Shahjahanpur News: मोबाइल का स्क्रीन टाइम कम करें, चिड़चिड़ेपन से मिलेगा छुटकारा
शाहजहांपुर। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। लगातार अधिक स्क्रीन टाइम से चिड़चिड़ापन, सिरदर्द और एकाग्रता में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
Jalaun News: मोबाइल वापस मांगने पर युवक से मारपीट, दी धमकी
मोबाइल वापस मांगने पर युवक से मारपीट, दी धमकी
Farrukhabad News: सर पार्सल आया है, घर नहीं मिल रहा, कॉल कर लो और मोबाइल हैक
फर्रुखाबाद। साइबर ठगों ने लोगों के खाते खाली करने का नया तरीका ढूंढा है। डीएफओ राजीव कुमार के मोबाइल पर शुक्रवार सुबह 11 बजे के करीब फोन आया। सर, आपका पार्सल आया है।
Basti News: 58 हजार रुपये हड़पने व मोबाइल हैक करने का आरोप
Accusation of misappropriating Rs 58,000 and hacking a mobile phone.
Charkhi Dadri News: देसी पिस्तौल के साथ आरोपी काबू, मोबाइल व कार जब्त की
देसी पिस्तौल के साथ आरोपी काबू, मोबाइल व कार जब्त की
Shamli News: खो गए मोबाइल फोन से खाते से निकाले 2.60 लाख रुपये
गांव बहावड़ी निवासी रवि कुमार ने बताया कि उनका मोबाइल फोन तीन सितंबर को खो गया था। किसी युवक ने इसके माध्यम से खाते से रुपये निकाल लिए।
जींद जिले में उचाना क्षेत्र के गांव खटकड़ में एक बुजुर्ग का अपहरण कर बंधक बनाया गया, फिर मारपीट की गई। आरोपियों ने उसकी जेब से 5 हजार रुपए और मोबाइल फोन छीन लिया। पुलिस ने 10 लोगों पर केस दर्ज किया है। मोहनगढ़ छापड़ा निवासी चंदा राम ने बताया कि 6 सितंबर को वह गांव खटकड़ में रणधीर के खेत में था। वहां रणबीर परिवार के साथ पहुंचा और झगड़ा करने लगा। बीच-बचाव करने पर आरोपितों ने उसे पीटा और जबरन गाड़ी में डालकर गांव ले गए। हालत बिगड़ने पर धमकी देकर छोड़ा गांव में उसे बंधक बनाकर पीटा गया। आरोपितों ने उसकी जेब से 5 हजार रुपए और मोबाइल फोन छीन लिया। हालत बिगड़ने पर धमकी देकर छोड़ दिया, जिससे उसे चोटें आईं। पुलिस ने चंदा राम की शिकायत पर रणबीर, प्रवीण, संदीप, अमन, फूल सिंह, पालेराम, सूरजमल, शुभम, रणधीर और गौरव समेत 10 लोगों पर मारपीट, अपहरण और छीना-झपटी का केस दर्ज किया है। जांच अधिकारी नवीन ने बताया, जांच जारी है।
जबलपुर में मोपेड की डिक्की तोड़ी, परीक्षा देने गए परीक्षार्थियों के मोबाइल व जेवर चोरी
कई लोगों के मोबाइल, पर्स, एटीएम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी, नकदी और क्रेडिट कार्ड चोरी होने की जानकारी मिली।
हिसार जिले के लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, निशुल्क कानूनी सहायता और डिजिटल न्यायिक सेवाओं के प्रति जागरूक करने के लिए राज्यव्यापी दिशा मोबाइल वैन शहर में पहुंची। इस वैन ने शहर के अलग-अलग इलाकों और गांवों में घूमकर लोगों को कानूनी सेवाओं, टेली-लॉ सुविधा और न्याय पाने की प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी दी। इस अभियान के दौरान लोगों ने मोबाइल वैन में दिखाई गई जानकारी को ध्यान से देखा और कानूनी मामलों से जुड़े सवाल भी पूछे। ऑडियो-वीडियो के जरिए दी जानकारी सीएससी के जिला प्रबंधक विकास वर्मा ने बताया कि दिशा मोबाइल वैन में एलईडी स्क्रीन, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और ऑडियो-वीडियो सामग्री लगाई गई है। इसके जरिए लोगों को अलग-अलग कानूनी नियमों, सरकारी योजनाओं, निशुल्क कानूनी सहायता, लोक अदालत, टेली-लॉ सेवा और न्याय पाने की प्रक्रिया के बारे में आसान भाषा में जानकारी दी जा रही है। अनुभवी वकीलों से ले सकते हैं कानूनी सलाह उन्होंने कहा कि जागरूकता की कमी के कारण कई लोग अपने अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सुविधाओं का फायदा नहीं उठा पाते। इसलिए, इस तरह के अभियान समाज के लिए बहुत काम के साबित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पात्र नागरिक अपने नजदीकी सीएससी केंद्र पर जाकर टेली-लॉ सेवा के जरिए अनुभवी वकीलों से ऑनलाइन कानूनी सलाह ले सकते हैं। निशुल्क दी जा रही सुविधा विकास वर्मा ने बताया कि यह सुविधा आम लोगों को निशुल्क दी जा रही है, जिससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों के लोगों को भी कानूनी सहायता आसानी से मिल सके। सीएससी की ओर से नागरिकों से गुजारिश की गई है कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनें और सरकार द्वारा दी जा रही कानूनी और डिजिटल न्याय सेवाओं का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाएं।
गया-गोमो सेक्शन पर RPF का विशेष अभियान, मोबाइल चोरी के आरोप में शातिर चोर गिरफ्तार
25 सितंबर, शुक्रवार: गया-गोमो रेलखंड पर RPF ने विशेष अभियान चलाकर मोबाइल चोरी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया। अभियान के दौरान रेलवे क्षेत्र में चोरी की घटनाओं पर कार्रवाई की गई।
पटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र के गांधी नगर, सेक्टर-04 के पास स्थित होटल सनशाइन होलीडे में पुलिस ने छापेमारी कर चार युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को डायल-112 पर सूचना मिली थी कि होटल में नाबालिग लड़कियों को लाकर चोरी-छिपे देह व्यापार कराया जा रहा है। सूचना के बाद वरीय अधिकारियों को जानकारी दी गई और उनके निर्देश पर टीम गठित कर होटल में छापेमारी की गई। ASP लॉ एंड ऑर्डर-2 सुषमा सागर ने बताया कि छापेमारी के दौरान होटल के दो कमरों से दो लड़कियां और दो युवक आपत्तिजनक स्थिति में मिले। होटल के काउंटर से दो संचालकों को भी पकड़ा गया। 3 मोबाइल, कंडोम के पांच पैकेट बरामद पुलिस ने मौके से तीन मोबाइल, विभिन्न कंपनियों के कंडोम के पांच पैकेट, इस्तेमाल किए गए छह कंडोम, 22,700 रुपये नकद, एक लैपटॉप, होटल रजिस्टर, एक लाइटर और एक पेटीएम बॉक्स बरामद किया है। पुलिस जांच में जुटी पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवकों की पहचान संदीप कुमार तिवारी (27), रिषु कुमार (28), सुमन कुमार (25) और रवि कुमार (25) के रूप में हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और होटल में नाबालिग लड़कियों को लाने तथा देह व्यापार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
Viral Video: खेत में फसल काटने पहुंचे दो ‘मेहमान’, मोबाइल कैमरा देखते ही बदल गया पूरा प्लान
Viral Video: खेत में फसल काटने पहुंचे दो ‘मेहमान’, मोबाइल कैमरा देखते ही बदल गया पूरा प्लान
बाथरूम में कैश, मोबाइल चैट और... राम मंदिर चढ़ावा चोरी का पूरा गेम
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में पुलिस ने करीब 74 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है. इसमें पुलिस ने CCTV फुटेज, मोबाइल चैट, सीडीआर, बैंक खातों और संपत्तियों के आधार पर कथित रकम हेराफेरी की पूरी कड़ी बताई है. पुलिस ने आरोपियों से करीब 79.85 लाख रुपये नकद, डॉलर और आभूषण बरामद करने की बात कही है.
आधार में मोबाइल नंबर से लेकर पता तक घर बैठे बदलें: 2026 की पूरी प्रक्रिया, शुल्क और जरूरी दस्तावेज
आधार कार्ड आज लगभग हर महत्वपूर्ण सरकारी और वित्तीय काम में इस्तेमाल होने वाला दस्तावेज है। बैंक खाता, मोबाइल कनेक्शन, पेंशन, सरकारी योजनाओं से लेकर आयकर और डिजिटल केवाईसी (KYC) तक कई सेवाओं में आधार से जुड़ी जानकारी सही और अपडेट रखना जरूरी है। लेकिन सवाल यह है कि अगर आधार में मोबाइल नंबर, पता या ई-मेल बदल गया है तो क्या हर बार आधार केंद्र जाना जरूरी है? जवाब है—नहीं। 2026 में UIDAI ने नए Aadhaar App के जरिए कई महत्वपूर्ण सेवाओं को मोबाइल से उपलब्ध कराया है। फिलहाल ऐप में मोबाइल नंबर और पता अपडेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। हालांकि नाम, जन्मतिथि, लिंग और बायोमेट्रिक जैसी सभी जानकारी घर बैठे बदलने की सुविधा नहीं है। इनके लिए परिस्थितियों के अनुसार Aadhaar Enrolment/Update Centre जाना पड़ सकता है। इसे भी पढ़ें: स्टार्टअप के लिए 2 लाख तो PhD में हर महीने 10 हजार, बेटियों के लिए बिहार की सम्राट सरकार की बड़ी योजनाएं # 2026 में आधार में क्या-क्या घर बैठे बदल सकते हैं? एक, मोबाइल नंबर: यह 2026 में सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक है। UIDAI के नए Aadhaar App में Mobile Number Update की सुविधा उपलब्ध है। ऐप में मोबाइल नंबर अपडेट करने के लिए Aadhaar number holder को ऐप पर रजिस्ट्रेशन/लॉगिन करना और आवश्यक authentication पूरा करना होता है। UIDAI के अनुसार नए ऐप में Mobile Number Update और Address Update दोनों सेवाएं उपलब्ध हैं। ध्यान रखें कि आपकी स्थिति और authentication requirements के आधार पर प्रक्रिया अलग हो सकती है। इसलिए ऐप में दिखाई देने वाले निर्देशों का पालन करें। दो, पता: आधार में पता बदलने की सुविधा लंबे समय से myAadhaar पोर्टल पर उपलब्ध है और अब नया Aadhaar App भी Address Update सुविधा देता है। ऑनलाइन Address Update के लिए सामान्यतः: Aadhaar Number, Registered Mobile OTP, नया पता, संबंधित दस्तावेज और Submit की प्रक्रिया अपनानी होती है। UIDAI के अनुसार myAadhaar पर ऑनलाइन Address Update के लिए आधार से मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड होना जरूरी है और मांगे गए पते के प्रमाण (POA) का दस्तावेज अपलोड करना होता है। तीसरा, ई-मेल: ई-मेल अपडेट की सुविधा भी Aadhaar App में उपलब्ध है। खास बात यह है कि UIDAI ने Aadhaar App के जरिए ई-मेल एड्रेस अपडेट का शुल्क 31 दिसंबर 2026 तक माफ किया है। # अब जानिए कि किन चीजों के लिए आधार केंद्र जाना पड़ सकता है? हर Aadhaar detail को मोबाइल से बदलने की सुविधा अभी उपलब्ध नहीं है। जैसे: नाम: नाम में परिवर्तन के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत Aadhaar Enrolment/ Update Centre जाना पड़ सकता है और वैध supporting document देना होता है। जन्मतिथि: Date of Birth में बदलाव के लिए भी दस्तावेजों के साथ निर्धारित अपडेट प्रक्रिया अपनानी होती है। UIDAI ने इसके लिए अलग Standard Operating Procedure भी जारी किया है। लिंग: Gender update के लिए भी Aadhaar Centre की assisted update प्रक्रिया उपलब्ध है। फोटो और बायोमेट्रिक: फिंगरप्रिंट, आइरिस और फोटो जैसे biometric updates के लिए Aadhaar Centre जाना पड़ता है। UIDAI के अनुसार biometric update में fingerprint, iris और photograph शामिल हैं। सामान्य परिस्थितियों में biometric update का शुल्क ₹125 है, जबकि निर्धारित आयु-समूहों में Mandatory Biometric Update पर विशेष छूट लागू है। # 2026 में आधार अपडेट का शुल्क कितना है? UIDAI की वर्तमान शुल्क सूची के अनुसार: सेवा-शुल्क Demographic Update अलग से ₹75, Biometric Update सामान्यतः ₹125, Demographic व Biometric Update एक साथ। Biometric update के नियमों के अनुसार, Aadhaar App से Email Update| 31 दिसंबर 2026 तक मुफ्त। myAadhaar से Document Update14 जून 2027 तक मुफ्त। Aadhaar Centre पर Document Updat ₹75. UIDAI की वर्तमान शुल्क सूची में demographic update के अंतर्गत नाम, लिंग, जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर और ई-मेल आदि शामिल किए गए हैं। अलग से demographic update कराने की फीस ₹75 है। महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्चों के Mandatory Biometric Update के लिए अलग शुल्क नियम हैं। 7–15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए शुल्क-माफी की वर्तमान व्यवस्था 30 सितंबर 2026 तक लागू है। # myAadhaar से पता कैसे बदलें? अगर आप वेबसाइट के माध्यम से पता बदलना चाहते हैं तो प्रक्रिया मोटे तौर पर इस प्रकार है: Step 1: UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर जाएं। Step 2: Aadhaar number से लॉगिन करें। Step 3: Registered mobile पर आए OTP से authentication करें। Step 4: Address Update विकल्प चुनें। Step 5: नया पता सावधानी से दर्ज करें। Step 6: मांगा गया Proof of Address दस्तावेज अपलोड करें। Step 7: जानकारी को Preview में अच्छी तरह जांचें। Step 8: आवश्यक शुल्क का भुगतान करें। Step 9: Request Submit करें। इसके बाद आपको Update Request Number/ Reference के जरिए स्थिति ट्रैक करने की सुविधा मिल सकती है। UIDAI के अनुसार ऑनलाइन Address Update में अपलोड किए गए दस्तावेजों का verification किया जाता है। # Aadhaar App से अपडेट कैसे करें? नया Aadhaar App Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। UIDAI के अनुसार ऐप में Aadhaar number डालकर, Terms/Privacy को स्वीकार करके और Face Authentication पूरा करके registration किया जा सकता है। इसके बाद उपलब्ध सेवाओं में जाकर संबंधित update विकल्प चुना जा सकता है। Aadhaar App की प्रमुख सुविधाएं: Mobile Number Update, Address Update, Biometric Lock/Unlock, Authentication History, e-Aadhaar Download, Aadhaar Verifiable Credential Sharing, Contact Card Sharing and Update Request Tracking. UIDAI ने बताया है कि ऐप के लिए Android 9.0 या उससे ऊपर तथा iOS 16.0 या उससे ऊपर का ऑपरेटिंग सिस्टम आवश्यक है। # Document Update क्या है? यह समझना बहुत जरूरी है कि Document Update और Demographic Update एक ही चीज नहीं हैं। Document Update में पहचान और पते से संबंधित दस्तावेजों को आधार रिकॉर्ड के समर्थन में जमा किया जाता है। UIDAI ने myAadhaar portal पर Document Update की फीस 14 जून 2027 तक माफ की है। जबकि Aadhaar Centre पर Document Update के लिए ₹75 शुल्क निर्धारित है। इसलिए जिन लोगों ने लंबे समय से अपने आधार में पहचान या पते के प्रमाण से जुड़े दस्तावेज अपडेट नहीं किए हैं, उन्हें UIDAI की सलाह और अपने रिकॉर्ड के अनुसार Document Update पर भी ध्यान देना चाहिए। # कौन-कौन से दस्तावेज काम आ सकते हैं? पता अपडेट के लिए UIDAI द्वारा स्वीकार किए जाने वाले वैध Proof of Address दस्तावेजों की सूची में विभिन्न सरकारी और अन्य निर्धारित दस्तावेज शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर UIDAI की जानकारी में पासपोर्ट, राशन कार्ड, वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेजों का उल्लेख है। कुछ परिस्थितियों में बिजली, पानी या लैंडलाइन टेलीफोन बिल भी निर्धारित शर्तों के तहत स्वीकार किए जा सकते हैं। लेकिन कोई भी दस्तावेज अपलोड करने से पहले UIDAI की वर्तमान Supporting Documents List में उसकी पात्रता जरूर जांचें। # घर बैठे अपडेट करते समय इन गलतियों से बचें:- एक, गलत मोबाइल नंबर न डालें: आधार में मोबाइल नंबर गलत दर्ज होने पर OTP आधारित सेवाओं में परेशानी हो सकती है। दो, पता वही लिखें जो दस्तावेज में है। तीन, Address Update में spelling, house number, locality और PIN code को ध्यान से जांचें। तीन, खराब स्कैन/फोटो अपलोड न करें: दस्तावेज साफ और पढ़ने योग्य होना चाहिए। चार, एजेंट से सावधान रहें: आधार अपडेट के नाम पर अनधिकृत व्यक्ति को OTP या Aadhaar PIN जैसी संवेदनशील जानकारी न दें। पांच, OTP किसी से साझा न करें: UIDAI कभी भी फोन पर आपसे OTP बताने के लिए नहीं कहता। # सबसे आसान तरीके से समझिए: 2026 में आधार अपडेट की स्थिति: घर बैठे/मोबाइल से उपलब्ध: मोबाइल नंबर — Aadhaar App, पता — Aadhaar App / myAadhaar, ई-मेल — Aadhaar App और Document Update — myAadhaar. वहीं, केंद्र जाकर कराने वाली प्रमुख सेवाएं: फोटो/बायोमेट्रिक, कई नाम परिवर्तन मामले, जन्मतिथि से जुड़े निर्धारित अपडेट, अन्य ऐसे अपडेट जिनके लिए physical verification/biometric capture जरूरी है। ध्यान रहे कि UIDAI की सेवाओं और नियमों में समय-समय पर बदलाव हो सकता है। इसलिए आवेदन करने से पहले UIDAI के आधिकारिक पोर्टल पर वर्तमान निर्देश देखना सबसे सुरक्षित तरीका है। वस्तुतः आधार अपडेट अब पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। 2026 में नया Aadhaar App नागरिकों को मोबाइल नंबर और पता जैसी महत्वपूर्ण जानकारी अपडेट करने की सुविधा दे रहा है। साथ ही ई-मेल अपडेट के लिए 31 दिसंबर 2026 तक शुल्क माफ है और myAadhaar पर Document Update की मुफ्त सुविधा 14 जून 2027 तक जारी है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि आधार की हर जानकारी घर बैठे बदली जा सकती है। नाम, जन्मतिथि, लिंग और biometric information जैसे मामलों में अभी भी निर्धारित केंद्र-आधारित प्रक्रिया लागू है। इसलिए “आधार में सब कुछ घर बैठे बदलें” के बजाय सही संदेश है—आधार की कई महत्वपूर्ण जानकारियां अब घर बैठे अपडेट करें, लेकिन सभी नहीं। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
रामपुर में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत पशुपालन विभाग गांवों में पशुओं का इलाज और टीकाकरण कर रहा है। शुक्रवार दोपहर तक जिले में पांच मोबाइल वेटरनरी यूनिट और 14 पशु अस्पतालों की टीमें पशुपालकों को सुविधाएं दे रही हैं। इन शिविरों में पशुओं की जांच, इलाज, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान और बधियाकरण जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। मोबाइल वेटरनरी यूनिट रोज दो गांवों में शिविर लगा रही हैं। ये शिविर सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 2 बजे से 6 बजे तक चलते हैं। शिविर में आने वाले पशुओं की जांच के बाद उन्हें जरूरत के हिसाब से इलाज और दवाएं दी जा रही हैं। पशुपालकों को जरूरी दवाएं मुफ्त में भी मिल रही हैं। अभियान के दौरान पशुपालकों को पशुपालन से जुड़ी नई जानकारी भी दी जा रही है। विभाग का खास जोर पशुओं को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए समय पर टीकाकरण कराने पर है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार ने बताया कि पशुओं को लंपी स्किन डिजीज और खुरपका-मुंहपका से बचाने के लिए खास टीकाकरण अभियान चल रहा है। एफएमडी टीकाकरण अभियान 30 सितंबर तक और एलएसडी टीकाकरण अभियान 10 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि अगर गांव में टीम पहुंचने पर कोई पशु टीकाकरण से छूट जाता है, तो संबंधित पशु चिकित्सा अधिकारी और कर्मचारी उसका टीकाकरण करवाएंगे। पशुपालकों से अपील की गई है कि टीम के गांव पहुंचने पर अपने पशुओं का टीकाकरण जरूर कराएं और बीमार पशुओं का समय पर इलाज करवाएं। टीकाकरण के दौरान पशुओं की जानकारी आधार और मोबाइल नंबर से जोड़ी जा रही है। विभाग ने पशुपालकों से रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी जानकारी देने में सहयोग मांगा है। इस अभियान से विभाग गांवों में ही पशुपालकों तक चिकित्सा सुविधा पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।
उमरिया जिला मुख्यालय के अमर शहीद स्टेडियम स्थित अंशिका जनरल स्टोर में गुरुवार रात चोरी हुई। दुकान संचालक के मुताबिक, दो चोरों ने दुकान में घुसकर रिपेयरिंग के लिए रखे 6 से 7 पुराने मोबाइल, जनरल स्टोर का सामान, पासबुक और जरूरी दस्तावेज चुरा लिए। चोरों ने दुकान के बाहर रखे काउंटर का लॉक तोड़कर चोरी की। बताया गया कि आरोपियों ने पहले दुकान के शटर का ताला तोड़ने की कोशिश की, लेकिन कामयाबी न मिलने पर सामने के काउंटर में लगी प्लाई की कवरिंग तोड़कर दुकान के अंदर घुसे। सुबह दुकान खोलने पहुंचे संचालक को चोरी का पता चला। इसके बाद उन्होंने तुरंत डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। दुकानदार ने बताया कि इससे पहले भी कुछ लड़कों ने दुकान में चोरी का प्रयास किया था, जिसकी सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को दी गई थी। मामले का पता चलते ही एसडीओपी पीएस परस्ते ने शुक्रवार को कोतवाली थाना प्रभारी मदन लाल मरावी को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। वारदात की अन्य तस्वीरें…
अंबाला शहर के बलदेव नगर इलाके में शुक्रवार को एक कबूतर मोबाइल टावर पर फंस गया। कबूतर के पैर में रस्सी बंधी हुई थी। जब वह उड़कर टावर पर पहुंचा तो रस्सी टावर के एक हिस्से में फंस गई, जिससे कबूतर नीचे नहीं आ पा रहा था। काफी देर तक कबूतर को टावर पर फंसा देख स्थानीय लोगों ने दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मी बच्चन सिंह ने रेस्क्यू की जिम्मेदारी संभाली और बिना देर किए मोबाइल टावर पर चढ़ गए। उन्होंने ऊंचाई पर पहुंचकर कबूतर के पैर में फंसी रस्सी को सावधानी से हटाया और उसे सुरक्षित नीचे लेकर आए। इसके बाद कबूतर को आजाद कर दिया गया। करीब 5 मिनट में किया रेस्क्यू घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में दमकल कर्मी बच्चन सिंह मोबाइल टावर पर चढ़ते दिखाई दे रहे हैं। करीब 2 मिनट बाद वह टावर के टॉप पर पहुंचते हैं और कबूतर को अपने कब्जे में लेकर नीचे उतरना शुरू करते हैं। पूरे रेस्क्यू अभियान में करीब 5 मिनट का समय लगा। वीडियो के आखिर में बच्चन सिंह कबूतर को हाथ में पकड़े हुए दिखाई देते हैं। इस दौरान कबूतर के पैर में रस्सी बंधी नजर आती है। वहीं वीडियो के अंत में जब एक व्यक्ति ने पूछा कि कबूतर के पैर में रस्सी किसने बांधी थी, तो वहां मौजूद एक लड़के ने बताया कि रस्सी उसने बांधी थी। बच्चों ने खेल-खेल में बांधी थी रस्सी मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, बच्चों ने खेल-खेल में कबूतर के पैर में रस्सी बांध दी थी। इसके बाद कबूतर उड़कर मोबाइल टावर पर जा बैठा। वहां रस्सी टावर में फंस गई और कबूतर नीचे नहीं आ सका।
हिसार जिले के अग्रोहा थाना क्षेत्र में घर से नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और मोबाइल फोन चोरी करने के मामले में पुलिस ने दूसरे सह-आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी सतीश उर्फ बुल्ट निवासी अग्रोहा को 24 सितंबर को गिरफ्तार किया। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जिला जेल हिसार भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार अग्रोहा निवासी संजय की शिकायत पर उसके घर से नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और मोबाइल फोन चोरी होने के संबंध में मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच के दौरान उप निरीक्षक सतपाल ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रवि उर्फ राणा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरीशुदा मोबाइल फोन बरामद किया। इसके अलावा चोरी किए गए सोने के आभूषण भी नियमानुसार बरामद कर जब्त किए गए। साक्ष्यों के आधार पर हुई गिरफ्तारी मामले की आगामी जांच मुख्य सिपाही मनजीत सिंह द्वारा की गई। जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दूसरे सह-आरोपी सतीश उर्फ बुल्ट को गिरफ्तार किया। पूछताछ और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट के आदेश पर न्यायिक हिरासत में जिला जेल हिसार भेज दिया गया। आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी- SP पुलिस अधीक्षक हिसार सिद्धान्त जैन, आईपीएस के निर्देशानुसार जिले में चोरी, लूट और अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आपराधिक गतिविधियों में शामिल आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जोधपुर में पकड़े गए लॉरेंस गैंग के दो इनामी शूटरों से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। गैंग ने कांग्रेस के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की हत्या की साजिश रची थी। शूटर्स से सिरोही में लोढ़ा के फार्म हाउस की रेकी करवाई थी। फार्म हाउस पर पार्षदों की भीड़ होने के कारण वहां वारदात का प्लान बदल दिया और दोनों को जोधपुर भेज दिया गया। इस साजिश को विदेश से ऑपरेट करने और हरियाणा के गुर्गों के जरिए शूटरों को लोकल सपोर्ट देने की बात सामने आई है। मामले में दोनों शूटर नेपाल से यहां पहुंचे थे। जिसके चलते कई दिनों तक संयम लोढ़ा के फार्म हाउस की रेकी की गई। लेकिन निकाय चुनाव की भीड़ के चलते वारदात को अंजाम नहीं दे सके। इसके बाद दोनों जोधपुर पहुंचे। दरअसल, एजीटीएफ इंस्पेक्टर राम सिंह को मिली सूचना के बाद जोधपुर पुलिस को इनपुट दिया गया। एजीटीएफ ने जोधपुर पुलिस के सहयोग से 20 सितंबर को पंजाब निवासी जसकरण सिंह उर्फ करण उर्फ सन्नी उर्फ कट्टा और राजिंदर उर्फ बिल्ला को गिरफ्तार किया था। दोनों पर पंजाब पुलिस ने 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। पूछताछ में सामने आए इनपुट के आधार पर पुलिस ने पाली-सिरोही हाईवे पर ढोला गांव के पास झाड़ियों में छिपाए गए हथियार भी बरामद किए। पाली हाईवे की झाड़ियों में छिपाए थे हथियार शूटर्स की निशानदेही पर पाली से सिरोही की ओर ढोला गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर आगे हाईवे के दाहिनी तरफ करीब 200 मीटर दूर सुनसान स्थान पर बबूल की घनी झाड़ियों के बीच कपड़े की थैली बरामद की गई। इसमें हथियार छिपाकर रखे गए थे। पुलिस के मुताबिक यहां से तुर्की मेड 9 एमएम जिगाना/एफएक्स-9 पिस्टल, ऑस्ट्रिया मेड 9 एमएम ग्लॉक पिस्टल, दोनों की मैगजीन सहित कुल 36 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। हथियारों को शूटर्स के पकड़े जाने के बाद उनकी सूचना पर बरामद किया गया। फार्म हाउस की पहाड़ी से रखी जा रही थी नजर जांच में सामने आया कि सिरोही में संयम लोढ़ा के फार्म हाउस के आसपास गैंग से जुड़े लोगों ने पहले रेकी की थी। फार्म हाउस के पास पहाड़ी से लोढ़ा के आने-जाने और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। रैकी के दौरान शुटरों ने ये भी पता लगाने की कोशिश की संयम लोढ़ा कब फार्म हाउस पर रहते हैं। इस दौरान उनसे मिलने कौन-कौन आता है। सुनसान और पहाड़ी का इलाका किस तरफ है। साथ ही वारदात के बाद किस तरफ से फरार हुआ जा सकता है। पुलिस को दोनों आरोपियों के होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट में आने-जाने के सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं। बताया जा रहा है कि वारदात के लिए मौका तलाशा जा रहा था, लेकिन फार्म हाउस पर पार्षदों की मौजूदगी के चलते गैंग ने योजना बदल दी। निकाय चुनाव की वजह से इलाके में पार्षदों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की आवाजाही और भीड़ बढ़ गई। जिससे शूटर वारदात को अंजाम नहीं दे पाए। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि विधायक और उनके भाई के बीच विचार नहीं मिलते थे, इसलिए उन्हें निशाना बनाने की योजना थी। हालांकि इस दावे और टारगेट की पूरी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। 14 घंटे होटल में रुके थे शूटर सिरोही कनेक्शन की जांच में पुलिस को शूटरों की गतिविधियों का सीसीटीवी फुटेज भी मिला है। दोनों 17 सितंबर की शाम करीब 6:15 बजे बाइक से ब्यावर-पिंडवाड़ा हाईवे पर अरठवाड़ा गांव के पास एक होटल पहुंचे थे। करीब तीन मिनट बाद फर्जी आधार कार्ड देकर कमरा लिया। दोनों रातभर होटल में रुके और अगले दिन सुबह करीब 8:23 बजे वहां से रवाना हुए। पुलिस के अनुसार दोनों ने होटल में खाना नहीं खाया और नशा करते रहे। होटल के सीसीटीवी में उनके आने-जाने की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। 23 सितंबर को जोधपुर पुलिस की टीम दोनों आरोपियों को लेकर होटल पहुंची और होटल संचालक से पूछताछ कर मौका तस्दीक की। इसके बाद टीम शिवगंज थाने भी गई। पूर्व विधायक की फोटो मिलने के बाद बढ़ाई सुरक्षा पुलिस को गिरफ्तार शूटरों के मोबाइल फोन से पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की फोटो मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई। हालांकि सिरोही एसपी पुष्पेंद्र सिंह ने इसे रुटीन सुरक्षा व्यवस्था बताया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फोटो किस उद्देश्य से रखी गई थी और रेकी में स्थानीय स्तर पर किसने मदद की। व्यापारी भी था गैंग के निशाने पर जांच में यह भी सामने आया है कि शूटरों के निशाने पर मारवाड़ का एक बड़ा व्यापारी भी था। पुलिस को आशंका है कि गैंग ने व्यापारी की भी रेकी करवाई थी और वारदात के बाद उससे करोड़ों रुपए की रंगदारी मांगने की योजना हो सकती थी। सुमेरपुर और शिवगंज के कुछ बड़े कारोबारियों की गतिविधियों को लेकर भी जांच की जा रही है। हरियाणा से मिल रहा था सपोर्ट, तीन संदिग्ध हिरासत में शूटर्स से पूछताछ के बाद एजीटीएफ ने हरियाणा से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इन पर गैंग के लिए रेकी और लॉजिस्टिक मदद उपलब्ध कराने का संदेह है। इसके अलावा करीब 7-8 अन्य संदिग्ध भी पुलिस के रडार पर बताए जा रहे हैं। एजीटीएफ की एक टीम हरियाणा में डेरा डाले हुए है और अन्य आरोपियों की तलाश में कार्रवाई जारी है। एडीजी दिनेश एमएन के निर्देशन में मामले की मॉनिटरिंग की जा रही है और अलग-अलग राज्यों की पुलिस एवं एजेंसियों से समन्वय किया जा रहा है। नेपाल से बुलाए गए थे शूटर ADG AGTF दिनेश एमएन ने बताया कि पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी 2025 में पंजाब में दो हत्याओं के बाद नेपाल चले गए थे। पुलिस के अनुसार गैंग में सक्रिय कई शूटर अलग-अलग जेलों में बंद हैं, जिसके चलते दोनों को नेपाल से वापस बुलाकर जोधपुर में वारदात के लिए भेजा गया था। जोधपुर में वारदात के बाद उन्हें दोबारा नेपाल के रास्ते फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश भेजने का आश्वासन दिए जाने की बात भी पूछताछ में सामने आई है। दोनों आरोपियों ने जोधपुर में किसी को नहीं जानने की बात कही है, लेकिन उनके फोन पर संपर्क में आए लोगों की पहचान कर पुलिस पूछताछ कर रही है। पंजाब में हत्या के मामलों में वांटेड एडीजी एजीटीएफ दिनेश एमएन ने बताया कि जसकरण सिंह और राजिंदर उर्फ बिल्ला पंजाब में हत्या समेत कई गंभीर मामलों में वांटेड हैं। पुलिस के अनुसार दोनों के खिलाफ कुल करीब 12 मामले सामने आए हैं। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, धमकी, लूट, मारपीट और आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं के मामले शामिल हैं। दोनों पर पंजाब पुलिस ने 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। एजीटीएफ अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। शूटरों को हथियार किसने उपलब्ध कराए, सिरोही में रेकी किसने कराई, स्थानीय स्तर पर बाइक और ठहरने की व्यवस्था किसने की और गैंग के अन्य सदस्य कौन-कौन हैं।
