भोपाल में नशे के कारोबार पर लगाम कसने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत क्राइम ब्रांच ने गोविंदपुरा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को भारी मात्रा में अवैध डोडा चूरा के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 21 किलो 20 ग्राम मादक पदार्थ और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस अब मोबाइल फोन के जरिए पूरे नेटवर्क और सप्लाई चैन की जांच में जुट गई है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान संजय रायसिख (24) निवासी सिंधी कैम्प, बाड़ी जिला रायसेन के रूप में हुई है। क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी दो बैगों में अवैध मादक पदार्थ लेकर गोविंदपुरा क्षेत्र स्थित आरआरएल ब्रिज के पास ग्राहकों का इंतजार कर रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने मौके पर घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। बैगों में मिला भूरे रंग का मादक पदार्थ तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपी के दोनों बैगों से चार पारदर्शी पैकेट और अन्य फैला हुआ भूरे रंग का पदार्थ मिला। जांच में यह डोडा चूरा निकला। जब्त मादक पदार्थ का कुल वजन 21 किलो 20 ग्राम पाया गया, जिसकी बाजार कीमत करीब डेढ़ लाख रुपए बताई जा रही है। एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही आरोपी से बरामद दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी यह डोडा चूरा कहां से लाया था और किन लोगों तक इसकी सप्लाई की जा रही थी। क्राइम ब्रांच अधिकारियों का कहना है कि मामले में पूछताछ जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंचने की संभावना है।
महोबा में आशा कार्यकर्ताओं और संगिनियों ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि उन्हें पिछले तीन महीने से मानदेय नहीं मिला है। कार्यकर्ताओं ने पुराने मोबाइल फोन से ऑनलाइन काम करने में आ रही दिक्कतों और आयुष्मान टीम के कथित अभद्र व्यवहार पर भी नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने 8 दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है। जैतपुर, कबरई, पनवाड़ी और चरखारी ब्लॉक से आईं आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पहुंचकर अपनी आवाज उठाई। उनका आरोप है कि पिछले तीन महीनों से मासिक मानदेय न मिलने के कारण उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। ब्लॉक अध्यक्ष क्रांति यादव ने बताया कि विभाग द्वारा लगातार काम लिया जा रहा है, लेकिन भुगतान के नाम पर केवल आश्वासन मिल रहा है। कार्यकर्ताओं ने आभा कार्ड और आयुष्मान कार्ड जैसे ऑनलाइन फॉर्म भरवाने के बाद भी काम से निकालने की धमकियों का आरोप लगाया। आशा कार्यकर्ताओं की एक प्रमुख समस्या तकनीकी है। उनका कहना है कि शासन द्वारा चार साल पहले दिए गए मोबाइल फोन अब पुराने हो चुके हैं और नए ऑनलाइन ऐप का समर्थन नहीं करते। कार्यकर्ताओं ने बताया कि उन्हें जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसव और टीकाकरण के लिए नियुक्त किया गया था, लेकिन अब बिना उचित प्रशिक्षण और अतिरिक्त भुगतान के उनसे आयुष्मान कार्ड, आभा आईडी और ऑनलाइन सर्वे जैसे जटिल कार्य कराए जा रहे हैं। इस मामले में जिलाधिकारी ने आशा कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया है कि उनकी सभी समस्याओं का समाधान आठ दिनों के भीतर कर दिया जाएगा। अपर जिलाधिकारी (एडीएम) सुखवीर सिंह ने जानकारी दी कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी को संबंधित फाइलों के साथ तलब किया गया है। इसका उद्देश्य बजट और तकनीकी दिक्कतों को दूर कर जल्द से जल्द मानदेय जारी करना है।
महेंद्रगढ़ जिले के अटेली थाना क्षेत्र में हरियाणा पुलिस के एक जवान के साथ अपहरण कर मारपीट करने का मामला सामने आया है। पीड़ित जवान ने गांव के कुछ युवकों पर जबरन गाड़ी में डालकर ले जाने, बेरहमी से पिटाई करने और मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है। मामले में थाना अटेली में शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। गांव मोहम्मदपुर निवासी निलेश हरियाणा पुलिस में नूंह के नगीना में एसएचओ के ड्राइवर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 17 मई की रात करीब 10:30 बजे वह अपने दोस्तों कृष्ण, राजपाल और संजीत के साथ खेत के पास सड़क किनारे बैठा था। इसी दौरान सिलारपुर की तरफ से आई एक काले रंग की थार गाड़ी उनके पास रुकी। गाड़ी में सवार युवकों ने उनसे गाली-गलौज शुरू कर दी और बाद में अपने अन्य साथियों को भी मौके पर बुला लिया। रात को बुलाया, गाड़ी से टक्कर मारने की कोशिश पीड़ित के अनुसार, दोनों पक्षों में कहासुनी और हाथापाई हुई। मामला शांत होने पर वे अपने घर लौट गए। आरोप है कि रात करीब 1:30 बजे प्रदीप उर्फ जुर्राट ने उसके दोस्त कृष्ण को फोन कर निलेश को बुलाने के लिए कहा। जब निलेश और कृष्ण पानी की टंकी के पास पहुंचा तो आरोपियों ने स्विफ्ट गाड़ी से उसे टक्कर मारने की कोशिश की। मारपीट और अपहरण करने का आरोप शिकायत में कहा गया है कि प्रदीप उर्फ जुर्राट, अंकित उर्फ जाट, अमित बजाड़ और अन्य युवकों ने दोनों के साथ मारपीट की तथा निलेश को जबरन गाड़ी में डालकर सुनसान जगह पर ले गए। वहां डंडों और पाइप से उसकी पिटाई की गई। श्मशान घाट के पास फेंका, मोबाइल छीना आरोप है कि आरोपियों ने उसका मोबाइल भी छीन लिया और पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। बाद में उसे गांव के श्मशान घाट के पास फेंक दिया गया। घायल जवान का उपचार अटेली के सरकारी अस्पताल में कराया गया। जिसके बाद उसको नारनौल के नागरिक अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जहां पर वह उपचाराधीन है। केस दर्ज, गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही पुलिस इस बारे में पुलिस पीआरओ सुमित कुमार ने बताया कि अटेली क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर में हुई मारपीट और अपहरण की घटना में नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीमें तुरंत हरकत में आईं और पीड़ित को सुरक्षित ट्रेस कर उसका सरकारी अस्पताल में मेडिकल करवाया गया। आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें दबिश दे रही हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जांजगीर-चांपा जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम खोखरा में जमीन विवाद ने तनाव का रूप ले लिया। यहां खेत में खड़ी धान की फसल में आग लगा दी गई। जमीन मालिकों ने कुछ महिलाओं और बाहरी लोगों पर फसल कटवाने और आगजनी कराने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जमीन मालिक संजीव तिवारी ने बताया कि कुछ महिलाएं कोरबा से आए कथित गुंडों के साथ उनकी निजी जमीन पर पहुंचीं और जबरन फसल कटवाने लगीं। जब उन्होंने इसका वीडियो बनाना शुरू किया तो आरोपियों ने उनका मोबाइल छीन लिया। कट्टे से जान से मारने की धमकी का आरोप संजीव तिवारी का आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई और कट्टे से जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने बताया कि 18 मई को इस मामले की शिकायत थाने में की गई थी। उनका कहना है कि शिकायत के बाद बदले की भावना से खेत में आग लगा दी गई। आरोप यह भी है कि गांव के अन्य किसानों की निजी जमीनों पर लगी फसल भी जबरन कटवाई गई है। घटना से किसानों में नाराजगी घटना के बाद गांव में किसानों के बीच आक्रोश का माहौल है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। पुलिस जांच में जुटी सूचना मिलने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और खेत में लगी आग बुझाने का प्रयास किया गया। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
सीकर शहर में 44 साल का व्यक्ति पेड़ पर रस्सी से फंदा बनाकर लटक गया। क्रिकेट खेलने के लिए आज सुबह बच्चे पहुंचे, तब शव लटकता देखा। मृतक के पास मिले मोबाइल से उसकी पहचान हो पाई, तब बेटा पहुंचा। पुलिस ने परिवार को हादसे की जानकारी देकर मौके पर बुलाया। इसके बाद एसके हॉस्पिटल की मॉच्यूरी में पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंपा गया। हादसा कोतवाली थाना इलाके में स्थित नानी बीहड़ का है। सुसाइड का कारण नहीं आया सामने कोतवाली पुलिस थाने के ड्यूटी ऑफिसर ASI तूफान सिंह ने बताया कि मृतक का नाम नौरंगलाल (44) निवासी दुगोली है। आज सुबह करीब 8 बजे सूचना मिली कि नानी बीहड़ में पेड़ से एक शव लटका हुआ है। सूचना पर टीम मौके पर पहुंची और FSL टीम को भी बुलाया गया। मृतक के पास मिले मोबाइल के आधार पर पहचान के बाद उनके परिवार को सूचना दी गई। मृतक खल चूरी बनाने वाली फैक्ट्री में काम करता था। फिलहाल सुसाइड का कारण सामने नहीं आया है।
मुजफ्फरनगर के बुढाना कोतवाली पुलिस ने मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त एवं संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रहे थे। तभी एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 15 हजार रुपये के इनामी बदमाश को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा एवं एसपी देहात अक्षय महादिक के निर्देशन में की गई। घटना से जुड़ी तीन तस्वीरें…. बुढाना कोतवाली पुलिस मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे बुढाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुभाष अत्री अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त एवं संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मोबाइल टावरों से आरआरयू उपकरण चोरी करने वाला शातिर बदमाश इरफान विज्ञाना के जंगल में किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा है। बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर इलाके की घेराबंदी कर दी और आरोपी को रोकने का प्रयास किया। खुद को घिरता देख बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की, जिसमें बदमाश इरफान घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से खोखा कारतूस बरामद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए आरआरयू उपकरण, एक तमंचा एवं एक खोखा कारतूस बरामद किया है। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम इरफान निवासी लिसाड़ी गेट, मेरठ बताया। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में मोबाइल टावरों से उपकरण चोरी करने के दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। वह बुढाना थाने से भी वांछित चल रहा था। बुढाना क्षेत्राधिकारी गजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि आरोपी इरफान बुढाना थाने से वांछित चल रहा था। बुधवार को मुखबिर से सूचना मिली कि वह विज्ञाना के जंगल में मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर बदमाश को पकड़ने का प्रयास किया।
GRP जवान और थाना प्रभारी में वसूली पर विवाद:बस्ती में जवान ने मोबाइल हाथ में लेकर एसओ से की तीखी बहस
बस्ती रेलवे स्टेशन परिसर में वेंडरों से कथित वसूली को लेकर जीआरपी थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह और एक जवान के बीच विवाद का वीडियो सामने आया है। वीडियो में जवान अपने ही थाना प्रभारी से तीखी बहस करता दिखाई दे रहा है। वायरल वीडियो में जवान हाथ में मोबाइल लिए थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह से यह कहते हुए सुना जा रहा है, आप सिखाएंगे कि अवैध पैसा मांग रहे हैं। दोनों के बीच काफी देर तक नोकझोंक होती रही। वीडियो में हिरासत में लिए गए कई वेंडर भी दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह विवाद स्टेशन परिसर में वेंडरों से वसूली को लेकर शुरू हुआ था। संबंधित जवान ने सफाई देते हुए कहा कि एक युवक संदिग्ध लग रहा था, इसलिए उससे केवल पूछताछ की जा रही थी। वीडियो सामने आने के बाद जीआरपी विभाग में हलचल तेज हो गई है। मामले को लेकर विभागीय स्तर पर जांच की चर्चा है, हालांकि अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। थाना प्रभारी भी अपने मोबाइल से जवान का वीडियो बनाते दिखे।
उदयपुर के चित्रकूट नगर स्थित भविष्य निधि (पीएफ) कार्यालय के बाहर लगे एक मोबाइल टावर में शनिवार दोपहर अचानक आग लगने के वीडियो आए जिसमें तेजी से आग आगे बढ़ रही थी। आग से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। टावर से तेज लपटें और धुआं उठता देख कार्यालय कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए सबसे पहले बाहर निकले और कार्यालय के केयर टेकर कुलदीप सिंह राठौड़ एवं चन्द्र प्रकाश ने तुरंत अग्निशमन दल को सूचना दी। आग तेजी से फैलती देख दोनों कर्मचारियों ने घबराने के बजाय कार्यालय में उपलब्ध फायर फाइटिंग सिस्टम का उपयोग करते हुए आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए। उनकी सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के चलते आग को बढ़ने से रोका जा सका। इस बीच अग्निशमन दल भी मौके पर पहुंचा तथा आग पर पूर्णतया काबू पाया। पीएफ क्षेत्रीय आयुक्त-प्रथम प्रशान्त कुमार सिन्हा ने बताया कि यदि समय रहते स्थितियां संभाली नहीं जाती तो टावर के गिरने या आग के आसपास फैलने से बड़ा हादसा हो सकता था। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखे….
