कूनो नेशनल पार्क से कुछ दिन पहले बाहर निकला चीता राजस्थान पहुंच गया है। चीते ने मंगलवार को राजस्थान के बारां जिले के करौली गांव में एक पशुपालक के मवेशी का शिकार कर लिया।
राजस्थान के नीमकाथाना में पुलिस की कार्रवाई, सब्जी मंडी से 10 क्विंटल से ज्यादा अवैध पटाखे जब्त
jaipur, 4 नवंबर . Rajasthan के नीमकाथाना में अवैध पटाखों के कारोबार के खिलाफ Police ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 क्विंटल से अधिक पटाखे जब्त किए हैं.…
हिमाचल प्रदेश राजस्थान को 400 करोड़ रुपए की बिजली बेचेगा: मुख्यमंत्री सुक्खू
चंबा, 4 नवंबर . Himachal Pradesh के Chief Minister सुखविंदर सुक्खू ने Wednesday को कहा कि राज्य ने Rajasthan को 15.50 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली…
गहलोत का भाजपा पर निशाना, बोले- लोकतांत्रिक इतिहास में पहली बार ‘सत्ताधारी विपक्ष’ का उदय
jaipur, 4 नवंबर . Rajasthan के पूर्व Chief Minister अशोक गहलोत ने भाजपा पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और वोट चोरी के…
jaipur, 4 नवंबर . Rajasthan के Chief Minister भजनलाल शर्मा ने कहा है कि राज्य Government युवाओं, महिलाओं, किसानों और वंचित वर्गों के कल्याण के साथ-साथ Rajasthan के…
jaipur, 4 नवंबर . Rajasthan Government ने Wednesday को दीपावली के दौरान वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं. इसके तहत राष्ट्रीय राजधानी…
छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करी के दो अलग-अलग मामलों में पुलिस ने करीब 4.88 करोड़ रुपए का गांजा जब्त किया है। कांकेर में पुलिस की घेराबंदी की भनक लगने पर तस्कर 2 क्विंटल 80 किलो गांजा गढ़िया पहाड़ के पास फेंककर फरार हो गए। वहीं, केशकाल पुलिस ने एक कार से 407 किलो 910 ग्राम गांजा बरामद कर राजस्थान के एक युवक को गिरफ्तार किया है। दोनों मामलों में पुलिस तस्करी के नेटवर्क की जांच कर रही है। देखिये यह तस्वीरें कांकेर में 70 पैकेट गांजा छोड़कर भागे तस्कर कांकेर के कोतवाली थाना क्षेत्र के सिगारभाट स्थित गढ़िया पहाड़ के किनारे पुलिस ने लावारिस हालत में गांजे के 70 पैकेट बरामद किए। इनका कुल वजन 2 क्विंटल 80 किलो और अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपए बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, तस्कर ओडिशा से विश्रामपुरी और केशकाल के रास्ते कांकेर पहुंचे थे। गांजा तस्करी की सूचना मिलने पर केशकाल पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी। केशकाल पुलिस ने कांकेर पुलिस को भी इसकी जानकारी दी, जिसके बाद आरोपियों को पकड़ने के लिए घेराबंदी की गई। घेराबंदी की भनक लगने पर भागे तस्कर बताया जा रहा है कि पुलिस की घेराबंदी की भनक लगने पर तस्कर गांजे के पैकेट सुनसान जगह पर फेंककर फरार हो गए। मुखबिर की सूचना पर मौके पर पहुंची कांकेर पुलिस ने गांजा जब्त कर लिया। कांकेर एसडीओपी हरीश पाटिल के मुताबिक, पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों की जांच के दौरान गांजा बरामद किया है। तस्करी में इस्तेमाल की गई दो गाड़ियों की पहचान कर ली गई है और एक कार चालक को भी चिह्नित किया गया है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम जुटी हुई है। 407 किलो गांजे के साथ राजस्थान का युवक गिरफ्तार दूसरी कार्रवाई में केशकाल पुलिस ने 3 नवंबर को सूचना के आधार पर सिल्वर रंग की महिंद्रा XUV-500 (OD-10-V-7053) को रोककर तलाशी ली। पुलिस के मुताबिक, कार से 407 किलो 910 ग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत 2 करोड़ 3 लाख 95 हजार 500 रुपए आंकी गई है। कार चला रहे व्यक्ति ने पूछताछ में अपना नाम दीपक कुमार माली (31), निवासी नाथूखेड़ी, जिला प्रतापगढ़, राजस्थान बताया। कार में ड्राइवर सीट के पीछे और डिक्की से भूरे सेलोटेप में लिपटे 78 पैकेट मिले। जांच में इनमें गांजा पाया गया। कार की एक्स्ट्रा नंबर प्लेट भी मिली पुलिस को कार के डैशबोर्ड में छिपाकर रखी गई एक अतिरिक्त नंबर प्लेट भी मिली, जिस पर RJ-23-UB-8472 लिखा था। आरोपी के पास से रेडमी मोबाइल फोन और 1,100 रुपए नकद भी बरामद किए गए। पुलिस ने गांजा, कार, मोबाइल और अन्य सामान समेत कुल 2 करोड़ 18 लाख 96 हजार 600 रुपए की संपत्ति जब्त की। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया। अदालत में पेश किए जाने के बाद उसे न्यायिक रिमांड में भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के निर्देश पर जिले में गांजा और शराब तस्करी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई में केशकाल थाना प्रभारी रितेश मिश्रा सहित उपनिरीक्षक कंवल सिंह शोरी, सहायक उपनिरीक्षक भगत सिंह नेताम, सुरेश मरकाम, प्रधान आरक्षक ईश्वर नेताम, संजय बिसेन और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। ………………… इस से जुड़ी यह ख़बर भी पढ़िए… मिर्ची के बाद खाली शराब-बोतलों की आड़ में गांजा तस्करी:3.41 करोड़ का माल जब्त; ओडिशा से UP ले जाया जा रहा था खेप छत्तीसगढ़ के जशपुर में पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ दूसरी बड़ी कार्रवाई की है। लावाकेरा चेकिंग बैरियर पर जांच के दौरान पुलिस ने एक मिनी ट्रक से 6 क्विंटल 32 किलो 380 ग्राम गांजा बरामद किया। गांजा खाली बोतलों से भरी बोरियों के नीचे छिपाकर रखा गया था। जांच में 20 बोरियों से टेप से लिपटे 597 पैकेट मिले। ….पढ़िए पूरी खबर
नोहर के पीयूष सैनी ने बढ़ाया क्षेत्र का मान, राजस्थान की अंडर-14 फुटबॉल टीम में चयन
हनुमानगढ़ के नोहर निवासी पीयूष सैनी 12 से 17 नवंबर तक मध्य प्रदेश के छतरपुर में होने वाली ऑल इंडिया स्कूल नेशनल फुटबॉल चैंपियनशिप में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगे।
गंगापुर सिटी के दो सगे भाइयों ने DMLT परीक्षा में राजस्थान में किया टॉप, बढ़ाया मान
रिया पैरामेडिकल कॉलेज के छात्रों प्रियांशु और वंश गर्ग ने डीएमएलटी परीक्षा में पूरे राज्य में पहला स्थान हासिल किया है।
जीएसटी लागू होने के बाद अक्टूबर 2026 में राजस्थान ने बनाया राजस्व संग्रहण का नया रिकॉर्ड
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन तथा प्रमुख शासन सचिव (कर) के निरंतर निर्देशन के परिणामस्वरूप राजस्थान के कर विभाग ने राजस्व संग्रहण के क्षेत्र में ऐतिहासिक...
विकसित राजस्थान की नींव गांव से होगी मजबूतः कर्नल राज्यवर्धन राठौड़
कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने गांवों के विकास को प्राथमिकता दी है। इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास और आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
Rajasthan: गहलोत ने कहा भजनलाल ने जो आरोप लगाए हैं उनके तथ्य दें, नहीं तो 24 घंटे में माफी मांगे
इंटरनेट डेस्क। राजस्थाान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर में सीएम भजनलाल द्वारा दिए गए बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी और इस संबंध में एक्स के माध्यम से बड़ा बयान दिया है। गहलोत ने मंगलवार को कहा कि आज जोधपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बिना तथ्यों के जो अनर्गल बातें कही हैं, उनसे मेरे मन को पीड़ा पहुंची है। उन्होंने व्यक्तिगत तौर पर मेरे बारे में एकदम झूठे आरोप लगाकर जो कपोल-कल्पित कहानी प्रचारित की है, मुझे आशा है कि उसका विस्तृत विवरण, तथ्यों और दस्तावेजों सहित, वे मुझे भी देंगे और प्रदेश की जनता के सामने भी रखें अन्यथा 24 घंटे में माफी मांगें। क्या बोले गहलोत मीडिया रिपोटर्स की माने तो अशोक गहलोत ने इस संबंध में आगे कहा कि मैं तो उम्मीद कर रहा था कि लोकतांत्रिक मर्यादा के अनुरूप वे स्वयं मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव रहे आईएएस शिखर अग्रवाल पर विला खरीद को लेकर मीडिया में सार्वजनिक रूप से लग रहे मिलीभगत के आरोपों और इस प्रकरण में मुख्यमंत्री की संदिग्ध भूमिका को लेकर सच्चाई प्रदेश की जनता को बताएंगे, क्योंकि अनंता कंपनी को विशेष छूट देने का फैसला जिस बोर्ड की बैठक में हुआ उसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री स्वयं हैं। परंतु ऐसा लगता है कि अपराधबोध से ग्रसित होकर मुख्यमंत्री बौखला गए। खबरों की माने तो अशोक गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री जी, सवाल अब भी वही है। अनंता रिजॉर्ट को विशेष पैकेज दिए जाने में आपकी क्या भूमिका है, क्योंकि जिस निवेश बोर्ड के निर्णय के आधार पर यह पैकेज जारी हुआ, उसके अध्यक्ष आप ही हैं? और आखिर इस प्रकरण की जांच आप अपने अधीन एजेंसी एसीबी की बजाय केंद्रीय एजेंसी सीबीआई को क्यों नहीं सौंप रहे? pc- aaj tak
दिवाली पर पटाखे चलाने के नियम सख्त, राजस्थान के NCR वाले 6 जिलों में सिर्फ 2 दिन मिलेगी छूट; ग्रीन पटाखे ही चला सकेंगे लोग
jaipur, 4 नवंबर . Rajasthan के Chief Minister भजनलाल शर्मा ने Police और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे त्योहारी सीजन को देखते हुए पूरे राज्य…
शासन सचिव पूर्ण चन्द्र किशन ने राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन-181 का किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन की शिकायतों के समयबद्ध और संतोषजनक निस्तारण के लिए वरिष्ठ अधिकारी राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन-181 पर दर्ज परिवादों
Travel Tips: Odisha Tourism और Rajasthan के ये 4 बड़े Festivals सर्दियों के सफर को बनाएंगे खास
घूमने-फिरने का असली मजा सर्दियों के मौसम में आता है। भारत में नवंबर से फरवरी के बीच हर ओर तरफ अलग-अलग रौनक देखने को मिलती है। कहीं रेगिस्तान में ऊंटों का मेला लगता है, तो कहीं पर आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर जाता है। अगर आप भी इस बार सर्दियों की छुट्टियों में सिर्फ पुरानी इमारतें देखने की जगह कुछ अलग और खास एक्सपीरियंस करना चाहती हैं। तो आपको एक नया ट्रैवल प्लान बनाना चाहिए। दरअसल, सर्दियों में भारत के अलग-अलग राज्यों में कई बड़े फेस्टिवल्स होते हैं। जहां पर आप स्थानीय लोगों का रहन-सहन, खाना-पीना, संस्कृति और परंपराओं को देख और समझ सकती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको 4 ऐसे शानदार फेस्टिवल डेस्टिनेशंस के बारे में बताने जा रहे हैं। जहां पर कम से कम एक बार आपको जरूर जाना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: Jaisalmer के रेगिस्तान और Varanasi की देव दीपावली से नवंबर की Vacation बनाएं यादगार पुष्कर कैमल फेयर, राजस्थान हर साल राजस्थान के पुष्कर में अक्टूबर-नवंबर के दौरान 5 दिनों का पुष्कर मेला लगता है। यह दुनिया के सबसे बड़े मवेशी मेलों में से एक है। यहां पर आरको लोक संगीत, रंग-बिरंगे बाजार और राजस्थानी संस्कृति का खूबसूरत रूप देखने को मिलेगा। इस मेले में सिर्फ जानवर खरीदे या बेचे नहीं जाते हैं, बल्कि सबसे लंबी मूंछें दिखाने, मटका फोड़ने और दुल्हन की तरह सजने जैसे कई मजेदार कॉम्पिटिशन होते हैं। यहां तक कि लोकल पुष्कर क्लब और विदेश से आए विदेशी पर्यटकों के बीच फुटबॉल मैच खेला जाता है। ऐसे में अगर आप भी यहां पर घूमने जा रही हैं, तो ब्रह्मा मंदिर और पुष्कर झील जरूर देखने जाएं। जानिए कब जाएं पुष्कर मेला 17 से 24 नवंबर 2026 के बीच होने जा रहा है। इस मेले की जगह के पास रुकें और सुबह-सुबह के समय घूमने निकलें और उस समय फोटो भी अच्छी आती है और रौनक भी देखने लायक होती है। कोणार्क डांस फेस्टिवल, ओडिशा साल 1986 में गुरु गंगाधर प्रधान ने कोणार्क डांस फेस्टिवल की शुरुआत की थी। जोकि भारत के सबसे बड़े क्लासिकल डांस फेस्टिवल्स में से एक होता है। ओडिशा टूरिज्म की ओर से होने वाले इस 5 दिनों के इवेंट में देशभर में बेस्ट डांसर्स हिस्सा लेते हैं। यहां पर आपको कोणार्क सूर्य मंदिर के सामने स्टेज पर ओडिसी, कत्थक, कुचिपुड़ी, भरतनाट्यम, मोहिनीअट्टम और मणिपुरी जैसे शानदार डांस शो देखने का मौका मिलेगा। इसके अलावा शाम को डांस परफॉर्मेंस देखने के अलावा दिन में सूर्य मंदिर देख सकती हैं। इसके साथ ही चंद्रभागा बीच पर इंटरनेशनल सैंज आर्ट फेस्टिवल भी लगता है और आप भी वहां पर जा सकती हैं। जानिए कब जाएं बता दें कि 01 से 05 दिसंबर 2026 तक यह फेस्टिवल चलेगा। साल 2027 की डेट्स के लिए ओडिशा टूरिज्म की वेबसाइट चेक कर सकती हैं। कोणार्क के पास भुवनेश्वर एयरपोर्ट है, जोकि करीब 65 किमी दूर है। आप कोणार्क के अलावा पुरी और भुवनेश्वरी घूमने का प्लान कर सकती हैं। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल, राजस्थान अगर आपको भी नई-नई किताबों को पढ़ने और नई-नई बातों को जानना पसंद है। तो आपको जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में जाना चाहिए। जयपुर का यह फेमस फेस्टिवल के दौरान इस शहर को दुनिया भर के कवियों, लेखकों, पत्रकारों और इतिहासकारों का ठिकाना बना देता है। यहां पर इतिहास, साइंस, राजनीति और समाज से जुड़े ढेरों टॉपिक्स पर बातचीत होती है। आप सुबह के समय किसी राइटर की बातों को सुन सकती हैं और दोपहर में किसी टेक्नोलॉजी की डिबेट में शामिल हो सकती हैं। इसके अलावा आप यहां पर किताबों की दुकानों पर घूमने के साथ-साथ नए-नए लोगों से बातचीत कर सकती हैं। इसके साथ ही जयपुर के मार्केट एक्सप्लोर कर सकती हैं। वहीं जयपुर के जायके का स्वाद लेना न भूलें। जानिए कब जाएं जयपुर में 14 स 18 जनवरी 2027 के बीच यह फेस्टिवल होगा। यहां पर जाने से पहले पूरा प्रोग्राम चेक करने के साथ अपना रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं। अधिक भीड़ से बचने के लिए दो सेशंस के बीच थोड़ा गैप रखें। जिससे कि आप आराम से घूम सकें। अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव और मकर संक्रांति, गुजरात मकर संक्रांति को गुजरात में उत्तरायण कहा जाता है। इस दौरान पूरा गुजरात अपनी-अपनी छतों पर होता है और चारों ओर पतंगबाजी की धूम रहती है। अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल भी मनाया जाता है। जिसमें दुनियाभर से लोग अपनी-अपनी खूबसूरत पतंगों के साथ पहुंचते हैं। यहां पर आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगों के अलावा खाना भी जबरदस्त होता है। गुड़-तिल की मिठाइयां, उंधियू, चिक्की और गरमा-गरम जलेबी इस त्योहार के उत्साह को दोगुना कर देती हैं। जानिए कब जाएं साबरमती रिवरफ्रंट पर 10 से 14 जनवरी 2027 के बीच यह फेस्टिवल चलेगा। इस फेस्टिवल में शामिल होने के लिए और अहमदाबाद में रुकने के लिए पहले से बुकिंग करके रखें। धूप से बचने के लिए टोपी पहनें। इसके अलावा कांच वाले मांझे से दूर रहें, जिससे के चोट न लगे। इन बातों का रखें खास ध्यान फेस्टिव सीजन के दौरान शहरों में होटल और टिकट काफी महंगे हो जाते हैं। इसलिए बुकिंग पहले से करवा लेनी चाहिए। हर एक जगह का अपना स्वाद होता है, जैसे गुजरात का उंधियू, जयपुर की कचौड़ी आदि, इसलिए लोकल फूड चखना न भूलें। आप जहां भी घूमने जा रहे हैं, वहां के लोकल लोगों से बातचीत करें और त्योहारों की दिलचस्प कहानियों को सुनें और समझें।
राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में देर रात एक बड़ी सुरक्षा चूक और आतंकी साजिश का मामला सामने आया है। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे ट्रैक पर गांव 50 जीबी के पास एक जोरदार धमाका हुआ। रात करीब 10 बजे हुए इस अचानक धमाके से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। धमाके की गूंज दूर-दूर तक सुनाई दी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। एटीएस (ATS), एफएसएल (FSL), डॉग स्क्वायड और रेलवे की विशेष टीमें मौके पर पहुंचकर घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच में जुट गई हैं। 1. ट्रैक के दो सीमेंट पिलर क्षतिग्रस्त, टाइमर बम के इस्तेमाल की आशंका प्रारंभिक जांच और घटनास्थल के निरीक्षण से पता चला है कि यह एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था। क्षति का दायरा: सामने आई जानकारी के अनुसार, यह एक कम तीव्रता (लो इंटेंसिटी) का ब्लास्ट था। धमाका इतना जोरदार था कि रेलवे पटरी के पास लगे सीमेंट के दो ब्लॉक (पिलर) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और वहां जमीन में एक गड्ढा बन गया। टाइमर बम की सुगबुगाहट: सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के अनुसार, रेलवे ट्रैक को उड़ाने के लिए इस धमाके में टाइमर बम का इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताई जा रही है। धमाके के बाद की स्थिति: रात के सन्नाटे में हुए इस तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के खेतों और ढाणियों में रह रहे ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े और मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस के आला अधिकारी और तमाम जांच एजेंसियां फौरन घटनास्थल पर पहुंच गई। 2. पाकिस्तान की ISI और आतंकी शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़ रहे तार इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ गई है। शुरुआती जांच में रेलवे ट्रैक को निशाना बनाए जाने के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और सीमा पार से संचालित होने वाले आतंकी नेटवर्क की गहरी संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। जांच एजेंसियां इस पूरी साजिश की कड़ियों को कुख्यात आतंकी शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जोड़कर देख रही हैं। सुरक्षा अधिकारी इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि क्या देश की आर्थिक और परिवहन व्यवस्था को अस्थिर करने के लिए सीमा पार से कोई बड़ा षड्यंत्र रचा गया था। 3. अनूपगढ़ में पहले भी आ चुका है RDX, सभी एंगल से हो रही जांच सीमावर्ती इलाके में सुरक्षा एजेंसियों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि हाल ही के दिनों में अनूपगढ़ क्षेत्र से पाकिस्तान के जरिए आरडीएक्स (RDX) मंगवाए जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पूर्व की बरामदगी: कुछ समय पहले ही इलाके से साढ़े सात किलो आरडीएक्स बरामद किया गया था। हालांकि, पुलिस और जांच एजेंसियां यह स्पष्ट कर रही हैं कि हाल ही में बरामद हुए उस आरडीएक्स का इस रेलवे ट्रैक ब्लास्ट से सीधा संबंध है या नहीं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। हर पहलू पर नजर: पुलिस और खुफिया विभाग किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं कर रहे हैं। असामाजिक तत्वों, देशविरोधी ताकतों और स्थानीय सहयोगियों की भूमिका की भी गहराई से छानबीन की जा रही है। 4. सुरक्षा कारणों से रूट की सभी ट्रेनें रद्द इस हाई-प्रोफाइल धमाके के बाद यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए रेलवे प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए हैं। ट्रेनों का संचालन बंद: अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे ट्रैक पर हुए इस ब्लास्ट के तुरंत बाद सुरक्षा एहतियात के तौर पर इस रूट की सभी ट्रेनों के आवागमन को आगामी आदेशों तक रद्द कर दिया गया है। मरम्मत और जांच कार्य: रेलवे इंजीनियरों और तकनीकी टीमों को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि ट्रैक की सुरक्षा का आकलन किया जा सके। जब तक सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से क्लीयरेंस नहीं दे देतीं, तब तक इस मार्ग पर ट्रेनों का संचालन बहाल किया जाना संभव नहीं है। भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के इतने करीब रेलवे ट्रैक को निशाना बनाया जाना देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक गंभीर चेतावनी है। एटीएस, बम स्क्वाड और तमाम केंद्रीय व राज्य एजेंसियांजमीन से लेकर डिजिटल सर्विलांस तक हर मु मुमकिन तरीके से साजिशकर्ताओं का पर्दाफाश करने में जुटी हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में इस तरह की घटनाएं देश की संप्रभुता के खिलाफ एक बड़ा खतरा हैं, और सुरक्षा बलों की मुस्तैदी से यह उम्मीद की जा रही है कि इस नापाक साजिश के पीछे छिपे चेहरों को जल्द ही बेनकाब कर दिया जाएगा।
Breaking News: राजस्थान में रेलवे ट्रैक पर ब्लास्ट, पैसेंजर ट्रेन गुजरने के 45 मिनट बाद धमाका, 200 मीटर दूर तक सुनाई दी आवाज; 4 ट्रेनें रद्द
राजस्थान में बालिका शिक्षा और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कई योजनाओं की जानकारी दी। 66 लाख विद्यार्थियों को 482 करोड़ रुपये की डीबीटी और 3.63 लाख बालिकाओं को गार्गी पुरस्कार के तहत 109 करोड़ रुपये दिए गए।
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान की भजनलाल सरकार ने दिवाली से पहले राजस्थान में तैनात आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों के महंगाई भत्ता बढ़ाने का ऐलान कर दिया है। इसके पहले प्रदेश कर्मचारियों के लिए डीए और दिवाली बोनस की घोषणा हुई थी। राज्य सरकार ने राजस्थान कैडर के अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों का महंगाई भत्ता 3 फीसदी बढ़ा दिया है। अब इन अधिकारियों को 60 फीसदी के बजाय 63 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा। खास बात यह है कि इस बढ़ोतरी का फायदा एक जुलाई 2026 से ही दिया जाएगा। इस संबंध में प्रदेश सरकार के कार्मिक विभाग ने आदेश जारी किए हैं। आदेश के बाद राजस्थान कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा के अधिकारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का रास्ता साफ हो गया है। 60 से बढ़कर 63 फीसदी हुआ महंगाई भत्ता राजस्थान सरकार के ताजा आदेश के मुताबिक अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों का महंगाई भत्ता 3 प्रतिशत बढ़ाया गया है। पहले यह 60 फीसदी था, जो अब बढ़कर 63 फीसदी हो गया है। PC- thehansindia.com
जयपुर की बेटी पिया दांडिया ने जीती फ्लोरिडा सीट, संसद पहुंचने वाली दूसरी भारतीय-अमेरिकी महिला
वाशिंगटन, 4 नवंबर . Rajasthan की राजधानी jaipur से ताल्लुक रखने वाले अप्रवासी भारतीय माता-पिता की बेटी पिया दांडिया ने Tuesday को हुए फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट…
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के श्रीगंगानगर में ट्रेन को उड़ाने की कोशिश हुई है। यहां पटरी पर धमाका हुआ है। रामसिंहपुर थाना क्षेत्र में अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे ट्रैक पर जोरदार ब्लास्ट हुआ है, जिससे ट्रैक के दो सीमेंट पिलर क्षतिग्रस्त हो गए। यह घटना अनूपगढ़-सूरतगढ़ ट्रेन के गुजरने के कुछ देर बाद हुई। भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास हुई इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही एटीएस, सीआईडी, डॉग स्क्वायड और रेलवे की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। सुरक्षा के कारण इस रूट की सभी ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। टूट गए सीमेंट के 2 ब्लॉक मीडिया रिपोटर्स की माने तो बता दें कि श्रीगंगानगर जिले में अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे लाइन पर पैसेंजर ट्रेन गुजरने के करीब 45 मिनट बाद ब्लास्ट हुआ है। ब्लास्ट के कारण रेलवे पटरी के नीचे लगे सीमेंट के दो ब्लॉक पूरी तरह से टूट गए। पटरियों के बीच 2 फीट गहरा गड्ढा हो गया। ये घटना मंगलवार देर रात करीब 9.45 बजे, अनूपगढ़ कस्बे के 50 जीबी गांव के पास की है। धमाके के पीछे है किसका हाथ? पुलिस के अनुसार, बुधवार सुबह 6 बजे तक इस लाइन से गुजरने वाली ट्रेनें कैंसिल की गई थीं। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि सीमावर्ती इलाके में इस ब्लास्ट के पीछे असामाजिक तत्वों या देश विरोधी ताकतों का क्या हाथ है। इससे पहले हाल में भीलवाड़ा में एक्सप्लोसिव लदी पिकअप में जोरदार धमाका हुआ था। इस घटना में ड्राइवर की मौत हो गई थी। pc- ndtv
Weather Update: राजस्थान में गुलाबी सर्दी का दौर शुरू, रात के तापमान में आएगी गिरावट, और बढ़ेगी सर्दी
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में नवंबर की शुरुआत के साथ ही ठंड का असर शुरू हो चुका है। लोगों को सुबह और शाम गुलाबी सर्दी का अहसास होने लगाप है। हालांकि बंगाल की खाड़ी में बना भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासू’ अब दक्षिण-पूर्वी आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा है, लेकिन इसका राजस्थान के मौसम पर कोई प्रत्यक्ष असर नहीं पड़ेगा। मौसम विभाग की माने तो राज्य में अगले एक सप्ताह तक मौसम पूरी तरह शुष्क और साफ बना रहेगा। रात के तापमान में गिरावट का दौर जारी रहेगा जिससे गुलाबी ठंड और बढ़ेगी। न्यूनतम तापमान में आएगी गिरावट मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में दिन के समय धूप खिली रहेगी जबकि रात और सुबह के समय हल्की धुंध और ठंडी हवाएं चलेंगी। राजधानी जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग में आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। कैसा रहेगा मौसम राजधानी जयपुर में आज आसमान पूरी तरह साफ रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, जयपुर में अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। सुबह के समय हवा में हल्की नमी और ठंडक महसूस होगी, जबकि दिन चढ़ने के साथ धूप तीखी हो सकती है। जयपुर और इसके आसपास के इलाकों जैसे दौसा और अलवर में आने वाले दो-तीन दिनों में रात का पारा और नीचे गिर सकता है। pc- jagran
20 साल की कानूनी लड़ाई के बाद मिला भूखंड, अब राजस्थान आवासन मंडल ने 85 लाख से बढ़ाकर मांगे 1.65 करोड़ रुपए
श्रीगंगानगर में रेलवे ट्रैक पर जोरदार धमाका, दो फीट गहरा गड्ढा; सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
Rajasthan Railway Track Blast: राजस्थान में श्रीगंगानगर के अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे ट्रैक पर 50 जीबी गांव के पास मंगलवार रात करीब 9:45 बजे संदिग्ध धमाका हुआ। धमाके से रेलवे ट्रैक के नीचे लगे दो सीमेंट स्लीपर टूट गए और पटरी के बीच दो फीट गहरा गड्ढा बन ...
Rajasthan में रेलवे ट्रैक पर हुआ खतरनाक बम ब्लास्ट!
राजस्थान के श्रीगंगानगर में रेलवे ट्रैक पर हुए धमाके से बड़ी साजिश की आशंका जताई जा रही है. अनूपगढ़ से बठिंडा जाने वाली ट्रेन को निशाना बनाने की कोशिश का शक है. गांव 50 जीबी के पास हुए विस्फोट में पटरी के नीचे लगे सीमेंट के दो से तीन स्लीपर क्षतिग्रस्त हो गए. धमाके के बाद एटीएस, एफएसएल और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं. जांच जारी है.
Top News 4 November: अमेरिका में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर मतगणना, दिल्ली की हवा जहरीली, राजस्थान में रेलवे लाइन पर धमाका, CJI सूर्यकांत ने वकीलों की भूमिका पर उठाए सवाल, सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश ...
