झांसी में एक साल पहले 4 मासूम बच्चियों को झाड़ियों में ले जाकर छेड़छाड़ करने वाले दो युवकों को कोर्ट ने 7-7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 25-25 हजार रुपए का अर्थदण्ड लगाया गया है। जो अदा नहीं करने पर 4 माह की जेल अतिरिक्त काटनी होगी। यह फैसला बुधवार को पॉक्सो एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी ने सुनाया है। चारों बच्चियों की उम्र 9 से 11 साल थी विशेष लोक अभियोजक विजय सिंह कुशवाहा ने बताया- एक व्यक्ति ने प्रेमनगर थाने में तहरीर दी थी। जिसमें बताया था कि 13 मार्च 2024 को उसकी 11 साल और 9 साल की दो बेटी घर के बाहर खेल रही थी। साथ में पड़ोसी की 11 साल और 9 साल की 2 बेटी भी खेल रही थी। तभी प्रेमनगर के महावीरनपुरा निवासी यशपाल यादव पुत्र होती सिंह और विक्रम यादव उर्फ पपोला पुत्र उत्तम यादव आए और चारों बच्चियों को कुरकरे, चिप्स, टॉफी, बिस्कुट दिलाने के बहाने अपने साथ ले गए। झाड़ियों में ले जाकर उनके साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें करने लगे। इससे परेशान होकर एक बच्ची चिल्लाने लगी। तब मोहल्ले के लोग एकत्र हो गए। तब दोनों आरोपी तमंचा लहराते हुए भाग गए थे। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज करके दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बाद में उनके खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र प्रेषित किया गया। अब सुनवाई करके हुए कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 7-7 साल के कठोर कारावास और 25-25 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया है।
सहारनपुर की कॉटन फैक्ट्री में आग:शॉर्ट सर्किट से लगी, ढाई करोड़ का नुकसान, दमकल ने पाया काबू
सहारनपुर के देवबंद में एक कॉटन फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और फैक्ट्री को ढाई से तीन करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। दमकल विभाग ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। यह आग सैनियों की सराय क्षेत्र स्थित दीपक कॉटन फैक्ट्री में लगी। बताया जा रहा है कि बीती रात काम के दौरान एक मशीन के पास शॉर्ट सर्किट से चिंगारी उठी, जिसने कुछ ही सेकंड में विकराल रूप ले लिया। फैक्ट्री में भारी मात्रा में रखी कॉटन के कारण आग तेजी से फैल गई। मौके पर मौजूद कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने बाल्टियों और पानी की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता के कारण उनके प्रयास विफल रहे। आग की ऊंची लपटों को देखकर आसपास के मोहल्लों में दहशत फैल गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग को बुलाया गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां करीब पौने घंटे बाद मौके पर पहुंचीं। कई दमकल गाड़ियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। फैक्ट्री मालिक मोहम्मद अफजल ने बताया कि आग शॉर्ट सर्किट से भड़की थी। उन्होंने कहा कि आग बुझाने के लिए फैक्ट्री के सभी संसाधनों का उपयोग किया गया, लेकिन कॉटन में लगी आग को नियंत्रित करना बेहद मुश्किल हो गया था। उनके अनुसार, इस हादसे में करीब ढाई से तीन करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। स्थानीय सभासद इकबाल अंसारी ने घटनास्थल का दौरा किया और प्रशासन से पीड़ित फैक्ट्री मालिक को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की। उन्होंने जोर दिया कि सरकार को तत्काल मदद करनी चाहिए क्योंकि इतना बड़ा नुकसान किसी भी कारोबारी के लिए सहन करना आसान नहीं है।
बाल श्रम अभियान, 9 बच्चे काम करते मिले:औरैया में नियोजकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा
औरैया तहसील में चलाए गए बाल श्रम विरोधी अभियान के दौरान नौ बाल श्रमिक विभिन्न प्रतिष्ठानों पर काम करते पाए गए। श्रम विभाग और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। यह अभियान श्रम प्रवर्तन अधिकारी श्रीमती रीमा सिंह औरैया, एएचटीयू प्रभारी और श्रम विभाग की टीम द्वारा संयुक्त रूप से चलाया गया। इसका उद्देश्य बाल श्रम को रोकना और ऐसे बच्चों को काम से मुक्त कराना था। अभियान के दौरान जिन प्रतिष्ठानों पर बाल श्रमिक मिले, उनके नियोजकों (नियोक्ता) के खिलाफ निरीक्षण टिप्पणी जारी की गई है। इन टिप्पणियों को आगे की कार्रवाई के लिए अपर श्रमायुक्त, उत्तर प्रदेश, कानपुर क्षेत्र, कानपुर को भेजा जा रहा है। अपर श्रमायुक्त, उत्तर प्रदेश, कानपुर क्षेत्र, कानपुर से अभियोजन की अनुमति मिलने के बाद, बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 और संशोधित अधिनियम, 2016 के तहत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, औरैया के समक्ष वाद दायर किए जाएंगे।
मथुरा में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस बेड़े में 16 नई हाईटेक चेतक गाड़ियां शामिल की गई हैं। बुधवार को पुलिस लाइन में आयोजित एक कार्यक्रम में एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने डायल 112 सेवा के तहत इन आधुनिक वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन गाड़ियों से पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता और प्रभावी होगी। एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि जनपद में डायल 112 सेवा के तहत पहले से 87 दोपहिया और चारपहिया वाहन संचालित थे। 16 नई हाई-स्पीड चेतक गाड़ियों के जुड़ने से अब यह संख्या बढ़कर 103 हो गई है। इन वाहनों का प्राथमिक उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देना और गश्त व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। इन नई चेतक गाड़ियों को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। इनमें उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे और जीपीएस सिस्टम लगाए गए हैं। इनकी सहायता से संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में होने वाली गतिविधियों की लाइव मॉनिटरिंग सीधे कंट्रोल रूम से की जा सकेगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन कैमरों से सड़क पर होने वाली हर गतिविधि रिकॉर्ड होगी, जिससे संदिग्ध व्यक्तियों या घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई संभव हो पाएगी। आगामी त्योहारों और विशेष आयोजनों के मद्देनजर, इन गाड़ियों को संवेदनशील क्षेत्रों में 24 घंटे गश्त पर तैनात किया जाएगा। पुलिस का मानना है कि इस पहल से हुड़दंगियों, अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा, जिससे आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी। मथुरा पुलिस ने बताया कि आधुनिक तकनीक और संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से जनपद की सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिक सुरक्षित माहौल में अपने दैनिक कार्य और त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कर सकें।
स्थानीय निकाय चुनाव मंगलवार को हुए भारी हंगामे के बाद आज पटियाला के समाना नगर कौंसिल के वार्ड नंबर 3 में पुनर्मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। प्रशासन की मुस्तैदी और कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच दोपहर तक लगभग 36% मतदान दर्ज किया गया। 'आप' नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा ने भी बूथ का जायजा लिया और कल की हिंसा की निंदा की। गौरतलब है कि कल मतदान के दौरान हुए विवाद और हंगामे के बाद चुनाव आयोग ने आज दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया था। आज भारी पुलिस बल की तैनाती के कारण स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और मतदाताओं ने बिना किसी खौफ के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल किया। दोपहर तक 36 प्रतिशत मतदान, सुबह से लगी कतारें सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं में भारी उत्साह देखा गया और पोलिंग बूथों के बाहर लंबी कतारें नजर आईं। विशेष रूप से कल विवादों में रहे बूथ नंबर 6 पर भी सुबह से ही लोग शांतिपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दोपहर तक वार्ड में लगभग 36 प्रतिशत मतदान दर्ज किया जा चुका था। बूथ पर पहुंचे पूर्व मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा मतदान प्रक्रिया के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता, पूर्व अकाली नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा भी स्थिति का जायजा लेने पोलिंग बूथ पर पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद मतदाताओं और चुनाव अधिकारियों से बातचीत की। कल के हंगामे पर बोले रखड़ा- माहौल खराब करने की इजाजत नहीं मीडिया से बातचीत करते हुए सुरजीत सिंह रखड़ा ने कल हुए हंगामे की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा, लोकतंत्र में ऐसी हिंसक घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं और इन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। हर नागरिक को बिना किसी डर या दबाव के अपना प्रतिनिधि चुनने का पूरा अधिकार है। किसी भी शरारती तत्व को इलाके का माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
कौशांबी की कड़ा धाम थाना पुलिस ने मंगलवार देर रात चेकिंग के दौरान एक युवक को 1 किलो 180 ग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया। युवक गांजा की खरीद-बिक्री में शामिल था। पुलिस ने आवश्यक लिखापढ़ी के बाद उसे जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई एसपी कौशांबी सत्यनारायण के निर्देश पर जनपद में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई। कड़ा धाम थाना पुलिस ने क्षेत्र के शीतल मैरिज हॉल के सामने कम्पोजिट शराब की दुकान के पास से संदिग्ध युवक को पकड़ा। गांजा की खरीद और बिक्री का काम करता है आरोपी तलाशी के दौरान युवक के पास एक झोले में 1.180 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में उसने अपनी पहचान चंद्रशेखर पुत्र स्वर्गीय रामप्रसाद, निवासी अहिरारा (बरामतपुर), थाना कोखराज के रूप में बताई। युवक ने पुलिस को बताया कि वह गांजा की खरीद और बिक्री का काम करता है। पुलिस ने बुधवार शाम को चंद्रशेखर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर विधिक कार्यवाही के बाद उसे जेल भेज दिया।
मतलौडा पुलिस ने वैसर गांव में एक युवक की हत्या के आरोप में मां-बेटे को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मंजीत और उसके बेटे विकास के रूप में हुई है। दोनों पर युवक को घर बुलाकर मारपीट करने और गला घोंटकर हत्या करने का आरोप है। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने युवक की हत्या करने की बात स्वीकार की है। यह घटना 25 मई को हुई थी, जब मृतक युवक सतीश खेत में पानी देने गया था और देर रात तक वापस नहीं लौटा। सतीश की मां राजबाला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्हें रात करीब 2 बजे सूचना मिली कि सतीश की हत्या कर दी गई है और उसका शव गांव के ही राजेश के मकान के बरामदे में पड़ा है। मौके पर पहुंचने पर सतीश के गले में परना (कपड़ा) लिपटा हुआ था और नाक से खून निकल रहा था। घर बुलाकर हत्या करने का आरोप राजबाला ने अपनी शिकायत में राजेश की पत्नी मंजीत, उसके बेटे विकास, जेठ राजपाल, राजपाल की पत्नी और उसके बेटे विशाल पर सतीश को घर बुलाकर मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया था। उन्होंने बताया कि इन सभी की सतीश के साथ पुरानी रंजिश थी। पुलिस ने राजबाला की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी और आरोपियों की तलाश कर रही थी। थाना मतलौडा प्रभारी सब- इंस्पेक्टर राजेश ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी महिला मंजीत ने पुलिस को बताया कि सतीश के साथ उसकी बोलचाल थी। उसने यह भी बताया कि उसके पति राजेश पिछले 10-12 साल से लकवाग्रस्त हैं और रात में उन्हें कम दिखाई देता है। घटना वाली रात, 25 मई को, वह और उसका पति राजेश घर के ऊपरी कमरे में सो रहे थे, जबकि बेटा विकास किसी काम से मतलौडा गया हुआ था। छेड़छाड़ करने को लेकर हुई थी कहासुनी रात को सतीश उनके कमरे में आया और उसके साथ छेड़छाड़ करने लगा। वह नशे में था विरोध करने पर वह जबरदस्ती करने लगा। इस बात को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई तभी बेटा विकास घर आ गया और शोर सुनकर उपर के कमरे में आया। दोनों ने मिलकर सतीश की थप्पड़ व मुक्कों से पिटाई की। विकास ने सतीश को पकड़कर मुंह दिवार पर मारा। सतीश को नीचे गिराकर वह उसके पैरों पर बैठ गई और विकास ने गले में पड़े परने से गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को उठाकर बरामदे में डाल दिया था। प्रभारी सब- इंस्पेक्टर राजेश ने बताया कि पुसिल ने बुधवार को आरोपी मां-बेटे को कोर्ट में पेश किया, जहां से आरोपी महिला मंजीत को न्यायिक हिरासत जेल भेज दिया और आरोपी विकास को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से गहनता से पूछताछ करने के साथ ही नामजद फरार अन्य आरोपियों के ठिकानों का पता लगा काबू करने का प्रयास करेगी।
सतना में नगर निगम के कचरा वाहन के पलटने से सफाई कर्मचारी भैयालाल बसोर (38) की मौत हो गई। बुधवार को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया और मर्चुरी के बाहर धरने पर बैठ गए। परिजनों ने मृतक के परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा और एक सदस्य को नियमित नौकरी देने की मांग रखी। दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन शाम 4:30 बजे तक चला। इस दौरान कोलगवां टीआई सुदीप सोनी और तहसीलदार सौरभ मिश्रा ने परिजनों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। बाद में एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया भी मौके पर पहुंचे। कचरा प्रबंधन कंपनी रेमकी के प्रतिनिधियों और बसपा नेता सुभाष शर्मा की मौजूदगी में परिजनों से बातचीत हुई। करीब चार घंटे चली चर्चा के बाद प्रशासन और कंपनी की ओर से सहायता का आश्वासन मिलने पर परिजन मान गए और शव लेकर रवाना हुए। पत्नी एक किडनी के सहारे, बेटा दिव्यांगभैयालाल बसोर का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर बताया जा रहा है। उनकी पत्नी एक किडनी के सहारे जीवन जी रही हैं, जबकि उनका बेटा दिव्यांग है। परिवार की पूरी जिम्मेदारी भैयालाल पर ही थी। उनकी मौत के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सुबह ड्यूटी पर गए, हादसे में गई जानजानकारी के मुताबिक भैयालाल बसोर पिता कोदईला बसोर, निवासी बड़खेरा थाना सभापुर और वर्तमान में घूरडांग में रह रहे थे। वे लंबे समय से नगर निगम के कचरा कलेक्शन वाहन में हेल्पर के रूप में काम कर रहे थे। मंगलवार सुबह रोज की तरह वे काम पर निकले थे। सुबह करीब 7:30 बजे टिकुरिया टोला ईंट भट्टा के पास कचरा वाहन चालक की लापरवाही के कारण अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में भैयालाल वाहन के नीचे दब गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर रेफर कर दिया, लेकिन मैहर के पास एम्बुलेंस में ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद नाराज परिजन शव लेकर सीधे कोलगवां थाना पहुंचे। पुलिस की समझाइश के बाद शव को जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया गया और मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई। कंपनी ने दी सहायता, बेटे को नौकरी का आश्वासनलंबी बातचीत के बाद रेमकी कंपनी ने तत्काल 50 हजार रुपए की सहायता राशि दी। इसके अलावा कंपनी की ओर से 8 लाख रुपए मुआवजा, पत्नी को आजीवन 8 हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन और मृतक के बेटे को नौकरी देने का आश्वासन दिया गया। प्रशासन की ओर से रेडक्रॉस मद से 25 हजार रुपए की सहायता राशि भी स्वीकृत की गई है। साथ ही दुर्घटना बीमा क्लेम की राशि भी परिवार को दिलाने की बात कही गई है।
दरभंगा के पतोर पंचायत के वर्तमान मुखिया फेकन पासवान साइबर ठगी के शिकार हो गए हैं। इस संबंध में उन्होंने साइबर थाना में लिखित आवेदन देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। मुखिया ने आशंका जताई है कि उनके मोबाइल नंबर और डिजिटल अकाउंट का गलत इस्तेमाल कर साइबर अपराधी किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं। दिए गए आवेदन में फेकन पासवान ने बताया है कि 25 मई को दिन के करीब 10:35 बजे उनके मोबाइल पर 8961288766, 7654776178 और 9934000150 नंबरों से कॉल आया। फोन करने वाले व्यक्ति को उनके बारे में कई निजी जानकारियां पहले से पता थीं। बातचीत के दौरान आरोपी ने उन्हें एक नंबर डायल करने के लिए कहा। जैसे ही उन्होंने बताए गए नंबर को दर्ज किया, उनका मोबाइल फोन हैक हो गया। रिश्तेदारों के नंबर पर पैसे की मदद मांगी मुखिया ने आरोप लगाया कि मोबाइल हैक होने के बाद उनके फोन से कई परिचितों, सहयोगियों और रिश्तेदारों के नंबर पर पैसे की मदद मांगते हुए मैसेज भेजे जाने लगे। इससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। उन्होंने कहा कि यह पूरी घटना किसी संगठित साइबर गिरोह की ओर से अंजाम दी गई प्रतीत होती है। दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग फेकन पासवान ने आवेदन में यह भी कहा है कि साइबर अपराधी उनके मोबाइल नंबर, सोशल मीडिया अकाउंट, व्हाट्सएप, बैंकिंग सेवा और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। यदि उनके नंबर या मोबाइल के जरिए किसी प्रकार की ठगी, फर्जीवाड़ा, धमकी, आर्थिक लेन-देन या अन्य अवैध गतिविधि होती है, तो उसकी जिम्मेदारी उनकी नहीं होगी। साइबर थाना से अनुरोध किया है कि उनके आवेदन को सनहा के रूप में दर्ज कर पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग की है। इस घटना के बाद इलाके में साइबर सुरक्षा को लेकर लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब साइबर अपराधी आम लोगों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों को भी निशाना बना रहे हैं, जिससे साइबर अपराध का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
जशपुर में मंगलवार को कॉफी विद कलेक्टर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, यूनिसेफ और एग्रीकोन सर्वहितम के संयुक्त सहयोग से हुए इस कार्यक्रम में जिले के युवाओं और स्वयंसेवकों को प्रशासनिक अधिकारियों से सीधे संवाद का अवसर मिला। इसका उद्देश्य उनके करियर मार्गदर्शन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुई। अतिथियों का पुष्पगुच्छ और छत्तीसगढ़ी गमछा भेंट कर स्वागत किया गया। जिला समन्वयक शालिनी गुप्ता ने कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में कलेक्टर रोहित व्यास मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेश सिंह, समग्र शिक्षा विभाग से दीपा मैम और महिला एवं बाल विकास विभाग से अंजना चौहान भी मौजूद थीं। मीडिया प्रतिनिधि तरुण प्रकाश शर्मा, गायत्री परिवार से पार्वती चौहान और युवा कार्यकर्ता रवि गुप्ता भी विशेष रूप से उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त, संगवारी संस्था से डीसी ज्योतिरादित्य सिंह, एडीसी विक्रम, एनसीडी से डायमंड महंत और प्रथम फाउंडेशन से सोमनाथ ने भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के दौरान जिले के आठों विकासखंडों से आए स्वयंसेवकों ने प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष करियर, शिक्षा, नेतृत्व विकास, सामाजिक कार्यों और भविष्य की चुनौतियों से जुड़े सवाल रखे। अधिकारियों ने युवाओं के प्रश्नों का विस्तारपूर्वक उत्तर दिया और उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। निरंतर सीखने और मेहनत से मिलती है सफलता: कलेक्टर अपने संबोधन में कलेक्टर रोहित व्यास ने कहा कि युवा शक्ति समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवा सही दिशा में कार्य करें तो बड़े बदलाव संभव हैं। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक सोच अपनाने, निरंतर सीखने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की अपील की। “युवोदय ऐप” की चर्चा कार्यक्रम में “युवोदय ऐप” की भी विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि इस ऐप के माध्यम से स्वयंसेवक अपने क्षेत्रों में किए जा रहे सामाजिक कार्यों और गतिविधियों की जानकारी अपलोड करते हैं, जिसके आधार पर उनकी सक्रियता और योगदान का मूल्यांकन किया जाता है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित भी किया गया। जशपुर जिले से शालू गुप्ता, नेहा एक्का, रिंटा गुप्ता और दिव्या वर्तमान में शीर्ष स्थानों पर हैं, जिन्हें कार्यक्रम में विशेष सम्मान प्रदान किया गया। समाज सेवा और स्वयंसेवकों के सहयोग में सदैव सक्रिय रहने वाले ऑटो चालक रुस्तम भैया को भी कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। इस सम्मान के माध्यम से समाज में सेवा और सहयोग की भावना को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। स्वयंसेवकों से बच्चों के संरक्षण को लेकर अभियान चलाने की अपील महिला एवं बाल विकास विभाग की अंजना चौहान ने बच्चों की सुरक्षा, संरक्षण और अधिकारों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए स्वयंसेवकों से अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने की अपील की। वहीं जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने स्वयंसेवकों को हर संभव प्रशासनिक सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यदि स्वयंसेवक अपने कार्यक्रमों की पूर्व सूचना प्रशासन को देंगे तो बेहतर समन्वय और सहयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। युवाओं से सड़क सुरक्षा अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेश सिंह ने युवाओं को सड़क सुरक्षा अभियान में भागीदारी निभाने और पुलिस मितान बनकर समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन युवाओं को हर संभव मार्गदर्शन और सहयोग देने के लिए हमेशा तैयार है। कार्यक्रम को सफल बनाने में शालिनी गुप्ता, विकासखंड समन्वयक गुरुदेव प्रसाद और पंकज यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके समन्वय और अथक प्रयासों से कार्यक्रम सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम को बताया ज्ञानवर्धक और उपयोगी पहल कार्यक्रम के अंत में स्वयंसेवकों ने इसे प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक और भविष्य के लिए उपयोगी पहल बताते हुए “जय हो जशपुर” के नारों के साथ कार्यक्रम का समापन किया। यह आयोजन युवाओं और प्रशासन के बीच मजबूत संवाद स्थापित करने का प्रभावी मंच साबित हुआ, जिसने युवाओं को समाज निर्माण में अपनी जिम्मेदारी समझने और सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
हरदोई में पिकअप ने बाइक को मारी टक्कर:युवक की मौत, एफसीआई गोदाम के पास हुआ हादसा
हरदोई में तेज रफ्तार पिकअप की टक्कर से बाइक सवार सैलून संचालक की मौत हो गई। हादसा बिलग्राम में एसडीएम कॉलोनी और एफसीआई गोदाम के बीच हुआ। गंभीर रूप से घायल युवक को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां मंगलवार देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कराया। मृतक की पहचान बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के तरौली गांव निवासी 32 वर्षीय गुड्डू श्रीवास्तव पुत्र मदन के रूप में हुई है। वह ललौली तिराहे पर सैलून की दुकान चलाते थे। परिवार में पत्नी प्रीती और एक बेटा है। मृतक के चाचा राकेश ने बताया कि मंगलवार रात करीब 9 बजे गुड्डू बाइक से बिलग्राम जा रहे थे। इसी दौरान एसडीएम कॉलोनी और एफसीआई गोदाम के बीच तेज रफ्तार पिकअप ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद गुड्डू गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और स्थानीय लोगों ने उन्हें पहचान लिया। सूचना पर पहुंची एंबुलेंस से उन्हें बिलग्राम सीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में भर्ती करने के बाद डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन देर रात उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। हादसे की जांच के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
