टेक कंपनी गूगल 18 फरवरी को अपना सबसे सस्ता स्मार्टफोन पिक्सल 10a भारत में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। हालांकि लॉन्च से पहले ही फोन के लगभग सभी फीचर्स और स्पेसिफिकेशंस ऑनलाइन लीक हो गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार कंपनी का फोकस डिजाइन में बड़े बदलाव के बजाय हार्डवेयर और बैटरी को और बेहतर बनाने पर है। फोन में 48MP कैमरा और 5100mAh की बैटरी मिलेगी। इसके अलावा, फोन के साथ 7 साल तक सॉफ्टवेयर अपडेट्स मिलेंगे। 53,600 रुपए हो सकती है शुरुआती कीमत रिपोर्ट्स के अनुसार, यूरोप में गूगल पिक्सल 10a की शुरुआती कीमत €499 (लगभग 53,600 रुपए) हो सकती है। खास बात यह है कि लॉन्च ऑफर के तहत कंपनी इसके 256GB वैरिएंट को भी शुरुआत में इसी कीमत पर पेश कर सकती है, जबकि इसकी रेगुलर प्राइस लगभग 64,343 रुपए रहने की उम्मीद है। यह फोन ऑब्सीडियन, फॉग, लैवेंडर और बेरी जैसे चार आकर्षक रंगों में आ सकता है। डिजाइन: पिछले मॉडल जैसी झलक, पर ज्यादा मजबूत डिजाइन की बात करें तो पिक्सल 10a काफी हद तक अपने पिछले मॉडल जैसा ही दिखेगा। इसमें गूगल का सिग्नेचर कैमरा बार सेटअप मिलेगा। फोन में प्रीमियम फिनिश के साथ IP68 रेटिंग दी जा सकती है, जो इसे धूल और पानी से सेफ रखेगी। सामने पतले बेजल्स के साथ डिस्प्ले के टॉप सेंटर में सेल्फी कैमरे के लिए पंच-होल कटआउट होगा। स्क्रीन की सुरक्षा के लिए इसमें कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 7i का इस्तेमाल किया गया है, जो पहले से ज्यादा ड्यूरेबिलिटी ऑफर करेगा। स्पेसिफिकेशंस: पावरफुल प्रोसेसर और 7 साल का अपडेट डिस्प्ले: फोन में 6.3 इंच का OLED डिस्प्ले मिल सकता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 2424 x 1080 पिक्सल रेजोल्यूशन सपोर्ट करेगा। प्रोसेसर: इसमें गूगल का लेटेस्ट Tensor G4 चिपसेट दिया जाएगा, जो Titan M2 सिक्योरिटी चिप के साथ आएगा। यह कॉम्बिनेशन एआई प्रोसेसिंग को फास्ट और फोन को ज्यादा सुरक्षित बनाएगा। सॉफ्टवेयर: यह फोन Android 16 के साथ लॉन्च होने वाला दुनिया के शुरुआती स्मार्टफोन्स में से एक हो सकता है। कंपनी इस पर 7 साल तक सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट्स देने का वादा कर सकती है। मेमोरी: इसमें 8GB LPDDR5X रैम और 128GB/256GB (UFS 3.1) स्टोरेज के विकल्प मिलेंगे। कैमरा: OIS के साथ 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमराफोटोग्राफी के लिए इसके बैक पैनल पर डुअल कैमरा सेटअप होगा। इसमें 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा दिया जा सकता है, जो डुअल-पिक्सल ऑटोफोकस और ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) के साथ आएगा। इसके साथ 13 मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइड लेंस (120 डिग्री व्यू) होगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 13 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा मिलने की उम्मीद है। बैटरी और चार्जिंग: पहली बार बड़ी बैटरी का सपोर्टपावर बैकअप के लिए गूगल पिक्सल 10a में 5100mAh की बैटरी दी जा सकती है। इसे तेजी से चार्ज करने के लिए 45W फास्ट वायर्ड चार्जिंग का सपोर्ट मिलेगा। इसके अलावा, फोन में वायरलेस चार्जिंग की सुविधा भी दी जाएगी।
India AI Impact Summit : PM मोदी ने किया Jio Pavilion का दौरा, आकाश अंबानी ने दिखाया AI इकोसिस्टम
इंडिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इम्पैक्ट समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जियो के AI पवेलियन का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जियो द्वारा विकसित विभिन्न AI आधारित मॉडलों और समाधानों की जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने जियो इंटेलिजेंस, जियो ...
इलॉन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) की सर्विस आज (16 फरवरी) को दुनियाभर में 2 घंटे ठप रहीं। हजारों यूजर्स फीड एक्सेस नहीं कर पाने और ब्लैंक स्क्रीन दिखने की शिकायत की। हालांकि यह बीच में कुछ समय के लिए फिर से चालू और बंद होता रहा। आउटेज को ट्रैक करने वाली वेबसाइट 'डाउनडिटेक्टर' पर शाम 6.30 से 8.30 बजे तक 45,000 से ज्यादा लोगों ने शिकायतें की। हालांकि फिर सर्विस बहाल हो गई। इस दौरान यूजर्स का कहना था कि वे न तो अपनी टाइमलाइन देख पा रहे थे और न ही नई पोस्ट कर पा रहे थे। X की सर्विस 1 महीने में दूसरी बार ठप हुई है। इससे पहले 16 जनवरी को भी भारत,अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा समेत कई देशों में हजारों यूजर्स को एक्सेस करने में परेशानी हुई थी। 49% यूजर्स वेबसाइट नहीं चला पा रहे थे डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, दुनियाभर में X के 49% यूजर्स वेबसाइट नहीं चला पा रहे थे। वहीं,41% लोगों को एप इस्तेमाल करने में परेशानी हो रही है और करीब 10% ने बताया कि टाइमलाइन लोड करने में दिक्कत हुई। एप और वेब दोनों पर लोडिंग की समस्या, ग्रोक AI भी बंद रहा इस आउटेज का असर मोबाइल एप्लिकेशन और डेस्कटॉप वर्जन दोनों पर देखा गया। यूजर्स ने बताया कि एप खोलने पर उन्हें सिर्फ ब्लैंक स्क्रीन दिखी। इसके साथ ही मस्क की कंपनी xAI का चैटबॉट 'ग्रोक' भी काम नहीं कर रहा था। यूजर्स के रिफ्रेश करने पर पुरानी पोस्ट गायब हो रहीं और कोई नया डेटा लोड नहीं हो रहा था। X की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं इलॉन मस्क या X की सपोर्ट टीम ने अभी तक इस आउटेज की वजह या इसके ठीक होने के समय को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। आमतौर पर X ऐसे मामलों में आंतरिक रूप से पैच अपडेट जारी करता है, जिसके बाद सर्विस धीरे-धीरे बहाल होती है। बार-बार होने वाले इन तकनीकी हादसों ने प्लेटफॉर्म की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। X के 4 आउटेज इलॉन मस्क ने 2022 में खरीदा था X 27 अक्टूबर 2022 को इलॉन मस्क ने ट्विटर (अब X) खरीदा था। ये डील 44 बिलियन डॉलर में हुई थी। आज के हिसाब से ये रकम करीब 3.84 लाख करोड़ रुपए होती है। मस्क ने सबसे पहले कंपनी के चार टॉप ऑफिशियल्स CEO पराग अग्रवाल, फाइनेंस चीफ नेड सेगल, लीगल एग्जीक्यूटिव विजया गड्डे और सीन एडगेट को निकाला था। 5 जून 2023 को लिंडा याकारिनो ने X के CEO के तौर पर जॉइन किया था। इससे पहले वो NBC यूनिवर्सल में ग्लोबल एडवर्टाइजिंग एंड पार्टनरशिप की चेयरमैन थीं। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… रेलवे टिकट बुकिंग वेबसाइट और एप फिर से डाउन: छठ पर्व पर हजारों यात्री परेशान; तत्काल टिकट बुक नहीं कर पाए छठ पर्व के पहले दिन आज यानी, 25 अक्टूबर को IRCTC की वेबसाइट और एप डाउन हो गए। लोगों को सुबह 10 बजे से रेल टिकट बुक करने में परेशानी हो रही है। इससे पहले दिवाली पर भी IRCTC की वेबसाइट और एप डाउन हो चुके हैं। आउटेज ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म डाउन डिटेक्टर के मुताबिक सुबह 9:00 बजे से लोगों ने साइट और एप डाउन होने की शिकायत दर्ज करानी शुरू कर दी थी। सुबह 10 बजे करीब 180 लोगों ने इसे रिपोर्ट किया था। सोशल मीडिया पर भी लोग वेबसाइट डाउन होने की शिकायत करते रहे। पूरी खबर पढ़ें…
निसान मोटर इंडिया कल 17 फरवरी को सब-4 मीटर सेगमेंट में नई कार ग्रेवाइट लॉन्च करने जा रही है। कंपनी की नई 7-सीटर मल्टी पर्पस व्हीकल (MPV) भारत में रेनो ट्राइबर, मारुति अर्टिगा, मारुति XL6, किआ कैरेंस और किआ कैरेंस क्लाविस को टक्कर देगी। निसान ने नई MPV का फर्स्ट लुक (18 जनवरी) रिवील किया था। ये रेनो ट्राइबर के प्लेटफॉर्म पर बेस्ड है और भारत में डेवलप की गई है। कार में डिजिटल क्लस्टर और सेफ्टी के लिए 360 डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स मिल सकते हैं। ये बजट 7-सीटर MPV सेगमेंट में निसान की नई एंट्री है। ये रेनो ट्राइबर की तरह बजट फैमिली कार होगी और इसकी एक्स-शोरूम कीमत 6 से 9 लाख रुपए के बीच हो सकती है। बुकिंग की जानकारी फिलहाल नहीं आई हैं। ट्राइबर की तरह सब-4 मीटर साइज में 7 सीट्स ग्रेवाइट की सबसे बड़ी खासियत इसका सब-4 मीटर साइज है, जिसमें 7 सीट्स के साथ फ्लेक्सिबल सीटिंग मिलेगी। थर्ड रो सीट्स रिमूवेबल होंगी, जिससे बूट स्पेस ज्यादा हो जाएगा। ये शहर में आसानी से चलने वाली और फैमिली यूज के लिए प्रैक्टिकल MPV होगी। रेनो ट्राइबर की तरह मॉड्यूलर सीटिंग सेटअप मिलेगा। एक्सटीरियर डिजाइन: स्लिम LED DRLs के साथ हनीकॉम्ब ग्रिल कार का डिजाइन कंपनी की अपकमिंग SUV टेक्टॉन की तरह होगा। इसके फ्रंट में हनीकॉम्ब डिजाइन वाली बोल्ड ग्रिल मिलेगी, जिसके बीच में निसान का लोगो है। वहीं बोनट पर ग्रेवाइट की बैजिंग दी गई है। स्लिम LED DRLs लाइट बार से कनेक्टेड हैं और हेडलैंप्स नए डिजाइन के साथ आएंगे। साइड प्रोफाइल में रूफ रेल्स, पुल टाइप डोर हैंडल्स और डुअल-टोन अलॉय व्हील्स दिखेंगे। सिल्हूट ट्राइबर जैसा ही है, लेकिन निसान स्टाइलिंग से अलग लुक मिलेगा। रियर में डिसकनेक्टेड टेल लाइट्स हैं, जिन्हें थिन क्रोम स्ट्रिप जोड़ेगी। टेलगेट पर GRAVITE लेटरिंग और सिंपल बंपर में C-शेप एलिमेंट होगा। कुल मिलाकर मॉडर्न और बोल्ड डिजाइन है। डायमेंशन सब-4 मीटर रखी गई है, कलर ऑप्शन की डिटेल लॉन्च पर आएगी। इंटीरियर: ट्राइबर से इंस्पायर्ड केबिन डिजाइन इंटीरियर ट्राइबर से इंस्पायर्ड होगा, लेकिन निसान के अपने कलर थीम और अपहोल्स्ट्री मिलेगी। डैशबोर्ड बेसिक लेआउट वाला होगा। स्टीयरिंग व्हील और सीट्स कॉम्फी होंगी। थर्ड रो तक AC वेंट्स दिए गए हैं। पैनोरमिक सनरूफ की उम्मीद कम है, लेकिन मैनुअल AC और अच्छा स्पेस मिलेगा। फुल इंटीरियर डिटेल अभी अनवील नहीं हुई है। परफॉरमेंस: 1.0 लीटर का 3 सिलेंडर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन कार में परफॉर्मेंस के लिए 1.0 लीटर का 3 सिलेंडर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन मिलेगा, जो 72PS की पावर और 96Nm का टॉर्क जनरेट करता है। ट्रांसमिशन के लिए 5-स्पीड मैनुअल या 5-स्पीड AMT गियरबॉक्स ऑप्शनल होंगे। माइलेज की डिटेल लॉन्च पर आएगी, लेकिन ट्राइबर जैसी अच्छी फ्यूल एफिशिएंसी मिलने की उम्मीद है। बाद में CNG ऑप्शन भी आ सकता है। टर्बो पेट्रोल की संभावना कम है। फीचर्स: 8-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम कंफर्ट और कन्वीनियंस में 8-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलेगा, जो एंड्रॉएड ऑटो और एपल कार प्ले सपोर्ट करेगा। 7-इंच सेमी-डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, वायरलेस फोन चार्जर, पुश बटन स्टार्ट-स्टॉप, कूल्ड स्टोरेज और सेकंड रो में स्लाइड-रिक्लाइन सीट्स जैसे फीचर्स आएंगे। रियर पैसेंजर्स के लिए AC वेंट्स और 6-स्पीकर साउंड सिस्टम भी होगा। कुल मिलाकर प्रैक्टिकल फीचर्स की लिस्ट अच्छी है। सेफ्टी फीचर्स: 6 एयरबैग्स और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम सेफ्टी में 6 एयरबैग्स, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), हिल स्टार्ट असिस्ट, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS), फ्रंट-रियर पार्किंग सेंसर्स और रियर पार्किंग कैमरा जैसे फीचर्स मिलेंगे। ये सेगमेंट में अच्छी सेफ्टी पैकेज देगी।
भारत में आज से दुनिया के सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी इवेंट 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' शुरू होने जा रहा है। ये इवेंट 16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में होगा। इवेंट में 30 से ज्यादा देशों की 300+ कंपनियां अपने एआई गैजेट्स और तकनीक दिखाएंगी। यहां आम लोग देख सकेंगे कि एआई असल जिंदगी में कैसे काम करता है और भविष्य में AI से खेती, सेहत और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में क्या बदलाव लाने वाला है। समिट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और बिल गेट्स समेत 20 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्ष और 100 से अधिक ग्लोबल सीईओ शामिल होंगे। सुंदर पिचाई से लेकर सैम ऑल्टमैन तक शामिल होंगे इस इवेंट में दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों के प्रमुख शामिल हो रहे हैं। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, ओपनएआई) के सैम ऑल्टमैन, एनवीडिया के जेन्सेन हुआंग और माइक्रोसॉफ्ट-गूगल के अन्य बड़े नाम इसमें हिस्सा लेंगे। इन ग्लोबल नामों के साथ भारत के बड़े बिजनेसमैन भी मंच साझा करेंगे। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, टाटा संस के एन. चंद्रशेखरन, इंफोसिस के नंदन नीलेकणि, भारती एंटरप्राइजेज के सुनील भारती मित्तल, टीसीएस के सीईओ के. कृतिवासन और एचसीएल टेक की रोशनी नादर मल्होत्रा भी शामिल होंगी। PM मोदी के व्यक्तिगत निमंत्रण पर आ रहे 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में सिर्फ टेक लीडर्स ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तिगत निमंत्रण पर दुनिया के कई ताकतवर देशों के नेता भी दिल्ली पहुंच रहे हैं। इसमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, यूएई के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा और स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज शामिल हैं। इसके अलावा भूटान, श्रीलंका, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड और मॉरीशस जैसे देशों के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति भी इस चर्चा का हिस्सा बनेंगे। कुल 45 से ज्यादा देशों के मंत्री स्तर के प्रतिनिधिमंडल और संयुक्त राष्ट्र (UN) के वरिष्ठ अधिकारी भी इस दौरान भारत में होंगे। 19 फरवरी को शामिल होंगे पीएम मोदी 16 फरवरी (सोमवार): समिट के पहले दिन की शुरुआत एक्सपर्ट्स और पॉलिसी मेकर्स के बीच 'राउंडटेबल' चर्चाओं से होगी।इसी दिन 'इंडिया एआई एक्सपो' का उद्घाटन होगा, जहां स्टार्टअप्स और इनोवेशन का प्रदर्शन किया जाएगा। यहां 300 से ज्यादा भारतीय और विदेशी स्टार्टअप्स अपने ऐसे गैजेट्स दिखाएंगे जो एआई की मदद से चलते हैं। 17 फरवरी (मंगलवार): दूसरे दिन का पूरा फोकस उन क्षेत्रों पर होगा जिनका आम आदमी की जिंदगी से सीधा संबंध है। सरकार खेती, सेहत, शिक्षा,एनर्जी, जेंडर एम्पावरमेंट और दिव्यांगों की मदद के लिए 6 विशेष रिसर्च बुक्स लॉन्च करेगी। ये किताबें बताएंगी कि कैसे एआई की मदद से इन क्षेत्रों में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। 18 फरवरी (बुधवार): दुनिया के टॉप वैज्ञानिक, रिसर्चर और थिंक टैंक अपनी 'कटिंग-एज' रिसर्च दुनिया के सामने रखेंगे। टेक कंपनियां और स्टार्टअप्स डेमो देकर दिखाएंगे कि उनकी एआई तकनीक असल में कैसे काम करती है और भविष्य की मशीनें कैसी होंगी। 19 फरवरी (गुरुवार): पीएम मोदी आधिकारिक तौर पर उद्घाटन समारोह को संबोधित करेंगे। सुंदर पिचाई , सैम ऑल्टमैन और बिल गेट्स जैसे 100 से ज्यादा ग्लोबल दिग्गज पीएम मोदी के साथ एक मेज पर बैठेंगे। इसमें भारत में एआई सेक्टर में बड़े निवेश और रणनीतिक पार्टनरशिप पर अहम फैसले होंगे। 20 फरवरी (शुक्रवार): GPAI काउंसिल की मीटिंग होगी। सदस्य देशों के प्रतिनिधि एक साथ बैठेंगे ताकि एआई को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया जा सके। विदेश मंत्रालय के वीडियो में देखिए समिट की जानकारी आम लोगों के लिए समिट में ये 5 चीजें होंगी खास AI इम्पैक्ट एक्सपो: 70,000 वर्ग मीटर से ज्यादा बड़े एरिया में एक मेगा प्रदर्शनी लगेगी। इसमें 30 से ज्यादा देशों की 300+ कंपनियां अपने एआई गैजेट्स और तकनीक दिखाएंगी। आम लोग देख सकेंगे कि एआई असल जिंदगी में कैसे काम करता है। एजुकेशन और स्किलिंग: छात्रों और युवाओं के लिए 'YUVAi' और 'AI for ALL' जैसे प्रोग्राम होंगे। इसके जरिए लोग यह सीख सकेंगे कि एआई टूल्स का इस्तेमाल अपनी पढ़ाई और करियर को बेहतर बनाने के लिए कैसे किया जाए। रोजमर्रा की समस्याओं पर फोकस: एक्सपो में ऐसे एआई मॉडल्स का डेमो होगा जो खेती में फसल की बीमारी पहचानने, अस्पतालों में बेहतर इलाज करने और भाषा अनुवाद को आसान बनाने में मदद करते हैं। स्टार्टअप्स लीडर्स से मुलाकात: देश-विदेश के स्टार्टअप्स अपने अनोखे प्रोडक्ट्स पेश करेंगे। आम लोग इन इनोवेटर्स से सीधे बात कर सकेंगे और समझ सकेंगे कि भविष्य की तकनीक कैसी होगी। एक्सपीरिएंस जोन: समिट में कई 'थीमैटिक पैवेलियन' बनाए गए हैं। यहां लोग खुद एआई पावर्ड मशीनों और सॉफ्टवेयर का अनुभव ले सकेंगे, जैसे स्मार्ट हेल्थ मॉनिटरिंग और एआई ट्यूटर।