Rajasthan Blast News: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में स्थित एक रेलवे ट्रैक को धमाके के बाद उड़ाने की कथित साजिश नाकाम होने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। हमारे सहयोगी न्यूज 18 के मुताबिक, भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास श्रीगंगानगर जिले में धमाके से रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया। इसके चलते प्रशासन ने अनूपगढ़ और सूरतगढ़ के बीच ट्रेन सेवाएं रद्द कर दी हैं। बताया जा रहा है कि रेलवे ट्रैक पर रखे गए विस्फोटक में ट्रेन गुजरने के कुछ देर बाद विस्फोट हुआ।धमाके से पटरियों के नीचे लगे सीमेंट के दो पिलर क्षतिग्रस्त हो गए। यह धमाका अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे ट्रैक पर '50 GB' पॉइंट के पास हुआ, जिससे ट्रैक को सहारा देने वाले कंक्रीट के दो खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। धमाके की वजह से अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे ट्रैक पर कुछ स्लीपर भी क्षतिग्रस्त हो गए।रात करीब 9:45 बजे हुआ विस्फोटजानकारी के मुताबिक, विस्फोट इतना तेज था कि इसकी आवाज करीब 200 मीटर दूर तक सुनाई दी। धमाके के कारण रेलवे ट्रैक को सहारा देने वाले कंक्रीट के दो पिलर क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा रेलवे ट्रैक के कुछ स्लीपरों को भी नुकसान पहुंचा है। विस्फोट के बाद रेलवे ट्रैक के नीचे करीब दो फीट गहरा गड्ढा बन गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जिस इलाके में धमाका हुआ, वहां से रात करीब 9 बजे अनूपगढ़ से सूरतगढ़ जा रही एक ट्रेन गुजर चुकी थी। बताया जा रहा है कि ट्रेन के गुजरने के लगभग 45 मिनट बाद विस्फोट हुआ।क्या यात्री ट्रेन को उड़ाने की थी साजिश?ट्रेन के गुजरने के कुछ ही देर बाद रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि धमाका किस तरह किया गया और इसके पीछे किसका हाथ हो सकता है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं किसी यात्री ट्रेन को निशाना बनाने की साजिश तो नहीं थी। हालांकि, फिलहाल विस्फोट के पीछे की वजह और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।ATS, CID और डॉग स्क्वॉड ने संभाला मोर्चाघटना की सूचना मिलते ही रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। रात करीब 2 बजे सुरक्षा कर्मियों की एक टीम घटनास्थल पर पहुंची। इसके बाद ATS, CID, डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। जांच टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और विस्फोट से जुड़े साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है।सुबह 9 बजे तक ट्रेन सेवाएं रद्दरेलवे ट्रैक को हुए नुकसान के बाद अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेल मार्ग पर ट्रेन सेवाएं एहतियातन सुबह 9 बजे तक रोक दी गई हैं। रेलवे अधिकारियों ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया है, ताकि ट्रैक की जांच और जरूरी मरम्मत की जा सके। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक रेलवे ट्रैक पर हुए इस विस्फोट के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। फिलहाल जांच पूरी होने और विस्फोट की वजह सामने आने का इंतजार है।ये भी पढ़ें- Samrat Choudhary: 'क्राइम हो सकते हैं, लेकिन अपराध नहीं'; बिहार CM सम्राट चौधरी का बयान हो रहा वायरल, RJD से लेकर कांग्रेस तक का आया रिएक्शन
Rajasthan Panchayat Chunav: तीसरे चरण में 68.39 फीसदी वोटिंग, Naharpura में सबसे ज्यादा मतदान
जयपुर, तीन नवंबर राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के तीसरे चरण के चुनाव के तहत जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के निर्वाचन के लिए मंगलवार को मतदान हुआ। इसमें शाम छह बजे तक 68.39 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। हालांकि एक दो जगह दो पक्षों में तनानती और मतदान के बहिष्कार की घटनाएं भी सामने आईं। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ। पूर्वाह्न 10 बजे तक 14.89 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि अपराह्न एक बजे तक यह आंकड़ा बढ़कर 36.76 प्रतिशत हो गया। इसके बाद अपराह्न तीन बजे तक 52.46 प्रतिशत मतदाता वोट डाल चुके थे। शाम छह बजे तक 68.39 प्रतिशत वोट पड़े। इस दौरान बांसवाड़ा की नाहरपुरा पंचायत समिति में सबसे अधिक 82.71 प्रतिशत और दौसा पंचायत समिति में सबसे कम 49.90 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान के दौरान कई जगह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में खराबी के मामले भी सामने आए। हालांकि, निर्वाचन अधिकारियों ने त्वरित कदम उठाते हुए मतदान बहाल करा दिया। कुछ जगह लोगों ने स्थानीय मुद्दों को लेकर मतदान का बहिष्कार भी किया। डीडवाना कुचामन जिले में एक जगह दो पक्षों के आमने सामने आने से एकबारगी तनाव हो गया। अधिकारियों ने बताया कि इस चरण में जिला परिषदों के 377 वार्डों में 1305 और पंचायत समितियों के 2119 वार्डों में 7789 प्रत्याशी मैदान में थे। इसके लिए 116 पंचायत समितियों में 11,869 मतदान केंद्र बनाए गए। राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव चार चरणों में कराए जा रहे हैं। पहले चरण में 22 अक्टूबर को 104 पंचायत समितियों में जिला परिषद के 293 और पंचायत समिति के 1,788 वार्ड के लिए मतदान हुआ था। दूसरे चरण में 28 अक्टूबर को 124 पंचायत समितियों में जिला परिषद के 352 और पंचायत समिति के 2,197 वार्ड के लिए मतदान कराया गया था। तीसरे चरण के तहत आने वाले क्षेत्रों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मंगलवार को मतदान के बाद पंच और सरपंच पदों के लिए पांच नवंबर को मतदान होगा, जबकि उपसरपंचों का चुनाव छह नवंबर को कराया जाएगा। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के चौथे और अंतिम चरण का मतदान 14 नवंबर को होगा। वहीं, पंच और सरपंच पदों के लिए 16 नवंबर को मतदान कराया जाएगा। मतगणना 20 नवंबर को होगी। जिला प्रमुख और उप जिला प्रमुख के चुनाव क्रमशः 25 और 26 नवंबर को कराए जाएंगे। वहीं, पंचायत समिति प्रधान और उप प्रधान के चुनाव 27 और 28 नवंबर को होंगे।
राजस्थान: अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे लाइन पर धमाका, पटरी के नीचे के दो स्लीपर टूटे; एटीएस और आईबी जांच में जुटीं- Rajasthan train Track Explosion Updates Sriganganagar Police probe blast near Indian Railway blast hindi news
क्या बंद होंगे राजस्थान स्पोर्ट्स काउंसिल व यूथ बोर्ड? वित्त विभाग ने मांगा प्रस्ताव
राजस्थान में खेल प्रशासन के ढांचे में बदलाव की तैयारी है। प्रस्तावित खेल निदेशालय के गठन के साथ राजस्थान स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल समेत तीन प्रमुख संस्थाओं के भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। वित्त विभाग ने युवा मामले एवं खेल विभाग से स्पष्ट करने को कहा है कि नए निदेशालय के गठन के बाद स्पोर्ट्स काउंसिल, राजस्थान यूथ बोर्ड और राजस्थान स्टेट स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट के स्वीकृत पदों को नए निदेशालय में विलय किया जाएगा या नहीं। 69 साल पुराना स्पोर्ट्स काउंसिल स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल 69 साल से खेल गतिविधियों, प्रशिक्षण, सुविधाओं और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन पर काम कर रही है। वहीं, युवा बोर्ड और जोधपुर स्थित राज्य खेल संस्थान की भी अलग-अलग भूमिकाएं हैं। राजस्थान स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल के सचिव राजकेश मीणा ने बताया कि वित्त विभाग ने इस बारे में जानकारी मांगी है।
अंडर-14 यूथ कप : दी राजस्थान एकेडमी और आरसीसी की टीमों ने दर्ज की जीत
जयपुर | यूथ कप अंडर-14 कप में आरसीसी ने संस्कार एकेडमी को 96 रन से और दी राजस्थान एकेडमी ने कोड़ाई एकेडमी को 2 विकेट से हराया। आरसीसी की जीत में गौरव जोनवाल (59) और चिंटू यादव (64) ने अर्धशतक लगाए। टीम ने 232 रन बनाए। जवाब में संस्कार एकेडमी 136 रन पर आउट हो गई। गौरव ने 4 और हर्षित प्रधान ने 3 विकेट लिए। दूसरे मैच में कोड़ाई एकेडमी ने 162 रन बनाए। हियांशिका शेखावत ने 59 रन की पारी खेली। दी राजस्थान एकेडमी ने कार्तिक (61), दुष्यंत (40) और अभय चौधरी (30) के योगदान से 8 विकेट पर 168 रन बनाकर जीत दर्ज की।
Barabanki News: अयोध्या के राहुल ने राजस्थान को शैतान सिंह को चटाई धूल
अयोध्या के राहुल ने राजस्थान को शैतान सिंह को चटाई धूल
राजस्थान के लिए चौथी सेना भर्ती रैली 30 जनवरी 2027 से बीकानेर में शुरू होगी
jaipur, 3 नवंबर . Rajasthan के लिए चौथी सेना भर्ती रैली 30 जनवरी 2027 से बीकानेर के स्वामी केशवानंद Rajasthan कृषि विश्वविद्यालय स्टेडियम में शुरू होगी. यह रैली…
भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एवं एक्सपो–2026 में आज राजस्थान राज्य सत्र का आयोजन
दिल्ली में 2 नवंबर से 5 नवंबर तक आयोजित भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एवं एक्सपो–2026 के अंतर्गत आज राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा राजस्थान राज्य सत्र का आयोजन ऊर्जा...
राजस्थान विधानसभा में विभागों की ऑडिट व्यवस्था और तकनीकी स्टाफ की कमी का मुद्दा उठाते हुए जूली ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विभागों की खुद की ऑडिट में भारी भ्रष्टाचार सामने आ रहा है। जूली ने सवाल उठाया कि जब ऑडिट करने वाली टीम की कार्यप्रणाली पर ही सवाल हैं, तो उसकी भी ऑडिट होनी चाहिए। जूली मंगलवार को केरल के त्रिवेंद्रम में आयोजित संसद और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की जन लेखा समितियों के अध्यक्षों के दो दिवसीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। जूली ने राजस्थान विधानसभा में टेक्निकल स्टाफ की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि राजस्थान विधानसभा में टेक्निकल स्टाफ की कमी है। टेक्निकल स्टाफ अकाउंट्स की बात को पूरा समझता है। सीएजी वाले अपने हिसाब से बताते हैं, लेकिन सीएजी के बताने के बाद भी बहुत सी बातें ऐसी हैं, जो सीएजी ऑडिट के अंदर भी नहीं आतीं। विभाग खुद की ऑडिट करते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा जरूरत उनकी ऑडिट कराने की है। उसमें भारी भ्रष्टाचार और करप्शन है। कोरे साइन करके रख लिए जाते हैं और सेटिंग करके ऑडिट को ओके कर दिया जाता है। उन्होंने जन लेखा समिति (पीएसी) की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकारी खर्च की गुणवत्ता और उससे मिलने वाले परिणामों का मूल्यांकन करने पर जोर दिया। उन्होंने समिति की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और परिणामोन्मुख बनाने के लिए कई सुझाव भी रखे। एक महीने में कम से कम 4 विभागों की जांच हो जूली ने कहा कि जन लेखा समिति की बैठकें पूरे साल नियमित अंतराल पर होनी चाहिए। एक महीने में कम से कम 4 विभागों का परीक्षण किया जाए, ताकि कैग की रिपोर्टों में लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण हो सके। इससे विभागों की जवाबदेही तय करने और वित्तीय अनुशासन मजबूत करने में मदद मिलेगी। पीपीपी मॉडल के खर्च भी जांच के दायरे में आएं उन्होंने सुझाव दिया कि पीपीपी मॉडल, स्वायत्तशासी संस्थाओं और स्पेशल पर्पज व्हीकल के माध्यम से होने वाले बड़े खर्च को भी जन लेखा समिति की नियमित जांच के दायरे में शामिल किया जाए। सार्वजनिक धन से जुड़े सभी प्रमुख खर्चों की समीक्षा होनी चाहिए, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। विभागों के अधूरे जवाब पर दोबारा मांगी जाए जानकारी जूली ने विभागों की जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई विभाग समिति के सवालों का पूरा जवाब नहीं देता है तो उसे अपूर्ण मानकर दोबारा जवाब मांगा जाना चाहिए। निर्धारित समय में जानकारी नहीं देने वाले विभागों के खिलाफ कार्रवाई की व्यवस्था भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समिति की सिफारिशों पर विभागों से मिलने वाली एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) में की गई कार्रवाई, लंबित काम और उसे पूरा करने की समय-सीमा स्पष्ट होनी चाहिए। केवल रिपोर्ट प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस पर हुई वास्तविक कार्रवाई की समीक्षा भी जरूरी है। नियमों में बदलाव से अनियमितताओं की पुनरावृत्ति रोकने पर जोर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि किसी वित्तीय अनियमितता की वजह नियमों की अस्पष्टता या प्रक्रिया में कमी है तो समिति को संबंधित अधिकारी से जवाब मांगने के साथ नियमों में संशोधन की अनुशंसा भी करनी चाहिए। वित्त विभाग से यह भी सुनिश्चित कराया जाए कि सुझाए गए बदलाव अधिसूचित हुए हैं या नहीं। इससे एक विभाग में सामने आई अनियमितता की पुनरावृत्ति दूसरे विभागों में रोकने में मदद मिलेगी।
IDBI Bank Strike: राजस्थान में आईडीबीआई बैंक के निजीकरण के खिलाफ हड़ताल, जयपुर में प्रदर्शन
कनाडा के फेयरफैक्स समूह को बैंक बेचे जाने और निजीकरण के विरोध में यूनाइटेड फोरम के आह्वान पर राजस्थानभर में कर्मचारियों ने कामकाज ठप रखा।
jaipur, 3 नवंबर . Rajasthan के Chief Minister भजन लाल शर्मा के पिता किशन स्वरूप शर्मा ने Tuesday को राज्य में चल रहे पंचायत चुनावों के दौरान अपने…
स्थानीय बाजारों की समृद्धि से विकसित राजस्थान का संकल्प होगा साकार : कर्नल राज्यवर्धन राठौड़
कैबिनेट मंत्री, राजस्थान सरकार व झोटवाड़ा विधायक कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने दीपावली के अवसर पर जयपुर के ऐतिहासिक जौहरी बाजार, हवामहल का भ्रमण किया...
ब्रिटेन के पर्यटन बाजार में राजस्थान की मजबूत दस्तक, नए पर्यटन अनुभवों और निवेश पर वैश्विक नजर
राजस्थान अब अपनी पारंपरिक पहचान किलों, महलों और रेगिस्तान से आगे बढ़कर वन्यजीव, ग्रामीण जीवन, लोक संस्कृति, इको-टूरिज्म, वेलनेस और विशिष्ट पर्यटन अनुभवों के...
