ग्वालियर में नगर निगम की मोबाइल कोर्ट ने स्वच्छता और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में शनिवार शाम को डीडी मॉल के पास स्थित (Hotel Clarks Inn) पर गंदगी और अस्थायी अतिक्रमण पाए जाने पर जुर्माना किया गया। नगर निगम मजिस्ट्रेट निशांत मिश्रा के नेतृत्व में निगम और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान होटल क्लार्क इन सहित कई प्रतिष्ठानों पर खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए और नियमों के उल्लंघन पर मौके पर ही दंडात्मक कार्रवाई की गई। मोबाइल कोर्ट के तहत कुल 50 प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें से 35 मामलों में संबंधित लोगों ने जुर्माना स्वीकार करते हुए ऑन स्पॉट समरी ट्रायल कराया, जबकि 15 प्रकरण ऐसे रहे जिनमें जुर्माना जमा नहीं किया गया। इन मामलों को अब न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। नोडल अधिकारी विधि अनूप लिटोरिया के अनुसार, कार्रवाई के दौरान अचलेश्वर स्थित सोहन डेयरी, नई सड़क का शेरे-ए-पंजाब होटल, सिटी सेंटर का रेडिसन होटल सहित अन्य स्थानों से खाद्य सैंपल लिए गए। साथ ही गंदगी और अतिक्रमण पाए जाने पर नगर निगम अधिनियम के तहत जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा गांधी मार्केट, सराफा बाजार, शिंदे की छावनी और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में भी दुकानदारों और व्यापारियों पर कार्रवाई की गई। दुकानों के बाहर सामान रखने और गंदगी फैलाने वालों पर भी जुर्माना लगाया गया। नगर निगम की इस मुहिम के तहत कुल 84 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शहर में स्वच्छता और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
अररिया पुलिस ने 27 फरवरी को पलासी थाना क्षेत्र में हुए लूटकांड का सफल खुलासा किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से लूटी गई मोबाइल, नकदी का कुछ हिस्सा और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि 27 फरवरी को पलासी थाना क्षेत्र के भीखा गांव में पप्पू कुमार यादव (25 वर्ष) को तीन अज्ञात अपराधियों ने रोककर उनसे रियलमी कंपनी का मोबाइल फोन और 8 हजार रुपये नकद लूट लिए थे। पीड़ित की शिकायत पर पलासी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले के शीघ्र उद्भेदन के लिए पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने गहन छानबीन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की। मोबाइल और लूट की राशि में से 3000 रुपये बरामद जांच के दौरान, पुलिस ने घटना में शामिल दो आरोपियों प्रेम कुमार (22 वर्ष) और देवेंद्र कुमार उर्फ देव कुमार (23 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी मजलिसपुर वार्ड संख्या 06, थाना पलासी, जिला अररिया के निवासी हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (BR-38AJ-6468), लूटी गई रियलमी मोबाइल और लूट की राशि में से 3000 रुपये बरामद किए हैं। डीआईयू और सशस्त्र बल के जवानों ने की कार्रवाई छापेमारी टीम में पलासी थाना के थानाध्यक्ष मिथलेश कुमार, डीआईयू टीम और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अन्य फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी अभियान जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच जारी है और शेष अपराधियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने कहा कि जिले में अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और किसी भी प्रकार की घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है।
जांजगीर चांपा में ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाला गिरफ्तार:शिवरीनारायण पुलिस ने मोबाइल और नकदी जब्त की
जांजगीर चांपा जिले में अवैध जुआ और सट्टे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में शिवरीनारायण थाना पुलिस ने मोबाइल के जरिए ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपी मुकुंद केशवानी (29) को वार्ड क्रमांक 10, भोगहापारा, शिवरीनारायण से पकड़ा। मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने छापा मारा और आरोपी को मोबाइल पर सट्टा खिलाते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ऑनलाइन सट्टा चलता था आरोपी गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से सट्टे में इस्तेमाल किए गए 13,000 रुपये नकद और लगभग 10,000 रुपये कीमत का रियलमी कंपनी का मोबाइल फोन जब्त किया। पूछताछ में आरोपी ने मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा चलाने की बात स्वीकार की। इसके बाद आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 06 और 07 के तहत मामला दर्ज किया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल (IPS) के निर्देश पर की गई, जो जिले में अवैध जुआ, सट्टा और अन्य अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही हैं।
फरीदकोट की केंद्रीय मॉडर्न जेल में हवालातियों से मोबाइल फोन बरामद होने का सिलसिला लगातार जारी है। जेल प्रशासन ने एक बार फिर विभिन्न बैरकों की तलाशी के दौरान दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस संबंध में थाना सिटी पुलिस को शिकायत भेजकर दो आरोपियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत केस दर्ज करवाया गया है। पुलिस को भेजी शिकायत में जेल के सहायक अधीक्षक भिवम तेज सिंगला ने बताया कि जेल अधीक्षक के निर्देशों पर शनिवार को जेल कर्मचारियों की टीम ने विभिन्न बैरकों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जेल में बंद हवालाती मोगा निवासी लखविंदर सिंह और फाजिल्का निवासी बलराम सिंह से एक-एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। दोनों हवालातियों के खिलाफ थाना सिटी फरीदकोट में जेल एक्ट के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बाहरी दीवार से थ्रो कर जेल में पहुंच रहे है मोबाइल फोन-जेल प्रशासन इस मामले में जांच अधिकारी एएसआई गुरपाल सिंह ने बताया कि नामजद आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि उनके पास जेल के अंदर मोबाइल फोन कैसे पहुंचे। जेल प्रशासन का दावा है कि मोबाइल फोन बाहरी दीवार के ऊपर से फेंककर अंदर पहुंचाए जा रहे हैं। हाल ही में पुलिस ने जेल की दीवार के पास से सामान फेंकने आए दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था, जिनसे मोबाइल फोन सहित अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद हुआ था।
बरनाला के पक्खो कैंचिया में नरिंदर पाल सिंह नामक एक युवक 150 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। वह अपने गांव पक्खोके के सरपंच से कथित तौर पर परेशान था। टावर पर चढ़कर उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल किया, जिसमें वह रोते हुए अपनी बात रख रहा था। वीडियो में नरिंदर पाल ने बताया कि डेढ़ साल पहले उसके भाई कुलदीप सिंह की ससुराल वालों से विवाद के चलते मौत हो गई थी। इसके बाद ससुराल वालों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। बाद में दोनों गांवों की पंचायतों के बीच एक समझौता हुआ था। समझौते के तहत, कुलदीप सिंह के बच्चों के भविष्य के लिए 3 लाख 20 हजार रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की जानी थी। सरपंच पर परेशान करने का आरोप इसके बदले में नरिंदर पाल को कोर्ट में इस समझौते को मंजूरी देनी थी। नरिंदर पाल ने सरपंच पर जानबूझकर उसे परेशान करने का आरोप लगाया। उसने कहा कि समझौते के अनुसार, उसे अदालत में गवाही देनी थी और दूसरी पार्टी को बच्चों के नाम पर राशि जमा करवानी थी। हाल ही में जज के न होने के कारण गवाही नहीं हो सकी, जिसके बाद दूसरी पार्टी ने पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी। इसी से नाराज होकर वह टावर पर चढ़ गया। उसकी मांग है कि उसके मृतक भाई के बच्चों को न्याय मिले और समझौते की पूरी राशि तुरंत जमा करवाई जाए। दूसरी ओर, गांव पक्खोके के सरपंच गुरचरण सिंह ने सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि समझौते की राशि पंचायत के पास जमा के तौर पर सुरक्षित है। पुलिस बोली- दोनों पक्षों को बातचीत के लिया बुलाया है सरपंच के अनुसार, नियम यह था कि अदालत में गवाही देने के बाद ही यह राशि बच्चों के नाम हस्तांतरित की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि नरिंदर पाल बिना गवाही दिए ही पैसे मांग रहा है।कैंचियां पुलिस चौकी के इंचार्ज एएसआई बलजिंदर सिंह ने बताया कि नरिंदर पाल के भाई की मौत का मामला बठिंडा के भुच्चो मंडी थाने में दर्ज था। पुलिस ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया था, लेकिन इससे पहले ही नरिंदर पाल टावर पर चढ़ गया। पुलिस ने उसे समझा-बुझाकर नीचे उतारा और दोनों पक्षों के बीच फिर से समझौता हो गया।
करनाल जिले में घर में घुसकर चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामला असंध क्षेत्र का है, जहां बीते शुक्रवार की रात एक घर में घुसकर नगदी और मोबाइल चोरी कर लिया गया था। पुलिस ने शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई शुरू की और सूचना के आधार पर आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी से चोरी किया गया सामान भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस चौकी सलवान इंचार्ज सब इंस्पेक्टर मनदीप सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। नकदी और मोबाइल बरामद जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली, जिसके आधार पर गांव सालवन क्षेत्र से आरोपी अंकुश को काबू किया गया। पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली तो उसके कब्जे से चोरी किया गया एक मोबाइल फोन और 2,500 रुपए की नगदी बरामद हुई। कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेजा आरोपी ने पूछताछ में चोरी की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आज कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
दिल्ली पुलिस ने शाहदरा से ‘ड्रग्स क्वीन’ के नाम से मशहूर कुसुम को अरेस्ट किया। उस पर 50 हजार रुपए का इनाम था। शाहदरा पुलिस के मुताबिक, वह दो महीने से कुसुम की तलाश कर रही थी और गुरुवार को जब वह शाहदरा आई, तो पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। मीडिया को जानकारी शनिवार को दी। इसे अरेस्ट करने के लिए पुलिस ने 200 से अधिक CCTV और 100 से ज्यादा मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड तलाशे। कुसुम पर 2003 से 2024 के बीच NDPS एक्ट (ड्रग्स से जुड़े मामलों) के तहत 11 केस दर्ज हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि कुसुम लगातार ठिकाने बदलती रहती थी। कई बार पुलिस के पहुंचने से कुछ मिनट पहले ही वह फरार हो जाती थी। वह स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करती थी और बार-बार सिम कार्ड बदलती रहती थी। बेटियां भी ड्रग्स व्यापार में शामिल ड्रग्स के व्यापार में कुसुम के साथ उसकी बेटियां भी शामिल थीं। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी बेटियां दीपा और चीकू को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। इसके अलावा उसका भाई हरिओम और सहयोगी रवि भी उसके साथ पकड़े गए। कुसुम ने दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके से छोटे स्तर पर ड्रग्स बेचने का काम शुरू किया था। रोहिणी कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित किया था। कुसुम दिल्ली से कई राज्यों में ड्रग्स का नेटवर्क चला रही थी। गिरफ्तारी के बाद भी उसने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे पकड़ लिया गया। NDPS एक्ट के तहत 20 साल तक की सजा NDPS एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985) के जरिए नशीली दवाओं और ड्रग्स के सेवन, उत्पादन, बिक्री और तस्करी पर कार्रवाई की जाती है। ये कानून गांजा, अफीम,चरस और हेरोइन जैसे नशीले पदार्थों पर पूरी तरह पाबंदी लगाता है। इस कानून तहत दोषी साबित होने तक निर्दोष मानने के बजाय, यह मान लिया जाता है कि आरोपी को नशीले पदार्थ की जानकारी थी, और खुद को बेगुनाह साबित करने की जिम्मेदारी आरोपी की होती है। NDPS एक्ट के तहत 1 साल से 20 साल की जेल, जुर्माना और फांसी की सजा हो सकती है। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… पंजाब में CCTV, लाइव फीड पाकिस्तान में दिख रही:दिल्ली पुलिस ने 11 आरोपी पकड़े, ISI एजेंटों ने सैन्य ठिकानों के पास लगवाए थे कैमरे पंजाब में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी (ISI) के इशारे पर सेना और बीएसएफ के संवेदनशील ठिकानों की जानकारी इस्लामाबाद भेजने वाले 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एजेंटों ने पंजाब के सैन्य और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी लगा रखे थे। इसका लाइव फुटेज पाकिस्तान भेजा जा रहा था। पूरी खबर पढे़ं…
देवास पुलिस ने एक बड़े साइबर धोखाधड़ी मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में से एक को करीब 1600 किलोमीटर दूर कोलकाता से और दूसरे को 800 किलोमीटर दूर से पकड़ा गया। पुलिस ने इनके कब्जे से 4,96,500 रुपए नकद और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। मामला 2 जनवरी 2026 को नाहर दरवाजा थाने में दर्ज हुआ था। फरियादी मनोहर राव ने शिकायत की थी कि उन्हें व्हाट्सएप पर ‘RTO Chalan.Apk’ नाम से एक संदिग्ध लिंक भेजा गया था। लिंक डाउनलोड करते ही उनका मोबाइल हैक हो गया और बैंक खाते से 7,98,000 रुपए निकाल लिए गए। शिकायत के बाद पुलिस ने ई-एफआईआर दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की। डिजिटल ट्रेल के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की गई और संबंधित बैंक खातों को फ्रीज कराया गया, जहां ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। पश्चित बंगाल के हैं दोनों आरोपी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद ताहिर (32) और राहिल (36) निवासी कोलकाता, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है। इनके पास से 4,96,500 रुपए नकद और करीब 35 हजार रुपए कीमत के दो एंड्रॉइड मोबाइल बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई ई-जीरो एफआईआर प्रणाली के तहत की गई है, जिसके जरिए साइबर अपराधों पर तेजी से नियंत्रण किया जा रहा है। जिले में ऑपरेशन साइबर भी चलाया जा रहा है, जिसके तहत पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण और आम जनता को जागरूक किया जा रहा है।
चतरा जिले के इटखोरी थाना पुलिस ने मोबाइल और बाइक चोर गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से चोरी की एक अपाचे मोटरसाइकिल और लूटे गए दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह गिरफ्तारी शुक्रवार शाम करीब 4:15 बजे करनी रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास 'एंटी क्राइम चेकिंग' के दौरान हुई। पुलिस को देखकर एक नीले रंग की अपाचे मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक घबरा गए। संदेह होने पर पुलिस ने उन्हें रोका और पूछताछ की। पूछताछ में युवकों ने अपनी पहचान शहरजाम निवासी प्रशांत कुमार यादव उर्फ माइकल, सूरज कुमार और बहादुर कुमार राणा के रूप में बताई। तलाशी लेने पर सूरज के पास से एक रेडमी और बहादुर के पास से ओपो कंपनी का मोबाइल बरामद हुआ। राहगीरों से मोबाइल भी छीनते थे कड़ाई से पूछताछ करने पर तीनों ने स्वीकार किया कि बरामद बाइक और मोबाइल चोरी के हैं। उन्होंने बताया कि वे राहगीरों से मोबाइल छीनते थे और बाइक चोरी कर उन्हें बेचकर पैसे आपस में बांट लेते थे। गिरफ्तार अपराधियों में प्रशांत कुमार यादव उर्फ माइकल का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। चतरा एसपी के निर्देश पर जिले में अपराध नियंत्रण के लिए लगातार वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। वह साल 2021 में हजारीबाग सदर थाना अंतर्गत लूट और छिनतई के एक मामले (कांड संख्या 55/21) में जेल जा चुका है और वर्तमान में जमानत पर बाहर था। जमानत पर आने के बाद उसने फिर से अपना गिरोह सक्रिय कर लिया था।
अजमेर दरगाह में मोबाइल चोरी का गिरोह पकड़ा:5 लाख के 25 मोबाइल बरामद, खरीदारों की तलाश जारी
अजमेर दरगाह में जायरीन की जेबतराशी करने वाले एक गिरोह का दरगाह थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 5 लाख रुपए कीमत के करीब 25 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक हर्ष वर्धन अगरवाला ने बताया कि दरगाह में भीड़ का फायदा उठाकर चोरी की वारदात होने के कई मामले आ रहे हैं। जिन पर अंकुश लगाने के लिए सीओ दरगाह लक्ष्मणराम के निर्देशन व थानाप्रभारी दिनेश जीवनानी के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। टीम ने संदिग्धों पर निगरानी रखी व मुखबिरतंत्र को सक्रिय किया। इस दौरान सूचना मिली कि नई सड़क स्थित एक स्थान पर 4-5 लड़के बैठकर मोबाइलों का बंटवारा कर रहे हैं। इस पर सीआई जीवनानी मय दल पहुंचे और युवकों को दबोच लिया। उनके कब्जे से करीब 25 मोबाइल फोन बरामद हुए। पूछताछ में उन्होंने मोबाइल चोरी करना स्वीकार कर लिया है। इनको किया गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपितों में केला बावड़ी अन्दरकोट निवासी शेख अजुबा (22) पुत्र शेख आजाद, मीठा नीम के पास अन्दरकोट निवासी सुल्तान (25) पुत्र कमरूल व जावेद (25) पुत्र कमरूल, भाटाभाव, अन्दरकोट निवासी अली (26) पुत्र अयूब अंसारी और सिलावट मोहल्ला हाल गली-1 ईदगाह कॉलोनी वैशाली नगर निवासी मोहम्मद शाहीद (20) पुत्र मोहम्मद शरीफ है। आरोपित बड़े ही शातिर अपराधी हैं, जो भीड़ में जायरीन की जेब से मोबाइल, पर्स व अन्य कीमती सामान चुराने में माहिर हैं। पांचों आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी मुकदमे दर्ज हैं। चोरी का माल खरीदने वालों की तलाश एसपी हर्ष वर्धन ने बताया कि पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पकड़े गए बदमाश चोरी के मोबाइल कहां और किसे बेचते हैं। पुलिस अब चोरी का माल खरीदने वालों को भी गिरफ्तार करेगी।
फतेहाबाद शहर में अशोक नगर के एक युवक के साथ साइबर फ्रॉड हो गया। युवक का मोबाइल हैक कर किसी ने बैंक अकाउंट से 97 हजार रुपए निकाल लिए। युवक ने फोन-पे खोला, तो उसे इस साइबर धोखाधड़ी की जानकारी मिली। इसके बाद उसने साइबर हेल्पलाइन और पुलिस को शिकायत दी। साइबर पुलिस ने घटना के करीब ढाई महीने बाद एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। फोन पर लिखा आता रहा अपडेटिंग अशोक नगर के परमवीर (36) ने बताया कि 31 जनवरी की रात को वह अपने घर पर था। इसी दौरान उसने मोबाइल हाथ में लिया, तो उसमें सर्कल घूम रहा था और अपडेटिंग लिखा हुआ आ रहा था। उसको लगा कि मोबाइल अपडेट हो रहा है। जब थोड़ी देर बाद मोबाइल ऑन हुआ, तो उसके वॉट्सऐप नंबर पर HDFC बैंक के ग्रुप में बैंक ट्रांजैक्शन के मैसेज आए। तीन ट्रांजैक्शन में कटे 97 हजार रुपए उसी समय उसने अपने फोन-पे को खोलकर देखा, तो उसके HDFC बैंक के खाते में से 20 हजार रुपए, 30 हजार रुपए व 47 हजार रुपए की तीन डेबिट ट्रांजैक्शन अपने आप होनी पाई गई। परमवीर के अनुसार, इन तीनों ट्रांजैक्शन को उसने नहीं किया। ना ही उसे पता लगा कि ये रुपए किसने निकाले। इस तरह उसके साथ 97 हजार रुपए की धोखाधड़ी हो गई। इसके बाद उसने 1 फरवरी को साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दी। अब साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाने के बाद केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की है। रिकॉर्ड लेने में लगता है टाइम- SHO देरी से एफआईआर दर्ज करने के मामले में साइबर पुलिस स्टेशन प्रभारी राहुल देव का कहना है कि कई बार मामले से संबंधित रिकॉर्ड लेने में टाइम लग जाता है। इस कारण एफआईआर दर्ज करने में देरी होती है। बाकी अधिकांश मामलों में कोशिश रहती है कि तुरंत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की जाए।
