पत्नी की सैलरी ATM से जबरन निकालना मानसिक क्रूरता: वीडियो में जाने राजस्थान हाईकोर्ट ने RTI से निजी जानकारी मांगने को भी माना गलत, पति की अपील खारिज
Government Job Alert: राजस्थान में सरकारी नौकरी के कई मौके, रेलवे में 2008 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती; आवेदन की तारीख नजदीक
Weather Alert: राजस्थान में मौसम रहेगा साफ, जयपुर में 30 डिग्री तक पहुंचेगा तापमान; आंध्र प्रदेश में चक्रवात का खतरा
राजस्थान: झुंझुनूं हादसे पर पीएम मोदी ने जताया दुख, आर्थिक मदद की घोषणा
New Delhi, 2 नवंबर . Rajasthan के झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी इलाके के चापोली गांव में सड़क निर्माण कार्य के दौरान करंट लगने से आठ मजदूरों की मौत…
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के झुंझुनूं जिले में आज एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां त्योहार से पहले कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूटा है। यहां पर उदयपुरवाटी तहसील के छापोली गांव में आज सड़क निर्माण कार्य के दौरान करंट लगने से पांच मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। झुंझुनूं में हुए इस हादसे पर पीएम नरेन्द्र मोदी और सीएम भजनलाल ने दुख प्रकट किया है। खबरों की माने तो उदयपुरवाटी एसएचओ रामपाल ने जानकारी दी कि सड़क निर्माण के दौरान बजरी मिलाने के काम में आने वाली एक मशीन ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की लाइन के संपर्क में आने से ये हादसा हुआ है। हाईटेंशन लाइन के छूते ही पूरी मशीन में करंट दौड़ गया, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। विधायक भगवानाराम सैनी और डीएसपी सुगन सिंह भी मौके पर पहुंचे हैं। पीएमओ इंडिया की ओर से की गई पोस्ट के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि राजस्थान के झुंझुनू में हुए हादसे में लोगों की जान जाने से दुखी हूँ। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं। घायल लोग जल्द स्वस्थ हों। जान गंवाने वालों के परिजनों को पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे। pc- news18
पत्नी के ATM से जबरन पैसे निकालना और अवैध संबंधों के झूठे आरोप लगाना मानसिक क्रूरता: राजस्थान हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी
हिसार में कार से अफीम और पिस्टल मिली:4 आरोपी गिरफ्तार; राजस्थान से सरपंच का चुनाव करवाकर लौट रहे थे
हिसार के गांव भेरियां के पास नाकाबंदी के दौरान एंटी नारकोटिक सेल की टीम ने वैन्यू कार से 206 ग्राम अफीम और अवैध 315 बोर पिस्टल बरामद की। पुलिस ने कार में सवार 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गुरमेश निवासी मिंगनी खेड़ा, कुलदीप निवासी चिन्दर, सतपाल निवासी चौधरी वाली और सुनील निवासी कालवास के रूप में हुई है। कार के डैशबोर्ड और सीट की नीचे छिपा रखी थी सहायक उप निरीक्षक शक्ति ने बताया कि वे पुलिस टीम के साथ इलाके में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान मिली गुप्त सूचना के आधार पर गांव भेरियां के पास नाकाबंदी की गई। संदिग्ध वैन्यू कार को रोककर तलाशी ली गई। कार के डैशबोर्ड से 206 ग्राम अफीम और ड्राइवर सीट के नीचे से अवैध 315 बोर पिस्टल मिली। सरपंच का चुनाव करवाकर लौटे थे पुलिस ने अफीम और पिस्टल कब्जे में लेकर चारों आरोपियों के खिलाफ थाना आजाद नगर में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे राजस्थान से अपने किसी परिचित का सरपंच पद का चुनाव करवाकर लौट रहे थे। कोर्ट में पेशकर रिमांड पर लेगी पुलिस पुलिस आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगेगी। इस दौरान अफीम कहां से खरीदी गई, पिस्टल कहां से मिली और मामले में अन्य लोगों की भूमिका के बारे में पूछताछ की जाएगी।
Breaking News: राजस्थान में दर्दनाक हादसा, करंट लगने से 8 मजदूरों की मौत: झुंझुनूं में सड़क निर्माण के दौरान हाईटेंशन लाइन से टकराई मशीन, मौके पर मची चीख-पुकार
राहुल गांधी की दिल्ली रैली में अभिषेक चौधरी के नेतृत्व में उमड़ा राजस्थान यूथ कांग्रेस का जनसैलाब
दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस रैली में राजस्थान यूथ कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ताओं ने शामिल होकर अपनी सांगठनिक मजबूती का प्रदर्शन किया।
कोटा में ‘मिस एंड मिसेज राजस्थान ग्लैमर 2027’ का ऑडिशन, विजेताओं को मिलेंगे एक-एक लाख रुपये
कोटा में ‘मिस एंड मिसेज राजस्थान ग्लैमर 2027’ सीजन-2 के ऑडिशन में लगभग 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। जानिए विजेताओं को मिलने वाली एक-एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि, फैशन शूट के अवसर और जयपुर में होने वाले सेमीफाइनल व ग्रैंड फिनाले की पूरी जानकारी।
डिजिटल प्रचार को धार देने की तैयारी, विद्या भारती राजस्थान की बैठक में सोशल मीडिया प्रशिक्षण पर जोर
जयपुर के सेवाधाम परिसर में आयोजित विद्या भारती की बैठक में सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग, डिजिटल सामग्री निर्माण और तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
Rajasthan: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज दिल्ली के दौरे पर, कई केंद्रीय मंत्रियों से करेंगे मुलाकात
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज दिल्ली दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करेंगे और भारत मंडपम में आयोजित भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो-2026 में शामिल होंगे। बताया जा रहा हैं कि मुख्यमंत्री दोपहर 1 बजे जयपुर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। सोमवार दोपहर 2.40 बजे उनके जोधपुर हाउस पहुंचने का कार्यक्रम है। इसके बाद शाम 4 बजे वे भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक भारत मंडपम में रहेंगे। इसके बाद रात 10.45 बजे जयपुर लौटने का कार्यक्रम है। इस बीच उनकी मुलाकात कई केंद्रीय मंत्रियों के साथ हो सकती है। इसके पहले सीएम ने एक कार्यक्रम में कहा कि यमुना जल समझौते से शेखावाटी की जमीन तक पानी पहुंचाने की दिशा में काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने भर्ती परीक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में 410 से अधिक परीक्षाएं बिना पेपर लीक के आयोजित की गई हैं और 1.93 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। pc- india tv hindi
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में पंचायत राज चुनाव चल रहे हैं और चुनाव प्रचार के बीच भगत सिंह सेना प्रमुख नरेश मीणा एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं, वैसे नरेश मीणा को किसी विशेष परिचय की जरूरत भी नहीं हैं, वो अपने बयानों को लेकर ही विवादों में आ जाते है। बताया जा रहा की चुनाव प्रचार के बीच नाहरगढ़ में चुनावी सभा के बाद वे हजारों किसानों और समर्थकों के साथ फॉरेस्ट ऑफिस पहुंच गए, जहां जमकर हंगामा हो गया। मामला वन भूमि पर चल रहे इंजन और किसान की जब्त की गई पानी की मोटर-पाइप से जुड़ा है। नरेश मीणा को मिला था ज्ञापन खबरों की माने तो सभा में बंजारा समाज के लोगों ने नरेश मीणा को ज्ञापन देकर शिकायत की थी कि वन विभाग के रेंज कर्मियों ने उनका इंजन जब्त कर लिया है। किसानों की शिकायत सुनकर मीणा ने मंच से ही चेतावनी दी कि अगर किसानों पर अत्याचार हुआ तो दफ्तरों में आग लगा देंगे। पुलिस ने कंट्रोल की स्थिति आरोप है कि इस बयान के बाद भीड़ उग्र हो गई, समर्थकों ने नाहरगढ़ रेंज कार्यालय में तोड़फोड़ की, सामान को नुकसान पहुंचाया और वनकर्मी प्रदीप सहित अन्य कर्मचारियों से मारपीट की। जब्त मोटर-पाइप जबरन छुड़ाकर ले जाने का भी आरोप है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति नियंत्रित की। वन विभाग ने नाहरगढ़ थाने में राजकार्य में बाधा, मारपीट और तोड़फोड़ की शिकायत दी. पुलिस ने नरेश मीणा व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। pc- patrika
राजस्थानी कढ़ी पकौड़ा का स्वाद है लाजवाब, घर पर ऐसे करें तैयार
Rajasthani Kadhi Pakoda Recipe: कढ़ी खाना ज्यादातर लोगों को पसंद होता है. इसे चावल या रोटी के साथ खाने का अपना ही मजा है. वैसे तो घरों में कई तरह की कढ़ी बनाई जाती हैं, लेकिन राजस्थानी कढ़ी पकौड़ा का स्वाद थोड़ा अलग होता है. आज हम आपको इसे घर पर बनाने की आसान रेसिपी बताएंगे.
Weather Update: राजस्थान में आगामी 7 दिनों तक मौसम रहेगा शुष्क, गुलाबी सर्दी का दौर शुरू
इंटरनेट डेस्क। नवंबर के महीने की शुरूआत हो चुकी हैं और सर्दी का मौसम भी, राजस्थान में मौसम बदल रहा है, अब एक सप्ताह तक प्रदेश में बारिश के कोई आसार नहीं है। प्रदेश में आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियां थमने और मौसम शुष्क रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, 2 नवंबर से 8 नवंबर तक राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहेगा। इस दौरान किसी भी जिले में बारिश या आंधी को लेकर विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। मौसम रहेगा शुष्क मौसम विभाग जयपुर की माने तो 2 से 8 नवंबर के दौरान पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की प्रबल संभावना है। जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर सहित प्रदेश के प्रमुख शहरों में बारिश की गतिविधियां देखने को नहीं मिलेंगी। फिलहाल 15 नवंबर तक भी राजस्थान में बारिश के लिए परिस्थितियां अनुकूल नजर नहीं आ रही हैं। कोई अलर्ट नहीं मौसम विभाग ने 2 नवंबर को पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के किसी भी जिले के लिए विशेष चेतावनी जारी नहीं की है। जयपुर, अजमेर, अलवर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, सीकर और चित्तौड़गढ़ सहित पूर्वी राजस्थान के सभी जिलों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है। इसी तरह बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, चूरू, जोधपुर, नागौर, पाली, फलोदी, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर सहित पश्चिमी राजस्थान के जिलों में भी कोई अलर्ट नहीं है। प्रदेश में फिलहाल भारी बारिश, आंधी या मेघगर्जन की चेतावनी नहीं है। हालांकि अब तापमान में गिरावट आने लगी हैं और मौसम ठंडा रहने लगा है। pc- parbhat khabar
रेवाड़ी शहर में बेसहारा गोवंश को पकड़कर गोशालाओं में भेजने की रफ्तार पिछले 2 माह से धीमी हो गई है। इसके पीछे राजस्थान में हो रहे चुनाव को वजह बताया जा रहा है। शहर के चौक-चौराहों और बाजारों में गोवंश के झुंड खड़े दिखाई दे रहे हैं। इससे वाहन चालकों और राहगीरों के लिए हादसों का खतरा बना हुआ है। नगर परिषद हर साल टेंडर के जरिए बेसहारा पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में भेजने का अभियान चलाती है। इसके बावजूद सड़कों पर पशुओं की मौजूदगी बनी हुई है। रात के समय सड़क पर बैठे या खड़े गोवंश वाहन चालकों को दूर से दिखाई नहीं देते। पहले भी इनके कारण कई हादसे हो चुके हैं। नगर परिषद के रिकॉर्ड के अनुसार अप्रैल से जुलाई तक 861 गोवंश पकड़े गए और इस पर करीब 14.50 लाख रुपये खर्च किए गए। वहीं, ठेकेदार का दावा है कि इस साल अब तक 1,000 गोवंश गोशालाओं में भेजे जा चुके हैं। चार माह में 861 गोवंश पकड़ने पर 14.50 लाख खर्च नगर परिषद के रिकॉर्ड के मुताबिक अप्रैल से जुलाई तक 861 गोवंश पकड़े गए। शहर में नगर परिषद के पिछले सर्वे में करीब 3,500 बेसहारा गोवंश होने की बात सामने आई थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सैकड़ों पशु पकड़े जाने और लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़कों पर गोवंश की मौजूदगी कम क्यों नहीं हो रही। राजस्थान चुनाव के कारण लेबर की कमी- ठेकेदार ठेकेदार देवेंद्र के अनुसार, इस साल अब तक 1,000 गोवंश गोशालाओं में भेजे जा चुके हैं। पिछले कुछ दिनों से पशु पकड़ने का काम कम हुआ है, क्योंकि उनके पास राजस्थान की लेबर है और वहां चुनाव चल रहे हैं। इससे काम प्रभावित हुआ है। उन्होंने जल्द ही दोबारा प्रतिदिन गोवंश पकड़कर गोशालाओं में भेजने की बात कही।
जयपुर। लग्जरी वाहन निर्माता कंपनी लैंड रोवर ने भारतीय बाजार के लिए अपनी बेहद खास और सीमित संख्या वाली एसयूवी ‘रेंज रोवर एसवी सवाई कलेक्शन’ (Range Rover SV Sawai Collection) को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है। इस लग्जरी कलेक्शन की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 4.90 करोड़ रुपये तय की गई है। राजस्थान के समृद्ध […] The post रेंज रोवर ने पेश किया ‘सवाई कलेक्शन’: राजस्थान की शाही विरासत से प्रेरित 4.90 करोड़ रुपये की 18 एक्सक्लूसिव कारें first appeared on Sanjeevni Today .
राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर में ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक के आयोजन का शुभारंभ पर्यावरण जागरूकता एवं स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने वाली गतिविधियों के साथ...