सनी देओल की फिल्म 'सूर्या' का नया गाना 'ढोला जी' रिलीज हो गया है, जिसमें राजस्थान की संस्कृति और लोक संगीत की मनमोहक झलक दिखाई गई है।
शासन सचिव एवं आयुक्त पंचायती राज ने किया राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 केंद्र का निरीक्षण
राज्य सरकार के सुशासन के संकल्प को सुदृढ़ करने की दिशा में शासन सचिव एवं आयुक्त, पंचायती राज डॉ. जोगाराम ने मंगलवार को राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 केंद्र का...
इंटरनेट डेस्क। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज राजस्थान के जैसलमेर जिले के दौरे पर हैं। जैसलमेर में रक्षा मंत्रालय की कंसल्टेटिव कमेटी की बैठक को मंत्री राजनाथ सिंह ने संबोधित किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जैसलमेर में रक्षा उत्पादन और निर्यात में भारत की उपलब्धियों का जिक्र किया। मीडिया रिपोटर्स की माने तो रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत का रक्षा उत्पादन 46,429 करोड़ से बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंचा। वर्ष 2029 तक रक्षा उत्पादन को 3 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य है। भारत का रक्षा निर्यात 2014 में 2 हजार करोड़ रुपये से भी कम था। अब देश का रक्षा निर्यात बढ़कर करीब 40 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में नई तकनीक और स्वदेशी हथियारों के विकास पर सरकार का विशेष जोर है। डीआरडीओ की ओर से नई स्कीम्स लॉन्च,आधुनिक हथियारों और मिसाइलों का परीक्षण हो रहा है, निजी क्षेत्र की कंपनियों को रक्षा उत्पादन में समान अवसर सरकार दे रही है। एमएसएमी से लेकर बड़ी कंपनियां तक रक्षा क्षेत्र में अहम भूमिका निभा रही है। pc- jagran
Rajasthan Panchayat Election के तीसरे चरण में दोपहर एक बजे तक 36.76 फीसदी वोटिंग
जयपुर, तीन नवंबर राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के तीसरे चरण के चुनाव में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के निर्वाचन के लिए मंगलवार सुबह से मतदान जारी है और दोपहर एक बजे तक 36.76 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। अधिकारियों के यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और पूर्वाह्न 10 बजे तक 14.89 प्रतिशत मतदान हुआ लेकिन दोपहर एक बजे तक यह आंकड़ा 36.76 प्रतिशत हो गया। इस दौरान प्रतापगढ़ की दलोत पंचायत समिति में सबसे अधिक 46.85 प्रतिशत व बारां की मंगरोल पंचायत समिति में सबसे कम 19.49 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान के दौरान कई जगह इलेक्ट्रिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के खराब होने के मामले भी सामने आए, हालांकि निर्वाचन अधिकारियों ने त्वरित कदम उठाते हुए मतदान बहाल करवाया। कुछ जगह लोगों ने स्थानीय मुद्दों को लेकर मतदान का बहिष्कार भी किया। मतदान शाम छह बजे तक जारी रहेगा। इस चरण में करीब 1.07 करोड़ मतदाता जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों का चुनाव करने के लिए पात्र हैं। इसके लिए 116 पंचायत समितियों में 11,869 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव चार चरणों में कराए जा रहे हैं। पहले चरण में 22 अक्टूबर को 104 पंचायत समितियों में जिला परिषद के 293 और पंचायत समिति के 1,788 वार्ड के लिए मतदान हुआ था। दूसरे चरण में 28 अक्टूबर को 124 पंचायत समितियों में जिला परिषद के 352 और पंचायत समिति के 2,197 वार्ड के लिए मतदान कराया गया। तीसरे चरण के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मंगलवार को रहे चुनाव के बाद पंच व सरपंच पदों के लिए पांच नवंबर को मतदान होगा, जबकि उपसरपंचों का चुनाव छह नवंबर को कराया जाएगा। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के चौथे और अंतिम चरण का मतदान 14 नवंबर को होगा। वहीं, पंच और सरपंच पदों के लिए 16 नवंबर को मतदान कराया जाएगा। मतगणना 20 नवंबर को होगी। जिला प्रमुख और उप जिला प्रमुख के चुनाव क्रमशः 25 और 26 नवंबर को कराए जाएंगे। वहीं, पंचायत समिति प्रधान और उप प्रधान के चुनाव 27 और 28 नवंबर को होंगे।
Government Job Alert: राजस्थान में 3,200 से ज्यादा पदों पर भर्ती के मौके, रेलवे से लेकर स्कूल और मेडिकल विभाग तक नौकरियां
यूट्यूब पर 2.70 करोड़ सब्सक्राइबर्स, पंचायत चुनाव में मिले सिर्फ 277 वोट; राजस्थान में इन्फ्लुएंसर पवन साहू की हार
Rajasthan Panchayat Election के तीसरे चरण में 10 बजे तक 14.89 प्रतिशत मतदान
जयपुर, तीन नवंबर राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के तीसरे चरण के चुनाव में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के निर्वाचन के लिए मंगलवार सुबह से मतदान जारी है जहां शुरुआती तीन घंटे में 14.89 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। अधिकारियों के यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ और पूर्वाह्न 10 बजे तक 14.89 प्रतिशत मतदान हुआ। इस दौरान हनुमानगढ़ जंक्शन पंचायत समिति में सबसे अधिक 23.71 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। वहीं बालोतरा की धौरीमन्ना पंचायत समिति में सबसे कम 7.25 प्रतिशत वोट डाले गए। मतदान शाम छह बजे तक जारी रहेगा। इस चरण में करीब 1.07 करोड़ मतदाता जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों का चुनाव करने के लिए पात्र हैं। इसके लिए 116 पंचायत समितियों में 11,869 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। राज्य में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव चार चरणों में कराए जा रहे हैं। पहले चरण में 22 अक्टूबर को 104 पंचायत समितियों में जिला परिषद के 293 और पंचायत समिति के 1,788 वार्ड के लिए मतदान हुआ था। दूसरे चरण में 28 अक्टूबर को 124 पंचायत समितियों में जिला परिषद के 352 और पंचायत समिति के 2,197 वार्ड के लिए मतदान कराया गया। तीसरे चरण के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मंगलवार को रहे चुनाव के बाद पंच और सरपंच पदों के लिए पांच नवंबर को मतदान होगा, जबकि उपसरपंचों का चुनाव छह नवंबर को कराया जाएगा। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के चौथे और अंतिम चरण का मतदान 14 नवंबर को होगा। वहीं, पंच और सरपंच पदों के लिए 16 नवंबर को मतदान कराया जाएगा। मतगणना 20 नवंबर को होगी। जिला प्रमुख और उप जिला प्रमुख के चुनाव क्रमशः 25 और 26 नवंबर को कराए जाएंगे। वहीं, पंचायत समिति प्रधान और उप प्रधान के चुनाव 27 और 28 नवंबर को होंगे।
जयपुर में 4 नवंबर को खुलेगा राजस्थान का पहला vivo फ्लैगशिप स्टोर, मानसरोवर में मिलेगा प्रीमियम अनुभव
जयपुर के मानसरोवर में 4 नवंबर 2026 को राजस्थान का पहला vivo फ्लैगशिप स्टोर खुलने जा रहा है। नवीनतम स्मार्टफोन, स्मार्ट डिवाइसेज, प्रीमियम स्टोर अनुभव और MR Glasses जैसी आधुनिक तकनीक से जुड़ी खास सुविधाएं ग्राहकों को आकर्षित करेंगी।
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के बारां जिले में किसान नेता नरेश मीणा को लेकर घटनाक्रम ऐसा बदला की पुलिस उनके घर जा पहुंची। बता दें कि दो दिन पूर्व नाहरगढ़ वन विभाग रेंज कार्यालय में वनकर्मियों के साथ मारपीट, राजकार्य में बाधा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में पुलिस नरेश मीणा की सरगर्मी से तलाश कर रही है। इसी कड़ी में मंगलवार सुबह पुलिस की टीम उनके पैतृक गांव नयागांव में दबिश देने पहुंची, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। 6 नवंबर को देंगे गिरफ्तारी दूसरी ओर, नरेश मीणा ने प्रेस रिलीज जारी कर 6 नवंबर को नाहरगढ़ थाने में स्वयं गिरफ्तारी देने का बड़ा ऐलान कर दिया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि नाहरगढ़ प्रकरण में नामजद आरोपी नरेश मीणा अपने पैतृक गांव नयागांव में मौजूद हो सकते हैं। इस आधार पर मंगलवार सुबह करीब 6.30 बजे पुलिस की टीम नयागांव पहुंची और उनके आवास सहित आसपास के इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया। काफी देर तक छानबीन के बाद भी नरेश मीणा का कोई पता नहीं चला। इधर, सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई का परिजनों ने कड़ा विरोध किया। नरेश मीणा के माता-पिता ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाया कि टीम बिना किसी पूर्व अनुमति या वारंट के जबरन घर के अंदर घुस आई। परिजनों ने इस कार्यप्रणाली पर कड़ी आपत्ति जताते हुए हंगामा किया। हालांकि, पुलिस की ओर से परिजनों के इन आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। pc- oneindiahindi
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव के तीसरे चरण के लिए आज मतदान हो रहा है। आज 27 जिला परिषदों के 377 एवं 116 पंचायत समितियों के 2119 वार्डों में सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो चुका है। 1.06 करोड़ मतदाता आज शाम 6 बजे तक 9094 प्रत्याशियों का भविष्य तय करेंगे। तीसरे चरण में 27 जिला परिषदों के 377 वार्डों के लिए 1,305 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। वहीं, 116 पंचायत समितियों के 2,119 वार्डों में 7,789 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। जयपुर जिले की पांच पंचायत समितियों एवं जिला परिषद् के वार्डों में भी मतदान हो रहा है। सरपंच एवं वार्ड पंच पदों के लिए मतदान गुरुवार को कल ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच एवं वार्ड पंच पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। गुरुवार को प्रातः 7 बजे से सायं 6 बजे तक सरपंच एवं वार्ड पंच पदों के लिए मतदान कराया जाएगा। मतदान के पश्चात संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालय पर मतगणना होगी तथा 6 नवंबर को उपसरपंच पद के लिए चुनाव आयोजित किया जाएगा। pc- news18
Rajasthan Panchayat Elections:
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव के तीसरे चरण के लिए मतदान हो रहा है। आज 27 जिला परिषदों के 377 एवं 116 पंचायत समितियों के 2119 वार्डों में सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो चुका है। 1.06 करोड़ मतदाता आज शाम 6 बजे तक 9094 प्रत्याशियों का भविष्य तय करेंगे। मतदान केन्द्र पर सुबह से ही मतदाताओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। तीसरे चरण का मतदान पूरा होने के बाद केवल चौथे चरण का मतदान 14 नवम्बर को होगा। तीसरे चरण में 27 जिला परिषदों के 377 वार्डों के लिए 1,305 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। वहीं, 116 पंचायत समितियों के 2,119 वार्डों में 7,789 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। जयपुर जिले की पांच पंचायत समितियों एवं जिला परिषद् के वार्डों में भी मतदान हो रहा है। मतदान दलों एवं मतदाताओं की सुविधा के लिए सभी मतदान केंद्रों पर शुद्ध पेयजल, शौचालय, स्वच्छता, विद्युत की निर्बाध आपूर्ति एवं सुरक्षा सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। आपको बता दें कि तृतीय चरण के मतदान के तहत चाकसू पंचायत समिति के 17 पंचायत समिति वार्ड और 32 ग्राम पंचायतों के लिए 93 मतदान केंद्र, कोटखावदा के 15 पंचायत समिति वार्ड और 27 ग्राम पंचायतों के लिए 82 मतदान केंद्र, माधोराजपुरा़ के 15 पंचायत समिति वार्ड और 25 ग्राम पंचायतों के लिए 93 मतदान केंद्र, फागी के 15 पंचायत समिति वार्ड और 26 ग्राम पंचायतों के लिए 90 मतदान केंद्र तथा सांगानेर के 15 पंचायत समिति वार्ड और 23 ग्राम पंचायतों के लिए 84 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इस प्रकार तृतीय चरण में कुल 77 पंचायत समिति वार्ड और 133 ग्राम पंचायतों के लिए 442 मतदान केंद्रों पर मतदान होगा। इन क्षेत्रों में कुल 3 लाख 74 हजार 816 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। सरपंच एवं वार्ड पंच पदों के लिए मतदान गुरुवार को कल ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच एवं वार्ड पंच पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी। गुरुवार को प्रातः 7 बजे से सायं 6 बजे तक सरपंच एवं वार्ड पंच पदों के लिए मतदान कराया जाएगा। मतदान के पश्चात संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालय पर मतगणना होगी तथा 6 नवंबर को उपसरपंच पद के लिए चुनाव आयोजित किया जाएगा। जिला परिषद् एवं पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए सभी चरणों की मतगणना 20 नवंबर को प्रातः 8 बजे से श्री भवानी निकेतन कॉलेज ऑफ फार्मेसी परिसर में की जाएगी। PC:patrika अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
झीलों के बीच महल और शाही ठाठ, राजस्थान की ये 4 जगहें हैं बेहद खूबसूरत
Royal Palaces of Rajasthan: राजस्थान की शाही विरासत को करीब से देखना चाहते हैं तो जोधपुर और उदयपुर के इन 4 खूबसूरत महलों की सैर कर सकते हैं. यहां की शानदार वास्तुकला, शाही कमरे और ऐतिहासिक चीजें आपको पुराने राजसी दौर की झलक दिखाएंगी.