एमजीएम मेडिकल कॉलेज से मेडिसन में पोस्ट ग्रेजुएट(पीजी) कर रहे डॉ. अमन शर्मा ने रविवार रात हॉस्टल की 5वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। साथी छात्रों ने बताया कि घटना के कुछ देर पहले वह किसी से मोबाइल पर बात कर रहा था। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। एसीपी संयोगितागंज तुषार सिंह के मुताबिक अमन पटेल (30) मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल ब्लॉक-5 में रहता था। वह मूल रूप से जबलपुर का रहने वाला था। रविवार रात करीब 2 बजे धमाके की तेज आवाज सुनकर हॉस्टल के अन्य छात्रों ने देखा तो अमन नीचे लहूलुहान पड़ा था। छात्र उसे अस्पताल ले जाते, उससे पहले ही उसकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का कारण प्रेम प्रसंग लग रहा है। मोबाइल जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। डॉ. अमन मेडिसिन विभाग में 2023 बैच के पीजी फाइनल ईयर का छात्र था। कुछ महीनों में उसका पीजी कोर्स पूरा होने वाला था। अमन ने एमबीबीएस की पढ़ाई जबलपुर से की थी।
वारंटी में मोबाइल न सुधारना पड़ा भारी, कोर्ट ने दिया ब्याज सहित पैसे चुकाने का आदेश
गारंटी-वारंटी पिरियड में मोबाइल खराब होने पर ठीक नहीं करना और नया मोबाइल नहीं देना कंपनी, मोबाइल शॉप संचालक और सर्विस सेंटर को भारी पड़ गया। अब कोर्ट के आदेश पर मोबाइल कीमत के साथ ब्याज और व्यय भी देना होगा। प्रकरण के अनुसार ट्रांसपोर्ट नगर के धाउजी की बावड़ी निवासी सुमित्रा राव ने नोएड स्थित स्पाइस रिटेल लिमिटेड जरिए मेनेजर, पुराना आरटीओ स्थित महेश मोबाइल एंड जनरल स्टोर और आयड़ स्थित पनेसर टेलीकॉम सर्विस सेंटर के खिलाफ साल 2018 में कोर्ट में परिवाद पेश किया। इसमें बताया कि मार्च 2017 में उन्होंने महेश मोबाइल एंड जनरल स्टोर से स्पाइस कंपनी का मोबाइल खरीदा था। इसकी कीमत 3700 रुपए थी। मोबाइल की एक साल की वारंटी, बैटरी और अन्य ऐसेसरीज की 6 माह की गारंटी थी। कुछ समय बाद ही मोबाइल चलते-चलते बंद हो जाता और गर्म होने की समस्या आई। इस पर दुकान संचालक ने सर्विस सेंटर में संपर्क करने को कहा। वहां शिकायत दर्ज कर मोबाइल जमा किया गया। फरवरी 2028 में सर्विस सेंटर ने मोबाइल ठीक नहीं होना बताया। फिर नया मोबाइल भी नहीं दिया। उन्होंने सभी को नोटिस भेजा। जवाब में तीनों ने मोबाइल की राशि देने से इनकार कर दिया। इसी मामले में दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग अध्यक्ष सुमन गौड़ पांडेय और सदस्य मनीष परमार ने मामले को आंशिक रूप से स्वीकार किया। कोर्ट ने कंपनी, दुकान संचालक और सर्विस सेंटर को मोबाइल राशि के 3700 रुपए 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ और आर्थिक-मानसिक संताप व वाद व्यय के 1500 रुपए ग्राहक को 45 दिन में अदा करने के आदेश दिए। इस अवधि में राशि नहीं चुकाने पर विभाग को 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ राशि देनी होगी।
अलवर पुलिस की साइबर अपराधों के खिलाफ कार्रवाई में “ऑपरेशन साइबर संग्राम 2.0” के तहत 20 हजार रुपए के इनामी मुख्य आरोपी जाहुल को गिरफ्तार किया है। आरोपी साइबर ठगों को कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध कराकर करीब 20 करोड़ रुपए की ऑनलाइन ठगी में शामिल था। एसपी सुधीर चौधरी ने बताया- ऑनलाइन ठगी, सेक्सटॉर्शन, ओएलएक्स फ्रॉड, म्यूल अकाउंट, फर्जी एटीएम और फर्जी सिम जैसे साइबर अपराधों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत वैशाली नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी जाहुल पुत्र हनीफ खान निवासी बंजीरका को गिरफ्तार किया। मामले में पहले ही पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी और म्यूल बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम खातों से निकलवाकर ठगों तक पहुंचाता था। पुलिस ने आरोपी से चार एंड्रॉयड मोबाइल, तीन सिम कार्ड, एक क्रेटा कार और इंटरनेट का राउटर बरामद किया है।
अलवर पुलिस की साइबर अपराधों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई में “ऑपरेशन साइबर संग्राम 2.0” के तहत 20 हजार रुपये के इनामी मुख्य आरोपी जाहुल को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी साइबर ठगों को कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध कराकर करीब 20 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी में शामिल था। एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि ऑनलाइन ठगी, सेक्सटॉर्शन, ओएलएक्स फ्रॉड, म्यूल अकाउंट, फर्जी एटीएम और फर्जी सिम जैसे साइबर अपराधों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत वैशाली नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी जाहुल पुत्र हनीफ खान निवासी बंजीरका को गिरफ्तार किया। मामले में पहले ही पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी और म्यूल बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम खातों से निकलवाकर ठगों तक पहुंचाता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चार एंड्रॉयड मोबाइल, तीन सिम कार्ड, एक क्रेटा कार और जियो राउटर बरामद किया है।
खंडवा जिले की पंधाना पुलिस ने मोबाइल झपटमारी की वारदात का खुलासा करते हुए सोमवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 23 हजार रुपए कीमत के दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। तीनों आरोपी नाबालिग हैं। पुलिस अधीक्षक अगम जैन के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र तारनेकर व एसडीओपी अनिल सिंह चौहान के मार्गदर्शन में संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। कॉलेज जाते समय हुई थी झपटमारीपुलिस के अनुसार फरियादी शुभम असलकर (19) निवासी ग्राम बिहार (कोहदड़) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह आईटीआई कॉलेज पंधाना में पढ़ाई करता है। 30 मार्च की सुबह करीब 11 बजे वह अपने मित्र आकाश भास्कले के साथ पंधाना बस स्टैंड से कॉलेज की ओर पैदल जा रहा था। इसी दौरान न्यू सीएम राइज स्कूल के सामने बाइक सवार तीन युवक पहुंचे। बाइक पर पीछे बैठे युवक ने उतरकर दोनों के मोबाइल फोन छीन लिए और आरोपी पंधाना कस्बे की ओर फरार हो गए। झपटमारी में शुभम और उसके मित्र आकाश का मोबाइल लूट लिया गया था। मामले में थाना पंधाना में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
सवाई माधोपुर पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक मकान में दबिश देकर साइबर ठगी के मास्टरमाइंड बुद्धिप्रकाश मीणा को गिरफ्तार किया है। आरोपी को विज्ञान नगर पावर हाउस के पास स्थित किराए के कमरे से पकड़ा। पुलिस ने मौके से साइबर फ्रॉड में उपयोग किए जा रहे 22 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, एचपी कंपनी का एक लैपटॉप, एयरटेल कंपनी का वाई-फाई सिस्टम, 13 एटीएम कार्ड, 8 सिम कार्ड, 2 चेक बुक, 2 बैंक पासबुक सहित अन्य सामान जब्त किया है। बचने के लिए वाईफाई यूज करता था SP ज्येष्ठा मैत्रेयी ने बताया कि ASP विजय सिंह मीणा व सीओ सिटी उदय सिंह मीणा के सुपरविजन में कोतवाली थाना पुलिस ने यह कार्रवाई की। थानाधिकारी मदनलाल मीणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने साइबर शाखा से प्राप्त सूचना के आधार पर दबिश दी। जांच में सामने आया कि आरोपी एवीएटर गेम में नुकसान झेल चुके लोगों को लॉस रिकवर कराने का झांसा देकर ठगी करता था। आरोपी ऑटो क्लिकर की मदद से 22 मोबाइल फोन से एक साथ हजारों मैसेज भेजकर लोगों को जाल में फंसाता था। आरोपी ने मोबाइल में सिम कार्ड का उपयोग नहीं किया, बल्कि वाईफाई के जरिए सभी डिवाइस संचालित करता था ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो सके। रुपए डबल करने का लालच देता था पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी टेलीग्राम और अन्य एप्लीकेशन पर बिटकॉइन, शेयर मार्केट, ट्रेडिंग और सट्टा संबंधी चैनल बनाकर लोगों को रुपये डबल करने का लालच देता था। इसके बाद वह ऑनलाइन पेमेंट एप्लीकेशन के जरिए एडवांस राशि प्राप्त कर साइबर ठगी को अंजाम देता था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर साइबर ठगी के नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
समस्तीपुर में सोमवार को शादीशुदा महिला ने जहर खाकर सुसाइड कर लिया है। पति रमेश पासवान ने बताया, पत्नी अमृता देवी (30) फेसबुक-इंस्टाग्राम पर देर रात तक लड़कों से बात करती थी। मैं जब घर से बाहर रहता था तो फोन करने पर उसका नंबर बिजी आता था। इसी बात को लेकर हम दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। आज सुबह मैंने उसे खाना बनाने के लिए बोला था। मैं उजियारपुर चला गया था, उसने कब जहर खा लिया मुझे पता नहीं। घटना उजियारपुर थाना क्षेत्र की है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम… 2015 में हुई थी शादी रमेश और अमृता की शादी 2015 में हुई थी। रमेश बंगाल के दुर्गापुर में नौकरी करते हैं। हर दशहरे वो बंगाल जाते थे और मार्च तक वहीं रहते थे। होली में घर आने के बाद दशहरे तक वे अपने घर में ही रहते थे। इस साल भी होली में ही घर आए थे। पत्नी की हरकतों को देखकर अक्सर दोनों में विवाद हुआ करता था। रमेश रविवार को भी अमृता को सोशल मीडिया पर किसी से बात करते देखा, जिसके बाद उसका मोबाइल छीन लिया। बेटे ने पिता को फोन किया, मां को उल्टी हो रही अमृता ने जब जहर खाया तब घर में उसके 3 बेटे थे। तीनों की उम्र 2 से 7 साल के बीच है। जब महिला को उल्टी होने लगी तो बच्चे काफी परेशान हो गए थे। उन्होंने अपने स्तर से मां को संभालने की कोशिश की, लेकिन तबीयत बिगड़ती जा रही थी। अंत में बड़े बेटे ने पिता को फोन किया और मां के बारे में बताया। जिसके पाद रमेश पासवान घर पहुंचे। रमेश अपनी पत्नी को अस्पताल लेकर गया, पर अमृता की जान नहीं बची। लाश को फॉसेंसिक जांच क लिए भेजा जाएगा घटना की जानकारी मिलते ही मायके पक्ष के लोग और उजियारपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर भेज दिया। सदर अस्पताल में पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर विनायक कुमार ने बताया कि महिला के शव को सुरक्षित रखा जा रहा है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई होगी उजियारपुर थाना अध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि चांदचौर गांव में एक महिला ने जहर खाकर आत्महत्या की है। मृतका के परिजनों की ओर से आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी में लूटेरे ने मां-बेटे को बंधक बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। लूटेरे ने 2 साल के मासूम बेटे की गर्दन पर चाकू रखकर मां को गमछे से बांध दिया। इस दौरान एक डिलीवरी बॉय महिला के घर पहुंचा। बदमाश ने डिलीवरी बॉय को घर के बाहर ही रोककर 145 रुपए दिए और पार्सल लेकर वापस भेज दिया। भिवाड़ी एसपी बृजेश उपाध्याय ने बताया- मामला फूलबाग थाना क्षेत्र स्थित आशियाना तंरग सोसायटी के फ्लैट नंबर 403 का है। सुबह 10 बजे मिली सूचना पर टीम घर पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। दोस्त के साथ ऑफिस के लिए निकला था इंजीनियर फ्लैट मालिक शुभम सक्सेना ने बताया- वह गेल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में जूनियर इंजीनियर है। गाड़ी पंचर होने के कारण वे सुबह 9:04 बजे अपने दोस्त अजय शर्मा के साथ ड्यूटी पर निकले थे। सोमवार को घर पर एक पार्सल आने वाला था। सुबह 9:15 पर एक युवक घर पर पहुंचा। इस दौरान घर में शुभम की पत्नी अपूर्वा और उसका दो साल का बेटा था। अपूर्वा के पूछने पर युवक ने बताया कि वह पार्सल वाला है। इस पर महिला ने गेट खोल दिया। गेट खोलते ही युवक धक्का देकर अंदर घुसा और 2 साल के बेटे की गर्दन पर चाकू रख दिया। 2 साल के बेटे की गर्दन पर रखा चाकू बेटे की गर्दन पर चाकू देखकर मां काफी डर गई। इस दौरान युवक ने कहा कि घर में जितने भी गहने और कैश हैं, सब ले आओ, वरना बच्चे को मार दूंगा। इसके बाद युवक महिला को कमरे के अंदर ले गया और अपने साथ लाए एक कपड़े से उसके हाथ बांध दिए। महिला को बंधकर बनाकर सभी कमरों की तलाशी ली बदमाश महिला को बारी-बारी से घर के सभी कमरों में लेकर गया और अलमारियां खुलवाईं। इसके बाद लॉकर में रखे करीब 70 हजार कैश, ज्वेलरी के बॉक्स से सोने के कंगन और महिला का मोबाइल ले लिया। आरोपी ने करीब 2.5 लाख रुपए की लूट को अंजाम दिया। आरोपी ने महिला को धमकाकर उसके फोन का पासवर्ड भी खुलवा लिया। 9:30 बजे कोरियर लेकर आने वाला युवक भी आ गया। जब उसने घर की घंटी बजाई तो बदमाश ने ही दरवाजा खोला और पार्सल रिसीव कर 145 रुपए कैश दे दिए। 20 मिनट तक घर में बदमाश ने की लूट बदमाश ने करीब 20 मिनट तक पूरे घर की तलाशी ली। इसके बाद महिला को बांधकर बाहर से गेट लगा दिया। इस दौरान बदमाश ने शुभम की गाड़ी की चाबी भी ले ली थी। मगर गाड़ी पंक्चर होने की वजह से वह उसे नहीं ले जा सका। 10 मिनट तक की कोशिश के बाद महिला ने अपने हाथ पैर खोले और बालकनी में जाकर लोगों को आवाज दी। पड़ोसियों ने आकर बाहर की कुंडी खोली और पुलिस को सूचना दी। सीसीटीवी खंगालने में जुटी पुलिस एसपी बृजेश उपाध्याय ने बताया-घटना को लेकर पुलिस की टीमों का गठन किया गया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी कर ली जाएगी। … यह खबर भी पढ़ें रिटायर्ड बैंकर को बम से उड़ाने की धमकी,48 लाख वसूले:बदमाश बोले- चिथड़े और DNA भी नहीं मिलेगा; पत्नी समेत 5 दिन तक बंधक बनाकर रखा जयपुर में बदमाशों ने एक विला में 5 दिन तक बुजुर्ग पति-पत्नी को बंधक बनाकर रखा। बम से उड़ाने की धमकी देकर बोले- तुम्हारे चिथड़े और डीएनए भी नहीं मिलेगा। बुजुर्ग पति-पत्नी से 48 लाख रुपए फिरौती के वसूल लिए। मामले में पीड़ित पति-पत्नी ने भांकरोटा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। (पढ़ें पूरी खबर)
मेरठ में सपा के प्रदर्शन में चोरों की सेंधमारी:प्रदर्शन छोड़कर मोबाइल तलाशने में लगे प्रदर्शनकारी
मेरठ में महंगाई के खिलाफ समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन के दौरान चोरों ने पांच मोबाइल फोन चुरा लिए। कमिश्नरी चौराहे पर चल रहे इस प्रदर्शन में हुई चोरी से अफरा-तफरी मच गई। यह घटना सोमवार को हुई, जब समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ता बढ़ती गैस और पेट्रोल की कीमतों का विरोध कर रहे थे। बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता कमिश्नरी चौराहे पर जमा थे। मोबाइल फोन चोरी होने की जानकारी मिलते ही प्रदर्शनकारियों में हड़कंप मच गया। कई कार्यकर्ता नारेबाजी छोड़कर अपने फोन तलाशने लगे। उन्होंने आसपास पूछताछ की और फोन मिलाकर लोकेशन जानने की कोशिश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। घटना के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि जेबकतरों की पहचान की जा सके। प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने कहा कि भीड़भाड़ वाले आयोजनों में पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ानी चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