ओप्पो के किफायती ईयरबड्स एनको बड्स 3 प्रो+ को लॉन्च हुए करीब 2 महीने बीत चुके हैं। ₹2,499 की कीमत वाले ये बड्स एक्टिव नॉइस कैंसलेशन और डुअल-डिवाइस कनेक्टिविटी जैसे फीचर्स के साथ आते हैं। हमने पिछले 60 दिनों तक इनका इस्तेमाल किया। लंबी टेस्टिंग के बाद डिटेल्ड रिव्यू… 1. डिजाइन और कलर: इनका डिजाइन ओप्पो के पुराने वर्जन से काफी मिलता-जुलता है। ये 'सोनिक ब्लू' और मिडनाइट ब्लैक कलर में उपलब्ध हैं। बड्स का केस बाहर से मैट फिनिश के साथ आता है, जिससे इस पर उंगलियों के निशान नहीं पड़ते। अंदर का हिस्सा ग्लॉसी है। इसमें फास्ट पेयरिंग का सपोर्ट दिया गया है, जिससे यह फोन से तुरंत कनेक्ट हो जाते हैं। बड्स पर लेफ्ट (L) और राइट (R) की मार्किंग दी गई है ताकि पहनने में कोई गलती न हो। राउंड एजेस और छोटे साइज की वजह से लंबे समय तक इस्तेमाल पर भी दर्द या थकान महसूस नहीं होती। बॉक्स में चार्जिंग केबल नहीं दी गई है। हालांकि आजकल ज्यादातर घरों में टाइप-सी केबल होती है, लेकिन एक नए प्रोडक्ट के साथ केबल न मिलना कुछ यूजर्स को अखर सकता है। 2. ऑडियो क्वालिटी: बेहतर साउंड के लिए इसमें 12.4 mm का बड़ा ड्राइवर दिया गया है। बड़े ड्राइवर की वजह से म्यूजिक सुनते समय बेस काफी पावरफुल महसूस होता है। कॉलिंग के लिए हर बड में ड्यूल माइक्रोफोन सेटअप दिया गया है। एक माइक ऊपर और एक नीचे की तरफ। इन बड्स में 'एक्टिव नॉइज कैंसिलेशन' (ANC) फीचर भी दिया गया है। ये 32 डेसीबल्स (dB) तक का ANC सपोर्ट करते हैं। ये ऑडियो एक्सपीरियंस को बेहतर बना देता है। लगातार 60 दिनों तक इस्तेमाल करने के बाद भी इसके साउंड और बेस की क्लेरिटी में कोई कमी नहीं आई है। लेकिन इसका ANC ऑफिस या घर के हल्के शोर को तो काट देता है, लेकिन बहुत ज्यादा भीड़भाड़ वाली जगह या ट्रैफिक के तेज शोर में यह उतना असरदार नहीं है। 3. बैटरी: बिना ANC के इस पूरे पैकेज (केस + बड्स) से 43 घंटे तक का बैकअप मिलता है। वहीं ANC मोड ऑन रहने पर यह 28 घंटे का बैकअप देता है। सिर्फ बड्स की बात करें, तो बिना ANC के ये एक बार में 12 घंटे और ANC के साथ 8 घंटे का प्लेबैक टाइम देते हैं। हमने इन बड्स को अलग-अलग स्थितियों में इस्तेमाल किया और इसकी बैटरी ने निराश नहीं किया। बड्स ने एक बार चार्ज करने पर 6 घंटे का बैकअप दिया। ये बड्स फास्ट चार्जिंग भी सपोर्ट करते हैं, यानी सिर्फ 10 मिनट चार्ज करके आप 2 घंटे तक म्यूजिक सुन सकते हैं। 4. प्रोटेक्शन: हल्की बारिश से बचाव के लिए इसे IP55 रेटिंग दी गई है। ओप्पो का इन बड्स को लेकर ये भी दावा है कि 1000 बार चार्ज करने के बाद भी बैटरी अपनी 80% क्षमता को बरकरार रखेगी। आमतौर पर ईयरफोन्स की बैटरी एक-डेढ़ साल में कम बैकअप देने लगती है, लेकिन ओप्पो की यह तकनीक इसे लंबे समय तक चलने वाला गैजेट बनाती है। 5. अन्य फीचर्स: केस पर सामने की तरफ एक LED लाइट और नीचे चार्जिंग के लिए USB-C पोर्ट दिया गया है। इस बजट में वायरलेस चार्जिंग तो नहीं है, लेकिन इसमें ड्यूल कनेक्शन (एक साथ दो डिवाइस से जुड़ना) और टच कंट्रोल्स जैसे फीचर्स मिल जाते हैं। मुकाबला: बाजार में ओप्पो एनको बड्स 3 प्रो+ का मुकाबला रियलमी बड्स एयर सीरीज और बोट एयरडोप्स के उन मॉडल्स से होगा जो ₹2,000 से ₹3,000 की रेंज में आते हैं। ये ब्रांड्स इस कीमत पर एक्टिव नॉइज कैंसिलेशन और लंबी बैटरी लाइफ जैसे फीचर्स देते हैं। फैसला: कम कीमत में ऐसे फीचर्स बड्स को वैल्यू फॉर मनी प्रोडक्ट बनाते हैं। अगर आप 3 हजार रुपए से कम कीमत में बढ़िया ऑडियो एक्सपीरियंस चाहते हैं, तो इसे खरीद सकते हैं।
टेक कंपनी टेक्नो (TECNO) ने पोवा सीरीज में नया स्मार्टफोन टेक्नो पोवा कर्व 2 लॉन्च कर दिया है। ये भारत में डायमेंसिटी 7100 प्रोसेसर वाला पहला स्मार्टफोन है। यह कंपनी का अब तक का सबसे बड़ी बैटरी वाला फोन है। इसमें पावर बैकअप के लिए 8000mAh बैटरी की बैटरी दी गई है। टेक्नो पोवा कर्व 2 को भारत में दो स्टोरेज वैरिएंट्स में पेश किया गया है। इसके 8GB रैम 128GB स्टोरेज वाले बेस वैरिएंट की कीमत 27,999 रुपए और 8GB रैम + 256GB स्टोरेज वाले दूसरे वैरिएंट की कीमत 29,999 रुपए रखी गई है। इस स्मार्टफोन की सेल 20 फरवरी से शुरू होगी। शुरुआती सेल में कंपनी इस पर 3000 रुपए तक का डिस्काउंट और 3 या 6 महीने की नो-कॉस्ट EMI का ऑफर भी दे रही है। डिजाइन: दुनिया का सबसे पतला कर्व्ड डिस्प्ले वाला फोन टेक्नो पोवा कर्व 2 का डिजाइन काफी स्लिम और प्रीमियम है। फोन की थिकनेस सिर्फ 7.42mm है और वजन 195 ग्राम रखा गया है। इतनी बड़ी 8000mAh बैटरी के साथ यह दुनिया का सबसे पतला कर्व्ड डिस्प्ले वाला फोन बताया जा रहा है। फ्रंट पर 3D कर्व्ड एमोलेड डिस्प्ले है, जिसमें पतले बेजल्स और सेंटर में पंच-होल सेल्फी कैमरा दिया गया है। बैक पैनल पॉलीकार्बोनेट मटेरियल का बना है जिसमें ग्लॉसी टेक्स्चर है और कैमरा मॉड्यूल वर्टिकल स्ट्रिप में है। फोन काफी लाइट और कम्फर्टेबल फील देता है। पोर्ट्स और बटन्स की बात करें तो राइट साइड पर वॉल्यूम रॉकर और पावर बटन है, बॉटम पर USB टाइप-C पोर्ट, स्पीकर और माइक दिया गया है। फोन में IP64 डस्ट और स्प्लैश रेसिस्टेंट रेटिंग भी मिली है। आप इसे मिस्टिक पर्पल, स्टॉर्म टाइटेनियम और मेल्टिंग सिल्वर कलर में खरीद सकेंगे। टेक्नो पोवा कर्व 2: स्पेसिफिकेशंस डिस्प्ले: फोन में 6.78 इंच की स्क्रीन दी गई है, जिसका रेजोल्यूशन 26441208 पिक्सल है। यह 1.5K कर्व्ड एमोलेड पैनल पर बनी है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट पर काम करती है। इसकी पीक ब्राइटनेस 4500 निट्स है और 2304Hz PWM डिमिंग की सुविधा भी मिलती है। प्रोटेक्शन के लिए कोर्निंग गोरिल्ला ग्लास 7i लगा है। स्क्रीन गेमिंग और वीडियो के लिए काफी स्मूद और ब्राइट है। कैमरा: फोटोग्राफी के लिए टेक्नो पोवा कर्व 2 के बैक पैनल पर डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। इसमें LED फ्लैश के साथ 50 मेगापिक्सल का मेन सेंसर और 2 मेगापिक्सल का मैक्रो लेंस शामिल है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फ्रंट में 13 मेगापिक्सल का कैमरा है। कैमरा नाइट मोड और पोर्ट्रेट जैसे फीचर्स सपोर्ट करता है। परफॉर्मेंस: टेक्नो पोवा कर्व 2 में परफॉर्मेंस के लिए मीडियाटेक डायमेंसिटी 7100 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर दिया गया है, जो 6nm फैब्रिकेशन पर बना है और 2.4GHz तक की क्लॉक स्पीड तक रन कर सकता है। यह भारत का पहला डायमेंसिटी 7100 वाला फोन है। इसके साथ LPDDR5X रैम और UFS 2.2 स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा। फोन में डेडिकेटेड G1 चिप से 20 5G बैंड्स और SE1 वाईफाई चिप से स्ट्रॉन्ग कनेक्टिविटी मिलती है। सॉफ्टवेयर की बात करें तो यह एंड्रॉएड 16 पर बेस्ड हाईOS 16 के साथ आता है। इला AI 2.0 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है। पावर बैकअप: टेक्नो पोवा कर्व 2 में कंपनी की अब तक की सबसे बड़ी 8000mAh बैटरी दी गई है। बैटरी को चार्ज करने के लिए 45W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट है। नॉर्मल यूज में 2 दिन तक का बैकअप आसानी से मिल जाएगा। अन्य फीचर्स: कनेक्टिविटी के लिए डुअल 5G, वाईफाई, ब्लूटूथ और डुअल सिम सपोर्ट है। ऑडियो के लिए स्टीरियो स्पीकर्स दिए गए हैं। 3.5mm जैक नहीं है।
ओपनएआई ने कुछ चुनिंदा यूजर्स के लिए चैट जीपीटी में विज्ञापनों की टेस्टिंग शुरू कर दी है। कंपनी ने इसका पोस्ट भी जारी किया है। इसी तरह गूगल ने गूगल सर्च और जेमिनी में सीधे खरीदारी का विकल्प जोड़ दिया है। एआई कंपनियों का उद्देश्य है कि यूजर जब एआई से प्रोडक्ट ढूंढे, तुलना करें या सलाह लें और वहीं से खरीद भी सकें। इससे गूगल को एआई के इस्तेमाल से सीधी कमाई का रास्ता मिलेगा। लेकिन ओपनएआई–गूगल के इतर एंथ्रोपिक की पॉलिसी बिल्कुल अलग है। एंथ्रोपिक ने एआई मॉडल्स में विज्ञापनों का विरोध किया है। जानते हैं तीनों कंपनी की स्ट्रेटजी। इन तीन कंपनियों की ये होगी रणनीति ओपनएआई: फ्री यूजर्स भी बंद कर सकेंगे विज्ञापन,पर मैसेज कम मिलेंगे सिर्फ फ्री और गो प्लान के यूजर्स के लिए विज्ञापन होंगे। अन्य प्लान पूरी तरह विज्ञापन-मुक्त रहेंगे। चैट के जवाब में साफ ‘स्पॉन्सर्ड लेबल’ लिखा होगा। विज्ञापन ब्रॉड टॉपिक्स और यूजर के ऐड-इंटरैक्शन के आधार पर चुने जाएंगे। फ्री यूजर भी विज्ञापन बंद कर सकेंगे, लेकिन बदले में रोज के फ्री मैसेज कम मिलेंगे। गूगल: डायरेक्ट ऑफर्स नाम का नया फीचर लॉन्च किया गूगल ने विज्ञापनदाताओं को भेजे एक पत्र में बताया कि सर्च के एआई मोड में नए विज्ञापन के फॉर्मेट टेस्ट किए जा रहे हैं। रिटेलर और ब्रांड अपने प्रोडक्ट सीधे एआई रिजल्ट्स में दिखा सकेंगे। डायरेक्ट ऑफर्स नाम का नया फीचर ब्रांड्स को संभावित ग्राहकों को छूट/डिस्काउंट देने की सुविधा देगा। एंथ्रोपिक: विज्ञापनों से दूरी की रणनीति एंथ्रोपिक ने कहा है कि क्लाउड में पारंपरिक विज्ञापन जोड़ने की कोई योजना नहीं है। कंपनी का मानना है कि चैट के बीच सेल्स पिच या प्रमोशनल मैसेज यूजर के भरोसे को कमजोर करते हैं। कंपनी की कमाई का फोकस सब्सक्रिप्शन और एंटरप्राइज लाइसेंस पर है।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए AI टूल 'क्लॉड' का इस्तेमाल किया है। यह पहली बार है जब एआई का इस्तेमाल किसी इतने बड़े और गुप्त ऑपरेशन में किया गया है। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की रिपोर्ट में ये जानकारी सामने आई है। अमेरिकी सेना ने जनवरी की शुरुआत में काराकास में बमबारी करने के बाद मादुरो को गिरफ्तार किया था। उन पर ड्रग तस्करी के आरोप हैं। फिलहाल वे न्यूयॉर्क की जेल में हैं। डेटा फर्म पालान्टिर के जरिए हुआ AI का इस्तेमाल रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने सीधे एनट्रॉपिक से नहीं बल्कि डेटा कंपनी 'पैलेंटियर' के जरिए क्लॉड का इस्तेमाल किया है। पैलेंटियर पहले से ही अमेरिकी रक्षा विभाग और फेडरल पुलिस के लिए काम करती है। एनट्रॉपिक की चिंताओं को देखते हुए अब ट्रम्प प्रशासन उसके 200 मिलियन डॉलर (करीब ₹1,800 करोड़) के कॉन्ट्रैक्ट को रद्द करने पर विचार कर रहा है। हिंसा के लिए क्लॉड AI के इस्तेमाल पर पाबंदी क्लॉड AI को बनानी वाली कंपनी एंथ्रोपिक ने कहा, हम किसी विशेष ऑपरेशन पर टिप्पणी नहीं कर सकते, लेकिन हमारा हर यूजर हमारी 'यूसेज पॉलिसी' मानने के लिए बाध्य है। क्लॉड एआई की गाइडलाइन्स में साफ लिखा है कि इस तकनीक का इस्तेमाल हिंसा फैलाने, हथियार बनाने या किसी की जासूसी करने के लिए नहीं किया जा सकता। युद्ध लड़ने से रोकने वाले AI का इस्तेमाल नहीं करेगी अमेरिकी सेना अमेरिकी रक्षा विभाग चाहता है कि ओपनAI और एंथ्रोपिक जैसी कंपनियां अपने टूल्स को मिलिट्री के क्लासिफाइड नेटवर्क पर बिना किसी कॉमर्शियल पाबंदी के उपलब्ध कराएं। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने हाल ही में कहा था कि हम ऐसे AI मॉडल इस्तेमाल नहीं करेंगे जो हमें युद्ध लड़ने से रोकें। गूगल और माइक्रोसॉफ्ट भी इस रेस में शामिल एनट्रॉपिक पहली ऐसी एआई कंपनी है जिसका इस्तेमाल सेना के गुप्त ऑपरेशन्स में हुआ है, लेकिन वह अकेली नहीं है। इलॉन मस्क की कंपनी xAI, गूगल का जेमिनी और माइक्रोसॉफ्ट के निवेश वाली ओपन एआई भी सेना के लिए विशेष AI प्लेटफॉर्म तैयार करने में जुटी हैं। इनका इस्तेमाल फिलहाल डॉक्यूमेंट्स का विश्लेषण करने, रिपोर्ट बनाने और रिसर्च करने में हो रहा है। क्या है एंथ्रोपिक का 'क्लॉड' AI? क्लॉड एक एडवांस AI चैटबॉट है, जो टेक्स्ट जनरेशन, डेटा एनालिसिस और कोडिंग जैसे कामों में माहिर है। इसे ओपन AI के पूर्व एग्जीक्यूटिव्स ने 2021 में शुरू किया था। हाल ही में एक फंडिंग राउंड के बाद एंथ्रोपिक की वैल्यूएशन 380 बिलियन डॉलर यानी, करीब 34 लाख करोड़ रुपए हो गई है। नॉलेज पार्ट: युद्ध में कैसे मदद करता है AI? मिलिट्री ऑपरेशंस में AI का इस्तेमाल मुख्य रूप से इन कामों के लिए किया जाता है:
एपल भारत में अपने रिटेल नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रहा है। कंपनी 26 फरवरी को मुंबई के बोरीवली में अपना 6वां एक्सक्लूसिव स्टोर खोलने जा रही है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में यह एपल का दूसरा स्टोर होगा। इससे पहले कंपनी ने मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) और दिल्ली के साकेत में अपने फ्लैगशिप स्टोर्स खोले थे। बोरीवली का यह नया स्टोर मुंबई के ग्राहकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। एपल ने भारत में अपने पैर जमाने के लिए मुंबई को केंद्र बनाया है। बोरीवली से पहले अभी मुंबई में बीकेसी में एपल का स्टोर मौजूद है। बोरीवली का स्टोर उत्तर मुंबई के लोगों के लिए एपल प्रोडक्ट्स और सर्विसेज तक पहुंच आसान बनाएगा। कंपनी का लक्ष्य उन इलाकों में पहुंचना है, जहां प्रीमियम कंज्यूमर बेस ज्यादा है। एपल के बोरीवली स्टोर में क्या-क्या खास होगा? बोरीवली स्टोर में ग्राहकों को एपल के सभी लेटेस्ट प्रोडक्ट्स जैसे आईफोन 16 सीरीज, मैकबुक, आईपैड और वॉच सीरीज देखने और खरीदने को मिलेगी। स्टोर की डिजाइन एपल के ग्लोबल स्टैंडर्ड के हिसाब से रखी गई है। यहां 'जीनियस बार' की सुविधा भी होगी, जहां एक्सपर्ट्स ग्राहकों की तकनीकी समस्याओं को मौके पर ही हल करेंगे। इसके अलावा, ग्राहक यहां ट्रेड-इन प्रोग्राम के जरिए अपने पुराने फोन बदलकर नया आईफोन ले सकेंगे। एपल ने अप्रैल 2023 में मुंबई में अपना पहला इंडिया स्टोर और दिल्ली में अपना दूसरा स्टोर खोला था। फिर कंपनी ने 2025 में तीन और आउटलेट्स के साथ अपनी रिटेल प्रेजेंस को बढ़ाया। ये तीन स्टोर्स बेंगलुरु, पुणे और नोएडा में खोले गए। कंपनी के मुताबिक, भारत उनके लिए एक स्ट्रैटेजिक मार्केट है और वे आने वाले समय में हैदराबाद जैसे शहरों में भी विस्तार का प्लान बना रहे हैं। भारत में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ने से मदद मिली एपल की रिटेल स्ट्रैटेजी में बदलाव के पीछे भारत में बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग एक बड़ी वजह है। सरकार की PLI स्कीम के तहत अब भारत में आईफोन का प्रोडक्शन बड़े स्तर पर हो रहा है। जानकारों का कहना है कि लोकल प्रोडक्शन की वजह से कंपनी को सप्लाई चेन में आसानी हो रही है, जिससे वह अपने रिटेल स्टोर्स का विस्तार तेजी से कर पा रही है। 2027 तक स्टोर्स की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य एपल के CEO टिम कुक ने पिछले भारत दौरे के दौरान संकेत दिया था कि वे भारत को लेकर बेहद उत्साहित हैं। कंपनी की योजना 2027 तक भारत में अपने स्टोर्स की संख्या बढ़ाकर 10 से ज्यादा करने की है। बोरीवली स्टोर इसी कड़ी का हिस्सा है। कंपनी अब सिर्फ टियर-1 ही नहीं, बल्कि बड़े मेट्रो शहरों के उपनगरीय इलाकों पर भी फोकस कर रही है। ये खबर भी पढ़ें… एपल मार्च में लॉन्च कर सकता है सस्ता आईफोन 17e: लेटेस्ट A19 चिप और मैगसेफ चार्जिंग मिलेगी; कीमत ₹50 हजार के करीब संभव एपल अगले महीने अपने किफायती आईफोन लाइनअप में नया मॉडल 'आईफोन 17e' लॉन्च कर सकता है। इस सस्ते आईफोन में भी लेटेस्ट A19 चिपसेट मिलने की उम्मीद है। ये चिप अभी आईफोन 17 सीरीज में मिलती है। रैम और स्टोरेज की बढ़ती कीमतों के बावजूद एपल इसकी कीमत 599 डॉलर यानी, करीब 50 हजार रुपए के आसपास रख सकता है। पूरी खबर पढ़ें…
