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पूर्णिया जेल से रची हैदराबाद में गोल्ड लूट की साजिश:15 मिनट में 15KG सोना लूटने का दिया टारगेट; तेलंगाना पुलिस सुबोध को ले गई

तेलंगाना पुलिस पूर्णिया जेल में बंद गोल्ड लूट गैंग के सरगना सुबोध सिंह को गुरुवार शाम करीब 5 बजे रिमांड पर हैदराबाद ले गई है। दरअसल, मामला हैदराबाद के करीमनगर के पीएमजे ज्वेलर्स में 3 मई को दिनदहाड़े 82.02 लाख रुपए की ज्वेलरी लूटकांड से जुड़ा है। नाम न छापने की शर्त पर पूर्णिया सेंट्रल जेल से जुड़े एक स्टाफ ने इसकी पुष्टि की है। लूटकांड में हैदराबाद पुलिस ने 15 मई को 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने बताया था कि ज्वेलरी लूटकांड को बिहार के पूर्णिया जेल में बंद सुबोध सिंह के कहने पर अंजाम दिया गया है। करीमनगर के पुलिस कमिश्नर गौश आलम ने बताया था कि लूटकांड की साजिश एक अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोह ने रची थी, जिसका नेतृत्व सुबोध सिंह कर रहा था। वो जेल से ही अपने गैंग को ऑपरेट करता है। उन्होंने बताया था कि लूटकांड गिरोह में शामिल सदस्य पुलिस से बचने के लिए एक स्पेशल मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल करते थे। सुबोध सिंह कौन है? गैंग की मदद से अब तक उसने ज्वेलरी लूटकांड की कितनी वारदातों को अंजाम दिया है? उसने कैसे 100 से अधिक अपराधियों की गैंग खड़ी की? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले हैदराबाद में 3 मई को हुई लूटकांड की कहानी जानिए 82 लाख से ज्यादा की ज्वेलरी लूटकांड में गिरफ्तार 3 आरोपियों ने पुलिस से पूछताछ में बताया था कि सुबोध सिंह ने 15 मिनट में 15 किलोग्राम सोना लूटकर भागने का टारगेट दिया था। इसके बाद हम लोगों ने करीमनगर स्थित ज्वेलरी शॉप पर धावा बोला था। हैदराबाद के सीनियर अफसरों ने तब एक मीडिया हाउस को बताया था कि सुबोध सिंह ने साथियों के जरिए लूटकांड में शामिल अपराधियों तक ये टारगेट पहुंचाया था। सुबोध ने चोरी को अंजाम देने वाले पांचों अपराधियों को इनाम के रूप में 5 लाख रुपए देने का वादा किया था। हालांकि, पीएमजे में लूट के दौरान विरोध के बाद अपराधी सिर्फ 1.61 किलोग्राम सोना और हीरा ही लेकर भाग सके। मामले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमने गिरफ्तार किए गए दो अपराधियों रघुनाथ कर्माकर और रविश कुमार से पूछा कि तुम लोगों ने वारदात के दौरान अपने चेहरे को क्यों नहीं छिपाया था, तो उन्होंने जवाब दिया कि मास्क पहनने से सुरक्षाकर्मियों को शक हो जाता, जिससे उनके लिए दुकान में घुसना मुश्किल हो जाता। एक पुलिस अधिकारी ने बताया था कि हमें संदेह है कि सुबोध की टीम, जो चोरी का सोना लेने तेलंगाना आई थी। गिरोह का तरीका ये रहा है कि वे चोरी के सोने को पश्चिम बंगाल या बिहार में जल्दी से पिघला देते हैं और फिर उसे नेपाल में अपने साथियों को भेज देते हैं। अधिकारियों ने बताया कि सुबोध को पुलिस के काम करने के तरीके की अच्छी जानकारी थी, क्योंकि वो साल 2000 से 2008 के बीच पुलिस मुखबिर रहा था। इस दौरान उसने पुलिस के काम करने के तरीके को करीब से देखा, रणनीति सीखी, इसके बाद इसका यूज