अमेठी में निपुण भारत मिशन को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से मंडलीय निपुण संकल्प कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में अमेठी, सुल्तानपुर और अंबेडकर नगर जिलों के शिक्षा अधिकारियों ने भाग लिया। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) पूजा साहू ने बताया कि इस मिशन का मूल उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। कार्यक्रम का समापन निपुण शपथ के साथ हुआ। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित यह मंडलीय कार्यशाला सोमवार को मुंशीगंज स्थित आशीर्वाद मैरिज हॉल में संपन्न हुई। इसमें जनपद अमेठी, सुल्तानपुर और अंबेडकर नगर के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, डायट प्रवक्ता, खंड शिक्षा अधिकारी, स्टेट रिसोर्स पर्सन, एआरपी और अन्य शैक्षिक अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू ने सरस्वती प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण कर किया। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय संग्रामपुर की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय तिवारी ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि अमेठी को इस महत्वपूर्ण मंडलीय कार्यशाला की मेजबानी का अवसर मिलना गौरव की बात है। उन्होंने विभाग की प्रतिबद्धता दोहराई कि मिशन के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। मुख्य अतिथि सीडीओ पूजा साहू ने अपने संबोधन में कहा कि निपुण भारत मिशन केवल एक शैक्षिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह हर बच्चे को बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान से जोड़ने का एक राष्ट्रीय अभियान है। उन्होंने दिवास्वप्न पुस्तक का उदाहरण देते हुए सीखने को प्रभावी बनाने के लिए बच्चों की रुचि के अनुसार पढ़ाने पर जोर दिया। कार्यशाला में राज्य परियोजना कार्यालय से आए विशेषज्ञ ऐश्वर्य, अंकित श्रीवास्तव और शिवेश ने निपुण भारत की प्रगति, वर्ष 2026-27 की रणनीति, बालवाटिका संचालन, निपुण विद्यालय आकलन, एनबीएमसी पोर्टल के उपयोग और डेटा आधारित समीक्षा पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। विशेषज्ञों ने विद्यालय भ्रमण, मेंटरिंग और निपुण प्लस जैसी पहलों पर भी चर्चा की। इस दौरान समूह चर्चा सत्रों में शिक्षकों ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को बेहतर बनाने के लिए अपने अनुभव साझा किए और महत्वपूर्ण सुझाव दिए। कार्यक्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. राजेश द्विवेदी, डीसी प्रशिक्षण गोविंद शुक्ला, डीसी निपुण आशुतोष श्रीवास्तव सहित तीनों जनपदों के खंड शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने निपुण शपथ ली और प्रत्येक बच्चे को निपुण बनाने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रमेश सिंह ने किया।
दुर्गावती थाना क्षेत्र के दहियाव गांव में सांप के डसने से 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक को घर में चारपाई पर सोते समय जहरीले करैत सांप ने काट लिया था। अस्पताल ले जाते समय उसकी मृत्यु हो गई। मृतक की पहचान दहियाव गांव निवासी नंद जी चौबे के पुत्र मोहित कुमार चौबे के रूप में हुई है। घटना के संबंध में मृतक के चचेरे भाई विमलेश चौबे ने जानकारी दी। अपने घर के कमरे में चारपाई पर सो रहा थाविमलेश चौबे के अनुसार, मोहित अपने घर के कमरे में चारपाई पर सो रहा था। इसी दौरान एक जहरीले सांप ने उसके पैर में काट लिया। सांप के डसने के तुरंत बाद मोहित की नींद खुल गई और उसने परिजनों को बताया कि उसे करैत सांप ने काटा है। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मोहित को इलाज के लिए तुरंत दुर्गावती प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने मोहित की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे भभुआ सदर अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन जब उसे सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, तो वहां तैनात चिकित्सकों ने जांच के बाद मोहित को मृत घोषित कर दिया।
कैथल नगर परिषद में प्रॉपर्टी टैक्स व डेवेलपमेंट चार्ज को लेकर छिड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। इसको लेकर विवाद में भाजपा की चेयरपर्सन और कार्यकारी अधिकारी (ईओ) आमने-सामने आ गए हैं। चेयरपर्सन सुरभि गर्ग द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स पोर्टल में गड़बड़ी और एडमिन आईडी के दुरुपयोग के लगाए गए आरोपों के बाद अब कार्यकारी अधिकारी संदीप सोलंकी ने सभी आरोपों को गलत, निराधार और भ्रामक बताया है। उनका कहना है कि उन्हें आज तक इस संबंध में कोई शिकायत प्राप्त ही नहीं हुई, ऐसे में बिना शिकायत के कार्रवाई कैसे की जा सकती है? टैक्स राशि कम या ज्यादा नहीं की जा सकती ईओ संदीप सोलंकी ने कहा कि नगर परिषद की छवि खराब करने के लिए कुछ लोग जानबूझकर इस तरह के आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रॉपर्टी टैक्स पोर्टल पर किसी भी अधिकारी, कर्मचारी, नेता या बड़े व्यक्ति के कहने पर एक रुपए तक की टैक्स राशि कम या ज्यादा नहीं की जा सकती। यदि किसी प्रॉपर्टी आईडी में तकनीकी त्रुटि रह जाती है तो संबंधित व्यक्ति की शिकायत मिलने पर नियमानुसार उसका सुधार कराया जाता है। गुमनाम शिकायत के आधार पर कार्रवाई संभव नहीं होती ईओ ने कहा कि चेयरपर्सन ने मीडिया में जिस शिकायत का उल्लेख किया है, वैसा कोई शिकायतकर्ता उनके रिकॉर्ड में नहीं है और न ही आज तक उनके कार्यालय में ऐसी कोई शिकायत पहुंची है। उन्होंने कहा कि गुमनाम शिकायत के आधार पर कार्रवाई संभव नहीं होती। इसके बावजूद मीडिया में सामने आए तथ्यों के आधार पर विभागीय स्तर पर जांच कराई जा रही है। अभी तक जांच में इस प्रकार की कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई है। संदीप सोलंकी ने कहा कि चेयरपर्सन ने डीएमसी, निकाय मंत्री और मुख्यमंत्री को शिकायत भेजने की बात कही है, लेकिन उनके पास इस संबंध में भी कोई शिकायत नहीं आई। यदि ऐसी शिकायत संबंधित विभाग से प्राप्त होती तो नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाती। ईओ ने कहा कि नगर परिषद के कार्यों के साथ-साथ वह एसआईआर का कार्य भी देख रहे हैं और उनके पास सबसे अधिक ओटीपी आते हैं। यदि जांच में यह सामने आता है कि किसी कर्मचारी ने उनकी आईडी का दुरुपयोग कर कोई गड़बड़ी की है तो उसके खिलाफ भी कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। चार्ज बदलने पर भी दी सफाई चेयरपर्सन द्वारा लगाए गए उस आरोप को भी ईओ ने खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि उनसे कार्यभार लेकर नगर परिषद सचिव को सौंप दिया गया है। ईओ ने कहा कि कार्यालय में शाखाओं के चार्ज का फेरबदल प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है और सचिव को कार्यभार उन्होंने स्वयं कार्यालय संचालन को सुचारू रखने के लिए दिया है, किसी के दबाव या निर्देश पर नहीं। चेयरपर्सन ने ये लगाए थे अधिकारियों पर आरोप बता दें कि भाजपा की चेयरपर्सन सुरभि गर्ग ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया था कि नगर परिषद की एडमिन आईडी के जरिए प्रॉपर्टी टैक्स पोर्टल में गड़बड़ी की जा रही है। उनका दावा था कि 25 मई को उन्हें इस संबंध में दो शिकायतें मिली थीं, जिन्हें उन्होंने डीएमसी, निकाय मंत्री विपुल गोयल और मुख्यमंत्री को भेजा। उन्होंने आरोप लगाया था कि कई मामलों में लाखों रुपये के डेवलपमेंट चार्ज को पोर्टल पर घटाकर हजारों रुपये दिखाया जाता है और शेष राशि की बंदरबांट की जाती है। साथ ही उन्होंने कहा था कि जांच के बाद दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई कराई जाएगी।
रीवा की समान थाना पुलिस वाहन चोरी और मोबाइल झपटमारी की तीन वारदातों का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर दो वाहन चोर और दो मोबाइल झपटमारों को दबोचा। पूछताछ में आरोपियों ने पुरानी बाइक चोरी की वारदात भी कबूल की है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ जारी है और अन्य मामलों के भी खुलासे की संभावना है। पुलिस के मुताबिक 18 जुलाई को बाणसागर रोड स्थित एक दुकान के बाहर खड़ी फोर्ड डीलर की मारुति वैगनआर कार, बजाज पल्सर मोटरसाइकिल और इंडेन कंपनी का खाली सिलेंडर चोरी हो गया था। शिकायत दर्ज होने के बाद समान थाना पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज खंगालने और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर चूना भट्टा निवासी निखिल जायसवाल और विशाल जायसवाल को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने 4 मई 2026 को संजय गांधी अस्पताल के सामने से स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल चोरी करने की वारदात भी कबूल की। पुलिस ने इस मामले में भी चोरी गई बाइक बरामद कर ली है। इसी तरह 19 जुलाई को बाणसागर कॉलोनी निवासी एक युवक से स्कूटी रोककर रेडमी मोबाइल झपटने की शिकायत दर्ज हुई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर निराला नगर निवासी दिलीप कुशवाहा और आजाद नगर निवासी खुर्शीद अंसारी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने न्यू बस स्टैंड स्थित शहीद गेट के पास मोबाइल झपटने की वारदात स्वीकार कर ली। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की एक मारुति वैगनआर कार, दो मोटरसाइकिल, एक स्कूटी, इंडेन कंपनी का खाली सिलेंडर,रेडमी मोबाइल फोन और एक हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। बरामद मशरुका की कुल कीमत करीब 4 लाख 83 हजार रुपए आंकी गई है। नगर पुलिस अधीक्षक राजीव पाठक ने बताया कि वाहन चोरी और मोबाइल झपटमारी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम गठित की गई थी। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके कब्जे से चोरी गया मशरुका बरामद कर लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ जारी है। उनसे वाहन चोरी और झपटमारी की अन्य वारदातों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
जहानाबाद में सोमवार को भगवान जगन्नाथ, बलदेव और माता सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा निकाली गई। अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) जहानाबाद के तत्वावधान में आयोजित इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। शहर भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा। श्रद्धालु हरे कृष्ण, हरे राम और जय जगन्नाथ के जयघोष के साथ हरिनाम संकीर्तन, भजन-कीर्तन और नृत्य करते हुए आगे बढ़ रहे थे। सुसज्जित रथ पर भगवान श्री जगन्नाथ, बलदेव और माता सुभद्रा विराजमान थे। उनके दर्शन के लिए मार्ग के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने श्रद्धापूर्वक भगवान का स्वागत किया और रथ की रस्सी खींचकर पुण्य लाभ प्राप्त किया। यह यात्रा गांधी मैदान गेट से प्रारंभ होकर हॉस्पिटल मोड़, काको मोड़, ऊंटा मोड़ और मल्लहचक मोड़ से होते हुए महिला थाना रोड स्थित कार्यक्रम स्थल पर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा कर भगवान का अभिनंदन किया। कई जगहों पर प्रसाद वितरण, जलपान और स्वागत कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इस्कॉन के संस्थापक-आचार्य परम पूज्य ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी श्रील प्रभुपाद की प्रेरणा से इस रथ यात्रा का आयोजन किया गया था। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम, सेवा, भक्ति और सद्भाव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। यह यात्रा लोगों को आध्यात्मिक जीवन की ओर प्रेरित करने और समाज में भाईचारे की भावना को मजबूत करने का माध्यम है।
मैनपुरी में लंबे समय से बीमार चल रहे पुलिस सिपाही शिव रतन दुबे का सोमवार सुबह निधन हो गया। 45 वर्षीय दुबे फिरोजाबाद पुलिस लाइन में तैनात थे और मैनपुरी के गोला बाजार स्थित एसपी आवास कॉलोनी में अपने आवास पर उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। शिव रतन दुबे हरिओम दुबे के पुत्र थे और मूल रूप से फर्रुखाबाद जनपद के मेरापुर थाना क्षेत्र के कुरई शादी नगर के निवासी थे। वह वर्ष 2006 में यूपी पुलिस में भर्ती हुए थे। मैनपुरी में पुलिस विभाग में सेवाएं देने के बाद उनकी तैनाती फिरोजाबाद पुलिस लाइन में की गई थी। तभी से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। सोमवार सुबह जब उनका इलाज चल रहा था, उसी दौरान उन्होंने अपने घर पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस विभाग में सिपाही के निधन से शोक की लहर है।
हापुड़ में समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल का सोमवार को हापुड़ जनपद में प्रथम आगमन हुआ। कार्यकर्ताओं ने वंश गार्डन में उनका जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम में पहुंचने से पहले उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। सभा को संबोधित करते हुए श्यामलाल पाल ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश का संविधान खतरे में है और इसे बचाने के लिए सभी को एकजुट होना होगा। पाल ने आरोप लगाया कि प्रदेश में लगातार हो रहे पेपर लीक युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं, जो सरकार की नीतियों की विफलता को दर्शाते हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समाज से एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि लोकसभा चुनाव 2024 की तरह विधानसभा चुनाव 2027 में भी पार्टी को सफलता दिलाने के लिए अभी से तैयारी में जुट जाएं। उन्होंने दोहराया कि समाजवादी पार्टी जनता के मुद्दों को लेकर संघर्ष करती रहेगी। बैठक में कार्यकर्ताओं ने आगामी विधानसभा चुनाव में हापुड़ से स्थानीय चेहरे को टिकट देने की मांग भी उठाई। कार्यक्रम के अंत में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों को विजयी बनाने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष आनंद गुर्जर समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक में हापुड़, धौलाना और गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े पार्टी नेताओं और संभावित दावेदारों ने भाग लिया। इस दौरान विभिन्न प्रकोष्ठों और विंग के पदाधिकारियों के कार्यों की समीक्षा भी की गई।
कृषि उपज मंडी समिति (विशिष्ट श्रेणी) नागौर में सोमवार को अधिकांश कृषि जिंसों के भाव में सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिला। पिछले कारोबारी दिन की तुलना में जीरा अधिकतम 21,500 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा। वहीं मूंग और ग्वार में हल्की नरमी दर्ज की गई, जबकि सौंफ, इसबगोल, मेथी और तिल के भाव लगभग पुराने स्तर पर बने रहे। मंडी में मूंग का अधिकतम भाव 7,500 रुपए प्रति क्विंटल रहा, जो पिछले दिन की तुलना में हल्की गिरावट दर्शाता है। ग्वार भी नरम होकर अधिकतम 5,775 रुपए पर कारोबार करता रहा। दूसरी ओर जीरा लगातार मजबूत बना हुआ है और इसका अधिकतम भाव 21,500 रुपए प्रति क्विंटल पर स्थिर रहा। मसाला जिंसों में सौंफ का अधिकतम भाव 12,500 रुपए, जबकि इसबगोल 13,500 रुपए प्रति क्विंटल तक बिका। दोनों जिंसों में पिछले दिन की तुलना में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया। असालिया 6,050 रुपए, दाणा मेथी 6,100 रुपए, सिधी सुवा 7,600 रुपए और तारामीरा 6,125 रुपए प्रति क्विंटल के स्तर पर रही। अनाज वर्ग में ज्वार का अधिकतम भाव 5,500 रुपए, जबकि चना 5,661 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंचा। तिल में भी स्थिरता रही। काला तिल 11,000 रुपए और सफेद तिल 11,500 रुपए प्रति क्विंटल तक बिके। वहीं सरसों (40 प्रतिशत तेल) का औसत भाव 7,600 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। कुल मिलाकर सोमवार को नागौर मंडी में कारोबार शांत रहा। अधिकांश जिंसों के भाव पिछले कारोबारी दिन के आसपास ही बने रहे, जबकि जीरा मजबूत स्थिति में बना हुआ है और मूंग-ग्वार में हल्की नरमी किसानों और व्यापारियों के बीच चर्चा का विषय रही।
कोडरमा पुलिस ने चंदवारा थाना क्षेत्र में सुनार अशोक सोनी की मोटरसाइकिल से लाखों के जेवरात चोरी मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस घटना को अंजाम देने वाले पति-पत्नी और भतीजे सहित तीन आरोपियों को चोरी किए गए सभी जेवरात के साथ गिरफ्तार किया है। एसपी कुमार शिवाशीष ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 8 जुलाई को हुई इस घटना के बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। डीएसपी मुख्यालय के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान, टीम ने ओडिशा के जाजपुर से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी राजू दास ने पुलिस को बताया कि उसने अपने भतीजे धनराज प्रधान और पत्नी ट्विंकल दास के साथ मिलकर इस चोरी को अंजाम दिया था। चोरी के बाद, राजू और धनराज ने आभूषणों से भरा बैग ट्विंकल दास को सौंप दिया और मोटरसाइकिल से जाजपुर लौट गए। ट्विंकल सोमवार सुबह कोडरमा रेलवे स्टेशन से ट्रेन द्वारा जाजपुर जाने वाली थी। पुलिस ने कोडरमा स्टेशन पहुंचकर ट्विंकल को चोरी किए गए आभूषणों के साथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि ट्विंकल दास ने सुनार अशोक सोनी की रेकी की थी। 600 km की दूरी बाइक से तय कर कोडरमा पहुंचे ट्विंकल से सूचना मिलने के बाद, राजू और उसका भतीजा धनराज ओडिशा के जाजपुर से लगभग 600 किलोमीटर की दूरी बाइक से तय कर कोडरमा पहुंचे। चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद वे दोनों वापस जाजपुर लौट गए थे। एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि पकड़ाए गए तीनों चोर अंतरराज्यीय गिरोह के हैं। इस गिरोह का नेटवर्क उड़ीसा के 6 जिलों में फैला है और इस गिरोह के सदस्यों ने दिल्ली, मुंबई, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी इसी तरह से कई घटनाओं को अंजाम दिया है। पत्नी रेकी करती है, चाचा भतीजा करते हैं चोरी एसपी ने बताया कि राजू दास की पत्नी ट्विंकल दास का काम अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर यह रेकी करना है कि कौन से लोग लगातार ऐसे आभूषण व नगदी लेकर बराबर आना-जाना करते हैं और इसकी सूचना राजू दास व भतीजे धनराज को देते हैं। इसके बाद चाचा-भतीजा द्वारा चोरी की वारदात को अंजाम दिया जाता है। इसके बाद घटना को अंजाम देने के पश्चात चाचा-भतीजा चोरी किए गए समान को ट्विंकल को देकर वापस जाजपुर चले जाते हैं। इसके बाद ट्विंकल कुछ दिनों के बाद चोरी का सामान सुरक्षित ढंग से ट्रेन के माध्यम से जाजपुर तक पहुचा देती है।
भोपाल सहित 13 नगर निगमों में एल्डरमैन नियुक्त:इंदौर अभी भी होल्ड,जानिए किसे कहां मनोनीत पार्षद बनाया
मध्य प्रदेश सरकार ने स्थानीय निकायों में राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला फिर शुरू करते हुए भोपाल सहित 13 नगर निगमों में एल्डरमैन (नामनिर्दिष्ट पार्षद) नियुक्त कर दिए हैं। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने शनिवार को आदेश जारी किए। भोपाल नगर निगम में 12 जबकि मुरैना, सागर, रीवा, सतना, सिंगरौली, कटनी, छिंदवाड़ा, खंडवा, बुरहानपुर, उज्जैन, देवास और रतलाम नगर निगम में 8-8 एल्डरमैन बनाए गए हैं। वहीं प्रदेश के सबसे बड़े नगर निगम इंदौर के साथ ग्वालियर और जबलपुर नगर निगम में अभी एल्डरमैन की नियुक्तियां नहीं हुई हैं। मुरैना में 8 एल्डरमैन नियुक्त मुरैना नगर निगम में ऊषा बौंदिल, राजेन्द्र राठौर, अरविंद भदौरिया, दिनेश शर्मा, निधि गुप्ता, संतोषराम प्रजापति, बन्टूदास लाल और महावीर कोरी को एल्डरमैन नियुक्त किया गया है। सागर में 8 नामनिर्दिष्ट पार्षद सागर नगर निगम में महेश जैन, धर्मेन्द्र रजक, जुगल प्रजापति, सुबोध पाराशर, विवेक सोढ़िया, राजेन्द्र ठाकुर, आशालता सिलाकारी और अभिषेक (अंकु) चौरसिया को एल्डरमैन बनाया गया है। रीवा में 8 एल्डरमैन की नियुक्ति रीवा नगर निगम में सत्यप्रकाश सचदेवा, राजेन्द्र शुक्ला, सरस्वती गुप्ता, मनोज पटेल, राजकुमार जायसवाल, प्रकाश सोनी, बुद्धसेन नापित और आनन्देन्द्र सिंह को एल्डरमैन बनाया गया है। सतना में 8 एल्डरमैन बने सतना नगर निगम में चन्द्ररेखा डहेर, हर्ष जैसवाल, सौरभ नायक, सुनील सेनानी, समर बहादुर सिंह, निधि गोपाल गुप्ता, कमलेश दतिया और शास्त्री शैलेष कुमार तिवारी को नामनिर्दिष्ट पार्षद नियुक्त किया गया है। सिंगरौली में 8 नामनिर्दिष्ट पार्षद सिंगरौली नगर निगम में कालिका गुप्ता, किरण सोनी, गिरजा पाण्डेय, मान प्रसाद पाल, सम्पत शाह, किरण सागर खेखवार, नीरज सिंह परिहार और हरिदास गुप्ता को एल्डरमैन बनाया गया है। कटनी में 8 एल्डरमैन नियुक्त कटनी नगर निगम में वेंकटेश मिश्रा, शोभा कुरील, प्रमोद तिवारी, अम्बरीष वर्मा, आयुष्मान शुक्ला, नरेश अग्रवाल, अभिषेक शर्मा और अनुराग त्रिसौलिया को नामनिर्दिष्ट पार्षद बनाया गया है। खंडवा में 8 नामनिर्दिष्ट पार्षद खंडवा नगर निगम में शारदा तांदले, तेजेन्द्र बाघम, स्वर्णजीत सिंह चड्ढा, मंगलेश तोमर, शिवशंकर गुर्जर, लोकेन्द्र सिंह गौड़, महेश चौधरी और रमाकांत पांडे को एल्डरमैन बनाया गया है। बुरहानपुर में 8 एल्डरमैन नियुक्त बुरहानपुर नगर निगम में हीरालाल बड़गुजर, बलराज नवाथी, उमा कपूर, शिवकुमार पासी, रुद्रेश एण्डोले, चिंतामण महाजन, विपुल कानगो और विजय शेवड़े को नामनिर्दिष्ट पार्षद बनाया गया है। उज्जैन में 8 एल्डरमैन बने उज्जैन नगर निगम में मुकेश मालवीय, अशोक देवड़ा, मनीष खंडेलवाल, अरविंद उपाध्याय, मुकेश चौधरी, धर्मेन्द्र वर्मा, शैलेन्द्र यादव और मधुकर राव को एल्डरमैन नियुक्त किया गया है। देवास में 8 नामनिर्दिष्ट पार्षद देवास नगर निगम में राजेश यादव, अर्जुन चौधरी, प्रिया शर्मा, चेतन योगी, हरीश देवलेरिया, दिनेश सांवला, संतोष वर्मा और सचिन सोटी को एल्डरमैन बनाया गया है। रतलाम में 8 एल्डरमैन नियुक्त रतलाम नगर निगम में मंगल लोढ़ा, रोकेश परमार, पूजा बोहरा, दिनेश मिश्रा (रोकेश मिश्रा), हेमंत राहौरी, प्रभु नेका, गोपाल शर्मा और नारायण सांकला को नामनिर्दिष्ट पार्षद बनाया गया है।
