मप्र लोकायुक्त के बर्खास्त ड्राइवर अमित विश्वकर्मा ने कबूलनामा दिया है। डीजीपी को दिए स्पष्टीकरण में उन्होंने स्वीकार किया कि डीएसपी बीएम द्विवेदी ने केस रफा-दफा करने के एवज में भास्कर रिपोर्टर से 5 लाख रुपए मांगने के लिए कहा था। कबूलनामे के बाद लोकायुक्त डीजी ने अफसरों की निगरानी के लिए इंटरनल विजिलेंस टीम गठित कर दी है। साथ ही अधिकारियों के कमरों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। डीजी ने स्वीकार किया कि भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन के बाद लोकायुक्त की छवि पर दाग लगा है, लेकिन संगठन की सफाई का मौका भी मिला है। 3 और 4 जून को भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन में बताया गया था कि लोकायुक्त में केस रफा-दफा करने के एवज में रिश्वत का नेटवर्क सक्रिय है। इस नेटवर्क में ड्राइवर से लेकर डीएसपी तक शामिल है। इस खुलासे के बाद लोकायुक्त की व्यवस्था में बदलाव हुआ है। पढ़िए रिपोर्ट… अमित का कबूलनामा- डीएसपी ने पैसे मांगने के लिए कहा भास्कर के खुलासे के बाद डीजी लोकायुक्त ने ड्राइवर अमित विश्वकर्मा को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। इससे पहले उससे पक्ष मांगा गया था। विश्वकर्मा ने बताया कि 30 अप्रैल को श्याम साहू (भास्कर रिपोर्टर) का फोन आया था। उसने कहा कि उसे मेरा नंबर मिला है और वह अपने रिश्तेदार के केस पर बात करना चाहता है। मैंने उसे पीपुल्स मॉल के पास मिलने बुलाया। केस की जानकारी मिलने पर मैंने कहा- साहब से मिलकर बात होगी। अगले दिन मैं डीएसपी बीएम द्विवेदी से मिला। केस पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि वॉयस सैंपल और इन्वेस्टिगेशन को जितना लंबा हो सकता है, उतना किया जा सकता है। मैंने पूछा कि क्या करना है, तो उन्होंने कहा कि श्याम साहू से 5 लाख रुपए की डील करो। आवाज बदलकर बोलने की बात भी कबूली 4 मई को मैंने श्याम साहू को डीएसपी द्विवेदी से हुई बातचीत बताई। उसने कहा, ठीक है करवा देंगे, लेकिन अभी पूरा नहीं होगा। इसके बाद मैंने डीएसपी को फोन लगाया और श्याम साहू से कहा कि 19 तारीख को आधा पेमेंट कर दे, बाकी वॉयस सैंपल देने के बाद। 19 तारीख को श्याम साहू लोकायुक्त दफ्तर में मिला। मैंने उसे डीएसपी द्विवेदी से मिलाया। वहां दोनों के बीच क्या बातचीत हुई, मुझे नहीं पता। 23-24 मई को श्याम साहू मिला तो मैंने उससे कहा था कि आवाज बदलकर बोलना, जिससे केस कमजोर हो जाएगा। हेड कॉन्स्टेबल यशवंत से सफाई भी नहीं मांगीडीजी लोकायुक्त ने सागर में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल यशवंत सिंह को भी बर्खास्त किया है। यशवंत से स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन डीजी लोकायुक्त ने उसे मान्य नहीं किया। आदेश में लिखा है कि भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन से प्रथम दृष्ट्या यह प्रमाणित होता है कि आपने भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में जनता के साथ विश्वासघात किया है। यह भी लिखा गया कि स्टिंग ऑपरेशन में दिए गए साक्ष्य पुख्ता हैं, इसलिए किसी जांच की जरूरत नहीं है। बदलावों के बारे में सिलसिलेवार जानिए 1. इंटरनल विजिलेंस सेल का गठनलोकायुक्त संगठन में एक विशेष 'इंटरनल विजिलेंस सेल' बनाई जा रही है। इसकी कमान डीआईजी (DIG) स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। यह टीम लोकायुक्त के अधिकारियों और कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखेगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या शिकायत की गुप्त निगरानी करेगी। 2. जांच अधिकारियों के कमरों में CCTVजांच प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए लोकायुक्त मुख्यालय और अन्य इकाइयों में तैनात जांच अधिकारियों (IO) के कमरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य जांच के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता या अनुचित मेल-मिलाप को रोकना है। 3. विजिटर्स का डिटेल रिकॉर्ड अब कार्यालय आने वाले हर व्यक्ति की निगरानी होगी। प्रत्येक आगंतुक का रिकॉर्ड रखा जाएगा कि वह किस अधिकारी या कर्मचारी से मिलने आया, मुलाकात का उद्देश्य क्या था और वह कितनी देर रुका। डीजी बोले- भास्कर के खुलासे ने दिया सुधार का मौकाडीजी योगेश देशमुख ने कहा कि भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन ने संस्थान को अपनी इंटरनल सिस्टम की समीक्षा और सुधार का बड़ा अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी जांच एजेंसी की सबसे बड़ी पूंजी 'जनता का विश्वास' होती है और इसे कायम रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सख्त संदेश: गलती की तो होगी बर्खास्तगीहालिया घटनाक्रम के बाद संगठन ने कर्मचारियों को कड़ा संदेश दिया है। डीजी ने कहा कि कठोर कार्रवाई का दौर शुरू हो चुका है। गलती करने वाले पकड़े जाएंगे और गंभीर गलती पर सीधे बर्खास्तगी की जाएगी। साथ ही अधिकारियों के व्यवहार में सुधार के लिए 'सॉफ्ट स्किल्स' ट्रेनिंग की जरूरत महसूस की गई है। दलालों से सावधान, जल्द बनेगा कॉल सेंटरजनता से जुड़ने के प्रयासों पर डीजी ने बताया कि सभी जोन के एसपी ने अपने मोबाइल नंबर जारी किए हैं, लेकिन उनका पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं हो पाया था। संसाधनों की कमी से कॉल सेंटर बनाने की योजना पहले रुक गई थी। अब इसे फिर शुरू करने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी काम के लिए दलालों के चक्कर में न फंसें।
कांग्रेस के 2024 में किए महिलाओं को हर महीने 8500 रुपए खटाखट के वादे के खिलाफ दायर याचिका पठानकोट कोर्ट ने खारिज कर दी। कोर्ट ने इस मामले में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा के नेता विपक्ष राहुल गांधी और पार्टी के सभी 98 सांसदों को समन जारी करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि चुनावी घोषणाएं या मेनिफेस्टो सिर्फ राजनीतिक वादे होते हैं। उन्हें पूरा न करना धोखाधड़ी या अपराधिक विश्वासघात का मामला नहीं बनता। कोर्ट ने इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि करोड़ों महिलाओं ने इस भरोसे कांग्रेस को वोट दिया। अगर ऐसा होता तो कांग्रेस सत्ता में आती। कोर्ट ने कहा कि महिलाएं इतनी भोली नहीं कि जादू से पैसे खाते में आने की बात को सच मान जाएंगी। 5 जून को कोर्ट के फैसले के बाद अब इसके ऑर्डर की कॉपी सामने आई है। जिसमें कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए 13 टिप्पणियां करते हुए फैसला दिया। याचिका क्यों दायर हुई, उसमें क्या दलीलें थीं, कोर्ट ने फैसले में क्या-क्या कहा, ये जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सबसे पहले जानिए, मामला क्या थापठानकोट के रहने वाले तरसेम लाल नामक व्यक्ति ने कोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस नेताओं ने गरीब महिलाओं को हर महीने 8500 रुपए देने का लालच देकर वोट हासिल किए और बाद में वादा पूरा नहीं किया। तरसेम ने इस मामले में कांग्रेस, उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और कांग्रेस के 98 लोकसभा सांसदों को पार्टी बनाकर इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शिकायतकर्ता ने ये 12 प्रमुख दलीलें दी थी:- कांग्रेस की तरफ से बचाव पक्ष ने ये तर्क दिए कोर्ट ने अपने फैसले में क्या-क्या कहा..
संगरूर में पत्नी ने थप्पड़ से गुस्से में आकर प्रेमी से मिलकर पति की हत्या करा दी। फिर पूरी कहानी रची और इसे सुसाइड करार दे दिया। पति का अंतिम संस्कार भी हो गया। पत्नी और प्रेमी बेफिक्र थे कि अब किसी को कुछ पता नहीं चलेगा। दोनों पूरी जिंदगी साथ में बिताएंगे। हालांकि अंतिम संस्कार के वक्त मृतक का गला दबाने और शरीर पर चोट के निशान से गांव में मर्डर की चर्चा होने लगी। पत्नी इससे घबरा गई, उसने प्रेमी को कॉल कर सावधान रहने के लिए कहा लेकिन यहीं पर पूरे हत्याकांड का राज खुल गया। उसकी बातचीत सास ने सुन ली और तुरंत पुलिस बुला ली। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा और सख्ती से पूछताछ की तो फिर अवैध संबंध से लेकर कत्ल तक का पूरा मामला सामने आ गया। पत्नी के प्रेम संबंध कैसे बने, पति को कैसे पता चला, कत्ल की साजिश कैसे रची, आरोपी कैसे पकड़े गए, ये कहानी जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट:- कैसे रची हत्या की साजिश, जानिए मां की जुबानी... कैसे खुला हत्या का राज, जानिए... मनप्रीत और सुखबीर की लव स्टोरी के बारे में जानिए…
ग्लोबल स्टडीज के संस्थापक फैजल खान उर्फ खान सर के खिलाफ FIR दर्ज है, पर उनकी गिरफ्तारी पर सस्पेंस बरकरार है। दूसरी तरफ अग्निशमन के DIG मनोज कुमार नट ने कहा कि खान सर की कोचिंग में कुछ कमियां पाई गई हैं। अगर नियमों का अनुपालन होता है तो ठीक है, नहीं तो कार्रवाई होगी। वहीं, खान सर के वकील अरविंद महुआर कह चुके हैं कि खान सर के सरेंडर करने का कोई चांस नहीं है। उन्हें बेल लेने की जरूरत पड़ सकती है। मेरे क्लाइंट की वजह से फायरिंग नहीं हुई है। पुलिस ने FIR में कुछ भी लिखा है। खान सर ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया कि गोली चलाओ में देख लूंगा। जमानत याचिका दायर कर रहे हैं। शनिवार को कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने का वक्त खत्म हो गया था। हम लोग सोमवार को इसे दाखिल करेंगे। खान सर पर हत्या की कोशिश, आर्म्स एक्ट में FIR टीचर पर हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पटना पुलिस की 5 गाड़ियां शुक्रवार की पूरी रात अलग-अलग वक्त पर खान सर की कोचिंग में पहुंची, लेकिन 24 घंटे बाद भी गिरफ्तार नहीं कर पाई। स्टूडेंट्स भी रातभर कोचिंग के बाहर बैठे रहे। पुलिस गाड़ी से बार-बार अनाउंस करती रही- ‘हट जाइए, लौट जाइए’, लेकिन स्टूडेंट्स रातभर डटे रहे। खान सर को जानने वालों का कहना है कि वो कोचिंग के अंदर ही मौजूद हैं। टीचर के गार्ड्स ने पुलिस को बयान दिया- उन्होंने हमें कहा तुम गोली चलाओ, बाकी हम देख लेंगे। इसी आधार पर पुलिस ने खान सर के खिलाफ BNS की धारा 109 के तहत केस दर्ज किया है। इसमें अग्रिम जमानत भी नहीं मिल सकती है। पुलिस की छात्रों से अपील- किसी बहकावे में न आएं शुक्रवार को लॉ-एंड-ऑर्डर को लेकर IG ऑफिस में पुलिस की हाई लेवल मीटिंग हुई थी। पुलिस ने छात्रों से अपील की थी कि वो किसी कोचिंग सेंटर के बहकावे में ना आएं। दरअसल, 2 जून की रात पटना स्थित खान सर की कोचिंग पर हमला हुआ था। घटना के दौरान उनके बॉडीगार्ड्स के फायरिंग किए जाने का वीडियो सामने आया था। मामले में पुलिस पहले ही दोनों बॉडीगार्ड्स को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है और खान सर से भी पूछताछ की जा चुकी है। पहले पुलिस की तारीफ की, अब बोले- पुलिस लेट आई हमले वाले दिन खान सर ने पुलिस की जमकर तारीफ की थी। अब उन्होंने कहा कि पुलिस लेट पहुंची। गार्ड्स के फायरिंग वाले वीडियो पर खान सर ने कहा, मारपीट हो रही थी। मुझे पता था पुलिस को पहुंचने में समय लगेगा। पुलिस वहां उड़कर तो नहीं पहुंचती, इसलिए गार्ड्स ने सेल्फ डिफेंस में फायरिंग की। गार्ड क्यों रखते हैं ताकि समय पड़े तो लोगों को बचा सकें। जब तक पुलिस नहीं आई थी तब तक एक बॉडीगार्ड को क्या करना चाहिए था। क्या गार्ड्स ने किसी पर फायरिंग की। बच्चों से खान सर बोले- कोचिंग बंद हुई तो फीस बढ़ जाएगी इससे पहले खान सर का एक नया वीडियो सामने आया था। इस वीडियो में वो क्लासरूम में बच्चों को अपने कोचिंग पर हुए हमले के बारे में बता रहे हैं। वो सीसीटीवी फुटेज दिखाकर बच्चों को बता रहे हैं कि जो कोचिंग के गार्ड को लेकर जा रहा है उसकी गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है। मुद्दे से भटकाया जा रहा है। खान सर ने ये भी कहा कि अगर खान ग्लोबल स्टडीज बंद हो गया तो अगले 6 महीनों में कई कोचिंग संस्थानों की फीस एक लाख से डेढ़ लाख रुपए तक पहुंच जाएगी। मेरा मकसद पैसा कमाना नहीं है। खान सर क्लासरूम में बच्चों को बता रहे हैं कि कोचिंग के गार्ड को बेरहमी से पीटा गया। 20-25 लोगों ने उसे सड़कों पर पीटा। वो क्लासरूम में फीस घटाने की भी बात कर रहे हैं। खान सर एक किताब लेकर आते हैं और कहते हैं विद्या की कमस खाकर कहता हूं उस दिन फायरिंग हुई थी।
'बहुत, बहुत बधाई मेरे बेटे को। मैं बहुत खुश हूं। मेरा बेटा एमएलसी बन जाएगा। मन खुश हो गया। मेरा बेटा अभी और आगे बढ़ेगा।' प्रतिमा सिंह, पवन सिंह की मां 'आप ऐसे ही आगे बढ़ते रहिए, MLC बनने के लिए पवन जी को बहुत-बहुत बधाई।' ज्योति सिंह, पवन सिंह की पत्नी ने सोशल मीडिया पर दिल वाला इमोजी शेयर करते हुए लिखा, ‘बिहार भाजपा ने भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार पवन सिंह को विधान परिषद के लिए अपना कैंडिडेट बनाया है।’ पवन सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उनके बड़े भाई गुड्डू सिंह के बेटे बालाजी ने एक व्लॉग बनाया, जिसे पवन सिंह के छोटे भाई ने सोशल मीडिया पर शेयर किया। करीब 12 साल के बालाजी अपने व्लॉग में दादी यानी पवन सिंह की मां, दादा यानी पवन सिंह के चाचा और छोटी दादी यानी पवन सिंह की चाची से रिएक्शन ले रहे हैं। पहले बालाजी के व्लॉग की 3 तस्वीरें देखिए अब जानिए बालाजी के व्लॉग में क्या है? व्लॉग के शुरुआत में बालाजी कहते हैं…. हैलो गाइज, बहुत, बहुत स्वागत है आपका मेरे व्लॉग में। छोटे पापा को चुनाव का टिकट मिल चुका है, तो चलिए पूरे परिवार से पूछते हैं कि उनका कैसा रिएक्शन है। बालाजी सबसे पहले अपनी दादी के पास जाते हैं, कहते हैं कि छोटे पापा को चुनाव का टिकट मिल चुका है, क्या कहना चाहती हैं। प्रतिमा देवी- मैं बहुत खुश हूं। मेरे बेटे को बहुत, बहुत, बहुत बधाई हो। मेरा बेटा एमएलसी बनेगा। मेरा मन काफी खुश है। मेरा बेटा अभी और आगे बढ़ेगा। बालाजी- ठीक है। इसके बाद बालाजी दूसरे कमरे में कैमरा लेकर जाते हैं। वे पवन सिंह के चाचा अजीत सिंह को आवाज लगाते हैं, पूछते हैं- दादा... छोटे पापा को चुनाव का टिकट मिल गया है, क्या कहना चाहते हैं? अजीत सिंह- अरे वाह क्या बात है, पवन सिंह को बहुत, बहुत बधाई। आपके चाचा एमएलसी बन गए। मेरा बेटा एमएलसी बन गया। अजीत सिंह बालाजी से कैमरा मांगते हैं, उन्हें बुलाते हैं, मिठाई मांगते हैं। जवाब में बालाजी कहते हैं कि मिठाई आपको मिलेगी, इसके बाद बालाजी दूसरे कमरे की ओर चल देते हैं। बालाजी किचन में काम कर रहीं पवन सिंह की चाची के पास पहुंचते हैं, पूछते हैं- दादी छोटे पापा को चुनाव का टिकट मिल गया है, क्या कहना चाहेंगी? पवन सिंह की चाची- मुझे बहुत खुशी है, मेरा बेटा राजा बन गया। इसके बाद आखिर में बालाजी अपने चाचा के पास पहुंचते हैं। उनसे भी रिएक्शन लेते हैं। पवन सिंह ने भाजपा को अपनी मां बताया, बोले- आलाकमान को धन्यवाद उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद पवन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भाजपा नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए लिखा कि भाजपा ने हमपर जो विश्वास जताया है, उसके लिए वह दिल से धन्यवाद देते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं को मैं भरोसा दिलाता हूं कि मैं पार्टी के विश्वास, स्नेह और मार्गदर्शन को जनसेवा के संकल्प में बदलने का पूरा प्रयास करुंगा। इससे पहले, टिकट मिलने के बाद पवन सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी से शिष्टाचार मुलाकात की। इसके साथ बीजेपी के कई दिग्गज नेताओं ने पवन सिंह को शुभकामनाएं भी दी। पार्टी ऑफिस में नेताओं से मुलाकात के बाद पवन सिंह ने कहा कि बीजेपी मेरी मां है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को दिल से धन्यवाद देता हूं। मैं यही कहूंगा कि बीजेपी परिवार का मैं सच्चा सेवक हूं और सच्चे दिल से आजीवन सेवक ही रहूंगा। पवन सिंह ने कहा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात हुई और बिहार के कलाकार और विकास को लेकर बातें हुई है। पवन सिंह ने कहा कि 8 जून को वो नामांकन करने जा रहे हैं। 2 साल पहले दूसरी बार पवन ने ज्वॉइन की थी भाजपा पावर स्टार पवन सिंह ने 2 साल पहले भाजपा में दोबारा वापसी की थी। पवन सिंह पहली बार साल 2017 में भाजपा में शामिल हुए थे, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ जाकर उन्होंने काराकाट से निर्दलीय चुनाव लड़ा था। निर्दलीय चुनाव लड़ने पर 22 मई 2024 को भाजपा ने पवन सिंह को पार्टी से बाहर कर दिया था। उस वक्त वे प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य थे। 3 महीने पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से दिल्ली में हुई थी मुलाकात पवन सिंह ने तीन महीने पहले दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की थी। बीजेपी मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और पावरस्टार पवन सिंह के बीच बंद कमरे में लगभग आधे घंटे तक अहम मुलाकात हुई थी। मुलाकात के बाद पवन सिंह ने कहा था कि मैंने सिर्फ भइया से आशीर्वाद ली है। शिष्टाचार मुलाकात हुई है, बहुत अच्छा लगा है। जब उनसे राज्यसभा सीट को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने जवाब दिया, “पार्टी का सिपाही हूं, जो मालिक चाहेंगे वही होगा।” विधानसभा चुनाव में पवन सिंह ने संभाला था मोर्चा साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पवन सिंह का भरपूर इस्तेमाल किया था। पवन सिंह लगातार बीजेपी के बड़े मंचों पर पहुंचकर प्रचार भी किया और अपने गायकी के जरिए समा भी बांधा। विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी के हर बड़े नेता का मंच हो या फिर गांव में प्रचार करने का मैदान हर जगह पवन सिंह का गाना खूब बजा और बीजेपी के लिए माहौल बनाने में बड़ी भूमिका निभाई।
बिहार के 27 जिलों में 7 से 9 जून तक बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में करीब 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी। आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। राज्य में इन दिनों मौसम का दोहरा रूप देखने को मिल रहा है। राज्य के कई जिलों में एक ओर जहां बारिश हो रही है, वहीं कुछ जिलों में अब भी भीषण गर्मी का असर बना हुआ है। पिछले 24 घंटे के दौरान रोहतास के डेहरी में राज्य का सबसे अधिक तापमान 43.6 दर्ज किया गया। इसके अलावा बक्सर, कैमूर, छपरा और पटना समेत कई जिलों में भी तापमान सामान्य से ऊपर रहा। वहीं इस दौरान आकाशीय बिजली से जमुई, मुंगेर, बांका और बक्सर में एक-एक लोगों की मौत हुई है। बिहार में एक तरफ तेज धूप और दूसरी तरफ बारिश मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बिहार के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की स्थिति एक जैसी नहीं है। उत्तर और पूर्वी बिहार में बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं का प्रभाव बढ़ रहा है, जिससे बादल बन रहे हैं और बारिश हो रही है। वहीं दक्षिण-पश्चिम बिहार के कुछ हिस्सों में अभी भी गर्म और शुष्क हवाओं का असर बना हुआ है। यही कारण है कि एक ओर किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और दरभंगा जैसे इलाकों में बारिश हो रही है, जबकि दूसरी ओर रोहतास, कैमूर और बक्सर में तापमान ज्यादा है। पटना में आज बादल छाए रह सकते राजधानी पटना में शनिवार को कई इलाकों में मध्यम बारिश हुई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से थोड़ी राहत मिली। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार रविवार को भी पटना में बादल छाए रह सकते हैं। हल्की बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है। अधिकतम तापमान में भी कुछ गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे मौसम सुहावना रह सकता है। जिलों से मौसम की तस्वीरें… मानसून के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार हो सकती मौसम विभाग के अनुसार बारिश प्री-मानसून गतिविधियों का हिस्सा है। बंगाल की खाड़ी से नमी आने के कारण बादल बन रहे हैं और कई इलाकों में बारिश हो रही है। यदि यही स्थिति बनी रहती है तो अगले कुछ दिनों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार हो सकती हैं। मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली और तेज हवा को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की गई है।
‘फायरिंग के बाद राजू सिंह ने हम लोगों को फर्श से खून साफ करने के लिए 500-500 रुपए की पेशकश की, लेकिन हम लोगों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इसके बाद हम लोगों को जाने के लिए कहा गया।’ 31 दिसंबर 2018 को साउथ दिल्ली के एक फॉर्म हाउस पर डॉ. अर्चना गुप्ता हत्याकांड के दौरान घटनास्थल पर मौजूद डीजे ऑपरेटर विकास, सूरज और वेटर आनंद तिवारी ने कोर्ट में गवाही के दौरान ये बातें कही थी। डीजे ऑपरेटर, वेटर समेत कुल 32 लोगों की गवाही के बाद 6 जून 2026 को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बिहार के साहिबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को धारा 304 पार्ट 2 और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत दोषी करार दिया है। कोर्ट ने उन्हें हिरासत में लेने का आदेश दिया है। वहीं, कोर्ट ने उनकी पत्नी रेनू सिंह, राणा राजेश सिंह और रामेंद्र सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। मामले में फतेहपुर बेरी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी। कोर्ट 9 जून को सजा पर सुनवाई करेगी। डॉ. अर्चना हत्याकांड क्या है, भाजपा विधायक राजू सिंह का इस हत्याकांड से क्या कनेक्शन था, 31 दिसंबर 2018 को साउथ दिल्ली के फॉर्म हाउस पर क्या हुआ था? पढ़िए, पूरी रिपोर्ट। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए अर्चना हत्याकांड की पूरी कहानी 31 दिसंबर 2018 को साउथ दिल्ली के फतेहपुर बेरी के रोज फार्म हाउस पर न्यू ईयर की पार्टी चल रही थी। पार्टी का आयोजन राजू सिंह और उनके भाई संजय सिंह की ओर से किया गया था। पार्टी में पेशे से रियल स्टेट कारोबारी और संजय सिंह के दोस्त विकास गुप्ता अपनी बेटी और पत्नी अर्चना गुप्ता के साथ शामिल हुए थे। दिल्ली पुलिस की ओर से कोर्ट में पेश किए गए चार्जशीट के मुताबिक, जैसे ही घड़ी में 12 बजे, वैसे ही राजू सिंह के साथ-साथ अन्य लोग ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगे। फायरिंग का शोर जब थमा, अर्चना डांस फ्लोर पर लहूलुहान पड़ी थी। विकास गुप्ता अपने दोस्त संजय की गाड़ी से अर्चना को रात करीब एक बजे फोर्टिज अस्पताल लेकर पहुंचे, तब मामले की जानकारी पुलिस को हुई। साउथ दिल्ली की रहने वाली पेशे से आर्किटेक्ट अर्चना गुप्ता (42) के सिर के पिछले हिस्से में कान के पास गोली लगी थी। गोली सिर में फंसी हुई देखकर डॉक्टरों ने उन्हें ICU में एडमिट कर लाइफ सपोर्ट पर रखा। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, फरार मिले राजू सिंह घटना की सूचना पुलिस को 1 जनवरी 2019 को मिली। इसके बाद पुलिस फार्म हाउस पहुंची, लेकिन राजू सिंह और फायरिंग में शामिल उनके करीबी साथी घटनास्थल से फरार हो चुके थे। घटनास्थल को पानी से साफ कर दिया गया था। इस्तेमाल किए गए कारतूस गायब थे। एक पुलिस अधिकारी के बयान पर हत्या के प्रयास और सबूत नष्ट करने का मामला दर्ज किया गया। अर्चना के पति विकास समेत चश्मदीदों के बयान दर्ज किए गए। पुलिस ने जांच के दौरान राजू सिंह और उनके ड्राइवर हरी सिंह को उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने तक दोनों को 7 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया था। उधर, अर्चना के पति विकास गुप्ता ने पुलिस को बताया था कि वे फतेहपुर बेरी के मंडी गांव में राजू सिंह के फार्म हाउस में आयोजित पार्टी में गए थे। वे कभी राजू सिंह के भाई संजय सिंह की एक बंद हो चुकी दवा कंपनी में पार्टनर थे। फिलहाल वे गौतम नगर में रियल एस्टेट का कारोबार करते थे और राजू सिंह के भाई से उनका संपर्क बना हुआ था। उन्होंने बताया था कि जैसे-जैसे एक जनवरी की ओर घड़ी की सुईयां बढ़ रही थी, राजू सिंह नशे में धुत होकर नाच रहे थे। इसी दौरान उन्होंने राइफल उठाई और हवा में गोलियां चलाना शुरू दी। कुछ गोलियों के चलने के बाद अर्चना अचानक गिर पड़ीं थी। खून साफ करने के लिए डीजे कर्मियों दिए थे 500-500 रुपए का ऑफर घटना को लेकर 28 सितंबर 2019 को चार्जशीट दाखिल की गई थी। चार्जशीट तैयार करने वाले एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, फायरिंग के बाद राजू सिंह ने घटनास्थल पर मौजूद डीजे कर्मियों और वेटर को फर्श से खून साफ करने के लिए 500-500 रुपए की पेशकश की, लेकिन उन लोगों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन लोगों को जाने के लिए कहा गया। इसके बाद राजू सिंह की पत्नी रेनू सिंह, उनके भाई राणा राजेश और दोस्त रमिंदर सिंह ने खून साफ किया। उन्होंने खाली कारतूस भी उठाए और पास की झाड़ियों में फेंक दिए। इस मामले में डीजे और विकास गुप्ता के परिवार के 3 सदस्यों समेत 32 गवाहों से पूछताछ की गई थी। अधिकारी के मुताबिक, राजू सिंह ने पूछताछ में डीजे को पैसे देने की पेशकश से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि कोई रिश्वत नहीं दी गई। ये एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फार्म हाउस के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, गवाहों के बयान दर्ज किए और राजू सिंह के बयान दर्ज किए। इससे पुष्टि हुई है कि उस रात 3 राउंड गोलियां चलाई गई थीं। राजू सिंह ने अपनी .22 पिस्टल से दो राउंड फायरिंग की थी। जबकि हरि सिंह ने अपनी 315 बोर राइफल से एक गोली चलाई। इनमें एक गोली अर्चना गुप्ता के सिर में जा लगी। जांच में पता चला कि दोनों हथियार लाइसेंसी थे। 24 नवंबर 2023 को तय किए गए थे आरोप दिल्ली की अदालत ने 24 नवंबर 2023 को राजू सिंह के खिलाफ आरोप तय किया था। स्पेशल जज विकास ढुल ने मामले में 3 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी आरोप तय किए थे, जिनमें राजू सिंह की पत्नी भी शामिल थी। जिन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 201 (सबूतों को गायब करने का कारण बनना) के तहत आरोप लगाया गया था। राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विकास ढुल ने कहा, आरोपी राजू सिंह की ओर से न्यू ईयर पार्टी में अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग करना ये दर्शाता है कि उन्हें इस बात की जानकारी थी कि भीड़भाड़ वाली पार्टी में गोली चलाने से किसी की जान जा सकती है। इसलिए, आरोपी राजू सिंह प्रथम दृष्टया आईपीसी की धारा 304 (भाग II) और शस्त्र अधिनियम की धारा 30 के तहत आरोप के लिए उत्तरदायी है। शिकायतकर्ता विकास के परिवार ने अर्चना की किडनी की थी दान अर्चना को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद मामले की शिकायतकर्ता और मृतका के पति विकास गुप्ता ने अर्चना की किडनी दान कर दी थी। अर्चना को फोर्टिज अस्पताल के आईसीयू में लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था। दो बच्चों की मां अर्चना गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी की पूर्व छात्रा थी। अर्चना ने लोरेटो कॉन्वेंट से अपनी स्कूलिंग पूरी की थी। अर्चना एक राइटर और आर्किटेक्ट थी।
तारीख-5 जून। पटना का पारा वैसे ही चढ़ा हुआ था, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास '10, सर्कुलर रोड' के भीतर का सियासी तापमान अचानक उबलने लगा। वजह थी सरकार का वह आदेश, जिसमें लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की Z-Plus सुरक्षा में भारी कटौती कर दी गई थी। लालू यादव उस वक्त रूटीन चेकअप के लिए सिंगापुर में थे और तेजस्वी यादव भी पटना से बाहर थे। राबड़ी देवी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस फैसले से बेहद असहज और नाराज थीं। उन्होंने तुरंत सिंगापुर फोन लगाया। दूसरी तरफ लाइन पर लालू प्रसाद यादव थे। राबड़ी देवी ने अपना गुस्सा और चिंता जाहिर की। दोनों के बीच कुछ देर गंभीर मंत्रणा हुई। लालू यादव जानते थे कि सम्राट चौधरी उन्हें अपनी पिच पर खिलाना चाहते हैं, लेकिन लालू ने वहीं से एक ऐसी गुगली फेंकी जिसने अगली सुबह पूरी बाजी ही पलट दी। अगली सुबह यानी 6 जून को जब नए सुरक्षा घेरे के तहत बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) के गार्ड्स 10, सर्कुलर रोड पहुंचे तो राबड़ी देवी ने दो-टूक लहजे में कह दिया- 'हमें आपकी सुरक्षा नहीं चाहिए, सब वापस ले जाइए।' महज 24 घंटे के भीतर लालू परिवार ने बची-खुची सरकारी सुरक्षा भी लौटाकर बड़ा राजनीतिक दांव चला। स्पेशल रिपोर्ट में जानिए, पार्टी के अंदर इस पर क्या राय है। यह दांव क्यों चला गया... भले ही बाहर से यह फैसला बेहद आक्रामक और मास्टरस्ट्रोक दिख रहा हो, लेकिन RJD के भीतर इस 'सिक्योरिटी पॉलिटिक्स' को लेकर अंदरखाने दो अलग-अलग राय हैं। पहली- नाम न छापने की शर्त पर RJD के एक बेहद कद्दावर और पुराने नेता ने इस फैसले पर गंभीर सवाल उठाए। उनका मानना है कि सुरक्षा लौटाना एक 'रणनीतिक चूक' है। दूसरी- इसके विपरीत पार्टी के युवा नेताओं और लालू परिवार के करीबियों का मानना है कि यह एक बेहतरीन 'काउंटर अटैक'है। हालांकि, RJD के रणनीतिकार लालू फैमिली के इस डिसीजन से 3 फायदे गिना रहे हैं… 1. विक्टिम कार्ड से जनता की लेंगे सहानुभूति 2. M-Y और पिछड़ों के वोट बैंक की लामबंदी जब भी लालू परिवार पर कोई सरकारी कार्रवाई होती है, RJD उसे पिछड़ों और वंचितों की आवाज को दबाने की सामंती कोशिश के रूप में प्रोजेक्ट करती है। आगामी चुनावों को देखते हुए, यह विवाद उनके पारंपरिक वोट बैंक (MY समीकरण) और दलित-पिछड़ा वर्ग को भावनात्मक रूप से एकजुट करने में मददगार साबित हो सकता है। 3. सरकार को बैकफुट पर धकेलना पूरी सुरक्षा वापस करके लालू परिवार ने गेंद पूरी तरह से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पाले में डाल दी है। RJD अपनी सुरक्षा सेना बना सकती है सिक्योरिटी लौटाने के बाद राबड़ी आवास की सुरक्षा के लिए कार्यकर्ता एक्टिव हो गए हैं। पार्टी सूत्रों की मानें तो अब RJD अपनी सुरक्षा सेना तैयार कर सकती है। जैसे-CPI(M) में रेड वॉलंटियर्स बड़े आयोजनों में व्यवस्था संभालते हैं।
दिल्ली-NCR की चकाचौंध से भरी रेव पार्टियों और हाई-प्रोफाइल क्लब्स को अपनी उंगलियों पर नचाने वाला 'सफेद जहर' पटना रेलवे स्टेशन पर दबोच लिया गया। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसके महज एक ग्राम के 10वें हिस्से की एक खुराक किसी भी इंसान को आधे घंटे तक मदहोशी के अंधेरे कुएं में धकेलने के लिए काफी है। अपनी इसी जानलेवा और सुपर-प्योर क्वालिटी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 12 करोड़ रुपए किलो यानी 1 लाख 20 हजार रुपए प्रति ग्राम आंकी गई है। आखिर अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया ने बिहार को अपना सबसे बड़ा ट्रांजिट रूट क्यों बनाया? क्या है इस 'फिश स्केल' कोकीन का वो खौफनाक राज, जिसे छुपाने के लिए पहली बार पाउडर नहीं बल्कि 'कैप्सूल' का इस्तेमाल किया गया? पढ़िए 'संडे बिग स्टोरी' में, तस्करों के उस इंटरनेशनल सिंडिकेट का पूरा कच्चा-चिट्ठा... डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने पूरी कार्रवाई ठीक एक महीने पहले 5 मई की रात को अंजाम दी थी। रात 09:58 बजे अगरतल्ला से आनंद विहार टर्मिनल जा रही 20501 अप तेजस राजधानी एक्सप्रेस जैसे ही पटना जंक्शन पर रुकी, पहले से तैयार DRI की टीम थर्ड एसी के कोच नंबर B-8 में दाखिल हुई। टीम ने तत्काल केन्या की रहने वाली 33 वर्षीय जिपोरा क्वाम्बोका अताम्बो और तंजानिया की रहने वाली 29 वर्षीय सलमा वजीरी एली को हिरासत में ले लिया। उनके लगेज ट्रॉली बैग की जांच की गई, जिसके अंदर एक शोल्डर बैग था। इसी शोल्डर बैग से 110 पीस कोकीन कैप्सूल मिले। इसके अलावा ट्रॉली के निचले और अंदरूनी हिस्सों में विशेष रूप से बनाए गए गुप्त पॉकेटों से 2-2 करके कुल 4 बड़े पैकेट बरामद हुए। पहली बार पाउडर नहीं, 'कैप्सूल' के रूप में मिली कोकीन आमतौर पर कोकीन पाउडर के रूप में पैकेटों में पकड़ी जाती है, लेकिन इस बार तस्करों का नया तरीका सामने आया है। बिहार में पहली बार कोकीन के कैप्सूल बरामद किए गए हैं। जांच टीम को 110 पीस कैप्सूल मिले हैं, जिनमें से प्रत्येक में करीब 20 ग्राम हाई-क्वालिटी कोकीन भरी हुई थी। इसके अलावा 4 बड़े पैकेट अलग से मिले। इन सभी को एक ट्रॉली बैग के भीतर बेहद शातिर तरीके से छुपाकर रखा गया था। कुल वजन 6 किलोग्राम 75.50 ग्राम। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 12 करोड़ रुपए किलो है। यानी करीब 72 करोड़ की कोकिन जब्त हुई है। किस रूट से राजधानी जा रहा था ‘सफेद जहर’ जांच एजेंसी की पूछताछ और जांच में तस्करों के इस इंटरनेशनल सिंडिकेट का जो रूट सामने आया है, वह बेहद चौंकाने वाला है। ड्रग माफिया हर ट्रांजिट लोकेशन पर 'कैरियर' (पैडलर) बदल देते हैं ताकि कोई पकड़ा न जाए। DRI के मुताबिक, गिरफ्तार दोनों अफ्रीकी लड़कियां 4 मई को असम के गुवाहाटी में थीं, जहां उन्हें कोकीन से भरा यह ट्रॉली बैग सौंपा गया था। गुवाहाटी से नई दिल्ली तक सुरक्षित माल पहुंचाने के एवज में इन्हें 25-25 हजार रुपए दिए गए थे। दिल्ली पहुंचने के बाद इस खेप को दूसरे व्यक्ति को देना था। वह व्यक्ति दिल्ली-NCR में सप्लाई करता। माफिया का नाम नहीं उगला, दोबारा पूछताछ होगी गिरफ्तारी के बाद दोनों युवतियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। 6 मई को जांच एजेंसी ने इन्हें पटना के डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज की अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को बेउर जेल भेज दिया गया। शुरुआती पूछताछ में दोनों महिलाओं ने गुवाहाटी में बैग सौंपने वाले मुख्य सरगना का नाम नहीं उगला है। DRI की टीम जल्द बेउर जेल जाकर इनसे दोबारा पूछताछ करेगी। इसके लिए कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। दोनों के मोबाइल नंबरों की टावर लोकेशन खंगाली जा रही है। उनके कांटेक्ट डिटेल्स और कॉल रिकॉर्ड्स (CDR) की जांच हो रही है ताकि पता चल सके कि वे गुवाहाटी कब आईं, किससे बात की और दिल्ली में यह खेप किसे सौंपी जानी थी। पूछताछ में भाषा सबसे बड़ी रुकावट DRI के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि दोनों महिलाओं को न तो हिंदी आती है और न ही अंग्रेजी। वे सिर्फ अफ्रीकी भाषा बोलती हैं। ऐसे में पूछताछ को आगे बढ़ाने के लिए जांच एजेंसी को एक ऐसे दुभाषिए (इंटरप्रेटर) की तलाश है, जो उनकी भाषा को समझ सके। जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी लड़कियों ने काफी समय से नई दिल्ली में अपना ठिकाना बना रखा था। फिलहाल उनके ठिकाने की पड़ताल और उनके वीजा का वेरिफिकेशन किया जा रहा है, क्योंकि अक्सर लोग स्टूडेंट या टूरिस्ट वीजा पर भारत आकर वापस नहीं लौटते और अवैध गतिविधियों में लिप्त हो जाते हैं। CFSL रिपोर्ट का इंतजार और 3 अनसुलझे सवाल बरामद कोकीन की शुद्धता और गुणवत्ता की जांच के लिए सैंपल को कोलकाता स्थित सेंट्रल फॉरेंसिक लैब (CFSL) भेजा गया है। हालांकि, इस पूरी जांच के केंद्र में अभी भी 3 बड़े सवाल बने हुए हैं… विदेश मंत्रालय की ली जाएगी मदद चूंकि इस रैकेट के तार सीधे तौर पर अफ्रीकी ड्रग सिंडिकेट और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़े हैं, और इसमें कई भारतीयों के शामिल होने की भी पूरी आशंका है, इसलिए DRI अब आगे की तफ्तीश के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) से संपर्क साधने की तैयारी में है। 4 खासियतें, जो इसे बनाती है महंगी... एक्सपर्ट के मुताबिक, यह लक्जरी क्लास की शुद्ध कोकीन है, जिसे अंडरवर्ल्ड और ड्रग्स मार्केट में 'फिश स्केल' या 'चमकदार पत्थर' कहा जाता है। हालांकि, आधिकारिक रूप से कोकीन की वैरायटी का पता CFSL रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। एक्सपर्ट के मुताबिक, यह 85% से 95% तक शुद्ध कोकीन है, जो सीधे लैटिन अमेरिका (जैसे कोलंबिया, पेरू) के जंगलों से रिफाइन होकर अफ्रीका के रास्ते भारत पहुंची है। इसकी 4 विशेषताएं हैं, जिस कारण कीमत अधिक है...