भारत के दिग्गज खेल प्रशासक, पांच बार के ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार विजेता राजा रणधीर सिंह का निधन हो गया है। उनके निधन पर रामपुर के पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने इसे भारतीय खेल जगत और पटियाला के शाही परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताया।नवेद मियां ने राजा रणधीर सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय खेलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रणधीर सिंह एशियाई खेलों में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीतने वाले शूटर थे। खेल प्रशासन के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। उन्हें भारत, एशिया और अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के सम्मानित खेल प्रशासकों में गिना जाता था।राजा रणधीर सिंह का जन्म 18 अक्टूबर 1946 को ब्रिटिश भारत के पंजाब प्रांत के पटियाला में हुआ था। वह पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह के छोटे बेटे भालिंद्र सिंह के पुत्र थे। पूरा जीवन खिलाड़ियों के उत्थान के लिए समर्पित रहा उनके पिता भालिंद्र सिंह 1947 से 1992 तक अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के सदस्य रहे थे। वह भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष भी रहे और 1982 के एशियाई खेलों को दिल्ली लाने में उनकी अहम भूमिका थी। नवेद मियां के अनुसार, राजा रणधीर सिंह का पूरा जीवन खेलों और खिलाड़ियों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों को विश्व स्तर पर आगे बढ़ाने में विशेष योगदान दिया। उनके निधन से खेल जगत को हुई क्षति की भरपाई करना कठिन होगा।उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में वह पटियाला के शाही परिवार के साथ खड़े हैं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।
करौली में झील का हार क्षेत्र के वार्ड संख्या 7 और 8 के निवासियों ने कॉलोनी में लंबे समय से लंबित पक्की सड़क निर्माण कार्य को जल्द शुरू कराने की मांग की है। इस संबंध में बुधवार को कार्यवाहक आयुक्त एवं उपखंड अधिकारी करौली प्रेमराज मीना को एक ज्ञापन सौंपा गया। वार्डवासियों ने बरसात से पहले स्वीकृत सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि कच्चे रास्ते के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि तीनबड़ मुख्य सड़क से झील का हार कॉलोनी तक जाने वाला मार्ग अभी भी कच्चा है। बारिश के दिनों में रास्ते में पानी भर जाने से लोगों का आवागमन बाधित हो जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि रामेश्वर धाम, झील का हार में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान विधायक दर्शन सिंह गुर्जर ने सड़क निर्माण की घोषणा की थी। इसके बाद संबंधित मार्ग का एस्टीमेट भी तैयार कर लिया गया है। साथ ही मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना के तहत तीनबड़ में बादल शर्मा के मकान से झील का हार स्थित रवि राजपूत के मकान तक लगभग 700 मीटर इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत किया जा चुका है। नगर परिषद द्वारा इस कार्य का वर्क ऑर्डर भी जारी किया जा चुका है। वार्डवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि दोनों स्वीकृत मार्गों पर वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए। इससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सकेगी और बरसात के दौरान होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। ज्ञापन सौंपने वालों में राधेश्याम गुप्ता, मनीष गौड़, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि धर्म मीना, रामदयाल कश्यप, गंगाराम प्रजापत, कमल माली, शिवकुमार शर्मा, सुभाष शर्मा, मनोज, ओमप्रकाश, ब्रह्मानंद, पंकज, मोनू सहित अन्य कॉलोनीवासी शामिल रहे।
लखनऊ के बाजारखाला थानाक्षेत्र में एक युवक ने पत्नी की गला रेत कर हत्या कर दी। दोनों का लंबे समय से विवाद चल रहा था। पत्नी 3 महीने से मायके में रह रही थी। आरोपी पति ने फोन करके मिलने के बहाने बुलाया। इसके बाद घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। खलरवा लेन ऐशबाग निवासी चांदनी (26) की शादी 7 साल पहले मोहम्मद शाहिद से हुई थी। दोनों का एक 4 साल का बेटा है। आरोप है कि शादी के बाद से ही पति शाहिद अक्सर चांदनी के साथ मारपीट करता था। जिससे तंग आकर 3 महीने से वह तकिया चांद अलीशा रामनगर ऐशबाग स्थित अपने मायके में रह रही थी। सुनसान जगह ले जाकर हत्या की चांदनी बुधवार दोपहर में पड़ोस में रहने वाली भाभी को स्कूटी से देखने जा रही थी। वह एक निजी अस्पताल में एडमिट थी। इस दौरान शाहिद ने चांदनी को कॉल करके मिलने के बहाने बुलाया। ऐशबाग आठ नंबर गेट की गली में सुनसान जगह पर ले गया। वहां चाकू से गला रेत कर उसकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया। वहां मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी शाहिद सब्जी का ठेला लगाता था। पुलिस की टीम उसकी तलाश में जुटी है।
बदायूं राजकीय मेडिकल कॉलेज में तैनात प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार को शासन स्तर से हटा दिया गया है। उनके स्थान पर राजकीय मेडिकल कॉलेज झांसी के प्राचार्य डॉ. शिवकुमार को नियुक्त किया गया है। विशेष सचिव कृतिका शर्मा ने डॉ. शिवकुमार को तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश जारी किए हैं। डॉ. अरुण कुमार के कार्यकाल के दौरान मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाएं व्याप्त थीं। कॉलेज में कई निर्माण कार्य भी अधूरे पड़े थे। उपमुख्यमंत्री डॉ. ब्रजेश पाठक ने भी मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया था। उन्होंने कॉलेज की व्यवस्थाओं पर गंभीर आपत्ति जताई थी और डॉ. अरुण कुमार को चेतावनी भी दी थी। हालांकि, चेतावनी के बाद भी व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ। सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता और बीजेपी जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने भी कॉलेज में व्याप्त अव्यवस्थाओं की शिकायत उपमुख्यमंत्री से की थी। माना जा रहा है कि इन्हीं शिकायतों और अव्यवस्थाओं के चलते यह कार्रवाई की गई है।
बुद्धा कॉलोनी थाना से सटे चंद कदम की दूरी पर वट सावित्री पूजा के दिन उतरी मंदिरी की रहने वाली सरोज मिश्रा और उनकी बहु गौरी मिश्रा की चेन चोरी हो गई थी। शातिरों ने गले से सोने की चेन में लगा मंगलसूत्र, चेन, चोरी कर लिए। जिसकी कीमत लगभग 15 लाख रुपए थी। इस घटना के बाद से पीड़िता के परिवार में तनाव है। पीड़िता सरोज मिश्रा ने बताया कि घटना के 12 दिन के बाद भी कोई खोजखबर नहीं है। जब भी अधिकारी से मिलने परिवार के सदस्य जाते हैं, या कॉल करते हैं तो सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है। पुलिस की ओर से कहा जा रहा है, खोज रहे हैं। लेकिन अभी तक किसी की पहचान नहीं हो पाई है। कहा- अब चेन मिलने की उम्मीद टूट रही जब आरोपी की ही पहचान नहीं हो पाई है, तो फिर कैसे कह रहे हैं कि लगे हैं, खोज रहे हैं। मेरी उम्मीद अब टूटते जा रही है। परिवार में काफी तनाव है। मेरी बहू बाहर पूजा करने नहीं जाती थी। उस दिन मेरी मती मारी गई थी, जो लेकर चली गई। घटना के बाद से मेरी बहू चुप ही नहीं हो रही है। हर वक्त रोते रहती है। समझाने के लिए माइके वाले लेकर गए हैं। वहां भी वहीं हाल है। मैं अपने बेटे से आंख नहीं मिला पा रही हूं। मेरे सुहाग की निशानी वट सावित्री के दिन ही खो गई। रोज बेचैनी सी है। अभी तक नहीं हुई पहचान अभी तक बुद्धा कॉलोनी थाने की पुलिस इस मामले में आरोपियों की पहचान नहीं कर पाई है। संदिग्ध ऑटो सीसीटीवी में नजर आया था। हालांकि इसे लेकर भी स्पष्टता नहीं है।
तरनतारन सेवा केंद्र यूनिट के कर्मचारियों ने स्टेट कमेटी के आह्वान पर 26 मई से तरनतारन के सभी सेवा केंद्रों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की गई है। अपनी मांगों को लेकर डिप्टी कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा।कर्मचारियों का कहना है कि सरकार के निर्देश के बावजूद उनके वेतन में वृद्धि नहीं की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगें नहीं मानी गईं तो आने वाले समय में सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा 10 साल से एक ही वेतन, वह भी बहुत कम सेवा केंद्र के अध्यक्ष गुरसेवक सिंह लालू घुम्मन ने बताया कि कर्मचारी पिछले 10 सालों से मात्र 1,000 रुपये के मासिक वेतन पर काम कर रहे हैं। उन्हें हर महीने वेतन देरी से मिलता है, और कई बार तो वेतन मिलने में भी कठिनाई होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के निर्देशों के बावजूद संबंधित कंपनी ने कभी भी समय पर वेतन जारी नहीं किया। इतनी कम सैलरी में आज के समय में गुजारा करना बेहद मुश्किल हो गया है। हर साल नई सेवा जोड़ी जाती है लेकिन वेतन नहीं बढ़ता उपाध्यक्ष जगदीश सिंह ने कहा कि सेवा केंद्रों पर हर दिन नई सेवाएं जोड़ी जा रही हैं और काम का बोझ बढ़ाया जा रहा है। इसका सेवा केंद्र के मूल कार्य से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले आम आदमी पार्टी ने पंजाब में कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम खत्म करने का वादा किया था, लेकिन चार साल बाद भी सेवा केंद्र कर्मचारियों की सुध नहीं ली गई है। घर घर सेवा देने वाले ऑपरेटरों को 11 माह से वेतन नहीं जगदीश सिंह ने यह भी बताया कि घर-घर जाकर सेवाएं देने वाले DSDO ऑपरेटरों को समय पर यात्रा भत्ता (TA) नहीं मिलता, और B2C ऑपरेटरों को पिछले 11 महीनों से वेतन नहीं मिला है। इन्हीं समस्याओं के चलते सेवा केंद्र कर्मचारियों ने यह कदम उठाया है।
उमरिया जिले की चंदिया तहसील के ग्राम लोढ़ा में खनिज विभाग ने अवैध खनिज उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई की है। विभाग को शिकायत मिली थी कि रेलवे लाइन निर्माण कार्य में बिना अनुमति निकाली गई मिट्टी और मुरुम का उपयोग किया जा रहा है। शिकायत के बाद विभागीय टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच में मिला अवैध उत्खननजांच के दौरान बिना अनुमति मिट्टी और मुरुम निकाले जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने मौके से टाटा हिटाची हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर पोकलेन मशीन और हाइवा वाहन क्रमांक सीजी 10 बीयू 2634 को जब्त कर लिया। नियमों के तहत दर्ज हुआ मामलाखनिज विभाग ने दोनों वाहनों के खिलाफ मध्य प्रदेश खनिज नियमों के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की आगे जांच की जा रही है। अवैध खनन के खिलाफ अभियान जारीविभागीय अधिकारियों के अनुसार जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण को रोकने के लिए लगातार सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है।
माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की है। विधायक अब्बास अंसारी ने हिस्ट्रीशीट खोलने के मामले में याचिका दाखिल कर एसपी गाजीपुर को अवमानना याचिका में पक्षकार बनाया है। हाईकोर्ट ने अब्बास अंसारी की हिस्ट्रीशीट खोलने के मामले में एसपी गाजीपुर को पुनर्विचार का आदेश दिया था। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद अब्बास अंसारी की हिस्ट्रीशीट खोलने पर एसपी गाजीपुर ने कोई निर्णय नहीं लिया। अब इसी के खिलाफ अब्बास अंसारी ने हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना करने पर याचिका कर हाईकोर्ट की आवमानना का आरोप लगाया है। गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाने में अब्बास अंसारी की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। अब्बास अंसारी ने हिस्ट्रीशीट खोले जाने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
राजस्थान की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी राजस्थान यूनिवर्सिटी में व्यवस्थाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच जहां छात्र पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं, वहीं बुधवार को यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। लाइब्रेरी की छत का प्लास्टर अचानक टूटकर छात्रों की बेंच पर गिर गया। गनीमत रही कि घटना के समय वहां कोई छात्र मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद लाइब्रेरी में मौजूद छात्रों में हड़कंप मच गया। नाराज छात्र सीधे लाइब्रेरी के HOD के कमरे में पहुंच गए और यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। छात्रों का आरोप है कि लंबे समय से यूनिवर्सिटी की जर्जर इमारतों और खराब व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा। छात्रा वियोना जाट ने कहा कि राजस्थान यूनिवर्सिटी में हजारों छात्र पढ़ाई करने आते हैं, लेकिन यहां की इमारतें खुद असुरक्षित हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में स्कूलों में जर्जर भवनों के कारण दर्दनाक हादसे सामने आए थे और अब यूनिवर्सिटी में भी छात्रों की जान खतरे में है। वियोना ने बताया कि लाइब्रेरी की छत का जर्जर प्लास्टर सीधे छात्राओं की टेबल पर गिरा। कुछ ही देर पहले वहां छात्राएं बैठी हुई थीं, ऐसे में बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने सरकार और यूनिवर्सिटी प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द यूनिवर्सिटी की जर्जर इमारतों का रिनोवेशन कराया जाए ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। साथ ही उन्होंने अंबेडकर लाइब्रेरी के बंद पड़े हॉल को भी शुरू करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि भीषण गर्मी में छात्र पर्याप्त जगह और सुविधाओं के अभाव में परेशान हो रहे हैं। वहीं छात्र नेता भारत भूषण ने कहा कि गर्मी के मौसम में यूनिवर्सिटी के हालात पूरी तरह बिगड़ चुके हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है और छात्र लगातार परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेंट्रल लाइब्रेरी में छत का प्लास्टर गिरना प्रशासन की लापरवाही का बड़ा उदाहरण है। भारत भूषण ने बताया कि जिस जगह प्लास्टर गिरा, वहां कुछ देर पहले तक छात्र बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। अगर उस समय कोई छात्र वहां मौजूद होता तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन छात्रों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर गंभीर नहीं है। घटना के बाद छात्रों में डर और नाराजगी दोनों देखने को मिले। छात्रों का कहना है कि एक तरफ यूनिवर्सिटी में पीने के पानी, कूलर और बैठने की व्यवस्था की कमी है, वहीं दूसरी तरफ जर्जर भवन अब जानलेवा साबित हो रहे हैं। अब छात्र यूनिवर्सिटी प्रशासन से तत्काल कार्रवाई और सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में लोक गायक चुन्नू लाल यादव उर्फ निर्भय कुमार को जहानाबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मखदुमपुर थाना क्षेत्र के श्रीपुर गांव स्थित उनके पैतृक आवास से की गई। एसडीपीओ-2 कृति कमल ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी ने इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया था। जांच में पाया गया कि इस पोस्ट में मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया था, जिसका उद्देश्य उनकी छवि को धूमिल करना था। यह मामला पटना साइबर थाने में दर्ज किया गया था। पटना साइबर थाने से मिले निर्देशों के बाद जहानाबाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। तकनीकी अनुसंधान और स्थानीय जानकारी के आधार पर पुलिस ने श्रीपुर गांव में छापेमारी कर चुन्नू लाल यादव को हिरासत में लिया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर किसी भी व्यक्ति, संस्था या संवैधानिक पद पर बैठे लोगों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करना एक कानूनी अपराध है। उन्होंने बताया कि साइबर माध्यमों के दुरुपयोग पर पुलिस लगातार नजर रख रही है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। बताया गया है कि गायक ने कुछ दिन पहले ही अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट के माध्यम से मुख्यमंत्री के विरुद्ध अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। पटना पुलिस ने जहानाबाद पुलिस से संपर्क कर गिरफ्तारी में सहयोग मांगा था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
चूरू में नौतपा के तीसरे दिन भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। बुधवार को दोपहर ढाई बजे तापमान 46.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सुबह 11:30 बजे यह 43 डिग्री सेल्सियस था। तेज लू के कारण शहर की सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग ठंडे पेय पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। घरों और कार्यालयों में पंखे व कूलर भी बेअसर साबित हो रहे हैं। लोग अपने दैनिक और आवश्यक कार्यों को सुबह जल्दी निपटा रहे हैं ताकि दोपहर की भीषण गर्मी से बचा जा सके। इसी बीच बीदासर नगरपालिका ने नौतपा की भीषण गर्मी के बीच आमजन को राहत देने के उद्देश्य से बुधवार को कस्बे के मुख्य बाजारों और प्रमुख सड़कों पर टैंकरों से पानी का छिड़काव करवाया। इस पहल से बाजारों में गर्मी और धूल से कुछ हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में चल रहे हीटवेव और तीव्र हीटवेव का दौर आगामी दो-तीन दिनों तक जारी रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा सकता है। बीकानेर, कोटा संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में कुछ स्थानों पर अधिकतम तापमान 46 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में 27 और 28 मई को अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने की आशंका है। हालांकि, एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 28 मई से राज्य के कुछ भागों में आंधी-बारिश की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। आंधी-बारिश की गतिविधियों में 30 मई से और बढ़ोतरी होने की संभावना है, और जून के पहले सप्ताह में भी कुछ भागों में यह गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
गोबर डालने पर विवाद, दो पड़ोसियों में चलीं तलवार:महिला की उंगलियां कटी; पिता-बेटा भी घायल
रतलाम के सरवड़ जमुनिया गांव में जमीन पर गोबर डालने की बात को लेकर बुधवार सुबह विवाद हो गया। दो पड़ोसी पक्ष आपस में भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में तीन लोग घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। पति-पत्नी और बेटा घायल घायलों में कैलाश (50) पिता जगदीश गुर्जर, उनकी पत्नी राजूबाई (48) और बेटा विमल (30) शामिल हैं। तीनों को बुधवार सुबह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पिता कैलाश की हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें निजी अस्पताल लेकर गए, जबकि मां और बेटा जिला अस्पताल में भर्ती हैं। तलवार के हमले से बचाव के दौरान राजूबाई के हाथ की चारों उंगलियां कट गईं। वहीं पिता और बेटे के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलते ही बिलपांक थाना प्रभारी अयुब खान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं रतलाम में घायलों से मिलने ग्रामीण एसडीओपी किशोर पाटनवाला भी जिला अस्पताल पहुंचे। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है। गोबर डालने को लेकर शुरू हुआ विवाद घायल विमल ने बताया कि बुधवार सुबह उनकी मां राजूबाई घर के पास स्थित उखेड़ा (गड्ढे) में गोबर डालने गई थीं। इसी दौरान पास में रहने वाले अमरसिंह गुर्जर के घर की महिलाओं ने विवाद शुरू कर दिया और उनकी मां के साथ मारपीट की। जानकारी मिलने पर वह और उनके पिता मौके पर पहुंचे। बातचीत के दौरान अमरसिंह गुर्जर, उसके बेटे ओमप्रकाश गुर्जर, अनिल गुर्जर और परिवार की महिलाओं ने तलवार, रॉड और अन्य धारदार हथियारों से हमला कर दिया। विमल ने बताया कि हमला करने वाले उनके पड़ोसी हैं। उनके उखेड़े के पीछे आरोपियों का मकान है और वे उस जगह को अपना रास्ता बताते हैं। इसी बात को लेकर पहले भी विवाद होता रहा है। एफआईआर दर्ज ग्रामीण एसडीओपी किशोर पाटनवाला ने बताया कि दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। दोनों पक्ष एक ही समाज से हैं। एक पक्ष के तीन लोगों को चोट आई है। प्रारंभिक जांच में विवाद का कारण गोबर डालना सामने आया है। मामले में एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
शिवपुरी जिले के सेवड़ा गांव के ग्रामीण बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने गांव के बाहर रहने वाले पारदी समाज के कुछ लोगों पर ग्रामीणों के साथ मारपीट, पैसे छीनने और दहशत फैलाने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी आए दिन शराब के लिए पैसों की मांग करते हैं और विरोध करने पर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के बाहर रहने वाले कुछ पारदी युवक अवैध हथियार रखते हैं। वे चोरी, झगड़े और मारपीट जैसी घटनाओं में शामिल रहते हैं, जिससे पूरा गांव भय के माहौल में जी रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बाद भी पुलिस की ओर से सख्त कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीण आकाश पाल ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि मंगलवार दोपहर वह खेत से वापस लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में बाला पारदी, इंदल पारदी और सोलन पारदी ने उसे रोक लिया। आरोपियों ने उसकी बाइक की चाबी निकालकर 500 रुपए मांगे। जब आकाश ने पैसे देने से मना किया, तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और उसकी जेब में रखे करीब 5 हजार रुपए निकाल लिए। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई। आकाश पाल ने बताया कि इस घटना की शिकायत सुभाषपुरा थाना में दर्ज कराई गई थी और पुलिस ने मामला भी दर्ज किया, लेकिन अब तक आरोपियों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी से नाराज होकर गांव के कई लोग एसपी कार्यालय पहुंचे और पारदी गिरोह से सुरक्षा दिलाने तथा आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
संभल में अनियंत्रित बस डॉक्टर की दुकान में घुसी:ड्राइवर समेत 2 घायल, बंद दुकान होने से हादसा टला
संभल में बुधवार दोपहर एक निजी बस अनियंत्रित होकर डॉक्टर की दुकान में जा घुसी। हादसे में बस चालक और परिचालक घायल हो गए, जबकि बस में सवार यात्रियों को मामूली चोटें आईं। राहत की बात यह रही कि घटना के समय दुकान बंद थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। यह दुर्घटना संभल तहसील के थाना असमोली क्षेत्र में जोया रोड स्थित मदाला गांव के पास हुई। जानकारी के अनुसार, अमरोहा के जोया से संभल आ रही यात्रियों से भरी निजी बस बुधवार दोपहर करीब 3 बजे अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित डॉ. अली हुसैन की दुकान में जा घुसी। बताया गया कि डॉ. अली हुसैन सप्ताह में दो दिन उनकी दुकान बंद रहती है। हादसे के समय भी दुकान बंद थी, जिसके कारण कोई गंभीर जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। हादसे में बस चालक अयान, निवासी संभल, घायल हो गया, जबकि परिचालक को भी हल्की चोटें आईं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भीषण गर्मी के कारण चालक को बस चलाते समय हल्के चक्कर आ गए थे। इसी दौरान सामने से आ रही बाइक को बचाने के प्रयास में बस अनियंत्रित होकर दुकान में घुस गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। हादसे के कारण संभल-जोया मार्ग पर करीब 40 मिनट तक यातायात प्रभावित रहा। दुर्घटना में दुकान का शटर और अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। थाना प्रभारी मोहित चौधरी ने बताया कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई है। पुलिस ने यात्रियों को सुरक्षित दूसरे वाहनों से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया है।
कोंडागांव जिले में अवैध पेड़ कटाई और लकड़ी तस्करी का मामला अब राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। बुधवार को शहर कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र देवांगन के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि कोंडागांव सहित पूरे बस्तर संभाग में आम, इमली, जामुन जैसे फलदार और विलुप्त होती प्रजातियों के पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और परिवहन किया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि प्रशासन लकड़ी माफियाओं पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें खुली छूट दे रहा है। भाजपा नेत्री पर लगाए गंभीर आरोप ज्ञापन में कांग्रेस ने भाजपा नेत्री ज्योति उर्फ जूही तिवारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि 18 मई की रात वन विभाग ने मसोरा क्षेत्र में वाहन क्रमांक CG-27 R-3479 को लकड़ी परिवहन करते हुए पकड़ा था। इसके बाद 22 मई को आयोजित प्रेस वार्ता में जूही तिवारी ने कांग्रेस पर भाजपा को बदनाम करने का आरोप लगाया था। उन्होंने यह भी दावा किया था कि उनके पास लकड़ी कटाई और परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज मौजूद हैं, जो प्रशासन द्वारा जारी किए गए हैं। कांग्रेस ने प्रशासन से पूछे कई सवाल शहर कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र देवांगन ने प्रशासन से सवाल किया कि आखिर लकड़ी कटाई और परिवहन की अनुमति किन नियमों और शर्तों के तहत दी जाती है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सरकार “एक पेड़ मां के नाम” अभियान चला रही है, तो दूसरी ओर हजारों पेड़ों की कटाई किसके संरक्षण में हो रही है। कांग्रेस ने यह भी पूछा कि 18 मई को पकड़ी गई लकड़ी से भरी गाड़ी को किसके निर्देश पर छोड़ा गया। यदि वाहन नहीं छोड़ा गया, तो उस पर अब तक क्या कार्रवाई हुई? वाहन में किस प्रकार की लकड़ी लोड थी और वह फिलहाल कहां रखी गई है? वैध दस्तावेजों की जानकारी मांगी ज्ञापन में कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि भाजपा नेत्री के पास मौजूद कथित वैध दस्तावेज किस आधार पर जारी किए गए हैं। पार्टी ने तंज कसते हुए कहा कि यदि प्रशासन द्वारा लकड़ी कटाई और परिवहन की अनुमति जनहित में दी जा रही है, तो कांग्रेस भी इस प्रक्रिया में सहयोग करना चाहेगी। कांग्रेस ने प्रशासन से लकड़ी कटाई और परिवहन से संबंधित सभी वैध दस्तावेज और पूरी प्रक्रिया की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
