लखनऊ की महिंगवां पुलिस और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम ने मोबाइल चोरी कर साइबर ठगी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में शुक्रवार को 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये पांचों सीतापुर के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी भीड़भाड़ वाले बाजारों और सार्वजनिक स्थानों से मोबाइल चोरी या झपटमारी करते थे। इसके बाद वे चोरी हुए मोबाइल में लगे सिम का उपयोग कर बैंक खातों से जुड़े यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग को सक्रिय करते थे। फिर खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर नकदी निकाल लेते थे और आपस में बांट लेते थे। 11 एंड्रॉयड, 3 की-पैड वाले फोन मिले पुलिस ने उनके पास से 11 एंड्रॉयड मोबाइल, 3 की-पैड मोबाइल (कुल 14 मोबाइल), 8,358 रुपए नकद, विभिन्न बैंक डेबिट कार्ड, आधार व पैन कार्ड, दो सिम कार्ड, एक स्विफ्ट डिजायर कार और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है। लखनऊ में ही रहकर की ठगी आरोपियों ने लखनऊ के ही महिंगवां क्षेत्र में लगभग 3.91 लाख रुपए और बीकेटी क्षेत्र में करीब 4.28 लाख रुपए की साइबर ठगी की वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके आपराधिक नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ आरोपियों के खिलाफ पहले भी साइबर अपराध के मामले दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपियों में सीतापुर के परेवांजाल अटरिया के राम स्वरूप (31), सुभाष उर्फ सतीश उर्फ छोटू (23) व रामू रावत (31), गोसाईंपुरवा अटरिया के पुतीलाल (36) और चंदैरा कमलापुर के अमित कुमार (25) शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और बरामद किए गए मोबाइलों के वास्तविक मालिकों की पहचान की जा रही है।
मऊगंज जिले की हनुमना थाना पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार 2.0’ के तहत अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से 29 शीशी प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप (कोरेक्स/आनरेक्स), एक पल्सर मोटरसाइकिल और एक एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किया है। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 1.37 लाख रुपये आंकी गई है। मुखबिर की सूचना पर की गई घेराबंदी थाना प्रभारी अनिल काकड़े ने बताया कि शुक्रवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक उत्तर प्रदेश के ड्रामनगंज की ओर से पल्सर बाइक पर नशीली कफ सिरप लेकर मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने डीपी होटल के पास घेराबंदी की। कुछ देर बाद संदिग्ध बाइक को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें काले बैग से 29 शीशियां कफ सिरप की बरामद हुईं। दो आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूरज शुक्ला (19) निवासी बैरिहा, थाना शाहपुर और कुलदीप मिश्रा उर्फ प्रभात (24) निवासी खटखरी, थाना शाहपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, मध्य प्रदेश ड्रग कंट्रोल एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है ताकि सप्लाई नेटवर्क का पता लगाया जा सके। अभियान लगातार जारी रहेगा पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई आईजी रीवा जोन के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार 2.0’ के तहत की गई है। हनुमना पुलिस ने कहा कि जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
पानीपत के गांव जालपाड़ में चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्होंने एक घर के भीतर सो रहे 11 सदस्यों की मौजूदगी में लाखों रुपए की चोरी की वारदात को अंजाम दे डाला। चोरों ने न सिर्फ सोने-चांदी के आभूषणों और मोबाइल फोन पर हाथ साफ किया, बल्कि घर के मंदिर में स्थापित भगवान श्री कृष्ण (कान्हा जी) की मूर्ति भी चुरा ले गए। चोरी की ये पूरी वारदात सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी देते हुए पीड़ित विकास निवासी गांव जालपाड़ ने बताया कि वह पेशे से खेतीबाड़ी करता है। बीते 24 जून की रात को वह और उसके परिवार के अन्य सदस्य रोजाना की तरह गर्मी के कारण घर के आंगन और छत पर सोए हुए थे। वारदात के वक्त घर में छोटे-बड़े मिलाकर कुल 11 सदस्य मौजूद थे और गहरी नींद में थे। चोरों ने इसी बात का फायदा उठाया और दबे पांव घर के भीतर दाखिल हो गए। 25 जून की सुबह जब परिवार के सदस्य सोकर उठे, तो उन्हें घर के कमरों का सामान पूरी तरह बिखरा हुआ मिला। सामान अस्त-व्यस्त देख परिवार के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत कीमती सामान की जांच की। सोने के आभूषण ले गए, करीब 2 लाख का नुकसान पीड़ित विकास ने बताया कि जब उन्होंने अंदर जाकर अलमारी और लॉकर चेक किया तो कमरे के भीतर रखे सोने-चांदी के आभूषण गायब थे, जिनमें एक सोने का मंगलसूत्र और चांदी की पायजेब शामिल है। इसके अलावा चोरों ने घर में रखे दो कीमती मोबाइल फोन भी चुरा लिए। चोरों ने घर के मंदिर को भी नहीं बख्शा और वहां रखी कान्हा जी की मूर्ति भी अपने साथ समेट ले गए। विकास के अनुसार, चोरों ने करीब 2 लाख रुपए के सामान पर हाथ साफ किया है। इस चोरी की घर में सो रहे 11 सदस्यों में से किसी को भी भनक तक नहीं लगी। CCTV कैमरे में कैद हुए बाइक सवार वारदात के बाद जब पीड़ित परिवार और आसपास के लोगों ने क्षेत्र में लगे CCTV कैमरों की फुटेज को खंगाला, तो उसमें दो संदिग्ध चोर नजर आए। फुटेज में साफ दिख रहा है कि एक बाइक पर सवार होकर दो चोर गली में आते हैं। इनमें से एक चोर बाइक स्टार्ट रखकर बाहर ही निगरानी के लिए खड़ा रहता है, जबकि दूसरा चोर दीवार फांदकर या दरवाजे के रास्ते घर के भीतर घुसता है और चंद मिनटों में चोरी कर बाहर आ जाता है।
33 साल की महिला और युवती लापता:दोनों घर से बिना बताए निकली; युवती का मोबाइल भी स्विच ऑफ
सीकर जिले में 33 साल की महिला और 30 साल की युवती लापता हो गई। दोनों ही घर से बिना बताए कहीं चली गई। युवती का मोबाइल भी स्विच ऑफ है। पुलिस अब दोनों की तलाश कर रही है। 30 साल की युवती के भाई ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि मेरी बहन 15 जून की रात को घर से बिना बताए कहीं चली गई। रात के समय परिवार के ज्यादातर लोग सो रहे थे। सुबह जब उठे तो पता चला कि युवती नहीं है। इसके बाद उसकी काफी तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। युवती के पास एक मोबाइल भी था। जब उस पर कॉल किया तो वह भी स्विच ऑफ था। महिला के पति ने दी शिकायत महिला (33) के पति ने पुलिस में शिकायत दी। इसमें बताया कि मेरी पत्नी 24 जून की दोपहर को घर से बिना बताए कहीं चली गई। काफी देर तक वह घर पर नहीं दिखी तो इसके बाद आस-पड़ोस और रिश्तेदारी में भी काफी ढूंढा। इसके बाद कुछ पता नहीं चल पाया।
अलवर जिले में 17 वर्षीय किशोरी लापता हो गई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। मामले में परिवार ने संभावना जताई है कि किशोरी किसी अज्ञात युवक के संपर्क में थी। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार- किशोरी 24 जून की रात करीब 9 बजे घर से किसी को बिना बताए चली गई। परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिजन थाने पहुंचे और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में यह भी बताया गया कि किशोरी किसी अज्ञात युवक से मोबाइल फोन पर बातचीत करती थी। जब उसकी मां को इसकी जानकारी हुई तो किशोरी ने मोबाइल फोन पानी की टंकी में फेंक दिया। इसके कुछ समय बाद वह घर छोड़कर चली गई। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल पाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस किशोरी की तलाश के साथ-साथ उसके मोबाइल संपर्कों और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही है।
कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा थाना में कैंसर पीड़ित युवक के साथ कुकर्म के मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। अब SIT को सिर्फ पीड़ित के री-मेडिकल और आरोपी पुलिसकर्मियों की मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है। आज रिपोर्ट आने की संभावना है। रिपोर्ट मिलते ही SIT मामले में अगली कार्रवाई करेगी। रिपोर्ट के बाद केस में बड़ा फैसला लिया जा सकता है। इधर, जांच के बीच एक CCTV फुटेज भी सामने आया है। यह फुटेज 18 जून का और अस्पताल का बताया जा रहा है। फुटेज में पीड़ित युवक अस्पताल के अंदर नॉर्मल दिख रहा है। हाथ पर नहीं कोई चोट पीड़ित युवक के हाथ पर भी कोई साफ चोट नजर नहीं आती। फुटेज में युवक अस्पताल परिसर में अकेला घूम रहा है। उधर, सूत्रों के मुताबिक, SIT ने पीड़ित का मोबाइल कब्जे में लेकर साइबर सेल की मदद से उसका डेटा खंगाला है। जांच के दौरान मोबाइल से कई अहम टेक्निकल इनपुट और डिजिटल सबूत मिले हैं। कल DSP बोले- टेक्निकल जांच कर रहे इन्हीं तथ्यों के आधार पर SIT जांच को आगे बढ़ा रही है। DSP निर्मल सिंह ने कल दावा कि SIT जांच में टेक्निकल तथ्य पर सबसे ज्यादा फोकस कर रही है। थाना परिसर की CCTV फुटेज भी टीम के कब्जे में है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से कॉल डिटेल, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड का भी मिलान किया जा रहा है। पीड़ित और आरोपी पक्ष से पूछताछ पूरी SIT पीड़ित युवक के बयान पहले ही दर्ज कर चुकी है। मामले में सस्पेंड ASI संजीव कुमार, ASI राजेंद्र कुमार और होमगार्ड जवान सुमित से भी पूछताछ हो चुकी है। मारपीट और गाली-गलौज के आरोप में दोनों ASI और होमगार्ड के खिलाफ पहले ही अलग केस दर्ज किया जा चुका है। DSP बोले- मेडिकल रिपोर्ट पेंडिंग SIT के इंचार्ज DSP लाडवा निर्मल सिंह ने बताया कि जांच पूरी निष्पक्षता से की जा रही है। टीम लगातार तथ्य जुटा रही है। पीड़ित का री-मेडिकल कराया जा चुका है, जबकि आरोपी पुलिसकर्मियों का भी मेडिकल हो चुका है। अब मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट मिलते ही जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बीमारी बताई, फिर भी नहीं बख्शा पीड़ित युवक का आरोप है कि उसे 17 जून को जबरन लाडवा थाना लाया गया। वहां पहले कई घंटे बैठाकर रखा गया और बाद में रात के समय कमरा नंबर-4 में ले जाकर उसके साथ मारपीट की गई। युवक का आरोप है कि दो ASI और एक होमगार्ड जवान ने उसके कपड़े उतरवाकर उसके साथ कुकर्म किया। आरोप- कैंसर वाली जगह पर जूते से रगड़ा युवक का कहना है कि उसने पुलिसकर्मियों को बताया था कि वह कैंसर का मरीज है और उसकी टांग में गंभीर दिक्कत है। इसके बावजूद आरोपियों ने कैंसर प्रभावित हिस्से पर जूते से रगड़ा। युवक ने यह भी आरोप लगाया कि कीमोथेरेपी के कारण टांगों के बाल झड़ने पर पुलिसकर्मियों ने आपत्तिजनक टिप्पणी की और उसके बाद उसके साथ गलत हरकत की।
नीट सॉल्वर गैंग के गिरफ्तार मास्टरमाइंड अर्पित सिंह और सॉल्वर विवेक कुमार के मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्यों ने जांच एजेंसियों को कई अहम सुराग दिए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि गिरोह का नेटवर्क केवल बिहार तक सीमित नहीं था, बल्कि झारखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत कम-से-कम पांच राज्यों तक फैला हुआ था। मोबाइल फोन से मिले नंबरों, कॉल रिकॉर्ड और चैट के आधार पर जांच एजेंसियां नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान में जुटी हैं। इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर जिले के 14 परीक्षार्थी जांच एजेंसियों के रडार पर आ गए हैं। एजेंसियां इन छात्रों के परीक्षा रिकॉर्ड, संपर्क सूत्रों और अन्य गतिविधियों की गहन जांच कर रही हैं। साथ ही उनके अभिभावकों, स्थानीय कोचिंग संस्थानों, बिचौलियों और कथित एजेंटों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में अर्पित सिंह और विवेक कुमार ने स्वीकार किया है कि नीट परीक्षा से पहले उनके गिरोह ने 200 से अधिक परीक्षार्थियों से संपर्क साधा था। अभिभावकों की भूमिका की भी हो रही जांच मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल और चैट रिकॉर्ड की जांच में भी इस बात के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि अभ्यर्थियों तक पहुंचने और सौदेबाजी कराने में किन लोगों ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। जांच के दौरान कुछ कोचिंग संस्थानों और उनसे जुड़े व्यक्तियों की गतिविधियां भी संदेह के घेरे में आई हैं। एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि परीक्षा में सेटिंग कराने या अनुचित लाभ दिलाने के लिए किसी संगठित नेटवर्क का इस्तेमाल तो नहीं किया गया। जरूरत पड़ने पर कोचिंग संचालकों, एजेंटों और अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ की जा सकती है। एजेंसियां इस पहलू की भी जांच कर रही हैं कि गड़बड़ी में अभिभावकों की कोई भूमिका थी या नहीं। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर कई अन्य लोगों को भी नोटिस जारी किए जाने की संभावना जताई जा रही है। बैंक खाते, यूपीआई और डिलीट चैट की हो रही जांच रडार पर आए 14 परीक्षार्थियों के कॉल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री, परीक्षा परिणाम और वित्तीय लेन-देन की बारीकी से जांच की जा रही है। एजेंसियां बैंक खातों, यूपीआई ट्रांजेक्शन और अन्य भुगतान माध्यमों का विश्लेषण कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि परीक्षा में अनुचित लाभ दिलाने के लिए किसी प्रकार का आर्थिक लेन-देन हुआ था या नहीं। जब्त मोबाइल फोन से डिलीट किए गए डेटा और चैट को भी रिकवर किया जा रहा है। जांच अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल साक्ष्यों से इस नेटवर्क से जुड़े कई नए नाम सामने आ सकते हैं। यदि जांच में ठोस प्रमाण मिलते हैं तो संबंधित परीक्षार्थियों, बिचौलियों, एजेंटों और अन्य आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टरों से कहा कि वे हेल्थ इंडिकेटर को लेकर लापरवाह हैं। शिवम (इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा) एसीएस (अशोक वर्णवाल) आपको बार-बार बता रहे हैं। आपने यूपीएससी में टॉप किया होगा और इंटेलीजेंट भी होंगे, लेकिन जो एसीएस बताना चाहते हैं वो सुनो। मोबाइल देखकर आंकड़े गिना रहे हो। एएनएम और आशा कार्यकर्ता घर पर भी तो बैठकर आंकड़े भर सकते हैं। क्रॉस चैक कौन करेगा। मुख्य सचिव गुरुवार को कलेक्टर-कमिश्नर व एसपी कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे। इसमें हेल्थ इंडिकेटर के साथ कानून व्यवस्था और अन्य मुद्दों पर बात हुई। डीजीपी कैलाश मकवाना भी कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहे। मीटिंग में वर्णवाल ने भी सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल के जवाब से नाराज होते हुए कहा कि आपके यहां यदि 100 गर्भवती महिलाएं हैं तो 25% को ही दवा मिल रही है। बैनल ने सफाई दी कि इसे दिखवाता हूं। सीएस ने कहा, सवाल सुन नहीं रहे और कुछ भी आंकड़े बताए जा रहे हैं। सीएस ने कानून व्यवस्था को लेकर कहा कि बीएनएस के तहत काम करने में मध्य प्रदेश टॉप राज्यों में था, लेकिन अब 22वें नंबर पर पहुंच गया है। नजर क्या हटी, टॉप से नीचे आ गए। यदि चार्जशीट या अन्य काम के लिए कोई वक्त तय है तो उससे 15 दिन पहले काम करने का टार्गेट लेकर चलोगे तो काम समय पर हो जाएगा। स्कूल और कॉलेज के आसपास ड्रग फ्री जोन कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि साइबर फ्रॉड जैसी घटनाएं रोकें। शैक्षणिक संस्थानों के आसपास के क्षेत्र को ड्रग फ्री जोन बनाया जाए। पाक्सो एक्ट के तहत एक माह में चार्जशीट पेश हो। विस्फोटक अधिनियम की शर्तों का शत-प्रतिशत पालन किया जाए। अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर सख्त कार्यवाही की जाए।
डंडे मारकर ट्रेन यात्रियों से मोबाइल लूटने वाला काबू, 7 फोन बरामद
डंडे मारकर रेल यात्रियों से मोबाइल लूटने वाले एक चोर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी के 7 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह कार्रवाई थाना डिवीजन नंबर-1 के मुख्य अफसर इंस्पेक्टर परमवीर सिंह की टीम द्वारा आरपीएफ के इंस्पेक्टर युद्धवीर सिंह और उनकी टीम के साथ मिलकर चलाए गए एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान की गई। पुलिस के अनुसार 22 जून 2026 को चेकिंग के दौरान शिव कुमार उर्फ शिब्बू को काबू किया गया। तलाशी लेने पर उसके पास से चोरी के 4 मोबाइल फोन बरामद हुए। आरोपी रेलवे स्टेशन लुधियाना, रेलवे लाइनों और घंटा घर चौक के पास मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देने का आदी है। चलती ट्रेन में दरवाजे पर खड़े होकर बात कर रहे यात्रियों को डंडे मारकर आरोपी मोबाइल लूट लेता था। पूछताछ के लिए पुलिस ने आरोपी का दो दिन का रिमांड हासिल किया था। रिमांड के दौरान सख्ती से की गई पूछताछ के बाद 24 जून 2026 को आरोपी की निशानदेही पर अलग-अलग कंपनियों के 3 और चोरीशुदा मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस अब तक आरोपी से कुल 7 मोबाइल बरामद कर चुकी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले भी विभिन्न धाराओं के तहत 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी पर पहले से दर्ज हैं पांच मामले
