फ्लैट दिलाने का झांसा देकर साइबर अपराधी ने एक व्यक्ति के साथ 95 हजार रुपए की ठगी कर ली। दो बार में खाते से रकम ट्रांसफर कराई गई। ठगी की जानकारी होने के बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत सेक्टर-113 थाने की पुलिस से की। इस मामले में अज्ञात ठग के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। मेजर बनकर ठग ने की बातसेक्टर-78 स्थित स्टेट ऐसोटेक विंडसर कोर्ट सोसाइटी निवासी ऋषि खन्ना ने बताया कि बीते साल 12 दिसंबर को उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आई। कॉलर ने खुद को हाउसिंग डॉटकॉम से जुड़ा बताया और फ्लैट दिलाने की बात कही। बातचीत के दौरान ठग ने अपना परिचय मेजर आदित्य शर्मा के रूप में दिया। आदित्य ने कहा कि उसके पास एक अच्छा फ्लैट उपलब्ध है। इसे वह कम दाम में बेचना चाहता है। ऑनलाइन फ्लैट दिखाया और मांगा 10 प्रतिशतउसके किसी जानकार ने इस संबंध में ऋषि का मोबाइल नंबर दिया है। उसने शिकायतकर्ता को फ्लैट ऑनलाइन ही दिखाया और सौदा तय करने की बात कही। सौदा तय होने के बाद ठग ने पीड़ित को फ्लैट बुक करने के लिए कुल कीमत का 10 प्रतिशत एडवांस ऑनलाइन ट्रांसफर करने के लिए राजी कर लिया। सेना में अधिकारी होने का दावा और पेशेवर तरीके से की गई बातचीत के कारण शिकायतकर्ता को ठग पर कोई संदेह नहीं हुआ। पैसे ट्रांसफर होने के मोबाइल किया बंदउसके बताए खाते में ऋषि ने 95 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। रकम ट्रांसफर होने के कुछ समय बाद तक तो ठग शिकायतकर्ता से बातचीत करता रहा, पर बीच में अचानक से उसका मोबाइल नंबर बंद आने लगा। कई दिन जब ऐसे ही बीत गए तो ऋषि को उसपर शक और उसने नजदीकी थाने में केस दर्ज कराया। जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनकी जांच की जा रही है।
मुरैना बच्चों में मोबाइल एडिक्शन इस कदर बढ़ता जा रहा है कि मामूली डांट भी उन्हें आत्मघाती कदम उठाने को उकसाती है। ऐसा ही एक मामला मुरैना में सामने आया। जहां 17 वर्षीय 12वीं के छात्र अजय ने मोबाइल छोड़कर पढ़ाई करने की समझाइश मिलने के बाद ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। मृतक के भाई सुनील ने बताया कि हाल ही में पिता शिक्षक रामवीर माहौर ने अजय को मोबाइल छोड़कर पढ़ाई पर ध्यान देने की समझाइश दी थी। इसके बाद वह मानसिक रूप से परेशान दिख रहा था। हालांकि परिवार को किसी बड़े तनाव की जानकारी नहीं थी। 12वीं का छात्र अजय शनिवार दोपहर घर से यह कहकर निकला था कि वह प्रैक्टिकल फाइल लेने बाजार जा रहा है। लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटा। इधर शनिवार शाम को लालौर फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर एक युवक का शव मिला। भास्कर एक्सपर्ट पढ़ाई का दबाव और मोबाइल की लत मानसिक संतुलन बिगाड़ सकती है... किशोर अवस्था में पढ़ाई का दबाव, अपेक्षाएं और मोबाइल जैसी आदतें बच्चों के मानसिक संतुलन प्रभावित कर सकती हैं। इस उम्र में बच्चे भावनात्मक रूप से संवेदनशील होते हैं। अभिभावकों को डांटने के बजाय संवाद बढ़ाना चाहिए। काउंसलिंग से ऐसी घटनाएं रोकी जा सकती हैं। - डॉ अमन किशोर, मनोचिकित्सक
वैलेट पार्किंग में खड़ी कार से मोबाइल चोरी का आरोप, दो कर्मचारी हिरासत में
जालंधर| होटल पार्क प्लाजा में ग्राहक ने वैलेट पार्किंग स्टाफ पर कार से मोबाइल चोरी करने का आरोप लगाया। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने पार्किंग के दो कर्मचारियों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। गौतम ने बताया कि अपने परिवार के साथ होटल परिसर में शॉपिंग के लिए आया था। उसने अपनी कार पार्क करने के लिए वैलेट पार्किंग के कर्मचारी जगतार को चाबी सौंप दी। करीब 15-20 मिनट बाद जब गौतम अपनी गाड़ी से मोबाइल लेने वापस लौटा, तो कार में रखा मोबाइल गायब था। गौतम ने तुरंत पार्किंग स्टाफ से पूछताछ की, इसके बाद मौके पर जमकर हंगामा हुआ और पीड़ित ने मामले की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही सब-इंस्पेक्टर सतनाम सिंह मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान वहां मौजूद कुछ अन्य लोगों ने भी शिकायत की कि उनकी गाड़ियों के साथ भी छेड़छाड़ की गई है। पुलिस ने वैलेट पार्किंग कर्मचारी जगतार और उसके एक अन्य साथी को हिरासत में लेकर थाना बारादरी के हवाले कर दिया। दूसरी ओर, हिरासत में लिए गए कर्मचारी जगतार ने चोरी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उसने तर्क दिया कि जब उसने गाड़ी पार्क की, तब उसमें फोन मौजूद नहीं था। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि सच सामने आ सके।
14 जगह तलाशी में 7 मोबाइल तीन टैबलेट और दस्तावेज जब्त
भास्कर न्यूज | अमृतसर 328 पावन स्वरूप गायब होने के मामले में गिरफ्तार एसजीपीसी के पूर्व असिस्टेंट सुपरवाइजर आरोपी कंवलजीत सिंह को पुलिस ने रविवार दोपहर 3 बजे कोर्ट में पेश किया, जहां से 5 दिन का रिमांड मिला। एसआईटी मेंबर डीसीपी इंवेस्टिगेशन रविंदरपाल सिंह ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। आरोपी को शनिवार रात 8 बजे फतेहगढ़ चूड़ियां रोड स्थित उसके घर से काबू किया गया था। वहीं एसआईटी प्रवक्ता ने बताया कि अब तक कार्रवाई के दौरान 14 जगह तलाशी अभियान चलाया और 7 मोबाइल फोन, 3 टैबलेट, 2 लैपटॉप, 1 स्टोरेज डिवाइस और दस्तावेज जब्त किए गए हैं। एसआईटी प्रवक्ता ने बताया कि थाना सी-डिवीजन में दर्ज एफआईआर में 16 आरोपियों को नामजद किया गया है जिनमें से 2 की कथित तौर पर मौत हो चुकी है। प्रवक्ता ने बताया कि कंवलजीत सिंह सहायक के रूप में काम कर रहा था और पावन स्वरूपों की देखभाल, मर्यादा, अनधिकृत छपाई के दौरान हुई गंभीर लापरवाहियां और कमियां में सीधी भूमिका थी। उल्लेखनीय है कि जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जाएगी और जब्त किए गए दस्तावेजों तथा वित्तीय रिकॉर्ड की बारीकी से जांच-पड़ताल की जा रही है क्योंकि भुगतान करने वाली कंपनियों की कड़ियां राजनीतिज्ञों सहित कई प्रभावशाली व्यक्तियों से जुड़ी हुई हैं।
टोंक डीएसटी ने शहर में पुलिस थाना पुरानी टोंक इलाके में छापा मार कार्रवाई करते हुए सार्वजनिक स्थान पर जुआ खेलते हुए 19 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से करीब पौने तीन लाख रुपए भी बरामद किए हैं। साथ ही एक दर्जन से ज्यादा बाइक, डेढ़ दर्जन से ज्यादा मोबाइल समेत अन्य सामग्री जब्त की है। डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि सार्वजनिक स्थान पर ताश पत्ती से जुआ खेलते पाए जाने पर 19 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से 272517 रुपए (दो लाख बहत्तर हजार पांच सो सत्रह रूपये) जुआ राशि जब्त की है। इसके साथ ही पुलिस ने जुए में काम ली जा रही ताश पत्ती, 13 मोटरसाइकिल, 20 मोबाइल जब्त किए गए है । DST द्वारा अवैध गतिविधियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। इन्हें किया गिरफ्तार: डीएसटी प्रभारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मोहनलाल पुत्र केशव निवासी सरवराबाद ,भेरू लाल पुत्र गोपीलाल निवासी पंचकुईया दरवाजा, महेश पुत्र सत्यनारायण निवासी गादोलाई थाना कोतवाली, आदित्य पुत्र प्रहलाद दास जाति बैरवा निवासी धन्नातलाई, राजेश पुत्र सुर्यप्रकाश निवासी नोशे मियां का पुल, उम्मेद पुत्र लक्ष्मीनारायण थाना पुरानी टोंक, माती पुत्र कल्याणमल माली निवासी पुरानी टोंक, जयकिशन पुत्र सुरजमल महावर निवासी अस्तल रोड टोंक, सददाम पुत्र मो. शरीफ निवासी कालीपलटन, याकुब पुत्र मंजूर मुसलमान निवासी पुरानी टोंक, पप्पु पुत्र लक्ष्मीनारायण गुर्जर निवासी चुडीगरान मौहल्ला, कन्हैया पुत्र जगदीश महावर निवासी नोशे मिया का पुल,लोकेश पुत्र सत्यनारायण खटीक निवासी गांधीपार्क, पवन पुत्र रतनलाल खटीक निवासी गांधापार्क, समसेर अली पुत्र भाकर अली निवासी पुरानी टोंक,विशाल पुत्र अशोक महावर निवासी गांधीपार्क, भुरिया पुत्र सत्तार खान निवासी धन्नातलाई, इन्द्र पुत्र लक्ष्मण चावला निवासी गांधीपार्क, हेमराज पुत्र छोटुलाल गुर्जर निवासी निवाई दरवाजा टोंक को जुआ खेलते गिरफ़्तार किया है।
गोंडा में चल रही 'राष्ट्रकथा महोत्सव' में भोजपुरी एक्टर और सिंगर पवन सिंह पहुंचे। उन्होंने मंच पर जाकर पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह से मुलाकात की। अभिनेता ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद पवन सिंह ने सद्गुरु रितेश्वर महाराज की आरती उतारी। पवन सिंह ने मंच से भजन गाने की इच्छा व्यक्त की। अनुमति मिलने पर उन्होंने अपनी आवाज में भजन प्रस्तुत किए। पवन सिंह ने मंच से दो प्रसिद्ध भजन प्रस्तुत किए। पहला भजन शक्ति बढ़ लागल लक्ष्मण के रोवेली रघुराई, अखियां खोला बाबुऊ बोलब केके छोटका भाई था, जिसे सुनकर उपस्थित जनसमूह गंभीर हो गया। दूसरा भजन देखकर राम को जनक नंदिनी, बाग में बस खड़ी की खड़ी रह गई श्री राम और माता सीता के प्रसंग पर आधारित था, जिसने पूरे पंडाल में भक्ति का माहौल बना दिया। पहले देखें दो फोटो... पवन सिंह के गाना गाते ही लोगों ने जलाई फ्लैश लाइट राष्ट्रकथा महोत्सव में पवन सिंह की एक झलक पाने के लिए कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया। जैसे ही उन्होंने गाना शुरू किया, लोगों ने अपने मोबाइल फोन के कैमरे खोल लिए। हर कोई इस पल को अपने फोन में कैद करने के लिए उत्सुक था। युवाओं के बीच पवन सिंह की लोकप्रियता ने कार्यक्रम की उपस्थिति को बढ़ाया। वहीं कोडिन सिरप के सवालों पर पवन सिंह ने कहा भगवान-भगवान करिए। शाहरुख खान द्वारा बांग्लादेशी खिलाड़ी लिए जाने पर भी बोले- भगवान भगवान करिए। एक जनवरी को हुआ था कथा शुभारंभ नंदिनी निकेतन में आठ दिवसीय राष्ट्रकथा चल रही है। एक जनवरी को श्रीआनंदम धाम पीठाधीश्वर सद्गुरु रितेश्वर महाराज ने इसका शुभारंभ किया था। अयोध्या से पधारे साधु-संतों के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच व्यास पीठ की पूजा-अर्चना कर कथा शुरू की थी। आयोजन के पहले दिन 10 हजार से अधिक बच्चों ने सहभागिता कर कथा का श्रवण किया था। नवाबगंज से अयोध्या तक 28 प्रवेश द्वार राष्ट्र कथा के लिए नवाबगंज से अयोध्या तक 28 प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। इन द्वारों का नाम महाराजा दिलीप, राजा अज, भगवान परशुराम जैसे रघुकुल परंपरा के महापुरुषों के साथ-साथ पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की वंश परंपरा से जुड़े लोगों के नाम पर रखा गया है। र 42 महंतों की तस्वीरें भी लगाई गई कथा स्थल पर 42 महंतों की तस्वीरें भी लगाई गई हैं, जिनके द्वारा इस कथा का उद्घाटन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, प्रतिदिन 50,000 से अधिक श्रद्धालु इस कथा को सुनने के लिए उपस्थित होंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बड़े जर्मन हैंगर टेंट लगाए गए हैं, और ठंड से बचाव के लिए गैस हीटर की व्यवस्था की गई है। -------------------------------- ये खबर भी पढ़े... संभल में 2 मस्जिदें, एक मदरसा तोड़ा गया, एक मस्जिद को रातभर में लोगों ने खुद ढहाया संभल में रविवार को दो अवैध मस्जिद और एक मदरसे को ढहा दिया गया है। पहला एक्शन- असमोली थाने के हाजीपुर में हुआ। यहां हाजीपुर गांव में बुलडोजर एक्शन से पहले ही एक मस्जिद को गांव के लोगों ने खुद ही तोड़ दिया। लोगों ने रातभर हथौड़े और छेनी से मस्जिद को ढहाया। पूरी खबर पढ़ें...