फसल बीमा योजना में राजस्थान देशभर में नंबर-1, खरीफ 2025 में जारी हुईं 2.2 करोड़ पॉलिसियां
फसल बीमा योजना में राजस्थान देशभर में नंबर-1, खरीफ 2025 में जारी हुईं 2.2 करोड़ पॉलिसियां
Weather Update: राजस्थान में मौसम रहेगा आज भी शुष्क, सुबह शाम सर्दी का दौर शुरू
इंटरनेट डेस्क। नवंबर की शुरुआत हो चुकी हैं और मौसम का मिजाज भी बदलने लगा है। लोगों को सुबह शाम की गुलाबी सर्दी सताने लगी है। अक्टूबर के आखिरी दिनों में हुई बारिश की गतिविधियां थम गई हैं। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, राज्य में आगामी एक सप्ताह तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की प्रबल संभावना है। मंगलवार, 3 नवंबर को पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के किसी भी जिले में बारिश, आंधी या मेघगर्जन को लेकर कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। मौसम विभाग की माने तो दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बना भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ दक्षिण-पूर्वी आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। इसके आंध्र प्रदेश तट पार करने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के अनुसार, इस चक्रवाती तूफान का राजस्थान के मौसम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कोई अलर्ट नहीं 3 नवंबर को जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, जोधपुर और बीकानेर सहित प्रदेश के सभी जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। पूर्वी राजस्थान के अलवर, दौसा, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक, बारां, बूंदी, झालावाड़ और अन्य जिलों में भी बारिश की संभावना नहीं है। pc- ndtv india
दुबे दंपती को मिला राजस्थान गौरव अवार्ड
झालावाड़| सामाजिक सरोकारों, जनसेवा और आकाशवाणी के माध्यम से जनजागरूकता फैलाने में उल्लेखनीय योगदान के लिए नरेंद्र कुमार दुबे व पुष्पलता दुबे दंपती को सामर्थ्य राजस्थान गौरव अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया। सामर्थ्य सेवा संस्थान झालावाड़ की ओर से आयोजित सातवें राष्ट्रीय सामर्थ्य ग्लोबल एक्सीलेंस एवं सामर्थ्य राजस्थान गौरव अवार्ड समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। समारोह झालावाड़ के मिस्टिन क्लब एंड रिसोर्ट स्थित शीश महल सभागार में हुआ। मुख्य अतिथि एसपी अमित कुमार बुढ़ानिया रहे, जबकि अध्यक्षता उप वन संरक्षक सागर पंवार ने की। पूर्व कॉलेज शिक्षा आयुक्त डॉ. ओमप्रकाश बैरवा और सुप्रीम कोर्ट के सीनियर काउंसलर डॉ. एपी सिंह अति विशिष्ट अतिथि रहे। संस्थान के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. रामजी लाल चंद्रवाल के निर्देशन में हुए समारोह में उत्कृष्ट कार्य वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।
इशारों की भाषा, मैदान पर राजस्थान का दम; डेफ क्रिकेट में नेशनल रनरअप रही
न बोल सकते हैं, न सुन सकते हैं, लेकिन क्रिकेट के मैदान पर इन खिलाड़ियों का जज्बा किसी से कम नहीं। इशारों की भाषा में एक-दूसरे से बात करते हुए इनकी आपसी बॉन्डिंग और तालमेल टीम की सबसे बड़ी ताकत है। जीत की खुशी का भी इनका अंदाज खास है। ये ताली नहीं बजाते, बल्कि दोनों हाथ ऊपर उठाकर जीत का जश्न मनाते हैं। सूरत में हुई 10वीं नेशनल टी-20 क्रिकेट चैंपियनशिप फॉर द डेफ में राजस्थान की इस मूकबधिर क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उपविजेता का खिताब जीता। टीम ने गुजरात, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, मुंबई, केरल और विदर्भ को हराकर फाइनल तक का सफर तय किया। सेमीफाइनल में मुंबई जैसी मजबूत टीम को शिकस्त देना अभियान का खास पड़ाव रहा। फाइनल में जम्मू-कश्मीर से क्लोज एनकाउंटर में हार का सामना करना पड़ा। खिलाड़ी पूरे जोश और मेहनत के साथ तैयारियां करते हैं। मैदान पर संकेतों के जरिए रणनीति समझते और एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हैं। राजस्थान को उपविजेता ट्रॉफी के साथ एक लाख रुपए का नकद पुरस्कार भी मिला। राजस्थान के बेस्ट परफॉर्मर: सोनू शर्मा : 239 रन, 12 विकेट, अंकित जांगिड़ : 236 रन, 15 विकेट,संजू शर्मा : 19 विकेट, सुनील शर्मा : 12 विकेट।
जूनियर नेशनल वुशू में राजस्थान की धाक, सांडा इवेंट में बालक की टीम रही उपविजेता
चेन्नई में 28 अक्टूबर से 2 नवंबर तक आयोजित 25वीं जूनियर राष्ट्रीय वुशू प्रतियोगिता में राजस्थान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 18 पदक जीते। टीम ने तीन स्वर्ण, आठ रजत और सात कांस्य पदक हासिल किए। सांडा बालक वर्ग में राजस्थान ने दो स्वर्ण, एक रजत और पांच कांस्य के साथ टीम चैंपियनशिप में दूसरा स्थान प्राप्त किया। बालिका वर्ग में एक स्वर्ण और तीन रजत पदक के साथ टीम तीसरे स्थान पर रही। स्वर्ण पदक विजेताओं में सुनील, रिया और धर्मेश शामिल रहे। रजत पदक हरिओम, गायत्री, प्रियांशी, समीक्षा, रिद्धिमा, यशराज, हिमांगी और शिवम ने जीते। कांस्य पदक विजेताओं में दुष्यंत, खुशदीप, मनीष, मनीष, अंशऔर देव शामिल रहे। राजस्थान वुशू संघ के अध्यक्ष हीरानंद कटारिया ने खिलाड़ियों को बधाई दी।
जीआर, राजीव गांधी व दी राजस्थान एकेडमी जीतीं
यूथ कप अंडर-14 क्रिकेट में जीआर एकेडमी, राजीव गांधी एकेडमी और दी राजस्थान एकेडमी ने जीत दर्ज की। जीआर एकेडमी ने कैंडलविक एकेडमी को 134 रन से हराया। जीआर के देव आर्य ने 66, हिमांशु कटारिया ने 63 और गौरव पूनिया ने 56 रन बनाए। कैंडलविक के उत्सव शर्मा ने 64 रन बनाए। विहान पूनिया ने 4 और हर्षिता चौधरी ने तीन विकेट लिए। दूसरे मैच में राजीव गांधी एकेडमी ने मिनर्वा क्लब को 102 रन से हराया। अंश चतुर्वेदी ने 60 रन बनाए। सूर्यवीर सिंह ने तीन विकेट लिए। तीसरे मैच में दी राजस्थान एकेडमी ने एमई एकेडमी को 10 विकेट से हराया। एमई के अनस अजहर ने 55 रन बनाए। द राजस्थान एकेडमी के अमन खोखर ने नाबाद 86 और कार्तिक ने नाबाद 66 रन बनाए।
पश्चिम क्षेत्र इंटर यूनिवर्सिटी हॉकी; राजस्थान 12-0 से जीता
राजस्थान विश्वविद्यालय की महिला हॉकी टीम ने पश्चिम क्षेत्र अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिता में 12-0 की बड़ी जीत के साथ अभियान शुरू किया। मेजबान टीम ने अपने पहले मुकाबले में जीजीटीयू गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा को एकतरफा शिकस्त दी। प्रतियोगिता के पहले दिन एलएनआईपीई ने एचएनजीयू को 9-0 से हराया, जबकि एमकेबीयू भावनगर ने जेएनवीयू जोधपुर को 13-0 से मात दी। कोटा विश्वविद्यालय ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर को कड़े मुकाबले में 2-1 से हराया। अन्य मुकाबलों में डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय ने एमएलएसयू उदयपुर को 5-0, एमएसयू बड़ौदा ने आरटीएम नागपुर को 6-0 और आरटीएम नागपुर ने डीएवीवी इंदौर को 3-0 से पराजित किया।
Agra News: राजस्थान से खपाया जा रहा मिलावटी दूध, पनीर और खोआ
राजस्थान से खपाया जा रहा मिलावटी दूध, पनीर और खोआ
Jind News: हाईवे 152-डी पर दो ट्रकों की भिड़ंत, राजस्थान के चालक की मौत
मृतक के भाई तारीफ खान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मोहम्मद आरिफ पेशे से ट्रक चालक था और उसके सात बच्चे हैं।
Kanpur News: हैरिस गन हाउस से बिहार से राजस्थान तक गए असलहे
Weapons from Harris Gun House made their way from Bihar to Rajasthan.
Online Exam Form 2026: आवेदन करते समय इन 6 गलतियों से बचें, वरना रिजेक्ट हो सकता है आपका फॉर्म
Online Exam and Admission Form 2026: सरकारी नौकरी की परीक्षा, कॉलेज एडमिशन या किसी प्रतियोगी परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। राजस्थान ई-मित्र (e-Mitra) ने छात्रों और अभ्यर्थियों को ऑनलाइन फॉर्म भरते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। आवेदन में नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, फोटो और हस्ताक्षर जैसी जानकारियां सही तरीके से दर्ज करना जरूरी है। ई-मित्र की ओर से साझा किए गए जागरूकता संदेश में बताया गया है कि ऑनलाइन आवेदन जमा करने से पहले सभी विवरणों की दोबारा जांच करनी चाहिए। इसके अलावा आवेदन पूरा होने के बाद रसीद या एप्लीकेशन नंबर सुरक्षित रखना भी आवश्यक है। कई बार उम्मीदवार जल्दबाजी में गलत जानकारी दर्ज कर देते हैं। ऐसी गलतियों से आवेदन में परेशानी आ सकती है। कुछ भर्ती और प्रवेश प्रक्रियाओं में गलत जानकारी के कारण आवेदन अस्वीकार भी किया जा सकता है। Online Form Filling 2026: आवेदन करते समय किन बातों का रखें ध्यान? ऑनलाइन परीक्षा और एडमिशन फॉर्म भरते समय उम्मीदवारों को सबसे पहले संबंधित विभाग या संस्थान की आधिकारिक अधिसूचना पढ़नी चाहिए। इसमें पात्रता, शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, जरूरी दस्तावेज, आवेदन शुल्क और अंतिम तारीख जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाती हैं। इसके बाद आवेदन में मांगे गए विवरण सावधानीपूर्वक भरने चाहिए। विशेष रूप से व्यक्तिगत जानकारी और दस्तावेजों से संबंधित गलतियां भविष्य में दस्तावेज सत्यापन के दौरान परेशानी पैदा कर सकती हैं। 1. नाम की स्पेलिंग सही दर्ज करें ऑनलाइन आवेदन में उम्मीदवार का नाम महत्वपूर्ण जानकारी होती है। फॉर्म भरते समय नाम की स्पेलिंग संबंधित परीक्षा या प्रवेश प्रक्रिया में निर्धारित दस्तावेजों के अनुसार दर्ज करनी चाहिए। कई बार उम्मीदवार आधार कार्ड, दसवीं की मार्कशीट या अन्य दस्तावेजों में दर्ज नाम के बीच अंतर होने पर गलत जानकारी भर देते हैं। ऐसी स्थिति में संबंधित भर्ती या प्रवेश अधिसूचना में दिए गए निर्देशों का पालन करना जरूरी है। नाम में गलती होने पर आगे चलकर एडमिट कार्ड, परिणाम या दस्तावेज सत्यापन के दौरान परेशानी हो सकती है। 2. जन्मतिथि भरते समय न करें गलती जन्मतिथि यानी Date of Birth ऑनलाइन आवेदन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। कई प्रतियोगी परीक्षाओं में आयु सीमा के आधार पर उम्मीदवार की पात्रता तय की जाती है। इसलिए जन्मतिथि दर्ज करते समय दिन, महीना और वर्ष सही भरना चाहिए। विशेष रूप से तारीख के प्रारूप पर ध्यान दें, क्योंकि कुछ वेबसाइटों पर DD/MM/YYYY और अन्य प्रारूप इस्तेमाल किए जा सकते हैं। जन्मतिथि गलत दर्ज होने से आयु संबंधी पात्रता प्रभावित हो सकती है। 3. मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी सक्रिय रखें ऑनलाइन परीक्षा और एडमिशन फॉर्म में मोबाइल नंबर तथा ईमेल आईडी भी महत्वपूर्ण होते हैं। कई संस्थान आवेदन की स्थिति, परीक्षा से संबंधित सूचना या अन्य जरूरी अपडेट इन्हीं संपर्क माध्यमों पर भेजते हैं। इसलिए ऐसा मोबाइल नंबर दर्ज करें, जो आपके इस्तेमाल में हो और सक्रिय हो। इसी तरह ईमेल आईडी भी सही और चालू होनी चाहिए। गलत मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी दर्ज होने पर महत्वपूर्ण सूचनाएं प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है। उम्मीदवारों को आवेदन करने के बाद भी संबंधित आधिकारिक वेबसाइट नियमित रूप से जांचते रहना चाहिए, क्योंकि सभी सूचनाएं SMS या ईमेल से मिलना जरूरी नहीं है। 4. फोटो अपलोड करते समय इन बातों का रखें ध्यान ऑनलाइन आवेदन में उम्मीदवार की फोटो निर्धारित नियमों के अनुसार अपलोड करनी होती है। अलग-अलग परीक्षाओं और संस्थानों में फोटो का आकार, फाइल फॉर्मेट, बैकग्राउंड और अन्य शर्तें अलग हो सकती हैं। इसलिए फोटो अपलोड करने से पहले आधिकारिक निर्देश पढ़ें। यदि वेबसाइट पर निर्धारित साइज या फॉर्मेट की शर्त दी गई है, तो उसी के अनुसार फोटो तैयार करें। कुछ परीक्षाओं में हाल की फोटो या लाइव फोटो कैप्चर जैसी विशेष आवश्यकताएं भी हो सकती हैं। गलत फोटो अपलोड करने से आवेदन में आपत्ति आ सकती है। 5. हस्ताक्षर अपलोड करने में सावधानी बरतें फोटो के साथ उम्मीदवार का हस्ताक्षर भी कई ऑनलाइन फॉर्म में मांगा जाता है। हस्ताक्षर स्पष्ट होना चाहिए और उसका फाइल फॉर्मेट संबंधित वेबसाइट की शर्तों के अनुसार होना चाहिए। धुंधले, अधूरे या गलत तरीके से अपलोड किए गए हस्ताक्षर आवेदन में परेशानी पैदा कर सकते हैं। यदि किसी परीक्षा में हस्ताक्षर के लिए विशेष रंग, आकार या अन्य निर्देश दिए गए हैं, तो उनका पालन करना जरूरी है। उम्मीदवारों को अंतिम सबमिशन से पहले अपलोड किए गए हस्ताक्षर का प्रीव्यू अवश्य देखना चाहिए। 