IDBI Bank Strike: राजस्थान में आईडीबीआई बैंक के निजीकरण के खिलाफ हड़ताल, जयपुर में प्रदर्शन
कनाडा के फेयरफैक्स समूह को बैंक बेचे जाने और निजीकरण के विरोध में यूनाइटेड फोरम के आह्वान पर राजस्थानभर में कर्मचारियों ने कामकाज ठप रखा।
jaipur, 3 नवंबर . Rajasthan के Chief Minister भजन लाल शर्मा के पिता किशन स्वरूप शर्मा ने Tuesday को राज्य में चल रहे पंचायत चुनावों के दौरान अपने…
जल संरक्षण: BRICS Sustainable Lifestyle Week के तीसरे दिन राजस्थान में अभियान
मिशन LiFE के तहत जल संरक्षण, वाटर ऑडिट और वर्षा जल संचयन पर केंद्रित रहे कार्यक्रम, लोगों को दिलाई गई शपथ
स्थानीय बाजारों की समृद्धि से विकसित राजस्थान का संकल्प होगा साकार : कर्नल राज्यवर्धन राठौड़
कैबिनेट मंत्री, राजस्थान सरकार व झोटवाड़ा विधायक कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने दीपावली के अवसर पर जयपुर के ऐतिहासिक जौहरी बाजार, हवामहल का भ्रमण किया...
ब्रिटेन के पर्यटन बाजार में राजस्थान की मजबूत दस्तक, नए पर्यटन अनुभवों और निवेश पर वैश्विक नजर
राजस्थान अब अपनी पारंपरिक पहचान किलों, महलों और रेगिस्तान से आगे बढ़कर वन्यजीव, ग्रामीण जीवन, लोक संस्कृति, इको-टूरिज्म, वेलनेस और विशिष्ट पर्यटन अनुभवों के...
सनी देओल की फिल्म 'सूर्या' का नया गाना 'ढोला जी' रिलीज हो गया है, जिसमें राजस्थान की संस्कृति और लोक संगीत की मनमोहक झलक दिखाई गई है।
इंटरनेट डेस्क। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज राजस्थान के जैसलमेर जिले के दौरे पर हैं। जैसलमेर में रक्षा मंत्रालय की कंसल्टेटिव कमेटी की बैठक को मंत्री राजनाथ सिंह ने संबोधित किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जैसलमेर में रक्षा उत्पादन और निर्यात में भारत की उपलब्धियों का जिक्र किया। मीडिया रिपोटर्स की माने तो रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत का रक्षा उत्पादन 46,429 करोड़ से बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंचा। वर्ष 2029 तक रक्षा उत्पादन को 3 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य है। भारत का रक्षा निर्यात 2014 में 2 हजार करोड़ रुपये से भी कम था। अब देश का रक्षा निर्यात बढ़कर करीब 40 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में नई तकनीक और स्वदेशी हथियारों के विकास पर सरकार का विशेष जोर है। डीआरडीओ की ओर से नई स्कीम्स लॉन्च,आधुनिक हथियारों और मिसाइलों का परीक्षण हो रहा है, निजी क्षेत्र की कंपनियों को रक्षा उत्पादन में समान अवसर सरकार दे रही है। एमएसएमी से लेकर बड़ी कंपनियां तक रक्षा क्षेत्र में अहम भूमिका निभा रही है। pc- jagran
Rajasthan Panchayat Election के तीसरे चरण में दोपहर एक बजे तक 36.76 फीसदी वोटिंग
जयपुर, तीन नवंबर राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के तीसरे चरण के चुनाव में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के निर्वाचन के लिए मंगलवार सुबह से मतदान जारी है और दोपहर एक बजे तक 36.76 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। अधिकारियों के यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और पूर्वाह्न 10 बजे तक 14.89 प्रतिशत मतदान हुआ लेकिन दोपहर एक बजे तक यह आंकड़ा 36.76 प्रतिशत हो गया। इस दौरान प्रतापगढ़ की दलोत पंचायत समिति में सबसे अधिक 46.85 प्रतिशत व बारां की मंगरोल पंचायत समिति में सबसे कम 19.49 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान के दौरान कई जगह इलेक्ट्रिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के खराब होने के मामले भी सामने आए, हालांकि निर्वाचन अधिकारियों ने त्वरित कदम उठाते हुए मतदान बहाल करवाया। कुछ जगह लोगों ने स्थानीय मुद्दों को लेकर मतदान का बहिष्कार भी किया। मतदान शाम छह बजे तक जारी रहेगा। इस चरण में करीब 1.07 करोड़ मतदाता जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों का चुनाव करने के लिए पात्र हैं। इसके लिए 116 पंचायत समितियों में 11,869 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव चार चरणों में कराए जा रहे हैं। पहले चरण में 22 अक्टूबर को 104 पंचायत समितियों में जिला परिषद के 293 और पंचायत समिति के 1,788 वार्ड के लिए मतदान हुआ था। दूसरे चरण में 28 अक्टूबर को 124 पंचायत समितियों में जिला परिषद के 352 और पंचायत समिति के 2,197 वार्ड के लिए मतदान कराया गया। तीसरे चरण के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मंगलवार को रहे चुनाव के बाद पंच व सरपंच पदों के लिए पांच नवंबर को मतदान होगा, जबकि उपसरपंचों का चुनाव छह नवंबर को कराया जाएगा। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के चौथे और अंतिम चरण का मतदान 14 नवंबर को होगा। वहीं, पंच और सरपंच पदों के लिए 16 नवंबर को मतदान कराया जाएगा। मतगणना 20 नवंबर को होगी। जिला प्रमुख और उप जिला प्रमुख के चुनाव क्रमशः 25 और 26 नवंबर को कराए जाएंगे। वहीं, पंचायत समिति प्रधान और उप प्रधान के चुनाव 27 और 28 नवंबर को होंगे।
Government Job Alert: राजस्थान में 3,200 से ज्यादा पदों पर भर्ती के मौके, रेलवे से लेकर स्कूल और मेडिकल विभाग तक नौकरियां
यूट्यूब पर 2.70 करोड़ सब्सक्राइबर्स, पंचायत चुनाव में मिले सिर्फ 277 वोट; राजस्थान में इन्फ्लुएंसर पवन साहू की हार
भिवानी के वुशू खिलाड़ी युवराज बामणिया ने तमिलनाडु के चेन्नई में आयोजित 25वीं जूनियर नेशनल वुशू चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया है। युवराज ने सेमीफाइनल में राजस्थान के खिलाड़ी को हराकर फाइनल में जगह बनाई। खिताबी मुकाबले में उन्होंने दिल्ली के खिलाड़ी को शिकस्त देकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। युवराज की इस उपलब्धि से परिवार और कवि सूरजभान अजायब कॉलोनी में खुशी का माहौल है। युवराज के पिता एवं कोच भारत सूरजभान ने इस सफलता का श्रेय उनकी वर्षों की मेहनत, नियमित अभ्यास और खेल के प्रति लगन को दिया। उन्होंने कहा कि युवराज ने प्रतियोगिता के पहले मुकाबले से ही बेहतरीन तकनीक, आत्मविश्वास और खेल भावना का प्रदर्शन किया। मेहनत और लगन से हासिल किया मुकाम भारत सूरजभान ने कहा कि युवराज की स्वर्णिम उपलब्धि उनकी वर्षों की कड़ी मेहनत और नियमित अभ्यास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस सफलता ने साबित किया है कि भिवानी में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। यहां के खिलाड़ी सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहे हैं। परिवार और खेल प्रेमियों ने दी बधाई युवराज के गोल्ड मेडल जीतने की सूचना मिलते ही कवि सूरजभान अजायब कॉलोनी सहित भिवानी के खेल प्रेमियों में खुशी छा गई। चाचा अनिल कुमार, आनंद, दादी माया, मां शीला, चाची सोनिया, ताई बबली, पूनम, भाई सचिन, राम, देवा, यश, जतिन और बहन पायल व सीनू सहित अन्य लोगों ने युवराज और उनके पिता एवं कोच भारत सूरजभान को बधाई दी। सभी ने उनके उज्ज्वल खेल भविष्य की कामना की।
Rajasthan Panchayat Election के तीसरे चरण में 10 बजे तक 14.89 प्रतिशत मतदान
जयपुर, तीन नवंबर राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के तीसरे चरण के चुनाव में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के निर्वाचन के लिए मंगलवार सुबह से मतदान जारी है जहां शुरुआती तीन घंटे में 14.89 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। अधिकारियों के यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और पूर्वाह्न 10 बजे तक 14.89 प्रतिशत मतदान हुआ। इस दौरान हनुमानगढ़ जंक्शन पंचायत समिति में सबसे अधिक 23.71 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। वहीं बालोतरा की धौरीमन्ना पंचायत समिति में सबसे कम 7.25 प्रतिशत वोट डाले गए। मतदान शाम छह बजे तक जारी रहेगा। इस चरण में करीब 1.07 करोड़ मतदाता जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों का चुनाव करने के लिए पात्र हैं। इसके लिए 116 पंचायत समितियों में 11,869 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव चार चरणों में कराए जा रहे हैं। पहले चरण में 22 अक्टूबर को 104 पंचायत समितियों में जिला परिषद के 293 और पंचायत समिति के 1,788 वार्ड के लिए मतदान हुआ था। दूसरे चरण में 28 अक्टूबर को 124 पंचायत समितियों में जिला परिषद के 352 और पंचायत समिति के 2,197 वार्ड के लिए मतदान कराया गया। तीसरे चरण के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मंगलवार को रहे चुनाव के बाद पंच और सरपंच पदों के लिए पांच नवंबर को मतदान होगा, जबकि उपसरपंचों का चुनाव छह नवंबर को कराया जाएगा। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के चौथे और अंतिम चरण का मतदान 14 नवंबर को होगा। वहीं, पंच और सरपंच पदों के लिए 16 नवंबर को मतदान कराया जाएगा। मतगणना 20 नवंबर को होगी। जिला प्रमुख और उप जिला प्रमुख के चुनाव क्रमशः 25 और 26 नवंबर को कराए जाएंगे। वहीं, पंचायत समिति प्रधान और उप प्रधान के चुनाव 27 और 28 नवंबर को होंगे।
जयपुर में 4 नवंबर को खुलेगा राजस्थान का पहला vivo फ्लैगशिप स्टोर, मानसरोवर में मिलेगा प्रीमियम अनुभव
जयपुर के मानसरोवर में 4 नवंबर 2026 को राजस्थान का पहला vivo फ्लैगशिप स्टोर खुलने जा रहा है। नवीनतम स्मार्टफोन, स्मार्ट डिवाइसेज, प्रीमियम स्टोर अनुभव और MR Glasses जैसी आधुनिक तकनीक से जुड़ी खास सुविधाएं ग्राहकों को आकर्षित करेंगी।
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के बारां जिले में किसान नेता नरेश मीणा को लेकर घटनाक्रम ऐसा बदला की पुलिस उनके घर जा पहुंची। बता दें कि दो दिन पूर्व नाहरगढ़ वन विभाग रेंज कार्यालय में वनकर्मियों के साथ मारपीट, राजकार्य में बाधा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में पुलिस नरेश मीणा की सरगर्मी से तलाश कर रही है। इसी कड़ी में मंगलवार सुबह पुलिस की टीम उनके पैतृक गांव नयागांव में दबिश देने पहुंची, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। 6 नवंबर को देंगे गिरफ्तारी दूसरी ओर, नरेश मीणा ने प्रेस रिलीज जारी कर 6 नवंबर को नाहरगढ़ थाने में स्वयं गिरफ्तारी देने का बड़ा ऐलान कर दिया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि नाहरगढ़ प्रकरण में नामजद आरोपी नरेश मीणा अपने पैतृक गांव नयागांव में मौजूद हो सकते हैं। इस आधार पर मंगलवार सुबह करीब 6.30 बजे पुलिस की टीम नयागांव पहुंची और उनके आवास सहित आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया। काफी देर तक छानबीन के बाद भी नरेश मीणा का कोई पता नहीं चला। इधर, सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई का परिजनों ने कड़ा विरोध किया। नरेश मीणा के माता-पिता ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाया कि टीम बिना किसी पूर्व अनुमति या वारंट के जबरन घर के अंदर घुस आई। परिजनों ने इस कार्यप्रणाली पर कड़ी आपत्ति जताते हुए हंगामा किया। हालांकि, पुलिस की ओर से परिजनों के इन आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। pc- oneindiahindi
Rajasthan Panchayat Elections:
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव के तीसरे चरण के लिए मतदान हो रहा है। आज 27 जिला परिषदों के 377 एवं 116 पंचायत समितियों के 2119 वार्डों में सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो चुका है। 1.06 करोड़ मतदाता आज शाम 6 बजे तक 9094 प्रत्याशियों का भविष्य तय करेंगे। मतदान केन्द्र पर सुबह से ही मतदाताओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। तीसरे चरण का मतदान पूरा होने के बाद केवल चौथे चरण का मतदान 14 नवम्बर को होगा। तीसरे चरण में 27 जिला परिषदों के 377 वार्डों के लिए 1,305 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। वहीं, 116 पंचायत समितियों के 2,119 वार्डों में 7,789 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। जयपुर जिले की पांच पंचायत समितियों एवं जिला परिषद् के वार्डों में भी मतदान हो रहा है। मतदान दलों एवं मतदाताओं की सुविधा के लिए सभी मतदान केंद्रों पर शुद्ध पेयजल, शौचालय, स्वच्छता, विद्युत की निर्बाध आपूर्ति एवं सुरक्षा सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। आपको बता दें कि तृतीय चरण के मतदान के तहत चाकसू पंचायत समिति के 17 पंचायत समिति वार्ड और 32 ग्राम पंचायतों के लिए 93 मतदान केंद्र, कोटखावदा के 15 पंचायत समिति वार्ड और 27 ग्राम पंचायतों के लिए 82 मतदान केंद्र, माधोराजपुरा़ के 15 पंचायत समिति वार्ड और 25 ग्राम पंचायतों के लिए 93 मतदान केंद्र, फागी के 15 पंचायत समिति वार्ड और 26 ग्राम पंचायतों के लिए 90 मतदान केंद्र तथा सांगानेर के 15 पंचायत समिति वार्ड और 23 ग्राम पंचायतों के लिए 84 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इस प्रकार तृतीय चरण में कुल 77 पंचायत समिति वार्ड और 133 ग्राम पंचायतों के लिए 442 मतदान केंद्रों पर मतदान होगा। इन क्षेत्रों में कुल 3 लाख 74 हजार 816 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। सरपंच एवं वार्ड पंच पदों के लिए मतदान गुरुवार को कल ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच एवं वार्ड पंच पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। गुरुवार को प्रातः 7 बजे से सायं 6 बजे तक सरपंच एवं वार्ड पंच पदों के लिए मतदान कराया जाएगा। मतदान के पश्चात संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालय पर मतगणना होगी तथा 6 नवंबर को उपसरपंच पद के लिए चुनाव आयोजित किया जाएगा। जिला परिषद् एवं पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए सभी चरणों की मतगणना 20 नवंबर को प्रातः 8 बजे से श्री भवानी निकेतन कॉलेज ऑफ फार्मेसी परिसर में की जाएगी। PC:patrika अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
झीलों के बीच महल और शाही ठाठ, राजस्थान की ये 4 जगहें हैं बेहद खूबसूरत
Royal Palaces of Rajasthan: राजस्थान की शाही विरासत को करीब से देखना चाहते हैं तो जोधपुर और उदयपुर के इन 4 खूबसूरत महलों की सैर कर सकते हैं. यहां की शानदार वास्तुकला, शाही कमरे और ऐतिहासिक चीजें आपको पुराने राजसी दौर की झलक दिखाएंगी.
