श्रीगंगानगर में केमिस्ट को घर से किडनैप कर मारपीट और मर्डर करने के मामले में पत्नी सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। महिला केमिस्ट के साथ लिव इन में रहती थी और मर्डर करने की मास्टरमाइंड थी। महिला का केमिस्ट के साथ विवाद हो गया था, जिसके बाद उसने केमिस्ट के मर्डर की प्लांनिग रची और अपने बेटों व जंवाई से उसका मर्डर करवाकर शव को इंदिरा गांधी नहर में फेंक दिया। मृतक केमिस्ट कपिल जिंदल (36) का शव घटना के तीन दिन बाद 26 मई को शाम 5 मसीतांवाली हेड से बरामद हुआ था। मृतक के दोनों हाथ पैर रस्सी से बंधे हुए थे। एसपी हरीशंकर ने जानकारी देते हुए बताया- मृतक के मामा विनय कुमार गर्ग निवासी इंदिरा कॉलोनी पदमपुर (श्रीगंगानगर) ने जवाहर नगर थाने में किडनैप-मारपीट का मामला दर्ज कराया था। साथ ही मृतक की पत्नी पर भी बदमाशों के साथ शामिल होने का शक जताया। मृतक केमिस्ट कपिल जिंदल मूल रूप से श्रीगंगानगर के गांव 52 आरबी का रहने वाला था, जो भारद्वाज कॉलोनी पीरखाना रोड पर शिव मंदिर के पीछे किराए के मकान में रहता था। शहर के एसएसबी रोड पर उसकी मेडिकल शॉप है। घर से जबरन उठा ले गए रिपोर्ट में विनय कुमार ने बताया था कि 23 मई की रात सूचना मिली कि करीब 2 बजे पांच लड़के कार लेकर कपिल के रूम पर पहुंचे। वहां कपिल और उसकी पत्नी सुखविंद्र कौर दोनों थे। कार सवार बदमाशों ने घर में घुसकर कपिल के साथ मारपीट की और किडनैप करके ले गए। हम कपिल के रूम पर पहुंचे तो मकान में खून के धब्बे मिले। घर में सुखविंद्र कौर भी नहीं थी। कुछ देर बाद सुखविंद्र घर लौटी और कहा कि किडनैपर्स मुझे भी ले गए थे, लेकिन मुझे रास्ते में छोड़कर चले गए और कपिल को साथ ले गए। केमिस्ट की पत्नी पर साजिश का शक थाने में दर्ज रिपोर्ट में परिजनों ने कपिल की पत्नी सुखविंद्र कौर आरोपियों के साथ मिलीभगत का शक जताया है। जिसके बाद जवाहरनगर थाना पुलिस ने अपहरण, मारपीट और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज कर लिया। घटना में महिला की भूमिका संदिग्ध होने पर पुलिस ने महिला को शक के दायरे में रखकर जांच शुरु की। पुलिस इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कपिल जिंदल, आरोपी महिला के साथ 2 महीने से लाइव इन में रह रहा था। दोनों किराए के मकान में रहते थे। कुछ दिन पहले दोनों में आपसी विवाद हो गया। इसके बाद सुखविंद्र कौर ने कपिल के मर्डर की प्लानिंग रची। बाद में अपने दो बेटों, दोस्तों व जंवाई के साथ मिलकर पहले उसे किडनैप करवाया और बाद में मारपीट कर मर्डर कर दिया गया। इसके बाद शव को इंदिरा गांधी नहर में फेंक दिया गया। पकड़े गए आरोपी सिकंदर सिंह (32), सतपाल सिंह (38), गुरप्रीत सिंह (31), बॉबी नागरा (31) श्रीमुक्तसर साहिब (पंजाब) के रहने वाले हैं। गुरदर्शन सिंह (29) हनुमानगढ़ का रहने वाला है। पत्नी सुखविंद्र कौर (40) निवासी एसएसबी रोड शिव मंदिर के पीछे श्रीगंगानगर को गिरफ्तार किया गया है। जवाहरनगर थानाधिकारी देवेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया- सुखविंद्र कौर के पति की कुछ समय पहले मौत हो चुकी थी। इसके बाद वह कपिल जिंदल के साथ लिव इन में रहती थी। कुछ दिन पहले दोनों में आपसी विवाद हुआ, इसके बाद कपिल का मर्डर करवा दिया गया। फिलहाल पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पहले से शादीशुदा थी महिला, 4 साल से लिव-इन में थी कपिल जिंदल, सुखजीत कौर के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रहा था। सुखजीत कौर शादीशुदा थी। वह पति से अलग कपिल के साथ रहती थी। एक साल के दौरान उसके पति का निधन हो गया। अब दोनों ने आर्य समाज में शादी कर ली थी। कपिल जिंदल एसएसबी रोड पर किराए की दुकान में मेडिकल स्टोर चलाता था। पास ही शंकर कॉलोनी में किराए के मकान में सुखजीत कौर के साथ रहता था। कपिल परिवार में सबसे बड़ा था। परिवार के साथ काफी समय से विचार नहीं मिलते थे। कपिल का छोटा भाई कनाडा में रहता है। बहन की रायसिंहनगर में शादी हुई है। पिता तेजपाल जिंदल उम्रदराज हो गए हैं। पहले पदमपुर में मेडिकल स्टोर था। 5 लोग किडनैप करते CCTV में दिखे जवाहरनगर थाना प्रभारी एसएचओ देवेंद्र राठौड़ ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में डीएल नंबर वाली कार में पांच लोगों द्वारा किडनैप करते देखा गया। जिसके बाद आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है
बदायूं में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के खिलाफ लगाए गए पोस्टरों के विरोध में सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। बुधवार को सहसवान से सपा विधायक बृजेश यादव ने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ एसएसपी को शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने इस मामले में साजिशकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। दरअसल, बदायूं समेत कई जिलों में समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टर लगाए गए थे। इन पोस्टरों को देखकर सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया और उन्हें फाड़ दिया था। इसी मुद्दे पर विधायक बृजेश यादव ने बदायूं के एसएसपी अंकित शर्मा से मुलाकात की। विधायक ने एसएसपी को सौंपे गए शिकायती पत्र में कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा ये पोस्टर लगाए गए हैं। उन्होंने इन असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। पूरे मामले पर विधायक बृजेश यादव ने बताया कि उन्होंने एसएसपी को तहरीर दी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुलिस को ही पता होगा कि ये पोस्टर किन लोगों ने लगाए हैं। विधायक के अनुसार, एसएसपी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बृजेश यादव ने पोस्टर लगाने वालों को चुनौती देते हुए कहा कि वे उनके सामने भी एक पोस्टर लगाकर दिखाएं।
नगर निगम प्रयागराज में अतिक्रमण विभाग से जुड़े एक प्रकरण में चौंकाने वाला मामला सामने आया। यहां राजस्व निरीक्षक ने बिना रिकॉर्ड देखे ही कॉलोनी के रास्ते की दीवार तोड़वा दी। शिकायत पर जांच हुई और अफसरों ने पाया कि बिना अभिलेखों के समुचित परीक्षण और पूरी जानकारी हासिल किए संबंधित स्थल पर कार्रवाई की गई, जो कि त्रुटिपूर्ण पाई गई। बड़ी बात यह है विभागीय स्तर पर मामले को चेतावनी देकर समाप्त कर दिया गया। उधर कॉलोनी के लोगों ने इस मामले में विस्तृत जांच व कार्रवाई की मांग को लेकर अफसरों को पत्र भेजा है। अवधपुरी कॉलोनी से जुड़ा मामलामामला कर्नलगंज की अवधपुरी कॉलोनी से संबंधित है, जहां कॉलोनी वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष कुलभूषण ओझा ने 9 मार्च 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नगर निगम की ओर से दीवार तोड़कर रास्ता खुलवाया गया, जबकि यह कार्रवाई उच्च न्यायालय और नगर आयुक्त के पूर्व आदेशों के विपरीत थी। पहले जारी हुआ था कारण बताओ नोटिसशिकायत के बाद अतिक्रमण विभाग में तैनात राजस्व निरीक्षक चन्द्रशेखर आजाद को 11 मार्च 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उनसे पूछा गया था कि आखिर किस आधार पर संबंधित स्थल पर कार्रवाई की गई। जवाब में अधिकारियों की मौजूदगी का दिया हवालाअपने लिखित स्पष्टीकरण में राजस्व निरीक्षक ने कहा कि 29 जनवरी 2026 को क्षेत्रीय अधिशाषी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता की मौजूदगी में अभिलेखों की जांच के बाद गेट खुलवाया गया था। लेकिन अपर नगर आयुक्त ने इस जवाब को संतोषजनक नहीं माना। आदेश में कहा गया कि नगर आयुक्त द्वारा 10 नवंबर 2023 को पारित आदेश के अनुसार यह मामला स्थानीय निवासियों के आपसी विवाद से जुड़ा था और स्थल पर सड़क या गली पर किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं पाया गया था। इसी आधार पर पूर्व में प्रकरण का निस्तारण भी किया जा चुका था। चेतावनी में यह कहा गयाजांच में यह माना गया कि संबंधित अधिकारी ने पुराने अभिलेखों और आदेशों का समुचित परीक्षण किए बिना मौके पर कार्रवाई की। आदेश में स्पष्ट कहा गया कि भविष्य में बिना रिकॉर्ड और पूरी जानकारी देखे इस प्रकार की कार्रवाई दोबारा न की जाए, अन्यथा कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। चेतावनी देकर समाप्त किया गया मामलाअपर नगर आयुक्त की ओर से जारी अंतिम आदेश में राजस्व निरीक्षक को चेतावनी देते हुए पहले जारी कारण बताओ नोटिस को निक्षेपित यानी समाप्त कर दिया गया। आदेश पर अपर नगर आयुक्त अरविन्द कुमार राय के हस्ताक्षर हैं। कार्रवाई के नाम पर खानापूर्तिउधर सोसायटी अध्यक्ष का कहना है कि इस मामले में नियमविरुद्ध तरीके से सरकारी तंत्र का दुरुपयोग करते हुए दीवार तोड़ी गई। जांच में यह स्पष्ट होने के बाद भी ठोस कार्रवाई की बजाय आरोपी राजस्व निरीक्षक को महज चेतावनी देकर छोड़ा जाना सरासर खानापूर्ति है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में नगर निगम समेत अन्य उच्चाधिकारियों के साथ ही शासन को भी शिकायती पत्र भेजकर उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
भिंड जिले में अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस अधीक्षक भिंड, सूरज कुमार वर्मा ने 21 फरार और शातिर आरोपियों पर कुल 79 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि आरोपियों की गिरफ्तारी में सहयोग करने या उनकी सटीक सूचना देने वाले व्यक्ति को घोषित राशि से पुरस्कृत किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि जिले में अपराधों पर नियंत्रण और अपराधियों की धरपकड़ के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। यदि कोई व्यक्ति इन आरोपियों को पकड़वाने, गिरफ्तारी करवाने अथवा गिरफ्तारी के दौरान विधिसम्मत सहयोग प्रदान करता है, तो उसे आरोपी के नाम के सामने घोषित पुरस्कार राशि दी जाएगी। पुरस्कार वितरण के संबंध में पुलिस अधीक्षक का निर्णय अंतिम और मान्य होगा। एसपी सूरज कुमार वर्मा ने जिन आरोपियों पर तीन-तीन हजार रुपये का इनाम घोषित किया है, उनमें अभिषेक बाथम पुत्र गुड्डू उर्फ कमल बाथम, अज्जू उर्फ अजय पुत्र गुड्डू उर्फ कमल बाथम, अशोक पुत्र नारायण बाथम, सूरज पुत्र हेतराम बाथम, शिवम पुत्र अशोक शर्मा, विजय बाथम पुत्र नीलू बाथम, बल्लू बाथम पुत्र मुन्नालाल बाथम, गोलू यादव पुत्र भूरा यादव निवासी गोहद क्षेत्र, हनुमंत शर्मा निवासी कचनाव खुर्द थाना गोरमी, अभिषेक उर्फ बिट्टू पुत्र गिरजाशंकर दुबे निवासी बरहद थाना मेहगांव, शैलेन्द्र सिंह पुत्र बीरेन्द्र सिंह निवासी बगियापुरा कोषड थाना सुरपुरा, पुष्पा देवी पत्नी वीरेन्द्र सिंह तथा रूबी भदौरिया पत्नी दीपेन्द्र सिंह भदौरिया शामिल हैं। वहीं, पांच-पांच हजार रुपये के इनाम वाले आरोपियों में अनिल तोमर पुत्र महेश उर्फ पप्पू तोमर निवासी छीमका गोहद चौराहा, सोनू सिकरवार पुत्र धर्मसिंह सिकरवार निवासी छीमका, राजू भदौरिया पुत्र गोवर्धन सिंह भदौरिया निवासी स्टेशन रोड गोहद चौराहा, रिमसा पत्नी आरिफ खान निवासी डिराउटी जिला जालौन, उत्तर प्रदेश, शिवम जाटव, जबर सिंह जाटव, श्रीकृष्ण जाटव तथा अतुल जाटव निवासी भगत सिंह की गढ़िया, उमरी शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी आरोपी की जानकारी मिलने पर तत्काल नजदीकी थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दें, ताकि अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।
सरगुजा में किरायेदार युवक ने स्वयं को अविवाहित बताकर मकान मालकिन को शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण किया और स्वयं को सरकारी सेवा से सस्पेंड होना बताकर उसके एटीएम से दो लाख रुपये निकाल लिए। जब पीड़िता को युवक के शादी शुदा एवं एक बच्चे का पिता होने की जानकारी मिली तो उसने थाने में दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आठ माह बाद फरार आरोपी को झारखंड के रांची से गिरफ्तार किया है। मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, सितंबर 2025 में थाना गांधीनगर में पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि आरोपी अजय कुमार कंवर निवासी बम्हनीडीह, जांजगीर-चांपा उसके घर में मकान किराये पर लिया था। उसने स्वयं को अविवाहित बताया और पीड़िता को शादी का झांसा देकर नवंबर 2024 से सितंबर 2025 तक दैहिक शोषण किया। दो लाख रुपये निकाले, शादी से किया इनकार आरोपी ने पीड़िता को बताया कि वह सरकारी सेवा में है और फिलहाल सस्पेंड है। उसने पीड़िता के एटीएम से दो लाख रुपये भी निकाल लिये। पीड़िता के गर्भवती होने पर युवक ने शादी से इंकार कर दिया। बाद में पीड़िता को जानकारी मिली कि अजय कुमार कंवर पहले से शादीशुदा है एवं उसका एक बच्चा भी है तो उसने मामले की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई। झारखंड से आठ माह बाद पकड़ाया आरोपी मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी की खोजबीन शुरू की, लेकिन वह फरार हो गया। साइबर सेल की मदद से आरोपी अजय कुमार कंवर के रांची (झारखण्ड) में होने की जानकारी मिली। थाना गांधीनगर पुलिस टीम रांची पहुंची और आरोपी को हिरासत में लिया। थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि आरोपी ने घटना कारित करना स्वीकार किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
देवरिया आ रहे युवक की ट्रेन में तबीयत बिगड़ी:गुजरात के वापी से लौट रहा था, फिरोजाबाद अस्पताल में मौत
फिरोजाबाद में गुजरात के वापी से देवरिया लौट रहे एक युवक की ट्रेन में अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिजनों में शोक छा गया। देवरिया जनपद के बैंकुठपुर अंतर्गत कुशमौनी निवासी 27 वर्षीय हिमांशु कुशवाह अपनी मां ऊषा देवी और बहन त्रिशा के साथ ट्रेन संख्या 19037 से गुजरात के वापी से देवरिया जा रहे थे। रात साढ़े 8 बजे आगरा के कुबेरपुर रेलवे स्टेशन पार करते ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। युवक की बिगड़ती हालत देखकर परिजनों ने ट्रेन में मौजूद टीटीई स्टाफ को सूचना दी। टीटीई ने तत्काल मामले की जानकारी टूंडला कंट्रोल को दी। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के उपनिरीक्षक अनेक सिंह मौके पर पहुंचे। बीमार युवक को एंबुलेंस की मदद से टूंडला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। चिकित्सकों ने हिमांशु की गंभीर हालत को देखते हुए उसे फिरोजाबाद के सरकारी अस्पताल रेफर कर दिया। फिरोजाबाद अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर सुनते ही मां और बहन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक के चचेरे भाई अरविंद कुशवाह ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व बीमारी के चलते हिमांशु के पिता का निधन हो गया था। इसके बाद से हिमांशु ही परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था और गुजरात में सब्जी बेचने का काम करता था। वह अपनी मां और बहन के पालन-पोषण का एकमात्र सहारा था। जीआरपी थाना प्रभारी मोनू आर्य ने बताया कि युवक की मृत्यु का सही कारण अभी पता नहीं चल सका है।
फरीदकोट के तहत आते शहर कोटकपूरा के मोगा रोड पर सरेआम मोटरसाइकिल चोरी होने का एक दिलचस्प और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक नामी चिकन सेंटर की दुकान के बाहर से एक प्रसिद्ध समाजसेवी का मोटरसाइकिल चोरी हो गया। चोरी की यह पूरी वारदात दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है। सूचना मिलने के बाद थाना सिटी पुलिस ने फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। भाई के साथ काम में व्यस्त थे समाजसेवी, पीछे से साफ हुआ हाथ मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार (26 मई) की शाम करीब 6:30 बजे की है। मोगा रोड पर चिकन सेंटर चलाने वाले और जानी-मानी रक्तदानी संस्था 'पीबीजी क्लब' के प्रधान राजीव मलिक ने अपना होंडा डीलक्स मोटरसाइकिल रोजाना की तरह दुकान के बाहर खड़ा किया हुआ था। उस समय राजीव मलिक अपने भाई के साथ दुकान के काम में व्यस्त थे। इसी दौरान मौके का फायदा उठाकर एक अज्ञात युवक वहां पहुंचा और मोटरसाइकिल स्टार्ट कर मोगा रोड की तरफ रफूचक्कर हो गया। मोटरसाइकिल गायब देख राजीव मलिक ने शोर मचाया और आरोपी का पीछा भी किया, लेकिन तब तक चोर काफी दूर निकल चुका था। पीछा कर रहे लोगों को चकमा देने के लिए चोर ने चली शातिर चाल घटना के बाद आसपास की दुकानों और रास्तों के अन्य सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए, तो चोर की एक बेहद शातिर चाल सामने आई। फुटेज से पता चला कि मोटरसाइकिल चोरी करने के बाद आरोपी तुरंत शहर से बाहर नहीं भागा, बल्कि कुछ ही दूरी पर मोगा रोड स्थित डेरा दरिया गिरी मार्केट के पास जाकर रुक गया। वह वहां करीब 15 मिनट तक खड़ा रहा ताकि पीछा कर रहे लोगों और पुलिस को भ्रमित किया जा सके। इसके बाद वह वहां से आसानी से फरार हो गया। पुलिस का दावा: जल्द सलाखों के पीछे होगा आरोपी समाजसेवी राजीव मलिक की शिकायत पर थाना सिटी पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में चोर का चेहरा और उसकी हरकतें साफ नजर आ रही हैं, जिसके आधार पर उसकी पहचान की जा रही है। पुलिस ने दावा किया है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर मोटरसाइकिल बरामद कर ली जाएगी।
कोटा शहर के रेलवे कॉलोनी थाना क्षेत्र में 10 वर्षीय मासूम मयंक मीणा मर्डर मामले में एक सीसीटीवी सामने आया। 25 मई की दोपहर से लापता हुए बालक का शव अगले दिन रेलवे वर्कशॉप के सामने जंगल में क्षत-विक्षत हालत में मिला। रेलवे कॉलोनी थाना अधिकारी रामस्वरूप मीणा ने बताया कि 25 मई की दोपहर बाद मयंक मीणा अपने घर से बाहर निकला था लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिजनों ने रेलवे कॉलोनी थाने में देर रात गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने इलाके में सर्च अभियान शुरू किया। आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए, जिसमें मयंक एक अन्य किशोर के साथ जंगल की ओर जाता दिखाई दिया। पुलिस ने देर रात रेलवे वर्कशॉप के सामने जंगल में तलाश की तो वहां मयंक का शव बेहद खराब हालत में मिला। शव का सिर धड़ से अलग था और दोनों करीब 50 फीट की दूरी पर पड़े मिले। मौके पर एफएसएल टीम और वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाया गया। पुलिस ने शव को एमबीएस अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम में भिजवाया, जहां मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया। थाना अधिकारी ने बताया कि शव की हालत इतनी खराब थी कि परिजनों ने कपड़ों और जूतों के आधार पर पहचान की। सिर और धड़ अलग-अलग मिलने के कारण डीएनए जांच के लिए बालक के माता-पिता के सैंपल भी लिए गए हैं, ताकि पुष्टि की जा सके कि दोनों हिस्से उसी बालक के हैं। पुलिस के अनुसार जंगल में आवारा कुत्तों ने शव को बुरी तरह नोच रखा था वही कमर से पेंट भी खुली हुई थी। मयंक के पिता ने बताया कि उनका बेटा दोपहर करीब 2 बजे से घर से लापता था। परिवार ने पूरे इलाके में तलाश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन रात को सूचना मिली कि जंगल में एक शव पड़ा हुआ है। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी में नजर आने वाला किशोर मोहल्ले में किराए से रहता है। उनका कहना है कि उन्हें दोनों बच्चों की दोस्ती के बारे में जानकारी नहीं थी और किसी प्रकार की पुरानी रंजिश भी सामने नहीं आई है। मृतक के पिता रेलवे कर्मचारी हैं और मूल रूप से करौली जिले के रहने वाले हैं। वे पिछले 10 वर्षों से कोटा में नौकरी कर रहे हैं और सोगरिया इलाके में किराए के मकान में परिवार के साथ रहते हैं। फिलहाल पुलिस हत्या के कारणों और सीसीटीवी में दिखाई दिए किशोर की भूमिका की जांच में जुटी हुई है।
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को 'ग्रीन सिंहस्थ' थीम पर विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत पूरे सिंहस्थ क्षेत्र में लगभग 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। संभागायुक्त आशीष सिंह ने सभी विभागों को सात दिन के भीतर पौधारोपण का विस्तृत प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस पहल के तहत शहर की नई सड़कों, पंचक्रोशी मार्ग, शिप्रा घाट और मेला क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा। बुधवार दोपहर सिंहस्थ मेला कार्यालय में हुई बैठक में इन योजनाओं पर चर्चा की गई। संभागायुक्त आशीष सिंह ने कहा कि सिंहस्थ से जुड़े हर विकास कार्य के साथ पौधारोपण को अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए। उनका उद्देश्य है कि आने वाले वर्षों में पूरा क्षेत्र एक ग्रीन कॉरिडोर के रूप में दिखाई दे। 64 मार्ग पर विशेष रूप से 274 किलोमीटर लंबे सड़क नेटवर्क के दोनों किनारों और डिवाइडर पर फूलदार पौधे लगाए जाएंगे। इनमें अमलतास, गुलमोहर, नील मोहर और पलाश जैसे प्रजातियों का चयन किया जा रहा है। प्रशासन ऐसे पौधों को प्राथमिकता दे रहा है जो कम समय में बड़े होकर सिंहस्थ तक आकर्षक दिखें और गर्मियों में भी रंगीन बने रहें। वन विभाग ने पंचक्रोशी मार्ग पर तीन चरणों में पौधारोपण की योजना प्रस्तुत की है। इस बारिश के मौसम में लगभग 15 हजार बड़े पौधे लगाए जाएंगे। इन पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ट्री गार्ड भी लगाए जाएंगे। उद्यानिकी विभाग को शिप्रा नदी के किनारे निजी जमीनों पर किसानों को फलदार पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त, जल संसाधन विभाग शिप्रा नदी के 29 किलोमीटर क्षेत्र में बन रहे नए घाटों के किनारों पर भी हरियाली विकसित करेगा। घाटों से लगभग डेढ़ मीटर की दूरी पर पौधारोपण किया जाएगा।
बलिया के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने गुरुवार को आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की। विकास भवन सभागार में हुई इस बैठक में कई विभागों की प्रगति असंतोषजनक पाई गई, जिसके बाद अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी गई। जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति, जिला समाज कल्याण, जिला पंचायत राज, जिला बेसिक शिक्षा, जिला कार्यक्रम विभाग और नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारियों द्वारा आईजीआरएस पोर्टल पर 'नेगेटिव निस्तारण आख्या' अपलोड किए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इन अधिकारियों को फटकार लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। नलकूप विभाग की स्थिति सबसे खराब पाई गई। विभाग द्वारा कई 'नेगेटिव निस्तारण आख्या' अपलोड किए जाने पर जिलाधिकारी ने नलकूप अधिकारी का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि कई मामलों में शिकायतकर्ताओं से फीडबैक नहीं लिया गया और न ही निस्तारण से संबंधित फोटोग्राफ पोर्टल पर अपलोड किए गए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शिकायतकर्ताओं से अनिवार्य रूप से संपर्क करें, उनका फीडबैक लें और निस्तारण के प्रमाण के तौर पर फोटोग्राफ पोर्टल पर अपलोड करें। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि दो दिन बाद पुनः समीक्षा की जाएगी। यदि किसी विभाग द्वारा फिर से 'नेगेटिव आख्या' अपलोड की गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए मामला शासन स्तर पर भेजा जाएगा। बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, एडीएम अनिल कुमार सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर धरना स्थल पर हमला:10 लोगों पर मारपीट का आरोप, FIR दर्ज करने की मांग
शिवपुरी जिले के पिछोर नगर में कांग्रेस के सांकेतिक धरना प्रदर्शन के दौरान बुधवार शाम मारपीट की घटना सामने आई। नगर परिषद कार्यालय के पास चल रहे धरने में कुछ मोटरसाइकिल सवार युवकों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। घटना के बाद घायल कार्यकर्ताओं को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया, जबकि कांग्रेस नेताओं ने पिछोर थाने पहुंचकर नामजद एफआईआर दर्ज करने की मांग की। यह घटना ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा नगर की विभिन्न समस्याओं और अव्यवस्थाओं को लेकर 25 मई से किए जा रहे पांच दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन के तीसरे दिन हुई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बुधवार शाम करीब 4 बजे 10 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर कुछ लोग धरना स्थल पर पहुंचे और वहां बैठे कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट शुरू कर दी। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, इस हमले में अतुल पाराशर, राजवीरसिंह परमार, अनिल गुप्ता, रामस्वरूप कुशवाह और चंद्रशेखर गौतम को चोटें आई हैं। घटना के बाद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पिछोर थाने पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज करने की मांग करते हुए काफी देर तक थाने में डटे रहे। पुलिस को दिए गए आवेदन में कांग्रेस नेताओं ने मंगल लोधी, सुनील लोधी, आजाद लोधी, सौरव लोधी, जीवन लोधी, दीपक यादव, मंगल यादव, असवेन्द्र लोधी, कपूर लोधी और आकाश लोधी सहित अन्य लोगों पर अंधाधुंध मारपीट करने का आरोप लगाया है। पिछोर थाना प्रभारी नीतू सिंह अहिरवार ने बताया कि पुलिस को 10 लोगों के नाम दिए गए हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। घटना स्थल पर जिनकी मौजूदगी की पुष्टि होगी, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अंबेडकरनगर में ईद-उल-जुहा पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसी क्रम में बुधवार शाम को पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्राची सिंह ने जिलाधिकारी (डीएम) ईशा प्रिया के साथ फ्लैग मार्च किया। यह फ्लैग मार्च फव्वारा तिराहा से शुरू होकर कस्बा शहजादपुर होते हुए मालीपुर रोड तक निकाला गया। इस दौरान भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। एसपी प्राची सिंह ने संवेदनशील क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एसपी ने स्पष्ट किया कि त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि जनपद में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और हर संवेदनशील स्थान पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। एसपी प्राची सिंह ने आमजन से अपील की कि ईद-उल-जुहा आपसी भाईचारे और सौहार्द का पर्व है, इसे सभी लोग मिल-जुलकर शांतिपूर्ण ढंग से मनाएं। उन्होंने अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखी जा रही है और भ्रामक पोस्ट या माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्योहार के दौरान सभी व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त रहें। फ्लैग मार्च के दौरान स्थानीय लोगों में सुरक्षा का भरोसा दिखाई दिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि पुलिस और प्रशासन जनपद में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार है।
