अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन: दक्षिण-पश्चिम राजस्थान युवा कार्यकारिणी घोषित
संगठन विस्तार के तहत हरीश अग्रवाल बने उपाध्यक्ष और यशवंत मंगल को प्रदेश युवा अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।
Weather Alert: राजस्थान में फिर बदलेगा मौसम, 27 से 29 सितंबर तक आंधी-बारिश का अलर्ट
Weather Alert: राजस्थान में फिर बदलेगा मौसम, 27 से 29 सितंबर तक आंधी-बारिश का अलर्ट
राष्ट्रीय कला मंदिर की राजस्थान सांस्कृतिक संध्या 27 सितंबर को
राष्ट्रीय कला मंदिर के अध्यक्ष वीरेंद्र बैद ने बताया कि कार्यक्रम में बाड़मेर की मशहूर नृत्यांगना प्रेम मंडा और सोनू राजस्थानी अपनी नृत्य प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करेंगे। मुख्य अतिथि महावीर इंटरनेशनल संस्था के अध्यक्ष कमलकांत कोचर होंगे।
बिना भारी खर्च और महंगे टिकट के सिर्फ 10 रुपये में देखें राजस्थान की यह शानदार इमारत
राजस्थान का नाम सुनते ही आमतौर पर मन में जयपुर, उदयपुर या जोधपुर के बड़े-बड़े किलों और महंगे पर्यटन खर्च की तस्वीरें उभरने लगती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसी ऐतिहासिक राज्य में एक ऐसी खूबसूरत जगह भी मौजूद है जहां इतिहास के पन्ने बेहद कम कीमत पर पलटे जा सकते हैं? धौलपुर टूरिज्म (Dholpur Tourism) ने देश और दुनिया भर से आने वाले पर्यटकों और ट्रेवल लवर्स के लिए एक बेहद शानदार सौगात पेश की है। अब आपको राजस्थान के इतिहास और शाही वास्तुकला (Royal Architecture) का दीदार करने के लिए अपनी जेब ढीली करने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। धौलपुर जिले में स्थित तीन बेहद भव्य और ऐतिहासिक शाही इमारतों को अब आप महज 10 रुपये के मामूली टिकट शुल्क पर घूम सकते हैं। चंबल नदी के आंचल में बसा धौलपुर अपने प्राचीन किलों, मुगलों और राजपूत काल की वास्तुकला तथा प्राकृतिक सुंदरता के लिए हमेशा से पर्यटकों को आकर्षित करता रहा है। महंगाई के इस दौर में जहां बड़े-बड़े पर्यटन स्थलों पर घूमने के लिए भारी-भरकम टिकट और एंट्री फीस चुकानी पड़ती है, वहीं धौलपुर जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की इस पहल ने बजट ट्रेवलर्स (Budget Travelers) के चेहरे पर बड़ी मुस्कान ला दी है। इस ऐतिहासिक शहर की सैर करने के लिए आपको किसी महंगे टूर पैकेज की आवश्यकता नहीं है, बल्कि कम बजट में परिवार और दोस्तों के साथ एक बेहतरीन वीकेंड ट्रिप (Weekend Trip) प्लान किया जा सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि धौलपुर की वे कौन-सी 3 शाही इमारतें हैं जिन्हें आप मात्र 10 रुपये में घूम सकते हैं और वहां की क्या खास विशेषतांए हैं।राजस्थान के पूर्वी छोर पर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा के पास स्थित धौलपुर ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद समृद्ध रहा है। यहां के राजा-महाराजों द्वारा बनवाई गई इमारतें आज भी अपनी भव्यता और बेजोड़ कारीगरी की कहानी बयां करती हैं। जब पर्यटक कम खर्च में बेहतरीन अनुभव की तलाश करते हैं, तो धौलपुर का यह बजट-फ्रेंडली टूरिज्म मॉडल एक मिसाल बनकर सामने आता है। इन तीनों ऐतिहासिक धरोहरों के रखरखाव और पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभाग ने टिकट की कीमत नाममात्र रखी है ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी संस्कृति और इतिहास से जुड़ सकें। आइए जानते हैं कि इन तीन शाही इमारतों की फेहरिस्त में कौन-कौन सी ऐतिहासिक जगहें शामिल हैं और उनकी वास्तुकला की क्या विशेषताएं हैं।धौलपुर की वे 3 शाही इमारतें जिन्हें सिर्फ 10 रुपये के टिकट में देखा जा सकता हैधौलपुर के इस खास टूरिज्म पैकेज के तहत जिन तीन प्रमुख ऐतिहासिक और शाही इमारतों को शामिल किया गया है, वे पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र हैं:शेरगढ़ किला (Shergarh Fort): शेर शाह सूरी द्वारा पुनर्निमित और चंबल नदी के किनारे स्थित यह ऐतिहासिक किला अपनी मजबूत प्राचीरों और वास्तुकला के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यहां से चंबल घाटी का विहंगम नजारा बेहद मनमोहक लगता है।निहाल टॉवर और घंटाघर (Nihal Tower): शहर के बीचों-बीच स्थित यह भव्य घंटाघर देश की सबसे ऊंची और पुरानी घड़ियों में से एक गिना जाता है। इसके आसपास का इलाका और इसकी वास्तुकला देखने लायक है।उमेद भवन पैलेस (Umad Bhawan Palace): शाही रियासत के समय का यह शानदार पैलेस अपनी खूबसूरत नक्काशी और शाही मेहमानवाज़ी के इतिहास को समेटे हुए है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं।बजट ट्रेवलर्स के लिए धौलपुर क्यों है सबसे बेहतरीन और सुगम विकल्प?आज के समय में जब परिवार के साथ किसी ट्रिप पर जाने के लिए हजारों-लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं, धौलपुर का यह सफर पर्यटकों को बेहद सुकून देने वाला साबित होता है। मात्र 10 रुपये के प्रवेश शुल्क में इन तीनों ऐतिहासिक इमारतों का दीदार करना किसी खजाने को खोजने जैसा अनुभव कराता है। यहां पहुंचने के लिए सड़क और रेल मार्ग की बेहतरीन कनेक्टिविटी उपलब्ध है। दिल्ली, आगरा, ग्वालियर और लखनऊ जैसे बड़े शहरों से धौलपुर आसानी से ट्रेन या बस के जरिए पहुंचा जा सकता है। स्थानीय स्तर पर खाने-पीने और रहने के विकल्प भी बहुत किफायती दामों पर उपलब्ध हैं, जिससे यह जगह बजट टूरिज्म के लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन बन जाती है। यदि आप भी इस वीकेंड किसी शांत, ऐतिहासिक और कम खर्च वाली जगह की तलाश में हैं, तो धौलपुर की इन तीन शाही इमारतों की सैर आपके लिए एक यादगार अनुभव साबित होगी।
बीजेपी को कांग्रेस से मिले सिर्फ 0.94 प्रतिशत ज्यादा वोट, जानिए राज्य का पूरा सियासी गणित
राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में हाल ही में संपन्न हुए स्थानीय निकाय चुनावों (Rajasthan Nikay Chunav) के परिणामों ने राज्य के दोनों प्रमुख दलों यानी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस (Congress) की नींद उड़ा दी है। चुनाव के बाद सामने आए फाइनल वोट शेयर (Vote Share) के आंकड़ों ने यह साबित कर दिया है कि राजस्थान की राजनीति में मुकाबला कितना ज्यादा रोमांचक और कांटे की टक्कर वाला हो चुका है। निर्वाचन आयोग और राजनीतिक विश्लेषकों द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस बार के निकाय चुनावों में सत्ताधारी या सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने वाली बीजेपी को मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के मुकाबले महज 0.94 प्रतिशत ही ज्यादा वोट हासिल हुए हैं। यानी दोनों राष्ट्रीय दलों के बीच वोटों का यह अंतर इतना कम है कि इसे सियासी भाषा में नेकी और पूछ-पूछ या कांटे की टक्कर ही कहा जाएगा। राज्य के शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में हुए इन चुनावों में जनता ने किसी भी एक दल कोतरतरफा बहुमत देने के बजाय दोनों ही पार्टियों को लगभग बराबरी का समर्थन दिया है। इस बेहद मामूली अंतर (Marginal Difference) के सामने आने के बाद से राजनीतिक पंडितों ने राजस्थान के आगामी विधानसभा और बड़े राजनीतिक भविष्य के लिए नए सिरे से कयास लगाने शुरू कर दिए हैं।राजस्थान की राजनीति हमेशा से दो-दलीय व्यवस्था (Two-Party System) के इर्द-गिर्द घूमती रही है, जहां हर पांच साल पर सत्ता बदलने की पुरानी परंपरा रही है। लेकिन स्थानीय निकाय चुनावों में इस तरह का नजदीकी मुकाबला यह दर्शाता है कि ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों के मतदाता अब बेहद सूझबूझ के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। बीजेपी ने जहां अपनी जमीनी पकड़ और प्रशासनिक मशीनरी के दम पर बढ़त बनाने की कोशिश की, वहीं कांग्रेस पार्टी ने भी तमाम आंतरिक गुटबाजी और चुनौतियों के बावजूद जबरदस्त वापसी करते हुए बीजेपी को कड़ी टक्कर दी है। 1 प्रतिशत से भी कम वोटों का यह अंतर इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आने वाले समय में राजस्थान का राजनीतिक रण किसी भी एक दल के लिए आसान नहीं होने वाला है। आइए विस्तार से समझते हैं कि इस निकाय चुनाव के वोट प्रतिशत का पूरा गणित क्या है और इसका राज्य की आगामी राजनीति पर क्या गहरा प्रभाव पड़ने वाला है।क्या है राजस्थान निकाय चुनाव का पूरा वोट शेयर गणित और आंकड़े?सामने आए चुनावी विश्लेषण के अनुसार, राजस्थान के इन स्थानीय निकाय चुनावों में कुल पड़े वैध मतों में से बीजेपी के खाते में लगभग 42 से 43 प्रतिशत वोट आए, जबकि कांग्रेस पार्टी ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए लगभग 41 से 42 प्रतिशत वोट हासिल किए। जब दोनों दलों के कुल मतों का सटीक मिलान किया गया, तो यह अंतर मात्र 0.94 प्रतिशत का निकला। इतनी कम मार्जिन से जीत-हार का फैसला होना यह बताता है कि कई वार्डों और सीटों पर हार-जीत का अंतर महज कुछ सौ या दहाई वोटों का ही रहा है। निर्दलीय उम्मीदवारों और अन्य क्षेत्रीय दलों ने भी इन चुनावों में कुछ सीटों पर अच्छा प्रदर्शन करके खेल को और अधिक दिलचस्प बना दिया है।इस सियासी आंकड़े के क्या हैं गहरे मायने और आगामी चुनावों पर असर?राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि निकाय चुनावों के ये नतीजे राज्य के दोनों प्रमुख दलों के लिए एक वेक-अप कॉल (Wake-up Call) की तरह हैं। बीजेपी के लिए यह सोचना जरूरी हो गया है कि शहरी इलाकों में भी अगर मुकाबला इतना कड़ा हो रहा है, तो जमीनी स्तर पर जनता की नाराजगी या मुद्दों को कितनी गंभीरता से लेने की जरूरत है। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी इस मामूली अंतर से यह आत्मविश्वास हासिल कर सकती है कि राज्य में उसकी जमीन अभी भी उतनी ही मजबूत है जितनी सत्ता में रहते हुए थी। आने वाले दिनों में राजस्थान की राजनीति में इस मामूली वोट मार्जिन को पाटने के लिए दोनों ही दल अपनी रणनीतियों में बड़े बदलाव कर सकते हैं, जिससे राज्य का सियासी पारा और अधिक चढ़ने की पूरी उम्मीद है।
Rajasthan Safai Karmchari Recruitment 2026: 24,752 पदों पर भर्ती की बढ़ी तारीख, अब 13 अक्टूबर तक करें आवेदन
यूपी, बिहार , राजस्थान और एमपी वालों को नौकरी नहीं देंगे, बेंगलुरु की कंपनी के फैसले पर छिड़ी बहस
बेंगलुरु की एक प्राइवेट कंपनी ने यूपी, राजस्थान, बिहार और मध्य प्रदेश के पुरुषों को नौकरी नहीं देने का फैसला किया है। कंपनी के सीईओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह ऐलान किया जिसके बाद इस निर्णय को लेकर बहस छिड़ गई है।
आ गया राजस्थान घूमने का मौसम, अक्टूबर में घूमें ये 6 शानदार जगहें
Best Places to Visit in Rajasthan: अक्टूबर में राजस्थान घूमने का प्लान बना रहे हैं तो यहां की ऐतिहासिक इमारतों, शाही महलों और खूबसूरत रेगिस्तान को एक्सप्लोर कर सकते हैं. जयपुर से जैसलमेर और पुष्कर तक, राजस्थान में घूमने के लिए कई शानदार जगहें हैं.