फसल बीमा योजना में राजस्थान देशभर में नंबर-1, खरीफ 2025 में जारी हुईं 2.2 करोड़ पॉलिसियां
फसल बीमा योजना में राजस्थान देशभर में नंबर-1, खरीफ 2025 में जारी हुईं 2.2 करोड़ पॉलिसियां
Weather Update: राजस्थान में मौसम रहेगा आज भी शुष्क, सुबह शाम सर्दी का दौर शुरू
इंटरनेट डेस्क। नवंबर की शुरुआत हो चुकी हैं और मौसम का मिजाज भी बदलने लगा है। लोगों को सुबह शाम की गुलाबी सर्दी सताने लगी है। अक्टूबर के आखिरी दिनों में हुई बारिश की गतिविधियां थम गई हैं। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, राज्य में आगामी एक सप्ताह तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की प्रबल संभावना है। मंगलवार, 3 नवंबर को पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के किसी भी जिले में बारिश, आंधी या मेघगर्जन को लेकर कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। मौसम विभाग की माने तो दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बना भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ दक्षिण-पूर्वी आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। इसके आंध्र प्रदेश तट पार करने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार, इस चक्रवाती तूफान का राजस्थान के मौसम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कोई अलर्ट नहीं 3 नवंबर को जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर सहित प्रदेश के सभी जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। पूर्वी राजस्थान के अलवर, दौसा, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक, बारां, बूंदी, झालावाड़ और अन्य जिलों में भी बारिश की संभावना नहीं है। pc- ndtv india
जींद में चाबरी टॉल के पासट्रॉले की टक्कर से ट्रक ड्राइवर की मौत हो गई। 41 वर्षीय मोहम्मद आरिफ खान राजस्थान स्वाईमाधोपुर आर्दश नगर हरिजन मोहल्ला के रहने वाले थे। मृतक 8 भाईयों और एक बहन व 6 बेटियों और एक बेटे के पिता थे। सूचना के बाद सदर पुलिस ने अज्ञात ट्रॉला चालक के खिलाफ केस दर्ज कर शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। गोबिंदगढ़ से जयपुर जाना था मृतक के भाई तारीफ खान ने सदर पुलिस को शिकायत दी। जिसमें बताया कि वे 8 भाई हैं और सभी अलग-अलग रहते हैं। मेरे एक भाई मोहम्मद आरिफ ट्रक चलाते हैं। पंजाब की गोविंदगढ़ मंडी से उन्होंने ट्रक में सरिया लोड किया था। जिसे जयपुर लेकर जाना था। चाबरी टोल के पास सड़क पर चल रहे काम के चलते रूट डायवर्ट किया हुआ था। जिस रास्ते में मोहम्मद आरिफ के आगे एक ट्रॉला ड्राइवर रफ ड्राइवरी कर रहा था। अचानक ब्रेक लगाने से हादसा आरिफ ने जब ट्रॉले को क्रॉस करना चाहा तो ट्रॉला चालक ने अपनी गाड़ी को ट्रक के सामने लेकर अचानक ब्रेक लगा दिए। जिससे ट्रक ट्रॉले में घुस गया। जिसके बाद ट्रॉला चालक गाड़ी छोड्कर भाग गया। एक्सीडेंट में घायल उसके भाई को जींद अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि उनके सात बच्चों में 6 बेटियों और एक बेटा है। सूचना के बाद सदर थाना पुलिस ने शव कब्जे में लिया। भाई की शिकायत पर अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर शव परिजनों को सौंप दिया।
दुबे दंपती को मिला राजस्थान गौरव अवार्ड
झालावाड़| सामाजिक सरोकारों, जनसेवा और आकाशवाणी के माध्यम से जनजागरूकता फैलाने में उल्लेखनीय योगदान के लिए नरेंद्र कुमार दुबे व पुष्पलता दुबे दंपती को सामर्थ्य राजस्थान गौरव अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया। सामर्थ्य सेवा संस्थान झालावाड़ की ओर से आयोजित सातवें राष्ट्रीय सामर्थ्य ग्लोबल एक्सीलेंस एवं सामर्थ्य राजस्थान गौरव अवार्ड समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। समारोह झालावाड़ के मिस्टिन क्लब एंड रिसोर्ट स्थित शीश महल सभागार में हुआ। मुख्य अतिथि एसपी अमित कुमार बुढ़ानिया रहे, जबकि अध्यक्षता उप वन संरक्षक सागर पंवार ने की। पूर्व कॉलेज शिक्षा आयुक्त डॉ. ओमप्रकाश बैरवा और सुप्रीम कोर्ट के सीनियर काउंसलर डॉ. एपी सिंह अति विशिष्ट अतिथि रहे। संस्थान के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. रामजी लाल चंद्रवाल के निर्देशन में हुए समारोह में उत्कृष्ट कार्य वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।
इशारों की भाषा, मैदान पर राजस्थान का दम; डेफ क्रिकेट में नेशनल रनरअप रही
न बोल सकते हैं, न सुन सकते हैं, लेकिन क्रिकेट के मैदान पर इन खिलाड़ियों का जज्बा किसी से कम नहीं। इशारों की भाषा में एक-दूसरे से बात करते हुए इनकी आपसी बॉन्डिंग और तालमेल टीम की सबसे बड़ी ताकत है। जीत की खुशी का भी इनका अंदाज खास है। ये ताली नहीं बजाते, बल्कि दोनों हाथ ऊपर उठाकर जीत का जश्न मनाते हैं। सूरत में हुई 10वीं नेशनल टी-20 क्रिकेट चैंपियनशिप फॉर द डेफ में राजस्थान की इस मूकबधिर क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उपविजेता का खिताब जीता। टीम ने गुजरात, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, मुंबई, केरल और विदर्भ को हराकर फाइनल तक का सफर तय किया। सेमीफाइनल में मुंबई जैसी मजबूत टीम को शिकस्त देना अभियान का खास पड़ाव रहा। फाइनल में जम्मू-कश्मीर से क्लोज एनकाउंटर में हार का सामना करना पड़ा। खिलाड़ी पूरे जोश और मेहनत के साथ तैयारियां करते हैं। मैदान पर संकेतों के जरिए रणनीति समझते और एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हैं। राजस्थान को उपविजेता ट्रॉफी के साथ एक लाख रुपए का नकद पुरस्कार भी मिला। राजस्थान के बेस्ट परफॉर्मर: सोनू शर्मा : 239 रन, 12 विकेट, अंकित जांगिड़ : 236 रन, 15 विकेट,संजू शर्मा : 19 विकेट, सुनील शर्मा : 12 विकेट।
जूनियर नेशनल वुशू में राजस्थान की धाक, सांडा इवेंट में बालक की टीम रही उपविजेता
चेन्नई में 28 अक्टूबर से 2 नवंबर तक आयोजित 25वीं जूनियर राष्ट्रीय वुशू प्रतियोगिता में राजस्थान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 18 पदक जीते। टीम ने तीन स्वर्ण, आठ रजत और सात कांस्य पदक हासिल किए। सांडा बालक वर्ग में राजस्थान ने दो स्वर्ण, एक रजत और पांच कांस्य के साथ टीम चैंपियनशिप में दूसरा स्थान प्राप्त किया। बालिका वर्ग में एक स्वर्ण और तीन रजत पदक के साथ टीम तीसरे स्थान पर रही। स्वर्ण पदक विजेताओं में सुनील, रिया और धर्मेश शामिल रहे। रजत पदक हरिओम, गायत्री, प्रियांशी, समीक्षा, रिद्धिमा, यशराज, हिमांगी और शिवम ने जीते। कांस्य पदक विजेताओं में दुष्यंत, खुशदीप, मनीष, मनीष, अंशऔर देव शामिल रहे। राजस्थान वुशू संघ के अध्यक्ष हीरानंद कटारिया ने खिलाड़ियों को बधाई दी।
पश्चिम क्षेत्र इंटर यूनिवर्सिटी हॉकी; राजस्थान 12-0 से जीता
राजस्थान विश्वविद्यालय की महिला हॉकी टीम ने पश्चिम क्षेत्र अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में 12-0 की बड़ी जीत के साथ अभियान शुरू किया। मेजबान टीम ने अपने पहले मुकाबले में जीजीटीयू गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा को एकतरफा शिकस्त दी। प्रतियोगिता के पहले दिन एलएनआईपीई ने एचएनजीयू को 9-0 से हराया, जबकि एमकेबीयू भावनगर ने जेएनवीयू जोधपुर को 13-0 से मात दी। कोटा विश्वविद्यालय ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर को कड़े मुकाबले में 2-1 से हराया। अन्य मुकाबलों में डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय ने एमएलएसयू उदयपुर को 5-0, एमएसयू बड़ौदा ने आरटीएम नागपुर को 6-0 और आरटीएम नागपुर ने डीएवीवी इंदौर को 3-0 से पराजित किया।
Agra News: राजस्थान से खपाया जा रहा मिलावटी दूध, पनीर और खोआ
राजस्थान से खपाया जा रहा मिलावटी दूध, पनीर और खोआ
Jind News: हाईवे 152-डी पर दो ट्रकों की भिड़ंत, राजस्थान के चालक की मौत
मृतक के भाई तारीफ खान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मोहम्मद आरिफ पेशे से ट्रक चालक था और उसके सात बच्चे हैं।
Kanpur News: हैरिस गन हाउस से बिहार से राजस्थान तक गए असलहे
Weapons from Harris Gun House made their way from Bihar to Rajasthan.
आईएएस शिखर मामला: भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, राजस्थान सरकार ने गोयल फैशंस को मिलने वाले लाभ रोके
आईएएस शिखर मामला: भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, राजस्थान सरकार ने गोयल फैशंस को मिलने वाले लाभ रोके
Online Exam Form 2026: आवेदन करते समय इन 6 गलतियों से बचें, वरना रिजेक्ट हो सकता है आपका फॉर्म
Online Exam and Admission Form 2026: सरकारी नौकरी की परीक्षा, कॉलेज एडमिशन या किसी प्रतियोगी परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। राजस्थान ई-मित्र (e-Mitra) ने छात्रों और अभ्यर्थियों को ऑनलाइन फॉर्म भरते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। आवेदन में नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, फोटो और हस्ताक्षर जैसी जानकारियां सही तरीके से दर्ज करना जरूरी है। ई-मित्र की ओर से साझा किए गए जागरूकता संदेश में बताया गया है कि ऑनलाइन आवेदन जमा करने से पहले सभी विवरणों की दोबारा जांच करनी चाहिए। इसके अलावा आवेदन पूरा होने के बाद रसीद या एप्लीकेशन नंबर सुरक्षित रखना भी आवश्यक है। कई बार उम्मीदवार जल्दबाजी में गलत जानकारी दर्ज कर देते हैं। ऐसी गलतियों से आवेदन में परेशानी आ सकती है। कुछ भर्ती और प्रवेश प्रक्रियाओं में गलत जानकारी के कारण आवेदन अस्वीकार भी किया जा सकता है। Online Form Filling 2026: आवेदन करते समय किन बातों का रखें ध्यान? ऑनलाइन परीक्षा और एडमिशन फॉर्म भरते समय उम्मीदवारों को सबसे पहले संबंधित विभाग या संस्थान की आधिकारिक अधिसूचना पढ़नी चाहिए। इसमें पात्रता, शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, जरूरी दस्तावेज, आवेदन शुल्क और अंतिम तारीख जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाती हैं। इसके बाद आवेदन में मांगे गए विवरण सावधानीपूर्वक भरने चाहिए। विशेष रूप से व्यक्तिगत जानकारी और दस्तावेजों से संबंधित गलतियां भविष्य में दस्तावेज सत्यापन के दौरान परेशानी पैदा कर सकती हैं। 1. नाम की स्पेलिंग सही दर्ज करें ऑनलाइन आवेदन में उम्मीदवार का नाम महत्वपूर्ण जानकारी होती है। फॉर्म भरते समय नाम की स्पेलिंग संबंधित परीक्षा या प्रवेश प्रक्रिया में निर्धारित दस्तावेजों के अनुसार दर्ज करनी चाहिए। कई बार उम्मीदवार आधार कार्ड, दसवीं की मार्कशीट या अन्य दस्तावेजों में दर्ज नाम के बीच अंतर होने पर गलत जानकारी भर देते हैं। ऐसी स्थिति में संबंधित भर्ती या प्रवेश अधिसूचना में दिए गए निर्देशों का पालन करना जरूरी है। नाम में गलती होने पर आगे चलकर एडमिट कार्ड, परिणाम या दस्तावेज सत्यापन के दौरान परेशानी हो सकती है। 2. जन्मतिथि भरते समय न करें गलती जन्मतिथि यानी Date of Birth ऑनलाइन आवेदन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। कई प्रतियोगी परीक्षाओं में आयु सीमा के आधार पर उम्मीदवार की पात्रता तय की जाती है। इसलिए जन्मतिथि दर्ज करते समय दिन, महीना और वर्ष सही भरना चाहिए। विशेष रूप से तारीख के प्रारूप पर ध्यान दें, क्योंकि कुछ वेबसाइटों पर DD/MM/YYYY और अन्य प्रारूप इस्तेमाल किए जा सकते हैं। जन्मतिथि गलत दर्ज होने से आयु संबंधी पात्रता प्रभावित हो सकती है। 3. मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी सक्रिय रखें ऑनलाइन परीक्षा और एडमिशन फॉर्म में मोबाइल नंबर तथा ईमेल आईडी भी महत्वपूर्ण होते हैं। कई संस्थान आवेदन की स्थिति, परीक्षा से संबंधित सूचना या अन्य जरूरी अपडेट इन्हीं संपर्क माध्यमों पर भेजते हैं। इसलिए ऐसा मोबाइल नंबर दर्ज करें, जो आपके इस्तेमाल में हो और सक्रिय हो। इसी तरह ईमेल आईडी भी सही और चालू होनी चाहिए। गलत मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी दर्ज होने पर महत्वपूर्ण सूचनाएं प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है। उम्मीदवारों को आवेदन करने के बाद भी संबंधित आधिकारिक वेबसाइट नियमित रूप से जांचते रहना चाहिए, क्योंकि सभी सूचनाएं SMS या ईमेल से मिलना जरूरी नहीं है। 