वाराणसी के राजातालाब थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में बुलेट सवार दो युवकों की मौत हो गई, जबकि उनका एक अन्य साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा। घटना के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, राजातालाब थाना क्षेत्र के बीरभानपुर-ओदार स्थित पेट्रोल पंप के पास राजातालाब-जंसा मार्ग पर शनिवार रात करीब 9.30 बजे तेज रफ्तार मैजिक वाहन और बुलेट बाइक की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बुलेट सवार तीनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए।घटना की सूचना मिलते ही राजातालाब चौकी प्रभारी राजेश मौर्य पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल स्थानीय लोगों की मदद से तीनों घायलों को एंबुलेंस के जरिए हाईवे स्थित हेरिटेज अस्पताल पहुंचाया। जहाँ 10 बजे के करीब चिकित्सकों ने बीरभानपुर निवासी जमाल (26 वर्ष) और शाहिद (20 वर्ष) को मृत घोषित कर दिया। वहीं तीसरे युवक मोहम्मद आमिर (20 वर्ष) की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है।मैजिक वाहन राजातालाब से जंसा की ओर तेज गति से जा रहा था। इसी दौरान बीरभानपुर-ओदार गांव के सामने पेट्रोल पंप के पास सामने से आ रही बुलेट से उसकी सीधी टक्कर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।पुलिस ने मौके से मैजिक वाहन और उसके चालक को कब्जे में ले लिया है। दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।घटना की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजन अस्पताल पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में मातम पसरा है और बड़ी संख्या में लोग मृतकों के घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। इस दर्दनाक हादसे से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
नर्सरी की छात्रा से वैन चालक ने किया रेप:लखनऊ में तबियत बिगड़ने पर मां को हुआ एहसास, आरोपी हिरासत में
लखनऊ में तालकटोरा इलाके में स्कूल वैन के चालक ने नर्सरी छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। बच्ची की तबीयत बिगड़ने माँ को घटना की जानकारी हुई। मां की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी चालक को हिरासत में लिया है। बच्ची का अस्पताल में इलाज चल रहा है।तालकटोरा निवासी पीड़िता ने बताया कि उनकी चार साल की बेटी राजाजीपुरम के एक प्राइवेट स्कूल में नर्सरी की छात्रा है। पति-पत्नी दोनों प्राइवेट नौकरी करते हैं। बच्ची को लाने-ले जाने के लिए उन्होंने वैन लगवाई थी। वैन मूलरूप से उन्नाव का निवासी गिरीश मिश्रा चलाता था।मां ने बताया कि शुक्रवार को बेटी स्कूल से घर आई तो काफी डरी-सहमी थी। उसकी तबीयत भी ठीक नहीं थी। लेकिन उस समय किसी ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। शनिवार को बच्ची की तबीयत और ज्यादा खराब हो गई। पेट दर्द और बुखार की शिकायत पर वह उसे अस्पताल लेकर गई। अस्पताल में डॉक्टरों की जांच में सामने आया कि बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ है। यह सुनकर परिजनों के होश उड़ गए।घबराई बच्ची आरोपी को देखकर रोने लगीमां ने बताया कि जब उन्होंने बच्ची से पूछा तो डर के मारे वह कुछ नहीं बोल पाई। इसके बाद उन्होंने तालकटोरा थाने में शिकायत दी। पुलिस ने आरोपी वैन चालक गिरीश मिश्रा को हिरासत में ले लिया। जब बच्ची को थाने में आरोपी के सामने लाया गया तो वह उसे देखते ही बिलख पड़ी। बच्ची ने रोते हुए मां को बताया कि आरोपी गिरीश कई दिनों से उसके साथ गलत काम कर रहा था। बच्ची की बात सुनकर मां स्तब्ध रह गई। इंस्पेक्टर तालकटोरा ने बताया कि पीड़िता की मां की तहरीर पर पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। आरोपी गिरीश मिश्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बच्ची को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस स्कूल वैन के अन्य बच्चों और स्टाफ से भी पूछताछ कर रही है।
उज्जैन के नीलगंगा थाना क्षेत्र में शनिवार रात करीब 11 बजे दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। दरबार फूड रेस्टोरेंट के सामने हुई इस सनसनीखेज वारदात में लाठी, डंडे, तलवार और पत्थरों के साथ खुलेआम चार राउंड फायरिंग की गई। गोलीबारी की चपेट में आने से लोकेश गोरकर नामक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, उसे बचाने आए उसके भाई जय और दिलीप सहित गोरकर परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। होली के त्योहार से सुलग रही थी विवाद की चिंगारी एडिशनल एसपी गुरु प्रसाद पराशर ने बताया कि पासी परिवार और गोरकर परिवार के बीच बीते होली के त्योहार पर एक महिला को लेकर विवाद हुआ था। उस समय पुलिस ने मामला शांत करा दिया था, लेकिन दोनों पक्षों के बीच रंजिश और तनाव लगातार बना रहा। शनिवार रात इसी पुरानी दुश्मनी ने बड़ा रूप ले लिया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। फिलहाल कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। घर के बाहर घेरकर मारी गोलीचश्मदीदों के मुताबिक, शनिवार रात करीब 11 बजे दरबार फूड रेस्टोरेंट के सामने हमलावरों ने लोकेश गोरकर को उसके घर के बाहर घेर लिया। विवाद इतना बढ़ गया कि हमलावरों ने हथियारों से हमला करने के साथ ही अंधाधुंध चार राउंड फायर कर दिए। एक गोली लोकेश को लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जब उसके भाई जय और दिलीप उसे बचाने दौड़े, तो हमलावरों ने उनके साथ भी लाठी-डंडों और तलवारों से बेरहमी से मारपीट की। छावनी में बदला इलाका, आरोपियों की तलाश तेज वारदात की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की वर्ष 2016 की आईटीआई अनुदेशक (फैशन टेक्नोलॉजी) भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मामले में सुनवाई करते हुए याची एकता सिंह को इंटरव्यू में प्रोविजनल रूप से शामिल होने की अनुमति दी है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि याची का परिणाम न्यायालय की अनुमति के बिना घोषित नहीं किया जाएगा। जानये कोर्ट ने क्या कहा यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन ने एकता सिंह की याचिका पर उसके अधिवक्ता सुनील कुमार व वीरेंद्र कुमार गौतम और आयोग के अधिवक्ता को सुनकर दिया है। मामले के तथ्यों के अनुसार उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 28 नवंबर 2016 को विज्ञापन संख्या 16(4)2016 के तहत अनुदेशक (सामान्य चयन) के 293 स्थायी पदों के लिए आवेदन मांगे थे। याची ने फैशन टेक्नोलॉजी ट्रेड के लिए आवेदन किया था। याची के अनुसार उसने उत्तर प्रदेश औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (अनुदेशक) सेवा नियमावली 2014 के तहत 51.5115 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं, जो सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित कट-ऑफ (41.30%) से काफी अधिक हैं। इसके बावजूद आयोग ने 11 जुलाई से को आदेश जारी कर याची को इंटरव्यू की सूची से बाहर कर दिया। आयोग के अधिवक्ता सिद्धार्थ सिंघल ने कहा कि नियमावली के तहत नेशनल ट्रेड सर्टिफिकेट धारकों के लिए तीन वर्ष का कार्य अनुभव अनिवार्य है। उनका तर्क था कि नेहा राव बनाम यूपी राज्य फैसले के अनुसार अनुभव की गणना आईटीआई कोर्स पूरा होने और परिणाम घोषित होने के बाद ही की जा सकती है। आयोग ने याची के अनुभव प्रमाणपत्र की प्रामाणिकता पर भी संदेह जताया। याची के अधिवक्ता सुनील कुमार व वीरेंद्र कुमार गौतम ने तर्क दिया कि नेहा राव वाले फैसले को पहले ही स्पेशल अपील के माध्यम से चुनौती दी जा चुकी है और मामला अभी लंबित है। उनका कहना था कि अंतिम प्रमाण पत्र मिलने से पहले, संस्थान के प्रधानाचार्य द्वारा जारी प्रोविजनल सर्टिफिकेट के आधार पर हासिल किए गए अनुभव को खारिज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने गंभीरता देखी कोर्ट ने मामले की गंभीरता और कानूनी पेच को देखते हुए कहा कि मुख्य कानूनी सवालआईटीआई सर्टिफिकेट से पहले का अनुभव मान्य है या नहीं, अपीलीय न्यायालय के समक्ष लंबित है इसलिए याची को अंतरिम राहत दी जानी चाहिए। कोर्ट ने याची को इंटरव्यू में शामिल करने का निर्देश दिया। साथ ही आयोग को निर्देश दिया कि इंटरव्यू के बाद याची के अनुभव प्रमाणपत्र की सत्यता और प्रामाणिकता की जांच कर लें। याची का चयन परिणाम हाईकोर्ट की अनुमति के बिना जारी नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने राज्य सरकार और आयोग को याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा मेंस-2024 के एक अभ्यर्थी को मुख्य परीक्षा की सभी उत्तर पुस्तिकाएं दिखाने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता ने प्रियतोष कुमार तिवारी की याचिका पर उसके अधिवक्ता संजय कुमार यादव व आयोग के अधिवक्ता को सुनकर दिया है। जानिये क्या है मामला याचिका में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को याची की ओर से गत सात मई को दिए गए सूचना के अधिकार आवेदन का निस्तारण करने का निर्देश देने की मांग की गई थी। आरटीआई के इस आवेदन के माध्यम से याची ने 29 जून 2025 से 2 जुलाई 2025 तक आयोजित यूपीपीसीएस (मुख्य) परीक्षा-2024 की सभी आठ विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं की स्क्रूटनी (जांच) करने की मांग की थी। याचिका में यह भी प्रार्थना की गई थी कि कोर्ट आयोग को याची की सभी विषयों की उत्तर पुस्तिकाएं प्रस्तुत करने का आदेश दे। सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अधिवक्ता निशीथ यादव की ओर से एडवोकेट आनंद कुमार यादव ने कहा कि ने याची के आरटीआई आवेदन पर कार्रवाई करते हुए आयोग ने पहले ही उन्हें 23 जुलाई को अपनी उत्तर पुस्तिकाओं को देखने की अनुमति दे दी है और इस संबंध में याची को अलग पत्र भी जारी किया जा चुका है।
10 हजार महीना रंगदारी नहीं दी तो युवक पर हमला:8-10 लोगों ने रॉड-डंडों से पीटा, बेहोश छोड़कर भागे
लखनऊ के इंदिरानगर थाना क्षेत्र में रंगदारी नहीं देने पर बदमाशों ने युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। पीड़ित ने चार नामजद समेत 8 से 10 लोगों पर असलहे, डंडे और लोहे की रॉड से हमला करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। मोहम्मदपुर मजरा निवासी अखिलेश कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि शुक्रवार रात करीब 10:45 बजे वह बजरंग चौराहे से घर लौट रहा था। इसी दौरान चेतराम, रितिक रावत, सूरज रावत, करन रावत समेत 8 से 10 लोगों ने उसे घेर लिया। आरोप है कि सभी ने असलहे, डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। गंभीर पिटाई के बाद वह बेहोश होकर गिर पड़ा। हमलावर उसे मृत समझकर मौके से फरार हो गए। होश आने पर डायल-112 को दी सूचना पीड़ित का कहना है कि होश आने के बाद उसने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस सहायता मांगी। पुलिस उसे मेडिकल परीक्षण के लिए सिविल अस्पताल ले गई, जहां उसका इलाज कराया गया। पहले से मांग रहा था ₹10 हजार महीना रंगदारी तहरीर में अखिलेश ने आरोप लगाया है कि चेतराम काफी समय से उससे हर महीने ₹10 हजार रंगदारी मांग रहा था। रुपये नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देता था। डर की वजह से उसने पहले शिकायत नहीं की। पीड़ित ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने और अपनी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल की आज जगदीशपुर (पुराना इस्लामनगर) में होने वाली बैठक में दो बड़े सुधारों पर फैसला हो सकता है। कैबिनेट के सामने रखे जा रहे समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के ड्राफ्ट में 'अवैध बच्चा' या 'नाजायज औलाद' जैसी कानूनी अवधारणा समाप्त कर सभी बच्चों को समान कानूनी दर्जा देने का प्रस्ताव है। साथ ही विवाह, तलाक और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े नए नियम भी लागू करने की तैयारी है। इसी बैठक में प्रदेश की एकमात्र मेडिकल यूनिवर्सिटी को दो हिस्सों में बांटने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा, जिसके बाद भोपाल सहित मध्य और पश्चिम मध्यप्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज उज्जैन मेडिकल यूनिवर्सिटी के अधीन आ जाएंगे। विवाह और तलाक: ये होंगे बड़े बदलाव यूसीसी ड्राफ्ट के अनुसार सभी समुदायों के लिए एक समय में केवल एक ही विवाह मान्य होगा। विवाह और तलाक का पंजीयन अनिवार्य रहेगा, हालांकि केवल पंजीयन नहीं होने के आधार पर विवाह अमान्य नहीं माना जाएगा। यदि पति विवाह के समय किसी दूसरी महिला को गर्भवती कर चुका था तो पत्नी को भी अदालत में विवाह निरस्त कराने का अधिकार मिलेगा। अभी यह अधिकार सीमित परिस्थितियों में ही उपलब्ध है। ड्राफ्ट में मुस्लिम तलाक, सामाजिक पंचायत या अन्य गैर-कानूनी व्यवस्था से विवाह समाप्त करने को मान्यता नहीं देने का भी प्रावधान है। लिव-इन भी कानूनी दायरे में ड्राफ्ट के अनुसार, साथ रहने वाले जोड़े को एक माह के भीतर लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीयन कराना होगा। ऐसा नहीं करने पर जेल और जुर्माने का प्रावधान रहेगा। पंजीयन के बाद संबंध टूटने पर महिला पार्टनर को पत्नी की तरह भरण-पोषण मांगने का अधिकार मिलेगा। पहले से विवाहित व्यक्ति या पहले से किसी पंजीकृत लिव-इन संबंध में रहने वाला व्यक्ति नया पंजीयन नहीं करा सकेगा। एसटी समुदाय रहेगा दायरे से बाहर यूसीसी के मसौदे में अनुसूचित जनजातियों (एसटी) को उनके पारंपरिक रीति-रिवाजों को देखते हुए इस कानून के दायरे से बाहर रखने का प्रस्ताव है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद यूसीसी ड्राफ्ट को विधेयक के रूप में विधानसभा में पेश किया जाएगा। मेडिकल यूनिवर्सिटी का होगा पुनर्गठन कैबिनेट में प्रदेश की एकमात्र मेडिकल यूनिवर्सिटी को दो हिस्सों में बांटने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। नए प्रारूप के अनुसार, महाकौशल और विंध्य क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी के अधीन रहेंगे, जबकि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन सहित मध्य और पश्चिम मध्यप्रदेश के मेडिकल कॉलेज उज्जैन मेडिकल यूनिवर्सिटी से संबद्ध होंगे। उज्जैन के अधीन होगा भोपाल प्रस्ताव के अनुसार भोपाल, रायसेन, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, रतलाम, मंदसौर, नीमच, खरगोन, खंडवा, बड़वानी, बुरहानपुर और सागर सहित पश्चिम एवं मध्य मध्यप्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज उज्जैन विश्वविद्यालय के दायरे में आएंगे। वहीं जबलपुर, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पन्ना, टीकमगढ़ समेत महाकौशल और विंध्य क्षेत्र के मेडिकल कॉलेज जबलपुर विश्वविद्यालय के अधीन रहेंगे।
लखनऊ एसटीएफ ने हरबंश मोहाल के पास रेलवे क्रासिंग से एक कछुआ तस्कर को धर दबोचा। तस्कर के पास से प्रतिबंधित प्रजातियों के 171 कछुए बरामद हुए। एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक तस्कर बंगाल के गिरोह से संपर्क में रहकर इन कछुओं को सप्लाई करता था। फिर उसी गैंग के जरिए से उन कछुओं को बांग्लादेश और म्यांमार के रास्ते चीन, हांगकांग, मलेशिया समेत कई देशों में शक्तिवर्धक दवाओं में उपयोग करने के लिए भेजा जाता है। प्रतिबंधित प्रजातियों के तस्करी की मिल रही थी सूचना एसटीएफ के दरोगा फैजुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि काफी समय से प्रतिबंधित प्रजातियों के कछुओं की तस्करी करने की सूचनाएं मिल रही थीं। इस पर टीम ने तस्करों के खिलाफ जाल बिछा के रखा था। शनिवार को जानकारी हुई कि कुछ तस्कर काफी संख्या में कछुओं की तस्करी के लिए शहर आने वाले हैं। इस पर उनकी टीम व वन विभाग ऑपरेशन के तहत हरबंश मोहाल थाना क्षेत्र में रेलवे क्रासिंग के पास तस्करों का इंतजार करने लगी। इसी दौरान एक तस्कर क्रासिंग के पास दिखा, जिसे एसटीएफ ने दबोच लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम फतेहगढ़ के कमालगंज थाना क्षेत्र के भटपुरा गांव निवासी जाहिद अली बताया। फतेहगढ़ के आसपासस के जिलों से पकड़ते थे उसके पास से प्रतिबंधित प्रजाति के 171 कछुए (इंडियन रूफर्ड टर्टल), मोबाइल फोन व आधार कार्ड बरामद हुआ। आरोपी तस्कर ने बताया कि वह फतेहगढ़ के आसपास के जिलों के तलाबों व नदियों से कछुआ तस्करों के जरिए से कछुए एकत्रित करते हैं। इसके बाद कानपुर के तस्करों के साथ मिलकर उन्हें बिहार व बंगाल सप्लाई करते हैं, जहां से कछुए विदेश भेजे जाते हैं। एसटीएफ के दरोगा ने आरोपी के खिलाफ वन रेंज में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। यूपी में 11 प्रजातियां तस्करों के निशाने पर एसटीएफ के मुताबिक भारत में कछुओं की 29 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें 15 उत्तर प्रदेश में मिलती हैं। इनमें से 11 प्रजातियों का अवैध कारोबार किया जाता है। गंगा, यमुना, चंबल, गोमती, घाघरा और गंडक जैसी नदियां तस्करों के लिए प्रमुख स्रोत बनी हुई हैं। कछुओं के मांस व उनकी झिल्ली को सुखाकर शक्तिवर्धक दवाएं बनाई जाती है।
सोनभद्र के शक्तिनगर थाना क्षेत्र के बीना में मूंगफली व्यापार के नाम पर एक व्यापारी से ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से कुल 3 लाख 27 हजार 500 रुपये की धोखाधड़ी की गई है। पुलिस ने पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बीना क्षेत्र के कोहरौलिया गांव निवासी रानी केशरी ने पुलिस को दी तहरीर मे बताया है कि 5 जुलाई 2026 को उनके भाई सुजल केशरी की इंस्टाग्राम पर एक मूंगफली व्यापारी के पेज अकाउंट से मैसेज के जरिए बात हुई थी। बाद में मोबाइल नंबर पर भी बातचीत हुई, जिसमें व्यक्ति ने अपना नाम गोपाल बताया था। गोपाल ने 40 बोरी मूंगफली 1 लाख 70 हजार रुपये में भेजने का सौदा किया। कथित व्यापारी ने माल लोड होने का वीडियो, गाड़ी नंबर और एक ट्रांसपोर्टर का नंबर भी दिया, जिससे बात करने को कहा गया। जब ट्रांसपोर्टर से बात की गई, तो उसने बताया कि गाड़ी रावर्ट्सगंज पहुंच गई है, लेकिन सेल टैक्स विभाग ने उसे पकड़ लिया है। इसके बाद गाड़ी छुड़वाने, बीमा कराने, रिफंड का लालच देने और अंत में गाड़ी में डीजल व फास्टैग रिचार्ज करने के नाम पर कुल 3 लाख 27 हजार 500 रुपये ले लिए गए। निर्धारित तिथि और समय पर गाड़ी न पहुंचने पर जब दोबारा संपर्क करने की कोशिश की गई, तो कथित ट्रांसपोर्टर और व्यापारी दोनों के मोबाइल नंबर बंद मिले। शक्तिनगर पुलिस ने रानी केशरी की तहरीर के आधार पर ट्रांसपोर्टर और व्यापारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
रामपुर में शनिवार रात करीब 10 बजे आधे घंटे तक हुई झमाझम बारिश से मौसम सुहाना हो गया। इस वर्षा से कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली। सिविल लाइंस क्षेत्र के निवासियों ने बताया कि तेज धूप और उमस के कारण जनजीवन प्रभावित था। बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत महसूस की। शाम और रात में लोग घरों से बाहर निकलकर मौसम का आनंद लेते दिखे। इस बारिश का सबसे अधिक लाभ किसानों को मिला है। धान की रोपाई कर रहे किसानों के लिए यह वर्षा विशेष रूप से फायदेमंद मानी जा रही है। खेतों में पर्याप्त पानी पहुंचने से अब किसानों को डीजल इंजन या पंपसेट चलाकर सिंचाई करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे उनके समय और लागत दोनों की बचत होगी। गन्ना किसानों के लिए भी यह बारिश लाभदायक सिद्ध हुई है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार गर्मी और उमस के दौरान गन्ने की फसल में कीट एवं रोग लगने की आशंका बढ़ जाती है, लेकिन अच्छी वर्षा से यह खतरा कम होता है और फसल को लाभ मिलता है। जिला कृषि अधिकारी कुलदीप सिंह राणा ने बताया कि भले ही बारिश करीब आधे घंटे हुई, लेकिन इस दौरान अच्छी मात्रा में पानी बरसा है। उन्होंने कहा कि वर्षा का अंतिम आंकड़ा रविवार को प्राप्त होगा, हालांकि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह बारिश खरीफ फसलों, विशेषकर धान और गन्ने के लिए लाभदायक है। राणा ने यह भी बताया कि इससे किसानों का सिंचाई खर्च बचेगा और फसलों की बढ़वार को भी गति मिलेगी। दिल्ली-लखनऊ हाईवे 24 पर एक महिला राहगीर यशोदा ने बताया कि मौसम सुहाना हो गया है और गर्मी तथा उमस से पूरी तरह राहत मिली है। वहीं, राजेश नामक व्यक्ति ने भी गर्मी से राहत मिलने की बात कही।
नोएडा की सोसाइटी में पिटबुल को लेकर हंगामा, किरायेदार से फ्लैट खाली कराने की मांग
सेक्टर-77 स्थित एक सोसाइटी में शनिवार को पिटबुल डॉग को लेकर विवाद खड़ा हो गया। सोसाइटी के लोगों ने आरोप लगाया कि किरायेदार द्वारा पाला गया पिटबुल पहले भी कई लोगों को काट चुका है
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने शनिवार शाम 6.30 बजे कानपुर में मंडलायुक्त शिविर कार्यालय सभागार में कानपुर मंडल के 6 जिलों के अधिकारियों के साथ पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। बैठक में छात्रवृत्ति, विवाह अनुदान समेत पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं की जिलेवार प्रगति की समीक्षा की गई। साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब पात्र लाभार्थियों की समय पर पहचान कर उन्हें सरकारी सुविधाओं से जोड़ा जाए। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। छात्रवृत्ति समय पर छात्रों के खातों में पहुंचेउन्होंने अधिकारियों से कहा कि पात्र छात्रों के खातों में छात्रवृत्ति की राशि समय पर पहुंचनी चाहिए, ताकि आर्थिक तंगी उनकी पढ़ाई में बाधा न बने। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार मेडिकल, इंजीनियरिंग, राजकीय पॉलिटेक्निक समेत विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले पात्र छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति देती है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि सभी पात्र विद्यार्थियों को तय समय में इसका लाभ मिले। विवाह अनुदान योजना के प्रचार-प्रसार पर जोरसाध्वी निरंजन ज्योति ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के लिए संचालित विवाह अनुदान योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए महत्वपूर्ण योजना है। अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवार योजना का लाभ उठा सकें। लंबित मामलों के जल्द निस्तारण के निर्देशबैठक के दौरान उन्होंने लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण, शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण समाधान और योजनाओं की नियमित निगरानी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। बैठक में मंडलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन ने आयोग की अध्यक्ष को आश्वस्त किया कि उनके सभी निर्देशों का पालन कराया जाएगा। समीक्षा बैठक में कानपुर मंडल के छह जिलों के संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
