हरियाणा में नारनौल के रहने वाले युवक की राजस्थान में गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक राजस्थान के एक गांव में कुआं पूजन कार्यक्रम में गया हुआ था। यहीं स्कॉर्पियो सवार युवकों ने उसे गोली मार दी। परिवार के मुताबिक, युवकों ने जाते हुए कहा कि अभी तो एक ही मर्डर हुआ है, पांच और मार दें तो सजा उतनी ही मिलेगी। सूचना मिलते ही बहरोड़ पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लेकर अस्पताल में भिजवा दिया। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर 2 युवकों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि रंजिश में युवक की हत्या की गई है। 14 साल पहले उसके पिता का भी मर्डर हुआ था। सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला.... 10 किलोमीटर दूर दूसरे गांव में गया थामृतक की पहचान नारनौल के मांदी गांव निवासी लोकेश (19) के तौर पर हुई है। सोमवार को लोकेश गांव के ही देवांश के साथ उसके चाचा सुनील के बेटे के कुआं पूजन कार्यक्रम के लिए नारनौल से 10 किलोमीटर दूर राजस्थान के बहरोड़ के पास भगवाड़ी गांव में गया हुआ था। घर के बाहर गाली-गलौज कर रहे थेदेवांश ने बताया कि सोमवार रात को कार्यक्रम खत्म होने के बाद परिवार के लोग आपस में बात कर रहे थे। इसी दौरान बाहर से गाली गलौज की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर लोकेश और देवांश बाहर गए। बाहर देखा तो भगवाड़ी कलां निवासी सोनू शर्मा और उसका साला नीमराना क्षेत्र के तलवाना निवासी गौरव गाली गलौज कर रहे थे। लोकेश के सीने में गोली मारीदेवांश ने आरोप लगाया कि इसी दौरान सोनू शर्मा ने पिस्तौल निकाल ली और फायर कर दिया। गोली लोकेश के सीने में लगी। दूसरी गोली गेट पर जाकर लगी। सोनू ने देवांश पर भी फायरिंग की, लेकिन वह बच गया। इसके बाद सोनू और गौरव स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर फरार हो गए। लोकेश को तुरंत अस्पताल लेकर गए, वहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। हत्या के बाद गांव आकर धमकायादेवांश ने आरोप लगाया कि हत्या के बाद देर रात सोनू और गौरव दोबारा गांव आए। उन्होंने घरों के दरवाजे पीटे, फायरिंग की और लोगों को जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। इनकी धमकियों के बाद गांव-वाले पूरी रात नहीं सोए। लोकेश के पिता संजय की 2012 में पीट-पीटकर हत्या की गई थी। लोकेश की बहन शादीशुदा है। अब घर में अकेली मां रह गई है। DSP बोले- गिरफ्तारी के लिए टीमें गठितबहरोड़ के DSP सचिन शर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आपसी रंजिश से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। शिकायत पर सोनू और गौरव के खिलाफ बहरोड़ सदर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
जयपुर में पावरग्रिड कॉर्पोरेशन द्वारा 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यपालक निदेशक श्री अभिनव वर्मा ने ध्वजारोहण कर संविधान के मूल्यों और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में राजस्थान की प्रगति पर प्रकाश डाला। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पुरस्कार वितरण के साथ राष्ट्रीय एकता का संदेश देने वाला यह लेख पावरग्रिड की उपलब्धियों और देशभक्ति के संगम को खूबसूरती से दर्शाता है।
उत्तर पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए 50 जोड़ी रेलसेवाओं में 124 अतिरिक्त डिब्बों की अस्थाई बढ़ोतरी की है। मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री शशि किरण के अनुसार, जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और अजमेर रूट की ट्रेनों में स्लीपर और एसी कोच बढ़ाए गए हैं, जिससे फरवरी माह में यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को कन्फर्म टिकट और आरामदायक सफर की सुविधा मिलेगी।
एंटी नारकोटिक्स सेल फतेहाबाद की टीम ने एक आरोपी को हेरोइन तस्करी के आरोप में पकड़ा है। आरोपी मूलरूप से राजस्थान के हनुमानगढ़ टाउन का रहने वाला है। उसको आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। आरोपी से पुलिस नशा तस्करी के नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है। एएनसी सेल प्रभारी यादवेंद्र ने बताया कि नाकाबंदी के दौरान पाली ढाबा के पास एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया। एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज आरोपी की पहचान राजस्थान के हनुमानगढ़ टाउन की मुखर्जी कॉलोनी निवासी हसन खान के रूप में हुई। उसकी तलाशी लेने पर उसकी जेब से 5.45 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। यादवेंद्र ने बताया कि पुलिस ने बरामद हेरोइन को कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21बी, 61, 85 के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपी से पूछताछ जारी है।
जयपुर: मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राजस्थान में 'ग्राम उत्थान शिविरों' का भव्य आयोजन शुरू हो गया है। शुरुआती दो दिनों में 687 शिविरों के माध्यम से लाखों ग्रामीणों और किसानों को 12 सरकारी विभागों की योजनाओं का सीधा लाभ दिया गया। 9 फरवरी तक चलने वाले इन शिविरों का उद्देश्य ग्रामीण विकास और पशुपालकों का आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है।
चित्तौड़गढ़ विधायक चन्द्रभान सिंह आक्या ने 69वीं राष्ट्रीय हैंडबॉल प्रतियोगिता के लिए राजस्थान टीम का भव्य स्वागत कर सोमनाथ के लिए रवाना किया। कोच दलिप चौधरी और 16 खिलाड़ियों की यह टीम गुजरात में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेगी। पढ़िए चित्तौड़गढ़ से राष्ट्रीय स्तर तक के इस खेल सफर की पूरी रिपोर्ट।
16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में उदयपुर जिले के झाडोल विधानसभा क्षेत्र के सुपरवाइजर अशोक कुमार प्रजापत को SIR कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य और 100% डिजिटाइजेशन उपलब्धि के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया।
दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में राजस्थान की झांकी ने दर्शकों का मन मोह लिया। बीकानेर की विश्वविख्यात उस्ता कला को केंद्र में रखकर तैयार की गई राजस्थान की झांकी ने अपनी विशिष्ट शिल्पकला, सांस्कृतिक वैभव और जीवंत प्रस्तुति से राष्ट्रीय फलक पर अमिट छाप छोड़ी। राजस्थान मरुस्थल का स्वर्ण स्पर्श विषय पर आधारित झांकी के आगे के हिस्से में राजस्थान के प्रसिद्ध लोक वाद्य रावणहट्टा का वादन करते कलाकार की 180 डिग्री घूमती हुई प्रतिमा प्रदर्शित की गई। इसके दोनों ओर उस्ता कला से सजी सुराही, कुप्पी और दीपक आकर्षक फ्रेमों में लगाए गए, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने। झांकी का यह भाग लगभग 13 फीट ऊंचा रहा। कला में यह दिखायाझांकी के डिजाइनर एवं पर्यवेक्षक हरशिव शर्मा ने बताया- ट्रेलर भाग में उस्ता कला से अलंकृत घूमती हुई पारंपरिक कुप्पी और हस्तशिल्प पर कार्य करते कारीगरों के सजीव दृश्य प्रदर्शित किए गए हैं, जो इस प्राचीन कला की जीवंत परंपरा को दर्शाते हैं। पीछे के हिस्से में ऊंट और उस पर सवार की प्रतिमा राजस्थान की मरुस्थलीय संस्कृति और लोक जीवन का सशक्त प्रतीक बनी रही। राजस्थान ललित कला अकादमी के सचिव डॉ. रजनीश हर्ष ने बताया कि झांकी के दोनों ओर उस्ता कला से सजे मेहराबों में पत्तेदार स्वर्ण कारीगरी के उत्कृष्ट उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। साथ ही गेर लोक नृत्य प्रस्तुत करते कलाकारों ने राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत किया। इस प्रकार यह झांकी पारंपरिक कला, लोक संस्कृति और शाही विरासत का सजीव संगम बनकर सामने आई। इनका रहा योगदानडॉ. रजनीश हर्ष ने बताया- राजस्थान झांकी को साकार करने में झांकी डिजाइनर एवं सुपरविजन हरशिव शर्मा, प्रीति सोलंकी, समुंद्र पाल सिंह, जन्मेजय शर्मा और फैब्रिकेटर आर.एस. भटनागर एंड संस के प्रबोध कुमार भटनागर सहित पूरी टीम का उल्लेखनीय योगदान रहा। डॉ. हर्ष ने बताया कि इस झांकी का निर्माण उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री दीया कुमारी, अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता और उप सचिव अनुराधा गोगिया के मार्गदर्शन में किया गया।
बठिंडा पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी राजस्थान और हरियाणा के रहने वाले हैं। इनके पास से 13 स्मार्ट फोन और 2 कार्ड स्वैप मशीनें बरामद की गई हैं। डीएसपी अमृतपाल सिंह भट्टी ने बताया कि गणतंत्र दिवस के मद्देनजर बठिंडा में विभिन्न स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में शहर के कई होटलों की भी जांच की गई, जहां से इन दोनों आरोपियों को होटल के कमरों से पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपियों की पहचान याहिया खान निवासी ज़ीरक, जिला नूहं, हरियाणा और जसवीर सिंह निवासी खैरथल, राजस्थान के रूप में हुई। ये दोनों पिछले तीन दिनों से बठिंडा के एक निजी होटल में ठहरे हुए थे। गिरोह के सरगना की तलाश पुलिस के अनुसार, ये आरोपी लोगों को ऑनलाइन पैसे का लालच देकर अपने खातों में पैसे डलवाते थे और कमीशन लेते थे। पिछले तीन दिनों में उनके खातों में करीब डेढ़ लाख रुपए आए हैं। जांच में पता चला है कि इस गिरोह का सरगना राजू उर्फ सरपंच है, जो एक ऐप चलाता है। उसका एक अज्ञात साथी भी है, जिनकी गिरफ्तारी अभी बाकी है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा और रिमांड मिलने के बाद आगे की पूछताछ की जाएगी ताकि पूरी साजिश का पर्दाफाश हो सके।
गणतंत्र दिवस से पहले राजस्थान में पकड़ा 10,000 KG अमोनियम नाइट्रेट, आरोपी सुलेमान खान गिरफ्तार
26 जनवरी गणतंत्र दिवस से पहले राजस्थान के नागौर जिले में विस्फोटक पदार्थ का बड़ा जखीरा मिला है। सुरक्षा एजेंसियों ने विस्फोटक पदार्थ बरामद कर बड़ी साजिश को नाकाम किया है। ऐसा ही हजारों किलो विस्फोटक पदार्थ कुछ महीनों पहले हरियाणा के कई ठिकानों से ...
केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या (रविवार) पर राजस्थान की तीन हस्तियों को पद्म पुरस्कार देने की घोषणा की है। प्रसिद्ध अलगोजा वादक तगा राम भील (62), भपंग वादक गफरुद्दीन मेवाती जोगी (65) और ब्रह्म देव महाराज को पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। जयपुर मूल के पीयूष पांडे को मरणोपरांत पद्म भूषण देने की घोषणा की गई है। केंद्र सरकार ने पीयूष पांडे को महाराष्ट्र के कला क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए यह सम्मान दिया जाएगा। जैसलमेर से 7 किमी दूर मूलसागर के तगा राम ने निर्जन जंगलों में भेड़-बकरियां चराते हुए हवाओं के शोर को संगीत में बदला। नाक से सांस लेकर, बिना रुके मुंह से हवा बाहर निकालकर अलगोजा बजाया जाता है। ताकि अलगोजा की धुन टूटे नहीं। उन्हें इस विधा का जादूगर भी कहा जाता है। वे 55 साल से अलगोजा बजा रहे हैं। मूल रूप से डीग के रहने वाले गफरुद्दीन मेवाती जोगी फिलहाल अलवर में रह रहे हैं। वे लुप्त होती कला 'पांडुन का कड़ा' लोक गायन के एकमात्र कलाकार है। ब्रह्मदेव महाराज श्रीगंगानगर स्थित श्री जगदंबा अंध विद्यालय और मूक बधिर विकलांग संस्थान के संस्थापक हैं। इनका समाजसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान है। अब जानते हैं, इन हस्तियों के बारे में... तगाराम बोले- घर से चुपचाप उठा के ले जाते थे अलगोजा तगाराम भील को अलगोजा वादन में महारत हासिल है। वे कहते हैं- जब रेगिस्तान की तपती रेत पर गर्म हवाएं चलती हैं, तो अक्सर वे शोर करती हैं। लेकिन उन्हीं हवाओं को हमने शोर से संगीत में बदलने का प्रयास किया। पिता टोपणराम भी अलगोजा बजाते थे। बचपन में अपने पिता का अलगोजा चोरी चुपके से ले जाकर जंगलों में बजाते थे। जब भेड़-बकरियां चराने जाते, तब भी अलगोजे को घर से चुपचाप उठा के ले जाते थे और उसे बजाने का अभ्यास करते रहे। धीरे- धीरे अलगोजा बजाने में महारत हासिल कर ली। जब से लोगों ने पशुपालन करना शुरू किया तबसे इस वाद्य यंत्र को उपयोग में लाया जा रहा है। पहले ज्यादातर चरवाहे इसे अपने मनोरंजन के लिए बनाते थे और बजाते थे। आज कई लोग हमसे सीखते हैं। विदेशी पर्यटक भी सीखने आते हैं। जीवन के 30 साल चरवाहे के रूप में बिताएतगा राम का कहना है- मैंने अपने जीवन के करीब 30 साल एक चरवाहे के रूप में बिताए। जहां दुनिया, भीड़ और शोहरत के पीछे भागती है, मैंने जैसलमेर के निर्जन जंगलों में भेड़-बकरियां चराते हुए घंटों रियाज किया। अलगोजा बजाते समय 'सस्टेन्ड ब्रीदिंग' तकनीक की जरूरत होती है, यानी नाक से सांस लेना और बिना रुके मुंह से हवा बाहर निकालना ताकि धुन टूटे नहीं। जंगल की उसी खामोशी ने मुझे इस विधा का जादूगर बना दिया। 1981 में 18 वर्ष की आयु में पहली बार जैसलमेर के मंच पर मौका मिला। 1996 में फ्रांस की पहली विदेश यात्रा के बाद अब तक अमेरिका, रूस, जापान, सिंगापुर और अफ्रीका सहित 15 से अधिक देशों में अपनी कला का प्रदर्शन कर चुका हूं। 'मरु महोत्सव' से एक विशिष्ट पहचान बनी। मैं अलगोजा बजाता तो था, लेकिन अलगोजा मेरे पास नहीं था। उसे खरीदने के लिए मैंने अपने कानों में पहनी सोने की मुर्कियां (बाली) बेच दीं। उसके मुझे 500 रुपए मिले, तब 350 रुपए का अलगोजा बनवाया था। उसके बाद मैंने भी बनाना सीखा। तगा राम का कहना है कि आज भी जीविका चलाने के लिए खनन कार्य से जुड़े हुए हैं। उन्हें पद्मश्री सम्मान मिलने की घोषणा पर जैसलमेर में खुशी की लहर है। 'पांडुन का कड़ा' लोक शैली के इकलौते कलाकार गफरूद्दीनप्रख्यात भपंग वादक और पांडुन का कड़ा के साधक गफरूद्दीन मेवाती जोगी को यह सम्मान उन्हें मेवात क्षेत्र की विलुप्त होती लोक परंपराओं को जीवित रखने और उन्हें देश-विदेश तक पहुंचाने के लिए दिया गया है। गफरूद्दीन मूल रूप से डीग के रहने वाले है, जो दो दशकों से अलवर में रह रहे हैं। गफरूद्दीन ने मात्र चार साल में भपंग वादन सीख लिया था। महज सात साल में अपने पिता और सिद्धहस्त सारंगी वादक बुद्ध सिंह जोगी से पांडुन का कड़ा सीखा। वे इस कला में इतने रम गए कि आज भी उन्हें महाभारत कथाओं पर आधारित 'पांडुन का कड़ा' के 2500 से अधिक दोहे कंठस्थ है। इसी कारण उन्हें इस विधा का एकमात्र जीवित कलाकार माना जाता है। गफरूद्दीन को 2016 में राज्य स्तरीय सम्मान और 2024 में राष्ट्रपति पुरस्कार मिल चुका है। पद्मश्री की घोषणा से अलवर, भरतपुर और पूरे मेवात क्षेत्र में खुशी का माहौल है। नेत्रहीन बच्चों के लिए स्कूल से लेकर हॉस्टल तकस्वामी ब्रह्मदेव महाराज राजस्थान के पहले अंधविद्यालय 'श्री जगदंबा अंधविद्यालय' के संस्थापक हैं। स्वामी ब्रह्मदेव महाराज बताते हैं- 1978 में हरिद्वार में उन्हें श्रीगंगानगर के दो व्यक्ति मिले, जो एल ब्लॉक के रहने वाले थे। उन्होंने कहा कि एल ब्लॉक में हनुमान जी का मंदिर बन रहा है, आप वहां पधारिए और सत्संग करिए। तब 1978 में दो दिन, फिर 1979 में 9 दिन के लिए श्रीगंगानगर आए थे। एल ब्लॉक और हनुमान मंदिर कमेटी ने आग्रह किया कि आप थोड़ा टाइम यहां पर रुकिए। उसके बाद हम डेढ़ साल तक मंदिर में रुके और मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हुआ और प्राण प्रतिष्ठा हुई। इसके बाद हम वापस हरिद्वार चले गए। 1979 के अंत में फिर से एल ब्लॉक मंदिर में एक धार्मिक कार्यक्रम में आए और 13 दिसंबर 1980 को श्री जगदंबा अंधविद्यालय की स्थापना की। यहां नेत्रहीन बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाती है। इन बच्चों के लिए यहां पर हॉस्टल भी है। संस्थान में मूक-बधिर बच्चों के लिए विद्यालय संचालित होता है। नेत्रहीनों को हौसले की ज्योति देकर उन्हें सक्षम बनाने का प्रयास किया, जिससे वे समाज में आगे रहे। स्वामी ब्रह्मदेव महाराज ने श्री जगदंबा धर्मार्थ नेत्र चिकित्सालय की स्थापना की है। संस्थान की ओर से 25 साल से मुफ्त नेत्र जांच शिविर लगाकर इलाज करते हैं। ......................... यह खबर भी पढ़िए... जयपुर मूल के पीयूष पांडे को मरणोपरांत पद्म भूषण:राजस्थान की 3 हस्तियों को पद्मश्री केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी की रात पद्म पुरस्कारों की घोषणा की थी। इनमें राजस्थान की तीन हस्तियों प्रसिद्ध भपंग वादक गफरुद्दीन मेवाती जोगी (65), अलगोजा वादक तगा राम भील (62) और ब्रह्म देव महाराज को पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर...
राजस्थान में 1 मार्च 2036 तक कुल आबादी 9.056 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इसमें 65 फीसदी यानी करीब 5.8 करोड़ 40 वर्ष तक के युवागण होंगे। यही राजनीति, अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना के तंत्र संभालने में बड़े हिस्सेदार बनेंगे। युवा आबादी के लिहाज से राजस्थान का देश में सातवां स्थान हाेगा। जबकि, राष्ट्रीय स्तर पर कुल आबादी में 40 साल तक के युवा लगभग 60 फीसदी रहेेंगे। इस लिहाज से राजस्थान में युवा आबादी ज्यादा हाेगी। प्रदेश की युवा आबादी में महिला-पुरुष का अनुपात लगभग बराबर रहने की संभावना है। हालांकि, आने वाले वर्षों में राज्य का युवा आधारभूत ढांचा स्थिर या वृद्ध होती जनसंख्या की ओर बढ़ेगा। नीति आयोग की तकनीकी समुह की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल 31 मार्च तक प्रदेश की कुल जनसंख्या 8.36 करोड़ तक पहुंचने काे अनुमान है, जाे 1 मार्च 2036 तक लगभग 70 लाख बढ़कर 9 करोड़ के पार हाे जाएगी। समस्याएं भी; सुरक्षा कमजोर होगीयुवा आबादी के बावजूद औद्योगिक विस्तार व निवेश योजनाएं अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रही। स्कूल, महाविद्यालय, तकनीकी प्रशिक्षण केंद्रों की स्थिति अभी तक मांग के अनुरूप नहीं सुधरी है। जोधपुर, श्रीगंगानगर जैसे जिलों में छात्र-शिक्षक अनुपात का अंतर बढ़ा है। महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार के क्षेत्रों में अभियानों की निरंतरता नहीं है। आबादी बढ़ने से सामाजिक सुरक्षा नेटवर्क कमजोर पड़ सकता है। युवा आबादी के लिहाज से राजस्थान का देश में 7वां स्थान हाेगा भास्कर एक्सपर्ट- महेश शर्मा, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, वीआईसीसीआई युवा आबादी अधिक होना वरदान है। प्रदेश में उद्योग के लिए अच्छी-खासी वर्कफोर्स तैयार हाे जाएगी। लेकिन, सरकार काे इसके लिए रोडमैप तैयार कर कौशल विकास, उद्यमिता, डिजिटल पहुंच और वित्तीय साक्षर बनाना हाेगा। शिक्षा में सुधार के लिए फंड आवंटन बढ़ाने की भी जरूरत है। महिला रोजगार दर बढ़ाने के लिए महिला उन्मुख स्टार्टअप को प्रोत्साहन की जरूरत है। कौशल प्रमाणन, रोजगार मेले व कॅरियर काउंसिलिंग के लिए युवा सुविधा केन्द्र तैयार करने की जरूरत हाेगी।अगर यह नहीं किया गया ताे युवा शक्ति का पूरा उपयोग नहीं हाे पाएगा।
उदयपुर| माइनिंग इंजीनियर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एमईएआई) के राजस्थान चैप्टर, उदयपुर की ओर से सस्टेनेबल माइनिंग ट्रांसफॉर्मेशन (सतत खनन परिवर्तन) विषय पर तकनीकी वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम रविवार को चैप्टर कार्यालय में आयोजित हुआ। इसमें लगभग 30 खनन अभियंता एवं भू-वैज्ञानिकों ने भाग लिया। मुख्य वक्ता आरिफ मोहम्मद शेख, माइनिंग इंजीनियर (विजिलेंस), खान एवं भूविज्ञान विभाग, उदयपुर रहे। उनका स्वागत डॉ. एस.एस. राठौड़ एवं सचिव आसिफ एम. अंसारी ने किया। व्याख्यान में मुख्य वक्ता शेख ने सतत खनन पद्धतियों, पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और दीर्घकालिक विकास पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में डिजिटल व स्वचालित खदानें, स्वायत्त मशीनरी, डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली, नवीकरणीय ऊर्जा उपयोग, अपशिष्ट न्यूनिकरण, जल प्रबंधन तथा खनन पश्चात भूमि पुनर्वास जैसे विषयों पर संक्षिप्त चर्चा की गई। साथ ही राष्ट्रीय खनिज नीति 2019, राजस्थान खनिज नीति 2024 एवं राजस्थान एम-सैंड नीति 2024 की जानकारी दी गई। प्रश्नोत्तरी सत्र में डॉ. एस.के. वशिष्ट एवं डॉ. हितांशु कौशल ने विचार रखे। संचालन डॉ. कौशल ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन सचिव अंसारी द्वारा किया गया।
डीडीओ के लिए आर-आईटीएमएस जरूरी, अब रिटर्न फाइलिंग की नहीं रहेगी झंझट
उदयपुर| राजस्थान के सरकारी महकमों में अब टैक्स मैनेजमेंट का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है। निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा (बीकानेर) ने सख्ती करते हुए सभी आहरण एवं वितरण अधिकारियों (डीडीओ) को राजस्थान एकीकृत कर प्रबंधन प्रणाली (आर-आईटीएमएस) का पूर्ण उपयोग करने का आदेश दिया है। अक्सर देखा गया है कि आयकर और जीएसटी जैसे तकनीकी कामों के लिए अधिकारी अभी भी पारंपरिक तरीकों या निजी सेवाओं पर निर्भर हैं। इससे सरकारी सिस्टम का प्रभावी उपयोग नहीं हो पा रहा है। वित्त (कोष एवं लेखा) विभाग के पत्र के संदर्भ में जारी इस आदेश में बताया गया है कि आर-आईटीएमएस के यूजर डेटा की समीक्षा में यह सामने आया है कि कई आहरण एवं वितरण अधिकारी तथा कोषाधिकारी अभी भी आईटी-टीडीएस, वेंडर आईटी-टीडीएस एवं जीएसटी-टीडीएस से जुड़े रिटर्न व जनरेशन कार्यों में आर-आईटीएमएस का उपयोग नहीं कर रहे हैं। इससे इस प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करने का उद्देश्य पूरा नहीं हो पा रहा है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए डीडीओ को पोर्टल पर जाकर सब्सक्राइब टैब पर क्लिक करना होगा। तकनीकी सहायता के लिए support.ritms@rajasthan.gov.in पर ई-मेल भेजा जा सकेगा।
रणजी मैच; हिमाचल के साथ मुकाबला ड्रॉ, दूसरी पारी में राजस्थान ने 5 विकेट खोकर 100 रन बनाए
राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के बीच खेला गया रणजी मुकाबला ड्रॉ रहा। हिमाचल प्रदेश ने पहली पारी में 406 रन बनाए। राजस्थान के मानव सुथार ने 76 रन देकर 3 विकेट, खलील अहमद ने 68 रन देकर 3 विकेट और अनिकेत चौधरी ने 79 रन देकर 2 विकेट लिए। राजस्थान की पहली पारी 342 रन पर सिमट गई। दूसरी में हिमाचल प्रदेश ने 243 रन पर 8 विकेट खोकर पारी घोषित की, जिसमें अनुकुश बैंस ने 93 रन और ए. वशिष्ठ ने नाबाद 44 रन बनाए। राजस्थान के लिए दूसरी पारी में मानव सुथार ने 79 रन देकर 4 विकेट और अजय सिंह कुकना ने 72 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। राजस्थान ने दूसरी पारी में 100 रन पर 5 विकेट गंवाए। टीम की ओर से मुकुल चौधरी ने 28 और सलमान ने 24 रन बनाए। हिमाचल के गेंदबाज ए. वशिष्ठ ने 24 रन देकर 4 विकेट लिए। मैच में मानव, अजय, अमोल, खलील और अनिकेत ने अच्छा प्रदर्शन किया। इंदौर में खेली जा रही राजसिंह डूंगरपुर अंडर–14 ट्रॉफी में राजस्थान और विदर्भ के बीच मुकाबला ड्रॉ रहा। पहली पारी की बढ़त को राजस्थान को फायदा मिला। विदर्भ ने पहली पारी में 318 रन बनाए। विराज ने 88 और राजस ने 86 रन की पारी खेली। राजस्थान के कुलदीप बिश्नोई ने 5 और अभिमन्यु चौधरी ने 3 विकेट लिए। राजस्थान ने 319 रन पर 5 विकेट खोकर मजबूत स्थिति बना ली। कप्तान अनमोल शर्मा ने 172 रन और आयुष रविंद्र ने 107 रन की शतकीय पारी खेली। अंडर–14 राज सिंह डूंगरपुर ट्रॉफी में राजस्थान-विदर्भ का मुकाबला भी ड्रॉ अंडर–23; राजस्थान ने असम को फॉलोअन खेलने पर किया मजबूर केएल सैनी स्टेडियम पर खेले जा रहे अंडर–23 मैच के तीसरे दिन राजस्थान ने असम को फॉलोऑन खेलने पर मजबूर कर दिया। पहली पारी में राजस्थान टीम 480 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। जवाब में असम 230 रन पर सिमट गई। असम के सुमित ने 81 और राजवीर ने 77 रन बनाए। राजस्थान के गेंदबाज गणेश सुथार ने 44 रन देकर 4 विकेट, मोहित छांगरा ने 31 रन देकर 3 विकेट और अनिरुद्ध सिंह चौहान ने 44 रन देकर 3 विकेट झटके। फॉलोऑन के बाद असम ने दूसरी पारी में दिन का खेल समाप्त होने तक 94 रन पर 3 विकेट गंवा दिए थे। राजस्थान के चेतन ने 2 और मोहित ने 1 विकेट झटका। आयुष रविंद्र कुलदीप बिश्नोई अनमोल शर्मा मोहित छांगरा।
राजगढ़ में गोवंश तस्करी का एक मामला सामने आया है। रविवार दोपहर मां जालपा गोशाला समिति और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गोवंश से भरा एक आइसर ट्रक पकड़ा। आरोप है कि इस ट्रक में गोवंश को अमानवीय तरीके से भरकर वध के लिए ले जाया जा रहा था। कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि आइसर ट्रक क्रमांक RJ 14 GQ 8150 में अवैध रूप से 10 गायों और 2 बछड़ों का परिवहन किया जा रहा है। इस सूचना पर बजरंग दल और गोशाला समिति के सदस्यों ने सक्रियता दिखाते हुए ट्रक का पीछा किया और उसे संस्कृति होटल के सामने रुकवाया। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने ट्रक की तलाशी ली। इसमें क्रूरतापूर्वक भरे गए सात गोवंश बरामद हुए। पुलिस ने तत्काल गोवंश को जब्त कर सुरक्षित रूप से गोशाला पहुंचाया और ट्रक को भी अपने कब्जे में ले लिया। कोतवाली पुलिस ने फरियादी चेतराम गुर्जर की शिकायत पर कार्रवाई की। ट्रक में सवार तीन लोग प्रदीप अहिरवार (35), रविंदर सिंह अहीर (35) (दोनों निवासी ग्राम डेरोली अहीर, थाना महेंद्रगढ़, हरियाणा) और आकाश पुरी (35) (निवासी ग्राम नारनोल, जिला महेंद्रगढ़, हरियाणा)—के खिलाफ अपराध क्रमांक 47/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों पर पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)(घ), मध्यप्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 व 9, और मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66/192 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इस मामले की आगे की जांच कर रही है।
भगत सिंह सेना के प्रमुख नरेशा मीणा ने कहा- प्रदेश को बर्बादी की ओर धकेला जा रहा है। लोकसभा स्पीकर और कोटा सांसद ओम बिरला के संरक्षण में हाड़ौती ही नहीं, पूरे राजस्थान का शोषण किया जा रहा है। बनास नदी की पूरी रेत पर अवैध कब्जा होने के कारण किसानों को मजबूरी में 10–12 हजार रुपए प्रति ट्रॉली की दर से रेत खरीदनी पड़ रही है। ओम बिरला जैसे शोषणकारी नेताओं से प्रदेश को मुक्त कराने और उनकी राजनीति को खत्म करने के लिए मैं पिछले डेढ़ साल से नंगे पैर घूम रहा हूं। मीणा देवली–उनियारा विधानसभा क्षेत्र के पागड़ी गांव में आयोजित कन्हैया पद दंगल कार्यक्रम में रविवार को पहुंचे थे। कोटा से आना वाला धन्ना सेठ लोगों को लूट रहा उन्होंने दंगल कार्यक्रम में आए लोगों से कहा- 2020-23 के पहले नरेश मीणा का जिक्र नहीं था। 2002 में मैं छात्रों की छात्रवृति के लिए लड़ा। मुझे युवा बच्चों का आशीर्वाद मिला। मोदी सरकार में अंबानी–अडानी देश को लूट रहे हैं, जिस तरह का शोषण अंग्रेजों के शासन में भी नहीं हुआ। कोटा से आने वाला एक धन्ना सेठ राजस्थान को लूट रहा है। आपका बेटा धन्ना सेठों से लग रहा है। आपका बेटा किसानों को आजादी दिलाने के लिए धन्ना सेठों से लड़ रहा है। शोषण की राजनीति से मुक्त कराऊंगा नरेश मीणा ने कहा- मैं आदिवासी नेता शिब्बू सोरेन जैसे क्रांतिकारी नेताओं से प्रेरणा लेकर किसानों और आम जनता की लड़ाई लड़ रहे हूं। जिस प्रकार शिब्बू सोरेन ने झारखंड और छत्तीसगढ़ के आदिवासियों को महाजनों एवं धन्नासेठों के शोषण से मुक्त कराया, उसी प्रकार वे राजस्थान को पूंजीपतियों की शोषणकारी राजनीति से मुक्त कराएंगे। लाखों लोगों के साथ जयपुर कूच करूंगा नरेश मीणा ने कहा- डूंगरी बांध सहित प्रदेश के किसी भी कोने में किसानों और जनता के साथ अन्याय हुआ तो आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। यदि कोटड़ी मोड़ चौराहे पर होने वाले आंदोलन में सरकार ने मांगें नहीं मानीं, तो वहीं से लाखों लोगों के साथ जयपुर कूच किया जाएगा। डूंगरी बांध आंदोलन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वहां बुजुर्ग माताएं–बहनें भी संघर्ष के लिए तैयार बैठी हैं और वे स्वयं जान हथेली पर रखकर जनता के हक के लिए लड़ रहे हैं। इस दौरान नरेश मीणा ने यह भी कहा कि भजनलाल सरकार उनके जनआंदोलन से घबराई हुई है, इसी कारण उन्हें दबाने के लिए साजिशें रची जा रही हैं। मुझे जेल भेजने का प्रयास किया जाएगा नरेश मीणा ने कहा- 4 फरवरी को न्यायालय में सुनवाई है और संभव है कि उनकी जमानत रद्द कराकर फिर से जेल भेजने का प्रयास किया जाए, लेकिन अब जनता जाग चुकी है। अगर मुझे जेल में भी डाल दिया गया तो जनता सड़कों पर उतरकर सरकार का विरोध करेगी। मैं डरने वाला नहीं हूं और न ही पीछे हटूंगा। यह लड़ाई हक और अधिकार की है, जिसे आखिरी दम तक लड़ा जाएगा। जन आंदोलन की अपील देवली–उनियारा विधानसभा क्षेत्र के किसानों की समस्याओं, पुलिस प्रताड़ना एवं आम जनता के ज्वलंत मुद्दों के समाधान को लेकर सोंप के कोटड़ी मोड़ चौराहे पर 30 जनवरी को विशाल जनआंदोलन किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों को पीले चावल देकर जनआंदोलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया और अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर हक–अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने की अपील की।
वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र के पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल नवानिया के एनसीसी कैडेट किशन गुर्जर का चयन दिल्ली में आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह के लिए हुआ है। किशन इस समारोह में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगे। एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. बीएल नागदा ने बताया कि यह पहली बार है जब इस क्षेत्र के किसी राजकीय विद्यालय का घुड़सवार दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह 2026 में घुड़सवार के रूप में भाग लेगा। किशन गुर्जर स्थानीय स्कूल में एनसीसी सीनियर डिवीजन के कक्षा 11 के विद्यार्थी हैं। वह विगत वर्षों से 2 राजआरवी एनसीसी रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल एन प्रकाश के निर्देशन में घुड़सवारी का प्रशिक्षण ले रहे हैं। इससे पहले, किशन ऑल इंडिया आर्मी इक्वेस्ट्रियन चैम्पियनशिप 2025 प्रतियोगिता में भी भाग ले चुके हैं। उल्लेखनीय है कि स्कूल के एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. बीएल नागदा भी वर्ष 2025 में गणतंत्र दिवस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर नवानिया स्कूल की विशेष गतिविधियों की जानकारी दे चुके हैं।
तीन साल पहले बिछड़ा भाई राजस्थान में मिला:गुजरात से भटकता हुआ आया, वीडियो कॉल में बहन ने पहचाना
उदयपुर के अपना घर आश्रम में तीन साल से बिछड़े भाई-बहन का पुनर्मिलन हुआ। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर हुए इस मिलन से परिवार को खोई हुई खुशियां वापस मिलीं। आश्रम के प्रयासों से एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति अपने परिवार से दोबारा जुड़ सका। मार्च 2024 में अपना घर आश्रम उदयपुर द्वारा चलाए गए एक रेस्क्यू अभियान के दौरान जनकराज नामक एक आश्रयहीन व्यक्ति को आश्रम में भर्ती किया गया था। उन्हें सेवा, चिकित्सा और पुनर्वास प्रदान किया गया। आश्रम अध्यक्ष गोपाल कनेरिया ने बताया कि निरंतर देखभाल और चिकित्सा के कारण उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ। वीडियो कॉल पर बहन ने पहचान लिया काउंसलिंग टीम द्वारा लगातार बातचीत के दौरान जनकराज ने अपना नाम और राज्य गुजरात बताया। हालांकि, शुरुआत में उन्हें परिवार से संबंधित कोई जानकारी याद नहीं थी। आश्रम प्रभारी सुल्तान सिंह ने बताया कि 23 जनवरी, बसंत पंचमी की रात को बातचीत के दौरान जनकराज को अचानक अपने बहनोई का मोबाइल नंबर याद आया। तत्काल वीडियो कॉल के माध्यम से परिवार से संपर्क किया गया। स्क्रीन पर भाई को देखते ही बहन शकुंतला ने उन्हें पहचान लिया। तीन साल पहले घर से निकल गए इसके बाद बहनोई कन्नू, बहन शकुंतला और समाजसेवी सिराज अपना घर आश्रम पहुंचे। कन्नू ने बताया कि मानसिक असंतुलन के कारण जनकराज तीन साल पहले घर से निकल गए थे और काफी तलाश के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला था। आश्रम की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद जनकराज को तिलक, उपरणा और पगड़ी पहनाकर ससम्मान उनके गृह ग्राम गुजरात के लिए विदा किया गया। यह घटना अपना घर आश्रम की सेवा भावना का एक उदाहरण बनी।
भोपाल की नई मंडी गेट के सामने एक्टिवा सवार छात्रा को राजस्थान नंबर की बस ने टक्कर मार दी। हादसे में छात्रा की मौत हो गई, जबकि उसकी सहेली गंभीर रूप से घायल हो गई। छोला मंदिर पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद रविवार दोपहर परिजनों को सौंप दिया। घटना शनिवार रात की बताई जा रही है। मृतका की पहचान 19 वर्षीय माही यादव, पुत्री रंजीत यादव, निवासी शारदा नगर, नारियल खेड़ा के रूप में हुई है। माही शनिवार रात अपनी सहेली के साथ पीपल्स मॉल घूमने गई थी। लौटते समय नई मंडी गेट के सामने एक यात्री बस ने उनकी एक्टिवा को टक्कर मार दी। हादसे में माही गंभीर रूप से घायल हो गई थी, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं उसकी सहेली गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। छोला मंदिर पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। हादसे में शामिल बस को जब्त कर थाने में खड़ा कर दिया गया है। बीकॉम फाइनल ईयर की छात्रा थी माही मृतका के फूफा हीरेंद्र यादव ने बताया कि माही बीकॉम फाइनल ईयर की छात्रा थी और एचआर (HR) बनना चाहती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि टक्कर मारने वाली बस अवैध रूप से चलाई जा रही थी। बस राजस्थान में रजिस्टर्ड है और सिरोंज-भोपाल मार्ग पर संचालित की जा रही थी। माही अपने परिवार की इकलौती बेटी थी। उसके पिता डीआईजी बंगला क्षेत्र में चाय की दुकान का संचालन करते हैं।
करौली के धनीराम को गणतंत्र दिवस परेड का न्योता:दिल्ली में राजस्थान के 10 चयनित किसानों में शामिल
करौली के प्रगतिशील किसान धनीराम को 26 जनवरी को दिल्ली में होने वाली गणतंत्र दिवस की राष्ट्रीय परेड में शामिल होने का निमंत्रण मिला है। यह उपलब्धि करौली जिले के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जहांगीरपुर निवासी धनीराम उन 10 चयनित किसानों में से हैं, जिन्हें केंद्र सरकार ने दंपती सहित इस राष्ट्रीय आयोजन में आमंत्रित किया है। उन्हें जैविक खेती को बढ़ावा देने और कृषि में नवाचार अपनाने के लिए यह सम्मान दिया गया है। धनीराम ने जैविक खेती को एक सफल और टिकाऊ मॉडल के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने अपने खेत पर एक जैविक कृषि फार्म विकसित किया है, जहाँ रासायनिक खाद और कीटनाशकों के बिना सब्जियां, अनाज, फल और बागवानी फसलें उगाई जाती हैं। जैविक खेती के माध्यम से उन्होंने भूमि की उर्वरता बनाए रखते हुए किसानों की आय बढ़ाने का मार्ग दिखाया है। उन्हें इस प्रयास के लिए जिला और राज्य स्तर पर कई बार सम्मानित किया जा चुका है। वे अन्य किसानों को प्रशिक्षण देकर जैविक खेती के प्रति जागरूक भी करते हैं, जिससे क्षेत्र के कई किसान अब जैविक खेती अपना रहे हैं। राष्ट्रीय परेड में शामिल होने के आमंत्रण पर धनीराम ने खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह सम्मान सिर्फ उनका नहीं, बल्कि सभी मेहनती किसानों का है। उन्होंने जैविक खेती को मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण दोनों के लिए लाभकारी बताया।