पलवल में बिजली चोरी पकड़ने गई हरियाणा दक्षिण बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) की टीम पर जानलेवा हमला किया गया। हमलावरों ने टीम के सदस्यों के साथ मारपीट की, एक कर्मचारी का मोबाइल फोन छीनकर बिजली चोरी का वीडियो डिलीट कर दिया और जातिसूचक गालियां भी दीं। होडल थाना पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। करमन बॉर्डर पर हुई घटनायह घटना शनिवार को करमन बॉर्डर पर हुई, जब कनिष्ठ अभियंता सुनील मान के नेतृत्व में बिजली विभाग की टीम जांच के लिए पहुंची थी। टीम में जेई रजत, फोरमैन चितरंजन और लाइनमैन प्रदीप सहित कई कर्मचारी शामिल थे। बिजली चोरी का वीडियो बनाते समय हुआ हमलाजांच के दौरान टीम ने पाया कि एक उपभोक्ता मीटर की इनकमिंग सर्विस लाइन में कट लगाकर बिजली चोरी कर रहा था। टीम के सदस्य सतीश कुमार ने जब इस चोरी का वीडियो बनाना शुरू किया, तो मौके पर मौजूद चिंटू नामक व्यक्ति ने अपने साथियों को बुला लिया। लक्ष्मण और साथियों ने किया हमलाआरोप है कि लक्ष्मण नामक व्यक्ति चार अन्य लोगों के साथ मौके पर पहुंचा और बिजली विभाग की टीम पर हमला कर दिया। हमलावरों ने सतीश कुमार का फोन छीन लिया और उसमें रिकॉर्ड की गई बिजली चोरी की वीडियो हटा दी। इस झड़प में सतीश कुमार के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं, जबकि अन्य कर्मचारियों को भी चोटें लगीं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि हमलावरों ने मारपीट के दौरान टीम को जान से मारने की धमकी दी और सतीश कुमार को जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी फरारहोडल थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी घटना के बाद से फरार हैं और उनकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बांदा जिले की मटौंध पुलिस ने जुआ खेलते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 11,300 रुपये नकद, चार मोबाइल फोन, दो मोटरसाइकिलें और 52 ताश के पत्ते बरामद किए हैं। यह कार्रवाई 3/4 जनवरी 2026 की देर रात की गई। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि मटौंध थाना क्षेत्र में गश्त और चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, शराब के ठेके के पास कुछ लोग हार-जीत की बाजी लगाकर जुआ खेल रहे थे। इस सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर छापा मारा और पांच व्यक्तियों को पकड़ लिया। छापेमारी के दौरान मौके से जुए का फड़ और अभियुक्तों की तलाशी में कुल 11,300 रुपये नकद, चार मोबाइल फोन तथा जुए में इस्तेमाल की जा रही दो मोटरसाइकिलें बरामद हुईं। पुलिस ने दोनों मोटरसाइकिलों को जब्त कर सीज कर दिया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान हरिश्चंद्र पुत्र घनश्याम, रोहित पुत्र जागेश्वर, प्रेम बाबू पुत्र लक्ष्मी प्रसाद, अनुराग पुत्र हिम्मत सिंह और बालेन्द्र पुत्र गुलाब सिंह के रूप में हुई है। ये सभी मटौंध कस्बे के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने इन सभी अभियुक्तों के खिलाफ मटौंध थाने में मुकदमा अपराध संख्या 04/26, धारा 13 जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
सहरसा सोनवर्षा कचहरी थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल 18 वर्षीय प्रिय कुमार सिंह का इलाज के दौरान शनिवार को निधन हो गया है। प्रिय ने एक निजी अस्पताल में दम तोड़ा, जिसके बाद परिवार में मातम छा गया और सोनवर्षा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक प्रिय कुमार सिंह नगर पंचायत सोनवर्षा के वार्ड संख्या 13 निवासी संतोष सिंह के छोटे पुत्र थे। उनकी असामयिक मौत से परिवार गहरे सदमे में है। प्रिय अपने दोस्त तेजस के साथ गया था मंदिर यह घटना गुरुवार शाम को हुई थी। प्रिय अपने दोस्त तेजस (गौतम नगर निवासी) के साथ तिवारी स्थित भगवती स्थान मंदिर में पूजा करने गए थे। वहां से लौटते समय वे बाइक से हरिपुर स्थित प्रिय के ननिहाल जा रहे थे। इसी दौरान सोनवर्षा कचहरी थाना क्षेत्र में एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में प्रिय के सिर में गंभीर चोटें आईं, जबकि उनके दोस्त तेजस का हाथ और पैर फ्रैक्चर हो गया। दोनों दोस्त करीब एक घंटे तक सड़क पर ही पड़े रहे हादसे के बाद एक चौंकाने वाली घटना भी सामने आई। घायलों की मदद करने के बजाय, एक राहगीर ने प्रिय के मोबाइल से उनके परिजनों को दुर्घटना की सूचना दी और फिर मोबाइल लेकर फरार हो गया। बताया गया कि दोनों दोस्त करीब एक घंटे तक सड़क पर ही पड़े रहे। हादसे के बाद से ही प्रिय की हालत नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। प्रिय का शव घर पहुंचते ही पूरे मोहल्ले में गमगीन माहौल छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सोनबरसा थाना कचहरी थाना के थानाध्यक्ष आशुतोष ने कहा कि मामले में आवश्यक कार्रवाई किया जाएगा।
निंबाहेड़ा के लसडावन विद्यालय के प्रधानाचार्य रतनलाल मेघवाल और स्टाफ ने परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए गांवों में घर-घर जाकर 'संपर्क अभियान' शुरू किया है। इस दौरान मोबाइल गेम 'फ्री फायर' की लत पर चिंता जताते हुए अभिभावकों से बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने की अपील की गई। शिक्षा के प्रति समर्पित शिक्षकों की इस अनूठी पहल और एक्स्ट्रा क्लास की योजना की पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।
चंडीगढ़ में ट्रैफिक चालान का लिंक भेजकर साइबर ठगी करने वाले आरोपी को साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फर्जी लिंक भेजकर मोबाइल हैक किया और क्रेडिट कार्ड से लाखों रुपए की ठगी की थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया है। मामले में एफआईआर दर्ज करने के बाद जब साइबर सेल की इंचार्ज इंस्पेक्टर इरम रिजवी ने जांच शुरू की तो सामने आया कि ठगी की रकम से गिफ्ट कार्ड खरीदे गए। इन गिफ्ट कार्ड्स का इस्तेमाल ऑनलाइन सोना खरीदने में किया गया। सोने के सिक्के दिल्ली-एनसीआर इलाके में मंगवाए गए थे। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को हरियाणा के गुरुग्राम से आरोपी देवांश गोयल को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से आईफोन 13 प्रो- मैक्स मोबाइल फोन बरामद किया गया, जिसका इस्तेमाल ठगी में किया गया था। जानिए, आरोपी ने कैसे दिया ठगी को अंजाम पुलिस को दी शिकायत में गांव मलोया निवासी रमेश सिंह रावत ने बताया कि उसे एक अनजान नंबर से वॉट्सऐप पर “MPparivahan APK” नाम का लिंक आया। उन्होंने इसे किसी पुराने ट्रैफिक चालान से जुड़ा समझकर खोल लिया। लिंक खोलते ही उनके मोबाइल ने फोन ठीक से काम करना बंद कर दिया। इसके बाद उसे लगातार अनजान नंबरों से कॉल, मैसेज और ओटीपी आने लगे। कुछ ही देर में उसके क्रेडिट कार्ड से बिना अनुमति के पैसे निकल गए। एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 36 हजार 294 रुपए और आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 90 हजार रुपए निकाल लिए गए। इस तरह कुल 3 लाख 26 हजार 294 रुपए की ठगी की गई। शिकायत में कहा गया कि, आरोपी ने उसके मोबाइल से बैंक से जुड़े मैसेज, ओटीपी और लेन-देन की जानकारी जानबूझकर डिलीट कर दी गई, ताकि उसे समय पर ठगी का पता न चल सके।
फरीदाबाद की हाई-टेक मानी जाने वाली नीमका जिला जेल में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शनिवार सुबह जेल परिसर में सीवर की सफाई के दौरान एक मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। यह घटना उस समय सामने आई जब बैरक नंबर 11 के शौचालय का सीवर जाम होने पर सफाई अभियान चलाया जा रहा था। सीवर जाम खुला तो निकला मोबाइल जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 7:30 बजे बैरक नंबर 11 के कमरा नंबर 3 के वॉशरूम में सीवर जाम की समस्या आई थी। जब सफाईकर्मियों ने पाइपलाइन की जांच की, तो सीवर के अंदर से एक बिना सिम कार्ड वाला छोटा कीपैड मोबाइल फोन बरामद हुआ। जेल के भीतर मोबाइल मिलना सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है। जेल प्रशासन ने दर्ज कराई शिकायतमोबाइल मिलने की सूचना मिलते ही जिला जेल नीमका के उप अधीक्षक सचिन कुमार ने स्थानीय पुलिस को सूचित किया। आईएमटी पुलिस चौकी इंचार्ज भूपेंद्र कुमार ने बताया कि जेल प्रशासन की शिकायत पर मोबाइल फोन को कब्जे में ले लिया गया है और अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। कैदियों से पूछताछ और सुरक्षा की जांच प्रारंभिक जांच में मोबाइल बिना सिम का पाया गया है। पुलिस और जेल प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि जेल की ऊंची दीवारों और सख्त सुरक्षा के बावजूद यह मोबाइल अंदर कैसे पहुँचा और किस कैदी द्वारा इसका उपयोग किया जा रहा था। संबंधित बैरक में बंद कैदियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो युवक और एक महिला को एमडी ड्रग के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी शहर में छात्रों को नशे की सप्लाई करते थे। पुलिस ने उनके कब्जे से 20 ग्राम से अधिक एमडी ड्रग और एक कार जब्त की है। क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि पुलिस टीम ने स्कीम नंबर 114 स्थित पानी की टंकी के पास से इरफान शेख निवासी एमआईजी कॉलोनी, सरफराज खान निवासी खजराना और उनकी एक महिला मित्र को पकड़ा है। शुक्रवार को चेकिंग के दौरान पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगे थे, लेकिन टीम ने पीछा कर उन्हें दबोच लिया। प्रतापगढ़ से लाए थे ड्रग्स तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 20 ग्राम से अधिक एमडी ड्रग और एक कार बरामद की गई। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी प्रतापगढ़ और मंदसौर क्षेत्र से नशीला पदार्थ लेकर इंदौर आते थे और यहां स्टूडेंट्स को सप्लाई करते थे। पुलिस आरोपियों से नेटवर्क को लेकर पूछताछ कर रही है। क्राइम ब्रांच ने लौटाए 326 गुम और चोरी हुए मोबाइल इंदौर क्राइम ब्रांच ने गुम और चोरी हुए 326 मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को वापस किए हैं। ये मोबाइल सिटिजन कॉप ऐप पर दर्ज शिकायतों के आधार पर ट्रेस किए गए थे। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार बरामद मोबाइल मध्यप्रदेश के अलावा उत्तरप्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र में सक्रिय पाए गए थे। अलग-अलग कंपनियों के ये मोबाइल फोन ट्रैक कर बरामद किए गए हैं। हालांकि अधिकारी यह स्पष्ट नहीं कर सके कि ये मोबाइल किन लोगों के पास और किन परिस्थितियों में पहुंचे थे। बरामद किए गए मोबाइलों की कीमत करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपए आंकी गई है।