Rajasthan Weather Update: पूर्वी राजस्थान में बारिश, पश्चिमी जिलों में गर्मी का असर रहेगा जारी
Rajasthan Weather Update: पूर्वी राजस्थान में बारिश, पश्चिमी जिलों में गर्मी का असर रहेगा जारी
किशनगंज की तानिया कुमारी ने राजस्थान के टोंक जिले में आयोजित अंडर-19 महिला क्रिकेट टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया है। उनके खेल ने क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान खींचा है। तानिया के प्रदर्शन की खबर के बाद किशनगंज के खेल प्रेमियों में खुशी है। तानिया राजस्थान के बनस्थली विद्यापीठ में 12वीं कक्षा की छात्रा हैं। पढ़ाई के साथ वह क्रिकेट में भी आगे बढ़ रही हैं। क्रिकेट के प्रति उनकी रुचि और लगातार मेहनत से उन्होंने प्रतियोगिता में अपनी पहचान बनाई है। टार्गेट क्रिकेट एकेडमी से शुरू किया सफर तानिया किशनगंज नगर परिषद के वार्ड पार्षद रंजीत रामदास की बेटी हैं। उन्होंने किशनगंज की टार्गेट क्रिकेट एकेडमी से क्रिकेट खेलना शुरू किया था। एकेडमी के प्रशिक्षकों के अनुसार, तानिया शुरू से ही मेहनती खिलाड़ी रही हैं। अभ्यास के दौरान भी वह खेल को लेकर गंभीर रहती थीं। जिले के लोगों ने जताई खुशी तानिया के प्रदर्शन से किशनगंज के खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने खुशी जताई है। परिवार ने भी उनकी उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया है। उनकी इस उपलब्धि से जिले के दूसरे खिलाड़ियों को भी क्रिकेट में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।
PC: AAJ TAK राजस्थान में 26 सितंबर को मौसम के दो अलग अलग रंग देखने को मिलेंगे। मौसम विभाग के अनुसार आज पूर्वी राजस्थान के कोटा, जयपुर और भरतपुर संभागों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क रहेगा . पूर्वी राजस्थान में कल कहां बारिश के आसार 26 सितंबर को यानी आज पूर्वी राजस्थान के कोटा, जयपुर और भरतपुर संभागों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना जताई गई है। जयपुर संभाग में कल कहीं-कहीं बारिश की संभावना है। इसी तरह कोटा और भरतपुर संभाग में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। पश्चिमी राजस्थान में मौसम का हाल पश्चिमी राजस्थान में 26 सितंबर को मौसम शुष्क रहने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान फिलहाल 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। यह सामान्य से करीब 4 से 5 डिग्री सेल्सियस अधिक है. मौसम विभाग के अनुसार आगामी 48 घंटे के बाद पश्चिमी राजस्थान के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है।
सूरत ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेश गढ़िया ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही कामरेज थाना पुलिस फौरन मौके पर पहुंची। कार की स्थिति इतनी खराब थी कि स्थानीय ग्रामीणों और क्रेन की मदद से घंटों की मशक्कत के बाद चारों शवों को बाहर निकाला जा सका।
Aligarh News: उत्तराखंड को हराकर राजस्थान फाइनल में
प्रथम अंडर-14 नेशनल क्रिकेट चैंपियनशिप-2026 में उत्तराखंड को हराकर राजस्थान ने फाइनल में जगह बना ली है।
Bhadohi News: भदोही की बेटी ने राजस्थान में शूटिंग में जीता रजत पदक
Daughter of Bhadohi wins silver medal in shooting in Rajasthan.
एसीपी विजय कुमार दुबे के घर चोरी के मामले में राजस्थान के भीलवाड़ा और उज्जैन से करीब 46 लाख रुपये के जेवर बरामद हुए हैं। नकदी, कार और महंगे मोबाइल समेत करीब 71 लाख रुपये का माल जब्त किया गया है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने जेन-जी युवाओं से राजस्थान के पारंपरिक व्यंजन दाल बाटी चूरमा को लेकर नारा दिया। जब युवाओं की ओर से जवाब नहीं मिला तो उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि यह राजस्थान की आवाज नहीं लग रही और सवाल किया कि कहीं युवाओं को किसी दूसरी जगह से तो नहीं बुलाया गया है। शुक्रवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन अपने एक दिवसीय जयपुर दौरे के दौरान बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित संवाद कार्यक्रम में बोल रहे थे। नितिन पटेल ने 'दाल बाटी चूरमा' का दिया नारा, तो जेन-जी का नहीं आया जवाब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने जेन-जी(युवाओं) से संवाद करते हुए मंच से नारा लगाते हुए कहा कि 'दाल बाटी चूरमा', लेकिन सभागार में बैठे जेन-जी की ओर से कोई जवाब नहीं आया। इस पर नितिन नवीन ने कहा कि इसके आगे क्या है, उन्होने फिर बोला दाल-बाटी चूरमा, तब कुछ युवाओं ने कहा- हम राजस्थान के सूरमा। लेकिन उनकी आवाज कम आने पर नितिन नवीन ने कहा कि यह राजस्थान की आवाज नहीं है। उन्होने हल्के-फुल्के अंदाज में बगल में बैठे सीएम भजनलाल शर्मा से कहा कि 'कहीं ओर से बुलाया है क्या युवाओं को'। इसके बाद ऑडिटोरियम में एक साथ युवाओं ने 'हम राजस्थान के सूरमा' का नारा लगाया। संवाद कार्यक्रम में नितिन नवीन ने युवाओं से उनके अनुभव और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पूछा- कितने लोग राजनीति में आना चाहते है संवाद के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने युवाओं से पूछा कि आप में से कितने लोग राजनीति में आना चाहते है, इस पर सभागार में मौजूद कुछ युवाओं ने ही हाथ खड़े किए। इस पर नितिन नवीन ने कहा कि बहुत कम लोग है, जो राजनीति में आना चाहते हैं। इस पर उन्होने कहा कि पीएम मोदी कहते हैं कि राजनीति में लोगों को आना चाहिए। ऐसा वो क्यों कहते हैं, क्योंकि राजनीति एक ऐसी जगह है, जहां से देश को दिशा मिलती है। जहां देश को नई लीडरशिप मिलती है। आज हम पीएम मोदी की लीडरशिप देखते हैं, एक समय था जब साल 2012-13 में पूरी तरह से निराशा का माहौल था। युवाओं को नहीं लगता था कि उनका और इस देश का कुछ हो पाएगा। लेकिन प्रधानमंत्री ने आकर सबसे बड़ा काम किया। उन्होने देश के युवाओं को अपने ऊपर विश्वास करना सिखाया कि मैं भी आगे बढ़ सकता हूं और मेरा देश भी आगे बढ़ेगा। पीएम मोदी ने हमें 2047 का दिया है सपना नीतिन नवीन ने कहा कि आज अमेरिका और चायना बहुत आगे और शक्तिशाली दिखते हैं। लेकिन आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि 1880 के आसपास पूरे अमेरिका के लोगों ने मिलकर 'ग्रेट अमेरिकन ड्रीम्स' की कल्पना की। उन्होने यह कहा कि अगर हमें अमेरिका को ग्रेट बनाना है तो हम सभी को एक सपने के साथ जुड़ना होगा। इसी तरह से चायना के लोगों ने भी चायना ग्रेट के सपने को देखा और आज चायना कहां हैं। इसलिए पीएम मोदी ने भी हमें 2047 में विकसित भारत का सपना दिया हैं। अगर आज 140 करोड़ भारतवासी इस सपने के साथ आगे बढ़ेंगे तो 2047 में हमारा भारत भी विकसित भारत बनेगा। लेकिन इसके लिए हम सबको मिलकर प्रयास करना होगा। ------------- ये खबर भी पढ़ें… नितिन नवीन बोले-राहुल गांधी पूछते हैं क्यों बीजेपी-सरकारें आती हैं:जवाब-जनता की सेवा और काम करने पर आशीर्वाद वोट के रूप में मिलता है जयपुर में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गांधी के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा- राहुल गांधी पूछ रहे थे कि क्यों बीजेपी सरकारें लगातार आती हैं। क्यों उनके नेता कहते हैं कि 25 साल तक बीजेपी की सरकार आएगी। मैं आपके सामने बताना चाहता हूं यह विश्वास जनता की सेवा और जनता के लिए काम करने से आता है। (पूरी खबर पढ़ें…)
भारतीय सिनेमा में ऐतिहासिक, पौराणिक और आध्यात्मिक महापुरुषों के जीवन दर्शन को बड़े पर्दे पर उतारने का एक नया और समृद्ध दौर शुरू हो चुका है। उत्तराखंड की पावन भूमि से पूरे विश्व में ख्याति पाने वाले कैंची धाम के परम संत बाबा नीब करौरी (नीम करोली बाबा) के जीवन और उनके आध्यात्मिक प्रभाव पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' को बॉक्स ऑफिस और दर्शकों के बीच मिली ऐतिहासिक सफलता के बाद, अब फिल्म इंडस्ट्री ने राजस्थान के मरुधरा अंचल की ओर रुख किया है। राजस्थान के जन-जन के आराध्य, सामाजिक समरसता के अप्रतिम प्रतीक और कलियुग में भगवान श्रीकृष्ण के साक्षात अवतार माने जाने वाले महान लोक देवता बाबा श्री रामदेव पीर के अलौकिक जीवन पर एक भव्य पैन-इंडिया फिल्म बनने जा रही है। जिस प्रकार नीम करोली बाबा को आधुनिक युग में भगवान हनुमान का अंश मानकर देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालु नमन करते हैं, उसी प्रकार राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और सिंध तक बाबा रामदेव जी को जनमानस भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण के अवतार के रूप में पूजता है। यह बायोपिक न केवल भारतीय सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर प्रस्तुत करेगी, बल्कि सदियों पुरानी लोक आस्था को सिनेमाई कैनवास पर जीवंत करेगी।तरण आदर्श का बड़ा ऐलान: त्रिशा स्टूडियोज के बैनर तले बन रही 'कृष्णा अवतार'सिनेमाई गलियारों में इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की पहली आधिकारिक पुष्टि प्रसिद्ध ट्रेड एनालिस्ट और फिल्म क्रिटिक तरण आदर्श ने अपने सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से की। उन्होंने बताया कि इस धार्मिक और ऐतिहासिक प्रोजेक्ट का निर्माण 'त्रिशा स्टूडियोज' के प्रतिष्ठित बैनर तले किया जा रहा है, जिसके निर्माता जाने-माने फिल्ममेकर तिलोक कोठारी हैं। इस घोषणा के साथ ही फिल्म का पहला आधिकारिक टीजर पोस्टर भी जारी कर दिया गया है। फिल्म का शीर्षक आधिकारिक रूप से 'कृष्ण अवतार: श्री रामदेव पीर' (Krishna Avatar: Shri Ramdev Pir) रखा गया है। रिलीज किए गए पहले पोस्टर में मुख्य अभिनेता का चेहरा गोपनीय रखा गया है, जिससे सिनेप्रेमियों के बीच भारी उत्सुकता पैदा हो गई है। पोस्टर में दिखाए गए सिल्हाउट और आभामंडल में पीतांबर धारी भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य छवि, हाथ में मोरपंख और भाला, तथा सिर पर मुकुट का तेज साफ झलकता है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत देता है कि यह फिल्म बाबा के अवतार लेने से लेकर उनके चमत्कारों और सामाजिक क्रांतियों तक के सफर को भव्य वीएफएक्स और यथार्थवादी सेटों के साथ पेश करेगी।