JSW MG मोटर इंडिया ने नई 'मैजेस्टर' को रिवील कर दिया है। यह भारत में पहली D+ सेगमेंट वाली और सबसे बड़ी साइज वाली बॉडी ऑन फ्रेम SUV है। कंपनी की नई फ्लैगशिप SUV को ग्लोस्टर के ऊपर पोजीशन किया गया है। ये लग्जरी और फुली ऑफरोडिंग कार का कॉम्बिनेशन है। इसमें ट्विन-टर्बो डीजल इंजन और 8-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के साथ 10 ऑफ-रोड मोड्स मिलते हैं और इसे 810mm गहरे पानी में भी चलाया जा सकता है। नई मैजेस्टर में ट्रिपल डिफरेंशियल लॉक और क्रॉल कंट्रोल मोड, फ्रंट सीटों में वेंटिलेशन और मसाज फंक्शन, डुअल वायरलेस चार्जर, लेवल-2 ADAS सेफ्टी और पैनोरमिक सनरूफ जैसे फीचर्स मिलेंगे। तीन वैरिएंट्स और 6-7 सीटर का ऑप्शन MG मैजेस्टर को तीन वैरिएंट्स- शार्प 4x2, सैवी 4x2 और टॉप-स्पेक सैवी 4x4 में उतारा गया है। इसमें ग्राहकों को 6 और 7 सीटर कॉन्फिगरेशन चुनने का मौका मिलेगा। कंपनी ने इसकी बुकिंग ₹41,000 के टोकन अमाउंट के साथ शुरू कर दी है। अप्रैल में इसकी टेस्ट ड्राइव और मई 2026 से डिलीवरी शुरू होगी। कंपनी ने शुरुआती 3,000 ग्राहकों के लिए खास ऑफर भी रखा है, जिसमें 5 साल की अनलिमिटेड किलोमीटर वारंटी, 5 साल का रोडसाइड असिस्टेंस और 5 साल का लेबर-फ्री सर्विस कॉन्ट्रैक्ट शामिल है। भारतीय बाजार में इसका सीधा मुकाबला टोयोटा फॉर्च्यूनर और स्कोडा कोडियाक जैसी प्रीमियम SUV से होगा। एक्सटीरियर: मस्कुलर लुक और 19-इंच के अलॉय व्हील्स डिजाइन के मामले में मैजेस्टर काफी अग्रेसिव और मस्कुलर दिखती है। यह ग्लोबल मार्केट में बिकने वाली मैक्सस D90 पर बेस्ड है। इसके फ्रंट में 'मोजेक मैट्रिक्स' ग्रिल दी गई है, जिसके दोनों तरफ वर्टिकल और हॉरिजॉन्टल LED DRLs मिलते हैं। साइड प्रोफाइल में मस्कुलर क्लैडिंग और 19-इंच के ड्यूल-टोन अलॉय व्हील्स इसे बोल्ड लुक देते हैं। पीछे की तरफ पूरी चौड़ाई वाली LED टेललाइट्स और 'मैजेस्टर' की बैजिंग दी गई है। यह कार मेटल ब्लैक, पर्ल वाइट, कंक्रीट ग्रे और मेटल ऐश जैसे कलर में मिलेगी। इंटीरियर: मसाज फंक्शन वाली सीटें और बड़ा केबिन मैजेस्टर का केबिन बेहद प्रीमियम है। इसमें टू-टोन थीम के साथ सॉफ्ट-टच मटेरियल का इस्तेमाल किया गया है। 6-सीटर वैरिएंट में मिडिल रो के लिए इंडिपेंडेंट कैप्टन सीटें दी गई हैं। सबसे खास फीचर इसकी फ्रंट सीटें हैं, जो न केवल हीटेड और कूल्ड हैं, बल्कि इनमें मल्टीपल मसाजिंग फंक्शन भी मिलते हैं। इसमें 12.3-इंच का बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और इतना ही बड़ा डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर दिया गया है। प्रैक्टिकलिटी के लिए इसमें जेस्चर-कंट्रोल टेलगेट (हाथ के इशारे से खुलने वाला बूट) मिलता है, जो थर्ड रो की सीट फोल्ड करने पर 1,350 लीटर तक का स्पेस देता है। परफॉर्मेंस: 215hp का ट्विन-टर्बो डीजल इंजन मैजेस्टर में परफॉर्मेंस के लिए 2.0-लीटर का ट्विन-टर्बोचार्ज्ड डीजल इंजन दिया गया है, जो 215hp की पावर और 478Nm का टॉर्क जनरेट करता है। यह वही इंजन है जो ग्लोस्टर के टॉप वैरिएंट्स में मिलता है। इसे ZF 8-स्पीड टॉर्क-कन्वर्टर ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से जोड़ा गया है। ऑफ-रोडिंग के लिए इसमें 'M-Hub' ऑल-टेरेन मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर है, जिसमें 10 ड्राइव मोड्स मिलते हैं। कंपनी का दावा है कि इसकी वॉटर-वेडिंग कैपेसिटी (पानी में चलने की क्षमता) 810mm है। सेफ्टी फीचर्स: लेवल-2 ADAS और 6 एयरबैग्स सुरक्षा के लिहाज से MG ने इसमें लेवल-2 ADAS (यानी एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम) दिया है। इसमें अडेप्टिव क्रूज कंट्रोल, कोलिजन डिटेक्शन, ऑटो-इमरजेंसी ब्रेकिंग, लेन-डिपार्चर वार्निंग और ब्लाइंड-स्पॉट मॉनिटरिंग जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसके अलावा 6 एयरबैग्स, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, हिल-होल्ड असिस्ट और सराउंड-व्यू कैमरा इसे एक सुरक्षित एसयूवी बनाते हैं।
रूस में Telegram पर डिजिटल स्ट्राइक, पुतिन ने लगाई पाबंदियां, फाउंडर बोले- हम झुकेंगे नहीं
रूसी अधिकारियों ने देश के सबसे लोकप्रिय सोशल मीडिया ऐप में से एक, 'टेलीग्राम' पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सरकार का यह कदम रूसी नागरिकों को विदेशी तकनीकी प्लेटफार्मों के बजाय खुद के नियंत्रित विकल्पों की ओर धकेलने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा ...
दुनिया के सबसे अमीर इंसान इलॉन मस्क चांद पर AI सैटेलाइट फैक्ट्री लगाएंगे। मस्क ने बताया कि वे इसके जरिए सूरज की ऊर्जा कैप्चर करना चाहते हैं। मस्क ने अपनी AI कंपनी XAI की इंटरनल मीटिंग का 45 मिनट का वीडियो पोस्ट किया, जिसमें ये जानकारी सामने आई है। इलॉन मस्क की मीटिंग से जुड़ी 10 बड़ी बातें… 1. सूरज की ऊर्जा का इस्तेमाल 2. फाउंडिंग टीम के 12 मेंबर्स में से 6 को निकाला मीटिंग में मस्क ने बताया कि कंपनी से कई पुराने कर्मचारियों को बाहर कर दिया गया है। इसमें कंपनी की शुरुआत करने वाली फाउंडिंग टीम के सदस्य भी शामिल हैं। xAI की शुरुआत करने वाले 12 मुख्य सदस्यों में से अब केवल आधे ही मस्क के साथ बचे हैं। मस्क ने इसे कंपनी के 'ऑर्गेनाइजेशनल स्ट्रक्चर' में बदलाव का नाम दिया है। 3. चार टीमों में बंटी xAI, 'मैक्रोहार्ड' प्रोजेक्ट सबसे खास यह प्रोजेक्ट सिर्फ साधारण सॉफ्टवेयर नहीं बनाएगा, बल्कि पूरी की पूरी कंपनियों का 'डिजिटल सिमुलेशन' तैयार करेगा। इसका मतलब है कि एआई एक कंपनी के हर विभाग, सप्लाई चेन और बिजनेस फैसलों का एक कंप्यूटर मॉडल बना देगा। इससे किसी भी बड़े फैसले को असल में लागू करने से पहले एआई पर टेस्ट किया जा सकेगा कि उसका नतीजा क्या होगा। मैक्रोहार्ड का एक बड़ा लक्ष्य एआई के जरिए जटिल मशीनों को डिजाइन करना है। यह एआई इतना एडवांस होगा कि खुद ही रॉकेट के इंजन और उनके पार्ट्स के डिजाइन तैयार करेगा, जिससे इंसानी गलती की गुंजाइश खत्म हो जाएगी और काम की रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी। 4. इंसानों की जगह सॉफ्टवेयर खुद लिखेगा अपना प्रोग्राम अब AI मॉडल्स किसी भी समस्या को एक अनुभवी इंजीनियर की तरह समझते हैं। अगर प्रोग्राम में कोई गलती आती है, तो वे उसे ढूंढकर खुद ही ठीक भी कर सकते हैं। मस्क ने कहा कि इस साल के अंत तक शायद कोडिंग लिखने की जरूरत ही न पड़े। AI सीधे 'बाइनरी' (कंप्यूटर की अपनी भाषा यानी 0 और 1) में फाइलें बना देगा। यह काम किसी भी इंसानी प्रोग्रामर या मौजूदा सॉफ्टवेयर (कंपाइलर) से कहीं ज्यादा बेहतर और तेज होगा। मस्क का दावा है कि अगले 2-3 महीनों में उनका 'ग्रोक कोड' दुनिया का सबसे बेहतरीन कोडिंग मॉडल बन जाएगा, जो चुटकियों में जटिल से जटिल सॉफ्टवेयर तैयार कर देगा। 5. AI बना पाएगा 20 मिनट तक लंबे वीडियो XAI की इमेजिन टीम साल के अंत तक ऐसे मॉडल्स लाएगी जो एक बार में 10 से 20 मिनट के लंबे वीडियो बना सकेंगे। इसमें किसी मानवीय दखल की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। 6. 'मेम्फिस क्लस्टर' धरती का सबसे बड़ा सुपरकंप्यूटर मस्क के पास दुनिया का सबसे बड़ा GPU क्लस्टर है। ये 24 घंटे बिना रुके काम करता है। इसका मुख्य काम AI चैटबॉट 'ग्रोक' के अगले और एडवांस वर्जन को ट्रेनिंग देना है। यहां हजारों ऑपरेटिंग सिस्टम एक साथ मिलकर विशाल दिमाग की तरह काम कर रहे हैं। मस्क की टीम ने इस प्रोजेक्ट के बारे में बताया कि डेटा सेंटर का एक बड़ा हिस्सा मात्र 6 हफ्ते में तैयार किया गया है। हॉल के अंदर 1363 किलोमीटर लंबी फाइबर केबल बिछाई गई है। पूरा क्लस्टर तैयार होने पर यह 1 गीगावाट से ज्यादा बिजली खर्च करेगा। 7. छत पर लिखवाया 'मैक्रो हार्ड' मस्क ने अपनी सफलता का मंत्र 'कंप्यूट एडवांटेज' (ज्यादा से ज्यादा मशीनी ताकत) को बताया। एनवीडिया के CEO जेन्सेन हुआंग ने भी माना कि मस्क जितनी तेजी से एआई इंफ्रास्ट्रक्चर दुनिया में कोई नहीं बना सकता। मस्क ने डेटा सेंटर की छत पर 'Macro Hard' (माइक्रोसॉफ्ट के नाम पर तंज) लिखवाया है। 8. ग्रोक वॉइस और 'एवरीथिंग एप' का विजन वॉइस टीम ने बताया कि सितंबर 2024 तक उनके पास कोई वॉइस मॉडल नहीं था, लेकिन सिर्फ 6 महीने में उन्होंने स्क्रैच से ऐसा मॉडल बनाया जो ओपन एआई को टक्कर दे रहा है। उनका लक्ष्य इसे सिर्फ सवाल-जवाब तक सीमित न रखकर एक 'एवरीथिंग एप' बनाना है।
कोरियन टेक कंपनी सैमसंग अपनी फ्लैगशिप स्मार्टफोन सीरीज गैलेक्सी S26 लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। कंपनी इस साल भी तीन नए मॉडल्स- गैलेक्सी S26, S26 प्लस और S26 अल्ट्रा बाजार में उतारेगी। इस बार मुख्य फोकस एडवांस AI फीचर्स, स्लिम डिजाइन और अल्ट्रा मॉडल में मिलने वाले पावरफुल 'स्नैपड्रैगन एलीट जेन 5' प्रोसेसर पर है। तीनों फोन एनुअल इवेंट 'गैलेक्सी अनपैक्ड' में पेश किए जाएंगे। ये इवेंट 25 फरवरी को होगा। सीरीज के बेस मॉडल गैलेक्सी S26 की शुरुआती कीमत ₹79,999 हो सकती है। वहीं, गैलेक्सी S26 प्लस ₹99,999 और सबसे प्रीमियम मॉडल गैलेक्सी S26 अल्ट्रा ₹1,29,000 की शुरुआती कीमत में आ सकते हैं। अल्ट्रा के 1TB वैरिएंट की कीमत ₹1.60 लाख तक जा सकती है। डिजाइन और बिल्ड क्वालिटी: स्लिम बॉडी और टाइटेनियम फ्रेम गैलेक्सी S26 सीरीज में इस बार डिजाइन को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सैमसंग गैलेक्सी S26 सीरीज एक्सपैक्टेड स्पेसिफिकेशंस
महिंद्रा एंड महिंद्रा का वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में कंसॉलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार (YoY) 47% बढ़कर ₹4,675 करोड़ हो गया है। एक साल पहले की समान तिमाही (Q3FY25) में कंपनी को ₹3,181 करोड़ का मुनाफा हुआ था। आज (11 फरवरी) को कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के नतीजे जारी किए हैं। नतीजों के बाद महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर 0.16% की तेजी के साथ 3,681 रुपए पर कारोबार कर रहा है। बीते एक साल में शेयर 20% चढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप 4.41 लाख करोड़ रुपए है। रेवेन्यू 26% बढ़कर ₹52,100 करोड़ रहा महिंद्रा एंड महिंद्रा के ऑपरेशन से रेवेन्यू में सालाना आधार पर 26% की बढ़ोतरी हुई है। FY26 की तीसरी तिमाही में ऑपरेशन से रेवेन्यू ₹52,100 करोड़ रहा। एक साल पहले की समान तिमाही यानी FY25 की तीसरी तिमाही में रेवेन्यू ₹41,470 करोड़ रहा था। तीसरी तिमाही में कंपनी की टोटल इनकम सालाना आधार (YoY) पर 26% बढ़कर 52,958 करोड़ रुपए रही, जो पिछले साल की समान तिमाही में 41,881 करोड़ रुपए थी। वहीं तिमाही आधार पर कंपनी की टोटल इनकम 13% बढ़ी है। कंपनी की गाड़ियों की सेल्स भी सालाना आधार पर 23% बढ़कर 3.02 लाख यूनिट्स रही। कंपनी की कमाई बढ़ने के 5 बड़े कारण कंसॉलिडेटेड यानी पूरी कंपनी की रिपोर्ट कंपनियों के रिजल्ट दो भागों में आते हैं- स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है। जबकि, कंसॉलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। ये खबर भी पढ़ें… भारत-PAK मैच, दिल्ली–मुंबई से कोलंबो फ्लाइट 5 गुना महंगी हुई: ₹1.45 लाख तक खर्च करने होंगे, होटल का किराया ₹1.13 लाख तक पहुंचा भारत और पाकिस्तान के बीच टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2026 का मैच 15 फरवरी को श्रीलंका के कोलंबो में शाम 7 बजे से खेला जाएगा। अगर आप इस मैच को देखने के लिए 14 और 15 फरवरी को फ्लाइट से कोलंबो जाना चाहते हैं, तो आपको 5 गुना तक किराया चुकाना पड़ेगा। मेकमायट्रिप की वेबसाइट पर मंगलवार (10 फरवरी) को 14 और 15 फरवरी को दिल्ली-मुंबई से कोलंबो फ्लाइट का किराया एक पैसेंजर के लिए ₹1.45 लाख तक दिखा रहा है। आम दिनों में कोलंबो की डायरेक्ट फ्लाइट का किराया 30 हजार रुपए के आस-पास तक रहता है। वहीं कोलंबो में बड़े होटलों का किराया भी ₹1.14 लाख तक पहुंच गया है। पूरी खबर पढ़ें…
टेक कंपनी ओपो ने भारतीय बाजार में अपना नया बजट 5G स्मार्टफोन ओप्पो K14x लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने फोन को 50MP कैमरा और 120Hz रिफ्रेश रेट वाले डिस्प्ले के साथ उतारा है। इसमें पावर बैकअप के लिए 6500mAh की बैटरी दी गई है। ओपो K14X को भारत में दो वैरिएंट में पेश किया गया है। इसकी शुरुआती कीमत 14,999 रुपए रखी गई है। ओपो K14x : वैरिएंट वाइस प्राइस ओपो K14x : स्पेसिफिकेशंस डिस्प्ले: ओप्पो K14x फोन को 1570 x 720 पिक्सल रेजोल्यूशन वाली 6.75-इंच की HD+ डिस्प्ले पर लॉन्च किया गया है। यह पंच-होल स्टाइल वाली स्क्रीन LCD पैनल पर बनी है जो 120Hz रिफ्रेश रेट, 256ppi और 1125 निट्स पीक ब्राइटनेस आउटपुट प्रदान करती है। यह नया ओपो मोबाइल IP64 रेटिंग के साथ आया है जो इसे पानी व धूल से सुरक्षित रखने में मदद रखता है। परफॉर्मेंस: ओप्पो K14x फोन को एंड्रॉयड 16 पर लाया गया है जो कलरOS पर काम करता है। प्रोसेसिंग के लिए इस स्मार्टफोन को मीडियाटेक डायमेंसिटी 6300 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर पर लॉन्च किया गया है। यह 6नैनोमीटर फेब्रिकेशन्स पर बना मोबाइल चिपसेट है जो 2.0गीगाहर्ट्ज़ से लेकर 2.4गीगाहर्ट्ज तक की क्लॉक स्पीड पर रन करने की क्षमता रखता है। इस फोन में ट्रिनिटी इंजन लगा है जो स्मूथ परफॉर्मेंस देने में मदद करता है। बैटरी: पावर बैकअप के लिए 15 हजार का कम का ओपो 5जी फोन तगड़ी 6,500mAh बैटरी की ताकत से लैस होकर आया है। यह बड़ी बैटरी कई घंटों का बैकअप देती है जो एक पूरा दिन आराम से निकाल देती है। वहीं मोबाइल को तेजी से चार्ज करने के लिए ओप्पो K14x को 45W सुपरवूक फास्ट चार्जिंग तकनीक से लैस किया गया है। ओपो के14एक्स 5जी रिवर्स चार्जिंग भी सपोर्ट करता है। कैमरा: फोटोग्राफी के लिए लिए ओपो के14एक्स 5जी फोन डुअल रियर कैमरा सपोर्ट करता है। इसके बैक पैनल पर एलइडी फ्लैश से लैस एफ/ अपर्चर वाला 50 मेगापिक्सल मेन सेंसर दिया गया है जो 2 मेगापिक्सल सेकेंडरी सेंसर के साथ मिलकर काम करता है। इस फोन में यूजर्स को डुअल-व्यू वीडियो मोड मिलता है जो व्लॉगिंग में काम आएगा। अन्य: ओप्पो K14x 5G फोन में कनेक्टिविटी के लिए Wi-Fi और ब्लूटूथ 5.4 सहित OTG का सपोर्ट भी दिया गया है। फोन अनलाकिंग और सिक्योरिटी के लिए इसमें साइड माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर मौजूद है। बताते चलें कि यह 5जी ओप्पो मोबाइल रैम एक्सपेंशन तकनीक से लैस है जो फिजिकल रैम में वचुर्अल रैम जोड़कर इसकी ताकत को बढ़ाती है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे X (ट्विटर), यू-ट्यूब, स्नैपचैट और फेसबुक को अब अपने प्लेटफॉर्म पर शेयर किए जाने वाले AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कंटेंट पर लेबल लगाना होगा। इसके साथ ही डीपफेक वीडियो-फोटो भी 3 घंटे में हटाने होंगे। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मंगलवार को आदेश जारी किया है। इसमें IT रूल्स 2021 में बदलाव किया गया है। बदले हुए नियम 20 फरवरी से लागू होंगे। इसका ड्राफ्ट सरकार ने 22 अक्टूबर 2025 को जारी किया था। नए नियम डीपफेक और AI से बने कंटेंट को लेबल और ट्रेस करने के लिए हैं। मतलब, अब AI कंटेंट में साफ लिखना होगा कि यह कंटेंट असली नहीं, AI वाला है। इससे मिसइनफॉर्मेशन और चुनावी धांधली जैसी समस्याओं पर लगाम लगेगी। सभी AI ऑडियो-वीडियो लेबल लगाना होगा नई रूल 3(3) के तहत, जो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म AI कंटेंट जैसी 'सिंथेटिकली जेनरेटेड इंफॉर्मेशन' क्रिएट करने देगा, उसे हर ऐसे कंटेंट पर प्रॉमिनेंट लेबल लगाना होगा। परमानेंट यूनिक मेटाडेटा/आइडेंटिफायर एम्बेड भी करना पड़ेगा। ये लेबल विजुअल में कम से कम 10% एरिया कवर करेगा या ऑडियो में पहले 10% टाइम में सुनाई देगा। मेटाडेटा को कोई चेंज, हाइड या डिलीट नहीं कर पाएगा। प्लेटफॉर्म्स को टेक्निकल तरीके अपनाने पड़ेंगे ताकि अपलोड होने से पहले ही चेक हो जाए कि ये AI वाला है या नहीं। नए IT नियमों में ये 3 बदलाव भी यूजर्स और इंडस्ट्री पर क्या असर पड़ेगा? यूजर्स अब फेक कंटेंट आसानी से पहचान सकेंगे, मिसइनफॉर्मेशन कम होगी। लेकिन क्रिएटर्स को एक्स्ट्रा स्टेप्स करने पड़ेंगे, जैसे लेबल लगाना। इंडस्ट्री के लिए चैलेंज ये होगा कि उन्हें मेटाडेटा और वेरिफिकेशन के लिए टेक इन्वेस्टमेंट करना होगा, जो ऑपरेशंस को थोड़ा महंगा कर सकता है। लेकिन ओवरऑल, ये AI मिसयूज रोकने में मददगार साबित होगा। मंत्रालय ने इन नियमों पर क्या कहा? सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने साफ कहा कि ये स्टेप 'ओपन, सेफ, ट्रस्टेड और अकाउंटेबल इंटरनेट' बनाने के लिए है, जो जनरेटिव AI से आने वाली मिसइनफॉर्मेशन, इम्पर्सनेशन और इलेक्शन मैनिपुलेशन जैसी रिस्क्स को हैंडल करेगा। इससे इंटरनेट ज्यादा भरोसेमंद बनेगा। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… X ने अश्लील AI कंटेंट पर सरकार को जवाब सौंपा:आईटी मंत्रालय जांच कर रहा, महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें क्रिएट कर शेयर करने का आरोप दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क के AI चैटबॉट ग्रोक (Grok) के जरिए महिलाओं और बच्चों की अश्लील तस्वीरें बनाने के मामले में भारत सरकार को अपना जवाब सौंप दिया है। आईटी मंत्रालय ने 2 दिसंबर को मस्क की कंपनी को बुधवार शाम 5 बजे तक का समय दिया था। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कंपनी ने एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल कर दी है, जिसकी मंत्रालय जांच कर रहा है। सरकार ने चेतावनी दी थी कि अगर AI टूल्स के गलत इस्तेमाल पर कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो X को भारतीय कानूनों के तहत मिल रही कानूनी सुरक्षा खत्म कर दी जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…
महंगे होंगे गैजेट्स:एआई के बढ़ते क्रेज से चिप की भारी किल्लत, 50% तक महंगे हो सकते हैं फोन और टीवी
एआई की तेज रफ्तार अब फोन, टीवी जैसे कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स महंगे कर सकती है। एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए डेटा सेंटर्स और सर्वर्स को मेमोरी चिप्स की ज्यादा जरूरत पड़ रही है। इसके चलते कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए चिप की सप्लाई कम हो गई है। इससे इनकी कीमतें 50% तक बढ़ने की संभावना है। काउंटरपॉइंट रिसर्च की एक रिपोर्ट कहती है कि ऐसे में स्मार्टफोन, टीवी, कम्प्यूटर और अन्य कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के दाम इस साल हर महीने 7-10% बढ़ सकती है। दरअसल, मेमोरी चिप्स बनाने वाली कंपनियां हाई-बैंडविड्थ मेमोरी और सर्वर-ग्रेड डीआरएएम को प्राथमिकता दे रही हैं, क्योंकि इनमें मुनाफा ज्यादा है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के मुताबिक, सैमसंग, एसके हाइनिक्स और माइक्रॉन जैसे प्रमुख सप्लायर्स बड़े एआई और सर्वर ग्राहकों को पहले सप्लाई कर रहे हैं। ऑर्डर कंट्रोल सख्त कर दिए हैं और स्टॉकिंग रोक रहे हैं। इससे कंज्यूमर-ग्रेड के मेमोरी चिप्स की उपलब्धता घट गई है। मेमोरी चिप्स के दाम पहले ही 400% तक बढ़ चुके ब्लॉपंक्ट और कोडक के ब्रांड लाइसेंसी सुपर प्लास्ट्रॉनिक्स के सीईओ अवनीत सिंह मारवाह ने कहा कि स्मार्ट टीवी में डीडीआर-3 और डीडीआर-4 मेमोरी इस्तेमाल होती है। लेकिन एआई डिमांड के चलते ये मेमोरी चिप्स सर्वर्स की ओर डायवर्ट हो रही हैं। नतीजतन अंतरराष्ट्रीय बाजार में मेमोरी चिप्स के दाम पहले ही 300-400 फीसदी बढ़ चुके हैं। एपल 25% चिप इस्तेमाल करती है, सप्लायर्स पर दबाव बनाएगी टीवी की कीमत इस साल 7-10% बढ़ सकती है- रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, हालात ऐसे हैं कि इस साल मार्च तक मेमोरी चिप्स के दाम 40-50% और बढ़ सकते हैं। इससे टीवी की कीमतें 7-10% बढ़ सकती हैं। जल्द सुधार की उम्मीद भी नहीं है। भारत में जीएसटी 28% से घटकर 18% रह जाने के फायदे भी अब खत्म हो गए हैं। एपल छोड़कर अन्य ब्रांड्स के फोन महंगे हो सकते हैं- स्मार्टफोन कंपनी नथिंग ने कहा है कि इस साल फोन के दाम बढ़ाएगी। हालांकि, विश्लेषक मिंग-ची कू के मुताबिक, एपल आईफोन 18 के दाम स्थिर रखने के प्रयास करेगी। एपल ग्लोबल मेमोरी चिप सप्लाई का 20-25% इस्तेमाल करती है। सप्लायर्स पर दबाव डाल सकती है। कम्प्यूटर ब्रांड्स चीन से चिप्स लेने की सोच रहे- कुछ ग्लोबल कम्प्यूटर ब्रांड्स पारंपरिक चिप कंपनियों के विकल्प तलाश रहे हैं। एचपी, डेल, एसर और एसस जैसी कंपनियां सीएक्सएमटी जैसी चीन की कंपनियों से मेमोरी चिप्स खरीदने पर विचार कर रही हैं। यदि ऐसा हुआ तो लैपटॉप, पीसी और टैबलेट के दाम भी स्थिर रह सकते हैं। बढ़ती कीमतों के चलते बड़ी स्क्रीन का ट्रेंड पलटने की संभावनाटीवी ग्राहकों का व्यवहार बदल सकता है। प्लास्ट्रॉनिक्स के मारवाह के मुताबिक, लोग 65 इंच टीवी की जगह 55 इंच लेंगे, या 55 इंच वाले 43-50 इंच पर शिफ्ट होंगे। बड़े स्क्रीन का ट्रेंड पलट सकता है। ग्राफिक्स सेगमेंट प्रभावित होंगे। मेमोरी की कमी से एनवीडिया जैसी कंपनियों ने कुछ गेमिंग चिप्स लॉन्च करने में देरी की है। ऑटो सेक्टर भी प्रभावित हुआ क्योंकि कारों में भी सेमीकंडक्टर्स और मेमोरी लगती है।
हीरो मोटोकॉर्प का इलेक्ट्रिक ब्रांड 'विडा' (Vida) अब इलेक्ट्रिक स्कूटर के बाद देश के इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल बाजार में उतरने की तैयारी कर रहा है। कंपनी ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक बाइक विडा यूबेक्स (Ubex) का डिजाइन भारत में पेटेंट करा लिया है। यह एक अर्बन-फोर्स्ड (शहरों के लिए बनी) इलेक्ट्रिक बाइक होगी, जिसका लुक काफी स्पोर्टी और मस्कुलर रखा गया है। हाल ही में सामने आई पेटेंट तस्वीरों से संकेत मिलते हैं कि यह बाइक अब कॉन्सेप्ट से प्रोडक्शन के काफी करीब पहुंच गई है। EICMA में शोकेस हुए 4 कॉन्सेप्ट में से एक है उबेक्सविडा ने ऑटो एक्सपो EICMA में चार इलेक्ट्रिक कॉन्सेप्ट पेश किए थे, जिनमें से यूबेक्स एक है। बाकी तीन भी मोटरसाइकिल मॉडल्स ही थे। पेटेंट इमेज को देखकर पता चलता है कि यह एक 'स्ट्रीटफाइटर' स्टाइल वाली बाइक होगी। इसमें एक मोनो प्रोजेक्टर हेडलैंप दिया गया है, जिसके दोनों तरफ LED डे-टाइम रनिंग लैंप्स (DRLs) और टर्न इंडिकेटर्स लगाए गए हैं। कॉस्ट कम करने के लिए डिजाइन में कुछ बदलाव संभवएक्सपो में दिखाए गए कॉन्सेप्ट मॉडल में USD (अपसाइड डाउन) फ्रंट फोर्क्स थे, लेकिन पेटेंट इमेज में पारंपरिक टेलिस्कोपिक फोर्क्स दिखाई दे रहे हैं। जानकारों का मानना है कि कंपनी बाइक की कीमत को कम और प्रतिस्पर्धी रखने के लिए ये बदलाव कर सकती है। इसमें अलॉय व्हील्स के साथ मस्कुलर 'फ्यूल टैंक' जैसा सेक्शन और शार्प साइड पैनल्स दिए गए हैं, जो इसे एक प्रीमियम बाइक का फील देते हैं। आरामदायक राइडिंग और हाई-टेक फीचर्सबाइक की सिटिंग पोजीशन को आरामदायक और कम्यूटर-फ्रेंडली रखा गया है। इसमें सिंगल-पीस स्टेप सीट और ऊंचे हैंडलबार दिए गए हैं। तकनीकी फीचर्स की बात करें तो इसमें बड़ा TFT डिस्प्ले मिल सकता है, जिसमें टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन और स्मार्टफोन कनेक्टिविटी जैसे फीचर्स होंगे। सुरक्षा के लिए दोनों पहियों पर डिस्क ब्रेक और ट्यूबलेस टायर दिए गए हैं। बैटरी और परफॉर्मेंस: शहरों के हिसाब से मिलेगी रेंजपेटेंट इमेज में एक बड़ा बैटरी पैक फ्रेम के निचले हिस्से में नजर आ रहा है। उम्मीद है कि विडा इसमें हाई-कैपेसिटी बैटरी का इस्तेमाल करेगी ताकि सिटी राइडिंग में अच्छी रेंज मिल सके। इसमें मिड-माउंटेड मोटर मिलने की संभावना है, जो सीधे पिछले पहिए को पावर सप्लाई करेगी। हालांकि, कंपनी ने अभी इसके पावर आउटपुट और रेंज का खुलासा नहीं किया है। हीरो के प्रीमियम शोरूम 'Premia' पर मिलेगी बाइकविडा उबेक्स की लॉन्चिंग टाइमलाइन अभी साफ नहीं है और इसे अभी तक सड़कों पर टेस्टिंग के दौरान नहीं देखा गया है। जब यह बाइक लॉन्च होगी, तो इसे हीरो के प्रीमियम 'Premia' शोरूम्स और विडा के डेडिकेटेड आउटलेट्स के जरिए बेचा जाएगा। इसका मुकाबला रिवॉल्ट RV400 और ओला की आने वाली इलेक्ट्रिक बाइक्स से हो सकता है।
फरारी अपनी नई फ्लैगशिप कार '849 टेस्टारोसा' को भारत में लॉन्च कर रही है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 10.37 करोड़ रुपए से शुरू होगी। यह कार कंपनी के पिछले फ्लैगशिप मॉडल SF90 स्ट्राडेल की जगह लेगी। भारत में इसका सीधा मुकाबला लैंबॉर्गिनी रेव्यूल्टो से होगा। कंपनी इस हाइब्रिड हाइपरकार को मार्च 2026 में भारतीय बाजार में लॉन्च कर सकती है। यह कार अपनी परफॉर्मेंस के साथ-साथ अपने रेट्रो लुक के लिए भी चर्चा में है। हाइब्रिड इंजन: सिर्फ 2.3 सेकंड में 0 से 100 की रफ्तार टेस्टारोसा में 4.0-लीटर का ट्विन-टर्बो V8 प्लग-इन हाइब्रिड इंजन दिया गया है। इसमें तीन इलेक्ट्रिक मोटर्स लगी हैं। दो फ्रंट एक्सेल पर और एक इंजन और गियरबॉक्स के बीच में। इसका V8 इंजन अकेले 830hp की पावर जेनरेट करता है, लेकिन इलेक्ट्रिक मोटर्स के साथ मिलकर इसकी कुल पावर 1,050hp तक पहुंच जाती है। रफ्तार की बात की जाए तो यह महज 2.3 सेकंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड पकड़ लेती है। इसकी टॉप स्पीड 330 किलोमीटर प्रति घंटा है। इलेक्ट्रिक मोड पर भी चलेगी कार इसमें 7.45kWh की बैटरी भी दी गई है। कंपनी का दावा है कि सिर्फ इलेक्ट्रिक मोड पर यह कार 16 से 25 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती है। इसमें 8-स्पीड डुअल क्लच ट्रांसमिशन (DCT) गियरबॉक्स दिया गया है, जो चारों पहियों को पावर सप्लाई करता है। एक्सटीरियर: पुराने दौर की झलक दिखेगी कार के नाम में 'टेस्टारोसा' शब्द जुड़ा है, जो फरारी की क्लासिक कारों की याद दिलाता है। सामने की तरफ L-शेप्ड LED हेडलाइट्स दी गई हैं, जो एक ग्लॉस ब्लैक ट्रिम से जुड़ी हैं। साइड प्रोफाइल में बड़े अलॉय व्हील्स और ब्लैक-आउट छत दी गई है। कार के पिछले हिस्से में दो ऊंचे एग्जॉस्ट और स्लिम LED टेल-लैंप्स दिए गए हैं, जो इसे एग्रेसिव लुक देते हैं। इंटीरियर: बिना टचस्क्रीन वाला डैशबोर्ड, 16 इंच का डिस्प्ले कार के डैशबोर्ड पर पारंपरिक इंफोटेनमेंट टचस्क्रीन नहीं है। इसकी जगह ड्राइवर के लिए 16 इंच का बड़ा डिजिटल डिस्प्ले दिया गया है, जिसमें कार की सारी जानकारी मिलती है। वहीं, बगल में बैठे पैसेंजर के लिए एक अलग 9 इंच की स्लिम स्क्रीन दी गई है। स्टीयरिंग व्हील पर ही कई फिजिकल कंट्रोल बटन दिए गए हैं ताकि ड्राइवर का ध्यान न भटके। इसमें 7-स्पीकर वाला साउंड सिस्टम और वायरलेस एप्पल कारप्ले और एंड्रॉइड ऑटो की सुविधा भी मिलेगी। नॉलेज पार्ट: क्या होता है प्लग-इन हाइब्रिड (PHEV) ऐसी कारें जिनमें पेट्रोल इंजन के साथ-साथ एक बड़ी बैटरी और इलेक्ट्रिक मोटर होती है। इन्हें बाहर से बिजली के जरिए चार्ज किया जा सकता है। ये कारें पूरी तरह बिजली पर भी चल सकती हैं और जरूरत पड़ने पर पेट्रोल इंजन का इस्तेमाल करती हैं, जिससे ज्यादा पावर और बेहतर माइलेज मिलता है।
तमिलनाडु में रानीपेट जिले के पनापक्कम में टाटा मोटर्स और जगुआर लैंड रोवर (JLR) का नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू हो गया है। प्लांट के उद्घाटन पर पहली मेड इन इंडिया रेंज रोवर इवोक को रोल आउट किया गया। इस मौके पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री MK स्टालिन ने कार को खुद चलाकर टेस्ट किया। इस दौरान टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन भी उनके बगल वाली सीट पर मौजूद थे। यह प्लांट भारत में JLR के लग्जरी मॉडल्स बनाने वाली अपनी तरह की पहली फैसिलिटी है। ₹9000 करोड़ का निवेश और 5000 नौकरियां पनापक्कम में बना यह ग्रीनफील्ड प्लांट करीब 470 एकड़ जमीन में फैला है। टाटा मोटर्स ने इस प्रोजेक्ट के लिए मार्च 2024 में तमिलनाडु सरकार के साथ MoU साइन किया था। सितंबर 2024 में इसकी आधारशिला रखी गई थी और अब रिकॉर्ड समय में यहां से पहली कार रोल-आउट हो गई है। राज्य के उद्योग मंत्री TRB राजा के अनुसार, इस प्लांट के शुरू होने से इलाके के 5000 लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मिलेगा। हर साल बनेंगी 2.50 लाख गाड़ियां कंपनी ने बताया कि फैक्ट्री में उत्पादन को स्टेप-बाय-स्टेप तरीके से बढ़ाया जाएगा। अगले 5 से 7 साल में यह प्लांट अपनी पूरी क्षमता यानी सालाना 2.50 लाख वाहन बनाने के लक्ष्य को हासिल कर लेगा। यहां बनने वाली गाड़ियां न सिर्फ भारत के बाजार के लिए होंगी, बल्कि इन्हें विदेशों में एक्सपोर्ट भी किया जाएगा। पहले चरण में जगुआर लैंड रोवर की मशहूर 'रेंज रोवर इवोक' का प्रोडक्शन शुरू किया गया है। माइल्ड हाइब्रिड ऑप्शन के साथ आती है रेंज रोवर इवोक रेंज रोवर इवोक पेट्रोल और डीजल दोनों इंजन ऑप्शन के साथ आती है। इसमें एक 2.0-लीटर का चार-सिलेंडर पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 247bhp की अधिकतम पावर और 365Nm का मैक्सिमम टॉर्क जनरेट करता है। वहीं, दूसरा 2.0-लीटर का 4 सिलेंडर डीजल इंजन दिया गया है, जो 201bhp की पावर और 430Nm का टॉर्क जनरेट करती है। ट्रांसमिशन के लिए दोनों इंजन को 9-स्पीड ऑटोमेटिक गियरबॉक्स के साथ ट्यून किया गया है। दोनों इंजन में बेल्ट इंटीग्रेटेड स्टार्टर जनरेटर के साथ 48V माइल्ड-हाइब्रिड सिस्टम मिलता है जो ब्रेकिंग के दौरान एनर्जी जनरेट करता है और एक्सीलरेशन में मदद करता है। इस कार की कीमत 67.90 लाख रुपए है। पेट्रोल-डीजल के साथ बनेंगे इलेक्ट्रिक वाहन यह प्लांट टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (TMPV) और JLR दोनों के लिए अगली पीढ़ी के वाहन तैयार करेगा। इसमें पारंपरिक ईंधन (ICE) वाली गाड़ियों के साथ-साथ इलेक्ट्रिक गाड़ियां (EV) भी बनाई जाएंगी। टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा, यह उद्घाटन सस्टेनेबल और फ्यूचर-रेडी मैन्युफैक्चरिंग में भारत के नेतृत्व को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। हम तमिलनाडु के साथ अपनी ऐतिहासिक साझेदारी को और गहरा कर रहे हैं। 100% रिन्यूएबल एनर्जी से चलेगी फैक्ट्री सस्टेनेबिलिटी को ध्यान में रखते हुए इस प्लांट को 'ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग' के मानकों पर बनाया गया है। कंपनी के मुताबिक...