4. फोटो अपलोड करते समय इन बातों का रखें ध्यान ऑनलाइन आवेदन में उम्मीदवार की फोटो निर्धारित नियमों के अनुसार अपलोड करनी होती है। अलग-अलग परीक्षाओं और संस्थानों में फोटो का आकार, फाइल फॉर्मेट, बैकग्राउंड और अन्य शर्तें अलग हो सकती हैं। इसलिए फोटो अपलोड करने से पहले आधिकारिक निर्देश पढ़ें। यदि वेबसाइट पर निर्धारित साइज या फॉर्मेट की शर्त दी गई है, तो उसी के अनुसार फोटो तैयार करें। कुछ परीक्षाओं में हाल की फोटो या लाइव फोटो कैप्चर जैसी विशेष आवश्यकताएं भी हो सकती हैं। गलत फोटो अपलोड करने से आवेदन में आपत्ति आ सकती है। 5. हस्ताक्षर अपलोड करने में सावधानी बरतें फोटो के साथ उम्मीदवार का हस्ताक्षर भी कई ऑनलाइन फॉर्म में मांगा जाता है। हस्ताक्षर स्पष्ट होना चाहिए और उसका फाइल फॉर्मेट संबंधित वेबसाइट की शर्तों के अनुसार होना चाहिए। धुंधले, अधूरे या गलत तरीके से अपलोड किए गए हस्ताक्षर आवेदन में परेशानी पैदा कर सकते हैं। यदि किसी परीक्षा में हस्ताक्षर के लिए विशेष रंग, आकार या अन्य निर्देश दिए गए हैं, तो उनका पालन करना जरूरी है। उम्मीदवारों को अंतिम सबमिशन से पहले अपलोड किए गए हस्ताक्षर का प्रीव्यू अवश्य देखना चाहिए। 6. आवेदन जमा करने से पहले सभी विवरण दोबारा जांचें ई-मित्र ने विशेष रूप से ऑनलाइन आवेदन सबमिट करने से पहले सभी जानकारियों की दोबारा जांच करने की सलाह दी है। इसमें नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, फोटो और हस्ताक्षर शामिल हैं। इसके अलावा यदि फॉर्म में शैक्षणिक योग्यता, श्रेणी, पता या अन्य विवरण मांगे गए हैं, तो उनकी भी जांच करनी चाहिए। कई ऑनलाइन आवेदन प्रणालियों में अंतिम सबमिशन के बाद बदलाव की सुविधा सीमित होती है। कुछ संस्थान सुधार के लिए अलग करेक्शन विंडो उपलब्ध कराते हैं, जबकि कुछ प्रक्रियाओं में संशोधन की अनुमति नहीं होती। इसलिए आवेदन जमा करने से पहले सभी विवरण सही होना जरूरी है। Application Number: आवेदन के बाद रसीद सुरक्षित रखना क्यों जरूरी है? ऑनलाइन आवेदन पूरा होने के बाद प्राप्त रसीद या एप्लीकेशन नंबर सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। इस नंबर की मदद से उम्मीदवार संबंधित पोर्टल पर आवेदन की स्थिति जांच सकते हैं, यदि यह सुविधा उपलब्ध हो। इसके अलावा एडमिट कार्ड डाउनलोड करने, आवेदन का प्रिंट निकालने या संबंधित विभाग से संपर्क करने में भी आवेदन संख्या उपयोगी हो सकती है। इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन की रसीद डाउनलोड करके सुरक्षित रखनी चाहिए। आवश्यकता के अनुसार उसकी प्रिंट कॉपी भी रखी जा सकती है। हालांकि, केवल आवेदन संख्या मिलना हर प्रक्रिया में आवेदन की अंतिम स्वीकृति का प्रमाण नहीं होता। आवेदन और शुल्क भुगतान की स्थिति भी जांचनी चाहिए। e-Mitra Exam Form: ई-मित्र से आवेदन करते समय क्या करें? राजस्थान में कई नागरिक ऑनलाइन सेवाओं के लिए ई-मित्र कियोस्क की सहायता लेते हैं। यदि आप किसी परीक्षा या एडमिशन फॉर्म को भरने के लिए अधिकृत ई-मित्र केंद्र जाते हैं, तो संचालक को सही दस्तावेज और विवरण उपलब्ध कराएं। फॉर्म भरने के बाद स्क्रीन पर दर्ज जानकारियों की स्वयं जांच करें। विशेष रूप से नाम, जन्मतिथि, श्रेणी, फोटो और हस्ताक्षर जैसे विवरणों पर ध्यान दें। आवेदन पूरा होने पर रसीद और एप्लीकेशन नंबर अवश्य प्राप्त करें। यदि कोई शुल्क लिया जाता है, तो उसका विवरण और उपलब्ध आधिकारिक रसीद भी जांचें। गलत जानकारी भरने पर क्या फॉर्म में सुधार हो सकता है? यह पूरी तरह संबंधित परीक्षा, भर्ती बोर्ड या शैक्षणिक संस्थान के नियमों पर निर्भर करता है। कुछ संस्थान आवेदन में सुधार के लिए निश्चित अवधि की करेक्शन विंडो खोलते हैं। इस दौरान उम्मीदवारों को कुछ निर्धारित जानकारियों में संशोधन करने की अनुमति मिल सकती है। हालांकि, सभी विवरणों में बदलाव की अनुमति मिलना जरूरी नहीं है। यदि आवेदन में कोई गलती हो गई है, तो संबंधित आधिकारिक वेबसाइट पर सुधार संबंधी निर्देश देखें। किसी अनधिकृत व्यक्ति के सुधार कराने के दावे पर भरोसा करने से बचें। Online Exam Form Safety: साइबर फ्रॉड से भी रहें सावधान ऑनलाइन आवेदन करते समय उम्मीदवारों को फर्जी वेबसाइटों और संदिग्ध लिंक से सावधान रहना चाहिए। किसी परीक्षा या कॉलेज के नाम से बनाई गई नकली वेबसाइट पर व्यक्तिगत जानकारी या भुगतान विवरण दर्ज करना जोखिमपूर्ण हो सकता है। इसलिए आवेदन हमेशा संबंधित संस्था की आधिकारिक वेबसाइट या उसके अधिकृत सेवा माध्यम से करें। किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, पासवर्ड या बैंकिंग जानकारी साझा न करें। भुगतान करने से पहले वेबसाइट और भुगतान विवरण की पुष्टि करें। निष्कर्ष राजस्थान ई-मित्र की ओर से जारी जागरूकता संदेश ऑनलाइन परीक्षा और एडमिशन फॉर्म भरने वाले उम्मीदवारों के लिए उपयोगी है। आवेदन करते समय नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, फोटो और हस्ताक्षर सही दर्ज करना जरूरी है। अंतिम सबमिशन से पहले सभी विवरणों की दोबारा जांच करें। इसके अलावा आवेदन पूरा होने पर रसीद या एप्लीकेशन नंबर सुरक्षित रखें, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर उसका इस्तेमाल किया जा सके। Source Credit: e-Mitra Rajasthan, Government of Rajasthan — ऑनलाइन परीक्षा एवं प्रवेश आवेदन भरने से संबंधित आधिकारिक जागरूकता संदेश। Official e-Mitra Portal: https://emitra.rajasthan.gov.in/ Rajasthan Government Portal: https://rajasthan.gov.in/
e-Mitra Rajasthan 2026: राजस्थान के नागरिकों के लिए सरकारी प्रमाण पत्रों से जुड़ी एक उपयोगी जानकारी सामने आई है। अब राज्य के लोग राजस्व विभाग के अंतर्गत जारी डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्रों का प्रिंट प्राप्त करने के लिए अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र की सहायता ले सकते हैं। इनमें मूल निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और अन्य पात्र डिजिटल सर्टिफिकेट शामिल हैं। ई-मित्र राजस्थान की ओर से साझा किए गए जागरूकता संदेश में बताया गया है कि नागरिक अपने नजदीकी ई-मित्र कियोस्क पर जाकर राजस्व विभाग के डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्रों का प्रिंट आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिनके प्रमाण पत्र पहले ही जारी हो चुके हैं, लेकिन उन्हें उसकी प्रिंट कॉपी की आवश्यकता है। e-Mitra Certificate Print: किन प्रमाण पत्रों का प्रिंट मिलेगा? राजस्थान में राजस्व विभाग से संबंधित विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं। ई-मित्र की साझा सूचना के अनुसार, नागरिक डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्रों का प्रिंट प्राप्त करने के लिए कियोस्क की सहायता ले सकते हैं। इनमें प्रमुख रूप से निम्न प्रमाण पत्र शामिल हो सकते हैं: मूल निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate) जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) राजस्व विभाग के अन्य पात्र डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्र हालांकि, प्रत्येक प्रमाण पत्र की उपलब्धता संबंधित विभाग के रिकॉर्ड और सेवा की स्थिति पर निर्भर करेगी। इसलिए किसी विशेष प्रमाण पत्र का प्रिंट प्राप्त करने से पहले ई-मित्र केंद्र पर उसकी उपलब्धता की पुष्टि करना उचित रहेगा। Digitally Signed Certificate क्या होता है? डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्र ऐसा इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज होता है, जिस पर अधिकृत विभाग या अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर होते हैं। डिजिटल हस्ताक्षर का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज की प्रामाणिकता और अखंडता की पुष्टि करने में सहायता करना है। इस प्रकार के प्रमाण पत्रों में संबंधित विभाग द्वारा जारी जानकारी इलेक्ट्रॉनिक रूप में उपलब्ध होती है। कई डिजिटल प्रमाण पत्रों में सत्यापन के लिए प्रमाण पत्र संख्या, QR कोड या अन्य इलेक्ट्रॉनिक विवरण भी हो सकते हैं। हालांकि, सत्यापन की सुविधा और उसका तरीका प्रमाण पत्र के प्रकार तथा संबंधित विभाग की व्यवस्था पर निर्भर करता है। ई-मित्र केंद्र से मूल निवास या जाति प्रमाण पत्र का प्रिंट कैसे लें? यदि आपका प्रमाण पत्र पहले से डिजिटल रूप में जारी हो चुका है, तो उसकी प्रिंट कॉपी प्राप्त करने के लिए नजदीकी ई-मित्र केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। प्रक्रिया सामान्यतः इस प्रकार हो सकती है: सबसे पहले अपने नजदीकी अधिकृत ई-मित्र कियोस्क पर जाएं। संचालक को बताएं कि आपको राजस्व विभाग के डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्र का प्रिंट चाहिए। प्रमाण पत्र का प्रकार बताएं, जैसे मूल निवास या जाति प्रमाण पत्र। उपलब्ध होने पर आवेदन संख्या, प्रमाण पत्र संख्या या अन्य आवश्यक विवरण दें। कियोस्क संचालक संबंधित सेवा के माध्यम से प्रमाण पत्र की उपलब्धता जांच सकता है। प्रमाण पत्र उपलब्ध होने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उसका प्रिंट प्राप्त किया जा सकता है। प्रिंट लेने के बाद नाम, पता और अन्य विवरण की जांच करें। यह प्रक्रिया संबंधित ई-मित्र सेवा और प्रमाण पत्र के प्रकार के अनुसार अलग हो सकती है। Certificate Print के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी? डिजिटल प्रमाण पत्र का प्रिंट प्राप्त करने के लिए आवश्यक जानकारी संबंधित सेवा पर निर्भर करती है। आवेदन संख्या, प्रमाण पत्र संख्या या पहले से उपलब्ध प्रमाण पत्र की डिजिटल कॉपी उपयोगी हो सकती है। कुछ परिस्थितियों में पहचान संबंधी जानकारी भी मांगी जा सकती है। हालांकि, साझा आधिकारिक संदेश में दस्तावेजों की कोई निश्चित सूची नहीं दी गई है। इसलिए नागरिकों को कियोस्क पर जाने से पहले संबंधित प्रमाण पत्र का विवरण अपने पास रखना चाहिए। क्या बिना नया आवेदन किए प्रमाण पत्र का प्रिंट मिल सकता है? यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। यदि मूल निवास या जाति प्रमाण पत्र पहले ही जारी हो चुका है और उसका डिजिटल रिकॉर्ड संबंधित सेवा में उपलब्ध है, तो नागरिक उसकी प्रिंट कॉपी प्राप्त करने की सुविधा का उपयोग कर सकते हैं। लेकिन यदि किसी व्यक्ति का प्रमाण पत्र अभी तक बना ही नहीं है, तो केवल प्रिंट सेवा से नया प्रमाण पत्र जारी नहीं होगा। नया प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए संबंधित विभाग की निर्धारित आवेदन, दस्तावेज सत्यापन और स्वीकृति प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसी तरह यदि आवेदन अभी लंबित है, तो प्रमाण पत्र जारी होने से पहले उसकी अंतिम डिजिटल कॉपी उपलब्ध होना आवश्यक नहीं है। मूल निवास प्रमाण पत्र कहां काम आता है? राजस्थान में मूल निवास प्रमाण पत्र विभिन्न सरकारी और शैक्षणिक प्रक्रियाओं में मांगा जा सकता है। उदाहरण के लिए, कुछ शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश, राज्य से संबंधित पात्रता सत्यापन या अन्य सरकारी सेवाओं में इसकी आवश्यकता हो सकती है। हालांकि, प्रत्येक योजना और आवेदन में मूल निवास प्रमाण पत्र की अनिवार्यता अलग होती है। इसलिए किसी भर्ती, प्रवेश या सरकारी योजना के लिए आवेदन करते समय संबंधित अधिसूचना में दस्तावेज संबंधी शर्तें अवश्य पढ़नी चाहिए। जाति प्रमाण पत्र क्यों महत्वपूर्ण है? जाति प्रमाण पत्र का उपयोग उन प्रक्रियाओं में किया जा सकता है, जहां संबंधित श्रेणी की पात्रता का प्रमाण देना आवश्यक होता है। राज्य सरकार की कुछ भर्ती प्रक्रियाओं, शैक्षणिक प्रवेश और पात्रता आधारित योजनाओं में इसकी जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, प्रमाण पत्र का प्रारूप, वैधता, जारी करने वाला प्राधिकारी और स्वीकार्यता संबंधित नियमों पर निर्भर करती है। राज्य स्तरीय और केंद्रीय प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक प्रमाण पत्र के प्रारूप में भी अंतर हो सकता है। इसलिए आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आपके पास संबंधित प्रक्रिया के लिए सही प्रमाण पत्र मौजूद है। क्या डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्र का प्रिंट मान्य होगा? डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्र इलेक्ट्रॉनिक रूप में जारी किया गया आधिकारिक दस्तावेज हो सकता है। लेकिन किसी विशेष कार्यालय, भर्ती प्रक्रिया या संस्थान में उसकी प्रिंट कॉपी की स्वीकार्यता संबंधित नियमों और सत्यापन