राजस्थान में लगातार बढ़ रहे अपराधों को लेकर मुख्यमंत्री ने अब कड़ा रुख अपनाते हुए अपराधियों को सीधे तौर पर 'चेतावनी' जारी कर दी है। एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान सीएम ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राजस्थान की धरती पर किसी भी प्रकार का आपराधिक कृत्य बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम के इन सख्त तेवरों से अपराधियों में हड़कंप मच गया है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि अपराधियों के मन में कानून का डर इस कदर होना चाहिए कि उनका नाम सुनते ही रूह कांप जाए। इस बार सरकार ने केवल अपराधियों पर ही नहीं, बल्कि काम में ढिलाई बरतने वाले अफसरों की भी जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने का फैसला लिया है।'जवाबदेही' तय: ढील बरतने वाले अफसरों पर गिरेगा गाजसीएम ने निर्देश देते हुए कहा कि केवल थानों तक ही जिम्मेदारी सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जिला स्तर के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी अपने क्षेत्र में होने वाली घटनाओं के लिए सीधे तौर पर जवाबदेह ठहराया जाएगा। यदि किसी क्षेत्र में अपराध का ग्राफ बढ़ता है या पुलिस की कार्रवाई में देरी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों को अपनी कुर्सी से हाथ धोना पड़ सकता है। सरकार अब हर 15 दिन में पुलिस थानों और जिलों के परफॉर्मेंस का रिव्यू करेगी, ताकि जमीनी स्तर पर अपराधियों में पुलिस का इकबाल बुलंद हो सके।अपराधों पर नकेल: सरकार का नया एक्शन प्लानराजस्थान सरकार ने राज्य में शांति और सुरक्षा बहाल करने के लिए एक त्रि-स्तरीय सुरक्षा ढांचा तैयार किया है। इसमें पहली प्राथमिकता हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी और उनकी गतिविधियों पर नजर रखना है। दूसरी ओर, संगठित अपराध और गैंगस्टर्स को जड़ से खत्म करने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को और अधिक अधिकार दिए गए हैं। सीएम ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वे आधुनिक तकनीक का उपयोग करें और एआई-बेस्ड मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए अपराध संभावित हॉटस्पॉट्स पर 24 घंटे नजर रखें। जनता को सुरक्षा का एहसास दिलाने के लिए पुलिस की गश्त को भी शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सुदृढ़ किया जा रहा है।जियोग्राफिकल और लोकल प्रभाव: राजस्थान में शांति की उम्मीदस्थानीय स्तर पर देखें तो जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर जैसे शहरों में अपराध की बढ़ती घटनाओं से आम नागरिक लंबे समय से चिंतित थे। सीएम का यह कड़ा संदेश जनता के बीच एक नई उम्मीद लेकर आया है। प्रशासनिक हलकों में भी इस निर्देश के बाद खलबली है और थाना स्तर पर पुलिस अधिकारियों ने पुराने केसों को तेजी से निपटाना शुरू कर दिया है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि राजस्थान का नाम विकास और पर्यटन के लिए जाना जाता है, न कि अपराध के लिए। आने वाले दिनों में फील्ड विजिट और सरप्राइज इंस्पेक्शन के जरिए सीएम खुद इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग करेंगे, जिससे अपराध नियंत्रण में तेजी आने की पूरी उम्मीद है।एआई सर्च और आधुनिक जनरेटिव इंजन पर क्यों ट्रेंड कर रहा है 'राजस्थान मॉडल'?आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और डिजिटल डेटा के विश्लेषण के मुताबिक, 'Rajasthan Crime Control Strategy' इस समय गूगल और बिंग जैसे एआई सर्च इंजनों पर प्रदेश की सबसे ज्यादा चर्चित खबरों में शुमार है। एआई सर्च इंजन इस एक्शन को 'स्टेट-लेवल एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म' के रूप में हाईलाइट कर रहे हैं। गूगल पर लोग लगातार 'राजस्थान में पुलिस की नई नीति' और 'सीएम का अपराधियों पर कड़ा प्रहार' जैसे कीवर्ड्स खोज रहे हैं। जैसे-जैसे सरकार इस एक्शन प्लान को जमीन पर उतारेगी, यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी एक नजीर साबित हो सकता है, जिससे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी इस खबर की चर्चा और तेज होना तय है।
चित्तौड़गढ़ में अमावस्या पर मेवाड़ के प्रसिद्ध कृष्णधाम श्रीसांवलियाजी मंदिर में श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखते को मिला। तड़के मंगला आरती से ही दर्शन के लिए भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती चली गई। इस मौके पर सांवरा सेठ को सोने की विशेष पोशाक धारण कराई गई। जिसके दर्शन करने के लिए राजस्थान के साथ-साथ मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरे मंदिर परिसर में भक्ति, उत्साह और आस्था का माहौल बना रहा। मंगला आरती से शुरू हुआ दर्शन का सिलसिला अमावस्या के कारण सोमवार रात से ही श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना शुरू हो गया था। कई परिवार रात में ही मंदिर परिसर और आसपास रुक गए ताकि सुबह सबसे पहले सांवरा सेठ के दर्शन कर सकें। मंगलवार तड़के मंगला आरती के साथ ही मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालुओं का दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह से ही मंदिर के बाहर लंबी कतारें नजर आने लगीं। मंदिर परिसर में हर तरफ श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दिए। इस दौरान भगवान सांवरा सेठ के जयकारे गूंजने लगे। दर्शन के लिए महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं सहित हर उम्र के लोग पहुंचे। पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही लगातार बनी हुई है। भगवान को सोने की विशेष पोशाक पहनाई अमावस्या पर सांवरा सेठ का आकर्षक श्रृंगार किया गया। भगवान को सोने की विशेष पोशाक पहनाई गई। जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। जैसे ही भक्त गर्भगृह के सामने पहुंचे, सभी की नजरें सांवरा सेठ के दिव्य स्वरूप पर टिक गईं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने परिवार की खुशहाली, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए दर्शन किए। मंदिर में जय सांवरा सेठ के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना हुआ हैं। अमावस्या पर दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु श्रीसांवलियाजी मंदिर में हर अमावस्या पर विशेष भीड़ रहती है, लेकिन इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। राजस्थान के अलग-अलग जिलों के अलावा मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र से भी हजारों भक्त दर्शन के लिए आए। सुबह से शुरू हुई भीड़ दोपहर और शाम तक लगातार बढ़ती जाएगी। मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए जरूरी इंतजाम किए, जिससे श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन मिल सकें। पूरे दिन मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना रहा। अमावस्या पर उमड़ी यह भीड़ एक बार फिर यह साबित करती है कि सांवरा सेठ के प्रति लोगों की आस्था लगातार बढ़ रही है और हर महीने आने वाली अमावस्या पर यहां देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
राजस्थान में माढण के पास मंगलवार अलसुबह एक कार दुर्घनाग्रस्त हो गई। गैलेक्सी जिम के पास बेकाबू होकर कार नाला कूदकर गढ़डों में चली गई। जिससे हुए जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तो पता चला कि कार एक महिला ड्राइवर कर रही थी। कार दुर्घनाग्रस्त होने के बाद महिला ने वहां मौजूद लोगों से साथ गाली-गलौज की। किसी प्रकार लोगों ने उसे संभाला। जिसके बाद महिला गाड़ी को मौके पर छोड़कर चली गई। कार में सवार महिला रेवाड़ी में बड़े राजनीतिक चेहरे की नजदीकी बताई जा रही है। बेकाबू होकर नाले में कूदी कार जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह महिला स्कार्पियो गाड़ी लेकर बहरोड से रेवाड़ी की तरफ आ रही थी। इसी दौरान मांढण के पास अचानक कार पर अपना नियंत्रण खो दिया। सुबह करीब 4:30 बजे अनियंत्रित कार सड़क के साथ बने नाले से कूदकर गड्ढों में चली गई। हादसा गैलेक्सी जिम के पास हुआ। अचानक हुए जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो पता चला कि कार को एक महिला ड्राइव कर रही थी। बताया जाता है कि महिला ने कार से बाहर निकलते ही लोगों के साथ गाली गलौच शुरू कर दी। महिला ने फोन कर अपने परिचितों को बुलाया और गाड़ी को मौके पर छोड़कर वहां से चली गई। हादसे में गाड़ी बूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। रेवाड़ी के एक नेता की नजदीकी जानकारी के अनुसार कार में सवार महिला राजस्थान की रहने वाली है। जिसकी रेवाड़ी के एक बड़े राजनीतिक चेहरे के साथ नजदीकी है। जिसका मामला पिछले दिनों सुर्खियों में रह चुका है। मंगलवार को कार एक्सीडेंट के बाद एक बार फिर पुराना विवाद चर्चाओं में आ गया।
राजस्थानी प्रेम कहानी के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि किस तरह राजा सावंत सिंह, बणी-ठणी के कायल हुए। दोनों का कृष्ण भक्त होना उन्हें एक अनकही डोर से जोड़ने लगा था। पार्ट-2 में पढ़िए आगे की कहानी… राजा सावंत सिंह के जीवन को भक्ति और कविता पूर्णता प्रदान करते थे, लेकिन उस दिन बणी-ठणी को सुनने के बाद उनकी साधना में अध्यात्म का एक नया और गहरा आयाम जुड़ गया था। धीरे- धीरे राजा और बणी- ठणी का रिश्ता जैसे राधा और कृष्ण के आध्यात्मिक प्रेम का रूपक बन गया था। दोनों कृष्ण और राधा की तरह एक-दूसरे के पूरक थे। दोनों एक-दूसरे को कविताएं लिखते और अपनी भक्ति को शब्दों में पिरोते और संवाद करते थे। अब नागरीदास (सावंत सिंह) और रसिक बिहारी (बणी- ठणी) अक्सर कृष्ण भक्ति की रचनाओं की इस जुगलबंदी का आनंद लेते, दोनों के बीच लिखी रचनाओं को लेकर गहरा संवाद होता जो राधा और कृष्ण के दिव्य प्रेम को दर्शाता - सावंत सिंह: ‘राधा-माधव के मिलन की आस... मन भावन, पावन यह एहसास...' बणी- ठणी, क्या तुम मेरी कविता में 'राधा' का अक्स देखती हो? बणी- ठणी: महाराज,आपकी कविता दिव्य प्रेम की गूंज है। मैं तो बस उस धुन को समझती हूं। कविता और भक्ति के इस रस ने किशनगढ़ के वातावरण को सराबोर कर दिया था। इधर राजा का प्रिय दरबारी चित्रकार निहाल चंद इस आध्यात्मिक और निश्छल जुड़ाव का साक्षी बन रहा था। एक ऐसा भाव जिसकी गहराई को शब्दों में बांध पाना मुश्किल था। निहाल चंद ने अपनी कूंची से भाव और भक्ति के इस पूरे वातावरण को खास चित्र श्रृंखला में उतार दिया। इन चित्रों में राधा-कृष्ण प्रेम था, भक्ति थी और एक अनूठा सौंदर्य। इसी श्रृंखला को बनाते हुए निहाल चंद ने राधा की वो अद्भुत पेंटिंग बनाई जो समय बीतने के साथ बणी- ठणी के नाम से प्रचलित हुई। किशनगढ़ शैली के वरिष्ठ चित्रकार शंकर सिंह राठौड़ बताते हैं कि विद्वानों के अनुसार सावंत सिंह उन्हें राधा स्वरूप मानते थे और खुद को कृष्ण स्वरूप समझ कर पोएट्री करते थे। राधा की इसी पेंटिंग की तुलना लेखक एरिक डिकिन्सन ने लिओनार्डो दा विंची की ‘मोनालिसा’ से की और उसे भारत की मोनालिसा कहा। इतना ही नहीं 1973 में भारत सरकार ने ‘राधा’ का डाक टिकट निकाल कर इस पेंटिंग को सम्मानित भी किया। किशनगढ़ आर्टिस्ट पवन कुमावत बताते हैं - कला समीक्षक, कार्ल खंडेलवाला और एरिक डिकिंसन यहां आए और उन्होंने राधा के चित्र को देखा। इससे पहले उन्होंने मोनालिसा का चित्र भी देखा था, तो उन्होंने पाया कि दोनों ही चित्र अपने आप में श्रेष्ठता स्थापित करते हैं। दोनों की मुस्कान विशेष स्थान रखती है, जिसके चलते उन्होंने कहा कि राधा का ये चित्र भारत की मोनालिसा है। (कहानी को रोचक बनाने के लिए क्रिएटिव लिबर्टी का इस्तेमाल किया गया है। फोटो व पेंटिंग आभार : किशनगढ़ पूर्व राजपरिवार, चित्रकार,शहज़ाद अली शेरानी ) इनपुट सहयोग- रोहित पारीक राधा कृष्ण की चित्र श्रंखला बनाते हुए निहाल चंद को ‘बणी- ठणी’ पेंटिंग बनाने की प्रेरणा कैसे मिली? ऐसा क्या था इस पेंटिंग में जिसके कारण इसे दुनियाभर के कला जगत में ख़ास पहचान मिली। जानेंगे कल के एपिसोड में… ----- यह भी पढ़िए… प्रेम कहानी जिसे शब्दों ने लिखा, रंगों ने जिंदा रखा:'बणी-ठणी' क्या सिर्फ एक कल्पना है या वाकई कोई महिला थी? एपिसोड 1 बणी- ठणी कौन थी? ऐसा क्या था उस तस्वीर में जो राजस्थान की धरोहर बनी, जिसने किशनगढ़ शैली को दुनिया भर के कला जगत में पहचान दिलाई। जानते हैं राजा सावंत सिंह और बणी- ठणी की कहानी, जिनके प्रेम और भक्ति को कलाकार निहाल चंद ने अमर कर दिया… पूरी पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