‘मेक इन इंडिया’ के 12 वर्ष: इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन सात गुना और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग 32 गुना बढ़ी
New Delhi, 25 सितंबर . देश में बड़े स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए लाई गई ‘मेक इन इंडिया’ स्कीम को Friday को 12 वर्ष पूरे हो गए हैं. इस योजना को 25 सितंबर, 2014 को लॉन्च किया गया था. इसका उद्देश्य देश को मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइन और इनोवेशन में ग्लोबल बनाना है. इस ... Read more
तरनतारन की सेंट्रल जेल गोइंदवाल में चेकिंग के दौरान कैदियों से मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित सामान मिला है। जेल प्रशासन की शिकायत पर गोइंदवाल पुलिस ने 8 कैदियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जेल के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट केवल सिंह ने गोइंदवाल थाने में शिकायत दर्ज कराई। केवल सिंह ने बताया कि चेकिंग के दौरान कैदी जोरा सिंह (निवासी हवेलियां) से एक मोबाइल फोन, दो मोबाइल चार्जर और एक डेटा केबल बरामद हुई। इसी तरह, असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट कुलजीत सिंह ने भी शिकायत दर्ज कराई। दो टच मोबाइल फोन बरामद हुएउन्होंने बताया कि 22 सितंबर को हुई चेकिंग में कैदी शिवम (निवासी महलो), करनदीप सिंह (निवासी राजपुर चिब), रणजोध सिंह (निवासी उदोनंगल), बलजिंदर सिंह (निवासी बाल) और गुरप्रीत सिंह (निवासी छलोवाल) से दो टच मोबाइल फोन बरामद हुए। सभी कैदियों के खिलाफ मामला दर्ज24 सितंबर को हुई चेकिंग में कैदी जसप्रीत सिंह (निवासी वैरोवाल रोड, जंडियाला गुरु) और बीरबल सिंह (निवासी जंडियाला गुरु) से भी प्रतिबंधित सामान मिला। इनके पास से 15 तंबाकू की पुड़िया, 43 बंडल बीड़ी, दो लाइटर, 28 कूललिप पैकेट, 11 सिगरेट पैकेट और दो मोबाइल फोन बरामद हुए। गोइंदवाल पुलिस ने इन सभी कैदियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
बेगूसराय के सरकारी स्कूल में अर्धवार्षिक परीक्षा के दौरान छात्र खुलेआम स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर पर्चा हल करते नजर आए। इसका वीडियो भी सामने आया है। हैरानी की बात यह रही कि परीक्षा हॉल से उन्हें टोकने वाले एक भी शिक्षक या वीक्षक मौजूद नहीं थे। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। पूरा मामला भगवानपुर प्रखंड स्थित उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, मोख्तियारपुर का है, जहां 22 सितंबर को छात्र एग्जाम देने पहुंचे थे। छात्रों को रोकने वाला कोई नहीं था वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि परीक्षा हॉल में दर्जनों छात्र बेंच पर बैठे हैं। उनके सामने उत्तर पुस्तिकाएं (आंसर शीट) रखी हैं और वे अपने-अपने मोबाइल फोन की स्क्रीन पर Google या अन्य स्टडी ऐप्स खोलकर धड़ल्ले से उत्तर देखकर लिख रहे हैं। हद तो तब हो गई जब कुछ छात्र न केवल नकल कर रहे थे, बल्कि मोबाइल से परीक्षा हॉल की तस्वीरें और वीडियो भी बना रहे थे। हॉल में न तो कोई वीक्षक मुस्तैद था और न ही कोई देखने वाला। ऐसा लग रहा था मानो परीक्षा हॉल नहीं, बल्कि कोई मोबाइल इस्तेमाल करने का केंद्र बना हुआ हो। मामले की जांच की जा रही है जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) मनोज कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की है। DEO मनोज कुमार ने बताया कि मोख्तियारपुर विद्यालय का वायरल वीडियो हमारे संज्ञान में आया है। प्रधानाध्यापिका (HM) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, उनका वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। इस पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। उस दिन किस-किस शिक्षक की वीक्षण कार्य (Invigilation) में ड्यूटी लगाई गई थी और इसमें किसकी लापरवाही है, उन्हें चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। व्यवस्था की कमी का दिया हवाला दूसरी ओर इस गंभीर लापरवाही पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका (HM) लुसी कुमारी ने अपनी सफाई पेश की और व्यवस्था की कमी का हवाला देते हुए अपनी गलती भी स्वीकार की। लुसी कुमारी ने कहा कि 22 सितंबर को स्कूल में अत्यधिक भीड़ थी। 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं (प्लस टू) की परीक्षाएं एक साथ आयोजित की जा रही थी। हमारे प्लस टू विद्यालय में केवल 3 शिक्षक ही कार्यरत हैं, जबकि 4 कक्षाओं की परीक्षाएं संचालित हो रही थी। शिक्षक अटेंडेंस बनाने या अन्य कागजी काम में व्यस्त हो गए होंगे। इसी बीच बच्चों ने मौका देखकर मोबाइल निकाल लिया होगा। मोबाइल लेकर परीक्षा देना पूरी तरह से गलत है। हम इस नाकामी के लिए स्कूल की अव्यवस्था को दोषी मानते हैं, आगे से ऐसी पुनरावृत्ति नहीं होगी। स्थानीय लोगों में जताई चिंता HM का यह दावा शिक्षा विभाग के उस दावे की पोल खोलता है, जिसमें हर स्कूल में पर्याप्त शिक्षक होने की बात कही जाती है। लेकिन छात्रों की चेकिंग और तलाशी क्यों नहीं हुई। परीक्षा हॉल में प्रवेश करने से पहले छात्रों के बैग और मोबाइल जमा क्यों नहीं करवाए गए। जब शिक्षकों को पता था कि परीक्षा चल रही है, तो वे ड्यूटी छोड़कर कागजी कामों में क्यों उलझे रहे। बिहार में बोर्ड परीक्षाओं से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं तक में धांधली और पेपर लीक के मामले समय-समय पर सुर्खियां बनते रहे हैं। ऐसे माहौल में जब खुद स्कूल स्तर की अर्धवार्षिक परीक्षाओं में छात्र खुलेआम तकनीक का सहारा लेकर धोखाधड़ी कर रहे हों, तो यह राज्य के शैक्षणिक भविष्य पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों में इस घटना को लेकर गहरा असंतोष है। लोगों का कहना है कि अगर गृह परीक्षाओं में ही इस प्रकार की छूट दी जाएगी, तो छात्र मुख्य बोर्ड परीक्षाओं में कभी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे। अब सभी की निगाहें जिला शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट और दोषियों पर होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है।
बैतूल में कोतवाली पुलिस ने मोबाइल और पर्स लूट के मामले में फरार चल रहे आरोपी शिव उर्फ शिवा बानखेड़े (25) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से शिकायतकर्ता से लूटा गया वीवो कंपनी का मोबाइल और 700 रुपए नकद बरामद किए हैं। आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक की ओर से इनाम भी घोषित किया गया था। बाइक रोककर मोबाइल-पर्स लूटा था पुलिस के मुताबिक, 13 सितंबर की रात करीब 9 बजे रायसेन जिले के वाड़ी निवासी पूरनचंद मांझी बाइक से रानीपुर से बैतूल के गौठाना जा रहे थे। चिखलार गांव से आगे भीलवाटेक के पास पीछे से बाइक पर आए तीन लोगों ने उनकी बाइक रोक ली। आरोपियों ने पूरनचंद का मोबाइल और पर्स लूट लिया। पर्स में 6 हजार रुपए नकद रखे थे। शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। एक आरोपी पहले ही पकड़ा जा चुका था पुलिस ने 15 सितंबर को लूट में इस्तेमाल बाइक के साथ राजा उर्फ निहाल को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, शिव उर्फ शिवा बानखेड़े और अमन उईके फरार चल रहे थे। दोनों की गिरफ्तारी के लिए एसपी ने इनाम घोषित किया था। लोहा पुल के पास से पकड़ा गया 24 सितंबर को पुलिस को सूचना मिली कि शिव उर्फ शिवा लोहा पुल, खंजनपुर इलाके में घूम रहा है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे पकड़ लिया। पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर लूटा गया नीले रंग का वीवो मोबाइल और 700 रुपए नकद बरामद किए गए। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया है। गिरफ्तार आरोपी बैतूल के दुर्गा वार्ड स्थित स्वीपर कॉलोनी का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, उसका नाम थाना क्षेत्र की निगरानी सूची में भी शामिल है। इस मामले में दूसरा फरार आरोपी अमन उईके अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी तलाश की जा रही है।
मोहाली में रंगदारी और फायरिंग के मामलों की जांच के दौरान पुलिस के ऑपरेशन सेल ने भुपिंदर सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, भुपिंदर गैंगस्टरों के लिए टारगेट की पहचान और लोकेशन मुहैया कराने के साथ उनके गुर्गों को वारदात वाली जगह तक पहुंचाने में मदद करता था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि उसका किन-किन फायरिंग और रंगदारी की वारदातों से संबंध रहा है। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक भुपिंदर को मैसेज के जरिए बताया जाता था कि किससे रंगदारी लेनी है। मैसेज में संबंधित व्यक्ति की पहचान, उसका पता और लोकेशन जैसी जानकारी होती थी। यदि किसी को रंगदारी के लिए डराने के मकसद से फायरिंग करनी होती थी तो उसकी जानकारी भी उसे दी जाती थी। इसके बाद भुपिंदर कथित तौर पर गैंगस्टर के गुर्गों को उस जगह की पहचान करवाता था। पुलिस अब उसके मोबाइल फोन और संपर्कों की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किन लोगों के संपर्क में था और किस-किस वारदात से उसका संबंध रहा है। जेल के अंदर से नेटवर्क चलाने के दावे… 10 दिन में 3 कोठियों पर फायरिंग, 4 शूटर गिरफ्तारमोहाली पुलिस ने पिछले 10 दिनों में फेज-10 और सेक्टर-104 में 3 अलग-अलग कोठियों पर ऑटोमैटिक हथियारों से फायरिंग करने के आरोप में चार शूटरों को गिरफ्तार किया। आरोपियों में खरड़ का जसमनदीप सिंह, यमुनानगर का दुशंत शर्मा उर्फ शम्मी, सेक्टर-35 चंडीगढ़ का आकाशदीप सिंह और बठिंडा का प्रवीण कुमार उर्फ कालू शामिल हैं। इनके कब्जे से 5 पिस्टल बरामदपुलिस ने दावा किया कि ये चारों लॉरेंस गैंग से जुड़े थे। पुलिस ने इनके कब्जे से 5 पिस्टल बरामद की हैं। इनमें 2 विदेशी जिगाना पिस्टल और 3 अन्य 30 बोर की पिस्टल शामिल हैं। इसके अलावा 12 कारतूस और वारदातों से पहले और बाद में इस्तेमाल की गई टेंपरेरी नंबर वाली फॉर्च्यूनर कार भी बरामद की गई है। मोहाली के SSP ने क्या दावा कियामोहाली के एसएसपी वरुण शर्मा ने 4 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि फायरिंग की साजिश में विदेश में बैठे कुलवीर सिंह सिद्धू और बुड़ैल जेल में बंद गैंगस्टर रविंदर सिंह उर्फ काली का नाम सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने पीड़ितों को फोन कर 5-5 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी थी। रिकॉर्डिंग या व्हाट्सऐप चैट सार्वजनिक नहींइसके बाद उनके घरों पर गोलियां चलवाई गईं। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान काली के खिलाफ इस दावे के समर्थन में कोई रिकॉर्डिंग या व्हाट्सऐप चैट सार्वजनिक नहीं की गई थी। एसएसपी ने कहा था कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है। जिस गैंगस्टर काली को लेकर विवाद, उसके बारे में जानिए…
दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास पार्क में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म मामले में साजिश के एंगल का खुलासा हुआ है।
रांची के रिनपास में मानसिक रूप से बीमार बच्चों और किशोरों के इलाज के लिए 20 बेड की एक नई यूनिट स्थापित की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ने संस्थान में डी.पी.एन. और एम.डी. साइकेट्रिक कोर्स फिर से शुरू करने तथा सुविधाओं के विस्तार के निर्देश दिए।
मुरैना के जड़ेरुआ गांव में 10 सितंबर को रूबी गुर्जर की फांसी लगाकर आत्महत्या बताई गई मौत, हत्या में बदल गई है। पुलिस के हाथ लगे 2 मिनट 27 सेकंड के ऑडियो में रूबी के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी से जुड़ी बातचीत रिकॉर्ड है। पुलिस के मुताबिक- पति रामराज गुर्जर और चाचा ससुर लखन गुर्जर ने मिलकर रूबी की गला दबाकर हत्या की, फिर शव को फंदे पर लटका दिया। इससे मामला आत्महत्या का लगे। नूराबाद पुलिस ने रामराज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि लखन फरार है। दैनिक भास्कर के हाथ 2 मिनट का वह ऑडियो लगा है, जिससे महिला की मौत सुसाइड से हत्या में तब्दील हो गई। पढ़िए रिपोर्ट… घटनाक्रम को चार तस्वीरों में समझिए मौत से पहले प्रेमी को फोन किया, बातचीत रिकॉर्ड होती रही रूबी का उत्तर प्रदेश के हरदोई निवासी अनुज से अफेयर था। पुलिस के अनुसार- वह अपने पति को तलाक देकर अनुज के साथ रहना चाहती थी। इसी वजह से वह पहले भी दो बार घर छोड़कर हरदोई में अनुज के पास जा चुकी थी। पुलिस के मुताबिक, 9 सितंबर को रामराज ने रूबी को उसकी मां के साथ जड़ेरुआ बुलाया था। कहा था कि बच्चे उसे याद कर रहे हैं। रूबी के दो बेटे हैं, जिनकी उम्र 5 और 8 साल है। वह मां के साथ गांव पहुंची, बच्चों से मिली और शाम को वापस चली गई। अगले दिन 10 सितंबर को रामराज और उसके चाचा-ससुर ने रूबी को फिर मां के साथ बुलाया। इस बार कहा गया कि मकान मालिक मोहन राजपूत से जुड़े मामले में समझौता और पैसों को लेकर बात करनी है। यह भी कहा गया कि रूबी आएगी तो रामराज लिखकर देगा कि वह अपनी मर्जी से कहीं जा सकती है और प्रेमी के साथ रह सकती है। तलाक के लिए पुलिस और कोर्ट में दिखाने के लिए भी दस्तावेज तैयार करने की बात कही गई। रूबी अपनी मां के साथ वहां पहुंची। पुलिस के अनुसार, उसे कुछ गड़बड़ लगी तो उसने चुपचाप प्रेमी अनुज को फोन कर दिया। इसी दौरान अनुज के मोबाइल पर बातचीत रिकॉर्ड हो गई। ऑडियो में क्या-क्या है रिकॉर्डिंग में रूबी के घबराने और अंदर जाने से इनकार करने की आवाज सुनाई देती है। बातचीत में रामराज की ओर से धमकी दी जाती है… रामराज: “मार दूंगा।” रूबी जाने से मना करती है। इस पर उसकी मां कहती है- “कोई नहीं मार रहा, मैं संग हूं।” रूबी फिर कहती है- “नहीं-नहीं।” रामराज की आवाज आती है- “अभी हाथ नहीं लगाया, जान से मार दूंगा।” मां कहती है- “मैं हूं भीतर।” रूबी अपनी मां से कहती है- “तुम बैठ जाओ।” मां फिर कहती है- “कोई नहीं मार रहा।” इसके बाद चाचा-ससुर लखन की आवाज रिकॉर्ड होती है- “मारते तो तुझको क्यों लाते, पहले ही मार देते।” इसके बाद रूबी को दोनों के काबू करने की आवाजें आती हैं। रूबी चीखते हुए बार-बार कहती है- “मम्मी ओ मम्मी... मम्मी ओ मम्मी...” इसके कुछ देर बाद रूबी की आवाज बंद हो जाती है। रिकॉर्डिंग में इसके बाद भी कुछ देर तक धक्का-मुक्की और हलचल जैसी आवाजें आती हैं। पुलिस इस ऑडियो को हत्या की जांच में अहम साक्ष्य मान रही है। कहानी की कड़ी जुलाई से जुड़ती है… रूबी और अनुज के प्रेम प्रसंग की जानकारी पुलिस को पहले से थी। जुलाई 2026 में रूबी अपने पति के साथ मुरैना शहर की दुर्गा विहार कॉलोनी में किराए से रहने आई थी। इसी दौरान वह घर छोड़कर हरदोई में अनुज के पास चली गई थी। पति की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस उसे उत्तर प्रदेश से बरामद कर मुरैना लाई। इसके बाद कोर्ट में धारा 164 के तहत रूबी के बयान दर्ज कराए गए। पुलिस के अनुसार, इन बयानों में भी रूबी ने पति और उसके परिजनों पर आरोप लगाए थे और कहा था कि ये लोग उसकी हत्या कर सकते हैं। बयान दर्ज होने के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। मकान मालिक पर का आरोप भी आया अगस्त में रूबी ने पति के कहने पर मकानमालिक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया और पुलिस में शिकायत की। इस मामले की पुलिस जांच कर रही थी। इसके बाद रूबी अपने पति के साथ जड़ेरुआ गांव चली गई। वकील का कहना था कि मकान मालिक निर्दोष था। उनके मुताबिक, रूबी के पति ने उससे कहा था कि यदि वह उसके खिलाफ मामला दर्ज कराएगी तो वह उसे उसके प्रेमी के साथ रहने देगा और कोर्ट में तलाक दे देगा। वकील का आरोप है कि बाद में रूबी की हत्या का आरोप भी मकान मालिक पर डालने की कोशिश की गई। अगस्त में दूसरी बार घर छोड़कर हरदोई पहुंची अगस्त 2026 में रूबी फिर घर से निकलकर हरदोई में अनुज के पास चली गई। इस बार नूराबाद थाने में गुमशुदगी कायम हुई। पुलिस ने उसे बरामद किया और रूबी की मर्जी के मुताबिक उसे मायके वालों के सुपुर्द कर दिया। 9 सितंबर को उसके पति रामराज ने रूबी को उसकी मां के साथ जड़ेरुआ बुलाया। बताया गया कि बच्चे अपनी मां को याद कर रहे हैं। रूबी के दो बेटे हैं, जिनकी उम्र 5 और 8 साल बताई गई है। रूबी मां के साथ बच्चों से मिलने गांव पहुंची और शाम को वापस चली आई। पुलिस के मुताबिक, इस मुलाकात के बाद उसे लगा कि शायद अब पति उसके साथ मारपीट नहीं करेगा। 10 सितंबर को फिर बुलाया, अगले दिन सामने आई मौत 10 सितंबर को रूबी को दोबारा मां के साथ जड़ेरुआ बुलाया गया। इस बार मकान मालिक से राजीनामा और रकम मिलने की बात कही गई। साथ ही पति की ओर से तलाक के बाद उसे प्रेमी के साथ रहने देने की बात भी कही गई। यहीं पहुंचने के बाद रूबी को अनहोनी का अंदेशा हुआ और उसने अनुज को फोन कर दिया। कॉल रिकॉर्ड होती रही। इसी दौरान हुई घटना में पुलिस के अनुसार रामराज और लखना ने रूबी की हत्या कर दी और फिर उसे फांसी पर लटका दिया। पुलिस के हाथ कैसे आया हत्या का सुराग? 10 सितंबर को रूबी की मौत की सूचना पर नूराबाद पुलिस ने आत्महत्या का मर्ग कायम किया था। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस के हाथ ऑडियो रिकॉर्डिंग लगी। थाना प्रभारी एसआई सौरभ पुरी के अनुसार, सिविल लाइन पुलिस से संपर्क करने पर रूबी के जुलाई में बरामद होने और उसके कोर्ट में दिए गए बयान की जानकारी मिली। इन पुराने बयानों में भी रूबी ने पति से हत्या का खतरा बताया था। इसके बाद उसके प्रेमी अनुज ने उत्तर प्रदेश से वाट्सऐप के जरिए पुलिस को ऑडियो साक्ष्य उपलब्ध कराया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, पुराने बयान और ऑडियो को जांच में शामिल किया। पुलिस के अनुसार, इन साक्ष्यों के आधार पर मामला आत्महत्या से हत्या में बदल गया। 13 सितंबर को हत्या की FIR दर्ज की गई। पति गिरफ्तार, चाचा ससुर फरार नूराबाद पुलिस ने रामराज गुर्जर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उसका चाचा ससुर लखना गुर्जर अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। थाना प्रभारी सौरभ पुरी के मुताबिक, मामले में अन्य एंगल पर भी जांच जारी है। पुलिस ने रूबी के प्रेमी अनुज को बयान दर्ज कराने के लिए कई बार बुलाया है, लेकिन वह अभी तक नहीं आया है। पुलिस के अनुसार, वह डरा हुआ है। रूबी की मां के घटना के समय मौजूद होने की भी पुष्टि हुई है। पुलिस इस पहलू समेत मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है। जुलाई से सितंबर तक ऐसे बदली पूरी कहानी जुलाई 2026: रूबी पति का घर छोड़कर हरदोई में प्रेमी अनुज के पास गई। सिविल लाइन पुलिस ने उसे बरामद किया। जुलाई 2026: कोर्ट में धारा 164 के तहत बयान दर्ज हुआ। पुलिस के मुताबिक, रूबी ने पति और परिवार से जान का खतरा बताया। अगस्त 2026: पति के कहने पर रूबी ने मकान मालिक मोहन राजपूत पर रेप का आरोप लगाकर शिकायत की। जांच शुरू हुई। अगस्त 2026: रूबी दोबारा घर से निकलकर हरदोई गई। नूराबाद पुलिस ने उसे बरामद कर उसकी इच्छा पर मायके वालों को सौंपा। 9 सितंबर: पति ने रूबी को उसकी मां के साथ बच्चों से मिलने जड़ेरुआ बुलाया। 10 सितंबर: राजीनामा, रकम और तलाक से जुड़ी बात कहकर दोबारा बुलाया गया। 10 सितंबर: रूबी ने आशंका होने पर प्रेमी अनुज को फोन किया। बातचीत रिकॉर्ड हुई। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान रामराज और लखना ने उसकी हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया। 13 सितंबर: ऑडियो, पोस्टमॉर्टम और पुराने कोर्ट बयान की जांच के बाद हत्या की FIR दर्ज हुई। 13 सितंबर: पति रामराज गुर्जर गिरफ्तार हुआ, जबकि चाचा ससुर लखना गुर्जर फरार है। इस केस में सबसे अहम 3 कड़ियां पहली: जुलाई में हरदोई से बरामदगी के बाद कोर्ट में दिए गए रूबी के बयान, जिनमें पुलिस के अनुसार उसने पति से जान का खतरा बताया था। दूसरी: 10 सितंबर को प्रेमी अनुज के फोन पर रिकॉर्ड हुई 2 मिनट 27 सेकेंड की बातचीत, जिसमें रूबी की चीख और धमकी की आवाजें रिकॉर्ड हुईं। तीसरी: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के साथ इन दोनों साक्ष्यों को जांच में शामिल करने के बाद पुलिस ने मौत को आत्महत्या के बजाय हत्या माना और FIR दर्ज की।
मंदसौर में लापता बेटे की तलाश में मोबाइल टावर पर चढ़ा पिता, आश्वासन के बाद नीचे उतरा
मंदसौर में लापता बेटे की तलाश में मोबाइल टावर पर चढ़ा पिता, आश्वासन के बाद नीचे उतरा
जयपुर में SI 10 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार, वीडियो में जाने आर्म्स एक्ट केस में मदद और जब्त मोबाइल लौटाने के बदले मांगे थे 25 हजार
टेक टिप्स: फोन चमकाने के चक्कर में कहीं बर्बाद न हो जाए स्क्रीन, क्या है मोबाइल साफ करने का सुरक्षित तरीका?
फर्जी रजिस्ट्री: पटवारी के बाद गवाह गिरफ्तार, मोबाइल जब्त
भास्कर न्यूज | रायगढ़ शासकीय जमीन के खसरा रिकॉर्ड में हेरफेर कर फर्जी पट्टा और रजिस्ट्री कराने के मामले में कापू पुलिस ने दूसरी गिरफ्तारी की है। तत्कालीन पटवारी राकेश साय के बाद पुलिस ने फर्जी रजिस्ट्री में अनुप्रमाणक साक्षी रहे अगस्तुस खलखो (43) निवासी पोराडाही को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से उस मोबाइल को भी जब्त किया है, जिससे मामले में शामिल कैलाश कुमार जेठवानी उर्फ सोनी से बातचीत होने की जानकारी सामने आई है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।मामला ग्राम पंचायत रायमेर की शासकीय जमीन से जुड़ा है। तहसीलदार कापू की शिकायत पर 11 अगस्त को थाना कापू में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसके अनुसार शासकीय जमीन के रिकॉर्ड में कूटरचना कर खसरा बंटाकन और नामांतरण किया गया। इसके बाद कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री कराए जाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में अगस्तुस खलखो ने बताया कि कैलाश जेठवानी उर्फ सोनी के कहने पर वह मामले में शामिल हुआ था। उसने 20 अक्टूबर 2022 को धरमजयगढ़ के रजिस्ट्री कार्यालय में पहुंचकर आधार कार्ड जमा करने और रजिस्ट्री दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने उसके मेमोरेंडम के आधार पर मोबाइल जब्त किया है।
छीना-झपटी की 3 वारदात, बच्चे से एक्टिवा की चाबी छीनी, दो जगह हथियार दिखा मोबाइल लूटे
भास्कर न्यूज | लुधियाना शहर में छीना-झपटी की तीन अलग-अलग वारदात सामने आई हैं। इनमें एक बच्चे से वाहन की चाबी छीनकर वाहन ले जाने और दो मामलों में हथियार दिखाकर मोबाइल व अन्य सामान छीनने के आरोप हैं। {थाना डिवीजन नंबर 2 में सुरिंदर कौर, निवासी कामरान रोड, फील्ड गंज ने शिकायत दी कि 17 जुलाई को उसका बेटा प्रभजोत सिंह बीकानेर बेकरी, जेल रोड के पास एक्टिवा पर खड़ा था। इसी दौरान भूमि और पूनम तुली नाम की दो महिलाओं ने उसके बेटे से कहा कि वह उनके आसपास घूम रहा है। इसके बाद दोनों ने एक्टिवा की चाबी छीन ली और एक्टिवा लेकर फरार हो गईं। दोनों आरोपी अभी गिरफ्तार नहीं हुई हैं। {थाना पीएयू में अमन कुमार, निवासी ग्रीन एन्क्लेव, बरनहाड़,लुधियानाा ने शिकायत दी कि 30 जुलाई को वह अपनी भतीजी को स्कूल से लेने जा रहा था। सरस्वती मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पास तीन अज्ञात लोगों ने उसे घेर लिया और गर्दन पर धारदार हथियार रखकर धमकाया। आरोपी उसका मोबाइल, ईयरबड्स और पर्स छीनकर फरार हो गए।आरोपियों की अभी पहचान नहीं हो सकी है। {थाना जमालपुर में पुरम गौरी प्रसाद, निवासी गली नंबर 6, जीटीबी नगर, मुंडियां कलां ने शिकायत दी कि 23 सितंबर को सुबह करीब 5 बजे वह वीर पैलेस कंपनी की बस में सवार होने के लिए पैदल जा रहा था। वीर पैलेस के नाले वाली गली में दो नकाबपोश व्यक्ति मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए और उसकी गर्दन पर धारदार हथियार रखकर मोबाइल छीन लिया। इसके बाद दोनों वीर पैलेस से चंडीगढ़ रोड की तरफ फरार हो गए। आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी है। सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत संबंधित थानों में मामले दर्ज कर लिए गए हैं। किसी भी मामले में अभी बरामदगी नहीं हुई है।
एसीबी ने गुरुवार को नाहरगढ़ थाने के सब इंस्पेक्टर गिरधारी लाल मीणा को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। पीड़ित के एक पुराने मामले में जब्त मोबाइल व पर्स छोड़ने की एवज में एसआई ने रिश्वत मांगी। थानेदार पीड़ित से 5 हजार रुपए पहले भी वसूल चुका था। एसीबी डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि पीड़ित ने शिकायत दी थी कि वर्ष 2025 के एक मामले में उसका मोबाइल और पर्स जब्त हुआ था। इन्हें लौटाने के लिए जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर गिरधारी लाल मीणा 25 हजार रुपए मांग रहा है। 5 हजार रुपए पहले ले चुका और अब 10 हजार रुपए की मांग कर रहा है। सत्यापन में मामला सही पाया गया। एएसपी महावीर सिंह शेखावत के नेतृत्व में टीम ने गुरुवार को 10 हजार रुपए लेते एसआई को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। ट्रेप के बाद एसीबी ने आरोपी एसआई के घर व अन्य ठिकानों पर सर्च की कार्रवाई की। अलमारी में रखे रुपए, हाथ धुलवाए तो निकला कलर एसआई ने रिश्वत लेते ही रुपए अलमारी में रखे और चाबी फाइलों के बीच रख दी। पीड़ित बाहर निकला तो एसआई को शक हो गया। उसने कमरा बंद किया और ऊपर बने स्टोर में जाकर बैठ गया। एसीबी टीम अंदर पहुंची तो एसआई नहीं मिला। टीम ने थाने के चारों तरफ देखा तो पता चला कि भागने का कोई रास्ता नहीं है। थाने में सर्च शुरू किया तो एसआई स्टोर में मिला। पूछताछ के दौरान आरोपी पहले तो गुमराह करता रहा। एसीबी ने हाथ धुलवाए तो नोटों का कलर आ गया। टीम को रिश्वत की राशि अलमारी से बरामद हुई।
Gorakhpur News: दिव्यांगजनों की समस्याओं के निस्तारण के लिए 29 सितंबर को लगेगा मोबाइल कोर्ट
A mobile court will be held on September 29 to address the issues faced by persons with disabilities.
Jhansi News: दावों तक सीमित रह गई गांव-गांव में मोबाइल मेडिकल यूनिट की सुविधा
ललितपुर। स्वास्थ्य विभाग ने आकांक्षात्मक ब्लॉक मड़ावरा क्षेत्र के गांव-गांव अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की थी, इसके लिए एक कंपनी से अनुबंध किया गया था।
Maharajganj News: 30 को होगा मोबाइल कोर्ट का आयोजन
A mobile court will be held on the 30th.