छप्पनिया अकाल की रूह कंपा देने वाली दास्तान: जब भूख ने राजस्थान को बना दिया था मौत का मैदान
छप्पनिया अकाल की रूह कंपा देने वाली दास्तान: जब भूख ने राजस्थान को बना दिया था मौत का मैदान
हरियाणा के नारनौल में अटेली के पास राजस्थान की सीमा के साथ लगते गांव बोचड़िया व सलीमपुर के पास हुए हादसे में राजस्थान की एक कॉलेज छात्रा की मौत हो गई, जबकि एक प्रोफेसर व अन्य छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने मृतक छात्रा का नागरिक अस्पताल से पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया। वहीं घायलों को इलाज के लिए भर्ती कर लिया गया। दूसरी छात्रा की भी हालत गंभीर होने के कारण उसको रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, राजस्थान के बहरोड़ के पास गांव भिटेडा स्थित बाबा खेतनाथ कॉलेज का टूर वृंदावन व मथुरा गया था। वहां से बीते कल कॉलेज में टूर पर गए बच्चे देर रात को आ गए थे। रात ज्यादा होने के कारण दो छात्राएं कॉलेज में कार्यरत्त प्रोफेसर व गांव बोचड़िया निवासी जयपाल के घर पर रुक गई। प्रोफेसर सुबह जल्दी दोनों छात्राओं को छोड़ने के लिए उनके घर जा रहे थे। गाड़ी अनियंत्रित होकर पलटी जब वे अप्रोच रोड से होते हुए छात्राओं के गांव जा रहे थे तो सलीमपुर व बोचड़िया गांव के पास प्रोफेसर की गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। जिससे दोनों छात्राएं राजस्थान के गांव जेतपुर निवासी बीएससी थर्ड ईयर की छात्रा रीत और गांव प्रतापुर निवासी खुशी व प्रोफेसर जयपाल गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल हादसे के बाद वहां से गुजर रहे राहगीरों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जिसके बाद घायलों को इलाज के लिए अटेली के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर डॉक्टरों ने छात्रा रित को मृत घोषित कर दिया। वहीं खुशी व प्रोफेसर जयपाल को गंभीर हालत के चलते हायर सेंटर रेफर कर दिया। जांच अधिकारी एएसआई जसवीर ने बताया कि छात्रा की मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मृतका का नारनौल के नागरिक अस्पताल से पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया। प्रिंसिपल बोले- हादसे का कॉलेज से लेना-देना नहीं वहीं इस बारे में कॉलेज के प्रिंसिपल जितेंद्र यादव ने बताया कि कॉलेज का टूर देर शाम को आ गया था। जिसके बाद सभी छात्राओं को उनके घर भेज दिया गया था। इस हादसे में कॉलेज का कोई लेना-देना नहीं है। ये छात्राएं प्रोफेसर के साथ अपने घर गई थी।
झीलों के बीच बने हैं राजस्थान के ये 3 शाही महल, खूबसूरती जीत लेगी दिल
Water Palaces of Rajasthan: राजस्थान में कई ऐसे खूबसूरत महल हैं जो झीलों के बीच बने होने की वजह से बेहद खास नजर आते हैं. जयपुर का जल महल, उदयपुर का लेक पैलेस और जग मंदिर अपनी शानदार वास्तुकला और शाही इतिहास के लिए मशहूर हैं.
देशभर में अर्नब तूफान का असर, वीडियो में जाने राजस्थान में ओले-बारिश से 8 डिग्री गिरा तापमान; उत्तराखंड के 9 जिलों में अलर्ट
1995 बैच की आईपीएस अधिकारी प्रशाखा माथुर जयपुर में पुलिस महानिदेशक (अतिरिक्त) के पद पर तैनात थीं। कार्मिक विभाग की ओर से शनिवार को जारी आदेश में उन्हें प्रशासनिक कारणों से अगले आदेश तक एपीओ रखने की बात कही गई है। यह फैसला उनके पति शिखर अग्रवाल को इसी तरह एपीओ किए जाने के कुछ दिनों बाद आया है।
रोटी-चावल हो या बाटी, स्वाद दोगुना कर देगी राजस्थानी पंचमेल दाल
Rajasthani Panchmel Dal Recipe: राजस्थान की मशहूर पंचमेल दाल पांच तरह की दालों को मिलाकर बनाई जाती है. देसी घी और मसालों का तड़का इसके स्वाद को खास बना देता है. इसे बनाना भी बेहद आसान है और आप रोटी, चावल या बाटी के साथ लंच और डिनर में परोस सकते हैं.
विशेष योग्यजनों के सपनों को साकार करने में सारथी बनेगी राजस्थान सरकार : भजनलाल शर्मा
जयपुर। राजस्थान सरकार विशेष योग्यजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से काम कर रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा राजस्थान बनाना है, जहां प्रत्येक विशेष योग्यजन को सम्मान, स्वावलंबन और समान अवसर मिलें। शारीरिक सीमाएं किसी व्यक्ति की […] The post विशेष योग्यजनों के सपनों को साकार करने में सारथी बनेगी राजस्थान सरकार : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .
अर्नब तूफान का असर जारी, कई राज्यों में बारिश-बर्फबारी और ओले गिरे: वीडियो में जाने राजस्थान में 8 डिग्री तक गिरा तापमान, उत्तराखंड के 9 जिलों में अलर्ट
प्रशासनिक गलियारों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि सरकार उनके अनुभव का उपयोग किस महत्वपूर्ण विभाग या पद के जरिए करती है। जल्द ही कार्मिक विभाग की ओर से उनकी नई पदस्थापना को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
Rajasthan IAS-IPS Couple News: राजस्थान में वरिष्ठ IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल और उनकी IPS पत्नी प्रशाखा माथुर से जुड़ा 40 लग्जरी विला और कॉटेज खरीदने का मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर सुर्खियों में है। आरोप है कि IAS अधिकारी और उनके परिवार के सदस्यों ने दो बड़े रिसॉर्ट में करीब 6.16 करोड़ रुपये में 40 संपत्तियां खरीदीं। फिर उन्हीं संपत्तियों को बेचने वाली कंपनी को वापस लीज पर दे दिया। इस लीज व्यवस्था के तहत कपल को हर साल 1.80 करोड़ रुपये किराया मिलने की बात सामने आई है। मामला सामने आने के बाद राजस्थान सरकार ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को विस्तृत जांच की मंजूरी दे दी है। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों को फिलहाल अवेटिंग पोस्टिंग ऑर्डर्स (APO) पर रखा गया है।क्या है पूरा मामला?यह पूरा मामला राजस्थान के उदयपुर और अलवर में स्थित दो लग्जरी रिसॉर्ट से जुड़ा है। इन रिसॉर्ट का संचालन 'गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड' नाम की कंपनी करती है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल, उनकी IPS पत्नी प्रशाखा माथुर और परिवार के अन्य सदस्यों ने कंपनी से लगभग ढाई साल के दौरान बड़ी संख्या में कॉटेज और विला खरीदे।बताया जा रहा है कि इन संपत्तियों की खरीदारी का कुल कीमत लगभग 6.16 करोड़ रुपये था। इस सौदे की सबसे अहम बात यह है कि संपत्तियां खरीदने के तुरंत बाद इन्हें उसी कंपनी को वापस लीज पर दे दिया गया, जिससे इन्हें खरीदा गया था। इसडील के तहत हर साल कुल 1.80 करोड़ रुपये किराए के रूप में मिलने का प्रावधान बताया गया है। इसी असामान्य खरीद और लीज व्यवस्था ने जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा है।ACB का बयानACBकेडायरेक्टर जनरलगोविन्द गुप्ता ने एक बयान में बताया कि राजस्थान सरकार ने 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018' की धारा 17-ए के तहत विस्तृत जांच के लिए पूर्वानुमोदन प्रदान किया है। मामले में आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल (तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग विभाग), निजी कंपनी 'गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड' के निदेशकों और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जाएगी।कैसे किया फर्जीवाड़ा?गुप्ता ने कहा कि राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी अग्रवाल द्वारा 'गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड' के निदेशकों के साथ कथित आपराधिक मिलीभगत कर अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करने के प्रथम दृष्टया तथ्य सामने आए हैं। आरोप है कि उन्होंनेखुद और संबंधित कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया। साथ ही राज्य सरकार को भारी आर्थिक नुकसान कराया।उन्होंने बताया कि ब्यूरो ने मीडिया में आई एक खबर और उद्योग विभाग से प्राप्त तथ्यात्मक रिपोर्ट का विश्लेषण किया। इसके अलावा, गोपनीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर प्रारंभिक स्तर पर सामने आए तथ्यों के संबंध में प्राथमिक जांच दर्ज कर विस्तृत पड़ताल करना उचित पाया गया।कंपनियों के साथ मिलीभगत का आरोपबयान के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अग्रवाल ने राजस्थान में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए कथित तौर पर अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग किया। इनमें उदयपुर के जिला अधिकारी, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अध्यक्ष और उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव समेत अन्य पद शामिल हैं।आरोप है कि उन्होंने निजी कंपनी 'गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड' के निदेशकों के साथ मिलीभगत कर कंपनी को रिजॉर्ट निर्माण संबंधी शर्तों में अनुचित छूट दिलाई। इसके अलावा, आवश्यक प्रमाण-पत्रों की जांच किए बिना स्वीकृतियां और विशेष रियायती आर्थिक पैकेज दिलाकर कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया।उदयपुर में 20 कॉटेज, अलवर में 20 विला मीडिया रिपोर्टों और ACB की शुरुआती जांच से सामने आई जानकारी के मुताबिक, संपत्तियों की खरीद दो अलग-अलग चरणों में हुई। बयान के अनुसार, उदयपुर स्थित बुझड़ा रिजॉर्ट में अग्रवाल और उनकी पत्नी के नाम पर 10-10 विला 15-15 लाख रुपये में खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है।इसी तरह, अलवर के अजबगढ़ स्थित अनंता रिसॉर्ट में अग्रवाल और उनकी पत्नी के नाम पर आठ विला 16.5-16.5 लाख रुपये में दोनों बेटों के नाम पर चार विला करीब 15-15 लाख रुपये में और सास-ससुर के नाम पर चार विला लगभग 16.5-16.5 लाख रुपये में खरीदे जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि इन संपत्तियों की मार्केट कीमत की तुलना में काफी कम कीमत पर किया गया।एक ही दिन में 20 विला की रजिस्ट्रीगुप्ता के मुताबिक, गोपनीय सूत्रों से यह जानकारी भी सामने आई है कि वित्त विभाग ने ‘गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड’ को 27 मार्च 2026 को विशेष रियायती आर्थिक पैकेज जारी किया था। इसी दिन शिखर अग्रवाल ने 20 विला की रजिस्ट्री कराई थी। ब्यूरो के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह भी प्रतीत हुआ कि अग्रवाल ने विभिन्न पदों पर रहते हुए निजी कंपनी के निदेशकों के साथ कथित आपराधिक मिलीभगत कर कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया।राज्य सरकार को हुआ भारी नुकसानआरोप है कि IAS अधिकारी ने अपने फायदे के लिए राज्य सरकार को भारी आर्थिक नुकसान कराया। इसके अलावा, स्वयं और अपने परिजनों के नाम पर कथित रूप से आय से अधिक संपत्तियां अर्जित किए जाने के तथ्यों की भी विस्तृत जांच आवश्यक पाई गई है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर राजस्थान सरकार ने मामले में विस्तृत जांच की मंजूरी दी है।कौन हैं IAS शिखर अग्रवाल और IPS प्रशाखा माथुर?शिखर अग्रवाल 1993 बैच के राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी हैं। वह राजस्थान सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहे हैं:-- अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग विभाग।- राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष।- उदयपुर जिला कलेक्टर।- राजस्थान के मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव।- RIICO के अध्यक्ष।- निवेश प्रोत्साहन और औद्योगिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विभाग।दिसंबर 2023 में भजनलाल शर्मा के मुख्यमंत्री बनने के बाद फरवरी 2024 में शिखर अग्रवाल को मुख्यमंत्री का अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। उन्होंने नवंबर 2025 तक यह जिम्मेदारी संभाली। प्रशाखा माथुर 1995 बैच की IPS अधिकारी हैं। वह राजस्थान पुलिस मुख्यालय में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) के पद पर तैनात थीं। उनके पास योजना, आधुनिकीकरण और कल्याण से जुड़ी जिम्मेदारियां थीं।ये भी पढ़ें- INDIA bloc Ramlila Maidan Rally: दिल्ली में आज INDIA गठबंधन का हल्लाबोल: रामलीला मैदान किले में तब्दील! 4,000 पुलिसकर्मी और CAPF जवान तैनात
e-Mitra AEPS Service: अब आधार से निकालें बैंक खाते का पैसा, बस इन जरूरी बातों का रखें ध्यान
e-Mitra AEPS Cash Withdrawal: बैंक खाते से पैसे निकालने के लिए अब हर बार बैंक शाखा या एटीएम जाने की जरूरत नहीं है। राजस्थान में ई-मित्र केंद्रों पर उपलब्ध आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) की मदद से पात्र ग्राहक बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए अपने आधार से जुड़े बैंक खाते से नकदी निकाल सकते हैं। हालांकि, इस सुविधा का इस्तेमाल करते समय कुछ जरूरी सावधानियां बरतना बेहद आवश्यक है। ई-मित्र केंद्रों पर मिलती है आधार से पैसे निकालने की सुविधा राजस्थान में सरकारी और डिजिटल सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए ई-मित्र केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन केंद्रों पर कई प्रकार की सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें बैंकिंग से संबंधित सुविधाएं भी शामिल हैं। ई-मित्र राजस्थान ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम यानी AEPS को लेकर उपयोगी जानकारी साझा की है। इस सुविधा के जरिए ग्राहक अपने आधार से जुड़े बैंक खाते से पैसे निकाल सकते हैं। इसके लिए संबंधित बैंक की शाखा में जाना जरूरी नहीं होता, बशर्ते ई-मित्र केंद्र पर AEPS सेवा उपलब्ध हो और ग्राहक का बैंक खाता इस सुविधा के लिए पात्र हो। क्या है AEPS और कैसे करता है काम? AEPS का पूरा नाम Aadhaar Enabled Payment System है। यह आधार आधारित बैंकिंग व्यवस्था है, जिसके माध्यम से ग्राहक अधिकृत बैंकिंग सेवा केंद्रों पर कुछ बुनियादी बैंकिंग लेनदेन कर सकते हैं। इस व्यवस्था में ग्राहक की पहचान आधार से जुड़े बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से की जाती है। सामान्य तौर पर ग्राहक को अपना बैंक चुनना होता है और आवश्यक जानकारी देकर पहचान सत्यापित करवानी होती है। सत्यापन सफल होने और बैंक द्वारा लेनदेन स्वीकृत किए जाने के बाद खाते से निर्धारित राशि निकाली जा सकती है। यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिनके घर के आसपास बैंक शाखा या एटीएम आसानी से उपलब्ध नहीं है। ई-मित्र से आधार के जरिए पैसे कैसे निकालें? अगर आपका बैंक खाता आधार से जुड़ा है और AEPS के लिए सक्रिय है, तो आप संबंधित सेवा उपलब्ध कराने वाले ई-मित्र केंद्र पर जाकर नकद निकासी कर सकते हैं। इसके लिए सामान्य तौर पर निम्न प्रक्रिया अपनाई जाती है: सबसे पहले अपने नजदीकी ऐसे ई-मित्र केंद्र पर जाएं, जहां AEPS की सुविधा उपलब्ध हो। केंद्र संचालक को बताएं कि आप आधार आधारित बैंकिंग सेवा से पैसे निकालना चाहते हैं। आवश्यक आधार और बैंक संबंधी जानकारी उपलब्ध कराएं। अपने बैंक खाते से निकाली जाने वाली राशि बताएं। अधिकृत बायोमेट्रिक डिवाइस पर फिंगरप्रिंट या उपलब्ध अन्य निर्धारित तरीके से पहचान सत्यापित करें। लेनदेन सफल होने पर नकद राशि प्राप्त करें। केंद्र से ट्रांजैक्शन की रसीद जरूर लें और उसमें दर्ज राशि की जांच करें। ध्यान रखें कि केवल आधार कार्ड होने से पैसे निकालने की गारंटी नहीं होती। बैंक खाते की पात्रता, आधार लिंकिंग, बायोमेट्रिक सत्यापन और बैंक की स्वीकृति भी जरूरी है। पैसे निकालने के बाद रसीद लेना क्यों जरूरी है? ई-मित्र राजस्थान ने AEPS सेवा का उपयोग करने वाले ग्राहकों को विशेष रूप से रसीद लेने और निकाली गई रकम की जांच करने की सलाह दी है। रसीद आपके बैंकिंग लेनदेन का महत्वपूर्ण रिकॉर्ड होती है। इसमें ट्रांजैक्शन से संबंधित विवरण उपलब्ध हो सकते हैं, जिनकी मदद से आवश्यकता पड़ने पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। नकद राशि मिलने के बाद उसे तुरंत गिनें और रसीद में दर्ज रकम से मिलान करें। यदि आपके खाते से पैसे कट गए हैं, लेकिन नकदी प्राप्त नहीं हुई है, तो तुरंत संबंधित सेवा केंद्र और बैंक से संपर्क करें। ऐसी स्थिति में ट्रांजैक्शन रेफरेंस नंबर सुरक्षित रखना भी उपयोगी होता है। OTP और बैंकिंग PIN किसी को न बताएं डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी का खतरा भी बना रहता है। इसलिए AEPS सुविधा का उपयोग करते समय बैंकिंग जानकारी की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। ई-मित्र राजस्थान ने स्पष्ट रूप से सलाह दी है कि ग्राहक अपना OTP या PIN किसी दूसरे व्यक्ति को न बताएं। बैंकिंग सुरक्षा के लिए कुछ अतिरिक्त सावधानियां भी अपनाई जा सकती हैं। किसी अनजान व्यक्ति को अपना बैंकिंग PIN, OTP या पासवर्ड न दें। बायोमेट्रिक सत्यापन केवल अधिकृत डिवाइस पर और अपनी जानकारी में कराएं। लेनदेन पूरा होने के बाद बैंक से प्राप्त SMS की जांच करें। बैंक खाते से कटी राशि और प्राप्त नकदी का मिलान करें। बिना जरूरत किसी दूसरे व्यक्ति को अपनी बैंकिंग जानकारी उपलब्ध न कराएं। यदि किसी अनधिकृत लेनदेन का संदेह हो, तो तुरंत बैंक को सूचना दें। वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की शिकायत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 या आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर भी दर्ज कराई जा सकती है। ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए उपयोगी सुविधा AEPS जैसी डिजिटल बैंकिंग सुविधाएं उन क्षेत्रों में विशेष रूप से उपयोगी हैं, जहां बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच सीमित है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों, श्रमिकों और अन्य खाताधारकों के लिए अधिकृत सेवा केंद्र से नकदी निकालना सुविधाजनक विकल्प हो सकता है। इससे बैंक शाखा तक यात्रा करने की आवश्यकता कम हो सकती है। हालांकि, नकद उपलब्धता, बैंक की निर्धारित सीमा और सेवा केंद्र पर सुविधा की स्थिति के अनुसार लेनदेन संभव होगा। AEPS इस्तेमाल करने से पहले इन बातों को भी समझें आधार आधारित बैंकिंग सेवा का इस्तेमाल करने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आपका बैंक खाता आधार से सही तरीके से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा, बैंक द्वारा AEPS सुविधा पर कोई प्रतिबंध या सुरक्षा नियंत्रण लागू होने की स्थिति में लेनदेन प्रभावित हो सकता है। यदि बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण बार-बार असफल हो रहा है, तो संबंधित बैंक या अधिकृत सहायता केंद्र से जानकारी प्राप्त करें। ग्राहकों को किसी भी लागू सेवा शुल्क के बारे में भी लेनदेन से पहले जानकारी लेनी चाहिए। निष्कर्ष राजस्थान के ई-मित्र केंद्रों पर उपलब्ध AEPS सेवा बैंकिंग सुविधाओं को आम लोगों तक पहुंचाने का एक उपयोगी माध्यम है। इसके जरिए पात्र ग्राहक आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद अपने बैंक खाते से नकदी निकाल सकते हैं। हालांकि, सुविधा के साथ सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। हर लेनदेन के बाद रसीद लेना, रकम का मिलान करना और OTP या PIN गोपनीय रखना ग्राहकों को संभावित वित्तीय नुकसान से बचाने में मदद कर सकता है। Source Credit: e-Mitra Rajasthan (@eMitraRajasthan), आधिकारिक X पोस्ट। मूल स्रोत: https://x.com/eMitraRajasthan/status/2116483570500005946 नोट: यह लेख ई-मित्र राजस्थान द्वारा साझा की गई AEPS संबंधी जानकारी और सामान्य बैंकिंग सुरक्षा प्रक्रियाओं पर आधारित है। सेवा की उपलब्धता और लेनदेन की शर्तें संबंधित बैंक एवं अधिकृत सेवा केंद्र के अनुसार अलग हो सकती हैं।
राष्ट्र स्तरीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम में डॉ. अस्मिता ने किया राजस्थान का प्रतिनिधित्व
हनुमान नगर | विद्यालयी शिक्षा में व्यावसायिक शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षकों की व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से 26 से 30 अक्टूबर तक मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में पांच दिन का राष्ट्र स्तरीय शिक्षक क्षमता संवर्धन कार्यक्रम हुआ। आयोजन राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, नई दिल्ली के तत्वावधान में हुआ। कार्यक्रम पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान, भोपाल के निर्देशन में आयोजित किया गया। राजस्थान के विभिन्न जिलों से चयनित शिक्षकों ने सहभागिता की। इसमें भीलवाड़ा जिले के एम जी जी एस शाहजी मोहल्ला में कार्यरत शिक्षक डॉ. अस्मिता मिश्रा ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. मिश्रा ने राजस्थान में व्यावसायिक शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तर पर हो रहे नवाचार, पहल, विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रमों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया। उन्होंने प्रदेश में संचालित ऐसी अभिनव शैक्षिक पहलों को भी साझा किया, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय, अन्य राज्यों के लिए आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने व्यापक कार्य शिक्षा कार्यक्रम के उद्देश्य, क्रियान्वयन, शैक्षिक महत्व पर भी प्रस्तुति दी। प्रशिक्षण राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-विद्यालयी शिक्षा 2023 एन सीएफ-एस 2023 के अनुरूप आयोजित हुआ। उद्देश्य मध्य स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा के क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों की क्षमता विकसित करना रहा। इसमें कौशल आधारित शिक्षा, अनुभवात्मक अधिगम, व्यावसायिक दक्षताओं का विकास, विद्यालयी शिक्षा में व्यावसायिक गतिविधियों के समावेशन पर विशेष बल दिया गया। सहभागिता को राजस्थान के शैक्षिक नवाचार, उत्कृष्ट कार्यों को राष्ट्रीय मंच पर रखने, अन्य राज्यों के साथ अनुभवों के आदान-प्रदान की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया।
राजस्थान के पंचायत चुनाव में जेन-जी का प्रभाव दिखा, जहां राजसमंद के पिपलांत्री गांव में 28 वर्षीय नवीन पालीवाल ने पद्मश्री श्यामसुंदर पालीवाल को 492 वोटों से हराया।
Rajasthan में दिव्यांगों के लिए समान अवसर नीति लागू, 75 करोड़ की पेंशन DBT से जारी
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के मूलमंत्र के साथ दिव्यांगों के सशक्तीकरण के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प ऐसा राजस्थान बनाना है जहां हर दिव्यांग को सम्मान, स्वावलंबन और समान अवसर मिलें। वे यहां ‘सपनों की उड़ान-असंभव कुछ भी नहीं’ कार्यक्रम के तहत दिव्यांग युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। शर्मा ने कहा, हौसले की उड़ान कभी शारीरिक सीमाओं की मोहताज नहीं होती। मन में दृढ़ संकल्प, हृदय में कुछ कर गुजरने का जज्बा और प्रयासों में निरंतरता हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है और यही युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी पूंजी है। शर्मा ने कहा कि युवाओं के पास ऊर्जा है, नए विचार हैं, कुछ नया करने का जुनून है और असंभव को संभव बनाने का साहस है। उन्होंने आह्वान किया कि वे सभी अपने बुलंद हौसलों के साथ आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए सारथी बनकर उनके साथ खड़ी है। आधिकारिक बयान के अनुसार इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न पहलों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने दिव्यांगों के लिए समान अवसर नीति लागू की है। उन्होंने कहा कि दो लाख 71 हजार यूडीआईडी कार्ड जारी करने के साथ ही अनुजा निगम द्वारा दिव्यांगों समेत विभिन्न श्रेणी के सात हजार व्यक्तियों को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध करवाया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन (दिव्यांगजन) के साढ़े पांच लाख से अधिक लाभार्थियों के लिए 75 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की और दिव्यांगों को सहायक उपकरण वितरित किए। उन्होंने खेल जगत में प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले दिव्यांग खिलाड़ियों मोना अग्रवाल, सृष्टि अरोड़ा, कृष्णा नागर और दिव्यांगों के सशक्तीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पदम भूषण डी.आर. मेहता का सम्मान किया।
Rajasthan के Kota में सरपंच चुनाव मतगणना के दौरान Election Officer की Heart Attack से मौत
राजस्थान में कोटा जिले की कुकड़ाखुर्द ग्राम पंचायत के सरपंच चुनाव के दौरान निर्वाचन अधिकारी के पद पर तैनात एक सहायक अभियंता की शुक्रवार रात मतगणना के दौरान कथित तौर पर दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, कि कोटा ताप विद्युत संयंत्र में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत सुरेश मीणा जिले के कनवास इलाके के मूल निवासी थे। वह अपने परिवार के साथ कोटा में रह रहे थे और शुक्रवार को कुकड़ाखुर्द ग्राम पंचायत में सरपंच चुनाव के दौरान निर्वाचन अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार रात जब मतगणना की जा रही थी, तभी मीणा अचानक चक्कर आने से गिर पड़े। उन्होंने कहा कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें तुरंत ‘सीपीआर’ दिया और उन्हें मोडक अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों के अनुसार, चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें एसआरजी अस्पताल, झालावाड़ में स्थानांतरित कर दिया, जहां डॉक्टरों ने रात करीब नौ बजे दोबारा सीपीआर दिया और बिजली के झटके दिए, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस आपात स्थिति के कारण मतगणना का काम कुछ समय के लिए बाधित रहा। इसके बाद अतिरिक्त निर्वाचन अधिकारी और अन्य कर्मियों ने प्रक्रिया को दोबारा शुरू कराया और देर रात नतीजे घोषित किए, जिसमें संदीप सिंह 195 मतों के अंतर से सरपंच चुने गए। मीणा के शव को बाद में कोटा के नए मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, जहां शनिवार सुबह पोस्टमॉर्टम किया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि मीणा के परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। मोडक थाना प्रभारी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि पुलिस ने मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दीपक आगाल दक्षिणी राजस्थान माहेश्वरी युवा संगठन के अध्यक्ष निर्वाचित
सावा माहेश्वरी भवन में आयोजित निर्वाचन में छह जिलों के प्रतिनिधियों ने लिया भाग, तरुण सोमानी बने प्रदेश महामंत्री
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में इन दिनों पंचायत चुनाव हो रहे हैं। दूसरे चरण का मतदान हो चुका है। अलवर जिले के राजपुरबड़ा गांव में बड़ी खबर आई है। यहां देर रात सरपंच चुनाव के नतीजे आने के बाद आज सुबह जमकर हंगामा हुआ। खबरों के अनुसार, राजपुरबड़ा ग्राम पंचायत में सरपंच पद का चुनाव हारने वाले प्रत्याशी और उसके समर्थकों द्वारा पुलिस पर पथराव किए जाने का मामला सामने आया है। खबरों के अनुसार, अचानक हुए पथराव में डीएसपी देशराज कुलदीप और एएसआई कामम खान के सिर में चोट लगी। वहीं, दो कांस्टेबलों के भी घायल होने की खबर है। लोगों की ओर से पुलिस की गाड़ी और बाइकों में भी तोड़फोड़ की गई। हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज का सहारा लिया। आपको बता दें कि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से ही हारे प्रत्याशी और उसके समर्थकों की ओर से विरोध शुरू किया गया था। इस विरोध प्रदर्शन ने आज सुबह उग्र रूप ले लिया। सरपंच पद के प्रत्याशी रहे महेंद्र कुमार शर्मा ने कुल 319 वोट कम गिने जाने का आरोप लगाया है। आपत्ति पर शिकायत पर सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद सरपंच पद के विजेता का ऐलान किए जाने पर समर्थकों ने पूरी रात विरोध-प्रदर्शन किया। PC:etvbharat
महेंद्रगढ़ जिला पुलिस ने फरार आरोपियों और अदालत द्वारा घोषित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एक घोषित अपराधी (पीओ) को गिरफ्तार किया है। आरोपी वर्ष 2019 में थाना सदर नारनौल में दर्ज सड़क दुर्घटना में मृत्यु से संबंधित मामले में अदालत द्वारा घोषित अपराधी था। पुलिस ने उसे 30 अक्टूबर को गिरफ्तार किया। डीएसपी मुख्यालय भारत भूषण ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान हमीद खान निवासी गांव समली खुर्द, थाना लक्ष्मणगढ़, राजस्थान के रूप में हुई है। उसके खिलाफ थाना सदर नारनौल में वर्ष 2019 में सड़क दुर्घटना में मृत्यु से संबंधित मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में अदालत में पेश नहीं होने के कारण उसे घोषित अपराधी (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर) घोषित किया गया था। एसआई गोविंद सिंह के नेतृत्व में की कार्रवाई डीएसपी ने बताया कि थाना सदर नारनौल के अंतर्गत पुलिस चौकी गहली की टीम आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। उपनिरीक्षक गोविंद सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया। अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में जिला जेल नसीबपुर भेज दिया गया। फरार आरोपियों की धरपकड़ जारी जिला पुलिस महेंद्रगढ़ की ओर से फरार आरोपियों और अदालत द्वारा घोषित अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अदालत की कार्रवाई से बचने के लिए फरार रहने वाले आरोपियों को भी तलाश कर कानून के दायरे में लाया जाएगा।
उमरिया जिला मुख्यालय के स्टेडियम में शनिवार को 70वीं राष्ट्रीय शालेय हैंडबॉल प्रतियोगिता का समापन हुआ। पांच दिन चली इस प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग राज्यों की 32 टीमों ने हिस्सा लिया। मुकाबले बालक अंडर-14 वर्ग में हुए। बिहार, मणिपुर और राजस्थान समेत कई राज्यों की टीमें शामिल हुईं। शनिवार को फाइनल मुकाबला मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच खेला गया। मध्य प्रदेश ने राजस्थान को हराकर प्रतियोगिता जीती। राजस्थान की टीम उपविजेता रही। मैच देखने के लिए खेल प्रेमी स्टेडियम पहुंचे। शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित प्रतियोगिता के समापन समारोह में डिप्टी कलेक्टर प्रत्यूष श्रीवास्तव और विधायक शिवनारायण सिंह मौजूद रहे। अतिथियों ने विजेता मध्य प्रदेश और उपविजेता राजस्थान की टीमों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।
भरतपुर के वशिष्ठ शर्मा का राजस्थान अंडर-16 टीम में चयन, विजय मर्चेंट ट्रॉफी में दिखाएंगे दम
भरतपुर के वशिष्ठ शर्मा का अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी के लिए राजस्थान की 15 सदस्यीय टीम में चयन हुआ है। निचल शर्मा पहले सुरक्षित खिलाड़ी बने हैं। राजस्थान का पहला मुकाबला 14 नवंबर को गोवा से होगा।
मुख्य सचिव ने राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन केंद्र का किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन को सुदृढ़ बनाने तथा आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा
Government Job Alert: राजस्थान में 3,453 पदों पर भर्ती का मौका, रेलवे में 2,008 अप्रेंटिस वैकेंसी; नवंबर में इन भर्तियों की आवेदन प्रक्रिया होगी पूरी
Weather Alert: राजस्थान में आज कुछ जिलों में बारिश के आसार, 1 नवंबर से बदलेगा मौसम; सुबह-शाम बढ़ेगी ठंड, जानें IMD का ताजा अपडेट
Petrol-Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जयपुर में नहीं हुआ कोई बदलाव; जानें राजस्थान के प्रमुख शहरों में आज का भाव
Rajasthan Weather Today: राजस्थान में अक्टूबर के आखिरी दिन मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 31 अक्टूबर को कोटा और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम.
