झांसी रेल प्रशासन ने मथुरा में 23 जुलाई से 31 जुलाई तक आयोजित होने वाले गोवर्धन परिक्रमा और गुरु पूर्णिमा मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने विशेष इंतजाम किए हैं। रेल प्रशासन ने इस अवधि में दो ट्रेनों का विस्तार करने का निर्णय लिया है, जिससे झांसी, आगरा, ग्वालियर और मथुरा क्षेत्र के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। झांसी-आगरा ट्रेन अब डीग तक जाएगी रेलवे ने गाड़ी संख्या 11901/11902 वीरांगना लक्ष्मी बाई झांसी-आगरा छावनी पैसेंजर का विस्तार राजस्थान के डीग स्टेशन तक कर दिया है। ● ट्रेन नम्बर 11901 झांसी-डीग, 29 और 30 जुलाई को चलेगी।● ट्रेन नम्बर 11902 डीग-झांसी, 30 और 31 जुलाई को चलेगी। ये गाड़ी झांसी से शाम 4.5 बजे रवाना होकर रात 11. 25 बजे मथुरा जंक्शन पहुंचेगी। इसके बाद भूतेश्वर, मोरा, राधाकुंड और गोवर्धन होते हुए रात 12. 45 बजे डीग पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन डीग से रात 2. 45 बजे चलकर दोपहर 12. 50 बजे झांसी पहुंचेगी। नई दिल्ली-आगरा इंटरसिटी अब ग्वालियर तक रेलवे ने 14212/14211 नई दिल्ली-आगरा कैंट इंटरसिटी एक्सप्रेस का भी अस्थायी विस्तार ग्वालियर तक कर दिया है।● ट्रेन नम्बर 14212 नई दिल्ली-ग्वालियर, 24 से 31 जुलाई तक चलेगी। ● ट्रेन नम्बर 14211 ग्वालियर-नई दिल्ली, 25 जुलाई से 1 अगस्त तक चलेगी। यह ट्रेन नई दिल्ली से शाम 5. 40 बजे रवाना होकर रात 9. 35 बजे आगरा कैंट, 10.25 बजे धौलपुर, 11. 05 बजे मुरैना पहुंचते हुए रात 11. 45 बजे ग्वालियर पहुंचेगी। वापसी में ग्वालियर से रात 1 बजे रवाना होकर सुबह 10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि गोवर्धन परिक्रमा और गुरु पूर्णिमा मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यह व्यवस्था की गई है, ताकि यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिल सके और भीड़ का दबाव कम हो। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि यात्रा से पहले ट्रेन के समय और संचालन की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।
ग्वालियर के मुरार स्थित सदर बाजार में ठगी का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां 'आरके ज्वैलर्स' शॉप चलाने वाले सराफा व्यापारी को अपनी बातों में फंसाकर राजस्थान के दो सगे भाइयों ने नकली सोने की 7 ताबीज और सिक्के थमा दिए। बदले में ₹10.50 लाख की नकदी समेत ₹5.50 लाख के सोने-चांदी के जेवरात लेकर फरार हो गए। जब सोना वापस चेक किया तो वह नकली निकला। ठगी का अहसास होते ही पीड़ित व्यापारी ने साथी कारोबारियों के साथ पीछा कर एक आरोपी को आकाशवाणी चौराहे पर धर दबोचा, जबकि उसका सगा भाई माल लेकर भागने में सफल रहा। शुक्रवार को आरोपी का दूसरा साथी भी पुलिस के हाथ लग गया है। पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। 'पुश्तैनी गहने हैं, कुछ कैश और जेवर दे दो सदर बाजार मुरार निवासी 41 वर्षीय सराफा कारोबारी विकास जैन पुत्र दिनेश चंद्र जैन ने मुरार थाने में लिखित शिकायत में बताया है कि उनकी सदर बाजार में आरके ज्वैलर्स' नाम से सोने-चांदी की दुकान है। 23 जुलाई 2026 की सुबह करीब 11:30 बजे उनकी दुकान पर दो व्यक्ति सुंदर भोपा और उसका सगा भाई रामलाल उर्फ चांदवीर निवासी गोवर्धन, राजस्थान आए। उन्होंने दुकान पर आकर 7 'पुश्तैनी' सोने की तबजिया (कुल वजन करीब 130 ग्राम) दिखाते हुए कहा कि 'यह हमारा खानदानी सामान है, इसे बेचकर हमें कुछ नए सोने-चांदी के जेवर लेने हैं और कुछ नकद रुपयों की जरूरत है।' ₹16 लाख में तय हुआ सौदा, झोले में भरा ₹10.50 लाख कैश व्यापारी विकास जैन ने जब सोने की तबजिया को चेक किया तो वह सोने की निकली। साथ ही वजन किया, तो बाजार दर के हिसाब से उनका कुल मूल्य 16 लाख रुपए तय हुआ। दोनों भाइयों ने इस कीमत पर सहमति जता दी। विकास जैन ने उन्हें ₹10.50 लाख रुपए नकद दिए। इसके अलावा शेष ₹5,50,000 के बदले दो चांदी की करधोनी, दो चांदी के कड़े और 20 ग्राम वजन की दो जोड़ी सोने की झुमकियां दे दीं। दोनों आरोपी सारा सामान और कैश समेटकर दुकान से तुरंत निकल गए। जांच में निकला नकली सोना, आकाशवाणी चौराहे पर पकड़ाया आरोपी आरोपियों के जाने के तुरंत बाद जब विकास जैन ने उनके द्वारा दी गई तबजिया को कसौटी और तेजाब से गहराई से चेक किया, तो वे पूरी तरह से नकली (आर्टिफिशियल) निकलीं। ठगी का अहसास होते ही व्यापारी विकास जैन के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत अपने आसपास के सराफा व्यापारियों को इसकी सूचना दी और आरोपियों की तलाश में दौड़े। पीछा करते हुए जब वे आकाशवाणी चौराहे पहुंचे, तो वहां आरोपी सुंदर दिख गया, जबकि उसका भाई रामलाल नकद और असली जेवर लेकर भीड़ का फायदा उठाकर भाग चुका था। विकास जैन और उनके साथियों ने भाग रहे सुंदर को दबोच लिया। इस दौरान मौके पर जमा हुई आक्रोशित भीड़ की धक्का-मुक्की में आरोपी सुंदर के शरीर और गाल पर हल्की चोटें भी आईं। आरोपियों से पूछताछ जारी व्यापारी और उनके साथी आरोपी सुंदर और उसके द्वारा दी गई नकली सोने की तबजिया को लेकर सीधे मुरार थाने पहुंचे थे। जिसके बाद मुरार थाना पुलिस ने फरियादी विकास जैन की लिखित शिकायत पर आरोपी सुंदर भोपा और उसके भाई रामलाल उर्फ चांदवीर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया। पुलिस पकड़े गए आरोपी सुंदर से पूछताछ कर रही है।
भ्रष्टाचार पर सरकार का इनाम!' राजस्थान में शिक्षा सचिव के तबादले पर CJP का तीखा हमला
राजस्थान के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों से इस वक्त एक बड़ी और गरमागरम खबर सामने आ रही है। राज्य में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और शिक्षा विभाग के सचिव के हालिया तबादले को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इस ट्रांसफर को लेकर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला है। हनुमान बेनीवाल ने इस प्रशासनिक फेरबदल को सीधा 'भ्रष्टाचार पर सरकार का इनाम' करार देते हुए तीखा तंज कसा है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि अधिकारियों की ऐसी कार्यप्रणाली के खिलाफ आम जनता और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।शिक्षा विभाग के इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल पर क्यों भड़के हनुमान बेनीवाल?पूरा मामला राजस्थान के शिक्षा विभाग में हाल ही में हुए प्रशासनिक बदलावों से जुड़ा हुआ है। जब सरकार ने शिक्षा सचिव स्तर के एक प्रमुख अधिकारी का तबादला किया, तो इसके राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे। सीजेपी और आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों से इस तबादले पर कड़ा ऐतराज जताया। उनका आरोप है कि यदि किसी अधिकारी के कार्यकाल पर भ्रष्टाचार के गंभीर सवाल उठे थे, तो उसे सजा मिलने के बजाय मनचाही जगह पर पोस्टिंग देना या सुरक्षित करना सीधे तौर पर सिस्टम की कमियों को उजागर करता है। बेनीवाल का यह बयान अब राज्य की सियासत में एक नया भूचाल ला चुका है, जिस पर विपक्षी दल और सरकार समर्थकों के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।'भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी रहेगा कड़ा संघर्ष', आरएलपी सुप्रीमों का ऐलानहनुमान बेनीवाल ने अपने तीखे तेवरों में साफ कर दिया है कि राजस्थान की जनता और खासकर बेरोजगार युवाओं के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे पवित्र विभाग में यदि भ्रष्टाचार या मनमानी को बढ़ावा दिया जाएगा, तो उनकी पार्टी चुप नहीं बैठेगी। सरकार की नीतियों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में पारदर्शी प्रशासन देने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। बेनीवाल ने ऐलान किया है कि वे इस पूरे मामले को जनता के बीच लेकर जाएंगे और भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक अपनी लड़ाई पूरी ताकत से जारी रखेंगे।राजस्थान की सियासत में गर्माया मुद्दा, आगामी दिनों में बढ़ सकता है राजनीतिक टकरावइस तीखे राजनीतिक हमले के बाद से राजस्थान की राजनीति में सरगर्मी काफी बढ़ गई है। एक तरफ जहाँ आरएलपी और अन्य विपक्षी दल सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर रहे हैं, वहीं प्रशासनिक अधिकारियों के तबादलों को लेकर उठ रहे इन सवालों ने सत्ता पक्ष की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा से लेकर जनसभाओं तक एक बड़ा राजनीतिक हथियार बन सकता है, जिससे यह साफ है कि राजस्थान की राजनीति में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक फेरबदल का यह चैप्टर अभी लंबे समय तक सुर्खियों में रहने वाला है।
पेपर लीक के मुद्दे पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर वार कर कहा था कि पिछले पौने तीन साल में राजस्थान में 350 पेपर हुए, लेकिन एक भी पेपरलीक नहीं हुआ। उनके इस बयान पर सीएम अशोक गहलोत ने पलटवार किया है। गहलोत ने दावा किया कि ‘एक भी पेपरलीक नहीं’, की निष्पक्ष जांच हुई तो झूठ के परखच्चे उड़ जाएंगे। गहलोत ने कहा कि उन्हें (सीएम) कहना चाहिए कि हमने एक भी शिकायत की निष्पक्ष जांच नहीं होने दी, जिससे सच सामने न आ जाए। गहलोत ने एक्स पर लिखा- मुख्यमंत्रीजी, जरा याद कर लीजिए। देश की सबसे बड़ी परीक्षा NEET-UG के पेपर लीक का एपिसेंटर आपके राज में राजस्थान बना और लाखों बच्चों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ी। राजस्थान की भाजपा सरकार और पुलिस ने तो पेपर लीक की शिकायत को छिपाया। जब NTA को विद्यार्थियों ने सीधी शिकायत दी, तब जाकर पेपर लीक का पता चला। गहलोत ने लिखा- हर बार आपकी (बीजेपी) सरकार का एक ही काम रहा, सच पर पर्दा डालना। आपने अपने कार्यकाल की परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच न करवाने की कसम खा रखी है, क्योंकि जांच हुई तो 'एक भी लीक नहीं' के झूठ के परखच्चे उड़ जाएंगे। भाजपा राज की कई परीक्षाएं संदेह के घेरे में गहलोत ने लिखा- झुंझुनूं के नवलगढ़ में RAS का पेपर खुले लिफाफे में मिला। प्राध्यापक भर्ती का पेपर खुली सील के साथ पहुंचा। जैसलमेर के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल सेंटर पर LDC भर्ती में परीक्षा केंद्र से खिड़की के रास्ते पेपर बाहर भेजकर नकल कराई गई और वीक्षकों की ड्यूटी सुनियोजित तरीके से लगाने के आरोप लगे। जयपुर स्थित RSSB का टेक्निकल हेड OMR शीट बदलकर घोटाला करता पकड़ा गया पर उसने कितनी परीक्षाओं में बेईमानी की ये आजतक पता नहीं चला। SI भर्ती रद्द न हो, यह सिफारिश लेकर भी आपकी सरकार हाईकोर्ट गई गहलोत ने लिखा- SI भर्ती रद्द होने का क्रेडिट आप जनता में लेते रहे लेकिन SI भर्ती रद्द न हो, यह सिफारिश लेकर भी आपकी सरकार ही हाईकोर्ट गई थी। जो युवा जवाब मांगने सड़क पर उतरे, उन पर लाठियां बरसाई गईं। हमने माफिया की संपत्ति पर बुलडोजर चलाया, आप सच पर चला रहे हैं गहलोत ने लिखा- हमारे राज में 400 से अधिक गिरफ्तारियां, माफिया की संपत्तियों पर बुलडोजर, RPSC सदस्य तक को जेल, बोर्ड अध्यक्ष बर्खास्त और आजीवन कारावास, 10 करोड़ जुर्माने और संपत्ति जब्ती वाला देश का सबसे सख्त कानून। आज जो भी कार्रवाई होती दिखती है, वह कांग्रेस के बनाए इसी कानून के तहत होती है। फर्क साफ है। हमने माफिया की संपत्ति पर बुलडोजर चलाया था, आप सच पर बुलडोजर चला रहे हैं। -- ये खबर भी पढ़िए- सीएम बोले-राजस्थान में पेपरलीक हुए तब राहुल गांधी कहां थे:अब छात्रों पर कर रहे राजनीति; हमारी सरकार ने 450 आरोपियों को पहुंचाया जेल पेपर लीक के मुद्दे पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जब राजस्थान में कांग्रेस सरकार के दौरान लगातार पेपर लीक की घटनाएं हो रही थीं, तब राहुल गांधी कहां थे। (पढ़िए पूरी खबर)
दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स पर हुई पुलिस की कार्रवाई का विरोध राजस्थान में भी हो रहा है। जोधपुर में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़ गए, जिन्हें पुलिस ने पीछे धकेला। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हो गई। राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर बेंच में वकील केंद्र सरकार के खिलाफ धरने पर बैठे हैं। विधि विभाग कांग्रेस, राजस्थान हाईकोर्ट (जयपुर) से जुड़े वकीलों ने स्टूडेंट्स के समर्थन में पैदल मार्च निकाला। यह पैदल मार्च हाईकोर्ट के गेट नंबर-3 से अंबेडकर सर्किल तक रहा। वहीं, जयपुर में राजस्थान यूनिवर्सिटी के गेट पर छात्र नेता शुभम रेवाड़ भूख हड़ताल बैठे हैं। उनकी भूख हड़ताल का आज दूसरा दिन है। उनके नेतृत्व में स्टूडेंट धरना दे रहे हैं। जयपुर के जवाहर सर्किल पर भी स्टूडेंट प्रदर्शन कर रहे हैं। वकील बोले- देश के भविष्य को बचाने की लड़ाई वकीलों का कहना है कि देश के भविष्य को पीटा जा रहा है। उनके कपड़े फाड़े जा रहे हैं। अश्लीलता की जा रही है। कीलें लगा-लगाकर उनको मारा जा रहा है, जैसे वो आंतकवादी हों। ये हमारे देश के भविष्य को बचाने की लड़ाई है। बच्चों के हित के लिए हम बैठे हैं। जिस तरह सीजेआई ने बच्चों की बात सुनने के लिए टाइम नहीं दिया, ये गलत है। देखिए, प्रदर्शन की PHOTOS… कांग्रेस नेता बोले- धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें वकीलों के धरने में पहुंचे कांग्रेस नेता पुष्पेंद्र भारद्वाज ने कहा- दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। जिनके कारण पूरा देश सुलग रहा है। जब तब पीएम उनका इस्तीफा नहीं लेंगे, तब तक पूरे देश में आंदोलन चलता रहेगा। … यह खबर भी पढ़ें… पुलिस ने कांग्रेस और BAP कार्यकर्ताओं पर बरसाईं लाठियां:राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्र नेता की भूख हड़ताल, कोटा में जिलाध्यक्ष बैरिकेड्स पर चढ़ी एक्टर बोले- जंतर-मंतर पर स्टूडेंट्स हमारे-आपके बच्चों के लिए लड़-रहे:राघव जुयाल ने कहा- Gen-Z पहले से ज्यादा जागरूक, अधिकारों-जिम्मेदारियों को समझती है जयपुर में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा से पुलिस की धक्का-मुक्की:वाटर कैनन चलाई, एक महिला बेहोश हुई; भाजपा कार्यालय घेरने जा रहे थे जयपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन चलाई:कांग्रेस कार्यालय घेराव करने निकले थे,राठौड़ बोले- जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले भाड़े के टट्टू और पत्थरबाज थे पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
हरियाणा के PWD एवं पब्लिक हेल्थ मंत्री रणबीर गंगवा के नाम से फर्जी सिम निकलवाकर 2 साइबर ठगों ने अधिकारियों और नेताओं को कॉल कर दी। एक अधिकारी को कॉल कर कहा- अपने आदमी भेज रहा हूं, काम कर देना। इसके बाद पानीपत और करनाल भाजपा जिलाध्यक्षों को भी फोन किया गया। जब इन नेताओं को शक हुआ तो इन्होंने खुद मंत्री को फोन कर वेरिफाई किया। मामला फर्जी निकला तो तुरंत पुलिस को शिकायत दी गई। हिसार साइबर थाना पुलिस और CIA की टीम ने राजस्थान के अलवर जिले के नाडका से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने मंत्री गंगवा फर्जी डॉक्यूमेंट तैयार कराए थे, इन्हीं से सिम इश्यू हुआ था। ट्रू कॉलर दिखता था मंत्री का नाम हिसार पुलिस की जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने मंत्री के फेक डॉक्यूमेंट से ही सिम इश्यू कराए थे। हालांकि अभी यह सामने नहीं आया कि ये सिम कहां से खरीदे गए। ट्रू कॉलर पर भी मंत्री नणबीर गंगवा का ही नाम दिखाई देता था। आरोपियों ने अपनी वॉट्सएप डीपी पर 1 जुलाई को हुए एक कार्यक्रम की फोटो भी लगाई थी। इस फोटो में मंत्री गंगवा के साथ कई नेता हैं। अब पढ़िए, कैसे पकड़े गए आरोपी आरोपियों ने पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट अंबाला के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर को कॉल कर कहा- मैं अपना आदमी भेज रहा हूं, इसका काम कर देना। इसके बाद आरोपियों ने पानीपत और करनाल के भाजपा जिलाध्यक्षों को भी कॉल की। भाजपा जिलाध्यक्षों को हुआ शक दोनों जिलाध्यक्ष मंत्री गंगवा को पर्सनली जानते थे, उनकी आवाज भी पहचानते थे। कॉल करने वाले की बातचीत और लहजे पर उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद करनाल जिलाध्यक्ष ने मंत्री रणबीर गंगवा के निजी नंबर पर कॉल पूरा मामला वेरिफाई किया। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। PA की शिकायत पर कार्रवाई मंत्री के निजी सहायक (PA) अरुण कुमार ने साइबर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि कोई व्यक्ति मंत्री जी के नाम से सिम जारी करवाकर उसका गलत इस्तेमाल कर रहा है। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस की और अलवर (राजस्थान) से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में एसपी सिद्धांत जैन का कहना है कि मंत्री के PA की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। जांच के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। फिलहाल दोनों से पूछताछ जारी है।