सहारनपुर में चर्चित बग्गा परिवार में दोहरी नागरिकता और मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने को लेकर विवाद सामने आया है। रेलवे रोड स्थित नटराज होटल से जुड़े परिवार के एक सदस्य ने अपने ही भाई और भतीजे के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। प्रार्थी हरमोहन सिंह बग्गा ने कोर्ट में दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उनके भाई ओंकार सिंह बग्गा पिछले करीब 10-12 वर्षों से कनाडा में रह रहे हैं और वहां की नागरिकता प्राप्त कर चुके हैं। उनके पास कनाडा का वैध पासपोर्ट भी है, जो जनवरी 2021 में जारी हुआ और वर्ष 2031 तक वैध है। वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने का आरोप प्रार्थना पत्र के अनुसार, ओंकार सिंह बग्गा के परिजन हरप्रीत सिंह बग्गा ने कथित रूप से उनके साथ मिलकर सहारनपुर विधानसभा क्षेत्र की वर्ष 2026 की निर्वाचक नामावली में ओंकार सिंह का नाम दर्ज कराया। आरोप है कि यह जानते हुए भी कि ओंकार सिंह अब भारतीय नागरिक नहीं हैं, पुराने आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेजों का उपयोग कर उन्हें भारतीय नागरिक के रूप में दर्शाया गया। प्रार्थी का कहना है कि सहारनपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में ओंकार सिंह का नाम दर्ज कराया गया, जबकि वे कनाडा के नागरिक हैं और भारतीय मतदाता बनने के पात्र नहीं थे। कनाडाई पासपोर्ट पर भारत आने का भी उल्लेख याचिका में कहा गया है कि ओंकार सिंह बग्गा कनाडाई नागरिक के रूप में 6 अप्रैल 2026 को भारत आए और 25 अप्रैल 2026 को उसी कनाडाई पासपोर्ट के आधार पर वापस कनाडा लौट गए। इसके बावजूद उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज रहा। प्रार्थी ने आरोप लगाया कि यह कृत्य जानबूझकर और आपराधिक षड्यंत्र के तहत किया गया, जिससे दोहरी नागरिकता जैसी स्थिति उत्पन्न हुई और संबंधित तथ्यों को छिपाया गया। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप हरमोहन सिंह बग्गा ने कोर्ट को बताया कि मामले की शिकायत लेकर वह थाना सदर बाजार पहुंचे थे, लेकिन वहां मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी, लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई न होने पर उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 173(4) के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ है। प्रार्थी ने यह भी कहा है कि वह स्वयं ओंकार सिंह बग्गा का सगा भाई है, लेकिन कथित कृत्य से उसका कोई संबंध नहीं है। इसी कारण उसने कानूनी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की जवाबदेही उस पर न आए।
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स…
केरलम के रास्ते देश में एंटर हुए मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। शनिवार तक यह कर्नाटक, तमिलनाडु को पार कर गोवा पहुंच गया। जल्द मानसून महाराष्ट्र भी पहुंचेगा। ऐसे में मध्य प्रदेश में अब मानसून की एंट्री 20 जून से पहले हो सकती है। इधर, तेज आंधी-बारिश के साथ प्रदेश में गर्मी भी बढ़ी है। 9 और 10 जून को उत्तरी हिस्से के जिलों में हीटवेव का अलर्ट भी है। इधर, प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से तेज आंधी और बारिश का दौर चल रहा है। नर्मदापुरम, सिवनी, सीहोर, खरगोन समेत कई जिलों में बारिश हुई। आंधी की वजह से पेड़ गिरने और टीनशेड भी गिरे। IMD (मौसम केंद्र) ने रविवार को भी करीब 35 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, मंडला, बालाघाट, सिवनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिले शामिल हैं। आंधी की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। देखिए, शनिवार को हुई बारिश की तस्वीरें… प्रदेश में पारे में बढ़ोतरी, नौगांव में 42.2 डिग्रीआंधी और बारिश के साथ शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में गर्मी वाला मौसम भी रहा। नौगांव में पारा सबसे ज्यादा 42.5 डिग्री सेल्सियस रहा। सागर में 41.5 डिग्री, दतिया में 41.4 डिग्री, खजुराहो-दमोह में 41 डिग्री, गुना में 40.6 डिग्री, खंडवा में 40.5 डिग्री, खरगोन में 40.4 डिग्री, राजगढ़, टीकमगढ़-मंडला में 40 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के 5 शहरों की बात करें तो ग्वालियर में 40.4 डिग्री, जबलपुर में 40.1 डिग्री, भोपाल में 38.8 डिग्री, उज्जैन में 38 डिग्री और इंदौर में 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एमपी में मानसून की एंट्री की तारीख 15 जूनप्रदेश में मानसून के एंटर होने की सामान्य तारीख 15 जून है। दक्षिणी हिस्से से मानसून एमपी में दस्तक देता है। साल 2025 में 1 दिन बाद यानी 16 जून को मानसून एंटर हो गया था, जबकि विदाई 15 अक्टूबर तक हुई थी। सामान्यत: केरल में आने के 15 दिन बाद एमपी में भी मानसून दस्तक दे देता है। इस वजह से इस बार प्रदेश में मानसून आने की तारीख अब 20 जून से पहले हो सकती है। केरलम में 4 जून को ही मानसून ने दस्तक दी है। भोपाल में हर साल नौतपा में बारिशभोपाल में 14 साल में 7 बार नौतपा के दौरान बारिश दर्ज हुई, जबकि 2 बार बूंदाबांदी हुई। इस बार शुरुआत में ही बूंदाबांदी हो गई। 2018 और 2019 में सबसे ज्यादा तपिश रही, जब औसत तापमान 43 से ऊपर पहुंचा था। यहां भी लगातार 9 दिन तक मौसम बदला रहा। हालांकि, इसके बाद भी बारिश और आंधी का दौर जारी है। मैप से समझें, 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम जून में MP के 5 बड़े शहरों में ऐसा ट्रेंड भोपाल में 15 जून तक तेज गर्मीराजधानी में जून महीने में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ही ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 जून से पहले तेज गर्मी का असर दिखा है। 3 साल तो तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। वहीं, रात का टेम्प्रेचर 17.4 डिग्री तक आ गया। साल 2020 में सबसे ज्यादा 16 इंच बारिश हुई थी। वहीं, पिछले साल 2024 में पूरे महीने 10.9 इंच पानी गिरा था। 10 साल में दूसरी बार इतनी बारिश हुई थी। 24 घंटे में करीब 5 इंच पानी बरसा था। इंदौर में पिछले साल हुई थी 4 इंच बारिशजून में इंदौर में दिन के टेम्प्रेचर में खासी गिरावट होती है। पिछले 7 साल यानी- 2020, 2021, 2022, 2023, 2024 और 2025 में जून में कम गर्मी पड़ी। पारा 39.6 से 41.6 डिग्री के बीच रहा है। पिछले साल तापमान 41.6 डिग्री तक पहुंचा था। इस महीने कोटे की 20 प्रतिशत तक बारिश हो जाती है। पिछले साल साढ़े 5 इंच पानी गिरा था। बारिश के ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1980 में यहां जून महीने में 17 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक 5 इंच बारिश का रिकॉर्ड 23 जून 2003 को बना था। 3 जून 1991 में इंदौर में दिन का पारा 45.8 डिग्री तक पहुंच चुका है। वहीं, 12 जून 1958 को न्यूनतम तापमान 18.9 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। ग्वालियर में 47 डिग्री पार हो चुका टेम्परेचरग्वालियर में मई के बाद जून में भी तेज गर्मी रहती है। 10 साल के आंकड़ों की बात करें तो साल 2019 में अधिकतम तापमान 47.8 डिग्री तक पहुंच चुका है। वहीं, 2024 में पारा 45.7 डिग्री और 2025 में 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस महीने अमूमन तापमान 45 से 46 डिग्री ही रहता है। मौसम विभाग के अनुसार, 11 जून 2019 को पारा 47.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। वहीं, 1952 में पूरे महीने साढ़े 28 इंच बारिश हो गई थी। एक दिन में सर्वाधिक साढ़े 7 इंच बारिश का रिकॉर्ड 27 जून 1952 को बना था। साल 2025 में यहां पूरे महीने 10 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। जबलपुर में 10 साल अच्छी बारिशमानसून की एंट्री के साथ ही जबलपुर में अच्छी बारिश होती है। यहीं से मानसून की एंट्री होती है, इसलिए अन्य जिलों की तुलना में जबलपुर में अच्छा पानी गिरता है। साल 2016 से 2025 तक के आंकड़ों पर नजर डालें तो कोटे की 30% तक बारिश जून में ही हुई। पिछले साल साढ़े 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। इस बार भी जबलपुर संभाग के दक्षिण हिस्से से ही मानसून एंटर हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, जबलपुर में 1998 में एक महीने में करीब 30 इंच बारिश दर्ज की गई थी। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 16 जून 1882 को 24 घंटे में साढ़े 7 इंच बारिश हुई थी। उज्जैन में भी अच्छी बारिश का ट्रेंडजून महीने में उज्जैन में भी अच्छी बारिश होने का ट्रेंड है। 2016 से 2025 के बीच उज्जैन में 2.5 से 8 इंच तक बारिश हो चुकी है। उज्जैन में बारिश के ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1970 में पूरे महीने साढ़े 13 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 15 जून 2001 को बना था। इस दिन करीब साढ़े 6 इंच बारिश हुई थी। साल 2025 में पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी।
अरबिंदो अस्पताल और आसपास के क्षेत्रों में 40 से अधिक लोगों को काटने के मामले में नगर निगम की टीम दिनभर हमलावर खूंखार कुत्ते की तलाश में लगी रही लेकि नहीं मिला। टीम ने 25 से ज्यादा कुत्तों को परिसर से ही पकड़ा है। दरअसल इतनी बड़ी घटना नहीं होती अगर फरवरी में हुआ डॉग विवाद को डॉग लवर्स द्वारा समझदारी से लिया जाता। खास बात यह कि इस विवाद में भविष्य में डॉग बाइट की बड़ी घटना की चेतावनी देने वाले डॉक्टर नीरज सेन को तब अंडर वर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम के नाम से धमकी तक मिली थी। दाऊद के नाम से मिली धमकी का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि चार महीने पहले ही उन्होंने आवारा कुत्तों के खतरे को लेकर चेतावनी दी थी, लेकिन उस समय उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। दरअसल फरवरी में भी बच्चों सहित करीब 12 लोगों को आवारा कुत्तों ने काटा था। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने अपने स्तर पर कुत्तों को पकड़कर जीपीओ स्थित शेल्टर होम भेजा था। इसकी जानकारी कुछ डॉग लवर्स और पशु संरक्षण से जुड़े लोगों को मिली तो वे मौके पर पहुंच गए और इस कार्रवाई का विरोध किया। उनका तर्क था कि अस्पताल प्रशासन को इस तरह कुत्तों को पकड़वाने का अधिकार नहीं है। विवाद इतना बढ़ा कि शेल्टर होम ने पकड़े गए कुत्तों को रखने से इनकार कर दिया और बाद में उन्हें फिर उसी क्षेत्र में छोड़ दिया गया। स्टाफ ने किया था आगाह अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों ने उस समय आशंका जताई थी कि यदि आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ी घटना हो सकती है। उनकी चेतावनी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब चार महीने बाद एक ही दिन में 40 से ज्यादा लोगों के घायल होने के बाद अस्पताल स्टाफ का कहना है कि उनकी आशंकाएं सही साबित हुई हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार जब फरवरी में चार कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम भेजा गया, उसके दो दिन बाद उन्हें एक इंटरनेशनल नंबर से हॉस्पिटल मैनेजर डॉ. नीरज सेन को फोन आया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के गैंग से जुड़ा बताते हुए धमकी दी थी। कॉलर ने कहा कि दाऊदजी एक बार बोलते हैं तो बात समझ में आ जानी चाहिए। तुम्हारी उम्र कितनी है, शादी हो गई होगी, बच्चे भी होंगे। धमकी के बाद अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया, लेकिन अब तक यह पता नहीं चल सका कि कॉल करने वाला कौन था और उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था। 40 लोगों को काटने वाला कुत्ता अब भी नहीं मिला शुक्रवार को हुए हमले में सबसे पहले अस्पताल की मेडिकल रेजिडेंट डॉ. आकांक्षा द्विवेदी घायल हुई थीं। उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर में ड्यूटी शुरू करने से पहले ही कुत्ते ने हमला कर दिया। इसके बाद कई डॉक्टर, नर्स, मरीजों के परिजन और कर्मचारी उसका शिकार बनते गए। डॉ. द्विवेदी के अनुसार कई लोगों को ग्रेड-3 डॉग बाइट इंजरी (गंभी जख्म) हुई है, जिसमें मांसपेशियों तक गहरे घाव पहुंचते हैं और रेबीज संक्रमण का खतरा अधिक होता है। उन्होंने कहा कि एक ही दिन में अस्पताल में डॉग बाइट मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ गई। यहां 26 मरीजों का इलाज किया गया। इनमें से कई तो जख्म गहरा होने के कारण अवकाश पर है। निगम ने पकड़े 350 से ज्यादा कुत्ते नगर निगम के जू प्रभारी डॉ. उत्तम यादव के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद शहर में सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 350 से अधिक कुत्तों को पकड़कर विभिन्न शेल्टर होम भेजा जा चुका है। अरबिंदो अस्पताल की घटना के बाद विशेष अभियान चलाकर 25 से ज्यादा कुत्तों को पकड़ा गया है। हालांकि मुख्य आरोपी कुत्ता अब भी पकड़ से बाहर है। ग्रामीणों और छात्रों में बना हुआ है भय अरबिंदो अस्पताल से निकलकर कुत्ता रेवती रेंज, बरदरी गांव, एलएनसीटी कॉलेज, रेनेसा कॉलेज और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंच गया था। इसके बाद से ग्रामीणों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों में डर का माहौल बना हुआ है। लोगों का कहना है कि जब तक हमला करने वाला कुत्ता नहीं पकड़ा जाता, तब तक क्षेत्र में सामान्य स्थिति लौटना मुश्किल है। जानिए डॉग टेरर का घटनाक्रम सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट रुख : मानव सुरक्षा सर्वोपरि आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मई 2026 में सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक परिसरों से आवारा कुत्तों को हटाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि पकड़े गए कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के बाद उन्हें शेल्टर होम में रखा जाए। साथ ही, खतरनाक या रेबीज संक्रमित कुत्तों के मामले में नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। कोर्ट ने राज्यों को एबीसी (Animal Birth Control) केंद्र स्थापित करने और सरकारी अस्पतालों में एंटी-रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर में डॉग ने 40 को काटा,25 कुत्ते पकड़ाए इंदौर के सांवेर रोड इलाके में शुक्रवार को एक कुत्ते ने 40 से ज्यादा लोगों को काटकर घायल कर दिया। पीड़ितों में डॉक्टर, नर्स, मेडिकल स्टूडेंट्स, मरीज, सिक्योरिटी गार्ड और राहगीर शामिल हैं। इनमें 16 से अधिक लोग अरबिंदो अस्पताल से जुड़े हैं।पूरी खबर पढ़ें
देश में गुजरात को छोड़कर अन्य सभी राज्यों में प्री-मानसून बारिश हो रही है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश समेत दक्षिणी और नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में शनिवार को तेज बारिश हुई। बिहार के जमुई, मुंगेर, बांका और बक्सर में चार लोगों की और झारखंड में 2 लोगों की बिजली गिरने से मौत हो गई। एमपी के 4 जिलों में तेज आंधी-बारिश हुई। शाजापुर में ओले गिरे। नर्मदापुरम जिले बॉयज हॉस्टल की छत पर पेड़ गिर गया। राजस्थान के बीकानेर में बारिश के साथ ओले गिरे। श्रीडूंगरगढ़ में वेयरहाउस के टीनशेड और कोटपूतली-बहरोड़ में टेंट उड़ गया। यूपी के मऊ और गाजीपुर में शनिवार को 50kmph की रफ्तार से हवाएं चलीं और बारिश हुई। गोरखपुर में भी धूलभरी आंधी चली। केरलम के त्रिशूर में पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। इधर, शनिवार को मानसून गोवा को पार कर महाराष्ट्र के तटीय शहर देवगढ़ पहुंच गया। पूर्वोत्तर के मिजोरम और मणिपुर में भी मानसून पहुंच चुका है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिन में यह महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश के बाकी हिस्सों के साथ तेलंगाना और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में पहुंच सकता है। मानसून अलर्ट… भारत में तीन दिन की देरी से पहुंचने के बाद मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। शनिवार को मानसून ने आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम और मणिपुर में एंट्री ली। इससे पहले यह शुक्रवार को कर्नाटक, तमिलनाडु और गोवा में पहुंचा था। देश में मानसून 4 जून को केरलम पहुंचा था। IMD के मुताबिक अगले तीन दिनों में मानसून पूर्वोत्तर के सभी राज्यों और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों तक पहुंच सकता है। अगले 10 दिनों में इसके बिहार, झारखंड और ओडिशा पहुंचने की संभावना है। स्काईमेट वेदर के एक्सपर्ट जीपी शर्मा के मुताबिक एमपी, छत्तीसगढ़, ओडिशा और बंगाल में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी रह सकती है, क्योंकि इसे आगे बढ़ाने के लिए बंगाल की खाड़ी में कोई मजबूत मौसम सिस्टम एक्टिव नहीं है। प्रशांत महासागर का तापमान बढ़ा, ये अल नीनो की शुरुआत यूरोपीय मौसम एजेंसी के अनुसार, प्रशांत महासागर में अल नीनो बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ताजा आंकड़ों में समुद्र का तापमान उस स्तर से ऊपर पहुंच गया है, जिसे अल नीनो की शुरुआत माना जाता है। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अल नीनो के चलते इस साल दिसंबर तक समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से 3C तक बढ़ सकता है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो इस साल का अल नीनो दुनियाभर में तापमान को बहुत ज्यादा बढ़ा देगा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार अल नीनो 2015-16 और 1997-98 के रिकॉर्ड से भी ज्यादा शक्तिशाली हो सकता है। पिछली दो बार नीनो 3.4 इंडेक्स में पारा औसत से 2.3C ऊपर चला गया था। कुछ अनुमान तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दिखा रहे हैं, जिसे बड़ी चेतावनी माना जा रहा है। राज्यों से मौसम की तस्वीरें… अगले दो दिन के मौसम का हाल 8 जून: 9 जून:
भोपाल की 19 वर्षीय ज्योति (बदला हुआ नाम) रोजाना लॉन टेनिस की प्रैक्टिस करती थी। फिटनेस अच्छी थी, लेकिन पढ़ाई और मोबाइल के कारण वह लंबे समय तक झुककर बैठती थी। धीरे-धीरे उसे कमर में हल्का दर्द और पैरों में झुनझुनी महसूस होने लगी। शुरुआत में उसने इसे नजरअंदाज किया, लेकिन कुछ ही महीनों में हालत बिगड़ गई। जांच कराने पर पता चला कि उसे एडवांस स्टेज का स्लिप डिस्क है, जिसमें नसों पर दबाव बन रहा था। डॉक्टरों के मुताबिक, समय रहते इलाज नहीं होता तो यह केस पैरालिसिस तक जा सकता था। यह तो सिर्फ एक केस है। देश में तेजी से बदलती लाइफ स्टाइल अब युवाओं के शरीर पर भारी पड़ने लगी है। जिस स्लिप डिस्क और पैरालिसिस (लकवा) को कभी बढ़ती उम्र की बीमारी माना जाता था, वह अब 25 से 35 साल के युवाओं में तेजी से फैल रही है। हालत यह है कि रोजाना राजधानी के अस्पतालों में ऐसे केस आ रहे हैं, जहां युवा मरीज चलने-फिरने की क्षमता खोने की कगार पर हैं। ऑर्थो स्पाइन और स्पोर्ट्स इंजरी विशेषज्ञ डॉ. प्रज्ञेश सक्सेना के अनुसार, पिछले तीन साल में इस बीमारी का पैटर्न पूरी तरह बदल गया है और यह बदलाव सीधे तौर पर कॉर्पोरेट कल्चर और डिजिटल लाइफस्टाइल से जुड़ा हुआ है। 8 घंटे की जॉब ने पैरालिसिस की स्थिति में पहुंचाया 26 वर्षीय कॉर्पोरेट प्रोफेशनल विजय मिश्रा जो कि जेल रोड पर रहते हैं और वर्क फ्रॉम होम के दौरान रोजाना 8-10 घंटे लैपटॉप पर बैठकर काम करते थे। उनकी लाइफस्टाइल पूरी तरह सिडेंट्री हो चुकी थी न वॉक, न एक्सरसाइज। कुछ समय बाद उन्हें पैरों में कमजोरी और सुन्नपन महसूस होने लगा। उन्होंने इसे थकान समझकर नजरअंदाज किया, लेकिन एक दिन अचानक खड़े होने में भी दिक्कत होने लगी। एमआरआई में सामने आया कि स्लिप डिस्क के कारण नसें बुरी तरह दब चुकी हैं और वे पैरालिसिस की स्थिति में पहुंच चुके थे। 45+ से खिसककर 25+ तक पहुंची बीमारी डॉ. प्रज्ञेश सक्सेना सक्सेना बताते हैं कि कुछ साल पहले तक उनके पास आने वाले मरीजों की तस्वीर बिल्कुल अलग थी। पहले 100 मरीजों में से करीब 80% मरीज 45 साल से ऊपर के होते थे। यानी यह बीमारी उम्र से जुड़ी मानी जाती थी। अब स्थिति पूरी तरह उलट चुकी है। अब हर दिन करीब 150 मरीज क्लिनिक पर पहुंच रहे हैं, जिनमें से 70 से 80 प्रतिशत मरीज 25 से 35 साल की उम्र के हैं। यानी आधे से ज्यादा मरीज अब युवा हैं, जो करियर की शुरुआत या पीक फेज में होते हैं। हर दिन 4-5 मरीज पैरालिसिस के कगार पर स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रोजाना आने वाले 60-70 स्लिप डिस्क मरीजों में से 4-5 मरीज ऐसे होते हैं, जिनकी एमआरआई रिपोर्ट में पैरालिसिस या तो हो चुका होता है या जल्द होने की स्थिति बन चुकी होती है। डॉ. सक्सेना कहते हैं कि यह पहले बहुत रेयर माना जाता था, लेकिन अब यह रोज की स्थिति बन गई है। कई ऐसे मरीज आते हैं जिन्हें खुद अंदाजा भी नहीं होता कि उनकी हालत इतनी गंभीर हो चुकी है। टीनएज तक पहुंच गया खतरा इस बीमारी का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि यह अब टीनएज और शुरुआती युवावस्था तक पहुंच चुकी है। डॉ. सक्सेना ने 19 साल की एक लॉन टेनिस खिलाड़ी में भी स्लिप डिस्क का गंभीर केस देखा है। इसके अलावा 23, 24, 26 साल के कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं। कैसे स्लिप डिस्क बनता है पैरालिसिस का कारण? रीढ़ की हड्डियों के बीच मौजूद डिस्क एक कुशन की तरह काम करती है, जो हड्डियों के बीच संतुलन बनाए रखती है। जब व्यक्ति लंबे समय तक झुककर बैठता है, तो यह डिस्क दबने लगती है और धीरे-धीरे बाहर की ओर खिसक जाती है। यह बाहर निकली डिस्क आसपास की नसों पर दबाव डालती है। ये नसें शरीर को मूवमेंट (चलना-फिरना) देने का काम करती हैं। डॉक्टर बताते हैं कि कई बार दर्द बहुत देर से आता है, इसलिए मरीज को पता ही नहीं चलता कि अंदर गंभीर समस्या बढ़ रही है। जब जांच होती है, तब तक स्लिप डिस्क एडवांस स्टेज (ग्रेड 4) तक पहुंच चुकी होती है। मोबाइल और लैपटॉप ने बिगाड़ा पोश्चर डॉ. सक्सेना बताते हैं आज की लाइफस्टाइल में लगभग 90% गतिविधियां झुककर करने वाली हो गई हैं मोबाइल देखना, लैपटॉप पर काम करना, यहां तक कि आराम करते समय भी शरीर झुका रहता है। इससे रीढ़ पर आगे की तरफ लगातार दबाव पड़ता है और नसों पर असर शुरू हो जाता है। सीधी रीढ़, सुरक्षित शरीर डॉ. सक्सेना के अनुसार, हमारी रीढ़ जितनी सीधी रहती है, उतनी ही उसकी वजन सहने की क्षमता बढ़ती है। लेकिन जैसे-जैसे हम झुकते हैं, वैसे-वैसे उस पर दबाव बढ़ता जाता है और यही दबाव आगे चलकर बड़ी बीमारी बन जाता है। ये खबर भी पढ़ें… कैंसर से टूटी रीढ़, 30 मिनट के ऑपरेशन से जोड़ी डॉक्टरों ने कैंसर से जूझ रहे एक मरीज के जीवन में उम्मीद की रोशनी जगा दी। जिस मरीज की रीढ़ की हड्डी कैंसर की वजह से दबकर लगभग टूट गई थी और तेज दर्द के कारण वह बिस्तर से उठ भी नहीं पा रहा था, उसी मरीज पर एम्स के डॉक्टरों ने एक आधुनिक तकनीक काइफोप्लास्टी का सफल ऑपरेशन किया। खास बात यह कि यह प्रक्रिया केवल 30 मिनट में पूरी हुई और मरीज ऑपरेशन के तुरंत बाद चलने-फिरने लगा।पूरी खबर पढ़ें
सुबह 6 बजे अलार्म बजते ही नेहा (काल्पनिक नाम) की दौड़ शुरू हो जाती है। 5 साल के बेटे को स्कूल भेजना, टिफिन तैयार करना, घर संभालना और फिर ऑफिस के लिए निकलना। इसी बीच 4 महीने की बेटी को दूध पिलाने के लिए समय निकालना मुश्किल हो जाता है। वहीं प्रिया (काल्पनिक नाम) की डिलीवरी सीजेरियन से हुई है। कमजोरी ज्यादा है। दूध कम आता है। बच्चे का पेट नहीं भरता, इसलिए उन्हें पैकेट का दूध पिलाना पड़ता है। रिद्धि (काल्पनिक नाम) का कहना है कि दिनभर घर का काम करना पड़ता है। बच्चा छोटा है। घर में कोई मदद करने वाला नहीं है। कई रात से वह ठीक से सो नहीं पाई हैं। दिन-रात जागने से उसकी तबीयत भी बिगड़ गई है, इसलिए रात में बच्चे को बोतल से दूध देना पड़ता है। ये केवल तीन कहानियां नहीं, राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) के आंकड़े के मुताबिक 100 में से 56 बच्चों को ही 6 माह तक मां का दूध मिल पाता है। यानी 54 मां बच्चों को 6 महीने तक स्तनपान नहीं करा पा रही हैं। 17.6 प्रतिशत घटी ब्रेस्टफीडिंग NFHS-6 के मुताबिक MP में 6 माह तक केवल मां का दूध पाने वाले बच्चों की संख्या तेजी से घट रही है। NFHS-5 (2019-21) में जहां 74% बच्चों को 6 माह तक सिर्फ मां का दूध मिलता था, वहीं NFHS-6 (2023-24) में यह आंकड़ा घटकर 56.4% रह गया। यानी 4 साल में 17.6 प्रतिशत अंक की गिरावट दर्ज हुई है। देश में भी कम हुई ब्रेस्टफीडिंग राष्ट्रीय स्तर पर भी एक्सक्लूसिव ब्रेस्टफीडिंग के आंकड़ों में कमी दर्ज की गई है। देश में यह दर 63.7% से घटकर 55.8% रह गई है। हालांकि मध्यप्रदेश में गिरावट अधिक रही है। प्रदेश में 17.6 प्रतिशत अंक की कमी दर्ज हुई, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह गिरावट 7.9 प्रतिशत अंक रही। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश में यह समस्या राष्ट्रीय औसत से ज्यादा गंभीर है। अब जानिए स्तनपान क्यों जरूरी… महिला एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रीति देव पुजारी बताती हैं कि बच्चे के लिए मां का दूध उसका पहला टीका (वैक्सीनेशन) होता है। मां के दूध में ऐसे पोषक तत्व और एंटीबॉडी होती हैं, जो बच्चे को कई तरह के संक्रमण और बीमारियों से बचाने में मदद करती हैं। मां अपने दूध को स्टोर कर भी पिला सकती है महिला एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रीति देव पुजारी कहती हैं कि अगर किसी वजह से मां सीधे बच्चे को स्तनपान नहीं करा पाती, तो वह अपना दूध निकालकर सुरक्षित तरीके से स्टोर कर सकती है। सामान्य तापमान पर ब्रेस्ट मिल्क को करीब 6 घंटे तक सुरक्षित रखा जा सकता है। बाद में इसे साफ बर्तन, कप या फीडिंग उपकरण की मदद से बच्चे को पिलाया जा सकता है। ब्रेस्टफीडिंग के दौरान इन बातों का रखें ध्यान स्तनपान कराने वाली कई महिलाओं को कमर, पीठ, कंधों और हाथों में दर्द की शिकायत होने लगती है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि वे लंबे समय तक बच्चे को गोद में लेकर एक ही मुद्रा में बैठी रहती हैं। कई बार बच्चा रोते ही माताएं तुरंत उसे दूध पिलाने लगती हैं, जबकि बच्चे के दूध पीने का एक नियमित अंतराल होना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार बच्चे को हर 2 से 3 घंटे के अंतराल पर स्तनपान कराना बेहतर होता है। स्तनपान के समय शरीर की सही स्थिति भी बेहद जरूरी है। दूध पिलाते समय पीठ और हाथों को पर्याप्त सहारा देना चाहिए। इसके लिए तकिए का उपयोग किया जा सकता है, जिससे शरीर पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता। साथ ही हर बार स्तनपान के बाद निप्पल की स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए और गुनगुने पानी से साफ-सफाई करनी चाहिए, ताकि संक्रमण का खतरा कम रहे।
“मुझे चाकू से मत मारो… तुम कहोगे तो मैं खुद फांसी लगा लूंगी…”“तू नहीं मरेगी… दम है तो लगा ले फांसी, मैं फंदा लगा देता हूं…” यह शब्द हैं उस 8 साल के मासूम बच्चे के, जिसने अपनी मां नेहा सिंह की मौत से पहले घर में जो कुछ देखा, वही अब पुलिस को बता रहा है। जबलपुर के आधारताल में सामने आए इस दर्दनाक घटनाक्रम में पहले पत्नी नेहा की मौत हुई, फिर पति मयंक ने भी जीसीएफ खंडहर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अब दोनों की मौत के बाद उनका बेटा गहरे सदमे में है। बच्चे ने पुलिस को बताया कि 3 जून की रात मम्मी-पापा के बीच फिर विवाद हुआ था। मयंक ने गुस्से में चाकू उठा लिया था। इस पर नेहा ने कहा कि वह खुद ही जान दे देगी। बच्चे के मुताबिक मयंक ने कमरे में फंदा लगाया। जब उसकी मां टेबल पर खड़ी होकर फंदा गले में डाल रही थी, तभी पिता ने टेबल को धक्का दे दिया। मां फंदे पर लटक गई। कुछ देर बाद मयंक ने रस्सी काटकर उसे नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पिता कहता रहा-मम्मी आराम कर रही हैं मासूम ने पुलिस को बताया कि रातभर उसकी मां का शव घर में ही पड़ा रहा। जब उसने पूछा तो पिता ने कहा कि “मम्मी आराम कर रही हैं।” इसके बाद वह बेटे को लेकर दूसरे कमरे में जाकर सो गया। अगले दिन मयंक बेटे को स्कूटी से अपनी बहन के घर छोड़ आया। पुलिस जांच में सामने आया है कि नेहा सिंह के पहले पति की मौत हो चुकी थी। वर्ष 2024 में एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान उसकी मुलाकात कटनी निवासी मयंक से हुई थी। दोनों ने परिवार की सहमति से शादी की और आधारताल में किराए के मकान में रहने लगे। नेहा अपने पहले पति से हुए 8 वर्षीय बेटे के साथ मयंक के साथ रह रही थी। स्पा सेंटर में छापे के दौरान मिली थी नेहा जनवरी 2025 में विजय नगर स्थित एक स्पा सेंटर पर पुलिस छापे के दौरान नेहा वहां मिली थी। इसके बाद पति-पत्नी के बीच विवाद लगातार बढ़ने लगा। मयंक नहीं चाहता था कि नेहा स्पा सेंटर में काम करे, लेकिन वह काम करती रही। अप्रैल 2025 में वह इंदौर चली गई थी और वहीं काम करने लगी थी। हालांकि हर 15-20 दिन में बेटे से मिलने जबलपुर जरूर आती थी और परिवार की आर्थिक मदद भी करती थी। 3 जून को दोनों को बीच बढ़ा था विवाद 30 मई को नेहा फिर जबलपुर आई थी। 3 जून की रात दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मौत तक पहुंच गया। घटना के बाद मयंक ने दो दिन तक बेटे को अपने साथ रखा। 5 जून को वह बेटे को बहन के घर छोड़कर निकला और जीसीएफ खंडहर पहुंच गया। वहां उसने पहले एक सुसाइड नोट लिखा। सुरक्षा गार्ड की नजर पड़ने पर वह वहां से भाग गया, लेकिन बाइक और सुसाइड नोट वहीं छोड़ गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। दीवार में कील गाड़कर बनाया था फंदा शनिवार को उसी खंडहर में उसका शव फंदे पर लटका मिला। उसने दीवार में कील गाड़कर तार का फंदा बनाया और फांसी लगा ली। सुसाइड नोट में मयंक ने लिखा कि उसने अपनी पत्नी नेहा की हत्या कर दी, जिसका उसे दुख है। उसने सास और साली पर प्रताड़ित करने के आरोप भी लगाए हैं। पत्नी के खिलाफ लिखा आवेदन भी मिला रांझी थाना प्रभारी उमेश गोलहनी ने बताया कि मयंक की बॉडी फंदे में लटकी हुई मिली थी और पास में ही एक सुसाइड नोट के अलावा पत्नी के खिलाफ लिखा गया आवेदन भी मिला है। यह आवेदन वह पुलिस को देने वाला था। ये खबर भी पढ़ें.. बेटे के सामने पत्नी को मारकर फंदे पर लटकाया मध्य प्रदेश के जबलपुर में अपने 8 वर्षीय सौतेले बेटे के सामने पत्नी की हत्या कर दी। और शव को फंदे पर लटका दिया। मासूम करीब तीन दिन तक मां के शव के साथ घर में डरा-सहमा रहा। इसके बाद आरोपी पति ने घर से करीब 6 किलोमीटर दूर एक खाली क्वार्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।पूरी खबर पढ़ें