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने एक बार फिर कलेक्टरों की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि हो सकता है आप लोग ज्यादा पढ़े-लिखे हों, लेकिन विषय का ज्ञान होना जरूरी है। जिस विषय पर चर्चा हो रही है, उस पर फोकस होना चाहिए। जब वरिष्ठ अधिकारी बात कर रहे हों तो मोबाइल फोन या तो दूर रख दें या बंद कर दें, ताकि विषय की गंभीरता को समझा जा सके। सीएस जैन ने यह नाराजगी गुरुवार को कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में प्राथमिकताओं की समीक्षा के दौरान जताई। दरअसल, इंदौर में हुए एक कार्य की सराहना करते हुए वे अन्य कलेक्टरों को उससे सीख लेने की बात कह रहे थे। इसी दौरान उन्होंने इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा से संबंधित विषय पर विस्तार से जानकारी मांगी, लेकिन कलेक्टर वर्मा स्लाइड में दी गई जानकारी से अलग बात बताने लगे। इस पर मुख्य सचिव ने कहा कि जानकारी में कुछ और लिखा है और आप कुछ और बता रहे हैं। उन्होंने सभी कलेक्टरों से कहा कि आजकल कलेक्टरों को सब्जेक्ट का ज्ञान ही नहीं रहता। हो सकता है कि आप हम लोगों से ज्यादा पढ़े-लिखे हों और बड़े एग्जाम पास किए हों, लेकिन विषय पर फोकस करना जरूरी है। बैठक में डीजीपी कैलाश मकवाना भी मौजूद थे, जबकि जिलों में कलेक्टर, एसपी, संभागायुक्त और आईजी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे। निवेश आकर्षित करने पर भी करें काम मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा कि मास्टर प्लान तैयार करने के साथ औद्योगिकीकरण और निवेश आकर्षित करने पर भी काम किया जाए। उन्होंने सीएम गतिशक्ति पोर्टल पर निर्माण कार्यों और परियोजनाओं की प्रगति नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए। सांदीपनि विद्यालय भवन बनने के बाद खाली हुए स्कूल भवनों में आयुष वेलनेस सेंटर, उप स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी संचालित करने पर भी जोर दिया। पॉक्सो मामलों में एक माह में चार्जशीट का लक्ष्य कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान एसडीएम-एसडीओपी और डीएम-एसपी को संयुक्त भ्रमण करने के निर्देश दिए गए। डीजीपी कैलाश मकवाना ने पॉक्सो एक्ट के मामलों में एक माह के भीतर चार्जशीट पेश करने का लक्ष्य रखने, शिक्षण संस्थानों के आसपास ड्रग फ्री जोन बनाने और साइबर अपराध रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। सीएम हेल्पलाइन से मिलेगा बेसिक सुशासन मुख्य सचिव ने लोक सेवा गारंटी और सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों के निराकरण में सुधार पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी के माध्यम से आमजन को बेसिक सुशासन दिया जा सकता है। नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और भू-अधिग्रहण के मामलों का समय पर निराकरण करने के निर्देश भी दिए। स्वास्थ्य और पेयजल पर विशेष फोकस मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित समीक्षा करने, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के प्रयास तेज करने तथा कुपोषित बच्चों को उपचार और पोषण उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता जांच गंभीरता से कराने और आगामी दस्तक व स्टॉप डायरिया अभियान की तैयारी अभी से शुरू करने के निर्देश दिए। नल-जल योजना के लिए समिति बनाएं जिलों में एकल नल-जल योजनाओं के संचालन के लिए मापदंडों के अनुरूप समितियां गठित करने के निर्देश दिए गए। मानसून में देरी को देखते हुए पेयजल उपलब्धता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। स्कूलों में 100% प्रवेश सुनिश्चित करें मुख्य सचिव ने स्कूल जाने योग्य सभी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने, ड्रॉपआउट बच्चों की पुनः स्कूल वापसी कराने और प्रत्येक विद्यार्थी की अपार आईडी बनाने के निर्देश दिए। कमर्शियल एलपीजी पर सीलिंग खत्म बैठक में बताया गया कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों पर पूर्व में लगाई गई सीलिंग हटा दी गई है। मुख्य सचिव ने शहरों में पीएनजी कनेक्शन देने के कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए। पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण की समीक्षा करते हुए बताया गया कि प्रदेश में अब तक 18 लाख से अधिक पांडुलिपियां डिजिटलीकृत की जा चुकी हैं। श्रम योगी मानधन योजना में प्रदेश अव्वल मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में मध्यप्रदेश के देश में प्रथम स्थान पर आने पर कलेक्टरों की सराहना की। बैठक में डॉग बाइट मामलों की समीक्षा करते हुए सभी 55 जिलों में न्यूनतम एक-एक एबीसी सेंटर स्थापित करने और पशु आश्रय स्थल विकसित करने के निर्देश भी दिए।
सहरसा सदर थाना पुलिस ने रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर चाकू दिखाकर मोबाइल छीनने के आरोप में दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से छीना गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। इस मामले में सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। सहरसा सदर थाना अध्यक्ष ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की है। यह घटना बीते 23 जून को हुई थी। पुलिस के अनुसार, पूर्णिया जिले के नगर थाना क्षेत्र के चम्पानगर नर्सरी टोला (वार्ड नंबर-08) निवासी प्रमानंद विश्वास (पिता: भूपेंद्र विश्वास) सहरसा रेलवे स्टेशन से बाहर निकल रहे थे। तभी एक युवक ने उन्हें घेर लिया और चाकू दिखाकर उनका मोबाइल फोन छीनने का प्रयास किया। मोबाइल छीने जाने के बाद पीड़ित प्रमानंद विश्वास ने शोर मचाया। शोर सुनकर आसपास के स्थानीय लोगों और मौके पर मौजूद पुलिस बल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भाग रहे युवक को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से छीना गया मोबाइल फोन बरामद कर जब्त कर लिया गया। पूछताछ में पकड़े गए युवक की पहचान सहरसा के बटराहा (वार्ड नंबर-36) निवासी विवेक कुमार (पिता: सम्मर पासवान) के रूप में हुई। विवेक कुमार से कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपने एक साथी की संलिप्तता स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर सदर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसके सहयोगी गोरख कुमार पासवान (पिता: स्वर्गीय मोहन पासवान, निवासी: बटराहा, वार्ड नंबर-36, सहरसा) को भी गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में सहरसा सदर थाना में कांड संख्या 730/2026 दर्ज किया गया है। यह प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(4) और 317 के तहत दर्ज की गई है, और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
कबीरधाम में 5.5 किलो गांजा बरामद:एक तस्कर गिरफ्तार, 3.52 लाख रुपए का गांजा, बाइक और मोबाइल जब्त
कबीरधाम पुलिस ने जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 किलो 579 ग्राम गांजा जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। थाना पिपरिया और साइबर थाना कबीरधाम की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई करते हुए करीब 3 लाख 52 हजार रुपये मूल्य का मादक पदार्थ, बाइक और मोबाइल जब्त किया है। पुलिस के अनुसार, 24 जून को थाना पिपरिया को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति मोटरसाइकिल से गांजा लेकर बिक्री के लिए जा रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पिपरिया और साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित कर कार्रवाई की गई। भारत माता चौक में घेराबंदी कर पकड़ा आरोपी पुलिस टीम ने भारत माता चौक पिपरिया में घेराबंदी कर संदिग्ध बाइक सवार को रोककर पूछताछ की। पूछताछ में उसने अपना नाम हुकमी चंद चंद्रवंशी निवासी ग्राम कान्हाभैरा बताया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 5 किलो 579 ग्राम गांजा बरामद हुआ। गांजा, बाइक और मोबाइल जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी से 2 लाख 75 हजार रुपये मूल्य का गांजा, 65 हजार रुपये की मोटरसाइकिल और 12 हजार रुपये का मोबाइल फोन जब्त किया। कुल जब्ती की कीमत लगभग 3 लाख 52 हजार रुपये आंकी गई है। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज पुलिस ने आरोपी हुकमी चंद चंद्रवंशी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। सप्लायर की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस अब आरोपी को गांजा उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। मामले की विस्तृत जांच जारी है और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। नशा कारोबारियों पर जारी रहेगी सख्त कार्रवाई मुख्यालय कवर्धा के डीएसपी आशीष शुक्ला ने कहा कि कबीरधाम पुलिस जिले में नशे का कारोबार करने वालों और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले तत्वों के खिलाफ लगातार कठोर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
दुर्ग जिले में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पिछले दो दिनों में जिले में चोरी के कुल 14 मामले सामने आए हैं, लेकिन अब तक सिर्फ एक मामले में ही आरोपी को गिरफ्तार किया जा सका है। सबसे बड़ी वारदात मोहन नगर थाना क्षेत्र के गुरुद्वारा रोड स्थित एवन इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान में हुई। यहां चोरों ने शटर मोड़कर दुकान में घुसकर लाखों रुपए के मोबाइल फोन और 65 हजार रुपए नकद चुरा लिए। मोहन नगर थाना क्षेत्र में हुई एवन इलेक्ट्रॉनिक्स की चोरी सबसे बड़ी वारदात मानी जा रही है। दुकान के मैनेजर करन पंजवानी के अनुसार वे 24 जून की रात करीब 10 बजे रोज की तरह दुकान बंद कर घर चले गए थे। अगले दिन सुबह स्टाफ ने दुकान खोली तो चोरी का पता चला। सूचना मिलने पर वे मौके पर पहुंचे। जांच में सामने आया कि अज्ञात चोर दुकान का शटर मोड़कर अंदर घुसे और आईफोन, ओप्पो, वीवो, गूगल पिक्सल, सैमसंग और मोटोरोला जैसी कंपनियों के कई मोबाइल फोन चोरी कर ले गए। इसके अलावा गल्ले में रखे 65 हजार रुपए नकद भी गायब थे। चोरी गए सामान की कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है। दो दिन में तीन चोरी के मामले दर्ज एवन इलेक्ट्रॉनिक्स की घटना के अलावा मोहन नगर थाना क्षेत्र में तीन और चोरी के मामले दर्ज हुए हैं। उरला के श्रीनगर निवासी रानी सोनी के घर का ताला तोड़कर चोर सोने-चांदी के जेवर और 4 हजार रुपए नकद ले गए। वहीं अग्रसेन चौक स्थित बॉम्बे सेल कपड़ा दुकान में पीछे का दरवाजा तोड़कर सीसीटीवी कैमरा, बिलिंग मशीन, स्वाइप मशीन, मोबाइल और नकदी चोरी कर ली गई। हालांकि मोहन नगर पुलिस को एक मामले में सफलता मिली है। उरला से चोरी हुई केटीएम बाइक के मामले में पुलिस ने 19 वर्षीय आरोपी यशवंत बंजारे को गिरफ्तार कर चोरी की बाइक बरामद कर ली है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। अन्य क्षेत्रों में भी चोरी के मामले बढ़े जिले के अन्य थाना क्षेत्रों में भी चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। खुर्सीपार में घर के बाहर खड़ी स्प्लेंडर बाइक चोरी हो गई। पुरानी भिलाई में बस कंडक्टर की सीडी डिलक्स बाइक मंदिर के सामने से पार कर दी गई। नेवई में दवा लेने गए रिटायर्ड बीएसपी कर्मचारी की स्कूटी चोरी हो गई। सुपेला में अस्पताल के बाहर खड़ी बाइक चोर ले उड़े। उप स्वास्थ्य केंद्र में भी चोरी कुम्हारी थाना क्षेत्र के कुगदा उप स्वास्थ्य केंद्र में भी चोरी की घटना हुई है। यहां चोरों ने बाउंड्रीवाल फांदकर सोलर रूम में प्रवेश किया और करीब 40 मीटर केबल काटकर ले गए। इतना ही नहीं, सीसीटीवी कैमरे का कनेक्शन भी काट दिया ताकि उनकी गतिविधियां रिकॉर्ड न हो सकें। दो दिनों के भीतर जिले में चोरी के कुल 14 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें मोहन नगर में 4, सुपेला में 2, खुर्सीपार, पुरानी भिलाई, नेवई और कुम्हारी में एक-एक मामले सामने आए हैं। इसके अलावा जामुल थाना क्षेत्र में दो तथा पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में भी दो चोरी की शिकायतें दर्ज की गई हैं।
रियल एस्टेट बिजनेस के डायरेक्टर केतन अग्रवाल की मौत कोई महज हादसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। जिसे पहले लोहागढ़ किले पर फोटो खिंचवाने के दौरान 'पैर फिसलने से हुई दुर्घटना' बताया गया था, उसका सच अब सामने आ चुका है। मंगेतर सिया गोयल के झूठ का पर्दाफाश तब हुआ जब पुलिस ने उसके मोबाइल की गहन जांच की और उसमें घटना वाली कोई भी तस्वीर नहीं मिली। 400 फीट गहरी खाई में केतन को धक्का देने वाली सिया और उसके साथी चेतन चौधरी की साजिश का खुलासा किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है।मंगेतर का बदलता बयान और पुलिस का शककेतन की मौत के बाद उसकी मंगेतर सिया गोयल ने पुलिस के सामने कहानी गढ़ी कि फोटो खींचते समय उनका पैर फिसल गया। लेकिन सिया के बार-बार बदलते बयानों ने पुलिस के संदेह को पक्का कर दिया। कभी उसने कहा कि वह गिर गए, तो कभी दावा किया कि पानी की बोतल देते समय वे खाई में जा गिरे। इंस्पेक्टर दिनेश तायडे के अनुसार, सिया के बयानों में लगातार विरोधाभास था, जिसके बाद पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए तकनीकी जांच शुरू की।सीसीटीव्ही फुटेज से खुला साजिश का 'चेहरा'इस हत्याकांड में सबसे बड़ा सुराग लोहागढ़ किले के सीसीटीवी फुटेज से मिला। फुटेज में एक नकाबपोश व्यक्ति (चेतन चौधरी) को दंपति का पीछा करते हुए देखा गया। जांच में पता चला कि आरोपी चेतन ने अपनी पहचान छिपाने के लिए हुडी पहनी थी और वह टिकट काउंटर के पास से ऐसे गुजरा जैसे उसे किसी की परवाह न हो। किले के गार्ड ने भी बताया कि उसने प्रवेश के समय यह कहकर झूठ बोला था कि वह व्यायाम करने आया है, और उसने किले की चढ़ाई-उतराई मात्र 50 मिनट में पूरी कर ली, जो कि किसी भी सामान्य पर्यटक के लिए नामुमकिन है।हत्या की पटकथा पहले से थी तैयारपुलिस उपाधीक्षक गजानन के मुताबिक, हत्या की योजना कई दिनों से बन रही थी। आरोपी सिया गोयल और उसका साथी चेतन चौधरी इस वारदात को अंजाम देने के लिए पूरी तरह तैयार थे। इससे पहले, सिया ने केतन का पासपोर्ट फाड़कर उसे टॉयलेट में फेंक दिया था ताकि केतन की प्रस्तावित 'बाली प्री-वेडिंग ट्रिप' कैंसिल हो जाए, क्योंकि केतन इस यात्रा के खिलाफ था। जब मंगेतर और उसके साथी ने सुनसान जगह पाकर केतन को 400 फीट गहरी खाई में धक्का दिया, तो उन्हें लगा था कि वे पुलिस को आसानी से गुमराह कर लेंगे, लेकिन सीसीटीवी और डिजिटल साक्ष्यों ने उनकी पूरी कहानी को मिट्टी में मिला दिया। केतन के परिवार की शिकायत ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज कराकर न्याय की उम्मीद जगा दी है।
जालंधर के डाकखाना दाना मंडी स्थित आयुष औषधि केंद्र से एक व्यक्ति मोबाइल चुराकर फरार हो गया। यह घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। इस मामले में थाना 2 में शिकायत की गई है। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि व्यक्ति दुकान पर दवा लेने आया था। दुकानदार अमित कुमार के अनुसार, यह व्यक्ति उनका पुराना ग्राहक है। वह काउंटर से फोन लेकर फरार हो गया। एक अन्य सीसीटीवी फुटेज में आरोपी एक्टिवा पर जाते हुए भी दिखा है। अमित कुमार ने बताया कि 65 वर्षीय ग्राहक ने उनका फोन चुराया। घटना के बाद उन्होंने देर शाम तक उसे फोन किया, लेकिन उसने फोन बंद कर दिया। इसके बाद अमित ने थाना 2 में शिकायत दर्ज कराने के लिए पहुंचे। पुलिस ने उन्हें 25 जून को आने के लिए कहा। पीड़ित आज दोबारा थाना 2 पहुंचा, तो मुंशी ने बताया कि ड्यूटी अधिकारी थाने में नहीं हैं और शिकायत दर्ज कराने के लिए 2 दिन बाद आने को कहा। पीड़ित ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई अमित कुमार ने कहा कि वह आज ही एफआईआर दर्ज कराकर उसकी कॉपी लेना चाहते थे। उन्होंने आशंका जताई कि दो दिन की देरी से आरोपी फोन कहीं भी ले जा सकता है। पीड़ित ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
लुधियाना में रेलवे यात्रियों को निशाना बनाकर मोबाइल झपटने वाले गैंग के खिलाफ आरपीएफ और थाना कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त अभियान के दौरान पुलिस ने गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 7 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपी ट्रेन के आउटर पर धीमी होने का फायदा उठाकर अपने साथियों के साथ वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस अब आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल करेगी ताकि गैंग के अन्य सदस्यों और चोरी के मोबाइल खरीदने वालों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। डंडा मारकर मोबाइल खींचते थे बदमाश जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान शिव कुमार उर्फ शिबू के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि गैंग के सदस्य रेलवे लाइन के आउटर पर ट्रेन के धीमा होने का इंतजार करते थे। जैसे ही कोई यात्री ट्रेन के दरवाजे पर खड़ा दिखाई देता, आरोपी डंडे की मदद से उसके हाथ से मोबाइल फोन छीन लेते और मौके से फरार हो जाते थे। 7 मोबाइल झपटमार से मिले एडीसीपी समीर वर्मा ने बताया कि रेलवे यात्रियों से मोबाइल झपटने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर आरपीएफ और थाना कोतवाली पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान शिव कुमार उर्फ शिबू को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अलग-अलग कंपनियों के 7 मोबाइल बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ वर्ष 2017 से लूटपाट और अन्य आपराधिक मामलों के 5 केस दर्ज हैं। एडीसीपी ने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा। पूछताछ के दौरान उसके अन्य साथियों और चोरी किए गए मोबाइल खरीदने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। पुलिस गैंग के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है। 24 दिन पहले हुई वारदातकरीब 24 दिन पहले ढंडारी रेलवे स्टेशन के नजदीक बिहार के घगरिया निवासी सुमित ट्रेन में दरवाजे पर खड़ा था। तभी ट्रेन के बाहर खड़े एक बदमाश ने डंडा मार कर मोबाइल खींच लिया। यात्री ने झपटमार का पीछा करने के लिए चलती गाड़ी से छलांग लगा दी लेकिन बदमाश भाग गया था। यात्री के दाहिने हाथ के बाजू की हड्डी टूट गई थी, जबकि माथे पर गहरी चोट आने के कारण करीब 6 टांके लगाने पड़े थे।
