विधायक और समर्थकों का थाने में 10 घंटे हाई वोल्टेज ड्रामा, एक गिरफ्तारी ने बढ़ाई सियासी हलचल
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में इन दिनों राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भूचाल आया हुआ है, जहां एक स्थानीय मामले को लेकर थाने के भीतर और बाहर जो कुछ भी देखने को मिला उसने पूरे प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है। एक मामूली गिरफ्तारी के बाद शुरू हुआ यह विवाद देखते ही देखते इतना बड़ा रूप ले चुका है कि पुलिस प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल चुके हैं। थाने के अंदर और बाहर पिछले दस घंटों से स्थानीय विधायक और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण व पार्टी समर्थक धरने पर बैठे हुए हैं और लगातार प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर से इस बात को साबित कर दिया है कि जब स्थानीय जनप्रतिनिधि और पुलिस आमने-सामने आते हैं, तो किस तरह का प्रशासनिक संकट खड़ा हो जाता है। इस घटना की गूंज अब केवल रायगढ़ तक ही सीमित नहीं है, बल्कि राजधानी रायपुर तक इसके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं और हर कोई यही जानना चाहता है कि आखिर इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के पीछे की असल वजह क्या है।Raigarh Police Station Dangal and MLA Protest Detailsघटना की शुरुआत रायगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले एक स्थानीय पुलिस थाने से हुई, जहां पुलिस ने एक संदिग्ध मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी की खबर मिलते ही इलाके के विधायक अपने समर्थकों के साथ आगबबूला होकर थाने पहुंच गए और उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई को पूरी तरह से एकतरफा और राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित करार दिया। विधायक का साफ तौर पर आरोप है कि पुलिस सत्ता के दबाव में आकर निर्दोष लोगों को निशाना बना रही है और बिना किसी पुख्ता सबूत के उनके समर्थकों को परेशान किया जा रहा है। थाने के भीतर जब पुलिस अधिकारियों ने विधायक के तर्कों को दरकिनार करते हुए कानूनी प्रक्रिया का हवाला दिया, तो मामला और अधिक बिगड़ गया और देखते ही देखते थाने का परिसर अखाड़े में तब्दील हो गया। विधायक और उनके साथ आए हजारों ग्रामीण थाने के फर्श पर ही धरने पर बैठ गए और उन्होंने मांग की कि जब तक गिरफ्तार व्यक्ति को सशर्त रिहा नहीं किया जाता और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे यहां से टस से म मस नहीं होंगे।Political Tensions Rise in Chhattisgarh Over Arrestइस पूरे घटनाक्रम के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल आ गया है और विपक्षी दलों के साथ-साथ सत्ताधारी दल के भीतर भी सुगबुगाहट तेज हो गई है। स्थानीय विधायक के नेतृत्व में चल रहे इस अनिश्चितकालीन धरने ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। पिछले दस घंटों से लगातार जारी इस गतिरोध को खत्म करने के लिए कई दौर की बंद कमरे में बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई भी ठोस नतीजा सामने नहीं आ सका है। पुलिस बल को एहतियात के तौर पर थाने के आसपास भारी मात्रा में तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति या कानून व्यवस्था की समस्या से निपटा जा सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे स्थानीय स्तर पर वर्चस्व की लड़ाई और आगामी राजनीतिक समीकरणों का भी बड़ा हाथ है। ग्रामीण इलाकों में इस बात की चर्चा आम हो चुकी है कि पुलिस प्रशासन किस तरह से राजनीतिक दबाव के आगे झुकता है या फिर अपनी स्वतंत्र कार्यशैली को बनाए रखने के लिए संघर्ष करता है।Local Impact and Administration Response on Raigarh Clashरायगढ़ के इस चर्चित थाने वाले दंगल का असर अब आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर भी साफ तौर पर दिखाई देने लगा है, जहां लोग इस पूरे मामले को लेकर दो गुटों में बंटे नजर आ रहे हैं। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह कानून के दायरे में रहते हुए इस राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामले को कैसे शांत करे, क्योंकि जरा सी चूक से स्थिति बेकाबू हो सकती है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिला कलेक्टर लगातार स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं और लगातार दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता कराने का प्रयास कर रहे हैं ताकि किसी तरह का बड़ा सामाजिक तनाव न फैले। स्थानीय जनता और प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि पुलिस थानों में इस तरह का सियासी दबाव और हंगामा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए एक खतरनाक संकेत है, जिससे आम आदमी का प्रशासनिक तंत्र से भरोसा उठने लगता है। आने वाले कुछ घंटों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस हाई-प्रोफाइल धरने को समाप्त कराने में किस तरह की कूटनीति का इस्तेमाल करता है और क्या विधायक अपनी मांगों को मनवाने में कामयाब हो पाते हैं या पुलिस अपने रुख पर कायम रहती है।
Chhattisgarh में Janmashtami पर Dry Day घोषित, शराब और मांस बिक्री पर रोक
रायपुर, तीन सितंबर छत्तीसगढ़ सरकार ने जन्माष्टमी के अवसर पर चार सितंबर को शुष्क दिवस घोषित किया है और इस दौरान शराब बेचने या परोसने वाली सभी दुकानों, बार, होटल-बार, क्लब और अन्य लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठानों को बंद रखने का आदेश दिया गया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने इस मौके पर शहरी इलाकों में बूचड़खानों और मांस बेचने वाली दुकानों को भी बंद रखने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार रात सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, ‘‘ भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर चार सितंबर को संपूर्ण छत्तीसगढ़ में शुष्क दिवस घोषित किया गया है। इस दिन प्रदेश की सभी मदिरा दुकानें, बार, होटल-बार, क्लब सहित मदिरा विक्रय एवं परोसने वाले सभी लाइसेंसी प्रतिष्ठान बंद रहेंगे।’’अवैध मदिरा के परिवहन, संग्रहण और विक्रय पर कड़ी निगरानी रखते हुए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने लिखा, ‘‘ हमारी संस्कृति और आस्था से जुड़े इस पावन पर्व को श्रद्धा, सात्विकता और सामाजिक सद्भाव के वातावरण में मनाएं। भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से छत्तीसगढ़ में सुख, शांति और समृद्धि का विस्तार हो। जय श्रीकृष्ण।’’एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर चार सितंबर को छत्तीसगढ़ में शुष्क दिवस घोषित करने तथा नगरीय निकाय क्षेत्रों में पशुवध गृह तथा मांस बिक्री की दुकानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। बयान में कहा गया कि यह निर्णय स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की मांग पर मुख्यमंत्री साय ने लिया है। अधिकारियों ने बताया कि यादव ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक है। भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेश से करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। ऐसे पावन अवसर पर जनभावनाओं का सम्मान करते हुए लिया गया यह निर्णय अभिनंदनीय है।
Chhattisgarh News: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के अगले मुख्य न्यायाधीश के लिए ओडिशा हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति केआर मोहपात्रा के नाम की सिफारिश की है। वर्तमान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा 4 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्त होंगे।