राजस्थान पंचायत चुनाव में एक से एक सोशल मीडिया स्टार को हार का सामना करना पड़ रहा है. अब भीलवाड़ा के सोशल मीडिया स्टार पवन साहू को पंचायत चुनाव में करारी हार झेलनी पड़ी है. उनके करोड़ों में फॉलोअर्स है, लेकिन वोट मात्र 277 मिले.
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शुक्रवार को कोटा के दौरे पर रहे। यहां आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ कार्यक्रम में उन्होंनेे कांग्रेस को निशाने पर लिया है। इस संबंध में सीएम भजनलाल ने एक्स के माध्यम से कहा कि लोकतंत्र की दुहाई देने वाली कांग्रेस का इतिहास ही लोकतांत्रिक मूल्यों के दमन और संवैधानिक मर्यादाओं के उल्लंघन से भरा रहा है। मीडिया रिपोटर्स की माने तो देश ने आपातकाल का काला दौर भी देखा है और कांग्रेस की स्वार्थपरक राजनीति के दुष्परिणाम भी भुगते हैं। आज भी जनता सब देख रही है कि किस प्रकार कांग्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर अराजकता का वातावरण बनाने का प्रयास कर रही है। लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ कार्यक्रम के अंतर्गत सेवेन वंडर्स पार्क से छावनी चौराहे तक आयोजित पदयात्रा में सीएम भजनलाल ने सहभागिता की। उन्होंने कहा कि देश का लोकतांत्रिक इतिहास कांग्रेस के सत्ता मोह, आपातकाल और संवैधानिक व्यवस्थाओं के साथ किए गए खिलवाड़ का साक्षी रहा है। आज भी कांग्रेस अपनी राजनीतिक स्वार्थसिद्धि के लिए जनविश्वास और लोकतांत्रिक संस्थाओं को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। pc- sj
Rajasthan: आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल के खिलाफ सरकार ने दिए एसीबी जांच के आदेश, मुश्किले बढ़ना तय
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ना तय हो गया है। उनके खिलाफ एसीबी जांच करेगी। उन पर पद के दुरुपयोग, निजी कंपनी को अनुचित फायदा पहुंचाने और कंपनी के रिसॉर्ट में खुद व परिजनों के नाम पर संपत्तियां खरीदने के आरोप है। अब इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) जांच करेगी। मीडिया रिपोटर्स की माने तो सरकार ने उनके खिलाफ जांच की मंजूरी दे दी है। लगे हैं ये आरोप मीडिया रिपोटर्स की माने तो शिखर अग्रवाल द्वारा निजी कंपनी गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों से कथित आपराधिक मिलीभगत कर अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करने, खुद को और कंपनी को अनुचित फायदा पहुंचाने और राज्य सरकार को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाने के तथ्य प्राथमिक तौर पर सामने आए हैं। इस संबंध में राजस्थान सरकार द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 की धारा 17-ए के अंतर्गत विस्तृत जांच (अनुसंधान) के लिए पूर्वानुमोदन प्रदान किया गया है। एसीबी करेगी जांच खबरों की माने तो एसीबी के डीजी गोविंद गुप्ता ने बताया, मीडिया में आई रिपोर्ट्स और उद्योग विभाग से प्राप्त तथ्यात्मक रिपोर्ट का ब्यूरो द्वारा समग्र परीक्षण एवं विश्लेषण किया गया। इसके अतिरिक्त गोपनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के आधार पर प्रारंभिक स्तर पर सामने आए तथ्यों के संबंध में प्राथमिक जांच दर्ज कर विस्तृत जांच किया जाना उचित पाया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि शिखर अग्रवाल ने राजस्थान में जिला कलेक्टर, उदयपुर, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अध्यक्ष तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग एवं अन्य विभागों के पदों पर रहते हुए कथित रूप से अपने पद एवं प्रभाव का दुरुपयोग किया। pc- x.com
दिल्ली: लापता महिला राजस्थान के भिवाड़ी से मिली, पुलिस ने परिवार से मिलवाया
दिल्ली पुलिस ने राजस्थान के भिवाड़ी से एक 26 वर्षीय लापता महिला को ढूंढ निकाला है। महिला को उसके पति और 3.5 साल की बेटी से मिलवाया। मूल रूप से दरभंगा, बिहार की रहने वाली महिला थी और 5 सितंबर से लापता थी।
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान की भजनलाल सरकार ने भी कर्मचारियों और पेंशनर्स को दीपावली से पहले बड़ी सौगात दी है। सीएम भजनलाल शर्मा ने सातवें वेतनमान के तहत महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में 3 प्रतिशत की वृद्धि को स्वीकृति देकर कर्मचारियों और पेंशनर्स को दीपावली का तोहफा दिया है। डीए में हुई बढ़ोतरी सरकार के इस कदम से महंगाई राहत 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा। इसके साथ ही करीब 6 लाख पात्र कर्मचारियों को तदर्थ बोनस देने का भी निर्णय भजनलाल सरकार ने लिया है। डीए में बढ़ोतरी का प्रदेश के 7 लाख से अधिक कर्मचारी और 5 लाख से अधिक पेंशनर्स को फायदा होगा। भजनलाल सरकार के इस कदम से चालू वित्त वर्ष में राज्य सरकार पर करीब 820 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) बढ़ी हुई दर 1 जुलाई, 2026 से प्रभावी होगी। जुलाई से अक्टूबर तक की चार महीने की बकाया राशि कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) खातों में सरकार की ओर से जमा कराई जाएगी। वहीं नवंबर के वेतन के साथ बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता कर्मचारियों को नकद दिया जाएगा। करीब 6 लाख पात्र कर्मचारियों को मिलेगा तदर्थ बोनस मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने करीब 6 लाख पात्र कर्मचारियों को तदर्थ बोनस देने की भी स्वीकृति दी। इसका लाभ पे-मैट्रिक्स लेवल एल-12 या उससे नीचे अथवा 4800 रुपए या उससे कम ग्रेड पे वाले कर्मचारियों को मिलेगा। इससे चालू वित्त वर्ष में करीब 406 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार सरकार पर पड़ेगा। बोनस राशि का 75 प्रतिशत हिस्सा नकद और शेष 25 प्रतिशत कर्मचारियों के जीपीएफ खातों में जमा होगा। pc- newsbytesapp.com
करणी माता मंदिर बीकानेर: राजस्थान का अनोखा मंदिर, जहां चूहों को माना जाता है पवित्र, वीडियो में जानिए 600 साल पुराना इतिहास
DA Hike News: राजस्थान सरकार ने दिवाली से पहले सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के DA और DR में 3% बढ़ोतरी को मंजूरी दी है. अब महंगाई भत्ता 60% से बढ़कर 63% होगा. जानें सैलरी, एरियर और बोनस से जुड़ी हर डीटेल.
Weather Update: अर्नब तूफान से बिगड़ा मौसम, राजस्थान में ओलावृष्टि तो उत्तराखंड में बर्फबारी; आंध्र प्रदेश में नए चक्रवात का खतरा
मौसम अपडेट: राजस्थान में थमेगा बारिश का दौर, अगले सात दिन मौसम रहेगा शुष्क; सुबह-शाम बढ़ेगी ठंड
राजस्थान में अक्टूबर के आखिरी दिनों के साथ मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार पश्चिमी राजस्थान में 31 अक्टूबर और पूर्वी राजस्थान में 1 नवंबर से मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
Rewari News: हाईवे पर डंपरों से टकराई राजस्थान रोडवेज की बस, पांच यात्री घायल
Rajasthan Roadways bus collides with dumpers on highway; five passengers injured
Rajasthan सरकार ने IAS शिखर अग्रवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार जांच को दी मंजूरी
राजस्थान सरकार ने सरकारी पद के दुरुपयोग और एक निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी शिखर अग्रवाल और अन्य लोगों के खिलाफ जांच को मंजूरी दी है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) इस मामले की विस्तृत जांच करेगा। एसीबी के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने एक बयान में बताया कि राजस्थान सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 की धारा 17-ए के तहत विस्तृत जांच के लिए पूर्वानुमोदन प्रदान किया है। मामले में आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल (तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग विभाग), निजी कंपनी ‘गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड’ के निदेशकों और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जाएगी। गुप्ता ने कहा कि राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी अग्रवाल द्वारा ‘गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड’ के निदेशकों के साथ कथित आपराधिक मिलीभगत कर अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करने के प्रथम दृष्टया तथ्य सामने आए हैं। आरोप है कि उन्होंने स्वयं और संबंधित कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया तथा राज्य सरकार को भारी आर्थिक नुकसान कराया। उन्होंने बताया कि ब्यूरो ने मीडिया में आई एक खबर और उद्योग विभाग से प्राप्त तथ्यात्मक रिपोर्ट का समग्र परीक्षण एवं विश्लेषण किया। इसके अलावा, गोपनीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर प्रारंभिक स्तर पर सामने आए तथ्यों के संबंध में प्राथमिक जांच दर्ज कर विस्तृत पड़ताल करना उचित पाया गया। बयान के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अग्रवाल ने राजस्थान में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए कथित तौर पर अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग किया जिनमें उदयपुर के जिला अधिकारी, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अध्यक्ष और उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव समेत अन्य पद शामिल हैं। आरोप है कि उन्होंने निजी कंपनी ‘गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड’ के निदेशकों के साथ मिलीभगत कर कंपनी को रिजॉर्ट निर्माण संबंधी शर्तों में अनुचित छूट दिलाई। इसके अलावा, आवश्यक प्रमाण-पत्रों की जांच किए बिना स्वीकृतियां और विशेष रियायती आर्थिक पैकेज दिलाकर कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया। बयान के अनुसार, उदयपुर स्थित बुझड़ा रिजॉर्ट में अग्रवाल और उनकी पत्नी के नाम पर 10-10 विला 15-15 लाख रुपये में खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है। इसी तरह, अलवर के अजबगढ़ स्थित अनंता रिसॉर्ट में अग्रवाल और उनकी पत्नी के नाम पर आठ विला 16.5-16.5 लाख रुपये में, दोनों पुत्रों के नाम पर चार विला करीब 15-15 लाख रुपये में और सास-ससुर के नाम पर चार विला लगभग 16.5-16.5 लाख रुपये में खरीदे जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि इन संपत्तियों का क्रय बाजार मूल्य की तुलना में काफी कम कीमत पर किया गया। गुप्ता के मुताबिक, गोपनीय सूत्रों से यह जानकारी भी सामने आई है कि वित्त विभाग ने ‘गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड’ को 27 मार्च 2026 को विशेष रियायती आर्थिक पैकेज जारी किया था। इसी दिन शिखर अग्रवाल ने 20 विला की रजिस्ट्री कराई थी। ब्यूरो के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह भी प्रतीत हुआ कि अग्रवाल ने विभिन्न पदों पर रहते हुए निजी कंपनी के निदेशकों के साथ कथित आपराधिक मिलीभगत कर कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया और राज्य सरकार को भारी आर्थिक नुकसान कराया। इसके अतिरिक्त, स्वयं और अपने परिजनों के नाम पर कथित रूप से आय से अधिक संपत्तियां अर्जित किए जाने के तथ्यों की भी विस्तृत जांच आवश्यक पाई गई है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर राजस्थान सरकार ने मामले में विस्तृत जांच की मंजूरी दी है।
