ललितपुर में ई-रिक्शा डीलरशिप के नाम पर धोखाधड़ी:कंपनी डायरेक्टर समेत कई पर केस, मैनेजर पर कार्रवाई
ललितपुर में ई-रिक्शा डीलरशिप और फाइनेंस कोड खुलवाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने दिल्ली की एक निजी कंपनी के डायरेक्टर और मैनेजर के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना, आपराधिक साजिश और धमकी सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सागर रोड स्थित मवेशी बाजार निवासी आलोक कुमार, जो मेसर्स आलोक मोटर्स के नाम से ई-रिक्शा बिक्री का व्यवसाय करते हैं, ने बताया कि उन्होंने ठुकराल इलेक्ट्रिक बाइक प्रा. लि. से डीलरशिप ली थी। आलोक कुमार के अनुसार, कंपनी के डायरेक्टर जितेंद्र ठुकराल ने ई-रिक्शा फाइनेंस के लिए कोड खुलवाने का आश्वासन दिया था। इसके लिए उन्होंने आलोक कुमार से हस्ताक्षर किए हुए छह ब्लैंक चेक मंगवाए। कंपनी के मैनेजर अरुण मिश्रा स्वयं ललितपुर आकर ये चेक ले गए थे। 84,931 रुपये निकालने का प्रयास पीड़ित का आरोप है कि कंपनी को पूरा भुगतान किए जाने के बावजूद, आरोपियों ने आपस में साजिश रचकर अमानत के तौर पर दिए गए चेकों का दुरुपयोग किया। उन्होंने एक चेक में 1,02,666 रुपये भरकर खाते से निकाल लिए, जबकि दूसरे चेक के माध्यम से 84,931 रुपये निकालने का प्रयास किया गया। मुकदमा में फंसाने की धमकी जब आलोक कुमार ने इस धोखाधड़ी का विरोध किया और कानूनी नोटिस भेजा, तो आरोपियों ने कथित तौर पर अन्य चेकों में भी मनमानी रकम भरकर बैंकों में प्रस्तुत कर दिए। उन्होंने आलोक कुमार को मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर उन पर मानसिक दबाव बनाना शुरू कर दिया। न्यायालय के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने अब आरोपी जितेंद्र ठुकराल और अरुण मिश्रा के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।
जयपुर में शुक्रवार देर रात किडनैप कर एक युवक से लूट का मामला सामने आया है। एक प्रोग्राम से घर लौटते समय बाइक सवार बदमाशों ने उसका किडनैप किया। सुनसान जगह ले जाकर डंडों से मारपीट कर चेन-ब्रेसलेट के साथ जूते तक छीन लिए। मालवीय नगर थाने में पीड़ित युवक की ओर से अननॉन बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने बताया- मालवीय नगर के बाल्मिकी कॉलोनी निवासी नवीन के साथ वारदात हुई। शुक्रवार देर रात करीब 12:30 बजे वह कॉलोनी में एक प्रोग्राम में शामिल होकर घर लौट रहा था। इसी दौरान बाइक पर दो लड़के आकर उसके पास रुके। डरा-धमकाकर दोनों बदमाश उसे बाइक पर बैठाकर जबरन अपने साथ ले गए। सुनसान जगह ले जाकर दोनों बदमाशों ने डंडों से जमकर उसके साथ मारपीट की। डंडों से पीट सोने की चेन, ब्रेसलेट व मोबाइल और जूते तक उतरवाकर ले गए। मालवीय नगर थाने पहुंचकर पीड़ित ने बाइक सवार लुटेरों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। पुलिस वारदातस्थल के आस-पास लगे CCTV फुटेजों को खंगालने के साथ बदमाशों की तलाश कर रही है।
शाहजहांपुर में प्रेम प्रसंग के चलते एक पिकअप चालक हरिओम की हत्या की गई थी। पुलिस ने इस मामले में मृतक के दोस्त अभिषेक को गिरफ्तार किया है। हरिओम का शव 7 मई को एक खेत में मिला था, जिसके सिर पर गंभीर चोटों के निशान थे। आरोपी ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी अभिषेक चंदपुर गांव का रहने वाला है। उसने बताया कि वह अपने गांव की एक युवती से प्रेम करता था और उससे शादी करना चाहता था। वर्ष 2024 से दोनों के बीच बातचीत चल रही थी। अभिषेक जब आजीविका के लिए चंडीगढ़ चला गया, तब हरिओम उसकी प्रेमिका से बातचीत करने लगा। इसकी जानकारी होने पर अभिषेक 20 अप्रैल को चंडीगढ़ से वापस गांव आया। उसने हरिओम को समझाया कि वह उसकी प्रेमिका से दूर रहे, क्योंकि वह अभी भी उससे शादी करना चाहता है। हालांकि, हरिओम ने उसकी बात को अनसुना कर दिया और प्रेमिका से लगातार बातचीत जारी रखी। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया आरोपी अभिषेक को पता चला कि 7 मई को हरिओम उसकी प्रेमिका से मिलने बुला रहा है। इसी के चलते 7 मई की सुबह से ही अभिषेक ने हरिओम से फोन पर बात करना शुरू कर दिया और उसे बातों में फंसाकर गुरुराज सिंह के यूकेलिप्टिस के बाग में बुला लिया। घटना वाले दिन बारिश हो रही थी, इसलिए अभिषेक चादर ओढ़कर मौके पर पहुंचा और चादर में लोहे का पाइप छिपाकर ले गया था। आरोपी ने बताया कि हरिओम के मौके पर आने पर उसने एक बार फिर हरिओम को अपनी प्रेमिका से दूर रहने के लिए कहा। इस पर मृतक ने उसकी प्रेमिका के संबंध में अपमानजनक शब्द कहे, जिससे अभिषेक अत्यधिक आक्रोशित हो गया। उसने मृतक के सीने पर बैठकर लोहे की पाइप से उसके सिर पर कई बार प्रहार किया। घटना जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
आगरा में मेट्रो का काम काफी तेजी से चल रहा है। ताजमहल से सिकंदरा के बीच पहले कॉरीडोर का काम लगभग 75% पूरा हा चुका है। वहीं, दूसरे कॉरीडोर के काम ने भी रफ्तार पकड़ ली है। दूसरे कॉरीडोर पर मेट्रो के लिए यमुना पर पुल बनाने का काम शुरू हो गया है। लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से यह पुल बनकर तैयार होगा। नदी पर 7 पिलर तैयार किए जा रहे हैंउप्र मेट्रो रेल कारपोरेशन (यूपीएमआरसी) की टीम तेजी से यमुना नदी के पुल का निर्माण कर रही है। नदी पर 7 पिलर तैयार किए जा रहे हैं। दो पिलरों के निर्माण के लिए एक रिंग मशीन लगी है। पाइलिंग के लिए 10 रिग मशीनों का प्रयोग किया जा रहा है। पिलर निर्माण के लिए कई जगह से यमुना नदी का बहाव मोड़ दिया गया है। हालांकि नदी में काफी कम पानी है। यूपीएमआरसी की टीम मेट्रो पुल का कार्य बरसात शुरू होने से पहले कराना चाह रही है। इससे बरसात में निर्माण कार्य बंद नहीं होगा। दिसंबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए यमुना नदी पर हेवी-हेवी मशीनें पिलर निर्माण में लगी हुई हैं। दिन-रात काम किया जा रहा है, जिससे कि बारिश से पहले पिलर निर्माण काम पूरा हो सके। बारिश के दौरान यमुना का जलस्तर काफी बढ़ जाता है, ऐसे में यहां काम करना मुश्किल होगा। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से कालिंदी विहार तक दूसरा मेट्रो कारिडोर 16 किमी लंबा है। बता दें कि इस कॉरीडोर पर छीपीटोला चौराहा से कलक्ट्रेट तिराहा तक 62 मीटर लंबा स्पेशल गर्डर बिछेगा। भगवान टाकीज चौराहा पर 60 मीटर लंबा गर्डर बिछाया जाएगा। दोनों गर्डर का निर्माण चालू हो गया है। दूसरे कॉरीडोर के मेट्रो स्टेशन आगरा कैंट, सदर बाजार, प्रतापपुरा, कलेक्ट्रेट (फ्यूचर स्टेशन- सुभाष पार्क), आगरा कॉलेज, हरीपर्वत, संजय प्लेस, एमजी रोड, सुल्लतानगंज, कमला नगर, रामबाग, फाउंड्री नगर, आगरा मंडी और कालिंदी विहार।
महासमुंद जिले में जब्त एलपीजी गैस कैप्सूल ट्रकों से करोड़ों रुपए की गैस गायब होने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव को पूरे सिंडिकेट का मास्टरमाइंड बताया गया है। पुलिस के मुताबिक खाद्य अधिकारी ने गौरव गैस एजेंसी संचालक पंकज चंद्राकर, रायपुर निवासी मनीष चौधरी और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर करीब डेढ़ करोड़ रुपए कीमत की 92 टन एलपीजी गैस का गबन किया। मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि संतोष ठाकुर, सार्थक ठाकुर समेत दो आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं। सिंघोड़ा से शुरू हुई साजिश पुलिस जांच के अनुसार दिसंबर 2025 में सिंघोड़ा थाना क्षेत्र में 6 एलपीजी गैस से भरे कैप्सूल ट्रक जब्त किए गए थे। भीषण गर्मी और सुरक्षा कारणों से इन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने के निर्देश कलेक्टर कार्यालय से खाद्य विभाग को दिए गए थे। इसी दौरान गैस गबन की पूरी प्लानिंग तैयार हुई। 23 मार्च 2026 को आरंग के एक ढाबे में बैठक हुई, जिसमें खाद्य अधिकारी अजय यादव और पंकज चंद्राकर शामिल हुए। इसके बाद 26 मार्च को दोनों सिंघोड़ा थाना पहुंचे और ट्रकों में भरी गैस का आंकलन किया। पुलिस के मुताबिक ट्रकों में करीब 102 से 105 मीट्रिक टन गैस थी। उसी रात रायपुर में एजेंसियों से संपर्क शुरू हुआ और अंततः ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के साथ 80 लाख रुपए में डील फाइनल कर दी गई। सुपुर्दनामा मिलते ही शुरू हुआ खेल 30 मार्च 2026 को खाद्य विभाग के अधिकारी अविनाश दुबे, हरिश सोनेश्वरी और मनीष यादव ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स संचालक संतोष ठाकुर को लेकर सिंघोड़ा थाना पहुंचे। यहीं से 6 गैस कैप्सूल ट्रक सुपुर्दनामा पर लेकर अभनपुर स्थित प्लांट ले जाए गए। पुलिस के अनुसार इसके बाद सुनियोजित तरीके से गैस निकालने का काम शुरू हुआ। 31 मार्च की रात दो कैप्सूल खाली किए गए। फिर 1 अप्रैल और 5 अप्रैल की रात अलग-अलग कैप्सूलों से गैस निकाली गई। तीन दिन के भीतर करीब 92 टन गैस खाली कर दी गई। पुलिस का कहना है कि गैस प्लांट के स्थायी बुलेट, निजी टैंकरों और अन्य एजेंसियों में ट्रांसफर की गई। वजन में देरी से खुला खेल जांच में सबसे अहम सवाल यही सामने आया कि सुपुर्दनामा के तुरंत बाद कैप्सूलों का वजन क्यों नहीं कराया गया। सिंघोड़ा से अभनपुर तक 200 किलोमीटर के रास्ते में 15 से ज्यादा धर्मकांटे मौजूद थे, लेकिन कहीं तौल नहीं हुई। पुलिस के मुताबिक यह देरी जानबूझकर की गई ताकि पहले गैस खाली की जा सके। छह कैप्सूलों को प्लांट से करीब 200 मीटर दूर पार्किंग में खड़ा किया गया। पांच ट्रकों का वजन 6 अप्रैल को और आखिरी ट्रक का वजन 8 अप्रैल को कराया गया। तब तक कैप्सूल लगभग खाली हो चुके थे। खरीदी कम, बिक्री तीन गुना ज्यादा पुलिस को दस्तावेजों की जांच में कालाबाजारी के बड़े सबूत मिले हैं। रिकॉर्ड के मुताबिक अप्रैल महीने में ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स ने केवल 47 टन एलपीजी खरीदी थी, लेकिन बिक्री 107 टन दिखाई गई। यानी करीब 60 टन गैस ऐसी बेची गई, जिसकी कोई वैध खरीदी ही नहीं हुई थी। जांच में यह भी सामने आया कि रायपुर की कई एजेंसियों और प्लांटों को बिना पक्के बिल के कच्चे चालान में 4 से 6 टन तक गैस सप्लाई की गई। पुलिस को शक है कि चोरी की गैस का बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था। पुलिस को फंसाने की थी तैयारी महासमुंद पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पूरा मामला पुलिस पर डालने की भी रणनीति बनाई थी। 20 अप्रैल को आरंग के एक ढाबे में बैठक हुई, जिसमें सभी आरोपियों को एक जैसा बयान देने और जांच को भटकाने की योजना तैयार की गई। इतना ही नहीं, साक्ष्य मिटाने की भी कोशिश की गई। प्लांट के गेट पर वाहनों की एंट्री का रजिस्टर रखा जाता था, लेकिन अप्रैल महीने का रिकॉर्ड गायब मिला। बिना बिल खरीद-बिक्री का रजिस्टर भी हटा दिया गया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ शुरू होते ही आरोपियों ने दस्तावेजों से छेड़छाड़ शुरू कर दी थी। 15 दिन की जांच में खुला राज महासमुंद पुलिस की 40 सदस्यीय टीम ने 15 दिनों तक कॉल डिटेल रिकॉर्ड, तकनीकी विश्लेषण, दस्तावेज जांच और वैज्ञानिक पूछताछ के बाद पूरे घोटाले का खुलासा किया। तकनीकी रिपोर्ट में साफ हुआ कि किसी भी कैप्सूल में लीकेज नहीं था और प्राकृतिक रूप से इतनी गैस खत्म होना संभव नहीं था। फिलहाल पुलिस ने अजय यादव, पंकज चंद्राकर और मनीष चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं फरार आरोपियों की तलाश जारी है। मामले में बीएनएस और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। गैस घोटाला और पुलिस की कार्रवाई को एक नजर में समझे
राहुल गांधी का पर्सनल असिस्टेंट (PA) बनकर ठगी करने वाले गौरव कुमार को उत्तराखंड पुलिस ने 4 मई को गिरफ्तार कर लिया था। अब उसकी ठगी का लंबा चौड़ा इतिहास सामने आया है। गौरव कुमार खुद को राहुल गांधी का PA कनिष्क सिंह बताकर पिछले 9 सालों में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं से करोड़ों की ठगी कर चुका है। गौरव कुमार के खिलाफ देश के 6 राज्यों में ठगी और धोखाधड़ी के केस दर्ज हैं, जिनमें बिहार, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, पंजाब और उत्तराखंड शामिल हैं। ठगी के लिए गौरव कुमार ने गिरोह बना रखा है, जो कांग्रेस नेताओं को चुनाव में टिकट और मदद देने का झांसा देकर शिकार बनाते हैं। पूछताछ में पता चला है कि फर्जी पीए गौरव कुमार के झांसे में बिहार के सांसद पप्पू यादव, गुजरात के पूर्व सांसद सत्यजीत गायकवाड़ और मोहाली के पूर्व डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी भी आ चुके हैं। अपने नाम के दुरूपयोग से परेशान होकर राहुल गांधी के पूर्व पीए कनिष्क सिंह ने गौरव कुमार के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की थी। असली पीए की नकल से शुरू हुई ठगी आरोपी गौरव कुमार पंजाब के अमृतसर का रहने वाला है। यहीं से उसने पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों के निजी सचिवों और बड़े नेताओं की जानकारी इकट्ठा करना शुरू किया। इसके बाद उसने कनिष्क सिंह (जो 2003 से 2015 तक कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के निजी सचिव रहे थे) की नकल करना शुरू किया और अपना एक गिरोह बनाया। यह गिरोह बड़े नेताओं की प्रोफाइल तैयार करता था और यह पता लगाता था कि किसकी पहुंच कांग्रेस में कहां तक है। उसने सबसे पहले छोटे नेताओं को टिकट का लालच देकर और खुद को राहुल गांधी का PA बताकर ठगी शुरू की। इसके बाद उसने सबसे बड़ी ठगी राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 से एक साल पहले अंजाम दी थी। 9 साल में 7 राज्यों में फैलाया साम्राज्य गूगल से पता लगाता था नेताओं की जानकारी पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी गूगल और neta.com जैसी वेबसाइट्स से नेताओं का डेटा जुटाता था और फर्जी ट्रूकॉलर आईडी के जरिए संपर्क साधता था। पूछताछ के दौरान गौरव ने कबूला कि उसने 2017 में राजस्थान में टिकट दिलाने के नाम पर दो अलग-अलग नेताओं से 1.90 करोड़ और 12 लाख रुपए की मोटी रकम वसूली थी। इसके अलावा, वह बिहार में भी इसी तरह की ठगी को अंजाम दे चुका है। देहरादून पुलिस ने उसे पैसिफिक मॉल के पास जाल बिछाकर उस समय दबोचा, जब वह एक अन्य पदाधिकारी से पैसे लेने पहुंचा था। पुलिस अब उसके अन्य साथियों छज्जू, रजत और मनिंदर की तलाश कर रही है। ------------------- ये खबर भी पढ़ें… ठगी कांड के बाद सामने आई कांग्रेस की अंदरूनी कलह:पांडेय बोलीं- अध्यक्ष ने माहौल खराब किया; गोदियाल बोले- आहत हूं, कई दिनों से सोया नहीं देहरादून में राहुल गांधी का पीए बनकर 25 लाख रुपए की ठगी का मामला अब कांग्रेस की अंदरूनी कलह को भी उजागर कर रहा है। जांच में सामने आया कि राज्य आंदोलनकारी भावना पांडेय टिकट से जुड़े सर्वे और होटल व्यवस्था के नाम पर पैसे दे रही थीं। (पढ़ें पूरी खबर)
गोरखपुर में रविवार को भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने इंद्रा विहार तिराहा पर अखिलेश यादव का पुतला जलाया। इस दौरान अधिक संख्या में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता ने जमकर नारेबाजी की। हाथ में अखिलेश यादव मुर्दाबाद, अखिलेश तुम माफी मांगो वाले पोस्टर लेकर पहुंचे। क्षेत्रीय महामंत्री अंबिकेश धर दुबे और क्षेत्रीय उपाध्यक्ष डॉ सत्येंद्र सिन्हा के नेतृत्व में यह विरोध प्रदर्शन हुआ। जानिए क्यों जलाया गया पुतलाहाल ही में समाजवादी पार्टी की आईटी सेल द्वारा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को लेकर की गई टिप्पणी ने से गोरखपुर ही नहीं पूरे प्रदेश में राजनीति गरमा गई है। भाजपा समर्थकों और कुर्मी समाज के विभिन्न वर्गों ने इसे केवल एक नेता पर व्यक्तिगत हमला नहीं, बल्कि पूरे कुर्मी समाज के स्वाभिमान और सम्मान को ठेस पहुँचाने वाला प्रयास बताया है। अब सपा आईटी सेल का ट्वीट पढ़िए दरअसल समाजवादी पार्टी ने अपने पोस्ट में लिखा है कि- ‘रीढ़ की हड्डी सीधी कीजिए भाई साहब, प्लीज। जबसे आप लखनऊ दरबार में अपना आत्मसम्मान गिरवी रखकर चरणों में पड़े हैं और कालिदास दरबार से आदेश लेने लगे हैं तो आपके पुराने दरबार जहां आपने अपनी रीढ़ की हड्डी टेढ़ी करके आत्मसम्मान गिरवी रखा था वहां उस दरबार की नजरों में आप गिर गए हैं। कहीं तो हड्डी सीधी रखनी थी भाई साहब।’ अखिलेश का मानसिक संतुलन बिगड़ बोले- BJYM नेता इसी मुद्दे पर गोरखपुर में अखिलेश यादव का पुतला जलाकर विरोध जताया गया। दैनिक भास्कर से बात करते हुए क्षेत्रीय महामंत्री अंबिकेश धर दुबे ने बताया कि– देखिए समाजवादी पार्टी लोकतंत्र पर घात करने वाली एक छोटी से पार्टी बन गई है।हमारे प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के ऊपर समाजवादी पार्टी के ट्विटर हैंडल और सोशल मीडिया अकाउंट से व्यक्तिगत टिप्पणी से पूरे प्रदेश के भाजपा कार्यकर्ताओं में रोष का माहौल है। हमलोगोंं के द्वारा गोरखपुर में आज भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध अखिलेश यादव का पुतला जलाकर किया और मैं उनको कहना चाहता हूं कि उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है तो गोरखपुर में हमलोग उनके इलाज के लिए अस्पताल की व्यवस्था कर रहे हैं। इसी मामले में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष डॉ सत्येंद्र सिंहा ने कहा कि– आज की राजनीति में जो विपक्ष की भूमिका होनी चाहिए समाजवादी पार्टी ने उसको भूलकर निचले स्तर की राजनीति में जुट गई है।मेरा मानना है कि अखिलेश यादव फ्रस्ट्रेटेड हो गए हैं। सपा की राजनीतिक पकड़ उत्तर प्रदेश से सरक रही है। आने वाले 2027 विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता इनको सबक सिखाएगी।
मथुरा जिला अस्पताल में मॉकड्रिल:आग से बचाव की दी जानकारी, डॉक्टर से लेकर नर्सिंग स्टाफ रहा मौजूद
मथुरा के जिला अस्पताल में अग्निशमन विभाग ने फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इसका उद्देश्य आग लगने की घटनाओं के दौरान घबराहट से बचने और हादसों को गंभीर होने से रोकने के लिए अस्पताल स्टाफ को प्रशिक्षित करना था। इस दौरान डॉक्टरों, कर्मचारियों और नर्सिंग स्टाफ को आग से बचाव और सुरक्षा के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल सहित डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। अग्निशमन विभाग की टीम ने अस्पताल कर्मियों को आग से बचाव के व्यावहारिक तरीके समझाए। अधिकारियों ने बताया कि बिस्तर पर लेटकर बीड़ी या सिगरेट का सेवन नहीं करना चाहिए और माचिस व लाइटर बच्चों की पहुंच से दूर रखने चाहिए। खाना बनाने के बाद चूल्हे और अन्य ईंधन को पूरी तरह बुझाना भी आवश्यक है। फायर विभाग के कर्मचारियों ने गैस सिलेंडर के सुरक्षित उपयोग के बारे में भी जागरूक किया। उन्होंने सलाह दी कि खाना बनाने के बाद गैस रेगुलेटर को अनिवार्य रूप से बंद करें। यदि गैस लीकेज की आशंका हो, तो आसपास जल रही बीड़ी, सिगरेट या किसी भी प्रकार की आग को तुरंत बुझा देना चाहिए, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके। मॉक ड्रिल के दौरान, अस्पताल कर्मचारियों को फायर एक्सटिंग्विशर सहित आग बुझाने वाले उपकरणों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही, आपात स्थिति में मरीजों और अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के तरीकों का भी अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम के अंत में सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल से अस्पताल स्टाफ को आपातकालीन परिस्थितियों में सही तरीके से कार्य करने का प्रशिक्षण मिलता है। उन्होंने जोर दिया कि यह अभ्यास किसी भी बड़ी दुर्घटना की स्थिति में जनहानि और संपत्ति के नुकसान को कम करने में सहायक होता है।
सीधी जिले से मारपीट के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट हो रहे हैं। बहरी थाना क्षेत्र में हुई इन घटनाओं के बाद पुलिस ने 13 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। हैरान करने वाली बात यह है कि मारपीट के वीडियो आरोपियों ने खुद रविवार को पोस्ट किए और अब भी पीड़ित परिवार को धमकियां दे रहे हैं। विवादों की शुरुआत 11 अप्रैल की रात को हुई। मलयखम का रहने वाला 18 वर्षीय श्यामलाल साहू अपने जीजा, बहन और दो साल के मासूम बच्चे के साथ तिलक कार्यक्रम से लौट रहा था। तभी लखिया गांव के अखिलेश, संदीप, विकास और राहुल साहू ने बाइक से उनका पीछा किया और रास्ता रोककर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से पूरे परिवार पर हमला कर दिया। 22 अप्रैल: ढाबे के पास बेल्ट से पिटाई मारपीट का दूसरा बड़ा मामला 22 अप्रैल को केके ढाबा के पास सामने आया। पुरानी रंजिश के चलते मटिहनी निवासी संजय साहू को लाला उर्फ रावेन्द्र, प्रदीप, राहुल और विकास ने घेर लिया। आरोपियों ने सरेराह संजय को बेल्ट और डंडों से बुरी तरह पीटा और जान से मारने की धमकी दी। शादी का कार्ड बांटने गए युवक पर भी हमला एक अन्य घटना में, जब संजय साहू शादी का कार्ड बांटने निकले थे, तब राहुल, लाला और नर्मदा साहू ने उन पर हमला कर दिया। इस दौरान आरोपियों ने उनकी बाइक में भी तोड़फोड़ की, जिससे करीब 18 हजार रुपए का नुकसान हुआ। अब भी मिल रही हैं धमकियां पीड़ित के बड़े भाई राजकुमार साहू ने रविवार को एक वीडियो जारी कर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने बताया कि उन्हें 8 और 9 अप्रैल से ही लगातार डराया-धमकाया जा रहा है। राजकुमार ने आशंका जताई है कि आरोपी किसी बड़ी अनहोनी को अंजाम दे सकते हैं। पुलिस की कार्रवाई बहरी थाना प्रभारी राजेश पाण्डेय ने बताया कि मारपीट के संबंध में 13 अप्रैल और 23 अप्रैल को दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस सभी 13 आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर रही है और वायरल वीडियो के आधार पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। फिलहाल क्षेत्र में तनाव का माहौल है और पीड़ित परिवार डरा हुआ है।
पीलीभीत पुलिस ने बलवा ड्रिल का अभ्यास किया:दंगा नियंत्रण और भीड़ से निपटने की रणनीतियां सीखीं
पीलीभीत पुलिस ने रविवार को रिजर्व पुलिस लाइन में बलवा ड्रिल का अभ्यास किया। यह अभ्यास जिले की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। बीसलपुर क्षेत्राधिकारी विधि भूषण मौर्य ने पुलिस बल को दंगाइयों पर काबू पाने और भीड़ को तितर-बितर करने के आधुनिक तरीके सिखाए। अभ्यास के दौरान पुलिस लाइन का मैदान किसी प्रशिक्षण क्षेत्र जैसा दिखाई दिया। पुलिसकर्मियों को दंगा नियंत्रण उपकरणों की विस्तृत जानकारी दी गई और उनका व्यावहारिक प्रदर्शन भी कराया गया। प्रशिक्षण में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। इनमें आंसू गैस और रबर बुलेट का उपयोग शामिल था। पुलिसकर्मियों को सिखाया गया कि आंसू गैस के गोले दागते समय हवा की दिशा और दूरी का सही तालमेल कैसे बैठाया जाए। इसके साथ ही, रबर बुलेट गन के सटीक इस्तेमाल का भी अभ्यास कराया गया। निर्दोष लोगों को सुरक्षित निकालने का अभ्यास किया गया दंगा शील्ड और लाठी के समन्वयपूर्ण प्रयोग की तकनीक भी बताई गई, ताकि दंगाइयों के पथराव या हमले के दौरान अपना बचाव करते हुए आगे बढ़ा जा सके। उग्र भीड़ को कम से कम बल प्रयोग के साथ नियंत्रित करने और भीड़ के बीच फंसे निर्दोष लोगों को सुरक्षित निकालने की सामरिक रणनीतियां भी साझा की गईं। क्षेत्राधिकारी विधि भूषण मौर्य ने स्पष्ट किया कि पुलिस का प्राथमिक उद्देश्य जनता की सुरक्षा है, इसलिए बल प्रयोग हमेशा संयमित और संतुलित होना चाहिए। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में भी नियमित रूप से ऐसे अभ्यास जारी रखें, ताकि विषम परिस्थितियों में पुलिस का प्रतिक्रिया समय न्यूनतम रहे। इस ड्रिल का मुख्य उद्देश्य पुलिस बल के भीतर आत्मविश्वास जगाना और उन्हें तकनीकी रूप से इतना सक्षम बनाना है कि वे किसी भी संभावित उपद्रव को समय रहते शांतिपूर्वक समाप्त कर सकें। जिले के विभिन्न थानों से आए जवानों ने हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर और अन्य सुरक्षा उपकरणों से लैस होकर कड़ा अभ्यास किया।