शाहजहांपुर के कलान क्षेत्र के पटना देवकली गांव में एक 18 वर्षीय युवक ने ऑनलाइन जहर मंगवाया और खाकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार शाम जहर खाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और बदायूं में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान राजपाल के बड़े बेटे योगेश के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, योगेश मंगलवार शाम गांव में एक दावत में पूड़ी बेलने गया था। कुछ देर बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजन उसे बदायूं के एक निजी चिकित्सक के पास ले गए। इलाज के दौरान योगेश ने दम तोड़ दिया। बदायूं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बुधवार दोपहर शव गांव पहुंचा, जहां योगेश की मौत से पूरे गांव में मातम पसर गया। परिजन किसी विवाद या घरेलू कलह से इनकार कर रहे हैं, जिससे आत्महत्या का कारण रहस्य बना हुआ है। योगेश अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। इस घटना के बाद बुधवार को परिजनों ने ऑनलाइन डिलीवरी मैन को पकड़ लिया। आक्रोशित परिजनों ने कथित तौर पर उसे पीटा और बाराकलां पुलिस को सौंप दिया। परिजनों का आरोप है कि योगेश ने ऑनलाइन जहर मंगवाया था। थाना प्रभारी शिवदीन वर्मा ने बताया कि परिजन ऑनलाइन जहर मंगवाने की बात कह रहे हैं, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई सटीक जानकारी नहीं दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कूलिंग सेंटर में लगी आग:फिरोजाबाद ओवरब्रिज के नीचे हड़कंप, लोगों ने खुद बुझाई लपटें
फिरोजाबाद के टूंडला नगर में सुभाष चौराहा स्थित ओवरब्रिज के नीचे बने कूलिंग सेंटर में बुधवार देर शाम आग लगने से हड़कंप मच गया। भीषण गर्मी से राहत देने के लिए बनाए गए इस अस्थायी रैन बसेरा में रखा एक बड़ा कूलर धू-धू कर जल उठा। आग की लपटें उठती देख आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी फैल गई और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। नगर पालिका प्रशासन द्वारा संचालित यह रैन बसेरा गर्मी से बचाव के लिए अस्थायी कूलिंग सेंटर के रूप में उपयोग किया जा रहा था। बताया गया है कि बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे अचानक कूलर से धुआं उठना शुरू हुआ और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ देर के लिए वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। घटना के दौरान स्थानीय लोगों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाला। आसपास के दुकानदारों और राहगीरों ने बाल्टियों व अन्य बर्तनों में पानी भरकर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। काफी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों की तत्परता से आग पर काबू पाया जा सका, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। गनीमत रही कि घटना के समय रैन बसेरा में अधिक लोग मौजूद नहीं थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, आग के कारण वहां रखा कुछ सामान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। इंस्पेक्टर बैजनाथ सिंह और ईओ आशुतोष त्रिपाठी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। इस घटना के बाद लोगों ने रैन बसेरा और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए बिजली उपकरणों की गहन जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
बालोतरा से पचपदरा तक प्रस्तावित नई रेल लाइन के निर्माण के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) को मंजूरी मिल गई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस पर यह स्वीकृति दी गई है। करीब 11 किलोमीटर लंबी इस प्रस्तावित रेल लाइन के सर्वे कार्य के लिए 33 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। रेलवे विभाग अब इस परियोजना की तकनीकी और वित्तीय संभावनाओं का विस्तृत अध्ययन करेगा। पचपदरा रिफाइनरी तक रेल पहुंच होगी आसान नई रेल लाइन बनने के बाद पचपदरा क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। इससे पचपदरा रिफाइनरी तक रेल मार्ग से पहुंच आसान हो जाएगी। साथ ही बालोतरा, बाड़मेर और आसपास के इलाकों को रेलवे नेटवर्क से बेहतर तरीके से जोड़ा जा सकेगा। इस रेल परियोजना के जरिए क्षेत्र का संपर्क जोधपुर, अहमदाबाद, दिल्ली और जयपुर जैसे प्रमुख शहरों से भी मजबूत होने की संभावना है। इससे यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन को भी गति मिलेगी। व्यापार, रोजगार और कृषि क्षेत्र को मिलेगा बढ़ावा रेल लाइन निर्माण को स्थानीय विकास के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। नई रेल सुविधा शुरू होने के बाद व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। स्थानीय उद्योगों और कृषि उत्पादों के परिवहन में आसानी होगी, जिससे लागत कम हो सकती है। इसके अलावा रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। खासतौर पर रिफाइनरी और उससे जुड़े औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर लॉजिस्टिक सपोर्ट मिलने से निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी। FLS के बाद बनेगी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट रेलवे अधिकारियों के अनुसार, फाइनल लोकेशन सर्वे पूरा होने के बाद परियोजना की तकनीकी और आर्थिक व्यवहार्यता का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके आधार पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार होगी। डीपीआर तैयार होने के बाद इसे रेलवे बोर्ड की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
रवींद्रनाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज उदयपुर के नेफ्रोलॉजी विभाग ने संभाग के किडनी रोगियों के उपचार में पहली बार कॉन्टिनुअस एम्बुलेटरी पेरिटोनियल डायलिसिस (सीएपीडी) प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है।इस पद्धति की शुरुआत से अब गंभीर किडनी मरीजों को डायलिसिस कराने के लिए बार-बार अस्पताल के चक्कर काटने और लंबी लाइनों में लगने की मजबूरी से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. पंकज बेनीवाल ने बताया कि सीएपीडी एक ऐसी उन्नत डायलिसिस पद्धति है जिसे मरीज घर पर रहकर भी स्वयं या अपने परिजनों की मदद से कर सकता है। समझे पूरी प्रक्रिया को...डॉ. बेनीवाल ने बताया इस प्रक्रिया में मरीज के पेट में एक विशेष कैथेटर लगाया जाता है, जिसके माध्यम से डायलिसिस द्रव अंदर डाला जाता है। यह द्रव शरीर के भीतर मौजूद तमाम विषैले पदार्थों और अतिरिक्त पानी को सोखकर बाहर निकाल देता है। प्रशिक्षित होने के बाद मरीज बिना किसी अस्पताल की निर्भरता के,घर के सुरक्षित माहौल में अपनी सुविधानुसार इसे कर सकता है। किन मरीजों के लिए है यह वरदानउन्होंने बताया कि यह तकनीक विशेष रूप से उन किडनी रोगियों के लिए जीवनदायिनी साबित होगी जिनमें सामान्य हेमोडायलिसिस के दौरान ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) बार-बार गंभीर स्तर तक गिर जाता है। जिनकी नसों में डायलिसिस के लिए एक्सेस बनाना बेहद कठिन या असंभव होता है। जो गंभीर हृदय रोग से ग्रसित हैं या जो सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं और डायलिसिस सेंटर तक नियमित नहीं पहुंच सकते। 21 वर्षीय महिला मरीज को मिला लाभनेफ्रोलॉजी विभाग में यह प्रक्रिया एक 21 वर्षीय क्रॉनिक किडनी डिजीज से पीड़ित युवती में सफलतापूर्वक की गई। यह मरीज पिछले 3 महीनों से नियमित हेमोडायलिसिस पर थी, लेकिन डायलिसिस के दौरान उसका ब्लड प्रेशर लगातार अस्थिर हो रहा था और डायलिसिस एक्सेस की गंभीर समस्या आ रही थी। जटिलताओं को देखते हुए चिकित्सकों ने सीएपीडी का निर्णय लिया। अब यह मरीज अस्पताल आए बिना घर पर ही डायलिसिस कर सकेगी, जिससे उसके समय और यात्रा खर्च की बचत होगी तथा उसे एक स्वतंत्र जीवन मिल सकेगा। यह संपूर्ण सुविधा मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के अंतर्गत पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध कराई गई है। आर.एन.टी. मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल एवं नियंत्रक डॉ. राहुल जैन ने कहा कि आर.एन.टी. मेडिकल कॉलेज का उद्देश्य हमेशा संभाग के अंतिम छोर पर बैठे मरीज तक विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना रहा है। नेफ्रोलॉजी विभाग द्वारा सीएपीडी की सफल शुरुआत हमारे इसी संकल्प का हिस्सा है। सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विपिन माथुर ने कहा कि यह तकनीक उन क्रिटिकल मरीजों के लिए गेम-चेंजर साबित होगी जो गंभीर हृदय रोग या खून की नसों की समस्याओं के कारण नियमित हेमोडायलिसिस नहीं करवा पाते थे। विशेषज्ञ टीम में ये सब शामिल डॉ. बेनीवाल के निर्देशन तथा सहायक आचार्य डॉ. हर्षा मखीजा एवं डॉ. जयदीप राज डामोर के तकनीकी मार्गदर्शन में संपन्न हुई। इस जटिल कार्य में रेजीडेंट चिकित्सक डॉ. अपूर्वा परमार, डॉ. अस्वथी जोसेफ, डॉ. सुमेश निरवान, डॉ. योगेश तंवर एवं डॉ. उत्तम रॉय ने सहयोग दिया। इसके अतिरिक्त सीएपीडी कोऑर्डिनेटर आदित्य पंचोली तथा विभाग के कर्मठ स्टाफ सदस्य भगवती एवं विजेंदर ने भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हरदा जिले के टिमरनी थाना क्षेत्र में बुधवार शाम एक सड़क हादसे में बाइक सवार 19 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना ग्राम छिदगांवमेल के पास टिमरनी-छिदगांव रोड पर बड़ी नहर के नजदीक हुई। मृतक की पहचान ग्राम बिच्छापुर निवासी रामकिशन पिता राधा किशन केवट के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, रामकिशन अपने एक रिश्तेदार को वेयरहाउस पर छोड़कर वापस अपने गांव लौट रहा था, तभी किसी अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रामकिशन की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही टिमरनी पुलिस मौके पर पहुंची। टिमरनी थाना प्रभारी मुकेश गौड़ ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए टिमरनी भिजवाया जा रहा है। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और टक्कर मारने वाले वाहन की तलाश शुरू कर दी है।
गाजियाबाद में ईद उल अजहा के मद्देनजर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने सभी विभागों के अधिकारियों के साथ एक वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में त्योहार के दौरान शहर में बेहतर व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए। मुख्य रूप से साफ-सफाई, पेयजल आपूर्ति, रोशनी और सड़कों की मरम्मत जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि त्योहारों के समय नगर निगम की जिम्मेदारी बढ़ जाती है, इसलिए सभी कर्मचारी पूरी सतर्कता के साथ काम करें। उन्होंने विशेष रूप से मुस्लिम बहुल इलाकों में सफाई व्यवस्था को मजबूत रखने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। नगर निगम की टीमों ने केला भट्टा, डासना गेट, नंदग्राम, पसौंडा, अर्थला और अन्य क्षेत्रों में एक विशेष सफाई अभियान चलाया। मस्जिदों और ईदगाहों के आसपास सफाई कराने के साथ-साथ पानी का छिड़काव भी किया गया। कई स्थानों पर सड़कों की खराब स्थिति की शिकायतें मिलने के बाद निर्माण विभाग की टीमों ने मरम्मत का काम शुरू कर दिया है, ताकि नमाज के लिए आने-जाने वाले लोगों को आवागमन में कोई दिक्कत न हो। इसके अतिरिक्त, अवशेष उठाने वाली गाड़ियों की पर्याप्त व्यवस्था करने और त्योहार के दौरान सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश भी दिए गए। नगर आयुक्त ने सभी विभागों से आपसी तालमेल के साथ काम करने और हर क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए रखने पर जोर दिया। इस बैठक में नगर निगम के सभी जोनल प्रभारी, अपर नगर आयुक्त और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ईद के दौरान शहर में साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हरदोई में समाजवादी पार्टी व्यापार सभा के प्रदेश सचिव रामज्ञान गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार गया है। सपा नेता पर सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्री और भाजपा सरकार के खिलाफ अभद्र टिप्पणी का आरोप है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। रामज्ञान गुप्ता हरदोई शहर के बिलग्राम चुंगी के पास शिवनाथ पुरी के निवासी हैं। वह समाजवादी पार्टी व्यापार सभा के प्रदेश सचिव हैं। पिछली बार सपा के टिकट पर नगर पालिका अध्यक्ष का चुनाव भी लड़ चुके हैं, जिसमें उन्हें 21,538 वोट मिले थे। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर वह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं। यह रिपोर्ट हरदोई शहर के धर्मशाला रोड स्थित बहरा सौदागर निवासी प्रियम मिश्रा ने 26 मई को दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया है कि रामज्ञान गुप्ता सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल और भाजपा सरकार के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, इन टिप्पणियों से शहर का माहौल खराब हो रहा था और सरकार की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा था। प्रियम मिश्रा ने सपा नेता पर कार्रवाई की मांग की थी। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि आरोपी रामज्ञान गुप्ता के खिलाफ सोशल मीडिया के माध्यम से भड़काऊ जानकारी और अफवाह फैलाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। बुधवार को आरोपी का चालान कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। सपा जिलाध्यक्ष शराफत अली ने कहा, यदि रामज्ञान गुप्ता ने ऐसी टिप्पणी की है, तो उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को उन पर इस तरह की कार्रवाई नहीं करनी चाहिए थी, खासकर जब 26 मई को अराजक तत्वों द्वारा शहर में लगाए गए पोस्टरों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
अररिया पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पलासी थाना क्षेत्र के पोठिया गांव से 193 ग्राम स्मैक और 44,600 रुपये नकद बरामद किए हैं। इस दौरान एक तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि अररिया पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मादक पदार्थों के अवैध व्यापार के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पलासी थाना को गुप्त सूचना मिली थी कि पोठिया निवासी राहुल यादव अपने घर पर स्मैक की बिक्री कर रहा है। सूचना में यह भी बताया गया था कि बरहट क्षेत्र से मोहम्मद अफाक समेत कुछ अन्य लोग स्मैक खरीदने पहुंचे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। पुलिस टीम ने राहुल यादव के घर की घेराबंदी की। 12 प्लास्टिक पोटलों से कुल 193 ग्राम गीला स्मैक बरामद हुईइस दौरान मुख्य आरोपी राहुल यादव घर के पीछे के दरवाजे से फरार होने में सफल रहा। हालांकि, पुलिस ने मौके से मोहम्मद अफाक नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया। घर की तलाशी के दौरान बिस्तर पर रखे 12 प्लास्टिक पोटलों से कुल 193 ग्राम गीला स्मैक बरामद हुई। इसके अतिरिक्त, नशीले पदार्थों की बिक्री से प्राप्त 44,600 रुपये नकद, एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू, एक सैमसंग मोबाइल फोन, पैकिंग के लिए चाकू-कैंची और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद अफाक (35 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मोहम्मद अक्लीम का पुत्र और बरहट वार्ड संख्या 03, थाना पलासी, जिला अररिया का निवासी है। इस संबंध में पलासी थाना में कांड संख्या 227/2026 दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारीफरार मुख्य आरोपी राहुल कुमार यादव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस अधीक्षक ने दोहराया है कि अररिया जिले से नशे के कारोबार को पूरी तरह खत्म करने के लिए अभियान को और तेज किया जाएगा। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे नशे के अवैध व्यापार की किसी भी सूचना को तुरंत पुलिस को दें।यह कार्रवाई न केवल स्थानीय स्तर पर नशे के नेटवर्क को तोड़ने में मदद करेगी, बल्कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। अररिया पुलिस का यह अभियान ‘नशामुक्त बिहार’ मिशन को नई गति प्रदान कर रहा है।
मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में बुधवार को एक घटना सामने आई, जहाँ एक्सरे कराने पहुंची एक युवती ने अस्पताल के एक्सरे कक्ष में छेड़खानी का आरोप लगाया। मोहनिया थाना क्षेत्र की एक युवती अपने चेस्ट का एक्सरे कराने के लिए अस्पताल पहुंची थी। एक्सरे कक्ष में युवती अकेली थी। आरोप है कि जैसे ही युवती एक्सरे के लिए हाथ ऊपर कर खड़ी हुई, मौके का फायदा उठाकर एक्सरे कर रहे युवक ने उसके साथ अश्लील हरकत शुरू कर दी। आरोपी युवक एक्सरे कक्ष छोड़कर मौके से फरार हो गया अपनी गरिमा पर हमला होते देख युवती तुरंत एक्सरे कक्ष से बाहर निकली और अपने परिजनों को आपबीती सुनाई। युवती की बात सुनते ही आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा खड़ा कर दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा की कमी और कर्मियों की बदनीयती के कारण युवतियां सुरक्षित नहीं हैं। हंगामे की भनक लगते ही आरोपी युवक एक्सरे कक्ष छोड़कर मौके से फरार हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तुरंत आरोपी युवक को एक्सरे कक्ष के कार्य से हटा दिया है। अस्पताल प्रबंधन ने आश्वासन दिया है कि जांच कर दोषी कर्मचारी पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा कौशल एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग ने राज्य की सभी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में दाखिले के लिए आवेदन प्रक्रिया का शेड्यूल जारी कर दिया है। इच्छुक आवेदक 2 जून से 15 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन admissions.itiharyana.gov.in पोर्टल पर किया जा सकता है। उम्मीदवारों के पास अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। पंजीकरण करते समय अपने स्वयं के मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी का उपयोग करें ताकि बाद में दाखिले के समय किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नलवा के प्रधानाचार्य सुनील सचदेवा ने बताया कि दाखिले से संबंधित सभी जानकारी विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। आवेदन में सहायता के लिए राज्य की सभी आईटीआई में हेल्पडेस्क स्थापित किए गए हैं। आवेदक अपने सभी दस्तावेजों के साथ किसी भी आईटीआई में जाकर आवेदन कर सकते हैं। आईटीआई में एडमिशन फॉर्म भरने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता है। इसके अतिरिक्त, आवेदक अपने स्तर पर या किसी भी कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर भी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के समय इन बातों का रखें ध्यान आवेदन करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि आवेदन फॉर्म में अपना नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि और अन्य जानकारियां भरते समय कोई त्रुटि न हो। संस्थान में विभिन्न व्यवसाय जैसे इलेक्ट्रिशियन, फिटर, फिटर ड्यूल, एमएएम, डीएमसी, डीएमएम, टीपीइएस, मैकेनिक इलेक्ट्रॉनिक, टर्नर, वेल्डर, वेल्डर ड्यूल, प्लंबर, वुडवर्क टेक्निशियन, आईडीडी, कॉस्मेटोलॉजी, कोपा और कोपा ड्यूल चलाए जा रहे हैं। संस्थान में कुल 540 सीटों के लिए दाखिला किया जाएगा। किसी भी व्यवसाय में दाखिला लेने वाली छात्राओं को एकमुश्त 2500 रुपए की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। साथ ही, छात्र और छात्राओं को मुफ्त बस पास की सुविधा भी उपलब्ध है। हरियाणा राज्य के अनुसूचित जाति के छात्रों और सभी वर्ग की छात्राओं को 1000 रुपये की निशुल्क टूल किट भी दी जाती है। विदेश जाने वालों का बनेगा नि:शुल्क पासपोर्ट आठवीं के बाद आईटीआई करने वाले विद्यार्थियों को हिंदी और इंग्लिश का पेपर देने के बाद भिवानी बोर्ड द्वारा 10वीं का प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। दसवीं के बाद आईटीआई करने वाले विद्यार्थियों को किसी एक विषय का पेपर (हिंदी या इंग्लिश ) देने के बाद भिवानी बोर्ड द्वारा 12वीं का प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। जो छात्र आगे पढ़ाई को जारी रखना चाहते हैं वह सीधा ग्रेजुएशन में दाखिला ले सकते हैं और पॉलिटेक्निक में सेकेंड ईयर में दाखिला ले सकते हैं। अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर बनने के इच्छुक आईटीआई पास उम्मीदवारों को 40 मार्क्स अतिरिक्त लाभ दिया जाता है। पासपोर्ट बनाने के लिए 1500 रुपए की एकमुस्त राशि भी दी जाएगी ।आईटीआई पास करने वाले छात्र स्वयं का रोजगार कर सकते हैं। उद्धमी योजना के तहत उन्हें बैंक द्वारा लोन की सुविधा भी प्रदान की जाती है। विदेश जाने के इच्छुक छात्रों को नि:शुल्क पासपोर्ट बनवाने की सुविधा प्रदान की गई है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने उदयपुर की मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी (MLSU) के फिजिक्स विभाग के प्रोफेसर महेंद्र सिंह ढाका को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने यूनिवर्सिटी द्वारा उन्हें सेवा से हटाने (रिमूवल) के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है। जस्टिस कुलदीप माथुर की एकल पीठ ने बुधवार को इस मामले में यूनिवर्सिटी और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि बिना नियमित जांच के की गई सेवामुक्ति प्रथम दृष्टया मनमानी प्रतीत होती है। प्रो. ढाका ने आज खुद पैरवी की। बता दें, करीब पांच महीने पहले यूनिवर्सिटी ने 23 दिसंबर 2025 को प्रो. ढाका की सेवाएं समाप्त कर दी थी। वैध OBC प्रमाण नहीं होने के चलते हटाया गया थाप्रोफेसर महेंद्र सिंह ढाका की नियुक्ति साल 2012 में ओबीसी (OBC) कैटेगरी के तहत एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर हुई थी। साल 2015 में उन्हें करियर एडवांसमेंट स्कीम के तहत प्रमोशन भी मिला। विवाद तब शुरू हुआ जब 2022 में राज्यपाल (कुलाधिपति) ने 2010 की भर्तियों में गड़बड़ी की शिकायतों की जांच के लिए एक कमेटी बनाई थी। इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि ढाका की नियुक्ति में नियमों का उल्लंघन हुआ। उनके पास वैध ओबीसी प्रमाण पत्र नहीं था। इसी रिपोर्ट के आधार पर यूनिवर्सिटी के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट ने उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराने और उन्हें नौकरी से हटाने का फैसला लिया। 23 दिसंबर 2025 को यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने उन्हें पद से हटाने के आदेश जारी कर दिए। प्रो.ढाका ने खुद की पैरवीप्रोफेसर ढाका ने खुद कोर्ट में पैरवी करते हुए दलील दी कि वे एक स्थायी कर्मचारी हैं। यूनिवर्सिटी के नियमों (Statute 73) के अनुसार, किसी भी नियमित कर्मचारी को हटाने से पहले एक औपचारिक अनुशासनात्मक जांच करना जरूरी है, जो इस मामले में नहीं की गई।