वारदात को अंजाम देने और पुलिस से बचने में करने लगा। जेल में ही सुबोध से हुई थी एक अपराधी की मुलाकात 15 मई को हैदराबाद पुलिस की ओर से गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पश्चिम बंगाल के मल्लिकपाड़ा निवासी रघुनाथ कर्मकार (41), जिसके खिलाफ डकैती, हत्या और आर्म्स एक्ट के उल्लंघन समेत सात आपराधिक मामले लंबित हैं। रवीश कुमार (23), बिहार के गवाल भीगा गांव निवासी, जिसके खिलाफ कथित तौर पर 15 आपराधिक मामले दर्ज हैं; और मेहताब खान (32), पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान निवासी, जिसने कथित तौर पर गिरोह को 10,000 रुपए प्रति सिम कार्ड की दर से सिम कार्ड की आपूर्ति की थी, के रूप में हुई थी। जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए बंगाल के रहने वाले रघुनाथ की पहली मुलाकात सुबोध से कुछ महीने पहले उस वक्त हुई थी, जब वे दोनों पश्चिम बंगाल के आसनसोल जेल में बंद थे। करीमनगर मामले में शामिल पांचों आरोपियों में से कोई भी साजिश रचने के समय सुबोध के सीधे संपर्क में नहीं था। रघुनाथ, रविश और तीन अन्य लोगों के लिए सुबोध के गुर्गे ही मुख्य सूत्रधार थे। लूटकांड की जांच में शामिल पुलिसकर्मियों के मुताबिक, गिरोह के सभी सदस्यों का सुबोध सिंह के गिरोह में शामिल होने से पहले आपराधिक इतिहास था, जिसने कथित तौर पर बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, तेलंगाना और महाराष्ट्र में आभूषण की दुकानों और बैंकों को निशाना बनाया था। दो महीने तक करीमनगर के कई इलाकों की अपराधियों ने रेकी की थी पुलिस कमिश्रर ने बताया था कि गिरोह के सदस्यों ने डकैती को अंजाम देने से पहले लगभग दो महीने तक खम्मम, सिद्दिपेट, पेद्दापल्ली और करीमनगर जिलों में रेकी की थी। पकड़े जाने से बचने के लिए उन्होंने फर्जी आधार कार्ड, गाड़ियों की नकली रजिस्ट्रेशन वाली नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया। साथ ही पेद्दापल्ली, सिद्दिपेट और धर्मपुरी के निजी लॉजों में रुके। अपराधियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले 2 मई को महाराष्ट्र के चंद्रपुर से देसी पिस्तौलें खरीदी थीं। 3 मई को लुटेरों ने पीएमजे ज्वैलर्स शोरूम पर गोलीबारी की, जिसमें चार कर्मचारी घायल हो गए और वे 161.4 तोला सोने के आभूषण, 112 कैरेट हीरे के आभूषण, जिनकी कीमत 82.02 लाख रुपए थी, लेकर फरार हो गए। पुलिस के अनुसार, आरोपियों में से एक पहले ग्राहक बनकर शोरूम में घुसा और स्थिति का जायजा लिया। गिरोह के बाकी सदस्य बाद में अंदर आए और कर्मचारियों को हथियारों से धमकाया और कर्मचारियों के विरोध करने पर कथित तौर पर गोलीबारी की। इसके बाद गिरोह आभूषणों से भरा बैग लेकर मोटरसाइकिलों पर सवार होकर फरार हो गया। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि कर्माकर और गिरोह का एक अन्य सदस्य गहनों से भरा बैग लेकर मोटरसाइकिल पर सवार होकर गुंडाला वन क्षेत्र गए, जहां उन्होंने कथित तौर पर बैग और मोटरसाइकिल कार में सवार अपने साथियों को सौंप दी और फिर पास के रेलवे स्टेशन से बिहार भाग गए। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि डीजीपी सीवी आनंद और सीनियर पुलिस अधिकारी इस जांच पर कड़ी नजर रख रहे हैं। जांच में करीब 132 पुलिसकर्मी शामिल हैं और गिरोह का पता लगाने के लिए पुलिस टीमों ने 9 राज्यों का दौरा किया। करीमनगर टू टाउन पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 310(2), 311 और 109 तथा भारतीय शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1)(ए) और 27 के तहत मामला दर्ज किया गया है। 1999 से 2007 तक पुलिस का मुखबिर रहा था सुबोध बिहार में नालंदा के चांदी थाने के चिस्तीपुर गांव का रहने वाले ईश्वरप्रसाद कुर्मी के 42 साल के बेटे सुबोध सिंह के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में लूट, हत्या और डकैती के 42 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। सुबोध 12वीं पास है। साल 1996 तक वो बिहार के वैशाली जिले के छोटे-मोटे चोरों के साथ वारदातों को अंजाम देता था। साल 1999 आते-आते बिहार में पुलिस का लोकल मुखबिर बन गया। इस दौरान उसका लगातार बिहार एसटीएफ के जवानों और बड़े अफसरों के पास उठना-बैठना भी हो गया। ये काम उसने साल 2007 तक किया। इस दौरान ही सुबोध ने बिहार एसटीएफ और पुलिस की हर स्टाइल और चाल को भी बड़े अच्छे से समझ लिया। सुबोध ने पुलिस को पूछताछ में बताया हैं कि मुखबिरी करते-करते उसका क्रिमिनल नेटवर्क भी बन गया था। उसने 2008 में पहले कोलकाता की आइओबी बैंक और बाद में रायपुर की एक बैंक में डकैती को अंजाम दिया। इन्हीं मामलों में तब पहले कोलकाता पुलिस और बाद में रायपुर पुलिस ने उसे गिरफ्तार भी किया। साल 2015 तक वो रायपुर जेल में बंद रहा। जमानत पर छूटने के बाद उसने मुथूट, मण्णापुरम और बड़े ज्वेलर्स को टारगेट किया। लूट के लिए अपनी गैंग भी बना ली। हर वारदात के लिए पूरी प्लानिंग बनाता सुबोध सुबोध हर वारदात के लिए पूरी प्लानिंग बनाता। साथियों को उनके रोल बांटता था। हर लूट में ये गैंग 15-20 किलो से ज्यादा गोल्ड को लूट लेती थी। साल 2018 आते-आते उसने राजस्थान के जयपुर, महाराष्ट्र के पुणे और नागपुर शहर व पंचिम बंगाल के बैरकपुर में बड़ी गोल्ड लूट की घटनाओं को अंजाम दिया। बिहार के भी कई शहरों में वारदातें की। जनवरी 2018 में बिहार एसटीएफ ने सुबोध को बिहार में वैशाली जिले के दानापुर से उस वक्त गिरफ्तार किया था, जब वो प्रेमिका से मिलने आया था। हालांकि, सुबोध ने पुलिस पूछताछ में कहा कि उसे तो सड़क से पकड़ा गया था। उसकी कोई प्रेमिका नहीं थी। उसके पास से तब 16.5 किलो गोल्ड के साथ ही पिस्टल व देसी कट्टा बरामद किया था। उसे पटना की बेऊर जेल में भेज दिया गया। वो लंबे समय तक बेऊर जेल में ही बंद रहा। वहां से ही अपनी गैंग के मार्फत एक के बाद एक गोल्ड लूट की वारदातों को अंजाम देता रहा। जेल में रहकर बढ़ाता रहा गैंग सुबोध सिंह ने जेल में ही नए लोगों को अपनी गैंग से जोड़ना शुरू कर दिया। जैसे ही जेल में चैन स्नैचिंग या चोरी के मामले में कोई अपराधी पकड़ा जाता, सुबोध सिंह और उसके गुर्गे बड़े-बड़े लालच देकर गैंग में जोड़ लेते। बदमाश के तैयार होने के बाद सुबोध उसकी जेल से जमानत करवाता। जब वह जेल से बाहर निकल जाता तो जेल के बाहर के गैंग से जुड़े बदमाश उसे ट्रेनिंग देते और बताते हैं कि कैसे व कहां से