कास्ट और डायरेक्टर पर सस्पेंस: 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज की तैयारीनिर्माताओं ने फिलहाल फिल्म के मुख्य कलाकारों, संगीतकार और निर्देशक के नामों को एक सुनियोजित सस्पेंस के तहत गुप्त रखा है। प्रोडक्शन हाउस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि बाबा रामदेव पीर के इस ऐतिहासिक और पूज्य किरदार के लिए बॉलीवुड और क्षेत्रीय सिनेमा के कई शीर्ष अभिनेताओं के ऑडिशन और लुक टेस्ट किए जा रहे हैं, ताकि पर्दे पर लोक देवता की गरिमा, तेज और दिव्यता के साथ पूरा न्याय किया जा सके। हालांकि, निर्माताओं ने यह साफ कर दिया है कि प्री-प्रोडक्शन, व्यापक ऐतिहासिक शोध, राजस्थान की लोक संगीत परंपराओं के संकलन और वीएफएक्स डिजाइनिंग में कोई जल्दबाजी नहीं की जाएगी। यही कारण है कि फिल्म को बड़े पैमाने पर तैयार करके वर्ष 2027 के मध्य तक दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। माना जा रहा है कि फिल्म को हिंदी के साथ-साथ राजस्थानी, गुजराती और अन्य प्रमुख भारतीय भाषाओं में डब करके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिलीज किया जाएगा।कौन थे श्री रामदेव पीर? हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सद्भाव की मिसालचौदहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में राजस्थान के पोकरण और रुणिचा की पावन धरा पर अवतरित हुए बाबा रामदेव जी केवल एक राजा या योद्धा नहीं थे, बल्कि वे मध्यकालीन भारत के सबसे बड़े समाज सुधारक और आध्यात्मिक संत थे। उन्होंने अपना संपूर्ण नश्वर जीवन छुआछूत, जातिगत भेदभाव, ऊंच-नीच और धार्मिक आडंबरों को मिटाने में समर्पित कर दिया था। तत्कालीन समाज में जब सामंतवाद और सामाजिक कुरीतियां चरम पर थीं, तब बाबा ने वंचित, शोषित और दलित समाज को गले लगाया और उन्हें समानता का अधिकार दिलाया। उनकी इसी असीम करुणा और दैवीय चमत्कारों (परचों) के कारण हिंदू समाज उन्हें भगवान श्रीकृष्ण का अवतार मानकर 'बाबा रामदेव' के नाम से पूजता है, वहीं मुस्लिम समुदाय उनके सत्य, न्याय और मानवतावादी विचारों से प्रभावित होकर उन्हें 'रामशाह पीर' या 'हिंदुआ पीर' का दर्जा देता है। भारत में वे ऐसे विरले संत हैं जिनकी समाधि पर एक साथ हिंदू धूप-दीप जलाते हैं और मुस्लिम अकीदत की चादर पेश करते हैं।रुणिचा धाम का वैश्विक आकर्षण और लोककथाओं का सिनेमाई जादूराजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित रुणिचा (रामदेवरा) का धाम आज भी लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है। हर वर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया (बाबे री बीज) से लेकर एकादशी तक आयोजित होने वाले ऐतिहासिक 'रामदेवरा मेले' में राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा और विदेशों से लाखों पैदल जातरू अपनी मन्नतें लेकर पहुंचते हैं। बाबा के घोड़े (लीला घोड़ा), उनकी अनन्य भक्त डाली बाई की पावन गाथा, भैरव राक्षस का वध करके क्षेत्र को भयमुक्त बनाना और मक्का से आए पांच पीरों को अपनी अलौकिक शक्ति से संतुष्ट कर उनसे 'पीरों के पीर' की उपाधि प्राप्त करने जैसे ऐतिहासिक और चमत्कारी प्रसंग लोकगीतों और भजनों में सदियों से गाए जाते रहे हैं। अब इन सभी गौरवशाली और प्रेरणादायक ऐतिहासिक घटनाओं को अत्याधुनिक सिनेमैटोग्राफी के साथ सिल्वर स्क्रीन पर देखना दर्शकों के लिए एक अविस्मरणीय और रोंगटे खड़े कर देने वाला अनुभव साबित होगा।
भारतीय रेलवे ने भुज से बरौनी के बीच नई अमृत भारत एक्सप्रेस को मंजूरी दी है, जो गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ेगी।
नीब करौरी बाबा या नीम करोली बाबा के बाद अब राजस्थान के संत और कृष्ण अवतार कहे जाने वाले श्री रामदेव पीर (Shri Ramdev Pir) पर फिल्म बन रही है।
नितिन नवीन ने जयपुर में दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की
jaipur, 25 सितंबर . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन नवीन ने Friday को Rajasthan के jaipur में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की. इस दौरान उन्होंने अंत्योदय (अंतिम व्यक्ति के उत्थान), समग्र मानवतावाद और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के सिद्धांतों में उनके योगदान को याद किया. नवीन ने पंडित दीनदयाल ... Read more
जयपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एक बार फिर से प्रदेश की भजनलाल सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने खबर पोस्ट कर एक्स के माध्यम से कहा कि मुख्यमंत्री जी... जनादेश लूटने के लिए भाजपा सरकार ये तानाशाही नहीं, तो फिर क्या है? सत्ता और प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग नहीं, तो फिर क्या है? वर्षों पुराने मामलों में अचानक नोटिस भेजकर वोटिंग के लिए बुलाने का क्या मतलब है? 20 साल से चल रहे क्लिनिक में एक ही दिन शिकायत, उसी दिन जांच और उसी दिन FIR... ये कैसी मनमानी है? 10 साल पुराने मकान को अचानक अवैध बताकर बोर्ड लगा देना एवं कांग्रेस और समर्थित पार्षदों को बार-बार थाने बुलाकर घर-मकान के दस्तावेज मांगना, डराना, दबाव बनाना... ये सत्ता का दुरुपयोग नहीं तो क्या है? क्या भाजपा के पक्ष में वोट देने से सारे मामले खत्म हो जाएंगे? बोर्ड बनाने के लिए भाजपाई सत्ता ने जिस तरह से लोकतंत्र की हत्या की है... राजस्थान ये कभी नहीं भूलेगा। PC:thehawk. अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
कोटा मेयर चुनाव में भाजपा की जीत, अनुसुइया गोस्वामी ने कांग्रेस उम्मीदवार को हराया
jaipur, 25 सितंबर . Rajasthan के कोटा नगर निगम के मेयर चुनाव में भाजपा ने बड़ी जीत हासिल की है. भाजपा की अनुसुइया गोस्वामी को कोटा का नया मेयर चुना गया है. अनुसुइया गोस्वामी को 65 वोट मिले जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 35 वोट मिले. अनुसुइया गोस्वामी को कोटा का मेयर चुना गया है जबकि ... Read more
जयपुर पहुंचीं ममता कुलकर्णी, राजस्थान से जुड़ा पुराना रिश्ता याद किया; फुटेज में देंखे शनिवार को मिलेगा लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने किया राजस्थान संपर्क कॉल सेंटर का निरीक्षण
जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुंजी लाल मीणा ने शुक्रवार को राजस्थान संपर्क कॉल सेंटर का निरीक्षण किया...
Rajasthan Mayor Election Results, राजस्थान मेयर चुनाव में BJP की बंपर जीत, कांग्रेस का क्या रहा हाल?
राजस्थान मेयर चुनाव में भाजपा को बड़ी जीत मिली है और कांग्रेस पिछड़ गई है। भाजपा ने जयपुर, जोधपुर और कोटा में मेयर पद जीत लिया है। जानें कांग्रेस का क्या हाल रहा?
Rajasthan Mayor Elections: Jodhpur में जीते Prasann Chand Mehta, Jaipur और Kota में भी BJP का कब्जा
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता प्रसन्न चंद मेहता को जोधपुर नगर निगम का मेयर, BJP के सुनील कोठारी को जयपुर नगर निगम का मेयर और BJP नेता अनुसूया गोस्वामी को कोटा नगर निगम का मेयर चुना गया। इसे भी पढ़ें: BJP नेता Nitin Nabin ने Jaipur में स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत दिलाई शपथ प्रसन्न चंद मेहता जोधपुर नगर निगम के मेयर चुने गए शुक्रवार को बीजेपी के प्रसन्न चंद मेहता जोधपुर नगर निगम के मेयर चुने गए। खबरों के अनुसार, जोधपुर के 100 पार्षदों में से बीजेपी को 53 वोट मिले। कांग्रेस उम्मीदवार को 47 वोट मिले। इस तरह, बीजेपी के प्रसन्न चंद मेहता 6 वोटों के अंतर से जीते। सिर्फ़ 6 वोटों के अंतर से हुई इस जीत को कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। इसे भी पढ़ें: Chittorgarh में 4 करोड़ का गांजा बरामद, तीन ट्रकों के साथ 7 तस्कर पकड़े गए प्रसन्न चंद ने आभार जताया जोधपुर नगर निगम का मेयर चुने जाने के बाद प्रसन्न चंद मेहता ने कहा, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और संगठन महासचिव अजय कुमार ने मुझ पर भरोसा किया और जोधपुर की जनता की सेवा के लिए मुझे मेयर पद के लिए चुना। मैं उनकी उम्मीदों और आशाओं पर खरा उतरा हूँ। आज हमने 53 वोट हासिल करके जीत दर्ज की है। उन्होंने आगे कहा मुझे लगता है कि मुझे 100 में से 100 वोट मिले हैं, क्योंकि मेयर बनने के बाद पार्षदों का पूरा परिवार ही मेरा परिवार है। जो भी विकास कार्य करने होंगे, मैं सभी को साथ लेकर चलूँगा। सबसे पहले, दिवाली आ रही है, इसलिए जोधपुर शहर को साफ-सुथरा रखा जाएगा। सड़कों की सफाई की जाएगी और बेहतरीन लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी।
Rajasthan: जयपुर, जोधपुर और कोटा में भी भाजपा के बने मेयर, कांग्रेस को मिली तीनों जगहों पर हार
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में हुए निकाय चुनावों में भाजपा ने परचम पहराया है। बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बचे हुए तीन प्रमुख शहरों जयपुर, जोधपुर और कोटा में अपने मेयर बना दिए है। महापौर चुनाव के नतीजे बीजेपी के पक्ष में आए हैं। इन तीनों बड़े शहरों में बीजेपी प्रत्याशियों ने भारी मतों से जीत दर्ज की है। राजधानी जयपुर में महापौर पद के लिए हुए चुनाव में बीजेपी के सुनील कोठारी ने एकतरफा और ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। सुनील कोठारी को कुल 89 वोट मिले, जो उनकी मजबूत लोकप्रियता और पार्टी की एकजुटता को दर्शाता है। जोधपुर में भी बीजेपी ने शानदार जीत हासिल की है, यहां महापौर पद के कड़े मुकाबले में बीजेपी के प्रत्याशी प्रसन्न मेहता ने जीत का परचम लहराया। चुनाव में प्रसन्न मेहता को 53 वोट हासिल हुए, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 47 वोटों पर ही संतोष करना पड़ा। शिक्षा नगरी कोटा के नतीजे सबसे ज्यादा चौंकाने वाले और कांग्रेस के लिए चिंताजनक रहे। 100 वार्डों वाले कोटा नगर निगम में बीजेपी की अनुसुईया गौस्वामी ने 65 वोट हासिल कर महापौर की कुर्सी पर कब्जा जमाया। वहीं कांग्रेस की प्रत्याशी सुनीता सुमन को मात्र 35 वोट ही मिल सक।. यह जीत इसलिए भी बड़ी है क्योंकि कोटा में कांग्रेस को अपनी ही पार्टी के भीतर से बगावत का सामना करना पड़ा है। pc- moneycontrol.com
Rajasthan में कांग्रेस का सूपड़ा साफ! BJP ने रचा इतिहास, जयपुर-कोटा के साथ गहलोत के गढ़ जोधपुर में भी फहराया परचम
प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलगुरु नियुक्त
प्रो. अल्पना कटेजा का कार्यकाल पूरा होने पर संभालेंगे जिम्मेदारी जयपुर। राजस्थान के उच्च शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण नियुक्ति करते हुए राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े ने प्रो. (डॉ.) भगवती प्रसाद सारस्वत को राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर का नया कुलगुरु नियुक्त किया है। राज्य सरकार के परामर्श से गुरुवार को नियुक्ति आदेश जारी किए गए। सारस्वत […] The post प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलगुरु नियुक्त appeared first on Sabguru News .