रायपुर में बीजेपी नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक मॉर्निंग वॉक के दौरान मोबाइल लूट का शिकार हो गए। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पीडब्ल्यूडी ब्रिज के पास बाइक सवार बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया। सोमवार सुबह जब कौशिक पैदल चल रहे थे, तभी झपटमार उनके हाथ से मोबाइल छीनकर फरार हो गए। पूरी घटना इतनी तेजी से हुई कि वे संभल भी नहीं सके, रायपुर पुलिस ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष से लूट की इस वारदात की पुष्टि की है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना के तुरंत बाद कौशिक ने पुलिस को सूचना दी। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। रेकी के बाद लूट पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बदमाश बाइक पर सवार थे और वारदात को अंजाम देने के बाद तेजी से मौके से भाग निकले। पुलिस को शक है कि आरोपियों ने पहले रेकी की होगी। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। कांग्रेस ने कमिश्नरेट सिस्टम पर उठाए सवाल घटना की जानकारी होने के बाद कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने रायपुर कमिश्नरेट सिस्टम की वर्किंग पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा, कि बीजेपी नेताओं के साथ वारदात हो रही है। हाई अलर्ट के बीच शहर में वारदात हुई है। कमिश्नरी लागू होने के बाद लगातार अपराध बढ़ रहा है। कमिश्नरेट पुलिस केवल गाड़ी मालिकों को चालान भेजने का काम कर रही है। …………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… चाकू अड़ाकर BJYM नेता से मोबाइल-कैश की लूट...VIDEO: रायपुर में पीछा करने पर दो दोस्तों पर जानलेवा हमला; एक के हाथ से चाकू हुआ आर-पार रायपुर में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) नेता के साथ लूट हुई है। आरोपियों ने BJYM नेता के दो दोस्तों पर चाकू से हमला भी किया है। हमले में एक दोस्त के पैर और दूसरे के हाथ में गंभीर चोट आई है। चाकू हाथ से आर-पार हो गया है। दोनों का इलाज रायपुर एम्स में चल रहा है। मामला डीडी नगर थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
सीकर जिले में 17 साल की नाबालिग लड़की के लापता होने का मामला सामने आया है। नाबालिग लड़की सिलाई सेंटर पर जाने का नाम लेकर निकली थी। परिवार ने एक युवक पर शक जताते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। नाबालिग लड़की की मां ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उनकी बेटी14 मई की सुबह करीब 9:30 से 10 के बीच घर से सिलाई सेंटर जाने की बात कहकर निकली थी। कई देर बाद भी वह वापस नहीं लौटी। परिवार को शक था कि एक युवक उसे अपने साथ ले जा सकता है। जब परिवार ने उस युवक के व्हाट्सएप पर कॉल किया तो उसने नाबालिग लड़की से बात करवाई। तब बेटी ने कहा कि वह शाम तक वापस लौटकर आ जाएगी। इसके बाद भी वह वापस नहीं आई। अब उस युवक ने लड़की के घरवालों का नंबर ब्लैकलिस्ट में डाल दिया हैं। वहीं सीकर जिले में 20 साल की युवती के लापता होने का भी मामला सामने आया है। जो 17 मई को घर से कोचिंग के लिए निकली थी। वह कोचिंग तो गई लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटी। परिवार ने अपने स्तर पर काफी तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। अब युवती का मोबाइल भी स्विच ऑफ है।
मेरठ में 15 मई को बीए थर्ड ईयर की परीक्षा देने निकली छात्रा की 3 दिन बाद गन्ने के खेत में सड़ी हालत में मिली। परिवार के लोगों गैंगरेप के बाद हत्या की बात कही। साथ 3 युवकों के खिलाफ नामजद तहरीर देकर थाने के बाहर हंगामा किया। पुलिस ने रविवार देर रात मुख्य आरोपी अंकुश को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने मोबाइल में दूसरे संबंध का शक होने पर हत्या करना कबूल किया है। वहीं युवती के मोबाइल में मिले नोट मिला। इसमें लिखा है कि वो कुछ गलत न हो जाए इससे बचाने के लिए भगवान से प्रार्थना कर रही है। लड़की के मोबाइल में नोट मिला, पढ़िए क्या लिखा… आज 11/05/26 में पेपर देने तो जा रही हूं, लेकिन मुझे बहुत ही अजीब फील हो रहा है। पता नहीं क्यूं पर मेरे अंदर से महसूस हो रहा है। भगवान मैं तुमसे हाथ जोड़कर विनती हैं कुछ गलत मत होने देना। प्लीज, प्लीज, प्लीज गॉड, मेरा घर बिखर जाएगा। मेरे अनुरोध है। भगवान आपसे प्लीज सब कुछ ठीक रखना। मेरे बिना तो रह भी नहीं पाएंगे, ये सब मम्मी, पापा, भाई बहन। मेरे बिना इनका मन नहीं लगता, पता नहीं क्यों इसको लिखने में भी मेरे आंसू बह रहे हैं भगवान प्लीज सब ठीक रखना, सेव मी सेव ऑल… सबसे पहले पूरी घटना पढ़िए… मेरठ के टीपीनगर थानाक्षेत्र की 20-21 वर्षीय BA थर्ड ईयर दलित छात्रा की लाश रविवार को रोहटा थानाक्षेत्र में उकसिया गांव के गन्ने के खेत में मिली। वह तीन दिन पहले (15 मई) को मेरठ के एक डिग्री कालेज में राजनीति विज्ञान की परीक्षा देने निकली थी, लेकिन घर नहीं लौटी। परिवार ने टीपीनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। लड़की परीक्षा दिए बिना ही लापता हो गई थी। उसकी डेडबॉडी रविवार 17 मई को घर से 25km दूर गन्ने के खेत में मिली। शव देखकर घरवाले हैरान रह गए। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने तुरंत आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। परिजनों ने रेप के बाद हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने अंकुश,निशांत और अंकित के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद पुलिस की 5 टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश शुरू हुई। पुलिस ने रविवार देर रात मुख्य आरोपी अंकुश को अरेस्ट कर लिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपी अंकुश ने बताया- युवती मेरी दोस्त है। मैं उसे पहले से जानता हूं। मुझे उस पर किसी और युवक से संबंध होने का शक था इसलिए मैंने उसकी हत्या की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। शव को देर रात पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रेमी बोला- मोबाइल में दूसरे लड़के से बात दिखी आरोपी अंकुश ने पूछताछ में बताया- उसकी युवती से पहले से दोस्ती थी। उसने लड़की के मोबाइल में किसी अन्य युवक से बातचीत देखी थी। इससे उसे शक हुआ कि वो कहीं और भी दोस्ती या संबंध में हैं। बताया कि हत्या से पहले उसका युवती से झगड़ा भी हुआ। दोनों में 2023 से अफेयर चल रहा था। मोबाइल देखने के बाद शक, गुस्से में हत्या पुलिस ने परिजनों के शक के आधार पर अंकुश नाम के युवक को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान सामने आया कि दोनों के बीच पहले प्रेम प्रसंग था और युवती उसके साथ ही गई थी। अंकुश भी मृतका के पैतृक गांव का ही रहने वाला है। वहीं पूरे एक घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस लाश की पहचान कर सकी। पहचान लापता छात्रा के रूप में हुई थी। इसके बाद परिजनों को सूचना दी। अंकुश मुख्य आरोपी है। वहीं दो अन्य युवकों निशांत और अंकित पर भी मुकदमा दर्ज हुआ है। आशंका है कि अंकुश ने अंकित, निशांत के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया है। फिलहाल पुलिस जांच कर रही है। मुख्य आरोपी के घर से एक km दूर मिली लाश, चेहरा जलाने की आशंका डेडबॉडी इतनी खराब हालत में मिली है कि उसकी पहचान भी मुश्किल से हो सकी। लाश का चेहरे को कीड़ों ने खाया हुआ था। ऐसा भी लग रहा था मानो लाश को हत्या के बाद तेजाब डालकर जलाने का प्रयास किया गया हो। उकसिया के जिस खेत में लाश मिली है वहां से अंकुश का खेत एक km दूर पर है। शक ये भी है कि अंकुश ने दोस्तों के साथ मिलकर शायद पहले अपने खेत में हत्या की हो इसके बाद लाश को छिपाने के लिए दूसरे के खेत में एक किमी दूर लाया हो। यहां उसकी पहचान छिपाने के लिए चेहरा जलाने का प्रयास किया हो। लेकिन असफल रहा हो। सही स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगी। दो साल पहले गांव में हुई थी पंचायत परिजनों सहित ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी युवक लंबे समय से उनकी बेटी को परेशान कर रहा था। वो उसके पीछे पड़ा रहता था। जिसके चलते पहले भी उनके गांव में पंचायत हुई थी। जिसमें आरोपी युवक अंकुश ने सबके सामने माफी मांगी थी। तब दोनों परिवारों का समझौता समाज के सामने हुआ था। क्योंकि तब भी आरोपी अंकुश ने लड़की को अपहरण करने का प्रयास किया था। इसके बाद उसने माफी मांगी थी। 6 महीने पहले गांव छोड़ा फिर भी बेटी की नहीं बची पीड़िता के परिजनों और ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी अंकुश पंचायत में समझौता होने और माफी मांगने के बाद भी नहीं माना। वो लगातार बेटी को परेशान कर रहा था। उसकी हरकतों से तंग आकर ही पीड़िता के परिजनों ने 6 महीने पहले गांव छोड़ दिया। गांव छोड़कर मेरठ के रोहटा रोड पर शिफ्ट हो गए। यहां परिवार किराए के एक मकान में पिछले छह महीने से रह रहा था। पिताजी टेलर हैं, कपड़े सिलते हैं। जबकि घर में पीड़िता, उससे छोटी एक बहन और एक छोटा भाई और मम्मी रहती हैं। परिजनों का आरोप पुलिस ने नहीं की सुनवाई पिता, चाचा और भाइयों का आरोप है कि अगर टीपीनगर थाना पुलिस समय पर सुनवाई की होती तो बेटी की जान बच जाती। उन्होंने कहा- 15 मई बेटी के घर नहीं लौटने पर परिवार ने थाने में शिकायत की। अंकुर सहित तीनों लड़कों के नाम लिखते हुए एक शिकायती पत्र बनाकर थाने पर दिया था। जिसमें अपहरण की बात थी लेकिन पुलिस ने सुनवाई नहीं की। वहीं आरोप लगाया कि पुलिस ने दो दिन बाद दोबारा शिकायत लेकर लिखी है जिसमें गुमशुदगी लिखवाई जबकि पहले अपहरण की शिकायत परिवार ने दी थी। पोस्टमार्टम हाउस पर भीम आर्मी एकता मिशन के जिलाध्यक्ष चतर सिंह ने कहा- योगीजी दावा करते हैं कि बहन, बेटियों को परेशान करने वालों को अगले चौराहे पर यमराज मिलेगा। इस दलित बेटी के हत्यारे आरोपियों को भी जल्द अरेस्ट करके कठोर सजा दी जाए अन्यथा हमारा समाज बड़ा आंदोलन करेगी। समाजवादी पार्टी से जिला पंचायत सदस्य सम्राट मलिक ने कहा- योगी सरकार में दावा किया जाता है कि बेटियां सुरक्षित हैं लेकिन पहले कपसाड़ कांड अब यहां दलित बेटी की अपहरण के बाद हत्या करने की घटना निंदनीय हैं। पीड़ित परिवार को पूरी सहायता मिलना चाहिए। अब पूरे मामले में पुलिस का ये कहना है एसएसपी अविनाश पांडे ने कहा- सूचना मिलते ही पुलिस और अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। युवती की पहचान कर ली गई है और सीसीटीवी फुटेज की जांच में युवती जाते हुए दिखाई दी थी। परिजनों की शंका और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अंकुश का नाम सामने आया। पांच पुलिस टीमों का गठन किया गया और अंकुश को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि हम दोनों साथ गए थे और शक के चलते उसने हत्या की है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। साथ ही अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।अन्य बिंदुओं पर भी जांच हो रही है। सोशल मीडिया पर विपक्ष ने उठाए सुरक्षा पर सवाल वहीं इस घटना को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट किए गए। जिसमें यूपी सरकार में योगीराज में बेटियों और दलितों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए गए। आजाद समाज पार्टी प्रमुख नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी हैंडल से पोस्ट किया। कहा कि सरकार पीड़ित परिवार को सहायता दे और आरोपियों को अरेस्ट करे। ---------------------------ये खबर भी पढ़ें प्रयागराज में ऑफिस बुलाकर प्रॉपर्टी डीलर की हत्या:कनपटी पर गोली मारी, मांस के लोथड़े बाहर आए; कार से भागे 2 हमलावर प्रयागराज में रविवार शाम करीब 4:30 बजे 35 साल के प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोपियों ने प्रापॅर्टी डीलर को अपने ऑफिस बुलाया था। जब वह ऑफिस पहुंचे तो कनपटी से पिस्टल सटाकर गोली मार दी। इससे उसका सिर फट गया। मांस के लोथड़े बिखर गए। खून पूरे ऑफिस में फैल गया। पढ़िए पूरी खबर
अजमेर में 2 नाबालिग लड़कियां लापता:बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका; घर पर मिला संदिग्ध मोबाइल फोन
अजमेर में 2 नाबालिग लड़कियों के लापता होने के मामले सामने आए हैं। दोनों मामलों में परिजनों ने बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका जताते हुए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने अपहरण समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहला मामला: गेगल थाना क्षेत्र का है। महिला ने रिपोर्ट देकर बताया- मेरी नाबालिग बेटी 11 मई की शाम करीब 7 बजे से लापता है। परिजनों ने आरोप लगाया कि घूघरा निवासी युवक उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। परिवार ने कई दिनों तक तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिलने पर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस को बच्ची की उम्र संबंधी दस्तावेज भी सौंपे गए हैं। मामले में पुलिस ने बीएनएस की धारा 137(2) और जेजे एक्ट की धारा 84 में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच गोविंदराम एसआई को सौंपी गई है। दूसरा मामला: आदर्शनगर थाना क्षेत्र का है। यहां रहने वाले पीड़ित भाई ने रिपोर्ट देकर बताया- मेरी बहन (17) 12 मई की सुबह घर से कपड़े धोने के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिवार ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। परिजनों को घर पर मोबाइल फोन मिला, जिसमें 2 नंबर मिले हैं। जिस युवक के नाम पर सिम है, वह लड़की को बहला-फुसलाकर ले जा सकता है। आदर्शनगर थाना पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 127(2) और 137(2) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच शिवराज एसआई को सौंपी गई है।
पूर्वोत्तर रेलवे में आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, तीन गिरफ्तार, चोरी के मोबाइल बरामद
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) की रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने एक बार फिर यात्रियों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए अलग-अलग जगहों पर अभियान चलाकर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
पेड़ पर चढ़ने, पहाड़ मापने के दिन गए, लगा मोबाइल टावर
भास्कर न्यूज | नारायणपुर अबूझमाड़ के सुदूर वनांचल में विकास की नई किरण पहुंची है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जारी मिशन मोड विकास कार्यों के तहत ओरछा ब्लॉक के अत्यंत सुदूर ग्राम रायनार में नया मोबाइल टावर स्थापित कर दिया गया है। लंबे समय से संचार क्रांति से कटे इस इलाके में अब मोबाइल की घंटियां गूंजने लगी हैं। कलेक्टर नम्रता जैन ने बताया कि इस टावर के शुरू होने से ग्राम रायनार, नुलवट्टी, झोरीगांव और डीडरभट्टी में अब पूर्ण रूप से मोबाइल नेटवर्क मिलने लगा है। इसके अलावा रेंगाबेड़ा और मडाली के आंशिक क्षेत्रों में भी कनेक्टिविटी पहुंच गई है। इस पहल से क्षेत्र की 940 से अधिक ग्रामीण आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। रायनार की 590, नुलभट्टी की 130 और झोरीगांव की 220 की आबादी अब सीधे डिजिटल दुनिया से जुड़ गई है। अब तक इस क्षेत्र के ग्रामीणों को किसी से फोन पर बात करने या इंटरनेट चलाने के लिए ऊंचे पेड़ों, पहाड़ों या कई किमी दूर दूसरे गांवों का रुख करना पड़ता था।
अस्पताल जाने पर न फाइल की टेंशन, न फर्जी डॉक्टर का डर, अब मोबाइल में रहेगा सेहत का लेखा-जोखा
