और रामसर साइट के रूप में स्थापित हो चुकी है। यहां आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों और पक्षी प्रेमियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करना आवश्यक है। साथ ही, प्राकृतिक वातावरण और जलाशयों के संरक्षण को प्राथमिकता देने पर भी बल दिया गया। निरीक्षण के दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी (रेंज भीण्डर) कैलाश मेनारिया और एसडीएम किरण पाल ने जिला कलेक्टर को क्षेत्र में प्रस्तावित विकास कार्यों, पर्यटन संभावनाओं और पक्षी संरक्षण गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों ने भी क्षेत्र के विकास और सुविधाओं को लेकर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। इस दौरान वल्लभनगर उपखंड अधिकारी किरणपाल, भीण्डर उपखंड अधिकारी रमेश बहेड़िया, क्षेत्रीय वन अधिकारी (रेंज भीण्डर) कैलाश मेनारिया, वल्लभनगर तहसीलदार सुरेंद्र कुमार छिपा, विकास अधिकारी (वल्लभनगर) सुनील चौहान, रेवेन्यू इंस्पेक्टर (मेनार) रामलाल मेघवाल, ग्राम विकास अधिकारी (मेनार) प्रभुदयाल यादव, प्रशासक (मेनार) प्रमोद कुमार ढोली, उपसरपंच (मेनार) मांगीलाल सिंगावत, उदयलाल विरावत, पक्षी मित्र नितेश लौहार और जगदीश मेनारिया सहित ग्राम पंचायत, वन विभाग का स्टाफ एवं ग्रामीणजन मौजूद रहे।
दरभंगा में आज राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। पहली बार ऑनलाइन ट्रैफिक चालान का मौके पर ही निपटारा किया जाएगा। चालान में 50 फीसदी तक की छूट मिल सकती है। यह आयोजन सिविल कोर्ट, बेनीपुर और बिरौल में सुबह 10 बजे से शुरू होगा। जहां आपसी सुलह-समझौते के आधार पर अलग-अलग मामलों का निपटारा किया जाएगा। राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल संचालन को लेकर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई है। हजारों पक्षकारों को नोटिस भेजा गया है। प्राधिकार की ओर से कुल 35 बेंचों का गठन किया गया है। प्रत्येक बेंच में एक पीठासीन पदाधिकारी, एक वकील और एक बेंच क्लर्क की प्रतिनियुक्ति की गई है, ताकि मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित हो सके। बैंक लोन, बिजली बिल का भी होगा निपटारा राष्ट्रीय लोक अदालत में पेंडिंग मामलों की भी सुनवाई की जाएगी। इनमें छोटे-छोटे सुलह योग्य आपराधिक मामले, एनआई एक्ट की धारा 138 से संबंधित वाद, बैंक ऋण वसूली, मोटर दुर्घटना दावा, श्रम विवाद, बिजली-पानी बिल विवाद, वैवाहिक मामले, भूमि अधिग्रहण, सेवा विवाद, ट्रैफिक चालान, उपभोक्ता वाद, बीएसएनएल विवाद और राजस्व मामलों का निपटारा होगा। ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों के लिए लहेरियासराय प्रेक्षागृह के सामने विशेष बेंच बनाई गई है। बैंक ऋण मामलों के लिए जी-4 बिल्डिंग और बिजली संबंधी मामलों के लिए मध्यस्थता भवन एवं जिला जज प्रकोष्ठ में व्यवस्था की गई है। फौजदारी मामलों की सुनवाई संबंधित न्यायालयों में की जाएगी।
गुटखा ना देने पर फायरिंग कर फैलाई दहशत:पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार, दो कट्टे जब्त
पोरसा पुलिस ने किराना दुकान पर फायरिंग को घटना को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को गिरफ़्तार किया है जिनके कब्जे से दो कट्टे और दो कारतूस बरामद किया है। आरोपियों के द्वारा किराना दुकानदार से मुफ्त में गुटखा मंगा था नहीं देने पर दुकान के सामने फायरिंग कर दहशत फैलाई थी। मुफ्त में गुटखा मांगा नहीं दिया तो की फायरिंग पोरसा कस्बे में दिनांक 21 अप्रैल को किराना व्यापारी ओमवीर सिंह तोमर पुत्र महेंद्र सिंह तोमर दोपहर 3:30 पर अपने बेटे के साथ दुकान पर बैठा था तभी गोकुल पुरा निवासी भानु तोमर,अभिषेक तोमर दुकान पर आए और मुफ्त में गुटखा का पाउच मांगने लगे नहीं देने पर कट्टों से फायरिंग की दुकान बंद करने की धमकी दी और चले गए। पोरसा पुलिस ने फरियादी की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की।आज मुखबिर की सूचना पर आरोपियों को धनेटा रोड नरूआ के पास से गिरफ्तार किया है। उनके पास से दो कट्टे भी बरामद हुए है। दोनों आरोपी गिरफ्तार पोरसा थाना प्रभारी टीआई दिनेश कुशवाहा के अनुसार दोनों आरोपियों द्वारा फायरिंग कर कस्बे में दहशत फैलाई थी मुफ्त में गुटखा दुकान दार से दबाव में लेना चाहते थे । मामला दर्ज था आज गिरफ्तार कर लिया है।
दतिया के जिला स्वास्थ्य विभाग में वेतन संकट गहरा गया है। मार्च महीने का वेतन अब तक न मिलने से नाराज स्वास्थ्य कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। कर्मचारियों ने कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) की शिकायत की है। कर्मचारियों ने सीधे तौर पर सीएमएचओ कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि सीएमएचओ डॉ. वीके वर्मा की लापरवाही के कारण पिछले कई महीनों से वेतन वितरण लगातार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की है कि सीएमएचओ की कार्यप्रणाली की जांच कराकर उन्हें हटाया जाए और आहरण एवं संवितरण का प्रभार किसी अन्य अधिकारी को सौंपा जाए। मार्च का वेतन नहीं मिला, अप्रैल भी बीतने कोशिकायत में स्पष्ट कहा गया है कि मार्च 2026 का वेतन अब तक नहीं मिला है और अप्रैल भी खत्म होने वाला है। समय पर वेतन न मिलने से कर्मचारियों के सामने भारी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। सेक्टर पर्यवेक्षक हर महीने की 22 तारीख तक उपस्थिति और कार्य विवरण जमा करा देते हैं, फिर भी वेतन बिल बेवजह लंबित पड़े रहते हैं। सर्वर और ओटीपी का बहाना बनाकर लौटाते हैंकर्मचारियों का आरोप है कि सीएमएचओ कार्यालय में एकीकृत वित्तीय प्रबंधन प्रणाली अक्सर खराब रहती है। इसके अलावा मोबाइल सत्यापन कोड (OTP) समय पर नहीं मिलता और संबंधित अधिकारी भी कई बार कार्यालय से अनुपस्थित रहते हैं। जब कर्मचारी जानकारी लेने जाते हैं, तो उन्हें सर्वर की समस्या या अधिकारी के अवकाश पर होने का हवाला देकर वापस लौटा दिया जाता है।
भिलाई नगर पालिक निगम के मुख्य कार्यालय परिसर में सुशासन तिहार 2026 के तहत शिविर लगाया गया। शुक्रवार को आयोजित इस शिविर में जोन-1 नेहरू नगर इलाके के अलग-अलग वार्डों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। लोगों ने अपनी समस्याओं और जरूरतों से जुड़े आवेदन जमा किए। दो दिन लगे शिविर में ही केवल एक जोन में ही 728 आवेदन लोगों ने दिए हैं। शिविर में लोगों को एक ही जगह पर कई सरकारी योजनाओं और विभागों की जानकारी दी गई। साथ ही आवेदन लेने और मौके पर ही प्रक्रिया शुरू करने के लिए अलग-अलग विभागों के काउंटर लगाए गए थे। लोगों ने प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पेंशन, स्वास्थ्य सेवाएं, आयुष सेवाएं, महिला एवं बाल विकास, वन एवं जलवायु विभाग, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, उज्ज्वला योजना और संपत्तिकर से जुड़े आवेदन दिए। मांग से जुड़े हुए हैं 472 आवेदन निगम प्रशासन के मुताबिक, 4 और 8 मई को आयोजित शिविर में अब तक कुल 728 आवेदन मिले हैं। इनमें 472 आवेदन मांग से जुड़े हैं, जबकि 256 आवेदन शिकायतों के हैं। लोगों ने सड़क, सफाई, पानी, कर, दस्तावेज और सरकारी योजनाओं के लाभ से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। विधायक और कलेक्टर पहुंचे शिविर शुक्रवार को आयोजित शिविर में वैशालीनगर विधायक रिकेश सेन, कलेक्टर अभिजीत सिंह और निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय भी पहुंचे। उन्होंने शिविर का निरीक्षण किया और अधिकारियों को लोगों की समस्याओं का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने अलग-अलग काउंटरों का जायजा लिया और वहां मौजूद नागरिकों से बातचीत भी की। शिविर में निगम के कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। घर बैठे मिलेगा लाभ सुसाशन तिहार के अंतर्गत लोगों को घर बैठे कई तरह के दस्तावेज मिलेंगे। इसके लिए प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही सुसाशन तिहार में लोगों से उनकी समस्याओं को लेकर भी आवेदन मंगाए जा रहे हैं। शुक्रवार को विधायक रिकेश और कलेक्टर ने लोगों की समस्याएं सुनीं और आवेदन लेकर प्रक्रिया शुरू की। कई लोगों को मौके पर ही जरूरी जानकारी और दस्तावेज से संबंधित मदद भी दी गई।