जब भी माल चाहिए, यहीं आ जाना। मैं मोबाइल नहीं रखता और न ही मोबाइल पर कोई डील करता हूं। ये ऑफर भोपाल की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के सिक्योरिटी गार्ड ने भास्कर रिपोर्टर को दिया। यहां माल से मतलब 'स्मैक की पुड़िया' है। इस यूनिवर्सिटी के ज्यादातर गार्ड्स ड्रग्स सप्लायर यानी ड्रग्स पैडलर हैं। उन्हें स्मैक लोकल डीलर पहुंचाता है। भास्कर की एक महीने की पड़ताल में खुलासा हुआ कि राजस्थान के सीमावर्ती जिलों से स्मैक एमपी के कॉलेज और यूनिवर्सिटी कैंपस तक पहुंच रही है। बड़े ड्रग डीलर छोटे पैडलर के जरिए पूरा नेटवर्क ऑपरेट कर रहे हैं। भास्कर रिपोर्टर ने यूनिवर्सिटी कैंपस से राजस्थान सीमा तक नेटवर्क के चेहरों को खुफिया कैमरे में कैद किया। खास बात ये है कि मप्र सरकार 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान शुरू करने जा रही है, जिसमें नशे के खिलाफ कार्रवाई से लेकर स्कूल कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, लेकिन इस पूरे ऑपरेशन के दौरान भास्कर की टीम को कहीं भी पुलिस की सक्रियता नहीं दिखी। भास्कर इन्वेस्टिगेशन के पहले पार्ट में पढ़िए, यूनिवर्सिटी कैंपस में किस तरह ड्रग्स की सप्लाई हो रही है। पड़ताल में सामने आईं तीन अहम बातें चार स्टेप में समझिए कैसे हुआ नेटवर्क का खुलासा स्टेप 1: कैंपस के आसपास रेकी और छात्रों से पूछताछ दैनिक भास्कर को सूचना मिली थी कि भोपाल के 11 मील बायपास स्थित एक निजी यूनिवर्सिटी कैंपस में ड्रग्स की सप्लाई हो रही थी। नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए टीम ने पड़ताल शुरू की। शुरुआती जांच में कैंपस के आसपास रेकी और छात्रों से पूछताछ में पता चला कि गेट के पास ढाबों और दुकानों से ड्रग्स का संचालन होता है। पड़ताल आगे बढ़ने पर सामने आया कि बाहरी लोगों के बजाय यूनिवर्सिटी के सुरक्षा गार्ड ही नेटवर्क में मुख्य रूप से शामिल हैं। ग्राहक बनकर पहुंचे भास्कर रिपोर्टर ने सुरक्षा प्रभारी गोविंद के बारे में पूछताछ की। वहां तैनात एक गार्ड ने सीधे पूछा- ‘दम चाहिए क्या? चाहिए हो तो बताओ…’ इससे साफ हो गया कि गार्ड पूरे रैकेट में शामिल हैं। टीम ने अगले दिन गोविंद से सीधे संपर्क करने का फैसला किया। स्टेप 2: सिक्योरिटी सुपरवाइजर से स्मैक की डील अगले दिन दोपहर भास्कर की टीम यूनिवर्सिटी के गेट नंबर 2 पर पहुंची, जहां गोविंद तैनात था। गार्ड्स ने उसका नाम सुनते ही टीम को ऑफिस के अंदर बुला लिया। तभी गोविंद वहां पहुंच गया। गोविंद ने पूछा- ‘तुम मेरा नाम लेकर कैसे आए? किसने बताया मेरे बारे में?’ रिपोर्टर ने कहा कि आकाश ने। गोविंद ने तुरंत उस नाम के शख्स को कॉल किया। स्थिति संभालते हुए रिपोर्टर ने बताया कि उन्हें 'आकाश राजपूत' ने भेजा है। इससे गोविंद आश्वस्त हो गया। उसने पूछा-'पहले कहां से माल लेते थे?' रिपोर्टर ने बताया कि वह गुजरात से नया आया है और रेगुलर सप्लाई के लिए ठिकाना ढूंढ रहा है। गोविंद ने प्रति टोकन 300 रुपए मांगे। एक टोकन मांगने पर उसने कम से कम दो टोकन लेने की शर्त रखी और कहा कि एक टोकन की डिलीवरी संभव नहीं है। दो टोकन की डील तय होने पर उसने गार्ड जितेंद्र को नए के साथ अपना पुराना बकाया टोकन भी लाने को कहा। स्टेप 3: मेन डीलर तक पहुंचने के लिए गार्ड का पीछा जितेंद्र के बाइक से निकलते ही मुख्य गेट पर तैनात भास्कर के दूसरे रिपोर्टर ने सुरक्षित दूरी बनाकर उसका पीछा शुरू किया। जितेंद्र कटारा हिल्स थाने के पास से कच्ची सड़क होते हुए गौरीशंकर परिसर पहुंचा। वहां गार्ड से बात करने के बाद वह EWS बिल्डिंग की ओर बढ़ा। रिपोर्टर ने देखा कि जितेंद्र वहां खड़े तीन युवकों से मिला। उन्हें बाइक पर बैठाकर गेट के बाहर छोड़ने के बाद वह अकेले लौट आया। रिपोर्टर के लौटने पर गोविंद से मोबाइल नंबर मांगा गया, लेकिन उसने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वह मोबाइल नहीं रखता और जरूरत पड़ने पर सीधे गेट पर संपर्क करें। इसी बीच एक अन्य युवक के आने पर गोविंद ने रिपोर्टर को जाने का इशारा किया। रिपोर्टर अगले दिन दोबारा आने की बात कहकर लौट आया। स्टेप 4: मेन डीलर से कॉन्टैक्ट कर ड्रग्स की डील भास्कर टीम की अगली पड़ताल गौरीशंकर परिसर से पूरे नेटवर्क के मुख्य सप्लायर की पहचान पर केंद्रित थी। जांच में रितिक नामदेव का नाम सामने आया। उसने गौरीशंकर परिसर में 4-5 लड़कों का गिरोह बना रखा है, जो राजस्थान सीमा से सटे राजगढ़ जिले के गांवों से थोक में स्मैक लाकर भोपाल के इस क्षेत्र में सप्लाई करता है। हॉस्टल और यूनिवर्सिटी के छात्र इनके मुख्य निशाने पर हैं। गिरोह कार (MP 04 ZN 7917) और स्पोर्ट्स बाइक (MP 04 YF 6541) से ड्रग्स की होम डिलीवरी करता है। रितिक तक पहुंचने के लिए भास्कर टीम ने एक ऐसे युवक की मदद ली, जो पहले उससे ड्रग्स खरीदता था। युवक ने ऋतिक को फोन कर ड्रग्स की मांग की। इस पर उसने उसे तुरंत बीडीए (BDA) परिसर आने को कहा। 'एक ग्राम स्मैक की कीमत 4500' रिपोर्टर के गौरीशंकर परिसर पहुंचने पर रितिक ने उन्हें सड़क पर खड़ी ऑल्टो कार के पास बुलाया। कार में वह अपने तीन साथियों के साथ मौजूद था। नेटवर्क की जानकारी के लिए रिपोर्टर ने बड़ी मात्रा में सप्लाई और प्रति ग्राम कीमत पूछी। रितिक ने राजस्थान से लाई गई स्मैक की कीमत 4500 रुपए प्रति ग्राम बताई। इस बातचीत से साफ हो गया कि वह इलाके का मुख्य सप्लायर है और यूनिवर्सिटी कैंपस में ड्रग्स का नेटवर्क चला रहा है। अब अगला सवाल था कि राजस्थान की स्मैक ऋतिक जैसे तस्करों तक कैसे पहुंच रही है। इसी कड़ी को जोड़ने के लिए भास्कर टीम ने पड़ताल राजस्थान सीमा से लगे जिलों तक बढ़ाई। दूसरे पार्ट में पढ़िए… राजगढ़ जिले के बोड़ा और पचौर के तस्कर कैसे कर रहे हैं ड्रग्स की थोक सप्लाई और राजस्थान के किस एरिया से आती है सबसे बड़ी खेप?
जयपुर में नाबार्ड राजस्थान क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से सोमवार को 45वां स्थापना दिवस समारोह मनाया गया। समारोह के मुख्य अतिथि वी. श्रीनिवास और विशिष्ट अतिथि राकेश कश्यप उप प्रबंध निदेशक नाबार्ड मौजूद रहे। इस अवसर पर डॉ. आर. रवि बाबू, मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड ने राजस्थान के ग्रामीण और कृषि विकास में नाबार्ड के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला। संबोधन में वी. श्रीनिवास आईएएस ने राज्य में ग्रामीण अवसंरचना विकास में नाबार्ड के उल्लेखनीय सहयोग की सराहना की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किए जाने के संदर्भ में महिला सशक्तिकरण और समावेशी ग्रामीण वित्तीय प्रणाली की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नाबार्ड समृद्ध, सुदृढ़ और प्रगतिशील ग्रामीण राजस्थान के निर्माण में भविष्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। नाबार्ड के उप प्रबंध निदेशक राकेश कश्यप ने कहा- नाबार्ड की वर्ष 1982 में स्थापना हुई। उन्होंने कहा- नाबार्ड की रणनीतिक प्राथमिकताएं भारत सरकार के ग्रामीण विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं। उन्होंने कहा- नाबार्ड ग्रामीण अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण में राज्य सरकार का विश्वसनीय विकास साझेदार रहा है। उन्होंने छोटे और सीमांत किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), किसान क्लब, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) जैसी पहलों तथा स्वयं सहायता समूह-बैंक लिंकेज कार्यक्रम (एसएचजी-बीएलपी) के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण में नाबार्ड की भूमिका को रेखांकित किया। साथ ही उन्होंने किसानों की आजीविका को सुरक्षित रखने के लिए जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने हेतु नाबार्ड द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। इनका किया विमोचन समारोह के दौरान नाबार्ड इन राजस्थान – अचीवमेंट्स 2025-26 और ट्रांसफॉर्मिंग रूरल राजस्थान – डीडीएम द्वारा संकलित सफलता की कहानियां नामक दो महत्वपूर्ण प्रकाशनों का विमोचन किया गया। इसके साथ ही राज्य के उत्कृष्ट एफपीओ, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) तथा शिल्पकारों को ग्रामीण विकास में उनके नवाचारपूर्ण एवं उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। जलवायु-अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में दो 'जीवा' (JIVA) परियोजनाओं के लिए अनुदान स्वीकृति पत्र भी वितरित किए गए। इस अवसर पर डॉ. समित शर्मा, आईएएस (सचिव एवं रजिस्ट्रार, सहकारिता विभाग, राजस्थान सरकार), रंजीव शंकर (क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिजर्व बैंक), ओंकार नाथ चौधरी (मुख्य महाप्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक), सुरिंदर पाल सिंह (मुख्य महाप्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक), सुपरिमिता मिश्रा (महाप्रबंधक, बैंक ऑफ बड़ौदा एवं एसएलबीसी संयोजक) सहित राज्य सरकार, विभिन्न बैंकों एवं नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।
मुहर्रम जुलूस के करतब का वीडियो राजस्थान गैंगरेप के आरोपियों की सजा का बताकर वायरल
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में मुहर्रम जुलूस के दौरान दिखाए गए करतब का है. इसका राजस्थान के श्रीगंगानगर गैंगरेप मामले से कोई संबंध नहीं है.
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से 10 जून व 11 जून को आयोजित लेक्चरर एंड कोच (माध्यमिक शिक्षा) ,एग्जाम- 2025 के 9 सब्जेक्ट की आंसर-की पर आपत्ति दर्ज कराने की आज लास्ट डेट है। इसमें जनरल स्टडिज ग्रुप सी, कोच एथेलेटिक्स, कोच बास्केट बॉल, कोच हैंड बॉल, कोच कबड्डी, कोच टेबिन टेनिस, कोच वॉलीबॉल, जीके ग्रुप डी एवं फिजिकल एज्युकेशन शामिल हैं। आपत्तियां आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध मॉडल प्रश्न पत्र के क्रमानुसार ही दर्ज करनी होगी। परीक्षा के मॉडल प्रश्न पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। रात 12 बजे तक आपत्ति दर्ज कराने का समय है। बिना प्रमाण आपत्ति पर विचार नहीं होगा मॉडल प्रश्न-पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। आपत्तियां केवल इन मॉडल प्रश्न-पत्रों के क्रम के अनुसार ही दर्ज की जा सकती हैं। हर आपत्ति के साथ प्रामाणिक (स्टैंडर्ड और ऑथेंटिक) पुस्तकों से प्रमाण अटैच करना जरूरी है। बिना प्रमाण के आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। आपत्ति केवल अभ्यर्थी स्वयं ही दर्ज कर सकते हैं। कोई अन्य व्यक्ति इसमें शामिल नहीं हो सकता। यहां करें कॉन्टेक्ट ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करने में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर अभ्यर्थी recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ईमेल से अथवा फोन नम्बर 9352323625 और 7340557555 पर संपर्क कर सकते हैं। ……….. पढें ये खबर भी…. इंजीनियर्स का 2 लाख का खेल,चहेतों को 43.86-करोड़ का ठेका:पोल खुली तो 50 लाख के टेंडर देने वाला SE सस्पेंड, करोड़ों वालों पर एक्शन नहीं अजमेर डिस्कॉम (14 जिलों) के अंदर एक बड़ा खेल सामने आया है। इंजीनियर्स ने पिछले दो सालों में 43.86 करोड़ के टेंडर अपने चहेते ठेकेदारों को दे दिए। इसके लिए उन्होंने एक नियम का फायदा उठाया, जिसमें 2 लाख से कम के काम के लिए ई टेंडर जारी करने की जरूरत नहीं होती। (पूरी खबर पढें)
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), राजस्थान (Rajasthan) और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बीच कनेक्टिविटी को एक नई और हाई-स्पीड रफ्तार मिलने जा रही है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा आगरा और ग्वालियर के बीच 88 किलोमीटर लंबा आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे (Agra-Gwalior Expressway) तैयार किया जा रहा है.यह अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे न केवल इन तीन राज्यों के बीच व्यापारिक और पर्यटन संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि रोजाना सफर करने वाले लाखों मुसाफिरों के कीमती समय और ईंधन की भी भारी बचत करेगा.2.5 घंटे का सफर मात्र 75 मिनट में होगा पूरावर्तमान में यदि कोई व्यक्ति आगरा से ग्वालियर की यात्रा करता है, तो उसे धौलपुर (राजस्थान) और मुरैना (मध्य प्रदेश) के संकरे रास्तों और भारी शहरी ट्रैफिक से होकर गुजरना पड़ता है, जिसके कारण इस सफर में 2.5 से 3 घंटे का लंबा समय बर्बाद हो जाता है.120 की रफ्तार से फर्राटा: इस नए 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू हो जाने के बाद, गाड़ियां बिना किसी रुकावट के 100 से 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी.दूरी आधी रह जाएगी: एक्सप्रेसवे के जरिए आगरा से ग्वालियर के बीच की यह दूरी घटकर महज 75 से 80 मिनट (करीब सवा घंटा) में सिमट जाएगी.आगरा-ग्वालियर एक्सप्रेसवे का रूट मैप और संरचनायह एक्सप्रेसवे बेहद अनूठी संरचना और भविष्य की जरूरतों (Future Expansion) को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है:शुरुआत और अंत: यह नया हाईवे आगरा के देवरी गांव से शुरू होकर मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित सुसेरा गांव (बाईपास) पर जाकर समाप्त होगा.8 लेन तक विस्तार संभव: इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि आने वाले समय में ट्रैफिक बढ़ने पर इसे आसानी से 8 लेन तक चौड़ा किया जा सकेगा.पुल और फ्लाईओवर: 88 किलोमीटर के इस पैच में यात्रा को सुगम बनाने के लिए 8 बड़े पुल, 23 छोटे पुल, 6 बड़े फ्लाईओवर और 1 रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण किया जा रहा है.वन्यजीवों की सुरक्षा का विशेष ध्यान (Chabal Eco-System):एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा संवेदनशील चंबल क्षेत्र से गुजरता है. इसलिए, चंबल वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी (Chambal Wildlife Sanctuary) के पास पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए विशेष 'ग्रीन बेल्ट' और वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन के लिए अत्याधुनिक अंडरपास (Animal Underpasses) बनाए जाएंगे ताकि पारिस्थितिकी तंत्र को कोई नुकसान न पहुंचे.दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ेगा रूट; जानिए बजटइस मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को बनाने में लगभग ₹4,613 करोड़ की भारी लागत आने का अनुमान है.चंबल एक्सप्रेसवे से जुड़ाव: यह एक्सप्रेसवे केवल दो शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे चलकर इसे मुरैना के पास प्रस्तावित 'चंबल एक्सप्रेसवे' से भी इंटरकनेक्ट किया जाएगा.कोटा-दिल्ली-मुंबई रूट: इस जुड़ाव के कारण यात्रियों को राजस्थान के कोटा के रास्ते सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) पर चढ़ने की सीधी और निर्बाध कनेक्टिविटी मिल जाएगी, जिससे उत्तर से पश्चिम भारत का सफर बेहद सुगम हो जाएगा.कब तक पूरा होगा काम और क्या होगा फायदा?एनएचएआई (NHAI) के ताजा अपडेट के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट के सिविल कंस्ट्रक्शन के लिए 93% से अधिक भूमि का अधिग्रहण (Land Acquisition) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है. वर्तमान में आगरा के कुछ गिने-चुने पॉकेट्स में मुआवजे की रकम को लेकर स्थानीय किसानों के साथ प्रशासनिक स्तर पर बातचीत चल रही है, जिसे जल्द ही सुलझा लिया जाएगा. प्राधिकरण का लक्ष्य है कि सभी बचे हुए निर्माण कार्यों को पूरा करके वर्ष 2027-2028 तक इसे आम जनता के यातायात के लिए पूरी तरह से खोल दिया जाए.टूरिज्म को मिलेगा बड़ा बूस्ट: यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के पर्यटन उद्योग के लिए एक गेमचेंजर साबित होने वाला है. आगरा में ताजमहल (Taj Mahal) देखने आने वाले देश-विदेश के पर्यटक अब महज सवा घंटे में ग्वालियर के ऐतिहासिक किलों, महलों और सिंधिया संग्रहालय का दीदार करने आसानी से आ-जा सकेंगे, जिससे पूरे बुंदेलखंड और चंबल क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को एक नई संजीवनी मिलेगी.