साइबर अपराध व मोबाइल के दुष्प्रभावों की विधिक शिविर में दी जानकारियां
भास्कर न्यूज | मुंडियर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तालुका विधिक सेवा समिति शाहाबाद की ओर से राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल मुंडियर में एक दिवसीय विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया। अध्यक्षता अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव दतात्रेय ने की। उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर अपराधों से सुरक्षा बेहद जरूरी हो गई है। मोबाइल जितना उपयोगी है, उसका दुरुपयोग उतना ही खतरनाक साबित हो सकता है। न्यायाधीश ने ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी साझा करने के खतरे, सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से मित्रता, डिजिटल अरेस्ट जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल का उपयोग शिक्षा एवं ज्ञानवर्धन के लिए करने की सलाह दी। साथ ही अत्यधिक मोबाइल उपयोग से होने वाले मानसिक व शारीरिक दुष्प्रभावों के प्रति भी सचेत किया। उन्होंने कानून संबंधी सामान्य जानकारी देते हुए बताया कि किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर सकता है। शिविर में तालुका सचिव हरिशंकर मीणा, पीएलवी ऋषि माली, अधिवक्ता डेविड भार्गव सहित अन्य उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत गरीबों तक पहुंचने वाले गेहूं पर जयपुर में एक संगठित नेटवर्क का नियंत्रण है। भास्कर पड़ताल में सामने आया कि शहर में महज 28 मोबाइल नंबरों के जरिए 118 राशन दुकानों का संचालन हो रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि एक ही मोबाइल नंबर 13 पोस मशीनों से जुड़ा मिला, जिससे पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह खेल एफसीआई गोदाम से गेहूं उठाने से लेकर राशन दुकानों तक पहुंचने के बीच ओटीपी सिस्टम के जरिए संचालित हो रहा है। ओटीपी जिस मोबाइल पर आता है, वही व्यक्ति कई दुकानों की सप्लाई और स्टॉक एंट्री नियंत्रित कर रहा है। डेटा से खुला खेल; ये ‘सुपर नंबर’ चला रहे नेटवर्क; 9314968787 मोबाइल नंबर पर 13 दुकानें इस मोबाइल नंबर 9314517822 पर 9 दुकानें तोपखाना हजूरी सहकारी भंडार (वार्ड 53) 3 दुकानों वाले नं.9829157963982990922698291974759414689687741480222298751524008949312355800597260098294571249929334863 भास्कर ने मोबाइल नंबर जुड़ने पर पूछा तो मिले अजीबो-गरीब जवाब पड़ोसियों के पास मोबाइल नहीं था, इसलिए नंबर जोड़ दिया 13 दुकानों से जुड़े नंबर 9314968787 पर बात करने पर अशोक अग्रवाल ने फोन उठाया। उन्होंने बताया कि 3 दुकानें परिजनों के नाम हैं, जबकि बाकी पड़ोसियों की दुकानों पर मोबाइल नहीं होने के कारण उनका नंबर जोड़ा है। दुकान छोड़ दी, नंबर जुड़ा रह गया, जानकारी नहीं 8 दुकानों से जुड़े मोबाइल नंबर 9829909226 पर तनिष्क अग्रवाल ने फोन उठाया। उन्होंने बताया कि वे दुकानें छोड़ चुके हैं, लेकिन मोबाइल नंबर अब भी जुड़ा हुआ है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। कुछ समय पहले उन्हें शिकायत मिली थी, जिनका मोबाइल नंबर हटा दिया गया है, उनकी जांच कराई जा रही है। -प्रियव्रत सिंह चरण, डीएसओ प्रथम
कानपुर किडनी मामले में फरार दो डॉक्टर और ओटी मैनेजर का फोन बंद है। हालांकि इस बीच वह अंजान नंबरों से अपने परिवार को फोन कर रहे हैं। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि मदद के नाम पर फोन लेकर डाक्टर ने कॉल की थी। पुलिस का दावा है वह डॉक्टर के नजदीक है। जल्द ही उन तक पहुंच जाएगी। हालांकि दो आरोपियों की अभी तक कोई लोकेशन पुलिस को नहीं मिली है। 29 मार्च को पुलिस ने की थी छापेमारी रावतपुर के केशवपुरम स्थित आहूजा हॉस्पिटल में 29 मार्च को अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट के ऑपरेशन की सूचना पर पुलिस ने छापा मारकर अस्पताल संचालक डॉ. प्रीती आहूजा पति सुरजीत सिंह आहूजा को गिरफ्तार किया था। इसके बाद कल्याणपुर के मेडलाइफ हॉस्पिटल में बिहार के बेगूसराय का डोनर आयुष कुमार और प्रिया अस्पताल के डीलक्स रूम में मुजफ्फर नगर की पारुल तोमर भर्ती मिली। किडनी के इस अवैध कारोबार का सरगना डॉ. रोहित को बताया गया। उसके लिए कानपुर में काम करने वाले एंबुलेंस चालक शिवम अग्रवाल, मेडलाइफ अस्पताल के मालिक राजेश कुमार व राम प्रकाश कुशवाहा प्रिया अस्पताल के संचालक नरेंद्र सिंह को जेल भेजा गया। इसके बाद पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की तो ओटी मैनेजर राजेश कुमार और ओटी संचालक कुलदीप सिंह राघव गाजियाबाद से पकड़े गए। इन सभी को जेल भेजा जा चुका है। एजेंट शिवम ने पूछताछ में डॉ. रोहित, डॉ. अफजल और ओटी मैनेजर मुद्स्सर अली सिद्दीकी उर्फ डॉ. अली का नाम लिया। पुलिस इनकी खोजबीन में जुटी तो तीनों मोबाइल बंद करके फरार हो गए। इनमें से एक डॉक्टर के करीब पुलिस पहुंच चुकी है। दरअसल, वह अपने अंजान नंबरों से अपनी पत्नी और एक रिश्तेदार से संपर्क करता है, दो बार ऐसी कॉल मिली है। जिसके बाद पुलिस अंदाजा लगा रही है कि आरोपी उधार का मोबाइल लेकर परिजनों के संपर्क में हैं। डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद बढ़ेगी जांच पुलिस अधिकारियों के मुताबिक किडनी कांड में अब फरार तीनों डॉक्टरों को उठाने पर ही पुलिस का जोर है। इसलिए तीन टीमें और लगाई गई हैं। दरअसल सूत्र बताते हैं कि इस मामले में हर दिन कोई न कोई नया नाम सामने आ रहा है। जांच के साथ ही किडनी कांड के नेटवर्क का दायरा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में कमिश्नरेट पुलिस पहले फरार आरोपियों को पकड़ेगी उसके बाद आगे की जांच शुरू करेगी। डीसीपी ने बताया कि सारा फोकस फरार डॉक्टरों की गिरफ्तारी पर है। तीनों आरोपी डॉ. रोहित, डॉ. अफजल और अली पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया जा चुका है।
बक्सर के अमन कुमार तिवारी नामक युवक पर एक वेबसाइट के माध्यम से प्रधानमंत्री को जान से मारने की धमकी देने के आरोप में साइबर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने उसे 8 अप्रैल की रात उसके घर से गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, सिमरी थानाध्यक्ष को गुप्त सूचना मिली थी। इसमें बताया गया कि आशा पड़री निवासी अमन कुमार तिवारी ने संयुक्त राज्य अमेरिका की गुप्तचर एजेंसी सीआईए (CIA) की वेबसाइट पर प्रधानमंत्री को जान से मारने की धमकी भरा आपत्तिजनक पोस्ट किया था। विशेष टीम गठित की गई सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थानाध्यक्ष अविनाश कुमार कश्यप के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के घर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के घर से एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, दो पेनड्राइव, विभिन्न बैंकों के नौ डेबिट कार्ड और एक फर्जी पहचान पत्र बरामद किया। जांच में उसके मोबाइल में कई वीपीएन (VPN) और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े ऐप मिले, जबकि लैपटॉप में डार्क वेब एक्सेस करने के लिए इस्तेमाल होने वाला टोर ब्राउजर (Tor Browser) इंस्टॉल पाया गया। आरोपी अमन ने इस घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी अमन ने इस घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। उसने यह भी खुलासा किया कि वह पहले कोलकाता एयरपोर्ट को उड़ाने की धमकी देने के मामले में भी शामिल रह चुका है। इस संबंध में साइबर थाना कांड संख्या 19/26, दिनांक 10 अप्रैल 2026 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में साइबर थाना और सिमरी थाना की संयुक्त टीम ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस अब इस मामले के अन्य पहलुओं की भी गहन जांच कर रही है।
ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट ठगी का आरोपी गिरफ्तार:बूंदी पुलिस ने 25 हजार रुपए और मोबाइल फोन बरामद किए
बूंदी पुलिस ने ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट के नाम पर साइबर ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी महावीर प्रसाद से 25 हजार रुपए नकद और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। यह कार्रवाई विशेष अभियान म्यूल हंटर के तहत की गई है। बूंदी एसपी अवनीश कुमार शर्मा ने बताया कि करवर थाना पुलिस ने महावीर प्रसाद पुत्र गोपी लाल मीना निवासी केदारा की झोपड़िया, थाना करवर, जिला बूंदी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट का लालच देकर ठगी करता था। पुलिस मुख्यालय राजस्थान, जयपुर के निर्देश पर 1 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक साइबर अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान म्यूल हंटर चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य साइबर ठगी की वारदातों पर अंकुश लगाना और अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करना है। इस अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमा शर्मा के मार्गदर्शन और नैनवां डिप्टी राजूलाल मीणा के सुपरविजन में करवर थानाधिकारी नरेश कुमार के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया था। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों का संकलन और गहन विश्लेषण कर आरोपी महावीर प्रसाद को पकड़ा। आरोपी महावीर प्रसाद इन्वेस्टमेंट के नाम पर रकम दोगुनी करने का प्रलोभन देता था। वह डमी मैसेज और 'मनी हेल्प' जैसे संदेश भेजकर लोगों से धोखाधड़ी करता था। उसके खाते से हजारों रुपए के लेनदेन का मामला सामने आया है। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है। पुलिस इस प्रकरण में वांछित अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रही है।
दतिया के ग्राम जौंहार स्थित मरई माता मंदिर के पास दिनदहाड़े हुई लूट के मामले में अदालत ने करीब तीन साल बाद फैसला सुनाते हुए एक आरोपी को 7 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। विशेष न्यायाधीश राजेश भंडारी की अदालत ने आरोपी प्रवेश रावत को धारा 392 और मध्य प्रदेश डकैती एवं अपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम की धाराओं में दोषी पाया। मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ निर्णय पहले ही दिया जा चुका था। जबकि प्रवेश रावत फरार होने के कारण उसके विरुद्ध सुनवाई लंबित थी। सरकारी वकील अरुण कुमार लिटोरिया ने बताया कि, घटना 27 मई 2023 की है। फरियादी गौरव कुशवाहा अपनी बुआ पार्वती कुशवाहा को ग्राम पठारी से गढ़ पहाड़ छोड़ने जा रहा था। सुबह करीब 9:30 बजे जैसे ही वह जौंहार के पास मरई माता मंदिर के नजदीक पहुंचा। तभी प्लैटिना बाइक सवार तीन बदमाशों ने उसकी बाइक के सामने गाड़ी अड़ाकर उसे रोक लिया। बदमाशों ने गौरव को धक्का देकर गिरा दिया और उसका मोबाइल व मोटरसाइकिल छीनकर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने बड़ोनी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी और आरोपियों को पहचानने की बात कही थी। जांच के दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पहचान कराई और साक्ष्य जुटाए। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 9 गवाह पेश किए। जिनके आधार पर अदालत ने प्रवेश रावत को दोषी ठहराया।
मध्य प्रदेश की साइबर क्राइम की टीम ने विदिशा के गंजबासौदा में शुक्रवार की दोपहर को एक घर में छापेमार कार्रवाई की। शहर थाना क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई में फर्जी कॉल सेंटर चलाए जाने के प्रमाण पुलिस को मिले हैं। घर से बड़ी संख्या में अंजान लोगों के पहचान संबंधी दस्तावेज और हाईटैक इलेक्ट्रानिक गैजेट्स, लैपटॉप और मोबाइल फोन मिले हैं। अब तक की जांच में इस बात का खुलासा हो चुका है कि योगेंद्र सिंह नाम का युवक इस कॉल सेंटर का संचालन कर रहा था। जो नोएडा का रहने वाला है। बीते 6 महीने से गंजबासौदा में रह रहा था। देश के अलग-अलग राज्यों में ऑनलाइन जॉब का झांसा देकर ठगी की वारदातों का अंजाम दे रहा था। योगेंद्र सहित तीन युवतियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। सभी से पूछताछ की जा रही है। रोजगार का झांसा देकर स्थानीय युवतियों को रखा योगेंद्र ने रोजगार देने का झांसा देकर स्थानीय युवतियों को नौकरी पर रखा था। प्रति युवती को 10-12 हजार रुपए तक प्रति माह के हिसाब से वेतन दिया जाता था। पुलिस आरोपी के पूरे नेटवर्क के संबंध में पूछताछ कर रही है। उसके विदेशी कनेक्शन भी खंगाले जा रहे हैं। एसपी ने की कार्रवाई की पुष्टि एसपी राज्य साइबर प्रनय नागवंशी ने बताया कि कार्रवाई फिलहाल जारी है। कार्रवाई पूरी होने पर ही आगे की डिटेल साझा की जा सकेंगी।
गोरखपुर पुलिस ने 852 मोबाइल बरामद किए:1.27 करोड़ अनुमानित कीमत, CEIR पोर्टल की मदद से मिली कामयाबी
गोरखपुर पुलिस ने शहर के तमाम थाना क्षेत्र में खोए हुए 852 एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किए हैं। जिनकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 27 लाख 78 हजार 4 सौ 17 रुपए है। यह सभी मोबाइल अलग-अलग समय गायब हुए थे। जिन्हें सेंट्रल एक्यूपमेंट आईडेंटिटी रजिस्टर (Central Equipment Identity Register) पोर्टल के माध्यम से क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम की टीम ने कामयाबी हासिल की। उन्होंने उन मोबाइल में लगे सिम को ट्रैस करके डिटेल निकाला और लोकेशन ट्रैक कर खोज निकाला। शुक्रवार को पुलिस लाइन में एसपी सिटी निमिष पाटिल ने मोबाइल स्वामियों को सुपुर्द किया। जिससे उनके खिल उठे। CEIR पोर्टल से मिली मदद एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में CEIR पोर्टल पर हुए रजिस्ट्रेशन और विभिन्न थानों में मिली शिकायत के बाद सीसीटीएनएस सेल की टीम लगातार मॉनिटरिंग कर रही थी। शिकायतकर्ता की ओर से पोर्टल पर डाले गए ट्रैसिबिलिटी डिटेल्स के आधार पर टीम ने खोये हुए मोबाइल में इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड का डिटेल निकाला और लोकेशन ट्रेस कर फोन का पता लगाया। यह काम लगातार करने के बाद कुल 852 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। जिनकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 27 लाख 78 हजार 4 सौ 17 रुपए है। शुक्रवार को सभी मोबाइल स्वामियों को पुलिस ऑफिस बुलाकर उनका मोबाइल सुरक्षित सुपुर्द कर दिया गया। अब तक 2,637 एंड्रॉयड मोबाइल बरामदउन्होंने बताया कि भारत सरकार की ओर से जब से इस पोर्टल की शुरुआत की गई है तबसे गोरखपुर पुलिस ने कुल 2,637 एंड्रॉयड मोबाइल बरामद कर उनके स्वामियों को सुपुर्द किया गया है। जिसकी कुल अनुमानित कीमत 4,49,35,584 है। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस गायब होने तुरंत करें ये काम एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि अगर किसी का इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस गायब हो जाता है तो उसकी यूनिक आईडी CEIR पोर्टल पर रजिस्टर कराएं। नजदीक थाने पर इसकी सूचना दें। यूनिक आईडी CEIR पोर्टल पर रजिस्टर होने के बाद अगर कोई वह डिवाइस इस्तेमाल करता है तो तुरंत उसका अलर्ट थाने पर पहुंच जाता है। जिसकी मदद से ट्रेस करके ढूंढ निकलेगी और वापस मंगवा कर स्वामी को सौंप दिया जाएगा। थानावार बरामद मोबाइल का विवरण1.कैंट-2272.पिपराइच-793.बड़हलगंज-764.गोला-595.गोरखनाथ -526.शाहपुर -497.चिलुआताल-418.रामगढताल -359.राजघाट-2910.बासगांव-2211.खोराबार-2112.झंगहा-2113.हरपुर बुदहट-1814.तिवारीपुर-1715.सहजनवा-1416.कोतवाली-1217.कैम्पियरगंज-1318.गगहा-1119.गीडा-1220.बेलीपार-1121.एम्स-822.सिकरीगंज-723.गुलरिहा-624.खजनी-525.पीपीगंज-426.उरूवा बाजार-3कुल -852
गोरखपुर जीआरपी थाना ने शुक्रवार को 10 हजार के इनामी बदमाश को गिरफ्तार किया। जिसकी पहचान अयोध्या के रुदौली कोतवाली थाना क्षेत्र के अखैया मऊ फिरोजपुर के चंदन मिश्रा के रूप में हुई। पुलिस ने बताया कि बदमाश रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर चोरी और ट्रेन में बैठे यात्रियों का डंडा मारकर मोबाइल गिरा देता है। हमेशा अपने साथ अवैध पिस्टल लेकर चलता है। पूछताछ के बाद आरोपी को जेल भिजवा दिया गया। चोरी करने आया और पकड़ लिया गया एसपी रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र ने बताया कि शुक्रवार को रेलवे स्टेशन छावनी पर यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए जीआरपी थाना प्रभारी अनुज कुमार सिंह के नेतृत्व में चेकिंग चल रही थी। इस दौरान चंदन मिश्रा पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उसके पास से अवैध पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और 11 हजार रुपये मिला। चंदन शातिर बदमाश है। इसकी गिरफ्तारी के लिए 10 हजार रुपये इनाम रखा गया था। चंदन पर दर्ज हैं 8 मुकदमे चंदन मिश्रा पर 8 मुकदमा दर्ज है। इसमे 2 अयोध्या के रुदौली कोतवाली और रौनाही थाने में एक मुकदमा दर्ज है। बाकी मुकदमा गोरखपुर जीआरपी में लूट और चोरी का लिखा गया है। जिसमे यह वांछित चल रहा था। पुलिस की पूछताछ में चंदन मिश्रा ने बताया कि साहब मैं अपना खर्चा चलाने के लिए ट्रेनो, प्लेटफार्मों पर चोरी व स्टेशन के आउटर पर डंडा मार कर मोबाइल गिराता हूं। इसी प्रकार चलती ट्रेनों व प्लेटफार्मों पर सो रहे यात्रियों का सामान व मोबाइल चोरी करता हूं। अवैध देशी पिस्टल के बारे में पुछा गया तो बताया कि चोरी करते समय यदि पकडे जाते हैं तो दिखाकर यात्रियों को डरा धमकाकर मौके से भाग जाता हूं। जो सामान मिलता है, उसे चलते फिरते लोगों को बेच देता हूं। जो पैसा मिलता है, उसी से मैं अपना खर्चा चलाता हूं। चंदन ने बताया कि शुक्रवार को मैं चोरी करने के लिए रेलवे स्टेशन छावनी पर आया था। इससे पहले ही पकड़ लिया गया।
अगर आप भी देर तक मोबाइल देखते हैं तो जान लें ये नुकसान
Mobile, Der Tak Mobile Dekhne Ke Nuksan: आज के डिजिटल युग में मोबाइल हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसका अत्यधिक और देर तक इस्तेमाल धीरे-धीरे एक गंभीर लत बनता जा रहा है। अगर आप भी बिस्तर पर घंटों मोबाइल स्क्रॉल करते हैं, तो आपका शरीर और ...