'कच्चा बादाम' वायरल ट्रेंड से रातों-रात सोशल मीडिया पर तहलका मचाने वाली मशहूर पर्सनैलिटी अंजलि अरोड़ा (Anjali Arora) अब बड़े पर्दे पर अपनी अदाकारी का जादू चलाने के लिए तैयार हैं। अंजलि अरोड़ा रामायण पर आधारित आगामी फिल्म 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' के साथ अपना फीचर फिल्म डेब्यू करने जा रही हैं। इस फिल्म में वह माता सीता के मुख्य और पवित्र किरदार में नजर आएंगी। फिल्म के मेकर्स ने पहला पोस्टर और टीज़र जारी कर दिया है, जिसमें अंजलि अरोड़ा की माता सीता के रूप में पहली मनमोहक झलक दिखाई गई है। इसे भी पढ़ें: 23 साल बाद Emraan Hasmi की जबरदस्त वापसी, Awarapan 2 की सफलता पर पत्नी परवीन ने कही दिल छू लेने वाली बात फिल्म में देव शर्मा भगवान राम का किरदार निभा रहे हैं। यह फिल्म रामायण पर आधारित है और इसमें महाकाव्य की मुख्य घटनाओं को दिखाया गया है। टीज़र में राम और सीता की शादी, उनके वनवास की यात्रा और रावण की झलकियाँ दिखाई गई हैं। इसे भी पढ़ें: 15 साल बाद Zindagi Na Milegi Dobara के सीक्वल पर Zoya Akhtar का बड़ा खुलासा, स्क्रिप्ट पर शुरू हुआ काम अंजलि अरोड़ा माता सीता का किरदार निभाएंगी अंजलि अरोड़ा 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' में माता सीता का किरदार निभाएंगी। यह उनकी पहली फीचर फिल्म है और यह उस सोशल मीडिया कंटेंट से बिल्कुल अलग है जिससे उन्हें शुरुआती पहचान मिली थी। हाल ही में रिलीज़ हुए टीज़र में भगवान राम के रूप में देव शर्मा के साथ अरोड़ा की भूमिका की एक छोटी सी झलक दिखाई गई है। मेकर्स ने टीज़र में किरदारों की पूरी कहानी का खुलासा नहीं किया है, बल्कि मुख्य किरदारों और रामायण की अहम घटनाओं पर फोकस रखा है। देव शर्मा भगवान राम का किरदार निभाएंगे देव शर्मा को भगवान राम के किरदार के लिए चुना गया है। टीज़र में राम और सीता की शादी और उसके बाद उनके वनवास की यात्रा के दृश्य दिखाए गए हैं। टीज़र में रावण भी नज़र आ रहा है, जिससे पता चलता है कि फिल्म में राम और राक्षस राजा के बीच के संघर्ष को भी दिखाया जाएगा। इस समय रामायण पर आधारित कई प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, और 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' एक और आने वाली फिल्म है जो राम, सीता और रावण की कहानी को बड़े पर्दे पर लाएगी। 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' के मेकर्स 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' का निर्देशन अभिषेक सिंह ने किया है। फिल्म को प्रकाश महोबिया और संजय बुंदेला ने महोबिया फिल्म्स बैनर के तहत प्रोड्यूस किया है। अजय कनौजिया का AJ फिल्म एंटरटेनमेंट वर्ल्ड इस फिल्म को पेश कर रहा है। फिल्म की शूटिंग हिंदी और छत्तीसगढ़ी दोनों भाषाओं में की गई है और इसे दोनों भाषाओं में रिलीज़ किया जाएगा। 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' की रिलीज़ डेट यह फिल्म 25 सितंबर, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। मेकर्स ने पहले पोस्टर और टीज़र के साथ ही रिलीज़ डेट की घोषणा की। इस फ़िल्म में अंजलि अरोड़ा माता सीता के तौर पर फ़ीचर फ़िल्म में डेब्यू करेंगी, जबकि देव शर्मा भगवान राम का किरदार निभाएंगे। फ़िल्म का टीज़र आ चुका है, और अब फ़िल्म की कास्ट, स्केल और रामायण को किस तरह दिखाया गया है, इस बारे में और जानकारी इसके थिएटर में रिलीज़ होने के आस-पास सामने आने की उम्मीद है। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi 'MAHAKAVYA SHRI RAMAYAN KATHA' FIRST POSTER + TEASER OUT NOW – 25 SEPT 2026 RELEASE IN HINDI & CHHATTISGARHI... The first poster and teaser of #MahakavyaShriRamayanKatha have been unveiled… The film features #DevSharma as Shri Ram and marks #AnjaliArora 's feature-film debut as… pic.twitter.com/oSa8mdBBXT — taran adarsh (@taran_adarsh) August 18, 2026
छत्तीसगढ़ 12वीं बोर्ड: पुनर्मूल्यांकन के रिजल्ट हुए जारी, cgbse.nic.in पर करें चेक
Chhattisgarh CGBSE 12th Revaluation Result 2024: छत्तीसगढ़ बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन(CGBSE) ने छत्तीसगढ़ कक्षा 12 बोर्ड परीक्षा 2024 के लिए पुनर्मूल्यांकन के रिजल्ट की घोषणा कर दी है। यहां देखें ड