अजमेर डिस्कॉम (14 जिलों) के अंदर एक बड़ा खेल सामने आया है। इंजीनियर्स ने पिछले दो सालों में 43.86 करोड़ के टेंडर अपने चहेते ठेकेदारों को दे दिए। इसके लिए उन्होंने एक नियम का फायदा उठाया, जिसमें 2 लाख से कम के काम के लिए ई टेंडर जारी करने की जरूरत नहीं होती। फर्मों से सिर्फ कोटेशन मंगवाकर काम दे दिया जाता था। सर्कल ऑडिट में इस बात का खुलासा हुआ है। इसकी पूरी जानकारी डिस्कॉम प्रबंधन को थी। इसके बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। अब इंजीनियर्स को बचाने की तैयारी की जा रही है। ऐसा हम नहीं, डिस्कॉम सचिव का एक आदेश कह रहा है। आदेश में 2 करोड़ से ज्यादा की खरीद करने वाले जिम्मेदार SE के खिलाफ कार्रवाई की जाए और 1 करोड़ से ज्यादा की खरीद करने वाले अन्य सभी लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की बात लिखी गई है। सूत्रों की मानें तो इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। भास्कर ने सचिव से बात की तो, उन्होंने ऐसे किसी भी आदेश के जारी होने से इनकार कर दिया। अब पढ़िए… अजमेर डिस्कॉम में कैसे चला पूरा खेल उदयपुर SE की गड़बड़ी की जांच में सामने आया मामला सूत्रों के अनुसार- प्रबंधन को नवम्बर 2025 में शिकायत मिली थी कि उदयपुर के SE ने नियमों की अनदेखी कर टेंडर में स्पीलिटिंग ऑफ पावर का उपयोग कर गड़बड़ी की। इस गड़बड़ी की जांच में राजस्थान सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता अधिनियम, 2013 (RTPP Act, 2013) के प्रावधान और स्वीकृत बजट से ज्यादा खरीद के लिए उत्तरदायी माना। इसके साथ ही लेखाधिकारी (OM) को भी लाइन केबल नेटवर्क के अंतर्गत बजट नियंत्रण और उपयोग में अनियमितता का दोषी पाया गया। सर्कल ऑडिट में करोड़ों की खरीददारी सामने आई जांच रिपोर्ट को प्रबंध निदेशक व सचिव (प्रशासन) को भेजा गया। साथ ही सर्कल की ऑडिट कराई गई, इसमें न केवल चालू वर्ष बल्कि पिछले साल 2024-2025 का डेटा भी तैयार किया गया। ये जांच रिपोर्ट जनवरी महीने तक मिल गई। इसमें बडे़ स्तर पर करोड़ों की खरीदारी करने की बात सामने आई है। इसके लिए CAO (ER-WM), एवीवीएनएल, अजमेर द्वारा 13 मार्च 2026 को आदेश जारी कर स्थानीय खरीद पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के निर्देश दिए। गड़बड़ी सामने आई, लेकिन कार्रवाई लंबित उदयपुर एसई और अन्य सर्कल की रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रबंध निदेशक ने सभी सर्कल की जांच कराने के निर्देश दिए, ताकि अधीक्षण अभियंताओं की खरीद समितियों की ओर से की गई खरीद का आंकलन किया जा सके। इसके बाद सभी सर्कल की जांच हुई और ऑडिट ने रिपोर्ट सचिव प्रशासन को भेज दी लेकिन उच्च स्तर पर कार्रवाई अभी भी लम्बित चल रही है। जिम्मेदारों को बचाने के लिए नियम 1 करोड़ से ज्यादा की खरीद करने वालों को नोटिस का आदेश अजमेर डिस्कॉम की सचिव सीमा शर्मा ने 25 जून 2026 को एक आदेश जारी किया था। आदेश में बताया था कि डिस्कॉम प्रशासन ने निर्णय लिया है कि 2 करोड़ से ज्यादा की खरीद करने वाले जिम्मेदार अधीक्षण अभियंताओं के खिलाफ नियम 6 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। वहीं 1 करोड़ से ज्यादा की खरीद करने वाले अन्य सभी लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। सचिव सीमा ने ये आदेश तब जारी किया, जब डिस्कॉम के एमडी के.पी. वर्मा थे। आदेश जारी करने के 6 दिन बाद उनका कार्यकाल पूरा हो गया और उनकी जगह पर अतिरिक्त कार्यभार जोधपुर डिस्कॉम के एमडी आईएएस डॉ. भंवरलाल को सौंपा गया। अधिकारियों को बचाने के लिए आदेश तो नहीं? माना जा रहा है कि इस आदेश से चेहते इंजीनियर्स को बचाने की कोशिश की जा रही है। पिछले दिनों भीलवाड़ा एसई ओ.पी. महला ने एक ही दिन में 2-2 लाख के 25 वर्क ऑर्डर से 50 लाख की सामग्री खरीद कर ली थी। मामला सामने आने के बाद गड़बड़ी की गंभीरता को देखते हुए डिस्कॉम प्रबन्धन ने एसई महला को सस्पेंड कर दिया और उनके खिलाफ विभागीय जांच कराकर चार्जशीट दे दी है। फिलहाल मामले में कार्रवाई लम्बित है। अब सचिव की ओर से जारी आदेश के मुताबिक- एक करोड़ से कम की खरीद करने वालों पर कोई कार्रवाई का निर्देश नहीं दिया गया। इन्हें मिल सकता है नोटिस सचिव की ओर से जारी आदेश को माना जाए तो सीकर, राजसमंद, डीडवाना-कुचामन, उदयपुर को चार्जशीट दी जानी है। वहीं झुंझुनूं, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, ब्यावर को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे। इसी प्रकार भीलवाड़ा, नागौर, डूंगरपूर से कोई जवाब तलब नहीं होगा। भीलवाड़ा एसई को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है और विभागीय जांच चल रही है। पिछले दो साल में 43.86 करोड़ की खरीद, देखिए रिपोर्ट क्या है RTPP नियम 2 लाख से कम के वर्कऑर्डर का नियम 1- दो लाख रुपए तक की खरीद के लिए पूरा ई-टेंडर करने की जरूरत नहीं है। इसे सीमित निविदा / कोटेशन कहते हैं। विभाग कम से कम 3 रजिस्टर्ड सप्लायर्स और फर्मों से सील बंद कोटेशन मंगवाता है। सबसे कम L1 को काम दे दिया जाता है। 2- लिखित में या विभाग की वेबसाइट/नोटिस बोर्ड पर कुछ दिन का समय देकर कोटेशन मांगा जाता है। आए हुए कोटेशन की तुलना करके सबसे कम रेट वाले को आदेश देते है। 3- दो लाख तक की खरीद में EMD और टेंडर फीस नहीं लगती। खरीद पूरी होने के 7 दिन के अंदर sppp.rajasthan.gov.in पर Contract Award Details डालना अनिवार्य है। 2 लाख से ज्यादा के काम को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर कोटेशन से नहीं खरीद सकते।
ITI में प्रवेश 15 से, सरकारी में बेटियों को मुफ्त मिलेगी ट्रेनिंग
राज्य के सभी आईटीआई में सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया 15 जुलाई से शुरू होगी। प्राविधिक शिक्षा निदेशालय ने इसका संशोधित शेड्यूल जारी कर दिया है। योग्य अभ्यर्थी एसएसओ पोर्टल (sso.rajasthan.gov.in) या ई-मित्र के माध्यम से 23 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद 24 जुलाई को अस्थाई मेरिट लिस्ट जारी होगी और 28 जुलाई को पहली ऑनलाइन सीट अलॉटमेंट लिस्ट आएगी। पहली लिस्ट वाले छात्रों को 30 जुलाई से 3 अगस्त के बीच कॉलेज में रिपोर्टिंग कर मूल दस्तावेज जमा कराने होंगे। 5 अगस्त को दूसरी अलॉटमेंट सूची जारी होगी और संस्थानों में 10 अगस्त से नियमित कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। आवेदन शुल्क एससी-एसटी वर्ग के लिए 175 रुपए और अन्य सभी श्रेणियों के लिए 200 रुपए निर्धारित है। प्रवेश के लिए अभ्यर्थी की आयु 1 सितंबर, 2026 को न्यूनतम 14 वर्ष होनी अनिवार्य है।
जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- राजस्थान का प्रत्येक कर्मचारी गुड गवर्नेंस की धुरी और विकसित राजस्थान-2047 के महत्वपूर्ण सारथी है। ऐसे में हमारी सरकार कर्मचारी हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही हैं। इसके लिए हमने पदोन्नति (प्रमोशन) प्रक्रिया को सरल बनाया है। कर्मचारियों को पदोन्नति के पर्याप्त अवसर उपलब्ध करवाने के लिए लगातार तीन साल में निर्धारित अनुभव में 2 साल छूट दी गई है। इसमें प्रावधान किया गया है कि जिन कर्मचारियों ने पिछले तीन साल में इस छूट का लाभ नहीं लिया है, उन्हें इसका लाभ मिलेगा। इसके लिए विभिन्न सेवा नियमों में संशोधन किए जाएंगे। इस निर्णय से हजारों कर्मचारियों को समय पर प्रमोशन का अवसर प्राप्त होगा। सीएम ने कहा- प्रदेश में भी केंद्र सरकार के अनुरूप ग्रेच्युटी की सीमा 20 लाख रुपए से बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दी गई है। मुख्यमंत्री का रविवार को राजस्थान सचिवालय सेवा अधिकारी व सचिवालय कर्मचारी संघ ने पदोन्नति के लिए अनुभव में 2 साल की छूट और नए पदों के सृजन को लेकर अभिनंदन किया। पहले देखें सीएम की PHOTOS कमेटी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर करेगी विचार मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा- हमने 30 जून को रिटायर्ड राज्य कर्मचारियों को नोशनल वेतन वृद्धि के साथ पेंशन का प्रावधान किया है। वहीं, पेंशनर के 70 साल की आयु पूरी करने पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन भत्ता और कर्मचारी की मृत्यु होने पर 10 वर्ष तक बढ़ी हुई पारिवारिक पेंशन देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा आरजीएचएस के तहत महिला और पुरुष कर्मचारियों को अपने माता-पिता या सास-ससुर में से किसी एक को चुनने का विकल्प भी दिया गया है। उन्होंने कहा- वेतनमान से जुड़े विषयों के अध्ययन के लिए उच्चस्तरीय समिति के गठन का निर्णय लिया गया है, जो 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर भी विचार करेगी। उन्होंने कहा- सरकार के अन्य महत्वपूर्ण फैसलों में एक साल में कर्मचारी द्वारा पद त्यागने की स्थिति में उस पद को प्रतीक्षा सूची से भरा जाना और सेवा अवधि में स्थायी अक्षमता होने पर कार्मिक के आश्रित को भी अनुकंपा नियुक्ति दिया जाना शामिल हैं। महिला कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कहा- महिला सशक्तीकरण की दिशा में सरकार ने अहम कदम उठाए हैं। इसके तहत अनुकंपा नियुक्ति के दायरे में पुत्रवधू को भी शामिल किया गया है। साथ ही एकल महिला कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव 3 के स्थान पर 6 चरणों में स्वीकृत करना और कार्यस्थल पर बेहतर और तनावमुक्त वातावरण देने के लिए 'मुख्यमंत्री शिशु-वात्सल्य सदन' स्थापित करना भी महत्वपूर्ण कदम है। नए पदों से सचिवालय हुआ और मजबूत सीएम भजन लाल शर्मा ने कहा- शासन सचिवालय की कार्यकुशलता को अधिक मजबूत बनाने के लिए 15 सहायक शासन सचिव, 67 सहायक अनुभाग अधिकारी तथा 67 लिपिक ग्रेड प्रथम सहित कुल 149 नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है। इससे प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और विभागीय पदोन्नति के मार्ग भी अधिक सुगम बनेंगे।
रायसेन जिले के बरेली कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हाल ही में हुई चोरी नकबजनी की वारदातों का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में अंतरराज्यीय पारदी गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में हत्या, डकैती, चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। थाना प्रभारी कपिल गुप्ता के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस फरार गैंग सदस्यों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। पुलिस के अनुसार, 5 जुलाई की रात दाम मिल मोहल्ला निवासी राजेंद्र वर्मा के घर का ताला तोड़कर अज्ञात बदमाशों ने सोने-चांदी के जेवर चोरी कर लिए थे। इस घटना के बाद बरेली थाने में नकबजनी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। गुना में दबिश देकर पुलिस ने पकड़ाजांच के दौरान, मुखबिर से सूचना मिली कि वारदात को गुना जिले के धरनावदा थाना क्षेत्र के पारदी गैंग ने अंजाम दिया है। इसके बाद पुलिस की विशेष टीम को गुना भेजा गया। स्थानीय पुलिस की मदद से लगातार दबिश देकर खेजड़ा चक निवासी मुरार पिता कालू पारदी और रॉकी पिता भंवरलाल पारदी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वारदात में गैंग के अन्य सदस्य टोनी उर्फ डेविड पारदी, कीमतीलाल पारदी और अन्य साथी भी शामिल थे। पुलिस इन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर तलाश कर रही है। पुलिस अधीक्षक द्वारा फरार आरोपियों पर इनाम घोषित किए जाने की तैयारी भी की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी आदतन अपराधी हैं। मुरार के खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट, जुआ एक्ट सहित कई मामले दर्ज हैं। वहीं, रॉकी पर हत्या के प्रयास, डकैती, चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मध्यप्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के विभिन्न थानों में प्रकरण दर्ज हैं।
हरियालो राजस्थान अभियान में फलदार- छायादार पौधे रोपे
बमूलिया माताजी| राज्य सरकार के हरियालो राजस्थान अभियान के तहत कलेक्टर के निर्देश पर चल रहे वृक्ष कुंज अभियान के तहत शनिवार को कस्बे के माताजी मंदिर परिसर में पौधरोपण का शुभारंभ किया गया। ग्राम विकास अधिकारी जितेंद्र सेन ने बताया कि परिसर को हरा-भरा बनाने के लिए यहां करीब 200 फलदार और छायादार पौधे लगाए जाएंगे। इससे परिसर की सुंदरता बढ़ेगी। इस दौरान कनिष्ठ सहायक कौशल कुमावत, दुर्गाशंकर सुमन, दीनदयाल सेन, रामेश्वर मालव, रामभरोस वर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पौधे लगाए और देखभाल का संकल्प लिया।