गोंडा में पति के घर में चोरी का पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा करते हुए महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, दोनों प्रेम संबंध में थे और साथ भागने की योजना बना रहे थे। इसके लिए पैसों का इंतजाम करने की नीयत से महिला ने अपने ही घर से सोने-चांदी के आभूषण और 50 हजार रुपए नकद चोरी कर लिए। सोमवार शाम करीब 4:30 बजे दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी का पूरा सामान बरामद कर लिया। मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सीओ नगर योगेंद्र सिंह ने किया। भागकर नई जिंदगी शुरू करना चाहते थे सीओ योगेंद्र सिंह ने बताया कि विशुनापुर बाजार गांव निवासी लवकुश ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 19 जुलाई की रात अज्ञात चोर घर में घुस आए, तीन बक्सों के ताले तोड़कर जेवर और 50 हजार रुपए नकद चोरी कर ले गए। शिकायत में बताया गया था कि चोरों ने उसकी पत्नी पूनम के साथ मारपीट की, जिससे वह बेहोश हो गई थी। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान महिला आरक्षी ने पूनम कसौधन से पूछताछ की तो उसने पूरी घटना का खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार, पूनम का अपने पति के मौसी के बेटे विकास कसौधन से पिछले दो वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों साथ भागकर नई जिंदगी शुरू करना चाहते थे। पूनम ने पूछताछ में बताया कि शादी के आठ वर्ष बाद भी संतान नहीं हुई थी और परिवार इलाज नहीं करा रहा था। इसलिए उसने विकास के साथ भागकर इलाज कराने का फैसला किया। पैसों की जरूरत को देखते हुए दोनों ने घर से नकदी और जेवर चोरी करने की योजना बनाई। पुलिस के मुताबिक, चोरी के बाद दोनों ने घटना को अंजाम देने के लिए झूठी कहानी गढ़ी और अज्ञात चोरों द्वारा वारदात किए जाने की सूचना दी। जांच में सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने विकास के घर से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण और 50 हजार रुपये नकद बरामद कर लिए। सीओ योगेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा जा रहा है। पुलिस ने कहा कि मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी की जा रही है।
मुजफ्फरपुर में रविवार की रात वार्ड सदस्य के पति की पिटाई कर दी गई है। बंधकर बनाकर चप्पल की माला पहनाई गई। चप्पल भी सुंघाया गया। भरथुआ पंचायत निवासी मंटू साह पर आरोप है कि वो एक महिला के घर में गलत नीयत से घुसा। जिसके बाद ग्रामीणों ने उसे पकड़कर बेहरमी से पीट दिया। मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है। जिसमें देखा जा सकता है कि मंटू साह के दोनों पैर बंधे हैं। गले में चप्पलों की माला है। मुंह-कान से खून निकल रहा है। घटना औराई थाना क्षेत्र की भरथुआ पंचायत के वार्ड संख्या-3 की है। पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल सूचना मिलने पर औराई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराया। मारपीट में घायल होने के कारण उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां बाद में एसकेएमसीएच रेफर किया गया। जहां अभी मंटू का इलाज चल रहा है। स्थानीय स्तर पर घटना को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि महिला के घर में आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया, जबकि कुछ लोगों ने पुरानी रंजिश की भी आशंका जताई है। फिलहाल इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आवेदन के बाद होगी एफआईआर औराई थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस ने घायल को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया। दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है। पीड़ित पक्ष से लिखित आवेदन मांगा गया है। आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र में कृपालपुर स्थित उर्मिला दास मंदिर परिसर में रविवार शाम एक युवक पर लाठी-डंडों से हमला किया गया। इस घटना का वीडियो सोमवार दोपहर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। हमले में गंभीर रूप से घायल युवक पिछले 20 घंटे से बेहोश है और उसका इलाज जिला अस्पताल में जारी है। पुलिस के अनुसार, घायल युवक की पहचान कृपालपुर निवासी सिवान सिंह के तौर पर हुई है। जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम वह मंदिर परिसर के पास अकेला बैठा था। इसी दौरान दो बाइकों पर सवार होकर आए हमलावरों ने पुराने विवाद के चलते उस पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर गिर गया। पुलिस ने अस्पताल में भर्ती करवायाघटना की सूचना मिलने पर पुलिस और डायल-112 की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। घायल सिवान सिंह को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने बताया कि युवक की हालत गंभीर बनी हुई है और परिजन के अनुसार, वह अभी तक होश में नहीं आया है। सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमलावर गांव के ही बताए जा रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि घायल के बयान दर्ज होने के बाद हमले के कारणों और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में, वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है।
एटा में पवित्र श्रावण मास की कांवड़ यात्रा-2026 की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। सोमवार को जिलाधिकारी अरविन्द सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक बैठक हुई। इसमें सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिम्मेदारियां सौंपते हुए समयबद्ध व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ यात्रा जनआस्था का महापर्व है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को कांवड़ मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर रूट मैप तैयार करने और सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। बैठक में विद्युत विभाग को कांवड़ यात्रा मार्ग पर बिजली के पोलों की पॉलिथीन रैपिंग, खुले ट्रांसफार्मरों की बैरिकेडिंग और नीचे लटक रहे तारों को मानक ऊंचाई तक ठीक कराने के निर्देश दिए गए। विभाग को यात्रा अवधि के दौरान जेई, लाइनमैन और तकनीकी कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने को भी कहा गया। लोक निर्माण विभाग को कांवड़ मार्गों के गड्ढे भरने, झाड़ियों की सफाई कराने और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश मिले। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रमुख स्थानों पर मेडिकल कैंप, एंबुलेंस, चिकित्सकीय टीमों और एंटी स्नेक सीरम सहित सभी आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए। नगर पालिका और नगर पंचायतों को यात्रा मार्ग पर विशेष सफाई अभियान, पेयजल, मोबाइल शौचालय और प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई। पुलिस एवं यातायात विभाग को प्रभावी ट्रैफिक प्लान तैयार कर आवश्यकतानुसार रूट डायवर्जन लागू करने और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समय सीमा में पूरी कर ली जाएं। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संगम लाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, एआरटीओ शिवम कुमार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी आदर्श वर्मा, अधीक्षण अभियंता विद्युत सुभाष चंद्र, जिला पूर्ति अधिकारी कमलेश गुप्ता और जिला आबकारी अधिकारी अनूप कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
गोरखपुर दौरे पर आ रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 23 जुलाई (गुरुवार) को जनपद के पहले सिक्सलेन फ्लाईओवर का लोकार्पण करने के साथ ही कामकाजी महिलाओं के लिए बन रहे श्रमजीवी महिला छात्रावास का शिलान्यास करेंगे। ‘मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना’ के तहत चरगांवा के खुटहन (चरगांवा ब्लाक के पास) में 6640 वर्ग मीटर भूमि पर बन रहे इस छात्रावास की क्षमता 500 की होगी। यानी 500 कामकाजी महिलाएं यहां रह सकेंगी। महिला एवं बाल कल्याण विभाग की तरफ से बन रहे इस छात्रावास के निर्माण पर 47.38 करोड़ रुपये की लागत आएगी। मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था के रूप में उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड, गोरखपुर इकाई को नामित किया गया है। इस हॉस्टल का निर्माण चरगांवा ब्लॉक परिसर से सटे 6,640 वर्ग मीटर जमीन पर किया जा रहा है। श्रमजीवी महिला छात्रावास के बन जाने से बाहर से आकर गोरखपुर में नौकरी या व्यापार करने वाली महिलाओं को सुरक्षित, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण आवास की सुविधा मिल जाएगी। महिला कल्याण अनुभाग-3 की तरफ से स्वीकृत धनराशि 47 करोड़ 38 लाख रुपये में से प्रथम किस्त के रूप में 16 करोड़ 58 लाख रुपये अवमुक्त हो चुके हैं। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक नीरज गुप्ता बताते हैं कि नवंबर 2027 तक गोरखपुर के श्रमजीवी महिला छात्रावास के निर्माण पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया है। फिलहाल इसकी भौतिक प्रगति करीब 11 प्रतिशत है। राजकीय निर्माण निगम द्वारा बनाई गई कार्ययोजना के अनुसार श्रमजीवी महिला छात्रावास की बिल्डिंग में स्टिल्ट (भूतल पर) पार्किंग रहेगी। उसके ऊपर आठ मंजिला भवन बनाया जाएगा। इस भवन में सिंगल बेड, डबल बेल और ट्रिपल बेड क्षमता के 250 रूम बनाए जाएंगे। यहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा होगी और परिसर में हॉर्टिकल्चर कार्य भी कराए जाएंगे। छात्रावास में आधुनिक सुविधाएं होंगी। इनमें सीसीटीवी कैमरे, फायर सेफ्टी सिस्टम और शिशु सदन शामिल हैं। साथ ही जिम सेंटर, ऑडिटोरियम, लॉन्ड्री, वाहन पार्किंग, कैंटीन और डिपार्टमेंटल स्टोर भी होंगे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए गार्ड, महिला वार्डन और हाउस कीपिंग स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी। महिला पॉलिटेक्निक में बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, सीएम करेंगे शिलान्यासगोरखपुर के राजकीय महिला पॉलिटेक्निक में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) बनने जा रहा है। टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड के सहयोग से बनने वाले इस सीओई के निर्माण कार्य का शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 23 जुलाई (गुरुवार) को करेंगे। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के निर्माण पर 7 करोड़ 6 लाख 75 हजार रुपये की लागत आएगी। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शिलान्यास, गुरुवार को सिक्सलेन फ्लाईओवर के लोकार्पण के बाद वहीं समीप स्थित समारोह स्थल से होगा। राजकीय महिला पॉलिटेक्निक में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को प्रथम किश्त के रूप में 3 करोड़ 53 लाख 37 हजार रुपये जारी कर दिए गए हैं।
हरियाणा के नारनौल शहर में बहरोड़ रोड पर हुए एक सड़क हादसे में 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक मोहल्ला माली टिब्बा का रहने वाला था तथा वह शादीशुदा था। सूचना मिलने पर पुलिस ने मृतक का नागरिक अस्पताल से पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया। शहर के माली टिब्बा निवासी राम गोपाल शहर के निजामपुर रोड स्थित सिटी मैरिज पैलेस के पास साईं एसेसरी नाम से बाइक एसेसरी की दुकान संचालित करता था। रविवार शाम को वह किसी काम से बहरोड़ की ओर गया हुआ था। लौटते समय हुआ हादसा रात को लौटते समय वह सीताराम मंदिर के पीछे स्थित सड़क पर बने ब्रेकर के पास बाइक से असंतुलित होकर गिर गया। हादसा इतना गंभीर था कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए उपचार शुरू किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। कारणों का नहीं चला पता इसके बाद परिजनों को इसकी सूचना लगी। जिस पर अस्पताल में पहुंचकर परिजनों ने मृतक की शिनाख्त की। मृतक के चचेरे भाई जोगेंद्र ने बताया कि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि रामगोपाल की मौत बाइक से गिरने से हुई है या अज्ञात वाहन ने उसको टक्कर मारी है। दो बच्चों का था पिता रामगोपाल विवाहित था और अपने पीछे पत्नी सहित दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। उसके बड़े बेटे की उम्र करीब पांच वर्ष और छोटे बेटे की उम्र तीन वर्ष बताई जा रही है। परिवार की जिम्मेदारी पूरी तरह रामगोपाल के कंधों पर थी।
झाबुआ जिले की पेटलावद तहसील के भेरूपाड़ा ग्राम पंचायत के केसरपुरा गांव में एक आंगनवाड़ी भवन पिछले 11 साल से अधूरा पड़ा है। वर्ष 2015 में बच्चों के लिए 5 लाख रुपए की लागत से इस भवन की नींव रखी गई थी, लेकिन यह आज तक पूरा नहीं हो सका है। भवन की इस बदहाली से यहां आने वाले बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। आंगनवाड़ी भवन की वर्तमान स्थिति जर्जर है। इसमें अभी तक मुख्य दरवाजे नहीं लगाए गए हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है। फर्श का काम भी अधूरा है और लंबे समय से रंग-रोगन नहीं हुआ है। दरवाजों के अभाव में बारिश का पानी अंदर आता है और आवारा पशुओं के प्रवेश का डर भी बना रहता है। स्थानीय आशा कार्यकर्ता नर्मदा बाई ने भी इस असुरक्षित माहौल को लेकर चिंता व्यक्त की है। ग्रामीणों का आरोप है कि भवन का निर्माण कार्य कागजों में पूरा दिखा दिया गया है और संभवतः इसके लिए आवंटित राशि का भी दुरुपयोग किया गया है। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ था, तो सरकारी खजाने से भुगतान किस आधार पर किया गया? ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि क्या बिना भौतिक सत्यापन के ही पूर्णता प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए थे? केसरपुरा के ग्रामीणों ने अब जिला कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है। ग्रामीणों ने इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
श्रावस्ती जिले के सोनवा थाना क्षेत्र के बरावा हरगुन गांव में बीते शनिवार एक विवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने उसके पति को रविवार को करीब 3:00 से 4:00 बजे के बीच गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को आज सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया। मृतका के मायके पक्ष की तहरीर पर पति, सास, जेठ और जेठानी समेत पांच लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। दरअसल बरावा हरगुन निवासी 28 वर्षीय सुषमा देवी का शव शनिवार सुबह उसके ससुराल में फंदे से लटका मिला था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के पिता इंद्रेश, जो बाबूपुरवा, थाना मल्हीपुर के निवासी हैं, ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से उनकी बेटी को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी बेटी की हत्या कर शव को फंदे से लटका दिया गया। परिजनों के अनुसार, सुषमा की शादी 29 मई 2023 को अंकित चौहान से हुई थी। दोनों दिल्ली में रहकर मजदूरी करते थे। कुछ दिन पहले पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद अंकित गांव लौट आया था। तीन दिन पहले सुषमा भी ससुराल पहुंची थी। आरोप है कि शुक्रवार रात दोनों के बीच फिर विवाद हुआ था, जिसकी जानकारी सुषमा ने फोन पर अपने पिता को दी थी। पिता के सुबह पहुंचने से पहले ही उन्हें सुषमा की मौत की खबर मिल गई। पुलिस ने पिता की तहरीर पर थाना सोनवा में मुकदमा संख्या 116/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 85, 80(2) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत पति अंकित चौहान, सास कौशिल्या देवी, जेठ दिनेश, अजय कुमार और उसकी पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी इकौना कर रहे हैं। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी पति अंकित चौहान को बरावा हरगुन मोड़, बहराइच-भिनगा प्रांतीय राजमार्ग से गिरफ्तार किया। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
ग्वालियर में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात पुलिस ने ऑपरेशन चलाया, जिससे फरार अपराधियों और आदतन बदमाशों में हड़कंप मच गया। आधी रात पुलिस की टीमें सीधे बदमाशों के घरों पर पहुंचीं। शहर से लेकर देहात तक गली-मोहल्लों, होटल, लॉज, ढाबों और एटीएम के आसपास सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में पुलिस ने 245 फरार वारंटियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि 289 गुंडों और हिस्ट्रीशीटरों की भी जांच की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के निर्देश पर जिलेभर में यह विशेष कॉम्बिंग गश्त चलाई गई। अभियान की कमान जिले के सभी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों और राजपत्रित अधिकारियों ने संभाली। पुलिस अधिकारियों ने खुद पैदल गश्त कर थाना प्रभारियों के साथ संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण किया।कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने 118 स्थायी वारंट और 127 गिरफ्तारी वारंट तामील कराते हुए कुल 245 वारंटियों को गिरफ्तार किया। वहीं 155 गुंडों और 134 हिस्ट्रीशीटरों, यानी कुल 289 आदतन अपराधियों की चेकिंग कर उनके रिकॉर्ड भी अपडेट किए गए। घर पहुंचकर पुलिस ने सोते से जगाए बदमाश अभियान के दौरान संदिग्ध वाहनों और मुंह ढककर घूम रहे दोपहिया चालकों की भी सघन जांच की गई। इसके अलावा मोहना, बिजौली और जनकगंज थाना क्षेत्र में अवैध शराब के तीन प्रकरण दर्ज किए गए। पुलिस ने चार मामलों में धारा 107/116 के तहत और एक मामले में धारा 110 के तहत भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। सड़क पर बेवजह घूम रहे वाहन चालकों से पूछताछ पुलिस टीमों ने जेल से हाल ही में रिहा हुए आरोपियों और जिला बदर बदमाशों के घर पहुंचकर उनकी मौजूदगी भी जांची। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि दोबारा किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल पाए गए तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्वालियर पुलिस का कहना है कि अपराधियों पर शिकंजा कसने और जिले में कानून व्यवस्था मजबूत बनाए रखने के लिए ऐसे कॉम्बिंग ऑपरेशन आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
विदिशा जिले में नटेरन जनपद की ग्राम पंचायत घोघरा के सचिव रामसिंह विश्वकर्मा की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद पंचायत सचिवों, सरपंचों और ग्राम रोजगार सहायकों में आक्रोश है। सोमवार को तीनों संगठनों ने संयुक्त रूप से एसडीएम कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें घटना की उच्चस्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में संगठनों ने आरोप लगाया कि जिले में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के त्वरित निराकरण और रैंकिंग सुधारने के नाम पर पंचायत सचिवों तथा रोजगार सहायकों पर अत्यधिक प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है। इस दबाव के कारण कर्मचारियों को देर रात तक शिकायतकर्ताओं के घर जाकर शिकायतों का निराकरण करना पड़ता है, जिससे वे मानसिक तनाव और असुरक्षित परिस्थितियों में काम करने को मजबूर हैं। शिकायत का समाधान कराने गए थेसंगठनों के अनुसार, मृतक सचिव रामसिंह विश्वकर्मा 18 जुलाई की रात सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का समाधान कराने शिकायतकर्ता के गांव गए थे। शिकायत का निराकरण करने के बाद लौटते समय सड़क हादसे में उनका निधन हो गया। कर्मचारियों ने मांग की कि इस घटना की निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि यह पता चल सके कि कहीं अत्यधिक प्रशासनिक दबाव भी इस दुर्घटना का कारण तो नहीं बना। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कई शिकायतें पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों के अधिकार क्षेत्र से बाहर होती हैं। इसके बावजूद उन पर शिकायतों के संतुष्टिपूर्ण निराकरण का दबाव बनाया जाता है और कार्रवाई का भय दिखाया जाता है, जिसे संगठनों ने अनुचित बताया। तत्काल अनुकंपा नियुक्ति की मांगसंगठनों ने मृतक सचिव के परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति और शासन के सभी देय लाभ तत्काल प्रदान करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, भविष्य में कर्मचारियों को रात्रिकाल या अवकाश के दिनों में दबाव बनाकर शिकायतों के निराकरण के लिए भेजने की व्यवस्था समाप्त करने की अपील की गई। उन्होंने आयुष्मान कार्ड और मानधन योजना जैसे अन्य विभागों के कार्य पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों से नहीं कराने की भी मांग उठाई।
श्योपुर में इनवर्टर-बैटरी दुकान में लगी आग:पाली रोड पर इलेक्ट्रिक सामान जला, लोगों ने काबू पाया
श्योपुर शहर के पाली रोड स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक एवं इनवर्टर-बैटरी की दुकान में सोमवार को आग लग गई। इस घटना से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही आसपास के दुकानदार और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग लगते ही दुकान से धुआं और लपटें उठने लगीं। स्थानीय लोगों ने पानी और उपलब्ध अग्निशमन साधनों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी गई, लेकिन उसके पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पा लिया। इस दौरान दुकान में रखा इलेक्ट्रिक सामान और कई बैटरियां जलकर क्षतिग्रस्त हो गईं। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। हालांकि, दुकान में रखे इलेक्ट्रॉनिक सामान और इनवर्टर बैटरियों को भारी नुकसान पहुंचा है। आग लगने का प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, लेकिन वास्तविक कारणों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। आग लगने के बाद पाली रोड क्षेत्र में कुछ देर के लिए भीड़ जमा हो गई थी। आग पर काबू पाए जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। समय रहते आग पर नियंत्रण पाने से यह आसपास की अन्य दुकानों तक नहीं फैल सकी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। दुकानदार ने हुए नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता तो आसपास की दुकानों को भी भारी नुकसान हो सकता था।