अस्पताल जाते समय भारी-भरकम मेडिकल फाइलें, पुरानी जांच रिपोर्ट और डॉक्टरों की पर्चियां साथ ले जाने का झंझट अब हमेशा के लिए खत्म होने जा रहा है। केंद्र सरकार के आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत अब आम जनता का इलाज पूरी तरह हाईटेक और पेपरलेस होगा। इस डिजिटल क्रांति को जमीन पर उतारने में उदयपुर जिले ने बाजी मारते हुए प्रदेश में 100 फीसदी सफलता हासिल की है। जिले के सभी 6,800 स्वास्थ्यकर्मियों की हेल्थ प्रोफेशनल आईडी (एचपीआर) तैयार कर ली गई है, जिससे अब उदयपुर का पूरा मेडिकल स्टाफ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वेरिफाइड हो चुका है। आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राहुल जैन और सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने पुष्टि की है कि मेडिकल कॉलेज से जुड़े 3,000 और स्वास्थ्य विभाग के 3,800 कर्मचारियों का शत-प्रतिशत डेटा अपडेट कर लिया गया है। अस्पतालों को भी फायदा, मिलेगा इंसेंटिव : डिजिटल हेल्थ को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से डिजिटल हेल्थ इंसेंटिव स्कीम (डीएचआईएस) चलाई जा रही है। इसके तहत जो अस्पताल और डॉक्टर मरीजों की आभा आईडी बनाकर उनके रिकॉर्ड डिजिटल रखेंगे, उन्हें सरकार की तरफ से वित्तीय प्रोत्साहन यानी इंसेंटिव भी दिया जाएगा। राज्य सरकार का चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग इस पूरे इकोसिस्टम को अपने चिप पोर्टल के जरिए संचालित कर रहा है। मरीजों और तीमारदारों को सीधे होंगे ये बड़े फायदे {फाइलों से आजादी, मोबाइल में रहेगा रिकॉर्ड : डॉक्टरों की यह डिजिटल आईडी सीधे मरीजों के आभा हेल्थ अकाउंट से जुड़ जाएगी। इससे मरीज की बीमारी का इतिहास, पुरानी दवाइयां और लैब रिपोर्ट ऑनलाइन सुरक्षित रहेंगी। देश के किसी भी अस्पताल में जाने पर डॉक्टर आपकी अनुमति से एक क्लिक में पुरानी हिस्ट्री देख सकेंगे। {फर्जी (झोलाछाप) डॉक्टरों से सुरक्षा : ऑनलाइन सिस्टम लागू होने से अब कोई भी फर्जी डॉक्टर आमजन को धोखा नहीं दे सकेगा। आम नागरिक अपने मोबाइल से ही तुरंत चेक कर सकेंगे कि इलाज करने वाला डॉक्टर असली और प्रमाणित है या नहीं। {इमरजेंसी में तुरंत इलाज, बचेगी जान : सड़क दुर्घटना या गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचने पर अगर मरीज कुछ बताने की स्थिति में नहीं है, तब भी डॉक्टर उसकी डिजिटल आईडी से उसकी पुरानी बीमारियों या दवाओं की एलर्जी को तुरंत जान सकेंगे। इससे बिना वक्त गंवाए सही इलाज शुरू हो सकेगा। {पैसों और समय की बचत : अगर मरीज को उदयपुर से जयपुर या दिल्ली के किसी अस्पताल में रेफर किया जाता है तो वहां नए सिरे से जांच कराने की जरूरत नहीं होगी। पुराने डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर ही डॉक्टर आगे का इलाज शुरू कर देंगे। यानी नाहक खर्च नहीं होगा। { घर बैठे बड़े डॉक्टरों से परामर्श : प्रमाणित डॉक्टरों से ऑनलाइन (वीडियो कॉल) परामर्श लेना और डिजिटल पर्चा पाना बेहद सुरक्षित हो जाएगा। इससे बड़े शहरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।
जिला स्पेशल टीम टोंक ने साइबर फ्रॉड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने 25 लाख के साइबर फ्रॉड का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से कई पास बुक, एटीएम कार्ड, 7 मोबाइल फोन बरामद किए है। यह कार्रवाई एसपी राजेश कुमार मीना के आदेश पर डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में कोतवाली थाना क्षेत्र में गठित टीम ने की है। डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि इस मामले में टीम ने आरोपी दिलखुश (25) पुत्र स्वराज मीणा निवासी नयागांव बोरदा पुलिस थाना मेहंदवास और दौलत (24)पुत्र शिवजी राम मीणा निवासी मोलाईपूरा पुलिस थाना सदर टोंक को साइबर ठगी के मामले में पकड़ा है। इनके खिलाफ साईबर ठगी की 7 शिकायते दर्ज है। दोनों आरोपी साइबर ठगी में करीब अब तक 30 से अधिक फर्जी मोबाइल सिमों का उपयोग के चुके है । आरोपी के कब्जे से कई पास बुके, एटीएम कार्ड, 7 मोबाइल फोन बरामद किया गया है। आरोपियों के विरुद्ध साइबर ठगी की वारदात के संबंध में पुलिस थाना कोतवाली टोंक पर प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है। आरोपी द्वारा प्रारंभिक जांच में अब तक 30 फर्जी सिम कार्ड उपयोग करना सामने आया है, और आरोपियों द्वारा अब तक कुल 25 से 30 लाख रुपए की साइबर ठगी अंजाम दिया जाना सामने आया है। अनुसंधान से आरोपी के साथ साइबर ठगी में संलिप्त उसके साथी व मददगार सिम उपलब्ध कराने वालों की तलाश शुरू कर दी है।
कानपुर में 6 मोबाइल चोर पकड़े गए:इनमें तीन बाल अपचारी, कानपुर-लखनऊ में दर्ज हैं मुकदमे
कानपुर की चकेरी पुलिस ने रविवार को बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस ने तीन युवकों और तीन बाल अपचारियों सहित कुल छह मोबाइल चोरों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से चोरी के मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई है। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि क्षेत्र में चोरी की घटनाओं की रोकथाम के लिए चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान छह संदिग्ध लोग दिखाई दिए। पुलिस ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो वे भागने लगे। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। शुरुआत में पूछताछ करने पर आरोपी टालमटोल करते रहे। संदिग्ध लगने पर उन्हें थाने लाकर सख्ती से पूछताछ की गई और उनकी तलाशी ली गई। इस दौरान उनके पास से छह चोरी के मोबाइल फोन और 400 रुपये नकद बरामद हुए। आरोपियों की पहचान झारखंड के साहिबगंज निवासी राजकुमार महतो, जितेंद्र कुमार महतो और बिहार के भागलपुर निवासी गणेश कुमार के रूप में हुई। इनके अलावा तीन बाल अपचारी भी शामिल थे। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों पर कानपुर, लखनऊ और मथुरा में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे जिन शहरों में काम करने जाते थे, वहां रात में रेकी कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। वारदात के बाद वे तुरंत उस जिले को छोड़कर दूसरे जिले भाग जाते थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर आगे की कार्रवाई की है।
विदिशा जिले के शमशाबाद स्थित महानीम चौराहे पर रविवार को यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती दिखाते हुए मोबाइल कोर्ट लगाया गया। प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट आफरीन यूसुफजई ने पुलिस के साथ मिलकर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान ओवरलोड डंपरों, बिना दस्तावेज वाले वाहनों और नियम विरुद्ध हूटर लगे वाहनों पर चालानी कार्रवाई की गई। अभियान में करीब 30 वाहनों के चालान बनाए गए और लगभग 70 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। पुलिस ने महानीम चौराहे पर बेरिकेड्स लगाकर जांच शुरू की। छोटे वाहनों से लेकर भारी डंपरों तक को रोककर दस्तावेजों की जांच की गई। कई ओवरलोड डंपरों पर जुर्माना लगाया गया। सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रेडियम पट्टियां और रिफ्लेक्टर भी लगाए गए, ताकि रात के समय वाहन दूर से दिखाई दे सकें और हादसों से बचाव हो सके। SDM की गाड़ी भी रुकवाई मोबाइल कोर्ट की कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक निष्पक्षता का उदाहरण भी देखने को मिला। मजिस्ट्रेट आफरीन यूसुफजई ने एसडीएम अजयप्रताप पटेल की गाड़ी को भी रुकवाकर उसके दस्तावेज जांचे। मौके पर मौजूद लोगों ने इस कार्रवाई की सराहना की। अभियान के दौरान किन्नर छाया की गाड़ी में नियम विरुद्ध हूटर लगा मिला। हूटर हटाने और चालान की कार्रवाई के दौरान उसकी पुलिस और अधिकारियों से बहस भी हुई। हालांकि बाद में अधिकारियों की समझाइश के बाद मामला शांत हो गया और कार्रवाई पूरी की गई। जागरूकता बढ़ाना भी अभियान का उद्देश्य मजिस्ट्रेट आफरीन यूसुफजई ने बताया कि जिला प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश शेख सलीम और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रमाकांत भारके के निर्देशन में मोबाइल कोर्ट का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल चालानी कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सुरक्षित वाहन चलाने के लिए प्रेरित करना भी है।
सीकर में 19 साल की युवती और 20 साल के युवक के लापता होने का मामला सामने आया है। युवती मार्केट से सामान लाने गई थी, वहीं युवक हॉस्पिटल में दवाई लाने के लिए गया था। अब पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। 19 साल की युवती के परिजनों ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि युवती 10 मई की शाम करीब 5 बजे सामान लाने के लिए दूसरे गांव गई थी और वापस नहीं लौटी। युवती को आस-पड़ोस और रिश्तेदारी में काफी तलाशा गया, लेकिन कुछ भी पता नहीं चल पाया। 20 साल के युवक के बड़े भाई ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि मेरा भाई 15 मई की सुबह करीब 9 बजे अस्पताल में दवाई लेने के लिए गया था और अभी तक वापस नहीं लौटा। युवक का मोबाइल भी स्विच ऑफ है। -- सीकर से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए … सीकर में महिला को किडनैप कर गैंगरेप:अश्लील वीडियो रिकॉर्ड किया, जान से मारने की धमकी दी सीकर में 22 साल की महिला के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। आरोपियों ने बंधक बनाकर महिला के साथ रेप किया। महिला का अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कई बार महिला के साथ रेप किया गया। महिला की रिपोर्ट पर पुलिस ने 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।(पूरी खबर पढ़ें)
बैतूल के सदर बाजार में रविवार दोपहर मोबाइल चोरी की घटना सामने आई। सदर काफी हाउस के पास सब्जी खरीदने आए लोगों के बीच घूम रहे एक नाबालिग युवक को संदिग्ध गतिविधियों के दौरान रंगे हाथों पकड़ लिया गया। बाद में उसे कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 12 बजे बाजार में कुछ नाबालिग लड़के बिना खरीदारी किए इधर-उधर घूमते नजर आए। बाजार में मौजूद राजेश प्रजापति और अन्य लोगों ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखी। इसी दौरान एक युवक को मोबाइल चोरी करते हुए पकड़ लिया गया। पूछताछ में सामने आए अन्य साथी मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और नाबालिग युवक को थाने ले जाकर पूछताछ शुरू की। राष्ट्रीय हिंदू सेना के प्रदेश अध्यक्ष दीपक मालवीय के मुताबिक युवक ने पूछताछ में खुद को बाहरी क्षेत्र का निवासी बताया। उसने यह भी कहा कि उसके अन्य साथी भी बाजार में घूम रहे हैं। कोतवाली टीआई देवकरण डहरिया ने बताया कि नाबालिग ने चोरी करने के बाद मोबाइल एक बड़े व्यक्ति को सौंप दिया था। नाबालिग की निशानदेही पर उस व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया है, जो खुद को झारखंड का निवासी बता रहा है। पुलिस फिलहाल दोनों से पूछताछ कर रही है और पूरे गिरोह का पता लगाने में जुटी हुई है। बाजारों में फिर सक्रिय हुए मोबाइल चोर स्थानीय लोगों का कहना है कि जागरूकता और सतर्कता के चलते युवक को समय रहते पकड़ लिया गया। सदर और कोठीबाजार के साप्ताहिक बाजारों में पहले भी मोबाइल चोरी की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। कुछ समय तक इन वारदातों पर रोक लगी थी, लेकिन अब फिर चोरी की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। व्यापारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले बाजारों में पुलिस की ओर से निगरानी का कोई स्थायी तंत्र नजर नहीं आता। बाजार के दिनों में जेबकतरे और मोबाइल चोर सक्रिय रहते हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। इटारसी-नागपुर से आने की आशंका बाजार से जुड़े लोगों के मुताबिक इटारसी और नागपुर की ओर से मोबाइल चोर गिरोह बाजार वाले दिन बैतूल पहुंचते हैं। इन गिरोहों में महिलाएं और नाबालिग भी शामिल रहते हैं, जो भीड़ का फायदा उठाकर मौका मिलते ही मोबाइल चोरी कर लेते हैं। जानकारों का कहना है कि अब मोबाइल ट्रैक होने के डर से गिरोह मोबाइल सीधे बेचने के बजाय उसके पुर्जे अलग-अलग कर बेच देते हैं। इससे पुलिस के लिए मोबाइल तक पहुंचना और आरोपियों की पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
रामपुर में आतंकी फैजान के घर NIA का छापा:परिवार और दोस्तों से पूछताछ, मोबाइल फोन जब्त कर जांच शुरू
रामपुर में रविवार सुबह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आतंकवादी गतिविधियों में गिरफ्तार फैजान के घर छापा मारा। NIA की टीम ने स्थानीय स्वार कोतवाली पुलिस और एसडीएम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर कई घंटों तक जांच-पड़ताल की। NIA टीम स्वार कस्बे के नरपत नगर स्थित फैजान के आवास पर पहुंची। एजेंसी ने घर की गहन तलाशी ली और वीडियोग्राफी भी कराई। इस दौरान फैजान के परिवार के सदस्यों से लंबी पूछताछ की गई। NIA ने फैजान के परिजनों और उसके कुछ करीबी मित्रों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। जांच एजेंसी फैजान के संपर्कों, उसकी सोशल मीडिया गतिविधियों और उसके नेटवर्क से जुड़ी जानकारी जुटाने में लगी है। अधिकारियों ने परिवार से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य जानकारियां भी प्राप्त कीं। फैजान वर्तमान में अहमदाबाद की जिला जेल में बंद है। उसे मार्च 2026 में गुजरात एटीएस ने अहमदाबाद से आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया था। रविवार की कार्रवाई के दौरान, NIA अधिकारियों ने उसके परिचितों और मित्रों के बारे में भी जानकारी जुटाई। अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि NIA की टीम क्षेत्र में जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि पूछताछ और जांच प्रक्रिया जारी है, और आगे जो भी तथ्य सामने आएंगे, उन्हें मीडिया के साथ साझा किया जाएगा। NIA और स्थानीय पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच में जुटी हैं।
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में अधिवक्ता की बेटी ने फांसी लगाकर जान दे दी। घटना उस समय सामने आई जब माता-पिता शाम को घर लौटे। कमरे में बेटी का शव फंदे से लटकता देख परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने एक युवक पर छात्रा को परेशान और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच शुरू कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुराना शिवली रोड निवासी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि उनकी 24 वर्षीय बेटी एकता सिंह एम.लिब का कोर्स कर रही थी। शनिवार को वह रोज की तरह कचहरी गए थे, जबकि उनकी पत्नी लक्ष्मी सिंह दवा लेने के लिए दोपहर में कचहरी पहुंच गई थीं। उस समय एकता घर पर अकेली थी। 3 तस्वीरें देखिए- सहेली ने कई बार किया फोन, शाम को खुला घटना का पता परिजनों के मुताबिक दोपहर में एकता की सहेली का फोन आया था और दोनों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। करीब तीन बजे सहेली ने पिता को फोन कर पूछा कि वह घर कब पहुंचेंगे, क्योंकि एकता का फोन बंद जा रहा था। इसके बाद सहेली ने माता-पिता को कई बार कॉल किया। शाम करीब छह बजे जब परिवार घर पहुंचा तो मुख्य गेट अंदर से बंद था। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पड़ोस के एक युवक को दीवार फांदकर अंदर भेजा गया। गेट खुलने पर परिजन घर में दाखिल हुए और कमरे में पहुंचते ही एकता का शव पंखे से लटका मिला। यह दृश्य देखकर परिवार के होश उड़ गए। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मोबाइल कब्जे में लेकर जांच शुरू, युवक से जुड़े पहलुओं की पड़ताल मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल की। पुलिस ने छात्रा का मोबाइल कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पूछताछ में सामने आया कि एक युवक कथित तौर पर छात्रा को लगातार परेशान कर रहा था, जिससे वह मानसिक तनाव में रहती थी। संतोष कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों ने एक युवक पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
शाजापुर जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में शनिवार शाम को एक युवक को रंगे हाथ मोबाइल चोरी करते हुए पकड़ा गया। अस्पताल के कर्मचारियों ने सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की मदद से उसे पहचाना। शक है कि अस्पताल में पिछले कुछ दिनों से हो रही मोबाइल चोरी की वारदातों के पीछे इसी का हाथ है। उमरसिंगी के रहने वाले राकेश गुर्जर अपने किसी रिश्तेदार के इलाज के लिए अस्पताल आए थे। शुक्रवार की देर रात जब वे ट्रामा सेंटर के कमरा नंबर 21 के बाहर सो रहे थे, तभी उनका मोबाइल चोरी हो गया। शनिवार सुबह जब राकेश ने सीसीटीवी फुटेज चेक किया, तो उसमें एक चोर साफ तौर पर मोबाइल ले जाते हुए दिखाई दिया। पहचानते ही पकड़ लिया शनिवार शाम को जब वही चोर दोबारा अस्पताल परिसर में घूमता दिखा, तो राकेश के घरवालों की नजर उस पर पड़ गई। उन्होंने तुरंत अस्पताल स्टाफ को बताया और फुटेज से मिलान करने के बाद उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान लक्ष्मी नगर निवासी हेमंत जाटव के रूप में हुई। उसके पास से शुक्रवार रात चोरी हुआ मोबाइल भी मिल गया है। पहले भी कर चुका है चोरी बताया जा रहा है कि पिछले बुधवार को शुजालपुर के रानूगंज निवासी अंकित केवट का मोबाइल भी चोरी हुआ था। उस समय भी सीसीटीवी में यही युवक चोरी करता नजर आया था। अस्पताल में लगातार हो रहे इन वाकयों से मरीज और उनके परिजन काफी परेशान और नाराज हैं। पुलिस कर रही है पूछताछ अस्पताल पुलिस चौकी ने युवक को हिरासत में लेकर कोतवाली थाने भेज दिया है। थाना प्रभारी संतोष वाघेला ने बताया कि युवक से पूछताछ की जा रही है। हालांकि अभी तक किसी ने लिखित में शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन पुलिस अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही है।