6. आवेदन जमा करने से पहले सभी विवरण दोबारा जांचें ई-मित्र ने विशेष रूप से ऑनलाइन आवेदन सबमिट करने से पहले सभी जानकारियों की दोबारा जांच करने की सलाह दी है। इसमें नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, फोटो और हस्ताक्षर शामिल हैं। इसके अलावा यदि फॉर्म में शैक्षणिक योग्यता, श्रेणी, पता या अन्य विवरण मांगे गए हैं, तो उनकी भी जांच करनी चाहिए। कई ऑनलाइन आवेदन प्रणालियों में अंतिम सबमिशन के बाद बदलाव की सुविधा सीमित होती है। कुछ संस्थान सुधार के लिए अलग करेक्शन विंडो उपलब्ध कराते हैं, जबकि कुछ प्रक्रियाओं में संशोधन की अनुमति नहीं होती। इसलिए आवेदन जमा करने से पहले सभी विवरण सही होना जरूरी है। Application Number: आवेदन के बाद रसीद सुरक्षित रखना क्यों जरूरी है? ऑनलाइन आवेदन पूरा होने के बाद प्राप्त रसीद या एप्लीकेशन नंबर सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। इस नंबर की मदद से उम्मीदवार संबंधित पोर्टल पर आवेदन की स्थिति जांच सकते हैं, यदि यह सुविधा उपलब्ध हो। इसके अलावा एडमिट कार्ड डाउनलोड करने, आवेदन का प्रिंट निकालने या संबंधित विभाग से संपर्क करने में भी आवेदन संख्या उपयोगी हो सकती है। इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन की रसीद डाउनलोड करके सुरक्षित रखनी चाहिए। आवश्यकता के अनुसार उसकी प्रिंट कॉपी भी रखी जा सकती है। हालांकि, केवल आवेदन संख्या मिलना हर प्रक्रिया में आवेदन की अंतिम स्वीकृति का प्रमाण नहीं होता। आवेदन और शुल्क भुगतान की स्थिति भी जांचनी चाहिए। e-Mitra Exam Form: ई-मित्र से आवेदन करते समय क्या करें? राजस्थान में कई नागरिक ऑनलाइन सेवाओं के लिए ई-मित्र कियोस्क की सहायता लेते हैं। यदि आप किसी परीक्षा या एडमिशन फॉर्म को भरने के लिए अधिकृत ई-मित्र केंद्र जाते हैं, तो संचालक को सही दस्तावेज और विवरण उपलब्ध कराएं। फॉर्म भरने के बाद स्क्रीन पर दर्ज जानकारियों की स्वयं जांच करें। विशेष रूप से नाम, जन्मतिथि, श्रेणी, फोटो और हस्ताक्षर जैसे विवरणों पर ध्यान दें। आवेदन पूरा होने पर रसीद और एप्लीकेशन नंबर अवश्य प्राप्त करें। यदि कोई शुल्क लिया जाता है, तो उसका विवरण और उपलब्ध आधिकारिक रसीद भी जांचें। गलत जानकारी भरने पर क्या फॉर्म में सुधार हो सकता है? यह पूरी तरह संबंधित परीक्षा, भर्ती बोर्ड या शैक्षणिक संस्थान के नियमों पर निर्भर करता है। कुछ संस्थान आवेदन में सुधार के लिए निश्चित अवधि की करेक्शन विंडो खोलते हैं। इस दौरान उम्मीदवारों को कुछ निर्धारित जानकारियों में संशोधन करने की अनुमति मिल सकती है। हालांकि, सभी विवरणों में बदलाव की अनुमति मिलना जरूरी नहीं है। यदि आवेदन में कोई गलती हो गई है, तो संबंधित आधिकारिक वेबसाइट पर सुधार संबंधी निर्देश देखें। किसी अनधिकृत व्यक्ति के सुधार कराने के दावे पर भरोसा करने से बचें। Online Exam Form Safety: साइबर फ्रॉड से भी रहें सावधान ऑनलाइन आवेदन करते समय उम्मीदवारों को फर्जी वेबसाइटों और संदिग्ध लिंक से सावधान रहना चाहिए। किसी परीक्षा या कॉलेज के नाम से बनाई गई नकली वेबसाइट पर व्यक्तिगत जानकारी या भुगतान विवरण दर्ज करना जोखिमपूर्ण हो सकता है। इसलिए आवेदन हमेशा संबंधित संस्था की आधिकारिक वेबसाइट या उसके अधिकृत सेवा माध्यम से करें। किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, पासवर्ड या बैंकिंग जानकारी साझा न करें। भुगतान करने से पहले वेबसाइट और भुगतान विवरण की पुष्टि करें। निष्कर्ष राजस्थान ई-मित्र की ओर से जारी जागरूकता संदेश ऑनलाइन परीक्षा और एडमिशन फॉर्म भरने वाले उम्मीदवारों के लिए उपयोगी है। आवेदन करते समय नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, फोटो और हस्ताक्षर सही दर्ज करना जरूरी है। अंतिम सबमिशन से पहले सभी विवरणों की दोबारा जांच करें। इसके अलावा आवेदन पूरा होने पर रसीद या एप्लीकेशन नंबर सुरक्षित रखें, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर उसका इस्तेमाल किया जा सके। Source Credit: e-Mitra Rajasthan, Government of Rajasthan — ऑनलाइन परीक्षा एवं प्रवेश आवेदन भरने से संबंधित आधिकारिक जागरूकता संदेश। Official e-Mitra Portal: https://emitra.rajasthan.gov.in/ Rajasthan Government Portal: https://rajasthan.gov.in/
e-Mitra Rajasthan 2026: राजस्थान के नागरिकों के लिए सरकारी प्रमाण पत्रों से जुड़ी एक उपयोगी जानकारी सामने आई है। अब राज्य के लोग राजस्व विभाग के अंतर्गत जारी डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्रों का प्रिंट प्राप्त करने के लिए अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र की सहायता ले सकते हैं। इनमें मूल निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और अन्य पात्र डिजिटल सर्टिफिकेट शामिल हैं। ई-मित्र राजस्थान की ओर से साझा किए गए जागरूकता संदेश में बताया गया है कि नागरिक अपने नजदीकी ई-मित्र कियोस्क पर जाकर राजस्व विभाग के डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्रों का प्रिंट आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिनके प्रमाण पत्र पहले ही जारी हो चुके हैं, लेकिन उन्हें उसकी प्रिंट कॉपी की आवश्यकता है। e-Mitra Certificate Print: किन प्रमाण पत्रों का प्रिंट मिलेगा? राजस्थान में राजस्व विभाग से संबंधित विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र जारी किए जाते हैं। ई-मित्र की साझा सूचना के अनुसार, नागरिक डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्रों का प्रिंट प्राप्त करने के लिए कियोस्क की सहायता ले सकते हैं। इनमें प्रमुख रूप से निम्न प्रमाण पत्र शामिल हो सकते हैं: मूल निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate) जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) राजस्व विभाग के अन्य पात्र डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्र हालांकि, प्रत्येक प्रमाण पत्र की उपलब्धता संबंधित विभाग के रिकॉर्ड और सेवा की स्थिति पर निर्भर करेगी। इसलिए किसी विशेष प्रमाण पत्र का प्रिंट प्राप्त करने से पहले ई-मित्र केंद्र पर उसकी उपलब्धता की पुष्टि करना उचित रहेगा। Digitally Signed Certificate क्या होता है? डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्र ऐसा इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज होता है, जिस पर अधिकृत विभाग या अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर होते हैं। डिजिटल हस्ताक्षर का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज की प्रामाणिकता और अखंडता की पुष्टि करने में सहायता करना है। इस प्रकार के प्रमाण पत्रों में संबंधित विभाग द्वारा जारी जानकारी इलेक्ट्रॉनिक रूप में उपलब्ध होती है। कई डिजिटल प्रमाण पत्रों में सत्यापन के लिए प्रमाण पत्र संख्या, QR कोड या अन्य इलेक्ट्रॉनिक विवरण भी हो सकते हैं। हालांकि, सत्यापन की सुविधा और उसका तरीका प्रमाण पत्र के प्रकार तथा संबंधित विभाग की व्यवस्था पर निर्भर करता है। ई-मित्र केंद्र से मूल निवास या जाति प्रमाण पत्र का प्रिंट कैसे लें? यदि आपका प्रमाण पत्र पहले से डिजिटल रूप में जारी हो चुका है, तो उसकी प्रिंट कॉपी प्राप्त करने के लिए नजदीकी ई-मित्र केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। प्रक्रिया सामान्यतः इस प्रकार हो सकती है: सबसे पहले अपने नजदीकी अधिकृत ई-मित्र कियोस्क पर जाएं। संचालक को बताएं कि आपको राजस्व विभाग के डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्र का प्रिंट चाहिए। प्रमाण पत्र का प्रकार बताएं, जैसे मूल निवास या जाति प्रमाण पत्र। उपलब्ध होने पर आवेदन संख्या, प्रमाण पत्र संख्या या अन्य आवश्यक विवरण दें। कियोस्क संचालक संबंधित सेवा के माध्यम से प्रमाण पत्र की उपलब्धता जांच सकता है। प्रमाण पत्र उपलब्ध होने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उसका प्रिंट प्राप्त किया जा सकता है। प्रिंट लेने के बाद नाम, पता और अन्य विवरण की जांच करें। यह प्रक्रिया संबंधित ई-मित्र सेवा और प्रमाण पत्र के प्रकार के अनुसार अलग हो सकती है। Certificate Print के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी? डिजिटल प्रमाण पत्र का प्रिंट प्राप्त करने के लिए आवश्यक जानकारी संबंधित सेवा पर निर्भर करती है। आवेदन संख्या, प्रमाण पत्र संख्या या पहले से उपलब्ध प्रमाण पत्र की डिजिटल कॉपी उपयोगी हो सकती है। कुछ परिस्थितियों में पहचान संबंधी जानकारी भी मांगी जा सकती है। हालांकि, साझा आधिकारिक संदेश में दस्तावेजों की कोई निश्चित सूची नहीं दी गई है। इसलिए नागरिकों को कियोस्क पर जाने से पहले संबंधित प्रमाण पत्र का विवरण अपने पास रखना चाहिए। क्या बिना नया आवेदन किए प्रमाण पत्र का प्रिंट मिल सकता है? यहां एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। यदि मूल निवास या जाति प्रमाण पत्र पहले ही जारी हो चुका है और उसका डिजिटल रिकॉर्ड संबंधित सेवा में उपलब्ध है, तो नागरिक उसकी प्रिंट कॉपी प्राप्त करने की सुविधा का उपयोग कर सकते हैं। लेकिन यदि किसी व्यक्ति का प्रमाण पत्र अभी तक बना ही नहीं है, तो केवल प्रिंट सेवा से नया प्रमाण पत्र जारी नहीं होगा। नया प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए संबंधित विभाग की निर्धारित आवेदन, दस्तावेज सत्यापन और स्वीकृति प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसी तरह यदि आवेदन अभी लंबित है, तो प्रमाण पत्र जारी होने से पहले उसकी अंतिम डिजिटल कॉपी उपलब्ध होना आवश्यक नहीं है। मूल निवास प्रमाण पत्र कहां काम आता है? राजस्थान में मूल निवास प्रमाण पत्र विभिन्न सरकारी और शैक्षणिक प्रक्रियाओं में मांगा जा सकता है। उदाहरण के लिए, कुछ शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश, राज्य से संबंधित पात्रता सत्यापन या अन्य सरकारी सेवाओं में इसकी आवश्यकता हो सकती है। हालांकि, प्रत्येक योजना और आवेदन में मूल निवास प्रमाण पत्र की अनिवार्यता अलग होती है। इसलिए किसी भर्ती, प्रवेश या सरकारी योजना के लिए आवेदन करते समय संबंधित अधिसूचना में दस्तावेज संबंधी शर्तें अवश्य पढ़नी चाहिए। जाति प्रमाण पत्र क्यों महत्वपूर्ण है? जाति प्रमाण पत्र का उपयोग उन प्रक्रियाओं में किया जा सकता है, जहां संबंधित श्रेणी की पात्रता का प्रमाण देना आवश्यक होता है। राज्य सरकार की कुछ भर्ती प्रक्रियाओं, शैक्षणिक प्रवेश और पात्रता आधारित योजनाओं में इसकी जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, प्रमाण पत्र का प्रारूप, वैधता, जारी करने वाला प्राधिकारी और स्वीकार्यता संबंधित नियमों पर निर्भर करती है। राज्य स्तरीय और केंद्रीय प्रक्रियाओं के लिए आवश्यक प्रमाण पत्र के प्रारूप में भी अंतर हो सकता है। इसलिए आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आपके पास संबंधित प्रक्रिया के लिए सही प्रमाण पत्र मौजूद है। क्या डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्र का प्रिंट मान्य होगा? डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्र इलेक्ट्रॉनिक रूप में जारी किया गया आधिकारिक दस्तावेज हो सकता है। लेकिन किसी विशेष कार्यालय, भर्ती प्रक्रिया या संस्थान में उसकी प्रिंट कॉपी की स्वीकार्यता संबंधित नियमों और सत्यापन आवश्यकताओं पर निर्भर करेगी। कुछ प्रक्रियाओं में ऑनलाइन सत्यापन, QR कोड या प्रमाण पत्र संख्या के माध्यम से दस्तावेज की जांच की जा सकती है। इसलिए केवल प्रिंट कॉपी प्राप्त करना पर्याप्त मानने के बजाय संबंधित संस्था के निर्देशों की पुष्टि करनी चाहिए। e-Mitra Certificate Print Fees: कितना लगेगा शुल्क? ई-मित्र की साझा सूचना में डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्रों के प्रिंट के लिए किसी निश्चित शुल्क का उल्लेख नहीं किया गया है। यदि संबंधित सेवा पर कोई निर्धारित शुल्क लागू है, तो नागरिकों को उसकी जानकारी कियोस्क से प्राप्त करनी चाहिए। भुगतान करने से पहले सेवा शुल्क की पुष्टि करना और जहां लागू हो, आधिकारिक रसीद लेना उचित रहेगा। किसी अनधिकृत व्यक्ति को अतिरिक्त राशि देने से बचें। प्रमाण पत्र का प्रिंट लेते समय किन बातों का ध्यान रखें? प्रमाण पत्र की प्रिंट कॉपी प्राप्त करने के बाद उस पर दर्ज नाम, पिता या अभिभावक का नाम, पता और अन्य आवश्यक विवरण जांचें। इसके अलावा प्रमाण पत्र संख्या, जारी करने की तारीख और डिजिटल हस्ताक्षर संबंधी जानकारी भी देख लें। यदि किसी जानकारी में गलती दिखाई देती है, तो संबंधित विभाग की निर्धारित सुधार प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त करें। ध्यान रखें कि केवल प्रमाण पत्र का नया प्रिंट लेने से उसके मूल रिकॉर्ड में मौजूद गलती अपने आप ठीक नहीं होती। निष्कर्ष राजस्थान में ई-मित्र केंद्रों के माध्यम से नागरिक राजस्व विभाग के डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त मूल निवास, जाति और अन्य पात्र प्रमाण पत्रों का प्रिंट प्राप्त करने में सहायता ले सकते हैं। यह सुविधा उन लोगों के लिए उपयोगी है, जिनके प्रमाण पत्र पहले ही जारी हो चुके हैं और जिन्हें उनकी प्रिंट कॉपी की जरूरत है। नागरिकों को प्रमाण पत्र से संबंधित विवरण अपने पास रखना चाहिए और नजदीकी अधिकृत ई-मित्र कियोस्क पर उपलब्ध सेवा तथा लागू शुल्क की पुष्टि करनी चाहिए। Source Credit: e-Mitra Rajasthan, Government of Rajasthan — राजस्व विभाग के डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्रों की प्रिंट सेवा से संबंधित आधिकारिक जागरूकता संदेश। Official e-Mitra Portal: https://emitra.rajasthan.gov.in/ Rajasthan Government Portal: https://rajasthan.gov.in/