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस पार्टी की कोर टीम में शामिल सोनीपत के विजेता दहिया की कहानी भी काफी दिलचस्प है। विजेता CJP के तीन प्रवक्ताओं में से एक हैं। उन्होंने दिल्ली से इंजीनियरिंग की, विदेश मंत्रालय में नौकरी की, फिर उसे छोड़कर हरियाणवी फिल्में, लेखन और कंटेंट क्रिएशन की राह चुनी। वह करीब पांच साल तक यूट्यूबर ध्रुव राठी के साथ रिसर्चर और स्क्रिप्ट राइटर के रूप में काम कर चुके हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में विजेता दहिया ने अपने करियर, कॉकरोच मूवमेंट से जुड़ने की वजह, इसके उद्देश्य और आगे की रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा की। पहले जानिए कौन है विजेता दहिया…. स्कूलिंग सोनीपत, बीटैक दिल्ली से की विजेता दहिया ने बताया- मेरा जन्म सोनीपत जिले के गांव (नाम बताने से मना कर दिया) में हुआ था। मेरी शुरुआती पढ़ाई सोनीपत के होली चाइल्ड स्कूल में हुई। मेरे पिता टीचर रहे हैं। मैं एक मध्यमवर्गीय परिवार से आता हूं, जहां बचपन से ही पढ़ाई और मेहनत को महत्व दिया जाता था। कॉलेज के दिनों में मैंने अपने जेब खर्च और अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए ट्यूशन भी पढ़ाई। मैंने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से प्रोडक्शन एंड इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग में बीटेक की। पढ़ाई पूरी होने के बाद मेरा कैंपस प्लेसमेंट रैनबैक्सी लैब में हुआ। हालांकि, मेरा झुकाव हमेशा से क्रिएटिव क्षेत्र की ओर रहा। इसी वजह से मैं कुछ समय के लिए मुंबई गया और फिल्म इंडस्ट्री में अपने लिए अवसर तलाशने लगा। मुंबई में रहने के दौरान मुझे एहसास हुआ कि तुरंत फुल-टाइम फिल्ममेकर बन पाना आसान नहीं है। इसके बाद मैंने संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा पास की। वर्ष 2012 में मेरी नियुक्ति विदेश मंत्रालय में हुई, जहां मैंने करीब तीन साल दो महीने तक सेवाएं दीं। बाद में मैं एक मीडिया संगठन से जुड़ गया और धीरे-धीरे कंटेंट, रिसर्च और लेखन के क्षेत्र में सक्रिय हो गया। मेरा लक्ष्य स्क्रिप्ट राइटिंग और फिल्ममेकिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ना था। इस दौरान मुझे कई ऐसी फिल्मों पर काम करने के प्रस्ताव मिले, जो गैंगस्टर या अपराध आधारित विषयों पर थीं। हालांकि, मैंने ऐसे प्रोजेक्ट्स से दूरी बनाए रखी, क्योंकि मैं उस तरह का कंटेंट नहीं बनाना चाहता था। फिल्म निर्माण के क्षेत्र में मैंने हरियाणवी फिल्मों और वेब सीरीज पर काम किया। मेरी प्रमुख फिल्मों में 'दरारें' और 'ओपरी-पराई' शामिल हैं। दोनों प्रोजेक्ट्स को स्टेज एप पर दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला। 'ओपरी-पराई' को फरीदाबाद में आयोजित एक फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट वेब सीरीज का अवॉर्ड भी मिला था। यूट्यूबर ध्रुव राठी के साथ 5 साल काम किया विजेता दहिया ने आगे बताया- मैं अब तक दो किताबें लिख चुका हूं। इनमें 'पावर ऑफ यूनिवर्स' और 'टू हेल विद दैट जॉब' शामिल हैं। हिंदी में पब्लिश मेरी बुक 'भाड़ में जाए नौकरी' मेरे जीवन के अनुभवों, करियर में किए गए बदलावों और सोच-समझकर लिए गए फैसलों पर आधारित है। करीब 275 पन्नों की इस किताब में मैंने अपने संघर्ष, आत्ममंथन और जीवन के विभिन्न पड़ावों को साझा किया है। मैंने यूट्यूबर ध्रुव राठी के साथ करीब पांच साल तक रिचसर्चर और स्क्रिप्ट राइटर के रूप में काम किया। इस दौरान मुझे जनसंचार, राजनीतिक विश्लेषण और बड़े स्तर पर कंटेंट निर्माण का अनुभव मिला। फिलहाल मैं फ्रीलांस आधार पर काम कर रहा हूं और ध्रुव राठी के अलावा अन्य लोगों के लिए भी रिसर्च और कंटेंट तैयार करता हूं। राजनीति, इतिहास और सिनेमा जैसे विषयों पर शोध आधारित लेखन के कारण मुझे क्वोरा हिंदी प्लेटफॉर्म पर 'बेहतरीन लेखक' के रूप में भी चुना जा चुका है। मैं इंस्टाग्राम समेत विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय हूं। यहां मैं समाज, संस्कृति, राजनीति, जाति व्यवस्था और फिलॉसफी जैसे विषयों पर कंटेंट बनाता हूं। इन दिनों मैं अपनी तीसरी बुक 'जाति एक ब्राह्मणवादी कल्पना है' पर काम कर रहा हूं, जो जल्द पब्लिश हो सकती है। इस बुक में जाति व्यवस्था के इतिहास, उसके सामाजिक प्रभाव और वर्तमान परिप्रेक्ष्य का विश्लेषण किया गया है। मेरा मानना है कि जैसे अमेरिका में नस्लवाद के इतिहास और उसके प्रभावों के बारे में शुरुआती कक्षाओं से पढ़ाया जाता है, वैसे ही भारत में भी जाति व्यवस्था पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए। बुक में मैंने यह भी शामिल किया है कि यदि कोई व्यक्ति किसी की जाति पूछता है, तो उसका जवाब किस तरह दिया जा सकता है। मेरे अनुसार यह एक तरह की प्रैक्टिकल हैंडबुक होगी, जो लोगों को जातिगत पहचान से आगे बढ़कर अपनी व्यक्तिगत पहचान को समझने में मदद करेगी। अब जानिए कॉकरोच मूवमेंट से कैसे जुड़े? अभिजीत दीपके को पहले नहीं जानता था विजेता दहिया ने बताया- मैं कॉकरोच मूवमेंट से इसलिए जुड़ा क्योंकि मुझे इसका मकसद अच्छा लगा। ध्रुव राठी ने मुझसे कहा था कि मूवमेंट के लिए ऐसे व्यक्ति की जरूरत है, जो लोगों तक इसकी बात सही तरीके से पहुंचा सके। इसके बाद मैंने इस जिम्मेदारी को स्वीकार कर लिया। कॉकरोच मूवमेंट के संस्थापक अभिजीत दीपके को मैं पहले से नहीं जानता था। इस अभियान से जुड़ना किसी निजी पहचान की वजह से नहीं, बल्कि इसके उद्देश्य से प्रभावित होकर हुआ। विजेता ने बताया कि मैंने इस काम के लिए कोई पैसा नहीं लिया। यह कोई नौकरी नहीं, बल्कि एक सामाजिक अभियान है। लगा कि यह देश और समाज के लिए उपयोगी पहल हो सकती है, इसलिए मैंने इससे जुड़ने का फैसला किया। कॉकरोच मूवमेंट का मुख्य उद्देश्य लोगों को लोकतंत्र में ज्यादा भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। जब आम लोग अपने सांसद और विधायक से सवाल पूछेंगे, तभी लोकतंत्र मजबूत होगा। इससे नेताओं और राजनीतिक दलों पर भी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लेने का दबाव बनेगा। कॉकरोच मूवमेंट के प्रवक्ता के तौर पर मेरी भूमिका लोगों तक इसकी सोच और उद्देश्य पहुंचाने की है। मैं वीडियो और अन्य डिजिटल कंटेंट के जरिए लोगों को बता रहा हूं कि यह अभियान क्या है और इससे आम लोगों को कैसे जोड़ा जा सकता है। फिलहाल कुछ दिनों तक स्थिति का आकलन किया जाएगा। इसके बाद जंतर-मंतर पर फिर से प्रदर्शन होगा।
हरियाणा के परिवहन मंत्री अनिल विज कई बार दावा कर चुके हैं कि रोडवेज बसों में यात्रियों को UPI के जरिए टिकट भुगतान की सुविधा जल्द मिलेगी। इसके लिए रोडमैप तैयार होने तक की बातें कही गईं, लेकिन हकीकत यह है कि बसों में आज भी यात्री नकदी के भरोसे सफर करने को मजबूर हैं। विभाग के अफसर अभी तक इसे लागू नहीं कर पाए हैं। अनिल विज का कहना है कि पहले चरण में इसे एक जिले से शुरू किया जाएगा। बार-बार अफसरों के बदलने की वजह से यह शुरू नहीं हो पा रहा है, लेकिन अब अधिकारियों को व्यवस्था जल्द लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। पिछले करीब 21 महीनों में विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ACS) 3 बार बदले गए। पहले नवदीप सिंह विर्क, फिर अशोक खेमका, उसके बाद टीएल सत्यप्रकाश और अब राजा शेखर वुंडरू विभाग की कमान संभाल रहे हैं। रोडवेज के बेड़े में करीब 4,000 से 4,500 बसें हैं, जिनका संचालन 24 मुख्य डिपो और 13 उप-डिपो के जरिए किया जाता है। इतने बड़े नेटवर्क में डिजिटल टिकटिंग और UPI भुगतान लागू करने की योजना अभी तक शुरुआती चरण से आगे नहीं बढ़ सकी है। आखिर क्यों अटकी UPI भुगतान की योजना? 1. तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने में लग रहा समयहरियाणा रोडवेज की हजारों बसों में UPI भुगतान सुविधा शुरू करना सिर्फ QR कोड लगाने तक सीमित नहीं है। इसके लिए पहले तकनीकी एजेंसी का चयन करना होता है। फिर टिकटिंग मशीनों की खरीद, सॉफ्टवेयर तैयार करना, भुगतान प्रणाली को टिकटिंग सिस्टम से जोड़ना है। यह एक लंबी प्रक्रिया है, इसलिए योजना तय समय पर आगे नहीं बढ़ सकी। 2. कंडक्टरों को नए सिस्टम की ट्रेनिंग जरूरीUPI के जरिए टिकट जारी करने के लिए कंडक्टरों को नई मशीनें और डिजिटल टिकटिंग सिस्टम इस्तेमाल करना होगा। इसके लिए हजारों कर्मचारियों को ट्रेनिंग देनी पड़ेगी, ताकि वे भुगतान लेने, टिकट जारी करने और तकनीकी समस्या आने पर उसका समाधान कर सकें। विभाग अभी तक इस प्रक्रिया को पूरी तरह पूरा नहीं कर पाया है। 3. कई एजेंसियों के बीच तालमेल की चुनौतीइस योजना को लागू करने के लिए केवल परिवहन विभाग की भूमिका नहीं है। इसके साथ तकनीकी कंपनियां, बैंकिंग और भुगतान सेवा से जुड़ी एजेंसियां भी काम करती हैं। सभी पक्षों के बीच बेहतर तालमेल और समय पर फैसले जरूरी हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार योजना से जुड़े अलग-अलग विभाग और एजेंसियां आपस में बेहतर तालमेल नहीं बना सकीं। इसी वजह से काम तय रफ्तार से आगे नहीं बढ़ पाया। 2 महीने पहले हुई थी समीक्षा बैठक अक्टूबर 2024 में मंत्री बनने के बाद ही अनिल विज ने कह दिया था कि रोडवेज बसों में UPI सिस्टम लागू होगा। करीब दो महीने पहले विज ने परिवहन विभाग और हरियाणा रोडवेज के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की थी। बैठक में रोडवेज बसों में UPI आधारित टिकट भुगतान प्रणाली लागू करने की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान विज ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना को जल्द से जल्द जमीन पर उतारा जाए और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए, ताकि यात्रियों को टिकट के लिए नकदी पर निर्भर न रहना पड़े। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि शुरुआत में इस व्यवस्था को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एक जिले में लागू किया जाएगा, जिसके बाद इसे पूरे प्रदेश की रोडवेज बसों में विस्तार दिया जाएगा।
नालंदा में पुलिस प्रशासन ने विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से तत्काल प्रभाव से कई पुलिस पदाधिकारियों का स्थानांतरण और नव-पदस्थापन किया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, जिले के छह पुलिस पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आदेश के तहत, अस्थावां के थानाध्यक्ष पुलिस निरीक्षक उत्तम कुमार को प्रशासनिक दृष्टिकोण से हटाकर पुलिस केन्द्र नालंदा स्थानांतरित कर दिया गया है। उनके स्थान पर चंडी अंचल के अंचल पुलिस निरीक्षक सत्यम चन्द्रवंशी को अस्थावां थाने की नई कमान सौंपी गई है। इस्लामपुर के थानाध्यक्ष पुलिस निरीक्षक अनिल कुमार पाण्डेय को स्थानांतरित कर बिहार अंचल का अंचल पुलिस निरीक्षक नियुक्त किया गया है, जबकि उनकी जगह करायपरशुराय के थानाध्यक्ष पुलिस अवर निरीक्षक रणविजय कुमार को इस्लामपुर का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है। सुशील कुमार पासवान करायपरशुराय के नए थानाध्यक्ष इसके अतिरिक्त, साइबर थाने में तैनात पुलिस निरीक्षक चंदन कुमार सिंह को चंडी अंचल का नया अंचल पुलिस निरीक्षक और बिहार थाने के कनीय पुलिस अवर निरीक्षक सुशील कुमार पासवान को करायपरशुराय का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने इन नव-पदस्थापनों के साथ अत्यंत सख्त नियम और शर्तें भी लागू की हैं। सभी नवपदस्थापित थानाध्यक्षों को अपने नए कार्यभार ग्रहण करने से पहले अपनी अर्हता का प्रमाण पत्र कार्यालय को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा। बिहार सरकार के गृह विभाग (विशेष शाखा) के नियमों के अनुसार, जिन पुलिस पदाधिकारियों को किसी न्यायालय की ओर से दोषसिद्ध ठहराया गया हो या जांच के दौरान पुलिस की ओर से आरोपी बनाया गया हो, उन्हें इन महत्वपूर्ण पदों पर पदस्थापित नहीं किया जा सकता है। इसके साथ ही, महिलाओं से दुर्व्यवहार, भ्रष्टाचार अथवा अभिरक्षा में हिंसा जैसे आरोपों में विभागीय कार्रवाई में दोषी पाए गए पदाधिकारी भी अयोग्य माने जाएंगे। जिन पदाधिकारियों के खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई लंबित है, वे भी थानाध्यक्ष अथवा अंचल पुलिस निरीक्षक बनने के योग्य नहीं होंगे। शराब तस्करी से जुड़े होने पर नहीं बन सकेंगे थाना के अध्यक्ष राज्य में लागू शराबबंदी कानून को लेकर भी प्रशासन ने कड़ा रुख बरकरार रखा है। आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी पदाधिकारी की अपने क्षेत्र में शराब निर्माण, बिक्री या परिचालन में संलिप्तता पाई जाती है या मद्यनिषेध को लेकर उनके स्तर से कर्तव्यहीनता बरती जाती है, तो उन्हें अगले 10 साल के लिए थानाध्यक्ष या ओ०पी० प्रभारी के पद पर पदस्थापित नहीं किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को अविलंब अपने नवपदस्थापन स्थान पर योगदान देकर अनुपालन रिपोर्ट समर्पित करने का सख्त निर्देश दिया है। अंत में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि किसी भी पदाधिकारी की अर्हता पूर्ण नहीं पाई जाती है, तो उनका पदस्थापन आदेश स्वतः निरस्त कर दिया जाएगा।
दीदी नदी में नहा रही थी। वह बार-बार बांध से पानी में छलांग लगा रही थी। दो बार कूदने के बाद वह सुरक्षित बाहर आ गई, लेकिन तीसरी बार कूदने पर पानी में डूब गई। पहले हमें लगा कि वह मजाक कर रही है, इसलिए हमने ध्यान नहीं दिया। बाद में समझ आया कि वह सचमुच डूब गई है। किशनगंज में 13 साल की मेनका कुमारी की मौत के मामले में उसके दो मौसेरे भाइयों ने पुलिस पूछताछ के दौरान यह जानकारी दी है। दोनों बताया कि घटना के बाद वे घबरा गए थे। मामा के डर से उन्होंने घर पहुंचकर झूठ बोल दिया कि मेनका शौच के लिए पीपल के पेड़ के पास गई थी और वहां से वापस नहीं लौटी। एसपी संतोष कुमार ने बताया कि मामले के दोनों प्रत्यक्षदर्शी भाइयों ने अपनी मर्जी से न्यायालय में भी बयान दर्ज कराया है। केस की जांच सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है। घटना से जुड़े 3 PHOTOS.. अब सिलसिलेवार पढ़िए, खुलासे की कहानी पुलिस ने दोनों भाइयों से बारी बारी से की पूछताछ नदी की छानबीन के बाद पुलिस को मिले सुराग के अनुसार दोनों भाइयों को पुलिस ने बारी बारी पूछताछ की। शुरुआत में दोनों भाई लगातार अपने बयान बदल रहे थे। बाद में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर और परिजनों की मौजूदगी में सौहार्दपूर्ण तरीके से पूछताछ करने पर दोनों ने पूरी घटना का खुलासा किया। दोनों भाइयों ने बताया कि वे नदी में स्नान करने गए थे। इस दौरान मेनका नदी किनारे बने बांध से पानी में छलांग लगा रही थी। दो-तीन बार वह सुरक्षित बाहर आ गई, लेकिन एक बार वह अधिक गहराई वाले हिस्से में पहुंच गई और डूबने लगी। मेनका ने बचाने का इशारा भी किया, लेकिन भाइयों को पहले लगा कि वह मजाक कर रही है। घरवालों से कहा- मेनका शौच के लिए घर लौट गई थीजब तक उन्हें स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ, तब तक वह गहरे पानी में चली गई थी। दोनों ने उसे बचाने का प्रयास किया, एक राहगीर से मदद मांगी, लड़के ने कहा इस दौरान उसकी किसी ने भी मदद नहीं की। घटना के बाद दोनों भाई घबरा गए। घरवालों के डर से उन्होंने झूठ बोल दिया कि मेनका शौच के लिए घर लौट गई थी। नदी में मिट्टी कटाई से बढ़ गई थी गहराईजांच में यह भी सामने आया कि नदी से मिट्टी निकालकर बांध बनाया जा रहा था, जिससे नदी के कुछ हिस्सों में गहराई बढ़ गई थी। पुलिस के अनुसार कहीं पानी की गहराई 3 से 4 फीट थी तो कहीं 10 से 30 फीट तक पहुंच गई थी। इसी गहरे हिस्से में किशोरी डूब गई। एसपी ने कहा कि वैज्ञानिक जांच, तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज, एफएसएल जांच और गवाहों के बयानों के आधार पर मामले की जांच पूरी कर ली गई है। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर मामले की गंभीरता को देखते हुए 4 जून को घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया गया। इसके बाद पुलिस ने मौके पर कैंप कर जांच तेज कर दी। 5 जून को गोताखोरों की मदद से नदी में तलाशी की गई। जांच में डॉग स्क्वॉड और एफएसएल टीम की सहायता ली गई। वैज्ञानिक जांच, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण से पुष्टि हुई कि मेनका अपने दो मौसेरे भाइयों आयुष (10 वर्ष) और प्रिंस (15 वर्ष) के साथ नदी की ओर गई थी, लेकिन वापस केवल दोनों लड़के लौटे थे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या निकलापोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मेनका की मौत का कारण डूबने से दम घुटना (Asphyxia) और शॉक बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टरों को उसकी श्वासनली (ट्रेकिया) में मिट्टी और रेत के कण मिले हैं। दोनों फेफड़ों में भी मिट्टी और रेत के कण पाए गए हैं। इसके अलावा पेट में करीब 300 एमएल कीचड़ मिला पानी मौजूद होने का जिक्र किया गया है। वहीं, रिपोर्ट में सिर, खोपड़ी, मस्तिष्क और छाती पर किसी गंभीर चोट का उल्लेख नहीं किया गया है। परिवार ने हत्या का लगाया था आरोपबच्ची की लाश मिलने के बाद परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। बच्ची की मां पिंकी देवी ने कहा पुलिस ने लापता होने के दो दिन तक केस दर्ज नहीं किया और आवदेन में गलतियां बताकर लौटाते रहे। उनका आरोप था कि पुलिस की लापरवाही और केस दर्ज करने में ढिलाई की जिसकी वजह से बच्ची की जान गई। परिवार के आरोप के बाद शहर भर में हंगामा हुआ। लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किए, और कैंडल मार्च निकाला। पुलिस बोली- केस में लापरवाही की जांच की जा रहीपुलिस के अनुसार मामले की प्रारंभिक जांच और प्राथमिकी दर्ज करने में बरती गई संभावित लापरवाही की जांच अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी से कराई जा रही है। साथ ही पुलिस कार्य और अनुसंधान में बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और जांच में सहयोग करने की अपील की है।
भिवानी के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी शिक्षिका मनीषा की मौत मामले में रविवार को गांव में महापंचायत होगी। जिसमें प्रदेशभर की खापों के पदाधिकारी, किसान संगठनों व सामाजिक संगठनों के साथ आमजन शामिल होंगे। वहीं सीबीआई से खुलासे की मांग को लेकर आगे की रणनीति बनाई जाएगी और फैसला लिया जाएगा। इस महापंचायत को लेकर गांव में तैयारी कर ली गई है। वहीं मनीषा के पिता संजय के अनुसार गांव के पंचायत घर में यह महापंचायत होगी। जिसके लिए टेंट लगाया गया है। इससे पहले मनीषा के पिता ने महापंचायत को लेकर एक वीडियो भी जारी की। जिसमें उन्होंने खापों व आमजन से अपील की है। वीडियो में संजय ने हाथ जोड़कर कहा कि आप सभी समाज के लोगों से व हरियाणा प्रदेश की सभी खापों के पदाधिकारियों, किसान संगठनों व सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों से विनम्र अपील करता हूं कि आप ज्यादा से ज्यादा संख्या में महापंचायत में पहुंचकर बेटी मनीषा को न्याय दिलवाने में सहयोग करें। 180 गुना 45 फीट टेंट लगायामनीषा के पिता संजय ने कहा कि गांव के पंचायतघर में यह महापंचायत रखी गई है। इसके लिए पंचायतघर में टैंट लगाया जाएगा। ताकि लोग गर्मी में ठीक से बैठ सके। वहीं प्रदेश की सभी खापों, सामाजिक संगठनों व किसान संगठनों के पदाधिकारियों के अलावा सभी आमजन से भी महापंचायत में पहुंचने का न्यौता दिया गया है। इसके लिए 180 फीट गुना 45 फीट का टेंट लगाया है। सीबीआई से खुलासे की मांगमनीषा मौत मामले में खुलासे की मांग को लेकर 7 जून को गांव में महापंचायत बुलाई है। मांग है कि जल्दी से जल्दी CBI खुलासा करे और आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाए। जिसमें प्रदेशभर की खापों को बुलाया गया है। पहले भी बार-बार अल्टीमेटम देने के बाद भी खुलासा नहीं हुआ। जिसके कारण महापंचायत में आगे की रणनीति बनाई जाएगी और फैसला लिया जाएगा। 11 अगस्त को लापता हुईपिता संजय ने बताया था कि उसकी बेटी मनीषा 11 अगस्त को प्ले स्कूल में ड्यूटी पर गई थी। इसके बार वह नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए जाने की बात कहकर गई थी। जिसके बाद मनीषा घर नहीं लौटी। इसके बाद 13 अगस्त को मनीषा का शव गांव सिंघानी के खेतों में पड़ा हुआ मिला।इसके बाद परिवार ने हत्या का आरोप लगाया और पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया। लोगों ने मनीषा को न्याय दिलाने के लिए धरना प्रदर्शन किया। 18 अगस्त को पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया। इसके बाद लोगों का विरोध बढ़ गया। बढ़ते आंदोलन को देखते हुए मनीषा का तीसरी बार दिल्ली एम्स में पोस्टमॉर्टम करवाया और जांच CBI को सौंप दी।
लखनऊ के उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से आयोजित होने वाली आरक्षी नागरिक पुलिस व समकक्ष पदों की सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा से पहले पेपर लीक कराने का दावा करने वाले टेलीग्राम चैनल के खिलाफ हुसैनगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। भर्ती बोर्ड के सतर्कता निरीक्षक की तहरीर पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। भर्ती बोर्ड के मुताबिक आरक्षी भर्ती की लिखित परीक्षा 8, 9 और 10 जून को प्रस्तावित है। परीक्षा की पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने के लिए बोर्ड की सोशल मीडिया सेल विभिन्न इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार निगरानी कर रही है। इसी दौरान 6 जून को टेलीग्राम पर संचालित एक चैनल “UPP Exam Paper” की जानकारी मिली, जिसमें परीक्षा का प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा था। जांच में पता चला कि चैनल पर पोस्ट डालकर अभ्यर्थियों को निजी ग्रुप में प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का लालच दिया जा रहा था। इसके लिए प्रति अभ्यर्थी 8 हजार रुपये की मांग की गई थी। चैनल पर एक क्यूआर कोड और बैंक खाते का विवरण भी साझा किया गया था, ताकि अभ्यर्थियों से रकम जमा कराई जा सके। भर्ती बोर्ड का आरोप है कि चैनल संचालकों ने कंप्यूटर नेटवर्क और इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करते हुए अभ्यर्थियों को गुमराह करने, अनुचित लाभ पहुंचाने और धोखाधड़ी के जरिए आर्थिक फायदा उठाने का प्रयास किया। इससे अभ्यर्थियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हुई और परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित होने की आशंका बनी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं, आईटी एक्ट की धारा 66डी और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस टेलीग्राम चैनल संचालकों और उनसे जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर कार्रवाई में जुटी है।
दिल्ली के गांधी नगर इलाके में शनिवार रात एक दुकान में आग लग गई। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं औ करीब 3 घंटे मशक्कत के बाद रात करीब 12 बजे आग पर काबू पा लिया। अधिकारियों के मुताबिक, दमकल विभाग को रात 9:08 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। हालांकि पता ढूंढ़ने में दिक्कत और इलाके की संकरी गलियों के कारण दमकल गाड़ियों को मौके तक पहुंचने में समय लगा। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। आज की अन्य बड़ी खबरें… गोवा के मंत्री के खिलाफ वन अधिकारी की शिकायत, आरक्षित वन क्षेत्र से मिट्टी हटाने का आरोप गोवा के कुर्डी रेंज की वन अधिकारी सोनिया बी. राणे ने राज्य के मंत्री सुभाष फाल देसाई के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि कोलोम्बा गांव के सरकारी फॉरेस्ट एरिया में पेड़ों को हटाकर मिट्टी की खुदाई और वहां से ले जाने का काम किया जा रहा था। वन विभाग के अनुसार मौके पर दो खुदाई मशीनें (एक्सकेवेटर) और चार ट्रक लगाए गए थे। वन अधिकारियों ने मशीन ऑपरेटरों को काम रोकने का निर्देश दिया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। ऑपरेटरों ने कहा कि उन्हें मंत्री सुभाष फाल देसाई की ओर से काम जारी रखने के निर्देश मिले हैं। वन विभाग का आरोप है कि बाद में मंत्री खुद मौके पर पहुंचे और काम जारी रखने को कहा। वन अधिकारी ने शिकायत में कहा है कि खुदाई के दौरान कई पेड़ उखाड़े गए, जो वन कानूनों और ग्रीन एरिया बढ़ाने की सरकारी नीतियों का उल्लंघन है। मामले से जुड़े वीडियो और फोटो सबूत भी पुलिस को सौंपे गए हैं, ताकि आरोपियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जा सके। हालांकि, मंत्री का कहना है कि मिट्टी को स्थानीय युवाओं के लिए खेल मैदान तैयार करने लिए जंगल से मिट्टी ले जाया जा रहा था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हुगली नदी में डूबने से कोलकाता मेडिकल छात्र की मौत, दो घंटे बाद मिला शव कोलकाता मेडिकल कॉलेज के सेकेंड ईयर के छात्र श्यामल बसाक (24) की शनिवार को हुगली नदी में डूबने से मौत हो गई। पुलिस के अनुसार वह बाबूघाट पर नहाने के दौरान तेज धारा में बह गए थे। सूचना मिलने पर कोलकाता पुलिस के डिजास्टर मैनेजमेंट ग्रुप ने खोज अभियान चलाया और करीब दो घंटे बाद उन्हें नदी से बाहर निकाला। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। श्यामल 2024 में आरजी कर अस्पताल की महिला डॉक्टर के रेप और हत्या के विरोध में हुए आंदोलन में भी शामिल रहे थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।
लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा आगामी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सम्बंध में शनिवार को विभिन्न रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के पदाधिकारियों के साथ बैठक की गई। जिसमें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रस्तावित कार्यक्रमों और जनभागीदारी बढ़ाने के सम्बंध में चर्चा हुई। बैठक में प्राधिकरण के अपर सचिव सी.पी. त्रिपाठी ने बताया कि 21 जून, 2026 को 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है। जिसके लिए 15 जून से 21 जून, 2026 तक अंतर्राष्ट्रीय योग सप्ताह मनाया जाएगा। इस दौरान शहर की विभिन्न आवासीय सोसाइटियों, पार्कों एवं सार्वजनिक स्थलों पर योग सत्र, जागरूकता कार्यक्रम के साथ सामूहिक योगाभ्यास का आयोजन किया जाना है। आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों से अपील किया वो अपनी-अपनी सोसाइटियों में अधिक से अधिक लोगों को नियमित योगाभ्यास से जोड़ें। योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक संतुलन, तनाव मुक्ति और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि योग सप्ताह के दौरान विभिन्न आवासीय परिसरों में सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बच्चों, युवाओं, महिलाओं के साथ वरिष्ठ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने योग सप्ताह के सफल आयोजन में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया , अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की बात कही । इस मौके पर उप सचिव माधवेश कुमार समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाज़ियाबाद के राजेंद्र त्यागी और उनके परिवार के खिलाफ उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एवं असामाजिक गतिविधि (निवारण) अधिनियम, 1986 के तहत दर्ज मुकदमे को रद्द कर दिया। 12 फरवरी 2023 को पुलिस स्टेशन नंदग्राम, गाज़ियाबाद में राजेंद्र त्यागी, उनके बेटे दीपक त्यागी और बहू लालिता त्यागी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की धारा 2 और 3 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप था कि ये जमीन-प्लॉट दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी व धोखाधड़ी करते हैं। न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने कहा कि दोनों मूल एफआईआर केवल जमीन खरीद-बिक्री से जुड़े वित्तीय विवाद हैं। चार्जशीट में ऐसा कोई तथ्य नहीं जो गैंगस्टर एक्ट की धारा 2(बी) की शर्तें पूरी करता हो। साथ ही यह भी कहा कि गृहिणी लालिता त्यागी जिनकी उम्र मात्र 35 वर्ष थी ,की गिरफ्तारी पूरी तरह गैरकानूनी और मनमानी थी। वे बिना किसी ठोस आधार के लगभग 80 दिन न्यायिक हिरासत में रहीं। तत्कालीन कमिश्नर ऑफ पुलिस गाज़ियाबाद को फटकार अदालत ने तत्कालीन कमिश्नर ऑफ पुलिस गाज़ियाबाद, अजय कुमार मिश्र (जो अब आई जी पुलिस, प्रयागराज हैं) के खिलाफ कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि उन्होंने अपने अधिकार का दुरुपयोग किया, अधीनस्थों पर पर्याप्त नियंत्रण नहीं रखा, और सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया। हालांकि, भविष्य के करियर को देखते हुए अदालत ने उन्हें केवल सतर्क और सावधान रहने का निर्देश दिया। अदालत ने यूपी गृह विभाग की भी आलोचना की और कहा कि कमिश्नरेट जिलों में गैंग चार्ट अनुमोदन में जिलाधिकारी की अनिवार्य भागीदारी समाप्त करना नियम 5(3)(ए) का उल्लंघन है। गृह विभाग बार-बार मांगे गए तथ्यात्मक आंकड़े और जवाब देने में विफल रहा। अदालत ने सत्र परीक्षण संख्या 3072/2023 की समस्त कार्यवाही रद्द करते हुए याचिका स्वीकार कर लिया।