कोंडागांव जिले के फरसगांव नगर पंचायत में लाखों रुपये की लागत से बनाए गए ओपन जिम अब बदहाली का शिकार हो गए हैं। लोगों को फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने के उद्देश्य से स्थापित ये जिम देखरेख के अभाव में धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील होते जा रहे हैं। कई उपकरण टूट चुके हैं, उन पर जंग लग गई है और जिम परिसर झाड़ियों व गंदगी से भर गए हैं। नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 05, 06 और 07 में स्थापित ओपन जिम की स्थिति सबसे ज्यादा खराब बताई जा रही है। खासकर वार्ड क्रमांक 07 के जिम परिसर में कचरे का ढेर, उगी झाड़ियां और क्षतिग्रस्त मशीनें साफ तौर पर लंबे समय से लापरवाही की तस्वीर पेश कर रही हैं। जिस जगह सुबह-शाम लोगों की आवाजाही और व्यायाम होना चाहिए था, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। धीरे-धीरे मशीनें खराब होने लगीं स्थानीय लोगों का कहना है कि शुरुआत में कुछ दिनों तक युवाओं और बच्चों ने जिम का उपयोग किया, लेकिन धीरे-धीरे मशीनें खराब होने लगीं। समय पर मरम्मत और रखरखाव नहीं होने से लोग वहां जाना बंद कर दिए। कई मशीनों के पाइप और बोल्ट टूट चुके हैं, जिससे हादसे का खतरा भी बढ़ गया है। चुनावी वादों पर उठे सवाल वार्डवासियों ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान विकास और सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन अब जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी इस सुविधा की अनदेखी कर रहे हैं। लोगों ने सवाल उठाया कि लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई सरकारी संपत्ति की ऐसी दुर्दशा के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है। स्थानीय नागरिकों ने नगर पंचायत प्रशासन से मांग की है कि जिम परिसरों की तत्काल साफ-सफाई कराई जाए, खराब मशीनों की मरम्मत हो और नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो नगर पंचायत के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। सीएमओ बोले- सफाई के निर्देश दिए गए इस मामले में नगर पंचायत सीएमओ मयंक बसन्तवानी ने कहा कि ओपन जिम उनकी पदस्थापना से पहले लगाए गए थे। जिम परिसरों में गंदगी और झाड़ियों की जानकारी मिलने के बाद स्वच्छता टीम को तत्काल सफाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि दो-तीन दिनों के भीतर साफ-सफाई का काम पूरा करा लिया जाएगा। साथ ही खराब और अनुपयोगी उपकरणों को भी व्यवस्थित किया जाएगा, ताकि बच्चे और युवा दोबारा इनका उपयोग कर सकें।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के मंत्री लखन पटेल ने कहा है कि स्वावलंबी गौशाला नीति 2025 में परियोजनाओं के लिए कम से कम पांच हजार गौवंश को पालना पड़ेगा। इसमें से 30 प्रतिशत यानी 1500 गौवंश दुधारू नस्ल के होने चाहिए। हर 5000 गौवंश के लिए अधिकतम 125 एकड़ शासकीय भूमि उपयोग के अधिकार के आधार पर दी जाएगी। अतिरिक्त 1000 गौवंश की वृद्धि पर 25 एकड़ अतिरिक्त भूमि दी जाएगी। इसके साथ ही व्यावसायिक गतिविधियों के लिए 5 एकड़ अतिरिक्त भूमि दी जा सकेगी। उधर निराश्रित गौवंशों के लिए शासन की नीति अनुसार हर दिन हर गौवंश के लिए अनुदान राशि 40 रुपये दी जा रही है। राज्यमंत्री पटेल ने बुधवार को मंत्रालय में पशुपालन एवं डेयरी विभाग अंतर्गत गौसंवर्धन बोर्ड के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्वावलंबी गौशाला नीति 2025 गोकुल धाम स्थापना नीति अंतर्गत जारी निविदा में प्राप्त प्रस्तावों पर चर्चा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में 13 जिले रायसेन, दमोह, जबलपुर, सागर, अशोकनगर, खरगोन, रीवा, बैतूल, पन्ना, भिंड, राजगढ़, भोपाल और मंडला में प्राप्त भूमि के संबंध में जानकारी ली गई। उन्होंने कहा कि टेंडर के आधार पर 14 स्थलों के लिए प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इसमें निवेशकों की संख्या 16 और कुल भूमि 3,457 एकड़ व गौवंश की क्षमता 1,30,000 है। योजना का यह है मुख्य उद्देश्य पटेल ने कहा कि मध्यप्रदेश स्वावलंबी गौशाला (गोकुल धाम) की स्थापना की नीति 2025 का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में वृहद स्वावलंबी गौशालाओं का मॉडल तैयार करना, निराश्रित गौवंश का उपयुक्त व्यवस्थापन करना हैं जहां उन्हे संतुलित आहार, व्यवस्थित आवास एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। इसके साथ ही बजट पर न्यूनतम भार पर अधिकाधिक निराश्रित गौवंश का उपयुक्त व्यवस्थापन करना, बड़ी गौशालाओं की परियोजनाओं के माध्यम से पड़त भूमि का विकास तथा निजी भागीदारी के माध्यम से गौ-उत्पादों के निर्माण एवं विपणन की श्रृंखला तैयार करना है। इसके अलावा वैकल्पिक ऊर्जा निर्मित करने की नवीन तकनीकों के लिए निजी निवेश के लिए अनुकूल वातावरण भी तैयार करना है। दूध उत्पादन व प्रोसेसिंग उद्योग को दिया जाएगा बढ़ावा राज्यमंत्री पटेल ने कहा कि निराश्रित गौवंश के प्रबंधन, उपयोगिता वृद्धि एवं बड़े पैमाने पर व्यावसायिक इकाइयों के लिये स्वावलंबी गौशालाओं की स्थापना की जाएगी। निजी निवेश व भागीदारी के माध्यम से गोपालन, दुग्ध प्रसंस्करण, जैविक खाद, पंचगव्य, बायो-सीएनजी, औषधि व पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्नत नस्लें (गिर, साहीवाल, थारपारकर) + कृत्रिम गर्भाधान एवं सेक्सड सॉर्टड सीमेन से उच्च दुग्ध उत्पादन, गौ उत्पादों का निर्माण और विपणन की श्रृंखला तैयार की जाएगी। 30 प्रतिशत उच्च उत्पादक नस्ल की गायें, दुग्ध उत्पादन व प्रोसेसिंग उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा। गोबर व कृषि अवशेष से NPK युक्त जैविक खाद, मिट्टी की उर्वरता व उत्पादन में वृद्धि होगी। बायोगैस-CNG व सोलर ऊर्जा संयंत्र; नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहन। प्रकृति के नज़दीक रमणीक स्थानों पर स्थित गौशालाएं; प्रदर्शन, प्रबंधन व प्रोसेसिंग से पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।
शहर में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में कांग्रेस ने अनोखा प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित रघुवंशी के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल पंपों पर पहुंचकर वाहन चालकों, आम लोगों और पंप कर्मचारियों को मेलोडी टॉफी बांटी। यह प्रदर्शन केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध जताने के लिए किया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश में लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता परेशान है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का असर केवल वाहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव खाद्य सामग्री, परिवहन और रोजमर्रा की जरूरतों पर भी पड़ रहा है, जिससे आम आदमी की जेब पर लगातार बोझ बढ़ रहा है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित रघुवंशी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ देश की जनता महंगाई से त्रस्त है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री विदेश दौरों के दौरान दूसरे देशों के नेताओं को मेलोडी टॉफी खिलाते नजर आते हैं। कांग्रेस ने इसी को प्रतीक बनाकर मेलोडी टॉफी बांटते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर व्यंग्य किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से पेट्रोल-डीजल के दामों में तत्काल राहत देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आने के बावजूद देश में आम जनता को उसका लाभ नहीं मिल रहा है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महंगाई कम करो और पेट्रोल-डीजल के दाम वापस लो जैसे नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ईंधन की कीमतों में कमी नहीं की गई, तो पार्टी सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी। इस प्रदर्शन में जिला कांग्रेस के कई पदाधिकारी, युवा कांग्रेस कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।
सीकर में लाठी-सरियों से हमला, VIDEO रास्ते के विवाद में 2 पक्षों में मारपीट, सदर थाने में क्रॉस मुकदमे दर्ज सीकर जिले के सदर थाना इलाके के मंडावरा की तन में स्थित कुल्हरियों की ढाणी में रास्ते के विवाद को लेकर एक ही परिवार के दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। लाठी, डंडे और धारदार हथियारों से लैस एक पक्ष के लोगों ने घर में घुसकर हमला किया, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित पक्ष के मदनलाल को सीकर के SK अस्पताल में फर्स्ट ऐड के बाद जयपुर के एसएमएस SMS अस्पताल रेफर करदोया गया। घटना के बाद दोनों पक्षों ने सदर थाने में एक-दूसरे के खिलाफ क्रॉस मुकदमे दर्ज करवाए हैं। मारपीट का CCTV फुटेज भी सामने आया है। जिसमें पार्वती देवी के पक्ष के मुकेश प्रियंका समेत अन्य लोग मदनलाल व जगदीश के परिवार पर हमला करते नजर आ रहे हैं। दोनों मुकदमों की जांच ASI नरेश कुमार को दी गई है। 52 वर्षीय मदनलाल कुल्हरी पुत्र स्वर्गीय भानाराम ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि गत 25 मई की रात करीब 10 बजे पूरा परिवार गाड़ी से घर लौट रहा था। तभी रास्ते में भतीजे मुकेश कुमार, भाभी पार्वती देवी और मुकेश की पत्नी प्रियंका ने गाड़ी रुकवा ली और उस रास्ते से गुजरने को लेकर झगड़ा करने लगे। विवाद बढ़ता देख बड़ा भाई जगदीश दूसरे रास्ते से मदनलाल के घर आ गया। इसी बीच मुकेश, प्रियंका, पार्वती, झाबर और कुलदीप गाली-गलौज करते हुए मदनलाल के घर में घुस गए। मदनलाल का भतीजा महेंद्र और उसकी पत्नी विमला भी घर के अंदर थे। इसी दौरान पूर्व नियोजित साजिश के तहत पीछे के रास्ते से राजकुमार, चंद्रप्रकाश उर्फ सीपी और एक अज्ञात शख्स हाथों में मोटे लट्ठ लेकर आए और पोर्च में महेंद्र के सिर और शरीर पर ताबड़तोड़ वार करने लगे। बीच-बचाव करने आई मदनलाल की पत्नी भगवती देवी और महेंद्र की पत्नी विमला को भी बेरहमी से पीटा गया। मदनलाल का आरोप है कि आरोपियों ने उसकी पत्नी को जबरन घसीटा, कपड़े फाड़ दिए और गले से 2 तोले की सोने की चेन तोड़कर ले गए। मदनलाल ने रिपोर्ट दी है कि आरोपी प्रहलाद सिंह ने क्षेत्र में एक भूमाफिया गिरोह बना रखा है, जिसके पास '8151' सीरीज की गाड़ियां हैं। प्रहलाद सिंह अपने साथियों के साथ फॉर्च्यूनर गाड़ी में मेधाराम मास्टर के घर से लट्ठ और धारदार हथियार लेकर आया था। मदनलाल का आरोप है कि आरोपी उनका मकान हड़पना चाहते हैं और सालभर से धमकियां दे रहे थे। मदनलाल ने बताया कि आरोपियों ने उसे जबरदस्ती किडनैप किया और घर के बाहर अंधेरे में ले जाकर जमीन पर पटक दिया। वहां पहले से मौजूद सुरेंद्र, प्रकाश और अन्य 5-6 लोगों ने धारदार हथियारों से मुझ पर जानलेवा हमला किया। आरोपी उसे मरा हुआ समझकर रास्ते पर अवैध गेट का ताला लगाकर भाग गए। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दूसरे रास्ते से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। मदनलाल की पत्नी भगवती अभी भी सीकर के अस्पताल में भर्ती है। मदनलाल की रिपोर्ट पर सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। वहीं दूसरी ओर, इसी मामले में दूसरे पक्ष की ओर से 57 वर्षीय पार्वती देवी ने भी सदर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। पार्वती देवी ने मदनलाल के पक्ष पर मारपीट और अभद्रता के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्वती देवी ने अपनी शिकायत में कहा कि 25 मई की रात 10 बजे देवर जगदीश रास्ते की बात को लेकर अचानक गाली-गलौज करने लगा। जब पार्वती ने विरोध किया, तो जगदीश ने उनके साथ धक्का-मुक्की की, उनकी ओढ़नी खींचकर अलग कर दी और घुटने व हाथ पर तेज लात-घूंसे मारे। शोर सुनकर जब पार्वती का छोटा बेटा मुकेश और बहू प्रियंका उन्हें बचाने आए, तो जगदीश ने अपनी वैगनआर (WagonR) गाड़ी से मुकेश को कुचलने का प्रयास किया। पार्वती देवी का आरोप है कि कुछ देर बाद उनका देवर जगदीश पीछा करते हुए गाली देता हुआ आया। वहां पहले से मौजूद मदनलाल और उनका बड़ा बेटा महेंद्र भी उनके घर के अंदर जबरन घुस आए। आरोपियों ने पार्वती देवी को घर के अंदर से घसीटते हुए बाहर निकाला और लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। पार्वती देवी ने रिपोर्ट दी है कि मारपीट करते हुए मदनलाल और जगदीश ने धमकी दी कि कोर्ट में जितने भी जमीन-जायदाद के केस चल रहे हैं, वे सब वापस ले लो, नहीं तो जान से मार देंगे। पार्वती देवी की रिपोर्ट पर सदर थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है।
संभल की कल्कि नगरी में पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन ठाकुरजी का विवाह उत्सव मनाया गया। बुधवार को कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मौहल्ला ठेर स्थित श्री गोपाल धर्मशाला में कथा व्यास आचार्य आनंद दास महाराज ने कंस मर्दन लीला, उद्धव गोपी संवाद, रुक्मणी मंगल की कथा और महारास का वर्णन किया। वृंदावन धाम से पधारे आचार्य आनंद दास महाराज ने महारास का सुंदर प्रसंग सुनाया। उन्होंने बताया कि इस दौरान चंद्रमा छह माह के लिए रुक गया था। कथा में नारद मुनि के श्याम सुंदर के पास क्रोध में आने और उनके अवतार के उद्देश्य पर प्रश्न करने का भी वर्णन किया गया। नारद ने कहा कि कृष्ण का अवतार गोपियों, ग्वालों, गइयों और ब्रज वासियों को सुख देने के लिए हुआ था। कथा के छठे दिन विजयकांत तिवारी एवं सुषमा तिवारी यजमान रहे। इस अवसर पर पंडाल को दुल्हन की तरह सजाया गया था। भक्तगण बराती बनकर पहुंचे और भगवान कृष्ण के भजनों पर झूमते दिखे। मनोज गुप्ता ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का यह छठा दिन था, जो ठाकुरजी के विवाह उत्सव को समर्पित था। उन्होंने कहा कि पूरा वातावरण कृष्णमय और राधामय हो गया था। इस दौरान डॉ. मूलचंद्र दालभ, अजय गुप्ता, शुभम गुप्ता, मयंक गुप्ता, पंकज अग्रवाल, अजय रस्तोगी, उत्सव गुप्ता, चंदन मिश्रा, समीर गुप्ता, रामकिशन ठकराल, शरद चंद्र भारद्वाज, पंडित अवनीश शास्त्री, प्रदीप गुप्ता, मनीष गुप्ता, मुदिता गुप्ता, ज्योति कौशिक, प्रमिला गुप्ता, योगिता गुप्ता, अनुराधा गुप्ता, मीनल गुप्ता, मीनू रस्तोगी, रजनीकांता चौहान सहित कई भक्तगण उपस्थित रहे।
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कहा- हर साल गर्मी के मौसम में पेयजल संकट की स्थिति बनती है, लेकिन पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार ने समय रहते पर्याप्त तैयारियां नहीं कीं। जल जीवन मिशन के कार्य पहले ही पूरे हो जाने चाहिए थे, जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान को अरबों रुपये उपलब्ध करवाए थे, लेकिन भ्रष्टाचार के कारण योजनाएँ प्रभावित हुईं। मंत्री मदन दिलावर ने कहा- पूर्व सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार का माहौल था और इसी वजह से प्रदेश के कई क्षेत्रों में आज पेयजल संकट बना हुआ है। हालांकि वर्तमान सरकार तेजी से व्यवस्थाओं को सुधारने में लगी हुई है और जल्द ही लोगों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जाएगा। जोधपुर में मंत्री मदन दिलावर बुधवार को दौरे पर रहे। इस दौरान कई कार्यक्रमों में भाग लिया। सर्किट हाउस में जनसुनवाई के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने ये बातें कहीं। निकाय चुनाव में सभी पहलुओं को देखकर लेंगे निर्णय निकाय चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि कोर्ट की ओर से समय-समय पर निर्देश दिए जा रहे हैं और सरकार सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि जो भी संवैधानिक और कानूनी रूप से संभव होगा, सरकार उसी के अनुरूप कार्य करेगी। थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादले पॉलिसी के बाद होंगे शिक्षा विभाग में तबादलों को लेकर मदन दिलावर ने कहा कि सरकार पहले ही हजारों शिक्षकों, व्याख्याताओं और प्राचार्यों के तबादले कर चुकी है। उन्होंने बताया कि थर्ड ग्रेड शिक्षकों का जिला कैडर होने के कारण तबादलों में तकनीकी और वरिष्ठता संबंधी समस्याएँ आती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार नई ट्रांसफर पॉलिसी पर विचार कर रही है। कई शिक्षक डेपुटेशन की मांग इसलिए करते हैं ताकि उनकी वरिष्ठता प्रभावित न हो। सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार कर रही है और जल्द ही नई ट्रांसफर पॉलिसी लागू की जाएगी, जिसके बाद नियमों के तहत तबादले किए जाएंगे। नेट के मामले में दोषियों को नहीं बख्शेंगे नीट मामले पर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा- जिन लोगों ने भ्रष्टाचार किया है, उनके खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और कई आरोपी पहले ही जेल जा चुके हैं। गिरते भूजल स्तर को रोकना बड़ी चुनौती मदन दिलावर ने जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर दिया। वर्तमान समय में गिरते हुए भूजल स्तर को रोकना सबसे बड़ी चुनौती है और इसके लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। वर्षा जल संरक्षण, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और पौधारोपण ही भविष्य में जल संकट से बचने का सबसे बड़ा समाधान है। यदि वर्षा के पानी को संरक्षित कर धरती में रिचार्ज किया जाए तो भूजल स्तर बढ़ेगा, जमीन में नमी बनी रहेगी और वनस्पतियों के साथ जीव-जंतुओं का जीवन भी सुरक्षित रहेगा। इससे हैंडपंप, ट्यूबवेल और नलों में पानी की उपलब्धता आसान होगी तथा किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा। मंत्री ने चारागाह के विकास और अधिक से अधिक पौधारोपण पर भी जोर देते हुए कहा कि पेड़ वर्षा को आकर्षित करने, तापमान कम करने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आमजन से जल बचाने, वर्षा जल संरक्षण अपनाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने का आह्वान किया।
खगड़िया के परबत्ता प्रखंड अंतर्गत अगुवानी गंगा घाट पर बुधवार को एक महिला ने अपनी तीन वर्षीय बच्ची के साथ गंगा नदी में छलांग लगा दी। स्थानीय लोगों और राहगीरों की तत्परता से महिला और बच्ची दोनों की जान बचा ली गई। यह घटना अगुवानी गंगा घाट स्थित उपधारा पर बने लोहे के पुल से हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला के नदी में कूदते ही आसपास मौजूद लोग तुरंत गंगा में उतर गए। काफी मशक्कत के बाद दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना की सूचना तत्काल डायल 112 पुलिस टीम को दी गई। डायल 112 टीम के पदाधिकारी तेजनारायण सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और महिला को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परबत्ता पहुंचाया। परिजनों को भी घटना की सूचना दी प्राथमिक उपचार के बाद महिला को परबत्ता थाना को सुपुर्द कर दिया गया। उसकी पहचान मुंगेर जिले के हरिणमार थाना क्षेत्र अंतर्गत विष्णुपुर गांव निवासी 22 वर्षीय सुनैना कुमारी के रूप में हुई है। उसके पति मिथुन कुमार मजदूरी करते हैं। महिला के साथ उसकी तीन वर्षीय पुत्री सृष्टि कुमारी भी थी। बताया गया कि घर पर उसकी तीन महीने की एक और बच्ची है। परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है। सुनैना कुमारी ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही उसे ससुराल में लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। उसने पति और सास द्वारा मारपीट किए जाने तथा घर का सामान तोड़कर घर से निकाल देने की बात कही। महिला ने बताया कि उसने वर्ष 2022 में प्रेम विवाह किया था। आर्थिक तंगी और पारिवारिक कलह से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। पूरे मामले की जांच में जुट गई पुलिस सुनैना कुमारी का मायका गोगरी थाना क्षेत्र के इटहरी गांव में है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुट गई है। यह घटना घरेलू प्रताड़ना और आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवारों की समस्याओं को एक बार फिर उजागर करती है।
वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर इबोला वायरस को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संक्रमण फैलने की खबरों के बीच एयरपोर्ट प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर नजर आ रहे हैं। विदेशों से आने वाले सभी यात्रियों की एयरपोर्ट हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (APHO) की टीम द्वारा स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही यात्रियों की ट्रैवल हिस्ट्री और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। स्क्रीनिंग के दौरान यदि किसी यात्री में बुखार, कमजोरी या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देते हैं तो तत्काल स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के तहत कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात है और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा एयरपोर्ट प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विदेशों से आने वाले सभी यात्रियों की जांच की जा रही है और स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। वहीं बड़ागांव स्वास्थ्य प्रभारी डॉ. शेर मोहम्मद ने बताया कि फिलहाल इबोला वायरस को लेकर कोई नई गाइडलाइन जारी नहीं हुई है, लेकिन एपीएचओ टीम लगातार निगरानी और स्क्रीनिंग का कार्य कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से स्वर्ण (सोना) न खरीदने की अपील के बाद, देशभर के सर्राफा कारोबारियों पर रोजी-रोटी का संकट मंडराने लगा है। भारत में लगभग साढ़े तीन करोड़ छोटे-बड़े सर्राफा व्यापारी हैं, जिनकी आजीविका पर इस निर्णय का सीधा असर पड़ा है। व्यवसाय में पहले से चल रही मंदी और अब सरकारी अपील के बाद कारोबारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। अभिलाष वर्मा ने बताया- छोटी दुकानों पर अस्तित्व का खतराइंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अभिलाष वर्मा ने कहा कि यह कॉन्क्लेव अपने आप को कॉरपोरेट जगत के सामने खड़ा रखने की बड़ी चुनौती है। धीरे-धीरे छोटे सर्राफों की रिटेलिंग कमजोर हो रही है, क्योंकि ग्राहक अब रिलायंस और कल्याण जैसे बड़े शोरूमों की ओर रुख कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थितियां नहीं बदलीं, तो आने वाले समय में छोटी दुकानें बंद हो जाएंगी और सर्राफा व्यवसाय चंद हाथों में सिमटकर रह जाएगा। असित रस्तोगी ने गिनाईं परेशानियां- बिल से लेकर इनकम टैक्स तकअखिल भारतीय बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के बरेली महानगर महामंत्री असित रस्तोगी ने कहा कि वे प्रधानमंत्री के आह्वान का समर्थन करते हैं, लेकिन इस बीच व्यापारी भाईयों के सामने कई परेशानियां भी हैं। उन्होंने बताया कि जब सेल नहीं होगी, तो बिल नहीं बनेंगे और बिलिंग कम होने से जीएसटी व इनकम टैक्स विभाग से नोटिस आने शुरू हो जाएंगे। इसके अलावा, बैंकिंग सिस्टम भी टर्नओवर बढ़ाने का दबाव बना रहा है, जिससे 90 प्रतिशत व्यापारियों की लिमिट या ओडी (OD) पर खतरा है। पवन वर्मा ने साफ किया- समस्याओं के हल के लिए मंथनइंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के पवन वर्मा ने जानकारी दी कि 'इब्ज़ा कॉन्क्लेव' के नाम से यह एक दिवसीय कार्यशाला 28 मई को शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक होटल रामादा, बरेली में आयोजित की जा रही है। इसमें देशभर से बुलियन एवं ज्वेलर्स व्यापारी जुड़ेंगे। कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य इन सभी समस्याओं को एक मंच पर रखकर संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी बात रखना है, ताकि स्वर्णकारों के सामने मौजूद इस संकट के समाधान का कोई रास्ता निकाला जा सके।इन व्यापारियों के अलावा, इस आयोजन में कई अन्य पदाधिकारी जैसे कृष्ण गोपाल रस्तोगी, दया शंकर वर्मा, सौरभ अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, मनोज कुमार रस्तोगी आदि भी अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
महिला-बच्ची की मौत, तीन घायल:मैनपुरी में टायर फटने से कार अनियंत्रित होकर सड़क से उतरी
मैनपुरी के एलाऊ थाना क्षेत्र में बुधवार शाम एक सड़क हादसे में एक महिला और एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। यह हादसा कार का टायर फटने से हुआ, जिससे कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई। जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम करीब 7 बजे एलाऊ थाना क्षेत्र के पास यह घटना हुई। मैनपुरी से कुसमरा की ओर जा रही एक कार का अचानक टायर फट गया। कार में लगभग पांच लोग सवार थे, जो किसी काम से कुसमरा जा रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और कार में फंसे घायलों को बाहर निकाला। थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान रमा देवी और 8 वर्षीय प्रियांशी की मौत हो गई। पुष्पा देवी, यशोदा और रीता देवी का इलाज अभी जारी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