New Delhi, 25 सितंबर . भारतीय रेलवे ने Gujarat के भुज और बिहार के बरौनी के बीच नई त्रि-साप्ताहिक यानी सप्ताह में तीन दिन चलने वाली अमृत India एक्सप्रेस शुरू करने को मंजूरी दे दी है. Friday को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह ट्रेन 2,532 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और Gujarat, Rajasthan ... Read more
राजस्थान, सीकर और बीकानेर विश्वविद्यालयों में नए कुलपतियों की नियुक्ति
jaipur, 25 सितंबर . Rajasthan के Governor और कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े की ओर से jaipur स्थित Rajasthan विश्वविद्यालय समेत राज्य के तीन प्रमुख विश्वविद्यालयों के लिए नए वाइस-चांसलर नियुक्त किए गए हैं. Thursday देर रात गवर्नर सचिवालय से जारी आदेशों के अनुसार, डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत को Rajasthan विश्वविद्यालय, jaipur का कुलपति नियुक्त किया गया ... Read more
बॉलीवुड की चर्चित अभिनेत्री ममता कुलकर्णी शुक्रवार सुबह फ्लाइट से जयपुर पहुंचीं। जयपुर एयरपोर्ट पर राजस्थान फिल्म फेस्टिवल की संस्थापक संजना शर्मा ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट से ममता सीधे होटल के लिए रवाना हुईं। जयपुर पहुंचने के बाद उन्होंने राजस्थान से अपने पुराने जुड़ाव को याद करते हुए कहा कि यहां उनका फिल्मों के साथ काफी पुराना रिश्ता रहा है और उनकी चार फिल्मों की शूटिंग राजस्थान में हो चुकी है। उन्होंने बताया कि कई साल बाद एक बार फिर जयपुर आना उनके लिए खास अनुभव है। ममता कुलकर्णी शुक्रवार शाम राजस्थान फिल्म फेस्टिवल की ओर से आयोजित इंटर स्कूल-कॉलेज प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करेंगी। इसके बाद वे इन्फ्लुएंसर अवॉर्ड समारोह में भी शामिल होंगी, जहां देशभर से आए इन्फ्लुएंसर्स को सम्मानित किया जाएगा। वहीं शनिवार को आयोजित होने वाले राजस्थान फिल्म फेस्टिवल के मुख्य समारोह में ममता कुलकर्णी को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। यहां देखिए ममता कुलकर्णी के फोटोज… चार फिल्मों की राजस्थान में हुई शूटिंग जयपुर पहुंचने के बाद ममता कुलकर्णी ने राजस्थान के साथ अपने पुराने फिल्मी जुड़ाव को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि राजस्थान उनके लिए केवल एक शूटिंग लोकेशन नहीं रहा, बल्कि उनकी फिल्मी यात्रा का भी अहम हिस्सा रहा है। उनकी चार फिल्मों की शूटिंग राजस्थान में हुई है। राजस्थान की हवेलियां, किले, रेगिस्तान और ऐतिहासिक लोकेशन लंबे समय से बॉलीवुड फिल्मों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे हैं। ममता के करियर में भी राजस्थान की इन लोकेशंस की यादें जुड़ी हुई हैं। कई साल बाद जयपुर आने पर उन्होंने अपने इस पुराने कनेक्शन को याद किया। 90 के दशक में बनाई खास पहचान ममता कुलकर्णी ने 1990 के दशक में बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘तिरंगा’ से की थी। इसके बाद ‘आशिक आवारा’, ‘करण अर्जुन’, ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’, ‘क्रांतिवीर’, ‘बाजी’, ‘नसीब’, ‘चाइना गेट’ सहित कई फिल्मों में काम किया। सलमान खान और शाहरुख खान जैसे बड़े सितारों के साथ भी ममता कुलकर्णी फिल्मों में नजर आईं। ‘करण अर्जुन’ में उनके अभिनय को दर्शकों ने पसंद किया। वहीं ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’ में उन्होंने अक्षय कुमार के साथ काम किया। ममता कुलकर्णी ने अलग-अलग तरह की फिल्मों में अभिनय किया और 90 के दशक में उनकी लोकप्रियता काफी बढ़ी। फिल्मों के साथ-साथ उनके ग्लैमरस अंदाज की भी चर्चा होती रही। हालांकि, बाद में उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली और लंबे समय तक पर्दे से दूर रहीं।
Rajasthan Nikay Chunav: जयपुर, जोधपुर और कोटा में मेयर चुनाव, तय होगी नगर की कमान | Amar Ujala
Rajasthan Nikay Chunav: जयपुर, जोधपुर और कोटा में मेयर चुनाव, तय होगी नगर की कमान | Amar Ujala
गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर नरसी राम बिश्नोई को राजस्थान के बीकानेर स्थित महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है।
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बयान में कहा कि अभी मुख्यमंत्री भजनलाल जी ने कहा कि जोधपुर में हम वार्डों में हार गए। तो मैं मुख्यमंत्री जी से यह कहना चाहूंगा कि मुख्यमंत्री जी, आपका जिला भरतपुर है। वहां 65 सीटें थीं, जिनमें बीजेपी सिर्फ 20 सीटें जीत पाई, फिर आपका बोर्ड कैसे बना? आपने कैसे धमकाया? आप कह रहे हैं कि पुलिस का कोई हस्तक्षेप नहीं था। मीडिया रिपोटर्स की माने तो गहलोत ने कहा कि वहां निर्दलीय उम्मीदवार कांग्रेस के समर्थन से जीतकर आए थे और कांग्रेस समर्थित बोर्ड बनने वाला था। तो फिर जो उम्मीदवार थे, उनको बुलाकर आपने क्यों धमकाया? आपने धमकाया, आपके कहने पर आपके लोगों ने धमकाया, मंत्रियों ने धमकाया, यह तो आपको भी मालूम है। फिर ऐसी स्थिति क्यों पैदा कर दी गई कि उस उम्मीदवार को बैठना पड़ा? डर के मारे वह चुनाव में खड़ा ही नहीं हुआ। उस व्यक्ति ने आपके पुलिस-प्रशासन के डर और भय के कारण खुद को चुनाव से विड्रॉ कर लिया और बीजेपी वहां जीत गई। इसको आप क्या कहेंगे? अशोक गहलोत ने इस संबंध में आगे कहा कि अभी अगर हम सत्ता में होते, तो बीजेपी राजस्थान में सड़कों पर कई तमाशे करती। इतनी बड़ी घटना है और चुनाव जीतने के लिए पुलिस के द्वारा जिस तरह का यह पूरा अप्रोच अपनाया गया, वह बेहद गंभीर और खतरनाक है। अगर मान लीजिए सत्ता में हम होते, तो बीजेपी जगह-जगह तमाशा करती, राजस्थान बंद का कॉल देती और पता नहीं क्या-क्या करती। ऐसी स्थिति पैदा हो जाती। pc- thefederal.com, india tv hindi, abp news
ग्वालियर के नए ISBT से राजस्थान रोडवेज की एंट्री, जयपुर-भरतपुर समेत कई शहरों के लिए बसें शुरू
ग्वालियर के नए आइएसबीटी से राजस्थान रोडवेज की पांच बसों का संचालन शुरू हुआ। जयपुर, धौलपुर, भरतपुर सहित कई शहरों के लिए कनेक्टिविटी बढ़ेगी, मांग बढ़ने पर 10 बसें बढ़ेंगी।
Rajasthan Mayor Election 2026 Voting Result Live Updates: राजस्थान के जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम में मेयर के लिए हो रही वोटिंग के पल-पल के अपडेट पढ़ें NDTV के इस लाइव ब्लॉग पर.
Rajasthan Assistant Professor Exam Results Announced: Check Your Status
The Rajasthan Public Service Commission has announced the results for the Assistant Professor examination. Candidates can check their results on the official RPSC website. The results are available for subjects including History, Geography, and Music. A total of 574 candidates will be selected, and those listed must submit their application forms by October 3. Follow the outlined steps to download your results easily.
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा हमेशा अपने बयानों को लेकर सर्खियों में रहते है। अब उन्होंने चुनाव आयोग का लेकर निशाना साधा है। उन्होंने आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग की। लगाए ये आरोप मीडिया रिपोटर्स की माने तो डोटासरा ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार चुनाव आयोग को प्रभावित कर चुनाव प्रक्रिया में जनमत के साथ छेड़छाड़ कर रही है। डोटासरा ने दावा किया कि पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के दोनों चुनाव आयुक्तों विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली को लेकर 14 बार आपत्तियां दर्ज कराईं। मीडिया रिपोर्टों में भी दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से 14 लिखित आपत्तियों का उल्लेख किया गया है। डोटासरा के मुताबिक, ये आपत्तियां मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए जारी किए जाने वाले प्रपत्र संख्या छह में बदलाव, मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने की केंद्रीयकृत व्यवस्था तथा पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद बहाल किए गए मतदाताओं से जुड़े मामलों को लेकर थीं। pc- patrika
Rajasthan: जयपुर में नितिन नवीन का दिनभर कार्यक्रम, पंचायत चुनाव की तैयारियों पर फोकस | Amar Ujala
Rajasthan: जयपुर में नितिन नवीन का दिनभर कार्यक्रम, पंचायत चुनाव की तैयारियों पर फोकस | Amar Ujala
Weather Update: राजस्थान में सितंबर की रिकॉर्ड गर्मी, यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट
Weather Update: राजस्थान में सितंबर की रिकॉर्ड गर्मी, यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट
कोटा राजस्थान का सफर होगा आसान: ईदगाह से उधना तक चलेगी पूजा स्पेशल ट्रेन, नोट कर लें टाइम
ट्रेन संख्या 04167 हर शुक्रवार कानपुर से चलकर ईदगाह, फतेहपुर सीकरी होते हुए कोटा, रतलाम, वडोदरा और उधना पहुंचेगी।
मानसून की विदाई के साथ ही राजस्थान में गर्मी की वापसी, 6 जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार
jaipur, 25 सितंबर . Rajasthan से भले ही मानसून विदा ले रहा हो, लेकिन गर्मी जोरदार वापसी कर रही है. राज्य के पश्चिमी हिस्सों में दिन का तापमान बढ़ गया है और छह जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ज़्यादा दर्ज किया गया है. Thursday को छह जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार ... Read more
अब भजनलाल सरकार लाएगी ये विधेयक, सीएम ने राज उन्नति की 9वीं बैठक में कर दिया है ऐलान
जयपुर। प्रदेश सरकार की ओर से आरआईटी के लिए विधानसभा में विधेयक पेश किए जाएंगे। इस बात का ऐलान सीएम भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित राज उन्नति की 9वीं बैठक में किया। इस दौरान उन्होंने लगभग 15 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं एवं विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। सीएम ने भरतपुर, बीकानेर व अजमेर के तीन इंजीनियरिंग कॉलेजों को अपग्रेड कर राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आरआईटी) के रूप में विकसित करने के कार्य की समीक्षा करते हुए संबंधित विभाग को निर्देश दिए कि इनकी स्थापना के लिए विधानसभा में विधेयक प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए। इसके लिए विधि विभाग से शीघ्र सहमति प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इन आरआईटी की स्थापना पर करीब 300 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इस संबंध में भी वित्त विभाग आवश्यक वित्तीय स्वीकृति जारी करे। उन्होंने कहा कि आमजन को योजनाओं एवं विकास कार्यों का समय पर लाभ मिले, इसके लिए स्वीकृति, निविदा तथा कार्यादेश समय पर जारी हों तथा इनको समय पर पूरा किया जाना सुनिश्चित करें। सभी प्रक्रियाओं को स्ट्रीमलाइन किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि परियोजनाओं में अनावश्यक विलम्ब करने वाले संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए। स्कूल भवन होंगे आधुनिक सुविधाओं से युक्त मुख्यमंत्री भजनलाल ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा का स्तर और बेहतर करने के लिए स्कूल भवनों का पुनरुद्धार करने के साथ ही उनमें आधुनिक सुविधाओं का भी विस्तार करेगी। इस पर करीब 12 हजार 500 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक निवेश किया जा रहा है। इसके लिए सभी 41 जिलों के 65 हजार 308 राजकीय विद्यालयों का सघन तकनीकी सर्वे किया गया है। PC:dipr.rajasthan अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