फरीदाबाद की नीमका जेल में सजा काट रहे कैदियों की आवाज अब दीवारों के बाहर लोगों को सुनाई देगी। कैदी जेल रेडियो के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखा पायेंगे। जेल प्रशासन कैदियों को जेल रेडियो के जरिए अपनी बात रखने, कविता सुनाने और गीत गाने का मौका देने जा रहा है। इसके लिए जेल प्रबंधन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। रोजाना 30 मिनट का कार्यक्रम जेल अधिकारियों के मुताबिक जेल रेडियो के माध्यम से एक तरफ जंहा कैदियों का मानसिक तनाव कम होगा ,वहीं दूसरी तरफ उनकी सोच में परिवर्तन होगा। नीमका जेल में रोजाना 30 मिनट का एक कार्यक्रम रेडियो पर प्रसारित किया जायेगा। इसके लिए कैदियों को कोई विशेष तैयारी की जरूरत नही होगी, इसमें कैदी अपने अनुभव, विचार, प्रेरणादायक बातें और गीत साझा कर सकेंगे। कमेटी सुनकर अप्रूव करेगी जेल प्रशासन की एक टीम कैदियों से बातचीत कर उनकी रुचि जानेगी। इच्छुक कैदियों को अपनी स्पीच या गीत तैयार करने का समय दिया जाएगा। इसके बाद जेल प्रबंधन की कमेटी सामग्री सुनकर उसे अप्रूव करेगी और फिर रेडियो पर प्रसारित किया जाएगा। साल 2021 में हुई थी शुरूवात फरीदाबाद जेल में जेल रेडियो की शुरुआत जनवरी 2021 को की गई थी।इस रेडियो की शुरुआत हरियाणा जेल विभाग और तिनका तिनका फाउंडेशन की पहल पर हुई थी। उस समय चयनित कैदियों को रेडियो जाकी, एंकरिंग और प्रसारण की ट्रेनिंग भी दी गई थी। जेल अधीक्षक नरेश गोयल का कहना है जेल में पहले भी सुधार के कार्यों के लिए जाना जाता है। । यहां कैदियों द्वारा बनाई गई पेंटिंग, पाटरी और अन्य कलाकृतियां सूरजकुंड मेले तक पहुंच चुकी हैं। जेल में ई-लाइब्रेरी और कौशल विकास कार्यक्रम भी चलाए जा चुके हैं।
बिहार की ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी राजगीर में आगामी 17 मई से 15 जून तक आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध मलमास मेले को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में है। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए जिलाधिकारी कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने पुख्ता इंतजाम करने के कड़े निर्देश दिए हैं। इस वर्ष मेले में श्रद्धालुओं की संख्या पिछले रिकॉर्ड को तोड़ने की संभावना है, जिसे देखते हुए प्रशासन किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले मलमास मेले में करीब 3 करोड़ 12 लाख लोग राजगीर पहुंचे थे, जबकि इस बार यह आंकड़ा और भी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। पेयजल टैंकरों की व्यवस्था श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने और उनकी सुविधा के लिए मेला क्षेत्र में 14 विशाल यात्री शेड और लगभग 700 शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जगह-जगह स्टैंड पोस्ट और चलंत पेयजल टैंकरों की व्यवस्था रहेगी। साथ ही, डिजिटल लेनदेन की सुगमता के लिए बैंकों को चलंत एटीएम तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। मेले का मुख्य आकर्षण ब्रह्मकुंड और सप्तधारा कुंड श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन 22 घंटे खुले रहेंगे, जबकि सफाई व्यवस्था के लिए इन्हें केवल 2 घंटे ही बंद रखा जाएगा। कुंडों पर पूजा-अर्चना कराने वाले पुरोहितों की निगरानी के लिए पंडा समिति से उनकी सूची, फोटो और मोबाइल नंबर मांगे गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। अफवाह फैलाने पर सख्ती कार्रवाई सुरक्षा के मोर्चे पर पुलिस प्रशासन ने अभेद्य घेराबंदी की योजना बनाई है। पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने स्पष्ट किया है कि जेबकतरों, चेन स्नैचरों और असामाजिक तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर ड्रोन कैमरों का भी सहारा लिया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मेला क्षेत्र और राजगीर के विभिन्न हिस्सों में 48 अस्थायी पुलिस पोस्ट (टीओपी) बनाए जा रहे हैं, साथ ही एक समर्पित अस्थायी मेला थाना भी स्थापित किया जाएगा। एसपी ने सख्त चेतावनी दी है कि मेले के दौरान अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस बेहद सख्ती से निपटेगी और संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल के साथ सिविल ड्रेस में भी जवानों की तैनाती होगी। ई-रिक्शा की कोडिंग के निर्देश यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए राजगीर में बड़े वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। शहर के भीतर ई-रिक्शा और टांगा केवल निर्धारित रूट पर ही चलेंगे और ट्रैफिक डीएसपी को सभी ई-रिक्शा की कोडिंग करने का निर्देश दिया गया है। यात्रियों से अधिक किराया वसूलने की शिकायतों को रोकने के लिए वाहनों पर रूट और तय किराए का बैनर लगाना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को सीधे जब्त कर लिया जाएगा। जिलाधिकारी ने इस आयोजन को भारत सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग की गाइडलाइन के अनुरूप सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने का संकल्प दोहराते हुए सभी धर्मगुरुओं और पंडा समिति के सदस्यों से प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने की अपील की है।
गाजियाबाद में तीन मंजिला बिल्डिंग में लगी आग:एक की मौत, AC गैस के सिलेंडर और कंप्रेशर फटने से हादसा
कमिश्नरेट गाजियाबाद में आज शनिनवार तड़के करीब सवा 3 बजे एयरकंडीसनर सर्विस सेंटर पटेल नगर में आग लग गई। तीन मंजिला बिल्डिंग में आग से अफरा तफरी मच गई। जहां सिलेंडर फटने लगे तो लोग सहम गए। आग और सिलेंडर फटने की सूचना पर दमकल विभाग की गाड़ियां भेजी गईं। डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद 8 गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया। जहां 80 साल के एक बुजुर्ग की जिंदा जलने से मौत हो गई। तस्वीरों में देखिए आग… आसपास के मकान भी आ सकते थे चपेट में पटेलनगर में ओंकार तोमर का ट एयरकंडीस्नर सर्विस सेटर प्लॉट नंबर-एफ 87 में है। आज तडक़े यहां आग लग गई। सूचना कंट्रोल रूम और दमकल विभाग को दी गई। जिसके बाद फायर स्टेशन कोतवाली से अग्निशमन अधिकारी कोतवाली फायर टेंडर को लेकर मौके पर पहुंचे। जहां देखा कि 3 मंजिला भवन में आग की लपटें उठ रहीं हैं। जिसके अंदर रखे एसी के अंदर भरी जाने वाली गैस के सिलेंडरों व एसी के कंप्रेसरो में ब्लास्ट हो रहा था। यह आबादी वाले क्षेत्र में है। आग इतनी भीषण थी किआसपास के घरों में फैलने की संभावना बनने लगी तो लोग सहम गए। करीब आधा घंटे तक सिलेंडर फटते रहे। इन सिलेंडर में एसी में भरी जाने वाली गैस थी। सीएफओ ने आसपास के स्टेशनों से बुलाई गाड़ियां आग और काला धुआं काफी फैल गया। मौके पर सीएफओ गाजियाबाद राहुल पाल ने बताया कि वैशाली, साहिबाबाद और मोदीनगर स्टेशन से भी दमकल की गाड़ियां बुलाई गईं। देखते ही देखते आग बिल्डिंग के सभी तलो पर फैल गई। बिल्डिंग आग के कारण काफी क्षतिग्रस्त हो गई। जहां धुआ अधिक होने के कारण आग को काबू करने में काफी परेशानी हुई। फायर जवानों ने अंदर घुसकर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरु किया। अंदर खड़ी गाड़ियां भी जल गईं। जहां 2 कारें और 10 बाइक जल गए। 80 साल के बुजुर्ग की मौत दमकल विभाग की टीम ने डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से गनीमत रही कि आसपास के घर चपेट में नहीं आए। आग बुझाने में 8 गाड़ियां ने अलग अलग चक्कर लगाने पड़े। आग से 80 साल के त्रिलोकीनाथ की मौत हो गई। सीएफओ राहुल पाल ने बताया कि एक दर्जन वाहन जले हैं, एक व्यक्ति की मौत हुई है। पूरे मामले में आसपास के मकानों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