खरगोन में गुरुवार को बकरी ईद त्यौहार के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। स्थानीय ईदगाह में विशेष नमाज अदा की जाएगी। पुलिस ने शहर सहित जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला। कलेक्टर भव्या मित्तल और एसपी रवींद्र वर्मा के निर्देश पर एडिशनल एसपी शकुंतला रूहल, एसडीओपी रोहित लखारे और कोतवाली थाना प्रभारी बीएल मंडलोई ने पुलिस बल के साथ संवेदनशील इलाकों का पैदल भ्रमण किया। इस फ्लैग मार्च में कोतवाली थाना और पुलिस लाइन के बल के साथ वज्र वाहन और घोड़ा पुलिस भी शामिल थी। एसपी रवींद्र वर्मा ने बताया कि हर थाना क्षेत्र में फ्लैग मार्च के साथ एरिया डॉमिनेशन की कार्रवाई की गई है। पुलिस ने सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया और होटल, लॉज तथा ढाबों की भी जांच की। विशेष रूप से पुलिस सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रख रही है। शांति समिति की बैठक में लोगों को सोशल मीडिया पर किसी भी तरह के भड़काऊ पोस्ट करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। गुरुवार सुबह 7:30 बजे बड़ी ईदगाह और छोटी ईदगाह में विशेष नमाज अदा की जाएगी। इसके बाद 8 बजे तालाब चौक स्थित मस्जिद और 8:30 बजे दारुल उलूम में भी विशेष नमाज होगी। ईदगाह क्षेत्र और मुस्लिम बस्तियों में साफ-सफाई और पानी की उचित व्यवस्था की गई है।
बकरीद से पहले गाजियाबाद पुलिस अलर्ट:वेव सिटी में फ्लैग मार्च, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
गाजियाबाद में बकरीद त्योहार से पहले पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में बुधवार को एसीपी प्रियाश्री पाल ने वेव सिटी क्षेत्र में पुलिस बल के साथ लगभग 5 किलोमीटर का फ्लैग मार्च किया। यह फ्लैग मार्च डासना क्षेत्र के कई इलाकों से होकर गुजरा। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाना और त्योहार के दौरान शांति व सौहार्द बनाए रखना है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से भाईचारे के साथ त्योहार मनाने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस टीम ने बाजारों, मुख्य सड़कों और संवेदनशील इलाकों का दौरा किया। अधिकारियों ने बताया कि बकरीद को देखते हुए जिले में जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहेगा। भीड़भाड़ वाले इलाकों, बाजारों और प्रमुख स्थानों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे ताकि कोई अव्यवस्था न हो। इसके साथ ही पुलिस सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रख रही है। किसी भी भ्रामक पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रशासन का लक्ष्य गाजियाबाद में त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराना है।
शाजापुर पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार शाम करीब 7 बजे ग्राम बक्सुखेड़ी में अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। शासकीय स्कूल परिसर के पास अवैध रूप से बेची जा रही शराब की सूचना पर टीम ने दबिश देकर भारी मात्रा में मदिरा जब्त की है। स्कूल के पास संचालित था अवैध बिक्री केंद्र शाजापुर एसडीएम मनीषा वास्कले, तहसीलदार गौरव पोरवाल और कोतवाली थाना प्रभारी संतोष बाघेला की टीम ने लाहौरी मार्ग स्थित बक्सुखेड़ी में छापा मारा। यहां स्कूल के पास ही अवैध शराब का केंद्र संचालित पाया गया, जहां से पुलिस ने विभिन्न ब्रांड की शराब बरामद की। देशी-विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद कार्रवाई के दौरान मौके से देशी शराब के 59 पाव, मसाला शराब के 14 पाव, बियर की 12 बोतल, रम के 2 पाव, 8 पीएम के 2 पाव और लंदन प्राइड शराब के 6 पाव जब्त किए गए। पुलिस ने पूरी सामग्री को कब्जे में लेकर आरोपियों पर आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है। नशे के अवैध कारोबार पर होगी सख्ती एसडीएम मनीषा वास्कले ने बताया कि शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नशे का कारोबार किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जिले में अवैध शराब विक्रय के खिलाफ यह विशेष अभियान निरंतर जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
NEET सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों के विरोध में बुधवार को एनएसयूआई (NSUI) की जालोर जिला इकाई ने प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष सुष्मिता गर्ग के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर रोष जताया और मांगें पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में एनएसयूआई ने कहा कि देश और राज्य में लगातार हो रहे पेपर लीक से मेहनती और ईमानदार युवाओं का भविष्य अंधकार में डूब गया है। सालों तक तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों का अब परीक्षा प्रणाली से विश्वास उठता जा रहा है। इन घटनाओं के कारण योग्य युवाओं को भारी मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान और बेरोजगारी झेलनी पड़ रही है, जो पूरी शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। दोषियों पर कार्रवाई की मांगप्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई करने, परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने, प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय देते हुए फिर से निष्पक्ष परीक्षा का अवसर देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बार-बार परीक्षाएं स्थगित करना बंद हो, जिससे छात्र डिप्रेशन का शिकार न हों। इनकी रही मौजूदगीइस प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जयपाल सिंह, अंबाराम मीणा, गणेश गुर्जर, पीरूसिंह सुराणा, शैलेश कुमार, गुलाब कनिया, राजेंद्र सिंह, महिपाल सिंह, रोशन गुर्जर, महेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, सुरेन्द्र यादव, पहलाद कुमार, देसराज गुर्जर, अयूब खान, मनीष, इमरान खान, विक्रम गोयल, फोजू मेघवाल, आकाश मेघवाल, धनवंत राणा, सदाम खान, भरत कुमार, हिमांशु और उत्तम कुमार सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
बलिया में बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने गुरुवार शाम शहर में संयुक्त फ्लैग मार्च किया। अधिकारियों ने फ्लैग मार्च के दौरान प्रमुख बाजारों, संवेदनशील इलाकों और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। यह फ्लैग मार्च विशुनपुर चौराहा से शुरू होकर रेलवे स्टेशन, मालगोदाम रोड होते हुए बालेश्वर मंदिर तक गया। बकरीद पर्व को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद इस दौरान आमजन से शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखते हुए त्योहार मनाने की अपील की गई। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बताया कि बकरीद पर्व को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने जानकारी दी कि जनपद के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही, सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। फ्लैग मार्च में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
उदयपुर के फतहनगर क्षेत्र में बीती रात सादी वर्दी में चोर पकड़ने गए पुलिसकर्मियों के साथ ग्रामीणों ने चोर समझ कर हमला कर दिया। चे चिल्लाते रहे कि चोरों को पकड़ने के लिए सादी वर्दी में आए है और वे पुलिसकर्मी है। इस बीच फतहनगर पुलिस ने इस मामले में राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज किया है। फतहनगर पुलिस थाने के तीन कांस्टेबल मंगलवार की रात सूचना मिलने पर सादी वर्दी व प्राइवेट गाड़ी में निकटवर्ती ग्राम वासनीखुर्द चोरों को पकड़ने के लिए गए थे। उनके मन में था कि पुलिस की गाड़ी देखकर चोर भाग जाएंगे इसलिए वे तीनों सादी वर्दी में गए थे। इस बीच गांव में चोरी की घटना को लेकर लोग भी अलर्ट थे और निजी गाड़ी देखकर उनको लोग चोर है तो उनमें से कुछ लोगो ने सादी वर्दीधारी कांस्टेबलों पर हमला कर दिया। हमले में एक कास्टेबल रणजीत के सिर में चोट आई। पुलिस ने गांव के चार लोगो के खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने व मारपीट करने का मामला दर्ज किया। फतहनगर थानाधिकारी चंद्रशेखर खिलानिया ने बताया कि रात को मावली के मीणा पाड़ा में अज्ञात चोरों द्वारा चोरी करके भागने की जानकारी मिली थी जिस पर चोर मावली से ही सटी फतहनगर की सीमा में कोई वारदात नही कर दे इस प्रयास में फतहनगर थाने में तीन कास्टेबल सोनू, हरिओम व रणजीत चोरों को पकडने के लिए सादी वर्दी में निजी गाड़ी से क्षेत्र का दौरा कर रहे थे। थानाधिकारी ने बताया कि इस दौरान वे वासनीखुर्द पहुंचे जंहा तीनों को देखकर गाव वाले इकट्ठा हो गये। पुलिस कर्मियों ने बताया था कि वे चोर नही पुलिस है परन्तु गांव के कुछ शरारती तत्वों ने पुलिसकर्मियों पर ही हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि गाव के चुन्नीलाल, रमेश, खेमराज व शांतिलाल के खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने व मारपीट करने का प्रकरण दर्ज किया है। इनपुट : दीपक अग्रवाल, फतहनगर
डबवाली पुलिस ने गांव मौजगढ़ में नशा मुक्ति पर एक जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। पुलिस अधीक्षक जसलीन कौर के मार्गदर्शन में हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और नशा मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एसपी जसलीन कौर ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बादी की ओर धकेलता है। एसपी ने युवाओं को नशे से बचाने को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। एसपी ने स्पष्ट किया कि नशा तस्करी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि डबवाली पुलिस नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। एसपी ने लोगों से अपील की कि वे नशा तस्करी या अवैध बिक्री से संबंधित जानकारी मानस पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर 1933, पुलिस मोबाइल नंबर 9138999748 या नजदीकी थाना-चौकी में दें। उन्होंने सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन दिया। नि:शुल्क दवाईयों का वितरण कार्यक्रम के दौरान नशा पीड़ितों को नि:शुल्क दवाइयां वितरित की गईं। उन्हें स्वस्थ जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया और ग्रामीणों को नशे के खिलाफ शपथ भी दिलाई गई। नागरिक अस्पताल डबवाली के चिकित्सकों ने ग्रामीणों को नशे से होने वाले शारीरिक और मानसिक नुकसान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने उपचार और परामर्श सेवाओं के प्रति भी जागरूक किया। इस अवसर पर डीएसपी मुख्यालय योगेश कटारिया, थाना सदर प्रभारी शैलेंद्र कुमार, नशा मुक्ति टीम प्रभारी सुग्रीव सिंह, स्वैट टीम प्रभारी मदनलाल और गांव मौजगढ़ के सरपंच प्रिंस बिश्नोई सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। ग्रामीणों ने पुलिस के नशा विरोधी अभियान की सराहना की और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। सरपंच ने किया खुलासा गांव मौजगढ़ में आयोजित नशा मुक्ति कार्यक्रम के दौरान गांव के सरपंच प्रिंस बिश्नोई ने चौंकाने वाला खुलासा किया। सरपंच ने पुलिस और प्रशासन के सामने स्वीकार किया कि गांव में नशे की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। उन्होंने बताया कि गांव के करीब 30 युवा इंजेक्शन के जरिए नशा कर रहे हैं, जबकि लगभग 450 युवा मेडिकल नशे की चपेट में हैं। सरपंच के इस बयान से कार्यक्रम में मौजूद अधिकारी और ग्रामीण भी गंभीर नजर आए। ग्रामीणों ने दिया पुलिस को सहयोग का भरोसा सबसे अहम बात यह रही कि पंचायत ने पुलिस अधीक्षक जसलीन कौर के समक्ष साफ कहा कि गांव का कोई भी व्यक्ति नशा तस्करों की पहचान सार्वजनिक रूप से नहीं करेगा। इससे गांव में फैले डर और नशा तस्करों के प्रभाव की स्थिति भी सामने आई। हालांकि पंचायत और ग्रामीणों ने नशा मुक्त अभियान में पुलिस का सहयोग करने का भरोसा भी दिलाया। कार्यक्रम में डबवाली पुलिस ने लोगों से गोपनीय तरीके से सूचना देने की अपील की और भरोसा दिलाया कि सूचना देने वालों की पहचान सुरक्षित रखी जाएगी।
महराजगंज जिला अस्पताल में भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के कारण उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन और बुखार के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. पवन कुमार सिंह ने बताया कि गर्मी के मौसम में बरती गई लापरवाही लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। उन्होंने जानकारी दी कि इन मरीजों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या सर्वाधिक है। डॉ. सिंह ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि तेज धूप और गर्म हवाओं से बचना अत्यंत आवश्यक है। उनकी सलाह है कि पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें, बाहर निकलते समय पूरे शरीर को ढकने वाले सूती कपड़े पहनें और अनावश्यक रूप से धूप में निकलने से बचें। इसके अतिरिक्त, डॉ. सिंह ने बासी भोजन और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करने की भी सलाह दी। चिकित्सकों के अनुसार, समय पर उपचार और उचित सतर्कता बरतने से गर्मी जनित बीमारियों से बचाव संभव है। जिला अस्पताल प्रशासन ने भी आम जनता से अपील की है कि स्वास्थ्य संबंधी कोई भी परेशानी होने पर वे तत्काल अस्पताल पहुंचें और चिकित्सकीय परामर्श लें।
मिलते-जुलते नाम की फर्जी फर्म बनाई:1.55 करोड़ की हेराफेरी की, भोपाल EOW ने 7 आरोपियों पर दर्ज की FIR
भोपाल आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने राजधानी स्थित शासकीय श्रमोदय आवासीय विद्यालय में मेस भुगतान के नाम पर फर्जीवाड़े के खिलाफ खुलासा किया। 1 करोड़ 55 लाख 49 हजार 498 रुपए की धोखाधड़ी के मामले में 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इस मामले में फर्जीवाड़े के कथित मास्टरमाइंड गौरव शर्मा, फर्जी फर्म संचालक हर्ष सरजानी, कर्मचारी कुलदीप शुक्ला, विद्यालय के तत्कालीन प्राचार्य विजय सिंह महोदिया, संतोष सिंह सिसोदिया, वीरेन्द्र दुबे तथा तत्कालीन लेखापाल लीना विश्वकर्मा को आरोपी बनाया गया है। जांच में सामने आया कि वर्ष 2021 में मध्य प्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा प्रदेश के चार श्रमोदय विद्यालयों- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में मेस संचालन के लिए टेंडर जारी किए गए थे। भोपाल और इंदौर के विद्यालयों का ठेका “कलका फूड मैनेजमेंट सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड” कंपनी को मिला था। कंपनी विद्यार्थियों को भोजन उपलब्ध कराती थी और भुगतान उसके बैंक ऑफ बड़ौदा, गोवा स्थित खाते में किया जाता था। EOW जांच में खुलासा हुआ कि वर्ष 2023 में कंपनी में सुपरवाइजर के रूप में कार्यरत गौरव शर्मा ने सुनियोजित तरीके से फर्जीवाड़े की साजिश रची। उसने असली कंपनी के नाम से “प्राइवेट लिमिटेड” शब्द हटाकर “कलका फूड मैनेजमेंट सर्विसेस” नाम से फर्जी फर्म तैयार कराई। यह फर्म उसके परिचित हर्ष सरजानी के नाम पर बनाई गई और उसका खाता एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, इंदौर में खुलवाया गया। फर्जी हेटरहेड तैयार किया जांच में यह भी सामने आया कि 27 जून 2024 को गौरव शर्मा ने फर्जी लेटरहेड तैयार कर कर्मचारी कुलदीप शुक्ला के माध्यम से स्कूल की अकाउंटेंट लीना विश्वकर्मा को बैंक खाता बदलने संबंधी पत्र सौंपा। इसमें भविष्य के सभी भुगतान नए खाते में करने की जानकारी दी गई। EOW के अनुसार लेखापाल लीना विश्वकर्मा ने बिना वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति लिए बैंक खाता बदल दिया। भुगतान स्वीकृति की नोटशीट में असली कंपनी “कलका फूड मैनेजमेंट सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड” का नाम लिखा जाता था, लेकिन चेक जारी करते समय “प्राइवेट लिमिटेड” शब्द हटाकर राशि फर्जी फर्म के खाते में ट्रांसफर की जाती रही। जांच में विद्यालय के तत्कालीन प्राचार्य विजय सिंह महोदिया, संतोष सिंह सिसोदिया और वीरेन्द्र दुबे की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर फर्जी चेकों पर हस्ताक्षर किए और करोड़ों रुपये फर्जी खाते में ट्रांसफर होने दिए। EOW जांच में यह भी चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि बैंक खाता परिवर्तन का आधिकारिक पत्र जून 2024 में दिया गया था, जबकि फर्जी खाते में पहला भुगतान अक्टूबर 2023 में ही कर दिया गया था। फरवरी 2025 में हुआ था मामले का खुलासा EOW ने सभी सात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS-2023) की धारा 61(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
रायपुर कमिश्नरेट के सभी 21 थानों के मालखानों को एडवांस और डिजिटल बनाया जा रहा है। शुरुआत सिटी कोतवाली थाने से हुई है। जब्त किए गए हर सामान पर यूनिक बारकोड लगाया जा रहा। बारकोड स्कैन करते ही यह तुरंत पता चल सकेगा कि संबंधित सामान किस केस से जुड़ा है, उसे कब जब्त किया गया और मालखाने में वह किस स्थान पर रखा गया है। चेन ऑफ कस्टडी मजबूत होगी। खास बात ये है कि ये पूरा सिस्टम जिस सॉफ्टवेयर पर रन होगा उसे छत्तीसगढ़ कैडर के IPS अधिकारी रॉबिन्सन गुड़िया ने डेवलेप किया है। रॉबिन्सन अभी नारायणपुर एसपी हैं। भास्कर ने सिटी कोतवाली के मालखाने में पहुंचकर इस सॉफटवेयर के वर्किंग पैटर्न, फायदे और महत्व को समझा। पढ़िए ये रिपोर्ट… पहले देखिए ये तस्वीरें- सबसे पहले मालखानों की अहमियत समझिए मालखाना किसी भी आपराधिक मामले में सबूतों की सुरक्षा और विश्वसनीयता से सीधे जुड़ा होता है। अपराध से जुड़े जब्त सामान, हथियार, नकदी, ड्रग्स, दस्तावेज सबकुछ यहां सुरक्षित रखे जाते हैं। इन्हीं जब्त माल को बाद में कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश किया जाता है। यानी यहां रखे हर सामान से केस का सीधा कनेक्शन होता है। इनमें छेड़छाड़ यानी केस सीधा प्रभावित। लेकिन दिक्कत यह है कि भारत के थानों में जगह की कमी है। मालखानों में इतने सबूत या माल जमा हो गए हैं कि इन्हें संभालना मुश्किल है। ये बात मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर ने भी अपनी रिपोर्ट में मानी है। और मालखाने में रखा कोई भी जब्त सामान तब तक डिस्पोज, नष्ट, नीलाम या वापस नहीं किया जा सकता, जब तक उससे जुड़े केस में कानूनी प्रक्रिया पूरी न हो जाए या अदालत से अनुमति न मिल जाए। बार कोड से काम हो जाएगा आसान इस प्रोजेक्ट को लीड कर रहे रायपुर के एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस अमित तुकारात काम्बले ने बताया कि मालखाने में रखी केस प्रॉपर्टी के मैनेजमेंट के लिए ई-मालखाना सिस्टम काफी मददगार साबित होगा। पहले किसी केस से जुड़े सामान को कोर्ट में पेश करने के लिए उसे ढूंढने में काफी समय लगता था, लेकिन अब डिजिटल सिस्टम की मदद से संबंधित प्रॉपर्टी को तुरंत ट्रेस कर सही तरीके से प्रस्तुत किया जा सकेगा। फिलहाल, एक थाने में इसकी शुरुआत की गई है और आगे इसे आगे रायपुर के कमिश्नरेट के सभी 21 थानों में भी लागू करने की तैयारी चल रही है। ‘चेन ऑफ कस्टडी’ का पूरा रिकॉर्ड रहेगा सुरक्षित ई-मालखाना सिस्टम में हर जब्त सामान का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा। इसी पूरे प्रोसेस को ही चेन ऑफ कस्टडी कहा जाता है, जो किसी भी केस में सबूत की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। हर जब्त सामान को मिलेगा यूनिक बारकोड सेंट्रल जोन के एडिशनल डीसीपी तारकेश्वर पटेल ने बताया कि ई-मालखाना सिस्टम में हर जब्त सामान को अलग यूनिक नंबर और बारकोड दिया गया है। बारकोड स्कैन करते ही यह जानकारी तुरंत सामने आ जाती है। जैसे सामान किस अपराध से जुड़ा है, कब जब्त किया गया, वर्तमान में कहां रखा गया है, उसकी कानूनी स्थिति क्या है। तीन जगहों पर टैग किए जा रहे बारकोड भास्कर की टीम ने देखा कि बारकोड तीन अलग-अलग जगहों पर लगाए जा रहे हैं। पहला जब्त माल पर, जब्ती पत्रक और मालखाना रजिस्टर में। मकसद यह है कि जब्त सामान से जुड़ी हर जानकारी आपस में डिजिटल तरीके से लिंक रहे और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या भ्रम की स्थिति न बने। 1. जब्त माल पर बारकोड यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। बारकोड सीधे उस सामान पर लगाया जाएगा जो पुलिस ने जब्त किया है। इसका फायदा ये है कि सामान की तुरंत पहचान हो जाएगी। स्कैन करते ही केस नंबर, जब्ती तारीख और वर्तमान लोकेशन दिख जाएगी। एक जैसे सामान में भ्रम नहीं होगा। कोर्ट में पेश करने या वापस करने में आसानी होगी। उदाहरण के तौर पर अगर 20 मोबाइल जब्त हुए हैं, तो हर मोबाइल का अलग बारकोड होगा। 2. जब्ती पत्रक पर बारकोड जब्ती पत्रक वह कानूनी दस्तावेज होता है, जिसमें लिखा रहता है कि कौन सा सामान कब और कहां से जब्त किया गया। इसमें बारकोड लगाने का फायदा ये है कि दस्तावेज और असली सामान आपस में लिंक हो जाएंगे। स्कैन करते ही संबंधित जब्त माल की जानकारी खुल जाएगी। कोर्ट या जांच के दौरान रिकॉर्ड मिलान तेजी से होगा। फर्जी बदलाव या रिकॉर्ड गड़बड़ी की संभावना घटेगी। यानी अगर अधिकारी जब्ती पत्रक स्कैन करे, तो उसे सीधे उसी सामान का डिजिटल रिकॉर्ड मिल जाएगा। 3. मालखाना रजिस्टर में बारकोड मालखाना रजिस्टर वह रिकॉर्ड होता है, जिसमें जमा और निकासी की एंट्री होती है। इसमें बारकोड लगाने का फायदा रजिस्टर और डिजिटल सिस्टम का सिंक्रोनाइजेशन रहेगा। कौन सा सामान कब जमा हुआ और कब निकला, यह तुरंत ट्रैक होगा ऑडिट और निरीक्षण आसान होगा ‘चेन ऑफ कस्टडी’ मजबूत होगी। यानी रजिस्टर स्कैन करते ही पता चल जाएगा कि संबंधित सामान अभी मालखाने में है, कोर्ट गया है या जांच एजेंसी के पास है। सबूत खोजने में मुश्किल हुई तो डेवलेप किया सॉफ्टवेयर इस सॉफ्टवेयर को डेवलेप करने वाले IPS अधिकारी रॉबिन्सन गुड़िया ने भास्कर को बताया कि ट्रेनिंग के दौरान उन्हें कुछ वक्त के लिए लखनपुर थाने का प्रभारी बनाया गया था। इसी दौरान कोर्ट में साक्ष्य के तौर पर एक चाकू प्रेजेंट करना था। लेकिन मालखाने की हालत इतनी बिगड़ी हुई थी कि चाकू खोजने में बहुत वक्त लग गया। इसके बाद ही उन्हें ये सॉफ्टवेयर बनाने का ख्याल आया। साल 2021 में उन्होंने सॉफ्टवेयर पर काम शुरू किया। एक महीने में बीटा वर्जन तैयार कर लिया। दरअसल, रॉबिन्सन IIT कानपुर से बीटेक हैं। ऐसे में उन्हें सॉफ्टवेयर डेवलेप करने में बहुत कठिनाई नहीं हुए। वो इस सॉफ्टवेयर में लगातार अपडेट भी कर रहे हैं। नारायणपुर बनेगा राज्य का पहला डिजिटल मालखाना जिला रॉबिन्सन ने बताया कि अभी अलग-अलग थानों में मालखानों की व्यवस्था अलग तरीके से संचालित होती है, लेकिन अब लक्ष्य नारायणपुर जिले के सभी थानों में एकसमान डिजिटल सिस्टम लागू करना है। नारायणपुर ऐसा पहला जिला बनेगा, जहां सभी थानों में बारकोड आधारित मालखाना मैनेजमेंट सिस्टम काम करेगा। हर राज्य की पुलिस को मुफ्त दे रहे सॉफ्टवेयर रॉबिन्सन यह सॉफ्टवेयर फिलहाल पुलिस विभाग को पूरी तरह मुफ्त दे रहे हैं। उनका यह सॉफ्टवेयर छत्तीसगढ़ के अलावा बिहार और पंजाब पुलिस के कुछ थानों में उपयोग हो रहा है। 21 थानों के कर्मचारियों के हर महीने 200 घंटे बचेंगे सिटी कोतवाली थाना के प्राभारी सतीश सिंह कहते हैं कि वो बेहद खुश है कि शुरूआत उनके थाने से हुई। पूरा सॉफ्टवेयर उन्होंने खुद परखा है। इससे बहुत समय बचेगा। उन्होंने बताया केस की संख्या के हिसाब से एविडेंस खोजने की जरूरत पड़ती है। किसी महीने में ये संख्या होती है तो किसी महीने में ज्यादा। लेकिन हर महीने में औसतन 10 बार तो ऐसा होता ही है उन्हें जब्त सामान खोजने की जरूरत पड़ ही जाती है। एक बार खोजने जुटे तो घंटे भर का वक्त जाता ही है। SHO सतीश सिंह के बताए आंकड़ों पर ही बात करें तो एक थाने में महीनेभर में औसतन 10 बार केस प्रॉपर्टी या एविडेंस को कोर्ट के आदेश पर मालखाने से निकालना या वापस जमा करना पड़ता है। मैनुअल सिस्टम में हर बार रिकॉर्ड ढूंढने, रजिस्टर मिलाने और सामान खोजने में औसतन 1 घंटा लग जाता है। बारकोड आधारित डिजिटल सिस्टम में यही काम करीब 5 मिनट में हो रहा है। यानी एक बार में 55 मिनट बच रहे हैं। इस तरह से देखा जाए तो रायपुर कमिश्नरेट के एक 1 थाने का हर महीने 9 घंटे ज्यादा वक्त इसी में निकल रहा। और महीने भर में यही समय 200 घंटे के आसपास जा रहा है। ये समय सीधे-सीधे बचेगा। …………………. इनोवेशन से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… रायपुर के टेक एक्सपर्ट ने बनाया छत्तीसगढ़ का पहला AI-प्लेटफॉर्म: 8k रेजोल्यूशन की इमेज तैयार कर रहा, ChatGPT-जैमिनी से बेहतर होने का दावा छत्तीसगढ़ के टेक एक्सपर्ट गौरव तिवारी ने “जेमिनाई GT” नाम का एक AI (Artificial Intelligence) प्लेटफॉर्म तैयार करने का दावा किया है। उनका कहना है कि यह प्लेटफॉर्म कई मामलों में ओपन AI के चैट GPT और गूगल के जेमिनाई जैसे बड़े AI टूल्स से बेहतर काम करेगा।
मधुबनी जिले के रुद्रपुर थाना क्षेत्र के ठठरी गांव में जमीनी विवाद को लेकर 25 वर्षीय युवक की कथित तौर पर हत्या कर दी गई। आरोप है कि हत्या के बाद शव को जलाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया। घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है। मृतक की पहचान ठठरी गांव निवासी सुभाष यादव (25) के रूप में हुई है, जो बरे लाल यादव के पुत्र थे। सुभाष अपने परिवार के साथ नोएडा में मजदूरी करते थे। अप्रैल में वह अपनी चचेरी बहन की शादी में गांव आए थे। शादी के बाद परिवार के अन्य सदस्य नोएडा लौट गए, लेकिन सुभाष आधार कार्ड में सुधार कराने के लिए गांव में ही रुक गए थे। उनकी पत्नी चंपा देवी अपने मायके सोनरे गांव में थीं। खेत में ले जाकर शव जला दियापरिजनों के अनुसार, मंगलवार रात सुभाष घर में अकेले सो रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान उनकी हत्या कर दी गई और शव को गांव से लगभग दो किलोमीटर दूर खेत में ले जाकर जला दिया गया। परिजनों को इस घटना की सूचना नहीं दी गई। मृतक के छोटे भाई प्रभाष यादव ने बताया कि उन्हें अन्य लोगों से भाई की मौत की जानकारी मिली। जब उन्होंने चाचा से पूछा, तो पहले आत्महत्या की बात कही गई, और बाद में बताया गया कि शव का दाह संस्कार कर दिया गया है। प्रभाष ने अपने चाचा सहित अन्य लोगों पर जमीन विवाद में साजिश के तहत हत्या का आरोप लगाया है। 6 लोगों पर FIR घटना की सूचना मिलने पर झंझारपुर डीएसपी सुबोध कुमार सिन्हा, थानाध्यक्ष मंजूला मिश्र और बीडीओ राकेश रौशन मौके पर पहुंचे। एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम ने घटनास्थल से शव के अवशेष और हड्डियां बरामद कर जांच के लिए भेजे हैं। मृतक के साले चंदन यादव के आवेदन पर छह लोगों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