सारंगपुर रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात दौड़ एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक युवक का पैर प्लेटफॉर्म से टकरा गया। हादसे में युवक घायल हो गया। उसका पैर फ्रैक्चर हो गया है। घघ गर्मी लगने पर गेट के पास बैठा थाजानकारी के अनुसार ग्वालियर निवासी गोलू दौड़ एक्सप्रेस से अहमदाबाद जा रहा था। वह अहमदाबाद में पेंटिंग का काम करता है। यात्रा के दौरान गर्मी लगने पर वह ट्रेन के गेट के पास बैठा था।जैसे ही ट्रेन सारंगपुर प्लेटफॉर्म के पास पहुंची, युवक का पैर प्लेटफॉर्म से टकरा गया। हादसे में उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया। घटना के दौरान वह ट्रेन से नीचे गिरने वाला था, लेकिन यात्रियों ने उसे पकड़कर अंदर खींच लिया। जिला अस्पताल में इलाज जारीघायल युवक को शाजापुर रेलवे स्टेशन से 108 एंबुलेंस के जरिए शाजापुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल पुलिस चौकी के अनुसार युवक का इलाज जारी है।
महोबा के बरा जंगल में लगी भीषण आग पर दमकल विभाग और वन कर्मियों ने रात भर की मशक्कत के बाद काबू पा लिया है। यह आग कल शाम भड़की थी। इस अग्निकांड में हजारों पेड़ जलकर खाक हो गए। अधिकारियों के अनुसार, दुर्गम रास्ते के बावजूद टीमों ने वन संपदा को और अधिक नुकसान से बचाया। महोबा के बरा वन क्षेत्र में शनिवार शाम अचानक आग भड़क उठी। 800 हेक्टेयर में फैले इस जंगल में आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। तेज गर्म हवाओं और सूखे पत्तों के कारण आग लगभग 30 हेक्टेयर क्षेत्र में फैल गई। इससे आसमान में कई किलोमीटर दूर तक काले धुएं का गुबार छा गया था। तीन तस्वीरों में देखिए आग… आग की सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी राजू श्रीवास और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन अधिकारी महेंद्र कुमार ने बताया कि जंगल का रास्ता संकरा होने के कारण बड़ी दमकल गाड़ियों का पहुंचना मुश्किल था। इसलिए छोटी गाड़ियों और पोर्टेबल उपकरणों की मदद ली गई। फायर यूनिट ने करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद लगभग 15 हेक्टेयर के मुख्य हिस्से में लगी आग को बुझाया, जिसके बाद धीरे-धीरे पूरी स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका। आग पर काबू पाने तक बड़े पैमाने पर वन संपदा का नुकसान हो चुका था। वन रेंजर के शुरुआती अनुमान के अनुसार, इस अग्निकांड में शीशम, सागौन, बांस और कंजी जैसे लगभग 10 से 15 हजार पेड़ जलकर राख हो गए। वन्यजीवों के आवास भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह आग किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा फेंकी गई जलती हुई वस्तु के कारण लगी थी।
कानपुर के यशोदा नगर इलाके में सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहा निर्माण कार्य अब स्थानीय व्यापारियों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। पिछले छह महीनों से नाले और सीवर लाइन का धीमा और अनियमित निर्माण क्षेत्र के दुकानदारों के लिए मुश्किलें बढ़ा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण बाजार की हालत बिगड़ गई है। दुकानों के सामने गहरे गड्ढे और मलबे के ढेर लगे हुए हैं, जिससे ग्राहक आना लगभग बंद हो गया है।व्यापार मंडल के महामंत्री के.के. गुप्ता ने आरोप लगाया कि इस लापरवाही से करीब 500 दुकानदार सीधे प्रभावित हैं, जबकि लगभग 1500 परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। बाजार बंद कर सड़क पर उतरे सैकड़ों दुकानदाररविवार को यशोदा नगर उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले सैकड़ों दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और सड़क पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने निर्माण कार्य में अनियमितता और धीमी गति को लेकर नाराजगी जताई। अधिकारियों को घेरा, मौके पर मांगा जवाबहंगामे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। प्रोजेक्ट मैनेजर अम्बरीष सिंह, जल निगम के सैनी और नगर निगम के सुपरवाइजर रवि ने व्यापारियों से बातचीत की। व्यापारियों ने अधिकारियों को घेरकर सवाल उठाए कि छह महीने बीतने के बावजूद काम पूरा क्यों नहीं हुआ और निर्माण में मानकों की अनदेखी क्यों की जा रही है। स्थिति बिगड़ते देख अधिकारियों ने व्यापारियों को शांत कराने का प्रयास किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि अब कार्य की गति बढ़ाई जाएगी और जल्द से जल्द काम पूरा किया जाएगा। हालांकि व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द सुधार नहीं दिखा तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन का नेतृत्व अध्यक्ष नीरज शुक्ला और महामंत्री के.के. गुप्ता ने किया। इस दौरान संगठन के कई पदाधिकारी और सैकड़ों दुकानदार मौजूद रहे।
सुल्तानपुर पुलिस ने लौटाई 121 गुमशुदा मोबाइल फोन:20 लाख के खोए मोबाइल मिले, खिल उठे चेहरे
सुल्तानपुर पुलिस की सर्विलांस सेल टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 121 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन फोनों की अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक (SP) चारु निगम के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक बृज नारायण सिंह के मार्गदर्शन में यह सफलता मिली। रविवार को बरामद सभी मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिए गए। अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर लोगों ने सुल्तानपुर पुलिस और सर्विलांस टीम का आभार व्यक्त किया। पुलिस द्वारा जारी सूची के अनुसार, बरामद किए गए फोनों में सबसे अधिक VIVO और realme ब्रांड के हैं। इनमें VIVO के 33, realme के 20, SAMSUNG के 17, REDMI के 14, OPPO के 13, Poco के 07, Infinix के 07, OnePlus के 05, Motorola के 03 और Tecno के 02 मोबाइल शामिल हैं। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने पर तत्काल भारत सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। स्थानीय थाने में शिकायत की रसीद और पहचान पत्र के साथ पोर्टल पर जानकारी अपलोड करने से मोबाइल ब्लॉक हो जाता है। इससे भविष्य में जैसे ही कोई सिम डालेगा, सर्विलांस टीम को नोटिफिकेशन मिल जाएगा, जिससे फोन की बरामदगी आसान होगी। इस अभियान में प्रभारी सर्विलांस सेल उप-निरीक्षक शिवानंद यादव के नेतृत्व में मुख्य आरक्षी अनुराग सिंह, आरक्षी दुर्गादत्त दीक्षित, अभिषेक यादव, शैलेंद्र कुमार, ललित सिंह और प्रदीप दुबे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इटावा में ऑटो लूट का खुलासा, एक गिरफ्तार:पुलिस ने लूटा गया ऑटो, तमंचा और कारतूस बरामद किया
इटावा पुलिस ने लवेदी थाना क्षेत्र में हुई ऑटो लूट की घटना का खुलासा किया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से लूटा गया ऑटो, एक तमंचा और कारतूस बरामद किया है। मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। लूट, चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देश पर जनपद में अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चल रहा है। इसी क्रम में 9 और 10 मई की रात लवेदी थाना पुलिस ददौरा पुलिया पर संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की जांच कर रही थी। लूट की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि 1 मई को ऑटो लूटने वाले आरोपी लूटे गए ऑटो के साथ नवादा खुर्द की तरफ से आ रहे हैं। पुलिस ने वाहन रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी भागने लगे। पुलिस टीम ने पीछा कर विनय सिंह चौहान उर्फ मनू को गिरफ्तार कर लिया। उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से लूटा गया ऑटो नंबर UP75BT6241, एक 315 बोर का तमंचा और एक खोखा कारतूस बरामद किया है। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर ऑटो लूट की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। कार्रवाई में ये लोग रहे शामिल एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। इस कार्रवाई में थाना लवेदी प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार विश्वकर्मा, उप निरीक्षक जितेंद्र चौधरी, हेड कांस्टेबल अमित यादव, कांस्टेबल अर्पित कुमार, कांस्टेबल हेमंत कुमार और चालक हेड कांस्टेबल मुकेश कुमार शामिल रहे। एसएसपी ने पूरी टीम के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
भरतपुर व्यापार संघ ने सड़क चौड़ीकरण और फ्लाईओवर बनाने के लिए दुकानें टूटने के विरोध में लक्ष्मण मंदिर पर यज्ञ किया। व्यापार संध के अध्यक्ष ने कहा कि सरकार दुकानें तोड़ रही है लेकिन, मुआवजे की कोई बात नहीं कर रही। विकास की जगह भरतपुर में विनाश किया जा रहा है। सरकार भी व्यापारियों की नहीं सुन रही। सीएम से व्यापार संघ कर चुका है मुलाक़ात भरतपुर व्यापार संघ अध्यक्ष संजीव ने बताया कि विकास के नाम पर तरह-तरह की बातें हो रहीं हैं। शहर में कहीं फ्लाईओवर बनाया जा रहा तो, कहीं सड़क चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है। इस काम के लिए कुछ व्यापारियों की दुकानें तोड़ी जा रहीं हैं। इस सभी को लेकर व्यापार संगठन जिला प्रशासन और सीएम से मिला। व्यापारी विकास का विरोधी नहीं व्यापारी विकास का विरोधी नहीं है। व्यापारी भी चाहता है कि भरतपुर का विकास हो। सीएम ने जो विकास के लिए पैसा दिया है उसे सुचारू रूप से लगाया जाए। अधिकारी जो विकास के लिए पैसा लगा रहे हैं उससे शहर में विकास नजर नहीं आ रहा है। वह पैसे को बर्बाद कर रहे हैं। जैसे वह पब्लिक का पैसा नहीं है। व्यापारियों की टूटेंगी दुकानें सड़क चौड़ीकरण और फ्लाईओवर की जद में जो लोग आ रहे हैं वह ज्यादात्तर व्यापारी हैं। व्यापार संघ की छोटी से मांग है जिन व्यापारियों की दुकानें टूट रहीं हैं उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। सरकार ने अभी तक यह सुनिश्चित नहीं किया है कि जिन व्यापारियों की दुकानें टूटेंगी उन्हें मुआवजा मिलेगा या नहीं मिलेगा। अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं बार-बार मीटिंग होने के बाद भी अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। वह भरतपुर के व्यापार को बर्बाद करना चाहते हैं। NCR और TTZ की वजह से भरतपुर में कोई बड़ी फैक्ट्री नहीं है। सरकार से यही मांग है कि पहले रोजगार की व्यवस्था की जानी चाहिए। आज व्यापारी भरतपुर से पलायन कर रहे हैं। सड़कें चौड़ी कर अधिकारी क्या दिखाना चाहते हैं। विकास की जगह हो रहा विनाश विकास की जद में विनाश किया जा रहा है। सरकार व्यापारियों की नहीं सुन रही है। बयाना में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर किसानों को बर्बाद किया जा रहा है लेकिन, रोजगार के नाम पर सब जीरो है। 6 अप्रैल को काले झंडे लगाने का कार्यक्रम था। उस दिन सरकार के नुमाइंदे और अधिकारियों ने आकर आश्वस्त किया था कि हम 7 दिन के अंदर सभी चीजों का हल निकाल देंगे। जितना बचाया जा सकता है उसे बचाया जाएगा। व्यापारियों को धोखा दिया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में तेज रफ्तार ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क से उतर गई। जिससे ट्रैक्टर के पलटने से उसमें सवार दो लोगों की मौत हो गई। ग्रामीण खेत जोताई का काम कर वापस घर लौट रहे थे। तभी यह हादसा हुआ। घटना के बाद मामले की सूचना पर पुलिस आगे की कार्रवाई में जूट गई है। मामला लैलूंगा थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक घटना शनिवार की है। जहां ग्राम भेड़ीमुड़ा का रहने वाला अलेश भगत 40 साल सुबह तकरीबन 6 बजे अपने ट्रैक्टर को लेकर गांव के महादेव भगत 45 साल के साथ खेत जोताई करने गया था। दोपहर तक खेत में काम करने के बाद दोनों करीब 12 बजे वापस ट्रैक्टर में सवार होकर घर जाने के लिए निकले। ट्रेक्टर को महादेव भगत चला रहा था। तभी रास्ते में तेज रफ्तार ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर रोड से नीचे उतर गई और ट्रैक्टर पलट गया। इससे उसमें दब जाने से अलेश भगत और महादेव दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद जब आसपास के लोगों उसे देखा तो तत्काल मामले की सूचना उनके परिजनो को दी गई। पुलिस आगे की कार्रवाई शुरू कीजहां परिजन मौके पर पहुंचकर घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे और शव को किसी तरह ट्रैक्टर के नीचे से निकालने के बाद पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजवाया। वहीं चाचा के बेटे अंकित भगत की सूचना पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रयागराज में महिला आरक्षण बिल को लेकर रविवार को बीजेपी की महिला कार्यकत्रियों ने मार्च निकाल कर प्रदर्शन किया। संसद में महिला बिल पर विपक्षी दलों द्वारा विरोध और असहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए जाने से नाराज कार्यकत्रियों ने सांसद उज्जवल रमण के घर का घेराव किया। प्रदर्शनकारी महिलाएं उनके आवास के मुख्य द्वार के सामने बैठ गईं और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान करीब 100 की संख्या में मौजूद महिलाओं ने सांसद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने “उज्जवल रमण हाय-हाय”, “रेवती रमण हाय-हाय” और “महिला आरक्षण बिल पास करो” जैसे नारे लगाए। उनके हाथों में बैनर और तख्तियां भी थीं, जिनके जरिए उन्होंने बिल के समर्थन में अपनी मांग दोहराई। महिला कार्यकत्रियों का कहना था कि संसद में महिला सशक्तिकरण के लिए लाया गया यह बिल बेहद जरूरी है और इसका विरोध महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है। सपा और कांग्रेस ने मिलकर इस बिल को फेल करने की कोशिश की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा और उग्र धरना-प्रदर्शन करेंगी। महिला उपाध्यक्ष शोभा द्विवेदी ने कहा कि लोकसभा में बिल पेश किया था, उसको रद्द करने के लिए जिन विपक्षियों में नाम गए हैं, उनमें एक हमारे सांसद का भी नाम है। यह विपक्ष के होने के नाते और कांग्रेसी नेता होने के नाते, इन्होंने भी अपना सिग्नेचर (हस्ताक्षर) किया है—इस महिला अधिकारों को रद्द करने के लिए। ऐसा अधिकार किसी को नहीं है जो महिला अधिकारों को रोक सकता है। अगर इन्होंने महिलाओं के साथ ऐसा अन्याय किया है, तो यह गलत है। और यही कारण है कि आज हम इनके घर के सामने धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। बीना मिश्रा बोलीं कि आजादी के बाद लंबे समय तक कांग्रेस और प्रदेश में सपा की सरकारें रहीं, लेकिन किसी ने भी महिलाओं के जमीनी उत्थान के बारे में नहीं सोचा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को घर के कोने-कोने से निकालकर उन्हें सम्मान और अधिकार दिलाने का काम किया है। प्रदर्शनकारी महिलाओं का मुख्य आक्रोश 33% महिला आरक्षण बिल को लेकर था। बीना मिश्रा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए इस महत्वपूर्ण बिल को विपक्ष ने एकजुट होकर बाधित किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की इसी 'महिला विरोधी' मानसिकता के कारण उन्हें सांसद के घर का घेराव करने पर मजबूर होना पड़ा। पार्षद सोनिका अग्रवाल का कहना है कि संसद में लिए जाने वाले निर्णयों पर देश की आधी आबादी की पैनी नजर है। उन्होंने प्रधानमंत्री के महिला सशक्तिकरण के विजन का समर्थन करते हुए कहा कि जब तक महिलाएं नीति-निर्धारण में शामिल नहीं होंगी, उनके अधिकारों की रक्षा नहीं हो पाएगी। उन्होंने सांसद पर तंज कसते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को 'भेड़-चाल' के बजाय अपने विवेक से निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि महिलाओं के हितों की अनदेखी की गई, तो आगामी चुनावों में इसका परिणाम भुगतना पड़ सकता है।
प्रयागराज में महिला आरक्षण बिल को लेकर रविवार को बीजेपी की महिला कार्यकत्रियों ने मार्च निकाल कर प्रदर्शन किया। संसद में महिला बिल पर विपक्षी दलों द्वारा विरोध और असहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए जाने से नाराज कार्यकत्रियों ने सांसद उज्जवल रमण के घर का घेराव किया। प्रदर्शनकारी महिलाएं उनके आवास के मुख्य द्वार के सामने बैठ गईं और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान करीब 100 की संख्या में मौजूद महिलाओं ने सांसद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने “उज्जवल रमण हाय-हाय”, “रेवती रमण हाय-हाय” और “महिला आरक्षण बिल पास करो” जैसे नारे लगाए। उनके हाथों में बैनर और तख्तियां भी थीं, जिनके जरिए उन्होंने बिल के समर्थन में अपनी मांग दोहराई। महिला कार्यकत्रियों का कहना था कि संसद में महिला सशक्तिकरण के लिए लाया गया यह बिल बेहद जरूरी है और इसका विरोध महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है। सपा और कांग्रेस ने मिलकर इस बिल को फेल करने की कोशिश की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आने वाले दिनों में इससे भी बड़ा और उग्र धरना-प्रदर्शन करेंगी। महिला उपाध्यक्ष शोभा द्विवेदी ने कहा कि लोकसभा में बिल पेश किया था, उसको रद्द करने के लिए जिन विपक्षियों में नाम गए हैं, उनमें एक हमारे सांसद का भी नाम है। यह विपक्ष के होने के नाते और कांग्रेसी नेता होने के नाते, इन्होंने भी अपना सिग्नेचर (हस्ताक्षर) किया है—इस महिला अधिकारों को रद्द करने के लिए। ऐसा अधिकार किसी को नहीं है जो महिला अधिकारों को रोक सकता है। अगर इन्होंने महिलाओं के साथ ऐसा अन्याय किया है, तो यह गलत है। और यही कारण है कि आज हम इनके घर के सामने धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। बीना मिश्रा बोलीं कि आजादी के बाद लंबे समय तक कांग्रेस और प्रदेश में सपा की सरकारें रहीं, लेकिन किसी ने भी महिलाओं के जमीनी उत्थान के बारे में नहीं सोचा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं को घर के कोने-कोने से निकालकर उन्हें सम्मान और अधिकार दिलाने का काम किया है। प्रदर्शनकारी महिलाओं का मुख्य आक्रोश 33% महिला आरक्षण बिल को लेकर था। बीना मिश्रा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए इस महत्वपूर्ण बिल को विपक्ष ने एकजुट होकर बाधित किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की इसी 'महिला विरोधी' मानसिकता के कारण उन्हें सांसद के घर का घेराव करने पर मजबूर होना पड़ा। पार्षद सोनिका अग्रवाल का कहना है कि संसद में लिए जाने वाले निर्णयों पर देश की आधी आबादी की पैनी नजर है। उन्होंने प्रधानमंत्री के महिला सशक्तिकरण के विजन का समर्थन करते हुए कहा कि जब तक महिलाएं नीति-निर्धारण में शामिल नहीं होंगी, उनके अधिकारों की रक्षा नहीं हो पाएगी। उन्होंने सांसद पर तंज कसते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को 'भेड़-चाल' के बजाय अपने विवेक से निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि महिलाओं के हितों की अनदेखी की गई, तो आगामी चुनावों में इसका परिणाम भुगतना पड़ सकता है।
हापुड़ के गढ़ गेट मोहल्ले में रविवार को एक ही परिवार में कुछ घंटों के भीतर दो लोगों की मृत्यु हो गई। बिजनौर में भाई की मौत की खबर मिलने के बाद मेरठ में उसकी बहन ने भी दम तोड़ दिया। इस घटना से पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, गढ़ गेट मोहल्ले के निवासी आरिफ मलिक (लगभग 50 वर्ष) जमात के सिलसिले में बिजनौर जनपद के नगीना गए थे। बताया गया कि वहां अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और दिल का दौरा पड़ने से उनकी मृत्यु हो गई। परिजनों को जैसे ही यह सूचना मिली, घर में शोक छा गया। परिजनों ने बताया कि आरिफ मलिक की मृत्यु की सूचना उनकी बहन कौसर को दी गई, जो मेरठ में रहती थीं। भाई के निधन की खबर सुनते ही कौसर सदमे में आ गईं। परिवार के सदस्यों के अनुसार, खबर सुनने के कुछ देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और उनकी भी मृत्यु हो गई। इस घटना से रिश्तेदार और मोहल्ले के लोग स्तब्ध हैं। इस घटना के बाद परिवार में गहरा शोक है। बड़ी संख्या में रिश्तेदार और आसपास के लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। मोहल्ले में भी पूरे दिन गमगीन माहौल बना रहा।
कैथल में पूंडरी के गांव टयोंठा में दो पक्षों द्वारा एक दूसरे पर गंडासी और लाठियों से हमला करने के मामले में दोनों पक्षों ने पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने दोनों पक्षों के 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। आरोपियों में छह महिलाओं के नाम भी शामिल हैं। पानी की निकासी को लेकर उनका झगड़ा हुआ था। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है। पानी की निकासी को लेकर हुआ झगड़ा एक पक्ष से महिला कृष्णा देवी की शिकायत अनुसार वह अपने घर का फर्श धो रही थी। इस दौरान पड़ौस में रहने वाले प्रदीप, कृष्ण, सुमन, सीमा, शिवांशु, मयंक व संतोष ने मौके पर आकर उसके साथ झगड़ा शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि गंदा पानी उनकी ओर आ रहा है। इसके बाद आरोपी गंडासी और लाठियां लेकर आए और उनके परिवार पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिसमें वे सभी घायल हो गए। वहीं दूसरे पक्ष से कृष्ण कुमार ने पुलिस को शिकायत दी कि पड़ौस के श्रवण कुमार, शिवम, मामो देवी, कृष्णा व अन्य ने उन पर गंडासी और लाठियों से हमला किया, जिसमें उनके परिवार के सदस्यों को गंभीर चोटें लगी। बाद में लोगों की भीड़ इकट्ठी होने पर आरोपी वहां से चले गए। पुलिस कर रही जांच पूंडरी थाना के एसएचओ शिवकुमार ने बताया कि इस संबंध में दोनों पक्षों की पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने दोनों पक्षों से 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
जींद में तीन बच्चों की मां लापता:आयुर्वेदिक दवा दुकान पर काम करती थी; तीन दिन से घर नहीं लौटी