पटना हाईकोर्ट में जजों और वकीलों के बीच तनाव बढ़ गया है। इसके चलते तीनों प्रमुख अधिवक्ता संघों की समन्वय समिति ने 11 मई, सोमवार को न्यायिक कार्यों के बहिष्कार की घोषणा की है। समिति ने आरोप लगाया है कि हाल के दिनों में अदालतों में जजों का व्यवहार लगातार अपमानजनक और अमर्यादित होता जा रहा है, जिससे अधिवक्ताओं की गरिमा प्रभावित हो रही है। अधिवक्ताओं की नाराजगी का एक और कारण हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा परिसर में वाहनों के प्रवेश पर लगाया गया प्रतिबंध है। वकीलों का आरोप है कि यह आदेश अव्यावहारिक है और विशेष रूप से बुजुर्ग, दिव्यांग और महिला अधिवक्ताओं के लिए मुश्किलें पैदा कर रहा है। आपात बैठक में लिया गया फैसला समन्वय समिति की आपात बैठक शुक्रवार को हुई, जिसमें हाईकोर्ट से जुड़े तीनों प्रमुख अधिवक्ता संघों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में जजों और वकीलों के बीच बढ़ते तनाव पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद जारी नोटिस में अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि अदालत की कार्यवाही के दौरान कुछ जजों का रवैया लगातार अभद्र और अपमानजनक बना हुआ है। उनके अनुसार, कई बार जज ऐसी टिप्पणियां कर देते हैं, जो सीधे तौर पर वकीलों के आत्मसम्मान और पेशेवर गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं। समिति ने कहा कि, बार और बेंच के बीच सम्मानजनक संबंध न्यायपालिका की गरिमा बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी हैं। हालांकि, मौजूदा स्थिति में दोनों के बीच दूरी लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे न्यायिक व्यवस्था का माहौल भी प्रभावित हो रहा है। वाहन प्रतिबंध के आदेश ने बढ़ाया विवाद जजों के व्यवहार को लेकर पहले से नाराज चल रहे वकीलों में हाईकोर्ट प्रशासन के एक नए आदेश ने और असंतोष पैदा कर दिया है। दरअसल, 7 मई को जारी एक नोटिस में हाईकोर्ट परिसर के अंदर वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। नोटिस के अनुसार, गेट के पास बनाई गई बैरिकेडिंग के आगे केवल हाईकोर्ट की आधिकारिक गाड़ियां और महाधिवक्ता की गाड़ी ही जा सकेगी। अन्य सभी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। इस आदेश के बाद वकीलों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह फैसला जमीनी हकीकत को नजरअंदाज कर लिया गया है। खासकर बुजुर्ग, महिला और दिव्यांग वकीलों को इससे सबसे ज्यादा परेशानी होगी। लाचार वकील लिफ्ट तक कैसे पहुंचेंगे? बैठक में कई अधिवक्ताओं ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। वकीलों ने कहा कि कई अधिवक्ता ऐसे हैं जो चलने-फिरने में असमर्थ हैं या उम्र के कारण लंबी दूरी पैदल तय नहीं कर सकते। ऐसे वकील गेट के पास गाड़ी से उतरने के बाद अदालत भवन तक कैसे पहुंचेंगे, इसका कोई व्यावहारिक समाधान प्रशासन ने नहीं दिया है। हालांकि, हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से बैटरी चलित गाड़ी की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई है, लेकिन वकीलों का कहना है कि वह व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है। अधिवक्ताओं के अनुसार बैटरी वाहन जमीन से काफी ऊंचे हैं, जिस पर बुजुर्ग और महिला वकीलों को चढ़ने में दिक्कत होती है। वकीलों का कहना है कि यदि प्रशासन वास्तव में व्यवस्था सुधारना चाहता है, तो उसे अधिवक्ताओं की सुविधाओं और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना चाहिए। बार और बेंच के रिश्तों में बढ़ती दूरी चिंता का विषय पटना हाईकोर्ट में सामने आया यह विवाद अब केवल वाहन प्रवेश या व्यवहार तक सीमित नहीं रह गया है। अधिवक्ताओं का कहना है कि पिछले कुछ समय से बार और बेंच के रिश्तों में लगातार तनाव बढ़ रहा है। अदालतों में संवाद और सहयोग की जगह टकराव की स्थिति बनती जा रही है। कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते इस विवाद का समाधान नहीं निकाला गया, तो इसका असर न्यायिक कार्यों पर भी पड़ सकता है। अदालतों में कामकाज प्रभावित होने से आम लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। बैठक में मौजूद रहे तीनों संघों के पदाधिकारी शुक्रवार को हुई बैठक में एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश चंद्र वर्मा और महासचिव जयशंकर प्रसाद सिंह मौजूद रहे। इसके अलावा लॉयर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सतेन्द्र नारायण सिंह और महासचिव राजीव कुमार सिंह ने भी बैठक में हिस्सा लिया। वहीं, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सिंह और सचिव मुकेश कांत भी बैठक में उपस्थित रहे। सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में अधिवक्ताओं की समस्याओं और सम्मान के मुद्दे को गंभीर बताते हुए न्यायिक कार्य बहिष्कार का समर्थन किया। सोमवार को पूरी तरह प्रभावित रह सकता है कामकाज तीनों अधिवक्ता संघों द्वारा न्यायिक कार्य बहिष्कार के ऐलान के बाद सोमवार 11 मई को पटना हाईकोर्ट में कामकाज प्रभावित रहने की संभावना है। बड़ी संख्या में वकीलों के अदालतों में उपस्थित नहीं होने से कई मामलों की सुनवाई टल सकती है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि हाईकोर्ट प्रशासन और अधिवक्ता संघों के बीच बातचीत होती है या नहीं। यदि दोनों पक्षों के बीच जल्द समाधान नहीं निकला, तो आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है।
चंबल नदी में अवैध रेत खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट एमपी, यूपी और राजस्थान सरकार को फटकार लगा चुका है। इसे रोकने के लिए सीआरपीएफ तक तैनात करने कह दिया। चंबल की हकीकत जानने सीईसी कमेटी (केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति) के मेंबर भी आए। बोट से घूमे, लेकिन उस स्थान तक नहीं पहुंचे, जहां से अवैध रेत खनन की जानकारी लगती। नदी का वह छोर, जिसे लोग राजघाट के नाम से जानते हैं, कमेटी मेंबर को उसके करीब तक तो ले जाया गया, लेकिन 300 से 400 मीटर और आगे नहीं पहुंचाया, अगर वहां लेकर जाते तो लाखों घन मीटर डंप रेत दिखती। इसी जगह से रोज ट्रॉलियां भरकर अवैध रेत सप्लाई हो रही हैं। प्रशासन तो अवैध रेत पर सख्ती की दावा करता है, लेकिन रात होते ही लोड होकर दौड़ रहीं ट्रॉलियां इसकी पोल खोल देती हैं। दैनिक भास्कर टीम अवैध रेत खनन की हकीकत जानने राजघाट पर पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट… देखिए तस्वीरें आरक्षक की मौत के बाद सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान चंबल नदी में खुलेआम रेत का अवैध खनन हो रहा है। मुरैना में अप्रैल में खनन रोकने गए एक आरक्षक पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया गया। वह इतनी बुरी तरह घायल हुआ कि उसकी मौत ही हो गई। यह सब होता देख सुप्रीम कोर्ट ने 17 अप्रैल को मामले को स्वत: संज्ञान में लिया और सख्ती दिखाई। कोर्ट ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाई। कहा- अगर सरकार अवैध खनन नहीं रोक पा रही है तो सीआरपीएफ तैनात करना चाहिए। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 1 मई को दिल्ली से सीईसी कमेटी के सदस्य रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी चंद्र प्रकाश गोयल चंबल देवरी घड़ियाल पहुंचे। उनके साथ राजस्थान, यूपी और एमपी के अधिकारी भी थे। चंबल नदी में खनन की हकीकत जानने के लिए सभी बोट में सवार हुए और निरीक्षण के लिए निकल गए। यहां से वह देवरी घड़ियाल केंद्र सैंक्चुरी पहुंचे और बैठक की। टीम ने यहां जो देखा सीईसी कमेटी की ओर से उसकी एक जांच रिपोर्ट बनाकर सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जाएगी। जहां अवैध रेत डंप, वहां पहुंची ही नहीं टीम 30 अप्रैल को सीईसी टीम सदस्य चंद्र प्रकाश गोयल राजस्थान के धौलपुर पहुंचे। उन्होंने यहां के अधिकारियों से चर्चा की। उसके अगले दिन 1 मई को वह एमपी पहुंचे। उनके साथ सुबह 10 धौलपुर कलेक्टर निधि बीटी, एसपी विकास सागवान, डीएफओ डॉ. आशीष व्यास, सीसीएफ पीसी कैथिरवल मुरैना आए। यहां पर वे मध्य प्रदेश वन बल प्रमुख शुभरंजन सेन, सीसीएफओ ग्वालियर ललित भारती, देवरी फॉरेस्ट अधीक्षक श्याम सिंह चौहान, मुरैना डीएफओ हरिश्चंद्र बघेल, तत्कालीन एसपी समीर सौरभ व अन्य अधिकारियों के साथ घाट पहुंचे। अधिकारी उन्हें चंबल सफारी की बोट से राजस्थान की सीमा तक लेकर गए। सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक करीब दो घंटे टीम ने निरीक्षण किया। सभी ने चंबल नदी में करीब 20 किमी तक बोटिंग की और हालात देखा। दोपहर 12:30 बजे देवरी सैंक्चुरी पहुंचे और करीब तीन घंटे तक यहां रुके। यहां मीटिंग कर 3:30 बजे सभी रवाना हो गए। ग्रामीणों ने भास्कर को बताया कि जहां रेत डंप है, वहां तक टीम पहुंची ही नहीं। पास तक तो गई, लेकिन जहां उसे हकीकत दिखती, उससे कुछ दूर से ही निकल गई। भास्कर को दिखी लाखों टन डंप रेत स्टॉक सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद चंबल नदी किनारे एसएएफ का बल टेंट लगाकर राजघाट, सिकरौदा नहर, वन चेक पर तैनात तो कर दिया गया, लेकिन वस्तु स्थिति कुछ और ही है। माफिया आज भी रेत का अवैध खनन कर रहे हैं। अभी सिर्फ राजघाट पर खनन बंद है, लेकिन यहां पर रेत का बड़ा स्टॉक किया गया है। यहां से हर रोज अवैध रेत की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां भरकर रेत का परिवहन किया जा रहा है। दैनिक भास्कर की टीम वहां पहुंची, जहां निरीक्षण करने गई टीम नहीं पहुंची। रेत का यह डंप स्पॉट राजघाट के पास चंबल सफारी है, जहां टीम बोट से आई तो लेकिन महज 300 से 400 मीटर दूर से ही निकल गई। यदि वह यहां तक आती तो उसे लाखों घन मीटर की संख्या में डंप मिलता, जो भास्कर के कैमरे में कैद हुआ। टीम ने यहां पाया कि बड़ी संख्या में चंबल से अवैध रेत निकालकर राजघाट पुल के बायीं तरफ नीचे स्टॉक किया है। अब समझिए घाटों का बंटवारा चंबल सैंक्चुरी- यह देवरी गेम रेंज, सबलगढ़ गेम रेंज, और अंबाह गेम रेंज में बंटी हुई है। इसमें राजघाट, गढ़ौरा पुरा, रिठौरा, डाबरपुरा, भर्रा चिन्नोनी, गुना पुरा, ऐसाह, कुठियाना, दलजीत, होलापुरा, रछेड़, उसेद, खुर्द रायपुर, साहस पुरा, नगरा, बनवारा, रहू, अटार, बरौठा , बरैली,रामेश्वर, दांतरदा, जलालपुरा,राजौरा घाट शामिल हैं। चालू घाटों की स्थिति सवालों से बचते दिखे वन बल प्रमुख मध्य प्रदेश के वन बल प्रमुख शुभ रंजन सेन से जब अवैध रेत खनन न रोक पाने पर दैनिक भास्कर ने सवाल किया तो उन्होंने माइक आईडी को हटा दी। वह बिना जवाब दिए ही आगे बढ़ गए। हर रोज बाजार में पहुंच रही रेत की ट्रॉलियां डीएफओ हरिश्चंद्र बघेल के अनुसार, निरीक्षण टीम को लेकर कोई बात नहीं करेंगे। रेत खनन और परिवहन रोकने एसएएफ को राजघाट पर तैनात किया है। ड्रोन से नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा- हाल ही में हमारे एक जवान की भी हत्या कर दी गई थी, इसलिए सभी को सुरक्षित रहते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अभी जब से सख्ती की है, तब से काफी हद तक खनन रुका है। मीटिंग में वनकर्मियों के लिए हथियार भी मांगे गए हैं। कुछ नई चौकियां और चेक पोस्ट खोले जाएंगे। ये खबरें भी पढ़ें1. चंबल की निगरानी के लिए पैरामिलिट्री फोर्स तैनात करना पड़ेगी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को चंबल नदी में अवैध रेत खनन को लेकर सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकारों को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा- अगर राज्य सरकारें अवैध खनन नहीं रोक पा रही हैं तो अर्धसैनिक बलों की तैनाती की जाएगी। पूरी खबर पढ़ें… 2. ंबल में 100 ट्रैक्टर–डंपरों का VIDEO चंबल में अवैध रेत खनन खुल्लम खुल्ला हो रहा है। 1000 से ज्यादा डंपर, ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी में रेत के लिए दिनभर फर्राटा भर रहे हैं। माफिया जेसीबी से नदी को खोखला कर रहे हैं, लेकिन कोई देखने वाला नहीं है। पूरी खबर पढ़िए… 3. BJP नेताओं के ट्रैक्टर ने वन रक्षक को कुचला, मौत मुरैना में रेत का अवैध परिवहन कर रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली ड्राइवर ने वन रक्षक को कुचल दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात दिमनी थाना इलाके में रानपुर गांव चौराहे के पास बुधवार सुबह करीब 6 बजे की है। पूरी खबर पढ़िए… 4. सुप्रीम कोर्ट बोला- एमपी सरकार अवैध खनन रोकने में फेल मध्यप्रदेश के मुरैना में वन रक्षक की हत्या और चंबल नदी पर बने पुल की नींव तक अवैध खनन के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इन घटनाओं को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। पूरी खबर पढ़ें… 5. नेशनल चंबल घड़ियाल सैंक्चुरी में अवैध खनन मध्य प्रदेश और राजस्थान को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे- 44 पर बना चंबल नदी का पुल अवैध रेत खनन के कारण खतरे में आ गया है। यहां लगातार खुदाई किए जाने से पिलर के आसपास 20 से 50 फीट तक गहरे गड्ढे बन गए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक यह स्थिति जारी रही तो पिलर ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएंगे। पूरी खबर पढ़ें…
किशनगंज में हवाओं के साथ झमाझम बारिश:दिनभर की उमस से लोगों को मिली राहत, 2 दिनों तक छाए रहेंगे बादल
किशनगंज जिले में शुक्रवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली। दिनभर की उमस भरी गर्मी के बाद हुई झमाझम बारिश से लोगों को काफी राहत मिली। सुबह से ही जिले में तेज धूप और उमस का प्रकोप था, जिससे लोग परेशान थे। गर्म हवाओं और चिलचिलाती धूप के कारण दिन के समय बाजारों और सड़कों पर भीड़ कम देखी गई। शाम होते-होते मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। आसमान में घने काले बादल छा गए और तेज हवाएं चलने लगीं। पहले हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई, जिसके बाद रुक-रुक कर बारिश होती रही। हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश देर रात अचानक तेज गर्जना और हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। इस बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति भी उत्पन्न हो गई। बारिश शुरू होते ही मौसम सुहाना हो गया और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। लोगों ने अपने घरों की छतों और बालकनियों से बारिश का आनंद लिया। बच्चों में भी बारिश को लेकर उत्साह देखा गया। मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक-दो दिनों तक जिले में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
लुधियाना में वीरवार देर रात जिन युवकों को लूटपाट वाले स्नैचर समझकर कुछ लोगों ने पीटा था वह पुलिस जांच में बेकसूर निकले। पुलिस ने उन युवकों को घेर कर उनसे मारपीट करने वाले लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर दिया है। थाना दुगरी पुलिस ने 9 के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में बसंत नगर निवासी सन्नी ने बताया कि 7 मई 2026 की रात उसे उसके दोस्त अभि का फोन आया। अभि ने कहा कि उसकी मोटरसाइकिल का पेट्रोल खत्म हो गया है और वह नए बने रेलवे क्रॉसिंग पुल के पास खड़ा है। इसके बाद शिकायतकर्ता अपने साथियों प्रिंस, मोनू और रवि के भाई को लेकर मौके पर पहुंचा। शिकायतकर्ता के अनुसार वहां करीब 35 से 40 युवक मौजूद थे। आरोपियों ने पहले से ही मनीष उर्फ मोटा और अभि उर्फ लक्की को घेर रखा था और उनकी बुरी तरह पिटाई कर रहे थे। जब शिकायतकर्ता और उसके साथी वहां पहुंचे तो आरोपियों ने तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। इस दौरान कई मोटरसाइकिलों की भी जमकर तोड़फोड़ की गई। लूटपाट करने वाले बताकर थाने पहुंचाया पीड़ितों ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उन्हें लूटपाट करने वाला बताकर जबरन थाना दुगरी पहुंचाया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है जबकि बाकी की तलाश जारी है। इन आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया मामला पुलिस ने मनजीत सिंह निवासी अंबेडकर मॉडल टाउन, गुन्ना सिंह निवासी अंबेडकर नगर मॉडल टाउन, भूपिंदर वर्मा निवासी गुरु नानक नगर, शिमलापुरी मनजोत सिंह निवासी लक्ष्मण