रेवाड़ी से लापता एक बच्चा भिवानी में मिला है। जो ट्रेन में बैठकर करीब 110 किलोमीटर दूर पहुंच गया। गनीमत रही कि करीब 7 वर्षीय बच्चा भिवानी रेलवे स्टेशन पर घूमते हुए आरपीएफ को मिल गया और उन्होंने बच्चा सीड्ब्ल्यूसी को सौंप दिया। जिसके बाद बच्चे की काउंसिलिंग की गई और उसके परिवार का पता लगाया गया। परिवार को बुलाकर बच्चे को परिवार के हवाले कर दिया। भिवानी सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन एडवोकेट प्रदीप सिंह तंवर ने बताया कि भिवानी के रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2 व 3 पर एक बच्चा घूमते हुए आरपीएफ को मिला। जिन्होंने लावारिस हालत में घूम रहे बच्चे को सीडब्ल्यूसी के हवाले कर दिया। वहीं सीड्ब्ल्यूसी की टीम ने बच्चे की काउंसिलिंग की। हालांकि बच्चे ने अलग-अलग जगह की लोकेशन बताई। उसने अपने पैतृक गांव राजस्थान के जिला करोली के बारे में बताया और फिर रेवाड़ी के दहिना का पता दिया। जिसके बाद संबंधित थानों में संपर्क करके बच्चे की पहचान के लिए प्रयास किए। इधर, बच्चा लापता होने के बाद से परिवार वालों ने उसकी तलाश आरंभ कर दी थी। बच्चे का सुराग कहीं पर नहीं लगा तो परिवार भी रेवाड़ी जिले की संबंधित पुलिस चौकी में चले गए। जहां पर उन्होंने बच्चे के लापता होने की रिपोर्ट लिखवाई। जिसके बाद पुलिस से संपर्क करके परिवार से संपर्क किया और बुलाया गया। वहीं बच्चा परिवार के हवाले कर दिया। बच्चे की उम्र करीब 7 साल है। जो ट्रेन में बैठकर भिवानी आ गया था। ट्रेन में भिवानी आयाबच्चे के पिता ने बताया कि वह राजस्थान के करोली जिला का रहने वाला है। वहीं फिलहाल परिवार के साथ रेवाड़ी के गांव में रहता है और खुद मेहनत मजदूरी करता है। उसको कुल चार बच्चे (3 बेटे व 1 बेटी) है। करीब चार दिन पहले उसका बेटा अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। लेकिन अचानक गायब हो गया। जब देर शाम तक उसका बेटा वापस घर नहीं लौटा तो उन्होंने तलाश आरंभ कर दी, लेकिन कहीं पर कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद वे पुलिस के पास मदद के लिए पहुंचे। इसी दौरान बच्चा भिवानी में होने की सूचना मिली। जिसके बाद वे भिवानी सीडब्ल्यूसी ऑफिस पहुंचे। यहां बच्चे से मिले, बेटा वापस मिलने पर काफी खुशी है। वहीं उसने कहा कि जब बेटे से पता किया तो जानकारी मिली कि गांव में ही रेलवे स्टेशन है। बच्चे को रेल में बैठना पसंद है। वह गांव से ट्रेन में बैठ गया और उसकी ट्रेन में भिवानी आ गया।
जयपुर में सुनील कोठारी vs सुनीता मावर, जोधपुर-कोटा में भी कांटे की टक्कर, थोड़ी देर में वोटिंग
Rajasthan Mayor Election Latest Updates: मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद वोटों की गिनती शुरू होगी. इसके बाद जयपुर को नया मेयर मिल जाएगा. चुनाव के दौरान पार्षदों के मतदान पर सभी की नजर रहेगी.
Rajasthan Weather: मानसून की विदाई के बाद बढ़ी गर्मी, 27-28 सितंबर को बारिश के आसार
Rajasthan Weather: मानसून की विदाई के बाद बढ़ी गर्मी, 27-28 सितंबर को बारिश के आसार
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता दिखाई दे रहा है। प्रदेश में लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। ज्यादातर हिस्सों से मानसून की विदाई हो चुकी है। लेकिन पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में अगले दो-तीन दिन तक बादल, गरज-चमक और हल्की बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार 25 सितंबर को कोटा और भरतपुर संभागों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। कैसा रहेगा मौसम पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है, यहां दिन का तापमान अभी भी सामान्य से 4-5 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है। 24 सितंबर को जैसलमेर में प्रदेश का सर्वाधिक 42.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि बाड़मेर में 42.4 और बीकानेर में 41.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार 25 सितंबर को पूर्वी राजस्थान के कोटा और भरतपुर संभागों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। बारिश के साथ कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। हालांकि जिलेवार पूर्वानुमान में 25 सितंबर के लिए किसी जिले को अलग से चेतावनी नहीं दी गई है। पश्चिमी राजस्थान में गर्मी बरकरार मौसम विभाग की माने तो 25 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है, जो सामान्य से करीब 4-5 डिग्री अधिक है, जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर में दर्ज अधिक तापमान से पश्चिमी राजस्थान में गर्मी की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।। 27 से 29 सितंबर के दौरान राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से स्थानीय बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। pc- amar ujala
Rajasthan Mayor Election: राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के नतीजों के बाद आज का दिन अहम है. जयपुर, जोधपुर, कोटा नगर निगम में आज मेयर पद के लिए फाइट होगी. वोटिंग सुबह 10 से 2 बजे तक होगी.
राजस्थान के तीन प्रमुख विश्वविद्यालयों को नए कुलगुरु मिल गए हैं। राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागड़े ने गुरुवार देर रात तीनों विश्वविद्यालयों में कुलगुरुओं की नियुक्ति के आदेश जारी किए। इनमें राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर में डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत, पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर में डॉ. युद्धवीर सिंह और महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर में प्रो. नरसी राम विश्नोई को कुलगुरु नियुक्त किया गया है। राज्यपाल सचिवालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने ये नियुक्तियां राज्य सरकार के परामर्श से की हैं। लंबे समय से विश्वविद्यालयों में कुलगुरु पद को लेकर चल रही प्रक्रिया के बाद अब तीनों विश्वविद्यालयों में नए कुलगुरुओं की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। अजमेर ग्रामीण जिलाध्यक्ष रह चुके सारस्वत राजस्थान विश्वविद्यालय में डॉ. भगवती प्रसाद सारस्वत की नियुक्ति खास तौर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जयपुर स्थित राजस्थान विश्वविद्यालय प्रदेश के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में शामिल है। नए कुलगुरु के सामने विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों, प्रशासनिक व्यवस्था और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को लेकर काम करने की जिम्मेदारी होगी। बता दें कि राजस्थान विश्वविद्यालय के नए कुलगुरु भगवती प्रसाद सारस्वत से पहले भारतीय जनता पार्टी अजमेर ग्रामीण के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इसके साथ ही उनका विधानसभा और लोकसभा चुनाव में टिकट के दावेदार के तौर पर भी नाम प्रमुखता से चला था, लेकिन अब उन्हें राजस्थान विश्वविद्यालय का कुलगुरु बनाया गया है। इसी तरह पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर में डॉ. युद्धवीर सिंह को कुलगुरु बनाया गया है। वहीं महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर में प्रो. नरसी राम विश्नोई कुलगुरु पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। 3 साल या 70 साल की उम्र तक रहेगा कार्यकाल राज्यपाल की ओर से जारी आदेश में नियुक्ति की अवधि भी स्पष्ट की गई है। तीनों कुलगुरुओं का कार्यकाल कार्यभार संभालने की तारीख से 3 वर्ष या 70 वर्ष की आयु पूरी होने तक रहेगा। दोनों में से जो अवधि पहले पूरी होगी, उसी के अनुसार उनका कार्यकाल समाप्त माना जाएगा। इन नियुक्तियों के साथ राजस्थान विश्वविद्यालय समेत तीनों विश्वविद्यालयों में कुलगुरु स्तर पर नेतृत्व को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। अब नवनियुक्त कुलगुरुओं के कार्यभार संभालने के बाद विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
हरियाणा में हिसार के रहने वाले प्रोफेसर नरसीराम बिश्नोई महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (MGSU) बीकानेर के नए कुलपति नियुक्त हुए हैं। राज्यपाल एवं महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए प्रो. नरसी राम बिश्नोई को विश्वविद्यालय का नया कुलगुरु (कुलपति) नियुक्त किया है। प्रो. बिश्नोई इससे पूर्व हिसार में स्थित गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में कुलपति के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। राज्यपाल द्वारा यह नियुक्ति विश्वविद्यालय अधिनियम 2003 (संशोधित) की धारा 11(3) और 11(7) के तहत प्रदान शक्तियों का प्रयोग करते हुए, सर्च कमेटी की सिफारिश और राज्य सरकार के परामर्श पर की गई है। उनका यह कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से 3 वर्ष की अवधि या 70 वर्ष की आयु (जो भी पहले हो) तक रहेगा। हालांकि इससे पहले नरसीराम बिश्नोई हिसार के जीजेयू में कुलपति की दौड़ में भी हैं। राज्यपाल की तरफ से जारी आदेश की कॉपी… 3 साल तक जीजेयू के कुलपति रहे उल्लेखनीय है कि प्रो. नरसीराम बिश्नोई का 3 वर्ष का नियमित कार्यकाल 2 मई 2026 को ही पूरा हो चुका था। जिसके बाद उन्हें आगामी आदेशों तक के लिए कार्यवाहक प्रभार पर रखा गया था। अब उन्हें इस अतिरिक्त प्रभार से मुक्त करते हुए सीडीएलयू वीसी डॉ. विजय कुमार को जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा नेता बिहारी लाल बिश्नोई ने बधाई दी प्रो. नरसी राम जी बिश्नोई की नियुक्ति पर राजस्थान में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं नोखा से पूर्व विधायक बिहारी लाल बिश्नोई ने बधाई दी और कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि उनके कुशल एवं दूरदर्शी नेतृत्व में महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर शिक्षा, शोध, नवाचार एवं अकादमिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा और विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को और अधिक सुदृढ़ करेगा।
अमरीका के राजदूत सर्जियो गोर ने राजस्थान में भारत-अमरीका संयुक्त सैन्य अभ्यास का किया अवलोकन
अमरीका के राजदूत सर्जियो गोर ने राजस्थान में भारत-अमरीका संयुक्त सैन्य अभ्यास का किया अवलोकन bharat,america,sarjiogorअमरीका के राजदूत सर्जियो गोर ने राजस्थान में भारत-अमरीका संयुक्त सैन्य अभ्यास का किया अवलोकन भारत में अमरीका के राजदूत सर्जियो गोर ने आज राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत-अमरीका संयुक्त सैन्य अभ्यास का अवलोकन किया। श्री गोर […]
मानसून की विदाई के साथ राजस्थान में गर्मी बढ़ गई है। बाड़मेर और जैसलमेर में पारा 43 डिग्री पार पहुंचा। 27 सितंबर से पूर्वी राजस्थान में बारिश के आसार हैं।