झालावाड़ के इंजीनियर अचिन अग्रवाल और उनकी टीम ने भारतीय सेना के लिए एक अत्याधुनिक 'मोबाइल कमांड सेंटर' विकसित किया है। यह स्वदेशी तकनीक युद्ध या आपातकालीन परिस्थितियों में सैनिकों को संचालन, निगरानी, संचार और मेडिकल सहायता जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं तुरंत शुरू करने में मदद करेगी। पारंपरिक पोर्टा केबिन को स्थापित करने में अधिक समय और भारी मशीनरी की आवश्यकता होती है, लेकिन यह नई प्रणाली इस समस्या का समाधान करती है। अचिन अग्रवाल और उनके सहयोगी अंकित पटेल ने आईआईटी बीएचयू, वाराणसी से स्नातक करने के बाद अपनी कंपनी की शुरुआत की थी। उनकी एआईपीएल टीम देश में स्वदेशी तकनीकी नवाचारों के लिए लगातार पहचान बना रही है। यह अत्याधुनिक प्रणाली मात्र 5 मिनट में स्वयं खुलकर पूरी तरह तैयार हो जाती है। इसे स्थापित करने के लिए किसी बाहरी क्रेन या भारी मशीनरी की आवश्यकता नहीं होती। पूरी प्रणाली हाइड्रोलिक तकनीक से संचालित होती है और केवल एक व्यक्ति एक बटन दबाकर इसे आसानी से संचालित कर सकता है। यह पारंपरिक पोर्टा केबिन की तुलना में लगभग ढाई गुना अधिक उपयोगी स्थान उपलब्ध कराती है। इस मोबाइल कमांड सेंटर का उपयोग सेना द्वारा युद्ध क्षेत्र, सीमावर्ती इलाकों और आपातकालीन परिस्थितियों में कंट्रोल रूम, निगरानी कक्ष, संचार केंद्र, फील्ड ऑपरेशन यूनिट और मोबाइल मेडिकल एवं सर्जिकल यूनिट के रूप में किया जा सकेगा। इसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी तेजी से तैनात किया जा सकता है। इस तकनीक का प्रथम प्रदर्शन प्रयागराज में आयोजित प्रतिष्ठित 'नॉर्थ टेक डिफेंस एग्जीबिशन' में किया गया। इस दौरान भारतीय सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने उत्पाद का निरीक्षण किया और भविष्य के युद्धक्षेत्र में ऐसी तेजी से तैनात होने वाली प्रणालियों की आवश्यकता पर जोर दिया। अचिन अग्रवाल और उनकी एआईपीएल टीम इससे पूर्व भी कई तकनीकी नवाचारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सराहना प्राप्त कर चुकी है। अचिन अग्रवाल ने बताया कि यह उपलब्धि न केवल झालावाड़ और राजस्थान बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। अग्रवाल एवं उनकी एआईपीएल टीम इससे पूर्व भी कई तकनीकी नवाचारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सराहना प्राप्त कर चुकी है।वर्ष 2018 में उनकी “सेल्फ एडजस्टिंग फिक्स्ड टाइप जेट्टी (SAFTJ)” तकनीक को एनआरडीसी इनोवेशन अवार्ड से सम्मानित किया था।पूर्व में भी कर चुके है सफल प्रयोगवर्ष 2021 में उनकी टीम की ओर से विकसित फ्लोटिंग सीएनजी स्टेशन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं पेट्रोलियम मंत्री की ओर से प्रसंशा की गई थी। वहीं वर्ष 2020 में आई घाट एवं ऑक्सीजन प्लांट नवाचारों के लिए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा भी टीम की प्रशंसा की गई थी। कंपनी के इस नवीनतम “मोबाइल कमांड सेंटर” नवाचार को भी पेटेंट के लिए आवेदन किया जा चुका है। अचिन अग्रवाल एवं उनकी टीम को पूर्व में भी विभिन्न तकनीकी नवाचारों एवं स्टार्टअप उपलब्धियों के लिए देश के विभिन्न सरकारी एवं औद्योगिक संस्थानों द्वारा सम्मान एवं प्रशंसा प्राप्त हो चुकी है। प्रयागराज में आयोजित एक कार्यशाला में 4 से 6 मई को आयोजित कंपनी की ओर से नई तकनीक का प्रदर्शन किया गया था।
हिसार रेलवे स्टेशन पर मोबाइल छीनने के मामले में कोर्ट ने एक दोषी को पांच साल कैद और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। सेशन जज अलका मलिक की कोर्ट ने पंजाब के संगरूर जिले के धुरी निवासी विक्रम को यह सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर उसे अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह मामला 16 अगस्त 2023 का है। जीआरपी थाना पुलिस ने जयपुर निवासी मनीष कुमार की शिकायत पर केस दर्ज किया था। मनीष ने पुलिस को बताया था कि वह चरखी दादरी जाने के लिए हिसार रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर खड़ा होकर मोबाइल पर बात कर रहा था। शोर मचाने पर आरोपी को जीआरपी ने पकड़ा इसी दौरान एक युवक अचानक उसके हाथ से मोबाइल छीनकर ओवरब्रिज की पश्चिम दिशा की ओर भाग निकला। मोबाइल छिनते ही मनीष कुमार ने शोर मचाते हुए आरोपी का पीछा किया। उसी समय स्टेशन पर चेकिंग कर रहे जीआरपी पुलिसकर्मियों ने भाग रहे युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी की पहचान संगरूर जिले के धुरी स्थित आजाद नगर निवासी विक्रम के रूप में हुई। आरोपी के कब्जे से बरामद मोबाइल शिकायतकर्ता मनीष कुमार का निकला। आरोपी मोबाइल के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया था। जांच पूरी होने के बाद कोर्ट ने उसे दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) में पेट्रोल चोरी करते हुए बुड़ैल जेल से फरार एक भगोड़े कैदी को पकड़ लिया गया। आरोपी को अस्पताल के सिक्योरिटी गार्ड ने बहादुरी दिखाते हुए करीब आधा किलोमीटर पीछा कर दबोचा। उसके पास से दो चोरी के मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं। जानकारी के अनुसार सिक्योरिटी गार्ड अवतार सिंह की ड्यूटी सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक सिक्योरिटी कंट्रोल रूम में थी। इसी दौरान ब्लड बैंक का एक कर्मचारी अपनी मोटरसाइकिल पार्क कर कंट्रोल रूम पहुंचा और उसने बताया कि पार्किंग में घूम रहे दो युवक संदिग्ध लग रहे हैं। धक्का देकर भागा आरोपी सूचना मिलते ही अवतार सिंह तुरंत पार्किंग की तरफ पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि एक युवक मोटरसाइकिल की पाइप काटकर पेट्रोल निकाल रहा था। जब अवतार सिंह ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो आरोपी ने उन्हें धक्का देकर भागने का प्रयास किया। इसके बाद सुरक्षाकर्मी ने शोर मचाते हुए आरोपी का पीछा शुरू किया। करीब आधा किलोमीटर तक पीछा करने के बाद नर्सिंग कॉलेज के सामने आरोपी को पकड़ लिया गया। बाद में उसे सेक्टर-32 पुलिस चौकी ले जाया गया। तलाशी लो तो मिले मोबाइल फोन तलाशी के दौरान आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस ने जब एक मोबाइल ऑन किया तो उस पर कॉल आई। फोन करने वाले व्यक्ति ने बताया कि मोबाइल उसका है और कुछ दिन पहले चोरी हो गया था। बाद में मोबाइल मालिक चौकी पहुंचा और फोन की पहचान कर उसे वापस ले लिया। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। जांच में यह भी सामने आया कि वह बुड़ैल जेल से फरार चल रहा भगोड़ा कैदी है। सूचना मिलने के बाद बुड़ैल जेल पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को अपने साथ ले गई।
गिरिडीह जिले के निमियाघाट थाना क्षेत्र में शनिवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक युवक अपनी मांग पूरी नहीं होने पर 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक की जिद थी कि उसकी शादी उसके भाई की साली से कराई जाए। इधर, इस हाई वोल्टेज ड्रामे को देखने के लिए मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। घटना निमियाघाट स्थित पुराने थाना भवन के पीछे लगे मोबाइल टावर की है। शनिवार सुबह करीब नौ बजे टावर के टेक्निशियन मशीन की जांच करने पहुंचे थे। युवक किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हुआइसी दौरान उनकी नजर टावर पर चढ़े युवक पर पड़ी। टेक्निशियन ने उसे नीचे उतरने के लिए कहा, लेकिन युवक किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हुआ। घटना की सूचना मिलते ही निमियाघाट थाना प्रभारी सुमन कुमार के निर्देश पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। सहायक अवर निरीक्षक सतेंद्र कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी घंटों तक युवक को समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन युवक अपनी मांग पर अड़ा रहा। पुलिस की ओर से उसे खाना भी दिया गया, मगर उसने खाने से भी इनकार कर दिया। धनबाद के गोविंदपुर क्षेत्र का है रहने वालामामले की जानकारी मिलते ही जिला परिषद सदस्य धनंजय कुमार भी मौके पर पहुंचे और युवक को समझाने की कोशिश की। पूछताछ में पता चला कि युवक धनबाद जिले के गोविंदपुर क्षेत्र का रहने वाला है और उसका नाम सुनील है। युवक पहले से शादीशुदा है, लेकिन वह अपने भाई की साली से दूसरी शादी करना चाहता है। जिस युवती से शादी की बात कही जा रही है, वह बोकारो जिले के नावाडीह क्षेत्र की रहने वाली है। युवक का मोबाइल नीचे ही पड़ा मिला, जिसके जरिए उसके परिजनों को घटना की सूचना दी गई। स्थानीय लोगों के अनुसार युवक सुबह से ही टावर पर चढ़ा हुआ था। आसपास के ग्रामीण और मवेशी चरा रही महिलाएं भी उसे नीचे उतरने के लिए कहती रहीं, लेकिन वह लगातार अपनी मांग दोहराता रहा।
डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र के पगारा गांव में एक युवती ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चौरासी थाने के एएसआई ईश्वरलाल ने बताया कि पगारा निवासी बद्रीलाल डेंडोर ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है। बद्रीलाल ने बताया कि वह और उनकी पत्नी अहमदाबाद में मजदूरी करते हैं, जबकि उनके दो भाई और तीन बहनें घर पर रहते थे। 15 मई की रात उनके बच्चे घर पर थे। रात करीब 11 बजे उनकी पुत्री आशा ने फोन कर सूचना दी कि उनकी दूसरी पुत्री सुरता (18) ने घर के अंदर चुन्नी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है, जिससे उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर बद्रीलाल और उनकी पत्नी गांव पहुंचे। उन्होंने देखा कि परिजनों ने सुरता को फंदे से नीचे उतारकर घर के अंदर लिटा रखा था। परिजनों ने घटना पर किसी प्रकार का शक जाहिर नहीं किया है, लेकिन उन्होंने मृतका के मोबाइल नंबर की जांच कराने की मांग की है, ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके। चौरासी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
सतना के कोलगवां थाना क्षेत्र अंतर्गत सेमरिया चौराहा स्थित फ्लाईओवर से शनिवार दोपहर एक युवती ने छलांग लगा दी। गंभीर रूप से घायल युवती को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। चिकित्सकों की टीम लगातार उसका इलाज कर रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय फ्लाईओवर पर युवती के साथ एक युवक भी मौजूद था। दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो रहा था और इसी दौरान युवती ने फ्लाईओवर से नीचे छलांग लगा दी। विवाद के बाद साथी युवक हुआ फरारघटना के तुरंत बाद युवक मौके से भाग निकला। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और युवती को ऑटो रिक्शा की मदद से अस्पताल पहुंचाया। शुरुआती जांच में इसे प्रेम प्रसंग में अनबन का मामला माना जा रहा है। हाथ पर मिले नंबर से युवक की तलाशसूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान पुलिस को युवती के हाथ पर एक मोबाइल नंबर और 'बाबू' नाम लिखा मिला है। पुलिस को आशंका है कि यह नंबर उसी युवक का हो सकता है जो घटना के समय युवती के साथ था। फिलहाल पुलिस इसी नंबर के आधार पर फरार युवक की तलाश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि युवती के होश में आने और उसके बयान दर्ज होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की सही जानकारी सामने आ सकेगी।
नर्मदापुरम में भारतीय जनता पार्टी का जिला स्तरीय प्रशिक्षण आज शनिवार से शुरू होगा। परमशी गार्डन में आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण में पदाधिकारियों को पारंपरिक राजनीति के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षण के बाद सभी नेताओं को एक ऑनलाइन परीक्षा से गुजरना होगा। भाजपा संगठन को हाईटेक बनाने के लिए भाजपा की रीति नीति, बूथ मैनेजमेंट के साथ एक अनूठा प्रयोग भी कर रही है। भाजपा जिला अध्यक्ष प्रीति शुक्ला ने बताया ट्रेनिंग के लिए 12 अध्यायों की विशेष बुकलेट तैयार की गई है। इसमें पार्टी के इतिहास, वैचारिक अधिष्ठान और बूथ मैनेजमेंट के साथ-साथ सोशल मीडिया, एआई, नमो एपऔर संगठन एप का उपयोग सिखाया जाएगा। 48 घंटे तक प्रशिक्षण स्थल पर ही रात्रि विश्राम करना अनिवार्य है। हाईकमान जाएगी परफॉर्मेंस रिपोर्ट सूत्रों के मुताबिक, अंतिम दिन संगठन एप के जरिए होने वाले ऑनलाइन क्विज की परफॉर्मेंस रिपोर्ट सीधे प्रदेश संगठन को भेजी जाएगी। माना जा रहा है कि यही रिपोर्ट भविष्य में टिकट वितरण और संगठनात्मक जिम्मेदारियों का अहम आधार बनेगी। नीट-यूपीएससी जैसी रहेगी सख्ती ट्रेनिंग हॉल 'नो-मोबाइल जोन' रहेगा। एंट्री से पहले ही सभी नेताओं के फोन काउंटर पर जमा करा लिए जाएंगे। परीक्षा भी सख्त होगी। एप के जरिए ही रजिस्ट्रेशन और हर सत्र की अटेंडेंस दर्ज हो रही है। ऑफलाइन रजिस्टर का सिस्टम खत्म कर दिया गया है। टेस्ट पास करने पर इसी एप से ई-सर्टिफिकेट जारी होगा।
मुजफ्फरपुर जिले के औराई थाना क्षेत्र में मोबाइल दुकान में हुई बड़ी चोरी मामले में पुलिस को एक और सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस कांड में शामिल चौथे आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर चोरी के 22 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इससे पहले पुलिस तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 8 मोबाइल बरामद कर चुकी है। अब तक इस मामले में कुल चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। दुकान की छत काटकर की थी चोरी पूरे मामले की जानकारी देते हुए ग्रामीण एसपी राजेश सिंक प्रभाकर ने बताया कि 8 मई 2026 की रात औराई थाना क्षेत्र के अमनौर चौक स्थित उज्जवल मोबाइल दुकान में अज्ञात चोरों ने कर्कट की छत तोड़कर और सीलिंग काटकर करीब 50 से 55 मोबाइल फोन चोरी कर लिए थे। घटना के बाद दुकान संचालक बबलू पंडित के आवेदन पर औराई थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पूर्वी-1 के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीतामढ़ी जिले के रून्नीसैदपुर थाना क्षेत्र निवासी आकाश कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी में अपनी संलिप्तता स्वीकारी पुलिस पूछताछ में आरोपी ने चोरी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद उसकी निशानदेही पर उसके घर के पीछे आम के बगीचे में छिपाकर रखे गए 22 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस अब चोरी में शामिल अन्य आरोपियों और बाकी मोबाइल फोन की तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