अमृतसर ग्रामीण के थाना चाटीविंड पुलिस ने वसूली और धमकी देने वाले स्थानीय गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह लोग क्षेत्र के व्यापारियों और दुकानदारों को फोन कर रंगदारी की मांग करते थे। पुलिस ने आरोपियों से वह मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसका उपयोग धमकियां देने और फिरौती मांगने के लिए किया जा रहा था। थाना प्रभारी हरचंद सिंह संधू ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपियों में सुखदेव सिंह समेत दो सदस्य शामिल हैं। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि यह गैंग लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय था और व्यापारियों को डराकर पैसे वसूलने की कोशिश करता था। व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बाहर करते थे फायरिंग पुलिस के अनुसार, यदि कोई व्यापारी पैसे देने से इनकार करता था तो उसे जान से मारने की धमकी दी जाती थी। इतना ही नहीं, दहशत फैलाने के लिए गैंग के सदस्य दुकानों, घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बाहर फायरिंग भी करते थे, जिससे इलाके में भय का माहौल बना हुआ था। बाकी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का दावा पुलिस ने बताया कि इस गैंग में कुल पांच सदस्य शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों के अलावा विशाल, शमशेर और हरप्रीत उर्फ हैप्पी की तलाश जारी है। पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। रिमांड पर लेकर होगी पूछताछ फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लिया गया है, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान गैंग की अन्य वारदातों, नेटवर्क और हथियारों के स्रोत के बारे में महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। शमशेर सिंह के पास हथियार होने की जानकारी जांच टीम यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या इस गैंग के संबंध किसी बड़े आपराधिक गिरोह या संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। शमशेर सिंह के पास हथियार होने की भी जानकारी सामने आई है, जिसकी पुष्टि की जा रही है।
हिसार जिला पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना अग्रोहा पुलिस ने मोबाइल चोरी के एक मामले में सफलता हासिल करते हुए एक आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी किया गया मोबाइल फोन बरामद किया है। थाना प्रभारी निरीक्षक ईश्वर सिंह ने बताया कि 20 अप्रैल 2026 को अग्रोहा निवासी संजय ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसके घर से अज्ञात व्यक्ति उसका मोबाइल फोन चोरी कर ले गया है। शिकायत के आधार पर थाना अग्रोहा में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। प्रोडक्शन वारंट पर लेकर की गई पूछताछ जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर शिव कॉलोनी, अग्रोहा निवासी रवि उर्फ राणा को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर चोरी किया गया मोबाइल फोन बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी किसी अन्य आपराधिक वारदात में तो शामिल नहीं रहा है। हिसार पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा अपराध संबंधी जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
युवक से मारपीट कर ~25 हजार और मोबाइल लूटा
जयपुर | खोरा बीसल इलाके में बाइक सवार बदमाशों ने जलोई पेट्रोल पंप के पास एक युवक से मारपीट कर 25 हजार रुपए और मोबाइल लूट लिया। पीड़ित सिण्डोलाई निवासी सत्यनारायण गुर्जर ने खोरा बीसल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह डीजल लेने पंप पर गए थे। इस दौरान बाइक सवार दो बदमाशों ने रुकवाया और मारपीट की। बदमाशों ने पीड़ित की बाइक तोड़ दी और 25 हजार रुपए व मोबाइल लेकर भाग गए। पुलिस कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
हजरतगंज में मोबाइल दुकानदार पर पिस्टल तानी:सीने पर वार कर दी धमकी, CCTV में कैद हुई वारदात
लखनऊ के हजरतगंज स्थित श्रीराम टावर में बुधवार रात एक युवक ने मोबाइल दुकानदार पर पिस्टल तान दी और जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि युवक ने पिस्टल से दुकानदार पर फायर भी कर दिया, लेकिन वो बच गया। हालांकि धक्का-मुक्की में उसे चोट आई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। महबूबगंज सहादतगंज निवासी काविश अदित श्रीराम टावर में अर्जुन गुप्ता के साथ पार्टनरशिप में मोबाइल वाला नाम से दुकान चलाते हैं। उन्होंने बताया दुकान पर बुधवार रात करीब 9:54 बजे एक युवक मोबाइल फोन लेने पहुंचा था। किसी बात को लेकर उसकी दुकानदार से कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर युवक ने पिस्टल निकालकर दुकानदार को धमकाना शुरू कर दिया। पीड़ित दुकानदार का आरोप है कि युवक ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और पिस्टल से फायर कर दिया। किसी तरह खुद को बचाते हुए विरोध किया तो उसने पिस्टल से सीने पर वार कर दिया, जिससे चोट लग गई। CCTV में कैद हुई पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। शोर-शराबा सुनकर आसपास के दुकानदार और लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों को आता देख आरोपी वहां से फरार हो गया।घटना के बाद व्यापारियों में आक्रोश फैल गया। देर रात बड़ी संख्या में व्यापारी हजरतगंज कोतवाली पहुंचे और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।पुलिस के मुताबिक दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान की गई है। जिसके आधार पर डालीगंज निवासी विवेक सिंह को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस ने गुम हुए 8 लाख रुपए के मोबाइल लौटाए:उज्जैन में 27 मोबाइल और 1 टैबलेट को उनके मालिक को सौंपा
उज्जैन की नीलगंगा थाना क्षेत्र से चोरी या गुम हुए मोबाइल को ट्रेस कर उनके मालिक तक पहुंचाने का पुलिस ने किया है। अपने मोबाइल पर मिलने लोगो ने पुलिस का आभार भी माना है। इससे पहले भी कई बार पुलिस गुम हुए मोबाइल को उनके मालिक को सौंप चुकी है। सेफ क्लिक 2.0 अभियान को मिली बड़ी सफलता में पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से लगभग 8 लाख रुपए मूल्य के 27 मोबाइल फोन एवं 1 टैबलेट को बरामद किया है। नीलगंगा थाना पुलिस ने CSP दीपिका शिंदे एवं थाना प्रभारी तरुण करील पोर्टल की सहायता से मिले 27 मोबाइल फोन एवं 1 टैबलेट को सफलतापूर्वक ट्रैक कर बरामद कर उनके मालिक को सौप दिया। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर नागरिकों ने उज्जैन पुलिस के प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। उज्जैन पुलिस द्वारा “Safe Click 2.0” जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से नागरिकों को साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग तथा मोबाइल गुम होने की स्थिति में CEIR पोर्टल के उपयोग संबंधी जानकारी प्रदान की जा रही है।
अमेठी में एक अस्पताल के बाहर से बाइक चोरी का मामला सामने आया है। यहां अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजनों को खाना देने गए एक बुजुर्ग की मोटरसाइकिल पलक झपकते ही चोर लेकर फरार हो गया। चोरी की यह पूरी वारदात अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। यह घटना मंगलवार शाम की है। मोहनगंज थाना क्षेत्र के अगौना गांव निवासी राकेश कुमार अपने बेटे विजय कुमार के परिवार के सदस्यों को खाना देने जायस कस्बे के चंदा हॉस्पिटल गए थे। विजय कुमार के एक महीने के बेटे का पिछले पांच दिनों से अस्पताल के आईसीयू में इलाज चल रहा है। राकेश कुमार जैसे ही खाना देकर बाहर निकले, उनकी बाइक गायब थी। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि एक चोर उनकी बाइक ले गया है। वीडियो में चोर पहले काफी देर तक मोबाइल पर बात करता नजर आ रहा है, जिसके बाद वह मोटरसाइकिल लेकर फरार हो जाता है। राकेश कुमार ने उसी रात थाने में शिकायत की, लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली। बुधवार सुबह उनके बेटे विजय कुमार ने भी बाइक चोरी की लिखित शिकायत की। पीड़ित का आरोप है कि 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है और न ही कोई पुलिसकर्मी मौके पर जांच के लिए पहुंचा है।
इंदौर के कनाड़िया क्षेत्र में साइबर ठगों ने बीएसएनएल के रिटायर्ड अधिकारी को निशाना बनाकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया। मोबाइल फोन हैक कर उनके बैंक खातों से 6.47 लाख रुपए निकाल लिए गए। खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलने पर पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। कनाड़िया पुलिस के मुताबिक, 63 वर्षीय महेंद्र सिंह चौहान, निवासी संचार नगर एक्सटेंशन, ने मंगलवार को शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 22 जून को वह घर पर थे, तभी उनके मोबाइल पर दो ओटीपी आए। इसके बाद जब उन्होंने बैंक खाते की जांच की तो पता चला कि उनके आईसीआईसीआई बैंक खाते से करीब 5.94 लाख रुपए सात अलग-अलग ट्रांजेक्शन में निकाल लिए गए हैं। इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाते से भी करीब 53 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। कुल मिलाकर 6.47 लाख रुपए की धोखाधड़ी हुई। इसके बाद उन्होंने दोनों बैंक खाते तत्काल बंद कराए और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। महेंद्र सिंह चौहान को आशंका है कि किसी ने उनका मोबाइल हैक कर बैंक खातों से यह ट्रांजेक्शन किए हैं। मामले में कनाड़िया पुलिस ने उन्हें थाने बुलाकर शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है।
बड़वानी पुलिस ने CEIR पोर्टल की सहायता से लगभग 20 लाख रुपये मूल्य के 129 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन फोनों को उनके मालिकों को लौटा दिया गया। पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल ने मोबाइल गुमशुदगी की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला साइबर सेल बड़वानी को इनकी तलाश के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर के मार्गदर्शन में साइबर सेल की टीम ने त्वरित कार्रवाई की। बरामद किए गए ये मोबाइल फोन बड़वानी, खरगोन, आलीराजपुर, झाबुआ, इंदौर के साथ-साथ गुजरात और महाराष्ट्र जैसे विभिन्न स्थानों से ट्रेस किए गए थे। आज, बड़वानी पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और साइबर सेल की टीम ने इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया। मोबाइल वापस मिलने पर सभी मालिकों ने पुलिस अधिकारियों और साइबर सेल टीम का आभार व्यक्त किया। पुलिस अधीक्षक बड़वानी ने साइबर सेल की टीम के इस सराहनीय कार्य के लिए उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
जशपुर पुलिस ने 51 गुम मोबाइल बरामद कर उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिए हैं। इन मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 7 लाख 50 हजार रुपए बताई गई है। एसपी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में डीआईजी और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने मोबाइल उनके मालिकों को दिए। पुलिस ने यह कार्रवाई सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर की। जिले के अलग-अलग थानों में मिली रिपोर्टों के बाद यह अभियान चलाया गया। साइबर सेल टीम ने तकनीकी जांच, ट्रैकिंग और निगरानी के जरिए मोबाइल फोन का पता लगाया। इसके बाद सभी फोन बरामद किए गए। SSP ने कहा कि मोबाइल आज सिर्फ बात करने का साधन नहीं है, बल्कि इसमें बैंकिंग, सोशल मीडिया और निजी जानकारी भी रहती है। इसलिए इसकी सुरक्षा बहुत जरूरी है। उन्होंने लोगों से कहा कि मोबाइल खोने पर तुरंत थाने या सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। इससे मोबाइल को जल्दी ब्लॉक और ट्रेस किया जा सकता है। समय पर शिकायत से मिलती है मदद एसएसपी ने कहा कि समय पर शिकायत करने से मोबाइल मिलने की संभावना बढ़ जाती है और जरूरी डेटा भी सुरक्षित रहता है। कार्यक्रम में पुलिस ने लोगों को यातायात नियमों के बारे में भी जागरूक किया। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने की अपील की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार ने बताया कि साइबर सेल की मदद से 51 मोबाइल बरामद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस आगे भी इसी तरह अभियान चलाकर लोगों की मदद करती रहेगी।
छोटी डांट, बड़ा कदम:मां ने मोबाइल छीना, पापा ने पढ़ाई को कहा ऐसी डांट पर 33 नाबालिग हर महीने लापता
मां ने मोबाइल चलाने पर डांट दिया तो बेटा घर छोड़कर चला गया। पढ़ाई पर ध्यान नहीं देने पर पिता ने टोका तो किशोर भाग गया। ग्वालियर में बच्चों के घर छोड़ने के पीछे मोबाइल, सोशल साइट्स और भावनात्मक दूरी बड़ी वजह बनते जा रहे हैं। जनवरी 2025 से 19 जून 2026 तक शहर से 571 बच्चे लापता हुए। इनमें 549 बच्चों को पुलिस ने तलाश लिया। यानी औसतन हर महीने 34 बच्चे घर छोड़ रहे हैं। इस वर्ष अब तक 190 बच्चे लापता हुए। इनमें 140 बच्चियां और 50 बच्चे शामिल हैं। पुलिस 175 बच्चों को बरामद कर चुकी है। पुलिस जांच में करीब 55% बच्चे मोबाइल और सोशल मीडिया से जुड़े विवादों के कारण घर छोड़कर गए। ऑनलाइन दोस्ती बच्चों को परिवार से दूर ले जा रहे हैं। महिला डीएसपी शिखा सोनी का कहना है कि सोशल नेटवर्किंग साइटस बच्चों के लिए नशे की तरह बनते जा रहे हैं। परिजन को बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए, लेकिन डांटने के बजाय संवाद बनाए रखना ज्यादा जरूरी है। मोबाइल पर गेम खेलने से रोका तो मुरैना पहुंच गया छात्रगोला का मंदिर क्षेत्र में 12 वर्षीय छात्र को मां ने मोबाइल पर गेम खेलने से रोका और फोन रख लिया। नाराज होकर वह घर छोड़कर चला गया। पुलिस ने उसे मुरैना के पास हाईवे किनारे एक ढाबे से बरामद किया। मां ने डांटा तो घर छोड़कर गया 10 साल का छात्रमुड़िया पहाड़ निवासी 10 वर्षीय बच्चे का दोस्त से झगड़ा हो गया था। शिकायत मिलने पर मां ने उसे डांट दिया। इससे नाराज होकर वह घर छोड़कर चला गया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने चेतकपुरी की झुग्गी बस्ती से बच्चे को बरामद कर परिजन को सौंप दिया। 6 साल का मासूम, टूटे मोबाइल के डर से भागापुरानी छावनी के रुद्रपुरा में 6 साल के बच्चे से मोबाइल टूट गया। मां की डांट के डर से उसने मोबाइल छिपाया और घर छोड़ दिया। बच्चे के गायब होने पर पुलिस के 200 जवानों ने रातभर 40 किलोमीटर क्षेत्र में सर्चिंग की। आठ घंटे बाद वह सुरक्षित मिला। पढ़ाई के लिए डांटा, अहमदाबाद पहुंचा किशोरचार शहर का नाका निवासी एक किशोर पढ़ाई को लेकर पिता की डांट से नाराज होकर घर छोड़ गया। परिजन ने पुलिस में इसकी शिकायत की। पुलिस ने पड़ताल के बाद छात्र की लोकेशन अहमदाबाद में मिली। बाद में पुलिस टीम को वह अहमदाबाद की एक दुकान पर काम करता मिला।
चोरी के मोबाइल बेचने जा रहा आरोपी गिरफ्तार, चार मोबाइल बरामद किए
लुधियाना| पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए चोरी के मोबाइल फोन बेचने जा रहे एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 4 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपी की पहचान शिव कुमार के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, थाना प्रभारी रजिंदर कुमार और उनकी पुलिस पार्टी द्वारा की गई। पुलिस टीम इलाके में गश्त और संदिग्धों की चेकिंग के संबंध में गश्त पर रवाना थी। इसी दौरान पुलिस को एक खास मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि उक्त आरोपी चोरी के मोबाइल फोन बेचने की फिराक में घूम रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत नाकाबंदी कर लक्कड़ पुल के पास से आरोपी शिव कुमार को काबू कर लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से 4 चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने ये फोन कहां से चुराए थे और वह इन्हें किसे बेचने जा रहा था।