जालंधर महानगर के पॉश इलाके जीटीबी नगर स्थित सर्वोदय गैस एजेंसी के दफ्तर में चोरी हो गई। चोर दफ्तर से लगभग 50 हजार रुपये नकद और एक मोबाइल फोन लेकर फरार हो गया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। एजेंसी मैनेजर विक्की को सुबह दफ्तर खोलने के दौरान चोरी का पता चला। उन्होंने बताया कि सुबह 8:30 बजे जब वह दफ्तर पहुंचे तो सभी ताले टूटे हुए थे। इसकी सूचना तत्काल एजेंसी मालिक को दी गई, जिसके बाद पुलिस को शिकायत दर्ज कराई गई। मैनेजर के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि चोर ने देर रात 3 बजे से 3:15 बजे के बीच घटना को अंजाम दिया। चोर एक्टिवा पर आया था, जिसे उसने एजेंसी से कुछ दूरी पर खड़ा किया। CCTV फुटेज पुलिस ने कब्जे में लिया इसके बाद वह पैदल ही एजेंसी में दाखिल हुआ और पिछले रास्ते से दफ्तर में प्रवेश किया। चोर ने दफ्तर के कमरों की तलाशी ली और तिजोरी से नगदी व फोन लेकर फरार हो गया। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में ले लिया है और जांच जारी है। मैनेजर विक्की ने बताया कि चोर एजेंसी के पिछले गेट की दीवार फांदकर दफ्तर में घुसा था। उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि यह शहर का पॉश इलाका है और सुबह 3 बजे गुरुद्वारा साहिब में श्रद्धालु भी आते हैं, इसके बावजूद चोर ने बेखौफ होकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
झांसी में कचरा डालने को लेकर सिपाही और एक परिवार के बीच विवाद हो गया। सिपाही दो लोगों की कॉलर पकड़कर हड़काने लगा। तभी एक महिला मोबाइल में वीडियो बनाने लगी। यह देख सिपाही भड़क गया और महिला के साथ अभद्रता कर मोबाइल फोन छीन लिया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अफसरों ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पूरा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के लक्ष्मीगेट मोहल्ले का है। महिलाओं के बीच शुरू हुआ विवाद लक्ष्मीगेट में रहने वाले सिपाही और एक परिवार में कचरा डालने पर विवाद हो गया। महिलाओं के बीच हुए विवाद में पुरुष भी कूद गए, जिससे विवाद बढ़ गया। सिपाही भी दो लोगों की कॉलर पकड़कर हड़काने लगा। तब महिला ने मोबाइल में वीडियो बनाना शुरू कर दिया। जब सिपाही की नजर महिला पर पड़ी तो वह आक्रोशित हो उठा और महिला से अभद्रता कर मोबाइल फोन छीन लिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस अफसरों के अनुसार, बताया कि 9 अप्रैल को सिपाही और एक व्यक्ति के बीच विवाद होने का वीडियो सामने आया है। जांच में सामने आया कि सिपाही और किराएदार के बीच कचरा फेंकने को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से राजीनामा कर लिया था। मगर मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ सिटी को जांच देकर रिपोर्ट मांगी गई है।
UP Elections से पहले फाइनल लिस्ट हुई जारी ; जाने कैसे खोजें घर बैठे मोबाइल से अपना नाम ?
UP Final Voter List 2026 आज दोपहर 12 बजे होगी जारी। लोकभवन से होगा ऐलान, जानें वोटर लिस्ट में अपना नाम चेक करने का स्टेप-बाय-स्टेप ऑनलाइन तरीका।
नालंदा जिले में पुलिस ने घरों और फ्लैटों में सेंधमारी करने वाले एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो ई-रिक्शा चलाने की आड़ में लंबे समय से चोरी की वारदात को अंजाम दे रहा था। इस गिरोह का मुख्य सरगना सोहसराय थाना क्षेत्र के महुआ टोला निवासी मोहम्मद शाहनवाज आलम उर्फ छोटू है, जो दिन में ई-रिक्शा चलाकर शहर के सूने पड़े घरों की रेकी करता था। मौका मिलते ही हाथ साफ कर देता था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी शाहनवाज आलम को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस से बचने के लिए अपने ससुराल किशनगंज में छिपा था। साथ चोरी का सामान खरीदने वाले तीन मोबाइल दुकानदारों को भी दबोचा है, जो रामचंद्रपुर इलाके में अपनी दुकान चलाते हैं। ससुराल में छिपा था आरोपी मुख्य आरोपी शाहनवाज की गिरफ्तारी की कहानी भी फिल्मी रही। पुलिस ने उसे किशनगंज स्थित उसके ससुराल से गिरफ्तार किया, जहां वह पिछले 20 दिनों से छिपा हुआ था। चोरी की एक अन्य घटना के दौरान भागते समय उसका पैर टूट गया था, जिसके बाद वह इलाज और छिपने के लिए ससुराल चला गया था। पूछताछ में शाहनवाज ने कबूला कि वह बचपन से ही अपराध की दुनिया में है और अब तक रविंद्र और जितेंद्र नाम के दुकानदारों को 250 से अधिक मोबाइल और दर्जनों लैपटॉप बेच चुका है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने छापेमारी कर चोरी के 6 लैपटॉप और 32 मोबाइल बरामद किए हैं। बंद फ्लैट से लैपटॉप चोरी पूरे गिरोह का खुलासा बीते 22 फरवरी को लहेरी थाना क्षेत्र के पटेल नगर में हुई एक चोरी की घटना के बाद हुआ। सदर अस्पताल में कार्यरत संदीप कुमार के फ्लैट का ताला तोड़कर चोरों ने लैपटॉप, वाई-फाई राउटर और अन्य कीमती सामान उड़ा लिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष रंजीत कुमार रजक के निर्देश पर अनुसंधानकर्ता नीतीश रंजन ने तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस ने चोरी किए गए उपकरणों को सर्विलांस पर डाल दिया। जैसे ही पावापुरी के विवेक कुमार ने चोरी का मोबाइल इस्तेमाल करना शुरू किया, पुलिस ने उसे धर दबोचा। विवेक से हुई कड़ी पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि उसे यह मोबाइल शाहनवाज उर्फ छोटू ने बेचा था। मोबाइल रिपेयरिंग दुकान चलाने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में लहेरी थाना क्षेत्र के शिवपुरी निवासी रविंद्र कुमार, दीपनगर के गढ़पर दीपनगर जितेंद्र कुमार उर्फ चायनीज और पावापुरी ओपी क्षेत्र के बकरा निवासी विवेक कुमार शामिल है। ये तीनों आरोपी रामचंद्रपुर में मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाते हैं और चोरी का सामान सस्ते दामों पर खरीदकर खपाते थे। छापेमारी टीम में निशा भारती, सर्वेश कुमार, नीतीश रंजन और चंदन कुमार सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। क्रिमिनल रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस थानाध्यक्ष ने बताया कि शाहनवाज का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ लहेरी, बिहारशरीफ और सोहसराय थानों में पहले से कई मामले दर्ज है। फिलहाल पुलिस उसके साथियों और अन्य थाना क्षेत्रों में दर्ज मामलों की जानकारी जुटा रही है।
बुरहानपुर में मध्यप्रदेश शासन के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के निर्देशानुसार एनएसएपी योजना के अंतर्गत इंदिरा गांधी वृद्धा पेंशन, इंदिरा गांधी विधवा पेंशन और इंदिरा गांधी निशक्त पेंशन प्राप्त कर रहे हितग्राहियों के डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (डीएलसी) का सत्यापन किया जाएगा। यह सत्यापन मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से घर-घर जाकर किया जाएगा। इस कार्य के लिए नगर निगम कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने गुरुवार शाम एमआईसी हॉल में एक बैठक ली। इसमें कर्मचारियों को ई-केवाईसी और डीएलसी सत्यापन का कार्य घर-घर जाकर संपादित करने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने नगरीय निकाय क्षेत्र के पेंशनधारियों को समग्र आईडी ई-केवाईसी की प्रक्रिया भी पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। नगर निगम को प्रतिदिन ई-केवाईसी कार्य की रिपोर्ट विभागीय पोर्टल पर अपलोड करने के लिए भी निर्देशित किया गया है।
उमरड़ा स्कूल में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम , मोबाइल की लत, नशे के खिलाफ किया जागरूक
उदयपुर| उमरड़ा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन आरोग्य सेवा संस्थान के जिला नशा मुक्ति केंद्र की ओर से किया गया। शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई। प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर विजयपाल सिंह ने बताया कि मोबाइल और सोशल मीडिया का बढ़ता उपयोग भी नशे की तरह है। इससे छात्रों में मानसिक तनाव, एकाग्रता की कमी और आंखों में दर्द जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वस्थ दिनचर्या अपनाने की सलाह दी। आउटरीच वर्कर सागर बिलोची ने युवाओं को नशे की आदतों से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने व्यायाम और संतुलित आहार को जीवन का आधार बताया। अंत में प्रधानाचार्य ने आभार जताया और सभी को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में संस्थान के मैनेजर नारायण सिंह, जोगेंद्र सिंह चैहान, सुदर्शन सिंह, हर्षवर्धन सिंह, श्वेता कुंवर सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
मोगा जिले के बाघा पुराना में कोटकपूरा रोड पर स्थित एक स्पा सेंटर में पुलिस ने देह व्यापार के अवैध धंधे का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई लंबे समय से मिल रही शिकायतों के आधार पर की। थाना स्मालसर के एसएचओ मंगल सिंह के नेतृत्व में इंस्पेक्टर कुलविंदर कौर और उनकी टीम ने स्पा सेंटर पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान पुलिस ने चार युवतियों को बरामद किया। इन्हें स्पा की आड़ में देह व्यापार के लिए मजबूर किया जा रहा था। मालिक और ग्राहक गिरफ्तार पुलिस ने मौके से ग्राहक लवप्रीत सिंह निवासी गांव लंडे को गिरफ्तार किया। लवप्रीत सिंह कंप्यूटर का काम करता है। स्पा सेंटर के मालिक सतनाम सिंह निवासी पंजगराई कलां को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस ने सतनाम सिंह की कार भी जब्त कर ली है। चार मोबाइल फोन भी बरामद छापेमारी के दौरान पुलिस ने आपत्तिजनक सामग्री और चार मोबाइल भी बरामद किए। इस मामले में इमोरल ट्रैफिक प्रिवेंशन एक्ट 1956 की धारा 3, 4, 5 और 7 के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच इंस्पेक्टर कुलविंदर कौर कर रही हैं। अस्थायी रूप चलाया जा रहा था स्पा सेंटर पुलिस ने बताया कि स्पा सेंटर में लड़कियों को अस्थायी रूप से लाया जाता था और कुछ दिनों बाद उन्हें बदल दिया जाता था। एक युवती स्थायी रूप से रिसेप्शन का काम कर रही थी। पुलिस ने चेतावनी दी है कि अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
सोनीपत जिले में आगामी जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल मोड में कराई जाएगी, जिसके लिए गणनाकर्ताओं और सुपरवाइजर्स को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, सटीक और सुचारू रूप से संपन्न हो सके। इसके तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बड़े स्तर पर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि फील्ड में काम करने वाले कर्मचारी तकनीकी रूप से पूरी तरह सक्षम हो सकें। 2 चरणों में होगी जनगणना प्रक्रियाउपायुक्त नेहा सिंह ने बताया कि जनगणना 2027 2 चरणों में आयोजित की जाएगी। पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण वर्ष 2027 में 9 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। पहले चरण में हाउस लिस्टिंग और बेसिक जानकारी एकत्रित की जाएगी, जबकि दूसरे चरण में विस्तृत जनगणना डेटा जुटाया जाएगा। डिजिटल मोड में होगी पहली जनगणनायह जनगणना देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी। इसमें मोबाइल एप और सीएमएमएस (CMMS) पोर्टल के माध्यम से डेटा संग्रह किया जाएगा। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि आंकड़ों की सटीकता भी बढ़ेगी। अधिकारियों के अनुसार डिजिटल प्रक्रिया से डेटा तुरंत उपलब्ध होगा और विश्लेषण भी तेजी से किया जा सकेगा। जिलावासियों को स्वयं गणना का अवसरप्रशासन ने आम जनता को भी इस प्रक्रिया में शामिल करने के लिए विशेष सुविधा दी है। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक जिले के नागरिक स्वयं पोर्टल http://se.census.gov.in/ पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इससे गणनाकर्ताओं का कार्य भी आसान होगा और नागरिकों की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम का विस्तृत शेड्यूलजनगणना कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 6 अप्रैल से 22 अप्रैल तक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण अलग-अलग चरणों में दिया जा रहा है। 6 से 8 अप्रैल, 9 से 11 अप्रैल, 15 से 17 अप्रैल और 20 से 22 अप्रैल। इस दौरान कुल 64 बैचों को प्रशिक्षित किया जाएगा, जिनमें करीब 4 हजार गणनाकर्ता और सुपरवाइजर्स शामिल हैं। जिले के विभिन्न स्थानों पर हो रहा प्रशिक्षणजिला जनगणना समन्वयक अधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि यह प्रशिक्षण गन्नौर, सोनीपत, गोहाना, कुंडली और खरखौदा में आयोजित किया जा रहा है। इन स्थानों पर फील्ड ट्रेनर्स द्वारा कर्मचारियों को जनगणना से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी जा रही है, ताकि वे घर-घर जाकर सही तरीके से जानकारी एकत्रित कर सकें। हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स का गठन और कार्यप्रणालीजिले में कुल 2982 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक बनाए गए हैं। प्रत्येक ब्लॉक में लगभग 100 से 150 घर शामिल किए गए हैं। पहले चरण के दौरान गणनाकर्ता प्रत्येक घर पर जाकर कुल 34 सवाल पूछेंगे। इसके अलावा 6 से 8 गणनाकर्ताओं पर एक सुपरवाइजर नियुक्त किया गया है, जो पूरे कार्य की निगरानी करेगा। जनगणना: प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रियाजनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रियाओं में से एक मानी जाती है। इसके माध्यम से जनसंख्या, सामाजिक, आर्थिक और अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े एकत्रित किए जाते हैं, जो भविष्य की नीतियों और योजनाओं के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में जिला प्रशासन इस प्रक्रिया को पूरी गंभीरता और दक्षता के साथ पूरा करने के लिए प्रयासरत है।
गाजीपुर पुलिस ने फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बनकर दुकानदारों से वसूली करने वाले मुख्य आरोपी सरस कुमार गुप्ता को घटना के छह दिन बाद गिरफ्तार कर लिया है। उसके पास से नकली पहचान पत्र और दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। यह मामला 2 अप्रैल 2026 का है, जब शादियाबाद चौराहे पर एक व्यक्ति खुद को आयकर अधिकारी बताकर दुकानदारों को डरा-धमका रहा था और उनसे पैसे वसूल रहा था। आरोपी नकली पहचान पत्र दिखाकर कार्रवाई का भय दिखाता था। शादियाबाद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा था। मुखबिरों को भी सक्रिय किया गया था। 8 अप्रैल 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने सराय सदकर गांव के पास से मुख्य आरोपी सरस कुमार गुप्ता को रात 8:10 बजे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से इनकम टैक्स विभाग के चीफ कमिश्नर के नाम की एक फर्जी आईडी और दो मोबाइल फोन बरामद हुए। गिरफ्तार आरोपी सरस कुमार गुप्ता गाजीपुर जिले के सादात थाना क्षेत्र के ग्राम सादात का निवासी है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक अजय प्रकाश पांडेय, हेड कांस्टेबल योगेश चंद्र मौर्य, हेड कांस्टेबल महेंद्र कुमार, कांस्टेबल गुलाब चंद्र और कांस्टेबल शिव शंकर यादव शामिल थे। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर इस तरह की अन्य घटनाओं के बारे में जानकारी जुटा रही है।
कोटा ग्रामीण के सुकेत थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली दसवीं कक्षा की छात्रा ने टॉयलेट क्लीनर पीकर आत्महत्या का प्रयास किया। घटना के बाद परिजनों में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में छात्रा को पहले नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे कोटा के जेके लोन अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसका इलाज जारी है। परिजनों के अनुसार, स्कूल से लौटने के बाद छात्रा अक्सर मोबाइल में लगी रहती थी। उसकी मां ने कई बार समझाया, लेकिन वह नहीं मानी। दोबारा मोबाइल चलाने पर मां ने फोन अपने पास रख लिया, जिससे छात्रा गुस्सा हो गई और नाराज होकर वह मानसिक रूप से आहत हो गई उसने टॉयलेट क्लीनर पी लिया। छात्रा के मामा ने बताया कि बच्ची दसवीं कक्षा में पढ़ाई कर रही है और पारिवारिक बातों को लेकर भी तनाव में थी। उसकी मां ने मोबाइल फोन चलाने से मना किया था फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में छात्रा का उपचार जारी है।