गोल्ड लूटना है। सुबोध की गैंग लूटे हुए सोने को नेपाल और पश्चिम बंगाल ले जाती है। यहां गलाने के बाद गोल्ड बेच दिया जाता है। सुबोध का दावा है कि देश में अब तक जितनी भी गोल्ड की लूट हुई है। उसका 70% सोना उसी की गैंग ने लूटा है। सुबोध सिंह जेल में रहते हुए भी अलग–अलग राज्यों में वारदातें करा रहा था। सुबोध सिंह पटना के बेऊर जेल में सेक्टर 3 की बैरक 21 और 22 में ही रहा। वहां उसे बड़े आराम से वीआईपी ट्रीटमेंट और लग्जरी सुविधाएं दी जाती थी। इस दोनों बैरक में सुबोध सिंह के गैंग के लोग और उसके जानने वाले लोग ही रहते थे। उसे ओडिशा में हुई एक गोल्ड लूट के मामले में पहली बार ओडिशा पुलिस ने मार्च 2025 में पूछताछ के लिए पकड़ा और अब राजस्थान की कांकरोली पुलिस ओडिशा से पकड़कर राजस्थान लेकर पहुंची थी। सुबोध के गैंग में 132 अपराधी, ज्यादातर की उम्र 22-35 साल 2018 में बिहार STF और पटना पुलिस ने जॉइंट ऑपरेशन के तहत सुबोध सिंह को पटना से गिरफ्तार किया था। वह पहले बेऊर जेल में बंद था। इसके बाद पश्चिम बंगाल की पुलिस अपने राज्य में हुए करोड़ों रुपए के सोना लूट मामले में रिमांड पर ले गई। फिर उसे ओडिशा के संबलपुर जेल ले जाया गया था। सूत्र बताते हैं कि सुबोध के गैंग में करीब 132 बदमाश हैं। ज्यादातर की उम्र 22-35 साल है। गैंग में समस्तीपुर और वैशाली के लड़के सबसे अधिक हैं। इसके अलावा गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु, राजस्थान, महाराष्ट्र, यूपी, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, झारखंड सहित 12 से अधिक राज्यों में इसके गैंग का नेटवर्क फैला है। अपने गुर्गों के बूते जेल में बैठकर सुबोध सोना लूटने के लिए बड़े ज्वेलरी शॉप, गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों और बैंकों को टारगेट करता है। सुबोध सिंह लूट का करोड़ों रुपए का सोना कहां खपाता है? सूत्रों के मुताबिक, यह सोना 50% कीमत पर बिहार, झारखंड और नेपाल में बेचा जाता है। सुबोध का तगड़ा कनेक्शन लूट का सोना खरीदने वालों से है। सोना तय ठिकाने पर पहुंचाना सुबोध गैंग के अपराधियों के जिम्मा होता है। लूट का सोना नेपाल पहुंचाने के लिए नेपाल बॉर्डर पर उन जगहों को चुना जाता है, जहां सिक्योरिटी कम होती है या न के बराबर रहती है। सोना लूटने से पहले सुबोध सिंह कैश लूटता था। इसने करीब 2014 में क्राइम की दुनिया में कदम रखा था। शुरुआती दौर में वह नालंदा जिले के रहने वाले कुख्यात अपराधी सुनील सिंह का असोसिएट हुआ करता था। बाद में उसने खुद का गैंग बनाया। फिर बड़े ज्वेलरी शॉप और गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों को टारगेट किया, सोना लूटने लगा। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 2017 में इसने खुद से आखिरी बार राजस्थान में सोना लूट की बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद से अपने गुर्गों से सोना लूटवाता आ रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि सुबोध ने सोना लूट के बल पर 50 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति खड़ी की है। उसने रांची में एक बड़ा मॉल बनवा रखा है। पुलिस उस मॉल को आइडेंटिफाई कर रही है।