मन्दसौर की नई आबादी थाना पुलिस ने शनिवार को मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 65 किलोग्राम डोडाचूरा जब्त किया है। पुलिस ने पहले पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर डोडाचूरा उपलब्ध कराने वाले स्थानीय सप्लायर को भी हिरासत में ले लिया। इस तरह मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा अवैध मादक पदार्थों की तस्करी की रोकथाम और धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। एसपी विनोद कुमार मीना के मार्गदर्शन तथा नई आबादी थाना प्रभारी कुलदीप सिंह राठौर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर चार संदिग्धों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों में हरप्रीत सिंह (22) निवासी नथाणा, जिला बठिंडा (पंजाब), जगदीश सिंह (47) निवासी चोटिया, जिला बठिंडा (पंजाब), साधु सिंह (55) निवासी मसिता, जिला सिरसा (हरियाणा) तथा कुलविंदर सिंह (34) निवासी दिनगढ़, जिला हनुमानगढ़ (राजस्थान) शामिल हैं। सभी के खिलाफ मामला दर्ज तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से पान मसाला के चार बैगों में रखा कुल 65 किलोग्राम डोडाचूरा तथा एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 128/2026 दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 एवं 29 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें यह डोडाचूरा ग्राम मुंदड़ी निवासी केसर सिंह पिता सज्जन सिंह सौंधिया राजपूत ने उपलब्ध कराया था। सूचना के आधार पर पुलिस ने केसर सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। थाना प्रभारी कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है। सभी आरोपियों को न्यायालय से पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि डोडाचूरा की खेप किस स्थान पर पहुंचाई जाना थी। साथ ही तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर सीकर जिले के चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग को फैमिली वेलफेयर कैटेगरी में पूरे राजस्थान में दूसरा स्थान मिला है। साल 2025-26 के दौरान फैमिली प्लानिंग और हैल्थ स्कीम्स का आमजन को ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलाने के लिए सीकर जिले को राज्य स्तरीय सेकंड पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। राज्य स्तरीय चयन समिति ने जिले को अवाॅर्ड के रुप में 11 लाख रुपए का चैक और सर्टिफिकेट दिया। इससे पहले विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर शनिवार को स्वास्थ्य भवन सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह का वर्चुअल आयोजन किया गया। समारोह में ADM डॉ. राकेश मीणा के नेतृत्व में चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने वर्चुअली हिस्सा लिया। ADM डॉ. राकेश कुमार मीणा ने चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग की टीम को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। समारोह के दौरान चिकित्सा विभाग की प्रिंसिपल हैल्थ सेक्रेटरी गायत्री राठौड़ ने जिला कलेक्टर आशीष मोदी व सीकर चिकित्सा-स्वास्थ्य विभाग की टीम को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए भविष्य में परिवार कल्याण और जनसंख्या स्थायित्व कार्यक्रमों को ज्यादा व्यापक तरीके से फैलाते हुए अगली बार 1st रैंक लाने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान CMHO डॉ. अशोक महरिया, एडिशनल CMHO डॉ. हर्षल चौधरी ने विभागीय कार्मिकों को बधाई दी।
हरियालो राजस्थान के तहत मेडिकल कॉलेज में पौधरोपण
भास्कर न्यूज | टोंक राज्य सरकार के हरियालो राजस्थान–एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत सरकारी मेडिकल कॉलेज परिसर में शुक्रवार को वृहद पौधारोपण महाअभियान आयोजित हुआ। सीएमएचओ डॉ. शैलेंद्र सिंह चौधरी मुख्य अतिथि रहे तो कॉलेज प्राचार्य डॉ. लोकेन्द्र शर्मा की अध्यक्षता की परिसर में कई प्रजातियों के पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। संकाय सदस्यों, रेजिडेंट चिकित्सकों, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ, अधिकारियों व कर्मचारियों ने भी उत्साहपूर्वक पौधारोपण कर अभियान में भागीदारी निभाई। सीएमएचओ डॉ. शैलेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि एक पेड़ माँ के नाम केवल पौधारोपण का अभियान नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण का संकल्प है। सभी से अधिकाधिक पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल करने की अपील भी की गई। प्राचार्य डॉ. लोकेन्द्र शर्मा ने कहा कि चिकित्सा संस्थानों की भूमिका केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ समाज के लिए स्वच्छ व हरित वातावरण तैयार करना भी उनकी सामाजिक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों और कर्मचारियों से प्रत्येक साल कम से कम एक पौधा लगाकर उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने पौधों के संरक्षण, हरित पर्यावरण और हरियालो राजस्थान अभियान को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लिया।
यूसीसी की जनसुनवाई: धर्म गुरु एकमत लिवइन पर कानून बने, बहु-पत्नी व शरिया पर भिड़े
राजस्थान में समान नागरिक संहिता-2026 (यूसीसी) को लागू करने की दिशा में जयपुर संभाग में कानून का मसौदा तैयार करने के लिए शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में एक संभाग स्तरीय जनसुनवाई हुई। यूसीसी ड्राफ्टिंग कमेटी के सदस्य शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में बैठक में जमकर हंगामा, तीखी बहस और दावों-प्रतिदावों का दौर चला। पहले सत्र में विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधि, धर्मगुरु, निर्वाचित जनप्रतिनिधि, अधिवक्ता, शिक्षाविद और सामाजिक संगठनों के सदस्य शामिल हुए, जिन्होंने यूसीसी के प्रस्तावित प्रावधानों पर राय रखी। सभी धर्मगुरुओं और जनप्रतिनिधियों ने लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों के रजिस्ट्रेशन का समर्थन किया। उनका कहना था कि ऐसे संबंधों से जन्म लेने वाले बच्चों को कानूनी संरक्षण मिलना चाहिए। शरिया कानून बनाम एक देश-एक विधान बैठक के दौरान शरिया कानून और समान नागरिक संहिता को लेकर भी तीखी बहस हुई। हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य ने बहुविवाह, हलाला, दहेज और शादियों में फिजूलखर्ची जैसी प्रथाओं पर रोक लगाने की बात कही। उन्होंने कहा कि मुस्लिम पक्ष के कुछ लोगों की बातें सुनकर मैं हैरान हूं। क्या कुछ लोग देश में शरिया कानून लागू करना चाहते हैं। जब पूरी दुनिया आगे बढ़ रही है, तब ये चाहते हैं कि कोई चार प|ियां रखे। एक प|ी से कई-कई बच्चे पैदा करने वाली मानसिकता का समर्थन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जिस तरह हिंदू समाज में मृत्युभोज जैसी कुप्रथा पर कानून बना, उसी तरह अन्य सामाजिक कुरीतियों पर भी कानून बनने चाहिए। पूछे जा रहे 19 सवाल: संभागीय आयुक्त वी.सरवन ने बताया कि कमेटी ने जनता से रायशुमारी के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल (ucc.rajasthan.gov.in) लाइव किया है, जहां नागरिकों से 19 प्रमुख सवाल पूछे जा रहे हैं, जिनका जवाब ‘हां’ या ‘ना’ में देना है। 11 जुलाई: सुबह 10 से दोपहर 12:30 बजे तक जयपुर के शेष नागरिकों और संगठनों के लिए कमेटी की सदस्य डॉ. शुचि चौहान की मौजूदगी में जनसुनवाई होगी। लिव-इन रिलेशनशिप के अनिवार्य रजिस्ट्रेशन पर भी चर्चा: कमेटी के सदस्य शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि सभी वर्गों से महत्वपूर्ण सुझाव मिले। यूसीसी के तहत सहमति से लिव-इन में रहने वाले जोड़ों के लिए अनिवार्य रजिस्ट्रेशन का प्रावधान प्रस्तावित है, ताकि महिलाओं के अधिकारों और उनके भरण-पोषण की रक्षा की जा सके।
राजस्थान जूनियर एक्वाटिक चैम्पियनशिप-2026 में उदयपुर के बालाजी तरणताल (बीटीएस स्विमिंग क्लब) के नौ तैराकों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 16 पदक जीते। इनमें 4 रजत और 12 कांस्य पदक शामिल हैं। इसमें सबसे बेहतर प्रदर्शन संध्या ने किया। उन्होंने अकेले 4 पदक जीतकर क्लब की सबसे सफल तैराक बनने का गौरव हासिल किया। यह प्रतियोगिता उदयपुर के महाराणा प्रताप खेलगांव में आयोजित हुई। इसमें व्यक्तिगत और रिले स्पर्धाओं में उदयपुर के खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया और कई पदक अपने नाम किए। संध्या ने 200 मीटर बटरफ्लाई में रजत पदक जीता। इसके अलावा 100 मीटर बटरफ्लाई, 400 मीटर इंडिविजुअल मेडले (आईएम) और 4100 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में कांस्य पदक हासिल किए। मंथन कुमावत ने 450 मीटर मेडले रिले में रजत पदक जीता। वहीं 100 मीटर बटरफ्लाई और 450 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में कांस्य पदक अपने नाम किए। हिमांश मालवीय ने 450 मीटर मेडले रिले में रजत और 450 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में कांस्य पदक जीता। सुभाष भाकर ने 450 मीटर मेडले रिले में रजत पदक और 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में कांस्य पदक हासिल किया। अमन वैष्णव ने 1500 मीटर फ्रीस्टाइल और 450 मीटर मेडले रिले में कांस्य पदक जीते। सौरभ कुमावत, संयम मीणा और नंदिनी सिंह बल्ला ने भी अपनी-अपनी रिले स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीतकर टीम की सफलता में अहम योगदान दिया। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) दीपक गौड़, जिला खेल अधिकारी महेश पालीवाल और तैराकी प्रशिक्षक पियूष सुखवाल, संदीप सोनी और परेश पटेल ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी।
राजस्थान विधानसभा के 75 साल पूरे होने पर 15 जुलाई से लेकर एक साल तक अलग-अलग कार्यक्रम किए जाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधानसभा के अमृत महोत्सव के कार्यक्रमों की शुरुआत 15 जुलाई से होगी। उलोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समारोहों का उद्घाटन करेंगे। समापन समारोह में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन शामिल होंगे। उद्घाटन सत्र में पहली विधानसभा से लेकर सभी पूर्व और मौजूदा विधायकों को बुलाया जाएगा। इस दिन सभी वरिष्ठ विधायकों, पूर्व विधायकों, पूर्व विधानसभा अध्यक्षों, उपाध्यक्षों का सम्मान किया जाएगा। सम्मेलन में लोकतंत्र की यात्रा, संसदीय अनुभवों, चुनौतियों और विधानसभा के डिजिटलाइजेशन जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। साल भर चलेंगे अमृत महोत्सव के चार प्रमुख कार्यक्रम स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा कि विधानसभा के 75 साल पूरे एक साल तक अमृत महोत्सव के तहत चार प्रमुख कार्यक्रम होंगे। इन कार्यक्रमों में संसदीय और संविधान विशेषज्ञों के विशेष सत्र होंगे। इन सत्रों में लोकतंत्र की मजबूती, विधायी प्रक्रिया और संवैधानिक मूल्यों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। 23 ऐतिहासिक कानूनों पर वरिष्ठ नेता सुनाएंगे अनुभव, जागिरदारी प्रथा खत्म होने से लेकर किसानों को जमीन का मालिक बनाने तक पर चर्चा देवनानी ने कहा- अमृत महोत्सव के पहले कार्यक्रम में राजस्थान विधानसभा में अब तक पारित 23 महत्वपूर्ण कानूनों पर विशेष चर्चा कराई जाएगी। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष, पूर्व उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री इन कानूनों पर अपने अनुभव साझा करेंगे। राजस्थान में जागिरदारी प्रथा खत्म करने करने और किसानों को जमीन का मालिक बनाने के हलिए पारित राजस्थान भूमि सुधार जागीर पुनर्ग्रहण अधिनियम, 1952, राजस्थान जमींदारी बिस्वेदारी उन्मूलन अधिनियम, 1959 पर वरिष्ठ नेता अनुभव साझा करेंगे। राजस्थान में पंचायतीराज लागू करने के लिए पारित कानून, राजस्थान प्राथमिक शिक्षा अधिनियम, 1964 सहित 23 कानूनों पर नेता अपने अनुभव सुनाएंगे।छह बार जीते पूर्व और मौजूदा विधायकों का सम्मान होगा देवनानी ने कहा कि समारोह में पूर्व विधानसभा अध्यक्षों, पूर्व उपाध्यक्षों, छह या उससे ज्यादा बार जीते हुए पूर्व विधायकों और वर्तमान विधायकों का सम्मान किया जाएगा। समारोह में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शांतिलाल चपलोत, सुमित्रा सिंह, दीपेन्द्र सिंह शेखावत, कैलाश मेघवाल, डॉ. सी.पी. जोशी, पूर्व उपाध्यक्ष तारा भण्डारी, रामनारायण मीणा और राव राजेंद्र सिंह को सम्मानित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त छह या उससे अधिक बार विधानसभा के सदस्य रहे वरिष्ठ नेताओं तथा वर्तमान में निर्वाचित वरिष्ठ विधायकों का भी सम्मान किया जाएगा।
कोटपूतली में UCC पर जनसुनवाई:आमजन से मांगे सुझाव, ऑनलाइन 400 शब्द में दे सकेंगे
कोटपूतली में राजस्थान समान नागरिक संहिता-2026 पर संभाग स्तरीय और जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। विधेयक प्रारूप समिति के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह ने इसकी अध्यक्षता की। जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता की मौजूदगी में जनप्रतिनिधियों, विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, विधिवेत्ताओं, सामाजिक संस्थाओं, राजनीतिक दलों और आमजन ने VC के माध्यम से अपने सुझाव दिए। सभी लोगों से सुझाव मांगे समिति अध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि राजस्थान सरकार समान नागरिक संहिता के संबंध में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करना चाहती है। इसी उद्देश्य से जनप्रतिनिधियों, धर्मगुरुओं, विधि विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों और आमजन से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं। सिंह ने यह भी बताया कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी सुझावों और विचारों का गहन विश्लेषण किया जाएगा। इन्हीं सुझावों के आधार पर समान नागरिक संहिता विधेयक का प्रारूप तैयार किया जाएगा। गंभीरता से किया जाएगा विचार उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति समर्थन, संशोधन और असहमति सहित सभी प्रकार के सुझावों का स्वागत करती है और उन पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे यूसीसी पर अपने सुझाव दें, ताकि राज्य में एक मजबूत, न्यायसंगत और व्यावहारिक समान नागरिक संहिता कानून बनाया जा सके। समिति सदस्यों ने बताया कि विधेयक के प्रारूप को समावेशी और पारदर्शी बनाने के लिए आमजन जनसुनवाई के अतिरिक्त वेबसाइट https://ucc.rajasthan.gov.in के माध्यम से भी अपने सुझाव साझा कर सकते हैं। राजस्थान के सभी जनआधार कार्ड धारकों को इस संबंध में एसएमएस भी भेजे गए हैं। 