भोपाल के सात नंबर तिराहे और मान सरोवर क्षेत्र की ट्रैफिक ज्योमेट्री बदल रही है। मैनिट द्वारा तैयार डिजाइन के आधार पर यहां दो सर्विस लेन, रोटरी, चैन लाइजिंग आइलैंड और अन्यट्रैफिक इंजीनियरिंग सुधार किए जा रहे हैं। हालांकि, अभी काफी गफलत की स्थिति है और हर रोज हजारों वाहन चालक उलझते हुए नजर आ रहे हैं। बता दें कि जनवरी 2025 में आंबेडकर सेतु(जीजी फ्लाईओवर) शुरू हुआ था। इसने राजधानी के यातायात को नई दिशा दी, लेकिन इसके साथ ही 7 नंबर तिराहे और मानसरोवर क्षेत्र के ट्रैफिक का स्वरूप भी बदल गया। फ्लाईओवर शुरू होने के करीब डेढ़ साल बाद अब इस पूरे जंक्शन की ज्योमेट्री बदली जा रही है। यह ट्रैफिक संभालता है तिराहा7 नंबर तिराहा आरकेएमपी स्टेशन, एमपी नगर, अरेरा कॉलोनी और शिवाजी नगर को जोड़ता है। आंबेडकर सेतु शुरू होने से पहले यह क्षेत्र मुख्य रूप से स्थानीय यातायात को संभालता था, लेकिन फ्लाईओवर के संचालन के बाद यह एक प्रमुख ट्रांजिट कॉरिडोर बन गया है। जब यह तिराहा बना था तब मानसरोवर कॉम्प्लेक्स भी नहीं था। जीजी फ्लाईओवर बन जाने के बाद यहां ट्रैफिक के नेचर में बदलाव हुआ है और अगले कुछ महीनों में भाजपा कार्यालय की हाईराइज बिल्डिंग भी तैयार हो जाएगी। यानी यहां ट्रैफिक मूवमेंट का पैटर्न लगातार बदल रहा है। ये काम हो रहे दो साल पहले मैनिट ने दी थी डिजाइनमैनिट के ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्ट एक्सपर्टडॉ.सिद्धार्थ रोकड़े ने करीब दो साल पहले इस पूरे क्षेत्र का अध्ययन कर नया ज्यामैट्री ले-आउट तैयार किया था। अब उसी डिजाइन के आधार परजंक्शन को रिडिजाइन किया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी के एक्जीक्युटिव इंजीनियर एआर मोरेने बताया कि आंबेडकर सेतु शुरू होने के बादएमपी नगर, अरेरा कॉलोनी, शिवाजी नगर और रेलवे स्टेशन की ओर आने-जाने वाले लोगों की सुविधा तथा ट्रैफिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर यह नई व्यवस्था विकसित की जा रही है। इससे ट्रैफिक सुचारू रूप से चल सकेगा।
गोरखपुर के चौरीचौरा थाना क्षेत्र के चौरा गांव में शनिवार को एक युवक ने चाकू से गला काट लिया। इसके बाद गले पर गमछा लपेट कर खून से लथपथ हालत में थाने पहुंच गया। पुलिस ने पूछा तो गमझा हटा कर दिखाया। युवक की हालत देखकर थाने में हड़कम्प मच गया और उसे तत्काल पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया। सीओ ने घर पहुंच कर जांच की और कमरे की तलाशी ली तो उसके कमरे में खून से सना चाकू मिला और बिस्तर पर खून के निशान मिले जिसके बाद उसके आत्मघाती प्रयास की जानकारी हुई। युवक की मां ने पूछताछ के दौरान बताया कि बेटा शराब की लत में सनक गया है। वह अजीब हरकतें करता है। उसकी दवा भी चल रही है। अब विस्तार से जानिए पूरा मामला…एसपी नार्थ ज्ञानेन्द्र ने बताया कि शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे चौरा गांव निवासी लालू (28) गले में गमछा लपेटे हुए चौरीचौरा थाने पहुंचा। उसके गले से खून निकल रहा था और वह गंभीर रूप से घायल था। थाने पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल उसके परिजनों को सूचना दी और उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौरीचौरा पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। शहर के एक निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्राधिकारी चौरीचौरा ने युवक के घर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। युवक ने किया था आत्मघाती प्रयास जांच के दौरान घर के फर्स्ट फ्लोर पर स्थित उसके कमरे में बिस्तर पर खून के निशान मिले। वहीं बेड के पास एक चाकू भी बरामद हुआ। जिससे उसके आत्मघाती प्रयास की बात सामने आई। युवक की मां श्रीजावती पत्नी राममिलन ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा शराब का आदी था। पिछले 10 दिनों से उसकी तबीयत खराब चल रही थी। उसका इलाज चौरीचौरा कस्बे के एक चिकित्सक से कराया जा रहा था। शनिवार सुबह करीब 9:10 बजे वह दवा लेने के बाद घर आया, भोजन किया और अपने कमरे में जाकर आराम करने लगा। इसके बाद उसने कब और कैसे अपने गले पर चोट पहुंचाई, इसकी जानकारी परिवार को नहीं हो सकी। एसपी नार्थ ज्ञानेन्द्र ने बताया कि घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर मामला आत्मघाती प्रयास का प्रतीत हो रहा है। हालांकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों की गहराई से जांच की जा रही है। युवक के ठीक होने पर उसका भी बयान दर्ज किया जाएगा।
बेकनगंज में करंट लगाकर हत्या के आरोप पर पुलिस ने कब्र से शव निकलवा कर पोस्टमार्टम भेजा। नई सड़क निवासी महिला की 9 दिन पहले मौत हुई थी। बकरीद के दिन उसका शव दफनाया गया। मायके वालों का आरोप है कि उनकी बेटी को दामाद और एक महिला ने पीटने के बाद करंट लगाकर हत्या की है। घटना के दो दिन बाद मृतका की 6 साल की बेटी ने भी पिता पर मां को पीटने का आरोप लगाया था। रविार को मृतका का पोस्टमार्टम किया जाएगा। 2007 में हुआ था निकाह अनवरगंज के आलम मार्केट निवासी निशा कौसर की 2007 में नई सड़क के रिजवी रोड निवासी सिलाई कारीगर इंतजार अहमद से निकाह हुआ था। इंतजार के दो बेटियां व दो बेटे हैं। निशा के भाई आमिर अहमद का आरोप है कि बहनोई अक्सर बहन को पीटते थे। पहले भी कई बार पीटकर घायल किया था। उन्होंने बताया कि 27 मई की शाम बहन को बकरीद की खरीदारी कराकर उसके ससुराल छोड़कर आए थे। उस दिन निशा की बड़ी बेटी अदीबा उनके घर पर थी। भांजा इमरान नामाज पढ़ने और दूसरा जीशान एसी का काम सीखने गया था। छह वर्षीय भांजी अरबिया घर पर थी। शाम को अदीबा को लेने निशा मायके आने वाली थी। इसके लिए उसने छोटी बहन को फोन भी किया था। मौत के बाद पति और महिला किराएदार मिला गायब कुछ देर बाद जब उसने निशा को फोन मिलाया तो इमरान ने रोते हुए बताया कि मां को करंट लगा है और उनकी मौत हो गई। आरोप है कि घटना की खबर पाकर जब वह लोग पहुंचे तो बहनोई इंतजार और उनकी किराएदार महिला घर से गायब मिले। मायके वालों ने उन्हीं दोनों पर हत्या का आरोप लगाया है। बेकनगंज थाना प्रभारी मतीन खान ने बताया कि महिला के मायकेवालों ने ही शव दफनाया था। पुलिस को मौत की सूचना तक नहीं दी गई थी। अब पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर हत्या का आरोप लगाया और जांच की मांग की है। शनिवार को कब्र से शव निकलवाकर पोस्टमार्टम भेजा गया है।
प्रयागराज में हिस्ट्रीशीटर सक्षम पंडा (35) की गोली मारकर हत्या के मामले में फरार देवर-भाभी अब इनामी हो गए हैं। पुलिस ने उन पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया है। दोनों 16 दिन से फरार हैं। इमनें मुख्य आरोपी विमल पंडा की पत्नी शुभि व भाई कमल शर्मा शामिल हैं। दोनों नामजद आरोपी हैं और एक अन्य लल्ले धूरिया समेत घटना के बाद से ही गायब हैं। 21 मई को हुई थी घटनामुट्ठीगंज के मालवीय नगर में 21 मई की सुबह सक्षम शर्मा को गोलियों से भून दिया गया था। उसे स्कूटीसवार दो बदमाशों ने घर के दरवाजे और फिर गली में ताबड़तोड़ पांच गोलियां मारी थीं। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। मामले में मुख्य आरोपी विमल पंडा और भेले पंजाबी उर्फ आकाश अरोड़ा कुछ घंटों बाद ही गिरफ्तार कर लिए गए थे। जबकि तीन आरोपी अभी फरार हैं। जांच पड़ताल में यह बात भी सामने आई थी कि जेल भेजे गए दो हत्यारोपियों में से एक करीब महीने भर पहले ही जेल से छूटकर आया था। वहीं दूसरा पुलिस रिकॉर्ड में फरार चल रहा था। दोनों सक्षम पर हुई फायरिंग के मामले के आरोपी थे। दरअसल 13 मार्च को सक्षम पर मुट्ठीगंज में आधी रात फायरिंग हुई थी। इस मामले में मुख्य आरोपी विमल पंडा, उसका भाई कमल, लकी पंडा और संदीप कनौजिया का नाम आया था। बाद में विवेचना में नाम प्रकाश में आने पर आकाश अरोड़ा उर्फ भोला पंजाबी को भी आरोपी बनाया गया था। वारदात की 3 तस्वीरें देखिए- आकाश इस मामले में जेल भेजा गया था और 18 अप्रैल को उसे जमानत मिल गई थी। मुट्ठीगंज पुलिस पर्याप्त साक्ष्य नहीं प्रस्तुत कर पाई थी और इसी आधार पर उसे जमानत मिल गई थी। उधर विमल और उसका भाई कमल इस मामले में फरार थे और पुलिस उन्हें पकड़ नहीं सकी। उधर मृतक के पिता ज्ञानबाबू शर्मा ने आरोप लगाया कि पुलिस सिर्फ विमल को ढूंढ़ने का नाटक करती रही। जबकि वह खुलेआम घूमता रहा और आखिरकार उसने उनके बेटे को मौत के घाट उतार दिया ।इस मामले में पुलिस ने भोला पंजाबी को कुछ देर बाद ही गिरफ्तार कर लिया था। साथ ही कुछ घंटों बाद विमल को भी पकड़ लिया। सवालों के घेरे में स्थानीय पुलिसमुट्ठीगंज में हुई इस वारदात को लेकर स्थानीय पुलिस सवालों के घेरे में है। सवाल यह है कि अतरसुइया पुलिस के रिकॉर्ड में 10 मुकदमों वाले हिस्ट्रीशीटर विमल पर आखिर कैसे निगरानी रखी जा रही थी। हत्या के प्रयास में वांछित होने के बाद भी आखिर उसने कैसे हत्या की वारदात को अंजाम देने का दुस्साहस किया। थाना प्रभारी, चौकी इंचार्ज और बीट सिपाही आखिर क्या करते रहे। फिलहाल तत्कालीन थानाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह का तबादला किया जा चुका है। उन्हें सरायममरेज थानाध्यक्ष बनाया गया है। फोन करके घर के बाहर बुलाया थासक्षम पांडा मुट्ठीगंज थाना क्षेत्र के मालवीय नगर का रहने वाला था। सक्षम की मां ने बताया कि 20 मई की रात बेटे ने परिवार के साथ खाना खाया था, इसके बाद सोने चला गया। गुरुवार सुबह किसी का फोन आया, इसके बाद वह घर से चला गया। कुछ देर बाद पता चला कि बेटे की हत्या कर दी गई है। हम लोग मौके पर पहुंचे तो वह खून से लथपथ जमीन पर पड़ा था। पहले बातचीत की, घर लौटा तो पीछे से आकर मारी गोलीपुलिस के मुताबिक, आरोपी ने हिस्ट्रीशीटर को फोन कर घर से 100 मीटर दूर बुलाया और उससे काफी देर तक बातचीत की। इसके बाद दोनों हमलावर अपने घर की तरफ चले गए। हिस्ट्रीशीटर भी अपने घर पहुंच गया। वह अपने घर की सीढ़ियों पर खड़ा था, तभी पीछे से वापस दोनों हमलावर आ गए और उसे गोली मार दी। CCTV में क्या दिख रहा, जानिएCCTV फुटेज में दिख रहा है कि हिस्ट्रीशीटर सीढ़ियों पर खड़ा है। इसी दौरान पीछे से दोनों हमलावर स्कूटी से आते हैं और पास पहुंचते ही गोली मार देते हैं। गोली लगते ही हिस्ट्रीशीटर पहले घर की तरफ भागता है, फिर अचानक पीछे मुड़कर गली की ओर भाग जाता है। हमलावरों ने उसका पीछा किया और करीब 50 मीटर दूर जाकर उसे एक और गोली मार दी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद हमलावरों ने उस पर गोलियां चला दीं। पहले एक आरोपी पैदल भागा, जबकि दूसरा स्कूटी से फरार हुआ। हालांकि, बाद में स्कूटी सवार हमलावर वापस आया और दूसरे आरोपी को स्कूटी पर बैठाकर ले गया। बता दें कि विमल पंडा पर कुल 10 मुकदमे दर्ज हैं। वह अतरसुइया थाने का हिस्ट्रीशीटर है। विमल हत्या के प्रयास के मामले में फरार चल रहा था और उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी था। वहीं, मृतक सक्षम भी हिस्ट्रीशीटर था। उसके खिलाफ मुट्ठीगंज थाने में आर्म्स एक्ट और हत्या समेत आठ मुकदमे दर्ज हैं। इस मामले में एसीपी करेली निकिता श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों पर इनाम घोषित किया गया है। उनकी तलाश की जा रही है।
ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिजली घर के पास शनिवार शाम एक हादसा हो गया। यहां अपने घर से निकलकर रेलवे ट्रैक के पास कचरा डालने गई 17 साल की एक छात्रा तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गई। ट्रेन की चपेट में आकर छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई थी। पड़ोसियों ने उसे तड़पता देख तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी सांसें थम गईं। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घर से महज कुछ दूरी पर हुआ हादसाझांसी रोड थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सिंधिया नगर मरघट पहाड़ी, गड्डा वाला मोहल्ला की रहने वाली मानसी (17 वर्ष) पुत्री मनोज झा शनिवार को अपने घर पर ही थी। शाम के समय मानसी घर का कचरा फेंकने के लिए पास ही स्थित बिजली घर के सामने से गुजर रहे रेलवे ट्रैक की तरफ गई थी। छात्रा जब पटरी के पास कचरा डाल रही थी, तभी वहां से गुजरी एक तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में वह आ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मानसी गंभीर रूप से घायल होकर दूर जा गिरी। पड़ोसियों ने दिखाई इंसानियत, पर नहीं बच सकी जानहादसे के वक्त वहां से गुजर रहे स्थानीय पड़ोसी धर्मेंद्र रजक और राहुल रजक ने जब मानसी को लहूलुहान और गंभीर हालत में पटरी के पास पड़े देखा, तो उनके होश उड़ गए। दोनों युवकों ने बिना वक्त गंवाए मानसी को उठाया और इलाज के लिए तुरंत अस्पताल की तरफ भागे। लेकिन सिर और शरीर पर लगी गंभीर चोटों के कारण मानसी ने अस्पताल के दरवाजे पर पहुंचने से पहले ही रास्ते में दम तोड़ दिया। मानसी की मौत की खबर जैसे ही सिंधिया नगर के गड्डा वाला मोहल्ला पहुंची, वहां सन्नाटा पसर गया। 17 साल की बेटी की इस तरह अचानक हुई दर्दनाक मौत से माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस का कहनाइस मामले में झांसी रोड थाना पुलिस का कहना है कि शनिवार बिजली घर के पास रेलवे ट्रैक पर एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की मानसी झा के ट्रेन की चपेट में आने की सूचना मिली थी। अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया है। फिलहाल शव का मर्ग कायम कर उसे पोस्टमार्टम (PM) हाउस भेज दिया है। मामले की बारीकी से जांच की जा रही है कि हादसा किस ट्रेन से और किन परिस्थितियों में हुआ।
राज्यसभा के लिए नामांकन भरने की अंतिम तारीख 8 जून है। इस बीच भाजपा तीसरी सीट पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। पार्टी ने संभावित उम्मीदवारों के तौर पर दो नेताओं के दस्तावेज भी तैयार करा लिए हैं। इसी बीच शनिवार रात मुख्यमंत्री निवास में हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में सभी विधायकों को 8 जून तक भोपाल नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि नामांकन के अंतिम दिन तक राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक पूर्व विधायक जीतू जिराती और विनोद गोटिया में से किसी एक को तीसरी सीट पर मैदान में उतारने की तैयारी चल रही है। हालांकि भाजपा ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पार्टी पहले ही अपने दो उम्मीदवारों तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल का नामांकन दाखिल करा चुकी है। इस बीच श्योपुर विधायक बाबू जंडेल के बयान ने सियासी माहौल गरमा दिया। विधायक दल की बैठक के बाद उन्होंने कहा, बीजेपी को कांग्रेस की चुनौती है। हम पूरी तरह से तैयार हैं और हमारे ग्वालियर-चंबल संभाग के जितने भी विधायक हैं वह पूरी तरह से साथ हैं। कोई घबराने की जरूरत नहीं है। बीजेपी को हमारा चैलेंज है। कांग्रेस के जांबाज विधायक हमारी बहन मीनाक्षी नटराजन को जिताएंगे। जो विधायक गद्दारी करेगा वह अपने बाप का भी नहीं है वह वर्ण शंकर औलाद है। सीएम हाउस में भाजपा विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री निवास में शनिवार रात हुई विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, दोनों उपमुख्यमंत्री, प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह, संगठन महामंत्री अजय जामवाल समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक में सभी विधायकों से कहा गया कि वे 8 जून तक भोपाल में ही रहें। मीनाक्षी नटराजन को 62 कांग्रेस विधायकों का समर्थन उधर, शनिवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी हुई। बैठक में मौजूद 59 विधायकों ने हाथ उठाकर राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के समर्थन का भरोसा जताया। कांग्रेस का दावा है कि उसके 64 में से 62 विधायक साथ हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ऑनलाइन बैठक से जुड़े। राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि भाजपा के दावों की हकीकत नामांकन प्रक्रिया में सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि यह वैचारिक लड़ाई है और पूरी कांग्रेस उनके साथ खड़ी है। तीसरी सीट का पूरा गणित भाजपा के पास कितने वोट? कांग्रेस के पास कितने वोट? तीसरी सीट कैसे जीतेगी भाजपा? किस नेता ने क्या किए दावे पटवारी बोले- मीनाक्षी 5 लाख परसेंट राज्यसभा जाएंगी बैठक के बाद पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और मीनाक्षी नटराजन 5 लाख परसेंट राज्यसभा जाएंगी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है, लेकिन कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट हैं। कमलनाथ बोले- हम सब की प्रतिष्ठा का चुनाव कांग्रेस विधायक दल की बैठक को कमलनाथ ने वर्चुअल जुड़कर संबोधित किया। कमलनाथ ने कहा कि हमें कांग्रेस पार्टी के सिंबल का ध्यान रखना है, यह समझिए कि कमलनाथ दिग्विजय सिंह हम सब यह चुनाव लड़ रहे हैं। यह हम सब की प्रतिष्ठा का चुनाव है। बीजेपी विधायक बोले- कमलनाथ और कई कांग्रेसियों ने बधाई तक नहीं दी सिरोंज से बीजेपी विधायक उमाकांत शर्मा ने कहा- मीनाक्षी नटराजन को कांग्रेस और राहुल गांधी ने राज्यसभा का प्रत्याशी बनाकर जबरन थोप दिया। कमलनाथ जी और कई नेता बधाई नहीं दे रहे। दिग्विजय सिंह पहले उनकी प्रशंसा करते थे, टंच माल कह चुके हैं लेकिन आज तक उन्होंने भी ढ़ंग से शायद बधाई नहीं दी। बीजेपी के राज्यसभा कैंडिडेट्स की प्रोफाइल --------------यह खबर भी पढ़ें कांग्रेस बोली- मीनाक्षी नटराजन ‘5 लाख परसेंट राज्यसभा जाएंगी’ मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव के बीच कांग्रेस और भाजपा दोनों ने शक्ति प्रदर्शन किया। भाजपा ने अपने दोनों उम्मीदवारों रजनीश अग्रवाल और तरुण चु्ग के साथ नामांकन दाखिल किया, जबकि कांग्रेस ने विधायक दल की बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए एकजुटता का संदेश दिया। कांग्रेस ने कहा कि 5 लाख परसेंट मीनाक्षी नटराजन राज्यसभा जाएगी। पढ़ें पूरी खबर
कमिश्नर अनिल ढींगरा ने शनिवार को सहजनवा क्षेत्र के 9 अधिकारियों का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। ये अधिकारी विभिन्न विभागों से संबंधित हैं और सहजनवा तहसील में आयोजित समाधान दिवस में अनुपस्थित थे। DIG एस चनप्पा के साथ कमिश्नर समाधान दिवस का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे।अधिकारियों को अनुपस्थित पाकर उन्होंने सभी का वेतन बाधित करने को कहा। कमिश्नर ने कहा कि जिलाधिकारी के स्तर से एक अपर जिलाधिकारी स्तर का एक नोडल अधिकारी इसके लिए नामित किया जाए। DIG ने कहा कि पुलिस से संबंधित शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाए। इन अधिकारियों का रुका वेतन कमिश्नर के निर्देश पर पाली एवं पिपरौली के खंड शिक्षा अधिकारी, सहजनवा के सीडीपीओ, चकबंदी अधिकारी, पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता, सहजनवा, पिपरौली, पाली के पशु चिकित्साधिकारी, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता ड्रेनेज का वेतन रोका गया है। फरियादियों की समस्या भी सुनी कमिश्नर ने राजस्व एवं भूमि विवद से जुड़ी समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने प्रमोद कुमार, सरस्वती देवी, भजुराम, संतोष पाण्डेय आदि की समस्या सुनी और एसडीएम केशरी नंदन तिवारी को उसका निस्तारण करने को कहा। कमिश्नर ने कहा कि अनुपस्थित अधिकारी यदि दोबारा अनुपस्थित मिले तो उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
किन्नरों ने रोडवेज परिचालक पर फावड़े से हमला किया:मेरठ में दो आरोपी गिरफ्तार, पुलिस जांच जारी
मेरठ के मेडिकल थाना क्षेत्र में रोडवेज बस के एक परिचालक पर फावड़े से हमला किया गया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना सोहराब गेट बस अड्डे से बुलंदशहर जा रही रोडवेज बस में हुई। बस में सवार दो किन्नरों के यात्रियों से बातचीत और व्यवहार पर परिचालक हरस्त अली ने आपत्ति जताई। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर बस को रास्ते में रुकवाया गया। इसके बाद परिचालक हरस्त अली के साथ मारपीट की गई और एक आरोपी ने फावड़े से उसके सिर पर वार कर दिया। हमले में हरस्त अली गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। घटना के बाद स्थानीय लोगों और यात्रियों ने घायल परिचालक को एक निजी अस्पताल पहुंचाया। उनका इलाज जारी है और चिकित्सकों के अनुसार उनके सिर में गहरी चोट आई है। मेडिकल थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच शुरू की। थाना प्रभारी सतवीर सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने दबिश देकर घटना के लगभग दो घंटे के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों की पहचान पठानपुरा निवासी चाहत और रौनकपुरा निवासी नाएरा के रूप में हुई है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर दोनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले ने बताया कि घटना में शामिल दोनों आरोपियों को दो घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विधिक कार्रवाई पूरी होने के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
मेरठ के गंगानगर थाना क्षेत्र से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें एक युवक और युवती खुलेआम हथियारों से हर्ष फायरिंग करते दिख रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वायरल वीडियो में युवक और युवती के हाथों में हथियार साफ दिख रहे हैं। वे दोनों कथित तौर पर हर्ष फायरिंग कर रहे हैं, जबकि आसपास मौजूद कुछ लोग इस घटना का वीडियो बनाते हुए नजर आ रहे हैं। यह वीडियो अब सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। जानकारी के अनुसार, यह वीडियो इंस्टाग्राम पर 'जाटनी_दबमाशी' नामक अकाउंट से पोस्ट किया गया है। हालांकि, वीडियो की सत्यता और इसे पोस्ट करने की परिस्थितियों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दावा किया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो गंगानगर थाना क्षेत्र के बक्सर इलाके का है। खुलेआम हथियारों के प्रदर्शन और फायरिंग के इस वीडियो के सामने आने के बाद कानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बताया कि वायरल वीडियो की गहन जांच की जा रही है। वीडियो में दिख रहे युवक और युवती की पहचान करने के प्रयास जारी हैं। इसके साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि यह वीडियो कब और किस स्थान का है, तथा इसमें इस्तेमाल किए गए हथियार वैध हैं या अवैध। अधिकारियों के मुताबिक, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नीट यूजी 2026 की तैयारियां तेज, नासिक के परीक्षा केंद्रों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए), नई दिल्ली द्वारा नीट (यूजी) 2026 की परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5.15 बजे तक नासिक जिले के अलग-अलग केंद्रों पर आयोजित की जाएगी
शाहजहांपुर में एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर तीनों को पीलीभीत के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलने पर एसपी ग्रामीण ने गांव पहुंचकर परिवार से जानकारी ली। पुलिस के अनुसार, तीनों की हालत अब खतरे से बाहर है। यह घटना खुटार थाना क्षेत्र के कोल्हू गदा गांव की है। यहां के 28 वर्षीय सनी की शादी दो महीने पहले शिवानी से हुई थी। शनिवार शाम पति-पत्नी के बीच घरेलू विवाद हो गया। कमरे के अंदर हुई कहासुनी के बाद शिवानी ने जहरीला पदार्थ खा लिया। शिवानी की हालत बिगड़ने पर उसके पति सनी ने भी वही जहरीला पदार्थ खा लिया। जब सनी की मां सरस्वती को दोनों के जहर खाने की जानकारी हुई, तो उन्होंने भी जहरीला पदार्थ का सेवन कर लिया। तीनों को उल्टियां होने लगीं, जिससे स्थानीय लोगों को घटना का पता चला। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तीनों को पीलीभीत के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना के बाद खुटार थाना प्रभारी अरविंद सिंह पीलीभीत अस्पताल पहुंचे और उनके बयान दर्ज किए। परिजनों ने पुलिस को बताया कि पति-पत्नी के बीच घरेलू विवाद हुआ था, लेकिन विवाद का सटीक कारण नहीं बताया गया। एसपी ग्रामीण ने भी गांव जाकर परिवार से पूछताछ की। थाना प्रभारी अरविंद सिंह ने पुष्टि की है कि तीनों की हालत अब खतरे से बाहर है।
विरासत गलियारा में अगले सप्ताह बन जाएगी सड़क:कमिश्नर-DIG ने निरीक्षण किया; फुटपाथ से हटेगा अतिक्रमण
धर्मशाला बाजार से पांडेयहाता तक बन रहे विरासत गलियारा की सड़क अगले सप्ताह बनकर तैयार हा जाएगी। कमिश्नर अनिल ढींगरा एवं DIG एस चनप्पा ने शनिवार को विरासत गलियारा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता ने बताया कि एक सप्ताह में सड़क की ब्लैक टॉपिंग की जाएगी। कमिश्नर ने कहा कि हर हाल में अगले शनिवार तक सड़क बनाकर वाहनों का संचालन शुरू कर दिया जाए।कमिश्नर ने पीडब्ल्यूडी व बिजली निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आगामी शनिवार तक सड़क को मोटरेबुल बना दें। इसके साथ ही पथ प्रकाश के बिजली पोलों को भी स्थापित करा दें। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त अजय जैन भी उपस्थित रहे। कमिश्नर ने उन्हें निर्देश दिया कि फुटपाथ का अतिक्रमण कर उसपर दुकान लगाने वाले दुकानदारों को नोटिस दिया जाए। 3 दिन में उन्हें अतिक्रमण हटाने को कहें। यदि अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है तो चालान कर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पांडेयहाता से धर्मशाला तक जहां भी मलबा या कूड़ा पड़ा हुआ है, उसे नगर निगम की टीम लगाकर पूरी तरह से हटवा लिया जाए।विरासत गलियारा की लंबाई लगभग साढ़े तीन किलोमीटर है। मार्ग चौड़ा हो जाने से इन बाजारों में आना-जाना आसान हो जाएगा। साथ ही शहर के दो हिस्सों की दूरी भी कम हो जाएगी। यह परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ड्रीम परियोजना है। सड़क का निर्माण पूरा हो जाने के बाद पूरे रास्ते पर आकर्षक लाइटें लगाई जाएंगी। यहां की दुकानें एक जैसी नजर आएंगी। सभी को एक रंग में रंगा जाएगा। धर्मशाला बाजार के रास्ते कोई भी सीधा पांडेयहाता होता हुआ महेवा तक पहुंच सकता है। बन जाने के बाद यह शहर के सबसे आकर्षक बाजार के रूप में नजर आएगा।
बालोद जिले के युवा लोक कलाकार राजू उर्फ प्रेम साहू का हार्ट अटैक से निधन हो गया। सीने में अचानक तेज दर्द उठने के बाद वे बेहोश होकर गिर पड़े थे। वहीं, बेटे की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलने पर अस्पताल जा रहे उनके माता-पिता भी सड़क हादसे का शिकार हो गए। एक ओर जवान बेटे की मौत और दूसरी ओर माता-पिता के घायल होने की घटना ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया। गुरुर में बिगड़ी तबीयत, अस्पताल पहुंचने से पहले हुई मौत 30 वर्षीय प्रेम साहू मूल रूप से सिकोसा क्षेत्र के ग्राम कोड़ेवा के निवासी थे। उनका परिवार लंबे समय से बालोद शहर के बूढ़ापारा स्थित सीतानगर वार्ड में निवास कर रहा है। परिजनों के मुताबिक शुक्रवार को वे निजी कार्य से कांकेर क्षेत्र गए हुए थे। दोपहर करीब 2 बजे गुरुर पहुंचने पर उनके सीने में अचानक तेज दर्द उठा। वे बस स्टैंड के पास एक होटल के समीप रुके, लेकिन कुछ ही देर बाद बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें इलेक्ट्रिक वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरुर पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बेटे की खबर सुनकर निकले माता-पिता, रास्ते में हुआ हादसा घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने परिजनों को प्रेम साहू की तबीयत खराब होने की सूचना दी। इसके बाद पिता रूपराम साहू और माता चंद्रकला साहू बाइक से बालोद से गुरुर के लिए रवाना हुए। रास्ते में करहीभदर और मुजगहन के बीच उनकी बाइक फिसल गई। हादसे में चंद्रकला साहू का पैर टूट गया, जबकि रूपराम साहू के हाथ में गंभीर चोट आई। दोनों को पहले जिला अस्पताल बालोद और बाद में बेहतर उपचार के लिए सिवनी स्थित उम्मीद अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल माता-पिता ने एंबुलेंस से पहुंचकर किए अंतिम दर्शन परिजनों ने प्रेम साहू के शव को जिला अस्पताल बालोद की मर्च्युरी में रखवाया। शनिवार सुबह 11 बजे शव को सीतानगर स्थित उनके निवास लाया गया। इस दौरान घायल माता-पिता को भी एंबुलेंस से अंतिम दर्शन के लिए घर पहुंचाया गया। स्ट्रेचर और व्हीलचेयर के सहारे पहुंचे माता-पिता अपने जवान बेटे को अंतिम बार देखकर फूट-फूटकर रो पड़े। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। रामघाट मुक्तिधाम में हुआ अंतिम संस्कार दोपहर 1 बजे बालोद शहर के रामघाट मुक्तिधाम में प्रेम साहू का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा और अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में परिजन, मित्र, कलाकार शामिल हुए। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। लोककला के क्षेत्र में बनाई थी अलग पहचान प्रेम साहू जिले के चर्चित युवा लोक कलाकारों में गिने जाते थे। वे रंग मया परिवार लोक संस्कृति रिकॉर्ड डांस के माध्यम से छत्तीसगढ़ी लोककला और संस्कृति के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। कला जगत में उनकी पहचान प्रेम साहू के नाम से थी और जिले के अनेक सांस्कृतिक आयोजनों में वे नियमित रूप से अपनी प्रस्तुतियां देते थे। असमय निधन से कला जगत में शोक उनके रिश्तेदार शेष साहू ने बताया कि प्रेम साहू की असमय मृत्यु से पूरे कला जगत को गहरा आघात पहुंचा है। शनिवार को अंतिम दर्शन के लिए कलाकारों, शुभचिंतकों और ग्रामीणों की बड़ी संख्या उनके निवास पहुंची। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक बहुमंजिला आवासीय सोसाइटी में शनिवार शाम बड़ा हादसा हो गया। सोसाइटी की इमारत से प्लास्टर का हिस्सा टूटकर गिरने से एक निवासी गंभीर रूप से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद सोसाइटी में दहशत का माहौल है और भवन की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। घटना बिसरख थाना क्षेत्र स्थित अरिहंत अंबर सोसाइटी की है। मृतक की पहचान 46 वर्षीय विकास चावला के रूप में हुई है, जो सोसाइटी के डी-1507 फ्लैट में परिवार के साथ रहते थे। जानकारी के अनुसार, शनिवार देर शाम विकास चावला अपनी बाइक से सोसाइटी से बाहर जा रहे थे। इसी दौरान बिल्डिंग का प्लास्टर अचानक टूटकर उनके ऊपर आ गिरा। प्लास्टर गिरने से बाइक अनियंत्रित हो गई और वह सड़क पर गिर पड़े। हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट आई और काफी खून बह गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत विकास चावला को यथार्थ अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले भी उठ चुकी थी स्ट्रक्चर ऑडिट की मांग सेंट्रल नोएडा के एडिशनल डीसीपी स्वतंत्र सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि परिजनों की मौजूदगी में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सोसाइटी के अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) का कहना है कि इमारत की सुरक्षा को लेकर पहले भी कई बार स्ट्रक्चर ऑडिट कराने की मांग उठाई गई थी। हादसे के बाद निवासियों में चिंता बढ़ गई है और भवन की गुणवत्ता तथा रखरखाव को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