आवश्यकताओं पर निर्भर करेगी। कुछ प्रक्रियाओं में ऑनलाइन सत्यापन, QR कोड या प्रमाण पत्र संख्या के माध्यम से दस्तावेज की जांच की जा सकती है। इसलिए केवल प्रिंट कॉपी प्राप्त करना पर्याप्त मानने के बजाय संबंधित संस्था के निर्देशों की पुष्टि करनी चाहिए। e-Mitra Certificate Print Fees: कितना लगेगा शुल्क? ई-मित्र की साझा सूचना में डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्रों के प्रिंट के लिए किसी निश्चित शुल्क का उल्लेख नहीं किया गया है। यदि संबंधित सेवा पर कोई निर्धारित शुल्क लागू है, तो नागरिकों को उसकी जानकारी कियोस्क से प्राप्त करनी चाहिए। भुगतान करने से पहले सेवा शुल्क की पुष्टि करना और जहां लागू हो, आधिकारिक रसीद लेना उचित रहेगा। किसी अनधिकृत व्यक्ति को अतिरिक्त राशि देने से बचें। प्रमाण पत्र का प्रिंट लेते समय किन बातों का ध्यान रखें? प्रमाण पत्र की प्रिंट कॉपी प्राप्त करने के बाद उस पर दर्ज नाम, पिता या अभिभावक का नाम, पता और अन्य आवश्यक विवरण जांचें। इसके अलावा प्रमाण पत्र संख्या, जारी करने की तारीख और डिजिटल हस्ताक्षर संबंधी जानकारी भी देख लें। यदि किसी जानकारी में गलती दिखाई देती है, तो संबंधित विभाग की निर्धारित सुधार प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त करें। ध्यान रखें कि केवल प्रमाण पत्र का नया प्रिंट लेने से उसके मूल रिकॉर्ड में मौजूद गलती अपने आप ठीक नहीं होती। निष्कर्ष राजस्थान में ई-मित्र केंद्रों के माध्यम से नागरिक राजस्व विभाग के डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त मूल निवास, जाति और अन्य पात्र प्रमाण पत्रों का प्रिंट प्राप्त करने में सहायता ले सकते हैं। यह सुविधा उन लोगों के लिए उपयोगी है, जिनके प्रमाण पत्र पहले ही जारी हो चुके हैं और जिन्हें उनकी प्रिंट कॉपी की जरूरत है। नागरिकों को प्रमाण पत्र से संबंधित विवरण अपने पास रखना चाहिए और नजदीकी अधिकृत ई-मित्र कियोस्क पर उपलब्ध सेवा तथा लागू शुल्क की पुष्टि करनी चाहिए। Source Credit: e-Mitra Rajasthan, Government of Rajasthan — राजस्व विभाग के डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्रों की प्रिंट सेवा से संबंधित आधिकारिक जागरूकता संदेश। Official e-Mitra Portal: https://emitra.rajasthan.gov.in/ Rajasthan Government Portal: https://rajasthan.gov.in/
Vehicle Insurance 2026: बाइक या कार का बीमा करवाना हुआ आसान, अब नजदीकी ई-मित्र केंद्र से मिलेगी मदद
Vehicle Insurance 2026: राजस्थान में बाइक, स्कूटर और कार मालिकों के लिए वाहन बीमा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। यदि आप अपने दोपहिया या चारपहिया वाहन का बीमा करवाना चाहते हैं, तो अब नजदीकी ई-मित्र (e-Mitra) केंद्र पर जाकर इससे संबंधित जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकते हैं। ई-मित्र की ओर से साझा किए गए जागरूकता संदेश में नागरिकों को वाहन बीमा सेवाओं के लिए अपने नजदीकी कियोस्क से संपर्क करने की सलाह दी गई है। वाहन बीमा केवल दुर्घटना के समय आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का माध्यम नहीं है, बल्कि मोटर वाहन कानून के तहत सड़क पर चलने वाले वाहनों के लिए कम से कम वैध थर्ड-पार्टी बीमा होना भी आवश्यक है। ऐसे में जिन वाहन मालिकों की बीमा पॉलिसी समाप्त होने वाली है या जो नया वाहन खरीद रहे हैं, उनके लिए बीमा संबंधी जानकारी प्राप्त करना जरूरी है। e-Mitra Vehicle Insurance: ई-मित्र केंद्र पर मिलेगी बीमा संबंधी सहायता राजस्थान सरकार की ई-मित्र व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न सेवाओं से संबंधित सहायता उपलब्ध कराई जाती है। अब वाहन बीमा से संबंधित जानकारी और सहायता के लिए भी नागरिक अपने नजदीकी ई-मित्र कियोस्क पर संपर्क कर सकते हैं। साझा सूचना के अनुसार, दोपहिया और चारपहिया वाहन मालिक इस सुविधा के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, संदेश में किसी विशेष बीमा कंपनी, प्रीमियम राशि, पॉलिसी योजना या निर्धारित सेवा शुल्क का उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए बीमा करवाने से पहले उपलब्ध विकल्पों और लागू शर्तों की पुष्टि करना आवश्यक है। Vehicle Insurance Rules: क्या बाइक और कार का बीमा जरूरी है? भारत में मोटर वाहन अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थानों पर वाहन चलाने के लिए कम से कम वैध थर्ड-पार्टी मोटर बीमा होना आवश्यक है। यह नियम सामान्य रूप से दोपहिया और चारपहिया दोनों प्रकार के वाहनों पर लागू होता है। थर्ड-पार्टी बीमा का उद्देश्य वाहन से संबंधित दुर्घटना में किसी अन्य व्यक्ति को होने वाली चोट, मृत्यु या संपत्ति के नुकसान के लिए लागू नियमों के अनुसार देय कानूनी जिम्मेदारी को कवर करना है। हालांकि, केवल थर्ड-पार्टी बीमा होने पर अपने वाहन को हुए नुकसान की भरपाई सामान्यतः नहीं मिलती। इसके लिए अलग प्रकार के बीमा कवर की आवश्यकता हो सकती है। Third Party और Comprehensive Insurance में क्या अंतर है? वाहन बीमा करवाते समय दो प्रमुख विकल्पों के बारे में जानकारी होना जरूरी है। 1. थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस यह मोटर वाहन कानून के तहत आवश्यक न्यूनतम बीमा कवर है। इसके माध्यम से वाहन के इस्तेमाल से किसी तीसरे पक्ष को होने वाले नुकसान से संबंधित कानूनी जिम्मेदारी को पॉलिसी की शर्तों के अनुसार कवर किया जाता है। इसमें सामान्यतः अपने वाहन को हुए नुकसान का कवर शामिल नहीं होता। 2. कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस कॉम्प्रिहेंसिव मोटर बीमा में थर्ड-पार्टी कवर के साथ अपने वाहन को होने वाले कुछ निर्धारित नुकसान का कवर भी शामिल हो सकता है। उदाहरण के लिए, पॉलिसी की शर्तों के अनुसार दुर्घटना, चोरी, आग या कुछ प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कवर किया जा सकता है। हालांकि, प्रत्येक पॉलिसी में कवर, अपवाद और दावा संबंधी नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए केवल प्रीमियम देखकर बीमा खरीदने के बजाय पॉलिसी की पूरी शर्तें पढ़नी चाहिए। ई-मित्र केंद्र से वाहन बीमा की जानकारी कैसे प्राप्त करें? यदि आप अपनी बाइक, स्कूटर या कार का बीमा करवाना चाहते हैं, तो नजदीकी अधिकृत ई-मित्र केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। सहायता प्राप्त करने के लिए इन चरणों का पालन करें: सबसे पहले अपने नजदीकी अधिकृत ई-मित्र कियोस्क पर जाएं। कियोस्क संचालक को बताएं कि आपको दोपहिया या चारपहिया वाहन का बीमा करवाना है। उपलब्ध बीमा सेवाओं और संबंधित कंपनियों की जानकारी प्राप्त करें। अपने वाहन की श्रेणी और बीमा आवश्यकता के अनुसार विकल्प समझें। प्रीमियम, बीमा अवधि और लागू शुल्क की जानकारी लें। पॉलिसी की शर्तों तथा उपलब्ध कवर की जांच करें। सेवा उपलब्ध होने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने पर बीमा संबंधी आवेदन में सहायता प्राप्त करें। ध्यान रखें कि सभी ई-मित्र केंद्रों पर प्रत्येक बीमा कंपनी की सभी योजनाएं उपलब्ध होना जरूरी नहीं है। Vehicle Insurance Documents: किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है? वाहन बीमा करवाते समय बीमा कंपनी और पॉलिसी के प्रकार के अनुसार अलग-अलग विवरण मांगे जा सकते हैं। सामान्यतः वाहन की रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), वाहन नंबर, मालिक का नाम, संपर्क विवरण और पिछली बीमा पॉलिसी की जानकारी उपयोगी होती है। कुछ मामलों में वाहन की स्थिति, पिछली पॉलिसी की समाप्ति या बीमा कंपनी के नियमों के अनुसार निरीक्षण की आवश्यकता भी हो सकती है। यदि आप पुरानी पॉलिसी का नवीनीकरण करवा रहे हैं, तो उसका विवरण अपने साथ रखना बेहतर रहेगा। हालांकि, आवश्यक दस्तावेजों की अंतिम सूची संबंधित बीमा कंपनी द्वारा निर्धारित की जाती है। Vehicle Insurance Premium: बाइक और कार का बीमा कितने में होगा? वाहन बीमा का प्रीमियम कई बातों पर निर्भर करता है। इनमें वाहन का प्रकार, इंजन क्षमता, उम्र, बीमा कवर, वाहन का बीमित घोषित मूल्य (IDV) और चुने गए अतिरिक्त कवर शामिल हो सकते हैं। थर्ड-पार्टी बीमा की दरें लागू नियामकीय व्यवस्था के अनुसार निर्धारित होती हैं, जबकि अपने वाहन के नुकसान से संबंधित बीमा का प्रीमियम कंपनी और जोखिम मूल्यांकन के आधार पर अलग हो सकता है। इसलिए सभी बाइक या कार मालिकों के लिए बीमा की कीमत एक समान नहीं होती। ई-मित्र केंद्र पर उपलब्ध सेवा के माध्यम से संबंधित विकल्पों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। बीमा पॉलिसी समाप्त होने पर क्या होगा? यदि किसी वाहन की अनिवार्य थर्ड-पार्टी बीमा पॉलिसी समाप्त हो जाती है, तो उस वाहन को सार्वजनिक स्थान पर बिना वैध बीमा के चलाना कानून का उल्लंघन हो सकता है। इसके अलावा दुर्घटना की स्थिति में वाहन मालिक को गंभीर आर्थिक और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए बीमा पॉलिसी की समाप्ति तारीख पर ध्यान देना जरूरी है। यदि पॉलिसी समाप्त हो चुकी है, तो वाहन चलाने से पहले आवश्यक वैध बीमा सुनिश्चित करें। वाहन बीमा करवाते समय इन गलतियों से बचें वाहन मालिकों को केवल कम प्रीमियम के आधार पर पॉलिसी का चयन नहीं करना चाहिए। सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि पॉलिसी में कौन-कौन से जोखिम कवर किए गए हैं और किन परिस्थितियों में दावा स्वीकार नहीं होगा। इसके अलावा डिडक्टिबल, नो क्लेम बोनस, अतिरिक्त कवर और दावा प्रक्रिया की जानकारी भी प्राप्त करें। यदि किसी एजेंट या सेवा केंद्र के माध्यम से बीमा करवाया जा रहा है, तो बीमा कंपनी और पॉलिसी की प्रामाणिकता की पुष्टि करें। भुगतान के बाद आधिकारिक पॉलिसी दस्तावेज और रसीद अवश्य प्राप्त करें। राजस्थान में ई-मित्र सेवा का क्या फायदा है? राजस्थान में ई-मित्र केंद्र नागरिकों को विभिन्न सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराने का माध्यम हैं। विशेष रूप से ऐसे लोगों के लिए स्थानीय कियोस्क उपयोगी हो सकते हैं, जिन्हें ऑनलाइन आवेदन करने या डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करने में सहायता की आवश्यकता होती है। वाहन बीमा से संबंधित जानकारी के लिए भी नागरिक नजदीकी केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। हालांकि, ई-मित्र पर सहायता उपलब्ध होने का मतलब यह नहीं है कि सभी वाहन मालिकों को बीमा प्रीमियम में सरकारी छूट मिलेगी। साझा सूचना में किसी विशेष सब्सिडी या मुफ्त वाहन बीमा योजना की घोषणा नहीं की गई है। निष्कर्ष राजस्थान के बाइक, स्कूटर और कार मालिक अब वाहन बीमा से संबंधित जानकारी और सहायता के लिए अपने नजदीकी ई-मित्र कियोस्क पर संपर्क कर सकते हैं। यह सुविधा उन नागरिकों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिन्हें बीमा के विकल्प समझने या आवेदन संबंधी प्रक्रिया में सहायता चाहिए। हालांकि, बीमा खरीदने से पहले प्रीमियम, पॉलिसी की अवधि, कवरेज, अतिरिक्त शुल्क और बीमा कंपनी की शर्तों की जांच करना जरूरी है। Source Credit: e-Mitra Rajasthan, Government of Rajasthan — वाहन बीमा सेवाओं से संबंधित साझा आधिकारिक जागरूकता संदेश। Official e-Mitra Portal: https://emitra.rajasthan.gov.in/ Insurance Regulatory and Development Authority of India (IRDAI): https://irdai.gov.in/
Rajasthan Jhunjhunu में दर्दनाक हादसा, हाई टेंशन तार के करंट से 8 मजदूरों की मौत, 3 घायल
Rajasthan Jhunjhunu Accident में एक दर्दनाक हादसे ने 8 मजदूरों की जान ले ली। झुंझुनूं के छापोली गांव में सड़क निर्माण के दौरान रोड़ी मिलाने वाली मशीन 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गई। मशीन में करंट फैलने से 8 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 3 गंभीर रूप से घायल हो गए।
jaipur, 2 नवंबर . Rajasthan के Chief Minister भजनलाल शर्मा ने Monday को झुंझुनू की घटना पर चिंता जताई, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी. उन्होंने…
डबल इंजन सरकार में राजस्थान का हो रहा हाई-स्पीड विकास
राजस्थान में डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में केंद्र और राज्य के मजबूत समन्वय से इन्फ्रास्ट्रक्चर और मेगा प्रोजेक्ट्स का हाई स्पीड विकास हो रहा है...