रामपुर के थाना शहजादनगर क्षेत्र में वर्षों से बंद पड़ी मोदी जीरॉक्स फैक्ट्री में कर्मचारियों को बंधक बनाने के आरोपों को लेकर शनिवार को हंगामा हो गया। कर्मचारियों के परिजनों ने आरोप लगाया कि उनके सदस्यों को शुक्रवार से फैक्ट्री परिसर के भीतर रोककर रखा गया था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों को बाहर निकलवाया। ग्राम कमोरा निवासी हिमांचल ने पुलिस को दी तहरीर में फैक्ट्री प्रबंधन के कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें नौकरी से निकालने, मारपीट करने, जबरन कागजात पर हस्ताक्षर कराने और बंधक बनाने का प्रयास किया गया। हिमांचल करीब 21 वर्षों से कंपनी में स्टाफ के लिए भोजन बनाने का काम कर रहे थे। हिमांचल का आरोप है कि भविष्य निधि (पीएफ) के लगभग 20.50 लाख रुपये मांगने पर उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें फैक्ट्री में रोककर रखा गया। एक अन्य कर्मचारी लक्ष्मण राम ने भी दावा किया कि उन्हें और छह-सात अन्य कर्मचारियों को शुक्रवार से फैक्ट्री परिसर में बंधक बनाकर रखा गया था। लक्ष्मण राम के अनुसार, 112 पर सूचना देने के बाद शनिवार को पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें बाहर निकलवाया। उन्होंने बताया कि बंधक बनाए गए सभी लोग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं, जिनमें लक्ष्मण राम, सतीश कुमार, दूल्हा उस्मानी, फैसल, अतीक-उर-रहमान और प्रेम किशोर शामिल हैं। दूसरी ओर, फैक्ट्री प्रबंधन ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। प्रबंधन का कहना है कि फैक्ट्री कई वर्षों से बंद है, इसके बावजूद कर्मचारियों को वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने किसी भी कर्मचारी को बंधक बनाने के आरोपों को झूठा और निराधार बताया। थाना प्रभारी शहजादनगर कुलदीप सिंह ने शनिवार रात करीब 8:30 बजे बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला रुपये के लेनदेन से जुड़ा प्रतीत होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फैक्ट्री वर्षों से बंद है, लेकिन कर्मचारियों को भुगतान किया जा रहा है और बंधक बनाए जाने जैसी कोई स्थिति सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा कोई मामला होता तो तत्काल विधिक कार्रवाई की जाती। पुलिस फिलहाल दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कर रही है।
ग्रेटर नोएडा में शनिवार शाम को एंटी ह्यूमन ट्रैफिक यूनिट और महिला पुलिस ने स्पा सेंटरों पर छापेमारी की। बीटा टू थाना क्षेत्र के साइट फोर स्थित एक कॉम्प्लेक्स में चल रहे चार स्पा सेंटरों पर यह कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार का धंधा चलने का खुलासा हुआ। इस दौरान मौके से 28 लड़कियों को रेस्क्यू किया गया, जबकि 15 लड़कों को हिरासत में लिया गया है। गुप्त रूप से की गई इस छापेमारी के दौरान स्पा सेंटर में कुछ देर के लिए भगदड़ मच गई थी। डीसीपी महिला सुरक्षा सुनीति सिंह ने बताया कि ग्रेटर नोएडा के बीटा 2 थाना क्षेत्र में कुछ स्पा सेंटरों पर देह व्यापार की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों के आधार पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिक यूनिट और एक एनजीओ के सहयोग से शनिवार शाम को साइट फोर स्थित परिसर में छापेमारी की गई। डीसीपी ने पुष्टि की कि चार स्पा सेंटरों पर गलत गतिविधियां पाई गईं। सभी 28 लड़कियों को रेस्क्यू कर लिया गया है और 15 लड़कों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
ग्वालियर में चेक बाउंस के मामलों में फंसे लोगों के लिए शनिवार राहत भरा दिन साबित हुआ। धारा-138 परक्राम्य लिखत अधिनियम (एनआई एक्ट) के मामलों के त्वरित निपटारे के लिए आयोजित विशेष लोक अदालत में एक ही दिन में 100 लंबित मामलों का आपसी समझौते से निराकरण कर दिया गया। इन सभी मामलों में दोनों पक्षों की सहमति से 75 लाख 7 हजार रुपए से अधिक का अवॉर्ड पारित किया गया। इतना ही नहीं, अदालत पहुंचने से पहले के 29 प्री-लिटिगेशन मामलों का भी समझौते के जरिए समाधान हुआ, जिनमें 9 लाख 50 हजार रुपए का अवॉर्ड पारित किया गया। ग्वालियर, डबरा और भितरवार में लगी विशेष लोक अदालत राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर आयोजित इस विशेष लोक अदालत का आयोजन ग्वालियर जिला न्यायालय के साथ-साथ डबरा और भितरवार के सिविल न्यायालयों में किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष ललित किशोर के मार्गदर्शन में हुआ। 9 विशेष खंडपीठों का गठन किया गया था जिला न्यायालय में विशेष लोक अदालत का शुभारंभ जिला न्यायाधीश प्रदीप दुबे ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पुष्पेंद्र सिंह सहित कई न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे। प्राधिकरण के अनुसार, मामलों के त्वरित और प्रभावी निपटारे के लिए 9 विशेष खंडपीठों का गठन किया गया था। इससे न केवल अदालतों का बोझ कम हुआ, बल्कि पक्षकारों को लंबी कानूनी प्रक्रिया से भी राहत मिली।
गोरखपुर में रविवार को रहेगा बिजली शटडाउन:कई इलाकों में 5 से 7 घंटे तक रहेगी कटौती, जानें टाइमिंग
गोरखपुर में अगर आप रविवार को घर या ऑफिस में बिजली पर निर्भर रहने वाले हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। बिजली विभाग ने शनिवार देर रात करीब 9:40 बजे शटडाउन की सूचना जारी करते हुए बताया है कि 6 लेन सड़क चौड़ीकरण और बिजली लाइन शिफ्टिंग के चलते शहर के कई प्रमुख इलाकों में 5 से 7 घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से पहले से तैयारी करने की अपील की है। कई इलाकों में सुबह 9 से शाम 4 बजे तक रहेगा असर बिजली विभाग के अनुसार विद्युत उपकेंद्र रानीबाग़ की 33 KV आपूर्ति रविवार सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक बंद रहेगी। इस दौरान 6 लेन सड़क चौड़ीकरण के लिए बिजली लाइनों से जुड़े जरूरी कार्य किए जाएंगे। विभाग ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक स्रोत से बिजली देने की कोशिश की जाएगी, लेकिन लोड ट्रांसफर के कारण बीच-बीच में बिजली आने-जाने की स्थिति बनी रह सकती है। इसका असर रानीबाग़, बेतियाहाता और आसपास के इलाकों में सबसे अधिक देखने को मिलेगा। इन फीडरों की भी 5 घंटे रहेगी बिजली बंद इसके अलावा रविवार सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक रोड चौड़ीकरण और लाइन शिफ्टिंग के कारण कई अन्य फीडरों की आपूर्ति भी बाधित रहेगी। इनमें इंडस्ट्रियल स्टेट उपकेंद्र का 11 KV पश्चिमी जनप्रिय फीडर, दुर्गाबाड़ी उपकेंद्र का हनुमंत नगर फीडर, राप्तीनगर ओल्ड उपकेंद्र के मोती पोखरा, फेस-3 और बशारतपुर फीडर, मोहद्दीपुर उपकेंद्र का नीनाथापा फीडर तथा राप्तीनगर न्यू उपकेंद्र के रेल विहार और करीमनगर फीडर शामिल हैं। लाखों उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर बिजली आपूर्ति बाधित रहने से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ दुकानों, छोटे कारोबारियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रविवार होने के बावजूद कई इलाकों में बिजली कटौती का असर दैनिक कार्यों पर पड़ने की संभावना है। बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे शटडाउन की अवधि को ध्यान में रखते हुए जरूरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पहले से चार्ज कर लें और आवश्यक कार्य समय रहते पूरा कर लें। विभाग का कहना है कि यह कार्य शहर में चल रही 6 लेन सड़क परियोजना और बिजली व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं मजबूत बनाने के लिए किया जा रहा है। कार्य पूरा होने के बाद संबंधित क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था पहले से अधिक बेहतर और सुरक्षित होगी।
गोरखपुर में हुई बारिश ने एक बार फिर नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। लालडिग्गी चौराहा और असुरन स्थित राप्ती कॉम्प्लेक्स शनिवार रात हुई बारिश के बाद तालाब में तब्दील हो गए। कई दुकानों और मकानों में पानी घुस गया, जिससे व्यापारियों को करोड़ों रुपये के नुकसान का दावा किया जा रहा है। गुस्साए व्यापारियों ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुआवजे और स्थायी समाधान की मांग की। लालडिग्गी के व्यापारियों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान यही हाल होता है। इस बार स्थिति इतनी खराब रही कि तीन-तीन फीट ऊंची की गई दुकानों और मकानों में भी पानी भर गया। कई दुकानदारों ने पहले ही जलभराव से बचने के लिए अपनी दुकानों का फर्श और दीवारें ऊंची करा ली थीं, लेकिन इसके बावजूद पानी अंदर घुस गया और लाखों रुपये का सामान खराब हो गया। सम्पवेल समय पर चलता तो नहीं होती इतनी तबाही समस्त व्यापार मंडल के अध्यक्ष नितिन कुमार जायसवाल ने नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि लालडिग्गी में जलनिकासी के लिए सम्पवेल (पंपिंग स्टेशन) मौजूद है, लेकिन बारिश के दौरान रात में उसे नहीं चलाया गया। आरोप है कि डीजल बचाने के लिए पंप सुबह करीब सात बजे शुरू किया गया। यदि रात में ही पंप चालू कर दिया जाता तो जलभराव की नौबत नहीं आती और व्यापारियों को इतना नुकसान नहीं झेलना पड़ता। व्यापारियों का यह भी कहना है कि इस बार हुई बारिश शहर के 24 घंटे के रिकॉर्ड स्तर से काफी कम थी, फिर भी शहर का यह हाल हो गया। उनका सवाल है कि अगर इससे अधिक बारिश होती तो हालात कितने भयावह हो सकते थे। राप्ती कॉम्प्लेक्स फिर बना बारिश का शिकार दूसरी ओर असुरन स्थित राप्ती कॉम्प्लेक्स में भी एक बार फिर जलभराव ने व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दीं। कॉम्प्लेक्स के अंदर पानी भरने से कई दुकानों और गोदामों में रखा सामान खराब हो गया। व्यापारियों का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि हर बारिश में यही स्थिति बनती है। व्यापारियों का कहना है कि इस बार नाले की दीवार टूटने के कारण बड़ी मात्रा में पानी सीधे कॉम्प्लेक्स में घुस गया। उनका आरोप है कि यह नाला महज दो से ढाई साल पहले नगर निगम ने बनवाया था, लेकिन निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। जहां मजबूत आरसीसी दीवार होनी चाहिए थी, वहां कमजोर निर्माण किया गया, जिसकी वजह से पहली बड़ी बारिश में ही दीवार ढह गई।लोगों ने की स्थायी समाधान की मांगव्यापारियों ने कहा कि अब हर साल जलभराव के बाद सिर्फ सफाई और अस्थायी इंतजाम से काम नहीं चलेगा। प्रशासन को स्थायी समाधान निकालना होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि राप्ती कॉम्प्लेक्स के चारों ओर फाइबर शेड लगाया जाए ताकि बारिश का पानी सीधे परिसर में न पहुंचे। साथ ही नालों की दीवारों को मजबूत किया जाए, जलनिकासी व्यवस्था को आधुनिक बनाया जाए और स्थायी हाई-कैपेसिटी पंप लगाए जाएं।नगर निगम के खिलाफ किया प्रदर्शनघटना के बाद बड़ी संख्या में व्यापारी मौके पर जुट गए और नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की। व्यापारियों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की। लालडिग्गी में अतुल कश्यप, आकाश गुप्ता, सुरेश जायसवाल, सौरभ सिंह, अजय केशरवानी, जय वर्मा, धर्मेंद्र गुप्ता, पुष्पक गुप्ता, हरिद्वार गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, रामजी कन्नौजिया और संजीत केशरवानी समेत कई व्यापारी मौजूद रहे।वहीं राप्ती कॉम्प्लेक्स में असुरन व्यापार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, महामंत्री उपेंद्र शुक्ल, पूर्वांचल व्यापार मंडल के अध्यक्ष मणिनाथ गुप्ता सहित बड़ी संख्या में व्यापारियों ने नगर निगम और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई तथा स्थायी समाधान की मांग उठाई।
गोरखपुर में हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब नदियों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। शहर की सड़कों और कॉलोनियों में जलभराव के बाद अब रोहिनी और राप्ती नदियों के जलस्तर में भी बदलाव दर्ज किया जा रहा है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी रोहिनी नदी में हुई है, जहां महज 8 घंटे के भीतर जलस्तर 50 सेंटीमीटर बढ़ गया। हालांकि फिलहाल दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं, लेकिन मौसम विभाग की ओर से अगले कुछ दिनों तक बारिश का अनुमान और जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही वर्षा को देखते हुए प्रशासन ने पूरी मशीनरी को अलर्ट मोड पर रखा है। 8 घंटे में आधा मीटर चढ़ा रोहिनी का पानी सिंचाई विभाग के आंकड़ों के मुताबिक शनिवार सुबह 8 बजे त्रिमुहानी घाट पर रोहिनी नदी का जलस्तर 79.430 मीटर दर्ज किया गया था। शाम 4 बजे तक यह बढ़कर 79.930 मीटर पहुंच गया। यानी केवल 8 घंटे में नदी का जलस्तर 50 सेंटीमीटर बढ़ गया। बारिश के बाद जलस्तर में आई यह तेजी इस बात का संकेत है कि नदी में लगातार पानी की आवक बढ़ रही है। हालांकि रोहिनी नदी का खतरे का निशान 82.44 मीटर है और फिलहाल नदी उससे करीब 2.51 मीटर नीचे बह रही है। राप्ती के भी जल्द बदल सकते हैं हालात रोहिनी के विपरीत राप्ती नदी में फिलहाल बढ़ोतरी दर्ज नहीं की गई है। शनिवार सुबह 8 बजे राप्ती नदी का जलस्तर 71.910 मीटर था, जो शाम 4 बजे घटकर 71.840 मीटर रिकॉर्ड किया गया। यानी नदी अभी हल्के उतार पर है। राप्ती का खतरे का निशान 74.98 मीटर है और नदी अभी उससे तीन मीटर से अधिक नीचे बह रही है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि लगातार बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से पानी आने के बाद अगले कुछ दिनों में राप्ती का जलस्तर भी बढ़ सकता है। बारिश जारी रही तो बढ़ सकती है बाढ़ की आशंकाजल संसाधन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में हो रही बारिश के साथ-साथ यदि नेपाल और अन्य ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भी वर्षा का सिलसिला जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में दोनों नदियों में पानी तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में कछार क्षेत्र के गांव सबसे पहले प्रभावित हो सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं। कछार क्षेत्र पर विशेष नजरसंभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन, सिंचाई विभाग और डिजास्टर मैनेजमेंट की टीमें लगातार नदी के जलस्तर की मॉनिटरिंग कर रही हैं। कछार क्षेत्र के गांवों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी भी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ता है और बाढ़ का खतरा बनता है, तो प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। राहत शिविर, नाव, बचाव दल और जरूरी संसाधनों को भी तैयार रखा गया है। गांव-गांव पहुंचकर लोगों को किया जा रहा जागरूकडिजास्टर मैनेजमेंट की टीमें कछार क्षेत्र के गांवों में लगातार पहुंच रही हैं। ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि वे नदी, नालों और अन्य बड़े जलस्रोतों के पास न जाएं, बच्चों को पानी के किनारे न जाने दें और अफवाहों से बचें। लोगों को यह भी बताया जा रहा है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
बनबसा बैराज से पानी छोड़ा गया:खीरी में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट
लखीमपुर खीरी में उत्तराखंड के बनबसा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद शारदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ की आशंका पर सतर्कता बढ़ा दी है। रविवार सुबह शारदा नदी का जलस्तर 134 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 135.49 मीटर से थोड़ा ही नीचे है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। पलिया तहसील क्षेत्र में शारदा नदी का पानी कई स्थानों पर खेतों तक पहुंच गया है। हालांकि, अभी तक आबादी वाले क्षेत्रों में पानी नहीं घुसा है, लेकिन निचले इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है। संभावित बाढ़ से निपटने के लिए राजस्व, सिंचाई, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें बाढ़ प्रभावित गांवों में सक्रिय कर दी गई हैं। संभावित बाढ़ से निपटने के लिए जिले में कुल 19 बाढ़ राहत केंद्र और 38 बाढ़ चौकियां सक्रिय की गई हैं। इसके अतिरिक्त, एक मॉडल राहत केंद्र भी तैयार किया जा रहा है। इस केंद्र में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए ठहरने, भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य संबंधी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। जिला प्रशासन ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों के निवासियों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। संबंधित विभागों को 24 घंटे सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
मछलियों को दाना डालने गए वृद्ध की डूबने से मौत:मथुरा में 2 घंटे बाद मिला शव, गोताखोरों ने निकाला
मथुरा के थाना सदर बाजार क्षेत्र में यमुना नदी में डूबने से एक वृद्ध की मौत हो गई। हादसा शुक्रवार शाम करीब 7 बजे यमुना पुल पर हुआ, जब वह मछलियों को दाना डालने गए थे। सूचना पर पहुंची पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद उनका शव नदी से बाहर निकाला। शनिवार को पुलिस ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मृतक की पहचान पुरानी छावनी निवासी गोविंद लाल मारवाड़ी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, वह प्रतिदिन शाम को यमुना पुल पर मछलियों को दाना डालने जाते थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शुक्रवार को दाना डालते समय अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वह यमुना के गहरे पानी में गिर गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण वह पानी में डूब गए। सूचना मिलने पर सदर बाजार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी निरीक्षक त्रिपुरेश कौशिक ने बताया कि स्थानीय गोताखोरों की मदद से यमुना में तलाश अभियान चलाया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद वृद्ध का शव बरामद कर लिया गया। इसके बाद शनिवार को पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। शनिवार शाम पोस्टमार्टम हाउस पर मृतक के भतीजे राजीव ठाकुर ने बताया कि उनके चाचा कई वर्षों से नियमित रूप से यमुना में मछलियों को दाना डालने जाते थे। शुक्रवार को भी वह रोज की तरह वहां गए थे। परिजनों का कहना है कि संभवतः उन्हें चक्कर आने के कारण संतुलन बिगड़ गया और वह नदी में गिर पड़े। पुलिस मामले में आवश्यक कार्रवाई कर रही है।
रॉबर्ट्सगंज में आगामी श्रावण माह और त्योहारों के मद्देनजर विद्युत व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए बिजली कटौती की घोषणा की गई है। रविवार, 19 जुलाई 2026 को रॉबर्ट्सगंज के 33 केवी हाईडिल लाइन पर अनुरक्षण कार्य किया जाएगा। इस दौरान 132 केवी उपकेंद्र छपका से सुबह 10:30 बजे से लगभग चार घंटे तक विद्युत आपूर्ति बंद रहेगी। अनुरक्षण कार्य के तहत लाइन की मरम्मत की जाएगी और पेड़ों की डालियों की कटाई-छंटाई की जाएगी। यह कार्य विद्युत आपूर्ति को बेहतर बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इस शटडाउन के कारण हाईडिल उपकेंद्र से संचालित न्यू कॉलोनी, मेन मार्केट, ब्रह्मनगर, सवेरा और रेलवे फाटक सहित सभी 11 केवी फीडरों की आपूर्ति बाधित रहेगी। इसके अतिरिक्त, पकरी, न्यू कॉलोनी, अंबेडकर नगर, चंडी होटल क्षेत्र, मेन मार्केट, ब्रह्मनगर, बढ़ौली, घुवास तथा विकास नगर समेत आसपास के क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति प्रभावित होगी। उपकेंद्र हाईडिल के अवर अभियंता धर्मेंद्र पटेल ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिजली कटौती को ध्यान में रखते हुए पानी सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से कर लें, ताकि किसी भी असुविधा से बचा जा सके।
दुर्ग में दो हेरोइन तस्कर गिरफ्तार:बिक्री की तैयारी में थे, 8.85 ग्राम हेरोइन और 9.94 लाख जब्त
दुर्ग पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। सुपेला थाना पुलिस ने हेरोइन (चिट्टा) की तस्करी की तैयारी कर रहे दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 8.85 ग्राम हेरोइन, दो मोबाइल फोन और एक कार सहित कुल 9.94 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कोसानगर गांधी नगर क्षेत्र में एक लाल रंग की कार में सवार दो युवक हेरोइन लेकर ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना मिलते ही सुपेला पुलिस ने टीम गठित कर इलाके की घेराबंदी की और संदिग्ध कार को रोककर दोनों युवकों को रंगे हाथ पकड़ लिया। ग्राहकों की तलाश कर रहे थे आरोपी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद इम्तियात उर्फ सरफराज (27 वर्ष), निवासी पिलिया गली, शिव मंदिर के पास, केलाबाड़ी, दुर्ग, और मोहम्मद फैजान (27 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 08, श्री सुंदरम के पास, तकियापारा, दुर्ग, के रूप में हुई है। इम्तियात के पास से 2.65 ग्राम हेरोइन और एक रियलमी मोबाइल फोन मिला, जबकि फैजान के कब्जे से 6.20 ग्राम हेरोइन, एक मोटोरोला मोबाइल फोन और तस्करी में प्रयुक्त कार (क्रमांक CG 07 CV 3587) जब्त की गई। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने अवैध आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से हेरोइन बेचने की बात स्वीकार की है। पुलिस का मानना है कि वे क्षेत्र में ग्राहकों की तलाश कर रहे थे, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। सुपेला थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 1018/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत मामला दर्ज किया है। वैधानिक कार्रवाई के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
राधारानी मंदिर के पास अचेत मिले युवक की मौत:मथुरा में 8 पर जबरन जहर पिलाकर हत्या का आरोप, FIR
मथुरा के मांट थाना क्षेत्र में राधारानी मंदिर के पास सड़क किनारे अचेत मिले एक युवक की शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के भाई ने आठ लोगों पर जबरन जहर पिलाकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए मांट थाने में नामजद मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, थाना राया क्षेत्र के गांव पीरी निवासी गोवर्धन उर्फ ललित पुत्र रामपाल सिंह शुक्रवार शाम राधारानी मंदिर के पास सड़क किनारे झाड़ियों में अचेत अवस्था में मिले थे। राहगीरों की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें तत्काल अस्पताल ले गए। चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उपचार शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे मृतक के भाई गिरधारी ने मांट थाने में दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि गांव पीरी निवासी विनोद पुत्र रामवीर, पप्पू पुत्र कंचन, उदयवीर उर्फ कलुआ पुत्र प्रेमपाल, मंशो पुत्र प्रेमपाल, भूरा पुत्र विनोद, रनवीर पुत्र निरंजन और विजयपाल पुत्र पप्पू सहित आठ लोगों ने आपसी षड्यंत्र के तहत उनके भाई को जबरन जहरीला पदार्थ पिलाकर हत्या कर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटना के बाद से गांव में चर्चा का माहौल है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। क्षेत्राधिकारी मांट अमरनाथ यादव ने बताया कि मृतक के भाई की तहरीर पर आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विवेचना में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