जोजरी नदी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान में इंडस्ट्रियल पॉल्यूशन (औद्योगिक प्रदूषण) और वॉटर सोर्सेज (जल स्रोतों) की बिगड़ती स्थिति पर कड़ा रुख अपनाया है। जोजरी नदी में प्रदूषण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से पर्यावरणीय चिंताओं पर विस्तृत जवाब मांगा है। इसके साथ ही राजस्थान के मुख्य सचिव को सुप्रीम कोर्ट के सभी निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया गया है। ऐसे में उन्हें अगली सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। इधर, सुप्रीम कोर्ट को सौंपी गई हाई लेवल कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में बताया- प्रदूषित पानी की वजह से यहां वन्यजीव कम हो गए हैं। कमेटी ने फॉरेस्ट एरिया भी डेवलप करने की सिफारिश की है। मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा- राज्य के विभिन्न हिस्सों में जल स्रोतों में औद्योगिक प्रदूषण की खबरें गंभीर चिंता का विषय हैं। कमेटी ने बताया- प्रदूषित पानी का असर वन्यजीवों पर अदालत में प्रस्तुत रिपोर्ट में जोजरी नदी के पास तनावड़ा स्थित एक तालाब का पानी गुलाबी होने और मानव व पशुओं के उपयोग के लिए अनुपयुक्त होने का उल्लेख किया गया है। यदि ये तथ्य सही पाए जाते हैं, तो इसका गंभीर असर भूजल, कृषि भूमि, वन्यजीव और जनस्वास्थ्य पर पड़ सकता है। एक उच्च-स्तरीय इको-सिस्टम ओवरसाइट कमेटी ने जोधपुर की मेलबा, धवा, झंवर और लूणी तहसील के आसपास प्रदूषण से वन्यजीवों पर पड़ रहे असर को भी रेखांकित किया है। रिपोर्ट के अनुसार, इन क्षेत्रों में चिंकारा, काला हिरण और नीलगाय सहित कई वन्यजीव पाए जाते हैं, जिनकी संख्या प्रदूषित पानी के कारण कम हुई है। कमेटी ने मेलबा और मोडाथली की कुछ भूमि को वन विभाग को सौंपकर वन एवं घास भूमि (चारागाह) के रूप में विकसित करने की सिफारिश की है। इस संबंध में कोर्ट ने राज्य सरकार को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं, सांगारिया सीईटीपी (CETP) में जमा औद्योगिक अपशिष्ट युक्त पानी के सुरक्षित उपचार और निस्तारण के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को तकनीकी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया- इस प्रक्रिया की आड़ में इंडस्ट्री शुरू नहीं हो सकेगी यह प्रक्रिया कमेटी की निगरानी में होगी और वैज्ञानिक जांच के बाद ही पानी का निस्तारण किया जाएगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया की आड़ में बंद औद्योगिक इकाइयों को दोबारा शुरू नहीं किया जा सकेगा। अदालत ने राज्य सरकार से प्रदूषण के मामलों पर विस्तृत हलफनामा भी मांगा है। साथ ही, अवैध रूप से बिना उपचारित (untreated) औद्योगिक अपशिष्ट छोड़ने के मामलों में गंभीर आपराधिक धाराएं नहीं लगाने पर जवाब तलब किया है। यह है पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 16 सितंबर 2025 को स्वतः संज्ञान लिया था। कोर्ट ने औद्योगिक कचरे और सीवरेज के कारण जोधपुर, पाली और बालोतरा की नदियों के जहरीले होने पर गहरी चिंता जताई थी। इसमें स्टील और टेक्सटाइल सहित अन्य औद्योगिक इकाइयों की बड़ी भूमिका सामने आई थी। कोर्ट ने पाया कि पिछले दो दशकों से प्रशासनिक लापरवाही और सिस्टम की विफलता के कारण करीब 20 लाख लोगों का जीवन, पशुधन और पर्यावरण गंभीर खतरे में है। --- यह पढ़ें पूरी खबर… जोजरी नदी मामला,सुप्रीम कोर्ट बोला-20 लाख लोगों की रक्षा करेंगे:चाहे कितनी भी नौकरियां क्यों न चली जाएं; SIT की जांच केवल दिखावा जोजरी नदी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने SIT की जांच पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने स्वतः संज्ञान (सुओ मोटो) याचिका पर सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा- हमें जो बताया गया है, उसके अनुसार एसआईटी की जांच भी महज एक दिखावा है। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
करौली के हिंडौन सिटी से कांग्रेस विधायक अनिता जाटव अपने विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए सोनीपत में सतलोक आश्रम पहुंचीं। उन्होंने आश्रम के प्रमुख रामपाल से हिंडौन सिटी के जलभराव की समस्या का समाधान मांगा। मुलाकात के दौरान रामपाल ने विधायक को जनता का सेवक कहा और खुद को उनका सपोर्टर बताया। विधायक से मुलाकात का एक वीडियो रामपाल के फेसबुक पेज पर गुरुवार सुबह करीब 11 बजे डाला गया है। बताया जा रहा है कि विधायक अनिता जाटव दिल्ली दौरे के बीच रामपाल से मिलने हरियाणा के सोनीपत स्थित सतलोक आश्रम पहुंची थीं। बता दें कि सतलोक आश्रम का प्रमुख रामपाल 11 साल, 4 महीने और 24 दिन जेल में बिताने के बाद 10 अप्रैल 2026 को हिसार की सेंट्रल जेल से बाहर आया था। रामपाल, उसके भाई और अन्य समर्थकों पर देशद्रोह, हत्या और आपराधिक साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगे थे। जिसमें रामपाल को उम्रकैद की सजा हुई थी। विधायक ने आश्रम को लिखकर दी समस्या वीडियो में दिख रहा है कि अनीता जाटव रामपाल को कह रही हैं कि आपको फोटो और वीडियो में देखती थी। दिल्ली आई तो लगा आपसे मिलते हुए जाएं। विधायक ने हिंडौन सिटी के जलभराव की समस्या के बारे में बताया। विधायक ने कहा- चाहे बारिश का हो या नल का पानी, निकलने के लिए निकास नहीं है। नालियां ओवरफ्लो हो जाती हैं। नाला पाटने के बाद तो समस्या बढ़ती ही गई है। इस पर रामपाल ने विधायक से कहा कि समस्या लिख दी है, तो विधायक ने कहा कि हां लिख दी है। रामपाल ने कहा कि पूरी मदद करूंगा। रामपाल ने कहा कि आप तो जनता के सेवक हैं ही, हम आपके सपोर्टर हैं। राहुल गांधी के प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली गई हैं विधायक विधायक अनीता जाटव नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में राहुल गांधी की ओर से किए जा रहे प्रदर्शन में पहुंची थीं। प्रदर्शन के बाद वह रामपाल के सतलोक आश्रम में मिलने पहुंचीं। विधायक के साथ उनके कार्यकर्ता भी मौजूद थे। जेल से बाहर आने के बाद से सतलोक आश्रम में है रामपाल पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह जेल से बाहर आया और सोनीपत के धनाना स्थित सतलोक आश्रम पहुंचा था। तब से लेकर अब तक वह धनाना आश्रम में है। बरवाला कांड के बाद पुलिस ने रामपाल, उसके भाई और अन्य समर्थकों पर देशद्रोह, हत्या और आपराधिक साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इन मामलों में उसे 2018 में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, 2025 में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने उम्रकैद की सजा को निलंबित कर दिया और बाद में उन्हें देशद्रोह से संबंधित मामलों में भी जमानत हो गई थी। रामपाल से जुड़े विवाद करौथा आश्रम विवाद- साल2006 में रामपाल द्वारा स्वामी दयानंद सरस्वती की पुस्तक 'सत्यार्थ प्रकाश' पर की गई टिप्पणियों को लेकर आर्य समाजियों और रामपाल के अनुयायियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसी मामले में पहली बार जेल जाना पड़ा था। बरवाला आश्रम हिंसा और गिरफ्तारी- 2006 के हत्या के मामले में कोर्ट में पेश न होने पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने रामपाल के खिलाफ वारंट जारी किया। हिसार के बरवाला स्थित उनके आश्रम में नवंबर 2014 में पुलिस और समर्थकों के बीच खूनी संघर्ष हुआ। इस दौरान आश्रम के भीतर 5 महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई थी।
अगर युवा पीढ़ी नशे से दूर रहेगी तो परिवार, समाज और राष्ट्र का भविष्य सुरक्षित और समृद्ध होगा। बच्चों को शिक्षा, खेल, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपनाना चाहिए। वे खुद भी नशे से दूर रहें और दोस्तों-परिवार को भी दूर रहने की प्रेरणा दें। यह बात गुरुवार को राजसमंद जिला कलेक्ट्रेट में पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल ने नशा मुक्ति अभियान के बारे में जानकारी देते हुए कही। इस दौरान कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा भी मौजूद थे। उन्होंने कहा- आमजन भी नशा मुक्त राजस्थान और नशा मुक्त भारत के संकल्प को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग करे। अभियान से लोगों को जोड़ा अधिकारियों ने बताया- राजस्थान सरकार के नशा मुक्त राजस्थान अभियान एवं भारत सरकार के एन-कोर्ड (Drug Free India Initiative) के तहत जिलेभर में प्रभावी अभियान चलाया। बडी संख्या में स्टूडेंट्स व आमजन को अभियान से जोड़ा। जिला प्रशासन व जिला पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिले में व्यापक जन-जागरूकता एवं क्षमता निर्माण अभियान सफलतापूर्वक संचालित किया गया। अभियान का उद्देश्य युवाओं एवं विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए उन्हें स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करना रहा। सभी आठों ब्लॉकों में शत-प्रतिशत कवरेज उन्होंने बताया- अभियान का संचालन जिले के सभी आठों ब्लॉकों में शत-प्रतिशत कवरेज के साथ किया गया। जिले के 409 सरकारी एवं निजी विद्यालयों में विशेष जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की गईं। प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 350 मास्टर रिसोर्स पर्सन तैयार किए गए, जिनमें 227 सरकारी पीईईओ एवं यूसीईईओ तथा 123 निजी विद्यालयों के प्रधानाचार्य शामिल रहे। सभी मास्टर ट्रेनर्स को ब्लॉक स्तर पर विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया। अभियान के दौरान 65,857 स्टूडेंट्स, 4,708 शिक्षकों तथा अभिभावकों सहित कुल 76,716 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। विद्यालयों में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों के साथ संवाद, नशामुक्ति की शपथ, पोस्टर, निबंध, स्लोगन लेखन और क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। साथ ही प्रेरणादायक लघु फिल्में शिकंजा, एवं चलो तोड़ दें ये बंधन प्रदर्शित कर नशे के सामाजिक, पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई।
जोधपुर ग्रामीण की जिला विशेष टीम ने अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सोपू/लॉरेंस गैंग से जुड़े एक कुख्यात हथियार सप्लायर को खेड़ापा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ रील बनाकर अपना नेटवर्क बढ़ाता था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह राजस्थान समेत पांच राज्यों में दर्जनों अवैध हथियारों की सप्लाई कर चुका है। पुलिस अब उसके नेटवर्क, खरीदारों और गैंग से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। आरोपी की पहचान मनीष उर्फ मनसा भाटी पुत्र मालाराम, निवासी बुचेटी थाना खेड़ापा के रूप में हुई है, जो इंस्टाग्राम पर हथियारों के साथ रील अपलोड कर अपना खौफ बनाने और नए ग्राहक तलाशने का काम करता था। इंस्टाग्राम पर खुद को बड़ा गैंगस्टर दिखाता था आरोपी जोधपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक पंकज यादव ने बताया कि आरोपी इंस्टाग्राम पर खुद को बड़ा गैंगस्टर दिखाने और हथियारों के खरीदार तलाशने के लिए अवैध हथियारों के साथ फोटो-वीडियो पोस्ट करता था। सूचना पुख्ता होने के बाद डीएसटी और खेड़ापा थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर आरोपी को बुधवार को खेड़ापा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया और मामला दर्ज किया। चंडीगढ़ और बीकानेर में भी अवैध हथियार के मामले दर्ज पुलिस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ पूर्व में चंडीगढ़ और बीकानेर में भी अवैध हथियार को लेकर मामले दर्ज हैं। आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर 5 दिन के डिमांड पर लिया है। अब उससे हथियार सप्लाई नेटवर्क को लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया पर हथियारों की फोटो डाला करता था। इसी के जरिए पुलिस ने उसका पूरा सुराग लगाया और आखिरकार खेड़ापा क्षेत्र से उसे धर दबोचा जोधपुर ग्रामीण एसपी पंकज यादव ने पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत युवाओं को चेतावनी जारी की है।
धौलपुर के उभरते हॉकी खिलाड़ी मोहम्मद उबैद का लगातार दूसरी बार जूनियर नेशनल हॉकी चैंपियनशिप के लिए चयन हुआ है। वह तमिलनाडु में आयोजित होने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनके इस चयन से जिले के खेल जगत में खुशी की लहर है। धौलपुर हॉकी संघ के सचिव रणवीर सिंह परमार ने बताया कि मोहम्मद उबैद ने कड़ी मेहनत, अनुशासित अभ्यास और बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है। परमार ने आगे कहा कि उबैद की सफलता में उनके कोच योगेश थापा के कुशल मार्गदर्शन और क्रीड़ा भारती द्वारा खिलाड़ियों को दिए जा रहे निरंतर सहयोग एवं प्रोत्साहन की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हॉकी संघ के पदाधिकारियों और खेल प्रेमियों ने विश्वास व्यक्त किया है कि मोहम्मद उबैद राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर धौलपुर और राजस्थान का नाम रोशन करेंगे। उनके चयन को जिले के युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणादायक बताया गया। इस अवसर पर धौलपुर हॉकी संघ के अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह बोहरा, सचिव रणवीर सिंह परमार, कोषाध्यक्ष विजय दिवाकर, बेसबॉल सॉफ्टबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अनूप अस्थाना, अजय बघेल, अकील अहमद बॉबी, जाहिद कुरैशी, नरेंद्र सिंह गोस्वामी, पूर्व महिला हॉकी खिलाड़ी रश्मि राव तथा खिलाड़ी के पिता मोहम्मद मस्जिद एडवोकेट सहित अनेक खेल प्रेमियों ने मोहम्मद उबैद को बधाई दी। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य और राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन की शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
