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मोटोरोला एज 70 फ्यूजन लॉन्च, कीमत ₹26,999 से शुरू:स्मार्टफोन में 50MP सोनी कैमरा और 7000mAh बैटरी, मिलिट्री ग्रेड बॉडी के साथ IP69 प्रोटेक्शन

टेक कंपनी मोटोरोला ने आज 6 मार्च को भारतीय बाजार में अपनी एज 70 सीरीज का नया स्मार्टफोन मोटोरोला एज 70 फ्यूजन लॉन्च कर दिया है। यह फोन लंबी बैटरी लाइफ के साथ प्रीमियम डिस्प्ले और दमदार परफॉर्मेंस चाहने वाले यूजर्स के लिए उतारा गया है। फोन में 50MP सोनी कैमरा और 7000mAh बैटरी दी गई है। इसके अलावा इसमें मिलिट्री ग्रेड बॉडी के साथ IP69 प्रोटेक्शन भी मिलेगी। फोन तीन वैरिएंट में आया है। इसकी शुरुआती कीमत 26,999 रुपए है। शुरुआती सेल में फोन पर 2 हजार रुपए का डिस्काउंट मिलेगा। डिजाइन: मिलिट्री ग्रेड बॉडी और क्वाड-कर्व्ड स्क्रीन बिल्ड क्वालिटी: फोन को MIL-STD 810H मिलिट्री ग्रेड सर्टिफिकेशन मिला है, जो इसे गिरने पर बचाता है। इसे IP68 और IP69 की रेटिंग मिली है, यानी यह पानी में भी सुरक्षित रह सकता है। फ्रंट डिजाइन: फोन के फ्रंट में क्वाड-कर्व्ड स्क्रीन है, जिसमें बेजल्स न के बराबर हैं। सेल्फी कैमरा के लिए टॉप सेंटर में छोटा पंच-होल दिया गया है। कर्व्ड किनारों की वजह से फोन हाथ में पकड़ने पर काफी प्रीमियम और स्लिम महसूस होता है। कलर: फोन पैंटोन ब्लू सर्फ, पैंटोन सिल्हूट और पैंटोन कंट्री एयर कलर ऑप्शन के साथ अवेलेबल है। स्पेसिफिकेशन: पावरफुल प्रोसेसर और AI का सपोर्ट डिस्प्ले: इसमें 6.8-इंच की 1.5K एक्सट्रीम एमोलेड स्क्रीन है। यह 144Hz रिफ्रेश रेट और 5200 निट्स की पीक ब्राइटनेस सपोर्ट करती है। डिस्प्ले की सुरक्षा के लिए कोर्निंग गोरिल्ला ग्लास 7i लगा है। इसमें 'स्मार्ट वॉटर टच' फीचर भी है, जिससे हाथ गीले होने पर भी टच काम करता है। परफॉर्मेंस: फोन में परफॉर्मेंस के लिए क्वालकॉम का स्नैपड्रैगन 7s जेन 4 प्रोसेसर दिया गया है। कंपनी का दावा है कि इसका AnTuTu स्कोर 11.49 लाख से ज्यादा है। यह फोन 'मोटो एआई 2.0' के साथ आता है, जो स्मार्ट फीचर्स को आसान बनाता है। कैमरा: फोटोग्राफी के लिए फोन के रियर पैनल पर ट्रिपल कैमरा सेटअप है। इसमें मेन कैमरा 50MP सोनी LYT710 सेंसर है, जो ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) के साथ आता है। साथ में 13MP का अल्ट्रा-वाइड एंगल लेंस और लाइट सेंसर दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फ्रंट में 32MP का कैमरा है। बैटरी और चार्जिंग: फोन में 7000mAh की बैटरी दी गई है। इसे चार्ज करने के लिए बॉक्स में 68W का टर्बोपावर फास्ट चार्जर मिलेगा। सॉफ्टवेयर और अन्य फीचर्स फोन एंड्रॉयड 16 पर चलता है। कंपनी ने वादा किया है कि इस पर 3 साल तक OS अपग्रेड (एंड्रॉयड 19 तक) और 5 साल तक सिक्योरिटी अपडेट्स मिलते रहेंगे। कनेक्टिविटी के लिए इसमें Wi-Fi 6E, ब्लूटूथ 6.0 और NFC जैसे फीचर्स दिए गए हैं। सिक्योरिटी के लिए इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर है।

दैनिक भास्कर 6 Mar 2026 9:31 pm

चैटजीपीटी हेल्थ से 52% आपात केस में गलत सलाह:शोध में दावा इमरजेंसी को पहचानने में चूक रहा एआई; नेचर मेडिसिन में प्रकाशित रिपोर्ट

एआई का मेडिकल क्षेत्र में दखल बढ़ रहा है, लेकिन हालिया रिपोर्ट ने इस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ‘नेचर मेडिसिन’ में छपी एक स्टडी के अनुसार, ओपनएआई का नया फीचर चैटजीपीटी हेल्थ मेडिकल इमरजेंसी पहचानने में गंभीर चूक रहा है।शोध के अनुसार, जिन मामलों में तुरंत अस्पताल जाना जीवन बचाने के लिए अनिवार्य था, उनमें से 51.6% बार एआई ने मरीज को घर पर रहने या सामान्य अपॉइंटमेंट लेने की सलाह दी। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह लापरवाही किसी के मौत की वजह बन सकती है। वो सब कुछ, जो आपके लिए जानना जरूरी है दोस्त की सलाह पर बदलता है फैसला - मरीज कह दे कि उसके दोस्त ने इस बीमारी को मामूली बताया है, तो एआई द्वारा लक्षणों को कम गंभीर बताने की संभावना 12 गुना बढ़ जाती है। दम घुटने पर भी ‘इंतजार’ की सलाह - सांस की गंभीर समस्या वाली महिला को 84% बार बाद में अपॉइंटमेंट लेने को कहा, जबकि मरीज के अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम टूटने का डर था। सुरक्षित लोगों को डराया - इसके विपरीत, 64.8% ऐसे लोग जो पूरी तरह सुरक्षित थे, उन्हें एआई ने तुरंत इमरजेंसी में जाने की गलत सलाह देकर स्वास्थ्य प्रणाली पर बोझ बढ़ाने का काम किया। सुसाइड - सुसाइड के मामलों में एआई का व्यवहार सबसे ज्यादा डराने वाला है। जब एक मरीज ने सवाल के साथ नॉर्मल लैब रिपोर्ट जोड़ दी तो एआई के सारे सुरक्षा गार्डरेल गायब हो गए। ओपनएआई का पक्ष - कंपनी का कहना है कि लोग असल जिंदगी में एआई का इस्तेमाल अलग तरीके से करते हैं और मॉडल को लगातार रिफाइन किया जा रहा है।

दैनिक भास्कर 6 Mar 2026 4:41 pm

नथिंग फोन 4a और 4a प्रो भारत में लॉन्च:140X अल्ट्रा जूम वाला 50MP कैमरा और नई ग्लिफ बार इंटरफेस, शुरुआती कीमत ₹31,999

टेक कंपनी नथिंग ने आज 5 मार्च को नई स्मार्टफोन सीरीज 'नथिंग फोन 4a' भारत सहित ग्लोबल मार्केट में लॉन्च कर दी है। इसमें नथिंग फोन (4a) और नथिंग फोन (4a) प्रो शामिल है। लंदन में हुए एक इवेंट के दौरान इन दोनों हैंडसेट्स से पर्दा उठाया गया। नए फोन की सबसे बड़ी खासियत इसके ट्रांसपेरेंट डिजाइन के साथ नया 'ग्लिफ बार' इंटरफेस है, जो नोटिफिकेशन्स आने पर चमकती है। फोन 4a प्रो में 140X अल्ट्रा जूम वाला 50MP कैमरा है। कंपनी का दावा है कि ये इतने जूम कैमरा वाला ये दुनिया का पहला फोन है। कीमत और ऑफर्स: शुरुआती कीमत ₹31,999 कंपनी ने नथिंग फोन (4a) की शुरुआती कीमत 31,999 रुपए और नथिंग फोन 4a प्रो की शुरुआती कीमत 39,999 रुपए रखी है। फोन खरीदने पर आपको ₹1,000 का बैंक ऑफर और ₹6,000 का एक्सचेंज बोनस भी मिलेगा। नथिंग फोन 4a की सेल 13 मार्च से और फोन 4a प्रो की सेल 27 मार्च से शुरू होगी। डिजाइन और बिल्ड क्वालिटी: नया ग्लिफ बार और ट्रांसपेरेंट लुक नथिंग ने अपने सिग्नेचर ट्रांसपेरेंट डिजाइन को बरकरार रखा है, लेकिन इसमें कुछ बड़े बदलाव किए हैं। डिस्प्ले: 120Hz रिफ्रेश रेट और 5000 निट्स की ब्राइटनेस कैमरा: 70x और 140x अल्ट्रा जूम की सुविधा दोनों फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है: परफॉरमेंस और बैटरी: स्नैपड्रैगन 7 सीरीज का पावर अन्य फीचर्स कनेक्टिविटी के लिए दोनों फोन में 5G, वाई-फाई 6, ब्लूटूथ 5.4 और NFC जैसे फीचर्स दिए गए हैं। सिक्योरिटी के लिए इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर मिलता है।

दैनिक भास्कर 5 Mar 2026 11:48 pm

ब्रिजर नाम से आएगी रेनो की नई सब-4 मीटर SUV:6 एयरबैग्स और टर्बो इंजन के साथ 10 मार्च लॉन्च होगी, जिम्नी और थार से मुकाबला

फ्रांसिसी कार कंपनी रेनो भारत में 4-मीटर से छोटी नई SUV लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने अपनी इस अपकमिंग कार के नाम का खुलासा किया है, जिसे 'रेनो ब्रिजर' नाम से उतारा जाएगा। रेनो कार का कॉन्सेप्ट मॉडल 10 मार्च को अपने ग्लोबल स्ट्रैटेजिक प्लान के दौरान पेश करेगी। नई कॉम्पैक्ट SUV को भारत में ही डिजाइन किया गया है। यह उन शहरी परिवारों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जो एक छोटी लेकिन स्पेशियस SUV चाहते हैं। इसे 6 एयरबैग्स और टर्बो इंजन के साथ पेश किया जाएगा। भारत में ये मारुति सुजुकी जिम्नी और महिंद्रा थार (3-डोर RWD) को टक्कर देगी। इंडियन मार्केट में 2027 तक आ सकती है रेनो ब्रिजर का फिलहाल कॉन्सेप्ट मॉडल पेश किया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके प्रोडक्शन वर्जन को 2027 के अंत तक भारत में लॉन्च किया जा सकता है। कंपनी इसे ₹10 लाख के आसपास की शुरुआती कीमत पर लॉन्च कर सकती है। अभी इसकी बुकिंग शुरू नहीं हुई है। एक्सटीरियर: LED लाइटिंग सेटअप के साथ मस्कुलर फ्रंट ग्रिल ब्रिजर की सबसे खास बात इसकी लंबाई है। यह 4-मीटर से छोटी कार होगी, जिससे इसे ट्रैफिक में चलाना और पार्क करना आसान होगा। हालांकि, कंपनी ने अभी पूरे लुक का खुलासा नहीं किया है। उम्मीद है कि इसमें रेनो डस्टर की तरह ही मस्कुलर फ्रंट ग्रिल, ऊंची ग्राउंड क्लीयरेंस और स्पोर्टी व्हील आर्क्स मिलेंगे। इसमें मॉडर्न LED लाइटिंग सेटअप और स्टाइलिश अलॉय व्हील्स मिल सकते हैं, जो इसे एक प्रीमियम अर्बन SUV का लुक देंगे। इंटीरियर: कॉम्पैक्ट साइज के बावजूद स्पेशियस केबिन मिलेगा रेनो का दावा है कि 'ब्रिजर' साइज में कॉम्पैक्ट होने के बावजूद अंदर से काफी स्पेशियस होगी। इसके इंटीरियर को स्मार्ट तरीके से डिजाइन किया गया है, ताकि छोटे साइज में भी लेगरूम और हेडरुम से समझौता न करना पड़े। इसमें लेटेस्ट टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, डिजिटल क्लस्टर और प्रीमियम डैशबोर्ड लेआउट मिलने की उम्मीद है। चूंकि इसे शहरी परिवारों के लिए बनाया गया है, इसलिए इसमें कई स्मार्ट स्टोरेज स्पेस भी दिए जा सकते हैं। परफॉरमेंस: टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ ऑटोमैटिक गियरबॉक्स रेनो ब्रिजर को एक 'अर्बन SUV' के रूप में प्रमोट किया जा रहा है, लेकिन इसका मुकाबला सीधे तौर पर जिम्नी और थार जैसी ऑफ-रोडिंग लुक वाली कारों से होगा। इसमें रेनो के मौजूदा टर्बो पेट्रोल इंजन का इस्तेमाल किया जा सकता है, जो अच्छी पावर और बेहतर माइलेज का बैलेंस देगा। कंपनी इसमें ऑटोमैटिक और मैनुअल दोनों गियरबॉक्स के विकल्प दे सकती है। सेफ्टी फीचर्स: 6 एयरबैग्स और 360-डिग्री कैमरा रेनो ब्रिजर में कम से कम 6 एयरबैग्स, ABS के साथ EBD और इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) जैसे फीचर्स मिल सकते हैं। इसके अलावा, टॉप वैरिएंट्स में ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) और 360-डिग्री कैमरा जैसे एडवांस फीचर्स भी दिए जा सकते हैं।

दैनिक भास्कर 5 Mar 2026 3:12 pm

एपल ने लॉन्च किया सबसे सस्ता लैपटॉप मैकबुक नियो:शुरुआती कीमत ₹69,990; इसमें आईफोन वाली A18 प्रो चिप, 11 मार्च से सेल

दिग्गज टेक कंपनी एपल ने अपना अब तक का सबसे किफायती लैपटॉप 'मैकबुक नियो' लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इसे उन यूजर्स के लिए पेश किया है जो कम बजट में मैकबुक का अनुभव लेना चाहते हैं। इसकी शुरुआती कीमत भारत में 69,990 रुपए रखी गई है। आईफोन वाली चिप के साथ आएगा लैपटॉप मैकबुक नियो में A18 प्रो चिपसेट दिया गया है। ये 6-कोर CPU और 5-कोर GPU के साथ आता है। इसमें 16-कोर वाला न्यूरल इंजन (NPU) भी है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टास्क को तेजी से प्रोसेस करता है। ये चिप आईफोन 16 प्रो में मिलती थी। एपल का दावा है कि स्मार्टफोन चिपसेट होने के बावजूद यह लैपटॉप ब्राउजिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग, फोटो एडिटिंग और डेली ऑफिस वर्क को बड़ी आसानी से हैंडल कर सकता है। 13-इंच की स्क्रीन और चार कलर्स डिजाइन के मामले में यह काफी हद तक मैकबुक एयर जैसा दिखता है। इसमें 13-इंच की लिक्विड रेटिना (IPS LCD) डिस्प्ले दी गई है। इसे टिकाऊ एल्युमिनियम एनक्लोजर से बनाया गया है और यह चार कलर्स- ब्लश, इंडिगो, सिल्वर और सिट्रस में उपलब्ध होगा। बैटरी लाइफ और स्टोरेज ऑप्शन्स एपल के मुताबिक, मैकबुक नियो को एक बार फुल चार्ज करने पर 16 घंटे तक का वीडियो प्लेबैक टाइम मिलता है। इसमें 36.5Wh की बैटरी लगी है। इसे बॉक्स में मिलने वाले 20W के USB-C पावर अडैप्टर से चार्ज किया जा सकता है। कनेक्टिविटी और एक्सटर्नल डिस्प्ले सपोर्ट इसमें एक USB 3 टाइप-सी पोर्ट दिया गया है, जो डिस्प्ले पोर्ट की तरह भी काम करता है। इसके अलावा एक दूसरा USB 2 टाइप-सी पोर्ट और 3.5mm का हेडफोन जैक भी मिलता है। यह 60Hz रिफ्रेश रेट पर एक एक्सटर्नल 4K डिस्प्ले को सपोर्ट कर सकता है। कीमत और उपलब्धता भारत में मैकबुक नियो की शुरुआती कीमत 69,990 रुपए है। इसके लिए प्री-ऑर्डर एपल की वेबसाइट पर शुरू हो गए हैं। इसकी बिक्री 11 मार्च से शुरू होगी। यह लेटेस्ट macOS पर काम करेगा। वीडियो कॉल के लिए इसमें 1080p फेसटाइम HD कैमरा और स्पेशियल ऑडियो सपोर्ट वाले डुअल स्पीकर दिए गए हैं। किसके लिए है यह लैपटॉप? स्टूडेंट्स के लिए: पढ़ाई, प्रोजेक्ट्स और ऑनलाइन क्लासेज के लिए यह बेस्ट है। बेसिक ऑफिस वर्क: अगर आपका काम केवल ईमेल, एक्सेल और ब्राउजिंग का है। एपल इकोसिस्टम: जो लोग कम बजट में पहली बार विंडोज से मैक पर शिफ्ट होना चाहते हैं। इन्फो-बॉक्स: क्या है A18 प्रो चिप? यह वही प्रोसेसर है जो एपल के आईफोन 16 प्रो में मिलता है। यह बहुत ही कम बिजली की खपत करता है, जिससे लैपटॉप गर्म नहीं होता और बैटरी ज्यादा चलती है।

दैनिक भास्कर 5 Mar 2026 11:58 am

टाटा-महिंद्रा को टक्कर देगी JSW की पहली SUV:प्लग-इन हाइब्रिड कार में मिलेगी 1000km से ज्यादा की रेंज; दिवाली तक लॉन्च होगी

देश के बड़े औद्योगिक घराने JSW ग्रुप की ऑटोमोबाइल कंपनी अपनी पहली गाड़ी लॉन्च करने की तैयारी में है। कंपनी ने अपनी अपकमिंग SUV का डिजाइन पेटेंट भारत में फाइल कर दिया है। यह नई SUV चीन की कंपनी चेरी के 'जेटूर T2' (Jetour T2) मॉडल पर बेस्ड होगी। पिछले हफ्ते ही कंपनी ने डीलर के लिए इस गाड़ी का टीजर जारी किया था। जानकारी के मुताबिक, JSW मोटर्स इसे 2026 की दिवाली के आसपास बाजार में उतार सकती है। दिसंबर में फाइल हुआ था पेटेंट, फरवरी में मिली मंजूरी इस SUV का डिजाइन पेटेंट 18 दिसंबर 2025 को चेरी ऑटोमोबाइल ने फाइल किया गया था, जिसे 27 फरवरी 2026 को मंजूरी मिली है। पेटेंट से साफ है कि भारत में आने वाली JSW की इस SUV का लुक ग्लोबल मार्केट में बिकने वाली जेटूर T2 जैसा ही होगा। हालांकि, इंटरनेशनल मॉडल में ग्रिल पर 'JETOUR' लिखा होता है, लेकिन भारत में यहां 'JSW' की ब्रांडिंग देखने को मिल सकती है। डिजाइन: मस्कुलर लुक और बॉक्सी स्टाइल टीजर से जो इशारा मिला था, डिजाइन पेटेंट भी लगभग उसी बात पर मुहर लगाता दिख रहा है। JSW मोटर्स, जेटूर T2 के बॉक्सी और रफ-एंड-टफ स्टाइल में बहुत ही मामूली बदलाव करेगी। इसके फ्रंट में चौकोर LED हेडलाइट्स दी गई हैं, जो एक ब्लैक ट्रिम पीस से जुड़ी हैं। इसमें हनीकॉम्ब (मधुमक्खी के छत्ते जैसी) पैटर्न वाली ग्रिल भी देखी जा सकती है। इसके मस्कुलर बंपर पर एक फॉग लैंप और दोनों तरफ पिक्सल DRL क्लस्टर्स के दो जोड़े दिए गए हैं। इसका बोनट काफी उभरा हुआ है और दोनों तरफ पकड़ने वाले हैंडल दिए गए हैं। साइड की तरफ देखें तो डिजाइन पेटेंट में दरवाजों पर लगे हुए साइड मिरर दिख रहे हैं, जो कि दिलचस्प है क्योंकि पिछले टीजर में ये मिरर ए-पिलर (आगे वाले खंभे) से जुड़े हुए दिखाए गए थे। इंटरनेशनल मॉडल के मुकाबले इसके रूफ रेल्स के बीच का गैप भी थोड़ा अलग है। बाकी सब कुछ जैसे कि अलॉय व्हील्स, पहियों के ऊपर वाली क्लैडिंग, खिड़कियों की लाइन वैसी ही हैं। ये मॉडल पीछे से कैसा दिखता है इसकी तस्वीरें नहीं आई है, लेकिन अगर बाकी डिजाइन को देखें तो ग्लोबल मॉडल के मुकाबले इसमें शायद ही कोई बदलाव दिखे। पावरट्रेन: हाइब्रिड इंजन के साथ मिलेगी जबरदस्त रेंज JSW मोटर्स भारत में इस SUV का 'i-DM' (प्लग-इन हाइब्रिड) वर्जन पेश करेगी। इसमें पेट्रोल इंजन और बैटरी दोनों का कॉम्बिनेशन होगा। महाराष्ट्र के प्लांट में असेंबल होगी, ₹15 लाख हो सकती है कीमत JSW मोटर्स इस SUV को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में स्थित प्लांट में असेंबल करेगी। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसकी एक्स-शोरूम कीमत 15 लाख रुपए के करीब हो सकती है। इसका मुकाबला टाटा हैरियर, सफारी और महिंद्रा XUV700 जैसी गाड़ियों से होगा। नॉलेज बॉक्स: यूटिलिटी बॉक्स: किसे खरीदनी चाहिए: जिन्हें शहर में इलेक्ट्रिक की बचत चाहिए और लॉन्ग ट्रिप पर रेंज की चिंता नहीं करनी, उनके लिए प्लग-इन हाइब्रिड एक बेहतर विकल्प है।