किराए पर अस्पतालों का ओटी (ऑपरेशन थियेटर) लेकर किडनी ट्रांसप्लांट जैसा बड़ा ऑपरेशन करने वाले मुद्स्सिर अली सिद्दीकी उर्फ डॉ. अली ने बाकायदा दिल्ली में इसकी ट्रेनिंग ली थी। डॉ. रोहित की टीम में अली अकेला नहीं, बल्कि अन्य ओटी स्पेशलिस्ट भी शामिल रहे हैं, जिन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त किया। पुलिस की जांच में यह बात सामने आयी है। 29 मार्च को किया गया था ऑपरेशन रावतपुर पुलिस ने शहर में चल रहे किडनी के काले कारोबार का खुलासा किया था। पुलिस ने रावतपुर के केशवपुरम स्थित आहूजा हॉस्पिटल में अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट होने की सूचना पर छापा मारा तो आहूजा अस्पताल की संचालक डॉ. प्रीती आहूजा उनके पति सुरजीत सिंह आहूजा से पूछताछ हुई तो उन्होंने पूरी कहानी बयां कर दी। कल्याणपुर के मेडलाइफ हॉस्पिटल में बिहार के बेगूसराय का डोनर आयुष कुमार और प्रिया अस्पताल के डीलक्स रूम में मुजफ्फर नगर की पारुल तोमर भर्ती मिली। इनका 29 मार्च को आहूजा अस्पताल में ऑपरेशन किया गया था। किडनी के इस काले कारोबार का सरगना डॉ. रोहित को बताया गया। उसके लिए कानपुर में काम करने वाले एंबुलेंस ड्राइवर शिवम अग्रवाल, मेडलाइफ अस्पताल के मालिक राजेश कुमार व राम प्रकाश कुशवाहा प्रिया अस्पताल के संचालक नरेंद्र सिंह को जेल भेजा गया। इसके बाद डॉ. रोहित, डॉ. अफजल, डॉ. वैभव मुद्गल, डॉ. अमित चौधरी के नाम सामने आए, लेकिन इनमें से कोई भी सर्जन नहीं है। डॉ अली तक पुलिस पहुंची तो पता चला कि वह भी ओटी मैनेजर है। यह सभी डॉक्टर अभी फरार हैं, जिसके बाद यह बात पुलिस को भी हैरान कर रही थी कि किडनी ट्रांसप्लांट इतनी सफाई से ओटी मैनेजर ने कैसे कर दिया। सूत्रों के मुताबिक रावतपुर पुलिस जांच में आगे बढ़ी तो पता चला कि डॉ अली ने दिल्ली में कुछ साल पहले किडनी ट्रांसप्लांट की पूरी ट्रेनिंग ली है। ट्रेनिंग लेने के बाद वह किडनी ट्रांसप्लांट के कई ऑपरेशन में शामिल रहा है। पुलिस के मुताबिक डॉ. रोहित की टीम में शामिल कई और ओटी टेक्नीशियन भी इसकी ट्रेनिंग ले चुके हैं। इसी के चलते यह लोग 6 से 7 घंटे चलने वाले किडनी ट्रांसप्लांट के ऑपरेशन को इतनी साफगोई से कर सके। बता दें कि किडनी डोनर आयुष की हालत ठीक है। उसे लखनऊ के अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है जबकि पारुल की हालत भी सामान्य बतायी जा रही है। डॉ अफजल और अपनी अग्रिम जमानत कराने आया था परवेज वहीं किडनी कांड के काले कारोबार में शामिल डॉ. अफजल का कारखास और ड्राइवर परवेज सैफी को बुधवार पुलिस ने जेल भेज दिया। 500 रुपये के नोटों की गड्डियों के साथ उसका और डॉ. अफजल का वीडियो वायरल होने के बाद से पुलिस उसके पीछे लगी थी। उसे रावतपुर के पास से गिरफ्तार किया गया है। सैफी से 9.05 लाख रुपए पुलिस ने बरामद किए हैं। पुलिस को उसने बताया कि रुपए डॉ. अफजल ने दिए थे। इन रुपयों से उसकी और डॉ. अफजल की जमानत कराने की फिराक में था। कानपुर में कुछ वकीलों से उसकी बात चल रही थी। वकील से बातचीत के दौरान वह पकड़ा गया। किडनी के अवैध कारोबार में शामिल परवेज सैफी को पुलिस ने मंगलवार की रात गिरफ्तार किया था। डीसीपी एसएम कासिम आबिदी के मुताबिक वह वकीलों के संपर्क में था और मुकदमे से बचने और अग्रिम जमानत लेने के प्रयास में जुटा था। पूछताछ में उसने बताया कि मुजफ्फर नगर की पारुल तोमर के ऑपरेशन के बाद डॉ. अफजल को 22 लाख रुपये मिले थे, जिसमें से 9.50 लाख रुपये उसे दिए थे। कुछ रुपये इधर उधर छिपने और भागने के दौरान खर्च हो गए। डीसीपी के मुताबिक बुधवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया। परवेज सैफी बागपत के शिंघावली अमीन नगर सराय देवीगंज का रहने वाला है। डीसीपी ने बताया कि तीन टीमें अभी भी गाजियाबाद, मेरठ में हैं जो गिरोह से जुड़े डॉक्टरों की तलाश में जुटी हैं। फरार सभी आरोपियों के मोबाइल स्विच ऑफ हैं ऐसे में उनकी लोकेशन ढूंढने में मुश्किल आ रही है। 12 लोगों की टीम ट्रांसप्लांट कराने आई थी कानपुर पूछताछ में परेवज ने बताया कि पारूल तोमर के ट्रांसप्लांट के लिए वह 10 दिन पहले डॉ अफजल को लेकर आया था। यहां कल्याणपुर के सत्यम होटल में वह रुका था। ट्रांसप्लांट के बाद उसकी गाड़ी में डॉ वैभव, डॉ अनुराग उर्फ अमित व अफजल को लेकर मेरठ रवाना हो गया था। उसने बताया कि ट्रांसप्लांट के दौरान डॉ रोहित, वैभव, अनुराग, अफजल, ओटी टेक्नीशियन राजेश कुमार व कुलदीप सिंह जाधव, डॉ अली समेत 12 लोगों की टीम कानपुर आई थी। पारूल के ट्रांसप्लांट के दौरान ऑपरेशन थिएटर में डॉ रोहित, डॉ अफजल, डॉ अली, कुलदीप सिंह जाधव व राजेश समेत 3 अन्य लोग थे। डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि एजेंट शिवम अग्रवाल के मोबाइल से अब तक 3 डोनर और रिसीवर के वीडियो फोटो मिले है, जो ट्रांसप्लांट के पहले के है। टेलीग्राम पर वह किडनी डोनर, किडनी एजेंट व लिवर प्लांट डोनर नाम के ग्रुपों से जुड़ा था, जिसमें तकरीबन 800 से ज्यादा मेंबर है। डीसीपी वेस्ट ने बताया कि किडनी डोनर ग्रुप के जरिए शिवम डॉ रोहित, अफजल और अली के संपर्क में आया था। शिवम ने तीनों को डायरेक्ट मैसेज किया था, जिसमें डॉ अली के साथ उसका पहला इंटर फेस हुआ था। लोकेशन छिपाने के लिए WIFI का इस्तेमाल करता था डॉ रोहित डीसीपी के मुताबिक डॉ रोहित बहुत ही शातिर किस्म का है। वह चार मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करता था, जिसमें डेडिकेटेड सिम का इस्तेमाल करता था। एक नंबर से वह मेरठ के लोगों के संपर्क में था। दूसरे नंबर से वह सिर्फ शिवम से बात करता था, तीसरे का इस्तेमाल पर्सनल लोगों के लिए करता था, जबकि चौथे नंबर से वह दिल्ली NCR के एजेंट नवीन पांडेय से बात करने के लिए इस्तेमाल करता था। पसर्नल नंबर छोड़ कर वह सभी से वाट्सएप कॉल के जरिए ही बात करता था। IP एड्रेस छिपाने के लिए वह WIFI नेटवर्क का इस्तेमाल करता था, इसी से वह वाट्सएप भी चलाता था। IP एड्रेस की लोकशन लखनऊ, दिल्ली NCR की मिली है। वहीं उन्होंने बताया कि एजेंट नवीन पांडेय और शिवम अग्रवाल की सामने आई ऑडियो क्लिप 19 नंवबर की है, जिसके बाद अब पुलिस टीम उस दिन दिल्ली के MAX हॉस्पिटल में लगे कर्मचारियों व डॉक्टरों की कुंडली खंगालने में जुटी है।डीसीपी ने बताया कि MAX हॉस्पिटल को नोटिस देने की भी तैयारी की जा रही है।
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। जब सांसद का नाम भूल गए सीएममुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस बार जबलपुर के सांसद आशीष दुबे का नाम भूल गए। उनकी इस भूल पर मंच पर बैठे सांसद मुस्कुराने लगे। सीएम जबलपुर में भाजपा के 'गांव-बस्ती चलो' अभियान 2026 का शुभारंभ करने पहुंचे थे। सीएम एक-एक कर मंच पर बैठे अतिथियों के नाम ले रहे थे। जब जबलपुर के सांसद की बारी आई तो उन्होंने आशीष सिंह कहा, फिर आशीष उपाध्याय कहकर पुकारा। फिर मंच से किसी ने सही नाम बताया। तब जाकर सीएम ने सही नाम लिया। हालांकि सीएम ने अपनी मनमोहक मुस्कान के साथ ये कहते हुए मामला संभाला- आशीष जी जब आप जिला अध्यक्ष थे तब से मैं आपकी विनम्रता का कायल हूं। फिर सीएम ने सांसद आशीष दुबे के लिए मंच से तालियां बजवाई। मंत्री ने इंजीनियर की लगा दी क्लासनिवाड़ी में जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने जल संसाधन विभाग के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर हेमंत गुप्ता की क्लास ले ली। मंत्री को इतना गुस्सा आया कि उन्होंने इंजीनियर से कहा कि मैं आपका मोबाइल फेंक दूंगा। हुआ यूं कि मंत्री को एक नहर को लेकर शिकायत मिली थी। जिसे लेकर इंजीनियर ने दावा किया था कि उसका गहरीकरण का कार्य हो चुका है। फिर क्या था सच्चाई जानने के लिए मंत्री कुशवाह इंजीनियर को लेकर मौके पर पहुंच गए। यहां के हालात देखकर मंत्री का पारा चढ़ गया। क्योंकि उन्हें नहर की साफ-सफाई और उसके गहरीकरण जैसा कुछ नजर नहीं आया। उन्होंने इंजीनियर को सबके सामने कहा- आप हमें कुछ नहीं समझ रहे, कलेक्टर को कुछ नहीं समझ रहे। अपनी अकल लगाए जा रहे हो। क्या बेवकूफ समझ रहे हो सभी को। मंत्री ने पूछा कि नहर का गहरीकरण कहां हुआ। इस पर इंजीनियर अपने मोबाइल से मंत्री को कुछ दिखाने लगे। इस पर मंत्री ने कहा- मोबाइल में मत दिखाओ। मैं तुम्हारा मोबाइल फेंक दूंगा। मंत्री के इस गुस्से का वीडियो देखकर अब लोग कह रहे हैं कि मंत्री-विधायक कभी कभार की ऐसी रीलबाजी के बजाय रियल में ऐसे स्टंट कर लें तो व्यवस्थाएं सुधर सकती है। पूर्व विधायक ने अफसर को हड़कायाइधर, शाजापुर जिले के शुजालपुर में कांग्रेस के पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने फोन पर बिजली कंपनी के अधिकारियों को हड़का दिया। उन्हें लुटेरे और डकैत कह दिया। इतना ही नहीं कंपनी के जेई के लिए कहा- उसे मुर्गा बना दूंगा। दरअसल, कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और पूर्व विधायक कुणाल चौधरी एक गांव में कांग्रेस के धरना प्रदर्शन को संबोधित कर रहे थे। तभी बिजली गुल हो गई। ऐसे में नेता जी को डिस्टर्ब हुआ तो उन्होंने मौके से ही बिजली कंपनी के अधिकारी को फोन लगा दिया। कुणाल चौधरी ने बिजली कंपनी के डीई को फोन कर कहा कि मैं भाषण दे रहा हूं और लाइट काट दी गई। ये जेई को तो मुर्गा बना दूंगा मैं अभी। लुटेरे डकैती करने का काम है आप लोगों का। वसूली गैंग हो गए हो। किसानों से वसूली करते हो, गेहूं तो खरीद नहीं रहे। किसान धरना दे रहे तो लाइट काट रहे हो। अब लोग इसे कांग्रेस नेता का पब्लिसिटी स्टंट करार दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि नेता जी के इस स्टंट से हालात बदले न बदले। उन्हें सुर्खियां जरूर मिल गई है। विरोध के बीच सड़क पर पोहे बनाएइंदौर वैसे तो देश की सबसे क्लीन सिटी के रूप में पहचाना जाता है, लेकिन इस शहर की पहचान यहां के फेमस नाश्ता पोहे के लिए भी है। पोहे के लिए इस कदर दीवानगी है कि लोग इसका स्वाद लेने का कोई मौका नहीं छोड़ते। दरअसल, शहर के मालवा मिल क्षेत्र में प्रस्तावित शराब दुकान के विरोध में बड़ी संख्या में रहवासी सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। इसी विरोध प्रदर्शन के बीच लोगों ने बीच सड़क पर पोहे बनाए और उसका स्वाद लिया। न केवल प्रदर्शनकारियों ने पोहे खाए, बल्कि वहां मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और पुलिस वालों ने पोहे का आनंद लिया। अब लोग कह रहे हैं कि ये तो विरोध का विरोध हो गया और पिकनिक जैसा आनंद भी आ गया। ऑस्ट्रेलिया में गूंज उठा 'राधे-राधे'कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों ऑस्ट्रेलिया की यात्रा पर हैं। उन्होंने यहां कि संसद में हनुमान चालीसा पाठ किया गया। साथ ही विश्व-शांति और भारतीय संस्कृति विषय पर मौजूद लोगों को संबोधित भी किया। इस दौरान उन्होंने भजन भी गाया। जिस पर वहां मौजूद लोग झूमते-गाते नजर आए। धीरेंद्र शास्त्री के कहने पर विदेशी नागरिकों ने भी हिंदी में 'राधे-राधे' भजन गुनगुनाया। इनपुट सहयोग - मयंक दुबे (निवाड़ी), पुरुषोत्तम परवानी (शाजापुर), कपिल राठौर (इंदौर) ये भी पढ़ें -चाय बागान में शिवराज की रील, कई कैमरों से शूटिंग: सिंधिया ने मंत्रियों और अधिकारियों को दौड़ाया केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान असम में चुनाव प्रचार के दौरान चाय बागान में पहुंच गए। इसका वीडियो सामने आया है। लेकिन कांग्रेस ने इसमें ‘बिहाइंड द सीन’ तलाश लिया। जिसमें शिवराज के आसपास कई कैमरे दिख रहे हैं। इस पर कांग्रेस ने तंज किया- किसानों के लिए कुछ करूं या न करूं, रील के लिए सब कुछ कर लूंगा। पूरी खबर पढ़ें
रामपुर में 506 ग्राम स्मैक के साथ 4 तस्कर गिरफ्तार:पुलिस ने नगदी, मोबाइल और बाइक बरामद की, केस दर्ज
रामपुर पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली पुलिस ने 8 अप्रैल को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से 506 ग्राम स्मैक, 53,900 रुपए नकद, चार मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग के दौरान की गई। स्वार रोड स्थित मोरीगेट के पास आम के बाग में बने ट्यूबवेल के पास चारों आरोपी संदिग्ध अवस्था में मिले, जिनकी तलाशी लेने पर स्मैक बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बरेली निवासी इमरान खान, बदायूं निवासी शेर अफगन और रामपुर निवासी मुन्ना व इफ्तेखार अली के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि ये सभी क्षेत्र में स्मैक की सप्लाई में शामिल थे। बरामदगी के विवरण के अनुसार, इमरान के पास से 106 ग्राम स्मैक और 3900 रुपए, शेर अफगन व मुन्ना के पास से 100-100 ग्राम से अधिक स्मैक और 5000-5000 रुपए मिले। इफ्तेखार के पास से 187 ग्राम स्मैक और 40 हजार रुपए बरामद हुए। इसके अतिरिक्त, एक हीरो स्प्लेंडर बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस इनके नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों ने बताया कि जिले में नशे के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा।
दरोगा पर नशे में महिलाओं से अभद्रता का आरोप:मुजफ्फरनगर में सब-इंस्पेक्टर ने की मोबाइल छीनने की कोशिश
मुजफ्फरनगर में बुढाना कोतवाली क्षेत्र के परासौली चौकी पर तैनात सब-इंस्पेक्टर गुलाब तिवारी पर शराब के नशे में महिलाओं और युवकों से अभद्रता तथा मारपीट करने का आरोप लगा है। मामले का एक वीडियो भी सामने आया है। हालांकि दैनिक भास्कर इसकी पुष्टि नहीं करता है। आरोप है कि दरोगा गुलाब तिवारी गांव के कुछ युवकों के साथ नशे की हालत में पहुंचे और वहां मौजूद लोगों से अभद्र व्यवहार करने लगे। इस दौरान महिलाओं के साथ भी बदसलूकी और हाथापाई की बात सामने आई है, जिससे इलाके में रोष है। घटनास्थल पर मौजूद एक युवक ने अपने मोबाइल में इस पूरी घटना को रिकॉर्ड कर लिया। हालांकि, आरोप है कि दरोगा ने वीडियो बना रहे युवक का मोबाइल छीनने का भी प्रयास किया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। एसपी देहात महादिक अक्षय संजय ने मामले की जानकारी होने से इनकार किया है। उन्होंने मीडियाकर्मियों से सब-इंस्पेक्टर की बदसलूकी के वीडियो मांगे हैं, हालांकि इस संबंध में उन्होंने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया।
सुपौल पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान में 70 मोबाइल लौटाए:एसपी शरथ आर.एस. ने दी जानकारी, लोगों के चेहरे खिले
सुपौल जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बुधवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) शरथ आरएस ने अपने कार्यालय वेश्म में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पिछले करीब दो महीनों में चोरी, छिनतई और गुम हुए कुल 70 मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे। मोबाइल वापस मिलने के बाद लाभुकों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी और उन्होंने पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। एसपी शरथ आरएस ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से मोबाइल चोरी और गुम होने के कुल 85 मामले दर्ज किए गए थे। इन मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए डीआईयू, टेक्निकल सेल और अन्य पुलिस पदाधिकारियों की एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने तकनीकी सहयोग और लगातार प्रयास के माध्यम से 70 मोबाइल फोन बरामद करने में सफलता हासिल की। मोबाइल फोन को ढूंढकर वापस दिलाना उद्देश्य उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन मुस्कान’ का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों के खोए हुए मोबाइल फोन को ढूंढकर उन्हें वापस दिलाना है। इस अभियान के तहत बरामद किए गए सभी मोबाइल उनके असली मालिकों को सुपुर्द कर दिए गए हैं, जबकि शेष मामलों में कार्रवाई अभी भी जारी है। एसपी ने कहा कि भविष्य में भी इस तरह के अभियान लगातार चलाए जाएंगे, ताकि लोगों की खोई संपत्ति उन्हें वापस मिल सके और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। प्रेस वार्ता के दौरान एसपी ने आम जनता से अपील की कि यदि किसी का मोबाइल चोरी या गुम हो जाए तो तुरंत CEIR पोर्टल या नजदीकी थाना में शिकायत दर्ज कराएं। इससे पुलिस को कार्रवाई करने में आसानी होती है और मोबाइल बरामद होने की संभावना बढ़ जाती है। लाभुकों ने अपनी खुशी व्यक्त की मोबाइल वापस मिलने के बाद लाभुकों ने अपनी खुशी व्यक्त की। अभिनव कुमार ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया मोबाइल दोबारा मिल पाएगा, लेकिन पुलिस के प्रयासों से यह संभव हो सका। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस का दिल से धन्यवाद दिया। वहीं, रघुवीर कुमार ने भी पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि मोबाइल मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। इस अभियान ने यह साबित कर दिया है कि यदि पुलिस प्रशासन ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करे तो जनता की समस्याओं का समाधान संभव है। ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के जरिए सुपौल पुलिस न केवल लोगों की खोई हुई संपत्ति वापस दिला रही है, बल्कि आम लोगों के चेहरे पर मुस्कान भी लौटा रही है।
टोंक में डीएसटी ने पकड़ी डेढ़ लाख रुपए की स्मैक:आरोपी गिरफ्तार; इलेक्ट्रॉनिक कांटा और मोबाइल भी जब्त
टोंक DST ने मंगलवार शाम को पीपलू थाना क्षेत्र में एक आरोपी के कब्जे से करीब डेढ़ लाख रुपए कीमत की सात ग्राम अवैध स्मैक जब्त की है। मामले में टोंक शहर में बहीर स्थित कलंदरों का मोहल्ला निवासी फैजान (20) पुत्र फरीद पठान को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई DST ने SP राजेश कुमार मीना के निर्देश पर की गई। आरोपी गहलोद पुलिया पर पीपलू थाना क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थ स्मैक की खरीद फरोख्त कर रहा था, जिसके पास से एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा, एक मोबाइल और अवैध मादक पदार्थ स्मैक बरामद की गई है। आरोपी के खिलाफ पीपलू थाने में एनडीपीएस की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी से नशे के नेटवर्क के बारे में गहनता से पूछताछ जारी है। पुलिस को संदेह है कि आरोपी लंबे समय से नशे के कारोबार में लिप्त था। इससे खासकर युवा नशे की लत के शिकार होते जा रहे थे। DST प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि इस तरह नशे के विरुद्ध लगातार अभियान जारी रहेगा।
गुरुग्राम शहर में आईएमटी मानेसर की होंडा कंपनी के बाद अब आधा दर्जन से ज्यादा कंपनियों में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। सैकड़ों की संख्या में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी वेतन वृद्धि और बेहतर कामकाजी शर्तों की मांग को लेकर कंपनी गेट के बाहर धरने पर बैठे हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी शामिल हैं। इन कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले कई साल से उनकी सैलरी में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। इस दौरान हड़ताली कर्मचारी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करके रोष जता रहे हैं। हड़ताल के चलते आईएमटी क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। लंबे समय से शोषण करने का आरोप कर्मचारी नेताओं का कहना है कि कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स लंबे समय से शोषण का शिकार हैं। न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम भुगतान, सुरक्षा और स्थायीकरण जैसी मांगें वर्षों से लंबित हैं। होंडा के कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो चुकी है, लेकिन उसके बाद अब सत्यम, मुंजाल शोवा, रिको और अन्य कंपनियों के कर्मचारी भी आंदोलन की राह पर हैं। इससे मानेसर के पूरे औद्योगिक क्षेत्र में उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। वीडियो बनाने पर बिफरे कर्मचारी स्थिति पर कंट्रोल करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिसकर्मियों द्वारा वीडियो बनाने को लेकर हड़ताली कर्मचारियों द्वारा हंगामा किया जा रहा है। वीडियो बनाने पर इन कर्मचारियों ने पुलिस जवाने के साथ धक्का मुक्की की और मोबाइल छीनने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस अधिकारियों की तरफ से बताया गया है कि कर्मचारियों को शांतिपूर्वक तरीके से समझाया जा रहा है। पुलिस प्रबंधन की तरफदारी न करें कर्मचारियों का कहना है कि यह उनकी हक की लड़ाई है, जिसमें प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच का मामला है। पुलिस को बीच में नहीं आना चाहिए और प्रबंधन की तरफदारी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप भी लगाया। भारी पुलिस फोर्स तैनात स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्मचारियों को समझाया जा रहा है, लेकिन कर्मचारी इसे दमनकारी रवैया बता रहे हैं। कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि उनकी सैलरी में उचित वृद्धि की जाए, कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को सुरक्षा दी जाए। शांतिपूर्ण संघर्ष को न दबाया जाए एक कर्मचारी नेता ने कहा कि हम अपनी जायज मांगों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। प्रबंधन हमारी बात नहीं सुन रहा और पुलिस हमें दबाने की कोशिश कर रही है। अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा। ऑटोमोबाइल और गारमेंट्स सेक्टर को नुकसान वहीं उद्यमियों का कहना है कि यदि प्रबंधन और सरकार ने तुरंत संवाद नहीं किया तो यह आंदोलन अन्य फैक्टरियों में फैल सकता है, जिसका सीधा असर ऑटोमोबाइल सेक्टर की सप्लाई चेन पर पड़ेगा। हालांकि प्रशासन और संबंधित कंपनी प्रबंधनों की ओर से अब तक कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है।