प्रदेश में लगातार हो रही प्रसूताओं की मौत की घटनाओं के बीच जयपुर में स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने मंगलवार को सांगानेरी गेट महिला चिकित्सालय और चांदपोल स्थित जनाना अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। मंत्री ने दोनों अस्पतालों में नई बन रही बिल्डिंग के साथ ओपीडी, आईपीडी और आईसीयू की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मंत्री खींवसर ने प्रसूताओं की मौत के मामलों पर राज्य की स्थिति को नेशनल और इंटरनेशनल इंडेक्स रेट से बेहतर बताया। उन्होंने कहा कि नेशनल-इंटरनेशनल एवरेज के मुताबिक एक लाख डिलीवरी पर 86 से अधिक प्रसूताओं की मौत नहीं होनी चाहिए। राज्य के एक साल के आंकड़ों को देखें तो राजस्थान की स्थिति इस औसत के दायरे में है। इस मामले में हम 'वेल विद-इन' हैं। मंत्री ने कहा कि कई बार मलेरिया और टाइफस जैसी बीमारियों का स्पाइक देखने को मिलता है। मौजूदा मामले में भी पिछले दो महीनों के दौरान ऐसा स्पाइक सामने आया है, लेकिन पूरे साल का औसत देखा जाए तो राज्य की स्थिति नेशनल-इंटरनेशनल एवरेज के अंदर ही है। अगले महीने तक नई बिल्डिंग शुरू करने के निर्देश बिना पूर्व सूचना के अस्पताल पहुंचे मंत्री ने ओपीडी और आईसीयू वार्ड की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने गंभीर स्थिति वाली प्रसूताओं को टॉप प्रायोरिटी पर इलाज और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जनाना अस्पताल में मंत्री ने अधीक्षक डॉ. नूपुर लोरिया को नई बिल्डिंग अगले महीने तक मरीजों के लिए शुरू करने के निर्देश दिए। इमरजेंसी में सीनियर डॉक्टरों की नियुक्ति के निर्देश जनाना अस्पताल के बाद मंत्री खींवसर सांगानेरी गेट महिला चिकित्सालय पहुंचे। यहां एसएमएस प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी, हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. आशालता वर्मा ने मंत्री को निर्माणाधीन नई बिल्डिंग की विजीट करवाई। उन्होंने पूछा कि ये बिल्डिंग कब तक पूरी हो जाएगी, जिस परडॉ. माहेश्वरी ने बताया कि बिल्डिंग को अक्टूबर तक पूरा करने की डेडलाइन तय है। इसके शुरू होने के बाद अस्पताल में 1 हजार से ज्यादा बेड की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। इसके बाद मंत्री ने इमरजेंसी और आईसीयू वार्ड का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि इमरजेंसी में हर समय सीनियर डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि गंभीर मरीजों और प्रसूताओं को तत्काल बेहतर उपचार मिल सके।
खैरथल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में गुरुवार को किशनगढ़बास के कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल टाइप-3, बास कृपाल नगर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। न्यायिक अधिकारियों ने स्कूल परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण और हरित राजस्थान के संकल्प को साकार करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र व्यास, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अजीत कुड़ी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या-01 किशनगढ़बास दीपेंद्र माथुर, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या-02 किशनगढ़बास जगदीश प्रसाद मीणा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट खैरथल सीमा कुमारी, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट किशनगढ़बास डॉ. सुरभि सिंह तथा सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट खैरथल खुशबू कंवरिया सहित कई न्यायिक अधिकारियों ने पौधे लगाए। प्रदूषण-जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए पेड़ लगाने का संदेश दिया जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र व्यास और सचिव अजीत कुड़ी ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाना और उनकी नियमित देखभाल करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं स्कूल स्टाफ से लगाए गए पौधों की सुरक्षा एवं संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विद्यार्थियों एवं स्टाफ को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि वृक्ष केवल ऑक्सीजन का स्रोत ही नहीं, बल्कि जैव विविधता के संरक्षण, जल संरक्षण और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। न्यायिक अधिकारियों ने सभी से अपने जीवन के प्रत्येक महत्वपूर्ण अवसर पर कम से कम एक पौधा लगाने और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने की अपील की। ये रहे मौजूद इस मौके पर नोडल प्रिंसिपल गोपाल सिंह, स्कूल स्टाफ कविता देवी, मंजीता देवी, पिंकी देवी, स्वाति जाखड़, वन विभाग की टीम, पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) सहित स्कूल परिवार एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक शपथ के साथ हुआ।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी (प्रारंभिक) परीक्षा-2026, निरीक्षक कारखाना एवं बॉयलर्स परीक्षा- 2025 एवं निरीक्षक कारखाना (केमिकल) परीक्षा -2025 के आवेदन फार्म में संशोधन करने की आज (24 जुलाई) लास्ट डेट है। इसमें अभ्यर्थी का नाम, पिता का नाम, फोटो, जन्म तिथि व जेंडर के अतिरिक्त अन्य संशोधन ऑनलाइन किए जा सकते है। साथ ही आवेदन फार्म विड्रो का अवसर भी दिया था। आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया-सहायक अभियोजन अधिकारी प्रारंभिक परीक्षा-2026 का आयोजन 2 सितंबर 2026 तथा निरीक्षक कारखाना एवं बॉयलर्स परीक्षा - 2025 एवं निरीक्षक कारखाना (केमिकल) परीक्षा -2025 का आयोजन 19 सितंबर 2026 को किया जाना है। परीक्षा के लिए जारी विज्ञापन में उल्लेखित शर्तों के अनुसार ऑनलाइन संशोधन का अवसर अभ्यर्थियों को दिया गया है। ऑनलाइन संशोधन का अवसर अभ्यर्थियों के लिए सुविधा मात्र है। ऑफलाइन संशोधन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ऑनलाइन संशोधन के लिए फीस व प्रोसेस संशोधन चाहने वाले अभ्यर्थी को ई-मित्र/ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से 500 रुपए का शुल्क जमा कराना होगा। आयोग के ऑनलाइन पोर्टल https://rpsc.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध एप्लाई ऑनलाइन लिंक अथवा एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर सिटीजन ऐप्स में उपलब्ध रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर संबंधित परीक्षा में ऑनलाइन संशोधन किया जा सकेगा। इस संबंध में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ई-मेल से अथवा फोन नं. 9352323625 व 7340557555 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है। बिना योग्यता फार्म भरने वाले कर सकते है विड्रो असत्य एवं गलत सूचना के आधार पर आवेदन करना तथा अहर्ता न होने पर भी उसे विड्रॉ नहीं करना भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 के तहत दंडनीय अपराध है। ऐसे अभ्यर्थी को बाद में काउंसलिंग/पात्रता जांच/ साक्षात्कार के दौरान अपात्र पाए जाने पर आगामी 1 वर्ष की अवधि के लिए भर्ती परीक्षाओं से डिबार भी किया जाएगा। अतः ऐसे अभ्यर्थी भी 18 से 24 जुलाई 2026 तक अपना ऑनलाइन आवेदन विड्रॉ कर सकते हैं। इसके लिए एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर माय रिक्रूटमेंट सेक्शन के अन्तर्गत संबंधित परीक्षा के समक्ष उपलब्ध विथड्रॉ बटन पर क्लिक कर ऑनलाइन आवेदन विड्रॉ किया जा सकता है। हेल्थ डिपार्टमेंट में फिजियोथेरेपिस्ट के 20 पदों पर वैकेंसी:आज से भरे फार्म राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा फिजियोथैरेपिस्ट (चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवाएं विभाग) के कुल 20 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया है। पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन 23 जुलाई से 21 अगस्त 2026 तक किए जा सकेंगे। आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया- कैंडिडेट्स की आयु 18 से 40 साल के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा नियमानुसार विभिन्न केटेगरी में आयु सीमा में छूट दी गई है। इससे पहले वैकेंसी 2018 में निकाली गई थी और ऐसे में सभी कैंडिडेट्स को आयु में 3 साल की छूट दी गई है। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। परीक्षा तिथि व स्थान के संबंध में यथासमय सूचित कर दिया जाएगा। शैक्षणिक योग्यता, वर्गवार वर्गीकरण एवं अन्य जानकारी संबंधी विस्तृत सूचना आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। आवेदन के लिए सामान्य (अनारक्षित) और राजस्थान के क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग के आवेदक के लिए 600 रुपए। राजस्थान के नॉन क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और दिव्यांग के लिए 400 रुपए है। अधिक जानकारी के लिए करें यहां क्लिक
पलवल जिले में सीआईए होडल की टीम ने हसनपुर थाना क्षेत्र के डराना गांव में हुए जानलेवा हमले और आपसी झगड़े के मामले में दो साल से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। सीआईए प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि डराना गांव निवासी हरवीर ने 17 जून 2024 को हसनपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, चुनावी रंजिश और खेतों की पाइपलाइन के विवाद को लेकर आरोपियों ने लाठी-डंडों, फरसे और अवैध हथियारों से लैस होकर हरवीर व उनके परिजनों पर जानलेवा हमला किया था। उन्होंने जान से मारने की नीयत से हवाई फायर भी किए थे। पुलिस ने दो दिन की रिमांड पर लिया इस शिकायत पर हसनपुर थाना में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की गई थी। मामले की जांच कर रही होडल सीआईए की टीम ने गहन छानबीन और सबूतों के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुकदमे में वांछित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजस्थान के डीग जिले निवासी पदम उर्फ कल्लू और भगत सिंह के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल किए गए फरसे और डंडे बरामद किए जाने हैं। इसी उद्देश्य से उन्हें कोर्ट में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों से वारदात में प्रयुक्त हथियार बरामद करने के बाद उनके अन्य साथियों के बारे में पूछताछ की जाएगी। सीआईए प्रभारी का कहना है कि इस मामले से जुड़े किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और दो साल से फरार चल रहे अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
मध्य प्रदेश के सिंधिया रियासत काल की 400 साल पुरानी चोरी हुई तोप की तलाश राजस्थान के करौली जिले तक पहुंच गई है। यह तोप 15 जुलाई की रात को मध्य प्रदेश में शिवपुरी के नरवर किले से चोरी हुई थी। मध्य प्रदेश पुलिस को सूचना मिली है कि इस 3500 किलो वजनी ऐतिहासिक तोप को चोर लोडिंग गाड़ी से हिंडौन (राजस्थान) लेकर गए हैं। उन्होंने इसे हिंडौन के गांवड़ा मीणा गांव में कहीं छुपा रखा है। हिंडौन सदर थाना प्रभारी गिर्राज प्रसाद ने बताया- मध्यप्रदेश की शिवपुरी पुलिस ने हमें जानकारी दी है कि उनके पास चोरी हुई तोप के इनपुट हैं। हिंडौन पुलिस टीम ने पूरे गांवड़ा मीणा गांव में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया। पुलिस और प्रशासन की टीमें जेसीबी मशीनों की मदद से कई स्थानों पर खुदाई कर रही हैं। इस अभियान में 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल हैं। पूरे गांव में सुरक्षा के लिहाज से पुलिस की तैनाती गई है। पुलिस अभी आरोपियों का पता लगाने में भी जुटी है। एमपी और राजस्थान पुलिस अपने स्तर पर जांच कर रही है। ये भी जांच का विषय है कि उस तोप को गांवड़ी गांव कब और कैसे लाया गया? पहले देखिए सर्च की PHOTOS… भरतपुर से पहुंची मेटल डिटेक्टर टीम तोप की तलाश में भरतपुर से मेटल डिटेक्टर टीम भी मौके पर पहुंची। बुधवार सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक पुलिस ने संदिग्ध स्थानों पर नगर परिषद की जेसीबी मशीन से खुदाई कर तोप की तलाश की। हालांकि, तोप का कोई सुराग नहीं मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में 3-5 करोड़ रुपए है कीमत दरअसल, 15 जुलाई की रात को बदमाश नरवर किले की ओपन कचहरी से 16वीं शताब्दी की ऐतिहासिक तोप चुराकर ले गए। इंटरनेशनल एंटीक ब्लैक मार्केट में इसकी कीमत 3-5 करोड़ रुपए हो सकती है। चोरों ने वारदात को पूरी प्लानिंग के तहत अंजाम दिया। तोप को पहले गद्दों में लपेटा। फिर बैरिंग लगी लोहे की ट्रॉली की मदद से करीब 3 हजार फीट नीचे उतारा। इसके बाद लोडिंग गाड़ी में लादकर फरार हो गए। नरवर किले में सुरक्षाकर्मी ड्यूटी पर तैनात नहीं थे। चोरों ने इसी का फायदा उठाया। शक है कि वारदात को इंटरनेशनल एंटीक ब्लैक मार्केट से जुड़े लोगों ने अंजाम दिया है। किले के बाहर हैवी गाड़ियों के टायर के निशान मिले हैं। अब किले में बचीं सिर्फ 13 ऐतिहासिक तोपें नरवर किले की ओपन कचहरी में सिंधिया राजवंश काल की कुल 14 दुर्लभ ऐतिहासिक तोपें रखी थीं। चोरी के बाद अब वहां 13 तोपें ही बची हैं। कचहरी महल का निर्माण 16वीं शताब्दी में कछवाह राजाओं ने कराया था। इसके बाद 1925 में तत्कालीन महाराजा माधवराव सिंधिया के आदेश पर इसका जीर्णोद्धार कराया गया। यहां रखी गई सभी तोपें पीतल, तांबा, कांसा और अष्टधातु जैसी मिश्रित धातुओं से बनी हैं। इन पर फारसी और देवनागरी लिपि में शिलालेख भी अंकित हैं। घटनास्थल से मिले कई अहम सुराग मध्य प्रदेश के राज्य पुरातत्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके का निरीक्षण किया। जांच के दौरान घटनास्थल से गद्दे, रजाई, लोहे के पाइप और तोप को घसीटकर ले जाने के निशान मिले हैं। इसके अलावा किले के पिछले दुर्गम रास्ते पर वाहन के टायरों के निशान भी मिले हैं। एमपी पुलिस की पूछताछ में किले के सुरक्षा गार्ड बालकिशन बाल्मीक ने बताया था- किले पर रात में रुकने की कोई व्यवस्था नहीं है। वहां न टॉर्च उपलब्ध है और न ही अन्य सुरक्षा संसाधन, इसलिए वह रात में अपने घर चला गया था। दूसरे गार्ड शरणलाल जाटव ने भी स्वीकार किया कि घटना के समय वह ड्यूटी पर मौजूद नहीं था। उसने यह भी माना कि हथियारबंद बदमाशों द्वारा लूट की जो कहानी पुलिस को बताई गई थी, वह झूठी थी। 6 गार्ड तैनात, फिर भी हो गई चोरी नरवर किले की सुरक्षा के लिए कुल छह गार्ड तैनात हैं। इनमें चार गार्ड दिन और दो रात की ड्यूटी करते हैं। घटना वाली रात दोनों गार्ड ड्यूटी छोड़कर घर चले गए थे। इसी वजह से चोरों को ऐतिहासिक तोप चोरी करने का मौका मिल गया। पुलिस और पुरातत्व विभाग की जांच जारी राज्य पुरातत्व विभाग के डिप्टी डायरेक्टर तरुण कुमार महोबिया ने बताया कि ऐतिहासिक तोप चोरी होने के पर्याप्त सबूत मिले हैं। पुलिस के साथ संयुक्त जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया जाएगा। वहीं नरवर थाना प्रभारी विनय यादव ने बताया कि जांच में सुरक्षा गार्डों की लापरवाही सामने आई है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है। साथ ही चोरी में इस्तेमाल किए गए वाहन और आरोपियों तक पहुंचने के लिए घटनास्थल से मिले सबूता की जांच की जा रही है।
धौलपुर जिला कलेक्ट्रेट परिसर में महिला का शव रखकर प्रदर्शन करने के मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने राजस्थान मृत शरीर का सम्मान अधिनियम-2023 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर दर्ज इस मामले में एंबुलेंस ड्राइवर, संचालक और मृतका के परिजनों को आरोपी बनाया गया है। अधिनियम के तहत शव का उपयोग प्रदर्शन या किसी पर दबाव बनाने के लिए करना दंडनीय अपराध माना गया है। 21 जुलाई की घटना पर कार्रवाई एफआईआर के अनुसार, 21 जुलाई 2026 को मृतका का शव जिला कलेक्ट्रेट परिसर में रखकर प्रदर्शन किया गया था। इस संबंध में जिला मजिस्ट्रेट के निर्देश पर संस्थापक अधिकारी ऋतुराज शर्मा ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रसव के बाद बिगड़ी महिला की तबीयत घटनाक्रम के अनुसार, महिला ने सामान्य प्रसव के दौरान एक बच्ची को जन्म दिया था। प्रसव के बाद उसकी हालत गंभीर हो गई, जिस पर जिला अस्पताल से उसे उच्च केंद्र के लिए रेफर किया गया। इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में ही महिला की मौत हो गई। गांव की बजाय कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजन महिला की मौत के बाद परिजन शव को गांव ले जाने के बजाय एंबुलेंस से सीधे जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर शव रखकर प्रदर्शन किया गया, जिससे प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। निजी क्लीनिक पर भी हुई कार्रवाई घटना के बाद जिला कलेक्टर के निर्देश पर शहर के गौरव पथ स्थित एक निजी क्लीनिक पर भी कार्रवाई की गई। देर रात प्रशासन ने क्लीनिक को सीज कर दिया। मामले की जांच और संबंधित परिस्थितियों की पड़ताल जारी है।