जींद के ओमनगर इलाके से एक विवाहिता के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। महिला जींद में वीटा प्लांट के पास एक आयुर्वेदिक दुकान पर काम करती थी। वह तीन दिनों से घर नहीं लौटी है। परिजनों द्वारा काफी तलाश करने के बाद भी जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो पटियाला चौक पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई गई। दुकान पर गई थी, फिर नहीं लौटी पुलिस को दी शिकायत में विनोद ने बताया कि उसकी शादी करीब 12 साल पहले बहादुरपुर निवासी युवती के साथ हुई थी। शादी के बाद उनके तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। उसकी पत्नी रोजाना की तरह 7 मई को वीटा प्लांट के सामने स्थित आयुर्वेदिक दुकान पर काम करने गई थी। उसने बताया कि दोपहर करीब 4:00 बजे वह बिना किसी को कुछ बताए दुकान से कहीं चली गई। जब वह देर शाम तक घर नहीं पहुंची, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। गुलाबी सैंडल और कॉफी रंग का सूट लापता महिला का रंग सांवला है और अंतिम बार उसे कॉफी रंग के सलवार सूट और गुलाबी रंग के सैंडल पहने देखा गया था। वह अपने साथ मोबाइल फोन भी ले गई है, लेकिन परिजनों का उससे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। पति विनोद ने बताया कि उन्होंने अपने स्तर पर हर संभावित जगह और रिश्तेदारों के यहां तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। पुलिस ने दर्ज किया अपहरण का मामला जींद शहर थाना पुलिस ने विनोद की शिकायत पर गंभीरता दिखाते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 127(6) के तहत मुकदमा नंबर 161 दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और लापता महिला की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं।
बालाघाट के वारासिवनी थाना क्षेत्र के महदोली गांव निवासी साहिल ठाकरे की इलाज के दौरान मौत हो गई। दरअसल, साहिल 1 मई को अपनी बहन और जीजा को रायपुर से लेने जा रहे थे। इसी दौरान सिकंद्रा गांव के पास अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी थी। ब्रेन ऑपरेशन के बाद कोमा में गएहादसे में घायल होने के बाद परिजन उन्हें पहले वारासिवनी सिविल अस्पताल ले गए। वहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया। बाद में बेहतर इलाज के लिए गोंदिया के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। गोंदिया के अस्पताल में 4 मई को साहिल के ब्रेन का ऑपरेशन हुआ। ऑपरेशन के बाद वह कोमा में चले गए। कई दिन इलाज चलने के बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ। जिला अस्पताल में हुई मौतइसके बाद परिजन उन्हें वापस बालाघाट जिला अस्पताल लेकर आए, जहां इलाज के दौरान शनिवार देर रात उनकी मौत हो गई। रविवार को अस्पताल चौकी पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच वारासिवनी थाना पुलिस करेगी।
गर्मी बढ़ते ही जहां इंसानों के साथ पशु-पक्षियों की भी मुश्किलें बढ़ जाती हैं। गर्मी में उनकी प्यास ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में पावटा की सीमा भंसाली पिछले 6 साल से इन बेजुबानों के लिए पानी की कुंडियां बांटकर अनोखी सेवा कर रही हैं। जन्मदिन के गिफ्ट से शुरू हुई यह मुहिम आज एक बड़े अभियान में बदल चुकी है, जिसमें अब तक 8 हजार से ज्यादा कुंडियां निःशुल्क वितरित की जा चुकी हैं। खास बात ये है कि रोजाना 50 से 60 कुंडियां लोगों तक पहुंच रही हैं और घर-परिवार के सहयोग से यह सेवा लगातार आगे बढ़ रही है। जन्मदिन पर 50 कुंडियां लाकर दी सीमा ने बताया कि आज से 6 साल पहले इस मुहिम की शुरुआत हुई। उनके पति अभिषेक भंसाली के जन्मदिन के अवसर पर उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या गिफ्ट लाना है। तब मैने उन्हें बताया कि मुझे गिफ्ट में पशु पक्षियों के पीने के पानी के लिए कुंडिया चाहिए। एक बार वो चौंक गए लेकिन जब उन्हें अपने उद्देश्य के बारे में बताया तो उन्होंने भी 50 कुंडिया लाकर दी। 8 हजार से ज्यादा कुंडियां बांट चुके जिसे आस पास की जगहों पर उन्होंने खुद बांटना शुरू किया। इसके बार लोग जुड़ते गए और प्रेरणा मिलती रही। अब रोजाना यहां से 50 से 60 कुंडिया लोग लेकर जा रहे हैं। अब तक 8 हजार से ज्यादा कुंडियों का वितरण कर चुके हैं। इन कुंडियों को लेने के लिए लोग 30 से 40 किलोमीटर दूर से भी आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी सास सरला भंसाली सास, अर्जुनलाल भंसाली ससुर ओर पूरे परिवार का सपोर्ट रहता है। बेजुबानों को पानी के लिए नहीं भटकना पड़े सीमा ने बताया कि इसका उद्देश्य प्राणी मात्र की सेवा करना है। गर्मी के मौसम में पशु-पक्षियों के पीने के पानी की बड़ी किल्लत रहती है। अपने घरों के आस पास रहने वाले इन पशु पक्षियों को प्यास बुझाने के लिए भटकना पड़ता है। इसलिए इन पीने के पानी की कुंडियों की शरुआत की गई है। जिससे कि बेजुबान जीवों को पानी के लिए भटकना नहीं पड़े। सीमा के बेटे ईशान ने बताया कि रोजाना शाम 4 बजे से 6 बजे तक पानी की कुंडियों का वितरण किया जाता है। इसके लिए पावटा में उनका घर है जहां से इन कुंडियों का वितरण किया जाता है। इसके लिए 9461850499 पर संपर्क किया जा सकता है।
सुपौल में लापता सुखलाल मेहता को पुलिस ने 48 घंटे की लगातार कार्रवाई के बाद सकुशल बरामद कर लिया है। यह घटना राघोपुर थाना क्षेत्र के सरहोचिया गांव की है। वीरपुर एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि 6 मई की शाम सरहोचिया गांव में नवनिर्मित पंचायत भवन के पास पंचायत प्रवेश द्वार निर्माण कार्य में मजदूरी के पैसे के लेन-देन को लेकर बलदेव यादव और सुखलाल मेहता के बीच विवाद हुआ था। हत्या की नीयत से पति के अपहरण का आरोप इसके बाद सुखलाल की पत्नी कविता देवी ने राघोपुर थाना में आवेदन दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बलदेव यादव सहित अन्य लोगों ने उनके पति का हत्या की नीयत से अपहरण कर लिया है। इस आवेदन के आधार पर राघोपुर थाना में कांड संख्या दर्ज कर जांच शुरू की गई।मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष अमित कुमार राय के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने आरोप के आधार पर रूपेश कुमार को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार की निगरानी में गठित टीम ने 48 घंटे तक संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की। ड्रोन कैमरे से चलाया तलाशी अभियान घटनास्थल के आसपास मकई के खेतों में ड्रोन कैमरे से भी सघन तलाशी अभियान चलाया गया। हालांकि, शुरुआती जांच में कोई ठोस सुराग नहीं मिला था। एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है और मामले के हर बिंदु को खंगाला जा रहा है। इधर घटना को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं और मामला राजनीतिक रंग भी लेने लगा। इसी बीच शनिवार अहले सुबह पुलिस को सूचना मिली कि सुखलाल मेहता सुपौल सदर अस्पताल में इलाजरत हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और उन्हें बरामद कर थाना ले आई। पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में सुखलाल मेहता अलग-अलग बयान दे रहे हैं, जिससे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि बलदेव यादव और उनके पुत्र रूपेश यादव को फंसाने की साजिश रची गई हो सकती है। एसडीपीओ ने बताया कि सुखलाल मेहता का न्यायालय में धारा 183 के तहत बयान दर्ज कराने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा की तीन नगर निगम और एक नगर परिषद के लिए सुबह 8 हजे से वोटिंग चल रही है। इसके अलावा प्रदेश की 2 नगर पालिका व 528 सीटों पर पंचायत उपचुनाव हो रहे हैं। नगर निगम में जहां लोगों में मतदान को लेकर कम उत्साह है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत उपचुनाव में जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। नारनौल के कनीना में वार्ड उपचुनाव में सुबह 10 बजे तक ही 42 परसेंट पोलिंग हो गया। इस दौरान चुनाव में हंगामा, इमोशन भी देखने को मिला। निकाय और पंचायत उपचुनाव से जुड़े अट्रैक्टिव मोमेंट्स जानने के लिए देखिए वोटिंग से जुड़े PHOTOS…। फर्स्ट टाइम वोटर में क्रेज रेवाड़ी में पोलिंग स्टेशन पर रो पड़े बुजुर्ग पंचकूला में फोन लेकर खड़े वोटर सोनीपत में घूंघट में वोट डालने पहुंची महिला हिसार में फर्जी वोटिंग का विरोध करते लोग अंबाला में व्हीलचेयर पर वोट करने पहुंची महिला पोलिंग बूथ के बाहर गिरी महिला
स्त्री वेलफेयर फाउण्डेशन की ओर से आयोजित “आनंदी मां एक जीवन बचाओ अभियान” एवं कैंसर फ्री वूमेन भारत यात्रा के अंतर्गत रविवार को राजधानी में भव्य जन-जागरूकता रैली निकाली गई। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने हरी झंडी दिखाकर जन जागरूकता रैली की शुरुआत की। रैली की शुरुआत जनभवन से हुई, जो महात्मा गांधी मार्ग, अटल चौक, पार्क रोड, डॉ. भीमराव आंबेडकर मार्ग, सिविल चौराहा और भानुमति रोड होते हुए सरोजनी नायडू मार्ग चौराहे पर संपन्न हुई।रैली के माध्यम से महिलाओं के स्वास्थ्य, कैंसर जागरूकता और स्वस्थ भारत के संकल्प का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया। राज्यपाल ने की अभियान की सराहना कार्यक्रम के दौरान आनंदीबेन पटेल ने संस्था के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं का स्वास्थ्य केवल परिवार ही नहीं बल्कि पूरे समाज की मजबूती का आधार है।राज्यपाल ने कहा कि समय पर जांच और जागरूकता के माध्यम से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने संस्था को भविष्य में भी व्यापक स्तर पर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। 130 से अधिक लोगों ने लिया हिस्सा रैली में 130 से अधिक लोगों ने सहभागिता की और “स्वस्थ मां – सुरक्षित भविष्य” का संदेश दिया। कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान लोगों ने संकल्प लिया किहर मां सुरक्षित हो,हर बहन जागरूक हो,हर बेटी स्वस्थ और सशक्त हो। कई चिकित्सक और सामाजिक कार्यकर्ता रहे मौजूद राज्यपाल से हुई विशेष बैठक में डॉ. सुमेधा नीलू त्रिवेदी, डॉ. रमेश कुमार सिंह, खुशबू तिवारी, अविका तिवारी, डॉ. अवधेश सिंह, डॉ. मयंक मोहन, डॉ. किरन दास, डॉ. इंदुलता और डॉ. शैली महाजन सहित कई चिकित्सक एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।इसके अलावा सुलतानपुर, उन्नाव, रायबरेली और हरदोई समेत विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।आयोजकों ने कहा कि यह अभियान केवल एक रैली नहीं बल्कि समाज में स्वास्थ्य, जागरूकता और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
छत्तीसगढ़ के कोरबा में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने SECL कुसमुंडा के सीएमपीएफ विभाग में पदस्थ एक क्लर्क को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी क्लर्क मनोहर लाल कौशिक पर एक खदान कर्मी से 5 लाख रुपए पीएफ निकालने के बदले 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप है। जानकारी के अनुसार, SECL कुसमुंडा में कार्यरत खदान कर्मी अपना पीएफ का पैसा निकालना चाहते थे। उन्होंने इसके लिए सीएमपीएफ विभाग के क्लर्क मनोहर लाल कौशिक से संपर्क किया। आरोप है कि क्लर्क ने फाइल आगे बढ़ाने के लिए कई बार चक्कर लगवाए और काम के बदले रिश्वत की मांग की। परेशान होकर सीबीआई से शिकायत क्लर्क की हरकतों से परेशान होकर खदान कर्मी ने भिलाई स्थित सीबीआई टीम से शिकायत की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीबीआई ने एक टीम गठित कर कुसमुंडा भेजी। रविवार सुबह भिलाई से पहुंची सीबीआई टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। रविवार को कार्यालय बंद था, क्लर्क ने खदान कर्मी को किसी दूसरे स्थान पर बुलाया था। जैसे ही क्लर्क मनोहर लाल कौशिक ने रिश्वत की रकम ली, सीबीआई टीम ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार कर ले गई टीम सीबीआई टीम आरोपी क्लर्क को अपने साथ ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस कार्रवाई से अन्य विभागों में भी खलबली मच गई है। खदान कर्मियों ने सीबीआई की इस कार्रवाई की सराहना की है, क्योंकि लंबे समय से पीएफ निकासी में देरी और रिश्वतखोरी की शिकायतें मिल रही थीं।
दरभंगा में युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग की ओर से आज(12 मई 2026) एक दिवसीय जॉब कैंप का आयोजन किया जाएगा। बिरौल BSDC KYP सेंटर में कैंप सुबह 10 बजे से दोपहर 4 बजे तक चलेगा। जहां विजन इंडिया सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड कपंनी में भर्ती होगी। फील्ड एग्जीक्यूटिव, एसोसिएट और ऑपरेटर के 100 पदों के लिए इंटरव्यू होगा। यह जॉब कैंप पूरी तरह निशुल्क है। महिला और पुरुष अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं। योग्यता, आयु सीमा और सैलरी शैक्षणिक योग्यता: 10वीं, 12वीं और ITI पास आयु सीमा: 18 से 30 वर्ष सैलरी: 16,500 रुपए प्रति माह निबंधन कराना अनिवार्य जॉब कैंप में भाग लेने के लिए अभ्यर्थी का नियोजनालय में निबंधित होना आवश्यक है। इच्छुक उम्मीदवार NCS Portal (www.ncs.gov.in) पर खुद से पंजीकरण कर सकते हैं या नियोजनालय में जाकर निबंधन करा सकते हैं। इंटरव्यू में लाने योग्य दस्तावेज बायोडाटा सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्र आधार कार्ड पैन कार्ड रंगीन फोटो (05)
कानपुर में ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से MSC छात्र की मौत हो गई। शनिवार देर रात करीब 12 बजे छात्र अपने दोस्त के साथ स्कूटी से चाय पीने जा रहा था। जैसे ही वह गुरुदेव इलाके के पास पहुंचे, तभी ईंट लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने साइड से स्कूटी में टक्कर मार दी। इस टक्कर के बाद दोनों गिर पड़े। स्कूटी चला रहा छात्र का सिर ट्रॉली के पहिए के नीचे आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद उसका दोस्त मौके से भाग गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने जांच शुरू करते हुए मृतक के मोबाइल से परिजनों को हादसे की सूचना दी। इस हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि ईंट लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली आगे चल रही थी और उसके पीछे एक बाइक और स्कूटी आ रही थी। इसी दौरान बाइक सवार तेजी से आगे निकल गया, लेकिन मोड़ (कट) होने के कारण स्कूटी ट्रॉली की चपेट में आ गई। हादसे में स्कूटी चला रहा छात्र ट्रॉली के पहिए के नीचे आ गया। इसके बाद ट्रैक्टर को पीछे करके शव को बाहर निकाला गया। मामला रावतपुर थाना क्षेत्र का है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला… एचबीटीयू का MSC छात्र था देवमणि वर्मामृतक छात्र की पहचान देवमणि वर्मा (25) के रूप में हुई है। वह सुल्तानपुर जिले के लंभुआ थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव का रहने वाला था। देवमणि वर्मा इस समय नवाबगंज स्थित एचबीटीयू से एमएससी प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था और हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था। देवमणि के पिता बनारस स्थित बीएचयू में प्रोफेसर हैं। परिवार में उसकी मां साधना वर्मा और बड़ा भाई सुनील वर्मा हैं। हादसे की जानकारी मिलते ही सुनील वर्मा सुल्तानपुर से कानपुर पहुंचे। उन्होंने बताया-देवमणि एक साल पहले पढ़ाई के लिए कानपुर आया था। रात करीब 12 बजे वह अपने एक दोस्त के साथ स्कूटी से चाय पीने के लिए हॉस्टल से निकला था। जैसे ही वे रावतपुर के गुरुदेव इलाके के पास पहुंचे, तभी ईंट लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आ गए, जिससे उसकी मौत हो गई। मौके से भाग निकला दोस्तघटना के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया। इतना ही नहीं, देवमणि का दोस्त भी बिना किसी को कुछ बताए मौके से भाग गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही रावतपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मृतक के मोबाइल फोन से परिजनों को हादसे की जानकारी दी। इसके बाद भाई सुनील वर्मा सुल्तानपुर से कानपुर के लिए रवाना हो गए। थाना प्रभारी बोले- फरार चालक की तलाश की जा रहीरावतपुर थाना प्रभारी कमलेश रॉय ने बताया- ट्रैक्टर-ट्रॉली को कब्जे में ले लिया गया है और उसके मालिक को हिरासत में लिया गया है। फरार चालक की तलाश की जा रही है। परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। --------------------- ये खबर भी पढ़िए- टीचर पिस्टल तानकर बोला- कैश दो, वरना मार दूंगा: काशी में CSC में लूट करने पहुंचा था; भीड़ ने पकड़ा तो बोला- कर्ज चुकाना है वाराणसी में 35 साल के टीचर ने जन सेवा केंद्र (CSC) में लूट की कोशिश की। उसने संचालक पर पिस्टल तान दी। धमकाते हुए बोला- रुपए दे दो, नहीं तो गोली मार दूंगा। सीएससी संचालक रुपए लाने की बात कहकर पीछे गया और शोर मचाने लगा। पढ़ें पूरी खबर…
दुधवा टाइगर रिजर्व से एक रोमांचक वीडियो सामने आया है। जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को न सिर्फ बाघिन और उसके दो नन्हे शावक खेलते-घूमते दिखे, बल्कि जंगल के दो ताकतवर जीवों बाघ और भालू का आमना-सामना भी देखने को मिला। शनिवार सुबह गुजरात से आए वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफरों का एक दल सोनारीपुर रेंज में सफारी कर रहा था। इसी दौरान अचानक एक बाघिन अपने दो शावकों के साथ सड़क पर आकर बैठ गई। बाघिन काफी देर तक आराम से वहीं बैठी रही। उसके शांत अंदाज को देखकर पर्यटक हैरान रह गए। सभी ने इस खूबसूरत पल को अपने कैमरों में कैद कर लिया। कुछ देर बाद बाघिन अपने शावकों के साथ धीरे-धीरे जंगल की ओर चली गई। तस्वीरें देखिए… रोमांचक नजारा यहीं खत्म नहीं हुआ। जब फोटोग्राफरों की टीम सफारी पूरी कर वापस लौट रही थी, तभी रास्ते में एक और दुर्लभ दृश्य देखने को मिला। एक तरफ से वही बाघिन आ रही थी और दूसरी तरफ अचानक एक भालू निकल आया। भालू के तेवर देखते ही बाघिन ने समझदारी दिखाई और रास्ता बदलकर जंगल के भीतर चली गई। बताया जाता है कि जिन कोर इलाकों में बाघों की संख्या और गश्त बहुत ज्यादा होती है। भालू उन रास्तों को छोड़कर दूसरे सुरक्षित और घने जंगलों की तरफ चले जाते हैं ताकि बड़े मांसाहारी जीवों से टकराव से बचा जा सके। गाइड राजू द्वारा बनाया गया यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दुधवा में पर्यटन सत्र अपने आखिरी दौर में है। ऐसे में बाघ, शावक और भालू के लगातार दीदार से सैलानियों का उत्साह और भी बढ़ गया है। बाघों की संख्या लगभग 135 से 153 के बीच 2022-2024 के आंकड़ों के अनुसार, दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या लगभग 135 से 153 के बीच है। इस रिजर्व में 13 नन्हे शावकों की मां बेलडंडा बाघिन और 'गब्बर' (डॉन ऑफ दुधवा) जैसे प्रसिद्ध बाघ मौजूद हैं। तराई के जंगल की अलग पहचान दुधवा का जंगल करीब 490 वर्ग किलोमीटर में फैला है। इस जंगल में साल और साखू के ऊंचे-ऊंचे घने पेड़ हैं। यहां बड़े-बड़े घास के मैदान हैं, जिन्हें स्थानीय भाषा में ‘फांटा’ कहा जाता है। यही मैदान हिरण और बारहसिंगा जैसे जानवरों का पसंदीदा ठिकाना हैं। सुहेली और मोहाना जैसी नदियां इस जंगल से होकर गुजरती हैं। इनके चलते यहां दलदली इलाके, तालाब और झीलें हमेशा पानी से भरी रहती हैं। बाघ, गैंडा और बारहसिंगा सबसे बड़े आकर्षण दुधवा जैव विविधता के मामले में बेहद समृद्ध माना जाता है। यहां 135 से ज्यादा बंगाल टाइगर खुले जंगल में घूमते हैं। इसके अलावा असम के काजीरंगा से लाए गए एक सींग वाले गैंडों को भी यहां सफलतापूर्वक बसाया गया है। अब उनकी संख्या 50 से ज्यादा हो चुकी है। दुधवा बारहसिंगा के लिए भी खास पहचान रखता है। दुनिया में पाए जाने वाले बारहसिंगों का बड़ा हिस्सा यहीं के दलदली घास के मैदानों में रहता है। थारू जनजाति की संस्कृति भी खास दुधवा के आसपास थारू जनजाति के लोग रहते हैं। यह जनजाति प्रकृति के साथ तालमेल बनाकर जीवन जीती है। पर्यटकों के लिए यहां खास ‘थारू हट्स’ बनाए गए हैं, जहां रुककर लोग उनकी संस्कृति, लोकनृत्य और पारंपरिक जीवनशैली को करीब से देख सकते हैं। ---------------------------------- एंबुलेंस-ऑटो की टक्कर में पिता-पुत्र की मौत, CCTV देखिए:आगरा में 3 लोग हुए घायल, शादी समारोह में शामिल होने दिल्ली से आया था परिवार आगरा में तेज रफ्तार एंबुलेंस ने ऑटो में सामने से जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में पिता-पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा थाना जगदीशपुरा क्षेत्र स्थित बिचपुरी में रविवार सुबह करीब 8 बजे हुआ। पढ़ें पूरी खबर…
प्रतापगढ़ पुलिस ने दो शराब तस्करों को पकड़ा:36 कार्टून अवैध देशी शराब और थार गाड़ी जब्त
प्रतापगढ़ पुलिस ने अवैध शराब तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से 36 कार्टून अवैध देशी शराब और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक थार गाड़ी जब्त की है। यह कार्रवाई आबकारी अधिनियम के तहत की गई। कोटड़ी थाना अधिकारी रोहित कुमार ने बताया कि जिला पुलिस की विशेष टीम को शराब तस्करी की सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम गश्त करते हुए सोली हनुमानजी तालाब के पास पहुंची। वहां नांदवेल की ओर से आ रही एक थार गाड़ी को रोका गया। गाड़ी में सवार चालक और उसके पास बैठे व्यक्ति से पूछताछ की गई। चालक ने अपना नाम मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के भावगढ़ निवासी श्याम सिंह राजपूत बताया, जबकि दूसरे व्यक्ति ने कोटड़ी निवासी एमपी कृष्णपाल सिंह बताया। मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस टीम ने गाड़ी की तलाशी ली। तलाशी के दौरान थार गाड़ी में 36 कार्टून अवैध देशी शराब मिली। दोनों व्यक्तियों के पास शराब के परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। इस पर पुलिस ने आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने अवैध शराब और तस्करी में प्रयुक्त थार गाड़ी को भी जब्त कर लिया है। फिलहाल दोनों आरोपियों से आगे की पूछताछ जारी है।
कोंडागांव में विधायक लता उसेंडी ने 191.41 लाख रुपये की लागत से बनने वाले दो महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। शुक्रवार, 09 मई को हुए इस कार्यक्रम में मल्टी यूटिलिटी सेंटर और मॉडल उप पंजीयक कार्यालय की आधारशिला रखी गई। इन परियोजनाओं में 120 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाला मल्टी यूटिलिटी सेंटर और 71.41 लाख रुपये की लागत से बनने वाला मॉडल उप पंजीयक कार्यालय शामिल है। ये कार्य कोंडागांव शहर के विकास को गति देंगे। विकास कार्यों को गति देने लगातार प्रयास जारी:विधायक भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोंडागांव विधायक लता उसेंडी ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए पर्याप्त संसाधनों का होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि शासन जिले में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। विभिन्न गतिविधियों के आयोजन में सुविधा मिलेगी विधायक उसेंडी ने कहा कि मल्टी यूटिलिटी सेंटर के निर्माण से विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक गतिविधियों के आयोजन में सुविधा मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि शहर के सुव्यवस्थित विकास के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके तहत आने वाले समय में नागरिक सुविधाओं का और अधिक विस्तार किया जाएगा। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश:कलेक्टर इस अवसर पर कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहर के समग्र विकास के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जा रहा है और संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य समय पर पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