बुजुर्ग का शव मक्के के खेत में मिला:संभल में परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया, पुलिस जांच में जुटी
संभल के मोतीनगर गांव में एक 60 वर्षीय ग्रामीण का शव उसके ही मक्का के खेत में पड़ा मिला। शनिवार शाम को हुई इस घटना के बाद परिजनों ने गांव के ही एक अन्य मजदूर पर शराब पिलाकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना संभल तहसील के हयातनगर थाना क्षेत्र के मोतीनगर गांव की है। शनिवार शाम करीब 6 बजे घास काटने गई एक महिला ने मक्का के खेत में शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को खेत से बाहर निकाला और उसकी शिनाख्त 60 वर्षीय जगत सिंह पुत्र श्यामलाल निवासी मोतीनगर के रूप में की। मृतक की पत्नी मुन्नी ने बताया कि उनके पति सुबह रोटी लेकर चाय पीने के बाद मजदूरी करने गए थे। वह रोजाना दोपहर 1 से 2 बजे के बीच घर लौट आते थे, लेकिन उस दिन नहीं आए। इसके बाद परिवार के सदस्यों ने उनकी तलाश शुरू की। परिजनों ने पुलिस को शिकायत देते हुए गांव के मजदूर राहुल पुत्र ओमवीर पर शराब पिलाकर जगत सिंह की हत्या करने का आरोप लगाया है। बताया गया है कि मृतक और आरोपी मजदूर अक्सर साथ काम करते थे और शराब भी साथ पीते थे। जगत सिंह अपने पीछे पत्नी, तीन बेटियों और दो बेटों को छोड़ गए हैं। उनका 21 वर्षीय बेटा नितिन गुजरात में मजदूरी करता है, जबकि दो बेटियों सुमन और पूनम की शादी हो चुकी है। घर पर 20 वर्षीय बेटी सुनीति और 17 वर्षीय बेटा प्रिंस रहते हैं। इस घटना से परिवार में गहरा सदमा है। गौरतलब है कि मृतक की पत्नी मुन्नी का वर्ष 2023 में हुए एक सड़क हादसे में सीधा हाथ कट गया था। थाना प्रभारी संजीव बालियान ने बताया कि मृतक ग्रामीण का शव उसी के मक्का के खेत में मिला है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिवार के लोगों ने बताया कि सुबह घर से निकला था।
बदायूं में वजीरगंज इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह को एसएसपी अंकिता शर्मा ने शनिवार रात लाइन हाजिर कर दिया है। सुरेंद्र सिंह पर आरोप है कि मुठभेड़ के दौरान उन्होंने गोपनीयता का पालन नहीं किया और इसकी पूर्व सूचना उजागर कर दी। हालांकि अपराधी पकड़े गए लेकिन उनकी निष्ठा पर सवाल उठना लाजिमी था। हालांकि माना जा रहा है कि इस मामले में इंस्पेक्टर बिल्सी मनोज कुमार की भूमिका भी संदिग्ध रही है और विभागीय जांच में उनके खिलाफ भी कार्रवाई तय मानी जा रही है। क्योकि वो भी इस मुठभेड़ में शामिल रहे थे। दरअसल, नौ मई की रात बिल्सी थाना क्षेत्र के बैरमई बुजुर्ग गांव निवासी लोकेश नाम के युवक से वजीरगंज के ब्योली गांव के पास बाइक व मोबाइल लूटा गया था। इस वारदात को 3 बदमाशों ने अंजाम दिया था। वहीं पिछले सप्ताह पुलिस ने मुठभेड़ के बाद तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया। इनमें दो को गोली लगी। सिपाही भी बदमाशों की फायरिंग में घायल हुआ था। पकड़े गए बदमाश फारुख उर्फ बादशाह निवासी गांव धनौली थाना बिल्सी, अमन चतुर्वेदी निवासी टीकमगढ़, मध्यप्रदेश घायल हुए थे। जबकि मुठभेड़ के बाद रुटीन कांबिंग में उनका एक साथी सुरजीत निवासी शाहजहांपुर गिरफ्तार हुआ था। इनके पास से लूटी गई बाइक भी बरामद हो गई थी। हालांकि पुलिस का यह गुडवर्क बेडवर्क में उस वक्त बदल गया, जब मुठभेड़ की गोपनीयता में खलल पड़ा। अफसरों का मानना है कि गोपनीयता भंग होने से बदमाश अलर्ट हो सकते थे और पुलिस पर हैवी फायरिंग भी हो सकती थी। इसमें पुलिस टीम की जान जोखिम में पड़ सकती थी। ऐसे में फौरी तौर पर एसएचओ वजीरगंज लाइनहाजिर हुए हैं। हालांकि इस पूरे प्रकरण में बिल्सी एसएचओ की कार्यप्रणाली भी सवालों में घिर गई है। एसएसपी ने बताया कि पूरी जिम्मेदारी एसएचओ वजीरगंज की थी, इसलिए उन पर कार्रवाई हुई है। हालांकि विभागीय जांच जारी है। बिल्सी एसएचओ की संलिप्तता की भी सूचना है। मामला सही निकला तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई तय है।
जयपुर के वैशाली नगर स्थित नेमी सागर कॉलोनी के श्रीराम मंदिर में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव के छठे दिन संत-महात्माओं ने श्रद्धालुओं को सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों के संरक्षण का संदेश दिया। संतों ने कहा कि बदलते समय और पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते प्रभाव के बीच समाज को अपनी धार्मिक परंपराओं, संस्कारों और परिवार व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की जरूरत है। श्रीराम मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कलाकार रामू रामदेव ने बताया कि समिति, महिला मंडल और सभी पदाधिकारियों के सहयोग से आयोजन सफलतापूर्वक चल रहा है। कथा में जुटे संत-महात्मा, दिया धर्मोपदेशकथा महोत्सव में नारायणदास महाराज के शिष्य रामरतन दास महाराज, त्रिवेणी धाम पीठाधीश्वर ऋचपाल महाराज, हाथोज धाम मठाधीश्वर एवं हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य महाराज, गलता पीठाधीश्वर अवधेशाचार्य महाराज और स्वामी राघवानंद महाराज सहित कई संत-महात्माओं ने भाग लिया। सभी संतों ने अपने प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कृति और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।परिवार और संस्कारों को बचाने की जरूरतसंतों ने कहा कि भारतीय समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी पारिवारिक व्यवस्था और संस्कार हैं। उन्होंने गृहस्थ जीवन की महत्ता बताते हुए परिवार और वंश परंपरा को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। संतों ने कहा कि यदि समाज परिवार संस्था और सामाजिक जिम्मेदारियों से दूर होता गया तो आने वाले समय में सनातन संस्कृति के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। युवा पीढ़ी और मातृशक्ति को निभानी होगी बड़ी भूमिकाअपने संबोधन में संतों ने विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं से भारतीय संस्कृति, संस्कारों और धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना और बच्चों को अच्छे संस्कार देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। रविवार को होगी पूर्णाहुति, महाआरती और भंडारावहीं समिति के संरक्षक श्रीनिवास गुप्ता ने बताया कि रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार और हवन के साथ कथा महोत्सव की पूर्णाहुति होगी। इसके बाद भव्य महाआरती, महाप्रसाद और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की।
उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय शनिवार शाम ललितपुर पहुंचे। उन्होंने ग्राम मसौराकलां में आयोजित लाभार्थी चौपाल में हिस्सा लिया और गाजीपुर एनकाउंटर पर पत्रकारों के सवालों का जवाब दिया। गाजीपुर के कमलेश बिंद एनकाउंटर को लेकर समाजवादी पार्टी द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर पत्रकारों ने मंत्री से पूछा। जवाब में उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करता है। अपराधियों की कोई जाति नहीं होती है। जो अपराध करेगा, उत्तर प्रदेश में कानून अपना काम करेगा। मंत्री पाण्डेय ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र सौंपे और गरीबों को राशन कार्ड वितरित किए। चौपाल को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य गरीबों तक राशन पहुंचाना है। उन्होंने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं को दुनिया की सबसे बड़ी योजना बताया, जो गरीब और कमजोर वर्ग को राशन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार किसानों के उत्पादन का सही मूल्य देने का काम कर रही है। इस दौरान मंत्री ने उज्ज्वला योजना के पांच लाभार्थियों को प्रमाण पत्र और 15 लाभार्थियों को राशन कार्ड सौंपे। उन्होंने समाजवादी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि पहले की सरकारों में थाने बिकते थे और नौकरी नहीं मिलती थी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार में निष्पक्षता से पुलिस भर्ती हुई है और आज लोगों को निष्पक्षता से नौकरी मिल रही है। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ, सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, एमएलसी रमा निरंजन, जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश नारायण निरंजन, जिलाध्यक्ष हरीशचंद्र रावत, एमएलसी प्रतिनिधि केदारनाथ तिवारी, उमेश तिवारी, भाजपा महामंत्री गौरव गौतम, अशोक रावत, अजय पटैरिया, सीडीओ शेषनाथ पाण्डेय, जिला पूर्ति अधिकारी उमेश मिश्रा, प्रोबेशन अधिकारी नंदलाल, नीरज तिवारी और सोनू चौबे सहित अनेक भाजपा नेता मौजूद रहे।
बाराबंकी में मजदूर मालगाड़ी की चपेट में आया:बंद फाटक पार करते समय एक पैर कटा, हालत गंभीर
बाराबंकी जिले के फतेहपुर कस्बे में शनिवार रात एक दिहाड़ी मजदूर मालगाड़ी की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया। बंद रेलवे क्रॉसिंग पार करते समय हुए इस हादसे में मजदूर का एक पैर कट गया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुठवन पुरवा निवासी 28 वर्षीय अमित पुत्र पिंटू शनिवार रात मजदूरी कर घर लौट रहा था। रात करीब 9 बजे वह फतेहपुर स्थित रेलवे क्रॉसिंग के पास ट्रैक पार कर रहा था, तभी सूढ़ियामऊ की ओर से आ रही मालगाड़ी की चपेट में आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे में अमित का एक पैर कट गया और वह ट्रैक पर गिर पड़ा। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उसे रेलवे ट्रैक से हटाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कस्बा चौकी प्रभारी अजय कुमार पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घायल अमित को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर भेजा गया, जहां आकस्मिक ड्यूटी पर तैनात डॉ. देशराज ने प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सकों के अनुसार, अधिक रक्तस्राव होने के कारण युवक की हालत बेहद गंभीर थी। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। घायल के भाई प्रांशु ने उसकी पहचान की पुष्टि की। हादसे के बाद मालगाड़ी कुछ समय तक मौके पर खड़ी रही, जिससे रेलवे क्रॉसिंग बंद होने के कारण कस्बे के दोनों ओर लंबा जाम लग गया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद यातायात को सुचारु कराया। इस घटना के बाद क्षेत्र में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों ने रेलवे ट्रैक पार करते समय सावधानी बरतने और बंद रेलवे फाटक के नीचे या आसपास से निकलने जैसी जोखिमपूर्ण कोशिशों से बचने की अपील की है।
वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र में शनिवार की रात शराब के नशे में धुत पड़ोसी ने घर के बाहर लेटी मासूम बच्ची को पांच फिट उठाकर पटक दिया। एक महीने की बच्ची को पत्थर पर पटकते ही चीख निकली और अचेत हो गई। उसके सिर और सीने पर गहरी चोट लगी है, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजन आनन फानन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे और डॉक्टरों ने जांच के बाद भर्ती कर लिया। नशेबाज पड़ोसी की शिकायत लेकर थाने पहुंचे पीड़ित तो पुलिस ने एक नहीं सुनी। पीड़ित पिता का आरोप है कि सारनाथ थाने के पुलिस कर्मियों ने उसे पीटकर भगा दिया। इससे आक्रोशित परिजनों और पड़ोसियों ने सड़क पर आकर हंगामा काटा। चक्काजाम करते हुए वाहनों पर पथराव कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह लोगों को शांत किया। उधर, बच्ची का इलाज जारी है और उसी हालत गंभीर बनी हुई है। 3 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए पूरा मामलासारनाथ थाना क्षेत्र के अकथा निवासी राजेश वनवासी पुत्र पप्पू बनवासी अशोका इंस्टीट्यूट के पीछे और पेशे से लेबर का काम करता है। उसने बताया कि उसका पड़ोसी विकास यादव पुत्र शोभा यादव मनबढ़ किस्म का है और दारु शराब के नशे में अक्सर लोगों से मारपीट किया करता है। शनिवार को शाम में वह नशे में आया और गाली गलौज करने लगा। उसे मना किया तो लड़ने पर आमादा हो गया। इसके बाद सभी दूर चले गए तो विकास ने पास में लेटी एक महीने की मासूम बच्ची को उठा लिया और उसे लेकर भागने लगा। बच्ची की मां ने जब चीख पुकार मचाई तो उसने उसे ऊपर उठाकर पनीचे पटक दिया। इससे बच्ची पहले चीख के साथ रोई फिर शांत हो गई। एक महीने की बच्ची को उठाकर पटक देने के बाद राजेश ने उसे धक्का दिया और बच्ची को उठाकर अस्पताल भागे। पुलिस ने उन्हें डांट कर भगा दिया इसके बाद परिजन शिकायत लेकर सारनाथ थाना पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें डांट कर भगा दिया नाराज परिजन अशोका इंस्टीट्यूट तिराहा पर पहुंचे। चक्का जाम करते हुए पुलिस की मनमानी और अनदेखी पर आक्रोश जताया। वाहनों ने निकलने का प्रयास किया तो उन पर पथराव कर दिया। लगभग आधे घंटे चला सूचना पर सारनाथ पुलिस पहुंची और परिजनों को समझा बुझाकर सारनाथ थाने ले गई है। मामले में अभी तहरीर नहीं दी है और परिजन पुलिस पर आक्रोशित है। वहीं, आरोपी विकास यादव को ग्रामीणों ने पुलिस के हवाले कर दिया है मौके पर पहुंचे एक दरोगा ने आरोपियों के घर बुलडोजर चलाने की बात कही है । हालांकि दबाव बढ़ने पर पुलिस ने विकास यादव समेत अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कियाहै।
किशनगढ़बास में कार ने बाइक को मारी टक्कर:देवर-भाभी गंभीर रूप से घायल, इलाज कराकर लौट रहे थे
खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास थाना क्षेत्र के जाटका गांव के समीप शनिवार शाम एक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार देवर-भाभी को टक्कर मार दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें किशनगढ़बास सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद अलवर और फिर जयपुर रेफर किया गया है। डॉक्टर को दिखाने के बाद गांव लौट रहीं थीं जानकारी के अनुसार, महिला मोनिका पत्नी शमशेर सिंह अपने देवर मोनू पुत्र कैलाश चंद के साथ दांत दर्द का इलाज कराने के लिए गांव चाचियांबास घीकाका से किशनगढ़बास अस्पताल आई थीं। डॉक्टर को दिखाने के बाद वे बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। कार ने मारी टक्कर जाटका के समीप पहुंचते ही एक कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक से दूर जा गिरे। इस हादसे में मोनू के सिर और पैर में चोटें आईं, जबकि मोनिका की कूल्हे की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया। दोनों जयपुर रेफर घटना की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और दोनों घायलों को किशनगढ़बास अस्पताल ले गए। वहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अलवर जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें जयपुर के लिए रेफर कर दिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को अपने कब्जे में ले लिया है।
जहां प्रेम हो, वहां प्रभाव या ऐश्वर्य का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए, वहां केवल प्रेम ही दिखाई देता है। यह बात कथा व्यास आचार्य इंद्रेश उपाध्याय ने शनिवार को श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन कही। श्रीकृष्ण और ब्रजवासियों के विरह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते समय स्वयं कथावाचक भावुक हो गए, जबकि पंडाल में मौजूद अनेक श्रद्धालुओं की आंखें भी नम हो गईं। पुरुषोत्तम मास के अवसर पर बल्केश्वर महादेव भक्त मंडल की ओर से आयोजित कथा के सातवें एवं विश्राम दिवस पर आचार्य इंद्रेश उपाध्याय ने ब्रजवासियों और भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि प्रेम में व्यक्ति को केवल अपने आराध्य का स्वरूप दिखाई देता है। प्रेमी के लिए संसार की हर वस्तु प्रेममय हो जाती है। कथावाचक ने श्रीकृष्ण के मथुरा गमन का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि जब कंस वध के लिए कान्हा मथुरा जाने लगे तो ब्रजवासियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। सभी के आग्रह पर श्रीकृष्ण ने शीघ्र लौटने का आश्वासन दिया, लेकिन उनके जाने से पूरा ब्रज विरह में डूब गया। उन्होंने कहा कि राधा और मीरा के विरह का वर्णन तो अक्सर सुनने को मिलता है, लेकिन श्रीकृष्ण के विरह की चर्चा बहुत कम होती है। श्रीकृष्ण भी अपनी माता यशोदा, ग्वालबालों और ब्रजवासियों को याद कर व्याकुल होते थे। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण भले ही मथुरा और द्वारका गए हों, लेकिन उनका मन हमेशा वृंदावन में ही रहा। आचार्य इंद्रेश उपाध्याय ने यशोदा और श्रीकृष्ण के संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्षों बाद यशोदा को पता चला कि श्रीकृष्ण उनके नहीं, बल्कि देवकी के पुत्र हैं। हालांकि श्रीकृष्ण को यह बात पहले से ज्ञात थी, लेकिन उन्होंने कभी इसका अहसास नहीं होने दिया। कथा के दौरान उन्होंने बांसुरी की उत्पत्ति का प्रसंग भी सुनाया। उन्होंने कहा कि ब्रज में माधुर्य और प्रेम का संचार करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने बांसुरी का निर्माण किया। उनकी विभिन्न भंगिमाओं के अनुसार उसे बांसुरी, बंशी और वेणु जैसे नाम मिले। यशोदा और श्रीकृष्ण के वियोग प्रसंग का वर्णन करते समय पंडाल का वातावरण भावुक हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आंखों से आंसू छलक पड़े और पूरा परिसर भक्ति रस में डूब गया। कार्यक्रम में महंत कपिल नागर, अर्चित पांड्या, मुख्य यजमान हरीश अग्रवाल, तरूना अग्रवाल, गौरीशंकर अग्रवाल, आशीष गुप्ता, पदम अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, शिवम गोयल, अजय गोयल, गिरीश बंसल, पार्षद मुरारीलाल गोयल, आदर्श नंदन गुप्त, मीडिया प्रभारी ऋषि अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
बड़वानी में जयस संगठन के संभागीय सचिव सतीश डुडवे पर एक युवती ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। युवती का कहना है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर 8 साल तक उसका शारीरिक शोषण किया। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 समेत चार अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है। पीड़िता ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि उसकी आरोपी सतीश डुडवे से जान-पहचान पढ़ाई के दौरान हुई थी। आरोपी ने उससे शादी करने का वादा किया था, जिसके बाद साल 2018 से उनके बीच शारीरिक संबंध बने। दवाई खिलाकर जबरन कराया गर्भपात युवती के मुताबिक, इस दौरान जब भी वह गर्भवती हुई, आरोपी ने उसे जबरदस्ती गर्भनिरोधक गोलियां खिलाकर उसका गर्भपात करा दिया। नवंबर 2025 में सतीश ने बड़वानी कोर्ट से शादी का एक शपथ पत्र भी बनवाया था और करीब आठ महीने तक युवती को अपने साथ रखा। इस दौरान भी उनके बीच शारीरिक संबंध रहे। इसके बाद फरवरी 2026 में दोबारा गर्भ ठहरने पर फिर से उसका गर्भपात कराया गया। शादी का दबाव बनाने पर की मारपीट पीड़िता का आरोप है कि जब उसने सतीश पर सामाजिक रीति-रिवाज से शादी करने का दबाव बनाया, तो उसने युवती के साथ मारपीट की और उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद 20 अप्रैल 2026 को आरोपी उसे छोड़कर भाग गया और उसका मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिया। पुलिस बोली- जल्द गिरफ्तार होगा आरोपी महिला थाना प्रभारी सुनीता मुजाल्दे ने बताया कि आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। मोबाइल लोकेशन और तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके साथ ही पीड़िता का मेडिकल टेस्ट भी कराया जा रहा है। इन धाराओं में दर्ज हुआ केस भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत शादी का झूठा वादा कर यौन संबंध बनाने पर 10 साल तक की सजा और जुर्माने का नियम है। इसके अलावा पुलिस ने आरोपी पर धारा 89 (गर्भपात कराने), धारा 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाने) और धारा 351(3) (जान से मारने की धमकी देने) के तहत भी अपराध दर्ज किया है।
विदिशा के शासकीय अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय कैंसर परीक्षण एवं उपचार शिविर के पहले दिन (शनिवार) बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। जिले और आसपास के क्षेत्रों से आए लोगों ने कैंसर जांच तथा विशेषज्ञ परामर्श का लाभ उठाया। इस शिविर में टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल मुंबई और एम्स भोपाल के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मरीजों की स्क्रीनिंग और परीक्षण किया। शिविर के पहले दिन कुल 1409 मरीजों का पंजीयन कर उनकी जांच की गई। जांच के बाद 468 मरीजों में कैंसर की पुष्टि हुई, जबकि 131 मरीज कैंसर संदिग्ध पाए गए। इन सभी मरीजों को आगे की जांच और उपचार के लिए चिन्हित कर आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दिनभर पंजीयन काउंटर पर भीड़ रहीविशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुसार, कैंसर की शुरुआती अवस्था में पहचान होने पर उपचार की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसी उद्देश्य से यह शिविर आयोजित किया गया है, ताकि दूर-दराज के क्षेत्रों के लोगों को एक ही स्थान पर विशेषज्ञ जांच और परामर्श की सुविधा मिल सके। शिविर में कैंसर रोगियों को जांच के साथ उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान की गई। मेडिकल कॉलेज में दिनभर पंजीयन काउंटर और जांच केंद्रों पर मरीजों की भीड़ देखी गई। दूसरे दिन भी होगी जांचपहले दिन के आंकड़े बताते हैं कि जांच के लिए पहुंचे मरीजों में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की रही जिनमें कैंसर के लक्षण या बीमारी की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नियमित जांच की आवश्यकता को रेखांकित करती है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, शिविर के दूसरे दिन भी पंजीयन, जांच और विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा जारी रहेगी। कैंसर संदिग्ध और कैंसर से पीड़ित मरीजों को आगे के उपचार के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और रेफरल सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
मेरठ के कंकरखेड़ा स्थित नाले से बरामद बॉडी राष्ट्रीय खिलाड़ी अनुष्का पाल की थी या नहीं, जल्द इस राज से पर्दा उठ जाएगा। दरअसल, पुलिस ने DNA जांच की प्रक्रिया शुरु कर दी है। शनिवार को चिकित्सकों की टीम की मदद से कंकरखेड़ा पुलिस ने परिजनों के सैंपल एकत्र कर लिए। रविवार को एक टीम यह सैंपल लेकर हैदराबाद लैब के लिए रवाना होगी। दौराला थाना क्षेत्र के चिरोड़ी गांव निवासी नेमपाल सिंह की 17 वर्षीय बेटी अनुष्का पाल उर्फ रिया राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी थी। गांव से शहर आना मुश्किल होता था, इसलिए अनुष्का कंकरखेड़ा इलाके में किराए का मकान लेकर रहती थी। साथ में छोटा भाई अनमोल भी रहा करता था। 16 अप्रैल को अनुष्का संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। पहले परिजनों ने काफी तलाशा लेकिन जब कुछ पता नहीं चला तो उन्होंने कंकरखेड़ा थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी। फास्ट फूड कॉर्नर चलाने वाला गिरफ्तार अनुष्का की गुमशुदगी दर्ज हो जाने के बाद पुलिस ने छानबीन तेज कर दी। उसकी कॉल डिटेल्स व लोकेशन का पता किया तो फोन बंद होने से पहले वह आखिरी बार फास्ट फूड कॉर्नर चलाने वाले देहरादून निवासी श्याम धानक के साथ थी। पुलिस ने श्याम धानक को हिरासत में लेकर दो दिन पूछताछ की लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसके बाद श्याम धानक को छोड़ दिया गया। श्याम की निशानदेही पर बॉडी बरामदपुलिस को शुरुआत से ही श्याम धानक की गतिविधियों पर शक था। एक बार छोड़ने के बाद उन्होंने श्याम की निगरानी शुरु कर दी लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर चंडीगढ़ भाग गया। पुलिस ने उसकी घेराबंदी की और गिरफ्तार कर मेरठ ले आई। यहां उसकी निशानदेही पर अनुष्का का शव नाले के भीतर से एक बोरे में बरामद किया गया। 3600 रुपये के लिए कर दी हत्या पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि अनुष्का का फास्ट फूड कॉर्नर चलाने वाले श्याम धानक के यहां आना जाना था। अनुष्का पर श्याम धानक का करीब 3600 रुपये उधार था, जिसे वह मांगता था। आरोप है कि एक दिन अनुष्का ने श्याम धानक को धमका दिया। दोनों के बीच नोकझोंक हुई। उसी रात श्याम धानक ने धोखे से अनुष्का को बुलाकर उसकी हत्या की और शव बोरे में भरकर नाले में फेंक दिया। मां ने बॉडी अनुष्का की होने से किया इंकार अनुष्का का शव बरामद कर पुलिस ने परिजनों को जैसे ही मोर्चरी बॉडी की शिनाख्त के लिए बुलाया, पूरा मामला बदलता चला गया। मां ने बॉडी अनुष्का की होने से मना कर दिया और उसे ले जाने से भी इंकार कर दिया। उनका कहना था कि अनुष्का के छोटे बाल थे, जबकि बॉडी के बड़े बाल हैं। काफी देर हंगामा हुआ। एसएसपी आफिस पर अफसरों ने समझाया और DNA जांच का आश्वासन देकर परिजनों को बॉडी का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी कर लिया। शनिवार को जुटाए गए सैंपल शनिवार को कंकरखेड़ा पुलिस ने DNA जांच की प्रक्रिया शुरु कर दी। पुलिस अपने साथ चिकित्सकों की टीम लेकर चिरौड़ी गांव पहुंची, जहां पिता नेमपाल, मां ललिता और भाई अनमोल के ब्लड सैंपल DNA जांच के लिए जुटाए गए। उधर, अनुष्का की बॉडी का अंतिम संस्कार करने से पहले पुलिस सैंपल जुटा चुकी थी। अनुष्का की बॉडी से बाल और दांत के सैंपल पुलिस ने DNA मिलान के लिए उठाए हैं। हैदराबाद लैब में होगी DNA जांच DNA जांच के लिए जो सैंपल जुटाए गए हैं, उनको रविवार को पुलिस की एक टीम लेकर हैदराबाद के लिए रवाना होगी। पुलिस यह जांच मोदीनगर पतला निवाड़ी स्थित लैब में करा सकती थी लेकिन हैदराबाद से जांच कराए जाने का निर्णय लिया गया है। कोशिश यही की जा रही है कि जल्द से जल्द जांच कराकर उसकी रिपोर्ट मंगा ली जाए ताकि अनुष्का के शव को लेकर जो संशय व सवाल उठे थे, वह खत्म हो जाएं। एसपी सिटी बोले- जांच को भेजे जा रहे सेंपलएसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि शनिवार को अनुष्का के परिवार के ब्लड सैंपल ले लिए गए हैं। इनको रविवार को एक टीम जांच के लिए हैदराबाद लेकर रवाना हो जाएगी। कोशिश यही की जा रही है कि रिपोर्ट पारदर्शी और जल्द से जल्द मिल सके।
योगी सरकार की दिव्यांगजन हेल्पलाइन जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की टोल-फ्री हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों में से 96.38 फीसदी का निस्तारण किया गया है। सरकार का दावा है कि अब दिव्यांगजनों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1995 पर कुल 7,707 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें से 7,428 शिकायतों का समाधान किया गया। विभाग के मुताबिक यह आंकड़ा दिव्यांगजनों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही को दर्शाता है। पेंशन से जुड़ी सबसे ज्यादा शिकायतें हेल्पलाइन पर सबसे ज्यादा शिकायतें दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान (पेंशन) योजना से संबंधित मिलीं। इसके अलावा स्वावलंबन कार्ड, दुकान निर्माण एवं संचालन योजना, शादी-विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार और कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण योजना से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज की गईं। कई योजनाओं में 100% शिकायतों का समाधान विभाग के अनुसार स्वावलंबन कार्ड, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना समेत कई महत्वपूर्ण मामलों में सभी शिकायतों का निस्तारण किया गया। अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों की नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी लाभार्थी को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। एक फोन कॉल पर मिल रही मदद हेल्पलाइन व्यवस्था दिव्यांगजनों और प्रशासन के बीच सीधे संवाद का माध्यम बन गई है। लाभार्थी अपनी शिकायत, समस्या या योजनाओं की जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। विभाग का दावा है कि शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। क्या बोले अधिकारी दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उप निदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण और सशक्तीकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में प्राप्त शिकायतों में से 96.38 फीसदी का निस्तारण किया जा चुका है। विभाग का प्रयास है कि हर पात्र दिव्यांगजन तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे और उसकी समस्या का त्वरित समाधान हो।