दैनिक भास्कर 29 May 2026 6:28 am

IPL 2026: Heinrich Klaasen ने एलिमिनेटर मैच में 18 रन बनाकर भी रचा इतिहास, दिग्गजों की रिकॉर्ड लिस्ट में हुए शामिल

Heinrich Klaasen Record: सनराइजर्स हैदराबाद (Sunrisers Hyderabad) के विकेटकीपर बल्लेबाज़ हेनरिक क्लासेन (Heinrich Klaasen) बीते बुधवार, 27 मई को राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के खिलाफ IPL2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में अपने बैटिंग से कुछ खास नहीं कर पाए और 10 गेंदों पर सिर्फ 18 रन बनाकर आउट हुए। गौरतलब है कि इसके बावजूद हेनरिक क्लासेन के नाम दो गज़ब रिकॉर्ड दर्ज हो गए हैं। सबसे पहले ये जान लीजिए कि साल 2026 का IPL, 34 वर्षीय हेनरिक क्लासेन के लिए धमाकेदार रहा और उन्होंने SRHके लिए सीजन में 15 मैचों में 48 की औसत और 160 की स्ट्राइक रेट से सर्वाधिक 624 रन बनाए। इसी के साथ अब वो आईपीएल के 19 साल के इतिहास के ऐसे दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने नॉन-ओपनर होते हुए सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। इस रिकॉर्ड लिस्ट में सबसे ऊपर एबी डी विलियर्स हैं, जिन्होंने साल 2016 के IPL में 687 रन बनाए थे। आईपीएल सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले विदेशी बल्लेबाज (नॉन-ओपनर्स) 687 - एबी डी विलियर्स (2016) 624 - हेनरिक क्लासेन (2026)* 622 - केन विलियमसन (2018) 552 - ग्लेन मैक्सवेल (2014) 538 - जोस बटलर (2025) इतना ही नहीं, ये भी जान लीजिए कि हेनरिक क्लासेन ने IPL19 के अपने हर मुकाबले में डबल डिजिट स्कोर (कम से कम 10 रन) बनाया। यही वज़ह हैवो एक IPL सीजन में सर्वाधिक डबल डिजिट स्कोर बनाने वाले खिलाड़ियोंकी खास रिकॉर्ड लिस्ट का भी हिस्सा बन गए हैं। इस लिस्ट में सबसे ऊपर सूर्यकुमार यादव, डेविड वॉर्नर और ड्वेन ब्रावो हैं। आईपीएल सीजन में सबसे ज्यादा मैचों में दोहरे अंकों का स्कोर (सिंगल डिजिट स्कोर के बिना) 16 - सूर्यकुमार यादव (2025) 16 - डेविड मिलर (2022) 16 - ड्वेन ब्रावो (2012) 15 - हेनरिक क्लासेन (2026)* ऐसा रहा मैच का हाल: आईपीएल 2026 का एलिमिनेटर मुकाबला मुल्लांपुर के PCA स्टेडियम में खेला गया था जहां राजस्थान रॉयल्स ने वैभव सूर्यवंशी (29 गेंदों पर 97 रन) और ध्रुव जुरेल (21 गेंदों पर 50 रन) की तूफानी पारियों के दम पर 243 रन स्कोर बोर्ड पर टांगे। Also Read: LIVE Cricket Score इसके जवाब में सनराइजर्स हैदराबाद की टीम 19.2 ओवर ही मैदान पर टिक पाई और 196 रन बनाकर ऑल आउट हुई। इस तरह राजस्थान ने 47 रनों के बड़े अंतर से ये मुकाबला जीता और क्वालीफायर-2 का अपना टिकट पक्का किया।

क्रिकेट न मोर 28 May 2026 11:56 am

0,0,0: Abhishek Sharma के नाम दर्ज हुआ शर्मनाक रिकॉर्ड, SRH Vs RR एलिमिनेटर मैच में भी जीरो पर हुए आउट

Abhishek Sharma Unwanted Record: इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन (IPL 2026) का एलिमिनेटर मुकाबला बीते बुधवार, 27 मई को मुल्लांपुर के PCA स्टेडियम में खेला गया था जहां राजस्थान रॉयल्स की टीम (Rajasthan Royals) ने 243 रन डिफेंड करके सनराइजर्स हैदराबाद (Sunrisers Hyderabad) को 47 रनों से धूल चटाई। गौरतलब है कि इस मुकाबले में SRH के तूफानी सलामी बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) सिर्फ दो गेंद ही मैदान पर टिक पाए और बिना कोई रन बनाए आउट होकर पवेलियन लौटे। यही वज़ह है उनके नाम एक शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। सबसे पहले ये जान लीजिए कि अभिषेक शर्मा ने साल 2025 के IPL में अपनी बैटिंग से काफी प्रभावित किया और SRH के लिए 15 मैचों में 40.21 की औसत और 204.72 की स्ट्राइक रेट से 563 रन ठोके। इस दौरान उन्होंने एक सेंचुरी और चार हाफ सेंचुरी भी लगाई। हालांकि इसी बीच वो अपनी तीन पारियों में जीरो के स्कोर पर आउट हुए। यही वज़ह है वो अब एक कैलेंडर ईयर में टी20 फॉर्मेट में सर्वाधिक बार जीरो पर आउट होने वाले भारतीय बल्लेबाज़ बन गए हैं। अभिषेक साल 2025 में अब तक 28 टी20 मैचों में कुल आठ बार जीरो पर आउट हो चुके हैं और उन्होंने रोहित शर्मा को पीछे छोड़कर ये शर्मनाक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। रोहित साल 2018 में 32 टी20 मैचों में 6 बार जीरो पर आउट हुए थे। एक कैलेंडर ईयर में T20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार जीरो पर आउट होने वाले भारतीय बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा — 8 बार (2026, 28 पारियां)* रोहित शर्मा — 6 बार (2018, 32 पारियां) संजू सैमसन — 6 बार (2024, 32 पारियां) इतना ही नहीं, ये भी जान लीजिए कि अभिषेक साल 2026 में टी20 फॉर्मेट में सर्वाधिक बार जीरो पर आउट होने वाले बल्लेबाज़ भी बन गए हैं। उनके बाद इस अनचाही रिकॉर्ड लिस्ट में ऑस्ट्रेलिया के ऑलराउंडर कूपर कोनोली हैं, जो कि 27 मैचों में पांच बार बिना खाता खोले आउट होकर पवेलियन लौटे। Also Read: LIVE Cricket Score ऐसा रहा मैच का हाल: इस मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने वैभव सूर्यवंशी (29 गेंदों पर 97 रन) और ध्रुव जुरेल (21 गेंदों पर 50 रन) की तूफानी पारियों के दम पर 243 रन स्कोर बोर्ड पर टांगे थे जिसके जवाब में सनराइजर्स हैदराबाद की टीम 19.2 ओवर ही मैदान पर टिक पाई और 196 रन बनाकर ऑल आउट हुई। इस तरह राजस्थान ने 47 रनों के बड़े अंतर से ये मुकाबला जीता और क्वालीफायर-2 का अपना टिकट पक्का किया।

