राजस्थान विश्वविद्यालय ने सत्र 2026-27 के ग्रेजुएशन एडमिशन के लिए पहली मेरिट लिस्ट जारी कर दी है। यूनिवर्सिटी महारानी कॉलेज, महाराजा कॉलेज, राजस्थान कॉलेज और यूनिवर्सिटी कॉमर्स कॉलेज समेत सभी संघटक कॉलेजों की पहली कट-ऑफ सोमवार को वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई। सीटों के मुकाबले कई गुना आवेदन आने के कारण इस बार अधिकांश लोकप्रिय कोर्सों की कट-ऑफ पिछले सालों की तुलना में अधिक रही।पहली मेरिट लिस्ट में चयनित विद्यार्थियों को 30 जून से 2 जुलाई तक संबंधित कॉलेज में दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा। इसके बाद 3 जुलाई तक फीस जमा कर प्रवेश सुनिश्चित करना होगा।महारानी कॉलेज में बीकॉम पास कोर्स की कट-ऑफ सबसे ज्यादा 97%यूनिवर्सिटी महारानी कॉलेज में कॉमर्स संकाय की कट-ऑफ सबसे अधिक रही। बीकॉम पास कोर्स में सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 97 प्रतिशत रही। ओबीसी के लिए 94.40, एससी 87.20, एसटी 75.60, ईडब्ल्यूएस 92.40 और एमबीसी 80.40 प्रतिशत रही।बीकॉम मेजर (एबीएसटी) में सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 96.20 प्रतिशत, ओबीसी 92.30, एससी 79, एसटी 61, ईडब्ल्यूएस 91.20 और एमबीसी 80.80 प्रतिशत रही। बीकॉम मेजर (बीएडीएम) में सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 95.40 प्रतिशत, जबकि बीकॉम मेजर (ईएएफएम) में 96.20 प्रतिशत रही। वहीं बीबीए (एसएफएस) में सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 91.20 प्रतिशत रही। राजस्थान कॉलेज में बीए के लिए 95.79% तक पहुंची कट-ऑफराजस्थान कॉलेज में थ्री/फोर ईयर बीए पास कोर्स (डे) में सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 95.79 प्रतिशत रही। ओबीसी 93.80, एससी 91, एसटी 91.60, ईडब्ल्यूएस 92.40 और एमबीसी 93 प्रतिशत रही।एसएफएस बीए पास कोर्स में सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 68.40 प्रतिशत रही। बीए मेजर में भूगोल और राजनीति विज्ञान के लिए सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 94-94 प्रतिशत रही। अर्थशास्त्र में 91.60, इतिहास में 90.60, अंग्रेजी साहित्य में 90, हिंदी में 75.80, मनोविज्ञान में 74 और समाजशास्त्र में 70 प्रतिशत कट-ऑफ रही। लोक प्रशासन विषय में 50 प्रतिशत तक प्रवेश रखा गया है। कॉमर्स कॉलेज में बीकॉम रेगुलर के लिए 93% कट-ऑफकॉमर्स कॉलेज में बीकॉम रेगुलर के लिए सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 93 प्रतिशत रही। ओबीसी 88, एससी 75, एसटी 45.20, एमबीसी 61.60 और ईडब्ल्यूएस 85 प्रतिशत रही।बीबीए में सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 90.20 प्रतिशत, बीसीए में 87.60 प्रतिशत रही। बीकॉम (एबीएसटी) में सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 93 प्रतिशत, बीकॉम (बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) में 86.50 प्रतिशत और बीकॉम (ईएएफएम) में 84.60 प्रतिशत रही। बीकॉम (एसएफएस) में सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 75 प्रतिशत और बीकॉम (बीएफएसआई) में 75.80 प्रतिशत रही। महाराजा कॉलेज में बीएससी (मैथ्स) की कट-ऑफ सबसे ज्यादा 96%महाराजा कॉलेज में विज्ञान संकाय की पहली मेरिट लिस्ट में सबसे अधिक कट-ऑफ बीएससी (मैथ्स) के लिए रही। सामान्य वर्ग में बीएससी (मैथ्स) की कट-ऑफ 96 प्रतिशत दर्ज की गई। इसके अलावा बीएससी (मैथ्स ग्रुप) में 95.40 प्रतिशत, बीएससी (फिजिक्स) में 95.40 प्रतिशत, बीएससी (केमिस्ट्री) में 93.40 प्रतिशत, बीएससी (जूलॉजी) में 92 प्रतिशत, बीएससी (बायो ग्रुप) में 91.20 प्रतिशत और बीएससी (बॉटनी) में 91 प्रतिशत कट-ऑफ रही। वहीं बीसीए में सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 90 प्रतिशत और बीएससी (स्टैटिस्टिक्स) में 71 प्रतिशत रही। अधिकांश पाठ्यक्रमों में ओबीसी, एससी, एसटी, ईडब्ल्यूएस और एमबीसी वर्ग की कट-ऑफ भी 80 से 94 प्रतिशत के बीच रही, जिससे स्पष्ट है कि इस बार महाराजा कॉलेज में भी प्रवेश के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिला। रिक्त सीटें बचने पर जल्द जारी होगी दूसरी मेरिट लिस्ट राजस्थान विश्वविद्यालय में इस बार 22 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि चारों संघटक कॉलेजों में करीब 6700 आवेदन जमा हुए। सीटों की तुलना में कई पाठ्यक्रमों में तीन गुना तक आवेदन आने से प्रवेश के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ी और पहली कट-ऑफ भी ऊंची रही। विश्वविद्यालय के अनुसार पहली मेरिट लिस्ट में चयनित विद्यार्थियों को 30 जून से 2 जुलाई तक दस्तावेज सत्यापन कराना होगा। इसके बाद 3 जुलाई तक फीस जमा करने के बाद संबंधित कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी। रिक्त सीटें बचने पर विश्वविद्यालय दूसरी मेरिट लिस्ट जारी करेगा।
राजस्थान की उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी से राजस्थान फोरम के संस्थापक एवं प्रख्यात संस्कृतिविद्, संदीप भुतोड़िया ने कोलकाता के आईटीसी सोनार में शिष्टाचार भेंटे की। इस अवसर पर भुतोड़िया ने बंगाल का पारंपरिक कांथा दुपट्टा ओढ़ाकर उप मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया और साथ ही गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की गीतांजलि पुस्तक भेंट स्वरूप प्रदान की । इस दौरान उन्होंने उप मुख्यमंत्री को राजस्थान फोरम की ओर से संचालित सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं सामाजिक गतिविधियों के बारे में अवगत कराया और आगामी कार्यक्रमों एवं पहलों पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री दिया ने कहा कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत हमारी अमूल्य धरोहर है। राजस्थान फोरम द्वारा कला, संस्कृति, साहित्य और लोक परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयास अत्यंत सराहनीय हैं। मुझे विश्वास है कि संस्था भविष्य में भी अपनी सांस्कृतिक पहलों के माध्यम से राजस्थान की गौरवशाली विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी। उल्लेखनीय है कि भूतोड़िया देशभर में विशेषकर राजस्थान और जयपुर में कला, संस्कृति एवं साहित्य के सक्रिय प्रवर्तक के रूप में प्रतिष्ठित हैं। भारतीय लोक कला, सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति उनका योगदान व्यापक रूप से सराहा जाता रहा है।
पर्यटन के क्षेत्र में राजस्थान ने वर्ष 2026 की पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर देश और दुनिया के पर्यटकों की पहली पसंद बनने का प्रमाण दिया है। सोमवार को विभाग की ओर से जारी हुए आकड़ों में जनवरी से मार्च 2026 के बीच राज्य में कुल 6 करोड़ 19 लाख 86 हजार 185 पर्यटक यात्राएं दर्ज की गईं। इनमें 6 करोड़ 12 लाख 87 हजार 727 घरेलू और 6 लाख 98 हजार 458 विदेशी पर्यटक शामिल रहे। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि राजस्थान में धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक धरोहर, संस्कृति और प्राकृतिक पर्यटन का अनूठा संगम लगातार पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक दलीप सिंह राठौड़ ने बताया कि इस अवधि के आंकड़ों का विश्लेषण यह दर्शाता है कि घरेलू और विदेशी पर्यटकों की पसंद अलग-अलग रही। जहां देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं ने धार्मिक स्थलों को सबसे अधिक महत्व दिया, वहीं विदेशी पर्यटकों ने राजस्थान के किलों, महलों, यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों और वन्यजीव अभयारण्यों को अपनी पहली पसंद बनाया। खाटूश्यामजी बने घरेलू पर्यटकों की पहली पसंद घरेलू पर्यटन के आंकड़ों में सीकर स्थित खाटूश्यामजी मंदिर ने सबसे अधिक श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। केवल तीन महीनों में यहां 68 लाख श्रद्धालु पहुंचे। दूसरे स्थान पर करौली का कैलादेवी मंदिर रहा, जहां 47.42 लाख पर्यटकों ने दर्शन किए। चित्तौड़गढ़ स्थित सांवलियाजी मंदिर करीब 28.70 लाख श्रद्धालुओं के साथ तीसरे स्थान पर रहा। इसके बाद पुष्कर, अजमेर शरीफ दरगाह और जैसलमेर के प्रमुख पर्यटन स्थलों ने भी बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित किया। खास बात यह रही कि जैसलमेर ने अकेले पांच पर्यटन स्थलों जैसलमेर किला, रामदेवरा, सम सैंड ड्यून्स, पटवों की हवेली और तनोट माता मंदिर के साथ शीर्ष दस घरेलू पर्यटन स्थलों में सबसे अधिक प्रतिनिधित्व दर्ज कराया। विदेशी पर्यटकों को सबसे ज्यादा पसंद आया आमेर विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद जयपुर का आमेर पैलेस रहा, जहां तीन महीनों में 91,422 विदेशी पर्यटक पहुंचे। इसके बाद जंतर-मंतर, जोधपुर का मेहरानगढ़ किला, उदयपुर का सिटी पैलेस और सहेलियों की बाड़ी ने विदेशी पर्यटकों को सबसे अधिक आकर्षित किया। वन्यजीव पर्यटन में रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं जगदीश मंदिर (उदयपुर), आभानेरी की चांद बावड़ी, जोधपुर का जसवंत थड़ा और रणकपुर जैन मंदिर भी विदेशी पर्यटकों के पसंदीदा स्थलों में शामिल रहे। इससे स्पष्ट है कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटक राजस्थान की शाही विरासत, स्थापत्य कला, संस्कृति और प्राकृतिक विविधता को करीब से अनुभव करना चाहते हैं। धार्मिक पर्यटन बना सबसे मजबूत आधार पर्यटन विभाग के अनुसार राजस्थान में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन लगातार मजबूत हो रहा है। खाटूश्यामजी, कैलादेवी, सांवलियाजी, पुष्कर और अजमेर शरीफ जैसे स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से यह स्पष्ट है कि धार्मिक पर्यटन राज्य की पर्यटन अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत स्तंभ बन चुका है। वहीं दूसरी ओर विदेशी पर्यटकों के लिए राजस्थान आज भी अपनी ऐतिहासिक धरोहर, शाही महलों, किलों, संग्रहालयों और वन्यजीव पर्यटन के कारण वैश्विक स्तर पर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। राठौड़ ने कहा कि राजस्थान का पर्यटन अब केवल विरासत पर्यटन तक सीमित नहीं रहा है। धार्मिक, सांस्कृतिक, रेगिस्तानी, साहसिक और वन्यजीव पर्यटन एक-दूसरे के पूरक बनकर राज्य की पर्यटन अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं। यही विविधता राजस्थान को देश ही नहीं बल्कि दुनिया के प्रमुख पर्यटन गंतव्यों में मजबूती से स्थापित करती है। पहली तिमाही में पर्यटन की प्रमुख झलकियां कुल पर्यटक यात्राएं – 6,19,86,185 घरेलू पर्यटक – 6,12,87,727 विदेशी पर्यटक – 6,98,458 घरेलू पर्यटकों की पहली पसंद – खाटूश्यामजी, सीकर विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद – आमेर पैलेस, जयपुर शीर्ष 10 घरेलू स्थलों में सबसे अधिक प्रतिनिधित्व – जैसलमेर (5 स्थल) जनवरी–मार्च 2026 में घरेलू पर्यटकों की पहली पसंदरैंक पर्यटन स्थल जिला घरेलू पर्यटक1 खाटूश्यामजी सीकर 68,00,0002 कैलादेवी मंदिर करौली 47,42,5683 सांवलियाजी मंदिर चित्तौड़गढ़ 28,70,0004 पुष्कर अजमेर 18,78,3125 जैसलमेर किला जैसलमेर 16,86,3306 रामदेवरा जैसलमेर 16,86,3307 सम सैंड ड्यून्स जैसलमेर 15,96,2008 पटवों की हवेली जैसलमेर 15,70,5509 तनोट माता मंदिर जैसलमेर 15,01,00010 अजमेर शरीफ दरगाह अजमेर 14,93,122 जनवरी–मार्च 2026 में विदेशी पर्यटकों की पहली पसंदरैंक पर्यटन स्थल विदेशी पर्यटक1 आमेर पैलेस, जयपुर- 91,4222 जंतर-मंतर, जयपुर- 80,8203 मेहरानगढ़ किला, जोधपुर- 38,8344 सिटी पैलेस, उदयपुर- 36,8505 सहेलियों की बाड़ी, उदयपुर- 34,4806 रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान- 30,8297 जगदीश मंदिर, उदयपुर- 30,5508 चांद बावड़ी, आभानेरी- 29,0309 जसवंत थड़ा, जोधपुर- 26,11710 रणकपुर जैन मंदिर- 25,593
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने फर्जी FMGE (फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन) सर्टिफिकेट मामले में विदेश से MBBS करने वाले तीन और डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने 25 लाख रुपए तक खर्च कर फर्जी प्रमाण-पत्र तैयार करवाए और उनके आधार पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण कराकर मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप भी की। मामला एसओजी थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 08/2026 से जुड़ा है, जिसमें धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश की धाराओं में जांच चल रही है। फिलहाल एसओजी की टीम आरोपियों से पूछताछ में जुट गई है। गिरफ्तार आरोपी डॉक्टर्स के नाम नवदीप तंबोलिया (27), निवासी उम्मेदगढ़, बागीदौरा, जिला बांसवाड़ा, चिराग साहू (28), निवासी छोटी सादड़ी, जिला प्रतापगढ़ और आफरीदी खान (25), निवासी मंडावर, जिला दौसा है। तीनों आरोपियों को 28 और 29 जून 2026 को गिरफ्तार किया गया। कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों में की इंटर्नशिप ADG (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया- जांच में खुलासा हुआ कि विदेश से MBBS करने के बाद FMGE स्क्रीनिंग परीक्षा पास नहीं कर पाने वाले अभ्यर्थियों के लिए फर्जी सर्टिफिकेट तैयार किए गए। इन प्रमाणपत्रों के आधार पर राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराया गया और कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप भी की गई। तीनों आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने क्रमशः किर्गिस्तान और कजाकिस्तान से एमबीबीएस करने के बाद फर्जी एफएमजीई प्रमाण पत्र बनवाए और इसके जरिए मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप की। जांच के अनुसार, फर्जी सर्टिफिकेट बनवाने के लिए 23.5 लाख से 25 लाख रुपए तक की रकम चुकाई गई। इस रैकेट का मुख्य सरगना भानाराम माली और उसके सहयोगी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। आरोप है कि गिरोह प्रत्येक अभ्यर्थी से 20 से 30 लाख रुपए लेकर फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करता था। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर 4 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है। एसओजी पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच में जुटी हुई है। नवदीप तंबोलिया ने वर्ष 2022 में किर्गिस्तान से किया था एमबीबीएस पूछताछ में सामने आया कि नवदीप तंबोलिया ने वर्ष 2022 में किर्गिस्तान से एमबीबीएस किया था। भारत लौटने के बाद उसने कई बार एफएमजीई परीक्षा दी, लेकिन सफल नहीं हुआ। इसके बाद अपने गांव के पड़ोसी निशांत टेलर के माध्यम से पहले से गिरफ्तार आरोपी शुभम गुर्जर से संपर्क किया। करीब 25 लाख रुपए देकर फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट बनवाया। इसके आधार पर उसने राजकीय मेडिकल कॉलेज दौसा में इंटर्नशिप भी कर ली। शुभम गुर्जर पहले से न्यायिक हिरासत में है। चिराग साहू ने वर्ष 2023 में कजाकिस्तान से किया था एमबीबीएस चिराग साहू ने वर्ष 2023 में कजाकिस्तान से एमबीबीएस किया। कई प्रयासों के बावजूद एफएमजीई परीक्षा पास नहीं कर पाया। इसके बाद कजाकिस्तान में साथ पढ़ने वाले विकास यादव के जरिए 23.50 लाख रुपए में फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट बनवाया और राजकीय पैसिफिक मेडिकल कॉलेज, उदयपुर में इंटर्नशिप की। विकास यादव को एसओजी 26 मार्च 2026 को ही गिरफ्तार कर चुकी है और वह न्यायिक हिरासत में है। आफरीदी खान ने वर्ष 2022 में कजाकिस्तान से किया था एमबीबीएस आफरीदी खान ने वर्ष 2022 में कजाकिस्तान से एमबीबीएस किया था। भारत लौटने के बाद कई बार एफएमजीई परीक्षा में असफल रहा। इसके बाद उसने अपने सीनियर शुभम गुर्जर के माध्यम से 25 लाख रुपए देकर फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट बनवाया और राजकीय मेडिकल कॉलेज अलवर में इंटर्नशिप पूरी की। पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड था भानाराम माली ADG (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया- एसओजी की जांच में सामने आया है कि इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड भानाराम माली था। वह अपने सहयोगियों शुभम गुर्जर और इंद्रराज गुर्जर के साथ मिलकर फर्जी एफएमजीई सर्टिफिकेट तैयार करवाता था। इसके बाद राजस्थान मेडिकल काउंसिल में पंजीयन कराने की व्यवस्था भी यही गिरोह करता था। इसके लिए प्रत्येक अभ्यर्थी से 20 से 30 लाख रुपए वसूले जाते थे। इस मामले में पहले ही फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर इंटर्नशिप करने वाले 17 डॉक्टर, राजस्थान मेडिकल काउंसिल के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा, यूडीसी अखिलेश माथुर, एलडीसी फरहान हसन, मुख्य आरोपी भानाराम माली और एक दलाल सहित कुल 25 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके थे। अब तीन और डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 28 हो गई है। ---------------- मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… विदेश से MBBS करके आए 3 डॉक्टर गिरफ्तार:तीनों ने 74 लाख रुपए में बनवाए थे फर्जी सर्टिफिकेट; RMC में करवा लिया रजिस्ट्रेशन राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने विदेश (कजाकिस्तान) से MBBS करने वाले तीन डॉक्टर को शनिवार को गिरफ्तार किया। आरोप है कि तीनों डॉक्टर ने कुल 74 लाख रुपए देकर फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट (FMG) का फर्जी सर्टिफिकेट बनवाया। (पूरी खबर पढ़ें…) 5 लाख लेकर फर्जी प्रमाण-पत्र को वेरिफाई करने वाला गिरफ्तार:सरकारी कर्मचारी ने विदेश से MBBS करने वाले स्टूडेंट्स के फर्जी रजिस्ट्रेशन किए विदेश से MBBS करने वालों को नौकरी नहीं मिलेगी:प्राइवेट प्रैक्टिस भी नहीं कर पाएंगे, राजस्थान मेडिकल काउंसिल ने रजिस्ट्रेशन अटकाया
यमुना जल परियोजना को लेकर राजस्थान और हरियाणा के बीच समझौता
नई दिल्ली/जयपुर। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सोमवार को नई दिल्ली में यमुना जल परियोजना को लेकर राजस्थान और हरियाणा के बीच समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए गए। इस पत्र पर केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी […] The post यमुना जल परियोजना को लेकर राजस्थान और हरियाणा के बीच समझौता appeared first on Sabguru News .