इंडिया ब्लॉक की बैठक से पहले सहयोगी दलों ने कांग्रेस पर साथ न देने का आरोप लगाया है। शनिवार को CPI(M) के महासचिव एम. ए. बेबी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने लगातार यह प्रचार किया कि CPI(M) और BJP के बीच कोई अंदरूनी डील हुई है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने केरल विधानसभा चुनाव के दौरान पूर्व सीएम पिनराई विजयन के खिलाफ ED की कार्रवाई की मांग की, जिससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा। शुक्रवार को JMM ने भी कहा कि कांग्रेस ने उनसे बिना पूछे राज्यसभा सीट के उम्मीदवार का नाम घोषित कर दिया। इसलिए वे दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे। दरअसल, 18 जून को झारखंड में दो राज्यसभा सीटों पर वोटिंग होनी है। वहीं, DMK पहले ही कह चुकी है कि वह 8 जून को होने वाली बैठक में शामिल नहीं होगी। तमिलनाडु में कांग्रेस के TVK को समर्थन देने के बाद से दोनों पार्टियों के बीच विवाद चल रहा है। दावा- TVK को साथ लाने की कोशिश रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीवीके को 8 जून को दिल्ली में होने वाली बैठक में शामिल करवाने की कोशिश की जा रही है। बैठक में ममता बनर्जी द्वारा बंगाल में टीएमसी नेताओं पर हुए हमलों का मुद्दा उठाने और इंडिया ब्लॉक के दलों का समर्थन जुटाने की भी उम्मीद है। बैठक में ममता, उद्धव और अखिलेश शामिल हो सकते हैं PTI से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, बैठक में पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी शामिल हो सकते हैं। बैठक में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार का मुकाबला करने और विपक्षी एकजुटता को मजबूत करने की संयुक्त रणनीति पर चर्चा की जाएगी। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों और कई राज्यों में बदलते राजनीतिक समीकरणों पर भी बातचीत संभव है। DMK का कांग्रेस सांसदों के साथ बैठने से इनकार 4 मई को तमिलनाडु चुनावों में हार के बाद कांग्रसे ने TVK की समर्थन देने का ऐलान किया था। इसके बाद से DMK और कांग्रसे के बीच विवाद चल रहा है। DMK ने लोकसभा में कांग्रेस सांसदों के साथ ना बैठने का फैसला किया। सांसद कनिमोझी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लेटर लिखकर सिटिंग अरेंजमेंट बदलने की मांग की। कनिमोझी ने कहा कि बदलते हालातों में कांग्रेस सांसदों के साथ बैठना उचित नहीं है। लोकसभा में 22 सांसदों वाली DMK, विपक्षी INDIA गठबंधन की चौथी सबसे बड़ी पार्टी है। I.N.D.I.A. ब्लॉक की 6 मीटिंग, पहली नीतीश, आखिरी कांग्रेस ने बुलाई I.N.D.I.A ब्लॉक बनने के बाद इसकी 6 बैठकें हुई हैं। पहली बैठक 23 जून 2023 को पटना में हुई थी। इसे नीतीश कुमार ने बुलाया था। बाद में नीतीश I.N.D.I.A ब्लॉक छोड़कर NDA में शामिल हो गए थे। आखिरी बैठक 1 जून 2024 को हुई थी। पांचवीं बैठक: सीट शेयरिंग पर पेंच फंसा, ममता-अखिलेश कांग्रेस को ज्यादा सीटें देने को तैयार नहीं ये मीटिंग 13 जनवरी 2024 को वर्चुअली हुई थी। इसमें 28 दलों के 9 नेता जुड़े थे। चेयरपर्सन के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे के नाम पर सहमति बनी, लेकिन संयोजक के नाम पर फैसला नहीं हो सका। मीटिंग के बाद NCP प्रमुख शरद पवार ने कहा, ‘हमारे बीच चर्चा हुई कि हम जल्द सीट शेयरिंग पर फैसला लेंगे।' तब JDU भी I.N.D.I. में शामिल था। JDU ने भी सीट शेयरिंग में हो रही देरी से नाराजगी जताई थी। इस बैठक में सीटों को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी। चौथी बैठक: ममता ने PM फेस के लिए खड़गे का नाम दिया I.N.D.I.A की चौथी बैठक 19 दिसंबर 2023 को दिल्ली के अशोका होटल में हुई थी। इसमें पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने PM चेहरे के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे के नाम का सुझाव रखा। अरविंद केजरीवाल ने इसका समर्थन किया। यह जानकारी बैठक के बाद MDMK (मरूमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) के सांसद वाइको ने दी। हालांकि PM फेस के सवाल पर UP के पूर्व CM अखिलेश यादव ने चुप्पी साध ली। तीसरी बैठक: 5 कमेटियां बनीं, चुनाव की रणनीति बनाई गई I.N.D.I.A अलायंस की तीसरी बैठक मुंबई में 31 अगस्त-1 सितंबर 2023 को हुई थी। मीटिंग में अलायंस ने 5 कमेटियों का गठन किया था। इनमें कैंपेन कमेटी, कोऑर्डिनेशन/स्ट्रैटजी कमेटी, मीडिया, सोशल मीडिया और रिसर्च कमेटी शामिल हैं। इस बैठक में 28 विपक्षी दलों ने पांच राज्यों में हो चुके चुनाव की रणनीति तैयार की थी। दूसरी बैठक : गठबंधन का नाम I.N.D.I.A तय किया गया विपक्षी एकता की दूसरी बैठक 17-18 जुलाई 2023 को बेंगलुरु में हुई थी। 2024 के आम चुनाव में भाजपा को हराने के लिए विपक्ष के 26 दल एक साथ आए थे। इस बैठक में विपक्षी दलों के गठबंधन का नाम INDIA तय किया गया था। इसका फुल फॉर्म इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस है। पहली बैठक: नीतीश ने अगुआई की, 15 दल शामिल हुए विपक्षी गठबंधन की पहली बैठक 23 जून 2023 को पटना में हुई थी। इस बैठक की अगुआई बिहार के CM नीतीश कुमार ने की थी। बैठक में विपक्ष के 15 दल शामिल हुए थे। ये बैठक अगले लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार का सामना करने के लिए विपक्ष को एक साथ लाने के लिए थी। लोकसभा चुनाव में INDIA को 234 सीटें मिली थीं लोकसभा चुनाव में I.N.D.I.A को 234 सीटें मिली हैं। इसमें कांग्रेस की 99, समाजवादी पार्टी की 37 और तृणमूल कांग्रेस की 29 सीटें शामिल हैं। बहुमत का आंकड़ा 272 है। वहीं, महाराष्ट्र चुनाव में INDIA ब्लॉक को कांग्रेस लीड कर रही थी। विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) की 288 में से सिर्फ 45 सीटें आईं। भाजपा गठबंधन को 230 सीटें मिलीं। ---------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… उदयनिधि बोले- कांग्रेस ने धोखा दिया; 20 साल का गठबंधन तोड़कर TVK को समर्थन दिया तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि कांग्रेस ने एक्टर विजय की पार्टी TVK को समर्थन देकर DMK के साथ धोखा किया है। वे कांग्रेस के इस विश्वासघात को कभी नहीं भूलेंगे। पूरी खबर पढें…
कटिहार नगर निगम सभागार में पर्यावरण संरक्षण एक विशेष बैठक आयोजित की गई। महापौर उषा देवी अग्रवाल ने इसकी अध्यक्षता की। बैठक में नगर आयुक्त संतोष कुमार, सभी वार्ड पार्षद, निगम के पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) को प्रभावी बनाना था। इसमें SWM रूल्स-2026 के प्रावधानों से जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया। स्वच्छता पदाधिकारी ने एक विस्तृत प्रस्तुति के माध्यम से वार्ड पार्षदों को इन नियमों के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। स्वच्छता पदाधिकारी ने बताया कि SWM रूल्स-2026 के अनुसार, घरों, दुकानों और संस्थानों में कचरे का स्रोत पर ही पृथक्करण अनिवार्य है। इसमें गीला, सूखा, सेनेटरी और घरेलू खतरनाक कचरा अलग-अलग करना शामिल है। नियमों में खुले में कचरा फेंकने, जलाने या सार्वजनिक स्थलों को गंदा करने पर कार्रवाई का प्रावधान है। नगर क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के लिए नागरिकों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और स्थानीय निकायों की जिम्मेदारियां भी निर्धारित की गई हैं। बैठक में वार्ड पार्षदों से अपील की गई कि वे अपने-अपने वार्डों में लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करें। उन्हें कचरा पृथक्करण, निर्धारित स्थानों पर कचरा निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण संबंधी नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करने को कहा गया। पार्षदों से नगर निगम के स्वच्छता अभियानों में सक्रिय सहयोग देने का भी आग्रह किया गया। महापौर उषा देवी अग्रवाल ने कहा कि स्वच्छ और सुंदर शहर के निर्माण में जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए नागरिकों से स्वच्छता नियमों का पालन करने की अपील की। नगर आयुक्त संतोष कुमार ने बताया कि नगर निगम स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि SWM रूल्स-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन से शहर को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में मदद मिलेगी। बैठक के समापन पर, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरित विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
तूफान से सड़क पर गिरा पेड़, बस पलटी:श्योपुर में 16 यात्री घायल, बड़ौदा-रतोदन मार्ग पर हादसा
जिले में बड़ौदा-रतोदन मार्ग पर शनिवार शाम एक यात्री बस के पलटने से 16 लोग घायल हो गए। यह दुर्घटना तेज तूफान के कारण सड़क पर अचानक पेड़ गिरने से हुई, जिसके बाद बस अनियंत्रित हो गई। ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। जानकारी के मुताबिक, बस क्रमांक एमपी-31 पी-0145 बड़ौदा से रतोदन की तरफ जा रही थी। शनिवार शाम करीब 6 बजे महाराजपुरा रोड पर रतोदन गांव से लगभग एक किलोमीटर पहले यह हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और बस में सवार यात्रियों ने बताया कि आंधी-तूफान की वजह से अचानक एक पेड़ सड़क पर आ गिरा। ड्राइवर ने बस को बचाने के लिए जैसे ही अचानक ब्रेक लगाए, गाड़ी बेकाबू होकर सड़क किनारे पलट गई। कंडक्टर सहित 16 यात्री हुए घायल हादसे में बस के कंडक्टर गिर्राज वैष्णव (निवासी सुबकरा) सहित कुल 16 यात्री घायल हुए हैं। घायलों में अभिषेक (पांडोला), जुगराज (हीरापुर), रामसिया आदिवासी, रविना, मीना आदिवासी, महावीर आदिवासी (आवदा), रेशमा, राजन्ती (मसावनी), मालती आदिवासी (रतोदन), सरिता (भूरवाड़ा), आरती आदिवासी, लालवीर आदिवासी, मौसम, कोमल आदिवासी (सुबकरा) और राजेंद्र (इंद्रपुरा) शामिल हैं। ग्रामीणों ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल, सभी सुरक्षित दुर्घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में आस-पास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और राहत कार्य में जुट गए। ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए घायलों को बस से बाहर निकाला और तुरंत बड़ौदा अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टर के मुताबिक, गनीमत यह रही कि किसी भी घायल यात्री की हालत गंभीर नहीं है। पुलिस ने हादसे का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को गोंडा में 516 करोड़ रुपए की लागत वाली 262 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक, आवास की चाबी, स्वीकृति पत्र और प्रमाणपत्र भी वितरित किए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और प्रदेश में डबल इंजन सरकार के प्रयासों से विकास की नई तस्वीर बनी है। अब गोंडा समेत पूरे उत्तर प्रदेश के युवाओं को पहचान के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ता। योगी ने कहा कि कभी विकास की दौड़ में पीछे छूट गया गोंडा आज तेजी से आगे बढ़ रहा है। यहां निवेश बढ़ रहा है और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। बोले- पहले मेडिकल कॉलेज सपना था, अब हकीकत मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गोंडा में मेडिकल कॉलेज की कल्पना तक नहीं की जाती थी, लेकिन आज यहां मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहा है। जिले में इंजीनियरिंग और एग्रीकल्चर कॉलेज भी हैं। साथ ही स्कूल, अस्पताल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनप्रतिनिधियों की ओर से भेजे गए सड़क, पुल, पुलिया और अन्य विकास कार्यों के प्रस्तावों पर तेजी से निर्णय ले रही है। 60 हजार से ज्यादा पुलिस भर्ती का जिक्र योगी ने हाल ही में हुई 60,244 पुलिस कर्मियों की भर्ती का उल्लेख करते हुए कहा कि गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर के सैकड़ों युवाओं को इसमें नौकरी मिली है। अब रोजगार केवल नोएडा, गाजियाबाद और मेरठ तक सीमित नहीं है, बल्कि पूर्वांचल और तराई के जिलों तक पहुंच रहा है। अयोध्या और श्रावस्ती का भी किया जिक्र मुख्यमंत्री ने कहा कि 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बना है। आज अयोध्या दुनिया भर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। उन्होंने श्रावस्ती का जिक्र करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के पुत्र लव ने श्रावस्ती बसाई थी और भगवान बुद्ध ने वहां चातुर्मास बिताया था। प्रदेश सरकार वहां एयरपोर्ट का निर्माण करा रही है, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। 5 जून से 21 जून तक चलेंगे विशेष कार्यक्रम योगी ने बताया कि 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस से 21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल और डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान ब्लॉक स्तर पर स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और ऋण मेले लगाए जाएंगे। प्राकृतिक खेती और सौर ऊर्जा पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि गोंडा में प्राकृतिक खेती का दायरा बढ़ रहा है। लोगों को प्राकृतिक जीवनशैली अपनाकर स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का जिक्र करते हुए कहा कि घर-घर सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं, जिससे ऊर्जा आत्मनिर्भरता और हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। नए प्रस्तावों को भी मंजूरी मुख्यमंत्री ने कहा कि 516 करोड़ रुपए की परियोजनाओं के साथ जिले के लिए नए विकास प्रस्ताव भी स्वीकृत किए गए हैं। मटियारी घाट पर लंबे पुल के निर्माण और घाघरा नदी के किनारे बाढ़ नियंत्रण परियोजना को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा रमापुर में पशु चिकित्सालय, राजकीय आईटीआई और कर्नलगंज में आधुनिक कार्यशाला बनने से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।
बालोतरा में महिला और उसकी बेटी की डिग्गी में डूबने से मौत होने का मामला सामने आया है। आसपास के लोगों ने दोनों को डिग्गी से बाहर निकाला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। घटना बालोतरा जिले के गुड़ामालानी के सिलू गांव शाम में करीब 5 बजे की है। फिलहाल पुलिस ने पीहर पक्ष को सूचना दी। शुरुआती जांच के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार- गुड़ामालानी सीलू निवासी इंद्रा (38) पत्नी राजूराम बेटी सुमन (18) के साथ घर पर ही थी। शाम करीब 5 बजे बेटी और मां डिग्गी में गिर गए। चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी भागते हुए आए। दोनों को डिग्गी से बाहर निकाला गया। वहां से गुड़ामालानी हॉस्पिटल लेकर आए। वहां पर डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों के शवों को हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। पुलिस ने पीहर पक्ष को सूचना दी है। पुलिस का कहना है कि पीहर पक्ष के आने के बाद उनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
बैतूल में गौवंश तस्करी के शक में दो आदिवासी युवकों से मारपीट के मामले में पुलिस ने शनिवार को पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना पिछले एक सप्ताह से जिले में चर्चा का विषय बनी हुई थी। आदिवासी संगठनों, कांग्रेस नेताओं और ग्रामीणों के विरोध-प्रदर्शन तथा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ज्ञापन सौंपे जाने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज की। पुलिस के अनुसार, यह घटना 31 मई को खेड़ी-सांवलीगढ़ मार्ग पर हुई थी। कनारा निवासी टंटू नवरे और सिमोरी निवासी सुगना धुर्वे बैल खरीदकर अपने गांव लौट रहे थे। तभी कुछ लोगों ने उन्हें रोककर मारपीट की। बीच-बचाव करने आए बैल विक्रेता रोशन राठौर के साथ भी मारपीट की गई। घायल युवकों के शरीर पर कई दिनों बाद भी चोटों के निशान स्पष्ट दिख रहे थे। एससी-एसटी एक्ट में केस दर्जकोतवाली पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देश पर गठित विशेष टीमों ने अंस तायवाड़े, राहुल जोशी, नवीन गिरि, कुणाल पाटिल और ललित यादव को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। घटना के बाद, आदिवासी समाज और युवक कांग्रेस ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने सभी आरोपियों पर नामजद एफआईआर दर्ज करने, लूट, जान से मारने की धमकी और अन्य गंभीर धाराएं जोड़ने की मांग की थी। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि उनके साथ जातिसूचक गालियां दी गईं और बेरहमी से मारपीट की गई। दावा- आरोपी बजरंग दल से जुड़ेइस बीच, पीड़ित पक्ष ने आरोपियों के बजरंग दल से जुड़े होने का दावा किया, जिससे मामले ने नया मोड़ ले लिया। हालांकि, बजरंग दल के प्रांत गौ रक्षा प्रमुख कृष्णकांत गावंडे ने कहा है कि गिरफ्तार युवकों का संगठन से कोई संबंध नहीं है। उन्हें पहले ही संगठन से मुक्त किया जा चुका है। इधर मामले को लेकर एक नया तथ्य भी सामने आया है। सोशल मीडिया पर 28 जनवरी को बैतूल में आयोजित त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें और बैनर साझा किए जा रहे हैं। इन बैनरों में गिरफ्तार किए गए युवकों में से कुछ को संगठन के पदाधिकारी के रूप में दर्शाया गया है। हालांकि जांच अधिकारी राकेश सरेआम ने भी बताया कि पकड़े गए युवकों में से कुछ युवकों का संगठन से जुड़े होने की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि प्रकरण की जांच जारी है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस घटना को लेकर जिले में सामाजिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा का दौर जारी है।
बेमेतरा जिले में अंधे कत्ल की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। जांच में सामने आया है कि इसमें किसी बाहरी व्यक्ति का हाथ नहीं, बल्कि मृतक की 26 वर्षीय पत्नी का ही नाम सामने आया है। पुलिस ने आरोपी पत्नी कैलाशी बाई कोठारी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। यह मामला साजा थाना क्षेत्र के ग्राम करमतरा का है। पुलिस के मुताबिक, ग्राम करमतरा निवासी अमेरिका दास कोठारी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके बड़े बेटे हरीचंद कोठारी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई है। 5 जून की रात करीब 2 बजे हरीचंद की पत्नी कैलाशी बाई ने फोन कर बताया कि हरीचंद की तबीयत खराब है और वह घर की छत पर पड़े हैं। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, तो हरीचंद मृत अवस्था में मिला। मृतक के गर्दन पर गहरे चोट के निशान मिले थे, वहीं सिर के पिछले हिस्से में किसी भारी चीज से वार किए जाने के भी निशान थे। खून भी सूख चुका था। मामले की गंभीरता को देखते हुए साजा थाना पुलिस ने बीएनएस की धारा 103(1) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। डीआईजी रामकृष्ण साहू के निर्देश और एसपी हरीश कुमार यादव व एसडीओपी विनय कुमार के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रोशन लाल टोंडे के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने मामले की जांच शुरू की और घटनास्थल के साथ-साथ हालात का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच में किसी बाहरी व्यक्ति के आने-जाने के सबूत नहीं मिले, जिसके बाद पुलिस को शक मृतक की पत्नी पर गया। पूछताछ में टूटी आरोपी, पुलिस ने कैलाशी बाई को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली। आरोपी ने बताया कि उसका पति हरीचंद अक्सर निजी बातों को लेकर विवाद करता था और मारपीट भी करता था। लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर उसने पति की हत्या की योजना बनाई। घटना वाली रात हरीचंद के सो जाने के बाद पहले उसका गला दबाया और फिर घर में रखे लोहे के मूसल से सिर और गर्दन पर 3-4 बार वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या में इस्तेमाल मूसल बरामद आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त लोहे का मूसल तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद कर लिए हैं। पुलिस ने आरोपी पत्नी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, त्वरित जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली गई।
देवास की शिक्षिका और योगासन खिलाड़ी भावना पाल ने प्रथम वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप में रजत पदक जीता है। उन्होंने 78 देशों के योग खिलाड़ियों के बीच हुए कड़े मुकाबले में यह उपलब्धि हासिल कर जिले, प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है। जिला शिक्षा अधिकारी अजय मिश्र ने बताया कि भावना पाल ने 4 से 8 जून तक अहमदाबाद (गुजरात) में आयोजित इस चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने प्रतियोगिता के दूसरे दिन बैक बैंड इंडिविजुअल इवेंट में यह सफलता प्राप्त की। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दुनिया के 78 देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया था, जिससे मुकाबला बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। भावना पाल उत्कृष्ट विद्यालय देवास में शिक्षिका हैं। चैंपियनशिप का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्चुअल उपस्थिति में हुआ था। इस अवसर पर केंद्रीय खेल एवं युवा कल्याण मंत्री मनसुख मांडविया, योग गुरु स्वामी रामदेव और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी उपस्थित रहे। भावना पाल की इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर शिक्षा विभाग, खेल जगत और देवास के निवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।
पीथमपुर में मानसून के सीजन को देखते हुए बिजली कंपनी रविवार को बिजली लाइनों और फीडरों का मेंन्टेनेंस करेगी। इसके चलते 7 जून, रविवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक, कुल 4 घंटे के लिए बिजली सप्लाई बंद रहेगी। इस दौरान 33 केवी कॉसमॉस फीडर से जुड़े बड़े इलाके प्रभावित होंगे। ये इलाके रहेंगे प्रभावित इस काम के कारण अरिहंत ग्रिड, टी ही ग्रिड, कॉसमॉस ग्रिड, रास लेक व्यू ग्रिड और श्री नाथ ग्रिड पूरी तरह बंद रहेंगे। इससे जुड़े अरिहंत नगर, ग्लैमर हाईवे, शालीमार जैसी दर्जनों शहरी कॉलोनियों और करौंदिया, सांवरिया, टी ही जैसे ग्रामीण इलाकों में बिजली बंद रहेगी। बिजली कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक, बारिश के दौरान होने वाली ट्रिपिंग और फॉल्ट को रोकने के लिए खराब तारों को बदलना और जरूरी सुधार करना बेहद जरूरी है। बिजली कंपनी ने लोगों से सुबह 9 बजे से पहले पानी भरने जैसे जरूरी काम निपटाने की अपील की है।
बालोतरा में राहगीरों को पिकअप ने मारी टक्कर:एक की मौत, 5 घायल; निजी वाहन की मदद से पहुंचाया अस्पताल
बालोतरा शहर के हाउसिंग बोर्ड स्थित महिंद्रा गार्डन के समीप शनिवार रात एक भीषण सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। कई लोग गंभीर रूप से घायल जानकारी के अनुसार शनिवार रात करीब 8:45 बजे एक पिकअप वाहन बालोतरा की ओर से आ रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ड्राइवर तेज रफ्तार से वाहन चला रहा था। इसी दौरान उसने सड़क किनारे चल रहे लोगों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। एक को मृत घोषित किया हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को निजी वाहनों एवं एम्बुलेंस की सहायता से बालोतरा के नाहटा जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उपचार के दौरान गणेश (41) पुत्र नारायणराम प्रजापत निवासी जसोल को मृत घोषित कर दिया। पांच लोग घायल हादसे में विष्णु (35) पुत्र लूणाराम निवासी हाउसिंग बोर्ड, जितेंद्र (25) पुत्र वस्ताराम भील निवासी कुसीप, लूणाराम (45) पुत्र जगताराम भील निवासी कुसीप, जीतू (20) पुत्र धनराज माली निवासी हाउसिंग बोर्ड तथा रमेश नाथ (30) पुत्र खीमनाथ निवासी हाउसिंग बोर्ड घायल हो गए। इनमें से चार घायलों की हालत गंभीर होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जोधपुर रेफर किया गया। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही बालोतरा पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। … यह खबर भी पढ़े भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर स्कॉर्पियो पलटी, तीन की मौत:एक ही परिवार के तीन लोग घायल, गुजरात से रामदेवरा दर्शन करने जा रहे थे सभी भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को बालोतरा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
IIT जोधपुर का 12वां दीक्षांत समारोह शनिवार को आयोजित हुआ। समारोह में 1442 स्टूडेंट्स को डिग्रियां प्रदान की गईं। वहीं, संस्थान की ओर से पहली बार रिकॉर्ड 151 शोधार्थियों को पीएचडी (PhD) की उपाधि दी गई। दरअसल, यह दीक्षांत समारोह तीन चरणों में आयोजित किया गया। समारोह की अध्यक्षता आईआईटी जोधपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष ए. एस. किरण कुमार ने की। समारोह के मुख्य अतिथि इसरो चेयरमैन डॉ. एस. सोमनाथ ने कहा- प्रौद्योगिकी का अंतिम उद्देश्य मानवता की सेवा होना चाहिए। विद्यार्थियों को ऐसे वैज्ञानिक, अभियंता (इंजीनियर) और लीडर बनने के लिए प्रेरित किया, जो नवाचार के माध्यम से मानव जीवन को और बेहतर बना सकें। निदेशक प्रोफेसर अविनाश कुमार अग्रवाल ने कहा- डिग्री केवल शैक्षणिक उपलब्धि का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व का भी संकल्प है। उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान के साथ विवेक, साहस, ईमानदारी और संवेदनशीलता को जोड़ते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। नीलकंठ मिश्रा ने स्नातकों को 'अमृतकाल पीढ़ी' बताते हुए उन्हें कठिन चुनौतियों को स्वीकार करने और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया। ए. एस. किरण कुमार ने कहा - ज्ञान के साथ उत्तरदायित्व भी जुड़ा होता है तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का उपयोग समाज और मानवता के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए। डॉ. अजय कुमार ने विद्यार्थियों को अवसरों, संस्थानों और ज्ञान के सृजनकर्ता बनने तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। प्रो. गोविंदन रंगराजन ने विद्यार्थियों से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि नवाचार के केंद्र में सदैव मानवीय विवेक, नैतिकता और उत्तरदायित्व बने रहने चाहिए। कार्यकारी शिक्षा (एग्जीक्यूटिव एजुकेशन) कार्यक्रमों के समापन समारोह में राजीव कुमार शर्मा ने आजीवन सीखने, नेतृत्व क्षमता और ईमानदारी के महत्व पर बल दिया, जबकि शरत कविराज ने कार्यरत पेशेवरों को अपने ज्ञान और कौशल को निरंतर उन्नत करते हुए समाज एवं संस्थाओं के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। 1,442 विद्यार्थियों को प्रदान की गईं डिग्रियां, डिप्लोमा एवं प्रमाण-पत्र दीक्षांत समारोह में कुल 1,442 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं। इनमें बी.टेक. एवं बी.एस. कार्यक्रमों के 476 विद्यार्थी, बी.टेक.-एम.टेक. ड्यूल (द्वैध) डिग्री कार्यक्रम का 1 विद्यार्थी, एम.एससी. कार्यक्रमों के 74 विद्यार्थी, मास्टर ऑफ डिजाइन (एक्सआर डिजाइन) के 27 विद्यार्थी, मास्टर्स इन मेडिकल टेक्नोलॉजी के 7 विद्यार्थी, एम.एससी.-एम.टेक. ड्यूल डिग्री कार्यक्रमों के 16 विद्यार्थी, एम.टेक. कार्यक्रमों के 481 विद्यार्थी, एमबीए एवं एमबीए-टेक्नोलॉजी कार्यक्रमों के 98 विद्यार्थी, एम.टेक.-पीएच.डी. ड्यूल डिग्री कार्यक्रमों के 14 विद्यार्थी, मेडिकल टेक्नोलॉजी में मास्टर्स-पीएच.डी. ड्यूल डिग्री कार्यक्रम का 1 विद्यार्थी तथा 151 पीएच.डी. शोधार्थी शामिल थे। इस वर्ष रिकॉर्ड 151 पीएच.डी. उपाधियां प्रदान करना संस्थान के इतिहास में एक नया कीर्तिमान है। इसके अलावा, कार्यकारी शिक्षा (एग्जीक्यूटिव एजुकेशन) कार्यक्रमों के अंतर्गत 368 विद्यार्थियों को डिप्लोमा, स्नातकोत्तर (पीजी) डिप्लोमा एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। मेधावी विद्यार्थियों को मिले प्रतिष्ठित पदक एवं पुरस्कार स्नातक वर्ग में संस्थान का सर्वोच्च सम्मान 'प्रेसिडेंट्स गोल्ड मेडल' सुमीत एस. पाटिल (बी.टेक., कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग) को प्रदान किया गया। 'चेयरमैन, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स गोल्ड मेडल' मानस चेचानी (बी.टेक., आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) को, 'डायरेक्टर्स गोल्ड मेडल' प्राचीति सुजीत चंद्रात्रेय (बी.टेक., इलेक्ट्रिकल सिस्टम्स) को तथा 'डायरेक्टर्स प्राइज' शिखर दवे (बी.टेक., केमिकल इंजीनियरिंग) को दिया गया। वहीं, 'कृष्णा देवी सनाढ्य मेमोरियल अवॉर्ड' से परी शर्मा (बी.टेक., कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग) को नवाजा गया। स्नातकोत्तर (पीजी) वर्ग में 'जगदीश चंद्र बोस गोल्ड मेडल' कृतिका यादव (एम.टेक., मैटेरियल्स इंजीनियरिंग) को प्रदान किया गया। 'सी. वी. रमन गोल्ड मेडल' शुभम चमोला (पीएच.डी., भौतिकी), अमित कुमार (पीएच.डी., विद्युत अभियांत्रिकी), स्वरित आनंद सिंह (पीएच.डी., यांत्रिक अभियांत्रिकी) तथा तेजिंदर सिंह लखवानी (पीएच.डी., मैटेरियल्स साइंस) को उनके उत्कृष्ट शोध योगदान के लिए प्रदान किया गया। 'प्रो. आशुतोष आलोक मेमोरियल अवॉर्ड फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस इन फिजिक्स (पीजी)' तनय चौधरी (एम.एससी., भौतिकी) को प्रदान किया गया। कार्यकारी शिक्षा (एग्जीक्यूटिव एजुकेशन) कार्यक्रमों के अंतर्गत शामंथ कोल्ली (एम.टेक., इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) को 'सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट' प्रदान किया गया। वहीं, आकांक्षा गौतम (एम.टेक., आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), नवीन राजा एलंगोवन (एम.टेक., ऑगमेंटेड एंड वर्चुअल रियलिटी) तथा अनिर्बान चौधरी (एम.टेक., डेटा इंजीनियरिंग) को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए 'सिल्वर मेडल' प्रदान किए गए। निदेशक ने प्रस्तुत की आईआईटी जोधपुर की विकास यात्रा निदेशक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल ने कहा कि आईआईटी जोधपुर 5.0 की परिकल्पना के अनुरूप संस्थान वैश्विक स्तर पर जुड़ा हुआ एक उत्कृष्टता केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने सभी स्नातकों एवं उनके परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, उद्यमिता, सतत विकास और सामाजिक प्रभाव के माध्यम से संस्थान 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। समारोह के विभिन्न चरणों में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ, यूआईडीएआई (UIDAI) के अध्यक्ष नीलकंठ मिश्रा, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार, भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु के निदेशक प्रोफेसर गोविंदन रंगराजन, राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा और जोधपुर के पूर्व पुलिस कमिश्नर शरत कविराज बतौर मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।
