एटा में मोबाइल नंबर मांगने पर विवाद:दो पक्षों में मारपीट, लाठी-डंडे और पत्थर चले; 5 लोग घायल
एटा जिले के सकरौली थाना क्षेत्र के शाहनगर टीमरुआ गांव में मोबाइल नंबर मांगने को लेकर हुए विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। गुरुवार को शुरू हुआ यह विवाद शुक्रवार सुबह दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट और पथराव में बदल गया। इस घटना में दोनों ओर से आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया। दरअसल, गांव में हर साल की तरह इस बार भी मेला लगा था। आरोप है कि मेले में कुशवाहा समाज के एक नाबालिग लड़के ने ठाकुर समाज की एक नाबालिग लड़की से उसका मोबाइल नंबर मांगा था। इसी बात को लेकर गुरुवार को दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया था, जिसे गांव के कुछ समझदार लोगों ने शांत करवा दिया था। हालांकि, शुक्रवार सुबह यह विवाद फिर भड़क उठा और कुशवाहा तथा ठाकुर समाज के सैकड़ों लोग आमने-सामने आ गए। दोनों ओर से जमकर ईंट-पत्थर चले और लाठी-डंडों का इस्तेमाल हुआ। इस हिंसक झड़प में कई लोग घायल हुए। सकरौली थाना पुलिस के साथ कई अन्य थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने दोनों पक्षों के 11 नामजद लोगों सहित कुछ अज्ञात के खिलाफ मारपीट, बलवा और पथराव की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने ठाकुर पक्ष से दिनेश पुत्र कप्तान, दुष्यंत पुत्र दिनेश, पवन पुत्र राकेश, हरिकृष्ण पुत्र बालिस्टर, आदित्य पुत्र सत्यवीर और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं, दूसरे पक्ष से टीकाराम उर्फ पुजारी पुत्र भूदेव, नरेंद्र पुत्र भुजवीर, भुजवीर पुत्र रामपाल, अनिल पुत्र वीरेंद्र, छत्रपाल पुत्र कप्तान और तुरसन पाल पुत्र जगदीश सहित कुछ अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है। क्षेत्राधिकारी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। घटना से जुड़े मारपीट, घायलों और फायरिंग की आवाज वाले कुछ वीडियो भी सामने आए हैं। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों के साथ ग्रामीणों की गरमागरमी भी हुई। पुलिस वायरल वीडियो और स्थलीय जांच-पड़ताल के आधार पर मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। सीओ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया घटना की सूचना के बाद तत्काल पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और स्थिति पर कंट्रोल किया आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है। मार पीट पथराव हुआ है ।दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
पंजाब के बरनाला जिला जेल में तीन लावारिस मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। ये फोन जेल की डॉरमेट्री से मिले, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। सिटी वन बरनाला के एसएचओ लखविंदर सिंह ने बताया कि जिला जेल बरनाला के असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट विकास शर्मा ने पुलिस को इसकी सूचना दी। शर्मा के अनुसार, शाम करीब 06:20 बजे डॉरमेट्री नंबर 04 से दो कीपैड मोबाइल फोन लावारिस हालत में मिले। उसी दिन शाम लगभग 7:10 बजे डॉरमेट्री नंबर 09 के रोशनदान से एक और कीपैड मोबाइल फोन बरामद हुआ। जेल प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस स्टेशन सिटी बरनाला में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल इस मामले की गहन जांच कर रही है। उनका मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि ये मोबाइल फोन जेल के अंदर कैसे पहुंचे और इनका उपयोग कौन कर रहा था। एसएचओ लखविंदर सिंह ने कहा कि आरोपियों की जल्द पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
धार में कार चालक से लूट:बाइक सवार 3 बदमाश 5900 रुपए और मोबाइल लूटकर भागे
धार जिले के बरमंडल गांव में कार चालक से गुरुवार को लूट हूई। बाइक सवार तीन बदमाशों ने युवक से 5900 रुपए नकद और मोबाइल फोन छीन लिया। शुक्रवार को पीड़ित राजोद थाना पहुंचा और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर इस मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया है। तीन बदमाशों ने कार रोककर लूटाराजोद थाना पुलिस को मकनी, थाना कानवन निवासी बगदीराम पिता भंवरलाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि वह लाबरिया से बिड़वाल जा रहे थे। इसी दौरान ग्राम बरमंडल में पडूनी मैदान के पास उनकी कार को रोका गया और मोबाइल पैसे छीन लिए। शिकायत के अनुसार, आरोपी रामा पिता रतन गिरवाल (चुनियागढ़ी), विशाल पिता कालूराम (बरखेड़ा) और गोकुल पिता रूग्गा (चुनियागढ़ी) ने इस वारदात को अंजाम दिया। बाइक से आए, मोबाइल और रुपए लेकर भागेबदमाशों ने फरियादी के साथ मारपीट की और उनका पर्स छीन लिया, जिसमें 5900 रुपए थे। इसके अलावा, उन्होंने फरियादी का मोबाइल फोन भी ले लिया। फरियादी ने बताया कि तीनों बदमाश बाइक पर सवार होकर आए थे। राजोद थाना प्रभारी ने शुक्रवार को बताया कि फरियादी की रिपोर्ट के आधार पर तीनों बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
गया रेलवे स्टेशन पर 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत दो मोबाइल चोरों को गिरफ्तार किया गया है। आरपीएफ पोस्ट गया ने आज कार्रवाई की है। उनके पास से चोरी के तीन मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। बरामद किए गए मोबाइल फोन की कुल कीमत लगभग 40 हजार रुपए है। इस कार्रवाई से रेलवे स्टेशन परिसर में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का संदेश गया है। आरपीएफ पोस्ट गया की एक टीम, जिसमें उनि विकास कुमार, उनि जावेद इकबाल, प्रधान आरक्षी विवेकानंद शर्मा, प्रधान आरक्षी संजय कुमार राय, प्रधान आरक्षी संतोष कुमार सिंह, आरक्षी विकास कुमार, आरक्षी आलोक कुमार सक्सेना और आरक्षी कमलेश कुमार (सीआईबी गया) शामिल थे, सीपीडीएस गया और जीआरपी गया के साथ संयुक्त रूप से गया रेलवे स्टेशन परिसर में गश्त कर रही थी। गश्ति के दौरान टीम ने प्लेटफॉर्म संख्या-1 बी के दिल्ली छोर के पास दो व्यक्तियों को संदिग्ध स्थिति में देखा। संदेह के आधार पर उन्हें रोककर पूछताछ की गई, लेकिन वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद सुरक्षा बलों ने उनकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान, पहले व्यक्ति के पास से रेडमी कंपनी के दो मोबाइल फोन और दूसरे व्यक्ति के पास से सैमसंग कंपनी का एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। पकड़े गए आरोपियों की पहचान संतोष कुमार (29), निवासी छतरवार, थाना पकड़ी बेरावाँ, जिला नवादा और नीरज कुमार (39), निवासी टेकरी रोड, थाना कोतवाली, जिला गया के रूप में हुई। चोरों ने स्वीकार किया वारदात पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि बरामद मोबाइल फोन उन्होंने यात्रियों से चोरी किए थे। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद, दोनों आरोपियों को बरामद मोबाइल फोन के साथ जीआरपी थाना गया को सौंप दिया गया है। जीआरपी थाना गया में कांड संख्या 62/2026, दिनांक 06 मार्च 2026 के तहत धारा 317(5) और 3(5) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्टेशन परिसर में लगातार निगरानी और गश्ती अभियान चलाया जा रहा है, जिससे चोरी और अन्य अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। इस कार्रवाई से यात्रियों में सुरक्षा की भावना और मजबूत हुई है।
लछुआड़ लूटकांड का खुलासा, दो अपराधी गिरफ्तार:जमुई में लूटे गए मोबाइल और अवैध हथियार बरामद
जमुई पुलिस ने लछुआड़ थाना क्षेत्र में हुई लूट की घटना का खुलासा कर दिया है। शुक्रवार दोपहर 12 बजे की गई त्वरित कार्रवाई में पुलिस ने दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से लूटे गए मोबाइल फोन के साथ घटना में प्रयुक्त अवैध हथियार भी बरामद किया गया है। यह घटना 9 जनवरी 2026 को लछुआड़ थाना क्षेत्र के महना पुल के पास हुई थी। चार अज्ञात अपराधियों ने दो व्यक्तियों के साथ लूटपाट की थी। पीड़ित के लिखित आवेदन पर लछुआड़ थाना में कांड संख्या 02/26 दर्ज कर अज्ञात अपराधियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 309 (4) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विशेष टीम गठित की गई थी घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। इस टीम ने वैज्ञानिक अनुसंधान और मानवीय आसूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो अपराधियों को पकड़ा। मोबाइल फोन, एक देसी पिस्टल और एक खोखा बरामद गिरफ्तार अपराधियों की पहचान लछुआड़ थाना क्षेत्र के बाल्डा गांव निवासी 19 वर्षीय अखिलेश कुमार (पिता वीरेंद्र यादव) और 19 वर्षीय अमित कुमार (पिता अनिल तांती) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से वीवो और पोको कंपनी के दो लूटे गए मोबाइल फोन, एक देसी पिस्टल और एक खोखा बरामद किया है। इस कार्रवाई में लछुआड़ थाना अध्यक्ष रूपेश कुमार, अपर थानाध्यक्ष विकास कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक ऋषिकेश कुमार सिंह और लछुआड़ थाना के सशस्त्र बल शामिल थे। पुलिस अन्य फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
दर्री में मोबाइल दुकान से डेढ़ लाख की चोरी:थाने के पास हुई वारदात, पुलिस सीसीटीवी खंगाल रही
कोरबा के दर्री थाना क्षेत्र में होली के मौके पर एक मोबाइल दुकान में चोरी की बड़ी वारदात हुई है। अज्ञात चोरों ने आस्था मोबाइल पैलेस से करीब डेढ़ लाख रुपये के मोबाइल फोन, नकदी और अन्य सामान चुरा लिए। यह घटना देर रात करीब 1:30 बजे हुई, जब पूरा शहर होली के उत्सव में डूबा था। शटर उठा कर डेढ़ लाख का सामान ले गए चोर दुकान के संचालक आकाश जायसवाल ने बताया कि उन्हें रात करीब 1:30 बजे चोरी की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि दुकान का शटर किनारे से उठाया गया था और अंदर रखा सारा सामान गायब था और चोर बड़ी संख्या में मोबाइल फोन,नकदी और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। चोरी किए गए सामान की कुल कीमत लगभग एक से डेढ़ लाख रुपये आंकी गई है। उन्होंने बताया चोरों ने शटर उठाकर वारदात को अंजाम दिया। आरोपी की तलाश में पुलिस घटना की सूचना मिलते ही दर्री पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। थाने के करीब ही चोर ने दिया चोरी को अंजाम गौरतलब है कि जिस स्थान पर यह चोरी हुई है, वह दर्री थाने से बहुत कम दूरी पर स्थित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में पहले भी ऐसी कई चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे व्यापारियों में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
जालंधर के सुदामा विहार में मोबाइल फोन न देने पर युवकों ने बेटे और उसके पिता को पीटा। इसके बाद घर पर पथराव किया। इस हमले में महिला को गंभीर चोट आई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। ननकाई देवी का बेटा मीट की रेहड़ी लगाता है। उसकी रेहड़ी पर आरोपी युवकों से विवाद हुआ था। सूचना पर पहुँची थाना सात की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में रखवा दिया है और मामले की जाँच शुरू कर दी है। पीड़ित करन ने बताया कि वह सुदामा विहार में चिकन की रेहड़ी लगाता है। रेहड़ी पर तीन से चार युवक आए और उसका फोन मांगने लगे। करन का आरोप है कि ये युवक गांजा बेचने का कारोबार करते हैं। जब उसने फोन देने से इनकार किया तो युवकों ने उसके बेटे को थप्पड़ मार दिया और हंगामा करने लगे। बाद में लोगों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। देर रात धारदार हथियारों से किया हमला, ईंट पत्थर बरसाए करन के अनुसार, देर रात इसी बात को लेकर आरोपियों ने रंजिश में उनके घर पर ईंट-पत्थर और तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में उनकी माँ ननकाई देवी घायल हो गईं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। हालाँकि, बाद में उनकी तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। नशे का काम करते हैं आरोपी सुदामा विहार के ही अनिल कुमार ने भी बताया कि आरोपियों ने उनके बेटे से मोबाइल माँगा था। मोबाइल न देने पर बदमाशों ने उनके बेटे पर हमला किया और फिर उनके घर पर भी हमला कर दिया। पीड़ित परिवार ने घटना की शिकायत थाना 7 की पुलिस को दी है। पुलिस ने परिवार के बयानों के आधार पर जाँच शुरू कर दी है।