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण राजस्थान में मानसून एक बार फिर एक्टिव हो गया है। बुधवार (22 जुलाई) को 4 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, अन्य सभी जिलों में यलो अलर्ट है। वहीं, कोटपूतली-बहरोड़ जिले में आज भी सुबह से रुक-रुककर बरसात हो रही है। उदयपुर में आज सीजन की पहली तेज बारिश हुई। जयपुर में भी सुबह से बूंदाबांदी हो रही है। हाड़ौती क्षेत्र में भारी बारिश से परवन, कालीसिंध समेत दूसरी नदियां उफान पर हैं। कालीसिंध डैम का भी एक गेट खोला गया है। कोटा, बारां में 5 इंच से ज्यादा पानी बरसने से यहां किसानों की मुश्किलें बढ़ गई। बीते 24 घंटों में अच्छी बरसात के बाद तापमान में 9 डिग्री तक गिरावट हुई। वहीं, मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने राज्य में 25 जुलाई तक मानसून एक्टिव रहने और पूरे प्रदेश में बारिश होने की संभावना जताई है। मानसून के बड़े अपडेट्स उदयपुर में तेज बारिश, मौसम बदला: बुधवार सुबह उदयपुर, कोटपूतली-बहरोड़ सहित कई जिलों तेज बरसात हुई। लेकसिटी में करीब एक घंटे तक हुई बारिश के कारण मौसम बदल गया। एक्सपर्ट के अनुसार आज की बारिश इस मानसून सीजन की सबसे तेज बारिश थी। वहीं, कोटपूतली-बहरोड़ में लगातार बरसात के कारण जयपुर-दिल्ली हाईवे की सर्विस लेन में पानी भर गया है। नदियां उफान पर: बारां, झालावाड़, कोटा में भारी बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। झालावाड़ के मनोहरथाना में परवन नदी का जलस्तर 3 फीट बढ़ने से यहां एक छोटा पुल और मंदिर का हिस्सा डूब गया। मध्य प्रदेश में हो रही बारिश के बाद कालीसिंध नदी का जलस्तर बढ़ गया है। ऐसे में बांध का एक गेट करीब 0.10 मीटर खोलकर 426 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। 5 इंच से ज्यादा बरसात: पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश कोटा के सुल्तानपुर में 101MM और बारां के छीपाबड़ौद में 130MM हुई है। इसके अलावा हनुमानगढ़, बूंदी, अलवर, करौली, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर में तेज बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार दौसा, झालावाड़, टोंक, नागौर, उदयपुर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, भरतपुर समेत कई जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई। पारा 9 डिग्री तक गिरा: मौसम के इस बदलाव से तापमान में भी बड़ा उतार-चढ़ाव हुआ है। अलवर, पिलानी, सीकर, अजमेर, चूरू, गंगानगर, जयपुर सहित कुछ शहरों में अधिकतम तापमान 4 से लेकर 9 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। दिन में सबसे ज्यादा गर्मी जैसलमेर में रही, जहां का अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। हालांकि, करीब दो हफ्ते बाद प्रदेश में किसी शहर का तापमान 40 डिग्री से ऊपर रिकॉर्ड नहीं हुआ। राजस्थान में बारिश की PHOTOS… मानसून की पल-पल की अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
देशभर में निवेशकों के लिए अच्छे राज्यों में राजस्थान 10वें नंबर पर है, जबकि 17 बड़े राज्यों में राजस्थान 8वें स्थान पर है। देश में निवेश के लिए अच्छे माहौल और इंफ्रास्ट्रक्चर के हिसाब से अलग-अलग मापदंडों पर नीति आयोग की रिपोर्ट में राजस्थान को अग्रणी राज्य (फ्रंट रनर स्टेट) की कैटेगरी में रखा गया है। नीति आयोग की रिपोर्ट में खराब प्रदर्शन वाले सेक्टर्स में सुधार की जरूरत भी बताई है। नीति आयोग ने इन्वेस्टमेंट के माहौल, उसके लिए सरकारी नीतियों, इंफ्रास्ट्रक्चर सहित कई पैरामीटर्स के आधार पर राज्यों की रैंकिंग तैयार करने के साथ ही सुधार के सुझाव भी दिए हैं। इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली राज्यों की रैंकिंग में पहले स्थान पर 56.6 अंकों के साथ गुजरात है। वहीं दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र, तीसरे स्थान पर तमिलनाडु, चौथे स्थान पर गोवा और पांचवें पर ओडिशा है। राजस्थान 48.1 अंकों के साथ देशभर में 10वें स्थान पर है। व्यापारिक माहौल सुधारने, एफडीआई बढ़ाने की नसीहत नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार- राज्य को व्यापारिक माहौल (बिजनस क्लाइमेट सुधारने, एफडीआई बढ़ाने और उद्योगों को कर्ज में सुधार की जरूरत बताई है। रिपोर्ट के अनुसार- राज्य में अभी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) राष्ट्रीय औसत से 12% कम है। निवेश समझौतों (MoUs) को धरातल पर उतारने के मामले में राजस्थान बड़े राज्यों में 11वें स्थान पर है। इसमें भी सुधार करने की आवश्यकता बताई है। उद्योगों को दिए जाने वाले बैंक कर्ज के मामले में भी राजस्थान को सुधार लाने की नसीहत दी गई है। औद्योगिक कर्ज औसत से 4% कम है। बैंकिंग सेक्टर से उद्योगों को मिलने वाले क्रेडिट फ्लो को बढ़ाने की सिफारिश की गई है। राजस्थान को टॉप परफॉर्मर से नीचे फ्रंटरनर राज्यों में रखा गया राजस्थान को फ्रंट रनर राज्यों की कैटेगरी में रखा गया है। फ्रंट रनर राज्यों में आंध्र प्रदेश, असम, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश शामिल है। टॉप परफॉर्मेंस में गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा और तमिलनाडु शामिल है। इंफ्रास्ट्रक्चर कैटेगरी में बिहार-यूपी से पीछे राजस्थान इंफ्रास्ट्रक्चर की कैटेगरी में राजस्थान 17 बड़े राज्यों में 12वें नंबर पर है। इस मामले में बिहार, उत्तर प्रदेश जैसे राज्य राजस्थान से ऊपर हैं। बिहार 11वें, उत्तर प्रदेश 10वें और महाराष्ट्र 9वें स्थान पर है। इस कैटेगरी में गुजरात टॉप पर है। तमिलनाडु दूसरे, केरल तीसरे और बंगाल चौथे नंबर पर है। संसाधनों के मामले में राजस्थान बड़े राज्यों में चौथे स्थान पर संसाधनों के मामले में राजस्थान 17 बड़े राज्यों में चौथे स्थान पर है। राजस्थान और मध्य प्रदेश 7.7 अंकों के साथ संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर हैं। वहीं छत्तीसगढ़ 8 अंकों के साथ रैंक में तीसरे, महाराष्ट्र 8.1 अंकों के साथ दूसरे और ओडिशा 8.2 अंकों के साथ पहले स्थान पर है। निवेश फ्रेंडली सरकारी नीति मामले में राजस्थान तीसरे स्थान पर, रेगुलेटरी ईज में दूसरा नंबर निवेश फ्रेंडली सरकारी नीतियों के मामले में राजस्थान 17 बड़े राज्यों में तीसरे स्थान पर है। इस कैटेगरी में मध्य प्रदेश पहले और गुजरात दूसरे स्थान पर है। रेगुलेटरी ईज मामले में राजस्थान 8.1 अंकों के साथ छत्तीसगढ़ के बाद दूसरे स्थान पर है। संस्थागत माहौल में 13वीं रैंक इंस्टीट्यूशन एनवायरनमेंट मामले में राजस्थान 17 में से 13वीं रैंक पर है। राजस्थान केवल झारखंड, ओडिशा, कर्नाटक और तेलंगाना से ही आगे है। बाकी सभी बड़े राज्य राजस्थान से आगे हैं। संसाधनों के मामले में राजस्थान अग्रणी राज्यों में नीति आयोग ने संसाधनों के मामले में राजस्थान का प्रदर्शन मजबूत दिखाया है। रिपोर्ट के अनुसार- राजस्थान में भारत के कुल गैर-धातु खनिज उत्पादन का 33% और धातु खनिज उत्पादन का 14% हिस्सा है। निर्माण परमिट के लिए परसेप्शन स्कोर में राजस्थान बड़े राज्यों की श्रेणी में टॉप तीन राज्यों में शामिल है, जो इस कैटेगरी के औसत से छह अंक ज्यादा है। इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में भी राजस्थान टॉप राज्यों में है। वेयरहाउसिंग (गोदाम) क्षमता में राजस्थान देश में तीसरे स्थान पर है।
प्रतापगढ़ पंचायत समिति की ग्राम पंचायत कुलथाना स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सन्नोटी में सामूहिक पौधारोपण किया गया। इस अभियान में स्कूल के कार्मिकों और विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। एक पेड़ अभियान के तहत किया सघन पौधारोपण विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाध्यापक ओम प्रकाश रैदास ने बताया कि विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार, 'एक विद्यार्थी एक पेड़' अभियान के तहत विद्यालय परिसर में सघन वृक्षारोपण किया गया। इस दौरान विभिन्न प्रजातियों के कुल 151 पौधे लगाए गए। कई प्रजातियों के पौधे लगाए इन पौधों में औषधीय प्रजातियों जैसे नीम, आंवला, खैर; छायादार प्रजातियों जैसे शीशम, करंज, गोदी, गुलमोहर, कचनार, अमलताश; और फलदार प्रजातियों जैसे जामुन, अमरूद, आम, सीताफल आदि शामिल थे। सामूहिक पौधारोपण के साथ ही, विद्यालय के समस्त कार्मिकों और विद्यार्थियों को पर्यावरण एवं प्रकृति संरक्षण की शपथ दिलाई गई। सभी ने अपने लगाए गए पौधों की सुरक्षा का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने इस गतिविधि में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार के सभी छात्र-छात्राएं और कार्मिक, जिनमें धनराज मीणा, रणजीत सिंह चुंडावत, अनिता गुप्ता, निर्मला मीणा, सीता मीणा, पूजा खटीक आदि शामिल थे, उपस्थित रहे।
राजस्थान में हर साल सांप के काटने से करीब 2700 लोगों की मौत होती है। पूरे भारत की बात करें तो ये आंकड़ा करीब 60 हजार है। ऐसे मामलों में कई बार पीड़ित के शरीर के प्रभावित अंग तक को काटना पड़ जाता है। वहीं इलाज में देरी के कारण जान गंवानी पड़ जाती है। मौत के इन आंकड़ों को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नेशनल स्नेक बाइट एनवेनमिंग प्रोग्राम के तहत पॉइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर (PIC) सेंटर बनाए जा रहे हैं। राजस्थान का पहला PIC अजमेर के जवाहरलाल नेहरू (जेएलएन) हॉस्पिटल में बनाया जा रहा है। यहां पूरे प्रदेश के लिए रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा। 24 घंटे एक्सपर्ट मौजूद रहेंगे। प्रदेश के किसी भी जिले में सांप के काटने का केस होने पर ट्रीटमेंट बताकर पीड़ित की जान बचाई जाएगी। जानिए- सरकार के इस पूरे प्रोजेक्ट के बारे में राजस्थान का पहला पॉइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर अजमेर में बनेगा केंद्र सरकार ने 6 महीने पहले राजस्थान में पॉइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर स्थापित करने की मंजूरी दी थी। इसके लिए अजमेर के जेएलएन हॉस्पिटल का चयन किया गया। अगले दो महीने में इस सेंटर का काम शुरू होने की उम्मीद है। हॉस्पिटल के मेडिसिन विभाग के डॉ. मुनेश कुमार को इस प्रोजेक्ट का नोडल अधिकारी बनाया गया है। 5 से 7 साल का डेटा खंगालकर बनेगा राजस्थान का एक्शन प्लान इस प्रोजेक्ट के लिए चिकित्सा विभाग, सीएमएचओ और वन विभाग मिलकर पिछले 5 से 7 साल के स्नेक बाइट के मामलों का डेटा जुटा रहे हैं। डेटा डिस्ट्रिक्ट वाइज निकाला जाएगा, जिससे पता लगेगा कि किस जिले में कितने केस आते हैं। कौन-सी प्रजाति के सांप ज्यादा काटते हैं? मरीज को पहला इलाज कहां मिला? मौत की असली वजह क्या थी? किन मामलों में मरीज का कोई अंग काटना पड़ा। इसी अध्ययन के आधार पर राजस्थान का पहला स्टेट स्नेक बाइट एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा, जिससे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में इलाज, एंटी-वेनम की उपलब्धता और जागरूकता को बेहतर बनाया जा सके। जहरीले सांपों पर होगी रिसर्च राजस्थान में पाए जाने वाले जहरीले सांपों पर रिसर्च की जाएगी। इनकी पहचान, इनके जहर के असर और प्रभावी इलाज पर रिसर्च होगी, ताकि प्रदेश की परिस्थितियों के अनुसार इलाज व्यवस्था को ज्यादा मजबूत बनाया जा सके। हर तरह के पॉइजन की होगी जांच अजमेर का पॉइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर केवल सर्पदंश तक सीमित नहीं रहेगा। यहां दवाइयों के ओवरडोज, कीटनाशकों, केमिकल पॉइजनिंग और अन्य विषैले पदार्थों से जुड़े मामलों की भी जांच, रिसर्च और विशेषज्ञ सलाह दी जाएगी। यह सेंटर भविष्य में राजस्थान में टॉक्सिकोलॉजी से जुड़ी सबसे बड़ी विशेषज्ञ इकाई के रूप में विकसित किया जाएगा। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को मिलेगी ट्रेनिंग प्रदेश के डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मचारियों को इस सेंटर के माध्यम से नियमित ट्रेनिंग दी जाएगी। ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से उन्हें सर्पदंश के इलाज के राष्ट्रीय प्रोटोकॉल, एंटी-वेनम के सही उपयोग और आपातकालीन प्रबंधन की ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि जिला और उपजिला अस्पतालों में भी मरीजों को तुरंत वैज्ञानिक इलाज मिल सके। नोडल अधिकारी डॉ. मुनेश कुमार के अनुसार, राजस्थान में हर साल करीब 18 हजार केस सांप के काटने के आते हैं। इनमें से 2700 लोगों की मौत हो जाती है। वहीं पूरे भारत में हर साल 20 लाख लोगों को सांप काटते हैं, जिनमें से 60 हजार लोगों की मौत हो जाती है। अन्य राज्यों के अनुभव का भी मिलेगा फायदा केंद्र सरकार इस योजना के तहत देशभर में चरणबद्ध तरीके से पॉइजन इन्फॉर्मेशन सेंटर विकसित कर रही है। दक्षिण भारत के कुछ प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में पहले से विष विज्ञान (टॉक्सिकोलॉजी) और स्नेक बाइट मैनेजमेंट पर काम हो रहा है। अब राजस्थान में इसकी शुरुआत अजमेर से होने जा रही है, जिससे प्रदेश को पहली बार सर्पदंश और अन्य विषाक्त मामलों के लिए समर्पित विशेषज्ञ केंद्र मिलेगा।
बॉलीवुड की बहुमुखी प्रतिभा की धनी अभिनेत्री हुमा कुरैशी (Huma Qureshi) एक बार फिर पर्दे पर अपने नए और पहले कभी न देखे गए अवतार से दर्शकों को हैरान करने के लिए तैयार हैं। उनकी बहुप्रतीक्षित क्राइम-इन्वेस्टिगेशन और एक्शन थ्रिलर फिल्म 'बयान' (Bayaan) का आधिकारिक ट्रेलर और पहली झलकियां रिलीज कर दी गई हैं। फिल्म का बैकड्रॉप राजस्थान के ग्रामीण और रेगिस्तानी इलाकों पर आधारित है, जहां हुमा एक निडर और कड़क महिला पुलिस अधिकारी (Rajasthan Police Officer) की भूमिका निभा रही हैं। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो 'महारानी' सीरीज में अपनी बेहतरीन अदाकारी का लोहा मनवाने के बाद, हुमा की यह फिल्म ओटीटी और सिनेमा प्रेमियों के लिए किसी बड़े सरप्राइज से कम नहीं है।हाथ में छाता थामे एक्शन करती दिखीं हुमा: ट्रेलर की 5 बड़ी खास बातेंफिल्म का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा गया है। ट्रेलर में कुछ ऐसे सीन्स हैं जो इस सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म को लेकर उत्सुकता को कई गुना बढ़ा देते हैं:यूनिक एक्शन स्टाइल: ट्रेलर के सबसे चर्चित सीन में हुमा कुरैशी सिर्फ एक छाते (Umbrella) का इस्तेमाल करके बदमाशों और अपराधियों की धुनाई करती नजर आ रही हैं। उनका यह एक्शन अंदाज काफी अनूठा और दमदार लग रहा है।सस्पेंस से भरी कहानी: फिल्म की कहानी एक छोटे से गांव में घटित हुए एक पेचीदा और रहस्यमयी मर्डर केस या अपराध के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी जांच की जिम्मेदारी हुमा के किरदार को सौंपी जाती है।सिस्टम से लड़ाई: पुलिस ऑफिसर के रूप में हुमा को न सिर्फ अपराधियों से निपटना है, बल्कि भ्रष्ट तंत्र और स्थानीय दबंगों के राजनीतिक दबाव का भी डटकर सामना करना है।सॉलिड स्टार कास्ट: फिल्म में हुमा कुरैशी के साथ-साथ चंदन रॉय सान्याल (Chandan Roy Sanyal) और सचिन खेडेकर जैसे बेहतरीन कलाकार भी अहम और दमदार भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं।रॉ और रियल लोकेशन: फिल्म की शूटिंग राजस्थान की वास्तविक लोकेशंस पर की गई है, जो इस सस्पेंस थ्रिलर को एक रियलिस्टिक और थ्रिलिंग फील देती है।हुमा कुरैशी की परफॉर्मेंस की हो रही है तारीफट्रेलर सामने आने के बाद से ही क्रिटिक्स और फैंस हुमा के अभिनय और उनकी स्क्रीन प्रेजेंस की जमकर तारीफ कर रहे हैं। जिस तरह से उन्होंने पुलिस ऑफिसर की चाल-ढाल, स्थानीय राजस्थानी बोली की पकड़ और एक्शन सीन्स को संभाला है, वह उनके अभिनय की परिपक्वता को दर्शाता है।विक्रमजीत गुप्ता द्वारा निर्देशित यह फिल्म जल्द ही सिनेमाघरों/ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम होने जा रही है। सस्पेंस, थ्रिल और महिला केंद्रित एक्शन फिल्मों के शौकीनों के लिए यह फिल्म एक बेहतरीन वॉच साबित हो सकती है।