उत्तर पश्चिम रेलवे ने वाराणसी और साबरमती के बीच नई दैनिक एक्सप्रेस ट्रेन के नियमित संचालन की घोषणा की, जिसका ठहराव जयपुर और अजमेर समेत 21 प्रमुख स्टेशनों पर होगा।
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने फिनलैंड में आयोजित Tammer Tournament 2026 में मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीतने पर अरुंधति चौधरी को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। सीएम ने एक्स के माध्यम से कहा कि फिनलैंड में आयोजित Tammer Tournament 2026 में मुक्केबाजी में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से स्वर्ण पदक जीतने पर राजस्थान की होनहार बेटी अरुंधति चौधरी को हार्दिक शुभकामनाएं। आपकी यह ऐतिहासिक विजय प्रदेश की असीम खेल प्रतिभा और नारी शक्ति के सामर्थ्य का सशक्त प्रमाण है। राजस्थान को अपनी इस लाडली बेटी पर गर्व है। वहीं उन्होंने एक अन्य पोस्ट के माध्यम से कहा कि स्विट्जरलैंड में आयोजित ‘Swiss Open IWS Archery Championship’ में राजस्थान के होनहार तीरंदाज सचिन चेची एवं प्रिया गुर्जर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अर्जित कर प्रदेश एवं देश का गौरव बढ़ाया है। दोनों प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की अनंत शुभकामनाएं। आपकी यह सफलता निश्चित रूप से प्रदेश के अन्य युवाओं को भी खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करेगी। PC:dipr.rajasthan अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
राजस्थान: जयपुर में पुलिस मुख्यालय के पास दो कारों में आग लगी
jaipur, 2 नवंबर . Monday को jaipur में Rajasthan Police मुख्यालय (पीएचक्यू) के पास खड़ी दो कारों में अचानक आग लगने से इलाके में दहशत फैल गई और…
मुकेश गालव राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड में मनोनीत, राजस्थान के श्रमिकों की बढ़ेगी आवाज
हिंद मजदूर सभा के महासचिव मुकेश गालव को केंद्र सरकार ने तीन साल के लिए सदस्य बनाया है, जिससे असंगठित क्षेत्र के कामगारों के मुद्दों को राष्ट्रीय मंच मिलेगा।
नशे के कारोबार में ट्रक का इस्तेमाल कर राजस्थान से डोडा चूरा पोस्त लेकर पहुंचे दो युवकों को एंटी नारकोटिक सेल की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ट्रक में 25 किलो डोडा चूरा पोस्त लेकर यमुनानगर पहुंचे थे और इसे बेचने की तैयारी में थे। पुलिस ने दोनों को कुलदीप नगर मार्केट के पास चांदपुर अंडरपास से काबू किया। आरोपियों की पहचान ट्रक चालक एवं मालिक कुलदीप नगर निवासी बलविंदर सिंह और गांव गधोला निवासी अमरजीत के रूप में हुई है।खास बात यह है कि दोनों आरोपियों पर राजस्थान में पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत एक-एक मामला दर्ज है। यमुनानगर में बेच रहे थे नशा एंटी नारकोटिक सेल के इंचार्ज अनिल कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि दो युवक कुलदीप नगर मार्केट के पास चांदपुर अंडरपास के नजदीक ट्रक में नशीला पदार्थ लेकर खड़े हैं। सूचना में यह भी बताया गया था कि आरोपी नशीले पदार्थ की बिक्री करने की फिराक में हैं। जिसके बाद सेल की टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रक में मौजूद दोनों युवकों को काबू कर लिया। आरोपियों की तलाशी लेने पर उनके पास से 25 किलो डोडा चूरा पोस्त बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने नशीले पदार्थ को कब्जे में लेकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान कुलदीप और अमरजीत के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर कर रही पूछताछ इंचार्ज ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि राजस्थान में वे किस व्यक्ति से डोडा चूरा पोस्त लेकर आए थे, इसके लिए कितनी रकम दी गई थी और यमुनानगर में इसकी सप्लाई किन लोगों को की जानी थी। दोनों के खिलाफ राजस्थान में पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत एक-एक मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और नशा तस्करी से जुड़े संभावित संपर्कों की भी जांच कर रही है।
हरियाणा के नारनौल के निजामपुर थाना क्षेत्र के गांव बायल में ट्रक की टक्कर से बाइक सवार 50 वर्षीय रूडमल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी सुरेश घायल हो गया। हादसे में सुरेश के हाथ में फ्रैक्चर हुआ है। दोनों राजस्थान के रहने वाले बताए गए हैं। हादसे के बाद मृतक के परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ट्रक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर जाम लगा दिया। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे कार्रवाई का आश्वासन मिलने तक नहीं हटे। बाद में निजामपुर थाना प्रभारी पवन कुमार मौके पर पहुंचे और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। पुलिस ने मृतक का शव पोस्टमॉर्टम के लिए नारनौल के शवगृह में रखवा दिया है। राजस्थान की ओर जा रहे ट्रक ने मारी टक्कर जानकारी के अनुसार, राजस्थान निवासी रूडमल अपने साथी सुरेश के साथ बाइक पर सवार होकर गांव बायल की ओर आ रहा था। इसी दौरान राजस्थान की तरफ जा रहे ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से दोनों सड़क पर गिर गए। हादसे में रूडमल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सुरेश के हाथ में फ्रैक्चर हो गया। सूचना मिलने पर डायल 112 और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। घायल को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर बैठे ग्रामीण हादसे की सूचना मिलने पर मृतक के परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने ट्रक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए जाम लगा दिया। पुलिस ने उन्हें समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। बाद में थाना प्रभारी पवन कुमार ने मौके पर पहुंचकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया और यातायात सामान्य हो गया। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा शव पुलिस ने रूडमल के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए नारनौल के शवगृह में रखवाया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। घायल सुरेश का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस हादसे को लेकर आगे की कार्रवाई कर रही है।
नाबालिग का 20 हजार में राजस्थान में सौदा, अधेड़ से जबरन कराई शादी
झारखंड के गुमला जिले से मानव तस्करी और जबरन बाल विवाह का एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। गुमला की रहने वाली एक गरीब और असहाय नाबालिग लड़की को तस्करों के जाल में फंसाकर राजस्थान ले जाया गया और मात्र 20 हजार रुपये में एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति को बेच दिया गया। जहां उस अधेड़ के साथ नाबालिग की जबरन शादी करा दी गई और उसे बंधक बनाकर रखा गया। किसी तरह आरोपियों के चंगुल से बचकर और अपनी जान बचाकर अपने गृह जिले गुमला पहुंची पीड़िता ने सीधे पुलिस स्टेशन का दरवाजा खटखटाया और अपनी दर्दनाक आपबीती सुनाई। पीड़िता की दास्तान सुनकर पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए, जिसके बाद त्वरित संज्ञान लेते हुए मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन कर दिया गया है।गुमला से राजस्थान तक बिछा मानव तस्करी का संजाल: 20 हजार रुपये में सौदा और अधेड़ से जबरन शादीगुमला जिले के सुदूर ग्रामीण इलाके की रहने वाली पीड़िता ने पुलिस को दी गई अपनी लिखित शिकायत और बयान में बताया कि गांव के ही कुछ जान-पहचान वाले बिचौलियों और मानव तस्करों ने उसे अच्छे काम और बेहतर जिंदगी का झांसा दिया था। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के झांसे में आने के बाद तस्कर नाबालिग को चुपके से राजस्थान के एक दूरदराज गांव में ले गए। वहां आरोपियों ने उसे एक 40-45 वर्ष से अधिक उम्र के अधेड़ व्यक्ति के हाथों महज 20 हजार रुपये में बेच दिया। इसके बाद नाबालिग की सहमति के बिना उसके साथ जबरन शादी करा दी गई। मना करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी और उसे घर से बाहर नहीं निकलने दिया जाता था।चंगुल से भागकर किसी तरह पहुंची गुमला: पीड़िता ने बयां की प्रताड़ना की पूरी दास्तानराजस्थान में बंधक बनकर रह रही नाबालिग लड़की कई दिनों से वहां से भागने का मौका तलाश रही थी। एक दिन जब घर के सदस्य किसी काम से बाहर गए हुए थे, तो पीड़िता हिम्मत जुटाकर वहां से चुपचाप निकल भागी। स्थानीय बस और ट्रेन का सफर करते हुए और कई दिनों की मशक्कत के बाद वह सही-सलामत अपने गृह जिले गुमला वापस पहुंचने में सफल रही। गुमला पहुंचते ही पीड़िता ने अपने परिजनों के साथ स्थानीय महिला थाने का रुख किया और वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों को अपने साथ हुई दरिंदगी, खरीद-फरोख्त और शारीरिक-मानसिक प्रताड़ना की पूरी आपबीती सुनाई। पीड़िता का बयान सुनकर पुलिस महकमे में खलबली मच गई।गुमला पुलिस की त्वरित कार्रवाई: तस्करों और खरीदार अधेड़ पर पोक्सो व मानव तस्करी की धाराओं में FIRमामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए गुमला पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर आरोपी बिचौलियों, तस्करों और राजस्थान के उस अधेड़ व्यक्ति के खिलाफ पोक्सो एक्ट (POCSO Act), मानव तस्करी (Human Trafficking) और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और अदालत में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके साथ ही गुमला पुलिस की एक विशेष टीम को राजस्थान के संबंधित जिले के लिए रवाना किया जा रहा है ताकि इस घिनौने नेटवर्क से जुड़े तमाम अपराधियों को गिरफ्तार किया जा सके।झारखंड में बेकाबू होता मानव तस्करी का दंश: ग्रामीण इलाकों में सक्रिय तस्कर गिरोह पर नकेल कसने की मांगसरायकेला और रांची की घटनाओं के बीच गुमला की इस वारदात ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि झारखंड के गरीब और आदिवासी बहुल इलाकों में मानव तस्करों का गिरोह कितना सक्रिय और बेखौफ हो चुका है। रोजगार और झूठे सपनों का झांसा देकर नाबालिग बच्चियों को राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों में बेचे जाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि केवल बिचौलियों ही नहीं बल्कि राजस्थान में लड़कियों की खरीद-फरोख्त करने वाले मुख्य अंतरराज्यीय गिरोह (Interstate Racket) का पर्दाफाश किया जाए और पीड़िता को उचित सुरक्षा व पुनर्वास की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
Government Job Alert: राजस्थान में सरकारी नौकरी के कई मौके, रेलवे में 2008 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती; आवेदन की तारीख नजदीक
Weather Alert: राजस्थान में मौसम रहेगा साफ, जयपुर में 30 डिग्री तक पहुंचेगा तापमान; आंध्र प्रदेश में चक्रवात का खतरा
राजस्थान: झुंझुनूं हादसे पर पीएम मोदी ने जताया दुख, आर्थिक मदद की घोषणा
New Delhi, 2 नवंबर . Rajasthan के झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी इलाके के चापोली गांव में सड़क निर्माण कार्य के दौरान करंट लगने से आठ मजदूरों की मौत…
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के झुंझुनूं जिले में आज एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां त्योहार से पहले कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूटा है। यहां पर उदयपुरवाटी तहसील के छापोली गांव में आज सड़क निर्माण कार्य के दौरान करंट लगने से पांच मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। झुंझुनूं में हुए इस हादसे पर पीएम नरेन्द्र मोदी और सीएम भजनलाल ने दुख प्रकट किया है। खबरों की माने तो उदयपुरवाटी एसएचओ रामपाल ने जानकारी दी कि सड़क निर्माण के दौरान बजरी मिलाने के काम में आने वाली एक मशीन ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की लाइन के संपर्क में आने से ये हादसा हुआ है। हाईटेंशन लाइन के छूते ही पूरी मशीन में करंट दौड़ गया, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। विधायक भगवानाराम सैनी और डीएसपी सुगन सिंह भी मौके पर पहुंचे हैं। पीएमओ इंडिया की ओर से की गई पोस्ट के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि राजस्थान के झुंझुनू में हुए हादसे में लोगों की जान जाने से दुखी हूँ। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं। घायल लोग जल्द स्वस्थ हों। जान गंवाने वालों के परिजनों को पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे। pc- news18
पत्नी के ATM से जबरन पैसे निकालना और अवैध संबंधों के झूठे आरोप लगाना मानसिक क्रूरता: राजस्थान हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी
राजस्थानः झुंझुनूं में सड़क निर्माण के दौरान करंट लगने से 8 मजदूरों की मौत, कई झुलसे
jaipur, 2 नवंबर . Rajasthan के झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी इलाके के चापोली गांव में सड़क निर्माण कार्य के दौरान करंट लगने से आठ मजदूरों की मौत हो…
Breaking News: राजस्थान में दर्दनाक हादसा, करंट लगने से 8 मजदूरों की मौत: झुंझुनूं में सड़क निर्माण के दौरान हाईटेंशन लाइन से टकराई मशीन, मौके पर मची चीख-पुकार
राहुल गांधी की दिल्ली रैली में अभिषेक चौधरी के नेतृत्व में उमड़ा राजस्थान यूथ कांग्रेस का जनसैलाब
दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस रैली में राजस्थान यूथ कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ताओं ने शामिल होकर अपनी सांगठनिक मजबूती का प्रदर्शन किया।
कोटा में ‘मिस एंड मिसेज राजस्थान ग्लैमर 2027’ का ऑडिशन, विजेताओं को मिलेंगे एक-एक लाख रुपये
कोटा में ‘मिस एंड मिसेज राजस्थान ग्लैमर 2027’ सीजन-2 के ऑडिशन में लगभग 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। जानिए विजेताओं को मिलने वाली एक-एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि, फैशन शूट के अवसर और जयपुर में होने वाले सेमीफाइनल व ग्रैंड फिनाले की पूरी जानकारी।
डिजिटल प्रचार को धार देने की तैयारी, विद्या भारती राजस्थान की बैठक में सोशल मीडिया प्रशिक्षण पर जोर
जयपुर के सेवाधाम परिसर में आयोजित विद्या भारती की बैठक में सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग, डिजिटल सामग्री निर्माण और तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
Rajasthan: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज दिल्ली के दौरे पर, कई केंद्रीय मंत्रियों से करेंगे मुलाकात
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज दिल्ली दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करेंगे और भारत मंडपम में आयोजित भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो-2026 में शामिल होंगे। बताया जा रहा हैं कि मुख्यमंत्री दोपहर 1 बजे जयपुर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। सोमवार दोपहर 2.40 बजे उनके जोधपुर हाउस पहुंचने का कार्यक्रम है। इसके बाद शाम 4 बजे वे भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक भारत मंडपम में रहेंगे। इसके बाद रात 10.45 बजे जयपुर लौटने का कार्यक्रम है। इस बीच उनकी मुलाकात कई केंद्रीय मंत्रियों के साथ हो सकती है। इसके पहले सीएम ने एक कार्यक्रम में कहा कि यमुना जल समझौते से शेखावाटी की जमीन तक पानी पहुंचाने की दिशा में काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने भर्ती परीक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में 410 से अधिक परीक्षाएं बिना पेपर लीक के आयोजित की गई हैं और 1.93 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। pc- india tv hindi
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में पंचायत राज चुनाव चल रहे हैं और चुनाव प्रचार के बीच भगत सिंह सेना प्रमुख नरेश मीणा एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं, वैसे नरेश मीणा को किसी विशेष परिचय की जरूरत भी नहीं हैं, वो अपने बयानों को लेकर ही विवादों में आ जाते है। बताया जा रहा की चुनाव प्रचार के बीच नाहरगढ़ में चुनावी सभा के बाद वे हजारों किसानों और समर्थकों के साथ फॉरेस्ट ऑफिस पहुंच गए, जहां जमकर हंगामा हो गया। मामला वन भूमि पर चल रहे इंजन और किसान की जब्त की गई पानी की मोटर-पाइप से जुड़ा है। नरेश मीणा को मिला था ज्ञापन खबरों की माने तो सभा में बंजारा समाज के लोगों ने नरेश मीणा को ज्ञापन देकर शिकायत की थी कि वन विभाग के रेंज कर्मियों ने उनका इंजन जब्त कर लिया है। किसानों की शिकायत सुनकर मीणा ने मंच से ही चेतावनी दी कि अगर किसानों पर अत्याचार हुआ तो दफ्तरों में आग लगा देंगे। पुलिस ने कंट्रोल की स्थिति आरोप है कि इस बयान के बाद भीड़ उग्र हो गई, समर्थकों ने नाहरगढ़ रेंज कार्यालय में तोड़फोड़ की, सामान को नुकसान पहुंचाया और वनकर्मी प्रदीप सहित अन्य कर्मचारियों से मारपीट की। जब्त मोटर-पाइप जबरन छुड़ाकर ले जाने का भी आरोप है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति नियंत्रित की। वन विभाग ने नाहरगढ़ थाने में राजकार्य में बाधा, मारपीट और तोड़फोड़ की शिकायत दी. पुलिस ने नरेश मीणा व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। pc- patrika
राजस्थानी कढ़ी पकौड़ा का स्वाद है लाजवाब, घर पर ऐसे करें तैयार
Rajasthani Kadhi Pakoda Recipe: कढ़ी खाना ज्यादातर लोगों को पसंद होता है. इसे चावल या रोटी के साथ खाने का अपना ही मजा है. वैसे तो घरों में कई तरह की कढ़ी बनाई जाती हैं, लेकिन राजस्थानी कढ़ी पकौड़ा का स्वाद थोड़ा अलग होता है. आज हम आपको इसे घर पर बनाने की आसान रेसिपी बताएंगे.