नगर, मनवीर सिंह निवासी विशाल नगर, कृष्णा मेहता निवासी अंबेडकर नगर मॉडल टाउन को दबोच लिया है। वहीं हरप्रीत सिंह, जगरूप और मौली सहित अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। थाना दुगरी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 126(2), 324(4), 191(3), 190 और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक किसान के खेत के कुएं में तेंदुआ गिर गया। इस दौरान वह पाइप के सहारे निकलने की कोशिश करता रहा। इस दौरान वन विभाग ने बिना ट्रेंकुलाइज किए खाट की मदद से उसे बाहर निकाला, लेकिन बाहर आते ही तेदुंए ने छलांग लगा दी। वहां मौजूद लोगों और गांव में अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार के बीच तालाब किनारे खड़े कई ग्रामीण जान बचाने के लिए पानी में कूद गए। इसके बाद तेंदुआ धान के खेत में छिप गया और शाम करीब 5 बजे बालोद-धमतरी मुख्य मार्ग के पास देखा गया। मामला बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम जगतरा का है। वन विभाग और प्रशासनिक टीम अब आसपास के 20 गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क कर रही है। ग्राम जगतरा और आसपास के क्षेत्रों में धारा 163 लागू कर दी गई है। इस दौरान भीड़ लगाने, फोटो-वीडियो बनाने और जंगल में जाने पर रोक लगाई गई है। पहले देखिए ये तस्वीरें- अब जानिए पूरा मामला जानकारी के अनुसार, बालोद जिले के ग्राम जगतरा में पानी की तलाश में गांव पहुंचा तेंदुआ कुएं में गिर गया। तेंदुआ घंटों तक कुएं के भीतर मोटर पाइप के सहारे लटका रहा। इस घटना की जानकारी गांव के लोगों को उस वक्त पता चली जब शुक्रवार सुबह करीब 6.30 बजे किसान राम कुमार ठाकुर अपनी बाड़ी में सब्जियों को पानी देने पहुंचे थे। इसी दौरान किसान को कुएं से पानी में हलचल और फड़फड़ाने की आवाज सुनाई दी। किसान ने जब झांककर देखा तो उन्हें कुएं में तेंदुआ नजर आया। इसके बाद गांव के कोतवाल और सरपंच को सूचना दी गई। जेसीबी और खाट के सहारे निकाला गया तेंदुआ सुबह 8 बजे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और 9 बजे रेस्क्यू शुरू किया गया। करीब 12.10 बजे जेसीबी में खाट बांधकर उसे कुएं में उतारा गया। तेंदुआ खाट पर चढ़ा और बाहर आते ही छलांग लगाकर रिहायशी इलाके की ओर भाग निकला। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग घबरा गए। चीख-पुकार के बीच तालाब किनारे खड़े कई ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए पानी में कूद गए। इसके बाद तेंदुआ धान के खेत में छिप गया और शाम करीब 5 बजे बालोद-धमतरी मुख्य मार्ग पार कर गजरु राम साहू का खेत के धान के खेत में जाकर छिपा हुआ देखा गया। बिना ट्रेंकुलाइज किए रेस्क्यू पर उठे सवाल घटना के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए को ट्रेंकुलाइज किए बिना कुएं से बाहर निकालना बड़ी लापरवाही थी। पहले उसे बेहोश किया जाता, तो गांव में दहशत की स्थिति नहीं बनती। तेंदुए के अचानक रिहायशी इलाके में पहुंचने से महिलाएं और बच्चे डरे हुए हैं। पानी की तलाश में गांव तक पहुंचा था तेंदुआ वन विभाग के अनुसार तेंदुआ करीब तीन साल का है। बालोद जिले के गुरुर, बालोद और डौंडी ब्लॉक के चट्टानी इलाकों में तेंदुओं की मौजूदगी पहले भी देखी जाती रही है। गुरुर क्षेत्र के कंकालिन और भेजा, डौंडी के मर्रामखेड़ा, बेलौदा और मलगांव, जबकि बालोद क्षेत्र के करकाभाट शक्कर कारखाना इलाके के भोलापठार की पहाड़ियों में तेंदुए अक्सर नजर आते हैं। माना जा रहा है कि पानी की तलाश में यह तेंदुआ जगतरा गांव तक पहुंच गया था। इन गांवों में अलर्ट जारी जगतरा से लगे देवारभाट, पाकुरभाट, गस्तीटोला, अंधियाटोला, सेमरकोना, धरमपुरा, करहीभदर, सांकरा, जमरुआ, झलमला, जामगांव बी, हथौद, नर्रा, बरही, नारागांव, तालगांव, परसोदा, पर्रेगुड़ा, अंगारी और मटिया बी समेत अन्य गांवों में मुनादी कराई गई है। लोगों से रात में अकेले बाहर नहीं निकलने और पालतू जानवरों को खुले में नहीं छोड़ने की अपील की गई है। ..................................... इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें.… हाथी ने उठाकर पटका, फिर कुचलकर मार डाला...VIDEO:ग्रामीणों ने पत्थर फेंके तो पलटकर दौड़ाया, कोरबा के जंगल में 50 हाथियों का डेरा छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के करतला परिक्षेत्र में हाथियों का आतंक जारी है। बुधवार रात एक हाथी ने मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को कुचलकर मार डाला। वहीं एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में ग्रामीण हाथियों के झुंड पर पत्थर फेंकते हुए दिख रहे हैं। इससे गुस्साए हाथियों ने पलटकर ग्रामीणों को दौड़ा लिया। पढ़ें पूरी खबर…
भाजपा के सुवेंदु अधिकारी आज पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। सुवेंदु अधिकारी बंगाल में पहली भाजपा सरकार के पहले मुख्यमंत्री होंगे। हालांकि, सुवेंदु के साथ उनके मंत्रिमंडल में कौन-कौन से विधायक शामिल किए जाएंगे, ये जानकारी फिलहाल नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक जानकारों की मानें तो मूल रूप से बिहार के आरा के रहने वाले अर्जुन सिंह को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है। भोजपुर जिले के बड़हरा के केवटिया गांव के रहने वाले 62 साल के अर्जुन सिंह ने पश्चिम बंगाल के बैरकपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत नोआपाड़ा विधानसभा सीट से पहली बार चुनाव लड़ते हुए तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी त्रिनंकुर भट्टाचार्जी को 17,656 वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया। इस जीत को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह इलाका लंबे समय से वाम मोर्चा और तृणमूल कांग्रेस के प्रभाव में रहा है। पहले अर्जुन सिंह की तीन तस्वीरें देखिए अब जानिए अर्जुन सिंह कौन हैं? अर्जुन सिंह का जन्म 2 अप्रैल 1962 को केवटिया गांव में हुआ था। उनके पिता सत्यनारायण सिंह कांग्रेस के सीनियर नेता थे और भाटपाड़ा विधानसभा से दो बार विधायक रह चुके थे। बचपन के बाद ही अर्जुन सिंह पश्चिम बंगाल चले गए और वहीं उनकी राजनीतिक जमीन तैयार हुई। उन्होंने 12वीं तक की शिक्षा प्राप्त की, लेकिन अपने पिता से मिली राजनीतिक समझ और सामाजिक कार्यों के अनुभव के दम पर उन्होंने बंगाल की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। 1995 में कांग्रेस के काउंसलर के रूप में की राजनीतिक करियर की शुरुआत अर्जुन सिंह ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1995 में कांग्रेस के काउंसलर के रूप में की। इसके बाद 1998 में वे तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए और पार्टी के संस्थापक सदस्यों में गिने गए। क्षेत्र में सक्रियता और मजबूत जनसंपर्क के बल पर उन्हें 2001 में भाटपारा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया, जहां उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार को हराकर जीत हासिल की। 2001 के बाद अर्जुन सिंह लगातार 2016 तक भाटपाड़ा से विधायक रहे और इस दौरान उन्होंने अपने क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाए रखी। 