किशनगंज पुलिस ने 13 वर्षीय मेनका कुमारी की मौत के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि किशोरी की मौत नदी में डूबने से हुई थी। घटना के बाद उसके दो मौसेरे भाइयों ने डर और घबराहट के कारण सच्चाई छिपा ली थी। गोताखोरों और डॉग स्क्वॉड ने जुटाए साक्ष्य पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर मामले की गहन जांच की गई। घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ-साथ गोताखोरों, डॉग स्क्वॉड और एफएसएल टीम की मदद से वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए गए। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण में सामने आया कि मेनका अपने दो मौसेरे भाइयों आयुष (10 वर्ष) और प्रिंस (15 वर्ष) के साथ नदी किनारे गई थी, लेकिन वापस केवल दोनों लड़के लौटे थे। दोनों भाई बार-बार बदल रहे थे बयान पुलिस पूछताछ के दौरान दोनों भाई बार-बार बयान बदल रहे थे। तकनीकी साक्ष्यों और परिजनों की मौजूदगी में पूछताछ करने पर उन्होंने पूरी घटना बताई। दोनों ने बताया कि वे लोग नदी में स्नान करने गए थे। इस दौरान मेनका नदी किनारे बने बांध से पानी में छलांग लगा रही थी। कई बार वह सुरक्षित बाहर निकल आई, लेकिन एक बार गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए भाइयों को पहले लगा कि वह मजाक कर रही है। जब तक उन्हें स्थिति की गंभीरता समझ आई, तब तक वह गहरे पानी में समा चुकी थी। दोनों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। जांच में यह भी सामने आया कि नदी से मिट्टी निकाले जाने के कारण कहीं पानी की गहराई 3 से 4 फीट तो कहीं 10 से 30 फीट तक थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं मिले। श्वासनली, फेफड़ों और पेट में रेत व मिट्टी के कण मिलने के बाद चिकित्सकों ने मौत का कारण डूबना बताया। पुलिस ने वैज्ञानिक जांच, सीसीटीवी फुटेज, एफएसएल रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर मामले का पटाक्षेप कर दिया है। साथ ही प्रारंभिक जांच में संभावित लापरवाही की भी जांच कराई जा रही है।
गोपालगंज में एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक दो दिन पहले अपनी ससुराल गया था, जहां से उसके परिजनों को उसकी तबीयत खराब होने की सूचना मिली। जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें राजू साह का शव मिला। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान नगर थाना क्षेत्र के मैनपुर गांव निवासी 38 वर्षीय राजू साह के रूप में हुई है। वह शिव बालक साह के बेटे थे और मजदूरी का काम करते थे। थाना से मिली सूचना परिजनों के अनुसार, राजू साह दो दिन पहले अपने ससुराल गए थे। उन्हें अचानक कुचायकोट थाना की ओर से सूचना मिली कि राजू की तबीयत खराब है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजन जब सदर अस्पताल पहुंचे, तो राजू साह मृत पाए गए। हालांकि, कुचायकोट थानाध्यक्ष दर्पण सुनने ने इस बात का खंडन किया है कि उनके थाने से कोई सूचना दी गई थी या उनके क्षेत्र में ऐसी कोई घटना घटी है। राजू साह की अचानक मौत से परिवार सदमे में है। उनके दो छोटे बेटे हैं, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद खुलासा सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। पुलिस ने ससुराल पक्ष के लोगों और आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि मामला संदिग्ध लग रहा है और परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में शनिवार देर शाम सिविल अस्पताल परिसर से बाइक चोरी होने का मामला सामने आया है। युवक अपनी बहन और नवजात बच्ची से मिलने अस्पताल पहुंचा था। इसी दौरान वह बाहर से चाय लेकर आया और बाइक अस्पताल के बाहर खड़ी कर अंदर चला गया। करीब 5 मिनट बाद लौटकर देखा तो बाइक गायब थी। मामले की शिकायत खिलचीपुर थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस देर शाम अस्पताल पहुंची और सीसीटीवी कैमरे खंगाले, लेकिन जिस जगह बाइक खड़ी थी वह कैमरों की रेंज से बाहर निकली। मेहराजपुरा निवासी महेंद्र सिंह सौंधिया ने बताया कि शनिवार सुबह उसकी बहन को खिलचीपुर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसने बच्ची को जन्म दिया। शाम के समय रिश्तेदार और मेहमान अस्पताल मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान वह अस्पताल के बाहर चाय लेने गया था। चाय लेकर लौटने के बाद उसने अपनी स्प्लेंडर प्रो बाइक अस्पताल परिसर में खड़ी की और चाय देने अंदर चला गया। महेंद्र सिंह के मुताबिक, जब वह करीब 5 मिनट बाद वापस बाहर आया तो बाइक वहां से गायब थी। काफी तलाश करने के बाद भी बाइक का कोई पता नहीं चला। इसके बाद उसने खिलचीपुर थाने पहुंचकर चोरी की शिकायत दर्ज करवाई। आवेदन के अनुसार चोरी हुई बाइक का नंबर MP39MJ3155 बताया गया है। युवक ने पुलिस को बताया कि बाइक अस्पताल के सामने खड़ी थी और अज्ञात व्यक्ति उसे चोरी कर ले गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। शुरुआती जांच में सामने आया कि जिस स्थान पर बाइक खड़ी की गई थी, वह कैमरों की सीधी निगरानी में नहीं था। फिलहाल पुलिस आसपास के अन्य कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और बाइक चोर की तलाश में जुटी हुई है।
पन्ना जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के बनौली गांव में एक 18 साल की युवती के सिर में गोली लगी। शनिवार शाम को उसे नाजुक हालत में दमोह जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर्स ने ऑपरेशन कर उसके सिर से सुरक्षित तरीके से गोली निकाल दी। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि युवती को खुद अपने सिर में गोली लगने का पता नहीं था। घायल युवती की पहचान बनौली (सिमरिया) निवासी सपना (पिता स्वर्गीय फग्गू रैकवार) के रूप में हुई है। सपना ने बताया कि शुक्रवार रात को बिजली गुल होने की वजह से वह अपने घर की छत पर सो रही थी। शनिवार सुबह सोकर उठने पर उसे अचानक सिर में तेज दर्द महसूस हुआ, जिसकी जानकारी उसने अपनी दादी को दी। डॉक्टर ने मामूली चोट समझकर बांध दी पट्टी सुबह करीब 7 बजे दादी सपना को गांव के ही एक लोकल डॉक्टर के पास ले गईं। सिर के घाव से खून बहता देख डॉक्टर ने मामूली चोट समझकर पट्टी बांध दी और उसे घर भेज दिया, लेकिन सपना का सिर दर्द कम नहीं हुआ। दर्द लगातार बढ़ने पर सपना ने अपनी बुआ हेमलता रैकवार को इस बारे में बताया। माता-पिता नहीं हैं, बुआ लेकर आईं अस्पताल बुआ हेमलता रैकवार ने बताया कि सपना के माता-पिता नहीं हैं और वह अपनी दादी के साथ ही रहती है। भतीजी के सिर में तेज दर्द की खबर मिलते ही वह अपने मायके पहुंचीं और दूसरे परिजनों के साथ शनिवार शाम को उसे दमोह जिला अस्पताल लेकर आईं। अस्पताल में जब डॉक्टरों ने जांच की, तो पता चला कि सपना के सिर में कोई चोट नहीं बल्कि बंदूक की गोली धंसी हुई है। डॉक्टरों ने निकाली गोली, होगा सीटी स्कैन इसके बाद जिला अस्पताल के डॉक्टर अभिजीत और डॉक्टर तंतुवाय की टीम ने तुरंत ऑपरेशन कर युवती के सिर से गोली बाहर निकाली। डॉक्टरों के मुताबिक अब उसकी सेहत में सुधार है। आगे उसकी सीटी स्कैन जांच भी कराई जाएगी ताकि यह साफ हो सके कि गोली सिर के कितने अंदर तक गई थी। पन्ना पुलिस करेगी मामले की जांच युवती को गोली कैसे लगी, इस बात की जानकारी परिवार में किसी को भी नहीं है। जिला अस्पताल पुलिस चौकी की तरफ से बड़े अधिकारियों को घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद दमोह पुलिस ने पन्ना पुलिस को पूरे मामले से अवगत करा दिया है। पन्ना से पुलिस की टीम दमोह जिला अस्पताल पहुंचकर पीड़ित युवती और परिजनों के बयान दर्ज करेगी, जिसके बाद आगे की जांच शुरू होगी। अब यह जांच का विषय है कि यह गोली कहीं दूर से हुए हवाई फायर की वजह से आकर लगी है या फिर किसी ने जानबूझकर युवती पर गोली चलाई थी।
देवास में जामुन तोड़ने पेड़ पर चढ़े एक 25 वर्षीय युवक की डाली टूटने से गिरकर मौत हो गई। यह घटना शनिवार शाम बीरा खेड़ी क्षेत्र में हुई। युवक को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, धर्मेंद्र सोलंकी (25) अपनी पत्नी के साथ जामुन खाने के लिए बीरा खेड़ी क्षेत्र में गए थे। जामुन तोड़ने के लिए धर्मेंद्र पेड़ पर चढ़ गए। बताया जा रहा है कि अचानक एक डाली टूट गई, जिससे वह करीब 25 फीट नीचे गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद उनकी पत्नी ने आसपास मौजूद लोगों की मदद से परिजनों को सूचना दी। घायल धर्मेंद्र को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान देर शाम उनकी मौत हो गई। मृतक धर्मेंद्र सोलंकी की शादी लगभग आठ माह पहले ही हुई थी। वह मूल रूप से चौबारा जागीर के निवासी थे और देवास की एक निजी कंपनी में कार्यरत थे। वर्तमान में वह अपनी पत्नी के साथ जयसिंहनगर क्षेत्र में रह रहे थे। धर्मेंद्र के पिता बाबूलाल सोलंकी ने बताया कि शनिवार दोपहर बाद धर्मेंद्र की कंपनी में ड्यूटी थी। ड्यूटी से पहले वह अपनी पत्नी के साथ जामुन खाने गए थे, तभी यह हादसा हो गया। परिजनों ने बताया कि धर्मेंद्र की गंभीर हालत के कारण कुछ समय तक उनकी पत्नी को मौत की जानकारी नहीं दी गई थी। बाद में जब उन्हें पति की मृत्यु का पता चला, तो वह गहरे सदमे में आ गईं। इस अचानक हुई घटना से परिवार में शोक का माहौल है।
हाइवा की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत:सुपौल-मधेपुरा सीमा के पास हादसा, दोस्त की हालत गंभीर
सुपौल के जदिया थाना क्षेत्र के एक युवक की शनिवार देर शाम सड़क हादसे में मौत हो गई। यह दुर्घटना जदिया से सटे मधेपुरा जिले के कुमारखंड थाना क्षेत्र अंतर्गत बिशनपुर चौक के समीप SH-91 पर हुई, जहां एक हाइवा ट्रक की टक्कर से बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान एक युवक को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि उसका साथी घायल हो गया। हादसे के बाद दोनों युवक सड़क पर गिरे मृतक की पहचान जदिया वार्ड संख्या-10 निवासी सौरभ कुमार (पुत्र रामविलास साह) के रूप में की गई है। बताया जाता है कि सौरभ अपने साथी साईं के साथ अपाचे बाइक से टीकूलिया की ओर जा रहा था। इसी दौरान मुरलीगंज की दिशा से आ रही एक हाइवा ट्रक से उनकी बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से दोनों घायलों को इलाज के लिए त्रिवेणीगंज रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में मौजूद चिकित्सक डॉ. बी.एन. पासवान ने जांच के बाद सौरभ कुमार को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल साईं का प्राथमिक उपचार किया गया। चिकित्सकों के अनुसार उसकी स्थिति खतरे से बाहर है। उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार होने पर उसे घर भेज दिया गया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही कुमारखंड थाना अध्यक्ष रंजन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। हादसे के बाद कुछ समय के लिए सड़क पर यातायात प्रभावित हो गया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और जाम हटवाकर आवागमन सामान्य कराया। थानाध्यक्ष बोले-मामले की जांच जारी थानाध्यक्ष रंजन कुमार ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त बाइक को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। मामले की जांच की जा रही है तथा दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। इधर, युवक की असमय मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
खरगोन के सेगांव बस स्टैंड पर गृहमंत्री अमित शाह का पुतला जलाने के मामले में भाजपा ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। भाजपा ने इस घटना में पुलिसकर्मियों की संदिग्ध भूमिका मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। भाजपा मंडल अध्यक्ष अश्विन ठाकुर ने शनिवार शाम एसपी रवींद्र वर्मा को एक आवेदन सौंपा। इसमें उन्होंने बताया कि स्थानीय चौकी प्रभारी को पुतला दहन की गतिविधि के बारे में पहले ही सूचित कर दिया गया था। इसके बावजूद, पुलिसकर्मियों ने पुतला दहन को रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की। इस संबंध में सेगांव चौकी पर भी एक आवेदन दिया गया था, लेकिन पुलिस ने उस पर भी कोई कदम नहीं उठाया। इस घटना को लेकर भाजपा संगठन में गहरा रोष है। मंडल अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पुतला दहन दिनदहाड़े हुआ। पुलिसकर्मियों ने न तो लोगों को रोका और न ही पुतला छीनने का प्रयास किया, जिससे उनकी भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। भाजपा ने चौकी प्रभारी, थाना प्रभारी और घटना में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उल्लेखनीय है कि भाजपा के जनजातीय सम्मेलन में केंद्रीय गृहमंत्री के कथित आदिवासियों को वनवासी कहे जाने पर खरगोन जिला आदिवासी कांग्रेस ने शेगाव में प्रदर्शन किया था। साथ ही मंत्री के बयान का विरोध कर नारेबाजी के पुतला जलाया दिया था।
लखीसराय के नया बाजार स्थित एक निजी क्लीनिक में सिजेरियन प्रसव के बाद एक प्रसूता की मौत हो गई। शनिवार को इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने क्लीनिक संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और मुख्य बाजार सड़क जाम कर दी। मृतक प्रसूता की पहचान नया बाजार पचना रोड वार्ड संख्या-22 निवासी पंकज ठठेरा की 26 वर्षीय पत्नी अंजली कुमारी के रूप में हुई है। उन्हें सिजेरियन ऑपरेशन के लिए संबंधित निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के बाद एक बच्ची का जन्म हुआ, जिसकी हालत सामान्य बताई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन किसी योग्य चिकित्सक के बजाय एएनएम (सहायक नर्स मिडवाइफ) द्वारा किया गया था। ऑपरेशन के बाद अंजली कुमारी की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी, लेकिन उन्हें समय पर उचित इलाज नहीं मिल सका। जब महिला की हालत गंभीर हो गई, तो क्लीनिक संचालक ने उसे दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराने का प्रयास किया। हालांकि, विभिन्न निजी अस्पतालों ने इलाज करने से इनकार कर दिया। इसके बाद अंजली कुमारी को बेहतर उपचार के लिए पटना ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। परिजन और स्थानीय लोगों ने किया हंगामा अंजली की मौत की खबर मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। बड़ी संख्या में लोग क्लीनिक पर जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक की देखरेख में इलाज मिलता तो प्रसूता की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। हंगामे के दौरान, क्लीनिक संचालक ने मुख्य गेट को अंदर से बंद कर लिया, जिससे परिजनों का गुस्सा और बढ़ गया। सड़क जाम होने से कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर कवैया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को शांत कराया पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाकर शांत किया और मामले में कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया। कवैया थाना पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट तथा प्राप्त शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चंडीगढ़ पुलिस में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सेक्टर-39 थाना परिसर में ट्रैप लगाकर एक एएसआई को गिरफ्तार कर लिया। पुलिसकर्मी की पहचान एएसआई हितेश कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, सीबीआई की टीम ने शनिवार को कार्रवाई करते हुए एएसआई हितेश कुमार को रंगे हाथों पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई टीम उसे अपने साथ ले गई और उससे पूछताछ शुरू कर दी है। कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में चर्चा का माहौल बना हुआ है। फिलहाल मामले को लेकर सीबीआई की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी इस संबंध में खुलकर कुछ कहने से बच रहे हैं। अहम खुलासे हो सकते हैं सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की जांच में इस मामले से जुड़े कुछ अहम खुलासे हो सकते हैं। एएसआई से की जा रही पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की संभावना जताई जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि मामला किन परिस्थितियों में सामने आया और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है। सीबीआई की कार्रवाई के बाद पूरे मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जयपुर में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) की ओर से विद्याधर नगर में “संडे ऑन साइकिल” का आयोजन किया जा रहा है। साइक्लोथॉन के चलते विद्याधर नगर, रोड नंबर-1, अल्का सिनेमा सर्किल या नेशनल हैंडलूम चौराहे की तरफ ट्रैफिक डायवर्ट रहेगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ समेत कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। वीआईपी मूवमेंट और साइक्लोथॉन के चलते क्षेत्र में वाहनों की अवाजाही बंद रहेगी। आयोजकों के अनुसार सुबह 7:30 बजे विद्याधर नगर स्टेडियम से साइक्लोथॉन शुरू होगी, जिसमें 500 से 700 लोगों के भाग लेने की संभावना है। बड़ी संख्या में प्रतिभागियों और वीआईपी की मौजूदगी को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष व्यवस्था की है। इन रास्तों से निकलेगी साइक्लोथॉन किन लोगों को होगी ज्यादा परेशानी रविवार सुबह विद्याधर नगर, झोटवाड़ा, सीकर रोड, रोड नंबर-1, नेशनल हैंडलूम चौराहा और आसपास के क्षेत्रों से गुजरने वाले लोगों को ट्रैफिक डायवर्जन का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को समय से पहले निकलने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है। यहां रहेगी पार्किंग ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि रविवार सुबह कार्यक्रम के दौरान निर्धारित रूट की बजाय समानांतर मार्गों का उपयोग करें ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
कोरबा जिले में बुकिंग के बहाने स्कॉर्पियो चालक से लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। तीन बदमाशों ने चालक की आंखों में मिर्च स्प्रे डालकर उसे जंगल में एक पेड़ से बांध दिया और करीब 17 लाख रुपए कीमत की स्कॉर्पियो समेत नकदी व अन्य सामान लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटी गई स्कॉर्पियो बरामद कर ली है। प्रार्थी संजय कुमार केंवट ने बताया कि 1 जून को एक अज्ञात नंबर से उन्हें ढपढप से सीहोर (मध्यप्रदेश) जाने के लिए वाहन बुकिंग का फोन आया था। 3 जून की रात उन्हें ढपढप मोड़ पर बुलाया गया, जहां होंडा साइन बाइक से पहुंचे तीन युवकों ने वारदात को अंजाम दिया। मिर्च स्प्रे डालकर जंगल ले गए संजय के अनुसार, दो युवक स्कॉर्पियो में बैठ गए जबकि तीसरा बाइक से आगे-आगे चल रहा था। सुनसान स्थान पर पहुंचते ही बाइक सवार ने वाहन का दरवाजा खोलकर उनकी आंखों में मिर्च स्प्रे डाल दिया। इसके बाद तीनों आरोपियों ने मारपीट कर मोबाइल और फोन-पे का पासवर्ड हासिल कर लिया। बदमाश करीब आधे घंटे तक चालक को गाड़ी में घुमाते रहे और फिर जंगल में ले जाकर एक पेड़ से बांध दिया। उन्होंने संजय से पूछा, गाड़ी चाहिए या जिंदा रहना है? संजय ने जवाब दिया कि उसे जिंदा रहना है। इसके बाद आरोपियों ने स्कॉर्पियो, मोबाइल, 6 हजार रुपए नकद, वाहन के दस्तावेज, स्मार्टवॉच और एयरबड्स लूट लिए। किसी तरह बचकर पहुंचा गांव आरोपियों के जाने के बाद संजय किसी तरह खुद को छुड़ाने में सफल रहा। वह रेल पटरी के सहारे पुरेना पहुंचा और परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद 4 जून को बांकीमोंगरा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। टोल प्लाजा पर पकड़ी गई स्कॉर्पियो रिपोर्ट मिलते ही पुलिस ने जिलेभर में नाकेबंदी कर दी। उसी रात चोटिया टोल बैरियर पर लूटी गई स्कॉर्पियो को पकड़ लिया गया। पुलिस ने झारखंड के गढ़वा निवासी अरविंद कुमार पाल और पंकज पाल को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने लूट की वारदात में शामिल होने और वाहन को सूरजपुर ले जाने की बात स्वीकार की। पुलिस ने उनके कब्जे से 17 लाख रुपए मूल्य की स्कॉर्पियो और मोबाइल फोन बरामद कर लिया। तीसरे आरोपी की तलाश जारी पीड़ित ने बताया कि तीनों आरोपी 20 से 25 वर्ष की उम्र के थे और वारदात के दौरान उन्होंने अपने चेहरे कपड़े से ढंक रखे थे। वे छत्तीसगढ़ी भाषा में बातचीत कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। वहीं घटना में शामिल तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मिली सफलता पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सूचना मिलते ही विशेष टीम गठित कर नाकेबंदी की गई थी। तकनीकी साक्ष्यों और त्वरित कार्रवाई के चलते लूटी गई स्कॉर्पियो कुछ ही घंटों में बरामद कर ली गई। मामले की आगे की जांच जारी है।
होशियारपुर के थाना हरियाना के अंतर्गत आते गांव गजजा के पास कंडी नहर में मंगलवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ नहर में नहाते समय तेज बहाव की चपेट में आने से टांडा क्षेत्र के दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों की उम्र करीब 20 से 21 वर्ष थी। उनके साथ आए दो अन्य युवकों को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस अचानक हुए हादसे के बाद दोनों मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है और पूरे टांडा इलाके में शोक की लहर है। प्रशासन ने एक बार फिर युवाओं से अपील की है कि वे गर्मी के मौसम में नहरों और नदियों के तेज बहाव वाले प्रतिबंधित क्षेत्रों में नहाने से परहेज करें।घूमने गए थे चारों दोस्त, लौटते समय हुआ हादसा प्राप्त जानकारी के अनुसार, टांडा इलाके के रहने वाले चार दोस्त जसवीर सिंह पुत्र दलजीत सिंह निवासी दारापुर फाटक, टांडा, प्रभजोत सिंह पुत्र गुरमिंदर सिंह निवासी गांव हरसी, दीपक कुमार पुत्र मोहन लाल निवासी न्यू पार्क ग्रीन टांडा और संतोष कुमार पुत्र अर्जुन कुमार निवासी टांडा दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर ढोलबाहा बांध घूमने आए थे। चीख पुकार सुन ग्रामीणों ने चारों को निकाला मंगलवार शाम करीब 4 बजे जब वे वापस लौट रहे थे, तो गजजा गांव के पास कंडी नहर को देखकर उनका मन नहाने का हुआ। चारों युवक जैसे ही नहर में उतरे, पानी का बहाव तेज होने के कारण दो युवक संतुलन खो बैठे और गहरे पानी में बह गए। चीख-पुकार सुनकर नहर के आस-पास से गुजर रहे राहगीर और गजजा गांव के ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़े। अस्पताल पहुंचने पर दो को मृत घोषित किया ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद चारों युवकों को पानी से बाहर निकाला। अचेत अवस्था में जसवीर सिंह और प्रभजोत सिंह को तुरंत भुंगा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जसवीर सिंह और प्रभजोत सिंह , निवासी गांव हरसी मृत घोषित कर दिया। जबकि दीपक कुमार और संतोष कुमार को अस्पताल में भती किया गया है पुलिस बोली- दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है भुंगा पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई बलवीर सिंह ने बताया कि हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची थी। दोनों मृत युवकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की कागजी कार्रवाई पूरी कर जांच में जुटी है।
अबोहर में 13 जून को होने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य स्तरीय सर्व समाज ओबीसी रैली के लिए राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस रैली में हरियाणा के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। तैयारियों का जायजा लेने के लिए हरियाणा के कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा शुक्रवार को अबोहर पहुंचे। मंत्री गंगवा ने विधायक संदीप जाखड़ के निवास पर एक बैठक की। इस दौरान उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और नवनिर्वाचित पार्षदों के साथ रैली की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की। हरियाणा CM रहेंगे मौजूद रणबीर गंगवा ने बैठक में बताया कि 13 जून की रैली में हरियाणा के मुख्यमंत्री के अतिरिक्त पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ भी उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से रैली को सफल बनाने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने और अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया। गंगवा ने इस अवसर पर कहा कि भाजपा पंजाब को विकास और सुशासन की नई दिशा प्रदान कर सकती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह रैली पंजाब की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संदेश देगी और इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। विधायक संदीप जाखड़ ने भी रैली को ऐतिहासिक बनाने का विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि अबोहर और आसपास के क्षेत्रों से रिकॉर्ड संख्या में लोग इस रैली में पहुंचेंगे। जाखड़ ने बताया कि पार्टी कार्यकर्ता इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। रणबीर गंगवा ने नवनिर्वाचित पार्षदों से मुलाकात की बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने क्षेत्र के नवनिर्वाचित पार्षदों से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने पार्षदों को जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का संदेश दिया। संदीप जाखड़ ने कहा कि स्थानीय निकायों में मजबूत नेतृत्व भाजपा की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सभी पार्षद क्षेत्र के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।
जोधपुर की बासनी थाना पुलिस ने लोगों और मजदूरों के नाम पर फर्जी सिम और किराए पर बैंक खाते लेकर साइबर ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस पिछले 18 महीने से फरार चल रहे आरोपी अभय उर्फ अवॉय को कोलकाता (पश्चिम बंगाल) से गिरफ्तार कर जोधपुर लेकर आई है। इसी आरोपी ने जोधपुर में साल 2024 में एक व्यक्ति के साथ 42 लाख रुपए की साइबर ठगी की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह आरोपी देशभर में कई लोगों के साथ ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। इसे पकड़ने के लिए जोधपुर पुलिस ने लगातार तीन दिन तक उसकी रेकी की और इसके बाद उसे एक किराए के मकान से गिरफ्तार किया। पुलिस आरोपी को कोलकाता की कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर जोधपुर लेकर आई है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी हर ठगी के बाद अपनी लोकेशन बदल देता था, ताकि वह पुलिस की पकड़ में न आ सके। मेंबरशिप के नाम पर की थी ठगी, एक साथी पहले ही हो चुका है गिरफ्तार बासनी थानाधिकारी नितिन दवे ने बताया कि 10 जनवरी 2025 को पीड़ित ने साइबर थाने में एक रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया गया था कि 14 नवंबर 2024 को उसके पास एक युवती का फोन आया था। आरोपी युवती ने पीड़ित को 'वीवीआईपी क्लब फ्रेंड्स फॉर एवर' से जुड़ने का झांसा देकर मेंबरशिप के नाम पर 1950 रुपए मांगे थे। इसके बाद, इस राशि को रिफंड करने और अन्य बहानों से 14 नवंबर 2024 से लेकर 29 दिसंबर 2024 तक पीड़ित से कुल 42 लाख 23 हजार 141 रुपए की साइबर ठगी कर ली गई। जब पीड़ित को अहसास हुआ कि उसके साथ साइबर ठगी हो रही है, तो उसने साइबर थाने में मामला दर्ज करवाया। मामले की जांच करते हुए जनवरी 2025 में ठग गिरोह के सरगना अजय ओझा (26) को गिरफ्तार (डिटेन) किया गया था, जो रामपुरा मोहनपुर (पुलिस थाना मोहनपुर, जिला पश्चिम मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल) का निवासी है। गिरफ्तारी के समय अजय के पास से मोबाइल, लैपटॉप और एक डायरी भी बरामद हुई थी। इस कार्रवाई के दौरान उसका साथी अभय फरार हो गया था, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार पश्चिम बंगाल के रामपुरा भेजी जा रही थीं। लेकिन, शातिर अभय हर बार साइबर ठगी को अंजाम देने के बाद अपने ठिकाने बदल लेता था, जिससे वह पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था। मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट से चला था कोलकाता का पता आरोपी की तलाश के लिए पुलिस टीमें लगातार उसे ट्रेस करने का प्रयास कर रही थीं। टीम ने जब बैंक अकाउंट, मोबाइल नंबर, आईपी (IP) डिटेल और डिजिटल ट्रांजैक्शन की कड़ियों को जोड़ा, तो आरोपी की लोकेशन कोलकाता की निकली। इसके बाद पुलिस कमिश्नर राजेंद्र सिंह, पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) कमल कुमार शेखावत और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (जोधपुर पश्चिम) चंचल मिश्रा के सुपरविजन में तथा बासनी थानाधिकारी नितिन दवे के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में शामिल एएसआई भूपेंद्र सिंह, कॉन्स्टेबल शंकरलाल और राजेश को कोलकाता भेजा गया, जहां उन्होंने लगातार तीन दिन तक रेकी की। इसके बाद टीम ने आरोपी अभय को नवदिगंतो कॉलोनी (पुलिस स्टेशन पांच्या सायर, कोलकाता, पश्चिम बंगाल) से गिरफ्तार कर लिया। आम लोगों और मजदूरों के खातों को लेते थे किराए पर प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी एक बड़े साइबर ठगी गिरोह से जुड़ा हुआ है। अभय आम लोगों और गरीब मजदूरों के बैंक अकाउंट किराए पर लेता था और उन्हीं के नाम पर फर्जी सिम भी एक्टिवेट करवाता था। इन्हीं मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का इस्तेमाल करके वह ठगी की वारदातों को अंजाम देता था। थानाधिकारी ने बताया कि यह गिरोह देश के कई राज्यों में ठगी की वारदातें कर चुका है। आरोपी को जोधपुर कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। इस पूरी कार्रवाई में बासनी थानाधिकारी नितिन दवे, एएसआई भूपेंद्र सिंह, साइबर सेल के हेड कॉन्स्टेबल प्रेम चौधरी, कॉन्स्टेबल दलाराम, शंकरलाल, मूँगा राम और राजेश शामिल रहे।