हरियाणा के हिसार घग्घर मल्टीपरपज ड्रेन से नोहर फीडर नहर पर ओवरफ्लो पानी की निकासी के लिए चल रहे निर्माण कार्य को लेकर विवाद गहरा गया है। इसका पता चलते ही सोमवार को राजस्थान के नोहर तहसील के लगभग 20 से 25 गांवों के किसान हरियाणा के चौपटा स्थित नहर स्थल पर पहुंचे और धरना शुरू कर दिया। किसानों ने मौके पर दरी बिछाकर प्रदर्शन किया और राजस्थान के नोहर नहरी विभाग के सहायक अभियंता (एसी) संजीव वर्मा तथा अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) मनदीप धालीवाल को अपने बीच बैठाकर उच्च अधिकारियों को बुलाने की मांग की। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक सिरसा से हरियाणा नहरी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर आकर बातचीत नहीं करेंगे, तब तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगे। कुछ देर बाद नोहर नहरी विभाग के एसी संजीव वर्मा पहुंचे। इस दौरान किसानों ने अधिकारियों का घेराव भी किया। सोहन लाल बोले- विभाग ने किसानों के साथ धोखा किया पूर्व प्रधान सोहन लाल ढील ने आरोप लगाया कि हरियाणा के नहरी विभाग ने किसानों के साथ धोखा किया है। उन्होंने बताया कि किसानों द्वारा पहले निर्माण कार्य रुकवा दिया गया था, इसके बावजूद इसे दोबारा शुरू कर दिया गया है। ढील ने कहा कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। धरने में प्रधान गुरमैल सिंह जसाना, रामचंद्र न्यौल, महावीर शर्मा, सर्वमित्र, मांगेराम, गोपीराम, मानसिंह और रमेश सहित कई किसान मौजूद रहे। यह विवाद कई देर तक चला। जानें…पूरा विवाद दरअसल, यह नोहर फीडर नहर और हिसार घग्गर ड्रेन की माखोसरानी गांव के पास क्रॉसिंग है। यह ड्रेन बारिश के दिनों में अक्सर ओवरफ्लो रहती है। ऐसे में सिरसा का नहरी विभाग ग्रामीणों की मांग पर ओवरफ्लो का पानी इस नोहर फीडर नहर के जरिए डालने की प्लानिंग कर रहा है। इसका कंट्रक्शन कार्य भी जारी है। इसकी भनक राजस्थान के किसानों को लग गई और यहां आ पहुंचे। राजस्थान के किसान बोले-दूषित पानी पीकर बीमार हो रहे राजस्थान के किसानों का कहना है कि यह नोहर फीडर का पानी हमारे गांव के जलघरों में जाता है। अगर यह बारिश का पानी इस नहर में छोड़ दिया जाएगा तो यह सीधा जलघरों में आएगा। ऐसे में सप्लाई से घर में छोड़ा जाएगा और ये दुषित पानी पीकर सब बीमार हो जाएंगे। इस कारण ये कंट्रक्शन बंद कर पानी का कोई विकल्प तलाश लिया जाएगा। इस नहर में पानी डालने के बजाय घग्गर की चौड़ाई की जाएगाी एसई बोले- हरियाणा ने बिना अनुमति के निर्माण कार्य कराया नोहर नहरी विभाग के एसई संजीव वर्मा ने बताया कि हरियाणा के नहरी विभाग ने उनके विभाग से बिना अनुमति लिए यह निर्माण कार्य कराया है और यह अभी भी जारी है। उन्होंने किसानों की चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जिस क्षेत्र में 14 वाटर वर्क्स के लिए पेयजल का भंडारण होता है। वहां ओवरफ्लो का पानी पहुंचने से पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। एसई ने कहा कि वे किसानों के साथ हैं और उनकी मांग के अनुसार सिरसा के उच्च अधिकारियों से बातचीत कराने का प्रयास किया जा रहा है।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सीआईए नारनौल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को अवैध हथियार और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक युवक हत्या के मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था, जिसकी गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है। पुलिस के अनुसार सीआईए नारनौल की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए राजस्थान के बहरोड़ थाना सदर क्षेत्र के गांव भिंढोर निवासी सचिन को एक अवैध देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ और रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि सचिन थाना नांगल चौधरी में दर्ज हत्या के एक मामले में काफी समय से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी से पुलिस को लंबित मामले की जांच में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। इसी अभियान के दौरान पुलिस ने अटेली थाना क्षेत्र के गांव गुजरवास निवासी रवि को भी एक अवैध देशी कट्टा और दो जिंदा कारतूस सहित गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना नांगल चौधरी में शस्त्र अधिनियम के तहत अलग-अलग मामले दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से बरामद हथियारों के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि हथियार कहां से लाए गए थे और उनका इस्तेमाल किसी अन्य आपराधिक घटना में तो नहीं हुआ। इसके अलावा दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार जिले में अपराधियों और अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने आमजन से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास अवैध हथियार होने या किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
हरियाणा और राजस्थान के बीच ऐतिहासिक समझौता, प्यासी मरुधरा को मिलेगी यमुना की धार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, सहकारी संघवाद की भावना तथा केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के सतत मार्गदर्शन और समन्वयकारी प्रयासों से राजस्थान की बहुप्रतीक्षित यमुना जल परियोजना को ऐतिहासिक सफलता मिली।
मंडी-सुंदरनगर फोरलेन पर STF की कार्रवाई:कार से 1.055 किलो चरस बरामद, राजस्थान के चार युवक गिरफ्तार
स्पेशल टास्क फोर्स (STF) कुल्लू की टीम ने मंडी-सुंदरनगर फोरलेन पर तरोट के पास नाकाबंदी के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.055 किलोग्राम चरस बरामद की है। इस मामले में राजस्थान के चार युवकों को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार, STF कुल्लू की टीम नियमित वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान मंडी की ओर से आ रही एक कार को शक के आधार पर रोका गया। तलाशी लेने पर कार की डिक्की में बिछे मैट के नीचे छिपाकर रखे गए पांच पैकेट मिले, जिनमें कुल 1.055 किलोग्राम चरस पाई गई। पुलिस ने मौके पर ही कार में सवार चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान राजस्थान के झुंझुनू जिले के आशीष कुमार, वीरेंद्र कुमार, जैकी और प्रमोद के रूप में हुई है। सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज चारों आरोपियों के खिलाफ धनोटू पुलिस थाना में मादक पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) की धारा 20, 25 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि बरामद चरस कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था। साथ ही, आरोपियों के संभावित नेटवर्क और अन्य लोगों की संलिप्तता की भी पड़ताल की जा रही है। इस कार्रवाई को STF कुल्लू की टीम के एएसआई भानु प्रताप, आरक्षी शाहिद अली, मोमिन खान और शंकर सिद्धार्थ ने अंजाम दिया। STF कुल्लू के डीएसपी हेमराज ने बताया कि मामले की आगे की जांच धनोटू पुलिस कर रही है और उम्मीद है कि जांच के दौरान इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य अहम सुराग भी सामने आ सकते हैं।
यशवीर को रजत, उमा-राहुल-पर्रु को कांस्य; राजस्थान का अच्छा प्रदर्शन
जयपुर | ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित कलिंगा स्टेडियम में आयोजित 65वीं नेशनल इंटर स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में राजस्थान के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक रजत और तीन कांस्य जीते। पुरुष जैवलिन थ्रो में यशवीर सिंह ने 83.72 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर रजत जीता। वहीं महिला जैवलिन में उमा चौधरी ने 53.06 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य अपने नाम किया। ट्रैक स्पर्धाओं में राहुल बालोदा ने पुरुष 1500 मीटर दौड़ 3 मिनट 40.07 सेकंड में पूरी कर कांस्य अपने नाम किया। वहीं महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज में कुमारी पर्रु ने 10 मिनट 52.28 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। इसी स्पर्धा में राजस्थान की निकिता चौथे स्थान पर रहीं। राजस्थान एथलेटिक्स संघ के सचिव देवनारायण गुर्जर ने सभी पदक विजेता एथलीटों को बधाई दी।
झुंझुनूं में EWS के अधिकारों और उनके उत्थान को लेकर रविवार को एक विचार गोष्ठी आयोजित हुई। कार्यक्रम श्री शार्दूल राजपूत छात्रावास में हुआ। EWS आरक्षण को समय की मांग बताते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं पूर्व RTDC चेयरमैन धर्मेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा- राजस्थान में EWS वर्ग के हित में जो सकारात्मक निर्णय लिए गए हैं, उन्हें एक मॉडल के रूप में पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए। अंतिम छोर तक पहुंचे EWS आरक्षण का लाभ राठौड़ ने कहा- EWS आरक्षण का लाभ अंतिम छोर पर बैठे पात्र परिवार तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए वर्तमान प्रमाण-पत्र जारी करने की जटिल प्रक्रिया को पूरी तरह से सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना होगा। राठौड़ ने आरक्षण व्यवस्था में सुधार और स्थानीय निकायों में भागीदारी की मांग की। अपने अधिकारों के लिए जागरूक रहना होगा जिले की सभी तहसीलों से आए युवाओं, विद्यार्थियों ने इसमें सक्रिय भागीदारी निभाई। वक्ताओं ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा- जब तक समाज अपने अधिकारों के लिए जागरूक नहीं होगा, तब तक प्रशासनिक बदलाव लाना कठिन है। यह आयोजन EWS सरलीकरण की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में नीति निर्धारण में इस वर्ग की आवाज को और अधिक मजबूती मिलेगी। एक मंच पर दिखे संगठनों के प्रतिनिधि गोष्ठी में सर्वसम्मति से मांग उठी कि जिस प्रकार सामान्य सीटों पर आरक्षण का लाभ मिलता है, उसी तर्ज पर पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों में भी EWS वर्ग को आरक्षण का लाभ दिया जाए। राजस्थान सरकार द्वारा दी गई आयु-छूट और अन्य रियायतों के प्रावधानों को केंद्र सरकार के समक्ष रखकर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए दबाव बनाया जाएगा। EWS का मुद्दा समाज के हर वर्ग के लिए महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के लोगों का जमावड़ा रहा। ये रहे मौजूद कांग्रेस के राज्य प्रवक्ता यशवर्धन सिंह शेखावत, विप्र फाउंडेशन के जिला संयोजक उमाशंकर महमिया और जिलाध्यक्ष कमलकांत शर्मा, वैश्य समाज से बजरंग अग्रवाल, कायमखानी समाज के प्रदेश संयोजक कर्नल शौकत अली खान तथा कायमखानी महासभा के उम्मेद खान, डीसीसी के पूर्व जिलाध्यक्ष खलील बुडाना, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष जगदीश खाजपुरिया तथा राजेन्द्र शर्मा मौजूद रहे।
ANTF टीम ने रविवार को भीनमाल और रानीवाड़ा के बीच कागमाला टोल पर कार्रवाई की है। इस दौरान 25 हजार रुपए के इनामी तस्कर जालमसिंह को गिरफ्तार किया। ANTF ने इनामी आरोपी के पार्टनर तस्कर ने इनामी वांटेड को एमडी सप्लाई करने और पार्टनरशिप की मीटिंग के लिए महाराष्ट्र से राजस्थान बुलाया था। वह प्राइवेट बस से आ रहा था। एएनटीएफ टीम बालोतरा से जालोर तक प्राइवेट बसों पर नजर रखी हुई थी। ऐसे में मल्लिनाथ ट्रेवल्स बस भीनमाल और रानीवाड़ा के बीच कागमाला टोल पर पहुंची। ऐसे में टीम ने कागमाला टोल पर बस को रुकवाकर तलाशी ली। सभी पैसेंजर को चैक किया गया। लेकिन, जालमसिंह नाम कोई व्यक्ति बस में नहीं मिला। कंडेक्टर से लिस्ट लेकर उसे चेक की लेकिन उसमे भी जालमसिंह का नाम नहीं था। टीम को पुख्ता जानकारी थी। ऐसे में टीम ने बस में सवार सभी पैसेंजर की आईडी चैक की। इस दौरान जब जगदीश से आईडी मांगी तो घबराने लगा, बोला मैं महाराष्ट्र से आया हूं। टीम को आईडी दिखाने से मना कर दिया। तब टीम को शक हुआ तो सख्ताई से पूछताछ की। तो जगदीश ही जालमसिंह निकला। उसके बाद टीम ने उसे दबोच लिया। ANTF टीम ने की प्लानिंग एएनटीएफ टीम को सूचना मिलने पर पुणे और वलसाड जाकर उसके बारे में जानकारी जुटाई कई दिनों तक जालमसिंह की तलाश करती, लेकिन सफलता नहीं मिली। टीम वापस राजस्थान आकर जालमसिंह को पकड़ने की प्लानिंग की। 6 माह पहले फरार हुआ था आईजी विकास कुमार ने बताया- एएनटीएफ टीम ने 6 माह पहले जालोर के भीनमाल में अवैध मादक- तस्करी करते हुए एक युवक को पकड़ा था, युवक से जब एएनटीएफ ने पूछताछ की तो उसने बताया- यह एमडी जालमसिंह को देनी थी। वो मुझसे लेने आने वाला था। उससे पहले ही पुलिस ने मुझे पकड़ लिया। दोस्त को पकड़ने जाने की सूचना मिलने पर जालमसिंह वापस गुजरात चला गया। भीनमाल पुलिस थाने में जालमसिंह का नाम दर्ज है। गुजरात, महाराष्ट्र में काटी फरारी आईजी ने बताया- जालमसिंह इतना शातिर था कि मामले की खबर लगते ही राजस्थान आने का रास्ता छोड़ दिया। अपने घर आना-जाना बंद कर दिया। आरोपी को पता था कि पुलिस उसे पकड़ने के लिए हिम्मतनगर भी आएगी। इस दौरान जालमसिंह अपना ठिकाना बदलता रहा। कभी वलसाड़, सूरत, मुंबई, थाणे, पुणे में फरारी काटता रहा। इनाम घोषित होते ही छोड़ा राजस्थान आईजी ने बताया- जालमसिंह जब राजस्थान आया हुआ था तो उसे उसके मिलने वाले से पता चला कि उस पर इनाम घोषित है। ऐसे में वह फरारी काटने के लिए राजस्थान छोड़कर गुजरात, महाराष्ट जा निकला। वहीं अपने परिवार वालों से भी संपर्क तोड़ दिए। 200 रुपए प्रति ग्राम की दर पर बेचते है आईजी ने बताया- आरोपी जालमसिंह को उसका दोस्त अवैध मादक पदार्थ एमडी लाकर देता था। जालमसिंह एमडी और उसके सहायक पाउडर मिलाकर उसकी मात्रा बढ़ा देता। गुजरात में हिम्मत नगर और उसके आस-पास सप्लाई करता। इस तरीके से डबल मुनाफा कमाता। एक तरफ कमीशन तो दूसरी तरफ सहायक पाउडर से कमाई करता। दोस्त से 160 रुपए प्रतिग्राम में खरीद कर और आगे 200 रुपए प्रति ग्राम की दर से बेचता था। पार्टनर के सहारे राजस्थान बुलाया आईजी ने बताया- टीम ने राजस्थान में जालमसिंह के साथ तस्करी करने वाले पार्टनर के रूप में काम कर रहे व्यक्ति से कस्टमर बनकर संपर्क कर बड़ी मात्रा में एमडी खेप खरीदने की बात कही। साथ ही राजस्थान में बड़ी मात्रा में एमडी सप्लाई करना चाहते है। टीम ने जालमसिंह के पार्टनर को पार्टनरशिप देने का लालच दिया। तब तस्कर ने अपने पार्टनर जालमसिंह से बात करने को कहा। कुछ दिनों बाद तस्कर ने टीम को बताया कि जालमसिंह से बात हो गई है। प्राइवेट बस से महाराष्ट्र से रवाना होकर आ जाएगा। टीम ने महाराष्ट्र से आने वाली प्राइवेट बस के बारे में जानकारी ली। खुद नहीं रखता मोबाइल आईजी ने बताया- आरोपी इतना शातिर था कि फरारी काटने के समय मोबाइल का भी उपयोग नहीं करता था। फरारी के दौरान जहां भी वह जाता लोगों को अपने पास मोबाइल नहीं होने का बताकर घरवालों से बात करने के लिए उनका मोबाइल लेता व काम से ही अपने घर बात करता। थापन गांव में खोली होटल, फिर भागा गुजरात आरोपी जालमसिंह ने करीब 3 माह पहले राजस्थान के बाहर फरारी काटी और छुपते-छुपते घरवालों से मिलने अपने गांव आया। अपने भाई को नया धंधा करवाने के लिए अपने गांव के नजदीक थापन, सिवाना गांव में नवदुर्गा नाम से एक होटल खोली और वहां बड़े भाई लालसिंह को बैठाया। भेष बदलकर आता था आरोपी भेष बदलकर होटल पर आता। कुछ समय रुककर होटल के कामकाज देखकर वापस चला जाता। जालमसिंह अपने परिवार वालों से मिलकर घर पर नहीं रुकता था। रुकने के लिए अपने किसी परिचित के यहां चला जाता। राजस्थान में कारोबार फैलाना था आरोपी जालमसिंह इतना शातिर था कि तस्कर पार्टनर की ओर से रखी मीटिंग में आने के लिए हां तो भर दी, लेकिन पकड़ने जाने का डर भी सताता था। प्राइवेट बस का टिकट जगदीश के नाम से करवाता था। राजस्थान में आने का पता नहीं चलता और काम पूरा कर महाराष्ट्र लौट सकें। 16 साल तक चला ईमानदार की राह पर आईजी विकास कुमार ने बताया- जालमसिंह पढ़ा लिखा नहीं था। मजदूरी करने के लिए हिमंत नगर, गुजरात चला गया। वहां पर 16 साल तक बारदाने की मजदूरी का काम ईमानदारी से किया। वहां पर एक व्यक्ति से दोस्ती हुई। दोस्त पैसे कमाने की स्कीम बताई साथ मिलकर अवैध मादक-पदार्थ की तस्करी का धंधा शुरू किया।
मोगा जिले के अंतर्गत आते थाना बधनी कलां के अधीन एक गांव में खेत के विवाद को लेकर हुई फायरिंग में एक युवक की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया है। जामुन का पेड़ काटने से रोकने पर शुरू हुआ मामूली विवाद इस कदर बढ़ा कि हमलावरों ने शिकायतकर्ता की ही लाइसेंसी राइफल छीनकर उसके युवा बेटे की जान ले ली। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस मामले के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को दी शिकायत में कुन्नर बस्ती (बुट्टर कलां) के निवासी जगरूप सिंह पुत्र दलजीत सिंह ने बताया कि वह और उनके चाचा सतनाम सिंह मिलकर गांव के ही नच्छत्तर सिंह की जमीन ठेके (लीज) पर लेकर खेती करते हैं। उनके पड़ोसी खेत में कुछ लोग धान (जीरी) लगाने के लिए आए हुए थे। इस दौरान वे लोग खेत के पास लगे जामुन के पेड़ को काटने लगे। चाचा से हुई मारपीट की सूचना पर राइफल लेकर पहुंचे जब चाचा सतनाम सिंह ने उन्हें हरे-भरे पेड़ काटने से मना किया, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। सतनाम सिंह ने किसी तरह वहां से भागकर घर आए और पूरी आपबीती जगरूप सिंह को बताई। चाचा के साथ हुई मारपीट की खबर सुनकर जगरूप सिंह अपनी सुरक्षा के लिए अपनी लाइसेंसी 12 बोर की राइफल लेकर तुरंत खेत की ओर भागे। उनके साथ उनका बेटा हरसदीप सिंह भी था। खेत पर पहुंचते ही आरोपियों ने तैश में आकर जगरूप सिंह पर हमला कर दिया और उनके हाथ से उनकी लाइसेंसी राइफल छीन ली। राइफल छीनने के बाद आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से सीधे जगरूप सिंह के बेटे हरसदीप सिंह पर फायर झोंक दिया। गोली सीधे हरसदीप के पेट में जा लगी, जिससे वह खून से लथपथ होकर वहीं गिर गया। अस्पताल में तोड़ा दम; राजस्थान के दो आरोपी गिरफ्तार गंभीर रूप से घायल हरसदीप सिंह को परिजन और ग्रामीण तुरंत इलाज के लिए मोगा के मेडिसिटी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन घाव गहरा होने के कारण उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। बेटे की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। थाना बधनी कलां के एएसआई (ASI) गुरचरण सिंह ने बताया कि वारदात को अंजाम देकर भाग रहे दो आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान जोरा सिंह पुत्र सतनाम सिंह, दारा सिंह पुत्र सतनाम सिंह (दोनों निवासी: 11-ए, जिला गंगानगर, राजस्थान) के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या सहित विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की अगली कड़ियों को जोड़ने और हथियार बरामदगी के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।