Sirmour News: नाहन में विधायक सोलंकी और उपायुक्त ने मोबाइल कंप्यूटर वैन को दिखाई हरी झंडी
उपायुक्त कार्यालय परिसर से वीरवार को विधायक अजय सोलंकी और उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा ने मोबाइल कंप्यूटर वैन को हरी झंडी दिखाकर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रवाना किया।
Kaithal News: मोबाइल हैक कर दो लोगों के खातों से 3.57 लाख रुपये उड़ाए
3.57 lakh siphoned off from two people's accounts by hacking their mobile phones.
Bhadohi News: चोरी के मोबाइल और स्क्रैप बेचने जा रहे दो गिरफ्तार
Two arrested while on their way to sell stolen mobile phones and scrap
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पति की हत्या के मामले में दोषी ठहराई गई एक महिला और उसके कथित प्रेमी को बरी किया। हाईकोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की ऐसी पूरी कड़ी स्थापित करने में विफल रहा, जो दोनों आरोपियों को हत्या से जोड़ सके। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल मोबाइल फोन के कॉल विवरण के आधार पर यह साबित नहीं किया जा सकता कि दो लोग घटना के समय एक ही स्थान पर मौजूद थे। जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस जय कृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ ने ट्रायल कोर्ट का 14 नवंबर 2025 का फैसला रद्द किया। ट्रायल कोर्ट ने हसनेरा उर्फ शबाना और शाहरुख को हसनेरा के पति नईम की हत्या का दोषी ठहराते हुए दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जानिये क्या है मामलाअभियोजन के अनुसार नईम की 1 जनवरी 2023 को शिकोहाबाद में एक ईंट भट्ठे के पास हत्या कर दी गई। आरोप है कि हसनेरा और शाहरुख के बीच कथित अवैध संबंध थे और दोनों ने साजिश के तहत नईम की हत्या की। मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं है और अभियोजन का पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है। अभियोजन ने मोबाइल फोन के कॉल विवरण का हवाला देते हुए दावा किया कि नईम और शाहरुख के बीच बातचीत हुई थी और घटना वाले दिन दोनों के मोबाइल एक-दूसरे के नजदीक थे। हाईकोर्ट ने इस तर्क को पर्याप्त नहीं माना। तथ्य वाले गवाह पेश नहीं हुएअदालत ने कहा कि कथित संबंध को साबित करने वाले गवाहों के पास उसके बारे में व्यक्तिगत जानकारी नहीं है। इसके अलावा, ऐसे संबंध को लेकर पहले कभी कोई शिकायत भी दर्ज नहीं कराई गई। अदालत ने कहा कि अभियोजन की ओर से ऐसा कोई अन्य प्रत्यक्ष तथ्यात्मक गवाह पेश नहीं किया गया, जिससे कथित संबंध और उसके आधार पर हत्या के मकसद की पुष्टि हो सके। मोबाइल के कॉल डिटेल्स पर अदालत की अहम टिप्पणीहाईकोर्ट ने कॉल डिटेल्स पर अभियोजन की निर्भरता को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि मोबाइल टावर के दायरे में दो फोन का होना इस बात का प्रमाण नहीं है कि उन फोन का इस्तेमाल करने वाले दोनों व्यक्ति वास्तव में एक ही जगह मौजूद थे। अदालत ने कहा, “कॉल डिटेल्स से यह साबित नहीं होता कि दोनों व्यक्ति एक साथ मौजूद थे।” खंडपीठ ने समझाया कि कोई व्यक्ति अपना मोबाइल फोन एक जगह छोड़कर दूसरी जगह जा सकता है। इसलिए केवल मोबाइल फोन की नजदीकी के आधार पर उसके यूजर की घटनास्थल पर मौजूदगी साबित नहीं की जा सकती। कॉल डिटेल्स महज मजबूत साक्ष्यों की पुष्टि कोअदालत ने कहा कि कॉल डिटेल्स दूसरे मजबूत साक्ष्यों की पुष्टि करने में मदद कर सकता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई विश्वसनीय प्रत्यक्षदर्शी बयान या ऐसा वैज्ञानिक साक्ष्य मौजूद हो, जो आरोपी को अपराध से जोड़ता हो, तो कॉल डिटेल्स संदेह दूर करने में सहायक हो सकता है। लेकिन इसे अकेले इस निष्कर्ष के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता कि आरोपी और मृतक घटना के समय साथ थे। पुलिस के सामने कथित कबूलनामे पर भी भरोसा नहीं हाईकोर्ट ने आरोपियों द्वारा जांच अधिकारी के सामने कथित तौर पर अपराध स्वीकार किए जाने का दावा भी स्वीकार नहीं किया। अदालत ने साक्ष्य अधिनियम की धारा 26 का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस हिरासत में आरोपी द्वारा किया गया कबूलनामा उसके खिलाफ तब तक साबित नहीं किया जा सकता, जब तक वह मजिस्ट्रेट की तत्काल मौजूदगी में न किया गया हो। इसलिए जांच अधिकारी के सामने कथित कबूलनामे को आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। आरोपियों की दोषसिद्धि की ओर ही संकेत नहींअदालत ने कथित हत्या के हथियार के रूप में बरामद खून से सनी ईंट को भी अभियोजन के लिए निर्णायक कड़ी नहीं माना। खंडपीठ ने कहा कि ईंट घटनास्थल से बरामद हुई थी और वह किसी आरोपी के कब्जे या उसकी निशानदेही पर बरामद नहीं हुई। हाईकोर्ट ने कहा कि अभियोजन द्वारा पेश की गई परिस्थितियां न तो पूरी तरह साबित हुईं और न ही ऐसी पूर्ण कड़ी बनाती हैं, जिससे आरोपियों की दोषसिद्धि की ओर ही संकेत मिलता हो। संदेह का लाभ दिया जाना चाहिएकोर्ट ने कहा, “साक्ष्यों की पूरी कड़ी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कड़ियां गायब हैं।” अदालत ने माना कि इन परिस्थितियों में दोनों की दोषसिद्धि बरकरार रखना सुरक्षित नहीं होगा और उन्हें संदेह का लाभ दिया जाना चाहिए। इसके बाद हाईकोर्ट ने दोनों अपीलों को मंजूर करते हुए ट्रायल कोर्ट का फैसला रद्द किया। हसनेरा और शाहरुख को आरोपों से बरी कर दिया गया और अदालत ने निर्देश दिया कि यदि वे किसी अन्य मामले में आवश्यक नहीं हैं तो उन्हें तत्काल रिहा किया जाए।
सूरजपुर जिले में हाईवा के ड्राइवर का रास्ता रोककर पिस्टल से हवाई फायर करने और मोबाइल लूटने के मामले में जशपुर जिला प्रशासन ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। कलेक्टर रोहित व्यास ने बीआरसीसी श्यामलाल साहू की संविदा सेवा खत्म कर दी है। वहीं, राजीव गांधी शिक्षा मिशन के सहायक कार्यक्रम समन्वयक राजेश अंबस्थ को निलंबित कर दिया गया है। यह मामला 19 सितंबर का है। प्रतापपुर थाना क्षेत्र की खड़गवां पुलिस चौकी के रामेश्वरमुड़ा जंगल के पास दोनों आरोपी अपनी निजी कार से अंबिकापुर से लौट रहे थे। आरोप है कि उन्होंने कार हाईवा के सामने लगाकर ड्राइवर शिव प्रसाद का रास्ता रोक दिया। इसके बाद दोनों ने ड्राइवर से बदतमीजी की और उसे हाईवा से नीचे उतरने को कहा। जब ड्राइवर नीचे नहीं उतरा तो आरोप है कि दोनों ने पिस्टल से दो हवाई फायर किए। इसके बाद ड्राइवर को डराया-धमकाया और उसका मोबाइल फोन छीन लिया। घटना के बाद ड्राइवर ने खड़गवां पुलिस चौकी में शिकायत की। पुलिस ने दोनों के खिलाफ BNS की धारा 309(7) और आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 और 30 के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। श्यामलाल की संविदा सेवा खत्म कलेक्टर के आदेश के मुताबिक, श्यामलाल साहू फरसाबहार विकासखंड के संकुल केंद्र में समन्वयक के संविदा पद पर थे। वर्तमान में वे जिला राजीव गांधी समग्र शिक्षा कार्यालय में बीआरसीसी के पद पर काम कर रहे थे। आपराधिक मामले में गिरफ्तारी और उनके आचरण को सिविल सेवा आचरण नियमों के खिलाफ मानते हुए कलेक्टर ने उनकी संविदा सेवा तत्काल खत्म कर दी। राजेश अंबस्थ निलंबित दूसरे आरोपी राजेश अंबस्थ राजीव गांधी शिक्षा मिशन में सहायक कार्यक्रम समन्वयक के पद पर पदस्थ हैं। कलेक्टर ने उनके निलंबन की अनुशंसा शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक, अंबिकापुर से की थी। इसके बाद राजेश अंबस्थ को निलंबित कर दिया गया। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन की कार्रवाई घटना के बाद पुलिस विभाग ने दोनों सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई और मामले की जानकारी जशपुर जिला प्रशासन को भेजी थी। पुलिस की रिपोर्ट और दोनों की गिरफ्तारी के आधार पर कलेक्टर ने श्यामलाल साहू की सेवा समाप्त करने और राजेश अंबस्थ को निलंबित करने की कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।
‘सतर्क – हरियाणा’ मोबाइल ऐप से भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत दर्ज कराना हुआ सरल
हरियाणा सरकार की भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति को और अधिक प्रभावी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज हरियाणा सचिवालय से ‘सतर्क – हरियाणा’ मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। इस ऐप के माध्यम से नागरिक भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत एवं सूचना सीधे राज्य सतर्कता एवं […]
मंदसौर में एक महीने से लापता बेटे की तलाश में मोबाइल टावर पर चढ़ा पिता, आश्वासन के बाद उतरा
24 सितंबर, गुरुवार: मंदसौर के नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के बरखेड़ा डांगी गांव में एक महीने से लापता 22 वर्षीय सुखदेव की तलाश को लेकर उसके पिता मोबाइल टावर पर चढ़ गए। करीब 2-3 घंटे बाद थाना प्रभारी की समझाइश और आश्वासन के बाद पिता सुरक्षित नीचे उतरे।
अररिया जिले के बरदाहा थाना क्षेत्र में मोबाइल लूट के दौरान एक युवक को गोली मारकर घायल करने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने तकनीकी सबूतों और जांच के आधार पर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मानिकपुर वार्ड नंबर-09, थाना सिमराहा, जिला अररिया निवासी 22 वर्षीय अर्जुन कुमार के रूप में हुई है। उसके पास से लूटा गया मोबाइल भी बरामद किया गया है। यह घटना 15 सितंबर को हुई थी। बरदाहा से ढेगरी जाने वाली सड़क पर बाइक सवार तीन अज्ञात बदमाशों ने ढेगरी वार्ड नंबर-03 निवासी 26 वर्षीय मुकेश कुमार मल्लिक को रास्ते में रोक लिया था। बाइक और 21 सौ रुपये बरामद किए बदमाशों ने देशी कट्टे से गोली मारकर मुकेश को घायल कर दिया और उसका मोबाइल लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद बरदाहा थाना में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी। सदर एसडीपीओ सुशील कुमार ने अपने कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि तकनीकी सबूतों और जांच के दौरान इस मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने अर्जुन कुमार को गिरफ्तार करने के बाद उसकी निशानदेही पर प्रभात कुमार (23 वर्ष, निवासी गम्हरियों वार्ड नंबर-06, थाना मदनपुर, अररिया) के घर पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने ओपो कंपनी का एक मोबाइल, घटना में इस्तेमाल हुई बाइक और 21 सौ रुपये बरामद किए। गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के पास से लूटा गया मोबाइल, घटना में इस्तेमाल हुई बाइक, एक अन्य मोबाइल और 21 सौ रुपये मिले हैं। पुलिस ने बताया कि इस घटना में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस कार्रवाई में पु०अ०नि० इम्तेयाज खान, पु०अ०नि० विनोद कुमार पासवान और डीआईयू टीम शामिल रही।
25 सितंबर तक मोबाइल नंबर अपडेट न करने पर रद्द होगा ड्राइविंग लाइसेंस? जानें सच
सोशल मीडिया पर 25 सितंबर तक मोबाइल नंबर अपडेट न करने पर ड्राइविंग लाइसेंस रद्द होने की खबरें वायरल हैं. जानें इस वायरल दावे का सच और घर बैठे Parivahan Sarathi पोर्टल पर नंबर बदलने का सही तरीका.
जयपुर के नाहरगढ़ थाने में तैनात एसआई को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार दोपहर 2:30 बजे रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिसकर्मी गिरधारी लाल ने परिवादी से उसके खिलाफ दर्ज आर्म्स एक्ट के मुकदमे में मदद करने और जब्त मोबाइल वापस करने की एवज में 25 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायत के अनुसार- आरोपी 5 हजार रुपए पहले ही ले चुका था। परिवादी के खिलाफ नाहरगढ़ थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद परिवादी को अपने जब्त सामान और मोबाइल वापस लेने थे। आरोप है कि इसी दौरान एसआई गिरधारी लाल ने मुकदमे में राहत देने और जब्त मोबाइल छोड़ने के बदले रिश्वत मांगी। एसीबी में की शिकायत, सत्यापन के बाद ट्रैप सीआई एसीबी रघुवीर शरण शर्मा ने बताया- परिवादी ने एसआई द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत एसीबी मुख्यालय में की। शिकायत में बताया गया कि मुकदमे के दौरान पुलिस ने उसके दो मोबाइल और पर्स जब्त किए थे। जेल से रिहा होने के बाद उससे कहा गया कि सामान वापस लेने के लिए पैसे लेकर आए। इसके बाद परिवादी ने एसीबी से संपर्क किया। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने ट्रैप की कार्रवाई की। 25 हजार मांगे, 5 हजार पहले लेने का आरोप एसीबी के अनुसार- आरोपी ने परिवादी से कुल 25 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। इसमें से 5 हजार रुपए पहले लिए जाने की बात सामने आई है। शेष रकम में से 10 हजार रुपए लेते हुए एसआई को ट्रैप किया गया। कार्रवाई के बाद एसीबी आरोपी से पूछताछ और आगे की कार्रवाई कर रही है।
कटिहार जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में मनसाही थाना पुलिस ने 513.9 ग्राम स्मैक के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद स्मैक की कीमत करीब 40 से 45 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने उनके पास से दो मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-1 कटिहार, विशाल आनंद ने बताया कि 23 सितंबर 2026 को मनसाही थानाध्यक्ष को जानकारी मिली थी। उन्हें सूचना मिली थी कि दो लोग मोटरसाइकिल पर अवैध मादक पदार्थ लेकर मनसाही इलाके की तरफ जा रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने एक टीम बनाई और कुरेठा रेलवे स्टेशन मुख्य सड़क के पास वाहन जांच शुरू की। पुलिस को देखकर बाइक से भागने लगे थे दोनों आरोपी जांच के दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार दो लोग पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस टीम ने तुरंत पीछा कर दोनों को पकड़ लिया। उनकी तलाशी लेने पर उनके पास से कुल 513.9 ग्राम स्मैक मिली। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नागेश्वर महतो (28 वर्ष) और महेंद्र कुमार राय (32 वर्ष) के रूप में हुई है। नागेश्वर महतो एकौना, थाना मनसाही, जिला कटिहार का रहने वाला है, जबकि महेंद्र कुमार राय भोड़ाबाड़ी, थाना नगर, जिला कटिहार का निवासी है। पुलिस ने केस दर्ज शुरू की कार्रवाई पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि स्मैक कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। इस कार्रवाई के बाद मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जांच भी तेज कर दी गई है।
ऑनलाइन लोन ठगी के 2 आरोपी गिरफ्तार:नवादा में पुलिस ने 4 मोबाइल और फर्जी सिम बरामद किए
नवादा के वारिसलीगंज में पुलिस ने ऑनलाइन लोन ठगी करने वाले दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। वारिसलीगंज थाना पुलिस ने उनके पास से चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एक फर्जी सिम कार्ड बरामद किया है। यह कार्रवाई नवादा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर वारिसलीगंज थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी के नेतृत्व में की गई। पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक टीम बनाई थी। इसमें वारिसलीगंज थाना के पुलिस अधिकारी और सशस्त्र बल शामिल थे। वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं दोनों गुप्त सूचना मिलने पर टीम ने वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के बलवापार (चकवाय) गांव से पश्चिम-उत्तर दिशा में स्थित जारन बगीचा के पास छापा मारा। यहीं से दोनों संदिग्धों को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उनके पास से चार एंड्रॉयड मोबाइल और एक फर्जी सिम मिला। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गौरव कुमार (25 वर्ष) और नितीश कुमार (20 वर्ष) के रूप में हुई है। गौरव चकवाय गांव का रहने वाला है, जिसके पिता का नाम सत्यनारायण राम है। नितीश मिर्जाबिघा गांव का निवासी है, जिसके पिता का नाम हारिका ठाकुर है। दोनों नवादा जिले के वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। लोन के नाम पर निजी जानकारी मांगते थे पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बजाज फाइनेंस, रिलायंस फाइनेंस और अन्य कंपनियों के नाम पर लोगों को ऑनलाइन लोन दिलाने का झांसा देते थे। वे लोगों का भरोसा जीतने के लिए कभी बैंक मैनेजर तो कभी कंपनी का कर्मचारी बनकर बात करते थे। इसके बाद लोन के नाम पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक की फोटो कॉपी, पासपोर्ट साइज फोटो और ई-मेल आईडी जैसी निजी जानकारी मांगते थे। वे प्रोसेसिंग फीस के नाम पर भी पैसे लेते थे। इस मामले में वारिसलीगंज थाना में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। अब पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर इस साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
मेवात में एक बार फिर ठगी का मामला सामने आया है। फेसबुक पर सस्ते मोबाइल पार्ट्स बेचने का झांसा देकर एक व्यापारी से 90 हजार रुपए, मोबाइल फोन और जरूरी कागजात हड़प लिए गए। ठग व्यापारी का बैग लेकर फरार हो गए। उटावड़ थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि, यह घटना जिला कन्नौज (यूपी) के फतेहनगर कुंवरपुर निवासी प्रभात सिंह नायक के साथ हुई। प्रभात मोबाइल फोन के पार्ट्स बेचने का काम करते हैं। उन्होंने कुछ समय पहले फेसबुक पर मोबाइल पार्ट्स खरीदने से जुड़ी एक पोस्ट देखी थी, जिसमें एक मोबाइल नंबर दिया हुआ था। प्रभात ने उस नंबर पर संपर्क किया और पिछले 15 दिनों से उनकी बातचीत चल रही थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने प्रभात सिंह को डील करने के लिए पलवल जिले के कोट गांव से आगे होडल-नूंह मार्ग पर बुलाया। बाइक पर बैठाकर ले गए दो युवक, धोखे से बैग छीना पीड़ित तय जगह पर पहुंचा, जहां बाइक पर दो युवक आए। उन्होंने प्रभात को अपनी दुकान पर चलने का झांसा देकर बाइक पर बैठा लिया। आरोपी व्यापारी को मेवात के बीसरू गांव के पास ले गए और धोखे से उसका बैग छीन लिया। बैग में 90 हजार रुपए नकद, मोबाइल फोन और जरूरी कागजात रखे थे। इसके बाद आरोपी युवक बैग लेकर वहां से भाग गए। पीड़ित ने काफी देर तक उनका इंतजार किया और फिर अपने स्तर पर तलाश शुरू की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। खुद को ठगी का शिकार महसूस करने के बाद प्रभात ने उटावड़ थाना पुलिस को शिकायत दी। उटावड़ थाना पुलिस ने पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने धान सीजन के दौरान पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी उपायुक्तों के साथ बैठक की। इस बैठक का मकसद किसानों को फसल के बचे हुए हिस्से को सही से इस्तेमाल करने के लिए जागरूक करना भी था। बैठक में पिछले साल हुई पराली जलाने की घटनाओं और दर्ज एफआईआर की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने इस बार आगजनी की घटनाओं पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए जरूरी निर्देश दिए। सभी गांवों में तैनात किए गए नोडल अधिकारी : उपायुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान सोनीपत उपायुक्त नेहा सिंह ने बताया कि जिले के सभी गांवों में नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव स्तर पर बनाई जाने वाली टीमों में ग्राम सचिव और पटवारी को भी शामिल किया जाए। इससे पराली जलाने की घटनाओं की ठीक से निगरानी हो सकेगी और सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई हो सकेगी। उपायुक्त ने यह भी बताया कि आगजनी की घटनाओं की रिपोर्टिंग के लिए विभाग ने एक मोबाइल ऐप बनाया है। सभी नोडल अधिकारी इस ऐप के जरिए आगजनी की घटनाओं की फोटो और पूरी रिपोर्ट दर्ज करेंगे। इससे घटनाओं की निगरानी और मौके पर कार्रवाई की प्रक्रिया को और बेहतर बनाया जा सकेगा। किसानों को पराली प्रबंधन के लिए किया जाए जागरूक उपायुक्त नेहा सिंह ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को पराली नहीं जलाने तथा उसके उचित प्रबंधन के लिए जागरूक करें। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा धान के अवशेषों को जलाने के बजाय कृषि यंत्रों की सहायता से मिट्टी में मिलाकर प्रबंधन करने पर 1200 रुपए प्रति एकड़ की अनुदान राशि दी जाती है। उन्होंने कहा कि जो किसान पराली प्रबंधन के लिए कृषि विभाग को आवेदन करेंगे, उन्हें उपलब्धता के अनुसार आवश्यक कृषि यंत्र उपलब्ध करवाए जाएंगे। किसानों को पराली जलाने से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान के बारे में भी जागरूक किया जाए। पिछले वर्ष आगजनी वाले गांवों पर विशेष नजर उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन गांवों में पिछले वर्ष पराली जलाने की घटनाएं हुई थीं और एफआईआर दर्ज हुई थी, उन गांवों में विशेष निगरानी रखी जाए। संबंधित अधिकारी ऐसे गांवों में पहले से ही किसानों से संपर्क करें और उन्हें पराली प्रबंधन के उपलब्ध विकल्पों की जानकारी दें, ताकि दोबारा आगजनी की घटनाएं न हों। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे धान की पराली को जलाने के बजाय उसका उचित प्रबंधन करें। पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव आमजन के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ता है। इसलिए किसान पर्यावरण संरक्षण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए फसल अवशेषों का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करें। हरसेक की रिपोर्ट पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हरियाणा स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (हरसेक) से प्राप्त पराली जलाने एवं अन्य आगजनी से संबंधित रिपोर्ट पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और कृषि विभाग के अधिकारी तुरंत कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि पराली जलाने की घटनाओं में संलिप्त किसानों अथवा अन्य आगजनी की घटनाओं में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पराली जलाने वाले किसानों पर निर्धारित जुर्माने की कार्रवाई के साथ-साथ मेरी फसल मेरा ब्यौरा में रेड एंट्री भी की जाए, ताकि पराली जलाने की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। बैठक में डीडीपीओ मनीष मलिक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से आरओ अजय सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग से सहायक कृषि अभियंता नवीन हुड्डा, एसएमएस राहुल सैनी, मनोज कुमार तथा जेई संदीप मौजूद रहे।
पलवल में बदमाशों का दुस्साहस सामने आया है। एक युवक के थाने से बाहर निकलते ही हथियार के बल पर अगवा कर लिया गया। आरोपी उसे जंगल में ले गए और हथौड़ों व डंडों से बुरी तरह पीटा। उसका मोबाइल और नकदी भी लूट ली गई। घायल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। होडल थाना प्रभारी मनोज कुमार के अनुसार, करमन गांव के रहने वाले देवीराम ने शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि वह अपने भतीजे चिंटू के साथ होडल थाने में एक पुराने मामले की जांच में शामिल होने गए थे। दोपहर में जब वे थाने से पैदल बाजार की तरफ जा रहे थे, तभी अग्रवाल धर्मशाला के पास बदमाशों ने चिंटू को घेर लिया। कार और बाइक पर सवार होकर आए बदमाश दो बाइक और एक कार में आए बदमाशों ने चिंटू का हथियार के बल पर अपहरण कर लिया। आरोपियों में डालचंद उर्फ डालू, नीरज उर्फ हंसू, पारस, मोनू, सचिन और उनके कुछ अन्य साथी शामिल थे। वे चिंटू को जबरन अपने साथ ले गए। आरोपियों ने चिंटू को एक सफेद ब्रेजा गाड़ी में डाल दिया। इस गाड़ी में पहले से ज्ञानेंद्र और चार अन्य लोग हथियार के साथ मौजूद थे। बदमाशों ने चिंटू के साथ मारपीट की और उसका मोबाइल फोन व 1500 रुपए लूट लिए। जान से मारने की धमकी देकर फरार हुए हमलावर इसके बाद आरोपी चिंटू को हताना गांव होते हुए करमन गांव में एक दुकान पर ले गए। वहां उन्होंने जान से मारने की नीयत से उस पर हथौड़ों से हमला किया। चिंटू बुरी तरह लहूलुहान हो गया। हमला करने के बाद आरोपी चिंटू को जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग गए। पुलिस को सूचना मिली तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई की। पीड़ित चिंटू को गांव से गंभीर हालत में बरामद कर होडल के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल का फिल्हाल उपचार चल रहा है। होडल थाना पुलिस ने इस संबंध में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
आसमान छूती मोबाइल की कीमतें, अब स्क्रीन प्रोटेक्टर भी होगा महंगा
स्मार्टफोन की स्क्रीन को बचाने के लिए लगाया जाने वाला सस्ता स्क्रीन प्रोटेक्टर अब आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है. खराब क्वालिटी के ग्लास से टच, फिंगरप्रिंट और स्क्रीन विजिबिलिटी में दिक्कत हो सकती है. इन्हीं समस्याओं को देखते हुए सरकार ने स्क्रीन प्रोटेक्टर की क्वालिटी को लेकर नया नियम लागू किया है.