प्रकृति से खिलवाड़ मंजूर नहीं: जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर राजस्थान उच्च न्यायालय सख्त
राजस्थान हाईकोर्ट ने अजमेर की पृथ्वीराज नगर योजना में प्राकृतिक जल स्रोतों, जल निकासी मार्गों और जलग्रहण क्षेत्रों के संरक्षण को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं।
रेवाड़ी शहर में बेसहारा गोवंश को पकड़कर गोशालाओं में भेजने की रफ्तार पिछले 2 माह से धीमी हो गई है। इसके पीछे राजस्थान में हो रहे चुनाव को वजह बताया जा रहा है। शहर के चौक-चौराहों और बाजारों में गोवंश के झुंड खड़े दिखाई दे रहे हैं। इससे वाहन चालकों और राहगीरों के लिए हादसों का खतरा बना हुआ है। नगर परिषद हर साल टेंडर के जरिए बेसहारा पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में भेजने का अभियान चलाती है। इसके बावजूद सड़कों पर पशुओं की मौजूदगी बनी हुई है। रात के समय सड़क पर बैठे या खड़े गोवंश वाहन चालकों को दूर से दिखाई नहीं देते। पहले भी इनके कारण कई हादसे हो चुके हैं। नगर परिषद के रिकॉर्ड के अनुसार अप्रैल से जुलाई तक 861 गोवंश पकड़े गए और इस पर करीब 14.50 लाख रुपये खर्च किए गए। वहीं, ठेकेदार का दावा है कि इस साल अब तक 1,000 गोवंश गोशालाओं में भेजे जा चुके हैं। चार माह में 861 गोवंश पकड़ने पर 14.50 लाख खर्च नगर परिषद के रिकॉर्ड के मुताबिक अप्रैल से जुलाई तक 861 गोवंश पकड़े गए। शहर में नगर परिषद के पिछले सर्वे में करीब 3,500 बेसहारा गोवंश होने की बात सामने आई थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि सैकड़ों पशु पकड़े जाने और लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़कों पर गोवंश की मौजूदगी कम क्यों नहीं हो रही। राजस्थान चुनाव के कारण लेबर की कमी- ठेकेदार ठेकेदार देवेंद्र के अनुसार, इस साल अब तक 1,000 गोवंश गोशालाओं में भेजे जा चुके हैं। पिछले कुछ दिनों से पशु पकड़ने का काम कम हुआ है, क्योंकि उनके पास राजस्थान की लेबर है और वहां चुनाव चल रहे हैं। इससे काम प्रभावित हुआ है। उन्होंने जल्द ही दोबारा प्रतिदिन गोवंश पकड़कर गोशालाओं में भेजने की बात कही।
जयपुर। लग्जरी वाहन निर्माता कंपनी लैंड रोवर ने भारतीय बाजार के लिए अपनी बेहद खास और सीमित संख्या वाली एसयूवी ‘रेंज रोवर एसवी सवाई कलेक्शन’ (Range Rover SV Sawai Collection) को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है। इस लग्जरी कलेक्शन की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 4.90 करोड़ रुपये तय की गई है। राजस्थान के समृद्ध […] The post रेंज रोवर ने पेश किया ‘सवाई कलेक्शन’: राजस्थान की शाही विरासत से प्रेरित 4.90 करोड़ रुपये की 18 एक्सक्लूसिव कारें first appeared on Sanjeevni Today .
राजस्थान पुलिस अकादमी, जयपुर में ब्रिक्स सस्टेनेबल लाइफस्टाइल वीक के आयोजन का शुभारंभ पर्यावरण जागरूकता एवं स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने वाली गतिविधियों के साथ...
छप्पनिया अकाल की रूह कंपा देने वाली दास्तान: जब भूख ने राजस्थान को बना दिया था मौत का मैदान
छप्पनिया अकाल की रूह कंपा देने वाली दास्तान: जब भूख ने राजस्थान को बना दिया था मौत का मैदान
हरियाणा के नारनौल में अटेली के पास राजस्थान की सीमा के साथ लगते गांव बोचड़िया व सलीमपुर के पास हुए हादसे में राजस्थान की एक कॉलेज छात्रा की मौत हो गई, जबकि एक प्रोफेसर व अन्य छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने मृतक छात्रा का नागरिक अस्पताल से पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया। वहीं घायलों को इलाज के लिए भर्ती कर लिया गया। दूसरी छात्रा की भी हालत गंभीर होने के कारण उसको रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, राजस्थान के बहरोड़ के पास गांव भिटेडा स्थित बाबा खेतनाथ कॉलेज का टूर वृंदावन व मथुरा गया था। वहां से बीते कल कॉलेज में टूर पर गए बच्चे देर रात को आ गए थे। रात ज्यादा होने के कारण दो छात्राएं कॉलेज में कार्यरत्त प्रोफेसर व गांव बोचड़िया निवासी जयपाल के घर पर रुक गई। प्रोफेसर सुबह जल्दी दोनों छात्राओं को छोड़ने के लिए उनके घर जा रहे थे। गाड़ी अनियंत्रित होकर पलटी जब वे अप्रोच रोड से होते हुए छात्राओं के गांव जा रहे थे तो सलीमपुर व बोचड़िया गांव के पास प्रोफेसर की गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। जिससे दोनों छात्राएं राजस्थान के गांव जेतपुर निवासी बीएससी थर्ड ईयर की छात्रा रीत और गांव प्रतापुर निवासी खुशी व प्रोफेसर जयपाल गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल हादसे के बाद वहां से गुजर रहे राहगीरों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जिसके बाद घायलों को इलाज के लिए अटेली के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर डॉक्टरों ने छात्रा रित को मृत घोषित कर दिया। वहीं खुशी व प्रोफेसर जयपाल को गंभीर हालत के चलते हायर सेंटर रेफर कर दिया। जांच अधिकारी एएसआई जसवीर ने बताया कि छात्रा की मौत की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मृतका का नारनौल के नागरिक अस्पताल से पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया। प्रिंसिपल बोले- हादसे का कॉलेज से लेना-देना नहीं वहीं इस बारे में कॉलेज के प्रिंसिपल जितेंद्र यादव ने बताया कि कॉलेज का टूर देर शाम को आ गया था। जिसके बाद सभी छात्राओं को उनके घर भेज दिया गया था। इस हादसे में कॉलेज का कोई लेना-देना नहीं है। ये छात्राएं प्रोफेसर के साथ अपने घर गई थी।
झीलों के बीच बने हैं राजस्थान के ये 3 शाही महल, खूबसूरती जीत लेगी दिल
Water Palaces of Rajasthan: राजस्थान में कई ऐसे खूबसूरत महल हैं जो झीलों के बीच बने होने की वजह से बेहद खास नजर आते हैं. जयपुर का जल महल, उदयपुर का लेक पैलेस और जग मंदिर अपनी शानदार वास्तुकला और शाही इतिहास के लिए मशहूर हैं.
देशभर में अर्नब तूफान का असर, वीडियो में जाने राजस्थान में ओले-बारिश से 8 डिग्री गिरा तापमान; उत्तराखंड के 9 जिलों में अलर्ट
राष्ट्रीय एकता शिविर में राजस्थान के NSS के सात सदस्यीय दल ने बढ़ाया प्रदेश का गौरव
हरियाणा के पलवल स्थित भारत स्काउट्स एंड गाइड्स नेशनल यूथ कॉम्प्लेक्स, गदपुरी में 25 से 31 अक्टूबर 2026 तक आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय एकता शिविर...
रोटी-चावल हो या बाटी, स्वाद दोगुना कर देगी राजस्थानी पंचमेल दाल
Rajasthani Panchmel Dal Recipe: राजस्थान की मशहूर पंचमेल दाल पांच तरह की दालों को मिलाकर बनाई जाती है. देसी घी और मसालों का तड़का इसके स्वाद को खास बना देता है. इसे बनाना भी बेहद आसान है और आप रोटी, चावल या बाटी के साथ लंच और डिनर में परोस सकते हैं.
विशेष योग्यजनों के सपनों को साकार करने में सारथी बनेगी राजस्थान सरकार : भजनलाल शर्मा
जयपुर। राजस्थान सरकार विशेष योग्यजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से काम कर रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा राजस्थान बनाना है, जहां प्रत्येक विशेष योग्यजन को सम्मान, स्वावलंबन और समान अवसर मिलें। शारीरिक सीमाएं किसी व्यक्ति की […] The post विशेष योग्यजनों के सपनों को साकार करने में सारथी बनेगी राजस्थान सरकार : भजनलाल शर्मा appeared first on Sabguru News .
अर्नब तूफान का असर जारी, कई राज्यों में बारिश-बर्फबारी और ओले गिरे: वीडियो में जाने राजस्थान में 8 डिग्री तक गिरा तापमान, उत्तराखंड के 9 जिलों में अलर्ट
प्रशासनिक गलियारों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि सरकार उनके अनुभव का उपयोग किस महत्वपूर्ण विभाग या पद के जरिए करती है। जल्द ही कार्मिक विभाग की ओर से उनकी नई पदस्थापना को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
Rajasthan IAS-IPS Couple News: राजस्थान में वरिष्ठ IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल और उनकी IPS पत्नी प्रशाखा माथुर से जुड़ा 40 लग्जरी विला और कॉटेज खरीदने का मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर सुर्खियों में है। आरोप है कि IAS अधिकारी और उनके परिवार के सदस्यों ने दो बड़े रिसॉर्ट में करीब 6.16 करोड़ रुपये में 40 संपत्तियां खरीदीं। फिर उन्हीं संपत्तियों को बेचने वाली कंपनी को वापस लीज पर दे दिया। इस लीज व्यवस्था के तहत कपल को हर साल 1.80 करोड़ रुपये किराया मिलने की बात सामने आई है। मामला सामने आने के बाद राजस्थान सरकार ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को विस्तृत जांच की मंजूरी दे दी है। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों को फिलहाल अवेटिंग पोस्टिंग ऑर्डर्स (APO) पर रखा गया है।क्या है पूरा मामला?यह पूरा मामला राजस्थान के उदयपुर और अलवर में स्थित दो लग्जरी रिसॉर्ट से जुड़ा है। इन रिसॉर्ट का संचालन 'गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड' नाम की कंपनी करती है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, IAS अधिकारी शिखर अग्रवाल, उनकी IPS पत्नी प्रशाखा माथुर और परिवार के अन्य सदस्यों ने कंपनी से लगभग ढाई साल के दौरान बड़ी संख्या में कॉटेज और विला खरीदे।बताया जा रहा है कि इन संपत्तियों की खरीदारी का कुल कीमत लगभग 6.16 करोड़ रुपये था। इस सौदे की सबसे अहम बात यह है कि संपत्तियां खरीदने के तुरंत बाद इन्हें उसी कंपनी को वापस लीज पर दे दिया गया, जिससे इन्हें खरीदा गया था। इसडील के तहत हर साल कुल 1.80 करोड़ रुपये किराए के रूप में मिलने का प्रावधान बताया गया है। इसी असामान्य खरीद और लीज व्यवस्था ने जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा है।ACB का बयानACBकेडायरेक्टर जनरलगोविन्द गुप्ता ने एक बयान में बताया कि राजस्थान सरकार ने 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018' की धारा 17-ए के तहत विस्तृत जांच के लिए पूर्वानुमोदन प्रदान किया है। मामले में आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल (तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग विभाग), निजी कंपनी 'गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड' के निदेशकों और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जाएगी।कैसे किया फर्जीवाड़ा?गुप्ता ने कहा कि राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी अग्रवाल द्वारा 'गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड' के निदेशकों के साथ कथित आपराधिक मिलीभगत कर अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करने के प्रथम दृष्टया तथ्य सामने आए हैं। आरोप है कि उन्होंनेखुद और संबंधित कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया। साथ ही राज्य सरकार को भारी आर्थिक नुकसान कराया।उन्होंने बताया कि ब्यूरो ने मीडिया में आई एक खबर और उद्योग विभाग से प्राप्त तथ्यात्मक रिपोर्ट का विश्लेषण किया। इसके अलावा, गोपनीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर प्रारंभिक स्तर पर सामने आए तथ्यों के संबंध में प्राथमिक जांच दर्ज कर विस्तृत पड़ताल करना उचित पाया गया।कंपनियों के साथ मिलीभगत का आरोपबयान के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया कि अग्रवाल ने राजस्थान में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए कथित तौर पर अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग किया। इनमें उदयपुर के जिला अधिकारी, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अध्यक्ष और उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव समेत अन्य पद शामिल हैं।आरोप है कि उन्होंने निजी कंपनी 'गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड' के निदेशकों के साथ मिलीभगत कर कंपनी को रिजॉर्ट निर्माण संबंधी शर्तों में अनुचित छूट दिलाई। इसके अलावा, आवश्यक प्रमाण-पत्रों की जांच किए बिना स्वीकृतियां और विशेष रियायती आर्थिक पैकेज दिलाकर कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया।उदयपुर में 20 कॉटेज, अलवर में 20 विला मीडिया रिपोर्टों और ACB की शुरुआती जांच से सामने आई जानकारी के मुताबिक, संपत्तियों की खरीद दो अलग-अलग चरणों में हुई। बयान के अनुसार, उदयपुर स्थित बुझड़ा रिजॉर्ट में अग्रवाल और उनकी पत्नी के नाम पर 10-10 विला 15-15 लाख रुपये में खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है।इसी तरह, अलवर के अजबगढ़ स्थित अनंता रिसॉर्ट में अग्रवाल और उनकी पत्नी के नाम पर आठ विला 16.5-16.5 लाख रुपये में दोनों बेटों के नाम पर चार विला करीब 15-15 लाख रुपये में और सास-ससुर के नाम पर चार विला लगभग 16.5-16.5 लाख रुपये में खरीदे जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि इन संपत्तियों की मार्केट कीमत की तुलना में काफी कम कीमत पर किया गया।एक ही दिन में 20 विला की रजिस्ट्रीगुप्ता के मुताबिक, गोपनीय सूत्रों से यह जानकारी भी सामने आई है कि वित्त विभाग ने ‘गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड’ को 27 मार्च 2026 को विशेष रियायती आर्थिक पैकेज जारी किया था। इसी दिन शिखर अग्रवाल ने 20 विला की रजिस्ट्री कराई थी। ब्यूरो के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह भी प्रतीत हुआ कि अग्रवाल ने विभिन्न पदों पर रहते हुए निजी कंपनी के निदेशकों के साथ कथित आपराधिक मिलीभगत कर कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया।राज्य सरकार को हुआ भारी नुकसानआरोप है कि IAS अधिकारी ने अपने फायदे के लिए राज्य सरकार को भारी आर्थिक नुकसान कराया। इसके अलावा, स्वयं और अपने परिजनों के नाम पर कथित रूप से आय से अधिक संपत्तियां अर्जित किए जाने के तथ्यों की भी विस्तृत जांच आवश्यक पाई गई है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर राजस्थान सरकार ने मामले में विस्तृत जांच की मंजूरी दी है।कौन हैं IAS शिखर अग्रवाल और IPS प्रशाखा माथुर?शिखर अग्रवाल 1993 बैच के राजस्थान कैडर के IAS अधिकारी हैं। वह राजस्थान सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहे हैं:-- अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग विभाग।- राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष।- उदयपुर जिला कलेक्टर।- राजस्थान के मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव।- RIICO के अध्यक्ष।- निवेश प्रोत्साहन और औद्योगिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विभाग।दिसंबर 2023 में भजनलाल शर्मा के मुख्यमंत्री बनने के बाद फरवरी 2024 में शिखर अग्रवाल को मुख्यमंत्री का अतिरिक्त मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। उन्होंने नवंबर 2025 तक यह जिम्मेदारी संभाली। प्रशाखा माथुर 1995 बैच की IPS अधिकारी हैं। वह राजस्थान पुलिस मुख्यालय में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) के पद पर तैनात थीं। उनके पास योजना, आधुनिकीकरण और कल्याण से जुड़ी जिम्मेदारियां थीं।ये भी पढ़ें- INDIA bloc Ramlila Maidan Rally: दिल्ली में आज INDIA गठबंधन का हल्लाबोल: रामलीला मैदान किले में तब्दील! 4,000 पुलिसकर्मी और CAPF जवान तैनात