घिरोर लूट का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार:मैनपुरी में CCTV और मोबाइल लोकेशन से पकड़े गए, एक फरार
मैनपुरी के कस्बा घिरोर में व्यापारी से हुई लूट की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन, नकदी, एक अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए गए हैं। घटना में शामिल एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। यह घटना बीते 17 दिसंबर को थाना घिरोर क्षेत्र में हुई थी, जहां अज्ञात बदमाशों ने एक व्यापारी को लूट लिया था। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए थे। सूचना मिलने पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले के शीघ्र खुलासे के लिए कई टीमें गठित की थीं। पुलिस टीमों ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। साथ ही, घटना के समय सक्रिय मोबाइल फोन की लोकेशन को भी ट्रेस किया गया। इन्हीं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने रेलवे क्रॉसिंग कोसमा के पास से दोनों आरोपियों को उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वे फरार होने की कोशिश कर रहे थे। आरोपियों की तलाशी के दौरान उनके पास से एक वीवो कंपनी का मोबाइल फोन, लूटी गई 7,230 रुपये की नकदी, एक 315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान अंकित कुशवाहा पुत्र रामजीत, निवासी काशीराम कॉलोनी, कस्बा शिकोहाबाद, जनपद फिरोजाबाद, और वसीम खान उर्फ बाबू पुत्र नन्ने खां, निवासी जेवरा रोड, कस्बा मक्खनपुर, जनपद फिरोजाबाद के रूप में बताई। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि खराब आर्थिक स्थिति के कारण उन्होंने योजना बनाकर इस लूट की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया है। फरार तीसरे आरोपी की तलाश अभी भी जारी है।
खाटूश्यामजी में होटल से मोबाइल और दानपात्र चोरी VIDEO:चोरी करने पैदल आया चोर,2 मिनट में फरार हुआ
सीकर की धार्मिक नगरी खाटूश्यामजी में बीती देर रात को होटल से मोबाइल और दानपात्र चोरी होने का मामला सामने आया है। घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। जिसके आधार पर अब पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। घटना खाटूश्यामजी में रींगस रोड पर स्थित होटल श्यामकृपा की है। यहां पर काउंटर पर एक मोबाइल फोन और गौशाला का दानपात्र रखा हुआ था जो चोरी हो गया। जब स्टाफ के लोगों ने वहां मोबाइल और दानपात्र नहीं देखा तो उन्होंने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की। जिसमें उन्होंने देखा की रात को 1:10 से 1:15 के बीच पैदल एक चोर आता है। जो यहां पर होटल के अंदर घुसता है। पहले वह इधर-उधर देखता है कि कोई है या नहीं। इसके बाद चोर सीधे काउंटर की तरफ आता है। जहां पर वह जाकर मोबाइल और दानपात्र चोरी कर लेता है। करीब 2 से 3 मिनट में वह चोरी करके वहां से फरार हो जाता है। मकान के पीछे खड़ी स्कॉर्पियो गाड़ी चोरी वहीं सीकर के खाटूश्यामजी सदर थाना इलाके में घर के पीछे खड़ी स्कॉर्पियो गाड़ी चोरी होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में झुंझुनूं निवासी सुनील कुमार ने पुलिस में रिपोर्ट देकर बताया कि एक जनवरी की रात उन्होंने 9:30 बजे सांवलपुरा गांव में किराए के मकान के पीछे उन्होंने अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी को खड़ा किया। अगले दिन सुबह देखा तो स्कॉर्पियो गाड़ी नहीं मिली। पुलिस मामले में आरोपियों की तलाश कर रही है। यह खबर भी पढ़ें : खाटूश्यामजी में दुकानदारों के बीच लड़ाई-VIDEO:प्रसाद बेचने के नाम पर लड़ाई, दहशत में आए भक्त; पुलिस ने शांतिभंग में आरोपियों को गिरफ्तार किया खाटूश्यामजी में नए साल के मौके पर भक्तों की भीड़ के बीच दो दुकानदारों में लड़ाई हो गई। इसका वीडियो भी सामने आया है। दोनों दुकानदार खाटूश्यामजी गांव में प्रसाद की दुकान लगाते हैं। प्रसाद बेचने की बात पर दोनों के बीच विवाद हुआ। दोनों ने मारपीट शुरू कर दी।(पूरी खबर पढ़ें
मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र के लाइन पार ढक्का मोहल्ले में एक युवक को उसके दोस्तों ने मोबाइल न देने पर पेट गोली मार दी। जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने युवक की मां की शिकायत पर चार दोस्तों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। मोबाइल नहीं दिया तो पेट में मारी गोली मझोला क्षेत्र के प्रीतम नगर निवासी संजय सैनी की पत्नी कंचन ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि बृहस्पतिवार शाम उनका बेटा मोहित सैनी ढक्का मोहल्ले में एक जन्मदिन पार्टी में शामिल होने गया था। रात करीब नौ बजे मोहित बाइक से घर लौट रहा था, तभी उसके दोस्तों ने उसे रास्ते में रोक लिया। उन्होंने मोहित से उसका मोबाइल मांगा, लेकिन मोहित ने देने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर आरोपियों ने मोहित के पेट में गोली मार दी, जिससे वह घायल हो गया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल मोहित को तुरंत अपेक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया। दोस्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने जानकारी दी कि तहरीर के आधार पर लाइनपार के शांति नगर निवासी अनुज वर्मा, मझोला के लाइनपार कैल्टन स्कूल वाली गली निवासी शिवम, मोहित और शक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस इन सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
भीलवाड़ा के प्रताप नगर थाना पुलिस ने किडनैप और रेप के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अपहृत नाबालिग लड़की को अहमदाबाद से बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी राजपाल ने बताया कि 25 दिसंबर को पीड़िता के परिजन ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि 24 दिसंबर को एक व्यक्ति उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। मोबाइल लोकेशन से आरोपी तक पहुंची पुलिस मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया। आरोपी की मोबाइल कॉल डिटेल और लोकेशन के आधार पर उसकी तलाश की गई। जांच के दौरान पीड़िता और आरोपी के अहमदाबाद में होने की पुष्टि हुई। अहमदाबाद से दस्तयाब, आरोपी गिरफ्तार सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने अहमदाबाद पहुंचकर पीड़िता को सुरक्षित बरामद किया और किडनैप व दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। टीम में ये अधिकारी रहे शामिल इस कार्रवाई में प्रताप नगर थाना प्रभारी राजपाल, एएसआई चिराग अली, आशीष मिश्रा, हेड कांस्टेबल सुनील कुमार, रामनिवास, नरेंद्र और पिंटू कुमार शामिल रहे।
राजगढ़ रोड की स्ट्रीट लाइटें सीसीएमएस से जोड़ीं, अधिकारी मोबाइल से कर सकते हैं ऑन व ऑफ
इलेक्ट्रिक ब्रांच के एक्सईएन जयवीर डूडी ने बताया कि संबंधित ब्रांच के जेई के मोबाइल फोन से इस सिस्टम की मॉनीटरिंग हो रही है। उनके फोन में एप डाउनलोड की है। वे खुद ही अंधेरा होते ही पैनल ऑन कर देते हैं और सुबह टाइम से बंद कर देते हैं। अगर किसी लाइट में खराबी है तो उन्हें एप से पता चल जाता है। किस पैनल पर कितना लोड है। लोड कम या ज्यादा हुआ इसका पता भी लग जाता है। शहर की मुख्य सड़कों के अलावा गली-मोहल्लों में 55 हजार लाइटें लगी हैं। इन स्ट्रीट लाइटों को विशेषकर मुख्य रोड पर सीसीएमएस से जोड़ने के बाद इन्हें भविष्य में लगने वाले आईसीसीसी से इंटीग्रेट किया जाएगा। आईसीसीसी के जरिए फिर इनकी मॉनीटिरिंग की जा सकेगी। भास्कर न्यूज | हिसार राजगढ़ रोड की स्ट्रीट लाइटें सीसीएमएस (सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल मॉनिटरिंग सिस्टम) से जोड़ी गई है। इन लाइटों को एप के जरिये कहीं बैठे ही ऑन-ऑफ किया जा सकेगा। यानी कि इनके पैनल को एप के जरिये ऑपरेट किया जा सकेगा। यह भी पता चल जाएगा कि इस रोड पर स्ट्रीट लाइटें बंद हैं अथवा खराब है। किसी को मैनुअल तरीके से पैनल ऑन ऑफ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नगर निगम के अधिकारियों ने पहले ट्रायल बेस पर शहर का मुख्य रोड इस तकनीक से जोड़ा है। इसके बाद अब पूरे शहर के मुख्य रोड की स्ट्रीट लाइटों को सीसीएमएस के जरिए ऑपरेट करने की प्लानिंग है। निगम के अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट सिटी की तर्ज पर यह प्लान किया गया है। एक रोड पर यानी सर छोटूराम चौक से आजाद नगर नहर तक इन लाइटों को ऑपरेट करने के लिए चार पैनल लगाए गए हैं। इन सभी पैनलों को पहले एक कर्मचारी मैनुअल ऑन या ऑफ करता था।
चोरी की मोटरसाइकल पर मोबाइल फोन बेचने जा रहे 3 लुटेरों को किया गिरफ्तार
लुधियाना| लुधियाना के थाना सराभा नगर की पुलिस ने लूट और झपटमारी के मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपी चोरी की मोटरसाइकिलों पर सवार होकर लूटे गए मोबाइल फोन बेचने जा रहे थे। पुलिस ने इनके कब्जे से दो बिना नंबर की मोटरसाइकिलें और छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं। एएसआई बलजिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस टीम आशापुरी चौक, बाड़ेवाल इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ युवक चोरी और झपटमारी की वारदात में शामिल हैं और फिलहाल चोरी की मोटरसाइकिलों पर लूटे गए मोबाइल फोन बेचने जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने गांव इयाली कलां के पास नाकाबंदी की। कुछ ही देर में तीन युवक बिना नंबर की मोटरसाइकिलों पर आते दिखाई दिए। शक के आधार पर पुलिस ने उन्हें रोका और तलाशी ली। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से दो चोरी की मोटरसाइकिलें और छह मोबाइल फोन बरामद किए। इसके बाद तीनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांव दुगरी निवासी मनप्रीत सिंह, जम्मू कॉलोनी निवासी महिंदर प्रताप सिंह और अर्बन एस्टेट दुगरी निवासी मनवीर सिंह के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनसे और भी वारदात का खुलासा होने की संभावना है।
मकान में 10 दिन में तीसरी बार चोरी, चांदी के सिक्के, मोबाइल व नकदी ले गए