मुजफ्फरपुर की ब्रह्मपुरा थाना पुलिस ने रेलवे कॉलोनी पूर्वी गेट के पास हुई चोरी की वारदात का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है और चोरी का शत-प्रतिशत सामान भी बरामद कर लिया है। यह घटना 13 मई 2026 की देर रात ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के रेलवे कॉलोनी पूर्वी गेट निवासी अमन कुमार के घर में हुई थी। अज्ञात चोरों ने घर से कीमती जेवरात, मोबाइल फोन और एक लेडीज पर्स चुरा लिया था। पीड़ित अमन कुमार के बयान पर ब्रह्मपुरा थाना में कांड संख्या 153/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके मार्गदर्शन और नगर पुलिस अधीक्षक के अनुश्रवण में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (नगर-02) विनीता सिन्हा ने किया, जिसमें ब्रह्मपुरा थाना अध्यक्ष और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र का ही रहने वाला है अल्ताफ विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर जांच की। संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने मुख्य अभियुक्त मो० अल्ताफ को गिरफ्तार कर लिया। अल्ताफ ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र का ही निवासी है। गिरफ्तार अभियुक्त के पास से चोरी किए गए सभी सामान बरामद कर लिए गए हैं। इनमें एक मोबाइल फोन, एक जोड़ी चांदी की पायल, एक अंगूठी, एक सोने की नोज पिन और एक लेडीज पर्स शामिल है। अपराध स्वीकार, अब खंगाला जा रहा इतिहास कड़ाई से की गई पूछताछ के दौरान अभियुक्त मो० अल्ताफ ने अमन कुमार के घर में चोरी की बात स्वीकार कर ली है। उसने बताया कि वह चोरी की नीयत से ही घर में दाखिल हुआ था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस घटना में उसके साथ और कौन-कौन शामिल थे और उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड क्या है। पूरे मामले का खुलासा सीटी एसपी मोहिबुलाह अंसारी ने प्रेस कांफ्रेंस कर की।
हरिके में मोबाइल हैक कर खाते से
साइबर ठगों ने कस्बा हरिके के मलकीत सिंह का मोबाइल हैक कर खाते से 2.21 लाख रुपए निकलवा लिए। पीड़ित ने बताया कि 14 अप्रैल रात 10 बजे मोबाइल पर खाते से पैसे कटने के मैसेज आने शुरू हो गए। खाते से 2.21 लाख रुपए निकाल लिए गए। शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम तरनतारन पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। भास्कर न्यूज | अमृतसर जिले में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अब एयरपोर्ट रोड के रहने वाले मोनू सेठ के साथ 1.06 लाख की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। वहीं साइबर थाना में शिकायत के 17 दिन बाद भी केस दर्ज नहीं हुआ है। मोनू ने बताया कि 28 अप्रैल को सोशल मीडिया पर नया क्रेडिट कार्ड बनाने का ऑफर देखने के बाद आवेदन किया। आवेदन के लिए अपना नाम, पता और मोबाइल नंबर भर दिया। अगले दिन 29 अप्रैल को व्हाट्सऐप पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक अधिकारी बताया और कहा कि क्रेडिट कार्ड की प्रक्रिया आगे बढ़ानी है। इसके बाद आरोपी ने एक एपीके फाइल भेजी और उसे डाउनलोड कर खोलने के लिए कहा। जैसे ही उन्होंने फाइल पर क्लिक किया, कुछ खुला नहीं, लेकिन थोड़ी देर बाद उनके ई-मेल पर लगातार ऑनलाइन शॉपिंग के मैसेज आने शुरू हो गए। मोनू ने बताया कि बैंक की ओर से हर ट्रांजेक्शन की ई-मेल आ रही थी, मगर मोबाइल पर ओटीपी नहीं आ रहा था। बाद में पता चला कि ठगों ने मोबाइल में कॉल डायवर्ट एक्टिव कर रखा था। ठग 29 अप्रैल सुबह 11:40 बजे से दोपहर 12:09 बजे तक लगातार ऑनलाइन शॉपिंग करते रहे। ठगों ने करीब 6 लाख के ऑनलाइन ऑर्डर किए। तुरंत क्रेडिट कार्ड की लिमिट जीरो कर दी, लेकिन इसके बाद भी एक और ट्रांजेक्शन का ई-मेल आ गया और 1.06 लाख की ठगी हो गई। वहीं साइबर थाना में शिकायत देने के 17 दिन बाद भी केस दर्ज नहीं हुआ है। इस बारे में साइबर थाना के मुंशी अमनदीप सिंह ने बताया कि शिकायत मिल चुकी है। जिन नंबरों से कॉल आई थी, उन्हें ट्रेसिंग पर लगाया गया है। मामले की जांच जारी है। ठग सबसे पहले व्यक्ति से किसी लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक करवाते हैं। एपीके फाइल एंड्रॉइड मोबाइल में ऐप इंस्टॉल करने वाली फाइल होती है। जैसे ही व्यक्ति इसे डाउनलोड या ओपन करता है, मोबाइल का पूरा एक्सेस साइबर ठगों तक पहुंच जाता है। इसके बाद ठग मोबाइल में रिमोट एक्सेस या स्क्रीन कंट्रोल ले लेते हैं, एसएमएस और ओटीपी पढ़ लेते हैं, कॉल डायवर्ट एक्टिव कर देते हैं, बैंकिंग ऐप और क्रेडिट कार्ड की जानकारी चुरा लेते हैं, बिना जानकारी ऑनलाइन शॉपिंग या ट्रांजैक्शन कर देते हैं। बचाव के लिए किसी अनजान एपीके फाइल डाउनलोड न करें। मोबाइल में इंस्टॉल फ्रॉम अननाउन सोर्सेज बंद रखें। अनजान स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड न करें। ठगी होते ही तुरंत बैंक कार्ड ब्लॉक करें और 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दें या cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराएं। मुकेश चौधरी, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ
कुशीनगर में मोबाइल टावर पर चढ़ी युवती:प्रेमी से शादी की जिद, 2 घंटे चला हाईवोल्टेज ड्रामा
कुशीनगर में लगातार दूसरे दिन मोबाइल टावर पर चढ़ने की घटना सामने आई है। शुक्रवार को एक युवती प्रेमी से शादी की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर भारी भीड़ जुट गई। मामला चौराखास थाना क्षेत्र के बनकटा बाजार का है। शुक्रवार सुबह करीब युवती मोबाइल टावर पर चढ़ गई। युवती का आरोप था कि उसका प्रेमी सतेंद्र चौहान शादी का वादा करने के बाद अब पीछे हट रहा है। पुलिस ने समझाकर नीचे उतारा सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों ने करीब एक घंटे तक युवती को समझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद युवती सुरक्षित नीचे उतरने को तैयार हुई। इसके बाद पुलिस उसे थाने ले गई, जहां उससे पूछताछ की गई। पुलिस अब युवक से संपर्क करने की कोशिश कर रही है। लंबे समय से चल रहा था प्रेम संबंध परिजनों के अनुसार युवती का देवरिया निवासी सतेंद्र नामक युवक से लंबे समय से प्रेम संबंध था। युवक की रिश्तेदारी युवती के गांव में होने के कारण दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी थीं। बताया जा रहा है कि दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन हाल के दिनों में युवक ने दूरी बनानी शुरू कर दी थी। गुरुवार को उसने शादी से इनकार कर दिया, जिसके बाद नाराज युवती शुक्रवार सुबह टावर पर चढ़ गई। एक दिन पहले विवाहिता भी चढ़ी थी टावर पर इससे पहले गुरुवार को भी जिले में ऐसी ही घटना हुई थी। एक विवाहिता पति के साथ रहने की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गई थी। लगातार दो दिनों में हुई इन घटनाओं ने जिले में चर्चा का माहौल बना दिया है। साथ ही मोबाइल टावरों तक लोगों की आसान पहुंच और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
शिवपुरी में एक महिला के किराए के मकान में चोरी की घटना सामने आई है। पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने पहले एफआईआर दर्ज नहीं की, जिसके बाद उसे पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत करनी पड़ी। एसपी कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद शुक्रवार को अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। चोरी गए सामान की कीमत पांच लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, डावर छितरी थाना नरवर निवासी 28 वर्षीय पूनम योगी अपने पति अशोक योगी के साथ शिवपुरी के माधव नगर में गौरव सेन के मकान में किराए पर रहती हैं। पूनम के पति मुंबई में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में कार्यरत हैं, जबकि पूनम अपने तीन बच्चों के साथ शिवपुरी में रहती हैं। गांव गई थीं, अगले दिन ताला टूटापूनम ने पुलिस को बताया कि 8 मई को वह अपने बच्चों के साथ गांव छितरी गई थीं। उन्होंने कमरे में ताला लगाया था और मुख्य द्वार की चाबी मकान मालिक को सौंप दी थी। अगले दिन सुबह मकान मालिक ने उन्हें फोन पर कमरे का ताला टूटा होने की सूचना दी। इसके बाद पूनम तुरंत गांव से शिवपुरी लौट आईं। शिवपुरी पहुंचने पर पूनम ने देखा कि कमरे का ताला टूटा था और अंदर रखे सोने-चांदी के जेवरात तथा मोबाइल फोन गायब थे। मंगलसूत्र, मोबाइल तक ले गए चोरचोरी हुए सामान में एक बड़ा मंगलसूत्र, दो छोटे मंगलसूत्र, बीजासन, ओम पेंडेंट, सोने की नथ, चांदी की करधौनी, पायल, एक ओप्पो कंपनी का मोबाइल और दो कीपैड मोबाइल शामिल हैं। पीड़िता ने बताया कि चोरी गए जेवर और अन्य सामान की कुल कीमत पांच लाख रुपए से अधिक है। काफी तलाश के बाद भी जब चोरों का कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एफआईआर दर्ज करने और कार्रवाई की मांग की। कोतवाली पुलिस ने अब अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पठानकोट पुलिस ने 125 से अधिक गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को लौटा दिए हैं। इन फोनों को एक विशेष कार्यक्रम के दौरान सौंपा गया। यह कार्यक्रम आज पठानकोट के एसएसपी कार्यालय में आयोजित किया गया। इस अवसर पर एसएसपी पठानकोट दलजिंदर सिंह ढिल्लो ने बताया कि लोगों की शिकायतों के आधार पर लगातार कार्रवाई करते हुए इन मोबाइल फोन को ट्रेस किया गया। CEIR पोर्टल की मदद से चोरी सामान ढूंढना आसान एसएसपी ढिल्लो ने जानकारी दी कि आधुनिक तकनीक और CEIR पोर्टल की मदद से चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन को ढूंढना अब अधिक आसान हो गया है। मोबाइल फोन वापस मिलने पर कई लोगों ने पठानकोट पुलिस का आभार व्यक्त किया। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की कि मोबाइल फोन गुम होने या चोरी होने पर तुरंत शिकायत दर्ज करवाएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। पठानकोट पुलिस ने कहा है कि जनता की सेवा और सुरक्षा के लिए ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।
पंजाब की बरनाला जिला जेल में मोबाइल फोन मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जेल प्रशासन की मुस्तैदी के दौरान परिसर से तीन लावारिस कीपैड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सिटी बरनाला पुलिस ने जेल प्रशासन के पत्रों के आधार पर नया मुकदमा दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी है। जेल के भीतर प्रतिबंधित सामान का मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर रहा है। थाना सिटी-1 बरनाला के एसएचओ लखविंदर सिंह ने बताया कि उन्हें जिला जेल के सहायक सुपरिंटेंडेंट की ओर से दो अलग-अलग पत्र प्राप्त हुए थे। पहले पत्र में जेल के अंदर से दो लावारिस मोबाइल मिलने की जानकारी दी गई थी, जबकि दूसरे पत्र में एक और मोबाइल बरामद होने की पुष्टि की गई। बरामद किए गए फोनों में दो 'कोचड्डिया' कंपनी के और एक 'सैमसंग' कंपनी का कीपैड फोन शामिल है। पुलिस ने इन पत्रों को रिकॉर्ड में लेकर कानूनी पड़ताल तेज कर दी है। तकनीकी जांच से खुलेंगे राज: कॉल रिकॉर्ड और सिम की होगी पड़ताल पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामद किए गए तीनों मोबाइल फोनों को फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के लिए भेजा जाएगा। पुलिस का मुख्य उद्देश्य इन फोनों के कॉल रिकॉर्ड (CDR), इनमें इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड और संपर्क सूची की विस्तृत जानकारी हासिल करना है। इस जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि इन फोनों का उपयोग जेल के भीतर से किन बाहरी व्यक्तियों के साथ संपर्क करने या किसी गैरकानूनी गतिविधि को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था। संलिप्तता पाए जाने पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई पुलिस अब इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रही है कि मोबाइल फोन जेल की ऊंची दीवारों और सुरक्षा घेरे को पार कर अंदर कैसे पहुंचे। एसएचओ लखविंदर सिंह ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान यदि किसी कैदी, बाहरी व्यक्ति या किसी जेल कर्मचारी की मिलीभगत सामने आती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और जेल प्रशासन संयुक्त रूप से इस रैकेट का पर्दाफाश करने में जुटे हैं। जेलों में प्रतिबंधित सामान की तस्करी बनी बड़ी चुनौती गौरतलब है कि पंजाब की विभिन्न जेलों में मोबाइल फोन और नशीले पदार्थों की बरामदगी एक पुरानी और बड़ी चुनौती बनी हुई है। हालांकि जेल प्रशासन समय-समय पर तलाशी अभियान चलाता रहता है, लेकिन इसके बावजूद प्रतिबंधित सामान का मिलना जारी है। बरनाला जेल की इस ताजा घटना ने एक बार फिर जेल के अंदरूनी सुरक्षा प्रबंधों और निगरानी तंत्र को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
महेंद्रगढ़ जिले में कनीना शहर पुलिस ने नलाइन आईपीएल क्रिकेट मैच पर सट्टा लगाने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से दो मोबाइल, एक आईफोन और एक लैपटॉप बरामद किया है। हालांकि, मौके से कोई नकदी बरामद नहीं हुई। पुलिस के अनुसार, बरामद मोबाइलों में सट्टे के रिकॉर्ड और 50 स्क्रीनशॉट, पर्चियां मिली हैं। इन पर्चियों की विस्तृत जांच के बाद ही सट्टे की कुल राशि का पता चल पाएगा। सभी आरोपियों के खिलाफ हरियाणा प्रिवेंशन ऑफ पब्लिक गैंबलिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस को देर शाम सूचना मिली थी। जिसके आधार पर, पुलिस टीम ने गांव उन्हाणी निवासी सोनू के प्लॉट में बने एक कमरे पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान, पुलिस ने चार आरोपियों को ऑनलाइन सट्टा लगाते हुए रंगे हाथों पकड़ा। पुलिस ने घेराबंदी करके पकड़ा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सोनू निवासी उन्हाणी, जोगेंद्र निवासी चरखी, पिंटू निवासी चेलावास और शुभम निवासी गुढ़ा के रूप में हुई है। पुलिस टीम को देखते ही आरोपियों ने अपने मोबाइल और लैपटॉप छोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। पुलिस ने मौके से सट्टा खिलाने में इस्तेमाल किए जा रहे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं, जिनमें दो एंड्रॉयड मोबाइल, एक आईफोन और एक लैपटॉप शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, मोबाइल में मिले सट्टे के रिकॉर्ड के आधार पर 50 स्क्रीनशॉट पर्चियां भी सबूत के तौर पर अपने कब्जे में ली गई हैं। सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना शहर कनीना में हरियाणा प्रिवेंशन ऑफ पब्लिक गैंबलिंग एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है।
मुंगेर सदर अस्पताल में जून माह से पीपीपी मोड पर आधुनिक हब एंड स्पोक पैथोलॉजी लैब की शुरुआत होने जा रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद जिले के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों से पैथोलॉजी जांच के सैंपल सदर अस्पताल भेजे जाएंगे, जहां अत्याधुनिक मशीनों के जरिए जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इससे मरीजों को बेहतर, त्वरित और आधुनिक जांच सुविधा मिल सकेगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए सदर अस्पताल के ओपीडी भवन स्थित पैथोलॉजी लैब और प्री-फैब्रिकेटेड अस्पताल में जगह चिन्हित कर ली है। विभाग द्वारा चयनित एजेंसी ने स्थल निरीक्षण का कार्य भी पूरा कर लिया है। हब एंड स्पोक पैथोलॉजी लैब का मुख्य केंद्र सदर अस्पताल में स्थापित होगा, जबकि जिले के अन्य अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों से सैंपल संग्रह कर यहां भेजे जाएंगे। जिलेभर के अस्पतालों से आएंगे सैंपल नई व्यवस्था के तहत जिले के अनुमंडल अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों से मरीजों के रक्त और अन्य सैंपल एकत्रित किए जाएंगे। इसके बाद उन्हें जांच के लिए सदर अस्पताल स्थित हब सेंटर भेजा जाएगा। यहां विशेषज्ञ तकनीशियनों द्वारा अत्याधुनिक मशीनों से जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस केंद्रीकृत व्यवस्था से जांच प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और तेज होगी। 24 घंटे संचालित होगी लैब हब एंड स्पोक पैथोलॉजी लैब को 24 घंटे संचालित करने की योजना बनाई गई है। इससे मरीजों को जांच के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। खासकर गंभीर मरीजों और आपातकालीन स्थिति में जांच प्रक्रिया काफी तेज हो सकेगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से रिपोर्ट की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा और मरीजों को एक ही स्थान पर कई प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। मोबाइल और ईमेल पर मिलेगी रिपोर्ट नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि जांच रिपोर्ट सीधे मरीजों के मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर भेजी जाएगी। इसके अलावा संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों को भी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि मरीज अगले दिन अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल से रिपोर्ट प्राप्त कर सकें। इस डिजिटल व्यवस्था से मरीजों को बार-बार अस्पताल आने की परेशानी से राहत मिलेगी। साथ ही रिपोर्ट प्राप्त करने में लगने वाला समय भी कम होगा। स्वास्थ्य विभाग का कार्यभार होगा कम इस मामले में डॉ. राजू ने बताया कि हब एंड स्पोक पैथोलॉजी लैब शुरू होने से स्वास्थ्य विभाग पर कार्यभार कम होगा और मरीजों को बेहतर जांच सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने से सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आएगा। साथ ही जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ेगी। विभाग का उद्देश्य है कि आम लोगों को सरकारी अस्पतालों में ही आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यवस्था से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले मरीजों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। अब उन्हें छोटी-छोटी जांच के लिए निजी लैब या बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। सदर अस्पताल में आधुनिक हब एंड स्पोक लैब शुरू होने से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