पठानकोट सिविल अस्पताल परिसर में एक महिला का गुम हुआ मोबाइल फोन पुलिस ने उसके मालिक को लौटा दिया। जवाली, जिला कांगड़ा निवासी शिवानी बेगम का मोबाइल अस्पताल में खो गया था, जिसे चौकी इंचार्ज दविंदर सिंह ने तत्परता दिखाते हुए बरामद कर वापस सौंपा। शिवानी बेगम, पुत्री सरदार अली, किसी कार्य से पठानकोट सिविल अस्पताल आई थीं। इसी दौरान उनका मोबाइल फोन परिसर में कहीं गुम हो गया। काफी तलाश के बाद भी जब मोबाइल नहीं मिला, तो उन्होंने अस्पताल प्रशासन और पुलिस चौकी से संपर्क किया। सूचना मिलने पर अस्पताल चौकी इंचार्ज दविंदर सिंह ने मोबाइल की तलाश शुरू करवाई। तलाशी और जांच के बाद गुम हुआ मोबाइल फोन बरामद कर लिया गया। चौकी इंचार्ज दविंदर सिंह ने मोबाइल को उसकी असली मालिक शिवानी बेगम को सौंप दिया। अपना मोबाइल वापस मिलने पर शिवानी बेगम ने पुलिस का धन्यवाद किया और उनकी ईमानदारी व कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। इस कार्य की स्थानीय लोगों ने भी प्रशंसा की, इसे पुलिस की जनसेवा का एक अच्छा उदाहरण बताया गया।
पटना में डिलीवरी बॉयज, कूरियर बॉयज को गर्मी से राहत देने के लिए पटना नगर निगम द्वारा गिग वर्कर्स के लिए शहर में दो एसी लाउंज तैयार किया गया है। नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने आज गांधी मैदान गेट नंबर 4 और इनकम टैक्स के पास बने दोनों एसी लाउंज का निरीक्षण किया। इस एसी लाउंज में अनावश्यक रूप से लोग आकर अतिक्रमित ना करें, इसके लिए एक मिनिमल चार्ज निर्धारित किया गया है। यहां बैठने के लिए हर आधे घंटे 2 रुपये निर्धारित की गई है, यानी प्रति घंटे 4 रुपये का चार्ज लगेगा। देखें कुछ तस्वीरें… आने वाले समय में वॉशरूम की मिलेगी सुविधा मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि पटना स्मार्ट सिटी ने इसे विजुलाइज किया है। हर घर की जरूरत को गिग वर्कर्स के माध्यम से पूरा किया जाता है। इतनी गर्मी में उनकी असुविधा को देखते हुए, हमने रेस्ट करने के लिए एक स्थान दिया है। मैंने कुछ लोगों से बातचीत की और उनके फीडबैक को भी ग्रहण किया। लोगों ने कहा है कि इसका विस्तार होना चाहिए और पटना में अन्य जगहों पर भी इसे बनाया जाना चाहिए। हमने इसे एक प्रयोग के तौर पर शुरू किया है आगे इससे और बेहतर बनाया जाएगा। यहां वॉशरूम की भी आवश्यकता महसूस हुई है। आने वाले समय में वह सुविधा भी दी जाएगी। एकसाथ बैठ सकते 15 लोगों के बैठने की व्यवस्था गांधी मैदान गेट नंबर- 4 और इनकम टैक्स गोलंबर के पास इसका निर्माण हुआ। चेन्नई की तर्ज़ पर इस प्री फैब्रिकेटेड एसी लाउंज को बनाया गया, जहां आम लोग भी आराम कर सकेंगे। इन लाउंज में एक साथ करीब 15 लोगों के बैठने की व्यवस्था है। दोनों लाउंज में 30 लोग बैठ सकेंगे। नगर आयुक्त यशपाल मीणा के निर्देश पर शुरू की गयी इस योजना का निर्माण कार्य पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा किया गया। मोबाइल चार्जिंग के साथ ठंडे पीने के पानी की व्यवस्था गिग वर्कर्स को यहां पूरी तरह मुफ्त में आराम करने का मौका मिलेगा। इसके अलावा, लाउंज के अंदर मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और ठंडे पीने के पानी की व्यवस्था भी की जा रही है।इसके अलावा कम कीमत पर रिफ्रेशमेंट उपलब्ध कराने के लिए जीविका दीदियों को भी जोड़ा जाएगा। यहां आने वाले लोग उनके स्टॉल से छाछ, आम पन्ना जैसे पारंपरिक ग्रीष्मकालीन पेय किफायती दर पर खरीद सकेंगे। अगर ये प्रोजेक्ट सफल हो जाता है, तो आने वाले दिनों में शहर में और भी जगहों पर एसी लाउंज बनाए जाएंगे।
पलवल में ठगी के आरोप में युवक काबू:2 मोबाइल बरामद, साइबर फ्रॉड के लिए भेजे गए मैसेज भी मिले
पलवल में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने छांयसा-मढ़नाका मार्ग पर कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया है। आरोपी के कब्जे से 2 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। जिनकी जांच में साइबर ठगी से जुड़े लेनदेन के संकेत मिले हैं। साइबर क्राइम थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि 22 जून को उनकी टीम हथीन में गश्त पर थी। इसी दौरान सूचना मिली कि छांयसा गांव निवासी समीम साइबर ठगी की वारदातों में संलिप्त है और फिलहाल मढ़नाका गांव को जाने वाले कच्चे रास्ते पर मौजूद है। टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे हिरासत में लिया। मोबाइल में मिले ठगी के सबूत जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल से फर्जी मैसेज भेजकर बैंक खातों से पैसे निकालने से जुड़े सबूत मिले। नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल की जांच में भी उसके खिलाफ शिकायत दर्ज पाई गई, जिसमें 12 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने दोनों मोबाइल फोन कब्जे में लेकर साइबर ठगी की धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
पन्ना के अजयगढ़ क्षेत्र में एक महिला की हेयर डाई पीने से मौत हो गई। गंभीर हालत में महिला को पन्ना जिला अस्पताल से रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। मृतका दो मासूम बच्चों की मां थी। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान अजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम छतेनी निवासी पुनिया अहिरवार (26) पत्नी सुनील अहिरवार के रूप में हुई है। उसकी शादी करीब 5 वर्ष पहले हुई थी। पति सुनील अहिरवार मजदूरी का काम करते हैं। फोन चोरी होने के विवाद के बाद हेयर डाई पी जानकारी के अनुसार, सोमवार को महिला का पूरा परिवार किशनपुर गांव में मामा के लड़के की शादी में शामिल होने गया था। शादी की खुशियों के बीच वहां महिला का मोबाइल चोरी हो गया। घटना को लेकर परिवार और महिला के बीच कहासुनी हुई थी। विवाद के बाद महिला ने सोमवार दोपहर को ही शादी से अकेले घर छतेनी लौट आई, जबकि बाकी परिजन बाद में पहुंचे। घर लौटने के बाद सोमवार को ही महिला ने कमरे में रखी बालों में लगाने वाली हेयर डाई पी ली। महिला को रीवा रेफर किया गया कुछ देर बाद जब उसकी जेठानी ने महिला को लगातार उल्टियां करते देखा, तो उन्हें अनहोनी का शक हुआ। जेठानी ने तुरंत इसकी सूचना पुनिया के पति सुनील अहिरवार को दी। परिजन आनन-फानन में महिला को लेकर अजयगढ़ शासकीय अस्पताल पहुंचे, जहां से पन्ना और फिर रीवा रेफर किया गया था। रीवा पहुंचने से पहले ही रास्ते में तोड़ा दम अजयगढ़ अस्पताल में महिला की हालत बेहद नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज देकर उसे तुरंत जिला अस्पताल पन्ना के लिए रेफर कर दिया। पन्ना जिला अस्पताल में भी महिला के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ और उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए वहां के डॉक्टरों ने उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज रीवा के लिए रेफर कर दिया। लेकिन रीवा मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में ही महिला ने तड़पते हुए दम तोड़ दिया। पहले भी की थी आत्महत्या करने की कोशिश इस असमय मौत से महिला के दो छोटे बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया। उसका बड़ा बेटा शिवम सिर्फ 3 साल का है और छोटा बेटा बाबू सिर्फ 7 महीने का है। पति सुनील ने एक और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि पत्नी ने करीब 2 साल पहले भी अज्ञात कारणों के चलते जहर खा लिया था। हालांकि, उस समय सही समय पर इलाज मिल जाने के कारण डॉक्टरों ने उसकी जान बचा ली थी। लेकिन इस बार हेयर डाई का जहर जानलेवा साबित हुआ। घटना के बाद आज मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। डॉक्टर बोले-हेयर डायर अंदरूनी अंग जला देता मामले को लेकर जिला अस्पताल पन्ना के ड्यूटी डॉक्टर और एक्सपर्ट डॉक्टर प्रदीप द्विवेदी ने बताया महिला ने बालों में लगाने वाली हेयर डाई का सेवन किया था। इसके जहर के असर से महिला के पूरे गले में अत्यधिक सूजन आ गई थी, जिससे उसे सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही थी। प्राथमिक इलाज के बाद हालत गंभीर होने पर उसे रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि लोग अक्सर इसे सामान्य समझते हैं, लेकिन हेयर डाई या रासायनिक मेहंदी में एक विशेष प्रकार का बेहद खतरनाक केमिकल और एसिड पाया जाता है। इसका सेवन करने से इंसान के शरीर के अंदरूनी अंग बुरी तरह जल जाते हैं। यदि कोई इसे अधिक मात्रा में पी लेता है तो शरीर के भीतर खतरनाक केमिकल रिएक्शन होता है। संबंधित व्यक्ति की तड़प-तड़प कर मौत हो जाती है।
रायगढ़ से गुजर रही आजाद हिंद एक्सप्रेस में एक महिला यात्री का हैंडबैग चोरी हो गया। बैग में सोने की अंगूठी, मोबाइल और कैश समेत 33 हजार 200 रुपए का सामान रखा था। इस मामले में जीआरपी रायगढ़ ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र के सतारा जिले के गंगापुरी तालुका निवासी प्रार्थना शंकर माईती (31) 11 जून को खड़गपुर रेलवे स्टेशन से पुणे जाने के लिए आजाद हिंद एक्सप्रेस में सवार हुई थीं। वह ट्रेन की बी-3 बोगी में सीट नंबर-7 पर यात्रा कर रही थीं। सोने के दौरान चोर ने किया हाथ साफ महिला ने बताया कि, यात्रा के दौरान खाना खाने के बाद उसने अपना हैंडबैग पैरों के पास रख दिया और सो गई। अगले दिन सुबह करीब 7 बजे जब उसकी नींद खुली, तब ट्रेन रायगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंच चुकी थी। इस दौरान उसने देखा कि उसका हैंडबैग गायब है। बैग में था मोबाइल, अंगूठी और कैश महिला ने ट्रेन में और आसपास काफी तलाश की, लेकिन बैग का कोई पता नहीं चला। उसके अनुसार बैग में एक मोबाइल, करीब 20 हजार रुपए कीमत की सोने की अंगूठी, 3 हजार रुपए कैश और बाकी जरूरी सामान रखा था। जिसकी कुल कीमत 33 हजार 200 रुपए बताई गई है। पुणे में दर्ज हुई शिकायत, रायगढ़ पहुंची जांच घटना के बाद महिला ने इसकी शिकायत जीआरपी पुणे में दर्ज कराई थी। मामले की अपराध डायरी रायगढ़ पहुंचने के बाद जीआरपी रायगढ़ ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। ट्रेनों में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाएं गीतांजली एक्सप्रेस से मोबाइल चोरी 10 मई को मुंबई निवासी अलामिन फिरोज शेख खड़गपुर से गीतांजली एक्सप्रेस में सफर कर रहे थे। यात्रा के दौरान उनका 25 हजार रुपए कीमत का मोबाइल चोरी हो गया था। दरभंगा-रायगढ़ यात्रा में बैग पार 4 जून को रायगढ़ निवासी ब्रजेश कुमार झा दरभंगा से रायगढ़ लौट रहे थे। इस दौरान किसी अज्ञात चोर ने उनका बैग चोरी कर लिया था। उन्होंने रेलवे हेल्पलाइन 139 पर शिकायत दर्ज कराई थी। बलसाड़-पुरी एक्सप्रेस में लैपटॉप चोरी 7 जून को ओडिशा निवासी शेख इमामुद्दीन बलसाड़-पुरी एक्सप्रेस से भुवनेश्वर से बिलासपुर जा रहे थे। सफर के दौरान उनका बैग चोरी हो गया, जिसमें लैपटॉप समेत करीब 45 हजार रुपए का सामान था। महिला के गले से मंगलसूत्र पार उसी दिन रायगढ़ के चांदनी चौक धोबीपारा निवासी बृहस्पति बाई अपनी बेटी के साथ अकलतरा जा रही थीं। यात्रा के दौरान किसी ने उनके गले से करीब 30 हजार रुपए कीमत का सोने का मंगलसूत्र चोरी कर लिया। नर्मदा एक्सप्रेस में 90 हजार की चोरी 14 जून को पद्मावती थवाईत ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उज्जैन से बिलासपुर आते समय नर्मदा एक्सप्रेस में उनका पर्स और बैग चोरी हो गया। बाद में पर्स बाथरूम में मिला, लेकिन उसमें रखा मोबाइल और अन्य सामान गायब था। इस घटना में करीब 90 हजार रुपए का नुकसान हुआ था। रायगढ़ पार करते ही गायब हुआ बैग 20 जून को शहडोल निवासी बालकृष्ण द्विवेदी बलसाड़-पुरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे थे। रायगढ़ स्टेशन पार करने के बाद उनका बैग चोरी हो गया, जिसमें लैपटॉप समेत करीब 65 हजार रुपए का सामान रखा था। जीआरपी बोली- ट्रेनों में लगातार की जा रही गश्त जीआरपी थाना प्रभारी बीआर बोर्झा ने बताया कि, सभी मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है। ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर लगातार गश्त बढ़ाई गई है। संदिग्ध व्यक्तियों और पॉकेटमारों पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
अंडरगारमेंट्स में मोबाइल छिपाकर लाने वाली लड़की का क्या हुआ? तीसरी बार दे रही थी परीक्षा
देश की सबसे बड़ी और संवेदनशील परीक्षाओं में से एक नीट (NEET Re-Exam) के दौरान एक ऐसा हैरान करने वाला वाकया सामने आया है जिसने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों की हताशा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। री-एग्जामिनेशन के दौरान कड़ी सुरक्षा और आधुनिक मेटल डिटेक्टर चेकिंग को धता बताते हुए एक छात्रा अपने अंडरगारमेंट्स में मोबाइल फोन छिपाकर परीक्षा हॉल के भीतर ले जाने की कोशिश कर रही थी। लेकिन मुस्तैद महिला सुरक्षाकर्मियों की पैनी नजर और चेकिंग डिवाइस की बीप ने इस शातिर हाई-टेक चोरी को रंगे हाथों पकड़ लिया। मेडिकल की इस प्रतिष्ठित परीक्षा में तीसरी बार बैठ रही इस छात्रा की इस अजीबोगरीब और हैरान करने वाली हरकत के बाद अब हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर उस लड़की के खिलाफ प्रशासन ने क्या बड़ा एक्शन लिया है।तीसरी बार की कोशिश और शॉर्टकट अपनाने की खौफनाक जिदएक वरिष्ठ क्राइम और एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर इस मामले की तह में जाने पर पता चलता है कि आरोपी छात्रा पिछले दो सालों से नीट की परीक्षा क्रैक करने की लगातार कोशिश कर रही थी। दो बार असफलता हाथ लगने के बाद उस पर इस तीसरी बार की परीक्षा में पास होने का मानसिक और पारिवारिक दबाव बहुत अधिक था। शायद इसी दबाव या फिर किसी सॉल्वर गैंग के बहकावे में आकर उसने परीक्षा में पास होने के लिए यह आत्मघाती और अवैध शॉर्टकट रास्ता चुना। उसने सोचा था कि कड़े नियमों और फ्रिस्किंग (बॉडी सर्च) के बावजूद वह इस संवेदनशील जगह पर फोन छिपाकर ले जाने में कामयाब हो जाएगी, लेकिन परीक्षा केंद्र के मुख्य दरवाजे पर ही उसकी यह चालाकी पूरी तरह धरी की धरी रह गई।रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद केंद्र पर मचा हड़कंपजैसे ही महिला सुरक्षाकर्मियों ने जांच के दौरान छात्रा के पास से मोबाइल फोन और कुछ संदिग्ध डिजिटल डिवाइस बरामद किए, परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया। केंद्र व्यवस्थापक (Centre Superintendent) ने तुरंत इस गंभीर मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के फ्लाइंग स्क्वाड को दी। पकड़े जाने के बाद छात्रा रोने लगी और अपनी तीसरी कोशिश का हवाला देते हुए माफी मांगने लगी। लेकिन एंटी-चीटिंग और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए अधिकारियों ने नियमों में किसी भी तरह की ढील देने से साफ इनकार कर दिया।अब क्या हुआ उस लड़की का और कितनी गंभीर होगी कानूनी कार्रवाईइस हाई-प्रोफाइल नकल के मामले में छात्रा के खिलाफ एंटी-चीटिंग एक्ट (नकल विरोधी कानून) और धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं के तहत स्थानीय पुलिस स्टेशन में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह परीक्षा हॉल के भीतर किससे संपर्क करने वाली थी या क्या इसके पीछे कोई संगठित सॉल्वर गैंग काम कर रहा है। इसके साथ ही, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने छात्रा को 'अनफेयर मींस' (UFM) श्रेणी में डालते हुए परीक्षा से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। जानकारों की मानें तो इस गंभीर अपराध के बाद अब उस पर भविष्य में होने वाली सभी सरकारी और मेडिकल परीक्षाओं में बैठने के लिए आजीवन प्रतिबंध (Lifetime Ban) भी लग सकता है, जिसने उसकी तीसरी बार की मेहनत और पूरे करियर को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
बोकारो के गोमिया थाना क्षेत्र के ढेंढे गांव में मंगलवार सुबह एक नाबालिग लड़की 165 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। वो ललपनिया थाना क्षेत्र के तिलैया गांव की रहने वाली है। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। पुलिस और परिजनों के काफी समझाने के बाद लड़की करीब 9 घंटे बाद टावर से नीचे उतरी। उसकी मांग थी कि उसके प्रेमी को जेल से रिहा किया जाए। प्रेमी को रिहा करने की मांगलड़की ने बताया कि उसका रांची निवासी एक युवक से प्रेम संबंध है और वह उससे शादी करना चाहती है। लड़की का आरोप है कि पुलिस ने उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर तेनुघाट जेल भेज दिया है। उसने धमकी दी कि जब तक उसके प्रेमी को रिहा नहीं किया जाएगा, वह टावर से नीचे नहीं उतरेगी। स्थानीय लोगों ने लड़की को समझाने और सुरक्षित नीचे उतारने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह अपनी बात पर अड़ी रही। इधर, सूचना मिलने पर गोमिया और ललपनिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। ललपनिया थाना प्रभारी और परिजनों ने भी लड़की से बातचीत कर उसे समझाया, तब वो टावर से नीचे उतरी। लड़की के परिजनों ने दर्ज कराई थी शिकायतपुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले लड़की के परिजनों ने ललपनिया थाना में उसके अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लड़की को रांची से बरामद किया था। इसी मामले में पुलिस ने उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर तेनुघाट जेल भेज दिया था।