'मेरी शादी नहीं हुई है... एडीसी के लिए एक सख्त नियम है कि वे शादी नहीं कर सकते। उन्हें परिवार से दूर रहना पड़ता है और मुझे लगता है कि यह सबसे बड़ा त्याग है।' यह खुलासा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एडीसी के तौर पर काम कर चुके मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल (रिटायर्ड) ने पिछले दिनों एक इंटरव्यू में किया। सेना से समय से पहले रिटायरमेंट लेने के बाद सांब्याल ने राष्ट्रपति भवन के इस बेहद पावरफुल लेकिन इस चुनौतीपूर्ण पद को लेकर कई अहम खुलासे किए। इस इंटरव्यू के बाद हर कोई यही जानना चाहता है कि क्या वाकई इसके पीछे मुश्किल चयन प्रक्रिया, जिसमें सबसे बड़ी शर्त- इस पद पर रहते हुए 'अविवाहित' रहना शामिल है। आखिर राष्ट्रपति के ADC का चयन कैसे होता है? उनका असली काम क्या होता है और इस जिम्मेदारी को इतना खास क्यों माना जाता है? और राजस्थान की बेटी नव्या शेखावत कैसे यहां तक पहुंचीं, यही जानेंगे आज के राजस्थान एक्सप्लेनर में... सवाल-1: ADC कौनसी पोस्ट है और बनने के लिए क्या करना पड़ता है?जवाब: ADC फ्रांसीसी मूल का शब्द है। इस नाम का पूरा मतलब Aide-de-Camp होता है। यह राष्ट्रपति के सैन्य सहायक और प्रोटोकॉल अधिकारी होते हैं। ADC बनने के लिए कोई अलग परीक्षा नहीं होती। न ही कोई अलग से सरकारी भर्ती निकलती है। NDA, CDS या संबंधित सेवा की दूसरी परीक्षा से थल सेना, नौसेना या वायुसेना में अधिकारी होना जरूरी है। नव्या CDS के जरिए सेना में आईं। बाद में उनके सर्विस रिकॉर्ड, प्रदर्शन, नेतृत्व क्षमता और अनुशासन के आधार पर उन्हें शॉर्टलिस्ट किया गया। ये चयन प्रक्रिया पूरी तरह आंतरिक होती है। इस पद पर चयन के लिए सिर्फ अच्छा रिकॉर्ड ही काफी नहीं होता है। ADC को राष्ट्रपति के साथ देश-विदेश के कार्यक्रमों में मौजूद रहना होता है। इसलिए व्यवहार, व्यक्तित्व और दबाव में काम करने की काबिलियत भी बहुत मायने रखती है। सवाल-2: राष्ट्रपति के ADC का काम क्या होता है?जवाब: इनका मुख्य काम आधिकारिक कार्यक्रमों और राष्ट्र प्रमुख के दौरों के दौरान सैन्य-प्रोटोकॉल, व्यवस्था और तालमेल संभालना है। कार्यक्रम स्थल पर राष्ट्रपति के आगमन से लेकर मंच तक पहुंचने की व्यवस्था, सैन्य परंपराओं के पालन और औपचारिक कार्यक्रमों को सुचारू रूप से पूरा कराना इनकी जिम्मेदारी होती है। इसके साथ ही राष्ट्रपति भवन और सेना के बीच आधिकारिक संपर्क और समन्वय भी इन्हीं अफसरों के जरिए होता है। ये अधिकारी राष्ट्रपति के 'पर्सनल असिस्टेंट' नहीं होते, बल्कि तीनों सेनाओं के एक्टिव ड्यूटी अफसर होते हैं, जिन्हें विशेष सैन्य-प्रोटोकॉल के लिए तैनात किया जाता है। परंपरा के मुताबिक राष्ट्रपति के पास कुल 5 आधिकारिक ADC होते हैं। इनमें 3 थल सेना, 1 नौसेना और 1 वायुसेना से चुने जाते हैं। मेजर नव्या शेखावत थल सेना के कोटे से ही इस पद पर तैनात हुई हैं। सवाल-3: क्या ADC शादी नहीं कर सकते?जवाब: भारत के राष्ट्रपति के ADC का पद केवल एक सैन्य जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद से जुड़े सबसे कड़े प्रोटोकॉल की जिम्मेदारी है। पूर्व ADC और रिपोट्र्स के अनुसार, इस पद के लिए चयन और तैनाती से जुड़ी कई कठिन शर्तें भी शामिल रहती हैं। जिनमें… 1. कार्यकाल के दौरान 'अविवाहित' रहने की शर्त : इस पद पर तैनात अधिकारी, अपने पूरे कार्यकाल के दौरान शादी नहीं कर सकते। जिसकी बड़ी वजहें उनकी 24x7 की अलर्ट ड्यूटी, अनिश्चित कार्य-घंटे, देश-विदेश के दौरे और बिना किसी तय छुट्टी के काम करना शामिल है। इस व्यस्तता के कारण व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन के लिए समय निकाल पाना बेहद मुश्किल सा माना जाता है। राष्ट्रपति के पूर्व ADC रह चुके मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल ने एक इंटरव्यू में इसका जिक्र किया है। उनका कहना रहा कि ADC के लिए ऐसा क्लॉज होता है, जिसके तहत कार्यकाल के दौरान शादी नहीं की जा सकती। 2. बेदाग सर्विस रिकॉर्ड : अधिकारी की पूरी सैन्य सेवा के दौरान शून्य अनुशासनात्मक रिकॉर्ड होना जरूरी है। उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR), सैन्य प्रशिक्षण प्रदर्शन और नेतृत्व क्षमता का स्कोर उच्चतम श्रेणी में होना चाहिए। 3. कड़ा व्यक्तित्व व व्यवहार मानदंड: अधिकारी की शारीरिक फिटनेस, सही मुद्रा और अनुशासन को परखा जाता है। राष्ट्रपति के साथ देश-विदेश के राष्ट्राध्यक्षों और वीआईपी के बीच रहना होता है, इसलिए टेबल मैनर्स, बातचीत की भाषा और राजनयिक शिष्टाचार पर भी मजबूत पकड़ जरूरी माना जाता है। इसके अलावा किसी भी अचानक परिस्थिति में बिना घबराए तुरंत काम संभालने की क्षमता भी परखी जाती है। 4. टॉप-सीक्रेट सुरक्षा क्लीयरेंस: क्योंकि, ADC हर समय राष्ट्रपति के बिल्कुल करीब रहते हैं, इसलिए कई बड़ी सुरक्षा एजेंसियों की ओर से उनके पारिवारिक और व्यक्तिगत बैकग्राउंड की एकदम बारीकी से जांच की जाती है। 5. कई स्तर पर स्क्रीनिंग : सबसे पहले सेनाओं के मुख्यालय अपने सबसे योग्य अधिकारियों के नामों की सिफारिश करते हैं। अंतिम साक्षात्कार राष्ट्रपति भवन की उच्च स्तरीय समिति की ओर से लिया जाता है। सुरक्षा और सभी मैराथन राउंड पूरे होने के बाद फाइनल चयन को स्वीकृति भारत के राष्ट्रपति की ओर से दी जाती है। उनकी मंजूरी के बाद नियुक्ति पत्र जारी होता है। 6. व्यक्तिगत आजादी पर पाबंदियां: इसमें सोशल मीडिया के इस्तेमाल, मीडिया से बातचीत और निजी यात्राओं पर कुछ खास सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी हो जाता है। इसके अलावा सख्त ड्यूटी मोड में रहने के कारण निजी जीवन और सामाजिक जीवन लगभग पूरी तरह सीमित हो जाता है। सवाल-4: ADC का कार्यकाल कितना होता है?जवाब: ADC कोई स्थायी नौकरी या अलग कैडर नहीं है। यह सैन्य करियर के दौरान मिलने वाली विशेष जिम्मेदारी होती है। आमतौर पर इनका कार्यकाल दो से तीन साल का होता है। अवधि पूरी होने के बाद अधिकारी अपनी मूल यूनिट या रेजिमेंट में लौट जाते हैं। कुछ परिस्थितियों में कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है, लेकिन यह संबंधित प्राधिकारी के फैसले पर निर्भर करता है। सवाल-5: मेजर नव्या की नियुक्ति इतनी खास क्यों?जवाब : नव्या की नियुक्ति इसलिए चर्चा में है क्योंकि वह थल सेना से इस पद तक पहुंचने वाली पहली महिला अधिकारी हैं। साथ ही तीनों सेनाओं में यह जिम्मेदारी संभालने वाली कुल दूसरी महिला अधिकारी भी हैं। उनकी कहानी सिर्फ एक गांव से राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने की नहीं। यह उस बदलाव का हिस्सा भी है, जिसमें महिलाओं के लिए सेना की जिम्मेदारियों का दायरा बढ़ रहा है। राष्ट्रपति के साथ खड़ी नव्या की तस्वीर के पीछे CDS परीक्षा, कठिन प्रशिक्षण, पांच साल की सेवा और एक सख्त चयन प्रक्रिया है। यही वजह है कि सीकर की इस बेटी की नियुक्ति को सेना के इतिहास में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।
अनुप्रति कोचिंग योजना के आवेदन 7 तक होंगे
भास्कर संवाददाता | चूरू सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत पात्र अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। एसजेईडी डीडी केके चन्द्रवंशी ने बताया कि विभिन्न प्रोफेशनल कोर्स के लिए होने वाली प्रवेश परीक्षाओं व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए विभाग की ओर से सूचीबद्ध संस्थानों में कोचिंग के इच्छुक अभ्यर्थी 7 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि योजना से संबंधित जानकारी sje.rajasthan.gov.in पर भी उपलब्ध है।
ब्रिसबेन में भारत के लिए खेलेंगे राजस्थान के लैक्रोस खिलाड़ी
ऑस्ट्रेलिया के सनशाइन कोस्ट, ब्रिसबेन में 5 से 10 अक्टूबर तक होने वाले एशिया पैसिफिक लैक्रोस ओलंपिक क्वालीफायर के लिए भारतीय टीम घोषित कर दी गई है। राजस्थान, खासकर उदयपुर के जनजातीय क्षेत्र के खिलाड़ियों का दल में दबदबा रहा। महिला टीम में सुनीता मीणा, यशिष्ठा बत्रा, डाली गमेती, जुला कुमारी गुर्जर, मीरा दौजा, यशोदा गमेती, रोशनी बोस और जानवी राठौड़ चुनी गई हैं। पुरुष टीम में मोहनलाल गमेती, निशान्त नागदा, खुमाराम गमेती और नारायण लाल गमेती को जगह मिली है। दयाशंकर गमेती और विशाखा मेघवाल स्टैंडबाय रहेंगे। टीम की तैयारियों के लिए 26 सितंबर से 3 अक्टूबर तक आगरा में हाई परफॉर्मेंस कैंप लगेगा। इसमें ऑस्ट्रेलिया की प्रशिक्षक नताशा रूनी सहित भारतीय कोच खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देंगे। राजस्थान से बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के चयन से जनजातीय क्षेत्र में उत्साह है। राजस्थान लैक्रोस संघ के पदाधिकारियों और खेलप्रेमियों ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। ओलंपिक क्वालीफायर के लिए चुनी टीम में राजस्थान के जनजातीय क्षेत्र के 12 खिलाड़ी
कैरम : वर्ल्ड कप इटली में, दिल्ली में नेशनल के लिए राजस्थान टीम घोषित
वर्ल्ड कप कैरम चैंपियनशिप 2026 का आयोजन दिसंबर में इटली में होगा। गत चैंपियन भारत की पुरुष और महिला टीमें इसमें हिस्सा लेंगी। राजस्थान कैरम संघ के अध्यक्ष सूरज खत्री ने बताया कि भारतीय टीम के चयन के लिए ऑल इंडिया कैरम फेडरेशन की ओर से 27 से 29 सितंबर तक नई दिल्ली में ऑल इंडिया कैरम रैंकिंग चैंपियनशिप आयोजित की जाएगी। इसमें राजस्थान टीम भी हिस्सा लेगी। टीम में फजल अहमद, अंसार मोहम्मद, मोहम्मद शोएब और मोहम्मद शाहिद शामिल हैं, जबकि पी.के. सेठी टीम मैनेजर होंगे।
करौली में हॉकी राजस्थान के चुनाव हुए, महिपाल सिंह अध्यक्ष, देवेंद्र महासचिव बने
हॉकी राजस्थान की करौली में हुई वार्षिक साधारण सभा में गुरुवार को अगले चार साल के लिए नई कार्यकारिणी का निर्विरोध निर्वाचन हुआ। निर्वाचन अधिकारी सेवानिवृत्त आईएएस अभय नंदन अम्बस्था, हॉकी इंडिया पर्यवेक्षक फिरोज अंसारी और राजस्थान राज्य ओलंपिक संघ के पर्यवेक्षक रवि शर्मा की मौजूदगी में चुनाव हुए। महिपाल सिंह निंबाड़ा अध्यक्ष, देवेंद्र सिंह शेखावत महासचिव और रश्मि शुक्ला कोषाध्यक्ष निर्विरोध चुने गए। डॉ. आरती सिंह, मलकीत सिंह मान और मदन सिंह राठौड़ उपाध्यक्ष, जबकि अब्दुल रब नकवी और वर्षा कुमारी शर्मा संयुक्त सचिव निर्वाचित हुए। अरुण कुमार सारस्वत, संपत कोठारी और लोकेश कुमार कार्यकारिणी सदस्य चुने गए। स्पोर्ट्स पर्सन आउटस्टैंडिंग मेरिट के तहत राजेश चौधरी और किरण मीणा तथा एथलीट कमीशन में चंद्रांश शर्मा और मेहर बानो को शामिल किया गया। बैठक में वार्षिक रिपोर्ट और ऑडिट रिपोर्ट का अनुमोदन हुआ। आगामी वर्ष में गांव-गांव हॉकी पहुंचाने, राज्य प्रतियोगिताओं के आयोजन और हॉकी राजस्थान लीग शुरू करने की योजना पर चर्चा हुई।
Aligarh News: यूपी, पश्चिम बंगाल, राजस्थान जीत के रथ पर सवार
स्कूल क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित प्रथम अंडर-14 नेशनल क्रिकेट चैंपियनशिप में यूपी, पश्चिम बंगाल और राजस्थान ने शानदार जीत दर्ज की।
Varanasi News: राजस्थान की पुरातनता पर द्वि-दिवसीय संगोष्ठी कल से
Two-day seminar on the antiquity of Rajasthan begins tomorrow
एसआईआर पर राहुल गांधी की चेतावनी सही निकली, ज्ञानेश कुमार पर एक्शन हो: अशोक गहलोत
jaipur, 24 सितंबर . Rajasthan के पूर्व Chief Minister अशोक गहलोत ने चुनाव आयोग और Chief Minister भजनलाल शर्मा पर जुबानी हमला किया. उन्होंने एसआईआर को लेकर राहुल गांधी की ओर से पहले उठाए गए सवालों का जिक्र करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. वहीं, Rajasthan में हुए ... Read more
मानसून जाते ही तपने लगा राजस्थान, जानिए क्यों अचानक बढ़ गई गर्मी?