Vehicle Insurance 2026: बाइक या कार का बीमा करवाना हुआ आसान, अब नजदीकी ई-मित्र केंद्र से मिलेगी मदद
Vehicle Insurance 2026: राजस्थान में बाइक, स्कूटर और कार मालिकों के लिए वाहन बीमा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। यदि आप अपने दोपहिया या चारपहिया वाहन का बीमा करवाना चाहते हैं, तो अब नजदीकी ई-मित्र (e-Mitra) केंद्र पर जाकर इससे संबंधित जानकारी और सहायता प्राप्त कर सकते हैं। ई-मित्र की ओर से साझा किए गए जागरूकता संदेश में नागरिकों को वाहन बीमा सेवाओं के लिए अपने नजदीकी कियोस्क से संपर्क करने की सलाह दी गई है। वाहन बीमा केवल दुर्घटना के समय आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का माध्यम नहीं है, बल्कि मोटर वाहन कानून के तहत सड़क पर चलने वाले वाहनों के लिए कम से कम वैध थर्ड-पार्टी बीमा होना भी आवश्यक है। ऐसे में जिन वाहन मालिकों की बीमा पॉलिसी समाप्त होने वाली है या जो नया वाहन खरीद रहे हैं, उनके लिए बीमा संबंधी जानकारी प्राप्त करना जरूरी है। e-Mitra Vehicle Insurance: ई-मित्र केंद्र पर मिलेगी बीमा संबंधी सहायता राजस्थान सरकार की ई-मित्र व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न सेवाओं से संबंधित सहायता उपलब्ध कराई जाती है। अब वाहन बीमा से संबंधित जानकारी और सहायता के लिए भी नागरिक अपने नजदीकी ई-मित्र कियोस्क पर संपर्क कर सकते हैं। साझा सूचना के अनुसार, दोपहिया और चारपहिया वाहन मालिक इस सुविधा के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, संदेश में किसी विशेष बीमा कंपनी, प्रीमियम राशि, पॉलिसी योजना या निर्धारित सेवा शुल्क का उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए बीमा करवाने से पहले उपलब्ध विकल्पों और लागू शर्तों की पुष्टि करना आवश्यक है। Vehicle Insurance Rules: क्या बाइक और कार का बीमा जरूरी है? भारत में मोटर वाहन अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थानों पर वाहन चलाने के लिए कम से कम वैध थर्ड-पार्टी मोटर बीमा होना आवश्यक है। यह नियम सामान्य रूप से दोपहिया और चारपहिया दोनों प्रकार के वाहनों पर लागू होता है। थर्ड-पार्टी बीमा का उद्देश्य वाहन से संबंधित दुर्घटना में किसी अन्य व्यक्ति को होने वाली चोट, मृत्यु या संपत्ति के नुकसान के लिए लागू नियमों के अनुसार देय कानूनी जिम्मेदारी को कवर करना है। हालांकि, केवल थर्ड-पार्टी बीमा होने पर अपने वाहन को हुए नुकसान की भरपाई सामान्यतः नहीं मिलती। इसके लिए अलग प्रकार के बीमा कवर की आवश्यकता हो सकती है। Third Party और Comprehensive Insurance में क्या अंतर है? वाहन बीमा करवाते समय दो प्रमुख विकल्पों के बारे में जानकारी होना जरूरी है। 1. थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस यह मोटर वाहन कानून के तहत आवश्यक न्यूनतम बीमा कवर है। इसके माध्यम से वाहन के इस्तेमाल से किसी तीसरे पक्ष को होने वाले नुकसान से संबंधित कानूनी जिम्मेदारी को पॉलिसी की शर्तों के अनुसार कवर किया जाता है। इसमें सामान्यतः अपने वाहन को हुए नुकसान का कवर शामिल नहीं होता। 2. कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस कॉम्प्रिहेंसिव मोटर बीमा में थर्ड-पार्टी कवर के साथ अपने वाहन को होने वाले कुछ निर्धारित नुकसान का कवर भी शामिल हो सकता है। उदाहरण के लिए, पॉलिसी की शर्तों के अनुसार दुर्घटना, चोरी, आग या कुछ प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कवर किया जा सकता है। हालांकि, प्रत्येक पॉलिसी में कवर, अपवाद और दावा संबंधी नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए केवल प्रीमियम देखकर बीमा खरीदने के बजाय पॉलिसी की पूरी शर्तें पढ़नी चाहिए। ई-मित्र केंद्र से वाहन बीमा की जानकारी कैसे प्राप्त करें? यदि आप अपनी बाइक, स्कूटर या कार का बीमा करवाना चाहते हैं, तो नजदीकी अधिकृत ई-मित्र केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। सहायता प्राप्त करने के लिए इन चरणों का पालन करें: सबसे पहले अपने नजदीकी अधिकृत ई-मित्र कियोस्क पर जाएं। कियोस्क संचालक को बताएं कि आपको दोपहिया या चारपहिया वाहन का बीमा करवाना है। उपलब्ध बीमा सेवाओं और संबंधित कंपनियों की जानकारी प्राप्त करें। अपने वाहन की श्रेणी और बीमा आवश्यकता के अनुसार विकल्प समझें। प्रीमियम, बीमा अवधि और लागू शुल्क की जानकारी लें। पॉलिसी की शर्तों तथा उपलब्ध कवर की जांच करें। सेवा उपलब्ध होने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने पर बीमा संबंधी आवेदन में सहायता प्राप्त करें। ध्यान रखें कि सभी ई-मित्र केंद्रों पर प्रत्येक बीमा कंपनी की सभी योजनाएं उपलब्ध होना जरूरी नहीं है। Vehicle Insurance Documents: किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है? वाहन बीमा करवाते समय बीमा कंपनी और पॉलिसी के प्रकार के अनुसार अलग-अलग विवरण मांगे जा सकते हैं। सामान्यतः वाहन की रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), वाहन नंबर, मालिक का नाम, संपर्क विवरण और पिछली बीमा पॉलिसी की जानकारी उपयोगी होती है। कुछ मामलों में वाहन की स्थिति, पिछली पॉलिसी की समाप्ति या बीमा कंपनी के नियमों के अनुसार निरीक्षण की आवश्यकता भी हो सकती है। यदि आप पुरानी पॉलिसी का नवीनीकरण करवा रहे हैं, तो उसका विवरण अपने साथ रखना बेहतर रहेगा। हालांकि, आवश्यक दस्तावेजों की अंतिम सूची संबंधित बीमा कंपनी द्वारा निर्धारित की जाती है। Vehicle Insurance Premium: बाइक और कार का बीमा कितने में होगा? वाहन बीमा का प्रीमियम कई बातों पर निर्भर करता है। इनमें वाहन का प्रकार, इंजन क्षमता, उम्र, बीमा कवर, वाहन का बीमित घोषित मूल्य (IDV) और चुने गए अतिरिक्त कवर शामिल हो सकते हैं। थर्ड-पार्टी बीमा की दरें लागू नियामकीय व्यवस्था के अनुसार निर्धारित होती हैं, जबकि अपने वाहन के नुकसान से संबंधित बीमा का प्रीमियम कंपनी और जोखिम मूल्यांकन के आधार पर अलग हो सकता है। इसलिए सभी बाइक या कार मालिकों के लिए बीमा की कीमत एक समान नहीं होती। ई-मित्र केंद्र पर उपलब्ध सेवा के माध्यम से संबंधित विकल्पों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। बीमा पॉलिसी समाप्त होने पर क्या होगा? यदि किसी वाहन की अनिवार्य थर्ड-पार्टी बीमा पॉलिसी समाप्त हो जाती है, तो उस वाहन को सार्वजनिक स्थान पर बिना वैध बीमा के चलाना कानून का उल्लंघन हो सकता है। इसके अलावा दुर्घटना की स्थिति में वाहन मालिक को गंभीर आर्थिक और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए बीमा पॉलिसी की समाप्ति तारीख पर ध्यान देना जरूरी है। यदि पॉलिसी समाप्त हो चुकी है, तो वाहन चलाने से पहले आवश्यक वैध बीमा सुनिश्चित करें। वाहन बीमा करवाते समय इन गलतियों से बचें वाहन मालिकों को केवल कम प्रीमियम के आधार पर पॉलिसी का चयन नहीं करना चाहिए। सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि पॉलिसी में कौन-कौन से जोखिम कवर किए गए हैं और किन परिस्थितियों में दावा स्वीकार नहीं होगा। इसके अलावा डिडक्टिबल, नो क्लेम बोनस, अतिरिक्त कवर और दावा प्रक्रिया की जानकारी भी प्राप्त करें। यदि किसी एजेंट या सेवा केंद्र के माध्यम से बीमा करवाया जा रहा है, तो बीमा कंपनी और पॉलिसी की प्रामाणिकता की पुष्टि करें। भुगतान के बाद आधिकारिक पॉलिसी दस्तावेज और रसीद अवश्य प्राप्त करें। राजस्थान में ई-मित्र सेवा का क्या फायदा है? राजस्थान में ई-मित्र केंद्र नागरिकों को विभिन्न सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराने का माध्यम हैं। विशेष रूप से ऐसे लोगों के लिए स्थानीय कियोस्क उपयोगी हो सकते हैं, जिन्हें ऑनलाइन आवेदन करने या डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करने में सहायता की आवश्यकता होती है। वाहन बीमा से संबंधित जानकारी के लिए भी नागरिक नजदीकी केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। हालांकि, ई-मित्र पर सहायता उपलब्ध होने का मतलब यह नहीं है कि सभी वाहन मालिकों को बीमा प्रीमियम में सरकारी छूट मिलेगी। साझा सूचना में किसी विशेष सब्सिडी या मुफ्त वाहन बीमा योजना की घोषणा नहीं की गई है। निष्कर्ष राजस्थान के बाइक, स्कूटर और कार मालिक अब वाहन बीमा से संबंधित जानकारी और सहायता के लिए अपने नजदीकी ई-मित्र कियोस्क पर संपर्क कर सकते हैं। यह सुविधा उन नागरिकों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिन्हें बीमा के विकल्प समझने या आवेदन संबंधी प्रक्रिया में सहायता चाहिए। हालांकि, बीमा खरीदने से पहले प्रीमियम, पॉलिसी की अवधि, कवरेज, अतिरिक्त शुल्क और बीमा कंपनी की शर्तों की जांच करना जरूरी है। Source Credit: e-Mitra Rajasthan, Government of Rajasthan — वाहन बीमा सेवाओं से संबंधित साझा आधिकारिक जागरूकता संदेश। Official e-Mitra Portal: https://emitra.rajasthan.gov.in/ Insurance Regulatory and Development Authority of India (IRDAI): https://irdai.gov.in/
अर्णब की तरह मुरासु भी हुआ प्रचंड: दिल्ली से उत्तर प्रदेश और राजस्थान तक कैसा रहेगा मौसम?
बंगाल की खाड़ी में समुद्री सतह का तापमान बढ़ने से मुरासु तूफान प्रचंड हो गया है, जो आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा है और सोमवार रात से मंगलवार सुबह के बीच लैंडफॉल करेगा। यह तूफान कई राज्यों में भारी बारिश लाएगा, जबकि उत्तर भारत में सर्दी की शुरुआत के साथ मौसम शुष्क रहेगा।
Rajasthan Jhunjhunu में दर्दनाक हादसा, हाई टेंशन तार के करंट से 8 मजदूरों की मौत, 3 घायल
Rajasthan Jhunjhunu Accident में एक दर्दनाक हादसे ने 8 मजदूरों की जान ले ली। झुंझुनूं के छापोली गांव में सड़क निर्माण के दौरान रोड़ी मिलाने वाली मशीन 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गई। मशीन में करंट फैलने से 8 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 3 गंभीर रूप से घायल हो गए।
jaipur, 2 नवंबर . Rajasthan के Chief Minister भजनलाल शर्मा ने Monday को झुंझुनू की घटना पर चिंता जताई, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी. उन्होंने…
डबल इंजन सरकार में राजस्थान का हो रहा हाई-स्पीड विकास
राजस्थान में डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में केंद्र और राज्य के मजबूत समन्वय से इन्फ्रास्ट्रक्चर और मेगा प्रोजेक्ट्स का हाई स्पीड विकास हो रहा है...