400 शब्दों तक दे सकेंगे सुझाव वेबसाइट पर सुझाव देने के लिए मोबाइल नंबर या जनआधार नंबर दर्ज करना होगा, जिसके बाद पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। ओटीपी डालने के बाद व्यक्तिगत या संस्थागत विकल्प चुनना होगा। इसके पश्चात एक फॉर्म खुलेगा, जिसमें दिए गए प्रश्नों के लिए 'हां' या 'नहीं' का विकल्प चुना जा सकता है। नागरिक 400 शब्दों तक के सुझाव भी दे सकते हैं और सुझाव या ज्ञापन की पीडीएफ प्रति भी संलग्न की जा सकती है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को अधिक व्यापक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए कई नई योजनाएं और सुधार लागू किए हैं। अतिरिक्त केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त और राजस्थान अंचल प्रमुख अजीत कुमार ने शुक्रवार को उदयपुर क्षेत्रीय कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया- नई योजनाओं से लाखों कर्मचारियों, युवाओं और संस्थानों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया- केंद्र सरकार ने सामाजिक सुरक्षा संहिता-2020 के तहत कर्मचारी भविष्य निधि योजना-2026, कर्मचारी पेंशन योजना-2026 और कर्मचारी जमा संबद्ध बीमा (ईडीएलआई) योजना-2026 लागू की हैं। इनका उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाना, प्रक्रियाओं को सरल बनाना और डिजिटल माध्यम से सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। अजीत कुमार ने बताया कि 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष कर्मचारी नामांकन अभियान चलाया जा रहा है। इससे ईपीएफ से वंचित पात्र कर्मचारियों को जोड़ा जाएगा। अभियान के तहत कर्मचारी अंशदान पूरी तरह माफ रहेगा और विलंब शुल्क केवल 100 रुपए रखा गया है। वहीं एमनेस्टी और विश्वास योजना के जरिए संस्थानों को लंबित अनुपालन मामलों के समाधान का अवसर मिलेगा। 45 हजार युवाओं को 21 करोड़ का दिया लाभ अजीत कुमार ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना की जानकारी देते हुए बताया- पहली बार औपचारिक रोजगार पाने वाले युवाओं और अतिरिक्त रोजगार देने वाले संस्थानों को वित्तीय प्रोत्साहन दिया जा रहा है। कुमार ने कहा कि राजस्थान में अब तक 45 हजार से अधिक युवाओं को करीब 21 करोड़ रुपए और 2,515 संस्थानों को लगभग 54 करोड़ रुपए का लाभ दिया जा चुका है। अजीत कुमार ने बताया- ईडीएलआई योजना के तहत कर्मचारियों के परिवार को 7 लाख रुपए तक का बीमा सुरक्षा लाभ मिलेगा। इसके अलावा सदस्य सेवाओं को आसान बनाने के लिए केंद्रीकृत पेंशन भुगतान प्रणाली, ऑनलाइन केवाईसी, प्रोफाइल अपडेट, स्वचालित दावा निस्तारण और बीमारी, शिक्षा, विवाह तथा आवास के लिए पात्र राशि का 75 प्रतिशत तक अग्रिम निकासी जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं। उदयपुर में इतने संस्थान जुडे़ अजीत कुमार ने उद्योगों, नियोक्ताओं, कर्मचारियों और युवाओं से ईपीएफओ की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने तथा औपचारिक रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के विस्तार में सहभागी बनने का आह्वान किया। क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम पी.के. सिन्हा ने कहा- प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत उदयपुर क्षेत्र में 4 हजार 722 में से 4,095 संस्थान योजना से जुड़ चुके हैं। वहीं 1,062 युवाओं के खातों में 49.21 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि सीधे ट्रांसफर की गई है।
वैश्य समाज को संगठित करने के लिए चलाए जा रहे निशुल्क वैश्य मित्र सदस्यता अभियान में राजस्थान ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के 14वें स्थापना दिवस पर दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में रिकॉर्ड सदस्यता कराने वाले पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया। राज्य प्रभारी ध्रुवदास अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष एन.के. गुप्ता और महामंत्री गोपाल गुप्ता ने बताया कि 3 माह में देशभर में 54,500 नए सदस्य जुड़े, जिनमें राजस्थान से 12,200 सदस्य बनाए गए। समारोह की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने की। मुख्य अतिथि केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू ने चयनित कार्यकर्ताओं को साफा, दुपट्टा, मेडल देकर सम्मानित किया। साथ ही समाज के लिए व्यक्तिगत स्तर पर मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को उनकी उपलब्धि के आधार पर चांदी के सिक्के और मेडल देकर नवाजा गया। संगठन ने देशभर में 25 लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य भी तय किया है। अभियान निरंतर जारी रहेगा।
मानसून ने गुरुवार को पूरे देश को कवर कर लिया है। यूपी के 69 शहरों में गुरुवार को बारिश हुई। बारिश की अलग-अलग घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो गई। बुलंदशहर में मस्जिद की पुरानी दीवार गिरने से एक ही परिवार के 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग घायल हो गए। हरदोई में नदी में नहाने गईं 2 बहनें तेज बहाव में बह गईं, जिसमें से एक को बचा लिया गया। वहीं उत्तराखंड के नौ जिलों में भारी बारिश के कारण सभी स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई। पिथौरागढ़ में आदि कैलाश मार्ग मालपा और लामारी के पास चट्टानें गिरने से बंद है। हरिद्वार में सड़कों पर 3-4 फीट पानी भर गया। उत्तरकाशी में स्यानाचट्टी के पास यमुनोत्री हाईवे और नालूपानी के पास गंगोत्री हाईवे लैंडस्लाइड से बंद हैं। यमुनोत्री मार्ग बंद होने से करीब 1000 यात्री फंसे हैं। फरीदाबाद में खेड़ी पुल धंस गया जिससे वन-वे ट्रैफिक करना पड़ा। सोनीपत में पीएचसी की बिल्डिंग गिर गई। राजस्थान के धौलपुर में बारिश के चलते मकान ढह गया और 6 लोग मलबे में दब गए। अजमेर के किशनगढ़ में भी कच्चा मकान ढहने माता-पिता और बच्चा दब गया। राज्य में 6 ट्रेनें कैंसिल हुई हैं। कई ट्रेनें लेट भी हैं। दिल्ली में बुधवार रात से शुरू हुई तेज बारिश गुरुवार सुबह तक जारी रही। बारिश से शहर के कई इलाकों में पानी भर गया। कई जगह पेड़ गिरने से ट्रैफिक प्रभावित रहा। दिल्ली-नोएडा एक्सप्रेसवे समेत कई प्रमुख सड़कों पर लंबा जाम लगा। मानसून ने पूरे देश को कवर किया देशभर से मौसम की 4 तस्वीरें… देशभर के मौसम से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
अशोकनगर पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। चंदेरी थाना पुलिस ने फोनपे से रकम ट्रांसफर करने का झांसा देकर 1.55 लाख रुपए की ठगी करने के मामले में राजस्थान के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने चंदेरी में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहक सेवा केंद्र संचालक प्रसन्न यादव से खुद को पर्यटक बताकर संपर्क किया। उन्होंने फोनपे से 1.05 लाख रुपए भेजने का भरोसा दिलाया और बदले में नकद राशि ले ली। अगले दिन जब प्रसन्न यादव बैंक पहुंचे, तो उनका खाता संदिग्ध राशि आने के कारण फ्रीज मिला। इसके बाद साइबर ठगी का खुलासा हुआ। इसी तरीके से आरोपियों ने ग्राम खैरा निवासी सचिन लोधी से भी 50 हजार रुपए की ठगी की। दोनों मामलों में कुल 1.55 लाख रुपए की धोखाधड़ी हुई। राजस्थान से आरोपी गिरफ्तारमामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने राजस्थान के झुंझुनू जिले से देवेंद्र यादव, शुभम यादव और मनीष जाट को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने दो अन्य साथियों जितेश यादव और पवन मेघवाल के साथ मिलकर वारदात करना स्वीकार किया। पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल की गई टाटा पंच कार भी जब्त कर ली है। दोनों फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के ऑनलाइन भुगतान के भरोसे नकद राशि न दें। किसी भी संदिग्ध साइबर लेनदेन की जानकारी तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में दें।
हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री और जननायक जनता पार्टी (JJP) के नेता दुष्यंत चौटाला ने राजस्थान को यमुना का पानी दिए जाने के मुद्दे पर सैनी सरकार को घेरा है। जींद के उचाना में पत्रकारों से बातचीत में चौटाला ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जेजेपी हरियाणा के हितों से कोई समझौता नहीं करेगी और प्रदेश के हक का एक इंच पानी भी राजस्थान की तरफ बहने नहीं दिया जाएगा। दुष्यंत चौटाला ने खुलासा किया कि इस पूरे जल समझौते के पीछे चल रहे खेल को बेनकाब करने के लिए उन्होंने आरटीआई (RTI) लगाई है। उन्होंने कहा कि हमने समझौते की बारीकियों और असल आंकड़ों की जानकारी के लिए आरटीआई लगाई है। जैसे ही इसके पुख्ता आंकड़े हमारे हाथ में आएंगे, हम इसे जनता के सामने रखेंगे। हरियाणा के किसानों के हक के पानी पर किसी और का डाका बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, इसके लिए हमें हर स्तर पर लड़ाई लड़नी पड़ेगी तो लड़ेंगे। चैनत मामले में सीएम को किया गुमराह पानी के ही मुद्दे पर गांव चैनत के विवाद को उठाते हुए पूर्व डिप्टी सीएम ने सरकार और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में मुख्यमंत्री को अफसरों द्वारा पूरी तरह गुमराह किया गया है। अमृत-2 योजना के तहत कई गांवों को पहले भी पानी का कनेक्शन दिया गया है और अब भी दिया जा सकता था। लेकिन इस सरकार का रवैया देखिए, पहले अधिकारियों ने वहां 'टी' लगवाई और फिर रातों-रात भारी पुलिस बल का इस्तेमाल करके उसे उखाड़ दिया। मनसा देवी और शीतला माता श्राइन बोर्ड के चढ़ावे की हो ऑडिट पानी के विवाद के साथ-साथ दुष्यंत चौटाला ने धार्मिक स्थलों के चंदे को लेकर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर विवाद के बाद अब कई अन्य बड़े मंदिरों में भी अनियमितताओं के मामले सामने आ रहे हैं। हरियाणा के माता शीतला देवी (गुरुग्राम) और माता मनसा देवी (पंचकूला) मंदिर श्राइन बोर्ड सीधे मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आते हैं। इसलिए इन दोनों बड़े मंदिरों के चढ़ावे और खर्चों की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से करवाई जानी चाहिए। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा है। दुष्यंत बोले- पीएम मोदी के जींद दौरे से उम्मीद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी जींद दौरे पर तंज कसते हुए चौटाला ने कहा कि पीएम कई बार हरियाणा आ चुके हैं, मगर आज तक प्रदेश को कोई बहुत बड़ी परियोजना की सौगात नहीं मिली है। इस बार उन्होंने पीएम से मांग की है कि डबवाली से पानीपत तक बनने वाले ग्रीनफील्ड हाईवे की आधिकारिक घोषणा की जाए। जींद के नए मेडिकल कॉलेज में तुरंत ओपीडी (OPD) शुरू कर डॉक्टरों की तैनाती की जाए। उचाना में 25 एकड़ में बनने वाले फायर सेफ्टी कॉलेज का भूमि पूजन हो।
हांसी के साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर हुई करीब 19.71 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में तीसरे आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी से ठगी गई रकम में से 25 हजार रुपए भी बरामद किए हैं। इस मामले में पहले भी दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। साइबर थाना की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग लेनदेन के आधार पर कार्रवाई की। उन्होंने राजस्थान के चूरू जिले के नया बास निवासी समीर को राजस्थान के हनुमानगढ़ से गिरफ्तार किया। फरवरी में की गई थी ऑनलाइन ठगी पीएसआई रविंद्र ने बताया कि यह मामला फरवरी 2026 में हांसी निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर साइबर थाना में दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप के माध्यम से ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया गया था। झांसे में आकर पीड़ित ने विभिन्न बैंक खातों और यूपीआई आईडी के जरिए कुल 19 लाख 71 हजार 647 रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में उसे पता चला कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गया है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच के दौरान पहले भी ठगी की कुछ राशि बरामद की जा चुकी थी। तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब 25 हजार रुपए बरामद किए गए। पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है और मामले की आगे की जांच जारी है।
जोधपुर के रहने वाले टी.एस. चौहान ने इसरो की नौकरी छोड़कर राजस्थान यूनिवर्सिटी में पढ़ाना शुरू किया। उन्होंने अब तक 35 किताबें लिखीं। जो राजस्थान सहित देश की कई यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स को पढ़ाई जा रही हैं। हाल ही टी.एस. चौहान ने करीब साढ़े 3 साल की मेहनत के बाद राजस्थान के भूगोल पर एक बुक तैयार की। इस बुक में साल 2025 तक के अपडेटेड आंकड़े शामिल किए गए हैं। बता दें कि राजस्थान यूनिवर्सिटी (RU) में भूगोल विभाग से प्रोफेसर पद से टी.एस. चौहान रिटायर हुए हैं। उन्होंने कहा- स्टूडेंट्स और रिसर्चर्स को अक्सर राजस्थान के बदलते भूगोल और राजनीतिक परिदृश्य की पूरी जानकारी एक जगह नहीं मिल पाती। इसी कमी को दूर करने के लिए प्रो. चौहान ने यह कदम उठाया। इसरो में 2 साल की नौकरी, जॉब छोड़कर पिता के पास लौटे प्रो. चौहान ने बताया- मैंने साल 1976 में जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी (JNVU) से भूगोल में एमए (MA) किया था। इसके बाद मैंने काजरी (CAZRI) में रिसर्च एसोसिएट के तौर पर 3 साल तक काम किया। साल 1982 में मेरा चयन हैदराबाद में इसरो (ISRO) में हो गया। वहां मैंने 2 साल तक काम किया, लेकिन मजबूरी यह थी कि मुझे हैदराबाद में सेटल होना पड़ता। ऐसे में पिता की सेवा और उनके पास रहने के लिए प्रो. चौहान ने इसरो जैसी बड़ी नौकरी छोड़ दी और वापस राजस्थान आ गए। इसके बाद साल 1986 में मैंने राजस्थान यूनिवर्सिटी के भूगोल विभाग में बतौर फैकल्टी जॉइन किया। यहां मैंने करीब 30 साल तक सेवाएं दीं और साल 2013 में मैं रिटायर हुआ। चौहान की लिखी किताबें देश-प्रदेश की यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई जाती प्रो. चौहान अकादमिक करियर में अब तक 12 अलग-अलग विषयों पर 60 स्टूडेंट्स को पीएचडी करवा चुके हैं। इसके अलावा वे हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में भारत का भूगोल और राजस्थान का भूगोल विषय पर कई टेक्स्ट बुक लिख चुके हैं। उनके द्वारा अंग्रेजी में लिखी 35 संदर्भ किताबें आज भी देश की कई यूनिवर्सिटीज के सिलेबस का हिस्सा हैं। उनकी इस नई किताब का साइंटिफिक पब्लिशर्स ने प्रकाशित किया है। इसमें राजस्थान के इतिहास से लेकर वर्तमान तक के सभी भौगोलिक और राजनीतिक बदलावों को बहुत ही बारीकी से दर्शाया गया है। इस किताब को समझने में आसानी हो। इसके लिए इसमें करीब 100 नक्शे और कई स्पॉट फोटोग्राफ्स भी जोड़े गए हैं।