क्रिकेट न मोर 28 May 2026 10:35 am

5 चौके 3 छक्के और 50 रन! Dhruv Jurel ने रचा इतिहास, एक साथ दो खास रिकॉर्ड लिस्ट में हुए शामिल

Dhruv Jurel Record: राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के विकेटकीपर बल्लेबाज़ ध्रुव जुरेल (Dhruv Jurel) ने बीते बुधवार, 27 मई को IPL 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद (Sunrisers Hyderabad) के सामने महज़ 21 गेंदों पर 5 चौके और 3 छक्के ठोककर 50 रनों की तूफानी पारी खेली। गौरतलब है कि इसी के दम पर उन्होंने इतिहास रचा और वो दो बेहद ही खास रिकॉर्ड लिस्ट में शामिल हो गए। जी हां, ऐसा ही हुआ है। सबसे पहले ये जान लीजिए कि 25 वर्षीय ध्रुव साल 2026 के IPL में अब तक 15 मैचों में 39.07 की औसत और 155.35 की स्ट्राइक रेट से 508 रन ठोक चुके हैं। ध्यान दें कि इस दौरान उन्होंने 6 अर्धशतक ठोके हैं और वो सीजन में वैभव सूर्यवंशी (680 रन) के बाद राजस्थान रॉयल्स के दूसरे सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। खास बात ये है कि आईपीएल 2026 में अपने 500 रन पूरे करते ही वो राजस्थान रॉयल्स के ऐसे सिर्फ तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं, जिसने नंबर-3 या उसके नीचे बैटिंग करते हुए 500 प्लस रन बनाने का कारनामा किया। उनसे पहले सिर्फ रियान पराग और संजू सैमसन ने ही ये रिकॉर्ड बनाया था। राजस्थान रॉयल्स के लिए एक IPL सीजन में 500+ रन बनाने वाले खिलाड़ी (नंबर 3 या उससे नीचे) रियान पराग – 573 रन (2024) संजू सैमसन – 531 रन (2024) ध्रुव जुरेल – 508 रन (2026*) इतना ही नहीं, ध्रुव जुरेल ने मौजूदा IPL सीजन में 6 हाफ सेंचुरी ठोककर, एक सीजन में राजस्थान रॉयल्स के लिए सर्वाधिक फिफ्टी प्लस रन वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में यशस्वी जायसवाल की बराबरी कर दी है। वो अब संयुक्त रूप से दूसरे पायदान पर हैं। राजस्थान रॉयल्स के लिए एक सीजन में सबसे ज्यादा फिफ्टी प्लस रन बनाने का महारिकॉर्ड जोस बटलर के नाम दर्ज है, जिन्होंने साल 2022 के सीजन में आठ बार ये कारनामा किया था। RR के लिए एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर जोस बटलर – 8 बार (2022) यशस्वी जायसवाल – 6 बार (2023) यशस्वी जायसवाल – 6 बार (2025) ध्रुव जुरेल – 6 बार (2026*) ऐसा रहा मैच का हाल: आईपीएल 2026 का एलिमिनेटर मुकाबला मुल्लांपुर के PCA स्टेडियम में खेला गया था जहां राजस्थान रॉयल्स ने वैभव सूर्यवंशी (29 गेंदों पर 97 रन) और ध्रुव जुरेल (21 गेंदों पर 50 रन) की तूफानी पारियों के दम पर 243 रन स्कोर बोर्ड पर टांगे। Also Read: LIVE Cricket Score इसके जवाब में सनराइजर्स हैदराबाद की टीम 19.2 ओवर ही मैदान पर टिक पाई और 196 रन बनाकर ऑल आउट हुई। इस तरह राजस्थान ने 47 रनों के बड़े अंतर से ये मुकाबला जीता और क्वालीफायर-2 का अपना टिकट पक्का किया।