फरीदाबाद जिला नगर निगम मुख्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित 16वीं जनगणना को लेकर चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हो गया। प्रशिक्षण में जनगणना से जुड़े सभी चार्ज अधिकारियों ने भाग लिया और प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। डिजिटल और पेपरलेस होगी जनगणना नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि इस बार 16वीं जनगणना पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस तरीके से की जाएगी। जनगणना के दौरान आंकड़े सीधे मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से दर्ज किए जाएंगे, जिससे डेटा की सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इसके लिए भारत सरकार की ओर से सहायक निदेशक कृष्ण कुमार और जिला समन्वय अधिकारी व मुख्य प्रशिक्षक प्रशांत शर्मा ने अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया। 2 दिन का प्रशिक्षण दिया गया उन्होंने बताया कि जनगणना के दौरान मोबाइल ऐप, सेंसस मैनेजमेंट एवं मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से डेटा संग्रहण और उसकी निगरानी की जाएगी। इससे जनसंख्या, शिक्षा स्तर, रोजगार, आवास और अन्य सामाजिक-आर्थिक स्थितियों से जुड़े सटीक आंकड़े उपलब्ध हो सकेंगे। ये आंकड़े सरकार को योजनाओं के निर्माण और संसाधनों के बेहतर वितरण में सहायक होंगे। घर पर लोग सही जानकारी दें नगर निगम कमीश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने नागरिकों से अपील की कि जब जनगणना कर्मचारी उनके घर जानकारी लेने आए, तो उन्हें सही और पूरी जानकारी दें, ताकि इस राष्ट्रीय कार्य को सफल बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि सही आंकड़ों के आधार पर ही सरकार क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का आकलन कर जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचा सकती है। प्रशिक्षण सत्र के समापन के अवसर पर निगम के क्षेत्रीय और कर अधिकारी, तहसीलदार बल्लभगढ़, तहसीलदार बड़खल तथा फरीदाबाद के तहसीलदार सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।
फरीदाबाद नगर निगम मुख्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित 16वीं जनगणना को लेकर चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हो गया। इस प्रशिक्षण में जनगणना से जुड़े सभी चार्ज अधिकारियों ने भाग लिया और प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। डिजिटल और पेपरलेस होगी जनगणना नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि इस बार 16वीं जनगणना पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस तरीके से की जाएगी। जनगणना के दौरान आंकड़े सीधे मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से दर्ज किए जाएंगे, जिससे डेटा की सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इसके लिए भारत सरकार की ओर से सहायक निदेशक कृष्ण कुमार और जिला समन्वय अधिकारी व मुख्य प्रशिक्षक प्रशांत शर्मा ने अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया। 2 दिन का प्रशिक्षण दिया गया उन्होंने बताया कि जनगणना के दौरान मोबाइल ऐप, सेंसस मैनेजमेंट एवं मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से डेटा संग्रहण और उसकी निगरानी की जाएगी। इससे जनसंख्या, शिक्षा स्तर, रोजगार, आवास और अन्य सामाजिक-आर्थिक स्थितियों से जुड़े सटीक आंकड़े उपलब्ध हो सकेंगे। ये आंकड़े सरकार को योजनाओं के निर्माण और संसाधनों के बेहतर वितरण में सहायक होंगे। घर पर लोग सही जानकारी दें नगर निगम कमीश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने नागरिकों से अपील की कि जब जनगणना कर्मचारी उनके घर जानकारी लेने आएं तो उन्हें सही और पूरी जानकारी दें, ताकि इस राष्ट्रीय कार्य को सफल बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि सही आंकड़ों के आधार पर ही सरकार क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का आकलन कर जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचा सकती है। प्रशिक्षण सत्र के समापन के अवसर पर निगम के क्षेत्रीय और कर अधिकारी, तहसीलदार बल्लभगढ़, तहसीलदार बड़खल तथा फरीदाबाद के तहसीलदार सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।
उदयपुर: टीड़ी में बदमाशों ने युवकों से मारपीट कर मोबाइल और नकदी लूटी
टीड़ी थाना क्षेत्र में बदमाशों ने दवाई लेकर लौट रहे तीन युवकों को घेरकर लट्ठ और तलवारों से हमला किया तथा बाइक तोड़कर लूटपाट की।
सुल्तानपुर में बस परिचालक से लूट:18 हजार रुपए मोबाइल लूटा, कोतवाली नगर से 100 मीटर दूर पर हुई वारदात
सुल्तानपुर में शुक्रवार सुबह बस स्टेशन के पास एक बस परिचालक से लूट की घटना सामने आई है। बदमाशों ने सुल्तानपुर डिपो के परिचालक विनोद दुबे से लगभग 18,000 रुपये नकद, मोबाइल फोन और बैग छीन लिया। यह वारदात कोतवाली नगर से मात्र 100 मीटर की दूरी पर हुई। यह घटना कानपुर से सुल्तानपुर पहुंची बस संख्या UP 78 KT 2018 के परिचालक विनोद दुबे के साथ सुबह लगभग छह बजे हुई। विनोद दुबे ने बताया कि जगदीशपुर से दो यात्री उनकी बस में सवार हुए थे। इन यात्रियों ने पैसे देने के लिए बस अड्डे पर बिरयानी की दुकान का बहाना बनाया था। बस अड्डे से लगभग 100 मीटर आगे गोपालदास पुल के निकट बिरयानी की दुकान पर पहुंचने के बाद, बदमाशों ने परिचालक को अकेला पाकर उनसे रुपयों से भरा बैग छीन लिया। विरोध करने पर बदमाशों ने विनोद दुबे के साथ मारपीट की, उनके कपड़े फाड़ दिए और उनका मोबाइल भी छीन लिया। लूटे गए बैग में लगभग 18,000 रुपये नकद, मोबाइल फोन, टिकट मार्ग और ईटीएम मशीन शामिल थी। घटना के बाद, विनोद दुबे ने पैदल भागकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बाद में उनका मोबाइल फोन बरामद कर लिया। परिचालक विनोद दुबे ने कोतवाली नगर में घटना की प्राथमिकी दर्ज करने के लिए तहरीर दी है। नगर कोतवाल संदीप राय ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल की जा रही है और जांच के आधार पर विधिक कार्यवाही की जाएगी। विनोद दुबे सुल्तानपुर डिपो में कार्यरत हैं और अयोध्या जिले के ग्राम नेचारा के निवासी हैं। स्टेशन इंचार्ज नान्हूराम सरोज ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया, हमारी गाड़ी कानपुर से सुल्तानपुर आ रही थी। जगदीशपुर से दो यात्री सुल्तानपुर के लिए बैठे थे। उन्होंने कंडक्टर को झांसे में लेकर सब्जी मंडी के अंदर ले जाकर मारपीट की और बैग छीन लिया। बैग में करीब 18 हजार रुपये, एटीएम और टिकट मशीन थी।