राजधानी के डॉ. संपूर्णानंद कारागार प्रशिक्षण संस्थान में सोमवार को कारागार अधिकारी संवर्ग (123वां सत्र) और जेल वार्डर संवर्ग (179वां सत्र) की पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया। कारागार एवं होमगार्ड राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दारा सिंह चौहान ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली और प्रशिक्षण पूरा करने वाले अधिकारियों व वार्डरों को नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 31 प्रशिक्षुओं को सम्मानित भी किया गया। मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जेलों को आधुनिक, सुरक्षित और सुधारोन्मुख बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित, अनुशासित और संवेदनशील कारागार कर्मी ही प्रभावी कारागार व्यवस्था की आधारशिला हैं। बंदियों के पुनर्वास, नैतिक मूल्यों के विकास और कौशल प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। 91 प्रशिक्षुओं ने पूरी की ट्रेनिंग दीक्षांत परेड में कुल 91 प्रशिक्षुओं ने हिस्सा लिया। इनमें छत्तीसगढ़ के 6 जेल अधीक्षक, 3 सहायक अधीक्षक और उत्तर प्रदेश के 3 डिप्टी जेलर सहित कुल 12 अधिकारी शामिल रहे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के 79 जेल वार्डरों ने भी प्रशिक्षण पूरा किया। प्रशिक्षण के दौरान जेल प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था, मानवाधिकार, बंदी प्रबंधन और आधुनिक तकनीक के उपयोग सहित विभिन्न विषयों की जानकारी दी गई। 31 प्रशिक्षु हुए सम्मानित कार्यक्रम में प्रशिक्षण के दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 31 प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया। अधिकारी संवर्ग में छत्तीसगढ़ के जेल अधीक्षक टामन को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षार्थी का पुरस्कार मिला, जबकि जेल वार्डर संवर्ग में उत्तर प्रदेश के जिला कारागार बागपत के अतुल यादव को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षार्थी चुना गया। सभी प्रशिक्षुओं को पद एवं गोपनीयता की शपथ भी दिलाई गई। एशिया का पहला कारागार प्रशिक्षण संस्थान महानिदेशक कारागार पी.सी. मीणा ने कहा कि डॉ. संपूर्णानंद कारागार प्रशिक्षण संस्थान देश ही नहीं बल्कि एशिया का पहला कारागार प्रशिक्षण संस्थान है। यहां देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों के कारागार अधिकारियों को भी प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि मार्च 2026 तक इस संस्थान में 1,681 अधिकारियों और 13,266 जेल वार्डरों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वंदे मातरम विधेयक पर बोले दारा सिंह चौहान समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने प्रस्तावित वंदे मातरम विधेयक का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि देश लंबे समय से ऐसे कानून की अपेक्षा कर रहा था। गृह मंत्री के नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन और कानून बने हैं, जिन्होंने देश को मजबूत करने का काम किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि वंदे मातरम से जुड़े प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य भी राष्ट्रीय एकता को और सशक्त करना है।
देवरिया में समाजवादी पार्टी के युवा संगठनों ने सोमवार को शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और भर्ती परीक्षाओं में धांधली को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए जिला मुख्यालय पर ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन दोपहर एक बजे शुरू हुआ। समाजवादी युवजन सभा, लोहिया वाहिनी, यूथ ब्रिगेड और छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने सुभाष चौक से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान कार्यकर्ता हाथों में बैनर और स्लोगन लिखी तख्तियां लिए हुए थे। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षाओं की शुचिता बहाल करने की मांग को लेकर नारेबाजी की। यह कार्यक्रम दिल्ली में जंतर-मंतर से संसद तक आयोजित 'संसद मार्च' के समर्थन में किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने कथित पेपर लीक की घटनाओं का भी विरोध किया। सभा को संबोधित करते हुए समाजवादी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष रणवीर यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से युवाओं में निराशा बढ़ रही है और बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, जबकि सरकार रोजगार के लिए प्रभावी कदम नहीं उठा रही है। यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष खुर्शीद आलम ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग की। छात्र सभा के जिलाध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार समस्याएं आ रही हैं, जिससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित करने और युवाओं के हितों से जुड़े मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस कार्यक्रम में हृदय नारायण जायसवाल, रामप्रकाश चौधरी, हरिओम लाला, शिवानंद, संजीव, गिरीश जायसवाल, सुनैना कुशवाहा, लारेब रहमान, अंकुल, रामविश्वास, धर्मेंद्र, विजय यादव, सत्यपाल, अंकित श्रीवास्तव, हरिकेवल, विराट, दुर्गेश, अजय, विकास, धीरज, अवनीश गोलू, बलवंत, आलोक प्रजापति, अजीत सिंटू, मनोज और सुहैल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सीतामढ़ी सदर अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को एक सुरक्षा गार्ड पर हमला किया गया। यह घटना मरीजों को कतार में खड़ा करने को लेकर हुई, जब एक युवक ने गार्ड की पिटाई कर दी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ थी। सुरक्षा गार्ड दीपक कुमार मरीजों को व्यवस्थित ढंग से लाइन में लगवा रहे थे। इसी दौरान एक युवक बिना कतार में लगे डॉक्टर के कक्ष में घुसने की कोशिश करने लगा। गार्ड दीपक कुमार ने युवक को नियमों का पालन करते हुए कतार में लगने को कहा। इस बात पर युवक भड़क गया और उसने गार्ड से बहस शुरू कर दी। देखते ही देखते युवक ने गार्ड पर लात-घूंसों से हमला कर दिया। घटना के बाद अस्पताल कर्मियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताईडॉक्टर के केबिन के बाहर हुई इस अचानक घटना से अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई। मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही, जिससे ओपीडी की व्यवस्था भी बाधित हुई। आसपास मौजूद लोगों और अस्पताल कर्मियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराया, लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुका था। घटना के बाद अस्पताल कर्मियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए। इस मामले पर अस्पताल प्रबंधक विजय झा ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है, तो पुलिस को सूचित किया जाएगा और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राहुल गांधी का छात्र संवाद को लेकर कार्यक्रम पटना में अगस्त महीने में हो सकता है। इसकी जानकारी बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने दी। उन्होंने कहा कि अभी बांकीपुर में उपचुनाव है और पूरे जिले में आचार संहिता लगा हुआ है इस कारण से राहुल गांधी के कार्यक्रम को कैंसिल किया गया है। 4 अगस्त को कोड ऑफ कंडक्ट खत्म होगा, तो उसके बाद सारी रुपरेखा सामने आ जाएगी। फिलहाल, छात्रों की गूंज को लेकर रजिस्ट्रेशन चालू है। स्कैनर के माध्यम से छात्रों को इस अभियान से जोड़ा जा रहा है। दूसरी ओर बांकीपुर उपचुनाव में समर्थन देने पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस इंडिया गठबंधन को समर्थन दे रही है। कांग्रेस से कई लोग मार्गदर्शन दे रही है। जब कैंपेनिंग होगी तो उसमें हम लोग भी शामिल होंगे। पेपर लीक का संकट अब राष्ट्रीय महामारी बन चूका राजेश राम ने छात्रों की गूंज कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पूरे देश में अब तक करीब 150 पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। महामारी की तरह पेपर लीक की घटना घट रही है। इसमें मुख्य रूप से नीट और सीबीएसई परीक्षा है। इसे लेकर हमारे नेता राहुल गांधी ने कोटा से छात्रों के गूंज आंदोलन की शुरुआत की थी। फिर देहरादून में एक महारैली हुई। इस आंदोलन के तहत आज लोकसभा में भी छात्रों के आवाज को रखने का काम हमारे नेता ने किया है। पेपर लीक का संकट अब राष्ट्रीय महामारी का रूप ले चुकी है। शिक्षा बचाओ, अपना भविष्य बचाओ अभियान के तहत कार्यक्रम हुए शुरू उन्होंने आगे कहा कि जब छात्र कड़ी मेहनत कर रहे होते तो उसी वक्त भ्रष्ट नेटवर्क के सिस्टम का मेन्यू कार्ड चलता है, जिसकी कीमत चुकाने को लेकर छात्र मजबूर होते हैं। राहुल गांधी के कार्यक्रम में कई छात्र पेपर लीक का सामना करके पहुंचे थे। शिक्षा बचाओ, अपना भविष्य बचाओ अभियान के तहत बिहार में भी कई कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। आने वाले समय में बिहार में छात्रों के गूंजी की महारैली आयोजित की जाएगी।
लुधियाना स्थित रिजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस (RTO) सोमवार को उस समय अखाड़ा बन गया, जब टैक्सी और ऑटो चालकों ने दफ्तर के बाहर धरना दिया। टैक्सी यूनियन के प्रधान ने आरटीओ के खिलाफ अर्द्धनग्न होकर जमकर नारेबाजी की और आरटीओ अधिकारियों को 'बेइमान' करार दिया। माहौल तब और गरमा गया जब दूसरी तरफ से मिनी बस ऑपरेटर भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आरटीओ को 'ईमानदार' बताते हुए उनके समर्थन में जिंदाबाद के नारे लगाए। देखते ही देखते दफ्तर परिसर में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। टैक्सी यूनियन का आरोप है कि आरटीओ को बार-बार शिकायत करने पर भी वो प्राइवेट व अवैध तरीके से चल रही मिनी बसों व कारों पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। प्राइवेट कारों को टैक्सी के रूप में चलाने से उन्हें नुकसान झेलना पड़ रहा है। गौरतलब है कि सोमवार (20 जुलाई) को ही आरटीओ मानकांवल का जन्मदिन भी था। एक तरफ जहां उन्हें बधाई मिलने की उम्मीद थी, वहीं दफ्तर के बाहर उनके खिलाफ नारेबाजी और पक्ष-विपक्ष की ये हाई-वोल्टेज ड्रामेबाजी चलता रहा। प्रदर्शन के दौरान क्या-क्या हुआ? जानिए सिलसिलेवार ब्योरा... टैक्सी यूनियन के आरटीओ पर क्या आरोप हैं जानिए... मिनी बस ऑपरेटर क्या बोले, जानिए…
बसपा के वरिष्ठ नेता जगवीर जाटव रालोद में शामिल:बोले- जयंत चौधरी के नेतृत्व में करेंगे जनसेवा
आगरा की राजनीति में सोमवार शाम बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के वरिष्ठ नेता जगवीर सिंह जाटव राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) में शामिल हो गए। उन्होंने जखौदा स्थित गोविंद रिजॉर्ट में रालोद की सदस्यता ग्रहण की। रालोद के जिलाध्यक्ष पं. गोविंद शर्मा ने उन्हें पार्टी का पटका पहनाकर स्वागत किया। सदस्यता ग्रहण करने के बाद जगवीर सिंह जाटव ने कहा कि बसपा अपने मूल मिशन से भटक गई है और जमीनी कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं मिल रहा। उन्होंने रालोद की विचारधारा और राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी के नेतृत्व पर विश्वास जताते हुए जनसेवा करने का संकल्प लिया। जगवीर सिंह जाटव बसपा में आगरा, अलीगढ़ और बरेली मंडलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। वर्तमान में वह जाटव महापंचायत, आगरा के सचिव हैं और अनुसूचित जाति वर्ग के कई सामाजिक संगठनों से भी जुड़े हुए हैं। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष पं. गोविंद शर्मा ने कहा कि जगवीर सिंह जाटव के पार्टी में आने से आगरा सहित आसपास के जिलों में संगठन को मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम में जिला महासचिव मंजीत फौजी, जिला सचिव आशीष शर्मा सहित रालोद के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।
संभल में राष्ट्रीय भ्रष्टाचार दमन परिषद ने नगर निकायों द्वारा बढ़ाए गए जलकर और गृहकर के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम एक चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। सोमवार दोपहर 2 बजे परिषद के कार्यकर्ताओं ने बढ़े हुए टैक्स को खत्म कर आम जनता को राहत देने की मांग की। सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार को दिए गए ज्ञापन में मुख्य मांग है कि सभी घरों का दोबारा सही तरीके से सर्वेक्षण किया जाए। परिषद ने गृह कर में वृद्धि के प्रतिशत और आधार को भी स्पष्ट करने की मांग की है, ताकि इसमें पारदर्शिता बनी रहे। परिषद का आरोप है कि उत्तर प्रदेश में गृह कर (भवन कर) में 6 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। अध्यक्ष कुलदीप कुमार मिश्रा ने बताया कि पहले ₹200 लिया जाने वाला कर अब ₹1800 से ₹2200 तक हो गया है। इस वृद्धि के विरोध में पूरे उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में ज्ञापन सौंपे गए हैं। इस बढ़ोतरी से मध्यम वर्ग, उच्च वर्ग और पुराने बड़े मकानों में रहने वाले गरीब लोग भी प्रभावित हुए हैं, जिनकी आय कम होने के बावजूद उन पर बढ़ा हुआ कर लगाया गया है। वहीं, कुछ सक्षम लोगों के कर में मामूली वृद्धि हुई है, जो विसंगतिपूर्ण है। उन्होंने दुर्गा कॉलोनी और कोर्ट गर्वी जैसे क्षेत्रों में ऐसे कई मकानों का जिक्र किया, जहां कर में केवल 10 से 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों ने सही ढंग से सर्वेक्षण नहीं किया, बल्कि घर बैठे ही या मिलीभगत से यह काम किया। परिषद के जिला अध्यक्षों ने बढ़ी हुई गृह कर दरों को कम करने और इस धांधली के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में रविगुलाटी (एड.), अमित सक्सेना (एड.), ज्ञानेन्द्र (एड.), जितेन्द्र मिश्रा, ज्ञानप्रकाश उपाध्याय, राकेश वाष्र्णेय, सतीश शर्मा, अमित गौतम, ब्रजेश यादव, तेजपाल सिंह यादव, होराम सिंह यादव, एस.वी. दीवाना, शाहनवाज सम्भली, मौ. अली, इकराम वारसी, मौ. आसिफ और नजीर हुसैन सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अस्थि रोग वार्ड नंबर 14 के अंदर बने स्टोर रूम में अज्ञात व्यक्ति का शव मिला। पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर मोर्चरी भेजा है। शव दो दिन से अधिक पुराना होना बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, बीएमसी के वार्ड 14 में दुर्गंध आ रही थी। वार्ड में भर्ती मरीजों ने प्रबंधन को सूचना दी। स्टाफ ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो पता चला कि दुर्गंध स्टोर रूम के अंदर से आ रही है। संदेह पर गोपालगंज थाना पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और स्टोर रूम का दरवाजा खुलवाया। पुलिस ने देखा तो दंग रह गई। स्टोर रूम में पुरुष का शव पड़ा था। शव करीब दो दिन पुराना होगा। दुर्गंध आ रही थी। शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मौत के कारणों की जांच कर रहेगोपालगंज थाना प्रभारी घनश्याम शर्मा ने बताया कि बीएमसी में शव मिला है। मृतक की शिनाख्त नहीं हो पाई है। यह भी जांच की जा रही है कि मृतक अस्पताल में भर्ती मरीज था या किसी मरीज का परिजन। स्टोर रूम का दरवाजा अंदर से बंद था। मामला दर्ज कर घटनाक्रम के सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। घटना गंभीर है, जांच करा रहेBMC अधीक्षक राजेश जैन ने मामले को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम के हर पहलू की जांच की जा रही है। यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र में ज्वेलर्स की आड़ में 10 से 15 लोगों से लाखों रुपये के सोने-चांदी और नकदी लेकर फरार होने का मामला सामने आया है। पीड़ितों की शिकायत पर गुलरिहा पुलिस ने मां शेरावाली ज्वेलर्स के संचालक समेत 4 लोगों के खिलाफ रविवार शाम 5 बजे मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सोमवार को पीड़ितों का पुलिस ने बयान भी लिया है। सर्विलांस की मदद से आरोपी की तलाश चल रही है। पुलिस का कहना है कि अन्य पीड़ितों के बयान दर्ज कर ठगी की कुल रकम और जेवर की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। जानिए पूरा मामला… जनता दर्शन में दिया था प्रार्थना पत्र गुलरिहा के जंगल डुमरी नंबर 2, नगर टोला खजुरिया निवासी शांति जायसवाल ने जनता दर्शन में मुख्यमंत्री को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि कस्बे में स्थित मा शेरावाली ज्वेलर्स के संचालक प्रो. पवन वर्मा के यहां जेवर गिरवी रखकर पैसे उठाए थे। समय पूरा होने पर जब वह जेवर छुड़ाने गई तो आरोपी 2.50 लाख रुपये ले लिया। बोला अगले दिन आकर जेवर ले जाना। इसके बाद वह दुकान बंदकर जेवर और नकदी लेकर भाग गया। इधर-उधर पता करने पर भी उसका कहीं पता नहीं चला। मोबाइल भी बंद बताने लगा। पीड़िता का आरोप है कि उनके साथ अकेले नहीं बल्कि करीब 10-15 लोगों के साथ इसी तरह ठगी की गई है। तहरीर में 2021 से 2023 के बीच जेवर बंधक रखने वाले 10-15 पीड़ित भी अब सामने आ रहे हैं। शिकायत के अनुसार 9 मई 2022 को लाली जायसवाल ने सोने का हार रखकर 25 हजार रुपये लिए थे। इसी तरह गुलरिहा के कलैंडर जायसवाल 24 नवंबर 2021 को सोने का झूमका रखकर 12 हजार रुपये लिए थे। इस तरह 10-15 लोगों के साथ ठगी हुई है। सभी शिकायत लेकर थाने पहुंच रहे हैं। पीड़िता शांति जायसवाल ने बताया कि आरोपी पवन वर्मा मेरा जेवर लेकर लक्ष्मी ज्वेलर्स की दुकान पर रख दिया था। आरोप लगाया कि दुकान खोलने में अमरनाथ जायसवाल ने मदद की थी। तहरीर में सोनू वर्मा का नाम भी शामिल है। गुलरिहा थाना प्रभारी जगदीश प्रसाद पाल ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318 (4) के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने आरोपी पवन वर्मा के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगवा दिया है। अमरनाथ जायसवाल और सोनू वर्मा से भी पूछताछ की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सोमवार को जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, मऊ की मधुबन शाखा के नए भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड भी बांटे। शर्मा ने कहा कि सहकारिता केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने नवीन भवन के निर्माण पर बैंक प्रबंधन, सहकारी समिति के सदस्यों और क्षेत्रवासियों को बधाई दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में पहली बार सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया है। इसका उद्देश्य सहकारिता से समृद्धि के लक्ष्य को प्राप्त करना है। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण, गुणवत्तापूर्ण बीज, खाद और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने किसानों से सामूहिकता और सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया, क्योंकि सामूहिक प्रयासों से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। घोसी सहकारी चीनी मिल के संबंध में मंत्री ने जानकारी दी कि सरकार अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों स्तरों पर कार्य कर रही है। आगामी पेराई सत्र को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए 5 से 6 करोड़ रुपये की व्यवस्था करने का प्रयास किया जा रहा है। दीर्घकालिक योजना के तहत, केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के सहयोग से घोसी चीनी मिल को अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित कर प्रदेश और देश की अग्रणी आधुनिक चीनी मिलों में विकसित किया जाएगा। कार्यक्रम के समापन के बाद, मंत्री ए.के. शर्मा ने बार्क (BARC) में वैज्ञानिक के पद पर चयनित होकर जनपद का नाम रोशन करने वाले युवा हिमांशु वर्मा के आवास पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने हिमांशु को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवाओं की प्रतिभा ही विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति है।
हरदोई के बेनीगंज में एक नवजात बच्ची ने जन्म के मात्र 10 दिन के भीतर अपने माता-पिता दोनों को खो दिया है। पिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में गोमती नदी में सोमवार की सुबह करीब 8:30 बजे उतराता मिला है, जबकि मां की मृत्यु प्रसव के दौरान हुई थी। नगर के चमारन टोला निवासी अनूप कुमार (26) पुत्र स्वर्गीय राम कुमार का शव नैमिषारण्य स्थित गोमती नदी के किनारे पानी में उतराता हुआ मिला। पुलिस को सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। परिजनों ने बताया कि लगभग दस दिन पहले अनूप की पत्नी सीमा ने एक बच्ची को जन्म दिया था। प्रसव के दौरान अत्यधिक जटिलताओं के कारण सीमा की मृत्यु हो गई थी। पत्नी की आकस्मिक मृत्यु से अनूप काफी परेशान था। परिवार के सदस्यों के अनुसार, पत्नी की मौत के बाद से वह गहरे सदमे में था और अक्सर नैमिषारण्य स्थित गोमती नदी के उस घाट पर चला जाता था, जहां उसकी पत्नी का अंतिम संस्कार किया गया था। परिवार के लोग उसे कई बार समझा-बुझाकर घर वापस लाए थे। अनूप का शव भी उसी गोमती नदी के किनारे मिलने से परिवार में गहरा शोक है। पहले मां और अब पिता की मृत्यु से यह नवजात बच्ची अनाथ हो गई है, जिससे क्षेत्र में चिंता का माहौल है। कोतवाल कौशलेश कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों के शिकायती पत्र और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
बड़वानी में मूंग के रिकॉर्ड उत्पादन के बावजूद किसानों को सरकारी खरीद में मुश्किल हो रही है। सरकार ने कुल उत्पादन का केवल 25% ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदने का नियम बनाया है, जिससे किसान आक्रोशित हैं। ग्राम बोरलाय के किसान अश्विन पाटीदार ने बताया कि उनके 3.5 एकड़ खेत में 16 से 17 क्विंटल मूंग का उत्पादन हुआ है। हालांकि, सरकारी नियमों के अनुसार उनसे केवल 3 क्विंटल 60 किलो मूंग ही खरीदी जा रही है। शेष 80% फसल को व्यापारियों को कम दाम पर बेचना पड़ रहा है। आक्रोशित अश्विन पाटीदार ने कलेक्टर से अजीबोगरीब मांग की है। उन्होंने कहा, या तो पूरी मूंग खरीदो, या फिर उसे जलाने की इजाजत दो। वे मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर को पत्र भी सौंपेंगे। पाटीदार ने कहा कि सरकार ने मूंग खरीद के लिए दिशानिर्देश तय किए हैं कि किसान के कुल उत्पादन का केवल 25% हिस्सा ही एमएसपी पर खरीदा जाएगा। यह करीब 1 क्विंटल 20 किलो प्रति एकड़ बैठता है। अश्विन पाटीदार के अनुसार, उनके खेत में प्रति एकड़ 5 से 6 क्विंटल मूंग हुई है, लेकिन सरकार सिर्फ 3 क्विंटल 60 किलो ही खरीद रही है। बाजार में स्थिति और खराब है, जहां व्यापारियों द्वारा मूंग 6500 से 7000 रुपये प्रति क्विंटल में खरीदी जा रही है, जबकि एमएसपी लगभग 8500-8700 रुपये प्रति क्विंटल है। यह एमएसपी से करीब 2000 रुपये प्रति क्विंटल कम है। किसान संघ ने उठाया सरकारी नीतियों पर सवाल भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष भगवान पटेल ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब उत्पादन अधिक हुआ है, तो खरीद भी उसी अनुपात में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अश्विन पाटीदार जैसे किसानों को बाकी मूंग जलाने की अनुमति कलेक्टर को देनी चाहिए, क्योंकि सरकार खरीद नहीं रही है। किसान अश्विन पाटीदार ने विधायकों और सांसदों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 230 विधायक और 29 सांसद होने के बावजूद नर्मदापुरम और हरदा के किसानों की आवाज नहीं उठाई जा रही है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि यदि मंत्री, विधायक और सांसद अपनी 75% तनख्वाह छोड़ दें, तो किसान एमएसपी की मांग नहीं करेंगे। उन्होंने कृषि मंत्री के इस बयान पर भी सवाल उठाया कि किसानों की आय 8 गुना हो गई है, और पूछा कि यह किन किसानों की आय बढ़ी है। भगवान पटेल का कहना है कि अभी जो खरीदी चल रही है वो उत्पादन के मुकाबले बहुत कम है। मात्र प्रति एकड़ एक क्विंटल 20 किलो के हिसाब से समर्थन मूल्य पर खरीदी जा रही है। यह किसानों के साथ अन्याय है। हमारी मांग है कि किसानों का 100 प्रतिशत मूंग खरीदा जाए। अगर समर्थन मूल्य तय किया है, पंजीयन करवाया है, तो खरीदी भी शत प्रतिशत होनी चाहिए। मजबूरी में हो रहा नुकसानखरीदी केंद्रों पर लाइन, कम कोटा और धीमी प्रक्रिया के कारण किसान मजबूरी में अपनी फसल व्यापारियों को बेच रहे हैं। इससे एक तरफ लागत भी नहीं निकल रही, दूसरी तरफ कर्ज का बोझ बढ़ रहा है। किसानों का तर्क है - “जब सरकार MSP की घोषणा करती है, पंजीयन कराती है, तो फिर आधी फसल को बाजार के भरोसे क्यों छोड़ देती है?”