पलवल जिले में एंटी नारकोटिक्स सेल ने कार्रवाई करते हुए 2 अंतरराज्यीय नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक केंटर में छिपाकर लाया गया 201.75 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ है, जिसकी कीमत लगभग 60 लाख रुपए आंकी गई है। तस्कर यह गांजा ओडिशा से लेकर आ रहे थे। पुलिस को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर नेशनल हाईवे पर होडल के पास नाकाबंदी की गई थी। इसी दौरान गांजे से भरा केंटर पकड़ा गया। तस्करों ने गांजे को कांच की बोतलों के नीचे छिपा रखा था। इस संबंध में होडल थाना पुलिस में मामला दर्ज कर लिया गया है। एंटी नारकोटिक्स सेल के प्रभारी विश्व गौरव ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि रात के समय सेल की टीम पीएसआई आलोक कुमार के नेतृत्व में हसनपुर चौक, होडल में गश्त कर रही थी। तभी उन्हें गुप्त सूचना मिली कि अलवर (राजस्थान) निवासी पवन नावरिया और लियाकत एक टाटा केंटर में भारी मात्रा में गांजा छिपाकर ओडिशा से ला रहे हैं। गांजे से भरे 18 कट्टे केंटर में छिपा रखे थे सूचना में बताया गया था कि यह गाड़ी मथुरा के रास्ते होडल और मेवात होते हुए अलवर की तरफ जाएगी। इंस्पेक्टर विश्व गौरव ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नेशनल हाईवे-19 पर कोसी की तरफ से आने वाले वाहनों की जांच शुरू कर दी। कुछ देर बाद कोसीकलां (यूपी) की तरफ से वह केंटर आता दिखाई दिया। पुलिस टीम ने सरकारी वाहनों की मदद से केंटर को सड़क किनारे घेर लिया। चालक सीट और उसके बगल में बैठे दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान अलवर (राजस्थान) निवासी पवन कुमार और लियाकत के रूप में बताई। केंटर की तलाशी लेने पर उसके भीतर छिपाकर रखे गए कुल 18 प्लास्टिक के बड़े कट्टे बरामद हुए। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन करने पर इन कट्टों में कुल 201.75 किलोग्राम गांजा भरा हुआ पाया गया। आरोपी बिना किसी वैध परमिट या लाइसेंस के इतनी बड़ी खेप की तस्करी कर रहे थे। कोर्ट में पेश करके 7 दिनों का रिमांड लिया एंटी नारकोटिक्स सेल प्रभारी विश्व गौरव ने बताया कि पुलिस टीम ने बरामद गांजे की खेप, केंटर गाड़ी और उसमें लोड कांच की शिशियों को सबूत के तौर पर कब्जे में लेकर होडल थाने में आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। ड्रग रैकेट की जड़ों को उखाड़ने, नेटवर्क के मास्टर माइंड्स तक पहुंचने और गहन पूछताछ के लिए आरोपियों को अदालत में पेश कर 7 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। एसपी नीतीश अग्रवाल कहा कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ जिला पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। नशा तस्करी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
मॉडलिंग की दुनिया में केवल खूबसूरती ही नहीं, बल्कि कैमरे के सामने खुद को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करना भी एक कला है। चेहरे के भाव, आंखों की अभिव्यक्ति, बॉडी लैंग्वेज, सही एंगल, आकर्षक पोज और कैमरे से जुड़ाव ही किसी मॉडल को फोटोजेनिक बनाता है। इसी कला की परख के लिए मिस राजस्थान 2026 के अंतर्गत मिस फोटोजेनिक राउंड का आयोजन सीकर रोड स्थित आर. चंद्रा पैलेस में किया गया, जहां टॉप फाइनलिस्ट ने अपने स्टाइल, आत्मविश्वास और कैमरा प्रेजेंस से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। फ्यूजन ग्रुप और रूवी डिजिटल के सहयोग से आयोजित इस विशेष फोटोशूट में प्रतिभागियों ने कैमरे के सामने प्रोफेशनल मॉडल्स की तरह अलग-अलग पोज दिए। किसी ने स्माइल के जरिए अपनी सहजता दिखाई, तो किसी ने आंखों के एक्सप्रेशन और कॉन्फिडेंस से तस्वीरों में अलग पहचान बनाई। फोटोशूट के दौरान प्रतिभागियों को यह भी सिखाया गया कि कैमरे के सामने कैसे खड़ा होना है, चेहरे के भाव किस तरह बदलने हैं, हाथों और शरीर की मुद्रा कैसे रखनी है और किस तरह हर क्लिक में अपनी पर्सनैलिटी को उभारना है। फोटोजनिक सेशन की तस्वीरें देखिए… प्रसिद्ध फैशन फोटोग्राफर वासु जैन ने प्रतिभागियों का फोटोशूट किया। उन्होंने अलग-अलग लाइटिंग, कैमरा एंगल और फ्रेमिंग के जरिए प्रत्येक प्रतिभागी की सबसे बेहतरीन तस्वीरें कैद कीं। उन्होंने प्रतिभागियों को बताया कि एक सफल मॉडल के लिए कैमरे से जुड़ाव, नेचुरल एक्सप्रेशन और हर फ्रेम में आत्मविश्वास बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण होता है। सही एंगल, चेहरे का प्रोफाइल और आंखों का संपर्क ही एक सामान्य तस्वीर को शानदार फैशन पोर्ट्रेट में बदल देता है। फोटोशूट को और आकर्षक बनाने के लिए मैजेस्टिक मेकओवर्स की मेकअप एक्सपर्ट मधु यादव ने सभी प्रतिभागियों को स्टाइलिश कॉकटेल लुक दिया। मेकअप, हेयर स्टाइल और आउटफिट्स के संयोजन ने फोटोशूट को पूरी तरह फैशन मैगजीन जैसा प्रोफेशनल लुक प्रदान किया। आयोजक योगेश मिश्रा और निमिषा मिश्रा ने बताया कि मिस फोटोजेनिक राउंड केवल सुंदर तस्वीरें लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य यह जानना होता है कि कोई प्रतिभागी कैमरे के सामने कितनी सहज है, उसका आत्मविश्वास कितना मजबूत है, वह अपने एक्सप्रेशन और बॉडी लैंग्वेज के जरिए अपनी पर्सनैलिटी को कितनी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर सकती है। यही गुण आगे चलकर फैशन, विज्ञापन और मनोरंजन जगत में सफलता की पहचान बनते हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुकेश सैनी ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि मॉडलिंग केवल रैंप वॉक तक सीमित नहीं है, बल्कि कैमरे के सामने हर तस्वीर में अपनी अलग पहचान बनाना भी उतना ही जरूरी है। इसी अवसर पर मिस राजस्थान 2026 के फिनाले वीक की भी आधिकारिक घोषणा की गई। आयोजकों के अनुसार 28 जून से 2 जुलाई तक होटल हैवा हेवन रिजॉर्ट और 2 जुलाई से 4 जुलाई तक होटल पार्क ओशन में प्रतिभागियों के लिए ग्रूमिंग, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, फिटनेस, रैंप वॉक, कैमरा फेसिंग, फैशन स्टाइलिंग और विभिन्न प्री-फिनाले गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इन सत्रों में विशेषज्ञ प्रतिभागियों को ग्रैंड फिनाले के लिए तैयार करेंगे।
झालावाड़ के राजकीय विधि कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विधि प्रथम वर्ष (एलएल.बी.) में प्रवेश प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो जाएगी। यह प्रक्रिया बार काउंसिल ऑफ इंडिया, नई दिल्ली के निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है। कॉलेज की प्रवेश प्रभारी सहायक आचार्य डॉ. ममता चावला ने बताया कि प्रथम वर्ष की 60 सीटों पर प्रवेश के लिए ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया 29 जून से 8 जुलाई तक संचालित की जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित आवेदन पत्र को आवश्यक दस्तावेजों सहित 8 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच कॉलेज कार्यालय में जमा कर सकते हैं। प्रवेश से संबंधित दिशा-निर्देश और अन्य आवश्यक जानकारी कॉलेज के नोटिस बोर्ड पर उपलब्ध करा दी गई है। अभ्यर्थी सामान्य प्रवेश आवेदन पत्र https://dceapp.rajasthan.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं। कॉलेज प्रशासन ने पात्र एवं इच्छुक छात्रों से निर्धारित समयावधि में आवेदन करने का आग्रह किया है।
भिवानी के एक गांव में रह रही राजस्थान की महिला संदिग्ध हालात में लापता हो गई। जिसकी शिकायत पुलिस को दी गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। महिला अपने पति के साथ राजस्थान से यहां भिवानी के एक गांव में आकर रह रही थी। राजस्थान के एक गांव निवासी व्यक्ति ने भिवानी जिले के बहल थाना में शिकायत दी। शिकायत में बताया कि वह भिवानी जिले के एक गांव में काम करता है। इसलिए वह परिवार के साथ यहां पर गांव में ही रहता है। उसकी पत्नी की उम्र करीब 31 वर्ष है। जो बिना बताए घर से चली गई। जिसके बाद अपने स्तर पर पता करने का प्रयास किया, लेकिन कहीं पर कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस को दी शिकायत में उसने पड़ोस के गांव के ही एक व्यक्ति पर शक जताया। आरोपों में कहा कि उसकी पत्नी पड़ोसी गांव के एक व्यक्ति के साथ चली गई है। इधर, मामले की शिकायत पुलिस को देकर तलाश करने की गुहार लगाई। वहीं पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। वहीं महिला की तलाश भी की जा रही है।
जयपुर के वाटिका इलाके से गिरफ्तार हुई 36 वर्षीय बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बबीता कोई साधारण संदिग्ध नहीं। वह अंतरराष्ट्रीय मास्टरमाइंड आतंकियों के सीधे संपर्क में थी। उसके जब्त मोबाइल से मिले सुरागों ने राजस्थान एटीएस (ATS) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के भी होश उड़ा दिए हैं। कंधार विमान अपहरण कांड (IC-814) की साजिश रचने वाला यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी और साल 2016 में जम्मू-कश्मीर के नागरोटा में सेना के कैंप पर हमला करने का मास्टरमाइंड कारी जरार, दोनों सीधे बबीता से चैटिंग करते थे। राजस्थान में यह पहली बार है जब किसी पाकिस्तानी आतंकी संगठन ने किसी महिला को जाल में फंसाकर 'लेडी स्लीपर सेल' तैयार करने की खतरनाक साजिश रची थी। इसके लिए बाकायदा ट्रेनिंग भी दी जा रही थी। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए आतंकी संगठनों के क्या मंसूबे थे और बबीता से पूछताछ में कौन से बड़े खुलासे हुए... 'दुनिया धोखेबाज' नाम से फेसबुक आईडी, 370 फ्रेंड्स में अधिकतर पाकिस्तानीबबीता के घर से जब्त मोबाइल में दो सिम मिली हैं। वह फेसबुक पर duniya dhokhebaaz (दुनिया धोखेबाज) नाम से अकाउंट चला रही थी। गिरफ्तारी से पहले उसने काफी डेटा डिलीट कर दिया था, लेकिन शुरुआती जांच में जो मिला वह डराने वाला है। कुल 370 लोगों की फ्रेंड लिस्ट में से ज्यादातर अकाउंट्स पाकिस्तान और विदेशों से ऑपरेट हो रहे हैं। इनमें से 3 अकाउंट्स की पहचान सीधे तौर पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सक्रिय आतंकियों के रूप में हुई है। राजस्थान एटीएस ने बबीता के संपर्क में आए करीब 100 संदिग्धों का रिकॉर्ड निकालकर उसे NIA के डेटा से मैच कराना शुरू कर दिया है। अबतक 3 अकाउंट ऐसे मिले हैं, जो जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े आतंकी हैं। ये देश में कई आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे चुके हैं। अब सिलसिलेवार पढ़ते हैं कौन हैं वो आतंकी.... 1. कारी जरार : सेना के कैंप पर हमले का मास्टरमाइंड कारी जरार का नाम नवंबर 2016 के नागरोटा (जम्मू) सेना शिविर पर हुए आतंकी हमले की साजिश रचने के मास्टरमाइंड के तौर पर सामने आया था। 29 नवंबर 2016 को 166 आर्टिलरी यूनिट, नागरोटा, जम्मू में तीन आतंकवादी सेना की वर्दी पहनकर शिविर में घुसे और फायरिंग शुरू कर दी थी। इस दौरान 7 जवान शहीद हो गए थे। सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में तीनों हमलावरों को मार गिराया गया था। ये आतंकी जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े थे। इन्हें हथियार सप्लाई करने से लेकर भारत भेजने का काम कारी जरार ने किया था। कारी कथित तौर पर जैश-ए-मोहम्मद का सीनियर कमांडर है, जो भोले-भाले लोगों को अपनी बातों में फंसा कर आतंकी बनाने में माहिर है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह पाकिस्तान से आतंकियों की घुसपैठ, प्रशिक्षण और हमलों की योजना बनाने में शामिल रहा है। राजस्थान ATS ने बताया कि बबीता इसी आतंकी कारी जरार के संपर्क में थी। कारी जरार ही उसे ट्रेनिंग दे रहा था। बबीता के मोबाइल की कॉन्टैक्ट लिस्ट में कुछ नंबर मिले हैं। विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि जैश का कमांडर कारी जरार भी इनमें से एक नंबर का इस्तेमाल करता है। उन नंबरों की NIA के जरिए जांच कराई जा रही है। 2. यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी : कंधार विमान हाईजैक का मास्टरमाइंड यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी का नाम भारत के सबसे चर्चित इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 अपहरण कांड (कंधार विमान अपहरण कांड) में सामने आया था। भारतीय जांच एजेंसियों के अनुसार वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के संस्थापक मौलाना मसूद अजहर का रिश्तेदार (साला) है। 24 दिसंबर 1999 को इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 नेपाल के काठमांडू से दिल्ली आ रही थी। उड़ान के दौरान 5 हथियारबंद आतंकवादियों ने विमान का अपहरण कर लिया था। विमान को अफगानिस्तान के कंधार ले जाया गया। करीब सात दिनों तक 176 यात्रियों और चालक दल को बंधक बनाकर रखा गया था। यात्रियों को छुड़ाने के बदले भारत सरकार को तीन आतंकियों मौलाना मसूद अजहर, अहमद उमर सईद शेख और मुश्ताक अहमद जरगर को रिहा करना पड़ा था। भारतीय जांच एजेंसियों के अनुसार, यूसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी IC-814 अपहरण साजिश में शामिल आरोपियों में से एक है। लंबे समय से वांछित है। बबीता ने मोबाइल की कॉन्टैक्ट लिस्ट में आतंकी का नाम ऊर्दू में ओसामा गोरी के नाम से सेव करके रखा था। राजस्थान ATS की मानें तो उनकी पड़ताल में यह नंबर कंधार विमान हाईजैक का मास्टरमाइंड यूसुफ अजहर इस्तेमाल करता था। 3. अबू उबैदाह : जैश का कमांडर, जिससे शादी करना चाहती थी बबीता अबू उबैदाह जैश-ए-मोहम्मद का कमांडर व प्रवक्ता बताया जा रहा है। राजस्थान एटीएस को पूछताछ में बबीता ने बताया कि वह सोशल मीडिया के जरिए ही अबू उबैदाह के कॉन्टैक्ट में आई थी। उसी के कहने पर उसने इस्लाम धर्म अपनाया था। उससे वह शादी करना चाहती थी। इसके लिए पाकिस्तान तक जाने को तैयार थी। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों के रिकॉर्ड में अबू उबैदाह का नाम भारत में किसी आतंकी हमले या साजिश में अब तक सामने नहीं आया है। उसे राजस्थान में लेडी स्लीपर सेल एक्टिवेट करने का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। एटीएस एसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि जांच में यह बात सामने आई है कि बबीता 2 साल से पाक आतंकियों से बात कर रही थी। उसके फेसबुक पेज की जांच में ही ये चौंकाने वाले नाम सामने आए हैं। इनमें कारी जरार और यूसुफ अजहर प्रमुख नाम हैं। इनकी जांच हमारी साइबर टीम से भी कराई जा रही है। अन्य 100 से ज्यादा प्रोफाइलों पर भी काम किया जा रहा है। राजस्थान में लेडी स्लीपर सेल बनाना था टारगेट अब तक की जांच में सबसे चौंकाने वाली बात ये सामने आई है कि पाकिस्तान से संचालित जैश-ए-मोहम्मद लेडी स्लीपर सेल तैयार करने में जुटा था। उसका सबसे पहला जरिया जयपुर की बबीता धाकड़ बनी। ब्रेनवॉश के लिए आतंकी संगठन जैश अपने सबसे ट्रेंड कमांडरों की मदद ले रहा है। इसमें कई महिला कमांडरों को भी लगाया गया है। ये कमांडर कमजोर और परेशान महिलाओं को टारगेट करते हैं। फिर उनका ब्रेनवॉश कर संगठन में जोड़ते हैं। बबीता उनमें से एक है। आशंका है कि बबीता का इस्तेमाल भविष्य में किसी बड़े हमले में किया जा सकता था। एटीएस भी मान रही है कि राजस्थान का यह पहला मामला है, जब किसी हिंदू महिला को ऑनलाइन कलमा पढ़ाकर मुस्लिम बनाया गया और उसे स्लीपर सेल के लिए तैयार किया हो। क्या बबीता के साथ कई और महिलाएं भी टारगेट पर थी? इस सवाल के जवाब में एटीएस के एसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि मामला इतना संवेदनशील है कि हमने तत्काल बबीता का मोबाइल एफएसएल के पास भेज दिया था। हमें जानकारी है कि मोबाइल का अधिकांश डेटा डिलीट किया हुआ है। एफएसएल अगर डिलीट डेटा रिकवर करने में सफल होती है तो हमें उम्मीद है कि देश में बबीता जैसी कई और स्लीपर सेल तक हम पहुंच सकेंगे। मोबाइल से और क्या-क्या राज पता चले? बबीता के फेसबुक मैसेंजर का डेटा रिकवर करने के बाद राजस्थान ATS ने तत्काल एनआईए की मदद ली। जांच में सामने आया कि फेसबुक मैसेंजर में बबीता तीन से चैट करती थी। इसमें एक उजमा जान (uzma jaan) नाम का अकाउंट था, एक कुरान लेट (kuran let) और तीसरा अबू सुलेमान (abu suleman) पाया गया है। बबीता मोबाइल में दो वॉट्सएप चला रही थी। एक बिजनेस वॉट्सएप भी चला रही थी। बिजनेस वॉट्सएप में चार पाकिस्तानी नंबरों के मिस कॉल मिले थे। एक नंबर शाहीन अफरीदी के नाम से सेव था। एक नंबर अफगानिस्तान से ऑपरेट हो रहा था, जो हंटर 313 (hunter 313) के नाम से सेव था। इन नंबरों पर hi-hello जैसी सामान्य चैटिंग के साथ-साथ कई देश विरोधी वीडियो के आदान-प्रदान की पुष्टि हुई है। 2018 में तलाक के बाद पिता के घर रह रही थी बबीता धाकड़ जयपुर के बालाजी विहार, वाटिका जयपुर में अपने पिता और भाई के साथ रह रही थी। बबीता की शादी हिंडौनसिटी (करौली) में हुई थी। पति से अनबन के चलते तलाक का केस चल रहा है। वर्ष 2018 से गंगापुरसिटी की एसीजेएम कोर्ट में भरण-पोषण (मेंटेनेंस) तथा जेएम प्रथम न्यायालय में धारा 498-ए के तहत दहेज प्रताड़ना का मामला विचाराधीन है। परिवार मूल रूप से करौली जिले की नादौती तहसील के बामोरी गांव का रहने वाला है। 19 जून को बबीता को उसके घर से गिरफ्तार किया गया था। 20 जून को कोर्ट में पेश कर 7 दिन के रिमांड पर लिया गया था। 27 जून को रिमांड खत्म होने पर फिर से कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने बबीता धाकड़ को ज्यूडिशियल कस्टडी में रखने के आदेश दिए हैं। ------ ये खबरें भी पढ़िए… 1- जयपुर से जैश-ए-मोहम्मद की महिला आतंकी गिरफ्तार, स्लीपर सेल के तौर पर एक्टिव थी जयपुर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की स्लीपर सेल महिला को राजस्थान एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने पकड़ा है। उसे जयपुर में वाटिका क्षेत्र से हिरासत में लिया गया। पढ़ें पूरी खबर... 2- महिला आतंकी के पिता बोले-ऐसी बेटी की जरूरत नहीं, बबीता इंटरनेट पर आत्मघाती हमले की जानकारी करती थी सर्च जयपुर से गिरफ्तार जैश-ए-मोहम्मद की कथित महिला स्लीपर सेल बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा के पिता बोले- ऐसी बेटी को नरक में भी जगह नहीं मिले। मेरे लिए देश पहले है। मुझे अंदाजा भी नहीं था कि मेरी बेटी देश विरोधी गतिविधि से जुड़ी हो सकती है। ऐसा करने वाली बेटी की मुझे जरूरत नहीं है। पढ़ें पूरी खबर...