e-Mitra AEPS Service: अब आधार से निकालें बैंक खाते का पैसा, बस इन जरूरी बातों का रखें ध्यान
e-Mitra AEPS Cash Withdrawal: बैंक खाते से पैसे निकालने के लिए अब हर बार बैंक शाखा या एटीएम जाने की जरूरत नहीं है। राजस्थान में ई-मित्र केंद्रों पर उपलब्ध आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) की मदद से पात्र ग्राहक बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए अपने आधार से जुड़े बैंक खाते से नकदी निकाल सकते हैं। हालांकि, इस सुविधा का इस्तेमाल करते समय कुछ जरूरी सावधानियां बरतना बेहद आवश्यक है। ई-मित्र केंद्रों पर मिलती है आधार से पैसे निकालने की सुविधा राजस्थान में सरकारी और डिजिटल सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए ई-मित्र केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन केंद्रों पर कई प्रकार की सेवाएं उपलब्ध हैं, जिनमें बैंकिंग से संबंधित सुविधाएं भी शामिल हैं। ई-मित्र राजस्थान ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम यानी AEPS को लेकर उपयोगी जानकारी साझा की है। इस सुविधा के जरिए ग्राहक अपने आधार से जुड़े बैंक खाते से पैसे निकाल सकते हैं। इसके लिए संबंधित बैंक की शाखा में जाना जरूरी नहीं होता, बशर्ते ई-मित्र केंद्र पर AEPS सेवा उपलब्ध हो और ग्राहक का बैंक खाता इस सुविधा के लिए पात्र हो। क्या है AEPS और कैसे करता है काम? AEPS का पूरा नाम Aadhaar Enabled Payment System है। यह आधार आधारित बैंकिंग व्यवस्था है, जिसके माध्यम से ग्राहक अधिकृत बैंकिंग सेवा केंद्रों पर कुछ बुनियादी बैंकिंग लेनदेन कर सकते हैं। इस व्यवस्था में ग्राहक की पहचान आधार से जुड़े बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से की जाती है। सामान्य तौर पर ग्राहक को अपना बैंक चुनना होता है और आवश्यक जानकारी देकर पहचान सत्यापित करवानी होती है। सत्यापन सफल होने और बैंक द्वारा लेनदेन स्वीकृत किए जाने के बाद खाते से निर्धारित राशि निकाली जा सकती है। यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिनके घर के आसपास बैंक शाखा या एटीएम आसानी से उपलब्ध नहीं है। ई-मित्र से आधार के जरिए पैसे कैसे निकालें? अगर आपका बैंक खाता आधार से जुड़ा है और AEPS के लिए सक्रिय है, तो आप संबंधित सेवा उपलब्ध कराने वाले ई-मित्र केंद्र पर जाकर नकद निकासी कर सकते हैं। इसके लिए सामान्य तौर पर निम्न प्रक्रिया अपनाई जाती है: सबसे पहले अपने नजदीकी ऐसे ई-मित्र केंद्र पर जाएं, जहां AEPS की सुविधा उपलब्ध हो। केंद्र संचालक को बताएं कि आप आधार आधारित बैंकिंग सेवा से पैसे निकालना चाहते हैं। आवश्यक आधार और बैंक संबंधी जानकारी उपलब्ध कराएं। अपने बैंक खाते से निकाली जाने वाली राशि बताएं। अधिकृत बायोमेट्रिक डिवाइस पर फिंगरप्रिंट या उपलब्ध अन्य निर्धारित तरीके से पहचान सत्यापित करें। लेनदेन सफल होने पर नकद राशि प्राप्त करें। केंद्र से ट्रांजैक्शन की रसीद जरूर लें और उसमें दर्ज राशि की जांच करें। ध्यान रखें कि केवल आधार कार्ड होने से पैसे निकालने की गारंटी नहीं होती। बैंक खाते की पात्रता, आधार लिंकिंग, बायोमेट्रिक सत्यापन और बैंक की स्वीकृति भी जरूरी है। पैसे निकालने के बाद रसीद लेना क्यों जरूरी है? ई-मित्र राजस्थान ने AEPS सेवा का उपयोग करने वाले ग्राहकों को विशेष रूप से रसीद लेने और निकाली गई रकम की जांच करने की सलाह दी है। रसीद आपके बैंकिंग लेनदेन का महत्वपूर्ण रिकॉर्ड होती है। इसमें ट्रांजैक्शन से संबंधित विवरण उपलब्ध हो सकते हैं, जिनकी मदद से आवश्यकता पड़ने पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। नकद राशि मिलने के बाद उसे तुरंत गिनें और रसीद में दर्ज रकम से मिलान करें। यदि आपके खाते से पैसे कट गए हैं, लेकिन नकदी प्राप्त नहीं हुई है, तो तुरंत संबंधित सेवा केंद्र और बैंक से संपर्क करें। ऐसी स्थिति में ट्रांजैक्शन रेफरेंस नंबर सुरक्षित रखना भी उपयोगी होता है। OTP और बैंकिंग PIN किसी को न बताएं डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी का खतरा भी बना रहता है। इसलिए AEPS सुविधा का उपयोग करते समय बैंकिंग जानकारी की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। ई-मित्र राजस्थान ने स्पष्ट रूप से सलाह दी है कि ग्राहक अपना OTP या PIN किसी दूसरे व्यक्ति को न बताएं। बैंकिंग सुरक्षा के लिए कुछ अतिरिक्त सावधानियां भी अपनाई जा सकती हैं। किसी अनजान व्यक्ति को अपना बैंकिंग PIN, OTP या पासवर्ड न दें। बायोमेट्रिक सत्यापन केवल अधिकृत डिवाइस पर और अपनी जानकारी में कराएं। लेनदेन पूरा होने के बाद बैंक से प्राप्त SMS की जांच करें। बैंक खाते से कटी राशि और प्राप्त नकदी का मिलान करें। बिना जरूरत किसी दूसरे व्यक्ति को अपनी बैंकिंग जानकारी उपलब्ध न कराएं। यदि किसी अनधिकृत लेनदेन का संदेह हो, तो तुरंत बैंक को सूचना दें। वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की शिकायत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 या आधिकारिक साइबर क्राइम पोर्टल पर भी दर्ज कराई जा सकती है। ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए उपयोगी सुविधा AEPS जैसी डिजिटल बैंकिंग सुविधाएं उन क्षेत्रों में विशेष रूप से उपयोगी हैं, जहां बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच सीमित है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों, श्रमिकों और अन्य खाताधारकों के लिए अधिकृत सेवा केंद्र से नकदी निकालना सुविधाजनक विकल्प हो सकता है। इससे बैंक शाखा तक यात्रा करने की आवश्यकता कम हो सकती है। हालांकि, नकद उपलब्धता, बैंक की निर्धारित सीमा और सेवा केंद्र पर सुविधा की स्थिति के अनुसार लेनदेन संभव होगा। AEPS इस्तेमाल करने से पहले इन बातों को भी समझें आधार आधारित बैंकिंग सेवा का इस्तेमाल करने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आपका बैंक खाता आधार से सही तरीके से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा, बैंक द्वारा AEPS सुविधा पर कोई प्रतिबंध या सुरक्षा नियंत्रण लागू होने की स्थिति में लेनदेन प्रभावित हो सकता है। यदि बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण बार-बार असफल हो रहा है, तो संबंधित बैंक या अधिकृत सहायता केंद्र से जानकारी प्राप्त करें। ग्राहकों को किसी भी लागू सेवा शुल्क के बारे में भी लेनदेन से पहले जानकारी लेनी चाहिए। निष्कर्ष राजस्थान के ई-मित्र केंद्रों पर उपलब्ध AEPS सेवा बैंकिंग सुविधाओं को आम लोगों तक पहुंचाने का एक उपयोगी माध्यम है। इसके जरिए पात्र ग्राहक आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद अपने बैंक खाते से नकदी निकाल सकते हैं। हालांकि, सुविधा के साथ सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। हर लेनदेन के बाद रसीद लेना, रकम का मिलान करना और OTP या PIN गोपनीय रखना ग्राहकों को संभावित वित्तीय नुकसान से बचाने में मदद कर सकता है। Source Credit: e-Mitra Rajasthan (@eMitraRajasthan), आधिकारिक X पोस्ट। मूल स्रोत: https://x.com/eMitraRajasthan/status/2116483570500005946 नोट: यह लेख ई-मित्र राजस्थान द्वारा साझा की गई AEPS संबंधी जानकारी और सामान्य बैंकिंग सुरक्षा प्रक्रियाओं पर आधारित है। सेवा की उपलब्धता और लेनदेन की शर्तें संबंधित बैंक एवं अधिकृत सेवा केंद्र के अनुसार अलग हो सकती हैं।
राष्ट्र स्तरीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम में डॉ. अस्मिता ने किया राजस्थान का प्रतिनिधित्व
हनुमान नगर | विद्यालयी शिक्षा में व्यावसायिक शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षकों की व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से 26 से 30 अक्टूबर तक मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में पांच दिन का राष्ट्र स्तरीय शिक्षक क्षमता संवर्धन कार्यक्रम हुआ। आयोजन राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, नई दिल्ली के तत्वावधान में हुआ। कार्यक्रम पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान, भोपाल के निर्देशन में आयोजित किया गया। राजस्थान के विभिन्न जिलों से चयनित शिक्षकों ने सहभागिता की। इसमें भीलवाड़ा जिले के एम जी जी एस शाहजी मोहल्ला में कार्यरत शिक्षक डॉ. अस्मिता मिश्रा ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया। प्रशिक्षण के दौरान डॉ. मिश्रा ने राजस्थान में व्यावसायिक शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तर पर हो रहे नवाचार, पहल, विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रमों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया। उन्होंने प्रदेश में संचालित ऐसी अभिनव शैक्षिक पहलों को भी साझा किया, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अनुकरणीय, अन्य राज्यों के लिए आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने व्यापक कार्य शिक्षा कार्यक्रम के उद्देश्य, क्रियान्वयन, शैक्षिक महत्व पर भी प्रस्तुति दी। प्रशिक्षण राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-विद्यालयी शिक्षा 2023 एन सीएफ-एस 2023 के अनुरूप आयोजित हुआ। उद्देश्य मध्य स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा के क्रियान्वयन के लिए शिक्षकों की क्षमता विकसित करना रहा। इसमें कौशल आधारित शिक्षा, अनुभवात्मक अधिगम, व्यावसायिक दक्षताओं का विकास, विद्यालयी शिक्षा में व्यावसायिक गतिविधियों के समावेशन पर विशेष बल दिया गया। सहभागिता को राजस्थान के शैक्षिक नवाचार, उत्कृष्ट कार्यों को राष्ट्रीय मंच पर रखने, अन्य राज्यों के साथ अनुभवों के आदान-प्रदान की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया।
हक की लड़ाई अब देशभर में, राजस्थान में आंदोलन शुरू करेगा वाल्मीकि समाज
राजस्थान में 24,752 पदों पर सफाई कर्मचारियों की संविदा भर्ती के विरोध में अब वाल्मीकि समाज देशव्यापी आंदोलन की तैयारी में है। समाज अपने हक और अधिकारों की लड़ाई को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की रणनीति बना रहा है। इसकी शुरुआत राजस्थान से की जाएगी। इसके लिए रविवार को हरियाणा के फरीदाबाद में वाल्मीकि समाज की महापंचायत होगी। इसमें राजस्थान सहित देश के अलग-अलग राज्यों से समाज के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि और प्रबुद्ध लोग शामिल होंगे। महापंचायत में सफाई कर्मचारी भर्ती में वाल्मीकि समाज को प्राथमिकता देने, संविदा भर्ती निरस्त कर नियमित कर्मचारियों के रूप में दोबारा भर्ती कराने और कुरीतियों को दूर करने जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे। महापंचायत के संयोजक राजस्थान सरकार के पूर्व राज्य मंत्री दीपक डंडोरिया हैं। इसमें देशभर में आंदोलन शुरू करने की रणनीति तय की जाएगी। दिल्ली में 20 साल बाद भी संविदाकर्मी स्थायी नहीं: समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि संविदा पर भर्ती करने के बाद कर्मचारियों को स्थाई करने का वादा पूरा नहीं होता। दिल्ली में भी करीब 20 साल पहले संविदा पर सफाई कर्मचारियों की भर्ती हुई थी, लेकिन अब तक उन्हें स्थाई नहीं किया गया है। इसी तरह हरियाणा, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भी अस्थाई भर्तियां की जा रही हैं। इंदौर में संविदा भर्ती के विरोध में कर्मचारी लंबे समय से हड़ताल पर हैं। समाज का कहना है कि राजस्थान में भी पांच साल की संविदा पर भर्ती करने के बजाय नियमित पदों पर नियुक्तियां होनी चाहिए। 24,752 पदों पर भर्ती राजस्थान में सफाई कर्मचारियों के 24,752 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। आवेदन लिए जा रहे हैं। इन पदों पर सभी समाजों के लोग आवेदन कर सकते हैं। भर्ती पांच साल की संविदा पर होगी। इसके बाद कार्य अनुभव के आधार पर स्थाई करने का प्रावधान रखा गया है। महापंचायत रविवार सुबह 10 बजे फरीदाबाद में हरियाणा के पूर्व मंत्री जगदीश नायर की कोठी के सामने पार्क होटल में होगी। अध्यक्षता चौधरी सितारा पहलवान करेंगे। दीपक डंडोरिया संयोजक हैं। आयोजकों का दावा है कि यह वाल्मीकि समाज की देश में पहली राष्ट्रीय स्तर की महापंचायत होगी। महापंचायत में चार प्रमुख मुद्दों पर होगी चर्चा महापंचायत में सफाई कर्मचारी भर्ती सिर्फ वाल्मीकि समाज से करने, संविदा भर्ती निरस्त कर नियमित भर्ती कराने, समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार खत्म करने और शिक्षा व जागरूकता बढ़ाने की मांग उठेगी। इसके साथ ही दहेज प्रथा सहित सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और समाज को समानता का अधिकार दिलाने के लिए हर राज्य में आंदोलन शुरू करने पर भी चर्चा होगी।
Rajasthan में दिव्यांगों के लिए समान अवसर नीति लागू, 75 करोड़ की पेंशन DBT से जारी
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के मूलमंत्र के साथ दिव्यांगों के सशक्तीकरण के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प ऐसा राजस्थान बनाना है जहां हर दिव्यांग को सम्मान, स्वावलंबन और समान अवसर मिलें। वे यहां ‘सपनों की उड़ान-असंभव कुछ भी नहीं’ कार्यक्रम के तहत दिव्यांग युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। शर्मा ने कहा, हौसले की उड़ान कभी शारीरिक सीमाओं की मोहताज नहीं होती। मन में दृढ़ संकल्प, हृदय में कुछ कर गुजरने का जज्बा और प्रयासों में निरंतरता हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है और यही युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी पूंजी है। शर्मा ने कहा कि युवाओं के पास ऊर्जा है, नए विचार हैं, कुछ नया करने का जुनून है और असंभव को संभव बनाने का साहस है। उन्होंने आह्वान किया कि वे सभी अपने बुलंद हौसलों के साथ आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए सारथी बनकर उनके साथ खड़ी है। आधिकारिक बयान के अनुसार इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न पहलों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने दिव्यांगों के लिए समान अवसर नीति लागू की है। उन्होंने कहा कि दो लाख 71 हजार यूडीआईडी कार्ड जारी करने के साथ ही अनुजा निगम द्वारा दिव्यांगों समेत विभिन्न श्रेणी के सात हजार व्यक्तियों को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध करवाया गया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन (दिव्यांगजन) के साढ़े पांच लाख से अधिक लाभार्थियों के लिए 75 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की और दिव्यांगों को सहायक उपकरण वितरित किए। उन्होंने खेल जगत में प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले दिव्यांग खिलाड़ियों मोना अग्रवाल, सृष्टि अरोड़ा, कृष्णा नागर और दिव्यांगों के सशक्तीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पदम भूषण डी.आर. मेहता का सम्मान किया।
Rajasthan के Kota में सरपंच चुनाव मतगणना के दौरान Election Officer की Heart Attack से मौत