अजमेर पुलिस की साइबर सेल और जिले के पुलिस थानों की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 215 गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल फोन की कीमत 50 लाख रुपए से ज्यादा की बताई गई है। पुलिस ने बरामद एंड्रॉयड और ब्रांडेड मोबाइल उनके मालिकों को लौटाए, जिसके बाद लोगों के चेहरों पर खुशी लौट आई। मोबाइल वापस मिलने पर कई लोगों ने अजमेर पुलिस का आभार जताते हुए कहा- “थैंक यू अजमेर पुलिस”। अलग-अलग राज्यों में उपयोग किए जा रहे थे मोबाइल खास बात यह रही कि कई मोबाइल राजस्थान के अलावा दूसरे राज्यों में भी एक्टिव मिले, जिन्हें तकनीकी ट्रैकिंग और लगातार मॉनिटरिंग के जरिए रिकवर किया गया।शुक्रवार को अजमेर एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला और एएसपी सिटी हिमांशु जांगिड़ ने पीड़ितों को उनके मोबाइल सौंप दिए गए। दरअसल, साइबर सेल और पुलिस थानों की टीमों ने CEIR पोर्टल, तकनीकी विश्लेषण और फील्ड कार्रवाई के जरिए मोबाइल ट्रैक किए। पुलिस जांच में सामने आया कि कई मोबाइल अलग-अलग राज्यों में उपयोग किए जा रहे थे। इसके बाद पुलिस टीमों ने संबंधित क्षेत्रों में समन्वय स्थापित कर लगातार निगरानी की और मोबाइल बरामद करने में सफलता हासिल की। एसपी अग्रवाला के अनुसार, बरामद किए गए सभी मोबाइल एंड्रॉयड और अलग-अलग ब्रांडेड कंपनियों के हैं। पूरी कार्रवाई में साइबर सेल और थाना स्तर के पुलिसकर्मियों ने तकनीकी दक्षता और सूझबूझ का परिचय दिया। एसपी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली टीम की सराहना भी की। पुलिस की आमजन से अपील पुलिस ने लोगों से मोबाइल और डिजिटल उपकरणों को सुरक्षित रखने की अपील की है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सतर्क रहें, मोबाइल में मजबूत पासवर्ड और बायोमेट्रिक लॉक का उपयोग करें। साथ ही “Find My Device” और लोकेशन ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं हमेशा ऑन रखें। अगर मोबाइल खो जाए या चोरी हो जाए तो तुरंत सिम बंद करवाकर CEIR पोर्टल, राजकॉप सिटीजन ऐप या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देश पर एएसपी हिमांशु जांगिड़ और एएसपी ग्रामीण डॉ. लालचंद कायल के सुपरविजन में यह अभियान चलाया गया।
जामताड़ा पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है। साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में गठित टीम ने नारायणपुर थाना क्षेत्र के दक्षिणीडीह गांव स्थित एक बंद पड़े स्कूल से इन्हें पकड़ा। ये अपराधी एलपीजी गैस के नाम पर लोगों को ठग रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राजेश मंडल (28), अजय मंडल (28) और हीरालाल मंडल (30) के रूप में हुई है। ये सभी नारायणपुर थाना क्षेत्र के मिरगा गांव के निवासी हैं। पुलिस ने मौके से आठ मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनका उपयोग ठगी में किया जा रहा था। पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी पूरे भारत में लोगों को रैंडम कॉल कर एलपीजी गैस कनेक्शन और सब्सिडी का झांसा देते थे। इसके बाद वे लोगों से मोबाइल में फर्जी ऐप इंस्टॉल करवाकर उनके बैंक खातों से पैसे ठग लेते थे। एसपी ने यह भी बताया कि गिरफ्तार आरोपी अजय मंडल का पुराना आपराधिक इतिहास है। वह पहले देवघर जिले में साइबर अपराध के एक मामले में लगभग ढाई साल की जेल की सजा काट चुका है। जेल से बाहर आने के बाद वह फिर से साइबर अपराध की गतिविधियों में सक्रिय हो गया था। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, जनवरी 2024 से अब तक कुल 60 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट के तहत कांड संख्या 26/26 दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। एसपी ने लोगों से साइबर अपराध से दूर रहने और मुख्यधारा में लौटने की अपील भी की।
अमृतसर के छेहरटा थाना पुलिस ने लूटपाट की वारदातों को अंजाम देने वाले 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर मोबाइल छीनने की कोशिश में एक युवक को घायल करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक, दो मोबाइल फोन, नकली नंबर प्लेटें और फर्जी आरसी बरामद की है। दोनों को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है। थाना प्रभारी बलविंदर सिंह ने बताया कि न्यू रणजीत पुरा निवासी अभिलाष देर रात अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार दो युवकों ने उनका मोबाइल फोन छीनने का प्रयास किया। अभिलाष के विरोध करने पर आरोपियों के साथ उनकी हाथापाई हुई, जिसमें वह घायल हो गए। जांच के बाद आरोपी गिरफ्तार शोर मचने पर आरोपी मौके से फरार हो गए थे। घायल युवक की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान एएसआई सुखदेव सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए करतार नगर निवासी अरुणजीत सिंह और जोशवा को गिरफ्तार किया। नकली नंबर प्लेटें लगाकर वारदातों को देते थे अंजाम पुलिस ने उनके कब्जे से मोटरसाइकिल नंबर PB02 FC 5423, दो मोबाइल फोन, दो नकली नंबर प्लेटें और एक फर्जी आरसी बरामद की। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पुलिस से बचने के लिए बाइक पर नकली नंबर प्लेटें लगाकर वारदातों को अंजाम देते थे। दोनों आपस में चाचा और ताया के बेटे हैं। अब तक तीन लूट कर चुके थाना प्रभारी बलविंदर सिंह ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अब तक तीन लूट की वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल की है। पुलिस को संदेह है कि वे अन्य आपराधिक घटनाओं में भी शामिल हो सकते हैं। इसी के मद्देनजर अदालत से उनका तीन दिन का रिमांड लिया गया है। आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने की कोशिश पुलिस अब आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि उनसे जुड़े अन्य लोगों और बाकी वारदातों का भी खुलासा किया जा सके।
कानपुर में बिजली स्मार्ट मीटरों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए केस्को 15 से 23 मई तक मेगा कैंप शुरू किया है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर शहर में लगातार बैलेंस माइनस और जंप होने की शिकायत मिल रही थी। इसको बिजली विभाग ने गंभीरता से लिया है। कैंपर में निस्तारण के लिये अधिकारी ओर कर्मचारी मौजूद रहेंगे। मीडिया प्रभारी देवेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि अलग-अलग हेल्पडेस्क पर कैंप आयोजित किए जाएंगे। केशवनगर हेल्पडेस्क पर 15 और 16 मई, नौबस्ता में 18 और 19 मई, दहेली सुजानपुर में 20 और 21 मई, जाजमऊ में 22 मई तथा दबौली हेल्पडेस्क पर 23 मई को कैंप लगाए जाएंगे। कैंप में केस्को अधिकारी उपभोक्ताओं की बिजली बिल संशोधन, मोबाइल नंबर अपडेट, यूपीपीसीएल स्मार्ट एप डाउनलोड कराने और स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों का निस्तारण करेंगे। उन्होंने बताया कि जिन स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड कर दिया गया है। उनके बिल मोबाईल नंबर पर आयेगा, इसिलए कनेक्शन नंबर पर मोबाईल अपडेट कराना आवश्यक है। क्योकि पोस्टपेड बिल के लिए अब मीटर से पर्ची निकालने के लिए कोई नहीं आयेगा।
झिरियाडोह में रात्रि चौपाल में कलेक्टर ने मोबाइल की टॉर्च में नोट कीं शिकायतें
भास्कर संवाददाता | बैतूल चिचोली जनपद के दूरस्थ वन ग्राम झिरियाडोह में आयोजित रात्रि चौपाल के दौरान उस समय अजीब स्थिति बन गई, जब चौपाल स्थल पर पर्याप्त रोशनी नहीं मिली। हालात ऐसे बने कि एसडीएम डॉ. अभिजीत सिंह को अपने मोबाइल का टॉर्च जलाना पड़ा। मोबाइल की रोशनी में कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और डायरी में नोट कर अधिकारियों को निर्देश दिए। ग्रामीणों ने कलेक्टर के सामने पेयजल, बिजली, नल-जल योजना, खाद वितरण, मजदूरी भुगतान और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें रखीं। कई ग्रामीणों ने बताया गांव में लंबे समय से लो वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है, जिससे नल- जल योजना प्रभावित हो रही है। मोबाइल टॉर्च की रोशनी में शिकायतें नोट करते अधिकारियों का दृश्य लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश देते हुए 3 दिन में पेयजल समस्या दूर करने को कहा। प्राथमिक शाला झिरियाडोह में तीन वर्षों से शिक्षक नहीं पहुंचने की शिकायत पर कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने संबंधित शिक्षक को तत्काल ज्वाइन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बिना अनुमति किए अटैचमेंट पर कार्रवाई की चेतावनी देते हुए पिछले छह माह के सभी अटैचमेंट की जानकारी मांगी गई। वहीं डोकरा उप स्वास्थ्य केंद्र में सीएचओ और एएनएम के नहीं रुकने की शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग को दोनों कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कानपुर के कल्याणपुर में दबंग ने क्षेत्र में भोकाल दिखाने के लिए गली में लाल-नीली फ्लैशर लाइट लगा हूटर बजाते हुए गाड़ियों का काफिला निकाला। उसके बाद असलहे से फायरिंग की। पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी है। आरोपी की 2 तस्वीर देखिए… दबदबा बनाने के लिए दिखाई दंगई, अब पुलिस कर रही तलाश कल्याणपुर थाना क्षेत्र के पुराना शिवली रोड पर एक आकाश पाल नाम के युवक का जन्मदिन था। युवक ने क्षेत्र में दबंगई दिखाने के लिए अपने दोस्तों के साथ कई गाड़ियों का लाल नीली फ्लैसर लाइट लगा हूटर बजाते हुए काफिला निकाला। उसके बाद कार की बोनट पर रख मोबाईल से केक काटा। इतना ही नहीं युवक ने असलहे से फायरिंग की और असलहे के साथ वीडियो फोटो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो फोटो वायरल होने पर पुलिस को मामले की जानकारी हुई। पुलिस युवक की तलाश में जुटी है। आकाश पाल नाम की आईडी पर अपलोड हुए वीडियो-फोटो पुलिस की जांच में पता चला की आकाश पाल नाम की इंस्टाग्राम व फेसबुक आईडी पर वीडियो फोटो अपलोड किए गए। पुलिस विकास पाल नाम के युवक का अपराधिक इतिहास भी खंगाल रही है। बोले ट्रेनी आईपीएस- कल्याणपुर प्रभारी ट्रेनी आईपीएस सुमेंध मिलिंद जाधव ने बताया की युवक की तलाश की जा रही है। युवक ने अपने जन्मदिन के दौरान वीडियो फोटो अपलोड किया। जल्द ही युवक की तलाश कर कठोर कार्रवाई की जाएगी
बेगूसराय पुलिस ने नकली सिगरेट बनाने के आरोपी को छोड़ने के एवज में तीन लाख रुपए रिश्वत लेने के आरोप में टाइगर मोबाइल के एक जवान को गिरफ्तार किया है। दूसरा जवान छुट्टी लेकर फरार हो गया है। जिसके घर से पुलिस ने तीन लाख रुपया बरामद कर लिया है। मामला नगर थाना से जुड़ा हुआ है। जानकारी के अनुसार, नगर थाना की पुलिस को 12 मई को गुप्त सूचना मिली थी कि महमदपुर मोहल्ले में भारी पैमाने पर डुप्लीकेट सिगरेट बनाया जा रहा है। जानकारी के बाद भारी मात्रा में नकली सिगरेट और तंबाकू की खेप पकड़ी गई थी। इस दौरान एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया था। पहले नकली सिगरेट और तंबाकू की खेप की तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला जानकारी के मुताबिक, नकली सिगरेट और तंबाकू बनाने की सूचना मिलने के बाद पहले टाइगर मोबाइल के दो जवान अमन कुमार और अंकेश कुमार को मौके पर भेजा गया। आरोप है कि दोनों जवानों ने भारी मात्रा में नकली सिगरेट और नकली तुलसी जर्दा देखने के बाद कारोबारी शिव शक्ति कुमार से तीन लाख रुपए में मामले की डील कर ली। लेकिन पीछे से नगर थाना की टीम पहुंच गई और किराए के मकान से शिव शक्ति कुमार को गिरफ्तार किया गया। मौके पर से 6400 पैकेट अलग-अलग डुप्लीकेट सिगरेट, 3600 सिगरेट का खाली पैकेट, 500 पैकेट से अधिक तुलसी का डुप्लीकेट जर्दा, प्रिंटिंग मशीन आदि बरामद किया गया। सभी को थाना लाया गया। आरोपी ने कहा- मुझे जेल मत भेजो, 3 लाख रुपए किसलिए दिए बुधवार को आरोपी शिव शक्ति कुमार से पूछताछ करने के बाद जेल भेजने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान उसने स्पष्ट रूप से कहा कि मुझे जेल क्यों भेजा जा रहा है, जेल नहीं भेजने के लिए टाइगर मोबाइल के जवान अमन कुमार और अंकेश कुमार ने तीन लाख रुपए लिए थे। मामला संज्ञान में आते ही पुलिस पदाधिकारी चौंक गए और तुरंत इसकी सूचना सीनियर अधिकारी को दी गई। इधर, मामला पुलिस अधिकारी के संज्ञान में आने की जानकारी मिलते ही सहरसा जिला का रहने वाला अंकेश कुमार छुट्टी लेकर अपने घर चला गया। वहीं, पुलिस ने अमन कुमार को हिरासत में ले लिया। इसके बाद कड़ाई से किए गए पूछताछ में अमन ने बताया कि दोनों ने मिलकर पैसे लिए थे। उसने बताया कि पूरा पैसा अंकेश के पास है। अंकेश के घर पहुंची पुलिस, लेकिन जवान फरार मिला ये जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम अंकेश के घर पर सहरसा पहुंची, लेकिन वह घर से फरार था। तलाशी में उसके घर से तीन लाख रुपया बरामद किया गया है। फिलहाल टाइगर मोबाइल के जवान अमन को गिरफ्तार कर लिया गया है। देर शाम कोर्ट में प्रस्तुत करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जबकि अंकेश के गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वह 2 दिन की छुट्टी लेकर गया हुआ है, लेकिन अपने घर पर नहीं है। उसकी तलाश पुलिस की टीम कर रही है। एसपी मनीष ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। आरोपी जवान ने पूरे परिवार को केस में फंसाने की धमकी दी थी एसपी मनीष ने बताया कि 12 मई को नकली सिगरेट वनाने कि फैक्ट्री की सूचना पर नगर थाना के टाइगर मोबाइल के 2 जवानों की ओर से आरोपी शिवशक्ति कुमार की दुकान में छापामारी कर नकली सिगरेट बरामद किया गया था। जिस संबंध में नगर थाना कांड संख्या-217/26 दर्ज किया गया है। छापामारी के दौरान ही दोनों जवानों की ओर से व्यवसायी शिवशक्ति कुमार को इस केस में पूरे परिवार को फंसा देने की धमकी देकर, डराकर 3 लाख रुपए ले लिया गया। आज शिवशक्ति कुमार के पुत्र पीयुष राज तीन लाख रुपए टाइगर मोबाइल के सिपाही की ओर से लेने के आरोप में आवेदन दिया गया। नगर थाना की ओर से प्राप्त आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर वरीय पदाधिकारी को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही सदर-वन डीएसपी नगर थाना पहुंचे। इस संबंध में आवश्यक छानवीन करते हुए घटना में शामिल नगर थाना के टाईगर मोबाईल के सिपाही-832 वैशाली जिला के महनार थाना क्षेत्र स्थित सिंमरा गांव के रहने वाले अरुण दास के पुत्र अमन कुमार को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार सिपाही से पूछताछ के बाद दूसरे टाईगर मोबाईल के सिपाही-316 अंकेश कुमार के घर सहरसा जिला के सौर बाजार से तीन लाख रूपया बरामद किया गया। सिपाही अंकेश कुमार फरार है।