नोएडा में स्लीपर AC बस अग्निकांड में 9 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई। इनमें 8 पुरुष और एक महिला है। प्रथम दृष्टया यह माना जा रहा है कि इन लोगों की कार्बन मोनो ऑक्साइड से दम घुट गया। इसके बाद सभी लोग जिंदा जल गए। आग बस के इंजन में लगी। फिर धुआं बस के अंदर भर गया। धुएं से यात्रियों का दम घुटने लगा, वह खिड़की और दरवाजे से जान बचाने के लिए कूद गए। बस के आगे का हिस्सा और दरवाजा आग की चपेट में आ गया। इस कारण से लोग अंदर फंस गए। उनका दम घुट गया और वह जहां थे, वहीं गिर पड़े। फिर आग में उनका पूरा शरीर जल गया। करीब 2 घंटे तक डेडबॉडी जलती रहीं। आग बुझने के बाद रेस्क्यू कर रही टीम ने बस का पिछला हिस्सा कटर से काटा। पुलिसकर्मी और एफएसएल टीम जब अंदर गए तो देखा कि लाशें कंकाल बन चुकी थीं। तीन यात्रियों की चमड़ी सीटों से चिपकी हुई थी। कुछ लाशें बस की गैलरी में बिखरीं पड़ी थीं। उनके बॉडी चिपकी हुई थी। मांस लोथड़े में बदल गए थे। मोबाइल फोन आग में जलकर किसी के पैर तो किसी के सीने में चिपक गए थे। सीटों पर खाने के खुले हुए टिफिन मिले। टीम को बस के अंदर से डेडबॉडी कलेक्ट करने में करीब 45 मिनट लगे। इसके बाद डेडबॉडी को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया। पुलिस को घटना की जानकारी कब और कैसे हुई? कितने बजे पुलिस पहुंची। कितने शवों की शिनाख्त हुई? जिन लोगों की शिनाख्त नहीं हुई, उसके लिए क्या प्रकिया अपनाई जाएगी? पढ़िए ये रिपोर्ट... 2 घंटे तक बस जलती रही, 25 मिनट में पुलिस और दमकल पहुंची यमुना एक्सप्रेस वे पर दयानतपुर गांव के पास में रात करीब 11.30 बजे आग लग गई। जहां बस में आग लगी वहां से करीब 300 मीटर पहले पुलिस पेट्रोलिंग की गाड़ी खड़ी थी। वह करीब 10 मिनट में बस के पास पहुंच गई। आग को बढ़ते देख सिपाहियों ने जेवर थाने में फोन किया। थाना प्रभारी अजय कुमार ने दमकल विभाग को फोन किया और मौके के लिए निकल गए। करीब 25 मिनट में थाना पुलिस और दमकल मौके पर पहुंच गई। टीम ने रेस्क्यू कर कुछ लोगों को बाहर निकाल लिया। करीब 30 मिनट में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। बस आग की लपटें उठती देख गांव के लोग भी पहुंच गए। इसके बाद करीब 30 मिनट में मौके पर ग्रेनो ओर यमुना एक्सप्रेस वे में लगीं करीब 20 एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने घायलों को अस्पताल भेज दिया। रात करीब 1.30 बजे दमकल की चार गाड़ियों ने आग को बुझा दिया। आग बुझने के बाद बस का अगला हिस्सा धधक रहा था। उसकी बॉडी गर्म थी। इसलिए पुलिस ने कटर से बस का पिछला हिस्सा काटा। तब तक एफएसएल टीम पहुंच गई। पुलिस टीम को बस के अंदर से डेडबॉडी को बाहर निकालने में करीब 45 मिनट का समय लगा। धुआं भरने से दम घुटने की आशंका, भाग नहीं सके लोग सूत्र बताते हैं कि बस में कुल 35 लोग सवार थे। बस से कुल 9 लोगों के शव निकाले गए। शवों को पहचानना बेहद मुश्किल है। आग से बस पूरी तरह जल गई थी। बताया प्रथम दृश्टया यह लग रहा है कि शॉर्ट सर्किट से बस की AC में आग लगी। इसके बाद आग बस की केबिन से होती हुई अंदर तक पहुंच गई। आग से बस की सीटें, उसमें लगी प्लास्टिक, सीट कवर पर्दे, फाइबर ने आग पकड़ ली। इससे आग और भड़क गई। फिर लोगों का सामान जल गया। आग से बस की सीटें जलकर राख हो चुकी थीं। सिर्फ लोहे का ढांचा बचा हुआ था। बताया कि बस में जब आग लगी तो अधिकतर लोग अपने स्लीपर केबिन में थे। अधिकतर लोग सो रहे थे। इसलिए वह समय से बस से बाहर नहीं आ सके। कुछ गैलरी में फंस गए तो कुछ सीटों पर ही बैठे रह गए। तब तक बस के अंदर धुआं भर गया। इससे कार्बन मोनो ऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड जैसी गैसें बनीं। जिससे लोगों का दम घुट गया। जो लोग बाहर आ गए, वह बच गए। बाकी लोगों का अंदर ही दम घुट गया। बस में सवार जो लोग मिसिंग हैं, उनके घरवाले पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए हैं। जेवर एसडीएम दुर्गेश सिंह और जेवर थाना प्रभारी अजय कुमार भी वहां पहुंचे हैं। दोनों अफसरों की मौजूदगी में सभी 9 शवों को खोला जाएगा। इसके बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे लोगों से शिनाख्त कराई जाएगी। जितने शवों की शिनाख्त हो जाएगी। उन शवों को परिजनों को सौंप दिया जाएगा। जिन लोगों की शिनाख्त नहीं हो पाती है। उनका DNA टेस्ट होगा। घटनास्थल से 2 KM दूर बस खड़ी की, चालक-हेल्पर जेल गए हादसे के बाद पुलिस ने बस को मौके से हटा दिया है। बस को घटनास्थल से 2 किमी दूर जेवर टोल प्लाजा के पास एक्सप्रेस वे के नीचे खड़ा किया गया है। पुलिस ने बताया कि बस राज कल्पना ट्रैवल्स की है। दस्तावेजों के मुताबिक बस मध्य प्रदेश से संचालित है। लेकिन नई दिल्ली के कश्मीरी गेट बस डिपो से चलती है। बस का पंजीकरण बिहार के मधुबनी जिले में किया गया है। बस का फिटनेस प्रमाण पत्र राजस्थान और प्रदूषण प्रमाण पत्र हरियाणा से जारी हुआ है। उधर पुलिस ने बस के दो ड्राइवर पवन और विनोद को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही हेल्पर योगेश को भी पकड़ लिया है। पुलिस ने तीनों को जेल भेज दिया है। ………………..ये खबर भी पढ़िए- नोएडा में AC बस में आग लगी, 9 जिंदा जले:यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसा, 35 यात्रियों को लेकर महोबा जा रही थी यूपी के नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर स्लीपर AC बस में आग लग गई। हादसे में 9 यात्री जिंदा जल गए। इनमें 8 पुरुष और एक महिला है। बस में 35 यात्री सवार थे। कई यात्रियों ने खिड़की तोड़कर कूदकर जान बचाई, जबकि 20 यात्रियों को रेस्क्यू किया। पढ़ें पूरी खबर
कैथल के गांव सेरधा में अज्ञात आरोपी ने एक व्यक्ति के बैंक खाते से 2 लाख 30 हजार रुपए निकाल लिए। आरोपी ने उसका मोबाइल हैक कर लिया। जब मोबाइल अपडेट हुआ तो उसके पास रुपए कटने के मैसेज आए। इस संबंध में व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मोबाइल पर मैसेज आए तो पता लगा गांव सेरधा निवासी महेश कुमार ने साइबर थाना में दी शिकायत में बताया कि उसका स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में बैंक खाता है और उसके साथ उसका मोबाइल नंबर जुड़ा हुआ है। 21 सितंबर को उसका मोबाइल अपने आप अपडेट होने लगा। कुछ देर बाद जब फोन ठीक हुआ तो मोबाइल पर रुपए कटने के मैसेज आए हुए थे। अलग-अलग समय में रुपए कटे जब उसने अपना बैलेंस चेक किया तो पाया कि एसबीआई बैंक खाते से अलग अलग समय में दो लाख 30 हजार रुपए कट गए। किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसका मोबाइल हैक करके 2 लाख 30 हजार रुपए की ठगी की है। शिकायतकर्ता ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और उसके रुपए वापस दिलाने की मांग की है। साइबर थाना के जांच अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली: आस्था कुंज गैंगरेप मामले में नया खुलासा, आरोपियों के मोबाइल एफएसएल जांच को भेजे गए
New Delhi, 24 सितंबर . New Delhi के आस्था कुंज में 17 वर्षीय लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में बड़ी जानकारी सामने आई है. Police ने तीनों आरोपियों के फोन को एफएसएल जांच के लिए भेजा है. Police को आशंका है कि आरोपियों ने कहीं पीड़िता के मोबाइल वीडियो तो नहीं बनाए. आरोपी आसिफ ... Read more
मोतिहारी के हरसिद्धि थाना क्षेत्र के पैठान पट्टी गांव में मां-बेटे ने विपक्षी परिवार को अपहरण के मामले में फंसाने के लिए अपने ही घर के युवक के अपहरण की झूठी कहानी बना दी। महिला ने डायल-112 पर सूचना दी कि उसके 19 वर्षीय बेटे दिलखुश कुमार का बाइक समेत अपहरण कर लिया गया है। पुलिस ने सूचना मिलते ही जांच शुरू की और तकनीकी जांच के जरिए कुछ ही घंटों में युवक को उसके एक परिचित के घर से बरामद कर लिया। पूछताछ में पुलिस के सामने पूरी कहानी सामने आ गई। मां ने डायल-112 पर दी अपहरण की सूचना हरसिद्धि थानाध्यक्ष सुनील कुमार के अनुसार, पैठान पट्टी निवासी राजेंद्र साह की पत्नी संजू देवी ने डायल-112 पर सूचना दी थी। उन्होंने बताया था कि 21 सितंबर की रात ओलहा पेट्रोल पंप के पास से उनके 19 वर्षीय बेटे दिलखुश कुमार का बाइक समेत अपहरण कर लिया गया है। उन्होंने इसके लिए विपक्षी भूलेन साह के परिवार के लोगों पर आरोप लगाया था। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। दो दिन पहले विपक्षी की पत्नी से हुई थी मारपीट जांच में पुलिस को पता चला कि 19 सितंबर को दिलखुश कुमार ने अपनी मां संजू देवी के साथ मिलकर भूलेन साह की पत्नी पन्ना देवी के साथ मारपीट की थी। इस दौरान पन्ना देवी के सिर में चोट लगी थी। पुलिस के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच रिश्तेदारी होने के कारण उस समय थाने में शिकायत नहीं की गई थी। मोबाइल की तकनीकी जांच से खुला मामला पुलिस ने दिलखुश के मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच शुरू की। जांच में उसका मोबाइल पहाड़पुर थाना क्षेत्र में बंद मिला। इसके बाद पुलिस ने संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। 22 सितंबर को पुलिस ने दिलखुश के एक परिचित के घर पर छापा मारा। वहां से उसे बरामद कर लिया गया। गिरफ्तारी के डर से बनाई अपहरण की कहानी पुलिस के अनुसार, थाने में पूछताछ के दौरान दिलखुश ने पन्ना देवी के सिर पर चोट पहुंचाने की बात बताई। उसे डर था कि पुलिस इस मामले में उसे गिरफ्तार कर लेगी। इसी वजह से उसने अपनी मां के साथ मिलकर अपने अपहरण की झूठी कहानी बनाई। पुलिस के मुताबिक, मां-बेटे का मकसद विपक्षी परिवार को अपहरण के मामले में फंसाना था। मां-बेटे को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल पुलिस के अनुसार, पन्ना देवी के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके बाद दिलखुश कुमार और उसकी मां संजू देवी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
शिमला में 81 वर्षीय बुजुर्ग साइबर ठगी का शिकार हो गए। बैंक मैनेजर बनकर फोन करने वाले ठग ने खाता ब्लॉक होने की बात कही, इसके बाद खाते से 5.51 लाख रुपये निकल गए।
जयपुर में महिला ने दूसरी शादी करने के बावजूद फर्जी डॉक्यूमेंट से विधवा कोटे से सरकारी नौकरी हासिल कर ली। उसने दूसरी शादी से तीसरी संतान होने की बात भी छुपाई। झूठे शपथ-पत्रों को पेश कर कई सरकारी लाभ तक उठा लिए। महिला के तलाक का दबाव बनाने पर दूसरे पति ने जयपुर पुलिस में 22 सितंबर को FIR दर्ज करवाई है। पुलिस ने बताया- जयपुर के रहने वाले 45 साल के युवक ने FIR करवाई है। रिपोर्ट के अनुसार- मई 2021 में युवक की महिला से लव मैरिज हुई थी। दोनों की यह दूसरी शादी थी। महिला के पहले पति की मौत हो चुकी थी। उसकी पहले पति से दो बेटियां थी। शादी के बाद से दोनों बेटियों को दूसरे पति के परिवार में स्वीकार किया गया। दूसरी शादी के बाद महिला ने मार्च 2022 में एक बेटी को भी जन्म दिया। पति का आरोप है- उसने पत्नी को मोबाइल पर किसी से बातचीत करते सुना था। इस दौरान वह कह रही थी कि मेरे पति अब मुझे पसंद नहीं हैं, उसे रास्ते से हटाना पड़ेगा। SHO ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मिली शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है। पति के आरोपों की जांच की जा रही है। पीड़ित के बयान दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। जॉब लगने पर बदला व्यवहार शिकायत में बताया- शादी से पहले महिला ने आर्थिक स्थिति कमजोर बताकर कई बार रुपए ऐंठे थे। अलग-अलग जरूरत बताकर लाखों रुपए हड़प लिए। शादी के समय महिला कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी कर रही थी। साल 2022 में महिला का सिलेक्शन ग्रेड थर्ड टीचर के पद पर हो गया। उसकी नियुक्ति जयपुर में ही टीचर के पद पर हो गई। इसके बाद महिला का व्यवहार बदल गया। स्कूल की ड्यूटी खत्म होने के बाद काफी समय तक घर नहीं लौटती थी। घर आने के बाद भी घंटों मोबाइल पर बातचीत और सोशल मीडिया पर बिजी रहती थी। पूछने पर स्कूल में ज्यादा काम और अन्य कारण बताकर बात टाल देती थी। स्कूल पहुंचने पर मिली गायब पति का आरोप है कि साल 2023 में एक दिन वह किसी जरूरी काम के कारण स्कूल पहुंच गया। पत्नी स्कूल में नहीं मिली। प्रिंसिपल के साथ बाहर जाने का पता चला। फोन भी नहीं उठाया। कुछ देर बाद प्रिंसिपल के साथ स्कूल लौटी। वह ऐसे दिखाने लगी, जैसे वह मुझे नहीं जानती। प्रिंसिपल ने पूछा तो मैंने खुद का परिचय उसके पति के रूप में दिया। ये सुनकर प्रिंसिपल ने चौंकते हुए मेरी पत्नी को कहा कि आप खुद को विधवा और सिंगल मदर बताती हैं। इसके बाद पत्नी का व्यवहार बदल गया। प्रिंसिपल से अफेयर का शक युवक ने प्रिंसिपल से नजदीकियों का विरोध किया तो वह उसे डराने-धमकाने और मानसिक रूप से टॉर्चर करने लगी। साल 2025 में दीपावली से कुछ समय पहले महिला बिना बताए घर से चली गई। कॉन्टैक्ट करने पर कॉल नहीं उठाया। देर रात घर लौटने पर गाली-गलौज किया। इसके दो दिन बाद फिर बिना बताए घर से चली गई। लौटने पर गुस्सा कर कुछ नहीं बताया। ‘पति पसंद नहीं, इसे रास्ते से हटाना पड़ेगा’ पति का आरोप है कि एक दिन वह अपने काम पर जाने के लिए घर से निकला। कोई काम याद आने पर घर लौट आया। घर लौटने पर पत्नी मोबाइल पर बात कर रही थी। उसे मेरे घर लौटने का पता नहीं था। बातचीत सुनने पर पता चला कि वह किसी से कह रही थी कि मेरे पति अब मुझे पसंद नहीं हैं, इसे रास्ते से हटाना पड़ेगा। तुम कोई व्यवस्था करो, चाहे कितना भी पैसा लगे। यह डराने-धमकाने से नहीं मानेगा। इसे तो रास्ते से ही हटाना पड़ेगा। मुझे अचानक घर पर देखकर वह घबरा गई। कॉल बंद कर दी। पूछने पर झगड़ा करते हुए दोनों बेटियों को लेकर घर छोड़कर चली गई। कुछ दिन बाद घर में रखे डॉक्यूमेंट मिले। चेक करने पर पता चला कि उसने खुद को विधवा बताकर नौकरी हासिल की है। विधवा कोटे का दुरुपयोग कर नौकरी हासिल की। तीसरी संतान के जन्म की बात भी छुपाई गई थी। झूठा शपथ-पत्र किया था पेश शिकायत में बताया- सरकारी नौकरी के लिए महिला ने जून 2022 को शिक्षा विभाग में शपथ-पत्र पेश किया था। घोषणा की कि उसने पहले पति की मौत के बाद दूसरी शादी नहीं की है। जबकि शपथ-पत्र दिए जाने के 13 महीने पहले उसकी शादी हो चुकी थी। शपथ-पत्र पेश करने के 3 महीने बाद ही एक ओर बेटी का जन्म हो चुका था। RTE का भी उठाया फायदा सरकारी नौकरी होने के बाद भी राइट टू एजुकेशन (RTE) के तहत बेटी के फेक डॉक्यूमेंट बनाकर निशुल्क एडमिशन करवाया। आरटीई कानून के तहत सालाना आय 2.50 लाख रुपए तक की है, जबकि उसकी नौकरी लगने के बाद अधिक सैलरी मिल रही थी। सरकारी नौकरी होने के बाद भी झूठे डॉक्यूमेंट से आरटीई के सरकारी लाभ का फायदा उठाया। नगर निगम में भी जालसाजी पति का आरोप है कि उसके कम पढ़े-लिखे होने का पत्नी ने फायदा उठाया। मई 2021 में शादी के रजिस्ट्रेशन के लिए फाइल तैयार करवाई गई थी। इसके आधार पर फेक विवाह प्रमाण-पत्र भी नगर निगम से बनवा लिया। इसमें शादी की तारीख अगस्त 2022 लिखवाई गई। इसके तहत तीसरी बेटी शादी से पहले ही हो गई। नगर निगम, शिक्षा विभाग और स्कूल में फेक डॉक्यूमेंट पेश कर सरकारी सेवा का लाभ उठाकर धोखाधड़ी की। शिक्षा विभाग ने शुरू की विभागीय जांच शिकायत में बताया- जालसाजी का पता चलने पर पत्नी की नियुक्ति से संबंधित डॉक्यूमेंट और शिकायत प्रिंसिपल को दी। प्रिंसिपल ने भी फर्जीवाड़े में शामिल होकर शिकायत को दबाने का प्रयास किया। उसने शिकायत को अधिकारियों को नहीं भेजा। न ही विभागीय कार्रवाई शुरू करवाई। शिक्षा विभाग को नियुक्ति के संबंध में शिकायत और डॉक्यूमेंट पेश किए गए, जिसके आधार पर महिला के खिलाफ प्रथमदृष्टया मामला गंभीर पाते हुए विभागीय जांच प्रारंभ कर दी। झूठे केस में फंसाने की धमकी नवंबर 2025 में जांच शुरू होने पर पत्नी चुपचाप रहने लगी। पति की ओर से भेजे गए नोटिस का जवाब तक नहीं दिया। करीब 8 महीने चुप रहने के बाद जुलाई 2026 में विधिक नोटिस का जवाब भेजा। इसमें झूठे, गंभीर और पॉक्सो जैसे क्राइम के आरोप लगाए। नोटिस में धमकी दी कि या तो तलाक दे, नहीं तो झूठे केस में फंसाएगी। पुलिस के सामने बनाया दबाव पति का आरोप है कि साल 2021 में हुई शादी को लिव-इन में रहना बताया। जब वह FIR दर्ज करवाने की कार्रवाई कर रहा था। इस दौरान थाने में उसे यह कहकर बुलाया गया कि दोनों पक्षों के बीच वैवाहिक विवाद के संबंध में काउंसलिंग करनी है। थाने पहुंचने पर पत्नी ने शिक्षा विभाग में की गई शिकायत वापस लेने के लिए धमकाया। यह लिखकर देने के लिए कहा कि शिक्षा विभाग में झूठी शिकायत की है। इसके साथ बिना किसी शर्त तलाक देने के लिए दबाव बनाया। मना करने पर झूठे आरोपों के आधार पर पुलिस के सामने ही मारने और झूठी आपराधिक कार्रवाई करने की धमकियां दी। प्रिंसिपल की बहुत पहुंच होना बताकर धमकाया कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पुलिस ने भी महिला पर कार्रवाई करने की बजाय उसे ही शांतिभंग में अरेस्ट कर लिया।
बिहार के सहकारी बैंकों की बदलेगी तस्वीर, जल्द शुरू होगी मोबाइल व व्हाट्सएप बैंकिंग
भारतीय रिजर्व बैंक जल्द ही बिहार राज्य सहकारी बैंक और भभुआ जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों को मोबाइल बैंकिंग सेवा शुरू करने का लाइसेंस देगा। इसके साथ ही, सहकारी बैंकों की शाखाओं का विस्तार होगा और आधुनिक डिजिटल बैंकिंग सेवाओं जैसे व्हाट्सएप बैंकिंग और थम्ब इम्प्रेशन भुगतान की शुरुआत की जाएगी।
ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के पंजाब और चंडीगढ़ दफ्तरों में 2 दिन से ED की रेड चल रही है। इसी बीच ED ने पंजाब कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के भांजे के घर लुधियाना में भी रेड की। देर रात टीम दिल्ली के पूर्व मंत्री सतेंद्र जैन के घर भी पहुंची। इसके बाद बुधवार देर रात पंजाब सरकार हाईकोर्ट चली गई है। ED रेड के बीच पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री व पंजाब के भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट से खलबली मचा दी है। उन्होंने पोस्ट में दावा किया है कि पंजाब का एक मंत्री देश छोड़कर भाग गया है। बताया जा रहा है कि बिट्टू का इशारा मंत्री मुंडियां की तरफ है। हालांकि, इसकी ऑफिशियल पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, मंत्री मुंडियां से इस संबंध में प्रतिक्रिया लेने के लिए संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन शाम से उनका फोन स्विच ऑफ आ रहा है। मोहाली दफ्तर के 3 मंजिल सील किएED ने मंगलवार सुबह मोहाली स्थित GMADA के फेज-8 में मुख्यालय में कार्रवाई शुरू की थी। इसके बाद ED और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान व अधिकारी मौके पर अब भी मौजूद हैं। ED अधिकारी सरकारी रिकॉर्ड खंगालने के साथ GMADA के अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ कर रहे हैं। कार्रवाई की वीडियोग्राफी करवाई जा रही हैमोहाली दफ्तर के 3 मंजिलों को सील किए जाने और रिकॉर्ड जब्त किए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी करवाई जा रही है। इसके अलावा IAS अधिकारी राजीव गुप्ता की सेक्टर-19 स्थित कोठी में टीम पहुंची थी। ED की टीम बुधवार देर रात सेक्टर-39 की कोठी नंबर 926 में भी पहुंच गई, जहां दिल्ली के पूर्व मंत्री सतिंदर जैन रहते रहे थे। मंत्री के रिश्तेदार के घर भी पहुंची EDइसी जांच के दौरान बुधवार को पंजाब के शहरी आवास एवं विकास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के रिश्तेदार गुरप्रीत सिंह सैनी उर्फ प्रिंस के लुधियाना के साहनेवाल स्थित घर पर भी ED ने तलाशी ली। रिपोर्टों के अनुसार, वहां कार्रवाई दोपहर करीब ढाई बजे शुरू हुई और देर तक जारी रही।
हांसी जिले के नारनौंद क्षेत्र के धर्मखेड़ी गांव में बुधवार को 23 साल के दीपक की हत्या के मामले में पुलिस की कई टीमें जांच कर रही हैं। पुलिस ने गांव के ही अजय से भी पूछताछ की है। जांच में पता चला था कि घटना के समय अजय खेत में था। अजय ने पूछताछ में बताया कि वह खेत में गया था और हुक्का भरने के बाद वापस लौट आया था। उसके अनुसार, दीपक ही उसे गांव में छोड़कर गया था। पुलिस गांव जैब भरान के प्रिंस, राकेश और एक अन्य युवक की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच में सामने आया है कि तीनों युवक रिट्ज कार से गांव आए थे। वे गांव की दुकानों पर यूपीआई के जरिए पैसे निकलवाने के लिए घूम रहे थे। ग्रामीणों ने कार में इन तीनों युवकों को देखा था। मृतक दीपक का मोबाइल भी नहीं मिला जानकारी के मुताबिक, दीपक भी एक दुकान पर यूपीआई से पैसे निकलवाने गया था। हालांकि, अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि दीपक या अन्य युवकों ने कितनी रकम निकलवाई थी। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि जिस रिट्ज कार से युवक गांव आए थे, वह कार प्रिंस के पिता के नाम पर रजिस्टर्ड है। पुलिस कार की भी जांच कर रही है। घटना के बाद से दीपक का मोबाइल फोन भी नहीं मिला है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं आरोपी मोबाइल अपने साथ तो नहीं ले गए। बताया गया है कि दीपक ने प्रिंस की सगी बहन का रिश्ता अपने ननिहाल परिवार में करवाया था। प्रिंस ने शादी से जुड़े काम के लिए दीपक से कुछ रुपए भी लिए थे। पुलिस इन सभी बातों को जोड़कर जांच कर रही है। शराब के नशे में विवाद होने की आशंका वहीं कुछ ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रिंस को अपनी बहन के दीपक के घर आने-जाने को लेकर आपत्ति थी। हालांकि पुलिस ने अभी इस बात की पुष्टि नहीं की है। प्रारंभिक जांच में शराब के नशे में किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद होने की आशंका भी जताई जा रही है। हत्या का वास्तविक कारण पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। आरोपियों की तलाश कर रही पुलिस इस मामले में बस थाना प्रभारी सो जयसिंह का कहना है कि पुलिस की कई टीम में इस मामले में जुटी हुई है। वहीं आरोपियों की धर पकड़ के लिए भी लगातार प्रयास किया जा रहे हैं, पुलिस कार और मोबाइल की भी तलाश में लगी हुई है। बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद हुआ अंतिम संस्कार बुधवार को ही दीपक के शव का हांसी में बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शाम को शव गांव धर्मखेड़ी लाया गया, जहां गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इधर, पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश के साथ दीपक के मोबाइल और वारदात से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी हुई हैं।
सदर अस्पताल में वार्ड से मोबाइल लेकर चोर फरार
सदर अस्पताल के मरीज वार्ड में इलाज कराने पहुंचे मरीज के परिजन का मोबाइल चोरी होने का मामला सामने आया है। घटना मंगलवार देर रात की बताई जा रही है। वार्ड में मरीज और उनके परिजन सो रहे थे। इसी दौरान अज्ञात चोर वार्ड में घुसा और प्रदीप उरांव का करीब 13 हजार रुपए कीमत का मोबाइल लेकर फरार हो गया। प्रदीप उरांव ने बताया कि 19 सितंबर को उनके बेटे की तबीयत खराब होने पर उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद से वह मरीज वार्ड में रहकर बेटे की देखभाल कर रहे थे। मंगलवार रात इलाज के बाद वार्ड में सभी लोग सो गए। इसी दौरान मौका पाकर चोर ने उनका मोबाइल चोरी कर लिया। सुबह फोन गायब मिला तो मचा हड़कंप। बुधवार सुबह उठने पर प्रदीप को मोबाइल नहीं मिला। काफी तलाश करने के बाद भी मोबाइल का पता नहीं चला।
Maharajganj News: खोए हुए 110 मोबाइल बरामद कर पुलिस ने लौटाए
Police recovered 110 lost mobile phones and returned them.
कालकाजी मंदिर से सटे आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस जांच में नया खुलासा हुआ है।
Lakhimpur Kheri News: गोलीकांड की गुत्थी सुलझाएंगी मोबाइल फोन और बैलिस्टिक रिपोर्ट
चिल्ड्रेंस एकेडमी स्कूल में हुए गोलीकांड की विवेचना में पुलिस अब मोबाइल फोन और बैलिस्टिक जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
कानपुर देहात के अकबरपुर स्थित स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से जुड़े जिला अस्पताल में बुधवार रात बिजली गुल हो गई। इससे मरीज और तीमारदार काफी परेशान दिखे। बिजली सप्लाई बंद होने के बाद अस्पताल के वार्डों में अंधेरा छा गया। गर्मी और उमस के कारण मरीजों को बहुत दिक्कत हुई। बिजली न होने की वजह से वार्ड में भर्ती मरीजों के तीमारदार मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर बैठे थे। अंधेरे में मोबाइल की रोशनी ही वार्ड में सहारा बनी रही। लंबे समय तक बिजली न आने से मरीजों के साथ तीमारदार भी गर्मी और उमस से परेशान रहे। दरअसल, बुधवार शाम करीब 3:30 बजे अकबरपुर इलाके में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई थी। इस दौरान अकबरपुर के पास बिजली के दो खंभे टूट गए। इससे पूरे इलाके की बिजली सप्लाई ठप हो गई, जिसका असर जिला अस्पताल की बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा। अस्पताल जैसी जरूरी जगह पर बिजली सप्लाई बंद होने से मरीजों की परेशानी और बढ़ गई। वार्ड में अंधेरा होने के कारण तीमारदारों को मोबाइल की रोशनी का सहारा लेना पड़ा। वहीं, गर्मी से राहत के लिए मरीज और तीमारदार बिजली आने का इंतजार करते रहे। बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, तेज हवाओं से बिजली के खंभे टूटने के कारण सप्लाई बंद हुई है। खंभों को ठीक करने का काम चल रहा है। फिलहाल, अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों को बिजली बहाल होने का इंतजार है। रात 11 बजे तक बिजली विभाग के अधिकारियों ने फोन नहीं उठाए या काट दिए।
कानपुर में 121 गुम हुए मोबाइल फोन वापस मिले, मालिकों के चेहरे पर लौटी खुशी
कानपुर पूर्वी जोन की सर्विलांस टीम ने 121 गुम हुए मोबाइल फोन उनके मालिकों को लौटाए, जिनकी कुल कीमत लगभग 24 लाख रुपये है। मोबाइल पाकर मालिकों के चेहरे खिल उठे, उन्होंने पुलिस के प्रयासों की सराहना की, जिसमें एक 65 हजार का आईफोन-15 भी शामिल था।
दुर्ग के सुपेला इलाके में नशीली दवाओं की बिक्री करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। अटल आवास स्थित आशाराम बापू आश्रम मैदान के पास ग्राहक का इंतजार कर रहे 7 लोगों को पुलिस ने पकड़ा है। इनमें एक नाबालिग भी शामिल है। आरोपी एयरगन से लोगों में अपना खौफ बनाते थे और आम लोगों को डरा कर तस्करी का यह पूरा नेटवर्क चला रहे थे। तलाशी में आरोपियों के पास से 1200 अल्प्राजोलम की गोलियां, 2 एयरगन और 8 मोबाइल फोन मिले हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी दूसरे राज्यों से नशीली दवाएं लाकर भिलाई के अलग-अलग इलाकों में बेचते थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि आशाराम बापू आश्रम मैदान के पास कुछ युवक नशीली दवाओं की बिक्री के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं। सूचना के बाद सुपेला पुलिस की टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखकर वहां मौजूद युवकों में हड़कंप मच गया। टीम ने घेराबंदी कर सभी को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर बड़ी संख्या में अल्प्राजोलम की गोलियां मिलीं। इसके साथ ही दो एयरगन और आठ मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए लोगों में साहिल शेख, योगेश साहू, अमन साहू, मयंक यादव, जानी यादव, समीर ठाकुर और एक अपचारी बालक शामिल है। जांच में पुलिस को खरीदी और बिक्री, दोनों से जुड़े लोगों की भूमिका मिलने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नशीली गोलियां किन लोगों से खरीदी जाती थीं और भिलाई में किन-किन जगहों पर इनकी सप्लाई की जाती थी। दूसरे राज्यों से लाकर भिलाई में खपाने का आरोप दुर्ग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शोभराज अग्रवाल ने बताया कि पुलिस को नशीली दवाओं की खरीदी-बिक्री की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने कार्रवाई की। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी दूसरे राज्यों से नशीली दवाएं लाकर भिलाई के अलग-अलग इलाकों में खपाते थे। पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन भी जांच में अहम हो सकते हैं। इनसे खरीदारों, सप्लायरों और दवा की बिक्री से जुड़े संपर्कों की जानकारी मिलने की संभावना है। इसी वजह से आठ मोबाइल फोन को जब्त कर उनकी जांच की जा रही है। नाबालिग की मौजूदगी ने बढ़ाई चिंता इस पूरे मामले में एक नाबालिग के पकड़े जाने से पुलिस के सामने एक और चिंता खड़ी हुई है। नशीली दवाओं के कारोबार में कम उम्र के लोगों के शामिल होने से यह सवाल भी उठ रहा है कि इस तरह की दवाओं की पहुंच युवाओं तक किस तरह हो रही है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर सप्लाई की पूरी कड़ी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। अल्प्राजोलम सामान्य दवा नहीं अल्प्राजोलम चिकित्सकीय इस्तेमाल में आने वाली दवा है, लेकिन इसके गलत इस्तेमाल को लेकर सरकारी एजेंसियां पहले भी चिंता जता चुकी हैं। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की रिपोर्ट में अल्प्राजोलम का दुरुपयोग किए जाने वाली दवाओं में उल्लेख किया गया है। लंबे समय तक या गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर इससे निर्भरता की समस्या हो सकती है। मेडिकल दुकानों पर भी होगी कार्रवाई एएसपी शोभराज अग्रवाल ने बताया कि नशीली दवाओं की बिक्री रोकने के लिए पुलिस विशेष अभियान चलाएगी। शहर में संचालित मेडिकल दुकानों की जांच कर यह देखा जाएगा कि कहीं नियमों को दरकिनार कर ऐसी दवाओं की बिक्री तो नहीं हो रही है। पुलिस का कहना है कि नशीली दवाओं की अवैध बिक्री और सप्लाई करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। सुपेला पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। आरोपियों को न्यायालय के सामने पेश किया गया है।
शिरपुर: सरकारी मोबाइल भत्ते पर उठे सवाल, प्राइवेट प्लान्स से तुलना
सस्ते प्राइवेट प्लान्स के दौर में विधायकों को मिल रहे 8000 रुपये मासिक भत्ते पर सवाल, सरकारी खर्च के पुनर्मूल्यांकन और ऑडिट की मांग।
महराजगंज पुलिस ने गुम और चोरी हुए 110 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 27 लाख रुपये है। पुलिस ने सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल और सर्विलांस तकनीक की मदद से इन्हें खोजा। बुधवार को सभी मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंप दिए गए। पुलिस के मुताबिक, पिछले छह महीने में सर्विलांस सेल और जिले के थानों ने कुल 628 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनकी कुल अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 78 लाख रुपये है। इन सभी मोबाइलों को भी उनके मालिकों तक पहुंचाया गया है। जुड़ी तकनीकी जानकारी जुटाई सर्विलांस सेल की टीम ने मोबाइलों को ट्रैक करने के लिए IMEI आधारित ट्रैकिंग, तकनीकी विश्लेषण और CEIR पोर्टल जैसे आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल किया। अलग-अलग मामलों में मिली शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए मोबाइलों की लोकेशन और इस्तेमाल से जुड़ी तकनीकी जानकारी जुटाई गई। इसके बाद उन्हें बरामद कर मालिकों को सौंपा गया। बुधवार को अपने मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे पर खुशी साफ दिखी। मोबाइल मालिकों ने महराजगंज पुलिस और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी का आभार जताया। लोगों की संपत्ति सुरक्षित रखने में मदद इस मौके पर पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने सर्विलांस सेल की टीम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि जनता की छोटी से छोटी समस्या को तुरंत हल करना पुलिस की प्राथमिकता है। एसपी ने बताया कि आज के समय में तकनीक आधारित पुलिसिंग की अहम भूमिका है। CEIR जैसे प्लेटफॉर्म के सही इस्तेमाल से लोगों की संपत्ति सुरक्षित रखने में मदद मिल रही है। एसपी ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत CEIR पोर्टल पर उसे ब्लॉक कराएं। साथ ही, नजदीकी थाने या सर्विलांस सेल में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि मोबाइल को ट्रैक करके बरामद किया जा सके।
तरनतारन जिले में खालड़ा थाना पुलिस ने दो लोगों को दो पिस्टल, दो मोबाइल फोन, एक जिंदा कारतूस और एक खाली खोल के साथ पकड़ा है। पुलिस ने उनके पास से एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है। दोनों के खिलाफ थाना खालड़ा में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। थाना खालड़ा के एएसआई गुरनाम सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई बीती रात की गई। पुलिस पार्टी गांव कलसिया की डिफेंस ड्रेन पर पेट्रोलिंग कर रही थी। वहां एक खुले मोर्चे के अंदर एक मोटरसाइकिल खड़ी थी, जिसके पास दो लोग खड़े थे। पुलिस को देखकर वे भागने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से एक पीले रंग का पैकेट मिला। इस पैकेट में दो पिस्टल, दो मोबाइल फोन, एक जिंदा राउंड और एक खाली खोल था। पुलिस ने मौके से उनकी मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम सुखदेव सिंह निवासी कामल वाला खुर्द, फिरोजपुर और लखविंदर सिंह निवासी जैमल वाला खुर्द, फिरोजपुर बताया।
Qualcomm ने लॉन्च किया दुनिया का सबसे तेज मोबाइल चिपसेट, मिलेगी 5.0 GHz तक की स्पीड
Qualcomm Snapdragon 8 Elite Extreme Gen 6 और 8 Elite Gen 6 चिपसेट लॉन्च हो गए हैं। क्वालकॉम के ये दोनों चिपसेट AI कैपेबिलिटीज और डुअल माइक्रो NPU से लैस हैं, जो 5.0GHz तक की स्पीड में चीजें प्रोसेस कर सकती है।
जिला पुलिस की ओर से गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहा है। जिसके तहत सवाईमाधोपुर पुलिस ने तकनीकी सहायता से विभिन्न कंपनियों के करीब 35 लाख रुपए कीमत के 207 गुमशुदा एंड्रॉयड और स्मार्टफोन बरामद किए हैं। जिन्हें मंगलवार शाम को एसपी जेष्ठा मैत्रेयी ने उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया। इस दौरान गुम हुए मोबाइल पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे। मोबाइल ट्रैस करने में तीन माह का समय लगा साइबर सेल और पुलिस की विशेष टीम पिछले करीब 3 महीने से गुम मोबाइल फोन को तकनीकी माध्यम से ट्रैक करने में जुटी थी। अभियान के दौरान अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय हुए मोबाइल फोन की तकनीकी जानकारी जुटाकर उनका पता लगाया गया। कुल 207 मोबाइल बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार बरामद मोबाइल फोन की कुल बाजार कीमत करीब 35 लाख रुपए आंकी गई है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने और मोबाइल फोन की पहचान के बाद उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द किया गया। लंबे समय बाद अपना खोया मोबाइल वापस मिलने पर मालिकों के चेहरों पर खुशी नजर आई। उन्होंने सवाई माधोपुर पुलिस की कार्रवाई के लिए आभार जताया। अच्छा काम करने पर पुलिसकर्मी होंगे पुरस्कृत एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी ने अभियान में शामिल जिला साइबर सेल के अधिकारी-कर्मचारियों और सहयोगी पुलिसकर्मियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया- अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने पर तत्काल नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें। इसके साथ ही ई-मित्र के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर मोबाइल को ब्लॉक करवाएं। मोबाइल के दोबारा नेटवर्क पर सक्रिय होने पर तकनीकी माध्यम से उसकी तलाश कर पुलिस उसे वास्तविक मालिक तक पहुंचाने की कार्रवाई कर सकती है।
बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र में मंगलवार देर शाम रजौन पुलिस ने दुष्कर्म मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों के घर इश्तहार चिपकाकर उन्हें न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी। पुलिस ने कठौन गांव निवासी बिट्टू कुमार और चकमहमूद गांव निवासी मुन्ना कुमार के घर पहुंचकर यह कार्रवाई की। दोनों आरोपी दुष्कर्म के मामले में लंबे समय से फरार बताए जा रहे हैं। ढोल-नगाड़े बजाकर सार्वजनिक जगहों पर भी चिपकाया थानाध्यक्ष अभय शंकर के नेतृत्व में एसआई किरण सोनी, एसआई शुभम कुमार, संतोष कुमार सहित पुलिस बल ने दोनों आरोपियों के घर के अलावा आसपास के सार्वजनिक स्थानों, पोल और सामुदायिक भवन आदि पर भी इश्तहार चिपकाया। पुलिस ने नियमानुसार सार्वजनिक रूप से ढोल-नगाड़े बजाकर इश्तहार चिपकाने की कार्रवाई पूरी की। ढोल-नगाड़े की आवाज सुनकर मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। इस दौरान पुलिस ने ग्रामीणों को भी कार्रवाई की जानकारी दी। मोबाइल लोकेशन से भी तलाश, लगातार ठिकाना बदल रहे पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज होने के बाद से वे फरार चल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाश में उनके मोबाइल लोकेशन के आधार पर भी गिरफ्तारी का प्रयास किया, लेकिन दोनों लगातार अपना ठिकाना बदलकर पुलिस को चकमा दे रहे हैं। आत्मसमर्पण नहीं किया तो कुर्की-जब्ती होगी थानाध्यक्ष अभय शंकर ने बताया कि न्यायालय के निर्देश के तहत दोनों आरोपियों के घर इश्तहार चिपकाया गया है। इश्तहार के माध्यम से आरोपियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया है। यदि दोनों आरोपी तय समय-सीमा के भीतर आत्मसमर्पण नहीं करते हैं तो न्यायालय के आदेश के अनुसार उनकी चल-अचल संपत्ति की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कहा कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान आगे भी जारी रहेगा।
परवेज के पुराने संपर्क अब पुलिस की जांच का अहम आधार बन गए हैं। पुलिस उसके मोबाइल, बैंक खातों, संपर्कों और ड्रग्स से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
ऊपर Video पर क्लिक करें और देखें... आज यूपी की राजनीति और सरकारी विभागों की कौन सी बात खरी है… ------------ मंगलवार का ''बात खरी है'' भी देखें… नितिन नवीन के स्वागत में बुलडोजर और धक्का परेड: UP बंटवारे को मुद्दा बना रहे राजभर, टेंशन में गुलदस्ते वाले IPS हर रोज सुबह 6 बजे दैनिक भास्कर एप पर बात खरी है देखना न भूलें…
अब श्रमिकों के पास खुद पहुंचेगी दिल्ली सरकार, चार मोबाइल सेवा वैन शुरू; मिलेंगी कई सुविधाएं
दिल्ली सरकार ने 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ उनके घर तक पहुंचाने के लिए चार मोबाइल नमो श्रमिक सेवा केंद्र शुरू किए हैं।
मोबाइल फोन पर घंटों बिताना, जंक फूड की आदत और शारीरिक गतिविधि कम होना किशोरियों की सेहत पर भारी पड़ रहा है।
Maharajganj News: जार्डन का दूसरा मोबाइल भी खोलेगा राज, जांच के लिए चंडीगढ़ लैब भेजा गया
Jordan's second mobile phone to reveal secrets; sent to Chandigarh lab for examination.