2019 में अर्जुन सिंह ने बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए भाजपा का दामन थाम लिया। साल 2019 में ही हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अर्जुन सिंह को बैरकपुर लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया, जहां उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के सीनियर नेता दिनेश त्रिवेदी को 14,857 वोटों से हराकर जीत दर्ज की। इस जीत के बाद वे राष्ट्रीय राजनीति में भी सक्रिय हो गए। साल 2024 में हुए लोकसभा सीट से एक बार भाजपा ने उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया, लेकिन वे चुनाव हार गए। दो साल बाद 2026 में एक बार फिर पार्टी ने उन पर भरोसा जताया और नोआपाड़ा से विधानसभा की टिकट दिया, जिसमें उन्होंने जीत दर्ज की। अर्जुन सिंह के खिलाफ 93 आपराधिक मामले और 236 आईपीसी के आरोप दर्ज हैं। TMC छोड़ने के बाद अक्टूबर 2024 में उनके घर पर देसी बम से हमला किया गया था। बराबर टीएमसी के नेताओं से झड़प की खबरें आती रही है। अब अर्जुन सिंह के बेटे पवन सिंह के बारे में जानिए, जो तीसरी बार विधायक बने हैं साल 2019 में अर्जुन सिंह सांसद बनने के बाद हुए उपचुनाव में भाजपा ने उनके बेटे पवन कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया, जिन्होंने पहली बार चुनाव लड़ते हुए जीत हासिल की और अपने राजनीतिक करियर की सफल शुरुआत की। पवन कुमार सिंह ने भाटपाड़ा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ते हुए तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार अमित गुप्ता को 22,807 वोटों से हराकर अपनी राजनीतिक पकड़ का लोहा मनवाया है। यह सीट उनके परिवार की परंपरागत सीट मानी जाती रही है, जहां से उनके दादा और पिता का मजबूत जनाधार रहा है। यही नहीं बैरकपुर लोकसभा के सातों विधानसभा सीटों पर अर्जुन सिंह के मेहनत और प्रभाव के कारण भाजपा ने क्लीन स्वीप किया। अब जानिए, अर्जुन सिंह, पवन सिंह के गांव के लोगों का क्या कहना है? 3 मई को अर्जुन और पवन सिंह की जीत की खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव केवटिया पहुंची, पूरे गांव में जश्न का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर खुशी का इजहार किया। गांव के काली मंदिर में महंत द्वारा शंखनाद कर इस जीत को देवी का आशीर्वाद बताया गया। मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ जुटी रही और पूरे इलाके में उत्साह का माहौल देखने को मिला। गांव के लोग बताते हैं कि भले ही अर्जुन सिंह पश्चिम बंगाल की राजनीति में सक्रिय हैं, लेकिन वे जब भी गांव आते हैं, गांव के लिए कुछ न कुछ करते हैं। उन्होंने अपने बाढ़ प्रभावित केवटिया गांव में बांध का निर्माण कराया गया, जिससे गांव को काफी राहत मिली। गंगा कटाव में समा चुके प्राचीन काली मंदिर का पुनर्निर्माण भी उनके प्रयासों से संभव हो सका। इस मंदिर में उन्होंने अपने परिवार के साथ रहकर तीन दिनों तक पूजा-अर्चना की थी, जिसे ग्रामीण उनकी सफलता का एक प्रमुख कारण मानते हैं। भतीजे जितेंद्र सिंह ने कहा- ये पूरा गांव और बिहार की जीत अर्जुन सिंह के भतीजे जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह जीत केवल दो व्यक्तियों की नहीं, बल्कि पूरे गांव और बिहार की जीत है। उन्होंने कहा कि आज दोनों की ऐतिहासिक जीत के बाद हमारे गांव समेत पूरे बिहार का नाम रौशन हुआ है। अर्जुन सिंह हमारे गांव के कुलभूषण हैं। उनके पिता भी विधायक रहे हैं और हमारे गांव का नाम पहले से ही राजनीति में रहा है। हमारा गांव छोटा जरूर है, लेकिन यहां के लोग हर क्षेत्र में अव्वल हैं। जितेंद्र सिंह ने आगे बताया कि अर्जुन सिंह का अपने गांव से गहरा जुड़ाव है। अर्जुन अंकल हमेशा गांव आते रहते हैं और सामाजिक कार्यों से जुड़े रहते हैं। उन्होंने कई गरीब बेटियों की शादी करवाई है और धार्मिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। सनातन धर्म के प्रति उनकी आस्था गहरी है और वे नियमित रूप से पूजा-अर्चना करते हैं। फरवरी में काली मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में भी वे शामिल होने गांव आए थे। ‘पश्चिम बंगाल में टीएमसी के खिलाफ राजनीति करना आसान नहीं’ जितेंद्र सिंह ने बंगाल की राजनीति को चुनौतीपूर्ण बताते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी के खिलाफ जाकर राजनीति करना आसान नहीं है, लेकिन अर्जुन सिंह ने अपने दम पर ये जीत हासिल की है। उनके नामांकन के दिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सांसद मनोज तिवारी पहुंचे थे, लेकिन उसके बाद किसी बड़े चेहरे की जरूरत नहीं पड़ी। जितेंद्र सिंह ने कहा कि मैं खुद चुनाव प्रचार के समय वहां मौजूद था। उस समय टीएमसी के कार्यकर्ता आम लोगों को वोट नहीं देने देते थे। जो लोग वोट डालने जाते, उनके साथ मारपीट की जाती थी। अगर किसी को पता चल जाता कि वह बीजेपी को वोट देने जा रहा है, तो उसे घर से उठाकर पीटा जाता था। इस कारण कई लोग डर के कारण मतदान करने नहीं जाते थे। इस बार केंद्रीय बलों की तैनाती से निष्पक्ष मतदान संभव हो सका। 'टीएमसी के गुंड़ों से पीड़ितों का अर्जुन सिंह अपने पैसे से इलाज कराते थे' केवटिया गांव के ही रहने वाले और भाटपाड़ा में काम करने वाले संजीव कुमार पंडित ने बताया कि मैं अर्जुन सिंह के विधानसभा क्षेत्र का वोटर भी हूं। उन्होंने कहा कि पहले टीएमसी के लोग दूसरे दलों के समर्थकों के साथ मारपीट करते थे। राह चलते लोगों को उठा लेना और कपड़े उतारकर पिटाई करना आम बात थी। अर्जुन सिंह ने इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई और पीड़ितों को न्याय दिलाने का काम किया। वे घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाकर उनका इलाज भी करवाते थे। संजीव पंडित ने कहा कि इस बार के चुनाव में हालात काफी बदले हुए थे। मैंने इस बार वोट डाला और यह संभव हुआ केंद्रीय बलों की मौजूदगी के कारण। मतदान शांतिपूर्ण तरीके से हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भाटपारा के कांकीनाड़ा स्थित जलेबी मैदान में सभा कर ‘सबका साथ, सबका विकास’ का संदेश दिया और विकास के लिए काम करने का भरोसा दिलाया। गांव के ही एक अन्य निवासी बबलू सिंह ने बताया कि अर्जुन सिंह और पवन कुमार सिंह गांव में नया घर भी बनवा रहे हैं, ताकि यहां आकर लोगों के बीच रह सकें और उनकी मदद कर सकें। वे अपनी मिट्टी से जुड़े रहना चाहते हैं, यही वजह है कि वे लगातार गांव आते रहते हैं। उनकी इस जीत में गांव के लोगों का भी योगदान रहा है, क्योंकि यहां के करीब 50 प्रतिशत लोग उसी क्षेत्र में रहते हैं। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि अर्जुन सिंह और पवन कुमार सिंह आने वाले समय में और बड़ी जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी इच्छा है कि वे बंगाल सरकार में मंत्री बनें और विकास के लिए काम करें।
चित्तौड़गढ़ की बस्सी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में जंगलों को फिर से हरा-भरा बनाने के लिए वन विभाग इस बार एक नई पहल करने जा रहा है। कई बार आग लगने या दूसरे कारणों से जंगल का कुछ हिस्सा पूरी तरह बंजर हो जाता है। ऐसे इलाकों में दोबारा पौधे लगाना आसान नहीं होता, क्योंकि वहां तक पहुंचना भी मुश्किल रहता है। खासकर पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में वन विभाग का स्टाफ और मजदूर आसानी से नहीं पहुंच पाते। इसी परेशानी को देखते हुए अब वन विभाग ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल करने जा रहा है। विभाग ने तय किया है कि मानसून की पहली बारिश में ड्रोन की मदद से सीड्स बॉल यानी बीज वाली मिट्टी के गोले जंगल में गिराए जाएंगे ताकि बारिश के साथ वहां नए पौधे उग सकें। इस साल बस्सी सेंचुरी के करीब 20 हेक्टेयर इलाके में यह काम किया जाएगा। इसके लिए अभी से सीड्स बॉल तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। वन विभाग का मानना है कि अगर यह एक्सपेरिमेंट सफल रहा तो आने वाले समय में सीतामाता सेंचुरी में काम किया जाएगा। दुर्गम पहाड़ियों तक पहुंचना मुश्किल, इसलिए लिया ड्रोन तकनीक का सहारा चित्तौड़गढ़ वाइल्ड लाइफ डिवीजन की डीएफओ मृदुला सिंह ने बताया कि विभाग पहली बार इस तरह का नवाचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि बस्सी सेंचुरी में कई ऐसे इलाके हैं जहां जंगल तो मौजूद है, लेकिन वह अच्छी स्थिति में नहीं है। कुछ हिस्सों में आगजनी और प्राकृतिक कारणों से हरियाली कम हो गई है। कई जगह जमीन पथरीली और पहाड़ी है, जहां तक पहुंचना काफी कठिन होता है। ऐसे इलाकों में प्लांटेशन करना बहुत चुनौती भरा काम बन जाता है। कई बार मजदूर और वनकर्मी वहां तक नहीं पहुंच पाते, जिसके कारण उन हिस्सों को दोबारा विकसित नहीं किया जा सकता। इसी कारण से विभाग ने इस बार नई तकनीक अपनाने का फैसला किया है। ड्रोन की मदद से बीजों को सीधे उन