उदयपुर में फिर सजेगा राजस्थान ट्रैवल ट्रेड फेयर, 9 से 11 जनवरी तक होगा आयोजन
राजस्थान के पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी उद्योग के प्रमुख आयोजनों में शामिल राजस्थान ट्रैवल ट्रेड फेयर (आरटीटीएफ)-2027 के आयोजन को लेकर सोमवार को निजी होटल में आयोजन समिति की बैठक हुई। इसमें फेयर की रूपरेखा, तैयारियों और विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा आयोजन को भव्य बनाने के लिए प्रारंभिक रणनीति तैयार की गई। फेयर के आयोजक कमल शाह ने बताया कि वर्ष 2026 में उदयपुर में आयोजित पहले राजस्थान ट्रैवल ट्रेड फेयर को पर्यटन और होटल उद्योग से अभूतपूर्व प्रतिसाद मिला था। इसी सफलता को आगे बढ़ाते हुए आगामी 9, 10 और 11 जनवरी 2027 को शोभागपुरा स्थित ओकेजन गार्डन में तीन दिवसीय राजस्थान ट्रैवल ट्रेड फेयर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि फेयर में देशभर के होटल व्यवसायी, ट्रैवल एजेंट, टूर ऑपरेटर, रिसॉर्ट संचालक, हॉस्पिटैलिटी विशेषज्ञ तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े उद्यमी और संस्थान भाग लेंगे। आयोजन के माध्यम से पर्यटन व्यवसाय को नए अवसर उपलब्ध कराने के साथ राजस्थान के पर्यटन उद्योग को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा। बैठक में होटल एसोसिएशन उदयपुर, होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान (उदयपुर डिवीजन), यूनाइटेड होटलियर्स उदयपुर, होटल संस्थान दक्षिणी राजस्थान, उदयपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज तथा ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन उदयपुर के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सभी संगठनों ने आयोजन को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया और आयोजन से जुड़े विभिन्न सुझाव भी साझा किए।”
सीवान के नगर थाना क्षेत्र के चौक बाजार स्थित सोनार टोली में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब राजस्थान के जोधपुर से पहुंची पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से एक प्रतिष्ठित आभूषण दुकान में घंटों तक छापेमारी और जांच की। चोरी की ज्वेलरी बरामदगी को लेकर की गई इस कार्रवाई से पूरे सर्राफा बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। जानकारी के अनुसार, राजस्थान के जोधपुर में एक किन्नर अपने गुरु (मुखिया) के यहां कई वर्षों से रह रही थी। आरोप है कि वह अचानक वहां से भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण लेकर फरार हो गई। पीड़ित की शिकायत पर जोधपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसके बाद पुलिस ने अनुसंधान शुरू किया। अन्य दुकानदार और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गएजांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी किन्नर सीवान पहुंचकर चोरी के आभूषण एक प्रतिष्ठित सर्राफा दुकान में बेच चुकी है। इसी सूचना के आधार पर जोधपुर पुलिस की टीम पीड़ित किन्नर को साथ लेकर सीवान पहुंची। नगर थाना और महादेवा थाना पुलिस के सहयोग से चौक बाजार सोनार टोली स्थित उक्त दुकान में घंटों तक जांच और छापेमारी की गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले में करीब दो किलोग्राम चांदी और लगभग 700 ग्राम सोने के आभूषण शामिल हैं। इन आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। हालांकि, देर शाम तक पुलिस की ओर से बरामदगी और जब्ती को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी तथा जांच जारी थी। छापेमारी की खबर फैलते ही सर्राफा बाजार के अन्य दुकानदार और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। भीड़ बढ़ने पर पुलिस ने लोगों को वहां से हटाया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए जांच जारी रखी। स्थानीय पुलिस के सहयोग से कार्रवाई की जा रही जोधपुर पुलिस से आए अधिकारी प्रेम राज ने बताया कि मामला अत्यंत गंभीर है और बड़ी मात्रा में चोरी हुए आभूषणों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस के सहयोग से कार्रवाई की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने यह भी कहा कि हम पूरे मामले की गहन जांच कर रहे हैं। चोरी के आभूषणों की बरामदगी हमारी प्राथमिकता है और हम सीवान से माल बरामद करके ही लौटेंगे।फिलहाल नगर थाना, महादेवा थाना और जोधपुर पुलिस की संयुक्त टीम पूरे मामले के हर पहलू की जांच में जुटी हुई है। पुलिस आभूषणों की खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है। करोड़ रुपये मूल्य के आभूषणों से जुड़े इस मामले ने सीवान के सर्राफा बाजार में दिनभर चर्चा का विषय बना रहा।
नारनौल में निजामपुर थाना क्षेत्र के गांव धौलेड़ा-बिगोपुर में एक युवक ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। घटना का पता चलते ही परिजनों और आसपास के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मृतक की पहचान राजस्थान के बबाई निवासी 37 वर्षीय मगलचंद के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, वह पिछले 6 सालों से गांव धौलेड़ा में अपने जीजा राजसिंह के साथ रहकर टेंट व्यवसाय कर रहा था। मगलचंद रोजाना की तरह अपने काम में लगा हुआ था। बताया जा रहा है कि अज्ञात कारणों के चलते उसने बिगोपुर के गोदाम में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंपा सूचना मिलने पर निजामपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल नारनौल भिजवाया, जहां चिकित्सकों के बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। जीजा के बयान पर कार्रवाई जांच अधिकारी एएसआई राकेश कुमार ने बताया कि मृतक के जीजा राजसिंह के बयान दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि मगलचंद करीब 6 साल से उनके साथ टेंट व्यवसाय करता था। परिवार को उसकी ओर से किसी प्रकार की परेशानी या तनाव की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि मगलचंद ने कभी किसी मानसिक दबाव या अन्य समस्या का जिक्र भी नहीं किया। सुसाइड के कारण स्पष्ट नहीं पुलिस के अनुसार, मामले में इत्तेफाकिया हादसे की कार्रवाई अमल में लाई गई है। फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
जयपुर में रविवार रात एक ऐसी शाही बारात निकली, जिसने हर किसी को कुछ पल के लिए असमंजस में डाल दिया। बैंड-बाजे की गूंज, सजी-धजी बग्गी, पारंपरिक परिधानों में थिरकते बाराती, आतिशबाजी, शाही स्वागत और भव्य वरमाला... सब कुछ बिल्कुल असली शादी जैसा था। फर्क सिर्फ इतना था कि यह शादी असली नहीं, बल्कि 'मॉक वेडिंग' थी, जिसका उद्देश्य राजस्थान की शाही वेडिंग संस्कृति और वेडिंग इंडस्ट्री की भव्यता को दुनिया के सामने प्रस्तुत करना था। यह अनोखा आयोजन इंटरनेशनल वेडिंग एंड टूरिज्म कॉन्क्लेव (आईडब्ल्यूटीसी) के दौरान फेयरमोंट होटल में किया गया, जहां देश-विदेश से आए वेडिंग प्लानर्स, होटल व्यवसायी, इवेंट एक्सपर्ट्स और पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने भारतीय शादियों की रॉयल झलक को बेहद करीब से देखा। बग्गी पर सवार दूल्हा, बैंड की धुनों पर झूमते बाराती शाम होते ही शाही बग्गी पर सवार दूल्हे की एंट्री हुई। पारंपरिक बैंड की धुनों पर बाराती पूरे उत्साह के साथ नाचते-गाते होटल की ओर बढ़े। शंकर बैंड की धुनों और बारात और व्हील्स के संगीत पर करीब आधे घंटे तक डांस और जश्न का सिलसिला चलता रहा। बारात इतनी वास्तविक लग रही थी कि देखने वाले कई लोगों को यह असली शादी ही प्रतीत हुई। दुल्हन पक्ष ने किया पारंपरिक स्वागत होटल फेयरमोंट के मुख्य प्रवेश द्वार पर दुल्हन पक्ष ने बारात का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया। बारातियों को फूलों की मालाएं पहनाई गईं, इत्र छिड़का गया और राजस्थानी आतिथ्य की झलक दिखाई गई। इसके बाद सभी मेहमानों को भव्य बैंक्वेट हॉल में ले जाया गया, जहां शादी समारोह की अगली रस्में आयोजित की गईं। विशेष रूप से तैयार किए गए भव्य मंच पर दूल्हा और दुल्हन की अलग-अलग थीम पर रॉयल एंट्री करवाई गई। रोशनी, संगीत और फायरवर्क्स के बीच दोनों ने मंच पर प्रवेश किया। इसके बाद पारंपरिक अंदाज में वरमाला की रस्म निभाई गई। पूरे आयोजन में आधुनिक तकनीक और राजस्थानी शाही परंपराओं का शानदार संगम देखने को मिला। फैशन शो में दिखा रॉयल ब्राइडल कलेक्शन मॉक वेडिंग के बाद 'वेड-वाह ब्राइडल स्टाइल वॉक' का आयोजन किया गया। इसमें मिस राजस्थान और मिसेज राजस्थान की मॉडल्स ने ब्राइडल कलेक्शन प्रस्तुत किया। फैशन शो में राजस्थान की पारंपरिक पोशाकों के साथ आधुनिक रॉयल वेडिंग कलेक्शन भी आकर्षण का केंद्र रहा। इस शो का निर्देशन योगेश मिश्रा और निमिषा मिश्रा ने किया, जबकि डिजाइनर मधुर चेतवानी ने विशेष ब्राइडल कलेक्शन प्रस्तुत किया। मॉडल्स का मेकअप जस्सी छाबड़ा की टीम ने किया। शो में देव राठौड़ दूल्हे और मिस ओशन इंडिया हीना ठाकुर दुल्हन की भूमिका में नजर आए। राजस्थान की वेडिंग इंडस्ट्री का लाइव प्रदर्शन आयोजन में बारातियों की भूमिका इवेंट मैनेजर्स, मॉडल्स, एंकर, कोरियोग्राफर्स और वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े पेशेवरों ने निभाई। आयोजन का उद्देश्य देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों को यह दिखाना था कि राजस्थान में होने वाली शादियां केवल समारोह नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा, आतिथ्य और भव्यता का जीवंत अनुभव होती हैं। मॉक वेडिंग के माध्यम से वेडिंग प्लानिंग, डेकोरेशन, एंट्री कॉन्सेप्ट, लाइटिंग, संगीत, फैशन, फूड और राजस्थानी मेहमाननवाजी जैसे सभी पहलुओं का प्रदर्शन किया गया, ताकि राजस्थान को वैश्विक डेस्टिनेशन वेडिंग हब के रूप में और मजबूती से स्थापित किया जा सके।
राजस्थान पुलिस ने करीब 19 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में मैहर जिले से एक और संदिग्ध को हिरासत में लिया है। राजस्थान के बारां जिले की पुलिस टीम रविवार को मैहर पहुंची और कियोस्क संचालक श्रीकांत लखेरा की निशानदेही पर एक संदिग्ध से पूछताछ के बाद उसे अपने साथ ले गई। मुआवजे की राशि एफडी से निकाली गई मामला राजस्थान के बारां जिले की द्रोपती बाई से जुड़ा है। उन्हें डूब क्षेत्र में जमीन आने पर मिले मुआवजे की राशि में से 18 लाख रुपए की दो एफडी कराई गई थीं। जून 2025 में बिना किसी ओटीपी, कॉल या बैंक अलर्ट के उनकी एफडी तोड़कर 18.93 लाख रुपए ऑनलाइन निकाल लिए गए। शिकायत के बाद जांच में मैहर का लिंक सामने आया। पूछताछ में खुली साइबर नेटवर्क की परतें जांच के दौरान 14 जुलाई को पुलिस ने मैहर के डेल्हा गांव से ड्राइवर राजन साकेत को हिरासत में लिया था। पूछताछ में उसने ई-मित्र सेंटर संचालक श्रीकांत लखेरा का नाम बताया। आरोप है कि श्रीकांत लोगों के बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम और सिम कार्ड की जानकारी साइबर ठगों तक पहुंचाता था। ठगी की रकम इन्हीं खातों में ट्रांसफर की जाती थी। एक और संदिग्ध को साथ ले गई पुलिस पुलिस के अनुसार, राजन के खाते में 12.13 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए थे। कमीशन देने के बाद शेष राशि एटीएम से निकालकर आगे पहुंचाई जाती थी। राजन को पहले ही जेल भेजा जा चुका है, जबकि श्रीकांत पुलिस रिमांड पर है। रविवार को राजस्थान पुलिस उसे दोबारा मैहर लाई और तीन संदिग्धों से पूछताछ के बाद एक व्यक्ति को अपने साथ ले गई। मामले की जांच जारी है। ये खबर भी पढ़े… बिना कॉल-ओटीपी के तोड़ी FD, 18.93 लाख की ठगी राजस्थान की बारां साइबर क्राइम पुलिस ने 18.93 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी के मामले में बड़ा खुलासा करते हुए मध्यप्रदेश के मैहर जिले से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि एक मैकेनिकल इंजीनियर ई-मित्र सेंटर की आड़ में बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड खरीदकर साइबर ठगों तक पहुंचाता था। पढ़े पूरी खबर…
खैरथल-तिजारा जिले की मुण्डावर थाना पुलिस ने अवैध हथियारों के मुख्य सप्लायर अनिल कुमार उर्फ डूंगर (22) को गिरफ्तार किया है। अनिल कुमार भरतपुर के हिंगोटा, थाना खेड़ली मोड़ का निवासी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी उत्तर प्रदेश से हथियार खरीदकर राजस्थान के भरतपुर, अलवर और जयपुर सहित कई जिलों में उनकी आपूर्ति करता था। अनिल कुमार उर्फ डूंगर के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न थानों में कुल 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जया सिंह और किशनगढ़बास वृत्ताधिकारी लालसिंह यादव के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी मोहर सिंह के नेतृत्व में की गई। यह गिरफ्तारी 24 मई 2026 को तिनकीरूड़ी बस स्टैंड पर हुई एक पिछली कार्रवाई से जुड़ी है। उस दौरान मुखबिर की सूचना पर एक स्विफ्ट कार (RJ-02-CJ-7222) से लोकेश प्रजापत निवासी मातौर को गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से दो अवैध 12 बोर देशी कट्टे और कार जब्त की गई थी। जांच में सामने आया था कि लोकेश प्रजापत गैंग रंजिश के चलते गैंगवार की तैयारी में भारी मात्रा में हथियार और कारतूस जुटा रहा था। इस मामले में पुलिस पहले ही गैंग सदस्य मनोज कुमार उर्फ मन्नू निवासी खुदनपुरी, अलवर को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अनिल कुमार उर्फ डूंगर की गिरफ्तारी के साथ इस प्रकरण में अब तक कुल तीन आरोपी पकड़े जा चुके हैं, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस अनिल कुमार से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क, सप्लाई चेन और इससे जुड़े अन्य आरोपियों के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी लंबे समय से उत्तर प्रदेश से हथियार लाकर राजस्थान के विभिन्न जिलों में उनकी आपूर्ति कर रहा था। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में थाना प्रभारी मोहर सिंह, सहायक उपनिरीक्षक रतनलाल, कांस्टेबल फूल सिंह और कांस्टेबल प्रेम कुमार शामिल थे।
कैथल के कलायत क्षेत्र में दिल्ली- कटरा हाईवे पर बाइक सवार एक 45 वर्षीय व्यक्ति की हादसे में मौत हो गई। वह मोटरसाइकिल पर सवार होकर राजस्थान के अलवर जिले के शिवपुर गांव से आया था और पंजाब में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी पर जा रहा था। जैसे ही वह दिल्ली- कटरा हाईवे पर कलायत में पहुंचा तो उसकी बाइक असंतुलित होकर हाईवे के साइड में लगी रेलिंग से टकरा गई। इस हादसे में व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान शिवपुर, राजस्थान निवासी अमर सिंह के रूप में हुई है। राहगीरों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी। कलायत थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। प्राइवेट कंपनी में जॉब करता था कलायत थाना के जांच अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि पुलिस के पास सूचना आई थी कि हाईवे पर हादसा हुआ है। उनकी टीम मौके पर पहुंच गई और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने बताया कि अमर सिंह पंजाब में एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता था। जब मृतक के पास दस्तावेजों की जांच कर परिवार से संपर्क किया गया तो पता चला कि वह शादीशुदा था और उसके दो बेटे भी हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामले में परिजनों के बयान दर्ज कर इत्तेफाकिया मौत की धाराओं के तहत कार्रवाई की है। दिल्ली- कटरा हाईवे पर दो पहिया वाहन चलाना अलाउड नहीं बता दें कि, दिल्ली कटरा हाईवे पर दो पहिया वाहन चलाना अलाउड नहीं है, लेकिन कुछ वाहन राइडर गांवों के लोकल रास्तों से हाईवे के ऊपर वाहनों को चढ़ा देते हैं, जिससे बाद में हादसे होते हैं। यह मामला भी ऐसा ही रहा। व्यक्ति ने किसी गांव के पास खाली कट देखकर हाईवे के ऊपर अपनी बाइक चढ़ा रखी थी। हालांकि उसे किसी वाहन ने टक्कर नहीं मारी, लेकिन फिर भी वह हादसे का शिकार हो गया और उसकी मौत हो गई।