जालोर जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अपात्र लाभार्थियों को बाहर करने के लिए गिव अप अभियान चलाया जा रहा है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान 28 फरवरी 2026 तक चलेगा। तय समय तक स्वेच्छा से नाम नहीं हटाने वाले अपात्र लाभार्थियों पर वसूली और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब तक हजारों परिवार योजना से बाहर जिला रसद अधिकारी और जिला उपभोक्ता संरक्षण अधिकारी आलोक झरवाल ने बताया कि जिले में अब तक 12,638 परिवारों के 56,871 सदस्यों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना से अपने नाम हटवा लिए हैं। विभाग लगातार अपात्र लाभार्थियों से गिव अप करने की अपील कर रहा है। 28 फरवरी के बाद सख्त कार्रवाई आलोक झरवाल ने बताया कि 28 फरवरी 2026 के बाद विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसमें अपात्र लाभार्थियों से अब तक प्राप्त खाद्यान्न की बाजार दर से वसूली की जाएगी। साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। विभाग अब तक 940 अपात्र लाभार्थियों को नोटिस जारी कर चुका है। कौन हैं योजना के लिए अपात्र राजस्थान खाद्य सुरक्षा नियम 2023 के अनुसार आयकर दाता परिवार, सरकारी और अर्द्ध सरकारी कर्मचारी वाले परिवार, एक लाख रुपए से अधिक सालाना पेंशन पाने वाले परिवार और चार पहिया वाहन स्वामी योजना के लिए अपात्र हैं। इसमें ट्रेक्टर और आजीविका के लिए उपयोग में लिए जाने वाले वाणिज्यिक वाहन को छूट दी गई है। कैसे हटवाएं योजना से नाम योजना से नाम हटवाने के लिए संबंधित व्यक्ति अपनी उचित मूल्य दुकान या जिला रसद अधिकारी कार्यालय में निर्धारित फॉर्म भर सकते हैं। इसके अलावा विभाग की वेबसाइट rrcc.rajasthan.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
राजस्थान में हवा सुधारने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने 2019-20 में 19 हजार करोड़ रुपए का 'क्लीन एयर एक्शन प्लान' (NACP) लागू किया। लक्ष्य था PM10 और PM2.5 (धूल जैसे बेहद बारीक कण) में 20 से 40 प्रतिशत तक कमी लाना। छह साल बाद भी प्रदेश में हालात जस के तस हैं। NACP में शामिल राजधानी जयपुर, जोधपुर, कोटा और अलवर जैसे बड़े शहरों में हवा खराब है। स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (RSPCB) के तीन साल के डेटा से साफ है कि 581 करोड़ खर्च करने के बाद भी जिन शहरों पर सबसे ज्यादा फोकस था, वहीं सुधार सबसे कम दिख रहा है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… प्रदूषण बोर्ड के 2023-2025 के औसत PM2.5 डेटा के मुताबिक, जयपुर में यह स्तर करीब 53 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। इसका मतलब यहां रहने वाला हर व्यक्ति साल में करीब 0.39 ग्राम जहरीले कण सांस के साथ अंदर ले रहा है। अलवर में औसत PM2.5 लगभग 49 माइक्रोग्राम रहा, जो सालाना 0.36 ग्राम प्रदूषण के बराबर है। अजमेर में यह 62 माइक्रोग्राम है, यानी साल में 0.45 ग्राम जहर फेफड़ों में पहुंच रहा है। जोधपुर में औसत 58 माइक्रोग्राम (0.42 ग्राम) और कोटा में 60 माइक्रोग्राम (0.44 ग्राम) है। बोर्ड के डेटा और मेडिकल स्टैंडर्ड के मुताबिक, राजस्थान के शहरों में रहने वाला हर व्यक्ति साल में औसतन 0.4 से 0.5 ग्राम जहरीले कण अपने फेफड़ों में भर रहा है, यानी हर साल आधा ग्राम जहर। ये कण इतने सूक्ष्म होते हैं कि सीधे खून में घुस जाते हैं और सालों बाद दिल, फेफड़े और मस्तिष्क पर असर दिखाते हैं। डराने वाली बात यह है कि इसमें PM10, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और अन्य भारी कण शामिल ही नहीं हैं। ये कैलकुलेशन RSPCB के 2023–2025 के PM2.5 डेटा और मेडिकल स्टैंडर्ड (20 क्यूबिक मीटर हवा/दिन) पर आधारित है। राष्ट्रीय मानक से भी 3-4 गुना ज्यादा जहरीली हवाPM2.5 के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का सुरक्षित मानक सिर्फ 5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है, जबकि भारत का राष्ट्रीय मानक 40 माइक्रोग्राम तय किया गया है। इसके उलट राजस्थान के बड़े शहरों में पीक महीनों में PM2.5 का स्तर 120 से 180 माइक्रोग्राम तक पहुंच रहा है। यानी हम भारत के मानक से भी 3-4 गुना और WHO के मानक से 9-15 गुना ज्यादा जहरीली हवा में सांस ले रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इतनी प्रदूषित हवा में लंबे समय तक रहना हार्ट अटैक, स्ट्रोक, अस्थमा और फेफड़ों का संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ा देता है। जनवरी जैसे महीनों में इसका असर अस्पतालों की OPD में साफ दिखता है, जहां सांस और एलर्जी से जुड़े मरीज तेजी से बढ़ते हैं। NCAP फंड का हिसाब-किताब अभी 96 स्टेशन, 15 और लगाने की तैयारीराजस्थान में फिलहाल 96 AQI स्टेशन काम कर रहे हैं। इनमें 47 ऑटोमैटिक और 49 मैनुअल हैं। इसके बावजूद बड़े शहरों में प्रदूषण की रियल-टाइम तस्वीर अब भी अधूरी मानी जा रही है। इसी वजह से बोर्ड अब 15 नए AQI स्टेशन लगाने की तैयारी कर रहा है। इसके अंतर्गत जयपुर में 4, अलवर, खैरथल, कोटा और डीग में एक-एक स्टेशन लगाए जाएंगे। इसके अलावा कोटपूतली, उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, किशनगढ़ (अजमेर), ब्यावर और सलूंबर में भी एक-एक स्टेशन का प्लान है। बोर्ड का दावा है कि इससे निगरानी बेहतर होगी और ज्यादा सटीक डेटा मिलेगा। 60% खराब AQI का कारण रोड डस्टRSPCB के मेंबर सेक्रेट्री कपिल चंद्रावल के मुताबिक, राजस्थान के बड़े शहरों में खराब हवा के पीछे फैक्ट्री या वाहनों के धुएं से भी बड़ा कारण सड़कों की धूल और निर्माण कार्य हैं। बोर्ड के सर्वे बताते हैं कि खराब AQI का करीब 60 से 65 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ रोड डस्ट और कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी से आ रहा है। जहां सड़कें टूटी हुई हैं, मिट्टी खुली पड़ी है, निर्माण साइट्स बिना कवर चल रही हैं और पानी का छिड़काव नहीं हो रहा, वहीं सबसे ज्यादा जहरीले कण हवा में उड़ रहे हैं। बोर्ड के मुताबिक, करीब 20 प्रतिशत प्रदूषण वाहनों से, 10 प्रतिशत औद्योगिक इकाइयों से और बाकी कचरा जलाने, खुले प्लॉट और ईंट भट्टों से आता है। यानी हवा साफ करने की असली चाबी नगर निगम, PWD और विकास प्राधिकरण के हाथ में है। अगर सड़कें समय पर साफ हों, निर्माण साइट्स पर कवरिंग हो और जुर्माना वसूल हो, तो AQI में आधे से ज्यादा सुधार यहीं से आ सकता है। हकीकत यह है कि मशीन से झाड़ू, पानी का छिड़काव और साइट मॉनिटरिंग ज्यादातर फाइलों में ही सिमटी हुई है। अधिकारी बोले- सुधार आया, आंकड़े जस के तसबोर्ड के अधिकारी भले ही ‘धीरे-धीरे सुधार’ की बात कर रहे हों, लेकिन उनके अपने आंकड़े कुछ और ही कहानी कहते हैं। तीन साल के डेटा में जयपुर, जोधपुर, अजमेर, अलवर और कोटा जैसे शहरों में AQI और PM2.5 अब भी राष्ट्रीय मानक से कई गुना ऊपर है। न कोई स्थायी गिरावट दिखती है, न कोई ऐसा ट्रेंड जो बताए कि हालात सच में सुधर रहे हैं। बोर्ड के सालाना औसत आंकड़े बताते हैं कि जिन शहरों में 2023 में हवा 'खराब' श्रेणी में थी, वे 2025 में भी उसी श्रेणी से बाहर नहीं निकल पाए। कुछ महीनों में अस्थायी गिरावट जरूर दिखती है, लेकिन सालाना औसत में हालात लगभग जस के तस बने हुए हैं। हर विभाग की अपनी प्राथमिकता है और जिम्मेदारी दूसरे विभागों पर डाल दी जाती है। यहीं पूरी चेन टूट जाती है। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि हम नोटिस भेज देते हैं, लेकिन अमल करवाने वाला कोई और होता है। ऐसे में फाइलें घूमती रहती हैं और कोई ठोस कार्रवाई हो ही नहीं पाती। हालांकि अब सख्ती की है, लेकिन अभी भी काफी सुधार की गुंजाइश है। RSPCB के मेंबर सेक्रटरी कपिल चंद्रावल से पूछा कि तीन साल में करोड़ों खर्च होने के बाद भी PM2.5 क्यों नहीं घटा तो उनका जवाब था कि यह दीर्घकालिक और क्षेत्रीय प्रदूषण है, जिस पर मौसमी और भौगोलिक कारकों का असर पड़ता है। AQI स्टेशनों का नियमित रख-रखाव होता है। लेकिन मानसरोवर, रीको और मुरलीपुरा जैसे इलाकों को हाई-रिस्क जोन घोषित क्यों नहीं किया गया, इस पर कोई जवाब नहीं मिला। कितना खतरनाक है PM2.5PM2.5 इतना बारीक होता है कि नाक-गले के सामान्य फिल्टर इसे रोक नहीं पाते। यह सीधे फेफड़ों में पहुंचकर खून में मिल जाता है। इससे दमा, ब्रोंकाइटिस, फेफड़ों का कैंसर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक तक का खतरा बढ़ जाता है। सवाई मान सिंह (SMS) हॉस्पिटल के डॉ. विशाल गुप्ता कहते हैं कि जनवरी में सांस और एलर्जी से जुड़े केस 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ जाते हैं। जेके लोन हॉस्पिटल के डॉ. हरिमोहन मीणा के मुताबिक, बच्चों और बुजुर्गों पर इसका असर सबसे ज्यादा पड़ता है। देश के 13, हमारे 3 शहर सबसे बड़े गैस चैम्बरविश्व वायु गुणवत्ता रिपोर्ट 2025 (State of Global Air 2025) के मुताबिक, विश्व की लगभग 36% आबादी ऐसी जगह रहती है, जहां हवा में धूल (PM) WHO के सुरक्षित स्तर से बहुत ज्यादा है। करीब 26 करोड़ लोग खाना पकाने के लिए लकड़ी या कोयला जलाते हुए बहुत प्रदूषित हवा में सांस लेते हैं। भारत की बात करें तो दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में से 13 शहर भारत में हैं। इनमें दिल्ली, गुरुग्राम (हरियाणा) जैसे शहर सबसे खराब स्थिति में हैं। वहीं इस सूची में राजस्थान के भिवाड़ी, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ भी शामिल हैं। इन तीनों शहरों को वैश्विक स्तर पर भी सबसे प्रदूषित शहरों में दर्ज किया गया है। इसके अलावा जयपुर, जोधपुर, अलवर, अजमेर, कोटा और बीकानेर जैसे शहरों में PM प्रदूषण का स्तर राष्ट्रीय मानक से कई गुना ऊपर रहता है। मानसून और ठंडी हवाओं के मौसम में यह और बढ़ जाता है।
राजस्थान के बेरोजगार युवाओं को कंबोडिया ले जाकर साइबर ठगी की ट्रेनिंग दी जा रही है। चीन के साइबर ठग उन युवाओं को फर्जी CID ऑफिसर, IPS ऑफिसर बनकर ठगी के तरीके सिखाते हैं। बिजनेसमैन और पैसे वालों को ठगने का टारगेट देते हैं। इतना ही नहीं, ठगी के लिए राजस्थान के ही बैंक खातों और SIM का इस्तेमाल हो रहा है। ये खुलासा हुआ है, लगातार 3 दिन 18, 19 और 20 जनवरी को साइबर ठगी की तीन बड़ी कार्रवाइयों में। इसमें बानसूर से 50 युवाओं को कंबोडिया भेजने वाले एक दलाल हत्थे चढ़ा। वहीं, जोधपुर से कंबोडिया के ठगों को राजस्थान के फर्जी एड्रेस पर एक्टिव मोबाइल सिम भेजने वाले का खुलासा हुआ। इसके बाद कोटा से वो सरगना पकड़ा जो ठगी का पैसा ठिकाने लगाने के लिए कंबोड़िया की गैंग को बैंक खाते (म्यूल अकाउंट) उपलब्ध कराता था। भास्कर ने इन तीनों कार्रवाई में सामने आई पुलिस पड़ताल का एनालिसिस किया। सामने आया कि वर्तमान में राजस्थान की 5 हजार से अधिक सिम कंबोडिया में एक्टिव हैं। इन्हीं सिम से बैंक खातों को हैंडल कर हजारों करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया जा रहा है। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए पूरी पड़ताल.... 1. राजस्थान में बैठे दलाल युवाओं को भेजते हैं कंबोडिया कोटपूतली-बहरोड़ पुलिस ने 19 जनवरी को रामनगर (बानसूर) निवासी दलाल सुरेश सेन को गिरफ्तार किया था। सुरेश देशभर से युवाओं को साइबर फ्रॉड के लिए कंबोडिया भेजता था। सुरेश ने बानसूर से ही 50 युवाओं को कंबोडिया साइबर फ्रॉड सेंटर पर काम के लिए भेजा था। इन्हें 1 से 1.5 लाख रुपए महीने की सैलरी का लालच दिया गया था। उन्हें डेटा एंट्री कस्टमर सपोर्ट व डिजिटल मार्केटिंग जैसी नौकरी के नाम पर झांसे में लिया गया। लेकिन बाद में ठगी के काम में लगा लिया गया। यह होती है ट्रेनिंग सुरेश सेन ने पुलिस को बताया कि कंबोडिया के स्कैम सेंटर पर राजस्थान से युवकों को डिजिटल अरेस्ट की स्क्रिप्ट दी जाती है। फर्जी IPS, CBI इंस्पेक्टर और ED ऑफिसर बनकर कैसे बात करनी है, इसका तरीका सिखाया जाता है। बताते हैं कि कौनसा-अधिकारी किस लहजे में बात करता है, कैसे धमकाता है, ऑफिशियल लैंग्वेज क्या होती है, शिकार को भरोसे में कैसे लेना है, इन सबकी ट्रेनिंग भी देते हैं। डिजीटल अरेस्ट से भी कोई झांसे में नहीं आए तो शेयर मार्केट, क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर ठगी करने का तरीका सिखाया जाता है। पुलिस से बचने के लिए VPN और सर्वर के इस्तेमाल जैसी कई प्रोफेशनल ट्रेनिंग दी जाती हैं। फर्जी ऐप/वेबसाइट का इस्तेमाल करना, ट्रांजैक्शन ट्रैक करने जैसे टेक्निकल गुर भी सिखाते हैं। 