Rajasthan Weather Update Today: राजस्थान में मानसून विदाई के बीच गर्मी का कहर. जैसलमेर में पारा 42.9C, बाड़मेर में टूटा 10 साल का रिकॉर्ड. जानें IMD का 4 दिनों का ताजा अलर्ट...
Naugachia Ismailpur Fake Marriage Extortion Case: नवगछिया के इस्माइलपुर में फर्जी शादी और ब्लैकमेलिंग गिरोह ने राजस्थान के दो युवकों को शादी का झांसा देकर बुलाया और बंधक बनाकर 1.5 लाख रुपये वसूले। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।
पिनाका और हिमार्स की गूंज, भारत-अमेरिका की संयुक्त मारक क्षमता का प्रदर्शन
New Delhi, 24 सितंबर . Rajasthan के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में India और अमेरिका की सेनाओं ने संयुक्त मारक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया है. यहां Thursday को दोनों देशों के संयुक्त ‘युद्ध अभ्यास 2026’ में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और 10वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल विक्रांत सुरेश देशपांडे मौजूद रहे. ... Read more
UP, बिहार, राजस्थान और MP के लोगों की No एंट्री; बेंगलुरू की कंपनी के फैसले पर मचा घमासान
बेंगलुरु की कंपनी A1 स्पोर्ट्स वर्ल्ड के CEO कार्तिक शेनॉय ने यूपी, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश के पुरुष उम्मीदवारों को नौकरी पर न रखने का विवादास्पद फैसला लिया है।
चित्तौड़गढ़: राजस्थान पेंशनर्स समाज की नई कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित
जिला कोषाधिकारी राघव शर्मा मुख्य अतिथि रहे; पेंशनर्स की समस्याओं के समाधान हेतु समर्पित हेल्प डेस्क शुरू करने की घोषणा की।
किसानों-बेरोजगारों के संघर्ष से राजस्थान की राजनीति में उभरे मनोज दुबे
किसानों, बेरोजगारों और मजदूरों के मुद्दों पर 35 वर्षों से सक्रिय मनोज दुबे की कोटा से राजस्थान की राजनीति तक पहचान संघर्षों से बनी।
EPFO ने बढ़ाई अनिवार्य वेतन सीमा, ₹15,000 से ₹25,000 हुई; राजस्थान में 51 लाख तक लाभ
EPFO ने अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 कर दी है। राजस्थान में PMVBRY के तहत 26,694 संस्थान पंजीकृत हुए और 44,000 से अधिक पहली बार रोजगार पाने वाले कर्मचारी लाभान्वित हुए।
अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अश्विनी भगत ने गुरुवार को ‘राजस्थान संपर्क कॉल सेंटर 181’ का निरीक्षण किया...
सेवा संकल्प यात्रा: सीएम भजनलाल शर्मा बोले- पीएम मोदी के नेतृत्व में राजस्थान में विकास के नए आयाम
बीकानेर में सेवा संकल्प यात्रा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सेवा कार्यों और राजस्थान के विकास का उल्लेख किया। उन्होंने पौधारोपण, जल परियोजनाओं और जनकल्याण योजनाओं की जानकारी दी।
‘पंचायत’ के सचिव जी जितेंद्र कुमार पहुंचे जयपुर, मंडावा में होगी ‘टेढ़ी हैं पर मेरी हैं’ की शूटिंग; 45 दिन राजस्थान में रहेंगे
प्रतापगढ़ में फॉरेस्ट रेंजर की मौत पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, राजस्थान सरकार से मांगा जवाब; 6 अक्टूबर को अगली सुनवाई
अलवर में राजस्थान हाईकोर्ट के जज के घर दिनदहाड़े चोरी, जंगला और दरवाजे तोड़कर घुसे चोर; CCTV में संदिग्ध की तस्वीर मिली
जापान में बदली राजस्थान की तस्वीर, किले-महलों से आगे जंगल, गांव और लोकजीवन
राजस्थान की पहचान अब जापान में केवल किलों, महलों और रेगिस्तान तक सीमित नहीं रहेगी। राज्य ने जापान के सबसे बड़े पर्यटन आयोजनों में शामिल टूरिज्म एक्सपो जापान-2026 में...
चित्तौड़गढ़: राजस्थान शिक्षक संघ सियाराम की जिला कार्यकारिणी का गठन, भंवरलाल अध्यक्ष बने
बड़ीसादड़ी में आयोजित बैठक में भंवरलाल मेघवाल तीसरी बार निर्विरोध जिला अध्यक्ष चुने गए, वहीं हंसराज सालवी को महामंत्री बनाया गया।
करौली में हॉकी राजस्थान की वार्षिक साधारण सभा के दौरान महिपाल सिंह निम्बाड़ा को नया अध्यक्ष चुना गया है। यह बैठक एनएच-23 पर मासलपुर चुंगी के पास स्थित होटल करौली इन में हुई। इसमें प्रदेश के मान्यता प्राप्त 29 जिला हॉकी संघों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। चुनाव पर्यवेक्षक और पूर्व आईएएस अधिकारी अभिनंदन ने महिपाल सिंह के चुने जाने की घोषणा की। इस बैठक में हॉकी राजस्थान की नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया।हॉकी राजस्थान के चुनाव में महिपाल सिंह अध्यक्ष और देवेंद्र सिंह शेखावत महासचिव चुने गए। रश्मि शुक्ला को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। उपाध्यक्ष के 3 पदों पर आरती रानी सिंह, मलकीत सिंह मान और मदन सिंह का चयन हुआ। इसी तरह अब्दुल रूब नकवी और वर्षा कुमारी शर्मा संयुक्त सचिव के दो पदों पर चुनी गईं।कार्यकारिणी सदस्य के 3 पदों के लिए अरुण कुमार सारस्वत, संपत कोठारी और लोकेश कुमार का चयन किया गया।उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के प्रतिनिधि के तौर पर राजेश चौधरी और किरण मीणा को चुना गया। खिलाड़ी समिति के प्रतिनिधि के तौर पर चंद्रांश शर्मा और माहेर बानो का चयन हुआ। हॉकी के विकास पर की चर्चाइस बैठक में हॉकी राजस्थान के पूर्व अध्यक्ष अरुण कुमार सारस्वत और हॉकी इंडिया के प्रतिनिधि फिरोज अंसारी सहित कई खेल संघों से जुड़े पदाधिकारी मौजूद थे।चुनाव के बाद नए पदाधिकारियों ने हॉकी के विकास और प्रदेश में खेल गतिविधियों को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करने की बात कही है।
खेरवाड़ा में तेज रफ्तार कार की टक्कर से राजस्थान पुलिस के कांस्टेबल की मौत
अंबाजी की ओर जा रही बेकाबू कार की चपेट में आए कांस्टेबल बंसीलाल, डूंगरपुर जिला अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। जबकि कई श्रद्धालु घायल हो गए। गुरुवार को करीब 30 श्रद्धालु कुरुक्षेत्र से राजस्थान के बागड़ धाम जा रहे थे। इसी दौरान पिंडासरी गांव के पास ये हादसा हुआ। ट्रॉली पलटते ही मौके पर चीख पुकार मच गई। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को ट्रॉली से बाहर निकाला। हादसे में मां-बेटी और गोद लिए एक बच्चे की भी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कुछ लोग ट्रॉली के नीचे भी दबे थे। सभी को तुरंत LNJP अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की टीम ने 4 महिलाओं और 2 बच्चों को मृत घोषित कर दिया। कई श्रद्धालुओं का इमरजेंसी वार्ड में इलाज चल रहा है। 2 महिलाओं की हालत सीरियस बताई जा रही है। हादसे में मृतक सात वर्षीय हर्ष के पिता ने कहा- मैंने हर्ष को अपने साले से एक साल पहले गोद लिया था। अब वह अपनी मां रंजीत कौर के साथ बागड़ जा रहा था। भगवान ने हमें कोई बच्चा नहीं दिया था, अब हर्ष को भी छीन लिया। हादसे की 2 तस्वीरें देखिए:- जानिए, कैसे हुआ हादसा… - कुरुक्षेत्र के कलाल माजरा सेक्टर-30 से सभी श्रद्धालु राजस्थान के हनुमानगढ़ स्थित गोगामेड़ी मंदिर जा रहे थे। कुरुक्षेत्र- कैथल रोड पर पिंडारसी गांव में बस अड्डे के पास ओवरटेक करने के चक्कर में एक लकड़ी से भरी एक ट्रॉली श्रद्धालुओं की ट्रॉली से टकरा गई। - टक्कर लगते ही श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलट गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसा इतना भयावह था कि ट्रॉली एक साइड से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मौके से गुजर रही बस में सवार यात्रियों ने ट्रॉली को सीधा किया। हादसे में मां-बेटी, गोद लिए बेटे की मौत मृतकों में लीला देवी (58), बाला देवी (50), बहोती देवी (60), अंजली (25), अंजली की डेढ़ वर्षीय बेटी सीरत और 7 साल का हर्ष शामिल हैं। लीला देवी कलाला माजरी की रहने वाली है। वहीं, बाला देवी करनाल के जुंडला की रहने वाली थी, वे बागड़ धाम जाने के लिए लीला के यहां रिश्तेदारी में आई थी। अंजली और सीरत की डेडबॉडी बारन सीएचसी में रखी गई है, जबकि अन्य मृतकों को एलएनजेपी की मॉर्च्यूरी में रखवाया गया है। हर्ष के पिता जसवंत सिंह राज मिस्त्री है। उन्होंने उसे करीब एक साल पहले ही गोद लिया था। वह पहली क्लास में पढ़ता था। सड़क पर बिखरा खाना हादसे के बाद घटनास्थल पर श्रद्धालुओं के जूते-चप्पल और कपड़े सड़क पर बिखरे पड़े मिले। हादसे की अफरा-तफरी में श्रद्धालुओं का सामान भी इधर-उधर फैल गया। सड़क पर कोल्ड ड्रिंक की बोतलें, खाने-पीने का सामान और अन्य सामग्री बिखरी हुई थी। ------------ यह खबर भी पढ़ें… ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को मारी टक्कर, 3 मृतकों की पहचान:सिरसा में भीषण हादसा, टक्कर के बाद दोनों वाहन पलटे; कई महिलाओं सहित 15 घायल हरियाणा के सिरसा में 20 से 25 महिलाओं-पुरुषों को लेकर जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रक से टक्कर हो गई। टक्कर के बाद दोनों वाहन पलट गए। हादसे में ट्रॉली में सवार दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनभर से ज्यादा लोग घायल हो गए। (पूरी खबर पढ़ें)
परीक्षाओं में गड़बड़ी रोकेगा नया 'स्मार्ट सिस्टम': राजस्थान में बनेगी हर युवा की डिजिटल प्रोफाइल, बजट में खास प्रावधान
Weather Alert: कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, राजस्थान में फिलहाल राहत
Weather Alert: कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, राजस्थान में फिलहाल राहत
भानगढ़ किला: राजस्थान का रहस्यमयी किला, वीडियो में जाने जहां आज भी सुनाई देती हैं कई डरावनी कहानियां
भानगढ़ किला: राजस्थान का रहस्यमयी किला, वीडियो में जाने जहां आज भी सुनाई देती हैं कई डरावनी कहानियां