जालौन के डकोर विकासखंड स्थित टीकर गांव में हाल ही में अज्ञात कारणों से दो घरों में आग लग गई थी। इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। यह सहायता मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार दैवीय आपदा से प्रभावित लोगों को समय पर राहत पहुँचाने के क्रम में दी गई। उरई की उप जिलाधिकारी ज्योति सिंह ने मौके पर पहुँचकर आग से प्रभावित कमलेश (पत्नी पुनु) और कस्तूरी (पत्नी शिवकुमार) से मुलाकात की। उन्होंने घटना की जानकारी ली और पीड़ितों को ढांढस बंधाया। इस दौरान दोनों पीड़ित परिवारों को एक-एक लाख बीस हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, दैनिक उपयोग की खाद्य सामग्री किट भी उपलब्ध कराई गई, ताकि उन्हें तत्काल राहत मिल सके। पीड़ितों की मदद की जाएगी उप जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन स्तर से अनुमन्य सभी सहायता प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित लोगों के साथ खड़ा है और किसी भी पीड़ित को असहाय नहीं छोड़ा जाएगा।
अबोहर में सीआईए स्टाफ ने आज एक नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। पहले 19 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़े गए आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने इससे 302 ग्राम हेरोइन और बरामद की है। सीआईए स्टाफ की टीम फोकल प्वाइंट की ओर गश्त कर रही थी। इस दौरान संदिग्ध अवस्था में घूम रहे एक युवक को रोककर उसकी तलाशी ली गई। तलाशी में उसके पास से 19 ग्राम हेरोइन मिली। आरोपी की पहचान कर्मजीत सिंह उर्फ कर्मी उर्फ लवली पुत्र अमर सिंह के रूप में हुई है। वह मूल रूप से राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के गांव बरूवाला का निवासी है, लेकिन वर्तमान में अबोहर के गिदड़ांवाली गांव में रह रहा था। कुल 302 ग्राम अतिरिक्त हेरोइन बरामद पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान की गई पूछताछ में आरोपी ने अपने पास छिपाकर रखी हेरोइन की बड़ी खेप के बारे में जानकारी दी। उसकी निशानदेही पर कुल 302 ग्राम अतिरिक्त हेरोइन बरामद की गई। अन्य आरोपियों का पता लगाने की कोशिश पुलिस अब नशा नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। इसके लिए आरोपी को दोबारा अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा। मामले की गहनता से जांच जारी है।
सोनीपत में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने फसल अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि यंत्रों पर अनुदान के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। उपायुक्त नेहा सिंह ने बताया कि किसान इस योजना का लाभ उठाने के लिए 15 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के तहत व्यक्तिगत लाभार्थी किसानों को कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान प्रदान किया जाएगा। यह अनुदान राशि सरकार द्वारा निर्धारित अधिकतम सीमा तक, जो भी कम हो, दी जाएगी। योजना में सुपर सीडर, सुपर एसएमएस, हैप्पी सीडर, स्मार्ट सीडर, पैडी स्ट्रॉ चॉपर, एमबी प्लो, जीरो टिल, सरफेस सीडर, क्रॉप रीपर, स्ट्रॉ बेलर, स्ट्रॉ रेक और श्रब मास्टर/रोटरी स्लेशर जैसे कृषि यंत्र शामिल हैं। एक किसान, एक यंत्र के लिए कर सकता अप्लाई उपायुक्त नेहा सिंह स्पष्ट किया कि एक किसान केवल एक कृषि यंत्र के लिए आवेदन कर सकता है और अनुदान भी चयन के बाद केवल एक मशीन पर ही मिलेगा। प्रत्येक परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) आईडी पर एक ही आवेदन स्वीकार किया जाएगा। हालांकि, स्ट्रॉ बेलर के लिए आवेदन करने वाले किसान को स्ट्रॉ रेक और रोटरी स्लेशर खरीदने की भी अनुमति होगी। इच्छुक किसान कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की वेबसाइट www.agriharyana.gov.in पर मेरी फसल- मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप-निदेशक डॉ. प्रवीन गुलिया ने बताया कि आवेदन करने वाले किसान ने संबंधित कृषि यंत्र पर पिछले तीन वर्षों अर्थात वर्ष 2023-24 से 2025-26 के दौरान अनुदान प्राप्त न किया हो। इसकी जांच विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने बताया कि पिछले दो सीजन में फसल अवशेष अथवा पराली जलाने के कारण जिन किसानों के रिकॉर्ड में रेड एंट्री दर्ज है अथवा उसी परिवार पहचान पत्र के किसी सदस्य के नाम रेड एंट्री है, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। ड्रा के माध्यम से किया जाएगा किसान का चयन सहायक कृषि अभियंता नवीन हुड्डा ने बताया कि यदि प्राप्त आवेदन निर्धारित लक्ष्य से अधिक होते हैं तो लाभार्थियों का चयन किसानों की उपस्थिति में उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कार्यकारी समिति द्वारा ऑनलाइन ड्रॉ के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चयनित किसानों को पोर्टल पर अपलोड किए गए सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे हरियाणा पंजीकृत ट्रैक्टर की वैध आरसी, परिवार पहचान पत्र, पैन कार्ड, लघु एवं सीमांत किसानों के लिए पटवारी रिपोर्ट, स्वयं घोषणा पत्र तथा अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों के लिए जाति प्रमाण पत्र आदि सात दिनों के भीतर सहायक कृषि अभियंता कार्यालय, राई में जमा करवाने होंगे। उन्होंने बताया कि दस्तावेजों की जांच एवं अनुमोदन उपरांत पात्र किसानों को विभागीय पोर्टल से ऑनलाइन सब्सिडी पात्रता प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। किसानों को 30 जुलाई 2026 तक कृषि यंत्र की खरीद पूरी करनी होगी, जबकि संबंधित डीलर एवं निर्माता को 05 अगस्त 2026 तक बिल एवं अन्य दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। ऑनलाइन करना होगा भुगतान उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि यंत्र की खरीद का भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम, बैंक अथवा चेक के जरिए ही करना होगा। नकद भुगतान की अनुमति नहीं होगी। किसान यह सुनिश्चित करें कि वे केवल सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एवं वैध परीक्षण रिपोर्ट वाले निर्माता अथवा डीलर से ही मशीन खरीदे। उन्होंने बताया कि मशीन खरीद के बाद डीलर द्वारा किसान के मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी प्रमाणीकरण के माध्यम से बिल, ई-वे बिल एवं लोकेशन आधारित फोटो विभागीय पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। इसके उपरांत निदेशालय द्वारा निर्धारित तिथि पर खंड स्तर पर कृषि यंत्रों का भौतिक सत्यापन मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा। सफल सत्यापन के बाद सब्सिडी राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी। हुड्डा ने बताया कि योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए किसान उप कृषि निदेशक कार्यालय, सोनीपत अथवा सहायक कृषि अभियंता कार्यालय, राई से संपर्क कर सकते हैं।
महोबा में कुएं में मिला पशुपालक का शव:शरीर पर गहरे जख्म, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
महोबा जनपद के श्रीनगर कस्बे में एक श का शव संदिग्ध परिस्थितियों में कुएं में मिला है। मृतक के शरीर पर गहरे घाव के निशान पाए गए हैं, जिसके बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। भैरवगंज मोहल्ले के रहने वाले 58 वर्षीय राम प्रसाद प्रजापति पेशे से चरवाहे थे। वह रोज की तरह अपनी बकरियां चराने घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। बाद में उनका शव एक कुएं के अंदर पड़ा मिला। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को कुएं से बाहर निकाला। इस घटना को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। परिजनों ने सीधे तौर पर हत्या की आशंका व्यक्त की है। मृतक के पैर और गाल के पास गहरे जख्मों के निशान मिले हैं। राम प्रसाद के दामाद चतुर्भुज, जो दिल्ली से महोबा पहुंचे हैं, ने आरोप लगाया है कि उनके ससुर को किसी ने कुल्हाड़ी से मारा है। हालांकि, चतुर्भुज का कहना है कि परिवार को किसी से पुरानी रंजिश या दुश्मनी की जानकारी नहीं थी और न ही उन्हें किसी खास व्यक्ति पर शक है। परिजनों ने पुलिस से न्याय और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। श्रीनगर थाना प्रभारी जयचंद ने बताया कि मामला पूरी तरह संदिग्ध है। चरवाहा कुएं तक कैसे पहुंचा और उसके शरीर पर घाव के निशान कैसे लगे, इन तमाम बिंदुओं पर पुलिस बारीकी से जांच कर रही है। थाना प्रभारी के मुताबिक, मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सिरसा शहर में बेगू रोड स्थित मेला ग्राउंड एरिया में नगर परिषद की टीम ने बुधवार को फिर से अतिक्रमण कब्जा कार्रवाई की। नगर परिषद की टीम दोपहर को मेला ग्राउंड में पुलिसबल एवं जेसीबी के साथ पहुंची। टीम ने पहले कब्जा करने वाले लोगों को वहां से जगह खाली करने को कहा, परंतु किसी ने सामान बाहर नहीं निकाला और न ही जगह छोड़ने पर सहमत हुए। इसके बाद टीम ने जेसीबी से कब्जा हटाओ कार्रवाई शुरू की। इस बार नगर परिषद की टीम ने झुग्गियों के साथ पक्के मकान पर भी जेसीबी चला दी और मकान ढहा दिए गए। टीम ने कूलर व आदि सामान घरों से बाहर निकालकर फेंका। टीम के अनुसार, यह मकान पक्के बने हुए हैं, लेकिन पूरी तरह से रेनोवेशन नहीं है। इस तरह काफी लोगों ने सरकारी जगह पर कब्जा कर मकान व झुग्गी-झोपड़ी बनाई हुई है। गर्मी के चलते एक महिला को चक्कर आ गया और नीचे गिर गई। इस दौरान लोगों व टीम ने उनको संभाला। इस दौरान लोगों ने टीम की कार्रवाई का विरोध किया और टीम व उनके बीच कहासुनी भी हो गई। लोगों ने टीम का विरोध करते कहा, हर बार ये कार्रवाई की जा रही है। लोगों ने टीम व पुलिस के समक्ष हाथ जोड़े और बोले, हमारे घर तोड़ रहे हो और काम कर-करके मुश्किल से घर बनाया। अब ये घर तोड़ रहे हैं। सरकार को क्या पता कैसे मेहनत कर घर बनाया और सरकार के प्रति नाराजगी जताते हुए नारेबाजी की। एक सप्ताह पहले भी की थी कब्जा हटाओ कार्रवाई गत वीरवार को प्रशासन की टीम ने मेला ग्राउंड में करीब 20-30 झुग्गियों को जेसीबी से ढहा दिया था और लोगों को अल्टीमेटम देते हुए वहां से हटाने को कहा था। इस दौरान प्रशासन की टीम और झुग्गीवासियों के बीच काफी नोंकझोंक हुई। लोगों ने सरकार व प्रशासन के प्रति रोष जताया था। इसके बाद आज बुधवार को नगर परिषद की टीम दोबारा कार्रवाई के लिए पहुंची और भारी पुलिसबल के साथ गाड़ियां लेकर टीम पहुंची। लोगों ने टीम के सामने बहुत मिन्नतें की, पर किसी ने एक न सुनीं। लोग बोले, सामान खाली करने का एक सप्ताह का समय दिया लोगों व महिलाओं का कहना है कि वे यहां करीब 40-50 सालों यहां पर कब्जा किए हुए हैं। पिछले 20 से 25 सालों से सभी ने पक्के मकान बना लिए। यहां का बिजली व पानी बिल भरते हैं। लोगों ने कहा, यह जमीन व प्लॉट खरीदी हुई है और जमीन डेढ लाख रुपए में खरीदी थी। सभी सामान घरों से बाहर निकाल दिया है। ये कार्रवाई देर शाम तक चलेगी। महिलाएं बोली, अभी टीम कह रही है कि अभी तो कुछ घर तोड़े हैं और घर भी तोड़े जाने हैं। जेसीबी से पूरा मकान ही सीधा ढहाया जा रहा है। एक तरह से लोगों का आशियाना टूटने के बाद बेघर हो गए। घर खाली करने का एक सप्ताह का समय है। इस गर्मी में बच्चे लेकर कहां जांएगे।
श्रावस्ती में अवैध खनन पर कार्रवाई, 32 वाहन सीज:प्रशासन ने 9 लाख का वसूला जुर्माना, टास्क फोर्स गठित
श्रावस्ती में अवैध खनन और मिट्टी के अवैध परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सख्त अभियान चलाया है। मई 2026 में अब तक 32 वाहनों को सीज किया गया है, जबकि 9 लाख रुपये का जुर्माना भी वसूला गया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी के 20 मई 2026 को दिए गए निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग के निर्देशन में जनपद की तीनों तहसीलों- भिनगा, जमुनहा और इकौना—में राजस्व और खनन विभाग की संयुक्त टीम लगातार अभियान चला रही है। अभियान के दौरान अवैध मिट्टी खनन करते हुए कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पकड़ी गईं, जिनमें मिट्टी लदी मिली। इसके बाद वाहनों को तत्काल सीज कर पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार मई 2026 में अब तक कुल 32 वाहनों पर कार्रवाई की गई है। इनमें भिनगा तहसील के 13, इकौना के 3, जमुनहा के 7 और अन्य क्षेत्रों के 9 वाहन शामिल हैं। इन मामलों में कुल 9 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से 9 लाख रुपये की वसूली की जा चुकी है। अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जनपद स्तर पर विशेष टास्क फोर्स का गठन भी किया गया है। इस टीम में संबंधित उपजिलाधिकारी और क्षेत्राधिकारी पुलिस को शामिल किया गया है। टीम लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर कार्रवाई कर रही है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत अवैध खनन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में जुर्माने की वसूली अभी बाकी है और भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
कोतवाली टीआई पर झूठी FIR का आरोप:पीड़ित बोले- शराब कारोबारी से मिलीभगत, आंदोलन की दी चेतावनी
भगवती मानव कल्याण संगठन के सदस्यों ने बुधवार दोपहर दमोह एसपी को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें संगठन के एक कार्यकर्ता पर झूठी रिपोर्ट दर्ज करने का आरोप कोतवाली टीआई पर लगाया गया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्दोष व्यक्ति का नाम जल्द नहीं हटाया गया, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। संगठन के संभाग अध्यक्ष सुजान सिंह ठाकुर ने बताया कि यह मामला अप्रैल महीने का है। उस समय कोतवाली थाना क्षेत्र के गार्ड लाइन के पास संगठन के कार्यकर्ताओं ने दो युवकों को अवैध शराब ले जाते हुए पकड़ा था। इस दौरान कुछ हाथापाई भी हुई थी। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद संगठन के कार्यकर्ता कोतवाली थाने पहुंचे। आरोप है कि कोतवाली टीआई ने शराब ठेकेदार के दबाव में संगठन के कुछ सदस्यों के साथ-साथ फल व्यापारी और संगठन कार्यकर्ता पन्नालाल राय पर भी मामला दर्ज कर लिया। संगठन का दावा है कि घटना के समय पन्नालाल राय अपनी दुकान पर मौजूद थे, जिसके सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध हैं। ये फुटेज एसपी को सौंपे गए हैं। शराब ठेकेदार का दबाव सुजान सिंह ठाकुर ने बताया कि टीआई ने शराब ठेकेदार के दबाव में यह झूठा मामला दर्ज किया है। संगठन ने पहले भी इस संबंध में एसपी को आवेदन दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह दूसरी बार है जब संगठन ने ज्ञापन सौंपा है, जिसमें निर्दोष व्यक्ति का नाम एफआईआर से हटाने की मांग की गई है। यदि ऐसा नहीं होता है, तो संगठन ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। क्या है मामला गौरतलब है कि अवैध शराब पकड़े जाने के समय एक वीडियो भी वायरल हुआ था। इसमें संगठन के कार्यकर्ताओं और अवैध शराब ले जा रहे लोगों के बीच विवाद देखा गया था। इसके बाद दोनों ही पक्ष कोतवाली पहुंचे थे। पुलिस ने दोनों ही पक्षों पर मामला दर्ज किया था, लेकिन संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना है कि जो व्यक्ति उस समय कार्रवाई में शामिल ही नहीं था उस पर भी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। ज्ञापन लेने पहुंची महिला अधिकारी ने संगठन के कार्यकर्ताओं को आसान आश्वासन दिया है की जांच के बाद इस मामले में आगे कार्रवाई की जाएगी।
औरैया में भाजपा के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026 के जिला प्रशिक्षण वर्ग का दूसरा दिन योगा सत्र से शुरू हुआ। समापन सत्र की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सर्वेश कठेरिया ने की। इस सत्र में मुख्य वक्ता प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी मानवेंद्र सिंह चौहान ने कार्य विस्तार और चुनाव प्रबंधन पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। चौहान ने कहा कि संगठन का विस्तार केवल सत्ता प्राप्ति के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए है। उन्होंने प्रशिक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह कार्यकर्ताओं को एक निश्चित अंतराल के बाद क्या करना है और क्या नहीं, इसकी स्पष्टता देता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। प्रदेश उपाध्यक्ष ने चुनाव जीतने के लिए बूथ स्तर पर मजबूती को आवश्यक बताया। उन्होंने मेरा बूथ सबसे मजबूत के साथ बूथ जीतो का मंत्र दिया, जिससे कार्यकर्ता अपने-अपने बूथों पर सक्रिय होकर पार्टी को मजबूत कर सकें।भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद गीता शाक्य ने व्यवहारिक सत्र को संबोधित किया। उन्होंने संगठन की कार्यशैली, सेवा और समर्पण पर अपने विचार साझा किए। क्षेत्रीय महामंत्री रामकिशोर साहू ने विचार परिवार पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े सभी आनुषंगिक एवं सहयोगी संगठनों के वैचारिक समूह को दर्शाता है। प्रदेश प्रवक्ता संजय चौधरी ने मीडिया प्रबंधन के महत्व पर बात की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मीडिया का बड़ा महत्व है और यह चुनावों में महत्वपूर्ण परिवर्तन ला सकता है। इस प्रशिक्षण वर्ग में वर्ग की प्रभारी एवं कल्याणपुर कानपुर से विधायक नीलिमा कटियार, सदर विधायक गुड़िया कठेरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष कमल दोहरे, दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री बृजेश शुक्ला, पूर्व मंत्री लाखन सिंह राजपूत,क्षेत्रीय उपाध्यक्ष आनंद सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीकांत पाठक, अजय सिंह चौहान, भुवन प्रकाश गुप्ता, जिला महामंत्री विशाल शुक्ला, मनु राजपूत, भूरे चौबे, अनिल शुक्ला, अमरचंद राठौर, ऋषि पाण्डेय, आदर्श ठाकुर, प्रतीक सिंह, कमलेश अवस्थी, खुशबू पाण्डेय, कुंअर सिंह बाथम, अवनीश ठाकुर, रवींद्रीय शाक्य, वासुदेव प्रजापति, नितिन अवस्थी, मोनू सेंगर, अंकुर तिवारी, गिरीश तिवारी, माधव राजपूत, बंटूराव दिवाकर, सोनू सेंगर सहित सभी जिला पदाधिकारी, जिला कार्यसमिति सदस्य और मोर्चा प्रकोष्ठों के अध्यक्ष एवं सभी मंडल अध्यक्ष उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए एक निशुल्क सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित हुए, जहां मुख्य अतिथियों ने अपने अनुभव साझा किए और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। यह नि:शुल्क सेमिनार धमतरी शहर के सिहावा चौक के पास आयोजित किया गया था। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, प्रेरणा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना था। यह आयोजन ASP से सीधी मुलाकात कार्यक्रम के तहत संपन्न हुआ। सेमिनार में विद्यार्थियों, अभिभावकों और समाज के अन्य सदस्यों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राजनांदगांव की एएसपी सारिका वैद्य थीं। भारतीय बौद्ध महासभा जिला धमतरी के अध्यक्ष दीपक वैद्य ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि भारतीय बौद्ध महासभा छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष पालनहार मेश्राम विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इन सभी ने विद्यार्थियों को प्रेरणादायी मार्गदर्शन दिया और अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने एएसपी सारिका वैद्य से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे। एएसपी ने सरल और प्रेरणादायी ढंग से उनके प्रश्नों का समाधान किया और सभी विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की। एएसपी ने विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र एएसपी सारिका वैद्य ने बताया कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता प्राप्त करने का मूल मंत्र अपने लक्ष्य और कार्य पर पूर्ण ध्यान केंद्रित करना, कर्म पर विश्वास रखना और निरंतर संघर्ष करते रहना है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर चुनौतियों का सामना करने, स्वयं से प्रेम करने और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। परिवार सबसे बड़ा सहारा और प्रेरणा उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति आभार और सम्मान रखने की सीख दी। एक प्रेरक गतिविधि और खेल के माध्यम से उन्होंने बच्चों को परिवार का महत्व समझाया और बताया कि सफलता पाने में परिवार सबसे बड़ा सहारा और प्रेरणा होता है। साथ ही यह भी कहा गया कि आगे भी विद्यार्थियों के संपूर्ण विकास और मार्गदर्शन के लिए ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे।
पूर्णिमा यूनिवर्सिटी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से “हीट वेव प्रिपेयर्डनेस एंड मिटिगेशन” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने राजस्थान में बढ़ती हीट वेव की आवृत्ति और तीव्रता पर प्रकाश डाला। विशेषज्ञों ने हीट वेव के मानव स्वास्थ्य, शहरी क्षेत्रों, श्रमिकों और जलवायु परिवर्तन पर प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में हीट एक्शन प्लान, प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली, सामुदायिक भागीदारी और व्यावहारिक कूलिंग समाधानों पर भी चर्चा की गई। हीट वेव से बचाव की दी जानकारी कार्यशाला के संयोजक डॉ. दिव्य प्रकाश ने बताया कि इसके आयोजन का उद्देश्य स्टूडेंट्स, रिसर्चर्स एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों को हीट वेव से बचाव एवं आपदा प्रबंधन के प्रति प्रशिक्षित करना है। पूर्णिमा यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट डॉ. सुरेश चंद्र पाढ़ी ने कहा कि वर्तमान समय में हीट वेव एक गंभीर चुनौती बन चुकी है और इसके समाधान के लिए शैक्षणिक संस्थानों, वैज्ञानिकों और समाज को मिलकर कार्य करना होगा। प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. मनोज गुप्ता ने जलवायु परिवर्तन के प्रति जागरूकता और अनुसंधान को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम में पूर्णिमा यूनिवर्सिटी के एफईटी के डीन डॉ. अंकुश जैन, रजिस्ट्रार डॉ. देवेंद्र सोमवंशी तथा प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. चांदनी कृपलानी भी उपस्थित रहे। कार्यशाला में कुल आठ तकनीकी सत्र आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में कुल आठ तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने हीट वेव, जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य प्रभाव, हीट एक्शन प्लान एवं शहरी ताप प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। ये रहे मौजूद कार्यशाला का भारत मौसम विज्ञान विभाग, मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर, महिला हाउसिंग ट्रस्ट, साउथ एशियन मेट्रोलॉजिकल एसोसिएशन और इंडियन मेट्रोलॉजिकल सोसाइटी जयपुर चैप्टर के सहयोग से आयोजन हुआ। इसे भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय का सहयोग मिला। अतिरिक्त निदेशक (हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन) और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, राजस्थान के क्लाइमेट चेंज के नोडल अधिकारी डॉ. नरोत्तम शर्मा उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि रहे। साथ ही बीएचयू के भूभौतिकी विभाग के पूर्व एचओडी एवं इंडियन मेट्रोलॉजिकल सोसाइटी के उपाध्यक्ष प्रो. राजीव भाटला तथा महिला हाउसिंग सेवा ट्रस्ट की प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर रचना शर्मा विशिष्ट अतिथि रहे। इन तकनीकी सत्रों में स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ, डॉ. अरिंदम दास, महिला हाउसिंग ट्रस्ट की गर्गी असोदरिया एनआरडीसी की डॉ. ऋतिका कपूर, खुशी बेबी के इंजीनियर साकेत कुमार और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के प्रो. अश्वनी कुमार ने मुख्य वक्ता के तौर पर व्याख्यान दिया। कार्यशाला में एनआरडीसी, जेएनयू दिल्ली, शिव नादर यूनिवर्सिटी नोएडा, मणिपाल यूनिवर्सिटी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग, भारत मौसम विज्ञान विभाग सहित देश के विभिन्न शैक्षिक, अनुसंधान एवं आपदा प्रबंधन संस्थानों के विशेषज्ञ, शोधार्थी एवं अधिकारी उपस्थित रहे। भारत मौसम विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक हिमांशु शर्मा की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