Mathura News: पुलिस से बचने को मोबाइल भी इस्तेमाल नहीं कर रहे अवनीश के हत्यारे
मथुरासमाचार
Bhadohi News: ज्यादा मोबाइल चलाने की आदत युवाओं की याददाश्त को कर रहा कमजोर
The habit of using mobile phones excessively is weakening the memory of the youth.
फिरोजपुर पुलिस ने चोरी, स्नैचिंग और गुम हुए 120 मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को लौटा दिए हैं। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखी। कई लोगों ने बताया कि यह फोन उनके लिए सिर्फ एक डिवाइस नहीं, बल्कि उससे जुड़ी यादों के कारण खास था। मोबाइल वापस लेने पहुंची कर्मपाल कौर भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि यह मोबाइल उनके भाई ने खरीदा था, लेकिन अब उनका भाई इस दुनिया में नहीं है। भाई की याद से जुड़ा होने के कारण यह फोन उनके लिए बेहद खास था। मोबाइल वापस मिलने के बाद उन्होंने कहा कि अब वह इसे अपने भाई की याद के तौर पर संभालकर रखेंगी।बेटी ने तोहफे में दिया था फोन, हो गया था चोरी एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि उसने बहुत मेहनत से यह मोबाइल खरीदा था, लेकिन चोरी होने के बाद उसे वापस मिलने की उम्मीद कम थी। वहीं, एक महिला ने कहा कि उसकी बेटी ने उसे यह फोन तोहफे में दिया था। मोबाइल चोरी होने के बाद जब पुलिस ने उसे बरामद कर वापस किया, तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। एसएसपी फिरोजपुर भूपेंद्र सिंह सिद्धू ने जानकारी दी कि पुलिस चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन को ट्रेस करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी अभियान के तहत 120 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिन्हें उनके असली मालिकों को लौटा दिया गया है।
मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर जिले में सूखा नशा के खिलाफ लगातार अभियान चल रहा है। एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को स्मैकर्स के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इसका असर दिख रहा है और सभी थानों द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में शिकारगंज थाना प्रभारी गोपाल कुमार को जानकारी मिली। उन्हें बताया गया कि टोल प्लाजा के पास कुछ स्मैकर्स नशा करते हैं। वे आने-जाने वाले राहगीरों से मोबाइल और चेन छीनते हैं। छीना गया एक मोबाइल बरामद हुआ इस सूचना पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। टोल प्लाजा के पास छापेमारी कर तीन स्मैकर्स को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार स्मैकर्स की पहचान शशिभूषण सोनी (19), दुर्गा पासवान (20) और अनिल पासवान (21) के रूप में हुई है। ये तीनों शिकारगंज थाना क्षेत्र के सिरौना गांव के रहने वाले हैं। उनकी तलाशी लेने पर उनके पास से 19 सितंबर को छीना गया एक मोबाइल बरामद हुआ। नशे से दूर रहने की अपील की गई पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर कोर्ट भेज दिया है। उनके पास से छीना हुआ मोबाइल और घटना में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। थाना प्रभारी गोपाल कुमार ने बताया कि ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सूखा नशा करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा। एसपी स्वर्ण प्रभात ने जानकारी दी कि जिले में सूखा नशा के खिलाफ विशेष अभियान चल रहा है। युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की गई है। पुलिस लगातार गश्त और छापेमारी कर रही है।
लखनऊ में सीढ़ी लगाकर घर में घुसा चोर:दो मोबाइल चोरी, सीसीटीवी में पूरी घटना कैद
लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में मंगलवार तड़के चोर सीढ़ी लगाकर घर में दाखिल हुआ और दो मोबाइल फोन चोरी कर भाग निकला। घटना के समय घर में पत्नी और पिता सो रहे थे। सुबह घर के बाहर सीढ़ी लगी देखकर स्थानीय लोगों ने परिवार को घटना की जानकारी दी। न्यू हैदरगंज रीफा कॉलोनी गुलशन नगर निवासी मोहम्मद शकील ने पुलिस को बताया कि मंगलवार सुबह करीब 3:30 बजे चोर सीढ़ी के सहारे उनके घर में दाखिल हुआ। कुछ देर बाद वह सामान चोरी कर गेट के रास्ते बाहर निकल गया। शकील के मुताबिक चोर घर से दो मोबाइल फोन ले गया। पीड़ित ने मंगलवार शाम ठाकुरगंज पुलिस को तहरीर देने के साथ ही घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी उपलब्ध कराई। थाना प्रभारी ओमवीर सिंह चौहान ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के जरिए चोर की पहचान की जा रही है।
पानीपत में मोबाइल शॉप से लाखों के मोबाइल चोरी:छत तोड़कर अंदर घुसे चोर; इलेक्ट्रॉनिक सामान भी ले गए
पानीपत में इसराना के बलाना रोड पर एक मोबाइल दुकान में चोरी की वारदात हुई है। चोरों ने दुकान की छत फाड़कर लाखों रुपए के 4 नए मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक सामान चुरा लिया। यह घटना 21 सितंबर की रात की बताई जा रही है। दुकान मालिक नरेश पुत्र करण सिंह, जो गोहाना के वार्ड नंबर 21 गौतम नगर के रहने वाले हैं, ने बताया कि वह रोज शाम को दुकान बंद करके अपने घर गोहाना चले जाते हैं। 21 सितंबर की सुबह जब उन्होंने दुकान खोली तो छत में बड़ा छेद देखकर हैरान रह गए। सामान चेक करने पर चोरी का पता चला। मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सामान भी गायब चोर दुकान से चार नए मोबाइल फोन जिनकी कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है, और कुछ नया इलेक्ट्रॉनिक सामान ले गए। नरेश ने पुलिस को बताया कि करीब एक साल पहले भी इसी तरह उनकी दुकान में चोरी हुई थी। पीड़ित ने इसराना थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
अररिया में सोशल मीडिया पर अवैध हथियार लहराने और हवाई फायरिंग करने का वीडियो वायरल करना एक युवक को महंगा पड़ गया। वीडियो सामने आने के बाद अररिया आरएस थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया एक लोहे का देसी कट्टा और मोटोरोला कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया है। गिरफ्तार युवक की पहचान 19 वर्षीय कृष्ण कुमार के रूप में हुई है। वह संजय साह का बेटा और कदवा वार्ड संख्या-09, अररिया आरएस थाना क्षेत्र का रहने वाला है। तुरंत कार्रवाई करते हुए युवक को हिरासत में लिया एसडीपीओ सुशील कुमार ने मंगलवार को अपने कार्यालय में मामले की जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को आरएस थाना पुलिस को सोशल मीडिया पर एक वीडियो मिला था। इस वीडियो में एक युवक खुलेआम हथियार लहराते हुए हवाई फायरिंग करता दिखाई दे रहा था। पुलिस ने वीडियो की जांच कराई, जिसके बाद उसमें दिख रहे युवक की पहचान कृष्ण कुमार के रूप में हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई और तुरंत कार्रवाई करते हुए युवक को हिरासत में लिया गया। अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान युवक की निशानदेही पर देसी कट्टा और वीडियो से संबंधित मोटोरोला कंपनी का मोबाइल फोन जब्त किया गया। अररिया आरएस थाना में आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गिरफ्तार युवक को अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है और वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में आरएस थानाध्यक्ष अंकुर, दारोगा अखिलेश कुमार व सौदागर कुमार, हवलदार ओम प्रकाश शर्मा, सिपाही रोहित कुमार, चंदन कुमार व सोनाली कुमारी तथा चौकीदार तनवीर आलम, असरफ और विष्णुदेव पासवान शामिल रहे।
देवास पुलिस ने साइबर ठगी के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। औद्योगिक क्षेत्र पुलिस के अनुसार, आरोपी दूसरे लोगों के नाम पर जारी सिम का इस्तेमाल कर लोन, ऑनलाइन ट्रेडिंग और सस्ते मोबाइल-लैपटॉप बेचने के नाम पर ठगी करते थे। पुलिस की शुरुआती जांच में छह मामलों में करीब 10 लाख रुपए की ठगी सामने आई है। साइबर पुलिस मुख्यालय भोपाल से मिली छह शिकायतों की जांच के दौरान संदिग्ध मोबाइल नंबरों की पड़ताल की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी अपने और दूसरे लोगों के नाम से सिम लेते थे और उन्हें साथियों को देते थे। इन सिम का इस्तेमाल लोन दिलाने, ऑनलाइन ट्रेडिंग और सस्ते मोबाइल-लैपटॉप बेचने के नाम पर ठगी में किया जाता था। पुलिस के अनुसार, अजय परमार ने अपने नाम की छह सिम का इस्तेमाल लोन दिलाने के नाम पर ठगी के लिए किया। नितिन बामनिया ने अपने नाम की दो सिम और दूसरे लोगों की सिम विशाल को दीं। विशाल ने ये सिम राजकुमार तक पहुंचाईं। पुलिस के मुताबिक, राजकुमार और उसके साथियों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर लोगों से ठगी की। एक अन्य नेटवर्क में पुलिस के अनुसार, अजय बागवान ने अपने नाम की पांच-छह सिम और दूसरे लोगों की सिम अभिषेक कुमावत को दीं। अभिषेक ने अंकित कुमावत के साथ मिलकर इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाई। पुलिस के मुताबिक, इसके जरिए सस्ते मोबाइल और लैपटॉप बेचने का झांसा देकर ठगी की गई। दिल्ली में पहले 398 सिम जब्त पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दिल्ली साइबर क्राइम पुलिस पहले 398 सिम जब्त कर चुकी है। पुलिस के अनुसार, ये सिम इसी नेटवर्क से जुड़े लोगों के कब्जे से मिली थीं। इस संबंध में 2025 में आईजीआई एयरपोर्ट थाना, दिल्ली में केस दर्ज किया गया था। देवास पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। मोबाइल, सिम और दस्तावेज जब्त आरोपियों से ठगी में इस्तेमाल मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर अन्य संभावित वारदातों और नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है।
फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर आम लोगों को प्रभावित करने, डराने-धमकाने और ठगी करने वाले एक शातिर अपराधी को औरंगाबाद के नगर थाना की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवक विकास कुमार गयाजी जिले के टेकारी थानाक्षेत्र अंतर्गत अर्कढिबरिया गांव का रहने वाला है। उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। पुलिस ने उसके खिलाफ नगर थाना में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि 21 सितंबर को नगर थानाध्यक्ष को सूचना मिली कि जसोइया मोड़ के पास एक व्यक्ति नशे की हालत में खुद को प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी बताकर आम लोगों को प्रभावित कर रहा है। सूचना मिलने के बाद नगर थाना की पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और उक्त व्यक्ति को पुलिस अभिरक्षा में लिया। पुलिस को खुद को ट्रेनी आईपीएस अफसर बताया, दावे पर हुआ शक पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम विकास कुमार बताया और खुद को प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी बताते हुए अपनी पहचान बताने की कोशिश की। पुलिस को उसके दावे पर संदेह हुआ। इसके बाद उसके बताए गृह जिले गया के संबंधित थाना से संपर्क कर उसके बारे में सत्यापन कराया गया। सत्यापन में स्पष्ट हुआ कि विकास कुमार कोई आईपीएस अधिकारी नहीं है। पुलिस के अनुसार वह कथित तौर पर फर्जी पहचान बनाकर लोगों को प्रभावित करने और अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल करने का प्रयास करता रहा है। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसके साथ रहे दो लोगों को गिरफ्तार किया था।साथ ही उसकी स्कॉर्पियो गाड़ी को कुटुंबा थानाक्षेत्र के एरका चेकपोस्ट समीप से बरामद किया गया था। जबकि विकास पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल करने का आरोप पुलिस की जांच में उसके पूर्व के मामलों की भी जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार विकास कुमार ने पूर्व में वर्ष 2023 में खुद को पटना के तत्कालीन एसएसपी राजीव कुमार मिश्रा बताकर जहानाबाद रेल थाना को ट्रेन को बम से उड़ाने की सूचना दी थी। इस मामले में जहानाबाद रेल थाना कांड संख्या 56/23 दर्ज होने की बात पुलिस ने बताई है। इसके अलावा गया के मुफस्सिल थाना में भी उसके खिलाफ मामला दर्ज है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार कांड संख्या 664/26 तथा नगर थाना औरंगाबाद में कांड संख्या 598/26 और 597/26 दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक वह अधिकारियों का नाम लेकर लोगों पर प्रभाव डालने की कोशिश करता था। फर्जी आईपीएस बनकर लोगों को डराने और अपनी पहचान का गलत इस्तेमाल करने के आरोप में पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई की है। गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी नगर थानाध्यक्ष औरंगाबाद द्वारा किए गए गहन अवलोकन के बाद विकास कुमार के खिलाफ फर्जी आईपीएस बनकर जालसाजी करने के आरोपों की पुष्टि होने की बात पुलिस ने कही है। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान उसने अपने अपराध को स्वीकार किया है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है, जिसकी जांच भी की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसने फर्जी अधिकारी बनकर किन-किन लोगों से संपर्क किया और इस तरीके से किसी अन्य व्यक्ति को भी ठगी या धमकी का शिकार बनाया है या नहीं। पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ दर्ज मामलों में भारतीय न्याय संहिता और अन्य संबंधित कानूनों की धाराओं का उल्लेख है। जहानाबाद रेल थाना के पुराने मामले में भी उसके खिलाफ कार्रवाई दर्ज है। फर्जी आईपीएस बनकर पुलिस को ही बनाया मोहरा आरोपी विकास ने खुद को पलामू का प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी बताकर औरंगाबाद पुलिस को झांसा में ले लिया था। आरोपी ने नगर थाना के सरकारी मोबाइल पर व्हाट्सऐप कॉल कर रमेश चौक के पास गबन के मामले में छापेमारी की बात कही और गश्ती पदाधिकारी का मोबाइल नंबर मांगा था। व्हाट्सऐप की डीपी में पुलिस की वर्दी वाली तस्वीर लगी होने के कारण पुलिसकर्मियों को तत्काल संदेह नहीं हुआ। इसके बाद कथित आईपीएस ने पुलिसकर्मियों को निर्देश देना शुरू कर दिया। सफेद स्कॉर्पियो से जसोइया मोड़ स्थित सीमेंट फैक्ट्री के पास पहुंचकर खीरा लदे पिकअप चालक को पकड़ने और दो युवकों को फ्रॉड के आरोप में हिरासत में लेने की सूचना दी गई। हवलदार शिव कुमार सिंह को भी स्कॉर्पियो में बैठा लिया गया। मामला तब संदिग्ध हुआ, जब कथित आईपीएस के मोबाइल पर पुलिस ने संपर्क किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। हवलदार से संपर्क करने पर बताया कि उसका मोबाइल भी ले लिया गया है। इसके बाद पुलिस ने स्कॉर्पियो की तलाश शुरू की। लारा हीरो शोरूम के पास हवलदार और दो युवकों को बरामद किया गया। दोनों युवकों की पहचान सुनील कुमार रवि और आलोक कुमार के रूप में हुई। पिकअप चालक लक्ष्मी प्रसाद ने आरोप लगाया कि स्कॉर्पियो में बैठे व्यक्ति ने खुद को एसपी बताया और पिकअप में चोरी का माल होने की बात कहकर उससे पैसे मांगे। पुलिस को स्कॉर्पियो का नंबर BR01PG 0877 मिला। एरका चेकपोस्ट पर वाहन को रोककर चालक पिंटू कुमार को हिरासत में लिया गया था। पूछताछ में खुला फर्जी आईपीएस का राज, दो गिरफ्तार; मुख्य आरोपी फरार स्कॉर्पियो चालक पिंटू कुमार से पूछताछ के बाद पुलिस को फर्जी आईपीएस बनकर पुलिस को गुमराह करने वाले मुख्य आरोपी की पहचान का पता चला। पुलिस के अनुसार पिंटू ने बताया कि डाल्टेनगंज के कुंदन कुमार ने उसे एक फर्जी एसपी को औरंगाबाद ले जाने के लिए कहा था। इसके बदले अच्छी कमाई का लालच दिया गया था। पुलिस के अनुसार विकास के साथ औरंगाबाद के सिमरा थाना क्षेत्र के पड़रिया निवासी संजय यादव भी बॉडीगार्ड के रूप में था। विकास और संजय को पड़रिया में छोड़ने के बाद पिंटू डाल्टेनगंज लौट रहा था, तभी अंबा चेकपोस्ट पर पकड़ा गया। बाद में पुलिस टीम पिंटू को लेकर डाल्टेनगंज पहुंची और उसके सहयोग से कुंदन कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार कुंदन ने पूछताछ में बताया कि वह पहले भी विकास को पुलिस के रूप में रोहतास और भभुआ ले जा चुका है। पुलिस ने स्कॉर्पियो, मोबाइल फोन, फर्जी आईकार्ड और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। मामले में विकास कुमार, पिंटू कुमार, संजय यादव, कुंदन कुमार और पटना निवासी संजय कुमार मिश्रा को आरोपी बनाया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुरू किए गए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत दिल्ली सरकार ने श्रमिकों और कामगारों तक सरकारी सेवाएं सीधे पहुंचाने की पहल की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली सचिवालय से चार ‘मोबाइल नमो श्रमिक सेवा केंद्र वैन’ को हरी झंडी दिखाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के निर्माण और विकास में श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार की जिम्मेदारी है कि दिन-रात मेहनत करने वाले श्रमिकों तक योजनाओं और सुविधाओं का लाभ आसानी से पहुंचे। मोबाइल नमो श्रमिक सेवा केंद्र चलती-फिरती सुविधा इकाई के तौर पर काम करेंगे। इनके जरिए श्रमिकों को उनके क्षेत्र में ही श्रमिक पंजीकरण और नवीनीकरण की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा सरकारी योजनाओं की जानकारी, जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी सहायता, डिजिटल सेवाओं तक पहुंच और विभिन्न सरकारी सुविधाओं व लाभों के लिए मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य श्रमिकों को सरकारी सेवाओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है। वैन अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर जरूरतमंद श्रमिकों को मौके पर ही सेवाओं और योजनाओं से जोड़ने का काम करेंगी।
रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र में हड़िया दुकान पर हुए मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया, जहां ऑटो चालक शोभनाथ राय की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मोबाइल लेने अकेले लौटने पर आरोपियों ने उन पर जानलेवा हमला किया, जिसके बाद अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
गया जंक्शन पर RPF-GRP की संयुक्त कार्रवाई, यात्रियों से मोबाइल चोरी करते दो अपराधी गिरफ्तार
22 सितंबर, मंगलवार: गया जंक्शन पर RPF और GRP के संयुक्त अभियान में यात्रियों से मोबाइल चोरी करते दो अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों को पकड़ा गया।
घर बैठें ड्राइविंग लाइसेंस में मोबाइल नंबर को ऐसे करें लिंक, देखें स्टेप बाई स्टेप प्रोसेस यहां
ड्राइविंग लाइसेंस रखने वाले को परिवहन विभाग ने 25 सितंबर से पहले अपना मोबाइल नंबर लिंक करने को कहा है और कमाल की बात ये है कि आप ये काम घर बैठे आराम से कर सकते हैं।
बठिंडा में ई-रिक्शा ड्राइवर को सवारी बनकर लूटने वाले 3 बदमाशों को पुलिस ने आज गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पहले बस स्टैंड से ई-रिक्शा किराए पर लिया। इसके बाद ड्राइवर को मानसा रोड स्थित 400 एकड़ इंडस्ट्रियल एरिया की तरफ ले गए। सुनसान जगह पहुंचते ही ड्राइवर पर रॉड और तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। आरोपियों ने ड्राइवर का पर्स, मोबाइल और अन्य सामान छीन लिया। उन्होंने ई-रिक्शा भी ले जाने की कोशिश की, लेकिन ड्राइवर के शोर मचाने पर आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने CCTV फुटेज और टेक्निकल जांच के आधार पर तीनों को पकड़ लिया। उनके कब्जे से ई-रिक्शा, कैश, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया गया है। बस स्टैंड से बैठी सवारी, रास्ते में रची लूट की साजिशगिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरप्रीत सिंह निवासी बाबा दीप सिंह नगर, सतवंत सिंह निवासी बलराज नगर और गुरप्रीत सिंह निवासी बाबा दीप सिंह नगर बठिंडा के रूप में हुई है। गुरप्रीत सिंह और हरप्रीत सिंह ने बस स्टैंड से ई-रिक्शा को 400 एकड़ इंडस्ट्रियल एरिया जाने के लिए किराए पर लिया था। रास्ते में दोनों ने ड्राइवर बिशन सिंह को सुनसान जगह पर ई-रिक्शा रोकने के लिए कहा। इसके बाद उनका साथी सतवंत सिंह भी वहां पहुंच गया। रॉड से सिर पर वार, 10-12 टांके लगेआरोपियों ने ड्राइवर को पकड़कर उसके सिर, हाथ और टांगों पर हमला किया। आरोपियों ने उसका पर्स और मोबाइल छीन लिया। पर्स में करीब 3,500 रुपए, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज थे। हमले में ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया। सिर पर चोट लगने के कारण उसे 10 से 12 टांके लगे। ड्राइवर के शोर मचाने पर आरोपी मौके से भाग निकले। राहगीरों ने 112 पर सूचना दी, जिसके बाद PCR टीम ने घायल को अस्पताल पहुंचाया। CCTV से खुला राज, पहले से दर्ज हैं केसडीएसपी देहाती एचएस सरां ने बताया कि थाना सदर बठिंडा और PCR टीम ने CCTV फुटेज व टेक्निकल फॉलोअप के जरिए आरोपियों की पहचान की। तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर पहले भी मामले दर्ज हैं। अब उन्हें अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा।
अलीगढ़: 38 घंटे बाद टूटी राजू की जिद, रिश्तेदार पार्षद के समझाने पर मोबाइल टावर से उतरा
अलीगढ़ में नौकरी बहाली की मांग को लेकर क्वार्सी चौराहे के मोबाइल टावर पर चढ़ा बर्खास्त रोडवेज चालक राजू सैनी 38 घंटे बाद रिश्तेदार पार्षद हरीश सैनी के समझाने पर नीचे उतरा, छठवीं बार टावर पर चढ़ा था।
कटनी में ऑटो चालकों की मनमानी किराया वसूली का मामला सामने आया है। मंगलवार सुबह मुड़वारा रेलवे स्टेशन से शहडोल बाईपास जाने के लिए ऑटो में बैठे दो यात्रियों से करीब 5 किमी के सफर के बदले 1500 रुपए वसूल लिए गए। यात्रियों का आरोप है कि ऑटो चालक ने तय 60 रुपए किराए के बजाय 1500 रुपए मांगे और पैसे नहीं देने पर मोबाइल छीनने व मारपीट की धमकी दी। पहले 30 रुपए प्रति यात्री किराया तय किया यात्री राजकुमार सिंह ने बताया कि वे साथी विजय के साथ बांदकपुर से ट्रेन से मुड़वारा स्टेशन पहुंचे थे। यहां से शहडोल जाना था। स्टेशन के बाहर शहडोल बाईपास जाने के लिए एक ऑटो चालक से बात की। चालक ने 30 रुपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से 60 रुपए किराया बताया और दोनों को ऑटो में बैठा लिया। रास्ते में अचानक मांगे 1500 रुपए यात्रियों के अनुसार, ऑटो चालक शहडोल बाईपास ले जाने के बजाय रपटा पेट्रोल पंप के पास रुक गया। इसके बाद उसने अचानक 1500 रुपए की मांग कर दी। यात्रियों ने तय किराया 60 रुपए देने की बात कही तो चालक कथित तौर पर धमकी देने लगा। मोबाइल छीनने और मारपीट की धमकी राजकुमार के मुताबिक, चालक ने कहा कि अगर तुरंत 1500 रुपए नहीं दिए तो वह मोबाइल छीन लेगा और मारपीट करेगा। सूनसान जगह और अनजान शहर होने के कारण दोनों यात्री डर गए। उन्होंने मजबूरी में चालक को 1500 रुपए दे दिए। पेट्रोल पंप के पास छोड़कर भागा पैसे लेने के बाद चालक दोनों यात्रियों को रपटा पेट्रोल पंप के पास ही छोड़कर भाग गया। यात्रियों ने बताया कि आगे की यात्रा समय पर पूरी करने की जल्दबाजी और विवाद से बचने के कारण उन्होंने पुलिस में शिकायत नहीं की। स्टेशन के बाहर निगरानी की मांग स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे स्टेशन के बाहर बाहरी यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। उनका कहना है कि ऑटो किराया तय करने और नियमित जांच की व्यवस्था से यात्रियों को ऐसी परेशानी से बचाया जा सकता है। हालांकि, इस मामले में पीड़ितों की ओर से पुलिस शिकायत नहीं की गई है।
Kangra News: बड़ा भंगाल को मोबाइल नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी
जिला कांगड़ा के अत्यंत दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल को मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है।
जेपीएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की सीआईडी जांच में एफआरओ परीक्षा में एआई से चीटिंग करने वाले सिंडिकेट का खुलासा हुआ है।
गयाजी में पासपोर्ट बनवाने वालों के लिए राहत की खबर है। जिले में पहली बार पांच दिवसीय विशेष पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन शिविर लगाया जा रहा है। बोधगया और शेरघाटी में यह शिविर लगेगा। इसमें आवेदकों को अपने जिले में ही पासपोर्ट से जुड़ी जरूरी प्रक्रिया पूरी करने की सुविधा मिलेगी। बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति (BTMC) परिसर में 21 सितंबर को शिविर लगा, 22 सितंबर को भी लोगों को सुविधा मिलेगी। इसके बाद 23 से 25 सितंबर तक शेरघाटी अनुमंडल कार्यालय परिसर में मोबाइल वैन पहुंचेगी। पांच दिनों में कुल 275 अपॉइंटमेंट स्लॉट रखे गए हैं। हर दिन 55 आवेदकों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बोधगया में 110, शेरघाटी में 165 स्लॉट बोधगया में दो दिनों के लिए 110 स्लॉट उपलब्ध हैं। वहीं शेरघाटी में तीन दिनों के लिए 165 स्लॉट रखे गए हैं। आवेदकों को पहले पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद अपॉइंटमेंट बुक करना होगा। शिविर में आवेदन से जुड़े दस्तावेजों की जांच होगी। इसके साथ ही बायोमेट्रिक की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्धारित नियमों के अनुसार पासपोर्ट आवेदक के पते पर भेजा जाएगा। पांच साल में 75.5% बढ़े आवेदन गयाजी में पासपोर्ट बनवाने की मांग लगातार बढ़ी है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 में जिले से 7,518 पासपोर्ट आवेदन मिले थे। वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 13,193 हो गई। यानी पांच साल में आवेदनों में 75.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसी अवधि में निबटाए गए आवेदनों की संख्या भी बढ़ी है। 2021 में 6,988 आवेदन संसाधित किए गए थे। 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 12,380 हो गया। इसमें करीब 77.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई। बड़ी संख्या में आवेदन आने के कारण लोगों को पासपोर्ट सेवा के लिए इंतजार करना पड़ता है। इसी को देखते हुए अधिक मांग वाले क्षेत्रों में मोबाइल वैन शिविर लगाया जा रहा है। IIM बोधगया में भी लग चुका है शिविर जिले में इससे पहले वर्ष 2024 में IIM बोधगया में विशेष पासपोर्ट सेवा शिविर लगाया गया था। अप्रैल 2024 से बिहार में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना की ओर से आयोजित होने वाला यह 21वां विशेष मोबाइल वैन शिविर है। अब तक बिहार के अलग-अलग जिलों और संस्थानों में ऐसे शिविरों से करीब 3 हजार आवेदक लाभ ले चुके हैं। पोर्टल से ही बुक करें स्लॉट आवेदकों से अपॉइंटमेंट केवल आधिकारिक पासपोर्ट सेवा पोर्टल से बुक करने को कहा गया है। शिविर में जाने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखने होंगे। अपॉइंटमेंट में दिए गए समय पर ही पहुंचना होगा।1 जुलाई 2026 से लागू संशोधित पासपोर्ट आवेदन शुल्क इन शिविरों में भी लागू होगा। आवेदकों को शुल्क और दस्तावेजों की जानकारी आधिकारिक स्रोत से लेने की सलाह दी गई है। पासपोर्ट कार्यालय ने अनधिकृत एजेंटों और बिचौलियों से बचने की अपील की है।
भिवानी के एक गांव निवासी युवती लापता होने का मामला सामने आया है। जिसे लापता होने के कारीब 2 दिन पहले ही किसी लड़के से फोन पर बाते करते हुए पकड़ा था। वहीं पूछने पर कुछ भी नहीं बताया। वहीं बाद में युवती घर से अचानक गायब हो गई। साथ ही युवक का मोबाइल भी बंद आ रहा है। इधर, मामले की सूचना मिलने के बाद केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। भिवानी के एक गांव निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी। जिसमें बताया कि वे तीन बहन-भाई हैं। उसको एक छोटी बहन व छोटा भाई है। उसकी बहन की उम्र करीब 23 साल है। जो 14 तारिख को किसी लड़के के साथ फोन पर बात कर रही थी। जब परिवार वालों ने इस बारे में उससे पूछा तो उसने कुछ भी नहीं बताया और जब लड़के से पूछा तो उसने भी कुछ नहीं बताया। इसके दो दिन बाद उसकी बहन सुबह के समय संभाली तो नहीं मिली। वहीं जिस लड़के से उसकी बहन बात कर रही थी उसका भी फोन बंद आ रहा है। इसके प्रश्चात उन्होंने अपने बहन के बारे में आसपास व रिश्तेदारियों में पता किया, लेकिन कहीं पर कोई भी जानकारी नहीं मिली। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दे दी और युवती को तलाश करने की गुहार लगाई। वहीं पुलिस ने शिकायत के आधार पर अब केस दर्ज कर लिया है, वहीं युवती की तलाश शुरू कर दी।
फील्ड ट्रेनरों को सिखाया मोबाइल एप व कार्यप्रणाली , मॉड्यूल की दी जानकारी
भास्कर न्यूज़ | लुधियाना लुधियाना में डिजिटल जनगणना-2027 के दूसरे चरण (जनसंख्या गणना) की तैयारियों के तहत फील्ड ट्रेनरों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण सत्र शुरू हुआ। प्रशिक्षण सोमवार को शिंगार सिनेमा के पास नगर निगम जोन बी कार्यालय में नगर निगम आयुक्त-सह-प्रधान जनगणना अधिकारी ओजस्वी अलंकार और नगर निगम संयुक्त आयुक्त-सह-शहर जनगणना अधिकारी विनीत कुमार की अगुवाई में आरंभ हुआ। प्रशिक्षण सत्रों को संवादात्मक तरीके से संचालित किया जा रहा है, जिसमें प्रतिभागियों को प्रश्न पूछने और फील्ड स्तर से जुड़े मुद्दों का समाधान स्पष्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में करीब 40 फील्ड ट्रेनर शामिल हैं। प्रशिक्षण डी.सी.ओ. चंडीगढ़ से जिला समन्वयक एवं जिला मास्टर ट्रेनर आलोक कुमार तथा जिला मास्टर ट्रेनर हरमीत सिंह दे रहे हैं। सुपरडेंट तरुण गोयल सहित नगर निगम के अन्य अधिकारी भी सत्र के दौरान मौजूद रहे। पहले दिन जनसंख्या गणना की रूपरेखा, उद्देश्य, गणनाकर्ताओं व सुपरवाइजरों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों पर जानकारी दी गई। मोबाइल एप्लिकेशन व उसके मॉड्यूल, और फील्ड स्तर के मूल कार्यप्रवाह पर विशेष जोर रहा।
Rajouri News: राजोरी में कई दिन से बीएसएनएल मोबाइल सेवा ठप, हजारों उपभोक्ता परेशान
Jammu and kashmir
Jhansi News: मोबाइल एप से होगा जनगणना का द्वितीय चरण
झांसी। आगामी जनगणना 2027 के द्वितीय चरण की जनसंख्या गणना की तैयारियों की समीक्षा हुई। यह महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में हुई।
Prayagraj News: दरोगा पति का बयान दर्ज, अब कंचन के मोबाइल फोन से तलाशे जाएंगे सुराग
दरोगा पति का बयान दर्ज, अब कंचन के मोबाइल फोन से तलाशे जाएंगे सुराग
Sonipat News: चैंबर का शटर तोड़ की मोबाइल और नकदी चोरी
Mobile phones and cash stolen after breaking the chamber's shutter.