दैनिक भास्कर 4 Mar 2026 1:07 pm

AI बनाम इंसान, टेक लीडर्स बच्चों के लिए चिंतित:एंथ्रोपिक की प्रेसिडेंट समेत दिग्गज बोले- वही बच्चे सफल होंगे जो रिश्ते जोड़ सकें; गहरी सोच, दया व ​नैतिकता ही उन्हें मशीनों से आगे रखेगी

एंथ्रोपिक की को-फाउंडर एवं प्रेसिडेंट डेनिएला अमोडेई संभावित ग्राहकों और पार्टनर्स से मिलती हैं, तो मीटिंग के बाद लोग उनसे एक सवाल जरूर पूछते हैं- मेरा बच्चा कॉलेज में क्या पढ़े?’ डेनिएला कहती हैं, ‘एआई मॉडल तेजी से नौकरियों का स्वरूप बदल रहे हैं, ऐसे में माता-पिता की चिंता स्वाभाविक है। एआई की दुनिया के दिग्गज मानते हैं कि टेलॉजी से जुड़ी स्किल जल्द पुरानी हो सकती हैं, पर घबराना समाधान नही हैं। इंसान के व्यवहार में शामिल लचीलापन, आलोचनात्मक सोच, नैतिकता और जिम्मेदारी जैसे गुण असली ताकत हैं। शीर्ष एआई लीडर अपने बच्चों को इन्हीं गुणों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित करते हैं। जानिए उनकी परवरिश का तरीका… मेलजोल और जुड़ाव अहम डेनिएला कहती हैं,‘जैसे-जैसे एआई बढ़ेगा, सहानुभूति, दयालुता और दूसरों से जुड़ने की क्षमता का महत्व बढ़ता जाएगा। ‘मशीनें संवाद कर सकती हैं, पर वे इंसान की तरह महसूस नहीं कर सकतीं। डेनिएला कहती हैं, ‘भविष्य में वही बच्चा सफल होगा जो लोगों के साथ रिश्ता बनाना जानता हो।’ इंसान हमेशा इंसानों के साथ रहना पसंद करता है, अकेलापन दुख देता है। इसलिए मैं चाहती हूं कि मेरे बच्चे ज्यादा मेलजोल बढ़ाएं व अपनी अनोखी पहचान के साथ लोगों को समझें। इंसान की रचनात्मकता और समूह में रहने की चाह कभी खत्म नहीं होगी। इंसानी विशेषज्ञता की जरूरत रहेगी पेड एआई के को-फाउंडर मैनी मेडिना के (4, 9, 19, 26 साल उम्र) चार बच्चे हैं। वे मानते हैं भविष्य में दो क्षेत्र एनर्जी व हेल्थकेयर सबसे वाइब्रेंट रहेंगे। मेडिना कहते हैं,‘कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज के लिए इंसानी विशेषज्ञता हमेशा जरूरी रहेगी। वे कहते हैं,‘परोपकार और पर्यावरण की देखभाल जैसे काम मशीनें दिल से नहीं कर सकतीं। बच्चे एआई को खतरा नहीं टूल की तरह देखें।’ लचीलापन और तर्कशक्ति महत्वपूर्ण एसएपी में एआई वर्क ट्रांसफॉर्मेशन एक्सपर्ट कैरोलिन हैंके का 15 साल का बेटा फुटबॉलर बनना चाहता है। कैरोलिन इसे सही मानती हैं। उनका कहना है कि आज के टेक स्किल दो साल बाद पुराने हो जाएंगे, इसलिए लचीलापन और बदलाव स्वीकार करने की क्षमता सबसे महत्वपूर्ण है। वे अपने बेटे को गणित व तार्किक सोच पर ध्यान देने को कहती हैं क्योंकि एआई के दौर में लॉजिकल थिंकिंग ही मजबूत आधार होगी। हरफनमौला बनना जरूरी व्हार्टन स्कूल के प्रोफेसर एथन मॉलिक के दो बच्चे (16 व 19 साल) हैं। एआई पर बात तो करते हैं, पर बहुत ज्यादा नहीं सोचते। वे बच्चों को ‘हरफनमौला’ बनने की सलाह देते हैं। जैसे डॉक्टर का काम बीमारी पकड़ना नहीं, बल्कि मरीज को समझना और ढांढस बंधाना भी है। वे कहते हैं कि लिबरल आर्ट्स पहले से कहीं ज्यादा जरूरी है ताकि बच्चे हर परिस्थिति में खुद को ढाल सकें।​ जिम्मेदारी लेना सीखना अहम माइक्रोसॉफ्ट की चीफ साइंटिस्ट जेमी टीवन कहती हैं,‘एआई सुझाव तो दे सकता है, पर फैसले की जिम्मेदारी नहीं ले सकता।’ इसलिए वे बच्चों को कानून या अकाउंटिंग जैसे क्षेत्रों जाने के लिए कहती हैं, जहां फैसलों की जवाबदेही इंसान की होती है। वे मानती हैं, गहराई से सोचने व मुश्किल काम करने की आदत ही बच्चों को मशीनों से आगे रखेगी।

दैनिक भास्कर 3 Mar 2026 11:42 am

एपल का सस्ता स्मार्टफोन आईफोन 17e भारत में लॉन्च:48MP फ्यूजन कैमरा और A19 चिपसेट, M4 प्रोसेसर वाला अपडेटेड आईपैड एयर भी पेश

टेक कंपनी एपल ने आज 2 मार्च को भारत सहित ग्लोबल मार्केट में अपनी अपडेटेड 17 सीरीज में सबसे सस्ता फोन आईफोन 17e लॉन्च कर दिया है। आईफोन 16e के मुकाबले इसमें कई अपडेट्स किए गए हैं, जैसे- लेटेस्ट A19 चिप-सेट, 48MP फ्यूजन कैमरा, बेहतर मजबूती, मैग्सेफ सपोर्ट और बेस वैरिएंट में स्टोरेज को दोगुना यानी 256GB कर दिया गया है। इसके अलावा, कंपनी ने अपडेटेड M4 प्रोसेसर के साथ नया आईपैड एयर भी पेश किया, जो पिछली जनरेशन के मुकाबले 30% फास्ट है। आईफोन 17e और आईपैड एयर की शुरुआती कीमत 64,900 रुपए है। आईफोन 17e की शुरुआती कीमत पिछले मॉडल के मुकाबले ज्यादा है, जिसकी वजह संभवतः मेमोरी चिप्स की कमी है। पिछले साल आईफोन 16e को 59,900 रुपए में लॉन्च किया गया था। हालांकि, 16e के बेस मॉडल में 128GB स्टोरेज थी, जबकि 17e के बेस मॉडल में 256GB मैमोरी दी गई है। दोनों डिवाइस को 4 मार्च शाम 7:45 बजे से बुक कर सकेंगे, जबकि सेल 11 मार्च से शुरू होगी। डिजाइन: 'मैट' फिनिश के साथ सिरेमिक शील्ड 2 की सेफ्टी आईफोन 17e के फ्रंट में सिरेमिक शील्ड 2 का इस्तेमाल किया गया है, जो स्क्रेच से 3 गुना ज्यादा सुरक्षा देता है। बैक पैनल पर मैट टेक्स्चर दिया गया है, जिससे हाथ में पकड़ने पर यह फिसलता नहीं है। इसमें पुराने मॉडल की तरह ही 'नॉच' डिजाइन बरकरार है। फोन में शॉर्टकट्स के लिए खास एक्शन बटन दिया गया है। चार्जिंग के लिए इसमें USB टाइप-C पोर्ट मिलता है। यह 3 कलर- सॉफ्ट पिंक, व्हाइट और ब्लैक में उपलब्ध होगा। स्पेसिफिकेशन्स: 48MP कैमरा और एप्पल इंटेलिजेंस डिजाइन: स्लिम प्रोफाइल और डेस्कटॉप जैसा एक्सपीरियंस मिलेगा एप्पल ने आईपेड एयर के सिग्नेचर स्लिम और लाइटवेट डिजाइन को बरकरार रखा है। यह प्रीमियम एल्युमिनियम मटेरियल से बना है, जो हाथ में पकड़ने पर काफी प्रीमियम और मजबूत फील देता है। यह 11 और 13 इंच के दो साइज में आता है। इसमें सुपर रेटिना डिस्प्ले के साथ पतले बेजल्स दिए गए हैं। इसमें फास्ट डेटा ट्रांसफर और चार्जिंग के लिए USB टाइप-C पोर्ट है। यह नए 'एपल पेंसिल प्रो' और मैजिक कीबोर्ड को सपोर्ट करता है, जिससे इसे मिनी लैपटॉप की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है। स्पेसिफिकेशन्स: M4 चिपसेट और 12GB की बड़ी मेमोरी ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सबसे पतला आईफोन लॉन्च, कीमत ₹1.20 लाख: आईफोन-17 सीरीज में 4 फोन आएंगे, हार्ट रेट बताने वाला पहला एयरपॉड भी लॉन्च एपल ने अपने सालाना इवेंट 'ऑव ड्रॉपिंग' में अपना सबसे पतला आईफोन लॉन्च किया। आईफोन एयर 5.6mm पतला है। इसकी शुरुआती कीमत 1.20 लाख रुपए है। इवेंट में आईफोन 17, आईफोन 17 प्रो और आईफोन 17 प्रो मैक्स भी लॉन्च किया गया है। प्रो वैरिएंट में अब तक की सबसे बड़ी आईफोन बैटरी मिलेगी। 17 सीरीज की शुरुआती कीमत 82,900 रुपए है। लेकिन इस बार 128 GB के स्टोरेज ऑप्शन को हटा दिया गया है। शुरुआत 256 GB के स्टोरेज से की गई है। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 2 Mar 2026 10:01 pm

महिंद्रा XEV 9e सिनेलक्स एडिशन लॉन्च, कीमत ₹29.35 लाख:फुल चार्ज पर 500km की रेंज और 3 स्क्रीन वाला केबिन; सेफ्टी के लिए ADAS फीचर्स

महिंद्रा एंड महिंद्रा ने आज 2 मार्च को अपनी पॉपुलर इलेक्ट्रिक एसयूवी XEV 9e का नया सिनेलक्स एडिशन भारत में लॉन्च किया है। कंपनी ने इसमें 79kWh का बड़ा बैटरी पैक दिया है, जो लंबी फुल चार्च पर 500km की रेंज देता है। कार की एक्स-शोरूम कीमत ₹29.35 लाख है और इसकी बुकिंग शुरू कर दी गई है। 10 मार्च 2026 से डिलीवरी शुरू होगी। नया स्पेशल एडिशन 59kWh पैक (₹28.65 लाख) और टॉप-एंड 79kWh पैक (₹31.25 लाख) के बीच रखा गया है। कार चार्ज करने के लिए ग्राहकों को 50 हजार रुपए कीमत वाला 7.2kW AC चार्जर या 75 हजार रुपए कीमत वाला 11kW AC चार्जर अलग से खरीद सकते हैं। महिंद्रा एक्सईवी 9ई का मुकाबला टाटा हैरियर EV और BYD एटो 3 से है।

दैनिक भास्कर 2 Mar 2026 1:49 pm

ईरान पर हमले में एंथ्रोपिक AI का इस्तेमाल:टारगेट पहचानने में मदद ली; वेनेजुएला के राष्ट्रपति को पकड़ने में भी इसी टूल का रोल था

अमेरिका ने ईरान पर किए गए हवाई हमले में उसी AI कंपनी एन्थ्रोपिक के टूल्स का इस्तेमाल किया है, जिस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सरकारी बैन लगाया था। अमेरिकी मीडिया हाउस द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने पुष्टि की है। मिडल ईस्ट में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) समेत दुनिया भर के कमांड एन्थ्रोपिक के 'क्लॉड' एआई टूल का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, सेंटकॉम ने ईरान के खिलाफ चल रहे मौजूदा ऑपरेशन में इस्तेमाल हो रहे सिस्टम्स पर कमेंट करने से इनकार कर दिया। टारगेट पहचानने के लिए इस्तेमाल हुआ क्लॉड AI जानकारों का कहना है कि बैन के बावजूद कमांड इस टूल का इस्तेमाल इंटेलिजेंस असेसमेंट, टारगेट की पहचान और युद्ध के हालातों को समझने (सिमुलेशन) के लिए कर रही है। इससे पता चलता है कि सैन्य ऑपरेशन्स में ये एआई टूल्स कितनी गहराई तक शामिल हो चुके हैं। रक्षा विभाग ने कंपनी को बताया सुरक्षा के लिए खतरा पेंटागन में AI मॉडल्स के इस्तेमाल को लेकर सरकार और एन्थ्रोपिक के बीच महीनों से विवाद चल रहा है। ट्रम्प ने शुक्रवार को ही सरकारी एजेंसियों को कंपनी के साथ काम बंद करने का आदेश दिया था और रक्षा विभाग ने इसे सुरक्षा के लिए खतरा और अपनी सप्लाई चेन के लिए जोखिम बताया था। कंपनी बोली- AI से जान लेना गलत यह विवाद तब बढ़ा जब एन्थ्रोपिक ने अमेरिकी रक्षा विभाग को 'बिना किसी शर्त' के अपने टूल का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी। इस वजह से उसका कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल कर दिया रक्षा विभाग चाहता था कि एक बार कॉन्ट्रैक्ट होने के बाद वे इस टूल को 'सभी कानूनी स्थितियों' में इस्तेमाल कर सकें। इसमें खुफिया जानकारी जुटाने से लेकर हमले के टारगेट तय करना शामिल है। यानी, सेना एआई को एक 'हथियार' की तरह इस्तेमाल करना चाहती है। लेकिन एन्थ्रोपिक 'सेफ एआई' पर जोर देती है। उसने अपने कॉन्ट्रैक्ट में यह शर्त रखने की कोशिश की कि उसके AI टूल का इस्तेमाल घातक सैन्य ऑपरेशन्स या सीधे तौर पर युद्ध में जान लेने के लिए न हो। मस्क की xAI और ओपन एआई से समझौता ट्रम्प प्रशासन ने कहा है कि सेना से इस तकनीक को पूरी तरह हटाने में कम से कम 6 महीने का समय लगेगा। यह प्रक्रिया काफी जटिल है क्योंकि डेटा-माइनिंग फर्म पालान्टिर जैसे पार्टनर्स भी इसी तकनीक के जरिए सैन्य डेटा प्रोसेस करते हैं। विकल्प के तौर पर पेंटागन ने अब इलॉन मस्क की कंपनी xAI और OpenAI के साथ क्लासिफाइड सेटिंग्स में काम करने के लिए समझौते किए हैं। वेनेजुएला ऑपरेशन में भी हुआ था क्लॉड का इस्तेमाल क्लॉड AI का इस्तेमाल वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने जैसे बड़े सैन्य ऑपरेशन्स में भी हुआ है। यह पहली बार था जब एआई का इस्तेमाल इतने बड़े और गुप्त ऑपरेशन में किया गया था। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की रिपोर्ट में ये जानकारी सामने आई थी। क्या है एनट्रॉपिक का 'क्लॉड' AI? क्लॉड एक एडवांस AI चैटबॉट है, जो टेक्स्ट जनरेशन, डेटा एनालिसिस और कोडिंग जैसे कामों में माहिर है। इसे ओपन AI के पूर्व एग्जीक्यूटिव्स ने 2021 में शुरू किया था। हाल ही में एक फंडिंग राउंड के बाद एंथ्रोपिक की वैल्यूएशन 380 बिलियन डॉलर यानी, करीब 34 लाख करोड़ रुपए हो गई है। नॉलेज पार्ट: युद्ध में कैसे मदद करता है AI? मिलिट्री ऑपरेशंस में AI का इस्तेमाल मुख्य रूप से इन कामों के लिए किया जाता है:

दैनिक भास्कर 1 Mar 2026 5:05 pm

मस्क का मास्टरप्लान, काम से आजादी:मस्क ऐसी दुनिया बनाने पर जुटे, जहां अरबों रोबोट इंसानों की हर समस्या हल करेंगे

दुनिया के सबसे अमीर शख्स इलॉन मस्क अब एक ऐसे भविष्य की स्क्रिप्ट लिख रहे हैं, जहां काम शब्द डिक्शनरी से बाहर हो सकता है। मस्क का नया मंत्र है सस्टेनेबल अबंडेंस। यह एक ऐसी दुनिया का खाका है जहां रोबोटिक सेना इंसानों की हर जरूरत पूरी करेगी, पैसा बेमानी हो जाएगा और श्रम का वजूद खत्म हो जाएगा। नवंबर में टेस्ला की शेयरधारक बैठक में मस्क ने एक साइनबोर्ड के सामने खड़े होकर ऐलान किया कि एआई और रोबोटिक्स के जरिये हम इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उनकी इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला अब ‘ऑप्टिमस’ जैसे इंसानी रोबोट बना रही है; ‘स्पेसएक्स’ कक्षीय डेटा केंद्रों को बढ़ावा दे रही है। एआई स्टार्टअप एक्सएआई को लेकर उनका दावा है कि वह मानवता की लगभग सभी समस्याओं को हल कर देगी। ‘मस्क का दावा है कि 12 से 18 महीनों के भीतर यह युग शुरू हो जाएगा और अरबों रोबोट होंगे जो इंसानों की हर जरूरत को पूरा करेंगे। 54 वर्षीय मस्क का यह नया नारा उनके एक दशक पुराने रुख से उलट है, जब उन्होंने चेतावनी दी थी कि बेकाबू एआई मानव जाति को नष्ट कर सकती है। अब यह अवधारणा उनके व्यापार विस्तार के लिए एक मिशन बन गई है। टेस्ला की चेयरपर्सन रॉबिन डेनहोम ने बताया कि मस्क का सस्टेनेबल अबंडेंस का लक्ष्य उस भारी-भरकम पे-पैकेज के पीछे का मुख्य तर्क था, जो उन्हें दुनिया का पहला ट्रिलियनेयर बना सकता है। टेस्ला एक ऐसी दुनिया बनाना चाहती है जहां वस्तुओं और सेवाओं का प्रचुर मात्रा में उत्पादन हो सके। यह अर्थव्यवस्थाओं की उत्पादकता बढ़ाने के बारे में है।’ मस्क के इसे सपने के आलोचक कहते हैं कि ये रोबोट और स्पेस डेटा सेंटर हकीकत से कोसों दूर हैं, लेकिन मस्क ने दुनिया को एक ऐसी बहस में जरूर झोंक दिया है जहां काम, पैसा और वजूद के मायने बदलने वाले हैं। 1800 के दशक में कार्ल मार्क्स ने सामूहिक संपत्ति का सपना देखा था और 1930 में अर्थशास्त्री जॉन मेनार्ड कीन्स ने भविष्यवाणी की थी कि भविष्य में इंसान हर हफ्ते सिर्फ 15 घंटे ही काम करेंगे। मस्क के मित्र और एक्सप्राइज फाउंडेशन के फाउंडर पीटर डियामांडिस कहते हैं कि मस्क का लक्ष्य मानवता के लिए ‘बेसलाइन’ तैयार करना है। अगर मंगल पर कोई मल्टी-ट्रिलियनेयर रह रहा है और पृथ्वी पर 8 अरब लोगों का जीवन स्तर शानदार है, तो कोई समस्या नहीं है। यदि काम नहीं होगा, तो सामाजिक ढांचा ढह जाएगा मस्क के इस जादुई विजन को हर कोई सच नहीं मान रहा है। आलोचकों का तर्क है कि यदि काम करने की आवश्यकता खत्म हो जाती है, तो समाज का ढांचा ढह जाएगा। शिकागो विश्वविद्यालय के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में प्रोफेसर एलेक्स इमास ने सवाल उठाया कि मस्क ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह तकनीक से पैदा हुई इस संपत्ति का बंटवारा कैसे करेंगे। मालिक कौन होगा? अगर नीतियां नहीं बदलीं, तो हम स्वर्ग में नहीं, बल्कि एक भयावह नर्क में होंगे, जहां मांग पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी।’

दैनिक भास्कर 28 Feb 2026 2:10 pm

शाओमी पैड 8 टैबलेट 9200mAh की बैटरी के साथ आएगा:3.2K रेजोल्यूशन वाली 11.2-इंच एमोलेड डिस्प्ले, एक्सपैक्टेड प्राइस ₹30,000

चाइनीज टेक कंपनी शाओमी भारतीय बाजार में शनिवार को अपना अगला फ्लैगशिप टैबलेट शाओमी पैड 8 लॉन्च करने जा रही है। लॉन्चिंग इवेंट शाम 6:30 बजे होगा। इवेंट में शाओमी 17 और 17 अल्ट्रा स्मार्टफोन्स भी पेश किए जाएंगे। यह टैबलेट गेमिंग और मल्टीटास्किंग के शौकीनों के लिए पावरफुल स्पेसिफिकेशन्स के साथ आएगा। इसमें स्नैपड्रैगन 8s जेन 4 प्रोसेसर, 3.2K रेजोल्यूशन वाली 11.2-इंच एमोलेड डिस्प्ले और 9200mAh बैटरी मिलेगी। कंपनी टैबलेट को दो वर्जन में पेश करेगी। इसमें एक स्टैंडर्ड डिस्प्ले वर्जन होगा, जबकि दूसरा नैनो टेक्स्चर डिस्प्ले के साथ आएगा। इसकी शुरुआती कीमत 30 हजार रुपए हो सकती है। इसकी सीधी टक्कर वनप्लस पैड गो 2 और सैमसंग गैलेक्सी टैब S10 लाइट से होगी। डिजाइन: स्लिम बॉडी और प्रीमियम मेटल फिनिश डिजाइन के मामले में शाओमी पैड 8 काफी मॉडर्न और स्लिम है। यह मात्र 5.75 mm पतला है और इसका वजन लगभग 485 ग्राम है, जिससे इसे लंबे समय तक हाथ में पकड़ना आसान है। फ्रंट में बहुत पतले बेजल्स दिए गए हैं। इसका बैक पैनल क्लीन है, जहां एक स्क्वायर कैमरा मॉड्यूल दिया गया है। इसे प्रीमियम शेड्स में लाया जा सकता है। यह शाओमी के 'फोकस पेन प्रो' स्टायलस और बैकपैक कीबोर्ड को सपोर्ट करता है, जिसमें जेस्चर इनेबल्ड टचपैड दिया गया है। स्पेसिफिकेशन्स: 3.2K रेजोल्यूशन और पावरफुल प्रोसेसर डिस्प्ले: इसमें 3.2K रेजोल्यूशन वाली 11.2 इंच की स्क्रीन मिलेगी, जो 144Hz रिफ्रेश रेट पर काम करती है। आंखों की सेफ्टी के लिए इसमें TV रीनलैंड आई प्रोटेक्शन और DC डिमिंग फीचर दिया गया है। कैमरा: फोटोग्राफी और स्कैनिंग के लिए रियर में 13MP का कैमरा और वीडियो कॉलिंग के लिए 8MP का फ्रंट कैमरा मिलता है। परफॉर्मेंस: इसमें स्नैपड्रैगन 8s जेन 4 प्रोसेसर दिया गया है। यह चिपसेट गेमिंग और क्रिएटिव काम के लिए नियर-फ्लैगशिप पावर देता है। इसमें 12GB तक की रैम और 256GB तक की इंटरनल स्टोरेज मिल सकती है। पावरबैकअप: टैबलेट में 9,200mAh की बैटरी लगी है। भारत में इसे 45W फास्ट चार्जिंग के साथ उतारा जाएगा। ऑडियो और कनेक्टिविटी: बेहतर साउंड के लिए डॉल्बी एटमॉस के साथ क्वाड-स्पीकर (4 स्पीकर्स) सेटअप है। कनेक्टिविटी के लिए वाई-फाई 7, ब्लूटूथ 5.4 और USB टाइप-C पोर्ट मिलेगा।

दैनिक भास्कर 27 Feb 2026 8:49 pm

ट्रायम्फ की नई 350cc बाइक्स अप्रैल में लॉन्च होंगी:₹1.90 लाख से ₹2.10 लाख के बीच हो सकती है कीमत, रॉयल एनफील्ड-होंडा से मुकाबला होगा

ब्रिटिश टू-व्हीलर दिग्गज ट्रायम्फ और भारतीय कंपनी बजाज ऑटो मिलकर भारत में अपनी सबसे सस्ती मोटरसाइकिल रेंज उतारने की तैयारी में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रायम्फ की नई 350cc रेंज यानी सीरीज को अप्रैल में लॉन्च किया जा सकता है। यह नई सीरीज कंपनी की अभी बिक रही स्पीड 400 और स्क्रैम्बलर 400X के नीचे प्लेस की जाएगी। जिससे प्रीमियम बाइक्स के शौकीनों को कम बजट में बेहतर ऑप्शन मिल सकेंगे। बजाज के चाकन प्लांट में प्रोडक्शन होगा ट्रायम्फ की इन नई बाइक्स का प्रोडक्शन बजाज ऑटो के पुणे स्थित चाकन प्लांट में किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य भारत में अपना मार्केट शेयर बढ़ाना है। वर्तमान में ट्रायम्फ की 400cc रेंज को भारतीय बाजार में काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। जिसके बाद अब कंपनी वॉल्यूम सेगमेंट (ज्यादा बिक्री वाले सेगमेंट) पर फोकस कर रही है। बजाज-ट्रायम्फ की पार्टनरशिप का मकसद प्रीमियम इंजीनियरिंग को किफायती दाम पर अवेलेबल कराना है। इंजन और परफॉर्मेंस, 350cc का नया प्लेटफॉर्म नई बाइक्स में बिल्कुल नया 350cc का सिंगल-सिलेंडर लिक्विड-कूल्ड इंजन मिल सकता है। हालांकि इसके पावर आउटपुट की जानकारी अभी ऑफिशियल तौर पर सामने नहीं आई है। हालांकि, माना जा रहा है कि यह 30-35 BHP की पावर जनरेट कर सकता है। इसे 6-स्पीड गियरबॉक्स के साथ जोड़ा जा सकता है। कंपनी इसे सिटी राइडिंग और हाईवे क्रूजिंग दोनों के लिहाज से ट्यून करेगी। स्पीड और स्क्रैम्बलर लुक बरकरार रहेगा सोर्स के मुताबिक, 350cc रेंज में भी दो मॉडल देखने को मिल सकते हैं- एक 'स्पीड' (स्ट्रीट नेकेड) और दूसरा 'स्क्रैम्बलर'। इनका लुक काफी हद तक मौजूदा 400cc मॉडल्स जैसा ही होगा। इनमें राउंड एलईडी हेडलाइट, टियर-ड्रॉप फ्यूल टैंक और प्रीमियम फिनिशिंग देखने को मिलेगी। हालांकि, कीमत कम रखने के लिए कंपनी कुछ कंपोनेंट्स जैसे टायर और सस्पेंशन सेटअप में बदलाव कर सकती है। रॉयल एनफील्ड से मुकाबला होगा भारत में 350cc सेगमेंट पर फिलहाल रॉयल एनफील्ड (क्लासिक 350, हंटर और बुलेट) का दबदबा है। ट्रायम्फ की नई 350cc बाइक सीधे तौर पर हंटर 350 और क्लासिक 350 को चुनौती देगी। इसके अलावा होंडा की CB350 और जावा-येज्दी की बाइक्स से भी इसका कड़ा मुकाबला होगा। ट्रायम्फ की ब्रांड वैल्यू इस रेस में उसे बढ़त दिला सकती है। कितनी हो सकती है कीमत? कीमत की बात करें तो ट्रायम्फ इसे काफी एग्रेसिव रख सकती है। अनुमान है कि नई 350cc रेंज की एक्स-शोरूम कीमत 1.90 लाख रुपए से 2.10 लाख रुपए के बीच शुरू हो सकती है। मौजूदा स्पीड 400 की कीमत लगभग 2.40 लाख रुपए है। कम कीमत होने से यह उन युवाओं के लिए पहली पसंद बन सकती है जो प्रीमियम ब्रांड की ओर शिफ्ट होना चाहते हैं। अगले साल का प्लान, शोरूम्स की संख्या बढ़ेगी लॉन्चिंग के साथ ही ट्रायम्फ और बजाज मिलकर अपने डीलरशिप नेटवर्क का भी विस्तार कर रहे हैं। कंपनी का लक्ष्य अगले साल तक भारत के 100 से ज्यादा शहरों में अपनी पहुंच बनाना है। अभी कई छोटे शहरों में ट्रायम्फ के शोरूम नहीं हैं, जिससे सर्विस और सेल्स में दिक्कत आती है। नई सस्ती रेंज आने के बाद कंपनी टायर-2 और टायर-3 शहरों पर ज्यादा फोकस करेगी। ये खबर भी पढ़ें… 1 अप्रैल से 20% एथेनॉल मिक्स पेट्रोल अनिवार्य: तेल कंपनियों को E20 पेट्रोल बेचना होगा, पुरानी गाड़ियों के माइलेज पर असर संभव केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल से देशभर में E20 पेट्रोल की बिक्री अनिवार्य कर दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके अनुसार, अब सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तेल कंपनियों को 20% एथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल ही सप्लाई करना होगा। हालांकि, देश के कई हिस्सों में E20 (20% इथेनॉल मिक्स) पेट्रोल की शुरुआत 2023 से ही हो चुकी है, लेकिन ये ऑप्शनल था। सरकार ने हाल ही में एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य 2030 से घटाकर 2025-26 कर दिया था, जिसे अब पूर्ण रूप से लागू किया जा रहा है।

दैनिक भास्कर 27 Feb 2026 4:41 pm

रियल-टाइम सर्च पावर के साथ आया नैनो बनाना 2:शब्दों से तुरंत 4K इमेज बनाएगा; फोटो का बैकग्राउंड भी ज्यादा सटीकता से बदलेगा

गूगल ने अपना अब तक का सबसे तेज और एडवांस AI इमेज जनरेशन मॉडल नैनो बनाना 2 लॉन्च कर दिया है। CEO सुंदर पिचाई ने इसे गूगल का 'बेस्ट इमेज मॉडल' बताया है। यह नया टूल कल्पना को हाई-क्वालिटी तस्वीर में बदल सकता है। गूगल सर्च की मदद से रियल-टाइम जानकारी का इस्तेमाल कर सटीक और असली दिखने वाली इमेज भी तैयार करता है। यह साधारण AI टूल्स की तुलना में ज्यादा तेजी से और ज्यादा बारीकी के साथ रिजल्ट देता है। आइए जानते हैं कि यह टूल कैसे आपके काम आ सकता है… 1. पुरानी फोटो को नया लुक देना: चेहरा वही, स्टाइल नया अक्सर हम अपनी किसी पुरानी फोटो का बैकग्राउंड बदलना चाहते हैं, लेकिन चेहरे में बदलाव आने का डर रहता है। नैनो बनाना 2 की 'फेस कंसिस्टेंसी' खूबी की वजह से अब आप अपनी फोटो में चेहरा वही रखकर सिर्फ कपड़े, हेयरस्टाइल या बैकग्राउंड सटीकता से बदल सकते हैं। कैसे करें: बस फोटो अपलोड करें और कहें- मेरा चेहरा यही रहने दें, लेकिन मुझे पहाड़ों के बैकग्राउंड में फॉर्मल सूट पहने हुए दिखाएं। यह तुरंत नई इमेज जनरेट कर देगा। 2. बच्चों की पढ़ाई और प्रोजेक्ट्स में मदद: अब खुद बनाएं इन्फोग्राफिक्स इस टूल की समझ इतनी गहरी है कि यह जटिल ग्राफिक्स भी बना सकता है। जैसे कई बार स्कूल प्रोजेक्ट्स के लिए अक्सर हमें इंटरनेट पर सटीक डायग्राम नहीं मिलते। कई बार ये अपनी भाषा में भी नहीं मिलते। इस टूल की मदद से आप अपनी पसंद के भाषा में 4K इन्फोग्राफिक बनवा सकते हैं। ये इंग्लिश ग्राफिक को हिंदी में भी बदल सकते हैं। कैसे करें: जेमिनी एप में जाकर बोलें- सौर मंडल का एक 4K चार्ट बनाएं जिसमें हर ग्रह का नाम हिंदी में लिखा हो। यह तुरंत आपको एक फ्रेश और ओरिजिनल इमेज बना कर दे देगा। इसे निर्देश दें कि वॉटर साइकिल का एक 4K इन्फोग्राफिक बनाओ जिसमें हिंदी में साफ लेबल लिखे हों। यह पढ़ने लायक टेक्स्ट और रियलिस्टिक लाइटिंग के साथ इमेज तैयार कर देगा। 3. दुकानदारों और बिजनेस के लिए फ्री ग्राफिक डिजाइनर अगर आप अपना छोटा बिजनेस चलाते हैं और सोशल मीडिया पर प्रोडक्ट की फोटो डालनी है, तो अब महंगे डिजाइनर की जरूरत नहीं है। नैनो बनाने आपके लिए ये काम तेजी से कर देगा। कैसे करें: अपने प्रोडक्ट की फोटो खींचें और AI को निर्देश दें- इस जूते की फोटो को एक स्टाइलिश शोरूम के बैकग्राउंड में रखें और ऊपर '50% डिस्काउंट' लिख दें। 4. वॉट्सएप और सोशल मीडिया के लिए यूनिक स्टिकर और डीपी आप ऐसे मीम्स या स्टिकर्स बना सकते हैं जो इंटरनेट पर कहीं और नहीं मिलेंगे। कैसे करें: जेमिनी एप में जाकर बोलें- एक चश्मा पहने हुए कुत्ते की फनी फोटो बनाओ जो समोसा खा रहा हो। यह सेकंड्स में आपको इमेज दे देगा। गूगल के इन एप्स में मिलेगा नैनो बनाना 2 का सपोर्ट गूगल नैनो बनाने को अपने पूरे इकोसिस्टम में जोड़ रहा है। यूजर्स इसका इस्तेमाल जेमिनी एप , गूगल सर्च के AI मोड, गूगल लेंस और गूगल के 'फ्लो' वीडियो टूल में कर सकेंगे। इससे ग्राफिक डिजाइनिंग और फोटो एडिटिंग का काम हर किसी के लिए आसान हो जाएगा। अगस्त 2025 में शुरू हुआ था नैनो बनाना का सफर

दैनिक भास्कर 27 Feb 2026 11:18 am

1 अप्रैल से 20% एथेनॉल मिक्स पेट्रोल अनिवार्य:तेल कंपनियों को E20 पेट्रोल बेचना होगा, पुरानी गाड़ियों के माइलेज पर असर संभव

केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल से देशभर में E20 पेट्रोल की बिक्री अनिवार्य कर दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके अनुसार, अब सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तेल कंपनियों को 20% एथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल ही सप्लाई करना होगा। हालांकि, देश के कई हिस्सों में E20 (20% इथेनॉल मिक्स) पेट्रोल की शुरुआत 2023 से ही हो चुकी है, लेकिन ये ऑप्शनल था। सरकार ने हाल ही में एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य 2030 से घटाकर 2025-26 कर दिया था, जिसे अब पूर्ण रूप से लागू किया जा रहा है। 95 रिसर्च ऑक्टेन नंबर का ही E20 पेट्रोल बेच सकेंगे इस फ्यूल के लिए रिसर्च ऑक्टेन नंबर (RON) कम से कम 95 तय किया गया है, ताकि इंजनों को सुरक्षित रखा जा सके। RON यानी फ्यूल की 'नॉकिंग' (इंजन के अंदर समय से पहले आग लगना) को रोकने की क्षमता को दिखाता है। RON यह बताता है कि पेट्रोल कितना 'मजबूत' या 'सहनशील' है। जिस पेट्रोल का RON नंबर जितना ज्यादा होगा, वह उतनी ही आसानी से इंजन के दबाव को झेलेगा और बिना किसी आवाज या झटके के सही समय पर जलेगा। इससे इंजन की लाइफ बढ़ती है और वह सुचारू रूप से चलता है। अभी तक भारत में बिकने वाला साधारण पेट्रोल का 91 RON होता है और सिर्फ 'प्रीमियम' पेट्रोल (जैसे XP95) ही 95 RON का मिलता है। पुरानी गाड़ियों का माइलेज 3-7% तक गिर सकता है इंडस्ट्री विशेषज्ञों का कहना है कि 2023 से 2025 के बीच बने ज्यादातर वाहन E-20 ईंधन के हिसाब से ही डिजाइन किए गए हैं, इसलिए उनमें कोई दिक्कत नहीं आएगी। हालांकि, बहुत पुराने वाहनों में कुछ समस्याएं दिख सकती हैं… माइलेज: पुराने वाहनों की फ्यूल एफिशिएंसी में 3% से 7% तक की गिरावट आ सकती है। पुर्जों पर असर: लंबे समय तक इस्तेमाल से पुराने इंजनों के रबर और प्लास्टिक के हिस्सों में खराबी आने की आशंका है। इन इलाकों में मिल सकती है थोड़ी छूट पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि असाधारण परिस्थितियों में कुछ खास इलाकों के लिए सीमित समय के लिए इस नियम से छूट दी जा सकती है। हालांकि, मुख्य रूप से यह नियम पूरे देश के फ्यूल स्टेशनों पर लागू होगा। एथेनॉल से ₹1.40 लाख करोड़ से ज्यादा विदेशी मुद्रा बचाई सरकार के इस फैसले के पीछे सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना है। तेल मंत्रालय के अनुमान के मुताबिक, 2014-15 से अब तक पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की वजह से भारत ने ₹1.40 लाख करोड़ से ज्यादा की विदेशी मुद्रा बचाई है। इसके अलावा, एथेनॉल का उत्पादन गन्ना, मक्का और अनाज से होता है, जिससे किसानों की आय में भी बढ़ेगी। क्या होता है एथेनॉल? एथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है, जो स्टार्च और शुगर के फर्मेंटेशन से बनाया जाता है। इसे पेट्रोल में मिलाकर गाड़ियों में इको-फ्रैंडली फ्यूल की तरह इस्तेमाल किया जाता है। एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस से होता है, लेकिन स्टार्च कॉन्टेनिंग मटेरियल्स जैसे मक्का, सड़े आलू, कसावा और सड़ी सब्जियों से भी एथेनॉल तैयार किया जा सकता है। 1G एथेनॉल : फर्स्ट जनरेशन एथेनॉल गन्ने के रस, मीठे चुकंदर, सड़े आलू, मीठा ज्वार और मक्का से बनाया जाता है। 2G एथेनॉल : सेकंड जनरेशन एथेनॉल सेल्युलोज और लिग्नोसेल्यूलोसिक मटेरियल जैसे - चावल की भूसी, गेहूं की भूसी, कॉर्नकॉब (भुट्टा), बांस और वुडी बायोमास से बनाया जाता है। 3G बायोफ्यूल : थर्ड जनरेशन बायोफ्यूल को एलगी से बनाया जाएगा। अभी इस पर काम चल रहा है। अप्रैल-2023 से देश में बिक रहा E-20 पेट्रोल-डीजल गाड़ियों से होने वाले एयर पॉल्यूशन को रोकने और फ्यूल के दाम कम करने के लिए दुनियाभर की सरकारें एथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल पर काम कर रही हैं। भारत में भी एथेनॉल को पेट्रोल-डीजल के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। इससे गाड़ियों का माइलेज भी बढ़ेगा। देश में 5% एथेनॉल से प्रयोग शुरू हुआ था जो अब 20% तक पहुंच चुका है। सरकार अप्रैल के महीने में नेशनल बायो फ्यूल पॉलिसी लागू कर E-20 (20% एथेनॉल + 80% पेट्रोल) से E-80 (80% एथेनॉल + 20% पेट्रोल) पर जाने के लिए प्रोसेस शुरू कर चुकी है। इसके अलावा देश में अप्रैल से सिर्फ फ्लेक्स फ्यूल कंप्लाइंट गाड़ियां ही बेची जा रही हैं। साथ ही पुरानी गाड़ियां एथेनॉल कंप्लाएंट व्हीकल में चेंज की जा सकेंगी। ​​​​​​एथेनॉल मिलाने से क्या फायदा है? पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने से पेट्रोल के उपयोग से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। इसके इस्तेमाल से गाड़ियां 35% कम कार्बन मोनोऑक्साइड का उत्सर्जन करती है। सल्फर डाइऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन का उत्सर्जन भी एथेनॉल कम करता है। एथेनॉल में मौजूद 35% ऑक्सीजन के चलते ये फ्यूल नाइट्रोजन ऑक्साइड के उत्सर्जन को भी कम करता है। ------------------- ये खबर भी पढ़ें… पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने से रोकने की याचिका खारिज: सुप्रीम कोर्ट में सरकार बोली- याचिकाकर्ता इंग्लैंड का, बाहरी नहीं बताएगा कौन सा पेट्रोल इस्तेमाल करें सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 को पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने के प्लान को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। इस प्लान के तहत देश में बिकने वाले पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाया जा रहा है। 2023 में एथेनॉल मिलाने की शुरुआत की गई थी। सरकार ने 2025-26 तक देश के सभी पेट्रोल पंप्स पर E20 पेट्रोल उपलब्ध कराने का टारगेट रखा है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने ये फैसला सुनाया। ये याचिका वकील अक्षय मल्होत्रा ने दायर की थी। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 26 Feb 2026 6:08 pm

वॉट्सएप 1 मार्च से सिम कार्ड के बिना नहीं चलेगा:सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने से मना किया; कंप्यूटर पर हर 6 घंटे में लॉगआउट होगा

केंद्र सरकार ने गुरुवार को साफ कर दिया है कि 'सिम बाइंडिंग' के नियमों को लागू करने की 28 फरवरी की डेडलाइन नहीं बढ़ाई जाएगी। नए नियमों के तहत मोबाइल में सिम कार्ड न होने पर वॉट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल, स्नैपचैट, शेयरचैट, जियोचैट, अराटाई और जोश जैसे मैसेजिंग एप काम नहीं करेंगे। कंप्यूटर पर लॉगिन वॉट्सएप भी 6 घंटे में लॉगआउट हो जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे साइबर धोखेबाजों का पता लगाने में मदद मिलेगी। समझिए क्या है नया नियम और आप पर कैसे होगा असर? सवाल. क्या है सिम बाइंडिंग? जवाब. सिम बाइंडिंग एक सुरक्षा कवच है। यह आपके मैसेजिंग एप को आपके फिजिकल सिम कार्ड के साथ 'लॉक' कर देता है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि कोई भी हैकर या ठग आपके नंबर का इस्तेमाल किसी दूसरे डिवाइस पर बैठकर नहीं कर पाएगा। सवाल. सिम बाइंडिंग का नया नियम कब से लागू होगा? जवाब. जब आप किसी एप को सिम बाइंडिंग से जोड़ते हैं, तो वह एप तभी खुलेगा जब आपका रजिस्टर्ड सिम कार्ड उसी फोन के अंदर मौजूद होगा। यह नियम 1 मार्च 2026 से प्रभावी होगा। सवाल. सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने से मना क्यों किया? जवाब. केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि फिलहाल नियमों को मानने की समय-सीमा आगे बढ़ाने पर कोई विचार नहीं है। उन्होंने कहा कि ये नियम राष्ट्रीय सुरक्षा और धोखाधड़ी रोकने के लिए लागू किए गए हैं और सुरक्षा के मुद्दों पर सरकार कोई समझौता नहीं करेगी। सवाल. 1 मार्च से यूजर्स को क्या करना होगा? जवाब. यूजर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका वॉट्सएप जिस नंबर पर है, वह सिम उसी फोन में लगा हो। अगर सिम कार्ड फोन से बाहर निकाला तो मैसेजिंग एप काम करना बंद कर सकता है। सवाल. टेक कंपनियों और संस्थाओं का इस पर क्या रुख है? जवाब. इंडस्ट्री एसोसिएशन (IAMAI) ने सरकार को चेतावनी दी है कि हर 6 घंटे में लॉगआउट करने का नियम प्रोफेशनल्स के लिए परेशानी भरा होगा। साथ ही उन यूजर्स को भी दिक्कत होगी जो एक ही अकाउंट शेयर करते हैं। सवाल. कंपनियों ने नियम नहीं माना तो क्या कार्रवाई होगी? जवाब. केंद्र सरकार के आदेश के मुताबिक ​​कंपनियों को ​120 दिन के भीतर इसको लेकर रिपोर्ट देनी होगी। नियमों का पालन न करने पर टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023, टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी रूल्स और दूसरे लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी। ज्यातिरादित्य सिंधिया ने दो अन्य मामलों पर भी जानकारी दी… 1. स्टारलिंक की लॉन्चिंग सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस 'स्टारलिंक' के बारे में सिंधिया ने बताया कि कंपनी ने अभी तक सरकारी सुरक्षा एजेंसियों के सामने जरूरी डेमो पूरे नहीं किए हैं। कंपनी को यह दिखाना होगा कि वह भारतीय सीमाओं के बाहर इंटरनेट एक्सेस बंद कर सकती है। जरूरत पड़ने पर नेटवर्क पर कंट्रोल दे सकती है। 2. BSNL अफसर का मामला हाल ही में BSNL डायरेक्टर विवेक बंजल के प्रयागराज दौरे का एक सरकारी आदेश वायरल हुआ था। इसमें उनकी सेवा के लिए करीब 50 कर्मचारियों का इंतजाम करने को कहा गया था। सिंधिया ने कहा कि इस मामले में 'कारण बताओ' नोटिस जारी कर दिया गया है। 21वीं सदी के भारत में ऐसा आदेश जारी होना कतई मंजूर नहीं है। हम इसे ऐसे ही नहीं जाने देंगे। विवादों के बीच मंत्री सिंधिया ने ये भी बताया कि सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL फिलहाल आर्थिक रूप से बेहतर कर रही है और कंपनी हेल्दी कैश फ्लो जेनरेट कर रही है। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… वॉट्सएप अकाउंट हैक करने की नई ट्रिक सामने आई: CERT-In ने जारी की चेतावनी, हैकर्स घोस्ट पेयरिंग से पूरा कंट्रोल ले रहे; जानें कैसे बचें भारतीय साइबर सिक्योरिटी एजेंसी CERT-In ने वॉट्सएप यूजर्स के लिए एक चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने बताया कि हैकर्स वॉट्सएप के डिवाइस लिंकिंग फीचर का गलत इस्तेमाल करके अकाउंट हैक कर रहे हैं। इस नए कैंपेन को घोस्ट पेयरिंग नाम दिया गया है। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 26 Feb 2026 2:57 pm

स्कूल में ‘एआई का ड्राइविंग लाइसेंस’:शिक्षक चैट्बॉट्स का सही इस्तेमाल करना सिखा रहे ताकि कमान छात्रों के हाथ में रहे, वॉशिंगटन पार्क स्कूल ने शुरू किया अनूठा कोर्स

न्यूयार्क के नेवार्क में स्थित ‘वॉशिंगटन पार्क हाई स्कूल’ की एक कक्षा में इन दिनों अजीब सा सन्नाटा और फिर गहन चर्चा का शोर सुनाई देता है। यहां विषय गणित या इतिहास नहीं, बल्कि कुछ ऐसा है जो आने वाले कल की दिशा तय करेगा, एआई लिटरेसी। टीचर माइक टॉबमैन और स्कॉट कर्न ने मिलकर हाल ही में 12वीं के छात्रों के लिए अनूठा कोर्स शुरू किया है। उनका मानना है कि एआई एक कार की तरह है। वे चाहते हैं कि उनके छात्र इस टेक्नोलॉजी के सिर्फ ‘पैसेंजर’ बनकर पीछे न बैठें, बल्कि कुशल ‘ड्राइवर’ बनकर इसे सही दिशा में ले जाएं। टॉबमैन इस क्लास की तुलना ड्राइविंग टेस्ट की तैयारी से करते हैं। क्लास में वाइटबोर्ड पर एक सवाल चमकता है- ‘क्या आप तकनीक को चला रहे हैं या तकनीक आपको चला रही है?’ छात्र एड्रियन फैरेल (18) बताते हैं कि वे एआई का इस्तेमाल अपने गणित के होमवर्क की शुद्धता जांचने के लिए करते हैं। वहीं, ब्रायना पेरेज स्वीकार करती हैं कि जब वे स्पॉटिफाई का ‘एआई डीजे’ सुनती हैं, तो ‘पैसेंजर मोड’ में होती हैं क्योंकि टेक्नोलॉजी उनकी पसंद तय कर रही होती है। स्कूल के टीचर्स ने इस नए कोर्स में कुछ दिलचस्प तरीके अपनाए हैं। इतिहास की क्लास में खास चैटबॉट बनाया गया है जो छात्रों के तर्कों को चुनौती देता है। जब 17 साल की एलिसन ने दंगे के कारणों पर तर्क रखा, तो चैटबॉट ने उससे कहा-‘मैं तुम्हें इस पर थोड़ा और सोचने को कहूंगा।’ एलिसन कहती हैं, इस बहस से उनकी सोच और बेहतर हुई। एक अन्य क्लास में बच्चे एआई का इस्तेमाल ‘करियर सिमुलेशन’ के लिए कर रहे हैं। नर्स बनने की तैयारी कर रही 17 साल की अनिया ने एआई की मदद से अपने प्रोजेक्ट को ज्यादा स्पष्ट बनाया। केर्न कहते हैं,‘बच्चे आपस में बात करें या मौलिक सोच का इस्तेमाल करें, तो मैं चाहूंगा कि कभी एआई उसमें दखल न दे। कोर्स में डीपफेक, कॉपीराइट और बौद्धिक संपदा जैसे गंभीर विषयों पर भी चर्चा होती है। ब्रायना कहती हैं,‘अगर ऐसे कोर्स न हों, तो हमें पता ही नहीं चलेगा कि भविष्य में हमारे सामने क्या आने वाला है।’ स्कूल अब इस एआई ‘ड्राइविंग लाइसेंस’ कोर्स को 12वीं के छात्रों के लिए अनिवार्य करने की योजना बना रहा है। एआई लिटरेसी- यह ड्राइविंग टेस्ट के लिए तैयार करने जैसा एआई लिटरेसी चैटबॉट्स को समझकर इस्तेमाल करने की कला है। इसमें तीन बातें अहम हैं- पहली- स्मार्ट प्रॉम्प्टिंग, यानी चैटबॉट से सही सवाल पूछकर सही काम करवाना। दूसरी- जोखिम पहचानना, यानी देखना कि एआई कब गलत जानकारी दे रहा है या कब पक्षपाती है और तीसरी- क्रिएटिविटी, यानी एआई की मदद से कुछ नया बनाना, जैसे अब कुछ बच्चे एप खुद बना रहे हैं। टीचर इसे किशोर को ड्राइविंग टेस्ट के लिए तैयार करने जैसा मानते हैं- इसलिए इसे ‘एआई का ड्राइविंग लाइसेंस’ कहा जा रहा है|

दैनिक भास्कर 26 Feb 2026 11:28 am

सैमसंग गैलेक्सी S26 सीरीज लॉन्च, कीमत ₹87,999 से शुरू:प्राइवेसी ऑन करते ही साइड वाले को नहीं दिखेगी स्क्रीन, बड्स 4 सीरीज भी पेश की

साउथ कोरियन टेक कंपनी सैमसंग ने अपनी सबसे पावरफुल स्मार्टफोन सीरीज गैलेक्सी S26 भारत सहित ग्लोबल मार्केट में लॉन्च कर दी है। इसमें गैलेक्सी S26 अल्ट्रा, गैलेक्सी S26+ और गैलेक्सी S26 शामिल हैं। इनकी कीमत 87,999 रुपए से शुरू होती है, जो 1,89,999 रुपए तक जाती है। वहीं, गैलेक्सी बड्स 4 सीरीज भी लॉन्च की गई है। सभी डिवाइस की प्री-बुकिंग शुरू कर दी गई है। 11 मार्च से इनकी सेल शुरू होगी। अमेरिका के कैलिफोर्निया शहर स्थित सैन होजे SAP सेंटर में बुधवार रात (26 फरवरी) हुए इवेंट में कंपनी ने S26 अल्ट्रा स्मार्टफोन को खास प्राइवेसी फीचर्स के साथ पेश किया। इसमें प्राइवेसी डिस्प्ले, प्राइवेसी अलर्ट्स, प्राइवेट एल्बम, एडवांस्ड नॉक्स प्रोटेक्शन और कॉल स्क्रीनिंग जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसके अलावा तीनों स्मार्टफोन्स में क्रिएटिव स्टूडियो, फोटो असिस्ट, ऑडियो इरेजर और ऑटो ट्रिम और नोट समरी, चैट असिस्ट, रियल-टाइम लैंग्वेज ट्रांसलेशन, सर्कल टू सर्च जैसे एडवांस्ड AI फीचर्स को अपग्रेड किया गया है। S26 सीरीज के स्मार्टफोन्स में 7 साल तक सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट मिलेगा। S26 अल्ट्रा के मुख्य प्राइवेसी फीचर्स 1. प्राइवेसी डिस्प्ले डिस्प्ले के पिक्सल इस तरह से लाइट छोड़ते हैं, कि सामने से देखने वाले को सब साफ दिखता है, लेकिन साइड से देखने वाले को स्क्रीन काली या धुंधली दिखती है। आप इसे सेटिंग्स से या पावर बटन को दो बार दबाकर तुरंत ऑन/ऑफ कर सकते हैं। आप चाहें तो अपनी पसंद के एप को भी इस फीचर से प्रोटेक्ट कर सकते हैं। इसके दो मोड हैं… 2. प्राइवेसी अलर्ट्स सैमसंग ने इसमें AI और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया है। अगर कोई एप आपकी मर्जी के बिना बैकग्राउंड में आपकी लोकेशन, कॉल लॉग्स या कॉन्टैक्ट्स एक्सेस करने की कोशिश करता है, तो फोन आपको तुरंत 'रियल-टाइम अलर्ट' देगा। 3. एडवांस्ड नॉक्स प्रोटेक्शन 4. प्राइवेट एल्बमअब गैलरी में ही एक खास 'प्राइवेट एल्बम' का फीचर दिया गया है। इसमें आप अपनी पर्सनल फोटो और वीडियो को अलग फोल्डर बनाए बिना या सैमसंग अकाउंट में लॉग-इन किए बिना सीधे छुपा सकते हैं। यह नॉक्स सुरक्षा से लॉक रहता है। 5. कॉल स्क्रीनिंगAI की मदद से यह फीचर अनजान कॉल करने वालों की पहचान करता है और उनकी कॉल उठाने से पहले ही आपको बताएगा कि वे किस काम के लिए फोन कर रहे हैं। इससे स्पैम कॉल्स से आपकी प्राइवेसी बनी रहती है। गैलेक्सी AI की मदद से वीडियो एडिट कर सकेंगे क्रिएटिव यूजर्स के लिए फोटो असिस्ट और क्रिएटिव स्टूडियो जैसे ऑप्शन्स दिए गए हैं। इनसे इमेज में ऑब्जेक्ट हटाना, बैकग्राउंड एडजस्ट करना और फोटो में एक्स्ट्रा चीजों को जोड़ा जा सकेगा। वहीं गैलेक्सी AI की मदद से वीडियो को भी एडिट किया जा सकेगा। इसके अलावा, नया सुपर स्टडी वीडियो, होरिजोंटल लॉक स्टाइल, लो-लाइट में फोटो-वीडियो के लिए नाइटोग्राफी, 30fps पर 8K वीडियो रिकॉर्डिंग और APV कोडेक जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं। APV कोडेक से कम साइज में हाई-क्वालिटी वीडियो रिकॉर्ड की जा सकेगी और सबसे बड़ी बात, बार-बार एडिट करने के बाद भी वीडियो क्वालिटी खराब नहीं होगी। सैमसंग गैलेक्सी S26 सीरीज में मुख्य एआई फीचर्स सर्किल टू सर्च 2.0 सैमसंग गैलेक्सी S26 स्मार्टफोन सीरीज में सर्किल टू सर्च फीचर अपग्रेड हो गया है। अब आप स्क्रीन पर किसी भी कठिन गणित के सवाल या फिजिक्स के फॉर्मूले को सर्किल करेंगे, तो AI न सिर्फ उसका जवाब देगा, बल्कि उसे स्टेप-बाय-स्टेप हल करने का तरीका भी बताएगा। अगर आपके बैकग्राउंड में कोई गाना बज रहा है, तो बस होम बटन दबाकर होल्ड करें, वह तुरंत उस गाने का नाम और सिंगर बता देगा। रियल-टाइम वीडियो कॉल ट्रांसलेशन पहले यह सिर्फ फोन कॉल तक सीमित था, लेकिन S26 में अब यह वॉट्सएप, इंस्टाग्राम और गूगल मीट जैसे ऐप्स पर भी काम करेगा। अगर आप किसी विदेशी से वीडियो कॉल पर बात कर रहे हैं, तो AI रियल-टाइम में उनकी भाषा को हिंदी में ट्रांसलेट करके स्क्रीन पर दिखाएगा और आपकी बात उन्हें उनकी भाषा में सुनाएगा। नोट असिस्ट और वेब समरी जनरेटिव वॉलपेपर और स्टूडियो आप अपनी किसी भी नॉर्मल सेल्फी को 3D कार्टून, वॉटरकलर पेंटिंग या स्केच में बदल सकते हैं। इसके अलावा, आप सिर्फ लिखकर अपने फोन के लिए यूनिक वॉलपेपर तैयार करवा सकते हैं। ग्राफिक -अंकित पाठक

दैनिक भास्कर 26 Feb 2026 6:15 am

थर्ड जनरेशन रेनो डस्टर 17 मार्च को लॉन्च होगी:SUV में हाइब्रिड के साथ तीन इंजन ऑप्शन, लेवल-2 ADAS के साथ 31 सेफ्टी फीचर्स

रेनो इंडिया अपनी सबसे पॉपुलर SUV 'डस्टर' को भारतीय बाजार में 17 मार्च को लॉन्च करने जा रही है। कंपनी ने 27 जनवरी को इसे नए डिजाइन के साथ रिवील किया था। नई डस्टर न सिर्फ लुक में ज्यादा मस्कुलर हो गई है, बल्कि इसमें पहली बार स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन और 2 टर्बो इंजन का ऑप्शन भी दिया गया है। कंपनी ने इसे नए R-GMP प्लेटफॉर्म पर तैयार किया है। इसकी एक्स-शोरूम शुरुआती कीमत करीब ₹10 लाख हो सकती है। नई डस्टर की बुकिंग ₹21,000 के टोकन अमाउंट के साथ शुरू की गई है। टर्बो-पेट्रोल वैरिएंट की डिलीवरी अप्रैल से शुरू होगी, जबकि हाइब्रिड दिवाली के आसपास शोरूम पर मिलेगा। कार में गूगल OS के साथ टच स्क्रीन इन्फॉटेन्मेंट सिस्टम, पैनोरमिक सनरूफ, 700 लीटर का बूट स्पेस, 360-डिग्री कैमरा, 18-इंच अलॉय व्हील्स जैसे फीचर्स मिलेंगे। वहीं, 6 एयरबैग्स के साथ 31 स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर्स और 17 एडवांस ड्राइविंग असिस्ट सिस्टम (ADAS) भी दिया जाएगा। साल 2012 में पहली बार लॉन्च हुई डस्टर ने भारत में कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट की शुरुआत की थी, जिसे 2022 में डिस्कंटीन्यू कर दिया गया था। अब 3 साल बाद इसकी भारत में एंट्री हुई है। नई डस्टर हुंडई क्रेटा, टाटा सिएरा, किआ सेल्टोस, मारुति विक्टोरिस, मारुति ग्रैंड विटारा, टोयोटा हाइराइडर को टक्कर देगी। एक्सटीरियर डिजाइन: Y-शेप्ड हेडलैंप्स और 18-इंच के अलॉय व्हील्स न्यू जनरेशन डस्टर को CMF-B प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है। इस प्लेटफॉर्म को डेसिया, रेनो और निसान ने मिलकर डेवलप किया है। नई डस्टर का डिजाइन ग्लोबल मार्केट में बिकने वाले मॉडल डेसिया से इन्सपायर्ड है। इंटीरियर डिजाइन: 10.1 इंच की टचस्क्रीन और डबल-लेयर डैशबोर्ड नई डस्टर में डबल-लेयर डैशबोर्ड दिया गया है, जिसमें हल्के और डार्क ब्लैक शेड्स हैं। सेंटर कंसोल ड्राइवर की ओर थोड़ा झुका हुआ है। हायर वैरिएंट में दो डिजिटल स्क्रीन मिलेंगी। इसमें ड्राइवर के लिए 7 इंच की स्क्रीन और इंफोटेनमेंट के लिए गूगल OS के साथ 10.25 इंच की टचस्क्रीन शामिल है। सेंटर AC वेंट के नीचे एक हॉरिजोंटल पैनल में कई बटन मिलते हैं, जो इंफोटेनमेंट और HVC सिस्टम को कंट्रोल करते हैं। एक 12V पावर सॉकेट और USB आउटलेट को नीचे की ओर प्लेस किया गया है। ऐसा लगता है कि मैनुअल गियरबॉक्स से लैस डस्टर का गियर लीवर मौजूदा रेनॉल्ट मॉडल से लिया गया है और यह भारत में काइगर और ट्राइबर के समान दिखता है। हायर वैरिएंट में ऑटोमेटिक गियरबॉक्स ऑप्शन और एक इलेक्ट्रॉनिक पार्किग ब्रेक भी मिलता है। तीन-स्पोक स्टीयरिंग व्हील भारी दिखता है और इसमें इंफोटेनमेंट, टेलीफोनी और क्रूज कंट्रोल के लिए बटन हैं। टॉप-स्पेक डस्टर के फीचर्स में वायरलेस चार्जिंग और वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एपल कारप्ले कनेक्टिविटी, ऑटोमेटिक क्लाइमेंट कंट्रोलऔर 6 स्पीकर के साथ एक आर्कमिस 3D साउंड सिस्टम शामिल होगा। नई डस्टर में ऑटोमेटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग सहित ADAS जैसे सेफ्टी फीचर भी मिलेंगे। परफॉर्मेंस: हाइब्रिड सिस्टम के साथ 3 इंजन ऑप्शन नई रेनो डस्टर में 3 इंजन ऑप्शन दिए गए हैं। इसमें एक माइल्ड हाइब्रिड के साथ 1.3 लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन है, जो 160PS की पावर और 280Nm का टॉर्क जनरेट करता है। ट्रांसमिशन के लिए इस इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड DCT ऑटोमेटिक गियरबॉक्स का ऑप्शन दिया गया है। वहीं दूसरा, 1-लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 100PS की पावर और 160Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसके साथ 6 स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन का ऑप्शन मिलेगा। वहीं तीसरा, 1.8 लीटर का स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड इंजन भी है, जो 8 स्पीड DHT ट्रांसमिशन के साथ आएगा। दिवाली 2026 तक लॉन्च होने वाले इस वर्जन में 1.4kWh की बैटरी और इलेक्ट्रिक मोटर मिलेगी। इसका कुल सिस्टम आउटपुट 160hp होगा।

दैनिक भास्कर 25 Feb 2026 10:51 pm

सैमसंग का एनुअल इवेंट 'गैलेक्सी अनपैक्ड' आज:S26 फोन्स की शुरुआती कीमत ₹80 हजार हो सकती है, 200MP AI कैमरा मिलेगा

सैमसंग आज रात 11 बजे अपनी फ्लैगशिप स्मार्टफोन सीरीज गैलेक्सी S26 लॉन्च करेगी। कंपनी इस साल भी तीन मॉडल्स- गैलेक्सी S26, S26+ और S26 अल्ट्रा बाजार में उतारेगी। हर साल ये सीरीज पेश होती है। इस बार कंपनी का फोकस एडवांस AI फीचर्स पर है। इसके अलावा स्लिम डिजाइन और पावरफुल 'स्नैपड्रैगन एलीट जेन 5' प्रोसेसर पर भी फोकस है। शुरुआती कीमत ₹79,999 हो सकती है डिजाइन और बिल्ड क्वालिटी: स्लिम बॉडी और टाइटेनियम फ्रेम गैलेक्सी S26 सीरीज में इस बार डिजाइन को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं इस बार इसे फैंटम ब्लैक, क्रीम और ग्रीन के अलावा कुछ नए टाइटेनियम शेड्स में पेश किया जा सकता है। सैमसंग गैलेक्सी S26 सीरीज एक्सपैक्टेड स्पेसिफिकेशंस

दैनिक भास्कर 25 Feb 2026 11:45 am

टाटा संस के चंद्रशेखरन के तीसरे टर्म पर फैसला टला:मीटिंग में चेयरमैन बोले- ट्रस्ट-बोर्ड में तालमेल जरूरी; नोएल टाटा ने कार्यकाल बढ़ाने के लिए रखीं 4 शर्तें

टाटा संस की बोर्ड मीटिंग में मंगलवार को चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल को लेकर हुई चर्चा बेनतीजा रही। मीटिंग के दौरान मतभेद उभरने के बाद खुद चंद्रशेखरन ने अपना कार्यकाल बढ़ाने के प्रस्ताव को टालने की बात कही। उन्होंने कहा कि टाटा ग्रुप तभी सबसे अच्छा काम करता है जब टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स के फैसले एक समान हों। नोएल टाटा ने नए बिजनेस के घाटे पर जताई चिंता इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने मीटिंग के दौरान ग्रुप के कुछ नए बिजनेस में हो रहे घाटे का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस पर विस्तार से चर्चा की मांग की। हालांकि, बोर्ड के अन्य निदेशकों ने चंद्रशेखरन का समर्थन करते हुए कहा कि ये घाटे 'ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स' (नए शुरू किए गए प्रोजेक्ट्स) से जुड़े हैं। ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स को मुनाफा देने में थोड़ा समय लगता है और यह पहले से तय योजना का हिस्सा है। कार्यकाल विस्तार के लिए नोएल टाटा की 4 शर्तें माना जा रहा है कि टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन के कार्यकाल को आगे बढ़ाने के लिए चार प्रमुख शर्तें सामने रखी हैं: चंद्रशेखरन को जून में रिटायरमेंट नियमों से चाहिए होगी छूट एन चंद्रशेखरन इस साल जून में 63 वर्ष के हो जाएंगे। टाटा संस के नियमों के मुताबिक, नॉन-एग्जीक्यूटिव पदों के लिए रिटायरमेंट की उम्र 65 साल तय है। अगर उनका कार्यकाल फरवरी 2027 के बाद भी आगे बढ़ाया जाता है, तो इसके लिए बोर्ड को एक स्पेशल रेजोल्यूशन पास करना होगा और रिटायरमेंट नियमों में छूट देनी होगी। निदेशकों ने की वोटिंग की पेशकश, चेयरमैन ने टाला फैसला बोर्ड की पुनर्नियुक्ति समिति की प्रमुख अनीता जॉर्ज ने चंद्रशेखरन के कार्यकाल विस्तार का समर्थन किया। उन्होंने तर्क दिया कि नए प्रोजेक्ट्स में शुरुआती घाटे सामान्य बात है। चर्चा के बाद जब कुछ निदेशकों ने इस मुद्दे पर वोटिंग कराने का प्रस्ताव दिया, तो चंद्रशेखरन ने खुद इसे फिलहाल टालने का सुझाव दिया। उनका मानना है कि टाटा संस और मुख्य शेयरहोल्डर टाटा ट्रस्ट्स के बीच पूर्ण सहमति होना ग्रुप के भविष्य के लिए जरूरी है। टाटा ग्रुप में विवाद, सरकार को दखल देना पड़ा रतन टाटा के निधन के बाद अक्टूबर 2024 में उनके सौतेले भाई नोएल टाटा को टाटा ट्रस्ट का चेयरमैन बनाया गया। वहीं नवंबर 2024 में नोएल को टाटा संस के बोर्ड में भी शामिल किया गया। लेकिन कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया यह फैसला ट्रस्ट के भीतर एकमत नहीं था। इससे टाटा संस को कंट्रोल करने वाले टाटा ट्रस्ट्स में बोर्ड सीट को लेकर सीधा-सीधा बंटवारा हो गया। एक गुट बोर्ड मेंबर नोएल टाटा के साथ है, तो दूसरा गुट मेहली मिस्त्री के साथ। मिस्त्री का कनेक्शन शापूरजी पल्लोनजी फैमिली से है जिसकी टाटा संस में 18.37% हिस्सेदारी है। टाटा संस की बोर्ड सीट को लेकर हुए विवाद के बीच 7 अक्टूबर को सीनियर लीडरशिप ने गृहमंत्री अमित शाह के घर पर 45 मिनट की मीटिंग की। एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने कहा कि घरेलू झगड़े को जल्द निपटा लिया जाए, ताकि कंपनी पर असर न हो। मीटिंग में गृहमंत्री शाह, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के साथ टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा, वाइस-चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन, टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन और ट्रस्टी डेरियस खंबाटा शामिल हुए। टाटा ग्रुप में टाटा संस की 66% हिस्सेदारी टाटा ग्रुप की स्थापना जमशेदजी टाटा ने 1868 में की थी। यह भारत की सबसे बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी है, 10 अलग-अलग बिजनेस में इसकी 30 कंपनियां दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में कारोबार करती हैं। टाटा संस टाटा कंपनियों की प्रिंसिपल इन्वेस्टमेंट होल्डिंग और प्रमोटर है। टाटा संस की 66% इक्विटी शेयर कैपिटल टाटा के चैरिटेबल ट्रस्ट के पास हैं, जो एजुकेशन, हेल्थ, आर्ट एंड कल्चर और लाइवलीहुड जनरेशन के लिए काम करता है। 2023-24 में टाटा ग्रुप की सभी कंपनियों का टोटल रेवेन्यू 13.86 लाख करोड़ रुपए था। यह 10 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार देती है। इसके प्रोडक्ट्स सुबह से शाम तक हमारी जिंदगी में शामिल है। कंपनी चाय पत्ती से लेकर घड़ी, कार और एंटरटेनमेंट सर्विसेज देती है।

दैनिक भास्कर 24 Feb 2026 9:50 pm

रेडमी 15C रिव्यू:बजट फोन में 50MP कैमरा और 120Hz डिस्प्ले, 6000mAh बैटरी से दो दिन चलेगा

अगर आप 10 से 15 हजार की रेंज में नया 5G स्मार्टफोन खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो रेडमी ने नया स्मार्टफोन रेडमी 15C लॉन्च किया है। फोन मार्केट में आते ही अपनी बड़ी बैटरी और स्ट्रांग बिल्ड क्वालिटी को लेकर सुर्खियों में है। फोन एक महीने यूज करने के साथ हमने इसे परखा है और इसकी खूबियों व खामियों को जाना है, तो चलिए जानते हैं, इसमें क्या खास है… डिजाइन: IP64 रेटिंग के साथ पॉलीकार्बोनेट बॉडी इसका बैक पैनल ग्लॉसी और ग्लिटरी फिनिश में दिया गया है, जो लाइट पड़ने पर शाइन करता है। हालांकि ये पूरा पॉलीकार्बोनेट यानी प्लास्टिक का बना है, पर हाथ में प्रीमियम फील देता है। स्मार्टफोन का वजन 212 ग्राम है, जो थोड़ा भारी लग सकता है। साइड में पावर बटन में फिंगरप्रिंट स्कैनर दिया गया है। निचले हिस्से में 3.5mm हेडफोन जैक, टाइप-C पोर्ट, माइक और सिंगल डाउन-फायरिंग स्पीकर है। इसमें 3.5mm जैक भी है और आप दो सिम के साथ एक मेमोरी कार्ड भी लगा सकते हैं। सिक्योरिटी के लिए साइड में फिंगरप्रिंट स्कैनर है जो काफी फास्ट काम करता है, और हां, IP64 रेटिंग भी है, तो हल्की-फुल्की पानी की बूंदों से डरने की जरूरत नहीं है। रेडमी 15C: स्पेसिफिकेशन्स डिस्प्ले: बात करें इसकी स्क्रीन की तो यहां 6.9 इंच का HD+ डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट पर काम करता है, यानी स्क्रॉलिंग एकदम स्मूथ है। कलर्स काफी वाइब्रेंट और अच्छे लगते हैं। यह TUV सर्टिफाइड स्क्रीन है, जो ज्यादा देर तक फोन चलाने पर आंखों को सुरक्षित रखती है। परफॉर्मेंस: रेडमी 15C में परफॉर्मेंस के लिए फोन में मीडियाटेक डायमेंसिटी 6300 प्रोसेसर है, जो 2.4 गीगाहर्ट्ज तक की क्लॉक स्पीड पर रन कर सकता है। ये इस बजट में काफी पावरफुल प्रोसेसर है। फोन में आप BGMI जैसे गैम 60fps पर खेल सकते हैं, लेकिन कहीं-कहीं थोड़ा लैग फील होता है। फोन एंड्रॉयड 15 पर बेस्ड हाइपर OS 2 पर काम करता है। इसमें दो फीचर्स काम के हैं- पहला, आप बिना किसी अनाउंसमेंट के कॉल रिकॉर्ड कर सकते हैं। दूसरा, इसमें सर्कल टू सर्च और गूगल जेमिनी AI का सपोर्ट भी है। कंपनी ने 2 साल के एंड्रॉइड अपडेट्स का भी वादा किया है। कैमरा: फोटोग्राफी के लिए बैक पैनल पर 50MP का मेन कैमरा है। दिन की रोशनी में ये काफी अच्छी और शार्प फोटोज लेता है, खास तौर पर इसके पोर्ट्रेट शॉट्स हमें पसंद आए। वीडियो रिकॉर्डिंग 1080p में 30fps पर रिकॉर्ड कर सकते हैं, जिसकी स्टेबिलिटी डिसेंट है। सेल्फी के लिए 8MP का फ्रंट कैमरा है, जो सोशल मीडिया के लिए ठीक-ठाक फोटो देता है। बैटरी: फोन की सबसे बड़ी ताकत की बात करें तो पावर बैकअप के लिए इसमें 6000mAh की बैटरी दी गई है। यह 19 घंटे, 18 मिनट का PC मार्क बैटरी बेंचमार्क स्कोर हासिल कर चुकी है। अगर आप नॉर्मल यूजर हैं, तो ये बैटरी आराम से 2 दिन चलेगी। इसके साथ 33W का चार्जर दिया गया है। इसके साथ ही फोन में रिवर्स चार्जिंग भी मिलती है, जिससे दूसरे डिवाइस चार्ज कर सकते हैं। कीमत: कुल मिलाकर रेडमी 15C एक डिसेंट डिवाइस है। कंपनी ने स्मार्टफोन को 3 वैरिएंट में पेश किया है। इसके 4GB रैम वैरिएंट की कीमत 12,499 रुपए, 6GB रैम वेरिएंट की 13,999 रुपए और 8GB रैम वैरिएंट की 15,499 रुपए है। फोन डस्ट पर्पल, मूनलाइट ब्लू और मिडनाइट ब्लैक कलर ऑप्शन के साथ अवेलेबल है। फाइनल वर्डिक्ट अगर आपकी प्रायोरिटी बड़ी बैटरी, नया सॉफ्टवेयर और अच्छे लुक्स हैं, तो ये एक सॉलिड डील है। बस गेमिंग और डिस्प्ले रेजोल्यूशन में थोड़ा समझौता करना होगा।

दैनिक भास्कर 24 Feb 2026 7:49 pm

2026 इसुजु वी-क्रॉस भारत में लॉन्च, शुरुआती कीमत ₹25.50 लाख:अब सिर्फ 4x4 ऑप्शन में मिलेगी; 10.3-इंच टचस्क्रीन और 360-डिग्री कैमरा जैसे नए फीचर्स

इसुजु इंडिया ने भारतीय बाजार में अपने पॉपुलर पिक-अप ट्रक वी-क्रॉस का 2026 अपडेटेड मॉडल लॉन्च कर दिया है। नए मॉडल की सबसे बड़ी बात यह है कि कंपनी ने अब इसके 4x2 वैरिएंट को पूरी तरह बंद कर दिया है, यानी अब यह कार केवल 4x4 ऑप्शन में ही खरीदी जा सकेगी। एडवेंचर और ऑफ-रोडिंग के शौकीनों के लिए इसमें कई हाई-टेक फीचर्स जोड़े गए हैं, जो इसे पहले से ज्यादा प्रीमियम बनाते हैं। इसुजु वी-क्रॉस: वैरिएंट वाइस प्राइस एक्सटीरियर: ब्लैक फिनिश ग्रिल और 18-इंच के अलॉय व्हील्स 2026 मॉडल के डिजाइन में छोटे लेकिन प्रभावी बदलाव किए गए हैं। फ्रंट प्रोफाइल: ग्रिल के चारों ओर अब पियानो ब्लैक फिनिश वाली पट्टी दी गई है। फॉग लैंप्स के चारों ओर बॉडी कलर की फिनिशिंग है और स्किड प्लेट पर क्रोम का हल्का टच मिलता है। साइड और रियर प्रोफाइल: इसमें 18-इंच के नए अलॉय व्हील्स और लंबी काली रूफ रेल्स दी गई हैं। डोर हैंडल्स पर क्रोम फिनिश और ORVM पर इंटीग्रेटेड एलईडी टर्न इंडिकेटर्स मिलते हैं। कलर ऑप्शंस: यह कुल 7 कलर्स में उपलब्ध है, जिसमें नॉटिलस ब्लू और स्पिनेल माइका जैसे शेड्स शामिल हैं। इंटीरियर: ब्लैक-ब्राउन थीम के साथ प्रीमियम केबिन केबिन के अंदर कदम रखते ही आपको नया ब्लैक और ब्राउन कलर का डुअल-टोन केबिन मिलता है। इसमें लेदरेट अपहोल्स्ट्री और डैशबोर्ड पर सॉफ्ट-टच लेयर्स का इस्तेमाल किया गया है। सेंटर कंसोल में एक रोटरी नॉब दिया गया है, जिससे अलग-अलग मोड्स को कंट्रोल करना आसान हो जाता है। फीचर्स: 10.3-इंच की बड़ी स्क्रीन और ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग इस बार कंपनी ने टेक्नोलॉजी पर खास ध्यान दिया है। इंफोटेनमेंट: पुराने 9-इंच सिस्टम की जगह अब 10.3-इंच का बड़ा टचस्क्रीन दिया गया है। इसमें वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एपल कारप्ले की सुविधा है। खास फीचर्स: इसमें पहली बार 360-डिग्री कैमरा और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) जोड़ा गया है। साथ ही 8-स्पीकर साउंड सिस्टम, 6-वे पावर एडजस्टेबल ड्राइवर सीट और क्रूज कंट्रोल जैसे फीचर्स भी मिलते हैं। परफॉरमेंस: दमदार डीजल इंजन और 4WD सेटअप इंजन में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसमें पहले वाला ही भरोसेमंद इंजन मिलता है: इंजन: 1.9-लीटर, 4-सिलेंडर डीजल इंजन। पावर/टॉर्क: यह 163 PS की पावर और 360 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। ट्रांसमिशन: इसमें 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड टॉर्क कन्वर्टर ऑटोमैटिक का विकल्प मिलता है। अब यह स्टैंडर्ड रूप से 4-व्हील ड्राइव (4WD) के साथ आती है। सेफ्टी फीचर्स: 6 एयरबैग्स और ट्रैक्शन कंट्रोल सुरक्षा के लिहाज से नई वी-क्रॉस में कई फीचर्स शामिल हैं: इसमें टॉप वैरिएंट्स में 6 एयरबैग्स दिए गए हैं। एबीएस (ABS) के साथ ईबीडी (EBD), हिल स्टार्ट असिस्ट और हिल होल्ड कंट्रोल। ट्रैक्शन कंट्रोल, रियर डिफॉगर और बच्चों की सुरक्षा के लिए ISOFIX चाइल्ड सीट माउंट्स।

दैनिक भास्कर 23 Feb 2026 8:38 pm

मशीनों को इंसानो जैसी आंखें:एक फिल्म ने चीनी इंजीनियर की बदल दी जिंदगी, ऑर्बेक के 3D सेंसर्स ने बदली रोबोटिक्स की किस्मत, अब टार्गेट पर $7.5 ट्रिलियन का मार्केट

चीनी इंजीनियर हॉवर्ड हुआंग की कहानी किसी साइंस फिक्शन फिल्म के हकीकत में बदलने जैसी है। बीजिंग में हाल ही में आयोजित दुनिया के पहले ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स में जब चीनी रोबोट ‘टिएन कूं अल्ट्रा’ ने 100 मीटर की दौड़ में स्वर्ण पदक जीता, तो पूरी दुनिया दंग रह गई। लेकिन इस जीत के पीछे वह खास तकनीक थी, जिसने इन मशीनों को 3-डी विजन सेंसर्स के जरिये इंसानी नजर दी। इसे हुआंग की कंपनी ऑर्बेका ने बनाया है। उन्होंने 2013 में इस कंपनी की नींव रखी थी। बीजिंग यूनिवर्सिटी और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर से इंजीनियरिंग कर चुके हुआंग कभी सिर्फ रिसर्च पेपर लिखते थे। 2004 की फिल्म ‘आई रोबोट’ ने उनका नजरिया बदला। उन्होंने अकैडमिक करिअर छोड़कर फैक्ट्रियों के लिए रिसर्च करना शुरू किया। उनके इस काम ने उन्हें रातोरात रोबोट की दुनिया का हीरो बना दिया है। अपने इनोवेशन पर हुआंग कहते हैं, ‘हम रोबोट को ऐसी नजर देना चाहते हैं, जो इंसानों से भी बेहतर हो।’ वे कहते हैं कि हमारी कंपनी ऐसे कैमरे बनाती है जो न केवल रंग बल्कि गहराई को भी पहचानते हैं। इससे रोबोट जटिल माहौल में इंसानों की तरह नेविगेट कर पाते हैं। ऑर्बेक की सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चीन और दक्षिण कोरिया के मोबाइल सर्विस रोबोटिक्स बाजार में 3डी विजन सेंसर्स की 70% हिस्सेदारी इसी कंपनी की है। कंपनी के प्रमुख ग्राहकों में फिनटेक दिग्गज और जैक मा के नेतृत्व वाला ‘आंट ग्रुप’ भी है। ये कंपनियां ऑर्बेक के कैमरों का इस्तेमाज फेशियल रिकग्निशन यानी चेहरे के जरिये होने वाले भुगतान के लिए करती हैं। बहरहाल, हुआंग का पूरा ध्यान इंसान जैसे रोबोट बनाने पर है। उनकी कंपनी न केवल सेंसर्स बना रही है, बल्कि सालाना एक लाख ऑटोनॉमस मोबाइल रोबोट असेंबल करने की क्षमता भी विकसित कर चुकी है। वे अब वियतनाम में अपनी दूसरी फैक्ट्री बना रहे हैं ताकि अमेरिकी बाजार की मांग पूरी की जा सके। 2025 के शुरुआती नौ महीनों में कंपनी को 90 करोड़ का लाभ हुआ, जो एक साल पहले 140 करोड़ रुपए घाटे में थी। आय 938 करोड़ रही, पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुना है। कंपनी के शेयरों में आए उछाल ने हुआंग को अरबपति बना दिया। जनवरी के मध्य तक उनकी कुल संपत्ति करीब 15 हजार करोड़ रुपए आंकी गई है। एआई और 3डी सेंसर्स के मिलन से आने वाली है बड़ी क्रांति -यह तकनीक रोबोट को इंसानों की तरह गहराई को पहचानने की शक्ति देती है, जिससे वे जटिल और चुनौतीपूर्ण वातावरण में आसानी से नेविगेट कर सकते हैं और आसपास की चीजों के साथ तालमेल बिठा सकते हैं।- एडवांस्ड सेंसर के कारण एआई-पावर्ड ह्यूमनॉइड का बाजार तेजी से बढ़ने की उम्मीद है, जो 2050 तक 7.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।-इन सेंसर्स का इस्तेमाल फैक्ट्री के कामों, साफ-सफाई करने वाले सर्विस रोबोट्स और बुजुर्गों की देखभाल करने वाले ‘ह्यूमन-केयर’ बॉट्स में बड़े स्तर पर होने जा रहा है।-लिडार और 3डी विजन सेंसर्स के मेल से सेल्फ-ड्राइविंग कारों और ड्रोन्स के लिए लंबी दूरी के नेविगेशन और पहचान की सटीक राह खुल रही है।- चीन में इन पुर्जों के बड़े स्तर पर उत्पादन से ह्यूमनॉइड रोबोट बनाने की लागत अगले 5-10 वर्षों में लगभग आधी हो सकती है, जिससे यह तकनीक आम उपयोग के लिए बेहद सुलभ हो जाएगी।- जेनरेटिव एआई और स्मार्ट एआई चिप्स के साथ इन विजन सेंसर्स का एकीकरण रोबोट्स को अपने वातावरण के प्रति अधिक संवेदनशील और समझदार बना रहा है।

दैनिक भास्कर 23 Feb 2026 12:30 pm

चैटजीपीटी में सिक्योरिटी अलर्ट:ओपनएआई ने दो स्पेशल मोड लॉन्च किए, बताएगा कब आपका डेटा खतरे में है

ओपनएआई ने चैटजीपीटी में दो नए सिक्योरिटी फीचर जोड़ दिए है। लॉकडाउन मोड और एलिवेटेड रिस्क लेबल्स। इन टूल्स का उद्देश्य है कि यूजर का डेटा एआई से चोरी न हो जाए। डिजिटल पेमेंट, आधार-लिंक्ड सर्विसेज, ऑनलाइन बैंकिंग और तेजी से बढ़ते एआई इस्तेमाल के दौर में भारत जैसे देश के लिए यह कदम अहम माना जा रहा है। खासकर तब, जब साइबर ठगी और डेटा लीक की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। साइबर ठगी से बचाव एक नया साइबर खतरा भी सामने आया है प्रॉम्प्ट इंजेक्शन। इसमें हैकर किसी डॉक्युमेंट में छिपे निर्देश डाल देता है। यूजर उसे चैटजीपीटी जैसे एआई टूल से पढ़वाता है, तो एआई अनजाने में गोपनीय जानकारी उजागर कर सकता है। मान लीजिए, आपने किसी संदिग्ध वेबसाइट का टेक्स्ट एआई से एनालाइज कराया, तो उसमें छिपा हुआ कमांड एआई को आपके सिस्टम से डेटा खींचने के लिए उकसाता है। एलिवेटेड रिस्क लेबल: पहले अलर्ट, फिर एक्शन यह फीचर यूजर को पहले ही चेतावनी देगा कि जिस फीचर या वेब-कनेक्टेड टूल का इस्तेमाल हो रहा है, वह ज्यादा डेटा एक्सपोज कर सकता है। यानी अगर चैटजीपीटी किसी बाहरी थर्ड पार्टी वेबसाइट या एप से कनेक्ट हो रहा है, तो स्क्रीन पर साफ दिखेगा कि इसमें संभावित जोखिम हो सकते हैं। इससे यूजर खुद भी तय कर सकेगा कि उसे एआई के साथ चैट में आगे बढ़ना है या नहीं। लॉकडाउन मोड: पूरी तरह ‘सेफ मोड’ चुनने का विकल्प लॉकडाउन मोड भी यूजर्स के लिए उपयोगी साबित होगा। इसे ऑन करने पर चैटजीपीटी बाहरी सिस्टम, थर्ड-पार्टी एप्स और वेब कनेक्शन को सीमित कर देगा। इससे डेटा बाहर जाने की आशंका घट जाएगी। यह फीचर खासतौर पर पत्रकारों, कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स, सरकारी अधिकारियों या संवेदनशील जानकारी से जुड़े यूजर्स के लिए उपयोगी हो सकता है। वे लॉकडाउन मोड में सेफ चैट कर सकेंगे।

दैनिक भास्कर 21 Feb 2026 3:58 pm

1 अप्रैल से कैश में टोल नहीं दे पाएंगे:फास्टैग या UPI से ही होगा पेमेंट, नकद लेनदेन पूरी तरह बंद करने की तैयारी

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) देश के टोल प्लाजा को पूरी तरह डिजिटल बनाने की तैयारी कर रही है। 1 अप्रैल 2026 से नेशनल हाईवे के सभी टोल प्लाजा पर कैश ट्रांजेक्शन को पूरी तरह बंद किया जा सकता है। इसके बाद टोल का भुगतान केवल फास्टैग (FASTag) या UPI जैसे डिजिटल माध्यमों से ही हो सकेगा। NHAI का उद्देश्य टोल ऑपरेशन को ज्यादा पारदर्शी और सही बनाना है। अभी देश के 1,150 से ज्यादा टोल प्लाजा पर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम लागू है। टोल प्लाजा पर भीड़ कम करने के लिए लिया गया फैसलाNHAI के अनुसार टोल प्लाजा पर कैश पेमेंट की वजह से अक्सर ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती है। खास तौर पर पीक ऑवर्स (भीड़ वाले समय) में नकद लेनदेन के कारण गाड़ियों की लंबी लाइन लग जाती हैं और छुट्टे पैसों को लेकर विवाद भी होते हैं। डिजिटल पेमेंट पूरी तरह अनिवार्य होने से ये समस्या नहीं रहेगी। 98% गाड़ियों पर पहले से ही लगा है FASTagदेश में फास्टैग का इस्तेमाल काफी तेजी से बढ़ा है। आंकड़ों के अनुसार, फिलहाल 98% से ज्यादा वाहनों में फास्टैग लगा हुआ है। नेशनल हाईवे शुल्क नियमों के मुताबिक, अगर कोई वाहन बिना एक्टिव फास्टैग के टोल प्लाजा की फास्टैग लेन में जाता है और नकद भुगतान करता है, तो उससे दोगुना टोल वसूला जाता है। वहीं, अगर कोई यूजर UPI के जरिए भुगतान करता है, तो उसे लागू टोल दर का 1.25 गुना चार्ज देना होता है। 1,150 से ज्यादा टोल प्लाजा पर बदल जाएगा सिस्टमNHAI का यह कदम देश के 1,150 से अधिक टोल प्लाजा और एक्सप्रेसवे पर लागू होगा। अथॉरिटी का मानना है कि पूरी तरह डिजिटल ट्रांजेक्शन होने से डेटा मैनेजमेंट में आसानी होगी और राजस्व की लीकेज भी रुकेगी। यह पहल सरकार के उस बड़े उद्देश्य का हिस्सा है जिसमें नेशनल हाईवे नेटवर्क को टेक्नोलॉजी से जोड़कर हाई-एफिशिएंसी वाला बनाना है।

दैनिक भास्कर 21 Feb 2026 9:52 am

भारतीय मूल की आशा शर्मा माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग की CEO बनीं:40 साल तक कंपनी के साथ रहे फिल स्पेंसर की जगह लेंगी; सत्या नडेला को रिपोर्ट करेंगी

भारतीय मूल की आशा शर्मा को माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग का नया सीईओ नियुक्त किया गया है। वे लंबे समय से इस पद को संभाल रहे फिल स्पेंसर की जगह लेंगी। स्पेंसर लगभग 40 साल तक कंपनी के साथ रहने के बाद रिटायर हो रहे हैं। वें माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला को रिपोर्ट करेंगी। मेटा और इंस्टाकार्ट में लीडरशिप रोल निभा चुकी हैं आशा आशा शर्मा माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग की कमान संभालने से पहले कंपनी के ही एआई प्लेटफॉर्म और प्रोडक्ट लीडरशिप टीम का हिस्सा थीं। इससे पहले वे मशहूर डिलीवरी फर्म 'इंस्टाकार्ट' में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर और ‘मेटा’ में प्रोडक्ट लीडरशिप जैसे अहम पदों पर रह चुकी हैं। आशा ने मिनेसोटा यूनिवर्सिटी के कार्लसन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से बिजनेस की डिग्री ली है। उन्हें बिजनेस स्केल करने और मुश्किल समय में टीमों को लीड करने का एक्सपर्ट माना जाता है। नियुक्ति के बाद पहला आधिकारिक मेमो भेजा आशा ने अपना पहला आधिकारिक मेमो भेजा है, जिसमें उन्होंने एक्सबॉक्स के भविष्य और गेमिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को लेकर अपनी विजन साफ कर दी है। उन्होंने कहा आज मैं माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग के CEO के तौर पर अपनी नई जिम्मेदारी शुरू कर रही हूं। मैं इस वक्त दो चीजें एक साथ महसूस कर रही हूं: विनम्रता और काम को लेकर तेजी। विनम्रता इसलिए क्योंकि इस टीम ने दशकों की मेहनत से कुछ बहुत ही शानदार खड़ा किया है। और काम में तेजी इसलिए क्योंकि गेमिंग की दुनिया बहुत बदलावों से गुजर रही है। मेरा पहला काम बहुत सीधा है: यह समझना कि यह सब कैसे काम करता है और इसे सुरक्षित रखना। इसकी शुरुआत तीन वादों के साथ होती है… 1. पहला, बेहतरीन गेम्स हर चीज की शुरुआत यहीं से होती है। इससे पहले कि हम कुछ और करें, हमारे पास ऐसे गेम्स होने चाहिए जिन्हें खिलाड़ी पसंद करें। यादगार किरदार, दिल को छू लेने वाली कहानियां, खेलने का नया तरीका और बेहतरीन क्रिएटिविटी। हम अपने स्टूडियो को और ताकत देंगे, बड़े ब्रांड्स में निवेश करेंगे और नए आइडियाज का साथ देंगे। हम रिस्क लेंगे। मैंने इसी वादे को पूरा करने के लिए मैट बूटी को प्रमोट किया है। वे गेम बनाने की कला और इसकी चुनौतियों को समझते हैं। पूरी इंडस्ट्री के डेवलपर्स उन पर भरोसा करते हैं। 2. दूसरा, एक्सबॉक्स की वापसी हम अपने उन पुराने एक्सबॉक्स फैंस और खिलाड़ियों के लिए फिर से पूरी लगन से काम करेंगे, जो पिछले 25 सालों से हमारे साथ जुड़े हैं। साथ ही उन डेवलपर्स के लिए भी जो ऐसी शानदार दुनिया और अनुभव बनाते हैं जिन्हें दुनिया भर के खिलाड़ी पसंद करते हैं। गेमिंग अब केवल एक हार्डवेयर तक सीमित नहीं है, यह हर डिवाइस पर मौजूद है। जैसे-जैसे हम PC, मोबाइल और क्लाउड की तरफ बढ़ रहे हैं। हम उन बाधाओं को दूर करेंगे ताकि डेवलपर्स एक बार गेम बनाएं और बिना किसी समझौते के हर जगह खिलाड़ियों तक पहुंच सकें। 3. तीसरा, गेमिंग का भविष्य हम गेमिंग के बदलते तौर-तरीकों को देख रहे हैं। इस दौर की जरूरतों को पूरा करने के लिए हम नए बिजनेस मॉडल और खेलने के नए तरीके खोजेंगे। इसके लिए हम अपने पास मौजूद मशहूर टीमों, किरदारों और दुनिया का सहारा लेंगे जिन्हें लोग प्यार करते हैं। जैसे-जैसे कमाई के तरीके और AI भविष्य को प्रभावित करेंगे, हम केवल थोड़े समय के फायदे के पीछे नहीं भागेंगे और न ही अपने इकोसिस्टम में बिना जान वाला 'AI स्लोप') भरेंगे। गेम्स हमेशा एक आर्ट रहेंगे, जिसे इंसानों ने बनाया है और हमारी सबसे नई टेक्नोलॉजी ने उसे निखारा है। फिल स्पेंसर गर्मियों तक सलाहकार की भूमिका में रहेंगे गेमिंग जगत का बड़ा चेहरा माने जाने वाले फिल स्पेंसर अचानक कंपनी नहीं छोड़ रहे हैं। वे इस साल गर्मियों तक कंपनी के साथ एक सलाहकार के तौर पर जुड़े रहेंगे। स्पेंसर के कार्यकाल में ही माइक्रोसॉफ्ट ने 'एक्टिविज़न ब्लिज़ार्ड' जैसी बड़ी कंपनियों का अधिग्रहण किया था। गेमिंग डिवीजन में और भी कई बड़े बदलाव हुए सिर्फ सीईओ ही नहीं, माइक्रोसॉफ्ट ने पूरी लीडरशिप टीम में फेरबदल किया है। मैट बूटी को चीफ कंटेंट ऑफिसर बनाया गया है, जो अब गेम स्टूडियो और नए टाइटल्स की जिम्मेदारी देखेंगे। सारा बॉन्ड ने कंपनी छोड़ने का फैसला किया है। इन बदलावों से साफ है कि माइक्रोसॉफ्ट अब एआई और क्लाउड गेमिंग के जरिए एक्सबॉक्स की पहचान बदलने की तैयारी में है। माइक्रोसॉफ्ट गेमिंग के सामने 3 बड़ी चुनौतियां सत्या नडेला की कोर टीम में एक और भारतीय चेहरा सत्या नडेला के नेतृत्व में माइक्रोसॉफ्ट में भारतीय मूल के अधिकारियों का दबदबा बढ़ा है। वहीं आशा शर्मा की नियुक्ति इस बात का संकेत है कि कंपनी गेमिंग को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एआई और क्लाउड बिजनेस का भविष्य मान रही है। नॉलेज बॉक्स: 1. 'AI Slop' क्या है जिसका जिक्र आशा ने किया? टेक की भाषा में 'AI Slop' उस कंटेंट को कहा जाता है जो एआई द्वारा बिना किसी मानवीय रचनात्मकता या गुणवत्ता जांच के भारी मात्रा में तैयार किया जाता है। आशा का कहना है कि गेमिंग में इमोशन्स और ह्यूमन टच जरूरी है, जो केवल मशीनें नहीं दे सकतीं। 2. क्या है Xbox?

दैनिक भास्कर 21 Feb 2026 7:56 am

आईटेल A100 रिव्यू:प्रीमियम डिजाइन के साथ बिना नेटवर्क कॉलिंग जैसे फीचर, लो बजट में अच्छा ऑप्शन

टेक कंपनी आईटेल ने भारत में बजट सेगमेंट में नया स्मार्टफोन A100 पेश किया है। फोन प्रीमियम डिजाइन के साथ आया है। हमने फोन को एक हफ्ते इस्तेमाल किया है, तो चलिए जानते हैं इसमें क्या खास है... इस फोन में सबसे खास 'अल्ट्रा लिंक' फीचर है, जिससे बिना सिम नेटवर्क के भी दूसरे आईटेल फोन पर अनलिमिटेड कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा फोन खरीदने के बाद 100 दिन के अंदर अगर स्क्रीन डेमेज होती है, तो कंपनी फ्री स्क्रीन रिप्लेस करेगी। डिजाइन और बिल्ड: स्लिम बॉडी और प्रीमियम मैट फिनिश फोन को पॉलीकार्बोनेट मटेरियल से बनाया गया है और ये मिलिट्री ग्रेड सर्टिफिकेशन (MIL-STD-810H) के साथ आया है, यानी रोजमर्रा के यूसेज में फोन काफी मजबूत है। फोन सिर्फ 8.49mm पतला है, जिससे यह हाथ में पकड़ने पर काफी स्लिम और प्रीमियम फील देता है। पीछे की तरफ स्टाइलिश टेक्स्चर दिया गया है। यहां कैमरा मॉड्यूल और फिंगरप्रिंट सेंसर की पोजीशन काफी क्लीन रखी गई है। आईटेल A100 में सिल्क ग्रीन, प्योर ब्लैक और टाइटेनियम गोल्ड जैसे तीन कलर ऑप्शन मिलेंगे। फोन के दाईं ओर पावर बटन और वॉल्यूम रॉकर्स दिए गए हैं। नीचे की तरफ चार्जिंग पोर्ट और स्पीकर ग्रिल मौजूद है। इसमें IR ब्लास्टर भी दिया गया है, जिससे आप टीवी और AC को रिमोट की तरह कंट्रोल कर सकते हैं। फोन में ट्रिपल कार्ड स्लॉट है, यानी आप दो सिम कार्ड के साथ एक मेमोरी कार्ड भी लगा सकते हैं। यह तीन कलर सिल्क ग्रीन, टाइटेनियम गोल्ड और प्योर ब्लैक में अवेलेबल है। आईटेल A100: स्पेसिफिकेशंस डिस्प्ले: फोन में 6.6-इंच का HD+ IPS डिस्प्ले दी गई है। बजट फोन होने के बावजूद इसमें 90Hz का रिफ्रेश रेट मिलता है, जिससे स्क्रॉलिंग और गेमिंग स्मूद रहती है। स्क्रीन पर वॉटरड्रॉप नॉच डिजाइन दिया गया है, जिसमें सेल्फी कैमरा मौजूद है। इस प्राइस पॉइंट पर बेजल्स और नीचे की चिन औसत ही मिलती है। बड़ी स्क्रीन होने की वजह से इस पर वीडियो देखने का अनुभव अच्छा रहता है। इसमें एपल के आईफोन में मिलने वाले डायनामिक आइलैंड जैसा 'डायनामिक बार' फीचर भी है, जो बैटरी स्टेटस और नोटिफिकेशन की जानकारी स्क्रीन के ऊपरी हिस्से में दिखाता है। कैमरा: फोटोग्राफी के लिए बैक पैनल पर 8 मेगापिक्सल और सेल्फी के लिए 5 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है। दोनों से आप फुल HD वीडियो 30fps पर शूट कर सकते हैं। इसमें पोर्ट्रेट मोड का ऑप्शन भी है, जो रियर और सेल्फी दोनों में काम करता है। फोटो क्वालिटी इस कीमत के हिसाब से ठीक-ठाक है। परफॉर्मेंस: यह एक 4G फोन है, जिसमें यूनिसोक T7100 चिपसेट दिया गया है। यह हैवी गेमिंग के लिए तो नहीं है, लेकिन रोजमर्रा के काम आसानी से कर सकता है। फोन एंड्रॉएड 15 (गो एडिशन) पर चलता है, जो लाइट एप्स के साथ काफी स्मूथ काम करता है। इसमें स्टॉक डायलर दिया गया है, जिससे आप बिना किसी को पता चले कॉल रिकॉर्डिंग कर सकते हैं। बैटरी: फोन में 5000mAh की बड़ी बैटरी है, जो आराम से एक दिन का बैकअप दे देती है। 10W के चार्जर से इसे फुल चार्ज होने में करीब 1.5 से 2 घंटे का समय लगता है। फाइनल वर्डिक्ट स्टोरेज और कीमत की बात करें तो ये दो वैरिएंट्स में आता है। इसके 3GB रैम + 64GB स्टोरेज वाले वैरिएंट की कीमत 6,800 और 4GB रैम + 64GB स्टोरेज वाले वैरिएंट की कीमत 7,499 रुपए है। अगर आपका बजट ₹7,000 के आसपास है और आप एक ऐसा फोन चाहते हैं, जो देखने में स्टाइलिश और प्रीमियम हो, जो मजबूत हो और जिसमें लेटेस्ट एंड्रॉएड 15 और बिना शोर वाली कॉल रिकॉर्डिंग मिले। तो आईटेल A100 आपके लिए एक बेहतरीन वैल्यू-फॉर-मनी ऑप्शन हो सकता है।

दैनिक भास्कर 20 Feb 2026 8:47 pm

टाटा पंच ईवी का फेसलिफ्ट लॉन्च, शुरुआती कीमत ₹9.69 लाख:इलेक्ट्रिक कार फुल चार्ज में 436km तक चलेगी, सेफ्टी के लिए 360° कैमरा

टाटा मोटर्स ने आज 20 फरवरी को अपनी सबसे पॉपुलर इलेक्ट्रिक माइक्रो SUV 'पंच EV' का फेसलिफ्ट मॉडल भारत में लॉन्च कर दिया है। नई पंच EV में न सिर्फ डिजाइन और फीचर्स को अपडेट किया गया है, बल्कि कंपनी ने इसकी बैटरी क्षमता को भी बढ़ाया है। नया फेसलिफ्ट मॉडल काफी हद तक पंच के पेट्रोल (ICE) वर्जन से इंस्पायर्ड है। नई पंच EV 12.3 इंच की स्क्रीन, कनेक्टेड LED टेललाइट्स और वेंटिलेटेड सीट्स जैसे लग्जरी फीचर्स के साथ आई है। वहीं, सेफ्टी के लिए 6 एयरबैग्स और 360 कैमरा जैसे फीचर्स स्टैंडर्ड मिलेंगे। नई पंच मौजूदा मॉडल से 30 हजार रुपए सस्ती हुई इसकी कीमत 9.69 लाख रुपए से शुरू होती है, जो टॉप वैरिएंट में ₹12.59 लाख रुपए तक जाती है। टाटा ने नई पंच EV को 5 ट्रिम- स्मार्ट, स्मार्ट+, एडवेंचर, एम्पावर्ड और एम्पावर्ड+ में पेश किया है। इलेक्ट्रिक कार का नया बेस वैरिएंट पुराने मॉडल से ₹30,000 सस्ता है, वहीं बड़ी बैटरी वाला टॉप वैरिएंट अब ₹1.85 लाख तक किफायती हो गया है। कार की बुकिंग शुरू हो चुकी है और जल्द ही इसकी डिलीवरी भी शुरू कर दी जाएगी। टाटा पंच फेसलिफ्ट: वैरिएंट वाइस प्राइस एक्सटीरियर डिजाइन: बदला हुआ फ्रंट लुक और नए अलॉय व्हील्स फ्रंट प्रोफाइल: कार के अगले हिस्से में सबसे बड़ा बदलाव इसकी ग्रिल और लाइट सेटअप में है। फेसलिफ्ट मॉडल में हेडलैम्प्स को जोड़ने वाली काली पट्टी को हटा दिया गया है। साथ ही कनेक्टेड LED DRLs के डिजाइन में भी बदलाव किया गया है। फ्रंट स्कफ प्लेट को भी नया किया गया है। साइड और रियर: साइड प्रोफाइल में नेक्सॉन ईवी से इन्सपायर्ड नए 'एरो-ऑप्टिमाइज्ड' अलॉय व्हील्स दिए गए हैं, जो रेंज बढ़ाने में मदद करते हैं। पीछे की तरफ इसके पेट्रोल वर्जन की तरह कनेक्टेड LED टेल-लैम्प मिलने की उम्मीद है। कलर ऑप्शन: कंपनी ने इसमें एक नया 'ब्राइट येलो' कलर पेश किया है, जो हैरियर के सनलिट येलो जैसा दिखता है। इसमें कॉन्ट्रास्टिंग ब्लैक रूफ (डुअल टोन) का विकल्प भी मिलेगा। इंटीरियर: 12.3 इंच की बड़ी स्क्रीन और लग्जरी केबिन केबिन के अंदर कंपनी ने टेक्नोलॉजी और कंफर्ट पर फोकस किया है... डैशबोर्ड और डिस्प्ले: इसमें नया 12.3-इंच का बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिल सकता है, जो वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एप्पल कारप्ले सपोर्ट करेगा। सीटिंग और सनरूफ: प्रीमियम फील के लिए नई सीट अपहोल्स्ट्री और वेंटिलेटेड सीट्स दी जा सकती हैं। साथ ही इसमें इलेक्ट्रिक सनरूफ का फीचर भी रहेगा। स्टीयरिंग: टाटा का नया टू-स्पोक और इल्लुमिनेटेड लोगो वाला स्टीयरिंग व्हील इसमें देखने को मिलेगा। परफॉरमेंस: 9.5 सेकंड में 0-100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार मैकेनिकल तौर पर नई पंच ईवी में बड़े बदलाव की उम्मीद कम ही है। इसमें पहले की तरह दो बैटरी ऑप्शंस मिल सकते हैं। यह ईवी केवल 9.5 सेकेंड में 0-100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है और इसकी टॉप स्पीड 140kmph है। ईवी में दो ई-ड्राइव ऑप्शन है: एक 120bhp, 190Nm टॉर्क वर्जन और एक 80bhp, 114 एनएम टॉर्क वर्जन। कार में दो बैटरी पैक ऑप्शन- 25kWh (मिड रेंज) और 35kWh (लॉन्ग रेंज) मिलेंगे। मिड रेंज ट्रिम में सिंगल चार्ज पर कार 315km और लॉन्ग रेंज में 421km तक की रेंज (MIDC) मिलेगी। स्टैंडर्ड में केवल 3.3kW AC चार्जर मिलता है, जबकि लॉन्ग रेंज में 7.2kW AC चार्जर के साथ 50kW DC फास्ट चार्जिंग भी मिलती है। सेफ्टी फीचर्स: ADAS और 6 एयरबैग्स से होगी लैस ADAS टेक्नोलॉजी: पंच EV में रडार और कैमरा बेस्ड ADAS सिस्टम दिया जा सकता है, जिसमें ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग और लेन कीप असिस्ट जैसे फीचर्स होंगे। स्टैंडर्ड सेफ्टी: 6 एयरबैग्स, ABS के साथ EBD, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) और 360-डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स इसे सेगमेंट की सबसे सेफ इलेक्ट्रिक कार बनाएंगे।

दैनिक भास्कर 20 Feb 2026 3:16 pm

AI समिट में भारत-अमेरिका का 'पैक्स सिलिका' समझौता:चिप सेक्टर में 10 लाख नौकरियां आएंगी, मोदी-ट्रम्प की मुलाकात जल्द

'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के आखिरी दिन भारत और अमेरिका ने 'पैक्स सिलिका' डिक्लेरेशन पर साइन किए हैं। इस समझौते का मकसद दुनिया भर में सेमीकंडक्टर और AI की सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाना और गैर-मित्र देशों पर निर्भरता कम करना है। अश्विनी वैष्णव बोले- सेमीकंडक्टर का हब बनेगा भारत केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और अमेरिकी आर्थिक मामलों के सचिव जैकब हेलबर्ग ने इसपर साइन किए। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत अब पैक्स सिलिका का हिस्सा बन गया है, जिससे देश के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर को बड़ा फायदा होगा। उन्होंने बताया- भारत में पहले से ही 10 प्लांट्स पर काम चल रहा है। बहुत जल्द देश के पहले सेमीकंडक्टर प्लांट में चिप का कॉमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा। वैष्णव ने यह भी साझा किया कि भारतीय इंजीनियर अब देश में ही एडवांस '2-नैनोमीटर' चिप डिजाइन कर रहे हैं। सेमिकंडक्टर इंडस्ट्री को 10 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को आने वाले समय में करीब 10 लाख अतिरिक्त स्किल्ड प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी और दुनिया की यह उम्मीद भारत से ही है। उन्होंने कहा, देश के पास अब एक साफ दिशा और लक्ष्य है। हमें सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में ग्लोबल लीडरशिप लेनी है। अमेरिका बोला- भारत का प्रवेश सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं समिट में शामिल अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस गठबंधन में भारत की एंट्री को रणनीतिक रूप से अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा, भारत के पास ऐसा टैलेंट है जो किसी भी चुनौती का मुकाबला कर सकता है। भारत की इंजीनियरिंग गहराई इस गठबंधन के लिए बहुत जरूरी है। मोदी और ट्रम्प की जल्द हो सकती है मुलाकात सर्जियो गोर ने भारत में हो रही इस समिट को बेहद प्रभावशाली बताया। जब उनसे पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मुलाकात के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने संकेत देते हुए कहा- बने रहिए। मुझे यकीन है कि सही समय पर यह मुलाकात जरूर होगी। भारत-अमेरिका की साझेदारी से बिजनेस के नए रास्ते खुलेंगे भारत और अमेरिका के बीच हुए 'पैक्स सिलिका' समझौते के दौरान गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि इस समझौते का मकसद सुरक्षा और भरोसेमंद सप्लाई चेन सुनिश्चित करना है। साथ ही, इससे अहम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बिजनेस के नए रास्ते खुलेंगे। सुंदर पिचाई ने भारत और अमेरिका के बीच मजबूत रिश्तों पर जोर देते हुए कहा कि एआई (AI) का फायदा सबको मिलना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि गूगल अपने प्रोडक्ट्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और खास बिजनेस सॉल्यूशंस के जरिए भारत में एआई की ग्रोथ को पूरा सपोर्ट कर रहा है। क्या है पैक्स सिलिका और इसमें कौन-कौन शामिल? इसे दिसंबर 2025 में लॉन्च किया गया था। इसका मकसद एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना है जहां कच्चे माल से लेकर एडवांस इंफ्रास्ट्रक्चर तक की सप्लाई चेन सुरक्षित रहे। सदस्य देश: भारत के अलावा इस गठबंधन में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान, इजरायल, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, यूएई, कतर, ग्रीस और ब्रिटेन शामिल हैं। विकासशील देश में होने वाली पहली AI समिट यह अपनी तरह का पहली एआई समिट है जो विकासशील देश में हो रही है। 5 दिन की समिट में दुनिया भर के लीडर्स, मंत्रियों और टेक कंपनियों के सीईओ ने हिस्सा लिया। समिट के दौरान टेक कंपनियों ने भारत में कई नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और डील्स का एलान किया है। आज शाम को ये लीडर्स AI को संभालने और इसके रिस्क को कम करने पर एक साझा विजन पेश करेंगे। 200 बिलियन डॉलर का निवेश आने की उम्मीद इस समिट के जरिए भारत ने खुद को ग्लोबल AI और चिप मैन्युफैक्चरिंग के केंद्र के रूप में पेश किया है। सरकार का अनुमान है कि अगले दो साल में देश में एआई, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में 200 बिलियन डॉलर का निवेश आएगा।

दैनिक भास्कर 20 Feb 2026 12:16 pm

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को AI कंटेंट पर लेबल लगाना जरूरी:डीपफेक वीडियो-फोटो 3 घंटे में हटाना होगा, कल से नए IT नियम लागू होंगे

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे X (ट्विटर), यू-ट्यूब, स्नैपचैट और फेसबुक को कल 20 जनवरी से अपने प्लेटफॉर्म पर शेयर किए जाने वाले AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कंटेंट पर लेबल लगाना होगा। इसके साथ ही अगर कोई डीपफेक वीडियो-फोटो अपलोड करता है, तो 3 में हटाने होगा। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इसके लिए IT रूल्स 2021 में बदलाव किया है, जिसका ड्राफ्ट सरकार ने 22 अक्टूबर 2025 को जारी किया गया था। इसके बाद मंत्रालय ने 10 फरवरी को नोटिफिकेशन जारी कर प्लेटफॉर्म्स को नए नियम का पालन करने का आदेश जारी किया था। नए नियम डीपफेक और AI से बने कंटेंट को लेबल और ट्रेस करने के लिए हैं। मतलब, अब AI कंटेंट में साफ लिखना होगा कि यह कंटेंट असली नहीं, AI वाला है। इससे मिस इनफॉर्मेशन और चुनावी धांधली जैसी समस्याओं पर लगाम लगेगी। पीएम बोले- कंटेंट पर 'ऑथेंटिसिटी लेबल' की जरूरत पीएम ने आज AI समिट में संबोधन के दौरान सुझाव दिया कि जैसे खाने के सामान पर 'न्यूट्रिशन लेबल' होता है, वैसे ही डिजिटल कंटेंट पर भी स्पष्ट लेबल होना चाहिए। इससे लोगों को पता चल सकेगा कि क्या असली है और क्या एआई द्वारा बनाया गया (फैब्रिकेटेड) है। सभी AI ऑडियो-वीडियो लेबल लगाना होगा नई रूल 3(3) के तहत, जो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म AI कंटेंट जैसी 'सिंथेटिकली जेनरेटेड इंफॉर्मेशन' क्रिएट करने देगा, उसे हर ऐसे कंटेंट पर प्रॉमिनेंट लेबल लगाना होगा। परमानेंट यूनिक मेटाडेटा/आइडेंटिफायर एम्बेड भी करना पड़ेगा। ये लेबल विजुअल में कम से कम 10% एरिया कवर करेगा या ऑडियो में पहले 10% टाइम में सुनाई देगा। मेटाडेटा को कोई चेंज, हाइड या डिलीट नहीं कर पाएगा। प्लेटफॉर्म्स को टेक्निकल तरीके अपनाने पड़ेंगे ताकि अपलोड होने से पहले ही चेक हो जाए कि ये AI वाला है या नहीं। नए IT नियमों में ये 3 बदलाव भी यूजर्स और इंडस्ट्री पर क्या असर पड़ेगा? यूजर्स अब फेक कंटेंट आसानी से पहचान सकेंगे, मिसइनफॉर्मेशन कम होगी। लेकिन क्रिएटर्स को एक्स्ट्रा स्टेप्स करने पड़ेंगे, जैसे लेबल लगाना। इंडस्ट्री के लिए चैलेंज ये होगा कि उन्हें मेटाडेटा और वेरिफिकेशन के लिए टेक इन्वेस्टमेंट करना होगा, जो ऑपरेशंस को थोड़ा महंगा कर सकता है। लेकिन ओवरऑल, ये AI मिसयूज रोकने में मददगार साबित होगा। मंत्रालय ने इन नियमों पर क्या कहा? सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने साफ कहा कि ये स्टेप 'ओपन, सेफ, ट्रस्टेड और अकाउंटेबल इंटरनेट' बनाने के लिए है, जो जनरेटिव AI से आने वाली मिसइनफॉर्मेशन, इम्पर्सनेशन और इलेक्शन मैनिपुलेशन जैसी रिस्क्स को हैंडल करेगा। इससे इंटरनेट ज्यादा भरोसेमंद बनेगा। क्या है डीपफेक? डीपफेक एक तरह की फेक वीडियो होती है, जिसमें किसी शख्स के चेहरे, आवाज और एक्सप्रेशन बदले जाते हैं। AI टूल्स के जरिए एडिटिंग इतनी सफाई से होती है कि सही और फेक वीडियो में पहचान कर पाना काफी मुश्किल होता है। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… X ने अश्लील AI कंटेंट पर सरकार को जवाब सौंपा:आईटी मंत्रालय जांच कर रहा, महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें क्रिएट कर शेयर करने का आरोप दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क के AI चैटबॉट ग्रोक (Grok) के जरिए महिलाओं और बच्चों की अश्लील तस्वीरें बनाने के मामले में भारत सरकार को अपना जवाब सौंप दिया है। आईटी मंत्रालय ने 2 दिसंबर को मस्क की कंपनी को बुधवार शाम 5 बजे तक का समय दिया था। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कंपनी ने एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल कर दी है, जिसकी मंत्रालय जांच कर रहा है। सरकार ने चेतावनी दी थी कि अगर AI टूल्स के गलत इस्तेमाल पर कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो X को भारतीय कानूनों के तहत मिल रही कानूनी सुरक्षा खत्म कर दी जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 19 Feb 2026 6:34 pm

टाटा पंच EV फेसलिफ्ट कल लॉन्च होगी:421km की रेंज के साथ ADAS सेफ्टी और वेंटिलेटेड सीट्स जैसे फीचर, एक्सपेक्टेड प्राइस ₹11-₹15 लाख

टाटा मोटर्स अपनी पॉपुलर इलेक्ट्रिक SUV पंच ईवी का फेसलिफ्ट कल 20 फरवरी को भारत में लॉन्च करने जा रही है। पंच EV जनवरी 2024 पहली बार भारत में लॉन्च हुई थी। अब दो साल बाद इसे पहला बड़ा अपडेट दिया जाएगा। कंपनी ने हाल ही में अपडेटेडेट पंच ईवी का फर्स्ट लुक रिवील किया था। नया फेसलिफ्ट मॉडल काफी हद तक पंच के पेट्रोल (ICE) वर्जन से इंस्पायर्ड होगा, जिसे पिछले महीने ही अपडेट किया गया है। नई पंच EV 12.3 इंच की स्क्रीन, कनेक्टेड LED टेललाइट्स और वेंटिलेटेड सीट्स जैसे लग्जरी फीचर्स के साथ आएगी। वहीं, सेफ्टी के लिए 6 एयरबैग्स और 360 कैमरा जैसे फीचर्स स्टैंडर्ड मिलेंगे। इसके साथ पहली बार कार में एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) फीचर्स भी दिया जा सकता है। नई पंच ईवी की एक्स-शोरूम शुरुआती कीमत ₹11 से ₹15 लाख के बीच हो सकती है। कीमत और मुकाबला: मौजूदा मॉडल से थोड़ी महंगी हो सकती है कार टाटा पंच ईवी फेसलिफ्ट की कीमतों का खुलासा 20 फरवरी को लॉन्चिंग के दौरान होगा। फिलहाल मौजूदा पंच ईवी की एक्स-शोरूम कीमत ₹9.99 लाख से ₹14.44 लाख के बीच है। माना जा रहा है कि नए फीचर्स और डिजाइन अपडेट के बाद इसकी कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। बाजार में इसका सीधा मुकाबला सिट्रोएन eC3 और आने वाली हुंडई एक्सटर EV से रहेगा। एक्सटीरियर डिजाइन: बदला हुआ फ्रंट लुक और नए अलॉय व्हील्स फ्रंट प्रोफाइल: कार के अगले हिस्से में सबसे बड़ा बदलाव इसकी ग्रिल और लाइट सेटअप में है। फेसलिफ्ट मॉडल में हेडलैम्प्स को जोड़ने वाली काली पट्टी को हटा दिया गया है। साथ ही कनेक्टेड LED DRLs के डिजाइन में भी बदलाव किया गया है। फ्रंट स्कफ प्लेट को भी नया किया गया है। साइड और रियर: साइड प्रोफाइल में नेक्सॉन ईवी से इन्सपायर्ड नए 'एरो-ऑप्टिमाइज्ड' अलॉय व्हील्स दिए गए हैं, जो रेंज बढ़ाने में मदद करते हैं। पीछे की तरफ इसके पेट्रोल वर्जन की तरह कनेक्टेड LED टेल-लैम्प मिलने की उम्मीद है। कलर ऑप्शन: कंपनी ने इसमें एक नया 'ब्राइट येलो' कलर पेश किया है, जो हैरियर के सनलिट येलो जैसा दिखता है। इसमें कॉन्ट्रास्टिंग ब्लैक रूफ (डुअल टोन) का विकल्प भी मिलेगा। इंटीरियर: 12.3 इंच की बड़ी स्क्रीन और लग्जरी केबिन केबिन के अंदर कंपनी ने टेक्नोलॉजी और कंफर्ट पर फोकस किया है... डैशबोर्ड और डिस्प्ले: इसमें नया 12.3-इंच का बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिल सकता है, जो वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एप्पल कारप्ले सपोर्ट करेगा। सीटिंग और सनरूफ: प्रीमियम फील के लिए नई सीट अपहोल्स्ट्री और वेंटिलेटेड सीट्स दी जा सकती हैं। साथ ही इसमें इलेक्ट्रिक सनरूफ का फीचर भी रहेगा। स्टीयरिंग: टाटा का नया टू-स्पोक और इल्लुमिनेटेड लोगो वाला स्टीयरिंग व्हील इसमें देखने को मिलेगा। परफॉरमेंस: 9.5 सेकंड में 0-100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार मैकेनिकल तौर पर नई पंच ईवी में बड़े बदलाव की उम्मीद कम ही है। इसमें पहले की तरह दो बैटरी ऑप्शंस मिल सकते हैं। यह ईवी केवल 9.5 सेकेंड में 0-100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है और इसकी टॉप स्पीड 140kmph है। ईवी में दो ई-ड्राइव ऑप्शन है: एक 120bhp, 190Nm टॉर्क वर्जन और एक 80bhp, 114 एनएम टॉर्क वर्जन। कार में दो बैटरी पैक ऑप्शन- 25kWh (मिड रेंज) और 35kWh (लॉन्ग रेंज) मिलेंगे। मिड रेंज ट्रिम में सिंगल चार्ज पर कार 315km और लॉन्ग रेंज में 421km तक की रेंज (MIDC) मिलेगी। स्टैंडर्ड में केवल 3.3kW AC चार्जर मिलता है, जबकि लॉन्ग रेंज में 7.2kW AC चार्जर के साथ 50kW DC फास्ट चार्जिंग भी मिलती है। सेफ्टी फीचर्स: ADAS और 6 एयरबैग्स से होगी लैस ADAS टेक्नोलॉजी: पंच EV में रडार और कैमरा बेस्ड ADAS सिस्टम दिया जा सकता है, जिसमें ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग और लेन कीप असिस्ट जैसे फीचर्स होंगे। स्टैंडर्ड सेफ्टी: 6 एयरबैग्स, ABS के साथ EBD, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC) और 360-डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स इसे सेगमेंट की सबसे सेफ इलेक्ट्रिक कार बनाएंगे।

दैनिक भास्कर 19 Feb 2026 4:02 pm

मारुति की पहली इलेक्ट्रिक कार ई-विटारा के फुल प्राइस रिवील:फुल चार्ज में 543km चलेगी और लेवल-2 ADAS जैसे सेफ्टी फीचर, शुरुआती कीमत ₹15.99 लाख

मारुति सुजुकी ने आज (19 फरवरी) अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार ई-विटारा की पूरी प्राइस लिस्ट जारी कर दी है। ई-विटारा 49kWh और 61kWh के दो बैटरी पैक ऑप्शन के साथ आई है। कंपनी का दावा है कि कार एक बर फुल चार्ज करने पर 543 किलोमीटर से ज्यादा चलती है। इलेक्ट्रिक SUV में 360 डिग्री कैमरा, एयरबैग और लेवल-2 एडवांस ड्राइविंग असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) जैसे सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹15.99 लाख रुपए रखी गई है। वहीं, BAAS प्रोग्राम के तहत बिना बैटरी के कार ₹10.99 लाख में खरीद सकेंगे। इसे मारुति के प्रीमियम नेक्सा शोरूम के जरिए बेचा जाएगा। मारुति सुजुकी ई-विटारा: वैरिएंट वाइस प्राइस ₹3.99 प्रति किलोमीटर का रेंट देना होगा, फ्री चार्ज कर सकेंगे ग्राहकों को बैटरी के लिए 'बैटरी-एज-ए-सर्विस' (BaaS) प्रोग्राम के तहत ₹3.99 प्रति किलोमीटर का रेंट देना होगा। कंपनी ने फिलहाल 49kWh बैटरी पैक वाले बेस 'डेल्टा' वैरिएंट की कीमत बताई है, पूरी प्राइस लिस्ट बाद में जारी होगी। कार डेल्टा, जेटा और अल्फा में वैरिएंट्स में मिलेगी। कार की बुकिंग 21 हजार रुपए में शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही इसकी डिलीवरी भी शुरू हो गई है। यह कार मार्केट में हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक और टाटा कर्व EV जैसी गाड़ियों को टक्कर देगी। बैटरी पैक पर 8 साल या 1,60,000 किलोमीटर तक की और गाड़ी पर 3 साल की वारंटी मिलेगी। गाड़ी की वारंटी को 5 साल तक बढ़वाया जा सकता है। इसके साथ घर पर चार्जर लगाने की सुविधा मुफ्त दी जाएगी। साथ ही, मारुति के 'e for me' एप के जरिए एक साल तक फ्री चार्जिंग की सुविधा भी मिलेगी। बैटरी एज ए स​र्विस प्रोग्राम क्या है? बैटरी एज ए स​र्विस (BAAS) एक बैटरी रेंटल प्रोग्राम है। इसके तहत इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर उसकी कीमत में बैटरी पैक की कीमत शामिल नहीं होती है। इसकी जगह आपसे बैटरी के इस्तेमाल के हिसाब से पैसे लिए जाएंगे। यानी आप गाड़ी जितने किलोमीटर चलाओगे उस हिसाब से बैटरी की कॉस्ट रेंटल फीस के तौर पर वसूली जाएगी। जहां हर महीने आपको EMI के तौर पर देनी होगी, लेकिन आपको बैटरी चार्ज करने के अलग से पैसे देने होंगे। एक्सटीरियर : LED हेडलैंप और 19-इंच ब्लैक व्हील सुजुकी ई विटारा को नए हार्टेक्ट-ई प्लैटफॉर्म पर डेवलप किया गया है, जिसे कंपनी ने टोयोटा के साथ मिलकर बनाया है। सुजुकी ई विटारा का एक्सटीरियर डिजाइन EVX कॉन्सेप्ट मॉडल की तरह ही है। इसके फ्रंट में पतली LED हेडलाइट और वाई-शेप्ड LED DRL और स्टाइलिश बंपर के साथ इंटीग्रेटेड फॉग लाइट दी गई हैं। बॉडी क्लेडिंग और 19-इंच ब्लैक व्हील के साथ मिड साइज SUV साइड से काफी मस्क्यूलर दिखाई देती है। पिछले गेट पर डोर हैंडल को सी-पिलर पर दिया गया है। इसके अलावा रुफ पर एक इलेक्ट्रिक सनरुफ भी है। ई विटारा के रियर में कॉन्सेप्ट वर्जन की तरह 3-पीस लाइटिंग एलिमेंट वाली कनेक्टेड LED टेल लाइट दी गई है। इंटीरियर : 6 एयरबैग स्टैंडर्ड और इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक मिलेंगे ई-विटारा में डुअल-टोन ब्लैक और ऑरेंज केबिन दी गई है। इसमें 2-स्पोक फ्लेट बॉटम स्टीयरिंग व्हील और वर्टिकल ओरिएंटेड AC वेंट्स के चारों ओर क्रोम टच दिया गया है। इसके केबिन का प्रमुख हाइलाइट इंटीग्रेटेड फ्लोटिंग स्क्रीन सेटअप दिया गया है, जिसमें एक इंफोटेनमेंट और दूसरी ड्राइवर डिस्प्ले है। सुजुकी ने ई विटारा के फीचर्स का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उम्मीद है मारुति की इलेक्ट्रिक कार में ऑटोमैटिक AC, वेंटिलेटेड फ्रंट सीटें और वायरलेस फोन चार्जर जैसे फीचर दिए जा सकते हैं। वहीं, सुरक्षा के लिए इसमें 6 एयरबैग स्टैंडर्ड, 360 डिग्री कैमरा और इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक जैसे सेफ्टी फीचर मिलेंगे। परफॉर्मेंस: बैटरी पैक और रेंज यूरोपियन मार्केट में ई विटारा को दो बैटरी पैक ऑप्शन के साथ पेश किया गया है। इसमें 49kWh और 61kWh का बैटरी पैक ऑप्शन शामिल है। कार में 2 व्हील ड्राइव और 4 व्हील ड्राइव का ऑप्शन भी दिया गया है। 1 लाख चार्जिंग पॉइंट्स का नेटवर्क खड़ा करेगी मारुति ई-विटारा इलेक्ट्रिक को पिछले साल रिवील किया गया था कंपनी ने ईवी को पिछले साल जनवरी में हुए भारत ग्लोबल मोबिलिटी एक्सपो-2025 में रिवील किया था। इससे पहले मारुति की पेरेंट कंपनी सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन ने पिछले साल अक्टूबर में इटली के मिलान में हुए मोटर शो EICMA-2024 में ई-विटारा को ग्लोबल मार्केट में रिवील किया था। मिड साइज इलेक्ट्रिक एसयूवी EVX का प्रोडक्शन वर्जन है, जिसे पहली बार ऑटो एक्सपो-2023 में पेश किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 अगस्त 2025 को गुजरात के हंसलपुर में ई-विटारा को एक्सपोर्ट के लिए फ्लैग-ऑफ किया था। ये पूरी तरह से मेड-इन-इंडिया इलेक्ट्रिक कार है और इसे 100 से ज्यादा देशों, जैसे यूरोप और जापान में निर्यात किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 अगस्त 2025 को गुजरात के हंसलपुर में ई-विटारा को एक्सपोर्ट के लिए फ्लैग-ऑफ किया था। ये पूरी तरह से मेड-इन-इंडिया इलेक्ट्रिक कार है और इसे 100 से ज्यादा देशों, जैसे यूरोप और जापान में निर्यात किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 19 Feb 2026 2:33 pm

चीनी रोबोट विवाद के बाद प्रोफेसर को नौकरी की तलाश:लिंक्डइन पर लिखा ओपन टू वर्क; गलगोटिया यूनिवर्सिटी AI समिट से बाहर

चाइनीज रोबोट को गलगोटिया यूनिवर्सिटी का इन्वेंशन बताने वाली प्रोफेसर नेहा सिंह अब नई नौकरी की तलाश में हैं। उन्होंने लिंक्डइन प्रोफाइल पर 'ओपन टू वर्क' का स्टेटस अपडेट कर दिया है। इस मामले के आने के बाद सरकार ने यूनिवर्सिटी को AI समिट से बाहर कर दिया था। वहीं यूनिवर्सिटी ने इस पूरे मामले के लिए प्रोफेसर को जिम्मेदार ठहराते हुए माफी मांगी है। यूनिवर्सिटी ने कहा, हमारी एक प्रतिनिधि को सही जानकारी नहीं थी। वे कैमरे पर आने के उत्साह में गलत तथ्य दे गईं। उन्हें प्रेस से बात करने के लिए अधिकृत भी नहीं किया गया था। आईटी सचिव बोले- गलत जानकारी बर्दाश्त नहीं विवाद पर बात करते हुए आईटी सचिव एस. कृष्णन ने कहा, हम चाहते हैं कि लोग एक्सपो में जो भी प्रदर्शित करें, उसमें उनका वास्तविक काम दिखे। हम नहीं चाहते कि ऐसे आयोजनों का इस्तेमाल किसी और तरीके से किया जाए। गलत जानकारी को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। जब उनसे पूछा गया कि क्या मंत्रालय ने पहले मॉडल्स की जांच नहीं की थी, तो उन्होंने कहा, ये चीजें बिक्री के लिए नहीं थीं, जहां हमें सर्टिफिकेशन की जरूरत हो। जब कोई प्रोडक्ट का डेमो देता है, तो हम मानकर चलते हैं कि उन्हें पता है वे क्या कह रहे हैं। अगर हम प्रदर्शनी की हर चीज को सर्टिफाई करने लगेंगे, तो लोग कहेंगे कि हम इनोवेशन को रोक रहे हैं। वीडियो वायरल होने से शुरू हुआ विवाद वीडियो में यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर नेहा सिंह कह रही हैं कि इस रोबोटिक डॉग का नाम 'ओरियन' है। इसे गलगोटिया यूनिवर्सिटी के 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' ने तैयार किया है। उन्होंने ये भी कहा कि यूनिवर्सिटी AI के क्षेत्र में 350 करोड़ रुपए का निवेश कर रही है। इस वीडियो के सामने आने के बाद कई टेक एक्सपर्ट्स और यूजर्स ने दावा किया कि यह असल में चीनी कंपनी 'यूनिट्री' का 'Go2' मॉडल है, जो बाजार में 2-3 लाख रुपए में उपलब्ध है। वहीं एक अन्य वीडियो में यूनिवर्सिटी जिस ड्रोन को कैंपस में 'शुरुआत से' तैयार करने का दावा कर रही हैं, उसे यूजर्स ने ₹40 हजार वाला रेडीमेड 'स्ट्राइककर V3 ARF' मॉडल बताया है। यूनिवर्सिटी ने माना था, हमने नहीं बनाया ये डॉग वीडियो वायरल होने के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने कहा था- हम यह साफ कर देना चाहते हैं कि गलगोटिया ने यह रोबोटिक डॉग नहीं बनाया है और न ही हमने कभी ऐसा दावा किया है। लेकिन हम ऐसे दिमाग तैयार कर रहे हैं जो जल्द ही भारत में ऐसी ही टेक्नोलॉजी को डिजाइन करेंगे, उनकी इंजीनियरिंग करेंगे और उन्हें यहीं बनाएंगे। नॉलेज बॉक्स: क्या है यूनिट्री Go2 रोबोटिक डॉग यूनिट्री Go2 चीन की यूनिट्री रोबोटिक्स कंपनी द्वारा बनाया गया एक एआई-पावर्ड रोबोटिक डॉग है, जो अपनी फुर्ती और एडवांस सेंसर्स के लिए दुनियाभर में मशहूर है। इसमें 4D LiDAR तकनीक का इस्तेमाल हुआ है, जिसकी मदद से यह सीढ़ियां चढ़ने, ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर चलने और अपने रास्ते में आने वाली बाधाओं को पहचानता है। लगभग 2 से 3 लाख रुपए की कीमत वाला यह रोबोट वॉयस कमांड पर भी काम करता है और मुख्य रूप से तकनीकी रिसर्च और शिक्षा के क्षेत्र में इस्तेमाल किया जाता है। कैसे काम करती है यह तकनीक रोबोटिक डॉग बनाने में मैकेनिकल इंजीनियरिंग और सॉफ्टवेयर का गहरा तालमेल होता है: आर्टिफिशियल मांसपेशियां: इनके पैरों में सर्वो मोटर्स या एक्चुएटर्स लगे होते हैं, जो मांसपेशियों की तरह काम करते हैं। इससे रोबोट सीढ़ियां चढ़ने और कूदने में सक्षम होता है। लिडार (LiDAR) तकनीक: लेजर पल्स के जरिए ये रोबोट अपने आसपास का 3D मैप बना लेते हैं। इससे इन्हें पता चलता है कि सामने दीवार है या कोई और रुकावट। खुद का दिमाग: मशीन लर्निंग एल्गोरिदम की मदद से ये बिना किसी इंसान के बताए खुद फैसला ले सकते हैं कि किस रास्ते से जाना सुरक्षित होगा। 2011 में शुरू हुई थी गलगोटिया यूनिवर्सिटी ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया यूनिवर्सिटी 2011 में शुरू हुई थी। ये यूनिवर्सिटी 20 अलग-अलग स्कूलों के जरिए डिप्लोमा से लेकर पीएचडी तक के 200 से ज्यादा कोर्स कराती हैं। सुनील गलगोटिया यूनिवर्सिटी के चांसलर और ध्रुव गलगोटिया CEO हैं। अब दिल्ली में चल रही AI समिट के बारे में जानें…

दैनिक भास्कर 19 Feb 2026 1:48 pm

AI समिट से पीछे हटे बिल गेट्स:एपस्टीन केस की फाइलों में नाम आने पर लिया फैसला; अब गेट्स फाउंडेशन के अंकुर वोरा स्पीच देंगे

माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स नई दिल्ली में चल रही AI समिट में अपना मुख्य भाषण नहीं देंगे। गेट्स फाउंडेशन ने इसकी जानकारी दी। फाउंडेशन ने कहा कि यह फैसला काफी सोच-विचार के बाद लिया गया है ताकि समिट का पूरा ध्यान अपनी प्राथमिकताओं पर बना रहे। फाउंडेशन ने बताया कि समिट में बिल गेट्स की जगह अब अंकुर वोरा फाउंडेशन का पक्ष रखेंगे। अंकुर वोरा गेट्स फाउंडेशन के अफ्रीका और भारत कार्यालयों के प्रेसिडेंट हैं। वे आज समिट के एक सत्र में अपनी बात रखेंगे। अंकुर वोरा फाउंडेशन के कामों को लंबे समय से देख रहे हैं। एपस्टीन केस से जुड़े दस्तावेजों में नाम आने पर हटे गेट्स बिल गेट्स के समिट से हटने से वजह अमेरिकी अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में आए उनके नाम को बताया जा रहा है। इन गुप्त दस्तावेजों को हाल ही में जारी किया गया है। एपस्टीन पर यौन अपराधों और नाबालिगों की तस्करी के गंभीर आरोप थे। 2019 में आत्महत्या के बाद, उससे जुड़े कई क्लासीफाइड दस्तावेज सार्वजनिक किए गए हैं। इन फाइलों में दावा किया गया है कि एपस्टीन और गेट्स के बीच गहरे संबंध थे। एपस्टीन ने गेट्स के एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर्स और अन्य निजी गतिविधियों में मदद की थी। बिल गेट्स ने एक इंटरव्यू में इन मुलाकातों पर अफसोस जताया है। उन्होंने कहा कि मैंने एपस्टीन के साथ जो भी समय बिताया, मुझे उसका पछतावा है और मैं इसके लिए माफी मांगता हूं। एनवीडिया CEO ने भी भारत दौरा टाला इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में गूगल के सीईओ सुंदर पिचई और ओपन-एआई के सैम ऑल्टमैन जैसे दिग्गज शामिल हो रहे हैं। इसमें एनवीडिया के CEO जेंसेन हुआंग भी शामिल होने वाले थे, लेकिन उन्होंने कार्यक्रम रद्द कर दिया है। कयास थे कि उनके हटने की वजह बिल गेट्स की मौजूदगी हो सकती है। हालांकि कंपनी ने कोई आधिकारिक कारण नहीं दिया है। PM मोदी ने AI इम्पैक्ट समिट का उद्घाटन किया था PM मोदी ने 16 फरवरी को दुनिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट में से एक 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' का उद्घाटन किया था। इसके बाद उन्होंने इवेंट में शामिल हुए स्‍टार्टअप्‍स के पवेलियंस में जाकर उनके इनोवेशंस की जानकारी ली थी। ये इवेंट 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में चलेगा। समिट के साथ-साथ 'इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026' का भी आयोजन किया गया है। यहां दुनियाभर की कंपनियां अपने लेटेस्ट AI सॉल्यूशंस को दुनिया के सामने पेश किया है। यहां आम लोग देख सकते हैं कि एआई असल जिंदगी में कैसे काम करता है और भविष्य में AI से खेती, सेहत और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में क्या बदलाव लाने वाला है। 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' की थीम पर समिट इस समिट की थीम राष्ट्रीय विजन 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' (सभी का कल्याण, सभी का सुख) पर आधारित है। इसका उद्देश्य मानवता के लिए AI के वैश्विक सिद्धांत को बढ़ावा देना है। समिट में 110 से ज्यादा देश और 30 अंतरराष्ट्रीय संगठन हिस्सा ले रहे हैं। इसमें लगभग 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 45 से ज्यादा मंत्री शामिल होने पहुंचे हैं। तीन 'सूत्रों' पर टिका है समिट का विजन इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 तीन मुख्य स्तंभों (सूत्रों) पर आधारित है - पीपल (लोग), प्लैनेट (ग्रह) और प्रोग्रेस (प्रगति)। पीपल: ह्यूमन-सेंट्रिक AI को बढ़ावा देना जो लोगों के अधिकारों की रक्षा करे। प्लैनेट: पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ AI विकास सुनिश्चित करना। प्रोग्रेस: समावेशी आर्थिक और तकनीकी प्रगति पर जोर देना, ताकि समाज के हर वर्ग को लाभ मिले।

दैनिक भास्कर 19 Feb 2026 9:27 am