20 लोग और थे सुरेश के संपर्क में कोटपूतली-बहरोड़ एसपी देवेंद्र बिश्नोई ने बताया कि जो कंबोडिया पहुंच चुके उनके परिवार वालों से काउंसलिंग कर बताया गया कि उनके बेटे गलत काम में लिप्त हैं, वहीं जो 20 लड़के सुरेश के संपर्क में थे, उनको समझाइश कर छोड़ा गया है। सुरेश के खिलाफ मामला दर्ज कर अनुसंधान जारी है। 2. जोधपुर का राहुल कंबोडिया भेजता था सिम, हो चुकी 1100 करोड़ की ठगी जोधपुर के बासनी थाना में साइबर ठगी का एक मामला दर्ज हुआ था। पुलिस ने उसकी जांच की तो ठगी के तार कंबोडिया से जुड़े नजर आए। जिस मोबाइल नंबर से ठगी हुई वो जोधपुर के पते पर खरीदा गया था। लेकिन मोबाइल नंबर कंबोडिया में एक्टिव था। पुलिस ने कंबोडिया में इस्तेमाल हुए करीब 2 लाख 30 हजार से अधिक मोबाइल नंबरों का डेटा निकलवाया। उस डेटा का भारतीय साइबर क्राइम समन्वय केंद्र (14C) के डेटा एनालिसिस किया। पता चला कि 36 हजार भारतीय सिम कंबोडिया में चल रही हैं। पुलिस ने इन 36 हजार नंबरों की डिटेल पता की तो उनमें 5 हजार 300 नंबर से 1100 करोड़ की ठगी सामने आई। उन मोबाइल नंबरों से लगातार ठगी हो भी रही है। इनमें से एक नंबर ऐसा था जो सालावास रोड जोधपुर के मुराद खान पुत्र बरकत खान के नाम पर था। यह सिम एक्टिव होने के बाद से कंबोडिया में रोमिंग नंबर से चल रही थी। इस सिम से तेलंगाना में 90 लाख की ठगी हो रखी थी। तेलंगाना पुलिस ने जब जोधपुर के सालावास रोड निवासी मुराद खान को इस ठगी के चलते संपर्क किया तब मुराद खान ने बासनी थाने में धोखाधड़ी और उसके नाम की फर्जी सिम का दुरुपयोग के चलते मामला दर्ज करवाया। उसके बाद पुलिस ने इस सिम की कड़ी से कड़ी जोड़ी। तब सामने आया कि जोधपुर के सांगरिया का रहने वाला राहुल झा जोधपुर, नागौर सहित कई जिलों से फर्जी सिम लेकर कंबोडिया के गिरोह को देता था। पुलिस राहुल झा की तलाश में है। पुलिस ने 20 जनवरी को फर्जी सिम विक्रेता जोधपुर निवासी मोहम्मद शरीफ, प्रकाश भील, नागौर निवासी रामअवतार राठी, हेमंत पंवार, अजमेर निवासी हरीश मालाकार व पंजाब निवासी संदीप भट्ट को गिरफ्तार किया है। जयपुर की होटल में सिम लेने पहुंचता था गिरोह फर्जी सिम कलेक्ट करने के लिए मलेशियाई नागरिक ली जियान हुइ, लो डी खेन, चेन यू मिंग, लिओंग केन नेथ जयपुर के टोंक रोड स्थित एक होटल में रुकते थे। वहां जोधपुर का राहुल झा मुलाकात करत सिम सौंपता था। फर्जी सिम से ठगी और बैंक खातों में इस्तेमाल राजस्थान से कंबोडिया पहुंची फर्जी सिम का ठग दो तरह से उपयोग कर रहे हैं। सिम को रोमिंग में एक्टिव कर कॉलिंग कर ठगी को अंजाम देते हैं। दूसरा इन मोबाइल नंबरों पर को म्यूल बैंक खातों (साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खाते) से लिंक करते हैं। इससे बैंक खातों के सारे ट्रांजैक्शन की कमान इनके हाथ में आ जाती है। 3. बूंदी का आदित्य कंबोडिया पहुंचाता था बैंक खाते दिल्ली में एक महिला से 15 लाख की साइबर ठगी हुई थी। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 18 जनवरी को आदित्य प्रताप सिंह को कोटा से गिरफ्तार किया था। इससे पहले तेलांगना से सुनिल को गिरफ्तार किया गया था वहीं से कंबोडियाई गैंग का खुलासा हुआ था। इसके बाद एक-एक कर 8 लोग पकड़े गए। इन सबका सरगना आदित्य प्रताप सिंह ही था, जो बैंक खाते कंबोडिया में ठगी करने वाली गैंग तक भिजवाता था। दिल्ली पुलिस के मुताबिक तेलंगाना के हैदराबाद का सुनिल फर्जी कंपनी खोलकर उसके नाम से लोगों से बैंक खाते किराए पर लेता था। सुनिल ये खाते शंकर नाम के व्यक्ति को देता। हैदराबाद का शंकर लखनऊ के मनोज को बैंक खाते देता था और शंकर बनारस के संदीप को देता था। इसके बाद संदीप कोटा के आदित्यप्रताप को देश भर से इकट्ठा किए म्यूल अकाउंट का एक्सेस देता था। आदित्य प्रताप के जरिए ये बैंक खाते कंबोडिया में बैठे हैंडलर को मिल जाते थे। इन खातों से 4 करोड़ की ठगी का पता चलता है।
अरावली राजस्थान समेत 3 राज्यों की अमूल्य प्राकृतिक विरासत, इसके लिए एकजुट होकर करना होगा संघर्ष
शांति पीठ और सुखाड़िया विश्वविद्यालय के पर्यावरण विभाग के साझे में शनिवार को अरावली का अंतर्नाद और अतीत की दशा एवं वर्तमान दिशा विषय पर सेमिनार हुई। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि अरावली की रक्षा के लिए किसी भी संघर्ष में एकजुट रहना होगा। अरावली पर्वतमाला राजस्थान, गुजरात और दिल्ली तक फैली हमारी अमूल्य प्राकृतिक विरासत है। विकास के नाम पर इसका दोहन भविष्य के लिए गंभीर संकट खड़ा कर सकता है। इसलिए अरावली के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए और इसके लिए जन-जागरूकता जरूरी है। नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि अरावली हम सभी की प्रहरी है। हमें कानून, दस्तावेज और अपने कर्तव्यों को हमेशा ध्यान में रखना होगा। वेटलैंड सहित कई पर्यावरण कानून बने हैं, लेकिन उनकी प्रभावी पालना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जन-स्वर की ताकत बहुत बड़ी होती है, जो नीतिकारों और सरकार को सही दिशा दे सकती है। शांति पीठ के संस्थापक अनंत गणेश त्रिवेदी ने कहा कि अरावली को बचाना हमारा प्राथमिक कर्तव्य है। यह जन-जीवन के लिए उतनी ही आवश्यक है जितनी धड़कन के लिए सांस। अरावली का मूल स्वरूप बना रहना बेहद जरूरी है। इतिहासकार डॉ. श्रीकृष्ण जुगनू ने अरावली के भौगोलिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसी कोई पहाड़ी नहीं, जिसने जलधारा न दी हो और कोई मगरा नहीं, जिस पर देवता विराजित न हों। यह पर्वतमाला जल, वायु, वनस्पति और जीव-जंतुओं की रक्षा करती है तथा मरुस्थल के विस्तार को रोकती है। पीजी डीन कुंज बिहारी जोशी ने कहा कि अरावली से हमारी पहचान है। इस दौरान नगर निगम के पूर्व आयुक्त दिनेश कोठारी, पूर्व नगर नियोजक सत्यदेव श्रीमाली, सिंचाई विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता ज्ञानप्रकाश सोनी, राजकुमार मेनारिया, डॉ. कमल सिंह राठौड़, गिरिराज सिंह, भरत कुमावत, ज्योत्सना झाला, कैलाश पालीवाल, उमेश कुमार शर्मा, भाग्यश्री पंचोली, डॉ. हरीश वाघेला सहित कई विशेषज्ञों ने विचार रखे।
देश के कुल शहद उत्पादन में राजस्थान की हिस्सेदारी 9%
जयपुर| देश के कुल शहद उत्पादन में राजस्थान की हिस्सेदारी 9% तक पहुंच गई है। वर्तमान में प्रदेश में 3 हजार 350 मधुमक्खी पालकों के पास 2 लाख 76 हजार मधुमक्खी कॉलोनियां हैं, जिनसे करीब 8 हजार 500 मीट्रिक टन शहद का उत्पादन हो रहा है। कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने शनिवार को दुर्गापुरा कृषि प्रबंध संस्थान में आयोजित राज्य स्तरीय सेमिनार में यह जानकारी दी। शहद उत्पादन में अलवर, भरतपुर और हनुमानगढ़ अग्रणी जिले हैं। वर्ष 2025-26 में सरकार की ओर से मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए 50 हजार मधुमक्खी कॉलोनियां एवं 50 हजार मधुमक्खी बॉक्स वितरित किए जा रहे हैं, जिन पर 40% अनुदान के रूप में कुल 8 करोड़ रुपए की सहायता दी जा रही है।
मानव का पहला शतक, राजस्थान की उम्मीद खत्म
जयपुर| राजस्थान रणजी टीम के उपकप्तान मानव सुथार ने अपने रणजी करियर का पहला शतक जरूर लगाया लेकिन राजस्थान टीम की नॉकआउट में पहुंचने की उम्मीदें खत्म हो गईं। हिमाचल के 406 रन के जवाब में राजस्थान ने पहली पारी में 342 रन बनाए। इस तरह पहली पार में राजस्थान की टीम 64 रन से पिछड़ गई। रविवार को मैच का आखिरी दिन है। हिमाचल ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक बिना विकेट गंवाए 38 रन बना लिए थे। आउटराइट जीत के लिए रेड सॉइल पर खेलने का लाभ नहीं उठा सकी राजस्थान की टीम। मानव (120) ने दो शतकीय साझेदारी कीं। पहले अजय कूकना के साथ 130 फिर अमोल के साथ 101 रन जोड़े।
कैथल जिले में थाना साइबर क्राइम पुलिस टीम ने इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर युवक से 20 हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने शिवानी चौधरी नाम की आईडी बनाई हुई थी, जिसके जरिए धोखाधड़ी की गई। पकड़े गए आरोपियों की पहचान फरीदाबाद के कौशल तथा विपिन सारस्वत के रूप में हुई है। इंस्टाग्राम आईडी पर भेजी फ्रेंड रिक्वेस्ट देवीगढ़ रोड कैथल निवासी हर्ष की शिकायत अनुसार 4 जून 2025 को उसकी इंस्टाग्राम आईडी पर शिवानी चौधरी नाम की आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई, जिसे उसने स्वीकार कर लिया। इसके बाद दोनों के बीच नियमित चैटिंग होने लगी। उसने स्वयं को राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी की छात्रा बताते हुए कहा कि उसके पास मोबाइल फोन नहीं है और वह केवल टैब से चैट कर सकती है, इसलिए कॉल संभव नहीं है। राशि लौटाने का दिया आश्वासन विश्वास में लेने के बाद उसने भावनात्मक बातें शुरू की और 1 जुलाई 2025 को उसे बताया कि वह मानसिक रूप से परेशान है और घूमने जाना चाहती है, लेकिन पिता से अनुमति नहीं ले पा रही है। उसने कहा कि वह उसके पिता से बात करके अनुमति दिलवा दे। इसके लिए उसने एक मोबाइल नंबर उपलब्ध करवाया, जिस पर उसने कॉल की। फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को युवती का पिता बताया और भरोसा दिलाया कि वह अगले दिन पैसे लौटा देगा, यदि शिकायतकर्ता अभी पैसे दे दे। यूपीआई पर 20 हजार किए ट्रांसफर युवती के कहने पर उसने बताई गई यूपीआई आईडी पर 20 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। अगले दिन जब उसने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी टालमटोल करने लगे और पुनः 8 हजार रुपए की मांग करने लगे, जिससे उसको ठगी का संदेह हुआ। मामले में आरोपी फरीदाबाद के कौशल तथा विपिन सारस्वत को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस द्वारा पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को भावनात्मक जाल में फंसाते थे और फिर पैसों की मांग कर ऑनलाइन ठगी करते थे। व्यापक पूछताछ उपरांत दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में भेज दिए गए।
उदयपुर में बेड़वास स्थित जीबीएच जनरल एवं कैंसर हॉस्पिटल ने लीवर ट्रांसप्लांट, रोबोटिक एवं मिनिमल इनवेसिव हार्ट सर्जरी, 4 आर्म रोबोटिक जनरल सर्जरी, ऑर्थोपेडिक रोबोटिक सर्जरी और ब्रेस्ट क्लिनिक की शुरुआत की है। जीबीएच ग्रुप चेयरमैन डॉ. कीर्ति कुमार जैन ने बताया कि इस तकनीक के साथ यह अस्पताल दक्षिणी राजस्थान का पहला ऐसा केन्द्र बन गया है, जहां ये सभी सुविधाएं मिलेंगी। जीबीएच जनरल हॉस्पिटल में लिवर ट्रांसप्लांट की जिम्मेदारी डॉ. सौरभ सिंघल संभालेंगे। डॉ. सिंघल दिल्ली एम्स और अमेरिका से प्रशिक्षित हैं और सैकड़ों सफल लिवर ट्रांसप्लांट कर चुके हैं। उदयपुर में पहली बार रोबोटिक-मिनिमल इनवेसिव कार्डियक सर्जरी शुरूउदयपुर में पहली बार रोबोटिक एवं मिनिमल इनवेसिव कार्डियक सर्जरी भी शुरू हो रही है। इसके लिए दिल्ली और पुणे के मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल से प्रशिक्षित कार्डियक सर्जन डॉ. धनंजय कुमार बंसल नियमित सेवाएं देंगे। डॉ. बंसल के साथ उदयपुर के ख्यात इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. एस.के. कौशिक, डॉ. कपिल भार्गव, डॉ. डैनी मंगलानी, डॉ. सन्नी यादव और डॉ. हितेश यादव की टीम जुड़ी है। अब कार्डियक सर्जरी के लिए मरीज की पूरी छाती खोलने की जरूरत नहीं होगी। छोटे छेदों के जरिए रोबोटिक हार्ट सर्जरी संभव होगी। ये उन जगहों तक पहुंच सकता है जहां हाथ नहीं पहुंच पाते।
जूनियर नेशनल जूडो कोलकातामें आज से, राजस्थान टीमें घोषित
जयपुर }कोलकाता में 24 से 26 जनवरी तक होने वाली जूनियर राष्ट्रीय जूडो प्रतियोगिता के लिए राजस्थान टीम की घोषणा हुई। संघ के अध्यक्ष हरीशचंद शर्मा ने बताया कि टीम का चयन भीलवाड़ा में हुए सलेक्शन ट्रायल के बाद किया गया। कैडेट वर्ल्ड जूडो में हिस्सा लेने वाली तानिया राठौर भी टीम का हिस्सा हैं। पिछले साल के मेडल विजेता यश यादव, साजन एवं हिमांशी विश्नोई का भी चयन हुआ है। महिला वर्ग टीम : तानिया राठौड़ (44 किलो), काजल नागर (44 किलो), शिवानी गोचर (48 किलो), हिमांशी विश्नोई (48 किलो), नेहा चौधरी (52 किलो), वृंदा गौतम (57 किलो), सुमन गुर्जर (63 किलो), रेणु चौधरी (70 किलो), रचना बैरवा (78 किलो), स्मृति बंसल (78+ किलो)। कोच : गौरी चौधरी। पुरुष वर्ग टीम : खुश विश्नोई (55 किलो), सचिन विश्नोई (60 किलो), करण विश्नोई (66 किलो), अतेश चतुर्वेदी (73 किलो), अश्विन भारद्वाज (81 किलो), हिमांशु चौधरी (81 किलो), साजन (90 किलो), बबनूर सिंह बरार (100 किलो), ़बबलदीप सिंह व यश यादव (100+ किलो)। कोच : चेतन चौबे।