उमरिया में गर्मी के मौसम में पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग ने जिला अंतर्गत उपखंड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया है। हालांकि, इस व्यवस्था की निगरानी के लिए नियुक्त अधिकारियों के मोबाइल नंबर बंद या अनुपलब्ध पाए गए, जिससे विभाग की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं। कार्यपालन यंत्री एस एल घुर्वे ने बताया कि ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट से निपटने और खराब हैंडपंपों की मरम्मत के लिए यह कंट्रोल रूम शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य हैंडपंप संधारण और नल जल योजनाओं के संचालन व मरम्मत संबंधी शिकायतों का त्वरित निराकरण करना है। कंट्रोल रूम का मोबाइल नंबर 9893105867 जारी किया गया है, जिस पर नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। कंट्रोल रूम में दो पालियों में कर्मचारियों की ड्यूटी तय कंट्रोल रूम के संचालन के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक हैंडपंप टेक्नीशियन अनुरुद्ध सिंह उददे और दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक स्टोर क्लर्क संजीव बर्मन तैनात रहेंगे। अवकाश के दिनों में अनुरुद्ध सिंह उददे फोन अटेंड कर शिकायतों को रजिस्टर में दर्ज करेंगे। निगरानी के लिए अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय इस पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की गई है। इनमें प्रभारी सहायक यंत्री आर.के. गुप्ता (मोबाइल नंबर 9753207802), उपयंत्री विकासखंड मानपुर-पाली हिमांशु जायसवाल (मोबाइल नंबर 8109938036) और उपयंत्री विकासखंड करकेली अजय कुमार शर्मा (मोबाइल नंबर 9131215330) शामिल हैं। जिम्मेदार अधिकारियों के मोबाइल बंद मिले लेकिन जब शुक्रवार की सुबह लगभग 9 बजे प्रभारी सहायक यंत्री आर.के. गुप्ता के मोबाइल नंबर 9753207802 पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो मोबाइल बंद मिला। इसी तरह, उपयंत्री हिमांशु जायसवाल के नंबर पर 'इनकमिंग कॉल रिसीव नहीं हो रही है' का संदेश आया, जबकि उपयंत्री अजय शर्मा ने फोन ही अटेंड नहीं किया। अधिकारियों की यह अनुपलब्धता ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्था की निगरानी की तैयारियों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।
यमुनानगर में हुए चर्चित राजीव हत्याकांड में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी अमित के पुलिस रिमांड का आज आखिरी दिन है। रिमांड के दौरान पुलिस ने वारदात से जुड़े अहम सबूत बरामद किए हैं, जिनमें हत्या में इस्तेमाल की गई रस्सी, मोबाइल फोन और ग्लू (फेविकॉल) की शीशी शामिल है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन बरामद सामानों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा ताकि मामले में और पुख्ता साक्ष्य जुटाए जा सकें। रिमांड के दौरान किए गए अहम खुलासे जांच के दौरान आरोपी अमित ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी प्रेमिका स्नेहा के साथ मिलकर राजीव की हत्या की साजिश रची थी। योजना के तहत स्नेहा द्वारा राजीव को घुमाने के बहाने आदिबद्री की तरफ ले जाया गया और बाद में उसे सुनसान इलाके में ले जाकर हत्या कर दी गई। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने पहले राजीव को नशीला पदार्थ दिया और जब वह बेसुध हो गया तो रस्सी से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद पहचान छिपाने और मौत सुनिश्चित करने के लिए उसके मुंह में ग्लू डालकर चुन्नी ठूंस दी गई। रेलवे ट्रैक के पास फेंका गया था शव हत्या के बाद आरोपी ने राजीव के शव को तीर्थ नगर टपरी क्षेत्र में शमशान घाट के पास रेलवे ट्रैक के नजदीक जंगल में फेंक दिया था। 1 मार्च को स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा था। जांच के दौरान मृतक की पहचान शंकरपुरी कॉलोनी, छोटी लाइन जगाधरी निवासी 21 वर्षीय राजीव के रूप में हुई, जो 27 फरवरी से लापता था। मामले की जांच में पुलिस ने कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर राजीव की गर्लफ्रेंड स्नेहा और उसके पूर्व प्रेमी अमित को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दोनों ने हत्या की साजिश रचने की बात कबूल कर ली। अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी सीआईए-2 के इंचार्ज राकेश ने बताया कि स्नेहा को पहले ही न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है जबकि आरोपी अमित के रिमांड का आज अंतिम दिन है। इसके बाद उसे अदालत में पेश किया जाएगा। वहीं पुलिस इस हत्याकांड में अन्य लोगों की संभावित भूमिका की भी जांच कर रही है।
बूंदी| इंदिरा कॉलोनी निवासी ऑटो चालक नेतराम सैनी ने रेलवे स्टेशन के बाहर पर्स और कीमती मोबाइल उसके मालिक को लौटाकर ईमानदारी का परिचय दिया है। नेतराम ने बताया कि रेलवे स्टेशन के बाहर डिवाइडर के ऊपर पर्स व मोबाइल मिला था। इसके बाद सबसे पहले परिचित पुलिसकर्मियों को इसकी सूचना दी। बाद में मोबाइल मालिक हिंडौली निवासी छोटा बाई का निकला। फिर उनसे संपर्क कर दोनों चींजे वापस लौटाईं।
शहर में दो जगह बाइक सवार बदमाश मोबाइल लूटकर फरार
कमिश्नरेट के चित्रकूट व सदर इलाके में बाइक सवार बदमाशों ने बुधवार को राहगीरों से धक्का-मुक्की कर मोबाइल लूट लिए। जानकारी के अनुसार चित्रकूट इलाके में बुधवार रात 8 बजे विद्युत नगर में बाइक सवार बदमाशों ने बुजुर्ग व्यक्ति से झपट्टा मारकर मोबाइल लूट लिया। इससे पहले सदर इलाके में डीआरएम ऑफिस के पास पैदल जा रहे व्यक्ति से मोबाइल लूट लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पीड़ितों की तरफ से मिली शिकायत के आधार पर बदमाशों की तलाश के लिए घटनास्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने में जुटी है। दो कारों की भिड़ंत के बाद युवक को पीटा, मामला दर्ज विद्याधर नगर में दो कारों के एक्सीडेंट के बाद एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के युवक को पीट दिया। इस संबंध में पीड़ित मुरलीपुरा निवासी आयुष शर्मा ने बुधवार को विद्याधर नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पीड़ित ने बताया कि वह मार्केट से सामान खरीदने के बाद घर लौट रहे थे। इस दौरान उत्सव गार्डन के पास कार सवार युवक-युवतियों ने पहले कार को टक्कर मारी और कहासुनी के बाद पीट दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