टेक कंपनी आईटेल ने आज 9 फरवरी को भारत में अपना नया स्मार्टफोन आईटेल A100 लॉन्च कर दिया है। स्मार्टफोन को मिलिट्री ग्रेड सर्टिफिकेशन बॉडी और 6.6 इंच डिस्प्ले के साथ पेश किया गया है। खास बात ये है कि कंपनी फोन के साथ 100 दिन तक फ्री स्क्रीन रिप्लेसमेंट वॉरंटी भी दे रही है। फोन को दो स्टोरेज वैरिएंट में उतारा गया है। इसमें 3GB रैम वैरियंट की कीमत 6,799 रुपए और 4GB रैम ऑप्शन की कीमत 7,499 रुपए रखी गई है। यह स्मार्टफोन भारतभर में रिटेल स्टोर्स पर आज से अवेलेबेल है। डिजाइन और बिल्ड: स्लिम बॉडी और प्रीमियम फिनिश फोन को पॉलीकार्बोनेट मटेरियल से बनाया गया है और ये मिलिट्री ग्रेड सर्टिफिकेशन (MIL-STD-810H) के साथ आया है, यानी रोजमर्रा के यूसेज में फोन काफी मजबूत है। फोन सिर्फ 8.49mm पतला है, जिससे यह हाथ में पकड़ने पर काफी स्लिम और प्रीमियम फील देता है। पीछे की तरफ स्टाइलिश टेक्स्चर दिया गया है। यहां कैमरा मॉड्यूल और फिंगरप्रिंट सेंसर की पोजीशन काफी क्लीन रखी गई है। आईटेल A100 में सिल्क ग्रीन, प्योर ब्लैक और टाइटेनियम गोल्ड जैसे तीन कलर ऑप्शन मिलेंगे। फोन के दाईं ओर पावर बटन और वॉल्यूम रॉकर्स दिए गए हैं। नीचे की तरफ चार्जिंग पोर्ट और स्पीकर ग्रिल मौजूद है। इसमें IR ब्लास्टर भी दिया गया है, जिससे आप टीवी और AC को रिमोट की तरह कंट्रोल कर सकते हैं। डिस्प्ले: 90Hz रिफ्रेश रेट और डायनामिक बार फोन में 6.6-इंच का HD+ IPS डिस्प्ले दिया गया है। बजट फोन होने के बावजूद इसमें 90Hz का रिफ्रेश रेट मिलता है, जिससे स्क्रॉलिंग और गेमिंग स्मूद रहती है। स्क्रीन पर वॉटरड्रॉप नॉच डिजाइन दिया गया है, जिसमें सेल्फी कैमरा मौजूद है। इसमें एपल के आईफोन में मिलने वाले डायनामिक आइलैंड जैसा 'डायनामिक बार' फीचर भी है, जो बैटरी स्टेटस और नोटिफिकेशन की जानकारी स्क्रीन के ऊपरी हिस्से में दिखाता है। स्पेसिफिकेशन्स: एंड्रॉइड 15 और वर्चुअल रैम परफॉरमेंस: इसमें ऑक्टा-कोर यूनिसोक T7100 प्रोसेसर दिया गया है। यह प्रोसेसर डेली टास्क जैसे सोशल मीडिया ब्राउजिंग और वीडियो कॉलिंग के लिए बेहतर है। सॉफ्टवेयर: यह फोन एंड्रॉएड 15 पर बेस्ड गो एडिशन पर चलता है, जो कम रैम वाले फोंस के लिए ऑप्टिमाइज्ड है। मेमोरी: फोन में वर्चुअल रैम की सुविधा भी है। 4GB वाले मॉडल में 8GB वर्चुअल रैम जोड़कर इसे 12GB तक बढ़ाया जा सकता है। दोनों वैरिएंट में 64GB की इंटरनल स्टोरेज मिलती है। खास फीचर: इसमें 'अल्ट्रालिंक' फीचर दिया गया है, जो कमजोर नेटवर्क वाले इलाकों में भी कनेक्टिविटी को बेहतर बनाए रखने का दावा करता है। 8MP कैमरा और 5000mAh बैटरी कैमरा: फोटोग्राफी के लिए पीछे की तरफ 8MP का AI रियर कैमरा दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए फ्रंट में 5MP का कैमरा मौजूद है। पावरबैकअप: फोन में 5000mAh की बैटरी है। इसके साथ बॉक्स में 10W का चार्जर मिलता है। कंपनी का दावा है कि फुल चार्ज पर फोन पूरे दिन आसानी से चल सकता है। सिक्योरिटी: फोन की सुरक्षा के लिए साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर और फेस अनलॉक जैसे फीचर्स दिए गए हैं।
स्पेसएक्स के फाउंडर इलॉन मस्क अब चांद पर शहर बसाएंगे। उन्होंने अपना फोकस मंगल ग्रह से चांद पर शिफ्ट कर दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां इंसानों को भेजना मंगल के मुकाबले आसान है। आज 9 फरवरी को मस्क ने X पर इसकी जानकारी दी। मिशन अब भी वही- तारों तक जीवन ले जाना मस्क ने कहा- स्पेसएक्स ने अब अपना ध्यान चांद पर सेल्फ-ग्रोइंग सिटी बनाने पर लगा दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि हम इसे 10 साल से भी कम समय में हासिल कर सकते हैं, जबकि मंगल ग्रह पर शहर बसाने में 20 साल से ज्यादा का वक्त लगेगा। मिशन अब भी वही है: चेतना और जीवन को तारों तक ले जाना। मंगल की यात्रा तभी संभव है जब हर 26 महीने में ग्रह एक सीध में आते हैं। वहां जाने में 6 महीने लगते हैं। जबकि हम हर 10 दिन में चांद के लिए रॉकेट लॉन्च कर सकते हैं। वहां पहुंचने में सिर्फ 2 दिन लगते हैं। स्पेसएक्स मंगल पर भी शहर बसाने की पूरी कोशिश करेगी और करीब 7 साल में इसकी शुरुआत कर देगी। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता मानवता के भविष्य को सुरक्षित करना है। इंसानों को बचाने के लिए 'प्लान-बी' है मंगल मस्क कहते रहे हैं कि स्पेसएक्स का मुख्य लक्ष्य मंगल पर बस्ती बसाना है। दुनिया खत्म होने जैसी किसी स्थिति में इंसानों के अस्तित्व को बचाने के लिए यह कदम जरूरी है। इसके उलट नासा का पूरा ध्यान मून मिशन पर रहा है। नासा 2028 तक अंतरिक्ष यात्रियों को चांद की सतह पर वापस भेजने के लिए काम कर रहा है। 1972 में अपोलो प्रोग्राम खत्म होने के बाद यह पहली बार होगा जब इंसान चांद पर कदम रखेंगे। मस्क बीते समय में इन कोशिशों की आलोचना कर चुके हैं। पिछले साल की शुरुआत में उन्होंने नासा के मून प्रोग्राम 'आर्टेमिस' को एक डिस्ट्रैक्शन बताया था। उस वक्त उन्होंने लिखा था, हम सीधे मंगल पर जा रहे हैं। चांद केवल ध्यान भटकाने वाली चीज है। मस्क के लैंडर पर टिका नासा का मून मिशन नासा के मून मिशन में स्पेसएक्स का लूनर लैंडर इस्तेमाल होगा। इसे बनाने के लिए नासा ने स्पेसएक्स को 3 बिलियन डॉलर यानी, करीब 27 हजार करोड़ रुपए का कॉन्ट्रैक्ट दिया है। फिलहाल यह टेस्टिंग फेज में है और कई परीक्षणों के दौरान इसमें विस्फोट भी हुए हैं। मार्च में कंपनी इसके नए प्रोटोटाइप की टेस्टिंग कर सकती है। जेफ बेजोस की कंपनी 'ब्लू ओरिजिन' भी इसी तरह का लैंडर बनाने की रेस में मस्क की मुख्य प्रतिद्वंदी है।
टाटा मोटर्स ने अपनी पॉपुलर इलेक्ट्रिक SUV पंच ईवी का फेसलिफ्ट मॉडल का फर्स्ट लुक रिवील कर दिया है। कंपनी इसे 20 फरवरी को भारत में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। पंच EV जनवरी 2024 पहली बार भारत में लॉन्च हुई थी। अब दो साल बाद इसे पहला बड़ा अपडेट दिया जाएगा। नई पंच EV कनेक्टेड LED टेललाइट्स, 12.3 इंच की स्क्रीन और वेंटिलेटेड सीट्स जैसे लग्जरी फीचर्स के साथ आएगी। सेफ्टी के लिए 6 एयरबैग्स और 360 कैमरा जैसे फीचर्स स्टैंडर्ड मिलेंगे। इसके साथ पहली बार एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) फीचर्स भी दिया जा सकता है। कीमत और मुकाबला: मौजूदा मॉडल से थोड़ी महंगी हो सकती है कार टाटा पंच ईवी फेसलिफ्ट की कीमतों का खुलासा 20 फरवरी को लॉन्चिंग के दौरान होगा। फिलहाल मौजूदा पंच ईवी की एक्स-शोरूम कीमत ₹9.99 लाख से ₹14.44 लाख के बीच है। माना जा रहा है कि नए फीचर्स और डिजाइन अपडेट के बाद इसकी कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। बाजार में इसका सीधा मुकाबला सिट्रोएन eC3 और आने वाली हुंडई एक्सटर EV से रहेगा। एक्सटीरियर डिजाइन: बदला हुआ फ्रंट लुक और नए अलॉय व्हील्स फ्रंट प्रोफाइल: कार के अगले हिस्से में सबसे बड़ा बदलाव इसकी ग्रिल और लाइट सेटअप में है। फेसलिफ्ट मॉडल में हेडलैम्प्स को जोड़ने वाली काली पट्टी को हटा दिया गया है। साथ ही कनेक्टेड LED DRLs के डिजाइन में भी बदलाव किया गया है। फ्रंट स्कफ प्लेट को भी नया किया गया है। साइड और रियर: साइड प्रोफाइल में नेक्सॉन ईवी से इन्सपायर्ड नए 'एरो-ऑप्टिमाइज्ड' अलॉय व्हील्स दिए गए हैं, जो रेंज बढ़ाने में मदद करते हैं। पीछे की तरफ इसके पेट्रोल वर्जन की तरह कनेक्टेड LED टेल-लैम्प मिलने की उम्मीद है। कलर ऑप्शन: कंपनी ने इसमें एक नया 'ब्राइट येलो' कलर पेश किया है, जो हैरियर के सनलिट येलो जैसा दिखता है। इसमें कॉन्ट्रास्टिंग ब्लैक रूफ (डुअल टोन) का विकल्प भी मिलेगा। इंटीरियर: 12.3 इंच की बड़ी स्क्रीन और लग्जरी केबिन केबिन के अंदर कंपनी ने टेक्नोलॉजी और कंफर्ट पर फोकस किया है... परफॉरमेंस: 9.5 सेकंड में 0-100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार मैकेनिकल तौर पर नई पंच ईवी में बड़े बदलाव की उम्मीद कम ही है। इसमें पहले की तरह दो बैटरी ऑप्शंस मिल सकते हैं। सेफ्टी फीचर्स: ADAS और 6 एयरबैग्स से होगी लैस
सैमसंग इंडिया ने आज 9 फरवरी को भारत में F सीरीज में नया स्मार्टफोन गैलेक्सी F70e लॉन्च कर दिया है। बजट स्मार्टफोन को 50MP कैमरा, 6000mAh बैटरी, मीडियाटेक डायेमेंसिटी 6300 प्रोसेसर और 6.7-इंच के HD+ LCD डिस्प्ले के साथ उतारा गया है। सैमसंग गैलेक्सी F70e को दो वैरियंट में पेश किया गया है। इसमें 4GB रैम + 128GB स्टोरेज वाले की कीमत 12,999 रुपए रखी गई है। वहीं, 6GB रैम + 128GB स्टोरेज वाले टॉप मॉडल की कीमत 14,999 रुपए है। इसकी सेल 17 फरवरी से शुरू होगी। डिजाइन: लैदर फिनिश के साथ प्रीमियम लुक नए सैमसंग फोन का बैक पैनल लैदर फिनिश के साथ आया है, जो प्रीमियम और सॉफ्ट फील देता है। यह डिजाइन इसे उंगलियों के निशान और छोटे-मोटे स्क्रैच से भी बचाता है। कंपनी इसे दो कलर ऑप्शन- लाइमलाइट ग्रीन और स्पॉटलाइट ब्लू के साथ पेश किया है। सामने की तरफ स्क्रीन में पतले बेजल्स हैं। फोन में टाइप-C चार्जिंग पोर्ट और जरूरी बटन दिए गए हैं। इस सैमसंग स्मार्टफोन को IP54 रेटिंग के साथ पेश किया जाएगा जो पानी की बौछारों से बचाने में मदद करेगा। सैमसंग गैलैक्सी F70e: स्पेसिफिकेशंस डिस्प्ले: सैमसंग गैलेक्सी F70e में कंपनी ने 1600 x 720 पिक्सल रेजोल्यूशन वाली 6.7-इंच की HD+ स्क्रीन दी है। यह इनफिनिटी ‘यू’ वॉटरड्रॉप नॉच डिस्प्ले है, जो LCD पैनल पर बनी है। इसमें 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ 800 निट्स पीक ब्राइटनेस का सपोर्ट भी दिया गया है। कैमरा: फोटोग्राफी के लिए फोन के बैक पैनल पर डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। इसमें LED फ्लैश के साथ 50 मेगापिक्सल मेन सेंसर और 2 मेगापिक्सल डेप्थ सेंसर शामिल है। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 8 मेगापिक्सल फ्रंट कैमरा दिया गया है। बैटरी: सैमसंग गैलैक्सी F70e में पावर बैकअप के लिए 6,000mAh की बैटरी दी गई है। सैमसंग के मुताबिक यह भारी इस्तेमाल के बावजूद आसानी से 2 दिन तक चल सकती है। बैटरी चार्ज करने के लिए फोन में 25W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट दिया गया है। परफॉर्मेंस: फोन को मीडियाटेक डायमेंसिटी 6300 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर के साथ लॉन्च किया गया है। यह 6 नैनोमीटर फेब्रिकेशन्स पर बना मोबाइल चिपसेट है, जो 2.0GHz से लेकर 2.4GHz तक की क्लॉक स्पीड पर रन कर सकता है। मीडियाटेक ने इस प्रोसेसर को 2024 में पेश किया था। ऐसे में गैलेक्सी F70e में 2 साल पुराना प्रोसेसर दिया जाना, सैमसंग फैंस को निराश कर सकता है। हालांकि फोन एंड्रॉयड बेस्ड OneUI 8 ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ आया है, जिसमें 6 OS और सिक्योरिटी अपडेट मिलेगा।
एपल अगले महीने अपने किफायती आईफोन लाइनअप में नया मॉडल 'आईफोन 17e' लॉन्च कर सकता है। इस सस्ते आईफोन में भी लेटेस्ट A19 चिपसेट मिलने की उम्मीद है। ये चिप अभी आईफोन 17 सीरीज में मिलती है। रैम और स्टोरेज की बढ़ती कीमतों के बावजूद एपल इसकी कीमत 599 डॉलर यानी, करीब 50 हजार रुपए के आसपास रख सकता है। भारत जैसे इमर्जिंग मार्केट्स पर एपल की नजर द वर्ज की रिपोर्ट के मुताबिक, एपल को लगता है कि इस सेगमेंट में फिलहाल कॉम्पिटिशन कम है। गूगल के अपकमिंग पिक्सल 10a में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है और सैमसंग का पूरा फोकस प्रीमियम यानी महंगे स्मार्टफोन्स पर है। ऐसे में एपल एक पावरफुल चिपसेट वाला किफायती फोन लाकर भारत जैसे इमर्जिंग मार्केट्स को टारगेट करना चाहता है। मैगसेफ चार्जिंग और एपल की खुद की सेलुलर चिप मिलेगी आईफोन 17e में कंपनी पहली बार अपनी इन-हाउस सेलुलर चिप (मॉडम) इस्तेमाल कर सकती है। अब तक कंपनी इसके लिए क्वालकॉम पर निर्भर थी। इसके अलावा, इसमें मैगसेफ वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट भी मिल सकता है। यह पिछले साल लॉन्च हुए आईफोन 16e का अपग्रेडेड वर्जन होगा। नए आईपैड और आईपैड एयर भी लॉन्च होंगे एपल केवल फोन ही नहीं, बल्कि अपने टैबलेट लाइनअप को भी अपडेट करने जा रहा है। मार्च के इवेंट में नया बेस मॉडल आईपैड और आईपैड एयर लॉन्च हो सकते हैं। बेस मॉडल आईपैड में A18 चिप मिलेगी, जिसका मतलब है कि इसमें 'एप्पल इंटेलिजेंस' (AI) का सपोर्ट मिलेगा। वहीं, नए आईपैड एयर में कंपनी M4 चिप और OLED डिस्प्ले दे सकती है। M5 प्रोसेसर के साथ आएंगे नए मैकबुक लैपटॉप सेगमेंट में भी एपल बड़े अपडेट की तैयारी में है। कंपनी मैकबुक प्रो के स्पेसिफिकेशन अपडेट करने के साथ ही नया मैकबुक एयर भी पेश कर सकती है। इस नए मैकबुक एयर में कंपनी का लेटेस्ट M5 प्रोसेसर लगा होगा, जो परफॉर्मेंस और बैटरी लाइफ को और बेहतर बनाएगा। नॉलेज पार्ट: क्या है एपल इंटेलिजेंस (AI) एपल का अपना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम जो लिखने, फोटो एडिट करने और सिरी को ज्यादा स्मार्ट बनाने में मदद करता है। iPhone 17e और नए आईपैड में यह फीचर मिलने से यूजर्स के लिए एआई का इस्तेमाल आसान हो जाएगा। --------------------------- ये खबर भी पढ़े… इस साल आईफोन 18 की लॉन्चिंग टल सकती है:सिर्फ फोल्डेबल और प्रो मॉडल्स लाएगी एपल, वजह- महंगी चिप टेक कंपनी एपल आमतौर पर हर साल सितंबर में अपनी नई आईफोन सीरीज के चार मॉडल लॉन्च करती है, लेकिन इस बार कंपनी अपनी स्ट्रैटेजी में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, एपल 2026 के अपने एनुअल इवेंट में आईफोन 18 का बेस मॉडल लॉन्च नहीं करेगा। कंपनी इसे साल 2027 की पहली छमाही तक के लिए टाल सकती है। पूरी खबर पढ़े…
होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (HMSI) ने अपने पॉपुलर स्कूटर डियो 125 का नया 'X-एडिशन' लॉन्च किया है। इस नए एडिशन की सबसे बड़ी खासियत इसका नया पेंट स्कीम और कॉन्ट्रास्टिंग रेड अलॉय व्हील्स हैं, जो इसे स्टैंडर्ड मॉडल से अलग बनाते हैं। हालांकि, मैकेनिकली यह स्कूटर पुराने मॉडल जैसा ही है। होंडा डियो 125 का X-एडिशन स्पोर्टी ग्राफिक्स और 8.3hp पावरफुल इंजन के साथ आएगा। इसकी एक्स-शोरूम कीमत ₹87,733 रखी गई है। यह कीमत इसके स्टैंडर्ड बेस वैरिएंट से ₹1,000 ज्यादा है। हालांकि, टॉप-एंड 'H-स्मार्ट' वैरिएंट से लगभग ₹3,950 सस्ता है। भारत में इसका मुकाबला TVS एनटॉर्क से रहेगा। डिजाइन और कलर: नया डुअल-टोन अवतार होंडा Dio: इंजन और पावर स्कूटर में 123.97CC का सिंगल सिलेंडर PGM-FI अपडेटेड ऑन-बोर्ड डाइग्नोस्टिक-2 (OBD2) फैन कूल्ड, 4 स्ट्रोक, SI इंजन दिया गया है। इंजन eSP के साथ आता है, जो स्कूटर को साइलेंट तरीके से स्टार्ट करने के लिए तैयार करता है। ये इंजन 8000rpm पर 8.19 bhp की पावर और 4750rpm पर 10.4 Nm का पीक टॉर्क जनरेट करता है। स्कूटर E-20 कंप्लाइंट पेट्रोल पर भी चलेगा।
इटली की सुपरकार बनाने कंपनी फरारी ने आज 6 फरवरी को भारत में अपनी नई एंट्री-लेवल मॉडल फरारी अमाल्फी को लॉन्च कर दिया है। अमाल्फी को 2+2 सीटिंग लेआउट डिजाइन के साथ पेश किया गया है। इसका डिजाइन जुलाई 2021 में आई फरारी रोमा से इन्सपायर्ड है। अमाल्फी का डिजाइन न सिर्फ स्पीड बल्कि लग्जरी और डेली ड्राइविंग के लिए भी अच्छा ऑप्शन है। इसके फ्रंट में 640hp पावरफुल V8 इंजन है। कंपनी का दावा है कि कार सिर्फ 3.3 सेकंड में 100kmph की स्पीड हासिल कर सकती है। अमाल्फी एक्स-शोरूम कीमत ₹5.59 करोड़ रखी गई है। इसकी बुकिंग शुरू कर दी है। हालांकि, इसकी डिलीवरी को लेकर जानकारी नहीं दी गई है। भारत में इसका सीधा मुकाबला ₹4.29 करोड़ कीमत वाली एस्टन मार्टिन वैंटेज से होगा। अमाल्फी का नाम इटली की अमाल्फी कोस्ट से इन्सपायर्ड है, जो दक्षिणी इटली में सालेर्नो की खाड़ी के पास एक खूबसूरत बीच है। एक्सटीरियर डिजाइन: स्मूद डोर हैंडल्स और 20 इंच के अलॉय व्हील्स फरारी अमाल्फी के लुक्स की बात करें तो इसका एयरोडायनामिक डिजाइन स्पोर्टी और स्टाइल का कॉम्बो नजर आता है। कंपनी का कहना है कि ग्लासहाउस टॉप को छोड़कर कार की पूरी बॉडी बिल्कुल नई है। सबसे बड़ा बदलाव इसके फ्रंट में दिखता है, जहां रोमा की शार्क नोज और ग्रिल की जगह फरारी पुरोसांग्वे SUV जैसा डिजाइन दिया गया है। नए पतले हेडलाइट्स को एक ब्लैक बार से जोड़ा गया है। इसके नीचे की ओर न्यू डिजाइन लिप्स हैं। हेडलाइट्स के पास नए एयर डक्ट्स हैं, जो हवा के प्रेशर को कम करते हैं और टर्बोज को ज्यादा हवा भेजते हैं। अमाल्फी के साइड प्रोफाइल में स्मूथ कर्व्स और एयरोडायनामिक लाइन्स इसे स्पोर्टी वाइब्स देती हैं। यहां स्मूद डोर हैंडल्स और 20 इंच के अलॉय व्हील्स दिए गए हैं। रियर में एक नया एक्टिव स्पॉइलर है, जो हवा को बेहतर तरीके से मैनेज करता है और 250kmph मील प्रति घंटे की स्पीड पर 110kg का डाउनफोर्स जनरेट करता है। यह रोमा से 110 किलो ज्यादा है। यानी, तेज रफ्तार में भी गाड़ी रोड पर मजबूती से टिकी रहेगी। पीछे की तरफ टेललाइट्स में हल्का बदलाव और डिफ्यूजर पर नंबर प्लेट की जगह को थोड़ा शिफ्ट किया गया है। कार में 35 कलर ऑप्शन मिलते हैं। इनमें 8 स्टैंडर्ड, 6 हिस्टोरिकल, 14 क्लासिक, 6 स्पेशल और 1 मैट कलर शामिल हैं। इंटीरियर: प्रीमियम लेदर अप्होल्स्ट्री और डैशबोर्ड पर तीन टच स्क्रीन फरारी अमाल्फी का केबिन रोमा की तरह ही है, लेकिन ये थोड़ा अपग्रेडेड है। इंटीरियर में प्रीमियम लेदर, कार्बन फाइबर और मॉडर्न टचस्क्रीन डिस्प्ले का कॉम्बिनेशन है, जो इसे लग्जरी और स्पोर्ट्स कार का परफेक्ट कॉम्बो बनाता है। सबसे खास बात, स्टीयरिंग पर रोमा के टच स्विच की जगह फिजिकल बटन्स आए हैं, जिसमें रेड स्टार्ट/स्टॉप बटन भी शामिल है। पीछे की दो सीट्स भी पहले जैसी हैं। कार में सॉलिड एल्यूमिनियम से बना एक फ्लोटिंग सेंट्रल कंसोल है, जिसमें गियर सिलेक्टर, चाबी का स्लॉट, वायरलेस चार्जिंग पैड और कुछ छोटे कंट्रोल्स दिए गए हैं। डैशबोर्ड पर डिजिटल स्क्रीन अब 8.4-इंच की जगह 10.25-इंच की है, जो वायरलेस एपल कारप्ले और एंड्रॉएड ऑटो सपोर्ट करती है। 8.8-इंच पैसेंजर स्क्रीन वही है, लेकिन ड्राइवर डिस्प्ले 15.6 इंच से 15.2 इंच का हो गया है। परफॉर्मेंस: ट्विन-टर्बो V8 इंजन के साथ 320kmph की टॉप स्पीड फरारी अमाल्फी में परफॉर्मेंस के लिए रोमा वाला 3.9-लीटर का ट्विन-टर्बो V8 इंजन दिया गया है, जो 640hp की पावर (रोमा से 20hp ज्यादा) और 760Nm का टॉर्क जनरेट करता है। वहीं ट्रांसमिशन के लिए इंजन को 8-स्पीड डुअल-क्लच गियरबॉक्स के साथ ट्यून किया गया है। 1.3 किलो हल्का कैमशाफ्ट डालकर इंजन की रफ्तार (खासकर ऊंचे गियर्स में) बढ़ाई गई है। साथ में नया ECU भी लगाया है, जो परफॉर्मेंस को बूस्ट करता है। इससे कार सिर्फ 3.3 सेकेंड में 0-100kmph और 9 सेकेंड में 0-200kmph की रफ्तार पकड़ सकती है। कार की टॉप स्पीड 320kmph की है। वहीं, ब्रेकिंग की बात करें तो कार 100kmph की स्पीड पर ब्रैक लगाने पर 30.8 मीटर में डिस्टेंस में रुकेगी। वहीं, 200kmph की स्पीड में ब्रेकिंग पर 119.5 मीटर दूर रुकेगी। सेफ्टी फीचर्स: एडवांस्ड ADAS से लैस फरारी अमाल्फी में सुरक्षा के लिए एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) दिया गया है। इसमें अडेप्टिव क्रूज कंट्रोल, लेन कीप असिस्ट, ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग और ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसके अलावा बेहतर ब्रेकिंग के लिए इसमें 296 GTB से इन्स्पायर्ड ABS इवो कंट्रोल यूनिट दी गई है।
कोरियन टेक कंपनी सैमसंग अपनी फ्लैगशिप स्मार्टफोन सीरीज गैलेक्सी S26 लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। कंपनी इस साल भी तीन नए मॉडल्स- गैलेक्सी S26, S26 प्लस और S26 अल्ट्रा बाजार में उतार सकती है। इस बार मुख्य फोकस एडवांस AI फीचर्स, स्लिम डिजाइन और अल्ट्रा मॉडल में मिलने वाले पावरफुल 'स्नैपड्रैगन एलीट जेन 5' प्रोसेसर पर है। तीनों फोन एनुअल इवेंट 'गैलेक्सी अनपैक्ड' में पेश किए जाएंगे। फिलहाल कंपनी ने लॉन्च डेट की घोषणा नहीं की है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ये इवेंट 25 फरवरी को होगा। सीरीज के बेस मॉडल गैलेक्सी S26 की शुरुआती कीमत ₹79,999 हो सकती है। वहीं, गैलेक्सी S26 प्लस ₹99,999 और सबसे प्रीमियम मॉडल गैलेक्सी S26 अल्ट्रा ₹1,29,000 की शुरुआती कीमत में आ सकते हैं। अल्ट्रा के 1TB वैरिएंट की कीमत ₹1.60 लाख तक जा सकती है। डिजाइन और बिल्ड क्वालिटी: स्लिम बॉडी और टाइटेनियम फ्रेम गैलेक्सी S26 सीरीज में इस बार डिजाइन को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मटेरियल: अल्ट्रा मॉडल में ग्रेड-5 टाइटेनियम फ्रेम का इस्तेमाल जारी रहेगा, जबकि बाकी मॉडल्स में मजबूत एल्युमिनियम फ्रेम मिल सकता है। डायमेंशन: स्टैंडर्ड S26 की थिकनेस मात्र 6.9mm होने की खबर है, जो इसे काफी स्लिम और कॉम्पैक्ट बनाएगी। इसका वजन भी काफी हल्का रहने की उम्मीद है, जिससे वन-हैंड यूज आसान होगा। बैक पैनल: पीछे की तरफ मैट फिनिश ग्लास मिलेगा जिस पर उंगलियों के निशान कम पड़ेंगे। अल्ट्रा मॉडल का डिजाइन थोड़ा बॉक्सी होगा, जबकि बाकी दोनों मॉडल कर्व्ड कॉर्नर के साथ आएंगे। फ्रंट डिस्प्ले: फ्रंट में बेहद पतले बेजल्स (Bezels) के साथ सेंटर पंच-होल सेल्फी कैमरा दिया गया है। कलर ऑप्शन: इस बार फैंटम ब्लैक, क्रीम और ग्रीन के अलावा कुछ नए टाइटेनियम शेड्स देखने को मिल सकते हैं। सेफ्टी रेटिंग: पूरी सीरीज IP68 रेटिंग के साथ आएगी, जो इसे पानी और धूल से सुरक्षित रखेगी।
टाटा मोटर्स अपनी पॉपुलर इलेक्ट्रिक SUV पंच ईवी का फेसलिफ्ट मॉडल 20 फरवरी को भारत में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। पंच EV जनवरी 2024 पहली बार भारत में लॉन्च हुई थी। अब दो साल बाद इसे पहला बड़ा अपडेट दिया जाएगा। नया फेसलिफ्ट मॉडल काफी हद तक पंच के पेट्रोल (ICE) वर्जन से इंस्पायर्ड होगा, जिसे पिछले महीने ही अपडेट किया गया है। नई पंच EV 12.3 इंच की स्क्रीन, कनेक्टेड LED टेललाइट्स और वेंटिलेटेड सीट्स जैसे लग्जरी फीचर्स के साथ आएगी। वहीं, सेफ्टी के लिए 6 एयरबैग्स और 360 कैमरा जैसे फीचर्स स्टैंडर्ड मिलेंगे। इसके साथ पहली बार कार में एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) फीचर्स भी दिया जा सकता है। नई पंच ईवी की एक्स-शोरूम शुरुआती कीमत ₹11 से ₹15 लाख के बीच हो सकती है।
सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया ने अपने सबसे ज्यादा बिकने वाले स्कूटर 'एक्सेस 125' को नए सेफ्टी फीचर अपडेट के साथ लॉन्च कर दिया है। स्कूटर में अब सिंगल-चैनल एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS) दिया जाएगा। इससे गीली सड़कों या इमरजेंसी में अचानक ब्रेक लगाने पर टायर लॉक होने और फिसलने का खतरा कम हो जाएगा। इसके साथ ही यह भारत में सिंगल चैनल ABS वाला पहला 125CC स्कूटर बन गया है। नया ABS मॉडल दो वैरिएंट्स- राइड कनेक्ट और राइड कनेक्ट TFT में अवेलेबल होगा। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 92,328 रुपए है। ये स्टैंडर्ड मॉडल से 4,500 तक महंगा हो गया है। खास बात ये है कि स्कूटर के ABS वैरिएंट्स में किक-स्टार्ट नहीं मिलेगा, सिर्फ इलेक्ट्रिक स्टार्ट मिलेगा। सुजुकी एक्सेस 125 ABS: वैरिएंट वाइस प्राइस 150cc स्कूटर्स को देगा टक्कर अभी तक भारतीय बाजार में ABS का फीचर केवल 150cc या उससे ज्यादा पावर वाले स्कूटर्स जैसे TVS टॉर्क 150, अप्रीलिया SR 175 और यामाहा एरोक्स 155 में ही देखने को मिलता था। सरकारी नियमों के अनुसार 150cc से ऊपर की बाइक्स और स्कूटर्स में ABS अनिवार्य है, लेकिन सुजुकी इसे 125cc सेगमेंट में पेश कर नई शुरुआत की है। डिजाइन और हार्डवेयर: कंफर्ट के साथ मॉडर्न लुक डिजाइन के मामले में भी एक्सेस 125 में कोई कॉस्मेटिक बदलाव नहीं हैं। इसमें क्लासिक रेट्रो लुक के साथ क्रोम फिनिश वाली LED हेडलाइट दी गई है। हार्डवेयर की बात करें तो फ्रंट में टेलिस्कोपिक फोर्क्स और रियर में स्विंग आर्म मोनोशॉक सस्पेंशन मिलता है। अब फ्रंट डिस्क ब्रेक के साथ ABS यूनिट को जोड़ा गया है, जबकि पीछे ड्रम ब्रेक ही मिलते हैं। स्कूटर में 12-इंच के फ्रंट और 10-इंच के रियर अलॉय व्हील्स लगे हैं, जो ट्यूबलेस टायरों के साथ आते हैं। परफॉर्मेंस: इंजन और पावर में कोई बदलाव नहीं स्कूटर में कोई भी मैकेनिकली बदलाव नहीं किया गया है। इसमें पहले की तरह ही 124cc का सिंगल-सिलेंडर, एयर-कूल्ड इंजन मिलता है। यह 6750rpm पर 8.4hp की पावर और 5500rpm पर 10.2Nm का पीक टॉर्क जनरेट करता है। स्मूथ राइडिंग के लिए इसमें CVT गियरबॉक्स दिया गया है। फीचर्स: ब्लूटूथ कनेक्टिविटी और डिजिटल कंसोल इसके टॉप वैरिएंट में 4.2-इंच का फुल-कलर TFT डिस्प्ले मिलता है, जो 'सुजुकी राइड कनेक्ट' फीचर के साथ आता है। इसकी मदद से आप अपने स्मार्टफोन को स्कूटर से कनेक्ट कर सकते हैं। इसमें टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन, कॉल/SMS अलर्ट, वॉट्सएप नोटिफिकेशन और फोन बैटरी लेवल जैसी जानकारी डिस्प्ले पर दिखाई देती है। TFT वैरिएंट में कलर डिस्प्ले मिलता है, जो प्रीमियम फील देता है। इसमें में लाइव मौसम की जानकारी और ट्रैफिक अलर्ट्स भी मिलते हैं। इसके अलावा, स्कूटर में एक्सटर्नल फ्यूल फिलिंग और USB चार्जिंग पोर्ट जैसे फीचर्स भी शामिल हैं।
गूगल ने अपने किफायती स्मार्टफोन पिक्सल 10a की लॉन्चिंग का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने एक यूट्यूब वीडियो में बताया कि नया AI-पावर्ड फोन 18 फरवरी को पेश किया जाएगा। यह पिक्सल 10 सीरीज का सबसे सस्ता मॉडल होगा, जिसे कम कीमत में प्रीमियम AI फीचर्स देने के लिए डिजाइन किया गया है। यह लॉन्चिंग एपल के नए किफायती आईफोन 17e के संभावित ऐलान से कुछ हफ्ते पहले हो रही है, जिसे ऐपल मार्च में पेश कर सकता है। कैमरा डिजाइन में बड़ा बदलाव: पीछे की तरफ 'बंप' नहीं दिखेगा गूगल की ओर से जारी टीजर वीडियो में डिजाइन की झलक मिली है। फोन का लुक काफी हद तक पुराने मॉडल जैसा ही है, लेकिन सबसे बड़ा बदलाव इसके कैमरा सेटअप में है। इस बार गूगल ने 'फ्लश' डिजाइन दिया है, यानी फोन के पीछे कैमरा सेटअप बिल्कुल सपाट होगा। पिछले मॉडल पिक्सल 9a में कैमरे के चारों ओर एक उभरी हुई पट्टी दी गई थी। सस्ते फोन में प्रीमियम AI फीचर्स मिलेंगे पिक्सल A-सीरीज गूगल के लिए काफी अहम है क्योंकि यह कम बजट वाले ग्राहकों को पिक्सल इकोसिस्टम से जोड़ती है। पिक्सल 10a में गूगल के लेटेस्ट जेमिनी फीचर्स का सपोर्ट मिलेगा। गूगल के ये AI फीचर्स ऐपल के 'ऐपल इंटेलिजेंस' के मुकाबले ज्यादा एडवांस माने जाते हैं। एपल और सैमसंग से पहले लॉन्चिंग की तैयारी गूगल ने पिक्सल 10a की लॉन्चिंग के लिए फरवरी का समय चुना है, क्योंकि मार्च में एपल अपना सस्ता आईफोन 17e लॉन्च कर सकता है। वहीं सैमसंग भी अपनी गैलेक्सी S26 सीरीज लाने वाला है। ये सैमसंग की फ्लैगशिप सीरीज है। गूगल चाहता है कि इन बड़े ब्रांड्स के आने से पहले वह भारत, जापान और अमेरिका जैसे बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत कर ले। भारत जैसे देश में, जहां लोग कम कीमत में प्रीमियम अनुभव चाहते हैं, वहां पिक्सल 10a गूगल की मार्केट हिस्सेदारी बढ़ा सकता है। पिक्सल 10 सीरीज का पूरा पोर्टफोलियो रैम की बढ़ती लागत महंगे हो सकते हैं फोन टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार गूगल कीमत थोड़ी बढ़ा सकता है। मोबाइल इंडस्ट्री में रैम और अन्य हार्डवेयर पार्ट्स की कीमतें बढ़ने की वजह से स्मार्टफोन कंपनियों पर दाम बढ़ाने का दबाव है। हालांकि, गूगल ने अभी तक आधिकारिक कीमत का खुलासा नहीं किया है। क्या है पिक्सल A-सीरीज? गूगल हर साल अपनी फ्लैगशिप सीरीज के कुछ महीनों बाद एक 'A' वर्जन लॉन्च करता है। इसमें प्रोसेसर और सॉफ्टवेयर वही होते हैं जो महंगे पिक्सल फोन में मिलते हैं, लेकिन बॉडी मटेरियल और कुछ कैमरा फीचर्स में कटौती करके इसकी कीमत कम रखी जाती है।