उदयपुर| अंबामाता थाना क्षेत्र में एक महिला ने सूने मकान से चांदी के सिक्के, मोबाइल व नकदी चोरी होने का मामला दर्ज कराया है। पुलिस अनुसार नीमज खेड़ा स्थित परशुराम कॉलोनी निवासी सिद्दीका कोल्यारी ने बताया कि एक जनवरी को शाम को घर लौटीं तो कमरे से चांदी के 10 सिक्के, दो मोबाइल, 20 हजार रु., कीमती घड़ियां, अन्य सामान गायब थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
डीग में एसपी ओमप्रकाश मीणा के निर्देशन में पहाड़ी पुलिस ने 'ऑपरेशन एंटीवायरस' अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने साइबर ठगी के ठिकानों पर दबिश देकर 8 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 6 मोबाइल फोन और 4 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार ये सभी ठग पुलिस की रडार से बचने के लिए पहाड़ों की तलहटी और जंगलों में छिपकर साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे। पहाड़ी पुलिस को सोमका और भेसेड़ा की पहाड़ियों में इनकी लोकेशन मिली थी, जिसके बाद कार्रवाई की गई। गिरफ्तार किए गए ठग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग कर विभिन्न तरीकों से ठगी करते थे। उनके जब्त किए गए मोबाइल फोन की जांच में कई सोशल मीडिया ऐप्स मिले, जिनका इस्तेमाल वे धोखाधड़ी के लिए करते थे। फोन की गैलरी में 16 लाख रुपए की ठगी से संबंधित स्क्रीनशॉट और अन्य तथ्य भी मिले हैं।पुलिस अब इन सभी साइबर ठगों से गहनता से पूछताछ कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं और उन्होंने अब तक कुल कितने रुपए की ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है।
प्रतापगढ़: मोबाइल थोक व्यापार के नाम पर लाखों की साइबर ठगी, गुजरात से दबोचा गया मुख्य शातिर
प्रतापगढ़ साइबर पुलिस ने मोबाइल थोक व्यापार के नाम पर 2.75 लाख की ठगी करने वाले मुख्य अभियुक्त पटेल फेजल अहमद को गुजरात के भरूच से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अब तक 25 लाख रुपये की साइबर ठगी करना स्वीकार किया है। जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में हुई इस बड़ी कार्रवाई की पूरी जानकारी के लिए पढ़ें यह विशेष रिपोर्ट।
नालंदा में शुक्रवार को एक युवक की गला घोंटकर हत्या करने का मामला सामने आया है। घटना मानपुर थाना क्षेत्र के नगमा गांव का है। मृतक की पहचान नगमा गांव के रहने वाले सुखदेव प्रसाद के बेटे 38 साल के संजीत कुमार के रूप में की गई है। घटना के संबंध में मृतक के चचेरे भाई अशोक कुमार ने बताया कि घर में खाना खाने के बाद रात करीब 10 बजे घर से आधा किलोमीटर दूर खलिहान में धान की रखवाली करने गया था, जिसके बाद सुबह वापस नहीं लौटा। खलिहान जाकर देखा तो उसका शव पुआल के बीच पड़ा हुआ था। मृतक का बांया हाथ टूटा मिला, मोबाइल भी गायब परिवार का आरोप है कि संजीत कुमार की गला दबाकर हत्या कर दी गई है। उनके साथ मारपीट भी किया गया है। बदमाशों ने संजीत के साथ मारपीट कर उसका बांया हाथ भी तोड़ दिया जबकि पॉकेट में रखा मोबाइल को भी गायब है। हालांकि हत्या किसने और क्यों की है, इसका पता नहीं चल सका है। संजीत चार पहिया वाहन चलाने का काम करता था एवं गांव में ही उसने पोल्ट्री फॉर्म खोल रखा था। मानपुर SHO बोले- कुछ लोग ठंड, कुछ ने हत्या की आशंका जताई वहीं इस मामले में मानपुर थाना अध्यक्ष अनिरुद्ध शर्मा ने बताया कि कुछ लोग ठंड लगने से जबकि कुछ लोग किसी के द्वारा हत्या किए जाने की बात कह रहे हैं। परिवार के द्वारा अज्ञात लोगों पर हत्या का आरोप लगाकर आवेदन दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही मौत के कारण का पता चल सकेगा।
दमोह पुलिस ने 540 गुम मोबाइल किए बरामद:1 करोड़ 8 लाख रुपए के सेट मिले; 251 मोबाइल लोगों को किए वापस
दमोह पुलिस ने गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके धारकों को लौटाए हैं। साइबर सेल की मदद से कुल 540 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 8 लाख रुपए है। इनमें से 251 मोबाइल शुक्रवार को उनके मालिकों को सौंप दिए गए। पुलिस अधीक्षक श्रुत कीर्ति सोमवंशी की उपस्थिति में ये मोबाइल फोन धारकों को वापस किए गए। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर लोगों ने दमोह पुलिस का आभार व्यक्त किया। एसपी सोमवंशी ने बताया कि इस वर्ष अब तक कुल 540 गुम मोबाइल फोन रिकवर किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार लोग भीड़भाड़ वाले इलाकों में लापरवाही के कारण अपने मोबाइल खो देते हैं या वे चोरी हो जाते हैं। एसपी ने नागरिकों को सलाह दी कि वे अपने मोबाइल फोन को सावधानीपूर्वक रखें, खासकर भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में। उन्होंने आगे के जेबों में मोबाइल रखने और सतर्क रहने की बात कही ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
अनूपपुर में रेलवे ट्रैक पर मिला युवक का शव:ट्रेन से कटने की आशंका, जेब से मिला टूटा हुआ मोबाइल फोन
अनूपपुर के बिजुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत बैहाटोला निवासी विजेंद्र सिंह (32) (पिता भुनेश्वर सिंह) की गुरुवार देर रात रेलवे लाइन कोरजा के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका क्षत-विक्षत शव रेलवे ट्रैक पर मिला, जिससे ट्रेन से कटने की आशंका जताई जा रही है। घटना गुरुवार देर रात 11.30 बजे की है।पीएम के बाद परिजनों को सौंपा शव बिजुरी पुलिस ने प्राथमिक जांच में इसे ट्रेन से कटने का मामला बताया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मौत के स्पष्ट कारणों का पता परिजनों से पूछताछ के बाद ही चल पाएगा। जांच अधिकारी प्रभाकर पटेल ने जानकारी दी कि शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है और मामले की जांच जारी है।पुलिस की सूचना पर पहुंचे परिजन पुलिस के अनुसार, रात करीब 11:30 बजे बिजुरी पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। मृतक के क्षतिग्रस्त मोबाइल से सिम निकालकर उसके परिजनों से संपर्क किया गया। सूचना मिलने पर मृतक के भाई राजेंद्र सिंह और अन्य परिजन मौके पर पहुंचे। तलाशी पर मिला जेब से मिला टूटा मोबाइल राजेंद्र सिंह ने शव की पहचान अपने भाई विजेंद्र सिंह के रूप में की। शव की पहचान के बाद पंचनामा तैयार किया गया और तलाशी ली गई, जिसमें एक टूटा हुआ मोबाइल और पहने हुए कपड़ों के अलावा कुछ नहीं मिला। शव अत्यधिक क्षत-विक्षत अवस्था में था और उसके टुकड़े चारों ओर बिखरे हुए थे, जिसके कारण शव को उठाने में काफी समय लगा। रात 1:10 बजे शव को सीएचसी बिजुरी भेजा गया।
प्रयागराज में आधी रात प्रेमी-प्रेमिका नहर पटरी पर मिलने पहुंचे। प्रेमी जिद करने लगा कि मेरे साथ भाग चलो, लड़की ने इंकार कर दिया। प्रेमी रोने लगा कहा नहीं चलोगी तो जान दे दूंगा। उसने प्रेमिका दुपट्टा खींच लिया और कहा इसी से फांसी लगा लूंगा। प्रेमिका डर गई और वह अपने घर भाग गई। हालांकि उसे अनहोनी का डर सताने लगा। वह घर पहुंच प्रेमी को लगातार फोन करने लगी। उसने 80 कॉल की लेकिन फोन नहीं उठा। भोर में प्रेमिका चुपके से घर से निकली और उसी जगह पहुंची जहां प्रेमी को छोड़कर गई थी। प्रेमी नहर पटरी पर एक पेड़ पर फंदे से लटका मिला। प्रेमिका चीख पड़ी और कोशिश कर पेड़ पर चढ़ी कि शायद सांसे चल रही हो। उसने दुपट्टा पेड़ से खोल दिया। प्रेमी जमीन पर गिरा लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। लड़की प्रेमी के शव के पास काफी देर रोती रही। इसके बाद वह चुपके से घर भाग गई। सुबह प्रेमी की लाश मिलने पर हंगामा मच गया। पुलिस अधिकारी पहुंचे। शव का पोस्टमार्टम हुआ। मौत की वजह हैंगिंग आई। शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले। हालांकि युवक के घरवाले हत्या का आरोप लगाकर हंगामा करते रहे। 20 साल के अतुल कुमार की मौत के मामले में प्रेमिला का दखल तब सामने आया जब युवक का मोबाइल शव के पास ही झाड़ियों में मिला। उसकी कॉल डिटेल चेक हुई तो रात के 80 मिस्ड कॉल मिले। इसी आधार पर पुलिस प्रेमी के घर पहुंच गई और उसे थाने लाकर पूछताछ शुरू हुई। इसके बाद प्रेमिका ने पूरी दास्तान बयां कर दी। जानिये क्या है पूरा मामला 30 दिसंबर को प्रयागराज के सोरांव थाना क्षेत्र के पसियापुर गांव स्थित नहर पटरी के पास अतुल कुमार (20) का शव मिला। अतुल मऊआइमा स्टेशन रोड का रहने वाला था। पड़ोस के पसियापुर गांव की रहने वाली 18 साल की अंशु से उसका दो साल से प्रेम संंबंध चल रहा था।दरअसल अंशु के मामा का घर अतुल के पड़ोस में है। वहीं आने जाने के दौरान दोनों की दोस्ती और प्यार हुआ। दोनों के प्रेम संबंध की खबर घरवालों को हुई तो शादी से इंकार कर दिया। हालांकि दोनों लगातार मिलते रहे। पसियापुर नहर पटरी के पास अतुल देर रात पहुंच तो चुपके से अंशु घर से बाहर आकर उससे मिल लेती थी। 29 दिसंबर को भी अतुल उससे मिलने पहुंचा। इसी दौरान वह जिद करने लगा कि घर से भागकर शादी कर लेते हैं। लड़की ने इंकार कर दिया। लड़की ने कहा कि मेरे पिता की मौत हो चुकी है। एक भाई विकलांग है। दो बड़ी बहने हैं। ऐसे में भागकर शादी नहीं करेंगे। दोनों के बीच खूब बहस हुई। अतुल जिद करने लगा कि नहीं चलोगी तो जान दे दूंगा। उसने दुपट्टा भी छीन लिया और कहा इसी से फांसी लगाऊंगा। लड़की डर गई और दौड़ते हुए वहां से चली गई। इसके बाद अतुल की लाश मिली। अतुल के मोबाइल को खंगाला गया तो मौत से पहले 80 मिस्ड कॉल देख पुलिस प्रेमिका तक पहुंच गई। मामला हत्या से जुड़ रहा था लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह फांसी आ गई। साथ ही चोट के निशान नहीं मिले। शव पेड से नीचे कैसे उतरा इसे लेकर पुलिस का शक कायम है। लड़की का कहना है कि वह कोशिश कर पेड़ पर चढ़ी और दुपट्टा खोल दिया कि शायद जान बच जाए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट एक्सपर्ट को दिखाई जा रही है। लड़की से कई बार पूछताछ हुई है। उसने अतुल से मुलाकात, फिर पेड़ पर चढ़कर शव उतारने की बात कबूल की है। वह अतुल को पूरी रात कॉल करती रही कि उसे समझा सके। केशव वर्मा, थाना प्रभारी सोरांव