डीग में झमाझम बारिश से बदला मौसम का मिजाज:उमस से मिली राहत, किसानों के खिले चेहरे
डीग जिले में सोमवार सुबह करीब 5 बजे से शुरू हुई रुक-रुक कर बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। दिनभर हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं, तापमान में गिरावट दर्ज हुई और किसानों ने खरीफ फसलों की बुवाई तेज कर दी। हालांकि कई स्थानों पर जलभराव, फिसलन और कीचड़ के कारण लोगों को परेशानी का भी सामना करना पड़ा। सुबह से बदला मौसम का मिजाज सोमवार तड़के शुरू हुई बारिश का सिलसिला पूरे दिन जारी रहा। सुबह से आसमान बादलों से घिरा रहा और ठंडी हवाएं चलने से मौसम खुशनुमा हो गया। पिछले कई दिनों से तेज धूप और उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली। शहर से गांव तक बारिश, कई जगह जलभराव शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हुई। कई सड़कों पर पानी भर गया और जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई। ग्रामीण इलाकों की कच्ची सड़कों पर कीचड़ और फिसलन बढ़ने से आवागमन प्रभावित हुआ। दोपहिया वाहन सवारों को भी सावधानी बरतनी पड़ी, जबकि कार्यालय और स्कूल जाने वाले लोगों को भीगते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। किसानों के लिए बनी राहत की बारिश इस बारिश का सबसे अधिक लाभ किसानों को मिला। लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसानों ने खेतों में जुताई और खरीफ फसलों की बुवाई तेज कर दी। बड़ी संख्या में किसान खाद और बीज खरीदने के लिए कृषि केंद्रों पर पहुंचे। किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश होती रही तो बाजरा, मूंग, उड़द, ज्वार सहित अन्य खरीफ फसलों की पैदावार बेहतर होने की उम्मीद है। बारिश का लोगों ने उठाया आनंद मौसम सुहावना होने के बाद शहर के बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर रौनक बढ़ गई। बच्चों ने बारिश का आनंद लिया, जबकि कई लोग घरों की छतों और गलियों में भीगते नजर आए। पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर भी लोगों की आवाजाही बढ़ गई। मौसम बदला तो बिजली की मांग घटी बारिश और ठंडे मौसम के कारण दिनभर पंखे और कूलर का कम इस्तेमाल हुआ, जिससे बिजली की मांग में भी कमी आई। डॉक्टरों ने मौसम बदलने के दौरान खान-पान और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है, क्योंकि इस समय मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। अच्छी बारिश से बढ़ीं बेहतर फसल की उम्मीदें मौसम में आए बदलाव ने एक ओर लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं किसानों में अच्छी फसल की उम्मीद भी जगा दी है। यदि आगामी दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो जिले में खरीफ फसलों के लिए यह मौसम बेहद लाभदायक साबित हो सकता है।
राजगढ़-ब्यावरा रोड पर लक्ष्मणपुरा जोड़ के पास सोमवार दोपहर तेज रफ्तार बोलेरो ने बाइक सवार किसान को टक्कर मारने के बाद कुचल दिया। टायर शरीर के ऊपर से गुजरने से किसान का पेट फट गया, आंतें बाहर आ गईं और एक पैर टूटकर पेट पर आ गया, जिससे किसान की मौत हो गई। हादसे के बाद ड्राइवर बोलेरो सहित मौके से फरार हो गया। परिजनों का दावा है कि जिस बोलेरो ने टक्कर मारी, उसके आगे SDM लिखा था। उन्होंने टोल प्लाजा के सीसीटीवी में ऐसे वाहन की तस्वीर भी निकलवाई हैं। जानकारी के अनुसार, राजगढ़ कोतवाली थाना क्षेत्र के बांसखेड़ी गांव निवासी किसान मांगीलाल तंवर (28) सुबह अपनी मक्का की फसल में कीटनाशक दवा खरीदने बाइक से ब्यावरा गए थे। दोपहर करीब 12 बजे वह वापस गांव लौट रहे थे। जैसे ही वह राजगढ़-ब्यावरा मार्ग पर लक्ष्मणपुरा जोड़ के पास पहुंचे, तेज रफ्तार बोलेरो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद कुछ देर तक शव सड़क पर पड़ा रहा। पुलिस ने शव पीएम के लिए भिजवायासूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों की मदद से शव को जिला अस्पताल पहुंचाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मांगीलाल के साले ने बताया कि हादसे के समय मौजूद लोगों ने उन्हें बताया था कि जिस बोलेरो ने टक्कर मारी, उसके आगे SDM लिखा था। इसके बाद वह बताए गए समय के अनुसार ब्यावरा टोल प्लाजा पहुंचे और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी। उनके अनुसार फुटेज में एक बोलेरो दिखाई दी, जिसके आगे SDM लिखा हुआ नजर आ रहा है। उन्होंने उस वाहन की तस्वीर भी निकलवाई हैं। मौके से नंबर प्लेट का टूटा हिस्सा मिला वहीं घटनास्थल से बोलेरो की हेडलाइट और नंबर प्लेट का टूटा हुआ हिस्सा भी मिला है। प्रत्यक्षदर्शियों ने भी परिजनों को बताया कि टक्कर मारने वाले वाहन के आगे SDM लिखा था। मांगीलाल तंवर अपने परिवार का एकमात्र सहारा थे। उनके पीछे पत्नी और दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी 7 साल की है, जबकि छोटी बेटी की उम्र महज ढाई महीने है। हादसे के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। कोतवाली पुलिस ने अज्ञात बोलेरो चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मैनपुरी मेंएक सरकारी स्कूल की हेड मास्टर को कोबरा सांप ने डस लिया। सांप देखने के बाद हेड मास्टरबच्चों को बचाने के लिए खिड़की बंद कर रही थीं। सांप के डसने के बाद तुरंत उन्हें सैफई मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के बाद उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है। घटना सोमवार सुबह करीब 10:30 की है। खिड़की से अंदर घुस रहा था कोबराबरनाहल कस्बे के मोहल्ला वनखंडेश्वर निवासी ममता दीक्षित ग्राम इकहरा स्थित कंपोजिट विद्यालय में हैं। वह कक्षा में बच्चों को पढ़ा रही थीं, तभी उन्होंने खिड़की से एक कोबरा सांप को अंदर घुसने का प्रयास करते देखा। बच्चों को खतरे से बचाने के लिए ममता दीक्षित खिड़की बंद करने पहुंचीं। जैसे ही उन्होंने खिड़की बंद करने का प्रयास किया, सांप ने उनकी उंगली पर डस लिया। कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश होकर गिर पड़ीं। स्टॉफ ने हेड मास्टर को हॉस्पिटल पहुंचायासांप के डसने के बाद स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों ने तत्काल हेड मास्टर को बरनाहल और फिर सैफई मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज शुरू किया गया। समय पर उपचार मिलने के कारण उनकी हालत अब सामान्य बताई जा रही है। स्कूल में तैनात शिक्षक प्रेम नारायण ने बताया कि कक्षा के पीछे झाड़ियां हैं, जहां से सांप स्कूल परिसर तक पहुंच गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि हेड मास्टर ने बच्चों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया, जिसके दौरान वे सर्पदंश का शिकार हो गईं। इस घटना के बाद छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों ने स्कूल परिसर की झाड़ियों की तत्काल सफाई कराने और सांपों से बचाव के स्थायी इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। 6 महीने में 194 सर्पदंश के मामले सामने आएमैनपुरी में बरसात के साथ सर्पदंश के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जनवरी से जून तक जिले में 194 सर्पदंश के मामले दर्ज किए जा चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इनमें से 192 मरीजों का सफल इलाज किया गया, जबकि दो को गंभीर हालत में रेफर करना पड़ा। वहीं, स्थानीय स्तर पर सर्पदंश से पांच मौतों की भी चर्चा सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग लोगों से अपील कर रहा है कि सांप काटने पर झाड़-फूंक के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें, क्योंकि जिला अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और समय पर इलाज से जान बचाई जा सकती है।
करनाल जिले में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की ब्लॉक कमेटी घरौंडा की बैठक पब्लिक हेल्थ कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि 21 जुलाई को नगरपालिका संघ और फायर कर्मचारी संघ हरियाणा द्वारा सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में प्रदर्शन किया जाएगा और ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसको सफल बनाने के लिए कर्मचारियों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर यह आंदोलन जरूरी है और सभी विभागों का सहयोग इसमें अहम रहेगा। ब्लॉक प्रधान ने की अध्यक्षता, रणनीति तय सोमवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक प्रधान अंकित राणा ने की, जबकि संचालन ब्लॉक सचिव रमेश कुमार ने किया। बैठक में जिला सचिव सेवाराम और फायर कर्मचारी संघ के जिला प्रधान संदीप त्यागी मुख्य रूप से मौजूद रहे। इसमें विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लेकर आगामी कार्यक्रमों की रणनीति तय की। 11 अगस्त के कार्यक्रम को लेकर भी फैसला इसके अलावा 11 अगस्त को होने वाले राज्यस्तरीय कार्यक्रम को लेकर भी चर्चा की गई। इसमें कच्चे कर्मचारियों को लेकर कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए मांग उठाई गई कि जिन कर्मचारियों को कार्य करते हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं, उन्हें बिना किसी शर्त के एकमुश्त पक्का किया जाए। इस मुद्दे पर कर्मचारियों ने एकजुट होकर आवाज बुलंद करने का निर्णय लिया। एसकेएस के बैनर तले होगी भागेदारी बैठक में यह भी तय किया गया कि दोनों कार्यक्रमों में सभी विभागों के कर्मचारी सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले पूरी ताकत के साथ भागीदारी करेंगे। इस दौरान नगरपालिका, फायर, बिजली और पब्लिक हेल्थ विभाग के कर्मचारी शामिल हुए। इनमें रणधीर, जयकुमार, आनंद, नरेश, दिनेश कुमार, राजेश कुमार, संदीप शर्मा, विनोद कुमार, सतपाल सामरा, सुभाष, रामवीर और सोहनलाल सहित अन्य कर्मचारियों ने भाग लेकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
रामपुर में अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन ने टांडा तहसील के अकबराबाद स्थित मैसर्स अकाल स्टोन क्रशर का लाइसेंस निलंबित कर उसका संचालन बंद करा दिया है। यह कार्रवाई सोमवार दोपहर करीब 2 बजे जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के निर्देश पर की गई। स्टोन क्रशर संचालक और संबंधित भूमि स्वामी को नोटिस भी जारी किया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार, शिकायतें और वीडियो साक्ष्य मिलने के बाद एसडीएम टांडा, तहसीलदार, खान निरीक्षक और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम ने मौके का निरीक्षण किया। इस जांच में अवैध खनन की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट में करीब 8100 घनमीटर साधारण मिट्टी और 21600 घनमीटर साधारण बालू के अवैध खनन एवं परिवहन का खुलासा हुआ। प्रशासन का कहना है कि इस अवैध गतिविधि से शासन को भारी राजस्व हानि हुई है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा है। कार्रवाई के दौरान यह भी सामने आया कि स्टोन क्रशर के पूर्वी हिस्से में एक अस्थायी गेट बनाकर अवैध रूप से उपखनिज निकाला जा रहा था। इस निकाले गए खनिज को सीधे क्रशर तक पहुंचाया जा रहा था। इसके बाद प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से स्टोन क्रशर का संचालन बंद करा दिया। हालांकि, इस बड़ी कार्रवाई के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। जनपद में खनन रोकने के लिए प्रशासन, राजस्व विभाग, पुलिस और खान विभाग की टीमें लगातार सक्रिय होने का दावा करती रही हैं। ऐसे में हजारों घनमीटर बालू और मिट्टी का अवैध खनन इतने बड़े पैमाने पर कैसे होता रहा और अधिकारियों की नजर से कैसे बचा रहा, यह एक बड़ा प्रश्न है। जिलाधिकारी की जांच में भारी मात्रा में अवैध खनन की पुष्टि होने के बाद अब यह अपेक्षा की जा रही है कि केवल स्टोन क्रशर संचालक और भूमि स्वामी ही नहीं, बल्कि उन अधिकारियों और कर्मचारियों की भी जिम्मेदारी तय की जाए जिनकी लापरवाही या संभावित मिलीभगत के कारण यह अवैध खनन संभव हुआ। प्रशासनिक कार्रवाई तभी पूरी मानी जाएगी जब खनन माफियाओं के साथ-साथ जवाबदेह सरकारी अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
कानपुर देहात में मानसून की पहली तेज बारिश ने रनिया नगर पंचायत की तैयारियों की पोल खोल दी। नगर पंचायत कार्यालय के बाहर से लेकर कानपुर-इटावा हाईवे तक गंभीर जलभराव देखा गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले चार साल से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है। बारिश के बाद नगर पंचायत क्षेत्र की कई सड़कें तालाब में बदल गईं। सबसे अधिक जलभराव नगर पंचायत कार्यालय के ठीक बाहर दर्ज किया गया। वहीं, कानपुर-इटावा हाईवे पर भी कई स्थानों पर पानी भर जाने से वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव के कारण वाहनों की गति धीमी हो गई और दुर्घटना का खतरा बढ़ गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है। पिछले लगभग चार वर्षों से हर बरसात में रनिया नगर पंचायत की यही स्थिति रहती है। कई बार शिकायतें की गईं और प्रदर्शन भी हुए, लेकिन जल निकासी की समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। स्थानीय निवासी कैलाश ने बताया कि सड़क के किनारे एक तालाब है। बारिश के बाद सड़क और तालाब का अंतर खत्म हो जाता है, जिससे छोटे बच्चों और राहगीरों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार लोग दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बचे हैं। नगर पंचायत कार्यालय के सामने रहने वाले जगत नारायण ने बताया कि हर साल बारिश में यही हाल होता है। जलभराव के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। कई दिनों तक गंदा पानी सड़कों पर भरा रहता है, जिससे बदबू फैलती है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
जमुई में सोमवार को भाकपा माले, छात्र संगठन आइसा और आरवाईए के कार्यकर्ताओं ने कचहरी चौक पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने और नई शिक्षा नीति (एनईपी-2020) वापस लेने की मांग की। यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। प्रतिरोध सभा की अध्यक्षता नौजवान सभा के जिला संयोजक राहुल यादव ने की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्र-युवाओं के हितों की रक्षा की मांग उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट का सामना कर रही है। करोड़ों छात्र-युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआभाकपा माले के जिला सचिव शंभू शरण सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था के गंभीर मुद्दों पर संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों के कारण करोड़ों छात्र-युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। भाकपा माले के राज्य कमेटी सदस्य बाबू साहब सिंह ने बताया कि पर्यावरणविद सोनम वांगचुक और आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा वोरा दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय से आंदोलन और भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों पर बातचीत करने के बजाय आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। सिंह ने दिल्ली पुलिस द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-युवाओं पर बल प्रयोग को लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया। व्याप्त भ्रष्टाचार ने युवाओं का विश्वास कमजोर किया उन्होंने कहा कि देशभर में पेपर लीक की घटनाओं और परीक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार ने युवाओं का विश्वास कमजोर किया है। बाबू साहब सिंह ने नीट पेपर लीक मामले में निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई। सभा को बासुदेव राय और जयराम तुरी ने भी संबोधित किया, जिन्होंने केंद्र सरकार की छात्र-युवा विरोधी नीतियों की आलोचना करते हुए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की। इस कार्यक्रम में मोहम्मद हैदर, किरण गुप्ता, ब्रह्मदेव ठाकुर, दामोदर पासवान, संगीत कुमारी, सविता देवी, अनिता देवी सहित बड़ी संख्या में भाकपा माले, आइसा और आरवाईए के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
खगड़िया पुलिस की बड़ी कार्रवाई:82.8 लीटर शराब, 2.7 किलो गांजा बरामद; 2 तस्कर अरेस्ट
खगड़िया पुलिस ने अवैध शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। रविवार को गोगरी और मानसी थाना पुलिस ने अलग-अलग छापेमारी कर 82.8 लीटर विदेशी शराब और 2.7 किलोग्राम गांजा जैसा पदार्थ बरामद किया। इस दौरान दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक शराब कारोबारी फरार हो गया। गोगरी थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सिसवा गांव निवासी रूदल यादव ने अपने घर में विदेशी शराब छिपा रखी है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने रूदल यादव के घर पर छापा मारा। तलाशी में 82.8 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले रूदल यादव अंधेरे का फायदा उठाकर घर के पीछे से फरार हो गया। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। इस संबंध में गोगरी थाना में कांड संख्या 249/26 दर्ज कर बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, मानसी थाना पुलिस ने भी गुप्त सूचना के आधार पर रोहियार गांव निवासी जयहिंद यादव के बासा पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान वहां से 2.7 किलोग्राम गांजा जैसा पदार्थ जब्त किया गया। पुलिस ने मौके से जयहिंद यादव और बेगूसराय जिले के हीराटोल निवासी सत्तन यादव को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों के खिलाफ मानसी थाना में कांड संख्या 200/26 के तहत एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में अवैध शराब और मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप सिंह ने जनता से भी अपील की है कि वे अवैध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।
रोहतक में नीट पेपर लीक के खिलाफ सामाजिक संगठनों ने शहर में विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सामाजिक संगठनों ने प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन देते हुए केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। साथ ही महिला आरक्षण बिल को लागू करने की मांग भी की। प्रदर्शन के दौरान जनवादी महिला समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगमती सांगवान ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले में भाजपा सरकार की तरफ से कोई जिम्मेदारी नहीं ले रहा। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपना इस्तीफा देना चाहिए। वहीं पेपर लीक को लेकर जंतर मंतर पर भी प्रदर्शन चल रहा है, जिसे कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार के पास युवाओं का 40 हजार करोड़ जमा जगमती सांगवान ने बताया कि पिछले 12 साल से भाजपा सरकार नौकरी के फार्म भरवाती है और फिर उन्हें रद्द कर देती है। नीट व जेईई के लिए फार्म भरवाते है, फिर परीक्षा लीक करवाकर उन्हें रद्द करवा देते है, जिससे युवा भी परेशान है। फार्मों का भाजपा सरकार के पास करीब 40 हजार करोड़ रुपए जमा है। पेपर लीक का सरकार ने बना रखा सिंडीकेट विनोद देशवाल ने कहा कि 22 लाख युवाओं ने पेपर दिया था, जो लीक करवा दिया। पेपर लीक अपने आप नहीं होता, यह सरकार का ही एक सिंडीकेट है, जिसके जरिए जानबुझकर ऐसा करवाया जाता है। पेपर लीक के चलते 22 युवाओं को भी अपनी जान देनी पड़ी थी, लेकिन अब युवा जाग चुका है। धर्म की आड़ में अपने षड़यंत्र छुपा रही सरकार विनोद देशवाल ने कहा कि भाजपा अपने पाप व षड़यंत्र छुपाने के लिए सनातन व हिंदू धर्म की आड़ ले रही है। आज हर वर्ग में सरकार के खिलाफ आक्रोश बना हुआ है। नीट पेपर लीक के खिलाफ सभी वर्गों को एकजुट होकर आक्रोश जाहिर करने की जरूरत है। महिला आरक्षण बिल को जनगणना व परीसिमन से जोड़ रही सरकारजगमती सांगवान ने कहा कि महिलाओं के 33 प्रतिशत आरक्षण बिल को 45 साल से अटका रखा है, लेकिन अब भाजपा सरकार इस पर राजनीति कर रही है। भाजपा सरकार कह रही है कि जब जनगणना व परीसिमन होगा, तब आरक्षण देंगे, जबकि इसका आरक्षण बिल से दूर तक कोई लेना देना नहीं है। संसद के बाहर चलेगा 13 अगस्त तक धरना जगमती सांगवान ने कहा कि महिला आरक्षण बिल को लागू करवाने की मांग को लेकर सरकार को चुनौती दे रखी है। आज से संसद के बाहर धरना शुरू किया गया है, जो 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान उनका साथ देने के लिए विपक्ष के नेता भी शामिल होंगे।
फतेहाबाद जिले के रतिया में सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (खेती बचाओ) के बैनर तले किसानों ने बिजली घर का घेराव किया। अघोषित बिजली कटौती और धान की फसल के लिए पर्याप्त आपूर्ति न मिलने से नाराज किसानों ने करीब दो घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने शहरी एवं ग्रामीण एसडीओ अशोक पानू को मांग पत्र सौंपा। धरने का नेतृत्व राम सिंह, प्रितपाल सिंह, निरंजन सिंह, बूटा सिंह, बेगराज, हरदयाल और छैलूराम सहित अन्य किसानों ने किया। उन्होंने बताया कि सरकार आठ घंटे बिजली देने का दावा करती है, लेकिन रतिया क्षेत्र में लगातार अघोषित बिजली कटौती हो रही है। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के उपभोक्ता परेशान हैं। कम वोल्टेज के कारण खराब हो रहे उपकरण किसानों का कहना था कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, जिसके बाद उन्हें विरोध प्रदर्शन करना पड़ा। एसडीओ को सौंपे गए ज्ञापन में किसानों ने बताया कि रतिया क्षेत्र में धान की बिजाई पूरी हो चुकी है। हालांकि, पिछले कई दिनों से लगातार अघोषित बिजली कटौती और कम वोल्टेज के कारण किसानों की मोटर, स्टार्टर और अन्य बिजली उपकरण खराब हो रहे हैं। पर्याप्त सिंचाई न मिलने से धान की फसल सूखने लगी है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का खतरा है। किसानों ने ज्ञापन में मांग की कि धान की फसल बचाने के लिए नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाने और कम वोल्टेज के कारण खराब या जले हुए ट्रांसफार्मरों को तुरंत बदलने की भी मांग की, ताकि किसान समय पर सिंचाई कर अपनी फसल बचा सकें। एसडीओ के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ धरना करीब दो घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के दौरान एसडीओ अशोक पानू मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि अघोषित बिजली कटों की समस्या में जल्द सुधार किया जाएगा तथा किसानों की शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इसके बाद किसानों ने मांगपत्र सौंपकर अपना धरना समाप्त कर दिया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही नियमित बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई और अघोषित कटों पर रोक नहीं लगी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