गुरुग्राम में आपसी झगड़े की रंजिश में 28 वर्षीय युवक का अपहरण और लाठी-डंडों से पीट पीट कर हत्या करने के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को अरेस्ट किया है। गांव खंडेवला में 17 जनवरी को खेत से लौटते समय विनीत का अपहरण कर लिया गया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उसके गांव खंडेवला के रहने वाले सागर उर्फ चेली (उम्र-25 वर्ष), सागर उर्फ चीनू (उम्र-28 वर्ष), जोगेंद्र उर्फ चिक्कू (उम्र-25 वर्ष), झज्जर के लुहारी गांव के प्रिंस (उम्र-19 वर्ष) और गुरुग्राम के जटौली गांव के संग्राम (उम्र 25 वर्ष) के रूप में हुई है। एक दिन पहले हुआ था झगड़ा आरोपियों से पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि मृतक विनीत का आरोपी सागर उर्फ चेली के बीच 16 जनवरी को झगड़ा हुआ था। इस झगड़े की रंजिश रखने हुए आरोपियों ने विनीत की रेकी करनी शुरू कर दी और 17 जनवरी को मौका पाकर विनीत को पकड़ लिया और उसके साथ मारपीट की। अधमरा कर अस्पताल के बाहर फेंका फिर उसे गाड़ी में डालकर खेतों में ले गए और वहां लाठी-डंडों से उसकी पिटाई की। इसके बाद आरोपियों ने अधमरा करके विनीत को घायल अवस्था में चिरंजीवी अस्पताल हेलीमंडी के पास फेंक दिया और सीकर (राजस्थान) व उत्तराखंड भाग गए। तीन आरोपियों का पहले भी केस अस्पताल से पुलिस को सूचना मिली थी 18 जनवरी को थाना फर्रुखनगर पुलिस को विनित के घायल होने की सूचना सीएचसी से मिली थी।सूचना मिलते ही पुलिस टीम अस्पताल पहुंची और पीड़ित की MLR रिपोर्ट प्राप्त की। बाद में डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए सेक्टर-10 सिविल अस्पताल भेज दिया था। लेकिन, परिजन विनीत को आर्टिमिस अस्पताल लेकर गए। जहां उसकी मौत हो गई। विनीत के चाचा की शिकायत पर एफआईआर विनीत के चाचा ने पुलिस टीम को एक लिखित शिकायत में बताया कि विनीत (उम्र-28 वर्ष) 17 जनवरी को विनीत खेत से काम करके घर लौट रहा था। जब वह गांव के पंचायती भवन के पास पहुंचा, तभी एक इर्टिगा कार में सवार होकर आए कपिल, सागर, सागर उर्फ चीनू, जोगिन्द्र व सत्यप्रकाश ने उसे जबरन पकड़ लिया और गाड़ी में डालकर अपहरण कर लिया। उन्होंने विनीत को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा और गंभीर रूप से घायल अवस्था में चिरंजीवी अस्पताल के सामने छोड़कर फरार हो गए। 20 जनवरी को विनीत की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। जिसके बाद इस केस में मर्डर की धाराएं जोड़ी गई। आज रिमांड पर लेगी पुलिस एसएचओ संतोष कुमार ने बताया कि आरोपियों से गहनता से पूछताछ की जा रही है। आज उन्हें कोर्ट में पेश करके रिमांड पर लिया जाएगा तथा मामले में संलिप्त वाहन व अन्य साक्ष्यों की बरामदगी की जाएगी।
बालाघाट जिले के वारासिवनी क्षेत्र के कायदी में आयोजित ऑल इंडिया वॉलीबॉल प्रतियोगिता का खिताब बिलासपुर रेलवे ने जीत लिया है। गुरुवार देर रात खेले गए फाइनल मुकाबले में बिलासपुर ने राजस्थान टीम को 3-2 से पराजित किया। यह चार दिवसीय टूर्नामेंट संजय वॉलीबॉल क्लब कायदी के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। फाइनल मैच में बिलासपुर की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। इस प्रतियोगिता में गुजरात, बिलासपुर रेलवे, आजमगढ़, एपी ग्रुप, पंजाब, राजस्थान और सागर आर्मी सहित कई टीमों ने हिस्सा लिया था। समापन समारोह में अतिथि सांसद भारती पारधी ने विजेता टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हार से निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर जीत के लिए प्रयास करना चाहिए। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार के रूप में बिलासपुर रेलवे को 33,333 रुपए नकद और एक शील्ड प्रदान की गई, जबकि राजस्थान की टीम को द्वितीय पुरस्कार के तौर पर 22,222 रुपए और एक शील्ड मिली। इस अवसर पर पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल, भाजपा नेता आनंद कोछड़, जितेंद्र नगरगड़े सहित अन्य अतिथि और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
5 हजार का इनामी जाफर लाला गिरफ्तार:NDPS अभियान में दलौदा पुलिस ने राजस्थान के डग से पकड़ा
मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार अवैध मादक पदार्थों की धरपकड़ एवं फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर प्रदेशभर में सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना दलौदा पुलिस को सफलता हाथ लगी है। थाना प्रभारी शुभम व्यास के नेतृत्व में दलौदा पुलिस टीम ने मादक पदार्थ तस्करी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे 5000 रुपये के इनामी बदमाश जाफर लाला सूरजनी को डग, जिला झालावाड़ (राजस्थान) से गिरफ्तार किया है। थाना दलौदा में दिनांक 28 जून 2025 को महू–नीमच हाईवे रोड स्थित सांवलिया गौशाला के सामने सांवलिया रेस्टोरेंट के पास से विश्वसनीय मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की गई थी। इस दौरान आरोपी शोयल खां पिता जाफर खां (उम्र 22 वर्ष) को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से— 150 ग्राम अवैध मादक पदार्थ एम.डी. (अनुमानित कीमत ₹3 लाख) 01 किलो डोडाचूरा जब्त किया गया था। अपराध पंजीबद्ध, आरोपी फरारउक्त मामले में थाना दलौदा पर अपराध क्रमांक 264/2025, धारा 8/22, 15 NDPS एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। घटना के बाद से मुख्य आरोपी जाफर खान एवं उसके अन्य साथी फरार चल रहे थे।फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दलौदा पुलिस द्वारा विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों एवं वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और गुरुवार को राजस्थान के डग क्षेत्र से इनामी आरोपी जाफर खान को धर दबोचा। एनडीपीएस अभियान के तहत दलौदा पुलिस अब तक 10 से अधिक फरार मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार कर चुकी है।
राजस्थान PTI भर्ती 2020 से जुड़े फर्जी डिग्री मामले में सीहोर स्थित श्री सत्य साई यूनिवर्सिटी पर राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की जांच लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। इंदौर-भोपाल हाईवे पर स्थित यूनिवर्सिटी में बुधवार शाम अचानक छापा मारा गया था, जिसके बाद गुरुवार को भी दस्तावेजों की गहन जांच की गई। कार्रवाई के चलते यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने मुख्य गेट पर ताला लगा दिया, जिससे छात्रों का प्रवेश पूरी तरह रोक दिया गया है। करीब छह सदस्यीय SOG टीम, साइबर विशेषज्ञों के साथ यूनिवर्सिटी के रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की जांच कर रही है। टीम ने बुधवार रात करीब 11 बजे तक दस्तावेजों की पड़ताल की और 67 डिग्रियों से जुड़े अहम रिकॉर्ड जब्त किए। इस दौरान हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव और अन्य जरूरी दस्तावेज टीम ने अपने कब्जे में लिए हैं। छापेमारी के समय लगभग 40 सदस्यीय पुलिस बल भी यूनिवर्सिटी परिसर में मौजूद रहा। बैक डेट में तैयार की गई डिग्रियों का शकराजस्थान SOG के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मेश्राम ने बताया कि यह जांच राजस्थान में वर्ष 2020 की PTI भर्ती से जुड़ी हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 67 अभ्यर्थियों की बीपीएड डिग्रियां और मार्कशीट बैक डेट में तैयार की गई थीं, जिनका इस्तेमाल भर्ती प्रक्रिया में किया गया। यूनिवर्सिटी द्वारा उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड और दस्तावेज आपस में मेल नहीं खा रहे थे। उन्होंने बताया कि राजस्थान सरकार ने कई बार यूनिवर्सिटी से संबंधित रिकॉर्ड मांगे, लेकिन समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। फीस स्ट्रक्चर और छात्रों से जुड़ी अन्य आवश्यक जानकारियां भी यूनिवर्सिटी प्रस्तुत नहीं कर पाई। इसी के चलते छापामार कार्रवाई की गई है, जो दूसरे दिन भी जारी रही। सत्य साई यूनिवर्सिटी प्रबंधन की ओर से अंकित जोशी ने बताया कि जांच टीम को पूरा सहयोग दिया जा रहा है। टीम द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं। 67 डिग्रियों से संबंधित डेटा पेन ड्राइव में सौंपा गया है और अन्य रिकॉर्ड भी जांच के लिए दिए गए हैं। 8 राज्यों की यूनिवर्सिटियों के नाम पर फर्जीवाड़ायह मामला राजस्थान में हुई PTI भर्ती से जुड़ा है, जिसमें कुल 134 पीटीआई को डिग्री संबंधी गड़बड़ियों के चलते बर्खास्त किया गया था। जांच में सामने आया कि अभ्यर्थियों ने आवेदन के समय एक यूनिवर्सिटी की डिग्री दर्शाई थी, जबकि दस्तावेज सत्यापन के दौरान किसी अन्य यूनिवर्सिटी की डिग्री जमा की गई। PTI भर्ती-2022 में नियुक्त इन अभ्यर्थियों के डेटा में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। कई मामलों में यूनिवर्सिटी का नाम, रोल नंबर और उत्तीर्ण वर्ष तक बदल दिया गया था। नोटिस जारी होने पर अधिकांश अभ्यर्थियों ने ई-मित्र या मानवीय त्रुटि का हवाला दिया, लेकिन विभाग ने इस जवाब को अस्वीकार कर दिया। विभाग का मानना है कि डिग्रियां फर्जी तरीके से बैक डेट में हासिल की गईं। जांच में यह भी सामने आया है कि बर्खास्त पीटीआई ने देश के आठ अलग-अलग राज्यों की यूनिवर्सिटियों के नाम पर फर्जी डिग्रियां बनवाई थीं। फिलहाल SOG टीम सभी पहलुओं की जांच कर रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
बरेली में राजस्थान की एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। राजस्थान के भरतपुर की रहने वाली 30 वर्षीय सीता का शव बिशारतगंज थाना क्षेत्र के गांव परा बहाउद्दीनपुर में नन्हे उर्फ जहूर के घर में फंदे से लटका मिला। मामले की जानकारी सामने आते ही बड़ी संख्या में लोग वहां इकट्ठा हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। डेढ़ साल पहले भरतपुर में बिछाया था प्रेमजाल मृतका के भाई मुकेश ने आरोप लगाया है कि नन्हे उर्फ जहूर करीब डेढ़ साल पहले राजस्थान के भरतपुर में प्लंबर का काम करता था। इसी दौरान उसने सीता को अपने प्रेमजाल में फंसाया और उसे बहला-फुसलाकर बरेली ले आया। मुकेश का कहना है कि जहूर ने वहां अपनी पहचान छिपाकर या झांसा देकर शादी की और फिर उसे प्रताड़ित करने लगा। परिजनों को जब सीता की मौत की खबर मिली, तो वे भरतपुर से बरेली पहुंचे और न्याय की गुहार लगाई। मारपीट और प्रताड़ना का आरोप, भाई बोला- यह हत्या है पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद भाई मुकेश ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जहूर उसकी बहन के साथ अक्सर मारपीट करता था। दोनों के बीच आए दिन झगड़ा होता रहता था। मुकेश ने साफ तौर पर इसे हत्या करार देते हुए कहा कि उसकी बहन को मार दिया गया है। उसने प्रशासन से मांग की है कि दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। भाई का आरोप है कि उसकी बहन वहां सुरक्षित नहीं थी और उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा था। बंद कमरे में मिला शव, पुलिस रिपोर्ट का इंतजार घटनाक्रम के अनुसार, बुधवार शाम जब जहूर काम से घर लौटा, तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक खटखटाने के बाद जब कोई जवाब नहीं मिला, तो दरवाजा तोड़ा गया, जहां सीता का शव पंखे के कुंडे से लटका मिला। सूचना मिलते ही सीओ नितिन कुमार और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह आत्महत्या है या हत्या। थानाध्यक्ष ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत राजस्थान दौरे पर, सांस्कृतिक कार्यक्रम मर्यादा महोत्सव होंगे शामिल
जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत गुरुवार को राजस्थान के छोटी खाटू में एक महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम मर्यादा महोत्सव में भाग लेंगे। वह बुधवार से दो दिन के राजस्थान दौरे पर हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी और राजस्थान क्षेत्र के क्षेत्रीय संघचालक रमेश अग्रवाल ने बताया कि आरएसएस प्रमुख का यह दौरा राजस्थान में उनके तय संगठनात्मक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों का हिस्सा है। मोहन भागवत बुधवार को हवाई जहाज से जयपुर पहुंचे और फिर किशनगढ़ गए, जहां वे रात भर रुके। इस बीच, बाद में दिन में, मोहन भागवत मर्यादा महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए छोटी खाटू जाएंगे। जाने-माने जैन आध्यात्मिक नेता आचार्य महाश्रमण भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। मर्यादा महोत्सव भारत की समृद्ध आध्यात्मिक परंपराओं को दिखाता है और अनुशासन, नैतिक आचरण और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों पर जोर देता है। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मोहन भागवत जयपुर लौटेंगे और शहर में रात रुकेंगे। अपने प्रवास के दौरान, वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कुछ चुनिंदा पदाधिकारियों से भी बातचीत करेंगे और क्षेत्र में सामाजिक सेवा, राष्ट्रीय चरित्र निर्माण और संगठनात्मक गतिविधियों से संबंधित मामलों पर चर्चा करेंगे। वह 23 जनवरी की सुबह हवाई जहाज से रवाना होंगे, जिसके साथ ही उनका राजस्थान दौरा समाप्त हो जाएगा। गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 2 अक्टूबर 2025 को विजयादशमी के अवसर पर अपने सौ साल पूरे किए और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का वादा किया। शताब्दी वर्ष के दौरान, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा देश भर में विजयादशमी समारोह, युवा सम्मेलन, घर-घर संपर्क, हिंदू सम्मेलन, सामाजिक सद्भाव समावेश और प्रमुख नागरिकों के साथ विचार-विमर्श जैसी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। संघ परिवार ने अपने 100वें वर्ष में भी देश भर में समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों, नीति निर्माताओं और समाज सेवकों के साथ अपना संवाद जारी रखा है और पिछले नवंबर में बेंगलुरु में मोहन भागवत ने एक विशेष व्याख्यान श्रृंखला को संबोधित किया था।
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत आपसी सहमति से होने वाले तलाक (मुबारत) को लेकर एक नजीर पेश करने वाला फैसला सुनाया है। कोर्ट ने फैमिली कोर्ट्स के रवैये पर तल्खी जाहिर करते हुए कहा कि जब पति-पत्नी दोनों अलग होने के लिए रजामंद हैं, तो अदालत को उसमें तकनीकी अड़चनें नहीं डालनी चाहिए। जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की डिवीजन बेंच ने मेड़ता फैमिली कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एक मुस्लिम दंपति के आपसी तलाक को मंजूरी देने से इनकार कर दिया गया था। कोर्ट ने अपने रिपोर्टेबल जजमेंट की शुरुआत ही पुरानी कहावत के उल्टे रूप से करते हुए लिखा- यह मामला ऐसा है जहां 'मियां-बीवी राजी, नहीं मान रहा काजी' वाली स्थिति बन गई है। जानें...क्या था पूरा मामला मामला पाली निवासी आयशा चौहान और वसीम खान से जुड़ा है। दोनों का निकाह 27 फरवरी 2022 को मुस्लिम रीति-रिवाज से हुआ था। शादी के बाद विचारों में मतभेद के चलते वे साथ रहने में असमर्थ थे। इसके बाद पति ने शरीयत के अनुसार तीन अलग-अलग 'तुहर' (मासिक धर्म के बीच का पवित्र समय) में- 8 जून, 8 जुलाई और 8 अगस्त 2024 को- तीन बार तलाक बोला। इसके बाद, दोनों ने 20 अगस्त 2024 को 500 रुपये के स्टाम्प पेपर पर आपसी सहमति से तलाकनामा (मुबारतनामा) लिखा। इसी समझौते के आधार पर उन्होंने फैमिली कोर्ट, मेड़ता में शादी विघटित घोषित करने की अर्जी लगाई। लेकिन, 3 अप्रैल 2025 को फैमिली कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी। फैमिली कोर्ट की समझ पर सवाल: सुन्नी मामले में शिया कानून थोपा हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि फैमिली कोर्ट ने अर्जी खारिज करने के लिए गलत आधार चुना। निचली अदालत का तर्क था कि तलाक के वक्त दो गवाह मौजूद नहीं थे, इसलिए यह वैध नहीं है। इस पर हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि फैमिली कोर्ट ने जिन नजीरों का हवाला दिया, वे 'शिया मुस्लिम लॉ' से संबंधित थे, जहां तलाक के लिए गवाह अनिवार्य हैं। जबकि मौजूदा मामले में पक्षकार 'सुन्नी' (हनफी स्कूल) हैं। सुन्नी कानून के तहत, चाहे तलाक मौखिक हो या लिखित, उसकी वैधता के लिए गवाहों की उपस्थिति अनिवार्य शर्त नहीं है। हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी: जनहित निजी सहमति से ऊपर नहीं जस्टिस अरुण मोंगा ने फैसला लिखते हुए कहा कि फैमिली कोर्ट शायद इस सिद्धांत से प्रभावित थी कि जनहित निजी सहमति पर हावी होना चाहिए। लेकिन कोर्ट ने साफ किया कि जब शादी पूरी तरह टूट चुकी हो और दोनों पक्ष अलग होना चाहते हों, तो उन्हें जबरदस्ती एक साथ रखने का कोई औचित्य नहीं है। कोर्ट ने कहा, मुबारत मुस्लिम कानून में तलाक का एक मान्य रूप है, जो आपसी सहमति पर आधारित है। जब पति और पत्नी दोनों रजामंद हों, तो कोर्ट का काम केवल उस समझौते की पुष्टि करना है। कोर्ट ने यह भी कहा कि फैमिली कोर्ट एक्ट की धारा 7 के तहत कोर्ट को ऐसे मामलों में वैवाहिक स्थिति घोषित करने का पूरा अधिकार है, जिसे उन्होंने इस्तेमाल नहीं किया। मुबारत और खुला में अंतर स्पष्ट किया फैसले में कोर्ट ने 'खुला' और 'मुबारत' के बीच का अंतर भी समझाया। कोर्ट ने बताया: राजस्थान की सभी फैमिली कोर्ट्स के लिए 3 गाइडलाइन्स हाईकोर्ट ने माना कि राजस्थान में फैमिली कोर्ट्स मुस्लिम लॉ के तहत होने वाले ऐसे एक्स्ट्रा-जुडिशियल तलाक (अदालत के बाहर हुए तलाक) को मान्यता देने में हिचकिचा रही हैं। दिल्ली हाईकोर्ट की तर्ज पर राजस्थान हाईकोर्ट ने भी भविष्य के लिए तीन स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं: व्यक्तिगत उपस्थिति: यदि याचिका में कहा गया है कि मुस्लिम लॉ के तहत तलाक हो चुका है, तो फैमिली कोर्ट दोनों पक्षों को बुलाकर उनके बयान दर्ज करे। कोर्ट यह सुनिश्चित करे कि सहमति बिना किसी दबाव या जोर-जबरदस्ती के दी गई है। दस्तावेजों की जांच: अगर तलाक लिखित में हुआ है (जैसे मुबारतनामा, तलाकनामा या खुलानामा), तो वह दस्तावेज कोर्ट में पेश किया जाना चाहिए ताकि कोर्ट उसकी सत्यता जांच सके। डिक्री जारी करना: संतुष्ट होने के बाद, फैमिली कोर्ट अपनी न्यायिक बुद्धि का प्रयोग करते हुए शादी को विघटित (Dissolved) घोषित करने का आदेश/डिक्री पारित करे। अंत में, कोर्ट ने आयशा और वसीम के तलाक को वैध मानते हुए उनकी शादी को 8 अगस्त 2024 से समाप्त घोषित कर दिया।
बॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेताम्बरी भट्ट को राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों पर उदयपुर के एक व्यापारी से 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप है। विक्रम और उनकी पत्नी को मुंबई के यारी रोड इलाके के गंगा भवन ...
बिहार के नतीजों पर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दावे से राजस्थान का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो अगस्त 2025 में राजस्थान के बालोतरा में एनएसयूआई द्वारा वोट चोरी के मुद्दे पर बीजेपी और चुनाव आयोग के खिलाफ निकाले गए मशाल जुलूस का है.
'यूपी पुलिस लट्ठ बजाओ...' राजस्थान के जुलूस का एडिटेड वीडियो सांप्रदायिक दावे से वायरल
बूम ने पाया कि यह वीडियो 25 सितंबर 2025 की रात को राजस्थान के जयपुर में एक स्थानीय नेता नरेश मीणा के समर्थकों द्वारा निकाले गए मशाल जुलूस का है, जिसे एडिट भी किया गया है.
राजस्थान बोर्ड ने जारी किया 10वीं-12वीं सप्लीमेंट्री परीक्षा 2024 का शेड्यूल, यहां करें चेक
Rajasthan Board 10th-12th Supplementary Exam 2024: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने बीएसईआर सप्लीमेंट्री परीक्षा 2024 की डेटशीट जारी कर दी है। जिन छात्रों के परीक्षा में 33 प्रतिशत से कम अंक
क्या 6 महीने बाद फिर से राजस्थान के इस महल में शादी करने जा रहे हैं विक्की कैट
राजस्थान अपने खूबसूरत किलों और महलों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम, शाही ठाठ बाठ समेत राजपुताना वास्तुकला का आनंद उठाने दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक यहां आते हैं..........
Salman Khan फायरिंग केस में आया सनसनीखेज अपडेट, राजस्थान के इस राज्य से पकड़ा गया मामले का एक और आरोपी
सलमान खान के घर पर गोलीबारी प्रकरण में नया मामला दर्ज, राजस्थान से एक व्यक्ति गिरफ्तार
मुंबई। मुंबई पुलिस ने अप्रैल में अभिनेता सलमान खान के आवास के बाहर हुई गोलीबारी के सिलसिले में एक नया मामला दर्ज किया है और आपराधिक धमकी के आरोप में राजस्थान से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अपराध शाखा के अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान राजस्थान के बूंदी निवासी बनवारीलाल लटूरलाल गुर्जर (25) के रूप में हुई है। अधिकारी ने बताया कि गुर्जर ने कथित तौर पर अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया था जिसमें उसने कहा था, लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और गिरोह के अन्य सदस्य मेरे साथ हैं तथा मैं सलमान खान को मारने जा रहा हूं क्योंकि उसने अभी तक माफी नहीं मांगी है। आरोपी ने राजस्थान में एक राजमार्ग पर वीडियो बनाया और उसे अपने चैनल पर अपलोड कर दिया। अधिकारी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक टीम जांच के लिए राजस्थान भेजी गई और उसने आरोपी को पकड़ लिया। उन्होंने कहा कि मुंबई के साइबर पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। अधिकारी ने कहा, हम जांच कर रहे हैं कि आरोपी गुर्जर का कोई पिछला आपराधिक इतिहास तो नहीं है। उसे भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं, 506 (2) (आपराधिक धमकी के लिए सजा) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है और जांच जारी है। बांद्रा इलाके में 14 अप्रैल की सुबह सलमान खान के घर के बाहर मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने कई गोलियां चलाई थीं। इस मामले में कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से एक अनुज थापन ने एक मई को पुलिस हवालात में कथित तौर पर फांसी लगा ली थी।
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'एकलव्य' के बारे में कुछ अनकहे किस्से
एकलव्य : रॉयल गार्ड का मूल नाम यज्ञ था। उत्पादन 2005 की शुरुआत में शुरू हुआ..........
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'परमाणु' के बारे में कुछ अनकहे किस्से
जॉन अब्राहम की फिल्म 'परमाणु- द स्टोरी ऑफ पोखरण' को रिलीज हुए 6 साल हो गए हैं। यह फिल्म 25 मई 2018 को रिलीज हुई थी..........
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'हाईवे' के बारे में कुछ रोचक बाते
जब इम्तियाज अली द्वारा निर्देशित यह रोड ड्रामा प्रसारित हुआ, जिसमें आलिया भट्ट और रणदीप हुडा ने अभिनय किया, तो लोगों ने इसे बहुत प्यार दिया, न केवल इसकी अभूतपूर्व कहानी के कारण, बल्कि भट्ट के उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण भी...........
देसी मिट्टी से शाहरुख खान ने कमा डाले 200 करोड़ रुपये, राजस्थान में करी थी फिल्म जवान की शूटिंग?
शाहरुख खान की फिल्म जवान ने पहले तीन दिनों में 200 करोड़ रुपये की कमाई कर शानदार प्रदर्शन किया है. 7 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म ने 75 करोड़ की बड़ी ओपनिंग का रिकॉर्ड बनाया है............
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'ये जवानी है दीवानी' के बारे में कुछ रोचक बाते
उदयपुर में शूट की गई रोमांटिक और कॉमेडी फिल्मों की जबरदस्त अवधारणाओं में से एक का निर्माण करण जौहर द्वारा किया गया था और अयान मुखर्जी द्वारा निर्देशित किया गया था। यह उदयपुर में शूटिंग की गई सबसे लोकप्रिय फिल्मों में से एक थी.........
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'गाइड' के बारे में कुछ अनकही बाते
उदयपुर में शूट की गई पहली फिल्मों में से एक वहीदा रहमान और देव आनंद अभिनीत एक रोमांस ड्रामा थी। यह फिल्म आर.के. नारायण के प्रसिद्ध उपन्यास पर आधारित है, जिसे व्यापक रूप से भारतीय सिनेमा उद्योग की उपलब्धियों में से एक माना जाता है.............
फिल्मों की शूटिंग के लिए बेस्ट लोकेशन बन रहा राजस्थान का अलवर
राजस्थान प्रदेश का अलवर जिला इन दिनों फिल्मों और वेब सीरीज समेत शॉर्ट फिल्मों के लिए बेस्ट लोकेशन बनता जा रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बॉलीवुड एक्टर उज्जवल चोपड़ा अपनी शॉर्ट फिल्म की 4 दिन की शूटिंग के लिए अलवर पहुंचे..........
जोधा अकबर की शूटिंग के बाद मशहूर हुई राजस्थान की ये जगहे
भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की पीरियड फिल्म 'जोधा अकबर' के कुछ सीन जयपुर के आमेर किले में शूट किए गए हैं. आपको आशुतोष गोवारिकर की फिल्म का वो सीन याद होगा, जिसमें ऐश्वर्या राय किचन में राजा के लिए खाना बनाती है......