कानपुर देहात में नेशनल हाईवे पर शनिवार रात एक दंपति से लूट की घटना हुई। भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र में बाइक सवार दो बदमाशों ने चलती बाइक पर महिला का पर्स छीन लिया और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महोबा जिले के अजनर थाना क्षेत्र के बुधवारा गांव निवासी धर्मपाल शर्मा अपनी पत्नी माया शर्मा के साथ अकबरपुर थाना क्षेत्र के बनारअलीपुर गांव स्थित अपनी ससुराल जा रहे थे। यह घटना रात करीब 8 बजे हुई। दंपति जैसे ही भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र के हांसेमऊ गांव के पास नेशनल हाईवे पर पहुंचे, तभी पीछे से बाइक पर आए दो युवकों ने माया शर्मा के हाथ से पर्स झपट लिया। बदमाश तेज रफ्तार से मौके से भाग निकले। पीड़ित दंपति ने तत्काल भोगनीपुर पुलिस को सूचना दी। उनकी तहरीर के अनुसार, छीने गए पर्स में 10 हजार रुपये नकद, सोने की एक जोड़ी झुमकी, एक एटीएम कार्ड और वीवो कंपनी का मोबाइल फोन था। सूचना मिलते ही देवीपुर चौकी प्रभारी अतेंद्र कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और निरीक्षण किया। पुलिस ने अज्ञात लुटेरों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए बदमाशों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। भोगनीपुर कोतवाली प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि लुटेरों की तलाश के लिए टीमें लगाई गई हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा।
चर्चित उर्मिला सैनी हत्याकांड में आठ दिन बीत जाने के बावजूद आरोपी पति अखिलेश सैनी की गिरफ्तारी नहीं होने से परिजनों, रहवासियों और डाक विभाग के कर्मचारियों का आक्रोश शनिवार को सड़क पर दिखाई दिया। बड़ी संख्या में लोग रैली निकालकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मृतका की बेटी प्रेक्षा भी लोगों के साथ मौजूद रही। उसने भी पिता की गिरफ्तारी की मांग करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया। पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह के बैठक में होने के कारण प्रदर्शनकारियों ने एसीपी निधि दंडोतिया को ज्ञापन सौंपा और कहा कि घटना को एक सप्ताह से अधिक समय गुजर चुका है, लेकिन आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। मासूम के सपने में नजर आता है मां की हत्या का खूनी मंजर प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि उर्मिला के सात वर्षीय बेटे अव्यक्त की मानसिक स्थिति को लेकर परिवार बेहद चिंतित है। फिलहाल वह अपने नाना-नानी के पास खंडवा में रह रहा है। परिजनों के अनुसार अव्यक्त अब भी घटना के सदमे से बाहर नहीं निकल पाया है। वह अक्सर रात में चौंककर उठ जाता है और मां की हत्या का खूनी दृश्य याद कर रोने लगता है। एक्सपर्ट्स पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि इस तरह की भयावह घटनाएं बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा और दीर्घकालिक प्रभाव छोड़ सकती हैं। ऐसे में परिवार और मनोवैज्ञानिक सहयोग दोनों की आवश्यकता होगी। पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का दिया भरोसा एसीपी निधि दंडोतिया ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि आरोपी की तलाश के लिए कई टीमें लगातार काम कर रही हैं और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस कमिश्नर कार्यालय से निकलने के बाद परिजन, रहवासी और डाक विभाग के कर्मचारी सांसद शंकर लालवानी के निवास पहुंचे। यहां उन्होंने आरोपी की गिरफ्तारी में हो रही देरी को लेकर चिंता जताई। सांसद ने मौके पर ही पुलिस कमिश्नर से मोबाइल पर चर्चा की और उपस्थित लोगों को भरोसा दिलाया कि पुलिस जल्द ही आरोपी तक पहुंच जाएगी। एक परिवार की त्रासदी, दो मासूमों का संघर्ष मां की हत्या और पिता के फरार होने के बाद प्रेक्षा और अव्यक्त की जिंदगी पूरी तरह बदल चुकी है। एक ओर परिवार न्याय की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर दोनों बच्चों के सामने उस दर्दनाक घटना की यादों से उबरकर सामान्य जीवन में लौटने की चुनौती खड़ी है। आरोपी की गिरफ्तारी की मांग के साथ अब लोगों की चिंता इन मासूम बच्चों के भविष्य और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी बढ़ती जा रही है।
महोबा में नीट छात्रा के अपहरण और दुष्कर्म मामले में शनिवार को नया मोड़ आ गया। सुबह 11 बजे जिला अस्पताल से लापता हुई छात्रा पुलिस को 3 घंटे बाद कोर्ट परिसर में मिली। सीसीटीवी फुटेज में छात्रा अकेले मोबाइल पर बात करते हुए अस्पताल से बाहर जाती दिखाई दी। ये भी पता चला छात्रा अपने बयान से पलट गई है। उसने रेप की बात को झूठ बताया। कहा- परिवार के दबाव में उसने झूठा केस कराया था। इसे लेकर छात्रा ने कोर्ट में हलफनामा भी दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दरअसल, मध्य प्रदेश की रहने वाली छात्रा महोबा में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। 30 अप्रैल को उसने अपने अपहरण और दुष्कर्म का आरोप लगाया था। शनिवार सुबह छात्रा अपनी मां के साथ पेट दर्द की शिकायत पर अल्ट्रासाउंड कराने जिला अस्पताल पहुंची थी। इसी दौरान वह अस्पताल परिसर से अचानक गायब हो गई। बेटी के लापता होने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। परिवार और उनके अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि जिन मुख्य आरोपियों, वाहन मालिक और साजिश में शामिल प्रधान की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है, उन्हीं लोगों ने छात्रा का दोबारा अपहरण कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ सिटी रविकांत गौड़ और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में सामने आया कि छात्रा को कोई जबरन नहीं ले गया था। फुटेज में वह अकेले मोबाइल पर बात करते हुए अस्पताल से बाहर जाती दिखाई दी। पुलिस ने तलाश शुरू की। करीब 3 घंटे बाद छात्रा को न्यायालय परिसर से बरामद कर लिया। जांच में पता चला कि वह खुद न्यायालय में शपथ पत्र देने और अपने बयान दर्ज कराने गई थी। इसके बाद वह जेल में बंद अपने प्रेमी पति मोहित से मिलने भी पहुंची थी। पुलिस के अनुसार, छात्रा ने नए बयान में कहा उसने परिवार के दबाव में रेप का आरोप लगाया था। उसने दावा किया उसके प्रेमी मोहित और उसके परिजनों को गलत तरीके से फंसाया गया है। वह अपनी इच्छा से उन्हें कानूनी राहत दिलाने के लिए आई थी। फिलहाल पुलिस छात्रा को अपने साथ लेकर आई है। उसे नारी निकेतन भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के अनुसार की जाएगी।
बदायूं में एक किराना दुकानदार पर 13 साल की नाबालिग दलित बच्ची से रेप का आरोप लगा है। बच्ची दुकान पर सामान खरीदने गई थी, तभी दुकानदार ने उसे दुकान के भीतर ले जाकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रेप, पॉक्सो एक्ट और SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। घटना वजीरगंज थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर की है। पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, इलाके में रहने वाली 13 वर्षीय बच्ची परवेज की किराना दुकान पर कुछ घरेलू सामान लेने गई थी। कुछ देर बाद बच्ची घबराई हुई हालत में घर लौटी। परिजनों ने उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि दुकानदार परवेज उसे दुकान के अंदर ले गया और उसके साथ रेप किया। इसके बाद परिवार के लोग आसपास के लोगों के साथ थाने पहुंचे और पुलिस को तहरीर दी।तहरीर के आधार पर पुलिस ने रात में ही मुकदमा दर्ज कर लिया। पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। वजीरगंज एसएचओ अश्वनी कुमार ने बताया कि नामजद आरोपी की तलाश जारी है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
ग्वालियर में शनिवार शाम भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा भक्ति, कीर्तन और जयघोष के बीच आगे बढ़ रही थी, लेकिन भीड़ का फायदा उठाकर महिला चोर गैंग ने कई श्रद्धालुओं को निशाना बना लिया। इंदरगंज से दाल बाजार के बीच महिलाओं के मंगलसूत्र, सोने के टॉप्स, झुमके और मोबाइल चोरी होने की एक के बाद एक घटनाएं सामने आईं। वारदातों के बाद बड़ी संख्या में पीड़ित शिकायत लेकर थाने पहुंचे। जानकारी के मुताबिक, शाम करीब 6 बजे से रात 9 बजे के बीच सबसे अधिक घटनाएं इंदरगंज चौराहे से दाल बाजार के बीच हुईं। महिला चोर गैंग ने खासकर बुजुर्ग महिलाओं और भीड़ में खड़े श्रद्धालुओं को निशाना बनाया। किसी के कान से सोने के टॉप्स झपट लिए गए, तो किसी के गले से मंगलसूत्र तोड़ लिया गया। वहीं कई लोगों के मोबाइल भी बैग और जेब से गायब हो गए। सबसे पहले 65 वर्षीय निर्मला पचौरी भगवान जगन्नाथ के दर्शन के दौरान शिकार बनीं। भीड़ में एक महिला उनके कान से सोने का टॉप्स झपटकर फरार हो गई। इसके कुछ देर बाद प्रेमलता पचौरी के कान का सोने का बाला भी इसी तरह चोरी हो गया। इसके बाद 55 वर्षीय कमला बाथम, जो सफाई कार्य के बाद रथयात्रा देख रही थीं, उनके गले से सोने का मंगलसूत्र तोड़ लिया गया। वहीं 58 वर्षीय मुन्नीबाई भंडैरिया के एक कान का सोने का टॉप्स झपट लिया गया। दूसरे कान का टॉप्स निकालने की कोशिश के दौरान उन्होंने महिला का हाथ पकड़ लिया, जिससे दूसरा टॉप्स बच गया। घटना के बाद मुन्नीबाई फूट-फूटकर रोने लगीं। उन्होंने बताया कि एक-एक रुपए जोड़कर उन्होंने ये टॉप्स बनवाए थे। थाने पहुंचकर भी वे पुलिस से अपने गहने वापस दिलाने की गुहार लगाती रहीं। मोबाइल भी हुए चोरी सिर्फ गहने ही नहीं, मोबाइल चोरी की घटनाएं भी सामने आईं। पिंकी दाद के बैग से रियलमी कंपनी का मोबाइल चोरी हो गया, जबकि 70 वर्षीय तुलसीदास सेन की जेब से वीवो कंपनी का मोबाइल पार कर दिया गया। इसके अलावा भी कई श्रद्धालुओं ने मोबाइल और अन्य सामान चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई है। लगातार हो रही वारदातों के बीच कुछ लोगों ने एक संदिग्ध महिला और एक पुरुष को पकड़ लिया। लोगों का आरोप था कि दोनों भीड़ में श्रद्धालुओं के गहनों और मोबाइल पर नजर रख रहे थे। दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है कि वे कहां के रहने वाले हैं, उनके साथ और कौन-कौन शामिल है तथा क्या उनका किसी संगठित चोर गिरोह से संबंध है। इंदरगंज, कोतवाली और जनकगंज थाना क्षेत्रों में चोरी की कई शिकायतें दर्ज हुई हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, पीड़ितों के बयान और पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पूरे गिरोह का पता लगाने में जुटी है। साथ ही चोरी गए गहने और मोबाइल बरामद करने तथा फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
कानपुर देहात में पिकअप ने एंबुलेंस-कार को मारी टक्कर:नेशनल हाईवे पर हुआ हादसा, एक मजदूर घायल
कानपुर देहात के रनियां थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर रात करीब 9 बजे एक तेज रफ्तार पिकअप ने खड़ी एंबुलेंस और कार को टक्कर मार दी। इस हादसे में एंबुलेंस और कार में सवार लोग बाल-बाल बच गए, लेकिन पैदल जा रहा एक मजदूर घायल हो गया। घटना रनियां पड़ाव स्थित एक होटल के सामने हुई। जानकारी के अनुसार, फफूंद निवासी मरीज कृष्ण कुमारी को लेकर एक एंबुलेंस कानपुर से फफूंद जा रही थी। रास्ते में एंबुलेंस होटल के सामने कुछ देर के लिए रुकी हुई थी। एंबुलेंस में मरीज के साथ राम प्रकाश, रचना, वंदना और अभिनव भी सवार थे। एंबुलेंस के ठीक आगे एक कार खड़ी थी, जिसमें पांच लोग मौजूद थे। इसी दौरान कानपुर की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार पिकअप ने पहले एंबुलेंस को टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि एंबुलेंस आगे खड़ी कार से जा टकराई। हादसे के वक्त मौके से पैदल गुजर रहे जहूर सिंह कछवाह कार की चपेट में आकर घायल हो गए। एंबुलेंस और कार में सवार सभी लोग सुरक्षित बताए गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही रनियां थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल मजदूर को तत्काल मेडिकल कॉलेज भेजा। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिस ने होटल संचालकों को हाईवे किनारे बैरिकेटिंग लगाने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। थानाध्यक्ष दिनेश कुमार गौतम ने बताया कि घायल को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। सभी संबंधित वाहन बाद में अपने गंतव्य की ओर चले गए। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
काशी में रेखा गुप्ता का भव्य स्वागत: एयरपोर्ट पर उमड़ा जनसैलाब
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शनिवार को अपने दो दिवसीय प्रवास पर वाराणसी पहुंचीं। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा। मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रथम वाराणसी आगमन को लेकर एयरपोर्ट परिसर में भव्य स्वागत की तैयारियां की गई थीं।
प्रयागराज सावन में शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के निर्देशन में शनिवार को जिला पंचायत सभागार में अपर जिलाधिकारी नगर सत्यम मिश्र की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों और कांवड़ समिति के पदाधिकारियों के साथ यात्रा मार्गों और शिवालयों पर व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। कांवड़ मार्गों पर जाम की समस्या से बचने के लिए ट्रैफिक डायवर्जन, प्रमुख चौराहों पर पुलिस की तैनाती और सभी स्नान घाटों पर बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही लंगर और भंडारों का आयोजन मुख्य सड़क से दूर कराने को कहा गया ताकि यातायात प्रभावित न हो। उन्होंने शिवालयों और यात्रा मार्गों पर बैरिकेडिंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, मोबाइल टॉयलेट, पेयजल के टैंकर, साफ-सफाई और घाटों पर लाइटिंग की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसके अलावा मार्गों पर पेड़ों की छंटाई, जर्जर मकानों की जांच, नगर निगम क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत और जलभराव रोकने के लिए आवश्यक इंतजाम करने को कहा गया। विद्युत विभाग को जर्जर और लटके हुए तारों को तत्काल दुरुस्त करने तथा निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं राष्ट्रीय राजमार्गों पर बने अवैध कटों का निरीक्षण कर कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले उन्हें बंद कराने के लिए भी कहा गया। बैठक में पुलिस विभाग को कांवड़ यात्रा मार्गों पर मीट-मांस की दुकानों को बंद कराने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए। आबकारी विभाग को शासन के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई करने तथा लोक निर्माण विभाग को कांवड़ मार्गों को गड्ढामुक्त करने, हैंड़िया मार्ग पर रोड लाइट चालू कराने और आवश्यक स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाने के निर्देश दिए गए। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि कांवड़ शिविरों में बजने वाले डीजे की आवाज निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होनी चाहिए। अधिक ध्वनि प्रदूषण की शिकायत मिलने पर संबंधित डीजे जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। मंदिरों में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग व्यवस्था तथा पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को कांवड़ यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले सभी सीएचसी और पीएचसी में चिकित्सकों की तैनाती, पर्याप्त दवाएं और एम्बुलेंस उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन उपमा पांडेय, अपर जिलाधिकारी नजूल संजय पांडेय, पुलिस, यातायात विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
भोपाल में नाबालिग लड़की से रेप:एक फ्लैट में परिचित ने बनाए संबंध; पांच दिन से लापता थी पीड़िता
भोपाल की गौतम नगर पुलिस ने 16 साल चार माह की किशोरी की शिकायत पर एक परिचित युवक के खिलाफ रेप की एफआईआर दर्ज की है। पीड़िता ने युवक पर फ्लैट में जबरन बंधक बनाकर रेप करने का आरोप लगाया है। शनिवार को पीड़िता 5 दिन बाद घर लौटी। इसके बाद उसने परिजन को आपबीती बताई और उनके साथ रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंची। वहीं, पुलिस का कहना है कि फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, 16 साल 4 महीने की किशोरी गौतम नगर थाना क्षेत्र में रहती है। 13 जुलाई को वह घर से रहस्यमय तरीके से लापता हो गई। शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजन ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता की काउंसलिंग कराई। जिसमें उसने बताया कि वह अपनी सहेलियों और उनके दोस्तों के साथ गई थी। इस दौरान एक परिचित ने फ्लैट पर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। पुलिस ने काउंसलिंग के बाद आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पाक्सो एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना है कि दुष्कर्म करने वाले की तलाश की जा रही है। अभी उसकी गिरफ्तारी नहीं की जा सकी। हिरासत में आने के बाद ही कहा जा सकेगा कि वह बालिग है या नाबालिग है। दूसरी ओर थाना प्रभारी महेंद्र सिंह ठाकुर का कहना है कि किशोरी ने जिसके खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया है। वह घटना के समय सहेलियों और दोस्तों के साथ था ही नहीं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
लखनऊ में बदलते रिश्तों पर मंथन:डेटिंग ऐप्स, सोशल मीडिया और अकेलेपन पर युवाओं ने रखे विचार
कैसरबाग स्थित 'लखनऊ बायोस्कोप' में शनिवार को आठवें 'म्यूज़ियम मिक्सर' का आयोजन किया गया। तोशानी के सहयोग से हुए इस कार्यक्रम की थीम थी'लव एंड कैओस: मॉडर्न रिलेशनशिप्स इन चेंजिंग टाइम्स'। यानी बदलते दौर में आधुनिक रिश्तों के उतार-चढ़ाव। चर्चा में शहर के युवाओं के साथ विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया और खुलकर अपने विचार साझा किए। चर्चा की शुरुआत आज के दौर की चुनौतियों से हुई। प्रतिभागियों ने माना कि आज प्यार, दोस्ती और परिवार के मायने तेजी से बदल रहे हैं। डेटिंग ऐप्स, सोशल मीडिया, अकेलापन, पर्सनल स्पेस (व्यक्तिगत सीमाएं) और आपसी संवाद की कमी का असर रिश्तों पर साफ दिखाई दे रहा है। 'भारत में प्यार पर खुलकर बात करना आसान नहीं' सत्र के दौरान गुरलीन कौर ने कहा कि डिजिटल इंडिया के दौर में भी हमारे समाज में प्यार पर खुलकर बात करना आसान नहीं है। आज भी कई शादियां दिलों के मिलन से ज्यादा सुरक्षा की भावना या सामाजिक दबाव में होती हैं। 'लोग क्या कहेंगे' का डर आज भी युवाओं के व्यक्तिगत फैसलों पर भारी पड़ता है। चर्चा के दौरान एक प्रतिभागी ने अपने कॉलेज के दिनों को याद करते हुए 'चोज़न फैमिली' (चुना हुआ परिवार) की अवधारणा साझा की। उन्होंने कहा कि कॉलेज आने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि परिवार केवल खून के रिश्तों से नहीं बनता। जीवन में कुछ दोस्त और रिश्ते ऐसे भी होते हैं, जो मुश्किल समय में सगे परिवार से बढ़कर साथ निभाते हैं। रिश्तों से समझा प्यार का अर्थ चर्चा में प्यार की पारंपरिक परिभाषाओं से आगे बढ़ते हुए कई चर्चित रिश्तों का उल्लेख किया गया। इनमें सिमोन द बोउवार और जां-पॉल सार्त्र के खुले और बौद्धिक रिश्ते, अमृता प्रीतम और साहिर लुधियानवी की अधूरी लेकिन गहरी मोहब्बत तथा रामकृष्ण परमहंस और शारदा देवी के आध्यात्मिक संबंध का जिक्र हुआ। समापन भावनात्मक माहौल में हुआ। 20 वर्षीय शिखर मौर्य ने अपनी रचना 'मेरी प्रेम कविता' का पाठ किया, जिसे सुनकर उपस्थित लोगों ने तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया।
सीकर की जीणमाता थाना पुलिस ने ट्रैक्टर चोरी के आरोपी को 48 घंटे के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चोरी हुए ट्रैक्टर को जंगल से बरामद कर लिया। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जीणमाता थाना SHO राकेश कुमार मीणा ने बताया कि 17 जुलाई को ठेहट गांव निवासी श्रवण कुमार ने मुकदमा दर्ज करवाया कि उनकी रूपगढ़ गांव में ब्लॉक फैक्ट्री है। जहां उन्होंने 16 जुलाई की रात को ट्रैक्टर खड़ा कर दिया था। इसके बाद वह काम के लिए दांतारामगढ़ चले गए थे। वापस आकर देखा तो ट्रैक्टर नहीं मिला। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस ने सबसे पहले आरोपी रणजीत छबरवाल (26) निवासी ठेहट को लोसल में दबिश देकर पकड़ा। जिसने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने ट्रैक्टर को पास ही एक जंगल में छिपाया है। ऐसे में आरोपी की निशानदेही पर ट्रैक्टर भी बरामद कर लिया। फिलहाल आरोपी से पूछता जारी है। नाबालिग से रेप का आरोपी गिरफ्तार सीकर पुलिस ने नाबालिग लड़की से रेप के मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है। 2023 में जब नाबालिग लड़की की उम्र करीब 15 साल की तब आरोपी उसे अपने साथ बहला-फुसलाकर ले गया था। इसके बाद आरोपी ने नाबालिग लड़की के साथ रेप किया। इस मामले में आरोपी गिरफ्तार होने के बाद जेल गया। जमानत मिलने के बाद एक बार फिर वह नाबालिग लड़की को अपने साथ लेकर चला गया। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ जारी है।
बरेली के फरीदपुर तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में लोगों ने बिजली, राजस्व, चकबंदी, सड़क, आवास, कृषि और भूमि विवाद से जुड़ी समस्याएं उठाईं। डीएम अविनाश सिंह ने शिकायतें सुनकर संबंधित अधिकारियों को तय समय में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। कार्यक्रम में विधान परिषद सदस्य कुंवर महाराज सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों को व्यवहार सुधारने की नसीहतडीएम ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आम लोगों के साथ बेहतर व्यवहार किया जाए और उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाधान केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता भी कार्रवाई से संतुष्ट होना चाहिए। सुबह 9:45 से 12 बजे तक कार्यालय में बैठने के निर्देशडीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे रोजाना सुबह 9:45 बजे से दोपहर 12 बजे तक अपने कार्यालय में अनिवार्य रूप से मौजूद रहें। इस दौरान आने वाले फरियादियों की शिकायतें सुनकर उनका प्रभावी निस्तारण किया जाए। घरेलू बिजली कनेक्शन की शिकायत पर जांच के आदेशचंदोखा छेदा गांव के एक व्यक्ति ने एक किलोवाट का घरेलू बिजली कनेक्शन दिलाने की मांग की। इस पर डीएम ने विद्युत विभाग के उपखंड अधिकारी को मौके की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जमीन कब्जाने की शिकायत पर चकबंदी अधिकारी को निर्देशशेखापुर निवासी एक युवक ने बताया कि पिता और भाई की मौत के बाद वह परिवार का एकमात्र सहारा है। आरोप लगाया कि गांव के कुछ दबंग उसकी हिस्से की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। मामला चकबंदी से जुड़ा होने पर डीएम ने सीओ चकबंदी को तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। प्लाई फैक्ट्री के दूषित पानी से खेत प्रभावितफतेहगंज पूर्वी क्षेत्र के हरेला गांव के किसान ने शिकायत की कि प्लाई फैक्ट्री का दूषित पानी लगातार खेतों में छोड़ा जा रहा है, जिससे कृषि भूमि प्रभावित हो रही है। इस पर डीएम ने प्रभागीय वनाधिकारी और संबंधित अधिकारियों को जांच कर जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कांवड़ यात्रा की तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देशडीएम ने कहा कि 30 जुलाई से श्रावण मास शुरू हो रहा है। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सभी विभाग अभी से तैयारियां पूरी कर लें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। तहसील परिसर में किया पौधारोपणसंपूर्ण समाधान दिवस के बाद डीएम ने तहसील परिसर में पौधारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। ये अधिकारी रहे मौजूदकार्यक्रम में एसपी साउथ अंशिका वर्मा, सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह, एसडीएम फरीदपुर विदुषी सिंह, जिला विकास अधिकारी दिनेश कुमार यादव, परियोजना निदेशक डीआरडीए चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