NEET पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन:रायबरेली में पीएम और शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका
रायबरेली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक मामलों और शिक्षा व्यवस्था की कथित बदहाली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सोमवार शाम को चार बजे शहीद चौक पर हुए इस प्रदर्शन में केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। यह प्रदर्शन सोमवार शाम 4:00 बजे डिग्री कॉलेज चौराहा स्थित शहीद चौक पर आयोजित किया गया। इसका नेतृत्व जिला पंचायत सदस्य और कांग्रेस कमेटी के सदस्य वीरेंद्र यादव ने किया। इस दौरान सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। वीरेंद्र यादव ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब से देश में भाजपा की सरकार आई है, कोई भी परीक्षा पेपर लीक होने से अछूता नहीं रहा है। यादव ने सरकार को शिक्षा, युवा, छात्र, महिला, किसान और मजदूर विरोधी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के सभी कदम आम जनता के हितों के खिलाफ होते हैं और यह केवल कुछ पूंजीपतियों के लिए काम कर रही है। उन्होंने उत्तर प्रदेश की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। यादव ने कहा कि राज्य में लाखों की संख्या में प्राथमिक विद्यालय बंद कर दिए गए हैं, जबकि कोई नया विश्वविद्यालय नहीं खोला जा रहा है।
रतलाम शहर के औद्योगिक क्षेत्र थाना के ऋद्धि-सिद्धि एवेन्यू कॉलोनी में रविवार देर रात चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाया। बदमाश घर का ताला तोड़कर अंदर घुसे, पूरे घर का सामान अस्त-व्यस्त कर दिया और गुल्लक तोड़कर उसमें रखे करीब 4 से 5 हजार रुपए चोरी कर ले गए। वारदात के बाद तीनों बदमाश कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गए। फुटेज में वे चड्ढी-बनियान पहने, नंगे पैर और हाथों में पत्थर लिए घूमते दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। रात में सूने मकान को बनाया निशानाकॉलोनी निवासी देवेंद्र डोडियार के घर में हुई। देवेंद्र कॉलेज छात्र हैं और इस मकान में रहकर पढ़ाई करते हैं, जबकि उनका परिवार शहर के दूसरे घर में रहता है। रविवार को वह परिवार के साथ शहर से बाहर गए थे। इसी दौरान चोरों ने सूने मकान का ताला तोड़कर वारदात को अंजाम दिया। सुबह लौटे तो टूटा मिला तालासोमवार सुबह करीब 5 बजे जब देवेंद्र घर लौटे तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा मिला। अंदर जाकर देखा तो पूरा सामान बिखरा पड़ा था। बदमाश घर में रखी गुल्लक तोड़कर उसमें जमा करीब 4 से 5 हजार रुपए नकद लेकर फरार हो चुके थे। CCTV में कैद हुए तीन बदमाशघटना की जानकारी मिलने के बाद कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई। फुटेज में तीन संदिग्ध बदमाश चड्ढी-बनियान पहने, नंगे पैर और हाथों में पत्थर लिए कॉलोनी में घूमते दिखाई दे रहे हैं। एक बदमाश घरों के बाहर झांकते हुए भी कैमरे में कैद हुआ है। वारदात का वीडियो अब सामने आया है। रात के सन्नाटे में बदमाशों का कॉलोनी में बेखौफ घूमना पुलिस की रात्रि गश्त पर भी सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमित गश्त होती तो संभवतः चोरी की घटना टाली जा सकती थी। पुलिस ने शुरू की जांच चोरी की सूचना औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस को दे दी गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान करने और उनकी तलाश में जुटी है। साथ ही आसपास के अन्य कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाली जा रही है।
गोरखपुर में OBC समाज पर अत्याचार का आरोप:राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, लगाई न्याय की गुहार
गोरखपुर में सोमवार को पिछड़ा वर्ग कांग्रेस कमेटी ने DM कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में ओबीसी समाज के लोगों के साथ कथित अत्याचार, हत्याओं, कस्टोडियल मौतों और फर्जी एनकाउंटर के मामलों को लेकर विरोध जताया। जिलाध्यक्ष अशोक कुमार निषाद के नेतृत्व में कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। संगठन ने इन मामलों में तत्काल हस्तक्षेप और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। 2017 के बाद हालात बिगड़ने का लगाया आरोप ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में ओबीसी समाज के लोगों के खिलाफ अत्याचार की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हुई है। संगठन का दावा है कि कई जिलों में हत्या, कस्टोडियल मौत और कथित फर्जी एनकाउंटर जैसे मामलों में पिछड़े वर्ग के लोग प्रभावित हुए हैं। साथ ही शासन-प्रशासन पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया गया। ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में ओबीसी समाज के लोगों के साथ अन्याय की घटनाएं सामने आ रही हैं। संगठन का कहना है कि ऐसी घटनाओं के कारण समाज में असुरक्षा की भावना बढ़ी है और पीड़ितों को समय पर न्याय नहीं मिल रहा है। इसी को देखते हुए राष्ट्रपति से पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग की गई है। राष्ट्रपति से की चार प्रमुख मांगें पिछड़ा वर्ग कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि ओबीसी समाज के साथ हो रहे कथित अत्याचारों की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो, पीड़ित परिवारों को न्याय मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। संगठन ने कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और कानून का संरक्षण भी सभी को समान रूप से मिलना चाहिए। जिलाध्यक्ष अशोक कुमार निषाद ने क्या कहाजिलाध्यक्ष अशोक कुमार निषाद ने कहा कि संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से ओबीसी समाज की आवाज देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था तक पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो समाज में असंतोष और बढ़ेगा। उन्होंने राष्ट्रपति से पूरे मामले का संज्ञान लेकर संबंधित एजेंसियों को आवश्यक निर्देश देने की मांग की। ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने ओबीसी समाज के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों को न्याय दिलाने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
आगरा के ताजगंज क्षेत्र स्थित जीवा ज्वेलरी स्टोर में हुई लाखों रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने अंतरराज्यीय चोर गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 116.3 ग्राम सोना, 1.18 लाख रुपये नकद, 35 हजार नेपाली मुद्रा, छह मोबाइल फोन और एक आधार कार्ड बरामद किया गया है। घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी मुंह पर साफा बांधकर चोरी करते दिखाई दे रहे हैं। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि 7 जुलाई की रात चोरों ने जीवा ज्वेलरी शोरूम का शटर तोड़कर अंदर प्रवेश किया था। इसके बाद दुकान में रखी सोने-चांदी की ज्वेलरी चोरी कर फरार हो गए थे। मामले में 8 जुलाई को थाना ताजगंज में मुकदमा दर्ज कराया गया था। CCTV और सर्विलांस से पुलिस पहुंची आरोपियों तकवारदात के खुलासे के लिए एसओजी और सर्विलांस टीम को लगाया गया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से जांच आगे बढ़ाई। 19 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर होटल आइकॉन के पास 125 फुटा रोड से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उमेश शाह, विपतिदास, निरंजन कुमार उर्फ विक्की, विशाल उर्फ मेहरा उर्फ दीपक और डल्लू कुमार (सुनार) के रूप में हुई है। एक निगरानी करता था, दूसरा शटर पर कपड़ा फैलाकर छिपाता था गतिविधियांपूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी की वारदात को छह लोगों ने मिलकर अंजाम दिया था। गिरोह का एक सदस्य बाहर खड़े होकर निगरानी कर रहा था, जबकि दूसरा शटर के पास कपड़ा फैलाकर अंदर चल रही गतिविधियों को लोगों की नजर से छिपा रहा था। इसी दौरान बाकी सदस्य दुकान के अंदर चोरी कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, पूरी वारदात सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई थी और गिरोह पहले से रेकी कर चुका था। बिहार और नेपाल में खपाया चोरी का मालआरोपियों ने पूछताछ में बताया कि चोरी के बाद कुछ आभूषण बिहार में बेच दिए गए, जबकि कुछ ज्वेलरी को पिघलाकर नेपाल में खपाया गया। पुलिस अब चोरी के माल की खरीद-फरोख्त से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है। दिल्ली की करोड़ों की चोरी में भी शामिल होने का दावापूछताछ के दौरान आरोपियों ने दिल्ली के प्रीत विहार इलाके में करीब 1.5 करोड़ रुपये की ज्वेलरी चोरी की घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की है। इसके अलावा नॉर्थ रोहिणी क्षेत्र में भी इसी तरह की वारदात को अंजाम देने की जानकारी दी है। आपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिसपुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। बरामदगी और पूछताछ के आधार पर अन्य राज्यों में हुई चोरी की घटनाओं के खुलासे की भी उम्मीद है। पुलिस गिरोह के फरार सदस्य की तलाश में दबिश दे रही है।
रायबरेली के महराजगंज क्षेत्र में सोमवार को एक 6 वर्षीय बच्ची की कीड़े के काटने से मौत हो गई। परिजन उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) महराजगंज लेकर पहुंचे थे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार, मदनखेड़ा निवासी महेश की 6 वर्षीय पुत्री चाहत को परिजन सोमवार दोपहर करीब 2:10 बजे गंभीर हालत में सीएचसी महराजगंज लाए थे। डॉक्टरों द्वारा परीक्षण करने पर बच्ची को मृत पाया गया। प्राथमिक जांच में डॉक्टरों ने बच्ची की मौत का कारण किसी कीड़े का काटना बताया है। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस भी सीएचसी पहुंची। महराजगंज पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
मुज़फ्फरनगर के हाई स्कूल के छात्र के लिए CBSE की नई री-एग्जाम पॉलिसी सफलता का सबसे बड़ा हथियार साबित हुई। पहले जारी हुए रिजल्ट में कामरान अहमद के 96 प्रतिशत अंक आए थे। इसके बाद कामरान ने हताश होने की बजाय दोबारा परीक्षा दी। दोबार परीक्षा का रिजल्ट आया तो उसे 99.4 प्रतिशत अंक मिले। इतना ही नहीं, इस शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने ऑल इंडिया में तीसरी रैंक भी हासिल कर जिले और उत्तर प्रदेश का नाम पूरे देश में रोशन कर दिया। शहर के प्रतिष्ठित माउंट लिटरा ज़ी स्कूल के छात्र एवं खालसा पट्टी, सुजड़ू निवासी कामरान की इस उपलब्धि से परिवार, स्कूल और पूरे जनपद में खुशी का माहौल है। सोमवार को स्कूल प्रबंधन ने उन्हें 11 हजार रुपये का चेक देकर सम्मानित किया। कामरान ने बताया कि पहले परिणाम में 96 प्रतिशत अंक आए थे, लेकिन उन्हें विश्वास था कि उनकी मेहनत के अनुरूप अंक नहीं मिले हैं। इसी दौरान CBSE की नई परीक्षा नीति लागू हुई, जिसके तहत उन्होंने री-एग्जाम दिया। कामरान ने बताया कि सफलता के पीछे किसी कोचिंग का नहीं, बल्कि नियमित पढ़ाई और आत्मविश्वास का योगदान है। वह प्रतिदिन 7 से 8 घंटे पढ़ाई करते हैं और मोबाइल का इस्तेमाल भी केवल पढ़ाई के लिए औसतन एक घंटे तक करते हैं। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और माउंट लिटरा ज़ी स्कूल के पूरे स्टाफ को दिया। उनका कहना है कि परिवार और शिक्षकों के निरंतर मार्गदर्शन ने उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। कामरान की माता आयशा ने बताया कि उनके बेटे ने बिना किसी ट्यूशन के केवल अपनी मेहनत और अनुशासन के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि कामरान शुरू से ही पढ़ाई को लेकर गंभीर रहा है और आज उसकी मेहनत का परिणाम पूरे परिवार के लिए गर्व का विषय बन गया है। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि कामरान शुरू से ही एक अनुशासित और मेधावी छात्र रहे हैं। उनकी उपलब्धि न केवल विद्यालय बल्कि पूरे जिले के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है। इतना ही नहीं, योगी के मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने भी रविवार को अपने आवास पर बुलाकर कामरान को शुभकामनाएं दी और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
बुलंदशहर में जान मोहम्मद की हत्या के मामले में सोमवार को परिजनों ने दोपहर 3 बजे कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान के साथ एसएसपी से मुलाकात की। उन्होंने खुर्जा पुलिस पर मामले को गलत दिशा में मोड़ने का आरोप लगाते हुए सभी हत्यारों पर कार्रवाई की मांग की। मृतक जान मोहम्मद के पिता दीन मोहम्मद ने आरोप लगाया कि खुर्जा देहात थाना पुलिस मामले को भटका रही है और हत्या की असली वजह नहीं बता रही। उन्होंने कहा कि यदि हत्या ऑटो के लिए की जाती, तो ऑटो घटनास्थल पर ही नहीं होता। दीन मोहम्मद के अनुसार, उनके बेटे की हत्या नरबलि के लिए की गई है, जिसमें मुख्य आरोपियों के साथ अन्य लोग भी शामिल हैं, जिन्हें पुलिस बचा रही है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान एडवोकेट ने खुर्जा पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न तो रिपोर्ट की कॉपी दी गई और न ही शुरुआत में प्रभावी कार्रवाई की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने नरबलि के मामले को लूट का मामला बना दिया है। जियाउर्रहमान ने एसपी देहात से मामले की गहनता से जांच कर सभी हत्यारों को गिरफ्तार करने और पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद प्रदान करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पीड़ित परिवार को निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराएगी। एसपी देहात ने इस मामले में विस्तृत जांच करने और दोषियों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष के साथ नईम मंसूरी, नजीर अहमद, नदीम खान, शहाबुद्दीन, मोहम्मद अली, कलुआ, शमशाद, मुस्तकीम, सलमान, नूर हसन सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
गिरिडीह नगर निगम क्षेत्र में सोमवार को 17 करोड़ 39 लाख रुपए की 119 विकास योजनाओं का शिलान्यास किया गया। नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार ने इन योजनाओं का विधिवत शिलान्यास करते हुए संवेदकों और अधिकारियों को गुणवत्ता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। यह कार्यक्रम नगर निगम कार्यालय परिसर में आयोजित किया गया। इसकी शुरुआत पूजा-अर्चना, दीप प्रज्ज्वलन और नारियल फोड़कर हुई। इस अवसर पर महापौर प्रमिला मेहरा, उप महापौर सुमित कुमार, उपायुक्त, नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी, वार्ड पार्षद और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए लगातार प्रयासरत: मंत्री मंत्री सुदिव्य कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार शहरी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि इन 119 योजनाओं के पूरा होने से शहर में सड़क, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। मंत्री ने विकास कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संवेदकों को चेतावनी दी कि कम दर पर टेंडर लेने के बाद भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 27 प्रतिशत या उससे अधिक कम दर पर टेंडर प्राप्त करने वाले संवेदकों के कार्यों की विशेष निगरानी की जाए ताकि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप हो। लोगों ने विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई महापौर प्रमिला मेहरा ने कहा कि नगर निगम बोर्ड के गठन के बाद से शहर के समग्र विकास के लिए लगातार योजनाएं बनाई जा रही हैं। उप महापौर सुमित कुमार ने बताया कि नगर निगम नागरिकों की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और सभी विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में लोगों ने विकास योजनाओं के शिलान्यास का स्वागत किया। नगर निगम क्षेत्र में 17 करोड़ 39 लाख रुपए की लागत से शुरू होने वाली इन 119 योजनाओं से शहर के विभिन्न वार्डों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होने और विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर शहर में नगर पालिका द्वारा आपूर्ति किए जा रहे पेयजल में बालू और गंदा पानी आना अब आम बात हो गई है। शहरवासी इस प्रदूषित पानी को पीने को मजबूर हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर सोमवार को करीब 3 बजे के आस पास कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स से मिला। शहर कांग्रेस अध्यक्ष मो. आरिफ गुड्डा के नेतृत्व में दोपहर करीब 3 बजे यह मुलाकात हुई। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को नल से आ रहे बालू युक्त पानी की समस्या के संबंध में एक शिकायती पत्र सौंपा। शिकायती पत्र में बताया गया कि गंदे पानी की आपूर्ति को लेकर पूर्व में भी तत्कालीन जिलाधिकारी रवींद्र सिंह से शिकायत की गई थी। भारी वाहनों का आवागमन हालांकि, अधिकारियों ने कथित तौर पर गलत रिपोर्ट पेश कर उन्हें गुमराह कर दिया था। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पेयजल के अलावा अन्य नागरिक समस्याओं पर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने ज्वाला गंज चौराहे पर खराब हाई-मास्ट लाइट को तुरंत ठीक करने की मांग की, जहां रात में भारी वाहनों का आवागमन होता है। बेरुइहार नाले से जोड़ने की मांग इसके अतिरिक्त, जीटी रोड पर बन रहे चौड़े नाले के निर्माण में जल निकासी के लिए उसे सबसे पहले बेरुइहार नाले से जोड़ने की मांग की गई। इसका उद्देश्य बरसात के प्रदूषित पानी को कालिकन मंदिर तक भरने से रोकना है। साथ ही, श्रावण मास शुरू होने से पहले नालों की सफाई को भी अति आवश्यक बताया गया, ताकि कालिकन मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा न हो। प्रतिनिधिमंडल में अधिवक्ता आशीष गौड़, विधि चेयरमैन आदित्य श्रीवास्तव, पार्टी प्रवक्ता ई. देवी प्रकाश दुबे, वरिष्ठ नेता कलीम उल्ला सिद्दीकी, बसीर अहमद और निजामुद्दीन शामिल थे।
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हरेठी स्थित पापा ढाबा का खाद्य लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है। जेंट्स टॉयलेट के अंदर बर्तन धोने का वीडियो वायरल होने के बाद खाद्य-औषधि प्रशासन विभाग ने जांच की। जांच में वीडियो सही पाए जाने पर विभाग ने यह कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में ढाबे का एक कर्मचारी जेंट्स टॉयलेट के अंदर कटोरी, प्लेट और अन्य बर्तन धोता दिखाई दे रहा था। इसके बाद ढाबे की साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे थे। वहीं, इस पूरे मामले में ढाबा संचालक मुन्ना ठाकुर ने वायरल वीडियो को साजिश का हिस्सा बताया है। दूसरी ओर, नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर अग्रवाल ने भी कहा कि वीडियो ढाबे को बदनाम करने की नीयत से वायरल किया गया है। पहले देखिए ये तस्वीरें… ग्राहक ने बनाया था वीडियो जानकारी के मुताबिक, पापा ढाबा में रोज बड़ी संख्या में लोग खाना खाने आते हैं। इसी दौरान एक ग्राहक ने कर्मचारी को टॉयलेट में बर्तन धोते देखा और पूरी घटना अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली। बाद में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लाइसेंस सस्पेंड, नोटिस भी जारी मामले की खबर सामने आने के बाद खाद्य-औषधि प्रशासन विभाग हरकत में आया। जांच पूरी होने के बाद ढाबे का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही संचालक को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। विभाग ने कहा है कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। इधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ढाबों और रेस्टोरेंटों की नियमित जांच होती, तो ऐसी लापरवाही सामने नहीं आती। अधिकारी भी आते हैं खाने पापा ढाबा में आम लोगों के साथ-साथ कई सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी भोजन करने आते हैं। वहीं, स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सिर्फ एक ढाबे पर कार्रवाई करने के बजाय जिले के सभी ढाबों और रेस्टोरेंटों की जांच की जाए। उनका कहना है कि कई जगह साफ-सफाई के नियमों का पालन नहीं हो रहा है और निरीक्षण केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। ढाबा संचालक ने दी सफाई पापा ढाबा के संचालक मुन्ना ठाकुर ने कहा कि वायरल वीडियो ढाबे को बदनाम करने की साजिश है। उन्होंने बताया कि जहां सामान्य रूप से बर्तन धोए जाते हैं, वहां निर्माण कार्य चल रहा था। इसी कारण कुछ समय के लिए दूसरी जगह बर्तन धोए जा रहे थे। उसी दौरान किसी ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। नगर पालिका अध्यक्ष के बयान पर बहस मामले में नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर अग्रवाल ने वायरल वीडियो को ढाबे को बदनाम करने की कोशिश बताया। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने इसे ढाबा संचालक के समर्थन में बताया, जबकि कुछ ने अध्यक्ष की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। …………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… ढाबे के शौचालय में धुल रहे थे बर्तन, VIDEO: मेल टॉयलेट के अंदर प्लेट-कटोरी साफ करता दिखा कर्मचारी, खाद्य विभाग बोला- नोटिस जारी करेंगे छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में हरेठी स्थित पापा ढाबा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में ढाबे का एक कर्मचारी पुरुष शौचालय के अंदर कटोरी, प्लेट और अन्य बर्तन धोता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद ढाबे की स्वच्छता व्यवस्था और खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