Rampur News: गुम हुए 105 मोबाइल फोन बरामद, एसपी ने स्वामियों को सौंपे फोन
मोबाइल फोन गुम होने के बाद उसके वापस मिलने की उम्मीद छोड़ चुके लोगों के लिए सोमवार का दिन खुशियां लेकर आया। पुलिस की सर्विलांस सेल और थानों पर नियुक्त सीईआईआर टीम के प्रयास से 105 गुम मोबाइल फोन बरामद किए गए।
हिसार। गणेश मार्केट में सोमवार को चोरी के फोन का लॉक तुड़वाने पहुंचे दो युवकों को एक अन्य युवक ने पहचान लिया। उसने फोन को अपना बताया। इसके बाद दोनों युवकों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। पूछताछ के बाद युवकों को छोड़ दिया गया।
Faridabad News: घर का ताला तोड़कर आभूषण, मोबाइल और लैपटॉप चोरी
Jewelry, mobile phone, and laptop stolen after breaking into the house.
मेरठ में सिविल लाइन थाना क्षेत्र के साकेत निवासी पूर्व नौसेना अधिकारी ब्रिज मोहन शर्मा ने ई-रिक्शा चालक पर मारपीट व लूटपाट करने का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि 21 सितंबर को प्यारे लाल जिला अस्पताल से घर लौटते समय ई-रिक्शा चालक उन्हें जाम का बहाना बनाकर सुनसान और सकरी गली में ले गया। वहां उनके साथ लूटपाट की गई और विरोध करने पर उन्हें ई-रिक्शा से धक्का देकर आरोपी फरार हो गया। घटना में उन्हें चोट भी आई। पुलिस ने उनकी डाक्टरी कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है। ब्रिज मोहन शर्मा भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त हैं और उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार भी मिल चुका है। उन्होंने बताया कि 21 सितंबर की सुबह वह प्यारे लाल जिला अस्पताल आए थे। दोपहर करीब एक बजे अस्पताल से घर जाने के लिए उन्होंने ई-रिक्शा लिया। आरोप है कि कुछ दूर चलने के बाद चालक ने रास्ते में जाम होने की बात कही और ई-रिक्शा को मुख्य मार्ग से हटाकर सकरी गली में ले गया। सुनसान गली में लूटपाट का आरोपपूर्व नौसेना अधिकारी के मुताबिक, गली सुनसान होने के बाद चालक ने उनके साथ मारपीट की और उनका सामान लूट लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चालक ने उनका मोबाइल फोन, करीब 10 हजार रुपये नकद, आधार कार्ड, पैन कार्ड, एसबीआई डेबिट कार्ड और नौसेना का पहचान पत्र ले लिया। इसके बाद उन्हें ई-रिक्शा से धक्का देकर चालक मौके से फरार हो गया। चोट लगने के बाद परिवार को दी सूचनाई-रिक्शा से गिरने के कारण ब्रिज मोहन शर्मा को चोटें आईं। घटना के बाद उन्होंने किसी तरह परिवार को सूचना दी। परिजन उन्हें लेकर दोबारा जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उनका उपचार कराया गया। इसी दौरान पुलिस को भी घटना की जानकारी दी गई। सीसीटीवी से चालक की तलाशघटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के रास्तों और संभावित घटनास्थल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि ई-रिक्शा और चालक की पहचान की जा सके।एसएचओ अतुल कुमार ने बताया कि पूर्व नौसेना अधिकारी की डाक्टरी करा दी गई है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
शिवपुरी में मोबाइल झपटमारी की तीन घटनाओं का पुलिस ने खुलासा किया है। कोतवाली पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके साथ एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने तीन मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल इलेक्ट्रिक स्कूटी बरामद की है। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 2 लाख रुपए बताई गई है। कोतवाली थाना प्रभारी रोहित दुबे के मुताबिक, पहली घटना 31 अगस्त को हुई थी। पोहरी के बीलवराकला निवासी अरुण वर्मा मनियर टोल टैक्स के पास खड़े थे। इसी दौरान स्कूटी सवार दो युवक उनका एप्पल मोबाइल छीनकर भाग गए। दूसरी घटना 12 सितंबर को हुई। अभिषेक ओझा खंडेलवाल फैक्ट्री के पास खड़े थे। तभी स्कूटी सवार दो युवक उनका वीवो मोबाइल छीनकर फरार हो गए। वहीं तीसरी घटना 18 सितंबर को हुई। शाहरुख खान खंडेलवाल फैक्ट्री बायपास रोड से गुजर रहे थे। इसी दौरान स्कूटी सवार बदमाशों ने उनका ओप्पो मोबाइल छीन लिया। एक ही तरीके से मोबाइल छीनकर भागते थे पुलिस के मुताबिक, तीनों घटनाओं में आरोपियों ने एक जैसा तरीका अपनाया। वे स्कूटी से आते थे और राह चलते लोगों का मोबाइल छीनकर फरार हो जाते थे। लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए टीआई रोहित दुबे ने अलग-अलग पुलिस टीमें बनाई थीं। टीमों ने शहर में करीब 50 CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले और आरोपियों के वारदात करने के तरीके को ट्रैक किया। रेलवे स्टेशन से आरोपी पकड़ा गया पुलिस के मुताबिक, CCTV फुटेज और जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान और लोकेशन का पता चला। इसके बाद पुलिस ने 20 सितंबर को शिवपुरी रेलवे स्टेशन से रिंकू शाक्य को पकड़ा। रिंकू शाक्य (22) सुरेश शाक्य का बेटा है और झींगुरा, थाना फिजिकल, शिवपुरी का रहने वाला है। 3 मोबाइल और इलेक्ट्रिक स्कूटी बरामद पुलिस के अनुसार, पूछताछ के बाद तीनों वारदातों में झपटे गए मोबाइल फोन बरामद किए गए। वारदात में इस्तेमाल इलेक्ट्रिक स्कूटी भी पुलिस ने जब्त की है। पुलिस के मुताबिक, बरामद मोबाइल और स्कूटी समेत सामान की कुल कीमत करीब 2 लाख रुपए है। रिंकू के साथ पकड़ा गया दूसरा युवक नाबालिग निकला। पुलिस ने दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
शिवपुरी जिला अस्पताल में भर्ती 13 साल की बच्ची के पिता ने ड्यूटी पर मौजूद नर्स पर दुर्व्यवहार और मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है। पिता के मुताबिक, उन्होंने बच्ची को खाने में क्या दिया जाए, इसकी जानकारी मांगी थी। मामले की लिखित शिकायत सिविल सर्जन से की गई है। अस्पताल प्रबंधन ने शिकायत की जांच कराने की बात कही है। साहिशपुरा निवासी अरसद अली के मुताबिक, उनकी 13 साल की बेटी टाइफाइड के बाद डॉक्टर की सलाह पर जिला अस्पताल में भर्ती है। सोमवार को बेटी को भूख लगी थी। अरसद को बीमारी के दौरान बच्ची को खाने में क्या दिया जाना चाहिए, इसकी जानकारी नहीं थी। इसी संबंध में उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद नर्स से जानकारी मांगी। वीडियो बनाने पर मोबाइल छीना अरसद अली का आरोप है कि सवाल पूछने पर नर्स नाराज हुई। उनके साथ गलत व्यवहार किया। उनका कहना है कि जब उन्होंने घटनाक्रम का वीडियो बनाने की कोशिश की तो नर्स ने उनका मोबाइल छीन लिया। संबंधित नर्स ने पिता के आरोपों से इनकार किया है। नर्स का कहना है कि उनकी ओर से किसी तरह का गलत व्यवहार नहीं किया गया। CCTV फुटेज देखेगा अस्पताल प्रबंधन सिविल सर्जन डॉ. आरपी सिंह चौहान ने बताया कि उन्हें मामले की लिखित शिकायत मिली है। शिकायत की जांच के दौरान जिला अस्पताल में लगे CCTV कैमरों की फुटेज देखी जाएगी। संबंधित स्टाफ से भी पूछताछ की जाएगी। उन्होंने बताया कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
हिसार की गणेश मार्केट में सोमवार को चोरी का अनोखा मामला सामने आया है, जहां चोर और मोबाइल मालिक एक ही दुकान पर पहुंच गए। जानकारी के अनुसार, मालिक मोबाइल चोरी होने के बाद नया फोन लेने गणेश मार्केट की शिवाय मोबाइल शॉप नंबर-68 पर पहुंचा था। इसी दौरान फोन बेचने चोर वहां आ गए और दुकानदार को फोन बेचने की बात कही। दुकानदार ने कहा कि इसका डिब्बा और बिल चाहिए, इस पर एक चोर ने कहा कि मेरे पास ना बिल है ना ही इसका डिब्बा है। दुकानदार ने फोन का लॉक नंबर पूछा तो वह बता नहीं पाया। इसी दौरान साथ खड़े मोबाइल मालिक ने अपना फोन पहचान गया और कहने लगा मैं इसका पिन खोल देता हूं। उसने पिन नंबर लगाया और लॉक खुल गया। इसके बाद दो चोरों को मौके पर पकड़कर डायल 112 बुलाकर चोर को पुलिस के हवाले कर दिया। नहर में नहाने के दौरान चुराया मोबाइल दुकानदार सुमित के अनुसार, इस घटना के बाद उन्हें मोबाइल मालिक ने बताया था कि एक दिन पहले वह दोस्तों के साथ गया था। वहां फोन चोरी करने वाले युवक भी आए थे। वह अपने मोबाइल बैग में रख नहर में नहाने लगे। नहाने के बाद बैग चेक किया तो एक मोबाइल गायब मिला। आज जब चोर मोबाइल बेचने आए तो पकड़े गए। पुलिस बोली- एक दिन पहले चोरी हुए थे फोन डायल 112 पर तैनात पुलिसकर्मियों ने बताया कि सिटी थाना पुलिस को सूचना मिलते ही वह पहुंच गए और मौके से दो चोरों को पकड़ लिया है। 1 दिन पहले ही मोबाइल चोरी की शिकायत थाने में आई थी। आज ये चोर खुद ही मोबाइल बेचने पहुंच गए, जहां असल मालिकों ने फोन पहचान लिए और पुलिस को सूचित कर दिया। दुकानदार बोले- शराब पी हुई थी वहीं मार्केट के दुकानदारों ने बताया कि यह दोनों चोर खुद को हिसार का बता रहे थे और इन्होंने शराब पी हुई थी। दुकानदारों ने बताया कि चोर बता रहे थे कि डायल 112 मत बुलाओं हम दूसरा फोन जो घर रखा है वो लाकर दे देंगे।
समस्तीपुर के शिवाजीनगर थाना क्षेत्र के अखतवारा गांव में 10 सितंबर की रात एक बुजुर्ग महिला के घर हुई लूटपाट और मारपीट का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, बुजुर्ग महिला को सबक सिखाने के लिए यह साजिश रची गई थी। इसी के तहत दो नकाबपोश युवक घर में घुसे थे। उन्होंने महिला के साथ मारपीट कर जेवर, नकदी और मोबाइल लूट लिया था। पुलिस ने इस मामले में सिसई गांव के शिवम कुमार और अखतवारा गांव की मनीषा कुमारी को गिरफ्तार किया है। दोनों को कोर्ट भेज दिया गया है। पुलिस ने लूटे गए गहने, मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल सामान भी बरामद कर लिया है। 11 सितंबर को दर्ज कराई थी शिकायत सोमवार को शिवाजीनगर थाना परिसर में रोसड़ा एसडीपीओ संजय कुमार सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अखतवारा गांव की पूनम देवी, जो रामचंद्र मंडल की पत्नी हैं, ने 11 सितंबर को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पूनम देवी ने बताया था कि 10 सितंबर की रात करीब 10 बजे वह घर में अकेली सो रही थीं। तभी दो नकाबपोश बदमाश घर में घुस आए। जब उनकी नींद खुली और उन्होंने विरोध किया, तो बदमाशों ने उनके साथ मारपीट की। इसके बाद वे घर में रखे और उनके पहने हुए गहने लूटकर भाग गए। इस घटना के बाद शिवाजीनगर थाना में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष रवींद्र कुमार के नेतृत्व में एक खास टीम बनाई गई। तकनीकी सबूतों, मानवीय सूचना के आधार पर आरोपी को पकड़ा पुलिस ने तकनीकी सबूतों और मिली जानकारी के आधार पर सिसई गांव के संदीप मंडल के बेटे शिवम कुमार को पकड़ा। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में शिवम ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसके बयान के आधार पर पुलिस बाकी आरोपियों तक पहुंची। पुलिस की पूछताछ में शिवम ने बताया कि वह अपने साथी शिवकुश उर्फ लोहा सिंह के साथ 10 सितंबर की रात अखतवारा गांव पहुंचा था। उन्होंने महिला को पाइप से पीटा और गहने व मोबाइल लेकर फरार हो गए। दोनों कथित तौर पर घर के पीछे से छत पर चढ़े और फिर सीढ़ी के सहारे घर के आंगन में दाखिल हुए। शिवम ने लाल रंग की शर्ट और गमछे से चेहरा ढका था, जबकि शिवकुश ने मास्क लगा रखा था। पुलिस के अनुसार, दोनों ने कमरे में पहुंचकर बुजुर्ग महिला के साथ मारपीट की। इस दौरान पानी के पाइप से भी महिला को पीटा गया। आरोप है कि बदमाशों ने महिला से गहने और रुपये मांगे। इसके बाद मंगलसूत्र, कान की बाली, अंगूठी, पायल, नकदी और नोकिया कंपनी का कीपैड मोबाइल लेकर फरार हो गए। जाते समय महिला को कमरे में बाहर से बंद करने की बात भी पुलिस ने बताई है। लूट के बाद मोबाइल से भेजी तस्वीर पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर महिला के मोबाइल से मनीषा कुमारी को फोन किया और वारदात होने की जानकारी दी। इसके बाद बुजुर्ग महिला की तस्वीर भी वाट्सऐप के माध्यम से भेजे जाने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के बीच लूटे गए सामान और रुपये का बंटवारा हुआ था। पुलिस ने शिवम के पास से लूट का नोकिया कीपैड मोबाइल, सोने जैसा कान का एक जोड़ा टॉप्स और चांदी जैसी पायल बरामद की है। इसके अलावा घटना में इस्तेमाल ओप्पो और वीवो कंपनी के मोबाइल, वारदात के समय पहनी गई शर्ट, चेहरे पर बांधा गया गमछा, महिला से मारपीट में इस्तेमाल पीवीसी पाइप का टुकड़ा और धमकी भरी पर्ची भी बरामद किए जाने की बात पुलिस ने कही है। सास से विवाद को लेकर साजिश रचने का आरोप पुलिस के अनुसार, पूछताछ में शिवम ने दावा किया कि मनीषा कुमारी का अपनी सास से पहले से विवाद चल रहा था। इसी विवाद को लेकर उसने कथित तौर पर अपनी सास को सबक सिखाने के लिए शिवम से मदद मांगी। पुलिस के मुताबिक, पहले कथित रूप से बुजुर्ग को नुकसान पहुंचाने की योजना पर शिवम पीछे हट गया था, लेकिन बाद में लगातार संपर्क और पैसों के लालच के बाद वह वारदात के लिए तैयार हो गया। पूछताछ में शिवम ने पुलिस को यह भी बताया कि घटना से पहले उसे बुजुर्ग महिला के घर में अकेले होने की जानकारी दी गई थी। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम में मनीषा कुमारी की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस से बचने के लिए मुंबई भागने की थी तैयारी पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद दोनों आरोपियों को पुलिस की कार्रवाई की भनक लग गई थी। इसके बाद मुंबई भागने की तैयारी की जा रही थी। शिवम कथित तौर पर घटना में लूटे गए मोबाइल में अपनी मां का सिम डालकर उसका इस्तेमाल करने लगा। इसी तकनीकी साक्ष्य के आधार पर पुलिस उस तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। एसडीपीओ संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है।
जालंधर के किशनपुरा इलाके की गली नंबर 7 में उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया, जब एक घर में पेंट का काम करने आए मजदूर पर मोबाइल फोन चुराने का गंभीर आरोप लगा। पीड़ित परिवार का दावा है कि उनके घर से गायब हुआ फोन सीधेन मजदूर की जेब से बरामद हुआ, जिसके बाद मौके पर काफी बहसबाजी और हंगामा हुआ। हालांकि, घटना की सूचना मिलने के बावजूद परिजनों ने पुलिस को नहीं बुलाया, जिसके चलते आरोपी मजदूर अपना साइकिल और सामान वहीं छोड़कर मौके से फरार होने में कामयाब रहा। चाय देने के बहाने घर में घुसा और उठा लिया फोन पीड़ित परिवार के अनुसार, उन्होंने अपने घर में पेंट का काम कराने के लिए स्थानीय मजदूर को बुलाया था। काम के दौरान परिवार के बुजुर्ग (पिताजी) ने उसे चाय देने के लिए कहा। आरोप है कि इसी दौरान मजदूर की नीयत बिगड़ गई और उसने कमरे में रखा मोबाइल फोन चुपके से उठाकर अपनी जेब में रख लिया। जब परिजनों को फोन गायब मिला और उन्होंने शक के आधार पर उसकी तलाशी ली, तो गायब हुआ मोबाइल फोन उसी की जेब से निकल आया। आरोपी ने किया मारपीट का दावा रंगे हाथों पकड़े जाने पर जब परिजनों और आसपास के लोगों ने आरोपी को घेरा, तो उसने फोन चोरी की बात से साफ इनकार कर दिया। आरोपी मजदूर खुद को बेकसूर बताता रहा और आरोप लगाने लगा कि उसके साथ मारपीट की गई है। वहीं दूसरी ओर, परिजनों का कहना था कि वे कोई झूठा आरोप नहीं लगा रहे हैं, बल्कि फोन सीधे उसकी जेब से ही बरामद हुआ है। बिना पुलिस कार्रवाई के मौके से भागा आरोपी हंगामे और बहसबाज़ी के दौरान परिजनों ने कोई सख्त कानूनी कदम नहीं उठाया और न ही पुलिस को फोन करके मौके पर बुलाया। इसी ढील का फायदा उठाकर संदिग्ध आरोपी वहां से चुपचाप रफूचक्कर हो गया। परिजनों का कहना है कि वे किसी तरह के कानूनी पुलिस झमेले में नहीं पड़ना चाहते थे, इसलिए उन्होंने उसे जाने दिया। हालांकि, आरोपी भागते समय अपना साइकिल और काम का सामान वहीं गली में छोड़ गया है।
छोटे शहर के अनोखे आकर्षण और देसी ह्यूमर से दर्शकों का दिल जीतने वाली बहुचर्चित वेब सीरीज 'दुपहिया' (Dupahiya Season 2) अपने दूसरे सीजन के साथ वापसी के लिए पूरी तरह तैयार है। प्राइम वीडियो पर रिलीज हुए इसके धमाकेदार ट्रेलर ने एक बार फिर काल्पनिक गांव 'धड़कपुर' की अनोखी और गोलमटोल दुनिया में हलचल मचा दी है। कभी भारत का एकमात्र अपराध-मुक्त (Crime-Free) गांव माना जाने वाला धड़कपुर अब एक नई मुसीबत के मुहाने पर खड़ा है। इस बार गांव के पूर्व सरपंच बनवारी झा की बंजर जमीन पर लगने वाला एक नया मोबाइल टावर पूरे गांव में अफवाहों, अंधविश्वास, और भयंकर अफरा-तफरी का कारण बन जाता है। 'दुपहिया' सीज़न 2 का ट्रेलर: धड़कपुर में क्या होता है? धड़कपुर कभी भारत का एकमात्र अपराध-मुक्त गाँव माना जाता था। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। 'दुपहिया' का ट्रेलर बनवारी और उसके परिवार की वापसी दिखाता है, जो एक बार फिर नई मुश्किलों में फँस गए हैं। इस बार, बनवारी की बंजर ज़मीन पर लगने वाला एक नया मोबाइल टावर अफ़वाहों, अंधविश्वास और अफ़रा-तफ़री का केंद्र बन जाता है। इस बीच, रोशनी अपने SSC एग्ज़ाम की तैयारी में व्यस्त है और अमावस उसके साथ है। एक के बाद एक आती मुश्किलों के बीच, बड़ा सवाल यह है कि क्या धड़कपुर हालात को काबू में रख पाएगा। नया सीज़न छोटे शहर के उस आकर्षण और अनोखे ह्यूमर को बनाए रखने का वादा करता है जिसने पहले सीज़न को लोकप्रिय बनाया था, साथ ही किरदारों को नई स्थितियों में ले जाता है। गजराज राव, रेणुका शहाणे और स्पर्श श्रीवास्तव ने 'दुपहिया' सीज़न 2 के बारे में बात की डायरेक्टर सोनम नायर ने कहा कि पहले सीज़न को मिले रिस्पॉन्स ने इसकी वापसी को और भी खास बना दिया है। उन्होंने कहा, 'दुपहिया' मेरे दिल के बहुत करीब है, और जब से हमने दर्शकों के सामने पहला सीज़न पेश किया है, तब से यह एक रोमांचक सफ़र रहा है। दर्शकों ने पहले सीज़न के लिए जो प्यार दिखाया है और इसके आस-पास जो फ़ैन-बेस बना है, वह बहुत उत्साह बढ़ाने वाला रहा है। मुझे पूरा भरोसा है कि दूसरे सीज़न को भी उतना ही उत्साह मिलेगा। प्राइम वीडियो ने हमेशा क्रिएटर्स और नई, असली और अनोखी कहानियाँ सुनाने के उनके जुनून का समर्थन किया है। इस कास्ट और क्रू के साथ दोबारा काम करना बहुत संतोषजनक रहा है, जिन्होंने इस बार सच में बेहतरीन काम किया है। बनवारी झा का किरदार निभाने वाले गजराज राव ने कहा कि शो की छोटे शहर वाली सेटिंग उन चीज़ों में से एक है जो इसे हर जगह के दर्शकों से जोड़ती है। “'दुपहिया' मेरे पसंदीदा प्रोजेक्ट्स में से एक रहा है। इस सीरीज़ की खासियत यह है कि भले ही इसकी कहानी एक छोटे से, पारंपरिक गाँव में सेट है, लेकिन इसके किरदार, उनके रिश्ते और उनकी रोज़मर्रा की मुश्किलें हर किसी को अपनी-अपनी सी लगती हैं-चाहे आप किसी छोटे शहर में रहते हों, बड़े मेट्रो शहर में या भारत के बाहर। सीज़न 2 में और भी ज़्यादा उथल-पुथल और सरप्राइज़ देखने को मिलेंगे, और साथ ही वही अपनापन और मज़ा भी होगा जिससे दर्शक पहले सीज़न में जुड़ पाए थे। मुझे बेसब्री से इंतज़ार है कि 1 अक्टूबर को जब 'दुपहिया' का सीज़न 2 प्राइम वीडियो पर रिलीज़ होगा, तो सब लोग धड़कपुर वापस आएँगे,” उन्होंने कहा। पुष्पलता के रोल में वापसी कर रहीं रेणुका शहाणे ने भी सीरीज़ में लौटने के बारे में बात की। “पहले सीज़न का अनुभव बहुत शानदार रहा था, इसलिए पुष्पलता के तौर पर 'दुपहिया' में वापसी का मुझे बेसब्री से इंतज़ार था। इस सीरीज़ की जो बात मुझे पसंद है, वह यह है कि यह आम पलों में भी मज़ा ढूँढ लेती है और साथ ही किरदारों को ज़मीन से जुड़ा और असली बनाए रखती है। सीज़न 2 में नई चुनौतियाँ और दाँव-पेच देखने को मिलेंगे, लेकिन धड़कपुर की असली जान-वहाँ के लोग और उनका अनोखापन- वैसे ही बरकरार है।” भूगोल का रोल निभाने वाले स्पर्श श्रीवास्तव ने कहा कि नए सीज़न में उन्हें अपने किरदार के और भी कई पहलू जानने का मौका मिला। उन्होंने कहा “भूगोल उन किरदारों से अलग है जो मैंने अब तक निभाए हैं। ऊपर से देखने पर वह सीधा-सादा लग सकता है, लेकिन उसमें उससे कहीं ज़्यादा गहराई है। उसका रोल निभाते हुए मुझे उन छोटी-छोटी बारीकियों और विरोधाभासों को खोजने में मज़ा आता है जो उसे अनप्रेडिक्टेबल बनाते हैं। नए सीज़न ने मुझे उन सीमाओं को और आगे ले जाने का मौका दिया, और यह मेरे करियर के सबसे संतोषजनक अनुभवों में से एक रहा है।” 'दुपहिया' सीज़न 2 कब रिलीज़ हो रहा है? सोनम नायर द्वारा निर्देशित, 'दुपहिया' का दूसरा सीज़न वहीं से शुरू होता है जहाँ पहला चैप्टर खत्म हुआ था। सलोना बैंस जोशी और शुभ शिवदासानी ने बॉम्बे फिल्म कार्टेल एलएलपी के तहत इस सीरीज़ को बनाया और प्रोड्यूस किया है। अविनाश द्विवेदी और चिराग गर्ग ने इस शो को बनाया और लिखा है। 'दुपहिया' सीज़न 2 का प्रीमियर 1 अक्टूबर, 2026 को प्राइम वीडियो पर होगा। Entertainment News Hindi Today only at Prabhasakshi
लुधियाना स्थित फतेहगढ़ मोहल्ले में एक धागा (कढ़ाई) फैक्ट्री में 24 वर्षीय युवक का शव लटका मिला। सुबह मालिक पहुंचा तो जानकारी हुई तो उसने पुलिस को सूचना दी। अभी तक युवक के आत्महत्या करने की बात कही जा रही है। हालांकि मामा ने साजिस का शक जताया है। मृतक युवक अमित कुमार बिहार के बेतिया जिले के रहने वाला है। मौके पर सूचना पर पहुंची पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और लोगों के बयान दर्ज किया। मालिक ने बताया कि सुबह पहुंचा तो अमित के मोबाइल में वीडियो रिकॉर्डिंग चल रही थी। पुलिस ने मोबाइल को कब्जे में लिया है। चार पांच दिन पहले ही काम लगा था केशव एम्ब्रॉयडरी नामक इस फैक्ट्री के मालिक रमेश कुमार के अनुसार अमित उनके पास पिछले 4-5 दिनों से ही काम कर रहा था। हालांकि वह उनका पुराना जानकार था और पहले किसी अन्य फैक्ट्री में काम करता था। वह फैक्ट्री में रहता था। उसने कहा था कि सोमवार मंगलवार तक कमरा ले लेगा। अमित ने नाइट शिफ्ट के दौरान पंखे से लटक कर अपनी जान दे दी। सुबह जब फैक्ट्री खोली गई, तो उसका शव फंदे से लटकता मिला। उस समय उसके मोबाइल पर वीडियो रिकॉर्डिंग चल रही थी मृतक के मामा मदन चौधरी ने इस घटना में साजिश की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। एक दिन पहले ही मां के खाते में भेजे थे पैसे फैक्ट्री मालिक का कहना है कि अमित ने यह कदम क्यों उठाया इसके बारे में वह कुछ नहीं कह सकते हैं। एक दिन पहले ही अमित ने उनसे पैसे लिए थे और अपनी मां के बैंक खाते में डलवाए थे। अमित ने कहा था कि वह सोमवार या मंगलवार तक कोई कमरा किराए पर ले लेगा। मौत के समय चल रही थी वीडियो कॉल, मौके पर मिले दो नंबर फैक्ट्री मालिक के मुताबिक जब सुबह उन्होंने शव को लटकते देखा तो अमित के मोबाइल फोन पर वीडियो रिकॉर्डिंग चल रही थी। इसके अलावा, मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन वहां दो फोन नंबर जरूर लिखे हुए थे, जो किसके हैं, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों की मौजूदगी में शव को नीचे उतारा और सिविल अस्पताल भिजवा दिया। पुलिस ने अमित का फोन भी अपने हवाले ले लिया है। 10 साल से लुधियाना में रह रहा था अमित, परिवार में हैं मां और 3 बहनें मृतक के मामा मदन चौधरी ने बताया कि अमित पिछले 10 से ज्यादा सालों से लुधियाना में रहकर काम कर रहा था। उन्हें इस घटना की सूचना सुबह करीब 10 बजे मिली। उन्होंने बताया कि अमित के परिवार में उसकी मां और तीन बहनें हैं जो बिहार में रहती हैं। मामा मदन चौधरी ने कहा कि अमित बिल्कुल ठीक था और उन्हें यह आत्महत्या नहीं बल्कि कोई साजिश लग रही है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत निष्पक्ष जांच की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि गरीबों पर कोई टैक्स नहीं लगाया जाएगा, लेकिन पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गांवों में चल रहे ईंट-भट्ठे, प्राइवेट स्कूल, व्यावसायिक गतिविधियों और मोबाइल टावरों से पंचायतों को टैक्स जरूर लेना चाहिए। इस राजस्व से गांवों में कचरा प्रबंधन और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर किया जा सकता है। इसके साथ ही सीएम ने नए परिसीमन के बाद पंचायत चुनाव कराने की भी बात कही। सोमवार को सीएम होटल ताज में आयोजित 'ग्राम संसद, बिहार चैप्टर' को संबोधित कर रहे थे। इसके पहले कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री संजय सिंह टाइगर और ग्राम संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय मयूख ने किया। मुखिया को बताया सबसे ताकतवर जनप्रतिनिधि मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा पावरफुल जनप्रतिनिधियों में मुखिया शामिल हैं, क्योंकि उनके पास बड़ी संख्या में जिम्मेदारियां और काम होते हैं। मुखिया का चुनाव लड़ना भी आसान नहीं है। पंचायत स्तर पर लोगों से सीधा जुड़ाव होने के कारण मुखिया की भूमिका गांव के विकास में काफी महत्वपूर्ण है। गांवों में टैक्स व्यवस्था लागू करने पर जोर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गांवों में स्थानीय स्तर पर राजस्व जुटाने की व्यवस्था विकसित करने की बात कही। बिहार में अभी गांवों में टैक्स की व्यवस्था नहीं है, जबकि दूसरे राज्यों में पंचायतें स्थानीय स्तर पर राजस्व जुटाती हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में एक पंचायत से बड़ी मात्रा में राजस्व मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव में यदि कोई फैक्ट्री चल रही है, मोबाइल टावर लगाया जा रहा है या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां हो रही हैं, तो उनसे टैक्स के रूप में राजस्व प्राप्त होना चाहिए। इससे पंचायतों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आम लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा। पंचायत चुनाव से पहले इस तरह की व्यवस्था तैयार करने पर काम किया जाना चाहिए। पंचायत प्रतिनिधियों से भी अपने-अपने गांवों की जरूरतों और संभावनाओं की रिपोर्ट तैयार कर सरकार को देनी चाहिए। परिसीमन के बाद होगा अगला पंचायत चुनाव मुख्यमंत्री ने पंचायत चुनाव को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंचायत कई गांवों की आबादी काफी ज्यादा है और उनके साथ आसपास के कई गांव भी जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपने गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके गांव की आबादी करीब 20 हजार है और उसके साथ तीन अन्य गांव भी सटे हुए हैं। ऐसे में पंचायतों की संरचना और व्यवस्था को नए तरीके से मजबूत करने की जरूरत है। सीएम ने कहा कि नियमानुसार 7,500 की आबादी पर एक पंचायत होनी चाहिए। पंचायतों में बनेगा इंजीनियरिंग सेल मुख्यमंत्री ने कहा कि हर हाल में पंचायती राज विभाग में इंजीनियरिंग सेल बनाया जाना चाहिए। गांवों में सड़क, नाली, भवन, स्ट्रीट लाइट और दूसरी आधारभूत संरचनाओं से जुड़े कामों को बेहतर तकनीकी निगरानी की जरूरत है। कार्यक्रम के दौरान नल-जल योजना, ग्रामीण सड़कों के निर्माण, सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट और पंचायतों में डिजिटल गवर्नेंस को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने के साथ तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना जरूरी है। बिहार में 50 निजी विश्वविद्यालय खोलने की कल्पना मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा और रोजगार को लेकर भी सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार की चाहती है कि बिहार में कम से कम 50 निजी विश्वविद्यालय खुलें। इससे राज्य में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं को पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना चाहिए। रोजगार को लेकर कहा कि बिहार के बड़ी संख्या में लोग रोजगार और मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में राज्य में रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा करना है। अगले पांच साल में एक करोड़ लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और पलायन को कम करने में मदद मिलेगी। वहीं मंत्री संजय सिंह टाइगर ने कहा कि अगर गांव विकसित हो जाएंगे तो लोगों को रोजगार, शिक्षा और बेहतर सुविधाओं के लिए शहरों की ओर देखने की जरूरत कम होगी। इससे गांवों में ही लोगों को बेहतर अवसर मिलेंगे और शहरों पर आबादी का दबाव भी कम होगा।
अस्पताल की अपॉइंटमेंट बुक करना पड़ सकता है भारी! फर्जी ऐप्स से UPI के जरिए हो रही है तगड़ी ठगी
Beware of fake hospital appointment apps stealing money via UPI.