जोधपुर हाईकोर्ट बच्चों द्वारा मोबाइल फोन के उपयोग और इसके दुष्प्रभावों को लेकर चिंता जता चुका है। ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और चीन जैसे देश बच्चों के स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के उपयोग पर सख्त नियम लागू कर रहे हैं। ऐसे समय में राजस्थान में 3 से 14 वर्ष आयु वर्ग के 1.44 करोड़ बच्चों में से 12.43 लाख (8.6%) एक्टिव सिम वाले मोबाइल का उपयोग करते हैं। इनमें से 1.11 लाख के पास तो खुद का मोबाइल फोन हैं, जबकि 11.07 लाख परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं। प्रदेश के 1.03 करोड़ बच्चे मोबाइल फोन के अलावा टैबलेट, लैपटॉप या अन्य डिजिटल माध्यमों से इंटरनेट तक पहुंच रहे हैं। इनमें से करीब 93.3 लाख बच्चे नियमित रूप से रोजाना 5-6 घंटे इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें डिजिटल साक्षर केवल 10% ही हैं। चिंताजनक है कि राज्य में 35.1% यूजर मनोरंजन के लिए इंटरनेट चलाते हैं, जबकि महज 9.9% लोग सूचना के लिए नेट इस्तेमाल करते हैं। दिसंबर में जारी व्यापक वार्षिक मॉड्यूलर सर्वे (CAMS) 2022-23 के अनुसार राज्य के 92.3% घरों तक मोबाइल पहुंच चुका है। 70% आबादी इंटरनेट का उपयोग करती है। 96% से अधिक 4जी और 5जी नेटवर्क की पहुंच में हैं। लेकिन डिजिटल साक्षर 25.2% है। ऐसे ही हालात में ऑस्ट्रेलिया ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पहुंच सीमित करने वाला कानून पारित किया है। फ्रांस में बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर अभिभावकीय सहमति जरूरी है। चीन ने बच्चों और किशोरों के स्क्रीन टाइम तथा गेमिंग का समय तय किया है। लेकिन भारत के अधिकांश राज्यों ने बच्चों के स्मार्टफोन उपयोग पर कानूनी प्रतिबंध या पाबंदियां लागू नहीं की हैं। भास्कर एनालिसिस - 96 फीसदी आबादी तक 4जी-5जी, प्रदेश में डिजिटल साक्षरता 25% ही है राजस्थान में इंटरनेट इंटरनेट का उपयोग किसलिए? कम उम्र में मोबाइल का अनियंत्रित उपयोग बच्चों के लिए ठीक नहीं मोबाइल-इंटरनेट जरूरत हैं, लेकिन कम उम्र में अनियंत्रित उपयोग बच्चों की एकाग्रता, सीखने की क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। बच्चों चिड़चिड़ापन और आक्रामकता बढ़ रही है। इसलिए अभिभावकों को निगरानी करनी चाहिए। सरकार का भी मोबाइल-इंटरनेट के उपयोग पर नियंत्रण हो -कोमल पंवार, शिशु मनो विशेषज्ञ और शिक्षाविद्
देश के 6 राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के कई इलाकों में प्री-मानसून बारिश जारी है। हालांकि सात राज्यों में तेज गर्मी हो रही है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में पारा 43C से ज्यादा दर्ज किया गया। मध्य प्रदेश में आंधी और बारिश के बीच शनिवार को बिजली गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 7 लोग झुलस गए। शिवपुरी में तेज हवा से कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। एक ढाबा और मकान ढह गया। कार, बाइक और पेट्रोल पंप को नुकसान पहुंचा। रतलाम में बारिश से सड़कें और अंडरब्रिज जलमग्न हो गए। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में भी बिजली गिरने से एक किसान की मौत हो गई। राजस्थान के 16 जिलों में बारिश हुई। बिहार के बेगूसराय, बांका समेत 6 जिलों में तेज बारिश हो रही है। मुजफ्फरपुर में 1 घंटे की बारिश से कई जगह पानी जमा हो गया है। मानसून ने देश के 22 राज्यों को कवर कर लिया है। 5 जुलाई तक बाकी राज्यों को कवर कर सकता है। यूपी में मानसून 9 दिन लेट है। यह आमतौर पर 20 जून तक आ जाता है लेकिन इस बार 16 दिनों से बिहार बॉर्डर पर रुका हुआ है। यह आज बिहार बॉर्डर से प्रदेश में एंट्री कर सकता है। पहले मैप में देखिए, कहां तक पहुंचा मानसून… देशभर से बारिश की 3 तस्वीरें… 7 राज्यों में गर्मी का असर, पारा 40C पार मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, बिहार और गुजरात के कई शहरों में बुधवार को पारा 40C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा राजस्थान के फलोदी में 43.8C दर्ज किया गया। वहीं यूपी के आगरा और प्रयागराज में 43.2C, हरियाणा के भिवानी में 43C, एमपी के उमरिया में 42C, दिल्ली में 41.9C और गुजरात के राजकोट में 40.9C रहा। यूपी के अलीगढ़ में गर्मी की वजह से 8वीं तक के स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई। अगले 2 दिन के मौसम का हाल 29 जून: 30 जून:
फरीदाबाद के सेक्टर-8 थाने के मालखाने से 32 लाइसेंसी हथियार चोरी होने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि ITI अप्रेंटिस मोनू ने करीब 7 महीने तक एक-एक कर हथियार चुराए। वह चोरी के हथियार अपने मामा के बेटे विपिन के पास राजस्थान के तिजारा भेजता था, जहां से उन्हें नोएडा, हरियाणा के नूंह, पलवल, रेवाड़ी, भिवाड़ी और फरीदाबाद समेत कई इलाकों में बेच दिया गया। पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपी मोनू समेत 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। दावा है कि चोरी हुए सभी 32 लाइसेंसी हथियार बरामद कर लिए गए हैं। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी मोनू फरीदाबाद के करनेरा गांव का रहने वाला है। वह कंप्यूटर डिप्लोमा का छात्र था और साल 2025 में पुलिस विभाग में ITI अप्रेंटिस के तौर पर सेक्टर-8 थाने में कंप्यूटर ऑपरेटर तैनात हुआ था। थाने के CCTV फुटेज की जांच में पता चला कि हथियारों की चोरी अक्टूबर 2025 से शुरू हुई थी। अब जानिए हथियार चोरी का मामला सामने कैसे आया… 9 मई को चोरी का खुलासा हुआपुलिस के अनुसार 9 मई को सेक्टर-8 थाना प्रभारी राजबीर ने मालखाने का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 13 हथियार गायब मिले। सूचना सीनियर अधिकारियों तक पहुंची तो जांच कराई गई। जांच में पता चला कि 13 नहीं, बल्कि कुल 32 लाइसेंसी हथियार मालखाने से गायब हैं। 8 धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरूजांच में यह भी सामने आया कि चोरी हुए हथियारों में कई विदेशी पिस्टल शामिल थीं, जिनकी कीमत करीब 12 लाख रुपए तक है। इसके बाद पुलिस ने आठ धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। CCTV फुटेज खंगालने पर पता चला कि अक्टूबर 2025 से अप्रैल 2026 के बीच चोरी की पूरी वारदात ITI अप्रेंटिस मोनू ने अंजाम दी थी। पुलिस ने 9 मई को ही उसे गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी। राजस्थान पहुंचाए गए हथियार पूछताछ में खुलासा हुआ कि मोनू चोरी किए गए हथियार अपने मामा के बेटे विपिन के पास राजस्थान के तिजारा भेजता था। वहां से विपिन ने हथियार तिजारा निवासी संजय और भिवाड़ी निवासी प्रदीप तक पहुंचाए। पुलिस के मुताबिक संजय के पास 26 और प्रदीप के पास 16 हथियार पहुंचे थे। नोएडा में भी सप्लाई हुए हथियार पुलिस जांच के अनुसार राजस्थान से इन हथियारों की सप्लाई नोएडा, फरीदाबाद, नूंह, पलवल, रेवाड़ी, भिवाड़ी और अन्य इलाकों में की गई। हालांकि इन्हें कितनी कीमत में बेचा गया, इसका खुलासा पुलिस ने नहीं किया है। मालखाना इंचार्ज सस्पेंड, विभागीय जांच जारी पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि मामले में लापरवाही सामने आने पर मालखाना इंचार्ज ESI बिजेंद्र सिंह को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। विभागीय जांच जारी है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।
33 लाख से अधिक एमएसएमई उद्यमों के साथ राजस्थान बना देश का चौथा सबसे बड़ा MSME राज्य
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार उद्योगों और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है और उसकी नीतियों, प्रयासों एवं उद्यमियों के साहस, आत्मविश्वास और कर्मठता के चलते 33 लाख से अधिक एमएसएमई उद्यमों के साथ राजस्थान आज देश का चौथा सबसे […] The post 33 लाख से अधिक एमएसएमई उद्यमों के साथ राजस्थान बना देश का चौथा सबसे बड़ा MSME राज्य appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर में पाकिस्तान से ड्रोन से जरिए आई हेरोइन के मामले में तस्कर ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। ड्रग ले जाने वाला तस्कर पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था। तस्कर के फोन में पाकिस्तान ड्रग हैंडलर के साथ की गई चैट भी मिली है। ये तस्कर अपने जीजा से पाकिस्तान से आई ड्रोन उठवाता था और खुद उसे सप्लाई करने का काम करता था। मामले में पुलिस ने 2 तस्करों और एक तस्कर की पत्नी को गिरफ्तार किया है। वहीं 9 किलो 908 ग्राम हेरोइन पुलिस ने जब्त की है। जिसकी बाजार में कीमत 50 करोड़ रुपए है। देर रात हुई कार्रवाई में आरोपियों ने नाकाबंदी से भागने की कोशिश की थी। इसमें एक पुलिसकर्मी की कार डैमेज हुई और कॉन्स्टेबल के सिर में चोट आई है। एसपी हरीशंकर ने बताया- पंजाब ड्रग्स ले जाने के मामले में धर्मेंद्र सिंह उर्फ बब्बू (32) निवासी लुधियाना, पंजाब और जसविंदर सिंह उर्फ जस्सी (34) निवासी सलेमपुरा, समेजा कोठी, श्रीगंगानगर को गिरफ्तार किया गया है। वहीं जांच में जसविंदर सिंह के घर से भी हेरोइन का पैकेट मिला है, ऐसे में उसकी पत्नी नवजोत कौर को भी गिरफ्तार किया गया है। मामले में पूछताछ जारी है। पुलिसकर्मी की कार को टक्कर मारी एसपी हरीशंकर ने बताया- शुक्रवार देर शाम जैतसर थाना प्रभारी गोविंदराम को सूचना मिली कि पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन से गिराई गई हेरोइन लेकर दो आरोपी जैतसर क्षेत्र से पंजाब की ओर ले जा रहे हैं। सूचना पर 5 की पुली के आगे अनूपगढ़-सूरतगढ़ स्टेट हाइवे 6GB पर नाकाबंदी लगाई गई। कुछ ही देर बाद अनूपगढ़ की ओर से तेज रफ्तार सफेद स्विफ्ट कार आती दिखाई दी। पुलिस टीम ने कार रोकने का इशारा किया, लेकिन ड्राइवर ने गाड़ी मोड़कर भागने की कोशिश की। पास में ही खड़े एक कॉन्स्टेबल के सिर पर चोट लग गई। इस दौरान उसने एक प्राइवेट कार (RJ13CE 1021) को टक्कर मार दी। जिसमें एक सिपाही के सिर पर गहरी चोट आई। जिसके बाद पुलिस ने पीछा कर कार को पकड़ लिया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से 20 पैकेट हेरोइन के अलावा 1.40 लाख रुपए नकद भी बरामद किए हैं। यह नशे की खेप पंजाब में सप्लाई होने के लिए जानी थी। जीजा रिसीव करता था पाकिस्तान से आई ड्रग्स इधर, पुलिस पूछताछ में सामने आया- जसविंदर सिंह के जीजा बलविंदर सिंह ने बॉर्डर से सटे गांव 15 GD (अनूपगढ) श्रीगंगानगर से पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन से गिराई हेरोइन रिसीव की थी। ये कुल 21 पैकेट में थी। इसके बाद बलविंदर सिंह ने 20 पैकेट पंजाब में डिलीवरी करने के लिए जसविंदर को दे दिए जबकि एक पैकेट जसविंदर के घर भेज दिया। जब जसविंदर के गांव सलेमपुरा में समेजा कोठी थाना पुलिस ने दबिश दी तो उसके घर से 1 पैकेट हेरोइन मिली। जिसमें 511 ग्राम हेरोइन थी। मौके से जसविंदर सिंह की पत्नी नवजोत कौर को गिरफ्तार कर लिया गया। पाकिस्तानी नंबरों पर चैटिंग मिली पुलिस इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि आरोपी जसविंदर सिंह पाकिस्तान के बड़े ड्रग्स हैंडलर के संपर्क में है। उसके मोबाइल से कई पाकिस्तानी नंबरों की चैटिंग मिली है, जो बॉर्डर पर से ड्रोन के जरिए हेरोइन गिरते हैं। जसविंदर सिंह ने अपने जीजा को हेरोइन लेने के लिए खेत में भेजा करता था। खरीदने वाले तीन लोग डिटेन पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों से आगे हेरोइन खरीदने वाले 3 अन्य आरोपियों को भी डिटेन किया है। एसपी हरीशंकर ने कहा- सीमा सुरक्षा बल और खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर हम ड्रोन तस्करी पर लगातार नकेल कस रहे हैं। यह बड़ी सफलता है। आगे की जांच चल रही है।।पुलिस इस पूरे गिरोह की अन्य लिंक्स का पता लगाने और पाकिस्तान कनेक्शन की गहराई में छानबीन कर रही है।
India vs Ireland: आयरलैंड के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा (Jai Moondra) ने शुक्रवार (26 जून) को भारत के खिलाफ बेलफास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में खेले गए पहले टी-20 इंटरनेशनल में शानदार गेंदबाजी से इतिहास रच दिया। डेब्यू मैच खेल रहे मूंदड़ा ने अपने कोटे के चार ओवर में 28 रन देकर 2 विकेट चटकाए, उन्होंने संजू सैमसन और शिवम दुबे को अपना शिकार बनाया। मूंदड़ा आयरलैंड के लिए पारी का दूसरा ओवर करने आए और पहली ही गेंद पर सैमसन को अपना शिकार बनाया। वह आय़रलैंड क्रिकेट इतिहास के दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होने टी-20 इंटरनेशनल करियर की पहली गेंद पर विकेट लिया है। इससे पहले मैथ्यू हम्फ्रीज़ ने ही यह कारनामा किया था। इसके अलावा वह दूसरे एशियाई खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने आयरलैंड के लिए टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट खेला है। उनसे पहले सिमी सिंह ने ही यह मुकाम हासिल किया था। बता दें कि मूंदड़ा मूल रूप से भारतीय हैं औऱ उनका जन्म राजस्थान के टोंक में हुआ था। वह क्रिकेट में अपना करियर बनाने के लिए आय़रलैंड शिफ्ट हो गए थे। First international appearance. First delivery. First wicket. Some introduction from Jai Moondra! #BackingGreen | #IREvIND | #FilteSolar pic.twitter.com/nV6IfgWHpZ — Cricket Ireland (@cricketireland) June 26, 2026 मुकाबले की बात करें तो आयरलैंड ने पहले टी-20 में भारत के खिलाफ एतेहासिक जीत दर्ज की। यह पहली बार है जब इंटरनेशनल क्रिकेट में आयरलैंड ने भारत को मात दी है। पहले बल्लेबाजी का न्यौता मिलने के बाद आयरलैंड ने 9 विकेट के नुकसान पर 182 रन बनाए। लोर्कन टकर ने 50 रन औऱ गेरेथ डेलानी ने 49 रन की पारी खेली। भारत के लिए हर्षित राणा ने 3 विकेट, अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल ने 2-2 विकेट, शिवम दुबे ने 1 विकेट लिया। जवाब में भारतीय टीम 18.5 ओवर में 148 रनों पर ऑलआउट हो गई। जिसमें अभिषेक शर्मा ने 20 गेंदों में 50 रन की तूफानी पारी खेली। Also Read: LIVE Cricket Score आयरलैंड के लिए मूंदड़ा के अलावा मैथ्यू होलांड औऱ मैथ्यू हम्फ्रीज़ ने 3-3 विकेट, लियाम मैकार्थी औऱ गेरेथ डेलानी ने 1-1 विकेट हासिल किया।
श्रीनगर (पौड़ी) में शुक्रवार देर रात ओवरटेक को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। स्थानीय युवकों और राजस्थान से आए यात्रियों के बीच हुई मारपीट में तीन स्थानीय युवक घायल हो गए। पुलिस ने राजस्थान से आए 10 यात्रियों को हिरासत में लिया है, जबकि मामले की जांच जारी है। घटना पौड़ी चुंगी क्षेत्र की है। बताया जा रहा है कि ओवरटेक को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो बाद में श्री यंत्र टापू के पास मारपीट में बदल गई। इस दौरान युवक हाथ में डंडे लेकर पत्थर फेंकते हुए भी नजर आए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। घायलों का मेडिकल कराया गया। देर रात बड़ी संख्या में स्थानीय युवक कोतवाली पहुंच गए और कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी की। तस्वीरें देखिए… अब 3 पॉइंट्स में पढ़िए पूरी घटना… तहरीर में क्या लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता चिराग बहुगुणा ने आरोप लगाया है कि पहले कार सवार युवकों ने अपनी गलती स्वीकार कर माफी मांगी, लेकिन कुछ देर बाद अन्य साथियों को बुलाकर दोबारा हमला कर दिया। इस हमले में उनके सिर, हाथ और कमर में चोटें आईं। घटना के बाद कोतवाली में जुटी भीड़ मारपीट की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय युवक श्रीनगर कोतवाली पहुंच गए। देर रात तक वहां नारेबाजी होती रही और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई गई। पुलिस के अनुसार, मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को अलग किया गया और घायलों का मेडिकल कराया गया। मामले में प्राप्त शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर्स का कहना है कि उत्तराखंड की पहचान हमेशा शांत और आस्था की भूमि रही है, जहां वर्षों से स्थानीय लोगों और तीर्थयात्रियों के बीच अपनापन और सद्भाव का रिश्ता रहा है। कुछ लोगों ने लिखा कि हाल के वर्षों में यात्रियों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद की घटनाएं बढ़ती दिख रही हैं, जो चिंता का विषय है। कुछ यूजर्स ने अपील की कि उत्तराखंड आने वाले श्रद्धालुओं का सम्मानपूर्वक स्वागत होना चाहिए और छोटी-छोटी बातों को विवाद का रूप नहीं देना चाहिए, क्योंकि इससे राज्य की छवि प्रभावित होती है। वहीं कुछ प्रतिक्रियाओं में कहा गया कि पहले चारधाम यात्रा में अधिकतर श्रद्धालु और बुजुर्ग आते थे, जबकि अब कुछ लोग इसे पर्यटन और मौज-मस्ती की तरह लेने लगे हैं। कई लोगों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने, संवाद से विवाद सुलझाने और देवभूमि की शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की। ------------------- ये खबर भी पढ़ें : हरियाणा के 8 युवकों ने दिव्यांग को पीटा: देहरादून में सड़क पर लिटाकर मारे घूंसे, भीड़ बढ़ी तो कार से भागे; VIDEO देहरादून में हरियाणा से आए 8 युवकों ने एक दिव्यांग युवक की पिटाई कर दी, जिसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में कुछ लोग एक युवक को सड़क किनारे लिटाकर लात-घूंसे मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
फाजिल्का के अबोहर में शुक्रवार शाम को पुलिस ने फर्जी पुलिस गिरोह का पर्दाफाश कर 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह रुपए दोगुना करने का लालच देकर लोगों को फंसाते थे। इसके बाद तांत्रिक क्रिया करवाते। इसी दौरान फर्जी पुलिस बने गिरोह के सदस्य रेड मारकर तांत्रिक को गिरफ्तार करते और लोगों के पैसे भी जब्त कर लेते थे। इस फर्जी रेड में पीड़ित अपनी शिकायत किसी से कर नहीं पाते थे। इसी का फायदा उठाकर यह गिरोह करीब 7 घटनाओं को अंजाम दे चुका था। अंतिम पीड़ित राजस्थान से आए, जिनसे करीब 6 लाख रुपए ठग जाने के बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत दे दी। थाना नंबर-1 के प्रभारी मनिंदर सिंह ने बताया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों से नकली वर्दी, हथकड़ी, बेल्ट आदि सामान बरामद हुआ है। इस गिरोह में शामिल एक महिला समेत कुल 8 लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भोमा राम, करनैल सिंह, हरप्रीत सिंह और राजवीर सिंह के रूप में हुई है। वहीं, सराभा नगर में रहने वाले सतनाम सिंह की पत्नी निम्मो, मलोट मंडी का निवासी बंटी समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापे मारे जा रहे हैं। ऐसे देते थे वारदात को अंजाम पिछले महीने की वारदात के बाद निशाने पर आए पुलिस के मुताबिक, 17 मई को राजस्थान के लूनकरणसर की रहने वाली महिला सुमन रानी पत्नी प्रेम कुमार अपने पैसे डबल करवाने के लालच में अबोहर आई। गिरोह का नेटवर्क राजस्थान और हरियाणा में भी फैला हुआ है, जो लोगों को फंसाकर अबोहर भेजता है। यह महिला भी लालच में आकर फाजिल्का पहुंची थी। यहां आते ही गिरोह के सदस्यों ने महिला से 93 हजार रुपए ले लिए। महिला ने पूरी रकम ठगों के खाते में डाली। उसे विश्वास दिलाया गया कि उसके पैसे जल्द ही डबल हो जाएंगे। इसके कुछ दिन बाद महिला को फोन पर सूचना दी गई कि तुम्हारे पैसे डबल हो गए हैं। और भी करवाने हैं तो पैसे लेकर आ जाओ। महिला ठगों की बताई जगह अबोहर की दाना मंडी पहुंच गई। वह अपने साथ 5 लाख रुपए कैश लेकर आई थी। दाना मंडी स्थित एक घर में महिला से 5 लाख रुपए सामने रखवा लिए गए। इसी दौरान गिरोह के नकली पुलिस बने सदस्यों ने रेड मारी और सारे सामान के साथ 5 लाख रुपए भी जब्त कर ले गए। इस घटना पर महिला को शक हुआ तो उसने पुलिस को शिकायत दी। 3 राज्यों में फैला था नेटवर्क पुलिस जांच में इस गिरोह की कार्यप्रणाली को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह सिर्फ पंजाब तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार पड़ोसी राज्यों हरियाणा और राजस्थान से भी जुड़े हुए थे। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह ने इन राज्यों में भी ठगी की कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है। फिलहाल, पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ कर रही है, जिससे गिरोह के बाकी सदस्यों की गिरफ्तारी और अन्य मामलों के खुलासे की उम्मीद है।