सागर की मोतीनगर थाना पुलिस ने गुरुवार को ऑनलाइन आईपीएल सट्टा खिलाते एक आरोपी को पकड़ा है। उसके पास से मोबाइल जब्त किया गया। जिसमें लाखों रुपए के सट्टे के हिसाब-किताब मिला है। आईडी और बेवसाइट भी बरामद हुई है। जिसके आधार पर पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि बीजासेन मंदिर के पास एक युवक मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन वेबसाइट पर आईपीएल मैच में हार-जीत का दांव लगाकर सट्टा संचालित कर रहा है। सूचना पर थाना प्रभारी ने पुलिस टीम गठित कर कार्रवाई के लिए रवाना की। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर युवक को पकड़ा। वह मोबाइल के माध्यम से RCB बनाम KKR आईपीएल मैच पर सट्टा खिलाते मिला। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम रंजीत पिता प्रहलाद सोनी उम्र 24 वर्ष निवासी पुरव्याऊ टौरी होना बताया। 20 हजार रुपए नकद जब्तआरोपी के कब्जे से मोबाइल कीमती लगभग 20 हजार रुपए जब्त किया गया। मोबाइल की जांच करने पर उसमें ऑनलाइन सट्टा वेबसाइट संचालित होना पाई गई। जिसमें आईपीएल मैचों पर हार-जीत के लाखों रुपए के लेन-देन, हिसाब-किताब और दांव संबंधी रिकॉर्ड मिले। मोबाइल में विभिन्न टीमों पर लगाए गए दांव और बड़ी रकम का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड भी पाया गया, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 4(क) सट्टा एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच में लिया है। मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने बताया कि आईपीएल सट्टा खिलाते एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से सट्टे का रिकॉर्ड जब्त किया गया है। जिसके आधार पर सट्टे के नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।
समस्तीपुर के उजियारपुर थाना क्षेत्र में मोबाइल चोरी के आरोप में 16 साल के नाबालिग की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि नाबालिग को सिगरेट से दागा गया और लोहे की रॉड से पीटा गया, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया है। मृतक की पहचान उजियारपुर थाना क्षेत्र के नाजिरपुर वार्ड संख्या-1 निवासी प्रदीप दास के 16 वर्षीय पुत्र दर्शन कुमार के रूप में हुई है। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। मृतक के चाचा बोले- गांव के लड़कों ने मोबाइल चोरी का आरोप लगा की पिटाई मृतक के चाचा गोलू कुमार ने पुलिस को बताया कि रविवार शाम गांव के कुछ युवक दर्शन कुमार को घर से बुलाकर अपने साथ ले गए थे। उन पर मोबाइल चोरी का आरोप लगाते हुए अमानवीय तरीके से मारपीट की गई। आरोप है कि युवकों ने दर्शन के हाथ-पैर सिगरेट से दागे और लोहे की रॉड से बेरहमी से पीटा। गंभीर रूप से घायल करने के बाद उसे मकई के खेत में फेंक दिया गया। कुछ स्थानीय लोगों ने घायल किशोर को देखा और उसे घर पहुंचाया। परिजनों ने आर्थिक तंगी के कारण रविवार से ही घर पर उसका इलाज शुरू कर दिया था। मंगलवार को जब उसकी हालत बिगड़ने लगी, तो परिवार उसे बड़े अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहा था, लेकिन इसी दौरान दर्शन कुमार की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही उजियारपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। थाना प्रभारी बोले- लिखित आवेदन मिलने के बाद होगी कार्रवाई इस मामले को लेकर उजियारपुर थाना प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि युवक के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी और इलाज के दौरान उसकी मौत होने की सूचना प्राप्त हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने कहा कि मृतक के परिजनों की ओर से लिखित आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस दर्दनाक घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। लोगों में घटना को लेकर आक्रोश देखा जा रहा है। एक मामूली आरोप में जिस तरह एक किशोर के साथ बर्बरता की गई, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी पर टिकी हुई है।
अंबेडकरनगर में एक युवती प्रेमी को पाने के चक्कर में हाईटेंशन पोल पर चढ़ गई। उसे इतनी ऊंचाई पर देख नीचे सैंकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। युवती को नीचे उतरने के लिए मनाने लगे। काफी देर बाद उसने कहा- मैं अपने प्रेमी के आने के बाद ही नीचे उतरूंगी। युवती 4 घंटे तक हाईटेंशन पोल पर बैठे-बैठे रील बनाती रही। उसने 10 रील पोस्ट कीं। इसमें वो अपने और प्रेमी के रिश्ते के बारे में बताती रही। युवती ने कहा कि मेरा प्रेमी मुझे इसी जगह पर लेकर आता था। इसलिए मैं यहीं पर आई हूं। पूरा मामला अकबरपुर थाना क्षेत्र के कसेरुआ कबीरपुर का है। 2 तस्वीरें देखिए… पढ़िए पूरा मामला… अकबरपुर के रामपुर बनेथू की रहने वाली मीना (20) के घर में माता-पिता और दो बहनें हैं। पिता अनिरुद्ध मजदूरी करते हैं। मीना का क्षेत्र के ही रहने वाले युवक से करीब डेढ़ साल से अफेयर था। प्रेमी की दो साल पहले शादी हुई थी और उसकी मोबाइल की दुकान है। मीना ने लड़के के सामने शादी की जिद रखी। उसने मीना को कई बार मना किया। अंत में यह बात लड़के के परिजनों तक पहुंच गई। थाने में समझौते के बाद गायब हुआ लड़का लड़के के परिजनों ने उसे युवती से मिलने से मना कर दिया। इसके बाद करीब एक हफ्ते पहले शादी करने को लेकर युवती ने पुलिस को शिकायत दी थी। इसके बाद थाने में लड़की-लड़के के परिजनों के बीच समझौता हो गया था। कुछ दिन बाद ही लड़का कहीं चला गया। उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया। इससे परेशान होकर गुरुवार दोपहर 3 बजे मीना अपने घर से लगभग 7 किमी दूर साइकिल से कसेरुआ कबीरपुर पहुंची। वहां मौजूद 200 फीट ऊंचे हाईटेंशन बिजली के पोल पर चढ़ गई। मीना का कहना था कि उसके प्रेमी को मौके पर बुलाया जाए। दोनों की शादी करा दी जाए। पुलिस उसे काफी देर तक समझाने का प्रयास करती रही। लेकिन मीना नहीं मानी। मीना ने इंस्टाग्राम पर अपलोड एक रील में कहा- अगर प्रेमी नहीं मिलेगा तो वह अपनी जान दे देगी। 4 घंटे तक चले ड्रामे के बाद पुलिस टीम मीना की मां को लेकर हाईटेंशन लाइन के नीचे पहुंची। मां ने मीना के मोबाइल पर कॉल लगाई। पहले तो उसने कई बार फोन काट दिया। काफी देर के बाद मीना ने फोन रिसीव किया। मां ने उसे बहुत समझाया। जिसके बाद वो टॉवर से नीचे आ गई। थानाध्यक्ष श्री निवास पांडेय ने बताया- युवती को समझा-बुझाकर सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है। ------------------------ यह भी पढ़ें ट्रक में घुसी स्कार्पियो, परिवार के 4 लोगों की मौत:बांदा में क्रेन की मदद से लाशें निकालीं, आजमगढ़ से लौट रहा था कारोबारी का परिवार बांदा में बेकाबू स्कॉर्पियो-N कार सिलेंडर लदे ट्रक में पीछे से जा घुसी। हादसे में गाड़ी चला रहे कारोबारी समेत उनकी मां-दादी और चाची की मौत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि आधी कार ट्रक के नीचे आ गई। कारोबारी युवक के सीने में इंजन के कई पार्ट्स टूटकर घुस गए। घटनास्थल पर मौजूद लोगों से मिली सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। स्कॉर्पियो में आगे बैठे कारोबारी और उनकी मां के शव निकालने के लिए क्रेन बुलवाई। जबकि, पीछे बैठे दो लोगों के शव दरवाजा खोलकर बाहर निकाले गए। हादसे में युवक की 19 साल की बहन भी घायल हो गई। पढ़िए पूरी खबर…
कपूरथला की मॉडर्न जेल में दो अलग-अलग तलाशी अभियानों के दौरान 4 मोबाइल फोन और 10 तंबाकू की पुड़ियां बरामद की गई हैं। जेल प्रशासन की शिकायत पर थाना कोतवाली में दो हवालातियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मॉडर्न जेल के सहायक सुपरिंटेंडेंट जोगिंदरपाल सिंह ने थाना कोतवाली को दी शिकायत में बताया कि नियमित तलाशी के दौरान जेल के टावर नंबर 8 की बैरक नंबर 4 की दीवार के पीछे से तीन लावारिस लिफाफे मिले। इन्हें खोलने पर 10 तंबाकू की पुड़ियां बरामद हुईं। एक अन्य घटना में, जेल प्रशासन को मिली गुप्त सूचना के आधार पर हवालाती आरजू (निवासी मॉडल टाउन शाहकोट, जालंधर देहाती) की तलाशी ली गई। उसके पास से ओप्पो कंपनी का टच स्क्रीन स्मार्टफोन और एक जियो सिम बरामद हुई। पूछताछ में आरजू ने बताया कि जेल में बंद अमरजीत सिंह (निवासी जैतोवाली पातरा, जिला जालंधर देहाती) के पास भी फोन हैं। दोनों को पूछताछ के लिए प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी पुलिस इसके बाद अमरजीत सिंह की तलाशी लेने पर उसके पास से तीन मोबाइल फोन बरामद हुए। थाना कोतवाली के जांच अधिकारी एएसआई जसविंदर सिंह ने बताया कि आरोपी हवालातियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। दोनों को पूछताछ के लिए प्रोडक्शन वारंट पर लाया जाएगा।
फाजिल्का के अबोहर शहर के नई आबादी क्षेत्र में अज्ञात चोरों ने एक घर को निशाना बनाया। बीती रात गली नंबर 12, छोटी पौड़ी स्थित एक मकान से चोर नकदी और मोबाइल फोन चुरा ले गए। घटना के समय परिवार घर के अंदर सो रहा था और चोर छत के रास्ते घर में दाखिल हुए। मकान मालिक राजू ने बताया कि वे अबोहर क्लब के पास फास्ट फूड की रेहड़ी लगाते हैं। बुधवार देर रात वे अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे। रात करीब 2 से 2:30 बजे के बीच अज्ञात चोर घर में घुसे और चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने घर से चार मोबाइल फोन, लगभग 12 हजार रुपये की नकदी और एक गुल्लक चुरा ली, जिसमें करीब 4 हजार रुपये रखे थे। सुबह जगा परिवार तो घर में बिखरा मिला सामान सुबह जब परिवार की नींद खुली, तो घर का सामान बिखरा हुआ मिला। बाद में, खाली गुल्लक घर की छत पर पड़ी मिली, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि चोर वारदात के बाद छत के रास्ते ही फरार हुए। पीड़ित परिवार ने तत्काल थाना नंबर दो की पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। इलाके में एक दिन पहले चार घरों में हुई चोरी गौरतलब है कि नई आबादी क्षेत्र में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इस घटना से एक दिन पहले भी इसी इलाके में चोरों ने चार घरों को निशाना बनाया था। लगातार हो रही इन वारदातों से इलाके के लोगों में डर और रोष का माहौल है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।
यमुनानगर में बुधवार देर रात आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने शहरभर में भारी तबाही मचा दी। करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने कई इलाकों में पेड़ उखाड़ दिए, बिजली के खंभे गिरा दिए और मोबाइल टावर तक धराशायी हो गए। बारिश से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन तूफान के कारण लोगों को भय और अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। कई क्षेत्रों में रातभर बिजली सप्लाई ठप रही, जबकि सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात भी प्रभावित रहा। सिविल अस्पताल के बाहर पुलिस बूथ पर गिरा यमुनानगर सिविल अस्पताल के सामने सड़क पर एक विशाल पेड़ गिर गया। पेड़ पास बने पुलिस बूथ के ऊपर जा गिरा, जिससे बूथ क्षतिग्रस्त हो गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय बूथ में कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। पेड़ गिरने से अस्पताल के सामने सड़क पर यातायात काफी देर तक बाधित रहा। प्यारा चौक पर टूटे खंभे, रातभर अंधेरे में रहे लोग प्यारा चौक स्थित जैन चक्की के पास भारी-भरकम पेड़ सड़क पर गिर पड़ा। पेड़ गिरने से बिजली के खंभे टूट गए और बिजली व वाईफाई की तारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। आसपास के इलाके में रातभर बिजली गुल रही। रास्ता बंद होने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। फ्रेंड्स कॉलोनी में मकान पर गिरा मोबाइल टावर फ्रेंड्स कॉलोनी में एक मकान की छत पर लगा मोबाइल टावर तेज तूफान के चलते टूटकर पास के मकान की छत से जा टकराया। तेज आवाज सुनकर लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय निवासी करण शर्मा ने बताया कि जिस समय टावर गिरा, उस समय आसपास बच्चे और बुजुर्ग भी मौजूद थे। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। लोगों ने प्रशासन से रिहायशी इलाकों में लगे मोबाइल टावरों की सुरक्षा जांच कराने की मांग की है। दामला रोड पर पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित दामला रोड पर भी एक बड़ा पेड़ सड़क के बीचों बीच गिर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। देर रात तक पेड़ सड़क पर पड़ा रहा और लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तूफान के बाद नगर निगम और बिजली विभाग की टीमें देर रात से ही नुकसान का आकलन और रास्तों से पेड़ हटाने के काम में जुट गईं। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास जारी रहे। आंधी तुफान से जुडी तस्वीरें…
ऋषि कपूर की जगह डमी बैठा, SSO आईडी में मोबाइल नंबर बदलवाने पहुंचा तो पकड़ा गया
आरपीएससी की वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा-2022 में डमी अभ्यर्थी का मामला एसएसओ आईडी में मोबाइल नंबर अपडेट कराने से खुल गया। जालोर के महेन्द्र कुमार विश्नोई ने भरतपुर के अभ्यर्थी ऋषि कपूर मीणा की जगह परीक्षा दी थी। अब महेन्द्र मोबाइल नंबर संशोधन के लिए आरपीएससी पहुंचा। फोटो मिलान में फर्जीवाड़ा सामने आया तो एसओजी ने महेन्द्र और ऋषि कपूर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। मामले के अनुसार, 13 फरवरी 2023 को वरिष्ठ अध्यापक संस्कृत शिक्षा विभाग भर्ती परीक्षा-2022 के सामाजिक विज्ञान विषय की परीक्षा हुई थी। ऋषि कपूर की जगह महेन्द्र ने परीक्षा दी थी। जांच में पता चला कि ऋषि कपूर के प्रवेश पत्र पर महेन्द्र की फोटो लगी थी। कई परीक्षाओं में अलग-अलग मोबाइल नंबरों से आवेदन जांच में सामने आया कि महेन्द्र ने कई अन्य भर्ती परीक्षाओं में अलग-अलग मोबाइल नंबरों से आवेदन किए थे। आयोग के रिकॉर्ड में उसकी फोटो राजस्थान राज्य संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा, सहायक प्रोफेसर भर्ती, ईओ-आरओ और सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा समेत कई परीक्षाओं के आवेदन में मिली है।
भारत में मई के पहले हफ्ते में 4 नए स्मार्टफोन लॉन्च होंगे। 4 से 9 मई के बीच वनप्लस और वीवो अपने नए डिवाइस लॉन्च करेंगी। इन फोन्स में AI फीचर्स के साथ 200 मेगापिक्सल का कैमरा और 6.3-इंच स्क्रीन जैसे फीचर्स मिलेंगे। इनकी कीमत 25,000 रुपए से लेकर 1.50 लाख रुपए तक होगी। इस हफ्ते इंडिया में भारत में लॉन्च होने स्मार्टफोंस की डिटेल्स जानिए। वीवो X300 FE वीवो एक्स300 एफई से मई महीने की शुरुआत होगा। यह मोबाइल 6 मई को इंडिया में लॉन्च होगा जो क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 8 जेन 5 प्रोसेसर के साथ आएगा। वीवो X300 अल्ट्रा वीवो 6 मई को ही इंडिया में X300 अल्ट्रा लॉन्च करेगी, जो इस सीरीज का सबसे ताकतवर कैमरा फोन बनकर आएगा। वनप्लस नोर्ड CE6 वनप्लस नोर्ड CE6 भारत में 7 अप्रैल को लॉन्च होगा। यह मिलिट्री ग्रेड सर्टिफाइड फोन है, जो काफी मजबूत है। पानी और धूल से बचाव के लिए इसमें IP69K तक की टॉप रेटिंग दी गई है। वनप्लस नोर्ड CE6 लाइट वनप्लस का नोर्ड CE6 लाइट इंडिया में 7 अप्रैल को लॉन्च होगा। इसमें 50MP का मुख्य कैमरा और 8MP का सेल्फी कैमरा है। साथ ही, यह मिलिट्री ग्रेड सर्टिफाइड फोन है, जो इसे काफी मजबूत बनाता है।
देश के सबसे बड़े अस्पताल AIIMS में ChatGPT से नकल टॉयलेट में छिपाया मोबाइल और लिख डाले जवाब
टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत बिगाड़ देगी सेहत, शरीर बन जाएगा बीमारियों का घर
हाई टेक्नोलॉजी की दुनिया में लोगों के लिए मोबाइल से 5 मिनट भी दूर रह पाना मुश्किल है। रील देखने और सोशल मीडिया चलाने की लत इतनी ज्यादा लग चुकी है कि लोग टॉयलेट में भी मोबाइल को अपने साथ लेकर जाते हैं और जरूरत से ज्यादा समय वही बिता देते हैं।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