टी-20 विश्व कप के सेमीफाइनल मुकाबले में भारत और इंग्लैंड के बीच हो रहे मैच को लेकर दरभंगा में क्रिकेट प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में लोग अपने-अपने मोबाइल फोन पर लाइव मैच देखते नजर आए और टीम इंडिया की जीत के लिए दुआ करते दिखे। क्रिकेट प्रेमियों का कहना है कि भारतीय टीम शानदार फॉर्म में है और सेमीफाइनल जीतकर फाइनल में भी खिताब अपने नाम करेगी। कई जगहों पर लोग समूह में बैठकर मैच का आनंद लेते हुए टीम इंडिया के पक्ष में नारेबाजी भी कर रहे हैं। भारतीय टीम निश्चित रूप से यह मुकाबला जीतेगी क्रिकेट प्रेमी गौतम कुमार चौधरी ने कहा कि भारतीय टीम निश्चित रूप से यह मुकाबला जीतेगी। उन्होंने बताया कि पिछले मैच में संजू सैमसन की शानदार बल्लेबाजी ने टीम को जीत दिलाई थी और आज भी उनसे, तिलक वर्मा और अभिषेक शर्मा से बड़ी उम्मीदें हैं। उनका मानना है कि टीम इंडिया लगातार जीत दर्ज करते हुए एक बार फिर चैंपियन बनने की ओर बढ़ रही है। क्रिकेट प्रेमी श्याम सुंदर चौधरी ने कहा कि गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह से उन्हें काफी उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि बुमराह के चार ओवर मैच के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं। उनके अनुसार भारतीय टीम बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों क्षेत्र में मजबूत है और आज का महत्वपूर्ण सेमीफाइनल मुकाबला भारत ही जीतेगा। क्रिकेट प्रेमी दिवेश कुमार चौधरी ने कहा कि भारतीय टीम निश्चित रूप से फाइनल में पहुंचेगी और खिताब भी जीतेगी। उन्होंने कहा कि टीम इंडिया लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है और घरेलू मैदान का भी फायदा मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि अभिषेक शर्मा, हार्दिक पांड्या, सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा जैसे खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन करेंगे। क्रिकेट प्रेमियों ने कहा कि यदि भारत यह मुकाबला जीतता है तो वे एक-दूसरे को गुलाल लगाकर, मिठाई बांटकर और पटाखे छोड़कर जश्न मनाएंगे। शहर में मैच को लेकर उत्साह का माहौल बना हुआ है और लोग टीम इंडिया की जीत की कामना कर रहे है।
एमवाय के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एक चाय वाले की शर्मनाक हरकत सामने आई है। वार्ड में चाय देने आए युवक ने महिला को देखकर अश्लील इशारे किए और उसका मोबाइल नंबर मांगने लगा। महिला के विरोध करने पर वह झगड़ा करने लगा। मामले में संयोगितागंज पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है। मां के इलाज के लिए अस्पताल में रुकी पुलिस के मुताबिक 34 वर्षीय महिला ने शिकायत में बताया कि उसकी मां सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की चौथी मंजिल स्थित स्टॉक आईसीयू में भर्ती हैं। उनकी देखभाल के लिए वह अस्पताल में ही रह रही है। घटना 4 मार्च की रात करीब 8:45 बजे की है। उस समय वार्ड में छोटू नाम का चाय वाला चाय देने आया था। महिला का आरोप है कि चाय देते समय वह उसे देखकर अश्लील इशारे करने लगा और उसका नाम, पता व मोबाइल नंबर पूछने लगा। गार्ड को देख मौके से भागा आरोपी जब महिला ने जानकारी देने से मना किया तो आरोपी उससे बहस करने लगा। इसी दौरान आवाज सुनकर अस्पताल का सिक्योरिटी गार्ड मौके पर पहुंच गया। गार्ड को आता देख आरोपी वहां से भाग निकला। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी छोटू चाय वाला के खिलाफ एफआईआर की है।
सोनीपत में वर्ष 2027 में होने वाली जनगणना को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी कड़ी में जिला स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों को नई कार्यप्रणाली से अवगत कराने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। नगराधीश डॉ. अनमोल की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रशिक्षण में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, सुपरवाइजरों और फील्ड ट्रेनरों को डिजिटल जनगणना की प्रक्रिया, जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों को बताया गया कि 2027 की जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जाएगी, जिसमें मोबाइल एप और ऑनलाइन पोर्टल के जरिए डेटा एकत्रित किया जाएगा।नगराधीश डॉ. अनमोल की अध्यक्षता में हुआ प्रशिक्षणजनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर जिला सांख्यिकी विभाग की ओर से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगराधीश डॉ. अनमोल ने की। प्रशिक्षण में विभिन्न विभागों के अधिकारी, सुपरवाइजर और फील्ड ट्रेनर शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य जनगणना को व्यवस्थित और सफल तरीके से पूरा करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक जानकारी देना था। पहली बार पूरी तरह डिजिटल मोड में होगी जनगणनाप्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि वर्ष 2027 की जनगणना देश की पहली ऐसी जनगणना होगी, जो पूरी तरह डिजिटल मोड में आयोजित की जाएगी। इसमें मोबाइल ऐप और CMMS पोर्टल के माध्यम से डेटा का ऑनलाइन संकलन किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और तेज हो सकेगी।डिजिटल सिस्टम से होगी हर गतिविधि की निगरानीअधिकारियों को जानकारी दी गई कि नई प्रणाली के तहत हर कार्य की डिजिटल मॉनिटरिंग की जाएगी। इसमें यूजर आईडी, कार्य का समय, स्थान और अन्य गतिविधियों का स्थायी डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। इससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और डेटा की गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी।जनगणना के आंकड़े विकास योजनाओं का आधारमुख्य प्रशिक्षक ब्रजमोहन शर्मा ने बताया कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। जनगणना से प्राप्त आंकड़े आने वाले वर्षों में देश की विकास योजनाओं, नीतियों और संसाधनों के बेहतर वितरण के लिए आधार बनते हैं। सटीक और विश्वसनीय डेटा आर्थिक, सामाजिक और क्षेत्रीय विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी समझाई गईंप्रशिक्षण के दौरान विभिन्न स्तरों के अधिकारियों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को विस्तार से बताया गया। प्रिंसिपल सेंसस ऑफिसर राज्य स्तर पर रणनीतिक योजना और समन्वय का कार्य करते हैं, जबकि जिला और उपखंड स्तर पर डिस्ट्रिक्ट सेंसस ऑफिसर और सब-डिविजनल ऑफिसर जनगणना की तैयारियों और फील्ड कार्यों की निगरानी करते हैं।