राजनांदगांव पुलिस ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'जीरो टॉलरेंस' अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। बसंतपुर और सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने सट्टा खिलाने और अवैध शराब बेचने के आरोप में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बसंतपुर थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू ने टीम के साथ मुखबिर की सूचना पर फव्वारा चौक पर दबिश दी। यहां आरोपी देवेंद्र देवांगन (37 वर्ष, निवासी चिखली) को मोबाइल के माध्यम से सट्टा लिखते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। उसके पास से सैमसंग गैलेक्सी S-22 मोबाइल और 1,440 रुपए नगद जब्त किए गए। आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। अवैध शराब बेचते आरोपी गिरफ्तार इसी थाना क्षेत्र में जिला अस्पताल चौक के पास से आरोपी कुंदन साहू (42, निवासी संबलपुर) को अवैध रूप से शराब बेचते हुए गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से 20 पौवा देशी प्लेन शराब जब्त की है, जिसकी कीमत लगभग 1,600 रुपए है। कुंदन साहू के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। सट्टा खिलाते आरोपी गिरफ्तार नगर पुलिस अधीक्षक एलेक्ज़ेडर कीरो के पर्यवेक्षण में सिटी कोतवाली पुलिस ने भी कार्रवाई की। पुराना बस स्टैंड चौक के पास घेराबंदी कर अरविंद रंगारी (36, निवासी कैलाश नगर) को सट्टा खिलाते हुए पकड़ा गया। उसके पास से सट्टा पट्टी, पेन, 560 रुपए नगद और एक रियलमी मोबाइल बरामद हुआ। कार्रवाई जारी रखने की चेतावनी मोबाइल की जांच में व्हाट्सएप के जरिए सट्टा पट्टी के लेनदेन के पुख्ता सबूत मिले हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब, जुआ और सट्टा जैसी असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
राजधानी रायपुर में मीटर लगाने के नाम पर ठग ने कारोबारी से 6 लाख रुपए से अधिक की ठगी की है। आरोपी ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताकर पहले फोन किया, फिर लिंक भेजकर मोबाइल हैक किया और अलग-अलग किश्तों में रकम निकाल ली। मामला देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सेक्टर-2 निवासी आशीष भाई देसाई (किरायेदार) लेमिनेट का काम करते हैं। उन्होंने 1 अप्रैल 2026 को नया बिजली मीटर लगाने के लिए दलदल सिवनी-मोवा स्थित बिजली कार्यालय में आवेदन दिया था। इसी बीच 4 अप्रैल की सुबह करीब 8:20 बजे उन्हें एक अनजान नंबर से कॉल आया। व्हाट्सएप पर भेजा लिंक कॉल करने वाले ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताया और कहा कि मीटर प्रक्रिया पूरी करने के लिए 13 रुपये का ऑनलाइन भुगतान करना होगा। इसके बाद ठग ने दूसरे नंबर से व्हाट्सएप कॉल किया और एक लिंक भेजा, जिसमें बिजली विभाग का लोगो भी दिखाई दे रहा था। भरोसे में आकर पीड़ित ने लिंक ओपन कर दिया। मोबाइल हैक कर निकाले पैसे लिंक पर क्लिक करते ही उनका मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद ठग ने बैंक खातों से रकम निकालना शुरू कर दिया। बैंक ऑफ महाराष्ट्र के खाते से 6 किश्तों में 6,03,472 रुपए और एचडीएफसी बैंक के खाते से 99 हजार रुपये निकाल लिए गए। इस तरह कुल 8 ट्रांजैक्शन में 7,02,472 रुपए की ऑनलाइन ठगी की गई। पीड़ित को जब खाते से पैसे कटने के मैसेज मिलने लगे, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बोली- अंजान लिंक पर क्लिक करने से बचे पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अंजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही फोन पर मांगी गई जानकारी साझा करें। सरकारी विभाग कभी भी इस तरह लिंक भेजकर भुगतान नहीं कराते। साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा उपाय है।
खैरथल में मारपीट कर मोबाइल लूट का आरोपी गिरफ्तार:पेहल रोड पर की थी वारदात, मुंडावर पुलिस की कार्रवाई
खैरथल-तिजारा की मुण्डावर थाना पुलिस ने 5 हजार रुपए के इनामी बदमाश को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी करीब तीन माह से फरार चल रहा था और मोबाइल लूट के एक मामले में वांछित था। ये मामला 4 जनवरी को खैरथल-पेहल रोड पर दोपहर करीब 2:15 बजे सामने आया था। पीड़ित हेमकर्ण ने बताया था कि स्विफ्ट कार में सवार पांच बदमाशों ने उसकी मोटरसाइकिल रोककर अवैध हथियार दिखाए, मारपीट की और उसका मोबाइल लूटकर फरार हो गए थे। मामले में मुण्डावर थाने में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस ने जांच के दौरान पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। अब इस प्रकरण के मुख्य फरार आरोपी अंकित को भी पकड़ लिया गया है, जिस पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अंकित (20) निवासी नवीनगर, थाना शेखपुर अहीर, पुलिस जिला भिवाड़ी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी का पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड(PSEB) से एफिलिएटिड और एसोसिएटिड स्कूल संचालक 8 वीं क्लास में एडमिशन के लिए बर्थ सर्टिफिकेट की अनिवार्यता को खत्म करने की डिमांड कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ प्राइवेट स्कूल संचालक टीचर्स के मोबाइल नंबर मांगे जाने का भी विरोध कर रहे हैं। पीएसईबी के चेयरमैन डॉ अमरपाल सिंह ने स्कूल संचालकों को दो टूक कह दिया कि 8 वीं और उससे ऊपर की कक्षाओं में बिना बर्थ सर्टिफिकेट के एडमिशन नहीं होगा और एफलिएटिड व एसोसिएटिड स्कूलों को अपने टीचर्स के मोबाइल नंबर बोर्ड को देने पड़ेंगे। स्कूल संगठनों ने इस संबंध में बोर्ड के चेयरमैन के साथ बैठक भी की लेकिन चेयरमैन ने उनकी इन दोनों डिमांड्स को सिरे से नकार दिया। बोर्ड के रवैये से स्कूल संचालक खफा हैं और उन्होंने पंजाब भर के स्कूल संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक कॉल कर दी। स्कूल संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि पंजाब में 5000 से अधिक एफिलिएटिड व एसोसिएटिड स्कूल हैं जिनमें 10 से 15 लाख स्टूडेंट पढ़ते हैं। वहीं दूसरी तरफ ऑनलाइन एडमिशन के लिए सरकारी स्कूलों को भी आठवीं से 12 वीं तक के स्टूडेंट़स के बर्थ सर्टिफिकेट लगाने होंगे। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के आदेशों में क्या-क्या लिखा है, जानिए… स्कूल संचालक क्यों कर रहे हैं बोर्ड के आदेशों का विरोध, जानिए.. आज जालंधर में होगी बैठक पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से एफिलिएटिड व एसोसिएटिड स्कूलों अलग-अलग संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक आज जालंधर में रखी गई है। बैठक में स्कूल संचालक आगे की रणनीति तय करेंगे। स्कूल संघ के कॉर्डिनेटर राजेश नागर ने बताया कि इस बैठक में हर संगठन से प्रतिनिधियों को बुलाया गया है। बैठक में जो भी रणनीति बनेगी उससे सभी स्कूल संचालकों को अवगत करा दिया जाएगा।
दमोह में आईपीएल का सट्टा खिलाते आरोपी गिरफ्तार:पुलिस को मोबाइल फोन, सट्टा पर्ची और एक बॉल पेन मिला
दमोह कोतवाली पुलिस ने शहर की पीडब्ल्यूडी कॉलोनी के पास से एक व्यक्ति को आईपीएल का सट्टा खिलाते हुए गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल फोन और सट्टा खिलाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री बरामद की है। इस मामले का खुलासा मंगलवार रात को किया गया। कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी के निर्देश पर पूरे जिले में आईपीएल का सट्टा खिलाने वाले आरोपियों पर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार दोपहर मुखबिर से सूचना मिली थी कि पीडब्ल्यूडी कॉलोनी में एक आरोपी आईपीएल का सट्टा खिला रहा है। मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर दबिश दी और आरोपी दीपक अहिरवार को आईपीएल मैच में सट्टा खिलाते हुए पकड़ा। उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन, सट्टा पर्ची और एक बॉल पेन जब्त किया गया। जब्त किए गए मोबाइल फोन की जांच में क्रोम ऐप पर 'IPL CRIKET ID KHELO 7.COM' नाम की एक आईडी बनी हुई मिली। इस आईडी में कॉइन और बैलेंस भी मौजूद था, जो सट्टेबाजी में इस्तेमाल किया जा रहा था। आरोपी दीपक अहिरवार के खिलाफ सट्टा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। टीआई ने बताया कि आरोपी दीपक ने आईडी उपलब्ध कराने वाले कुछ अन्य लोगों के नाम बताए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
लखनऊ में साइबर जालसाजों ने एयरटेल कंपनी के डायरेक्टर को एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैककर 10 लाख रुपए ठग लिए। तीन अलग-अलग खातों में रुपए ट्रांसफर करवा लिए। जालसाजी का पता चलने पर पीड़ित पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए पूरी रकम रिफंड करवा दी। अर्जुनगंज लखनऊ निवासी योगेंद्र कुमार एयरटेल में डायरेक्टर हैं। योगेंद्र को मोबाइल चलाने के दौरान रुपए निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का मैसेज मिला। उस मैसेज पर रिस्पांस करने पर एक Malicious Malware फाइल भेजी गई। इसके बाद पीड़ित का फोन हैक हो गया। जिसके बाद नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते हुए उनके खाते से तीन बार में 10 लाख रुपए कट गए। इसके बाद जालसाज और रुपए की डिमांड करने लगे। इस पर पीड़ित जानकारी करने के लिए साइबर थाने पहुंचे। मामले में साइबर थाना इंस्पेक्टर बृजेश कुमार यादव ने बताया कि 17 फरवरी की पीड़ित ने आकर पूरा मामला बताया। उनकी शिकायत पर जांच की गई तो जिस खाते में रकम गई थी उसमें पूरा पैसा पड़े होने की जानकारी हुई। इस पर मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई में तेजी लाई गई। बैंक में रुपए फ्रीज कर दिए गए। कोर्ट रिलीज करने का आर्डर मंगाया गया। पीड़ित को ऑर्डर मिलते ही 10 लाख रुपए मंगलवार को वापस हो गई। आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। ठगी होने पर तुरंत शिकायत करें एडीसीपी क्राइम किरन यादव ने बताया- साइबर अपराध के मामलों को पुलिस अत्यंत गंभीरता से लेते हुए पीड़ितों की धनराशि की शीघ्र रिकवरी के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस प्रकरण में भी त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया। गोल्डन टाइम में ही NCCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर फ्राडस्टरों के खाते को फ्रीज कराया गया। कोर्ट के द्वारा फ्राड की हुई 10 लाख रकम वापस कराई गई है। साइबर ठगी होने पर तुरंत इसकी शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नं-1930 या cybercrime.gov.in पर दर्ज कराएं। पुलिस पर भरोसा बढ़ारुपए मिलने के बाद पीड़ित योगेंद्र ने लखनऊ पुलिस का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा मेरे साथ हुए 10 लाख के साइबर फ्रॉड के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरी रकम बरामद कर मुझे वापस दिलाई गई। इससे आम जनता का पुलिस पर विश्वास और मजबूत हुआ है।
हरियाणा के नारनौल में पुलिस की साइबर सेल टीम ने तकनीकी सर्विलांस की सहायता से 32 गुम हुए महंगे स्मार्टफोन बरामद किए हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख 71 हजार 168 रुपये है। पुलिस मुख्यालय में पुलिस अधीक्षक (एसपी) दीपक ने स्वयं अपने हाथों से ये सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों के सुपुर्द किए। साइबर सेल की टीम ने न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि दूसरे जिलों और अन्य राज्यों में भी ट्रैक करके इन मोबाइलों को बरामद करने में सफलता पाई है। इस पूरी प्रक्रिया में केंद्र सरकार द्वारा जारी सीईआईआर पोर्टल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मालिकों के चेहरों पर खुशी अपने खोए हुए कीमती मोबाइल वापस पाकर सभी मालिकों के चेहरे खुशी से खिल उठे। फोन प्राप्त करने वाले नागरिकों ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि फोन गुम होने के बाद उन्हें इसके दोबारा मिलने की कोई उम्मीद नहीं थी, लेकिन पुलिस की इस तत्परता ने उन्हें नया फोन खरीदने के भारी आर्थिक बोझ से बचा लिया है। लोगों को जागरूक किया इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक दीपक ने वहां मौजूद लोगों को मोबाइल सुरक्षा के प्रति विशेष रूप से जागरूक किया। उन्होंने कहा कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है। एसपी ने सुरक्षा के दो महत्वपूर्ण कदम सुझाए। उन्होंने कहा कि मोबाइल खोते ही तुरंत सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि फोन को आसानी से ब्लॉक और ट्रैक किया जा सके, जिससे इसका गलत इस्तेमाल रुक सके। दूसरा, फोन गुम होते ही अपनी सिम को तुरंत बंद करवाएं और डुप्लीकेट सिम निकलवाएं ताकि कोई भी आपके नंबर का दुरुपयोग कर किसी साइबर अपराध को अंजाम न दे सके।
सीकर में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले 16 साल के नाबालिग लड़के के लापता होने का मामला सामने आया है। नाबालिग दोपहर के समय घर से निकला था। अगले दिन उसने दूसरे मोबाइल में इंस्टाग्राम भी लॉगिन किया। पुलिस ने लड़के की मां की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज करके लड़के की तलाश शुरू कर दी है। नाबालिग की मां ने पुलिस में रिपोर्ट देकर बताया कि वह दूसरे जिले के रहने वाले हैं। उनका बेटा सीकर की प्राइवेट स्कूल में 12वीं कक्षा का स्टूडेंट है। जो 5 अप्रैल की दोपहर करीब 1 बजे घर से बिना बताए कहीं पर चला गया। जिसकी उन्होंने काफी तलाश की लेकिन कुछ भी पता नहीं चल पाया। अगले दिन उसने सुबह 6:30 पर अपना इंस्टाग्राम भी किसी दूसरे मोबाइल में लॉगिन किया है। फिलहाल पुलिस टेक्निकल सोर्स के जरिए नाबालिग की तलाश कर रही है। जानकारी के मुताबिक नाबालिग लड़के के पिता विदेश में नौकरी करते हैं। बेटा यहां पर किराए के मकान में रहकर पढ़ाई करता है।
हिसार जिले में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत AVT स्टाफ ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपियों के कब्जे से 7.09 ग्राम हेरोइन (चिट्टा), एक एक्टिवा स्कूटी और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जानकारी के अनुसार AVT स्टाफ प्रभारी SI धर्मबीर के नेतृत्व में पुलिस टीम गश्त एवं चेकिंग पर थी। इसी दौरान मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए टीम ने दो संदिग्ध युवकों को काबू किया। तलाशी लेने पर उनके पास से हेरोइन बरामद हुई, जिसके बाद दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। दो आरोपी गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान समीर उर्फ सीमु निवासी बीरबल नगर नरवाना (जींद), हाल निवासी गांव खेदड़ (हिसार) तथा अमन उर्फ गैल निवासी गांव खेदड़ (हिसार) के रूप में हुई है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ थाना बरवाला में मुकदमा नंबर 170, दिनांक 06 अप्रैल 2026 को धारा 21B, 61, 85 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं केस प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं। समीर उर्फ सीमु के खिलाफ थाना बरवाला में पहले से ही लड़ाई-झगड़ा, लूट तथा एससी/एसटी एक्ट के तहत तीन मुकदमे दर्ज हैं। वहीं अमन उर्फ गैल के खिलाफ पानीपत और बरवाला में हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट सहित कई संगीन मामले दर्ज हैं। मामले की जांच में जुटी पुलिस इतना ही नहीं, अमन बरवाला थाना के एक पुराने मामले में वांछित भी चल रहा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है, जिससे नशा तस्करी के नेटवर्क की मुख्य कड़ियों तक पहुंचने की उम्मीद है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
राजधानी जयपुर के मुहाना थाना क्षेत्र में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। बदमाशों ने गणेश कॉलोनी, रामपुरा रोड स्थित एक दुकान का ताला तोड़कर करीब 1 लाख रुपए की नकदी, दो महंगे मोबाइल फोन और जरूरी डॉक्यूमेंट्स चोरी कर लिए। मामले में पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, वारदात 6 अप्रैल, सोमवार को दोपहर करीब 2:28 बजे से 3 बजे के बीच हुई। परिवादी भाजपा मण्डल महामंत्री विनोद टाटीवाल ने मुहाना थाने में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि वह रोज की तरह दुकान बंद कर गए थे, लेकिन कुछ समय बाद लौटने पर दुकान का ताला टूटा मिला। अंदर जाकर देखा तो नकदी, दो मोबाइल फोन और कुछ जरूरी दस्तावेज गायब थे। परिवादी के अनुसार चोरी गए सामान की कुल कीमत लाखों रुपए आंकी जा रही है। घटना के समय दुकान बंद थी और आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि नजर नहीं आई। हालांकि वारदात के CCTV फुटेज भी सामने आए हैं, जिनके आधार पर पुलिस बदमाशों की पहचान में जुटी है। मुहाना थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बदमाशों ने दुकान की पहले से रेकी की थी या वारदात को मौके की नजाकत देखकर अंजाम दिया गया।