सहरसा के सोनवर्षा कचहरी थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है। घायल युवकों की पहचान 18 वर्षीय तेजस और 18 वर्षीय प्रिय कुमार के रूप में हुई है। तेजस सहरसा के गौतम नगर का निवासी है, जबकि प्रिय सोनवर्षा राज थाना क्षेत्र का रहने वाला है। दोनों दोस्त गुरुवार शाम तिवारी स्थित भगवती स्थान मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद प्रिय के ननिहाल हरिपुर गांव जा रहे थे, तभी यह दुर्घटना हुई। एक घंटे तक सड़क पर पड़े रहे युवक टक्कर लगने के बाद दोनों युवक करीब एक घंटे तक खून से लथपथ सड़क पर पड़े रहे। इसी दौरान एक राहगीर ने घायल प्रिय के मोबाइल से उसके परिजनों को घटना की सूचना दी, लेकिन बाद में वह मोबाइल लेकर मौके से फरार हो गया। अलग-अलग क्लिनिक में भर्ती है दोनों युवक सूचना मिलने पर परिजन और पुलिस घटनास्थल पर पहुंचे। उनकी मदद से घायलों को सहरसा सदर अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों ने दोनों युवकों को सहरसा के दो अलग-अलग निजी क्लिनिक में भर्ती कराया है। हादसे में तेजस के दाहिने पैर और बाजू में गंभीर फ्रैक्चर हुआ है, जबकि प्रिय के सिर में गंभीर चोट लगी है। प्रिय की हालत नाजुक बनी हुई है। सोनवर्षा कचहरी थाने की पुलिस मामले की आवश्यक कार्रवाई में जुटी है
भोजपुर जिले में टाउन थाना पुलिस ने लूट मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गुप्त सूचना के आधार पर रघु टोला मोहल्ले में छापेमारी कर दोनों को पकड़ा। लूटे गए दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमरजीत कुमार और शेख यादव के तौर पर हुई है। रूप में की गई है। पुलिस दोनों से पूछताछ के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। लूट की घटना 18 नवंबर 2025 कीहै। गीधा थाना क्षेत्र के ज्ञानपुर गांव निवासी जयप्रकाश बिंद की पत्नी दुर्गावती देवी अपनी भांजी सुमन देवी के साथ आरा से अपने गांव लौट रही थी। दोनों धरहरा लिंक रोड के रास्ते पैदल जा रही थी। जैसे ही बाइपास के पास पहुंची, तभी पहले से घात लगाए बदमाशों ने उनके साथ लूटपाट की। कैश और मोबाइल छीनकर फरार हो गए। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पीड़िता दुर्गावती देवी ने टाउन थाना में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस ने पहले अमरजीत कुमार को गिरफ्तार किया। तलाशी लेने पर उसके पास से लूट का एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। पूछताछ के दौरान अमरजीत ने खुलासा किया कि इस वारदात में उसके साथ शेख यादव भी शामिल था। अमरजीत की निशानदेही पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शेख यादव को भी गिरफ्तार कर लिया। टाउन पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। लूट की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी निहंग ने लड़की से मोबाइल छीना असली निहंग सिंह ने सिखाया सबक
भास्कर न्यूज | अमृतसर श्री दरबार साहिब के पास एक युवक ने खुद को निहंग सिंह बताकर लड़की को धमकाते हुए मोबाइल छीन लिया। युवक ने निहंगों वाला बाणा और दुमाला पहन रखा था और हाथ में लंबी किरपान भी ली हुई थी, लेकिन निहंग मर्यादा के अनुसार न तो उसके पास श्री साहिब थी और न ही कोई आवश्यक धार्मिक पहचान। जिसके बाद असली निहंग ने उसे पकड़कर सबक सिखाया। फर्जी निहंग की धुनाई करते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दी। घटना 31 दिसंबर रात 11 बजे की है। असली निहंग सिंह ने वीडियो में बताया कि युवक की गतिविधियों पर शक हुआ। युवक खुद को बाबाओं के एक दल से जुड़ा हुआ बताकर संगत को गुमराह कर रहा था। इसी बीच शिकायत मिली कि बाहर से आई एक युवती को किरपान दिखाकर डरा रहा था और मोबाइल फोन छीनकर भागने की कोशिश कर रहा था। घटना की जानकारी मिलते ही वहां मौजूद निहंग सिंहों ने युवक को पकड़ लिया। उक्त युवक के साथ उसके दो-तीन साथी भी थे, जो संगत के बीच चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार होने की फिराक में थे। निहंग सिंहों ने कहा कि इस तरह के फर्जी लोग पवित्र निहंग बाणे को बदनाम कर रहे हैं। निहंगों ने कहा कि बाणा पहनना सम्मान की बात है, लेकिन इसके पीछे मर्यादा, चरित्र और सेवा भाव का होना अनिवार्य है। पुलिस ने बताया कि मामले में जांच कर रहे हैं।
जेल में 8 मोबाइल बरामद आठ हवालातियों पर पर्चा
अमृतसर | सेंट्रल जेल में चैकिंग के दौरान आठ मोबाइल बरामद किया गया। थाना इस्लामाबाद पुलिस ने इस मामले में 8 हवालातियों के खिलाफ पर्चा दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान राजीव सिंह, लखविंदर सिंह, राजवीर सिंह, रमन कुमार, गुरप्रीत सिंह, साहिल, सोनू सिंह, नवप्रीत सिंह उर्फ नवी के रूप में हुई है। पुलिस को दी शिकायत में सहायक सुपरिटेंडेंट अमरबीर सिंह ने बताया कि जेल में सर्च अभियान के दौरान दो टच और छह कीपैड मोबाइल बरामद हुए।
मनेंद्रगढ़ साइबर सेल ने दिसंबर माह में एक विशेष अभियान चलाकर 25 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन फोनों की अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख 30 हजार रुपये बताई गई है। सभी बरामद मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को विधिवत सौंप दिए गए हैं। यह कार्रवाई सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा के निर्देश और पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह के मार्गदर्शन में की गई। साइबर सेल टीम ने गुम हुए फोनों की लगातार खोज के लिए यह अभियान चलाया था। मोबाइल फोन वापस मिलने पर नागरिकों ने राहत व्यक्त की। गुम मोबाइल पाकर खुश हुए लोग उन्होंने बताया कि उन्हें अपने गुम हुए फोन दोबारा मिलने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन साइबर सेल के प्रयासों से यह संभव हो पाया। मोबाइल प्राप्त करने वाले नागरिकों ने मनेंद्रगढ़ पुलिस, साइबर सेल टीम और पुलिस प्रशासन के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाइयों से आमजन में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत होती है।
बिलासपुर के सरहदी इलाके में न्यू ईयर की पार्टी मनाने के बहाने जुआ खेल रहे आठ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके पास से 1 लाख 18 हजार रुपए कैश, सात मोबाइल बरामद किया गया है। मामला कोटा थाना के बेलगहना चौकी क्षेत्र का है। दरअसल, सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कंबल ओढ़कर जंगल के रास्ते फड़ तक पहुंचकर दबिश दी और जुआरियों को पकड़ा। सकरी में सीआरपीएफ कैंप के पीछे बुधवार को जुआरियों का फड़ सजा हुआ था। जुए में हाफा का सरपंच और उसके साथ आए लोग शराबखोरी करते हुए जुआ खेल रहे थे। जुआ खेलते हाफा सरपंच समेत 7 पकड़ाए सूचना मिलने पर एसीसीयू टीम के साथ सकरी पुलिस ने मौके पर छापा मारा और 7 जुआरियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 50 हजार रुपए से अधिक कैश, बाइक और मोबाइल जब्त किए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। पकड़े गए जुआरियों में हाफा सरपंच जीतू जांगड़े (ग्राम हाफा), दिलीप मिश्रा (उसलापुर), अमन सिंह (मस्तूरी), अमित कौशिक (हाफा), पुष्पराज सिंह (मुंगेली), महेंद्र सिंह (मस्तूरी) और उपेंद्र सिंह (सकरी बटालियन) शामिल हैं। जंगल में पकड़े गए जुआरी पेंड्रा और बिलासपुर की सीमा पर स्थित बगघरा जंगल में जीपीएम जिले के जुआरियों की महफिल जमी हुई थी। इसी दौरान कंबल ओढ़े पुलिसकर्मी चोरी-छिपे जंगल के रास्ते जुआ फड़ तक पहुंचे। पुलिस को देखते ही जुआरियों में हड़कंप मच गया, लेकिन जवानों ने दौड़ाकर मौके पर मौजूद सभी जुआरियों को पकड़ लिया। पुलिस ने जुआ फड़ से 1 लाख 18 हजार 700 रुपए कैश, 3 मोटरसाइकिल और 7 मोबाइल जब्त किए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार जुआरियों में यश कुमार गंधर्व (42) निवासी कोनचरा, अंसार अंसारी (25) निवासी पड़रापथरा, अविनाश श्रीवास (21) निवासी बेलगहना, अमित यादव (23), रितेश पटेल (24), रंजित गिरी (25) निवासी सेमरिया, राजकुमार रजक (35) निवासी टेंगनमाड़ा और दीपक बिनकर (24) निवासी बेलगहना शामिल हैं।
झुंझुनूं गुढ़ा थाना इलाके के बड़ागांव में गुरुवार सुबह एक 35 वर्षीय महिला का शव उसके किराए के मकान में फंदे से झूलता हुआ मिला। मृतका की पहचान हंलसासर निवासी पूनम के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही गुढ़ागौड़जी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों हत्या का आरोप लगाया। परिजनों का आरोप आत्महत्या नहीं, यह हत्या घटनास्थल पर मौजूद परिजनों और ग्रामीणों ने मामले को संदिग्ध बताते हुए हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पूनम की हत्या कर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसे फंदे पर लटकाया गया है। शुरुआत में लोगों ने पुलिस को कमरा खोलने से भी रोक दिया। ग्रामीणों का तर्क था कि बिना उच्च स्तरीय जांच के कमरा खोलने से मौके पर मौजूद सबूत नष्ट हो सकते हैं। पुलिस की समझाइश और एक्सपर्ट टीमों की जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए गुढ़ा थाना प्रभारी सुरेश रोलन ने उच्चाधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद मौके पर MOB (Mobile Outpost Bureau), FSL (Forensic Science Laboratory) और डॉग स्क्वायड की टीमों को बुलाया गया। विशेषज्ञों ने कमरे से फिंगरप्रिंट्स और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस की लंबी समझाइश के बाद ही शव को नीचे उतारने दिया गया, जिसे पोस्टमार्टम के लिए गुढ़ा अस्पताल भेजा गया। वीडियो कॉल और मोबाइल कॉल डिटेल पर टिकी जांच सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई है कि मौत से कुछ समय पहले मृतका किसी से वीडियो कॉल पर बात कर रही थी। पुलिस अब मृतका के मोबाइल की कॉल डिटेल (CDR) और सोशल मीडिया चैटिंग को खंगाल रही है। परिजनों ने एक संदिग्ध युवक के बारे में पुलिस को जानकारी दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या पूनम को आत्महत्या के लिए उकसाया गया था। पति की साल भर पहले ही हुई थी मौत जानकारी के अनुसार, पूनम के पति दलीप सिंह की की करीब एक साल पहले मौत हो चुकी थी। अपने दो बच्चों के साथ वह बड़ागांव में किराए का मकान लेकर रह रही थी। देर रात ऐसा क्या हुआ कि हँसते-खेलते परिवार की मुखिया ने मौत को गले लगा लिया या उसे मार दिया गया, यह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। थानाधिकारी सुरेश रोलन ने बताया कि हर एंगल से मामले की जांच कर रहे हैं। परिजनों ने एक युवक पर संदेह जताया है, जिसकी भूमिका की जांच की जा रही है। मोबाइल डिटेल आने के बाद स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी। फिलहाल पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है