हरियालो राजस्थान अभियान में गोयली चौराहे पर पौधरोपण
सिरोही | नगर परिषद सिरोही ने हरियालों राजस्थान और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत शनिवार को गोयली चौराहा के पास अरविन्द पेवेलियन की दीवार के नजदीक पौधरोपण किया। कार्यक्रम में जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर, उपखंड अधिकारी हरि सिंह देवल, तहसीलदार जगदीश कुमार और नगर परिषद सचिव रमेश कुमार मौजूद रहे। कलेक्टर ने लगाए गए पौधों को रोज पानी देने की व्यवस्था करने और अतिक्रमण रोकने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- साइबर अपराधियों के खिलाफ केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहे, बल्कि उनकी संपत्ति और वित्तीय नेटवर्क की भी गहन जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि अपराध की आर्थिक कमर तोड़ी जा सके। मुख्यमंत्री ने शनिवार को राजस्थान पुलिस मुख्यालय (PHQ) पहुंचकर साइबर अपराध नियंत्रण व्यवस्था की समीक्षा की। सीएम ने साइबर हेल्पलाइन-1930, ऑनलाइन शिकायत प्रणाली और साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए विकसित संचार तंत्र का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में साइबर अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और जिन क्षेत्रों में साइबर अपराध के मामले अधिक सामने आ रहे हैं, उन साइबर हॉटस्पॉट्स को जल्द से जल्द समाप्त किया जाए। R4C और साइबर हेल्पलाइन 1930 का किया निरीक्षण पुलिस मुख्यालय पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री ने Rajasthan Response and Rescue Coordination Centre (R4C) का निरीक्षण किया। उन्होंने आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। इसके बाद PHQ में उन्होंने साइबर हेल्पलाइन-1930 की कार्यप्रणाली, ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया और शिकायतों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन पर आए एक परिवादी की शिकायत भी सुनी और समाधान की प्रक्रिया की जानकारी ली। विशेषज्ञों और कंसल्टेंट्स की होगी नियुक्ति समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि साइबर अपराधों से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों और कंसल्टेंट्स की सेवाएं ली जाएं। सीएम ने कहा कि यह व्यवस्था केवल पुलिस मुख्यालय तक सीमित न रहकर जिला स्तर पर भी लागू की जाए, ताकि हर जिले में विशेषज्ञता के आधार पर साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। 91 प्रतिशत कॉल अटेंड, 98 करोड़ रुपए की राशि होल्ड बैठक के बाद पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देशों के बाद राज्य में साइबर अपराधों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। 1930 हेल्पलाइन की लाइनों की संख्या बढ़ाने के बाद अब 91 प्रतिशत से अधिक कॉल अटेंड की जा रही हैं। साइबर ठगी की शिकायतों में अब तक करीब 98 करोड़ रुपये की राशि होल्ड कराई जा चुकी है। इसके अलावा साइबर अपराध में उपयोग होने वाले मोबाइल फोन और सिम कार्ड लगातार ब्लॉक किए जा रहे हैं तथा खोए हुए मोबाइल फोन नागरिकों को वापस दिलाने की कार्रवाई भी जारी है। दो माह में शुरू होगा राजस्थान का R4 डीजीपी ने बताया कि मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद I4C की तर्ज पर Rajasthan Cyber Crime Coordination Centre (R4C) की स्थापना का कार्य तेजी से चल रहा है। लक्ष्य है कि अगले दो माह में इसे पूरी तरह क्रियान्वित कर दिया जाए। इसके लिए अलग भवन तैयार किया जा रहा है, जहां R4C के साथ 1930 कॉल सेंटर भी संचालित होगा। 1930 हेल्पलाइन की क्षमता 100 लाइनों तक बढ़ेगी वर्तमान में 1930 हेल्पलाइन 53 लाइनों पर संचालित हो रही है और 90 प्रतिशत से अधिक कॉल रिसीव की जा रही हैं। जल्द ही इसकी क्षमता 60 लाइनों तक बढ़ाई जाएगी और वर्ष के अंत तक इसे 100 लाइनों तक विस्तार दिया जाएगा। इसके लिए कॉल सेंटर ऑपरेटरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों पर तुरंत और तकनीकी रूप से सक्षम कार्रवाई की जा सके। राष्ट्रीय पोर्टल के आधार पर होगी कार्रवाई डीजीपी ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर जिन क्षेत्रों में साइबर ठगी की घटनाएं अधिक सामने आती हैं, वहां विशेष अभियान चलाया जाएगा। सभी पुलिस अधीक्षकों (SP) और आईजी रेंज को इन क्षेत्रों में अधिक प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। लोगों से की सतर्क रहने की अपील डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने नागरिकों से अपील की कि वे 100 या 200 प्रतिशत रिटर्न, शेयर ट्रेडिंग, निवेश, ऑनलाइन जॉब, विदेश भेजने या अन्य आकर्षक ऑफर देने वाले कॉल, व्हाट्सएप मैसेज और लिंक के झांसे में न आएं। किसी भी प्रकार की धनराशि जमा करने या निवेश करने से पहले पूरी तरह सत्यापन करें और संदेह होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा सहित पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद साइबर थानों, जिला पुलिस अधीक्षकों और आईजी रेंज को मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए और अधिक प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए जाएंगे।
फ्री शिक्षा के बहाने गरीब और आदिवासी बच्चों का धर्मांतरण कराने के लिए राजस्थान से बाहर ले जाने का मामला सामने आया है। गिरोह इन बच्चों को बस से अहमदाबाद और फिर ट्रेन से गोवा लेकर पहुंचा था। गिरोह गोवा से बच्चों को तमिलनाडु ले जाने वाला था, लेकिन उससे पहले ही रेलवे पुलिस ने छुड़ा लिया। गिरोह से छुड़ाए गए बच्चों में 2 लड़कियां और 5 लड़के शामिल हैं, जिनकी उम्र 7 से 12 साल के बीच है। गोवा की बाल कल्याण समिति की सूचना पर उदयपुर से पुलिस और बाल कल्याण समिति की टीम गोवा पहुंची और शनिवार को सभी बच्चों को उदयपुर लेकर आई। धर्मांतरण के मामले को लेकर उदयपुर के सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। सांसद ने मामले की एनआईए, सीबीआई और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) से जांच की मांग की है। झाड़ोल तहसील के अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं बच्चे गिरोह से छुड़ाए गए सभी बच्चे उदयपुर जिले की झाड़ोल तहसील के अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं। बच्चों ने पूछताछ में बताया कि वे झाड़ोल में भी चर्च जाया करते थे। 15 जुलाई को गिरोह के सदस्य बच्चों को बस से अहमदाबाद और फिर ट्रेन से गोवा लेकर पहुंचे थे। गोवा में एक साथ इतने बच्चों को देखकर किसी ने रेलवे पुलिस को सूचना दे दी थी। इस पर रेलवे पुलिस ने बच्चों को रेस्क्यू कर लिया। पूछताछ में बच्चों ने झाड़ोल के गांवों की जानकारी दी तो गोवा की बाल कल्याण समिति ने उदयपुर पुलिस और बाल कल्याण समिति को सूचना दी। कई बच्चों को पहले भी तमिलनाडु भेज चुका गिरोह जांच में सामने आया कि गिरोह पहले भी उदयपुर संभाग से कई बच्चों को तमिलनाडु भेजा जा चुका है। इनमें से 15 बच्चों की जानकारी तो साफ तौर पर मिल चुकी है। उदयपुर लाए जाने के बाद अब इन बच्चों, उनके माता-पिता और ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है। बाल कल्याण समिति और पुलिस की जांच के बाद ही बच्चों को उनके माता-पिता को सौंपा जाएगा। मामले की जानकारी मिलने पर विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री सुंदर कटारिया और उनकी टीम भी बाल कल्याण समिति पहुंची। पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेकर उच्च अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सांसद ने सीबीआई जांच की मांग की मामले को लेकर उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री को लेटर लिखा है। सांसद ने लिखा- इस पूरे खेल के पीछे कथित ईसाई मिशनरियों और एक बड़े नेटवर्क का हाथ सामने आ रहा है। उन्होंने मामले की गंभीरता, बहुस्तरीय साजिश और डिजिटल लेन-देन की आशंका को देखते हुए इसकी जांच के लिए एसआईटी के गठन की मांग की है, ताकि इस अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हो सके। फ्री पढ़ाई का लालच देकर दूसरे राज्यों में भेजता है गिरोह सांसद डॉ. रावत ने बताया- उदयपुर संभाग के कानुवाड़ा, बिछीवाड़ा और कलिंजरा जैसे इलाकों में ऐसे 15 से ज्यादा मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। स्थानीय स्तर पर लोगों के जागरूक होने और विरोध बढ़ने के बाद इस गिरोह ने अपना तरीका बदल लिया है। अब ये बच्चों को बहला-फुसलाकर और फ्री पढ़ाई का लालच देकर दूसरे राज्यों में भेज रहे हैं, ताकि वहां चुपचाप उनका धर्मांतरण किया जा सके और उन्हें अपनी मूल संस्कृति से अलग किया जा सके।
नूंह पुलिस ने करीब 19 वर्षों से फरार चल रहे भगोड़ा घोषित अपराधी शौकत खान को गिरफ्तार किया है। शौकत खान नूंह जिले के ग्वारका गांव का निवासी है। उसे सिटी थाना तावडू पुलिस ने दबोचा है। आरोपी को वर्ष 2007 में न्यायालय द्वारा उद्घोषित अपराधी घोषित किया गया था। पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने बताया कि गुरुग्राम के बिलासपुर थाना में सीएस एक्ट के तहत दर्ज एक मामले में जेएमआईसी, गुरुग्राम ने 18 जुलाई 2007 को शौकत खान को भगोड़ा अपराधी घोषित किया था। कोर्ट के आदेश के बावजूद वह लगातार फरार रहा और निर्धारित समय पर पेश नहीं हुआ। ग्रुरुग्राम के मानेसर थाना पुलिस को सौंपा हाल ही में पुलिस ने आरोपी को उसके पैतृक गांव ग्वारका क्षेत्र से हिरासत में लिया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए गुरुग्राम के थाना मानेसर को सौंप दिया गया है। अब उसे कोर्ट में पेश कर लंबित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शौकत खान का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ हरियाणा और राजस्थान के विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं। इनमें थाना बावल में चोरी, थाना नूंह में सीएस एक्ट का उल्लंघन, राजस्थान के भिवाड़ी थाना क्षेत्र में अपहरण और डकैती, तथा थाना सदर रेवाड़ी में भ्रष्टाचार संबंधी प्रावधानों के तहत दर्ज मामले शामिल हैं। पुलिस कर रही आरोपी से पूछताछ आरोपी लंबे समय से अलग-अलग स्थानों पर छिपकर गिरफ्तारी से बच रहा था। उसकी गिरफ्तारी से वर्षों से लंबित न्यायिक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। संबंधित न्यायालय और जांच एजेंसियां अब उससे जुड़े सभी लंबित मामलों में आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेंगी। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा कि मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री बनने से पहले भारत की इकॉनॉमी दुनिया में 12वें नंबर पर थी। 10 साल तक देश के प्रधानमंत्री रहने के बाद वो इसे 11वें स्थान पर ले आए। PM नरेंद्र मोदी ने 7 स्थानों की छलांग लगाकर चौथे स्थान पर पहुंचा दिया। जब तक को PM पद से हटेंगे, तब तक भारत की इकॉनॉमी फर्स्ट पोजिशन पर आ जाएगी। राज्यपाल बागड़े शनिवार को सीकर के कटराथल में स्थित शेखावाटी यूनिवर्सिटी में शेखावाटी ज्ञान सभा के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। VC डॉ. अनिल राय ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। स्टूडेंट्स की नींव स्कूलों से शुरु होती राज्यपाल बागड़े ने कहा- शुक्रवार सुबह अखबार पढ़ा तो देखा कि NEET रिजल्ट में उत्तरप्रदेश पहले और राजस्थान दूसरे नंबर पर है। फिर आंकड़े देखे तो समझ आया कि UP की जनसंख्या ज्यादा है इसलिए वहां के बच्चे भी ज्यादा थे। सफलता की बात करें तो राजस्थान के उत्तरप्रदेश से 16 प्रतिशत ज्यादा बच्चे NEET परीक्षा में क्वालिफाई हुए हैं। राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था बहुत अच्छी स्थिति में है, हां कुछ सुधार की जरूरत है, जो हो रहे हैं। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने कहा- नई शिक्षा नीति के साथ बच्चे आगे बढ़ेंगे। देश आगे बढ़ाने के लिए युवाओं के विश्वास और इच्छा शक्ति की जरुरत है। स्टूडेंट्स की नींव स्कूलों से शुरु होती है। पुराने जमाने में गुरुकुल में किताबें और बिल्डिंग के संसाधन नहीं थे, सिर्फ मौखिक संवाद से ज्ञान प्राप्त किया जाता था। आचार्य चक्रपाणी ने एग्रीकल्चर साइंस पर विश्ववल्लभ किताब लिखी, लेकिन मैंने फोन किया तो किसी एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में नहीं मिली। शिक्षा और संस्कृति एक गाड़ी के ही 2 पहिए राज्यपाल बागड़े ने कहा कि स्कूल-काॅलेज का उद्देश्य सिर्फ निरक्षर को साक्षर करना नहीं होना चाहिए, अब हमें बहुत आगे बढ़ना है। दीनदयाल उपाध्याय के साथ रहने का मौका मिला, तब 1967 उनके साथ काम किया। दीनदयाल उपाध्याय ने डॉ. हेडगेवार के नाम पर एक सोसाइटी शुरु की थी, जो आज फायदे में चल रही है। क्योंकि दीनदयाल उपाध्याय ने डॉ. हेडगेवार के नाम के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई। शिक्षा और संस्कृति एक गाड़ी के ही 2 पहिए है, संस्कृति समाज का दर्पण होता है। संस्कृति ही नई पीढ़ियों में शिक्षा का संचार करती है, क्योंकि हर चीज का प्रूफ नहीं होता है। जिस दिन तिरंगा लहराया, उसी दिन शिक्षा बदल देनी चाहिए थी राज्यपाल बागड़े ने कहा कि शिक्षा रुढ़िवादी प्रथाओं व कुविचारों को दूर कर सांस्कृतिक शोधन करती है। विनोबा भावे ने कहा था, जिस दिन अंग्रेज़ी झंडे को हटाकर तिरंगा लहराया, उसी दिन शिक्षा बदल देनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आज भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 64 लाख करोड़ का हो गया है। यहां दुनिया का सबसे बड़ा रोड नेटवर्क है। 1953 से 2014 तक 13 करोड़ लोगों को गैस कनेक्शन मिले, नरेंद्र मोदी ने सरकार ने 11 साल में 11 करोड़ लोगों को दे दिए। फ्री में 58 करोड़ बैंक अकाउंट खोले गए, 12 करोड़ शौचालय बने, 80 करोड़ लोगों को फ्री अनाज मिलता है। यही विकास का प्रमाण है। राज्यपाल बागड़े ने कहा कि अब 1 कमरे में कॉलेज-यूनिवर्सिटी नहीं चलेंगे। रिजल्ट के चक्कर में स्कूल-काॅलेज-यूनिवर्सिटी वाले बच्चों को पास कर देते हैं, लेकिन बच्चों की बौद्धिक क्षमता बढ़ाने की जरुरत है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता RSS के प्रांत प्रचारक बाबूलाल ने कहा कि भारत देश की सभी भाषाएं ही राष्ट्रीय भाषाएं हैं। ज्ञान का विवेकपूर्ण उपयोग जरुरी है। भारत ने दुनियाभर को गुरुत्व का सिद्धांत दिया। अभी देश को पूर्ण विकसित होने में 20 साल और लगेंगे। AI बिना विवेक के विनाश कर देगा शेखावाटी ज्ञान सभा के मुख्य अतिथि शेखावाटी हवेलियों के साथ शौर्य, व्यापार, शिक्षा, परिश्रम और देशभक्ति ने राष्ट्र निर्माण का काम किया। शेखावाटी के व्यापारियों ने हजारों लोगों का जीवन निर्माण किया। नवाचारों के साथ नैतिकता की जरुरत है। AI सिर्फ इंफोर्मेशन के लिए है, बिना विवेक के ये विनाश कर देगा। एक बच्चे को AI ने माता-पिता को मारने की सलाह दे दी, ये बहुत डरावना है। जब बचपन में अकबर को महान पढ़ता था, तो बहुत तकलीफ होती थी। फिर मुझे सौभाग्य मिला कि शिक्षा मंत्री बनकर अकबर महाने के पाठ को हटाकर महाराणा प्रताप को महान बताने वाला पाठ शामिल किया। मेंटल पीस भी विकास का अंग है। प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटी सिर्फ डिग्री देने का केंद्र ना बनें, स्टूडेंट्स की बुद्धि का विकास और संस्कारयुक्त शिक्षा देने की जरूरत है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने में लगेगा काम भारतीय भाषा अभियान के राष्ट्रीय संयोजक जयदीप राॅय ने कहा कि 2004 में शिक्षा बचाओ आंदोलन से शुरुआत हुई थी, जो 2007 के बाद से शिक्षा-संस्कृति उत्थान न्यास के रुप में काम कर रहा है। कोई भी काम करने से पहले उसका होमवर्क और चिंतन ढंग से कर लेना चाहिए। VC प्रो. अनिल राय ने शेखावाटी ज्ञान सभा के विषय को विस्तार से समझाया। राय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को पूरी तरह लागू करने में अभी समय लगेगा, युवा इसके लिए तैयार हैं। कार्यक्रम के सहसंयोजक शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, जयपुर प्रांत के अध्यक्ष प्रो. राजीव सक्सेना ने आभार जताया। शेखावाटी ज्ञान सभा का विषय शिक्षा, संस्कार एवं विकसित भारत रहा। कार्यक्रम में सागर यूनिवर्सिटी के VC कन्हैयालाल बेरवाल, पूर्व VC लोकेश सिंह शेखावत, कलेक्टर आशीष मोदी, SP प्रवीण नायक नूनावत, रजिस्ट्रार श्वेता यादव समेत काफी शिक्षाविद् और विद्यार्थी मौजूद थे। संचालन डॉ. रेणु महलावत ने किया।