भदोही में गणेश ट्री फाउंडेशन ने 20 से 27 जुलाई तक चलने वाले साप्ताहिक वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनपद को हरा-भरा बनाना और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। अभियान के पहले चरण का आयोजन पुलिस लाइन ज्ञानपुर में किया गया। यहां अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल और अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी अमित यादव ने पौधे लगाकर अभियान की शुरुआत की। इसके बाद बैराखास गांव स्थित वीर शहीद शुलभ उपाध्याय स्मारक पर भी बड़ी संख्या में पौधे लगाए गए। वृक्षारोपण अभियान के तहत विभूति नारायण इंटर कॉलेज परिसर में भी संस्था ने पौधे लगाए। इसी क्रम में महिला थाना ज्ञानपुर परिसर में थाना प्रभारी सीमा सिंह के साथ मिलकर दर्जनों पौधे रोपे गए। इस दौरान सभी उपस्थित लोगों ने पेड़ों के संरक्षण और पर्यावरण बचाने का संकल्प लिया। गणेश ट्री फाउंडेशन के संस्थापक गणेश दुबे ने इस अवसर पर कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण करना भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने जनपदवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें सुरक्षित रखने की अपील की। इस कार्यक्रम में दीपक शुक्ला (प्रधान), विकास मौर्य, कार्तिक राय, ऋषभ दुबे, आशीष सोनकर, निहाल मिश्रा, प्रशांत ठाकुर, अंकित मौर्या, सचिन मिश्रा, सुनील पांडे, अंकित दुबे, विपिन दुबे और प्रियांशु शर्मा सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और संस्था के सदस्य उपस्थित रहे।
मुजफ्फरनगर में कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे मुज़फ्फरनगर के लोगों को सोमवार को आखिरकार बड़ी राहत मिल गई। अपराह्न करीब 4 बजे शहर और आसपास के इलाकों में अचानक मौसम ने करवट ली और झमाझम बारिश शुरू हो गई। तेज बारिश के साथ चली ठंडी हवाओं ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया और कुछ ही देर में तापमान लगभग 37–38 डिग्री सेल्सियस से गिरकर करीब 28 डिग्री तक पहुंच गया। पिछले कई दिनों से जिले में मानसून सक्रिय होने के बावजूद लगातार बारिश नहीं हो रही थी। एक दिन बारिश और फिर दो-तीन दिन का लंबा अंतराल रहने से उमस और गर्मी लोगों को बेहाल कर रही थी। सोमवार को हुई तेज बारिश ने न केवल मौसम को सुहाना बना दिया, बल्कि लोगों को उमस से भी बड़ी राहत दिलाई। बारिश शुरू होते ही सड़कों पर चल रहे लोगों ने सुरक्षित स्थानों का सहारा लिया, जबकि बच्चों और युवाओं ने बारिश का आनंद लिया। कई इलाकों में कुछ देर के लिए जलभराव की स्थिति भी बनी, लेकिन लोगों का कहना था कि गर्मी से राहत के सामने यह परेशानी छोटी है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश खरीफ फसलों, विशेष रूप से धान, गन्ना और अन्य वर्षा आधारित फसलों के लिए लाभकारी मानी जा रही है। वहीं मौसम में आई नमी से वातावरण भी पहले की तुलना में अधिक सुहावना हो गया। मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में भी जिले में रुक-रुककर बारिश होने की संभावना बनी हुई है। यदि मानसून इसी तरह सक्रिय रहा तो तापमान सामान्य स्तर पर बना रहेगा और उमस में भी कमी आएगी।
जबलपुर जिला अधिवक्ता संघ का वार्षिक चुनाव सोमवार को भारी हंगामे के बीच रद्द कर दिया गया। मतदान शुरू होने के कुछ ही देर बाद अव्यवस्था फैल गई, जिसके बाद मुख्य चुनाव अधिकारी ने इस्तीफा दे दिया। अधिवक्ताओं ने मतपत्र लीक होने और मतदान प्रक्रिया में अत्यधिक समय लगने का आरोप लगाया था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद के दौरान कुछ अधिवक्ताओं ने मतपत्र फाड़ दिए। मतपत्रों की कमी और मतदान व्यवस्था में गड़बड़ी की शिकायतों के कारण चुनाव स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को बिगड़ता देख मुख्य चुनाव अधिकारी ने मतदान प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने का निर्णय लिया। मतदान शुरू होने पर निर्वाचन अधिकारी जीएस ठाकुर ने पहले दावा किया था कि चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है, हालांकि थोड़ी बहुत दिक्कतें थीं। लेकिन कुछ ही घंटों में स्थिति पूरी तरह बदल गई और भारी विरोध के बाद मतदान प्रक्रिया रद्द करनी पड़ी। चुनाव अधिकारी के खिलाफ प्रदर्शनइस अप्रत्याशित फैसले के बाद मतदान स्थल पर तनाव बढ़ गया। मतदान रद्द होने से नाराज सैकड़ों अधिवक्ताओं और विभिन्न पदों के प्रत्याशियों ने चुनाव अधिकारी के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने चुनाव समिति के खिलाफ नारेबाजी की और मतदान निरस्त करने के निर्णय पर सवाल उठाए। बढ़ते हंगामे और दबाव के बीच, मुख्य चुनाव अधिकारी जीएस ठाकुर ने चुनाव प्रक्रिया से खुद को अलग कर लिया। उन्होंने एक पत्र जारी कर बताया कि चुनाव प्रक्रिया में व्यवधान के कारण निष्पक्ष चुनाव कराना संभव नहीं था, इसलिए मतदान रद्द किया गया है। इस संबंध में राज्य अधिवक्ता परिषद को सूचित किया जा रहा है। अब आगे की स्थिति को लेकर असमंजसइस पूरे घटनाक्रम से चुनाव की तैयारियों में महीनों से जुटे प्रत्याशियों को सबसे बड़ा झटका लगा । उम्मीदवारों का कहना है कि प्रचार-प्रसार और प्रबंधन में लगी उनकी भारी मेहनत, समय और संसाधनों पर पानी फिर गया है। इस दौरान अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी अधिवक्ता मनीष मिश्रा ने बताया कि यह अधिवक्ताओं के चुनाव अधिवक्ता ही पूरी जिम्मेदारी के साथ करवाते हैं। फिलहाल, मतदान निरस्त होने और मुख्य चुनाव अधिकारी के इस्तीफे के बाद आगे की रणनीति को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
प्रयागराज में सोमवार दोपहर करीब दो बजे शुरू हुई झमाझम बारिश देर शाम तक जारी रही है। लगातार हो रही बारिश से शहर के कई निचले इलाकों और प्रमुख सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कें पानी से लबालब हो गईं, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर धीमी रफ्तार से यातायात चलता रहा, जबकि बाजारों में भी लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। शहर के सिविल लाइंस, पत्थर गिरिजाघर, निरंजन चौराहा, बालसन चौराहा, डीआरएम चौराहा, चुंगी, सोहबतियाबाग डाट पुल समेत कई इलाकों में जलभराव हो गया। बारिश से उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत जरूर मिली, लेकिन जलभराव और फिसलन के कारण जनजीवन प्रभावित रहा। शहर के कई मोहल्लों, चौराहों और निचले इलाकों में पानी भरने की सूचना मिली। नालों की धीमी निकासी के कारण कुछ स्थानों पर पानी लंबे समय तक जमा रहा।
मऊ में अघोषित बिजली कटौती:हिंदू जागरण समिति का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा
मऊ जनपद में अघोषित बिजली कटौती के विरोध में सोमवार को हिंदू जागरण समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। समिति ने जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें जिले में नियमित और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई। हिंदू जागरण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह ने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही बिजली कटौती से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी और उमस के कारण लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यार्थियों की पढ़ाई सिंह ने आरोप लगाया कि बिजली की अनियमित आपूर्ति से व्यापार, उद्योग, किसानों की खेती, विद्यार्थियों की पढ़ाई और महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों तथा मरीजों को परेशानी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली विभाग के अधिकारी जनता की शिकायतों के प्रति असंवेदनशील हैं और जनप्रतिनिधियों के फोन तक नहीं उठाते, जिससे लोगों में आक्रोश है। राष्ट्रीय संगठन मंत्री एडवोकेट रामकृष्ण भारद्वाज ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति के निर्देश दिए हैं। हालांकि, स्थानीय स्तर पर अधिकारियों द्वारा इन निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। जिला अध्यक्ष मनीष सिंह ने मांग की कि मऊ में अघोषित बिजली कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए, विद्युत आपूर्ति की नियमित निगरानी हो और जनता की समस्याओं की अनदेखी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पूरी जिम्मेदारी प्रशासन उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो हिंदू जागरण समिति जनहित में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस प्रदर्शन के दौरान राज श्रीवास्तव, डॉ. संजय राव, शुभम गुप्ता सहित समिति के कई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
झालावाड़ में सुनेल थाना पुलिस ने सोशल मीडिया पर एयरगन लहराते हुए फोटो पोस्ट करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई शांति भंग की आशंका के तहत की गई है। एसपी अमित कुमार ने बताया कि जिला पुलिस कार्यालय की साइबर सेल को सूचना मिली थी। इसमें बताया गया था कि एक युवक ने एयर गन के साथ अपनी फोटो सोशल मीडिया पर डाली है, जिससे आमजन में भय का माहौल बन सकता है। सूचना के आधार पर सुनेल थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच में वायरल फोटो में दिख रहा युवक दानिश खां उर्फ गोलू (20), निवासी उन्हैल, थाना सुनेल, के रूप में पहचान हुई। पूछताछ के दौरान दानिश खां ने स्वीकार किया कि उसने ही यह फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड की थी। पुलिस ने फोटो में दिख रहे हथियार की जांच की, जो एक एयर गन निकली। पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया पर एयर गन लहराते हुए फोटो पोस्ट कर आमजन में भय और दहशत फैलाने की मंशा से आपत्तिजनक प्रदर्शन किया गया था। इसी के चलते युवक के खिलाफ धारा 170 बीएनएसएस के तहत शांति भंग की कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के PCCF अरूण कुमार पांडेय ने कहा कि हाथी नियंत्रण के लिए देशभर में जो भी अच्छी तकनीक है, उसका उपयोग छत्तीसगढ़ में किया जाएगा। हाथी-मानव द्वंद रोकने की हर संभव कोशिश की जा रही है। पीसीसीएफ ने कहा कि हाथियों की मौत होना चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि वनभूमि पर अतिक्रमण रोकने के लिए ज्यादा प्रभावी कार्य किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। सरगुजा प्रवास पर पहुंची PCCF अरूण कुमार पांडेय ने संभाग के वनविभाग के अधिकारियों की बैठक भी ली। पत्रकारों से चर्चा करते हुए PCCF पांडेय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हाथी-मानव द्वंद में जनहानि का आंकड़ा चिंताजनक है। इसे कम करने के लिए जो भी तकनीक देशभर में उपलब्ध है, उसे यहां लागू किया जाएगा। इसके लिए लगातार कई प्रयोग भी किए जा रहे हैं। PCCF पांडेय ने कहा कि वर्तमान में हाथियों की निगरानी के लिए एप है। हाथियों की निगरानी के लिए हाथी मित्र दल काम कर रहे हैं। एप के माध्यम से हाथियों की मौजूदगी की पूर्व सूचना दी जाती है। हाथी मित्र दल लोगों को सावधान करते हैं। पांडेय ने कहा कि मैं स्वयं हाथी प्रभावित केरल गया था, जहां हाथियों की संख्या छत्तीसगढ़ से दोगुनी है, लेकिन मौत के आंकड़े आधे से भी कम हैं। हाथियों की मौत भी चिंताजनक स्थिति में PCCF पांडेय ने कहा कि फसल व धनहानि का मुआवजा दे दिया जाता है, जिससे ज्यादा दिक्कत नहीं है। जनहानि चिंता का विषय है, जिसे कम करने हर संभव प्रयास किया जा रहा है। PCCF ने स्वीकार किया कि हाथियों की मौत भी चिंताजनक स्थिति में है, जिसे कम करने के लिए क्या किया जा सकता है, इसपर लगातार काम किया जा रहा है। हसदेव क्षेत्र में नई कोयला खदानों के कारण पेड़ कटाई को लेकर पीसीसीएफ ने कहा कि किसी भी इलाके में परिवर्तन का लंबा असर होता है। हम नए पेड़ भी लगा रहे हैं। पर्यावरण या बायो डावर्सिटी पर कितना असर होगा, इसके लिए लंबा अध्ययन करना होता है। फिलहाल इसपर कुछ नहीं कह सकते। हसदेव क्षेत्र में नई कोयला खदानों के कारण पेड़ कटाई को लेकर पीसीसीएफ ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में परिवर्तन को समझने के लिए दीर्घकालीक रिसर्च की जरूरत पड़ती है। हम नए पेड़ भी लगा रहे हैं। उम्मीद करते हैं कि पर्यावरण या बायो डावर्सिटी पर कितना असर होगा, इसके लिए लंबा अध्ययन करना होता है। फिलहाल इसपर कुछ नहीं कह सकते। वनभूमि पर अतिक्रमण रोकने होगी कड़ाई पीसीसीएफ अरूण कुमार पांडेय ने कहा कि वनभूमि पर अतिक्रमण गंभीर समस्या है। हमारे जमीन की चोरी हो रही है। इसे रोकने के लिए आज भी अधिकारियों को बैठक में निर्देश दिया गया है। अधिकारियों को कहा गया है कि नियमित मानिटरिंग करें। एसईसीएल के अधिकारियों को भी आज बुलाया गया था, उन्हें भी निर्देश दिया गया है कि वनविभाग के साथ संयुक्त टीम बनाकर कोयला चोरी व अतिक्रमण रोकने के लिए काम करें। सामाजिक वानिकी में भी एसईसीएल पैसा लगाएगी। इसके लिए अब अनुमति मिल गई है, जो पहले नहीं थी। दिखेगा लेमरू एलिफेंड रिजर्व का काम पीसीसीएफ अरूण कुमार पांडेय ने कहा कि लेमरू एलिफेंट रिजर्व का एरिया बढ़ाकर 1995 वर्ग किलोमीटर कर दिया गया है। इसका नोटिफिकेशन सेंट्रल से जारी हो गया है। लेमरू प्रोजेक्ट का काम जल्द दिखेगा। इसके लिए राशि भी स्वीकृत की गई है और काम भी हो रहे हैं। लेमरू क्षेत्र हाथियों का सुरक्षित रहवास दशकों से रहा है। PCCF ने कहा कि छत्तीसगढ़ के ऐसे पार्क या संरक्षित क्षेत्र जो लोगों को आकर्षित कर सकते हैं, उन्हें विकसित करने एवं संचालित करने के लिए आउटसोर्सिंग का भी प्रस्ताव है। इसके लिए निविदा भी आमंत्रित की गई थी। पीसीसीएफ ने कहा कि गुरूघासीदास तैमोर पिंगला क्षेत्र में रिहायसी गांव व बसाहटें हैं। वहां के लोग चाहेंगे तो उनका पुनर्वास किया जाएगा। यही नियम भी है। ग्रामीणों की सहमति होगी तो उन्हें दूसरी जगह जमीन देकर बसाया जाएगा। पत्रकारों से चर्चा के दौरान सीसीएफ सरगुजा, डीएफओ सरगुजा सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
दरभंगा में पेपर लीक, शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार को लेकर सोमवार को पोलो मैदान स्थित धरनास्थल पर 'छात्र-युवा आक्रोश दिवस' मनाया गया। कार्यक्रम आइसा, आरवाईए (RYA) और भाकपा (माले) के संयुक्त आह्वान पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन आइसा नेता मिथिलेश कुमार और अध्यक्षता आरवाईए के राज्य सह सचिव संदीप कुमार चौधरी ने की। आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारें शिक्षा व्यवस्था को सुधारने में विफल रही हैं। लगातार हो रहे पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता और भ्रष्टाचार के कारण लाखों छात्रों और युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाया जाए।पेपर लीक की सभी घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने, प्रभावित छात्रों को न्याय दिलाने और शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। मांगों की अनदेखी हुई तो आंदोलन तेज होगा सभा में वक्ताओं ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उनका दावा था कि वहां पिछले 22 दिनों से आइसा की नेत्री नेहा, मनीष समेत कई छात्र आंदोलन का नेतृत्व करते हुए भूख हड़ताल पर बैठे हैं।आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों और युवाओं की मांगों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कार्यक्रम में ये रहे मौजूद धरना में भाकपा (माले) के जिला सचिव बैद्यनाथ यादव, राज्य कमेटी सदस्य शनिचरी देवी, नेयाज अहमद, अभिषेक कुमार, वरिष्ठ नेता आरके साहनी, आरवाईए के राज्य सह सचिव संदीप कुमार चौधरी, जिलाध्यक्ष ओणम सिंह, नंदलाल ठाकुर, अशोक पासवान, कमरे आलम, सबा रौशनी, कामेश्वर पासवान, बसंती देवी, गंगा मंडल, अवधेश सिंह, मोहम्मद शौकत, प्रो. कल्याण भारती, हरिश्चंद्र पासवान, धर्मेश यादव, उमेश साह, अमरजीत पासवान, हरि पासवान, जिला परिषद सदस्य सुमित्रा देवी, केशरी यादव, नागमणि यादव, प्रिंस राज सहित बड़ी संख्या में छात्र-युवा एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जोधपुर शहर में लगातार बढ़ रही गर्मी और पानी के स्टोरेज की कमी के चलते हालात सुधर नहीं रहे हैं। ऐसे में जलदाय विभाग की ओर से लगातार 'क्लोजर' लिया जा रहा है। अब 22 जुलाई को मेंटेनेंस और वॉटर स्टोरेज को लेकर शहर के सभी फिल्टर हाउस से पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद रहेगी। रअसल, जोधपुर शहर में लगातार क्लोजर लेने की नौबत आ रही है। हर नए शेड्यूल के बाद जलदाय विभाग की ओर से एक दिन पूरे शहर की पानी सप्लाई बंद रखी जा रही है, जिसके बाद ही जल आपूर्ति का नया शेड्यूल जारी किया जा रहा है। यह रहेगा नया सप्लाई शेड्यूल जलदाय विभाग के एसई (SE) राजेंद्र मेहता ने बताया कि शहर के कायलाना, चौपासनी और सुरपुरा फिल्टर हाउस से जुड़े क्षेत्रों में: 22 जुलाई को होने वाली पानी की सप्लाई अब 23 जुलाई को होगी। 23 जुलाई को होने वाली सप्लाई अब 24 जुलाई को की जाएगी। राजेंद्र मेहता ने आगे बताया कि झालामंड और तख्त सागर फिल्टर हाउस से जुड़े क्षेत्रों (जैसे- सरस्वती नगर, कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड के विभिन्न सेक्टर, पाल बाइपास और शिल्पग्राम के आस-पास के इलाकों) में 22 जुलाई को सुबह 10 बजे तक की जाने वाली सप्लाई सामान्य रहेगी। इसके बाद का शेड्यूल इस प्रकार होगा: यहां 23 जुलाई को होने वाली सप्लाई अब 24 जुलाई को होगी। 24 जुलाई को होने वाली पानी की सप्लाई अब 25 जुलाई को की जाएगी।
जोधपुर में घर के सामने डीजे बजाने से मना करने पर विवाद बढ़ गया। इसके बाद आरोपियों ने युवक की पिटाई कर दी। इससे युवक की मौत हो गई। यह घटना शहर के BJS की नट बस्ती में सोमवार दोपहर करीब 1 बजे हुई। महामंदिर थानाधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया- नट बस्ती में दो पक्षों के बीच डीजे बजाने की बात को लेकर झगड़ा हुआ था। झगड़े में सिकंदर (45) पुत्र सिपाहीराम घायल हो गया था। इसके बाद परिजन सिकंदर को लेकर पावटा हॉस्पिटल पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। देवेंद्र सिंह ने बताया- सिकंदर के शरीर पर किसी भी प्रकार की बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है। इसमें मौत के सही कारणों का भी खुलासा हो सकेगा। वहीं घटना के बाद सिकंदर के परिजन अस्पताल के बाहर एकत्र हो गए। सिकंदर के परिजनों ने जिन लोगों के नाम बताए हैं। इस पर एक आरोपी को डिटेन किया है। सिकंदर मजदूरी करता था। रोज घर के सामने DJ बजाता था आरोपी राकेश ने बताया- बस्ती का रहने वाला आरोपी रामू मेरे भाई सिकंदर के घर के सामने रोज DJ लाकर बजाता था। इसे लेकर दो-तीन बार पहले भी भाई सिकंदर ने कहा था कि DJ यहां मत बजाओ, लेकिन आरोपी नहीं माना। रामू का बेटा आज भी DJ लेकर आया था। उसे मना कर वापस घर भेज दिया गया। इसके थोड़ी देर बाद रामू वापस लौटा और बोला कि हिम्मत है तो डीजे बंद करवा। फिर 5-7 लोगों के साथ सिकंदर को मुक्का मार दिया। सिकंदर को हार्ट की बीमारी भी थी। इससे उसे चोट लगी। पुलिस ने कहा- पहले से चल रहा था विवाद पुलिस सूत्रों ने कहा- आरोपियों और मृतक में पहले से रंजिश थी। रामू का बेटा डीजे लेकर पहुंचा था। इसे लेकर मृतक ने विरोध किया। वहीं मृतक के परिजनों ने डीजे में तोड़फोड़ भी की थी। इसे लेकर विवाद बढ़ गया। बाद में दूसरा पक्ष मौके पर पहुंचा और एक-दूसरे से झगड़ने लगे। इस झगड़े में सिकंदर की जान चली गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। घटनास्थल पर RAC जवान तैनात मामले को लेकर डीसीपी मनीष चौधरी ने भी मौका मुआयना किया और निर्देश दिए। वहीं घटनास्थल के आसपास RAC जवान भी तैनात किए गए हैं।
हरदोई के इतिहास, पौराणिक विरासत और पर्यटन स्थलों को नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से एक रैप एल्बम लॉन्च किया गया है। 'हरिद्रोही से हरदोई- एक रैपर की जुबानी' नामक इस एल्बम की सीडी और पोस्टर का विमोचन सोमवार शाम 4 बजे बाल विद्या भवन में हुआ। प्रमुख संत स्वामी यतीन्द्रानंद जी महाराज ने एल्बम का शुभारंभ करते हुए इसे हरदोई के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक गौरव को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास बताया। एल्बम के सह-निर्माता अमन सिंह ने बताया कि इस परियोजना का लक्ष्य हरदोई के ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करना है। इसका उद्देश्य पर्यटकों को जिले की ओर आकर्षित करना भी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक संगीत शैली रैप के माध्यम से हरदोई की विरासत युवाओं तक पहुंचाई जाएगी। संगीतकार संकेत तिवारी ने बताया कि यह पहली बार है जब हरदोई के इतिहास और सांस्कृतिक पहचान पर आधारित रैप सांग तैयार किया गया है। इसके माध्यम से लोगों को जिले के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों की जानकारी मनोरंजक तरीके से मिल सकेगी। एल्बम के निर्देशक और रैप कलाकार गौरव रमेश अग्रवाल ने हरदोई में पर्यटन की अपार संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यहां की ऐतिहासिक धरोहरों और पौराणिक स्थलों की जानकारी देश-दुनिया तक पहुंचने से जिले को एक नई पहचान मिलेगी। बाल विद्या भवन की प्रबंधक कीर्ति सिंह ने बताया कि यह एल्बम जल्द ही यूट्यूब, 56 प्रमुख म्यूजिक ऐप्स और विभिन्न एफएम चैनलों पर जारी किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जिस समर्पण से जी म्यूजिक हरदोई की टीम जिले की ऐतिहासिक धरोहरों को सामने ला रही है, उसी भावना से उनके संरक्षण और संवर्धन की भी आवश्यकता है।
भिवानी के कितलाना टोल प्लाजा पर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की बैठक आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता भाकियू (टिकैत) जिलाध्यक्ष राकेश आर्य नीमड़ीवाली ने की। बैठक में भिवानी और चरखी दादरी जिले से आए टावर प्रभावित किसानों और भाकियू पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (एचवीपीएनएल) और बिजली वितरण निगम के अधिकारियों के तानाशाही रवैये को लेकर किसानों में आक्रोश देखने को मिला। किसानों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि प्रशासन की वादाखिलाफी और बिजली लाइनों के निर्माण में किसानों के अधिकारों के हनन के विरोध में 30 जुलाई को जिला मुख्यालय पर प्रदेश स्तरीय रोष प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में भाकियू (टिकैत) जिलाध्यक्ष राकेश आर्य ने बताया कि एचवीपीएनएल द्वारा बिछाई जा रही विभिन्न बिजली लाइनों विशेष रूप से भिवानी, ईश्वरवाल, भिवानी और आदमपुर लाइनों को लेकर किसानों के साथ लगातार अन्याय किया जा रहा है। अधिकारियों का रवैया सहयोगात्मक न होकर तानाशाहीपूर्ण बना हुआ है, जिससे प्रभावित किसानों में गहरा रोष है। राकेश आर्य ने स्पष्ट किया कि टावर स्थापित करने और हाई-वोल्टेज लाइने निकालने के नाम पर किसानों की जमीनों का उचित मुआवजा और सुरक्षा मानक सुनिश्चित नहीं किए जा रहा। जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार थौंप रही जबरन अघोषित इमरजेंसी भाकियू जिलाध्यक्ष राकेश आर्य ने कहा कि अपनी मांगों के लिए रोष प्रदर्शन करना और अपनी बात सरकार तक पहुंचाना हमारा संवैधानिक अधिकार है। लेकिन वर्तमान सरकार आम जनता और किसानों पर जबरन अघोषित इमरजेंसी थौंप रही है। सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करके किसानों की आवाज को दबाना चाहती है। जिसे भाकियू किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी। यह लड़ाई केवल हमारी जमीनों या बिजली लाइनों की नहीं है, बल्कि अपने हकों, देश के भविष्य और संविधान को बचाने की लड़ाई है। 30 जुलाई को भिवानी में होने वाला रोष प्रदर्शन इस तानाशाही के खिलाफ मील का पत्थर साबित होगा।