उत्तर पश्चिम रेलवे ने वाराणसी और साबरमती के बीच नई दैनिक एक्सप्रेस ट्रेन के नियमित संचालन की घोषणा की, जिसका ठहराव जयपुर और अजमेर समेत 21 प्रमुख स्टेशनों पर होगा।
राजस्थान: जयपुर में पुलिस मुख्यालय के पास दो कारों में आग लगी
jaipur, 2 नवंबर . Monday को jaipur में Rajasthan Police मुख्यालय (पीएचक्यू) के पास खड़ी दो कारों में अचानक आग लगने से इलाके में दहशत फैल गई और…
मुकेश गालव राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड में मनोनीत, राजस्थान के श्रमिकों की बढ़ेगी आवाज
हिंद मजदूर सभा के महासचिव मुकेश गालव को केंद्र सरकार ने तीन साल के लिए सदस्य बनाया है, जिससे असंगठित क्षेत्र के कामगारों के मुद्दों को राष्ट्रीय मंच मिलेगा।
नशे के कारोबार में ट्रक का इस्तेमाल कर राजस्थान से डोडा चूरा पोस्त लेकर पहुंचे दो युवकों को एंटी नारकोटिक सेल की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ट्रक में 25 किलो डोडा चूरा पोस्त लेकर यमुनानगर पहुंचे थे और इसे बेचने की तैयारी में थे। पुलिस ने दोनों को कुलदीप नगर मार्केट के पास चांदपुर अंडरपास से काबू किया। आरोपियों की पहचान ट्रक चालक एवं मालिक कुलदीप नगर निवासी बलविंदर सिंह और गांव गधोला निवासी अमरजीत के रूप में हुई है।खास बात यह है कि दोनों आरोपियों पर राजस्थान में पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत एक-एक मामला दर्ज है। यमुनानगर में बेच रहे थे नशा एंटी नारकोटिक सेल के इंचार्ज अनिल कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि दो युवक कुलदीप नगर मार्केट के पास चांदपुर अंडरपास के नजदीक ट्रक में नशीला पदार्थ लेकर खड़े हैं। सूचना में यह भी बताया गया था कि आरोपी नशीले पदार्थ की बिक्री करने की फिराक में हैं। जिसके बाद सेल की टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रक में मौजूद दोनों युवकों को काबू कर लिया। आरोपियों की तलाशी लेने पर उनके पास से 25 किलो डोडा चूरा पोस्त बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने नशीले पदार्थ को कब्जे में लेकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान कुलदीप और अमरजीत के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर कर रही पूछताछ इंचार्ज ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि राजस्थान में वे किस व्यक्ति से डोडा चूरा पोस्त लेकर आए थे, इसके लिए कितनी रकम दी गई थी और यमुनानगर में इसकी सप्लाई किन लोगों को की जानी थी। दोनों के खिलाफ राजस्थान में पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत एक-एक मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और नशा तस्करी से जुड़े संभावित संपर्कों की भी जांच कर रही है।
पत्नी की सैलरी ATM से जबरन निकालना मानसिक क्रूरता: वीडियो में जाने राजस्थान हाईकोर्ट ने RTI से निजी जानकारी मांगने को भी माना गलत, पति की अपील खारिज
हरियाणा के नारनौल के निजामपुर थाना क्षेत्र के गांव बायल में ट्रक की टक्कर से बाइक सवार 50 वर्षीय रूडमल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी सुरेश घायल हो गया। हादसे में सुरेश के हाथ में फ्रैक्चर हुआ है। दोनों राजस्थान के रहने वाले बताए गए हैं। हादसे के बाद मृतक के परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ट्रक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर जाम लगा दिया। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे कार्रवाई का आश्वासन मिलने तक नहीं हटे। बाद में निजामपुर थाना प्रभारी पवन कुमार मौके पर पहुंचे और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। पुलिस ने मृतक का शव पोस्टमॉर्टम के लिए नारनौल के शवगृह में रखवा दिया है। राजस्थान की ओर जा रहे ट्रक ने मारी टक्कर जानकारी के अनुसार, राजस्थान निवासी रूडमल अपने साथी सुरेश के साथ बाइक पर सवार होकर गांव बायल की ओर आ रहा था। इसी दौरान राजस्थान की तरफ जा रहे ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से दोनों सड़क पर गिर गए। हादसे में रूडमल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सुरेश के हाथ में फ्रैक्चर हो गया। सूचना मिलने पर डायल 112 और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। घायल को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क पर बैठे ग्रामीण हादसे की सूचना मिलने पर मृतक के परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने ट्रक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए जाम लगा दिया। पुलिस ने उन्हें समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। बाद में थाना प्रभारी पवन कुमार ने मौके पर पहुंचकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया और यातायात सामान्य हो गया। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा शव पुलिस ने रूडमल के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए नारनौल के शवगृह में रखवाया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। घायल सुरेश का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस हादसे को लेकर आगे की कार्रवाई कर रही है।
नाबालिग का 20 हजार में राजस्थान में सौदा, अधेड़ से जबरन कराई शादी
झारखंड के गुमला जिले से मानव तस्करी और जबरन बाल विवाह का एक बेहद सनसनीखेज और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। गुमला की रहने वाली एक गरीब और असहाय नाबालिग लड़की को तस्करों के जाल में फंसाकर राजस्थान ले जाया गया और मात्र 20 हजार रुपये में एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति को बेच दिया गया। जहां उस अधेड़ के साथ नाबालिग की जबरन शादी करा दी गई और उसे बंधक बनाकर रखा गया। किसी तरह आरोपियों के चंगुल से बचकर और अपनी जान बचाकर अपने गृह जिले गुमला पहुंची पीड़िता ने सीधे पुलिस स्टेशन का दरवाजा खटखटाया और अपनी दर्दनाक आपबीती सुनाई। पीड़िता की दास्तान सुनकर पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए, जिसके बाद त्वरित संज्ञान लेते हुए मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन कर दिया गया है।गुमला से राजस्थान तक बिछा मानव तस्करी का संजाल: 20 हजार रुपये में सौदा और अधेड़ से जबरन शादीगुमला जिले के सुदूर ग्रामीण इलाके की रहने वाली पीड़िता ने पुलिस को दी गई अपनी लिखित शिकायत और बयान में बताया कि गांव के ही कुछ जान-पहचान वाले बिचौलियों और मानव तस्करों ने उसे अच्छे काम और बेहतर जिंदगी का झांसा दिया था। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के झांसे में आने के बाद तस्कर नाबालिग को चुपके से राजस्थान के एक दूरदराज गांव में ले गए। वहां आरोपियों ने उसे एक 40-45 वर्ष से अधिक उम्र के अधेड़ व्यक्ति के हाथों महज 20 हजार रुपये में बेच दिया। इसके बाद नाबालिग की सहमति के बिना उसके साथ जबरन शादी करा दी गई। मना करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी और उसे घर से बाहर नहीं निकलने दिया जाता था।चंगुल से भागकर किसी तरह पहुंची गुमला: पीड़िता ने बयां की प्रताड़ना की पूरी दास्तानराजस्थान में बंधक बनकर रह रही नाबालिग लड़की कई दिनों से वहां से भागने का मौका तलाश रही थी। एक दिन जब घर के सदस्य किसी काम से बाहर गए हुए थे, तो पीड़िता हिम्मत जुटाकर वहां से चुपचाप निकल भागी। स्थानीय बस और ट्रेन का सफर करते हुए और कई दिनों की मशक्कत के बाद वह सही-सलामत अपने गृह जिले गुमला वापस पहुंचने में सफल रही। गुमला पहुंचते ही पीड़िता ने अपने परिजनों के साथ स्थानीय महिला थाने का रुख किया और वहां मौजूद पुलिस अधिकारियों को अपने साथ हुई दरिंदगी, खरीद-फरोख्त और शारीरिक-मानसिक प्रताड़ना की पूरी आपबीती सुनाई। पीड़िता का बयान सुनकर पुलिस महकमे में खलबली मच गई।गुमला पुलिस की त्वरित कार्रवाई: तस्करों और खरीदार अधेड़ पर पोक्सो व मानव तस्करी की धाराओं में FIRमामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए गुमला पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर आरोपी बिचौलियों, तस्करों और राजस्थान के उस अधेड़ व्यक्ति के खिलाफ पोक्सो एक्ट (POCSO Act), मानव तस्करी (Human Trafficking) और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और अदालत में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके साथ ही गुमला पुलिस की एक विशेष टीम को राजस्थान के संबंधित जिले के लिए रवाना किया जा रहा है ताकि इस घिनौने नेटवर्क से जुड़े तमाम अपराधियों को गिरफ्तार किया जा सके।झारखंड में बेकाबू होता मानव तस्करी का दंश: ग्रामीण इलाकों में सक्रिय तस्कर गिरोह पर नकेल कसने की मांगसरायकेला और रांची की घटनाओं के बीच गुमला की इस वारदात ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि झारखंड के गरीब और आदिवासी बहुल इलाकों में मानव तस्करों का गिरोह कितना सक्रिय और बेखौफ हो चुका है। रोजगार और झूठे सपनों का झांसा देकर नाबालिग बच्चियों को राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों में बेचे जाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि केवल बिचौलियों ही नहीं बल्कि राजस्थान में लड़कियों की खरीद-फरोख्त करने वाले मुख्य अंतरराज्यीय गिरोह (Interstate Racket) का पर्दाफाश किया जाए और पीड़िता को उचित सुरक्षा व पुनर्वास की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
Government Job Alert: राजस्थान में सरकारी नौकरी के कई मौके, रेलवे में 2008 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती; आवेदन की तारीख नजदीक
Weather Alert: राजस्थान में मौसम रहेगा साफ, जयपुर में 30 डिग्री तक पहुंचेगा तापमान; आंध्र प्रदेश में चक्रवात का खतरा
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के झुंझुनूं जिले में आज एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां त्योहार से पहले कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूटा है। यहां पर उदयपुरवाटी तहसील के छापोली गांव में आज सड़क निर्माण कार्य के दौरान करंट लगने से पांच मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। झुंझुनूं में हुए इस हादसे पर पीएम नरेन्द्र मोदी और सीएम भजनलाल ने दुख प्रकट किया है। खबरों की माने तो उदयपुरवाटी एसएचओ रामपाल ने जानकारी दी कि सड़क निर्माण के दौरान बजरी मिलाने के काम में आने वाली एक मशीन ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की लाइन के संपर्क में आने से ये हादसा हुआ है। हाईटेंशन लाइन के छूते ही पूरी मशीन में करंट दौड़ गया, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। विधायक भगवानाराम सैनी और डीएसपी सुगन सिंह भी मौके पर पहुंचे हैं। पीएमओ इंडिया की ओर से की गई पोस्ट के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि राजस्थान के झुंझुनू में हुए हादसे में लोगों की जान जाने से दुखी हूँ। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं। घायल लोग जल्द स्वस्थ हों। जान गंवाने वालों के परिजनों को पीएमएनआरएफ से 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे। pc- news18
पत्नी के ATM से जबरन पैसे निकालना और अवैध संबंधों के झूठे आरोप लगाना मानसिक क्रूरता: राजस्थान हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी
राजस्थानः झुंझुनूं में सड़क निर्माण के दौरान करंट लगने से 8 मजदूरों की मौत, कई झुलसे
jaipur, 2 नवंबर . Rajasthan के झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी इलाके के चापोली गांव में सड़क निर्माण कार्य के दौरान करंट लगने से आठ मजदूरों की मौत हो…
हिसार में कार से अफीम और पिस्टल मिली:4 आरोपी गिरफ्तार; राजस्थान से सरपंच का चुनाव करवाकर लौट रहे थे
हिसार के गांव भेरियां के पास नाकाबंदी के दौरान एंटी नारकोटिक सेल की टीम ने वैन्यू कार से 206 ग्राम अफीम और अवैध 315 बोर पिस्टल बरामद की। पुलिस ने कार में सवार 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गुरमेश निवासी मिंगनी खेड़ा, कुलदीप निवासी चिन्दर, सतपाल निवासी चौधरी वाली और सुनील निवासी कालवास के रूप में हुई है। कार के डैशबोर्ड और सीट की नीचे छिपा रखी थी सहायक उप निरीक्षक शक्ति ने बताया कि वे पुलिस टीम के साथ इलाके में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान मिली गुप्त सूचना के आधार पर गांव भेरियां के पास नाकाबंदी की गई। संदिग्ध वैन्यू कार को रोककर तलाशी ली गई। कार के डैशबोर्ड से 206 ग्राम अफीम और ड्राइवर सीट के नीचे से अवैध 315 बोर पिस्टल मिली। सरपंच का चुनाव करवाकर लौटे थे पुलिस ने अफीम और पिस्टल कब्जे में लेकर चारों आरोपियों के खिलाफ थाना आजाद नगर में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे राजस्थान से अपने किसी परिचित का सरपंच पद का चुनाव करवाकर लौट रहे थे। कोर्ट में पेशकर रिमांड पर लेगी पुलिस पुलिस आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगेगी। इस दौरान अफीम कहां से खरीदी गई, पिस्टल कहां से मिली और मामले में अन्य लोगों की भूमिका के बारे में पूछताछ की जाएगी।
Breaking News: राजस्थान में दर्दनाक हादसा, करंट लगने से 8 मजदूरों की मौत: झुंझुनूं में सड़क निर्माण के दौरान हाईटेंशन लाइन से टकराई मशीन, मौके पर मची चीख-पुकार
राहुल गांधी की दिल्ली रैली में अभिषेक चौधरी के नेतृत्व में उमड़ा राजस्थान यूथ कांग्रेस का जनसैलाब
दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस रैली में राजस्थान यूथ कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ताओं ने शामिल होकर अपनी सांगठनिक मजबूती का प्रदर्शन किया।
कोटा में ‘मिस एंड मिसेज राजस्थान ग्लैमर 2027’ का ऑडिशन, विजेताओं को मिलेंगे एक-एक लाख रुपये
कोटा में ‘मिस एंड मिसेज राजस्थान ग्लैमर 2027’ सीजन-2 के ऑडिशन में लगभग 200 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। जानिए विजेताओं को मिलने वाली एक-एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि, फैशन शूट के अवसर और जयपुर में होने वाले सेमीफाइनल व ग्रैंड फिनाले की पूरी जानकारी।
डिजिटल प्रचार को धार देने की तैयारी, विद्या भारती राजस्थान की बैठक में सोशल मीडिया प्रशिक्षण पर जोर
जयपुर के सेवाधाम परिसर में आयोजित विद्या भारती की बैठक में सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग, डिजिटल सामग्री निर्माण और तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
Rajasthan: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज दिल्ली के दौरे पर, कई केंद्रीय मंत्रियों से करेंगे मुलाकात
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज दिल्ली दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करेंगे और भारत मंडपम में आयोजित भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो-2026 में शामिल होंगे। बताया जा रहा हैं कि मुख्यमंत्री दोपहर 1 बजे जयपुर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। सोमवार दोपहर 2.40 बजे उनके जोधपुर हाउस पहुंचने का कार्यक्रम है। इसके बाद शाम 4 बजे वे भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। मुख्यमंत्री शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक भारत मंडपम में रहेंगे। इसके बाद रात 10.45 बजे जयपुर लौटने का कार्यक्रम है। इस बीच उनकी मुलाकात कई केंद्रीय मंत्रियों के साथ हो सकती है। इसके पहले सीएम ने एक कार्यक्रम में कहा कि यमुना जल समझौते से शेखावाटी की जमीन तक पानी पहुंचाने की दिशा में काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने भर्ती परीक्षाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में 410 से अधिक परीक्षाएं बिना पेपर लीक के आयोजित की गई हैं और 1.93 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। pc- india tv hindi
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में पंचायत राज चुनाव चल रहे हैं और चुनाव प्रचार के बीच भगत सिंह सेना प्रमुख नरेश मीणा एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं, वैसे नरेश मीणा को किसी विशेष परिचय की जरूरत भी नहीं हैं, वो अपने बयानों को लेकर ही विवादों में आ जाते है। बताया जा रहा की चुनाव प्रचार के बीच नाहरगढ़ में चुनावी सभा के बाद वे हजारों किसानों और समर्थकों के साथ फॉरेस्ट ऑफिस पहुंच गए, जहां जमकर हंगामा हो गया। मामला वन भूमि पर चल रहे इंजन और किसान की जब्त की गई पानी की मोटर-पाइप से जुड़ा है। नरेश मीणा को मिला था ज्ञापन खबरों की माने तो सभा में बंजारा समाज के लोगों ने नरेश मीणा को ज्ञापन देकर शिकायत की थी कि वन विभाग के रेंज कर्मियों ने उनका इंजन जब्त कर लिया है। किसानों की शिकायत सुनकर मीणा ने मंच से ही चेतावनी दी कि अगर किसानों पर अत्याचार हुआ तो दफ्तरों में आग लगा देंगे। पुलिस ने कंट्रोल की स्थिति आरोप है कि इस बयान के बाद भीड़ उग्र हो गई, समर्थकों ने नाहरगढ़ रेंज कार्यालय में तोड़फोड़ की, सामान को नुकसान पहुंचाया और वनकर्मी प्रदीप सहित अन्य कर्मचारियों से मारपीट की। जब्त मोटर-पाइप जबरन छुड़ाकर ले जाने का भी आरोप है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति नियंत्रित की। वन विभाग ने नाहरगढ़ थाने में राजकार्य में बाधा, मारपीट और तोड़फोड़ की शिकायत दी. पुलिस ने नरेश मीणा व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। pc- patrika
राजस्थानी कढ़ी पकौड़ा का स्वाद है लाजवाब, घर पर ऐसे करें तैयार
Rajasthani Kadhi Pakoda Recipe: कढ़ी खाना ज्यादातर लोगों को पसंद होता है. इसे चावल या रोटी के साथ खाने का अपना ही मजा है. वैसे तो घरों में कई तरह की कढ़ी बनाई जाती हैं, लेकिन राजस्थानी कढ़ी पकौड़ा का स्वाद थोड़ा अलग होता है. आज हम आपको इसे घर पर बनाने की आसान रेसिपी बताएंगे.
प्रकृति से खिलवाड़ मंजूर नहीं: जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर राजस्थान उच्च न्यायालय सख्त
राजस्थान हाईकोर्ट ने अजमेर की पृथ्वीराज नगर योजना में प्राकृतिक जल स्रोतों, जल निकासी मार्गों और जलग्रहण क्षेत्रों के संरक्षण को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं।