डीग एसपी कांबले शरण गोपीनाथ के निर्देश पर 'जीवन रक्षा सड़क सुरक्षा अभियान' चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में डीग पुलिस ने सदर थाना प्रभारी विजय सिंह मीणा के नेतृत्व में गोद लिए गांव अऊ में वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित किया। यह पहल जन सड़क सुरक्षा के मद्देनजर की गई। पुलिस टीम ने उन लोगों को वापस घर भेज दिया, जो बिना हेलमेट के वाहन चला रहे थे। उन्हें हेलमेट लगाकर ही गाड़ी चलाने की सलाह दी गई। इस दौरान डीएसपी सीताराम बैरवा के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। सड़क सुरक्षा नियम गिनाएइससे पहले गांव में एक शिविर का आयोजन कर ग्रामीणों को सड़क सुरक्षा के बारे में समझाया गया था। डीएसपी बैरवा ने इस अवसर पर 'जीवन रक्षा सड़क सुरक्षा अभियान' के माध्यम से ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने सड़क सुरक्षा नियमों और उनके फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सदर थाना प्रभारी विजय सिंह मीणा ने अऊ गांव के आमजन से अपील की कि वे गाड़ी चलाते समय मोबाइल पर बात न करें, हेलमेट और सीटबेल्ट का उपयोग करें। उन्होंने शराब पीकर या तेज गति से वाहन न चलाने तथा हेलमेट खरीदने का भी आग्रह किया।
अलवर के मिनी सचिवालय में रविवार को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और राजस्थान के मुख्य सचिव वी श्रीनिवास की मौजूदगी में आयोजित प्रशासनिक बैठक के दौरान सियासी खींचतान खुलकर सामने आ गई। बैठक में अलवर, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ जिलों के कलेक्टर, एसपी सहित कई विधायक, राज्य वन मंत्री संजय शर्मा, भाजपा उत्तर-दक्षिण जिला अध्यक्ष और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। दरअसल, बैठक शुरू होने से पहले केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव मुख्य सचिव के साथ कुछ देर के लिए जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला के चेंबर में रुके। इस दौरान राज्य मंत्री संजय शर्मा, विधायकगण, जिला अध्यक्ष और जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर समेत अन्य जनप्रतिनिधि कलेक्टर सभागार में पहुंच गए। इसी दौरान कलेक्टर आर्तिका शुक्ला ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन जनप्रतिनिधियों के नाम की नेम प्लेट लगी है, वही अंदर बैठें, बाकी लोग बाहर इंतजार करें। कलेक्टर ने कहा कि केवल मंत्री, विधायक और जिला अध्यक्ष के लिए ही सीट निर्धारित की गई है। इसके बाद जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर को मीटिंग हॉल से बाहर जाना पड़ा।और वह मीटिंग हॉल के गेट पर ही खड़े रहे और फोन इधर-उधर मिलाने लगे। कुछ देर बाद जब केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव बैठक में पहुंचे तो उन्होंने जिला प्रमुख को बाहर खड़ा देखा। इस पर उन्होंने कलेक्टर से कहा कि जिला प्रमुख को भी बैठक में शामिल किया जाए। इसके बाद बलवीर छिल्लर को अंदर बुलाया गया और वे विधायक जसवंत यादव की नेम प्लेट लगी सीट पर बैठ गए, क्योंकि उस समय विधायक बैठक में मौजूद नहीं थे। गौरतलब है कि कलेक्टर और जिला प्रमुख के बीच यह तनातनी पहले से ही चल रही है। हाल ही में जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में कलेक्टर के अनुपस्थित रहने पर जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर ने नाराजगी जताई थी और यहां तक कह दिया था कि आर्तिका शुक्ला कलेक्टर पद के योग्य नहीं हैं। उन्होंने प्रशासनिक ढांचे को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ प्रस्ताव भेजने की भी बात कही थी। उसी खींचतान की झलक इस अहम बैठक में भी देखने को मिली। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का यह दौरा भी राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों से भरपूर रहा। सुबह उन्होंने हसन खां मेवात नगर कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह में भाग लिया। इसके बाद मातृ दिवस के अवसर पर महिला साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाई और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद वे सरस डेयरी पहुंचे, जहां व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अंत में मिनी सचिवालय में तीनों जिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक लेकर विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर चर्चा की।
जिला मुख्यालय पर बनाए गए 42 परीक्षा सेंटर पर रविवार को दूसरे दिन पहली पारी की परीक्षा संपन्न हो गई है। इसमें 80 फीसदी भी परीक्षार्थी उपस्थित नहीं हुए। इस पहली पारी में 78.90 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने भाग्य आजमाया। इस परीक्षा में रजिस्टर्ड 16 हजार 200 अभ्यर्थियों में से 12 हजार 781 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। 3419 परीक्षार्थी अनुउपस्थित रहे। सुबह 9 बजे से 11 बजे तक यह परीक्षा शांतिपूर्ण और पूरी पारदर्शिता के साथ हो गई। महिलाओं की ज्वेलरी उतरवाई इस परीक्षा के लिए आज सुबह ही अभ्यर्थियों की भारी भीड़ रही। बस स्टैंड से लेकर बाजारों में युवाओं की ज्यादा चहल पहल रही। सुबह 8 बजे परीक्षार्थियों को परीक्षा सेंटर पर प्रवेश दिया है। एक घंटे बाद 9 बजे परीक्षा सेंटर के गेट बंद के दिए गए। उसके आड दस बजे पहली पारी की परीक्षा चालू हुई। यह परीक्षा दोपहर 12 बजे संपन्न हो गई। परीक्षा को लेकर आज परीक्षार्थियों की कड़ी जांच पड़ताल की गई। महिलाओं के परीक्षा सेंटर के बाहर ही नियमनुसार जेवर उतरवाए गए। इससे कई महिलाएं-युवतियां थोड़ी मायूस सी नजर आई। 42 सेंटर बनाए उधर दूसरी पारी दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। इसके लिए दोपहर 1 बजे से परीक्षा सेंटर पर प्रवेश दिया जा रहा है। परीक्षा को देखते हुए अभ्यर्थी प्रवेश हो रहे है। यह प्रवेश दोपहर 2 बजे तक दिया जाएगा वहीं पुलिस की ओर से कड़ी जांच पड़ताल के बाद अंदर प्रवेश दिया। पहली व दूसरी दोनों पारियों में 16200-16200 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड है। दोनों पारियों में 42-42 परीक्षा केंद्र बनाए गए है। इसी प्रकार प्रत्येक पारी के लिए 21 पेपर कॉर्डिनेटर व 74 आब्जर्वर नियुक्त किए गए है। परीक्षा समन्वयक ADM रामरतन सौकरिया ने बताया कि परीक्षा को लेकर कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। केंद्रों पर प्रभावी निगरानी रखने के लिए 7 सतर्कता दलों का गठन किया गया है। एक घंटा पहले परीक्षा सेंटर में एंट्री बंद परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से ठीक एक घंटा पहले परीक्षा सेंटर में अभ्यर्थियों को प्रवेश मिलेगा। बायोमैट्रिक जांच और फेस स्कैन किया जाएगा। प्रवेश पत्र के साथ एक मूल फोटो युक्त पहचान पत्र साथ ले जाएं। नीले रंग की स्याही वाला पारदर्शी बाल पैन साथ लाएं। ड्रेस कोड में आएं। किसी भी प्रकार की ज्वैलरी, धागा या पिन, चेन अथवा कोई भी डिजिटल उपकरण अपने साथ न रखें।
नरसिंहपुर जिले के ठेमी थाना क्षेत्र में ग्राम चंदपुरा के पास एक अनियंत्रित कार पेड़ से टकराकर खाई में पलट गई। हादसे में कार सवार एक युवक की मौत हो गई। घटना शनिवार देर रात की है। 8 फीट गहरी खाई में गिरी कार पुलिस के अनुसार, तेज रफ्तार कार पहले सड़क किनारे लगे बबूल के पेड़ से टकराई। इसके बाद वह करीब 8 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान ग्राम गुड़वारा निवासी अंकित पिता धीरज सिंह पटेल (25) के रूप में हुई है। अंकित अपनी कार (एमपी 20 जेडजेड 7901) से नरसिंहपुर में एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद देर रात करीब 12 बजे अपने गांव लौट रहे थे। अस्पताल ले जाते समय युवक की हुई मौत घटना की सूचना मिलते ही ठेमी पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को सूचित किया। परिजन तत्काल घायल अंकित को जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। रविवार को अस्पताल चौकी पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने शून्य पर मर्ग दर्ज कर जांच डायरी ठेमी थाना भेज दी है। तीन-चार दिनों से लगातार शादी-कार्यक्रमों में व्यस्त था युवक परिजनों ने बताया कि अंकित पिछले तीन-चार दिनों से लगातार शादी समारोहों में व्यस्त थे। उन्होंने आशंका जताई है कि अत्यधिक थकान या नींद का झोंका आने के कारण यह हादसा हुआ होगा। फिलहाल, पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है।
प्रतापगढ़ में जिलेटिन छड़ और फ्यूज वायर के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी प्लास्टिक के कट्टे में विस्फोटक सामग्री लेकर खड़े थे। अरनोद पुलिस और डीएसटी ने तलाशी के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। रपट के साथ प्लास्टिक का कट्टा लिए खड़े थेएसपी बी.आदित्य ने बताया- 9 मई को स.उ.नि. प्रभुलाल अपनी टीम के साथ गौतमेश्वर से आगे लालगढ़ रोड पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान, डीएसटी प्रभारी प्रताप सिंह भी अपनी टीम के साथ लालगढ़ की ओर जा रहे थे। लालगढ़ गांव से पहले रपट के पास दो व्यक्ति प्लास्टिक का कट्टा लिए संदिग्ध अवस्था में खड़े दिखे। 200 जिलेटिन छड़ें और फ्यूज वायर बरामदपुलिस टीमों ने संदिग्धों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान, थावरचंद (35) पुत्र चोखला मीणा और भैरूलाल (32) पुत्र केसुराम मीणा, दोनों निवासी साखथली खुर्द, पुलिस थाना अरनोद, जिला प्रतापगढ़ के कब्जे से अवैध विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। इसमें 200 जिलेटिन छड़ें और 375 मीटर फ्यूज वायर शामिल था। आरोपियों के पास इन विस्फोटक सामग्रियों को रखने का कोई वैध लाइसेंस नहीं था। बिना अनुमति के विस्फोटक सामग्री रखने और दूसरों का जीवन खतरे में डालने के आरोप में दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। ये कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देश पर की गई। एएसपी गजेंद्र सिंह जोधा और डीएसपी चंद्रशेखर पालीवाल के मार्गदर्शन में, थानाधिकारी शिवलाल मीणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह सफलता हासिल की।
नर्मदापुरम जिले के केसला थाना क्षेत्र के एक गांव में 11 साल की बच्ची के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। 8 मई की शाम 50 वर्षीय पड़ोसी ने घर में बच्चियों को अकेला पाकर गलत हरकत करने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। घटना के बाद से आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। जानकारी के मुताबिक, घटना 8 मई की शाम करीब 4 बजे की है। बच्ची की मां किसी काम से सुखतवा गई हुई थी। घर में 11 साल की बच्ची और उसकी 5 साल की बहन थीं। इसका फायदा उठाकर मोहल्ले में रहने वाला 50 बुद्धू चाचा उर्फ नर्मदा प्रसाद घर में घुस गया। बच्ची ने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया आरोपी ने घर में घुसकर 11 साल की बच्ची को बुरी नीयत से पकड़ लिया और बैड टच करने लगा। डरी-सहमी बच्ची ने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आरोपी वहां से भाग निकला। मां के लौटने पर बताई आपबीती, FIR दर्ज शाम करीब 6 बजे मां के घर लौटने पर डरी-सहमी बच्ची ने आरोपी बुद्धू चाचा की करतूत बताई। इसके बाद मां बच्ची को लेकर केसला थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। सीपीई में प्राइवेट कर्मचारी है आरोपी केसला थाना प्रभारी मदन लाल पवार ने बताया कि आरोपी बुद्धू चाचा सीपीई में प्राइवेट कर्मचारी है। आरोपी घटना के बाद से फरार है। पिछले दो दिन से पुलिस टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं, जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
दतिया में चिरूला थाना क्षेत्र के एनएच-44 पर रविवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा टोल प्लाजा के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। मृतक अपनी बेटी की शादी की तैयारियों के बीच मंदिर से दर्शन कर घर लौट रहा था। हादसे के बाद परिवार में खुशियां मातम में बदल गईं। मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे कमलकिशोर मृतक की पहचान कमलकिशोर विश्वकर्मा (49) पुत्र कन्हैयालाल विश्वकर्मा निवासी ग्राम लरायटा के रूप में हुई है। बताया गया है कि कमलकिशोर सुबह कोतवाल कुआं मंदिर में दर्शन करने गए थे। दर्शन के बाद वह बाइक से घर लौट रहे थे, तभी टोल प्लाजा के पास ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक कमलकिशोर की चार बेटियां हैं। उनकी दूसरी बेटी की शादी 24 मई को तय थी और घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। गांव में भी शोक का माहौल है। लोगों ने एनएचएआई की लापरवाही पर उठाए सवाल प्रत्यक्षदर्शियों ने हादसे के लिए एनएचएआई की लापरवाही को जिम्मेदार बताया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हाइवे पर मरम्मत और निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन सुरक्षा इंतजाम न के बराबर हैं। कई जगह बिना संकेतक और डायवर्जन बोर्ड लगाए वाहनों को रॉन्ग साइड से निकाला जा रहा है, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि टोल प्लाजा के आसपास ट्रैफिक व्यवस्था अव्यवस्थित रहती है और भारी वाहन तेज रफ्तार में चलते हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही चिरूला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद कुछ देर तक हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
पोस्टपेड में बदलेंगे 7.28 लाख मीटर:गोरखपुर-बस्ती मंडल के 7 जिलों में शुरू हुई प्रक्रिया
लोगों के विरोध के बाद सरकार ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर को पोस्टपेड में बदलने का निर्णय लिया है। गोरखपुर व बस्ती मंडल के 7 जिलों में ऐसे मीटर की संख्या 7 लाख 28 हजार 763 है। इसे पोस्टपेड में बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फिलहाल रिचार्ज करने के झंझट से छुटकारा मिल गया है और किसी की बिजली भी नहीं कटेगी। पोस्टपेड मीटर होने के बाद समय से बिजली का बिल भुगतान न करने वालों का कनेक्शन काटा जाएगा। पैसा जमा करने के बाद यह आटो मोड में जुड़ जाएगा। परिसर में पुराने मीटर की जगह नए मीटर लगाने का काम जारी रहेगा लेकिन इसको प्री पेड मोड में परिवर्तित नहीं किया जाएगा। सितंबर 2025 में शुरू हुआ था प्रीपेड मोड में संचालित करने का काम सितंबर 2025 से पोस्टपेड स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड मोड में संचालित करने की शुरुआत की गई थी। इसके लिए उपभोक्ताओं को संदेश भेजा गया था। उनको बताया गया था कि प्रीपेड मोड में संचालित होने के पहले का बकाया किस्त-किस्त में प्रीपेड मीटर रिचार्ज के साथ जमा कराया जाएगा। यानी उपभोक्ता प्रीपेड मीटर के माध्यम से बिजली के उपभोग के लिए रिचार्ज करता था तो उस रुपये में से पुराने मीटर का बकाया भी जमा होता था। जानिए कैसे बढ़ी परेशानीप्रीपेड मीटर से बिजली के उपभोग को लेकर जागरूकता अभियान तो चलाया जा रहा था लेकिन पैसे जमा करने के बाद भी मीटर में बकाया और पुराने बकाया को लेकर यूपीपीसीएल स्मार्ट एप में कोई सटीक सूचना नहीं दर्ज हो रही थी, जिससे परेशानी बढ़ रही थी। उपभोक्ताओं का आरोप था कि मीटर रिचार्ज करने के बाद भी एप में लगातार बकाया दिख रहा था। साथ ही बिजली भी कभी भी कट जा रही थी। जिनके पास एंड्रायड फोन नहीं हैं उनको तो कुछ पता ही नहीं चल पा रहा था। पिछले दिनों सहजनवा खंड के गंगटही उपकेंद्र क्षेत्र में महिलाओं से परिसर से प्रीपेड मीटर उखाड़कर प्रदर्शन किया था। प्रदेश में कई स्थानों पर प्रदर्शन हो रहे थे। तारामंडल क्षेत्र के उपभोक्ता आदर्श ने कहा कि लगातार बिल भुगतान और सिर्फ एक एसी चलाने के बाद भी एप में कभी अधिकतम मांग छह किलोवाट तो कभी कुछ दिखा देता है। एक ही दिन में कई-कई बार मीटर रिचार्ज करने के बाद भी बकाया खत्म होने का नाम नहीं लेता है। 18 अप्रैल को लगी थी प्रीपेड मीटर लगाने पर रोक, नए कनेक्शन पर लग रहे हैंतकनीकी खामियों की जांच करने तक स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने पर 18 अप्रैल को रोक लगाई गई थी। इस रोक के पहले गोरखपुर-बस्ती मंडल में सात लाख 22 हजार परिसर पर इसे स्थापित किए जा चुका थे। दोनों मंडलों में 26 लाख 95 हजार 826 परिसर पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने हैं। अब पुराने मीटरों को हटाकर स्मार्ट प्रीपेड मीटर नहीं लगाया जा रहा है लेकिन नए कनेक्शनों पर इसको लगाने का क्रम अब भी जारी रहेगा। माना जा रहा है कि सभी प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड में बदलने के बाद अब नए कनेक्शन पर भी पोस्टपेड मीटर ही स्थापित किए जाएंगे। प्रीपेड मीटर पोस्टपेड में बदलने के बाद माइनस में बिल का संदेश नहीं आएगा। कनेक्शन काटने पर भी रोक लगा दी गई है। अब उपभोक्ताओं को बहुत राहत मिल जाएगी। गोरखपुर और बस्ती मंडल के जिलों में ये है स्थिति
समस्तीपुर में एक मजदूर संदिग्ध हालत में मौत हो गई। सड़क किनारे शव मिला है। डेड बॉडी ट्रैक्टर पर पड़ी थी। मृतक की पहचान किशनपुर बैकुंठ(वार्ड-13) निवासी ननकी उर्फ धर्मवीर(45) के तौर पर हुई है। गांव में ही चिमनी पर काम करता था। सिर और सीने पर चोट के निशान है। परिवार के सदस्यों का कहना है मजदूरी को लेकर विवाद चल रहा था। जिसके चलते हत्या हुई है। घटना वारिसनगर थाना क्षेत्र की है। बकाया पैसे को लेकर विवाद हुआ था भतीजा जीवछ राम ने बतलाया कि मेरे चाचा पिछले छह महीने से गोपाल चिमनी पर मजदूरी का काम कर रहे थे। वहां करीब 15 हजार रुपए बकाया था। जिसको लेकर संचालक से विवाद भी हुआ था। शनिवार को पैसा मांगने के लिए घर से निकले थे। देर रात तक नहीं लौटे। खोजबीन के दौरान रविवाक सुबह सड़क किनारे उनका शव मिला। बॉडी पर कई जगह चोट के निशान मिले हैं। आशंका है कि पहले उनके साथ मारपीट की गई, इसके बाद मौत के घाट उतार दिया गया। पुलिस ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं। छानबीन में जुटी पुलिस वहीं, इस संबंध में वारिसनगर थानाध्यक्ष सर्वेश झा का कहना है कि संभव है सड़क हादसे में मौत हुई हो, लेकिन परिवार के लोग हत्या का आरोप लगा रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल परिवार की ओर से आवेदन नहीं मिला है। पुलिस अपने स्तर से जांच कर रही है।
सिमरी बख्तियारपुर में युवक की पेड़ से गिरने से मौत:इलाज के दौरान दम तोड़ा, नीरा उतारते समय एक्सीडेंट
सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के चौधरी टोला, वार्ड संख्या 22 में शनिवार शाम एक युवक की ताड़ के पेड़ से गिरकर मौत हो गई। मृतक की पहचान बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के आजाद नगर स्थित चौधरी टोला निवासी स्व. विंदा चौधरी के 34 वर्षीय पुत्र राजेश चौधरी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, राजेश चौधरी शनिवार शाम नीरा उतारने के लिए ताड़ के पेड़ पर चढ़े थे। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वे अनियंत्रित होकर नीचे गिर गए। ऊंचाई से गिरने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने राजेश को तत्काल अनुमंडलीय अस्पताल सिमरी बख्तियारपुर में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद, उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल सहरसा रेफर कर दिया। इलाज के दौरान सदर अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई। राजेश चौधरी अपने परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे और मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी असामयिक मृत्यु से परिवार पर गहरा संकट आ गया है। राजेश की माँ मसोमात लुखरी देवी ने बताया कि लगभग छह वर्ष पूर्व राजेश के पिता स्व. विंदा चौधरी की भी पेड़ से गिरने के कारण मौत हो गई थी।
प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाना क्षेत्र में पति-पत्नी के विवाद के दौरान हुई फायरिंग और मारपीट के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से एक अवैध तमंचा और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है। गिरफ्तार किए गए आरोपी रायबरेली जनपद के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, चेकिंग के दौरान अतौलिया के पास से सचिन मौर्या (21), आशू मौर्या (19) और लवकुश (21) को पकड़ा गया। ये सभी रायबरेली जनपद के सलोन थाना क्षेत्र के धरई गांव के निवासी हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अपनी बहन के साथ हो रहे पारिवारिक विवाद और मारपीट से नाराज थे। इसी नाराजगी में वे तमंचा लेकर उसकी ससुराल पहुंचे और ससुराल पक्ष के लोगों के साथ गाली-गलौज व मारपीट की। आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग भी की, हालांकि युवक बाल-बाल बच गया। आरोपियों ने पुलिस को यह भी बताया कि घटना के बाद वे दोबारा वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। वे जंगल में छिपकर अंधेरा होने का इंतजार कर रहे थे, तभी पुलिस टीम ने उन्हें धर दबोचा। यह घटना मानिकपुर थाना क्षेत्र के बजहाभीट गांव की है। गांव निवासी कृपाशंकर पुत्र प्रमोद कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 8 मई की रात उनकी पत्नी साक्षी से विवाद हुआ था। विवाद के दौरान पत्नी ने अपने मायके पक्ष के लोगों को बुला लिया था। तहरीर के अनुसार, समझौते के दौरान जब शिवशंकर वहां से जा रहे थे, तभी एक युवक ने तमंचा निकालकर उनके पेट पर सटा दिया और फायर कर दिया। हालांकि, शिवशंकर ने हाथ से झटका मारकर अपनी जान बचाई। घटना की सूचना पर यूपी-112 पुलिस मौके पर पहुंची थी। पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