ज्वेलरी कारोबारी को गोली मार 45 लाख की लूट:गयाजी में बदमाशों ने की 6 राउंड फायरिंग, बैग छीन कर भागे
गयाजी के गुरुआ में आज अपराधियों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया है। चार हथियारबंद बदमाशों ने ज्वेलरी व्यवसायी को गोली मार दी और करीब 45 लाख रुपए के जेवर और नकदी लूटकर फरार हो गए। घटना गुरुआ थाना क्षेत्र में हुई है। पुलिस अपराधियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। घायल व्यवसायी की पहचान गुरुआ बाजार निवासी प्रभाकर बरनवाल के रूप में हुई है। वह गुरुआ बाजार स्थित एस ब्रदर्स ज्वेलर्स दुकान बंद कर अपने घर लौट रहे थे। वह कार से जा रहे थे। इसी दौरान करमाईन की तरफ से दो बाइक पर सवार चार अपराधी पहुंचे और व्यवसायी को घेर लिया। घायल से बदमाशों ने छीना बैग प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बदमाशों ने आते ही ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। करीब छह राउंड गोली चलने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। फायरिंग के दौरान एक गोली प्रभाकर बरनवाल के दाहिने पैर में जांघ में लग गई। गोली लगते ही वह घायल होकर गिर पड़े। इसके बाद अपराधियों ने उनके पास मौजूद बैग छीन लिया। ड्राइवर और स्टाफ सुभाष संगत ने बताया कि फायरिंग के दौरान बदमाश लगातार धमकी दे रहे थे। बदमाश कह रहे थे कि जमीन क्यों नहीं लिख रहे हो। इसके बाद उन्होंने बैग छीन लिया। बैग में करीब 40 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और करीब पांच लाख रुपए नकद थे। लूट की घटना को अंजाम देने के बाद सभी अपराधी गुरारू की ओर भाग निकले। स्थानीय लोगों ने पहुंचाया हॉस्पिटल घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायल व्यवसायी को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरुआ पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल गया रेफर कर दिया गया। अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही गुरुआ थाना की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। घटनास्थल से पुलिस को गोली के 3 खोखे भी मिले हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि अपराधियों की पहचान हो सके। वारदात के बाद इलाके के व्यवसायियों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं से व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि अपराधियों की पहचान के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
नूंह पुलिस ने जिले में गोवंश की सुरक्षा, संरक्षण और संवर्धन के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत पुलिस- प्रशासन गांव-गांव जाकर गोवंश की स्थिति का आकलन कर रहा है। जहां-जहां गोवंश मौजूद है, उनकी जीपीएस लोकेशन भी दर्ज की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। पुलिस का मुख्य उद्देश्य गो-तस्करी पर रोक लगाना और पशुपालकों को जागरूक करना है। नूंह पुलिस ने सभी गोपालकों से अपील की है कि वे अपने गोधन की उचित देखभाल करें और उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। पुलिस ने गोवंश के लिए पर्याप्त चारे और स्वच्छ पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही पशुओं की नियमित निगरानी रखने और उनकी पहचान संबंधी जानकारी सुरक्षित रखने को भी कहा गया है। नजदीकी थाना पुलिस को सूचना देने की अपील पुलिस- प्रशासन ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति से गोवंश की खरीद-बिक्री न करें। यदि कहीं गो-तस्करी, अवैध परिवहन या अन्य संदिग्ध गतिविधि नजर आती है, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या डायल 112 पर दें। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। नूंह पुलिस का मानना है कि गो-सुरक्षा केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी भी है। इसी उद्देश्य से पुलिस लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ लगातार निगरानी अभियान चला रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में शांति, कानून व्यवस्था और पशुधन की सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन का 100वां शताब्दी महोत्सव बुधवार को लखनऊ के चारबाग स्थित रवीन्द्रालय में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कर्मचारी, पदाधिकारी और पेंशनर्स शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कर्मचारियों की भूमिका को प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ बताया और संगठन की 100 वर्ष की यात्रा को गौरवपूर्ण करार दिया। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी संगठनों ने हमेशा व्यवस्था को मजबूती प्रदान की है। कर्मचारी हितों के लिए योजनाओं पर विस्तृत चर्चा समारोह को अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लाम्बा और राष्ट्रीय महासचिव एस कुमार ने भी संबोधित किया। उन्होंने कर्मचारियों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए संगठन के निरंतर संघर्ष पर जोर दिया। मंच से संगठन की उपलब्धियों, कर्मचारी हितों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के साथ-साथ उत्तराखंड से भी प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। उत्तराखंड से विक्रम सिंह रावत, आनंद सिंह पुजारी, शिव सिंह राणा और हरेंद्र कोहली विशेष रूप से उपस्थित थे। ये मौजूद रहे कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एसपी सिंह, प्रांतीय अध्यक्ष कमल अग्रवाल, अशोक कुमार सिंह, पद्मनाभ द्विवेदी, जेपी पाण्डेय, हेमंत कुमार गुर्जर, गोपाल प्रसाद और सुरेन्द्र लाल श्रीवास्तव सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। इस पूरे आयोजन के दौरान शताब्दी वर्ष को लेकर कर्मचारियों में विशेष उत्साह देखा गया।
कांकेर पुलिस ने जिलेभर में गुम हुए मोबाइल फोन बरामद करने के लिए चलाए गए विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने करीब 40 लाख रुपये कीमत के 218 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक धारकों को सौंप दिए हैं। यह कार्रवाई साइबर सेल कांकेर और जिले के विभिन्न थाना स्टाफ की संयुक्त टीम द्वारा की गई। मोबाइलों की तलाश के लिए तकनीकी अनुसंधान और CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की मदद ली गई। 218 मोबाइल बरामद किए गए पुलिस के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से 26 मई 2026 तक प्राप्त गुम मोबाइल शिकायतों पर लगातार कार्रवाई की गई। इस दौरान पहले 116 मोबाइल संबंधित थानों के माध्यम से लौटाए जा चुके थे। वहीं बुधवार को 102 अतिरिक्त मोबाइल उनके मालिकों को सौंपे गए। इस तरह कुल 218 मोबाइल बरामद किए गए हैं। CEIR पोर्टल से ट्रैक हुए मोबाइल पुलिस ने बताया कि CEIR एक नागरिक पोर्टल है, जिसके जरिए खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को सभी टेलीकॉम नेटवर्क में ब्लॉक किया जा सकता है। इससे मोबाइल का दुरुपयोग रुक जाता है। यदि कोई व्यक्ति ब्लॉक किए गए मोबाइल का उपयोग करने की कोशिश करता है, तो उसकी जानकारी ट्रैक की जा सकती है। मोबाइल बरामद होने के बाद उसे अनब्लॉक कर वास्तविक मालिक को वापस सौंप दिया जाता है। पुलिस अधीक्षक ने दिए निर्देश पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को आमजन से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की शिकायतों का शीघ्र निराकरण और जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। पुलिस ने जिलेवासियों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते तकनीकी जांच कर मोबाइल की बरामदगी सुनिश्चित की जा सके।
राजस्थान क्रिकेट संघ के द्वारा आयोजित राज्यस्तरीय सीनियर कॉल्विन शील्ड प्रतियोगिता में बुधवार को खेले गए मुकाबलों में रोमांच, बड़े स्कोर के साथ ही खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन देखने को मिल। तीसरे दिन उदयपुर, दौसा, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, करौली, सिरोही, जालोर, नागौर, बीकानेर, झुंझुनूं, झालावाड़, अलवर, कोटा और सवाई माधोपुर की टीमों ने जीत दर्ज की। वहीं जयपुर और सीकर के बीच मुकाबला टाई रहा। दिनभर बल्लेबाजों का दबदबा देखने को मिला। महिपाल लोमरोर, मनेंद्र सिंह, रोहन राजभर, अंशुल गढ़वाल, देवेंद्र शर्मा, जतिन चौधरी, शोएब खान, भारत प्रजापत, युवराज सिंह खींची, अजय कुमार बेनीवाल, परवेज, दिव्य प्रताप सिंह, राम मोहन, अजय गिगना, जुबैद खान और ऋत्विक सिंह ने शानदार शतक जमाए। वहीं धर्मवीर सैनी, मयंक सारस्वत और आदित्य सैनी शतक से चूक गए। जयपुर और सीकर के बीच मुकाबला रहा रोमांचक जयपुर और सीकर के बीच मुकाबला सबसे रोमांचक रहा। जयपुर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 354 रन बनाए। रोहन राजभर ने 146 और मनेंद्र सिंह ने 101 रन की शानदार पारी खेली। जवाब में सीकर ने भी 9 विकेट पर 354 रन बनाकर मैच टाई करा लिया। सीकर की ओर से अंशुल गढ़वाल ने 146 रन बनाए, जबकि धर्मवीर सैनी 99 रन बनाकर शतक से एक रन दूर रह गए। अलवर ने बाड़मेर को 53 रन से हराया। सचिन यादव के 139 रन की बदौलत अलवर ने 330 रन बनाए। जवाब में बाड़मेर की टीम 277 रन ही बना सकी। राहुल चौधरी और गिरधारी राम ने संघर्षपूर्ण पारियां खेलीं, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। करौली ने डूंगरपुर को हराया करौली ने डूंगरपुर को 8 विकेट से हराया। पहले बल्लेबाजी करते हुए डूंगरपुर की टीम 172 रन पर सिमट गई। करौली के जय गोयल ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके। जवाब में राजकुमार सैनी की नाबाद 76 रन की पारी की मदद से करौली ने लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया। सवाई माधोपुर ने जैसलमेर को 86 रन से शिकस्त दी। शोएब खान ने 133 रन की शानदार शतकीय पारी खेली। वहीं गेंदबाजी में मंजीत ने 4 विकेट लेकर जीत में अहम भूमिका निभाई। सिरोही ने प्रतापगढ़ को 134 रन से हराया। मयंक सारस्वत 99 रन बनाकर शतक से चूक गए। गेंदबाजी में प्रणव शर्मा ने 4 विकेट झटके और प्रतापगढ़ की टीम को 131 रन पर समेट दिया। उदयपुर ने पाली को हराया उदयपुर ने पाली को एकतरफा मुकाबले में 9 विकेट से हराया। हर्षित दक ने 4 विकेट लेकर पाली को 127 रन पर रोक दिया। इसके बाद करण सिंह और यश सांखला की पारियों की मदद से उदयपुर ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया। चित्तौड़गढ़ ने चूरू को 8 विकेट से हराया। श्रेष्ठ बृजेश पंत ने घातक गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट झटके। इसके बाद हर्षवर्धन और रमन की पारियों से टीम ने जीत दर्ज की। दौसा ने बारां को 18 रन से हराया। बारां की ओर से जतिन चौधरी ने 102 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन टीम लक्ष्य से पीछे रह गई। दौसा के दिव्यांशु शर्मा ने 4 विकेट लेकर मैच पलट दिया। भीलवाड़ा ने हनुमानगढ़ को 103 रन से हराया। जयवर्धन सिंह और कपिल चौधरी की पारियों के बाद गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। हनुमानगढ़ की ओर से आदित्य सैनी 93 रन बनाकर शतक से चूक गए। कोटा और बांसवाड़ा के बीच हाई स्कोरिंग मुकाबला देखने को मिला। बांसवाड़ा ने 309 रन बनाए, लेकिन कोटा ने दिव्य प्रताप सिंह के शानदार 133 रन की बदौलत 5 विकेट से मैच जीत लिया। अमन प्रजापति ने गेंदबाजी में 5 विकेट झटके। नागौर ने श्रीगंगानगर को 5 विकेट से हराया। महिपाल लोमरोर ने 103 रन की शानदार पारी खेलते हुए टीम को जीत दिलाई। झालावाड़ ने अजमेर को 98 रन से हराया। राम मोहन ने 141 रन की शानदार पारी खेली, जबकि गेंदबाजों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। बीकानेर ने भरतपुर को 122 रन से हराया। बीकानेर की ओर से अजय गिगना ने 110 और जुबैद ने 119 रन बनाए। जवाब में भरतपुर के ऋत्विक सिंह ने 100 रन की पारी खेली, लेकिन टीम हार गई। झुंझुनूं ने जोधपुर को 7 विकेट से हराया। जोधपुर की ओर से युवराज सिंह खींची ने 122 रन बनाए, लेकिन झुंझुनूं के अजय कुमार बेनीवाल और परवेज की शतकीय पारियों के आगे टीम टिक नहीं सकी। जालोर ने बूंदी को 2 विकेट से हराया। बूंदी के देवेंद्र शर्मा ने 114 रन बनाए, लेकिन जालोर के भारत प्रजापत ने नाबाद 118 रन की शानदार पारी खेलकर टीम को रोमांचक जीत दिला दी।
पूर्णिया में गुस्साई भीड़ ने जंगल से भटककर आए तेंदुए को पीट पीटकर मार डाला। गांव में दाखिल हुए तेंदुए ने खेतों में काम कर रहे मजदूरों पर अचानक हमला कर दिया। तेंदुए के हमले में 4 ग्रामीण घायल हो गए। गुस्साए ग्रामीणों ने तेंदुए को चारों तरफ से घेर लिया और तलवार, फरसा, गड़ासा, लाठी डंडे और दूसरे धारदार हथियारों से हमला कर तेंदुए को मार डाला। घटना टीकापट्टी थाना क्षेत्र के धूसर पंचायत के जमुर बहियार की है। 4 दिन से घुम रहा था तेंदुआ ग्रामीणों ने बताया कि पिछले चार दिनों से तेंदुआ टीकापट्टी गोड़ियर मार्ग के पास खेतों और केला बागान में छिपकर घूम रहा था। तेंदुआ पहले ही एक बकरी और गाय के दो बछड़ों को मार चुका था। इसके बाद से ही गांव के लोग दहशत में थे और शाम ढलते ही घरों में कैद हो जा रहे थे। आज मजदूर बहियार में काम कर रहे थे। इसी दौरान झाड़ियों से निकलकर तेंदुआ सीधे लोगों पर टूट पड़ा। सबसे पहले उसने विजय कुमार यादव पर हमला किया। इसके बाद सोनू कुमार मंडल, प्रभाष कुमार साह और नीतीश कुमार भी उसकी चपेट में आ गए। अचानक हुए हमले से खेतों में भगदड़ मच गई। मजदूर जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और जोर-जोर से चिल्लाने लगे। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे। देखते ही देखते सैकड़ों लोग बहियार में जमा हो गए। खुद को घिरता देख तेंदुआ और ज्यादा आक्रामक हो गया। लोगों पर झपटने की कोशिश करता रहा। इसी से गुस्साए ग्रामीणों ने में तेंदुए पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। धारदार हथियारों से हुए हमले में तेंदुआ गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। तेंदुए के मारे जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। एक जख्मी को सांप ने भी काटा घटना में घायल विजय कुमार यादव, सोनू कुमार मंडल, प्रभाष कुमार साह और नीतीश कुमार को इलाज के लिए रूपौली रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल सोनू कुमार मंडल को भागने के दौरान सांप ने भी डंस लिया, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई। सूचना मिलते ही टीकापट्टी थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने मृत तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कवायद शुरू कर दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले साल भी इसी इलाके में तेंदुए के शावक देखे गए थे, लेकिन वन विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सर्च अभियान चलाया जाता, तो मजदूरों पर हमला और तेंदुए की मौत जैसी घटना टाली जा सकती थी। बनमनखी रेंज के रेंजर राम प्रवेश ठाकुर ने बताया कि शुरुआती जांच में तेंदुए के किसी दूसरे इलाके से भटककर आने की आशंका है। साथ ही इलाके में एक और तेंदुए की मौजूदगी की सूचना के बाद वन विभाग लगातार सर्च अभियान चला रहा है।
फिरोजाबाद में बकरीद के त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार शाम पुलिस प्रशासन ने फ्लैग मार्च निकाला। एडीजी एसके भगत, डीएम संतोष कुमार शर्मा और एसएसपी आदित्य लांगहे के नेतृत्व में भारी पुलिस बल ने शहर में मार्च किया। यह फ्लैग मार्च शहर के प्रमुख बाजारों, संवेदनशील क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से होकर गुजरा। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और लोगों से त्योहार को आपसी भाईचारे तथा सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। एडीजी एसके भगत ने अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए कि त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने में कोई लापरवाही न हो। एसएसपी आदित्य लांगहे ने बताया कि जिले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। फ्लैग मार्च में पुलिस बल के जवानों के साथ पीएसी और अन्य सुरक्षा इकाइयों के कर्मी भी शामिल थे। पुलिस की इस सक्रियता से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ दिखी।
ईद-उल-जुहा के मौके पर गुरुवार को जयपुर शहर में बड़ी संख्या में लोग ईदगाह मस्जिद, जामा मस्जिद जौहरी बाजार सहित विभिन्न मस्जिदों में नमाज अदा करेंगे। मुख्य नमाज सुबह 8 बजे ईदगाह पर होगी। त्योहार के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने और आमजन को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराने के लिए जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने सुबह 6 बजे से 10 बजे तक विशेष ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग प्रतिबंध लागू किए हैं। ईदगाह और पुरानी शहर सीमा में रहेगा ट्रैफिक प्रतिबंध ट्रैफिक पुलिस के अनुसार ईदगाह पर नमाज के दौरान टीपी नगर से धोबीघाट चौराहे तक सामान्य यातायात पूरी तरह बंद रहेगा। धोबीघाट की तरफ जाने वाले वाहनों को रामगढ़ मोड़ की तरफ डायवर्ट किया जाएगा, जबकि टीपी नगर से यातायात को गुरुद्वारा मोड़ और रोटरी सर्किल की ओर भेजा जाएगा। रामगढ़ मोड़ से धोबीघाट की तरफ जाने वाले वाहनों को सुभाष चौक, माउंट रोड और जलमहल की तरफ मोड़ा जाएगा। दिल्ली रोड और आगरा रोड पर भी रहेगा डायवर्जन दिल्ली से जयपुर आने वाले भारी वाहनों और बसों को चंदवाजी से एक्सप्रेस हाईवे की ओर डायवर्ट किया जाएगा। रोडवेज बसें एक्सप्रेस हाईवे, वीकेआई रोड नंबर-14, सीकर रोड, चोमू तिराहा और पानीपेच तिराहा होकर सिंधी कैंप पहुंचेंगी। आगरा रोड से आने वाले भारी वाहनों को रिंग रोड पर डायवर्ट किया जाएगा, जबकि सामान्य यातायात को रोटरी सर्किल, जवाहर नगर बाईपास और गुरुद्वारा मोड़ की तरफ मोड़ा जाएगा। जौहरी बाजार और एमडी रोड पर पार्किंग रहेगी बंद जौहरी बाजार स्थित जामा मस्जिद के सामने नमाज के दौरान किसी भी प्रकार के वाहनों की पार्किंग नहीं होगी। बड़ी चौपड़ से सांगानेरी गेट तक सामान्य यातायात बंद रहेगा। बड़ी चौपड़ से यातायात को त्रिपोलिया बाजार की तरफ तथा सांगानेरी गेट से मिनर्वा चौराहा और रामनिवास बाग की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। एमडी रोड पर मिनर्वा चौराहा से म्यूजियम रोड तक नमाज के दौरान सामान्य यातायात और पार्किंग दोनों प्रतिबंधित रहेंगी। म्यूजियम रोड से वाहनों को रामनिवास बाग के अंदर की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। आमजन से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ईद-उल-जुहा के दौरान भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से बचें और वैकल्पिक एवं समानांतर मार्गों का उपयोग करें, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
गाजियाबाद के दबंग टीचर के परिवार ने बिजनेसमैन की पत्नी और बेटी पर हमला बोल दिया। जमीन पर गिराकर पीटा गया। इस दौरान पीड़ित घर में जान बचाने के लिए भागे जो वहां भी हमला बोला। मारपीट करने वाला आरोपी शिक्षक हैं, जिनका पुरानी रंजिश चल रही है। सरेआम सड़क पर मारपीट की सीसीटीवी भी सामने आई है। पीड़ित बिजनेसमैन की पत्नी ने मुरादनगर थाने में केस दर्ज कराया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। घटना मुरादनगर थाना क्षेत्र स्थित डागर विहार कॉलोनी फेस 1 की है। 3 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए पूरा मामलागाजियाबाद के मुरादनगर थाना क्षेत्र स्थित डागर विहार कॉलोनी फेस 1 निवासी आदेश शर्मा का बिजनेस है। वह गाजियाबाद और दूसरे शहरों में इलेक्ट्रिक सामान सप्लाई कराते हैं। आदेश शर्मा की पत्नी रजना शर्मा ने बताया- 25 मई दोपहर करीब 2:30 बजे मैं अपने परिवार के साथ घर में थी। जहां पड़ोस में रहने वाले मुकेश शर्मा ने अपनी पत्नी अर्चना शर्मा, बेटे निशि शर्मा घर के बाहर आए और मेरी बेटी तान्या शर्मा के साथ अपशब्द कहे। बेटी ने विरोध किया तो आरोपी गालियां देकर मारपीट करने लगे। सड़क पर गिराकर बरसाए लाठी डंडेदेखते ही देखते मामला हिंसक झगड़े में बदल गया। लाठी-डंडों से हमला कर मेरे और मेरे परिवार के लोगों के साथ मारपीट की गई। आरोपी पक्ष के लोग सड़क पर एक-दूसरे पर हमला करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में महिलाएं भी हाथापाई और मारपीट करती नजर आ रही हैं। आरोपियों ने बिजनेसमैन की पत्नी रचना शर्मा और बेटी तान्या पर आरोपियों ने 40 डंडे बरसाए। जहां मुकेश शर्मा के परिवार के सभी लोगों पर लाठी डंडे दिख रहे हैं। जिसके बाद वह धमकी देते हुए फरार हो गए। मैं बता नहीं सकती कि कितने डंडे मारेपीड़ित रजना शर्मा ने बताया- ये लोग पहले भी धमकी दे चुके हैं। मेरी बेटी और मुझे इतना मारा कि मैं बता नहीं सकती। पड़ोस के किसी ने भी जान नहीं बचाई। हम थाने गए और पूरी घटना बताई। जिसके बाद पुलिस ने तहरीर पर धारा 115(2), 352 और 351(3) के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने शिक्षक मुकेश शर्मा, उनकी पत्नी अर्चना शर्मा और निशि के खिलाफ केस दर्ज किया है। मुकेश शर्मा और उनकी पत्नी बेसिक शिक्षा में टीचर हैं। वीडियो की जांच की जा रहीएसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया- सीसीटीवी के आधार पर पुलिस जांच कर रही है। पीड़ित परिवार की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। जांच में आया कि दोनों परिवार पूर्व से रंजिश रखते हैं। --------------------------- यह खबर भी पढ़ें AC में हंता जैसे वायरस से रातभर खांस रहे लोग, उल्टी-लूज मोशन आ रहा, लंग्स पर अटैक; इन जगहों पर रहने से बचें लखनऊ में भीषण गर्मी के बीच लगातार खांसी और जुकाम के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। 28 वर्षीय निखिल भी कई दिनों से लगातार खांसी से परेशान हैं। हालत यह है कि रातभर खांसने की वजह से उन्हें नींद तक नहीं आ रही थी। परेशान होकर वह इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने गर्मी, धूल, प्रदूषण और संक्रमण को इसकी बड़ी वजह बताया। पूरी खबर पढ़ें
सिरसा नगर परिषद के चेयरमैन वीर शांति स्वरूप आज बुधवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिले। इस दौरान सीएम नायब सैनी को शहर में सड़कों एवं गलियों की विभिन्न समस्याओं से अवगत करवाया। चेयरमैन वीर शांति ने शहर में सड़कों व गलियों की समस्या का ठीकरा ठेकेदारों एवं पब्लिक हेल्थ पर फोड़ दिया है। इसे लेकर चेयरमैन वीर शांति ने मुख्यमंत्री सैनी को शहर की समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा गया है कि शहर में सीवरेज एवं पेयजल पाइप लाइन के कार्य में पब्लिक हेल्थ का सहयोग नहीं मिल रहा है, जिस कारण संबंधित ठेकेदार भी अपना काम जिम्मेदारी से नहीं कर रहे हैं। सभी कार्य अस्त-पस्त है। नगर परिषद में रिक्त पदों की समस्या से भी अवगत कराया। इस पर उन्होंने सीएम से कार्रवाई की मांग की। हालांकि, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का सिरसा दौरा है। वे इस बार ग्रीवांस मीटिंग में आने वाले हैं। शहर की समस्याओं को लेकर आमजन में काफी रोष है, क्योंकि सड़कों व गलियों की बदहाली है और सीवरेज व पेयजल की भारी समस्या है। इससे पहले वे सीएम से मिलने चंडीगढ़ पहुंच गए, ताकि इन कार्यों पर अमल किया जा सके। सीएम से कहा, कई कार्यों की स्वीकृति मिली, पर काम धीमा चल रहा जैसा कि चेयरमैन की ओर से सीएम को पत्र सौंपा गया है, उसमें लिखा है कि शहर में अनेक गलियां एवं सड़कों की स्वीकृति मिलने के बावजूद वहां सीवर लाइन व पेयजल पाइपलाइन नहीं डाली गई है। कई क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्य होने के बावजूद मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाई है। यदि पेयजल व सीवर लाइन नहीं डाली गई तो नई सड़कें दोबारा उखाड़नी पड़ेगी, जिससे डबल धन का खर्च होगा। अमृत योजना के तहत शीघ्र पेयजल व सीवर लाइन का कार्य करवाया जाए। सीएम को सौंपे पत्र में इन समस्याओं का जिक्र नगर परिषद में पिछले काफी समय से कई पद रिक्त पड़े, जिस कारण आवश्यक कार्य प्रभावित हो रहे। वार्डों में टेंडर समय पर जारी नहीं हो रहे। मकानों के नक्शे समय पर पास नहीं हो रहे। शहर में पेयजल की भारी समस्या है। नगर परिषद की नई बिल्डिंग को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज का कार्य भी धीमी गति से चल रहा है। संबंधित ठेकेदार ये कहकर जिम्मेदार टाल देते हैं कि पब्लिक हेल्थ सहयोग नहीं कर रहा।