शिवगंज तहसील के प्रसिद्ध कामेश्वर महादेव मंदिर परिसर में बीती रात एक भालू अपने दो बच्चों के साथ विचरण करता दिखाई दिया। अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित मंदिर क्षेत्र में भालू परिवार को घूमते देख श्रद्धालुओं में पहले कौतूहल का माहौल बना, लेकिन कुछ ही देर बाद लोग संभावित खतरे को देखते हुए सतर्क हो गए। घटना के दौरान कई श्रद्धालुओं ने अपने मोबाइल फोन में भालू और उसके बच्चों के वीडियो भी कैद किए। श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह और सतर्कता जानकारी के अनुसार, कुछ श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में भालू और उसके बच्चों को घूमते हुए देखा। शुरुआत में लोगों में उत्साह देखने को मिला, खासकर उन श्रद्धालुओं में जिन्होंने पहली बार बच्चों के साथ भालू को इतने करीब से देखा था। हालांकि, मादा भालू के स्वभाव को देखते हुए लोगों ने समझदारी दिखाई और तुरंत सुरक्षित दूरी बना ली। कुछ देर घूमने के बाद जंगल की ओर लौटा भालू अपने दोनों बच्चों के साथ मंदिर परिसर में काफी देर तक निश्चिंत होकर घूमता रहा। इसके बाद वह वापस जंगल की ओर चला गया। भालू के सुरक्षित लौट जाने के बाद श्रद्धालुओं और मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। वन विभाग ने श्रद्धालुओं को किया सतर्क मंदिर के सेवक और वन विभाग लगातार श्रद्धालुओं को सावधानी बरतने की सलाह देते रहते हैं। उनका कहना है कि मादा भालू अपने बच्चों के साथ होने पर सामान्य से अधिक सतर्क और आक्रामक हो सकती है, क्योंकि वह अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बेहद संवेदनशील रहती है। क्षेत्र में लगातार बढ़ रही भालुओं की गतिविधियां कामेश्वरजी तीर्थ स्थल के आसपास इन दिनों भालू अपने बच्चों के साथ अक्सर विचरण करते देखे जा रहे हैं। वन विभाग और मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भालुओं के स्वच्छंद विचरण में किसी प्रकार की बाधा न डालें और विशेष रूप से रात्रि के समय संबंधित क्षेत्र में अनावश्यक आवाजाही से बचें। तीन जिलों से बड़ी संख्या में पहुंचते हैं श्रद्धालु कामेश्वर महादेव मंदिर सिरोही, जालोर और पाली जिलों के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में वन विभाग ने लोगों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने और किसी भी वन्यजीव को उकसाने से बचने की अपील की है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने जब ग्रामीण निकायों में ओबीसी आरक्षण के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन का फैसला लिया था, उसी समय संकेत मिल गए थे कि ग्राम पंचायतों के चुनाव में अभी वक्त लगेगा। आयोग का गठन एक महत्वपूर्ण निर्णय था, लेकिन योगी सरकार ने इससे भी बड़ा ऐतिहासिक फैसला निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में नियुक्त करने का लिया है। यह निर्णय ग्राम स्वराज और ग्राम समाज की उस लोकतांत्रिक अवधारणा को मूर्त रूप देता है, जिसमें स्थानीय इकाइयों के अधिकारों और उनकी निरंतरता की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। ग्राम पंचायतें भारतीय लोकतंत्र की आधारभूत इकाइयां हैं, उनका सशक्त और सक्रिय बने रहना ही लोकतांत्रिक मूल्यों की वास्तविक रक्षा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संबंध में नीतिगत निर्णय लेकर ग्राम पंचायतों को अधिक सशक्त, स्वावलंबी और आत्मविश्वासी बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है। यह फैसला केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था भर नहीं, बल्कि जमीनी लोकतंत्र, जनभागीदारी और ग्रामीण स्वशासन के प्रति सरकार की गहरी प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है। लोकतंत्र और सत्ता का विकेंद्रीकरण एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था- ‘जब तक हम समाज के सबसे निचले स्तर पर रहने वाले व्यक्ति के आर्थिक और सामाजिक उत्थान को सुनिश्चित नहीं करते, तब तक स्वतंत्रता और लोकतंत्र के कोई मायने नहीं हैं। सत्ता का विकेंद्रीकरण ही वास्तविक लोकतंत्र की कुंजी है।’ इस दर्शन में यह निहित है कि शीर्ष पर बैठी व्यवस्था को नीचे की लोकतांत्रिक इकाइयों पर नियंत्रण न रखकर उन्हें संबल देना चाहिए। पंचायत चुनावों तक ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए रखना इसी दर्शन का व्यावहारिक रूप है। अब से पहले यह देखा जाता रहा है कि स्थानीय निकायों का कार्यकाल समाप्त होने या अपरिहार्य कारणों से चुनाव समय पर नहीं हो पाने पर नौकरशाही को कमान सौंप दी जाती थी। विकास खंड स्तर के अधिकारियों या सरकारी कर्मचारियों को प्रशासक नियुक्त कर दिया जाता था। लेकिन, उनमें जनता के प्रति जवाबदेही का भावनात्मक पहलू नहीं देखने को मिलता था। इसके विपरीत, एक निर्वाचित ग्राम प्रधान भले ही तकनीकी रूप से कार्यकाल पूरा कर चुका हो, लेकिन वह उसी मिट्टी, उसी परिवेश और उन्हीं लोगों के बीच रहता है। वह ग्रामीणों के सुख-दुख का सहभागी होता है और उसे पता होता है कि गांव की वास्तविक प्राथमिकताएं क्या हैं और उनके प्रति उसका भावनात्मक जुड़ाव बना रहता है। जन-भावनाओं का सम्मान मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं कि लालफीताशाही की अपनी एक जड़वत प्रवृत्ति होती है, जिसके कारण कई बार विकास कार्य अनावश्यक प्रक्रियाओं और प्रशासनिक उलझनों में फंसकर ठहराव का शिकार हो जाते हैं। योजनाएं बनती हैं, घोषणाएं होती हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की गति धीमी पड़ने से जनता तक उसका अपेक्षित लाभ समय पर नहीं पहुंच पाता। विशेष रूप से गांवों में, जहां विकास की छोटी-छोटी योजनाएं भी लोगों के दैनिक जीवन से गहराई से जुड़ी होती हैं, वहां प्रशासनिक शिथिलता सीधे जनजीवन को प्रभावित करती है। ऐसे समय में योगी सरकार ने पारंपरिक नौकरशाही के इसी जड़ ढांचे को तोड़ते हुए जन-भावनाओं और स्थानीय लोकतांत्रिक व्यवस्था को सर्वोपरि रखने का प्रयास किया है। निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि यह उस राजनीतिक विश्वास का प्रतीक है जिसमें सरकार जनता और उसके द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों की क्षमता पर भरोसा व्यक्त करती है। जनता के लिए इस निर्णय के गहरे व्यावहारिक अर्थ हैं। इससे गांवों में विकास कार्यों की निरंतरता बनी रहती है और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार का गतिरोध उत्पन्न नहीं होता। चाहे गांव की सड़कों का निर्माण हो, पेयजल की व्यवस्था, स्वच्छता अभियान, आवास योजनाओं का संचालन, वीबी-जीरामजी के कार्य हों या अन्य कल्याणकारी योजनाएं, स्थानीय नेतृत्व की सक्रिय उपस्थिति से विकास की प्रक्रिया बाधित नहीं होती। ग्रामीण समाज में प्रशासनिक रिक्तता कई बार अव्यवस्था और असमंजस की स्थिति पैदा कर देती है, लेकिन इस निर्णय ने उस संभावना को काफी हद तक समाप्त किया है। प्रख्यात चिंतक नानाजी देशमुख का मानना था कि ग्राम विकास केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि ग्रामीण समाज की सामूहिक इच्छाशक्ति और स्थानीय नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी से संभव होता है। उनका विश्वास था कि जब गांव स्वयं अपने विकास का दायित्व उठाते हैं, तभी आत्मनिर्भर और सशक्त भारत का निर्माण संभव हो पाता है। योगी सरकार का यह निर्णय उसी विचारधारा के निकट दिखाई देता है, जिसमें गांव को केवल प्रशासनिक इकाई नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक चेतना और विकास की जीवंत शक्ति के रूप में देखा गया है। प्रधानों को प्रशासक बनाकर सरकार ने ग्राम समाज की सामूहिक शक्ति, स्थानीय अनुभव और जन-नेतृत्व की प्रासंगिकता को नई मान्यता दी है। परिपक्व सरकार का प्रारूप इसी वैचारिक परिप्रेक्ष्य में ग्रामीण निकायों के चुनावों में ओबीसी आरक्षण के निर्धारण हेतु समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन के निर्णय को भी देखा जाना चाहिए। इसमें कोई संदेह नहीं कि भारतीय समाज की जटिल सामाजिक संरचना को समझे बिना एक न्यायपूर्ण और समावेशी व्यवस्था की कल्पना अधूरी है। हमारे समाज का एक बड़ा वर्ग, जो सदियों से कृषि, शिल्प, कारीगरी और विविध श्रमप्रधान कार्यों से जुड़ा रहा है, उसे सामाजिक और राजनीतिक मुख्यधारा में सम्मानजनक एवं पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना लोकतंत्र की मूल आवश्यकता है। आरक्षण केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समरसता और समावेशी विकास की संवैधानिक प्रतिबद्धता का आधार है। उच्चतम न्यायालय के निर्देशों और संवैधानिक मर्यादाओं को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने इस संवेदनशील प्रश्न पर जिस परिपक्वता और दूरदर्शिता का परिचय दिया है, वह उल्लेखनीय है। उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 तथा उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम, 1961 के अंतर्गत पंचायतों में आरक्षण की व्यवस्था पहले से लागू है। प्रावधान यह सुनिश्चित करते हैं कि पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण कुल पदों के 27 प्रतिशत से अधिक न हो। साथ ही, यदि अद्यतन जनसंख्या संबंधी आंकड़े उपलब्ध न हों, तो वैज्ञानिक सर्वेक्षण के माध्यम से आवश्यक आंकड़े निर्धारित किए जा सकते हैं। ऐसे समय में समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन केवल एक प्रशासनिक निर्णय के साथ साथ पिछड़े वर्गों के अधिकारों को ठोस कानूनी और संवैधानिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में उठाया गया एक नैतिक और लोकतांत्रिक कदम है। जब यह आयोग पिछड़े वर्गों की वास्तविक आबादी, उनके सामाजिक-राजनीतिक पिछड़ेपन और स्थानीय निकायों में उनके प्रतिनिधित्व का व्यापक अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा, तब उस आधार पर निर्मित आरक्षण नीति अधिक न्यायसंगत, पारदर्शी और विवादों से परे मानी जाएगी। यह पहल राष्ट्र निर्माण की उस व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें समाज के किसी भी वर्ग को यह महसूस न हो कि उसे विकास और प्रतिनिधित्व की मुख्यधारा से हाशिए पर धकेला जा रहा है। लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति तभी सिद्ध होती है, जब वह समाज के सबसे वंचित और श्रमशील समुदायों को भी समान भागीदारी और सम्मान का अवसर प्रदान करे। लोकतंत्र की जड़ों को सींचती ग्राम पंचायतें भारतीय लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति संसद और विधानसभाओं से पहले गांवों की चौपालों, पंचायत भवनों और स्थानीय स्वशासन की संस्थाओं में दिखाई देती है। ग्राम पंचायत केवल एक प्रशासनिक इकाई के साथ साथ लोकतंत्र का वह मूल बीज है, जिससे जनभागीदारी, सामाजिक न्याय और विकास की पूरी संरचना विकसित होती है।। यदि यह बीज कमजोर हो, यदि पंचायतें नौकरशाही की कठपुतलियां बनकर रह जाएं या प्रशासनिक शून्यता में डूब जाएं, तो ऊपर का पूरा ढांचा भले ही भव्य दिखे, भीतर से खोखला होता जाता है। गांव को केवल सरकारी योजनाओं का उपभोक्ता नहीं बनाया जा सकता, उसे योजनाओं का निर्माता और क्रियान्वयनकर्ता बनाना होगा। उत्तर प्रदेश जहां 58 हजार से अधिक ग्राम पंचायते हैं, वहां योगी सरकार के ये दोनों ही निर्णय दूरगामी प्रभाव डालेंगे। समर्पित आयोग का गठन और निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाया जाना, दोनों ही निर्णय परस्पर पूरक हैं। प्रधानों को प्रशासक बनाए रखने से वर्तमान में विकास की निरंतरता सुनिश्चित होती है, वहीं पिछड़ा वर्ग आयोग भविष्य में ऐसे पंचायत नेतृत्व की नींव तैयार करता है, जो अधिक समावेशी होगा। हालांकि ग्राम प्रधानों को प्रशासक की भूमिका में सहज बनाने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, कानूनी जानकारी और वित्तीय अधिकार देने होंगे। डिजिटल तंत्र को और सशक्त करना होगा ताकि कोई भी ग्रामीण यह जान सके कि उसकी पंचायत में कितना धन आया और कहां खर्च हुआ। सत्ता का यह विकेंद्रीकरण और सामाजिक न्याय का यह नया मॉडल वस्तुतः स्वावलंबी भारत के निर्माण की दिशा में बढ़ाया गया कदम है।
दुर्ग की महापौर अल्का बाघमार एक बार फिर विवादों में आ गई हैं। इस बार मामला उनके निरीक्षण दौरे के दौरान सामने आए एक वीडियो को लेकर है। वीडियो में उनकी सुरक्षा में तैनात एक हथियारबंद पुलिस जवान उनके पीछे-पीछे छाता लेकर चलता दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अब इसकी आलोचना हो रही है। महापौर अल्का बाघमार 26 मई को पटरीपार क्षेत्र के औद्योगिक नगर वार्ड क्रमांक 17 और 18 स्थित शक्ति नगर तालाब का निरीक्षण करने पहुंची थीं। इस दौरान उनके साथ समर्थक और स्थानीय लोग भी मौजूद थे। निरीक्षण के समय बनाया गया वीडियो खुद महापौर ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किया था। इसी वीडियो को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है। छाता लेकर पीछे-पीछे चलता दिख रहा जवान वीडियो में देखा जा सकता है कि तेज धूप से बचाने के लिए एक पुलिस जवान महापौर के पीछे छाता लेकर चल रहा है। जवान हथियार से लैस नजर आ रहा है और लगातार उनके पीछे-पीछे चल रहा है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने इसे वीआईपी संस्कृति से जोड़ते हुए सवाल उठाने शुरू कर दिए। एनएसयूआई ने कहा- यह वीआईपी कल्चर इस मामले में NSUI ने भी विरोध जताया है। एनएसयूआई नेता वरूण केवलतानी ने कहा कि, जनता ने जनप्रतिनिधि चुना है, कोई राजा या रानी नहीं। पुलिस व्यवस्था सुरक्षा के लिए होती है, निजी सुविधा और दिखावे के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि पुलिस जवान दिन-रात मेहनत करके लोगों की सुरक्षा करते हैं और वर्दी सम्मान, अनुशासन और सेवा का प्रतीक है। ऐसे में जवानों से इस तरह का काम करवाना ठीक नहीं माना जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की तस्वीरें लोकतंत्र पर सवाल खड़े करती हैं। अगर पुलिस जवानों को नेताओं के पीछे छाता लेकर चलना पड़ेगा, तो इससे गलत संदेश जाएगा। एनएसयूआई ने इसे पुलिस वर्दी का अपमान बताया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स के आए कमेंट वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने भी कई तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं। हनी नाम के एक यूजर ने लिखा कि “दीदी, ये जो जवान आपके ऊपर छाता लगाए हैं, वो ठीक नहीं लग रहा है। छत्तीसगढ़ में बड़े-बड़े नेताओं को भी ऐसा करते नहीं देखा।” वहीं यमन ठाकुर नाम के यूजर ने कमेंट किया कि “देश का जवान मैडम का छाता लेकर घूम रहा है।” पहले भी वीडियो हुआ था वायरल बता दें कि इससे पहले भी महापौर अल्का बाघमार का एक वीडियो काफी चर्चा में रहा था। उस वीडियो में वे एक व्यापारी को धमकाते हुए और थप्पड़ मारने की बात कहते हुए नजर आई थीं। अब नया वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर उन्हें लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है।
हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर शराब के नशे में UP के चार युवक आपत्तिजनक हरकतें करने लगे। जब आस-पास के लोगों ने यह सब देखा तो तुरंत रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) से मदद मांगी। घटना से जुड़े वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें दिखता है कि दो युवक हरकी पैड़ी पर एक-दूसरे को किस करने की कोशिश करते हैं और गंदी हरकतें करने लगते हैं। घटना पर हरिद्वार के साधु-संतों ने नाराजगी जताई है। तीर्थ पुरोहित उज्ज्वल पंडित ने कहा- शराब के नशे में युवकों ने महिलाओं को कंधा मारा और दुकानदारों के साथ भी मारपीट की। उन्होंने गंगा में यात्रियों से बदतमीजी की। हम पुलिस से कहना चाहते हैं कि मां गंगा के तट पर ये सारी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। तस्वीरें देखिए… सिलसिलेवार ढंग से पूरी खबर… 1. शराब के नशे में बाजार में मचाया उत्पात- प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बागपत जिले के थाना खेकड़ा क्षेत्र से आए चार युवक देर रात हरकी पैड़ी क्षेत्र में पहुंचे। चारों युवक अत्यधिक नशे में थे और ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे। बाजार क्षेत्र में घूमते समय उन्होंने राहगीरों और दुकानदारों के साथ अभद्रता की। आरोप है कि नशे में धुत इन युवकों ने वहां मौजूद महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और उन्हें कंधे मारे, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। 2. घाट पर की अश्लील हरकतें, वीडियो वायरल- इसके बाद युवक हरकी पैड़ी घाट पर पहुंच गए और वहां भी आपत्तिजनक हरकतें जारी रखी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में दो युवक एक-दूसरे के साथ अश्लील हरकतें और 'किस' करने का प्रयास करते दिख रहे हैं। श्रद्धालुओं और तीर्थ पुरोहितों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन नशे में चूर युवकों ने किसी की एक न सुनी। 3. स्थानीय लोगों ने घेरा और पुलिस को सौंपा- युवकों की बढ़ती बदतमीजी देख स्थानीय नागरिकों और तीर्थ पुरोहितों ने चारों युवकों को मौके पर ही घेर लिया और तत्काल हरकी पैड़ी चौकी पुलिस को सूचना दी। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम ने चारों को हिरासत में ले लिया। चारों की पहचान राजीव, निवासी ग्राम साकरोद, विपिन निवासी नूरपुर खालसा, कपिल शर्मा निवासी ग्राम साकरोद, बागपत और विकास, निवासी नूरपुर खालसा के तौर पर हुई है। पुलिस ने चारों का चालान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की है। 5. साधु-संतों और पुरोहितों में भारी आक्रोश- घटना के बाद तीर्थ पुरोहित उज्ज्वल पंडित और अन्य संतों ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि मां गंगा के तट पर ऐसी अश्लीलता और नशा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुरोहितों ने मांग की है कि यात्रा सीजन के दौरान घाटों पर नियमित गश्त और सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई जाए ताकि असामाजिक तत्व शहर की छवि खराब न कर सकें। वरिष्ठ संत स्वामी आनंद स्वरूप ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति या समूह की गलती के लिए पूरे प्रदेश (UP) या समाज को दोषी ठहराना गलत है। उन्होंने लोगों से क्षेत्रवाद फैलाने वाले बयानों से बचने और संयम बरतने की अपील की है। हरकी पैड़ी चौकी प्रभारी संजीत कंडारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि धार्मिक नगरी की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी। नशे में हुड़दंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ---------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… उत्तराखंड-हरियाणा के इन्फ्लुएंसर्स फैला रहे हेट स्पीच: दिल्ली में देहरादून के ड्राइवर को पीटा, मारपीट के पुराने VIDEO वायरल कर रहे ऋषिकेश में हरियाणा के युवकों को नंगा कर पीटने के मामले के बाद उत्तराखंड और हरियाणा के इन्फ्लुएंसर्स मिलकर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करके एक-दूसरे के खिलाफ हेट स्पीच फैला रहे हैं। अलग-अलग जगह से मारपीट के दो वीडियो सामने आए हैं। (पढ़ें पूरी खबर)
NCRTC ने बढाई ट्रेन ट्रिप्स:दिल्ली-मेरठ के बीच 10 अतिरिक्त फेरे लगाएंगी नमो भारत
एनसीआरटीसी ने दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए पीक आवर्स में सराय काले खां और मेरठ साउथ के बीच नमो भारत ट्रिप्स में फिर बढ़ोतरी की है और 10 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप्स जोड़ी हैं। यह वृद्धि पिछले सप्ताह एनसीआरटीसी द्वारा बढ़ाई गईं 8 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप्स के अलावा है। 18 ट्रेन ट्रिप्स की बढ़ोत्तरी के साथ नई समय-सारिणी के अनुसार, 10 अतिरिक्त ट्रिप्स सुबह के पीक आवर्स में 7:00 बजे से 11:30 बजे तक उपलब्ध होंगी जबकि 8 अन्य ट्रिप्स शाम के पीक आवर्स में 5:00 बजे से 8:30 बजे के बीच परिचालित होंगी। इस बढ़ी हुई ट्रेन फ्रीक्वेंसी से यात्रियों के लिए अधिक ट्रेनें उपलब्ध होंगी, उनका प्रतीक्षा समय कम होगा, सीट की उपलब्धता बढ़ेगी।
औरैया में राजस्व अधिवक्ता एसोसिएशन के तत्वावधान में 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अधिवक्ताओं की अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को 17वें दिन भी जारी रही। यह हड़ताल राजस्व कार्यप्रणाली में सुधार और अधिवक्ताओं व वादकारियों के हितों की रक्षा के लिए की जा रही है। हड़ताल के कारण तहसील में कोई काम न होने से लोग परेशान हो रहे है। अपनी मांगों के समर्थन में अधिवक्ताओं का क्रमिक अनशन भी लगातार जारी है। बुधवार को क्रमिक अनशन के मंच पर वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्ण चंद्र सक्सेना, पूर्व अध्यक्ष राम विनोद शुक्ला, पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व श्रीप्रकाश शर्मा, मुकेश सविता और उत्तम दीक्षित शामिल हुए। अनशन स्थल पर राजस्व अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि राजस्व कार्यप्रणाली में सुधार और अधिवक्ताओं व वादकारियों के हितों की रक्षा के लिए है। महामंत्री हरिभानु अवस्थी ने संगठन को एकजुट रहने का आह्वान करते हुए कहा कि राजस्व अधिवक्ता संगठन पूरी मजबूती के साथ इस लड़ाई को लड़ रहा है। उन्होंने क्रमिक अनशन पर बैठे साथियों को संघर्ष की रीढ़ बताया।
नमस्कार,ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप एक ही जगह पर शहर की दिनभर की बड़ी खबरें रोज शाम 5 बजे पढ़ सकते हैं। इंदौर में कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ मिलेगा..। 1. 200 किलो का बकरा:पंजाब से 1000Km सफर तय कर लाए सालभर पहले पंजाब से एक हजार किमी का सफर दो दिन में तय कर बकरे को इंदौर लाया गया। ढ़ाई साल के इस बकरे का वजन 200 किलो से ज्यादा है और इसकी गर्दन तक हाइट 5 फीट की है। ईद पर यानी गुरुवार को इसकी कुर्बानी दी जाएगी। पढ़ें पूरी खबर... 2. गांधी नगर में टेलर ने जहर खाया गांधी नगर क्षेत्र में रहने वाले एक टेलर ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिवार ने पड़ोसी पर प्रताड़ित करने और लगातार धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि करीब 17 दिन पहले टेलर के साथ मारपीट भी की गई थी, जिसके बाद से वह मानसिक तनाव में थे। पढ़ें पूरी खबर... 3. शादी का झांसा देकर महिला से दुष्कर्म बाणगंगा थाना क्षेत्र में तलाकशुदा महिला से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने नरसिंहपुर निवासी आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर... 4. प्रेमी ने कोर्ट मैरिज के लिए बुलाया फिर मुकरा आजाद नगर थाना क्षेत्र में युवती की मौत के मामले में पुलिस ने परिवार के बयान के आधार पर उसके प्रेमी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। युवक और युवती के बीच कई वर्षों से प्रेम संबंध थे। समाज अलग होने के कारण युवक के परिजनों ने शादी से इनकार कर दिया था। पढ़ें पूरी खबर... 5. रिश्तेदार युवती शादी का बना रही थी दबाव प्रेम प्रसंग के तनाव के चलते एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। एरोड्रम थाना पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि युवक की रिश्तेदार युवती उस पर शादी का दबाव बना रही थी। युवक ने रिश्तेदारी का हवाला देते हुए शादी से इंकार कर दिया था। पढ़ें पूरी खबर... 6. फर्जी जिम ट्रेनर बनकर महिला से 2लाख ठगे मल्हारगंज थाना क्षेत्र में फेसबुक के जरिए दोस्ती कर एक महिला से ऑनलाइन ठगी और ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को जिम ट्रेनर बताकर महिला को प्रेमजाल में फंसाया और बाद में निजी फोटो वायरल करने की धमकी देकर लाखों रुपए ऐंठ लिए। पढ़ें पूरी खबर... 7. आकांक्षा योजना पर छात्रों ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप आकांक्षा योजना के तहत आदिवासी बच्चों को कोचिंग दे रही एसेंट कोचिंग क्लास का टेंडर तत्काल समाप्त करने, नीट की कोचिंग पूरी कराने सहित अन्य मांगों को लेकर योजना के हितग्राही स्टूडेंट इंदौर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर... 8. आईपीएल सट्टा खेलते इंजीनियर सहित आठ आरोपी गिरफ्तार क्राइम ब्रांच ने आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा चलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर, रेलवे, बैंक कर्मचारी और निजी कंपनियों में कार्यरत युवक शामिल हैं। पढ़ें पूरी खबर... 9. बारिश के पहले रास्तों का पेचवर्क शुरू बारिश में शहरवासियों को खराब सड़कों और आवागमन की परेशानी से बचाने के लिए नगर निगम ने प्रमुख और व्यस्ततम मार्गों पर पेचवर्क अभियान तेज कर दिया है। नगर निगम ने लक्ष्य रखा है कि 10 जून से पहले सभी जरूरी सड़कों का मरम्मत कार्य पूरा कर लिया जाए। पढ़ें पूरी खबर... 10. बैंक अफसर बनकर ठग ने किया कॉल साइबर सेल पुलिस ने एक महिला की पूर्व में की गई शिकायत के मामले में एमआईजी थाने में सोमवार को फर्जीवाड़े की एफआईआर दर्ज कराई है। आरोपी ने डेबिट कार्ड के जरिए धोखाधड़ी को अंजाम दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पढ़ें पूरी खबर...