क्रिकेट न मोर 28 May 2026 8:48 am

आईपीएल से हैदराबाद के बाहर होने के बाद पैट कमिंस ने माना, गलत समय पर विकेट गिरने से बिगड़ा मैच

New Chandigarh: आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में बुधवार को सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) को राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के खिलाफ 47 रनों से हार का सामना करना पड़ा। महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में मिली हार के साथ ही एसआरएच का टूर्नामेंट में सफर समाप्त हो गया। कप्तान पैट कमिंस ने माना कि गलत समय पर विकेट गंवाना टीम को महंगा पड़ा। एलिमिनेटर मुकाबले में मिली हार के बाद कप्तान कमिंस ने कहा, मुझे लगता है कि हम ज्यादातर समय मैच में बने हुए थे और हमने रन रेट को बरकरार रखा था। हमने शायद गलत समय पर कुछ ज्यादा ही विकेट गंवा दिए, जिसके कारण यह चेज मुश्किल हो गया, हालांकि हमने खुद को एक अच्छा मौका दिया। पिछले 3 साल में 2 बार प्लेऑफ तक पहुंचने पर कप्तान कमिंस ने खुशी जताई। उन्होंने कहा, हां, यह सही है। मुझे लगता है कि हम टॉप दो में आने से बस थोड़ा सा दूर थे। आप खिलाड़ियों से इससे ज्यादा बेहतर प्रदर्शन की और क्या ही मांग करेंगे। सभी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और बहुत अच्छी क्रिकेट खेली। एलिमिनेटर मुकाबले में मिली हार के बाद कप्तान कमिंस ने कहा, मुझे लगता है कि हम ज्यादातर समय मैच में बने हुए थे और हमने रन रेट को बरकरार रखा था। हमने शायद गलत समय पर कुछ ज्यादा ही विकेट गंवा दिए, जिसके कारण यह चेज मुश्किल हो गया, हालांकि हमने खुद को एक अच्छा मौका दिया। Also Read: LIVE Cricket Score एलिमिनेटर मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 8 विकेट खोकर स्कोरबोर्ड पर 243 रन लगाए। टीम की ओर से वैभव सूर्यवंशी ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 29 गेंदों में 97 रनों की दमदार पारी खेली। वहीं, ध्रुव जुरेल ने महज 21 गेंदों का सामना करते हुए 50 रन बनाए। 244 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए एसआरएच की पूरी टीम 196 रन बनाकर सिमट गई। सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से नीतीश कुमार रेड्डी ने सर्वाधिक 38 रन बनाए, जबकि साहिल अरोड़ा ने 35 रनों का योगदान दिया। आरआर की ओर से गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर ने 3 और नांद्रे बर्गर ने 2 विकेट चटकाए। Article Source: IANS

क्रिकेट न मोर 28 May 2026 7:46 am

NTR फैंस के लिए डबल ट्रीट: हैदराबाद में बर्थडे सेलिब्रेशन संग NTRxNeel की देखने मिलेगी पहली झलक!

'मैन ऑफ द मासेस' एन. टी. रामा राव कई सालों बाद इस बार हैदराबाद में अपना जन्मदिन मनाने के लिए बिल्कुल तैयार हैं, जो उनके फैंस और चाहने वालों के लिए इस मौके को बहुत खास बना रहा है। एक्टर, जो पिछले कुछ सालों से लगातार शूटिंग और काम में बिजी थे, आखिरकार ...