फर्जी लोन की जांच करने गए दरोगा के साथ बदसलूकी:एसआई ने दर्ज कराई एफआईआर, एक गिरफ्तार, दूसरा फरार
शाहजहांपुर के तिलहर थाना क्षेत्र में फर्जी लोन की शिकायत की जांच करने गए एक दरोगा से मंगलवार शाम आरोपियों ने मारपीट की। इस दौरान दरोगा की वर्दी फट गई और उन्हें चोटें भी आईं। पुलिस ने एक आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा फरार हो गया। यह घटना तिलहर थाना क्षेत्र के बंधीचक गांव में मंगलवार शाम करीब सात बजे हुई। पुलिस को आईजीआरएस पोर्टल पर फर्जी लोन लेकर बाइक व अन्य सामान खरीदने की शिकायत मिली थी। इसी शिकायत की जांच के लिए थाने की एक टीम गांव पहुंची थी। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान पुलिस टीम का गांव के दो युवकों से विवाद हो गया, जो जल्द ही धक्का-मुक्की और मारपीट में बदल गया। मारपीट के दौरान दरोगा की वर्दी फट गई और उन्हें चोटें भी आईं। घटना के बाद पुलिसकर्मियों ने तिलहर थाने को सूचना दी। पुलिस ने घायल दरोगा का मेडिकल परीक्षण कराया है और घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। तिलहर की सीओ इशिका सिंह ने बताया कि दरोगा के साथ अभद्रता और बदसलूकी की गई। एक आरोपी को तुरंत हिरासत में ले लिया गया है। जांचकर्ता दरोगा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित कर दी गई है।
छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग (CCPL) का तीसरा सीजन 3 जून से शुरू होने जा रहा है। इस बार मैच देखने आने वाले दर्शकों को बाइक से लेकर हजारों रुपए तक के कैश प्राइज जीतने का मौका मिलेगा। उद्घाटन और फाइनल मैच में खास लकी ड्रॉ रखा जाएगा, जबकि लीग मैचों में भी 10 दर्शकों को 10-10 हजार रुपए दिए जाएंगे। छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ की ओर से टूर्नामेंट का आयोजन 3 जून से 14 जून 2026 तक नया रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में किया जाएगा। पहला मुकाबला 3 जून की रात 9 बजे रायपुर राइनोज और राजनांदगांव पैंथर्स के बीच खेला जाएगा। मैच शुरू होने से पहले शाम 7:30 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। टिकट फ्री, लेकिन ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूरी आयोजकों के मुताबिक दर्शकों के लिए सभी टिकट मुफ्त रहेंगे। ऑनलाइन टिकट बुकिंग के जरिए की जाएगी। मैच वाले दिन ऑनलाइन टिकट का स्क्रीनशॉट दिखाकर स्टेडियम से फिजिकल टिकट लिया जा सकेगा। टिकट के पीछे दिए गए लकी ड्रॉ कूपन से दर्शकों को कई इनाम जीतने का मौका मिलेगा। टिकट के काउंटर पार्ट को संभालकर रखना होगा। हर दिन मैच के इनिंग ब्रेक में कूपन निकाले जाएंगे और विजेताओं के नाम बड़ी स्क्रीन पर दिखाए जाएंगे। ओपनिंग और फाइनल मैच में मिलेंगे बड़े इनाम 3 जून के उद्घाटन मैच और 14 जून के फाइनल मुकाबले में पहला इनाम टू-व्हीलर वाहन होगा। इसके अलावा 40 हजार रुपए, 30 हजार रुपए, 25 हजार रुपए, 22,500 रुपए, 20 हजार रुपए, 18 हजार रुपए, 16,500 रुपए और 14-14 हजार रुपए तक के कैश प्राइज भी दिए जाएंगे। लीग मैचों में 10 दर्शकों को मिलेगा 10-10 हजार रुपए 4 जून से 12 जून तक होने वाले लीग मैचों में 10 दर्शकों को 10-10 हजार रुपए का इनाम मिलेगा। आयोजकों का कहना है कि इस बार टूर्नामेंट में क्रिकेट के साथ एंटरटेनमेंट और दर्शकों के लिए कई एक्टिविटी भी रखी गई हैं।
इटावा में बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। बुधवार देर शाम डीएम, एसएसपी समेत प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने शहर में फ्लैग मार्च निकालकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। फ्लैग मार्च के दौरान डॉग स्क्वायड और ड्रोन कैमरों की मदद से शहर के प्रमुख इलाकों पर निगरानी रखी गई। शहर के प्रमुख मार्गों पर निकाला गया फ्लैग मार्च फ्लैग मार्च शास्त्री चौराहा से शुरू होकर पचराहा तक निकाला गया। इस दौरान पुलिस बल ने संवेदनशील इलाकों, बाजारों और मुख्य चौराहों पर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने और त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। ड्रोन कैमरों के जरिए पूरे रूट की निगरानी की गई। कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद फ्लैग मार्च में जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एडीएम विपिन कुमार, एसपी सिटी अभयनाथ त्रिपाठी, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम विक्रम सिंह राघव, ईओ संतोष मिश्रा और तहसीलदार राजकुमार, सीओ रामगोपाल शर्मा, समेत कई थानों का पुलिस फोर्स मौजूद रहा। त्योहार को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क अधिकारियों ने बताया कि बकरीद के त्योहार को देखते हुए शहर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। ईदगाहों और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य त्योहार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराना और लोगों में सुरक्षा का भरोसा बनाए रखना है।
हाथरस के सादाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव नीति निवास में बुधवार शाम लगभग 6.30 बजे नाली निर्माण कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया। प्राथमिक विद्यालय के पास बन रही नाली के दौरान अचानक स्कूल की पुरानी दीवार भरभराकर गिर गई। हादसे में दो लोगों की मलबे में दबकर मौत हो गई, जबकि एक राजमिस्त्री गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। प्राथमिक विद्यालय के पास चल रहा था नाली निर्माण गांव नीति निवास में ग्राम पंचायत निधि से गंदे पानी की निकासी के लिए प्राथमिक विद्यालय के पास नाली निर्माण कार्य कराया जा रहा था। निर्माण स्थल पर करीब 15 राजमिस्त्री और मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान विद्यालय की पुरानी दीवार अचानक गिर गई। दीवार के मलबे में राजमिस्त्री डालचंद (45), सोनपाल (55) और मजदूर मोहित (25) दब गए। तीनों गांव नीति निवास के निवासी बताए गए हैं। एक की मौके पर मौत, दूसरे ने रास्ते में तोड़ा दम हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर मलबा हटाया और तीनों को बाहर निकाला। तब तक राजमिस्त्री डालचंद की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। गंभीर रूप से घायल मोहित को उपचार के लिए आगरा ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। वहीं घायल सोनपाल का उपचार चल रहा है और चिकित्सकों ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है। अधिकारियों ने किया मौके का निरीक्षण घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम मनीष चौधरी और पुलिस उपाधीक्षक एएन अस्थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। तहसीलदार हेमंत चौधरी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बकरीद से पहले गोपालगंज में सुरक्षा कड़ी:शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस-प्रशासन का फ्लैग मार्च
गोपालगंज जिला प्रशासन बकरीद त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए पूरी तरह अलर्ट है। त्योहार के मद्देनजर शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। आम जनता में सुरक्षा का अहसास कराने और असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश देने के उद्देश्य से जिला पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों के नेतृत्व में शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों और संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला गया। मार्च के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और पारंपरिक भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की। मातहत अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा करते हुए मातहत अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि बकरीद के दौरान जिले में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले या किसी भी तरह की गड़बड़ी फैलाने वाले असामाजिक तत्वों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी। एसपी ने बताया कि सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक, हर गतिविधि की निगरानी की जा रही है। किसी भी तरह की अफवाह फैलाने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ त्वरित और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भारी संख्या में पुलिस बल के साथ मजिस्ट्रेट की तैनाती सुरक्षा को चाक-चौबंद रखने के लिए जिले के सभी प्रमुख चौक-चौराहों, धार्मिक स्थलों और संवेदनशील बिंदुओं पर भारी संख्या में पुलिस बल के साथ मजिस्ट्रेट की तैनाती की जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए सादे लिबास में भी पुलिस बल तैनात किया गया है, जो भीड़भाड़ वाले इलाकों और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखेंगे। इस फ्लैग मार्च और सुरक्षा अभियान का नेतृत्व सदर एसडीपीओ चंदन कुमार, सदर एसडीएम अनिल कुमार, नगर थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार प्रभाकर और सदर सीओ रजत कुमार बरनवाल ने संयुक्त रूप से किया। इसमें भारी संख्या में पुलिस के जवान और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल रहे। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि त्योहार की आड़ में किसी भी अप्रिय घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सुरक्षा में किसी भी स्तर पर चूक नहीं होने दी जाएगी।
विदिशा में आगामी बकरीद और अन्य त्योहारों को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए बुधवार को पुलिस ने जिलेभर में व्यापक फ्लैग मार्च निकाला। जिला मुख्यालय सहित कई थाना क्षेत्रों में भारी पुलिस बल ने प्रमुख बाजारों, भीड़भाड़ और संवेदनशील इलाकों में पैदल मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था की जांच की। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर हुआ फ्लैग मार्च यह फ्लैग मार्च पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के मार्गदर्शन में निकाला गया। इसका उद्देश्य आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाना और असामाजिक तत्वों को सख्त संदेश देना था। जिला मुख्यालय में फ्लैग मार्च कोतवाली और सिविल लाइन क्षेत्र से शुरू होकर तिलक चौक, बड़ा बाजार, रामलीला चौराहा, बस स्टैंड, सब्जी मंडी, नीमताल तिराहा, अहमदपुर तिराहा और खरी फटक ओवरब्रिज जैसे प्रमुख मार्गों से गुजरा। शांति और भाईचारे की अपील इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति और भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की। साथ ही किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न देने की सलाह दी गई। जिला मुख्यालय के अलावा गुलाबगंज, ग्यारसपुर, उनारसीकला, त्योंदा और मुगलसराय थाना क्षेत्रों में भी फ्लैग मार्च निकाला गया। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने बताया कि प्रमुख बाजारों और चौराहों पर लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस कंट्रोल रूम से 24 घंटे स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अफवाहें फैलाने पर होगी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने कहा कि कानून व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। शांति भंग करने, अफवाह फैलाने या असामाजिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएग
सहारनपुर में आगामी ईद-उल-अजहा (बकरीद) और भीषण गर्मी के मद्देनजर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। बुधवार शाम सर्किट हाउस में डीएम अरविंद कुमार चौहान की अध्यक्षता में विद्युत विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें जनप्रतिनिधियों और बिजली विभाग के अधिकारियों ने जिले की बिजली समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्याप्त बिजली समस्याओं, जैसे लो वोल्टेज, बार-बार ट्रिपिंग, जर्जर बिजली लाइनें, ओवरलोडिंग और खराब ट्रांसफार्मरों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। सांसद और विधायकों के प्रतिनिधियों ने बताया कि बढ़ती गर्मी के साथ बिजली संकट गहरा रहा है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने कई क्षेत्रों में घंटों बिजली कटौती और लो वोल्टेज की लगातार मिल रही शिकायतों का उल्लेख किया। इस पर डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि त्योहारों और गर्मी के मौसम में बिजली आपूर्ति किसी भी कीमत पर बाधित नहीं होनी चाहिए। डीएम ने सभी विद्युत उपकेंद्रों पर सतर्कता बढ़ाने और फॉल्ट होने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जले हुए ट्रांसफार्मरों को निर्धारित समय सीमा के भीतर बदला जाए और बिजली लाइनों के अनुरक्षण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी और शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर भी जोर दिया गया। बैठक में उपस्थित मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर प्राथमिकता से कार्रवाई करें और अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनहित सर्वोपरि है और बिजली व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
फ़रीदाबाद के गौछी गांव में खुलेआम कबाड़ जलाकर वायु प्रदूषण फैलाने का मामला सामने आया है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की शिकायत पर थाना मुजेसर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बल्लभगढ़ रीजन कार्यालय को गौछी गांव में अवैध रूप से कबाड़ जलाए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में बताया गया था कि गांव में खुले में वेस्ट स्क्रैप और कबाड़ को आग लगाई जा रही है, जिससे आसपास के इलाके में भारी धुआं फैल रहा है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खुले स्थान पर जताया जा रहा था कबाड़ शिकायत मिलने के बाद बोर्ड के सहायक पर्यावरण अभियंता पुनीत पाठक ने 21 मई को सुबह करीब 10:19 बजे अपनी टीम के साथ मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि गौछी गांव स्थित एक स्थान पर खुलेआम कबाड़ जलाया जा रहा था। जलते हुए स्क्रैप से निकलने वाले धुएं के कारण आसपास का वातावरण प्रदूषित हो रहा था। जांच के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने भरतलाल, चरण सिंह और जीत राम निवासी गौछी गांव को कथित रूप से कबाड़ जलाते हुए पाया। टीम ने मौके की तस्वीरें भी लीं और पूरे मामले की निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि संबंधित लोग अवैध रूप से वेस्ट स्क्रैप को आग लगाकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे थे, जो पर्यावरण संरक्षण नियमों का उल्लंघन है। थाना मुजेसर पुलिस ने दर्ज किया केस इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से थाना मुजेसर पुलिस को शिकायत भेजकर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया गया। मामले की जांच के लिए संजय कॉलोनी पुलिस चौकी में तैनात एएसआई बेदराम मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस द्वारा शिकायत और निरीक्षण रिपोर्ट की जांच करने के बाद प्रथम दृष्टया मामला सही पाया गया। इसके बाद थाना मुजेसर में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15 के तहत तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया।
एटा में आगामी बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। बुधवार देर शाम जिलाधिकारी अरविंद सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इला मारन ने भारी पुलिस बल के साथ शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में संयुक्त पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यह पैदल गश्त थाना कोतवाली क्षेत्र के पटियाली गेट चौकी, रेवाड़ी मोहल्ला और किदवई नगर सहित विभिन्न संवेदनशील इलाकों में की गई। इस दौरान अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों, संभ्रांत व्यक्तियों और गणमान्य लोगों से संवाद किया। उन्होंने क्षेत्र की सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली और आमजन से आपसी भाईचारे तथा सौहार्द के साथ बकरीद पर्व मनाने की अपील की। जिलाधिकारी और एसएसपी ने स्पष्ट किया कि त्योहार के दौरान शांति व्यवस्था भंग करने या माहौल खराब करने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस प्रशासन को देने का आग्रह किया। अधिकारियों ने नमाज स्थलों और उनके आसपास के क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी को पर्व के दौरान बेहतर साफ-सफाई, पेयजल आपूर्ति और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को कोई असुविधा न हो। पैदल गश्त के दौरान स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने की अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन संगम लाल, अपर पुलिस अधीक्षक श्वेताभ पांडे, अपर पुलिस अधीक्षक अपराध योगेंद्र सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर कृतिका सिंह और क्षेत्राधिकारी यातायात संजय सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने बुधवार को झूंसी क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग और बिना स्वीकृति के हो रहे निर्माणों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। इस दौरान करीब 32 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और सचिव के निर्देश पर जोन-05 के जोनल अधिकारी प्रवीण कुमार के नेतृत्व में की गई। अभियान की शुरुआत जोतपुर, हनुमानगंज, अन्दावा और झूंसी क्षेत्र से हुई। यहां शमीम श्रीवास्तव, अजय सिंह व अन्य द्वारा लगभग 10 बीघा भूमि पर की गई अवैध प्लाटिंग को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया। इसके बाद रूपेश द्विवेदी, जितेंद्र सिंह व अन्य द्वारा लगभग 15 बीघा क्षेत्रफल में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई की गई, जिसमें सड़कें, बाउंड्री और अन्य निर्माण तोड़े गए। इसी कड़ी में उमाशंकर श्रीवास्तव, विक्रम सिंह और जनार्दन सहित अन्य लोगों द्वारा लगभग 5 बीघा भूमि पर की गई अवैध प्लाटिंग को भी ध्वस्त किया गया। हबूसामोड़, अन्दावा, झूंसी में तहजीब अहमद व अन्य द्वारा लगभग 2 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। प्राधिकरण अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना मानचित्र स्वीकृति के किसी भी प्रकार का निर्माण या प्लाटिंग करना नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पीडीए ने सभी निर्माणकर्ताओं और विकासकर्ताओं को निर्देश दिया है कि प्रयागराज विकास प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी विकास कार्य से पहले मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी अवैध कॉलोनी या मेला क्षेत्र में भूखंड खरीदने या बेचने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की जांच अवश्य कर लें। ऐसा करने से भविष्य में किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सकेगा। इस ध्वस्तीकरण अभियान में जोनल अधिकारी के साथ अवर अभियंता, सुपरवाइजर, पीडीए प्रवर्तन टीम और थाना झूंसी पुलिस बल मौजूद रहा।
नगर निगम कमिश्नर ने विकास कार्यों का निरीक्षण किया:समय पर काम न होने पर भुगतान रोकने की चेतावनी
नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने बुधवार को नगर निगम और स्मार्ट सिटी की विभिन्न विकास परियोजनाओं का दिनभर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यों में हो रही देरी पर संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। आयुक्त ने गोले का मंदिर स्थित कन्वेंशन सेंटर, सचिन तेंदुलकर मार्ग, सिरोल की प्रधानमंत्री आवास योजना और नगर निगम संग्रहालय का जायजा लिया। निरीक्षण की शुरुआत निर्माणाधीन कन्वेंशन सेंटर से हुई। आयुक्त ने काम की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों, कंसलटेंट तथा ठेकेदार को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने 30 जून तक कन्वेंशन सेंटर का निर्माण पूरा करने के लिए प्रत्येक मंजिल के हिसाब से कार्ययोजना बनाने को कहा। आयुक्त ने चेतावनी दी कि यदि कार्य समय पर पूरा नहीं हुआ, तो भुगतान रोक दिया जाएगा और संबंधित एजेंसी पर जुर्माना लगाया जाएगा। बारिश से पहले डामर की सड़क बिछाने के निर्देश इसके बाद आयुक्त ने सचिन तेंदुलकर मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश शुरू होने से पहले सड़क के एक हिस्से पर डामर की परत बिछाई जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आवागमन बाधित न हो और नागरिकों को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने सड़क निर्माण में गुणवत्ता और गति दोनों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। सिरोल स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना का जायजा लेते हुए आयुक्त ने तीन दिन के भीतर निर्मित दुकानों की रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने एमआईजी श्रेणी के लाभार्थियों को 1 जून तक रजिस्ट्री संबंधी पत्र जारी करने और एलआईजी श्रेणी के लाभार्थियों को 15 जून तक सूचना पत्र भेजने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त, योजना क्षेत्र में विद्युत सब-स्टेशन का निर्माण कार्य 20 जून तक पूरा करने को कहा गया। निगमायुक्त ने नगर निगम संग्रहालय का दौरा किया। उन्होंने सिटी प्लानर महेंद्र अग्रवाल को निर्देश दिए कि उपलब्ध बजट में शेष कार्यों की संभावनाओं का आकलन करें और अतिरिक्त धनराशि के लिए प्रस्ताव तैयार करें।
गाड़ी चेकिंग में व्यक्ति से 24 लाख रुपए बरामद:किशनगंज में पश्चिम बंगाल से ला रहा था कैश
किशनगंज सदर थाना पुलिस ने बुधवार को केलटेक्स चौक के पास वाहन जांच के दौरान एक व्यक्ति से 24 लाख रुपए बरामद किए। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। पुलिस को जानकारी मिली थी कि एक व्यक्ति बंगाल की ओर से बड़ी मात्रा में नकदी ला रहा है। इस सूचना के बाद पुलिस ने तत्काल वाहन जांच अभियान शुरू किया। आयकर विभाग की टीम को सूचित कर दिया गया जांच के दौरान, धर्मपुर की ओर से आ रहे एक वाहन को केलटेक्स चौक पर रोका गया। वाहन को आगे की पड़ताल के लिए सदर थाना लाया गया। बरामद रुपयों की जानकारी आयकर विभाग की टीम को दे दी गई है। आयकर विभाग की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। प्रथमदृष्टया यह राशि किसी व्यापारी की बताई जा रही है। सदर थानाध्यक्ष निसार अहमद ने बताया कि रुपए किस कारण से ले जाए जा रहे थे, इसकी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग की टीम को सूचित कर दिया गया है और आगे की जांच के बाद ही पूरी जानकारी सामने आएगी। मामले की जांच जारी - एसडीपीओ एसडीपीओ वन खुसरू सिराज ने भी बताया कि मामले की जांच जारी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि पैसे कहां से लाए जा रहे थे और कहां ले जाए जा रहे थे। फिलहाल, आयकर विभाग के अधिकारियों को सूचना दे दी गई है।