हरियाणा में चल रहे एक डम्पर के राजस्थान में ट्रैफिक रुल तोड़ने को लेकर चालान कटने का रोचक मामला सामने आया है। जयपुर में आरटीओ की ओर से पिछले एक साल में हरियाणा में चल रहे डम्पर के 45 चालान काटे गए। 10 लाख के चालान बकाया होने के साथ आरसी को सस्पेंड कर दिया गया। शिवदासपुरा थाने में पीड़ित बिजनेसमैन की ओर से FIR दर्ज करवाई गई है। पुलिस ने बताया- हरियाणा के चरखी दादरी निवासी बिजनेसमैन सुशील कुमार (52) ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। उनका डम्पर (HR84 - 3083) है, जो शिव स्टोर क्रेशर अटेला केला चरखी दादरी हरियाणा में रजिस्टर्ड है। पिछले करीब एक साल से उनके डम्पर के चालान जयपुर के शिवदासपुरा क्षेत्र में कट रहे हैं। उनके जिस डम्पर के चालान काटे जा रहे हैं, वे हरियाणा से बाहर चलता ही नहीं है। शक है कि हमारे डम्पर की रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट (HR84 - 3083) का मिस यूज किया जा रहा है। जयपुर में किसी वाहन पर नंबर प्लेट का यूज किया जा रहा है। इस कारण अभी तक करीब 10 लाख रुपए के चालान जयपुर आरटीओ की ओर से काटे गए हैं। चालानों की वजह से राजस्थान आरटीओ की ओर से डम्पर की आरसी को सस्पेंड कर रखा है। आरटीओ ने काट दिए 45 चालान पीड़ित बिजनेसमैन सुशील कुमार ने बताया- शिव स्टोर क्रेशर के नाम से उनका 12 पहियों का डम्पर रजिस्टर्ड है। ये डम्पर अटेला से झोजू और झोजू से अटेला चलता है। हरियाणा के दादरी में ही हमारा डम्पर सिर्फ 15-20 किलोमीटर दूरी में ही चलता है। इससे बाहर इस डम्पर का यूज कहीं नहीं होता है। इसके बाद भी जयपुर के शिवदासपुरा में पिछले एक साल में 45 चालान आरटीओ की ओर से काटे गए हैं। चालान वसूली की रकम करीब 10 लाख रुपए है। राजस्थान आरटीओ ने सस्पेंड की आरसी 2 मार्च-2025 को हमारा डम्पर (HR84 - 3083) हरियाणा के दादरी में था। उसके बाद भी जयपुर के शिवदासपुरा में उसका ओवर लोड का चालान काट दिया गया। आरटीओ की ओर से काटे गए चालान का मेरे रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर टैक्स मैसेज आया। हरियाणा में खड़े डम्पर का राजस्थान के जयपुर में चालान कटने का पता चलने पर दंग रह गया। कुछ ही दिनों बाद जयपुर आरटीओ की ओर से दूसरा चालान काटा गया। मोबाइल पर मैसेज आने पर चालान कटने का पता चला, जबकि डम्पर हरियाणा से बाहर ही नहीं गया। दोनों चालानों की रकम करीब 62 हजार रुपए जमा नहीं करवाने के चलते राजस्थान आरटीओ की ओर से आरसी सस्पेंड कर दी गई। जयपुर आरटीओ में नहीं हुई सुनवाई आरोप है आरसी सस्पेंड करने को लेकर डम्पर को हरियाणा में ही कंपनी गैराज में खड़ा करवा दिया। जयपुर आकर आरटीओ में कॉन्टैक्ट कर हरियाणा में चल रहे डम्पर के जयपुर में चालान काटने की शिकायत की गई। चालान रद्द कर आरसी सस्पेंड को हटाने की अधिकारियों से कहा गया, लेकिन उनकी ओर से मामूली बात समझकर अनसुना कर दिया गया। उसके बाद दोबारा खड़े डम्पर के चालान कटने के मैसेज आने लगे। दो-तीन बार जयपुर आरटीओ आकर चक्कर लगाने के बाद भी ध्यान नहीं दिया गया। लिखित शिकायत पर भी नहीं हुई कार्रवाई बिजनेसमैन का कहना है कि अतिरिक्त प्रादेशिक परिवहन अधिकारी (भार वाहन) राजस्थान, झालाना डूंगरी जयपुर और आरटीओ इंस्पेक्टर शिवदासपुरा जयपुर को लिखित में भी शिकायत देकर चालान रद्द कर आरसी बहाल के लिए कहा गया। शिकायत देने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि चालान की संख्या लगातार तेजी से बढ़ने लगी। 29 मई-2025 को शिवदासपुरा थाने में शिकायत देने पर पुलिस ने भी परिवाद में रख फर्जीवाड़े पर ध्यान नहीं दिया। टोल प्लाजा से निकली दूसरी गाड़ी पीड़ित बिजनेसमैन का कहना है- आरटीओ की ओर से हरियाणा में खड़े डम्पर के जयपुर में लगातार चालान काटने के मोबाइल पर मैसेज आते रहे। परेशान होकर बिजनेसमैन ने खुद ही पड़ताल शुरू की। शिवदासपुरा टोल प्लाजा के अफसरों से मिलकर अपनी परेशानी बताई। टोल प्लाजा पर लगे CCTV फुटेज चैक करने पर 16 टायर के डम्पर पर उनकी गाड़ी की नंबर प्लेट का यूज करते दिखाई दिया। जाली नंबर प्लेट का यूज कर जयपुर के शिवदासुपरा में अवैध रूप से दूसरे डम्पर चलाने का पता चला। आरटीओ ने भेजे 10 लाख के चालान पीड़ित बिजनेसमैन का कहना है कि आरटीओ की ओर से पिछले एक साल में 45 चालान काटे गए। आरटीओ की ओर से काटे गए चालान की रकम करीब 10 लाख रुपए है। ये चालान जयपुर के शिवदासपुरा क्षेत्र के ही है। जिसमें ओवर स्पीड, फिटनेस, डॉक्यूमेंट नहीं होना आदि के चालान शामिल हैं। हमारे 12 पहिया डम्पर के नंबर का यूज 16 टायर के डम्पर पर जयपुर में अवैध रुप से लगातार किया जा रहा है। हरियाणा में डम्पर के होने के प्रफू जयपुर में चालान काटे गए डम्पर के उस समय हरियाणा में मौजूद होने के सभी सबूत उनके पास मौजूद हैं। हरियाणा में चल रहे डम्पर की जीपीएस लोकेशन व रवन्ना स्लीप है। इसके साथ ही डम्पर में तेल भरवाने के हरियाणा में मौजूदगी के टैक्ट मैसेज भी हैं। जयपुर में आरटीओ की ओर से 45 चालान (शिवदासपुरा टोल प्लाजा, ठिकरिया टोल प्लाजा, दौलतपुरा टोल प्लाजा, सोनवा टोल प्लाजा, सीतारामपुरा टोल प्लाजा और बड़खेड़ा टोल प्लाजा) के पास आरटीओ ने कार्रवाई कर काटे हैं।
ग्वालियर में मानसून की दस्तक का इंतजार लंबा होता जा रहा है। बारिश नहीं होने से गर्मी लगातार तेज होती जा रही है और शुक्रवार को शहर प्रदेश का सबसे गर्म शहर बन गया। अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 3.7 डिग्री ज्यादा रहा। तेज धूप और हवा में मौजूद नमी ने उमस को भी बढ़ा दिया, जिससे लोगों को दिनभर भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं शनिवार सुबह का न्यूनतम तापमान 31. 3. सेल्सियस दर्ज किया गया है। दोपहर के समय गर्म हवाओं का असर इतना ज्यादा रहा कि सड़कें लगभग खाली दिखाई दीं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राजस्थान की ओर से आ रही गर्म और शुष्क पश्चिमी हवाएं तापमान बढ़ाने की बड़ी वजह हैं। हालांकि मौसम विभाग ने 27 जून के लिए आंधी और बारिश की संभावना जताई है, जिससे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्वालियर-चंबल संभाग में सामान्य तौर पर 26 जून तक मानसून पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी है। इसकी मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र विकसित नहीं होना है। फिलहाल केवल चक्रवाती परिसंचरण के सहारे मानसून आगे बढ़ रहा है, जबकि पश्चिम और दक्षिण मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय हो चुका है। मौसम वैज्ञानिक बताते हैं कि बंगाल की खाड़ी में बनने वाले सिस्टम जब झारखंड के रास्ते आगे बढ़ते हैं, तभी ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में अच्छी बारिश होती है। पिछले वर्ष ऐसे सिस्टम लगातार बने थे, इसलिए क्षेत्र में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई थी। इस बार ऐसे मजबूत सिस्टम नहीं बनने से मानसून की रफ्तार थम गई है।
राजस्थान के खेल गलियारों और क्रिकेट की राजनीति से इस वक्त की बेहद बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA Election Update) के बहुप्रतीक्षित चुनाव एक बार फिर टल गए हैं। खेल विभाग और सहकारिता के नियमों के तहत आरसीए का कामकाज देख रही एडहॉक कमेटी (Ad-hoc Committee) का कार्यकाल पूरे 3 महीने के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। इस नए प्रशासनिक आदेश के बाद अब आरसीए को आगामी सितंबर महीने तक अपनी नई कार्यकारिणी का चुनाव करना होगा। इस फैसले के बाद से ही राजस्थान के विभिन्न जिला क्रिकेट संघों और खेल प्रेमियों के बीच कयासों का दौर तेज हो गया है, क्योंकि हर कोई आरसीए में एक स्थायी और चुनी हुई नई बॉडी का बेसब्री से इंतजार कर रहा था।खेल विभाग का बड़ा फैसला: क्यों बढ़ाना पड़ा एडहॉक कमेटी का कार्यकाल?आरसीए की कमान संभाल रही एडहॉक कमेटी का मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के कगार पर था, जिसके चलते उम्मीद जताई जा रही थी कि जून या जुलाई के महीने में ही चुनावी प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन जिला संघों के विवादों, मतदाता सूची (Voter List) के नवीनीकरण और कुछ कानूनी अड़चनों के कारण चुनाव समय पर कराना संभव नहीं हो पा रहा था। खेल के सुचारू संचालन और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए शासन स्तर पर मंथन किया गया, जिसके बाद कमेटी के कार्यकाल को 3 महीने का विस्तार देने की मंजूरी दी गई। अब सितंबर के अंत तक कमेटी को हर हाल में चुनावी प्रक्रिया संपन्न कराकर नई कार्यकारिणी को सत्ता सौंपनी होगी।जिला क्रिकेट संघों की अंदरूनी सियासत तेज: जयपुर से लेकर जोधपुर तक मची हलचलआरसीए चुनाव टलने और एडहॉक कमेटी को मिले सेवा विस्तार के बाद राजस्थान के क्रिकेट जगत की अंदरूनी सियासत अचानक बेहद गरमा गई है। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम (SMS Stadium) से लेकर जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर और कोटा के जिला क्रिकेट संघों के पदाधिकारी अब नए सिरे से अपनी गोटियां सेट करने में जुट गए हैं। इस 3 महीने के अतिरिक्त समय का इस्तेमाल विभिन्न गुट अपने पक्ष में माहौल बनाने और मतदाता सूची में अपने समर्थकों के नाम शामिल करवाने के लिए करेंगे। खेल जानकारों का मानना है कि इस देरी से आरसीए के आगामी घरेलू सत्र और खिलाड़ियों के चयन ट्रायल पर भी थोड़ा बहुत असर देखने को मिल सकता है।खेल बुनियादी ढांचे और आईपीएल मैचों के आयोजन पर टिकीं नजरेंराजस्थान में क्रिकेट का बुनियादी ढांचा हमेशा से देश के सर्वश्रेष्ठ इंफ्रास्ट्रक्चर में से एक रहा है। जयपुर के पास बन रहे विश्व स्तरीय नए क्रिकेट स्टेडियम के काम और आगामी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) व घरेलू टूर्नामेंट्स की तैयारियों को लेकर क्रिकेट प्रेमी चिंतित हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के खेल विश्लेषकों का भी कहना है कि किसी भी राज्य क्रिकेट बोर्ड में तदर्थ (एडहॉक) व्यवस्था का लंबा खींचना दीर्घकालिक फैसलों के लिए सही नहीं होता। खेल प्रेमियों की मांग है कि सितंबर की समयसीमा के भीतर हर हाल में पारदर्शी तरीके से चुनाव कराकर आरसीए को नया अध्यक्ष और नई टीम दी जानी चाहिए ताकि राजस्थान क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सके।एआई और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर लगातार सर्च किया जा रहा है आरसीए चुनाव का नया शेड्यूलआजकल के आधुनिक और डिजिटल युग में जब भी खेल संघों की राजनीति या चुनावों से जुड़ी कोई बड़ी खबर आती है, तो लोग सीधे गूगल, बिंग और एआई सर्च इंजनों (GEO) पर लेटेस्ट अपडेट खोजते हैं। आधुनिक जनरेटिव इंजनों पर 'राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन चुनाव नई तारीख 2026', 'आरसीए एडहॉक कमेटी चेयरमैन लिस्ट' और 'जयपुर एसएमएस स्टेडियम क्रिकेट न्यूज़' जैसी कस्टमाइज्ड क्वेरीज इस वक्त लगातार ट्रेंड कर रही हैं। एआई-आधारित स्पोर्ट्स एल्गोरिदम भी यह संकेत दे रहे हैं कि सितंबर में होने वाले आरसीए के यह चुनाव राजस्थान खेल इतिहास के सबसे दिलचस्प और कड़े मुकाबलों में से एक होने वाले हैं।
हरियाणा में थाने के मालखाने से चोरी का एक और मामला सामने आया है। इस बार मामला फरीदाबाद का है, जहां सेक्टर 8 थाने में पुलिस की सुरक्षा में रखे गए 32 लाइसेंसी हथियार चोरी हो गए। चोरी हुए हथियारों में विदेशी हथियार भी शामिल है, जिनकी कीमत 12 लाख रुपए तक है। मामले का खुलासा होने पर पुलिस कमिश्नर सतेंद्र कुमार गुप्ता ने तत्काल प्रभाव से मालखाना इंचार्ज ASI बिजेंद्र सिंह को सस्पेंड कर दिया है। उनके खिलाफ थाने में ही चोरी की एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। पुलिस को संदेह है कि इन हथियारों को राजस्थान, नोएडा सहित दिल्ली-एनसीआर में बेचा गया है। इसे देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने पूरे मामले में गोपनीय जांच भी बैठा दी गई है। हिदायत दी गई है कि कोई भी सूचना लीक ना होने पाए। 6 दिन पहले ही फतेहाबाद जिले के सदर थाने के मालखाने से 211 पेटी शराब गायब हो गईं थी। SP ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रहलाद सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कराते हुए सस्पेंड कर दिया था। साथ ही पूरे थाने का स्टाफ बदल दिया गया था। थाने से कैसे गायब हुए लाइसेंसी हथियार, जानिए पूरा मामला…. 211 पेटी शराब पर फतेहाबाद एसएचओ पर गिर चुकी गाज छह दिन पहले ही हरियाणा के फतेहाबाद जिले के सदर थाने के मालखाने से 211 पेटी शराब गायब होने का मामला सामने आया था। इसकी शिकायत पहले DGP ऑफिस तक पहुंची थी। वहां से मामला SP निकिता खट्टर के पास भेजा गया, जिसके बाद जांच के लिए ASP दिव्यांशी सिंगला को नियुक्त किया गया। ASP ने मालखाने की जांच के दौरान रिकॉर्ड का मिलान किया तो 211 पेटी शराब कम मिली। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद SP ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रहलाद सिंह के खिलाफ FIR दर्ज कराते हुए सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही पूरे थाने का स्टाफ बदल दिया गया है। कुल 48 पुलिसकर्मियों का तबादला कर उन्हें अन्य स्थानों पर भेजा गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पिछले महीने इन शराब की पेटियों को नष्ट करने के लिए कोर्ट से आदेश लिया गया था। आरोप है कि कागजों में तो शराब को नष्ट दिखा दिया गया, लेकिन वास्तविकता में पेटियों को खुर्द-बुर्द कर दिया गया। अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि शराब को बेचा गया या किसी अन्य तरीके से ठिकाने लगाया गया। --------------------------------- पुलिस भ्रष्टाचार की ये खबर भी पढ़ें…. ₹4.5 करोड़ की अफीम में गोलमाल पर ASI बर्खास्त:सिरसा में पकड़ी थी 90KG, जांच में 88.7KG दिखाई; SP ने थाना प्रभारी भी हटाया हरियाणा के सिरसा में ट्रक से पकड़ी गई 4.5 करोड़ रुपए की अफीम की खेप में पुलिस के ही एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) रणबीर सिंह ने हेराफेरी कर दी। पुलिस की जांच पता चला कि पकड़ी गई करीब 90 किलो अफीम में से एएसआई ने एक किलो 30 ग्राम अपने पास रख ली। (पूरी खबर पढ़ें)
रैंप पर खूबसूरती का जलवा बिखेरने से पहले राजस्थान की 28 प्रतिभाशाली युवतियों ने अपने हुनर से सभी को प्रभावित किया। फ्यूजन ग्रुप की ओर से आयोजित मिस राजस्थान 2026 के टैलेंट राउंड में मॉडल्स ने यह साबित कर दिया कि मिस राजस्थान केवल ग्लैमर का मंच नहीं, बल्कि प्रतिभा, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व का भी उत्सव है। सीकर रोड स्थित आर. चंद्रा पैलेस में आयोजित इस रंगारंग कार्यक्रम में टॉप-28 फाइनलिस्ट ने अपनी-अपनी कला का ऐसा प्रदर्शन किया कि निर्णायकों के साथ मौजूद दर्शक भी मंत्रमुग्ध हो गए। किसी ने शास्त्रीय और वेस्टर्न डांस की मनमोहक प्रस्तुति दी, किसी ने मधुर गायन से समां बांधा। हर प्रतिभागी अपने हुनर के साथ मंच पर उतरी कई प्रतिभागियों ने अभिनय के जरिए भावनाओं को मंच पर जीवंत कर दिया, तो किसी ने अपनी पेंटिंग और रचनात्मक कला से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। हर प्रतिभागी अपने हुनर के साथ मंच पर उतरी और पूरे आत्मविश्वास के साथ खुद को साबित करने का प्रयास करती नजर आई। कार्यक्रम के दौरान भावनात्मक दृश्य भी देखने को मिले। कई प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाने के लिए उनके माता-पिता और परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे। मंच पर बेटियों का प्रदर्शन देखकर अभिभावकों के चेहरे पर गर्व साफ दिखाई दे रहा था। पूरे सभागार में तालियों की गूंज और प्रतिभागियों का आत्मविश्वास इस आयोजन को यादगार बना गया। पहले देखिए, इवेंट के फोटोज अब ग्रैंड फिनाले की ओर बढ़ रही टॉप-28 फाइनलिस्ट आयोजक योगेश मिश्रा और निमिषा मिश्रा ने बताया कि मिस राजस्थान देश का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित, भारत सरकार से पंजीकृत ब्यूटी पेजेंट है। यहां से हर वर्ष कई प्रतिभागी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए चयनित होकर राजस्थान का नाम रोशन करती है। इस वर्ष प्रदेशभर से लगभग 6500 प्रतिभागियों ने आवेदन किया था, जिनमें से चयनित टॉप-28 फाइनलिस्ट अब ग्रैंड फिनाले की ओर बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि फिनाले वीक के तहत 26 और 27 जून को आर. चंद्रा पैलेस, 28 जून से 1 जुलाई तक हैवा हेवन (जामडोली) और 2 से 4 जुलाई तक होटल पार्क ओशन में ग्रूमिंग, ट्रेनिंग, फोटोशूट, सब-टाइटल प्रतियोगिताएं और विभिन्न गतिविधियां आयोजित होंगी। इसके बाद 4 जुलाई की शाम बी.एम. बिड़ला ऑडिटोरियम में ग्रैंड फिनाले होगा। फिनाले में जयपुर की प्रसिद्ध डिजाइनर माधुरी चेतवानी (ड्रेसजीला) का रॉयल कलेक्शन, जेकेजे फैशन का ब्राइडल कलेक्शन, शिव ज्वेलर्स की पारंपरिक राजस्थानी ज्वेलरी और परम्परा द ज्वैल्स की डायमंड ज्वेलरी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। टैलेंट राउंड का जजमेंट मिस राजस्थान की डायरेक्टर एकता जैन, जीएम नवल शेखावत, आलोक शर्मा, संदीप जैन, रविंद्र सिंह, वासु जैन, डॉ. ऋतु अग्रवाल, डॉ. विवेक रूंगटा, मंजीत सिंह और हुकुम सिंह ने किया। प्रतिभागियों से किसी प्रकार का नहीं लिया जाता शुल्क कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुकेश सैनी ने कहा कि आज के दौर में इतनी विविध प्रतिभाओं को एक मंच पर देखना बेहद सुखद अनुभव है। उन्होंने कहा कि मिस राजस्थान का सबसे सराहनीय पहलू यह है कि इसमें प्रतिभागियों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता और उन्हें एक महीने तक प्रोफेशनल ग्रूमिंग एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
राजस्थान को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भारत सरकार के निर्यात-आयात बैंक (EXIM Bank) ने बड़ा कदम उठाने की घोषणा की है। बैंक जल्द ही जयपुर में अपना पहला क्षेत्रीय कार्यालय शुरू करेगा, जिससे प्रदेश के निर्यातकों, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और उद्योगों को वित्तीय सेवाएं, निर्यात ऋण, व्यापार परामर्श और वैश्विक बाजारों से जुड़ी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। जयपुर के होटल हिल्टन मे आयोजित प्रेस वार्ता में बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर तरुण शर्मा ने कहा कि राजस्थान में निर्यात के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और राज्य को हाई-वैल्यू तथा टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों की मदद से देश के अग्रणी निर्यात केंद्रों में शामिल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में राजस्थान का वस्तु निर्यात 11.2 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जिससे राज्य देश का 10वां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राजस्थान का निर्यात मुख्य रूप से सोना-आभूषण, धातु और संसाधन आधारित उत्पादों पर निर्भर है। ऐसे में निर्यात को नई दिशा देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो कंपोनेंट्स, फार्मास्यूटिकल्स, सोलर उपकरण, एडवांस टेक्सटाइल्स और इंजीनियरिंग उत्पादों जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। पांच जिलों तक सीमित है अधिकांश निर्यात तरुण शर्मा ने बताया कि राजस्थान के कुल निर्यात का लगभग 81 प्रतिशत हिस्सा केवल पांच जिलों से आता है। ऐसे में अन्य जिलों की निर्यात क्षमता विकसित करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि भिवाड़ी, नीमराना और अलवर जैसे औद्योगिक क्लस्टर, राज्य में उपलब्ध औषधीय पौधों की संपदा और नवीकरणीय ऊर्जा संसाधन राजस्थान को वैश्विक निर्यात हब बनाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका राजस्थान का सबसे बड़ा निर्यात बाजार है, लेकिन वहां अभी भी ज्वेलरी, ग्रेनाइट, सीमेंट और प्लाईवुड जैसे उत्पादों का दबदबा है। वैश्विक मांग के अनुरूप इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और फार्मा उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने की दिशा में कार्य करने की जरूरत है। टेक्सटाइल, ऑटो और सोलर सेक्टर पर रहेगा विशेष फोकस बैंक ने राजस्थान के लिए ऑटो एवं ऑटो कंपोनेंट्स, हर्बल फार्मा, सोलर ऊर्जा उपकरण, टेक्सटाइल, हस्तशिल्प और एमएसएमई सेक्टर को भविष्य के प्रमुख निर्यात क्षेत्र बताया। बैंक पहले से ही भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और बांसवाड़ा की टेक्सटाइल इकाइयों, बीकानेर की महिला हस्तशिल्प संस्थाओं और विभिन्न व्यापार सहायता कार्यक्रमों के माध्यम से हजारों निर्यात लेनदेन को सहयोग प्रदान कर रहा है। इसके अलावा जयपुर, उदयपुर और फलोदी में कारीगरों के कौशल विकास और जिला स्तर पर निर्यात बढ़ाने के लिए भी कई परियोजनाओं का समर्थन किया जा रहा है। जयपुर कार्यालय से उद्योगों को मिलेगा सीधा लाभ तरुण शर्मा ने बताया कि जयपुर में क्षेत्रीय कार्यालय शुरू होने के बाद प्रदेश के उद्यमियों को निर्यात वित्त, परियोजना ऋण, अंतरराष्ट्रीय व्यापार परामर्श, विदेशी खरीदारों से संपर्क और वैश्विक बाजारों तक पहुंच जैसी सुविधाएं यहीं उपलब्ध हो सकेंगी। इससे उद्योगों को अन्य राज्यों के कार्यालयों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, हैंडीक्राफ्ट, प्राकृतिक पत्थर, कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग और इंजीनियरिंग गुड्स के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं, जिन्हें सही वित्तीय सहयोग और बाजार उपलब्ध कराकर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। प्रेस वार्ता के दौरान तरुण शर्मा ने अमेरिका-ईरान तनाव और पश्चिम एशिया में बढ़ती अस्थिरता पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि युद्ध जैसी परिस्थितियों में कच्चे तेल की कीमतों, समुद्री माल ढुलाई (फ्रेट), बीमा प्रीमियम और सप्लाई चेन पर असर पड़ता है, जिससे वैश्विक व्यापार की लागत बढ़ जाती है। हालांकि उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत है और भारतीय उद्योगों ने वैश्विक चुनौतियों के अनुरूप खुद को ढालने की क्षमता दिखाई है। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियां चुनौतियों के साथ-साथ भारतीय कंपनियों के लिए नए व्यापारिक अवसर भी लेकर आ रही हैं।