वेब दुनिया 13 May 2026 12:12 pm

पर्दे पर आएगी हैदराबाद रेप केस की सच्ची तस्वीर, दिखेगी करीना-आयुष्मान की धमाकेदार जोड़ी

सच्ची कहानियों को संजीदगी से पर्दे पर उतारना मेघना गुलजार बेहतरीन तरीके से जानते हैं. फिल्म मेकर ने दीपिका पादुकोण के साथ छपाक, इरफान खान के साथ तलवार बना चुकी हैं. अब डायरेक्टर ने अब हैदराबाद में 2019 के दौरान हुए एक जघन्य अपराध को अपनी फिल्म की कहानी के लिए चुना है.

आज तक 17 Jun 2024 6:36 pm

Lok Sabha Election 2024: SS Rajamouli दुबई से हैदराबाद पोलिंग बूथ पर वोट करने पहुंचे, किसने कहां डाला वोट

एसएस राजामौली सोमवार सुबह लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के दौरान अपना वोट डालने के लिए निकले। फिल्म निर्माता न केवल अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए हैदराबाद के मतदान केंद्रों पर तेलुगु सितारों की कतार में शामिल हुए, बल्कि उन्होंने मतदान के बाद अपनी और पत्नी राम राजामौली की एक तस्वीर भी साझा की। एसएस राजामौली का ट्वीट एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर फिल्म निर्माता ने उन परिस्थितियों का भी खुलासा किया जिनके तहत वह मतदान केंद्र पर पहुंचे। उन्होंने वोट डालने के बाद अपनी और रमा की स्याही लगी उंगलियां दिखाते हुए एक तस्वीर के साथ ट्वीट किया, “दुबई से उड़ान भरी… हवाईअड्डे से सीधे मतदान केंद्र पहुंचे, इसलिए थका हुआ लग रहा हूं… हो गया! आप? हैदराबाद में सेलेब्स ने डाला वोट चौथे चरण के लिए मतदान सोमवार सुबह 7 बजे शुरू हुआ और सभी लोकसभा क्षेत्रों में शाम 6 बजे तक जारी रहेगा। इससे पहले सोमवार को, ऑस्कर विजेता संगीतकार एमएम कीरावनी हैदराबाद के जुबली हिल्स में एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डालने के लिए निकले। वोट डालने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, ''आपको वोट देना होगा क्योंकि आप लोकतंत्र में हैं।'' उनसे पहले, दिग्गज अभिनेता चिरंजीवी ने पत्नी सुरेखा कोनिडेला के साथ लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के दौरान अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अभिनेता ने सोमवार सुबह मीडिया से बात करते हुए नागरिकों को वोट देने के लिए प्रोत्साहित किया। चिरंजीवी ने कहा, मैं लोगों से अपने वोट देने के अधिकार का प्रयोग करने का अनुरोध करता हूं। कृपया आएं और अपनी शक्ति का उपयोग करें। सिर्फ वह ही नहीं, जूनियर एनटीआर और फिल्म निर्माता तेजा भी सोमवार को तेलंगाना में मतदान केंद्र पर पहुंचे। 'मैं राजनीतिक तौर पर किसी भी पार्टी से जुड़ा नहीं हूं'- अल्लू अर्जुन इससे पहले दिन में अभिनेता अल्लू अर्जुन अपना वोट डालने के लिए हैदराबाद के मतदान केंद्र पर पहुंचे। वोट डालने के बाद मीडिया से बात करते हुए अर्जुन ने कहा, कृपया अपना वोट डालें। यह देश के सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है। आज हमारे जीवन के अगले पांच वर्षों के लिए सबसे महत्वपूर्ण दिन है। एक बड़ा मतदाता होगा। मतदान प्रतिशत, क्योंकि अधिक से अधिक लोग मतदान करने के लिए बाहर आ रहे हैं, मैं आपको बताना चाहता हूं; मैं राजनीतिक रूप से किसी भी पार्टी से जुड़ा नहीं हूं, मैं सभी पार्टियों के प्रति तटस्थ हूं।''

प्रभासाक्षी 13 May 2024 4:45 pm

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वेब दुनिया 20 Apr 2024 3:30 pm