टोंक में शनिवार शाम को एक बार फिर बड़े स्तर पर बिजली निगम की एक दर्जन से ज्यादा टीमों ने बिजली चोरी करने वालों की धरपकड़ की है। 210 बिजली चोरी के मामले पकड़े हैं। कार्रवाई बिजली निगम के एसई शेरसिंह मीना के निर्देशन में जिलेभर में की गई। दरअसल, विभाग की ओर से बिजली चोरी पकड़ने का विशेष अभियान चलाया गया। इसके तहत जिले के सभी उप-खण्डों के अधिकारियों ने मिलकर यह कार्रवाई की है। इस दौरान 46 लाख 43 हजार 228 रुपए का जुर्माना भी किया है। जांच टीमों को देखकर कई बिजली चोर मौके से फरार हो गए। इसके बावजूद बिजली निगम के कर्मचारियों ने उनका कनेक्शन काटकर बिजली केबल भी जब्त कर ली। बिजली निगम के एसई शेर सिंह मीणा ने बताया कि शनिवार शाम को जिलेभर में उपखंड के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर अपने वन क्षेत्र में बिजली चोरी करने के मामले पकड़े है। इस तरह जिले भर में 210 लोगों के घरों में अवैध रूप से बिजली का उपभोग करते पकड़ा है। इस पर मौके पर ही उनके खिलाफ जुर्माना और कनेक्शन करने की गई है।उन्होंने बताया कि आगे भी इस तरह की बिजली चोरों पर कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर में शुक्रवार की देर रात करीब 1 बजे से शनिवार की सुबह तक लगातार 6 घंटे भारी बारिश हुई। इस मूसलाधार बरसात के बाद बारिश का पानी बीजेपी के जिला महामंत्री ओमप्रकाश शर्मा के घर के अंदर तक घुस गया। उनका घर धर्मशाला के पास वार्ड नंबर 27 में स्थित है। रात भर हुई तेज बारिश के कारण पूरा मोहल्ला जलमग्न हो गया। सड़कों पर कई फीट तक पानी जमा हो गया। महामंत्री के घर में भी नाली और सड़क का गंदा पानी भर गया। सामान भीगा, गाड़ियां पानी में डूबींसड़कों और घरों में भरा यह पानी शनिवार दोपहर तक ऐसे ही पड़ा रहा। जलजमाव की वजह से इलाके में रहने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। घरों के अंदर पानी घुसने से नीचे रखा राशन, फर्नीचर और अन्य जरूरी सामान पूरी तरह भीग गया। घरों के बाहर और गैरेज में खड़ी कार और बाइक जैसी गाड़ियां भी आधे से ज्यादा पानी में डूब गईं। इससे लोगों का काफी नुकसान हुआ है। लोगों में नगर निगम के खिलाफ नाराजगीस्थानीय निवासियों का कहना है कि नालियों की समय पर सफाई न होने की वजह से यह स्थिति पैदा हुई है। सुबह बारिश रुकने के कई घंटों बाद भी नगर निगम की टीम पानी निकालने के लिए मौके पर नहीं पहुंची। गंदा पानी जमा रहने से अब इलाके में बदबू और बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों ने अस्पताल और प्रशासन से जल्द से जल्द जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
जयपुर के सीनियर ऑन्कोसर्जन डॉ. आनंद मोहन और उनकी टीम ने एक अत्यंत जटिल एवं दुर्लभ सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। डॉक्टरों ने मरीज के पेट से 48 सेंटीमीटर (सेमी) आकार के सॉफ्ट टिश्यू ट्यूमर (कैंसर) को पूरी तरह से बाहर निकाल दिया है। इसे राजस्थान में अब तक हुए सबसे बड़े 'रेट्रोपेरिटोनियल सार्कोमा' (कैंसर) ऑपरेशनों में से एक माना जा रहा है। ऑपरेशन के दौरान कैंसरग्रस्त ऊतकों (टिश्यूज) को पूरी तरह से निकाल दिया गया, जो इस तरह के कैंसर के इलाज में सबसे बड़ी सफलता मानी जाती है। जांच में सामने आया किडनी के पीछे छिपा विशाल ट्यूमर डॉ. आनंद मोहन ने बताया कि मरीज पिछले दो महीनों से पेट में लगातार बढ़ रही गांठ और दर्द की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचा था। जब मरीज की गहन जांच की गई, तो पता चला कि उसकी किडनी के पीछे 48 सेमी का एक विशाल ट्यूमर था। इस ट्यूमर ने पेट के भीतर कई महत्वपूर्ण अंगों और मुख्य रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) पर भारी दबाव बना रखा था। राहत की बात यह थी कि कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में नहीं फैला था। 8 घंटे चली जटिल सर्जरी, किडनी और आंत का हिस्सा भी हटाना पड़ा डॉक्टरों ने बताया कि यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण था और लगभग आठ घंटे तक चला। ट्यूमर को सुरक्षित और एक साथ (En-bloc) बाहर निकालने के लिए डॉक्टरों को मरीज की दाईं किडनी और बड़ी आंत के एक हिस्से को भी हटाना पड़ा। इसके बाद आंत को दोबारा जोड़ने के साथ-साथ पेट की अन्य आंतरिक संरचनाओं का बहुत ही सावधानीपूर्वक पुनर्निर्माण (Reconstruction) किया गया। सर्जरी के दौरान थीं कई बड़ी चुनौतियां डॉ. आनंद मोहन के अनुसार, ट्यूमर के विशाल आकार के कारण यह सर्जरी करना तलवार की धार पर चलने जैसा था। ट्यूमर ने शरीर की मुख्य रक्त वाहिकाओं को इस कदर दबा रखा था कि पेट के अंदरूनी अंगों की सामान्य बनावट ही बदल गई थी। ऐसे में ऑपरेशन के दौरान किसी भी नस या अंग को मामूली सी क्षति पहुंचने पर मरीज की जान को खतरा हो सकता था। लेकिन मेडिकल टीम ने सटीक योजना, उन्नत तकनीक और निरंतर मॉनिटरिंग के बल पर इस बेहद जोखिम भरे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। ऑपरेशन के 8वें दिन मरीज को मिली अस्पताल से छुट्टी सफल सर्जरी के बाद मरीज को डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया। अलग-अलग विशेषज्ञों की टीम द्वारा की गई सतत देखभाल से मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। ऑपरेशन के आठवें दिन मरीज को पूरी तरह से स्वस्थ और स्थिर अवस्था में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। फिलहाल मरीज पूरी तरह स्वस्थ है, सामान्य जीवन जी रहा है और अपने इस नए जीवन के लिए डॉक्टरों का आभार जता रहा है। क्या है रेट्रोपेरिटोनियल सार्कोमा? यह एक प्रकार का अत्यंत दुर्लभ 'सॉफ्ट टिश्यू कैंसर' (Soft Tissue Cancer) है, जो पेट के पिछले हिस्से (रेट्रोपेरिटोनियल क्षेत्र) में विकसित होता है। चूंकि यह पेट के गहरे हिस्से में होता है, इसलिए यह धीरे-धीरे बढ़कर अन्य अंगों और मुख्य रक्त वाहिकाओं को अपनी चपेट में ले लेता है। इसके सफल उपचार के लिए बेहद उच्च स्तरीय और जटिल सर्जरी की आवश्यकता होती है।
लखनऊ के चिनहट में युवती पर तेजाब फेंकने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पूर्व प्रेमिका से बदला लेने की नीयत से वारदात की साजिश रची थी। वह अपने चार साथियों के साथ भदोही से थार गाड़ी में लखनऊ पहुंचा और युवती पर तेजाब फेंकने के बाद फरार हो गया। सर्विलांस और चिनहट पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मुख्य आरोपी अतहर रजा को भदोही से गिरफ्तार कर लिया गया है। चिनहट इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि पूर्वी जोन सर्विलांस टीम और चिनहट पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में भदोही के काजीपुर कस्बे के पास से मुख्य आरोपी अतहर रजा को गिरफ्तार किया गया। आरोपी पेशे से कालीन मजदूर है। पुलिस अब वारदात में शामिल उसके चार अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। लखनऊ आकर की थी रेकी पूछताछ में आरोपी ने बताया कि युवती पहले भदोही के एक निजी अस्पताल में काम करती थी और दोनों की लंबे समय से जान-पहचान थी। बाद में युवती भदोही छोड़कर लखनऊ आ गई। यहां वह दूसरे युवक के साथ रहने और घूमने लगी। युवती ने उससे संपर्क भी खत्म कर दिया और उसके फोन कॉल रिसीव करना बंद कर दिए। इससे नाराज होकर अतहर ने कुछ दिन पहले लखनऊ आकर युवती की रेकी की और हमला करने की योजना बनाई। थार से साथियों संग पहुंचा, दुकान पर किया हमला पुलिस के अनुसार, अतहर अपने साथी एहसान, साजिद, अरहम और थार चालक तालिब के साथ 14 जुलाई को भदोही से लखनऊ पहुंचा। चिनहट के सतरिख रोड स्थित गृह एन्क्लेव में ऋषभ सिंह की दुकान पर युवती ऋषभ के साथ बैठी थी। इसी दौरान अतहर ने अपने साथ लाया तेजाब युवती और ऋषभ पर फेंक दिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह युवती का चेहरा खराब करना चाहता था। चार आरोपी अब भी फरार इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि मामले में मुख्य आरोपी अतहर रजा को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके फरार साथी एहसान, साजिद, अरहम और तालिब की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से मोटर मैकेनिक व्हीकल (MMV) एवं मैकेनिक डीजल ट्रेड के 18 प्रशिक्षार्थियों का चयन कर उन्हें लेटर ऑफ इंटेंट (Letter of Intent) जारी किए। बैंक ऑफ बड़ौदा के 119वें स्थापना दिवस के अवसर पर आज क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से एम्स जोधपुर के सहयोग से पाल लिंक रोड स्थित क्षेत्रीय कार्यालय परिसर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसमें लगभग 51 कर्मचारियों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। वहीं जिला प्रभारी मंत्री मदन दिलावर और जोगाराम कल जिले में विभिन्न इलाकों के कार्यक्रमों में शामिल होंगे। पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें लाइव ब्लॉग में..
सतना जिले के मझगवां थाना क्षेत्र के पिंडरा गांव में 9 वर्षीय नितिन यादव का क्षत-विक्षत शव जंगल में मिला। शुक्रवार को जिला अस्पताल में तीन डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। रात को आई प्रारंभिक रिपोर्ट में जंगली जानवर के हमले के संकेत मिले हैं, हालांकि मौत की वास्तविक वजह जानने के लिए फोरेंसिक जांच आवश्यक बताई गई है। पोस्टमार्टम पैनल में मेडिकल कॉलेज के फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. चंद्रशेखर बाघमारे सहित दो अन्य डॉक्टर शामिल थे। पुलिस के अनुसार, बच्चे के सिर पर चोट के निशान मिले हैं, जो गिरने से भी हो सकते हैं। गाल पर रगड़ के निशान पाए गए, जिन्हें जानवर द्वारा शव को घसीटे जाने से जोड़ा जा रहा है। बच्चे की कमर के निचले हिस्से में किसी जंगली जानवर के पंजों के निशान भी मिले हैं। डॉक्टरों ने बिसरा, स्किन स्वाब और जबड़ा जांच के लिए सुरक्षित कर पुलिस को सौंप दिया है। स्किन स्वाब और बिसरा को रीवा स्थित फोरेंसिक साइंस लैब भेजा जाएगा, जबकि डीएनए परीक्षण के लिए जबड़ा भोपाल भेजा जाएगा। इन रिपोर्टों के आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। यह भी जांच की जाएगी कि जंगली जानवर के हमले से पहले बच्चे पर किसी अन्य व्यक्ति ने हमला तो नहीं किया था। घटना के बाद वन विभाग की टीम ने घटनास्थल के आसपास के क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन लगातार बारिश के कारण किसी जंगली जानवर के पगमार्क नहीं मिल पाए। वन विभाग ने पुलिस को इसकी जानकारी दी है। मृतक के परिजन पड़ोस में रहने वाले एक युवक पर हत्या का संदेह जता रहे हैं, जो रिश्ते में बच्चे का चाचा लगता है। पुलिस के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच जमीन को लेकर पुराना विवाद है और पहले भी कई बार झगड़े हो चुके हैं, हालांकि मामला कभी थाने तक नहीं पहुंचा था। बच्चे का शव घर से लगभग 500 मीटर दूर जंगल में मिलने के बाद परिजनों का संदेह और गहरा गया है। मझगवां थाना प्रभारी आदित्य धुर्वे ने बताया कि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म:बिलासपुर से आरोपी गिरफ्तार, एसपी के निर्देश पर कार्रवाई
बलौदाबाजार पुलिस ने एक नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में मुख्य आरोपी आशीष निर्मलकर को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक गौरव राय के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने आरोपी को बिलासपुर जिले के मेढ़रा गांव से पकड़ा। 17 वर्षीय पीड़िता को भी सकुशल बरामद कर उसका बयान दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया। यह मामला बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार चौकी क्षेत्र का है। 25 जून को सुबह करीब 10 बजे एक 17 वर्षीय नाबालिग बालिका अपने घर से लापता हो गई थी। अपहरण का मामला दर्ज परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका पता नहीं चला। इसके बाद, प्रार्थी ने चौकी करहीबाजार में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपराध क्रमांक 550/2026, धारा 137(2) बी.एन.एस. के तहत अपहरण का मामला दर्ज किया था। पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। चौकी प्रभारी करहीबाजार के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी निगरानी, स्थानीय जानकारी और अन्य स्रोतों का उपयोग कर सघन तलाशी अभियान चलाया। कुछ ही दिनों में पुलिस ने बालिका को सकुशल ढूंढ निकाला। बहाल - फुसला कर ले गया आरोपी,किया दुष्कर्म जांच के दौरान, पीड़िता ने एक महिला पुलिस अधिकारी के सामने अपना बयान दर्ज कराया। उसने बताया कि आरोपी आशीष निर्मलकर (22) उसे बहला-फुसलाकर बिलासपुर जिले के ग्राम मेढ़रा (थाना संकरी) ले गया था। हां उसने पीड़िता को एक किराए के मकान में रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर पुलिस ने मामले में धारा 87, 64(1) बी.एन.एस. (दुष्कर्म) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 व 6 (नाबालिग से यौन शोषण) भी जोड़ीं। आरोपी न्यायिक हिरासत में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम ने बिलासपुर जिले में दबिश दी। मेढ़रा गांव में घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसे शनिवार को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। SP ने कहा पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने कहा कि जिले में महिलाओं और नाबालिगों के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा, अपराधी चाहे किसी भी जिले या दूरदराज के इलाके में छिपा हो, पुलिस उसे ढूंढकर न्याय के कटघरे में लाएगी।
मंदसौर जिले में पेयजल संकट गहरा गया है। पिछले 10 दिनों से बारिश न होने के कारण जल स्रोतों का स्तर लगातार घट रहा है। इस स्थिति को देखते हुए नगर पालिका के जल कार्य विभाग ने शहर में पेयजल वितरण व्यवस्था में बदलाव किया है। अब शहर के अधिकांश क्षेत्रों में एक दिन छोड़कर होने वाली जलापूर्ति के बजाय दो दिन छोड़कर पानी की सप्लाई की जाएगी। जल कार्य विभाग की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, नई व्यवस्था 19 जुलाई से लागू होगी। जिन क्षेत्रों में 19 जुलाई को पानी मिलेगा, उन्हें अगली सप्लाई 22 जुलाई को दी जाएगी। इसी प्रकार, 20 जुलाई को पानी प्राप्त करने वाले क्षेत्रों को 23 जुलाई को अगला वितरण मिलेगा। हालांकि, खानपुरा और पुराना शहरी किला क्षेत्र जैसे ऊंचाई पर स्थित इलाकों में पुरानी व्यवस्था ही जारी रहेगी। इन क्षेत्रों में पहले की तरह एक दिन छोड़कर 40 मिनट तक पेयजल की सप्लाई की जाएगी। नगर पालिका ने नागरिकों से अपील की है कि वे पेयजल का अनावश्यक उपयोग न करें और पानी की बर्बादी रोकें। साथ ही, जल वितरण के दौरान विद्युत मोटर का उपयोग न करने की सलाह दी गई है, ताकि सभी उपभोक्ताओं तक समान रूप से पानी पहुंच सके। जल कार्य विभाग ने यह भी बताया कि शहर में पेयजल उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर स्थिति के अनुसार सप्लाई व्यवस्था में आगे भी बदलाव किया जा सकता है।
कोटा: कोटा के रानपुर थाना क्षेत्र में 15 साल के किशोर प्रिंस की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। आलनिया डैम से बरामद प्रिंस के शव का मामला आखिरकार हत्या का निकला। पुलिस ने इस 'ब्लाइंड मर्डर केस' की गुत्थी सुलझाते हुए 6 आरोपियों को पकड़ा है। इनमें पांच नाबालिग और एक बालिग आरोपी आकाश शामिल है। डीएसपी मनीष शर्मा ने बताया कि प्रिंस 8 जुलाई की सुबह अपने छह दोस्तों के साथ घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। परिजनों द्वारा काफी तलाश किए जाने के बाद 9 जुलाई को उसका शव आलनिया डैम से बरामद हुआ था। शव पर चोट के निशान होने और नाक से खून बहने के कारण परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। लड़की से बातचीत के विवाद में रची हत्या की साजिश पुलिस जांच में सामने आया कि एक लड़की से बातचीत करने को लेकर प्रिंस और मुख्य आरोपी आकाश के बीच पहले से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से साजिश रची। वे प्रिंस को बहला-फुसलाकर अपने साथ आलनिया डैम ले गए। वहां पहले प्रिंस के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और फिर उसे डैम के गहरे पानी में धक्का दे दिया, जिससे डूबने से उसकी मौत हो गई। गुमराह करते रहे आरोपी, तकनीकी साक्ष्यों से खुली पोल डीएसपी के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में सभी आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिए अलग-अलग बयान देते रहे। लेकिन पुलिस ने जब तकनीकी साक्ष्यों (कॉल डिटेल्स व लोकेशन) और कड़ाई से पूछताछ का सहारा लिया, तो आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने पांचों नाबालिग आरोपियों को बाल सुधार गृह भेज दिया है, जबकि मुख्य आरोपी आकाश को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है।
ग्रेटर नोएडा में हड़कंप : स्पा सेंटरों पर पुलिस की बड़ी छापेमारी
स्पा सेंटर में मसाज की आड़ में कथित देह व्यापार की सूचना पर शनिवार शाम बीटा-दो कोतवाली क्षेत्र के साइट-चार स्थित एक बिल्डिंग में पुलिस और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) ने संयुक्त छापेमारी की
बिहार शहरी आयोजना एवं विकास नियमावली, 2014 के तहत अगले 20 वर्षों से अधिक की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दरभंगा नगर निगम और आसपास के क्षेत्रों के संतुलित एवं सुनियोजित विकास के लिए GIS आधारित मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। साल 2019 में दरभंगा जिला आयोजना क्षेत्र की अधिसूचना जारी की गई थी और मास्टर प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी Techmech International Pvt. Ltd. को दी गई है। दरअसल, शनिवार को आयुक्त कार्यालय सभागार में जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम यानी GIS बेस्ड मास्टर प्लान (स्टेज-V) के ड्राफ्ट पर समीक्षा एवं सुझाव बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सड़क, परिवहन, औद्योगिक विकास, सैटेलाइट टाउनशिप, जलनिकासी, हरित क्षेत्र और रोजगार सृजन समेत विभिन्न विषयों पर सुझाव दिए। दरभंगा जिला आयोजना क्षेत्र के लिए तैयार किए जा रहे GIS आधारित मास्टर प्लान (स्टेज-V) के ड्राफ्ट पर आयुक्त सह दरभंगा जिला आयोजना क्षेत्र प्राधिकार के अध्यक्ष हिमांशु कुमार राय की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। लगभग 17,400 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी मिथिला ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप हिमांशु कुमार राय ने बताया कि जिला आयोजना क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 191.11 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें पांच प्रखंड- दरभंगा सदर, केवटी, बहादुरपुर, हनुमाननगर और हायाघाट के 186 राजस्व ग्राम शामिल हैं। कुल आबादी 6.13 लाख है, जिसमें शहरी आबादी 2.66 लाख है। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रस्तावित मिथिला ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप लगभग 17,400 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी, जिसमें 102 राजस्व गांव शामिल होंगे। इसका कोर एरिया करीब 1,600 एकड़ निर्धारित किया गया है। आयुक्त हिमांशु कुमार राय ने कहा कि दरभंगा ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर है। एयरपोर्ट विस्तार के बाद यहां व्यापार, उद्योग और शहरी विकास की नई संभावनाएं बढ़ी हैं। ऐसे में सड़क, सार्वजनिक परिवहन, जलापूर्ति, सीवरेज, आवास, हरित क्षेत्र और औद्योगिक विकास जैसी आधारभूत सुविधाओं को मास्टर प्लान में प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बैठक में उपमहापौर नाजिया हसन ने नगर निगम क्षेत्र के विस्तार का सुझाव दिया, जबकि महापौर अंजुम आरा ने नगर निगम क्षेत्र में होने वाली परियोजनाओं की जानकारी जनप्रतिनिधियों को देने की मांग की। विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा ने आयोजना क्षेत्र के विस्तार, जबकि विधायक राजेश कुमार मंडल ने बेहतर सड़क और यातायात व्यवस्था पर जोर दिया। सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने GIS आधारित मास्टर प्लान को दरभंगा के भविष्य की आधारशिला बताते हुए इसे राष्ट्रीय परियोजनाओं के अनुरूप तैयार करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने दरभंगा को उत्तर बिहार का हेल्थ, एजुकेशन, एविएशन, निवेश, व्यापार और पर्यटन हब बनाने की वकालत की। साथ ही मेडिकल सिटी, आईटी एवं स्टार्टअप कॉरिडोर, मखाना प्रोसेसिंग एवं एक्सपोर्ट हब, मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब, हेरिटेज एवं टूरिज्म सर्किट, सैटेलाइट टाउनशिप, रिंग रोड, स्पोर्ट्स सिटी और वैज्ञानिक बाढ़ प्रबंधन जैसी परियोजनाओं को मास्टर प्लान में शामिल करने का सुझाव दिया। बैठक में विभिन्न विभागों और संबंधित पक्षों से प्राप्त सुझावों के आधार पर GIS आधारित ड्राफ्ट मास्टर प्लान को और अधिक व्यवहारिक, समावेशी तथा भविष्य उन्मुख बनाने पर सहमति बनी। बैठक का समापन नगर आयुक्त राकेश कुमार गुप्ता के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
कटनी जिले के बड़वारा ग्राम में हुई एक घंटे की बारिश ने ग्राम पंचायत और लोक निर्माण विभाग के विकास दावों की पोल खोलकर रख दी है। पहली ही तेज बारिश का पानी ग्रामीणों के घरों में घुस गया, जिससे पूरा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इस बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित बड़वारा ग्राम का इमामबाड़ा क्षेत्र रहा। यहां जलजमाव के कारण हालात इस कदर बिगड़े कि इमामबाड़ा निवासी जान मोहम्मद के घर में घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया, जिससे परिवार को संभलने तक का मौका नहीं मिला। पीड़ित ने बताया कि नाली निर्माण में गड़बड़ी और लंबे समय से सफाई न होने के कारण यह नौबत आई है। पानी भरने से उनके घर में रखा पूरा अनाज बर्बाद हो गया और बच्चों की स्कूल की कॉपी-किताबें पानी में तैरती मिलीं, जिससे परिवार को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। प्रशासन की लापरवाही पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा ग्रामीणों का आरोप है कि यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता का नतीजा है। मानसून की शुरुआत से पहले ही स्थानीय सरपंच और पंचायत प्रशासन से नाली निर्माण को ठीक करने और जल निकासी की व्यवस्था करने की गुहार लगाई गई थी, लेकिन समय रहते इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। पंचायत और अधिकारियों का पक्ष बड़वारा की सरपंच सुनैना सिंह ने बताया कि संबंधित नाली का निर्माण लोक निर्माण विभाग ने कराया था, जिसमें पानी की निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने कहा कि पंचायत ने मानसून से पहले ही पीडब्ल्यूडी विभाग को पत्र लिखकर व्यवस्था सुधारने का आग्रह किया था। पंचायत स्तर पर हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। क्षेत्रीय अधिकारी विवेक श्रीवास्तव ने कहा कि बड़वारा ग्राम में जलभराव की सूचना मिली है। मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी टीम मौके पर पहुंचेगी। स्थल निरीक्षण कर जलभराव की इस समस्या का स्थाई और त्वरित निराकरण किया जाएगा।