देश की पहली सहकारी कैब टैक्सी सर्विस 'भारत टैक्सी' आज लॉन्च की जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली में इसकी शुरुआत करेंगे। इस नई सर्विस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें ड्राइवरों से कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा और वे खुद इस प्लेटफॉर्म के हिस्सेदार या मालिक होंगे। सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, 'भारत टैक्सी' का उद्देश्य ड्राइवरों को निजी एग्रीगेटर कंपनियों के मॉडल से आजादी दिलाना है। टैक्सी का ट्रायल 2 दिसंबर को दिल्ली और गुजरात के राजकोट में शुरू किया गया था, जो सफल रहा है। रिटायरमेंट सेविंग्स और ड्राइवर सपोर्ट सिस्टम मिलेगा लॉन्चिंग के दौरान अमित शाह बेहतर प्रदर्शन करने वाले 6 ड्राइवर्स (जिन्हें 'सारथी' कहा गया है) को सम्मानित करेंगे। इन ड्राइवर्स को कंपनी के शेयर सर्टिफिकेट भी बांटे जाएंगे। सम्मानित होने वाले ड्राइवर्स को 5 लाख रुपए का एक्सिडेंटल और 5 लाख रुपए का फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस कवर दिया जाएगा। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म से जुड़ने वाले सभी ड्राइवर्स के लिए रिटायरमेंट सेविंग्स और ड्राइवर सपोर्ट सिस्टम जैसी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं। जीरो कमीशन और सर्ज-प्राइसिंग से राहत मिलेगी निजी कंपनियां जैसे ओला और उबर आमतौर पर ड्राइवरों की कमाई से 20% से 30% तक कमीशन वसूलती हैं। इसके उलट, भारत टैक्सी 'जीरो-कमीशन' मॉडल पर काम करेगी। यानी ड्राइवर जितनी कमाई करेगा, वह सीधे उसके पास जाएगी। इसके साथ ही, ग्राहकों के लिए भी राहत की बात यह है कि इसमें 'सर्ज-प्राइसिंग' (पीक ऑवर्स में ज्यादा किराया) का सिस्टम नहीं होगा। इससे यात्रियों को भी किफायती दरों पर टैक्सी मिल सकेगी। अगले 2 साल में हर शहर तक पहुंचने का टारगेट भारत टैक्सी को अगले दो साल में देश के सभी राज्यों और प्रमुख शहरों में शुरू करने का टारगेट है। इसके लिए सरकार के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के साथ इसे इंटीग्रेट किया जाएगा। दिल्ली के 7 प्रमुख स्थानों पर ड्राइवरों के लिए सपोर्ट सेंटर भी शुरू किए गए हैं। भारत टैक्सी को कौन चलाएगा यह सदस्यता आधारित मॉडल है, जिसे सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड चलाएगा। इसकी स्थापना जून में ₹300 करोड़ की रकम के साथ हुई। एप आधारित यह सेवा डिजिटल इंडिया का हिस्सा है। इसकी एक संचालन परिषद होगी, जिसमें अमूल के एमडी जयेन मेहता चेयरमैन और एनसीडीसी के उप प्रबंधक निदेशक रोहित गुप्ता वाइस चेयरमैन हैं। इसके अलावा 8 अन्य सदस्य भी हैं, जो देश की विभिन्न सहकारी समितियों से जुड़े हैं। इस बोर्ड की पहली बैठक 16 अक्टूबर को हो चुकी है। 4 सवाल-जवाब में भारत टैक्सी के फायदे समझिए... 1. इसकी सर्विस कैसे ले सकेंगे? भारत टैक्सी का एप ओला-उबर जैसा होगा, जो नवंबर में एप स्टोर्स से डाउनलोड कर सकेंगे। एप हिंदी, गुजराती, मराठी और अंग्रेजी में होगा। 2. ड्राइवरों को क्या फायदा होगा? हर राइड की 100% कमाई ड्राइवर को मिलेगी। उसे सिर्फ दैनिक, साप्ताहिक या मासिक शुल्क देना होगा, जो कि बहुत ही सामान्य रहेगा। 3. महिला सारथी की क्या भूमिका रहेगी? यानी महिला ड्राइवर्स। पहले चरण में 100 महिलाएं जुड़ेंगी। 2030 तक इनकी संख्या 15 हजार करेंगे। 15 नवंबर से मुफ्त प्रशिक्षण, विशेष बीमा मिलेगा। 4. यह सेवा 2030 तक कैसे आगे बढ़ेगी? ये खबर भी पढ़ें… ओला-उबर से 30% तक सस्ती भारत टैक्सी: किराए में ₹100 से ज्यादा का अंतर; दिल्ली में इस महीने, मुंबई-पुणे में छह महीने बाद शुरू केंद्र सरकार की सहकारी सर्विस ‘भारत टैक्सी’ जनवरी 2026 से दिल्ली और गुजरात में शुरू हो सकती है। यह छह महीने बाद मुंबई, पुणे में शुरू होगी। सहकारी टैक्सी का ट्रायल डेढ़ महीने पहले दिल्ली और गुजरात के राजकोट में शुरू हुआ था, जो सफल रहा है। अपने पायलट प्रोजेक्ट में यह ओला-उबर पर भारी पड़ रही है। सहकारी टैक्सी पीक ऑवर में अपनी प्राइवेट प्रतिद्वंद्वियों से 25 से 30% तक सस्ती पड़ रही है। भास्कर ने दिल्ली में 100 से ज्यादा ड्राइवरों, राइडर्स, यूनियन पदाधिकारियों और भारत टैक्सी एप से जुड़े अधिकारियों से बात की। पूरी खबर पढ़ें…
सैमसंग इंडिया 9 फरवरी को भारत में F सीरीज में नया स्मार्टफोन गैलेक्सी F70e लॉन्च करने जा रही है। कंपनी ने गैलेक्सी F70e की ईमेज और स्पेसिफिकेशन्स शेयर कर दिए हैं। नया गैलेक्सी स्मार्टफोन 6000mAh बैटरी, 6.7-इंच का HD+ और 50 मेगापिक्सल का मेन सेंसर के साथ आएगा। यह लो बजट स्मार्टफोन होगा, जिसकी कीमत 15 से 18 हजार रुपए के बीच रखी जा सकती है। उम्मीद है नया फोन गैलेक्सी F07e अगले हफ्ते बिक्री के लिए अवेलेबल हो जाएगा। डिजाइन: लैदर फिनिश के साथ प्रीमियम लुक नए सैमसंग फोन का बैक पैनल लैदर फिनिश के साथ आएगा, जो प्रीमियम और सॉफ्ट फील देगा। यह डिजाइन इसे उंगलियों के निशान और छोटे-मोटे स्क्रैच से भी बचाता है। कंपनी इसे दो कलर ऑप्शन- लाइमलाइट ग्रीन और स्पॉटलाइट ब्लू के साथ पेश करेगी। सामने की तरफ 6.7 इंच की बड़ी स्क्रीन है, जिसमें पतले बेजल्स हैं। फोन में टाइप-C चार्जिंग पोर्ट और जरूरी बटन दिए गए हैं। इस सैमसंग स्मार्टफोन को IP54 रेटिंग के साथ पेश किया जाएगा जो पानी की बौछारों से बचाने में मदद करेगा। सैमसंग गैलैक्सी F70e: स्पेसिफिकेशंस डिस्प्ले: सैमसंग गैलेक्सी F70e में कंपनी ने 1600 x 720 पिक्सल रेजोल्यूशन वाली 6.7-इंच की HD+ स्क्रीन दी है। यह इनफिनिटी ‘यू’ वॉटरड्रॉप नॉच डिस्प्ले है, जो LCD पैनल पर बनी है। इसमें 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ 800 निट्स पीक ब्राइटनेस का सपोर्ट भी मिलेगा। कैमरा: फोटोग्राफी के लिए फोन के बैक पैनल पर डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया जाएगा। इसमें LED फ्लैश के साथ 50 मेगापिक्सल मेन सेंसर और 2 मेगापिक्सल डेप्थ सेंसर शामिल होगा। वहीं, सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 8 मेगापिक्सल फ्रंट कैमरा दिया गया है। बैटरी: सैमसंग गैलैक्सी F70e में पावर बैकअप के लिए 6,000mAh की बैटरी दी जाएगी। सैमसंग के मुताबिक यह भारी इस्तेमाल के बावजूद आसानी से 2 दिन तक चल सकती है। बैटरी चार्ज करने के लिए फोन में 25W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट दिया गया है। परफॉर्मेंस: फोन को मीडियाटेक डायमेंसिटी 6300 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर के साथ लॉन्च किया जाएगा। यह 6 नैनोमीटर फेब्रिकेशन्स पर बना मोबाइल चिपसेट है, जो 2.0GHz से लेकर 2.4GHz तक की क्लॉक स्पीड पर रन कर सकता है। मीडियाटेक ने इस प्रोसेसर को 2024 में पेश किया था। ऐसे में गैलेक्सी F70e में 2 साल पुराना प्रोसेसर दिया जाना, सैमसंग फैंस को निराश कर सकता है। हालांकि फोन एंड्रॉयड बेस्ड OneUI 8 ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ आएगा, जिसमें 6 OS और सिक्योरिटी अपडेट मिलेगा।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी अंबानी ने कहा कि भारत अगले 20-30 वर्षों में 25 से 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता रखता है और यह दौर देश की युवा पीढ़ी के लिए निवेश का एक बहुत बड़ा अवसर होगा।
निसान मोटर इंडिया सब-4 मीटर सेगमेंट में नई कार उतारने की तैयारी कर रही है। कंपनी 7-सीटर मल्टी पर्पस व्हीकल (MPV) को 17 फरवरी को भारत में लॉन्च करेगी। ये रेनो ट्राइबर, मारुति अर्टिगा, मारुति XL6, किआ कैरेंस और किआ कैरेंस क्लाविस को टक्कर देगी। कंपनी ने नई MPV का फर्स्ट लुक (18 जनवरी) रिवील किया था। ये रेनो ट्राइबर के प्लेटफॉर्म पर बेस्ड है और भारत में डेवलप की गई है। कार में डिजिटल क्लस्टर और सेफ्टी के लिए 360 डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स मिल सकते हैं। ये बजट 7-सीटर MPV सेगमेंट में निसान की नई एंट्री है। ये रेनो ट्राइबर की तरह बजट फैमिली कार होगी और इसकी एक्स-शोरूम कीमत 6 से 9 लाख रुपए के बीच हो सकती है। बुकिंग की जानकारी फिलहाल नहीं आई हैं। ट्राइबर की तरह सब-4 मीटर साइज में 7 सीट्स ग्रेवाइट की सबसे बड़ी खासियत इसका सब-4 मीटर साइज है, जिसमें 7 सीट्स के साथ फ्लेक्सिबल सीटिंग मिलेगी। थर्ड रो सीट्स रिमूवेबल होंगी, जिससे बूट स्पेस ज्यादा हो जाएगा। ये शहर में आसानी से चलने वाली और फैमिली यूज के लिए प्रैक्टिकल MPV होगी। रेनो ट्राइबर की तरह मॉड्यूलर सीटिंग सेटअप मिलेगा। एक्सटीरियर डिजाइन: स्लिम LED DRLs के साथ हनीकॉम्ब ग्रिल कार का डिजाइन कंपनी की अपकमिंग SUV टेक्टॉन की तरह होगा। इसके फ्रंट में हनीकॉम्ब डिजाइन वाली बोल्ड ग्रिल मिलेगी, जिसके बीच में निसान का लोगो है। वहीं बोनट पर ग्रेवाइट की बैजिंग दी गई है। स्लिम LED DRLs लाइट बार से कनेक्टेड हैं और हेडलैंप्स नए डिजाइन के साथ आएंगे। साइड प्रोफाइल में रूफ रेल्स, पुल टाइप डोर हैंडल्स और डुअल-टोन अलॉय व्हील्स दिखेंगे। सिल्हूट ट्राइबर जैसा ही है, लेकिन निसान स्टाइलिंग से अलग लुक मिलेगा। रियर में डिसकनेक्टेड टेल लाइट्स हैं, जिन्हें थिन क्रोम स्ट्रिप जोड़ेगी। टेलगेट पर GRAVITE लेटरिंग और सिंपल बंपर में C-शेप एलिमेंट होगा। कुल मिलाकर मॉडर्न और बोल्ड डिजाइन है। डायमेंशन सब-4 मीटर रखी गई है, कलर ऑप्शन की डिटेल लॉन्च पर आएगी। इंटीरियर: ट्राइबर से इंस्पायर्ड केबिन डिजाइन इंटीरियर ट्राइबर से इंस्पायर्ड होगा, लेकिन निसान के अपने कलर थीम और अपहोल्स्ट्री मिलेगी। डैशबोर्ड बेसिक लेआउट वाला होगा। स्टीयरिंग व्हील और सीट्स कॉम्फी होंगी। थर्ड रो तक AC वेंट्स दिए गए हैं। पैनोरमिक सनरूफ की उम्मीद कम है, लेकिन मैनुअल AC और अच्छा स्पेस मिलेगा। फुल इंटीरियर डिटेल अभी अनवील नहीं हुई है। परफॉरमेंस: 1.0 लीटर का 3 सिलेंडर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन कार में परफॉर्मेंस के लिए 1.0 लीटर का 3 सिलेंडर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन मिलेगा, जो 72PS की पावर और 96Nm का टॉर्क जनरेट करता है। ट्रांसमिशन के लिए 5-स्पीड मैनुअल या 5-स्पीड AMT गियरबॉक्स ऑप्शनल होंगे। माइलेज की डिटेल लॉन्च पर आएगी, लेकिन ट्राइबर जैसी अच्छी फ्यूल एफिशिएंसी मिलने की उम्मीद है। बाद में CNG ऑप्शन भी आ सकता है। टर्बो पेट्रोल की संभावना कम है। फीचर्स: 8-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम कंफर्ट और कन्वीनियंस में 8-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम मिलेगा, जो एंड्रॉएड ऑटो और एपल कार प्ले सपोर्ट करेगा। 7-इंच सेमी-डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, वायरलेस फोन चार्जर, पुश बटन स्टार्ट-स्टॉप, कूल्ड स्टोरेज और सेकंड रो में स्लाइड-रिक्लाइन सीट्स जैसे फीचर्स आएंगे। रियर पैसेंजर्स के लिए AC वेंट्स और 6-स्पीकर साउंड सिस्टम भी होगा। कुल मिलाकर प्रैक्टिकल फीचर्स की लिस्ट अच्छी है। सेफ्टी फीचर्स: 6 एयरबैग्स और टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम सेफ्टी में 6 एयरबैग्स, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ESC), हिल स्टार्ट असिस्ट, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS), फ्रंट-रियर पार्किंग सेंसर्स और रियर पार्किंग कैमरा जैसे फीचर्स मिलेंगे। ये सेगमेंट में अच्छी सेफ्टी पैकेज देगी।
जर्मन कार मेकर फॉक्सवैगन ने अपनी नई प्रीमियम 7-सीटर SUV टेरॉन आर-लाइन की बुकिंग शुरू कर दी है। हाल ही में इसे रिवील किया गया था। भारत में यह कार टिग्वान R-लाइन के ऊपर रहेगी और यह कंपनी की फ्लैगशिप SUV होगी। टेरॉन असल में टिग्वान का ही बड़ा और थ्री-रो (तीन लाइन सीट) वर्जन है। टेरॉन R-लाइन की सबसे खास बात इसका बड़ा केबिन और प्रीमियम फीचर्स हैं। कंपनी ने इसमें वो सभी कमियां दूर की हैं, जो टिग्वान में थीं। अब इसमें मसाज फंक्शन वाली सीटें, 15-इंच की टच स्क्रीन और पैनोरमिक सनरूफ जैसे फीचर्स हैं। कार का लुक काफी स्पोर्टी और प्रीमियम है। फॉक्सवैगन ने कार की कीमतों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि भारत में इसकी एक्स-शोरूम कीमत 45 से 50 लाख रुपए के बीच हो सकती है। इसका मुकाबला टोयोटा फॉर्च्यूनर, स्कोडा कोडिएक और एमजी ग्लोस्टर जैसी कारों से होगा। एक्सटीरियर: स्पोर्टी लुक के साथ कनेक्टेड LED सेटअप टेरॉन आर-लाइन का डिजाइन काफी बोल्ड है, जो काफी हद तक टिग्वान आर-लाइन जैसा लगता है। फ्रंट: आगे की ओर इल्लुमिनेटेड फॉक्सवैगन लोगो और कनेक्टेड LED लाइट बार दी गई है। बंपर पर ग्लॉस ब्लैक फिनिश है और ग्रिल पर 'R' का बैज मिलता है, जो इसके स्पोर्टी कैरेक्टर को दिखाता है। साइड प्रोफाइल: यहां 19-इंच के डुअल-टोन अलॉय व्हील्स दिए गए हैं। साइड से 7-सीटर कार काफी लंबी दिखती है। विंडो के चारों ओर क्रोम फिनिश और फ्रंट फेंडर पर 'R' बैजिंग दी गई है। इसके अलावा, व्हील आर्क में पतली ग्लॉस ब्लैक क्लेडिंग है। रियर: पीछे का लुक काफी क्लीन और मॉडर्न रखा गया है। यहां, 'पिक्सल स्टाइल' वाली कनेक्टेड टेल लैंप्स हैं। कंट्रास्ट के लिए रियर बंपर पर आगे की तरह ग्लॉस ब्लैक ट्रीटमेंट दिया गया है। इंटीरियर: 15-इंच की बड़ी स्क्रीन और लग्जरी केबिन कार के केबिन को बेहद प्रीमियम और हाई-टेक बनाया गया है। डैशबोर्ड पर 15-इंच का बड़ा फ्लोटिंग इंफोटेनमेंट सिस्टम और 10.25-इंच का डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले दिया गया है। डैशबोर्ड पर 30 अलग-अलग कलर्स वाली एम्बिएंट लाइटिंग दी गई है, जो केबिन के माहौल को लग्जरी बनाती है। 7-सीटर SUV में आगे की सीटों में मसाज, वेंटिलेशन और हीटिंग फंक्शन दिया गया है। ये इलेक्ट्रिकली एडजस्टेबल भी हैं। सेकेंड रो की सीटों को आप अपनी जरूरत के हिसाब से स्लाइड और रिक्लाइन भी कर सकते हैं। कार में ज्यादातर फीचर को सिर्फ टचस्क्रीन से ही एक्सेस किया जा सकता है, जिसमें क्लाइमेट कंट्रोल भी शामिल है। फ्लोर कंसोल पर मल्टी-फंक्शन नोब है, जिससे आप वॉल्यूम और ड्राइव मोड एडजस्ट कर सकते हैं। टेरॉन में 3-जोन ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, दो वायरलेस फोन चार्जर और पावर्ड टेलगेट, हरमन कार्डन का प्रीमियम साउंड सिस्टम, हेड्स-अप डिस्प्ले (HUD) जैसे फीचर्स दिए गए हैं। परफॉरमेंस: दमदार इंजन और ऑफ-रोड क्षमता कंपनी ने इंजन स्पेसिफिकेशन के बारे में नहीं बताया है, लेकिन उम्मीद है कि कार में 2.0 लीटर का टर्बो पेट्रोल TSI इंजन दिया जा सकता है। ये इंजन 204ps की पावर और 320Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इंजन को 7-स्पीड DCT गियरबॉक्स के साथ ट्यून किया गया है। इसमें 4-मोशन ऑल-व्हील ड्राइव सिस्टम भी मिल सकता है। सेफ्टी: 9 एयरबैग्स और लेवल-2 ADAS से लैस सेफ्टी के मामले में फॉक्सवैगन टेरॉन में 9 एयरबैग्स, 360 डिग्री कैमरा, फ्रंट और रियर में पार्किंग सेंसर्स, चारों पहियों पर डिस्क ब्रेक और इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसके अलावा कार लेवल-2 एडवांस ड्राइविंग असिस्ट सिस्टम भी दिया गया है, जिसमें लेन कीप असिस्ट, एडॉप्टिव क्रूज कंट्रोल और इमरजेंसी ब्रेकिंग जैसे फीचर्स मिलते हैं।