पलवल में सीआईए टीम ने एम्बुलेंस से शराब तस्करी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने केएमपी एक्सप्रेस-वे पर नाकाबंदी के दौरान एक फर्जी एम्बुलेंस से 59 पेटी अवैध शराब बरामद की और दो तस्करों को गिरफ्तार किया। एम्बुलेंस पर लाल-नीली बत्ती लगी हुई थी, जिसका इस्तेमाल पुलिस को चकमा देने के लिए किया जा रहा था। सीआईए स्टाफ के हवलदार रविंद्र ने बताया कि उन्हें मुखबिर से सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, एक फर्जी एम्बुलेंस में उसके मालिक की मिलीभगत से अवैध शराब भरकर राजस्थान के कोटा ले जाई जा रही थी। इस जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई की। नाकाबंदी करके पकड़ी गई फर्जी एम्बुलेंस पुलिस टीम ने केएमपी एक्सप्रेस-वे से बहोला गांव के पास पलवल-नूंह मार्ग पर नाकाबंदी की। थोड़ी देर बाद जब संदिग्ध एम्बुलेंस वहां पहुंची, तो चालक ने पुलिस पार्टी को देखकर नाके से करीब 50 मीटर पहले ही गाड़ी रोक दी। सतर्क पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर ड्राइवर और उसके साथी को गाड़ी सहित पकड़ लिया। एम्बुलेंस की बारीकी से जांच करने पर पुलिस हैरान रह गई। गाड़ी में मरीज की जगह सीटों के नीचे छिपाकर अंग्रेजी शराब की पेटियां भरी हुई थीं। पुलिस ने आबकारी विभाग को सूचित किया, और उनकी मौजूदगी में कुल 59 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई। झज्जर और पानीपत के रहने वाले हैं दोनों आरोपी पकड़े गए आरोपियों की पहचान बादली (झज्जर) निवासी चालक दीपक और पानीपत की रामनगर कॉलोनी निवासी परिचालक सलीम के रूप में हुई है। वे शराब परिवहन से जुड़ा कोई वैध परमिट या लाइसेंस नहीं दिखा सके। पुलिस ने अवैध शराब और फर्जी एम्बुलेंस को जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सदर थाना पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी (प्रारंभिक) परीक्षा-2026, निरीक्षक कारखाना एवं बॉयलर्स परीक्षा- 2025 एवं निरीक्षक कारखाना (केमिकल) परीक्षा -2025 के आवेदन फार्म में संशोधन का मौका दिया गया है। इसमें अभ्यर्थी का नाम, पिता का नाम, फोटो, जन्म तिथि व जेंडर के अतिरिक्त अन्य संशोधन ऑनलाइन किए जा सकते है। साथ ही आवेदन फार्म विड्रो का अवसर भी दिया है। ऑनलाइन संशोधन 18 से 24 जुलाई 2026 तक किए जा सकेंगे। आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने बताया-सहायक अभियोजन अधिकारी प्रारंभिक परीक्षा-2026 का आयोजन 2 सितंबर 2026 तथा निरीक्षक कारखाना एवं बॉयलर्स परीक्षा - 2025 एवं निरीक्षक कारखाना (केमिकल) परीक्षा -2025 का आयोजन 19 सितंबर 2026 को किया जाना है। परीक्षा के लिए जारी विज्ञापन में उल्लेखित शर्तों के अनुसार ऑनलाइन संशोधन का अवसर अभ्यर्थियों को दिया गया है। ऑनलाइन संशोधन का अवसर अभ्यर्थियों के लिए सुविधा मात्र है। ऑफलाइन संशोधन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ऑनलाइन संशोधन के लिए फीस व प्रोसेस संशोधन चाहने वाले अभ्यर्थी को ई-मित्र/ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से 500 रुपए का शुल्क जमा कराना होगा। आयोग के ऑनलाइन पोर्टल https://rpsc.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध एप्लाई ऑनलाइन लिंक अथवा एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर सिटीजन ऐप्स में उपलब्ध रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर संबंधित परीक्षा में ऑनलाइन संशोधन किया जा सकेगा। इस संबंध में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ई-मेल से अथवा फोन नं. 9352323625 व 7340557555 पर भी सम्पर्क किया जा सकता है। बिना योग्यता फार्म भरने वाले कर सकते है विड्रो असत्य एवं गलत सूचना के आधार पर आवेदन करना तथा अहर्ता न होने पर भी उसे विड्रॉ नहीं करना भारतीय न्याय संहिता की धारा 217 के तहत दंडनीय अपराध है। ऐसे अभ्यर्थी को बाद में काउंसलिंग/पात्रता जांच/ साक्षात्कार के दौरान अपात्र पाए जाने पर आगामी 1 वर्ष की अवधि के लिए भर्ती परीक्षाओं से डिबार भी किया जाएगा। अतः ऐसे अभ्यर्थी भी 18 से 24 जुलाई 2026 तक अपना ऑनलाइन आवेदन विड्रॉ कर सकते हैं। इसके लिए एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर माय रिक्रूटमेंट सेक्शन के अन्तर्गत संबंधित परीक्षा के समक्ष उपलब्ध विथड्रॉ बटन पर क्लिक कर ऑनलाइन आवेदन विड्रॉ किया जा सकता है।
मुरैना के बहुचर्चित 4 वर्षीय मासूम कार्तिकेय राजपूत अपहरण कांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस बच्चे की तलाश में पुलिस कई राज्यों में दौड़ रही थी, उसके अपहरण का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि उसका सगा पिता निलेश राजपूत निकला। पुलिस ने राजस्थान के पाली जिले से निलेश को गिरफ्तार कर लिया है और मासूम कार्तिकेय को सकुशल बरामद कर लिया है। हालांकि, इस पूरे मामले में पिता का बड़ा भाई विनोद राजपूत और एक अन्य सहयोगी चालक अभी भी फरार हैं। पुलिस अधिकारियों, जांच से जुड़े सूत्रों और परिवार के करीबी लोगों से बातचीत कर इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले की परत-दर-परत जानकारी जुटाई। सामने आया कि यह अपहरण अचानक नहीं, बल्कि करीब 18 दिनों तक की गई रेकी और सुनियोजित साजिश का नतीजा था। ऐसे हुआ पूरे घटनाक्रम का खुलासा 14 जुलाई की दोपहर मुरैना के गोपालपुरा स्थित रेनबो स्कूल से नर्सरी में पढ़ने वाला चार वर्षीय कार्तिकेय अचानक लापता हो गया। स्कूल प्रबंधन और परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मामला सामने आते ही कोतवाली पुलिस हरकत में आई और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया। फुटेज में एक व्यक्ति बच्चे को गोद में लेकर स्कूल से बाहर निकलता दिखाई दिया। कुछ दूरी पर एक स्कूटी खड़ी थी, जिस पर दूसरा व्यक्ति पहले से मौजूद था। दोनों कार्तिकेय को लेकर फरार हो गए। शुरुआती जांच में दोनों की पहचान नहीं हो सकी, लेकिन बाद में पता चला कि बच्चे को ले जाने वाले लोग उसके पिता निलेश राजपूत और ताऊ विनोद राजपूत थे। मुंबई से बनाई अपहरण की पूरी योजना पुलिस जांच में सामने आया कि निलेश राजपूत मुंबई में गुटखा कारोबार से जुड़ा है। बेटे को अपने पास ले जाने के लिए उसने पहले कानूनी रास्ता नहीं अपनाया, बल्कि अपहरण की योजना बनाई। जांच के अनुसार निलेश अपने बड़े भाई विनोद और एक चालक के साथ 26 जून को मुंबई से फ्लाइट के जरिए ग्वालियर पहुंचा। वहां से बस से मुरैना आया और साईं पैलेस लॉज में कमरा लेकर ठहर गया। पहले दिन इलाके की रेकी कर लौट गया। फिर 28 जून को दोबारा मुरैना आया और लगातार करीब दो सप्ताह तक लॉज में रहकर बच्चे के स्कूल आने-जाने का समय, रास्ते और सुरक्षा व्यवस्था का अध्ययन करता रहा। लॉज संचालक की स्कूटी से करते रहे रेकी पुलिस के अनुसार आरोपी लॉज संचालक अमित गुप्ता से खाना खाने या अन्य बहाने बनाकर उसकी स्कूटी ले जाते थे। इसी स्कूटी से वे रोज स्कूल और आसपास के इलाके की रेकी करते थे। करीब 12 दिनों तक निगरानी के बाद 14 जुलाई को उन्होंने बच्चे को स्कूल से उठाने की योजना को अंजाम दिया। स्कूल से उठाया, फिर राजस्थान फरार 14 जुलाई दोपहर करीब 1 बजे स्कूल की छुट्टी के बाद निलेश स्कूल परिसर पहुंचा और कार्तिकेय को अपने साथ बाहर ले आया। सीसीटीवी में वह बच्चे को गोद में लेकर निकलता दिखाई दिया। कुछ दूरी पर पहले से मौजूद विनोद राजपूत स्कूटी लेकर इंतजार कर रहा था। दोनों कार्तिकेय को लेकर धौलपुर पहुंचे। वहां से बस के जरिए भरतपुर और फिर राजस्थान के पाली जिले की ओर रवाना हो गए। अपहरण के बाद विनोद वापस मुरैना लौटा और चंबल पुल के पास स्कूटी छोड़कर फरार हो गया। पति-पत्नी के विवाद से शुरू हुई कहानी जांच में सामने आया कि इस पूरे मामले की जड़ पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद था। बताया गया कि वर्ष 2018 में फेसबुक के जरिए निलेश राजपूत और मुरैना निवासी इशू यादव की दोस्ती हुई। दोनों ने 2019 में प्रेम विवाह किया और मुंबई में रहने लगे। 2022 में बेटे कार्तिकेय का जन्म हुआ, लेकिन इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगे। घरेलू कलह के चलते इशू कई बार मायके लौटी और आखिरकार जनवरी 2026 में बेटे को साथ लेकर हमेशा के लिए मुरैना आ गई। इसके बाद नानी ने कार्तिकेय का दाखिला स्थानीय प्ले स्कूल में करा दिया। निलेश लगातार बेटे को अपने साथ ले जाने की कोशिश करता रहा, लेकिन बात नहीं बनी। पुलिस का कहना है कि बेटे की कस्टडी कानूनी तरीके से लेने के बजाय उसने अपहरण की साजिश रच डाली। मां ने पहले पहचानने से किया इनकार जांच के दौरान एक और अहम तथ्य सामने आया। शुरुआती पूछताछ में बच्चे की मां और नानी ने सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे व्यक्ति की पहचान करने से इनकार कर दिया। बाद में महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने स्वीकार किया कि फुटेज में दिखाई देने वाला व्यक्ति बच्चे का ताऊ विनोद राजपूत है। इस खुलासे के बाद जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई। 50 से ज्यादा सीसीटीवी खंगाले, फिर राजस्थान पहुंची पुलिस मुरैना पुलिस ने लगातार 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर टीम धौलपुर, भरतपुर होते हुए राजस्थान के पाली जिले पहुंची। वहां पहुंचकर पुलिस ने निलेश के पिता प्रताप राजपूत को हिरासत में लिया। जब निलेश को इसकी जानकारी मिली तो उसने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया और कार्तिकेय को भी सौंप दिया। हालांकि, उसका भाई विनोद और एक अन्य सहयोगी अभी भी फरार हैं। लॉज संचालक भी जांच के घेरे में जांच के दौरान पुलिस ने साईं पैलेस लॉज के संचालक अमित गुप्ता से भी पूछताछ की। लॉज के दस्तावेज और सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिए गए हैं। लॉज संचालक ने पुलिस को बताया कि आरोपी खुद को मुंबई का गुटखा व्यापारी बता रहे थे और उन्होंने फ्लाइट टिकट भी दिखाए थे। पुलिस ने क्या कहा पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने बताया कि आरोपी ने यदि बेटे की कस्टडी चाहिए थी तो उसे न्यायालय का सहारा लेना चाहिए था। अपहरण जैसा रास्ता अपनाना गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी निलेश राजपूत को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसके भाई विनोद राजपूत और अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है। जांच के दौरान जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा। टाइमलाइन: ऐसे रची गई पूरी साजिश फिलहाल पुलिस फरार आरोपी विनोद राजपूत और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है। वहीं मासूम कार्तिकेय को सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
मुहर्रम जुलूस के करतब का वीडियो राजस्थान गैंगरेप के आरोपियों की सजा का बताकर वायरल
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में मुहर्रम जुलूस के दौरान दिखाए गए करतब का है. इसका राजस्थान के श्रीगंगानगर गैंगरेप मामले से कोई संबंध नहीं है.
बॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेताम्बरी भट्ट को राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों पर उदयपुर के एक व्यापारी से 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप है। विक्रम और उनकी पत्नी को मुंबई के यारी रोड इलाके के गंगा भवन ...
दिल्ली के बाद अब राजस्थान में भी टैक्स फ्री हुई फिल्म '120 बहादुर'
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैपी स्टूडियोज की वॉर एपिक '120 बहादुर' आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है, और इसके साथ ही पूरे देश में जबरदस्त उत्साह की लहर दौड़ गई है। साल की सबसे ज्यादा चर्चा वाली फिल्मों में शामिल इस फिल्म को मीडिया और ...
राजस्थान बोर्ड ने जारी किया 10वीं-12वीं सप्लीमेंट्री परीक्षा 2024 का शेड्यूल, यहां करें चेक
Rajasthan Board 10th-12th Supplementary Exam 2024: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने बीएसईआर सप्लीमेंट्री परीक्षा 2024 की डेटशीट जारी कर दी है। जिन छात्रों के परीक्षा में 33 प्रतिशत से कम अंक
क्या 6 महीने बाद फिर से राजस्थान के इस महल में शादी करने जा रहे हैं विक्की कैट
राजस्थान अपने खूबसूरत किलों और महलों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम, शाही ठाठ बाठ समेत राजपुताना वास्तुकला का आनंद उठाने दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक यहां आते हैं..........
Salman Khan फायरिंग केस में आया सनसनीखेज अपडेट, राजस्थान के इस राज्य से पकड़ा गया मामले का एक और आरोपी
सलमान खान के घर पर गोलीबारी प्रकरण में नया मामला दर्ज, राजस्थान से एक व्यक्ति गिरफ्तार
मुंबई। मुंबई पुलिस ने अप्रैल में अभिनेता सलमान खान के आवास के बाहर हुई गोलीबारी के सिलसिले में एक नया मामला दर्ज किया है और आपराधिक धमकी के आरोप में राजस्थान से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अपराध शाखा के अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान राजस्थान के बूंदी निवासी बनवारीलाल लटूरलाल गुर्जर (25) के रूप में हुई है। अधिकारी ने बताया कि गुर्जर ने कथित तौर पर अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया था जिसमें उसने कहा था, लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और गिरोह के अन्य सदस्य मेरे साथ हैं तथा मैं सलमान खान को मारने जा रहा हूं क्योंकि उसने अभी तक माफी नहीं मांगी है। आरोपी ने राजस्थान में एक राजमार्ग पर वीडियो बनाया और उसे अपने चैनल पर अपलोड कर दिया। अधिकारी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक टीम जांच के लिए राजस्थान भेजी गई और उसने आरोपी को पकड़ लिया। उन्होंने कहा कि मुंबई के साइबर पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। अधिकारी ने कहा, हम जांच कर रहे हैं कि आरोपी गुर्जर का कोई पिछला आपराधिक इतिहास तो नहीं है। उसे भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं, 506 (2) (आपराधिक धमकी के लिए सजा) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है और जांच जारी है। बांद्रा इलाके में 14 अप्रैल की सुबह सलमान खान के घर के बाहर मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने कई गोलियां चलाई थीं। इस मामले में कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से एक अनुज थापन ने एक मई को पुलिस हवालात में कथित तौर पर फांसी लगा ली थी।
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'एकलव्य' के बारे में कुछ अनकहे किस्से
एकलव्य : रॉयल गार्ड का मूल नाम यज्ञ था। उत्पादन 2005 की शुरुआत में शुरू हुआ..........