चार्ज ऑफिसर की भूमिका अहमचार्ज ऑफिसर अपने क्षेत्र में जनगणना कार्यों के सुचारु संचालन के लिए जिम्मेदार होते हैं। वे कर्मचारियों का मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, डेटा संकलन की निगरानी और समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित करते हैं। सेंसस एक्ट के तहत उन्हें कानूनी अधिकार भी प्राप्त होते हैं और उनके अधीन कार्य करने वाले असिस्टेंट उनकी देखरेख में काम करते हैं।लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाईप्रशिक्षण के दौरान स्पष्ट किया गया कि जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन गंभीर माना जाएगा। बिना अनुमति डेटा में बदलाव, रिकॉर्ड अपडेट में देरी, गलत जानकारी दर्ज करना या जनगणना से जुड़े दस्तावेजों की गलत हैंडलिंग जैसी गतिविधियों पर कार्रवाई की जा सकती है।जनगणना में सहयोग की अपीलजिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों से जनगणना के इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सहयोग करने की अपील की है, ताकि सटीक आंकड़ों के आधार पर देश के विकास की मजबूत नींव रखी जा सके।
इंदौर के एमआर-10 क्षेत्र में आयोजित रंग दे होली कार्यक्रम के दौरान एक युवक पर लड़कियों के साथ अश्लील हरकत करने का आरोप लगा है। सूचना मिलने के बाद कुछ हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और युवक को पकड़कर पूछताछ की। बाद में उसे बाणगंगा थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। मोबाइल में मिली आपत्तिजनक चैट्स बाणगंगा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार युवक ने अपना नाम सोबी फिलिप्स निवासी भोपाल बताया। हिंदूवादी संगठन के मानसिंह राजावत का आरोप है कि वह कार्यक्रम में मौजूद लड़कियों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहा था। कार्यकर्ताओं ने जब उससे पूछताछ की और उसका मोबाइल चेक किया तो उसमें कथित तौर पर अश्लील वीडियो और कई लड़कियों के साथ आपत्तिजनक चैट मिलने का दावा किया गया। पुलिस ने आरोपी पर की कार्रवाई कार्यकर्ताओं का आरोप है कि युवक सोशल मीडिया पर हिंदू नाम बताकर लड़कियों से दोस्ती करता था और उनसे बातचीत करता था। मामले को लेकर मौके पर कुछ देर हंगामे की स्थिति भी बनी रही। इसके बाद युवक को पकड़कर बाणगंगा थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने युवक से पूछताछ शुरू कर दी है और उसके मोबाइल की जांच की जा रही है। फिलिप्स पर प्रतिबंधात्मक धाराओं में कारवाई की गई है।
फरीदकोट में पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने बच्चों में बढ़ती मोबाइल फोन की लत को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए अभिभावकों और आम लोगों से जागरूक रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आज के समय में मोबाइल फोन बच्चों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है, लेकिन इसकी अत्यधिक उपयोग से बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ रहे हैं। स्पीकर संधवां ने कहा कि लंबे समय तक मोबाइल स्क्रीन देखने से बच्चों की आंखों की रोशनी कमजोर हो रही है और उन्हें सिरदर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा देर रात तक मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत के कारण बच्चों की नींद भी पूरी नहीं हो पाती, जिससे उनके स्वास्थ्य और पढ़ाई दोनों पर नकारात्मक असर पड़ता है। मोबाइल बच्चों की पढ़ाई में बन रहा बाधा संधवां कहा कि मोबाइल की लत के कारण बच्चों का पढ़ाई में ध्यान कम होता जा रहा है और वे धीरे-धीरे परिवार के सदस्यों से भी दूर होते जा रहे हैं। पहले जहां बच्चे अपने दोस्तों के साथ बाहर खेलते थे, वहीं अब वे अधिक समय मोबाइल पर गेम खेलने या सोशल मीडिया देखने में बिताते हैं, जिससे उनकी शारीरिक गतिविधियां कम हो रही हैं और कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। साइबर ठगी की बढ़ जाती संभावना इसके अलावा छोटे बच्चों के पास मोबाइल से साइबर ठगी की संभावना भी बढ़ जाती है। स्पीकर संधवां ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के मोबाइल उपयोग पर ध्यान दें और उनका स्क्रीन टाइम सीमित करें। उन्होंने कहा कि बच्चों को किताबें पढ़ने, खेल-कूद में भाग लेने और रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना बेहद जरूरी है ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके। अभिभावक से की अपील उन्होंने यह भी कहा कि अगर अभिभावक, शिक्षक और समाज मिलकर इस मुद्दे पर जागरूकता फैलाएं, तो बच्चों को मोबाइल के दुष्प्रभाव से बचाया जा सकता है और उनका भविष्य सुरक्षित व उज्ज्वल बनाया जा सकता है।
पंजाब में फरीदकोट की केंद्रीय मॉडर्न जेल में मोबाइल फोन समेत अन्य प्रतिबंधित सामान मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। ताजा मामले में जेल प्रशासन द्वारा बैरकों की सर्च के दौरान 9 मोबाइल फोन लावारिस हालत में बरामद हुए हैं। इस संबंध में जेल के सहायक अधीक्षक गुरचरण सिंह की शिकायत पर थाना सिटी पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, जेल प्रशासन द्वारा समय-समय पर जेल परिसर और विभिन्न बैरकों की तलाशी ली जाती है। इसी क्रम में की गई सर्च के दौरान बैरकों से 9 मोबाइल फोन लावारिस हालत में पड़े मिले। इन मोबाइल फोनों का उपयोग करने वाले कैदियों या हवालातियों की पहचान फिलहाल नहीं हो सकी है। बता दें कि इस साल जनवरी व फरवरी माह के दौरान ही 75 से ज्यादा मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। पिछले माह 26 फरवरी को भी जेल प्रशासन द्वारा सर्च के दौरान 17 मोबाइल फोन लावारिस हालत में बरामद किए थे। जेल से चल रहा है नशे व हथियार का नेटवर्क जिला पुलिस द्वारा हाल ही के दिनों में नशे व अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार आरोपियों की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि फरीदकोट जेल में बंद अपराधियों की तरफ से यह नेटवर्क संचालित किया जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि जेल में बंद अपराधी मोबाइल फोन से ही सरहद पार से नशे व हथियार की सप्लाई मंगवा कर अपने साथियों की मदद से आगे पहुंचा रहे हैं। टेक्निकल सेल से करवाएंगे जांच- डीएसपी डीएसपी तरलोचन सिंह ने कहा कि बरामद मोबाइल फोनों की पुलिस द्वारा टेक्निकल सेल से जांच करवाई जाएगी और यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि इनका इस्तेमाल कौन कर रहा था। शिनाख्त होने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन के साथ साथ जिला पुलिस भी समय समय पर जेल की सर्च करती रहती है और सख्ती के चलते मोबाइल फोन पकड़े जा रहे हैं।