भिवानी पुलिस की CIA-2 ने भारत-साउथ अफ्रीका क्रिकेट मैच पर मोबाइल के माध्यम से सट्टा लगवाने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 1 लाख 65 हजार रुपए कैश, 5 मोबाइल और एक रजिस्टर बरामद हुआ है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार के निर्देश पर की गई। सहायक उप निरीक्षक सुभाष चंद के नेतृत्व में CIA-2 की टीम बावड़ी गेट क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान उन्हें गुप्त सूचना मिली कि एक व्यक्ति बावड़ी गेट स्थित एक होटल के कमरे में बैठकर क्रिकेट मैच पर सट्टा लगवा रहा है। होटल के कमरे से पकड़ा गया आरोपी सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत होटल पर दबिश दी और कमरे से मोबाइल के जरिए सट्टा लगवा रहे व्यक्ति को मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान भिवानी के रामगंज मोहल्ला, दादरी गेट निवासी तिलक पुत्र महेंद्र कुमार के रूप में हुई है। जुआ अधिनियम के तहत केस दर्ज पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 1 लाख 65 हजार रुपए कैश, पांच मोबाइल और सट्टे के हिसाब-किताब से संबंधित एक रजिस्टर जब्त किया है। आरोपी तिलक के खिलाफ थाना शहर भिवानी में जुआ अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
फतेहपुर के किशनपुर थाना क्षेत्र के विजईपुर कस्बे में ओवरलोड ट्रकों के खिलाफ चलाए जा रहे टास्क फोर्स अभियान के दौरान विवाद हो गया। कार्रवाई का वीडियो बनाने को लेकर पुलिसकर्मियों और एक युवक के बीच कहासुनी हुई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। राजस्व निरीक्षक विवेक तिवारी और सब इंस्पेक्टर जितेंद्र दुबे की टीम ओवरलोड वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक तेज रफ्तार ओवरलोड ट्रक ने चेकिंग बैरियर को टक्कर मार दी। टीम ने उसके पीछे चल रहे दूसरे ट्रक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने दरवाजा नहीं खोला। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने ट्रक के दरवाजे पर डंडे बरसाए। विजईपुर निवासी आयुष यादव ने आरोप लगाया है कि वीडियो बनाने के दौरान दारोगा जितेंद्र दुबे ने उनके साथ अभद्रता की और उनका मोबाइल फोन छीन लिया। इस घटना को लेकर मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। किशनपुर थाना प्रभारी योगेश कुमार ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
महेंद्रगढ़ पुलिस ने मोबाइल फोन गुम होने के बाद सिम पोर्ट कर बैंक खाते से धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को पकड़ा गया। साथ ही ठगी गई राशि की बरामदगी की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति की गई है। पुलिस को दी शिकायत में नारनौल निवासी मनोज कुमार ने बताया कि उसका मोबाइल फोन कहीं गिर गया था। मोबाइल में प्रयुक्त सिम कार्ड को बंद करवा दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद अज्ञात साइबर अपराधियों ने अगले ही दिन उसके मोबाइल नंबर को पोर्ट करवा लिया। इसके बाद आरोपियों ने बैंक खाते तक अनधिकृत पहुंच बनाकर खाते से 99 हजार 990 रुपये की राशि निकाल ली। राजस्थान से किया गिरफ्तार मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना नारनौल ने जांच शुरू की। जांच के दौरान साइबर ठगी में शामिल राजस्थान के भीलवाड़ा निवासी राजेश माली की भूमिका सामने आई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 22 जून को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से 20 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पहले एक हो चुका गिरफ्तार पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की राशि में से 39 हजार 500 रुपये आरोपी के बैंक खाते में प्रथम स्तर पर जमा हुए थे, जिन्हें उसी दिन एटीएम के माध्यम से निकाल लिया गया था। इस मुकदमे में पुलिस इससे पहले एक अन्य आरोपी को जयपुर से गिरफ्तार कर चुकी है। 49 हजार रुपए कराए वापस उसके खाते से 49 हजार रुपये की राशि बरामद कर न्यायालय के आदेशानुसार शिकायतकर्ता को सुपरदारी पर दिलवाई जा चुकी है। इसके अलावा पुलिस ने 30 हजार रुपये की राशि भी होल्ड करवाई है, जिसे शिकायतकर्ता को वापस दिलाने के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी है।
बिहार के सीएम सम्राट चौधरी और उनकी मां के खिलाफ सोशल मीडिया पर अमर्यादित और अपमानजनक टिप्पणी किया गया है। इस संबंध में बेगूसराय के साइबर थाने में FIR दर्ज की गई है। बेगूसराय साइबर थाने में तैनात महिला पुलिस उप-निरीक्षक (पुअनि) प्रिया कुमारी रूटीन साइबर स्पेस पेट्रोलिंग (ओडी ड्यूटी) पर थी। इसी दौरान उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक संदिग्ध प्रोफाइल देखी, जिसका यूजर नेम 'Sajan Sang Sonam' है। इस इंस्टाग्राम आईडी से दो अलग-अलग रील्स (वीडियो लिंक) पोस्ट किए गए थे, जिसमें एक युवक ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उनके परिवार के प्रति अभद्र, अश्लील और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया जा रहा था। वीडियो में सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज किया जा रहा है। मुख्यमंत्री और उनके परिवार की छवि धूमिल हो रही गाली-गलौज करते हुए मुख्यमंत्री की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने और समाज में नकारात्मकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा था। एसआई प्रिया कुमारी ने अपनी शिकायत में कहा है कि इंस्टाग्राम आईडी से प्रसारित की जा रही टिप्पणियां और वीडियो पूरी तरह से सार्वजनिक है। इससे न केवल मुख्यमंत्री और उनके परिवार की छवि धूमिल हो रही है। बल्कि आम सोशल मीडिया यूजर्स के बीच इसका बेहद नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इस तरह के भड़काऊ और अश्लील वीडियो से क्षेत्र में लोक शांति (Public Peace) भंग होने की प्रबल आशंका है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ BNS की धारा-79, 351(3), 352, 356 और IT Act की धारा-67 के तहत मामला दर्ज किया है। डिजिटल साक्ष्य से जांच में जुटी पुलिस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए साइबर थाने के एडिशनल SHO शैलेन्द्र कुमार विद्याकर को मामले का अनुसंधानकर्ता बनाया गया है। पुलिस ने आरोपी के इंस्टाग्राम प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट, यूआरएल और विवादित वीडियो को एक पेन ड्राइव में सुरक्षित साक्ष्य के रूप में रख लिया है। साइबर डीएसपी इमरान अहमद ने बताया कि साइबर सेल की टीम अब उस आईपी एड्रेस (IP Address) और मोबाइल नंबर ट्रैक किया जा रहा है। जिससे यह इंस्टाग्राम अकाउंट संचालित किया जा रहा था। सोशल मीडिया पर इस तरह की अभद्रता और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा, जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।
दो झपटमार गिरफ्तार, मोबाइल व बाइक जब्त
बैतूल| कोतवाली पुलिस ने मोबाइल झपटमारी की दो वारदातों का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।पुलिस के अनुसार 13 जून को झिरना ढाना सिल्लौट निवासी रितेश धुर्वे का मोबाइल झपट लिया था। वहीं 18 जून को झाड़ेगांव निवासी शिवप्रसाद इवने का मोबाइल छीना था। कोतवाली पुलिस ने जांच कर आरोपियों की पहचान की। आरोपी अजय आर्य उर्फ चंदू ने दोनों घटनाओं को स्वीकार किया। उसने बताया दूसरी वारदात में अमन राज उर्फ एक्सल भी उसके साथ शामिल था। पुलिस ने अजय और अमन को गिरफ्तार कर उनके पास 2 मोबाइल तथा बाइक जब्त की।
दर्शन नियमों में बदलाव:भस्मआरती; एक मोबाइल नंबर से 90 दिन में एक बार ही दर्शन
श्री महाकालेश्वर मंदिर की भस्मआरती के लिए बुकिंग नियमों में बदलाव किया गया है। अब एक मोबाइल नंबर से 90 दिन (3 माह) में केवल एक बार ही भस्मआरती में शामिल होने पंजीयन हो सकेगा। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि यह व्यवस्था प्रोटोकॉल कोटे से आने वाले श्रद्धालुओं पर भी लागू होगी। यहां बता दें कि 90 दिन में केवल एक बार भस्मआरती की अनुमति का नियम 2024 में तत्कालीन कलेक्टर नीरज सिंह ने लागू किया था। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद उन्होंने मंदिर समिति सदस्यों से चर्चा कर तय किया था कि एक आधार कार्ड और एक मोबाइल नंबर से तीन माह में एक बार अनुमति दी जा सकेगी।
अबूझ नहीं रहा अब माड़ अबूझमाड़:सड़कें, स्कूल, अस्पताल, बिजली व भीतर तक मोबाइल नेटवर्क
नाम से तो यही लगता है जिसे बूझना कठिन हो। घने जंगल..पहाड़ और अब तक नक्सलियों का सबसे बड़ा ठिकाना। 4200 किलोमीटर का क्षेत्र। 400 गांव लेकिन पहुंचना मुश्किल। सड़क तो कहीं थी ही नहीं। एक-दो जगह दुर्गम पहाड़ी रास्ते। बाकी सबकुछ अबूझ ही। 40 सालों से विकास से कटा यह इलाका अब अबूझ नहीं रहा। स्कूल तो भूल ही जाओ। कुछ समय पहले सीआरपीएफ और अन्य पुलिस बलों ने यहां शिक्षा का बीड़ा उठाया और गुरुकुल नुमा स्कूल खोले, लेकिन पढ़ने वाले ही गायब। सब तरफ नक्सलियों का खौफ। और अब…। यहां के मैदानी इलाकों तक सड़कें, स्कूल, अस्पताल, सोलर बिजली और सबसे बड़ा बदलाव भीतर तक मोबाइल नेटवर्क। यानी…अबूझ नहीं रहा अब माड़। तो चलिए माड़ की यात्रा पर हमारे साथ। वैसे तो यह इलाका बीजापुर और नारायणपुर जिले में है। लेकिन हमारी यात्रा दंतेवाड़ा से शुरू हुई। यहां से गीदम पहुंचे। साथी बोले- आगे कुछ खाने-पीने को नहीं मिलेगा। पानी की कुछ बोतलें लेकर आगे बढ़े। ग्राम फुंडरी से इंद्रावती नदी के पुल पर पहुंचे। सुरक्षाबलों का कैंप। रोक लिया उन्होंने। पूछताछ और जद्दोजहद के बाद आगे ब्रिज पर बढ़े। किसी भी तरह के फोटो खींचने की सख्त मनाही। यानी डर अब भी है। ब्रिज अभी पूरा बना नहीं है। हिचकोले लेते हुए कच्चे रास्ते पर उतरे। और सामने अबूझमाड़ शुरू। साथी बोले अरे यहां तो सड़क बन गई है। पहली बार देखी यहां सड़क। सामने ही एकदम नया बना आंगनबाड़ी भवन। ग्राम राउतपारा, पंचायत मरकापाल। एक शिक्षक मिले। रतिराम परवलिया। पूछा सड़क कब बनी। बोले अभी दो महीने हुए। सड़क ताकीलोड़ (करीब 15 किलोमीटर) तक बन गई है। लेकिन स्कूल पहले भी था। रास्ता नहीं था। नाव से नदी पार करके आते थे। पिछले साल 23 बच्चे थे। स्कूल खुलने का आज दूसरा दिन। पांच बच्चे आए हैं। फिर पूछा- सुना है यहां कोई नहीं आता। बोले- अधिकारी और पुलिस वाले आते हैं। सड़क बनाने वाले और स्कूल व अस्पताल बनाने वाले ठेकेदार के लोग भी अब रोज आ रहे। आज ही भैरमगढ़ के शिक्षा अधिकारी और पूरे लोग आए हैं। चार नए स्कूल खुल रहे हैं आगे के गांवों में। यह चौंकाने वाला था। सड़क थी तो और आगे बढ़े। अचानक मोबाइल बजा। साथी हैरान थे…यहां तक नेटवर्क। वह भी पूरा। यह तो घना जंगल नहीं है। मैदान और सड़क। कुछ पेड़ भी। सड़क के दोनों ओर काफी पेड़ काटे गए हैं। विकास ऐसा ही होता है। एक और गांव में तालाब पर बहुत सारे बच्चे मछली के जाल फैलाए मस्ती में। महिलाएं वहीं आग जलाकर कुछ पका रहीं थीं। ग्राम पंचायत मर्रामेटा। आगे मिला एक स्कूल। कोई 30-40 बच्चे शेड में पढ़ते हुए। बाजू में स्कूल भवन भी और एक छोटी सी डिस्पेंसरी भी। एक आश्रम भी। एक अलग झोपड़ीनुमा शेड में बच्चों के लिए खाना पक रहा। एकदम शांत वातावरण। शिक्षामित्र सूरज यादव को हिंदी आती थी। वे बोले अभी तो और बच्चों के एडमिशन होंगे। हम बात कर ही रहे थे कि अचानक शांति भंग हुई तो मोटरसाइकिलों की जैसे गड़गड़ाहट गूंजी। मुरम की कच्ची सड़क से सीआरपीएफ के जवान एक लाइन से आते दिखे। कोई 30 मोटरसाइकिल। वहां खाना बनाने वाली महिला बोली पकड़ लाए। किसे…। पूछने पर वह बिना कुछ बोले भीतर चली गई। सूरज भी इस पर चुप ही रहे। फोटो खींचने को जरूर उन्होंने मना कर दिया। सभी वर्दी वाले थे। एक मोटरसाइकिल के पीछे एक आदिवासी महिला बैठी थी। शायद सरेंडर…। एक सिंहरन सी दौड़ी शरीर में। कुछ समय शांति से गुजरा और फिर हम आगे बढ़े ताकीलोड़ की तरफ। रास्ते में नाला। गाड़ी फंस गई। कच्चा गड्ढेनुमा रास्ता। रुकना पड़ा। आगे पैदल ही जाना था। कुछ दूर चले भी लेकिन कोई रास्ता बताने वाला नहीं था। जंगल घना होने लगा। इसके बाद भी समझ में आ गया कि अबूझमाड़ अब अबूझ नहीं। रास्ते बन रहे। विकास भी हो रहा। 20 नए स्कूल, 297 नक्सली सरेंडर सरकारी आंकड़ों के मुताबिक नारायणपुर जिले अबूझमाड़ इलाके में 20 नए स्कूल इस साल खोले गए हैं। 9 नए स्वास्थ्यकेंद्र भी बनाए हैं। 603 आंगनबाड़ी वहां संचालित हैं। 297 नक्सलियों ने दो साल में सरेंडर किया है। इन सभी को काम दिलाने के लिए ट्रेनिंग दी गई है। ज्यादातर तो रोजगार पा भी गए हैं। मैदानी इलाकों में पीडीएस की दुकानें हैं। बाकी अधिकांश गांवों में ट्रैक्टर की मदद से खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। इन गांवों में पहली बार आधारकार्ड और वोटरकार्ड भी लगातार कैंप लगाकर बनाए जा रहे हैं। हालांकि ये सरकारी आंकड़े हैं। एक तथ्य यह भी कि इंद्रावती नदी पर चार पुल बांधे जा रहे हैं। यानी अबूझमाड़ में अब प्रवेश उतना दुर्गम नहीं।
री-नीट; परीक्षा केंद्र में मोबाइल ले जाने वाली छात्रा को जेल भेजा, डीवीआर जब्त
री-नीट 2026 परीक्षा के दौरान परीक्षा हॉल में मोबाइल के साथ पकड़ी गई छात्रा को पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अब छात्रा से जब्त आईफोन का डेटा रिकवर कराने और जांच के लिए उसे एफएसएल भेज रही है। मामले में परीक्षा केंद्र पर ड्यूटी कर रहे कार्मिकों की लापरवाही और भूमिका की जांच डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने एडिशनल डीसीपी राजेश गुप्ता को सौंपी है। पुलिस ने परीक्षा केंद्र में लगे कैमरों की डीवीआर भी जब्त कर ली है। पुलिस जांच में सामने आया कि छात्रा ने परीक्षा के दौरान पेपर की 5-6 फोटो खींची थीं। वह एआई की मदद से उत्तर तलाशने के लिए कई बार सर्च करने का प्रयास कर रही थी, लेकिन जैमर लगा होने से मदद नहीं मिली। पकड़ी गई छात्रा गुर्जर की थड़ी की रहने वाली है। रविवार को बिंदायका स्थित राजकीय सीनियर सेकंडरी स्कूल परीक्षा केंद्र में परीक्षा खत्म होने से करीब 15 मिनट पहले वीक्षक ने छात्रा को मोबाइल इस्तेमाल करते हुए पकड़ लिया था। सूचना मिलते ही आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बाद रात में छात्रा के खिलाफ बिंदायका थाने में भारत सरकार के द पब्लिक एग्जामिनेशन एक्ट, 2024 के तहत केस दर्ज किया गया। इसमें चीटिंग की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। मामले की जांच बगरू एसीपी दीपक खंडेलवाल को सौंपी गई है। एक्ट में 5 साल सजा, 10 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान इस एक्ट में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी, संघ लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग, रेलवे भर्ती बोर्ड, आईबीपीएस, केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों की अन्य भर्तियां शामिल हैं। कानून के तहत दर्ज मामलों की जांच डिप्टी एसपी या एसीपी स्तर के अधिकारी कर सकते हैं। इसमें कैंडिडेट को डिबार भी किया जा सकता है। यह गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है। दोषी मिलने पर 5 साल तक की सजा और 10 लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है। संगठित अपराध साबित होने पर सजा 10 साल और जुर्माना 1 करोड़ रुपए तक हो सकता है। शक न हो इसलिए ढीले कपड़े पहने, बीप बजा तो बोली-हुक है छात्रा से पूछताछ में सामने आया कि उसने घरवालों को बिना बताए अंडरगार्मेंट्स में मोबाइल छिपा लिया था। इसके ऊपर उसने ढीली टी-शर्ट पहन ली, ताकि सुरक्षाकर्मियों को शक न हो। चेकिंग के दौरान मशीन की बीप बजी तो उसने कपड़ों में हुक लगा होने का बहाना बनाया। पकड़ी गई 22 वर्षीय छात्रा तीसरी बार नीट दे रही थी।