राजस्थान सरकार द्वारा संचालित जन आधार कार्ड राज्य के नागरिकों के लिए सभी सामाजिक सुरक्षा व लोक कल्याणकारी योजनाओं का मुख्य आधार है। सरकार ने परिवार के सभी सदस्यों की पहचान सत्यापित करने और डेटा पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जन आधार ई-केवाईसी (Jan Aadhar e-KYC) प्रक्रिया को अनिवार्य किया है। यदि किसी परिवार की ई-केवाईसी अधूरी रहती है, तो राशन वितरण, छात्रवृत्ति, पेंशन, मुफ्त इलाज तथा अन्य सरकारी नकद अंतरण योजनाओं का लाभ रुक सकता है। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए ई-मित्र केंद्र जाने या लंबी लाइनों में लगने की आवश्यकता नहीं है; नागरिक अपने स्मार्टफोन और राजस्थान एसएसओ (SSO) आईडी की मदद से घर बैठे इसे पूरा कर सकते हैं।जन आधार ई-केवाईसी क्या है और यह क्यों अनिवार्य हैजन आधार ई-केवाईसी एक डिजिटल प्रमाणीकरण प्रक्रिया है, जिसके अंतर्गत परिवार के सदस्यों के नाम, जन्मतिथि, लिंग और फोटो का मिलान केंद्रीय पहचान डेटाबेस से किया जाता है। परिवार के मुखिया तथा 5 वर्ष से अधिक उम्र के प्रत्येक सदस्य की ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य है। 5 वर्ष से छोटे बच्चों के लिए जन्म प्रमाण पत्र के माध्यम से सत्यापन किया जाता है। एक बार ई-केवाईसी पूरी होने के बाद सदस्य का नाम, जन्मतिथि और जेंडर लॉक हो जाता है, जिससे फर्जीवाड़े की संभावना खत्म हो जाती है। जन आधार कार्ड में किसी भी प्रकार का संशोधन, नए सदस्य को जोड़ना या परिवार विभाजन तभी संभव होता है, जब परिवार की ई-केवाईसी पूरी हो।ई-केवाईसी के लिए जरूरी दस्तावेज और आवश्यक शर्तेंमोबाइल से प्रक्रिया शुरू करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि परिवार के सभी संबंधित सदस्यों का पहचान पत्र सक्रिय हो और उससे जुड़ा हुआ मोबाइल नंबर चालू स्थिति में हो। प्रमाणीकरण हेतु एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है। यदि किसी सदस्य के पहचान पत्र में मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, तो उन्हें बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट/आईरिस) सत्यापन के लिए नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाना होगा। इसके अलावा, परिवार की 10-अंकों वाली जन आधार संख्या या 22-अंकों की जन आधार नामांकन रसीद संख्या पास में होनी चाहिए।मोबाइल से SSO पोर्टल के जरिए ई-केवाईसी करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीकाअपने स्मार्टफोन के वेब ब्राउज़र में राजस्थान सिंगल साइन-ऑन की आधिकारिक वेबसाइट (sso.rajasthan.gov.in) खोलें।अपनी SSO ID (डिजिटल आइडेंटिटी), पासवर्ड और स्क्रीन पर दिए गए कैप्चा कोड को दर्ज करके 'Login' करें। यदि आपकी एसएसओ आईडी नहीं बनी है, तो 'Registration' विकल्प से नई आईडी बनाएं।लॉगिन के बाद डैशबोर्ड पर 'Citizen Apps (G2C)' सेक्शन में जाएं और 'Jan Aadhaar' ऐप आइकन पर क्लिक करें।जन आधार डैशबोर्ड खुलने पर 'Enrollment' टैब चुनें और फिर सब-मेन्यू में से 'Family e-KYC' विकल्प पर क्लिक करें।स्क्रीन पर अपनी जन आधार संख्या या रसीद संख्या दर्ज करें और 'खोजें' (Search) बटन दबाएं।परिवार के मुखिया के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक वेरिफिकेशन ओटीपी आएगा, उसे दर्ज कर सहमति (Consent) को स्वीकार करें।अब स्क्रीन पर परिवार के सभी सदस्यों की सूची प्रदर्शित होगी; जिस सदस्य की ई-केवाईसी बाकी है, उसका चयन करें और 'e-KYC' बटन पर क्लिक करें।सदस्य के पंजीकृत मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी को दर्ज करके सत्यापित करें। सत्यापन सफल होते ही सदस्य की जानकारी और फोटो डेटाबेस से स्वतः अपडेट हो जाएगी। इसी प्रकार परिवार के अन्य सदस्यों की प्रक्रिया पूरी करें।ई-केवाईसी स्टेटस चेक करना और महत्वपूर्ण सावधानियांपरिवार के सभी सदस्यों की ई-केवाईसी पूर्ण करने के बाद पोर्टल पर स्टेटस की जांच अवश्य कर लें। उसी Family e-KYC पेज पर सभी सदस्यों के नाम के आगे 'e-KYC Completed' लिखा हुआ प्रदर्शित होना चाहिए। ई-केवाईसी करने से पहले यह जांच लें कि परिवार के पहचान रिकॉर्ड में नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि और जेंडर सही दर्ज हैं, क्योंकि ई-केवाईसी होते ही जन आधार में वही डेटा स्वतः अपडेट हो जाता है। किसी भी प्रकार के ओटीपी को अनजान व्यक्तियों के साथ साझा न करें। सफल ई-केवाईसी के 24 से 48 घंटों के भीतर जन आधार पोर्टल पर डेटा पूरी तरह सिंक हो जाता है और आप नया ई-कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।
दिवाली का तोहफा: राजस्थान सरकार ने महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी की
jaipur, 30 अक्टूबर . Rajasthan के Chief Minister भजनलाल शर्मा ने दिवाली से पहले राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ा तोहफा दिया है. उन्होंने महंगाई भत्ते (डीए) और…
एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं, कांग्रेस शासन में 10 बार हो चुका है: मदन राठौड़
jaipur, 30 अक्टूबर . Rajasthan भाजपा अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का बचाव करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया…
वाराणसी-साबरमती रेल एक्सप्रेस राजस्थान के 13 स्टेशनों पर करेगी ठहराव
जयपुर। राजस्थान के रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। वाराणसी और साबरमती के बीच नई दैनिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस रेलसेवा शुरू की जा रही है। यह ट्रेन राजस्थान के 13 रेलवे स्टेशनों पर ठहराव करेगी। इससे अजमेर, ब्यावर, जयपुर, किशनगढ़, आबूरोड, फालना और भरतपुर सहित प्रदेश के कई शहरों के यात्रियों को गुजरात और उत्तर […] The post वाराणसी-साबरमती रेल एक्सप्रेस राजस्थान के 13 स्टेशनों पर करेगी ठहराव appeared first on Sabguru News .
पीएम-किसान योजना के तहत राजस्थान के 66 लाख से अधिक किसानों को मिला लाभ: सीएम भजनलाल शर्मा
पीएम-किसान योजना के तहत राजस्थान के 66 लाख से अधिक किसानों को मिला लाभ: सीएम भजनलाल शर्मा
पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी, राजस्थान के 66.59 लाख किसानों को मिले 1,335 करोड़
गुजरात के बनासकांठा से पीएम मोदी ने 9.34 करोड़ किसानों के खातों में राशि भेजी, राजस्थान के 66.59 लाख किसान परिवारों को भी मिला फायदा।
खेलो राजस्थान गेम्स 2026 का 1 दिसंबर से होगा आगाज, 16 नवंबर तक कराएं पंजीकरण
राजस्थान में खेलो राजस्थान गेम्स 2026 का शुभारंभ 1 दिसंबर से होगा। 12 खेलों की प्रतियोगिताएं तीन चरणों में ग्राम पंचायत से राज्य स्तर तक आयोजित होंगी। जानें पंजीकरण की अंतिम तिथि, आवेदन प्रक्रिया और सभी खेलों का कार्यक्रम।
PC: ANI राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और सीनियर कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने गुरुवार को राजधानी जयपुर में बढ़ते क्राइम का आरोप लगाते हुए राज्य की BJP सरकार पर निशाना साधा। एक X पोस्ट में, गहलोत ने राजस्थान के पूर्व मंत्री और BJP नेता प्रताप सिंह सिंघवी के घर हुई कथित चोरी को फ़्लैग किया। उन्होंने अक्टूबर में शहर में चोरी और महिलाओं के खिलाफ़ क्राइम की कई घटनाओं को भी याद किया। गहलोत ने लिखा, “राज्य की राजधानी जयपुर में लॉ एंड ऑर्डर की हालत खराब है। राज्य की राजधानी जयपुर में लगातार हो रहे क्राइम आम जनता में डर पैदा कर रहे हैं। जामडोलीबा में बुधवार रात पांच बदमाशों ने दो ज्वैलर भाइयों पर लोहे की रॉड और डंडों से हमला करके 20 लाख रुपये लूट लिए। जब एक महिला ने बदमाशों का पीछा किया, तो उन्होंने उस पर गोली चला दी। इसी महीने की 1 तारीख को टोंक रोड पर एक घड़ी के शोरूम से 5 करोड़ रुपये की चोरी हुई।” सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने BJP से कहा कि वह एडवर्टाइजमेंट पर खर्च करने के बजाय राज्य में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति पर ध्यान दे। X पोस्ट में लिखा था- “सिविल लाइंस, जिसे जयपुर का सबसे सुरक्षित इलाका माना जाता है और जहां गवर्नर और मुख्यमंत्री के घर हैं, वहां पूर्व मंत्री श्री प्रताप सिंह सिंघवी के घर पर चोरी की खबर है। जब चोर सबसे सुरक्षित इलाके में घुस सकते हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या भरोसा? कुछ दिन पहले जयपुर के सेंट्रल पार्क से एक बिजनेसमैन को किडनैप कर लिया गया था। BJP सरकार को करीब तीन साल हो गए हैं। अब, एडवर्टाइजमेंट पर करोड़ों खर्च करने से हटकर लॉ एंड ऑर्डर पर ध्यान दें—आम लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाएं।” कल रात, कथित तौर पर, जयपुर के सिविल लाइंस में प्रताप सिंह सिंघवी के घर से कैश और आर्टिफिशियल ज्वेलरी की चोरी हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
चक्रवात ‘अर्नब’ का असर : राजस्थान के 28 जिलों में बारिश, येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी
jaipur, 30 अक्टूबर . चक्रवात ‘अर्नब’ का असर Rajasthan में लगातार देखने को मिल रहा है. प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि…
चक्रवात 'अर्नब' का असर : राजस्थान के 28 जिलों में बारिश, येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी
चक्रवात 'अर्नब' का असर राजस्थान में लगातार देखने को मिल रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि हो रही है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए 28 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मंदसौर में राजस्थान सीमा पर सिंथेटिक दूध का काला कारोबार, छह महीने में चार फैक्ट्रियां सील
राजस्थान से लगे सीमावर्ती गांवों में सिंथेटिक (नकली) दूध का जानलेवा कारोबार तेजी से पैर पसार रहा है। इसे रोकने की असली जिम्मेदारी जिला प्रशासन और खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की थी, लेकिन उनकी घोर सुस्ती के बीच पुलिस ने मोर्चा संभाला है।
अदालत ने चेतावनी दी कि तय समय में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो मुख्य सचिव, प्रमुख विधि सचिव और वित्त सचिव को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर देरी का कारण बताना होगा।
कैथल के कलायत में नेशनल हाइवे 152 पर तेल से भरे एक टैंकर ने सड़क पर खड़े ट्रक को पीछे से टक्कर मार दी। ट्रक में टक्कर लगने के बाद टैंकर में अचानक से आग लग गई। टैंकर में मिथनॉल ऑयल भरा हुआ था। हादसे में टैंकर का ड्राइवर केबिन के अंदर ही जिंदा जल गया और उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान राजस्थान के सोंगरावास, जिला जालौर निवासी करीब 42 वर्षीय पीरा राम के रूप में हुई है। वह राजस्थान से ऑयल लेकर आया था और अंबाला जा रहा था। जैसे ही वह गांव शिमला के पास पहुंचा तो यह हादसा हो गया। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया राहगीरों ने जैसे ही हादसा हाेते देखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए कैथल के नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। फायर ब्रगेड की गाड़ियों को मौके पर बुलाकर आग पर काबू पाया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। ड्राइवर अंदर ही जल गया कलायत थाना एसएचओ रणदीप सिंह ने बताया कि पुलिस को डायल 112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि गांव शिमला के पास टैंकर में आग लग गई है। सूचना पाकर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। यहां आकर देखा तो पाया कि टैंकर और ट्रक में आग लगी हुई थी। जांच में पता चला कि, सड़क पर खड़े ट्रक में धान की फसल लदी हुई थी। ड्राइवर नीचे उतरकर टायर चेक कर रहा था। पीछे से आ रहे टैंकर ने ट्रक को टक्कर मार दी। इससे टैंकर में आग लग गई। जिससे ड्राइवर मौके पर ही आग में जल गया। पुलिस ने फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। थाना प्रभारी रणदीप सिंह ने बताया कि पुलिस द्वारा मामले में परिजनों के बयान दर्ज कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे आर्थिक रूप से कमजोर और आरक्षित वर्ग के मेधावी छात्र-छात्राओं को आर्थिक सहायता पहुंचाने के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (SJE) द्वारा संचालित 'उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना (Post-Matric Scholarship Scheme) 2026-27' के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी सक्रियता से चल रही है। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य 10वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उच्च माध्यमिक (11वीं-12वीं), स्नातक (BA, BSc, BCom, BTech, MBBS), स्नातकोत्तर (MA, MSc, MCom, MBA) तथा विभिन्न मान्यता प्राप्त तकनीकी व व्यावसायिक डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों की अनिवार्य नॉन-रिफंडेबल शिक्षण फीस का पुनर्भरण (Fee Reimbursement) और वार्षिक मेंटेनेंस भत्ता उपलब्ध कराना है।सत्र 2026-27 के लिए आवेदन की पूर्व निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के करीब थी, लेकिन विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया देर तक चलने तथा जन आधार ई-केवाईसी अपडेशन के चलते विभाग ने विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए आवेदन की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है।आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates)ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ तिथि: 15 अगस्त 2026पूर्व निर्धारित अंतिम तिथि: 31 अक्टूबर 2026विस्तारित संशोधित अंतिम तिथि: 31 दिसंबर 2026 (संस्थान स्तर पर सत्यापन के साथ)सत्र: शैक्षणिक सत्र 2026-27आवेदन पोर्टल: राजस्थान सिंगल साइन ऑन (SSO Portal / SJE Portal)कौन-कौन से छात्र हैं योजना के लिए पात्र? (Eligibility Criteria)उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत लाभ लेने के लिए निम्नलिखित मानक पूरे होने आवश्यक हैं:मूल निवास: आवेदक राजस्थान राज्य का मूल/स्थानीय निवासी होना चाहिए।पात्र वर्ग/श्रेणियां:अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के छात्र।विशेष पिछड़ा वर्ग (SBC / MBC) तथा मिरासी व भिश्ती समुदाय।अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और आर्थिक पिछड़ा वर्ग (EBC - डॉ. आंबेडकर योजना)।