दमोह जिले के महुआखेड़ा गांव में 3 वर्षीय बच्चे अनिरुद्ध सिंह की हत्या का मामला सुलझ गया है। पुलिस ने बच्चे की सगी बड़ी मां राजकुमारी लोधी को गिरफ्तार किया है, जिसने आंगन के विवाद में अपने ही भतीजे को जहर देकर और गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया। मृतक के दादा छोटे सिंह लोधी ने बताया कि विवाद की असली वजह घर का आंगन था। अनिरुद्ध के पिता तीन भाई हैं और सबके पास चार-चार एकड़ जमीन है, लेकिन साझा आंगन दादा के नाम था। राजकुमारी चाहती थी कि वह आंगन उसके नाम हो जाए ताकि वहां से कोई दूसरा न निकल सके। इसी रंजिश में 3 मई, शुक्रवार सुबह 9:30 बजे, जब घर के नल खुले थे और सब काम में व्यस्त थे, उसने अनिरुद्ध को अगवा कर लिया। हत्या का तरीका और शव छिपाने की कोशिश एसपी आनंद कलादगी के अनुसार, आरोपी महिला ने पहले बच्चे को जहर खिलाया, फिर गला दबाया और सिर पर पत्थर पटककर उसकी हत्या कर दी। उसने शव को बोरे में भरकर घर के अंदर ही भूसे के ढेर में छिपा दिया। शुक्रवार रात भर पुलिस गांव में सर्चिंग करती रही, इसलिए वह शव बाहर नहीं निकाल सकी। इस दौरान वह खुद भी परिजन के साथ बच्चे को खोजने का नाटक करती रही। कचरे के ढेर से मिला शव शनिवार सुबह जैसे ही पुलिस घर के पास से हटी, राजकुमारी ने शव को भूसे से निकालकर प्लास्टिक के टब में रखा और बाहर गोबर के ढेर पर फेंक दिया। उसने शव के ऊपर कचरा डाल दिया ताकि किसी को शक न हो। हालांकि, जब डॉग स्क्वायड की टीम गांव पहुंची, तो खोजी कुत्ता सीधे उसी ढेर पर जाकर रुक गया, जहां से पुलिस को बोरे में बंद शव मिला। रविवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंपा गया। पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल दो बेटियों के बाद हुए इकलौते बेटे की मौत से मां संगीता लोधी का बुरा हाल है। ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर पुलिस समय रहते घर के अंदर तलाशी लेती, तो शायद बच्चा जीवित मिल जाता। इस पर एसपी ने कहा कि डीएसपी स्तर के अधिकारी से मामले की जांच कराई जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई होगी। फिलहाल पुलिस आरोपी महिला के पति भगवान सिंह से भी पूछताछ कर रही है।
कोरबा के दर्री थाना क्षेत्र स्थित गोपालपुर मुख्य मार्ग पर शुक्रवार रात दो गज जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई। इस दौरान लाठी-डंडे चले, जिसमें महिला-पुरुष भी शामिल थे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मारपीट में दो लोगों को चोटें आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच पिछले कई दिनों से दो गज जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। शुक्रवार रात कहासुनी के बाद यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष लाठी-डंडे लेकर आमने-सामने आ गए और सड़क पर ही मारपीट शुरू कर दी। काफी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को अलग किया गया सड़क पर मारपीट होते देख आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को अलग किया जा सका। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल इस पूरी घटना का किसी व्यक्ति ने वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लाठी-डंडे बरसाते साफ दिख रहे हैं। मारपीट के बाद कुछ समय तक इलाके में तनाव का माहौल बना रहा। हालांकि, दोनों ही पक्षों ने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई है। सूत्रों के अनुसार, वे आपस में ही मामला सुलझाने की बात कह रहे हैं। विवाद अभी खत्म नहीं,तनाव बरकरार स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन को लेकर यह विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है और दोनों पक्षों के बीच तनाव बरकरार है। आशंका है कि आने वाले दिनों में इस जमीन विवाद को लेकर फिर से कोई अप्रिय घटना हो सकती है। दर्री थाना पुलिस ने बताया कि शिकायत मिलने पर जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ाने की बात भी कही जा रही है।
निवाड़ी जिले की पृथ्वीपुर तहसील में शनिवार शाम जमीन के सीमांकन को लेकर विवाद हो गया। दयाराम कुशवाहा और उनके परिजनों ने समाज के लोगों के साथ सड़क पर प्रदर्शन किया। इस दौरान एक युवक पानी की टंकी पर भी चढ़ गया।प्रदर्शनकारियों ने पूर्व विधायक शिशुपाल सिंह यादव पर जमीन पर कब्जा करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। महिलाओं और ग्रामीणों ने कहा कि किसी भी घटना के लिए पूर्व विधायक जिम्मेदार होंगे। हाईकोर्ट का स्टे ऑर्डर दिखायाप्रदर्शनकारियों ने मौके पर हाईकोर्ट का स्टे ऑर्डर भी दिखाया। उनका कहना था कि मामला कोर्ट में होने के बावजूद सीमांकन और कब्जे की कोशिश की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से कार्रवाई रोकने की मांग की। इलाके में पुलिस बल तैनात प्रदर्शन और नारेबाजी के चलते कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। इसके बाद इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया। पृथ्वीपुर तहसीलदार शुभम मिश्रा ने बताया कि प्रशासन सीमांकन के लिए पहुंचा था, लेकिन कुछ लोग कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे, जिससे विवाद बढ़ गया।फिलहाल दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ है। प्रशासन और पुलिस मामले पर नजर रखे हुए हैं।
जींद जिले के थाना सदर सफीदों के अंतर्गत आने वाले गांव खेड़ा खेमावती से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक विवाहिता ज्योति संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई है। पीड़िता के पति ने अपने ससुराल पक्ष के रिश्तेदारों पर साजिश रचने और पत्नी को गायब करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में अपहरण की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बंटवारे के नाम पर पानीपत बुलाया खेड़ा खेमावती निवासी रामकरण ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि शनिवार (9 मई) की सुबह करीब 9 से 10 बजे के बीच उसकी पत्नी ज्योति के पास उसके चाचा धर्मबीर और बहन पूजा के फोन आए। उन्होंने ज्योति को संपत्ति के बंटवारे की बात कहकर पानीपत के गांव सौदापुर बुलाने का दबाव बनाया। रामकरण के मना करने के बावजूद ज्योति जिद कर पानीपत जाने के लिए तैयार हो गई। बस में बैठाया, फिर बंद आने लगा फोन रामकरण के अनुसार, उसने खुद अपनी पत्नी ज्योति को खानसर चौक से पानीपत जाने वाली बस में बैठाया था। लेकिन उसके बाद से ज्योति का कोई अता-पता नहीं है। जब रामकरण ने ज्योति के मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की, तो उसका फोन बंद आने लगा। परेशान होकर जब उसने ज्योति के चाचा धर्मबीर से पूछा, तो उसने साफ इनकार कर दिया कि ज्योति वहां पहुंची ही नहीं है। रोती हुई वीडियो ने बढ़ाई चिंता मामले में मोड़ तब आया जब ज्योति की बहन पूजा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह रोती हुई दिखाई दे रही है। यह वीडियो रामकरण के भाई के पास भी पहुंचा, जिससे परिवार को अनहोनी की आशंका सताने लगी है। रामकरण का आरोप है कि ज्योति के माता-पिता की मृत्यु पहले ही हो चुकी है और अब उसके चाचा धर्मबीर, भाई साहब सिंह और बहन पूजा ने मिलकर उसे गायब किया है। पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच तेज रामकरण की शिकायत पर थाना सदर सफीदों पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 127(6) के तहत मुकदमा नंबर 106 दर्ज कर लिया है। पुलिस अब कॉल डिटेल्स और वायरल वीडियो के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। महिला की बरामदगी के लिए टीमें गठित की गई हैं और पानीपत व अन्य संभावित ठिकानों पर संपर्क किया जा रहा है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
अफ्शा अंसारी की तलाश में 7 ठिकानों पर छापेमारी:गाजीपुर-मऊ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, 50 हजार का इनाम
गाजीपुर। माफिया मुख्तार अंसारी की फरार पत्नी अफ्शा अंसारी की तलाश में गाजीपुर पुलिस ने शनिवार रात बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने गाजीपुर और मऊ जिलों में कुल सात संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। अफ्शा अंसारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है। पुलिस टीमों ने गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र में दो और सैदपुर थाना क्षेत्र में एक ठिकाने पर दबिश दी। इसके अलावा, मऊ जिले में मुख्तार अंसारी से जुड़े चार अलग-अलग स्थानों की भी तलाशी ली गई। इस संयुक्त कार्रवाई के बाद दोनों जिलों के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। छापेमारी के दौरान मऊ के दक्षिण टोला थाना क्षेत्र स्थित मिर्जाहादीपुरा इलाके में समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व चेयरमैन तय्यब पालकी के घर भी पुलिस पहुंची। गाजीपुर और मऊ पुलिस की संयुक्त टीम के साथ महिला पुलिसकर्मियों ने घर के अंदर तलाशी ली और कई बिंदुओं पर पूछताछ की। तय्यब पालकी को मुख्तार अंसारी का करीबी माना जाता है। हालांकि, मीडिया से बातचीत में तय्यब पालकी ने बताया कि उन्हें अफ्शा अंसारी के बारे में कोई जानकारी नहीं है और उनका उनसे कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस पूछताछ के बाद धन्यवाद कहकर वापस लौट गई। एसपी ग्रामीण अतुल सोनकर ने बताया कि अफ्शा अंसारी लंबे समय से फरार चल रही हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अफ्शा अंसारी मऊ सदर से विधायक अब्बास अंसारी की मां और दिवंगत मुख्तार अंसारी की पत्नी हैं। वह कई मामलों में वांछित हैं। यह संयुक्त छापेमारी सिर्फ गिरफ्तारी अभियान नहीं, बल्कि मुख्तार अंसारी नेटवर्क से जुड़े संभावित ठिकानों और संपर्कों की पड़ताल के रूप में भी देखी जा रही है। मुख्तार अंसारी के निधन के बाद भी उनके परिवार और करीबियों पर पुलिस की निगरानी लगातार बनी हुई है।
मऊ में मुख्तार अंसारी की फरार पत्नी आफ्शा अंसारी की तलाश में गाजीपुर और मऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने रविवार सुबह छापेमारी की। यह कार्रवाई नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन तैय्यब पालकी के आवास पर की गई, जो लगभग एक घंटे तक चली। हालांकि, पुलिस को आफ्शा का कोई सुराग नहीं मिला और टीम खाली हाथ लौट गई। रविवार सुबह करीब 9 बजे गाजीपुर जिले की कासिमाबाद पुलिस टीम और मऊ जिले की थाना दक्षिण टोला पुलिस टीम ने नगर क्षेत्र के मिर्जाहादीपुरा स्थित पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष तैय्यब पालकी के आवास पर दबिश दी। एक घंटे की छानबीन के बाद भी आफ्शा अंसारी का कोई पता नहीं चला। आफ्शा अंसारी गाजीपुर जिले के थाना मुहम्मदाबाद अंतर्गत युसूफपुर की निवासी हैं। उनके खिलाफ मऊ जिले के थाना दक्षिण टोला में धोखाधड़ी, जालसाजी और लोक क्षति निवारण अधिनियम की धाराओं के साथ-साथ गैंगस्टर एक्ट और 174 ए के तहत मुकदमा दर्ज है। गाजीपुर जिले के विभिन्न थानों में भी उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में दस मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि गाजीपुर जिले की कासिमाबाद पुलिस टीम ने दबिश दी थी, लेकिन मुख्तार की फरार पत्नी का कोई सुराग नहीं मिला है। गाजीपुर और मऊ पुलिस काफी समय से आफ्शा अंसारी की तलाश कर रही है।
अलवर के शालीमार से 25 साल की युवती लापता है। परिवार 1 मई से युवती को अलवर से वृंदावन तक ढूंढ़ने में लगे हैं। अलवर में युवती को गौरी गोपाल आश्रम सहित कई जगहों पर देखा गया। लेकिन अब तक नहीं मिली है। इसके कारण युवती की मां की तबीयत खराब रहने लगी है। अब परिवार ने पुलिस और लोगों से मदद की गुहार लगाई है। शालीमार निवासी रविंद्र डुडेजा ने बताया- बेटी नैंसी 1 मई को शाम के समय गुरुद्वारे गई थी। इसके बाद घर नहीं लौटी। आसपास के सीसीटीवी देखे तो पता चला कि अलवर जंक्शन पहुंची है। वहां से मथुरा की ट्रेन में निकली है। युवती मथुरा के बाद वृंदावन पहुंच गई। वहां सीसीटीवी में युवती एक दो जगहों पर दिखी है। गौरी गोपाल आश्रम में बालिका को तलाश किया गया। लेकिन अब तक उसको ढूंढ़ नहीं सकते हैं। पिता बोले- बेटी बहुत धार्मिक पिता ने बताया- बेटी नैंसी बहुत अधिक धार्मिक है। वह हमेशा भजन ही सुना करती थी। घर से भी एक लौटा लेकर निकली थी। इसके अलावा उसके पास कुछ नहीं है। लेकिन अब उसका पता नहीं चलने के कारण परिवार के लोग परेशान हैं। नैंसी की मां की तबीयत भी खराब है। पिता ने कहा- बेटी का पता चलते ही सूचना दें अलवर पुलिस को भी उसकी गुमशुदी की सूचना दी है। पुलिस की टीम भी तलाश करने में लगी है। पिता का कहा- बेटी को किसी ने देखा हो तो 9828666733, 9672977000, 9413303432 नंबर पर सूचना दे सकते हैं।
बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा ने एक बार फिर कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) पर सवाल उठाए हैं। विधायक शर्मा ने आरोप लगाया है कि 431 करोड़ रुपए की भूमि बेचने के बाद भी बूंदी विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे बूंदी जिले में 1 रुपए का भी विकास कार्य नहीं हुआ है। विधायक शर्मा ने बताया कि केडीए में बूंदी जिले के कुल 64 गांव और पाटन नगर पालिका क्षेत्र को शामिल किया गया है। जब से केडीए का गठन हुआ है, तब से इन गांवों और नगर पालिका क्षेत्र का विकास बाधित हो गया है। इन क्षेत्रों में आज तक एक रुपए का भी विकास कार्य नहीं हुआ है। इसके विपरीत, बूंदी जिले की बेशकीमती जमीनों को लगातार बेचकर कोटा का विकास किया जा रहा है। 'केडीए ने करीब 4282 बीघा भूमि बेची'शर्मा ने बताया कि केडीए ने लगभग 4282 बीघा भूमि बेची है। यह भूमि बूंदी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रामपूरिया और पीली की खान की है। ग्राम रामपूरिया की कुल लगभग 1836 बीघा भूमि और पीली की खान की कुल लगभग 2445 बीघा भूमि है। रामपूरिया की भूमि की अनुमानित कीमत लगभग 79.50 करोड़ रुपए और पीली की खान की कीमत लगभग 352.51 करोड़ रुपए है। दोनों ग्रामों की कुल कीमत लगभग 431.33 करोड़ रुपए है। इस भूमि को खाली करवाकर रीको को बेचा गया और रीको ने 431 करोड़ रुपए केडीए में जमा करवा दिए हैं। अब इन खरीदी हुई जमीनों पर रीको अपने स्तर पर विकास कार्य करवाएगा, इसमें केडीए का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। 'बूंदी जिले में 1 रुपए का भी विकास कार्य नहीं हुआ'विधायक शर्मा ने दोहराया कि जब से केडीए बना है, उसके बाद से बूंदी विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे बूंदी जिले में एक रुपए का भी विकास कार्य नहीं हुआ है। इसके विपरीत, लाखों सिवायचक और चारागाह आबादी भूमि केडीए द्वारा लगातार बेची जा रही है और उससे प्राप्त धनराशि को कोटा के विकास में लगाया जा रहा है।
इंदौर के लसूड़िया इलाके में रविवार सुबह एक नाश्ते की दुकान पर गैस टंकी में लीकेज होने से आग लग गई। गश्त पर निकली एसीपी सहित एफआरवी टीम मौके पर पहुंची। लसूड़िया के एमआर-3 क्षेत्र में श्याम नाश्ता कॉर्नर दुकान में आग लगने की सूचना पुलिस को मिली थी। सबसे पहले एफआरवी टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद गश्त कर रहीं एसीपी रुबीना मिजवानी भी वहां पहुंच गईं। जवानों ने एसीपी के साथ मिलकर गैस टंकी में लगी आग बुझाई। देखें तस्वीरें… पुलिसकर्मियों को दूरी पर रहने के निर्देश आग बुझने के बाद भी टंकी से गैस निकल रही थी। इसे देखते हुए एसीपी मिजवानी ने आसपास मौजूद सभी पुलिसकर्मियों को दूरी पर रहने के निर्देश दिए। टंकी से गैस पूरी तरह खत्म होने के बाद ही एसीपी और पुलिस टीम वहां से रवाना हुई। रहवासियों ने बताया कि गैस टंकी में काफी देर से आग लगी हुई थी। उन्होंने समय पर पहुंचकर मदद करने के लिए पुलिस का धन्यवाद दिया। हालांकि, दमकल टीम समय पर मौके पर नहीं पहुंच सकी थी।
हरियाणा के पानीपत जिले के गांव नारा में एक दंपती (सास-ससुर) ने अपनी बहू के व्यवहार, पहनावे और आए दिन होने वाले झगड़ों से परेशान होकर सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। मृतकों की पहचान 46 वर्षीय राजेश और उनकी 44 वर्षीय पत्नी सुमन के रूप में हुई है। इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है और रिश्तों की गरिमा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर हुआ था प्यार, फिर रचाई थी शादी परिजनों ने बताया कि राजेश और सुमन का इकलौता बेटा आशीष है। आशीष की पहचान दिल्ली की रहने वाली स्नेहा से फेसबुक और इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। दोनों करीब दो साल तक रिलेशनशिप में रहे। इसके बाद जनवरी 2025 में उन्होंने परिवार की रजामंदी से लव-कम-अरेंज मैरिज की थी। माता-पिता को उम्मीद थी कि बहू के आने से घर में खुशियां आएंगी, लेकिन शादी के कुछ दिन बाद ही विवाद शुरू हो गया। पहनावे और दिल्ली कल्चर को लेकर था मुख्य विवाद बताया जा रहा है कि स्नेहा दिल्ली के आधुनिक माहौल में पली-बढ़ी थी और वह शादी के बाद गांव के माहौल में ढलने को तैयार नहीं थी। वह दिल्ली का कल्चर छोड़ना मंजूर नहीं कर रही थी। उसके पहनावे और रहन-सहन को लेकर अक्सर घर में टोका-टाकी होती थी, जो धीरे-धीरे बड़े क्लेश का रूप लेने लगी। सुमन और राजेश चाहते थे कि बहू मर्यादित तरीके से रहे, लेकिन स्नेहा को यह पाबंदी मंजूर नहीं थी। बहू पर मारपीट और बेटे पर पक्षपात का आरोप परिजनों का आरोप है कि स्नेहा अक्सर अपनी सास सुमन के साथ बदतमीजी और मारपीट करती थी। सबसे दुखद पहलू यह रहा कि इकलौता बेटा आशीष अपनी मां का साथ देने के बजाय अपनी पत्नी स्नेहा का ही पक्ष लेता था। माता-पिता को बेटे का यह व्यवहार अंदर ही अंदर कचोट रहा था। शनिवार दोपहर बाद घर में फिर से इसी बात को लेकर भारी विवाद हुआ, जिसके बाद राजेश और सुमन ने मानसिक तनाव में आकर जहरीला पदार्थ (सल्फास) निगल लिया। अस्पताल में तोड़ा दम, PGI में भी नहीं बच सकी जान तबीयत बिगड़ने पर दोनों को तुरंत पानीपत के सिविल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद सुमन को मौके पर ही मृत घोषित कर दिया। वहीं, राजेश की हालत बेहद गंभीर थी, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद रोहतक पीजीआई (PGI) रेफर कर दिया गया। रविवार सुबह इलाज के दौरान राजेश ने भी दम तोड़ दिया। एक ही घर से दो अर्थियां उठने गांव में सन्नाटा पसरा है।
बिहार में अश्लील गानों और सड़कों पर स्टंटबाजी से जुड़ा कटिहार से एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में एक युवक नेशनल हाईवे पर खतरनाक बाइक स्टंट करता दिख रहा है, जिसमें छोटे बच्चों की जान भी जोखिम में डाली गई है। यह वायरल वीडियो पूर्णिया-कटिहार दलन चौक के पास का बताया जा रहा है। वीडियो में युवक तेज रफ्तार बाइक पर हवा में उछालने जैसे करतब कर रहा है। इस दौरान बाइक पर छोटे बच्चे भी बैठे दिख रहे हैं, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। स्टंट के साथ-साथ, रील के बैकग्राउंड में अश्लील गाना बज रहा है। यह बिहार सरकार और पुलिस विभाग द्वारा अश्लील गानों पर रोक लगाने के दावों के विपरीत है। स्टंटबाजों के खिलाफ कार्रवाई की मांग इस तरह की स्टंटबाजी यातायात नियमों का गंभीर उल्लंघन है और पुलिस की गश्ती पर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोग पुलिस से ऐसे स्टंटबाजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कटिहार पुलिस से इस वीडियो का संज्ञान लेने, बाइक के नंबर और लोकेशन की जांच कर युवक के खिलाफ कार्रवाई करने की अपेक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
मुजफ्फरनगर में नंबर प्लेट छिपाकर दौड़ रहे ओवरलोड ट्रक:कार्रवाई से बचने की कोशिश, 35 वाहन जब्त
मुजफ्फरनगर में ओवरलोड ट्रक लगातार नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। ये वाहन न केवल आम लोगों के लिए खतरा बन चुके हैं, बल्कि अपनी नंबर प्लेट पर मिट्टी या कालिख लगाकर पहचान छिपा रहे हैं, जिससे कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके। नंबर प्लेट छिपी होने के कारण दुर्घटना होने पर भी ऐसे ट्रक आसानी से बच निकलते हैं। खनन विभाग और एआरटीओ भी कई बार इन वाहनों तक नहीं पहुंच पाते। बड़े पैमाने पर अवैध खनन और ओवरलोडिंग का यह खेल नंबर छिपाकर जारी है। हाल ही में, रविवार को पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग पर तितावी थाने के ठीक सामने से गुजरता एक ऐसा ही ट्रक कैमरे में कैद हुआ। इस ट्रक की नंबर प्लेट पूरी तरह ढकी हुई थी, जिससे नियमों की खुलेआम अनदेखी पर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले पर एआरटीओ प्रवर्तन सुशील कुमार मिश्रा ने बताया कि ऐसे ट्रकों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि 25 अप्रैल से 10 मई तक चले अभियान में 35 ओवरलोड ट्रकों को जब्त किया गया और उनसे लगभग 28 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। मिश्रा ने आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही।
नीमच के जावद थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल बाइक सवार युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना मेंढकी और बवाल के बीच शनिवार देर रात की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वाहन की टक्कर से हुए थे घायल मृतक की पहचान मेंढकी निवासी कमलेश (34) पुत्र शंभूलाल भील के रूप में हुई है। कमलेश बीती रात अपनी बाइक से जा रहा था, तभी मेंढकी और बवाल के बीच एक अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कमलेश गंभीर रूप से घायल होकर सड़क किनारे गिर गया। इलाज के दौरान मौत राहगीरों की सूचना पर एम्बुलेंस की मदद से कमलेश को तत्काल जावद शासकीय अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने रात करीब 9 बजे उसे नीमच जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। पीएम के बाद परिजनों को सौंपा गया शव नीमच जिला अस्पताल में इलाज के बावजूद कमलेश की जान नहीं बचाई जा सकी और आज अल सुबह उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल पुलिस चौकी ने रविवार को शव का पंचनामा बनाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
करनाल के निगदू थाना क्षेत्र की सीतामाई पुलिस चौकी के अधीन आने वाले एक गांव में 18 वर्षीय युवक को बंधक बनाकर कुकर्म करने का मामला सामने आया है। घटना का खुलासा तब हुआ जब परिजनों को मोबाइल पर एक वीडियो मिला, जिसमें कुछ युवक पीड़ित के साथ गलत काम करते दिखाई दिए। पीड़ित पहले से ही शारीरिक और मानसिक रूप से बीमार बताया जा रहा है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता पिता ने पुलिस चौकी सीतामाई में शिकायत दी। जिसमें उन्होंने बताया कि उसका 18 वर्षीय बेटा बचपन से शारीरिक व मानसिक रूप से बीमार है। 8 मई को शाम करीब 5 बजे उसने अपने फोन पर एक वीडियो देखी, जिसमें कुछ युवक एक लड़के के साथ गलत हरकत कर रहे थे। ध्यान से देखा तो यह लड़का उनका बेटा ही था। जब पिता ने बेटे से पूछताछ की तो बेटे ने पूरी घटना बताई। बंधक बनाकर नशा दिया, फिर किया कुकर्म पीड़ित बेटे ने पिता को बताया कि आरोपी काला उर्फ गुरमीत, हर्षित, मोहित और एक अन्य युवक उसे जबरदस्ती पकड़कर हर्षित की बैठक में ले गए। वहां आरोपियों ने उसे बंधक बनाकर नशा दिया और उसके साथ कुकर्म किया। घटना करीब एक सप्ताह पहले की बताई गई है। पीड़ित ने यह भी बताया कि आरोपियों ने उसे धमकी दी थी कि अगर उसने किसी को इस बारे में बताया तो उसे जान से मार देंगे, जिसके डर से वह चुप रहा। पुलिस ने शिकायत पर दर्ज किया केस 9 मई को पिता ने पुलिस चौकी सीतामाई में लिखित शिकायत दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद थाना निगदू में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीतामाई पुलिस चौकी के इंचार्ज एसआई सुभाष ने बताया कि शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पूरे मामले की गहनता व गंभीरता से जांच की जा रही है। फिलहाल आरोपियों की अभी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