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'परमाणु' के बारे में कुछ अनकहे किस्से
जॉन अब्राहम की फिल्म 'परमाणु- द स्टोरी ऑफ पोखरण' को रिलीज हुए 6 साल हो गए हैं। यह फिल्म 25 मई 2018 को रिलीज हुई थी..........
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'हाईवे' के बारे में कुछ रोचक बाते
जब इम्तियाज अली द्वारा निर्देशित यह रोड ड्रामा प्रसारित हुआ, जिसमें आलिया भट्ट और रणदीप हुडा ने अभिनय किया, तो लोगों ने इसे बहुत प्यार दिया, न केवल इसकी अभूतपूर्व कहानी के कारण, बल्कि भट्ट के उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण भी...........
देसी मिट्टी से शाहरुख खान ने कमा डाले 200 करोड़ रुपये, राजस्थान में करी थी फिल्म जवान की शूटिंग?
शाहरुख खान की फिल्म जवान ने पहले तीन दिनों में 200 करोड़ रुपये की कमाई कर शानदार प्रदर्शन किया है. 7 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म ने 75 करोड़ की बड़ी ओपनिंग का रिकॉर्ड बनाया है............
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'ये जवानी है दीवानी' के बारे में कुछ रोचक बाते
उदयपुर में शूट की गई रोमांटिक और कॉमेडी फिल्मों की जबरदस्त अवधारणाओं में से एक का निर्माण करण जौहर द्वारा किया गया था और अयान मुखर्जी द्वारा निर्देशित किया गया था। यह उदयपुर में शूटिंग की गई सबसे लोकप्रिय फिल्मों में से एक थी.........
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'गाइड' के बारे में कुछ अनकही बाते
उदयपुर में शूट की गई पहली फिल्मों में से एक वहीदा रहमान और देव आनंद अभिनीत एक रोमांस ड्रामा थी। यह फिल्म आर.के. नारायण के प्रसिद्ध उपन्यास पर आधारित है, जिसे व्यापक रूप से भारतीय सिनेमा उद्योग की उपलब्धियों में से एक माना जाता है.............
फिल्मों की शूटिंग के लिए बेस्ट लोकेशन बन रहा राजस्थान का अलवर
राजस्थान प्रदेश का अलवर जिला इन दिनों फिल्मों और वेब सीरीज समेत शॉर्ट फिल्मों के लिए बेस्ट लोकेशन बनता जा रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बॉलीवुड एक्टर उज्जवल चोपड़ा अपनी शॉर्ट फिल्म की 4 दिन की शूटिंग के लिए अलवर पहुंचे..........
जोधा अकबर की शूटिंग के बाद मशहूर हुई राजस्थान की ये जगहे
भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की पीरियड फिल्म 'जोधा अकबर' के कुछ सीन जयपुर के आमेर किले में शूट किए गए हैं. आपको आशुतोष गोवारिकर की फिल्म का वो सीन याद होगा, जिसमें ऐश्वर्या राय किचन में राजा के लिए खाना बनाती है......
बॉलीबुड और हॉलीवुड फिल्मों के लिए फेमस है राजस्थान की ये जगहे, देखें वीडियो
राजस्थान और फिल्में हमेशा से मनोरंजन का तड़का लगाती रही हैं। राजधानी जयपुर हमेशा से फिल्म निर्माताओं की पसंदीदा रही है। 'पिंक सिटी' में एक-दो नहीं बल्कि कई बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'लगान' के बारे में कुछ रोचक तथ्य
मिस्टर परफेक्शनिस्ट के नाम से मशहूर आमिर खान की फिल्म 'लगान' उनके फिल्मी करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई। फिल्म में एक ऐसे गांव का चित्रण किया गया था जहां के लोग किराए के बोझ तले दबे हुए थ......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बॉर्डर' के बारे में कुछ अनोखी बातें
सनी देओल, जैकी श्रॉफ, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना, सुदेश बेरी, पुनीत इस्सर और कुलभूषण खरबंदा अभिनीत फिल्म बॉर्डर ने अपनी रिलीज के 26 साल पूरे कर लिए हैं। 1971 के वास्तविक जीवन के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर आधारित और लोंगेवाला की लड़ाई की सच्ची घटनाओं पर आधारित, बॉर्डर 1997 में रिलीज़ हुई थी और इसका निर्देशन जेपी दत्ता ने किया था............
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बोल बच्चन' के बारे में कुछ अनोखी बातें
रोहित शेट्टी की फिल्म 'बोल बच्चन' में अभिषेक बच्चन, अजय देवगन और असिन नजर आए हैं. फिल्म की आधे से ज्यादा शूटिंग पिंक सिटी जयपुर में हुई है. फिल्म का हिट गाना 'चलाओ न नैनों से बाण रे' की शूटिंग जयपुर के मशहूर रिजॉर्ट चोखी ढाणी में हुई है......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बाजीराव मस्तानी' के बारे में कुछ अनोखी बातें
राजस्थान और फिल्मों का साथ हमेशा से ही एंटरटेनमेंट का तड़का लगा रहा है. राजधानी जयपुर (Jaipur) हमेशा से ही फिल्मकारों की पसंद रही है. बॉलीवुड की एक-दो नहीं बल्कि कई फिल्में 'पिंक सिटी' में शूट हो चुकी हैं.......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' के बारे में कुछ अनोखी बातें
जब आलिया भट्ट और वरुण धवन अपनी फिल्म 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' के प्रमोशन के लिए जयपुर आए तो यह उनके लिए घर वापसी जैसा था। आप पूछेंगे कैसे? दोनों ने राजस्थान में फिल्म की शूटिंग के लिए इतना समय बिताया है कि उन्हें लगता है कि वे यहीं के हैं.....
Rajasthan 12th Board: दो दिन बाद समाप्त होंगे पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन, ऐसे भरें फॉर्म
राजस्थान बोर्ड कक्षा 12वीं रिजल्ट 2024: पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 30 मई है। जो छात्र अपने अंक से असंतुष्ट हैं, वे आवेदन कर सकते हैं। आइए जानते हैं, कैसे करना है आवेदन। यहां देखें
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'हम साथ साथ हैं' के बारे में कुछ अनोखी बातें
4 अक्टूबर 1998 को ग्रोव के संरक्षक मांगीलाल सोनल द्वारा सार्वजनिक पार्क में फिल्म ' हम साथ - साथ हैं ' की शूटिंग की अनुमति दी गई थी। यह खुलासा वन विभाग के अधिकारी शिवचंद बोहरा और सोनल से जिरह के दौरान हुआ.........
कभी राजस्थान में हुई थी इस फेमस मूवी की शूटिंग, देखें वायरल वीडियो
राजस्थान के बीकानेर ज़िले में स्थित लक्ष्मी निवास पैलेस अपनी भव्यता से भर जाता है.यह आलीशान और लग्ज़री होटल है, जिसकी बनावट और महीन कारीगरी काफ़ी खास है.इस पैलेस को 1904 में महाराजा गंगा सिंह के लिए बनवाया गया था.......
फिल्म करण अर्जुन 1995 में रिलीज हुई थी। रिलीज के इतने साल बाद भी फिल्म करण अर्जुन का नशा लोगों के दिलों में इस कदर छाया हुआ है कि लोग इसे भूल नहीं पाते हैं। आज हम इस फिल्म से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातों के बारे में बात करेंगे......
रेत के टीलों से लेकर ऐतिहासिक स्मारकों तक, राजस्थान सभी फिल्म निर्माताओं को शूटिंग के लिए आकर्षित करता रहा है। जयपुर, जोधपुर जैसे शहरों की ऐतिहासिक विरासत से लेकर जैसलमेर, बाड़मेर जैसे जिलों के रेत के टीलों तक, यहां सब कुछ अनोखा है.....
जॉली एलएलबी की तीसरी किस्त में अक्षय कुमार और अरशद वारसी स्क्रीन शेयर करने जा रहे हैं। शूटिंग राजस्थान में चल रही थी और उन्होंने पहला शेड्यूल पूरा कर लिया है। हाल ही में, अभिनेताओं ने शूटिंग खत्म करते हुए एक मजेदार वीडियो साझा किया। कुछ ही देर में ये वायरल हो गया। दोनों को बड़ी मुस्कान के साथ बाइक चलाते देखा गया। अक्षय और अरशद ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया अक्षय और अरशद ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर वीडियो साझा किया और लिखा, “और यह एक शेड्यूल रैप है! जैसा कि आप देख सकते हैं कि दोनों जॉलीज़ ने राजस्थान में अच्छा समय बिताया। वीडियो में दोनों सड़क पर बाइक चला रहे हैं। अरशद की शर्ट खून से लथपथ है. हाल ही में, बड़ी संख्या में अक्षय के प्रशंसक उनकी फिल्म के सेट पर उन्हें आश्चर्यचकित करने और उनके साथ तस्वीरें लेने के लिए पहुंचे। अब सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में, राम सेतु अभिनेता को जॉली एलएलबी 3 के सेट पर उनका स्वागत करने आए लोगों के लिए तस्वीरें लेते और ऑटोग्राफ देते देखा जा सकता है। अक्षय पहले भी वीडियो शेयर कर चुके हैं इससे पहले, जॉली एलएलबी 3 के सेट से एक बिहाइंड द सीन वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था जिसमें अक्षय शर्टलेस बैठे नजर आ रहे थे और उन्होंने सन बाथ का भी आनंद लिया था। वीडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए अक्षय के फैन पेज ने लिखा, @अक्षयकुमार #JollyLLB3 के सेट पर सन बाथ ले रहे हैं...अगर आप ठीक से सुनेंगे तो बजरंग बैन चल रहा है। बता दें, अक्षय कुमार ने इस महीने की शुरुआत में जॉली एलएलबी 3 की शूटिंग शुरू की थी, जब उन्होंने सेट से एक मजेदार वीडियो भी जारी किया था। वीडियो में अक्षय के साथ अरशद वारसी भी शामिल थे और दोनों काले कपड़े पहने नजर आ रहे थे। इसकी शुरुआत अक्षय द्वारा सभी को जगदीश त्यागी उर्फ जॉली बीए एलएलबी डुप्लिकेट से सावधान रहने की चेतावनी देने से हुई। इसके बाद, अरशद को खुद को असली जॉली के रूप में पेश करते देखा गया। जॉली एलएलबी की 3 किस्त आ रही है पहली जॉली एलएलबी फिल्म, जो 2013 में रिलीज हुई थी, जिसमें अरशद वारसी और सौरभ शुक्ला मुख्य भूमिका में थे। दूसरी ओर, फिल्म का सीक्वल 2017 में सिनेमाघरों में आया जिसमें अक्षय कुमार ने अरशद वारसी की जगह ली। उनके साथ हुमा कुरेशी भी उनकी प्रेमिका के रूप में शामिल हुईं। कथित तौर पर, तीसरी किस्त में, अक्षय कुमार और अरशद वारसी आमने-सामने होंगे, जबकि सौरभ शुक्ला जज के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे। हालांकि, अभी तक मेकर्स ने फिल्म की कहानी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। View this post on Instagram A post shared by Akshay Kumar (@akshaykumar)
सलमान खान के घर फायरिंग मामला: मुंबई क्राइम ब्रांच ने पांचवें आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में ताजा घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को पांचवें आरोपी मोहम्मद चौधरी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। इंडिया टीवी के अतुल सिंह की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद चौधरी ने दो शूटरों, सागर पाल और विक्की गुप्ता को पैसे देकर और रेकी करके भी मदद की। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, चौधरी को आज मुंबई लाया जा रहा है जहां उसे किला कोर्ट में पेश किया जाएगा और पांच दिन की हिरासत की मांग की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Kareena Kapoor Khan ने Saif Ali Khan के बड़े बेटे इब्राहिम की नवीनतम तस्वीरों पर सबसे मनमोहक टिप्पणी की इससे पहले, अनुज थापन नाम के एक आरोपी ने पुलिस हिरासत में चादर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बता दें, अनुज पर शूटरों को हथियार मुहैया कराने का आरोप है। थापन को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले, बांद्रा में अभिनेता के आवास के बाहर गोलीबारी करने वाले दोनों शूटर विक्की गुप्ता और सागर पाल को गुजरात के भुज से हिरासत में लिया गया था। इसे भी पढ़ें: सलमान खान के घर के बाहर गोली चलाने के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य गिरफ्तार सलमान खान के घर फायरिंग मामले की जानकारी मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। इस महीने की शुरुआत में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया था. अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। सलमान खान की नवीनतम सार्वजनिक उपस्थिति सलमान खान हाल ही में लंदन में थे जहां उन्होंने ब्रिटेन के ब्रेंट नॉर्थ निर्वाचन क्षेत्र से सांसद बैरी गार्डिनर से मुलाकात की। इंटरनेट पर कई तस्वीरें वायरल हुईं, जिनमें बैरी और सलमान दोनों वेम्बली स्टेडियम के अंदर नजर आ रहे हैं।
अपनी बायोपिक में Shahrukh Khan को काम करते देखना चाहता है ये मशहूर विदेशी क्रिकेटर,Rajasthan Royals टीम का है हिस्सा
भारत के राष्ट्रीय प्रसारक Doordarshan ने नए लोगो का अनावरण किया, जिसका रंग लाल से नारंगी हुआ
भारत सरकार के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक दूरदर्शन ने अपने समाचार चैनल डीडी न्यूज का लोगो लाल से बदलकर भगवा कर दिया है। यह लोगो 16 अप्रैल, 2024 को लागू हुआ, जिसने पिछले लाल वाले को बदल दिया। अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेजों के माध्यम से, डीडी न्यूज़ ने कहा कि उनके मूल्य वही रहेंगे और वे अब एक नए अवतार में उपलब्ध हैं। इसे भी पढ़ें: Barahi Devi Temple: बाराही देवी मंदिर में दर्शन मात्र से दूर होती है गंभीर बीमारियां, जानिए मंदिर से जुड़ी मान्यता पोस्ट में कहा गया एक ऐसी समाचार यात्रा के लिए तैयार हो जाइए जो पहले कभी नहीं देखी गई.. बिल्कुल नए डीडी न्यूज का अनुभव करें। हमारे पास यह कहने का साहस है: गति से अधिक सटीकता, दावों से अधिक तथ्य, सनसनीखेज से अधिक सत्य। क्योंकि अगर यह डीडी न्यूज पर है, तो यह सच है। दूरदर्शन का इतिहास दूरदर्शन ने 15 सितंबर, 1959 को सार्वजनिक सेवा प्रसारण में एक मामूली प्रयोग के साथ शुरुआत की। यह प्रयोग 1965 में एक सेवा बन गया जब दूरदर्शन नई दिल्ली और उसके आसपास के लिविंग रूम में टेलीविजन सेट तक पहुंच गया। 1975 तक सेवाओं को मुंबई, अमृतसर और सात अन्य शहरों तक बढ़ा दिया गया। 1 अप्रैल, 1976 को यह सूचना और प्रसारण मंत्रालय में एक अलग विभाग के अंतर्गत आ गया। 1982 में दूरदर्शन राष्ट्रीय प्रसारक बन गया। इसे भी पढ़ें: Rajasthan: पाली में बोले अमित शाह, हम भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा अर्थतंत्र बना देंगे, ये मोदी की गारंटी है 1982 में, दूरदर्शन का रंगीन संस्करण तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी के स्वतंत्रता दिवस के भाषण के सीधे प्रसारण के साथ शुरू हुआ, इसके बाद दिल्ली में 1982 के एशियाई खेलों का रंगीन प्रसारण हुआ। वर्तमान में, दूरदर्शन 6 राष्ट्रीय चैनल और 17 क्षेत्रीय चैनल संचालित करता है। राष्ट्रीय चैनलों में डीडी नेशनल, डीडी इंडिया, डीडी किसान, डीडी स्पोर्ट्स, डीडी उर्दू और डीडी भारती शामिल हैं। दूसरी ओर, डीडी अरुणप्रभा, डीडी बांग्ला, डीडी बिहार, डीडी चंदना, डीडी गिरनार, डीडी मध्य प्रदेश, डीडी मलयालम, डीडी नॉर्थ ईस्ट, डीडी ओडिया, डीडी पोधिगई, डीडी पंजाबी, डीडी राजस्थान, डीडी सह्यगिरी, डीडी सप्तगिरी, डीडी उत्तर प्रदेश, डीडी यादगिरी और डीडी काशीर इसके क्षेत्रीय चैनल हैं। While our values remain the same, we are now available in a new avatar. Get ready for a news journey like never before.. Experience the all-new DD News! We have the courage to put: Accuracy over speed Facts over claims Truth over sensationalism Because if it is on DD News, it… pic.twitter.com/YH230pGBKs — DD News (@DDNewslive) April 16, 2024
बच्चों के साथ राजस्थान की सैर पर निकलीं शिल्पा शेट्टी, वीडियो शेयर कर...
शिल्पा शेट्टी इन दिनों राजस्थान की सैर पर निकली हैं. शिल्पा के साथ उनके बच्चे भी राजस्थान के नेशनल पार्क में घूमते नजर आ रहे हैं. शिल्पा ने इसका वीडियो शेयर किया है. वीडियो में शिल्पा शेट्टी बच्चों के साथ मस्ती करती नजर आ रही हैं.