उदयपुर में शुक्रवार दोपहर मौसम में अचानक बदलाव हुआ। सुबह से तेज धूप और उमस के बीच दोपहर बाद आसमान में बादल छा गए। इसके बाद शहर के कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई। इससे मौसम सुहावना हो गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली। हिरणमगरी, सविना, चेतक सर्किल, कोर्ट चौराहा सहित आसपास कई क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हुई। इससे लोगों को राहत मिली। मौसम विशेषज्ञ और गुरुनानक स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय के सहायक आचार्य डॉ. आर.एस. देवड़ा ने बताया- दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से दक्षिणी राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हो गई हैं। उन्होंने बताया- उदयपुर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों में आगामी दिनों में खंड वर्षा (छिटपुट बारिश) होने की संभावना है। बादलों की आवाजाही और नमी बढ़ने से मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। 27 जून को आंधी-बारिश का अलर्ट उदयपुर में गुरुवार को अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इससे एक दिन पहले बुधवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहा था। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में हल्की कमी महसूस हुई और लोगों को तेज धूप व उमस से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार- यदि मानसूनी गतिविधियां इसी तरह आगे बढ़ती रहीं तो अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार- 27 जून को आंधी-बारिश का अलर्ट है। वहीं 2 जुलाई तक बादल छाए रहेंगे।
राजस्थान में मानसून की धीमी रफ्तार और देरी चर्चा में है। पिछली बार मानसून 7 दिन जल्दी पहुंच गया था। बारिश ने रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। इस बार इतनी ही दिन देरी से यहां पहुंचने की आशंका है। आशंका यह भी है कि देरी से आया मानसून उतना नहीं बरसेगा, जितना समय पर या समय से पहले आने पर बरसता है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून के अगले सप्ताह राजस्थान पहुंचने की उम्मीद है। 10 फीसदी तक कम बारिश की भी आशंका जताई है। इस बीच भास्कर ने 1996 से लेकर 2025 तक यानी 30 साल के डेटा का एनालिसिस किया। इसमें सामने आया कि 30 साल में केवल 2 बार तय समय पर मानसूनी बादल राजस्थान से टकराए हैं। 15 बार मानसून समय से पहले और 13 बार देरी से आया है। इतना ही नहीं, 7 बार देरी से आया मानसून भी जमकर बरसा। 3 बार समय से पहले मानसून आया। इस दौरान जरूर 25% तक कम बारिश हुई। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 3 बार सबसे ज्यादा लेट, एक बार तोड़ डाला रिकॉर्ड मौसम विभाग में पिछले 30 साल के दौरान मानसून आने के अनुमानों की तारीख हमेशा बदलती रही है। अमूमन यह 20 से 25 जून के बीच की रही है। वहीं सामान्य बारिश अलग-अलग वर्षों में 415 से 435.6 मिलीमीटर (MM) तक मानी जाती रही है। इस एनालिसिस में मानसून आने की सामान्य तारीख को 25 जून मानकर जल्दी या देरी के दिन तय किए गए हैं। साल 2012 में मानसून सबसे ज्यादा 8 दिन लेट आया, लेकिन अगस्त में हुई बारिश ने सबकी चिंता दूर कर दी। 2012 में सामान्य से 11 फीसदी अधिक बारिश हुई। साल 2019 में 7 दिन देरी से मानसून राजस्थान पहुंचा, लेकिन बरसात में कोई कमी नहीं रही। 2019 में तीन दशकों में पहली बार बारिश का आंकड़ा 550 MM से पार पहुंच गया। खास बात यह रही कि मानसून ने पहले ही दिन राजस्थान के आधे से ज्यादा हिस्से को कवर कर लिया। साल 2014 में मानसून में 7 दिन की देरी दर्ज की गई। तब बरसात लगभग सामान्य जैसी ही रही। आंकड़े बताते हैं कि देरी से (जुलाई में) दस्तक देने वाले मानसून ने पिछले 30 सालों में अब तक कभी बारिश के आंकड़े माइनस में नहीं पहुंचाए। 10 बार 5 दिन तक की देरी से एंट्री मानसून 10 बार 5 दिन तक की देरी से राजस्थान में दाखिल हुआ। इन 10 अलग-अलग सालों में 5 बार सामान्य से अधिक और इतनी ही बार सामान्य से कम बरसात हुई। इनमें साल 2006 सबसे चौंकाने वाला रहा। मानसून 2 दिन की देरी से पहुंचा। अगस्त 2006 के आखिरी हफ्ते में बाड़मेर में पूरे साल के औसत से 5 गुना अधिक बारिश हो गई, बाढ़ आ गई। वहीं, 2002 और 2009 में मानसून 4-4 दिन देरी से था और दोनों बार सूखा पड़ा। 2022 में मानसून 5 दिन की देरी से था, लेकिन 596 MM बरसात ने राजस्थान को तर कर दिया। इस दौरान पूर्वी राजस्थान में करीब 781 MM बारिश दर्ज हुई। साल 2010 में मानसून एक दिन देरी से था, लेकिन बारिश करीब 540 एमएम दर्ज की गई। आमतौर पर पूर्वी राजस्थान में अधिक बरसात होती है, लेकिन उस दौरान पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान में लगभग 27 फीसदी बरसात अधिक हुई। 2 बार तय समय पर आया और दोनों बार कर गया तर 30 साल में 2 बार ही मानसून तय समय पर राजस्थान पहुंचा। खास बात यह रही कि दोनों ही बार सामान्य से ज्यादा बारिश हुई। 2024 में करीब 679 MM बरसात हुई थी। 2023 में भी सामान्य से 15% ज्यादा बारिश हुई। 4 बार सबसे जल्दी, तोड़ा 108 साल का रिकॉर्ड राजस्थान में 30 साल में 4 बार सबसे जल्दी मानसून पहुंचा। बरसात चारों बार औसत से अधिक रही। 2001 में मानसून 12 दिन पहले राजस्थान पहुंच गया। हालांकि सबसे जल्दी मानसून आने के बावजूद कोई रिकॉर्ड नहीं टूटा। बरसात 11 फीसदी अधिक दर्ज हुई। रिकॉर्ड पिछले साल यानी 2025 के मानसून ने तोड़े थे। मानसून 7 दिन पहले राजस्थान पहुंचा और 64 फीसदी अधिक बरसा। 108 साल का रिकॉर्ड टूट गया। 2021 में भी मानसून 7 दिन पहले पहुंचा था और बरसात 17 फीसदी अधिक रही। जल्दी आने पर भी 2 बार सूखे जैसे हालात मानसून के 1 से 4 दिन पहले आने की बात करें तो पिछले 30 सालों में 11 बार ऐसा हुआ। 1999 में मानसून एक दिन पहले आया, लेकिन 25 फीसदी कम बरसा। 2004 में 3 दिन पहले आया और 22 फीसदी कम बरसात हुई। इन दोनों ही सालों में राजस्थान को सूखे के हालातों का सामना करना पड़ा। इधर, 2011 में भी एक दिन पहले मानसून आया और 11 फीसदी कम बरसा, लेकिन तब हालात सामान्य रहे। 1996, 2011 और 2016 में मानसून 2 से 3 दिन पहले आया। इन सालों में बरसात का आंकड़ा 500 MM से ज्यादा रहा। सबसे ज्यादा 2011 में 41 फीसदी अधिक 590 MM से भी ज्यादा बरसात हुई। ------ यह खबर भी पढ़िए… राजस्थान के 27 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, जयपुर में 30 मिनट की बरसात में सड़कें लबालब, कोटा-जोधपुर में भी बदला मौसम राजस्थान में गुरुवार (25 जून) को प्री-मानसून की बारिश का दौर जारी रहा। जयपुर, अजमेर, कोटा, भरतपुर, बीकानेर संभाग के कुछ एरिया में दोपहर बाद आंधी चली, फिर बारिश हुई। जयपुर में गुरुवार को 2 इंच बरसात से सड़कें लबालब हो गईं। नागौर, भीलवाड़ा, जोधपुर, कोटा के भी कुछ इलाकों में 20 से 35MM तक बरसात हुई। पढ़ें पूरी खबर...
अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन ने पूर्वी राजस्थान में युवा संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से सुमित अग्रवाल को अखिल भारतीय युवा अग्रवाल सम्मेलन का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। यह मनोनयन समाज हित में सक्रियता, संगठनात्मक अनुभव और समर्पण को देखते हुए किया गया है। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया है कि नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष के नेतृत्व में पूर्वी राजस्थान में संगठन को नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी। उन्हें युवा शक्ति को सशक्त एवं सक्रिय बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन देशभर के अग्रवाल समाज का राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाला एक प्रमुख संगठन है। यह पिछले लगभग 50 वर्षों से अपनी प्रादेशिक और जिला इकाइयों, महिला मंडल तथा युवा मंडल के माध्यम से समाज को संगठित करने और सामाजिक गतिविधियों को मजबूत बनाने का कार्य कर रहा है। राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक नेतृत्व के निर्देशानुसार पूर्वी राजस्थान में संगठन के कार्यों के प्रभावी संचालन और समाज को संगठित करने के लिए यह नियुक्ति की गई है। संगठन का मानना है कि प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में उनका अनुभव, सक्रियता और कुशल नेतृत्व संगठन की कार्यप्रणाली को नई दिशा देगा। इससे पूर्वी राजस्थान में संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक गति एवं मजबूती मिलेगी। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों ने नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष के सफल कार्यकाल और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
डूंगरपुर के डायालाल कुम्हार बने पहले अध्यक्ष:कुवैत में राजस्थान फाउंडेशन चैप्टर का गठन
कुवैत में राजस्थान फाउंडेशन के चैप्टर का गठन किया गया है। डूंगरपुर जिले की गलियाकोट तहसील के गरियाता गांव निवासी समाजसेवी डायालाल कुम्हार को इसका पहला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति मुख्यमंत्री एवं राजस्थान फाउंडेशन के अध्यक्ष की ओर से की गई है। राजस्थान सरकार ने विदेशों में रह रहे राजस्थानियों को राज्य से जोड़ने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। इसी कड़ी में राजस्थान फाउंडेशन के कुवैत चैप्टर का गठन किया गया है। डायालाल कुम्हार (प्रजापति) डूंगरपुर जिले की गलियाकोट तहसील के गरियाता गांव के मूल निवासी हैं और कुवैत में एक प्रतिष्ठित प्रवासी समाजसेवी के रूप में जाने जाते हैं। प्रवासी समुदाय की मदद के लिए हुआ है गठनराजस्थान फाउंडेशन का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में बसे राजस्थानियों और राज्य सरकार के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करना है। कुवैत चैप्टर के गठन से वहां रह रहे प्रवासी राजस्थानियों को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, निवेश संभावनाओं, स्टार्टअप, उद्यमिता कार्यक्रमों, पर्यटन, शिक्षा और कौशल विकास जैसी पहलों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। यह चैप्टर प्रवासी राजस्थानियों को राज्य में निवेश, उद्योग स्थापना, रोजगार सृजन, सामाजिक विकास परियोजनाओं और परोपकारी कार्यों में भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करेगा। यह मंच प्रवासी समुदाय को आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग भी उपलब्ध कराएगा। राजस्थान दर्पण एसोसिएशन (आरडीए) कुवैत के महासचिव सतीश पंचाल ने इस नियुक्ति का स्वागत करते हुए कहा कि डायालाल कुम्हार का अनुभव, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक समर्पण कुवैत में बसे राजस्थानियों को एक सशक्त मंच प्रदान करेगा। उन्होंने इसे प्रवासी राजस्थानी समाज के लिए ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि कुवैत चैप्टर राजस्थान सरकार, प्रवासी समुदाय, निवेशकों और युवा पेशेवरों के बीच प्रभावी सेतु का कार्य करेगा।
पाक-अफगान में पोलियो के केस बढ़े, राजस्थान में 28 से टीकाकरण
पड़ोसी देशों पाकिस्तान और अफगानिस्तान में पोलियो के नए मामले सामने आने के बाद राजस्थान में सतर्कता बढ़ा दी गई है। इसी के तहत 28 जून को राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण दिवस आयोजित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखने के साथ संभावित संक्रमण के खतरे को रोकना है। उदयपुर जिले में अभियान के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने कुल 2854 टीमें तैनात की हैं। जिले में 1461 पोलियो बूथ बनाए गए हैं, जहां पहले दिन बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। इसके बाद 2688 होम-टू-होम टीमें घर-घर जाकर छूटे बच्चों को दवा देंगी। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और प्रमुख चौराहों पर 83 ट्रांजिट टीमें तैनात रहेंगी। वहीं ईंट-भट्टों, निर्माण स्थलों और दूरस्थ ढाणियों तक पहुंचने के लिए 83 मोबाइल टीमें कार्य करेंगी। अभियान की निगरानी के लिए 295 सुपरवाइजर लगाए गए हैं। प्रारंभिक शिक्षा एवं पंचायती राज (प्राथमिक शिक्षा) विभाग के निदेशक सीताराम जाट ने सभी संयुक्त निदेशकों, जिला शिक्षा अधिकारियों और मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों को अभियान के प्रभावी संचालन के निर्देश दिए हैं। चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के पत्र के बाद शिक्षा विभाग भी पूरी तरह सक्रिय हो गया है। स्कूलों को सौंपी छह अहम जिम्मेदारियां 1- विद्यार्थियों की डायरी में अभिभावकों के लिए जागरूकता संदेश लिखे जाएंगे। 2- जिन स्कूलों में पोलियो बूथ बनाए गए हैं, वे 28 जून (रविवार) को खुले रहेंगे। 3- छात्र-छात्राओं की बुलावा टोलियां घर-घर जाकर बच्चों को बूथ तक लाने में सहयोग करेंगी। 4- प्रार्थना सभा में पोलियो अभियान की जानकारी दी जाएगी। 5- बूथ वाले स्कूलों में पोलियो टीमों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी। 6- सरकारी और निजी स्कूलों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
राजस्थान में मानसून के प्रवेश की सामान्य तिथि 25 जून है। लेकिन इस बार मानसून रूठा हुआ है। इस कारण इसकी राजस्थान में एंट्री देरी से हो रही है। वर्तमान में जो परिस्थितियां बनी हुई है। इसके हिसाब से देखा जाए तो इस बार जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून राजस्थान में प्रवेश करेगा। पिछले 13 सालों का रिकार्ड देखे तो सामने आता है कि इन सालों में केवल दो बार 2014 और 2019 में मानसून ने जुलाई में राजस्थान में प्रवेश किया था। अब तीसरी बार होगा, जब जुलाई में मानसून राजस्थान में आ रहा है। मानसून के देरी से आने से बारिश की औसत स्थिति पर कोई खास फर्क नहीं पड़ता है। जुलाई में प्रवेश के बाद इस पूरे महीने और फिर अगस्त-सितंबर में अगर मानसून सक्रिय रहता है तो सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। राजस्थान में पूरे सीजन की सामान्य बारिश 424.71 मिमी है। जुलाई में मानसून की एंट्री के बावजूद वर्ष 2014 में 518.6 मिमी और वर्ष 2019 में 747.24 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा वर्ष 2016, 2017, 2018 और 2022 में भी मानसून 25 जून के बाद ही आया था। इन सालों में भी बारिश सामान्य से अधिक रही है। पिछले साल 18 जून को ही मानसून की एंट्री हो गई थी। इसलिए कमजोर पड़ा मानसून : मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली मानसूनी हवाओं को आगे बढ़ने के लिए जो मजबूत कम दबाव का क्षेत्र चाहिए था, वह उत्तर-पश्चिमी भारत में बनने वाले पश्चिमी विक्षोभों के कारण कमजोर पड़ गया।
पंजाब के अबोहर में राजस्थान पुलिस पर हमला हुआ है। हनुमानगढ़ जिले के संगरिया थाने की टीम एक वांछित आरोपी को पकड़ने गई थी, तभी ग्रामीणों ने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई कर आरोपी को छुड़ा लिया। इस मामले में बहाववाला थाना पुलिस ने पति-पत्नी सहित 3 नामजद और 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, संगरिया थाने में दर्ज एक आपराधिक मामले में अजीत सिंह और पवन कुमार उर्फ काली वांछित थे। सहायक थानेदार जसकरण सिंह के नेतृत्व में राजस्थान पुलिस की एक टीम को सूचना मिली थी कि पवन कुमार उर्फ काली पंजाब के गांव कंधवाला अमरकोट में छिपा हुआ है। इसी सूचना पर पुलिस टीम गांव पहुंची और उसकी तलाश शुरू की। पुलिस की जांच के दौरान पता चला कि पवन कुमार गांव निवासी राजकुमार उर्फ राजू की वर्कशॉप पर मौजूद था। जब पुलिस टीम ने उसे हिरासत में लेने का प्रयास किया, तो राजकुमार और उसकी पत्नी ने इसका विरोध किया। आरोप है कि दोनों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और शोर मचाकर अन्य ग्रामीणों को भी मौके पर बुला लिया। 10 से ज्यादा लोगों ने पुलिस को घेरा पुलिस के मुताबिक, कुछ ही देर में 12 अन्य लोग भी वहां पहुंच गए और पुलिस टीम के साथ हाथापाई करने लगे। इसी दौरान, वांछित आरोपी पवन कुमार उर्फ काली को पुलिस हिरासत से छुड़ा लिया गया। आरोपी बाद में एक बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गया। इस घटना के बाद राजस्थान पुलिस ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर मामला दर्ज किया गया है। शिकायत के आधार पर बहाववाला पुलिस ने पवन कुमार उर्फ काली, राजकुमार उर्फ राजू, उसकी पत्नी तथा 10-12 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, आरोपी को छुड़ाने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
ब्यूटी पेजेंट 'मिस राजस्थान 2026' के 28वें संस्करण का फर्स्ट लुक बुधवार को मालवीय नगर स्थित जेकेजे फैशन में लॉन्च किया गया। फ्यूजन ग्रुप के इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर कनिष्का मौसूण ने ग्रैंड फिनाले के लिए तैयार किए गए विशेष ब्राइडल कलेक्शन की झलक प्रस्तुत की। इस कलेक्शन को फाइनल राउंड में टॉप-28 प्रतिभागी पहनकर रैंप पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगी। कार्यक्रम के दौरान आयोजक योगेश मिश्रा और निमिषा मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष मिस राजस्थान के तहत कुल तीन विशेष लुक लॉन्च किए जाएंगे। इन डिजाइनों में राजस्थान की पारंपरिक संस्कृति, शाही विरासत और आधुनिक फैशन का खूबसूरत समावेश देखने को मिलेगा। फाइनलिस्ट इन विशेष कलेक्शंस को पहनकर रैंप पर उतरेंगी और अपनी खूबसूरती, आत्मविश्वास व व्यक्तित्व का प्रदर्शन करेंगी। मिस राजस्थान की मेंटर नवल शेखावत ने बताया- प्रतियोगिता के अंतिम दस दिनों के आयोजनों की शुरुआत सीकर रोड स्थित आर चंद्रा पैलेस से होने वाले टैलेंट राउंड से की जाएगी। इसके बाद प्रतिभागियों के लिए विभिन्न ग्रूमिंग, प्रशिक्षण और सब-टाइटल इवेंट्स आयोजित किए जाएंगे। मिस राजस्थान केवल एक ब्यूटी पेजेंट नहीं, बल्कि युवतियों के व्यक्तित्व विकास का मंच है। प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों को एक महीने तक विशेष ग्रूमिंग और ट्रेनिंग दी जाती है, जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन देते हैं। अब देखिए, इवेंट की फोटोज आयोजकों के अनुसार फिनाले वीक में चयनित 28 प्रतिभागी जयपुर में एक साथ रहेंगी और नौ दिनों तक चलने वाली विशेष गतिविधियों में हिस्सा लेंगी। इस दौरान उनकी ग्रूमिंग, व्यक्तित्व विकास, फैशन प्रशिक्षण, रैंप वॉक, कम्युनिकेशन स्किल्स और विभिन्न सब-टाइटल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। मिस राजस्थान 2026 का ग्रैंड फिनाले 4 जुलाई को बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित होगा, जहां राजस्थानभर से चयनित प्रतिभागी प्रतिष्ठित खिताब के लिए मुकाबला करेंगी। फाइनल शो में जेकेजे फैशन अपने पारंपरिक डिजाइनों का प्रदर्शन करेगा, जबकि शिव ज्वेलर्स की पारंपरिक एवं राजपूती ज्वेलरी और परम्परा द ज्वैल्स की डायमंड ज्वेलरी भी मंच की शोभा बढ़ाएगी।
कोटा की बेटी ने रचा इतिहास। राजस्थान के वुशु खेल इतिहास में पहली बार किसी खिलाड़ी ने एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम में जगह बनाई है। महाबली स्पोर्ट्स एकेडमी की खिलाड़ी दिव्यांशी का चयन एशियन गेम्स 2026 के लिए हुआ है। साथ ही उन्हें चीन के हुबेई प्रांत में आयोजित होने वाली एससीओ वुशु चैंपियनशिप के लिए भी भारतीय टीम में शामिल किया गया है। कोच अशोक गौतम ने बताया कि दिव्यांशी ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए वर्षों की कठिन मेहनत की है। वर्ष 2017 से लगातार अभ्यास कर रही दिव्यांशी राष्ट्रीय स्तर पर 12 स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। इनमें सब-जूनियर, जूनियर, स्कूल गेम्स, खेलो इंडिया और फेडरेशन कप जैसी प्रतियोगिताओं के स्वर्ण पदक शामिल हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने जूनियर विश्व वुशु चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई थी। एशियन गेम्स चयन प्रक्रिया के तहत आयोजित कई ट्रायल्स में दिव्यांशी ने शानदार प्रदर्शन किया। अंतिम ट्रायल श्रीनगर में आयोजित हुआ, जहां उन्होंने 60 किलोग्राम वर्ग में मणिपुर की भूमिका देवी को हराया। इसके बाद अर्जुन अवार्डी और अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता रोशीबीना देवी को मात देकर बड़ा उलटफेर किया। फाइनल में चंडीगढ़ की हिमांशी को हराकर उन्होंने एशियन गेम्स का टिकट पक्का कर लिया। गौतम ने बताया कि शुरुआती ट्रायल में दिव्यांशी का वजन 74 किलोग्राम था, जबकि प्रतियोगिता में केवल 52 और 60 किलो वर्ग शामिल थे। ऐसे में उन्होंने कड़ी मेहनत कर करीब 14 किलो वजन कम किया और खुद को इस स्तर तक पहुंचाया। दिव्यांशी की सफलता के पीछे उनके माता-पिता और कोच का बड़ा योगदान रहा है। उनकी माता राजस्थान पुलिस में हेड कांस्टेबल हैं, जबकि पिता भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं।
पीएम मोदी राजस्थान की बाड़मेर पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन 4 जुलाई को करेंगे। पहले 21 अप्रैल को रिफाइनरी का उद्घाटन होना था। लेकिन इससे ठीक एक दिन पहले रिफाइनरी में आग लग गई थी। जिसके बाद पीएम मोदी का वह दौरा स्थगित करना पड़ा था। इस बार रिफाइनरी के साथ प्रधानमंत्री जयपुर मेट्रो फेस-2 का शिलान्यास भी करेंगे। कांग्रेस ने शौक मेट्रो चलाई, घाटे में चल रहीसीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के लोगों ने तो ऐसे रुट पर मेट्रो चलाई थी,जो आज भी घाटे में जा रही है। उनको तो मेट्रो चलाने का एक शौक था, उन्होंने यह भी नहीं देखा कि मेट्रो कहां चलनी चाहिए। मित्रों में कहना चाहता हूं कि 4 जुलाई को लगभग 43 किलोमीटर की मेट्रो लाइन का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करने वाले है। 13 हज़ार करोड़ की मेट्रो जयपुर के अंदर आएगी। जयपुर में जहां आवश्यकता थी, टोंक रोड से लेकर के सीकर रोड तक पूरे शहर में होकर मेट्रो निकलेगी। यह बहुत बड़ा काम होने वाला है