पंजाब में मंडी गोबिंदगढ़ के दो भाइयों ने मिलकर करोड़ों रुपए की ठगी की। शातिर भाइयों ने 27 फर्जी कंपनियां खड़ी करके 25 बैंक खातों से 3089 करोड़ रुपए निकाल लिए। यही नहीं आरोपियों ने इस ठगी के जरिए सरकार को 108.49 करोड़ रुपए के इनपुट टैक्स क्रेडिट का चूना भी लगाया है। आरोपियों ने एजेंसियों की पकड़ से बचने के लिए एपीएमसी बैंक के खातों से 3089 करोड़ रुपए नकद निकाले, क्योंकि इन खातों में रोजाना करोड़ों रुपए का लेनदेन होता है। ज्यादातर निकासी नकद में ही होती है। मामले का खुलासा तब हुआ जब इंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट(ED) और डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विस इंटेलिजेंस (DGGI) ने खुफिया जानकारी के तहत दोनों भाइयों अमित कुमार गोयल व मनीष कुमाार का रिकॉर्ड खंगाला। दोनों भाइयों ने मंडी गोबिंदगढ़ के ही एक अन्य कारोबारी गौरव अग्रवाल के साथ हाथ मिलाया और बिना एक भी ग्राम माल की डिलीवरी किए सिर्फ कागजों पर हजारों करोड़ का टर्नओवर खड़ा कर दिया। डीजीजीआई ने दोनों भाइयों को 2024 में गिरफ्तार भी किया। लेकिन इस मामले की डिटेल सामने नहीं आई। ED ने अब इस मामले में दोनों भाइयों समेत कुल पांच लोगों पर बाइनेम और बाकी अज्ञात लोगों पर लुधियाना के थाना जमालपुर में FIR दर्ज करवाई है। पुलिस को दी शिकायत में इस घोटाले की पूरी कहानी सामने आई है। घोटाले में अब तक क्या क्या कार्रवाई हुई, जानिए…. आरोपी पकड़े कैसे गए, सिलसिलेवार जानिए… फर्जी बिलिंग के जरिए करोड़ों कमाने की मॉडस ऑपरेंडी सीपी के आदेश पर दर्ज हुआ मामलामामले की जांच करने वाले थाना जमालपुर के जांच अधिकारी गुरमीत सिंह ने बताया कि ईडी की तरफ से पुलिस कमिश्नर को शिकायत मिली थी। शिकायत में जिनके नाम से ठगी हुई है उनमें से कुछ एड्रेस जमालपुर थाने के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र के भी हैं। FIR दर्ज कर ली है और अब इसके आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रिय RULIA RAM, आपकी जन्म तिथि (DOB) परिवार पहचान पत्र (PPP) में सत्यापित नहीं है। कृपया इस संदेश की तिथि से 30 दिनों के भीतर अपने सही DOB को PPP में अपडेट कर सत्यापित करवाएं। सत्यापन नहीं होने पर आपकी PPP से संबंधित सेवाओं एवं लाभों पर प्रभाव पड़ सकता है। हरियाणा के लोगों को मोबाइल पर आ रहे इस मैसेज ने अचानक चिंताएं बढ़ा दी हैं। खासकर, उनकी जो बुढ़ापा पेंशन समेत अन्य किसी सरकारी योजना का लाभ ले रहे हैं। ये मैसेज हरियाणा सरकार के परिवार पहचान प्राधिकरण की ओर से भेजे जा रहे हैं। प्राधिकरण के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने बताया कि मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में कहा गया था कि लंबित आयु सत्यापन मामलों का निपटारा तीन माह के भीतर किया जाए। बुजुर्गों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है, क्योंकि इसी साल फरवरी में भी इनकम वेरिफिकेशन के चलते करीब 70 हजार बुढ़ापा पेंशन रोक दी गई थी। तब विपक्ष ने इसे मुद्दा बना लिया था। CM नायब सैनी को विधानसभा में स्पष्ट करना पड़ा था कि किसी की पेंशन रुकेगी नहीं, वेरिफिकेशन चलती रहेगी। जानिये बर्थडेट सत्यापन से जुड़े 10 जरूरी सवाल-जवाब सवालः कैसे पता चलेगा कि PPP में जन्मतिथि का सत्यापन है या नहीं?जवाबः सरकार की ओर से पीपीपी में रजिस्टर्ड नंबर पर SMS भेजा जा रहा है। सवाल: किन लोगों को जन्मतिथि सत्यापित करवानी होगी?जवाबः जिन नागरिकों की जन्मतिथि का सत्यापन अभी तक नहीं हुआ है और वे सरकार की किसी योजना का लाभ ले रहे हैं, उन्हीं को SMS भेजकर सूचना दी जा रही है। सवाल: SMS मिलने के बाद कितना समय मिलेगा?जवाबः परिवार पहचान प्राधिकरण ने ऐसे लोगों को जन्मतिथि सत्यापन के लिए 30 दिन का समय दिया है। सवाल: जन्मतिथि सत्यापन कैसे करवा सकते हैं?जवाबः दो तरीके उपलब्ध हैं- 1. ऑनलाइनः परिवार पहचान पोर्टल (meraparivarharyana.gov.in) पर लॉगिन करें।- आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।-Grievance दर्ज करके सत्यापन का अनुरोध करें। 2. ऑफलाइनः संबंधित जिले के ADC (अतिरिक्त उपायुक्त) कार्यालय में संपर्क कर दस्तावेज जमा कर सकते हैं। सवाल: जन्मतिथि के सबूत के तौर पर कौन-कौन से दस्तावेज मान्य होंगे?जवाबः जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट, 10वीं कक्षा का प्रमाण पत्र, वर्ष 2019 तक का मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट, PPO (पेंशन भुगतान आदेश)। सवालः जिनके पास जन्मतिथि साबित करने वाले उक्त में से दस्तावेज नहीं हैं, तब क्या करें?जवाबः यदि उपरोक्त दस्तावेज नहीं है तो अंतिम निर्णय संबंधित जिला प्रशासन/ADC स्तर पर होता है। सवाल: सत्यापन नहीं कराया तो क्या होगा?जवाबः अभी ऐसी कोई सार्वजनिक सरकारी घोषणा नहीं है कि 30 दिन पूरे होते ही सभी लाभ स्वतः बंद कर दिए जाएंगे। लेकिन रिकॉर्ड में जन्मतिथि संदिग्ध या अप्रमाणित है, तो समस्या आ सकती है। सवालः क्या बुजुर्ग की वृद्धावस्था पेंशन रोक दी जाएगी?जवाबः केवल SMS आने से पेंशन तुरंत बंद हो जाएगी, ऐसा कोई आधिकारिक आदेश है। यदि किसी व्यक्ति की आयु संबंधी जानकारी विवादित या अप्रमाणित रहती है तो विभाग अतिरिक्त सत्यापन मांग सकता है। सवालः क्या वही लोग सत्यापन करवाएं, जिनके पास मैसेज आ रहा है?जवाबः यदि किसी को मैसेज नहीं आया है और उसके रिकॉर्ड पहले से सत्यापित हैं, तो आमतौर पर अलग से कार्रवाई की आवश्यकता नहीं होती। हालांकि अपने रिकॉर्ड की स्थिति जांच लेना बेहतर है। सवालः आम नागरिक कैसे पता करे कि उसकी जन्मतिथि सत्यापित है या नहीं?जवाबः 3 तरीके हैं। पहला- PPP पोर्टल पर लॉगिन करकेदूसरा-SARAL केंद्र पर जाकरतीसरा-फैमिली आईडी अपडेट/स्टेटस जांच सेवा के माध्यम से। यदि रिकॉर्ड में कोई आपत्ति या लंबित सत्यापन होगा तो वह आमतौर पर सिस्टम में दिखाई देता है या SMS प्राप्त होता है। जनिए स्टेट कॉर्डिनेटर सतीश खोला ने क्या 3 अहम बातें कहीं… ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… हरियाणा की पहली AI बेस्ड फैमिली आईडी-2.0 तैयार:परिवार का पूरी कमाई एक जगह दिखेगी; जानकारी छिपाकर योजनाओं का लाभ लेने वाले फंसेंगे हरियाणा सरकार परिवार पहचान पत्र (PPP) 2.0 परियोजना लागू करने जा रही है। सरकार का दावा है कि यह पूरा AI बेस्ड होगा, जो सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाएगा। (पूरी खबर पढ़ें)
करौली पुलिस ने 'ऑपरेशन एंटी वायरस 2.0' अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। साइबर पुलिस ने झारखंड से एक अंतरराज्यीय साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। इस ठग ने अपने साथियों के साथ मिलकर डॉक्टर की अपॉइंटमेंट दिलाने के बहाने एक व्यक्ति के मोबाइल में फर्जी APK फाइल भेजकर उसे हैक कर लिया था और उसके खाते से 3 लाख 16 हजार 230 रुपए निकाल लिए थे। पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश मीना के सुपरविजन में यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार परिवादी रामकेश जाटव ने इलाज के लिए डॉक्टर की अपॉइंटमेंट लेने के लिए गूगल से एक नंबर प्राप्त किया था। साइबर अपराधियों ने गूगल पर फर्जी संपर्क नंबर अपलोड कर रखा था। संपर्क करने पर आरोपियों ने पहले अपॉइंटमेंट के नाम पर पैसे जमा कराने और ओटीपी प्राप्त करने का प्रयास किया। जब वे इस तरीके से सफल नहीं हुए, तो आरोपियों ने परिवादी के मोबाइल पर TOKEN BOOK.APK नामक एक फर्जी फाइल भेजी। जैसे ही परिवादी ने यह फाइल डाउनलोड की, उसका मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद ठगों ने उसके बैंक खाते से 3 लाख 16 हजार 230 रुपए निकाल लिए। पुलिस जांच में सामने आया कि पीड़ित के खाते से सीधे एक लाख रुपए आरोपी तसनीम अंसारी (33) पुत्र नसीम अख्तर निवासी चौरापट्टी, थाना हरिहरपुर गोमो, जिला धनबाद (झारखंड) के बैंक ऑफ इंडिया खाते में ट्रांसफर किए गए थे। आरोपी की साइबर अपराध से जुड़े गिरोह के अन्य सदस्यों से भी सांठगांठ पाई गई है। पुलिस के अनुसार इस गिरोह का संबंध देशभर में साइबर ठगी की 520 से अधिक गंभीर वारदातों से जुड़ा हुआ है। इस संबंध में 3 सितंबर को साइबर पुलिस थाना करौली में मामला दर्ज किया गया था। अनुसंधान के दौरान पुलिस ने पहले भवानी सिंह मीना, विक्रम सिंह मीना और विष्णु मीना उर्फ कल्ला को गिरफ्तार किया था। अब मुख्य आरोपी तसनीम अंसारी को धनबाद से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर करौली लाया गया है। पुलिस उसके अन्य सहयोगियों के संबंध में गहन पूछताछ और अनुसंधान कर रही है। इस कार्रवाई में उपाधीक्षक पुलिस कैलाश चंद्र मीना, सहायक उपनिरीक्षक मोहिंद्र सिंह, हेड कॉन्स्टेबल राजेश, रेणु शर्मा, कॉन्स्टेबल संदीप, विष्णु और नवज्योति की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
भदोही पुलिस ने 117 खोए मोबाइल बरामद किए:कीमत 19.89 लाख रुपये, मालिकों को सौंपे गए
भदोही पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत 117 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 19 लाख 89 हजार रुपये है। इन सभी फोनों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया है। पुलिस अधीक्षक भदोही, अभिनव त्यागी के दिशा-निर्देशन में यह विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता के गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें उनके मालिकों तक पहुंचाना है। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने जनपद के सभी थानों में नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों को CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के निर्देश दिए थे। उन्हें जनसुनवाई और डायल 112 जैसे माध्यमों से प्राप्त शिकायतों पर तुरंत मोबाइल का IMEI नंबर और संबंधित जानकारी पोर्टल पर दर्ज करने को कहा गया था। पोर्टल से प्राप्त ट्रेसबिलिटी डिटेल्स का गहन विश्लेषण कर त्वरित कार्रवाई की गई। नियमित समीक्षा और फॉलो-अप के माध्यम से अधिक से अधिक मोबाइल बरामद करने पर जोर दिया गया। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, कंप्यूटर ऑपरेटरों ने CEIR पोर्टल, जनसुनवाई और डायल 112 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर लगातार काम करते हुए कुल 117 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए। आज, 22 जून 2026 को, रिजर्व पुलिस लाइन ज्ञानपुर सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने इन बरामद मोबाइल फोनों को उनके मालिकों को सौंपा। अपना खोया मोबाइल वापस पाकर मालिकों ने पुलिस अधीक्षक भदोही और जनपदीय पुलिस टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। बरामद किए गए मोबाइल फोन की थानावार सूची इस प्रकार है: ज्ञानपुर - 26, गोपीगंज - 18, कोईरौना - 06, भदोही - 10, चौरी - 04, औराई - 21, ऊँज - 09, सुरियावां - 21, दुर्गागंज - 02। कुल 117 मोबाइल फोन बरामद हुए।
भोपाल की अयोध्यानगर थाना पुलिस ने स्पोर्ट बाइक से मोबाइल लूट और झपटमारी करने वाले गैंग का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 22 मोबाइल फोन, चार बाइक और एक छुरी समेत करीब 11 लाख रुपए का मशरूका बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी महंगे शौक पूरे करने और जल्दी पैसा कमाने के लिए वारदात करते थे। गैंग के सदस्य खासतौर पर उन लोगों को निशाना बनाते थे, जो सड़क पर चलते समय हाथ में मोबाइल लेकर बात करते थे। इन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों में साहिल खान (23), फैजान पठान (21), समीर अंसारी (25) और तालिब खान (28) शामिल हैं। इनके पास से KTM ड्यूक, पल्सर 200 NS, चोरी की होंडा साइन और R15 बाइक बरामद की गई हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी दो स्पोर्ट बाइक से निकलते थे। आगे चलने वाली बाइक से मोबाइल छीना जाता था, जबकि पीछे वाली बाइक पर साथी बैकअप के लिए रहते थे। विरोध करने पर छुरी दिखाकर मोबाइल लूट लेते थे। 11 जून को अयोध्यानगर क्षेत्र के नरेला जोड़ के पास एक युवक से KTM बाइक सवार बदमाशों ने छुरी दिखाकर मोबाइल लूटा था। इस घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। पूछताछ में आरोपियों ने शहर के अयोध्यानगर, पिपलानी, गोविंदपुरा, हबीबगंज, बागसेवनिया और टीला क्षेत्र की करीब 12 वारदातों का खुलासा किया है। पुलिस अब गैंग के फरार सरगना सबदर ईरानी और शाहरुख की तलाश कर रही है। 12 वारदातों का खुलासा पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अयोध्यानगर, पिपलानी, गोविंदपुरा, हबीबगंज, बागसेवनिया और टीला थाना क्षेत्रों में मोबाइल लूट की 12 घटनाएं कबूल की हैं। पुलिस ने इनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगालना शुरू कर दिए हैं। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है।
सीवान के नगर थाना पुलिस ने सिपाही भर्ती परीक्षा देकर घर लौट रहे एक अभ्यर्थी से हुई लूट की घटना के बाद मामला दर्ज होने के महज 48 घंटे के भीतर सफल उद्भेदन कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने लूटा गया मोबाइल बरामद करने के साथ-साथ ऑनलाइन ट्रांसफर की गई राशि वाले बैंक खाते को भी फ्रीज करा दिया है। जानकारी के अनुसार, बीते 14 जून को केंद्रीय चयन परिषद द्वारा आयोजित सिपाही भर्ती परीक्षा की दूसरी पाली समाप्त होने के बाद सुपौल निवासी वीरेंद्र साह के पुत्र नंदलाल साह सीवान रेलवे स्टेशन जाने के लिए आंदर ढाला रेलवे ओवरब्रिज के नीचे रेलवे पटरी के रास्ते जा रहे थे। खाते से करीब 25 हजार रुपये भी ट्रांसफर कर लिए इसी दौरान चार युवक चेहरे पर गमछा बांधकर पहुंचे और मारपीट कर भय दिखाते हुए उनका मोबाइल फोन, छह हजार रुपये नकद तथा गले से सोने का लॉकेट छीन लिया। पीड़ित अभ्यर्थी ने नगर थाना में आवेदन देकर बताया कि अपराधियों ने छीने गए मोबाइल का उपयोग कर यूपीआई के माध्यम से उसके खाते से करीब 25 हजार रुपये भी ट्रांसफर कर लिए। आवेदन के आधार पर नगर थाना कांड संख्या 612/26, दिनांक 18 जून 2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं एवं आईटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। घटना में प्रयुक्त दो अन्य मोबाइल भी बरामद किए मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रांजैक्शन के विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने घटना में शामिल चार आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में नया किला निवासी मो. प्रिंस उर्फ कैश (23 वर्ष), खोदाईबारी निवासी इमरान अली उर्फ हीरा (23 वर्ष), हरिहांस निवासी अबुतलाहा (19 वर्ष) तथा खोदाईबारी निवासी फरहान शेख (19 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से लूटा गया मोबाइल फोन तथा घटना में प्रयुक्त दो अन्य मोबाइल भी बरामद किए हैं। 48 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर दिया नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार ने बताया कि पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान के आधार पर तेजी से कार्रवाई करते हुए 48 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा कर दिया। उन्होंने कहा कि जिस खाते में यूपीआई के माध्यम से राशि ट्रांसफर की गई थी, उसे बैंक के सहयोग से तत्काल फ्रीज करा दिया गया है। पूछताछ के दौरान सभी आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। इस कार्रवाई से नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार की त्वरित कार्यशैली और तकनीकी अनुसंधान क्षमता एक बार फिर सामने आई है।
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET)-UG 2026 री-एग्जाम में रविवार को सेंटर के अंदर मोबाइल से चीटिंग करने वाली छात्रा को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने छात्रा को जेल (ज्यूडिशियल कस्टडी) भेज दिया है। कोर्ट में पेशी के बाद छात्रा चेहरा छुपाते हुए बाहर निकली। वहीं, पुलिस ने मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि मोबाइल का इस्तेमाल केवल जवाब खोजने के लिए किया गया था या प्रश्नपत्र की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास भी हुआ था। यदि जांच में परीक्षा के दौरान अनुचित साधनों के इस्तेमाल की पुष्टि होती है तो संबंधित छात्रा के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इस कानून के तहत दोष सिद्ध होने पर पांच साल तक के कारावास और 10 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। दरअसल, बिंदायका स्थित परीक्षा केंद्र में रविवार को क छात्रा को एग्जाम देने के दौरान मोबाइल से चीटिंग की कोशिश करते पकड़ा गया था। एग्जाम हॉल में मौजूद टीचर को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं तो उन्होंने उसे पकड़ लिया। उसके पास मोबाइल मिला। छात्रा ने मोबाइल को अंडरगारमेंट्स में शर्ट के बटन के नीचे छुपाया था। आरोपी छात्र हिमांशी तिवाड़ी (22 साल) प्रेम नगर गुर्जर की थड़ी की रहने वाली है। छात्रा ने कहा- एआई की मदद से जवाब देखने के लिए मोबाइल लेकर आई पुलिस पूछताछ में छात्रा ने बताया- वह परीक्षा के दौरान एआई की मदद से सवालों के जवाब खोजने के लिए मोबाइल लेकर आई थी। परीक्षा केंद्र पर मौजूद अधिकारियों ने मोबाइल जब्त कर पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं, परीक्षा समाप्त होने से करीब 15 मिनट पहले छात्रा के पास मिले मोबाइल में नीट के प्रश्नपत्र की तस्वीरें भी मिली हैं। परीक्षा केंद्र के आसपास जैमर सक्रिय होने के कारण वह तस्वीरें और अन्य जानकारी बाहर नहीं भेज सकी। मेटल डिटेक्टर जांच के दौरान गुमराह किया प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि प्रवेश के दौरान दो बार मेटल डिटेक्टर से अलर्ट मिला था। पूछताछ में छात्रा ने सुरक्षा कर्मियों को बताया कि अलर्ट अंडरगारमेंट्स में लगे हुक के कारण आ रहा है, जिसके बाद उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश दे दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने छात्रा के अलावा केंद्र के अधीक्षक और परीक्षा ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों से भी देर रात तक पूछताछ की। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सुरक्षा जांच के बावजूद मोबाइल परीक्षा कक्ष तक कैसे पहुंचा। ये भी पढ़ें… री-NEET;मोबाइल से चीटिंग करती छात्रा को पकड़ा:सीकर में 25 मिनट देरी से खुला गेट, परिजनों का हंगामा; अजमेर में बुर्का पहनकर आई स्टूडेंट को एंट्री से रोका नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET)-UG 2026 री-एग्जाम रविवार को राजस्थान के 25 शहरों में हुआ। परीक्षा दोपहर 2 से शाम 5:15 बजे तक हुई। सुबह 11 से दोपहर 1:30 बजे तक स्टूडेंट्स को कड़ी जांच के बाद एग्जाम सेंटर पर एंट्री दी गई। प्रदेश के 577 सेंटर्स पर 2.09 लाख स्टूडेंट्स रजिस्टर्ड थे। (पूरी खबर पढ़ें)
अमरोहा नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कुरैशी में मोबाइल चोरी के शक में एक युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि युवक को चारपाई से बांधकर बेरहमी से पीटा गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि मोबाइल चोरी के आरोप में युवक को पकड़ा गया था। उसे पहले चारपाई से बांधा गया और फिर उसकी पिटाई की गई। मारपीट के बाद युवक को छोड़ दिया गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला पुलिस के संज्ञान में आया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस उन लोगों की पहचान करने का प्रयास कर रही है, जिन्होंने युवक के साथ मारपीट की और कानून को अपने हाथ में लिया।
पलवल में बैग में रखा मोबाइल फटा:श्रमिक की मौत, 2 झुलसे; आग लगने से घबराकर चलते ट्रक से कूदा