Hidden Apps: क्या आपके बच्चों या पार्टनर ने आपके फ़ोन में ऐप्स छिपाए हैं? मिनटों में ऐसे करें सर्च
pc; security.org अपने मोबाइल फ़ोन पर किसी ऐप को छिपाना कई तरह से फ़ायदेमंद हो सकता है। इससे आप ज़रूरी और कुछ प्राइवेट ऐप्स को दूसरों की नज़रों से छिपा सकते हैं। हालाँकि, यह फ़ीचर काम का तो है, लेकिन कुछ मामलों में यह कई दिक्कतों को न्योता दे सकता है। अगर आप पेरेंट हैं, तो यह फ़ीचर आपके लिए सिरदर्द बन सकता है। क्योंकि अक्सर छोटे बच्चे इस फ़ीचर का इस्तेमाल करके अपने पेरेंट्स की जानकारी के बिना कुछ ऐप्स छिपा लेते हैं और उन्हें बिना पेरेंट्स की जानकारी के इस्तेमाल करते हैं। कुछ ऐप्स ऐसे भी होते हैं जो उनके लिए खतरनाक हो सकते हैं। अगर आपको शक है कि आपके बच्चे आपकी जानकारी के बिना कुछ छिपे हुए ऐप्स इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आज की यह खबर आपके लिए यह पता लगाने में काम आ सकती है। इसके लिए दो तरीके इस्तेमाल किए जा सकते हैं… एक है ऐप स्टोर का इस्तेमाल करना और दूसरा है फ़ोन की सेटिंग्स का इस्तेमाल करना। आइए इसके बारे में स्टेप बाय स्टेप जानते हैं। Google Play Store पर जाएँ और ऑप्शन चुनें फ़ोन में छिपे हुए ऐप्स को खोजने का पहला तरीका है Google Play Store पर जाकर सर्च करना। अगर कोई ऐप ऐप ड्रॉअर या होम स्क्रीन से छिपा भी है, तो भी वह इस प्लैटफ़ॉर्म पर दिखेगा अगर उसे साइडलोड नहीं किया गया है। ऐसा करने के लिए, अपने Android स्मार्टफोन पर Google Play Store खोलें। ऊपर दाएं कोने में अपनी प्रोफ़ाइल पर क्लिक करें। उसके बाद, Manage apps and devices ऑप्शन पर क्लिक करें। फिर Manage टैब पर क्लिक करें। पक्का करें कि आपने सबसे ऊपर ‘Device’ चुना हो। iPhone के लिए यह तरीका इस्तेमाल करें अगर आपके पास iPhone है, तो आपका तरीका थोड़ा अलग होगा। इसके लिए, सबसे पहले App Store पर जाएं और स्क्रीन के दाईं ओर प्रोफ़ाइल फ़ोटो पर क्लिक करें। यहां, Your Apps ऑप्शन चुनें। यहां आपको अपने मोबाइल पर डाउनलोड किए गए सभी ऐप्स की लिस्ट दिखेगी। लेकिन ध्यान रखें कि App Store पर, सिर्फ़ वही ऐप्स आपके फ़ोन पर अभी इंस्टॉल हैं जिनमें ‘Open’ बटन है। जिनमें ‘Download’ बटन है, उन्हें अनइंस्टॉल माना जाता है। सेटिंग्स में जाएं और ये स्टेप्स फ़ॉलो करें ऑफिशियल ऐप स्टोर के अलावा, अपने फ़ोन पर छिपे हुए ऐप्स ढूंढने का एक आसान तरीका सेटिंग्स में ऐप लिस्ट देखना है। यह आपको आपके डिवाइस पर अभी इंस्टॉल किए गए सभी ऐप्स दिखाएगा, यहां तक कि वे भी जो जानबूझकर छिपाए गए हैं। हालांकि, ये ऑप्शन स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी के हिसाब से थोड़े अलग हो सकते हैं। अगर आपके पास Google Pixel या Motorola फ़ोन है, तो उसकी सेटिंग्स खोलें। यहां, Apps ऑप्शन पर जाएं और सबसे ऊपर See All ऑप्शन चुनें। अगर आपके पास Samsung फ़ोन है, तो सेटिंग्स में जाएं और Apps ऑप्शन चुनें और फिर फ़िल्टर आइकन पर क्लिक करके Installed by You जैसे ऑप्शन पर क्लिक करें। यहां आपको डाउनलोड किए गए ऐप्स की लिस्ट दिखेगी। iOS पर, आपके छिपे हुए ऐप्स तुरंत ‘Apps’ पेज पर नहीं दिखेंगे। इसके बजाय, वे ‘Hidden Apps’ मेन्यू में छिपे रहते हैं। ये ऐप्स ‘App Library’ के अंदर ‘Hidden Apps’ फ़ोल्डर में भी मिल सकते हैं। हालांकि, इन ऐप्स को खोलने के लिए आपको Face ID या पासकोड की ज़रूरत होगी।
मुजफ्फरपुर के मुसहरी थाना क्षेत्र के राजवाड़ा गांव में एक युवक अपनी पत्नी को साथ रखने की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे टावर पर चढ़े युवक की पहचान राजवाड़ा गांव के वार्ड-7 निवासी रिक्की कुमार (28) के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही डायल 112 और मुसहरी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। उसे नीचे उतारने के लिए पुलिस लगातार समझाने की कोशिश कर रही है। ‘5-6 साल से था प्रेम संबंध’ टावर पर मौजूद रिक्की ने फोन पर बताया कि उसका युवती से करीब 5-6 साल से प्रेम संबंध है। दोनों की पहचान कॉलेज में पढ़ाई के दौरान हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच नजदीकी बढ़ी और लंबे समय तक एक-दूसरे से बातचीत करते रहे। रिक्की के मुताबिक, उसने 10 अप्रैल 2026 को पूर्वी चंपारण के चकिया स्थित एक मंदिर में युवती से प्रेम विवाह किया था। उसका दावा है कि शादी के बाद युवती के परिवार वाले उसे अपने साथ ले गए और अब पत्नी को उसके साथ रहने नहीं दे रहे हैं। बोला- कई बार बात की, मारपीट का भी आरोप रिक्की ने आरोप लगाया कि पत्नी को वापस साथ लाने के लिए उसने उसके परिवार वालों से कई बार फोन पर बात की। उसका दावा है कि इस दौरान उसके साथ मारपीट भी की गई और उसे वहां से भगा दिया गया। अब मैं थक चुका हूं, जब तक उसकी पत्नी को उसके साथ रहने नहीं दिया जाएगा, वह नीचे नहीं उतरेगा। पुलिस समझाने में जुटी युवक के टावर पर चढ़ने की जानकारी मिलने के बाद आसपास बड़ी संख्या में लोग जुट गए। मौके पर डायल 112 की टीम और मुसहरी थाना की पुलिस मौजूद है। पुलिस युवक को समझाकर सुरक्षित तरीके से नीचे उतारने का प्रयास कर रही है। रिक्की ने टावर से यह भी कहा कि अगर उसकी बात नहीं मानी गई तो वह नीचे नहीं उतरेगा। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता युवक को सुरक्षित नीचे उतारना है। युवक द्वारा शादी और परिवार पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
नौकरी बहाली की मांग को लेकर बर्खास्त रोडवेज संविदा चालक राजू सैनी रविवार को छठवीं बार मोबाइल टावर पर चढ़ गया। सुबह 9:30 बजे अलीगढ़ के क्वार्सी चौराहे के टावर पर चढ़े राजू को उतारने के लिए पुलिस और दमकल ने 14 घंटे तक समझाया।
अलीगढ़ में मोबाइल टावर पर छठवीं बार चढ़ा राजू, यह बोला
अलीगढ़ में मोबाइल टावर पर छठवीं बार चढ़ा राजू, यह बोला
मादक पदार्थ हेरोइन के साथ 5 आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार,मादक पदार्थ की बिक्री की रकम,सोने चांदी के आभूषण सहित अन्य सामान बरामद।
कमरे से चार्जिंग पर लगा मोबाइल हुआ चोरी
अम्बाला | भड़ौग मोड़ के पास एक कमरे से चार्जिंग पर लगा मोटोरोला मोबाइल चोरी होने का मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश निवासी शशांक मिश्रा ने पुलिस को बताया कि वह भड़ौग रोड स्थित हरे कृष्ण पेट्रोल पंप डेयरी में काम करता है। सुबह करीब 8:30 बजे उसने अपना मोबाइल कमरे के अंदर चार्जिंग पर लगाया था। इसी दौरान दो युवक वहां पहुंचे और कमरे के भीतर से फोन उठाकर बाहर निकल गए। बताया गया कि दोनों युवक बाइक पर बैठकर मौके से फरार हो गए।
Panipat News: महिला से सोने के आभूषण, मोबाइल और नकदी ठगी
महिला से सोने के आभूषण, मोबाइल और नकदी ठगी
Sonipat News: मोबाइल टावर और इनाम का झांसा देकर 6.85 लाख ठगे
6.85 lakh swindled under the pretext of mobile towers and rewards.
Agra News: मोबाइल चार्जर के विवाद में छात्रों से मारपीट, दो घायल
मोबाइल चार्जर के विवाद में छात्रों से मारपीट, दो घायल
Dehradun News: प्रेमनगर में कमरे से लैपटॉप, मोबाइल चोरी, आरोपी गिरफ्तार
Laptop and mobile stolen from a room in
Deoria News: डेढ़ लाख के मोबाइल फोन व नकदी चुराने का बेटे पर आरोप
Son accused of stealing mobile phone and cash.
Deoria News: चोरी के मोबाइल के साथ शातिर गिरफ्तार
Cunning thief arrested with stolen mobile phone
परिजन का आरोप : मोबाइल छीनने वाले को पकड़ने में गिरा था यात्री
Family alleges: Passenger fell while trying to catch mobile snatcher.
गोपालगंज के नगर थाना क्षेत्र में रविवार देर शाम एक छात्रा की संदिग्ध मौत हो गई। श्याम सिनेमा रोड स्थित किराए के मकान में 20 वर्षीय उजाला कुमारी का शव पंखे से लटका मिला। उसके गले में दुपट्टा बंधा हुआ था। कमरे की स्थिति ने मामले को और संदिग्ध बना दिया। बेड के पास खून के निशान मिले। मोबाइल और सामान भी कमरे में बिखरा हुआ था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस आत्महत्या के साथ अन्य संभावनाओं को भी ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़ें, पूरा मामला… मृतका की पहचान सिधवलिया थाना क्षेत्र के सरेया पहाड़ गांव निवासी रघुनाथ शर्मा की बेटी उजाला कुमारी के रूप में हुई है। उजाला तीन भाइयों की इकलौती बहन थी। परिजनों के अनुसार, वह पढ़ाई में काफी होनहार थी और डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी। एक साल से किराए के मकान में रह रही थी उजाला पिछले करीब एक साल से श्याम सिनेमा रोड स्थित कौशल किशोर श्रीवास्तव के मकान में किराए पर रहकर ऑनलाइन नीट की तैयारी कर रही थी। रविवार शाम उसके कमरे से जुड़ी जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोग मौके पर जुट गए। दरवाजा बाहर से बंद, पंखे से लटका मिला शव स्थानीय लोगों के मुताबिक कमरे का दरवाजा खुला था, लेकिन बाहर से बंद था। शक होने पर लोगों ने दरवाजे से अंदर झांककर देखा तो उजाला का शव पंखे से लटका दिखाई दिया। इसके बाद डायल-112 को सूचना दी गई। कमरे में खून और मोबाइल मिलने से बढ़ा संदेह पुलिस के पहुंचने के बाद कमरे की जांच की गई। बेड के पास खून के निशान और मोबाइल पड़ा मिला। कमरे का सामान भी बिखरा हुआ था। इन परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। डायल-112 की सूचना पर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने एफएसएल टीम को भी बुलाया है। टीम कमरे से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही है, ताकि घटना की परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। परिजन बोले- पढ़ाई को लेकर गंभीर थी घटना की जानकारी मिलने के बाद उजाला के परिजन मौके पर पहुंचे। बेटी की मौत की खबर सुनकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों ने बताया कि उजाला पढ़ाई को लेकर गंभीर थी और डॉक्टर बनने के लक्ष्य के लिए गोपालगंज में रह रही थी। सुसाइड नोट-अन्य सुराग तलाश जारी पुलिस कमरे की तलाशी ले रही है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं कोई सुसाइड नोट या घटना से जुड़ा अन्य सुराग तो नहीं है। छात्रा के मोबाइल और कॉल डिटेल्स की भी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी नगर थाना पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति ज्यादा स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस आत्महत्या की आशंका के साथ-साथ अन्य सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
MP दिनभर में आज दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। दिनभर की 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, एमपी में आज, क्या रहा खास.. 1. चलती बाइक पर युवक की गोली मारकर हत्या: पीछे बैठे दोस्त ने सिर से सटाकर चलाई गोली भोपाल में चलती बाइक पर युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पीछे बैठे दोस्त ने उसके सिर से सटाकर फायरिंग की। तीनों मछली पकड़ने जा रहे थे। घटना निशातपुरा इलाके की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वारदात के दौरान बाइक पर तीन युवक सवार थे। गोली लगने से एक युवक की मौत हो गई। पुलिस घटना के कारणों और आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है। पढ़ें पूरी खबर 2. किसान के सवाल पर भड़के विधायक: बोले- मैं बोल रहा हूं, टोको मत बालाघाट में किसान ने बिजली की समस्या को लेकर विधायक गौरव पारधी से सवाल पूछा। इस दौरान विधायक ने कहा- मैं बोल रहा हूं तो टोको मत। बातचीत का VIDEO सामने आया है। किसान बिजली की समस्या पर जवाब मांग रहा था। वीडियो में विधायक किसान से अपनी बात पूरी होने तक बीच में नहीं बोलने के लिए कहते नजर आ रहे हैं। घटना को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा है। विधायक और किसान के बीच हुई बातचीत के बाद मामले ने तूल पकड़ा। पढ़ें पूरी खबर 3. मजदूरों से भरी ट्रॉली को ट्रक ने मारी टक्कर: 6 साल की बच्ची समेत 2 की मौत मंदसौर में मजदूरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में 6 साल की बच्ची समेत 2 लोगों की मौत हो गई। एक युवती के दोनों पैर कट गए। ट्रॉली में 19 मजदूर सवार थे, जो काम खत्म कर लौट रहे थे। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रॉली में बैठे मजदूरों में चीख-पुकार मच गई। हादसे के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।पढ़ें पूरी खबर 4. MP में अगले 4 दिन बारिश: भोपाल, इंदौर-उज्जैन के बाद जबलपुर-ग्वालियर में अलर्ट मध्यप्रदेश में सितंबर के आखिरी सप्ताह में तेज बारिश का दौर बन सकता है। अगले 4 दिन भोपाल, इंदौर और उज्जैन में बारिश का अनुमान है। जबलपुर और ग्वालियर में भी अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की सक्रियता के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। सितंबर के आखिरी सप्ताह में एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने की संभावना जताई गई है। लोगों को मौसम के बदलाव को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पढ़ें पूरी खबर 5. कुशीनगर एक्सप्रेस के इंजन से धुआं: इटारसी में 55 मिनट बाद बदला इंजन इटारसी में कुशीनगर एक्सप्रेस के इंजन से धुआं उठने के बाद ट्रेन को रोकना पड़ा। करीब 55 मिनट बाद दूसरा इंजन लगाया गया। इस दौरान कई ट्रेनों को रोकना पड़ा। इंजन में तकनीकी समस्या आने के बाद रेलवे ने ट्रेन को इटारसी स्टेशन पर रोका। दूसरे इंजन की व्यवस्था होने तक यात्रियों को इंतजार करना पड़ा। इस वजह से ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ा। दूसरा इंजन लगाने के बाद कुशीनगर एक्सप्रेस को रवाना किया गया। पढ़ें पूरी खबर 6. इंस्टाग्राम पर दोस्ती, फिजिकल रिलेशन के लिए 10 महीने परेशान किया: आरोपी गिरफ्तार सतना में इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद युवक ने फिजिकल रिलेशन बनाने के लिए युवती को 10 महीने तक परेशान किया। आरोप है कि उसने साजिश रचकर अपनी गर्लफ्रेंड से युवती को पिटवाया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में FIR दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, FIR के बावजूद 4 सहेलियों को छोड़ दिया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पढ़ें पूरी खबर 7. पांच बच्चों ने बुजुर्ग को पीटा, रुपए छीने-VIDEO: कोई नहीं आया बचाने उज्जैन में पांच बच्चों ने बुजुर्ग भिखारी को पीटा और लात मारी। आरोप है कि बच्चों ने उसके रुपए भी छीन लिए। घटना का VIDEO सामने आया है, जिसमें बच्चे बुजुर्ग को परेशान करते और उसके साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। बुजुर्ग काफी देर तक बच्चों से बचने की कोशिश करता रहा। आसपास लोग मौजूद थे, लेकिन कोई उसे बचाने नहीं आया। पढ़ें पूरी खबर पॉजिटिव खबर 8. रायसेन के दादा धूनी दरबार में डेढ़ किलो सोना अर्पित: 51 दिन में 4-5 किलो चांदी भी चढ़ाई रायसेन के दादा धूनी दरबार में 51 दिनों के दौरान करीब डेढ़ किलो सोना अर्पित किया गया। इस दौरान 4-5 किलो चांदी भी चढ़ाई गई। संत को इंटरनेशनल रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र मिला है। दरबार में धार्मिक आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने सोने-चांदी के आभूषण अर्पित किए। आयोजन पूरा होने के बाद दान की गई सामग्री की मात्रा सामने आई। संत को मिले रिकॉर्ड प्रमाणपत्र को लेकर भी दरबार में चर्चा रही। पढ़ें पूरी खबर खबर जरा हटके 9. मोबाइल देखते समय महिला को सांप ने काटा: चीख सुनकर पति पहुंचा, डॉक्टरों ने बचाई जान दमोह में मोबाइल देखने के दौरान महिला के हाथ में सांप ने काट लिया। महिला के पास ही उसकी बेटी सोई हुई थी। सांप के काटने के बाद महिला ने चीख लगाई, जिसे सुनकर पति मौके पर पहुंचा। इसके बाद महिला को अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने समय पर इलाज शुरू किया और महिला की जान बचाई। घटना के बाद महिला का उपचार किया गया। परिवार ने राहत की सांस ली। पढ़ें पूरी खबर कल का बिग इवेंट 10. निलंबित CSP को लेकर HC में होगी सुनवाई, सरकार से मांगा है जवाब कटनी की निलंबित CSP नेहा पच्चीसिया के मामले में सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए सिंगल बेंच ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। सोमवार की सुनवाई में यह तय हो सकता है कि उन्हें मामले में राहत मिलती है या आगे की कार्रवाई जारी रहती है।
रोहतक के ओल्ड हाउसिंग बोर्ड में सड़क पर बैठे कुत्ते ने एक युवती पर अचानक हमला कर दिया। कुत्ते ने युवती को सड़क पर गिराकर उसके दोनों पैरों पर काट लिया। युवती गली में चिल्लाती रही। आखिर में उसने खुद अपने हाथ में लिए मोबाइल से कुत्ते पर हमला किया, जिसके बाद वह भाग गया। युवती के चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद युवती को PGI ले जाया गया। पूरी घटना वहां लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुत्ता करीब आधे घंटे में 5-6 लोगों पर हमला कर चुका है। युवती पर हमले की 3 तस्वीरें… ड्यूटी करके निकलते ही झपटा कुत्ता यह घटना शनिवार शाम की है। दुर्गा भवन की रहन वाली तन्वी खरबंदा ओल्ड हाउसिंग बोर्ड एरिया में नौकरी करती हैं। वह काम करने के बाद घर जा रही थीं। रास्ते में सड़क पर एक कुत्ता बैठा हुआ था। तन्वी जैसे ही उसके पास से गुजरी, कुत्ता अचानक खड़ा हुआ और उस पर झपट पड़ा। कुत्ते ने तन्वी को सड़क पर गिरा दिया और उसके पैर पर काट लिया। एक पैर छोड़ा तो दूसरा पकड़ा तन्वी जमीन पर गिरे-गिरे चिल्लाती रही, लेकिन कुत्ते ने उसका पैरा नहीं छोड़ा। किसी तरह तन्वी ने अपना पैर कुत्ते से छुड़ाया तो कुत्ते ने उसका दूसरा पैर पकड़ लिया। इसके बाद युवती ने उठकर मोबाइल से कुत्ते को मारने लगी। इसके बाद कुत्ता भाग गया। इतने में एक महिला दौड़कर मौके पर पहुंची और तन्वी को संभाला। इसके बाद कॉलोनी के अन्य लाेग भी मौके पर पहुंच गए। फिर तन्वी को इलाज के लिए PGI ले जाया गया। आधे घंटे में 5-6 लोगों पर हमला ओल्ड हाउसिंग बोर्ड के लोगों का कहना है कि यह कुत्ता काफी दिनों से आक्रामक है। करीब आधे घंटे के अंदर उसने 5-6 लोगों पर हमला कर उन्हें काट लिया। लगातार हो रहे हमलों से कॉलोनी में दहशत का माहौल है। लोग रास्ते से गुजरते समय सावधानी बरत रहे हैं। --------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें :- बच्चे पर हमला करने वाला डॉग अमेरिकन बुली बताया:ऑनर का दावा- पिटबुल नहीं है; बच्चे के इलाज में ₹4 लाख खर्च, घर बिक चुका सोनीपत में 6 माह के बच्चे पर हमला करने वाले डॉग को अब ‘अमेरिकन बुली’ नस्ल का बताया जा रहा है। डॉग ऑनर ने दावा किया कि ये पिटबुल नहीं है। करीब सात साल पहले इस फीमेल डॉग को खरीदा था। बच्चे का इलाज वे खुद करा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
बिहार में मोबाइल बदल रहा है रोजगार का तरीका, गिग अर्थव्यवस्था से थम सकता है पलायन
बिहार में मोबाइल आधारित गिग अर्थव्यवस्था रोजगार के तरीके को बदल रही है, जिससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर कमाई के अवसर मिल रहे हैं।
हिमाचल: मोबाइल अचानक हुआ काला, कुछ देर बाद खाते से गायब मिले 30 हजार; ऊना में साइबर ठगी से हड़कंप
ऊना के नंगल सलांगड़ी में एक व्यक्ति के मोबाइल में अचानक तकनीकी गड़बड़ी आई। इसके बाद उसके बैंक खाते से 30 हजार रुपये निकल गए। मामले की शिकायत साइबर पुलिस और हेल्पलाइन पर की गई है।
हाथरस: सिटी स्टेशन पर चोरी के मोबाइल के साथ बाल अपचारी पकड़ा, जीआरपी ने किया मुकदमा दर्ज
थाना जीआरपी हाथरस सिटी पुलिस ने शनिवार दोपहर 12:50 बजे स्टेशन के फुट ओवर ब्रिज के पास से 14 वर्षीय बाल अपचारी को चोरी के नीले रंग के रेडमी नोट 15 सी मोबाइल के साथ पकड़ा।
ग्वालियर शहर में ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामलों में शातिर ठगों ने कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर और बैंक खाते की केवायसी (KYC) अपडेट कराने के नाम पर दो लोगों को अपना शिकार बनाया। वहीं, एक अन्य मामले में मोबाइल ऑटो अपडेट मोड पर जाने के बाद खाते से रुपए ट्रांसफर हो गए। तीनों मामलों में ठगी का पता बैंक के मैसेज और स्टेटमेंट से चला। पीड़ितों ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की, जिसके बाद रविवार को विश्वविद्यालय, बहोड़ापुर और मुरार थाना पुलिस ने ई-एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। कस्टमर केयर से बात करते-करते खाते से निकले ₹77,938 विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के गोविंदपुरी निवासी गौरव गुप्ता (45) ने पुलिस को बताया कि उन्होंने 24 मई 2026 को फोन-पे के जरिए कार का इंश्योरेंस लिया था। अगले दिन उन्होंने कस्टमर केयर नंबर पर करीब 14 मिनट बात की। गौरव के मुताबिक, बातचीत के दौरान न तो उनसे ओटीपी मांगा गया और न ही उन्होंने कोई अन्य जानकारी साझा की। कॉल कटने के बाद उनके एचडीएफसी बैंक खाते से पेटीएम के जरिए तीन बार में कुल 77,938 रुपए कट गए। बैंक से मैसेज आने पर उन्हें ठगी का पता चला। उन्होंने तत्काल बैंक पहुंचकर खाता ब्लॉक कराया। जांच में सामने आया कि रकम भोपाल के एक कोटक बैंक खाते में ट्रांसफर हुई है। फरियादी ने कुछ दिन पहले एक वेबसाइट पर 5 रुपए के भुगतान की कोशिश करने की जानकारी भी पुलिस को दी है। साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया। KYC के नाम पर वॉट्सएप पर भेजा लिंक, महिला से ठगे ₹92,224 महाराजपुरा थाना क्षेत्र के शताब्दीपुरम फेस-2 निवासी रिचा भदौरिया (36) के मोबाइल पर 14 सितंबर 2026 को अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को एसबीआई का कर्मचारी बताया और खाता ब्लॉक होने का डर दिखाकर केवायसी अपडेट कराने को कहा। महिला उसके झांसे में आ गई। आरोपी ने वॉट्सएप पर एक लिंक भेजा। लिंक खोलने के बाद भी केवायसी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो ठग ने फोन-पे के ‘सेंड मनी’ विकल्प में फर्जी नाम डालकर महिला से रुपए ट्रांसफर करवा लिए। इस तरह खाते से 92,224 रुपए निकलकर ठग के एचडीएफसी बैंक खाते में पहुंच गए। महिला की शिकायत पर महाराजपुरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। मोबाइल ऑटो अपडेट मोड पर गया, खाते से ट्रांसफर हुए ₹82 हजार मुरार थाना क्षेत्र के ईदगाह बारादरी निवासी मुमताज अली ने पुलिस को बताया कि 14 सितंबर की सुबह करीब 11:10 बजे वह घर पर थे। इसी दौरान मोबाइल में अचानक ऑटो अपडेट जैसी प्रक्रिया शुरू हो गई। उन्होंने फोन बंद करने का प्रयास किया, लेकिन वह बंद नहीं हुआ। कुछ देर बाद मोबाइल अपने आप बंद होकर दोबारा चालू हो गया। फोन ऑन होने पर उसमें डाउनलोड किए गए सभी ऐप डिलीट मिले। मुमताज ने दोबारा फोन-पे डाउनलोड कर एसबीआई खाते का बैलेंस चेक किया तो 82 हजार रुपए कम मिले। अगले दिन बैंक जाकर स्टेटमेंट निकलवाने पर पता चला कि 14 सितंबर को मोबाइल बंद होने के दौरान अज्ञात व्यक्ति ने यूपीआई के जरिए खाते से 82 हजार रुपए ट्रांसफर किए थे। उन्होंने तत्काल खाता ब्लॉक कराया और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की। इसके बाद मुरार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। साइबर डीएसपी मनीष यादव ने बताया कि ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए मोबाइल पर आने वाली किसी भी अनजान फाइल, लिंक या मैसेज पर क्लिक नहीं करना चाहिए। किसी तरह की ठगी होने पर तत्काल संबंधित थाना या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।
हरिद्वार के पशुपालकों को अब घर बैठे ही पशु चिकित्सा और उन्नत प्रजनन सेवाएं मिलेंगी। सांसद निधि से मिली मोबाइल पशु चिकित्सा यूनिट से भ्रूण प्रत्यारोपण जैसी आधुनिक तकनीक भी उपलब्ध होगी।
डायल-112 कर्मी से मारपीट, मोबाइल लूटा; पुलिस पर पथराव, 5 आरोपी गिरफ्तार
भास्कर संवाददाता|राजगढ़ दहेज की मांग को लेकर बहू से मारपीट की शिकायत पर पहुंची डायल-112 टीम के पुलिसकर्मी से ही आरोपियों ने मारपीट कर दी। इतना ही नहीं मारपीट के दौरान पुलिसकर्मी का मोबाइल लूटकर आरोपी मौके से भाग निकले। पुलिस टीम ने पीछा किया तो आरोपियों ने खेरासी गांव के आसपास पुलिस पर पथराव कर दिया। इसके बाद साइबर तकनीकी मदद से पुलिस ने आरोपियों का ठिकाना तलाश कर पांच को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में पेश करने के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया। यह था घटना क्रम: पुलिस के अनुसार 17 सितंबर की रात करीब 8.30 बजे खुजनेर थाना क्षेत्र के ग्राम घोड़ाखेड़ा निवासी मंजू पति राकेश वर्मा ने डायल-112 पर सूचना दी थी कि उसके ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग को लेकर उसके साथ मारपीट कर रहे हैं। सूचना पर डायल-112 में तैनात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस को देख आरोपी बौखला गए और पुलिसकर्मी से ही अभद्रता और गाली-गलौज करते हुए मारपीट कर दी। इतना ही नहीं आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी।
Ghaziabad News: पीएसके पर युवती से मोबाइल नंबर मांगने का आरोप, कर्मचारी हटाया
गाजियाबाद। नोएडा सेक्टर-18 स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र पर पासपोर्ट के काम से गई युवती ने तैनात नागरिक सेवा अधिकारी पर फाइल आगे बढ़ाने के बदले मोबाइल नंबर मांगने का आरोप लगाया है।
Maharajganj News: दुकान से मोबाइल लेकर भागने लगा युवक, दौड़ाकर पकड़ा
Youth tried to flee after taking a mobile from the shop; was chased down and caught.