मोगा के जिला प्रशासनिक परिसर में स्थित सेवा केंद्र के कर्मचारियों ने आज से अनिश्चितकालीन कलम छोड़ हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारी अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सेवा केंद्र कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले कर्मचारियों ने पंजाब सरकार और संबंधित कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की। एसोसिएशन के नेता दविंदर बांसल ने धरने को संबोधित करते हुए बताया कि कई कर्मचारी पिछले 10 वर्षों से सेवा केंद्रों में कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें अभी तक स्थायी नहीं किया गया है। उन्होंने पंजाब सरकार के निर्देशों के अनुसार लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को तुरंत स्थायी करने की मांग की। समान काम पर समान वेतन की मांग कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में 'समान काम, समान वेतन' का नियम लागू करना और सेवा केंद्र कर्मचारियों को कम से कम 40 हजार रुपये प्रति माह वेतन देना शामिल है। नेताओं ने आरोप लगाया कि कंपनी द्वारा कर्मचारियों का आर्थिक और मानसिक शोषण किया जा रहा है। मांगे पूरी न होने पर लंबी हड़ताड़ की चेतावनी उन्होंने सेवा केंद्रों में चल रही ठेकेदारी प्रणाली को समाप्त कर कर्मचारियों को सरकारी व्यवस्था के तहत लाने और उनके वेतन में वृद्धि करने की भी मांग की। एसोसिएशन के नेताओं ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह हड़ताल और संघर्ष जारी रहेगा।
बूंदी में परिवहन विभाग ने अवैध ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक बूंदी के आदेशों का पालन करते हुए जिला परिवहन अधिकारी के निर्देश पर परिवहन निरीक्षक धर्मपाल सिंह ने तालेड़ा क्षेत्र के मुख्य मार्गों पर औचक जांच की। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाली आठ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त कर पुलिस थाना तालेड़ा में खड़ा कराया गया। इन पर कुल 2 लाख 80 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। कार्रवाई के दौरान अवैध ओवरलोड वाहन चलाने वाले संचालक अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां छोड़कर भागने लगे। हालांकि, परिवहन विभाग की टीम ने तालेड़ा पुलिस थाने से मिले जाब्ते (पुलिस बल) की मदद से सभी आठ वाहनों को एमडबल्यूआर सीज़र यार्ड, तालेड़ा में सीज कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान तालेड़ा पुलिस थाना अधिकारी देशराज सिंह अपने जाब्ते के साथ मौजूद रहे। परिवहन विभाग बूंदी के कार्मिक देवराज प्रजापति, रघुवीर सिंह हाड़ा और कैलाश चंद मीणा भी इस अभियान में शामिल थे।
वाराणसी मंडल के AD (अपर निदेशक) हेल्थ डॉ. एनडी शर्मा बुधवार को दोपहर में श्री शिवप्रसाद गुप्ता मंडलीय अस्पताल पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान अपर निदेशक ने मरीजों व तीमारदारों के लिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने पूरे अस्पताल में जहां भी वाटर कूलर व RO लगा था वहां पर जाकर उन्होंने बारीकी से देखा। ज्यादातर वाटर कूलर तो चल रहे थे लेकिन एक दो में कुछ दिक्कतें थी। इस पर उन्होंने तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए। यहां पर उन्होंने अस्पताल के SIC डॉ. ब्रजेश कुमार को निर्देशित किया कि भीषण गर्मी में मरीजों व उनके तीमारदारों को शुद्ध व ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जाए। OPD में देखी डॉक्टरों की उपस्थितिअपर निदेशक क्रमवार प्रत्येक OPD में पहुंचकर डॉक्टरों की उपस्थिति भी देखी। आई ओपीडी में पहुंचे। यहां पर उन्होंने मरीजों से जुड़े रजिस्टर भी देखे। पूछने पर डॉक्टर ने बताया कि अभी तक 40 मरीज देखे जा चुके हैं। इसी तरह सर्जन, आर्थो व मनोरोग की ओपीडी में भी पहुचे। उन्होंने डॉक्टरों का आह्वान किया है कि इस भीषण गर्मी में मरीज दूर दराज से इलाज के लिए आते हैं। प्रयास हो कि डॉक्टर्स समय पर अपने ओपीडी में या ओटी में पहुंचें ताकि मरीजों को इलाज मिल सके। इस दौरान डॉ. सत्येन राय समेत अन्य मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव क्षेत्र में “प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना” के तहत घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने का काम तेजी से चल रहा है। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों सहित इस क्षेत्र में अब तक करीब 3500 सोलर संयंत्र लगाए जा चुके हैं। इन सोलर संयंत्रों की मदद से लोग खुद अपनी बिजली बना रहे हैं और कई उपभोक्ताओं का बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। 2406 उपभोक्ताओं को मिली DBT सब्सिडी बिजली कंपनी के कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट ने बताया कि योजना को पूरी पारदर्शिता के साथ लागू किया जा रहा है। तीनों जिलों में अब तक 2406 उपभोक्ताओं के बैंक खातों में केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी की राशि सीधे DBT के माध्यम से भेजी जा चुकी है। विभाग का कहना है कि जैसे ही नेट मीटरिंग की प्रक्रिया पूरी होती है, उपभोक्ताओं को तुरंत सब्सिडी का भुगतान कर दिया जाता है। कार्यपालक निदेशक ने वेंडरों को दिए सख्त निर्देश कार्यपालक निदेशक ने योजना की समीक्षा के दौरान सभी पंजीकृत वेंडरों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने वेंडर का चयन कर सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं, उनके घरों में समय-सीमा के भीतर सोलर प्लांट स्थापित किए जाएं। कार्य में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। अधिकारियों को भी वेंडरों के कार्यों की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। 1 से 3 किलोवाट प्लांट से 120 से 450 यूनिट तक बिजली आंकड़ों के अनुसार, सौर ऊर्जा से प्रतिमाह महत्वपूर्ण मात्रा में बिजली का उत्पादन हो रहा है। एक किलोवाट का प्लांट हर महीने लगभग 120 से 150 यूनिट, दो किलोवाट का प्लांट 240 से 300 यूनिट और तीन किलोवाट का प्लांट 360 से 450 यूनिट बिजली का उत्पादन करता है। राजनांदगांव क्षेत्र में अब तक कुल 6,052 लोगों ने योजना के लिए आवेदन किया है, जिनमें से 5,670 उपभोक्ताओं ने अपने वेंडर का चयन भी कर लिया है। अब तक राजनांदगांव जिले में 2899, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 401 तथा मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में 181 उपभोक्ताओं के घरों में सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं। केंद्र और राज्य सरकार से मिल रही है बंपर सब्सिडी इस योजना में उपभोक्ताओं को आर्थिक बोझ से बचाने के लिए कई सरकारी और निजी बैंक कम ब्याज दर पर लोन की सुविधा दे रहे हैं। इस लोन की किस्तें लोग अपनी बिजली बिल में होने वाली बचत से आसानी से चुका सकते हैं। योजना के तहत सरकार की ओर से सब्सिडी भी दी जा रही है, जिससे लोगों पर खर्च का दबाव कम हो जाता है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे बिजली की बचत, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा के लाभ के लिए इस योजना में अधिक से अधिक शामिल हों। इसके लिए जल्द से जल्द आधिकारिक पोर्टल PMSuryaGhar Portal पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करें।
फतेहाबाद के जाखल में पिछले साल हुए आकाशदीप सिंह हत्याकांड में पुलिस ने आठवें आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान ढाणी बबनपुर निवासी गुरजीत सिंह उर्फ जीती के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर दो दिन की रिमांड पर लिया है। यह घटना पिछले वर्ष 10 अगस्त को हुई थी। मुस्साखेड़ा गांव निवासी हैप्पी सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी कि कुछ युवक उसके चचेरे भाई आकाशदीप सिंह को जबरन गाड़ी में बैठाकर रूपांवाली गांव ले गए थे। वहां लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से आकाशदीप के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। आरोपी हमलावर आकाशदीप को गंभीर रूप से घायल अवस्था में रूपांवाली-घासवा रोड पर फेंक कर फरार हो गए थे। हैप्पी सिंह और अन्य लोग बेहोश आकाशदीप को इलाज के लिए रतिया के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गई। सात आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके इस मामले में जाखल थाना पुलिस ने केस दर्ज किया था। पुलिस ने अब तक सात आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। करीब साढ़े 9 महीने बाद वारदात में शामिल गुरजीत सिंह को काबू किया गया है, जो इस मामले का आठवां आरोपी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में कुल 10 आरोपी हैं। इनमें से दो आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। थाना प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि इन दोनों फरार आरोपियों पर 5100 रुपए का इनाम घोषित किया गया है। आज गिरफ्तार किया गया आरोपी गुरजीत सिंह भी 5100 रुपए का इनामी था। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि पुलिस अपराधों को लेकर पूरी तरह सख्त है और किसी भी तरह के अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
पंजाब के कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने आज (बुधवार को) अपने निर्वाचन क्षेत्र के गांव गिद्दरपुर से माजरा तक 8.5 किलोमीटर लंबे ड्रेन की सफाई कार्य की शुरुआत की। इस परियोजना पर अनुमानित 25 से 30 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। मंत्री ने बताया कि पिछले कई वर्षों से बारिश के दौरान यह ड्रेन ओवरफ्लो हो जाता था, जिससे आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। ड्रेन का पानी खेतों में भरने से किसानों की फसलों को भी भारी नुकसान होता था। लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध उन्होंने कहा कि इस सफाई अभियान से क्षेत्रवासियों और किसानों को राहत मिलेगी तथा यह लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान साबित होगा। मंत्री ने दोहराया कि पंजाब सरकार राज्य के हर क्षेत्र में विकास सुनिश्चित करने और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। इस मौके पर बीसी विंग माझा जोन इंचार्ज नरेश सैनी, ब्लॉक समिति नरोट जैमल सिंह के चेयरमैन सोहन लाल भटोआ, सरपंच मलकाना अंजू बाला, सरपंच फूलपुर परमजीत सहित कई गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
गोरखपुर के एम्स थाना क्षेत्र में रिटायर्ड लेखपाल के घर डकैती करने वाली गैंग के 7 बदमाशों पर पुलिस ने गैंगस्टर का एफआईआर दर्ज किया है। 5 जनवरी 2026 की शाम एम्स क्षेत्र के रिटायर्ड लेखपाल बालेंद्र सिंह के घर पर फिल्मी अंदाज में परिवार को बंधक बनाकर घटना का अंजाम दिया गया था। बदमाशों ने बच्चे के सीने पर तमंचा रखकर डकैती की घटना को अंजाम दिया था। घर में रखा सोने चांदी की ज्वेलरी और नकदी समेत कुल 80 लाख रुपये का माल बदमाश उठा ले गए थे। इस घटना के बाद पुलिस ने सभी बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था। उनके पास से लूट का सामान भी बरामद कराया था। एम्स थाना प्रभारी चंद्र प्रकाश पांडेय की तहरीर पर चिलुआताल के विस्तारनगर गिदहवा निवासी रामरक्षा उर्फ तेजू यादव, भगवानपुर के राजकुमार सिंह उर्फ टिंकू, शाहपुर खरैया पोखरा के अभिषेक चौहान, असुरन पुरानी चुंगी के धनंजय चौहान, एम्स के रामगढ़ उर्फ रजही टोला के देवेंद्र निषाद उर्फ दयानंद उर्फ डायना, महराजगंज के फरेंदा थाना क्षेत्र के संजय चौहान और संजय विश्वकर्मा के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की एफआईआर दर्ज की गई है। इस संबंध में एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि सभी आरोपी मिलकर संगठित आपराधिक गिरोह चलाते हैं। जो जनपदीय, अंतर्जनपदीय स्तर पर सक्रिय हैं। इनकी अवैध संपत्ति के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके बाद अवैध संपत्ति जब्त कराई जाएगी। अब विस्तार से जानिए 5 जनवरी का पूरा घटनाक्रम गोरखपुर के एम्स थाना क्षेत्र स्थित रजही मौर्या चौराहा पर रिटायर लेखपाल बालेंद्र (70) रहते हैं। पीड़ित बालेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया- 5 जनवरी की शाम करीब 6 बजकर 42 मिनट पर दो बाइक से चार बदमाश उनके घर पहुंचे और गेट की घंटी बजाई। मेरी पत्नी ऊषा सिंह किचन में थीं। बहू कल्पना सिंह और छोटे भाई तेजबहादुर सिंह की पत्नी पूर्णिमा सिंह भी वहीं थीं। मुझे लगा कि कोई कोरियर वाला आया है। लेकिन जैसे ही गेट खोला, बदमाशों ने सीमेंट का रुपया मांगना शुरू कर दिया। मैंने उनसे कहा कि मेरी कोई दुकान नहीं है। मैं उन्हें कुछ बताता कि इतने में बदमाशों ने मेरे सिर पर बट से वार कर फोड़ दिया। जबकि तीन बदमाश कनपटी पर पिस्टल सटाकर जबरन उन्हें घर के अंदर ले गए। इसके बाद उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया। बदमाशों ने घर के तीन कमरों में रखी अलमारियों की चाबियां लेकर जेवर और करीब 4 लाख रुपए कैश निकाल लिए। इस दौरान मेरी पत्नी, बहू के जेवर भी निकलवा लिए। और उन्हें भी एक कमरे में बंद कर दिया। एक अलमारी के लॉकर की चाबी नहीं देने पर बदमाशों ने मेरे डेढ़ साल के पोते के गले पर तमंचा लगा दिया। बोले- चाबी नहीं दोगे तो गोली मार देंगे। मैंने कहा- चाबी नहीं मिल रही है। लॉकर तोड़ दीजिए। इसके बाद बदमाशों ने उसमें रखे जेवर भी ले गए थे। घर में 39 मिनट मचाया तांडवघर में 39 मिनट तक तांडव मचाने के बाद करीब 07 बजकर 21 मिनट पर बदमाश जाते-जाते धमकी दी थी कि यदि पुलिस को सूचना दी गई तो पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा। बालेंद्र सिंह ने बताया- यदि मैंने विरोध किया होता तो शायद बदमाश पूरे परिवार को मार देते। बताया कि बदमाशों की भाषा और लहजा पूरी तरह स्थानीय था।
बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 62 स्थित शास्त्री नगर के नेपाली मोहल्ले में पिछले 10 दिनों से गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है। भीषण गर्मी के बीच क्षेत्र के लोग गंदे और मटमैले पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि पीने के पानी के लिए लोगों को तेज धूप में घंटों टैंकर का इंतजार करना पड़ रहा है। यह स्थिति तब है, जब शहर में 300 करोड़ रुपए की अमृत मिशन योजना पिछले चार वर्षों से संचालित है। योजना के तहत अशोक नगर, मेलापारा और नूतन चौक की पानी टंकियों से सप्लाई की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन गंदे पानी की समस्या का समाधान नहीं कर पा रहा है। पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए वार्ड पार्षद सीमा राजेश शुक्ला ने बताया कि बीते 10 दिनों में निगम के जल विभाग ने छह बार पाइपलाइन काटकर अलग-अलग सप्लाई लाइनों से जोड़ा है। इसके बावजूद कई मोहल्लों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद है। वहीं जिन घरों में पानी पहुंच रहा है, वहां ऑयल मिश्रित पानी आने की शिकायत सामने आई है। पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। 20-25 घरों में बंद हुई पानी सप्लाई पार्षद के अनुसार, पाइपलाइन को बार-बार काटने और जोड़ने के कारण अग्रवाल किराना गली के 20 से 25 घरों में पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है। नेपाली मोहल्ले के पीछे और अग्रवाल किराना दुकान के आसपास के कई घरों में भी पानी नहीं पहुंच रहा, जिससे लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। कुछ घरों में आया ऑयल मिश्रित पानी सीपत मेन रोड स्थित भाजपा की पूर्व पार्षद सरोजिनी कुर्मी के घर के आसपास बुधवार सुबह ऑयल मिश्रित पानी की सप्लाई हुई। करीब 3-4 घरों में ऐसे पानी की शिकायत मिलने के बाद विभाग ने उसका सैंपल लिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नल खोलने पर कुछ देर तक गंदा पानी आता है, फिर साफ हो जाता है। लेकिन दोबारा नल चालू करने पर फिर कुछ समय तक मटमैला और बदबूदार पानी आने लगता है। अशोक नगर और मेलापारा लाइन पर शक पार्षद सीमा शुक्ला ने बताया कि नूतन चौक की टंकी से सप्लाई होने वाला पानी साफ है। जांच में उसकी पाइपलाइन में कोई समस्या नहीं मिली। वहीं अशोक नगर और मेलापारा टंकी से आने वाली पाइपलाइन में कहीं खराबी होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके कारण गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। उन्होंने बताया कि जिस गली में ट्यूबवेल सप्लाई लाइन जोड़ी गई है, वहां पानी साफ आ रहा है, लेकिन बाकी इलाकों में समस्या जस की तस बनी हुई है। निगम बोला- समस्या काफी हद तक दूर नल जल विभाग के प्रभारी अनुपम तिवारी ने कहा कि गंदे पानी की समस्या काफी हद तक दूर कर ली गई है। एक स्थान पर पाइपलाइन की जांच की जा रही है और खराबी मिलने पर उसे बदला जाएगा। उन्होंने दोपहर में टैंकर सप्लाई नहीं होने की बात से इनकार करते हुए कहा कि सुबह के समय पानी की सप्लाई की गई थी।
भिवानी पुलिस ने नशा तस्करी के आरोपियों को पकड़ा:रोहतक से खरीदकर लाए थे हेरोइन, पुराना आपराधिक रिकार्ड
भिवानी सिटी थाना पुलिस ने मोटरसाइकिल पर मादक पदार्थ लेकर जा रहे 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 1 दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया। सिटी थाना भिवानी के अंतर्गत पुलिस चौकी जैन चौक के उप निरीक्षक धर्मबीर अपनी टीम के साथ गश्त व पड़ताल ड्यूटी के दौरान हनुमान गेट भिवानी क्षेत्र में मौजूद थे। इसी दौरान पुलिस टीम को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना प्राप्त हुई कि दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर मादक पदार्थ लेकर आने वाले हैं। चेकिंग के दौरान मोटरसाइकिल सवारों को पकड़ा सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने पिपली वाली जोहड़ी के पास पहुंचकर चेकिंग अभियान शुरू किया। चेकिंग के दौरान सूचना के आधार पर बताई गई मोटरसाइकिल दिखाई दी, जिसे रुकवाकर जांच की गई। जांच के दौरान मोटरसाइकिल सवार दोनों व्यक्तियों के कब्जे से मादक पदार्थ हेरोइन बरामद की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान भिवानी की पिपली वाली जोहड़ी निवासी पंकज पुत्र मुन्नालाल तथा आरजू पुत्र अशोक के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से 6.6 ग्राम मादक पदार्थ हेरोइन बरामद की है। रोहतक से खरीदकर लाए थे थाना शहर भिवानी में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई अमल में लाई गई। पुलिस टीम द्वारा आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 1 दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया गया। रिमांड अवधि के दौरान पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे उक्त मादक पदार्थ बेचने के लिए जिला रोहतक से खरीदकर लाए थे। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आरजू के विरुद्ध पहले से चोरी का एक केस दर्ज है, जबकि आरोपी पंकज के विरुद्ध चोरी एवं एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज हैं।
कुरुक्षेत्र के शाहाबाद मारकंडा अनाज मंडी में सूरजमुखी की सरकारी खरीद शुरू न होने से नाराज किसानों ने बुधवार को बड़ा प्रदर्शन करते हुए लाडवा रोड पर जाम लगा दिया। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी ग्रुप) के बैनर तले किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा सूरजमुखी की तुरंत खरीद शुरू करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान सड़क पर बैठ गए, जिससे यातायात प्रभावित रहा। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। डीएसपी सिद्धार्थ व प्रशासनिक अधिकारी भी किसानों को समझाने के लिए मौके पर पहुंचे। इस दौरान किसानों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। अवैध वसूली करने वाले आढ़तियों पर एफआईआर की मांग किसानों का आरोप है कि सरकार ने 25 मई से सूरजमुखी की सरकारी खरीद शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन शाहाबाद अनाज मंडी में अब तक एक दाना भी नहीं खरीदा गया है। इससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि मंडी में कुछ आढ़तियों द्वारा अवैध वसूली की जा रही है, जिसके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही। भाकियू नेता राकेश बैंस ने बताया कि मंगलवार को भी भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी ग्रुप) ने शाहाबाद मारकंडा अनाज मंडी में धरना देकर सूरजमुखी की खरीद शुरू करने और अवैध वसूली करने वाले आढ़तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई थी। मांगें पूरी न होने पर आज उन्हें मजबूरन सड़क को जाम करना पड़ रहा है। पुलिस ने जबरन सड़क से उठाने का किया प्रयाास किसान जैसे ही सड़क पर जाम लगाने के लिए अगे बढ़ने लगे पुलिस द्वारा उन्हें रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन किसान तेजी से आगे बढ़ते हुए सड़क पर बैठ गए। इस दौरान पुलिस ने किसान नेता किसान नेता जसबीर सिंह मामूमाजरा को जबरन उठाने का प्रयास भी किया, लेकिन किसान डटे रहे। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सूरजमुखी की खरीद शुरू नहीं की गई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। वहीं प्रशासन किसानों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने 328 पावन स्वरूपों के मामले की जांच कर रही पंजाब सरकार की विशेष जांच टीम (SIT) को पत्र लिखा है। SGPC ने SIT द्वारा मांगी गई कुछ जानकारियों को आंतरिक प्रशासनिक मामलों में सीधा हस्तक्षेप बताया है। SGPC प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि 328 पावन बीड़ों के मामले में पंजाब सरकार द्वारा गठित SIT को सहयोग देने के लिए उन्हें निर्देश दिए गए थे। इसी के तहत, जब भी SIT द्वारा कोई रिकॉर्ड या जानकारी मांगी गई, SGPC ने चंडीगढ़ स्थित अपने उप-कार्यालय में जाकर पूरा सहयोग दिया है। इस जानकारी का पावन बीड़ों से संबंध नहीं SGPC के अनुसार, अब SIT द्वारा भेजे गए दो अलग-अलग पत्रों में कमेटी के आंतरिक प्रशासनिक मामलों से संबंधित जानकारी मांगी जा रही है। इनमें SGPC के बैंक खातों, लेन-देन, बैलेंस शीट, अकाउंट्स और गुरबाणी प्रसारण को लेकर निजी चैनलों के साथ समझौतों से जुड़ी जानकारी शामिल है। SGPC का कहना है कि इन जानकारियों का 328 पावन बीड़ों के मामले से कोई संबंध नहीं है। SGPC ने इस प्रकार की गैर-जरूरी जानकारी मांगने को संस्था के आंतरिक प्रशासनिक मामलों में सीधा हस्तक्षेप बताया है। कमेटी ने यह भी दोहराया कि श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशानुसार वह पहले ही SIT को हर प्रकार से सहयोग दे रही है। SGPC ने संबंधित अधिकारियों से इन तथ्यों पर विचार करते हुए उचित आदेश जारी करने का निवेदन किया है।
निवाड़ी जिले के धौरा क्षेत्र में निर्माणाधीन पीआईएमएल कंपनी के बाहर मजदूरों ने कम मजदूरी और खराब कार्य परिस्थितियों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान मजदूरों ने कंपनी के प्रवेश मार्ग को रोककर नारेबाजी भी की। 300 रुपए मजदूरी देने का आरोपमजदूर रामेश्वर प्रसाद सहित अन्य का कहना है कि सरकार द्वारा तय दैनिक मजदूरी 478 रुपए है, लेकिन उन्हें केवल 315 रुपए दिए जा रहे हैं, जिसे कभी-कभी 300 रुपए तक कर दिया जाता है। मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक लगातार काम कराया जाता है और कोई साप्ताहिक अवकाश नहीं दिया जाता। भीषण गर्मी के बावजूद पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। प्रबंधन पर मांगों को न मानने का लगाया आरोपमजदूरों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी प्रबंधन ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया। उनका यह भी आरोप है कि समस्याएं उठाने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। मजदूर बोले-आत्महत्या के अलावा दूसरा विकल्प नहींप्रदर्शन के दौरान कुछ मजदूरों ने कहा कि उनकी स्थिति इतनी खराब हो गई है कि उनके सामने आत्महत्या जैसा कदम उठाने की बात भी सामने आने लगी है। हालांकि कंपनी प्रबंधन ने इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। कलेक्टर जमुना भिड़े ने कहा है कि मामले की शिकायत संज्ञान में ली गई है और श्रम विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजा जा रहा है। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बुधवार को पीथमपुर के सेक्टर-1 थाना क्षेत्र में यात्री बसों का सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। संजय जलाशय चौकी प्रभारी अजय भदौरिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बसों में मौजूद सुरक्षा मानकों और आपातकालीन व्यवस्थाएं देखी। दवाइयों की वैधता और फायर सिलेंडर की जांच चेकिंग के दौरान पुलिस ने बसों में रखे प्राथमिक उपचार पेटी (फर्स्ट एड बॉक्स) की बारीकी से जांच की और उसमें रखी दवाइयों की एक्सपायरी डेट जांची। इसके साथ ही, बस में आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और उनकी कार्यक्षमता की भी पड़ताल की गई। दो दिनों में कमियां दूर करने के निर्देश जांच के दौरान जिन बसों में सुरक्षा उपकरण गायब या मानक स्तर के नहीं मिले, उन बस ऑपरेटरों को सख्त चेतावनी दी गई है। पुलिस ने संचालकों को दो दिन का समय देते हुए अनिवार्य रूप से सुरक्षा किट दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय सीमा के बाद कमी पाए जाने पर बसों पर जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। लगातार जारी रहेगा पुलिस का चेकिंग अभियान चौकी प्रभारी अजय भदौरिया ने बताया कि यात्रियों के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा। सेक्टर-1 पुलिस के अनुसार, बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेजों की भी समय-समय पर जांच की जाएगी ताकि किसी भी संभावित हादसे को टाला जा सके। देखें तस्वीरें…