जौनपुर साइबर क्राइम थाना ने सीईआईआर पोर्टल की मदद से 75 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों का बाजार मूल्य लगभग 14 लाख रुपये है। गुरुवार को पुलिस लाइन में इन फोनों को उनके मालिकों को सौंप दिया गया। अब तक कुल 1019 मोबाइल फोन मालिकों को वापस किए जा चुके हैं। एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि गुमशुदा मोबाइलों के प्रार्थना पत्रों और सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर, साइबर क्राइम थाना जौनपुर की पुलिस टीम ने इन फोनों को बरामद किया। बरामद किए गए 75 मोबाइलों में से 20 फोन दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार और राजस्थान जैसे अन्य राज्यों से मिले हैं। इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, प्रतापगढ़, बलिया, भदोही और उन्नाव जैसे जनपदों से भी 5 मोबाइल फोन बरामद किए गए। बरामद किए गए मोबाइलों में मुख्य रूप से वन प्लस, वीवो, रेडमी, ओप्पो, रियलमी, टेक्नो, पोको, नोकिया और सैमसंग कंपनियों के फोन शामिल हैं। इन सभी मोबाइलों का कुल बाजार मूल्य लगभग 14 लाख रुपये आंका गया है। नोडल साइबर क्राइम और अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष श्रीवास्तव, तथा क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम देवेश सिंह ने मोबाइल स्वामियों को फोन वितरित किए। एसपी सिटी ने जनता से अपील की है कि मोबाइल फोन गायब होने की स्थिति में पहले थाने में गुमशुदगी दर्ज कराएं और उसके बाद सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत करें। उन्होंने साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता को महत्वपूर्ण बताया। किसी भी साइबर अपराध का शिकार होने पर तत्काल 1930 पर ऑनलाइन शिकायत करने या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत पंजीकृत करने की सलाह दी गई है। लोग अपने नजदीकी थाने की साइबर हेल्पडेस्क पर भी संपर्क कर सकते हैं।
खगड़िया में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ खगड़िया पुलिस ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए स्मैक और गांजा तस्करी के एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पसराहा और चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में की गई अलग-अलग कार्रवाई में 200 ग्राम स्मैक (हीरोइन), 27 किलोग्राम गांजा, एक चार पहिया वाहन (टाटा हैरियर) और मोबाइल फोन के साथ कुल चार नशा कारोबारियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार के निर्देश पर जिले में चलाए जा रहे नशा-मुक्त अभियान के तहत की गई है। अभियान का उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी, भंडारण और आपूर्ति पर पूरी तरह अंकुश लगाना है। एनएच-31 पर वाहन जांच के दौरान पकड़े गए स्मैक तस्कर जानकारी के अनुसार, पसराहा थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि भागलपुर की ओर से कुछ तस्कर एनएच-31 के रास्ते टाटा हैरियर वाहन से भारी मात्रा में स्मैक लेकर खगड़िया की ओर आ रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पसराहा थाना पुलिस ने बजरंगबली मंदिर के समीप एनएच-31 पर सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया। जांच के दौरान संदिग्ध टाटा हैरियर वाहन को रोका गया। तलाशी लेने पर वाहन से 200 ग्राम स्मैक (हीरोइन) बरामद की गई। मौके से तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जबकि वाहन को जब्त कर लिया गया। गिरफ्तार स्मैक तस्करों की पहचान पुलिस द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार की गई है— इस संबंध में पसराहा थाना कांड संख्या 258/25 दर्ज किया गया है। पुलिस सभी गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि स्मैक की आपूर्ति कहां से हो रही थी और किन इलाकों में इसे खपाने की योजना थी। छापेमारी दल में ये अधिकारी रहे शामिल इस कार्रवाई में पुअनि नवीन कुमार, अपर थानाध्यक्ष रिशु कुमार समेत पसराहा थाना के कई पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। होटल के कमरे से 27 किलो गांजा बरामद इधर, चित्रगुप्त नगर थाना पुलिस ने भी नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पटेल चौक, खगड़िया स्थित होटल आर्यावर्त के एक कमरे में भारी मात्रा में गांजा छिपाकर रखा गया है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने होटल में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान होटल के कमरे से 27 किलोग्राम गांजा और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। मौके से एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया। गांजा तस्कर की पहचान गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान— इस मामले में चित्रगुप्त नगर थाना कांड संख्या 168/25 दर्ज कर विधि-सम्मत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसकी सप्लाई किन-किन जगहों पर की जानी थी। एसपी बोले— नशा तस्करों को किसी हाल में नहीं बख्शा जाएगा पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि जिले में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि खगड़िया को नशा-मुक्त बनाने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है और नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। लगातार कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई से जिले में नशा तस्करों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस तरह की कार्रवाई और तेज की जाएगी।
नए साल पर अगर आपके मोबाइल में HAPPY NEW YEAR का मैसेज आता है तो जरा सावधानी पूर्वक उसे क्लिक करें। ऐसा न हो कि शुभकामनाओं के चक्कर में मोबाइल हैक हो जाए और मोबाइल से सारा डेटा, बैंक अकाउंट, ओटीपी का एक्सेस हैकर्स के पास चला जाए। पंजाब पुलिस की साइबर सेल ने इस संबंध में बाकायदा पब्लिक के लिए अलर्ट भी जारी किया है। पुलिस के साइबर सेल के अफसरों की मानें तो हैकर्स ऐसे मौके की तलाश में रहते हैं जब लोगों के पास बल्क में मैसेज आते हैं। इसी दौरान वो भी मैसेज भेज देते हैं। मैसेज की भीड़ में आम लोग गलती से हर मैसेज को क्लिक कर देते हैं। इसी दौरान हैकर्स का मैसेज भी क्लिक हो जाता है और लोगों का फोन हैक हो जाता है। पुलिस ने अपील की है कि बिना वेरिफिकेशन के किसी भी मैसेज को क्लिक न करें। यहां तक कि किसी फोटो को भी डाउनलोड न करें। लुधियाना साइबर सेल के मुताबिक जब भी कोई फेस्टिवल आता है तो हैकर्स एक्टिव हो जाते हैं। दीवाली के समय भी कई लोगों के पास हैकर्स के मैसेज आए और कई मोबाइल हैक भी हुए हैं। इसीलिए पुलिस ने नए साल पर लोगों को पहले से अलर्ट कर दिया है। हैकर्स क्यों चुनते हैं ऐसे मौकेनया साल हो या कोई अन्य त्योहार इस दाैरान लोग मैसेज भेजने के लिए अलग-अलग स्टाइल में डिजीटल कार्ड बनाकर अपने परिचितों को भेजते हैं। कई लोग अपने परिचितों को सरप्राइज देने के लिए डिजिटल लिंक तैयार करवाते हैं और उनके अंदर जश्न वाले वीडियो क्लिप होती हैं। हैकर्स भी उसी तरह के लिंक बनाकर लोगों को भेजते हैं ताकि वो उसे खोल दें। हैकर्स ऐसे करते हैं मोबाइल हैक.. ***************************ये खबर भी पढ़ें... चंडीगढ़ पुलिस का अलर्ट, बिना OTP वॉट्सऐप हैक हो रहे; कैसे फंसा रहे और बचने के तरीके जानें चंडीगढ़ पुलिस ने वॉट्सऐप घोस्ट पेयरिंग स्कैम को लेकर अलर्ट जारी किया है। पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी अब बिना OTP और बिना पासवर्ड के WhatsApp अकाउंट हैक कर रहे हैं। यह चेतावनी भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In की गंभीर चेतावनी के बाद जारी की गई है (पढ़ें पूरी खबर)
चोरी का मोबाइल फोन बेचने वाला काबू, 15 फोन बरामद
भास्कर न्यूज | अमृतसर थाना मोहकमपुरा पुलिस ने चोरी का मोबाइल बेचने वाले एक युवक को काबू कर 15 फोन बरामद किए हैं। पकड़े गए आरोपी की पहचान अमृतपाल सिंह निवासी मोहकमपुरा के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी चोरी की मोबाइल बेचने का काम करता है। पुलिस ने ट्रेप लगाकर आरोपी काबू किया। उसकी निशानदेही पर 4 आईफोन और 11 एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किया। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ पर्चा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
लखनऊ में पॉश इलाके में आग:नाका के मोबाइल शॉप की छत से उठा धुंआ; लपटे देख लोगों में अफरा-तफरी
न्यू ईयर के आखिरी दिन लखनऊ के नाका हिंडोला इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आर्य नगर स्थित एक गोदाम में शॉर्ट सर्किट से अचानक आग लग गई, जिसके बाद गोदाम से धुएं का गुबार उठने लगा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया गया। आर्य नगर में गोदाम से उठा धुआं, मची अफरा-तफरी नाका हिंडोला क्षेत्र के आर्य नगर इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक गोदाम के ऊपर से घना धुआं निकलता दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी। धुआं उठता देख आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। बंसल मोबाइल के गोदाम में लगी आग आग नाका हिंडोला क्षेत्र में स्थित बंसल मोबाइल की दुकान और गोदाम में लगी है। बंसल मोबाइल इलाके में मोबाइल फोन के बड़े होलसेल सप्लायर के रूप में जाना जाता है। गोदाम के ऊपर बने हिस्से से लगातार धुआं निकलता रहा, जिससे नुकसान की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। नाका हिंडोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके को घेराबंदी कर सुरक्षित कराया। किसी के अंदर फंसे होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने आसपास के लोगों को दूर हटाया। दमकल की कई गाड़ियां आग बुझाने में जुटीं आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने गोदाम में लगी आग को काबू में करने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। फिलहाल आग बुझाने का काम जारी है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। जनहानि नहीं, नुकसान का आंकलन जारी अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रशासन का कहना है कि आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद नुकसान का विस्तृत आंकलन किया जाएगा। शॉर्ट सर्किट को आग लगने की प्राथमिक वजह माना जा रहा है, हालांकि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
देवास में पुलिस का न्यू ईयर गिफ्ट:40 लाख के 220 मोबाइल मालिकों को लौटाए; इस साल 655 फोन खोजे