जोधपुर की बासनी थाना पुलिस ने लोगों और मजदूरों के नाम पर फर्जी सिम और किराए पर बैंक खाते लेकर साइबर ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस पिछले 18 महीने से फरार चल रहे आरोपी अभय उर्फ अवॉय को कोलकाता (पश्चिम बंगाल) से गिरफ्तार कर जोधपुर लेकर आई है। इसी आरोपी ने जोधपुर में साल 2024 में एक व्यक्ति के साथ 42 लाख रुपए की साइबर ठगी की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह आरोपी देशभर में कई लोगों के साथ ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। इसे पकड़ने के लिए जोधपुर पुलिस ने लगातार तीन दिन तक उसकी रेकी की और इसके बाद उसे एक किराए के मकान से गिरफ्तार किया। पुलिस आरोपी को कोलकाता की कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर जोधपुर लेकर आई है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी हर ठगी के बाद अपनी लोकेशन बदल देता था, ताकि वह पुलिस की पकड़ में न आ सके। मेंबरशिप के नाम पर की थी ठगी, एक साथी पहले ही हो चुका है गिरफ्तार बासनी थानाधिकारी नितिन दवे ने बताया कि 10 जनवरी 2025 को पीड़ित ने साइबर थाने में एक रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया गया था कि 14 नवंबर 2024 को उसके पास एक युवती का फोन आया था। आरोपी युवती ने पीड़ित को 'वीवीआईपी क्लब फ्रेंड्स फॉर एवर' से जुड़ने का झांसा देकर मेंबरशिप के नाम पर 1950 रुपए मांगे थे। इसके बाद, इस राशि को रिफंड करने और अन्य बहानों से 14 नवंबर 2024 से लेकर 29 दिसंबर 2024 तक पीड़ित से कुल 42 लाख 23 हजार 141 रुपए की साइबर ठगी कर ली गई। जब पीड़ित को अहसास हुआ कि उसके साथ साइबर ठगी हो रही है, तो उसने साइबर थाने में मामला दर्ज करवाया। मामले की जांच करते हुए जनवरी 2025 में ठग गिरोह के सरगना अजय ओझा (26) को गिरफ्तार (डिटेन) किया गया था, जो रामपुरा मोहनपुर (पुलिस थाना मोहनपुर, जिला पश्चिम मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल) का निवासी है। गिरफ्तारी के समय अजय के पास से मोबाइल, लैपटॉप और एक डायरी भी बरामद हुई थी। इस कार्रवाई के दौरान उसका साथी अभय फरार हो गया था, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार पश्चिम बंगाल के रामपुरा भेजी जा रही थीं। लेकिन, शातिर अभय हर बार साइबर ठगी को अंजाम देने के बाद अपने ठिकाने बदल लेता था, जिससे वह पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था। मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट से चला था कोलकाता का पता आरोपी की तलाश के लिए पुलिस टीमें लगातार उसे ट्रेस करने का प्रयास कर रही थीं। टीम ने जब बैंक अकाउंट, मोबाइल नंबर, आईपी (IP) डिटेल और डिजिटल ट्रांजैक्शन की कड़ियों को जोड़ा, तो आरोपी की लोकेशन कोलकाता की निकली। इसके बाद पुलिस कमिश्नर राजेंद्र सिंह, पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) कमल कुमार शेखावत और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (जोधपुर पश्चिम) चंचल मिश्रा के सुपरविजन में तथा बासनी थानाधिकारी नितिन दवे के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में शामिल एएसआई भूपेंद्र सिंह, कॉन्स्टेबल शंकरलाल और राजेश को कोलकाता भेजा गया, जहां उन्होंने लगातार तीन दिन तक रेकी की। इसके बाद टीम ने आरोपी अभय को नवदिगंतो कॉलोनी (पुलिस स्टेशन पांच्या सायर, कोलकाता, पश्चिम बंगाल) से गिरफ्तार कर लिया। आम लोगों और मजदूरों के खातों को लेते थे किराए पर प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी एक बड़े साइबर ठगी गिरोह से जुड़ा हुआ है। अभय आम लोगों और गरीब मजदूरों के बैंक अकाउंट किराए पर लेता था और उन्हीं के नाम पर फर्जी सिम भी एक्टिवेट करवाता था। इन्हीं मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का इस्तेमाल करके वह ठगी की वारदातों को अंजाम देता था। थानाधिकारी ने बताया कि यह गिरोह देश के कई राज्यों में ठगी की वारदातें कर चुका है। आरोपी को जोधपुर कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। इस पूरी कार्रवाई में बासनी थानाधिकारी नितिन दवे, एएसआई भूपेंद्र सिंह, साइबर सेल के हेड कॉन्स्टेबल प्रेम चौधरी, कॉन्स्टेबल दलाराम, शंकरलाल, मूँगा राम और राजेश शामिल रहे।
शेखपुरा में गैस रिसाव से आग, चार लोग झुलसे:सर्वे अमीन सहित तीन यूपी निवासी घायल, एक की हालत गंभीर
शेखपुरा शहर के बंगाली पर मोहल्ले में शनिवार देर शाम रसोई गैस सिलेंडर से हुए रिसाव के कारण आग लग गई। इस घटना में एक सर्वे अमीन सहित चार लोग बुरी तरह झुलस गए। घायलों को स्थानीय सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों की पहचान जिला भूमि सर्वे सह बंदोबस्ती विभाग में कार्यरत सर्वे अमीन कुमारी कंचन, उनके ससुर ददन राम और सास सोनी देवी के रूप में हुई है। ये तीनों उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के हरिपुर गांव के निवासी हैं। चौथे घायल की पहचान अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन घटना के समय मैकेनिक भी मौजूद था। सर्वे अमीन कुमारी कंचन के पति अनुराग कुमार ने बताया कि वे बंगाली पर मोहल्ले में किराए के मकान में रहते हैं। रात का खाना बनाने की तैयारी के दौरान रसोई गैस सिलेंडर में खराबी आ गई। उन्होंने गैस एजेंसी को शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद एक मैकेनिक खराबी दूर करने पहुंचा। मैकेनिक द्वारा समस्या ठीक करने के प्रयास के दौरान ही अचानक गैस का रिसाव शुरू हो गया और आग लग गई। आग लगने से वहां मौजूद सभी लोग झुलस गए। अनुराग कुमार के अनुसार, उनकी मां (सोनी देवी) की हालत ज्यादा गंभीर है। स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। अनुराग कुमार ने बताया कि उनकी पत्नी कुमारी कंचन वर्ष 2020 से इस जिले में सर्वे अमीन के पद पर कार्यरत हैं।
भिलाई में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां अज्ञात साइबर अपराधियों ने एक व्यक्ति के बैंक खाते से फर्जी यूपीआई लेनदेन के जरिए 2 लाख 61 हजार 825 रुपए पार कर दिए। पीड़ित को ठगी की जानकारी तब हुई जब उसने एक होटल में 60 रुपए का भुगतान करने के बाद अपने खाते का बैलेंस चेक किया। पुलिस के मुताबिक, बैकुंठ नगर कैंप-2 निवासी राजेश विश्वकर्मा (46) ने छावनी थाना में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 14 मई से 18 मई के बीच उनके बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से अज्ञात व्यक्ति द्वारा यूपीआई माध्यम से विभिन्न खातों में रकम ट्रांसफर की गई। होटल में भुगतान के बाद हुआ खुलासा राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि 18 मई की शाम करीब 7 बजे उन्होंने पावर हाउस स्थित एक होटल में यूपीआई के जरिए 60 रुपए का भुगतान किया था। भुगतान के बाद जब उन्होंने खाते का बैलेंस देखा तो राशि काफी कम दिखाई दी। इसी दौरान उनके मोबाइल पर खाते से 70 हजार रुपए कटने का मैसेज भी प्राप्त हुआ। लगातार लेनदेन की जानकारी मिलने पर उन्होंने खाते की जांच की, जिसमें कुल 2 लाख 61 हजार 825 रुपए की अवैध निकासी का खुलासा हुआ। बैंक खाते से फर्जी तरीके से हुई रकम की निकासी पीड़ित के अनुसार, उनके बैंक खाते से बिना अनुमति और जानकारी के कई यूपीआई ट्रांजेक्शन किए गए। रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई है। ठगी का पता चलते ही उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी और लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। साइबर धोखाधड़ी का मामला दर्ज शिकायत और प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने इसे साइबर फ्रॉड का मामला मानते हुए अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस पुलिस अब उन बैंक खातों, यूपीआई आईडी और मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है, जिनमें रकम ट्रांसफर की गई। साइबर सेल की मदद से ट्रांजेक्शन की तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर संचालक और रायपुर जिले के नगरीय निकाय प्रभारी पुलक भट्टाचार्य ने शुक्रवार को रायपुर नगर निगम, बिरगांव नगर निगम समेत जिले के सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार पर उन्होंने नाराजगी जताई और अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कामों में तत्काल तेजी लाने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान अपर संचालक ने प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन 2.0, पीएम स्वनिधि, 15वें वित्त आयोग मद, अधोसंरचना परियोजनाओं और अन्य केंद्र व राज्य प्रवर्तित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। कई योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर उन्होंने अधिकारियों से जवाब तलब किया। भट्टाचार्य ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर उन्हें तय समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। राजस्व वसूली पर भी जताई चिंता बैठक में वर्ष 2025-26 के राजस्व वसूली अभियान की समीक्षा भी की गई। अपर संचालक ने निकायों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि आर्थिक संसाधनों की मजबूती के बिना विकास कार्यों को गति देना संभव नहीं है। सीएम हेल्पलाइन की तैयारियों का लिया जायजा अपर संचालक ने प्रस्तावित सीएम हेल्पलाइन को लेकर प्रारंभिक प्रशासनिक तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से शिकायतों के त्वरित निराकरण और जन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने को कहा। बैठक में बिरगांव नगर निगम आयुक्त, रायपुर नगर निगम के अपर आयुक्त लोकेश्वर साहू, विनोद पांडेय, कृष्णा खटीक, मुख्य अभियंता संजय बागड़े, उपायुक्त डॉ. अंजलि शर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणिग्रही, कार्यपालन अभियंताओं सहित जिले के सभी नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी और उप अभियंता मौजूद रहे। अपर संचालक की सख्त नाराजगी के बाद अब निगाहें इस बात पर हैं कि रायपुर जिले के नगरीय निकाय लंबित विकास कार्यों को कितनी तेजी से जमीन पर उतार पाते हैं।
सुपौल में भारत-नेपाल सीमा से सटे क्षेत्र में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1733.6 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। यह कार्रवाई 45वीं वाहिनी एसएसबी वीरपुर की सीमा चौकी सतना द्वारा शुक्रवार देर रात दत्ता टोला क्षेत्र में की गई। बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 6 करोड़ 93 लाख 44 हजार रुपये बताई जा रही है। सूचना के आधार पर एसएसबी की कार्रवाई 45वीं वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेंट जगदीश कुमार शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि तस्कर बड़ी मात्रा में गांजे की खेप को भारत में पहुंचाने की तैयारी में हैं। इसी सूचना के आधार पर एसएसबी द्वारा सीमा क्षेत्र में लगातार सघन निगरानी और अभियान चलाया जा रहा था। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात दत्ता टोला क्षेत्र में तैनात एसएसबी टीम ने एक संदिग्ध नेपाली नंबर प्लेट वाले वाहन को रोकने का प्रयास किया। जवानों को देखकर चालक ने वाहन की गति बढ़ा दी और कार्मिकों को कुचलने का प्रयास किया। हालांकि एसएसबी जवानों ने तत्परता दिखाते हुए बोलेरो कैंपर वाहन (को. 1ज 2721) को रोक लिया। लेकिन अंधेरे और बारिश का फायदा उठाकर चालक एवं अन्य तस्कर मौके से फरार हो गए। कानूनी प्रक्रिया को संबंधित एजेंसियों को सौंपा वाहन की तलाशी लेने पर उसमें रखे 47 प्लास्टिक के बोरों से कुल 1733.6 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। जब्त वाहन और गांजे को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया गया है। इधर, एसएसबी पूर्णिया रेंज के डीआईजी मधुकर अमिताभ ने शनिवार शाम बताया कि सीमा क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत यह बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस के सहयोग से इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद ली जा रही है और फरार तस्करों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। मौके पर वीरपुर एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
राजधानी जयपुर में शनिवार शाम मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। तेज आंधी, बारिश और खराब विजिबिलिटी के कारण जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हवाई यातायात प्रभावित हो गया। खराब मौसम की वजह से कई विमानों की लैंडिंग में दिक्कतें आईं, जिससे यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। दरअसल, इंडिगो की सूरत से जयपुर आने वाली फ्लाइट 6E-6852 और लखनऊ से जयपुर पहुंचने वाली फ्लाइट 6E-7027 निर्धारित समय पर जयपुर एयरपोर्ट पर लैंड नहीं कर सकीं। दोनों विमान लंबे समय तक जयपुर के आसमान में चक्कर लगाते रहे और मौसम साफ होने का इंतजार करते रहे। हालांकि मौसम में सुधार नहीं होने और सुरक्षित लैंडिंग की परिस्थितियां नहीं बनने के कारण सूरत से जयपुर आ रही इंडिगो फ्लाइट 6E-6852 को आखिरकार दिल्ली एयरपोर्ट के लिए डायवर्ट कर दिया गया। विमान को जयपुर में उतारने की बजाय दिल्ली भेजा गया। ताकि पैसेंजर्स की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। वहीं लखनऊ से जयपुर आ रही इंडिगो फ्लाइट 6E-7027 भी काफी देर तक होल्ड पर रही और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की ओर से मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी गई। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार खराब मौसम के कारण उड़ानों के संचालन पर लगातार असर पड़ रहा है और मौसम सामान्य होने के बाद ही नियमित लैंडिंग और टेकऑफ संभव हो पाएंगे। मौसम विभाग के अनुसार जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी है। अचानक बदले मौसम ने न केवल सड़क यातायात बल्कि हवाई सेवाओं को भी प्रभावित किया है। तेज हवाओं और कम दृश्यता के कारण पायलटों को लैंडिंग में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। जयपुर एयरपोर्ट पर मौसम की स्थिति को देखते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल, एयरलाइन कंपनियां और एयरपोर्ट प्रबंधन लगातार समन्वय बनाए हुए हैं। पैसेंजर्स को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी उड़ान की ताजा स्थिति जानने के लिए एयरलाइन से संपर्क में रहें, क्योंकि मौसम के कारण उड़ानों के समय में बदलाव या डायवर्जन की संभावना बनी हुई है।
हांसी पुलिस ने एक दुकानदार के बेटे पर हुए हमले के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह हमला त्रिकोणा पार्क स्थित मशहूर दरिया गोलगप्पे वाले के बेटे हरीश पर हुआ था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किए गए लोहे के डंडे और एक कार भी बरामद की है। थाना शहर पुलिस ने घायल हरीश कुमार निवासी हांसी की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि 2 जून की रात उसकी दुकान के बाहर तीन युवकों ने लोहे के डंडों से उस पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। प्राथमिक उपचार के बाद हरीश को नागरिक अस्पताल हांसी से अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। पीड़ित परिवार ने दिया था धरना इस घटना के बाद सर्व व्यापार मंडल और विभिन्न राजनीतिक दलों के लोगों ने पीड़ित परिवार के साथ मिलकर धरना भी दिया था, जिससे मामले में कार्रवाई का दबाव बढ़ा। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों को खंगाला। इन सबूतों के आधार पर पुलिस ने तरुण, राहुल, और अमित सभी निवासी बोगीराम कॉलोनी, हांसी को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान, तीनों आरोपियों ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर हमले में इस्तेमाल किए गए दो लोहे के डंडे बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त, वारदात के बाद उपयोग की गई एक कार को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।
गुरुग्राम में सरकारी अस्पताल की जर्जर हालत और चिकित्सा सुविधाओं के अभाव को लेकर स्थानीय लोगों और कांग्रेस नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस एससी सेल के उपाध्यक्ष अनूप धानक और कांग्रेस सेवा दल अध्यक्ष कृष्ण सैनी ने पुराने अस्पताल स्थल पर पहुंचकर हरियाणा की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार झूठे वादे कर रही है और पुराने अस्पताल को तोड़ने के बाद अब तक नए अस्पताल की व्यवस्था नहीं की गई है। नेताओं ने बताया कि सेक्टर-10 के अस्पताल में भी पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। मरीजों को एम्स के लगाने पड़ रहे चक्कर इस कारण गुरुग्राम की विभिन्न कॉलोनियों के गरीब और बुजुर्गों को इलाज के लिए दिल्ली के एम्स (AIIMS) के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। यह स्थिति सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को उजागर करती है। विपक्षी नेताओं ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नगर निगम में पार्षद, विधायक और सांसद सभी भाजपा के हैं, फिर भी जनता की बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि जब सत्ताधारी दल जनता के काम करने में विफल है, तो कांग्रेस को जनता के अधिकारों की लड़ाई के लिए आगे आना होगा। हर रविवार को होगी भूख हड़ताल अपनी मांगों को लेकर कांग्रेस नेताओं और स्थानीय नागरिकों ने अब बड़े आंदोलन का रास्ता चुना है। नेताओं ने घोषणा की कि आगामी 14 तारीख (रविवार) से वे सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिना अन्न-जल ग्रहण किए भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से टेंट लगाकर प्रदर्शन नहीं करने दिया गया, तो वे जेल जाने को भी तैयार हैं। यह भूख हड़ताल अस्पताल बनने तक हर रविवार को जारी रहेगी।
संभल के गुन्नौर स्थित बाघऊ गांव में शनिवार को वर्धमार नदी पुनरुद्धार कार्य का शुभारंभ किया गया। जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने एक जनपद-पांच नदियां थीम के तहत मंत्रोच्चारण, पूजा-अर्चना और नारियल फोड़कर फावड़ा चलाकर इस कार्य का उद्घाटन किया। उल्लेखनीय है कि इस पुनरुद्धार कार्य से पहले, हाल ही में 5 जून को ग्राम बाघऊ में वर्धमार नदी के कैचमेंट क्षेत्र में अवैध रूप से निर्मित खेरे वाले चमन शाह बाबा दरगाह शरीफ की मजार को हटाया गया था। तहसीलदार रवि सोनकर के निर्देशन में नायब तहसीलदार रजपुरा अनुज कुमार तथा राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई कर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया था। इस दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक स्वयं मौके पर मौजूद रहकर कार्रवाई का निरीक्षण किया था। यह कार्य जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल के निर्देशन में एक जनपद-पांच नदियां पहल के तहत किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जल संरक्षण, जल संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण है। इसके तहत विलुप्तप्राय और अस्तित्वहीन होती जा रही नदियों को पुनर्जीवित किया जा रहा है। वर्धमार नदी लगभग 14.5 किलोमीटर लंबी है और यह विकास खण्ड गुन्नौर एवं जुनावई से होकर गुजरते हुए आगे चलकर महावा नदी में मिलती है। नदी की पुरानी पहचान बहाल करने के लिए अतिक्रमण हटाने, खुदाई, पौधारोपण और अन्य संरक्षण संबंधी कार्य शुरू किए गए हैं। प्रारंभिक चरण में आठ बुलडोजर लगाकर खुदाई का काम प्रारंभ किया गया है। इस परियोजना के तहत सीएसआर, राज्य वित्त आयोग और वीबी-जीरामजी योजना जैसी विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत आवश्यकतानुसार कार्य कराए जाएंगे, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। डीएम अंकित खंडेलवाल ने कहा कि यहाँ पर जो अरिल नदी, जिसका अस्तित्व धीरे-धीरे समाप्त होता जा रहा था, इसके कैचमेंट में कई जगह कब्ज़ा हो रखा था, उसको कब्ज़ा मुक्त कराते हुए उनके विज़न के अनुरूप हम लोग इसको रिस्टोर करने की आज से प्रक्रिया प्रारंभ कर रहे हैं।जेसीबी यहाँ लगी हुई हैं और ये कार्य निरंतर मानसून से पहले हमें कम्प्लीट करना है जिससे मानसून के समय इस नदी में पानी पर्याप्त मात्रा में मौजूद रहे। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट, जिला विकास अधिकारी राम आशीष, एसडीएम गुन्नौर विकास चन्द्र, अधिशासी अभियन्ता सिंचाई विभाग राजीव कुमार और तहसीलदार रवि सोनकर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
कानपुर में 8, 9 और 10 जून को आयोजित होने वाली पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए कमिश्नरेट पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ ने संयुक्त रूप से रेलवे स्टेशनों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर व्यापक चेकिंग अभियान चलाया। परीक्षा केंद्रों के आसपास भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। कानपुर सेंट्रल पर संयुक्त जांच अभियान डीसीपी ट्रैफिक रवींद्र कुमार, आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त विवेक वर्मा, जीआरपी सीओ दुष्यंत सिंह, जीआरपी प्रभारी ओमनारायण सिंह और आरपीएफ प्रभारी एस.एन. पाटीदार के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय और बाहरी क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों एवं सामानों की गहन तलाशी ली गई। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते की सहायता से संवेदनशील स्थानों की भी जांच की गई। रेलवे स्टेशनों पर आने-जाने वाले अभ्यर्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ट्रेनों और परीक्षा केंद्रों पर विशेष निगरानी संयुक्त टीम ने विभिन्न ट्रेनों में भी चेकिंग अभियान चलाकर यात्रियों की जांच की और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। वहीं कमिश्नरेट पुलिस ने परीक्षा केंद्रों के आसपास भ्रमण कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया और केंद्र प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नकल कराने वाले गिरोह, फर्जी अभ्यर्थी, दलालों और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर तत्काल रोक लगाई जा सके। अभ्यर्थियों से समय पर पहुंचने की अपील पुलिस प्रशासन ने अभ्यर्थियों से परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचने, प्रवेश पत्र और वैध पहचान पत्र साथ रखने की अपील की है। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने को कहा गया है। सुरक्षा अभियान के चलते रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और परीक्षा केंद्रों के आसपास पुलिस की सक्रिय मौजूदगी दिखाई दे रही है, जिससे अभ्यर्थियों और उनके परिजनों में भरोसा और सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
धार की ऐतिहासिक भोजशाला के गर्भगृह में मां वाग्देवी की अष्टधातु की प्रतिमा शनिवार को रखी मिली। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकारियों ने कुछ ही घंटों में इसे हटा दिया। इस घटना ने भोजशाला की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम को भोजशाला के गर्भगृह में अचानक यह प्रतिमा दिखाई दी। मामला एएसआई के संज्ञान में आने के बाद अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रतिमा को उसके स्थान से हटा दिया। प्रतिमा किसने और कब रखी, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है। इस घटनाक्रम के बाद भोजशाला की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। परिसर के बाहरी हिस्से में पुलिस चौकी है और अंदर एएसआई के सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं। इसके बावजूद गर्भगृह तक प्रतिमा का पहुंचना एक बड़ी सुरक्षा चूक मानी जा रही है। भोज उत्सव समिति ने इस पूरे घटनाक्रम से अपनी संलिप्तता से इनकार किया है। समिति की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। उल्लेखनीय है कि मां वाग्देवी की मूल प्रतिमा वर्तमान में लंदन के संग्रहालय में है, जिसे भारत वापस लाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। फिलहाल, भोजशाला में प्रतिमा रखने वाले लोग कौन थे और उनका उद्देश्य क्या था, यह जांच का विषय बना हुआ है। यह खबर भी पढ़ेंMP हाईकोर्ट ने धार भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धार की भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना है। शुक्रवार को दिए फैसले में हाईकोर्ट ने कहा- हमने पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों, एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर विचार किया है। ASI एक्ट के प्रावधानों के साथ-साथ अयोध्या मामले को भी आधार माना। पूरी खबर पढ़ें…
बक्सर में शनिवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से एक किशोर की मौत हो गई। इस घटना में एक महिला सहित दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा जमौली गांव के बधार में हुआ, जब तीन लोग बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़े थे। मृतक की पहचान राजपुर थाना क्षेत्र के देवढ़िया पंचायत के जमौली गांव निवासी 11 वर्षीय आशीष कुमार के रूप में हुई है। आशीष खेत के पास खेल रहा था, तभी अचानक मौसम खराब हो गया और तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए वह एक पेड़ के नीचे चला गया। उसी पेड़ के नीचे भैंस चरा रहे योगेश कुमार और शैल कुंवर भी आकर खड़े हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही देर बाद तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली सीधे उसी पेड़ पर गिरी। इसकी चपेट में आने से तीनों लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तीनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया ग्रामीणों ने तत्काल तीनों घायलों को राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने आशीष कुमार को मृत घोषित कर दिया। योगेश कुमार और शैल कुंवर का इलाज जारी है, जिनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। मृतक अपने माता-पिता का इकलौता बच्चा था घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण अस्पताल पहुंचे। मुखिया प्रतिनिधि संजय सिंह ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने प्रशासन से आपदा राहत कोष के तहत पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
झांसी में 4 साल पहले व्यापारी से लूटपाट करने वाले 2 बदमाशों को कोर्ट ने 7-7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 25-25 हजार रुपए का अर्थदण्ड लगाया गया। नहीं देने पर एक माह की जेल अतिरिक्त काटनी होगी। यह फैसला शनिवार को डकैती कोर्ट के विशेष न्यायाधीश नेत्रपाल सिंह ने सुनाया है। फैसले के दिन एक बदमाश कोर्ट नहीं पहुंचा और फरार हो गया। मोठ थाने में दर्ज हुआ था केस विशेष लोक अभियोजक विपिन कुमार मिश्र ने बताया- मोठ के शाहपुर बस स्टैंड के पास रहने वाले सुख सिंह पाल ने मोठ थाने में तहरीर दी थी। जिसमें बताया था कि उसकी बाजार में परचून की दुकान है। 9 फरवरी 2022 की रात लगभग 8:35 बजे वह दुकान बंद करके दुपहिया वाहन से घर जा रहा था। जब वह घर जाने के लिए गली में मुड़ा तो पीछे से बाइक से तीन बदमाश आए। उन्होंने सुखसिंह को डंडे मारे। इससे वह नीचे गिर पड़ा। इसके बाद आरोपी बैग लूटकर भाग गए। बैग में 4 लाख रुपए कैश, दुकान की चाबी, कागजात और मोबाइल रखा था। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था। जांच में पता चला कि व्यापारी के साथ ललितपुर के बार थाना क्षेत्र के बटवाहा गांव निवासी पवन राजा उर्फ बड़े राजा, तालबेहट के टेकरी निवासी कन्हैया लाल यादव और तालबेहट के झरर घाट निवासी सुमित यादव ने लूटपाट की थी। तीनों चोरी के मामले में दतिया जेल में बंद हैं। 8 अप्रैल 2022 को पुलिस ने तीनों आरोपियों को दतिया जेल से पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर आई। पूछताछ में बताया कि लूट के बाद उन्होंने खरिया घाट बेतवा नदी स्थित रपटा के पास पेड़ के नीचे लूट के रुपए जमीन में दबा दिए थे। उनकी निशानदेही पर 12 हजार रुपए, आधार कार्ड की छायाप्रति बरामद हुई थी। मोबाइल नदी में फेंक दिया था। बाद में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। 4 जून को जजमेंट आना था। मगर आरोपी कन्हैया लाल यादव कोर्ट नहीं पहुंचा और गैर हाजिर हो गया। बाकी दो आरोपी पवन राजा और सुमित यादव को कोर्ट ने दोषी करार दिया था। आज दोनों आरोपियों को 7-7 साल के कठोर कारावास और 25-25 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया है।