फतेहाबाद जिले की मोबाइल मार्केट स्थित ट्रेंड्स मोबाइल शॉप में घुसकर चोरी करने और उसके बाद हाथ जोड़कर माफी मांगने वाले चोर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान हिसार जिले के आदमपुर निवासी प्रवीन उर्फ लॉरेंस के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ पहले से तीन केस दर्ज हैं। शहर थाना प्रभारी सुरेंद्रा ने बताया कि आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, 14 हजार रुपए की नकदी, एक बैग तथा चोरी में प्रयुक्त लोहे की रॉड बरामद की गई। आरोपी के खिलाफ मोबाइल शॉप संचालक लाजपत नगर निवासी प्रदीप कुमार की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। मंदिर में चोरी का आरोपी भी पकड़ा वहीं, हनुमान मंदिर के दान पात्र का ताला तोड़कर चोरी करने के आरोपी को भी पुलिस ने पकड़ लिया है। उसकी पहचान शक्ति नगर के रोहित के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ मालती शर्मा की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। उसने दान पात्र से दो हजार रुपए चोरी कर लिए थे। इस आरोपी रोहित के खिलाफ भी पहले से दो केस दर्ज हैं। इनमें से एक साल 2020 और दूसरा साल 2021 में सिटी थाने में दर्ज किया गया था। 2023 में दर्ज हुआ था पहला केस आदमपुर के चोरी के आरोपी प्रवीन के खिलाफ पहला केस साल 2023 में दर्ज किया था। उसके खिलाफ 24 अगस्त 2023 को भट्टू थाने में आईपीसी की धारा 457 और 380 के तहत केस दर्ज हुआ था। इसके बाद 11 सितंबर 2024 को सिटी थाना फतेहाबाद में बीएनएस की धारा 305, 331(4) और साल 2025 में बीएनएस की धारा 305, 331(4) के तहत केस दर्ज हुआ था।
न्यायाधीश राम सुरेश प्रसाद ने नसीहत दी कि बच्चे सोशल मीडिया की दुनिया छोड़कर किताबों की तरफ बढ़ें। इसके अलावा मैदानी खेलों जैसे-कबड्डी, क्रिकेट, बैडमिंट खेलें, मोबाइल गेम्स नहीं। दरअसल, मंगलवार को प्रदेशर में ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे’ अभियान की शुरुआत की गई। इसके तहत मंगलवार को बांसवाड़ा शहर के राजकीय नूतन उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा- साइबर अपराध की दुनिया बहुत खतरनाक है। अश्लील फोटो या वीडियो डाउनलोड करना, शेयर करना या किसी को भेजना गंभीर अपराध है, जिससे बचना मुश्किल होता है। जज बाले-मोबाइल नशा है, भविष्य बिगाड़ सकता है कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम सुरेश प्रसाद ने विद्यार्थियों को मोबाइल के खतरों से आगाह करते हुए जीवन में अनुशासन का महत्व समझाया। न्यायाधीश राम सुरेश प्रसाद ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि मोबाइल फोन एक ऐसी लत है, जिसे एक बार हाथ में लेने पर बार-बार चलाने का मन करता है। मोबाइल के ज्यादा यूज करने से दिमाग कार्यक्षमता और मेमोरी को नुकसान होता है। बच्चों में मोबाइल के कारण चिड़चिड़ापन और डिप्रेशन की गंभीर समस्याएं बढ़ रही हैं। देर रात तक मोबाइल चलाने से स्वास्थ्य बिगड़ता है, इसलिए समय पर सोना और जागना अनिवार्य है। पेरेंट्स को भी मैसेज- बच्चों पर नजर रखें न्यायाधीश ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों द्वारा किए जा रहे मोबाइल के उपयोग पर पैनी नजर रखें और समय-समय पर उनके फोन चेक करें ताकि बच्चे किसी गलत दिशा में न भटकें। ये जागरूकता अभियान मंगलवार को प्रदेश के 14 स्कूलों में आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव कौशल सिंह ने बताया कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। वहीं प्रत्येक मंगलवार को न्यायिक अधिकारी स्कूलों में जाकर छात्रों को साइबर क्राइम से जागरूक करेंगे। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कौशल सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी जयदीप पुरोहित, संस्था प्रधान कालूराम खांट सहित स्कूल का समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
SI भर्ती परीक्षा के बाद युवक ने सुसाइड कर लिया। वह आज सुबह पेड़ पर फंदे से लटका मिला। उसके पास एक बैग मिला, जिसमें एडमिट कार्ड और सॉल्व पेपर था। पुलिस ने परिजनों को सूचना दी है। उनके आने के बाद पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। युवक भरतपुर का रहने वाला था और 70 किमी दूर आकर अलवर के करणपुर रेलवे स्टेशन के पास सुसाइड किया। मोबाइल और एडमिट कार्ड मिला अलवर के रेणी थाना SHO बने सिंह ने बताया कि युवक भरतपुर के रुदावल थाना क्षेत्र के नारोली गांव का रहने वाला पिंटू जाटव (24) था। युवक के पास मिले एडमिट कार्ड में परीक्षा सेंटर का नाम भरतपुर शहर है। इसके अलावा भरतपुर से दौसा का ट्रेन टिकट भी मिला है। उसके मोबाइल पर परिजनों के कॉल आ रहे थे। उन नंबरों पर कॉल कर हादसे की जानकारी दी गई। ट्रेन से बीच रास्ते रूका SHO ने बताया कि युवक ट्रेन से भरतपुर से दौसा जा रहा था। बीच में अलवर के करणपुरा रेलवे स्टेशन पर उतर गया। ग्रामीणों ने आज सुबह करीब 8 बजे गांव के जंगल में स्टेशन के पास पेड़ के फंदे पर युवक को लटका देखा। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को रेणी हॉस्पिटल भेजा गया। (इनपुट;हेमंत गुप्ता)
सागर जिले के सुरखी थाना क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध गौरीदांत जंगल में युवक और उसकी महिला रिश्तेदार को अकेला पाकर लूट करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 4 अप्रैल को हुई इस वारदात में आरोपियों ने चाकू अड़ाकर पीड़ितों से एक मोबाइल और 4 हजार रुपए नकद लूट लिए थे। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कर सोमवार को दोनों आरोपियों को दबोच लिया है। वर्तमान में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल और नकद रुपए जब्त कर उन्हें न्यायालय में पेश कर दिया है। चाकू अड़ाकर लूटे थे 4 हजार नकद और मोबाइल पुलिस के अनुसार, सागर निवासी फरियादी अनुज नामदेव 4 अप्रैल को अपनी एक रिश्तेदार युवती के साथ जंगल के बीच स्थित प्रसिद्ध क्षेत्र गौरीदांत में दर्शन करने गया था। जब वे गौरीदांत पहुंचे, तभी उन्हें सुनसान इलाके में अकेला पाकर दो युवकों ने पकड़ लिया। आरोपियों ने चाकू अड़ाकर धमकाया और उनका मोबाइल सहित चार हजार रुपए नकद लूट लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर पकड़े गए दोनों आरोपी वारदात के बाद फरियादी अनुज ने सुरखी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में लिया और आरोपियों की तलाश शुरू की। साइबर सेल की मदद से लूटे गए मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कराई गई। लोकेशन के आधार पर पुलिस ने सोमवार को दबिश देकर आरोपी चंदन चढार (निवासी टंकी मोहल्ला, सुरखी) और छोटू रैकवार (निवासी काकागंज, सागर) को पकड़ लिया। पूछताछ में वारदात कबूली, टीम में ये रहे शामिल थाने लाकर जब दोनों आरोपियों से पूछताछ की गई, तो उन्होंने वारदात करना स्वीकार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर लूटा गया मोबाइल और नकद रुपए जब्त कर लिए गए हैं। पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया है। इस पूरी कार्रवाई में सुरखी थाना प्रभारी प्रशिक्षु आईपीएस दीपांशु, एएसआई विमल परस्ते, प्रधान आरक्षक नीलम कुमार, नरेंद्र जादौन, नौबत कुमार, आरक्षक उमाशंकर, प्रेमचंद, ब्रजेन्द्र और रवि मिश्रा शामिल रहे।
सेंट्रल जेल में फिर मोबाइल मिला, जांच जारी
लुधियाना| लुधियाना की सेंट्रल जेल में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। नियमित चेकिंग के दौरान एक हवालाती के बैरक से मोबाइल फोन बरामद हुआ है, जिससे जेल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, जेल सुपरिटेंडेंट रशपाल गोयल की अगुवाई में जेल परिसर में विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इसी दौरान हवालाती अमरिंदर सिंह (पुत्र बलविंदर सिंह), निवासी गांव सोठां, के बैरक की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बैरक से एक की-पैड मोबाइल फोन बरामद किया गया। जेल प्रशासन ने तुरंत इसकी सूचना थाना डिवीजन-7 पुलिस को दी। पुलिस ने जेल अधिकारियों की शिकायत के आधार पर आरोपी हवालाती के खिलाफ प्रिजन एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है।
चौराहों पर लापरवाही लाइव : ड्यूटी ‘डाउन’; मोबाइल ‘ऑन’…, सुरक्षा किसके भरोसे?
राजधानी की सड़कों पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के लिए अब ‘सिग्नल’ से ज्यादा जरूरी ‘सोशल मीडिया’ और ‘कॉल’ हो गए हैं। शहर के व्यस्ततम चौराहों पर ट्रैफिक संभालने की जिम्मेदारी जवानों के हाथ में नहीं, बल्कि किनारे खड़े होकर मोबाइल चलाने में व्यस्त दिखती है। जब वर्दी ही डिजिटल दुनिया में मशगूल हो, तो सड़कों पर नियमों का टूटना और घंटों जाम में जनता का पिसना आम बात है। हाथ में ट्रैफिक स्टिक की जगह स्मार्टफोन थामे इन जवानों की लापरवाही ने शहर की रफ्तार को कम कर दिया है। ड्यूटी के समय मोबाइल पर टिकी ये नजरें हादसे को दावत दे रही हैं। वर्दी की इस बेरुखी ने आम नागरिकों की सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। अरगोड़ा चौक : ट्रैफिक जवान आसपास से बेखबर एचईसी सेक्टर 2 : सभी का ध्यान फोन पर मेन रोड स्थित जेडी हाईस्ट्रीट मॉल के सामने पुलिस पेट्रोलिंग वाहन लगाकर पेड़ के नीचे एक अधिकारी मोबाइल पर व्यस्त हैं। ऐसे में उनके मातहत ड्यूटी कर रहे जवान कितने सजग रहेंगे, यह समझा जा सकता है। अरगोड़ा चौक के पास दो ट्रैफिक जवान अपने मोबाइल में इस कदर व्यस्त थे कि उनको आने-जाने वालों की कोई खबर नहीं थी। दोनों अपने मोबाइल के साथ सोशल मीडिया पर मशगूल थे। एचईसी सेक्टर-2 में ड्यूटी के प्रति घोर लापरवाही की यह तस्वीर है। यहां ट्रैफिक संभालने के बजाय पुलिसकर्मी सड़क के किनारे अपने-अपने मोबाइल पर व्यस्त दिखे। ड्यूटी की उनमें थोड़ी भी परवाह नहीं थी।
अंतरराज्यीय मोबाइल झपटमार गिरोह का पर्दाफाश:कोतवाली पुलिस ने 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार
सीधी। शहर में मोबाइल झपटमारी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाते हुए कोतवाली पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एक अंतरराज्यीय झपटमार गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सोमवार शाम लगभग 5 बजे की गई। थाना प्रभारी अभिषेक उपाध्याय ने जानकारी दी कि हाल ही में कोतवाली क्षेत्र में बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने एक राहगीर से मोबाइल छीनकर फरार होने की घटना को अंजाम दिया था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल भारतीय न्याय संहिता की धारा 304(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ की। जांच के दौरान, पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके अतिरिक्त, साइबर सेल की तकनीकी सहायता ली गई और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। प्राप्त सुरागों के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों की पहचान विष्णु उर्फ रितेश गुप्ता (21 वर्ष), निवासी बंजारी, थाना जमोड़ी, और अतुल सिंह चौहान (21 वर्ष), निवासी सुकवारी, थाना जमोड़ी के रूप में हुई। गहन पूछताछ के दौरान, दोनों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मोबाइल झपटमारी की कई वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 4 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत ₹46,000 है। वारदात में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें—एक हीरो स्प्लेंडर प्लस और एक होंडा शाइन—भी जब्त की गईं, जिनकी कीमत लगभग ₹1,50,000 बताई गई है। कुल मिलाकर, ₹1,96,000 का सामान बरामद किया गया है। थाना प्रभारी अभिषेक उपाध्याय ने बताया कि गिरोह के दो अन्य सदस्य अभी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।
नीमच के टैगोर मार्ग पर मोबाइल रिपेयरिंग को लेकर दो दुकानदारों के बीच विवाद हो गया। 'पाटनी मोबाइल' के मालिक आशीष कुमार पाटनी ने 'आई-सॉल्यूशन मोबाइल' के संचालक वसीम खान के खिलाफ एसपी ऑफिस में लिखित शिकायत की है। आशीष का आरोप है कि वसीम उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे हैं और सोशल मीडिया पर गलत वीडियो डालकर उनकी इज्जत खराब कर रहे हैं। सैमसंग सर्विस सेंटर चलाने वाले आशीष पाटनी ने बताया कि 2 अप्रैल को वसीम खान ने एक 'सैमसंग S-22' मोबाइल बनने के लिए भेजा था। आशीष के मुताबिक, फोन पहले से ही खुला हुआ और बंद था। वसीम के बहुत मिन्नत करने पर उन्होंने सिर्फ उसकी बैटरी बदल दी थी। दुकान पर हंगामा और सोशल मीडिया पर धमकी आशीष का आरोप है कि अगले दिन जब वे दुकान पर नहीं थे, तब वसीम ने फोन वापस भेजा और दावा किया कि रिपेयरिंग के दौरान कैमरा खराब हो गया है। इस बात पर दुकान के कर्मचारी और वसीम के बीच बहस हो गई। आशीष का कहना है कि वसीम ने दुकान पर आकर ग्राहकों के सामने बदतमीजी की और धमकी दी कि वे उनका धंधा चौपट कर देंगे और उन्हें जेल भिजवा देंगे। इंस्टाग्राम वीडियो पर आपत्ति शिकायत में कहा गया है कि वसीम खान ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी 'i_solution_mobile' पर एक वीडियो डाला है, जिसमें उनके खिलाफ झूठ फैलाया जा रहा है। आशीष ने पुलिस से अपनी सुरक्षा की मांग की है और आरोपी पर कार्रवाई करने को कहा है। दूसरे पक्ष का क्या कहना है? दूसरी तरफ, 'आई-सॉल्यूशन' के मालिक वसीम खान ने इन सभी आरोपों को गलत बताया है। वसीम का कहना है कि उनका मोबाइल आशीष पाटनी की लापरवाही से खराब हुआ है और वे बस अपना फोन सही करवाना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे खुद एसपी ऑफिस जाकर अपनी बात रखेंगे और अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे।
अररिया पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। इस विशेष अभियान में कुल 50 खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इनमें से 35 मोबाइल फोन पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। मोबाइल फोन वापस मिलने पर मालिकों ने अररिया पुलिस की इस पहल की सराहना की। एक लाभार्थी ने बताया कि उन्हें खोया हुआ फोन वापस मिलने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन पुलिस के प्रयासों से उनका कीमती फोन लौट आया। फोन में महत्वपूर्ण दस्तावेज, पारिवारिक तस्वीरें और संपर्क जानकारी मौजूद थी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने कहा कि 'ऑपरेशन मुस्कान' पुलिस के प्रति आम लोगों का विश्वास बढ़ाने में प्रभावी साबित हो रहा है। आधुनिक तकनीक और साइबर सेल की मदद ली गईउन्होंने यह भी बताया कि अब से बरामद मोबाइल संबंधित थाना क्षेत्रों में ही उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे लोगों को जिला मुख्यालय आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उनका समय व पैसा बचेगा। एसपी जितेंद्र कुमार ने आम जनता से अपील की कि मोबाइल खोने या चोरी होने पर तुरंत नजदीकी थाने में सूचना दें। उन्होंने जोर दिया कि जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, उतनी ही आसानी से फोन को ट्रैक करके बरामद किया जा सकेगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बरामद मोबाइलों की ट्रेसिंग में आधुनिक तकनीक और साइबर सेल की मदद ली गई। फोन बरामद कर मालिकों तक पहुंचाए जा रहे यह अभियान बिहार पुलिस के व्यापक 'ऑपरेशन मुस्कान' का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य के विभिन्न जिलों में खोए-चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर मालिकों तक पहुंचाए जा रहे हैं। अररिया पुलिस की यह पहल संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ पुलिस और जनता के बीच विश्वास को भी मजबूत कर रही है।
राजनांदगांव जिले में पुलिस ने आईपीएल सट्टेबाजी के एक हाईटेक ऑनलाइन रैकेट का भंडाफोड़ किया है। बसंतपुर थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मोहारा नाला के पास कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस दौरान लैपटॉप, मोबाइल, सट्टा पट्टी और अन्य सामान सहित करीब 5.50 लाख रुपए का मशरूका जब्त किया है। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर जिले में सटोरियों के खिलाफ अभियान तेज किया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और सीएसपी वैशाली जैन के मार्गदर्शन में गठित टीम को मोहारा (बजरंग नगर) स्थित एक फार्महाउस पर बड़े पैमाने पर ऑनलाइन दांव लगाए जाने की सूचना मिली थी, जिसके बाद दबिश दी गई। 9.20 लाख रुपए का हिसाब-किताब जब्त गिरफ्तार किए गए आरोपी सांई ऐप का इस्तेमाल कर क्रिकेट मैच की हर गेंद और हर ओवर पर लाखों रुपए का दांव लगवा रहे थे। जांच में सामने आया कि आरोपी हिसाब-किताब रखने के लिए कोड भाषा का इस्तेमाल करते थे। पुलिस ने मौके से दो लैपटॉप, एक टैब, सात टच स्क्रीन मोबाइल, एक बाइक और सट्टा पट्टी में दर्ज 9.20 लाख रुपए का हिसाब-किताब जब्त किया। 5 सटोरिए गिरफ्तार, दो फरार पुलिस ने मोहारा और प्रभातनगर क्षेत्र के 5 सटोरियों को गिरफ्तार किया है। इनमें वीरू प्रजापति (24), रूपेश पांडे (43), आयुष मेश्राम (24), मोहित देवांगन (23) और लक्की उर्फ नरेंद्र देवांगन (32) शामिल हैं। इस मामले में संलिप्त दो अन्य आरोपी, मोहारा निवासी मूलचंद देवांगन और नागपुर निवासी सादिक खान, फिलहाल फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112 (संगठित अपराध) और धारा 318(4) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(डी) भी लगाई है। इसका उद्देश्य सट्टेबाजी के इस संगठित तंत्र को जड़ से खत्म करना है। राजनांदगांव पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सटोरियों की सूची तैयार है और आने वाले दिनों में आईपीएल के दौरान ऐसी कई और बड़ी कार्रवाइयां देखने को मिलेंगी।
सहारनपुर पुलिस ने मोबाइल छिनैती गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को अरेस्ट किया है। बदमाशों के पास से चोरी के 6 मोबाइल फोन, 95 हजार नगद और एक स्क्रू ड्राइवर सेट बॉक्स बरामद हुआ है। मामला थाना तीतरों क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, शामली निवासी निततिन कुमार ने 27 मार्च 2026 ने शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें बताया था कि बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया। इस पर थाना तीतरों में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने सोमवार को सालियर नहर पटरी के पास से तीन आरोपियों को अरेस्ट कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में अहसन उर्फ हसन निवासी पांडोली थाना नागल, शाकिब निवासी संगम विहार कॉलोनी खाताखेड़ी थाना मंडी और मोहम्मद माजिद निवासी इन्द्रा कॉलोनी थाना बेहट शामिल हैं। पूछताछ में मुख्य आरोपी अहसन उर्फ हसन ने बताया कि उसने अपने साथी के साथ मिलकर बाइक पर सवार होकर राह चलते लोगों से मोबाइल छीने। उसने ये भी बताया कि वह पहले भी चोरी और छिनैती की घटनाएं कर चुका है। आरोपी ने बताया कि उसने चोरी किए गए 6 मोबाइल शाकिब और मोहम्मद माजिद को बेच दिए थे। इसके बदले उसे कुल 44 हजार रुपए मिले। पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए सभी मोबाइल आसपास के क्षेत्रों में की गई छिनैती और चोरी की घटनाओं से जुड़े हैं।
टोंक में गांजे के साथ नशा तस्कर पकड़ा:बाइक से सप्लाई करने जाते समय दबोचा, मोबाइल भी जब्त