जिले में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शनिवार को समाहरणालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सभागार में जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें आपदा प्रबंधन एवं जल संसाधन विभाग की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया गया। बैठक में जिलाधिकारी ने जल संसाधन विभाग के अभियंताओं से तटबंधों की सुरक्षा, संवेदनशील स्थलों और सुरक्षात्मक उपायों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी तटबंधों की लगातार निगरानी की जाए और कहीं भी कटाव या क्षति की सूचना मिलते ही तत्काल मरम्मत एवं सुरक्षा कार्य शुरू किया जाए। विशेष रूप से वर्षा के दौरान रेनकट (Rain Cut) वाले स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा। आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी अंचलों में प्लास्टिक की शीट भेजी आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से बताया गया कि सभी संबंधित अंचलों में पॉलीथिन शीट भेज दी गई हैं। इस पर डीएम ने सभी अंचलाधिकारियों को शीघ्र सत्यापन कर सुरक्षित भंडारण और आवश्यकता पड़ने पर त्वरित वितरण की तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से कुशेश्वरस्थान, कुशेश्वरस्थान पूर्वी, गौड़ाबौराम, किरतपुर और घनश्यामपुर अंचलों में 1500 से 2000 पॉलीथिन शीट उपलब्ध रखने को कहा। डीएम ने कहा कि आपदा की स्थिति में त्वरित राहत पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सभी अंचलाधिकारी क्विक रिस्पांस टाइम के साथ कार्य करें, ताकि प्रभावित लोगों को समय पर सहायता मिल सके।समीक्षा के दौरान अपर समाहर्ता सह प्रभारी, आपदा प्रबंधन सलीम अख्तर ने बताया कि निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा किया जा चुका है। इस पर जिलाधिकारी ने पर्याप्त संख्या में नावों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, नाविकों के साथ बैठक करने तथा सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में नावों पर क्षमता से अधिक यात्रियों को नहीं बैठाया जाए। बैठक में बताया गया कि जिले में 13 बाढ़ राहत आश्रय स्थल चिन्हित किए गए हैं। जिलाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को राहत केंद्रों और सामुदायिक भवनों का भौतिक निरीक्षण कर पेयजल, शौचालय, बिजली, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहले से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा बैठक में पशु चारा, जीवन रक्षक दवाओं के भंडारण, आपदा में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान राशि के समय पर भुगतान तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की भी समीक्षा की गई।बैठक में उप विकास आयुक्त स्वप्निल, अपर समाहर्ता (राजस्व) मनोज कुमार, अपर समाहर्ता सह प्रभारी आपदा प्रबंधन सलीम अख्तर, सदर एसडीओ, डीसीएलआर, सभी अंचलाधिकारी, बीडीओ, जल संसाधन विभाग के अभियंता एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
दरभंगा के कुशेश्वरस्थान प्रखंड में शनिवार शाम स्टेट हाइवे-56 स्थित धबौलिया पुल पर भीषण सड़क हादसे में बुलेट सवार तीन युवकों की मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने कुशेश्वरस्थान–फुलतोरा मुख्य सड़क को जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई, मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा तथा सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग की। मृतकों की पहचान कुशेश्वरस्थान प्रखंड के बड़गांव निवासी सीनियर जर्नलिस्ट अरुण कुमार राय के छोटे बेटे भारतीय सेना के जवान 30 साल के अखिलेश कुमार राय, कुशेश्वरस्थान पूर्वी नगर पंचायत के धबौलिया निवासी स्वर्गीय राम सिंह के 38 साल के बेटे पंकज राय और केवटगामा पंचायत के भरडीया गांव के रहने वाले संतोष यादव के बेटे 32 वर्षीय बादल यादव के रूप में हुई है। धबौलिया से कुशेश्वरस्थान की ओर जा रहे थे तीनों प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तीनों युवक एक ही बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर धबौलिया से कुशेश्वरस्थान की ओर जा रहे थे। इसी दौरान धबौलिया पुल पर पहले से खड़ी एक ट्रक के पीछे उनकी तेज रफ्तार बाइक जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और तीनों युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोगों ने तत्काल तीनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कुशेश्वरस्थान पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया। एक साथ तीन युवकों की मौत की खबर फैलते ही उनके गांवों में कोहराम मच गया। सेना के जवान और पत्रकार परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ हादसे में जान गंवाने वाले अखिलेश कुमार राय भारतीय सेना में कार्यरत थे। वह कुछ दिन पहले ही छुट्टी पर अपने घर आए थे। बेटे की असमय मौत से पत्रकार अरुण कुमार राय के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं पंकज राय और बादल यादव के परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही कुशेश्वरस्थान थानाध्यक्ष गौरव प्रसाद पुलिस बल के साथ घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। थाना अध्यक्ष ने बताया कि प्रथम दृष्टया खड़ी ट्रक से टक्कर के कारण हादसा हुआ है। दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है तथा ट्रक की पहचान और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दुर्घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने कुशेश्वरस्थान–फुलतोरा सड़क को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मृतकों के परिजनों को सरकारी मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी तथा सड़क पर खड़े भारी वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सड़क जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। हादसे की जानकारी के बाद प्रशासन ने संभाला मोर्चा घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई तथा सरकारी प्रावधानों के अनुसार हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। देर शाम तक पुलिस और प्रशासन सड़क जाम हटवाने तथा स्थिति को सामान्य बनाने में जुटे रहे।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने शनिवार को अपनी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को हटा दिया है। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि नागौर में पुलिस व्यवस्था संभाल रहे अधिकारी लगातार गंभीर बीमारियों से पीड़ित पुलिसकर्मियों को उनकी सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात कर रहे हैं। इससे न केवल मेरी सुरक्षा प्रभावित हो रही है, बल्कि यह मेरी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने की एक सुनियोजित कोशिश भी है। इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। बेनीवाल के लेटर में लिखी 4 बातें… 1. 'छवि खराब करने के लिए जानबूझकर बीमार जवानों को ड्यूटी पर भेजा जा रहा'सांसद हनुमान बेनीवाल ने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को लिखे लेटर में नागौर पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बेनीवाल ने लेटर में लिखा- यह केवल मेरी व्यक्तिगत सुरक्षा का मामला नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। बिना पुलिस अधीक्षक (एसपी) वाले नागौर जिले में पुलिस व्यवस्था संभाल रहे अधिकारी और रिजर्व पुलिस लाइन के जिम्मेदार कार्मिक जानबूझकर गंभीर बीमारियों से ग्रसित पुलिसकर्मियों को मेरी सुरक्षा में तैनात कर रहे हैं। इसके पीछे एक बड़ा षड्यंत्र है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना या पुलिसकर्मी की तबीयत बिगड़ने की स्थिति में मुझे ही जिम्मेदार ठहराया जा सके और मेरी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके। 2. न्यूरो और हार्ट के मरीजों को लगाया सुरक्षा में, खुद लेकर गए अस्पताल'बेनीवाल ने अपने लेटर में हाल ही में हुए 3 गंभीर मामलों का विशेष रूप से उल्लेख किया है। बेनीवाल ने लेटर में लिखा- 11 जुलाई को मेरी सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल सुनील विश्नोई (जो न्यूरोलॉजी की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे) जयपुर में अचानक अस्वस्थ हो गए, जिन्हें मैं स्वयं देर रात सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल लेकर गए। इसके बाद, 15 जुलाई को कांस्टेबल बलबीर गुर्जर की जयपुर से लौटते समय तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें नागौर से एम्स (AIIMS) जोधपुर रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उनके हार्ट संबंधी पुरानी बीमारी से पीड़ित होने की आशंका जताई। वहीं, शनिवार को मेरी सुरक्षा में भेजे गए तीसरे कांस्टेबल सीताराम भी पूरी तरह अस्वस्थ थे। बेनीवाल ने कहा- मैं किसी भी बीमार पुलिसकर्मी के स्वास्थ्य को जोखिम में नहीं डालना चाहते, इसलिए उन्होंने अपनी सुरक्षा में तैनात जवान को तत्काल प्रभाव से वापस रिजर्व पुलिस लाइन भेज दिया है। 3. 'इंटेलिजेंस इनपुट के बावजूद बिना बताए क्यों हटाई अतिरिक्त सुरक्षा?'सांसद ने लेटर में अपनी सुरक्षा में की गई कटौती पर भी तीखे सवाल उठाए हैं। लेटर में लिखा- पूर्व में राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस शाखा से मिले सुरक्षा संबंधी इनपुट के आधार पर मुझे पुलिस एस्कॉर्ट और हथियारबंद कमांडो उपलब्ध कराए गए थे। लेकिन बाद में बिना किसी पूर्व सूचना या कारण बताए इस अतिरिक्त सुरक्षा को अचानक हटा लिया गया। बेनीवाल ने सरकार से सवाल पूछा - यदि उस समय मेरी सुरक्षा को लेकर खतरे के गंभीर इनपुट थे, तो वर्तमान में उन इनपुट की क्या स्थिति है? क्या सरकार उन्हें इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी देगी या उनकी सुरक्षा को लेकर जानबूझकर लापरवाही बरती जा रही है? 4. डीजीपी को फोन करने पर भी नहीं हुआ सुधार बेनीवाल ने दावा किया कि पूरे घटनाक्रम और सुरक्षा में बरती जा रही लापरवाही की जानकारी फोन पर राजस्थान पुलिस के महानिदेशक (DGP) और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG - इंटेलिजेंस) को भी दी थी, लेकिन इसके बावजूद जिला स्तर पर कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया। नागौर में तैनात कुछ पुलिस अधिकारी निष्पक्ष प्रशासनिक दायित्व निभाने के बजाय राजनीतिक प्रभाव में काम कर रहे हैं। मेरी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। बेनीवाल ने केंद्र और राज्य सरकार से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उनकी सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा करने की मांग की है।
बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशन में तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) दरभंगा अजय कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में शनिवार को चेक बाउंस (परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138) से संबंधित मामलों के निस्तारण के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। विशेष लोक अदालत के संचालन के लिए कुल तीन पीठों का गठन किया गया। इनमें एक पीठ सदर न्यायालय, दरभंगा, दूसरी बेनीपुर अनुमंडलीय न्यायालय तथा तीसरी बिरौल अनुमंडलीय न्यायालय में कार्यरत रही। सदर न्यायालय में 96, बेनीपुर अनुमंडलीय न्यायालय में 2 मामलों का निष्पादन लोक अदालत के दौरान आपसी समझौते के आधार पर कुल 98 चेक बाउंस मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। इनमें सदर न्यायालय में 96 तथा बेनीपुर अनुमंडलीय न्यायालय में 2 मामलों का निष्पादन हुआ। इन मामलों में कुल ₹1,29,95,575 (एक करोड़ 29 लाख 95 हजार 575 रुपये) की समझौता राशि तय की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा ने विशेष लोक अदालत की सफलता में सहयोग देने वाले सभी पक्षकारों, अधिवक्ताओं, न्यायिक पदाधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही आम लोगों से अपील की कि वे अपने विवादों का त्वरित, सरल और सौहार्दपूर्ण समाधान लोक अदालत के माध्यम से कराएं, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो सके।
जहानाबाद जिले के प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से एक पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण 20 से 24 जुलाई 2026 तक जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), जहानाबाद में होगा, जिसमें कक्षा 3 से 5 तक के कुल 220 शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल होंगे। 19 जुलाई की शाम 5 बजे तक रिपोर्ट करें शिक्षक जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्राथमिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान) द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, सभी चयनित शिक्षकों को 19 जुलाई की शाम 5 बजे तक डायट, जहानाबाद में अनिवार्य रूप से रिपोर्ट करना होगा। निर्धारित समय पर योगदान न देने वाले शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। प्रशिक्षण के पहले दिन सभी प्रतिभागियों का प्री-टेस्ट और अंतिम दिन पोस्ट-टेस्ट लिया जाएगा, जिसमें शामिल होना अनिवार्य है। शिक्षकों को यात्रा भत्ता (टीए) के भुगतान के लिए अपनी बैंक पासबुक की छायाप्रति साथ लाने का निर्देश दिया गया है। पीटी-योग सत्र को सफेद टी-शर्ट और नीले रंग की पैंट प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रतिभागियों के लिए औपचारिक परिधान निर्धारित किए गए हैं। पुरुष शिक्षकों को पैंट, शर्ट और टाई तथा महिला शिक्षकों को सलवार-कुर्ता या साड़ी जैसे सौम्य रंगों के परिधान पहनने होंगे। पीटी और योग सत्र के लिए सफेद टी-शर्ट और नीले रंग की पैंट अनिवार्य है। महिला शिक्षकों को योग एवं पीटी सत्र में साड़ी का उपयोग न करने की सलाह दी गई है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जो शिक्षक डीएलएड परीक्षा में प्रतिनियुक्त हैं, वे इस प्रशिक्षण में भाग नहीं लेंगे। उन्हें इसकी सूचना संबंधित कार्यालय को देनी होगी। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की शैक्षणिक दक्षता बढ़ाना, उन्हें नवीन शिक्षण विधियों से अवगत कराना और कक्षा में बच्चों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाना है।
गयाजी शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। डीएम शशांक शुभंकर ने शनिवार को बागेश्वरी गुमटी क्षेत्र में निर्माणाधीन ओवरब्रिज का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की हकीकत को देखा। उन्होंने अधिकारियों को काम में तेजी लाने के कड़े निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि प्रशासन का मुख्य फोकस आगामी विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला है। मेले के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु गयाजी आते हैं। इस दौरान यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पितृपक्ष मेले की शुरुआत से पहले ओवरब्रिज के फाउंडेशन का काम हर हाल में पूरा कर लिया जाए। फाउंडेशन का काम पूरा होते ही इस महत्वपूर्ण सड़क को आम जनता और श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। इससे मेले के दौरान शहर में जाम की स्थिति पैदा नहीं होगी। मुआवजे की प्रक्रिया में आएगी तेजी, निष्पक्ष होगा मूल्यांकन ओवरब्रिज निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का काम भी अब तेज गति से चलेगा। डीएम ने बताया कि जिन जमीनों का अधिग्रहण किया जाना है, उनके मुआवजे की प्रक्रिया को फास्ट ट्रैक पर डाल दिया गया है। निर्माण कार्य से कई स्थानीय लोगों के मकान, दुकान और अन्य भवन प्रभावित हो रहे हैं। डीएम ने संबंधित अभियंताओं को इन सभी प्रभावित ढांचों का तुरंत कॉस्ट वैल्यूएशन करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि सभी प्रभावित लोगों को उचित और सही मुआवजा मिले। मुआवजा निर्धारण के तुरंत बाद भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। डीएम ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाएगी। 95 आपत्तियों का होगा समाधान, जनता की संतुष्टि प्राथमिकता निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्थानीय लोगों से मुलाकात भी की और उनकी समस्याएं सुनीं। लोगों ने खतियान और अन्य राजस्व अभिलेखों से जुड़ी अपनी दिक्कतें डीएम के सामने रखीं। इस पर प शशांक शुभंकर ने कहा कि प्रशासन के पास कुल 95 आपत्तियां प्राप्त हुई थीं। इन सभी आपत्तियों की बारीकी से जांच की जा रही है और उनका समाधान निकाला जा रहा है। समाधान की प्रक्रिया पूरी होते ही एक अंतिम सूची सार्वजनिक की जाएगी। डीएम ने भरोसा दिलाया कि सभी पक्षों को संतुष्ट करने के बाद ही आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। किसी के साथ भी कोई अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी अभियंता और भारी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
सीतामढ़ी के पुपरी थाना क्षेत्र की हरदिया पंचायत के भामा गांव में चोरों ने एक ही रात में तीन घरों को निशाना बनाया। इस दौरान लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिए गए। इस घटना ने पुलिस गश्ती पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोरी की सबसे बड़ी वारदात वार्ड संख्या-18 निवासी राकेश पासवान के घर में हुई। पीड़ित के अनुसार, चोर देर रात घर में घुसे और बक्से तथा अलमारी के ताले तोड़ दिए। यहां से लगभग दो लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, चांदी की हंसुली, पायल, घर निर्माण के लिए रखे करीब ढाई लाख रुपये नकद और एक कीमती मोबाइल फोन चोरी हो गए। परिवार को सुबह जागने पर चोरी का पता चला। इसी रात वार्ड संख्या-19 निवासी नागेश्वर साह के घर से भी चोरों ने करीब एक लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और तीन हजार रुपये नकद चुरा लिए। इसके अतिरिक्त, गांव के रंजीत पासवान के घर में भी सेंधमारी की गई। चोर वहां से एक बक्सा उठा ले गए, जिसे बाद में गांव से कुछ दूरी पर लावारिस हालत में बरामद किया गया। बताया गया कि बक्से में कीमती सामान न मिलने पर चोर उसे छोड़ गए। एक ही रात में तीन घरों में चोरी की सूचना मिलते ही पुपरी थाना की डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवारों से पूछताछ की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास के क्षेत्रों में छानबीन तथा संभावित आरोपियों की तलाश में कार्रवाई तेज कर दी है। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से ग्रामीण चिंतित हैं। उन्होंने इलाके में रात्रि गश्ती बढ़ाने और जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी की मांग की है।
मुजफ्फरपुर उत्पाद विभाग की टीम ने शराब तस्करों के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए बेनीबाद थाना क्षेत्र से करीब 20 लाख रुपये मूल्य की अवैध शराब की खेप बरामद की है। तस्करों ने ब्रांडेड कंपनी की नकली सीमेंट की बोरियों की आड़ में शराब छिपाकर तस्करी की कोशिश की थी, लेकिन गुप्त सूचना के आधार पर उत्पाद विभाग ने करीब दो घंटे तक पीछा कर ट्रक को पकड़ लिया। हालांकि चालक अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। यह खेत सिक्किम से दरभंगा की ओर जा रही थी। गुप्त सूचना पर बिछाया जाल उत्पाद विभाग को सूचना मिली थी कि सिक्किम निर्मित शराब की बड़ी खेप ट्रक के जरिए मुजफ्फरपुर लाई जा रही है। जानकारी के अनुसार, शराब की यह खेप गायघाट और बेनीबाद क्षेत्र के तस्करों के लिए मंगाई गई थी। सूचना मिलते ही उत्पाद विभाग की टीम ने संभावित मार्गों पर घेराबंदी शुरू कर दी। टीम को देखते ही ट्रक लेकर भागा चालक जांच के दौरान बीआर-31 नंबर का एक संदिग्ध ट्रक दिखाई दिया। उत्पाद विभाग की टीम को देखते ही चालक तेज रफ्तार में ट्रक लेकर भाग निकला। इसके बाद अधिकारियों ने लगातार पीछा किया। करीब दो घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान चालक ट्रक को सुनसान जंगल की ओर ले गया। खुद को घिरता देख वह ट्रक छोड़कर फरार हो गया। सीमेंट की बोरियों के नीचे छिपी थी शराब ट्रक की तलाशी लेने पर अधिकारियों के होश उड़ गए। ट्रक में नामी कंपनी की नकली सीमेंट की बोरियों के नीचे 170 से अधिक कार्टन सिक्किम निर्मित शराब छिपाकर रखी गई थी। जब्त शराब की अनुमानित कीमत 20 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। पूरी खेप को जब्त कर ट्रक को उत्पाद विभाग के कब्जे में ले लिया गया है। तस्करी के नेटवर्क की खंगाल रही टीम उत्पाद विभाग के प्रभारी सह निरीक्षक प्रकाश कुमार राम ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई है। चालक फरार हो गया है, जिसकी तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि यह पता लगाया जा रहा है कि शराब की खेप किसने भेजी थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। मामले में बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच की जा रही है। अभियान रहेगा जारी उत्पाद विभाग का कहना है कि जिले में शराब तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि शराब के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
दिल्ली में चल रहे धरने से आज सुबह सोनम वांगचुक को जबरदस्ती उठाने पर शनिवार को सीकर में स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया(SFI) ने आक्रोश जताया। जिन्होंने शाम को देश के गृह मंत्री अमित शाह के पुतले की ढाका भवन से लेकर कल्याण सर्किल तक शवयात्रा निकाली। इसके बाद कल्याण सर्किल पर पुतला दहन किया गया। पुलिस ने वांगचुक को जबरन उठाया स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के विजेंद्र ढाका ने बताया कि कई दिनों से दिल्ली में सोनम वांगचुक NTA को भंग करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। जिन्हें आज सुबह दिल्ली पुलिस के द्वारा जबरन उठाकर डिटेन किया गया। इतना ही नहीं वहां मौजूद अन्य स्टूडेंट्स के साथ भी बदसलूकी गई। 20 जुलाई को स्टूडेंट्स करेंगे दिल्ली कूच उन्होंने कहा कि इसके विरोध में स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के द्वारा गृहमंत्री अमित शाह का पुतला जलाया गया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे रहे और अब सरकार बदसलूकी करने पर उतर आई है। लेकिन हम किसी भी हाल में पीछे हटने वाले नहीं है। 20 जुलाई को दिल्ली में होने वाले संसद मार्च में सीकर से भी बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स मौजूद रहेंगे। जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते तब तक हमारा यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
किशनगंज के पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ला ने शनिवार शाम बहादुरगंज थाना का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाने की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और लंबित मामलों की गहन समीक्षा की। एसपी ने सबसे पहले थाना परिसर, कार्यालय अभिलेख, मालखाना, हाजत, शस्त्रागार और सीसीटीवी व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही थाने में साफ-सफाई की स्थिति को भी देखा। उन्होंने अभिलेखों के रख-रखाव और केस डायरी के अद्यतन होने की स्थिति का भी अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने थाना में लंबित कांडों, वारंट एवं कुर्की के निष्पादन, अपराध नियंत्रण, रात्रि गश्ती, वाहन जांच अभियान और विधि-व्यवस्था संधारण से संबंधित कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने लंबित कांडों को जल्द निपटाने और वारंट तामिला में तेजी लाने का निर्देश दिया। पुलिस अधीक्षक ने थाने में उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की उपस्थिति, अनुशासन और ड्यूटी के प्रति जवाबदेही की भी जांच की। उन्होंने जन शिकायतों के त्वरित निष्पादन पर जोर देते हुए आम जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने और संवेदनशीलता के साथ काम करने का निर्देश दिया। एसपी ने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता आम लोगों को त्वरित और न्यायसंगत सेवा उपलब्ध कराना है। निरीक्षण के दौरान थाना अध्यक्ष सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे।