फतेहाबाद जिले के गांव गोरखपुर में अणु विद्युत परियोजना संयंत्र का निर्माण कर रही न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) की ओर से सीएसआर गतिविधियों के तहत इस वर्ष में 14 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च की जाएगी। इस बजट से स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल सुविधाओं को मजबूती दी जाएगी। सीएसआर प्लान के तहत अग्रोहा और गोरखपुर क्षेत्र में मोबाइल क्लिनिक शुरू किए जाएंगे। इन क्लिनिकों के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में लोगों को घर के नजदीक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। खासतौर पर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। 6 गांवों में बनेंगी लाइब्रेरी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 6 गांवों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त लाइब्रेरी का निर्माण कराया जाएगा। यहां विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं और सामान्य अध्ययन से जुड़ी किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा। गांव साबरवास, कुम्हारिया और गोरखपुर में फिरनी के रोड भी बनवाए जाएंगे। स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर होगा मजबूत गांव गोरखपुर के आसपास के गांवों के स्कूलों में आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा। कक्षाओं की मरम्मत, फर्नीचर, स्वच्छ पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। भूना में बनेगा फुटबॉल ग्राउंड खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए भूना में फुटबॉल ग्राउंड का निर्माण भी प्रस्तावित है। इससे क्षेत्र के युवाओं को अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर मंच मिलेगा। प्रशासनिक स्तर पर भी इन परियोजनाओं को जल्द धरातल पर उतारने की तैयारी शुरू कर दी गई है। साल 2014 से अब तक 87 करोड़ रुपए हो चुके खर्च सीएसआर डायरेक्टर अनिल कुमार जाखड़ ने बताया कि साल 2014 से अब तक सीएसआर के तहत 87 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। इस वर्ष भी कई प्रोजेक्ट सिरे चढ़ाएंगे। इसकी सारी रूपरेखा तैयार कर ली गई है।
पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने पेरेंट्स से अपील की है कि वे अपने बच्चों के मोबाइल फोन के उपयोग पर नियंत्रण रखें और जहां तक संभव हो, बच्चों को मोबाइल फोन से दूर रखें। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में मोबाइल फोन बच्चों के दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन इसका अत्यधिक उपयोग चिंता का विषय है। बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए अभिभावकों के लिए आवश्यक है कि वे बच्चों के स्क्रीन टाइम पर निगरानी रखें और संतुलन बनाए रखें। आंखों व मस्तिष्क पर प्रभाव मोबाइल फोन के दुष्प्रभावों का उल्लेख करते हुए स्पीकर संधवां ने कहा कि इसका अधिक उपयोग बच्चों की आंखों और मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। इससे नींद की कमी, पढ़ाई में एकाग्रता की कमी तथा व्यवहार में बदलाव जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। मोबाइल फोन का अत्यधिक उपयोग बच्चों को परिवार से दूर कर रहा है और वे आउटडोर खेलों में कम भाग ले रहे हैं, जिसके कारण उनकी शारीरिक गतिविधि घट रही है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। बच्चों को स्क्रीन टाइम सीमित करे स्पीकर संधवां ने जोर देकर कहा कि प्रत्येक माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों के स्क्रीन टाइम को सीमित करें और उन्हें किताबें पढ़ने, खेलकूद में भाग लेने तथा रचनात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करें। उन्होंने अंत में कहा कि आइए, हम सभी मिलकर अपने बच्चों के सुरक्षित, स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने का संकल्प लें।
छतरपुर पुलिस ने होली पर्व के मद्देनजर शहर में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। प्रमुख चौराहों, बाजार क्षेत्रों और संवेदनशील मोहल्लों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की हुड़दंग या अप्रिय घटना को रोकना है। पुलिस अधीक्षक अगम जैन के मुताबिक सुरक्षा व्यवस्था के तहत 12 मोबाइल पार्टियां गठित की गई हैं। ये टीमें शहर में लगातार गश्त कर रही हैं और भीड़भाड़ वाले इलाकों, प्रमुख मार्गों तथा संवेदनशील स्थानों पर कड़ी नजर रख रही हैं। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। गश्ती दलों को वायरलेस सेट और अन्य आवश्यक संसाधनों से लैस किया गया है। सड़क सुरक्षा को लेकर भी पुलिस सख्त है। वाहनों पर तीन सवारी बैठाने, बिना हेलमेट यात्रा करने और नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर चालानी कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। होली के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून हाथ में लेने वालों और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से शांति, सौहार्द और भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की है। साथ ही, अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया गया है। प्रशासन का मानना है कि आमजन के सहयोग से ही सुरक्षित और शांतिपूर्ण होली सुनिश्चित की जा सकती है।
सूरत में नकली साधु का खेल खत्म! मीठी बातों से फंसाकर नकद, मोबाइल और गहने उड़ाता था शातिर...
सूरत में क्राइम ब्रांच ने साधु के वेश में ठगी करने वाले शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी खुद को नागा साधु बताकर लोगों को मीठी बातों में फंसाता, उनसे नकद, मोबाइल और गहने लेता था। पुलिस ने उसकी ठगी का लाइव डेमो वीडियो भी जारी किया है।