टोंक जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) ने घाड़ थाना क्षेत्र में एक आरोपी को अवैध मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान आरोपी से करीब 2 लाख रुपए कीमत का लगभग 2 किलो गांजा, एक बाइक और मोबाइल जब्त किया गया। डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया - कुछ दिनों से नशे के अवैध कारोबार की शिकायतें मिल रही थीं, जिस पर टीम ने निगरानी बढ़ाई और तस्करों की धरपकड़ शुरू की। कार्रवाई के दौरान दूनी थाना क्षेत्र के बड़ोली बालूंदा निवासी धर्मराज (45) पुत्र कैलाश पुरी को गांजा खरीद-फरोख्त करते हुए गिरफ्तार किया गया। पुलिस आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
दुनिया के करीब 80% कमर्शियल ड्रोन बनाने वाला चीन अब अपने आसमान में सख्ती से ‘ड्रोन कंट्रोल’ लागू कर रहा है। 2025 तक देश में 30 लाख से ज्यादा ड्रोन रजिस्टर्ड हो चुके हैं, जो एक साल में 50% की वृद्धि है, लेकिन इसी तेजी के साथ सरकार ने नियंत्रण भी कड़ा कर दिया है। बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर सजा और जेल तक का प्रावधान लागू किया गया है। मई से हर ड्रोन का रियल-नेम रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा और उड़ान का डेटा रियल टाइम में सरकार तक जाएगा। ड्रोन का रियल टाइम डेटा सरकार को देना होगा - ड्रोन को आईडी या मोबाइल नंबर से लिंक करना जरूरी होगा।- उड़ान का रियल टाइम डेटा सरकार के पास भेजना होगा।- प्रतिबंधित क्षेत्रों में उड़ान से एक दिन पहले परमिट लेना अनिवार्य।- कई शहरों में बड़े हिस्से को नो-फ्लाई जोन घोषित किया।- छोटे ड्रोन को भी 400 फीट से नीचे सीमित छूट दी गई है।- बीजिंग में ड्रोन की बिक्री, किराया और बाहरी एंट्री पर भी रोक। - एक पते पर अधिकतम 3 ड्रोन रखने की सीमा तय की गई है।- बिना अनुमति उड़ान पर जुर्माना, जब्ती और जेल का प्रावधान।- ड्रोन बाजार पर भी असर साफ दिख रहा है। लोकल मार्केट में डिमांड घटने से डीलरों की बिक्री तेजी से घटी है,कई लोग ड्रोन फोटोग्राफी जैसे नए बिजनेस छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।
मोगा में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। एचडीएफसी बैंक परिवर्तन और स्माइल फाउंडेशन के सहयोग से मोगा के 12 गांवों में एक मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू की गई है। सिविल सर्जन डॉ. रमणदीप सिंगला ने इस वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहले से ग्रामीणों को अस्पतालों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और समय पर उपचार संभव हो सकेगा। डॉ. ज्योति (एएनएस) ने जानकारी दी कि मोबाइल मेडिकल वैन में सभी आवश्यक चिकित्सा उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ उपलब्ध है। वैन में सामान्य जांच, दवाइयां और स्वास्थ्य संबंधी सलाह प्रदान की जाएगी। ग्रामीणों को मिलेगा समय पर इलाजडॉ. सिंगला ने बताया कि यह मोबाइल मेडिकल वैन गांवों में रहने वाले लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। इसके माध्यम से दूर-दराज के क्षेत्रों में लोगों को उनके घर के पास ही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं और आवश्यक चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। इससे ग्रामीणों को अस्पतालों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और समय पर उपचार संभव हो सकेगा। उन्होंने आगे कहा कि अक्सर ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण लोग छोटी बीमारियों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में गंभीर रूप ले सकती हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट समय पर जांच और उपचार प्रदान करके लोगों के स्वास्थ्य स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस अवसर पर जिला मास मीडिया अधिकारी जसजीत कौर, मीडिया इंचार्ज हरिंदर कौर, स्माइल फाउंडेशन की सीएचओ आंचल ठाकुर, हरजीत कौर, हरप्रीत कौर और गुरमीत सिंह सहित अन्य स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे।
औरैया में घर में घुसकर मारपीट और लूट, CCTV:महिलाओं समेत परिवार को पीटा, नकदी और मोबाइल ले भागे
औरैया के दिबियापुर थाना क्षेत्र के जमौली गांव में घर में घुसकर मारपीट और लूट का मामला सामने आया है। पीड़िता जानवती पत्नी सुभाष चंद्र ने दिबियापुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, यह घटना 6 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 7 से 9 बजे के बीच हुई। आरोपियों ने घर के पास पहुंचकर गाली-गलौज की और विरोध करने पर परिवार के सदस्यों पर लाठी-डंडों व लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस हमले में शाहिद के परिजनों सहित कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने मारपीट के दौरान उनका मोबाइल फोन छीन लिया और जेब में रखे करीब 5 से 10 हजार रुपये भी लूट लिए। बीच-बचाव करने आए अन्य परिजनों को भी पीटा गया। घटना का एक वीडियो सीसीटीवी में कैद हो गया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिबियापुर में भर्ती कराया गया है। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अयोध्या पुलिस ने बरामद किए 30 लाख के मोबाइल:203 चोरी और गुम मोबाइल बरामद, लोगों को किया गया वापस
अयोध्या पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए CEIR पोर्टल के माध्यम से गुमशुदा और चोरी हुए 203 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइल फोन की कुल कीमत लगभग 30.45 लाख रुपये बताई जा रही है। बरामद मोबाइल फोन उनके असली धारकों को वापस किए जा रहे हैं। श्रीराम जन्मभूमि और हनुमानगढ़ी में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इसी दौरान भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में मोबाइल चोरी और गुम होने की घटनाएं भी बढ़ीं, जिस पर पुलिस ने गंभीरता से कार्रवाई की। CEIR पोर्टल के जरिए मिली सफलता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि सर्विलांस टीम और सभी थानों की संयुक्त पुलिस टीम ने CEIR पोर्टल का अधिकतम उपयोग करते हुए अभियान चलाया। इस अभियान में अलग-अलग जनपदों और राज्यों से आए लोगों के मोबाइल फोन ट्रेस कर बरामद किए गए। लोगों को सौंपे जा रहे मोबाइल बरामद सभी 203 मोबाइल फोन आज पुलिस लाइन में उनके मालिकों को सौंपे जा रहे हैं। इससे लोगों में खुशी का माहौल है और पुलिस की इस पहल की सराहना की जा रही है। यह सर्विलांस टीम के सहयोग से प्राप्त हुआ है। इस दौरान CEIR पोर्टल प्रभारी और अयोध्या CO आशुतोष तिवारी, अयोध्या कोतवाली पंकज सिंह मौजूद रहे।
नूंह जिले के अड़बर गांव में 4 से 6 अप्रैल तक चले इस्लामिक तबलीगी जलसे के समापन के बाद रविवार सुबह स्थिति बेकाबू हो गई। दुआ समाप्त होते ही लाखों की संख्या में लोग एक साथ अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए, जिससे पूरे जिले की यातायात व्यवस्था चरमरा गई। आयोजकों के अनुसार, जलसे में देश-विदेश से करीब 10 लाख लोग पहुंचे थे। कार्यक्रम में हजरत मौलाना मुहम्मद साद ने दिनी तकरीर की थी। ग्रामीण रास्तों पर भी लगी वाहनों की कतार सुबह करीब 9 बजे से ही जिले के प्रमुख मार्गों पर भारी जाम लग गया। NH-248 दिल्ली-अलवर रोड, नूंह-तावडू रोड, नूंह-होडल रोड, नूंह-हथीन रोड और नूंह-पलवल रोड सहित शहर की अंदरूनी सड़कों और ग्रामीण रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। कई स्थानों पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और वाहन धीमी गति से रेंगते नजर आए। लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। कई लोगों ने बीच रास्ते छोड़ी गाड़ियां जाम के कारण स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कई वाहन ड्राइवरों को अपनी गाड़ियों को धक्का लगाकर आगे बढ़ाना पड़ा। बड़ी संख्या में लोगों ने गाड़ियां बीच रास्ते में ही छोड़ दी और पैदल निकलना बेहतर समझा। लोग खेतों और कच्चे रास्तों से होकर अपने गंतव्य तक पहुंचने की कोशिश करते दिखे। यह नजारा पूरे इलाके में आम हो गया, जो व्यापक अव्यवस्था को दर्शाता है। टेलीकॉम सेवाओं पर पड़ा दबाव इसी बीच, मोबाइल नेटवर्क भी पूरी तरह बाधित हो गया। लाखों लोगों की एक साथ मौजूदगी के कारण टेलीकॉम सेवाओं पर भारी दबाव पड़ा, जिससे कॉलिंग और इंटरनेट सेवाएं लगभग ठप हो गईं। प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार हालात को संभालने में जुटी रही, लेकिन भीड़ के भारी दबाव के चलते व्यवस्थाएं अपर्याप्त साबित हुई। लोगों को उठानी पड़ी परेशानी स्थानीय लोगों ने बड़े आयोजन के बाद बेहतर ट्रैफिक और संचार प्रबंधन की कमी को इस स्थिति का मुख्य कारण बताया। खबर लिखे जाने तक जाम की स्थिति बनी हुई थी और सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें अब भी जारी थीं, जिससे लोगों की परेशानी कम होने के बजाय बढ़ती नजर आई।
सिरसा में मोबाइल शॉप से कैश-फोन चोरी:शटर का ताला तोड़कर दुकान में घुसे चोर; गल्ला उखाड़ कर निकाली नकदी
सिरसा शहर में सालासर मंदिर के पास काठपाल मोबाइल शॉप में सेंधमारी हो गई। शॉप में रखे मोबाइल व कैश चुरा लिया। हालांकि, ये भीड़-भाड़ वाला एरिया है और सबसे व्यस्तम एरिया है। यहां पर अक्सर लोगों की हलचल रहती है और पुलिस की भी गश्त रहती है। इसके बावजूद इस एरिया में सेंधमारी हो गई। जानकारी के अनुसार, दुकानदार सुबह शॉप पर पहुंचा, तो शटर खुला मिला। इसके बाद चोरी होने का शक हुआ, तो डायल बुलाई। कुछ देर बाद लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस को दी शिकायत में रिची राय ने बताया कि उसकी द्वारकापुरी गली कार्नर सालासर मन्दिर के सामने काठपाल मोबाइल के नाम शॉप है। रोजाना की भांति शाम को शॉप बंद करके घर चले गए थे। जब सुबह दुकान पर आकर देखा, तो शटर का ताला टूटा पड़ा था। दुकान में बिखरा मिला सामान दुकान का शटर उठाकर अंदर जाकर देखा, तो सारा सामान बिखरा पड़ा था। गल्ले का ताला भी तोड़ रखा था, जिसमें करीब 20 हजार रुपए की नकदी रखी थी। वो गायब मिली और दो-तीन नए फोन व उनके चार्जर भी चुरा लिए गए। जिनकी कीमत करीब 50 हजार रुपए है। इस बारे में उसने आसपास के लोगों व दुकानदारों से पता किया, तो किसी ने कुछ नहीं बताया। डायल 112 को बुलाकर पुलिस को सूचना दी।
फतेहाबाद जिले के मोबाइल मार्केट स्थित मोबाइल शॉप के ताले तोड़कर चोर सामान चोरी कर ले गए। इसकी सीसीटीवी फुटेज में एक युवक नजर आ रहा है, जो गल्ले में रखी नकदी और मोबाइल चोरी कर ले गया। मोबाइल उसने बैग में भर लिए। इसके बाद जाते टाइम सीसीटीवी की ओर देखकर हाथ जोड़कर माफी मांगी। इसके बाद कानों के हाथ लगाकर बाहर चला गया। सुबह दुकानदार जब दुकान पर पहुंचे, तो उन्हें घटना की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। इसके बाद चोर की तलाश शुरू की गई है। रात को दुकान बंद करके गए थे जानकारी के अनुसार, रोहित जांगड़ा और प्रदीप कुमार नामक दो युवक पार्टनरशिप में लालबत्ती चौक के पास स्थित मोबाइल मार्केट में ट्रेंड्स मोबाइल के नाम से शॉप चलाते हैं। दोनों रविवार की शाम को दुकान बंद करके घर गए थे। सुबह दुकान पर लौटे, तो उन्हें दुकान का ताला टूटा हुआ मिला। इसके बाद उन्होंने दुकान खंगाली, तो उसमें से महंगे मोबाइल चोरी किए हुए थे। साथ ही गल्ले में रखी करीब 10 हजार से ज्यादा की राशि भी चोरी हो चुकी थी। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाली, तो चोर नजर आया। जानिए…वीडियो में क्या नजर आ रहा वीडियो में नजर आता है कि रात को 11 बजकर 53 मिनट पर टी-शर्ट पहने चोर दुकान में घुसता है। चोर हाथ में मोबाइल की लाइट जलाए हुए होता है। बाद में दुकान की लाइट जलाता है, फिर काउंटर में रखे मोबाइल देखने लगता है। इसके बाद अलग-अलग कोनों में तलाश करता है। फिर काउंटर के ऊपर चढ़कर अलमारी में रखे मोबाइल देखता है। इसके बाद गल्ले से रुपए निकालता है। इस सारे सामान को वह काले रंग के बैग में रखता है। करीब 7 मिनट तक चोर दुकान में ही रहता है। इसके बाद वापस जाने पर कैमरे की तरफ देखकर पहले हाथ जोड़ता है, फिर कान पकड़ कर माफी मांगता है। फिर हाथ से सेल्यूट करके शटर उठाकर बाहर चला जाता है।
नारनौल में ट्रैक्टर ड्राइवर को पीटकर मोबाइल छीना:पिकअप में आए युवकों ने किया हमला, वारदात कर फरार
महेंद्रगढ़ जिले में नारनौल क्षेत्र में बलाहा कला के पास एक ट्रैक्टर ड्राइवर के साथ मारपीट और मोबाइल छीनने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। राजस्थान के झुंझनूं जिला के शिमला के नीरज ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह ट्रैक्टर से तूड़ी ढोने का काम करता है। बीते कल रात करीब 8–9 बजे वह दौचाना से तूड़ी लेकर गांव गोद में प्रदीप के पशु स्टॉक पर डालने जा रहा था। जब वह बलाहा कला के समीप पहुंचा, तो सामने से एक बिना नंबर की पिकअप गाड़ी आ गई, जिसमें 5-6 लोग सवार थे। लाठी-डंडों से मारा नीरज के अनुसार साइड को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। इसी दौरान पिकअप में सवार लोग नीचे उतर आए और लकड़ी व डंडों से उसके साथ मारपीट करने लगे। मारपीट के दौरान उसकी जेब में रखे करीब 700 रुपये गिर गए और आरोपियों ने उसका मोटरोला कंपनी का मोबाइल फोन भी छीन लिया। पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया पीड़ित ने बताया कि इसके बाद उसने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घायल नीरज ने दौचाना के पीएचसी में अपनी एमएलआर कटवाई, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे नागरिक अस्पताल नारनौल रेफर कर दिया। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस के अनुसार शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मामले की जांच एएसआई अशोक कुमार द्वारा की जा रही है।
रामगढ़ जिले के भुरकुंडा क्षेत्र में सोमवार की सुबह-सुबह पुलिस और राहुल दुबे गैंग के बीच मुठभेड़ हो गई। घटना दुमुहाना मंदिर के पास की है। जहां संदिग्ध गतिविधि की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर अपराधियों ने फायरिंग कर दी। अचानक हुई इस गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि जैसे ही पुलिस की गाड़ी मौके पर पहुंची, वहां मौजूद अपराधी ने सीधे पुलिस को निशाना बनाकर गोली चला दी। इस हमले में पतरातू थाना प्रभारी की गाड़ी के शीशे और बंपर में गोली लगी, हालांकि वे बाल-बाल बच गए। एसआईटी की छापेमारी के दौरान मिली थी सूचना जानकारी के अनुसार, एसपी अजय कुमार के निर्देश पर राहुल दुबे गिरोह के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसआईटी टीम का गठन किया गया था। टीम लगातार भुरकुंडा और पतरातू इलाके में छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान गुप्त सूचना मिली थी कि गिरोह का सक्रिय सदस्य सनी सिंह क्षेत्र में घूम रहा है। अपने साथियों के साथ मिलकर किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है। सूचना के आधार पर पुलिस ने दुमुहाना मंदिर के पास सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली, गिरफ्तार छापेमारी के दौरान संदिग्ध युवक ने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी सनी सिंह के दाहिने पैर में गोली लग गई। गोली लगते ही वह घायल होकर गिर पड़ा। पूछताछ में उसने अपनी पहचान सनी सिंह, ग्राम रेलीगढ़ा निवासी के रूप में बताई। पुलिस ने मौके पर ही प्राथमिक उपचार कर उसे तत्काल सीसीएल अस्पताल भुरकुंडा भेज दिया, जहां उसका इलाज चल रहा है। दो देसी पिस्तौल, मोबाइल और बैग बरामद मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से दो देसी पिस्तौल, एक मोबाइल फोन और एक लेदर बैग बरामद किया है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुट गई है। गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि राहुल दुबे गिरोह पर शिकंजा कसने के लिए आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
डीग में दुकानदार की हत्या पेट्रोल के पैसे मांगने पर की गई थी। आरोपी ने दुकानदार पर लाठी से वार किए, जिससे उसका सिर फूट गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी। सीकरी थाना पुलिस ने रविवार को आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया। डीग एसपी कांबले शरण गोपीनाथ ने बताया- सीकरी थाना इलाका निवासी अजरुद्दीन ने शनिवार को रिपोर्ट दी थी। बताया था कि उसका भाई यूसुफ (55) निवासी टट्टा का बास गांव में अपने खेतों के बाहर छोटी सी दुकान चलाता था। वह दुकान से ही अवैध पेट्रोल भी बेचता था। शनिवार सुबह जब करीब 5 बजे यूसुफ की पत्नी उसे चाय देने गई तो लहूलुहान हालत में उसकी लाश खाट पर पड़ी थी। उसका मोबाइल फोन भी गायब था। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मोबाइल की लोकेशन को ट्रैस कर आरोपी महेंद्र (30) निवासी नगली बाल, थाना नौगांव जिला अलवर को गिरफ्तार कर लिया है। बाइक में पेट्रोल भरवाया, पैसे देने से किया मना पुलिस पूछताछ में महेंद्र ने हत्या करना कबूल कर लिया। पुलिस ने बताया- महेंद्र सीकरी में रिश्तेदार के घर आया था। इस बीच उसकी बाइक का पेट्रोल खत्म हो गया और वह नशे में था। वह सुबह करीब 4 बजे यूसुफ की दुकान पर गया। वहां यूसुफ सो रहा था। उसने यूसुफ को जगाया और बाइक में पेट्रोल डालने को कहा। महेंद्र के पास देने के लिए पैसे नहीं थे। उसने बाइक में पेट्रोल डलवा लिया। जब यूसुफ ने पैसे मांगे तो उसने पैसे देने से मना कर दिया। इसके बाद उसकी यूसुफ से कहासुनी हो गई। गुस्साए महेंद्र ने वहां रखी लाठी उठाई और यूसुफ के सिर पर लगातार 5 से 6 वार किए। यूसुफ के सिर से खून बहने लगा। वह खाट पर गिर पड़ा। इसके बाद महेंद्र उसका मोबाइल लेकर फरार हो गया। मोबाइल लोकेशन ट्रैस कर आरोपी को पकड़ा एसपी ने बताया कि मोबाइल की लोकेशन ट्रैस की गई, जिसके आधार पर महेंद्र को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। महेंद्र की बाइक में पेट्रोल नहीं था। उसके पास पेट्रोल की एवज में देने के लिए पैसे भी नहीं थे, इसलिए कहासुनी के बाद उसने यूसुफ की हत्या कर दी।