झालावाड़ की राजदुलारी गोयल और अकलेरा की आरती गुप्ता को अखिल भारतीय अग्रवाल महिला सम्मेलन में महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे गए हैं। दोनों महिलाएं समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण और संगठनात्मक गतिविधियों में लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उनकी नियुक्ति से अग्रवाल समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों में हर्ष का माहौल है। अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बसंत मित्तल एवं महिला राष्ट्रीय अध्यक्ष वंदना टिबरेवाल की अनुशंसा पर यह नियुक्तियां की गई हैं। राजदुलारी गोयल को पूर्वी राजस्थान प्रांत की चेयरपर्सन और आरती गुप्ता को प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति समाज हित में उनके लंबे समय से किए जा रहे कार्यों, संगठन के प्रति समर्पण और महिलाओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने में निभाई गई प्रभावी भूमिका को देखते हुए की गई है। राजदुलारी गोयल और आरती गुप्ता दोनों ही सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाती रही हैं। संगठन को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में महिला सम्मेलन की गतिविधियों को नई दिशा और गति मिलेगी। इससे समाज में महिलाओं की भागीदारी और अधिक सशक्त होगी। नियुक्ति की घोषणा के बाद झालावाड़ जिले के अग्रवाल समाज में खुशी की लहर दौड़ गई। समाज के वरिष्ठजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने दोनों पदाधिकारियों का अभिनंदन कर शुभकामनाएं दीं। बधाई देने वालों में झालावाड़ अग्रवाल समाज के अध्यक्ष पुखराज जैन, संदीप खरीददार, निर्मल पापड़िया, संजय अग्रवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष जुगलकिशोर गोयल, पूर्व जिलाध्यक्ष पिंकी अग्रवाल, रुकमणी गर्ग, प्रीति अग्रवाल, प्रगति, मधु गुप्ता और नीलू अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक शामिल थे। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि भगवान अग्रसेन के आदर्शों पर आधारित यह संगठन समाज में सेवा, सहयोग और समरसता की भावना को मजबूत कर रहा है। राजदुलारी गोयल और आरती गुप्ता जैसी समर्पित एवं अनुभवी महिलाओं को नेतृत्व की जिम्मेदारी मिलने से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी तथा समाजहित के कार्यों को और अधिक विस्तार मिलेगा। नशा मुक्ति की शपथ दिलाकर लोगों को किया जागरूकनशा मुक्त अभियान के तहत विशेष कार्यशाला का आयोजन बुधवार को मुंडेरी में जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ के मुख्य आतिथ्य में किया। कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन, विशेषकर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए जागरूक करना था। कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान समय में नशे ने समाज में अपना गहरा प्रभाव स्थापित कर लिया है। मोबाइल की लत भी नशे का एक रूप, इससे बचना समय की आवश्यकताउन्होंने कहा कि आज के दौर में मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग भी एक प्रकार के नशे का रूप ले चुका है। मोबाइल की लत के कारण लोगों में तनाव, अकेलापन और अवसाद जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं, जो कई बार उन्हें अन्य प्रकार के नशों की ओर भी प्रेरित करती हैं। इसलिए डिजिटल संतुलन बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है जितना कि मादक पदार्थों से दूरी बनाए रखना।कार्यशाला में उपस्थित विशेषज्ञ नोडल अधिकारी मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम डॉ. रश्मि गुप्ता व ड्रग अधिकारी संदीप केले ने विभिन्न प्रकार के नशों के दुष्परिणामों, उनके शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक प्रभावों और उनसे बचाव एवं उपचार के उपायों की विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि समय रहते परामर्श, पारिवारिक सहयोग और सकारात्मक जीवनशैली अपनाकर नशे की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। इस दौरान कृष्ण मोहन देवड़ा ने उपस्थित जनसमूह को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई और सभी को जीवनभर नशे से दूर रहने का संकल्प कराया। उन्होंने अपनी स्वलिखित नशा मुक्ति जागरूकता गीतों की प्रभावशाली प्रस्तुति देकर उपस्थितजनों को भावनात्मक रूप से प्रेरित किया तथा नशे के विरुद्ध सामाजिक चेतना का संदेश दिया। इस दौरान नशा मुक्ति विषयक जागरूकता पोस्टर का विमोचन भी किया गया। पोस्टर के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों और उससे बचाव के संदेश को आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया। अंत में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उप निदेशक रामनिवास यादव ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों और सतत जनजागरूकता के माध्यम से ही नशा मुक्त एवं स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।
राजस्थान के ग्राम ढीमरपुरा क्षेत्र में खेत पर मजदूरी कर रहे एक युवक की सांप के काटने से मौत हो गई। घटना के बाद उसे तत्काल गुना जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी जान नहीं बच सकी। बुधवार को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। जानकारी के अनुसार मृतक राजू आदिवासी निवासी गोकलसिंह का चक्क, मोतीपुरा प्लांट के पास स्थित ढीमरपुरा क्षेत्र में हरवाई और खेतिहर मजदूरी का कार्य करता था। मृतक के भाई भानू आदिवासी ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 4 बजे राजू कालूराम के खेत पर चारा काट रहा था। इसी दौरान उसे जहरीले सांप ने काट लिया। घटना की जानकारी मिलते ही खेत मालिक और आसपास मौजूद लोगों ने उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। परिजनों को रात करीब 8 बजे घटना की सूचना मिली, जिसके बाद वे अस्पताल पहुंचे। हालांकि चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद युवक को बचाया नहीं जा सका। परिजनों ने बताया कि राजू की शादी हो चुकी थी, लेकिन उसकी पत्नी काफी समय पहले उसे छोडक़र चली गई थी। वह मजदूरी कर अपना जीवनयापन कर रहा था। बुधवार को जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी कर शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।
मप्र पुलिस का दावा:सुबह 5.40 बजे राजस्थान में दबिश दी, हकीकत: 4.51 बजे मप्र लौटते दिखे
राजस्थान के झालावाड़ में मप्र की आगर-मालवा पुलिस ने जनवरी 2026 में दबिश देकर 5 करोड़ रुपए की ड्रग्स फैक्ट्री पकड़ने का दावा किया। पुलिस के अनुसार कार्रवाई सुबह 5.40 बजे हुई, जबकि हकीकत ये है कि पुलिस सुबह 4.51 बजे ही मप्र तरफ लौट आई थी। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या मप्र पुलिस ने सिर्फ वाहवाही लूटने के लिए फर्जी कहानी बना दी? भास्कर ने इस पूरे मामले की पड़ताल की और झालावाड़ एसपी भागचंद मीणा की जांच रिपोर्ट निकाली। बड़ी बात यह है कि मप्र पुलिस ने पूरी कार्रवाई आधे घंटे में पूरा होना बताया जबकि भास्कर ने एक्सपर्ट से बात की तो एनडीपीएस की छोटी कार्रवाई में भी कम से कम 6 घंटे का समय लग जाता है। अन्य जिलों मसलन रतलाम की कार्रवाई करीब 9 घंटे और चिकलाना में कार्रवाई पूरी करने में 12 घंटे लगे थे। ऐसे में क्या आधे घंटे में पूरी कार्रवाई संभव थी? बड़ा सवाल : क्या मप्र पुलिस ने सिर्फ वाहवाही लूटने के लिए बनाई फर्जी कहानी... 1. 3.51 बजे चाचुर्नी की तरफ जाते दिखे पुलिस वाहन एमपी पुलिस का दावा : सुबह 5.40 बजे तक झालावाड़ के घाटाखेड़ी गांव में ही मौजूद थे और जब्ती कर रहे थे। हकीकत : बस स्टैंड दुधालिया पर ग्राम पंचायत की दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे में 28 जनवरी को सुबह 3.51 बजे बड़ौद तरफ से कुल 8 वाहन (2 पिकअप, 1 बलेनो और 5 पुलिस की नीली बत्ती वाली बोलेरो) ग्राम चाचुर्नी की तरफ जाते दिखे। यही वाहन सुबह 5.05 बजे बड़ौद तरफ जाते दिखे। गड़बड़ क्या? : जब पुलिस 5.05 बजे इलाका छोड़ चुकी थी, तो 5.40 बजे घाटाखेड़ी में जब्ती कैसे संभव है? 2. 4.05 बजे ग्राम घाटाखेड़ी तरफ जाते दिखे वाहन एमपी पुलिस का दावा : हमने पूरी तैयारी और नियम-कायदों के साथ मौके पर तसल्ली से पूरी छानबीन और कार्रवाई की। हकीकत : ग्राम चाचुर्नी में मेन रोड पर स्थित मस्जिद पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग के अनुसार, सुबह 4.05 बजे 8 वाहन ग्राम घाटाखेड़ी की तरफ जाते हुए नजर आए। सुबह 4.50 बजे सभी वाहन ग्राम घाटाखेड़ी से वापस दुधालिया, बड़ौद मप्र की तरफ जाते हुए नजर आ रहे हैं। गड़बड़ क्या? : इतने कम समय में जाना, रेड करना और वापस आना इस पूरी कार्रवाई को संदिग्ध बनाते हैं। 3. 4.51 बजे ग्राम घाटाखेड़ी से लौटते दिखे वाहन एमपी पुलिस का दावा : घाटाखेड़ी में आरोपियों के घर पर दबिश दी, ड्रग्स ढूंढी। हकीकत : ग्राम घाटाखेड़ी व घाटाखेड़ी का खेड़ा निवासी हरिसिंह राजपूत व आसिफ के घर पर लगे कैमरों के अनुसार, सुबह 4.19 बजे गांव घाटाखेड़ी में यह वाहन आते दिखे। इसके बाद सुबह 4.48 से 4.49 तक सभी 08 वाहन गांव घाटाखेड़ी से राजपुरा चाचुर्नी की तरफ जा रहे हैं। सुबह 4.25 बजे मप्र पुलिस गांव में आरोपी के मकान के आसपास घूमती दिखी। गड़बड़ क्या? : इतने कम समय में पकड़ना, अनुसंधान और जब्ती करना संभव ही नहीं है। क्या है मामला- झालावाड़ जिले के घाटाखेड़ी गांव में आगर पुलिस ने ड्रग फैक्ट्री पकड़ी। पीड़ित के पक्ष में चौमहला कोर्ट ने कार्रवाई पर सवाल उठाए। उलटा पुलिसकर्मियों पर एफआईआर के आदेश दिए। आगर थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, बड़ौद थाना प्रभारी रूपसिंह राजपूत, सउनि राखी गुर्जर, एएसआई अजय जाट, राहुल विश्वकर्मा, शुभम सहित 90 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज हो गया है। अभी हमारे पास आदेश नहीं आया आगर-मालवा वाले मामले की जानकारी है, लेकिन अभी कोर्ट का आदेश हमारे पास नहीं आया है। आदेश आने के बाद आगे की रूपरेखा तय हो सकेगी। - राकेश गुप्ता, एडीजी, उज्जैन जोन
राजस्थान एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने सात साल से फरार 25 हजार रुपए के इनामी तस्कर रणजीत दायमा उर्फ रणजीत बंजारा को केरल से गिरफ्तार किया है। एएनटीएफ ने कार्रवाई को ‘ऑपरेशन यमलकमली’ नाम दिया था। आरोपी को पकड़ने के लिए टीम ने राजस्थान से केरल तक करीब 2500 किलोमीटर लंबा अभियान चलाया। एएनटीएफ के महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया- हाल ही ऑपरेशन मदाविकाढ़त के तहत मध्य प्रदेश से गिरफ्तार तस्कर रमेश बंजारा से पूछताछ में रणजीत दायमा के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी। जांच में सामने आया कि दोनों आपस में समधी हैं। करीब आठ वर्षों से डोडा-चूरा तस्करी के नेटवर्क में साझेदार के रूप में काम कर रहे थे। जांच के अनुसार- रमेश बंजारा तस्करी की डील तय करता था, जबकि रणजीत माल की व्यवस्था और सुरक्षित सप्लाई का काम संभालता था। इसके बदले उसे 500 रुपये प्रति किलो के हिसाब से कमीशन मिलता था। बड़े सौदों में उसकी कमाई लाखों रुपए तक पहुंच जाती थी। केरल में बदल ली थी पहचान एएनटीएफ के अनुसार- रणजीत दायमा पिछले सात वर्षों से केरल के शोरानूर क्षेत्र में रह रहा था। वह भले ही पढ़ा-लिखा नहीं था, लेकिन मलयालम, कन्नड़ और तेलुगु भाषाओं पर उसकी अच्छी पकड़ थी। स्थानीय लोगों के बीच वह पूरी तरह मलयाली बनकर रह रहा था, जिससे उसकी असली पहचान छिपी रही। आरोपी ने केरल के वडकनचेरी क्षेत्र में कंबल बेचने का व्यवसाय शुरू कर रखा था। वह मोटरसाइकिल पर कंबल लादकर आसपास के इलाकों में बिक्री करता था और समय-समय पर राजस्थान तथा मध्य प्रदेश आकर तस्करी नेटवर्क को संचालित कर वापस लौट जाता था। राजस्थानी कारीगर बनकर पहुंची टीम रमेश बंजारा से मिले सुराग के बाद एएनटीएफ की टीम केरल पहुंची और कई दिनों तक स्थानीय स्तर पर रेकी की। टीम के सदस्य राजस्थानी कारीगर बनकर इलाके में घूमते रहे ताकि आरोपी को किसी प्रकार का शक न हो। जांच के दौरान पता चला कि रणजीत उस दिन शोरानूर से करीब 100 किलोमीटर दूर नीलयांमती पहाड़ियों की एक बस्ती में कंबल बेचने गया हुआ है। इसके बाद टीम तत्काल वहां पहुंची और ग्राहक बनकर उससे संपर्क किया। पुलिस अधिकारियों ने कंबल खरीदने का नाटक करते हुए बड़ी डील का झांसा दिया और उसे अपने कथित सेठ से मिलने के लिए वाहन तक बुला लिया। जैसे ही रणजीत वाहन के पास पहुंचा, टीम ने अपनी पहचान बताकर उसे गिरफ्तार कर लिया। कई राज्यों में फैला था नेटवर्क प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह राजस्थान, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में डोडा-चूरा की सप्लाई करता था। उसने पुलिस को बताया कि उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में कितने मामले दर्ज हैं, इसकी जानकारी उसे स्वयं भी नहीं है। गिरफ्तारी के बाद एएनटीएफ की टीम आरोपी को केरल से राजस्थान लेकर आई। सात वर्षों से फरार चल रहे इस इनामी तस्कर की गिरफ्तारी को एएनटीएफ की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शेखावाटी को यमुना का पानी पहुंचाने के प्रोजेक्ट पर होने वाले नए समझौते पर सवाल उठाए हैं। डोटासरा ने नए एग्रीमेंट में राजस्थान के हितों से समझौता करने का आरोप लगाया है। पाइपलाइन से राजस्थान तक पानी लाने पर रास्ते में हरियाणा के गांवों में लीकेज की आशंका जताई है। डोटासरा ने एक्स पर लिखा- शेखावाटी की जनता को झूठे एमओयू नहीं, अपने हिस्से का पूरा पानी चाहिए। राजस्थान के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ढाई साल से भाजपा सरकार सिर्फ एमओयू का खेल खेल रही आखिर यमुना जल पर कितनी बार एमओयू होगा? ढाई साल से भाजपा सरकार सिर्फ एमओयू का खेल खेल रही है। आज मुख्यमंत्री भजनलाल के बयान से एक बात साफ हो गई है कि जिस 17 जून 2024 के एमओयू का वे बार-बार जिक्र करते रहे, वो सिर्फ कागजों और भाषणों तक सीमित था। अब फिर नया MoU होगा, तो पहले वाला क्या था? डोटासरा ने लिखा- मुख्यमंत्री को बताना चाहिए क्या विधानसभा के पटल पर जिस एमओयू का हवाला दिया गया, बयानबाजी की गई, क्या वो सब कुछ झूठ था? क्योंकि अगर प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अब फिर नया MoU होगा तो पहले वाला क्या था? राजस्थान के हितों के साथ एक और समझौते की तैयारी डोटासरा ने लिखा- सबसे चिंता की बात ये है कि बैठक के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री राजस्थान को ऊपरी पानी देने की बात कर रहे हैं। मैं फिर कह रहा हूं, राजस्थान के हितों के साथ एक और समझौते की तैयारी हो रही है। क्या राजस्थान की पाइपलाइन से हरियाणा एक बूंद भी पानी नहीं लेगा? डोटासरा ने लिखा- हरियाणा के जिन गांवों में से राजस्थान की पाइपलाइन आएगी, वहां भी हरियाणा बीच में पानी लेगा। अगर ऐसा नहीं है तो मुख्यमंत्री भजनलाल साफ करें कि क्या राजस्थान की पाइपलाइन से हरियाणा एक बूंद भी पानी नहीं लेगा? शेखावाटी की जनता को झूठे एमओयू नहीं, अपने हिस्से का पूरा पानी चाहिए। राजस्थान के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में पाइपलाइन से यमुना का पानी पहुंचाने के प्रोजेक्ट पर समझौते का मसौदा तैयार हो गया है। इसका मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (एमओए) अगले सप्ताह होगा। इसके बाद इस प्रोजेक्ट का काम आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो जाएगा। सीएम भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ मिटिंग कर यमुना जल परियोजना से जुड़े एमओए के मुख्य बिंदुओं को अंतिम रूप दिया। बैठक के बाद सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा- यमुना जल परियोजना का एमओए सोमवार को होगा। यह परियोजना राजस्थान विशेषकर शेखावाटी क्षेत्र के लिए अहम है। यह परियोजना क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास तथा लाखों लोगों के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। राज्य सरकार केंद्र और हरियाणा सरकार के सहयोग से परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने के लिए प्रयासरत है। राजस्थान को यमुना का पानी उपलब्ध कराने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। वहीं कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शेखावाटी को यमुना का पानी पहुंचाने के प्रोजेक्ट पर होने वाले नए समझौते पर सवाल उठाए हैं। डोटासरा ने एक्स पर लिखा- शेखावाटी की जनता को झूठे एमओए नहीं, अपने हिस्से का पूरा पानी चाहिए। राजस्थान के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसानों, उद्योगों और आम लोगों को होगा फायदा सीएम ने कहा- यमुना जल परियोजना का काम आगे बढ़ने से राजस्थान को अपने हिस्से का पानी जल्द मिलेगा। इससे किसानों, उद्योगों और आम लोगों को बड़ा फायदा होगा। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री पाटिल बोले- नहर की जगह पाइप लाइन से लाएंगे पानी केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा- यमुना जल परियोजना को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके तहत पानी को पारंपरिक नहर प्रणाली की बजाय पाइपलाइन के जरिए पहुंचाने का प्रस्ताव है। इससे पानी की बचत होगी और पानी के बंटवारे की व्यवस्था भी व्यापक होगी। किशाऊ बांध परियोजना से भी राजस्थान को मिलेगा पानी सीआर पाटिल ने कहा- किशाऊ बांध परियोजना से जुड़े छह राज्यों के मुद्दों का भी समाधान हो गया है। जल्द ही उससे संबंधित एमओए भी किया जाएगा। इससे राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा सहित अन्य राज्यों को भी लाभ मिलेगा। हरियाणा के सीएम बोले- बारिश के पानी को सहेजकर राजस्थान पहुंचाने पर भी विचार हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा- हर व्यक्ति तक पानी की पहुंच के लिए राज्य सरकारें काम कर रही हैं। इसके तहत रेणुका, लखवार और किशाऊ परियोजनाओं के क्रियान्वयन से मिलने वाले पानी से राजस्थान, दिल्ली के साथ हरियाणा के लोगों को भी फायदा मिलेगा। बैठक में बरसात के पानी को भी सहेजकर राजस्थान पहुंचाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया। ढाई साल से भाजपा सरकार एमओयू का खेल खेल रही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा- आखिर यमुना जल पर कितनी बार एमओयू होगा? ढाई साल से भाजपा सरकार सिर्फ एमओयू का खेल खेल रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल के बयान से एक बात साफ हो गई है कि जिस 17 जून 2024 के एमओयू का वे बार-बार जिक्र करते रहे, वो सिर्फ कागजों और भाषणों तक सीमित था। (पूरी खबर पढ़ें)
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से सांख्यिकी अधिकारी (सांख्यिकी विभाग)-परीक्षा-2025 में अभ्यर्थी को संशोधन का अवसर दिया गया है। इसमें कैंडिडेट्स अपना नाम, पिता का नाम, फोटो, जन्मतिथि और जेंडर के अलावा अन्य संशोधन ऑनलाइन मंगलवार से कर सकते हैं। ये आवेदन ऑनलाइन होंगे और इसके लिए लास्ट डेट 29 जून है। इस संबंध में आयोग की वेबसाइट पर सूचना उपलब्ध है। आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया- 113 पदों पर भर्ती परीक्षा 30 अगस्त को होगी। इसके आवेदन में ऑनलाइन संशोधन का अवसर अभ्यर्थियों को दिया है। विज्ञापन की शर्तें पहले की तरह ही रहेंगी। ऑफलाइन संशोधन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ऑनलाइन संशोधन के लिए ये रहेगी फीस और प्रोसेस संशोधन चाहने वाले अभ्यर्थी को ई-मित्र/ऑनलाइन बैंकिंग से 500 रुपए की फीस जमा कराना होगा। आयोग के ऑनलाइन पोर्टल https://rpsc.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध एप्लाई ऑनलाइन लिंक या SSO पोर्टल पर लॉगिन करना होगा। सिटीजन एप में उपलब्ध रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर संबंधित परीक्षा में ऑनलाइन संशोधन किया जा सकेगा। इस संबंध में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ई-मेल से अथवा फोन नं. 9352323625 और 7340557555 पर भी संपर्क किया जा सकता है। अपात्र कर सकते हैं आवेदन विड्रो, नहीं करने पर होगी कार्रवाई असत्य और गलत सूचना के आधार पर आवेदन करना, बिना योग्यता के बावजूद विड्रो नहीं करना भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 के तहत दंडनीय अपराध है। ऐसे अभ्यर्थी को काउंसलिंग, पात्रता जांच, इंटरव्यू के दौरान अपात्र पाए जाने पर 1 साल की अवधि के लिए भर्ती परीक्षाओं से डिबार भी किया जाएगा। ऐसे अभ्यर्थी भी इस अवधि के दौरान अपना ऑनलाइन आवेदन विड्रॉ कर सकते हैं। इसके लिए SSO पोर्टल पर लॉगिन कर रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर ‘माय रिक्रूटमेंट सेक्शन’ के अंतर्गत संबंधित परीक्षा के समक्ष उपलब्ध विड्रॉ बटन पर क्लिक कर ऑनलाइन आवेदन विड्रॉ किया जा सकता है। कार्मिक (क-2) विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार- एक साल में आयोजित की किसी 2 परीक्षाओं में अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों की वन टाइम रजिस्ट्रेशन सुविधा ब्लॉक की जाएगी। इसके तहत किन्हीं 2 परीक्षाओं में अनुपस्थित रहने पर 750 रुपए और इसके बाद दोबारा उसी वित्तीय वर्ष की 2 और परीक्षाओं में अनुपस्थित होने पर 1500 रुपए के भुगतान बाद ही ये सुविधा दोबारा शुरू की जाएगी। जो अभ्यर्थी किसी कारण से परीक्षा देने के इच्छुक नहीं हैं। निर्धारित अवधि और प्रक्रिया के अनुसार ऑनलाइन आवेदन-पत्र विड्रॉ कर सकते हैं।
अशोक गहलोत पांचना बांध मुद्दे को हल करने में विफल रहे: राजस्थान भाजपा
भारतीय जनता पार्टी के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पांचना बांध विवाद पर की गई टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की
अभी नहीं थमेगी बारिश-आंधी, दिल्ली-यूपी से लेकर राजस्थान तक एक हफ्ते का अलर्ट जारी
दिल्ली, यूपी, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले एक सप्ताह तक आंधी, बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में अलर्ट जारी किया है।
बॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेताम्बरी भट्ट को राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों पर उदयपुर के एक व्यापारी से 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप है। विक्रम और उनकी पत्नी को मुंबई के यारी रोड इलाके के गंगा भवन ...