Fatehpur News: मोबाइल हैक कर दो लोगों से 4.74 लाख की साइबर ठगी
सदर कोतवाली क्षेत्र में दो लोगों के मोबाइल हैक कर साइबर ठगों ने 4.74 लाख रुपये की ठगी की।
Bulandshahar News: कंफेक्शनरी की दुकान से मोबाइल फोन चोरी, रिपोर्ट दर्ज
गुलावठी। कस्बे में दिनदहाड़े एक कंफेक्शनरी की दुकान से मोबाइल चोरी कर लिया। पीड़ित व्यापारी की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात चोर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
Maharajganj News: झाड़ियों में छिपाकर रखे 80 लाख के मोबाइल पार्ट्स बरामद
Mobile parts worth ₹80 lakh, hidden in bushes, recovered.
Panchkula News: गाड़ी में सो रहे व्यक्ति का मोबाइल चोरी
Mobile phone stolen from a person sleeping in the car.
भोपाल में जुआ खेलते पकड़ाए दो SAF जवान:13 आरोपियों से 1.04 लाख, 14 मोबाइल और ताश की गड्डियां बरामद
भोपाल में शाहपुरा के बंगाली मोहल्ले में घर के अंदर शनिवार रात को चल रही जुए की फड़ पर पुलिस ने दबिश देकर 13 जुआरियों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए आरोपियों में एसएएफ के दो जवान भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने मौके से 1 लाख 4 हजार रुपए नकद, 14 मोबाइल और ताश की गड्डियां बरामद की हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। घर में फड़ चलने की सूचना पर घेराबंदी कर दबिश शाहपुरा पुलिस के मुताबिक, जे-36 बंगाली मोहल्ला स्थित एक घर में जुए की फड़ संचालित होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मौके पर दबिश दी। पुलिस के पहुंचते ही वहां जुआ खेल रहे 13 लोग मिले। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 1.04 लाख रुपए नकद, 14 मोबाइल और ताश की गड्डियां मिलीं। पुलिस ने सभी को मौके से हिरासत में लिया है। फड़ संचालक भी गिरफ्तार, घर में जुटे थे अलग-अलग इलाकों के लोग पुलिस के अनुसार, जिस घर में जुआ चल रहा था, वह विकास वशिष्ठ का बताया गया है। वह भी कार्रवाई में पकड़ा गया। फड़ में भोपाल के अलग-अलग इलाकों से लोग जुआ खेलने पहुंचे थे। इनमें दो एसएएफ के कर्मी भी शामिल बताए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि घर में कितने समय से जुए की फड़ संचालित हो रही थी और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय थे। ये आरोपी पकड़े गए पुलिस ने संदीप कुमार दीक्षित (37), एच-101 इंपीरियल हार्मनी, कटारा हिल्स; विकास वशिष्ठ (56), जे-36 शाहपुरा गांव, बंगाली मोहल्ला; दीपक ठाकुर (30), शाहजहांनाबाद; नरेश कुशवाह, नेहरू नगर; वीरेंद्र पटेल (43), करोंद मंडी के पास, छोला; जमीर खान (46), तलैया; अरबाज, चूनाभट्टी-कोलार रोड; मोहित वर्मा, चूनाभट्टी; देशराज यादव, बंसल अस्पताल के पास, चूनाभट्टी; सरस्वती साहू, राहुल नगर, कमला नगर; धर्मेंद्र परिहार, बिट्टन मार्केट, हबीबगंज; प्रहलाद साहू, दुर्गा नगर, बाग सेवनिया और यशवंत दुबे, कान्हाकुंज, कोलार को हिरासत में लिया है।
अंबिकापुर-प्रतापपुर मार्ग पर बीती शाम कार को गिट्टी लोड हाईवा से टक्कर लग गई। इसके बाद कार सवारों ने हाईवा को ओवरटेक कर रास्ते में रोक लिया और हवाई फायरिंग की। इसके बाद हाईवा ड्राइवर के साथ मारपीट कर उसका मोबाइल लूट लिया। इसके बाद दोनों कार से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर प्रतापपुर में कार सवार दोनों लोगों को पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी जशपुर जिले में टीचर हैं। मामला प्रतापपुर थाना क्षेत्र की खड़गवां चौकी का है। जानकारी के मुताबिक, हाईवा ड्राइवर शिवप्रसाद विश्वकर्मा ने 18 सितंबर की शाम खड़गवां चौकी में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि वह बरियों से हाईवा में गिट्टी लेकर भटगांव जा रहा था। शाम करीब 6:30 बजे रामेश्वरपुर मोड़ के पास खड़गवां कला गांव के जंगल में एक वेन्यू कार (CG 14 MU 7274) में सवार लोगों ने हाईवा को ओवरटेक कर रोक लिया। हवाई फायरिंग की, हाईवा ड्राइवर से मारपीट हाईवा को रोकने के बाद कार सवारों ने ड्राइवर को गाड़ी से नीचे उतरने के लिए कहा। ड्राइवर के नीचे नहीं उतरने पर आरोपियों ने कार से पिस्टल निकाली और हवाई फायरिंग कर दी। इसके बाद ड्राइवर शिव प्रसाद विश्वकर्मा नीचे उतरा। कार सवारों ने उस पर उनकी कार को टक्कर मारने का आरोप लगाते हुए मारपीट की और उसका मोबाइल लूट लिया। इसके बाद दोनों कार में बैठकर प्रतापपुर की ओर फरार हो गए। घटना के बाद हाईवा ड्राइवर ने खड़गवां चौकी पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत प्रतापपुर थाना पुलिस को घटना की जानकारी दी। ड्राइवर से मारपीट और मोबाइल लूटा प्रतापपुर पुलिस ने घेराबंदी कर कार को रोक लिया और उसमें सवार दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उनकी पहचान राजेश कुमार अम्बष्ट (54), निवासी दीनदयाल कॉलोनी, जशपुर और श्यामलाल साहू (56), निवासी महाराजा चौक, जशपुर के रूप में हुई। दोनों शिक्षक हैं। एसडीओपी अनूप एक्का ने बताया कि जांच में पता चला कि राजेश अम्बष्ट के नाम पर लाइसेंसी पिस्टल है। पुलिस के मुताबिक, उसने अपने साथी के साथ मिलकर हवाई फायरिंग और लूट की घटना को अंजाम दिया। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से फायर किए गए 2 कारतूस बरामद किए हैं। वहीं, वेन्यू कार से 5 जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 309 (6) और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत कार्रवाई की है। जांच में सामने आया कि हाईवा से कार को टक्कर लगने के बाद दोनों ने ड्राइवर से मारपीट की और उसका मोबाइल लूट लिया था। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया है।
बलरामपुर जिले में नौकरी लगवाने के नाम पर रिश्तेदार से ठगी का मामला सामने आया है। चलगली पुलिस ने 21 वर्षीय आशीष को गिरफ्तार किया है। वह सरस्वतीपुर का रहने वाला बताया गया है। आरोपी पर अपने रिश्तेदार रामऔतार (29) से नौकरी लगवाने का झांसा देकर 2 लाख 2 हजार रुपए ठगने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, चलगली थाना क्षेत्र निवासी रामऔतार ने 10 सितंबर 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसके रिश्ते के भांजे आशीष ने नौकरी लगवाने का झांसा देकर उससे संपर्क किया। आशीष ने कहा कि नौकरी के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करनी होगी और इसके लिए जरूरी दस्तावेज भी लिए। ऑनलाइन प्रक्रिया के नाम पर लिए पैसे इसके बाद आरोपी ने अलग-अलग तरीकों से पैसे की मांग की। शिकायतकर्ता ने फिनो पेमेंट बैंक के बारकोड और अन्य नंबरों पर कई किस्तों में रकम भेजी। इनमें 25-25 हजार रुपए की दो किस्तें, 10 हजार, 20 हजार, 7 हजार और 15 हजार रुपए शामिल थीं। घर जाकर भी दिए 50 हजार रुपए शिकायत के मुताबिक, 10 फरवरी 2025 को रामऔतार ने आरोपी के घर जाकर उसे 50 हजार रुपए नकद दिए। इस तरह अलग-अलग किस्तों और नकद भुगतान मिलाकर कुल 2 लाख 2 हजार रुपए आरोपी को दिए गए। व्हाट्सऐप पर भेजा फर्जी नियुक्ति पत्र पैसे लेने के बाद आशीष ने रामऔतार के व्हाट्सऐप पर एक फर्जी नियुक्ति पत्र भी भेजा। हालांकि, शिकायतकर्ता की नौकरी नहीं लगी और आरोपी ने पैसे भी वापस नहीं किए। पैसे मांगने पर वह लगातार टालमटोल करता रहा। बाद में उसने फोन उठाना बंद कर दिया। घर जाने पर भी वह नहीं मिला। मोबाइल जब्त, आरोपी जेल भेजा गया मामले की जांच के दौरान चलगली पुलिस ने आरोपी आशीष के कब्जे से विवो कंपनी का मोबाइल फोन जब्त किया। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आशीष ने अपराध करना स्वीकार किया। इसके बाद उसे 19 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना चलगली में बीएनएस की धारा 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
गाजियाबाद में साइबर क्राइम पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। उस पर स्विगी प्लेटफॉर्म पर फर्जी रेस्टोरेंट बनाकर क्रेडिट कार्ड धारकों से करीब 30 लाख रुपये की साइबर ठगी करने का आरोप है। आरोपी फर्जी रेस्टोरेंट के जरिए स्विगी पर ऑर्डर दिखाता था और क्रेडिट कार्ड की जानकारी लेकर रकम अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर लेता था। पुलिस ने उसके पास से चार मोबाइल फोन, एक टैबलेट और एक लैपटॉप भी बरामद किया है। एसीपी साइबर क्राइम अमित सक्सेना ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान गर्वित के रूप में हुई है। वह रोहतक, हरियाणा का रहने वाला है और फिलहाल वैशाली, गाजियाबाद में रह रहा था। पुलिस की पूछताछ में गर्वित ने बताया कि वह पहले टेक महिंद्रा में कस्टमर केयर की नौकरी करता था। यूट्यूब पर वीडियो देखकर उसे ऑनलाइन ठगी का तरीका पता चला। इसके बाद उसने दो फर्जी रेस्टोरेंट बनाए और एफएसएसएआई से उनका रजिस्ट्रेशन भी कराया। आरोपी को यूट्यूब के जरिए 'फास्ट ओटीपी बॉट' नाम के टेलीग्राम चैनल के बारे में पता चला। इस चैनल से उसे क्रेडिट कार्ड धारकों का डेटा मिला। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को करीब 52 एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड धारकों की जानकारी मिली थी। इसके बाद वह खुद को बैंक का ग्राहक सेवा अधिकारी बताकर कार्ड धारकों से संपर्क करता था। वह सर्विस चार्ज या लेट पेमेंट हटाने के नाम पर उनसे कार्ड से जुड़ी जानकारी ले लेता था। इसके बाद आरोपी अपने फर्जी रेस्टोरेंट के नाम से स्विगी पर ऑर्डर जनरेट करता था। वह फर्जी डिलीवरी दिखाकर भुगतान की रकम अपने बैंक खाते में मंगा लेता था। शिकायत मिलने के बाद स्विगी ने उसके एक फर्जी रेस्टोरेंट को बंद कर दिया था। इसके बाद आरोपी ने दूसरे नाम से नया फर्जी रेस्टोरेंट बनाकर दोबारा ठगी शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, 17 सितंबर को भी आरोपी ने 'फास्ट ओटीपी बॉट' टेलीग्राम चैनल से मिले एक क्रेडिट कार्ड से करीब 38 हजार रुपये का स्विगी ऑर्डर जनरेट कर साइबर ठगी की थी। इस मामले में टेलीग्राम चैनल से मिले डेटा, क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी, फर्जी रेस्टोरेंट के एफएसएसएआई दस्तावेज और ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है।
मैनपुरी में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले दो आरोपियों को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये आरोपी नोएडा में कॉल सेंटर चलाकर बेरोजगारों से धोखाधड़ी करते थे। इनके खिलाफ थाना साइबर क्राइम मैनपुरी में धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज था। पुलिस के अनुसार, आरोपी विभिन्न वेबसाइटों से नौकरी के लिए आवेदन करने वाले बेरोजगारों का डेटा लेते थे। इसके बाद उन्हें फोन कर नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। पंजीकरण और अन्य शुल्क के नाम पर वे लोगों से अपने बैंक खातों में पैसे जमा करवाते थे। तकनीकी जांच और सबूतों के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें ग्रेटर नोएडा निवासी दानवीर सिंह और तान्या शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से दो लैपटॉप, छह कीपैड मोबाइल, चार एंड्रॉयड मोबाइल, 870 रुपये और छह एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस ने बताया कि इस मामले में पहले भी तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब गिरफ्तार किए गए आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है। यह कार्रवाई साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई।
मोगा में हाईवे पर लूट-चोरी गिरोह का भंडाफोड़:2 सदस्य गिरफ्तार, चोरी की बाइक और लूटा मोबाइल बरामद
मोगा जिले के निहाल सिंह वाला में पुलिस ने लूटपाट और चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह के 2 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। बिलासपुर पुलिस चौकी की टीम ने नाकाबंदी के दौरान बिना नंबर की काले रंग की स्प्लेंडर बाइक पर सवार दोनों आरोपियों को पकड़ा। पुलिस के मुताबिक आरोपियों की पहचान सैदोंके निवासी जसवीर सिंह उर्फ पिल्लू और निहाल सिंह वाला के मधेके रोड निवासी मिंटू के रूप में हुई है। दोनों के पास चोरी की बाइक और छीना गया मोबाइल फोन बरामद हुआ है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और अब रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी है। चेकिंग के दौरान दोनों को पकड़ा डीएसपी अनवर अली और निहाल सिंह वाला थाना प्रभारी रणजीत सिंह ने बताया कि चौकी प्रभारी जसवंत सिंह सरां, थानेदार इकबाल सिंह, चमकौर सिंह और संजीव कुमार की टीम ने नाकाबंदी की थी। माछीके से भागीके लिंक रोड के चौराहे पर उन्होंने बिना नंबर के काले रंग की स्प्लेंडर बाइक पर आ रहे 2 लोगों को रोका और उनसे पूछताछ की। बाइक चला रहे व्यक्ति ने खुद को जसवीर सिंह उर्फ पिल्लू बताया, जो सैदोंके का रहने वाला है और निहंग सिंह की वेशभूषा में था। पीछे बैठे व्यक्ति ने अपना नाम मिंटू बताया, जो निहाल सिंह वाला के मधेके रोड का रहने वाला है। पुलिस ने जब बाइक के कागजात मांगे, तो दोनों कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। चोरी की बाइक और लूट का मोबाइल मिला सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले यह बाइक चोरी की थी। उनके पास से एक मोबाइल फोन भी मिला। पूछताछ में उन्होंने यह भी कबूल किया कि कुछ दिन पहले उन्होंने नेशनल हाईवे पर एक गाड़ी रोककर उसके मालिक से यह मोबाइल फोन छीना था। चौकी प्रभारी जसवंत सिंह सरां ने बताया कि आरोपी मिंटू के खिलाफ पहले भी निहाल सिंह वाला थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है। दोनों आरोपियों के खिलाफ निहाल सिंह वाला थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस उन्हें रिमांड पर लेकर आगे पूछताछ करेगी, जिससे और भी वारदातों का खुलासा होने की संभावना है। उन्होंने यह भी बताया कि बिलासपुर पुलिस चौकी ने चौकी प्रभारी जसवंत सिंह सरां के नेतृत्व में पहले भी कई मामलों को सुलझाया है। इनमें एनआरआई की गाड़ी से लूट और पुजारी से लूट जैसे मामले शामिल हैं। पुलिस ने एक बड़े चोर गिरोह को भी पकड़ा है।
बठिंडा में बेखौफ बदमाशों ने देर शाम एक ऑटो चालक पर जानलेवा हमला कर नकदी, मोबाइल और दस्तावेज लूट लिए। मानसा रोड स्थित 400 एकड़ इंडस्ट्रियल एरिया के पास लुटेरों ने ऑटो चालक पर हमला कर दिया । उसपर लोहे की रॉड और तेजधार हथियारों से चालक के सिर व पैरों वार कर घायल कर दिया। लहूलुहान हालत में उसको सिविल अस्पताल भर्ती कराया गया है, जहां उसके सिर में 10 से 12 टांके आए हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर बस स्टैंड और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। सवारी बनकर बैठे, सुनसान राह पर रुकवाया ऑटोपरसराम नगर (गली नंबर 38/डी) निवासी बिशन सिंह ने बताया कि शुक्रवार देर शाम वह बस स्टैंड के बाहर सवारियों के इंतजार में खड़ा था। इसी दौरान दो युवक आए और मानसा रोड स्थित 400 एकड़ इंडस्ट्रियल एरिया चलने की बात कही। बिशन सिंह के अनुसार, जब वह इंडस्ट्रियल एरिया के पास पहुंचे, तो पीछे बैठे युवक ने बहाना बनाकर ऑटो रुकवा लिया। चालक ने जैसे ही रुकने की वजह पूछी, तभी पीछे से एक अन्य ऑटो आकर रुका, जिसमें से दो और अज्ञात युवक नीचे उतरे। रॉड से सिर पर वार किए, ऑटो भी छीनने की कोशिशगाड़ी रुकते ही दोनों सवार युवकों ने बिशन सिंह को दबोच लिया। पीछे से आए रॉड और तेजधार हथियारों से उस पर हमला बोल दिया। आरोपियों ने सिर, हाथ और टांगों पर ताबड़तोड़ कई वार किए। पीड़ित के मुताबिक, हमलावरों ने उसका पर्स छीन लिया, जिसमें करीब साढ़े तीन हजार रुपये, पहचान पत्र समेत जरूरी दस्तावेज थे। इसके अलावा बदमाश उसका मोबाइल फोन भी लूट ले गए। लुटेरों ने ऑटो भी छीनने का प्रयास किया, लेकिन लहूलुहान होने के बावजूद चालक के लगातार शोर मचाने पर आरोपी दूसरे ऑटो में सवार होकर मानसा रोड की तरफ फरार हो गए। शोर सुनकर पहुंचे राहगीरों ने तुरंत 112 हेल्पलाइन पर पुलिस को सूचना दी। पीसीआर और एंबुलेंस की मदद से घायल चालक को तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक चालक के सिर पर गहरी चोटें आई हैं, जिस पर 10 से 12 टांके लगाने पड़े हैं। पुलिस जांच: सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल जारीमामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घायल ऑटो चालक के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। बस स्टैंड के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों और मानसा रोड के रास्तों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
फरीदकोट में कोटकपूरा शहर के मोगा रोड स्थित विश्वकर्मा धर्मशाला के पास बाइक सवार दो युवकों द्वारा चलती ई रिक्शा से भाजपा नेता की पत्नी का पर्स छीनकर फरार होने का मामला सामने आया है। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद सिटी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार भाजपा के मंडल प्रधान मनजीत सिंह नेकी की पत्नी नए बस स्टैंड के पास एक कोचिंग सेंटर चलाती हैं। अपने घर लौट रही थी भाजपा नेता की पत्नी शुक्रवार देर शाम सेंटर बंद करने के बाद वह ई-रिक्शा से अपने घर लौट रही थीं। जब वह विश्वकर्मा धर्मशाला के पास पहुंचीं तो पीछे से आए बाइक सवार दो युवक ई-रिक्शा के पास आए और चलती ई रिक्शा से ही उनका पर्स छीनकर मौके से फरार हो गए। पर्स में एक आई फोन समेत दो मोबाइल फोन, करीब 7 से 8 हजार रुपए की नकदी और अन्य जरूरी सामान व दस्तावेज थे। घटना के बाद आसपास के लोगों में भी चिंता का माहौल बन गया। भाजपा नेता ने की पुलिस से शिकायत इस मामले में भाजपा नेता मनजीत सिंह ने बताया कि घटना संबंधी पुलिस को शिकायत दे दी गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से अब तक की गई कार्रवाई के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाए और शहर में बढ़ रही ऐसी वारदातों पर अंकुश लगाया जाए।
रुद्रपुर शहर की मुख्य सड़क पर देर रात मोबाइल गुम होने को लेकर एक व्यक्ति ने जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने काफी देर तक उसे समझाने का प्रयास किया।
फर्जी सिम से हो सकते है साइबर क्राइम:संचार साथी पोर्टल पर चेक करें अपने नाम से जारी मोबाइल कनेक्शन
धौलपुर में पुलिस ने लोगों को फर्जी सिम कार्ड से होने वाले साइबर अपराधों के प्रति आगाह किया है। पुलिस ने बताया कि आपकी जानकारी के बिना जारी हुआ मोबाइल सिम कार्ड साइबर अपराधियों का बड़ा हथियार बन सकता है। साइबर ठग चोरी किए गए पहचान दस्तावेज, फोटो और बायोमेट्रिक डेटा का गलत इस्तेमाल कर फर्जी ई-केवाईसी के जरिए सिम जारी करवा लेते हैं। इन सिम का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी, फर्जी बैंक खाते और डिजिटल लेन-देन में किया जा सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति को जानकारी न होने पर भी पुलिस जांच का सामना करना पड़ सकता है। राजस्थान पुलिस की R4C साइबर क्राइम शाखा ने लोगों को अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की नियमित जांच करने की सलाह दी है। एसपी विकास सांगवान ने भी लोगों से अपील की है कि वे समय-समय पर चेक करें कि उनके नाम पर कितने मोबाइल नंबर चल रहे हैं। पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधी चोरी किए गए दस्तावेज या बायोमेट्रिक डेटा के आधार पर फर्जी ई-केवाईसी कराकर किसी व्यक्ति के नाम पर अतिरिक्त सिम जारी करा सकते हैं। इन नंबरों से ऑनलाइन पेमेंट एप्लीकेशन और फर्जी बैंक खातों का संचालन किया जाता है। ठगी की रकम पहले इन खातों में मंगाई जाती है और फिर कई खातों में ट्रांसफर कर दी जाती है, जिससे अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। पुलिस ने ई-मेल और मैसेज के जरिए आने वाली संदिग्ध ZIP फाइलों से भी सावधान रहने को कहा है। बैंक स्टेटमेंट, आरबीआई, आयकर या कस्टम विभाग के नाम से भेजी गई फाइल खोलने पर डिवाइस में मैलवेयर पहुंच सकता है। इससे चैट, पासवर्ड और जरूरी दस्तावेज चोरी होने का खतरा रहता है। संचार साथी पोर्टल पर ऐसे करें जांच: भारत सरकार के संचार साथी पोर्टल पर जाकर “Know Mobile Connections in Your Name” (TAF-COP) विकल्प चुनें। अपने मोबाइल नंबर और ओटीपी से सत्यापन के बाद आपके नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की सूची स्क्रीन पर दिखेगी। अगर इसमें कोई अनजान या अनावश्यक नंबर मिले, तो उसे पोर्टल के जरिए रिपोर्ट या डिस्कनेक्ट किया जा सकता है।
कविता और साहित्य की हर हलचल आपके मोबाइल पर, जुड़ें अमर उजाला काव्य के व्हाट्सएप चैनल से
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16 सितंबर, बुधवार: शिवपुरी के पिछोर क्षेत्र के गूगरी गांव में शराबबंदी की मांग को लेकर कुछ महिलाएं मोबाइल टॉवर पर चढ़ गईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिलाओं से बातचीत की और कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद वे नीचे उतर आईं।
हिंदी अब सिर्फ किताबों, अखबारों और दफ्तरों की भाषा नहीं रही।
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बेगूसराय में राज्यरानी एक्सप्रेस में मोबाइल छिनतई, विरोध पर अधिवक्ता ट्रेन से गिरकर घायल
11 सितंबर, शुक्रवार, बेगूसराय: चकिया थाना क्षेत्र में राजेंद्र पुल के पास राज्यरानी एक्सप्रेस में बदमाश ने अधिवक्ता से मोबाइल झपटने की कोशिश की। विरोध के दौरान हाथापाई में दोनों ट्रेन से गिर गए। बदमाश 16 हजार का मोबाइल लेकर फरार हो गया और अधिवक्ता घायल हो गए।
सिंगरौली में पत्नी के लापता होने से परेशान युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, आश्वासन के बाद सुरक्षित उतरा
10 सितंबर, गुरुवार: सिंगरौली के बरगवां थाना क्षेत्र में पत्नी के लापता होने से परेशान 28 वर्षीय युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। पुलिस और प्रशासन की टीम ने कई घंटे समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज कर महिला की तलाश शुरू कर दी है।
अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे कठुआ जिले के हीरानगर स्थित चन्न खत्रियां इलाके में एक कबूतर पकड़ा गया है।
रीवा में 16.632 किलो गांजा, पिस्टल-कारतूस और मोबाइल बरामद, आरोपी गिरफ्तार
27 अगस्त, गुरुवार: रीवा के समान थाना पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत गड़रिया नहर के पास घेराबंदी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके पास से 16.632 किलो गांजा, देशी पिस्टल, मैगजीन, 4 कारतूस और 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए। आरोपी के खिलाफ NDPS और आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया गया है।
Rahul Gandhi मोबाइल दिखाकर बोले- ये 21वीं सदी का पिंजरा | Congress | Rajiv Gandhi Birth Anniversary
पूर्व पीएम राजीव गांधी की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस मौके पर दिल्ली में हरा भरा स्वाराज कार्यक्रम का आयोजन किया. इसमें कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पहुंचे. यहां उन्होंने मोबाइल दिखाकर क्या कुछ कहा
iQOO-Redmi Smartphone Price Hike: मोबाइल खरीदने वालों को झटका, 14,000 रुपये तक महंगे हुए फोन
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ग्वालियर में मोबाइल चोर को पकड़ती बहनों का वीडियो झूठे सांप्रदायिक दावे से वायरल
बूम से बातचीत में ग्वालियर पुलिस ने पुष्टि की कि वीडियो में दिख रहा आरोपी मुस्लिम नहीं है और उसकी पहचान मनप्रीत सिंह के रूप में की गई है.
बक्सर पुलिस की बड़ी सफलता: एसपी शुभम आर्य ने बरामद खोए हुए मोबाइल असली धारकों को लौटाए
6 गुरुवार, अगस्त: बक्सर जिले में पुलिस ने अभियान चलाकर लोगों के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके बाद बक्सर एसपी शुभम आर्य ने एक कार्यक्रम के दौरान सभी मोबाइल उनके असली धारकों को सौंप दिए। अपने खोए हुए फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने बक्सर पुलिस की इस पहल की सराहना की।
ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर चोरी के दो मोबाइल के साथ एक आरोपी गिरफ्तार
4 मंगलवार, अगस्त:ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चोरी के दो मोबाइल फोन के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Gaya News: 4 मोबाइल के साथ धराए दो चोर
गया जंक्शन पर 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत आरपीएफ और जीआरपी के संयुक्त अभियान में यात्रियों से चोरी किए गए चार मोबाइल फोन के साथ दो चोरों को गिरफ्तार किया गया है।
पिसावां में माता-पिता से विवाद के बाद युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ा, तीन घंटे बाद पुलिस ने उतारा
1 शनिवार, अगस्त: पिसावां के चौखड़ियां गांव में माता-पिता से विवाद के बाद एक युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। करीब तीन घंटे की समझाइश के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने युवक के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की है।
खैरथल के मुंडावर में ससुराल पक्ष से नाराज युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, पुलिस ने सुरक्षित उतारा
1 शनिवार, अगस्त: खैरथल जिले के मुंडावर क्षेत्र में ससुराल पक्ष से नाराज एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन ने समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवक से पूछताछ के साथ काउंसलिंग भी कराई जा रही है।
टीवी अभिनेत्री स्मृति खन्ना का मानना है कि वर्टिकल सीरीज मनोरंजन की दुनिया का भविष्य हैं। उन्होंने बताया कि कम समय के एपिसोड, मोबाइल फ्रेंडली फॉर्मेट और बड़े प्रोडक्शन हाउस की बढ़ती दिलचस्पी इस नए ट्रेंड को तेजी से आगे बढ़ा रही है। साथ ही उन्होंने ...
31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