विमुक्त, घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू (DNT) समुदाय।मुख्यमंत्री सर्वजन उच्च शिक्षा योजना के तहत सूचीबद्ध राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों (IIT, IIM, AIIMS आदि) में पढ़ने वाले किसी भी वर्ग के छात्र।पारिवारिक आय सीमा (Gross Annual Family Income):SC, ST, MBC, OBC एवं EBC वर्ग: परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय ₹2.50 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। (OBC वर्ग में बीपीएल कार्ड धारक, अनाथ छात्र, एकल महिला आश्रित या दिव्यांग विद्यार्थियों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है)।मुख्यमंत्री सर्वजन योजना: राष्ट्रीय संस्थानों में अध्ययनरत छात्रों के लिए परिवार की वार्षिक आय ₹5.00 लाख से कम होनी चाहिए।संस्थान एवं पाठ्यक्रम: छात्र किसी भी केंद्र या राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त कॉलेज, विश्वविद्यालय या तकनीकी संस्थान में नियमित (Regular) रूप से नामांकित हो। दूरस्थ या पत्राचार माध्यम के कुछ विशिष्ट पाठ्यक्रमों में केवल पुस्तक भत्ता और निर्धारित शुल्क ही देय होता है।एकल छात्रवृत्ति नियम: आवेदक उसी शैक्षणिक वर्ष में केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य समान छात्रवृत्ति योजना का लाभ न ले रहा हो।मिलने वाले लाभ: कितनी फीस और भत्ता वापस मिलता है?अनिवार्य शिक्षण शुल्क (Tuition & Non-refundable Fees): राज्य स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति द्वारा स्वीकृत संस्थान के वास्तविक नॉन-रिफंडेबल शुल्क (कॉशन मनी व सुरक्षा जमा को छोड़कर) की पूरी राशि सीधे खाते में वापस की जाती है।अनुरक्षण भत्ता (Maintenance Allowance): पाठ्यक्रम के ग्रुप (ग्रुप 1 से 4) और हॉस्टलर/डे-स्कॉलर होने के आधार पर ₹2,300 से लेकर ₹13,500 प्रति वर्ष तक का वार्षिक मेंटेनेंस भत्ता अलग से प्रदान किया जाता है।उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति 2026-27: मुख्य विवरण एक नजर मेंप्रमुख बिंदुआधिकारिक विवरण एवं प्रावधानयोजना का नामउत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना (Post-Matric Scholarship)संचालक विभागसामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (SJE), राजस्थान सरकारपात्र कक्षाएं/कोर्स11वीं, 12वीं, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, स्नातक, स्नातकोत्तर एवं प्रोफेशनल डिग्रीपरिवार की आय सीमासामान्यतः अधिकतम ₹2.50 लाख प्रति वर्ष (सर्वजन योजना में ₹5 लाख तक)आवेदन का तरीकाऑनलाइन (SSO ID के माध्यम से)अंतिम तिथि31 दिसंबर 2026आधिकारिक वेबसाइटsje.rajasthan.gov.in / sso.rajasthan.gov.inआवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज (Important Documents Checklist)पोर्टल पर फॉर्म भरते समय सभी विवरण सीधे जन आधार कार्ड (Jan Aadhaar) से ऑटो-फैच होते हैं। इसलिए निम्नलिखित दस्तावेजों का डेटा जन आधार में पूरी तरह अपडेट होना चाहिए:जन आधार कार्ड / भामाशाह आईडी: परिवार के मुखिया और छात्र का आधार लिंक होना अनिवार्य है।आधार कार्ड: छात्र का व्यक्तिगत आधार कार्ड और उससे लिंक सक्रिय मोबाइल नंबर (OTP सत्यापन के लिए)।मूल निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate): डिजिटल हस्ताक्षरित मूल निवास।जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate): सक्षम राजस्व अधिकारी द्वारा जारी डिजिटल जाति प्रमाण पत्र।पारिवारिक आय प्रमाण पत्र (Income Certificate): निर्धारित प्रारूप (Form I/J) में चालू वित्तीय वर्ष का आय घोषणा पत्र।गत वर्ष की अंकतालिका: 10वीं की मूल अंकतालिका तथा पिछली कक्षा/सेमेस्टर की उत्तीर्ण मार्कशीट।चालू सत्र की मूल फीस रसीद: कॉलेज या विश्वविद्यालय द्वारा जारी वर्तमान सत्र की अधिकृत फीस रसीद (जिसमें रसीद संख्या और तारीख स्पष्ट हो)।डीबीटी सक्रिय बैंक खाता: छात्र का स्वयं का सक्रिय बचत बैंक खाता, जो आधार से सीडेड (Aadhaar Seeded) और एनपीसीआई (NPCI/DBT) से मैप होना अनिवार्य है।हॉस्टल प्रमाण पत्र: यदि छात्र कॉलेज या सरकारी छात्रावास में रहता है, तो वार्डन द्वारा जारी हॉस्टल सर्टिफिकेट।ऑनलाइन आवेदन करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया (How to Apply)SSO पोर्टल पर लॉगिन करें: सबसे पहले राजस्थान सरकार के आधिकारिक पोर्टल sso.rajasthan.gov.in पर जाएं और अपनी SSO ID व पासवर्ड दर्ज करके लॉगिन करें।स्कॉलरशिप ऐप चुनें: डैशबोर्ड पर उपलब्ध सिटीजन ऐप्स (G2C) में से 'Scholarship (SJE)' आइकन पर क्लिक करें।प्रोफाइल रजिस्ट्रेशन / ई-केवाईसी: यदि आप पहली बार आवेदन कर रहे हैं, तो 'Student' विकल्प चुनकर जन आधार आईडी दर्ज करें और ओटीपी के माध्यम से बायोमेट्रिक/आधार प्रमाणीकरण पूरा करें।शैक्षणिक विवरण और फीस रसीद अपलोड: अपने वर्तमान संस्थान, विश्वविद्यालय, पाठ्यक्रम का वर्ष और रोल नंबर का चयन करें। इसके बाद कॉलेज की मूल फीस रसीद को पीडीएफ फॉर्मेट में स्कैन करके अपलोड करें।सत्यापन और फाइनल सबमिशन: फॉर्म में दर्ज किए गए सभी विवरणों का पुनरीक्षण (Preview) करें और सहमति पर टिक करके फाइनल सबमिट बटन दबाएं।कॉलेज फॉरवर्डिंग: फॉर्म सबमिट होते ही आवेदन ऑनलाइन आपके संबंधित कॉलेज/विश्वविद्यालय की लॉगिन आईडी पर सत्यापन के लिए चला जाता है। छात्र पोर्टल से एक्नॉलेजमेंट स्लिप डाउनलोड कर अपने पास सुरक्षित रख लें।
pc: the hans india राजस्थान में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के कमजोर पड़ने और एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण राज्य के कई हिस्सों में बारिश और मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, साइक्लोन 'अर्नब' अब कमजोर होकर डिप्रेशन (अवदाब) में बदल चुका है और वर्तमान में दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर बना हुआ है, जिसके असर से नमी वाली हवाएं राजस्थान तक पहुंच रही हैं। इसके अलावा, उत्तर भारत में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पंजाब और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर एक प्रेरित परिसंचरण तंत्र (Induced Cyclonic Circulation) भी बना हुआ है। इन दोहरी प्रणालियों के सक्रिय होने के कारण राजधानी जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और मेघगर्जन की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में वज्रपात (आसानी बिजली गिरने), ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। इसे देखते हुए संवेदनशील जिलों में प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 31 अक्टूबर तक पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश का दौर जारी रह सकता है। हालांकि, इसके बाद 1 नवंबर से राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम के मुख्यतः शुष्क होने और आसमान साफ होने की प्रबल संभावना है। बारिश के इस दौर के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे प्रदेश में ठंड का अहसास और अधिक बढ़ जाएगा।
एसआईआर और वोट चोरी के मुद्दे पर बीजेपी और सरकार पर कांग्रेस और विपक्षी दल लगातार हमलावर हो रहे हैं। कांग्रेस देशभर में इस मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रही है। वहीं अब बीजेपी भी सड़कों पर उतरकर एसआईआर के फायदे जनता को बताने जा रही है। राजस्थान में बीजेपी के 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' अभियान के तहत संभाग स्तर पर पदयात्राओं निकाली जाएंगी। इन पदयात्राओं में मुख्यमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्री और पार्टी के बड़े नेता शामिल होंगे। सभी संभाग मुख्यालय और बड़े शहरों में शुक्रवार से बीजेपी नेता पदयात्रा निकालेंगे और जनसभाएं करेंगे। अभियान के तहत बीजेपी नेता दफ्तरों से निकलकर जनता के बीच जाएंगे और उन्हें एसआईआर के फायदें बताकर कांग्रेस के नरेटिव को तोड़ने का प्रयास करेंगे। अभियान को दो चरणों में बांटा बीजेपी ने अभियान को दो चरणों में बांटा है। पहला चरण 30 अक्टूबर से 5 नवंबर तक चलेगा। इसमें 15 जिलों में कार्यक्रम होंगे। दीपावली के बाद दूसरे चरण में शेष जिलों को कवर किया जाएगा। संभागवार पहले जनसभाएं होंगी। फिर पदयात्राओं के जरिए कार्यकर्ता जनता के बीच पहुंचेंगे। इसके तहत 31 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री ज्योतिराजे सिंधिया अलवर में पदयात्रा निकालेंगे। वहीं 5 नवंबर को अलवर में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव पदयात्रा में शामिल होंगे। जयपुर में होने वाली पदयात्रा में भीड़ जुटाने का जिम्मा शहर बीजेपी को दिया गया है। जयपुर में पहले रामलीला मैदान में जनसभा होगी। इसके बाद सांगानेरी गेट से त्रिपोलिया गेट तक पदयात्रा निकाली जाएगी। शहर बीजेपी ने कार्यक्रम में 10 हजार कार्यकर्ताओं के जुटने का दावा किया है। SIR के फायदे बताकर जनता को करेंगे जागरूक कांग्रेस जहां एक तरफ SIR के बहाने बीजेपी पर मतदाता सूची में से पात्र व्यक्तियों के नाम हटाने का आरोप लगा रही है। वहीं वोट चोरी के नाम पर मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांग रही हैं। बीजेपी के प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने कहा- मतदाता सूची, SIR और घुसपैठ जैसे मुद्दों पर जनता के बीच जागरूकता बढ़ाई जाएगी। पार्टी की कोशिश है कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों के जवाब सीधे जनता तक पहुंचाए जाए। भाजपा इसे लोकतंत्र की मजबूती और मतदाता सूची की विश्वसनीयता से जोड़कर पेश करेगी।
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और आतंकी शहजाद भट्टी के लिए काम करने वाला कुलवंत अली गिरफ्तार हो चुका है। हरियाणा और पंजाब STF (विशेष कार्य बल) की संयुक्त टीम ने उसे फरीदाबाद के गांव झुग्गी छांयसा में उसकी बुआ परमजीत के घर से दबोच लिया। STF सूत्रों के अनुसार, कुलवंत अली 27 अक्टूबर की दोपहर को सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करके गांव झुग्गी छांयसा स्थित अपनी बुआ के घर पहुंचा था। यहां उसने अपनी बुआ के फोन से अपने साथी से संपर्क किया, जिसकी भनक पंजाब STF को लग गई। पंजाब STF की टीम ने बिना देरी किए हरियाणा STF के साथ मिलकर एक संयुक्त अभियान (Joint Operation) चलाया और रात के लगभग तीन बजे उसे सोते हुए गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, अब उसकी बुआ परमजीत (36) दावा कर रही हैं कि परिवार में कोई भी कुलवंत अली को नहीं जानता। वह पहली बार उनके घर आया था। उनका कहना है कि कुलवंत उनकी बहू का सगा भतीजा नहीं है, बल्कि केवल दूर की जान-पहचान का है। पंजाब का निवासी होने के कारण उन्होंने उसे घर में आराम करने की अनुमति दी थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने उनके पूरे परिवार के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया, जिसके कारण परमजीत की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कौन है कुलवंत अली, जिसे दो स्टेट की पुलिस ने पकड़ा… बुआ के परिवार का दावा- कुलवंत को पहले कभी नहीं देखा बुआ परमजीत की सास ब्रह्मजीत ने बताया कि जब कुलवंत यहां पर आया था तो वह सभी खेतों में काम कर रहे थे। इससे पहले उसने कुलवंत को कभी नहीं देखा था। परजीत लुधियाना के कोट गांव की रहने वाली है जबकि कुलवंत फिरोजपुर का रहने वाला है। दोनों के गांव में काफी दूरी है। उनके घर में उनके दो बेटे अमरजीत (40), अमीर (35), उनके पति रामसिंह (70) और उनके बेटों की दो पत्नियां और 3 छोटे बच्चे है। पुलिस उनके घर में रात के करीब 3 बजे घुसी थी। उनका ये भी कहना कि परमजीत का कुलवंत से कोई रिश्ता नहीं है। मगर, पुलिस के मुताबिक परमजीत कुलवंत की रिश्ते में बुआ लगती है। पंजाब और हरियाणा एसटीएफ कर रही मामले की जांच कुलवंत की गिरफ्तारी के बाद अब पंजाब पुलिस की एसटीएफ इस मामले की दूसरे पहलुओं की जांच कर रही है। सीमापार वह किन-किन से संपर्क में था, पंजाब में उसके कितने साथी है और उनकी मदद कौन कर रहा है? इन सभी सवालों के जवाब तलाश रही है। दूसरी तरफ, फरीदाबाद पुलिस भी परमजीत के परिवार से पूछताछ की तैयारी कर रही है। तिंगाव एसीपी अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस जांच कर रही है कि कुलवंत गांव में किस मकसद से आया था और यहां पर किन-किन लोगों से मिला था। कुलवंत की बुआ के घर के सभी लोगों से पूछताछ की जाएगी। जांच में अगर कोई भी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के दायरे में रहकर कार्रवाही की जाएगी।
Faridabad News: राजस्थान का युवक चरस के साथ गिरफ्तार
Youth from Rajasthan arrested with charas