बेगूसराय में NH-31 फोरलेन पर सड़क हादसे में मां-बाप के सामने भाई-बहन की मौत हो गई। जबकि, पिता गंभीर रूप से घायल हो गया है। घटना साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र में कुरहा के पास की है। घटना से आक्रोशित लोगों ने करीब डेढ़ घंटे तक NH-31 को जाम रखा। मृतकों की पहचान खगड़िया जिला के गंगौर ओपी स्थित जलकौड़ा गांव के रहने वाले जनार्दन तांती के बेटे दिलीप कुमार (8) और बेटी राजनंदनी कुमारी (11) के रूप में की गई है। हादसे में दोनों बच्चों के पिता जनार्दन तांती (42) घायल हो गए। जिन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि जनार्दन तांती की बहन कुरहा गांव के रहने वाले अशोक तांती की पत्नी कौशल्या देवी का कल मंगलवार को निधन हो गया था। उसके मायके खगड़िया जिला के जलकौड़ा गांव से मृतका का भाई जनार्दन तांती अपने पत्नी और दोनों बच्चों के साथ कुरहा आया था। आज दाह संस्कार के बाद सभी लोग अपने गांव वापस जा रहे थे। अति व्यस्तम कुरहा ढाला पर पहुंचने के बाद सभी सड़क पार करने की कोशिश कर रहे थे। तभी एक लाश लेकर अंतिम संस्कार के मुंगेर घाट की ओर तेज गति से जा रहे पीकअप की चपेट में दोनों बच्चे आ गए। बच्चों को चपेट में आता देख पिता जनार्दन तांती ने बचाने का प्रयास किया। लेकिन तब तक पीक अप ने दिलीप कुमार को कुचल दिया। जबकि राजनंदनी कुमारी और जनार्दन तांती गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायल को उठाकर साहेबपुर कमाल पीएचसी पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने दोनों घायल को रेफर कर दिया। लेकिन राजनंदनी कुमारी की मौत हो गई। ग्रामीण हुए आक्रोशित हादसे में बचे जनार्दन तांती की पत्नी अपने रिश्तेदार के यहां गई और सूचना दिया। घटना से स्थानीय लोग काफी आक्रोशित हो गए ठोकर मारने वाले गाड़ी को पकड़ लिया और सड़क जाम कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और करीब डेढ़ घंटे के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर लोग शांत हुए।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सेंट्रल बॉर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (CBSE) के एग्जाम के रिजल्ट में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि CBSE ने जिस COEMPT कंपनी को एग्जाम के डिजिटल इवेल्यूशन का ठेका दिया है, उसके पहले नाम ग्लोबारिना था। कंपनी तेलंगाना में साल 2019 में विवादों में रही थी। राहुल ने सवाल किया कि COEMPT को CBSE का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया। कौन-कौन से नियम और प्रक्रियाएं दरकिनार करके इस कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। COEMPT पहले ग्लोबारिना नाम से विवादों में घिर चुकी थी, यह बात CBSE को क्यों नहीं पता चली? COEMPT प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच क्या संबंध हैं। वहीं, CBSE ने राहुल के आरोपों को खारिज किया है। CBSE मुख्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि COEMPT एडूटेक को कॉन्ट्रैक्ट देने में सभी जनरल फाइनल्स रूल्स और तय प्रक्रियाओं का पालन किया गया। CBSE आरोप गलत, भ्रामक और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। CBSE बोला- चयन प्रक्रिया के बाद COEMPT को ठेका दिया CBSE का कहना है कि बोर्ड परीक्षा 2026 की कॉपियों के डिजिटल मूल्यांकन के लिए 28 अगस्त 2025 को सरकारी पोर्टल पर आवेदन मांगे गए थे। इसके बाद तय प्रक्रिया पूरी होने पर COEMPT कंपनी को यह ठेका दिया गया। हर चौथे छात्र ने स्कैन कॉपी मांगी, किसी भी बोर्ड में ऐसा पहली बार सीबीएसई 12वीं में ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम को लेकर छात्रों की असाधारण प्रतिक्रिया सामनेे आई है। 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए हर चौथे छात्र ने इसे लेकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। बोर्ड के मुताबिक, परीक्षा में बैठे 17,68,962 छात्रों में से 4,04,319 यानी 22.85% ने उत्तरपुस्तिका की स्कैन कॉपी मांगी है। इन छात्रों ने कुल 11,31,961 आंसरशीट मांगी हैं। इनमें से 8,98,214 आंसरशीट मंगलवार शाम तक छात्रों को भेजी जा चुकी थीं। पिछले साल के मुकाबले ये 4 गुना ज्यादा हैं। देश के किसी भी बोर्ड के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। बोर्ड की वेबसाइट पर तकनीकी गड़बड़ी के चलते अब भी कुछ आवेदन अटके हुए हैं। इनके उचित पेमेंट सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। बोर्ड ने बताया कि स्कैन आंसर शीट से जुड़े पेंडिंग आवेदन 27 मई तक पूर कर लिए जाएंगे। 29 मई से पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। अधिकारी ने कहा कि जिस समय अंतिम आंसरशीट जारी होगी, उसके दो दिन बाद तक पुनर्मूल्यांकन के आवेदन का विंडो खुला रहेगा। बोर्ड ने कहा कि जिन छात्रों को अपनी आंसरशीट को लेकर शिकायत है, वे अंकों के सत्यापन या प्रति सवाल पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं। 2025 में 2 लाख 82 हजार आंसरशीट मांगी 2025 में 1,31,000 छात्रों ने अपनी 2,82,000आंसरशीट मांगी थी। इनमें से 50 हजार छात्रों ने मिले अंक से असंतुष्ट होने पर पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया। इनमें से 31 हजार छात्रों के अंक बढ़ गए और करीब एक से डेढ़ हजार छात्रों के अंक कम हो गए। 18 हजार छात्रों के अंकों में कोई फेरबदल नहीं हुआ। हालांकि, नंबर कम होने पर घटाए नहीं जाते, बल्कि यथावत रहते हैं। इस बार 12वीं परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन ऑन स्क्रीन किया गया, इसके लिए सभी आंशरशीट स्कैन की गई थी। ……………… CBSE विवाद से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… CBSE वेबसाइट पर कोई भी कर सकता है कॉपी चेक:19 साल के छात्र का दावा- मास्टर पासवर्ड कोई भी देख सकता है, पोर्टल पर सिक्योरिटी नहीं 19 साल के एक स्टूडेंट निसर्ग अधिकारी ने दावा किया है कि उसने CBSE की वेबसाइट आसानी से हैक कर ली। निसर्ग एक साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर है। निसर्ग के ब्लॉग को आंत्रप्रेन्योर डीडी दास ने अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया है। पूरी खबर पढ़ें…
धार की ऐतिहासिक भोजशाला बुधवार को एक बार फिर चर्चा में रही। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की राष्ट्रीय अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री अपने इंदौर-धार प्रवास के दौरान भोजशाला पहुंचीं। उन्होंने सबसे पहले श्री धारेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजन किया और इसके बाद भोजशाला पहुंचकर माँ सरस्वती के दर्शन किए। इस दौरान हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के प्रदेश अध्यक्ष आशीष जनक, इंदौर हाईकोर्ट के अधिवक्ता विनय जोशी, आशीष गोयल सहित संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। रंजना अग्निहोत्री ने बताया कि हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस द्वारा देशभर में 200 से अधिक याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं। इनमें कृष्ण जन्मभूमि, काशी विश्वनाथ, मां श्रृंगार गौरी मंदिर और भोजशाला जैसे कई प्रमुख मामले शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी प्रकरणों में धर्म और संस्कृति संरक्षण की भावना प्रमुख रही है। 'अगले 6 महीने में विजय मंदिर मामले की याचिका लगाएंगे'धार प्रवास के दौरान उन्होंने जिले के एक और चर्चित धार्मिक स्थल विजय मंदिर-लाट मस्जिद मामले को लेकर बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि आगामी छह महीने के भीतर इस मामले को लेकर भी याचिका दायर की जाएगी। यह स्थल भी विवादों में रहा है, जहां हिंदू समाज इसे विजय मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम समाज इसे लाट मस्जिद कहता है। मुस्लिम समाज साल में दो बार ईद और बकरा ईद पर यहां नमाज अदा करता है, वहीं हिंदू समाज विजयदशमी पर पूजा-अर्चना करता है। भोजशाला आंदोलन और न्यायालय के निर्णय को लेकर रंजना अग्निहोत्री ने कहा कि किसी भी ऐतिहासिक निर्णय का श्रेय केवल एक व्यक्ति या संगठन को नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि भोजशाला की ऐतिहासिक विजय सामूहिक प्रयास, समाज के सहयोग और लंबी कानूनी प्रक्रिया का परिणाम है। उनकी भोजशाला में मौजूदगी और विजय मंदिर-लाट मस्जिद को लेकर दिए गए संकेतों के बाद जिले में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक केंद्र मंडीदीप इन दिनों गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में है। यहां की वायु गुणवत्ता (AQI) लगातार 'खराब' श्रेणी में बनी हुई है। प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सुस्ती के कारण स्थानीय निवासियों और श्रमिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। दिल्ली से भी बदतर हालात, आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता मंडीदीप में प्रदूषण की स्थिति कितनी भयावह है, इसका अंदाजा पिछले कुछ दिनों के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। 25 मई को AQI 152 और 26 मई को 196 दर्ज किया गया, जबकि आज यह 155 पर रहा। गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में यहां का सूचकांक 393 तक पहुंच गया था, जो उस समय दिल्ली के प्रदूषण स्तर से भी अधिक था। नियमों के मुताबिक, चिमनियों की ऊंचाई बढ़ाने और उन पर कंपनी का नाम लिखने का निर्णय लिया गया था, लेकिन धरातल पर अब तक कोई ठोस काम नहीं हुआ है। कैंसर और फेफड़ों की बीमारियाें का खतरा सिविल अस्पताल के डॉ. विवेक नागर ने चेतावनी दी है कि यह जहरीला धुआं जानलेवा साबित हो रहा है। चिमनियों के आसपास काम करने वाले मजदूरों में नोजल कैविटी (नाक और दिमाग का कैंसर) होने की आशंका रहती है। इसके अलावा, औद्योगिक क्षेत्र के पास रहने वाले नागरिकों में फेफड़ों और आंतों के कैंसर सहित सांस संबंधी गंभीर बीमारियां तेजी से पनप रही हैं। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा लापरवाह कारखाना संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न किए जाने से लोगों में आक्रोश है। वहीं चिकित्सा विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि औद्योगिक क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोग मास्क का उपयोग करें और सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत जांच कराएं। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी बृजेश शर्मा ने बताया- अब एनजीटी के आदेशानुसार चिमनियों में 'कंटीन्यूअस मॉनिटरिंग सिस्टम' लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे निकलने वाले धुएं की चौबीसों घंटे निगरानी और रिकॉर्डिंग हो सकेगी।
औरंगाबाद के टंडवा थाना क्षेत्र अंतर्गत मनोहरी गांव में आज शाम सड़क हादसे में साइकिल सवार दो सगे भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों बच्चे साइकिल से ट्यूशन पढ़ने जा रहे थे, तभी एक अनियंत्रित कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। घायलों की पहचान मनोहरी गांव निवासी पिंटू मेहता के 13 साल के बेटे कृष्ण कन्हैया कुमार और आठ साल के धीरज कुमार के रूप में हुई है। कृष्ण कन्हैया सातवीं कक्षा का छात्र है, जबकि उसका छोटा भाई धीरज दूसरी कक्षा में पढ़ाई करता है। दोनों रोजाना की तरह बुधवार को भी साइकिल से गांव से कुछ दूरी पर स्थित निजी कोचिंग संस्थान में पढ़ने जा रहे थे। निजी विद्यालय की शिक्षिका को छोड़ने जाने के दौरान हादसा दोनों भाई जैसे ही गांव के पास स्थित तीखा मोड़ के पास पहुंचे, उसी दौरान झारखंड के हरिहरगंज स्थित एक निजी स्कूल की शिक्षिका को घर छोड़ने जा रही कार अनियंत्रित हो गई और सीधे बच्चों की साइकिल में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बच्चे सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में उनकी साइकिल भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद आसपास मौजूद ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे और घायल बच्चों को संभाला। दुर्घटना के बाद चालक वाहन लेकर भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया। इस दौरान आक्रोशित लोगों की ओर से चालक के साथ मारपीट किए जाने और कार को भी क्षतिग्रस्त करने की सूचना है। कुछ देर के लिए घटनास्थल पर तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई थी। बाद में स्थानीय लोगों की मदद से धक्का मारने वाले गाड़ीसे ही दोनों बच्चों को इलाज के लिए हरिहरगंज ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद रेफर कर दिया। सदर अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अभिषेक ने दोनों घायलों का इलाज किया। डॉक्टरों के अनुसार दोनों बच्चों को शरीर के विभिन्न हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। गाड़ी मालिक की ओर से घायलों के परिजनों को इलाज में सहयोग करने और मुआवजे के रूप में आर्थिक सहायता देने की बात कही गई है।
बलौदा बाजार पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना सुहेला थाना पुलिस ने एक तस्कर का करीब 15 किलोमीटर तक पीछा कर उसे पकड़ने में सफलता हासिल की। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस को ‘समाधान सेल’ के जरिए सूचना मिली थी कि ग्राम साराडीह में अवैध शराब का परिवहन किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने गांव के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर तेज रफ्तार में भागा तस्कर पुलिस के अनुसार, पीछा किए जाने का आभास होते ही आरोपी ने अपनी मारुति सुजुकी स्विफ्ट डिजायर कार (CG04 DX 2444) तेज रफ्तार से भगानी शुरू कर दी। पुलिस टीम ने हाईवे और संकरी सड़कों पर लगभग 15 किलोमीटर तक उसका पीछा किया। बचने की कोशिश में आरोपी अपने गांव की एक बंद गली में घुस गया, जहां पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर वाहन रोक लिया और मौके पर ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 50 पाव देशी मसाला शराब जब्त तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 50 पाव देशी मसाला शराब बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 5 हजार रुपये बताई गई है। शराब परिवहन में इस्तेमाल कार को भी जब्त कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल मिरी (26) और कुशल ध्रुव (23) के रूप में हुई है। दोनों ग्राम साराडीह के निवासी हैं। समाधान सेल की सूचना पर हुई कार्रवाई पुलिस ने बताया कि जिले में आम लोगों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए ‘समाधान सेल’ शुरू किया गया है। हेल्पलाइन नंबर 94792 20392 पर कॉल या व्हाट्सएप के माध्यम से शराब, सट्टा और अन्य आपराधिक गतिविधियों की सूचना दी जा सकती है। इसी सेल से मिली सूचना के आधार पर सुहेला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
खगड़िया जिले में बुधवार को राज्य योजना के तहत मछुआरों को आधुनिक मत्स्य उपकरण वितरित किए गए। यह वितरण समाहरणालय परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में हुआ। इसका उद्देश्य मछुआरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देना है। राज्य योजना अंतर्गत संचालित नाव-जाल पैकेज वितरण योजना के तहत, 8 मछुआरों को 90 प्रतिशत अनुदान पर फिशिंग वुडन बोट प्रदान की गईं। उन्हें सुरक्षा और मत्स्य संरक्षण के लिए लाइफ जैकेट, आइस बॉक्स और लाइफ रॉफ्ट जैसे आवश्यक संसाधन भी दिए गए। फेंका जाल और आइस बॉक्स वितरित इसके अतिरिक्त, 42 अन्य मछुआरों को फेंका जाल और आइस बॉक्स वितरित किए गए। इसका उद्देश्य उन्हें आधुनिक तरीकों से मत्स्य पालन करने और अपनी आय बढ़ाने में मदद करना है। सामग्री वितरण खगड़िया विधायक बबलु मंडल, परबत्ता विधायक बाबुलाल शौर्य और जिलाधिकारी नवीन कुमार ने संयुक्त रूप से किया। लाभुक मछुआरों ने इस योजना को आर्थिक मजबूती देने वाला बताया, जिससे वे बेहतर मत्स्य व्यवसाय कर सकेंगे। सदस्यों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता इस अवसर पर जिलाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि बिहार सरकार मत्स्यजीवियों के उत्थान के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि पारंपरिक मछुआरों और मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सदस्यों को आधुनिक संसाधनों से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। जिलाधिकारी के अनुसार, इससे मत्स्य उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि होगी, साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना लक्ष्य उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि संसाधनों की कमी के कारण कई मछुआरे अपने पेशे को आधुनिक तरीके से नहीं कर पा रहे थे। इस योजना के तहत नाव, जाल और अन्य उपकरण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य मछुआरों की आय बढ़ाना, उनके जीवन स्तर में सुधार लाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि मत्स्य पालन आज के समय में रोजगार का बड़ा माध्यम बनता जा रहा है। यदि आधुनिक तकनीक और संसाधनों का उपयोग किया जाए तो कम लागत में अधिक उत्पादन संभव है। उन्होंने लाभुकों से अपील की कि वे सरकार द्वारा दिए गए संसाधनों का सही उपयोग करें तथा दूसरे लोगों को भी मत्स्य पालन के प्रति प्रेरित करें। सरकार एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी धनंजय कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी विवेक सुगंध, जिला मत्स्य पदाधिकारी लाल बहादुर साफी, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी नवीन कुमार सहित मत्स्य विभाग के कई पदाधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। इसके अलावा जिले के विभिन्न मत्स्यजीवी सहयोग समितियों से जुड़े लगभग 100 सदस्य, प्रतिनिधि एवं मत्स्यपालक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में लाभुकों ने सरकार एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। मछुआरों ने कहा कि नाव और जाल मिलने से अब उन्हें नदी एवं जलाशयों में सुरक्षित और बेहतर ढंग से मछली पकड़ने में मदद मिलेगी। इससे उनकी आमदनी बढ़ेगी और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
भिलाई में साईराम व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक के साथ हुई ठगी के मामले में पुलिस ने राजस्थान के 6 आरोपियों को रायपुर से गिरफ्तार किया है। ठगों ने व्यापारी के एकाउंटेंड से अपने खाते में 20 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए थे। इसके अगले दिन दोबारा 48 लाख रुपए की डिमांड की थी। जिसके बाद व्यापारी ने सुपेला थाना में एफआईआर दर्ज करवाई थी। पुलिस ने बताया कि ठगों ने पहले कंपनी के एकाउंटेंट को APK फाइल भेजी। एकाउंटेंट ने गलती से वह फाइल डाउनलोड कर ली। इसके बाद एकाउंटेंट के मोबाइल का पूरा एक्सेस ठगों के पास चला गया। आरोपी कई दिनों तक मोबाइल की गतिविधियों पर नजर रखते रहे और कंपनी के लेनदेन की पूरी जानकारी जुटा ली। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उन्होंने कंपनी से 20 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी कर ली। मामला थाना सुपेला क्षेत्र का है। कई दिनों से जुटा रहे थे जानकारीपुलिस जांच में पता चला कि ठगों ने सबसे पहले एकाउंटेंट के मोबाइल में APK फाइल इंस्टॉल करवाई थी। यह फाइल डाउनलोड होते ही मोबाइल का कंट्रोल आरोपियों के पास पहुंच गया। वे मोबाइल के मैसेज, कॉल, फोटो और व्हाट्सएप गतिविधियां लगातार देखते रहे। इसी दौरान उन्हें पता चला कि कंपनी के डायरेक्टर श्रीचंद बत्रा आस्ट्रेलिया जा रहे हैं मालिक के बाहर जाते ही आरोपियों ने एकाउंटेंट के मोबाइल से उनकी फोटो निकाली और उसी फोटो को डीपी में लगाकर उन्होंने कंपनी के अकाउंटेंट को मैसेज भेजकर पैसे ट्रांसफर करने को कहा। चूंकि कंपनी में डायरेक्टरों के बीच व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पेमेंट की प्रक्रिया चलती थी, इसलिए एकाउंटेंट को शुरुआत में शक नहीं हुआ। म्यूल खातों का किया इस्तेमाल, रायपुर में रह रहे थेपुलिस ने राजस्थान के रहने वाले इन सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी रायपुर में रह रहे थे। सभी बेरोजगार हैं। मोबाइल का एक्सेस लेने के बाद ठगों ने यह भी पता लगाया कि कंपनी किसे नियमित पेमेंट करती है और किन खातों में पैसा भेजा जाता है। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उन्होंने 20 लाख रुपए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। अगले दिन जब आरोपियों ने 48 लाख रुपए और भेजने का मैसेज किया, तब एकाउंटेंट को मामला संदिग्ध लगा। पैसे का ट्रांसफर म्यूल खातों में किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 1.20 लाख रुपए नकद, 6 मोबाइल, 10 डेबिट कार्ड, कई बैंक दस्तावेज, सिम कार्ड और पासबुक जब्त किए हैं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए किया गिरफ्तारशिकायत मिलने के बाद दुर्ग पुलिस और एसीसीयू की टीम ने जांच शुरू की। तकनीकी जांच और बैंक खातों की जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपी राजस्थान के रहने वाले हैं और रायपुर में लगातार होटल बदलकर रह रहे थे। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी तनिष्क होटल और आसपास के इलाकों में ठहरे हुए हैं। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर के रहने वाले हैं। पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि वे अलग-अलग शहरों में किराए के मकान और होटल में रहकर साइबर ठगी करते थे। आरोपी फर्जी बैंक खातों के जरिए रकम ट्रांसफर कर कमीशन बांटते थे। 3 बीकानेर और 3 आरोपी जोधपुर के रहने वाले हैं- मुरली जनागल पिता आशुराम जी जनागल उम्र 19 वर्ष निवासी अमरपुरा थाना गंगाशहर जिला बीकानेर राजस्थान- गोपाल सोनी पिता मदनमोहन सोनी उम्र 25 वर्ष निवासी चीपड़ाबाड़ी थाना गंगाशहर जिला बीकानेर राजस्थान- मोती सिंह पिता नरेन्द्र सिंह उम्र 18 वर्ष निवासी सोइरा शेरगढ़ थाना शेरगढ़ जिला जोधपुर राजस्थान- मोतीलाल शर्मा पिता गोपीकिशन शर्मा उम्र 18 वर्ष निवासी बापीनी थाना पतोड़ा जिला जोधपुर राजस्थान- बनवारी शर्मा पिता रामेश्वरलाल शर्मा उम्र 28 वर्ष निवासी गंगाशहर बाफना स्कूल के सामने जिला बीकानेर राजस्थान- पंकज शर्मा पिता अण्डभद्रा राव उम्र 24 वर्ष निवासी थाना लोहावट जिला जोधपुर राजस्थान
बुरहानपुर में आगामी त्योहारों को शांतिपूर्वक संपन्न कराने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने मंगलवार शाम शहर में फ्लैग मार्च निकाला। एसपी आशुतोष बागरी के निर्देशन में एएसपी अंतर सिंह कनेश और सीएसपी गौरव पाटिल के नेतृत्व में यह मार्च निकाला गया। फ्लैग मार्च कोतवाली थाने से शुरू होकर फूल चौक, गांधी चौक, कमल चौक, शिवकुमार प्रतिमा, जयस्तंभ, मंडी चौक होते हुए कंट्रोल रूम पर समाप्त हुआ। भड़काऊ पोस्ट पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी पुलिस ने बताया कि पूरे शहर में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए सभी थाना क्षेत्रों में फिक्स पिकेट लगाए गए हैं। इसके साथ ही मोबाइल और बाइक पार्टियां लगातार गश्त कर रही हैं। टेक्निकल टीम सोशल मीडिया पर भी निगरानी रख रही है। पुलिस ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक या भड़काऊ पोस्ट करने, उसे फॉरवर्ड करने या लाइक करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कई थानों का पुलिस बल रहा शामिल फ्लैग मार्च में आरआई सुनील दीक्षित, कोतवाली, शिकारपुरा, गणपति नाका, लालबाग और यातायात थानों के प्रभारी सहित सभी थानों का बल शामिल रहा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी साझा न करें और शांति बनाए रखने में सहयोग करें।
गुरु तेग बहादुर स्कूल क्रिकेट अकादमी के मैदान पर खेले गए वार्म अप मुकाबले में गुरु तेग बहादुर क्रिकेट हॉस्टल अकादमी ने ऋषभ क्रिकेट अकादमी को 7 रन से हराकर जीत दर्ज की। टॉस जीतकर ऋषभ क्रिकेट अकादमी ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए गुरु तेग बहादुर क्रिकेट हॉस्टल अकादमी ने 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 217 रन बनाए। टीम की ओर से दीपांशु ने 65 रन की शानदार पारी खेली, जबकि अक्ष ने 43, कबीर ने 41 और सागर ने 30 रन बनाए। गेंदबाजी में ऋषभ क्रिकेट अकादमी की ओर से अर्णव ने 3 विकेट लिए।कार्तिक और सागर को 2-2 सफलता मिली। 218 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऋषभ क्रिकेट अकादमी की टीम 19.3 ओवर में 210 रन पर ऑलआउट हो गई। टीम की ओर से धैर्य ने 75 रन बनाए, जबकि अक्षय ने 42, देवांश ने 35 और विराट ने 32 रन का योगदान दिया। गुरु तेग बहादुर क्रिकेट हॉस्टल अकादमी की ओर से प्रत्यक्ष ने 3 विकेट झटके। युग और आदित्य ने 2-2 विकेट लिए, जबकि मन्नू और देवांश को 1-1 सफलता मिली। क्रिकेट कोच अतहर अली ने बताया कि ईद के चलते गुरुवार को कोई मुकाबला नहीं खेला जाएगा। शुक्रवार को दूसरा वार्म अप मैच खेला जाएगा।
शिवपुरी में स्मैक और अवैध शराब के साथ दो गिरफ्तार:3 लाख की स्मैक और 7 पेटी अवैध शराब बरामद
शिवपुरी कोतवाली पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने करीब 3 लाख रुपये की स्मैक और 35 हजार रुपये की अवैध शराब जब्त की। कोतवाली प्रभारी रोहित दुबे ने बताया कि पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है। मुखबिर की सूचना पर स्मैक तस्कर गिरफ्तार टीआई रोहित दुबे के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि रेलवे स्टेशन माल गोदाम रोड पर एक युवक स्मैक बेचने की तैयारी में है। पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर लुधावली कब्रिस्तान रोड निवासी राहुल पांडे उर्फ समर पांडे को पकड़ा। उसकी तलाशी में 15.98 ग्राम स्मैक मिली, जिसकी अनुमानित कीमत 3 लाख रुपये है। आरोपी राहुल पांडे के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उस पर पहले भी मारपीट, अवैध शराब और स्मैक तस्करी के मामले दर्ज हैं। अवैध शराब के साथ दूसरा आरोपी गिरफ्तार दूसरी कार्रवाई में कोतवाली पुलिस ने पोहरी बस स्टैंड के पीछे से कृष्णपुरम कॉलोनी निवासी राहुल सेन उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया। वह दो प्लास्टिक कट्टों में 7 पेटी देशी शराब (350 क्वार्टर) लेकर बिक्री की फिराक में था। जब्त शराब की कीमत लगभग 35 हजार रुपये आंकी गई है। आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज आरोपी राहुल सेन के पास शराब रखने का कोई वैध लाइसेंस नहीं मिला, जिसके चलते उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। कोतवाली प्रभारी रोहित दुबे ने बताया कि शिवपुरी को नशा मुक्त बनाने के लिए अवैध शराब और मादक पदार्थों के कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस बाहरी जिलों और राज्यों से नशीले पदार्थ लाने वाले लोगों की जानकारी भी जुटा रही है।
जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले मामले में पूर्व मंत्री महेश जोशी की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने एसीएस होम और डीजीपी को नोटिस जारी किए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस बीएस संधू की खंडपीठ ने नोटिस जारी करके पूछा-पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी के समय कानूनी प्रावधानों का पालन हुआ था या नहीं? बेंच ने यह नोटिस महेश जोशी के बेटे रोहित जोशी की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किए। याचिका में कहा गया था कि एसीबी ने 7 मई को उनके पिता को गिरफ्तार किया था, लेकिन गिरफ्तारी के दौरान एसीबी के अधिकारियों ने परिजनों को गिरफ्तारी के कारणों की लिखित जानकारी नहीं दी। अब 10 जून को मामले की अगली सुनवाई होगी। गिरफ्तारी, रिमांड सहित पूरी कार्रवाई अवैध याचिकाकर्ता के अनुसार, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) में यह स्पष्ट प्रावधान है कि किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी के समय उसके कारणों की लिखित जानकारी आरोपी उसके परिजनों को दी जाएगी। यहां इस कानूनी प्रावधान का पालन नहीं किया गया। ऐसे में पूर्व मंत्री की यह गिरफ्तारी पूरी तरह से गैर-कानूनी और अवैध हो गई है। साथ ही गिरफ्तारी के बाद उन्हें दिया गया पुलिस रिमांड और आगे की तमाम कानूनी कार्रवाई भी प्रक्रियात्मक खामियों के चलते अवैध हो गई है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि नियमों की अनदेखी को देखते हुए उनके पिता को तुरंत रिहा किया जाए। सुबोध अग्रवाल की जमानत याचिका पर बहस पूरी जेजेएम घोटाले में पहले से गिरफ्तार पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल की जमानत याचिका पर एसीबी कोर्ट में सुनवाई पूरी हुई। एसीबी कोर्ट शुक्रवार को इस पर फैसला सुना सकता है। साथ ही मामले के अन्य आरोपी शुभांशु दीक्षित, निरील कुमार, सुशील कुमार, दिनेश गोयल व अरुण श्रीवास्तव की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में भी बहस पूरी हो गई। हाईकोर्ट ने बहस पूरी होने के बाद मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया, और जल्द ही इस पर फैसला सुनाएगा। --- महेश जोशी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए.. शादी की सालगिरह पर महेश जोशी गिरफ्तार:सुबह 4:30 बजे ACB पूर्व मंत्री के घर पहुंची; बोले- सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने पूर्व मंत्री महेश जोशी को जयपुर स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया है। जल जीवन मिशन (JJM) में हुए करीब 900 करोड़ रुपए के घोटाले में एसीबी की SIT ने यह कार्रवाई की है। आज ही जोशी की शादी की सालगिरह भी है। पढ़ें पूरी खबर
दरभंगा के ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के आईटी सेल की ओर से शिक्षकों-विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों के विभिन्न विकासात्मक काम को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से “एपीआई पोर्टल” की शुरुआत की गई। इस पोर्टल का शुभारंभ कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी ने किया। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस पोर्टल के माध्यम से विश्वविद्यालय और विभिन्न विभागों के प्रशासनिक, शैक्षणिक और विकासात्मक कार्यों को अधिक प्रभावी,पारदर्शी और तकनीकी रूप से उन्नत बनाया जाएगा। इस अवसर पर कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने कहा कि विश्वविद्यालय में डिजिटल तकनीकों के विस्तार और आधुनिक आईटी आधारित सेवाओं को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि एपीआई पोर्टल शिक्षकों और विभागों के काम निपटारा को सरल, तेज और व्यवस्थित बनाने में सहायक सिद्ध होगा। सेवाओं का बेहतर समन्वय स्थापित होगा आईटी सेल प्रभारी डॉ अंकित कुमार सिंह ने बताया कि एपीआई पोर्टल के माध्यम से विभिन्न विभागों के बीच डेटा और सेवाओं का बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा, जिससे विश्वविद्यालय के डिजिटल तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तकनीकी विकास और क्रियान्वयन में सॉफ्टवेयर इंजीनियर गणेश कुमार पासवान, आईटी विशेषज्ञ विपुल कुमार व सोशल मीडिया हैंडलर राजेश कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में छात्र कल्याण अध्यक्ष प्रो अशोक कुमार मेहता, विश्वविद्यालय विकास परिषद समन्वयक डॉ गजेन्द्र प्रसाद, महिला प्रौद्योगिकी संस्थान के निदेशक प्रो अजयनाथ झा, महाविद्यालय निरीक्षक प्रो अरुण कुमार सिंह, विकास पदाधिकारी डॉ अभिषेक राय तथा कुलपति के सचिव डॉ सैयद मोहम्मद जमाल अशरफ सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। डॉ अंकित कुमार सिंह ने इस पहल को “डिजिटल विश्वविद्यालय” निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए भविष्य में और भी उन्नत तकनीकी सेवाएं प्रारंभ करने की बात कही।
ऑनलाइन टास्क पूरा कर पैसे कमाने का लालच देकर एक महिला से लाखों रुपए की साइबर ठगी करने के मामले में करनाल साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सोशल मीडिया के जरिए महिला को झांसे में लेकर अलग-अलग खातों में करीब 11 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए थे। पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों को राजस्थान से काबू किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तरुण कुमार, अनवर लाल उर्फ अनिल कुमार निवासी गांव बीजराड़ जिला बाड़मेर और विकास निवासी संत रविदास नगर थाना बदवारिया जिला जोधपुर के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने इन्हें बाड़मेर क्षेत्र से पकड़ा। तलाशी के दौरान इनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए। इंस्टाग्राम विज्ञापन से शुरू हुआ जाल मामले की जांच कर रहे एएसआई रामफूल ने बताया कि महिला ने शिकायत में बताया था कि उसने इंस्टाग्राम पर वर्क फ्रॉम होम से जुड़ा एक विज्ञापन देखा। उस पर क्लिक करने के बाद उसे व्हाट्सएप पर मैसेज मिला और बाद में उसे टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ लिया गया। शुरुआत में दिए पैसे, फिर कराया बड़ा निवेश ग्रुप में आरोपियों ने टास्क पूरा करने पर ज्यादा मुनाफा कमाने का झांसा दिया। शुरुआत में छोटे टास्क पूरे करने पर कुछ रुपए दिए गए, जिससे महिला को भरोसा हो गया। इसके बाद पेड टास्क के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाने शुरू कर दिए गए। परिवार के खातों से भी कराए ट्रांसफर महिला के अनुसार, उसने अपने खाते के साथ-साथ परिवार के बैंक खातों से भी अलग-अलग तारीखों में करीब 11 लाख रुपए आरोपियों के बताए खातों में भेज दिए। कुछ समय बाद आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया, तब जाकर ठगी का पता चला। तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम करनाल में 30 दिसंबर 2025 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने बैंक खातों और तकनीकी साक्ष्यों की जांच करते हुए आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले की आगे की जांच जारी है।
बेतिया जिले के कालीबाग थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पशु तस्करी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गड़वान टोली वार्ड संख्या-10 स्थित दिलनवाज आलम के घर से 15 गायों को बरामद किया और एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि दिलनवाज आलम के घर में बड़ी संख्या में गायों और बछड़ों को अवैध रूप से तस्करी के उद्देश्य से रखा गया है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया। योजनाबद्ध तरीके से संबंधित स्थल पर छापेमारी की पुलिस अधीक्षक बेतिया डॉ. शौर्य सुमन के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-वन अजीत कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। इस टीम में नगर थाना, कालीबाग थाना और मनवापुल थाना के पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे। संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से संबंधित स्थल पर छापेमारी की। अन्य तस्करों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी तेज छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 15 बड़ी और छोटी गायों को सुरक्षित बरामद किया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-वन अजीत कुमार ने बताया कि कालीबाग थाना क्षेत्र के गड़वान टोली वार्ड नंबर 10 में यह कार्रवाई की गई। इस दौरान दिलनवाज आलम को गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इन पशुओं को तस्करी के उद्देश्य से वहां रखा गया था। पुलिस ने पशुओं को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थानों पर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले की गहन जांच जारी है। अन्य तस्करों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी तेज कर दी गई है।
फरीदकोट के गांव हरी नौ में करीब 3 महीने पहले कर्ज के बोझ से परेशान दो सगे किसान भाइयों द्वारा ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या करने के मामले ने अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया है। भारतीय किसान यूनियन (सिद्धूपुर) की ओर से कृषि कर्ज और बैंकों की कथित 'धक्काशाही' के खिलाफ पंजाब भर में मोर्चा खोल दिया गया है। फरीदकोट में बुधवार को हुई प्रांतीय बैठक के बाद संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल ने आंदोलन को और तेज करते हुए 1 जून को चंडीगढ़ में पीएडीबी (लैंड मॉर्गेज) बैंक के रजिस्ट्रार कार्यालय के घेराव का बड़ा ऐलान किया है। 29 मई को जिलों में रणनीति, 1 जून को चंडीगढ़ कूच किसान नेता डल्लेवाल ने बताया कि पंजाब के कई जिलों में पिछले ढाई महीने से पीएडीबी बैंकों के बाहर लगातार धरने दिए जा रहे हैं, लेकिन प्रशासन और सरकार की ओर से कोई ठोस सुनवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में अब आर-पार की लड़ाई की रणनीति तैयार की गई है। डल्लेवाल ने कहा, 29 मई को पंजाब के सभी जिलों के किसान नेता अपने-अपने क्षेत्रों में बैठकें करके आंदोलन की रूपरेखा तय करेंगे। इसके बाद 1 जून को भारी संख्या में किसान मोहाली में इकट्ठा होकर चंडीगढ़ के लिए कूच करेंगे। किसानों की मुख्य मांगें: कर्ज लेते समय गारंटी के तौर पर लिए गए खाली चेक किसानों को वापस किए जाएं। कर्ज से परेशान किसानों के लिए 'वन टाइम सेटलमेंट' (OTS) की व्यवस्था की जाए। संघर्ष के दौरान किसानों के खिलाफ दर्ज किए गए सभी पुलिस मामलों को तुरंत वापस लिया जाए। किसानों के हित में बने बैंक ही कर रहे शोषण, हो सीबीआई जांच बैठक को संबोधित करते हुए जगजीत सिंह डल्लेवाल ने सरकारी तंत्र पर तीखे हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि जो बैंक कभी किसानों की मदद और हित के लिए बनाए गए थे, वे आज किसानों के मानसिक और आर्थिक शोषण का मुख्य केंद्र बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि कर्ज के समय लिए गए चेकों का गलत इस्तेमाल हो रहा है और कई जगहों पर तो कर्ज चुकाने के बाद भी किसानों को फर्जी क्लीयरेंस लेटर थमा दिए गए हैं। डल्लेवाल ने मांग की है कि इन बैंकों की कार्यप्रणाली और इसमें शामिल अधिकारियों की सीबीआई (CBI) जांच कराई जाए ताकि बैंकिंग सिस्टम में चल रहे कथित घोटालों का सच जनता के सामने आ सके। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक बैंकों के बाहर चल रहे पक्के धरने इसी तरह जारी रहेंगे।
गुरुवार को मनाए जाने वाले बकरीद पर्व को लेकर मधुबनी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पर्व के दौरान शहर में शांति, सौहार्द और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से बुधवार शाम करीब 6:30 बजे मधुबनी शहर में फ्लैग मार्च निकाला गया। यह फ्लैग मार्च सदर एसडीएम चंदन कुमार झा और सदर एसडीपीओ-1 अमित कुमार के नेतृत्व में हुआ। फ्लैग मार्च थाना चौक से शुरू होकर बिजली ऑफिस रोड, भौआरा, मच्छट्टा चौक, कोतवाली चौक सहित शहर के विभिन्न संवेदनशील और प्रमुख क्षेत्रों से गुजरा। इस दौरान पुलिस प्रशासन की उपस्थिति से नागरिकों में सुरक्षा का भाव बढ़ा। फ्लैग मार्च में मधुबनी नगर थाना अध्यक्ष मनोज कुमार के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल और जवान मौजूद थे। आपसी सौहार्द बनाए रखने का आग्रह कियाप्रशासन द्वारा निकाले गए इस फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना था कि बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और भाईचारे के वातावरण में मनाया जाए। साथ ही, किसी भी प्रकार की अफवाह या असामाजिक गतिविधियों से दूर रहने की अपील की गई। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस अधिकारियों ने लोगों से संवाद कर आपसी सौहार्द बनाए रखने का आग्रह किया। इस संबंध में मधुबनी सदर एसडीएम चंदन कुमार झा ने बताया कि बकरीद पर्व को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। शहर के सभी प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रहीउन्होंने लोगों से अपील की कि सभी नागरिक आपसी भाईचारे और शांति के साथ पर्व मनाएं तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। वहीं, मधुबनी सदर एसडीपीओ-1 अमित कुमार ने कहा कि पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की पैनी नजर है, ताकि किसी प्रकार की अफवाह न फैले। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने का अनुरोध किया।
टेंट के सामान में आग से लाखों का नुकसान:संचालक बोले- समय पर बुझाई वरना होटल में होता नुकसान
शिवपुरी जिले के कोलारस कस्बे में बुधवार शाम स्टेशन रोड स्थित एसआर होटल के पीछे रखे टेंट और सजावट के सामान में आग लग गई। आग लगते ही फाइबर बोर्ड और स्टेज सजावट सामग्री से काले धुएं के गुबार उठने लगे, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया गया। यह आग एसआर होटल के पीछे रखे श्रीराम टेंट हाउस के टेंट, फाइबर बोर्ड और स्टेज डेकोरेशन के सामान में लगी थी। होटल संचालक राजेश भार्गव ने बताया कि समय रहते आग बुझा दी गई, जिससे आग होटल के भीतर तक नहीं पहुंच सकी और एक बड़ा हादसा टल गया। फायर ब्रिगेड कर्मचारी प्रमोद शर्मा ने अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर तेजी से राहत कार्य शुरू किया और कुछ ही मिनटों में आग को नियंत्रित कर लिया। टेंट संचालक राजू नामदेव के अनुसार, इस आगजनी की घटना में उन्हें लगभग तीन से चार लाख रुपए का नुकसान हुआ है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है।
जमुई जिले के चर्चित दरोगा प्रभात रंजन हत्याकांड मामले में अदालत ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय सुधीर सिन्हा की अदालत ने अवैध बालू कारोबार से जुड़े इस मामले में कृष्ण दास, मिथिलेश ठाकुर और पवन दास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है। मामले में शामिल तीन अन्य आरोपितों को भी सजा सुनाई गई है। भुलिया उर्फ झुलिया, चिंता देवी और दशरथ दास को सरकारी कार्य में बाधा डालने का दोषी पाते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 353 के तहत दो-दो वर्ष के कारावास की सजा दी गई है। एपीपी मनोज कुमार सिंह ने इस फैसले की जानकारी दी। लगभग ढाई साल तक चली सुनवाई यह घटना 14 नवंबर 2023 को हुई थी। उस समय दरोगा प्रभात रंजन जमुई जिले के खैरा प्रखंड अंतर्गत गरही थाना में पदस्थापित थे। वे अवैध बालू खनन और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस टीम के साथ कार्रवाई करने पहुंचे थे। इसी दौरान बालू लदे ट्रैक्टर से कुचलकर उनकी हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे जिले सहित बिहार पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया था। घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच शुरू की थी। लगभग ढाई साल तक चली सुनवाई, गवाहों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने यह फैसला सुनाया है। अदालत के इस निर्णय को अवैध बालू कारोबारियों के खिलाफ कानून का एक बड़ा संदेश माना जा रहा है।
शिवपुरी में बुधवार शाम आम आदमी पार्टी ने विभिन्न जनसमस्याओं और मुद्दों को लेकर एक विशाल रैली निकाली। इसमें पार्टी के प्रदेश प्रभारी, जिला पदाधिकारी, महिला कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे लेकर शहर में प्रदर्शन किया। भ्रष्टाचार से लेकर महंगाई तक मुद्दे उठाए रैली के दौरान आम आदमी पार्टी ने भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, टूटी सड़कें, बढ़ती महंगाई, महिलाओं की सुरक्षा, किसानों की परेशानी, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और पानी-बिजली जैसी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है, लेकिन सरकार इन समस्याओं के समाधान पर ध्यान नहीं दे रही है। पुराने बस स्टैंड से शुरू हुई रैली यह रैली पुराने प्राइवेट बस स्टैंड से शुरू हुई। इसके बाद माधव चौक, कोर्ट रोड, अस्पताल चौराहा, अग्रसेन चौराहा, राजेश्वरी रोड और गुरुद्वारा चौराहा होते हुए पुनः माधव चौक पहुंची। रैली का समापन पुराने प्राइवेट बस स्टैंड पर ही किया गया। जिला अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि आम आदमी पार्टी ईमानदार और पारदर्शी राजनीति में विश्वास रखती है। उन्होंने बताया कि पार्टी का मुख्य उद्देश्य जनता की आवाज उठाना और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार एवं महिलाओं की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराना है। भविष्य को लेकर बड़ा दावा गुप्ता ने दावा किया कि आने वाले समय में आम आदमी पार्टी प्रदेश में एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में उभरेगी और जनता की अपेक्षाओं पर खरी उतरेगी।
बकरा ईद: महू में पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च:शहर में गूंजे सायरन, शांति से त्योहार मनाने की अपील
आगामी बकरा ईद त्योहार के मद्देनजर महू शहर में बुधवार शाम पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखा। शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा शहर में फ्लैग मार्च निकाला गया। इस फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस वाहनों के सायरनों से पूरा शहर गूंज उठा। पुलिस बल ने मुख्य मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों से गुजरते हुए लोगों से त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने की अपील की। मार्च में ग्रामीण एसपी राजेंद्र वर्मा, एडिशनल एसपी रूपेश द्विवेदी, एसडीएम राकेश परमार, डीएसपी उमाकांत चौधरी और एसडीओपी ललित सिकरवार सहित शहर के तीनों थानों के थाना प्रभारी तथा बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। ग्रामीण एसपी राजेंद्र वर्मा ने जानकारी दी कि त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी जाएगी।
औरंगाबाद में एक पिता ने अपने ही 13 साल के बेटे की कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे की है। मामला गोह प्रखंड अंतर्गत उपहारा थाना क्षेत्र के उपहारा गांव का है। हालांकि, पुलिस ने अभी लड़के की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। आरोप है कि पिता बेटे का शव लेकर फरार हो गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। उपहारा गांव निवासी राजेश चौधरी उर्फ मुंगड़ी चौधरी ने अपने बेटे खेसरिया की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार किशोर का किसी बात को लेकर अपनी सौतेली मां मंजू देवी से विवाद हो गया था। इसके बाद मंजू देवी ने मामले की जानकारी अपने पति राजेश चौधरी को दी। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर पिता ने बेटे के साथ बुरी तरह मारपीट शुरू कर दी। पिटाई इतनी बेरहमी से की गई कि किशोर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। साइकिल पर शव लेकर फरार हुआ आरोपी पिता घटना के बाद आरोपी पिता मृतक बेटे के शव को लेकर फरार हो गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना उपहारा थाना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है। घटना के बाद गांव में भय और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग इस घटना को लेकर स्तब्ध हैं और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। उपहारा थानाध्यक्ष आकाश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों से पूछताछ में मारपीट की बात सामने आई है, लेकिन जब तक शव बरामद कर पोस्टमार्टम नहीं कराया जाता, तब तक मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती। फिलहाल पुलिस मृतक की सौतेली मां मंजू देवी को पूछताछ के लिए थाना लेकर आई है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पहली पत्नी की मौत के बाद आरोपी ने की थी दूसरी शादी ग्रामीणों के अनुसार आरोपी राजेश चौधरी की यह दूसरी शादी थी। उसकी पहली पत्नी की मौत पहले ही हो चुकी थी। पहली पत्नी की मौत भी प्रताड़ना के कारण हुई थी। बाद में उसने अपनी पहली पत्नी की बहन मंजू देवी से शादी कर ली थी। ग्रामीणों का कहना है कि मृतक किशोर और उसकी सौतेली मां के बीच अक्सर विवाद होता रहता था।पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी और शव की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
बकरीद पर अररिया बाजार में भीड़, घंटों जाम:हटिया रोड पर पैदल चलना भी मुश्किल, गाड़ियों पर रोक की मांग
बकरीद के त्योहार के अवसर पर अररिया शहर के मुख्य बाजार हटिया रोड पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बाजार में इतनी भीड़ थी कि लोगों को पैदल चलने में भी मुश्किल हो रही थी। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे लोग घंटों जाम में फंसे रहे। हटिया रोड अररिया का सबसे व्यस्त और प्रमुख बाजार है, जहां प्रतिदिन लाखों लोग घरेलू सामान खरीदने आते हैं। बकरीद के मौके पर यह भीड़ कई गुना बढ़ गई। कपड़े, जूते-चप्पल, मिठाई और अन्य त्योहारी सामानों की दुकानों पर खरीदारों की लंबी लाइनें देखी गईं। अनियंत्रित आवाजाही को जिम्मेदार ठहराया इस दौरान वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई, खासकर चांदनी चौक से हटिया रोड वाले क्षेत्र में स्थिति सबसे खराब रही। जाम में फंसे लोगों ने बताया कि बाजार से सामान लेकर लौटने में उन्हें दो-तीन घंटे अतिरिक्त लग गए। एक स्थानीय निवासी संजय ठाकुर ने इस स्थिति के लिए रिक्शा, टोटो और बाइकों की अनियंत्रित आवाजाही को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि त्योहार के दिनों में चांदनी चौक पर बैरिकेडिंग लगाकर इन वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया जाए, ताकि पैदल चलने वालों को राहत मिल सके और जाम कम हो। बेहतर यातायात प्रबंधन योजना लागू करने की मांग दूसरी ओर, दुकानदारों ने भीड़ को अपनी आय का अच्छा अवसर बताया, लेकिन उन्होंने भी यातायात व्यवस्था पर सवाल उठाए। एक कपड़ा व्यापारी ने कहा कि भीड़ अच्छी है, लेकिन प्रशासन को पहले से ही यातायात योजना तैयार रखनी चाहिए थी। नागरिकों का कहना है कि त्योहारों के दौरान अररिया शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र में वाहन नियंत्रण के लिए एक स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए, ताकि आम नागरिकों को बार-बार ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े। ट्रैफिक जाम और पार्किंग की समस्या अररिया शहर की पुरानी समस्या है, जो विशेषकर बकरीद, ईद, छठ और अन्य बड़े त्योहारों पर चरम पर पहुंच जाती है। नागरिकों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि अगले त्योहार से पहले हटिया रोड और चांदनी चौक क्षेत्र में बेहतर यातायात प्रबंधन योजना लागू की जाए।
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में खनिज विभाग ने अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में रामचंद्रपुर विकासखंड के धौली लिबरा गांव में कन्हर नदी किनारे संचालित रेत खदान के औचक निरीक्षण के दौरान एक पोकलेन मशीन जब्त की गई है। खनिज अधिकारी राहुल गुलाटी ने बताया कि विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि रामचंद्रपुर विकासखंड के पचावल स्थित पांगन नदी में स्वीकृत तीन रेत खदानों के बावजूद नियमों के विपरीत मशीनों से उत्खनन किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान नदी किनारे पोकलेन मशीन संचालित मिली, जिसे मौके पर ही जब्त कर लिया गया। पहले भी हो चुकी है कार्रवाई खनिज विभाग ने इससे पहले पचावल क्षेत्र में अवैध रेत खनन कर रैंप और रास्ता बनाने के मामले में एक जेसीबी वाहन जब्त किया था। वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर संबंधित पक्ष से 1 लाख रुपये की पैनल्टी अमाउंट वसूली गई थी। इसके अलावा अवैध रेत भंडारण के मामले में एक जेसीबी और एक हाइवा वाहन जब्त कर 42 हजार 850 रुपये की वसूली भी की गई थी। मई में 19 वाहन जब्त विभाग द्वारा राजपुर, बरियों और शंकरगढ़ क्षेत्र की महान और गलफूला नदी में भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। मई 2026 के दौरान अवैध रेत परिवहन में संलिप्त 19 वाहनों को जब्त कर संबंधित थाना और चौकी की रिमांड में रखा गया है। 152 प्रकरण दर्ज, 35 लाख से ज्यादा की वसूली खनिज विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के कुल 152 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 142 मामलों का निराकरण कर 35 लाख 2 हजार 524 रुपये की वसूली की गई। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 12 प्रकरण दर्ज हुए हैं। इनमें से 6 मामलों का निराकरण करते हुए 1 लाख 78 हजार 880 रुपये की वसूली की जा चुकी है।