इस्कॉन की ओर से पाली में शनिवार शाम को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली गई। शहर के अग्रसेन भवन से रवाना हुई रथयात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए अमरनाथ नगर, बापूनगर विस्तार स्थित इस्कॉन मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे रास्ते जोश से लबरेज़ कृष्ण भक्त भगवान जगन्नाथ के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। रास्ते में जगह-जगह रथयात्रा के स्वागत में रंगोलियाँ बनाई गईं। यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में भक्तों को खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया। 121 फीट लंबे रस्से से भक्तों ने खींचा रथ शहर के अग्रसेन भवन से रवाना होकर रथयात्रा पानी दरवाजा, सर्राफा बाजार, धान मंडी, सोमनाथ मंदिर, सूरजपोल, नहर चौराहा और शिवाजी सर्कल से होते हुए बांगड़ कॉलेज ग्राउंड पहुंचकर संपन्न हुई। 15 फीट ऊंचे रथ पर भगवान जगन्नाथ की तस्वीर रखी गई थी। रास्ते में दर्शन के लिए लोगों की कतारें नजर आईं। 121 फीट लंबे रस्से से महिला और पुरुष भक्त पूरे रास्ते रथ को खींचते हुए ले जाते नजर आए। महिलाओं ने रास्ते में जगह-जगह सजाई रंगोली रथयात्रा के स्वागत में यात्रा मार्ग पर जगह-जगह महिलाओं ने मनमोहक रंगोलियां बनाई। रास्ते में कई स्थानों पर पुष्पवर्षा कर रथयात्रा का स्वागत किया गया। श्री जगन्नाथ जी के रथ को दिल्ली से विशेष पुष्प मंगवाकर सजाया गया। इसमें पाली, जोधपुर, मुंबई, बीकानेर और जयपुर से आए वैष्णव मंडलों ने मधुर हरिनाम संकीर्तन किया। अब देखिए- रथयात्रा की तस्वीरें
सीवान के एमएच नगर थाना क्षेत्र के बसंतनगर गांव में नदी की तेज धारा में बहकर लापता हुए 60 वर्षीय उमा सहनी का दूसरे दिन शनिवार को भी कोई सुराग नहीं मिल सका। घटना के बाद परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है, जबकि पुलिस और एसडीआरएफ की टीम लगातार नदी में सघन खोज अभियान चला रही है। हालांकि अब तक लापता वृद्ध का पता नहीं चल सका था। 2 नावों की सहायता से चलाया जा रहा अभियान शनिवार को गोपालगंज से पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने स्थानीय थाना के एएसआई बीरेंद्र सिंह की मौजूदगी में नदी में विशेष तकनीक के साथ सर्च ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने दो नावों की सहायता से नदी के उस हिस्से में मंथन अभियान चलाया, जहां उमा सहनी के बहने की आशंका जताई जा रही है। एसडीआरएफ के जवानों ने कई घंटे तक नदी के अलग-अलग हिस्सों में तलाश की, लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। एसडीआरएफ के इंचार्ज जैनुल हसन ने बताया कि विशेष तकनीक से दो नावों के माध्यम से नदी का मंथन किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के जरिए 10 से 12 फीट गहराई तक फंसे व्यक्ति या किसी अन्य वस्तु को बाहर निकाला जा सकता है। उन्होंने भरोसा जताते हुए कहा कि टीम पूरी गंभीरता से अभियान चला रही है और जल्द ही लापता व्यक्ति का पता लगा लिया जाएगा। बताया जाता है कि बसंतनगर निवासी उमा सहनी शुक्रवार की सुबह करीब 10 बजे नदी किनारे अपनी नाव निकालने पहुंचे थे। उनकी नाव जलकुंभी के बीच पानी में फंसी हुई थी। वह जलकुंभी हटाकर नाव निकालने का प्रयास कर रहे थे, तभी नदी की तेज धारा में उनका संतुलन बिगड़ गया और देखते ही देखते वह बह गए। कुछ ही देर में वह घनी जलकुंभी के बीच ओझल हो गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और लगभग 500 मीटर तक नदी में फैली जलकुंभी को हटाकर जाल के सहारे काफी देर तक खोजबीन की। हालांकि ग्रामीणों के अथक प्रयास के बावजूद उमा सहनी का कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद प्रशासन को सूचना दी गई, जिसके बाद एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। इधर, उमा सहनी के लापता होने से उनके परिवार में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे जल्द से जल्द उनके मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पुलिस प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम लगातार नदी में खोज अभियान चलाए हुए है। फिलहाल पूरे इलाके की नजरें सर्च ऑपरेशन पर टिकी हैं।
अहमदाबाद पटाखा फैक्ट्री हादसा: आग और विस्फोट में 9 की मौत, राष्ट्रपति मुर्मु ने जताया दुख
गुजरात के अहमदाबाद के वस्त्राल इलाके में शनिवार को एक अवैध पटाखा निर्माण इकाई में हुए भीषण विस्फोट और आग लगने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। नगर निगम के अनुसार, आठ लोगों की मौत एल.जी. अस्पताल में हुई, जबकि एक व्यक्ति ने सिविल अस्पताल में दम तोड़ दिया। हादसे में नौ लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बनी हुई है।
विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला शुरू होने से पहले भागलपुर में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण बैठक हुई। शनिवार को समीक्षा भवन सभागार में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता सांसद अजय मंडल ने की। इसमें श्रावणी मेला की तैयारियों और मानसून के दौरान बाढ़ की आशंका पर चर्चा की गई। बैठक में जिलाधिकारी अलंकृता पांडे, सिटी एसपी अतुलेश झा, नगर विधायक रोहित पांडे सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान श्रावणी मेला की तैयारियों, संभावित बाढ़ से निपटने की रणनीति और जिले में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। सांसद बोले- श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता सांसद अजय मंडल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने गंगा घाटों से लेकर कांवरिया पथ तक पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा बलों की तैनाती और आपातकालीन सेवाओं की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। सांसद ने संभावित बाढ़ को लेकर भी सभी विभागों को अलर्ट रहने और राहत एवं बचाव संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश दिए, ताकि आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई हो सके। विधायक बोले- कावड़ियों के मार्ग को सुरक्षित, व्यवस्थित बनाने पर जोर नगर विधायक रोहित पांडे ने बैठक में भागलपुर के गंगा घाटों से जल भरकर बासुकीनाथ और अन्य शिव मंदिरों की ओर जाने वाले कांवरियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि सावन में हजारों श्रद्धालु शहर से गुजरते हैं। इस संबंध में नगर आयुक्त के साथ आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई है। विशेष रूप से भोलानाथ पुल के नीचे से गुजरने वाले कांवरियों के मार्ग को सुरक्षित, व्यवस्थित और बाधारहित बनाने पर जोर दिया गया, ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की तैयारियों की जानकारी दी और आश्वासन दिया कि श्रावणी मेला तथा संभावित बाढ़ को लेकर सभी आवश्यक इंतजाम निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे कर लिए जाएंगे। भागलपुर सांसद अजय मंडल ने कहा कि श्रावणी मेला और संभावित बाढ़, दोनों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। हमारी प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा है। सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि समय रहते सभी तैयारियां पूरी करें। कहीं भी किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही बाढ़ से निपटने के लिए भी राहत एवं बचाव की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। नगर विधायक रोहित पांडे ने कहा कि सावन में भागलपुर के विभिन्न गंगा घाटों से बड़ी संख्या में कांवरिये जल लेकर बासुकीनाथ सहित अन्य शिव मंदिरों के लिए रवाना होते हैं। उनकी सुरक्षा और सुविधा हमारी प्राथमिकता है।
प्रयागराज में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र द्वारा आयोजित 'विमर्श' संवाद श्रृंखला में वरिष्ठ नृत्यांगना बीना सिंह ने उत्तर भारत की पारंपरिक लोककला 'ढेड़िया' पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि यह लोकनृत्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, नारी शक्ति, धैर्य और समर्पण का प्रतीक है। कार्यक्रम का शुभारंभ उपनिदेशक डॉ. मुकेश उपाध्याय, कार्यक्रम प्रभारी कृष्ण मोहन द्विवेदी और मुख्य वक्ता बीना सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। बीना सिंह ने अपने व्याख्यान में 'ढेड़िया' के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि लोक मान्यताओं के अनुसार, त्रेता युग में भगवान श्रीराम के वनवास गमन के समय उनकी मंगल यात्रा और सकुशल वापसी की कामना के लिए 'ढेड़िया उतारने' की परंपरा प्रारंभ हुई थी। यह परंपरा समय के साथ लोक संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई। उन्होंने 'ढेड़िया' शब्द का अर्थ 'धैर्यवान बहू' बताया। यह परंपरा महिलाओं के धैर्य, त्याग, श्रद्धा और परिवार के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक है। इस लोककला की एक विशिष्ट विशेषता यह है कि महिलाएं अपने सिर पर जलता हुआ दीपक रखकर संतुलन के साथ नृत्य करती हैं, जो आत्मसंयम और गहरी आस्था को दर्शाता है। बीना सिंह ने अनुष्ठान की विधि भी समझाई। उन्होंने बताया कि पूर्व में इस परंपरा में मिट्टी के पात्र में धान की भूसी और कड़वा तेल डालकर दीपक जलाया जाता था। महिलाएं इस दीपक को लेकर गांव के देवस्थल तक जाती थीं और परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छी फसल तथा समाज के कल्याण के लिए प्रार्थना करती थीं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान समय में ऐसी लोक परंपराओं का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र लोककलाओं के संरक्षण और उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने में सराहनीय भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम के अंत में एक प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने लोक संस्कृति और 'ढेड़िया' परंपरा से संबंधित प्रश्न पूछे। कार्यक्रम का संचालन आकाश अग्रवाल ने किया।
प्रयागराज में जन शिकायतों के फर्जी निस्तारण और सतही रिपोर्टिंग के मामले में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई जांच में 17 कर्मचारियों की संलिप्तता पाई गई, जिनमें लेखपालों की भूमिका सर्वाधिक रही। इन सभी के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं। यह गड़बड़ी कोरांव तहसील में आयोजित पिछले सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान आई शिकायतों के निस्तारण में सामने आई। जिलाधिकारी ने जिले स्तर के 17 अधिकारियों की एक टीम से इन शिकायतों का परीक्षण करवाया। जांच में पाया गया कि 51 निस्तारित प्रकरणों में से 23 मामलों में शिकायतकर्ताओं ने निस्तारण प्रक्रिया पर असंतोष व्यक्त किया था। मौके पर की गई पड़ताल से पता चला कि संबंधित कर्मचारियों ने समस्याओं का समाधान करने के बजाय केवल सतही और खानापूर्ति वाली रिपोर्ट लगा दी थी। इस अनियमितता में लेखपालों की संलिप्तता सबसे अधिक पाई गई। इस रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी के निर्देश पर लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। लेखपाल शुभम मिश्रा, अतुल कुमार तिवारी, नवनीत उपाध्याय, निष्कर्ष देव वर्धन पटेल और रवि शंकर सरोज को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त, राजस्व निरीक्षक प्रभाकांत, विद्युत विभाग के अवर अभियंता अजय कर्दम, बेलन नहर प्रखण्ड के बालगोविन्द मिश्रा, ग्राम विकास अधिकारी माण्डा रामसकल, थाना कोरांव के उप निरीक्षक अंकुश कुमार व दीपक राजपूत, तथा पेशकार अजय शंकर को भी कारण बताओ नोटिस थमाया गया है। वहीं, राजस्व लेखपाल बृजभान, अवर अभियंता (देवघाट) अवधेश कुमार, वन विभाग के क्षेत्रीय वन अधिकारी मथुरा यादव और वन दरोगा मानवेन्द्र सिंह के सेवा रिकॉर्ड में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। बेलन नहर विभाग के जेई आशुतोष विजेता को भविष्य के लिए चेतावनी दी गई है। जिलाधिकारी ने कड़े शब्दों में कहा है कि जन समस्याओं का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रेवाड़ी में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आईजीपी साउथ रेंज की स्पेशल टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 177 पेटी अवैध शराब और बीयर से भरी एक बंद बॉडी पिकअप गाड़ी जब्त की है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ड्राइवर अविनाश निवासी गांव फिदेड़ी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर पूरे तस्करी नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। जानकारी के अनुसार, आईजीपी साउथ रेंज ओम प्रकाश नरवाल के निर्देशन में स्पेशल स्टाफ को सूचना मिली थी कि गांव फिदेड़ी निवासी अविनाश धारूहेड़ा से एक बंद बॉडी पिकअप में अवैध शराब लेकर बावल होते हुए झाबुआ रोड की ओर जाने वाला है। सूचना मिलते ही स्पेशल टीम ने बावल थाना पुलिस के साथ समन्वय कर झाबुआ रोड पर नाकेबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी। तलाशी में मिली 177 पेटी अवैध शराब और बीयर चेकिंग के दौरान संदिग्ध पिकअप को रोककर तलाशी ली गई। गाड़ी के अंदर बड़ी मात्रा में शराब और बीयर की पेटियां बरामद हुईं। पुलिस ने आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर को मौके पर बुलाकर गिनती कराई। जांच में 90 पेटी विभिन्न ब्रांड की बीयर और 87 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई। कुल 177 पेटी शराब और बीयर जब्त कर ली गई। दस्तावेज नहीं दिखा सका आरोपी पूछताछ के दौरान पुलिस ने आरोपी से शराब के परिवहन संबंधी वैध लाइसेंस और परमिट मांगा, लेकिन वह कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद थाना बावल में आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि अवैध शराब कहां से लाई गई थी, इसकी सप्लाई कहां होनी थी और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
इंदौर के चोरल रेंज के ग्राम रसकुंडिया के जंगल में शनिवार दोपहर उस समय सनसनी फैल गई, जब शासकीय कार्य करने पहुंची वन विभाग की टीम पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। अतिक्रमण संभावित क्षेत्र में जल संरचना और कंटूर निर्माण का काम रोकने पहुंचे आरोपियों ने न सिर्फ वन विभाग के अमले पर पथराव किया, बल्कि तलवार और फालिये से भी हमला कर दिया। इस झड़प में एक वनरक्षक के हाथ की कलाई पर तलवार का हत्था लगने से वह घायल हो गया। उसे इलाज के लिए मध्यभारत अस्पताल भेजा गया। आरोपियों ने जेसीबी और वन विभाग की एम्बुलेंस पर भी पथराव किया, जिससे वाहनों को नुकसान पहुंचा। घटना के बाद सिमरोल थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। सिमरोल पुलिस के मुताबिक, वनपाल दर्शन सिंह परमार की शिकायत पर पवन पिता प्रेमसिंह भील, अनोखीलाल पिता प्रेमसिंह भील और प्रेमसिंह पिता पूनमचंद भील के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वनपाल ने बताया कि वे जंगल में शासकीय कार्य कराने पहुंचे थे। उनके साथ विभाग का अन्य स्टाफ भी मौजूद था। इसी दौरान प्रेमसिंह और उसके दोनों बेटे तलवार और फालिया लेकर पहुंचे तथा कर्मचारियों से गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर उन्होंने पथराव शुरू कर दिया और शासकीय कार्य रुकवा दिया। आरोपियों ने दोनों जेसीबी और वन विभाग की एम्बुलेंस के कांच भी फोड़ दिए। जान से खत्म करने दी धमकी घटना के दौरान अनोखीलाल के पास फालिया और पवन के पास तलवार थी। पवन ने वनरक्षक आनंद कुमार सिंह के साथ हाथापाई शुरू कर दी। इस हाथापाई में तलवार का हत्था आनंद कुमार के हाथ की कलाई पर लगा, जिससे आनंद कुमार सिंह को चोट लग गई और वह घायल हो गया। जैसे तैसे वन विभाग के कर्मचारियों ने आनंद कुमार को पवन से छुड़वाया। तीनों ने धमकी दी कि आज के बाद इस जगह पर कुछ भी काम करने लिए आए तो जान से खत्म कर देंगे। जिसके वन विभाग के कर्मचारी घायल आनंद को लेकर अस्पताल पहुंचे। वीडियो भी आया सामने इधर, जंगल में हुई इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। जिसमें आरोपी हाथों में हथियार लिए नजर आ रहे हैं और काम को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। इधर, घटना की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले में तीन लोगों को पर केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
बारादरी पुलिस ने अफीम तस्कर को दबोचा:उसके पास से 227 ग्राम अवैध मादक पदार्थ बरामद
बरेली के बारादरी पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शनिवार को एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 227 ग्राम अवैध अफीम बरामद की गई है। आरोपी होटल और ढाबों पर ट्रक चालकों को अफीम बेचने की फिराक में था। पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग के दौरान शहदाना पुल के पास एक व्यक्ति पुलिस टीम को देखकर भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से 227 ग्राम अवैध अफीम बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग दो लाख रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान वीरू उर्फ धर्मेंद्र (38) पुत्र केदारनाथ के रूप में हुई है, जो चनैटी लाल फाटक, थाना कैंट का निवासी है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह मजदूरी करता है, लेकिन अधिक कमाई के लालच में अफीम खरीदकर होटल और ढाबों पर आने वाले ट्रक चालकों को बेचता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी यह अफीम किससे खरीदता था और उसका नेटवर्क किन-किन क्षेत्रों तक फैला हुआ है। पुलिस ने आरोपी को आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख का एक और मामला सामने आया है। कोटा में तबादलों के नाम पर पैसे वसूलने वाले एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामला सांगोद पंचायत समिति से जुड़ा है, जहां पदस्थापित ग्राम विकास अधिकारी(VDO) मंजुला बैरागी ने मंत्री मदन दिलावर के आवास पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि बारां निवासी नरोत्तम बड़ारिया ने उनका तबादला करवाने के नाम पर उनसे पैसों की मांग की और राशि भी ली। शिक्षा मंत्री दिलावर ने जीरो एफआईआर दर्ज करने के दिए निर्देश शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मंत्री मदन दिलावर ने तत्काल महावीर नगर थाना प्रभारी को बुलाकर आरोपी के खिलाफ नामजद जीरो एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद महावीर नगर थाने में जीरो एफआईआर दर्ज की गई, जिसे सांगोद पुलिस को भेजा गया। सांगोद थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी नरोत्तम बड़ारिया को बारां से गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसने कितने लोगों से तबादलों के नाम पर ठगी की है। इस मामले में केवल मंजुला बैरागी ही नहीं, बल्कि दो अन्य ग्राम विकास अधिकारियों भूपेंद्र सिंह और संदीप सिंह चौहान ने भी आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने कई अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया हो सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और आरोपी के नेटवर्क तथा उसके संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।
नेपाल की महिला की सड़क हादसे में मौत:खाटू श्याम दर्शन को मनोना धाम जाते समय हुआ हादसा
बरेली में शनिवार को एक सड़क हादसे में नेपाल निवासी एक महिला की मौत हो गई। महिला खाटू श्याम के दर्शन के लिए मनोना धाम जा रही थी। इस दुर्घटना में उनके साथ यात्रा कर रहीं दो अन्य महिलाएं घायल हुई हैं। जानकारी के अनुसार, नेपाल के सिराहा जिले के विष्णुपुर गांव निवासी मीना देवी अपने बेटे पवन, बहन शकुंती और कुछ अन्य यात्रियों के साथ बरेली जंक्शन से टेंपो में सवार होकर मनोना धाम जा रही थीं। शनिवार को थाना बिशारतगंज क्षेत्र में रामगंगा नदी पार करने के बाद सामने से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उनके टेंपो को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि टेंपो में सवार मीना देवी, शकुंती और एक अन्य महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने मीना देवी को मृत घोषित कर दिया। अन्य दोनों घायल महिलाओं का उपचार जारी है। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है और टक्कर मारने वाली कार के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
समस्तीपुर रेलवे जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 से अगवा किए गए तीन वर्षीय मासूम केतन कुमार को तीन दिन बाद सकुशल बरामद कर लिया गया है। जीआरपी, आरपीएफ एवं विभूतिपुर थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से बच्चे की सुरक्षित बरामदगी हुई। परिजनों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, मासूम का अपहरण करने वाले अज्ञात आरोपी की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। जानकारी के अनुसार, उजियारपुर थाना क्षेत्र के मालती वार्ड संख्या-09 निवासी कंचन देवी 14 जुलाई को अपने तीन वर्षीय पुत्र केतन कुमार के साथ समस्तीपुर रेलवे जंक्शन पहुंची थीं। दोपहर करीब तीन बजे प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर इंतजार के दौरान वह बेंच पर बैठी-बैठी सो गईं। इसी बीच उनका बेटा पास में खेल रहा था। कुरकुरे का लालच देकर मासूम को बुलाया था लगभग 40 से 50 वर्ष का एक अज्ञात व्यक्ति बच्चे को कुरकुरे का लालच देकर अपने पास बुलाया और उसे गोद में उठाकर वहां से फरार हो गया। कंचन देवी की नींद खुलने पर जब बेटा वहां नहीं मिला, तो परिजनों ने स्टेशन परिसर और आसपास काफी खोजबीन की। बच्चे का कोई सुराग नहीं मिलने पर 16 जुलाई को रेल थाना समस्तीपुर में कंचन देवी के आवेदन पर रेल थाना कांड संख्या 164/26 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) एवं 143(4) के तहत अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान रेलवे स्टेशन और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसी बीच 17 जुलाई की शाम सूचना मिली कि विभूतिपुर थाना क्षेत्र के सिंघियाघाट स्थित भरपुरा बगीचा में लगभग तीन वर्ष का एक बच्चा लावारिस अवस्था में मिला है। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। विभूतिपुर थाना पुलिस ने बच्चे को अपने संरक्षण में लिया और उसकी तस्वीर जीआरपी को भेजी। पुलिस बोली- जल्द आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा जीआरपी ने बच्चे की तस्वीर परिजनों को उपलब्ध कराई, जिसके बाद कंचन देवी और उनके परिवार ने उसकी पहचान केतन कुमार के रूप में की। सूचना मिलते ही जीआरपी, आरपीएफ और विभूतिपुर थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और बच्चे को सकुशल अपने कब्जे में लेकर रेल थाना लाई। जीआरपी थाना अध्यक्ष बीरबल कुमार ने बताया कि फिलहाल बच्चे को रेल थाना में उसके माता-पिता के संरक्षण में रखा गया है। न्यायालय में प्रस्तुत करने की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे विधिवत परिजनों को सौंप दिया जाएगा। वहीं, बच्चे को अगवा करने वाले अज्ञात आरोपी की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल टावर डंप डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि आरोपी की जल्द पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने रेलवे स्टेशन पर बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