देवास पुलिस ने नववर्ष पर 220 गुम हुए मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को लौटाए। ये मोबाइल साइबर सेल द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन साइबर’ के तहत खोजे गए थे। इनकी कुल कीमत करीब 40 लाख रुपए है। पुलिस कंट्रोल रूम देवास में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत ने मोबाइल फोन आवेदकों को सौंपे। पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत के निर्देश पर जिले में ऑपरेशन साइबर चलाया जा रहा है। इसका मकसद साइबर अपराधों पर रोक लगाना और पीड़ितों को जल्दी मदद देना है। इस अभियान के तहत हर थाने में प्रशिक्षित साइबर मित्र तैनात हैं, जो गुम मोबाइल और साइबर ठगी के मामलों में तुरंत कार्रवाई करते हैं। पुलिस ने 655 गुम हुए मोबाइल फोन की खोज की इसके अलावा पुलिस चौपाल, गांव-मोहल्लों और कस्बा-नाका स्तर पर लोगों को साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक कर रही है। साल 2025 में ऑपरेशन साइबर के तहत जिला साइबर सेल देवास ने 655 गुम मोबाइल फोन खोजकर उनके मालिकों को लौटाए हैं। इनकी कुल कीमत करीब 1 करोड़ रुपए है। इस काम में जिला साइबर सेल प्रभारी और पूरी टीम का अहम योगदान रहा है। देवास निवासी रेखा ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि तीन माह पहले भोपाल चौराहा के पास उनका 60 हजार रुपए का आईफोन गिर गया था। उन्होंने उसी दिन बीएनपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई और साइबर सेल को सूचित किया। तीन महीने के भीतर उन्हें उनका फोन वापस मिल गया, जिसे महाराष्ट्र से बरामद किया गया था। रेखा ने एसपी और साइबर सेल टीम को धन्यवाद दिया।
जालंधर वेस्ट के बस्ती वावाखेल इलाके में नहर के पास मोबाइल स्नैचिंग की वारदात सामने आई है। जानकारी के अनुसार एक महिला अपने बच्चों के साथ नहर किनारे खड़ी थी, तभी तीन युवक एक्टिवा पर सवार होकर वहां पहुंचे और महिला का मोबाइल छीनकर फरार होने लगे। महिला ने विरोध किया तो एक युवक ने उसे झटका दिया मोबाइन छीन फरार हो गए। घटना के दौरान पास में खड़े एक ऑटो चालक निहंग सिंह ने बहादुरी दिखाते हुए स्नैचरों का पीछा किया और अपने ऑटो से एक्टिवा को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही तीनों आरोपी गिर पड़े। इस दौरान भीड़ जमा हो गई, लेकिन मौके का फायदा उठाकर दो आरोपी मोबाइल लेकर फरार हो गए, जबकि एक आरोपी को निहंग सिंह और स्थानीय लोगों ने काबू कर लिया। सूचना मिलते ही बस्ती बावा खेल थाने के एसएचओ पुलिस टीम के साथ कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गए। पकड़े गए आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और वारदात में इस्तेमाल एक्टिवा भी जब्त कर ली गई है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस द्वारा पकड़े गए चोर से पूछताश की जा रही है। स्थानीय लोगों ने निहंग सिंह और आम जनता की सतर्कता की सराहना करते हुए कहा कि अगर लोग पुलिस का साथ दें तो अपराधियों को मौके पर ही पकड़ा जा सकता है। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने भी आम लोगों से अपील की है कि किसी भी वारदात की तुरंत सूचना पुलिस को दें और अपराध के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हों। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए अरोपी पर पहले भी अपराधिक मामले दर्ज है।
हर आधे घंटे की बिजली खपत की जानकारी मोबाइल पर
भास्कर न्यूज | कवर्धा कबीरधाम जिले में बिजली उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। बिजली कंपनी का दावा है कि लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर राहत और पारदर्शिता लेकर आए हैं। अब उपभोक्ताओं को हर 30 मिनट में बिजली खपत की जानकारी सीधे मोबाइल पर मिल रही है। जिले में अब तक 76 हजार 795 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। यह कार्य भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण और छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के नियमों के तहत आरडीएसएस योजना के अंतर्गत किया जा रहा है। कृषि पंपों को छोड़कर सभी घरेलू, गैर-घरेलू और शासकीय कनेक्शनों में पुराने मीटर बदले जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को मोर बिजली एप के जरिए बिजली खपत का पूरा रिकॉर्ड मिलने लगा है। बिजली कंपनी कवर्धा वृत्त के अधीक्षण अभियंता रंजीत घोष ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगाने के लिए उपभोक्ताओं से कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। मीटर लगाने वाले कर्मचारी यूनिफॉर्म और अधिकृत आईडी कार्ड के साथ कार्यालयीन समय में कार्य कर रहे हैं। संबंधित जोन या वितरण केंद्र से संपर्क कर िशकायत कर सकते हैं। खपत की गणना पुराने व स्मार्ट मीटर में एक जैसे कंपनी के मुताबिक बिजली खपत की गणना के लिहाज से पुराने और स्मार्ट मीटर समान हैं। लेकिन स्मार्ट मीटर की खासियत डिजिटल सूचना प्रणाली है। इससे उपभोक्ता अपने बिल और खपत की पूरी जानकारी मोबाइल पर देख सकते हैं। इससे रियल टाइम डेटा, समय पर सही बिलिंग और रीडिंग संबंधी शिकायतों में कमी आई है। उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य अधीक्षण अभियंता घोष ने स्पष्ट किया कि बिजली (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियमन 2020 के तहत चरणबद्ध तरीके से पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलना अनिवार्य है। मीटर बदलने से अधिक बिल आने का कोई सवाल नहीं है। अब बिजली खपत और बिलिंग की सटीक जानकारी भी मोबाइल पर मिलेगी।
उज्जैन के एक इंजीनियर के साथ नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मोबाइल चोरी के बाद बड़ी साइबर ठगी हो गई। बदमाश ने मोबाइल हाथ लगते ही 50 से ज्यादा ट्रांजैक्शन कर चार बैंक खातों से 2.90 लाख रुपए निकाल लिए। ठगी से मानसिक रूप से परेशान इंजीनियर की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उज्जैन निवासी इंजीनियर हितेंद्र सिंह गुर्जर नोएडा की एक निजी कंपनी में काम करते हैं। शनिवार को हितेंद्र सिंह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से उज्जैन के लिए इंटरसिटी ट्रेन संख्या 12416 में सवार हो रहे थे। इसी दौरान प्लेटफॉर्म पर मौजूद भारी भीड़ का फायदा उठाकर किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनका मोबाइल फोन जेब से चोरी कर लिया। मोबाइल चोरी के बाद 2.90 लाख रुपए निकाले गए रविवार को उज्जैन पहुंचने पर हितेंद्र ने अपने मोबाइल की सिम ब्लॉक करवा दी। सोमवार को उन्होंने महाराष्ट्र, आईडीबीआई, यस और एक्सिस बैंक के खातों की जांच की तो पता चला कि बदमाश ने चोरी के कुछ ही समय बाद फोन में मौजूद बैंकिंग ऐप्स और डिजिटल सुविधाओं का दुरुपयोग कर लगभग 50 से अधिक ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करके सभी खातों से 2.90 लाख रुपए निकाल लिए। इसके बाद हितेंद्र ने तुरंत उज्जैन जीआरपी, स्थानीय पुलिस थाना और संबंधित बैंक शाखाओं को सूचना दी और पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दर्ज कराई। मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान से इंजीनियर की तबीयत बिगड़ी घटना के कारण मानसिक तनाव और भारी आर्थिक नुकसान से इंजीनियर हितेंद्र सिंह की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन ने उन्हें तुरंत माधव नगर अस्पताल, उज्जैन में भर्ती कराया। चिकित्सकों के अनुसार, उनकी हालत अब स्थिर है, लेकिन वे अभी चिकित्सकीय निगरानी में हैं। हितेंद्र सिंह ने बताया कि सिम ब्लॉक करने और कुछ बैंक खातों के यूपीआई नंबर न होने के बावजूद आरोपी ने उनके खातों से रुपए निकाल लिए, जो एक गंभीर मामला है। पीड़ित ने मांग की है कि इस गंभीर मामले में मोबाइल चोरी, बैंक खातों से अवैध डिजिटल लेन-देन और संगठित साइबर अपराध के तहत अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।
बेतिया पुलिस ने 52 गुम मोबाइल बरामद किए:ऑपरेशन मुस्कान के तहत मालिकों को सौंपे गए, कीमत 10 लाख रुपये
बेतिया पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुम या चोरी हुए 52 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को सौंप दिए हैं। इन बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 10 लाख रुपये है। वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने मंगलवार को अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित एक कार्यक्रम में इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा। इन मोबाइलों को बरामद करने में जिला आसूचना इकाई के प्रभारी इंस्पेक्टर अमर कुमार, दारोगा ओमप्रकाश, सिपाही विजय कुमार, राज कुमार, विपिन कुमार और ऋषभ कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। एसपी ने बताया कि बेतिया पुलिस की टीम गुम और चोरी हुए मोबाइलों को बरामद करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत अब तक कुल 365 मोबाइल बरामद कर उनके मालिकों को सौंपे जा चुके हैं।
हरियाणा में गृह विभाग की 40 फोरेंसिक मोबाइल वैन तैनात की जाएंगी। यह बात गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कही। वे मंगलवार को पंचकूला में नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर आयोजित कार्यशाला के संबोधित करने पहुंची। गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि जांच उपकरणों को आधुनिक बनाने के लिए 101 करोड़ का निवेश और अतिरिक्त डीएनए और साइबर फोरेंसिक क्षमताओं को मजबूत करने के लिए इस वित्तीय वर्ष में 18 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। गुरुग्राम में क्षेत्रीय फोरेंसिक विज्ञान लैब में नया DNA डिवीजन 1 जनवरी, 2026 से चालू होने वाला है। हरियाणा ने भारत के नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन में खुद को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी के रूप में स्थापित किया है। दोषसिद्धि दर, फोरेंसिक अनुपालन और जांच समय सीमा में तेज बढ़त दर्ज की है। साथ ही मोबाइल फोरेंसिक इकाइयों, डीएनए और साइबर फोरेंसिक में बड़े निवेश, बड़े पैमाने पर पुलिस भर्ती और विस्तारित जेल बुनियादी ढांचे को शामिल करते हुए एक महत्वाकांक्षी सुधार रोडमैप का अनावरण किया है। 87 प्रतिशत एफआईआर के आरोप पत्र दायर डॉ. मिश्रा ने कहा कि 1 जुलाई, 2024 और 24 दिसंबर, 2025 के बीच, राज्य ने 1 लाख 59 हजार 34 प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की, जिनमें से 1, लाख 37 हजार 141 मामलों में आरोप पत्र या अंतिम रिपोर्ट दायर की गई, जो लगभग 87 प्रतिशत है। अनिवार्य 60 दिवसीय जांच समय सीमा के अंतर्गत आने वाले लगभग 70 प्रतिशत मामले निर्धारित अवधि के भीतर पूरे किए गए। जबकि 90 दिवसीय श्रेणी के तहत अनुपालन 80 प्रतिशत के करीब रहा। कई जिलों ने 85 प्रतिशत से अधिक अनुपालन स्तर हासिल किया, जो सख्त पर्यवेक्षण, बेहतर अंतर-जिला समन्वय और अधिक प्रभावी निगरानी तंत्र को दर्शाता है। 97.2 प्रतिशत अपराध स्थलों पर पहुंची फोरेंसिक टीमें फोरेंसिक सुधारों पर प्रकाश डालते हुए डॉ. मिश्रा ने कहा कि 2025 में फोरेंसिक विशेषज्ञों ने 97.2 प्रतिशत अपराध स्थलों का दौरा किया, जिनमें अनिवार्य जांच की आवश्यकता थी। हरियाणा ने उन सभी गंभीर अपराधों में शून्य लंबितता हासिल की है, जहां अनिवार्य फोरेंसिक यात्राओं की आवश्यकता होती है। यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम के तहत मामलों में, राज्य ने 99 प्रतिशत डीएनए सकारात्मकता दर दर्ज की, जिसने वैज्ञानिक साक्ष्य-आधारित जांच में एक राष्ट्रीय बेंचमार्क स्थापित किया।