राजस्थान में कोटा जिले की कुकड़ाखुर्द ग्राम पंचायत के सरपंच चुनाव के दौरान निर्वाचन अधिकारी के पद पर तैनात एक सहायक अभियंता की शुक्रवार रात मतगणना के दौरान कथित तौर पर दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, कि कोटा ताप विद्युत संयंत्र में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत सुरेश मीणा जिले के कनवास इलाके के मूल निवासी थे। वह अपने परिवार के साथ कोटा में रह रहे थे और शुक्रवार को कुकड़ाखुर्द ग्राम पंचायत में सरपंच चुनाव के दौरान निर्वाचन अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार रात जब मतगणना की जा रही थी, तभी मीणा अचानक चक्कर आने से गिर पड़े। उन्होंने कहा कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें तुरंत ‘सीपीआर’ दिया और उन्हें मोडक अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों के अनुसार, चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें एसआरजी अस्पताल, झालावाड़ में स्थानांतरित कर दिया, जहां डॉक्टरों ने रात करीब नौ बजे दोबारा सीपीआर दिया और बिजली के झटके दिए, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस आपात स्थिति के कारण मतगणना का काम कुछ समय के लिए बाधित रहा। इसके बाद अतिरिक्त निर्वाचन अधिकारी और अन्य कर्मियों ने प्रक्रिया को दोबारा शुरू कराया और देर रात नतीजे घोषित किए, जिसमें संदीप सिंह 195 मतों के अंतर से सरपंच चुने गए। मीणा के शव को बाद में कोटा के नए मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया, जहां शनिवार सुबह पोस्टमॉर्टम किया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि मीणा के परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। मोडक थाना प्रभारी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि पुलिस ने मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दीपक आगाल दक्षिणी राजस्थान माहेश्वरी युवा संगठन के अध्यक्ष निर्वाचित
सावा माहेश्वरी भवन में आयोजित निर्वाचन में छह जिलों के प्रतिनिधियों ने लिया भाग, तरुण सोमानी बने प्रदेश महामंत्री
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में इन दिनों पंचायत चुनाव हो रहे हैं। दूसरे चरण का मतदान हो चुका है। अलवर जिले के राजपुरबड़ा गांव में बड़ी खबर आई है। यहां देर रात सरपंच चुनाव के नतीजे आने के बाद आज सुबह जमकर हंगामा हुआ। खबरों के अनुसार, राजपुरबड़ा ग्राम पंचायत में सरपंच पद का चुनाव हारने वाले प्रत्याशी और उसके समर्थकों द्वारा पुलिस पर पथराव किए जाने का मामला सामने आया है। खबरों के अनुसार, अचानक हुए पथराव में डीएसपी देशराज कुलदीप और एएसआई कामम खान के सिर में चोट लगी। वहीं, दो कांस्टेबलों के भी घायल होने की खबर है। लोगों की ओर से पुलिस की गाड़ी और बाइकों में भी तोड़फोड़ की गई। हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज का सहारा लिया। आपको बता दें कि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से ही हारे प्रत्याशी और उसके समर्थकों की ओर से विरोध शुरू किया गया था। इस विरोध प्रदर्शन ने आज सुबह उग्र रूप ले लिया। सरपंच पद के प्रत्याशी रहे महेंद्र कुमार शर्मा ने कुल 319 वोट कम गिने जाने का आरोप लगाया है। आपत्ति पर शिकायत पर सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद सरपंच पद के विजेता का ऐलान किए जाने पर समर्थकों ने पूरी रात विरोध-प्रदर्शन किया। PC:etvbharat
महेंद्रगढ़ जिला पुलिस ने फरार आरोपियों और अदालत द्वारा घोषित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एक घोषित अपराधी (पीओ) को गिरफ्तार किया है। आरोपी वर्ष 2019 में थाना सदर नारनौल में दर्ज सड़क दुर्घटना में मृत्यु से संबंधित मामले में अदालत द्वारा घोषित अपराधी था। पुलिस ने उसे 30 अक्टूबर को गिरफ्तार किया। डीएसपी मुख्यालय भारत भूषण ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान हमीद खान निवासी गांव समली खुर्द, थाना लक्ष्मणगढ़, राजस्थान के रूप में हुई है। उसके खिलाफ थाना सदर नारनौल में वर्ष 2019 में सड़क दुर्घटना में मृत्यु से संबंधित मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में अदालत में पेश नहीं होने के कारण उसे घोषित अपराधी (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर) घोषित किया गया था। एसआई गोविंद सिंह के नेतृत्व में की कार्रवाई डीएसपी ने बताया कि थाना सदर नारनौल के अंतर्गत पुलिस चौकी गहली की टीम आरोपी की तलाश में जुटी हुई थी। उपनिरीक्षक गोविंद सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया। अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में जिला जेल नसीबपुर भेज दिया गया। फरार आरोपियों की धरपकड़ जारी जिला पुलिस महेंद्रगढ़ की ओर से फरार आरोपियों और अदालत द्वारा घोषित अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अदालत की कार्रवाई से बचने के लिए फरार रहने वाले आरोपियों को भी तलाश कर कानून के दायरे में लाया जाएगा।
उमरिया जिला मुख्यालय के स्टेडियम में शनिवार को 70वीं राष्ट्रीय शालेय हैंडबॉल प्रतियोगिता का समापन हुआ। पांच दिन चली इस प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग राज्यों की 32 टीमों ने हिस्सा लिया। मुकाबले बालक अंडर-14 वर्ग में हुए। बिहार, मणिपुर और राजस्थान समेत कई राज्यों की टीमें शामिल हुईं। शनिवार को फाइनल मुकाबला मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच खेला गया। मध्य प्रदेश ने राजस्थान को हराकर प्रतियोगिता जीती। राजस्थान की टीम उपविजेता रही। मैच देखने के लिए खेल प्रेमी स्टेडियम पहुंचे। शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित प्रतियोगिता के समापन समारोह में डिप्टी कलेक्टर प्रत्यूष श्रीवास्तव और विधायक शिवनारायण सिंह मौजूद रहे। अतिथियों ने विजेता मध्य प्रदेश और उपविजेता राजस्थान की टीमों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।
भरतपुर के वशिष्ठ शर्मा का राजस्थान अंडर-16 टीम में चयन, विजय मर्चेंट ट्रॉफी में दिखाएंगे दम
भरतपुर के वशिष्ठ शर्मा का अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी के लिए राजस्थान की 15 सदस्यीय टीम में चयन हुआ है। निचल शर्मा पहले सुरक्षित खिलाड़ी बने हैं। राजस्थान का पहला मुकाबला 14 नवंबर को गोवा से होगा।
इंटरनेट डेस्क। कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा को निशाने पर लिया है। उन्होंने 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली पार्टी की रैली को लेकर बड़ा बयान दिया और इस रैली की तुलना 1979 में तत्कालीन चरण सिंह सरकार के खिलाफ हुई कांग्रेस की भारत बचाओ रैली से की है। गहलोत ने कहा कि भारत बचाओ रैली के बाद तत्कालीन सरकार गिर गई थी। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, साल 1980 में नए चुनाव होने पर इंदिरा गांधी ने प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाई थी। एक नवंबर 2026 को होने वाली रैली भी 1979 की रैली की तरह ही है। फर्क सिर्फ इतना है कि उस वक्त की रैली को भारत बचाओ का नाम दिया गया था जबकि इस बार की रैली लोकतंत्र बचाओ के नाम से आयोजित की जा रही है। उन्होंने यह भी साफ किया कि लोकतंत्र में सरकारें चुनाव से ही बदलती हैं। अशोक गहलोत ने आरोप लगाते हुए कहा, मौजूदा सरकार रिजीम चेंज का भ्रम फैला रही है। इस तरह की बात कहकर लोगों को गुमराह करने का काम कर रही है। चुनाव आयोग केंद्र सरकार का डिपार्टमेंट बन कर रह गया है। pc- nationalheraldindia.com
Government Job Alert: राजस्थान में 3,453 पदों पर भर्ती का मौका, रेलवे में 2,008 अप्रेंटिस वैकेंसी; नवंबर में इन भर्तियों की आवेदन प्रक्रिया होगी पूरी
Weather Alert: राजस्थान में आज कुछ जिलों में बारिश के आसार, 1 नवंबर से बदलेगा मौसम; सुबह-शाम बढ़ेगी ठंड, जानें IMD का ताजा अपडेट
Petrol-Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी, जयपुर में नहीं हुआ कोई बदलाव; जानें राजस्थान के प्रमुख शहरों में आज का भाव
Rajasthan Weather Today: राजस्थान में अक्टूबर के आखिरी दिन मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 31 अक्टूबर को कोटा और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम.
राजस्थान पंचायत चुनाव में एक से एक सोशल मीडिया स्टार को हार का सामना करना पड़ रहा है. अब भीलवाड़ा के सोशल मीडिया स्टार पवन साहू को पंचायत चुनाव में करारी हार झेलनी पड़ी है. उनके करोड़ों में फॉलोअर्स है, लेकिन वोट मात्र 277 मिले.
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शुक्रवार को कोटा के दौरे पर रहे। यहां आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ कार्यक्रम में उन्होंनेे कांग्रेस को निशाने पर लिया है। इस संबंध में सीएम भजनलाल ने एक्स के माध्यम से कहा कि लोकतंत्र की दुहाई देने वाली कांग्रेस का इतिहास ही लोकतांत्रिक मूल्यों के दमन और संवैधानिक मर्यादाओं के उल्लंघन से भरा रहा है। मीडिया रिपोटर्स की माने तो देश ने आपातकाल का काला दौर भी देखा है और कांग्रेस की स्वार्थपरक राजनीति के दुष्परिणाम भी भुगते हैं। आज भी जनता सब देख रही है कि किस प्रकार कांग्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर अराजकता का वातावरण बनाने का प्रयास कर रही है। लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ कार्यक्रम के अंतर्गत सेवेन वंडर्स पार्क से छावनी चौराहे तक आयोजित पदयात्रा में सीएम भजनलाल ने सहभागिता की। उन्होंने कहा कि देश का लोकतांत्रिक इतिहास कांग्रेस के सत्ता मोह, आपातकाल और संवैधानिक व्यवस्थाओं के साथ किए गए खिलवाड़ का साक्षी रहा है। आज भी कांग्रेस अपनी राजनीतिक स्वार्थसिद्धि के लिए जनविश्वास और लोकतांत्रिक संस्थाओं को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। pc- sj
Rajasthan: आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल के खिलाफ सरकार ने दिए एसीबी जांच के आदेश, मुश्किले बढ़ना तय
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ना तय हो गया है। उनके खिलाफ एसीबी जांच करेगी। उन पर पद के दुरुपयोग, निजी कंपनी को अनुचित फायदा पहुंचाने और कंपनी के रिसॉर्ट में खुद व परिजनों के नाम पर संपत्तियां खरीदने के आरोप है। अब इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) जांच करेगी। मीडिया रिपोटर्स की माने तो सरकार ने उनके खिलाफ जांच की मंजूरी दे दी है। लगे हैं ये आरोप मीडिया रिपोटर्स की माने तो शिखर अग्रवाल द्वारा निजी कंपनी गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों से कथित आपराधिक मिलीभगत कर अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करने, खुद को और कंपनी को अनुचित फायदा पहुंचाने और राज्य सरकार को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाने के तथ्य प्राथमिक तौर पर सामने आए हैं। इस संबंध में राजस्थान सरकार द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 की धारा 17-ए के अंतर्गत विस्तृत जांच (अनुसंधान) के लिए पूर्वानुमोदन प्रदान किया गया है। एसीबी करेगी जांच खबरों की माने तो एसीबी के डीजी गोविंद गुप्ता ने बताया, मीडिया में आई रिपोर्ट्स और उद्योग विभाग से प्राप्त तथ्यात्मक रिपोर्ट का ब्यूरो द्वारा समग्र परीक्षण एवं विश्लेषण किया गया। इसके अतिरिक्त गोपनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के आधार पर प्रारंभिक स्तर पर सामने आए तथ्यों के संबंध में प्राथमिक जांच दर्ज कर विस्तृत जांच किया जाना उचित पाया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि शिखर अग्रवाल ने राजस्थान में जिला कलेक्टर, उदयपुर, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अध्यक्ष तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग एवं अन्य विभागों के पदों पर रहते हुए कथित रूप से अपने पद एवं प्रभाव का दुरुपयोग किया। pc- x.com
ब्रजरज उत्सव के बाजार में सजे देशभर के खास उत्पाद, हिमाचली शॉल से लेकर राजस्थान के 56 तरह के अचार तक की धूम
दिल्ली: लापता महिला राजस्थान के भिवाड़ी से मिली, पुलिस ने परिवार से मिलवाया
दिल्ली पुलिस ने राजस्थान के भिवाड़ी से एक 26 वर्षीय लापता महिला को ढूंढ निकाला है। महिला को उसके पति और 3.5 साल की बेटी से मिलवाया। मूल रूप से दरभंगा, बिहार की रहने वाली महिला थी और 5 सितंबर से लापता थी।
मौसम अपडेट: राजस्थान में थमेगा बारिश का दौर, अगले सात दिन मौसम रहेगा शुष्क; सुबह-शाम बढ़ेगी ठंड
राजस्थान में अक्टूबर के आखिरी दिनों के साथ मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार पश्चिमी राजस्थान में 31 अक्टूबर और पूर्वी राजस्थान में 1 नवंबर से मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
Rewari News: हाईवे पर डंपरों से टकराई राजस्थान रोडवेज की बस, पांच यात्री घायल
Rajasthan Roadways bus collides with dumpers on highway; five passengers injured
PC: ANI राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और सीनियर कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने गुरुवार को राजधानी जयपुर में बढ़ते क्राइम का आरोप लगाते हुए राज्य की BJP सरकार पर निशाना साधा। एक X पोस्ट में, गहलोत ने राजस्थान के पूर्व मंत्री और BJP नेता प्रताप सिंह सिंघवी के घर हुई कथित चोरी को फ़्लैग किया। उन्होंने अक्टूबर में शहर में चोरी और महिलाओं के खिलाफ़ क्राइम की कई घटनाओं को भी याद किया। गहलोत ने लिखा, “राज्य की राजधानी जयपुर में लॉ एंड ऑर्डर की हालत खराब है। राज्य की राजधानी जयपुर में लगातार हो रहे क्राइम आम जनता में डर पैदा कर रहे हैं। जामडोलीबा में बुधवार रात पांच बदमाशों ने दो ज्वैलर भाइयों पर लोहे की रॉड और डंडों से हमला करके 20 लाख रुपये लूट लिए। जब एक महिला ने बदमाशों का पीछा किया, तो उन्होंने उस पर गोली चला दी। इसी महीने की 1 तारीख को टोंक रोड पर एक घड़ी के शोरूम से 5 करोड़ रुपये की चोरी हुई।” सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने BJP से कहा कि वह एडवर्टाइजमेंट पर खर्च करने के बजाय राज्य में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति पर ध्यान दे। X पोस्ट में लिखा था- “सिविल लाइंस, जिसे जयपुर का सबसे सुरक्षित इलाका माना जाता है और जहां गवर्नर और मुख्यमंत्री के घर हैं, वहां पूर्व मंत्री श्री प्रताप सिंह सिंघवी के घर पर चोरी की खबर है। जब चोर सबसे सुरक्षित इलाके में घुस सकते हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या भरोसा? कुछ दिन पहले जयपुर के सेंट्रल पार्क से एक बिजनेसमैन को किडनैप कर लिया गया था। BJP सरकार को करीब तीन साल हो गए हैं। अब, एडवर्टाइजमेंट पर करोड़ों खर्च करने से हटकर लॉ एंड ऑर्डर पर ध्यान दें—आम लोगों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाएं।” कल रात, कथित तौर पर, जयपुर के सिविल लाइंस में प्रताप सिंह सिंघवी के घर से कैश और आर्टिफिशियल ज्वेलरी की चोरी हुई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