हरदा के सनफ्लावर स्कूल में एक छात्रा की मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) में विरोधाभास का मामला सामने आया है। नौवीं कक्षा की छात्रा को मार्कशीट में फेल बताया गया है, जबकि उसे जारी की गई टीसी में पास दर्शाया गया है। इस मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई गई है। जानकारी के अनुसार, छात्रा पिछले नौ सालों से इसी स्कूल में पढ़ रही थी। उसे नौवीं कक्षा की परीक्षा में 500 में से केवल 119 अंक दिए गए, और क्लास टीचर ने उसके प्रदर्शन को 'पुअर' (खराब) बताया था। इसके बावजूद, स्कूल द्वारा जारी टीसी में उसे अगली कक्षा में प्रवेश के लिए 'पास' दिखाया गया है। जब इस संबंध में स्कूल की प्राचार्य भुवनेश्वरी पांडे से बात की गई, तो उन्होंने इसे 'प्रिंटिंग मिस्टेक' बताया। प्राचार्य ने कहा कि यदि छात्रा फेल है, तो उसे मार्कशीट और टीसी दोनों में ही फेल दर्शाया जाएगा। गौरतलब है कि किसी भी छात्र को टीसी जारी करने से पहले उस पर प्राचार्य के हस्ताक्षर अनिवार्य होते हैं। सूत्रों के अनुसार, स्कूल प्रबंधन अपनी गलती छिपाने और प्राचार्य को बचाने के लिए छोटे कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश कर रहा है। इस मामले पर शाला विकास समिति के अध्यक्ष रविशंकर अग्रवाल ने कहा है कि संस्थान की छवि खराब नहीं होने दी जाएगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, छात्रा ने शहर के एक अन्य निजी स्कूल में प्रवेश ले लिया है।
धार कृषि उपज मंडी में रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को कुल 5656 बोरी कृषि उपज की आवक दर्ज की गई। इस दौरान सोयाबीन का अधिकतम भाव 7406 रुपए प्रति क्विंटल और गेहूं का अधिकतम भाव 2928 रुपए प्रति क्विंटल रहा। मंडी में किसानों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली और दिनभर उपज की नीलामी चलती रही। मंडी में सबसे अधिक सोयाबीन की 2841 बोरी आवक हुई। सोयाबीन का न्यूनतम भाव 4100 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम भाव 7406 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंचा। गेहूं की 2777 बोरी की आवक हुई। गेहूं का न्यूनतम भाव 1940 रुपए प्रति क्विंटल रहा, वहीं अधिकतम भाव 2928 रुपए प्रति क्विंटल तक बिका। देसी चने की केवल 1 बोरी बिक्री के लिए पहुंची, जिसका भाव 5100 रुपए प्रति क्विंटल रहा। डॉलर चने की 21 बोरी आवक हुई, जिसका न्यूनतम भाव 4780 रुपए और अधिकतम भाव 8000 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। इसके अतिरिक्त, मक्का की 11 बोरी मंडी पहुंची। मक्का का न्यूनतम भाव 2095 रुपए और अधिकतम भाव 2222 रुपए प्रति क्विंटल रहा। सोमवार को मंडी में किसानों और व्यापारियों की चहल-पहल बनी रही, जिससे खरीदी-बिक्री का दौर पूरे दिन जारी रहा।
नोएडा आए मालिक की कार से 9 लाख रुपए से भरा बैग चोरी कर ड्राइवर फरार हो गया। हालांकि थाना सेक्टर-20 पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से 48 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से चोरी की पूरी 9 लाख रुपए की नकदी और एक अवैध चाकू बरामद हुआ है। एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया- 18 जुलाई को अलीगढ़ निवासी पीड़ित अपने परिवार के साथ नोएडा के एक मॉल में खरीदारी करने आए थे। इसी दौरान उनका ड्राइवर कपिल कार में रखा 9 लाख रुपए से भरा बैग लेकर फरार हो गया। पीड़ित की शिकायत पर थाना सेक्टर-20 में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पैसा देखकर लालच आ गया जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से आरोपी को 20 जुलाई को लाल पैथ लैब के सामने स्थित पार्क से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से चोरी की पूरी रकम बरामद कर ली गई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पिछले 12 साल से पीड़ित के यहां ड्राइवर की नौकरी कर रहा था। कार में एक साथ इतनी बड़ी रकम देखकर उसके मन में लालच आ गया।
किशनगंज मंडल कारा में बंद एक महिला बंदी की रविवार देर रात दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। मृतका की पहचान गलगलिया थाना क्षेत्र के योगी टोला निवासी 50 वर्षीय जेठाली हासदा (पति- रामू मुरमुर) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, महिला बंदी जेठाली हासदा को गलगलिया थाना कांड संख्या 73/2026 (शराब मामला) के तहत रविवार शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच न्यायिक हिरासत में मंडल कारा लाया गया था। जेल के महिला सेल में रहने के दौरान देर रात उसे अचानक कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) आया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। तबीयत बिगड़ते ही कारा प्रशासन ने महिला बंदी को तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। हालांकि, एमजीएम मेडिकल कॉलेज ले जाने से पहले ही महिला बंदी की मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में करवाया जा रहा है। सूचना मिलने पर किशनगंज सदर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार पुलिस बल के साथ सदर अस्पताल पहुंचे। काराधीक्षक धर्मेंद्र कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि गलगलिया थाना कांड संख्या 73/26 में शराब के एक मामले में उक्त महिला बंदी को रविवार को न्यायिक हिरासत में जेल लाया गया था। उन्होंने बताया कि महिला सेल में देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। कारा प्रशासन द्वारा आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
लसाड़िया क्षेत्र में कुएं में गिरा लेपर्ड:चारपाई-पिंजरे की मदद से वन विभाग ने निकाला
सलूंबर जिले के लसाड़िया क्षेत्र में वन विभाग ने गहरे कुएं में गिरे लेपर्ड का रेस्क्यू किया। दानितालाई वन क्षेत्र के खाबड़ मार्ग स्थित कुए में ये लेपर्ड गिर गया था। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। टीम ने सबसे पहले कुएं के आसपास सुरक्षा घेरा बनाकर भीड़ को नियंत्रित किया। टीम ने धैर्य और सूझबूझ का परिचय देते हुए चारपाई और एक पिंजरे की मदद से लेपर्ड को सुरक्षित बाहर निकाला। बांसी नर्सरी में स्वास्थ्य जांच के लिए भेजा रेस्क्यू अभियान के दौरान लेपर्ड पूरी तरह सुरक्षित रहा। उसे प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण के लिए वन विभाग की बांसी नर्सरी भेजा गया है, जहां डॉक्टर की निगरानी में उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। वन अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में लेपर्ड पूरी तरह स्वस्थ पाया जाता है तो उसे जंगल में छोड़ दिया जाएगा। वन विभाग ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वे जंगलों के आसपास स्थित खुले कुओं को सुरक्षित ढकें या उनके चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाएं, ताकि भविष्य में वन्यजीव ऐसी दुर्घटनाओं का शिकार न हों।
अशोकनगर में एआईडीएसओ (AIDSO) के कार्यकर्ता सोमवार को सोनम वांगचुक के समर्थन में कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से सोनम वांगचुक सहित अनशन पर बैठे लोगों से जल्द बातचीत शुरू करने, एनटीए (NTA) को भंग करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। ज्ञापनकारियों ने बताया कि पिछले एक माह से अधिक समय से देशभर में छात्र, युवा और अभिभावक पेपर लीक तथा एनटीए में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार छात्रों की मांगों पर ध्यान देने के बजाय आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने सोनम वांगचुक और अन्य अनशनकारियों की बिगड़ती सेहत पर चिंता व्यक्त की, जो पिछले 23 दिनों से अनशन पर हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार ने उनसे संवाद करने के बजाय उन्हें धरना स्थल से हटाने का कदम उठाया, जिसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया गया। लाठीचार्ज की भी निंदा की गईज्ञापन में संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज की भी निंदा की गई। एआईडीएसओ ने इसे अलोकतांत्रिक बताते हुए पुलिस कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। छात्र संगठन ने कहा कि देशभर में छात्र-युवा इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। ज्ञापन के माध्यम से छह प्रमुख मांगें रखीं। इनमें एनटीए को समाप्त करना, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सुनिश्चित करना, सोनम वांगचुक एवं अन्य अनशनकारियों से सरकार द्वारा शीघ्र बातचीत शुरू करना, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस हस्तक्षेप रोकना, पेपर लीक पर प्रभावी नियंत्रण लगाना तथा सभी बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना शामिल है।
कैमूर जिला पुलिस ने पशु तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। चाँद थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कोनहरा पुल के पास वाहन चेकिंग की। इस दौरान एक पिकअप वाहन से सात मवेशी बरामद किए गए और एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया। चेकिंग के दौरान संदिग्ध पिकअप वाहन (रजिस्ट्रेशन नंबर: UP67T6789) को रोका गया। वाहन की तलाशी में 07 गोवंशीय मवेशी क्रूरतापूर्वक बंधे हुए पाए गए। पुलिस ने मौके से वाहन चालक मथुरा प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया। मथुरा प्रसाद, मुन्ना बिन्द का पुत्र और शहबाजपुर, चाँद, कैमूर का निवासी है। गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारीगिरफ्तार आरोपी का साथी कमलेश बिन्द उर्फ बाटे बिन्द अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी मथुरा प्रसाद का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और चंदौली (हलिया, सैयदराजा और इलिया थाना) में आर्म्स एक्ट, गौ हत्या निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
सहारनपुर में बड़े भाई की साली से अफेयर के चलते दोस्त ने ही शुक्रवार को (17 जुलाई) युवक की गला घोंटकर हत्या की थी। इसके बाद लाश को गन्ने के खेत में फेंक कर फरार हो गया था। सोमवार को पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों मोबिन और रहमान को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि दोस्त के भाई की साली से चल रहे प्रेम-प्रसंग के कारण हत्या की साजिश रची गई थी। आरोपियों ने नशा करने के बहाने विपिन को गन्ने के खेत में बुलाया और गमछे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। सोमवार को पुलिस लाइन सभागार में एसपी देहात मयंक पाठक ने बताया कि मुख्य आरोपी मोबिन और विपिन के बीच गहरी दोस्ती थी। मोबिन अक्सर उसे अपनी रिश्तेदारी में शामली के जंधेड़ी गांव ले जाता था। वहीं उसकी मौसी की बेटी से विपिन की बातचीत शुरू हो गई। मोबिन भी उसी युवती से शादी करना चाहता था और कई बार विपिन को उससे बात करने से मना कर चुका था। इसके बावजूद दोनों के बीच संपर्क जारी रहा, जिसके बाद उसने हत्या की साजिश रच डाली। गन्ने के खेत में बैठकर किया नशा, फिर कर दी हत्या पुलिस के मुताबिक 17 जुलाई को मोबिन ने फोन कर विपिन को नशा करने के बहाने बुलाया। इसके बाद मोबिन, रहमान और विपिन एक ही बाइक से गांव के जंगल में गन्ने के खेत के पास पहुंचे। शीशम के पेड़ के नीचे बैठकर नशा करने के दौरान मोबिन ने फिर युवती से संबंध खत्म करने की बात कही। विवाद बढ़ने पर उसने गमछे से विपिन का गला दबा दिया। जब वह छटपटाने लगा तो रहमान ने उसके पैर पकड़ लिए। दोनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी शव को मौके पर छोड़कर फरार हो गए। रास्ते में उन्होंने मृतक का मोबाइल और अन्य सामान भी फेंक दिया। टाबर तिराहे से हुई गिरफ्तारी एसपी देहात ने बताया कि दोनों आरोपियों को नकुड़-शाहजहांपुर मार्ग पर टाबर तिराहे के पास से गिरफ्तार किया गया। उनकी निशानदेही पर मृतक की मार्कशीट और आधार कार्ड भी बरामद किए गए हैं। कुतुबपुर निवासी बृजपाल ने 17 जुलाई को सरसावा थाने में तहरीर देकर बताया था कि उनके बेटे विपिन की मारपीट के बाद गला दबाकर हत्या कर दी गई है। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान प्रेम-प्रसंग और आपसी रंजिश हत्या की वजह निकली, जिसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया।
सीधी जिले के रामपुर नैकिन न्यायालय परिसर में सोमवार शाम बारिश के दौरान एक भवन की जर्जर दीवार ढहने से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भर्ती कराया गया है। बारिश से बचने दीवार के पास खड़े थे लोग सोमवार शाम करीब 4 बजे अचानक शुरू हुई तेज बारिश से बचने के लिए कुछ लोग परिसर में बने एक भवन की दीवार की आड़ में खड़े हो गए थे। इसी दौरान जर्जर दीवार अचानक ढह गई और चार लोग मलबे के नीचे दब गए। अन्य लोगों के दबे होने की आशंका, रेस्क्यू जारी घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मलबे में अन्य लोगों के भी दबे होने की आशंका के चलते प्रशासनिक टीम स्थानीय लोगों की मदद से देर शाम तक राहत और बचाव कार्य में जुटी रही। हादसे में सुखसेन और साझाही की मौत हादसे में सुखसेन केवट और साझाही साहू की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं रामसजीवन साहू और राजेश केवट गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भर्ती कराया गया है। मृतकों और घायलों की शिनाख्त में जुटी पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार मृतकों और घायलों की पहचान की कोशिश की जा रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि लगातार हो रही बारिश और भवन की जर्जर हालत के कारण दीवार कमजोर होकर गिर गई।
पश्चिम चंपारण के बेतिया में सोमवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यालय से सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए इमली चौक पहुंची। यहां प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। छात्र-नौजवानों के देशव्यापी आंदोलन का समर्थन इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की और छात्र-नौजवानों के देशव्यापी आंदोलन का समर्थन किया। भाकपा नेताओं ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार संकट का सामना कर रही है और छात्रों तथा युवाओं की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। नेताओं ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है। उनका आरोप था कि असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है तथा लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित किया जा रहा है। छात्र,किसान, मजदूर के अधिकारों की रक्षा को संघर्ष वक्ताओं ने बताया कि छात्र, युवा, किसान, मजदूर और आम नागरिक अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। हालांकि, सरकार उनकी मांगों पर ध्यान देने के बजाय विरोध को दबाने में लगी है। उन्होंने जोर दिया कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वोपरि होती है और सरकार को संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप कार्य करना चाहिए। भाकपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जनता की आवाज को दबाने का प्रयास करेगी तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से सड़क से लेकर सदन तक अपना संघर्ष और तेज करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि देशभर में चल रहा छात्र-युवा आंदोलन केवल शिक्षा से जुड़े मुद्दों तक सीमित नहीं है। लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा का आंदोलन बल्कि संविधान, लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा का भी आंदोलन है। पार्टी ने छात्र-युवा आंदोलनों के साथ मजबूती से खड़े रहने और जनहित से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने की घोषणा की। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र, संविधान और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प भी लिया।
गुमला जिले के सदर थाना क्षेत्र स्थित कोटाम बहेरा टोली में एक 22 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना रविवार शाम की है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर सोमवार को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। परिजनों के अनुसार, मृतिका का नाम गंगी उराव उर्फ नीला कुमारी था। वह बीते दिनों करौंदी में लगे रथ मेले को देखने गई थी। मेला देखने के बाद वह दो दिनों तक घर नहीं लौटी थी। रविवार शाम को जब वह घर पहुंची, तो परिजनों ने उससे दो दिन बाहर रहने के बारे में पूछताछ की और उसे डांटा-फटकारा। परिजनों की डांट से नाराज होकर गंगी ने उसी शाम घर में दुपट्टे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार, मृतिका ने दो-तीन साल पहले इंटर की पढ़ाई पूरी कर ली थी और उसके बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। वो दोस्तों के साथ शुक्रवार को रथ मेला देखने के लिए गुमला शहर से कुछ दूरी पर करौंदी मैदान गई हुई थी। जिसको लेकर परिजन काफी परेशान है थे और दो दिनों तक काफी खोजबीन की थी लेकिन कोई जानकारी परिजनों को उसके विषय में नहीं मिल पाई थी। सोमवार को सदर अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस सब-इंस्पेक्टर बिनय कुमार महतो मामले की गहनता से छानबीन कर रहे हैं।
फतेहाबाद के जाखल में अपराध अनुसंधान शाखा (सीआईए) टोहाना ने 2 नशा तस्करों को 1 किलो 330 ग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई नशा तस्करों के खिलाफ की गई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक मारुति स्विफ्ट कार भी जब्त की है। बरामद अफीम की बाजार कीमत लगभग ढाई लाख रुपए बताई जा रही है। दोनों आरोपियों के खिलाफ जाखल थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 19 जुलाई को हुई जब सीआईए टोहाना की टीम एसआई जग्गा सिंह के नेतृत्व में गांव म्योंद कलां क्षेत्र में नशा तस्करी की रोकथाम के लिए गश्त कर रही थी। सीटों के बीच में छिपा रखी थी अफीम गश्त के दौरान, टीम को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली। मुखबिर ने बताया कि गांव म्योंद कलां निवासी सोनू और आकाशदीप उर्फ मुस्सा एक सफेद मारुति स्विफ्ट कार में अफीम लेकर साधनवास रोड स्थित गुरु नानक राइस मिल के सामने मौजूद हैं। इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए, पुलिस टीम मौके पर पहुंची, कार को घेरा और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए, आरोपियों की मांग पर नायब तहसीलदार हरिश कुमार की उपस्थिति में कार की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान, कार की आगे की दोनों सीटों के बीच बने हैंडरेस्ट बॉक्स से एक पारदर्शी पॉलीथिन बरामद हुई। इसमें अफीम थी, जिसका इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन करने पर कुल 1 किलो 330 ग्राम पाया गया। तस्करी नेटवर्क का पता लगाने में जुटी पुलिस जाखल थाना प्रभारी संजय कुमार ने पुष्टि की कि पुलिस ने अफीम और कार को कब्जे में लेकर आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी अफीम कहां से लाए थे, इसकी आपूर्ति किसे की जानी थी और इस तस्करी नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
एम्स रायपुर ने मरीजों की सुविधा के लिए बड़ा बदलाव किया है। अब ओपीडी के मरीजों को लैब टेस्ट कराने के लिए प्रिंटेड पर्ची लेकर घूमने की जरूरत नहीं होगी। डॉक्टर जैसे ही टेस्ट लिखेंगे, उसकी जानकारी सीधे सिस्टम में पहुंच जाएगी। मरीज सीधे डोम-1 फलेबोटोमी जोन जाकर सैंपल दे सकेंगे। अब कैसे होगा पूरा प्रोसेस? पहले मरीज को डॉक्टर से पर्ची लेकर लैब पहुंचना पड़ता था। अब ऐसा नहीं होगा। डॉक्टर सिस्टम में टेस्ट रिक्वेस्ट डालेंगे। जानकारी सीधे लैब के सिस्टम में पहुंच जाएगी। मरीज सीधे डोम-1 फलेबोटोमी जोन जाएगा। वहां रजिस्ट्रेशन के बाद बारकोड बनेगा। फिर ब्लड या दूसरे सैंपल लिए जाएंगे। यानी पूरी प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और तेज हो जाएगी। फलेबोटोमी जोन क्या होता समझिए फलेबोटोमी का मतलब होता है ब्लड सैंपल (खून का नमूना) लेने की प्रक्रिया। फलेबोटोमी जोन यानी अस्पताल का वह सैंपल कलेक्शन सेंटर, जहां मरीजों के ब्लड और दूसरे लैब सैंपल लिए जाते हैं। मरीजों को क्या फायदा? इसके साथ ही पेपर का इस्तेमाल भी कम होगा, जिससे पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा। बच्चों के लिए भी खास इंतजाम डोम-1 में बच्चों के लिए अलग चाइल्ड-फ्रेंडली सैंपल कलेक्शन रूम बनाया गया है। यहां ऑडियो-वीडियो की सुविधा रहेगी ताकि ब्लड सैंपल देते समय बच्चे घबराएं नहीं। मरीजों को बेहतर और आसान हेल्थ सर्विस के लिए सुविधा कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल ने कहा कि एम्स रायपुर लगातार डिजिटल टेक्नोलॉजी अपना रहा है, ताकि मरीजों को बेहतर और आसान हेल्थ सर्विस मिल सके। वहीं, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट प्रो. (डॉ.) डी.के. त्रिपाठी ने कहा कि नई पेपरलेस व्यवस्था से रोज आने वाले हजारों मरीजों को तेजी से सुविधा मिलेगी और अस्पताल का काम भी पहले से ज्यादा आसान होगा। अभी से लागू हुई व्यवस्था अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, फलेबोटोमी से जुड़ी सभी सेवाएं अब डोम-1 से ही संचालित होंगी। ओपीडी के जिन मरीजों को लैब टेस्ट कराना है, वे सीधे वहीं जाकर अपना सैंपल दे सकते हैं।