लखीसराय मंडल कारा परिसर में बुधवार को बंदियों और उनके परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मुलाकाती लीगल हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य जेल में बंद कैदियों और उनके परिवारों को निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है। उद्घाटन कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव विद्यानंद सागर समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर हेल्प डेस्क का उद्घाटन किया। बालसा के निर्देश पर शुरू की गई व्यवस्था कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि यह व्यवस्था बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (बालसा) के निर्देश पर लागू की गई है। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद बंदियों को कानूनी सलाह, मुकदमों से जुड़ी जानकारी तथा अन्य आवश्यक सहायता पूरी तरह मुफ्त दी जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि कई ऐसे बंदी होते हैं जिन्हें कानूनी प्रक्रियाओं की पर्याप्त जानकारी नहीं होती, जिससे उन्हें न्याय पाने में कठिनाई होती है। यह हेल्प डेस्क ऐसे लोगों के लिए मददगार साबित होगा। परिजनों को भी मिलेगा मार्गदर्शन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव विद्यानंद सागर ने बताया कि जेल में बंद कैदियों के परिजनों को भी अक्सर कानूनी प्रक्रिया की सही जानकारी नहीं मिल पाती है। कई लोग वकील, जमानत, आवेदन और अदालत से जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर परेशान रहते हैं। ऐसे में यह लीगल हेल्प डेस्क उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन देने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति यहां पहुंचकर अपने मामले से संबंधित कानूनी जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकता है। इस पहल से न्यायिक प्रक्रिया को आम लोगों के लिए आसान बनाने में मदद मिलेगी। अवैध वसूली रोकने पर भी जोर कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मंडल कारा प्रशासन द्वारा हेल्प डेस्क के सुचारू संचालन के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। साथ ही इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि मुलाकात के लिए जेल आने वाले परिजनों से किसी प्रकार की अवैध वसूली नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों ने कहा कि पारदर्शिता और न्यायसंगत व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। यदि किसी व्यक्ति से अवैध वसूली या दुर्व्यवहार की शिकायत मिलती है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कानूनी जागरूकता बढ़ाने की पहल विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल से बंदियों और उनके परिजनों के बीच कानूनी जागरूकता बढ़ेगी। कई बार जानकारी के अभाव में गरीब और जरूरतमंद लोग अपने अधिकारों का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पाते हैं। लीगल हेल्प डेस्क उन्हें समय पर उचित सलाह और सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या होने पर वे लीगल हेल्प डेस्क से संपर्क करें और निःशुल्क सहायता का लाभ उठाएं। अधिकारियों ने कहा कि न्याय तक हर व्यक्ति की पहुंच सुनिश्चित करना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।
बिहार के मुख्यमंत्री के निर्देश पर जहानाबाद जिले की 15 पंचायतों में 2 जून, 2026 को 'सहयोग शिविर' आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के प्रभावी क्रियान्वयन और आमजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने काको प्रखंड के पंचायत सरकार भवन, पिंजौरा का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, जिला पदाधिकारी ने शिविर स्थल पर चल रही तैयारियों, प्राप्त आवेदनों की स्थिति और विभिन्न विभागों के समन्वय की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को बिहार सरकार के मुख्य सचिव द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि सहयोग शिविर का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को बिना किसी भागदौड़ के एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान करना है। लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दियाजिला पदाधिकारी ने पीएचईडी, पंचायती राज, आईसीडीएस, ग्रामीण कार्य विभाग, राशन कार्ड एवं आवास योजना, मनरेगा और श्रम विभाग सहित कई विभागों से संबंधित प्राप्त आवेदनों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने सभी आवेदनों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। शिविर प्रभारी को यह भी निर्देश दिया गया कि शिविर की तिथि से पहले प्राप्त सभी आवेदनों की उचित जांच कर उन्हें अनिवार्य रूप से सहयोग पोर्टल पर अपलोड किया जाए। इसके अतिरिक्त, आवेदन संग्रहण और अपलोडिंग के लिए शिविर स्थल पर एक कुशल कर्मी को नियुक्त करने का निर्देश भी दिया गया। निरीक्षण के दौरान, जिला पदाधिकारी ने भवन निर्माण विभाग और विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंताओं को शिविर स्थल पर लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। ढीले और झूलते तारों तत्काल ठीक कराने का निर्देशउन्होंने शिविर प्रभारी को इन कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, विद्युत विभाग को पंचायत सरकार भवन के आसपास के ढीले और झूलते तारों की जांच कर उन्हें तत्काल ठीक कराने का निर्देश दिया गया, ताकि शिविर में आने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। जिला पदाधिकारी ने स्थानीय ग्रामीणों से भी संवाद किया। इस दौरान कुछ लोगों ने परिमार्जन से संबंधित लंबित मामलों की जानकारी दी, जिस पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
संघ लोक सेवा आयोग(UPSC) की सिविल सेवा(IAS) प्री-परीक्षा में एंट्री के दौरान फर्जी एडमिट कार्ड के साथ गिरफ्तार हुए आरोपी के आरएएस-2024 में सलेक्शन में मात्र 3 अंक कम रह गए थे। ऐसे में पिता को उसके सलेक्शन की उम्मीद बंध गई थी। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी विजेश जाट को उसके पिता रमेश जाट ने IAS परीक्षा का आवेदन भरने के लिए कहा था। इसके बावजूद उसने आवेदन नहीं किया और अपने पिता को झूठ बोलता रहा। एग्जाम नजदीक आई तो उसने PICSCART ऐप की मदद से फर्जी प्रवेश पत्र बना लिया। जिसे पिता को भी दिखाया। फिर परीक्षा के दिन उसके पिता उसे पहली पारी(सुबह 9:30 से 11:30 बजे) में सेंटर छोड़ने पहुंचे। पिता उसे सेंटर के बाहर छोड़कर रवाना हुए तो पिता को जाते देख विजेश भी सेंटर से गायब हो गया। फिर पहली पारी के एग्जाम बाद पिता वापस आए और दूसरी पारी(दोपहर 2:30 से 4:30 बजे) के एग्जाम का इंतजार करने लगे। दूसरी पारी में बेटे की सेंटर पर एंट्री नहीं होने तक पिता गेट पर ही खड़े रहे। ऐसे में आरोपी को लाइन में लगा। जैसे ही उसका प्रवेश पत्र चेक कराने का नंबर आया। तब प्रवेश पत्र फर्जी होने से उसे एंट्री नहीं दी। स्टाफ ने इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने उसकी तलाशी ली तो उसके जेब से एक ग्राम अफीम बरामद हुई। सावरियाजी मंदिर के बाहर बाबा से ली थी अफीमआरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने सावरियाजी मंदिर के बाहर मिले एक बाबा से अफीम ली थी। युवक अफीम का सेवन करता है या नहीं। इस बात पर पुलिस ने स्पष्ट जबाव नहीं दिया। आरोपी विजेश ने वर्ष 2015 से 2019 के बीच बीटेक की पढ़ाई की है। इंजीनियरिंग के बाद वह वर्तमान में स्प्रिंगबोर्ड कोचिंग संस्थान से ऑनलाइन प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी कर रहा था। बुधवार को उसे कोर्ट में पेश किया। जहां कोर्ट ने उसे जमानत दे दी है।
छतरपुर शहर में खुलेआम शराब के परिवहन का मामला सामने आया है। एक युवक बिना नंबर की स्कूटी पर शराब की पेटियां लादकर सरेराह ले जाता दिखाई दिया। इस दौरान एक राहगीर ने उसका वीडियो बना लिया। वीडियो बनते देख आरोपी घबराने की बजाय हेकड़ी दिखाने लगा और खुद ही कैमरे के सामने शराब की बोतल निकालकर दिखाने लगा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपी को पकड़ लिया। जानकारी के मुताबिक मामला सिविल लाईन थाना क्षेत्र के सटई रोड का है। उक्त वीडियो सामने आने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी की पहचान ग्राम बगौता निवासी सोहित शिवहरे के रूप में की है। आरोपी बिना नंबर की स्कूटी से शराब का परिवहन कर रहा था। पुलिस ने स्कूटी से एक पेटी बीयर, एक पेटी मसाला शराब और एक पेटी देशी शराब बरामद की है। मौके से अवैध शराब और स्कूटी को जब्त कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी शराब कहां से लेकर आया था और किस जगह सप्लाई करने जा रहा था, इस संबंध में उससे पूछताछ की जा रही है। सिविल लाइन थाना प्रभारी आशुतोष श्रोतीय ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि शराब किसी ठेके से लाई गई थी या अवैध तरीके से परिवहन किया जा रहा था। जांच पूरी होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत गंगा दशहरा के अवसर पर ग्राम कालीबेल के वेजलिया फलिया में स्थित प्राचीन बाबाघड़ा जल सोते परिसर की सफाई की गई। यह कार्य मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद नवांकुर संस्था सोरवा सेक्टर और ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के सहयोग से किया गया। इस दौरान बाबाघड़ा वृक्ष का पूजन भी किया गया। यह जल सोता घने जंगल में पेड़ों के झुरमुट और पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। ग्राम की सड़क से लगभग 750 मीटर ऊंची पथरीली चट्टानों के रास्ते से यहां पहुंचा जा सकता है। एक प्राचीन गूलर के वृक्ष की जड़ों से निरंतर पानी निकलता है, जो इतनी ऊंचाई पर अपनी आश्चर्यजनक उपस्थिति दर्शाता है। वन्य क्षेत्र में मौजूद इस सोते के जल का उपयोग जंगली जानवर पेयजल के लिए करते हैं। वन विभाग ने यहां जंगली जानवरों के लिए एक कुंडी बना रखी है। हालांकि, रखरखाव के अभाव में इस कुंडी में बड़ी मात्रा में मिट्टी की गाद, पेड़ों के पत्ते और कचरा जमा हो गया था। ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के सदस्यों ने इस कुंडी और जल सोते के दोनों ओर जमा कीचड़ व कूड़े-करकट की सफाई की। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता और एडवोकेट सुधीर जैन ने ग्रामवासियों को गंगा दशहरा के पौराणिक महत्व और जल गंगा संवर्धन अभियान की जानकारी दी। उन्होंने ग्रामवासियों को अपने स्तर पर जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया और जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प भी दिलाया। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद कट्ठीवाड़ा के विकासखंड समन्वयक नगरिया सस्तीया ने ग्राम में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति द्वारा आयोजित किए जाने वाले अन्य कार्यक्रमों के बारे में बताया। जल स्रोत सोते की पूजन विधि ग्राम के चमचिया भगत ने संपन्न की। ग्रामवासियों ने बताया कि इस सोते का पानी भालू, लकड़बग्घा, सियार, मोर, तेंदुआ जैसे जंगली जानवरों के साथ-साथ गौरैया, टिटहरी, नीलकंठ, उल्लू और बंदरों जैसे पक्षियों व अन्य जीवों के लिए भी बहुत उपयोगी है। इस अवसर पर ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति कालीबेल के अध्यक्ष फत्तूसिंह डावर सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद थे।
जींद जिले के नरवाना में एक व्यापारी से फिरौती मांगने के आरोप में गिरफ्तार दो आरोपियों को बुधवार दोपहर पुलिस सुरक्षा के बीच पुराने बाजार ले गई। थाना शहर नरवाना पुलिस ने आरोपी अंकुश और अभिषेक उर्फ भूत को धौला कुआं से सौरभ गर्ग की दुकान तक शिनाख्त परेड और निशानदेही के लिए लाया। दोनों आरोपियों के हाथ हथकड़ियों में बंधे हुए थे और उन्हें पुलिस सुरक्षा के बीच बाजार में घुमाया गया। इस दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और बाजार में चर्चा का माहौल बना रहा। मुख्य आरोपी अस्पताल में भर्ती पुलिस सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को हुई कार्रवाई के दौरान घायल हुआ मुख्य आरोपी अस्पताल में भर्ती है। आज लाए गए इन दो आरोपियों से उसी दुकान के पास पूछताछ की गई, जहां व्यापारी को फिरौती न देने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। यह कार्रवाई करीब 20 मिनट तक चली, जिसके बाद थाना प्रभारी शहर नरवाना दोनों आरोपियों को वापस ले गए। मामले में पुलिस की जांच लगातार जारी है।
झांसी में ट्रेनों के साथ उड़ रहे ड्रोन:लाइव फुटेज से पत्थरबाजों की पहचान की जा रही, रीलबाज भी रडार पर
झांसी मंडल में रेलवे ट्रैक पर रील बनाने और ट्रेनों पर पत्थर फेंकने वाले शरारती तत्वों पर अब आसमान से नजर रखी जा रही है। रेलवे ने ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने के लिए रेल सुरक्षा बल (RPF) को दो आधुनिक ड्रोन उपलब्ध कराए हैं। ये ड्रोन झांसी और ग्वालियर सेक्शन में ट्रेनों के साथ उड़ाए जा रहे, जिससे रेलवे ट्रैक और आसपास की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा सके। पहले 2 तस्वीरें देखें… दरअसल, झांसी-दिल्ली रेल रूट पर आए दिन ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाएं सामने आती रहती हैं। कई बार वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों के शीशे तक टूट चुके हैं। मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक हर महीने 2 से 4 ट्रेनों पर पत्थर फेंकने की घटनाएं दर्ज होती हैं। कई मामलों में आरोपी पकड़ लिए जाते हैं, लेकिन कई बार अंधेरे और सुनसान इलाकों का फायदा उठाकर फरार हो जाते हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रेनों पर पत्थरबाजी से न सिर्फ रेलवे को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है। इसी को देखते हुए अब हाईटेक निगरानी सिस्टम लागू किया गया है। कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे ड्रोन झांसी और ग्वालियर आरपीएफ पोस्ट को दिए गए ड्रोन सीधे कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे। ट्रेन गुजरने के दौरान ड्रोन सेक्शन में उड़ाए जाएंगे और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे। ड्रोन से मिलने वाली लाइव फुटेज कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी और उसका रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखा जाएगा। इससे शरारती तत्वों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने में आसानी होगी। रील बनाने वालों पर भी सख्ती रेलवे ट्रैक और स्टेशन परिसर में रील बनाने का ट्रेंड भी रेलवे के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। कई युवक-युवतियां वीडियो बनाने के लिए ट्रैक पर पहुंच जाते हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है। मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि ड्रोन के जरिए ऐसे लोगों की भी निगरानी की जा रही है, जो सोशल मीडिया रील बनाने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डालते हैं और रेल संचालन की सुरक्षा को प्रभावित करते हैं।
ग्वालियर में “घर बैठे मोटी कमाई” का सपना दिखाकर एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह ने घरेलू महिला और उसके बेटे से 16 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी कर ली। शातिर ठगों ने इसके लिए शहर के रवि नगर इलाके में बाकायदा ‘सरवेयर सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से फर्जी ऑफिस खोल रखा था। झांसे में आई महिला ने पति की जिंदगीभर की जमा पूंजी यानी एफडी पर बैंक से लोन लेकर रकम ठगों के खातों में ट्रांसफर कर दी। मामले का खुलासा तब हुआ, जब कंपनी अचानक गायब हो गई और पीड़ितों को न काम मिला, न निवेश की रकम वापस। पुलिस जांच में सामने आया कि यह कोई स्थानीय फ्रॉड नहीं, बल्कि देशभर में फैला बड़ा अंतरराज्यीय साइबर रैकेट है, जो अब तक 300 से ज्यादा लोगों को करोड़ों का चूना लगा चुका है। ऐसे फंसाया मां-बेटे को गोला का मंदिर स्थित इंद्रमणि नगर निवासी राजकुमारी परमार का बेटा रवि परमार बेरोजगार है। इसी दौरान दोनों की मुलाकात रवि नगर स्थित ‘सरवेयर सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड’ के कथित डायरेक्टर नवीन जोशी निवासी लाला का बाजार से हुई। नवीन जोशी ने मां-बेटे को “बुक स्लॉट पीडीएफ बिजनेस” का प्लान समझाया। उसने दावा किया कि कंपनी किताबों का डेटा बेचती है। निवेशक पहले स्लॉट खरीदेंगे, फिर घर बैठे किताबों के पन्नों को स्कैन या टाइप कर PDF तैयार करेंगे। कंपनी ने भरोसा दिलाया कि एक महीने में निवेश की गई रकम का डेढ़ गुना भुगतान कर दिया जाएगा। पहले दिया मुनाफा, फिर फंसाया बड़ा निवेश राजकुमारी परमार ने शुरुआत में 5 लाख रुपए लगाकर पहला स्लॉट खरीदा। भरोसा जीतने के लिए कंपनी ने एक महीने बाद उनके खाते में करीब ढाई लाख रुपए भी ट्रांसफर कर दिए। इससे महिला और उसके बेटे को यकीन हो गया कि कारोबार असली है। लेकिन बाद में पता चला कि कंपनी ने जो रकम लौटाई थी, वह भी किसी दूसरे राज्य के पीड़ित से ठगे गए पैसे थे। साइबर फ्रॉड से जुड़े ट्रांजेक्शन होने के कारण बैंक ने महिला का अकाउंट ब्लॉक कर दिया। जब महिला ने इसकी शिकायत की तो आरोपी नवीन जोशी ने यह कहकर बहलाया कि यह “सिक्योरिटी मनी” के रूप में जमा हो गई है और बड़ा स्लॉट खरीदने पर पूरा पैसा एक साथ मिल जाएगा। पति की एफडी पर लोन लेकर लगाए 11 लाख ठगों के झांसे में पूरी तरह आ चुकी महिला ने पति की एफडीआर पर बैंक से लोन लिया और 11 लाख रुपए का दूसरा बड़ा स्लॉट खरीद लिया। मां-बेटे ने दिन-रात मेहनत कर किताबों की PDF बनाकर कंपनी के सर्वर पर अपलोड भी कर दी। लेकिन तय समय बीतने के बाद भी भुगतान नहीं मिला। जब दोनों रवि नगर स्थित ऑफिस पहुंचे तो वहां मौजूद मयूरी चौरसिया नाम की युवती ने अनभिज्ञता जाहिर कर दी। इसके बाद से मुख्य आरोपी नवीन जोशी का मोबाइल लगातार बंद आ रहा है। कई राज्यों में दर्ज हैं FIR पीड़िता की शिकायत पर पड़ाव थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में सामने आया कि यह संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है, जिसके खिलाफ मध्य प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत कई राज्यों में पहले से दर्जनों एफआईआर दर्ज हैं। पड़ाव थाना टीआई शैलेन्द्र भार्गव ने बताया कि किताबों की PDF बनाने के नाम पर महिला से 16 लाख रुपए से अधिक की धोखाधड़ी हुई है। सरवेयर सॉल्यूशन कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस बैंक खातों और तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर रही है और जल्द गिरफ्तारी की कोशिश की जा रही है।
मुजफ्फरपुर सिविल कोर्ट ने दहेज हत्या के एक मामले में आरोपी संजीत महतो को बरी कर दिया है। एडीजे-1 की अदालत ने उन्हें दस साल बाद आरोपी को बाइज्जत रिहा किया। संजीत महतो पारू थाना क्षेत्र के केशोपुर वभनगांव के निवासी हैं। यह मामला संजीत महतो के ससुर शंकर महतो ने पारू थाना में दर्ज कराया था। इसकी प्राथमिकी संख्या 250/16 थी। अभियोजन पक्ष ने अदालत में चार गवाह पेश किए थे। हालांकि, आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूतों के अभाव में अदालत ने उन्हें रिहा करने का फैसला सुनाया। वकील बोले- सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं संजीत महतो का बचाव मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा ने किया। उन्होंने अदालत में मजबूती से अपना पक्ष रखा। रिहाई के बाद वकील झा ने कहा, सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। उन्होंने यह भी बताया कि संजीत महतो एक गरीब परिवार से आते हैं और उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं थे।
खरगोन के भग्यापुर में गणेश मालवीया और उनके पिता मांगीलाल मालवीया पर हुए कथित सामूहिक हमले के बाद समाज के लोगों में आक्रोश है। मामले में सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर समाज के प्रतिनिधियों ने बुधवार दोपहर 12:30 बजे एसपी कार्यालय पहुंचकर एडिशनल एसपी शकुंतला रूहल को ज्ञापन सौंपा और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। 22 मई की रात हुआ था हमला समाज सचिव रघुनंदन मालवीया और भगवानपुरा तहसील अध्यक्ष चमन मालवीया ने पत्र के माध्यम से बताया कि घटना 22 मई की रात करीब 8 बजे की है। आरोप है कि गणेश मालवीया और उनके पिता मांगीलाल मालवीया पर सामूहिक हमला कर मारपीट की गई। हमले में मांगीलाल मालवीया के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। परिवार के साथ अभद्रता और गालीगलौज किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। धारदार हथियारों से हमला करने का आरोप पीड़ित परिवार का आरोप है कि 10 से अधिक लोगों ने धारदार हथियारों से हमला कर उन्हें घायल किया, लेकिन पुलिस ने अब तक केवल तीन-चार आरोपियों पर ही कार्रवाई की है। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से लोगों में रोष है और गांव में शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। पुलिस ने जांच और कार्रवाई का दिया आश्वासन एडिशनल एसपी शकुंतला रूहल ने समाज के प्रतिनिधियों को मामले में उचित जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है। भगवानपुरा थाना प्रभारी एलएस लौवंशी ने बताया कि मामले में गंभीरता से कार्रवाई की जा रही है। अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जा चुका है और पुलिस जांच जारी है। बड़ी संख्या में पहुंचे समाज के प्रतिनिधि इस दौरान जिलाध्यक्ष बिहारीलाल मालवीय, समाज सचिव रघुनंदन मालवीया, भगवानपुरा तहसील अध्यक्ष चमन मालवीया सहित समाज के 100 से अधिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।
शिवहर नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 22 के निवासियों ने बुधवार को शहर स्थित बिजली कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि नगर परिषद में शामिल होने के बावजूद उन्हें अब तक शहरी फीडर से नहीं जोड़ा गया है, जिसके कारण लगातार बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। निवासियों ने बताया कि वे अभी भी परदेसिया ग्रामीण फीडर से जुड़े हुए हैं, जहां बिजली आपूर्ति अक्सर बाधित रहती है। उनका कहना था कि महीने में कई दिनों तक बिजली की समस्या बनी रहती है। सोमवार शाम आए आंधी-तूफान के बाद से बिजली आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। घरेलू कार्यों तक सब कुछ प्रभावित हो रहा स्थानीय निवासी कन्हैयालाल पांडे ने कहा कि नगर परिषद क्षेत्र में शामिल होने के बावजूद उन्हें शहरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों की पढ़ाई से लेकर घरेलू कार्यों तक सब कुछ प्रभावित हो रहा है। बार-बार बिजली कटौती से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक अन्य निवासी रंजन कुमार पांडे ने जिला प्रशासन से मांग की कि वार्ड नंबर 22 को जल्द से जल्द शहरी फीडर से जोड़ा जाए, ताकि निवासियों को नियमित और बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सके। इस प्रदर्शन में कन्हैयालाल पांडे, अजय कुमार, रंजन कुमार पांडे, सुबोध त्रिवेदी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल थे। इस मामले पर विद्युत कार्यपालक अभियंता ने बताया कि बिजली आपूर्ति जल्द ही बहाल कर दी जाएगी। उन्होंने शहरी फीडर से जोड़ने के संबंध में कहा कि निर्माण कार्य जारी है और समस्या का समाधान जल्द से जल्द किया जाएगा।