भोजपुर में गर्लफ्रेंड से बात करने से मना करने पर एक युवक ने जीजा के भाई को गोली मार दी। गोली बाएं हाथ की बांह में लगी और पार होते हुए सीने में जा धंसी। गंभीर रूप से जख्मी युवक ने खून से लथपथ हालत में अपने भाई को फोन कर जानकारी दी। जिसके बाद परिजन आनन-फानन में इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। घायल की पहचान उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के नौरंगा गांव निवासी सोनू कुमार ठाकुर(25) के तौर पर हुई है। जो पेशे से डेयरी संचालक है। घटना कारनामेपुर थाना क्षेत्र के ओझवलिया मोड़ के पास की है। लड़की से बात करने के लिए मना किया था घायल ने बताया कि बड़े भाई का साला साधु राय मेरे घर पर आया था। रविवार की सुबह दोनों दरवाजे पर बैठे थे। इस दौरान वो एक युवती से मोबाइल पर बातचीत कर रहा था। पूछताछ करने पर बताया कि वह ओझवलिया गांव की एक लड़की से बात कर रहा है। इस पर मैंने विरोध जताया, कहा कि जिस लड़की से वह बात कर रहा है, उसके परिवार के लोग उसकी डेयरी में दूध देते हैं। गांव में लोग उसके बारे में गलत बातें करेंगे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। साधु राय गाली-गलौज करने लगा। बीच-बचाव करने पहुंची सोनू की पत्नी के साथ भी उसने अभद्र व्यवहार किया। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी और वहां से चला गया। गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी सोनू ने आगे बताया कि मामला शांत होने के बाद दूध लेकर बक्सर जिले के पररी गांव स्थित अमूल डेयरी जा रहा था। तभी ओझवलिया मोड़ के पास आरोपी बाइक से पीछा करते हुए पहुंचा और ओवरटेक कर गाड़ी रोक दी। इसके बाद गाली-गलौज करते हुए कमर से कट्टा निकालकर गोली मार दी। दोबारा अंजाम भुगतने की धमकी देते हुए फरार हो गया। छानबीन में जुटी पुलिस मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पीड़ित के बयान के आधार पर जांच की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।
सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर शनिवार देर रात एक सड़क हादसा हुआ। किलोमीटर 153.300 के पास एक खड़ी ट्रक कंटेनर से पीछे से एक कार टकरा गई। इस दुर्घटना में कार में सवार एक यात्री घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। कार चालक को नींद आने के कारण यह हादसा हुआ। यह घटना शनिवार देर रात करीब पौने दो बजे हुई। इटावा निवासी संजीव कुमार यादव अपनी खाली ट्रक कंटेनर (रजिस्ट्रेशन नंबर NL01 AH-07902) लेकर आजमगढ़ से गुरुग्राम जा रहे थे। ब्रेकडाउन के कारण उन्होंने ट्रक को एक्सप्रेस-वे की पीली पट्टी के अंदर खड़ा किया था। अंबेडकर नगर निवासी अरविंद कुमार अपनी कार (रजिस्ट्रेशन नंबर UP 50 BZ-4343) से परिवार के साथ आजमगढ़ से लखनऊ जा रहे थे। चालक अरविंद कुमार ने बताया कि उन्हें नींद आ गई थी, जिसके कारण उनकी कार खड़ी ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कार में सवार जितेंद्र पाल (45) को चोटें आईं। उन्हें कोरल कंपनी की एंबुलेंस से दोस्तपुर के सरकारी अस्पताल भेजा गया। कार में सवार अन्य यात्री सत्यम पाल, सुनीता पाल और कुमारी साक्षी सुरक्षित हैं। ट्रक चालक संजीव कुमार यादव को भी कोई चोट नहीं आई है। सूचना मिलते ही पीआरवी 112, जीआर पेट्रोलिंग, कोरल कंपनी की एंबुलेंस और पेट्रोलिंग टीमें मौके पर पहुंचीं। सहायक सुरक्षा अधिकारी त्रिलोकीनाथ पांडे भी अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर मौजूद रहे। चूंकि दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और कार दोनों पीली पट्टी के अंदर थे, इसलिए एक्सप्रेस-वे पर यातायात बाधित नहीं हुआ और आवागमन सामान्य रूप से जारी रहा।
महेंद्रगढ़ जिले के सतनाली में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) द्वारा विद्यार्थियों के हित में उठाई गई मांग पूरी हो गई है। राजकीय महाविद्यालय सतनाली में एमए हिंदी और एमए पॉलिटिकल साइंस की कक्षाएं शुरू हो गई हैं। इस बाबत एबीवीपी ने शिक्षा मंत्री के नाम प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा था। अब सरकार द्वारा दोनों विषयों को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय के बाद एबीवीपी कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों में खुशी का माहौल है। परिषद की ओर से महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुधीर लांबा का विशेष आभार व्यक्त किया गया। साथ ही डॉ. जरनेल सिंह, डॉ. बिरेंद्र सिंह शेखावत, डॉ. कमला और डॉ. आशीष सहित कॉलेज स्टाफ का भी सहयोग के लिए धन्यवाद किया गया। अब दूर नहीं जाना पड़ेगा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुधीर लांबा ने कहा कि अब विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे क्षेत्र के छात्रों को बड़ा लाभ मिलेगा। एबीवीपी नगर अध्यक्ष डॉ. विपिन कुमार ने कहा कि आसपास के विद्यार्थियों को अब हायर एजुकेशन का सुनहरा अवसर मिलेगा। शिक्षामंत्री का आभार जताया वहीं, विद्यार्थी परिषद के नगर मंत्री सचिन कुमार ने कहा कि विद्यार्थी परिषद हमेशा छात्रों के हितों के लिए कार्य करती रही है और आगे भी उनकी समस्याओं को प्रमुखता से उठाती रहेगी। एबीवीपी ने हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का आभार जताते हुए कहा कि उनके सहयोग से यह मांग पूरी हो सकी। स्टाफ सदस्य मौजूद रहे साथ ही महेंद्रगढ़ विधायक कंवर सिंह यादव के मार्गदर्शन और समर्थन के लिए भी धन्यवाद व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के डॉ. जरनेल सिंह, डॉ. बिरेंद्र सिंह शेखावत, डॉ. कमला, डॉ. आशीष सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
सक्ती में 11 लीटर महुआ शराब जब्त:6 दिन में 6 आरोपी जेल भेजे गए, चखना दुकानों पर भी कार्रवाई
सक्ती जिले में अवैध शराब कारोबार और सार्वजनिक मदिरापान पर आबकारी विभाग लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देश पर और प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी नितिन शुक्ला के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में, आबकारी वृत्त सक्ती की टीम ने वार्ड क्रमांक 18, स्टेशन पारा में छापा मारा। 9 मई को गश्त के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि स्टेशन पारा निवासी दीपचंद सतनामी उर्फ संजू (50) अपने घर में महुआ शराब का अवैध भंडारण कर बेच रहा है। आरोपी के घर से 11 लीटर महुआ शराब जब्त सूचना के आधार पर, सहायक जिला आबकारी अधिकारी आशीष उप्पल और जैजैपुर प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक घनश्याम प्रधान के नेतृत्व में टीम ने दबिश दी। जांच के दौरान आरोपी के घर से प्लास्टिक पन्नी में 5 लीटर और 30 पाउचों में भरी 6 लीटर, कुल 11 लीटर महुआ शराब जब्त की गई। 6 दिन में 6 आरोपी भेजे गए जेल आरोपी दीपचंद सतनामी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 4 से 9 मई के बीच लगातार कार्रवाई करते हुए कुल 6 आरोपियों को जेल दाखिल कराया जा चुका है। चखना दुकानदार को चेतावनी इसके अतिरिक्त, बुधवारी बाजार क्षेत्र में अवैध रूप से चखना दुकान संचालित कर ग्राहकों को मदिरापान कराने वालों पर भी आबकारी विभाग ने कार्रवाई की है। टीम ने वार्ड क्रमांक 3, बुधवारी बाजार निवासी संतराम केवट और संतोष लोधी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 36-ए के तहत प्रकरण दर्ज किया। दोनों को भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी गई है। 1 महीने में बुधवारी बाजार क्षेत्र में 7 प्रकरण दर्ज आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थलों पर शराब पीना और अवैध रूप से शराब सेवन की सुविधा उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग के अनुसार, अप्रैल 2026 से अब तक केवल बुधवारी बाजार क्षेत्र में ही ऐसे 7 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं। उक्त कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी आशीष उप्पल, आबकारी उपनिरीक्षक घनश्याम प्रधान, प्रधान आबकारी आरक्षक रघुनाथ पैकरा एवं परसराम कहरा शामिल रहे।
सहरसा पुलिस ने मानव तस्करी, अपहरण और बंधुआ मजदूरी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान 'ऑपरेशन नया सवेरा' के तहत साल 2026 में अब तक कुल 152 अपहृतों और नाबालिगों को सकुशल बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, 'ऑपरेशन नया सवेरा' जिले में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। अकेले अप्रैल 2026 में, पुलिस ने विभिन्न राज्यों में सघन छापेमारी और तकनीकी अनुसंधान के माध्यम से तस्करों के चंगुल से 18 नाबालिग लड़कियों को बचाया है। ईंट भट्ठे पर की गई कार्रवाई सबसे बड़ी कार्रवाई सदर थाना क्षेत्र के भेड़-धड़ी स्थित एक ईंट भट्ठे पर की गई। यहां आवेश करनी उर्फ चुन्नु मुखिया के ईंट भट्ठे पर छापेमारी कर पुलिस ने 7 नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया। इसी भट्ठे पर एक अन्य कार्रवाई (सदर थाना कांड संख्या- 342/26) के तहत पुलिस ने 19 परिवारों के कुल 68 बालिग और नाबालिग लोगों को बंधुआ मजदूरी से आज़ाद कराया। सहरसा पुलिस ने देह व्यापार के दलदल में धकेली जा रही नाबालिगों को भी बचाया है। सदर थाना क्षेत्र के भारतीय नगर स्थित रेड लाइट एरिया में छापेमारी के दौरान पुलिस ने सेक्स रैकेट के चंगुल से 5 नाबालिग लड़कियों को सकुशल बरामद किया। पुलिस ने 6 नाबालिग को किया बरामद इसके अतिरिक्त, सलखुआ थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर ऑर्केस्ट्रा में काम कराने के लिए तस्करी कर ले जाई जा रही 6 नाबालिग लड़कियों को सारण जिले के जनता बाजार थाना क्षेत्र से बरामद किया। विभिन्न जिलों और राज्यों में पुलिस की विशेष टीमों द्वारा लगातार की जा रही छापेमारी के परिणामस्वरूप जनवरी से अप्रैल 2026 तक कुल 66 अपहृतों को सकुशल बरामद किया गया है।
अमरोहा में मानसिक बीमार किशोरी से रेप की कोशिश:बुजुर्ग आरोपी गिरफ्तार, फुसलाकर खेतों में ले गया था
अमरोहा के डिडौली थाना क्षेत्र में एक मानसिक रूप से बीमार नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के प्रयास के आरोप में एक बुजुर्ग व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। यह घटना डिडौली थाना क्षेत्र के एक गांव की है। आरोपी याकूब पुत्र जफीर ने मानसिक रूप से बीमार नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर गन्ने के खेत में ले गया। आसपास खेतों में काम कर रही महिलाओं और अन्य लोगों ने बुजुर्ग को किशोरी के साथ खेत में जाते हुए देखा था। खेत में ले जाकर बुजुर्ग ने नाबालिग से दुष्कर्म का प्रयास किया। हालांकि, आसपास के लोगों के आने पर आरोपी बुजुर्ग मौके से भाग निकला। स्थानीय लोगों ने तत्काल मामले की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया। मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन दुष्कर्म के प्रयास के आरोप की पुष्टि हुई। पुलिस ने इसी आधार पर बुजुर्ग आरोपी को गिरफ्तार किया और रविवार को उसे जेल भेज दिया।
कानपुर में मदर्स डे पर 51 बुजुर्ग महिलाएं सम्मानित:नारी शक्ति संगठन का किया आयोजन, मातृ शक्ति पर जोर
कानपुर के रामादेवी स्थित मालिक गेस्ट हाउस में रविवार को मदर्स डे के अवसर पर नारी शक्ति संगठन द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मातृत्व का सम्मान करना और समाज में महिलाओं के योगदान को रेखांकित करना था। आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाओं और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केसी नरेंद्र (AOC) थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मां जगत जननी है और उसी के त्याग, प्रेम व संस्कारों से समाज का निर्माण होता है। उन्होंने नारी शक्ति संगठन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में महिलाओं के सम्मान को बढ़ावा देते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्षद विजय लक्ष्मी ने की। उन्होंने शायरी के माध्यम से कहा, “नारी शक्ति है देश की पहचान, उससे रोशन हर घर-आंगन और सम्मान। हौसलों से लिखती नई उड़ान, महिलाओं से ही सशक्त है हिंदुस्तान।” उन्होंने आगे कहा कि मां परिवार की आधारशिला होती है और उसका समर्पण समाज को मजबूत बनाता है। पूर्व पार्षद मनोज यादव ने बताया कि इस कार्यक्रम में 80 से 100 वर्ष की आयु वर्ग की 51 बुजुर्ग महिलाओं को शॉल, स्मृति चिन्ह, साड़ी और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिसमें बच्चों ने कविता, गीत और नृत्य के माध्यम से माताओं के प्रति अपना प्रेम व्यक्त किया। आयोजकों ने महिला सशक्तिकरण और मातृ शक्ति के सम्मान का संदेश देते हुए सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर रानी जायसवाल, विमला, कृष्णा कुमारी, ननकी शाहू सहित सैकड़ों महिलाएं उपस्थित थीं।
सिवनी जिले के घंसौर थाना क्षेत्र अंतर्गत रूपदोंन गांव के पास एक तेज रफ्तार डंपर ने पिकअप को टक्कर मार दी। डंपर की टक्कर से पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में जा पलटी। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। टक्कर मारने वाला डंपर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। घटना रविवार सुबह 10 बजे की है। घंसौर की ओर जा रहे थे पिकअप सवार मिली जानकारी के अनुसार, पिकअप वाहन में सवार लोग अतरिया ग्राम से घंसौर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रूपदोंन गांव के पास सामने से आए डंपर वाहन ने पिकअप को जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन सड़क से नीचे उतरकर गड्ढे में पलट गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के ग्रामीण तत्काल सहायता के लिए पहुंचे। हादसे में एक व्यक्ति की मौत, 4 घायल स्थानीय लोगों ने तुरंत डायल 108 एम्बुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस के एमएमटी मनीष रैकवार और चालक संदीप मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों को वाहन से बाहर निकालकर प्राथमिक सहायता प्रदान की और सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य चार घायलों का इलाज जारी है। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतक की पहचान संतोष काकोडिया (20) के रूप में हुई है। घायलों में राहुल उइके (26), सतेंद्र आर्मो (21), हिमेश आर्मो (23) और शैलेंद्र शामिल हैं। डंपर छोड़ मौके से फरार हुआ आरोपी ड्राइवर घटना की सूचना मिलते ही घंसौर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही फरार डंपर ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। इस हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण लगाने की मांग की है।
मोबाइल चोरी के आरोप पर दो पक्षों में मारपीट, VIDEO:फतेहपुर में ईंट-पत्थर चले, चार घायल
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में मोबाइल चोरी के आरोप को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई। शहर क्षेत्र के वर्मा चौराहे पर हुई इस घटना में दोनों ओर से जमकर ईंट-पत्थर चले, जिसमें कुल चार लोग घायल हो गए। मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जानकारी के अनुसार, यह विवाद शुभम गुप्ता और सुंदर लाल नामक व्यक्तियों के बीच मोबाइल चोरी के शक को लेकर शुरू हुआ था। पहले दोनों के बीच कहासुनी हुई, लेकिन देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। आरोप है कि गाली-गलौज के बाद दोनों ओर से ईंट-पत्थर और लाठी-डंडे चलने लगे। पथराव के दौरान चौक रोड और वर्मा चौराहा क्षेत्र में भगदड़ मच गई, जिससे आसपास के दुकानदारों और राहगीरों में दहशत फैल गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। थाना प्रभारी हेमंत कुमार मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है और तहरीर मिलने के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, यह घटना शनिवार को हुई थी।
भारत में जन्म के समय मां और नवजात शिशु की मृत्यु दर कम करने की दिशा में वायरलेस फिटल मॉनिटर (WFM) नई उम्मीद बनकर सामने आया है। इसका पायलट प्रोजेक्ट पटना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फुलवारी शरीफ में शुरू किया गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फुलवारी शरीफ के प्रभारी डॉ. नीरज कुमार ने बताया कि, यह पायलट प्रोजेक्ट AIIMS पटना के गायनी विभाग की देखरेख में चल रहा है। इसकी फंडिंग बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन कर रहा है। इस परियोजना के लिए 20 सदस्यों की टीम बनाई गई है और ट्रायल के रूप में चलेगा। यह दो वर्षों तक ट्रायल के रूप में संचालित होगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह पायलट प्रोजेक्ट पूरी तरह सफल रहा तो इसे देशभर के स्वास्थ्य केंद्रों में प्रमुखता से लागू किया जा सकेगा। इससे शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिलेगी। गर्भ में बच्चे की धड़कन पर रखेगा नजर डॉ. नीरज कुमार के मुताबिक, गर्भवती महिलाओं के प्रसव के अंतिम महीनों में यह वायरलेस फिटल मॉनिटर पेट पर लगाया जाता है। यह गर्भस्थ शिशु की गतिविधियों और खासकर उसकी धड़कन (हार्टबीट) और गर्भाशय के संकुचन (uterine contractions) की लगातार निगरानी करता है। यदि बच्चे में किसी प्रकार की समस्या या विकार के संकेत मिलते हैं, तो मॉनिटर के माध्यम से उसकी गतिविधि का पता चलता है। इसके बाद स्वास्थ्यकर्मी तुरंत इलाज शुरू कर सकते हैं। पहले यह जांच फिटल डॉपलर से की जाती थी, लेकिन अब यह नई वायरलेस तकनीक से संचालित होगी। वायरलेस तकनीक के जरिए निगरानी अधिक आसान और प्रभावी हो गई है। ग्रामीण इलाकों में भी मिलेगी विशेषज्ञ निगरानी बिहार में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए नई तकनीक आधारित स्वास्थ्य पहल तेजी से बढ़ रही है। फुलवारी शरीफ में गर्भवती महिलाओं की बेहतर निगरानी के लिए DFM (डिजिटल/वायरलेस फेटल मॉनिटर) पर आधारित पायलट प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, DFM (डिजिटल/वायरलेस फिटल मॉनिटर) आधारित इस तकनीक से डॉक्टर दूर बैठकर भी गर्भवती महिलाओं की स्थिति पर नजर रख सकेंगे। यह डिवाइस गर्भस्थ शिशु की हार्ट रेट और गर्भाशय के संकुचन की जानकारी वायरलेस माध्यम से डॉक्टरों तक पहुंचाता है। महिलाओं के लिए सुविधाजनक और पूरी तरह वायरलेस विशेषज्ञों का मानना है कि जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है, वहां यह तकनीक बेहद कारगर साबित हो सकती है। इस पहल का उद्देश्य गर्भावस्था के अंतिम महीनों में गर्भस्थ शिशु की स्थिति की सटीक जानकारी हासिल कर समय रहते चिकित्सकीय मदद पहुंचाना है। पहले भी ऐसी तकनीक पर हो चुका है काम भारत में पहले भी इस तरह की तकनीक पर काम हो चुका है। उदाहरण के तौर पर, “Keyar” नामक एक पोर्टेबल डिवाइस रियल-टाइम में गर्भस्थ शिशु की स्थिति बताने में सक्षम है। यह मोबाइल ऐप के जरिए डेटा ट्रांसफर करता है, जिससे डॉक्टर दूर बैठकर भी निगरानी कर सकते हैं। नवजात मौतों में कमी लाने का लक्ष्य इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य जन्म के समय होने वाली नवजात के मौतों (neonatal mortality) को कम करना है। इससे ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। इस पहल से खासकर ग्रामीण और पिछड़े इलाकों की गर्भवती महिलाओं को बेहतर निगरानी और समय पर इलाज की सुविधा मिल सकेगी, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने में मदद मिलेगी।
पीथमपुर के विश्वास नगर कालोनी के जेके फाइल ग्राउंड पर इंटर वॉलीबॉल लीग का आज रविवार से आगाज हो गया है। इसमें कुल 6 टीमें हिस्सा ले रही हैं। सुबह के सत्र में टीमों के बीच कड़े मुकाबले शुरू हो गए हैं। पहला मुकाबला स्पीकर और बुनना टिम के बीच खेला जा रहा हे । खिलाड़ी 15 अंकों के सेट जीतने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। 'बेस्ट ऑफ 3' फॉर्मेट के तहत हर अंक निर्णायक साबित हो रहा है। देर शाम को फाइनल मुकाबला लीग का फाइनल मुकाबला आज देर शाम खेला जाएगा। आयोजकों ने अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। रेफरी हर सर्विस और खिलाड़ियों के आचरण पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। विजेता टीम को 3500 रुपए की नकद पुरस्कार राशि के साथ विजेता ट्रॉफी भी दी जाएगी। वहीं क्षेत्र में इस तरह की पहली प्रतियोगिता के चलते दर्शक भी मैदान में खेल रहे खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ा रहे हे।
रायपुर के मैग्नेटो मॉल की पार्किंग में गाड़ी निकालने को लेकर हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया। सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर सोमा देवांगन के भाई रॉकी ने हॉकी की निकालकर शिक्षक परिवार के साथ गाली-गलौज और धक्का मुक्की की। शिक्षक परिवार ने आरोपी रॉकी पर गंवार बोलने का आरोप लगाया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। पॉर्किंग विवाद पर तेलीबांधा पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस की समझाइश पर दोनों पक्षों ने थाना पहुंचकर एक दूसरे के खिलाफ शिकायत दी है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला प्रार्थिया धनिशा धीवर ने तेलीबांधा पुलिस को बताया कि वे पेशे से शिक्षिका हैं। 9 मई की रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच वे अपने परिवार और बच्चों के साथ मैग्नेटो मॉल घूमने आई थीं। घर लौटते समय गोपेश साहू बोलेरो वाहन क्रमांक CG 04 JC 1581 को पार्किंग से निकाल रहे थे। उसी दौरान कार क्रमांक CG 04 NH 9699 में सवार रोहन, सोमा और गरिमा पहुंचे। शिकायत के मुताबिक, कार चालक रोहन गाड़ी से उतरते ही गोपेश साहू को “गांव का गंवार” कहते हुए गाली देने लगा। उसने कहा कि “ऐसे लोगों को मॉल में एंट्री कौन देता है।” आरोप है कि रोहन ने खुद को मिरर छत्तीसगढ़ से जुड़ा बताते हुए रौब दिखाया। जब गोपेश पार्किंग स्टाफ से बात करने जा रहे थे, तभी रोहन गालियां देने लगा। रोहन ने गालियां देना शुरु की और अपनी गाड़ी से हॉकी निकालकर गोपेश को मारने की बात कहने लगा। आरोपी रोहन ने धक्का-मुक्की की और पुलिस से कार्रवाई करवाने की धमकी देने लगा। बीच-बचाव के दौरान गोपेश साहू के पैर में चोट आई, जबकि शिक्षिका के बेटे अरमान धीवर के हाथ में चोट लगी। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच कर रही है। इंफ्लूएंसर सोमा ने भी दी शिकायत शिक्षका की शिकायत के बाद इंफ्लूएंसर सोमा ने भी तेलीबांधा थाना पहुंचकर गाड़ी क्रमांक CG 04 JC 1581 के चालक के खिलाफ शिकायत दी है। इंफ्लूएंसर की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरु की है। बजरंग दल ने देर रात घेरा थाना आरोपी रोहन द्वारा शिक्षक परिवार पर हमला करने, गालियां देने और उन्हें गंवार बोलने पर शिक्षक परिवार के समर्थन में देर रात बजरंग दल तेलीबांधा थाना पहुंचा। बजरंग दल के सदस्यों आरोपी रोहन सहित इंफ्लूएंसर और उनके कर्मचारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की है। सटोरी बाबू खेमानी के साथ रोहन की फोटो सोशल मीडिया में वायरल मैग्नेटो मॉल की पॉर्किंग में विवाद होने के बाद आरोपी रोहन का फोटो सोशल मीडिया में सटोरी बाबू खेमानी के साथ वायरल हो रहा है। वीडियो में रॉकी और बाबू किसी व्यक्ति का नाम लेकर उसे गेम सिखाने की सलाह दे रहे है। घटना क्रम के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर जांच शुरु कर दी है।