भागलपुर जिले के नवपदस्थापित उप विकास आयुक्त (डीडीसी) रवि राकेश ने सोमवार को पदभार ग्रहण कर लिया। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। डीआरडीए के अधिकारियों ने डीडीसी को जिले में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं, ग्रामीण विकास कार्यक्रमों और लंबित परियोजनाओं की जानकारी दी। अधिकारियों ने जिले में चल रहे कार्यों की वर्तमान स्थिति से भी उन्हें अवगत कराया, ताकि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा सकें। रवि राकेश का तबादला पूर्णिया से भागलपुर किया गया है। इससे पहले वे पूर्णिया में विभिन्न प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। विकास योजनाओं को तय समय में पूरा करने के निर्देश पदभार संभालने के बाद रवि राकेश ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि विकास योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जा सके। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही योजनाओं की सतत निगरानी करने की बात भी कही।
बांका जिले की ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से जीविका परियोजना के तहत एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। बिहार राज्य दुग्ध सहकारी संघ (सुधा) के सहयोग से जिले की सभी 182 पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से जीविका सुधा बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे। यह योजना राज्य सरकार के सात निश्चय-3 कार्यक्रम का हिस्सा है। बिक्री केंद्र की स्थापना को सहायता राशि इस योजना का मुख्य लक्ष्य महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। प्रत्येक बिक्री केंद्र की स्थापना के लिए अधिकतम 60 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। लाभुक महिला को कार्यशील पूंजी के रूप में 15 हजार रुपये का स्वयं निवेश करना होगा। अनुदान की राशि से 300 लीटर क्षमता का डीप फ्रीजर, विजी कूलर, दुकान की ब्रांडिंग, रंगाई-पुताई और आवश्यक मरम्मत सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। जिला स्तर पर 1 विशेष संचार टीम का गठन बिक्री केंद्र सुचारु रूप से संचालित हो सके। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से जुड़ी जीविका दीदियों को इस योजना में प्राथमिकता दी जाएगी। योजना के सफल संचालन के लिए जिला स्तर पर एक विशेष संचार टीम का गठन किया गया है। यह टीम पंपलेट,पोस्टर,बैनर और अन्य प्रचार सामग्री के माध्यम से पंचायत स्तर तक योजना की जानकारी पहुंचाएगी। केंद्र के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन इसके अतिरिक्त,सीएलएफ,वीओ,बीपीआईयू और स्वयं सहायता समूहों की बैठकों में भी महिलाओं को योजना की विस्तृत जानकारी दी जाएगी और आवेदन प्रक्रिया में सहयोग किया जाएगा। सुधा बिक्री केंद्र के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। अब तक जिले से 25 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। आवेदन भरने में जीविका के एरिया समन्वयक और क्लस्टर समन्वयक लाभुक महिलाओं की सहायता कर रहे हैं। आधार,मोबाइल नंबर, लोकोल आईडी अपलोड करें आवेदन के साथ आधार कार्ड,मोबाइल नंबर, लोकोल आईडी,दुकान का फोटो,बिजली कनेक्शन का प्रमाण, पासपोर्ट आकार का फोटो तथा दुकान के स्वामित्व अथवा किरायानामा सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य है। योजना के तहत आवेदक को अपने ही पंचायत का स्थायी निवासी होना आवश्यक है।साथ ही,स्वयं सहायता समूह के ऋण का शत-प्रतिशत भुगतान, लगभग 70 वर्गफुट की दुकान,बिजली कनेक्शन और सड़क से जुड़ा व्यावसायिक स्थल होना भी अनिवार्य शर्तों में शामिल है।सभी मानकों की जांच के बाद ही बिक्री केंद्र की स्वीकृति दी जाएगी। अब तक करीब 25 आवेदन प्राप्त हो चुके जिला परियोजना प्रबंधक (जीविका) राकेश कुमार ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जिले की सभी 182 पंचायतों में जीविका सुधा बिक्री केंद्र खोलने की तैयारी शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि अब तक करीब 25 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और अधिक से अधिक जीविका दीदियों को योजना से जोड़ने के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इससे महिलाओं को स्थायी स्वरोजगार मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
सिरसा जिले में ऐलनाबाद के IELTS कोचिंग सेंटर संचालक पंजाब सिंह की हत्या मामले में आरोपी रणवीर सिंह (प्रेमिका का पति) और उसके दोस्त व युवक को दोषी करार दिया है। मामले में आज सोमवार को एएसजे देविंद्र की कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने दोषी करार देते हुए कल मंगलवार को सजा सुनाने का फैसला सुनाया। मामले में सरकारी वकील गौरव खुराना ने पैरवी की। जिला न्यायवादी विनोद भांभू ने बताया, मृतक पंजाब सिंह के आरोपी की महिला के साथ अवैध संबंध थे। इसी शक के चलते महिला के पति रणवीर ने अपने दोस्त गुरविंद्र के साथ हत्या को अंजाम दिया। तीसरे साथी युवक ने असला मुहैया करवाने में मदद की थी। घटना वाले दिन सरपंच गुरभेज सिंह ने पुलिस को सूचना दी कि खेतों के पास करीवाला निवासी युवक की गोली मारकर हत्या कर दी है। पुलिस आने तक घरवाले भी पहुंच गए और जाजजा लेकर मृतक के परिजनों के बयान दर्ज करवाए। पंजाब सिंह के सिर, माथे व छाती पर पांच गोलियां लगी थी, जिससे खून ज्यादा बहने से उसकी मौत हो गई। पुलिस जांच में पाया कि प्रेमिका के पति (बाहिया निवासी रणवीर सिंह) ने अवैध संबंधों के चलते पंजाब सिंह की गोलियां मारकर हत्या की है, जिसमें रणवीर का दोस्त गुरी शामिल था और अन्य युवक हरमीत ने असला उपलब्ध करवाया था। जैसे कि हत्यारोपियों ने पुलिस पूछताछ में कबूला रानिया थाना एरिया निवासी आरोपी रणवीर सिंह ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसकी शादी 29 मार्च 2020 को करीवाला गांव निवासी देवेंद्र कौर के साथ हुई थी और वह एमए पास है। करीब 8 माह पहले उसकी पत्नी ने दो जुड़वा बेटियों को जन्म दिया था। एक साल पहले वह पत्नी को लेकर चाचा ससुर जसवंत सिंह के बेटे की शादी में शामिल होने के लिए ससुराल करीवाला में गया था। उस समय पंजाब सिंह नाम का युवक भी उनके घर आया हुआ था। उस समय पंजाब सिंह कमरे में अंदर जाकर उसकी सास व पत्नी के साथ बातचीत करने लगा और उसकी पत्नी से हंस-हंसकर बात करने लगा। करीवाला निवासी पंजाब सिंह उसके साले दुमन सिंह का रिश्ते में साला लगता है। शादी से पहले देवेंद्र कौर के साथ उसकी पढाई को लेकर बातचीत होती रहती थी। जब भी पंजाब सिंह को देवेंद्र कौर के मायके आने का पता चलता तो वह उनके घर आ जाता था। पंजाब सिंह ने उससे बातचीत भी नहीं की। बाद उसने पत्नी देवेंद्र कौर से पूछा तो वह टालमटोल करने लगी। उसे शक हो गया कि देवेंद्र कौर के साथ पंजाब सिंह के अवैध संबंध है। एक-दो बार वह ससुराल गया तो पंजाब सिंह की हरकतें देखी तो शक विश्वास में बदल गया कि वह उसकी पत्नी पर बुरी नजर रखता है। उसने उसे मारने का प्लान बनाया। उसकी अपने ड्राइवर के छोटे भाई दमदमा निवासी गुरविंद्र सिंह उर्फ गुरी के साथ दोस्ती थी, उसे ये बताया तो हथियार खरीदने की प्लानिंग की। दोस्त गुरविंद्र ने बताया कि गांव के हरमीत सिंह के साथ उसकी दोस्ती है और उसी ने 33 हजार रुपए में 32 बोर का पिस्तौल व 9 रौंद खरीदकर लाकर दिए। वह मौके की तलाश में थे। पता चला कि ऐलनाबाद में शहीद उद्यम सिंह चौक के पास पंजाब सिंह का IELTS का ऑफिस है और अक्सर शाम को बाइक लेकर करीवाला जाता है। रैकी के लिए दोस्त गुरी को भेजा और उसने बताया कि पंजाब सिंह घर के लिए बाइक से निकल है। उसने अपनी डिजायर गाड़ी पंजाब सिंह के बाइक के पीछे लगा दी और ढाणी दया सिंह थेहड़ रोड घग्गर की ओर सुनसान जगह पर जाते ही गाड़ी बाइक के आगे लगा दी। उसने जेब से पिस्तौल निकालते ही पंजाब सिंह से कहा-उसकी पत्नी पर बुरी नजर रखता है, आज तो अंजाम भुगतना पड़ेगा। उसने पंजाब सिंह के सिर, मुंह व छाती पर पांच गोलियां दाग दी। पंजाब सिंह ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इसके बाद वह घग्गर के रास्ते होते हुए हारनिया से दमदमा पहुंचा और पिस्तौल व रौंद छिपाने को गुरी को लेकर अपने घर बाहिया चला गया। इसके बाद कार को राजस्थान के जयपुर में अपने दोस्त के खेत में छिपा दी और मोबाइल व सिम तोड़ दिए। जानिए मृतक के पिता ने पुलिस को शिकायत में क्या बताया था पुलिस को दी शिकायत में मृतक के पिता 62 वर्षीय रतन सिंह ने बताया था कि उसका बेटा ऐलनाबाद में आईलेट्स कोचिंग सेंटर चलाता था और बच्चों की तैयारी करवाता था। करीब 10 साल पहले उसकी शादी जोड़कियां निवासी अवनीत कौर के साथ हुई थी और इन दिनों वे राजस्थान के टिब्बी में रहते हैं। उसका एक पोता है। अवनीत कौर पिछले 10 माह से बच्चे के साथ टिब्बी में चली गई। उसे वापस लाने की कोशिश की, पर वह नहीं आई। आरोप है कि पंचायती फैसले के बाद दोनों अलग-अलग रहने लगे। उसकी पत्नी की पंजाब के लड़के से शादी की बात चल रही थी। बेटे पंजाब सिंह की ससुराल वाले उसे जान से मार देने की धमकी देते थे। 16 दिसंबर 2021 को बेटा पंजाब सिंह बुलेट लेकर ऐलनाबाद सेंटर से घर आ रहा था। तलवाड़ा खुर्द में खेतों के पास उसके बेटे को गोलियां मार दी। उसमें दो लड़के व 3-4 अन्य शामिल होने का आरोप लगाया।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ में बाल चरित्र निर्माण सभा ने झम्मू वाली पंचायती धर्मशाला की प्रॉपर्टी आईडी में हुए कथित फर्जीवाड़े के खिलाफ एक आम सभा का आयोजन किया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस मामले को लेकर जल्द ही सीएम नायब सैनी से मुलाकात की जाएगी और उन्हें समस्या से अवगत कराया जाएगा। सभा के निदेशक राजेंद्र वानप्रस्थी और संरक्षक सत्यवीर सिंह सहित अन्य सदस्यों ने आरोप लगाया कि भू-माफिया और नगर पालिका के भ्रष्ट अधिकारियों ने मिलकर 'कन्हैया लाल रामजी दास फतेहपुरिया धर्मशाला' की प्रॉपर्टी आईडी को कृषि भूमि दिखाकर, एक व्यक्ति सुशीला लाठ के नाम कर दिया है। उन्होंने बताया कि डेढ़ साल से शिकायत के बावजूद इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। 'दोषियों पर कार्रवाई की मांग करेंगे' सभा ने सर्वसम्मति से यह भी निर्णय लिया कि इस प्रकरण के सूत्रधारों और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सीएम से मिलकर न्याय मांगा जाएगा। इस विषय पर सीएम से जल्द ही मुलाकात की जाएगी। इस अवसर पर मोतीलाल गुप्ता, खेमचंद लखेरा, सत्यवीर यादव, रतीराम टांक, सुरेंद्र बंटी, कुलदीप यादव, अनिल तिवाड़ी, नवीन राव, भूपेंद्र बच्चन, रमेश टांक, बजरंग शर्मा और मटर सिंह सहित कई नागरिक उपस्थित रहे।
पटना में अचानक कार सवार पर फायरिंग:घटनास्थल से एक खोखा मिला, पुलिस ने किया मामला दर्ज
राजीव नगर रोड नंबर 9 B में 17 जुलाई की रात 11 बजे फायरिंग की वारदात हुई थी। इस मामले में अज्ञात के खिलाफ राजीव नगर थाने में पीड़ित के आवेदन के मुताबिक केस रजिस्टर्ड किया गया है। हालांकि पीड़ित की ओर से भी घटना की वजह या किसी विवाद को स्पष्ट नहीं किया गया है। पीड़ित सुंदरम कुमार के मुताबिक वह कार से लौट रहे थे। इसी बीच एक अज्ञात बाइक सवार हमलावर ने उनके ऊपर फायरिंग की। गनीमत की बात रही कि गोली और कार में मौजूद एक दूसरे सवार को नहीं लगी। उन्होंने कहा कि मुझे भी मालूम नहीं है कि किस वजह से फायरिंग की गई। गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू: SDPO लॉ एंड ऑर्डर 2 कोमल मीणा ने बताया कि आरोपी सिंगल था। सीसीटीवी फुटेज चेक की गई है। उसके आधार पर आरोपी की पहचान करने की कोशिश जारी है। उसके आधार पर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी हो रही है। घटना किस वजह से हुई, अरेस्टिंग के बाद ही क्लियर हो पाएगा। फिलहाल अनुसंधान जारी है।घटनास्थल से एक खोखा बरामद किया गया है। बता दें कि गोलीबारी 11 बजे के आस पास हुई। उस वक्त मार्केट में लोग मौजूद थे। गोलीबारी की आवाज सुनकर दहशत का माहौल बन गया।
सीकर की पॉक्सो कोर्ट-1 ने 4 साल की मासूम बच्ची के साथ छेड़छाड़ और रेप के प्रयास के मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दोषी को 7 साल के कठोर कारावास और 15 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके अलावा, पीड़िता को पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत डेढ़ लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देशित किया है। कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा- जब इलेक्ट्रीशियन बिजली ठीक कर रहा था, उसी दौरान उसने वहां खेल रही चार साल की मासूम बच्ची के साथ छेड़छाड़ कर लैंगिक हमला किया। ऐसे में तो इस आयु वर्ग की बच्ची अपने परिजनों की मौजूदगी में भी अपने ही घर के अंदर सुरक्षित नहीं है। 2024 में बच्ची के पिता ने दर्ज कराया था मामला लोक अभियोजक भवानी सिंह जेरठी ने बताया- जज विक्रम चौधरी ने यह फैसला सुनाया गया। 30 जुलाई 2024 को 4 साल की मासूम बच्ची के पिता ने पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया कि वह एक किराए के मकान में रह रहे थे। उन्होंने 23 जुलाई को घर पर बिजली सबमीटर लगवाने और बिजली बोर्ड का स्विच ठीक करने के लिए एक इलेक्ट्रिशियन को बुलाया था। इस दौरान वह खुद किसी काम से घर से बाहर चले गए थे। भवानी सिंह जेरठी ने बताया- जब इलेक्ट्रीशियन घर पर आया तो उसने बिजली का स्विच ठीक करने के दौरान कमरे का दरवाजा बंद कर लिया और वहां मौजूद 4 साल की मासूम बच्ची के साथ छेड़छाड़ करना शुरू कर दिया और रेप करने की कोशिश की। मासूम बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसकी मां वहां पर आ गई। इसी दौरान आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज करके इन्वेस्टिगेशन शुरू किया। आरोपी को गिरफ्तार करके पुलिस ने 30 सितंबर 2024 को कोर्ट में चालान पेश किया। इसके बाद मामले में 11 गवाह और 11 दस्तावेज पेश किए गए। जिसके आधार पर जज विक्रम चौधरी के द्वारा आरोपी को सजा सुनाई गई है।
सागर में गरज-चमक के साथ बारिश:सड़कों पर भरा पानी, सीजन में अब तक हुई 9.7 इंच औसत बारिश
सागर में उमसभरी गर्मी के बीच सोमवार की दोपहर गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश हुई। बारिश से सड़कों पर पानी बह निकला। हवाएं चलने से वातावरण में ठंडक घुली। जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। दोपहर बाद से रुक-रुककर बारिश का दौर चलता रहा। सोमवार सुबह से आसमान में बादल छाए थे। बादलों के बीच उमस से लोग परेशान थे। दोपहर में अचानक मौसम बदला और काले-घने बादल छा गए। थोड़ी ही देर में बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। करीब एक घंटे तक हुई झमाझम बारिश से सड़कों पर पानी भर गया। जिला अस्पताल के गेट पर जलजमाव की स्थिति बनी। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में भी पानी गिरा है। बारिश के इस सीजन में अब तक जिले में 247.4 मिमी यानी 9.7 इंच औसत बारिश हो चुकी है। जबकि पिछले साल 22.9 इंच औसत बारिश हुई थी। इस समय अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम पारा 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, दो वेदर सिस्टम सक्रिय होने से मानसूनी गतिविधियां तेज हुई हैं। जिसके असर से बारिश हो रही है। आगामी 24 घंटे में आसमान में बादल छाने और बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
सिंगरौली जिले में एनसीएल निगाही परियोजना क्षेत्र के पास सोमवार को खनिज विभाग और एनसीएल सुरक्षा बल की संयुक्त टीम ने 32 टन अवैध कोयला जब्त किया। जब्त किए गए कोयले की बाजार कीमत 2 से 3 लाख रुपए है। रेलवे लाइन से 200 मीटर दूर मिला लावारिस स्टॉक खनिज विभाग के अनुसार यह कोयला निगाही खदान के पास रेलवे लाइन से लगभग 200 मीटर दूर लावारिस हालत में पड़ा मिला। सुरक्षा के लिहाज से जब्त कोयले को मोरवा थाना परिसर में रखवा दिया गया है। लंबे समय से अवैध भंडारण की आशंका इतनी बड़ी मात्रा में कोयले का भंडारण मिलने से स्थानीय स्तर पर कोयला चोरी की आशंका जताई जा रही है। माना जा रहा है कि यह कोयला एक-दो दिन में नहीं, बल्कि लंबे समय से यहां इकट्ठा किया जा रहा था। खनिज विभाग ने शुरू की मामले की जांच खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल ने बताया कि जंगल से कोयला जब्त कर मोरवा पुलिस को सूचना दे दी गई है। खनिज नियमों के तहत मामला दर्ज कर यह पता लगाया जा रहा है कि यह अवैध स्टॉक किस गिरोह का है।
छतरपुर में सोमवार को CJP के समर्थन में युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन छत्रसाल चौक से शुरू हुआ, जहां बड़ी संख्या में युवा एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लिए हुए थे, जिनमें 'अंधा कानून' लिखे पोस्टर विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि छात्रों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए सरकार से गंभीरता से कदम उठाने की मांग की। युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा देने की भी मांग की। छत्रसाल चौक से शुरू होकर प्रदर्शनकारी पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान पूरे रास्ते सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारे लगाए गए। कलेक्ट्रेट पहुंचकर युवाओं ने धरना दिया और अपनी मांगों को दोहराया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक छात्रों से जुड़े मुद्दों का समाधान नहीं होगा, उनका विरोध जारी रहेगा। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे प्रदर्शन पर कड़ी नजर रखी गई ताकि कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से हुआ और कानून-व्यवस्था सामान्य बनी रही। प्रदर्शन के बाद सभी युवा शांतिपूर्वक वहां से चले गए। देखिए प्रदर्शन की तस्वीरें…
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) के विज्ञापन संख्या 01/2023 के तहत चयनित ग्रुप-डी कर्मचारियों में से भिवानी जिले में 23 कर्मचारी ऐसे पाए, जिनके दस्तावेज पूरे नहीं हैं। दस्तावेजों की जांच किए जाने पर इन कर्मचारियों को मानव संसाधन विभाग द्वारा अपात्र घोषित (यानि दस्तावेज में कमी के कारण) किया गया है और साथ ही उनको उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यभार मुक्त करने के निर्देश जारी किए हैं। निदेशक मानव संसाधन विभाग, हरियाणा के आदेशों तथा रोहतक मंडल आयुक्त के पत्र के अनुपालन में डीसी साहिल गुप्ता ने जिला से संबंधित इन सभी 23 ग्रुप-डी कर्मचारियों को 17 जुलाई को बाद दोपहर से कार्यभार मुक्त करने के आदेश जारी किए हैं। डीसी साहिल गुप्ता ने जिले के सभी विभागाध्यक्षों एवं कार्यालयाध्यक्षों को निर्देश दिए कि उनके कार्यालयों में यदि विज्ञापन संख्या 01/2023 के अंतर्गत अस्थायी रूप से कार्यरत ऐसे ग्रुप-डी कर्मचारी नियुक्त हैं। जिनके नाम एवं रोल नंबर मानव संसाधन विभाग द्वारा भेजी गई अपात्र अभ्यर्थियों की सूची में शामिल हैं, तो उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि ऐसे अभ्यर्थियों को उक्त नियुक्ति के आधार पर सरकारी सेवा में कार्य जारी रखने की अनुमति न दी जाए। उन्होंने बताया कि भिवानी जिले से संबंधित 23 अभ्यर्थियों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि कार्यमुक्त करने की कार्रवाई पूर्ण कर इसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन एवं संबंधित उच्च अधिकारियों को भेजी जाए। आदेशों की पालना में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा देरी के लिए संबंधित विभागाध्यक्ष स्वयं उत्तरदायी होंगे। ये 23 अभ्यार्थी अपात्र मिलेसूची के अनुसार कार्यवाही में आए 23 अपात्र अभ्यर्थियों में विक्रांत पुत्र धन्ना राम, बलवान पुत्र रामफूल, नवीन पुत्र पुरुषोतम, रवि शंकर पुत्र फकीरचंद, परीक्षित पुत्र रामपाल, मंजू पुत्री रमेश, रोहित सिंह पुत्र रमेश चंद्र, पवन कुमार पुत्र जसवंत सिंह, नसीब कुमार पुत्र रणबीर सिंह, सचिन पुत्र भीम सिंह, मनीषा पुत्री राजेंद्र सिंह, मनप्रीत सिंह पुत्र चांद राम, कविता पुत्री कृष्ण कुमार, ज्योति पुत्री सुखबीर, कृष्ण कुमार पुत्र महाबीर, अंतिम पुत्री राजपाल, नरेश कुमार पुत्र धारे सिंह, प्रदीप पुत्र रामानंद, विकास पुत्र सतबीर सिंह, मनोज कुमार पुत्र बिजेंद्र, अभयपद पुत्र संजय कुमार, साहिल पुत्र रमेश तथा शुभम पुत्र रमेशदास शामिल हैं। डीसी ने कहा कि सभी विभाग मानव संसाधन विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची के अनुसार नाम एवं रोल नंबर का मिलान कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।
दरभंगा में सोमवार को समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में जिलास्तरीय पोषण किट (फूड बास्केट) वितरण कार्यक्रम हुआ। जिसकी अध्यक्षता डीएम कौशल कुमार ने की है। इस दौरान चिह्नित टीबी मरीजों के बीच पोषण किट का वितरण किया गया। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि जिले में टीबी उन्मूलन के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। टीबी मरीजों के बेहतर उपचार के साथ-साथ उनके पोषण का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इसी उद्देश्य से चिह्नित मरीजों को फूड बास्केट उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि उन्हें पौष्टिक आहार मिल सके। डीएम ने कहा कि जिले की 54 पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत के रूप में विकसित करने के लिए चयनित किया गया है और 15 अगस्त तक इन्हें टीबी मुक्त घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 2 लाख लोगों की जांच हो चुकी डीएम ने बताया कि रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से 100 फूड बास्केट उपलब्ध कराए गए हैं, जिनका वितरण किया गया। उन्होंने कहा कि विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और बैंकों के सहयोग से आगे भी अधिक संख्या में पोषण किट उपलब्ध कराकर मरीजों के बीच वितरित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जिले में टीबी की पहचान के लिए स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। अब तक करीब 2 लाख लोगों की जांच की जा चुकी है, जिसके आधार पर 13 हजार टीबी मरीजों की पहचान हुई है। सभी मरीजों का इलाज किया जा रहा है। पोषण सहायता राशि बैंक खातों में भेजी जा रही डीएम ने कहा कि सरकार की ओर से टीबी मरीजों को दी जाने वाली पोषण सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। अब तक 5,400 मरीजों के खातों में राशि हस्तांतरित की जा चुकी है, जबकि शेष पात्र मरीजों के खातों में भी जल्द राशि भेजने की प्रक्रिया जारी है। कार्यक्रम में सहायक समाहर्ता कल्पना रावत, सिविल सर्जन डॉ. अरुण कुमार, एनसीडीओ सत्येंद्र प्रसाद, डीपीएम (स्वास्थ्य) प्रभात कुमार राजू, डीसीएम रवि कुमार, रेड क्रॉस सोसाइटी के चिकित्सक एवं प्रतिनिधि तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