प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी)-2026 के संबंध में 10 जुलाई को कलक्ट्रेट परिसर स्थित सूचना एवं प्रौद्योगिकी कार्यालय के वीसी रूम में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। साथ ही, आमजन क्यूआर कोड को स्कैन करके भी अपने सुझाव ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। सुझाव के लिए पोर्टल शुरू एडीएम लालसोट मनमोहन मीणा ने बताया कि सुबह 10 बजे से 12:30 बजे तक निर्वाचित जनप्रतिनिधि, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, सभी धर्मों के प्रतिनिधि, प्रतिष्ठित शिक्षाविद, विधिवेत्ता, सामाजिक क्षेत्र में कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि तथा एससी, एसटी, अल्पसंख्यक एवं महिला आयोग के सदस्य सहित अन्य गणमान्य नागरिक अपने सुझाव एवं विचार प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद जिले के आम नागरिक भी अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि सुझाव देने के लिए https://ucc.rajasthan.gov.in पोर्टल शुरू किया गया है। इच्छुक लोग जारी किए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर भी अपने सुझाव ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं।
शादी की पहली रात का खौफनाक अंत: राजस्थान से आए दूल्हे के साथ ऐसा क्या हुआ कि दुल्हन ने उठाया ये कदम
राजस्थान और बिहार की शादियाँ अपनी भव्यता और रीत-रिवाजों के लिए जानी जाती हैं, लेकिन हाल ही में सामने आया एक मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। राजस्थान से बिहार बारात लेकर आए एक दूल्हे के साथ सुहागरात की रात जो कुछ हुआ, उसने पूरे गांव को सन्न कर दिया है। शादी की सारी रस्में बेहद धूमधाम और हंसी-खुशी के माहौल में पूरी हुईं, लेकिन शादी की अगली सुबह दुल्हन के व्यवहार ने परिवार वालों के होश उड़ा दिए और इलाके में हड़कंप मच गया।सुहागरात की रहस्यमयी घटना और पुलिस तक पहुंचा मामलामीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शादी के बाद जब दूल्हा और दुल्हन अपने कमरे में गए, तो सब कुछ सामान्य लग रहा था। लेकिन अगले दिन सुबह होते ही कहानी पूरी तरह बदल गई। कमरे से बाहर निकलते ही दुल्हन का व्यवहार पूरी तरह बदला हुआ था और उसने ससुराल में रहने से साफ इनकार कर दिया। परिजनों ने जब मामले को सुलझाने की कोशिश की तो दुल्हन के तेवर देखकर सभी दंग रह गए। मामला इतना बढ़ गया कि बात पंचायत तक पहुंच गई और अब स्थानीय पुलिस भी इस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कर रही है।क्यों छोड़ना चाहती है दुल्हन घर?इस घटना के बाद लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। दूल्हे का परिवार सदमे में है, जबकि दुल्हन के पक्ष के लोग कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। प्राथमिक जांच में जो बातें सामने आ रही हैं, वे किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश की है, लेकिन दुल्हन का स्पष्ट कहना है कि वह इस रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाना चाहती। इलाके के लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि आखिर ऐसी कौन सी बात थी जो सुहागरात के दौरान हुई और दुल्हन का मन रातों-रात बदल गया।मामले की जमीनी हकीकतफिलहाल, प्रशासन इस मामले को पारिवारिक विवाद के तौर पर देख रहा है और सुलह-समझौते की कोशिशें जारी हैं। शादी के बाद हुए इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने न केवल दूल्हा-दुल्हन के परिवारों को मुसीबत में डाल दिया है, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी यह चर्चा का विषय बन गया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह रिश्ता बच पाएगा या फिर यह शादी कानून की दहलीज तक पहुंचेगी।
नर्मदापुरम जिले के माखननगर में व्हाइट हाउस निर्माण के लिए स्टोन और बाथ टब मंगाने के नाम पर 7 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत और जांच के बाद पुलिस ने राजस्थान के दो आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एक्सपोर्टर इंडिया पर मिला संपर्क, गूगल पे से किए भुगतान फरियादी मुकेश मालवीय ने बताया कि उन्होंने 22 मार्च 2026 को व्हाइट हाउस निर्माण के लिए एक्सपोर्टर इंडिया वेबसाइट पर स्टोन की तलाश की थी। इसके बाद खुद को नागौरी जेम्स स्टोन का प्रतिनिधि बताने वाले शेरू भाटी ने उनसे संपर्क किया और स्टोन व बाथ टब की सप्लाई का भरोसा दिया। अलग-अलग किश्तों में उन्होंने करीब 7 लाख रुपये गूगल पे के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। लोडिंग का वीडियो भेजा, फिर बंद कर लिया मोबाइल फरियादी के अनुसार, भुगतान के बाद आरोपी ने सामान वाहन में लोड करने के वीडियो भी भेजे। लेकिन तय समय पर सामान नहीं पहुंचा। पूछताछ करने पर आरोपी लगातार बहाने बनाता रहा और बाद में अपना मोबाइल नंबर बंद कर लिया। इसके बाद पीड़ित ने 31 मई को माखननगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद दर्ज हुआ धोखाधड़ी का केस करीब सवा महीने की जांच के बाद पुलिस ने बुधवार देर रात राजस्थान के शेरू भाटी और नागौरी जेम्स स्टोन, सीतावत के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
राजस्थान के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में तेज बारिश हुई। भरतपुर और उदयपुर संभाग के कई हिस्सों में तीन इंच तक पानी बरसा। अलवर, करौली, चित्तौड़गढ़, भरतपुर समेत कई जिलों में सड़कों पर पानी भर गया। उदयपुर और सिरोही में भी देर शाम कई जगह भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने प्रदेश में 10 जुलाई तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की चेतावनी जारी की है। गुरुवार को भरतपुर, धौलपुर, बारां, झालावाड़ में ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर और जालोर को छोड़कर पूरे राजस्थान में यलो अलर्ट है। 11 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में कमी आने और मानसून के कमजोर होने की संभावना है। सबसे पहले देखिए- राजस्थान में अब तक कितनी बारिश राजस्थान के मौसम की PHOTOS… ये शहर सबसे ज्यादा गर्म मानूसन सीजन के बड़े अपडेट्स कई जिलों में 3 इंच से ज्यादा बारिश: पिछले 24 घंटों में भरतपुर के बयाना और करौली के मंडलरायल में 84 मिमी (3 इंच से ज्यादा) से ज्यादा पानी बरसा। वहीं, चित्तौड़गढ़ के भदेसर और निंबाहेड़ा में करीब 3 इंच तक बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा दौसा, धौलपुर, करौली, अलवर, कोटा के चेचट में भी भारी बारिश हुई। पारा गिरा, गर्मी-उमस से राहत: राज्य में लगातार हो रही बारिश के कारण अब लोगों को उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली है। जयपुर, अलवर, टोंक, चित्तौड़गढ़, सिरोही, दौसा, प्रतापगढ़, झुंझुनू, अजमेर और भीलवाड़ा में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान जैसलमेर में 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगे कैसा रहेगा मौसम… राजस्थान के बड़े शहरों का मौसम जयपुर: राजधानी में बुधवार को दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और धूप कमजोर रही। हल्की हवा चलने से लोगों को गर्मी के साथ उमस से भी थोड़ी राहत मिली। जयपुर में बुधवार को अधिकतम तापमान 33.1 डिग्री, जबकि न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जोधपुर: जिले में 9 जुलाई तक आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यहां बुधवार को अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। सीकर: जिले में बुधवार को पूरे दिन मौसम साफ रहा। हल्की हवा चली, लेकिन दिनभर उमस बनी रही। शाम को कई इलाकों में बादल छा गए। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को अधिकतम तापमान 36.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उदयपुर: लेकसिटी के ग्रामीण इलाकों में बुधवार को हल्की बारिश हुई। उदयपुर जिले में पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश के कारण मौसम सुहावना हो गया है। दिन का तापमान करीब 35 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। कोटा: जिले में बुधवार को दिनभर उमस और गर्मी रही। यहां अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून सीजन में अब तक कुल 97.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। अजमेर: जिले में बुधवार सुबह मौसम में ठंडक रही और बादल छाए रहे, लेकिन सुबह 10 बजे के बाद धूप खिल गई जो शाम तक रही। यहां अधिकतम तापमान 31.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस रहा। मंगलवार रात से सुबह 8 बजे तक शहर में 42.2 मिमी बरसात दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार कल भी बरसात के आसार हैं। आनासागर झील का जलस्तर 11 फीट 1 इंच तक पहुंच गया है और पानी की निकासी जारी है। अलवर: जिले में बुधवार दोपहर को करीब डेढ़ घंटे तक हुई तेज बारिश से जिला हॉस्पिटल में पानी घुस गया। कई रिहायशी इलाकों में तीन-चार फीट तक पानी जमा हो गया। जिले का अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अलवर के तिजारा में 25 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
शिवराज बने राजस्थान नगर पालिका कर्मचारी फेडरेशन के प्रदेश मंत्री
उदयपुर। जोधपुर संभाग में आयोजित प्रादेशिक अधिवेशन में नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया गया। फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सिंह शेखावत ने उदयपुर संभाग से शिवराज सिंह चौहान को प्रदेश मंत्री नियुक्त किया। इस नियुक्ति पर नगर निगम कर्मचारी संघ उदयपुर ने उनका साफा बंधवाकर और माला पहनाकर स्वागत किया। नवनियुक्त प्रदेश मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान और हितों की रक्षा का संकल्प लिया। इस दौरान महामंत्री महेश गोयर, जितेंद्र मेघवाल, ओम मेघवाल, घनश्याम मेनारिया, गौरव सनाढ्य और फिरोज खान सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।
यूसीसी पर जनसुनवाई 10-11 को, कानून के मसौदे पर आमजन और संगठनों से लेंगे सुझाव
प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने अगला कदम बढ़ाया है। कानून के मसौदे को व्यावहारिक और सर्वसमावेशी बनाने के लिए 10 और 11 जुलाई 2026 को जयपुर के कलेक्टर सभागार में दो दिवसीय संभाग स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। सेवानिवृत्त आईएएस शत्रुघ्न सिंह की अध्यक्षता में गठित समिति आमजन, प्रबुद्धजनों और विभिन्न संगठनों से सुझाव लेगी। संभागीय आयुक्त वी. सरवण कुमार ने जिला प्रशासन को सफल आयोजन और व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। दो दिन का कार्यक्रम यूसीसी के प्रस्तावित दायरे में ये 5 विषय सरकार ने सुझावों के लिए ucc.rajasthan.gov.in पोर्टल भी शुरू किया है। यहां नागरिक 19 सवालों के जवाब ‘हां’ या ‘ना’ में देकर अपने दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं। इन 12 सवालों पर मांगी जाएगी राय
नितिन गडकरी ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निरीक्षण किया, राजस्थान में सुरक्षा उपायों की समीक्षा की
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को बूंदी जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण किया।
प्रदेश में बसों में आगजनी (अग्निकांड) की बढ़ती घटनाओं के बाद गुरुवार को जजों ने खुद सड़क पर उतरकर लग्जरी बसों का निरीक्षण किया। इस दौरान खामियाँ मिलने पर बसों के चालान काटे गए और उन्हें सीज करने की कार्रवाई की गई। जयपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (महानगर द्वितीय) की सचिव (जज) पल्लवी शर्मा ने चौमूं पुलिया और 14 नंबर बस स्टैंड से संचालित हो रही लग्जरी बसों और बाल वाहिनियों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मध्य प्रदेश (MP) में रजिस्टर्ड एक बस पर राजस्थान की नंबर प्लेट लगाकर उसका अवैध रूप से संचालन किया जाना पाया गया। बसों के निरीक्षण की PHOTOS इसके अलावा कई बसों में सुरक्षा नियमों की गंभीर अनदेखी सामने आई। बसों के इमरजेंसी गेट और खिड़कियों को बंद करके उनमें अतिरिक्त सीटें और स्लीपर बर्थ बढ़ा दी गई थीं। साथ ही बसों में अवैध रूप से केबिन भी बनाए गए थे। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जज पल्लवी शर्मा ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 9 बसों को सीज कर दिया, जबकि 15 लग्जरी बसों और बाल वाहिनियों के चालान किए। इस कार्रवाई के दौरान उनके साथ टीम में न्यायिक मजिस्ट्रेट, परिवहन विभाग के अधिकारी और यातायात पुलिस के अधिकारी व जवान भी मौजूद रहे। प्रदेश में एक महीने चलेगा अभियान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) ने प्रदेश में बढ़ते बस हादसों को देखते हुए गुरुवार से एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत न्यायिक अधिकारी, परिवहन विभाग और पुलिस के साथ मिलकर लग्जरी बसों की संयुक्त जांच कर रहे हैं। ऐसे सभी जिले जहां से अन्य राज्यों के लिए बसें चलती हैं, जैसे कि जयपुर, उदयपुर, कोटा, जोधपुर, भरतपुर, बीकानेर, अजमेर, श्रीगंगानगर, अलवर, भीलवाड़ा, राजसमंद और सीकर, वहाँ यह अभियान प्रमुखता से चलाया जाएगा। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव हरिओम शर्मा अत्री ने बताया कि अभियान के तहत पहले चरण में जज लंबी दूरी की लग्जरी बसों की जांच करेंगे। जांच के दौरान बसों में नियमों की अनदेखी पाए जाने पर उनके चालान काटने और जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।