जांजगीर-चांपा जिले के बनाहिल गांव में एक मोबाइल दुकान में डेटोनेटर से धमाका हुआ है। इस घटना में दुकान मालिक भूपेंद्र साहू के पैर में चोट आई है और दुकान का सामान क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध रमन केवट को हिरासत में लिया है। यह घटना 4 अप्रैल की रात करीब 11 बजे मुलमुला थाना क्षेत्र में हुई। जानकारी के अनुसार, 4 अप्रैल की रात भूपेंद्र साहू अपनी मोबाइल दुकान का शटर बंद करके काम कर रहे थे। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने दुकान के अंदर एक डेटोनेटर फेंक दिया। भूपेंद्र ने उसे पैर से मारकर दूर फेंकने की कोशिश की, लेकिन वह फट गया, जिससे उनके पैर में हल्की चोट आई और दुकान का सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही मुलमुला पुलिस मौके पर पहुंची। रविवार को फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक सबूत जुटाए। डीएसपी प्रदीप सोरी ने बताया कि भूपेंद्र साहू ने पूछताछ में रमन केवट पर संदेह जताया है। भूपेंद्र साहू के अनुसार, 4 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे रमन केवट का अपनी पत्नी से विवाद हो रहा था, जिसे सुलझाने के लिए भूपेंद्र वहां गए थे। आशंका है कि इसी बात को लेकर रमन ने रंजिश रखी और इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने संदेही रमन केवट को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि डेटोनेटर कहां से प्राप्त किया गया था।
आजमगढ़ पुलिस ने 256 मोबाइल फोन रिकवर किए:9 करोड़ 40 लाख रुपए से अधिक के मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं
आजमगढ़ पुलिस ने कोई मोबाइल को रिकवर करने का अभियान चलाया हुआ है। इस अभियान के तहत लगातार जिले में मोबाइल बरामद किया जा रहा है। एसएसपी डॉ# अनिल कुमार के निर्देश पर जिले में चलाए जा रहे इस अभियान के अंतर्गत गुमशुदा मोबाइल धारकों की ओर से सीईआईआर पोर्टल पर ऑनलाइन अपनी शिकायत दर्ज की जाती है। उन्हें बरामद करने के लिए सीसीटीएनएस प्रभारी जनपद आजमगढ़ को निर्देशित किया गया था। माह फरवरी 2024 से गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें गुमशुदा मोबाइल धारकों की ओर से सीईआईआर पोर्टल पर ऑनलाइन अपनी शिकायत दर्ज की जाती है। माह मार्च 2026 में आजमगढ़ पुलिस ने जनपद में खोए हुए कुल 256 एण्ड्रायड मोबाइल फोन (कीमत लगभग 61 लाख 50 हजार रूपये) को सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से बरामद किया गया है। पुलिस लाइन में उपभोक्ताओं को सौंपे गए मोबाइल फोन आजमगढ़ के एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने पुलिस लाइन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को उनके मोबाइल फोन सौंपे। वर्ष 2026 में आजमगढ़ पुलिस की ओर से कुल 607 एण्ड्रायड मोबाइल फोन को बरामद कर मोबाइल फोन स्वामियों को सुपुर्द किया गया है। इस प्रकार पिछले 26 माह में कुल 3820 एण्ड्रायड मोबाइल फोन (कुल कीमत लगभग 9 करोड़, 40 लाख रूपये) को बरामद कर मोबाइल फोन स्वामियों को सुपुर्द किया गया है। जिले के कुल 8 थानों क्रमशः मुबारकपुर (337 मोबाइल फोन), निजामाबाद (310 मोबाइल फोन), जीयनपुर (291 मोबाइल फोन), अहरौला (255 मोबाइल फोन), रौनापार (246 मोबाइल फोन), बरदह (229 मोबाइल फोन), जहानागंज (209 मोबाइल फोन), गंभीरपुर (201 मोबाइल फोन) 200 या 200 से अधिक मोबाइल फोन की बरामदगी की गई है। जिन्हें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ ने प्रशस्ति पत्र व नगद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
अमृतसर से नांदेड़ जा रही सचखंड एक्सप्रेस (12715) में रेल यात्रियों की सुरक्षा और सतर्कता का बड़ा उदाहरण सामने आया है। ट्रेन के टिकट चेकिंग स्टाफ ने सूझबूझ दिखाते हुए एक शातिर मोबाइल चोर को काबू किया है। आरोपी के पास से एक यात्री और रेलवे विभाग के ही एक कर्मचारी का चोरी हुआ मोबाइल बरामद हुआ है। जानकारी के अनुसार, सचखंड एक्सप्रेस के कोच B-4 में सीट संख्या 1 पर यात्रा कर रहे एक यात्री का मोबाइल अचानक चोरी हो गया। यात्री ने इसकी सूचना ड्यूटी पर मौजूद टिकट चेकिंग स्टाफ को दी। स्टाफ ने तुरंत हरकत में आते हुए संदिग्धों पर नजर रखनी शुरू कर दी। संदेह होने पर ली तलाशी, खुला राजजांच के दौरान चेकिंग स्टाफ को ट्रेन में घूम रहे एक संदिग्ध युवक पर शक हुआ। जब उससे पूछताछ की गई तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। सख्ती से तलाशी लेने पर चोर से यात्री का मोबाइल जो कोच B-4 से चोरी हुआ था मिला। विभाग के ही एक कर्मचारी का मोबाइल भी उससे मिला, जिसे उसने पहले चुराया था। राजपुरा में रेलवे पुलिस के हवाले किया आरोपीजैसे ही ट्रेन राजपुरा स्टेशन पहुंची, टिकट चेकिंग स्टाफ ने आरोपी को पूरी जानकारी के साथ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के सुपुर्द कर दिया। RPF ने मोबाइल जब्त कर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों ने की टिकट चेकिंग स्टाफ की सराहनाफिरोजपुर मंडल के अधिकारियों ने टिकट चेकिंग स्टाफ के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की है। रेलवे प्रशासन ने दोहराया कि फिरोजपुर मंडल यात्रियों की सुरक्षा और उनके सामान की संरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में सड़क किनारे 95% जली हालत में मिली नाबालिग की रविवार सुबह रायपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। ब्वॉयफ्रेंड से किश्त पर लिए मोबाइल को लेकर उसका विवाद हुआ था। जिसके बाद उसने आग लगाकर सुसाइड करने की धमकी दी थी। उसके ब्वॉयफ्रेंड ने पुलिस को बताया कि, गर्लफ्रेंड ने एक दुकान से 100 रुपए का पेट्रोल खरीदा था। पेट्रोल को छीनकर अपनी बाइक पर डाल लिया था। उसे उसके घर से करीब 500 मीटर दूर छोड़कर रामनगर लौट आया था। आधे घंटे बाद जलने की जानकारी हुई। मामला विश्रामपुर थाना क्षेत्र का है। देखिए तस्वीरें… जानिए क्या है पूरा मामला ? जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 9.30 बजे विश्रामपुर-भटगांव रोड पर पासिंग नाले के पास सड़क किनारे नाबालिग जली अवस्था में मिली थी। उसकी पहचान ग्राम गोरखनाथपुर निवासी मोनिका सिंह उर्फ मोना (17) के रूप में हुई। वो कक्षा 11वीं की छात्रा थी। पुलिस ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां से उसे 95 फीसदी जलना बताया गया। उसे शुरुआती इलाज के बाद अंबिकापुर रेफर कर दिया गया था। सूचना मिलने पर परिजन भी अस्पताल पहुंचे। रायपुर पहुंचने के बाद हुई मौत घटना की सूचना पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े शनिवार शाम अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंची। मोनिका सिंह को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कराया। उसे रात में ही रायपुर मेकाहारा भेज दिया गया। रायपुर में इलाज के दौरान रविवार सुबह मोनिका सिंह की मौत हो गई। छात्रा के शव को वापस गोरखनाथपुर से जाया जा रहा है। प्रेमी से मोबाइल को लेकर हुआ था विवाद परिजनों से पूछताछ में पता चला कि, बेटी मोनिका का पिछले दो साल से रामनगर निवासी भूपेंद्र सिंह से लव अफेयर चल रहा था। दोनों एक दूसरे के घर आते जाते रहते थे। भूपेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि, दोनों ने मिलकर किश्त में मोबाइल खरीदा था, जिसमें से कुछ पैसे भूपेंद्र सिंह ने दिया था। बाकी पैसे मोनिका को देने थे। उसने पैसे जमा नहीं कराए तो भूपेंद्र ने उससे मोबाइल छीन लिया था। मोबाइल नहीं देने पर मरने की दी धमकी शुक्रवार की शाम को छात्रा मोनिका सिंह रामनगर भूपेंद्र सिंह के घर आई थी। रात में वह रूक गई थी। उसने सुबह भूपेंद्र सिंह से मोबाइल मांगा तो भूपेंद्र सिंह ने नहीं दिया। इस पर उसने धमकी दी कि वह जलकर मर जाएगी। रामनगर में ही छात्रा ने एक दुकान से 100 रुपए का पेट्रोल खरीदा था। भूपेंद्र ने उसे पेट्रोल खरीदते देख लिया और पेट्रोल लूटकर अपनी बाइक पर डाल लिया था। इसके बाद मोनिका को बाइक पर बैठाकर उसने आईटीआई कॉलोनी के पास सुबह 9 बजे छोड़ दिया था। वहां से उसका घर करीब 500 मीटर दूर है। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि वह वापस रामनगर लौट आया था। इसके करीब आधे घंटे बाद मोनिका सिंह गंभीर रूप से जली अवस्था में मिली। पुलिस ने प्रेमी को थाने में बैठाया पूछताछ के बाद पुलिस ने भूपेंद्र सिंह को थाने में बैठा लिया है। पुलिस भूपेंद्र सिंह के बयान की जांच की जा रही है। एडिशनल एसपी अभिषेक पैकरा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस को छात्रा की मौत की अधिकारिक सूचना नहीं मिली है। …………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… 'आत्महत्या के लिए मैं जिम्मेदार' लिखकर खुद को जलाया: बाथरूम में जली मिली महिला टीचर की लाश; बेटा डॉक्टर है, बेटी MBBS कर रही मैं शारीरिक परेशानी की वजह से यह कदम उठा रही हूं। इसकी जिम्मेदार मैं स्वंय हूं। यह लिखकर छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की एक टीचर ने खुद को आग लगाकर आत्महत्या कर ली है। भिलाई की रहने वाली रजनी देवांगन (50) पेशे से टीचर थी। उनका बेटा डॉक्टर है और बेटी MBBS की पढ़ाई कर रही है। पति की प्राइवेट जॉब है। रजनी ने सुसाइड क्यों किया इसकी जांच जारी है। पढ़ें पूरी खबर…
डीग में IPL सट्टेबाजों पर कार्रवाई:थार गाड़ी, कई मोबाइल और भारी मात्रा में हिसाब की डायरियां जब्त
डीग में एसपी कांबले गोपीनाथ शरण के निर्देश पर कामवन (कामां) क्षेत्र में अवैध क्रिकेट सट्टे के खिलाप छापेमारी की गई। पुलिस को क्षेत्र में अवैध सट्टेबाजी की शिकायतें मिली थीं। यह छापेमारी उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे गांव धिलावटी के पास 'कुलवाना मोड़' पर की गई। थाना कामवन पुलिस और DST ने संयुक्त रूप से इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस की दबिश के दौरान सट्टेबाजी से जुड़े 3 मुख्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। मौके से पुलिस ने सट्टे के कारोबार में इस्तेमाल की जा रही एक थार गाड़ी और कई मोबाइल फोन बरामद किए। इसके साथ ही, सट्टे के लेन-देन से संबंधित भारी मात्रा में हिसाब-किताब की डायरियां भी मिली हैं। इन डायरियों से क्षेत्र के कई बड़े नामों का खुलासा होने की संभावना है।एसपी ने बताया कि कस्बे में IPL मैचों के दौरान सट्टा लगाने और खिलाने वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर लिया गया है।
फरीदकोट की केंद्रीय मॉडर्न जेल में तलाशी अभियान के दौरान विभिन्न बैरकों से चार मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड बरामद किया गया है। इस मामले में जेल प्रशासन की शिकायत के आधार पर थाना सिटी पुलिस ने पांच हवालातियों और एक कैदी के खिलाफ जेल एक्ट के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस को भेजी गई शिकायत में जेल के सहायक अधीक्षक वीरपाल सिंह ने बताया कि जेल अधीक्षक के निर्देशों पर शनिवार रात जेल कर्मचारियों की टीम ने विभिन्न बैरकों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। फिरोजपुर, फाजिल्का और मानसा के हैं कैदी इस दौरान 5 हवालातियों बिट्टू सिंह फिरोजपुर), निशान सिंह मोगा, रोहित कुमार फिरोजपुर, बिंदु कुमार फाजिल्का, अर्शदीप सिंह मोगा और एक कैदी जुगराज सिंह उर्फ सोनी मानसा के पास से कुल चार मोबाइल फोन और एक सिम बरामद किया गया। इस शिकायत पर थाना सिटी फरीदकोट पुलिस ने उक्त सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जेल अधिकारी-कर्मचारी की भूमिका की जांच करेगी:डीएसपी इस मामले संबंधी जानकारी देते हुए डीएसपी तरलोचन सिंह ने बताया कि अब इस केस में नामजद हवालातियों और कैदी को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ कर जांच की जाएगी कि जेल के अंदर मोबाइल फोन कैसे पहुंचे। यदि किसी जेल अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नागौर में एसआई भर्ती के सेंटर में एग्जाम से पहले पुलिस और स्कूल स्टाफ के बीच विवाद हो गया। स्टाफ मोबाइल और गाड़ी अंदर ले जाने की जिद पर अड़ा रहा। करीब 1 घंटे तक पुलिस और स्टाफ के बीच हुए इस विवाद में कैंडिडेट्स को 20 मिनट देरी से एंट्री मिली। मामला शहर के कांकरिया स्कूल का है। दरअसल, एग्जाम सेंटर में मोबाइल ले जाने पर रोक लगी थी। लेकिन, स्कूल स्टाफ नहीं माना और चेतावनी दी कि मोबाइल नहीं ले जाने दिया तो काम नहीं करेंगे। एक घंटे तक स्कूल और पुलिस स्टाफ के बीच चली बहस करीब एक घंटे तक चली इस बहस को सुलझाने के लिए कोतवाली थानाधिकारी वेदपाल शिवरान और साइबर थाना प्रभारी धरम पुनिया ने काफी समझाइस की। लेकिन, स्टाफ अपनी शर्तों से पीछे हटने को तैयार नहीं हुआ। स्टाफ जिद्द पर अड़ा हुआ था कि वे मोबाइल, बैग और गाड़ी अंदर ले जाएंगे, जबकि पुलिस तैयार नहीं थी। इस दौरान केंद्रधीक्षक शंकरलाल खुद अपनी कार को प्रवेश द्वार के सामने खड़ा कर दिया। इस दौरान केन्द्राधीक्षक ने खुद शिक्षकों को बाहर निकलने का बोल दिया और पुलिस अधिकारीयों को यह तक कह दिया कि आप ही परीक्षा करवा लो। आखिर सेंटर के बाहर तैनात पुलिस अधिकारियों को स्टाफ की माननी पड़ी और मोबाइल के साथ हैंड बैग ले जाने की परमिशन दी। इस मामले में कलेक्टर ने एडीएम चंपालाल जिनगर और एएसपी आशाराम चौधरी को सेंटर की जांच के निर्देश दिए। प्रभारी बोले- मामूली बहस हुई थी नागौर में परीक्षा प्रभारी चम्पालाल जिनगर ने बताया कि RPSC की गाइडलाइन है कि जितने भी कार्मिक हैं वो फर्स्ट तो मोबाइल लेकर नहीं आएंगे अगर लेकर आते हैं तो मोबाइल को स्विच ऑफ़ करवा कर केंद्र अधीक्षक (CS ) की कस्टडी में रखेंगे। सभी मोबाइल CS के कस्टडी में रखवा दिए गए हैं। इसी बात को लेकर मामूली नोक-झोंक हुई थी। गौरतलब है कि नागौर में 18 केंद्र बनाए गए हैं जहां 2 दिनों में 4 पारियों में एग्जाम होने हैं और प्रत्येक पारी में 5448 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।
'कनपुरिया बोली' से देश-दुनिया को गुदगुदाने वाले हास्य कलाकार अन्नू अवस्थी फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह कोई स्टेज शो नहीं, बल्कि अचानक बदला मौसम और अन्नू भैया का इंद्र देवता से सीधा संवाद है। दरअसल,शनिवार को शहर में अचानक हुई ओलावृष्टि और तेज बारिश को देखकर अन्नू अवस्थी अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में नजर आए। उन्होंने गिरते ओलों के बीच एक वीडियो अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर साझा किया, जिसमें वे इंद्र देवता के गुस्से को शांत करने की विनती कर रहे हैं। इंद्र देव 'खौरिया' गए हैं,अन्नू की निराली चिंता शनिवार को जैसे ही आसमान से सफेद ओले गिरने शुरू हुए, अन्नू अवस्थी का कैमरा चालू हो गया। गिरते ओलों को देखकर उन्होंने कहा, आज इंद्र देवता बहुत जोर 'खौरिया' (गुस्सा) गए हैं, ये देखो ओले गिर रहे हैं। कानपुर की सड़कों पर जब लोग छिपने की जगह ढूंढ रहे थे, तब अन्नू भैया इस ओलावृष्टि का संबंध अपने घर की 'गुड़िया' से जोड़ते दिखे। उनका मानना है कि प्रकृति का यह कोप शायद किसी की बातों का नतीजा है। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि उन्हें लग रहा है कि गुड़िया ने ही कुछ ऐसा कहा है, जिसकी वजह से बाबा (इंद्र देव) इतने नाराज हैं। अरे बाबा, मोबाइल भीगा जा रहा... वीडियो में अन्नू अवस्थी की चिंता सिर्फ ओलों तक सीमित नहीं रही। उन्हें अपने मोबाइल की भी फिक्र सताने लगी। जैसे-जैसे बारिश तेज हुई, वे कहने लगे, ओहो बाबा, मोबाइल भी भीगा जा रहा। एक तरफ इंद्र देव का क्रोध और दूसरी तरफ कीमती मोबाइल के भीगने का डर अन्नू के इस भोलेपन और कॉमिक टाइमिंग ने सोशल मीडिया पर लोगों को हंसने पर मजबूर कर दिया। गुड़िया की तरफ से मांगी माफीअन्नू अवस्थी यहीं नहीं रुके, उन्होंने बाकायदा हाथ जोड़कर इंद्र देवता से अपनी पत्नी गुड़िया की पैरवी कर डाली। उन्होंने कहा,अरे बाबा, गुड़िया को माफ करो। वो तो बोलती ही रहती है। इतना क्रोध ठीक नहीं बाबा, अब माफ कर दो। अन्नू अवस्थी के इस वीडियो पर फैंस जमकर मजे ले रहे हैं। लोगों का कहना है कि कानपुर का मौसम चाहे जैसा भी हो, लेकिन अन्नू भैया का 'हुनर' उसे और भी रंगीन बना देता है। क्यों पसंद किया जा रहा है ये अंदाज?अन्नू अवस्थी की खासियत उनकी सादगी और स्थानीय भाषा का सटीक इस्तेमाल है। 'खौरियाना' जैसे ठेठ कनपुरिया शब्दों का प्रयोग करके वे सीधे आम आदमी के दिल तक पहुंचते हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं कि अब तो इंद्र देवता को भी मान जाना चाहिए, क्योंकि अन्नू भैया ने खुद सिफारिश की है।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की SI भर्ती का एग्जाम आज (5 अप्रैल) से दो पारी में होगी। पहली पारी की परीक्षा सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक होगी। इसके लिए सुबह 9 बजे सेंटर्स पर कड़ी चेंकिंग के साथ एंट्री दी जा रही है। नकल रोकने वाले डिवाइस की पहचान के लिए पुलिसवालों को ईएनटी डॉक्टर्स से विशेष ट्रेनिंग दिलवाई गई है। बता दें कि एसआई भर्ती 2021 पेपर लीक व डमी कैंडिडेट्स को लेकर चर्चा में रही थी। बाद में इस भर्ती को रद्द कर दिया गया। ऐसे में इस बार होने वाली परीक्षा को लेकर सरकार अलर्ट है। राजस्थान के 26 जिलों के 41 शहरों में 1174 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 7.70 लाख कैंडिडेट्स शामिल होंगे। ये भर्ती 1015 पदों के लिए है। सबसे पहले देखिए- परीक्षा केंद्र के बाहर के PHOTOS… डिवाइस की पहचान के लिए स्पेशल ट्रेनिंग जांच में नियुक्त पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसमें विशेषज्ञों और ईएनटी डॉक्टरों द्वारा पुलिसकर्मियों को ब्लूटूथ उपकरणों, विग, चश्मों में छिपे कैमरे और कान में लगने वाली सूक्ष्म डिवाइसों की पहचान करना बताया। अभ्यर्थी मूल आधार कार्ड (रंगीन प्रिंट) साथ लेकर जाएं। अगर आधार कार्ड पर फोटो पुरानी या धुंधली है तो ये ले जाएं- वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस (सभी में रंगीन और साफ नया फोटो होना चाहिए)। एडमिट कार्ड पर भी लेटेस्ट कलर फोटो चिपकाना न भूलें। बिना साफ फोटो वाले पहचान पत्र के अंदर नहीं जाने देंगे। …. एसआई भर्ती-2021 रद्द ही रहेगी:हाईकोर्ट की एकलपीठ का फैसला बरकरार; कहा- आयोग में राजनीतिक नियुक्तियां नहीं होनी चाहिए
टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत बिगाड़ देगी सेहत, शरीर बन जाएगा बीमारियों का घर
हाई टेक्नोलॉजी की दुनिया में लोगों के लिए मोबाइल से 5 मिनट भी दूर रह पाना मुश्किल है। रील देखने और सोशल मीडिया चलाने की लत इतनी ज्यादा लग चुकी है कि लोग टॉयलेट में भी मोबाइल को अपने साथ लेकर जाते हैं और जरूरत से ज्यादा समय वही बिता देते हैं।
महिलाओं के मोबाइल पर बैन : जब चौपाल संविधान से ऊपर बैठ जाए
राजस्थान के जालोर जिले के जसवंतपुरा क्षेत्र के गाजीपुरा गांव में आयोजित एक सामाजिक पंचायत के पंच-पटेलों ने महिलाओं और बेटियों के लिए कैमरा युक्त मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया। महिलाएं मोबाइल फोन को सार्वजनिक समारोहों के साथ-साथ पड़ोसियों के घर जाने के दौरान भी नहीं ले जा सकेंगी। यह पाबंदी किसी ... Read more
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