टेक कंपनी रियलमी इंडिया ने अपने मिड रेंज रियलमी P4 सीरीज के 5G स्मार्टफोन्स P4 और P4 प्रो की कीमत में बढ़ा दी हैं। रियलमी P4 की कीमत में जहां 2,500 रुपए की बढ़ोतरी की गई गई है। वहीं रियलमी P4 प्रो के दाम 4,000 रुपए तक बढ़ाए गए हैं। दोनों फोन 7000mAh बैटरी के साथ आते हैं, इनमें 50MP कैमरा और 144Hz रिफ्रेश रेट वाली 4D कर्व्ड एमोलेड डिस्प्ले दी गई है। डिजाइन: मेटालिक फ्रेम के साथ प्रीमियम नेचुरल टेक्सचर रियलमी P4 में मेटालिक और प्लास्टिक फिनिश दिया गया है। इसमें मेटालिक लाइन्स और एक्सपोज्ड स्क्रू डिटेल्स हैं, जो इसे मजबूत और स्टाइलिश बनाते हैं। इसमें 6.77 इंच का डिस्प्ले है और इसके बेजल्स काफी पतले हैं। डिजाइन में फ्लैट फ्रेम्स और स्लिम बैक पैनल का इस्तेमाल किया गया है। रियलमी P4 को IP65+IP66 रेटिंग के साथ पेश किया गया है। इसका वजन लगभग 194 ग्राम और मोटाई 7.58mm है। इसके बैक पैनल पर डुअल रियर कैमरा सेटअप है, कैमरा मॉड्यूल काफी पतला है। फोन तीन बोल्ड कलर ऑप्शन- स्टील ग्रे, इंजन ब्लू, और फोर्ज रेड में अवेलेबल है। वहीं, रियलमी P4 प्रो में टेक-वुड मटेरियल के साथ प्रीमियम और नेचुरल टेक्सचर वाला डिजाइन दिया गया है। मेटालिक फ्रेम के साथ बैक पैनल मैट टेक्सचर दिया गया है, जो फिंगरप्रिंट्स को कम करता है। इसमें 6.8-इंच का डिस्प्ले है, जिसके बेजल्स काफी पतले हैं। फोन का वजन लगभग 189-194 ग्राम है और मोटाई 7.68-7.69mm है। कैमरा मॉड्यूल एक सर्कुलर आइलैंड डिजाइन में है, जो ज्यादा बाहर नहीं निकलता और फोन को सपाट सतह पर स्थिर रखता है। LED फ्लैश को कैमरा सेंसर से अलग रखा गया है। ये फोन भी तीन कलर ऑप्शन- बर्च वुड, डार्क ओक वुड और मिडनाइट आइवी के साथ आया है। रियलमी P4 : स्पेसिफिकेशन्स परफॉर्मेंस: रियलमी P4 में परफॉर्मेंस के लिए मीडियाटेक का डायमेंसिटी 7400 अल्ट्रा 5G चिपसेट दिया गया है, जो 2.6GHz तक की क्लॉक स्पीड पर रन कर सकता है। वहीं गेमिंग के दौरान स्मूथ परफॉर्मेंस के लिए हाइपर विजन AI चिप लगाई गई है, जिससे बेहतर विजुअल ग्राफिक्स और हाई फ्रेम रेट मिलती है। फोन बेटलग्राउंड मोबाइल इंडिया (BGMI) जैसे 100 से ज्यादा पॉपुलर गेम्स में 144 FPS (फ्रेम पर सेकेंड) तक सपोर्ट करता है। गेमिंग के दौरान ग्राफिक्स साफ और तेज रहते हैं। 7000mm वैपोर कूलिंग सिस्टम की वजह से फोन हैवी गेमिंग के दौरान ज्यादा गर्म नहीं होता, जिससे लंबे समय तक अच्छी परफॉर्मेंस मिलती है। OS: मोबाइल एंड्ररॉयड 15 पर बेस्ड रियलमी UI 6 ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) के साथ मिलकर काम करता है। यह 3 साल के बड़े एंड्रॉएड अपडेट्स और 4 साल के सिक्योरिटी अपडेट्स के साथ आता है। इसमें AI फीचर्स जैसे AI स्मार्ट चार्जिंग और AI हाइपर मोशन हैं, जो बैटरी लाइफ और गेमिंग को ऑप्टिमाइज करते हैं। रैम और स्टोरेज: फोन में 6GB या 8GB LPDDR4X रैम और 128GB/256GB UFS 3.1 स्टोरेज के ऑप्शन हैं। यह मल्टीटास्किंग और एप्स को तेजी से खोलने में मदद करता है। 18GB तक डायनामिक रैम (वर्चुअल रैम) का सपोर्ट है, जो भारी एप्स और गेम्स को आसानी से हैंडल करती है। डिस्प्ले: रियलमी P4 में 1080 x 2392 पिक्सल रेजोल्यूशन वाली 6.77 इंच की फुल HD+ डिस्प्ले दी गई है। एमोलेड पैनल पर बनी स्क्रीन 144Hz रिफ्रेश रेट पर काम करती है। इसकी पीक ब्राइटनेस 4500 निट्स है। कंपनी इसे सनलाइट रेडी स्क्रीन कह रही है, क्योंकि हाई ब्राइटनेस के चलते धूप में भी डिस्प्ले पर कंटेंट आसानी से देख सकते हैं। कैमरा: फोटोग्राफी के लिए फोन के बैक पैनल पर डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। इसमें 50 मेगापिक्सल मेन सेंसर और 8 मेगापिक्सल अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस शामिल है। वहीं सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 16 मेगापिक्सल फ्रंट कैमरा दिया गया है। बैटरी: पावर बैकअप के लिए फोन में 7000mAh बैटरी दी गई है। कंपनी के अनुसार, फोन 5 साल की बैटरी हेल्थ के साथ आएगा। फोन को तेजी से चार्ज करने के लिए इसमें 80W फास्ट चार्जिंग तकनीक दी गई है। इससे फोन 0 से 50% तक लगभग 25 मिनट में चार्ज हो जाता है। साथ ही, 10W रिवर्स चार्जिंग की सुविधा भी है, जिससे आप अपने अन्य डिवाइस जैसे स्मार्टवॉच या इयरबड्स चार्ज कर सकते हैं। रियलमी P4 प्रो : स्पेसिफिकेशन्स डिस्प्ले : रियलमी P4 प्रो में 1280 x 2800 पिक्सल रेजोल्यूशन वाली 6.8-इंच की 1.5K डिस्प्ले दी गई है। इसे कंपनी ने हाइपर ग्लो 4D कर्व+ नाम दिया है। इसके किनारे माइक्रो-कर्व्ड यानी घुमावदार हैं। स्क्रीन 144Hz रिफ्रेश रेट पर काम करती है और इसकी पीक ब्राइटनेस 6500 निट्स है। यानी डिस्प्ले स्मूथ स्क्रॉलिंग करेगी और साथ ही धूप में इस पर टेक्स्ट पढ़ने में भी दिक्कत नहीं होगी। परफॉर्मेंस : प्रोसेसिंग के लिए स्मार्टफोन में 4 नैनोमीटर फेब्रिकेशन्स पर बना क्वालकॉम का स्नैपड्रैगन 7 जेन 4 ऑक्टा-कोर प्रोसेसर दिया गया है, जो 2.8GHz तक की क्लॉक स्पीड पर रन कर सकता है। यह चिप तेज और पावरफुल है, जो रोजमर्रा के काम, मल्टीटास्किंग और गेमिंग के लिए ठीक है। वहीं गेमिंग के दौरान स्मूथ परफॉर्मेंस के लिए इसमें भी हाइपर विजन AI चिप लगाई गई है। फोन BGMI और कॉल ऑफ ड्यूटी मोबाइल जैसे 100+ गेम्स 1.5K रेजोल्यूशन और 144 FPS (फ्रेम पर सेकेंड) तक सपोर्ट करता है। इससे गेम्स में कोई फ्रेम ड्रॉप नहीं होता। 7000mm वैपर कूलिंग सिस्टम हैवी गेमिंग के दौरान फोन को ठंडा रखता है। GT परफॉर्मेंस इंजन 3.0 और AI हाइपर मोशन जैसे फीचर्स गेमिंग को और स्मूथ बनाते हैं। यह चिप ग्राफिक्स को ऑप्टिमाइज करता है, जिससे गेम्स में हाई-क्वालिटी विज़ुअल्स मिलते हैं। रैम और स्टोरेज: रैम और स्टोरेज : फोन में 8GB/12GB LPDDR4X रैम और स्टोरेज के लिए 128GB/256GB/512GB UFS 3.1 मैमोरी के ऑप्शन्स हैं। 14GB तक वर्चुअल रैम की सुविधा भी है, जो भारी एप्स और गेम्स को आसानी से चलाने में मदद करती है। मल्टीटास्किंग में कोई लैग नहीं है; 10+ एप्स और टैब्स आसानी से हैंडल करता है। OS : मोबाइल भी एंड्ररॉयड 15 पर बेस्ड रियलमी UI 6 ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) के साथ मिलकर काम करता है। इसमें भी 3 साल के एंड्रॉएड अपडेट और 4 साल के सिक्योरिटी अपडेट मिलेगा। इसमें AI फीचर्स जैसे AI स्मार्ट चार्जिंग और AI हाइपर मोशन हैं, जो बैटरी लाइफ और गेमिंग को ऑप्टिमाइज करते हैं। AI फीचर्स जैसे AI अल्ट्रा क्लीयरिटी, AI स्नैप मोड और AI एडिट फोटो/वीडियो एडिटिंग और गेमिंग को बेहतर बनाते हैं। बैटरी : पावरबैकअप के लिए फोन में 7000mAh की बैटरी दी गई है। चार्जिंग के लिए फोन 80वॉट फास्ट चार्जिंग से लैस है। मोबाइल बायपास चार्जिंग टेक्नोलॉजी से लैस है जो हैवी प्रोसेसिंग या गेमिंग के दौरान फोन बैटरी की जगह सीधे प्रोसेसर को ताकत देती है। 10W रिवर्स चार्जिंग से आप स्मार्टवॉच या इयरबड्स जैसे डिवाइस चार्ज कर सकते हैं। कैमरा : फोटोग्राफी के लिए रियलमी P4 प्रो डुअल रियर कैमरा सपोर्ट करता है, जिसमें 50 मेगापिक्सल IMX896 OIS सेंसर के साथ 8 मेगापिक्सल वाइड-एंगल लेंस है। वहीं फोन के फ्रंट पैनल पर भी 50 मेगापिक्सल सेल्फी सेंसर दिया गया है।
नए धर्म का जन्म, मानवता के विनाश का ऐलान, AI बॉट्स ने गपशप में कर दी खौफनाक भविष्यवाणी
एआई ने पूरी दुनिया के परिदृश्य को बदलकर रख दिया है। एआई इंसानों की हर समस्या को हल कर रहा है। लेकिन एक ऐसा सोशल मीडिया प्लेटफार्म है, जहां एआई बॉट्स ही आपस में बातें करते हैं। पहली नजर में देखने पर 'Moltbook' किसी आम ऑनलाइन चैट रूम की तरह ही दिखाई ...
मारुति सुजुकी इंडिया अपनी कारों की कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कंपनी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (मार्केटिंग एंड सेल्स) पार्थो बनर्जी ने 2 फरवरी को बताया कि कमोडिटी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण इनपुट कॉस्ट बढ़ गई है, जिससे अब गाड़ियों के दाम बढ़ाना जरूरी हो गया है। कीमतें बढ़ाने की वजह: कीमती धातुओं के दाम और जियोपॉलिटिकल हालात पार्थो बनर्जी के मुताबिक, कमोडिटी फ्रंट पर कच्चे माल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। खासकर कीमती धातुओं के दाम में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि जियोपॉलिटिकल टेंशन्स के चलते भी सप्लाई चेन और लागत पर असर पड़ा है। कंपनी अब तक लागत का भार खुद उठाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन अब इसे ग्राहकों पर डालना मजबूरी हो गया है। हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि कीमतें कब से और कितनी बढ़ाई जाएंगी। कंपनी ने इससे पहले अप्रैल 2025 से अपनी कारों की कीमत में 4% तक की बढ़ोतरी की थी। जनवरी में रिकॉर्ड 2.78 लाख बुकिंग, 1.75 लाख कारें वेटिंग में पुरानी बुकिंग वालों को राहत: मिलेगी प्राइस प्रोटेक्शनकंपनी ने पहली बार कार खरीदने वाले ग्राहकों का ध्यान रखते हुए जनवरी में 'प्राइस प्रोटेक्शन स्कीम' शुरू की है। बनर्जी ने बताया कि जिन लोगों ने गाड़ियां बुक कर ली हैं लेकिन प्रोडक्शन की कमी के कारण उन्हें डिलीवरी नहीं मिल पाई है, उनसे बढ़ी हुई कीमतें नहीं ली जाएंगी। उन्हें उसी दाम पर कार मिलेगी जिस पर उन्होंने बुकिंग की थी। जनवरी में अब तक की सबसे ज्यादा बिक्री और एक्सपोर्ट मारुति सुजुकी का अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में मुनाफा 4% बढ़ामारुति सुजुकी इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में 49,891 करोड़ रुपए की कुल कमाई की। यह पिछले साल के मुकाबले 29% बढ़ी है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 38,752 करोड़ रुपए की कमाई की थी। इसी तिमाही में कंपनी ने 6.67 लाख कारें बेचीं। कुल कमाई में से सैलरी, टैक्स, कच्चे माल की कीमत जैसे खर्चे निकाल दें तो कंपनी के पास 3,794 करोड़ रुपए शुद्ध मुनाफे (नेट प्रॉफिट) के रूप में बचे। यह 2025 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही से 4% ज्यादा है। पिछले साल कंपनी को 3,659 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था।
भारतीय ऑटोमोबाइल मार्केट में SUV का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है। साल 2026 की शुरुआत टाटा मोटर्स के लिए अच्छी रही है। टाटा नेक्सॉन ने जनवरी महीने में मारुति सुजुकी की सबसे ज्यादा बिकने वाली सेडान कार डिजायर को पीछे छोड़कर नंबर-1 का पायदान हासिल कर लिया है। जनवरी 2026 में टाटा नेक्सॉन ने अब तक की सबसे ज्यादा मंथली सेल दर्ज की है। पिछले महीने नेक्सॉन की कुल 23,365 यूनिट्स बिकीं। वहीं मारुति डिजायर 19,629 यूनिट्स के साथ दूसरे नंबर पर रही। भारतीय पैसेंजर व्हीकल (PV) मार्केट में अब SUV सेगमेंट की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 55% हो गई है। नेक्सॉन और पंच ने नया रिकॉर्ड बनाया जनवरी में टाटा मोटर्स की दो सबसे पॉपुलर SUV नेक्सॉन और पंच दोनों ने ही अपनी अब तक की सबसे अच्छी मंथली सेल दर्ज की है। जहां नेक्सॉन की सेल 23 हजार यूनिट्स के पार निकल गई। वहीं टाटा पंच की भी 19,257 यूनिट्स बिकीं। इसके साथ ही नेक्सॉन ने एक बड़ा माइलस्टोन भी पार कर लिया है। भारतीय बाजार में लॉन्च होने के बाद से नेक्सॉन की कुल बिक्री 10 लाख (10,00,000) यूनिट्स के पार भी पहुंच गई है। वहीं टाटा पंच ने भी महज चार साल और तीन महीने के भीतर 7 लाख यूनिट्स की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है। टॉप-10 में मारुति का दबदबा बरकरार भले ही नेक्सॉन नंबर-1 पर रही हो, लेकिन टॉप-10 में सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों की लिस्ट में मारुति सुजुकी की सबसे ज्यादा कारें हैं। टॉप-10 लिस्ट में शामिल सभी नॉन-SUV मॉडल्स- सेडान, हैचबैक और एमपीवी अकेले मारुति सुजुकी के ही हैं। टाटा और हुंडई के पोर्टफोलियो में हैचबैक मॉडल्स होने के बावजूद वे टॉप लिस्ट में जगह नहीं बना पाए हैं। जनवरी में मारुति की अर्टिगा (MPV) की 17,892 यूनिट्स, स्विफ्ट की 17,806 यूनिट्स और बलेनो की 16,782 यूनिट्स बिकीं हैं। SUV सेगमेंट में कड़ी टक्कर मिड-साइज और कॉम्पैक्ट SUV सेगमेंट में मुकाबला काफी कड़ा हो गया है। हुंडई क्रेटा ने जनवरी में 17,921 यूनिट्स की सेल के साथ अपनी पकड़ मजबूत रखी है। वहीं नेक्सॉन की सीधी राइवल मारुति ब्रेजा 17,486 यूनिट्स के साथ लिस्ट में बनी हुई है। महिंद्रा की स्कॉर्पियो (N और क्लासिक दोनों मिलाकर) की 15,542 यूनिट्स बिकीं, जबकि 'विक्टोरिस' SUV ने भी 15,240 यूनिट्स के साथ टॉप-10 में अपनी जगह बनाई। 55% बाजार पर SUV का कब्जा भारतीय ग्राहकों की पसंद अब छोटी कारों (हैचबैक) से शिफ्ट होकर SUV की तरफ बढ़ रही है। देश के कुल पैसेंजर व्हीकल मार्केट में SUV का शेयर 55% तक पहुंच चुका है। इसमें महिंद्रा, टाटा मोटर्स, मारुति सुजुकी और हुंडई प्रमुख खिलाड़ी हैं। 2025 के आंकड़ों पर नजर डालें तो पूरे साल डिजायर की करीब 2.14 लाख यूनिट्स बिकी थीं और नेक्सॉन 2.02 लाख यूनिट्स के साथ दूसरे नंबर पर थी। लेकिन 2026 की शुरुआत में ही नेक्सॉन ने बढ़त बनाकर संकेत दे दिए हैं कि इस साल लड़ाई और दिलचस्प होने वाली है। लोगों को क्यों पसंद आ रही है SUV? हाई ग्राउंड क्लीयरेंस, खराब सड़कों पर बेहतर परफॉर्मेंस, ज्यादा स्पेस और 'मस्कुलर' लुक के कारण लोग अब हैचबैक के बजाय माइक्रो या कॉम्पैक्ट SUV को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं।