एक नए विश्लेषण के अनुसार, भारत के ग्रामीण इलाकों में वायु प्रदूषण शहरों के लगभग बराबर हो गया है, जिससे गांवों की हवा साफ होने की धारणा गलत साबित हुई है।
राजस्थान: राजस्थान के 42 निजी कृषि कॉलेजों में नए दाखिलों पर रोक, 2,520 सीटों पर नहीं मिलेगा प्रवेश
राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य के करीब 42 निजी कृषि कॉलेजों की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) रद्द करने के कृषि विभाग के फैसले को सही ठहराया है। न्यायाधीश नूपुर भाटी ने सात प्रमुख निजी कृषि महाविद्यालयों की याचिकाएं खारिज कर दीं।
राजस्थान सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल को एपीओ (अवेटिंग पोस्टिंग ऑर्डर) यानी नई नियुक्ति की प्रतीक्षा सूची में डाल दिया है। यह कार्रवाई उन आरोपों के बाद की गई है, जिनमें कहा गया है कि पिछले ढाई वर्षों के दौरान एक ही कंपनी से 40 विला-कॉटेज खरीदे गए थे।
40 विला-कॉटेज खरीदने के मामले में राजस्थान सरकार का एक्शन, APO पर भेजे गए IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल
राजस्थान सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल को तत्काल प्रभाव से एपीओ कर दिया है। यह कार्रवाई उन पर और उनके परिवार द्वारा कथित तौर पर बड़े पैमाने पर संपत्ति खरीदने के विवाद के बाद हुई है।
Rajasthan Panchayati Raj Elections:
जयपुर। पंचायतीराज आम चुनाव के दूसरे चरण के तहत जयपुर जिले में जिला परिषद् एवं पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए कल मतदान हुआ। दूसरे चरण में कुल 69.41 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) संदेश नायक ने इस बात की जानकारी दी है। अंतिम आंकड़ों के अनुसार कुल 3,78,364 मतदाताओं में से 2,62,641 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। जिले की पांचों पंचायत समितियों में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। संदेश नायक ने बताया कि पंचायत समिति क्षेत्र अमरसर में 67.89 प्रतिशत , आमेर में 68.33 प्रतिशत , जालसू में 71.95 प्रतिशत , रामपुरा डाबड़ी में 67.98 प्रतिशत तथा शाहपुरा में 72.08 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इनमें शाहपुरा पंचायत समिति क्षेत्र में सर्वाधिक मतदान हुआ, जबकि जालसू दूसरे स्थान पर रहा। सबसे कम मतदान अमरसर पंचायत समिति क्षेत्र में दर्ज किया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) संदेश नायक ने बताया कि प्रातः 10 बजे तक 15.02 प्रतिशत, दोपहर 1 बजे तक 33.12 प्रतिशत, अपराह्न 3 बजे तक 49.45 प्रतिशत तथा सायं 6 बजे तक 68.35 प्रतिशत तथा अंतिम रूप से मतदान प्रतिशत 69.41 प्रतिशत रहा। दूसरो चरण में अमरसर, आमेर, जालसू, रामपुरा डाबड़ी एवं शाहपुरा पंचायत समितियों के कुल 81 वार्डों तथा जिला परिषद के वार्ड संख्या 11 से 14 एवं 51 से 57 में मतदान कराया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) संदेश नायक ने किया था औचक निरीक्षण इससे पहले मतदान प्रक्रिया को पूर्ण स्वतंत्रता, निष्पक्षता एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) संदेश नायक ने जयपुर जिले की द्वितीय चरण में शामिल 5 पंचायत समितियों में विभिन्न मतदान केंद्रों का औचक निरीक्षण किया था। PC:etvbharat अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में आज एक बार फिर से मौसम करवट लेने जा रहा है। प्रदेश में पिछले दिनों मौसम शुष्क रहने और दिन में तेज धूप निकलने के बाद अब आंधी-बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान अर्णव और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 29 और 30 अक्टूबर को प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदल सकता है। मौसम विभाग जयपुर की माने तो राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में बादल छाने, मेघगर्जन और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यहां हो सकती हैं तेज बारिश सबसे ज्यादा चिंता जयपुर और भरतपुर संभाग के उत्तरी हिस्सों को लेकर है, जहां मध्यम से तेज बारिश के साथ कहीं-कहीं ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। आईएमडी के अनुसार, बीते 24 घंटों के दौरान राजस्थान में मौसम शुष्क रहा। तूफान और विक्षोभ का असर आईएमडी के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान आंध्र प्रदेश और यनम तट को पार कर चुका है, इसके प्रभाव से राजस्थान में पूर्वी हवाएं सक्रिय होने की संभावना है। साथ ही 29 और 30 अक्टूबर को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के आसार हैं। आईएमडी ने अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़ और सीकर में मेघगर्जन, वज्रपात और ओलावृष्टि की आशंका जताई है। इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं भी चल सकती हैं। pc- khabargaon.com
पंजाब का पानी पर रायल्टी की मांग असंवैधानिक, राजस्थान ने उठाए कानूनी सवाल
पंजाब सरकार की नहरी पानी पर 1.4 लाख करोड़ रुपये की रॉयल्टी मांग को राजस्थान ने गैरकानूनी करार दिया है।
महेंद्रगढ़ जिले में नारनौल के गांव भांखरी में दो घरों से सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी करने के मामले में थाना सदर नारनौल पुलिस ने दूसरे आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान राजस्थान के झुंझुनूं जिले के गांव नरात निवासी बबलू उर्फ नवीन के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे 27 अक्टूबर को राजस्थान के कोटपुतली में एक पुलिया के नीचे से गिरफ्तार किया। बुधवार को कोर्ट में पेश करने के बाद उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इस मामले में पुलिस पहले ही एक आरोपी अश्विनी को गिरफ्तार कर चुकी है। 7 लाख का सामान ले गए थे चोर डीएसपी मुख्यालय भारत भूषण ने बताया कि गांव भांखरी निवासी हनुमान प्रसाद और सतीश कुमार ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 28 और 29 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि को अज्ञात चोर उनके घरों से सोने-चांदी के आभूषण और 2 लाख 78 हजार रुपए की नकदी चोरी कर ले गए। चोरी हुए सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब 7 लाख रुपए बताई गई थी। शिकायत के आधार पर थाना सदर नारनौल में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पहले भी पकड़ा जा चुका एक आरोपी जांच के दौरान पुलिस ने पहले राजस्थान के गांव गोपालपुरा निवासी अश्विनी को गांव डोहर कलां क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। उसे कोर्ट में पेश कर चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था। इसके बाद पुलिस ने दूसरे आरोपी बबलू उर्फ नवीन को भी गिरफ्तार कर लिया। महेंद्रगढ़ में कई वारदातों की पूछताछ डीएसपी के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने महेंद्रगढ़ क्षेत्र में मिलकर चोरी की करीब 5 से 7 वारदातों को अंजाम देने की बात बताई है। पुलिस इन वारदातों से जुड़े तथ्यों का सत्यापन कर रही है। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों के खिलाफ राजस्थान के सिंघाना और बुहाना थानों में पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। अश्विनी के खिलाफ चार और बबलू उर्फ नवीन के खिलाफ तीन मामले दर्ज होने का रिकॉर्ड बताया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से चोरी किए गए आभूषणों और नकदी की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही, अन्य वारदातों और संभावित सहयोगियों के बारे में भी पूछताछ की जा रही है।
जमुई के चकाई थाना क्षेत्र से लापता हुई एक विवाहिता को पुलिस ने करीब 2200 किलोमीटर दूर राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले से सकुशल बरामद किया है। महिला ने आरोप लगाया है कि चकाई मोड़ से दो महिलाएं उसे अपने साथ ले गई थीं। उसे बेटी की तरह रखने का भरोसा दिया गया, लेकिन राजस्थान पहुंचने के बाद करीब चार महीने तक कपास के खेतों में काम कराया गया। इस दौरान उसे अपने परिजनों से संपर्क भी नहीं करने दिया गया। हालांकि, महिला ने उसे 70 हजार रुपये में बेचे जाने के आरोप से इनकार किया है। पुलिस अब महिला के राजस्थान पहुंचने की परिस्थितियों और पूरे मामले की जांच कर रही है। 9 जुलाई को दर्ज हुई थी गुमशुदगी की प्राथमिकी मामले में पीड़िता के पिता ने 9 जुलाई को चकाई थाने में बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। एसआई मोतीलाल साह के नेतृत्व में विशेष टीम को राजस्थान भेजा गया। वहां श्रीगंगानगर जिले के घमूड़वाली थाना क्षेत्र अंतर्गत रिड़मलसर पुलिस चौकी की मदद से महिला को बरामद किया गया। बरामदगी की जगह भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब दो किलोमीटर दूर बताई गई है। बेटी बनाकर रखने का भरोसा, फिर खेतों में कराया काम महिला ने पुलिस को बताया कि चकाई मोड़ से दो महिलाएं उसे अपने साथ ले गई थीं। उन्होंने उसे बेटी की तरह रखने का भरोसा दिया था। लेकिन राजस्थान पहुंचने के बाद उससे कपास के खेतों में करीब चार महीने तक काम कराया गया। इस दौरान उसे परिवार के लोगों से बातचीत करने की अनुमति नहीं दी गई। महिला के अनुसार, उसे साथ ले जाने वाली एक महिला हमेशा मास्क लगाए रहती थी। इस कारण वह आज तक उसका चेहरा नहीं देख सकी है। 70 हजार रुपये में बेचने की बात से इनकार पुलिस की शुरुआती जांच में महिला को करीब 70 हजार रुपये में बेचे जाने की आशंका सामने आने की जानकारी दी गई थी। हालांकि, पीड़िता ने इस बात से इनकार किया है। ऐसे में यह पता लगाना अहम होगा कि उसे किन परिस्थितियों में राजस्थान ले जाया गया और वहां किसके लिए उससे काम कराया गया। पुलिस सोशल मीडिया के जरिए संपर्क होने की आशंका समेत अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। कोर्ट में बयान के बाद परिजनों को सौंपा चकाई थानाध्यक्ष सर्वजीत कुमार के अनुसार, पुलिस टीम महिला को सुरक्षित वापस लेकर आई। सोमवार को उसे चकाई लाया गया और मंगलवार को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय में बयान दर्ज होने के बाद महिला को उसके परिजनों को सौंप दिया गया। बाजार जाने के बाद लापता हुई थी महिला महिला की मां रेणु देवी ने बताया कि उनकी बेटी शाम करीब चार से पांच बजे पति के साथ बाजार जाने के लिए निकली थी। महिला की शादी उत्तर प्रदेश में हुई है। इसके बाद वह लापता हो गई थी। फिलहाल, पुलिस महिला के आरोपों और उसे राजस्थान ले जाने की परिस्थितियों की जांच में जुटी है।
राजस्थान में बीडीसी और सरपंच चुनाव के मद्देनजर भिवानी जिले की लोहारू पुलिस ने राजस्थान सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष निगरानी की जा रही है। राजस्थान से सटी पिलानी रोड, सूरजगढ़ रोड और दमकोरा नाके पर पुलिस तैनात है। यहां से गुजरने वाले वाहनों की जांच की जा रही है। बॉर्डर पर लगातार की जा रही गश्त लोहारू क्षेत्र में पांच पुलिस राइडर तैनात की गई हैं, जिनमें दो-दो पुलिसकर्मी हैं। ये सभी अपने तय इलाकों में गश्त कर रहे हैं। कुल 30 पुलिसकर्मी तीन नाकों और अन्य जगहों पर तैनात किए गए हैं। पुलिसकर्मी वाहनों के कागजात जांच रहे हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सत्यनारायण भी नियमित पेट्रोलिंग कर रहे हैं। वह नाकों का जायजा ले रहे हैं और पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। राइडर के साथ पुलिस तैनात पुलिसकर्मी बता दें कि, लोहारू क्षेत्र राजस्थान की सीमा से सटा हुआ है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सत्यनारायण ने बताया कि राजस्थान में बीडीसी और सरपंच चुनाव को देखते हुए लोहारू क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण तीनों प्रमुख नाकों पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा पांच पुलिस राइडर भी क्षेत्र में गश्त करेंगी। कुल 30 पुलिसकर्मियों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा लगातार पेट्रोलिंग और वाहनों की जांच की जा रही है, ताकि चुनाव के दौरान शांति एवं कानून-व्यवस्था बनी रहे। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पुलिस तुरंत आवश्यक कार्रवाई करेगी।