गौतमबुद्ध नगर में हिंडन नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। डूब क्षेत्र में कई जगहों पर पानी भरने के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। शनिवार दोपहर को एडीएम अजीत कुमार सिंह ने यूसुफपुर और डूब क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को जाना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जलस्तर बढ़ने की जानकारी लाउडस्पीकर के माध्यम से भी लोगों तक पहुंचाई जा रही है। एडीएम अजीत कुमार सिंह ने बताया कि हिंडन का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन की टीम तुरंत अलर्ट हो गई है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पहले से सक्रिय 18 बाढ़ चौकियों को पूरी तरह से एक्टिव कर दिया गया है। बिजली विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को भी अलर्ट जारी किया गया है और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने अपनी तैयारियों को पूरा बताया है और कहा है कि वह हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी जलस्तर बहुत अधिक नहीं बढ़ा है।
अयोध्या के महराजगंज थाना पुलिस ने चोरी की एक वारदात का खुलासा करते हुए एक पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण और 9 हजार रुपये नकद बरामद किए। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को शनिवार 18 जुलाई की दोपहर बाद न्यायालय में पेश किया गया जहां सुनवाई के बाद शाम को जेल भेज दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बलवंत चौधरी के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक हिमांशु सिंह और उनकी टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, यह मामला 8 जुलाई 2026 का है। महराजगंज थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात चोरों ने उसके भाई के घर के पीछे का रोशनदान तोड़कर प्रवेश किया और नकदी व आभूषण चुरा लिए। इस शिकायत के आधार पर महराजगंज थाने में दर्ज मुकदमे के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान इसमें धारा 317(2) बीएनएस की भी बढ़ोतरी की गई। गठित पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए 18 जुलाई को मया बाजार बाईपास स्थित बनगवां मोड़ के पास से आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान सुंदर पुत्र स्वर्गीय मथुरा और शीला पत्नी राकेश उर्फ पौवा, दोनों निवासी ग्राम बनगवां, थाना महराजगंज, जनपद अयोध्या के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो अंगूठियां, एक जोड़ी झुमकी, एक जोड़ी कान के टॉप्स, दो लॉकेट, एक मांगटीका, एक करधनी, दो जोड़ी पायल, एक ब्रेसलेट और 9 हजार रुपये नकद बरामद किए। पूछताछ और बरामदगी के आधार पर पुलिस ने चोरी की इस घटना का सफल अनावरण किया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त सुंदर के खिलाफ चोरी, आबकारी और एनडीपीएस अधिनियम सहित विभिन्न थानों में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। अभियुक्ता शीला के विरुद्ध भी चोरी से संबंधित कई मामले पहले से दर्ज हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक हिमांशु सिंह, हेड कांस्टेबल मनोज कुमार, कांस्टेबल ऋषिकेश चौरसिया और महिला कांस्टेबल प्रिया यादव शामिल थीं।
खगड़िया के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित कचहरी रोड पर किराए के मकान में रह रही बीए प्रथम वर्ष की 17 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान बेगूसराय जिले की रहने वाली मुस्कान कुमारी के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। जानकारी के अनुसार, मुस्कान पिछले करीब दो महीने से अपनी छोटी बहन के साथ खगड़िया में किराए के मकान में रहकर स्नातक की पढ़ाई कर रही थी। शनिवार को वह अपने कमरे में मृत पाई गई, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई। देखें, मौके से आई तस्वीरें… बेटी की मौत संदिग्ध, कार्रवाई हो मृतका के परिजनों ने इसे हत्या का मामला बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मुस्कान के शरीर पर कई जगह गहरे जख्म के निशान थे, जिससे उसकी मौत संदिग्ध प्रतीत होती है। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। एफएसएल की टीम मौके से जुटाए साक्ष्य घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को मौके पर बुलाया। एफएसएल विशेषज्ञों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर विभिन्न वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए, जिन्हें जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। एसडीपीओ-1 बोले-मामले की जांच जारी सदर एसडीपीओ-1 मुकुल कुमार रंजन ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला करंट लगने से मौत का प्रतीत होता है। हालांकि, पुलिस किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रही है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस परिजनों के आवेदन का भी इंतजार कर रही है। यूडी का मामला दर्ज कर जांच शुरू फिलहाल चित्रगुप्त नगर थाना पुलिस ने यूडी (अप्राकृतिक मृत्यु) का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने और सभी साक्ष्य सामने आने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
असम का युवक चलती ट्रेन से गिरा:मुंबई से लौटते समय हादसा, जिला अस्पताल में गंभीर हालत में उपचार जारी
हरदा जिले में एक युवक चलती ट्रेन से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। यह घटना शनिवार शाम करीब छह बजे छीपाबड़ थाना क्षेत्र के भिरंगी रेलवे स्टेशन के पास हुई। पुलिस को मुंबई-दिल्ली रेलमार्ग के अप और डाउन ट्रैक के बीच खंभा नंबर 651 के 17/19 पॉइंट के पास एक युवक के पड़े होने की सूचना मिली थी। यह स्थान भिरंगी रेलवे स्टेशन से लगभग 500 मीटर हरदा की ओर है। डायल 112 की मदद से घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में युवक का मोबाइल टूट गया था, लेकिन उसकी जेब से मिले मोबाइल बिल के आधार पर संपर्क किया गया। उसके बड़े भाई मेहंदी हसन ने बताया कि युवक का नाम मोक्तादिर हसन (19) है और वह असम राज्य के कोकराझार जिले के गोसाईगांव थाना क्षेत्र का निवासी है। मोक्तादिर आठ दिन पहले रोजगार की तलाश में मुंबई गया था और वापस असम लौटते समय यह हादसा हुआ। पुलिस के अनुसार, युवक संभवतः ट्रेन की बोगी के गेट पर बैठा था, जिसके कारण वह नीचे गिर गया। जिला अस्पताल के डॉक्टर मोहम्मद इरफान ने बताया कि मोक्तादिर के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और उसे करीब 35 टांके लगे हैं। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है और उपचार जारी है।
सहारनपुर में कांवड़ यात्रा की तैयारियों के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। शनिवार शाम 5 बजे मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार, डीएम अरविंद कुमार चौहान और एसएसपी अभिनंदन ने एसपीसिटी व्योम बिंदल के साथ जिले के प्रमुख कांवड़ मार्गों का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण सरसावा हाईवे कट से लेकर गागलहेड़ी थाना क्षेत्र तक किया गया। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान बैरिकेडिंग, ट्रैफिक डायवर्जन, सड़क की स्थिति, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने कांवड़ियों के विश्राम स्थलों का भी बारीकी से निरीक्षण कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने और यातायात को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से पूरे कांवड़ मार्ग की लगातार निगरानी पर जोर दिया, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। साथ ही, एंबुलेंस, मेडिकल टीम और अन्य आपातकालीन सेवाओं की हर समय उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बिजली, पेयजल और साफ-सफाई से जुड़े विभागों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने को कहा गया है। एसएसपी ने अधीनस्थ अधिकारियों को कांवड़ यात्रा शुरू होने तक सभी तैयारियों की नियमित समीक्षा करने और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। एसएसपी ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुगम आवागमन पुलिस प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। प्रशासन का अनुमान है कि इस बार कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे। इसे देखते हुए सुरक्षा, यातायात और मूलभूत सुविधाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं, ताकि यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
जोधपुर का मेडिकल प्रशासन लगातार सिजेरियन डिलीवरी के बाद बिगड़ रही प्रसूताओं की तबीयत को लेकर पर्दा डाल रहा है। अब बताया जा रहा है कि तीन प्रसूताओं की किडनी में इन्फेक्शन हुआ है। अब मेडिकल कॉलेज की ओर से जारी की जानकारी में बताया गया है कि 5 नहीं 8 प्रसूताओं का इलाज चल रहा है। इनमें से एक प्रसूता की गलत खून चढ़ाने के बाद तबीयत बिगड़ी थी। ये सभी हॉस्पिटल में एडमिट है। इनमें से 5 प्रसूताओं का इलाज उम्मेद हॉस्पिटल में चल रहा है, जबकि 3 प्रसूताएं महात्मा गांधी हॉस्पिटल में एडमिट हैं। यहां पर एक प्रसूता पिछले 24 दिन से एडमिट है, जो वेंटिलेटर पर है और उसका डायलिसिस भी चल रहा है। उम्मेद हॉस्पिटल में इन प्रसूताओं का चल रहा है इलाज प्रसूता सरोज को ओसियां से रेफर किया गया था। सरोज को कार्डियक प्रॉब्लम हुई थी, जिससे सिजेरियन डिलीवरी करने पड़ी। अभी सरोज वेंटिलेटर पर है। हालत में सुधार होने पर एमआरआई करवाई जाएगी। प्रसूता रेखा को शुक्रवार को पाली के प्राइवेट हॉस्पिटल से रेफर किया गया था। उसे ब्लीडिंग और हेल्प सिंड्रोम की दिक्कत थी। वह अभी ऑक्सीजन पर है। ब्लीडिंग ज्यादा होने पर शुक्रवार को एक बार उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था, अब हटा दिया गया है। प्रसूता पूजा को शेरगढ़ से उम्मेद हॉस्पिटल लाया गया था। ज्यादा ब्लीडिंग होने के बाद अभी आईसीयू में है। रोशनी को नागौर से रेफर किया गया था। वह भी नागौर के प्राइवेट हॉस्पिटल से उम्मेद हॉस्पिटल रेफर हुई थी। उसे पहले से बीपी की समस्या थी। बीपी बढ़ गया था। इसके साथ ही बच्चा उल्टा हुआ था। अभी ऑक्सीजन सपोर्ट पर आईसीयू में है। प्रसूता बज्जू को जैतारण के प्राइवेट हॉस्पिटल से रेफर किया गया था। उसके WBC चढ़ाया गया है। प्लेटलेट्स कम है, इसके लिए हॉस्पिटल ने डोनर की व्यवस्था की जा रही है। महात्मा गांधी हॉस्पिटल में एक प्रसूता उम्मेद से रेफर धापू की बावड़ी में नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। इसके बाद एनीमिया के कारण उसे उम्मेद हॉस्पिटल रेफर किया गया था। लेकिन, 12 जुलाई को O पॉजिटिव की जगह B पॉजिटिव ब्लड चढ़ा दिया था। इसके बाद 13 जुलाई को उसे महात्मा गांधी हॉस्पिटल रेफर किया गया। अभी उसकी हालत में सुधार है। दूसरी महिला तिंवरी निवासी समू है, जो पिछले 24 दिनों से महात्मा गांधी हॉस्पिटल में है। इसके गर्भाशय और पेशाब की थैली फट गई थी। इसी हालत में 24 जून को इसे महात्मा गांधी हॉस्पिटल लाया गया था। अभी ये वेंटिलेटर पर है और डायलिसिस चल रहा है। तीसरी प्रसूता बावड़ी निवासी उषा है। जिसे 18 जुलाई शनिवार को उम्मेद हॉस्पिटल से महात्मा गांधी रेफर किया गया था। इस महिला के ज्यादा खून बहने के कारण किडनी पर असर आया। इसके बाद उसे रेफर किया गया। इधर, अधिकारी पहुंचे निरीक्षण करने, प्रिंसिपल बोले- बीपी और तान आने से बिगड़ी तबीयत इधर, इस मामले को लेकर एडीएम जवाहर चौधरी महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचकर निरीक्षण किया। इसके साथ ही एसडीएम (दक्षिण) पंकज जैन ने भी अस्पताल पहुंचकर वहां की व्यवस्थाएं देखी। संभागीय आयुक्त केएल स्वामी भी उम्मेद हॉस्पिटल पहुंचे थे और यहां की सारी व्यवस्थाओं का जायता लेने के साथ रिव्यू भी किया। वहीं इस मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा ने बताया कि तीन प्रसूताओं की किडनी में इन्फेक्शन है, जो महात्मा गांधी हॉस्पिटल में एडमिट है। जबकि उम्मेद हॉस्पिटल में एडमिट प्रसूताओं में बीपी और तान आने की शिकायत है। ------------ मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… जोधपुर में फिर 5 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी:तीन ICU में; 1 वेंटिलेटर पर, उम्मेद हॉस्पिटल का दावा-सभी रेफर होकर आईं जोधपुर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद फिर प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आय है। पिछले दो दिन में 5 प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी है। इन सभी का इलाज उम्मेद हॉस्पिटल में चल रहा है। (पूरी खबर पढ़ें…)
सालाना अलमस्त बापू लाल बादशाह जी मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए जालंधर ग्रामीण पुलिस पूरी तरह मुस्तैद हो गई है। जालंधर ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हरविंदर सिंह विर्क ने शनिवार को खुद मेला स्थल का दौरा किया और सुरक्षा व यातायात (ट्रैफिक) प्रबंधों का बारीकी से निरीक्षण किया। एसएसपी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक निरीक्षण के बाद एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क की अध्यक्षता में एक विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में एसपी (पीबीआई) मनजीत कौर, एसपी (मुख्यालय) डॉ. मुकेश कुमार सहित जिले के सभी गजटेड अधिकारी और सभी थानों के प्रभारी (एसएचओ) विशेष रूप से शामिल हुए। बैठक के दौरान एसएसपी ने स्पष्ट किया कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी कीमत पर कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अफसरों को मिले सख्त निर्देश: खुद संभालें मोर्चा एसएसपी विर्क ने सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए अधिकारियों को निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए। सभी गजटेड अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने ड्यूटी प्वाइंटों पर खुद मौजूद रहकर व्यक्तिगत रूप से निगरानी करें। सभी डीएसपी (DSP) अपने-अपने उपमंडलों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की हर घंटे समीक्षा करेंगे और ऑन-ड्यूटी पुलिस कर्मियों के साथ लगातार तालमेल बनाए रखेंगे। मेला क्षेत्र और जिले की सीमाओं पर प्रभावी नाकाबंदी करने, चौबीसों घंटे गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ाने और संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की गहन चेकिंग करने के आदेश दिए गए हैं। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और पार्किंग पर विशेष फोकस मेले के दौरान ट्रैफिक जाम एक बड़ी समस्या बनता है, जिससे निपटने के लिए पुलिस ने विशेष खाका तैयार किया है। एसएसपी ने भीड़भाड़ वाले संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने, वाहनों के लिए सुचारु पार्किंग की व्यवस्था करने और बिना रुकावट यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके साथ ही किसी भी अप्रिय या आपातकालीन स्थिति से त्वरित ढंग से निपटने के लिए पुलिस की 'क्विक रिस्पांस टीम' को पूरी तैयारी में रहने को कहा गया है। जालंधर ग्रामीण पुलिस ने मेले को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न करवाने के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं। इसके साथ ही पुलिस प्रशासन ने आम जनता और देश-विदेश से आने वाले सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें, पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों व निर्धारित रूटों (मार्गों) का पालन करें और ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों का साथ दें।
कानपुर में युवती से दुष्कर्म:जाजमऊ पुलिस ने 24 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा
कानपुर के जाजमऊ थाना क्षेत्र में भरोसे के रिश्ते को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। परिवार का करीबी बनकर घर में आने-जाने वाले युवक ने कथित तौर पर एक युवती के साथ दुष्कर्म कर दिया। घटना का खुलासा होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया और महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर शनिवार शाम करीब 5 बजे जेल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान नावेद अली खान निवासी जाजमऊ के रूप में हुई है। वह लंबे समय से पीड़िता के परिवार के संपर्क में था। मोहल्ले में रहने के कारण उसका परिवार के घर आना-जाना था, जिससे सभी उस पर भरोसा करते थे। आरोप है कि इसी विश्वास का फायदा उठाकर उसने मौका मिलने पर युवती के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद पीड़िता मानसिक रूप से काफी आहत हो गई। हिम्मत जुटाकर उसने पूरी घटना अपने परिजनों को बताई। जानकारी मिलते ही परिवार के लोग उसे लेकर जाजमऊ थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी। सर्विलांस और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया। पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। थाना प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। मामले में सभी आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर ली गई है। विवेचना जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मऊगंज पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे दो इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के मामले में 10 हजार के इनामी आरोपी और एससी-एसटी (SC-ST) एक्ट के मामले में 5 हजार रुपए के इनामी स्थायी वारंटी को पकड़ा। इसके साथ ही पुलिस ने अलग-अलग इलाकों से लापता एक 12 वर्षीय बालक और 17 और 16 वर्ष की दो लड़कियों को पुलिस ने ढूंढकर परिवार को सौंपा। दोनों इनामी आरोपियों को पकड़कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। एनडीपीएस मामले का 10 हजारी इनामी दूसरे राज्य से गिरफ्तार पहला मामला जून 2025 में दर्ज एनडीपीएस एक्ट और ड्रग्स कंट्रोल अधिनियम से जुड़ा है। इस मामले में पुलिस ने पहले दो आरोपियों से 70 शीशी नशीली कफ सिरप जब्त की थी। तब से ही आरोपी सुनील तिवारी उर्फ बक्के तिवारी उर्फ लाला तिवारी (निवासी घुरेहटा) फरार चल रहा था और उस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था। मऊगंज पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से जाल बिछाकर आरोपी को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया। 5 हजार का इनामी वारंटी भी चढ़ा हत्थे दूसरे मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एससी-एसटी अधिनियम के तहत फरार चल रहे आरोपी संतोष सोनी उर्फ लाला उर्फ यश सोनी (निवासी बहुती) को मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया गया।
कानपुर में शादी के लिए दूध, खोया और पनीर की सप्लाई करने वाले एक कारोबारी को भुगतान मांगना महंगा पड़ गया। कारोबारी का आरोप है कि रुपये मांगने पर तीन लोगों ने उसके साथ मारपीट की और एक आरोपित ने दांत से उसके बाएं हाथ का अंगूठा काट लिया। शिकायत के बावजूद मुकदमा दर्ज न होने पर पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर कल्याणपुर पुलिस ने तीन आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चार महीने तक पहुंचाया दूध, शादी में भी दिया सामान कल्याणपुर थाना क्षेत्र के अकबरपुर बैरी निवासी ऋषि कनौजिया ने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह घर-घर दूध सप्लाई करते हैं। पिछले चार महीने से वह दयानंद विहार निवासी मोहम्मद सलीम के घर रोज तीन लीटर दूध पहुंचा रहे थे। इसी दौरान सलीम ने बेटी की शादी के लिए नौ किलो खोया, 13 किलो पनीर और 40 लीटर दूध का ऑर्डर दिया। तय समय पर सामान देने के बाद भुगतान शादी के बाद करने का आश्वासन दिया गया। भुगतान मांगने पर रास्ते में रोककर पीटा पीड़ित के अनुसार 12 जनवरी 2026 की रात करीब नौ बजे वह दूध की सप्लाई कर बाइक से घर लौट रहे थे। बैरी पुलिया के पास मोहम्मद सलीम, उसका बेटा फारुख इमरान और सलीम की पत्नी मिले। आरोप है कि बकाया रुपये मांगने पर तीनों ने उन्हें बाइक से गिराकर लात-घूंसों से पीटना शुरू कर दिया। दांत से अंगूठा काटने का आरोप ऋषि का आरोप है कि मारपीट के दौरान फारुख इमरान ने उनके बाएं हाथ के अंगूठे को दांत से काट लिया, जिससे अंगूठा गंभीर रूप से घायल हो गया और मांस बाहर आ गया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो तीनों आरोपित वहां से भाग निकले। जान से मारने की धमकी का भी आरोप पीड़ित ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान आरोपितों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। कथित तौर पर कहा गया कि रुपये मांगने की हिम्मत दोबारा की तो बदमाश रिश्तेदारों से ठिकाने लगवा देंगे। कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर ऋषि का कहना है कि घटना के बाद पुलिस ने उनका मेडिकल तो कराया, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसके बाद उन्होंने एसीजेएम-2 अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। अदालत के आदेश पर कल्याणपुर पुलिस ने मोहम्मद सलीम, फारुख इमरान और सलीम की पत्नी के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बोली- साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई डीसीपी पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में तीनों आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उदयपुर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सीबीएन की टीम ने राणा प्रताप नगर रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी करके तीन शातिर ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। इन तस्करों के पास से तीन ट्रॉली बैगों में छिपाकर ले जाई जा रही 40.730 किलोग्राम पोस्ता भूसी (डोडा चूरा) बरामद की गई है। पकड़े गए आरोपी इस खेप को ट्रेन के जरिए मुंबई ले जाने की फिराक में थे। खुफिया सूचना पर सीबीएन ने बिछाया जाल सीबीएन के अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि विभाग को एक पुख्ता खुफिया सूचना मिली थी कि कुछ लोग भारी मात्रा में नशीला पदार्थ लेकर राणा प्रताप नगर रेलवे स्टेशन से मुंबई जाने वाले हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 17 जुलाई की शाम को सीबीएन उदयपुर के अधिकारियों की एक स्पेशल टीम का गठन किया गया और उसे तुरंत रेलवे स्टेशन के लिए रवाना किया गया। टीम ने स्टेशन परिसर में पहुंचकर संदिग्ध लोगों पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी। भीड़ का फायदा उठाकर भागने की कोशिश, पीछा कर दबोचा स्टेशन पर निगरानी के दौरान जैसे ही टीम ने हुलिए के आधार पर तीन संदिग्ध युवकों को पहचान कर पूछताछ के लिए रोकने की कोशिश की, तो वे घबरा गए। आरोपी स्टेशन पर मौजूद यात्रियों की भीड़ का फायदा उठाकर भागने लगे, लेकिन सीबीएन के अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उनका पीछा किया और तीनों को मौके पर ही दबोच लिया। रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ और सुरक्षा कारणों की वजह से वहां बैग खोलना उचित नहीं था, इसलिए टीम कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी कर तीनों को सामान समेत सीबीएन ऑफिस ले आई। ऑफिस में बैग खोले तो खुली पोल, एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज सीबीएन ऑफिस लाकर जब तीनों ट्रॉली बैगों की बारीकी से तलाशी ली गई, तो उनके अंदर से 40 किलो 730 ग्राम पोस्ता भूसी बरामद हुई। इसके बाद सीबीएन ने एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत नशीले पदार्थ को जब्त कर लिया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल सीबीएन की टीम पकड़े गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों का पता लगाया जा सके। उदयपुर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। सीबीएन की टीम ने राणा प्रताप नगर रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी करके तीन ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। इन तस्करों के पास से तीन ट्रॉली बैगों में छिपाकर ले जाई जा रही 40.730 किलोग्राम पोस्ता भूसी (डोडा चूरा) बरामद की गई है। पकड़े गए आरोपी इस खेप को ट्रेन के जरिए मुंबई ले जाने की फिराक में थे। सीबीएन के अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि विभाग को एक पक्की खुफिया सूचना मिली थी। सूचना में कहा गया था कि कुछ लोग भारी मात्रा में नशीला पदार्थ लेकर राणा प्रताप नगर रेलवे स्टेशन से मुंबई जाने वाले हैं। सूचना पर 17 जुलाई की शाम को सीबीएन उदयपुर के अधिकारियों की एक स्पेशल टीम बनाई गई और उसे तुरंत रेलवे स्टेशन के लिए रवाना किया गया। टीम ने स्टेशन परिसर में पहुंचकर संदिग्ध लोगों पर कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी। जैसे ही टीम ने हुलिए के आधार पर तीन संदिग्ध युवकों को पहचान कर पूछताछ के लिए रोकने की कोशिश की, तो वे घबरा गए। आरोपी स्टेशन पर मौजूद भीड़ का फायदा उठाकर भागने लगे। लेकिन सीबीएन के अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए पीछा किया और तीनों को मौके पर ही दबोच लिया। रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ और सुरक्षा कारणों की वजह से वहां बैग खोलना ठीक नहीं था, इसलिए टीम कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी कर तीनों को सामान समेत सीबीएन आफिस ले आई। आफिस लाकर जब तीनों ट्रॉली बैगों की बारीकी से तलाशी ली गई, तो उनके अंदर से 40 किलो 730 ग्राम पोस्ता भूसी निकली। इसके बाद सीबीएन ने एनडीपीएस एक्ट के तहत नशीले पदार्थ को जब्त कर लिया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल सीबीएन की टीम पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