FOREX ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर 74 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी करने वाले दो अंतर्राज्यीय साइबर ठगों को रायपुर पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने गूगल सर्च के जरिए पीड़ित को FIRSTIFY नाम के टेलीग्राम ग्रुप से जोड़कर निवेश के लिए उकसाया। अलग-अलग किश्तों में 74 लाख रुपए ट्रांसफर कराने के बाद न तो मुनाफा दिया और न ही रकम लौटाई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) संदीप पटेल के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा न्यू राजेंद्र नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजस्थान के जयपुर निवासी 26 वर्षीय मुकेश कुमार मीणा और सीकर निवासी 24 वर्षीय संदीप कुमार के रूप में हुई है। अप्रैल महीने में आरोपियों ने ठगे थे पैसे पुलिस के मुताबिक, न्यू राजेंद्र नगर निवासी बहादुर आर्य ने 17 अप्रैल 2026 को गूगल पर FOREX ट्रेडिंग सर्च किया था। इसके बाद उन्हें एक वेबसाइट के माध्यम से FIRSTIFY टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ दिया गया। ग्रुप के सदस्यों ने अधिक मुनाफे का भरोसा देकर उन्हें और उनके भतीजे को निवेश के लिए तैयार किया। दोनों ने अलग-अलग किस्तों में कुल 74 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए, लेकिन बाद में आरोपियों ने संपर्क तोड़ दिया।तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों को पकड़ा जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल नंबर, बैंक खाते, टेलीग्राम और व्हाट्सएप आईडी समेत अन्य डिजिटल साक्ष्यों का तकनीकी विश्लेषण किया। बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल चेन एनालिसिस से आरोपियों की लोकेशन राजस्थान में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने ठगी करने की बात स्वीकारी पूछताछ में आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर साइबर ठगी करने की बात स्वीकार की है। न्यू राजेंद्र नगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66(D) के तहत मामला दर्ज है। पुलिस जब्त मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है।
बौद्धिक एवं विकासात्मक दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और मानकीकृत शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में राजस्थान ने एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। भारत सरकार के राष्ट्रीय बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPID) की ओर से अनुमोदित 'दिशा' पाठ्यक्रम प्रशिक्षण कार्यशाला की शुरुआत अपेक्स यूनिवर्सिटी, जयपुर में हुई। तीन दिवसीय इस राज्य स्तरीय कार्यशाला में राजस्थान के 25 जिलों के 62 विशेष विद्यालयों से आए 110 विशेष शिक्षक भाग ले रहे हैं, जिन्हें बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के आधुनिक शिक्षण एवं पुनर्वास की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह दिशा पाठ्यक्रम पहले ही महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गोवा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ सहित देश के आठ राज्यों में सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है। अब इसे राजस्थान में भी चरणबद्ध तरीके से लागू करने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे राज्य के हजारों बौद्धिक दिव्यांग बच्चों को बेहतर शिक्षण और पुनर्वास सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए बौद्धिक दिव्यांग अभिभावक महासंघ परिवार के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सुदीप गोयल ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य विशेष शिक्षकों को ऐसी आधुनिक और वैज्ञानिक शिक्षण पद्धतियों से जोड़ना है, जिनके माध्यम से बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के सर्वांगीण विकास को गति मिल सके। उन्होंने बताया कि कार्यशाला के माध्यम से राज्यभर के विशेष विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को प्रशिक्षित कर एक समान एवं प्रभावी शिक्षण प्रणाली विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। एनआईईपीआईडी के निदेशक मेजर बी. वी. रामकुमार के निर्देशन में उत्तर भारत क्षेत्रीय प्रभारी जयती मित्रा एवं मीना पाहवा ने मुंबई स्थित जय वकील फाउंडेशन के विशेषज्ञों के साथ प्रतिभागियों को दिशा पाठ्यक्रम, समावेशी शिक्षण पद्धतियों, व्यवहारिक प्रशिक्षण और विशेष बच्चों के लिए प्रभावी शिक्षण तकनीकों का विस्तृत प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम में अपेक्स यूनिवर्सिटी के कुलगुरु प्रो. रघुवीर सिंह ने विशेष शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों, नेतृत्व क्षमता और नवाचार आधारित शिक्षा पद्धति पर जानकारी देते हुए कहा कि बदलते समय के साथ विशेष शिक्षा में भी तकनीक का समावेश आवश्यक हो गया है। वहीं भारत सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के कम्पोजिट रीजनल सेंटर, जयपुर के निदेशक नीरज मधुकर ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए विशेष शिक्षकों से इन योजनाओं का अधिकतम लाभ बच्चों तक पहुंचाने का आह्वान किया। निदेशालय विशेष योग्यजन के उपनिदेशक डॉ. भगवान सहाय शर्मा ने राज्य सरकार द्वारा संचालित विशेष विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सुविधाओं और योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि सरकार विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कार्यशाला संयोजक नवनीता नाहटा ने बताया कि प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रत्येक सहभागी विशेष विद्यालय को वहां अध्ययनरत बौद्धिक एवं विकासात्मक दिव्यांग बच्चों की संख्या के अनुसार दिशा संदर्भ शिक्षण सामग्री, वर्कशीट्स और अन्य प्रशिक्षण संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि प्रशिक्षण का सीधा लाभ बच्चों तक प्रभावी रूप से पहुंच सके। कार्यशाला में मौलाना आजाद केंद्रीय उर्दू विश्वविद्यालय, हैदराबाद से आए विशेषज्ञ क्षितिज ने विशेष शिक्षकों को बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के लिए विकसित दृश्य-श्रव्य वीडियो, एनिमेशन और गेमिंग आधारित शिक्षण प्लेटफॉर्म 'दिव्यांग सारथी' का प्रशिक्षण भी दिया। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से बच्चों की सीखने की क्षमता को अधिक प्रभावी और रोचक बनाने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में अपेक्स कैंपस निदेशक डी.एस. शेखावत, विशेष शिक्षा प्रभारी डॉ. कमलेश नंदिनी, पूर्णिमा अग्रवाल, स्नेहलता, परिवार के कोषाध्यक्ष अनुराग श्रीवास्तव, दिव्यांग अधिकार अधिवक्ता रवि हुजा, मित्र संस्था के अध्यक्ष संजय नाहटा सहित बड़ी संख्या में शिक्षकों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। आयोजकों ने बताया कि प्रथम चरण में राजस्थान सरकार के अधीन संचालित अनुदानित विशेष विद्यालयों के शिक्षकों का क्षमता विकास किया जा रहा है। आगामी चरणों में इस मॉडल को राज्य के सभी विशेष विद्यालयों तथा शिक्षा विभाग के सामान्य विद्यालयों तक विस्तार दिया जाएगा, ताकि बौद्धिक एवं विकासात्मक दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, मानकीकृत और प्रभावी शिक्षण एवं पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
अभी नहीं थमेगी बारिश-आंधी, दिल्ली-यूपी से लेकर राजस्थान तक एक हफ्ते का अलर्ट जारी
दिल्ली, यूपी, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले एक सप्ताह तक आंधी, बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में अलर्ट जारी किया है।
बॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेताम्बरी भट्ट को राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों पर उदयपुर के एक व्यापारी से 30 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप है। विक्रम और उनकी पत्नी को मुंबई के यारी रोड इलाके के गंगा भवन ...
दिल्ली के बाद अब राजस्थान में भी टैक्स फ्री हुई फिल्म '120 बहादुर'
एक्सेल एंटरटेनमेंट और ट्रिगर हैपी स्टूडियोज की वॉर एपिक '120 बहादुर' आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है, और इसके साथ ही पूरे देश में जबरदस्त उत्साह की लहर दौड़ गई है। साल की सबसे ज्यादा चर्चा वाली फिल्मों में शामिल इस फिल्म को मीडिया और ...
राजस्थान बोर्ड ने जारी किया 10वीं-12वीं सप्लीमेंट्री परीक्षा 2024 का शेड्यूल, यहां करें चेक
Rajasthan Board 10th-12th Supplementary Exam 2024: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने बीएसईआर सप्लीमेंट्री परीक्षा 2024 की डेटशीट जारी कर दी है। जिन छात्रों के परीक्षा में 33 प्रतिशत से कम अंक
क्या 6 महीने बाद फिर से राजस्थान के इस महल में शादी करने जा रहे हैं विक्की कैट
राजस्थान अपने खूबसूरत किलों और महलों के लिए विश्वभर में जाना जाता है। कला और संस्कृति के इस अनूठे संगम, शाही ठाठ बाठ समेत राजपुताना वास्तुकला का आनंद उठाने दुनिया के कोने-कोने से पर्यटक यहां आते हैं..........
Salman Khan फायरिंग केस में आया सनसनीखेज अपडेट, राजस्थान के इस राज्य से पकड़ा गया मामले का एक और आरोपी
सलमान खान के घर पर गोलीबारी प्रकरण में नया मामला दर्ज, राजस्थान से एक व्यक्ति गिरफ्तार
मुंबई। मुंबई पुलिस ने अप्रैल में अभिनेता सलमान खान के आवास के बाहर हुई गोलीबारी के सिलसिले में एक नया मामला दर्ज किया है और आपराधिक धमकी के आरोप में राजस्थान से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अपराध शाखा के अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान राजस्थान के बूंदी निवासी बनवारीलाल लटूरलाल गुर्जर (25) के रूप में हुई है। अधिकारी ने बताया कि गुर्जर ने कथित तौर पर अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया था जिसमें उसने कहा था, लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और गिरोह के अन्य सदस्य मेरे साथ हैं तथा मैं सलमान खान को मारने जा रहा हूं क्योंकि उसने अभी तक माफी नहीं मांगी है। आरोपी ने राजस्थान में एक राजमार्ग पर वीडियो बनाया और उसे अपने चैनल पर अपलोड कर दिया। अधिकारी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक टीम जांच के लिए राजस्थान भेजी गई और उसने आरोपी को पकड़ लिया। उन्होंने कहा कि मुंबई के साइबर पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। अधिकारी ने कहा, हम जांच कर रहे हैं कि आरोपी गुर्जर का कोई पिछला आपराधिक इतिहास तो नहीं है। उसे भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं, 506 (2) (आपराधिक धमकी के लिए सजा) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है और जांच जारी है। बांद्रा इलाके में 14 अप्रैल की सुबह सलमान खान के घर के बाहर मोटरसाइकिल सवार दो लोगों ने कई गोलियां चलाई थीं। इस मामले में कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से एक अनुज थापन ने एक मई को पुलिस हवालात में कथित तौर पर फांसी लगा ली थी।
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'एकलव्य' के बारे में कुछ अनकहे किस्से
एकलव्य : रॉयल गार्ड का मूल नाम यज्ञ था। उत्पादन 2005 की शुरुआत में शुरू हुआ..........
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बादशाहो' के बारे में कुछ अनकही बाते
बादशाहो एक पीरियड एक्शन-थ्रिलर थी.......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'हाईवे' के बारे में कुछ रोचक बाते
जब इम्तियाज अली द्वारा निर्देशित यह रोड ड्रामा प्रसारित हुआ, जिसमें आलिया भट्ट और रणदीप हुडा ने अभिनय किया, तो लोगों ने इसे बहुत प्यार दिया, न केवल इसकी अभूतपूर्व कहानी के कारण, बल्कि भट्ट के उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण भी...........
देसी मिट्टी से शाहरुख खान ने कमा डाले 200 करोड़ रुपये, राजस्थान में करी थी फिल्म जवान की शूटिंग?
शाहरुख खान की फिल्म जवान ने पहले तीन दिनों में 200 करोड़ रुपये की कमाई कर शानदार प्रदर्शन किया है. 7 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म ने 75 करोड़ की बड़ी ओपनिंग का रिकॉर्ड बनाया है............
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'ये जवानी है दीवानी' के बारे में कुछ रोचक बाते
उदयपुर में शूट की गई रोमांटिक और कॉमेडी फिल्मों की जबरदस्त अवधारणाओं में से एक का निर्माण करण जौहर द्वारा किया गया था और अयान मुखर्जी द्वारा निर्देशित किया गया था। यह उदयपुर में शूटिंग की गई सबसे लोकप्रिय फिल्मों में से एक थी.........
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'गाइड' के बारे में कुछ अनकही बाते
उदयपुर में शूट की गई पहली फिल्मों में से एक वहीदा रहमान और देव आनंद अभिनीत एक रोमांस ड्रामा थी। यह फिल्म आर.के. नारायण के प्रसिद्ध उपन्यास पर आधारित है, जिसे व्यापक रूप से भारतीय सिनेमा उद्योग की उपलब्धियों में से एक माना जाता है.............
फिल्मों की शूटिंग के लिए बेस्ट लोकेशन बन रहा राजस्थान का अलवर
राजस्थान प्रदेश का अलवर जिला इन दिनों फिल्मों और वेब सीरीज समेत शॉर्ट फिल्मों के लिए बेस्ट लोकेशन बनता जा रहा है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बॉलीवुड एक्टर उज्जवल चोपड़ा अपनी शॉर्ट फिल्म की 4 दिन की शूटिंग के लिए अलवर पहुंचे..........
जोधा अकबर की शूटिंग के बाद मशहूर हुई राजस्थान की ये जगहे
भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की पीरियड फिल्म 'जोधा अकबर' के कुछ सीन जयपुर के आमेर किले में शूट किए गए हैं. आपको आशुतोष गोवारिकर की फिल्म का वो सीन याद होगा, जिसमें ऐश्वर्या राय किचन में राजा के लिए खाना बनाती है......
बॉलीबुड और हॉलीवुड फिल्मों के लिए फेमस है राजस्थान की ये जगहे, देखें वीडियो
राजस्थान और फिल्में हमेशा से मनोरंजन का तड़का लगाती रही हैं। राजधानी जयपुर हमेशा से फिल्म निर्माताओं की पसंदीदा रही है। 'पिंक सिटी' में एक-दो नहीं बल्कि कई बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है......