बिलासपुर के अचानकमार टाइगर रिजर्व एरिया (ATR) में पर्यटकों को सोमवार बाघ नजर आया है। रायपुर के पर्यटक हरिशंकर समीर अपने परिवार के साथ ATR घूमने के लिए आए थे। उन्होंने दूसरी पाली में शिवतराई से जिप्सी बुकिंग कराई और कोर एरिया में भ्रमण पर निकल गए। इसी दौरान जंगल में उन्होंने बाघ को विचरण करते देखा। बाघ देखकर पर्यटक और परिवार के लोग पहले घबरा गए, जिसके बाद उन्होंने खुशी से झूमते हुए मोबाइल निकालकर बाघ का वीडियो बनाया। सामान्य तौर पर अचानकमार टाइगर रिजर्व में घूमने आए पर्यटकों को बाघ नजर नहीं आता। आए दन ATR की किरकिरी होती रही है। पर्यटकों को हमेशा यह शिकायत रहती है कि, ATR बाघ संरक्षित क्षेत्र है। इसके बाद भी, जब भी जाओ, बाघ दिखाई नहीं देता। बाघ देखकर रोमांच से भर गया परिवार अचानकमार टाइगर रिजर्व में सोमवार को बाघ देखकर पर्यटकों को रोमांच का अनुभव हुआ। पर्यटकों की नजर जैसे ही बाघ पर पड़ी पहले वो घबरा गए। उन्होंने वाहन चालक जीवन लाल को जिप्सी रोकने के लिए बोला। फिर खुशी से झूम उठे और बाघ का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इस दौरान गाइड ने उन्हें जिप्सी से उतरने के लिए मना किया। गाइड और ड्राइवर ने प्रबंधन को दी जानकारी पर्यटकों ने अचानकमार के किस हिस्से में बाघ देखा। प्रबंधन को इसकी जानकारी है। उन्हें यह मालूम है कि उस बाघ का नाम क्या है। लेकिन, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन ने लोकेशन की जानकारी गोपनीय रखा है। वहीं, पर्यटकों से भी अपील की है कि वह जगह का नाम सार्वजनिक न करें। जिस पर्यटकों को बाघ नजर आया, प्रबंधन ने उनका नाम और मोबाइल नंबर भी एंट्री किया है। वहीं, वाहन चालक जीवन लाल साकत और टूरिस्ट गाइड कुशाल टिलवानी ने इसकी जानकारी ATR प्रबंधन को दी है। प्रबंधन का दावा, ATR में है 10 से 11 बाघ ATR प्रबंधन के रिकार्ड में 10 से 11 बाघ हैं। फोर फेस मॉनिटरिंग के दौरान दल को इनके पद चिन्ह भी मिले हैं। साथ ही ट्रैप कैमरे भी उनकी तस्वीर कैद हुई है। कुछ शावक भी हैं, जिनकी संख्या प्रबंधन ने अब तक उजागर नहीं किया है। प्रबंधन का दावा है कि आने वाले दिनों में अचानकमार टाइगर रिजर्व में बाघ हर दिन पर्यटकों को नजर आएगा। प्रबंधन कुनबा बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसके लिए पेट्रोलिंग टीम भी बनाई गई है, जो केवल बाघों की मॉनिटरिंग करती है।
हरियाणा के नारनौल में बाइक चलाते समय जेब में रखा मोबाइल फोन फट गया। इस हादसे में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को इलाज के लिए नारनौल के नागरिक अस्पताल में पहुंचाया गया। जहां पर उसका इलाज चल रहा था। महेंद्रगढ़ के गांव बलाना निवासी करीब 20 वर्षीय सचिन कुमार महेंद्रगढ़ से नारनौल की ओर आ रहा था। इस दौरान वह मोबाइल फोन पर कान में कोई डिवाइस लगाकर बात कर रहा था, जबकि मोबाइल उसकी पेंट की बांई जेब में रखा हुआ था। बात करते-करते उसका मोबाइल फोन फट गया। मोबाइल फटने की वजह से वह वह असंतुलित होकर बाइक समेत सड़क पर गिर गया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के लोगों ने उसको सड़क से उठाया तथा एम्बुलेंस को फोन किया। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची एम्बुलेंस ने घायल सचिन को उपचार के लिए नारनौल के नागरिक अस्पताल पहुंचाया। जहां पर उसको इलाज के लिए भर्ती कर लिया गया। मोबाइल फटने व हादसे के बाद उसको गंभीर चोट भी लगी है।
सोनीपत जिले के खरखौदा थाना क्षेत्र के गांव मण्डौरी में एक युवक पर हमला कर जान से मारने की धमकी देने और फायरिंग करने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि गांव के ही कुछ युवकों ने उस पर डंडों से हमला किया, मोबाइल छीन लिया और बाद में देशी पिस्तौल से हवाई फायर कर दहशत फैलाने की कोशिश की। पुलिस ने मामले में कई धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मण्डौरा अड्डे पर हमला, कान में लगी चोट शिकायतकर्ता प्रवेश, निवासी गांव मण्डौरी ने बताया कि 27 दिसंबर की शाम करीब साढ़े छह बजे वह अपने साथी तूमीष के साथ मण्डौरा अड्डे पर किसी काम से गया था। जब वह अपनी मोटरसाइकिल पर बैठा था, तभी गांव का ही सुनील अपने चार साथियों के साथ वहां पहुंचा और बिना किसी बात के मारपीट शुरू कर दी। सभी ने मिलकर लाठी-डंडों से हमला किया, जिससे उसके कान में चोट लग गई। मौके पर मौजूद दुकानदारों और ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर उसे बचाया। मोबाइल छीनकर भागा, घर बुलाकर दी धमकी प्रवेश ने बताया कि झगड़े के दौरान सुनील उसका मोबाइल फोन भी उठा ले गया और कहा कि अगर मोबाइल चाहिए तो उसके घर आकर ले जाए। इसके बाद प्रवेश अपने चाचा, पूर्व सरपंच प्रवीन कुमार, पिता और साथी तूमीष के साथ सुनील के घर गया तो सुनील ने देसी पिस्तौल निकालकर हवाई फायर कर दिया। जब गांव के लोग इकट्ठे हुए तो उसने दहशत फैलाने की नीयत से दो और फायर किए और मौके से फरार हो गया। आरोपी पर गंभीर आरोप, जान से मारने की धमकी भी दी शिकायत में प्रवेश ने बताया कि फायरिंग से पहले सुनील ने उसे जान से मारने की धमकी दी। उसने कहा कि सुनील आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिस पर पहले भी चोरी और हत्या जैसे गंभीर आरोप लग चुके हैं। पीड़ित ने पुलिस से अनुरोध किया कि ऐसे अपराधी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी की जान-माल को खतरा न हो। पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू पुलिस के अनुसार सूचना मिली थी कि गांव मण्डौरी में झगड़ा हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जांच की, लेकिन उस समय शिकायतकर्ता ने लिखित शिकायत देने से इनकार कर दिया था। बाद में 29 दिसंबर को प्रवेश ने लिखित शिकायत दी। जांच के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।
महिलाओं के मोबाइल पर बैन : जब चौपाल संविधान से ऊपर बैठ जाए
राजस्थान के जालोर जिले के जसवंतपुरा क्षेत्र के गाजीपुरा गांव में आयोजित एक सामाजिक पंचायत के पंच-पटेलों ने महिलाओं और बेटियों के लिए कैमरा युक्त मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया। महिलाएं मोबाइल फोन को सार्वजनिक समारोहों के साथ-साथ पड़ोसियों के घर जाने के दौरान भी नहीं ले जा सकेंगी। यह पाबंदी किसी ... Read more
ट्रेन में सफर के लिए जनरल का प्रिंट रखना जरूरी नहीं है। भारतीय रेलवे ने जनरल यानी अनरिजर्व्ड टिकट को लेकर फैले एक कन्फ्यूजन को दूर कर दिया है। रेलवे ने कहा कि UTS (अनरिजर्वड टिकटिंग सिस्टम) मोबाइल एप से बुक किए गए टिकट का प्रिंटआउट लेना जरूरी नहीं है। यात्री सफर के दौरान अपने मोबाइल पर एप में 'शो टिकट' (Show Ticket) ऑप्शन का इस्तेमाल करके टिकट चेकिंग स्टाफ (TTE) को दिखा सकते हैं और यह पूरी तरह से वैलिड है। यह सफाई एक वायरल वीडियो के बाद आई है, जिसमें एक TTE एक यात्री से UTS एप से बुक किए गए टिकट का प्रिंटेड कॉपी मांगता दिख रहा था। इस वीडियो के कारण कई यात्रियों में यह भ्रम फैल गया था कि क्या अब उन्हें मोबाइल टिकट का भी प्रिंटआउट लेकर चलना होगा। रेलवे मंत्रालय ने कहा- एप में टिकट दिखाना ही काफी रेल मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर बयान जारी किया। मंत्रालय ने बताया कि UTS एप के 'शो टिकट' सेक्शन में दिखाया गया अनरिजर्वड टिकट यात्रा के लिए एक वैध प्रमाण (Valid Authority) है। यात्री उसी डिवाइस पर डिजिटल कॉपी दिखा सकते हैं, जिससे टिकट बुक किया गया है। हालांकि, अगर किसी यात्री ने खिड़की या ऑनलाइन बुकिंग के बाद उसका प्रिंट निकाल लिया है, तो उसे सफर के दौरान वह फिजिकल टिकट साथ रखना होगा। ऐसा कोई नियम नहीं है जो यात्री को इसका प्रिंटआउट लेने के लिए कहता हो। रेलवे ने यह भी कहा कि TTE द्वारा प्रिंटेड कॉपी की मांग करना गलत है। वंदे भारत में अब मिलेंगी रीजनल डिश वहीं, रेलवे यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए वंदे भारत ट्रेनों में 'रीजनल डिश' (क्षेत्रीय व्यंजन) की शुरुआत कर रहा है। रेल मंत्रालय के मुताबिक, इस पहल का मकसद यात्रियों को उनके रूट के हिसाब से स्थानीय और पारंपरिक स्वाद उपलब्ध कराना है। अब ट्रेन में सफर के दौरान आपको महाराष्ट्र का कांदा पोहा से लेकर बिहार का मशहूर चंपारण चिकन और पनीर तक सर्व किया जाएगा। मेन्यू में चंपारण चिकन और मेथी थेपला शामिल नई लिस्ट के मुताबिक, पटना-रांची वंदे भारत में 'चंपारण पनीर' और पटना-हावड़ा रूट पर 'चंपारण चिकन' मिलेगा। गुजरात के रूट पर चलने वाली ट्रेनों में यात्रियों को मेथी थेपला और मसाला लौकी परोसी जा रही है। वहीं, केरल की वंदे भारत ट्रेनों में अप्पम, केरल पराठा और पालाडा पायसम जैसे पारंपरिक व्यंजन मिलेंगे। पश्चिम बंगाल के रूट पर कोशा पनीर और आलू पोतोल भाजा का स्वाद लिया जा सकेगा। सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देने की कोशिश रेलवे का कहना है कि भारत की खान-पान की विविधता को दिखाने के लिए यह कदम उठाया गया है। दक्षिण भारत की ट्रेनों में दोंडाकाया करम पोडी फ्राई और आंध्र कोडी कूरा जैसे डिशेज शामिल किए गए हैं। ओडिशा जाने वाली ट्रेनों में आलू फूलकोपी उपलब्ध होगी। रेलवे का मानना है कि इससे न केवल यात्रियों को घर जैसा खाना मिलेगा, बल्कि स्थानीय संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा।
फ्री मोबाइल रिचार्ज का ऑफर! जानिए त्योहारों में कैसे हो रहा है स्कैम
सोशल मीडिया पर अलग-अलग अवसरों पर फ्री मोबाइल रिचार्ज मिलने का वादा करके लोगों के साथ स्कैम किया जा रहा है.
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