दिल्ली के बाद अब राजस्थान में भी टैक्स फ्री हुई फिल्म '120 बहादुर'
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैपी स्टूडियोज की वॉर एपिक '120 बहादुर' आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है, और इसके साथ ही पूरे देश में जबरदस्त उत्साह की लहर दौड़ गई है। साल की सबसे ज्यादा चर्चा वाली फिल्मों में शामिल इस फिल्म को मीडिया और ...
राजस्थान बोर्ड ने जारी किया 10वीं-12वीं सप्लीमेंट्री परीक्षा 2024 का शेड्यूल, यहां करें चेक
Rajasthan Board 10th-12th Supplementary Exam 2024: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने बीएसईआर सप्लीमेंट्री परीक्षा 2024 की डेटशीट जारी कर दी है। जिन छात्रों के परीक्षा में 33 प्रतिशत से कम अंक
Salman Khan फायरिंग केस में आया सनसनीखेज अपडेट, राजस्थान के इस राज्य से पकड़ा गया मामले का एक और आरोपी
सलमान खान के घर पर गोलीबारी प्रकरण में नया मामला दर्ज, राजस्थान से एक व्यक्ति गिरफ्तार
मुंबई। मुंबई पुलिस ने अप्रैल में अभिनेता सलमान खान के आवास के बाहर हुई गोलीबारी के सिलसिले में एक नया मामला दर्ज किया है और आपराधिक धमकी के आरोप में राजस्थान से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अपराध शाखा के अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान राजस्थान के बूंदी निवासी बनवारीलाल लटूरलाल गुर्जर (25) के रूप में हुई है। अधिकारी ने बताया कि गुर्जर ने कथित तौर पर अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया था जिसमें उसने कहा था, लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और गिरोह के अन्य सदस्य मेरे साथ हैं तथा मैं सलमान खान को मारने जा रहा हूं क्योंकि उसने अभी तक माफी नहीं मांगी है। आरोपी ने राजस्थान में एक राजमार्ग पर वीडियो बनाया और उसे अपने चैनल पर अपलोड कर दिया। अधिकारी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक टीम जांच के लिए राजस्थान भेजी गई और उसने आरोपी को पकड़ लिया। उन्होंने कहा कि मुंबई के साइबर पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। अधिकारी ने कहा, हम जांच कर रहे हैं कि आरोपी गुर्जर का कोई पिछला आपराधिक इतिहास तो नहीं है। उसे भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं, 506 (2) (आपराधिक धमकी के लिए सजा) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है और जांच जारी है। बांद्रा इलाके में 14 अप्रैल की सुबह सलमान खान के घर के बाहर मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने कई गोलियां चलाई थीं। इस मामले में कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से एक अनुज थापन ने एक मई को पुलिस हवालात में कथित तौर पर फांसी लगा ली थी।
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'एकलव्य' के बारे में कुछ अनकहे किस्से
एकलव्य : रॉयल गार्ड का मूल नाम यज्ञ था। उत्पादन 2005 की शुरुआत में शुरू हुआ..........
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'परमाणु' के बारे में कुछ अनकहे किस्से
जॉन अब्राहम की फिल्म 'परमाणु- द स्टोरी ऑफ पोखरण' को रिलीज हुए 6 साल हो गए हैं। यह फिल्म 25 मई 2018 को रिलीज हुई थी..........
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बादशाहो' के बारे में कुछ अनकही बाते
बादशाहो एक पीरियड एक्शन-थ्रिलर थी.......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'हाईवे' के बारे में कुछ रोचक बाते
जब इम्तियाज अली द्वारा निर्देशित यह रोड ड्रामा प्रसारित हुआ, जिसमें आलिया भट्ट और रणदीप हुडा ने अभिनय किया, तो लोगों ने इसे बहुत प्यार दिया, न केवल इसकी अभूतपूर्व कहानी के कारण, बल्कि भट्ट के उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण भी...........
देसी मिट्टी से शाहरुख खान ने कमा डाले 200 करोड़ रुपये, राजस्थान में करी थी फिल्म जवान की शूटिंग?
शाहरुख खान की फिल्म जवान ने पहले तीन दिनों में 200 करोड़ रुपये की कमाई कर शानदार प्रदर्शन किया है. 7 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म ने 75 करोड़ की बड़ी ओपनिंग का रिकॉर्ड बनाया है............
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'ये जवानी है दीवानी' के बारे में कुछ रोचक बाते
उदयपुर में शूट की गई रोमांटिक और कॉमेडी फिल्मों की जबरदस्त अवधारणाओं में से एक का निर्माण करण जौहर द्वारा किया गया था और अयान मुखर्जी द्वारा निर्देशित किया गया था। यह उदयपुर में शूटिंग की गई सबसे लोकप्रिय फिल्मों में से एक थी.........
फिल्मों की शूटिंग के लिए बेस्ट लोकेशन बन रहा राजस्थान का अलवर
राजस्थान प्रदेश का अलवर जिला इन दिनों फिल्मों और वेब सीरीज समेत शॉर्ट फिल्मों के लिए बेस्ट लोकेशन बनता जा रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बॉलीवुड एक्टर उज्जवल चोपड़ा अपनी शॉर्ट फिल्म की 4 दिन की शूटिंग के लिए अलवर पहुंचे..........
जोधा अकबर की शूटिंग के बाद मशहूर हुई राजस्थान की ये जगहे
भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की पीरियड फिल्म 'जोधा अकबर' के कुछ सीन जयपुर के आमेर किले में शूट किए गए हैं. आपको आशुतोष गोवारिकर की फिल्म का वो सीन याद होगा, जिसमें ऐश्वर्या राय किचन में राजा के लिए खाना बनाती है......
बॉलीबुड और हॉलीवुड फिल्मों के लिए फेमस है राजस्थान की ये जगहे, देखें वीडियो
राजस्थान और फिल्में हमेशा से मनोरंजन का तड़का लगाती रही हैं। राजधानी जयपुर हमेशा से फिल्म निर्माताओं की पसंदीदा रही है। 'पिंक सिटी' में एक-दो नहीं बल्कि कई बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'लगान' के बारे में कुछ रोचक तथ्य
मिस्टर परफेक्शनिस्ट के नाम से मशहूर आमिर खान की फिल्म 'लगान' उनके फिल्मी करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई। फिल्म में एक ऐसे गांव का चित्रण किया गया था जहां के लोग किराए के बोझ तले दबे हुए थ......
करण-अर्जुन की शूटिंग के बाद मशहूर हुई राजस्थान की ये जगहे
आप सभी ने फिल्म अर्जुन तो देखी ही होगी, यह उस समय की ब्लॉकबस्टर फिल्म थी। और इस फिल्म में दिखाया गया गांव और ठाकुर दुर्जन सिंह की हवेली सभी को याद होगी. लेकिन ज्यादातर लोगों को ये नहीं पता कि इस फिल्म की शूटिंग किस गांव में हुई थी.........
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बॉर्डर' के बारे में कुछ अनोखी बातें
सनी देओल, जैकी श्रॉफ, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना, सुदेश बेरी, पुनीत इस्सर और कुलभूषण खरबंदा अभिनीत फिल्म बॉर्डर ने अपनी रिलीज के 26 साल पूरे कर लिए हैं। 1971 के वास्तविक जीवन के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर आधारित और लोंगेवाला की लड़ाई की सच्ची घटनाओं पर आधारित, बॉर्डर 1997 में रिलीज़ हुई थी और इसका निर्देशन जेपी दत्ता ने किया था............
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बोल बच्चन' के बारे में कुछ अनोखी बातें
रोहित शेट्टी की फिल्म 'बोल बच्चन' में अभिषेक बच्चन, अजय देवगन और असिन नजर आए हैं. फिल्म की आधे से ज्यादा शूटिंग पिंक सिटी जयपुर में हुई है. फिल्म का हिट गाना 'चलाओ न नैनों से बाण रे' की शूटिंग जयपुर के मशहूर रिजॉर्ट चोखी ढाणी में हुई है......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बाजीराव मस्तानी' के बारे में कुछ अनोखी बातें
राजस्थान और फिल्मों का साथ हमेशा से ही एंटरटेनमेंट का तड़का लगा रहा है. राजधानी जयपुर (Jaipur) हमेशा से ही फिल्मकारों की पसंद रही है. बॉलीवुड की एक-दो नहीं बल्कि कई फिल्में 'पिंक सिटी' में शूट हो चुकी हैं.......
Rajasthan 12th Board: दो दिन बाद समाप्त होंगे पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन, ऐसे भरें फॉर्म
राजस्थान बोर्ड कक्षा 12वीं रिजल्ट 2024: पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 30 मई है। जो छात्र अपने अंक से असंतुष्ट हैं, वे आवेदन कर सकते हैं। आइए जानते हैं, कैसे करना है आवेदन। यहां देखें
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'हम साथ साथ हैं' के बारे में कुछ अनोखी बातें
4 अक्टूबर 1998 को ग्रोव के संरक्षक मांगीलाल सोनल द्वारा सार्वजनिक पार्क में फिल्म ' हम साथ - साथ हैं ' की शूटिंग की अनुमति दी गई थी। यह खुलासा वन विभाग के अधिकारी शिवचंद बोहरा और सोनल से जिरह के दौरान हुआ.........
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राजस्थान के बीकानेर ज़िले में स्थित लक्ष्मी निवास पैलेस अपनी भव्यता से भर जाता है.यह आलीशान और लग्ज़री होटल है, जिसकी बनावट और महीन कारीगरी काफ़ी खास है.इस पैलेस को 1904 में महाराजा गंगा सिंह के लिए बनवाया गया था.......
फिल्म करण अर्जुन 1995 में रिलीज हुई थी। रिलीज के इतने साल बाद भी फिल्म करण अर्जुन का नशा लोगों के दिलों में इस कदर छाया हुआ है कि लोग इसे भूल नहीं पाते हैं। आज हम इस फिल्म से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातों के बारे में बात करेंगे......
पिछले कई महीनों से एक दर्जन सहित क्षेत्रीय भाषा और विदेशी फिल्मों की शूटिंग का हिस्सा रही जैसलमेर की धरती पर लाइट...एक्शन...कैमरे की आवाज नहीं गूंज रही है। एक साल में दर्जनों बॉलीवुड फिल्में......
रेत के टीलों से लेकर ऐतिहासिक स्मारकों तक, राजस्थान सभी फिल्म निर्माताओं को शूटिंग के लिए आकर्षित करता रहा है। जयपुर, जोधपुर जैसे शहरों की ऐतिहासिक विरासत से लेकर जैसलमेर, बाड़मेर जैसे जिलों के रेत के टीलों तक, यहां सब कुछ अनोखा है.....
जॉली एलएलबी की तीसरी किस्त में अक्षय कुमार और अरशद वारसी स्क्रीन शेयर करने जा रहे हैं। शूटिंग राजस्थान में चल रही थी और उन्होंने पहला शेड्यूल पूरा कर लिया है। हाल ही में, अभिनेताओं ने शूटिंग खत्म करते हुए एक मजेदार वीडियो साझा किया। कुछ ही देर में ये वायरल हो गया। दोनों को बड़ी मुस्कान के साथ बाइक चलाते देखा गया। अक्षय और अरशद ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया अक्षय और अरशद ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर वीडियो साझा किया और लिखा, “और यह एक शेड्यूल रैप है! जैसा कि आप देख सकते हैं कि दोनों जॉलीज़ ने राजस्थान में अच्छा समय बिताया। वीडियो में दोनों सड़क पर बाइक चला रहे हैं। अरशद की शर्ट खून से लथपथ है. हाल ही में, बड़ी संख्या में अक्षय के प्रशंसक उनकी फिल्म के सेट पर उन्हें आश्चर्यचकित करने और उनके साथ तस्वीरें लेने के लिए पहुंचे। अब सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में, राम सेतु अभिनेता को जॉली एलएलबी 3 के सेट पर उनका स्वागत करने आए लोगों के लिए तस्वीरें लेते और ऑटोग्राफ देते देखा जा सकता है। अक्षय पहले भी वीडियो शेयर कर चुके हैं इससे पहले, जॉली एलएलबी 3 के सेट से एक बिहाइंड द सीन वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था जिसमें अक्षय शर्टलेस बैठे नजर आ रहे थे और उन्होंने सन बाथ का भी आनंद लिया था। वीडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए अक्षय के फैन पेज ने लिखा, @अक्षयकुमार #JollyLLB3 के सेट पर सन बाथ ले रहे हैं...अगर आप ठीक से सुनेंगे तो बजरंग बैन चल रहा है। बता दें, अक्षय कुमार ने इस महीने की शुरुआत में जॉली एलएलबी 3 की शूटिंग शुरू की थी, जब उन्होंने सेट से एक मजेदार वीडियो भी जारी किया था। वीडियो में अक्षय के साथ अरशद वारसी भी शामिल थे और दोनों काले कपड़े पहने नजर आ रहे थे। इसकी शुरुआत अक्षय द्वारा सभी को जगदीश त्यागी उर्फ जॉली बीए एलएलबी डुप्लिकेट से सावधान रहने की चेतावनी देने से हुई। इसके बाद, अरशद को खुद को असली जॉली के रूप में पेश करते देखा गया। जॉली एलएलबी की 3 किस्त आ रही है पहली जॉली एलएलबी फिल्म, जो 2013 में रिलीज हुई थी, जिसमें अरशद वारसी और सौरभ शुक्ला मुख्य भूमिका में थे। दूसरी ओर, फिल्म का सीक्वल 2017 में सिनेमाघरों में आया जिसमें अक्षय कुमार ने अरशद वारसी की जगह ली। उनके साथ हुमा कुरेशी भी उनकी प्रेमिका के रूप में शामिल हुईं। कथित तौर पर, तीसरी किस्त में, अक्षय कुमार और अरशद वारसी आमने-सामने होंगे, जबकि सौरभ शुक्ला जज के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे। हालांकि, अभी तक मेकर्स ने फिल्म की कहानी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। View this post on Instagram A post shared by Akshay Kumar (@akshaykumar)
सलमान खान के घर फायरिंग मामला: मुंबई क्राइम ब्रांच ने पांचवें आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में ताजा घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को पांचवें आरोपी मोहम्मद चौधरी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। इंडिया टीवी के अतुल सिंह की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद चौधरी ने दो शूटरों, सागर पाल और विक्की गुप्ता को पैसे देकर और रेकी करके भी मदद की। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, चौधरी को आज मुंबई लाया जा रहा है जहां उसे किला कोर्ट में पेश किया जाएगा और पांच दिन की हिरासत की मांग की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Kareena Kapoor Khan ने Saif Ali Khan के बड़े बेटे इब्राहिम की नवीनतम तस्वीरों पर सबसे मनमोहक टिप्पणी की इससे पहले, अनुज थापन नाम के एक आरोपी ने पुलिस हिरासत में चादर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बता दें, अनुज पर शूटरों को हथियार मुहैया कराने का आरोप है। थापन को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले, बांद्रा में अभिनेता के आवास के बाहर गोलीबारी करने वाले दोनों शूटर विक्की गुप्ता और सागर पाल को गुजरात के भुज से हिरासत में लिया गया था। इसे भी पढ़ें: सलमान खान के घर के बाहर गोली चलाने के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य गिरफ्तार सलमान खान के घर फायरिंग मामले की जानकारी मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। इस महीने की शुरुआत में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया था. अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। सलमान खान की नवीनतम सार्वजनिक उपस्थिति सलमान खान हाल ही में लंदन में थे जहां उन्होंने ब्रिटेन के ब्रेंट नॉर्थ निर्वाचन क्षेत्र से सांसद बैरी गार्डिनर से मुलाकात की। इंटरनेट पर कई तस्वीरें वायरल हुईं, जिनमें बैरी और सलमान दोनों वेम्बली स्टेडियम के अंदर नजर आ रहे हैं।
भारत के राष्ट्रीय प्रसारक Doordarshan ने नए लोगो का अनावरण किया, जिसका रंग लाल से नारंगी हुआ
भारत सरकार के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक दूरदर्शन ने अपने समाचार चैनल डीडी न्यूज का लोगो लाल से बदलकर भगवा कर दिया है। यह लोगो 16 अप्रैल, 2024 को लागू हुआ, जिसने पिछले लाल वाले को बदल दिया। अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेजों के माध्यम से, डीडी न्यूज़ ने कहा कि उनके मूल्य वही रहेंगे और वे अब एक नए अवतार में उपलब्ध हैं। इसे भी पढ़ें: Barahi Devi Temple: बाराही देवी मंदिर में दर्शन मात्र से दूर होती है गंभीर बीमारियां, जानिए मंदिर से जुड़ी मान्यता पोस्ट में कहा गया एक ऐसी समाचार यात्रा के लिए तैयार हो जाइए जो पहले कभी नहीं देखी गई.. बिल्कुल नए डीडी न्यूज का अनुभव करें। हमारे पास यह कहने का साहस है: गति से अधिक सटीकता, दावों से अधिक तथ्य, सनसनीखेज से अधिक सत्य। क्योंकि अगर यह डीडी न्यूज पर है, तो यह सच है। दूरदर्शन का इतिहास दूरदर्शन ने 15 सितंबर, 1959 को सार्वजनिक सेवा प्रसारण में एक मामूली प्रयोग के साथ शुरुआत की। यह प्रयोग 1965 में एक सेवा बन गया जब दूरदर्शन नई दिल्ली और उसके आसपास के लिविंग रूम में टेलीविजन सेट तक पहुंच गया। 1975 तक सेवाओं को मुंबई, अमृतसर और सात अन्य शहरों तक बढ़ा दिया गया। 1 अप्रैल, 1976 को यह सूचना और प्रसारण मंत्रालय में एक अलग विभाग के अंतर्गत आ गया। 1982 में दूरदर्शन राष्ट्रीय प्रसारक बन गया। इसे भी पढ़ें: Rajasthan: पाली में बोले अमित शाह, हम भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा अर्थतंत्र बना देंगे, ये मोदी की गारंटी है 1982 में, दूरदर्शन का रंगीन संस्करण तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी के स्वतंत्रता दिवस के भाषण के सीधे प्रसारण के साथ शुरू हुआ, इसके बाद दिल्ली में 1982 के एशियाई खेलों का रंगीन प्रसारण हुआ। वर्तमान में, दूरदर्शन 6 राष्ट्रीय चैनल और 17 क्षेत्रीय चैनल संचालित करता है। राष्ट्रीय चैनलों में डीडी नेशनल, डीडी इंडिया, डीडी किसान, डीडी स्पोर्ट्स, डीडी उर्दू और डीडी भारती शामिल हैं। दूसरी ओर, डीडी अरुणप्रभा, डीडी बांग्ला, डीडी बिहार, डीडी चंदना, डीडी गिरनार, डीडी मध्य प्रदेश, डीडी मलयालम, डीडी नॉर्थ ईस्ट, डीडी ओडिया, डीडी पोधिगई, डीडी पंजाबी, डीडी राजस्थान, डीडी सह्यगिरी, डीडी सप्तगिरी, डीडी उत्तर प्रदेश, डीडी यादगिरी और डीडी काशीर इसके क्षेत्रीय चैनल हैं। While our values remain the same, we are now available in a new avatar. Get ready for a news journey like never before.. Experience the all-new DD News! We have the courage to put: Accuracy over speed Facts over claims Truth over sensationalism Because if it is on DD News, it… pic.twitter.com/YH230pGBKs — DD News (@DDNewslive) April 16, 2024
बच्चों के साथ राजस्थान की सैर पर निकलीं शिल्पा शेट्टी, वीडियो शेयर कर...
शिल्पा शेट्टी इन दिनों राजस्थान की सैर पर निकली हैं. शिल्पा के साथ उनके बच्चे भी राजस्थान के नेशनल पार्क में घूमते नजर आ रहे हैं. शिल्पा ने इसका वीडियो शेयर किया है. वीडियो में शिल्पा शेट्टी बच्चों के साथ मस्ती करती नजर आ रही हैं.