गोंडा जिले में नगर कोतवाली क्षेत्र के गोंडा-बलरामपुर मार्ग पर चिंटू बाबा मंदिर के सामने स्थित आरिफ पंचर की दुकान में आज शनिवार रात करीब 8:30 बजे भीषण आग लग गई। अज्ञात कारणों से लगी इस आग में लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। आग लगने के समय दुकान मालिक आरिफ बाहर पंचर बनाने का काम कर रहे थे। देखते ही देखते आग दुकान के अंदर रखे नए और पुराने टायरों तक फैल गई, जिससे आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब 40 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस अग्निकांड में दुकान में रखे लाखों रुपये के टायर और हवा भरने वाली मशीन जलकर नष्ट हो गई। मशीन आग की चपेट में आने से फट गई, और दुकान की छत भी क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की सूचना पर नगर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस आरिफ पंचर वाले से घटना के संबंध में पूछताछ कर रही है। फायर विभाग भी आग लगने के कारणों की जांच कर रहा है। सभी बिंदुओं पर फिलहाल जांच जारी है। आग लगने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए थे, जिन्होंने आग बुझाने में भी मदद की। नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि आरिफ पंचर की दुकान में आग लगी थी, जिस पर पुलिस और फायर ब्रिगेड ने मिलकर काबू पा लिया है। आग के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
कानपुर में जल संरक्षण की दिशा में शुरू की गई 249.92 करोड़ रुपए की टर्शियरी ट्रीटमेंट प्लांट (टीटीपी) परियोजना पूरी क्षमता से संचालित होने लगी है। बिनगवां स्थित प्लांट में सीवेज के शोधित पानी को अत्याधुनिक तकनीक से साफ कर पनकी थर्मल पावर प्लांट भेजा जा रहा है। इससे ताजे पानी की खपत घटेगी, किसानों के लिए सिंचाई योग्य जल बचेगा और नदियों में जाने वाले अपशिष्ट जल में भी कमी आएगी। शनिवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने परियोजना का निरीक्षण कर इसकी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि करीब 249.92 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित इस परियोजना का उद्देश्य अपशिष्ट जल का पुनः उपयोग कर ताजे पानी की बचत करना है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे उद्योगों में शोधित जल का उपयोग बढ़ेगा। आरओ-यूएफ तकनीक से तैयार हो रहा उच्च गुणवत्ता का पानी बिनगवां स्थित 210 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में सेकेंडरी ट्रीटमेंट के बाद पानी को 40 एमएलडी क्षमता वाले टर्शियरी ट्रीटमेंट प्लांट में भेजा जाता है। यहां रिवर्स ऑस्मोसिस (आरओ) और अल्ट्रा फिल्ट्रेशन (यूएफ) मेम्ब्रेन आधारित तकनीक से पानी का उन्नत स्तर पर शोधन किया जाता है, जिससे उसकी गुणवत्ता लगभग पेयजल स्तर तक पहुंच जाती है। 18 किलोमीटर पाइपलाइन से पहुंच रहा पनकी प्लांट प्लांट से प्रतिदिन 40 एमएलडी शोधित जल 18 किलोमीटर लंबी और 600 मिमी व्यास की पाइपलाइन के जरिए पनकी थर्मल पावर प्लांट भेजा जा रहा है। इस पानी का उपयोग कूलिंग टावर और बॉयलरों में किया जा रहा है। उच्च गुणवत्ता वाले पानी के इस्तेमाल से मशीनों में स्केलिंग और जंग जैसी समस्याएं कम होंगी, जिससे संयंत्र की कार्यक्षमता बेहतर बनी रहेगी और रखरखाव का खर्च भी घटेगा। किसानों के लिए बचेगा सिंचाई योग्य पानी जिलाधिकारी ने बताया कि पहले शोधित सीवेज का बड़ा हिस्सा नदियों में बह जाता था, लेकिन अब उसी पानी का औद्योगिक उपयोग किया जा रहा है। इससे थर्मल पावर प्लांट को सिंचाई योग्य ताजे पानी की जरूरत कम होगी और वह पानी किसानों की खेती के लिए उपलब्ध रहेगा। साथ ही नदियों में जाने वाले अपशिष्ट जल की मात्रा भी घटेगी, जिससे जल प्रदूषण पर नियंत्रण मिलेगा। उत्तर प्रदेश का पहला आरओ-यूएफ आधारित टीटीपी डीएम ने बताया कि टैरिफ पॉलिसी-2016 के तहत एसटीपी से 50 किलोमीटर की परिधि में स्थित थर्मल पावर स्टेशनों में शोधित सीवेज के उपयोग का प्रावधान किया गया है। इसी के तहत बिनगवां में उत्तर प्रदेश का पहला आरओ और यूएफ मेम्ब्रेन आधारित टर्शियरी ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया गया है। इसका निर्माण एनटीपीसी ने कराया है, जबकि संचालन और अनुरक्षण उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना अपशिष्ट जल के पुनः उपयोग, औद्योगिक जल प्रबंधन और जल संरक्षण का सफल मॉडल बनकर सामने आई है।
मुजफ्फरपुर के कच्ची-पक्की चौक पर शनिवार शाम एक तेज रफ्तार यात्री बस ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद बस चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। मृतक की पहचान मनियारी थाना क्षेत्र के चैनपुर बंगरा निवासी 25 वर्षीय मोहम्मद आतिफ के रूप में हुई है। घायल युवक भी उसी गांव का रहने वाला बताया जा रहा है, जिसकी हालत गंभीर बनी हुई है और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाइक सवार दोनों युवकों को बस ने 50 मीटर तक घसीटा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद बस करीब 50 मीटर तक बाइक समेत दोनों युवकों को घसीटती चली गई। बाइक बस के अगले हिस्से में फंसी रही। चालक बस को बीच सड़क पर छोड़कर फरार हो गया, जिससे मुजफ्फरपुर-हाजीपुर मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया। सड़क पर बस, क्षतिग्रस्त बाइक और शव पड़े होने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। सूचना मिलते ही कच्ची-पक्की थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया और यातायात सामान्य कराया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) भेज दिया गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस और उसमें फंसी बाइक को भी जब्त कर लिया है। कच्ची-पक्की थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि फरार बस चालक की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। मृतक के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सीतापुर के कमलापुर थाना क्षेत्र के कसमंडा इलाके में शनिवार शाम करीब 7 बजे तेज रफ्तार कार की टक्कर से बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद एक युवक की हालत गंभीर होने पर उसे लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। ग्राम कसमंडा निवासी प्रियांशु (38) पुत्र कमता प्रसाद अपने साथी पवन (30) पुत्र अर्जुन लाला के साथ बाइक से अपने मामा के घर जा रहे थे। शनिवार शाम जब उनकी बाइक सीता रसोई के पास पहुंची, तभी पीछे से तेज रफ्तार में आ रही एक कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। इसके बाद दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने दोनों का प्राथमिक उपचार किया। जांच के दौरान प्रियांशु की हालत गंभीर पाई गई, जिसके चलते उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ स्थित ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। वहीं दूसरे घायल पवन का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के साथ ही कार और उसके चालक की पहचान में जुटी है। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने के बाद संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
गोपालगंज के बरौली थाना क्षेत्र के प्यारेपुर गांव में पूर्व विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस घटना में एक ही परिवार के तीन सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में 45 वर्षीय अशोक कुमार मांझी, उनकी 40 वर्षीय पत्नी रामान्ति देवी और 18 वर्षीय बेटा नीतीश कुमार शामिल हैं। घात लगाए बैठे विपक्षियों ने पीटा घायलों के अनुसार, घटना तब हुई जब नीतीश कुमार किसी काम से घर से बाहर निकले थे। रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे विपक्षियों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से नीतीश पर अचानक हमला कर दिया। युवक को अकेला पाकर हमलावरों ने उसे बुरी तरह पीटा, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा और मदद के लिए चिल्लाने लगा। बेटे की चीख-पुकार सुनकर उसके माता-पिता, अशोक कुमार और रामान्ति देवी, मौके पर पहुंचे। जब उन्होंने हमलावरों से अपने बेटे को छोड़ने की गुहार लगाई, तो आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए माता-पिता को भी लाठी और ईंटों से पीटा गया, जिससे वे तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। मामले की जांच की जा रही स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि रामान्ति देवी की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
उदयपुर: उदयपुर के ऐतिहासिक गुलाब बाग का अब जल्द ही कायाकल्प होने जा रहा है। शहर विधायक ताराचंद जैन और नगर निगम आयुक्त (कमिश्नर) अभिषेक खन्ना ने शनिवार को गुलाब बाग का औचक दौरा किया। इस दौरान वहां सुबह-शाम सैर करने आने वाले शहरवासियों ने अधिकारियों को घेर लिया और पार्क की कई बड़ी समस्याओं को उनके सामने रखा। विधायक और आयुक्त ने लोगों की सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को तुरंत काम शुरू करने के कड़े निर्देश दिए। आवारा कुत्तों का आतंक होगा खत्म, पार्क बनेगा प्लास्टिक मुक्त गुलाब बाग में घूमने आने वाले बुजुर्गों और बच्चों के लिए आवारा कुत्ते (स्ट्रीट डॉग्स) इस समय सबसे बड़ा खतरा बन चुके हैं। स्थानीय लोगों ने शिकायत की कि पार्क में कुत्तों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ गई है और वे आए दिन सैर करने वालों पर झपट पड़ते हैं। कई बच्चों और बुजुर्गों को कुत्ते काट भी चुके हैं। इस पर कमिश्नर अभिषेक खन्ना ने अधिशाषी अभियंता अखिल अरोड़ा को निर्देश दिए कि इन कुत्तों को पकड़कर तुरंत दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए। कमिश्नर ने लोगों से भी अपील की कि वे पार्क के अंदर कुत्तों को खाने-पीने की चीजें न डालें। इसके साथ ही पार्क को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने और सफाई व्यवस्था को तुरंत सुधारने के आदेश दिए गए। पक्षियों को दाना डालने के लिए तय होगा निश्चित स्थान पार्क में लोग जगह-जगह पक्षियों को दाना डाल देते हैं, जिससे वहां चूहों का आतंक बहुत बढ़ गया है। ये चूहे जमीन में गहरे बिल बनाकर बड़े-बड़े ऐतिहासिक पेड़ों की जड़ों को खोखला कर रहे हैं। इस समस्या को खत्म करने के लिए अब पार्क में पक्षियों को दाना डालने का एक निश्चित स्थान (फिक्स जगह) तय किया जाएगा। इसके अलावा सालों से पार्क में गिरकर सड़ रहे सूखे और टूटे पेड़ों को भी तुरंत बाहर निकालने के निर्देश दिए गए हैं। कमल तलाई का पानी होगा साफ, बंद पड़े फव्वारे फिर होंगे शुरू लोगों ने शिकायत की कि गुलाब बाग की प्रसिद्ध 'कमल तलाई' का पानी सड़ रहा है और उससे तेज बदबू आ रही है। इस पर विधायक और कमिश्नर ने खुद तलाई के पास जाकर हालातों का जायजा लिया। कमिश्नर ने अधिकारियों को तलाई की तुरंत सफाई करने और वहां सालों से बंद पड़े फव्वारों को दोबारा चालू करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पार्क में सीवरेज का गंदा पानी आने से रोकने के लिए भी सख्त हिदायत दी गई है। श्रद्धालुओं के लिए रात 9 बजे तक खुलेगा पार्क, अवैध कब्जे हटेंगेगुलाब बाग के मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं की मांग पर पार्क के बंद होने का समय रात 8 बजे से बढ़ाकर अब 9 बजे कर दिया गया है। लोगों का कहना था कि रात 8 बजे मंदिरों में आरती होती है, जिससे बाहर निकलते-निकलते 9 बज जाते हैं। इसके साथ ही पार्क में हो रहे नए अवैध कब्जों को हटाने और वहां अवैध रूप से रह रहे संदिग्ध लोगों की जांच करने के आदेश पुलिस निरीक्षक मांगीलाल डांगी को दिए गए। पार्क की पुरानी नहर वाली सिंचाई पद्धति को भी फिर से जिंदा किया जाएगा।
संभल में शनिवार सुबह 8 बजे अफेयर में युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोपी ने बहाने से युवक को खेत पर बुलाया था। मर्डर के बाद आरोपी ने युवक की बहन को फोनकर बोला- तुम्हारे भाई को मार दिया है। आकर लाश ले जाओ। बहन ने भाई की प्रेमिा के पिता, चचेरे भाई और ट्यूबवेल मालिक पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपियों की तलाश कर रही है। मामला थाना रजपुरा क्षेत्र के गांव लहरा का है। अब जानिए पूरा मामला… थाना कैलादेवी के कमालपुर निवासी अतरपाल सिंह के बेटे उदयवीर सिंह (26) का गांव लहरा रतु की एक लड़की से पिछले 5 साल से अफेयर चल रहा था। डेढ़ साल पहले दोनों के परिजनों ने उनकी अलग-अलग जगह शादी करा दी थी, लेकिन इसके बावजूद दोनों में बातचीत हो रही थी। अब जानिए पूरा मामला… शनिवार सुबह करीब 6 बजे उदयवीर अपने खेत पर पानी चलाने के लिए गया था। वह ट्यूबवेल की चाबी लेने के लिए गांव लहरा निवासी डीलर वीरेंद्र के घर पहुंचा। लड़की के चाचा का मकान डीलर के घर के ठीक सामने है। यहीं पर लड़की के चचेरे भाई विजयपाल ने दो अन्य लोगों के साथ मिलकर उदयवीर की पिटाई शुरू कर दी। पिटाई के दौरान लाठी लगने से उसके निजी अंगों पर गंभीर चोटें आईं, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। सुबह 8 बजे ट्यूबवेल मालिक के फोन करने पर उदयवीर की बहन गीता मौके पर पहुंची। उसने अपने भाई को गंभीर हालत में देखा और तुरंत परिजनों को सूचना दी। परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जा रहे थे, तभी सुबह करीब 9 बजे उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। परिजन शव को गांव कमालपुर ले गए। युवक की मौत की सूचना मिलने के बाद दोनों थानों की पुलिस सुबह 11 बजे तक गांव पहुंच गई। थाना रजपुरा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव रात 8:10 बजे गांव पहुंचा। इस घटना से परिजनों में गहरा शोक व्याप्त है। बहन गीता ने कहा- ट्यूबवेल मालिक का धान में पानी लगाने के लिए फोन आया था। मेरे भाई ने कहा था कि धान तो भर गए हैं। इस पर ट्यूबवेल मालिक ने कहा- दोबारा भर ले, फिर तेरा नंबर नहीं आएगा। वीरेंद्र, डुबकी और विजयपाल ने घर के अंदर बंद कर मेरे भाई को मारा है। डुबकी ने ही फोन कर बताया कि तेरे भैया को मार डाला है, उठाकर ले जाओ। उदयवीर की पत्नी पूनम ने बताया- फोन कर ट्यूबवेल से खेत भरने के लिए बुलाया था। मेरे सामने तो कोई झगड़ा नहीं था। मेरा घर उजाड़ दिया गया। उदयपाल के 5 महीने का बेटे है। थाना रजपुरा प्रभारी संदीप चौधरी ने बताया कि युवक की मौत की सूचना पर पुलिस पहुंची थी। शव का पोस्टमार्टम करने के बाद परिजनों को दे दिया गया है, परिजनों की शिकायत पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। परियों ने प्रेम प्रसंग में पीट-पीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है पूरे मामले की छानबीन की जा रही है, जो भी दोषी होंगे, नहीं बख्शा नहीं जाएगा। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें पत्नी ने स्कूल मालिक पति को सांप से डसवाकर मारा:आधी रात बिस्तर पर सांप छोड़ा, लव-मैरिज की थी; मेरठ में शादीशुदा वैन ड्राइवर से अफेयर था मेरठ में स्कूल संचालक पति को पत्नी ने सांप से डसवाकर मरवा दिया। उसने शादीशुदा वैन ड्राइवर प्रेमी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। दामिनी ने पहले पति अतुल कुमार (32) को दूध में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दी। फिर रात 2 बजे प्रेमी और सपेरों को बुलाकर बिस्तर पर करैत सांप छोड़ दिया। यह देश के 4 सबसे जहरीले सांपों में आता है। पूरी खबर पढ़िए...
एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज के तीन डॉक्टरों ने अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में शानदार प्रदर्शन किया है। 15 जुलाई 2026 को लखनऊ में आयोजित इस दूसरे दीक्षांत समारोह में संस्थान की 2022 बैच की तीन होनहार डॉक्टरों ने गोल्ड और सिल्वर मेडल हासिल कर कॉलेज का गौरव बढ़ाया है। इन विषयों में लहराया परचमडॉ. निष्ठा भारद्वाज ने एमएस ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी (प्रसूति एवं स्त्री रोग) में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वहीं, डॉ. साक्षी बंसल ने एमडी रेडियोडायग्नोसिस और डॉ. प्रज्ञा माहेश्वरी ने एमडी साइकियाट्री में विश्वविद्यालय स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त कर सिल्वर मेडल हासिल किया। राज्यपाल और विशिष्ट अतिथियों की रही उपस्थितिसमारोह में उत्तर प्रदेश की कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने मेधावी छात्राओं को सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में रक्षा मंत्रालय के इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के डिप्टी चीफ, सर्जन वाइस एडमिरल कृष्णा एम. उपस्थित रहे। साथ ही उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए उपस्थित थे। संस्थान के चेयरमैन ने दी बधाईएसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक एवं चेयरमैन देव मूर्ति, डायरेक्टर आदित्य मूर्ति और प्रिंसिपल एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) डॉ. एमएस बुटोला ने छात्राओं की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया। डायरेक्टर आदित्य मूर्ति ने कहा कि छात्राओं का अटूट समर्पण और शैक्षणिक उत्कृष्टता ही इस सफलता का आधार है, जो अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
बालाघाट बस स्टैंड पर मजदूरों के 70 हजार की चोरी होने के मामले में कोतवाली पुलिस ने एक आरोपी परवेज उर्फ परवेश शेंडे को गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने इसे जेल भेज दिया है। इस वारदात में शामिल उसका एक साथी अभी भी फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। चोरों ने पहले मजदूरों से दोस्ती की, उन्हें शराब पिलाई और फिर उनके सो जाने के बाद वारदात को अंजाम दिया। यह मामला मंडला जिले के लटरी निवासी सोनुसिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया था। पीड़ित मजदूर अकलसिंह धुर्वे ने बताया कि वे महाराष्ट्र के अकोला में बोरवेल का काम करते थे। वे वहां की 11 महीने की मजदूरी लेकर अपने घर मंडला जा रहे थे। रात में बालाघाट में रुकने का कोई साधन न होने के कारण वे बस स्टैंड पर ही सो गए थे, जहां सुबह उनका रुपयों से भरा बैग गायब मिला। दोस्ती कर पिलाई शराब, फिर उड़ाए पैसे कोतवाली थाना प्रभारी अजय गुर्जर ने बताया कि 70 से 80 हजार रुपए की इस चोरी के मामले में पुलिस ने जांच के बाद परवेज को पकड़ लिया है। पूछताछ और जांच में सामने आया है कि इस चोरी में परवेज के साथ एक और आरोपी भी शामिल था। दोनों शातिर चोरों ने पहले बस स्टैंड पर रुकने वाले इन सीधे-साधे मजदूरों से जान-पहचान बढ़ाई, उनके साथ शराब पी और जैसे ही मजदूरों को गहरी नींद आई, वे उनका पैसों से भरा बैग लेकर रफूचक्कर हो गए। पुलिस अब फरार दूसरे आरोपी की तलाश में जुटी है।
इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मंच से कहा- मैं जो भी करता हूं, मुंह पर करता हूं, पीठ पीछे नहीं। जो गलत है, वो गलत है और जो सही है, वो सही। 70 साल का हो गया हूं, यूं ही सठिया गया हूं... किसी को बुरा लगे तो लगे, अपने को क्या फर्क पड़ता है। वहीं, दूसरी ओर उन्होंने छात्राओं को दोस्ती, नशे और सामाजिक बुराइयों को लेकर खुलकर सलाह दी। विधानसभा-1 स्थित पीएम राइस स्कूल अहिल्या आश्रम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में विजयवर्गीय ने छात्राओं को यह बात मजेदार अंदाज में यह बात कही। इस दौरान वहां खूब ठहाके लगे। शनिवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इंदौर के दो अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए। रहमान अपना नाम राम बताकर तुमसे दोस्ती करेगा मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने लव जिहाद को लेकर छात्राओं को आगाह किया कि किसी भी लड़के से दोस्ती सोच-समझकर करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार लोग अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर संबंध बनाते हैं और बाद में सच्चाई सामने आती है। उन्होंने छात्राओं को सतर्क और जागरूक रहने की सलाह दी। नशा करने वाले भाई को राखी नहीं बांधने की अपील विजयवर्गीय ने नशामुक्ति का संदेश भी दिया। उन्होंने छात्राओं से कहा कि यदि उनका भाई नशा करता है तो रक्षाबंधन पर उसे राखी नहीं बांधने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण, हनुमानजी या भोलेनाथ को राखी बांध देना, लेकिन नशा करने वाले भाई से कहना कि जब तक नशा नहीं छोड़ेगा, तब तक राखी नहीं बांधी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पिता या भाई नशे की हालत में घर आएं तो उनके विरोध में भूख हड़ताल जैसे प्रतीकात्मक कदम भी उठाए जा सकते हैं। उनके अनुसार परिवार यदि ठान ले तो नशे की लत छुड़ाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने स्कूल को फर्नीचर और वाटर कूलर भी भेंट किए। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा और स्वस्थ वातावरण बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं। विजयवर्गीय के बेबाक बयानों को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज है। उनके 70 साल का हो गया हूं, यूं ही सठिया गया हूं वाले बयान को लेकर अलग-अलग राजनीतिक अर्थ निकाले जा रहे हैं।