सागर के सदर इलाके में शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात एक ड्राई क्लीनर्स की दुकान में भीषण आग लग गई। 8 मुहाल जामा मस्जिद के पास स्थित जनता ड्राई क्लीनर्स में रात करीब 11:30 बजे अचानक धुआं और लपटें उठने लगीं। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। इस आगजनी में दुकान पूरी तरह जलकर राख हो गई है। शटर खोलने पर उठ रही थीं लपटेंशनिवार देर रात आसपास के लोगों ने दुकान से धुआं निकलते देखा, तो तत्काल दुकानदार को इसकी सूचना दी। जब दुकानदार ने मौके पर पहुंचकर शटर खोली, तो अंदर से आग की तेज लपटें उठ रही थीं। स्थानीय रहवासियों ने तुरंत अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश शुरू की और पुलिस व फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी। कुछ ही देर में दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंच गई और राहत कार्य शुरू किया। फर्नीचर और ग्राहकों के कपड़े जलकर राखदुकान के मालिक मुकेश कनौजिया ने बताया, आग बहुत भीषण थी। इस आगजनी में दुकान के अंदर रखा सारा फर्नीचर, ग्राहकों के कपड़े और अन्य सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया है। गनीमत यह रही कि आग आसपास नहीं फैली, वरना दूसरी दुकानों को भी भारी नुकसान हो सकता था। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का पंचनामा तैयार कर लिया है। पुलिस अब आग लगने के सटीक कारणों की जांच कर रही है।
नाथद्वारा में मदर्स डे के मौके पर रविवार को प्रकृति संरक्षण और स्वच्छता को लेकर विशेष अभियान चलाया गया। श्रीनाथजी मंदिर के तिलकायत की प्रेरणा और नगर पालिका के आह्वान पर गिरिराज परिक्रमा मार्ग पर सफाई अभियान, पौधारोपण और मातृ शक्ति सम्मान कार्यक्रम हुए। स्वयंसेवकों, मंदिर मंडल अधिकारियों और सामाजिक संगठनों ने श्रमदान कर प्लास्टिक कचरा हटाया। साथ ही महिला सफाईकर्मियों और नर्सिंग स्टाफ का सम्मान कर स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया। गिरिराज परिक्रमा मार्ग पर चला सफाई अभियान कार्यक्रम के तहत गिरिराज परिक्रमा मार्ग पर सफाई अभियान चलाया गया। इसमें स्वयंसेवकों, मंदिर मंडल अधिकारियों, नगर पालिका कर्मचारियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी ने मिलकर श्रमदान करते हुए प्लास्टिक कचरा हटाया और स्वच्छता का संदेश दिया। पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश अभियान के दौरान अलग-अलग स्थानों पर पौधे लगाए गए। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए पक्षियों के लिए परिंडे और घोंसले भी बांधे गए। लोगों को प्रकृति संरक्षण और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया। महिला सफाईकर्मियों और नर्सिंग स्टाफ का सम्मान कार्यक्रम में महिला सफाईकर्मियों और नर्सिंग स्टाफ का सम्मान किया गया। उनके स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श भी दिया गया। कार्यक्रम के अंत में मौजूद लोगों ने स्वच्छता बनाए रखने और नारी सम्मान को बढ़ावा देने की शपथ ली। ये लोग रहे मौजूद इस दौरान मंदिर मंडल सीईओ जितेंद्र कुमार पंड्या, मंदिर अधिकारी सुधाकर उपाध्याय, लीलाधर पुरोहित, कल्पित जोशी, पालिका आयुक्त सौरभ कुमार जिंदल, भाजपा जिला महामंत्री प्रदीप काबरा, डॉ बीएल जाट, डॉ नवीन जांगिड़ सहित सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, व्यापारी और नगरवासी मौजूद रहे।
अंबाला शहर के गोविंद विहार इलाके में शनिवार शाम एक मकान में चोरी की वारदात हुई। चोरों ने मकान का ताला तोड़कर नकदी और सामान चुरा लिया। हालांकि, परिवार की सतर्कता और पड़ोसियों के सहयोग से चोरी कर भाग रहे आरोपी को पीछा कर पकड़ लिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। शिकायतकर्ता मुकुल सिंगला ने पुलिस को बताया कि वह अपने बड़े भाई मनीष कुमार के साथ गोविंद विहार स्थित मकान नंबर-01 में रहते हैं। शनिवार, 9 मई को मुकुल अपनी ड्यूटी पर थे, जबकि उनके भाई मनीष दुकान पर गए हुए थे। बच्चे को ट्यूशन छोड़ने गई महिला शाम करीब 4:00 बजे मुकुल की भाभी गीता रानी बच्चों को ट्यूशन छोड़ने गई थीं। उन्होंने मुख्य गेट पर ताला लगाया था। लगभग आधे घंटे बाद, शाम 4:30 बजे जब वह लौटीं, तो उन्होंने देखा कि मकान के मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ था और दरवाजा अंदर से बंद था। गीता रानी ने तुरंत मुकुल को फोन किया, जिसके बाद मुकुल और पड़ोसी मौके पर पहुंचे। अंदर से दरवाजा न खुलने पर पड़ोसियों ने छत के रास्ते घर में प्रवेश किया और दरवाजा खोला। भीतर कमरों में सारा सामान बिखरा पड़ा था। चोरों ने मुकुल के कमरे की अलमारी से 15 हजार रुपए और एक घड़ी चुराई, जबकि उनके भाई के कमरे से लगभग 6,600 रुपए नकद गायब थे। छत से कूदकर भागा चोर वारदात के तुरंत बाद एक पड़ोसी ने बताया कि उसने एक युवक को मरून रंग की टी-शर्ट पहने घर की छत से कूदकर मुख्य सड़क की ओर भागते देखा था। यह जानकारी मिलते ही मुकुल और उनके भाई मनीष ने अपनी मोटरसाइकिल से संदिग्ध युवक का पीछा करना शुरू कर दिया। पीछा करने के बाद संदिग्ध को पकड़ लिया गया और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।पूछताछ में आरोपी की पहचान लखविंदर सिंह निवासी गांव नलवी, जिला कुरुक्षेत्र के रूप में हुई है। पुलिस ने दर्ज किया मामला पीड़ित परिवार ने तुरंत डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर पुलिस चौकी नंबर-01 ले आई। मुकुल सिंगला की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 और 331(3) के तहत मुकदमा नंबर 165 दर्ज कर लिया है। पुलिस चौकी इंचार्ज ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है और आरोपी से चोरी की गई राशि बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने पीड़ित परिवार की बहादुरी की सराहना की है, जिन्होंने समय रहते चोर को भागने नहीं दिया।
कांग्रेस सांसद दफ्तर के बाहर महिलाओं का प्रदर्शन:अमेठी में नारी शक्ति बंधन अधिनियम पर जताया विरोध
अमेठी में आज बड़ी संख्या में महिलाओं ने कांग्रेस सांसद किशोरीलाल शर्मा के कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इन महिलाओं ने विपक्षी सांसदों पर 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को संसद में पारित न होने देने का आरोप लगाया है। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि विपक्षी सांसदों के विरोध के कारण यह अधिनियम पारित नहीं हो सका, जिससे महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिल पाया। इस विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। हाल ही में संसद में भाजपा द्वारा 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पेश किया गया था। आरोप है कि विपक्षी सांसदों ने इसका विरोध किया, जिसके कारण यह अधिनियम पारित नहीं हो सका। इसके बाद से भाजपा लगातार विपक्ष पर हमलावर है। महिलाओं ने अपने प्रदर्शन के दौरान 'नारी शक्ति का स्वाभिमान, विपक्ष ने फिर किया अपमान' जैसे संदेश प्रदर्शित किए। वे जन आक्रोश के माध्यम से विपक्षी सांसदों का विरोध कर रही हैं।
चंडीगढ़ के सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 2014 में जब से केंद्र में भाजपा की सरकार बनी है, सरकारी एजेंसियों व खुफिया तंत्र का लगातार दुरुपयोग हो रहा है। पंजाब में विजिलेंस विभाग और केंद्र सरकार में ईडी व सीबीआई का दुरुपयोग हो रहा है। इसे रोकने के लिए एक पुख्ता कानून बनाने की जरूरत है, जो राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ इस तरह के इस्तेमाल को पूरी तरह रोके। उन्होंने कहा कि पश्चमी बंगाल में चुनाव जीता नहीं, तो सत्ता हथियाई है। अब 3 प्वाइंटों में जानिए तिवारी ने क्या कहा- 1. 2014 से जब से केंद्र में भाजपा की सरकार बनी है। जो सरकारी गैस एजेंसिया व जो खुफिया का लगातार दुरुपयोग हो रहा है। चाहे सीबीआई हो, चाहे ईडी या इनकम टैकस हो। कई बार न्यायपालिका ने भी इस पर बहु गंभीर टिप्पणी की है। अभी आपने देखा कि किस तरह पश्चिमी बंगाल में लोगों के वोट काटकर जो सरकार है भाजपा द्वारा हिायाई गई। वह चुनाव जीते नहीं है। सरकार हथियाई गई है। 2. अब पंजाब में चुनाव है। ऐसी ही प्रकिया अब यहां पर शुरू हो गई । सवाल आम आदमी पार्टी, कांग्रेस का नहीं है। बुनियादी सवाल है यह सरकारी तंत्र का दुरुपयोग राजनीतिक तंत्र द्ववेश के लिए होने चाहिए। दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो लोग इसके बारे में इतना ज्यादा गुस्सा जता रहे ंहै। उनको इस बात बार भी आत्मचिंतन करना चाहिए कि वह सूबे में किस तरह सरकारी तंत्र का प्रयोग करते है। यह सरकारी तंत्र का दुरुपयोग है। 3. पंजाब में विजिलेंस डिपार्टमेंट, केंद्र सरकार में ईडी व सीबीआई का दुप्रयोग करती है। इसे राजनीतिक द्ववेश रोकने के लिए एक पुख्ता कानून बनाने की जरूरत है। जो जहां सरकार में है। वह इसका प्रयोग राजनीतिक प्रतिद्वितयों के खिलाफ पूरी तरह से करता है। जब अपने आप दुरुपयोग होता है तो कहते है राजनीतिक वेडेंटा। जो खुद दुरुपयोग करते है तो कहते हैं कि कानून अपना प्रयोग करता है। इस पर दोहरी राजनीति नहीं चलेगी। इस पर विपक्ष को एक मत और राय बनाने की जरूरत है।
बेतिया में पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन की अध्यक्षता में एक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। पुलिस केंद्र सभागार में हुई इस बैठक में पुलिस उपाधीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अंचल पुलिस निरीक्षक, पर्यवेक्षी पदाधिकारी और जिले के सभी थानाध्यक्ष मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य अपराध नियंत्रण, विधि-व्यवस्था सुदृढ़ करना और लंबित मामलों की समीक्षा करना था। पुलिस अधीक्षक ने सभी थानाध्यक्षों को लंबित मामलों का त्वरित पर्यवेक्षण कर उनका निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अपराध नियंत्रण के लिए रात्रि गश्ती को प्रभावी बनाने और नियमित वाहन जांच अभियान चलाने पर जोर दिया। संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के भी निर्देश दिए गए, ताकि आपराधिक घटनाओं को समय रहते रोका जा सके। चोरी की घटनाओं के उद्भेदन का दिया निर्देश एसपी ने वाहन चोरी की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए उनके त्वरित उद्भेदन का निर्देश दिया। उन्होंने शराब तस्करों, फरार अभियुक्तों और लंबे समय से लंबित मामलों में वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया। वारंटी अपराधियों की गिरफ्तारी में तेजी लाने और पुलिस कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाने पर भी बल दिया गया। बैठक में सूचना का अधिकार अधिनियम, चरित्र सत्यापन, पासपोर्ट सत्यापन, जनशिकायतों और प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त आवेदनों के त्वरित निष्पादन की भी समीक्षा हुई। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि आमजन से जुड़े इन मामलों का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निपटारा सुनिश्चित करें। अंत में, पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को आमजनों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने और संवेदनशीलता से कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास मजबूत होने से अपराध नियंत्रण तथा विधि-व्यवस्था बनाए रखने में अधिक सफलता मिलेगी।
प्रयागराज में एक दिन पहले पकड़े गए सेक्स रैकैट के मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस की जांच में पता चला है कि रैकेट न सिर्फ ऑन डिमांड महिलाएं बुलाता था बल्कि ग्राहकों को शक्तिवर्धक दवाएं भी उपलब्ध कराता था। सिर्फ प्रयागराज ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों की भी कुछ महिलाएं इस रैकेट से जुड़ी हुई हैं। यह बात खुद रैकेट के संचालक व संचालिका ने पूछताछ में पुलिस को बताई है। यही नहीं मौके से शक्तिवर्धक दवाएं भी बरामद की गईं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह सेक्स रैकैट एक ब्यूटी पार्लर की आड़ में चल रहा था जिसका नाम आंचल ब्यूटी पार्लर था। यह ब्यूटी पार्लर किराये के मकान में संचालित हो रहा था और इसका मकान मालिक सुशील कुमार केसरवानी है। पुलिस का दावा है कि मकान मालिक भी सेक्स रैकेट के संचालन में शामिल था और ब्यूटी पार्लर संचालिक मीना मीश्रा पत्नी हनुमान प्रसाद मिश्रा , जो अतरसुइया की ही रहने वाली है, का सहयोग करता था। एक प्रतापगढ़ की तीन स्थानीय मौके से पकड़ी गई तीन अन्य महिलाओं में सभी शादीशुदा हैं। इनमें से 32 साल की अंजू उर्फ सपना कटघर, 33 साल की रेनू अग्रहरि निवासी रसूलपुर करेली और 38 साल की योगिता निवासी रानीगंज प्रतापगढ़ शामिल हैं। सुशील के अलावा मौके से पकड़ा गया एक पुरुष आशुतोष यादव हरवारा का रहने वाला है, जिसे आपत्तिजनक हाल में एक महिला के साथ पकड़ा गया। काम के बहाने निकलती थी घरों से पकड़ी गई महिलाओं ने यह भी बताया कि संचालिका मीना ग्राहकों से जो रकम वसूलती थी, उनमें से कुछ हिस्सो उन्हें देकर शेष रुपये अपने पास रख लेती थी। यह भी बताया कि वह ब्यूटी पार्लर में काम करने का बहाना करके अपने घरों से निकलती थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, संचालिका व मकन मालिक के फोन की जांच करने पर व्हाट्सएप चैट भी मिले हैं। इसके संबंध में भी जांच की जा रही है। इस पूरे मामले का खुलासा शनिवार को हुआ था जब अतरसुइया स्थित कल्याणी देवी मोहल्ले में सेक्स रैकेट पकड़ा गया। यहां छापा मारकर पुलिस ने चार महिलाओं और दो पुरुषों को पकड़ा। मौके से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई। छह महीने से चल रहा था धंधापुलिस सूत्रों के मुताबिक, कल्याणी देवी इलाके के इस मकान में करीब छह महीने से संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की सूचना मिल रही थी। स्थानीय लोगों ने शिकायत की थी कि मकान में रोजाना नए-नए लोगों का आना-जाना लगा रहता था। दरवाजा बंद मिलने पर भीतर पहुंची पुलिसशनिवार शाम करीब चार बजे एसीपी के नेतृत्व में अतरसुइया पुलिस ने मकान पर छापा मारा। यहां ब्यूटी पार्लर में संचालिक मीना और मकान मालिक सुशील कुमार केशरवानी मिले। तलाशी में दराज से शक्तिवर्धक दवाएं, कंडोम के पैकेट मिले। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह ब्यूटी पार्लर की आड़ में सेक्स रैकेट संचालित करते हैं। इनमें से पीछे के कमरे में दो महिलाएं मिलीं, जबकि एक पुरुष व एक महिला भीतर के कमरे में आपत्तिजनक हाल में मिले।
हाथरस जंक्शन कोतवाली क्षेत्र के सलेमपुर के पास पूर्वोत्तर रेलवे ट्रैक पर आज सुबह एक युवक का क्षत-विक्षत शव मिला। सूचना मिलने पर हाथरस जंक्शन कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक की उम्र करीब 26-27 वर्ष बताई जा रही है। उसके दाहिने सीने पर अंग्रेजी में 'सुमन' और दाहिनी कलाई पर 'लव यू मां' लिखा हुआ है। युवक ने काले रंग की हाफ शर्ट और काले रंग का पैंट पहना था। उसके गले में काला धागा भी था। पुलिस मृतक की पहचानमें जुटी.... पुलिस के अनुसार, युवक की मृत्यु ट्रेन से कटकर हुई प्रतीत होती है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है। पुलिस मृतक की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है, लेकिन अभी तक उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है।
अयोध्या में जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बड़ी कार्रवाई की है। आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन पोर्टल की अप्रैल 2026 की समीक्षा में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर डीएम ने 23 अधिकारियों का मई माह का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया है। डीएम की अध्यक्षता में हुई मासिक समीक्षा बैठक में सामने आया कि कई विभागों द्वारा शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। समीक्षा में यह भी पाया गया कि जिन मामलों को निस्तारित दिखाया गया, उनमें शत-प्रतिशत आवेदक असंतुष्ट मिले। इतना ही नहीं, शिकायतकर्ताओं से संपर्क करने का प्रतिशत भी 90 फीसदी से कम पाया गया। डीएम बोले- मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले पोर्टल को गंभीरता से लें जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में कई अधिकारी अपेक्षित रुचि नहीं ले रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। डीएम ने चेतावनी देते हुए कहा कि सिर्फ पोर्टल पर निस्तारण दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि और उससे अनिवार्य संपर्क भी जरूरी है। लापरवाही पाए जाने पर आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। एसडीएम, बीएसए और तहसीलदार समेत कई अधिकारी कार्रवाई की जद में कार्रवाई की जद में आए अधिकारियों में उप जिलाधिकारी मिल्कीपुर, बेसिक शिक्षा अधिकारी, तहसीलदार बीकापुर, खान निरीक्षक अयोध्या, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, खंड विकास अधिकारी सोहावल, पूराबाजार और मया बाजार, खंड शिक्षा अधिकारी बीकापुर, प्रभारी चिकित्साधिकारी पूराबाजार सहित कई विभागों के अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा आवास एवं विकास परिषद के संपत्ति प्रबंधक, जिला समन्वयक कौशल विकास मिशन, प्रधानाचार्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, सहायक निदेशक मत्स्य विभाग, बाल विकास परियोजना अधिकारी तारून, वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा समेत अन्य अधिकारियों का वेतन भी बाधित किया गया है। डीएम की इस कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
मधुबनी से रालोमो विधायक माधव आनंद ने बताया कि पुराने बस स्टैंड को जल्द ही शहरवासियों के लिए एक उद्यान में परिवर्तित किया जाएगा। यह कदम अंतरराज्यीय बस स्टैंड के बंद होने के बाद उठाया जाएगा, जिसका काम जारी है। विधायक ने एक अतिथि गृह में बोलते हुए यह जानकारी दी। विधायक आनंद ने बताया कि इस उद्यान से शहर के लोगों को बैठने और आराम करने की सुविधा मिलेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह सुविधा केवल स्थानीय निवासियों के लिए ही नहीं, बल्कि पड़ोसी देश नेपाल से आने वाले लोगों के लिए भी उपलब्ध होगी। शहर में यातायात की समस्या को कम करने के लिए रिंग रोड का निर्माण पहले से ही स्वीकृत है और उस पर काम चल रहा है। विधायक ने कहा कि इससे शहर को जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा। उन्होंने नगर निगम और कैबिनेट मंत्रियों से भी शहर की विभिन्न समस्याओं और स्टेडियम सहित अन्य विकास कार्यों के लिए संपर्क बनाए रखने की बात कही। रविवार को जनता की समस्याओं को सुनते हुए विधायक ने कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना उनका प्राथमिक कर्तव्य है। विकास कार्यों पर हो रही आलोचनाओं का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि विधायक बनने के बाद अभी-अभी मंत्रिमंडल का गठन हुआ है। लेकिन, वह इससे पहले भी अपने क्षेत्र के विकास के लिए काम कर रहे थे। उन्होंने विकास की तुलना पेड़ लगाने से करते हुए कहा कि फल तुरंत नहीं मिलता, लेकिन सही समय पर अवश्य आता है। नए मंत्रिमंडल के गठन के बाद मधुबनी के विकास की दिशा में बेहतर कार्य होने की उम्मीद है।
कोटपूतली के शुक्लावास में मंदिर भूमि पर अवैध रास्ते को लेकर ग्रामीणों ने 12 मई से जिला कलेक्टर कार्यालय पर धरना देने का निर्णय लिया है। यह निर्णय राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशों की पालना नहीं होने के कारण लिया गया है। कांसली-शुक्लावास सड़क बचाओ संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को 129वें दिन भी जारी रहा। ओवरलोड ट्रकों के लिए रास्ता बनाया सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास ने बताया कि ग्राम शुक्लावास में खसरा नंबर 896 (मंदिर भूमि) पर अल्ट्राप्राईम रोड़ी क्रेशर ने डंपरों और ओवरलोड ट्रकों के लिए जबरन अवैध रास्ता बना रखा है। यह रास्ता सोता नदी में पावर हाउस के पास स्थित है। इस संबंध में तहसीलदार को शिकायत दी गई थी, जिसके बाद उन्होंने राजस्व अधिनियम की धारा 91 के तहत बेदखली के आदेश पारित किए थे। हालांकि, खनन कारोबारियों के कथित राजनीतिक प्रभाव के कारण आज तक यह अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका है। मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा, जिसने 1 अप्रैल को आदेश पारित करते हुए दो महीने के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कलेक्टर और तहसीलदार को इन आदेशों की पालना सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। 29 अप्रैल को कार्रवाई की तिथि निर्धारित थी, अधिकारी नहीं पहुंचे ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस जाप्ता उपलब्ध होने के बावजूद प्रशासन ने मौके पर जाकर अतिक्रमण हटाने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। 29 अप्रैल को भी कार्रवाई की तिथि निर्धारित थी, लेकिन कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद 8 मई को भी अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी हुए, पर तहसीलदार या राजस्व टीम वहां नहीं गई। उच्च न्यायालय के आदेशों की पालना न होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने कहा है कि 12 मई से शुरू होने वाले धरने की समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ग्रामीणों ने धरनार्थियों के लिए पेयजल, बिजली, सुलभ शौचालय और सुरक्षा के लिए पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की है।
महाराजगंज नगर पालिका परिषद क्षेत्र के पोखरा आवास की सड़कें बदहाल हो चुकी हैं। सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो गई है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजाना आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के बाद हालात और खराब हो जाते हैं। जगह-जगह जलभराव और कीचड़ के कारण बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत उठानी पड़ रही है। स्थानीय दलित आवास के निवासियों ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। क्षेत्र की निवासी जानकी, नेहा, पूजा और सुभाष ने बताया कि सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। शाम के समय समस्या और बढ़ जाती है, क्योंकि इलाके में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था भी नहीं है। निवासियों का आरोप है कि संबंधित विभाग केवल आश्वासन दे रहा है, लेकिन समस्या के समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों ने जल्द सड़क की मरम्मत कराने और जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