फाजिल्का की अनाज मंडी में आढ़ती एसोसिएशन की एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें मंडी के समस्त आढ़ती भाइयों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। बैठक का मुख्य विषय पंजाब सरकार द्वारा आगामी सीजन के लिए धान की सरकारी खरीद की लिमिट (टारगेट) घटाने को लेकर जारी किया गया पत्र रहा। आढ़तियों ने सरकार के इस फैसले पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे किसान और आढ़ती वर्ग दोनों के लिए बड़ा संकट करार दिया है। बैठक के बाद आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष गोल्डी सचदेवा ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि फाजिल्का क्षेत्र में इस बार परमल धान की बिजाई पिछले वर्षों की तुलना में अधिक हुई है। ऐसे में खरीद का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए था, लेकिन सरकार ने उल्टा खरीद का कोटा कम कर दिया है। यदि मंडी में पूरे धान की सरकारी खरीद नहीं हुई, तो मंडियों में जाम की स्थिति बन जाएगी और किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। राजस्थान बॉर्डर के कारण ब्लैकलिस्ट की आशंका, उठाई गई सख्त हिदायत गोल्डी सचदेवा ने बताया कि सूत्रों के अनुसार, फाजिल्का जिला राजस्थान सीमा से सटा होने के कारण पिछले समय में राजस्थान का धान अवैध रूप से यहां लाकर बेचने की शिकायतें मिली थीं। इसी वजह से जिले की खरीद लिमिट कम कर फाजिल्का को एक तरह से संदेहास्पद श्रेणी (ब्लैकलिस्ट) में डाल दिया गया है। इस समस्या से निपटने के लिए एसोसिएशन ने कड़ा कदम उठाया है? यह किया जाएगा स्व-घोषणा पत्र (Self-Declaration): अब मंडी में फसल लाने वाले प्रत्येक किसान से यह स्व-घोषणा पत्र लिया जाएगा कि वह फाजिल्का जिले का ही स्थायी निवासी है और यह धान उसकी अपनी जमीन का है। आढ़तियों को सख्त निर्देश: सभी आढ़तियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि वे केवल स्थानीय किसानों की ही फसल मंडी में दर्ज करें, ताकि बाहरी राज्यों का धान मंडी में न आ सके। सरकार से समीक्षा की मांग आढ़ती एसोसिएशन ने सरकार को आश्वस्त किया है कि वे पूरी पारदर्शिता के साथ काम करेंगे ताकि मंडी में आने वाला एक-एक दाना केवल फाजिल्का के किसानों का ही हो। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब सरकार से अपील की है कि राजस्थान बॉर्डर से सटे होने का खामियाजा फाजिल्का के स्थानीय किसानों और आढ़तियों को न भुगतना पड़े, इसलिए सरकार तुरंत अपने फैसले की समीक्षा करे और धान खरीद का टारगेट बढ़ाए।
Travel Tips: राजस्थान में घूमने के लिए बढ़िया हैं ये हिल स्टेशन, जा सकते हैं आप भी
इंटरनेट डेस्क। अब सर्दियों के मौसम की शुरूआत होने वाली हैं और इसके साथ ही आपको भी घूमने जाने का मन हैं तो आप राजस्थान जा सकते है। आपको बता रहे है राजस्थान के उस हिल स्टेशन के बारे में जहां आप जा सकते है। माउंट आबू राजस्थान का हिल स्टेशन माउंट आबू लोगांे की पहली पसंद है। ये ऐसी जगह पर है जहां लोग घूमने जाते है और एंजोय करते है, ऐसा इसलिए की यहां एक से बढ़कर एक जगह देखने को मिलती है। वैसे बता दें की यह राजस्थान और गुजरात के बॉर्डर पर है। ऐसे में यहां दोनों ही राज्यों के खूब लोग पहुंचते है। जा सकते है आप बता दें की आप अगर अपनी छुट्टियां बिताने के लिए जयपुर, उदयपुर टूर पर हैं तो कुछ दूरी पर स्थित राजस्थान के इस खूबसूरत हिल स्टेशन पर जा सकते है। यहां आप अपना वीकेंड स्पेंड कर सकते है। बता दें की माउंट आबू को राजस्थान का शिमला भी कहते हैं। pc- gnttv.com
Rajasthan Politics: निकाय चुनाव के नतीजों पर BJP का मंथन, बागियों से लेकर मंत्रियों तक की होगी समीक्षा
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के आठ साल पूरे होने पर सभी लाभार्थियों एवं देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। इस संबंध में सीएम ने एक्स के माध्यम से कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ने देश के करोड़ों परिवारों के लिए उपचार के समय एक मजबूत संबल प्रदान किया है। बीते 8 वर्षों में इस योजना ने आर्थिक कठिनाइयों के बीच गंभीर बीमारी से जूझ रहे परिवारों को इलाज की चिंता से राहत देते हुए बेहतर स्वास्थ्य की आशा जगाई है। आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना के साथ-साथ जरूरतमंद परिवारों के जीवन में भरोसे और सुरक्षा का आधार है। इस ऐतिहासिक योजना के 8 वर्ष पूर्ण होने पर सभी लाभार्थियों एवं देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ! वहीं एक अन्य पोस्ट के माध्यम से सीएम ने कहा कि आयुर्वेद भारत की समृद्ध चिकित्सा एवं ज्ञान परंपरा है, जो स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित दिनचर्या और प्रकृति के साथ सामंजस्य का मार्ग प्रशस्त करती है। pc- firstindianews.com
Rajasthan: नितिन नवीन आज जयपुर से करेंगे पंचायत चुनाव अभियान का आगाज, रवाना होंगे 90 प्रचार रथ
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आज भाजपा सरकार के कार्यकाल में चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं: Jully
जयपुर। विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ा बयान दिया है। उन्होंने एक्स के माध्यम से कहा कि जिस चुनाव आयोग की पूरे देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी निष्पक्ष चुनाव कराने वाली संस्था के रूप में साख और प्रतिष्ठा रही है, आज भाजपा सरकार के कार्यकाल में उसकी विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की प्रतिष्ठा पर सवाल उठना लोकतंत्र के लिए बेहद गंभीर और चिंताजनक स्थिति है। जूली ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लंबे समय से चुनाव आयोग की कार्यशैली, मतदाता सूचियों और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर देश के सामने सवाल उठा रहे हैं। आज इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट के बाद चुनाव आयोग के भीतर से ही सामने आई आपत्तियों ने इन सवालों को और गंभीर बना दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले दस महीनों में कम से कम 14 बार विभिन्न फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर आपत्ति दर्ज की। इन आपत्तियों में नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और चुनावी डेटा के केंद्रीकरण जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। जूली ने कहा कि अब देश के सामने बड़ा सवाल यह है कि जब चुनाव कराने वाली संवैधानिक संस्था के भीतर ही इस प्रकार की गंभीर आपत्तियां सामने आ रही हैं, तो आने वाले समय में चुनाव किस प्रकार होंगे और उन पर जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा। चुनाव केवल सरकार बनाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि लोकतंत्र में जनता के मत और जनादेश की पवित्रता का सवाल है। चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर किसी भी प्रकार का संशय लोकतंत्र की बुनियाद को प्रभावित करता है। प्रदेश में लोकतंत्र की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता पैदा हुई जूली ने कहा कि राजस्थान के हाल ही में हुए नगरीय निकाय चुनावों में भी कांग्रेस ने सत्ता तंत्र के दुरुपयोग और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के गंभीर आरोप उठाए हैं। जिस प्रकार प्रशासनिक मशीनरी और सत्ता के प्रभाव का इस्तेमाल कर लोकतांत्रिक आवाज को दबाने के प्रयास हुए, उससे प्रदेश में लोकतंत्र की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता पैदा हुई है। PC:rajasthan.ndtv अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
Rajasthan Weather: मानसून की विदाई के बीच गर्मी का पलटवार, जैसलमेर में पारा 42.9° पार
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भारत में क्या है मौसम का हाल?: विदाई से पहले फिर बदला मानसून, एमपी-यूपी में बारिश तो राजस्थान में बढ़ी गर्मी
राजस्थान सरकार का जेन-जी वोटर्स पर फोकस बढ़ गया है। भजनलाल सरकार 'यूथ प्लान' बनाने जा रही है। 'यूथ प्लान' का एजेंडा युवाओं के सुझाव के अनुसार ही तैयार होगा। इस एजेंडे को आगामी बजट में शामिल करते हुए सरकार अलग से यूथ बजट पेश करेगी। प्रदेश के पहले यूथ बजट के लिए सरकार ने ऑनलाइन सुझाव मांगे हैं। इसके लिए वित्त विभाग ने एक सर्कुलर जारी कर दिया है। एक्सपर्ट का मानना है कि यह पहल 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले युवा मतदाताओं को लुभाने की रणनीति हो सकती है। यूथ प्लान को इस तरह समझिए प्रदेश में जेन-जी के लिए सरकार की प्रमुख योजनाएं मुख्यमंत्री ने युवाओं से किया था संवाद मुख्यमंत्री ने 17 सितंबर को मुख्यमंत्री निवास पर विकसित भारत जन सेवा अभियान के अंतर्गत यूथ बजट पर युवाओं से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में युवा रोजगार पर ध्यान दिया जाएगा। सरकार की कोशिश यह है कि प्रदेश का युवा सिर्फ नौकरी खोजने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि ढाई साल में 1 लाख 90 हजार पदों पर नियुक्तियां दी हैं। 1 लाख 20 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। वर्ष 2026 में सवा लाख पदों के लिए भर्ती कैलेंडर जारी किया गया है। युवाओं ने रोजगार, शैक्षिक एवं तकनीकी ज्ञान, कौशल विकास, युवा कल्याण एवं युवाओं के सर्वांगीण विकास से जुड़े विषयों पर अपने अनुभव एवं सुझाव मुख्यमंत्री के साथ साझा किए। तकनीकी कौशल के साथ स्वरोजगार पर ध्यान देंगे : गोदारा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा का कहना है- राज्य सरकार तकनीकी कौशल के साथ-साथ स्वरोजगार पर ध्यान देगी। हम प्रदेश के यूथ को रोजगार देने वाला बनाना चाहते हैं। युवाओं के सुझावों को आगामी बजट में शामिल किया जाएगा। नए युवा ही भारत को चौथी अर्थव्यवस्था से तीसरी अर्थव्यवस्था में ले जाएंगे। युवाओं का ध्यान रखना सरकार का काम है। युवाओं के साथ मिलकर सरकार विकसित राजस्थान के सपने का साकार करना चाहती है। एक्सपर्ट बोले- सभी दलों ने बदली रणनीति वरिष्ठ पत्रकार महेश चंद्र शर्मा का कहना है कि दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के बाद से सभी दलों ने अपनी रणनीति बदली है। जब आरएसएस के मोहन भगवत ने इस पर प्रतिक्रिया दी तो भाजपा नेताओं का रवैया पूरी तरह बदल गया। मोहन भागवत ने कहा था- युवाओं से संवाद करना जरूरी है। उन पर विचार नहीं थोपे जाएं। ऐसे में बीजेपी शासित राज्य जेन-जी को ध्यान में रखकर की योजनाएं और कार्यक्रम बना रहे हैं।