पलवल जिले में केएमपी एक्सप्रेस-वे पर एक ट्रक में सवार श्रमिक की हादसे में मौत हो गई। हांसी से अपने परिवार के साथ लौट रहे शिवचंद्र के बैग में रखा मोबाइल अचानक फट गया। इससे बैग में आग लग गई और घबराकर वह चलते ट्रक से कूद गया। जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के जामु गांव का निवासी शिवचंद्र हरियाणा के हांसी में ईंट-भट्टे पर मजदूरी करता था। वह रात के समय अपने परिजनों के साथ केएमपी एक्सप्रेस-वे से ट्रक में सवार होकर अपने गांव लौट रहा था। उसने अपना मोबाइल फोन बैग में रखा हुआ था। फोन में धमाका होने से लगी आग, ट्रक से कूदा पलवल सीमा में पहुंचते ही उसके बैग में रखे फोन में अचानक धमाका हुआ और बैग में आग लग गई। यह आग तुरंत ट्रक में रखे पालिथीन के बंडलों तक फैल गई। आग और धमाके से घबराकर शिवचंद्र चलते ट्रक से कूद गया, जिससे गिरने के कारण लगी चोटों से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में 2 अन्य युवक भी झुलस गए। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव घटना के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल ले जाया गया। मृतक के परिजनों ने पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान के आधार पर इसे इत्फाकिया हादसा बताया है।
उज्जैन में भगवान महाकाल की भस्म आरती की अनुमति के लिए अब श्रद्धालु तीन माह में केवल एक बार अपने मोबाइल नंबर का उपयोग कर सकेंगे। यह व्यवस्था प्रोटोकॉल से आने वाले ऐसे मोबाइल नंबरों पर भी लागू होगी, जिनसे हर माह भस्म आरती की अनुमति ली जा रही है। हालांकि, मंदिर समिति का कहना है कि यह व्यवस्था पहले से लागू है, जिसे अब और प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। करीब दो वर्ष पहले तक श्रद्धालु भस्म आरती की बुकिंग 15 दिन पहले ऑनलाइन करवा सकते थे। इसके लिए मोबाइल नंबर से जुड़ा कोई विशेष नियम नहीं था। वर्ष 2024 में भस्म आरती की अनुमति को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के चलते तत्कालीन कलेक्टर नीरज सिंह ने ऑनलाइन बुकिंग कराने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक आधार कार्ड और एक मोबाइल नंबर से तीन माह बाद ही दोबारा अनुमति देने का निर्णय लिया था। यह व्यवस्था कुछ समय तक लागू रही, लेकिन बाद में बंद कर दी गई थी। अब एक बार फिर भस्म आरती की अनुमति को लेकर मिल रही शिकायतों के चलते मंदिर समिति ने निर्णय लिया है कि एक मोबाइल नंबर का उपयोग तीन माह बाद ही दोबारा किया जा सकेगा। इस व्यवस्था को लागू भी कर दिया गया है। अब जो श्रद्धालु प्रोटोकॉल या अन्य माध्यमों से हर माह भस्म आरती की अनुमति लेकर दर्शन करने आते थे, उन्हें तीन माह बाद ही दोबारा अनुमति मिल सकेगी। महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि यह व्यवस्था पहले से लागू है। इसे अब और प्रभावी तरीके से लागू किया जा रहा है। अब एक ही मोबाइल नंबर का बार-बार उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
उदयपुर की सवीना थाना पुलिस ने राहगीरों और महिलाओं को निशाना बनाकर मोबाइल, बैग और पर्स झपटने वाली गैंग के तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गैंग से जुड़े दो नाबालिगों को भी डिटेन किया है। पूछताछ में आरोपियों ने शहर में 10 अन्य वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। थानाधिकारी गजवीर सिंह ने बताया कि आरोपी जितेन्द्र उर्फ जेबला पिता बाबूलाल निवासी पारेवी झाड़ोल, हंसमुख पिता हीरालाल पारेवी झाड़ोल और कमलेश पिता नाना निवासी पारेवी झाड़ोल को गिरफ्तार किया है। आरोपी जितेन्द्र उर्फ जेबला के खिलाफ लूट और मारपीट के 4 मामले दर्ज हैं। आरोपी हंसमुख के खिलाफ चोरी, लूट, झपटमारी व आर्म्स एक्ट के 5 और आरोपी कमलेश पर लूट और आर्म्स एक्ट के 2 मामले दर्ज हैं। एक ही दिन में 3 वारदात आरोपियों ने 6 जून 2026 को उदयपोल क्षेत्र में स्कूटी सवार युवती का बैग छीन लिया था। इसके बाद 15 जून को गोवर्धनविलास क्षेत्र में एक महिला का पर्स झपट लिया। इसी दिन सेक्टर-14 इलाके में स्कूटी से जा रही दो महिलाओं को भी निशाना बनाकर उनका पर्स छीन लिया। यही नहीं, 15 जून को चेतक सर्कल पर पैदल जा रहे एक व्यक्ति का मोबाइल छीन लिया गया, जबकि रामपुरा क्षेत्र में बाइक पर सवार महिला का बैग झपट लिया गया। हाल ही में सेक्टर-11 से एक पल्सर बाइक चोरी करने की वारदात भी इसी गैंग ने की थी। पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है जिसमें और भी खुलासे होने की संभावना है।
सवीना थाना पुलिस ने शहर में राहगीरों से पर्स और मोबाइल लूटने वाली गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार और दो नाबालिग को डिटेन किया है। थानाधिकारी गजवीर सिंह सोलंकी ने बताया कि मामले में झाड़ोल निवासी जितेंद्र उर्फ जेबला, हंसमुख और कमलेश को गिरफ्तार किया। इनके दो नाबालिग साथियों को डिटेन किया है। पूछताछ में सामने आया कि सभी दोस्त हैं। ये मौज-शौक और शराब पार्टी के शौकीन हैं। आरोपी शाम को गांव से बाइकों पर शहर पहुंचते। फिर यहां 3-4 लूट की वारदातें कर वापस भाग जाते हैं। फिर लूटे हुए सामान को बेचकर राशि शौक में उड़ा देते हैं। जितेंद्र के खिलाफ लूट, मारपीट के 4 केसमुख के खिलाफ चोरी, लूट, ऑर्म्स एक्ट के 5 और कमलेश पर लूट व आर्म्स एक्ट के 2 केस दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपियों से और पूछताछ की जा रही है। 9 दिनों के अंतराल पर दो दिन में बदमाशों ने 10 लोगों को लूटा आरोपियों और नाबालिगों ने शहर में 9 दिनों के अंतराल में 2 दिनों में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में 10 लोगों से लूटपाट की। गत 6 जून को 3 और 15 जून को 7 वारदातों को अंजाम दिया। आरोपियों ने 6 जून को एक महिला का बैग और युवक का मोबाइल छीना। साथ ही सेक्टर-11 से एक बाइक भी चुरा ले गए। फिर 15 जून को 4 महिलाओं के 4 पर्स और 3 युवक से 3 मोबाइल लूट कर भाग गए। ये वारदातें गोवर्धन विलास, उदियापोल, रामपुरा, चेतक सर्किल, सेक्टर-14 और आर्मी एरिया के पास की गई। युवक की बाइक छीनी उदयपुर | हाथीपोल थाने में एक युवक ने दो बदमाशों के खिलाफ बाइक छीन ले जाने का मामला दर्ज कराया है। पुलिस के अनुसार डूंगरपुर हाल गायरियावास निवासी निकुल सुथार ने रिपोर्ट दी कि गत 19 जून को रात 11:35 बजे वह कोर्ट चौराहा से अमेरिकन हॉस्पिटल की तरफ जा रहे थे। चौराहे पर बाइक सवार दो युवक आए और उनसे बाइक के दस्तावेज मांगे। दस्तावेज दिखाने पर बदमाशों ने उन्हें धमकाया और उनकी बाइक ले कर भाग गए।
बेतिया के पत्रकारों की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को वरीय पत्रकार मोहन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में समाचार संकलन करने गए पत्रकारों के साथ इंटर्न छात्रों द्वारा किए गए कथित दुर्व्यवहार, मारपीट और मोबाइल छीनने की घटना की कड़ी निंदा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि पत्रकारों की एक टीम जिले के वरीय अधिकारियों से मुलाकात कर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करेगी। मरीजों के बाद अब पत्रकारों के साथ भी दुर्व्यवहार का आरोप बैठक में पत्रकारों ने कहा कि डॉक्टरों को समाज में भगवान का दर्जा दिया जाता है, लेकिन जीएमसीएच में मरीजों, उनके परिजनों और अब पत्रकारों के साथ हो रही घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में इंटर्न छात्रों की मनमानी बढ़ती जा रही है, जिससे वहां असुरक्षा और अराजकता का माहौल बन रहा है। अस्पताल प्रशासन पर उठाए सवाल पत्रकारों का कहना था कि जीएमसीएच परिसर में आए दिन होने वाली ऐसी घटनाएं प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में इंटर्न छात्रों का व्यवहार लगातार आक्रामक होता जा रहा है। मरीजों और उनके परिजनों के बाद अब पत्रकार भी इसका शिकार हो रहे हैं। दोषियों पर कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था की मांग बैठक में पत्रकार हितों से जुड़े कई प्रस्ताव पारित किए गए। इसमें घटना की उच्चस्तरीय जांच, दोषी इंटर्न छात्रों पर सख्त कार्रवाई और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग शामिल रही। पत्रकारों ने कहा कि बार-बार ऐसी घटनाओं के बावजूद अस्पताल और जिला प्रशासन की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। डीएम से मिलकर सौंपेंगे ज्ञापन बैठक में निर्णय लिया गया कि पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही जिलाधिकारी से मिलकर ज्ञापन सौंपेगा और निष्पक्ष जांच के लिए कमेटी गठित करने की मांग करेगा। पत्रकारों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो वे चरणबद्ध आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
पन्ना जिले के बृजपुर की हरिजन बस्ती में रविवार की रात करीब 9 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक 20 साल का लड़का शराब के भारी नशे में मोबाइल टावर पर जा चढ़ा। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे को देखने के लिए मौके पर लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। जानकारी के मुताबिक, बृजपुर हरिजन बस्ती का रहने वाला लच्छी डुमार (20 वर्ष), पिता नंदू डुमार, किसी प्रेम प्रसंग के चक्कर में था। रविवार रात उसने जमकर शराब पी और फिल्मी अंदाज में सीधे मोबाइल टावर के ऊपर चढ़ गया। वह टावर के सबसे ऊपरी हिस्से पर पहुंचकर वहां से लगातार हंगामा करता रहा। रात का घने अंधेरे होने की वजह से नीचे खड़े लोगों को लच्छी साफ-साफ दिखाई भी नहीं दे रहा था। वह इतनी ज्यादा ऊंचाई पर था कि ऊपर से वह क्या चिल्ला रहा था, उसकी आवाज तक नीचे खड़े लोगों तक नहीं पहुंच पा रही थी। समझाने में जुटे घरवाले और पुलिस लच्छी को टावर पर चढ़ा देख बस्ती के लोगों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत डायल-112 पुलिस को फोन लगाया। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। रात से ही पुलिस के जवान, लड़के के घरवाले और आस-पास के लोग उसे लगातार आवाज देकर नीचे उतरने की मिन्नतें कर रहे हैं, लेकिन शराब के सुरूर में डूबा युवक किसी की भी बात सुनने को तैयार नहीं है। फिलहाल युवक खबर लिखे जाने तक टावर पर ही डटा हुआ है और उसे सुरक्षित नीचे लाने की तमाम कोशिशें नाकाम साबित हुई हैं। पुलिस बेहद सूझबूझ और सावधानी से उसे समझाकर नीचे उतारने के प्रयास में जुटी है ताकि कोई अनहोनी न हो।
नालंदा जिला प्रशासन नीट एग्जाम को लेकर अलर्ट मोड में हैं। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की ओर से आयोजित होने वाली NEET (UG) परीक्षा को कदाचारमुक्त, शांतिपूर्ण और सुगम माहौल में संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। जिले के 5 केंद्रों पर एक पाली में आयोजित होने वाली परीक्षा में कुल 3804 परीक्षार्थी शामिल होंगे। हर सेंटर पर वीडियोग्राफी होगी परीक्षा को स्वच्छ और कदाचार मुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। इसके तहत जिले में 07 स्टैटिक दंडाधिकारी और 07 स्कॉर्ट पार्टी के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस पदाधिकारियों व पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और पुलिस बल को परीक्षा शुरू होने से कम-से-कम तीन घंटे पहले अपने-अपने केंद्रों पर अनिवार्य रूप से तैनात होने का आदेश दिया गया है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संपूर्ण परीक्षा अवधि के दौरान सभी केंद्रों पर सतत वीडियोग्राफी कराई जाएगी। साथ ही सीसीटीवी से निगरानी रखी जाएगी। फोटो कॉपी और मोबाइल दुकानें बंद रहेंगी राजगीर अनुमंडल के अंतर्गत दो प्रमुख केंद्र पी.एम. श्री केंद्रीय विद्यालय (आयुद्ध फैक्ट्री) और पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय (दांगी टोला, राजगीर रेलवे स्टेशन के सामने) पर परीक्षा का आयोजन होना है। इन दोनों केंद्रों पर कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यपालक दंडाधिकारी सुभद्रा कुमारी ने निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत परीक्षा अवधि के दौरान दोनों केंद्रों की चहारदीवारी से 500 गज के दायरे में किसी भी तरह की सभा, जुलूस, धरना-प्रदर्शन या लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। इसके साथ ही इस संवेदनशील क्षेत्र में आग्नेयास्त्र, लाठी, भाला या अन्य किसी भी प्रकार के घातक हथियार का प्रदर्शन और प्रवेश वर्जित रहेगा। सुरक्षा के मद्देनजर परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों के आसपास की सभी फोटो कॉपी और मोबाइल की दुकानें भी पूरी तरह बंद रखी जाएंगी। हालांकि, यह प्रतिबंध परीक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिस बल, दंडाधिकारियों और शवयात्रा जैसी आवश्यक स्थितियों पर लागू नहीं होगा। ट्रैफिक प्लान जारी किया गया राजगीर अनुमंडल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, वहीं बिहारशरीफ नगर निगम क्षेत्र में परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों की भारी भीड़ को देखते हुए व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। प्रशासन की ओर से जारी संयुक्त आदेश के तहत सुबह से लेकर शाम तक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए विशेष अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। ट्रैफिक रूट में बदलाव दूसरी ओर, बिहारशरीफ शहर में परीक्षार्थियों के सुगम आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए 21 जून की सुबह 06:00 बजे से ही विशेष यातायात नियम प्रभावी हो जाएंगे। शहर के भीतर बड़े व्यावसायिक वाहनों जैसे ट्रक, ट्रैक्टर और पिकअप के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। विशेष रूप से हॉस्पिटल चौराहा से भैंसासुर होते हुए अम्बर चौक तक के मार्ग पर बड़े वाहनों का परिचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस रूट पर केवल ऑटो, ई-रिक्शा और दोपहिया वाहनों को ही चलने की अनुमति होगी। सोहसराय की तरफ से आने वाले यात्री वाहन मोगलकुआं एतवारी बाजार और समाहरणालय होते हुए अम्बर की ओर जा सकेंगे। इसके अतिरिक्त, पटना, नवादा और राजगीर से आने वाली सभी बसें रामचंद्रपुर और कारगिल बस स्टैंड तक ही आ सकेंगी, जबकि बरबीघा की ओर से आने वाली बसों को बरबीघा बस स्टैंड पर ही रोक दिया जाएगा। लोगों की सुविधा के लिए पार्किंग शहर में जाम की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने एतवारी मोड़, न्यू रहुई रोड मोगलकुआं, समाहरणालय के पिछले गेट, बरादरी मोड़ और अम्बर-रहुई रोड तिनमुहानी पर ड्रॉप गेट और बैरियर लगाने का फैसला किया है। इसके साथ ही वाहनों के व्यवस्थित ठहराव के लिए खंदक पर स्थित बरबीघा बस स्टैंड, रांची रोड के सरकारी बस स्टैंड, ब्लॉक मोड़ के दोनों किनारों, सोगरा उच्च विद्यालय के मैदान और नालंदा कॉलेजिएट विद्यालय परिसर को पार्किंग स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह ट्रैफिक प्लान एंबुलेंस, प्रशासनिक वाहनों और आपातकालीन सेवाओं पर लागू नहीं होगा। स्थानीय पुलिस और यातायात पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वे सुबह से ही सभी चिन्हित स्थानों पर मुस्तैद रहकर यातायात को सुचारू बनाए रखें।
स्लम बस्तियों में दस्तक देंगी मोबाइल टीमें
भास्कर न्यूज | कवर्धा 28 जून को होने वाला पल्स पोलियो अभियान सिर्फ बूथों तक सीमित नहीं रहेगा। स्वास्थ्य विभाग की टीमें उन बच्चों की तलाश में निकलेंगी, जो सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं हैं। गुड़ फैक्ट्रियों की झोपड़ियां, ईंट-भट्ठों के अस्थायी डेरे, बस स्टैंड के आसपास की घुमंतू बस्तियां और शहर के स्लम एरिया इस बार अभियान का सबसे बड़ा केंद्र होंगे। दरअसल, कबीरधाम जिले में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर परिवार गुड़ फैक्ट्रियों और ईंट-भट्ठों में रहते हैं। इनके छोटे बच्चे अक्सर आंगनबाड़ी और नियमित स्वास्थ्य सर्वे से बाहर रह जाते हैं। यही कारण है कि प्रशासन ने इन इलाकों को हाई-रिस्क जोन मानते हुए विशेष खोज अभियान की रणनीति बनाई है। सीएमएचओ डॉ. देवेन्द्र कुमार तुरे का कहना है कि अभियान के लिए विभाग के पास वैक्सीन की 1.50 डोज उपलब्ध है। अभियान के अलावा अस्पतालों में रुटीन में भी बच्चों को दवा पिलाते रहते हैं। एक भी बच्चा नहीं छूटेगा, परिवार का सत्यापन: स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, मोबाइल टीमें फैक्ट्रियों और ईंट-भट्ठों के भीतर जाकर एक-एक परिवार का सत्यापन करेंगी। जहां बूथ तक बच्चे नहीं पहुंचेंगे, वहां 29 और 30 जून को घर-घर जाकर पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। विशेष निगरानी स्लम एरिया, घुमंतू परिवारों और वनांचल के उन गांवों पर भी रहेगी, जहां लोगों का लगातार पलायन होता है। जिले के कुल 1,13,083 लक्षित बच्चों में से लगभग 60 प्रतिशत बच्चे सिर्फ दो ब्लॉक में हैं। पंडरिया ब्लॉक में 39,625 और कवर्धा ब्लॉक में 28,525 बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य है। इसी तरह बोड़ला ब्लॉक में 24,758 और सहसपुर लोहारा ब्लॉक में 20,175 बच्चों को दवा पिलाई जाएगी। यही वजह है कि इन क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी दल और मोबाइल टीमों की तैनाती की गई है। अभियान ऐसे समय हो रहा है, जब जिले में मानसून सक्रिय होने लगता है। कई ईंट-भट्ठे बंद होने और प्रवासी मजदूरों के स्थान बदलने से बच्चों की पहचान करना चुनौतीपूर्ण होगा। वहीं वनांचल क्षेत्रों में नदी-नाले उफान पर आने से पहुंच भी प्रभावित हो सकती है।
जिले में जनगणना की पहला चरण पूरा:30 जून तक प्रगणक नहीं हटा सकेंगे मोबाइल से एप