बॉलीबुड और हॉलीवुड फिल्मों के लिए फेमस है राजस्थान की ये जगहे, देखें वीडियो
राजस्थान और फिल्में हमेशा से मनोरंजन का तड़का लगाती रही हैं। राजधानी जयपुर हमेशा से फिल्म निर्माताओं की पसंदीदा रही है। 'पिंक सिटी' में एक-दो नहीं बल्कि कई बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'लगान' के बारे में कुछ रोचक तथ्य
मिस्टर परफेक्शनिस्ट के नाम से मशहूर आमिर खान की फिल्म 'लगान' उनके फिल्मी करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुई। फिल्म में एक ऐसे गांव का चित्रण किया गया था जहां के लोग किराए के बोझ तले दबे हुए थ......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बॉर्डर' के बारे में कुछ अनोखी बातें
सनी देओल, जैकी श्रॉफ, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना, सुदेश बेरी, पुनीत इस्सर और कुलभूषण खरबंदा अभिनीत फिल्म बॉर्डर ने अपनी रिलीज के 26 साल पूरे कर लिए हैं। 1971 के वास्तविक जीवन के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर आधारित और लोंगेवाला की लड़ाई की सच्ची घटनाओं पर आधारित, बॉर्डर 1997 में रिलीज़ हुई थी और इसका निर्देशन जेपी दत्ता ने किया था............
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बोल बच्चन' के बारे में कुछ अनोखी बातें
रोहित शेट्टी की फिल्म 'बोल बच्चन' में अभिषेक बच्चन, अजय देवगन और असिन नजर आए हैं. फिल्म की आधे से ज्यादा शूटिंग पिंक सिटी जयपुर में हुई है. फिल्म का हिट गाना 'चलाओ न नैनों से बाण रे' की शूटिंग जयपुर के मशहूर रिजॉर्ट चोखी ढाणी में हुई है......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बाजीराव मस्तानी' के बारे में कुछ अनोखी बातें
राजस्थान और फिल्मों का साथ हमेशा से ही एंटरटेनमेंट का तड़का लगा रहा है. राजधानी जयपुर (Jaipur) हमेशा से ही फिल्मकारों की पसंद रही है. बॉलीवुड की एक-दो नहीं बल्कि कई फिल्में 'पिंक सिटी' में शूट हो चुकी हैं.......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' के बारे में कुछ अनोखी बातें
जब आलिया भट्ट और वरुण धवन अपनी फिल्म 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' के प्रमोशन के लिए जयपुर आए तो यह उनके लिए घर वापसी जैसा था। आप पूछेंगे कैसे? दोनों ने राजस्थान में फिल्म की शूटिंग के लिए इतना समय बिताया है कि उन्हें लगता है कि वे यहीं के हैं.....
Rajasthan 12th Board: दो दिन बाद समाप्त होंगे पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन, ऐसे भरें फॉर्म
राजस्थान बोर्ड कक्षा 12वीं रिजल्ट 2024: पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 30 मई है। जो छात्र अपने अंक से असंतुष्ट हैं, वे आवेदन कर सकते हैं। आइए जानते हैं, कैसे करना है आवेदन। यहां देखें
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'हम साथ साथ हैं' के बारे में कुछ अनोखी बातें
4 अक्टूबर 1998 को ग्रोव के संरक्षक मांगीलाल सोनल द्वारा सार्वजनिक पार्क में फिल्म ' हम साथ - साथ हैं ' की शूटिंग की अनुमति दी गई थी। यह खुलासा वन विभाग के अधिकारी शिवचंद बोहरा और सोनल से जिरह के दौरान हुआ.........
कभी राजस्थान में हुई थी इस फेमस मूवी की शूटिंग, देखें वायरल वीडियो
राजस्थान के बीकानेर ज़िले में स्थित लक्ष्मी निवास पैलेस अपनी भव्यता से भर जाता है.यह आलीशान और लग्ज़री होटल है, जिसकी बनावट और महीन कारीगरी काफ़ी खास है.इस पैलेस को 1904 में महाराजा गंगा सिंह के लिए बनवाया गया था.......
फिल्म करण अर्जुन 1995 में रिलीज हुई थी। रिलीज के इतने साल बाद भी फिल्म करण अर्जुन का नशा लोगों के दिलों में इस कदर छाया हुआ है कि लोग इसे भूल नहीं पाते हैं। आज हम इस फिल्म से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातों के बारे में बात करेंगे......
रेत के टीलों से लेकर ऐतिहासिक स्मारकों तक, राजस्थान सभी फिल्म निर्माताओं को शूटिंग के लिए आकर्षित करता रहा है। जयपुर, जोधपुर जैसे शहरों की ऐतिहासिक विरासत से लेकर जैसलमेर, बाड़मेर जैसे जिलों के रेत के टीलों तक, यहां सब कुछ अनोखा है.....
जॉली एलएलबी की तीसरी किस्त में अक्षय कुमार और अरशद वारसी स्क्रीन शेयर करने जा रहे हैं। शूटिंग राजस्थान में चल रही थी और उन्होंने पहला शेड्यूल पूरा कर लिया है। हाल ही में, अभिनेताओं ने शूटिंग खत्म करते हुए एक मजेदार वीडियो साझा किया। कुछ ही देर में ये वायरल हो गया। दोनों को बड़ी मुस्कान के साथ बाइक चलाते देखा गया। अक्षय और अरशद ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया अक्षय और अरशद ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर वीडियो साझा किया और लिखा, “और यह एक शेड्यूल रैप है! जैसा कि आप देख सकते हैं कि दोनों जॉलीज़ ने राजस्थान में अच्छा समय बिताया। वीडियो में दोनों सड़क पर बाइक चला रहे हैं। अरशद की शर्ट खून से लथपथ है. हाल ही में, बड़ी संख्या में अक्षय के प्रशंसक उनकी फिल्म के सेट पर उन्हें आश्चर्यचकित करने और उनके साथ तस्वीरें लेने के लिए पहुंचे। अब सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में, राम सेतु अभिनेता को जॉली एलएलबी 3 के सेट पर उनका स्वागत करने आए लोगों के लिए तस्वीरें लेते और ऑटोग्राफ देते देखा जा सकता है। अक्षय पहले भी वीडियो शेयर कर चुके हैं इससे पहले, जॉली एलएलबी 3 के सेट से एक बिहाइंड द सीन वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था जिसमें अक्षय शर्टलेस बैठे नजर आ रहे थे और उन्होंने सन बाथ का भी आनंद लिया था। वीडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए अक्षय के फैन पेज ने लिखा, @अक्षयकुमार #JollyLLB3 के सेट पर सन बाथ ले रहे हैं...अगर आप ठीक से सुनेंगे तो बजरंग बैन चल रहा है। बता दें, अक्षय कुमार ने इस महीने की शुरुआत में जॉली एलएलबी 3 की शूटिंग शुरू की थी, जब उन्होंने सेट से एक मजेदार वीडियो भी जारी किया था। वीडियो में अक्षय के साथ अरशद वारसी भी शामिल थे और दोनों काले कपड़े पहने नजर आ रहे थे। इसकी शुरुआत अक्षय द्वारा सभी को जगदीश त्यागी उर्फ जॉली बीए एलएलबी डुप्लिकेट से सावधान रहने की चेतावनी देने से हुई। इसके बाद, अरशद को खुद को असली जॉली के रूप में पेश करते देखा गया। जॉली एलएलबी की 3 किस्त आ रही है पहली जॉली एलएलबी फिल्म, जो 2013 में रिलीज हुई थी, जिसमें अरशद वारसी और सौरभ शुक्ला मुख्य भूमिका में थे। दूसरी ओर, फिल्म का सीक्वल 2017 में सिनेमाघरों में आया जिसमें अक्षय कुमार ने अरशद वारसी की जगह ली। उनके साथ हुमा कुरेशी भी उनकी प्रेमिका के रूप में शामिल हुईं। कथित तौर पर, तीसरी किस्त में, अक्षय कुमार और अरशद वारसी आमने-सामने होंगे, जबकि सौरभ शुक्ला जज के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे। हालांकि, अभी तक मेकर्स ने फिल्म की कहानी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। View this post on Instagram A post shared by Akshay Kumar (@akshaykumar)
सलमान खान के घर फायरिंग मामला: मुंबई क्राइम ब्रांच ने पांचवें आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में ताजा घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को पांचवें आरोपी मोहम्मद चौधरी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। इंडिया टीवी के अतुल सिंह की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद चौधरी ने दो शूटरों, सागर पाल और विक्की गुप्ता को पैसे देकर और रेकी करके भी मदद की। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, चौधरी को आज मुंबई लाया जा रहा है जहां उसे किला कोर्ट में पेश किया जाएगा और पांच दिन की हिरासत की मांग की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Kareena Kapoor Khan ने Saif Ali Khan के बड़े बेटे इब्राहिम की नवीनतम तस्वीरों पर सबसे मनमोहक टिप्पणी की इससे पहले, अनुज थापन नाम के एक आरोपी ने पुलिस हिरासत में चादर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बता दें, अनुज पर शूटरों को हथियार मुहैया कराने का आरोप है। थापन को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले, बांद्रा में अभिनेता के आवास के बाहर गोलीबारी करने वाले दोनों शूटर विक्की गुप्ता और सागर पाल को गुजरात के भुज से हिरासत में लिया गया था। इसे भी पढ़ें: सलमान खान के घर के बाहर गोली चलाने के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य गिरफ्तार सलमान खान के घर फायरिंग मामले की जानकारी मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। इस महीने की शुरुआत में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया था. अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। सलमान खान की नवीनतम सार्वजनिक उपस्थिति सलमान खान हाल ही में लंदन में थे जहां उन्होंने ब्रिटेन के ब्रेंट नॉर्थ निर्वाचन क्षेत्र से सांसद बैरी गार्डिनर से मुलाकात की। इंटरनेट पर कई तस्वीरें वायरल हुईं, जिनमें बैरी और सलमान दोनों वेम्बली स्टेडियम के अंदर नजर आ रहे हैं।
अपनी बायोपिक में Shahrukh Khan को काम करते देखना चाहता है ये मशहूर विदेशी क्रिकेटर,Rajasthan Royals टीम का है हिस्सा
भारत के राष्ट्रीय प्रसारक Doordarshan ने नए लोगो का अनावरण किया, जिसका रंग लाल से नारंगी हुआ
भारत सरकार के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक दूरदर्शन ने अपने समाचार चैनल डीडी न्यूज का लोगो लाल से बदलकर भगवा कर दिया है। यह लोगो 16 अप्रैल, 2024 को लागू हुआ, जिसने पिछले लाल वाले को बदल दिया। अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेजों के माध्यम से, डीडी न्यूज़ ने कहा कि उनके मूल्य वही रहेंगे और वे अब एक नए अवतार में उपलब्ध हैं। इसे भी पढ़ें: Barahi Devi Temple: बाराही देवी मंदिर में दर्शन मात्र से दूर होती है गंभीर बीमारियां, जानिए मंदिर से जुड़ी मान्यता पोस्ट में कहा गया एक ऐसी समाचार यात्रा के लिए तैयार हो जाइए जो पहले कभी नहीं देखी गई.. बिल्कुल नए डीडी न्यूज का अनुभव करें। हमारे पास यह कहने का साहस है: गति से अधिक सटीकता, दावों से अधिक तथ्य, सनसनीखेज से अधिक सत्य। क्योंकि अगर यह डीडी न्यूज पर है, तो यह सच है। दूरदर्शन का इतिहास दूरदर्शन ने 15 सितंबर, 1959 को सार्वजनिक सेवा प्रसारण में एक मामूली प्रयोग के साथ शुरुआत की। यह प्रयोग 1965 में एक सेवा बन गया जब दूरदर्शन नई दिल्ली और उसके आसपास के लिविंग रूम में टेलीविजन सेट तक पहुंच गया। 1975 तक सेवाओं को मुंबई, अमृतसर और सात अन्य शहरों तक बढ़ा दिया गया। 1 अप्रैल, 1976 को यह सूचना और प्रसारण मंत्रालय में एक अलग विभाग के अंतर्गत आ गया। 1982 में दूरदर्शन राष्ट्रीय प्रसारक बन गया। इसे भी पढ़ें: Rajasthan: पाली में बोले अमित शाह, हम भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा अर्थतंत्र बना देंगे, ये मोदी की गारंटी है 1982 में, दूरदर्शन का रंगीन संस्करण तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी के स्वतंत्रता दिवस के भाषण के सीधे प्रसारण के साथ शुरू हुआ, इसके बाद दिल्ली में 1982 के एशियाई खेलों का रंगीन प्रसारण हुआ। वर्तमान में, दूरदर्शन 6 राष्ट्रीय चैनल और 17 क्षेत्रीय चैनल संचालित करता है। राष्ट्रीय चैनलों में डीडी नेशनल, डीडी इंडिया, डीडी किसान, डीडी स्पोर्ट्स, डीडी उर्दू और डीडी भारती शामिल हैं। दूसरी ओर, डीडी अरुणप्रभा, डीडी बांग्ला, डीडी बिहार, डीडी चंदना, डीडी गिरनार, डीडी मध्य प्रदेश, डीडी मलयालम, डीडी नॉर्थ ईस्ट, डीडी ओडिया, डीडी पोधिगई, डीडी पंजाबी, डीडी राजस्थान, डीडी सह्यगिरी, डीडी सप्तगिरी, डीडी उत्तर प्रदेश, डीडी यादगिरी और डीडी काशीर इसके क्षेत्रीय चैनल हैं। While our values remain the same, we are now available in a new avatar. Get ready for a news journey like never before.. Experience the all-new DD News! We have the courage to put: Accuracy over speed Facts over claims Truth over sensationalism Because if it is on DD News, it… pic.twitter.com/YH230pGBKs — DD News (@DDNewslive) April 16, 2024
बच्चों के साथ राजस्थान की सैर पर निकलीं शिल्पा शेट्टी, वीडियो शेयर कर...
शिल्पा शेट्टी इन दिनों राजस्थान की सैर पर निकली हैं. शिल्पा के साथ उनके बच्चे भी राजस्थान के नेशनल पार्क में घूमते नजर आ रहे हैं. शिल्पा ने इसका वीडियो शेयर किया है. वीडियो में शिल्पा शेट्टी बच्चों के साथ मस्ती करती नजर आ रही हैं.