इलाकों में गिराया जाएगा जहां इंसानों का पहुंचना मुश्किल है। इससे समय भी बचेगा और कम मेहनत में ज्यादा इलाके में काम किया जा सकेगा। वन विभाग को उम्मीद है कि बारिश के बाद इन बीजों से नए पौधे निकलेंगे और धीरे-धीरे जंगल फिर से घना होने लगेगा। गांव के लोगों की मदद से तैयार किए जाएंगे सीड्स बॉल वन विभाग इस काम में स्थानीय लोगों की भी मदद ले रहा है। डीएफओ मृदुला सिंह ने बताया कि गांवों में बनी वीएफएमसी यानी विलेज फॉरेस्ट मैनेजमेंट कमेटियों के सदस्य सीड्स बॉल तैयार करेंगे। इन कमेटियों में शामिल ग्रामीण जंगल संरक्षण के काम से जुड़े रहते हैं। सीड्स बॉल बनाने के लिए मिट्टी, खाद और रेत को एक खास अनुपात में मिलाया जाता है। इसके बाद उसमें अलग-अलग पेड़ों के बीज डाले जाते हैं। हर बॉल में दो बीज रखे जाएंगे ताकि पौधे उगने की संभावना ज्यादा रहे। इन गोलियों को हाथ से गोल आकार दिया जाता है और फिर धूप में सुखाया जाता है। जब ये अच्छे से सूखकर थोड़ी मजबूत हो जाती हैं, तब इन्हें सुरक्षित रख लिया जाता है। वन विभाग का कहना है कि अगर सीड्स बॉल मजबूत नहीं होंगी तो ड्रोन से गिराने पर टूट सकती हैं। इसलिए इन्हें खास तरीके से तैयार किया जाएगा। मानसून की पहली या दूसरी अच्छी बारिश के बाद इन सीड्स बॉल को ड्रोन के जरिए जंगल में गिराया जाएगा ताकि मिट्टी में नमी मिलने पर बीज अंकुरित हो सकें। 20 हेक्टेयर इलाके में होगा प्रयोग, 12 हजार सीड्स बॉल गिराए जाएंगे वन विभाग ने इस एक्सपेरिमेंट के लिए बस्सी सेंचुरी के एक खास पहाड़ी इलाके का चयन किया है। विभाग ने पहले उस क्षेत्र का सर्वे कराया और यह देखा कि वहां पौधे उगने की संभावना कितनी है। जांच में सामने आया कि अगर वहां बीजारोपण किया जाए तो अच्छे रिजल्ट मिल सकते हैं। लेकिन वहां तक पहुंचना काफी मुश्किल है। इसी कारण विभाग ने ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल करने का फैसला किया। इस साल करीब 20 हेक्टेयर जमीन पर सीड्स बॉल गिराए जाएंगे। विभाग के अनुसार प्रति हेक्टेयर करीब 600 सीड्स बॉल डाले जाएंगे। इस हिसाब से पूरे इलाके में लगभग 12 हजार सीड्स बॉल गिराने की तैयारी है। मृदुला सिंह ने बताया कि ड्रोन अलग-अलग क्षमता के होते हैं, लेकिन सामान्य रूप से इस्तेमाल होने वाला ड्रोन एक बार में करीब 10 किलो वजन उठा सकता है। उसी हिसाब से सीड्स बॉल की संख्या और वजन तय किया जाएगा ताकि काम आसानी से हो सके। कम समय में ज्यादा काम, जंगल बढ़ाने में मिल सकती है बड़ी मदद DFO सिंह के अनुसार ड्रोन तकनीक से काम करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कम समय में बड़े इलाके में प्लांटेशन किया जा सकता है। विभाग का अनुमान है कि एक हेक्टेयर इलाके में सीड्स बॉल गिराने में करीब 30 मिनट का समय लगेगा। यानी पारंपरिक तरीके की तुलना में यह तरीका काफी तेज और आसान साबित हो सकता है। इसके अलावा जिन पहाड़ियों और जंगलों तक इंसान आसानी से नहीं पहुंच सकते, वहां भी पौधे उगाने का काम किया जा सकेगा। वन विभाग का मानना है कि आने वाले समय में जंगलों को बचाने और बढ़ाने के लिए इस तरह की तकनीक बहुत उपयोगी साबित हो सकती है। अगर बस्सी सेंचुरी में यह प्रयोग सफल रहता है तो इसे दूसरे वन क्षेत्रों के साथ-साथ सीतामाता सेंचुरी में भी लागू किया जा सकता है। इससे न केवल जंगलों की हरियाली बढ़ेगी बल्कि वन्यजीवों को भी बेहतर माहौल मिल सकेगा। विभाग को उम्मीद है कि स्थानीय लोगों की भागीदारी और नई तकनीक के मेल से जंगल संरक्षण के काम को नई दिशा मिलेगी।
पाली जिले के खैरवा गांव निवासी 27 साल के दिनेश घांची की शुक्रवार देर शाम सड़क हादसे में मौत हो गई, जबकि उसका साथी नरेन्द्र घायल हो गया। दिनेश अपनी दादी पेपीदेवी के निधन के बाद गांव आया था और 7 मई को गंगा प्रसादी कार्यक्रम के बाद वापी लौटने की तैयारी में था। वह अपने परिचित 25 साल के नरेन्द्र के साथ पाली रेलवे स्टेशन टिकट लेने आया था, लेकिन कंर्फम टिकट नहीं मिलने पर दोनों बाइक से गांव लौट रहे थे। इसी दौरान खैरवा गांव के पास कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में दिनेश के सिर में गंभीर चोट लगी और बांगड़ हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वापी जाने के लिए पाली आए थे दोनों युवक पाली जिले के खैरवा गांव निवासी 27 साल का दिनेश पुत्र भंवरलाल घांची मुंबई में मेडिकल स्टोर पर काम करता था। उसकी दादी पेपीदेवी का 27 अप्रेल को निधन हो गया था। दादी के निधन के बाद वह पत्नी के साथ गांव खैरवा आया था। 6 मई को डागरी रात और 7 मई को गंगा प्रसादी कार्यक्रम रखा गया था। कार्यक्रम पूरा होने के बाद 8 मई को वह अपने परिचित 25 साल के नरेन्द्र के साथ वापी जाने के लिए रेलवे टिकट लेने पाली आया था। रेलवे स्टेशन पर नहीं मिला कंर्फम टिकट पाली रेलवे स्टेशन पर दोनों को कंर्फम टिकट नहीं मिला। इसके बाद दोनों बाइक से वापस अपने गांव खैरवा लौट रहे थे। इसी दौरान खैरवा गांव से कुछ पहले एक कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों युवक बाइक से नीचे गिरकर घायल हो गए। दिनेश के सिर में गंभीर चोट लगी और उसका सिर फट गया। बांगड़ हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया हादसे के बाद दोनों घायलों को इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया। हॉस्पिटल में जांच के बाद डॉक्टरों ने दिनेश को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बॉडी को बांगड़ हॉस्पिटल की मोर्चरी में शिफ्ट करवाया। घायल नरेन्द्र का इलाज जारी है। पत्नी हॉस्पिटल पहुंची, परिजनों ने जोधपुर रेफर होने की बात कही घटना की जानकारी मिलने पर मृतक के रिश्तेदार और कुछ देर बाद उसकी पत्नी भी रोते हुए बांगड़ हॉस्पिटल पहुंची। वह बार-बार पति से मिलवाने की जिद करती नजर आई। परिजनों ने उसे बताया कि दिनेश को जोधपुर रेफर किया गया है। इसके बावजूद उसकी आंखों से आंसू नहीं रुके। बाद में रिश्तेदार उसे समझाकर वापस खैरवा ले गए। तीन बहनों का इकलौता भाई था दिनेश दिनेश तीन बहनों का इकलौता भाई और अपने पिता का इकलौता बेटा था। उसकी शादी 6 दिसम्बर 2023 को हुई थी। परिवार के लाडले की अचानक मौत के बाद घर में शोक का माहौल है। दिनेश की बहनें और पत्नी एक्सीडेंट की सूचना मिलने पर तुरंत बांगड़ हॉस्पिटल पहुंची थीं, लेकिन उन्हें कुछ देर बाद यह कहकर वापस भेज दिया गया कि दिनेश को जोधपुर रेफर किया गया है।
पूर्णिया में आज राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। इसमें आम लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। पहली बार ऑनलाइन ट्रैफिक चालान के मामलों का मौके पर ही निपटारा किया जाएगा। कई मामलों में लोगों को चालान में 50 फीसदी तक की छूट मिलेगी। हेलमेट नहीं पहनने, सीट बेल्ट नियम तोड़ने, प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं रहने या वाहन इंश्योरेंस से जुड़े मामलों में आपका ई-चालान कटा है, तो आज आधा जुर्माना देकर मामला खत्म कराने का मौका है। हालांकि प्रशासन ने साफ किया है कि वाहन फिटनेस, ओवरलोडिंग और परमिट डिफॉल्टर से जुड़े मामलों में यह छूट लागू नहीं होगी। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था बदली रहेगी सिविल कोर्ट परिसर में सुबह 10 बजे से शुरू हो रही इस राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जिला प्रशासन, परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए शहर में सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक कई प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया गया है। लोक अदालत के दौरान थाना चौक से नगर निगम चौक जाने वाली सड़क पर सामान्य वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी। इसके अलावा सम्राट अशोक भवन से माता स्थान होते हुए नगर निगम चौक जाने वाला मार्ग और नगर निगम चौक से डॉलर हाउस चौक तक की सड़क पर भी आम वाहनों की एंट्री रोक दी गई है। इन रास्तों पर सिर्फ प्रशासनिक और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को ही अनुमति दी जाएगी। लोगों की सुविधा के लिए पार्किंग बनाए गए प्रशासन ने ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए कई वैकल्पिक रूट भी जारी किए हैं। डीएवी स्कूल की ओर से आने वाले वाहनों को डॉलर हाउस चौक से मधुबनी बाजार और माता स्थान चौक की ओर डायवर्ट किया जाएगा। थाना चौक से नगर निगम चौक होकर आरएनसाव चौक जाने वाले वाहनों को गिरजा चौक की तरफ भेजा जाएगा। इसके अलावा सम्राट अशोक भवन से माता स्थान होकर थाना चौक या आरएनसाव चौक की ओर जाने वाले वाहनों को बस स्टैंड मार्ग से होकर गिरजा चौक के रास्ते निकाला जाएगा। लोक अदालत में आने वालों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था न्यायालय परिसर के आसपास अव्यवस्था रोकने के लिए प्रशासन ने अलग-अलग पार्किंग स्थल भी तय किए हैं। थाना चौक और आरएनसाव चौक की ओर से आने वाले लोग कला भवन परिसर में वाहन पार्क करेंगे। वहीं, डॉलर हाउस चौक की ओर से आने वालों के लिए महिला कॉलेज परिसर में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। माता स्थान की तरफ से आने वाले लोगों के लिए कमिश्नरी गेट के पास पार्किंग स्थल निर्धारित किया गया है। वहां से लोगों को पैदल कोर्ट परिसर जाना होगा। आम जनता से अपील जिला परिवहन पदाधिकारी ओमी शंकर शरण ने लोगों से अपील की है कि जिनका ट्रैफिक चालान लंबित है, वे आज लोक अदालत पहुंचकर आसान प्रक्रिया के तहत अपने मामलों का निपटारा करा लें। ट्रैफिक डीएसपी कौशल किशोर कमल ने लोगों से ट्रैफिक रूट और पार्किंग व्यवस्था का पालन करने की अपील की है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन खड़ा करने, बैरिकेडिंग तोड़ने या ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ में बादलों के बीच निकली धूप:हल्की ठंडी हवा चली, 8 बजे मौसम एकदम साफ; 35°C पार करेगा पारा
लखनऊ में सुबह बादलों के बीच धूप निकली। हल्की ठंडी हवा चली। 8 बजे तक मौसम एकदम साफ हो गया। बादल छंट गए और धूप कड़ी हो गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि दिन में मौसम साफ बना रहेगा। आज (शनिवार को) अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। यह सामान्य से 5.1 डिग्री कम था। न्यूनतम तापमान 21.1 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से 3.2 डिग्री सेल्सियस कम रहा। अधिकतम आर्द्रता 84 फीसदी रही। न्यूनतम आर्द्रता 37 फीसदी दर्ज हुई। मार्च से लेकर अभी तक हुई अधिक बरसात लखनऊ में गुरुवार को 1581 फीसदी अधिक बरसात हुई। इस बीच दिन में कुल 6.7 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश का औसत 0.4 मिलीमीटर है। 1 मार्च से लेकर अभी तक लखनऊ में कुल 65.2 मिलीमीटर बारिश हुई है। यह सामान्य बारिश की तुलना में 372 फीसदी अधिक थी। इस दौरान का सामान्य बारिश का औसत 13.8 मिलीमीटर होना चाहिए। 13 मई से फिर से होगी बारिश लखनऊ में फिलहाल 4 दिनों तक मौसम सामान्य बने रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कम होने से अब मौसम साफ रहेगा। इसके चलते तापमान में अगले कुछ दिनों में 8 डिग्री तक के बढ़त की संभावना है। इस बीच भीषण गर्मी में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। 13 मई से नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने से फिर से बारिश होने के आसार हैं। इस बीच मौसम विभाग ने बारिश के साथ में बादलों की गरज चमक का अलर्ट भी जारी किया है। इससे गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी।
रेवाड़ी जिले के गांव मामड़िया आसमपुर निवासी CRPF जवान की पत्नी सुमन ने दैनिक भास्कर से कहा कि बृहस्पतिवार को जब अंतिम बार उनकी अपने पति से बात हुई, तो वह पूरी तरह से सामान्य थे। फोन पर मुझसे कहा था पहले बच्चों की पढ़ाई और बेटे की क्रिकेट कोचिंग के बारे में पूछा, फिर कहा अब ड्यूटी जाना है, वापस आकर फिर बात करेंगे। हर रोज दिन में दो तीन बार फोन पर बात होती थी। नहीं सुसाइड के बारे में तो वो कभी सोच भी नहीं सकते। बृहस्पतिवार की शाम अनंतनांग में पोस्ट पर गोली लगने से सतीश की मौत हो गई थी। तीन साल से दिल्ली में परिवार सतीश का परिवार पिछले तीन साल से दिल्ली में रह रहा है। पिता की मौत के बाद से मां भी पिछले करीब एक साल से दिल्ली में है। बड़ा बेटा आकाश 8वीं और बेटी भावना 6वीं क्लास की छात्रा है। छोटे बेटे अमन ने अभी स्कूल जाना शुरू नहीं किया। सतीश अपने बेटे आकाश को क्रिकेटर बनाना चाहते थे। इसके लिए आकाश का क्रिकेट अकैडमी के दाखिला करवाया हुआ है। सतीश एक माह पहले ही छुट्टी काटकर ड्यूटी गए थे। सरपंच बोले- चेहरे पर रहती थी मुस्कॉन गांव के सरपंच अशोक कुमार यादव ने कहा कि सतीश जब भी गांव आते थे, सभी के साथ अक्सर हंसकर बातें करते थे। पिता के जीवित रहते हुए छुटि्टयों में अक्सर गांव में आते थे, परंतु पिता की मौत के बाद मां के दिल्ली जाने के बाद गांव आना थोड़ा कम हो गया था। गांव में सम्मान के साथ किया अंतिम संस्कार गांव मामड़िया आसमपुर के सीआरपीएफ जवान सतीश की ड्यूटी अनंतनाग जिले की हिलर पोस्ट पर चल रही थी। बृहस्पतिवार को शाम 6 बजे ड्यूटी पर गए थे। शाम करीब 7 बजकर 47 मिनट पर पोस्ट से गोली चलने की आवाज आई। गोली की आवाज सुनकर पोस्ट के पास तैनात जवान तुरंत वहां पहुंचे। उन्होंने देखा कि सतीश के सिर में गोली लगी हुई थी। उनकी इंसास राइफल पर भी पास में पड़ी हुई थी। अनुमान लगाया जा रहा है कि हथियार से अचानक गोली चलने की वजह से उनकी मौत हो गई। बृहस्तिवार शाम को गांव में सम्मान के साथ शव का अंतिम संस्कार किया गया।
रोहतक शहर के शीला बाईपास से पुलिस की स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम ने उत्तर प्रदेश से किडनैप हुए एक बच्चे को बरामद किया और अपहरण करने वाले 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को उत्तर प्रदेश पुलिस के हवाले कर दिया। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा रोहतक पुलिस को सूचना मिली कि 7 अप्रैल को बबेरू बांदा निवासी व्यक्ति ने थाने में शिकायत दी है कि वह 10 वर्षीय बेटे को सुबह 7 बजे स्कूल छोड़कर आया था, लेकिन दोपहर 12 बजे स्कूल की छुट्टी होने के बाद बेटा घर नहीं पहुंचा। उसके बेटे का कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया है। स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम ने शुरू की जांच उत्तर प्रदेश पुलिस ने आरोपियों के रोहतक में होने की सूचना दी, जिसके बाद स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम ने जांच शुरू की। स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम के निरीक्षक नवीन जाखड़ के नेतृत्व में टीम ने बच्चे को सकुशल बरामद किया और अपहरण करने वाले आरोपियों को काबू कर लिया। एक यूपी व 2 रोहतक के रहने वाले आरोपी स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम के निरीक्षक नवीन जाखड़ ने बताया कि पकड़े गए तीनों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले है। जिनमें रामजी पुत्र मदनलाल निवासी उत्तर प्रदेश, सुमित पुत्र रामनाथ निवासी सीतापुर लखनऊ हाल सेक्टर-4 रोहतक व अनिश पुत्र जितेंद्र निवासी बोहर शामिल है। तीनों आरोपियों को उत्तर प्रदेश पुलिस के हवाले किया गया है।
जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (डिस्कॉम) ने जालोर जिले के बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला मुख्यालय सहित सभी उपखंड स्तरों पर हेल्प डेस्क और टोल-फ्री नंबर जारी किए हैं। अब उपभोक्ता बिजली आपूर्ति में बाधा, तकनीकी खराबी या अन्य शिकायतों के लिए सीधे संबंधित नंबरों पर संपर्क कर सकेंगे। अधीक्षण अभियंता निमेन्द्र राज सिंह ने बताया कि निगम स्तर पर टोल-फ्री नंबर 1800-180-6045 और व्हाट्सएप नंबर 9413359064 चौबीसों घंटे कार्यरत हैं। इसके अलावा जालोर जिला मुख्यालय पर वृत स्तर पर 9257031353 और 9257031354 नंबरों पर भी 24 घंटे सहायता उपलब्ध रहेगी। उपभोक्ता अपने क्षेत्र के सहायक अभियंता कार्यालय में स्थापित हेल्प डेस्क पर कार्यालय समय में भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। क्षेत्रवार हेल्प डेस्क नंबर इस प्रकार हैं:

