डिजिटल समाचार स्रोत

गुजरात में ₹35,000 करोड़ का निवेश करेगी मारुति:​​​​​​​गांधीनगर के खोराज में नया प्लांट लगाएगी, 12 हजार लोगों को नौकरी मिलेगी

देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी अब गुजरात में अपनी मौजूदगी और ज्यादा बढ़ाने जा रही है। कंपनी ने राज्य के खोराज (गांधीनगर जिला) में एक नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए गुजरात सरकार के साथ ₹35,000 करोड़ के निवेश का करार किया है। शनिवार को गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और मारुति सुजुकी के एमडी हिताशी ताकेयुची की मौजूदगी में इसका इन्वेस्टमेंट लेटर सौंपा गया। इस नए प्लांट से राज्य में करीब 12,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। सालाना 10 लाख कारें बनाने की क्षमता होगी खोराज में बनने वाला यह नया प्लांट 1,750 एकड़ जमीन पर फैला होगा। कंपनी का लक्ष्य है कि यहां हर साल 10 लाख (1 मिलियन) गाड़ियां बनाई जाएं। गुजरात इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (GIDC) इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन मुहैया करा रहा है। इस निवेश के साथ ही गुजरात भारत के एक बड़े ऑटोमोबाइल हब के रूप में और मजबूती से उभरेगा। 2031 तक 40 लाख गाड़ियां बनाने का टारगेट मारुति सुजुकी का लक्ष्य साल 2030-31 तक अपनी कुल प्रोडक्शन क्षमता को बढ़ाकर 40 लाख यूनिट सालाना करने का है। फिलहाल कंपनी की क्षमता करीब 24-25 लाख यूनिट के आसपास है। खोराज प्लांट इस विजन को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। कंपनी ने हाल ही में हरियाणा के खरखोदा में भी अपने नए प्लांट का काम शुरू किया है। 12 हजार डायरेक्ट और लाखों इनडायरेक्ट जॉब्स मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस निवेश का स्वागत करते हुए कहा कि इससे न केवल 12,000 लोगों को सीधा रोजगार मिलेगा, बल्कि आसपास के इलाकों में छोटे और मझोले उद्योगों (MSMEs) को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे राज्य में एक पूरा 'ऑटो क्लस्टर' तैयार होगा। डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने भी इसे गुजरात की ग्रोथ स्टोरी के लिए एक गर्व का पल बताया। 2025 में मारुति ने बनाया प्रोडक्शन का रिकॉर्ड कंपनी के लिए पिछला साल काफी शानदार रहा है। साल 2025 में मारुति सुजुकी ने 22.55 लाख से ज्यादा गाड़ियां बनाईं, जो कंपनी के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसमें फ्रोंक्स, बलेनो, स्विफ्ट और डिजायर जैसी कारों का सबसे ज्यादा योगदान रहा। एक्सपोर्ट के मामले में भी कंपनी ने 21% की ग्रोथ दर्ज की है। जापान और भारत की पार्टनरशिप और मजबूत होगी यह प्रोजेक्ट भारत और जापान के बीच औद्योगिक रिश्तों को भी नई ऊंचाई पर ले जाएगा। मारुति सुजुकी के एमडी हिताशी ताकेयुची ने कहा कि गुजरात का इंफ्रास्ट्रक्चर और बिजनेस के अनुकूल माहौल ही वजह है कि कंपनी यहां अपना विस्तार कर रही है। यह प्लांट 'मेक इन इंडिया' और 'मेड फॉर द वर्ल्ड' के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

दैनिक भास्कर 17 Jan 2026 7:27 pm

गूगल को टक्कर देने ओपनएआई लाया ChatGPT ट्रांसलेट:फ्री में 50 से ज्यादा भाषाओं में ट्रांसलेट कर सकेंगे, मुहावरे भी समझाएगा

ओपनएआई ने अपना नया AI-पावर्ड टूल 'ChatGPT ट्रांसलेट' लॉन्च कर दिया है। इस टूल से आप बिना लॉग-इन और सब्सक्रिप्शन चार्ज दिए 50 से ज्यादा भाषाओं में ट्रांसलेट कर सकेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनी ने इसे गूगल ट्रांसलेट को टक्कर देने के लिए बनाया है। हालांकि, चैटजीपीटी में ट्रांसलेशन का फीचर पहले भी था, अब कंपनी ने इसके लिए एक अलग वेब प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जो देखने में काफी हद तक गूगल ट्रांसलेट जैसा ही नजर आता है। इस नए टूल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिर्फ शब्दों को ट्रांसलेट नहीं करता, बल्कि सेंटेंस के पीछे के भाव (टोन) और संदर्भ (कॉन्टेक्स्ट) को भी समझता है। साथ ही यह मुहावरे का मतलब भी समझा सकता है। लॉग-इन की जरूरत नहीं, ऐसे कर सकते हैं इस्तेमालइस नए टूल का इस्तेमाल करना आसान है। यूजर्स सीधे chatgpt.com/translate पर जाकर इसे एक्सेस कर सकते हैं। फिलहाल वेबसाइट पर ट्रांसलेशन के लिए लॉग-इन करने की भी जरूरत नहीं है। यूजर को बस अपनी सोर्स भाषा और जिस भाषा में अनुवाद चाहिए, उसे चुनना होता है और चैटजीपीटी तुरंत रिजल्ट दे देता है। यूजर फ्रेंडली इंटरफेस और 50+ भाषाओं का सपोर्ट चैटजीपीटी ट्रांसलेट के इंटरफेस को बहुत सरल और यूजर फ्रेंडली रखा गया है। इसकी वेबसाइट पर दो बड़े बॉक्स दिए गए हैं- एक में अपनी बात लिखें और दूसरे में तुरंत उसका अनुवाद (ट्रांसलेशन) मिल जाएगा। कंपनी का दावा है कि यूजर्स हिंदी, इंग्लिश, जापानी और अरबी समेत 50 से ज्यादा भाषाओं में ट्रांसलेशन कर सकते हैं। ओपनएआई के मुताबिक, यह टूल सिर्फ शब्दों को नहीं बदलता, बल्कि पूरी बात का सही मतलब और गहराई समझकर सटीक अनुवाद करता है। कस्टमाइजेशन के लिए दिए गए खास ऑप्शन ओपनएआई ने इसमें एक 'एक्स्ट्रा ट्विस्ट' जोड़ा है। इसमें यूजर्स अपनी जरूरत के हिसाब से ट्रांसलेशन की टोन बदल सकते हैं। इसके लिए कुछ खास आइकन्स दिए गए हैं, जैसे- PDF अपलोड या रियल-टाइम वॉयस इनपुट की कमी भले ही चैटजीपीटी ने नया प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, लेकिन इसमें अभी भी कुछ कमियां हैं। वर्तमान में वेबसाइट पर इमेज इनपुट, PDF अपलोड या रियल-टाइम वॉयस इनपुट जैसे ऑप्शन नजर नहीं आ रहे हैं। दूसरी ओर, गूगल ट्रांसलेट सालों से ये सुविधाएं दे रहा है। हाल ही में गूगल ने 'जेमिनी' AI की मदद से 'लाइव स्पीच-टू-स्पीच' फीचर भी पेश किया है, जो हेडफोन के जरिए रीयल-टाइम में बातचीत का ट्रांसलेशन करता है और बोलने वाले की लय और टोन को भी बरकरार रखता है। भाषा सीखने वालों के लिए मददगार होगा टूलचैटजीपीटी का यह टूल न सिर्फ ट्रांसलेशन करेगा, बल्कि फॉलो-अप सवालों के जवाब भी देगा। जैसे अगर आपको किसी ट्रांसलेशन में कोई शब्द समझ नहीं आया, तो आप चैटजीपीटी से उसका कारण या इस्तेमाल पूछ सकते हैं। वहीं, गूगल भी पीछे नहीं है; उसने अपने एप में 'कस्टमाइज्ड प्रैक्टिस सेशन' और 'streak tracker' जैसे फीचर्स जोड़े हैं, ताकि यूजर्स नई भाषा सीखने के लिए मोटिवेट रहें।

दैनिक भास्कर 17 Jan 2026 2:36 pm

मस्क के बच्चे की मां ने ग्रोक पर केस किया:अश्लील फोटो बनाने का आरोप लगाया; कंपनी बोली- यूजर ने एग्रीमेंट का उल्लंघन किया

टेस्ला और X (पहले ट्विटर) के मालिक इलॉन मस्क के बच्चों में से एक की मां एश्ले सेंट क्लेयर ने xAI कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कराया है। उनका आरोप कि xAI के चैटबॉट ग्रोक (Grok) ने यूजर्स को उनकी आपत्तिजनक डीपफेक फोटो बनाने की परमिशन दी, जिससे उन्हें मानसिक पीड़ा और बदनामी झेलनी पड़ी। राइटर और पॉलिटिकल स्ट्रैटेजिस्ट 27 साल की एश्ले सेंट क्लेयर ने गुरुवार को न्यूयॉर्क सिटी की स्टेट सुप्रीम कोर्ट में यह मुकदमा दायर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रोक से बनाई गई फोटो में उनकी 14 साल की उम्र की एक पुरानी फोटो को बदला। इसमें उन्हें बिकिनी पहने दिखाया गया। इसके अलावा कुछ दूसरी फोटो में उन्हें एक एडल्ट महिला के रूप में सेक्सुअल पोजिशन में और यहां तक कि स्वस्तिक छपी बिकिनी पहने दिखाया गया। एश्ले सेंट क्लेयर यहूदी हैं, इसलिए उन्होंने इसे और भी अपमानजनक और डराने वाला बताया। वहीं, xAI का आरोप है कि सेंट क्लेयर ने अपने यूजर एग्रीमेंट का उल्लंघन किया है। जिसमें कहा गया है कि कंपनी के खिलाफ केस केवल टेक्सास के फेडरल कोर्ट में ही किया जा सकता है। xAI ने भी काउंटर केस किया गुरुवार को ही xAI ने इस केस को न्यूयॉर्क स्टेट कोर्ट से हटाकर मैनहट्टन के फेडरल कोर्ट में ट्रांसफर करा लिया। इतना ही नहीं, उसी दिन xAI ने टेक्सास के फेडरल कोर्ट में एश्ले सेंट क्लेयर के खिलाफ दावा भी दायर कर दिया। इस दावे में xAI ने हर्जाने की रकम की मांग की है। X और xAI पर गंभीर आरोप सेंट क्लेयर का कहना है कि जैसे ही उन्हें इन डीपफेक फोटो के बारे में पता चला, उन्होंने पिछले साल ही X को इसकी शिकायत की और तस्वीरें हटाने की मांग की। लेकिन शुरुआती जवाब में प्लेटफॉर्म ने कहा कि ये फोटो उसकी पॉलिसी का उल्लंघन नहीं करतीं। बाद में X ने यह भरोसा दिलाया कि उनकी सहमति के बिना उनकी फोटो का इस्तेमाल या एडिटिंग नहीं की जाएगी। इसके बावजूद सेंट क्लेयर का दावा है कि उनके साथ जवाबी कार्रवाई (रिटैलियेशन) की गई।उन्होंने आरोप लगाया- कौन हैं एश्ले सेंट क्लेयर? एश्ले सेंट क्लेयर, इलॉन मस्क के 16 महीने के बेटे रोमुलस की मां हैं। वे न्यूयॉर्क सिटी में रहती हैं। अपने केस में उन्होंने इमोशनल परेशानी और अन्य कानूनी दावों के लिए बिना तय की गई हर्जाने की रकम और कोर्ट से xAI को उनके और डीपफेक बनाने से तुरंत रोकने का आदेश मांगा है। 15 जनवरी- ग्रोक से अश्लील इमेज बनाने पर दुनियाभर में रोक X ने 15 जनवरी को घोषणा की थी कि अब ग्रोक असली लोगों की तस्वीरों को कपड़े कम करके दिखाने या एडिट करने का काम उन जगहों पर नहीं करेगा, जहां यह गैर-कानूनी है। इमेज बनाने और एडिटिंग की सुविधा सिर्फ पेड अकाउंट्स तक सीमित की जाएगी, ताकि जवाबदेही तय की जा सके। X ने यह भी कहा कि उसकी नीति में बच्चों के सेक्सुअल हैरेसमेंट, बिना सहमति की न्यूडिटी और अनचाहे सेक्सुअल कंटेंट के लिए जीरो टॉलरेंस है। ऐसे किसी भी कंटेंट को तुरंत हटाया जाएगा और बच्चों से जुड़े यौन शोषण के मामलों में संबंधित अकाउंट्स की जानकारी कानून लागू करने वाली एजेंसियों को दी जाएगी। पूरी खबर पढ़ें...

दैनिक भास्कर 17 Jan 2026 6:53 am

दुनियाभर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X डाउन:यूजर्स एक्सेस नहीं कर पा रहे, ब्लैंक स्क्रीन दिख रही; 4 दिन में दूसरी बार सर्विस ठप

इलॉन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) की सर्विस ठप हो गई है। भारत और अमेरिका समेत दुनियाभर के हजारों यूजर्स ने शिकायत की है कि वे अपना फीड एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं और ब्लैंक स्क्रीन दिख रही है। आउटेज को ट्रैक करने वाली वेबसाइट 'डाउनडिटेक्टर' पर रात 8.48 बजे सबसे ज्यादा 74,598 लोग शिकायत रिपोर्ट कर चुके थे। यूजर्स का कहना है कि वे न तो अपनी टाइमलाइन देख पा रहे हैं और न ही नई पोस्ट कर पा रहे हैं। X की सर्विस 4 दिन में दूसरी बार ठप हुई है। इससे पहले 13 जनवरी को भी भारत सहित अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा समेत कई देशों में हजारों यूजर्स को एक्सेस करने में परेशानी हुई थी। 57% लोगों को पोस्ट देखने में समस्याएं हुई डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, दुनियाभर में X के यूजर्स शिकायत कर रहे हैं कि वे न तो नई पोस्ट देख पा रहे हैं और न ही कुछ पोस्ट कर पा रहे हैं। 57% यूजर्स पोस्ट नहीं देख पा रहे हैं। वहीं, 33% लोगों को बेवसाइट इस्तेमाल करने में परेशानी आ रही है और करीब 10% ने बताया कि उन्हें सर्वर कनेक्शन में दिक्कत हो रही है। एप और वेब दोनों पर लोडिंग की समस्या, ग्रोक AI भी बंद इस आउटेज का असर मोबाइल एप्लिकेशन और डेस्कटॉप वर्जन दोनों पर देखा जा रहा है। कई यूजर्स ने बताया कि एप खोलने पर उन्हें सिर्फ ब्लैंक स्क्रीन दिख रही है। यही नहीं, मस्क की कंपनी xAI का चैटबॉट 'ग्रोक' भी काम नहीं कर रहा है। यूजर्स जब रिफ्रेश कर रहे हैं, तो पुरानी पोस्ट भी गायब हो रही हैं और कोई नया डेटा लोड नहीं हो रहा है। यूजर को दिख रहा क्लाउडफ्लेयर एरर मैसेज लॉगिन करने की कोशिश कर रहे कई यूजर्स को 'Cloudflare' का एरर मैसेज दिखाई दे रहा है। इसमें लिखा आ रहा है कि क्लाउडफ्लेयर इस वेबसाइट की सुरक्षा करता है, लेकिन वेब सर्वर तक पहुंचने में समस्या हो रही है। हालांकि, तकनीकी जानकारों का मानना है कि यह समस्या बाहरी नेटवर्क की नहीं, बल्कि X के अपने सर्वर की आंतरिक खराबी के कारण आई है। इस हफ्ते दूसरी बार ठप हुई सर्विस, यूजर्स ने पूछा- क्या साइबर अटैक हुआ? X में इस हफ्ते यह दूसरा बड़ा ग्लोबल आउटेज है। इससे पहले मंगलवार (13 जनवरी) को भी सर्विस घंटों तक बाधित रही थी। बार-बार आ रही इस तकनीकी खराबी को लेकर यूजर्स अब सोशल मीडिया पर सवाल उठा रहे हैं। डाउनडिटेक्टर के कमेंट सेक्शन में एक यूजर ने लिखा, X फिर से डाउन है, क्या यह कोई साइबर हमला है? यह काफी असामान्य है। दूसरे यूजर ने पूछा कि क्या वेबसाइट केवल उनके लिए धीमी है या सबको दिक्कत आ रही है। X की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं इलॉन मस्क या X की सपोर्ट टीम ने अभी तक इस आउटेज की वजह या इसके ठीक होने के समय को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। आमतौर पर X ऐसे मामलों में आंतरिक रूप से पैच अपडेट जारी करता है, जिसके बाद सर्विस धीरे-धीरे बहाल होती है। बार-बार होने वाले इन तकनीकी हादसों ने प्लेटफॉर्म की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। X के तीन आउटेज इलॉन मस्क ने 2022 में खरीदा था X 27 अक्टूबर 2022 को इलॉन मस्क ने ट्विटर (अब X) खरीदा था। ये डील 44 बिलियन डॉलर में हुई थी। आज के हिसाब से ये रकम करीब 3.84 लाख करोड़ रुपए होती है। मस्क ने सबसे पहले कंपनी के चार टॉप ऑफिशियल्स CEO पराग अग्रवाल, फाइनेंस चीफ नेड सेगल, लीगल एग्जीक्यूटिव विजया गड्डे और सीन एडगेट को निकाला था। 5 जून 2023 को लिंडा याकारिनो ने X के CEO के तौर पर जॉइन किया था। इससे पहले वो NBC यूनिवर्सल में ग्लोबल एडवर्टाइजिंग एंड पार्टनरशिप की चेयरमैन थीं।

दैनिक भास्कर 16 Jan 2026 10:59 pm

242 अवैध ऑनलाइन गेमिंग लिंक्स ब्लॉक:अब तक 7800 से ज्यादा वेबसाइट्स बंद, ई-स्पोर्ट्स को मिलेगा बढ़ावा

सरकार ने शुक्रवार (16 जनवरी) को देश में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए से जुड़ी 242 वेबसाइट्स के लिंक्स ब्लॉक करने के आदेश दिए हैं। 'ऑनलाइन गेमिंग एक्ट' बबने के बाद ये सरकार की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। यह कदम युवाओं को वित्तीय और सामाजिक नुकसान से बचाने के लिए उठाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑनलाइन गेमिंग एक्ट संसद में पास होने के बाद से प्रवर्तन कार्रवाइयों में भारी तेजी आई है। अब तक 7,800 से अधिक अवैध सट्टेबाजी और जुआ वेबसाइटों को बंद किया जा चुका है। सरकार का लक्ष्य उन प्लेटफार्मों पर नकेल कसना है जो त्वरित धन का लालच देकर लोगों को गुमराह करते हैं। अगस्त में बना था ऑनलाइन गेमिंग पर कानून प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के तहत देश में रियल मनी गेमिंग पर बैन लगाया गया है। यह बिल 20 अगस्त को लोकसभा और 21 अगस्त को राज्यसभा से पास हुआ था। 22 अगस्त को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद अब यह कानून बन गया है। WHO ने भी माना गेमिंग डिसऑर्डर को गंभीर बीमारी सट्टेबाजी और जुए की लत सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक समस्या है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गेमिंग डिसऑर्डर को एक स्वास्थ्य स्थिति के रूप में वर्गीकृत किया है। WHO के अनुसार, यह एक ऐसा पैटर्न है जिसमें व्यक्ति का खेल पर नियंत्रण नहीं रहता, वह दैनिक गतिविधियों की उपेक्षा करने लगता है और हानिकारक परिणामों के बावजूद खेल जारी रखता है। युवाओं की लत रोकने की कोशिश सरकारी प्रेस रिलीज के अनुसार, अवैध ऑनलाइन मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स ने समाज को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। कई परिवारों ने अपनी पूरी जमा-पूंजी गंवा दी है, तो कई युवा इसकी लत का शिकार हो गए हैं। कुछ मामलों में तो वित्तीय तंगी के कारण आत्महत्या जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। सरकार ने इन खतरों को पहचानते हुए यह कड़ा कदम उठाया है। ई-स्पोर्ट्स और क्रिएटिव इकोनॉमी को मिलेगा बढ़ावा नए कानून का मकसद सिर्फ पाबंदी लगाना नहीं, बल्कि एक संतुलन बनाना भी है। सरकार का मानना है कि ऑनलाइन गेमिंग डिजिटल इकोनॉमी का एक गतिशील हिस्सा है। ऑनलाइन गेमिंग कानून में 4 सख्त नियम... देश में करीब 65 करोड़ लोग ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर एक्टिव हैं। ज्यादातर लोग रियल मनी गेम्स में दांव लगाते हैं। इनका सालाना कारोबार 1.8 लाख करोड़ से ज्यादा है। इस कानून में कहा गया है कि चाहे ये गेम्स स्किल बेस्ड हों या चांस बेस्ड दोनों पर रोक है।

दैनिक भास्कर 16 Jan 2026 9:56 pm

टोल प्लाजा 1 अप्रैल से कैशलेस, नकद भुगतान बंद होगा:सिर्फ फास्टैग या UPI से टैक्स लिया जाएगा; अभी 25 टोल पर ट्रायल शुरू

1 अप्रैल से देश के सभी टोल प्लाजा कैशलेस हो जाएंगे। नए नियमों के लागू होने के बाद वाहन चालकों को टोल टैक्स चुकाने के लिए सिर्फ फास्टैग (FASTag) या UPI पेमेंट का ही इस्तेमाल करना होगा। यह जानकारी टीवी न्यूज चैनल आज तक को इंटरव्यू में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने दी। उन्होंने कहा कि टोल पर नकद (कैश) लेनदेन को पूरी तरह से बंद करने का फैसला लिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य टोल नाकों पर लगने वाली लंबी लाइनों को खत्म करना और सफर को बाधा रहित बनाना है। इस 'नो-स्टॉप' सिस्टम का पायलट प्रोजेक्ट फिलहाल देश के 25 टोल प्लाजा पर टेस्ट किया जा रहा है। हालांकि अभी आधिकारिक नोटिफिकेशन आना बाकी है। ट्रैफिक जाम और समय की बर्बादी खत्म करने की कोशिश केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय इस डिजिटल बदलाव को लागू करने के लिए अंतिम रूप दे रहा है। वर्तमान में फास्टैग अनिवार्य होने के बावजूद कई जगहों पर कैश लेनदेन होते हैं। डिजिटल पेमेंट न करने वाले वाहनों के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। कैश बंद होने से गाड़ियों को टोल बूथ पर रुकना नहीं पड़ेगा। सरकार के इस फैसले के 3 बड़े कारण डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के अलावा सरकार इसके जरिए तीन प्रमुख टारगेट पूरे करना चाहती है... बैरियर-मुक्त टोलिंग की तरफ बढ़ने की तैयारी कैश पेमेंट बंद करना देश में 'मल्टी-लेन फ्री फ्लो' (MLFF) सिस्टम की दिशा में पहला कदम है। सरकार ऐसी तकनीक पर काम कर रही है, जिसमें हाईवे पर कोई फिजिकल बैरियर (नाका) नहीं होगा। गाड़ियां हाईवे की रफ्तार पर चलती रहेंगी और कैमरों व सेंसर्स की मदद से टोल अपने आप कट जाएगा। अपना फास्टैग बैलेंस चेक करें नया नियम लागू होने से पहले वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने फास्टैग अकाउंट को एक्टिव रखें। अगर आप फास्टैग का उपयोग नहीं करते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपके स्मार्टफोन में UPI पेमेंट की सुविधा चालू हो। 1 अप्रैल के बाद बिना डिजिटल पेमेंट के टोल प्लाजा पर पहुंचने पर आपको जुर्माना भी भरना पड़ सकता है या वापस लौटाया जा सकता है। हालांकि नए नियमों की डिटेल आना बाकी है। ये खबर भी पढ़ें... फास्टैग के लिए KYV प्रोसेस 1 फरवरी से खत्म होगी: वाहन मालिकों को बार-बार अपडेट नहीं करना पड़ेगा, बैंक खुद डेटा वेरिफाई करेंगे 1 फरवरी 2026 से नई कार, जीप और वैन के लिए फास्टैग जारी करते समय अब KYV (नो योर व्हीकल) प्रोसेस की जरूरत नहीं होगी। नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने नई कार के लिए KYV प्रोसेस बंद करने का फैसला किया है। साथ ही, जिन कारों पर पहले से फास्टैग लगा है, उनके मालिकों को भी अब रूटीन KYV कराने की जरूरत नहीं होगी। इससे वाहन मालिकों को वैलिड डॉक्युमेंट होने के बावजूद लंबी वेरिफिकेशन प्रक्रिया के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पूरी खबर पढ़ें...

दैनिक भास्कर 16 Jan 2026 7:00 pm

गाड़ियां करीब आते ही खुद एक-दूसरे को अलर्ट देंगी:नए व्हीकल में 2026 के अंत तक V2V चिप जरूरी, 5-7 हजार तक कीमत बढ़ेगी

अब गाड़ियां करीब आते ही खुद एक-दूसरे को अलर्ट करेंगी। इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि सरकार साल 2026 के अंत तक देश में 'व्हीकल-टू-व्हीकल' (V2V) कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी को अनिवार्य करने की प्लानिंग कर रही है। इस तकनीक की मदद से गाड़ियां सड़क पर चलते हुए एक-दूसरे को सेफ्टी अलर्ट भेज सकेंगी, जिससे टक्कर और हादसों को रोका जा सकेगा। यह फैसला 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों की बैठक के बाद लिया गया है। सरकार का टारगेट 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को 50% तक कम करना है। कैसे काम करेगी तकनीक: पायलट की तरह बात करेंगे ड्राइवर्स नितिन गडकरी ने इस सिस्टम को समझाते हुए बताया कि इसके लागू होने के बाद गाड़ियां आपस में वैसे ही बात कर सकेंगी, जैसे आसमान में पायलट करते हैं। हर गाड़ी में एक 'ऑन-बोर्ड यूनिट' (OBU) फिट की जाएगी। यह यूनिट आसपास की दूसरी गाड़ियों को अपनी लोकेशन, स्पीड, डायरेक्शन और ब्रेक लगाने जैसी जानकारी वायरलेस टेक्नोलॉजी के जरिए भेजेंगी। इससे ड्राइवर को खतरा दिखने से पहले ही अलर्ट मिल जाएगा। कोहरे और अंधे मोड़ पर भी मिलेगा अलर्ट V2V टेक्नोलॉजी उन हालात में सबसे ज्यादा कारगर होगी, जहां कैमरा या रडार काम नहीं कर पाते। 5 से 7 हजार रुपए तक महंगी हो सकती हैं गाड़ियां सरकार इस पूरे प्रोग्राम पर करीब 5,000 करोड़ रुपए खर्च कर सकती है। हालांकि, गाड़ियों में लगने वाली ऑन-बोर्ड यूनिट (OBU) की कीमत 5,000 से 7,000 रुपए के बीच होने का अनुमान है। शुरुआत में इसे नई कारों, बसों और ट्रकों के लिए अनिवार्य किया जा सकता है। बाद में पुरानी गाड़ियों में भी इसे अलग से लगवाने का नियम आ सकता है। जानकारों का मानना है कि इससे गाड़ियों की कीमतें बढ़ सकती हैं। स्पेक्ट्रम के लिए दूरसंचार विभाग से समझौता V2V सिस्टम को चलाने के लिए खास फ्रीक्वेंसी की जरूरत होती है। गडकरी ने बताया कि दूरसंचार विभाग (DoT) के साथ एक जॉइंट टास्क फोर्स बनाई गई है। विभाग 5.875-5.905GHz बैंड में 30MHz स्पेक्ट्रम अलॉट करने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गया है। सड़क परिवहन सचिव वी. उमाशंकर के मुताबिक, ऑटो कंपनियों के साथ तकनीकी मानकों (Technical Standards) को अंतिम रूप दिया जा रहा है। चुनौती: 2026 के अंत तक लागू करना कितना मुमकिन? भले ही सरकार ने 2026 की समयसीमा तय की है, लेकिन यह लक्ष्य काफी चुनौतीपूर्ण है। ADAS और V2V में क्या अंतर है? आजकल कई कारों में ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) आता है, जो कैमरा और सेंसर पर निर्भर है। यह सिर्फ वही देख सकता है जो कैमरे के सामने है। वहीं V2V तकनीक वायरलेस सिग्नल पर काम करती है। यानी अगर आपके आगे एक बड़ा ट्रक चल रहा है और उसके आगे कोई खतरा है, तो ADAS उसे नहीं देख पाएगा, लेकिन V2V के जरिए आगे वाली गाड़ी का सिग्नल ट्रक के पार आपकी कार तक पहुंच जाएगा। ------------------------------------------------------------------------------- ऑटो से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें 2026 टाटा पंच फेसलिफ्ट लॉन्च, ₹5.59 लाख:नए टर्बो पेट्रोल इंजन और डिजाइन के साथ CNG ऑप्शन टाटा मोटर्स ने आज (13 जनवरी) अपनी सबसे पॉपुलर माइक्रो SUV पंच का फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च कर दिया है। नई पंच का डिजाइन काफी हद तक इसके इलेक्ट्रिक वर्जन पंच-ईवी से इन्सपायर्ड है। कंपनी ने इसके फ्रंट और रियर लुक में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे यह अब पहले से ज्यादा प्रीमियम और मॉडर्न नजर आ रही है। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 3:52 pm

बजाज का सबसे सस्ता इलेक्ट्रिक स्कूटर चेतक C25 लॉन्च:फुल मेटल बॉडी के साथ 113km की रेंज, 2.5 घंटे में 80% चार्ज होगा; कीमत ₹91,399

टू-व्हीलर मेकर बजाज ऑटो के सब ब्रांड चेतक इलेक्ट्रिक ने अपना सबसे सस्ता ई-स्कूटर 'चेतक C25' भारत में लॉन्च कर दिया है। कंपनी का दावा है कि इलेक्ट्रिक स्कूटर एक बार फुल चार्ज करने पर 113 किलोमीटर चलता है और इसे सिर्फ 2.5 घंटे में 80% चार्ज किया जा सकता है। नई चेतक C25 में बजाज का नया चेसिस फ्रेम इस्तेमाल किया गया है, जिसमें बैटरी पैक फ्लोरबोर्ड के नीचे है। इससे ई-स्कूटर में 25 लीटर का अंडर सीट स्पेस मिलेगा। कंपनी ने इसकी एक्स-शोरूम कीमत 91,399 रुपए रखी है। भारत में ये ई-स्कूटर TVS आईक्यूब और ओला S1 X को टक्कर देगा।

दैनिक भास्कर 15 Jan 2026 9:33 am

मेड-इन-इंडिया मर्सिडीज-मेबैक GLS ₹2.75 करोड़ में लॉन्च:लोकल असेंबली से ₹42 लाख सस्ती हुई लग्जरी SUV; सेलिब्रेशन एडिशन की कीमत ₹4.10 करोड़

मर्सिडीज-बेंज ने भारत में बनी (लोकल असेंबल) मेबैक GLS 600 को लॉन्च कर दिया है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 2.75 करोड़ रुपए रखी गई है। खास बात यह है कि भारत में असेंबल होने के कारण इसकी कीमत पूरी तरह से इम्पोर्टेड (CBU) मॉडल के मुकाबले करीब 42 लाख रुपए कम हो गई है। पहले इम्पोर्टेड मॉडल की कीमत 3.17 करोड़ रुपए थी। कंपनी ने इसके साथ ही एक खास 'सेलिब्रेशन एडिशन' भी उतारा है, जिसकी कीमत 4.10 करोड़ रुपए है। लोकल असेंबली से कीमतों में बड़ी कटौती मर्सिडीज-बेंज इंडिया अब अपनी सबसे प्रीमियम SUV, मेबैक GLS को पुणे के चाकन प्लांट में असेंबल कर रही है। भारत में मर्सिडीज के लिए मेबैक सीरीज काफी सफल रही है और इसे स्थानीय स्तर पर बनाने का फैसला ग्राहकों को लुभाने के लिए किया गया है। कीमत में ₹42 लाख की बड़ी गिरावट उन खरीदारों के लिए फायदेमंद होगी जो अल्ट्रा-लग्जरी SUV सेगमेंट में निवेश करना चाहते हैं। मेबैक GLS सेलिब्रेशन एडिशन भी पेश हुआ रेगुलर मॉडल के अलावा, कंपनी ने 'मेबैक GLS सेलिब्रेशन एडिशन' को भी मार्केट में उतारा है। 4.10 करोड़ रुपए की कीमत वाला यह वर्जन उन ग्राहकों के लिए है जो एक्सक्लूसिविटी पसंद करते हैं। इसमें कुछ खास कॉस्मेटिक बदलाव, नए पेंट स्कीम और इंटीरियर में ज्यादा कस्टमाइजेशन के विकल्प दिए गए हैं। इंजन और परफॉर्मेंस: 4.0-लीटर V8 इंजन इस अल्ट्रा-लग्जरी SUV में 4.0-लीटर का V8 ट्विन-टर्बोचार्ज्ड इंजन दिया गया है। यह इंजन 557 hp की पावर और 730 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसमें 48-वोल्ट माइल्ड-हाइब्रिड सिस्टम भी मिलता है, जो जरूरत पड़ने पर एडिशनल 22 hp की पावर और 250 Nm का टॉर्क देता है। यह गाड़ी महज 4.9 सेकंड में 0 से 100Kmph की रफ्तार पकड़ सकती है। इंटीरियर: चलता-फिरता फर्स्ट क्लास लाउंज मेबैक GLS का केबिन किसी प्राइवेट जेट जैसा महसूस होता है। इसमें पीछे की सीटों पर रिक्लाइनिंग फंक्शन, मसाज और वेंटिलेशन की सुविधा दी गई है। साथ ही रियर-सीट एंटरटेनमेंट पैकेज के तहत टचस्क्रीन टैबलेट और प्रीमियम बर्मेस्टर सराउंड साउंड सिस्टम मिलता है। पूरी बॉडी पर क्रोम फिनिश और 22-इंच के सिग्नेचर मेबैक अलॉय व्हील्स इसे सड़क पर अलग पहचान देते हैं। भारत में मेबैक का बढ़ता क्रेज मर्सिडीज-बेंज के मुताबिक, भारत में मेबैक ब्रांड की मांग तेजी से बढ़ी है। इससे पहले कंपनी मेबैक S-Class को भी भारत में असेंबल करना शुरू कर चुकी है। कंपनी का लक्ष्य लग्जरी सेगमेंट में अपनी पकड़ और मजबूत करना है। क्योंकि अब भारतीय बाजार में रोल्स रॉयस कलिनन और बेंटले बेंटायगा जैसी गाड़ियों से भी मुकाबला बढ़ रहा है। क्या होती है लोकल असेंबली? जब कोई विदेशी कंपनी कार को पूरी तरह से बने-बनाए रूप में विदेश से मंगवाती है, तो उसे CBU (कंप्लीट बिल्ट यूनिट) कहा जाता है। इस पर भारत सरकार करीब 100% से ज्यादा टैक्स (इम्पोर्ट ड्यूटी) वसूलती है। वहीं जब गाड़ी के पुर्जे मंगाकर उन्हें भारत में जोड़ा यानी असेंबल किया जाता है, तो उसे CKD (कंप्लीट नॉक्ड डाउन) यानी लोकल असेंबली कहते हैं। इस पर टैक्स कम लगता है, जिससे कार की कीमत काफी कम हो जाती है। ये खबर भी पढ़ें... 2026 टाटा पंच फेसलिफ्ट लॉन्च, ₹5.59 लाख: नए टर्बो पेट्रोल इंजन और डिजाइन के साथ CNG ऑप्शन, सेफ्टी के लिए 360 डिग्री कैमरा टाटा मोटर्स ने (13 जनवरी) अपनी सबसे पॉपुलर माइक्रो SUV पंच का फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च कर दिया है। नई पंच का डिजाइन काफी हद तक इसके इलेक्ट्रिक वर्जन पंच-ईवी से इन्सपायर्ड है। कंपनी ने इसके फ्रंट और रियर लुक में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे यह अब पहले से ज्यादा प्रीमियम और मॉडर्न नजर आ रही है। कार में सेफ्टी के लिए 360 डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 5.59 लाख रुपए रखी गई है। कंपनी ने इसकी बुकिंग शुरू कर दी है और जल्द ही डिलीवरी भी शुरू हो जाएगी। भारत में इसका मुकाबला हुंडई एक्सटर, मारुति फ्रॉन्क्स, सिट्रोएन C3, मारुति इग्निस, निसान मैग्नाइट और रेनो काइगर से है। पूरी खबर पढ़ें...

दैनिक भास्कर 14 Jan 2026 3:31 pm

दुनियाभर में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X डाउन:अमेरिका में 27 हजार से ज्यादा शिकायतें, भारत और ब्रिटेन में भी यूजर्स को एक्सेस में दिक्कत

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X की सर्विस दुनियाभर में ठप हो गई है। डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, मंगलवार शाम को भारत सहित अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा समेत कई देशों में यूजर्स को एप और डेस्कटॉप दोनों वर्जन में एक्सेस करने में परेशानी हो रही है। डाउनडिटेक्टर के अनुसार, अमेरिकी में भारतीय समयानुसार रात करीब 8 बजे, अमेरिका में 27,015 से ज्यादा यूजर्स ने सर्विस में रुकावट की रिपोर्ट की। ये वे लोग थे जिन्होंने ऑफिशियली आउटेज के बारे में वेबसाइट पर जानकारी दी, जबकि प्रभावित यूजर्स की वास्तविक संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। 59% लोगों को पोस्ट देखने में समस्याएं हुई डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, दुनियाभर में X के यूजर्स शिकायत कर रहे हैं कि वे न तो नई पोस्ट देख पा रहे हैं और न ही कुछ पोस्ट कर पा रहे हैं। अमेरिका में 59% यूजर्स पोस्ट नहीं देख पा रहे हैं। वहीं, 25% लोगों को बेवसाइट इस्तेमाल करने में परेशानी आ रही है और करीब 16% ने बताया कि उन्हें वेब कनेक्शन में दिक्कत हो रही है। भारत में 60% यूजर्स पोस्ट नहीं देख पा रहे भारत में रात 8 बजे सबसे ज्यादा 2054 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 60% यूजर्स पोस्ट नहीं देख पा रहे हैं। वहीं, 32% लोगों को बेवसाइट इस्तेमाल करने में परेशानी आ रही है और करीब 8% ने बताया कि उन्हें वेब कनेक्शन में दिक्कत हो रही है। भारतीय यूजर्स को भी टाइमलाइन लोड होने और नोटिफिकेशन न मिलने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्लेटफॉर्म पर लोगों को 'वेलकम टू योर टाइमलाइन' और 'समथिंग वेंट रॉन्ग' जैसे मैसेज दिखाई दे रहे थे। वहीं, X के डाउन होने का असर अन्य देशों में भी है। ब्रिटेन में लगभग 7,000 और कनाडा में 2,700 से ज्यादा यूजर्स ने प्लेटफॉर्म पर एक्सेस न मिलने की शिकायत की। एप और डेस्कटॉप दोनों वर्जन में दिक्कत यूजर्स ने बताया कि वे न तो अपने स्मार्टफोन पर एप का इस्तेमाल कर पा रहे हैं और न ही कंप्यूटर पर ब्राउजर के जरिए X चला पा रहे हैं। कुछ यूजर्स ने बताया कि उनके पुराने ट्वीट्स गायब हो रहे हैं, तो कुछ को प्रोफाइल लोड करने में परेशानी हो रही है। इस दौरान अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 'X Down' और 'Twitter Down' जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे। आउटेज की वजह का खुलासा होना बाकी फिलहाल यह साफ नहीं है कि यह तकनीकी खराबी किसी सर्वर इश्यू की वजह से हुई है या कोई बड़ा अपडेट इसका कारण है। एलन मस्क के प्लेटफॉर्म खरीदने के बाद से कई बार ऐसे आउटेज देखे गए हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि स्टाफ में भारी कटौती और बैकएंड इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलावों के कारण समय-समय पर प्लेटफॉर्म की स्थिरता पर असर पड़ता रहा है। X के तीन आउटेज इलॉन मस्क ने 2022 में खरीदा था X 27 अक्टूबर 2022 को इलॉन मस्क ने ट्विटर (अब X) खरीदा था। ये डील 44 बिलियन डॉलर में हुई थी। आज के हिसाब से ये रकम करीब 3.84 लाख करोड़ रुपए होती है। मस्क ने सबसे पहले कंपनी के चार टॉप ऑफिशियल्स CEO पराग अग्रवाल, फाइनेंस चीफ नेड सेगल, लीगल एग्जीक्यूटिव विजया गड्डे और सीन एडगेट को निकाला था। 5 जून 2023 को लिंडा याकारिनो ने X के CEO के तौर पर जॉइन किया था। इससे पहले वो NBC यूनिवर्सल में ग्लोबल एडवर्टाइजिंग एंड पार्टनरशिप की चेयरमैन थीं।

दैनिक भास्कर 13 Jan 2026 9:37 pm

2026 टाटा पंच फेसलिफ्ट लॉन्च, ₹5.59 लाख:नए टर्बो पेट्रोल इंजन और डिजाइन के साथ CNG ऑप्शन, सेफ्टी के लिए 360 डिग्री कैमरा

टाटा मोटर्स ने आज (13 जनवरी) अपनी सबसे पॉपुलर माइक्रो SUV पंच का फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च कर दिया है। नई पंच का डिजाइन काफी हद तक इसके इलेक्ट्रिक वर्जन पंच-ईवी से इन्सपायर्ड है। कंपनी ने इसके फ्रंट और रियर लुक में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे यह अब पहले से ज्यादा प्रीमियम और मॉडर्न नजर आ रही है। कार में सेफ्टी के लिए 360 डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 5.59 लाख रुपए रखी गई है। कंपनी ने इसकी बुकिंग शुरू कर दी है और जल्द ही डिलीवरी भी शुरू हो जाएगी। भारत में इसका मुकाबला हुंडई एक्सटर, मारुति फ्रॉन्क्स, सिट्रोएन C3, मारुति इग्निस, निसान मैग्नाइट और रेनो काइगर से है। टाटा पंच भारत में पहली बार 2021 में लॉन्च की गई थी। इसके बाद अगस्त 2023 में इसे ट्विन सिलेंडर टेक्नोलॉजी के साथ CNG वर्जन में उतारा गया था। जनवरी-2024 में इसे अपडेट लुक और नए फीचर के साथ इलेक्ट्रिक वर्जन पेश किया गया था।

दैनिक भास्कर 13 Jan 2026 8:34 pm

एपल ने AI के लिए गूगल जैमिनी से पार्टनरशिप की:आईफोन में सिरी को बेहतर करेंगे, मस्क ने डील को गलत बताया

एपल और गूगल के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर समझौता हुआ है। जिसके तहत अब एपल के AI फाउंडेशन मॉडल्स गूगल के जेमिनी एआई मॉडल और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर तैयार किया जाएगा। गूगल जेमिनी मॉडल एपल के नए सिरी (Siri) और एपल इंटेलिजेंस फीचर्स को और बेहतर बनाएगा। गूगल ने एक्स पर पोस्ट डालकर इस साझेदारी का ऐलान किया है। गूगल ने कहा कि आईफोन, आईपैड और मैकबुक में एपल इंटेलीजेंस फीचर्स को बेहतर और सिरी को अधिक पर्सनलाइज्ड बनाने के लिए यह पार्टनरशिप हुई है। बयान में कहा गया है कि सिरी के नए वर्जन को इसी साल लॉन्च किया जाएगा। जेमिनी AI एपल के सिरी को बेहतर बनाएगाइस पार्टशिप पर प्रतिक्रिया देते हुए इलॉन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि गूगल के पास पहले से ही एंड्रॉयड और क्रोम हैं, ऐसे में यह डील उसकी ताकत का गलत इस्तेमाल करने जैसा लगता है। मस्क की कंपनी xAI 'ग्रोक' (Grok) नाम का AI चैटबॉट बनाती है, जो सीधे तौर पर गूगल के जेमिनी को टक्कर देता है। मस्क पहले से ही एपल और OpenAI के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि ये कंपनियां ऐप स्टोर पर प्रतिद्वंद्वी AI सेवाओं को ब्लॉक कर रही हैं। यह मुकदमा फिलहाल अदालत में चल रहा है। डील की खबर से गूगल की वैल्यू 4 ट्रिलियन डॉलर पहुंचीडील की खबर आने के बाद सोमवार को गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के शेयर में 1% से ज्यादा की तेजी रही। इससे कंपनी की मार्केट वैल्यू ने 4 ट्रिलियन डॉलर (361 लाख करोड़ रुपए) के पार निकल गई है। गूगल दुनिया की दूसरी सबसे वैल्यूएबल कंपनी बन गई है। इस पार्टनरशिप के तहत गूगल के जेमिनी मॉडल एपल के 'प्राइवेट क्लाउड कंप्यूटिंग' इंफ्रास्ट्रक्चर पर चलेंगे और इस साल के आखिर तक नया सिरी लॉन्च किया जा सकता है। एपल ने कहा- गूगल की टेक्नोलॉजी सबसे बेहतरएपल ने गूगल की तकनीक की तारीफ करते हुए कहा कि उनके इवैल्यूएशन प्रोसेस में जेमिनी सबसे बेहतर साबित हुआ है। एपल के मुताबिक, 'एपल फाउंडेशन मॉडल्स' के लिए जेमिनी सबसे सक्षम आधार प्रदान करता है।

दैनिक भास्कर 13 Jan 2026 12:54 pm

गूगल जेमिनी अब शॉपिंग कराएगा, सर्च में 'बाय बटन' मिलेगा:वॉलमार्ट-शॉपीफाई के साथ मिलकर बनाया सिस्टम; अब बिना वेबसाइट खोले पेमेंट होगा

अब जेमिनी सिर्फ आपके सवालों के जवाब ही नहीं देगा, बल्कि आपके लिए शॉपिंग भी करेगा। कंपनी जेमिनी में एक नया 'बाय बटन' जोड़ रही है। इस फीचर की मदद से यूजर्स जेमिनी के चैट इंटरफेस को छोड़े बिना ही अपनी पसंद का सामान खरीद सकेंगे। गूगल ने इस नई सुविधा को 'एजेंटिक शॉपिंग' एक्सपीरियंस का नाम दिया है। अभी ये फीचर केवल अमेरिका में उपलब्ध है। जल्द ही भारत में भी लॉन्च किया जाएगा। गूगल ने अमेरिका में इसके लिए वॉलमार्ट, टारगेट, शॉपीफाई जैसे बड़े रिटेलर्स के साथ टाइ-अप किया है। गूगल पे से होगा पेमेंट, जल्द जुड़ेगा पेपैल गूगल ने इसे अपने पेमेंट गेटवे से जोड़ा है। जैसे ही आप 'बाय' बटन पर क्लिक करेंगे, एप के अंदर ही एक चेकआउट विंडो खुल जाएगी। यह फीचर आपके गूगल पे में पहले से सेव जानकारी का इस्तेमाल करेगा। कंपनी जल्द ही इसमें पेपैल का सपोर्ट भी जोड़ने वाली है। डिलीवरी और सर्विस की जिम्मेदारी रिटेलर की होगी भले ही आप ट्रांजैक्शन जेमिनी एप के अंदर कर रहे हैं, लेकिन सामान की डिलीवरी और सर्विस की जिम्मेदारी गूगल की नहीं होगी। उदाहरण के लिए, अगर आपने जेमिनी के जरिए वॉलमार्ट से कोई सामान मंगवाया है, तो उसकी शिपिंग, रिटर्न और कस्टमर सर्विस का सारा काम वॉलमार्ट ही संभालेगा। गूगल यहां सिर्फ एक प्लेटफॉर्म या माध्यम की तरह काम कर रहा है। जेमिनी से शॉपिंग की पूरी प्रोसेस समझें भारत में अभी क्या है स्थिति? अभी भारत में जेमिनी एप शॉपिंग में मदद तो करता है, लेकिन वह अलग-अलग वेबसाइट्स के प्रोडक्ट्स की तुलना दिखाता है और खरीदने के लिए बाहरी साइट्स के लिंक देता है। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही भारतीय यूजर्स को भी सीधे एप से खरीदारी का विकल्प मिलेगा। भविष्य में बदल जाएगा खरीदारी का तरीका गूगल का मानना है कि एआई एजेंट आने वाले समय में शॉपिंग के तरीके को पूरी तरह बदल देंगे। अब ग्राहकों को दर्जनों टैब्स खोलने या अलग-अलग एप्स में लॉगिन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आप बस एआई को बताएंगे कि आपको क्या चाहिए और वह आपके बजट और पसंद के हिसाब से बेस्ट ऑप्शन ढूंढकर वहीं पेमेंट करवा देगा।

दैनिक भास्कर 12 Jan 2026 8:58 pm

विनफास्ट ने भारत में 4 महीने में 1,000 इलेक्ट्रिक-कार बेचीं:टाटा, महिंद्रा और MG के बाद चौथी बड़ी EV कंपनी; सितंबर में 2 मॉडल लॉन्च किए थे

वियतनाम की इलेक्ट्रिक व्हीकल बनाने वाली कंपनी विनफास्ट ने भारत में एंट्री के 4 महीनों के अंदर 1,000 यूनिट्स की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है। इस बिक्री के साथ ही विनफास्ट, टाटा मोटर्स , एमजी और महिंद्रा के बाद भारत की चौथी सबसे बड़ी ईवी ब्रांड बनकर उभरी है। कंपनी ने पिछले साल सितंबर में अपने दो मिड-साइज एसयूवी मॉडल के साथ भारतीय बाजार में कदम रखा था। 2026 की शुरुआत से तेज बिक्री आंकड़ों के मुताबिक, विनफास्ट ने 2025 के आखिरी तीन महीनों में करीब 830 गाड़ियां बेची थीं। वहीं, नए साल यानी 2026 की शुरुआत भी कंपनी के लिए अच्छी रही है। जनवरी के शुरुआती दिनों में ही कंपनी अब तक 200 से ज्यादा ईवी बेच चुकी है। सितंबर में भारतीय बाजार में एंट्री हुई थी विनफास्ट ने भारत में अपने ऑपरेशन की शुरुआत पिछले साल सितंबर में की थी। कंपनी ने मिड-साइज इलेक्ट्रिक एसयूवी सेगमेंट में दो मॉडल उतारे थे- VF 6 और VF 7। इन दोनों गाड़ियों को भारतीय ग्राहकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। विनफास्ट VF 6 और VF 7 के फीचर्स VF 6 एक प्रीमियम कॉम्पैक्ट SUV है, जो 'द डुअलिटी इन नेचर' के कॉन्सेप्ट से इंस्पायर है। इसमें 59.6 kWh की बैटरी है, जो 25 मिनट में 10% से 70% तक चार्ज हो जाती है और 468 Km तक की ARAI सर्टिफाइड रेंज देती है। वहीं बोल्ड और प्रीमियम VF 7 'द यूनिवर्स इज असिमेट्रिकल' डिजाइन फिलॉसफी के साथ आता है। ये एक बड़ी SUV है, जिसकी लंबाई 4.5 मीटर से ज्यादा और व्हीलबेस 2,840 mm है। ये दो बैटरी ऑप्शन्स (59.6 kWh और 70.8 kWh) और पांच वेरिएंट्स- अर्थ, विंड, विंड इनफिनिटी, स्काई और स्काई इनफिनिटी में अवेलेबल हैं। इसमें FWD और AWD ड्राइवट्रेन ऑप्शन्स भी हैं। तमिलनाडु में 50,000 यूनिट्स कैपेसिटी का असेंबली प्लांट विनफास्ट की EV तूतुकुड़ी, तमिलनाडु में असेंबल होती हैं। फैक्ट्री की सालाना कैपेसिटी 50,000 यूनिट्स है, जो बढ़ाकर 1,50,000 यूनिट्स की जा सकती है। ये प्लांट भारत में कंपनी की पहली फैसिलिटी है। कंपनी ने भारत में एंट्री के साथ लोकल असेंबली पर फोकस किया, जो कॉस्ट कम रखने और जॉब्स क्रिएट करने में मदद करता है। ------------------------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें टेस्ला के बाद विनफास्ट ने भारत में पहला शोरूम खोला:सूरत के इस शोरूम में VF 6 और VF 7 शोकेस करेगी, कंपनी का 35 डीलरशिप ओपन करने का प्लान इलॉन मस्क की टेस्ला के बाद अब वियतनाम की इलेक्ट्रिक मेकर विनफास्ट ने भारत में अपना पहला शोरूम गुजरात के सूरत में ओपन किया है। रविवार (27 जुलाई) को 3,000 स्क्वायर फीट के इस शोरूम का इनोग्रेशन किया गया। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 12 Jan 2026 11:25 am

ऑफिस के काम में इंसानों को पीछे छोड़ देगा AI:ओपनएआई असली कामकाज से ट्रेंड कर रहा नया AI मॉडल, नौकरियां जा सकती है

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव होने जा रहा है। ये सीधे तौर पर ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों की नौकरियों पर असर डाल कर सकता है। वायर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक चैटजीपीटी बनाने वाली कंपनी ओपनएआई एक एडवांस सिस्टम तैयार कर रही है। ये ऑफिस के रोजमर्रा के लगभग हर काम को इंसानों से ज्यादा सटीक और बेहतर तरीके से करने में खुद-ब-खुद सक्षम होगा। इंसानों के असली कामकाज के डेटा से ट्रेनिंग दी जा रही इस मॉडल को तैयार करने के लिए ओपनएआई इंसानों के असली कामकाज के डेटा का इस्तेमाल कर रहा है। कंपनी ने इसके लिए 'हैंडशेक एआई' कंपनी के साथ पार्टनरशिप की है। इसके तहत अलग-अलग प्रोफेशन के कॉन्ट्रैक्टर्स से उनके पुराने और मौजूदा ऑफिस वर्क का डेटा जुटाया जा रहा है। इससे AI सीखेगा कि असल दुनिया में टास्क कैसे पूरे किए जाते हैं। ओपनएआई ने कॉन्ट्रैक्टर्स से दो तरह का डेटा मांगा है… कंपनी ने कॉन्ट्रैक्टर्स से कहा है कि वे उन जटिल कामों का डेटा दें जिन्हें पूरा करने में घंटों या दिनों का समय लगता है। ओपनएआई यह देखना चाहता है कि उसके ट्रेंड किए गए नए AI मॉडल्स इंसानों के मुकाबले कितने बेहतर तरीके से काम कर सकते हैं। कंपनी ने डेटा सिक्योरिटी का भी ध्यान रखा है कॉन्ट्रैक्टर्स को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि डेटा अपलोड करने से पहले वे 'प्रोपराइटरी' (कंपनी की निजी) और 'पर्सनली आइडेंटिफिएबल' (पहचान बताने वाली) जानकारी को हटा दें। इंसानों से बेहतर तरीके से काम कर सकेगा AI टेक इंडस्ट्री के कई एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि एआई के बढ़ते इस्तेमाल से 'वाइट कॉलर जॉब्स' (ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारी) के लिए मुश्किल पैदा हो सकती है। ओपनएआई का अंतिम लक्ष्य 'आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस' (AGI) हासिल करना है। इन 5 सेक्टरों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है 1. डेटा एंट्री और एडमिनिस्ट्रेटिव रोल्स: AI अब डेटा को इंसानों से ज्यादा तेजी और सटीकता से प्रोसेस कर सकता है। जो लोग एक्सेल शीट मैनेज करने, शेड्यूलिंग करने या डेटा ऑर्गेनाइज करने का काम करते हैं, उनके काम को एआई एजेंट्स पूरी तरह टेकओवर कर सकते हैं। 2. कंटेंट राइटिंग और बेसिक कोडिंग: जूनियर डेवलपर्स और बेसिक कंटेंट राइटर्स के लिए आने वाला समय कठिन हो सकता है। कंपनियां अभी एक सीनियर डेवलपर/राइटर और AI की मदद से पूरी टीम का काम निकाल रही हैं। आने वाले समय में AI और बेहतर हो जाएगा। 3. कस्टमर सपोर्ट और कॉल सेंटर्स: चैटबॉट्स अब पहले से कहीं ज्यादा 'इंसानी' हो गए हैं। ओपनएआई जिस तरह से 'रियल-वर्ल्ड' डेटा पर ट्रेनिंग दे रहा है, उससे एआई अब कस्टमर की शिकायतों को समझना और उनका समाधान करना सीधे तौर पर सीख जाएगा। 4. लीगल और पैरालीगल वर्क: कानूनी दस्तावेजों को पढ़ना, उनमें से जरूरी पॉइंट्स निकालना और रिसर्च करना एआई के लिए आसान हो गया है। जूनियर वकील या रिसर्चर्स जो केस स्टडीज और ड्राफ्टिंग का काम करते हैं, एआई उनके घंटों का काम मिनटों में कर सकता है। 5. फाइनेंस और अकाउंटिंग: बहीखाता, टैक्स कैलकुलेशन और ऑडिटिंग जैसे कामों में AI का दखल बढ़ रहा है। अकाउंटिंग फर्म्स अब बड़े पैमाने पर एआई टूल्स का इस्तेमाल कर रही हैं। इससे बेसिक अकाउंटेंट्स की जरूरत कम हो रही है। एक्सपर्ट बोले- टिके रहने के लिए स्किल्स बढ़ानी होगी 1. एआई को पार्टनर बनाएं: सबसे जरूरी है कि आप अपने क्षेत्र से जुड़े एआई टूल्स को चलाना सीखें। अगर आप राइटर हैं तो चैटजीपीटी, जेमिनी, ग्रॉक जैसे टूल्स का सही इस्तेमाल आना चाहिए। कोडर हैं तो को-पायलट और डिजाइनर हैं तो मिडजर्नी जैसे टूल्स आने चाहिए। 2. 'सॉफ्ट स्किल्स' पर फोकस: AI डेटा प्रोसेस कर सकता है, लेकिन वह भावनाएं नहीं समझ सकता। टीम मैनेजमेंट, नेगोशिएशन और लीडरशिप ऐसे गुण हैं जिनकी जरूरत हर कंपनी को रहेगी। टीम को मुश्किल समय में संभालना अभी इंसान ही कर सकता है। 3. क्रिटिकल थिंकिंग: एआई कई बार गलत जानकारी देता है। ऐसे में 'क्रिटिकल थिंकिंग' जरूरी है। एआई के आउटपुट को चेक करना और उसे कंपनी की जरूरत के हिसाब से ढालना। समस्या को पहचानना और उसका यूनिक समाधान सोचना भी AI से आगे रखेगा। 4. लगातार सीखना: अब वो दौर गया जब एक बार डिग्री ले ली और पूरी लाइफ नौकरी चल गई। तकनीक हर 6 महीने में बदल रही है। खुद को 'अपस्किल' करते रहें। इंडस्ट्री में हो रहे बदलावों पर नजर रखें। जितना अपडेटेड रहेंगे, उपयोगिता उतनी ही बनी रहेगी।

दैनिक भास्कर 11 Jan 2026 2:54 pm

टेस्ला का चौथा शोरूम बेंगलुरु में खुलेगा:कंपनी ने कहा- सी यू सून इन नम्मा बेंगलुरु; दिल्ली-मुंबई-गुरुग्राम के बाद अब कर्नाटक में एक्सपेंशन

टेस्ला इंडिया ने अब बेंगलुरु में अपना चौथा शोरूम खोलने का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने X पर पोस्ट शेयर कर लिखा, 'सी यू सून इन नम्मा बेंगलुरु'। यह कदम भारत में टेस्ला की तेज एक्सपेंशन की ओर इशारा करता है। जहां कंपनी पहले से दिल्ली, मुंबई और गुरुग्राम में मौजूद है। बेंगलुरु में नया शोरूम कब और कैसे खुलेगा टेस्ला ने अभी सटीक ओपनिंग डेट नहीं बताई है, लेकिन कंपनी का फोकस तेजी से बढ़ते साउथ इंडियन मार्केट पर है। बेंगलुरु में IT हब होने की वजह से यहां हाई-नेटवर्थ इंडिविजुअल्स और EV इंटरेस्टेड कस्टमर्स की संख्या अच्छी है। लोग X पर काफी एक्साइटेड हैं। एक यूजर ने लिखा, 'वेलकम टू नम्मा बेंगलुरु'। दूसरे यूजर ने कहा, 'बेंगलुरु में वेल्दी टेस्ला फैन बेस है, यह बहुत शानदार होने वाला है। पहले से मौजूद शोरूम्स की लिस्ट मॉडल Y की डिलीवरी और प्राइस डिटेल्स टेस्ला ने भारत में अपना Model Y लॉन्च किया है, जिसकी कीमत ₹59.89 लाख (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है। कंपनी का प्लान है कि सितंबर तक डिलीवरी शुरू कर दे। दिल्ली-एनसीआर और मुंबई प्रायोरिटी मार्केट हैं, लेकिन अब बेंगलुरु भी जल्द जुड़ेगा। Model Y के दो वैरिएंट हैं - RWD और लॉन्ग रेंज RWD। सुपरचार्जिंग नेटवर्क का एक्सपेंशन टेस्ला चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी फोकस कर रही है। पिछले साल दिसंबर में गुरुग्राम के DLF होराइजन सेंटर में पहला सुपरचार्जर लगाया गया। अब दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु में नेटवर्क बढ़ाने का प्लान है। इससे कस्टमर्स को सीमलेस और सस्टेनेबल मोबिलिटी मिलेगी। टेस्ला का कहना है कि ये कदम भारत में ग्रेजुअल एक्सपेंशन का हिस्सा हैं। आने वाले महीनों में और शहरों में प्रेजेंस बढ़ सकती है। कंपनी ने मुंबई से शुरुआत की थी टेस्ला ने सालों से भारत में एंट्री की कोशिश की, लेकिन इंपोर्ट ड्यूटी और रेगुलेशंस की वजह से देरी हुई। 2025 में सरकार की EV पॉलिसी में छूट मिलने के बाद कंपनी ने मुंबई से शुरुआत की। अब तेजी से शोरूम और चार्जिंग स्टेशन बढ़ा रही है। कंपनी का फोकस ब्रैंड बिल्डिंग और डिमांड चेक करने पर है, फिलहाल मैन्युफैक्चरिंग प्लान्स नहीं बताए गए हैं। ये खबर भी पढ़ें... भारत में लॉन्च हुई टेस्ला मॉडल Y की पहली तस्वीरें: अमेरिका से ₹28 लाख महंगी, जानें बुकिंग से लेकर कीमत और सर्विसिंग की सभी डिटेल्स दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क की कंपनी टेस्ला का पहला शोरूम आज यानी, 15 जुलाई को मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स में खुल गया है। अभी केवल मॉडल Y कार भारत में बेची जाएगी। इसकी कीमत 60 लाख रुपए से शुरू है। ये अमेरिका की तुलना में 28 लाख रुपए ज्यादा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने टेस्ला शोरूम क उद्घाटन किया। इसके साथ ही कारों की बुकिंग शुरू हो गई है। पूरी खबर पढ़ें...

दैनिक भास्कर 10 Jan 2026 4:02 pm

रेजर लाया दुनिया का पहला फिजिकल AI पार्टनर:गेमिंग स्ट्रेटेजी बताएगा साथ ही अलमारी सेट करने जैसे काम में मदद करेगा, ₹1,803 में प्री-बुकिंग शुरू

गेमिंग टेक कंपनी रेजर नेलास वेगास में चल रहे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो (CES) 2026 में अपनी नई तकनीक 'प्रोजेक्ट एवा' (Project Ava) को पेश किया है। यह एक फिजिकल होलोग्राफिक AI साथी है, जो एक छोटे ट्रांसपेरेंट सिलेंडर के अंदर एनिमे अवतार में दिखाई देता है। यह डिवाइस न सिर्फ गेमिंग के दौरान रियल-टाइम कोचिंग देगी, बल्कि रोजमर्रा के अलमारी सेट करने जैसे कामों में एक पर्सनल असिस्टेंट की तरह मदद भी करेगी। कंपनी ने इसे 'फ्रेंड फॉर लाइफ' (जिंदगी भर का दोस्त) के तौर पर प्रमोट किया है। 1,803 रुपए में प्री-बुकिंग शुरू रेजर ने इसके लिए प्री-बुकिंग शुरू कर दी है। इसे 20 डॉलर (करीब 1,803 रुपए) देकर रिजर्व किया जा सकता है। हालांकि, कंपनी ने इसकी कीमत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह करीब 200 डॉलर (लगभग ₹18,030) में खरीदा जा सकेगा। इसकी शिपिंग 2026 की दूसरी छमाही में शुरू होने की उम्मीद है। 5.5 इंच के सिलेंडर में दिखेगा AI अवतार रेजर का यह डिवाइस 5.5 इंच के ट्रांसपेरेंट सिलेंडर जैसा है, जो USB टाइप-C के जरिए कनेक्ट होता है। इसमें एक HD कैमरा, एम्बिएंट लाइट सेंसर और दो पावरफुल माइक्रोफोन दिए गए हैं। यूजर्स इसे वॉयस कमांड या पुश-टू-टॉक बटन के जरिए निर्देश दे सकते हैं। खास बात यह है कि यह AI न सिर्फ आपकी स्क्रीन पर चल रहे गेम को समझता है, बल्कि कैमरे के जरिए आपके आसपास के माहौल को भी देख सकता है। 5 अवतारों में से चुन सकेंगे, ई-स्पोर्ट्स स्टार 'फेकर' भी शामिल कंपनी ने इसमें फिलहाल 5 अवतारों का ऑप्शन दिया है। इनमें 'किरा' (एक एनिमे गर्ल), 'जेन' (टैटू वाला मस्कुलर कैरेक्टर), 'साओ' (जापानी सैलरी-वुमन कैरेक्टर) और मशहूर ई-स्पोर्ट्स खिलाड़ी 'फेकर' का अवतार शामिल है। इसके अलावा रेजर का लोगो 'एवा' भी एक विकल्प है। रेजर ने कहा है कि भविष्य में इन्फ्लुएंसर्स के साथ पार्टनरशिप कर और भी नए चेहरे जोड़े जाएंगे और यूजर्स अपना खुद का अवतार भी बना सकेंगे। गेमिंग कोचिंग से लेकर अलमारी सेट करने तक में मदद CES के डेमो के दौरान देखा गया कि यह AI गेमिंग में काफी मददगार है। यह बैटलफील्ड-6 जैसे गेम्स में हथियारों के चुनाव और स्ट्रेटेजी बनाने की सलाह देता है। गेमिंग के अलावा, यह आपके कैलेंडर को मैनेज कर सकता है और कैमरे की मदद से आपको यह भी बता सकता है कि आज आपको कौन से कपड़े पहनने चाहिए। यह स्टीम सेल जैसी डील्स पर भी नजर रखता है। गूगल जेमिनी और चैटजीपीटी का भी मिलेगा सपोर्ट तकनीकी तौर पर यह डिवाइस फिलहाल एलन मस्क की कंपनी xAI के 'ग्रोक' पर बेस्ड है, लेकिन इसे एक ओपन प्लेटफॉर्म की तरह डिजाइन किया गया है। इसका मतलब है कि यूजर्स अपनी पसंद के अनुसार गूगल के 'जेमिनी' या 'चैटजीपीटी' को भी इस डिवाइस में इस्तेमाल कर सकेंगे। कंपनी का कहना है कि वे चाहते हैं कि यूजर्स को भाषा और काम करने के तरीके में अपनी पसंद का मॉडल चुनने की आजादी मिले। प्राइवेसी के लिए माइक्रोफोन म्यूट बटन प्राइवेसी को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच रेजर ने इसमें फिजिकल कैमरा शटर और माइक्रोफोन म्यूट बटन दिया है। हालांकि, कुछ शुरुआती रिव्यूअर्स ने इसके व्यवहार को थोड़ा 'अजीब' बताया है। डेमो के दौरान कुछ अवतार यूजर्स के साथ काफी ज्यादा दोस्ताना होने की कोशिश कर रहे थे, जो कुछ लोगों को असहज लगा। इसके बावजूद, टेक एक्सपर्ट्स इसे गेमिंग की दुनिया में एक बड़ा बदलाव मान रहे हैं।

दैनिक भास्कर 9 Jan 2026 6:00 pm

अब पर्सनल असिस्टेंट की तरह काम करेगा जीमेल:'जरूरत' के हिसाब से ईमेल ऊपर दिखेंगे, बोलकर पूछ सकेंगे पुराने मेल की जानकारी

गूगल ने अपने ईमेल प्लेटफॉर्म जीमेल में 'AI इनबॉक्स' और 'AI ओवरव्यू' जैसे कई फीचर्स जोड़े हैं। अब आपका जीमेल इनबॉक्स न सिर्फ ईमेल रिसीव करेगा, बल्कि एक पर्सनल असिस्टेंट की तरह यह भी बताएगा कि कौन सा ईमेल आपके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। गूगल का कहना है कि यह नया इनबॉक्स जेमिनी 3 की रीजनिंग पावर पर काम करेगा। इससे यह ईमेल की लिस्ट दिखाने के बजाय कॉन्टेक्स्ट के हिसाब से जरूरी एक्शन सुझाएगा। सर्च बॉक्स में सवाल पूछकर पुराने मेल सर्च कर सकेंगे अब आपको पुराने ईमेल ढूंढने के लिए कीवर्ड सर्च करने या मैन्युअली स्क्रॉल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आप जीमेल के सर्च बॉक्स में साधारण भाषा में सवाल पूछ सकेंगे। जैसे- पिछले साल इस प्रोजेक्ट पर क्या फैसला हुआ था? या फ्लाइट का टिकट किसने भेजा था?। जेमिनी की रीजनिंग पावर आपके पुराने ईमेल को एनालाइज करेगी और सटीक जानकारी ढूंढकर सीधे जवाब देगी। फिलहाल यह फीचर गूगल AI प्रो और अल्ट्रा सब्सक्राइबर्स के लिए है। गूगल ने सर्च इंजन की तरह जीमेल में भी 'AI ओवरव्यू' फीचर पेश किया है। अक्सर कई लोग एक ही ईमेल थ्रेड में बात करते हैं, जिससे पुराना मैसेज ढूंढना मुश्किल हो जाता है। अब AI ओवरव्यू ऐसी लंबी बातचीत को कुछ पॉइंट्स में समेट देगा। समय के हिसाब से नहीं, जरूरत के हिसाब से दिखेंगे ईमेल गूगल 'AI इनबॉक्स' नाम का एक टूल भी ला रहा है। यह इनबॉक्स आपके ईमेल को समय के हिसाब से दिखाने के बजाय उनकी अहमियत के हिसाब से सेट करेगा। यह आपके जरूरी सेंडर्स, आने वाली डेडलाइन्स और जरूरी बिल या अपॉइंटमेंट रिमाइंडर्स को पहचान कर उन्हें सबसे ऊपर दिखाएगा। गूगल का दावा है कि यह पूरी तरह सुरक्षित है। 'हेल्प मी राइट' अब सबके लिए फ्री, स्टाइल भी मैच करेगा जीमेल का 'हेल्प मी राइट' फीचर अब सभी यूजर्स के लिए फ्री कर दिया गया है। इसके अलावा 'स्मार्ट रिप्लाई' को भी अपग्रेड करके 'सजेस्टेड रिप्लाई' कर दिया गया है। यह आपकी बातचीत के कॉन्टेक्स्ट (संदर्भ) को समझेगा और आपके पुराने लिखने के तरीके (टोन) को मैच करते हुए जवाब सुझाएगा। यानी यह आपकी स्टाइल में ही ईमेल ड्राफ्ट करने में मदद करेगा। प्रीमियम यूजर्स के लिए प्रूफरीड और एडवांस्ड फीचर जहां कई फीचर्स फ्री किए गए हैं, वहीं कुछ खास टूल्स अभी भी पेड सब्सक्राइबर्स के लिए रखे गए हैं। 'प्रूफरीड' फीचर, जो ग्रामर चेक के साथ-साथ स्टाइल और टोन में सुधार के सुझाव देता है, केवल 'गूगल AI प्रो' और 'अल्ट्रा' सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध होगा। इसी तरह, नेचुरल लैंग्वेज में सवाल पूछने वाला फीचर फिलहाल केवल अमेरिका में प्रीमियम सब्सक्राइबर्स को ही मिलेगा।

दैनिक भास्कर 9 Jan 2026 3:48 pm

सुजुकी की पहली इलेक्ट्रिक स्कूटर e-Access भारत में लॉन्च:कीमत ₹1.88 लाख; LFP बैटरी से 95Km रेंज, 71 kmph टॉप स्पीड

सुजुकी मोटरसाइकल इंडिया ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक स्कूटर e-Access को भारत में लॉन्च कर दिया है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 1.88 लाख रुपए रखी गई है। स्कूटर में 3.07 kWh की LFP बैटरी दी गई है, जो एक बार चार्ज करने पर 95Km तक की रेंज देती है। कंपनी ने डीलरशिप पर इसकी बुकिंग भी शुरू कर दी है। सुजुकी e-Access के स्पेसिफिकेशंस e-Access में परमानेंट मैग्नेट मोटर लगा है, जो 5.5 bhp की पीक पावर और 15 Nm टॉर्क देता है। इसकी टॉप स्पीड 71Kmph है। स्कूटर का वजन 122Kg और सीट हाइट 765 mm है। इसमें 12 इंच के अलॉय व्हील्स, आगे डिस्क ब्रेक और पीछे ड्रम ब्रेक मिलते हैं। चार्जिंग की बात करें तो पोर्टेबल चार्जर से फुल चार्ज होने में 6 घंटे 40 मिनट से ज्यादा समय लगता है। वहीं कंपनी के DC फास्ट चार्जर से 2 घंटे में फुल चार्ज हो जाती है। सुजुकी के 240 से ज्यादा शोरूम पर DC फास्ट चार्जर और सभी डीलरशिप पर AC चार्जर अवेलेबल हैं। चार ड्यूल-टोन कलर ऑप्शंस में अवेलेबल स्कूटर चार ड्यूल-टोन कलर ऑप्शंस में आती है। इनमें ब्लैक/रेड, व्हाइट/ग्रे, ग्रीन/ग्रे और ब्लू/ग्रे शामिल हैं। डिजाइन पेट्रोल Access से काफी अलग है, आगे LED लाइटिंग और स्पोर्टी लुक दिया गया है। कॉम्पिटिटर्स से कितनी महंगी है स्कूटर e-Access की कीमत अपने सेगमेंट में सबसे ज्यादा है। बजाज चेतक के टॉप वेरिएंट से यह 50 हजार रुपए से ज्यादा महंगी है। वहीं इसकी कीमत TVS iQube ST (5.3 kWh बैटरी वाली) और Ather Rizta के 3.7 kWh वेरिएंट से भी 30 हजार रुपए से ज्यादा है। पेट्रोल Access के टॉप मॉडल से दोगुनी से ज्यादा कीमत पर यह इलेक्ट्रिक वर्जन आई है। कंपनी ने लॉन्च पर क्या कहा सुजुकी मोटरसाइकल इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर केनिची उमेदा ने कहा कि e-Access कंपनी का पहला ग्लोबल स्ट्रैटेजिक बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल है। इसमें लॉन्ग लाइफ बैटरी, अच्छी हैंडलिंग, स्मूथ एक्सीलरेशन और हाई क्वालिटी फिट एंड फिनिश दिया गया है। e-Access को ऑटो एक्सपो 2025 में दिखाया गया था सुजुकी e-Access को सबसे पहले जनवरी 2025 में ऑटो एक्सपो में दिखाया गया था। उस समय जून 2025 में लॉन्च की प्लानिंग थी, लेकिन इसे डिले कर दिया गया था। इसका प्रोडक्शन गुरुग्राम प्लांट में शुरू हो चुका है। LFP बैटरी इसलिए चुनी गई क्योंकि यह लॉन्ग लाइफ वाली होती है और सेफ्टी में बेहतर है, हालांकि रेंज थोड़ी कम मिलती है। भारत में चार्जिंग नेटवर्क बढ़ा रही कंपनी यह सुजुकी की भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की शुरुआत है। कंपनी चार्जिंग नेटवर्क बढ़ा रही है और सर्विस सेंटर्स को EV रेडी कर रही है। रियल वर्ल्ड में रेंज 65-75km के आसपास रहने की उम्मीद है। अगर कीमत को देखते हुए बिक्री अच्छी रही तो आगे और मॉडल्स आने की संभावना है।

दैनिक भास्कर 9 Jan 2026 3:33 pm

CES 2026 में आई पहली AI 'गर्लफ्रेंड' रोबोट:बातचीत करेगी और पुरानी बातें भी याद रखेगी, शुरुआती कीमत ₹3.30 लाख; 2027 में डिलीवरी

लास वेगास में चल रहे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो (CES) 2026 में एडल्ट टेक कंपनी 'लोवेंस' ने दुनिया की पहली ऐसी ह्युमनॉइड डॉल पेश की है, जो न सिर्फ दिखने में असली इंसान जैसी है, बल्कि इसमें दिमाग और याददाश्त (Memory) भी है। इसका नाम एमिली है। कंपनी का दावा है कि यह रोबोट समय के साथ आपकी पसंद-नापसंद को याद रखेगी और आपसे किसी पुरानी बात का संदर्भ लेकर बातचीत भी कर सकेगी। यह एक तरह की सेक्स टॉय है, कंपनी ने इसे 'गर्लफ्रेंड सर्विस' के तौर पर पेश किया गया है। कीमत और अवेलेबलिटी: ₹16,000 देकर रिजर्व कर सकते हैं एमिली की कीमत कस्टमाइजेशन के आधार पर $4,000 से $8,000 (करीब 3.30 लाख से 6.60 लाख रुपए) के बीच होगी। कंपनी की वेबसाइट पर बुकिंग शुरू हो चुकी है। इसे रिजर्व करने के लिए $200 (करीब ₹16,500) की फीस देनी होगी। इसकी डिलीवरी साल 2027 से शुरू होने की उम्मीद है। एमिली रोबोट: सिलिकॉन बॉडी और बोलने वाला चेहरा एमिली एक लाइफ-साइज रोबोट है, जिसकी बाहरी बॉडी को असली स्किन जैसा अहसास देने के लिए सिलिकॉन से बनाया गया है। इसके अंदर एक लचीला ढांचा (Skeleton) है, जिससे इसके अंगों को मोड़ा जा सकता है। इसमें चेहरे के हाव-भाव और बोलने के लिए मुंह की मूवमेंट भी दी गई है। कंपनी का कहना है कि इसका हार्डवेयर तो सिर्फ एक हिस्सा है, असली जादू इसके 'इमोशनल सॉफ्टवेयर' में है। यह रोबोट आपसे बातें करते समय आपके मूड को समझने की कोशिश करती है। याददाश्त वाली पहली रोबोट: पिछली बातें भूलती नहीं 'एमिली' अब तक के एडल्ट रोबोट्स सिर्फ रटे-रटाए जवाब देते थे, लेकिन एमिली अलग है। इसमें मशीन लर्निंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। अकेलापन दूर करने और कॉन्फिडेंस बढ़ाने में मदद मिलेगी लोवेंस ने इस प्रोडक्ट को सिर्फ एक सेक्स टॉय के रूप में नहीं, बल्कि एक 'साथी' के रूप में पेश किया है। कंपनी के अनुसार, एमिली उन लोगों की मदद कर सकती है, जो अकेलापन महसूस करते हैं या जिन्हें समाज में बातचीत करने में झिझक होती है। कंपनी का कहना है कि यह एक 'जजमेंट-फ्री' रिश्ता है, जहां यूजर बिना किसी डर के अपनी भावनाएं व्यक्त कर सकता है और अपना कॉन्फिडेंस बढ़ा सकता है। बढ़ता कॉम्पिटिशन: पिछले साल आई थी 'आरिया' आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब स्क्रीन से निकलकर शरीर ले रही है। पिछले साल CES 2025 में 'आरिया' (Aria) नाम की ह्युमनॉइड रोबोट दिखाई दी थी, जो एमिली से ज्यादा एडवांस थी। उसकी कंपनी 'रियलपोटिक्स' अब ऐसे रोबोट बना रही है जिनका इस्तेमाल केवल पर्सनल लाइफ में ही नहीं, बल्कि हेल्थकेयर और कॉर्पोरेट सर्विसेज में भी किया जा सके। एमिली का आना यह दिखाता है कि भविष्य में इंसान और रोबोट के बीच का फर्क और कम होने वाला है।

दैनिक भास्कर 9 Jan 2026 5:00 am

पोको M8 स्मार्टफोन भारत में लॉन्च, शुरुआती कीमत ₹15,999:50MP कैमरा के साथ स्नैपड्रैगन 6 जेन 3 प्रोसेसर, 120Hz कर्व्ड डिस्प्ले

टेक कंपनी शाओमी की सब ब्रांड पोको ने आज (8 जनवरी) भारत में अपनी 'M' सीरीज के नए स्मार्टफोन 'पोको M8' को लॉन्च कर दिया है। 5G स्मार्टफोन को 50 मेगापिक्सल का मेन कैमरा, स्नैपड्रैगन 6 जेन 3 प्रोसेसर और कर्व्ड OLED डिस्प्ले के साथ मार्केट में उतारा गया है। पोको M8 को 3 स्टोरेज ऑप्शन के साथ लॉन्च किया गया है। इसके कीमत 21,999 रुपए से शुरू होती है। इसकी सेल 13 जनवरी दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। लॉन्च ऑफर के तहत क्रेडिट पर 2,000 रुपए का इंस्टेंट डिस्काउंट या 6 महीने तक का नो-कॉस्ट EMI ऑप्शन मिलेगा। इसके अलावा, इंट्रोडक्टरी ऑफर के तौर पर बेस वैरियंट को 15,999 रुपए की कीमत पर सिर्फ 12 घंटे के लिए अवेलेबल कराया जाएगा। यह ऑफर सिर्फ 13 जनवरी को दोपहर 12 बजे से शुरू होगा और अगले 12 घंटे तक लागू रहेगा। भारत में ये नथिंग फोन (3a) लाइट, रियलमी 15T, इन्फिनिक्स GT 30 और वीवो Y400 प्रो जैसे स्मार्टफोन को टक्कर देगा। डिजाइन: 3D कर्व्ड बॉडी के साथ 7.35mm मोटाई पोको M8 के डिजाइन में प्रीमियम लुक देने की कोशिश की गई है। फोन सिर्फ 7.35mm पतला है, इसका वजन 178 ग्राम है और इसमें 3D कर्व्ड बॉडी डिजाइन मिलता है, जो इसे हाथ में पकड़ने पर एक फ्लैगशिप फोन जैसा फील देगी। फोन के फ्रंट में बेहद पतले बेजल्स और सेंटर पंच-होल सेल्फी कैमरा दिया गया है। इसमें हाई रिफ्रेश रेट वाला पैनल मिलेगा, जिससे स्क्रॉलिंग और एनिमेशन स्मूथ मिलते हैं। बैक पैनल पर टेक्स्चर फिनिश और एक बड़ा कैमरा मॉड्यूल है। पोको M8 स्मार्टफोन: स्पेसिफिकेशन्स डिस्प्ले: फोन में 6.77 इंच की बड़ी और किनारों से मुड़ी हुई (3D कर्व्ड) एमोलेड स्क्रीन दी गई है। इसकी ब्राइटनेस 3200 निट्स है, जिसका मतलब है कि तेज धूप में भी आपको स्क्रीन साफ नजर आएगी। इसमें 120Hz रिफ्रेश रेट दिया गया है, यानी डिस्प्ले काफी स्मूथ है। खास तकनीक (TV सर्टिफिकेशन) की वजह से लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करने पर भी आंखों में थकान कम होगी। परफॉर्मेंस: पोको M8 में स्नैपड्रैगन 6 जेन 3 प्रोसेसर लगा है, जो पिछले मॉडल के मुकाबले 83% ज्यादा फास्ट है। इसमें 16GB तक रैम (8GB फिजिकल और 8GB वर्चुअल) का सपोर्ट मिलता है, जिससे भारी एप्स और गेम्स बिना अटके चलते हैं। फोटो-वीडियो रखने के लिए 256GB तक का स्टोरेज है, जिसे SD कार्ड की मदद से 1TB तक बढ़ाया जा सकता है। सॉफ्टवेयर: फोन लेटेस्ट एंड्रॉइड 15 और शाओमी के नए हाइपर OS 2 पर चलता है। इसमें गूगल जेमिनी और 'सर्कल टू सर्च' जैसे स्मार्ट AI फीचर्स मिलेंगे। कंपनी का कहना है कि फोन को 4 बड़े एंड्रॉइड अपडेट और 6 साल तक सिक्योरिटी अपडेट्स मिलते रहेंगे। कैमरा: फोटोग्राफी के लिए रियर में 50 मेगापिक्सल मेन कैमरा है, जो 4K वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है। इसमें खराब फोटो को ठीक करने के लिए AI मैजिक इरेजर और स्काय रिप्लेसमेंट जैसे फीचर्स दिए गए हैं। सेल्फी के लिए सामने की तरफ 20 मेगापिक्सल का कैमरा है, जो धुंधली फोटो को भी AI की मदद से साफ कर देता है। बैटरी: पावरबैकअप के लिए फोन में 5520mAh की बैटरी है। कंपनी का दावा है कि एक बार फुल चार्ज करने पर आप 19 घंटे तक लगातार यू-ट्यूब देख सकते हैं या 9 घंटे तक गेम खेल सकते हैं। आम इस्तेमाल में यह 1.6 दिन तक चल जाती है। इसकी बैटरी लाइफ 5 साल तक बेहतर बनी रहेगी। चार्जिंग: फोन को चार्ज करने के लिए 45W का फास्ट चार्जर मिलता है, जो फोन को सिर्फ 28 मिनट में 1% से 50% तक चार्ज कर देता है। फोन में रिवर्स चार्जिंग तकनीक भी दी गई है, यानी आप इससे दूसरे छोटे गैजेट्स (जैसे ईयरबड्स) भी चार्ज कर सकते हैं। मजबूती और साउंड: मजबूती के लिए इसे IP66 रेटिंग मिली है, यानी इस पर धूल और पानी की बौछारों का असर नहीं होगा। अगर स्क्रीन पर पानी की बूंदें हैं, तब भी टच काम करेगा। इसमें डॉल्बी एटमॉस के साथ दो स्पीकर दिए गए हैं, जो बहुत तेज और साफ आवाज देते हैं।

दैनिक भास्कर 8 Jan 2026 9:48 pm

चैटजीपीटी अब मेडिकल रिपोर्ट भी समझाएगा:ओपन-AI ने 'चेटजीपीटी हेल्थ' फीचर लॉन्च किया, एपल हेल्थ और फिटनेस एप्स कनेक्ट कर सकेंगे

सैम ऑल्टमैन की कंपनी ओपन-एआई ने हेल्थ से जुड़ी जानकारी के लिए एक नया फीचर 'चेटजीपीटी हेल्थ' लॉन्च किया है। यह फीचर यूजर्स को उनके मेडिकल रिकॉर्ड्स और फिटनेस एप्स जैसे एपल हेल्थ और माय-फिटनेस-पाल को चैटजीपीटी से जोड़ने की सुविधा देता है। कंपनी का दावा है कि इसकी मदद से लोग अपनी बीमारियों, लैब टेस्ट रिपोर्ट्स और फिटनेस रूटीन को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे। फिलहाल इस फीचर के लिए वेटलिस्ट शुरू की गई है। हर हफ्ते 23 करोड़ लोग पूछते हैं सेहत से जुड़े सवाल ओपन-एआई ने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया कि हर हफ्ते दुनियाभर के करीब 23 करोड़ लोग चैटजीपीटी से स्वास्थ्य और वेलनेस से जुड़े सवाल पूछते हैं। इसी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए कंपनी ने डॉक्टरों के साथ मिलकर 'चैटजीपीटी हेल्थ' को डिजाइन किया है। इसका मकसद लोगों को उनकी सेहत के प्रति ज्यादा जागरूक बनाना और डॉक्टर के साथ अपॉइंटमेंट से पहले उन्हें बेहतर तरीके से तैयार करना है। मेडिकल रिकॉर्ड्स और फिटनेस एप्स से मिलेगा सटीक जवाब चैटजीपीटी हेल्थ की सबसे बड़ी खासियत इसका इंटीग्रेशन है। यूजर्स अपने मेडिकल डेटा और वेलनेस ऐप्स को इससे सुरक्षित तरीके से कनेक्ट कर सकेंगे। डेटा सुरक्षा पर जोर: AI मॉडल की ट्रेनिंग में इस्तेमाल नहीं होगा डेटा मेडिकल डेटा की संवेदनशीलता को देखते हुए ओपन-एआई ने सेफ्टी के कड़े इंतजाम किए हैं। कंपनी का कहना है कि: कैसे कर सकेंगे इस्तेमाल और कहां उपलब्ध है यह सेवा? चैटजीपीटी हेल्थ का इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को अभी वेटलिस्ट के लिए साइन-अप करना होगा। एक्सेस मिलने के बाद यह चैटजीपीटी के साइडबार में 'हेल्थ' नाम से दिखेगा। मेडिकल रिकॉर्ड्स जोड़ने की सुविधा अभी सिर्फ अमेरिका के यूजर्स के लिए शुरू की गई है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इसमें 'कस्टम निर्देश' देने की भी सुविधा है, ताकि चैटजीपीटी को पता रहे कि उसे किन बातों पर ध्यान देना है और क्या नहीं बोलना है। 2015 में शुरू हुई थी ओपन AI ओपनएआई (Open AI) एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेवलप करने वाली कंपनी है। इसकी स्थापना 2015 में इलॉन मस्क, सैम ऑल्टमैन और उनके कुछ दोस्तों ने मिलकर की थी। यह AI टेक्नोलॉजी विशेष रूप से जेनेरेटिव AI और लार्ज लैंग्वेज मॉडल (जैसे चैट GPT) के डेवलपमेंट के लिए जाना जाता है। कंपनी का मिशन सेफ और ह्यूमन सेंट्रिक AI डेवलप करना है। कंपनी सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया में स्थित है।

दैनिक भास्कर 8 Jan 2026 7:44 pm

टाटा हैरियर और सफारी का पेट्रोल वर्जन लॉन्च:1.5-लीटर TGDI टर्बो-पेट्रोल इंजन के साथ एडवांस सेफ्टी फीचर्स, शुरुआती कीमत ₹12.89 लाख

टाटा मोटर्स ने आज (7 जनवरी) अपनी पॉपुलर फुल साइज SUV टाटा हैरियर और सफारी का पेट्रोल वर्जन लॉन्च कर दिया है। कंपनी दोनों कारों को नए 1.5-लीटर का TGDI टर्बो-पेट्रोल इंजन के साथ पेश किया है। कंपनी ने ये इंजन पहली बार ऑटो एक्सपो 2023 में शोकेस किया था। ये इंजन 25 नवंबर को लॉन्च हुई नई SUV टाटा सिएरा में दिया गया है। इसके अलावा, टाटा ने दोनों कारों में कुछ बदलाव भी किए हैं और नए फीचर्स भी जोड़े हैं। टाटा ने हैरियर पेट्रोल की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 12.89 लाख रुपए और सफारी पेट्रोल की एक्स-शोरूम कीमत 13.29 लाख रुपए है। टाटा सफारी का मुकाबला MG हेक्टर प्लस, महिंद्रा XUV700 और हुंडई अल्कजार से है। वहीं टाटा हैरियर की टक्कर MG हेक्टर और जीप कंपास से है। परफॉर्मेंस : पेट्रोल इंजन के साथ 25.9kmpl का माइलेज टाटा सफारी और टाटा हैरियर में फिलहाल 2.0-लीटर का 4-सिलेंडर डीजल इंजन मिलता है, जो 170PS की मैक्सिमम पावर और 350Nm का पीक टॉर्क जनरेट करता है। इंजन को 6-स्पीड मैनुअल और ऑटोमेटिक गियरबॉक्स के साथ ट्यून किया गया है। हैरियर इस इंजन के साथ मैनुअल ट्रांसमिशन में 16.80kmpl और ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन में 14.60kmpl का माइलेज देती है। वहीं, सफारी में मैनुअल ट्रांसमिशन के साथ 16.30kmpl और ऑटोमेटिक गियरबॉक्स के साथ 14.50kmpl का क्लेम्ड माइलेज मिलता है। अब दोनों कार में 1.5-लीटर का T-GDi टर्बो पेट्रोल इंजन भी मिलेगा, जो 170PS की पावर और 280Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इस इंजन के साथ दोनों कारों में 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन का ऑप्शन दिया गया है। फ्यूल एफिशिएंसी की बात करें तो कंपनी ने हैरियर में 25.9kmpl और सफारी 25kmpl के माइलेज का दावा किया है। हैरियर और सफारी के पेट्रोल वैरिएंट 216 किलोमीटर प्रति घंटा की टॉप स्पीड हासिल कर सकते हैं। एक्सटीरियर : हैरियर में नया नाइट्रो क्रिमसन रेड कलर ऑप्शन मिलेगा कंपनी ने दोनों SUV के डिजाइन और स्टाइल में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। हैरियर में कुछ ऐसे छोटे-मोटे बदलाव किए हैं जो इसे और भी आकर्षक बनाते हैं। इसमें नया नाइट्रो क्रिमसन रेड कलर जोड़ा है, जो स्पोर्टी लुक देता है। साथ ही अब रेड डार्क एडिशन फिर से अवेलेबल है, जो SUV को स्टैंडर्ड वर्जन से भी ज्यादा कूल लुक देता है। रेड डार्क सिर्फ टॉप-स्पेक वैरिएंट में ही अवेलेबल है, जो सिर्फ पेट्रोल इंजन के साथ आते हैं। स्टेल्थ और डार्क एडिशन डीजल इंजन के साथ भी अवेलेबल हैं। सेफ्टी के लिए लेवल-2 ADAS फीचर्स दोनों कार में सेफ्टी के लिए 360 कैमरा के साथ लेवल-2 ADAS फीचर्स मिलते हैं। इनमें लेन कीप असिस्ट, एडेप्टिव स्टीयरिंग असिस्ट, एडॉप्टिव क्रूज कंट्रोल, ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग, फॉरवर्ड कॉलिजन वॉर्निंग और हाई बीम असिस्ट जैसे फीचर्स शामिल हैं।

दैनिक भास्कर 7 Jan 2026 10:50 pm

X ने अश्लील AI कंटेंट पर सरकार को जवाब सौंपा:आईटी मंत्रालय जांच कर रहा, महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें क्रिएट कर शेयर करने का आरोप

दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क के AI चैटबॉट ग्रोक (Grok) के जरिए महिलाओं और बच्चों की अश्लील तस्वीरें बनाने के मामले में भारत सरकार को अपना जवाब सौंप दिया है। आईटी मंत्रालय ने 2 दिसंबर को मस्क की कंपनी को बुधवार शाम 5 बजे तक का समय दिया था। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कंपनी ने एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल कर दी है, जिसकी मंत्रालय जांच कर रहा है। सरकार ने चेतावनी दी थी कि अगर AI टूल्स के गलत इस्तेमाल पर कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो X को भारतीय कानूनों के तहत मिल रही कानूनी सुरक्षा खत्म कर दी जाएगी। दरअसल, शिवसेना (UBT) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने शुक्रवार को AI चैटबोट Grok के गलत इस्तेमाल पर चिंता जताई थी। उन्होंने आईटी मिनिस्टर को लेटर लिखा था। इसमें कहा था कि कुछ लोग AI की मदद से महिलाओं की असली तस्वीरों को आपत्तिजनक रूप में बदल रहे हैं, जो बेहद गंभीर मामला है। पहले इस पूरे मामले को समझिए कुछ यूजर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर फर्जी अकाउंट बनाते हैं। इन अकाउंट्स से वे महिलाओं की तस्वीरें पोस्ट करते हैं। इसके बाद Grok AI को प्रॉम्प्ट दिया जाता है कि महिलाओं की फोटो को गलत और आपत्तिजनक रूप में दिखाया जाए। AI से कपड़े बदलने या तस्वीर को सेक्शुअल अंदाज में पेश करने जैसी प्रॉम्प्ट दिए जाते हैं। इन तस्वीरों के लिए महिलाओं से कोई अनुमति नहीं ली जाती। कई बार वे महिलाएं खुद भी नहीं जानतीं कि उनकी तस्वीरों का ऐसा इस्तेमाल हो रहा है। आरोप है कि Grok इस तरह की गलत मांगों को रोकने के बजाय उन्हें स्वीकार कर लेता है। सरकार ने आदेश में क्या कहा मंत्रालय का कहना है कि X ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और आईटी नियम 2021 के तहत तय कानूनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं किया। अगर नियमों का पालन नहीं हुआ, तो X, उसके जिम्मेदार अधिकारियों और ऐसे कंटेंट फैलाने वाले यूजर्स के खिलाफ आईटी एक्ट, आईटी रूल्स और अन्य लागू कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है। प्रियंका चतुर्वेदी ने लेटर में लिखा- आदेश न मानने पर कानूनी सुरक्षा खत्म होने का खतरा आईटी एक्ट के अनुसार, अगर X पर कोई अश्लील, आपत्तिजनक, महिला विरोधी या गैरकानूनी कंटेंट डाला जाता है, तो प्लेटफॉर्म को इसकी जानकारी मिलते ही उसे तुरंत हटाना होता है। अगर केंद्र सरकार या कोर्ट X को कोई कंटेंट हटाने या अकाउंट ब्लॉक करने को कहती है, तो उसे मानना कानूनी रूप से जरूरी है। अगर X आदेश नहीं मानता तो X को जो कानूनी सुरक्षा मिलती है, वह छीन ली जा सकती है। इसके बाद X यूजर्स को ही गैरकानूनी कंटेंट के लिए जिम्मेदार माना जाएगा। वहीं कंपनी पर क्रिमिनल केस, जुर्माना, जिम्मेदार अधिकारियों पर FIR जांच एजेंसियों द्वारा पूछताछ हो सकती है। सरकार IT Act की धारा 69A के तहत X के किसी खास अकाउंट किसी कंटेंट या पूरे प्लेटफॉर्म के कुछ फीचर्स भारत में ब्लॉक कर सकती है। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें... सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट को लेकर केंद्र की चेतावनी, कहा- कंपनियां ऐसे कंटेंट पर रोक लगाएं, नहीं तो केस होगा केंद्र सरकार ने 30 दिसंबर को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अश्लील कंटेंट को लेकर चेतावनी जारी की थी। इसमें कहा गया है कि कंपनियां अश्लील, भद्दे, पोर्नोग्राफिक, बच्चों से जुड़े यौन शोषण वाले और गैर-कानूनी कंटेंट पर तुरंत रोक लगाएं। यदि कंपनियां ऐक्शन नहीं लेंगी तो उन पर केस चलेगा। पूरी खबर पढ़ें...

दैनिक भास्कर 7 Jan 2026 9:51 pm

CES2026 में दिखे लाइफ चेंजिंग रोबोट्स:50KG वजन उठाने वाला रोबोट फेक्ट्री में काम करेगा, दुनिया का पहला सेल्फ-ड्राइविंग ई-स्कूटर भी लॉन्च

दुनिया के सबसे बड़े टेक इवेंट CES 2026 में इस बार 'AI रोबोटिक्स' का दबदबा रहा। हुंडई मोटर ग्रुप ने बोस्टन डायनेमिक्स के साथ मिलकर अपने सबसे एडवांस ह्युमनॉइड (इंसान जैसे) रोबोट एटलस को पेश किया। यह रोबोट केवल एक मशीन नहीं, बल्कि भविष्य में फैक्ट्रियों में इंसानों के साथ काम करने वाला 'को-वर्कर' बनेगा। इसके अलावा घर में काम करने वाला रोबोट, इवेंट में सीढ़ियां चढ़ने वाले वैक्यूम क्लीनर, खुद चलने वाले स्कूटर और घास काटने वाले स्मार्ट रोबोट्स ने भी सबका ध्यान खींचा। आइए CES 2026 के टॉप रोबोट्स के बारे में जानते हैं... हुंडई एटलस: फैक्ट्रियों में इंसानों का हाथ बंटाएगा ह्युमनॉइड रोबोट हुंडई ने 'पार्टनरिंग ह्यूमन प्रोग्रेस' विजन के तहत एटलस रोबोट को पेश किया। यह रोबोट 56 रोटेशनल जॉइंट्स के साथ बनाया गया है, जो इसे इंसानों की तरह ही लचीला है। इसके हाथों में 'टैक्टाइल सेंसिंग' (स्पर्श महसूस करने की क्षमता) है, जिससे यह भारी के साथ-साथ नाजुक पुर्जों को भी आसानी से पकड़ सकता है। यह 50 किलो तक वजन उठा सकता है और -20C से 40C के तापमान में काम करने में सक्षम है। हुंडई इसे 2028 तक अपने अमेरिका स्थित 'मेटाप्लांट' में तैनात करेगी। LG CLOiD होम रोबोट: घर के काम करने वाला हाउसकीपर LG का CLOiD होम रोबोट शायद अब तक का सबसे एडवांस रोबोट हाउसकीपर है। मौजूदा रोबोट्स के उलट, जो केवल झाड़ू या पोछा कर सकते हैं, CLOiD एक साथ कई कामों में माहिर है। यह कपड़े फोल्ड कर सकता है, किचन में खाना बनाने में मदद कर सकता है। इसके अलावा यह डिशवॉशर से बर्तन बाहर निकालकर उन्हें सही जगह जमा सकता है। कंपनी का कहना है कि यह रोबोट पूरी तरह AI पर निर्भर है, जिससे यह घर के जटिल रास्तों को समझता है और रटे-रटाए आदेशों के बजाय स्थिति के अनुसार खुद को ढाल लेता है। रोबोकॉक सारोस रोवर: अब सीढ़ियां भी साफ करेगा वैक्यूम क्लीनर रोबोट वैक्यूम क्लीनर के लिए अब तक सीढ़ियां सबसे बड़ी रुकावट थीं, लेकिन रोबोकॉक ने इसका समाधान निकाल लिया है। 'सारोस रोवर' में पक्षियों की तरह दो पैर लगे हैं, जिनके सहारे यह 30-40 सेकंड में 5 बड़ी सीढ़ियां चढ़ सकता है। इसकी बड़ी खूबी यह है कि यह सीढ़ियां चढ़ते-चढ़ते उन्हें साफ भी करता है। यह बाधाओं के ऊपर से कूदने और ढलान पर चलने में भी माहिर है। स्ट्रट Ev1: दुनिया का पहला 'सेल्फ-ड्राइविंग' स्कूटर स्मार्ट कार के बाद अब खुद चलने वाले स्कूटर की बारी है। स्ट्रट (Strutt) कंपनी ने Ev1 नाम का स्कूटर लॉन्च किया है जो पूरी तरह ऑटोनॉमस है। इसे वॉयस कमांड देकर बताया जा सकता है कि सोफे के पास ले चलो या किचन मार्क करो, और यह अपने आप वहां पहुंच जाएगा। इसमें लिडार सेंसर और 2 कैमरे लगे हैं, जिससे यह सामने किसी के आने पर अपने आप रुक जाता है। इसकी अर्ली-बर्ड कीमत करीब ₹4.40 लाख है। बीटबॉट एक्वासेंस X: खुद कचरा खाली करने वाला पूल क्लीनर स्विमिंग पूल साफ करने वाले रोबोट्स में अब तक कचरा निकालने का काम इंसान को ही करना पड़ता था, लेकिन बीटबॉट ने इसे ऑटोमैटिक बना दिया है। 'एक्वासेंस X' सफाई के बाद अपने डॉक पर लौटता है और खुद ही कचरा खाली कर फिल्टर को धो लेता है। यूजर को बस दो महीने में एक बार इसका डिस्पोजेबल डस्ट बैग बदलना होगा। इसकी कीमत $4,250 (करीब ₹3.50 लाख) है। इकोवैक्स लिलमाइलो: पालतू जानवर की कमी पूरी करेगा AI डॉग जिन लोगों के पास असली कुत्ता पालने का समय नहीं है, उनके लिए इकोवैक्स ने 'लिलमाइलो' पेश किया है। यह एक छोटा और सॉफ्ट रोबोटिक कुत्ता है। इसमें एडवांस बायोमेट्रिक्स और AI लगे हैं, जिससे यह अपने मालिक की आवाज और आदतों को पहचानता है। यह न केवल घर में आपके पीछे घूमता है, बल्कि समय के साथ अपनी एक अलग पर्सनैलिटी भी विकसित कर लेता है। सेगवे नैविमो H2: 1 सेमी की बाधा भी पहचान लेगा घास काटने वाला रोबोट सेगवे ने 'नैविमो H2' सीरीज के स्मार्ट लॉन मोवर पेश किए हैं। इनमें 'EFLS LiDAR+' तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो घने पेड़ों के नीचे या रात के अंधेरे में भी सटीक मैपिंग करती है। यह 1 सेंटीमीटर जितनी छोटी बाधा को भी पहचान कर रास्ता बदल लेता है और 45% तक की खड़ी ढलानों पर आसानी से घास काट सकता है।

दैनिक भास्कर 7 Jan 2026 9:21 pm

बिना फिंगरप्रिंट और चाबी के खुलेगा घर का दरवाजा:LG लाया कपड़े सुखाने और बर्तन जमाने वाला रोबोट, बिना हाथ लगाए खुलेगा फ्रिज

दुनिया के सबसे बड़े टेक इवेंट CES 2026 में इस बार 'स्मार्ट होम' तकनीक ने सबका ध्यान खींचा है। कंपनियां ऐसे गैजेट्स लेकर आई हैं, जो न सिर्फ आपकी बात सुनते हैं, बल्कि घर के काम भी कम करते हैं। इस साल का मुख्य आकर्षण LG का घरेलू रोबोट और सैमसंग का 130-इंच का विशाल टीवी है। टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 वह साल होगा, जब रोबोटिक हेल्पर्स और AI बेस्ड मशीनें हमारे घरों का हिस्सा बनना शुरू होंगी। इवेंट में ऐसे स्मार्ट लॉक्स भी पेश किए गए हैं, जो आपकी हथेली की नसों को पहचानकर दरवाजा खोल देते हैं। आइए सभी गेजेट्स को डिटेल में जानते हैं... LG CLOiD होम रोबोट: घर के काम करने वाला हाउसकीपर LG का CLOiD होम रोबोट शायद अब तक का सबसे एडवांस रोबोट हाउसकीपर है। मौजूदा रोबोट्स के उलट, जो केवल झाड़ू या पोछा कर सकते हैं, CLOiD एक साथ कई कामों में माहिर है। यह कपड़े फोल्ड कर सकता है, किचन में खाना बनाने में मदद कर सकता है। इसके अलावा यह डिशवॉशर से बर्तन बाहर निकालकर उन्हें सही जगह जमा सकता है। कंपनी का कहना है कि यह रोबोट पूरी तरह AI पर निर्भर है, जिससे यह घर के जटिल रास्तों को समझता है और रटे-रटाए आदेशों के बजाय स्थिति के अनुसार खुद को ढाल लेता है। अल्ट्रालॉक बोल्ट सेंस: हथेली की नसें पहचानकर खुलेगा घर का ताला होम सिक्योरिटी सेगमेंट में 'एक्स थिक्ंस' ने 'अल्ट्रालॉक बोल्ट सेंस (अल्ट्रा लॉक बोल्ट सीन) पेश किया है। इसमें फिंगरप्रिंट की जगह फेशियल रिकॉग्निशन और हथेली की नसों को स्कैन करने वाली तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। पाम वेन स्कैनिंग फिंगरप्रिंट से ज्यादा सुरक्षित है, क्योंकि यह त्वचा के नीचे नसों के पैटर्न को पढ़ती है। यह तकनीक नियर-इंफ्रारेड लाइट का इस्तेमाल करती है, इसलिए यह अंधेरे में भी काम करती है और हाथ गीले या गंदे होने पर भी ताला तुरंत खोल देती है। सैमसंग फैमिली हब फ्रिज: बोलकर खोल सकेंगे दरवाजा स्मार्ट फ्रिज अब पहले से ज्यादा समझदार हो गए हैं। सैमसंग ने अपने फैमिली हब रेफ्रिजरेटर के लिए एक नया 'हैंड्स-फ्री' अपडेट जारी किया है। अब यूजर्स बिक्सबी के जरिए वॉयस कमांड देकर फ्रिज का दरवाजा खोल या बंद कर सकेंगे। दरवाजा खोलो या फ्रिज बंद करो जैसे छोटे कमांड अब काम करेंगे। यह फीचर तब बहुत काम आएगा जब आपके हाथ ग्रोसरी के सामान या बर्तनों से भरे हों। यह वॉयस कंट्रोल को एक नई सहूलियत दे रहा है। ड्रीम का लैंप वाला हेयर ड्रायर: ₹58,000 की कीमत और अनोखा डिजाइन ड्रीम कंपनी ने एक ऐसा प्रोडक्ट पेश किया है जो ब्यूटी टेक और घर की सजावट के बीच के अंतर को खत्म कर देता है। इसका नया हेयर ड्रायर $700 (करीब ₹58,000) का है और यह फर्श पर रखे एक स्टाइलिश लैंप जैसा दिखता है। इसमें LED लाइटिंग भी दी गई है, जिससे यह लैंप का काम भी करता है। इसका मकसद 'हैंड्स-फ्री' हेयर ड्राइंग है; यानी आप सोफे पर बैठकर मोबाइल चलाते हुए अपने बाल सुखा सकते हैं। कंपनी इसे साल के अंत तक लॉन्च करने की तैयारी में है। वेक्स: पालतू जानवरों के लिए आपका पर्सनल रोबोट कैमरामैन पेट टेक की दुनिया में 'वेक्स' नाम का एक छोटा रोबोट पेश किया गया है। यह एक छोटा रोबोटिक साथी है, जिसे आपके पालतू जानवर के पीछे घूमने और उनकी हरकतों को फिल्म करने के लिए बनाया गया है। साधारण पालतू कैमरों के उलट, वेक्स सक्रिय रूप से चलता-फिरता है और AI का इस्तेमाल कर आपके जानवर के पूरे दिन के खास पलों का एक 'हाइलाइट वीडियो' तैयार कर देता है। यह देखने में काफी छोटा और कलरफुल है ताकि पालतू जानवर इससे डरें नहीं। सैमसंग का 130-इंच माइक्रो RGB टीवी: दीवार पर लगेगा खिड़की जैसा सैमसंग ने दुनिया का पहला 130-इंच का माइक्रो RGB टीवी लॉन्च कर सबको हैरान कर दिया है। इसे कंपनी के 'टाइमलेस फ्रेम' डिजाइन पर तैयार किया गया है, जिससे यह टीवी कम और घर की दीवार पर लगी किसी बड़ी आर्ट गैलरी की खिड़की जैसा ज्यादा लगता है। इसमें सैमसंग का सबसे एडवांस 'AI इंजन प्रो' और HDR10+ एडवांस सपोर्ट मिलता है। यह चकाचौंध को रोकने वाली (glare-free) तकनीक के साथ आता है, जो रोशनी वाले कमरे में भी एकदम असली जैसा पिक्चर क्वालिटी देता है।

दैनिक भास्कर 7 Jan 2026 5:01 pm

Redmi Note 15 5G : सस्ता 5जी स्मार्टफोन, धांसू फीचर्स, कीमत में डिस्काउंट के साथ मिल रही है छूट

Redmi Note 15 5G और Redmi Pad 2 Pro पेश कर दिए हैं। स्मार्टफोन की सबसे बड़ी खूबी सिर्फ नए फीचर्स नहीं, बल्कि इन डिवाइसेज के लिए मिलने वाला लंबा सॉफ्टवेयर सपोर्ट है। स्मार्टफोन के फीचर्स की बात करें तो Redmi Note 15 को जहां 4 बड़े Android अपडेट और 6 ...

वेब दुनिया 7 Jan 2026 3:38 pm

रेडमी नोट 15 स्मार्टफोन सीरीज आज भारत में लॉन्च होगी:108 मेगापिक्सल कैमरा और 5520mAh की बैटरी मिलेगी, रेडमी पैड 2 टैबलेट भी आएगा

टेक कंपनी शाओमी की सब ब्रांड रेडमी आज (6 जनवरी) भारतीय बाजार में दो नए डिवाइस रेडमी नोट 15 स्मार्टफोन और रेडमी पैड 2 टैबलेट लॉन्च करने जा रही है। 5G स्मार्टफोन को 108 मेगापिक्सल कैमरा और 5520mAh बैटरी के साथ लोवर मिड बजट सेगमेंट में उतारा जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रेडमी नोट 15 को 8GB रैम पर लॉन्च किया जाएगा, जिसे दो स्टोरेज ऑप्शन्स में खरीदा जा सकेगा। मोबाइल चीन में पहले ही लॉन्च हो चुका है लेकिन, भारतीय मॉडल चाइनीज मोबाइल से अलग होगा। स्मार्टफोन की कुछ डिटेल्स कंपनी ने शेयर की हैं और कुछ जानकारियां लीक में सामने आई है। लीक के अनुसार, मोबाइल के 128GB स्टोरेज वैरिएंट को 22,999 रुपए हो सकती है। वहीं, 256GB मैमोरी वैरिएंट की कीमत 24,999 रुपए रखी जा सकती है। इसके मौजूदा मॉडल रेडमी नोट 14 के 8GB+128GB वैरिएंट को ₹19,999 और 8GB+256GB वैरिएंट को ₹21,999 में लॉन्च किया गया था। फोन IP66 रेटिंग के साथ लाया जाएगा। इससे यह हल्की-फुल्की पानी की बौछारों से सुरक्षित रहेगा। स्मार्टफोन की थिकनेस 7.35mm बताई गई है जो इसे स्लीक लुक देगी। रेडमी नोट 15 स्मार्टफोन: स्पेसिफिकेशन्स कैमरा: फोटोग्राफी के लिए रेडमी नोट 15 के बैक पैनल पर LED फ्लैश लाइट के साथ डुअल कैमरा सेटअप मिलेगा। इसमें हाई रेजोल्यूशन वाला 108 मेगापिक्सल का मेन सेंसर दिया गया है, जो ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइजेशन (OIS) के साथ 4K वीडियो रिकॉर्ड कर सकता है। इसमें यूजर्स को मल्टीफोकल पोर्टरेट और डायनामिक शॉट्स भी मिलेंगे। अभी सेकेंडरी सेंसर की जानकारी नहीं आई है, लेकिन यह 8 मेगापिक्सल अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस हो सकता है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 20 मेगापिक्सल फ्रंट कैमरा दिया जा सकता है। परफॉर्मेंस: रेडमी नोट 15 में परफॉर्मेंस के लिए क्वालकॉम के स्नैपड्रेगन 6 जेन 3 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर दिया जाएगा। यह 4नैनोमीटर प्रोसेस पर बना मोबाइल चिपसेट है जो 2.4GHz तक की क्लॉक स्पीड पर रन करने की क्षमता है।यह पिछली जेरनेशन की तुलना में 10% GPU और 30% CPU परफॉर्मेंस बूस्ट कर सकता है। कंपनी स्मार्टफोन के साथ 48 महीने की लैग-फ्री परफॉर्मेंस देने का दावा कर रही है। भारत में ये फोन शाओमी हाइपर OS 2 पर काम करेगा। स्क्रीन: फोन में 2392 x 1080 पिक्सल रेजोल्यूशन वाली 6.77-इंच की फुल HD+ स्क्रीन दी जाएगी। यह कर्व्ड एमोलेड पैनल पर बनी पंच-होल स्टाइल वाली डिस्प्ले होगी। यह 120Hz रिफ्रेश रेट पर काम करती है और इसकी पीक ब्राइटनेस 3200 निट्स है। मोबाइल हाइड्रो टच 2.0 फीचर से लैस होगा, जिससे गीले हाथों से भी फोन का टच बिना रूकावट इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसमें इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर तकनीक भी मिलेगी। ​रेडमी ने स्क्रीन को TUV ट्रिपल आई केयर सर्टिफाइड बताया है, जो लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद भी आंखों को नुकसान पहुंचने से रोकेगी। बैटरी: पावरबैकअप के लिए मोबाइल में 5520mAh की बैटरी दी जाएगी। कंपनी इसे 5 साल की बैटरी हेल्थ के साथ लेकर आ रही है। रेडमी का दावा है कि फुल चार्ज के बाद मोबाइल 1.6 दिन तक काम कर सकता है। चार्ज करने के लिए इसमें 45W फास्ट चार्जिंग तकनीक मिलेगी। रेडमी पैड 2 प्रो टैबलेट रेडमी ने जून-2025 में 8GB रैम, 9000mAh बैटरी और 11 इंच टच स्क्रीन के साथ रेडमी पैड 2 लॉन्च किया था। अब कंपनी इसका अपग्रेडेट वर्जन ला रही है। कंपनी टैबलेट के साथ रेडमी स्मार्ट पेन और रेडमी पैड 2 प्रो कीबोर्ड भी साथ लाएगी। उम्मीद है कि रेडमी पैड 2 प्रो की कीमत 20 से 25 हजार रुपए के बीच रखी जा सकती है। कंपनी रेडमी पैड 2 प्रो 5G के साथ इसे वाईफाई ऑप्शन में भी ला सकती है। रेडमी पैड 2 प्रो टैबलेट: स्पेसिफिकेशंस डिस्प्ले: इसमें 12.1-इंच की स्क्रीन दी जाएगी। कंपनी इसे दुनिया का सबसे बड़ी स्क्रीन वाला टैबलेट बता रही है। ब्रांड ने बताया है कि यह टैबलेट QHD+ रेजोल्यूशन वाली डिस्प्ले पर लॉन्च होगा, जिसपर 120Hz रिफ्रेश रेट का सपोर्ट दिया जाएगा। यह डॉल्बी विजन डिस्प्ले बताई गई है। परफॉर्मेंस: रेडमी पैड 2 प्रो को ग्लोबल मार्केट में पेश किया जा चुका है। इंडिया में डिवाइस को ग्लोबल मॉडल जैसे स्पेसिफिकेशन्स के साथ लाया जाएगा। विदेशी में यह टैब एंड्रॉएड बेस्ड हाइपर OS 2 पर काम करता है। प्रोसेसिंग के लिए इसमें क्वालकॉम का 4नैनोमीटर फेब्रिकेशन्स पर बना स्नैपड्रेगन 7 जेन 4 ऑक्टा-कोर चिपसेट दिया गया है, जो 2.8 गीगाहर्ट्ज तक की क्लॉक स्पीड पर रन कर सकता है। कैमरा: ग्लोबल मार्केट में यह रेडमी का टैबलेट 13 मेगापिक्सल बैक कैमरा सपोर्ट करता है। वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या ऑनलाइन मीटिंग के लिए फ्रंट पैनल पर 8 मेगापिक्सल सेल्फी कैमरा है। दोनों कैमरा से 30fps पर 1080P वीडियो रिकॉर्ड की जा सकती है। वहीं डॉल्बी एटमॉस क्वॉड स्पीकर, वाईफाई 6 और ब्लूटूथ 5.4 जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं। पावरबैकअप: रेडमी पैड 2 प्रो ग्लोबल मॉडल को भी 12000mAh बैटरी पर लाया गया था और यही बैटरी इंडियन मॉडल में भी मिलेगी। चार्ज करने के लिए इसमें 33W फास्ट चार्जिंग तकनीक दी गई है। वहीं साथ ही डिवाइस 27W रिवर्स चार्जिंग टेक्नोलॉजी भी सपोर्ट करती है, जिससे अन्य डिवाइस जैसे मोबाइल फोन, ईयरबड्स या स्मार्टवॉच भी चार्ज किए जा सकते हैं।

दैनिक भास्कर 6 Jan 2026 10:31 am

सिंपल वन जेन-2 स्कूटर लॉन्च, कीमत ₹1.40 लाख से शुरू:फुल चार्ज पर 400km तक चलेगा; ओला, एथर, टीवीएस के स्कूटर्स से मुकाबला

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर स्टार्टअप सिंपल एनर्जी ने अपने स्कूटर सिंपल वन का नया वर्जन 'Gen 2' लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इसे डिजाइन, परफॉर्मेंस और सॉफ्टवेयर के मामले में पहले से काफी बेहतर बनाया है। इस सीरीज में कंपनी ने एक नया 'अल्ट्रा' वेरिएंट भी पेश किया है, जिसे लेकर दावा है कि यह एक बार फुल चार्ज होने पर 400 किलोमीटर (IDC रेंज) तक चलेगा। सिंपल वन Gen 2 की शुरुआती कीमत 1.40 लाख रुपए (एक्स-शोरूम, बेंगलुरु) रखी गई है। कंपनी ने ग्राहकों का भरोसा जीतने के लिए इस स्कूटर के साथ 'लाइफ-टाइम वारंटी' देने का भी एलान किया है। परफॉर्मेंस में सुधार: टॉप स्पीड अब 115kmph नया 'अल्ट्रा' वेरिएंट: एक चार्ज में दिल्ली से जयपुर तक का सफर कंपनी ने अपने 'सिंपल वन अल्ट्रा' वैरिएंट में 6.5kWh की बड़ी बैटरी दी है। इसकी IDC रेंज 400 किलोमीटर है। यह 2.77 सेकेंड में 0-40 किमी की रफ्तार पकड़ता है। हालांकि, कंपनी ने अभी इस टॉप वेरिएंट की कीमतों का खुलासा नहीं किया है। डिजाइन और कंफर्ट: सीट की ऊंचाई 16mm कम हुई कंपनी ने Gen 2 के स्ट्रक्चर में बदलाव किए हैं ताकि राइडिंग स्मूथ रहे। स्मार्ट फीचर्स: सिंपल-OS और नए राइडिंग मोड्स नया स्कूटर 'SimpleOS' पर चलता है, जिसमें कई हाई-टेक फीचर्स जोड़े गए हैं: वेरिएंट्स और उनकी कीमतें (एक्स-शोरूम) कंपनी ने अलग-अलग बजट और जरूरत के हिसाब से तीन मुख्य बैटरी पैक पेश किए हैं: क्या होती है IDC रेंज? अक्सर लोग IDC रेंज और वास्तविक रेंज में कंफ्यूज होते हैं। IDC (इंडियन ड्राइव साइकिल) रेंज लैब की परिस्थितियों में मापी जाती है। सड़कों पर चलाने पर आमतौर पर यह रेंज 15-20% कम हो जाती है। यानी 400km की IDC रेंज वाली अल्ट्रा सड़कों पर करीब 320-330km की रेंज दे सकती है। एक्सपर्ट टिप: अगर आपका रोजाना का सफर 50-60 किमी है, तो 3.7kWh वाला बेस मॉडल काफी है। लेकिन अगर आप बार-बार चार्जिंग के झंझट से बचना चाहते हैं या इंटर-सिटी ट्रेवल (जैसे गुड़गांव से दिल्ली) करते हैं, तो 5kWh या वेरिएंट बेहतर निवेश होगा। ओला, एथर, टीवीएस के स्कूटर्स से मुकाबला सिंपल वन जेन 2 का मुकाबला भारतीय बाजार के उन प्रीमियम इलेक्ट्रिक स्कूटर्स से होगा, जो अपनी रेंज और स्पीड के लिए जाने जाते हैं। इसमें ओला, एथर और टीवीएस शामिल है।

दैनिक भास्कर 5 Jan 2026 9:06 pm

सैमसंग ने पेश किया दुनिया का सबसे बड़ा टीवी:130 इंच के टीवी में 'ग्लेयर फ्री' तकनीक,धुंधली तस्वीरों को साफ बना देगा AI

दुनिया के सबसे बड़े टेक शो 'CES 2026' की शुरुआत से पहले सैमसंग ने लास वेगास में दुनिया का सबसे बड़ा 130 इंच का माइक्रो RGB टीवी पेश किया है। इसका साइज इतना बड़ा है कि इसे संभालने के लिए कंपनी ने एक बड़ा मेटल स्टैंड भी साथ में दिया है। खास बात यह है कि इस स्टैंड की मदद से स्क्रीन को थोड़ा झुकाया भी जा सकता है। यह डिजाइन सैमसंग के 2013 वाले 'टाइमलेस गैलरी' स्टैंड की याद दिलाता है। हालांकि, कंपनी ने साफ किया है कि फिलहाल यह एक 'कॉन्सेप्ट' मॉडल है, यानी इसे अभी बाजार में नहीं उतारा जाएगा। OLED जैसी क्लैरिटी और बेहतर ब्राइटनेस सैमसंग का यह टीवी मिनी एलईडी तकनीक का ही एक एडवांस रूप है। इसमें कलर्स और कंट्रास्ट की सटीकता बहुत ज्यादा है। यह कलर्स को ज्यादा गहरा और नेचुरल दिखाता है। इस टीवी को सीधे दीवार पर भी टांगा जा सकता है, लेकिन इसके खास स्टैंड को भी दीवार पर ही लगाना होगा क्योंकि टीवी का स्पीकर सिस्टम उसी स्टैंड के अंदर लगा है। AI धुंधली तस्वीरों को भी चमकदार बना देगा सैमसंग ने इस टीवी में 'माइक्रो RGB AI इंजन प्रो' प्रोसेसर का इस्तेमाल किया है। इसमें मौजूद 'कलर बूस्टर प्रो' और 'HDR प्रो' तकनीक AI की मदद से फीके रंगों को बेहतर बनाती है। यह अंधेरे और उजाले वाले दृश्यों के बीच बारीक अंतर को साफ दिखाता है। टीवी की स्क्रीन 'ग्लेयर फ्री' भी है। यानी इस पर लाइट का रिफ्लेक्शन (चमक) नहीं पड़ता। सर्च के लिए माइक्रोसॉफ्ट को-पायलट और विजन AI का सपोर्ट इस टीवी में केवल अच्छी पिक्चर ही नहीं, बल्कि ढेर सारे स्मार्ट फीचर्स भी दिए गए हैं। कीमत लाखों में होने का अनुमान अगर यह टीवी बाजार में आता है तो इसकी कीमत काफी ज्यादा होगी। पिछले साल सैमसंग ने 115 इंच का मॉडल पेश किया था, जिसकी कीमत करीब 25 लाख रुपए थी। माइक्रो RGB और माइक्रो LED में अंतर माइक्रो RGB असल में बेहतर मिनी LED है, जबकि माइक्रो LED पूरी तरह से अलग और महंगी तकनीक है जो OLED की तरह खुद रोशनी पैदा करने वाले पिक्सल का इस्तेमाल करती है। माइक्रो RGB उन लोगों के लिए है जिन्हें बहुत बड़ी स्क्रीन और चमक चाहिए। सभी होम अप्लायंसेज में AI को शामिल करेगा सैमसंग इस टीवी के साथ ही सैमसंग ने अपने सभी होम अप्लायंसेज जैसे फ्रिज और वॉशिंग मशीन में AI को शामिल करने का एलान किया है। कंपनी अब केवल स्मार्टफोन तक सीमित न रहकर स्मार्ट होम और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स में भी AI को इंटीग्रेट कर रही है।

दैनिक भास्कर 5 Jan 2026 7:57 pm

बिना आधार सुबह 8 से शाम 4 टिकट बुकिंग नहीं:ट्रेन बुकिंग खुलने के पहले दिन के लिए नियम आज से लागू; 12 जनवरी से सिर्फ रात में बुकिंग

आज यानी, 5 जनवरी से बिना आधार लिंक वाले IRCTC यूजर्स सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक टिकट बुक नहीं कर पाएंगे। ये नियम केवल रिजर्व रेल टिकट बुकिंग खुलने के पहले दिन पर लागू होगा। रिजर्व टिकट की बुकिंग ट्रेन डिपार्चर की तारीख के 60 दिन पहले खुलती है। रेलवे इस नियम को तीन फेज में लागू कर रहा है। पहला फेज 29 दिसंबर से लागू हुआ था। वहीं दूसरे फेज में आज से शुरू हो गया है और तीसरा फेज 12 जनवरी से लागू होगा। फर्जी अकाउंट्स से बुकिंग रोकना इस नियम का मकसद इसका मकसद ओपनिंग डे पर ज्यादा से ज्यादा पैसेंजर्स को ऑनलाइन टिकट बुक करने का मौका देना है और फर्जी अकाउंट्स के जरिए होने वाली बुकिंग को रोकना है। जनरल रिजर्वेशन टिकट बुकिंग के नए नियम सवाल-जवाब में समझें... सवाल 1: यह नियम क्यों लाया गया? जवाब: टिकट दलालों और फर्जी सॉफ्टवेयर पर लगाम लगाने के लिए। इससे ओपनिंग डे पर आम यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने में आसानी होगी। शुरुआती 4 घंटे अब एजेंट्स टिकट बुक नहीं कर पाएंगे। आम यूजर्स के पास बुकिंग का पूरा मौका होगा। सवाल: टिकट बुकिंग के समय आधार कैसे काम करेगा? जवाब: IRCTC अकाउंट को आधार से लिंक करना होगा। बुकिंग के वक्त आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक OTP आएगा, जिसे डालने के बाद ही टिकट कन्फर्म होगा। सवाल: 3 आधार नहीं है तो क्या टिकट बुक नहीं होगा? जवाब: बिना आधार लिंक वाले यूजर्स शुरुआती 4 घंटों (विंडो ओपनिंग) में टिकट बुक नहीं कर पाएंगे। इसके बाद ही उन्हें मौका मिलेगा। फिलहाल कोई दूसरा विकल्प नहीं दिया गया है। सवाल 4: स्टेशन काउंटर से टिकट लेने पर क्या बदलाव होगा? जवाब: काउंटर पर भी OTP जरूरी है। आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना चाहिए। यदि किसी और के लिए टिकट ले रहे हैं, तो उसका आधार और OTP भी जरूरी होगा। सवाल 5: IRCTC पर आधार लिंक कैसे करें? जवाब: IRCTC एप या वेबसाइट पर लॉग-इन करें। 'My Profile' सेक्शन में जाकर 'Aadhaar KYC' विकल्प चुनें और डिटेल्स अपडेट करें। सवाल 6: परेशानी होने पर मदद कहां से मिलेगी? जवाब: बुकिंग या OTP की समस्या के लिए IRCTC हेल्पलाइन (139) पर कॉल करें। आधार संबंधी दिक्कत के लिए UIDAI के नंबर (1947) पर संपर्क करें। आप नजदीकी रेलवे स्टेशन के काउंटर से भी मदद ले सकते हैं। सवाल 7: क्या यह नियम पूरे देश के लिए है? जवाब: हां, यह नियम पूरे भारत के सभी रेलवे जोन में लागू होगा। दिल्ली से मुंबई हो या चेन्नई, हर रूट की ऑनलाइन और काउंटर बुकिंग के लिए आधार ऑथेंटिकेशन अब अनिवार्य है। सवाल 8: रेलवे का 60 दिन का नियम क्या है? जवाब: पहले आप यात्रा से 120 दिन (4 महीने) पहले टिकट बुक कर सकते थे, लेकिन 1 नवंबर 2024 से रेलवे ने इसे घटाकर 60 दिन (2 महीने) कर दिया था। यानी ट्रेन छूटने की तारीख से अधिकतम 60 दिन पहले ही रिजर्वेशन होता है। इसमें यात्रा का दिन शामिल नहीं होता। ------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें... रेलवन एप से जनरल टिकट लेने पर 3% डिस्काउंट: 14 जनवरी से शुरू होगी नई स्कीम; R-वॉलेट यूजर्स को 3% की एक्ट्रा छूट भारतीय रेलवे ने रेलवन (RailOne) एप के जरिए अनरिजर्व्ड (जनरल) टिकट बुक करने पर किराए में 3% का डिस्काउंट देने का ऐलान किया है। रेल मंत्रालय के अनुसार, यह ऑफर 14 जनवरी 2026 से 14 जुलाई 2026 तक यानी 6 महीने के लिए लागू रहेगा। रेलवे ने आज (30 दिसंबर) सेंटर फॉर रेलवे इन्फॉर्मेशन सिस्टम (CRIS) को लेटर भेजकर सॉफ्टवेयर में बदलाव करने को कहा है। खास बात यह है कि यह डिस्काउंट सिर्फ R-वॉलेट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किसी भी डिजिटल पेमेंट मोड (जैसे UPI, क्रेडिट/डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग) से भुगतान करने पर मिलेगा।... पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 5 Jan 2026 5:00 am

रोबोट को भी अब दर्द महसूस होगा:चीन के वैज्ञानिकों ने बनाई इंसानों जैसी ई-स्किन, चोट लगने पर तुरंत हाथ हटाएगा

चीन में वैज्ञानिकों ने एक ऐसी 'इलेक्ट्रॉनिक स्किन' तैयार की है, जो रोबोट को न सिर्फ छूने का एहसास कराएगी, बल्कि उसे दर्द भी महसूस होगा। हॉन्गकॉन्ग की सिटी यूनिवर्सिटी के इंजीनियर युयु गाओ की लीडरशिप में तैयार यह स्किन 'न्यूरोमॉर्फिक' तकनीक पर बेस्ड है, जो बिल्कुल इंसानों के नर्वस सिस्टम की तरह काम करती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि अगर रोबोट को कोई नुकीली या गर्म चीज छुएगी, तो वह इंसान की तरह ही 'रिफ्लेक्स एक्शन' दिखाएगा और तुरंत अपना हाथ पीछे खींच लेगा। इससे रोबोट और उसके संपर्क में आने वाले इंसानों, दोनों की सुरक्षा बढ़ेगी। चार परतों से बनी है स्किन, सिग्नल से पहचानती है दबाव यह आर्टिफिशियल स्किन 4 एक्टिव लेयर से बनी है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, जब कोई इस स्किन को छूता है, तो यह उस स्पर्श को इलेक्ट्रिकल सिग्नल में बदल देती है। ये सिग्नल ठीक वैसे ही होते हैं, जैसे हमारी नसें दिमाग को सिग्नल भेजती हैं। अगर दबाव हल्का है, तो रोबोट उसे सामान्य स्पर्श मानेगा और अपना काम जारी रखेगा, लेकिन जैसे ही दबाव एक तय लिमिट से ज्यादा होगा, रोबोट इसे 'दर्द' के रूप में पहचानेगा और फौरन प्रतिक्रिया करेगा। रिफ्लेक्स सिस्टम: बिना दिमाग की परमिशन के लेगा फैसला इस तकनीक की सबसे खास बात इसका 'रिफ्लेक्स सिस्टम' है। आम तौर पर रोबोट का हर एक्शन उसके सेंट्रल प्रोसेसर (दिमाग) से होकर गुजरता है, जिसमें समय लगता है, लेकिन इस ई-स्किन में एक सीधा रास्ता बनाया गया है। जैसे ही तेज दर्द या हानिकारक चोट महसूस होती है, सिग्नल सीधे रोबोट के मोटर्स को हाई-वोल्टेज पल्स भेजता है। इससे रोबोट का अंग बिना 'दिमाग' के निर्देश का इंतजार किए तुरंत पीछे हट जाता है। यह ठीक वैसा ही है जैसे जलती हुई मोमबत्ती पर हाथ पड़ते ही हमारा हाथ अपने आप पीछे खिंच जाता है। मैग्नेटिक मॉड्यूल: खराब होने पर सेकेंड्स में बदली जाएगी खाल वैज्ञानिकों ने इसे सिर्फ सेंसिटिव (संवेदनशील) ही नहीं, बल्कि टिकाऊ भी बनाया है। यह स्किन छोटे-छोटे मैग्नेटिक मॉड्यूल्स से बनी है, जो बिल्डिंग ब्लॉक्स की तरह आपस में जुड़े होते हैं। इंसानों और रोबोट के बीच बढ़ेगी आत्मीयता रिसर्चर्स का कहना है कि दर्द महसूस होने से रोबोट अब ज्यादा 'इंसानी' व्यवहार करेंगे, जिससे इंसानों के साथ उनका तालमेल और जुड़ाव पहले से बेहतर होगा। जब रोबोट दर्द और स्पर्श को समझ सकेंगे, तो वे इंसानों के साथ ज्यादा संवेदनशीलता से बातचीत और काम कर पाएंगे। यह तकनीक विशेष रूप से उन रोबोट्स के लिए गेम चेंजर साबित होगी जो घरों में बुजुर्गों की देखभाल या अस्पतालों में मरीजों की मदद के लिए तैनात किए जाते हैं।

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 10:13 pm

भारत में बनेगी यामाहा की नई स्पोर्ट्स बाइक R2:फेस्टिव सीजन में लॉन्च होगी; KTM RC 200 और करिज्मा XMR से मुकाबला

यामाहा इंडिया जल्द ही अपनी नई 200cc स्पोर्ट्स बाइक 'यामाहा R2' भारत में लॉन्च करेगी। इसे पूरी तरह भारत में ही डिजाइन और डेवलप किया जा रहा है। कंपनी इसे चेन्नई प्लांट में मैन्युफैक्चर करेगी, जहां से इसे ग्लोबल मार्केट्स में एक्सपोर्ट भी किया जाएगा। R2 को कंपनी के पॉपुलर मॉडल R15 के अगले स्टेप के तौर पर देखा जा रहा है। यह उन राइडर्स के लिए बेस्ट ऑप्शन होगी जो R15 से अपग्रेड करना चाहते हैं, लेकिन डेली यूज के लिए एक किफायती और दमदार बाइक की तलाश में हैं। R15 से ज्यादा पावर, लेकिन माइलेज पर भी रहेगा फोकस यामाहा R2 में 200cc क्षमता वाला लिक्विड-कूल्ड, सिंगल-सिलेंडर इंजन मिल सकता है। R15 बंद नहीं होगी, दोनों बाइक्स साथ बिकेंगी इस बात की चर्चा थी कि R2 आने के बाद R15 को बंद कर दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं होगा। R15, MT-15 और हाल ही में लॉन्च हुई XSR155 कंपनी के लिए 'वॉल्यूम ड्रिवेन' मॉडल हैं। यामाहा अपने सबसे सफल ब्रांड को बंद करने का जोखिम नहीं उठाएगी। फेस्टिव सीजन में लॉन्चिंग, इन बाइक्स से टक्कर कंपनी इस बाइक को 2026 के फेस्टिव सीजन तक शोरूम में उतारने की योजना बना रही है। भारतीय बाजार में इसका सीधा मुकाबला इन बाइक्स से होगा: NMax स्कूटर और 450cc तक की नई बाइक्स पर भी काम यामाहा सिर्फ बाइक ही नहीं, बल्कि स्कूटर सेगमेंट में भी काम कर रही है। एरोक्स 155 के बाद कंपनी अपना प्रैक्टिकल मैक्सी-स्कूटर NMax 155 भी 2026 में भारत ला सकती है। कंपनी 300cc से 450cc की रेंज में नई क्रूजर और एडवेंचर बाइक्स पर काम कर रही है। ऑटो एक्सपो 2025 में दिखाई गई 'लैंडर 250' ड्यूल-स्पोर्ट बाइक को भी लॉन्च किया जा सकता हैं।

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 3:06 pm

महिंद्रा XUV 7XO कल लॉन्च होगी:SUV में 540° व्यू कैमरा, ट्रिपल स्क्रीन और डॉल्बी एटमॉस साउंड सिस्टम; एक्सपेक्टेड प्राइस ₹13.66 लाख

महिंद्रा अपनी पॉपुलर SUV महिंद्रा 700 का फेसलिफ्ट मॉडल XUV 7XO नाम से कल (5 जनवरी) भारतीय बाजार में लॉन्च करने जा रही है। कार को डॉल्बी एटमॉस साउंड सिस्टम, 540 व्यू कैमरा और ट्रिपल स्क्रीन के साथ उतारा जाएगा। कंपनी टीजर में तीनों फीचर की झलक दिखाई चुकी है। महिंद्रा XUV 700 की मौजूदा कीमत 13.66 लाख रुपए से 23.71 लाख रुपए (एक्स-शोरूम पैन-इंडिया) के बीच है। अपकमिंग 2026 महिंद्रा XUV 7XO की कीमत इससे ज्यादा रखी जा सकती है। इसका मुकाबला महिंद्रा स्कॉर्पियो एन, टाटा सफारी, हुंडई अल्कजार और MG हेक्टर प्लस से होगा। डिजाइन: नए डुअल-पॉड LED प्रोजेक्टर हेडलैंप्स नई 2026 महिंद्रा XUV 7XO को टेस्टिंग के दौरान पहले भी कई बार भारतीय सड़कों पर देखा जा चुका है। इस के फ्रंट में अपराइट मल्टी-स्लेट ग्रिल, नए डुअल-पॉड LED प्रोजेक्टर हेडलैंप्स, शार्प एयर डैम और चौड़ी स्किड प्लेट के साथ न्यू डिजाइन बंपर दिया जाएगा। साइड में 18 इंच के नए अलॉय व्हील्स मिल सकते हैं। वहीं, रियर में कनेक्टेड LED टेललाइट और नए डिजाइन का बंपर मिलेगा। इस SUV को नए मोनोटोन और डुअल-टोन एक्सटीरियर कलर ऑप्शन के साथ उतारा जा सकता है। इंटीरियर और फीचर: ट्रिपल-डिस्प्ले सेटअप रियर वेंटिलेटेड सीटें XUV 7XO का इंटीरियर पहले जारी हुए स्पाय शॉट में नजर चुका है। महिंद्रा कार को नई टेक्नोलॉजी अपग्रेड के साथ उतारेगी। इसमें XEV 9e और अपकमिंग XEV 9S की तरह नया ट्रिपल-डिस्प्ले सेटअप दिया जाएगा। केबिन में लाइट कलर थीम के साथ बेज कलर्ड सीटें पहले की तरह मिलेंगी। फेसलिफ्ट XUV 7XO कार में नए ट्रिपल-स्क्रीन लेआउट के अलावा मसाजिंग फ्रंट सीटें, रियर वेंटिलेटेड सीटें (6-सीटर वैरिएंट), अपग्रेडेड 16-स्पीकर हार्मन कार्डन साउंड सिस्टम, मल्टी-कलर एम्बिएंट लाइटिंग और एक अतिरिक्त वायरलेस फोन चार्जर जैसे फीचर दिए जा सकते हैं। कार में स्लाइडिंग मिडल रो सीटें भी मिल सकती है। इसके अलावा पहले की तरह स्टैंडर्ड मॉडल वाले फीचर मिलेंगे, जिसमें वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एप्पल कारप्ले, वेंटिलेटेड फ्रंट सीटें, पैनोरमिक सनरूफ, मेमोरी के साथ पावर्ड ड्राइवर सीट और डुअल जोन क्लाइमेट कंट्रोल शामिल हैं। 2026 महिंद्रा XUV 7XO: सेफ्टी फीचर्स सेफ्टी के लिए इसमें 7 एयरबैग (6 स्टैंडर्ड), इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), ऑटो हेडलैंप, 360 डिग्री कैमरा, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS), चाइल्ड आईएसओफिक्स माउंट, इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक और लेवल 2 एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) जैसे फीचर दिए जा सकते हैं। इसमें ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग, लेन कीप असिस्ट और फॉरवर्ड कोलिजन वार्निंग फीचर शामिल है। परफॉर्मेंस: डीजल इंजन के साथ ऑल व्हील ड्राइव ऑप्शन महिंद्रा XUV 7XO में मौजूदा मॉडल वाले इंजन ऑप्शन दिए जा सकते हैं। इसमें एक 2.0 लीटर का टर्बो पेट्रोल इंजन है, जो 200PS की पावर और 380Nm का टॉर्क जनरेट करता है। गियरबॉक्स की बात करें तो इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन और 6-स्पीड ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन का ऑप्शन मिलता है। इसं इंजन के साथ फ्रंट व्हील ड्राइव का ऑप्शन मिलता है। वहीं, दूसरा 2.2 लीटर का डीजल इंजन मिलेगा, जो 185PS की पावर और 450Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इसके साथ भी 6-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन और 6-स्पीड ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन का ऑप्शन मिलता है। डीजल इंजन के साथ फ्रंट व्हील ड्राइव और ऑटोमेटिग गियरबॉक्स के साथ ऑल व्हील ड्राइव का ऑप्शन मिलेगा।

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 1:30 pm

फुल चार्ज पर 1000 KM चलेगी कार:बिना सिम पहाड़ों से कॉल; मंगल के करीब पहुंचेगा इंसान; साइंस-टेक के 10 इनोवेशन

क्या आपने कभी सोचा है कि जिस 'फ्यूचर' को हम फिल्मों में देखते थे, उनमें से कुछ चीजें 2026 में हकीकत बनने वाली हैं। टेस्ला के रोबोट साफ-सफाई और सामान उठाने का काम करेंगे तो वहीं भारत इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने वाले गगनयान मिशन से स्पेस सुपरपावर बनेगा। सॉलिड बैटरी से एक बार चार्ज करने पर कार 1000 किलोमीटर चलेगी। बिना सिम और नेटवर्क के पहाड़ों से भी कॉल कर सकेंगे। NASA का आर्टेमिस II मिशन इंसानों को चांद पर लैंड करने के करीब ले जाएगा। जेब में रखा फोन अब फोल्ड ही नहीं बल्कि रोल होगा। 2026 में साइंस-टेक में हो सकते हैं ये 10 बड़े इनोवेशन...

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 5:44 am

जनवरी में सैमसंग-ओप्पो सहित 13 स्मार्टफोन लॉन्च होंगे:200MP कैमरा, स्नैपड्रैगन 8 जेन 5 प्रोसेसर और 9000mAh बैटरी जैसे फीचर्स मिलेंगे, देखें लिस्ट

मोबाइल इंडस्ट्री में साल 2026 की शुरुआत के साथ इस महीने कई स्मार्टफोन लॉन्च होंगे। पहले हफ्ते में ही करीब आधा दर्जन नए स्मार्टफोन आएंगे। इस महीने रेडमी 'नोट 15' सीरीज लॉन्च करेगी, तो वहीं रियलमी 200MP कैमरा वाली अपनी '16 प्रो' सीरीज पेश करने जा रही है। सबसे ज्यादा चर्चा सैमसंग के पहले तीन बार मुड़ने वाले ट्राई फोल्ड फोन की है, जो इसी महीने भारतीय बाजार में एंट्री कर सकता है। इन स्मार्टफोन्स में 9000mAh तक की बड़ी बैटरी और स्नैपड्रैगन 8 जेन 5 जैसे लेटेस्ट प्रोसेसर देखने को मिलेंगे। रेडमी नोट 15 के साथ 6 जनवरी से होगी साल की शुरुआत शाओमी के सब-ब्रांड रेडमी की नोट 15 सीरीज 6 जनवरी को भारत में लॉन्च होगी। इस फोन में 108MP का मेन कैमरा और 20MP का सेल्फी कैमरा मिलेगा। इसमें 6.77-इंच की AMOLED डिस्प्ले दी गई है जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करती है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें स्नैपड्रैगन 6 जेन 3 प्रोसेसर और 5,520mAh की बैटरी के साथ 45W फास्ट चार्जिंग मिलेगी। इसकी शुरुआती कीमत ₹18,000 से ₹22,000 के बीच हो सकती है। रियलमी 16 प्रो: 200MP कैमरा और नए कलर्स रियलमी फैंस के लिए जनवरी खास होने वाला है। कंपनी अपनी 'नंबर सीरीज' के तहत रियलमी 16 प्रो को 'मास्टर गोल्ड' और 'ऑर्किड पर्पल' कलर में पेश करेगी। इसमें मीडियाटेक प्रोसेसर के साथ 12GB रैम और 6500mAh की बड़ी बैटरी मिल सकती है। फोटोग्राफी के लिए इसमें 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा दिए जाने की चर्चा है। रियलमी 16 प्रो+: 7000mAh की तगड़ी बैटरी रियलमी 16 प्रो प्लस भी 6 जनवरी को लॉन्च होगा। टेना सर्टिफिकेशन के मुताबिक इसमें स्नैपड्रैगन 7 जेन 4 प्रोसेसर और 6.8-इंच की 1.5K AMOLED डिस्प्ले मिलेगी। इस फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 7,000mAh की विशाल बैटरी होगी। 200MP कैमरा वाले इस स्मार्टफोन की कीमत ₹40,000 के करीब हो सकती है। रियलमी GT8: 165Hz डिस्प्ले और बड़ी बैटरी रियलमी का फ्लैगशिप GT8 भी जनवरी में भारत आ सकता है। यह स्नैपड्रैगन 8 जेन 5 चिपसेट पर काम करेगा। इसमें 165Hz रिफ्रेश रेट वाली 1.5K OLED स्क्रीन और 8000mAh की बैटरी दी जा सकती है। यह फोन उन लोगों के लिए होगा जो हैवी गेमिंग और लंबी बैटरी लाइफ पसंद करते हैं। ओप्पो रेनो 15: कॉम्पैक्ट डिजाइन और 80W चार्जिंग ओपो रेनो 15 चीन के बाद अब भारत आ रहा है। यह एक कॉम्पैक्ट फोन है जिसमें 6.32-इंच की AMOLED डिस्प्ले है। इसमें मीडियाटेक डाइमेंसिटी 8450 चिपसेट, 6,200mAh बैटरी और 80W फास्ट चार्जिंग मिलेगी। फोटोग्राफी के लिए इसमें 200 मेगापिक्सल का ट्रिपल रियर कैमरा और 50MP का सेल्फी कैमरा दिया गया है। ओप्पो रेनो 15 प्रो: वायरलेस चार्जिंग और टेलीफोटो लेंस रेनो 15 प्रो में परफॉर्मेंस के लिए डाइमेंसिटी 8450 प्रोसेसर दिया गया है। इसमें 6.78-इंच की बड़ी स्क्रीन है। कैमरा सेगमेंट में यह काफी मजबूत है, जिसमें 200MP मेन लेंस के साथ 50MP अल्ट्रावाइड और 50MP टेलीफोटो लेंस मिलता है। इसमें 6,500mAh की बैटरी के साथ 50W वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट भी दिया गया है। वीवो V70: स्नैपड्रैगन 8s जेन 3 के साथ एंट्री वीवो की नई वी-सीरीज जनवरी में आ सकती है। वीवो वी70 में स्नैपड्रैगन 8s जेन 3 प्रोसेसर मिलने की उम्मीद है। इसमें 6.59-इंच की फ्लैट एमोलेड डिस्प्ले और 6500mAh की बैटरी दी जा सकती है। फोन के फ्रंट और बैक दोनों तरफ 50MP के हाई-रेजोल्यूशन कैमरे मिलने की संभावना है। वीवो X300 FE: प्रीमियम सीरीज का किफायती मॉडल सक्सेसफुल X300 सीरीज में अब 'FE' मॉडल जोड़ा जा सकता है। यह एक कॉम्पैक्ट 5G फोन होगा जिसमें 6.3-इंच की OLED स्क्रीन मिलेगी। इसमें 50MP के तीन रियर कैमरे और 50MP का सेल्फी कैमरा मिलेगा। इसमें 6500mAh की बैटरी और 90W की फास्ट चार्जिंग दी जा सकती है। पोको X8 प्रो: 8500mAh बैटरी और 100W चार्जिंग पोको अपनी X8 सीरीज को काफी पावरफुल बना रहा है। पोको X8 प्रो में मीडियाटेक डाइमेंसिटी 8500 चिपसेट और 8,500mAh की विशाल बैटरी मिलने की उम्मीद है। इसे 100W के फास्ट चार्जर से मात्र कुछ ही मिनटों में चार्ज किया जा सकेगा। इसमें 50MP का डुअल कैमरा सेटअप होगा। पोको X8 प्रो मैक्स: 9000mAh की सबसे बड़ी बैटरी चर्चा है कि पोको इस बार 'प्रो मैक्स' मॉडल लाएगा। यह ब्रांड का अब तक का सबसे बड़ी बैटरी वाला फोन होगा, जिसमें 9000mAh की बैटरी दी जा सकती है। इसमें डाइमेंसिटी 9 सीरीज का प्रोसेसर और 1.5K रिजोल्यूशन वाली शानदार LTPS स्क्रीन मिलने की संभावना है। पोको M8 और M8 प्रो: बजट और मिड-रेंज किंग पोको की किफायती एम-सीरीज में एम8 और एम8 प्रो आएंगे। एम8 में स्नैपड्रैगन 6 जेन 3 और 5,520mAh की बैटरी होगी, जबकि प्रो मॉडल में स्नैपड्रैगन 7s जेन 4 और 6,500mAh की बैटरी मिलेगी। एम8 प्रो में 100W की फास्ट चार्जिंग भी दी जा सकती है जो इस बजट में बड़ी बात होगी। सैमसंग गैलेक्सी Z ट्राईफोल्ड: तीन बार मुड़ने वाला अनोखा फोन सैमसंग का क्रांतिकारी ट्राई-फोल्ड फोन जनवरी में भारत आ सकता है। यह मुड़ने पर 6.5-इंच और खुलने पर 10-इंच की बड़ी टैबलेट जैसी स्क्रीन देता है। इसमें स्नैपड्रैगन 8 एलीट प्रोसेसर, 16GB रैम और 200MP का मेन कैमरा दिया गया है। इसकी कीमत काफी प्रीमियम रहने की उम्मीद है।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 11:32 pm

CES-2026 दुनिया का सबसे बड़ा टेक इवेंट 6 जनवरी से:AI रोबोट और 3 बार मुड़ने वाला फोन दिखेंगे; AI पर पूरा फोकस रहेगा

दुनिया का सबसे बड़ा टेक इवेंट 'कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स शो' (CES) 2026 अगले हफ्ते 6 जनवरी से लास वेगास में शुरू होने जा रहा है। इसमें टेक जगत की टॉप कंपनियां अपने भविष्य के प्रोडक्ट्स और इनोवेशंस पेश करेंगी। इस बार का शो पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स के नाम रहने वाला है। इवेंट में न सिर्फ एडवांस्ड लैपटॉप और टीवी दिखेंगे, बल्कि ऐसे रोबोट्स भी चर्चा में रहेंगे जो इंसानों की तरह घर के कामों में मदद करेंगे। हालांकि ऑफिशियल शुरुआत 6 जनवरी से है, लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस और बड़ी घोषणाओं का सिलसिला रविवार, 4 जनवरी से ही शुरू हो जाएगा। लैपटॉप: इंटेल और क्वालकॉम की नई चिप्स से बढ़ेगी ताकत लैपटॉप की दुनिया के लिए CES हमेशा से बड़ा मंच रहा है। इस साल एपल को छोड़कर सभी बड़ी कंपनियां नए मॉडल्स पेश करेंगी। नए प्रोसेसर: इंटेल अपना 'पैंथर लेक', क्वालकॉम 'स्नैपड्रैगन X2' और AMD अपना नया चिपसेट पेश कर सकता है। कंपनियां दावा कर रही हैं कि ये चिप्स ग्राफिक्स को बेहतर बनाने के साथ-साथ बैटरी लाइफ को भी कई गुना बढ़ा देंगे। डिजाइन: इस बार सिर्फ पुराने डिजाइन में सुधार नहीं होगा, बल्कि रोलेबल (घूमने वाले), डुअल-स्क्रीन और फोल्डेबल लैपटॉप्स के नए अवतार देखने को मिल सकते हैं। स्मार्ट होम: अब घर के काम करेंगे 'ह्यूमनॉइड' रोबोट स्मार्ट होम सेगमेंट में इस बार रोबोट्स का बोलबाला रहेगा। वैक्यूम क्लीनर और पूल क्लीनर के बाद अब ऐसे रोबोट्स दिखेंगे जिनके हाथ-पैर होंगे और जो इंसानी समझ (AI) के साथ काम करेंगे। सुरक्षा: AI कैमरों की भूमिका भी बदलेगी। ये केवल नजर नहीं रखेंगे, बल्कि आसपास के माहौल को समझकर आपको अलर्ट देंगे। स्मार्ट लॉक्स: इस साल पाम (हथेली), चेहरे और UWB तकनीक पर आधारित स्मार्ट लॉक्स की भरमार होगी। कंपनियां ऐसे लॉक ला रही हैं जो देखने में साधारण लगें लेकिन सुरक्षा में सबसे आधुनिक हों। स्मार्टफोन: 3 बार मुड़ने वाला 'सैमसंग ट्राई-फोल्ड' बनेगा आकर्षण CES आमतौर पर रेगुलर फोंस के लिए नहीं जाना जाता है, इस बार सैमसंग सबको चौंका सकता है। ग्लोबल डेब्यू: कोरिया में लॉन्च के बाद अब सैमसंग का दो हिंज (कब्जे) वाला 'गैलेक्सी ज़ेड ट्राई-फोल्ड' फोन ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर दिख सकता है। खासियत: यह फोन मुड़ने पर साधारण मोबाइल और खुलने पर 10-इंच का बड़ा टैबलेट बन जाता है। जानकारों का मानना है कि यह फोन भविष्य में लैपटॉप की जरूरत को खत्म कर सकता है। टीवी: 100 इंच की RGB मिनी LED तकनीक इस साल हर बड़ी टीवी कंपनी RGB मिनी LED टीवी सेगमेंट में एक-दूसरे को टक्कर देती नजर आएगी। सैमसंग और LG: सैमसंग 55 से 100 इंच के माइक्रो RGB LED टीवी लाएगा, वहीं LG भी 75 से 100 इंच के साइज में अपने नए मॉडल्स उतारेगा। कीमत: पिछले साल इन टीवी की कीमत करीब 25 लाख रुपये तक थी, लेकिन इस साल भारी कॉम्पिटिशन के कारण इनकी कीमतें कम होने की उम्मीद है। हेल्थ टेक: खून-पसीने से बीमारियों का पता लगाएंगी स्मार्ट रिंग्स फिटनेस ट्रैकर्स का दौर अब XR और AI डिवाइस की ओर बढ़ रहा है। लॉन्गेटिविटी (दीर्घायु): कई कंपनियां ऐसे वियरेबल्स ला रही हैं जो आपके शरीर के हार्मोनल और मेटाबॉलिक हेल्थ को ट्रैक कर आपको लंबे समय तक स्वस्थ रहने के तरीके बताएंगे। इसमें खून और पसीने से बीमारियों का पता लगाने वाली स्मार्ट रिंग पेश की जाएगी। स्मार्ट चश्मा: रे-बैन मेटा जैसे हल्के AI स्मार्ट चश्मे इस शो का बड़ा हिस्सा होंगे। इनमें इन-बिल्ट डिस्प्ले और वॉइस असिस्टेंट मिलेगा।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 10:59 pm

टाटा पंच का फेसलिफ्ट 13 जनवरी को लॉन्च होगा:नए एक्सटीरियर डिजाइन के साथ सेफ्टी के लिए 360 डिग्री कैमरा, एक्सपेक्टेड प्राइस ₹6 लाख

टाटा मोटर्स 13 जनवरी को अपनी सबसे पॉपुलर माइक्रो SUV पंच का फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च करने जा रही है। कंपनी ने आज (3 जनवरी) कार का पहला ऑफिशियल टीजर जारी कर दिया है। नई पंच को टेस्टिंग के दौरान भारतीय सड़कों पर कई बार देखा जा चुका है। नई पंच का डिजाइन काफी हद तक इसके इलेक्ट्रिक वर्जन पंच-ईवी से इन्सपायर्ड होगा। कंपनी ने इसके फ्रंट और रियर लुक में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे यह अब पहले से ज्यादा प्रीमियम और मॉडर्न नजर आ रही है। कार में सेफ्टी के लिए 360 डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स मिलेंगे। कार की कीमत 6 लाख रुपए से शुरू हो सकती है। भारतीय बाजार में इसका सीधा मुकाबला हुंडई एक्सटर से है। वहीं, इस प्राइस रेंज में इसकी टक्कर मारुति फ्रॉन्क्स, सिट्रोएन C3, मारुति इग्निस, निसान मैग्नाइट और रेनो काइगर से भी रहेगी। टाटा पंच भारत में पहली बार 2021 में लॉन्च की गई थी। इसके बाद अगस्त 2023 में इसे ट्विन सिलेंडर टेक्नोलॉजी के साथ CNG वर्जन में उतारा गया था। जनवरी-2024 में इसे अपडेट लुक और नए फीचर के साथ इलेक्ट्रिक वर्जन पेश किया गया। पंच EV जैसा फ्रंट फेसिया और न्यू डिजाइन अलॉय व्हील टीजर के मुताबिक, नई पंच के फ्रंट डिजाइन को पूरी तरह बदल दिया गया है। इसमें अब पतली ग्रिल, नई LED डेटाइम रनिंग लाइट्स (DRLs) और वर्टिकली स्टैक्ड हेडलैंप क्लस्टर दिया गया है, जो टाटा की नई डिजाइन लैंग्वेज को दिखाता है। कार में बड़ा एयर-डैम और सिल्वर फिनिश वाली स्किड प्लेट भी दी गई है, जो इसे दमदार SUV वाला लुक देती है। इसके अलावा, कंपनी ने 16-इंच के अलॉय व्हील्स का डिजाइन भी बदला है। टीजर में कार को एक नए 'ब्लू' शेड में दिखाया गया है, जो इसके कलर पैलेट में शामिल होगा। 360 डिग्री कैमरा और कनेक्टेड टेललैंप्स नई टाटा पंच में पहली बार 360-डिग्री कैमरा सेटअप देखने को मिल सकता है, क्योंकि टीजर में टाटा लोगो के ठीक नीचे एक कैमरा नजर आया है। रियर प्रोफाइल की बात करें तो इसमें कनेक्टेड टेललैंप दिया गया है, जिसमें स्मोक्ड इफेक्ट देखने को मिलता है। यह फीचर इसे रियर से काफी प्रीमियम लुक देता है। इंटीरियर: 10.25-इंच की स्क्रीन और वेंटिलेटेड सीट्स मिलेगी लीक हुई जानकारी के मुताबिक, नई पंच का केबिन अब पहले से कहीं ज्यादा हाई-टेक होगा। इसमें 10.25-इंच का बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और 10.25 इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर मिल सकता है। नई पंच में वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, नया टू-स्पोक स्टीयरिंग व्हील (इल्यूमिनेटेड लोगो के साथ) और वायरलेस चार्जिंग जैसे फीचर्स शामिल होंगे। इलेक्ट्रिक सनरूफ, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो/एप्पल कारप्ले जैसे फीचर्स पहले की तरह मिलते रहेंगे। ट्विन सिलेंडर वाली टाटा पंच में दूसरी CNG कारों की तुलना में ज्यादा बूट स्पेस मिलता है। पंच iCNG में 210 लीटर का बूट स्पेस दिया गया है। सेफ्टी फीचर्स: 6 एयरबैग्स मिल सकते हैं स्टैंडर्ड टाटा अपनी कारों की सेफ्टी के लिए जानी जाती है। उम्मीद है कि नई पंच फेसलिफ्ट में अब सभी वेरिएंट्स में 6 एयरबैग्स स्टैंडर्ड दिए जाएंगे। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), हिल होल्ड असिस्ट (HHA) और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS) जैसे फीचर्स इसे सेगमेंट की सबसे सुरक्षित कारों में से एक बनाए रखेंगे। परफॉर्मेंस में बदलाव नहीं: पेट्रोल और CNG का विकल्प मिलेगा मैकेनिकल तौर पर कार में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। इसमें पहले की तरह ही 1.2-लीटर, 3-सिलेंडर पेट्रोल इंजन मिलेगा, जो 86hp की पावर और 113Nm का टॉर्क जनरेट करता है। वहीं CNG मोड पर ये इंजन 73.4 bhp और 103Nm का टॉर्क जनरेट करने में सक्षम है। इंजन 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ दिया गया है, जबकि कार के रेगुलर पेट्रोल वैरिएंट्स के साथ 5-स्पीड AMT गियरबॉक्स का ऑप्शन भी मिलता है। हालांकि 2025 टाटा पंच सीएनजी में 5-स्पीड AMT गियरबॉक्स दिया जा सकता है, हाल ही में यह ऑप्शन टाटा टियागो iCNG और टाटा टिगोर iCNG में भी दिया गया है। मौजूदा पंच पेट्रोल मोड में मैनुअल ट्रांसमिशन के साथ 20km/l, ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ 18km/l और सीएनजी मोड में मैनुअल ट्रांसमिशन के साथ 27km/kg का माइलेज देती है। गैस लीक डिटेक्ट करने का सेफ्टी फीचर सेफ्टी के लिए कार में 6 एयरबैग, ABS और ESC सभी वैरिएंट में मिलेंगे। इसके अलावा ब्लाइंड व्यू मॉनिटर, सभी सीटों के लिए तीन-पॉइंट सीट बेल्ट, चाइल्ड ISOFIX माउंट सीट एंकर और SOS फंक्शन मिलेगा। टाटा मोटर्स ने कार में गैस लीक डिटेक्ट करने का सेफ्टी फीचर भी दिया है। कार में CNG लीकेज होने पर लीक डिटेक्शन टेक्नोलॉजी गाड़ी को खुद-ब-खुद CNG से पेट्रोल मोड पर शिफ्ट कर देती है। ये टेक्नोलॉजी ड्राइवर को गैस लीक के बारे में अलर्ट भी करती है। इसके अलावा फ्यूल भरते समय कार को बंद रखने के लिए एक माइक्रो स्विच दिया गया है। ये स्विच फ्यूल लिड (ढक्कन) खुलते ही इग्निशन बंद कर देता है। यह कार को तब तक स्टार्ट नहीं होने देता, जब तक फ्यूल लिड सुरक्षित रूप से बंद न हो जाए। ये इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर पर 'क्लोज फ्यूल लिड' का अलर्ट भी देता है।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 9:54 pm

BYD दुनिया में सबसे ज्यादा EV बेचने वाली कंपनी बनी:2025 में 22.5 लाख इलेक्ट्रिक कारें बेचीं, टेस्ला को पीछे छोड़ा

चीनी कंपनी BYD ने बिक्री के मामले में टेस्ला को पीछे छोड़ दिया। BYD की साल 2025 में बैटरी से चलने वाली कारों की बिक्री लगभग 28% बढ़कर 22.5 लाख से अधिक हो गई। वहीं इलॉन मस्क की कंपनी टेस्ला ने 2025 में कुल 16.4 करोड़ इलेक्ट्रिक वाहन बचे, जो 2024 के मुकाबले 9% कम हैं। टेस्ला की ब्रिक्री में लगातार दूसरे साल गिरावट आई है। बिक्री घटने की दो बड़ी वजहेंरिपोर्ट के अनुसार, टेस्ला की घटती बिक्री के पीछे दो मुख्य कारण हैं। पहला, एलन मस्क की दक्षिणपंथी राजनीति और उनके बयानों को लेकर ग्राहकों में नाराजगी है। इसे 'कस्टमर रिवोल्ट' यानी ग्राहकों का विद्रोह कहा जा रहा है। दूसरा कारण चीन और दूसरे विदेशी बाजारों में BYD जैसी कंपनियों से मिल रही कड़ी टक्कर है जो टेस्ला से कम कीमत पर अच्छे मॉडल्स ऑफर कर रही हैं। बिक्री घटी, लेकिन शेयर 18% चढ़ाबिक्री में गिरावट और कई दूसरी चुनौतियों के बावजूद, टेस्ला का शेयर 2025 में लगभग 18% की बढ़त के साथ बंद हुआ। इसकी वजह निवेशकों का कंपनी के भविष्य के प्लान्स पर भरोसा है। निवेशक उम्मीद कर रहे हैं कि एलन मस्क रोबो टैक्सी सर्विस और ह्यूमनॉइड रोबोट्स के अपने वादों को पूरा करेंगे। कंपनी का प्लान ऐसे रोबोट बनाने का है जो घरों और ऑफिस में बेसिक काम कर सकें। इन्हीं उम्मीदों के चलते शुक्रवार को प्री-मार्केट ट्रेडिंग में भी टेस्ला के शेयरों में करीब 2% की तेजी देखी गई। कौन है चीन की BYD?BYD का पूरा नाम 'बिल्ड योर ड्रीम्स' है। यह चीन की एक मल्टीनेशनल कंपनी है जो ऑटोमोबाइल के अलावा बैटरी बनाने के लिए भी जानी जाती है। वॉरेन बफे की कंपनी बर्कशायर हैथवे ने भी इसमें निवेश किया है। कंपनी कम कीमत पर कई तरह के EV मॉडल पेश करती है, जिस वजह से यह चीन और दूसरे ग्लोबल मार्केट्स में तेजी से पॉपुलर हो रही है। BYD ने भारत में सीलायन 7 की कीमत बढ़ाईचाइनीज ईवी कंपनी BYD ने भारत में अपनी लग्जरी इलेक्ट्रिक SUV सीलायन 7 की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। कंपनी ने इसके बेस मॉडल यानी प्रीमियम वैरिएंट के दाम में 50,000 रुपए का इजाफा किया है। नई दरें 1 जनवरी 2026 से लागू हो गई हैं। हालांकि, 31 दिसंबर 2025 तक कार बुक करने वाले ग्राहकों को पुरानी कीमत पर ही मिलेगी।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 10:16 am

BYD सीलायन 7 इलेक्ट्रिक कूपे SUV ₹50,000 महंगी हुई:फुल चार्ज करने पर 567km चलेगी, शुरुआती कीमत ₹49.40

चाइनीज ईवी कंपनी BYD ने भारत में अपनी लग्जरी इलेक्ट्रिक SUV सीलायन 7 की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। कंपनी ने इसके बेस मॉडल यानी प्रीमियम वैरिएंट के दाम में 50,000 रुपए का इजाफा किया है। नई दरें 1 जनवरी 2026 से लागू हो गई हैं। हालांकि, 31 दिसंबर 2025 तक कार बुक करने वाले ग्राहकों को पुरानी कीमत पर ही मिलेगी। कीमत में बदलाव के बाद BYD सीलायन 7 के प्रीमियम वैरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत अब 48.90 लाख रुपए से बढ़कर 49.40 लाख रुपए हो गई है। वहीं, इसका टॉप वैरिएंट परफॉर्मेंस पहले की तरह ही 54.9 लाख रुपए में मिलेगा। सीलायन 7 का मुकाबला भारतीय बाजार में हुंडई आयोनिक 5, किया EV6 और बीएमडब्ल्यू iX1 जैसी प्रीमियम इलेक्ट्रिक कारों से है। कंपनी ने बताया कि फरवरी 2025 में लॉन्चिंग के बाद से अब तक भारत में सीलायन 7 की 2,300 से अधिक यूनिट्स बेची जा चुकी हैं। एक्सटीरियर डिजाइन : 19-इंच डुअल-टोन अलॉय व्हील मिलेंगे बीवाईडी सीलायन 7 ईवी में सील EV जैसे ही हेडलाइट यूनीट दिए गए हैं। इसके अलावा इसमें क्लोज्ड-ऑफ ग्रिल, फ्रंट बंपर पर अग्रेसिव कट और क्रीज लाइन, और नीचे ब्लैक कलर की फिनिश दी गई है। साइड में 19-इंच डुअल-टोन अलॉय व्हील मिलेंगे, वहीं बड़े 20-इंच व्हील ऑप्शनल हैं। इसमें फ्लश-टाइप डोर हैंडल और व्हील आर्क के ऊपर ब्लैक रग्ड क्लेडिंग दी गई है जो कार की पूरी लंबाई तक फैली हुई है। रियर में पिक्सल डिजाइन एलिमेंट्स के साथ कनेक्टेड LED टेल लाइट और ब्लैक फिनीश के साथ रियर बंपर दिया गया है। बंपर पर फॉग लैंप्स भी हैं। स्टोरेज के लिए इसमें 58 लीटर का फ्रंक और 520 लीटर का बूट स्पेस दिया गया है। पीछे की सीटों को फोल्ड कर बूट स्पेस को 1,789 लीटर तक बढ़ाया जा सकता है। भारत में सीलायन 7 चार मोनोटोन कलर एटलांटिस ग्रे, शार्क ग्रे, कॉसमॉस ब्लैक और ऑरोरा व्हाइट कलर ऑप्शन में अवेलेबल होगी। इस SUV में कोई ड्यूल-टोन कलर ऑप्शन नहीं दिया गया है। इंटीरियर : 10.25-इंच डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले और एडास सेफ्टी फीचर सिलियन 7 के केबिन की बात करें तो इसमें डैशबोर्ड पर हीटेड ग्रिप्स और ऑडियो फंक्शन के साथ 4-स्पोक स्टीयरिंग व्हील और एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) के कंट्रोल्स दिए गए हैं। इसमें सेंटर कंसोल पर ड्राइव सिलेक्टर नॉब, ड्राइव और टेरेन मोड के लिए बटन और दो कपहोल्डर मिलते हैं। इस SUV कार में रोटेटेबल 15.6-इंच की रोटेटिंग टचस्क्रीन, 10.25-इंच डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले, 12-स्पीकर साउंड सिस्टम, हेड-अप डिस्प्ले और सनशेड के साथ पैनोरमिक ग्लास रूफ जैसे फीचर दिए गए हैं। इसमें हीटिंग और वेंटिलेशन फंक्शन वाली फ्रंट सीटें दी गई है, जो मेमोरी फंक्शन के साथ इलेक्ट्रिक एडजस्टेबल भी हैं। इसके अलावा सीलायन 7 में 50W वायरलेस फोन चार्जर, कनेक्टेड कार टेक और पावर्ड टेलगेट जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं। सेफ्टी के लिए इसमें 11 एयरबैग, 360 डिग्री कैमरा, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS), फ्रंट और रियर पार्किंग सेंसर जैसे फीचर दिए गए हैं। इसमें ADAS सिस्टम भी दिया गया है, जिसमें रियर कोलिजन वार्निंग और अडेप्टिव क्रूज कंट्रोल जैसे फीचर शामिल हैं। सीलायन 7 फुल चार्ज में 567km की रेंज देगी सीलायन 7 प्रीमियम और परफॉरमेंस वैरिएंट में अवेलेबल है। दोनों वैरिएंट में 82.5kWh LFP बैटरी पैक दिया गया है। प्रीमियम वैरिएंट रियर-व्हील-ड्राइव कॉन्फिगरेशन में आता है, जो 313hp की पावर और 380Nm का टॉर्क जनरेट करता है। वहीं, इसका परफॉरमेंस वैरिएंट ऑल-व्हील ड्राइव ऑप्शन के साथ आता है, जो 530hp की पावर और 690Nm का टॉर्क जनरेट करता है। BYD का दावा है कि सीलायन 7 का प्रीमियम वैरिएंट 6.7 सेंकेड और परफॉरमेंस वर्जन 4.5 सेंकेड में 0-100kph की स्पीड पकड़ सकता है। कंपनी का दावा है कि फुल चार्ज में इसका प्रीमियम वैरिएंट 567km और परफॉरमेंस वर्जन 542km की रेंज देगा।

दैनिक भास्कर 2 Jan 2026 8:38 pm

हुंडई वेन्यू HX 5 प्लस वैरिएंट लॉन्च, कीमत ₹10 लाख:SUV में लेवल-2 ADAS सहित 65 एडवांस सेफ्टी फीचर्स, 21kmpl तक माइलेज

हुंडई मोटर इंडिया ने आज (2 जनवरी) भारत में अपनी पॉपुलर सब-4 मीटर SUV वेन्यू का नया HX 5 प्लस वैरिएंट लॉन्च किया है। अपडेटेड मॉडल में क्रेटा वाला डुअल 10.25-इंच कनेक्टेड डिस्प्ले, पैनोरमिक सनरूफ, वेंटिलेटेड फ्रंट सीटें और सेफ्टी के लिए 65 एडवांस सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 9,99,900 रुपए रखी गई है। कंपनी ने पिछले साल नवंबर में कार का सेकेंड जनरेशन मॉडल नई स्टाइलिंग, नए डैशबोर्ड लेआउट और एडवांस फीचर्स के साथ उतारा था। इसका मुकाबला मारुति ब्रेजा, टाटा नेक्सॉन, महिंद्रा XUV 3XO, किआ सोनेट, किआ सिरोस, रेनो काइगर और निसान मैग्नाइट से है। एक्सटीरियर: कनेक्टेड LED DRL's के साथ क्वाड-बीम LED हेडलाइट हुंडई ने 2025 वेन्यू में अपनी नई डिजाइन थीम दी है जो कि अल्कजार, क्रेटा और एक्सटर में मिलती है। इसके फ्रंट में C-शेप वाले ​​​​​कनेक्टेड LED DRL's के साथ क्वाड-बीम LED हेडलाइट दी गई है। इनके बीच में नई रेक्टेंगुलर ग्लॉस ब्लैक फ्रंट ग्रिल है, जो कि एक्सटर और अल्कजार से इंस्पायर्ड है। फ्रंट बंपर पर सिल्वर स्किड प्लेट भी लगी है। साइड प्रोफाइल पर गौर करें तो इसमें एक्सटर से मिलता जुलता रेकेड ए-पिलर डिजाइन और चौड़ा व्हील आर्क दिया गया है। राइडिंग के लिए इसमें 16-इंच एरोडायनामिक स्टाइल 5-स्पोक अलॉय व्हील्स दिए गए हैं। रियर में न्यू डिजाइन की कनेक्टेड LED टेललाइट और चौड़ा बंपर दिया गया है, जिस पर सिल्वर स्किड प्लेट इंटीग्रेटेड है। इंटीरियर: डुअल स्क्रीन के साथ ऑल न्यू डिजाइन केबिन 2025 हुंडई वेन्यू का केबिन लेआउट एकदम नया है और इसमें अब डुअल टोन कलर (टोन ब्लू + ग्रे) थीम दी गई है, जो काफी प्रीमियम लग रही है। केबिन का सबसे बड़ा हाइलाइट फीचर नया डुअल स्क्रीन सेटअप है। इसमें 12.3 इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और 12.3 इंच डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले शामिल है। कार में हुंडई लोगो के लिए मोर्स कोर्ड के साथ नई स्टीयरिंग व्हील और लेदरेट सीट अपहोल्स्ट्री दी गई है, जिससे इसका केबिन अब काफी अपमार्केट लग रहा है। AC वेंट्स को स्क्रीन के नीचे रखा गया है और सेंटर कंसोल पर मीडिया के लिए रोटरी डायल्स और क्लाइमेट कंट्रोल के बटन हैं। साथ ही ऑटो-डिमिंग रियर-व्यू मिरर और डैशकैम भी दिया गया है। इस SUV कार में वायरलेस एंड्रॉइड ऑटो और एपल कारप्ले, वायरलेस फोन चार्जर, 8-स्पीकर वाला बोस साउंड सिस्टम, इलेक्ट्रिक सनरूफ (सिंगल-पैन), रियर AC वेंट के साथ ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, रियर विंडो सनशेड, 4-वे पावर एडजस्टमेंट ड्राइवर सीट और वेंटिलेटेड फ्रंट सीटें जैसे फीचर दिए गए हैं। नई हुंडई वेन्यू कार में 8 नए फीचर्स दिए गए हैं जो इसमें पहली बार मिल रहे हैं। सेफ्टी फीचर्स: 6 एयरबैग स्टैंडर्ड और लेवल-2 ADAS फीचर सेफ्टी के लिए कार में 65 एडवांस सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं, इनमें से 33 सेफ्टी फीचर्स स्टैंडर्ड हैं यानी ये फीचर बेस वैरिएंट से मिलेंगे। इनमें 6 एयरबैग (स्टैंडर्ड), ABS के साथ EBD, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS), हिल होल्ड असिस्ट, ISOFIX चाइल्ड सीट एंकर और फ्रंट और रियर पार्किंग सेंसर जैसे फीचर शामिल हैं। वहीं, हुंडई वेन्यू कार में लेवल 2 एडवांस ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) भी दिया गया है। परफॉर्मेंस: तीन इंजन ऑप्शन के साथ 18-25kmpl का माइलेज 2025 हुंडई वेन्यू में मौजूदा मॉडल वाले तीनों इंजन ऑप्शन दिए गए हैं। इसमें एक 1.2-लीटर का नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल है, जो 83PS की पावर और 114Nm का टॉर्क जनरेट करता है। ट्रांसमिशन के लिए इंजन के साथ पहले की तरह ही 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स का ऑप्शन है। ये इंजन 18.05kmpl (IDC) का माइलेज देता है। दूसरा, 1-लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन है, जो 120PS की पावर और 172Nm का टॉर्क जनरेट करता है। ट्रांसमिशन के लिए इस इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल और 7-स्पीड DCT (डुअल क्लच ट्रांसमिशन) का ऑप्शन है। दोनों ट्रांसमिशन के साथ कार 18-20kmpl का माइलेज देती है। वहीं, तीसरा 1.5-लीटर का डीजल इंजन है, जो 116PS की पावर और 250Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इस इंजन को 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ ट्यून किया गया है। इस इंजन के साथ कार 23-25kmpl का माइलेज देती है।

दैनिक भास्कर 2 Jan 2026 7:50 pm

LG ने पेश किया AI वाला नया पार्टी स्पीकर:किसी भी गाने से हटा देगा सिंगर की आवाज; पिच भी एडजस्ट होगी, 25 घंटे का बैटरी बैकअप

इलेक्ट्रॉनिक दिग्गज LG ने अपनी 'Xboom' सीरीज में नए पार्टी स्पीकरों की रेंज पेश की है। इनमें सबसे खास 'स्टेड 501' स्पीकर है, जिसे मशहूर म्यूजिक आर्टिस्ट Will.i.am के साथ मिलकर तैयार किया गया है। इस स्पीकर की सबसे बड़ी खासियत इसका 'AI कराओके मास्टर' फीचर है, जो किसी भी साधारण गाने से सिंगर की आवाज (Vocals) को हटाकर उसे कराओके ट्रैक में बदल सकता है। गाने की पिच को अपनी आवाज के हिसाब से बदल सकेंगे LG के मुताबिक, स्टेज 501 स्पीकर में लगा AI न सिर्फ आवाज हटाता है, बल्कि गाने की पिच को भी एडजस्ट कर देता है। इससे उन लोगों को आसानी होगी जो बहुत ऊंचे या नीचे सुर में नहीं गा पाते। इसके लिए किसी स्पेशल कराओके फाइल की जरूरत नहीं होगी, यह नॉर्मल ऑडियो फाइल्स पर भी काम करेगा। बेहतर साउंड के लिए इसमें अपग्रेडेड ड्यूल वूफर्स और फुल-रेंज ड्राइवर्स दिए गए हैं। आउटडोर और ट्रैवल के लिए तीन और मॉडल लॉन्च LG ने कराओके स्पीकर के अलावा तीन और छोटे और पोर्टेबल स्पीकर्स भी अनाउंस किए हैं: कमरे की बनावट देखकर खुद साउंड सेट करेगा AI इन सभी स्पीकर्स में AI का इस्तेमाल हुआ है। यह फीचर गाने की लय और धुन को समझकर खुद ही EQ (इक्वलाइजर) सेटिंग्स बदल देता है। 'स्टेज 501' और 'ब्लास्ट' मॉडल में 'स्पेस कैलिब्रेशन प्रो' तकनीक दी गई है, जो कमरे या आसपास के माहौल को एनालाइज कर साउंड क्वालिटी को अपने आप सेट कर लेती है। इसके अलावा, गानों के हिसाब से स्पीकर की लाइटिंग भी बदलती रहेगी। कीमत का खुलासा जल्द, इसी साल मार्केट में आएंगे LG ने फिलहाल इन स्पीकर्स की कीमत की घोषणा नहीं की है। कंपनी इसे लॉस वेगास में 6 जनवरी से शुरू होने वाले टेक इवेंट CES में दिखाएगी। इसके बाद 2026 के दौरान ग्लोबल मार्केट में लॉन्च किया जाएगा। माना जा रहा है कि भारत में इन्हें फेस्टिव सीजन के आसपास लॉन्च किया जा सकता है।

दैनिक भास्कर 2 Jan 2026 2:59 pm

सेकेंड जनरेशन किआ सेल्टोस भारत में लॉन्च, शुरुआती कीमत ₹10.99:मिड साइस SUV में 21 ऑटोनोमस ड्राइविंग सेफ्टी फीचर्स, टाटा सिएरा को टक्कर देगी

किआ मोटर्स इंडिया ने आज (2 जनवरी) सेकेंड जनरेशन किआ सेल्टोस भारत में लॉन्च कर दी है। नई सेल्टोस की एक्स-शोरूम शुरुआती कीमत 10.99 लाख रुपए रखी गई है, जो टॉप वैरिएंट के लिए 19.99 लाख रुपए तक जाती है। नई 2026 किआ सेल्टोस की बुकिंग शुरू हो चुकी है। आप इसे ऑनलाइन या ऑफलाइन 25,000 रुपए से बुक कर सकते हैं। इसका मुकाबला टाटा सिएरा, हुंडई क्रेटा, मारुति ग्रैंड विटारा, फॉक्सवैगन टाइगुन और स्कोडा कुशाक से है। कार में न सिर्फ अंदर और बाहर के डिजाइन में बदलाव किए गए हैं, बल्कि कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में इसे कॉम्पिटिटिव बनाने के लिए अपग्रेड भी किया गया है। नई सेल्टोस में सेफ्टी के लिए 21 ऑटोनॉमस लेवल-2 एडवांस ड्राइविंग असिस्ट सिस्टम (ADAS) फीचर्स दिए गए हैं। इसमें स्मार्ट क्रूज कंट्रोल, फ्रंट कॉलिजन अवॉइडेंस असिस्ट, लेन कीपिंग असिस्ट, पार्किंग कॉलिजन अवॉइडेंस असिस्ट रिवर्स और क्लस्टर में ब्लाइंड व्यू मॉनिटर जैसे फीचर्स शामिल है। एक्सटीरियर: नए लुक के साथ पहले से ज्यादा स्पेस मिलेगा न्यू जनरेशन किआ सेल्टोस में कंपनी की नई डिजाइन थीम अपनाई गई है, जिससे यह मौजूदा मॉडल से अलग नजर आती है। इसका लुक पहले से कहीं ज्यादा बोल्ड, शार्प और प्रीमियम हो गया है। कार ब्रांड के K3 प्लेटफॉर्म पर बेस्ड है। कार का साइज बढ़ाया गया है। ये अब पहले से 95mm लंबी और 30mm चौड़ी हो गई है। इसका व्हील बेस 80mm बढ़ाया गया है। हालांकि हाइट 10mm घटाई गई है। वहीं, बूट स्पेस में 14 लीटर की बढ़ोतरी हुई है, जिससे ये 4.4 मीटर लंबाई के साथ अब सेगमेंट में सबसे बड़ी कार में से एक हो गई है। इंटीरियर: 64-कलर एम्बिएंट लाइटिंग और पैनोरमिक सनरूफ 2026 किआ सेल्टोस में कई नए फीचर दिए गए हैं, जिसमें इंफोटेनमेंट सिस्टम और डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले के लिए डुअल 12.3-इंच डिस्प्ले शामिल है। इसमें 5-इंच स्क्रीन भी दी गई है, जो इन दोनों स्क्रीन के बीच में है। इसके अलावा इसमें मेमोरी सेटिंग्स के साथ 10-वे पावर-एडजस्टेबल ड्राइवर सीट, फ्रंट और रियर डैशकैम, डुअल-ज़ोन ऑटो एसी, 8-स्पीकर बोस साउंड सिस्टम, फ्रंट सीट वेंटिलेशन, 64-कलर एम्बिएंट लाइटिंग, पैनोरमिक सनरूफ, वायरलेस फोन चार्जर और कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी जैसे फीचर भी दिए गए हैं। सेफ्टी: 6 एयरबैग स्डैंडर्ड और लेवल-2 ADAS फीचर्स सेफ्टी के लिए कार में 6 एयरबैग स्डैंडर्ड, फ्रंट, साइड और रियर पार्किंग सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), हिल स्टार्ट असिस्ट, ISOFIX चाइल्ड सीट एंकरेज, 360-डिग्री कैमरा सिस्टम और लेवल-2 एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) दिए गए हैं। परफॉर्मेंस: तीन इंजन और पांच ट्रांसमिशन ऑप्शन 2026 किआ सेल्टोस में मैकेनिकली कोई भी बदलाव नहीं किया गया है। इसमें 3 इंजन और पांच ट्रांसमिशन ऑप्शन मिलते हैं। इसमें एक नया 1.5 लीटर का 4 सिलेंडर टर्बो GDI पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 160 PS की पावर और 253 NM का टॉर्क जनरेट करता है। ट्रांसमिशन की बात करें तो इस इंजन के साथ 6 स्पीड iMT और 7 स्पीड DCT का ऑप्शन मिलता है। कार के साथ 1.5 लीटर का 4 सिलेंडर एडवांस्ड स्मार्टस्ट्रीम नॉर्मल पेट्रोल इंजन भी दिया गया है, जो 115 PS की पावर और 144 NM का टॉर्क जनरेट करता है। इस इंजन को दो ट्रांसमिशन ऑप्शन 6 स्पीड मैनुअल (6MT) और IVT ऑटोमेटिक गियरबॉक्स के साथ ट्यून किया गया है। इसके अलावा 1.5 लीटर का एक 4 सिलेंडर रिफाइंड CRDi VGT डीजल इंजन का ऑप्शन भी दिया गया है। ये इंजन 116PS की पावर और 250 NM का टॉर्क जनरेट करता है। इसे 6 iMT और 6 AT गियरबॉक्स के साथ ट्यून किया गया है।

दैनिक भास्कर 2 Jan 2026 2:21 pm