सिरसा पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ अभियान चलाकर दो बाइकों पर सवार 6 युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 51 किलो 960 ग्राम डोडा चूरा पोस्त बरामद हुआ है, जिसकी कीमत लाखों में बताई जा रही है। आरोपियों की पहचान राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के गांव सुरेवाला निवासी जगदीश उर्फ जग्गा, रणजीत सिंह, कुलदीप सिंह और गांव तलवाड़ा निवासी कर्ण सिंह, संदीप सिंह और गुरनाम के रूप में हुई है। सीआईए सिरसा प्रभारी ने बताया कि पुलिस टीम रानियां चुंगी की तरफ गश्त कर रही थी। बांदरा पुलिया रोड के पास दो बाइकों पर 6 युवक प्लास्टिक के दो कट्टे लेकर जाते दिखे। पुलिस को देखते ही युवकों ने कट्टे फेंक दिए और भागने की कोशिश की। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ केस पुलिस कर्मचारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी छह युवकों को मौके पर ही पकड़ लिया। राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में तलाशी लेने पर दोनों कट्टों से कुल 51 किलो 960 ग्राम डोडा चूरा पोस्त मिला। पुलिस ने नशीले पदार्थ को कब्जे में लेकर आरोपियों के खिलाफ शहर थाना सिरसा में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। सीआईए टीम ने आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए शहर थाना पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पलवल में केएमपी कुंडली एक्सप्रेस-वे पर ट्रक की टक्कर से पिकअप में सवार दस से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए। सभी श्रद्धालु राजस्थान स्थित बाबा मोहन राम मंदिर (काली खोली धाम) से दर्शन कर वापस मेरठ स्थित अपने गांव लौट रहे थे। इस दुर्घटना में छह से अधिक श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, यूपी के मेरठ जिले के वेसुका मवाना गांव निवासी श्रद्धालु पिकअप गाड़ी में राजस्थान के भिवाड़ी स्थित बाबा मोहन राम मंदिर काली खोली धाम में दर्शन के लिए गए थे। मेरठ वापस लौट रहे थे सभी श्रद्धालु दर्शन के बाद सभी श्रद्धालु पिकअप गाड़ी में सवार होकर अपने गांव वापस लौट रहे थे। पिकअप में 11 बच्चे, 10 महिलाएं और तीन पुरुष सहित कुल 24 लोग सवार थे। गाड़ी को पास के ही बतावली गांव का निवासी सचिन चला रहा था। जैसे ही पिकअप गाड़ी केएमपी एक्सप्रेस-वे पर कैंप थाना अंतर्गत पहुंची, तभी पीछे से आ रहे एक बेकाबू ट्रक ने पिकअप को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप में बैठे श्रद्धालुओं में चीख-पुकार मच गई। हादसे को अंजाम देने के बाद आरोपी ट्रक ड्राइवर ट्रक को लेकर मौके से फरार हो गया। राहगीरों और स्थानीय नागरिकों ने पहुंचाया अस्पताल दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और राहगीरों की मदद से आनन-फानन में सभी घायलों को जिला नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। इस हादसे में किशनपाल, सुमन, पुष्पा, अनन्या और प्रवेश गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि गाड़ी में सवार अन्य लोगों को भी मामूली और अंदरूनी चोटें आई हैं। हादसे की सूचना मिलने के बाद कैंप थाना पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंच गई और घायलों का हाल-चाल जाना और घटना का जायजा लिया। पुलिस का कहना कि अभी किसी ने कोई शिकायत नहीं दी है। शिकायत मिलने पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
Karwa Chauth 2026: करवाचौथपर जम्मू के बाजारों में रौनक है, जहां महिलाएं मेहंदी लगवाने के लिए उत्साहित हैं। राजस्थान से आए कारीगर पुरानी मंडी और गांधी नगर गोल मार्केट में अरेबियन, मारवाड़ी और राजस्थानी मेहंदी डिजाइन पेश कर रहे हैं।
सूफा आतंकी मॉड्यूल केस: राजस्थान हाईकोर्ट ने आरोपियों की याचिकाएं खारिज कीं, ट्रायल जारी रहेगा
राजस्थान हाईकोर्ट ने सूफा आतंकी मॉड्यूल मामले में आरोपियों की याचिकाएं खारिज करते हुए विचारण न्यायालय के आरोप तय करने संबंधी आदेश को बरकरार रखा है।
आरयू ने इस सेशन से 3 कॉलेजों में नए कोर्स शुरू किए थे, लेकिन उनमें छात्रों ने ज्यादा रुचि नहीं दिखाई है। हालात यह है कि राजस्थान और कॉमर्स कॉलेज में तो कोर्स शुरू भी नहीं हो पाए हैं। यूनिवर्सिटी ने नई एजुकेशन पॉलिसी के अनुसार इस सेशन से एईडीपी शुरू किए थे। इन कोर्स में अप्रेंटिसशिप के दौरान छात्रों को 9 हजार रुपए स्टाइपेंड भी मिलेगा। वहीं राजस्थान यूनिवर्सिटी ने इन कोर्सेज को बीए, बीकॉम, बीएससी के बराबर मान्यता देते हुए शुरू किया था। दूसरी तरफ राजस्थान यूनिवर्सिटी के चारों संघटक कॉलेजों में करीब 7 हजार सीटें हैं, जिनमें बीए, बीकॉम, बीएससी जैसे पारंपरिक कोर्स में हर साल एडमिशन के लिए मारामारी रहती है। कॉमर्स कॉलेज में 20 छात्र भी नहीं होने से कोर्स नहीं चले कॉमर्स कॉलेज में बीकॉम ह्यूमन रिसोर्स ऑपरेशन और बीकॉम इन बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस कोर्स शुरू किए गए थे। दोनों कोर्स में 60-60 सीटें थीं। बीएफएसआई में 13 छात्रों ने आवेदन किया और इनमें से 9 ने फीस जमा करवाई, लेकिन कम से कम 20 छात्र नहीं होने की वजह से कोर्स शुरू नहीं हुआ। इसी तरह एचआरओ कोर्स में सिर्फ 3 ही छात्रों ने आवेदन किया था। सभी छात्रों को सामान्य बीकॉम में शिफ्ट कर दिया गया। राजस्थान कॉलेज में शुरू नहीं हुआ कोर्स आरयू के राजस्थान कॉलेज में बीए कंटेंट एंड क्रिएटिव राइटिंग कोर्स लाया गया। छात्रों ने एडमिशन के लिए आवेदन भी किया, लेकिन संख्या कम रही। इस वजह से आवेदन करने वाले छात्र भी दूसरे कोर्स में चले गए। ऐसे में कोर्स शुरू ही नहीं हुआ। महारानी में शुरू हुआ, पर सीटें नहीं भरी महारानी कॉलेज में बीकॉम बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस में 46 छात्राओं ने एडमिशन लिया। वहीं बीए कंटेंट एंड क्रिएटिव राइटिंग कोर्स में 20 से ज्यादा छात्राओं ने एडमिशन लिया, कोर्स शुरू हो गया। इसके बाद कुछ छात्राओं ने एडमिशन कैंसिल करवा लिया, अब 16 छात्राएं ही हैं। मुझे एक महीना ही हुआ है इन कोर्सेज में एडमिशन की क्या स्थिति है, इस बारे में पता करवाते हैं। -प्रो. बी. पी. सारस्वत, कुलगुरु, राजस्थान यूनिवर्सिटी कहां-कितनी सीटें खालीं एमबीबीएसनिजी मेडिकल कॉलेज, कॉलेजरिक्त सीटें, व्यास मेडिकल कॉलेज, जोधपुर96, जेईटी, जोधपुर18, जेएनयू, जयपुर09, डॉ. बीएस तोमर, जगतपुरा07गीतांजलि, जयपुर02, बीएस तोमर साइंस टेक सिटी, जयपुर01, गीतांजलि, उदयपुर01, सुधा मेडिकल कॉलेज, कोटा01, भारत विकास संस्थान, कोटा01, कुल, एमबीबीएस सीटें136, बीडीएस निजी डेंटल कॉलेज, महाराजा गंगासिंह, गंगानगर18, जयपुर डेंटल कॉलेज, जयपुर01, सुरेन्द्र डेंटल कॉलेज, श्रीगंगानगर01, एसएस टांटिया, श्रीगंगानगर01
Kushinagar News: राजस्थान से कुबेरस्थान लाया गया युवक का शव, मची चीख-पुकार
Body of a young man brought to Kubersthan from Rajasthan; cries and wailing ensue.
पंजाब सरकार ने एक बार फिर आजादी से पहले हुए समझौते का हवाला देते हुए राजस्थान से नहरी पानी के बदले 1.44 लाख करोड़ रुपए की रॉयल्टी मांगी है। पंजाब के सीएम भगवंत मान ने पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में मंगलवार को यह मुद्दा उठाकर नए सियासी टकराव के संकेत दिए। राजस्थान सरकार पहले ही इस मांग को सिरे से खारिज कर चुकी है। पंजाब में इसी साल विधानसभा चुनाव होंगे। ऐसे में विधानसभा चुनाव से पहले रॉयल्टी का मुद्दा उठाने के पीछे सियासी कारणों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। इस मुद्दे पर पंजाब और राजस्थान के बीच सियासी टकराव तय माना जा रहा है। पंजाब सीएम बोले- 1960 तक पानी की रॉयल्टी देता रहा राजस्थान पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के आखिरी दिन सीएम भगवंत मान ने राजस्थान से पानी की रॉयल्टी का मुद्दा उठाया। भगवंत मान ने कहा- साल 1960 तक राजस्थान हमें पानी की रॉयल्टी देता रहा है। अब वह हमसे मुफ्त पानी लेकर आगे बेचता है। यह तो बिजनेस हो गया। हमसे कच्चा माल मुफ्त ले लिया और प्रोडक्ट बनाकर बेच दिया। पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पेश पंजाब विधानसभा में राजस्थान से रॉयल्टी की मांग को लेकर प्रस्ताव पेश किया गया। पंजाब के सिंचाई मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने सदन में प्रस्ताव पेश किया। इस प्रस्ताव में तर्क दिया कि सतलुज, रावी और व्यास नदियां राजस्थान से होकर नहीं गुजरतीं, इसलिए राजस्थान रिपेरियन राज्य नहीं है। इसके बावजूद दशकों से पंजाब का पानी राजस्थान को मुफ्त में दिया जा रहा है। इससे राजस्थान राजस्व कमा रहा है, जबकि पंजाब खुद गंभीर जल संकट से जूझ रहा है। प्रस्ताव में मांग की गई कि राजस्थान सरकार पंजाब को दिए जाने वाले पानी की कीमत चुकाए। साथ ही केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया कि वह भविष्य में भी राजस्थान को दिए जाने वाले पानी का भुगतान हर साल पंजाब को दिलाना सुनिश्चित करे। राजस्थान सरकार ठुकरा चुकी पंजाब सरकार की मांग राजस्थान सरकार इस साल मार्च में ही पंजाब के सीएम की मांग को ठुकरा चुकी है। इस साल 19 मार्च को पंजाब सीएम भगवंत मान ने 1.44 लाख करोड़ रॉयल्टी मांगते हुए पानी रोकने की चेतावनी दी थी। इसके बाद 20 मार्च को राजस्थान सरकार के जलसंसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने पंजाब सीएम की मांग को खारिज कर दिया था। जलसंसाधन मंत्री ने कहा था- नहीं देंगे रॉयल्टी राजस्थान सरकार के जलसंधान मंत्री सुरेश सिंह रावत ने तर्क दिया था कि पंजाब की मांग असंवैधानिक है। राज्य सरकार पैसा नहीं देगी। किसी एक राज्य का पानी पर रॉयल्टी या वाणिज्यिक दावा करना संविधान की मूल भावना और स्थापित विधिक सिद्धांतों के खिलाफ है। साल 1920 का समझौता ब्रिटिश सरकार, बहावलपुर (अब पाकिस्ताान में) और बीकानेर रियासत के बीच हुआ था। बीकानेर रियासत की लगभग 5 लाख एकड़ जमीन के लिए पानी आवंटन तय किया गया। था। पानी के बदले चार्ज ब्रिटिश सरकार को देना था, पंजाब प्रांत को नहीं। --------------- ये खबर भी पढ़ें... राजस्थान ने पंजाब की 1.44 लाख करोड़ की मांग ठुकराई:कहा- पानी राष्ट्रीय संसाधन है व्यापार की चीज नहीं, पंजाब पानी रॉयल्टी नहीं मांग सकता पंजाब सीएम भगवंत मान के राजस्थान से पानी के बदले 1.44 लाख करोड़ की मांग को राजस्थान सरकार ने मार्च 2026 को ठुकरा दिया था। राजस्थान सरकार ने पंजाब की मांग को असंवैधानिक बताया था। पंजाब सीएम भगवंत मान ने 1920 के समझौते का हवाला देते हुए राजस्थान सरकार से पानी की बकाया रॉयल्टी देने अथवा पानी लेना बंद करने को कहा था। (पूरी खबर पढ़ें)
आगामी 1 नवंबर को दिल्ली में आयोजित होने जा रही कांग्रेस की महारैली को लेकर पार्टी नेता कार्यकर्ताओं की मीटिंग लेने में जुटे हैं। मंगलवार को कांग्रेस की ओर से एआईसीसी पर्यवेक्षक लखन सिंगला, राजस्थान सह प्रभारी पूनम पासवान, कोटा जिला प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज ने कार्यकर्ताओं की मीटिंग ली। लखन सिंगला ने भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए और रैली की तैयारियों को लेकर कहा कि भाजपा का काम केवल रोना है। बीजेपी ने कांग्रेस अध्यक्ष का बयान बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। पार्टी प्रवक्ता और वरिष्ठ नेता ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा का काम हमेशा रोने का ही रहता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या उनके प्रवक्ता कुछ भी बोलें तो वह जायज ठहराया जाता है, लेकिन अगर कांग्रेस अध्यक्ष कोई सवाल उठाते हैं या जवाब देते हैं, तो उसे नाजायज बता दिया जाता है। कांग्रेस अध्यक्ष के बयान को बिना वजह बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है, जबकि उन्होंने केवल पूछे गए सवाल का सीधा जवाब दिया था। यह कोई इतना बड़ा मुद्दा नहीं है। एक तारीख की रैली बदलेगी देश की सत्ता का रुखलखन सिंगला ने दावा करते हुए कहा कि एक तारीख को होने वाली यह रैली बेहद ऐतिहासिक होगी। यह रैली देश के भविष्य, बेरोजगारी, महिलाओं की सुरक्षा और आम जनता के अधिकारों का फैसला करेगी। उन्होंने कहा कि इस रैली का मुख्य उद्देश्य केंद्र की भाजपा सरकार को सत्ता से हटाना है। आने वाले समय में देश और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनेगी तथा राहुल गांधी देश के प्रधानमंत्री होंगे। राजस्थान से पहुंचेंगे एक लाख कार्यकर्तातैयारियों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पूरे राजस्थान से लगभग एक लाख कार्यकर्ताओं का दिल्ली पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। उनके प्रभार वाले 8 जिलों और लगभग 40 विधानसभा क्षेत्रों से अकेले 40,000 से अधिक कार्यकर्ता इस रैली में शामिल होंगे। सभी 8 जिलों का दौरा पूरा कर लिया गया है, जहां जिला अध्यक्षों और स्थानीय नेताओं के साथ रणनीति बना ली गई है। कार्यकर्ताओं से बहुत ही सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। चुनाव के बावजूद कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साहपूनम पासवान ने इस दौरान कहा कि राज्य में चुनावी माहौल और व्यस्तता के बावजूद कार्यकर्ताओं के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। उन्होंने कहा कि आगामी तारीख में वोटिंग और चुनावी प्रक्रियाएं हैं, लेकिन इसके बावजूद राजस्थान की जनता और कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली रैली को सफल बनाने के लिए पूरी तरह एकजुट हैं।