अयोध्या जिले में दीक्षित भारत गारंटी का रोजगार और आजीविका मिशन (वीबी-जी राम जी) में पारदर्शिता बढ़ाने और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य फर्जी जॉब कार्ड और अपात्र लोगों की पहचान करना है, ताकि केवल वास्तविक मजदूरों को ही योजना का लाभ मिल सके। डीसी उपेंद्र कुमार पाठक ने जानकारी देते हुए बताया कि अयोध्या जिले में कुल 1 लाख 3 हजार 377 जॉब कार्ड धारक हैं। इनमें से 93,377 लोगों ने अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर ली है। हालांकि, अभी भी 10,000 जॉब कार्ड धारकों का ई-केवाईसी सत्यापन बाकी है। उपेंद्र पाठक ने ई-केवाईसी न करा पाने के कारणों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कुछ कार्डधारक मृत हो चुके हैं, जबकि कुछ लोग गांव से बाहर जाकर मजदूरी कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, कुछ ग्राम पंचायतों में ई-केवाईसी का कार्य संतोषजनक ढंग से नहीं हो पा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन जॉब कार्ड धारकों की ई-केवाईसी पूरी नहीं होगी, उन्हें भविष्य में वीबी-जी राम योजना के तहत काम मिलने में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। इसे देखते हुए, प्रशासन लगातार ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चला रहा है और लोगों से नजदीकी जनसेवा केंद्र या संबंधित कार्यालय में जाकर अपनी ई-केवाईसी अवश्य कराने की अपील कर रहा है। ई-केवाईसी के माध्यम से लाभार्थियों की पहचान आधार आधारित प्रणाली से जुड़ जाएगी, जिससे भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनेगी। यह कदम न केवल फर्जीवाड़े पर रोक लगाएगा, बल्कि वास्तविक मजदूरों को समय पर मजदूरी मिलने में भी सहायक होगा।
उन्नाव के अजगैन थाना क्षेत्र के हरचंदपुर गांव में रविवार सुबह एक मजदूर का शव जामुन के पेड़ से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। अजगैन थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान हरचंदपुर गांव निवासी विजय कुमार पुत्र स्वर्गीय बाबूलाल के रूप में हुई है। विजय कुमार मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके परिवार में एक बेटा अंशू भी है। रविवार सुबह करीब 7 बजे गांव के कुछ लोग खेतों की ओर जा रहे थे। तभी उनकी नजर गांव के बाहर स्थित जामुन के पेड़ पर लटके शव पर पड़ी। शव देखकर लोगों में हड़कंप मच गया और उन्होंने तुरंत पुलिस व परिजनों को सूचना दी। घटना की खबर मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। विजय कुमार का शव देखकर उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में भी शोक का माहौल बन गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इसे आत्महत्या का मामला बताया जा रहा है। हालांकि, आत्महत्या के पीछे के कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सके हैं। पुलिस आसपास के लोगों और परिजनों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे की वजह का पता लगाया जा सके। थाना अजगैन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक जांच-पड़ताल की। शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा भरा गया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में कोई अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों के अनुसार, विजय कुमार शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और मजदूरी कर जीवनयापन करते थे। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
एवड़ी गांव में प्रेग्नेंट महिला को सांप ने डंसा:घर के बाहर की घटना, परिजन सांप लेकर पहुंचे अस्पताल
सिरोही जिले के एवड़ी गांव में रविवार सुबह एक 9 महीने की गर्भवती महिला को रसल वाइपर सांप ने डंस लिया। घटना के बाद महिला अचेत हो गई, जिसकी हालत फिलहाल चिंताजनक बनी हुई है। परिजन सांप को मारकर एक डिब्बे में बंद कर महिला के साथ इलाज के लिए सिरोही ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। जानकारी के अनुसार, एवड़ी गांव में कृषि कार्य करने वाले छाताराम ने बताया कि उनकी पत्नी कांता देवी घर के बाहर कचरे का ढेर हटा रही थीं। इसी दौरान कचरे में छिपे एक रसल वाइपर सांप ने उनके दाहिने पैर के अंगूठे के पास की उंगली में डंस लिया। गर्भवती महिला का 9वां महीना चल रहासांप के डंसते ही परिजनों ने तुरंत पत्थर से उसे कुचल दिया और मार डाला। इसके बाद मरे हुए सांप को एक प्लास्टिक के डिब्बे में रखकर वे तुरंत कांता देवी को लेकर सिरोही ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने सांप को देखकर महिला का तत्काल इलाज शुरू कर दिया। निर्धारित समय के बाद लगातार उनके रक्त की जांच की जा रही है। छाता राम ने बताया कि उनकी पत्नी का 9वां महीना चल रहा है और वे मां-बेटे दोनों को सुरक्षित देखना चाहते हैं।
अयोध्या में बढ़े सांप काटने के मामले:सीएमएस बोले- अस्पताल में पर्याप्त एंटी वेनम, झाड़-फूंक से बचे
अयोध्या जिले में मौसम में बदलाव और बढ़ती उमस भरी गर्मी के साथ ही सर्पदंश के मामले सामने आने शुरू हो गए हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज में सर्पदंश के मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त मात्रा में एंटी वेनम उपलब्ध कराया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल इलाज किया जा सके। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रवि पाण्डेय ने बताया कि गर्मी और बरसात के मौसम में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश के मामले अधिक सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले सभी सर्पदंश पीड़ित मरीजों का प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज किया जाता है और जरूरत पड़ने पर एंटी वेनम लगाया जाता है। वर्तमान समय में अस्पताल में एंटी वेनम की पर्याप्त उपलब्धता है और चिकित्सकों की टीम भी पूरी तरह तैयार है। डॉ. पाण्डेय ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो झाड़-फूंक या अंधविश्वास के चक्कर में बिल्कुल न पड़ें। अक्सर लोग समय बर्बाद कर देते हैं, जिससे मरीज की हालत गंभीर हो जाती है। उन्होंने कहा कि सर्पदंश होने पर मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाना चाहिए, ताकि समय रहते सही उपचार शुरू किया जा सके। उन्होंने बताया कि कुछ जहरीले सांपों का जहर शरीर में धीरे-धीरे असर करता है और एक-दो घंटे बाद अचानक तेजी से स्थिति बिगड़ सकती है। इसलिए शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। समय पर इलाज मिलने से मरीज की जान बचाना काफी आसान हो जाता है। डॉ.रवि पाण्डेय के अनुसार पिछले वर्ष गर्मी के मौसम में करीब 500 लोगों को एंटी वेनम लगाया गया था। अधिकांश मरीज समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण स्वस्थ हो गए थे। अस्पताल प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सर्पदंश की स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी है।
सहरसा में मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) योजना में लापरवाही के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। महिषी और सौर बाजार प्रखंड के दो विद्यालयों में मिड-डे मील खाने से बच्चों के बीमार पड़ने की घटनाओं के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) हेमचन्द्र ने यह कदम उठाया। इस कार्रवाई के तहत दो विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, साक्ष्य मिटाने और भोजन में सांप मिलने के मामले में प्रभारी प्रधानाध्यापिका, शिक्षकों, रसोइयों और एनजीओ संचालक सहित कुल 12 लोगों पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। पहला मामला महिषी प्रखंड के मध्य विद्यालय बलुआहा से संबंधित है। 7 मई 2026 को इस विद्यालय में मिड-डे मील खाने के बाद कई बच्चे बीमार हो गए थे। आरोप है कि भोजन में सांप का बच्चा मिला था। इस घटना की जांच में स्कूल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही उजागर हुई। रसोईघर में साफ-सफाई की कमी जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, विद्यालय के रसोईघर में साफ-सफाई की भारी कमी पाई गई। नौ रसोइयों के बावजूद दाल को रसोईघर के बाहर बाल्टी में खुले में रखा गया था। बच्चों को भोजन परोसने से पहले उसे चखने (Tasting) का कोई रजिस्टर भी उपलब्ध नहीं था। इन गंभीर अनियमितताओं और विभागीय आदेशों की अवहेलना के आरोप में विद्यालय के प्रधानाध्यापक विकास कुमार को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज की गई है। घटना के दिन मूल प्रधानाध्यापक अवकाश पर थे, इसलिए भोजन वितरण की जिम्मेदारी प्रभारी प्रधानाध्यापिका पर थी। डीईओ का मानना है कि एनजीओ के केंद्रीकृत रसोईघर में उच्च दबाव वाले बॉयलर में खाना बनता है, जिससे वहां से साबुत सांप का आना संभव नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि सांप भोजन में स्कूल स्तर पर ही मिलाया गया। खंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) के आवेदन पर महिषी थाने में प्रभारी प्रधानाध्यापिका अनुपमा कुमारी, सहायक शिक्षक कृष्णवल्लभ साह और रसोईया महेश्वर दास के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा 6 अन्य महिला रसोईया-सह-सहायक (कैली देवी, शांति देवी, सबिता देवी, रीना देवी, कलिया देवी, ज्ञानी साह, अनीता देवी, शमा देवी) अनूप मिश्रा (संचालक, डॉ. भीमराव अम्बेडकर दलित उत्थान एवं शिक्षा समिति - केंद्रीकृत रसोईघर) मध्याह्न भोजन के बाद बच्चे हुए बीमार दूसरी घटना 8 मई 2026 को सौर बाजार प्रखंड के कन्या मध्य विद्यालय मोर्चा में घटी। यहां भी मध्याह्न भोजन के बाद बच्चों के बीमार होने की सूचना मिली। हालांकि, त्वरित चिकित्सा के बाद सभी बच्चे स्वस्थ पाए गए और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। लेकिन इस मामले में स्कूल प्रबंधन की गंभीर धांधली पकड़ी गई। जब डीईओ और फूड इंस्पेक्टर की टीम भोजन का सैंपल लेने स्कूल पहुंची, तो पता चला कि स्कूल प्रबंधन ने उनके पहुंचने से पहले ही बचा हुआ सारा खाना (साक्ष्य) फेंक/मिटा दिया था। सरकारी कार्य में बाधा डालने पर एक्शन साक्ष्य मिटाने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और स्वेच्छाचारिता के आरोप में DEO ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक कुमार सत्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही साक्ष्य मिटाने में शामिल प्रभारी प्रधानाध्यापक (नियोजित शिक्षक) श्री असीम कुमार के खिलाफ भी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए नियोजन इकाई को निर्देश दिया गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से जिले भर के स्कूल प्रबंधनों और मिड-डे मील का संचालन करने वाले एनजीओ में हड़कंप मच गया है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि बच्चों के निवाले और उनके स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या पर्दापोशी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विभिन्न समस्याओं को लेकर 20 मई को दवा की दुकानें बंद करने के मुद्दे पर दो दवा व्यापारी संगठन आमने-सामने हैं। आल इंडिया आर्गनाइजेशन आफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट (AIOCD) ने पूरे देश में 20 मई को दवा की दुकानें बंद रखने का आह्वान किया है। लेकिन केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन उत्तर प्रदेश (CDFUP) ने इसका विरोध किया है। CDFUP के प्रदेश महासचिव सुरेश गुप्ता ने कहा कि उनका संगठन इस प्रस्तावित बंदी का विरोध करता है। इस फेडरेशन से जुड़ी गोरखपुर की जिला इकाई केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन, गोरखपुर के अध्यक्ष दिलीप सिंह व महामंत्री नीरज पाठक ने कहा कि जिले की सभी दवा दुकानें एवं फार्मेसी प्रतिष्ठान खुले रहेंगे। उन्होंने कहा कि हड़ताल किसी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।दूसरी ओर AIOCD से संबद्ध जिला इकाई दवा विक्रेता समिति, गोरखपुर के अध्यक्ष योगेंद्र नाथ दुबे ने कहा कि सभी दुकानें बंद रहेंगी। इस मुद्दे पर आज हमारी बैठक होनी है। उसके बाद घोषणा कर दी जाएगी। जो संगठन विरोध कर रहा है, उसका कोई मतलब नहीं। अधिकतर दवा व्यापारी हमारे संगठन के साथ हैं। अब जानिए AIOCD ने क्यों किया बंदी का आह्वानऑनलाइन फार्मेसी और अनियमित ई प्लेटफार्म जैसे मुद्दों के विरोध में दुकानें बंद रखने का आह्वान किया गया है। संगठन ने ई-फार्मेसी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि यह सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करता है। संगठन की ओर से कॉर्पोरेट कंपनियों के भारी डिस्काउंट और कीमतों की अनिश्चितता पर रोक लगाने की भी मांग की गई है। इसके साथ ही नकली, मिलावटी दवाओं पर सख्त कार्रवाई और कोविड काल में जारी अधिसूचचनाओं को वापस लेने की मांग भी की गई है। संगठन की चेतावनी है कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। संगठन की ओर से मरीजों को पहले से दवाओं का स्टाक रखने की सलाह दी जा रही है। CDFUP ने मरीजों के हित के लिए विरोध की बात कही CDFUP के प्रदेश महासचिव की ओर से कहा गया है कि मरीजों का हित सर्वोपरि है। उनकी सुविधा को देखते हुए प्रस्तावित हड़ताल का विरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में लभग 1.40 लाख लाइसेंसधारी दवा की दुकानें एवं फार्मेसी हैं। ये करोड़ों लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की पहली कड़ी के रूप में कार्य कर रही हैं। ऐसे में दवा की दुकानों का बंद होना गंभीर मरीजों, बुजुर्गों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए बड़ी समस्या खड़ी कर सकता है।CDFUP ने वर्तमान समय में अवैध ऑनलाइन फार्मेसी और अनियमित ई प्लेटफार्म को दवा व्यवसाय और मरीजों, दोनों के लिए खतरा बताया है। उनका कहना है कि बिना फार्मासिस्ट की निगरानी के दवाओं की बिक्री से नकली, मिलावटी और गलत दवाओं के उपयोग का खतरा बढ़ रहा है। इससे एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस, गलत दवा सेवन और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो रही हैं। महासचिव ने कहा कि पहले भी आल इंडिया स्तर पर बंद का समर्थन किया गया था लेकिन उसका कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। इसलिए फेडरेशन का मानना है कि सरकार से संवाद और प्रभावी ड्रे पॉलिसी के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकाला जाना चाहिए, न कि आम जनता को परेशान करके। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन गोरखपुर के अध्यक्ष दिलीप सिंह एवं महामंत्री नीरज पाठक ने संयुक्त रूप से कहा कि दवा व्यवसाय केवल व्यापार नहीं बल्कि सामाजिक सेवा का माध्यम है। मरीजों को समय पर सुरक्षित और असली दवाएं उपलब्ध कराना प्रत्येक दवा व्यवसायी का कर्तव्य है। उन्होंने जिले के सभी दवा व्यवसायियों से अपील की है कि वे 20 मई को अपनी दुकानें खुली रखकर जनसेवा का कार्य जारी रखें। प्रदेश महासचिव सुरेश गुप्ता ने आम जनता से अपील की कि दवाइयां केवल लाइसेंस प्राप्त मेडिकल स्टोर से ही खरीदें, प्रत्येक दवा पर बैच नंबर, एक्सपायरी डेट और एमआरपी अवश्य जांचें तथा हर खरीद पर बिल लें। उन्होंने अवैध ऑनलाइन दवा आपूर्ति करने वालों से सतर्क रहने की भी सलाह दी। फेडरेशन ने केंद्र एवं राज्य सरकार से मांग की है कि अवैध ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म पर सख्त कार्रवाई की जाए, ड्रग रेगुलेशन को मजबूत बनाया जाए तथा दवा व्यवसायियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। दवा विक्रेता समिति कर रही बैठक दवा विक्रेता समिति इस बंदी के समर्थन में है। समिति के अध्यक्ष योगेंद्र नाथ दुबे ने कहा कि उनकी कार्यकारिणी की बैठक हो रही है। इसमें 65 सदस्य हैं। AIOCD आल इंडिया संगठन है और पूरे देश में बंदी का आह्वान किया गया है। हम इसके समर्थन में हैं। इसकी आधिकारिक घोषणा भी कर दी जाएगी। इस बंदी का जिले में व्यापक असर रहने वाला है।
मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और जनपदीय सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में गौ-तस्कर गैंग के दो बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया है। मुठभेड़ के दौरान दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए सीएचसी भावनपुर भेजा गया। पुलिस ने उनके कब्जे से अवैध हथियार, कारतूस, एक अधजली मोटरसाइकिल और गौकशी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। यह कार्रवाई करीब आठ दिन पहले गांव जिठौली के खेत में गौवंश के अवशेष मिलने के बाद शुरू हुई थी। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई थी, जिसके बाद मुरलीपुर निवासी प्रमोद पुत्र रतन सिंह ने भावनपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस तभी से आरोपियों की तलाश में जुटी थी। शनिवार देर रात पुलिस टीम निर्माणाधीन हाईवे के पास ग्राम लडपुरा क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि तीन संदिग्ध गौकशी के इरादे से भावनपुर से किनानगर की ओर जा रहे हैं। पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास करने पर आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में मान उर्फ फरमान (निवासी लिसाड़ी गेट) और उमर दराज (निवासी किठौर) घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिए गए। हालांकि, एक अन्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहा। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने आवारा गौवंशों को पकड़कर उनका मांस बेचने की बात स्वीकार की है। पुलिस फरार तीसरे आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री बने निशांत कुमार अपने पिता नीतीश कुमार की तरह विधान परिषद जा सकते हैं। निशांत ने 8 मार्च को जदयू जॉइन की थी। 7 मई को उन्हें सम्राट सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा RLM नेता और उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश का भी विधान परिषद जाना तय माना जा रहा है। उन्हें NDA की ओर से उम्मीदवार बनाया जा सकता है। वे बिहार सरकार में दूसरी बार मंत्री बने हैं। फिलहाल वे किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। चुनाव आयोग जल्द ही 10 सीटों पर चुनाव की घोषणा कर सकता है। इसे लेकर सत्ता और विपक्ष दोनों खेमों में रणनीति बनाने का दौर शुरू हो गया है। सूत्रों के अनुसार, NDA इस बार संगठन से जुड़े कई नेताओं को विधान परिषद भेजने की तैयारी में है। इनमें निशांत कुमार और दीपक प्रकाश का नाम सबसे आगे है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 11 मई को गुवाहाटी जाएंगे और 12 मई को असम सरकार की शपथ ग्रहण में शामिल होंगे। नीतीश कुमार से जदयू के सीनियर नेताओं ने मुलाकात की और नए मंत्रिमंडल के कामकाज को लेकर चर्चा की। निशांत कुमार 2 महीने पहले राजनीति में आए निशांत कुमार ने 8 मार्च 2026 को JDU जॉइन की थी। 2 महीने के अंदर ही वे मंत्री बन गए हैं। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार लंबे समय तक सक्रिय राजनीति से दूर रहे, लेकिन हाल के दिनों में जदयू की सदस्यता लेने के बाद वे राजनीतिक तौर पर सक्रिय हुए हैं। इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके निशांत अब धीरे-धीरे सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आने लगे हैं। निशांत कुमार वर्तमान में बिहार में सद्भावना यात्रा निकाल रहे हैं और राज्य के सभी जिलों का दौरा कर रहे हैं। निशांत बिहार में अपनी राजनीतिक और सामाजिक पकड़ मजबूत करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। इस बीच उनके मंत्री बनने से जेडीयू कार्यकर्ता उत्साहित हैं। फिलहाल, निशांत कुमार बिहार के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, लेकिन जदयू के भीतर उन्हें नई पीढ़ी के संभावित चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। न विधायक, न विधान पार्षद; फिर भी मंत्री दीपक प्रकाश फिलहाल न तो विधायक हैं और न ही बिहार विधान परिषद के सदस्य। इसके बावजूद राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने उन्हें राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) की ओर से एकमात्र मंत्री के रूप में शपथ दिलाई। वे हाल ही में विदेश से पढ़ाई कर लौटे हैं। वैशाली जिले के महनार प्रखंड क्षेत्र में वर्ष 1989 में जन्मे दीपक प्रकाश ने साल 2011 में सिक्किम मनिपाल यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद दीपक प्रकाश ने करीब दो सालों तक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम किया। इसके बाद उन्होंने स्वरोजगार का रास्ता चुना। वे साल 2019-20 से सक्रिय राजनीति में हैं। विधान परिषद की 10 सीटों पर होगा चुनाव विधानपरिषद चुनाव की 10 सीट पर चुनाव की घोषणा मई के आखिरी हफ्ते में हो सकती है। 28 जून को विधान परिषद की 9 सीट खाली हो रही है। जेडीयू कोटे से 4 सीट खाली हो रही है। जिनमें गुलाम गौस, भीष्म साहनी, कुमुद वर्मा और भगवान सिंह कुशवाहा की सीट है। वहीं बीजेपी कोटे से CM सम्राट चौधरी और संजय मयूख की सीट 2 सीट खाली हो रही है। जबकि आरजेडी कोटे से मोहम्मद फारूक और सुनील कुमार की 2 सीट खाली हो रही है। कांग्रेस से समीर कुमार सिंह का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। लोजपा को मिल सकती है एक सीट इस चुनाव को एनडीए सरकार के लिए संगठन और सरकार के बीच संतुलन साधने की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। सीटों के बंटवारे को लेकर सहयोगी दलों के बीच भी मंथन जारी है। फिलहाल बिहार विधान परिषद की कुल 10 सीटें खाली हैं। इनमें एक सीट पर उपचुनाव होना है, जबकि बाकी सीटों पर नियमित चुनाव कराए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक भाजपा और जदयू के अलावा एक सीट चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) को भी दी जा सकती है। --------- इसे भी पढ़ेंः क्या बिहार में डिप्टी CM का पद खत्म हो गया?:सरकार के नोटिफिकेशन में उपमुख्यमंत्री का जिक्र नहीं; नीतीश से मिलने पहुंचे ललन-संजय झा अगर कहा जाए कि बिहार में डिप्टी सीएम का पद खत्म हो गया है। प्रदेश में सिर्फ मुख्यमंत्री हैं और मंत्री हैं तो शायद आप चौक जाएंगे। ये हम नहीं सरकारी दस्तावेज बता रहे हैं कि सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री और बाकी 34 मंत्री हैं। डिप्टी सीएम का दर्जा किसी के पास नहीं है।सवाल उठ रहे हैं कि क्या भाजपा की सरकार ने जदयू के दोनों उप मुख्यमंत्री से उनका पद छीन लिया है। पूरी खबर पढ़ें।