ट्रक के पुराने मालिक ने कराई 3 लाख की लूट:इंदौर के दोस्तों संग मिलकर की वारदात, 3 आरोपी गिरफ्तार
बुरहानपुर में निंबोला थाना क्षेत्र के कटी घाटी हाईवे पर 7 मई को हुई 3 लाख रुपये की लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस वारदात को ट्रक के पुराने मालिक ने ही अपने इंदौर के दोस्तों के साथ मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य फरार हैं। बुधवार दोपहर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एएसपी एएस कनेश ने बताया कि 7 मई को अजय वास्कले ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर कटी घाटी के पास काली कार में सवार चार लोगों ने उनका आयशर ट्रक (डीडी-01 जी-9963) रोककर 3 लाख रुपये लूट लिए थे। एसपी आशुतोष बागरी के निर्देश पर निंबोला टीआई राहुल कांबले की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर इंदौर तक 15 से अधिक ढाबों, चौकियों और थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच के दौरान एक बिना नंबर की काली होंडा अमेज कार संदिग्ध पाई गई। इंदौर कंट्रोल रूम की मदद से कार का नंबर (एमपी 09-बीएच-0860) ट्रेस किया गया। धार निवासी कार मालिक दिनेश पाटीदार से पूछताछ में पता चला कि उनका दोस्त युग श्रीवास्तव कार ले गया था। युग श्रीवास्तव ने कबूल किया कि वह आवेश मंसूरी, संतोष उर्फ बाबा और मो अली के साथ 7 मई की सुबह 3 बजे इंदौर से निकला था। आवेश मंसूरी व्हाट्सएप कॉल के जरिए इंदौर के जुबेर मंसूरी और समीर उर्फ अन्ना से ट्रक की लोकेशन ले रहा था। जांच में सामने आया कि जुबेर मंसूरी ही ट्रक का पुराना मालिक था और उसने ही लूट की साजिश रची थी। पुलिस ने मो अली, युग श्रीवास्तव और जुबेर मंसूरी, सभी इंदौर निवासी, को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, आवेश मंसूरी (निवासी चंदन नगर, इंदौर), संतोष उर्फ बाबा (निवासी उदयनगर) और समीर उर्फ अन्ना (इंदौर) अभी फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों से होंडा अमेज कार जब्त कर ली है। इस कार्रवाई में निंबोला टीआई राहुल कांबले, उपनिरीक्षक कमल मोरे सहित पुलिस टीम शामिल थी।
मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र में 22 मई 2026 को हुई लूटपाट की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से लूटा गया सामान, एक देसी कट्टा, 212 पुड़िया स्मैक और घटना में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की है। बाइक सवार युवक से हुई लूट की इस घटना के संबंध में कांटी थाना में कांड संख्या 316/26 दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। आधार कार्ड-ऑनर बुक जब्त पुलिस टीम ने तकनीकी और सूचना के आधार पर लगातार छापेमारी की और आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की। सबसे पहले सुंदरम कुमार, धर्मनाथ कुमार उर्फ बड़ी और दीपक कुमार उर्फ विवेक कुमार को गिरफ्तार किया गया। उनकी निशानदेही पर कपरपुरा ओवरब्रिज के पास छापेमारी कर लूटा गया आधार कार्ड, ऑनर बुक और एक देसी कट्टा बरामद किया गया। इसके बाद, पुलिस ने कांटी हाईस्कूल के पीछे स्थित लीची बगान में छापा मारा और गौरव कुमार और राज कुमार यादव उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 212 पुड़िया स्मैक और लूटकांड में इस्तेमाल की गई बाइक मिली। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार अपराधियों ने कांटी थाना क्षेत्र में हुई कई अन्य आपराधिक घटनाओं में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, इन अपराधियों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है और इनके खिलाफ पहले से आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट और लूट के कई मामले दर्ज हैं। बरामद देसी कट्टा और स्मैक को लेकर पुलिस ने अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की है। फिलहाल, पुलिस पूरे गिरोह और उनके नेटवर्क की जांच कर रही है, साथ ही अन्य फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
जींद जिले के सफीदों में युवक पर जानलेवा हमला करने और एससी/एसटी एक्ट के मामले में फरार चल रहे दो और आरोपियों को सीआई स्टाफ सफीदों ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में पहले ही छह आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सफीदों निवासी संजूगिरी और गांव निम्नाबाद निवासी आजाद उर्फ बॉक्सर के रूप में हुई है। सीआई स्टाफ सफीदों के इंचार्ज राधेश्याम ने बताया कि शिकायतकर्ता नवीन, निवासी रविदास मोहल्ला सफीदों ने थाना शहर सफीदों में शिकायत दर्ज कराई थी। नवीन के अनुसार, वह अपने साथियों के साथ हुड्डा ग्राउंड, नई अनाज मंडी के पीछे बैठे था, तभी कुछ युवक हथियारों के साथ वहां पहुंचे। जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप पुरानी रंजिश के चलते उन्होंने नवीन और उसके साथियों पर लोहे की रॉड, डंडों और अन्य हथियारों से हमला कर गंभीर चोटें पहुंचाईं। आरोपियों ने जातिसूचक अपमानजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया। शिकायत के आधार पर थाना शहर सफीदों में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान, पहले ही छह नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। पूछताछ में संजूगिरी और आजाद उर्फ बॉक्सर का नाम सामने आया, जो कई दिनों से फरार चल रहे थे। सीआई स्टाफ सफीदों ने इन दोनों फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है, जहां से आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
नोएडा के निक्की भाटी मौत मामले में एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। मृतका की बहन कंचन भाटी अब ग्रेटर नोएडा स्थित अपने ससुराल वापस लौटेगी। बता दें कि कंचन का विवाह निक्की के देवर रोहित से हुआ है।
समस्तीपुर में भूतपूर्व सैनिकों, उनकी विधवाओं और वीरांगनाओं की समस्याओं के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। शहर में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय का उद्घाटन जिला पदाधिकारी रोशन कुशवाहा ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, वीरांगनाएं और उनके परिजन उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी रोशन कुशवाहा ने कहा कि यह कार्यालय भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र साबित होगा। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ अब इस कार्यालय के माध्यम से आसानी से उपलब्ध कराया जाएगा, जिनमें पेंशन, चिकित्सा सुविधा, पुनर्वास, शिक्षा सहायता और रोजगार शामिल हैं। सैनिक परिवारों की हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध प्रशासन कुशवाहा ने आगे कहा कि सैनिक देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित करते हैं। ऐसे में सेवानिवृत्ति के बाद उनके सम्मान और सुविधा का पूरा ध्यान रखना समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी है। जिला प्रशासन सैनिक परिवारों की हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। इस कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी समस्तीपुर सदर दिलीप कुमार, जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी दरभंगा-सह-समस्तीपुर कमांडर रामजी राय (सेवानिवृत्त), प्रचारक ईटीएस समस्तीपुर विंग कमांडर राम सकल सिंह (सेवानिवृत्त) और धनुर्धरण समिति के उपाध्यक्ष कमांडर विनय कुमार वीएसएम (सेवानिवृत्त) भी मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने इस पहल को सैनिक समुदाय के लिए अत्यंत लाभकारी बताया। कार्यक्रम के दौरान जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी कमांडर रामजी राय ने उपस्थित भूतपूर्व सैनिकों, उनकी विधवाओं एवं वीरांगनाओं को सैनिक कल्याण विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि कार्यालय के माध्यम से सैनिक परिवारों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी ने सभी आगंतुकों और उपस्थित पूर्व सैनिकों का धन्यवाद ज्ञापित किया और कार्यालय के सफल संचालन में सहयोग देने की अपील की। समस्तीपुर में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय का उद्घाटन सैनिक समुदाय के लिए एक बड़ी और सराहनीय पहल माना जा रहा है।
नगर निगम सोनीपत के नवनिर्वाचित मेयर और पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर जिला प्रशासन और नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 28 मई को दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल में कार्यक्रम का आयोजन होगा। शपथ ग्रहण समारोह में हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। अतिरिक्त उपायुक्त अजय चोपड़ा और मेयर राजीव जैन ने समारोह स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को सुरक्षा, पार्किंग, ट्रैफिक, बैठने और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए। सीएम नायब सिंह सैनी होंगे मुख्य अतिथि सोनीपत निगम मेयर और 22 वार्ड पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा और प्रोटोकॉल संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जिला प्रशासन ने कार्यक्रम को व्यवस्थित और सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। जहां सोनीपत निगम में बीजेपी के मेयर कैंडिडेट राजीव जैन ने जीत हासिल की और बीजेपी के 17 पार्षद ने जीत दर्ज की और 5 कांग्रेस पार्षदों ने विजय हासिल की। एडीसी और मेयर ने किया समारोह स्थल का निरीक्षण अतिरिक्त उपायुक्त अजय चोपड़ा और मेयर राजीव जैन ने दीनबंधु विवि मुरथल पहुंचकर कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वीआईपी पार्किंग, सामान्य पार्किंग, टैंट, एयर कंडीशनिंग, पेयजल व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, माइक और साउंड सिस्टम, लिफ्ट सुविधा तथा साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। ट्रैफिक और दिशा-सूचक बोर्डों पर रहेगा विशेष फोकस निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि समारोह स्थल तक पहुंचने वाले सभी मार्गों पर पर्याप्त दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाएं ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष योजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। सुरक्षा और प्रोटोकॉल व्यवस्थाएं होंगी मजबूत एडीसी अजय चोपड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि बिजली, पेयजल, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। शहर के विकास को मिलेगी नई दिशा: राजीव जैन मेयर राजीव जैन ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह नगर निगम के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर होगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम की नई टीम शहर में विकास कार्यों, स्वच्छता, बेहतर आधारभूत सुविधाओं और जनसेवा को प्राथमिकता देते हुए कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि सभी पार्षद टीम भावना के साथ मिलकर शहरवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।कई अधिकारी रहे मौजूदनिरीक्षण के दौरान डीसीपी कुशल पाल, एसडीएम सुभाष चंद्र, नगर निगम की संयुक्त आयुक्त मीतू धनखड़, तहसीलदार कीर्ति सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
फेम इंडिया मैगजीन और एशिया पोस्ट द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ‘सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026’ सर्वे के प्रारंभिक परिणाम जारी कर दिए गए हैं। देशभर से चुने गए 800 अधिकारियों में मध्य प्रदेश के 5 आईएएस अफसरों ने भी जगह बनाई है। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा अपनी प्रशासनिक कार्यशैली, जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह नवाचार, नरसिंहपुर कलेक्टर रजनी सिंह जनसरोकार वाली पहल, भोपाल के पूर्व कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह बेहतर गवर्नेंस और सतना कलेक्टर सतीश कुमार प्रभावी कामकाज के कारण देश के चुनिंदा जिलाधिकारियों की सूची में शामिल हुए हैं। इस सर्वे में देशभर के करीब 800 जिलों के कलेक्टरों और डिप्टी कमिश्नरों के कामकाज का आकलन किया गया था। सर्वे प्रशासनिक दक्षता, सुशासन, संकट प्रबंधन, जनसंपर्क, नवाचार, जवाबदेही और विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन समेत 10 प्रमुख मानकों के आधार पर किया गया। इसके अलावा ग्राउंड रिपोर्ट, विशेषज्ञों की राय, मीडिया विश्लेषण और जनसरोकार से जुड़े पहलुओं को भी मूल्यांकन में शामिल किया गया। संस्थान बीते 15 साल से ये सर्वे कर रहा है। पढ़िए, रिपोर्ट… मुख्य अभियान और पहल मुख्य अभियान और पहल मुख्य अभियान और पहल मुख्य अभियान और पहल मुख्य अभियान और पहल
झालावाड़ में नगर परिषद के सफाई कर्मियों ने बुधवार को शहर की सफाई व्यवस्था ठप कर दी। चार माह से वेतन न मिलने से नाराज होकर कर्मियों ने नगर परिषद परिसर के बाहर करीब दो घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी सफाई कर्मियों का कहना है कि उन्हें जनवरी माह के बाद से वेतन नहीं मिला है। लगातार काम करने के बावजूद भुगतान न होने से उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनका बकाया भुगतान नहीं किया जाता, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार अधिकारियों को अपनी समस्या से अवगत कराया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। उनका यह भी कहना है कि नगर परिषद में अधिकारी नियमित रूप से नहीं बैठते और प्रशासनिक स्तर पर उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। विरोध स्वरूप उन्होंने नगर परिषद के मुख्य गेट के बाहर कचरा डालकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने बताया कि चार महीने से वेतन न मिलने के कारण उनके परिवारों का गुजारा करना मुश्किल हो गया है और अब उनके सामने भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनका पूरा बकाया भुगतान नहीं हो जाता, तब तक वे अपनी हड़ताल जारी रखेंगे। गौरतलब है कि नगर परिषद में कार्यरत सफाई कर्मियों को समय पर भुगतान न होने को लेकर लंबे समय से नाराजगी बनी हुई है। कर्मचारियों का कहना है कि नियमित भुगतान न होने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन इस गंभीर समस्या के प्रति संवेदनशील नहीं दिख रहा है। इस समस्या से करीब 80 से अधिक ठेका आधारित सफाई कर्मी प्रभावित हैं।
आगरा किला के सामने झाड़ियों में लगी आग:एक किमी दूर से दिखाई दिया धुआं, एक घंटे तक सुलगती रही आग
आगरा किला के सामने झाड़ियों में आग लग गई। आग इतनी तेज थीं, लगभग एक किमी दूर से आसमान में काला धुंआ दिखाई दे रहा था। झाड़ियों के बीच में लगे कूड़े के ढेर में लगभग एक घंटे तक आग की लपटें उठती रहीं। यहां से ताजमहल भी बमुश्किल एक किमी दूर था। बुधवार दोपहर लगभग 2 बजे आगरा किला के मुख्य गेट के सामने, मेट्रो स्टेशन के पास झाड़ियों से अचानक धुंआ उठाता दिखाई दिया। थोड़ी ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। झाड़ियों के साथ-साथ यहां कूड़े के ढेर में आग पहुंच गई। इसमें प्लास्टिक काफी मात्रा में था, इसके चलते लगभग एक किमी दूर से आसमान में काला धुआं दिखाई दिया। आग से जुड़ी 3 तस्वीरें देखिये… कुछ राहगीर आग देखने के लिए मौके पर रुक गए लेकिन चौराहा पर तैनात पुलिसकर्मियों ने न तो आग बुझाने का प्रयास किया और न ही फायर बिग्रेड को इसकी सूचना दी। इसके चलते आग की लपटें उठती रहीं। यहां से गुजर रहे सपा नेता श्याम भोजवानी ने बताया-लगभग 45 मिनट से वे आग की लपटें उठते देख रहे हैं। जबकि आग उनके आने से पहले से ही लगी हुई थी। जिस जगह आग लगी थी, उसके नीचे से मेट्रो ट्रैक गुजर रहा है। स्टेशन भी पास में ही। बताया जा रहा है, किसी ने सिगरेट या बीडी सुलगाकर माचिस की तीली फेंक दी होगी, जिसकी वजह से ये आग लगी। बता दें कि आगरा में कूड़ा जलाना प्रतिबंधित है।
रीवा में सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समाज के खिलाफ आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट साझा करने के मामले में महीनों से फरार चल रहे यूट्यूबर मनीष पटेल ने आखिरकार सरेंडर कर दिया। पुलिस के बढ़ते दबाव और हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद आरोपी ने खुद को सिविल लाइन थाना पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया है, जहां उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहा आरोपी बताया जा रहा है कि आरोपी मनीष पटेल के फेसबुक पर करीब 40 लाख फॉलोअर्स हैं और उसके वीडियो पर मिलियन में व्यू आते हैं। पुलिस जहां उसे महीनों से फरार बता रही थी, वहीं इस दौरान वह लगातार सोशल मीडिया पर सक्रिय रहा। आरोपी अपने सोशल मीडिया अकाउंट से लगातार वीडियो पोस्ट करता रहा और शादी समारोहों समेत अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होने के फोटो और वीडियो भी साझा करता रहा। 29 जनवरी को हुई थी विवादित पोस्ट मामला 29 जनवरी का बताया जा रहा है, जब आरोपी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से ब्राह्मण समाज को लेकर कथित आपत्तिजनक पोस्ट साझा की थी। पोस्ट वायरल होने के बाद समाज के लोगों में भारी आक्रोश फैल गया था। शिकायत मिलने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर के बाद से आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था और स्थानीय अदालत से लेकर हाई कोर्ट तक अग्रिम जमानत के प्रयास करता रहा, लेकिन अदालत ने उसकी याचिकाएं खारिज कर दीं। पुलिस की घेराबंदी के बाद किया आत्मसमर्पण पुलिस की टावर लोकेशन आधारित निगरानी और बढ़ती घेराबंदी के बीच आरोपी के पास आत्मसमर्पण के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन जब्त कर लिया है।पूछताछ में कुछ अन्य डिजिटल उपकरणों और लैपटॉप की जानकारी भी सामने आई है, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि विवादित पोस्ट तैयार करने और उसे वायरल करने में आरोपी के साथ अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं। फिलहाल आरोपी पुलिस रिमांड पर है और मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। थाना प्रभारी बोले- सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर होगी कार्रवाई थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि आरोपी को न्यायालय से रिमांड पर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है तथा अन्य डिजिटल उपकरणों की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि पूछताछ में नए तथ्य सामने आते हैं तो रिमांड बढ़ाने की मांग की जाएगी, अन्यथा अवधि पूरी होने पर आरोपी को जेल भेज दिया जाएगा। इस मामले से जुड़ी यह खबर पढ़ें… यूट्यूबर मनीष पटेल को हाईकोर्ट से झटका: रीवा के यूट्यूबर मनीष कुमार पटेल को ब्राह्मण समाज और समाज की युवतियों को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। जस्टिस रामकुमार चौबे की एकल पीठ ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। आरोपी फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पूरी खबर पढ़ें…
किशनगंज शहर से लापता हुईं चार नाबालिग लड़कियों को मंगलवार को कोलकाता से बरामद कर लिया गया है। परिजनों ने बताया कि ये लड़कियां कोलकाता के दीघा घूमने गई थीं। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, चारों नाबालिग लड़कियां हलीम चौक अंतर्गत मदरसे में पढ़ती थी। सोमवार सुबह सभी अपने घर से निकली थीं। उनके साथ एक 10 वर्षीय बच्ची भी थी, जिसे किशनगंज रेलवे स्टेशन से वापस भेज दिया गया था। दीघा घूमने के बाद वे किशनगंज स्टेशन पहुंची थींशेष चारों लड़कियां ई-रिक्शा से रेलवे स्टेशन पहुंचीं और वहां से कोलकाता जाने के लिए टिकट खरीदा। जब सुबह करीब 9 बजे तक लड़कियां घर नहीं लौटीं, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिजनों ने पहले रिश्तेदारों और परिचितों के यहां खोजबीन की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने सदर थाना में लड़कियों की सकुशल बरामदगी के लिए आवेदन दिया। मामले की सूचना तत्काल आरपीएफ और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को भी दी गई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी थी। एसडीपीओ-1 खुसरू सिराज ने बताया था कि लड़कियों की बरामदगी के लिए प्रयास तेज कर दिए गए थे। रेलवे पुलिस समेत आसपास के जिलों की पुलिस को भी अलर्ट किया गया था। पुलिस और परिजनों के लगातार प्रयासों के बाद, लड़कियों को कोलकाता से ट्रेस किया गया। परिजनों के अनुसार, दीघा घूमने के बाद वे किशनगंज स्टेशन पहुंची थीं, जहां से एक बच्ची तुलसिया पहुंच गई थी। अंततः परिजनों ने चारों लड़कियों को ढूंढ लिया।
औरंगाबाद में ईद-उल-जुहा (बकरीद) पर्व को लेकर आज कलेक्ट्रेट स्थित योजना भवन के सभा कक्ष में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा और पुलिस अधीक्षक अमरीश राहुल ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में बकरीद पर्व के दौरान शांति, सौहार्द और विधि-व्यवस्था बनाए रखना था। बैठक में पर्व के दौरान संभावित समस्याओं, सुरक्षा व्यवस्था, संवेदनशील स्थलों की निगरानी और प्रशासनिक तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई। अनुमंडल पदाधिकारी की ओर से जानकारी दी गई कि इस साल बकरीद का पर्व 28 मई से 30 मई के बीच मनाया जाएगा। पर्व के अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोग सुबह नमाज अदा करने के बाद पारंपरिक रूप से कुर्बानी देते हैं और कई स्थानों पर मेले का आयोजन भी किया जाता है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे जिले में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की सभी संवेदनशील स्थलों पर दंडाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना पर तत्काल नियंत्रण पाया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि पिछले सालों की तरह इस बार भी जिले में पर्व को शांतिपूर्ण और भाईचारे के माहौल में संपन्न कराया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए और आवश्यकता पड़ने पर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। अफवाह फैलाने वालों और असामाजिक तत्वों पर रहेगी कड़ी नजर बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि कई बार कुछ असामाजिक तत्व अफवाह फैलाकर या छोटी घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर साम्प्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक और व्हाट्सएप पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले फोटो, वीडियो या संदेश प्रसारित करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर से सोशल मीडिया की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि पूर्व में जिन क्षेत्रों में साम्प्रदायिक तनाव की घटनाएं हुई हैं, वहां विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। ऐसे व्यक्तियों की पहचान करने का निर्देश दिया गया है, जिनका इतिहास सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का रहा है। साथ ही गुप्त सूचनाओं के आधार पर उन तत्वों पर भी नजर रखने को कहा गया, जो पर्व के दौरान शांति व्यवस्था में बाधा डाल सकते हैं। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि खुलेआम आपत्तिजनक पशुओं का परिवहन, सार्वजनिक स्थलों पर विवादास्पद तरीके से नमाज अदा करना या धार्मिक स्थलों के आसपास ध्वनि विस्तारक यंत्रों का अनुचित उपयोग भी तनाव का कारण बन सकता है। इसलिए सभी संबंधित पदाधिकारियों को संवेदनशील मामलों में विशेष सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया है। किसी भी प्रकार की छोटी घटना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत समाधान करने और वरीय अधिकारियों को सूचित करने की बात कही गई। सफाई व्यवस्था, सुरक्षा और निगरानी के दिए गए निर्देश बैठक में कुर्बानी स्थलों की साफ-सफाई को लेकर भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए। जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि कुर्बानी स्थलों पर जेसीबी मशीन से पांच से छह फीट गहरे गड्ढे खुदवाए जाएं, ताकि अपशिष्ट का समुचित निस्तारण किया जा सके और गंदगी या संक्रमण की स्थिति उत्पन्न न हो। इसके अलावा जिले के सभी मस्जिदों, मंदिरों, इमामबाड़ों और अन्य संवेदनशील स्थलों पर पंचायत स्तर तक पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई। बैठक में जिला शांति समिति के सदस्यों ने भी अपने क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं और सुझावों को प्रशासन के समक्ष रखा। इस अवसर पर अपर समाहर्ता अनुग्रह नारायण सिंह, अपर समाहर्ता आपदा उपेंद्र पंडित, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह, दाउदनगर अनुमंडल पदाधिकारी अमित राजन, जिला परिवहन पदाधिकारी सुनंदा कुमारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, सभी सीओ, बीडीओ, थाना अध्यक्ष एवं शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