गोरखपुर जिले में जनगणना के प्रथम चरण का काम शनिवार को पूरा हो चुका है। इसके तहत मकानों के सूचीकरण, मकान गणना का कार्य किया गया है। निर्धारित समय सीमा से 4 दिन पहले ही सभी हाउस लिस्टिंग ब्लाक (HLB) में मकान गणना पूरी कर ली गई थी। इसके बाद उन परिवारों और मकानों पर ध्यान दिया गया, जिनकी गणना किसी कारण छूट गई थी। इस बीच प्रशासन ने निर्देश दिया है कि प्रगणकों को 30 जून तक अपने मोबाइल से जनगणना एप डिलीट नहीं करना है। जिला प्रशासन के अनुसार, पहले चरण के दौरान मकानों की स्थिति,उपलब्ध सुविधाओं और बुनियादी संसाधनों से जुड़ी जानकारी एकत्र की गई है। इसी आधार पर आगामी दूसरे चरण में जनसंख्या गणना का कार्य किया जाएगा, जो फरवरी 2027 में प्रस्तावित है।जिला जनगणना अधिकारी और एडीएम वित्त एवं राजस्व जय प्रकाश ने बताया कि जनगणना कार्यालय में आगे भी कार्य लगातार जारी रहेगा। उन्होंने सभी प्रगणकों को निर्देश दिया है कि वे 30 जून तक अपने मोबाइल फोन से जनगणना ऐप डिलीट न करें। इस संबंध में सभी समूहों में संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं, ताकि कोई भी प्रगणक अनजाने में ऐप हटाने की गलती न करें। उन्होंने बताया कि 20 जून तक ही मोबाइल ऐप के माध्यम से आंकड़ों में संशोधन की सुविधा उपलब्ध थी। अब पोर्टल पर किसी प्रकार का सुधार नहीं किया जाएगा। जनगणना-2027 देश की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना है, जिसमें प्रगणकों द्वारा मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का पहला चरण 22 मई से 20 जून तक संचालित किया गया। इसके बाद दूसरे चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी, जिसके लिए प्रथम चरण के आंकड़े आधार बनेंगे।
देवास जिले के टोंकखुर्द क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में घायल युवती को शनिवार को उसके परिजन जिला अस्पताल से अपने साथ उत्तर प्रदेश ले गए। युवती उत्तर प्रदेश से मोहित वाजपेई के साथ इंदौर आ रही थी, तभी शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में मोहित वाजपेई की मौत हो गई थी, जबकि युवती और एक अन्य व्यक्ति घायल हुए थे। युवती और मोहित ने शादी करने की योजना बनाई थी। लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगीपरिजनों ने बताया कि उन्हें युवती के घर छोड़कर जाने और मोहित के साथ होने की कोई जानकारी नहीं थी। गुरुवार शाम से उसकी तलाश की जा रही थी और गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। हादसे की सूचना मिलने के बाद ही उन्हें पता चला कि वह देवास में है। अस्पताल में परिजनों को देखते ही युवती उनसे लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगी। मोबाइल भी घर पर ही छोड़ गई थीजांच में यह बात भी सामने आई है कि युवती घर से निकलते समय केवल अपना आधार कार्ड और दसवीं की मार्कशीट साथ लेकर आई थी। वह अपना मोबाइल फोन भी घर पर ही छोड़ गई थी। परिजनों के मुताबिक, उसने अपने सोशल मीडिया अकाउंट भी डिलीट कर दिए थे। जिला अस्पताल में आवश्यक चिकित्सकीय एवं कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद परिजन युवती को अपने साथ उत्तर प्रदेश लेकर रवाना हो गए।
सोनीपत शहर में अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते नजर आ रहे हैं। शुक्रवार देर शाम बस स्टैंड स्थित मामा-भांजा चौक के नजदीक पैदल घर जा रहे एक युवक से बाइक सवार 2 बदमाशों ने मोबाइल झपट लिया और फरार हो गए। यह पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पीड़ित युवक ने पुलिस को शिकायत देकर आरोपियों की गिरफ्तारी और मोबाइल बरामद करने की मांग की है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। सागर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह बीज मार्केट स्थित अपने सीएससी सेंटर से काम खत्म करने के बाद शुक्रवार शाम करीब 8 बजे पैदल घर लौट रहा था। जब वह मामा-भांजा चौक के पास पहुंचा तो मोबाइल फोन पर बातचीत कर रहा था। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार बाइक पर आए दो युवकों ने उसके हाथ से मोबाइल झपट लिया और कुछ ही सेकंड में मौके से फरार हो गए। पलक झपकते ही 2 सेकेंड में वारदात घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि रात करीब 8:54 बजे एक युवक सड़क किनारे मोबाइल पर बात करते हुए जा रहा है। इसी दौरान पीछे से बाइक पर सवार दो युवक उसके पास पहुंचते हैं। फुटेज के अनुसार 8 बजकर 54 मिनट 25 सेकंड पर बाइक युवक के बिल्कुल पास आती है और महज दो सेकंड बाद 8 बजकर 54 मिनट 27 सेकंड पर पीछे बैठा युवक मोबाइल झपटकर फरार हो जाता है। पूरी घटना कुछ ही सेकंड में अंजाम दे दी जाती है। 28 हजार रुपए का था मोबाइल सागर ने बताया कि बदमाश जिस मोबाइल को झपटकर ले गए उसकी कीमत करीब 28 हजार रुपए है। वारदात के तुरंत बाद उसने पुलिस को शिकायत दी और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ मोबाइल बरामद करने की मांग की। सागर का कहना है कि वह रोजाना अपने सीएससी सेंटर से पैदल ही घर आता-जाता है, लेकिन पहली बार इस तरह की घटना का शिकार हुआ है। बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों पर उठाए सवाल पीड़ित सागर ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि इलाके में कई सरकारी सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से बंद पड़े हैं। यदि ये कैमरे चालू हालत में होते तो अपराधियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने में पुलिस को अधिक आसानी होती। उन्होंने प्रशासन से सार्वजनिक स्थानों पर लगे कैमरों को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की। मां बोलीं- नाके के बावजूद कैसे निकल रहे आरोपी सागर की माता भतेरी ने कहा कि बस स्टैंड जैसा संवेदनशील और भीड़भाड़ वाला क्षेत्र होने के बावजूद बदमाश बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पुलिस की ड्यूटी और नाके होने के बावजूद अपराधी आसानी से निकल जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में बड़ी संख्या में बिना नंबर प्लेट की बाइकें सड़कों पर दौड़ रही हैं, लेकिन इनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। पुलिस ने शुरू की जांच, जल्द गिरफ्तारी का दावा घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में ले ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही मोबाइल झपटमारी की इस वारदात में शामिल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जालंधर के भार्गव कैंप में मशहूर चावला मोबाइल पॉइंट के बाहर शाम करीब 4 बजे फायरिंग की गई। यहां बाइक पर आए 2 युवकों ने दुकान के सामने 3 गोलियां चलाईं। इससे दुकान के शीशे टूट गए। इसके बाद युवकों ने यहां से भागने की कोशिश की। हालांकि, फायरिंग करने वाले एक युवक को लोगों ने दबोच लिया। इसके बाद उसकी जमकर लात-घूंसों से पिटाई की गई। उसे चप्पल और जूतों से पीटा गया। गोली चलने पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। बाद में इसकी सूचना पुलिस को दी गई। फिलहाल, फायरिंग के पीछे के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन घटनास्थल पर चर्चा है कि मोबाइल शॉप संचालक को फिरौती के लिए कॉल आई थी। बताया जा रहा है कि मोबाइल विक्रेता से कुछ सप्ताह से 50 लाख रुपए की फिरौती की मांग की जा रही थी। दिनदहाड़े हुई वारदात के बाद दुकानदारों ने घटनास्थल के निकट पुलिस के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों की ओर से व्यापारियों की सुरक्षा की मांग की जा रही है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची है। पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया है। भीड़ ने आरोपी को पीट दिया, जिसमें आरोपी को काफी चोटें आई हैं। मुंह ढंक कर आए थे बदमाश शाम करीब 4 बजे 2 युवक मुंह को कपड़े से बांधकर बाइक से भार्गव कैंप बाजार में आए और चलती हुई बाइक से पीछे बैठे युवक ने फायर कर दिए। गोलियां चावला मोबाइल शॉप के शीशे में लगीं। शाम को दुकान के अंदर ग्राहकों की भीड़ थी और कर्मचारी भी अंदर थे। गोली चलते ही सब बाहर की तरफ भागे। दुकान के अंदर खड़े दो गनमैन भी बाहर आए और लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद लोगों ने बाजार में घेरा बना दिया। बाजार में भीड़ ज्यादा होने के चलते युवकों को अपनी बाइक स्लो करनी पड़ी, जिससे वारदात स्थल से करीब सौ मीटर आगे जाकर दुकानदारों ने एक युवक को काबू कर लिया। जबकि, बाइक चला रहा दूसरा युवक बाइक में ड्रिफ्ट मारकर भागने में कामयाब रहा। इसके बाद लोगों ने फायरिंग करने वाले युवक को कॉलर पकड़कर सड़क पर घसीटा। उसे लात-घूंसों से पीटा और जूते-चप्पलों से भी पिटाई की। इससे युवक बुरी तरह घायल हो गया। आरोपी से पुलिस ने फायरिंग में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद कर लिया है। ACP बोले- हथियार और दूसरे साथी की तलाश जारी मौके पर पहुंचे ACP आतिश भाटिया ने बताया कि दुकानदार से फिरौती मांगी गई थी। पिछले साल भी फिरौती मांगी थी, जिसके बाद 2 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। एक आरोपी को जालंधर पुलिस तो दूसरे को दूसरी स्टेट की पुलिस ने अरेस्ट कर लिया था। ACP ने बताया- आज भी दुकान पर 3 राउंड फायरिंग हुई है। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है। आरोपी और उसके साथी का नाम, पता और इनकी गैंग के बारे में पता लगाया जा रहा है। सस्ते आईफोन के लिए फेमस है शोरूम चावला मोबाइल पॉइंट जालंधर में सबसे सस्ते आईफोन देने का दावा करता है। इनके इंस्टाग्राम पेज पर भी आईफोन लवर की बड़ी फैन फॉलोइंग है। इंस्टाग्राम पर चावला मोबाइल के 1 लाख 45 हजार फॉलोअर्स हैं। दुकान मालिक का नाम अंकुश चावला है, जिन्हें फिरौती के लिए कॉल आ रही थीं। बताया जा रहा है कि फायरिंग 4 बजे की गई है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… बटाला में पूर्व सरपंच पर ताबड़तोड़ फायरिंग, 4 गोलियां चलाईं, जवाबी फायरिंग से बचे पंजाब के गुरदासपुर स्थित बटाला में शनिवार सुबह शिरोमणि अकाली दल नेता और पूर्व सरपंच के घर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी गई। मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात हमलावरों ने लगातार 4 शूट किए। पढ़ें पूरी खबर…
अजमेर में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से 21 जून को NEET-UG री-एग्जाम 2025 का आयोजन होगा। इसके लिए अजमेर जिले में कुल 15 सरकारी केंद्र बनाए गए हैं। शहर में 9 केंद्रों पर 3600 और किशनगढ़ में 6 केंद्रों पर 2631 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। जिले में कुल 6231 छात्र NEET की परीक्षा में शामिल होंगे। इसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सभी अभ्यर्थियों का प्रवेश बायोमेट्रिक सत्यापन और फुल फ्रिस्किंग के बाद ही होगा। महिला अभ्यर्थियों की जांच महिला स्टाफ ही करेगी। हर परीक्षा कक्ष में जैमर और CCTV कैमरे लगाए गए। पूरी परीक्षा की वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी। हर केंद्र पर फ्लाइंग स्क्वाड तैनात रहेगा। मेटल डिटेक्टर से हर अभ्यर्थी की जांच होगी। 100 अभ्यर्थियों पर एक पुलिस गार्ड तैनात रहेगा, जिसमें 50% महिला कार्मिक होंगी। प्रश्न-पत्र ले जाने से लेकर OMR जमा करने तक सशस्त्र पुलिस एस्कॉर्ट रहेगा। ड्यूटी पर लगे पुलिसकर्मी भी मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। हर केंद्र के लिए एक नोडल पुलिस अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रश्न-पत्र स्ट्रॉन्ग रूम में 24x7 सशस्त्र पुलिस की निगरानी में रहेंगे। एग्जाम पेपर ले जाने वाले वाहनों की GPS ट्रैकिंग एग्जाम के प्रश्नपत्र और अन्य गोपनीय सामग्री को सुरक्षित तरीके से एग्जाम सेंटरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन, पुलिस और एस्कॉर्ट टीमों को दी गई है। सभी सेंटरों पर सेंटर सुपरिंटेंडेंट और इनविजिलेटर भी मौजूद रहेंगे। एग्जाम की सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था की गई है। गोपनीय प्रश्नपत्र और अन्य सामग्री सीलबंद प्रोटोकॉल के तहत रखे जाएंगे। एग्जाम सामग्री ले जाने वाले वाहनों में GPS ट्रैकिंग होगी और उन्हें पुलिस एस्कॉर्ट उपलब्ध कराया जाएगा। सभी एग्जाम सेंटर CCTV निगरानी में रहेंगे और उनकी लाइव मॉनिटरिंग सेंट्रलाइज कंट्रोल रूम से की जाएगी। एग्जाम के लिए घर से निकलने के पहले इन बातों का ध्यान रखें अभ्यार्थी NTA ने कहा है कि गर्मी और बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को ध्यान में रखते हुए सभी एग्जाम सेंटरों पर बिजली बैकअप, पर्याप्त रोशनी, पंखे, दीवार घड़ियां, पीने का पानी, शौचालय और मेडिकल सहायता की व्यवस्था की गई है। NTA के मुताबिक अभ्यर्थी पारदर्शी पानी की बोतल साथ ला सकेंगे। डायबिटिक अभ्यर्थियों को शुगर टैबलेट, केला, सेब और संतरा जैसे फल लाने की अनुमति होगी। वहीं, धार्मिक या पारंपरिक पोशाक पहनने वाले तथा फुल स्लीव या ऊनी कपड़े पहनने वाले अभ्यर्थियों को जांच प्रक्रिया के लिए और पहले पहुंचने की सलाह दी गई है। ………………
इंदौर के विजयनगर इलाके में रहने वाले कंस्ट्रक्शन व्यवसायी प्रशांत तोमर ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने क्रेडिट कार्ड की KYC अपडेट करने के नाम पर उन्हें वीडियो कॉल किया और एक लिंक भेजी। लिंक पर क्लिक करते ही उनका मोबाइल हैक हो गया और खाते से करीब 2 लाख 10 हजार रुपए निकाल लिए गए। मामले में साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत के बाद विजयनगर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एप डाउनलोड करने के बाद आया कॉल पुलिस के अनुसार 9 जून की शाम प्रशांत तोमर ने एसबीआई क्रेडिट कार्ड का एप डाउनलोड किया था। कुछ समय बाद उनके व्हाट्सएप पर एक वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक अधिकारी बताया और कहा कि क्रेडिट कार्ड का फ्रेश वेरिफिकेशन और KYC अपडेट करना जरूरी है। इसके लिए उसने प्रशांत को एक लिंक भेजी और उस पर क्लिक करने को कहा। लिंक पर क्लिक करते ही खाते से कट गए रुपए प्रशांत ने जैसे ही लिंक खोली, उनका मोबाइल हैक हो गया। उन्हें कुछ गड़बड़ी का अहसास हुआ तो उन्होंने तुरंत कॉल काट दी और मोबाइल बंद कर दिया। लेकिन तब तक उनके खाते से दो ट्रांजेक्शन में करीब 2 लाख 10 हजार रुपए निकल चुके थे। कार्ड ब्लॉक कराया, फिर साइबर हेल्पलाइन से संपर्क ठगी का पता चलते ही प्रशांत ने तुरंत अपना क्रेडिट कार्ड ब्लॉक कराया। इसके बाद बैंक की हेल्पलाइन और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच के बाद मामला विजयनगर थाने पहुंचा। पुलिस ने शुक्रवार को अज्ञात आरोपियों के खिलाफ साइबर ठगी का केस दर्ज कर लिया। पुलिस कर रही जांच विजयनगर पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। ठगों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, बैंक खातों और ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाई जा रही है। साइबर सेल की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और KYC अपडेट के नाम पर आने वाले कॉल्स से सावधान रहें।
सागर जिले के रहली थाना क्षेत्र स्थित क्राइस्ट कॉन्वेंट स्कूल (पटना बुजुर्ग) के बैंक खाते से 4.15 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। अज्ञात व्यक्ति ने स्कूल के मोबाइल से सिम निकालकर नेट बैंकिंग के जरिए 9 से 11 जून के बीच इस राशि को अन्य खातों में ट्रांसफर कर लिया। शुक्रवार को स्कूल प्रबंधन की शिकायत पर रहली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में स्कूल के ही एक तकनीकी कर्मचारी पर शक जताया गया है। स्कूल की मैनेजर सिस्टर एलसी पोरोलीपरमबिल ने पुलिस को बताया कि प्रिंसिपल पेल्लीशेरी पोरिचु जानसी 5 जून से केरल अवकाश पर गई थीं, जिससे स्कूल की पूरी जिम्मेदारी उनके पास थी। स्कूल के एसबीआई (SBI) खाते का संचालन ऑफिस इंचार्ज केवी रोसिली सिस्टर करती हैं। ऑफिस के तकनीकी कामों के लिए सागर के तिली रोड निवासी हर्ष अग्रवाल को रखा गया था। 9 जून को जब रोसिली सिस्टर ने योनो (YONO) नेट बैंकिंग से बिजली और इंटरनेट का बिल जमा किया, तब ऑफिस में हर्ष उनके पास ही बैठा था। दोबारा बिल जमा करने पर नहीं आया OTP, तब खुली पोल15 जून को जब ऑफिस इंचार्ज रोसिली सिस्टर ने दोबारा बिजली बिल जमा करने के लिए नेट बैंकिंग का उपयोग किया, तो मोबाइल पर ओटीपी (OTP) नहीं आया। फोन चेक करने पर पता चला कि उसमें से सिम ही गायब थी। इसके बाद सिस्टर एलसी और रोसिली ने रहली स्थित एसबीआई शाखा जाकर खाते का स्टेटमेंट निकलवाया, जिसमें 4.15 लाख रुपए की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। तीन दिन में पांच किस्तों में ट्रांसफर किए गए पैसेबैंक स्टेटमेंट के अनुसार, 9 से 11 जून के बीच खाते से पांच किस्तों में राशि ट्रांसफर की गई थी। 9 जून को दो किस्तों में एक-एक लाख रुपए, 10 जून को 50 हजार रुपए और 11 जून को एक लाख व 65 हजार रुपए किसी अन्य खाते में भेजे गए। इस पूरी धोखाधड़ी के बाद स्कूल के खाते में मात्र 141.78 रुपए ही शेष बचे थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर संदेही की तलाश शुरू कीमैनेजर सिस्टर की शिकायत के बाद रहली थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया है। प्रबंधन ने शक जताया है कि कर्मचारी हर्ष को नेट बैंकिंग का पासवर्ड पता था और छुट्टियां होने के कारण वही ऑफिस आ रहा था। पुलिस ने संदेही कर्मचारी की जानकारी जुटाकर उसकी तलाश और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