करण-अर्जुन की शूटिंग के बाद मशहूर हुई राजस्थान की ये जगहे
आप सभी ने फिल्म अर्जुन तो देखी ही होगी, यह उस समय की ब्लॉकबस्टर फिल्म थी। और इस फिल्म में दिखाया गया गांव और ठाकुर दुर्जन सिंह की हवेली सभी को याद होगी. लेकिन ज्यादातर लोगों को ये नहीं पता कि इस फिल्म की शूटिंग किस गांव में हुई थी.........
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बॉर्डर' के बारे में कुछ अनोखी बातें
सनी देओल, जैकी श्रॉफ, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना, सुदेश बेरी, पुनीत इस्सर और कुलभूषण खरबंदा अभिनीत फिल्म बॉर्डर ने अपनी रिलीज के 26 साल पूरे कर लिए हैं। 1971 के वास्तविक जीवन के भारत-पाकिस्तान युद्ध पर आधारित और लोंगेवाला की लड़ाई की सच्ची घटनाओं पर आधारित, बॉर्डर 1997 में रिलीज़ हुई थी और इसका निर्देशन जेपी दत्ता ने किया था............
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बोल बच्चन' के बारे में कुछ अनोखी बातें
रोहित शेट्टी की फिल्म 'बोल बच्चन' में अभिषेक बच्चन, अजय देवगन और असिन नजर आए हैं. फिल्म की आधे से ज्यादा शूटिंग पिंक सिटी जयपुर में हुई है. फिल्म का हिट गाना 'चलाओ न नैनों से बाण रे' की शूटिंग जयपुर के मशहूर रिजॉर्ट चोखी ढाणी में हुई है......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बाजीराव मस्तानी' के बारे में कुछ अनोखी बातें
राजस्थान और फिल्मों का साथ हमेशा से ही एंटरटेनमेंट का तड़का लगा रहा है. राजधानी जयपुर (Jaipur) हमेशा से ही फिल्मकारों की पसंद रही है. बॉलीवुड की एक-दो नहीं बल्कि कई फिल्में 'पिंक सिटी' में शूट हो चुकी हैं.......
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' के बारे में कुछ अनोखी बातें
जब आलिया भट्ट और वरुण धवन अपनी फिल्म 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया' के प्रमोशन के लिए जयपुर आए तो यह उनके लिए घर वापसी जैसा था। आप पूछेंगे कैसे? दोनों ने राजस्थान में फिल्म की शूटिंग के लिए इतना समय बिताया है कि उन्हें लगता है कि वे यहीं के हैं.....
Rajasthan 12th Board: दो दिन बाद समाप्त होंगे पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन, ऐसे भरें फॉर्म
राजस्थान बोर्ड कक्षा 12वीं रिजल्ट 2024: पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख 30 मई है। जो छात्र अपने अंक से असंतुष्ट हैं, वे आवेदन कर सकते हैं। आइए जानते हैं, कैसे करना है आवेदन। यहां देखें
यहाँ जानिए, राजस्थान में बनी फिल्म 'हम साथ साथ हैं' के बारे में कुछ अनोखी बातें
4 अक्टूबर 1998 को ग्रोव के संरक्षक मांगीलाल सोनल द्वारा सार्वजनिक पार्क में फिल्म ' हम साथ - साथ हैं ' की शूटिंग की अनुमति दी गई थी। यह खुलासा वन विभाग के अधिकारी शिवचंद बोहरा और सोनल से जिरह के दौरान हुआ.........
कभी राजस्थान में हुई थी इस फेमस मूवी की शूटिंग, देखें वायरल वीडियो
राजस्थान के बीकानेर ज़िले में स्थित लक्ष्मी निवास पैलेस अपनी भव्यता से भर जाता है.यह आलीशान और लग्ज़री होटल है, जिसकी बनावट और महीन कारीगरी काफ़ी खास है.इस पैलेस को 1904 में महाराजा गंगा सिंह के लिए बनवाया गया था.......
पिछले कई महीनों से एक दर्जन सहित क्षेत्रीय भाषा और विदेशी फिल्मों की शूटिंग का हिस्सा रही जैसलमेर की धरती पर लाइट...एक्शन...कैमरे की आवाज नहीं गूंज रही है। एक साल में दर्जनों बॉलीवुड फिल्में......
रेत के टीलों से लेकर ऐतिहासिक स्मारकों तक, राजस्थान सभी फिल्म निर्माताओं को शूटिंग के लिए आकर्षित करता रहा है। जयपुर, जोधपुर जैसे शहरों की ऐतिहासिक विरासत से लेकर जैसलमेर, बाड़मेर जैसे जिलों के रेत के टीलों तक, यहां सब कुछ अनोखा है.....
जॉली एलएलबी की तीसरी किस्त में अक्षय कुमार और अरशद वारसी स्क्रीन शेयर करने जा रहे हैं। शूटिंग राजस्थान में चल रही थी और उन्होंने पहला शेड्यूल पूरा कर लिया है। हाल ही में, अभिनेताओं ने शूटिंग खत्म करते हुए एक मजेदार वीडियो साझा किया। कुछ ही देर में ये वायरल हो गया। दोनों को बड़ी मुस्कान के साथ बाइक चलाते देखा गया। अक्षय और अरशद ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया अक्षय और अरशद ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर वीडियो साझा किया और लिखा, “और यह एक शेड्यूल रैप है! जैसा कि आप देख सकते हैं कि दोनों जॉलीज़ ने राजस्थान में अच्छा समय बिताया। वीडियो में दोनों सड़क पर बाइक चला रहे हैं। अरशद की शर्ट खून से लथपथ है. हाल ही में, बड़ी संख्या में अक्षय के प्रशंसक उनकी फिल्म के सेट पर उन्हें आश्चर्यचकित करने और उनके साथ तस्वीरें लेने के लिए पहुंचे। अब सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में, राम सेतु अभिनेता को जॉली एलएलबी 3 के सेट पर उनका स्वागत करने आए लोगों के लिए तस्वीरें लेते और ऑटोग्राफ देते देखा जा सकता है। अक्षय पहले भी वीडियो शेयर कर चुके हैं इससे पहले, जॉली एलएलबी 3 के सेट से एक बिहाइंड द सीन वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था जिसमें अक्षय शर्टलेस बैठे नजर आ रहे थे और उन्होंने सन बाथ का भी आनंद लिया था। वीडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए अक्षय के फैन पेज ने लिखा, @अक्षयकुमार #JollyLLB3 के सेट पर सन बाथ ले रहे हैं...अगर आप ठीक से सुनेंगे तो बजरंग बैन चल रहा है। बता दें, अक्षय कुमार ने इस महीने की शुरुआत में जॉली एलएलबी 3 की शूटिंग शुरू की थी, जब उन्होंने सेट से एक मजेदार वीडियो भी जारी किया था। वीडियो में अक्षय के साथ अरशद वारसी भी शामिल थे और दोनों काले कपड़े पहने नजर आ रहे थे। इसकी शुरुआत अक्षय द्वारा सभी को जगदीश त्यागी उर्फ जॉली बीए एलएलबी डुप्लिकेट से सावधान रहने की चेतावनी देने से हुई। इसके बाद, अरशद को खुद को असली जॉली के रूप में पेश करते देखा गया। जॉली एलएलबी की 3 किस्त आ रही है पहली जॉली एलएलबी फिल्म, जो 2013 में रिलीज हुई थी, जिसमें अरशद वारसी और सौरभ शुक्ला मुख्य भूमिका में थे। दूसरी ओर, फिल्म का सीक्वल 2017 में सिनेमाघरों में आया जिसमें अक्षय कुमार ने अरशद वारसी की जगह ली। उनके साथ हुमा कुरेशी भी उनकी प्रेमिका के रूप में शामिल हुईं। कथित तौर पर, तीसरी किस्त में, अक्षय कुमार और अरशद वारसी आमने-सामने होंगे, जबकि सौरभ शुक्ला जज के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे। हालांकि, अभी तक मेकर्स ने फिल्म की कहानी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। View this post on Instagram A post shared by Akshay Kumar (@akshaykumar)
सलमान खान के घर फायरिंग मामला: मुंबई क्राइम ब्रांच ने पांचवें आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया
सलमान खान के घर फायरिंग मामले में ताजा घटनाक्रम में मुंबई क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को पांचवें आरोपी मोहम्मद चौधरी को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है। इंडिया टीवी के अतुल सिंह की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद चौधरी ने दो शूटरों, सागर पाल और विक्की गुप्ता को पैसे देकर और रेकी करके भी मदद की। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, चौधरी को आज मुंबई लाया जा रहा है जहां उसे किला कोर्ट में पेश किया जाएगा और पांच दिन की हिरासत की मांग की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Kareena Kapoor Khan ने Saif Ali Khan के बड़े बेटे इब्राहिम की नवीनतम तस्वीरों पर सबसे मनमोहक टिप्पणी की इससे पहले, अनुज थापन नाम के एक आरोपी ने पुलिस हिरासत में चादर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। बता दें, अनुज पर शूटरों को हथियार मुहैया कराने का आरोप है। थापन को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले, बांद्रा में अभिनेता के आवास के बाहर गोलीबारी करने वाले दोनों शूटर विक्की गुप्ता और सागर पाल को गुजरात के भुज से हिरासत में लिया गया था। इसे भी पढ़ें: सलमान खान के घर के बाहर गोली चलाने के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य गिरफ्तार सलमान खान के घर फायरिंग मामले की जानकारी मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कथित तौर पर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग करने वाले शूटरों के पास दो बंदूकें थीं और उन्हें 10 राउंड गोलियां चलाने का आदेश दिया गया था. 14 अप्रैल की सुबह, दो व्यक्ति मोटरसाइकिल पर आए और अभिनेता के आवास गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर चार गोलियां चलाईं। घटना के बाद हमलावर तेजी से मौके से भाग गए। निगरानी फुटेज से पता चला कि दोनों संदिग्धों ने टोपी पहन रखी थी और बैकपैक ले रखा था। इस महीने की शुरुआत में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने का अनुरोध किया था. अनमोल बिश्नोई ने घटना के कुछ घंटों बाद अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिए सलमान खान के घर पर हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी। सलमान खान की नवीनतम सार्वजनिक उपस्थिति सलमान खान हाल ही में लंदन में थे जहां उन्होंने ब्रिटेन के ब्रेंट नॉर्थ निर्वाचन क्षेत्र से सांसद बैरी गार्डिनर से मुलाकात की। इंटरनेट पर कई तस्वीरें वायरल हुईं, जिनमें बैरी और सलमान दोनों वेम्बली स्टेडियम के अंदर नजर आ रहे हैं।
अपनी बायोपिक में Shahrukh Khan को काम करते देखना चाहता है ये मशहूर विदेशी क्रिकेटर,Rajasthan Royals टीम का है हिस्सा
भारत के राष्ट्रीय प्रसारक Doordarshan ने नए लोगो का अनावरण किया, जिसका रंग लाल से नारंगी हुआ
भारत सरकार के स्वामित्व वाले सार्वजनिक टेलीविजन प्रसारक दूरदर्शन ने अपने समाचार चैनल डीडी न्यूज का लोगो लाल से बदलकर भगवा कर दिया है। यह लोगो 16 अप्रैल, 2024 को लागू हुआ, जिसने पिछले लाल वाले को बदल दिया। अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेजों के माध्यम से, डीडी न्यूज़ ने कहा कि उनके मूल्य वही रहेंगे और वे अब एक नए अवतार में उपलब्ध हैं। इसे भी पढ़ें: Barahi Devi Temple: बाराही देवी मंदिर में दर्शन मात्र से दूर होती है गंभीर बीमारियां, जानिए मंदिर से जुड़ी मान्यता पोस्ट में कहा गया एक ऐसी समाचार यात्रा के लिए तैयार हो जाइए जो पहले कभी नहीं देखी गई.. बिल्कुल नए डीडी न्यूज का अनुभव करें। हमारे पास यह कहने का साहस है: गति से अधिक सटीकता, दावों से अधिक तथ्य, सनसनीखेज से अधिक सत्य। क्योंकि अगर यह डीडी न्यूज पर है, तो यह सच है। दूरदर्शन का इतिहास दूरदर्शन ने 15 सितंबर, 1959 को सार्वजनिक सेवा प्रसारण में एक मामूली प्रयोग के साथ शुरुआत की। यह प्रयोग 1965 में एक सेवा बन गया जब दूरदर्शन नई दिल्ली और उसके आसपास के लिविंग रूम में टेलीविजन सेट तक पहुंच गया। 1975 तक सेवाओं को मुंबई, अमृतसर और सात अन्य शहरों तक बढ़ा दिया गया। 1 अप्रैल, 1976 को यह सूचना और प्रसारण मंत्रालय में एक अलग विभाग के अंतर्गत आ गया। 1982 में दूरदर्शन राष्ट्रीय प्रसारक बन गया। इसे भी पढ़ें: Rajasthan: पाली में बोले अमित शाह, हम भारत को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा अर्थतंत्र बना देंगे, ये मोदी की गारंटी है 1982 में, दूरदर्शन का रंगीन संस्करण तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी के स्वतंत्रता दिवस के भाषण के सीधे प्रसारण के साथ शुरू हुआ, इसके बाद दिल्ली में 1982 के एशियाई खेलों का रंगीन प्रसारण हुआ। वर्तमान में, दूरदर्शन 6 राष्ट्रीय चैनल और 17 क्षेत्रीय चैनल संचालित करता है। राष्ट्रीय चैनलों में डीडी नेशनल, डीडी इंडिया, डीडी किसान, डीडी स्पोर्ट्स, डीडी उर्दू और डीडी भारती शामिल हैं। दूसरी ओर, डीडी अरुणप्रभा, डीडी बांग्ला, डीडी बिहार, डीडी चंदना, डीडी गिरनार, डीडी मध्य प्रदेश, डीडी मलयालम, डीडी नॉर्थ ईस्ट, डीडी ओडिया, डीडी पोधिगई, डीडी पंजाबी, डीडी राजस्थान, डीडी सह्यगिरी, डीडी सप्तगिरी, डीडी उत्तर प्रदेश, डीडी यादगिरी और डीडी काशीर इसके क्षेत्रीय चैनल हैं। While our values remain the same, we are now available in a new avatar. Get ready for a news journey like never before.. Experience the all-new DD News! We have the courage to put: Accuracy over speed Facts over claims Truth over sensationalism Because if it is on DD News, it… pic.twitter.com/YH230pGBKs — DD News (@DDNewslive) April 16, 2024
बच्चों के साथ राजस्थान की सैर पर निकलीं शिल्पा शेट्टी, वीडियो शेयर कर...
शिल्पा शेट्टी इन दिनों राजस्थान की सैर पर निकली हैं. शिल्पा के साथ उनके बच्चे भी राजस्थान के नेशनल पार्क में घूमते नजर आ रहे हैं. शिल्पा ने इसका वीडियो शेयर किया है. वीडियो में शिल्पा शेट्टी बच्चों के साथ मस्ती करती नजर आ रही हैं.