अररिया नगर परिषद क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए खरीदी गई लाखों रुपये की सूखा और गीला कचरा संग्रहण बाल्टियां अब खुद बदइंतजामी की कहानी बयां कर रही हैं। नगर परिषद द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत करीब 25 लाख रुपये की लागत से खरीदी गई ये डस्टबिनें महीनों से अशोक सम्राट भवन में पड़ी धूल फांक रही हैं। इनका उद्देश्य शहर के प्रत्येक होल्डिंग धारक के घर तक पहुंचकर डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत करना था, लेकिन योजना अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी है। घर-घर पहुंचनी थी दो बाल्टियां योजना के तहत नगर परिषद क्षेत्र के हर घर को दो अलग-अलग बाल्टियां उपलब्ध कराई जानी थीं। एक बाल्टी गीले कचरे के लिए और दूसरी सूखे कचरे के लिए निर्धारित थी। इसका मकसद लोगों में कचरे को अलग-अलग रखने की आदत विकसित करना था, ताकि शहर में वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन किया जा सके। साथ ही नगर परिषद के सफाई कर्मियों को इन बाल्टियों से घर-घर कचरा उठाने की जिम्मेदारी दी जानी थी। लेकिन खरीदारी के कई महीने गुजर जाने के बाद भी अधिकांश डस्टबिन भवन में ही पड़ी हैं। इससे साफ है कि योजना की शुरुआत तो बड़े स्तर पर हुई, लेकिन क्रियान्वयन में लापरवाही बरती गई। शहर में बदहाल है सफाई व्यवस्था स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में पहले से ही कचरा प्रबंधन की स्थिति बेहद खराब है। कई मोहल्लों में नियमित सफाई नहीं हो रही है और जगह-जगह कचरे का ढेर लगा रहता है। ऐसे में लाखों रुपये खर्च कर खरीदी गई डस्टबिनों का उपयोग नहीं होना लोगों के लिए सवाल खड़े कर रहा है। नगर परिषद क्षेत्र के कई नागरिकों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि टैक्सपेयर्स के पैसे से खरीदी गई सामग्री यदि उपयोग में ही नहीं लाई जाएगी तो इसका क्या फायदा। लोगों का कहना है कि नगर परिषद केवल योजनाओं की घोषणा कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लेती है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई असर दिखाई नहीं देता। “15 दिनों में पूरा होगा वितरण” जब इस संबंध में नगर परिषद के स्वच्छता पदाधिकारी मोहम्मद अजहर से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सभी होल्डिंग धारकों के घर एक-एक गीला और सूखा कचरा बाल्टी वितरित किया जाना है। उन्होंने दावा किया कि वितरण की तैयारी पूरी कर ली गई है और अगले 15 दिनों के भीतर सभी घरों तक बाल्टियां पहुंचा दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि नगर परिषद का उद्देश्य शहर में बेहतर कचरा प्रबंधन व्यवस्था लागू करना है, ताकि लोगों को स्वच्छ वातावरण मिल सके। इसके लिए सफाई कर्मियों को भी निर्देशित किया जाएगा कि वे घर-घर जाकर कचरा संग्रह करें। “कुछ जगहों पर वितरण शुरू” इसी मुद्दे पर नगर परिषद के कार्यपालक अभियंता चंद्र प्रकाश राज ने बताया कि कुछ लोगों के बीच पहले ही बाल्टियों का वितरण किया जा चुका है। बाकी होल्डिंग धारकों की सूची तैयार कर ली गई है और जल्द ही शेष वितरण भी पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के आश्वासन पहले भी कई बार दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। लोगों का आरोप है कि नगर परिषद की योजनाएं अक्सर कागजों तक ही सीमित रह जाती हैं। स्वच्छ भारत मिशन पर उठ रहे सवाल स्वच्छ भारत मिशन के तहत केंद्र और राज्य सरकार लगातार स्वच्छता को लेकर अभियान चला रही है। शहरों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, गीले और सूखे कचरे को अलग करना तथा वैज्ञानिक तरीके से उसका निष्पादन इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन अररिया नगर परिषद में जिस तरह डस्टबिनों का उपयोग नहीं हो पा रहा है, उससे पूरे अभियान की गंभीरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोगों को शुरुआत से ही अलग-अलग कचरा रखने की आदत पड़ जाए तो कचरा प्रबंधन काफी आसान हो सकता है। इससे न केवल शहर साफ रहेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। लेकिन योजनाओं के सुस्त क्रियान्वयन से यह उद्देश्य अधूरा रह जाता है। नागरिकों ने उठाए सवाल स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि 25 लाख रुपये की डस्टबिनें भवन में ही पड़ी रहेंगी तो इससे शहर को क्या लाभ मिलेगा। लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से जल्द वितरण शुरू करने और नियमित कचरा संग्रहण व्यवस्था लागू करने की मांग की है। लोगों का यह भी कहना है कि शहर को स्वच्छ बनाने के लिए केवल खरीदारी करना काफी नहीं है, बल्कि योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना भी जरूरी है। फिलहाल नगर परिषद के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा अंतर साफ दिखाई दे रहा है।
मॉडिफाई साइलेंसर पर आज भरतपुर ट्रैफिक का बुलडोजर चला। पुलिस ने 142 मॉडिफाई साइलेंसर पर बुलडोजर चलकर उन्हें चकनाचूर कर दिया। पुलिस ने नाकाबंदी और चेकिंग के दौरान यह मॉडिफाई साइलेंसर जब्त किए थे। ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वाले और मॉडिफाई साइलेंसर से शोर करने वाले वाहनों के ड्राइवरों के खिलाफ पुलिस करीब 6 महीने से कार्रवाई कर रही है। इससे पहले 125 साइलेंसर तोड़े थे ट्रैफिक इंचार्ज अजय कुमार ने बताया कि एसपी राजेश मीणा के निर्देश के बाद यह कार्रवाई की गई है। आज मॉडिफाई साइलेंसर ध्वस्त करने की दूसरी बड़ी कार्रवाई की गई है। पहली कार्रवाई में 125 मॉडिफाई साइलेंसर ध्वस्त किए थे। आज 142 साइलेंसर ध्वस्त किए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस द्वारा चल रही लगातार चेकिंग में यह सभी साइलेंसर जब्त किए गए थे साथ ही वाहनों के मालिकों पर जुर्माना भी लगाया था। मॉडिफाई साइलेंसर वाहनों में लगाकर वाहन मालिक बाजारों में शोर करते हैं। जिससे ध्वनि प्रदूषण होता है। इस तरह की कार्रवाई आगे आने वाले समय भी जारी रहेगी।
फतेहाबाद जिले में टोहाना के गांव जांडली कलां में बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी ओमप्रकाश चौटाला की बेटी अंजलि सिंह की अगुवाई में भाजपा और कांग्रेस छोड़कर दर्जनों परिवार इनेलो में शामिल हुए। इनेलो महिला प्रदेश प्रभारी सुनैना चौटाला विशेष रूप से मौजूद रहीं। अंजलि सिंह ने सभी परिवारों का स्वागत करते हुए उन्हें इनेलो में पूरा मान-सम्मान मिलने का भरोसा दिलाया। सुनैना चौटाला ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा।उन्होंने कहा कि आज देश और हरियाणा का मध्यम वर्ग महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहा है। नीट पेपर लीक का जिक्र करते हुए सुनैना चौटाला ने आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक होने और भर्तियां रद्द होने से युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। नरेगा का काम बंद होने से नहीं मिली मजदूरी : सुनैना सुनैना चौटाला ने यह भी कहा कि नरेगा का काम बंद होने से सात-आठ महीने से मजदूरों को मजदूरी नहीं मिली है। इसी तरह, सफाई कर्मचारियों को भी महीनों से वेतन नहीं मिला। उन्होंने प्रधानमंत्री की डीजल की खपत कम करने और सोना न खरीदने की सलाह पर तंज कसते हुए कहा कि आज लोगों के पास सब्जी खरीदने तक के पैसे नहीं बचे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने घर-घर से पैसा गायब कर दिया है और बदले में कागजों का पुलिंदा थमा दिया है। फैमिली आईडी, प्रॉपर्टी आईडी और आधार लिंकिंग के नाम पर जनता को उलझाया जा रहा है, लेकिन इन कागजों से किसी का पेट नहीं भरता। भाजपा और कांग्रेस की सरकार ने नहीं की हरियाणा की चिंता सुनैना चौटाला ने आरोप लगाया कि 13 साल भाजपा और 10 साल कांग्रेस की सरकारों को हरियाणा की चिंता नहीं रही। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पार्टियां वोट लेकर दिल्ली में दरबार सजाती हैं, जबकि अभय सिंह चौटाला ने किसान आंदोलन के समय विधायक पद से इस्तीफा देकर किसानों का साथ दिया था। राज्यसभा चुनाव का हवाला देते हुए सुनैना चौटाला ने कहा कि कांग्रेस के विधायक 'बिक गए', जिसमें टोहाना का विधायक भी शामिल था। उन्होंने बताया कि इस चुनाव में टोहाना से कांग्रेस विधायक परमवीर सिंह का वोट रद्द हो गया था। उन्होंने जनता से ऐसी 'खरीद-फरोख्त' को रोकने के लिए अपने वोट की ताकत का इस्तेमाल करने का आह्वान किया।
हरियाणा में बढ़ती गर्मी और पेयजल को लेकर सरकार ने पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट की छुट्टियों को रद्द कर दिया है। ये जानकारी विभागीय मंत्री रणवीर गंगवा ने दी। उन्होंने रिव्यू मीटिंग में इसको लेकर फैसला करते हुए बताया कि अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि गर्मी के सीजन में बिना रुकावट पेयजल सुचारु रहे। फील्ड में रहकर आमजन की समस्याओं का अधिकारी तुरंत हल करें। पेयजल व्यवस्था में लापरवाही पर 2 एसडीओ और 2 जेई को सस्पेंड किया गया है। इसके अलावा 2 अधिकारियों को चार्जशीट किया गया है। उन्होंने बताया कि हांसी और चरखी दादरी के एसडीओ, जेई सस्पेंड किए गए हैं। आदमपुर के एसडीओ और जेई को चार्जशीट किया गया है। हांसी में धरने की रिपोर्ट का लिया संज्ञान हांसी के चानौत गांव में पेयजल समस्या को लेकर चल रहे धरने और अधिकारियों से मिली रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए मंत्री ने संबंधित एसडीओ और जेई को सस्पेंड करने के निर्देश दिए हैं। जांच में सामने आया कि वहां के जिम्मेवार अधिकारियों द्वारा समस्या समाधान में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई गई, जिसके कारण लोगों को लंबे समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा। हिसार से शिकायत पर अधिकारी चार्जशीटबैठक में हिसार जिला के आदमपुर जलघर की बदहाल स्थिति तथा वहां पेयजल आपूर्ति में आ रही समस्याओं पर भी संज्ञान लिया गया। मंत्री ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित एसडीओ और जेई को चार्जशीट कर जवाब तलब करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलघरों की नियमित साफ-सफाई, मशीनों का रखरखाव, मोटरों की कार्यशील स्थिति तथा पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करना विभागीय अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जलघर केवल पानी संग्रहण का केंद्र नहीं बल्कि लाखों लोगों की दैनिक जरूरतों से जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्था है। ऐसे में वहां किसी प्रकार की गंदगी, अव्यवस्था या तकनीकी खराबी नहीं होनी चाहिए। फील्ड में दिखने चाहिए अधिकारी विभागीय मंत्री रणबीर गंगवा ने एक्सईएन, एसडीओ और जेई स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से अपने क्षेत्रों का दौरा करें। पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की स्वयं निगरानी करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल कार्यालयों में बैठकर कार्य न करें बल्कि गांवों और शहरों में जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी ट्यूबवेल, मोटर, पाइपलाइन, बूस्टिंग स्टेशन या जलघर में खराबी आती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाए। मरम्मत कार्य में देरी के कारण यदि किसी क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न होता है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर स्वास्थ्य केंद्र में व्याप्त अव्यवस्थाओं और डॉक्टरों की लापरवाही पर सीएमएचओ ने कड़ा रुख अपनाया है। विधायक नितेंद्र सिंह राठौर की नाराजगी और निरीक्षण के बाद सीएमएचओ ने बीएमओ और बीपीएम को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। डॉक्टरों की अनुपस्थिति और बदहाल सफाई पर आपत्ति बता दें कि बुधवार को विधायक की समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की नियमित अनुपस्थिति का मुद्दा प्रमुखता से उठा। विशेष रूप से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जेरॉन के डॉ. पवन अहिरवार की लगातार अनुपस्थिति पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई गई। इसके अलावा, अस्पताल के वार्डों, ओपीडी और शौचालयों में भारी गंदगी पाई गई। भीषण गर्मी में पेयजल की व्यवस्था नहीं नोटिस में उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में भीषण गर्मी के बावजूद मरीजों के लिए पीने के पानी के उचित इंतजाम नहीं थे। इसे शासन के निर्देशों की लापरवाही और अनुशासनहीनता माना गया है। सीएमएचओ ने बताया कि अधिकारियों द्वारा अपने दायित्वों का निर्वहन न करने से प्रशासन की छवि धूमिल हुई है। दो दिन में मांगा स्पष्टीकरण सीएमएचओ ने संबंधित अधिकारियों को दो दिन में अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि संतोषजनक जवाब और सुधारात्मक कार्रवाई का प्रतिवेदन नहीं दिया गया, तो कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन अब स्वास्थ्य सेवाओं में तत्काल सुधार की योजना पर काम कर रहा है।
कांकेर जिले के चारामा थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। शादी का झांसा देकर और ब्लैकमेल कर एक युवक ने कथित तौर पर नाबालिग से शारीरिक संबंध बनाए। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। शिकायतकर्ता ने 26 मई 2026 को चारामा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम आंवरी निवासी खिलेश्वर यादव ने एक नाबालिग बालिका को शादी का झांसा दिया और परिवार को संबंध की जानकारी देने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया। आरोपी ने कथित तौर पर 10 सितंबर 2025 से 15 नवंबर 2025 तक लगातार जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इन गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज इस रिपोर्ट के आधार पर, चारामा थाना में अपराध क्रमांक 112/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64, 64(2)(ड), 87 और पॉक्सो एक्ट की धारा 4, 6 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी खिलेश्वर यादव (22) को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई में निरीक्षक सुरेश कुमार राठौर, सउनि सागर निषाद, सउनि टीकम दास सोने और महिला आरक्षक रामिन दर्रो की टीम शामिल थी। पुलिस की अपील कांकेर पुलिस ने जनता से अपील की है कि अपराध नियंत्रण में पुलिस और जनता की साझा जिम्मेदारी है। किसी भी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि की सूचना जिला उत्तर बस्तर कांकेर पुलिस हेल्पलाइन नंबर 9479155125 पर दी जा सकती है। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
शेखपुरा में 2 रोड एक्सीडेंट, 8 लोग घायल:एक युवक की पैर की उंगलियां कटीं, दो हायर सेंटर रेफर
शेखपुरा जिले में बुधवार को दो अलग-अलग बाइक दुर्घटनाओं में कुल 8 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है, जबकि एक युवक के पैर की उंगलियां कटकर अलग हो गईं। पहली घटना शहर के जखराज स्थान स्थित एक पेट्रोल पंप के पास हुई। यहां तीन युवक एक बाइक पर सवार होकर गिरिहिंडा पहाड़ पर घूमने जा रहे थे। तभी सामने से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक से उनकी टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में दोनों बाइकों पर सवार कुल 5 युवक घायल हो गए। शिवलिंग के दर्शन कराने गिरिहिंडा पहाड़ ले जा रहे थे पहले हादसे में घायल हुए युवकों की पहचान कुसुंभा गांव निवासी टुनटुन बिंद के पुत्र मुकेश कुमार, नालंदा जिले के परासी गांव निवासी उनके फुफेरे भाई सौरभ कुमार और रहुई थाना क्षेत्र के लालू बिगहा गांव निवासी सतीश कुमार के रूप में हुई है। मुकेश अपने दोनों फुफेरे भाइयों को कामेश्वर नाथ मंदिर में शिवलिंग के दर्शन कराने गिरिहिंडा पहाड़ ले जा रहे थे। घायल सौरभ की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया है। दूसरी दुर्घटना कोसुंभा थाना क्षेत्र के भदेली मोड़ पर हुई। यहां भी दो बाइकों के बीच आमने-सामने की टक्कर में तीन युवक बुरी तरह घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब क्षेमा गांव का एक युवक अपने रिश्तेदार को नवादा जिले के काशीचक रेलवे स्टेशन से लेने के बाद घर लौट रहा था और विपरीत दिशा से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक से उसकी टक्कर हो गई। पैर की उंगलियां घटना के दौरान कटकर अलग दूसरे हादसे में क्षेमा गांव निवासी सुनील सिंह के पुत्र सन्नी कुमार और उनके भाई के साले राजो सिंह घायल हुए हैं। राजो सिंह नवादा जिले के पूर्णाडीह गांव के रहने वाले बताए गए हैं। घायलों को सदर अस्पताल और अन्य निजी क्लीनिकों में भर्ती कराया गया है। एक घायल युवक के पैर की उंगलियां घटना के दौरान कटकर अलग हो गईं, और उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। वहीं दूसरे बाइक सवार घायल होने के बावजूद बाइक लेकर निकल भागने में सफल हो गया। घटना में घायल सन्नी कुमार के पैर की दो उंगलियां कटकर अलग हो गई।जिसे इलाज हेतु पीएससी शेखोपुर सराय में भर्ती कराया गया।उसकी हालत गंभीर रहने के कारण हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
यूआईटी ने मण्डापुरा योजना क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया:सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई
बालोतरा नगर विकास न्यास (यूआईटी) ने बुधवार को मण्डापुरा वाणिज्यिक बहुउद्देशीय योजना क्षेत्र में सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाया। यूआईटी के अतिक्रमण विरोधी दस्ते ने जेसीबी मशीन का उपयोग कर अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया और भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। यूआईटी सचिव अशोक कुमार ने बताया कि मण्डापुरा क्षेत्र में प्रस्तावित वाणिज्यिक बहुउद्देशीय योजना के विकास कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूआईटी बालोतरा के क्षेत्राधिकार में सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई के दौरान प्रशासन और यूआईटी के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। इनमें तहसीलदार सुरेश कुमार, उप नगर नियोजक मो. अजहर जाटू, सहायक अभियंता रोहित पालीवाल और राजस्व निरीक्षक विरेन्द्र सिंह शामिल थे। यूआईटी प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या अतिक्रमण न करें। चेतावनी दी गई है कि यूआईटी की संपत्तियों पर अतिक्रमण पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एनिमल वेलफेयर ट्रस्ट ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन:एबीसी कार्यक्रम में गाइडलाइन और मानकों की पालना पर जोर
हनुमानगढ़ में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए चलाए जा रहे एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) कार्यक्रम को लेकर एनिमल वेलफेयर चैरिटेबल ट्रस्ट और गोसेवकों ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की है कि एबीसी कार्यक्रम के लिए टेंडर प्रक्रिया निर्धारित गाइडलाइन और पशु कल्याण बोर्ड के नियमों के अनुसार ही लागू की जाए। ट्रस्ट प्रतिनिधियों ने बताया कि हनुमानगढ़ शहर में कुत्तों की आबादी तेजी से बढ़ रही है। इसके नियंत्रण के लिए प्रशासन की ओर से टेंडर जारी किए जा रहे हैं, लेकिन पूरी प्रक्रिया तय मानकों के अनुरूप होना आवश्यक है ताकि कार्यक्रम प्रभावी और मानवीय तरीके से संचालित हो सके। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कई जगहों पर एबीसी कार्यक्रम में लापरवाही की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसलिए, शुरू से ही सख्त नियमों की पालना सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि ऐसी समस्याओं से बचा जा सके। ज्ञापन में ऑपरेशन थिएटर को साफ-सुथरा, वातानुकूलित और निर्धारित मानकों के अनुसार तैयार करने की मांग की गई है। नसबंदी के बाद कुत्तों के लिए अलग रिकवरी वार्ड, कूलर, पंखे, भोजन और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा गया। ट्रस्ट ने यह भी मांग की कि ऑपरेशन करने वाले पशु चिकित्सकों का भारतीय पशु चिकित्सा परिषद या राज्य परिषद में पंजीकृत होना अनिवार्य किया जाए। इसके अतिरिक्त, सभी कुत्तों को एंटी रेबीज वैक्सीन और आवश्यक दवाइयां देने की भी मांग उठाई गई। पहचान के लिए नसबंदी के दौरान कुत्तों के बाएं कान पर यू या वी आकार का निशान लगाने का सुझाव दिया गया। ट्रस्ट ने नर कुत्तों को कम से कम पांच दिन और मादा कुत्तों को सात दिन तक चिकित्सकीय निगरानी में रखने की व्यवस्था करने की भी मांग रखी। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि टेंडर केवल उन्हीं एजेंसियों को दिए जाएं जिन्हें एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त हो और जिन्हें स्ट्रीट डॉग सर्जरी का अनुभव हो। इस दौरान ज्योति शर्मा, नीलकंवर, लक्ष्मी, अम्बाली और विजय सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।
समस्तीपुर के उजियारपुर प्रखंड में ध्यवस्त नलजल की व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर भाकपा- माले के कार्यकर्ताओं ने आज प्रतिरोध मार्च निकाल कर अंगारघाट पंचायत भवन पर प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व समीम मंसुरी ने किया। इससे पहले माले के कार्यकर्ताओं ने प्रखंड क्षेत्र में प्रतिरोध मार्च निकाला। इस दौरान लोगों ने अंगार घाट पंचायत के वार्ड नं-3 व चार में शिव मंदिर से लेकर अनिल भंडारी के घर तक पाइप लाइन लगाकर जलापूर्ति बहाल करने की मांग कर रहे थे। इसके अलावा लोग वृद्धावस्था, विकलांग और विधवा पेंशन की राशि का भुगतान करने, पेट्रोल डीजल, रसोई गैस सहित अन्य सामानों की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी वापस लेने का नारा लगा रहे थे। पंचायत भवन पर पंचायत कमेटी सचिव सह जिला कमेटी सदस्य समीम मन्सुरी की अध्यक्षता में प्रतिरोध सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर जिला स्थाई समिति सदस्य महावीर पोद्दार ने कहा कि पंचायत से लेकर सचिवालय तक भ्रष्टाचार और कमिशनखोरी, दलाली, और लूट तंत्र का हिस्सा बने हुए है। बिहार के डबल इंजन की सरकार में जनता परेशान है। भीषण गर्मी में गम्भीर जल संकट का लोग सामना कर रहे है। अंगार पंचायत के साथ ही प्रखंड के दर्जनभर से अधिक पंचायतों में नलजल की व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। भ्रष्ट आचरण से आम जनता त्रस्त लोगों को पानी के लिए परेशान होना पर रहा है। प्रशासनिक विफलता और जनप्रतिनिधियों के भ्रष्ट आचरण आम जनता त्रस्त है। उन्होंने आह्वान किया कि भ्रष्ट और शराब धन्धे में संलिप्त जन प्रतिनिधियों को झारु मार कर खदेरना होगा। मौके पर समीम मन्सुरी ने कहा कि वार्ड नं-3 और 4 में शिव मंदिर से अनिल भंडारी के घर तक बांध किनारे अविलंब जलापूर्ति बहाल नहीं किया गया, तो भूख हड़ताल करेंगे। सभी को प्रखंड सचिव गंगा प्रसाद पासवान, छात्र नेता मो फरमान,मो आलमगीर, बबीता देवी, दायरानी देवी, ताजुद्दीन खान, मो अब्दुल सलाम, गौरी सहनी, पूनम देवी, विरेन्द्र पासवान, कोमल कुमारी, अर्जुन पासवान आदि उपस्थित थे।
ग्रेटर नोएडा में मासूम बालक गोपाल शर्मा की जघन्य हत्याकांड पर भाजपा नेता ने विरोध जताया। भाजपा नेता, पूर्व मंत्री यूपी सरकार एवं परशुराम परिषद़ के राष्ट्रीय संस्थापक पंडित सुनील भराला ने रोष जताया। सुनील भराला ने अपना एक वीडियो भी जारी किया है। साथ ही पीड़ित परिवार से मुलाकात कर दुख जताया। सुनील भराला ने कहा कि जघन्य हत्या की घटना अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक है। इस अमानवीय कृत्य को अंजाम देने वाले इंसान कहलाने योग्य नहीं, बल्कि दरिंदे हैं और उनके विरुद्ध दरिंदों जैसी ही २४ घंटे में कठोर से कठोर कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार इस प्रकरण पर तेजी से कार्रवाई कर रही है। मैंने भी उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण एवं एसटीएफ़ चीफ़ अमिताभ यश से वार्ता कर दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। हम सभी की संवेदनाएँ पीड़ित परिवार के साथ हैं। विश्वास है कि घटना का शीघ्र खुलासा कर अपराधियों को कानून के अनुसार सख्त सजा दिलाई जाएगी।