फाजिल्का से आम आदमी पार्टी की पूर्व महिला जिलाध्यक्ष रही पूजा लूथरा सचदेवा को फेक कॉल आ रही है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के नंबर से व्हाट्सएप के जरिए उन्हें गलत मैसेज भेजे जा रहे हैं। उनके सभी कॉन्टेक्ट्स को हैक कर लिया गया है। जिन पर फोन कर उनके नाम से पैसे मांगे जा रहे हैं। हालांकि, उन्होनें इसकी शिकायत साइबर सेल में दर्ज करवाई गई है। पूजा लूथरा सचदेवा का कहना है कि फोन न उठाने पर उन्हें धमकियां भी दी जा रही है। कल सुबह से फेक कॉल आ रही जानकारी देते हुए महिला नेता मैडम पूजा लूथरा सचदेवा ने बताया कि कल सुबह से उन्हें फेक कॉल आ रही है, जिसका उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। फिर उन्हें व्हाट्सएप पर +92 नंबरों से मैसेज आने लगे। जब उन्होंने उसका भी जवाब नहीं दिया तो उनके सभी मोबाइल कॉन्टेक्ट्स हैक कर लिए गए। अब उनके जानकार रिश्तेदारों को कॉल की जा रही हैं और उनसे उनके नाम पर रुपयों की मांग की जा रही है। व्हाट्सएप पर गलत फोटो भेजने की बात कही उन्होंने बताया कि हाल ही में उनकी जानकार मैडम कुसुम को फोन आया और जिसमें कॉलर ने कहा कि मैडम पूजा लूथरा सचदेवा से उन्होंने 3500 रुपए लेने हैं, वो फोन नहीं उठा रहे और आप उन्हें पैसे भेज दें। अगर नहीं भेजे तो वह उन्हें व्हाट्सएप पर गलत फोटोज भेज देंगे, जिसके बाद उनका फोन उठाना बंद कर दिया गया है। परिजनों के नंबर भी कॉल कर रहे हालांकि, मैडम पूजा लूथरा सचदेवा ने कहा कि उन्हें भी पाकिस्तान के नंबर से व्हाट्सएप पर मैसेज किए जा रहे हैं। जिसमें उन्हें धमकियां दी जा रही है कि अगर उन्होंने उनका फोन नहीं उठाया तो फैमिली कॉन्टैक्ट्स पर फोन किए जाएंगे। वार्ड नंबर-21 से पार्षद भी हैं लूथरा ने बताया कि उन्हें न सिर्फ बार-बार फोन किया जाएगा बल्कि व्हाट्सएप पर गलत मैसेज और फोटोज भेजे जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि वह आम आदमी पार्टी से पूर्व महिला जिलाध्यक्ष रह चुकी हैं और वार्ड नंबर-21 से मौजूदा पार्षद भी हैं।
रायपुर नगर निगम के शहरी गरीबी उपशमन विभाग ने सभी निराश्रित पेंशनधारकों को बताया है कि वे अब घर बैठे अपने डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (डीएलसी) का सत्यापन कर सकते हैं। इसके लिए सिर्फ एक एंड्राइड मोबाइल की जरूरत होगी। अगर डीएलसी का सत्यापन नहीं कराया गया तो भविष्य में पेंशन मिलने में परेशानी हो सकती है, इसलिए समय रहते यह प्रक्रिया पूरी कर लें।। डीएलसी सत्यापन की आसान प्रक्रिया मोबाइल के प्ले स्टोर से बेनिफिसियरी वेरिफिकेशन ऐप डाउनलोड करें। ऐप खोलकर प्रोसीड ऑप्शन चुनें। अपना आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज कर आगे बढ़ें। इसके बाद Facerd ऐप डाउनलोड करने का मैसेज मिलेगा। फिर से प्ले स्टोर से Facerd ऐप डाउनलोड कर खुद का फेस स्कैन करें। इस प्रक्रिया के बाद आप डीएलसी सत्यापन के लिए पंजीकृत हो जाएंगे। सत्यापन की आगे की प्रक्रिया बेनिफिसियरी वेरिफिकेशन ऐप खोलें। सेंट्रल गवर्नमेंट ऑप्शन पर क्लिक करें। नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम ऑप्शन चुनें। बेनिफिसियरी वेरिफिकेशन ऑप्शन पर क्लिक करें। आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करें। चेक बॉक्स पर टिक करें। मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें। इसके बाद हितग्राही का फेस स्कैन करें। सिस्टम स्वतः डीएलसी सत्यापन पूरा कर देगा। पंजीकरण की स्थिति की जानकारी पहले से पंजीकृत हितग्राहियों को Already Registered का संदेश मिलेगा। छत्तीसगढ़ शासन के हितग्राहियों को Beneficiary Not Registered With This Scheme संदेश मिलेगा। ऐसे हितग्राहियों को तत्काल डीएलसी सत्यापन करने की आवश्यकता नहीं है। समस्या होने पर संपर्क करें किसी भी निराश्रित पेंशन हितग्राही को समस्या आने पर रायपुर नगर पालिक निगम मुख्यालय भवन महात्मा गांधी सदन में आकर संपर्क कर सकते हैं। सहायता के लिए नगर निगम उपायुक्त डॉ. अंजलि शर्मा, कक्ष क्रमांक 103 में कार्यरत कर्मचारी सुनीता चंद्राकर और उषा बघेल से मिलकर अपनी समस्या बता सकते हैं। समस्या का समाधान नियमानुसार किया जाएगा।
सीवान के सीवान ट्रैक्टर महिंद्रा शोरूम में मंगलवार को एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने न सिर्फ सर्विस सेंटर की कार्यशैली, बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। एक वाहन मालिक की शिकायत कवरेज के लिए पहुंचे मीडियाकर्मी के साथ अभद्रता, मोबाइल छीनने, और गेट बंद कर बंधक बनाने की कोशिश की घटना ने पूरे शहर में चर्चा छेड़ दी है। तीन महीने से सर्विस सेंटर में फंसी स्कॉर्पियो पीड़ित रजनीश कुमार सिंह ने अपनी स्कॉर्पियो (BR01JM8596) नवंबर 2025 में एक सड़क दुर्घटना के बाद शोरूम के सर्विस सेंटर में रिपेयरिंग के लिए जमा कराई थी। सर्विस सेंटर की ओर से दो महीने में पूरा काम करने का दावा किया गया था। लेकिन तीन महीने बीत गए मरम्मत अधूरी रही और हर बार टालमटोल जवाब दिया गया। रजनीश के अनुसार, कई बार पूछने पर उन्हें “अभी पार्ट्स नहीं आए हैं”, “कल तक हो जाएगा” जैसी बातें कही जाती रहीं। GPS ऑन होने पर खुला राज, गाड़ी सर्विस सेंटर से बाहर मिली सोमवार की शाम अचानक वाहन का GPS ऑन हुआ। लोकेशन देखकर मालिक चौंक गए। गाड़ी सर्विस सेंटर से बाहर निकलकर शहर से बाहर जाती दिख रही थी। जब रजनीश ने सर्विस सेंटर मैनेजर जावेद को फोन किया, तो पहले उन्होंने गाड़ी बाहर ले जाने से साफ इनकार कर दिया। लेकिन जब रजनीश ने GPS लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज का हवाला दिया, तब जावेद ने कहा सर्वेयर गाड़ी लेकर गया है। मंगलवार को हकीकत सामने आई: गाड़ी फिर दुर्घटनाग्रस्त अगले दिन जब वाहन मालिक स्वयं सर्विस सेंटर पहुंचे और गाड़ी देखी, तो वे स्तब्ध रह गए। स्कॉर्पियो का फ्रंट हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त था। डेंट, टूटा बंपर, और क्रश्ड बोनट देखकर साफ था कि गाड़ी के साथ नया हादसा हुआ। गाड़ी के अंदर पड़े खाली बोतलनुमा सामान और दुर्गंध से आशंका जताई गई कि शराब पीकर कार चलाई गई। जबकि बिहार में शराबबंदी लागू है। वाहन मालिक ने आरोप लगाया कि सर्विस सेंटर के स्टाफ ने नशे की हालत में मेरी गाड़ी चलाई और दुर्घटना कर दी। मीडिया कवरेज पर बिफरे शोरूम मालिक के बेटे और मैनेजर मामले की जानकारी मीडिया को दी गई। जब एक पत्रकार घटनास्थल पर पहुंचा, तो शोरूम मालिक के बेटे और मैनेजर जावेद का व्यवहार अचानक आक्रामक हो गया। पीड़ित पत्रकार के अनुसार पहले मोबाइल छीन लिया गया फिर मुख्य गेट बंद कर दिया गया। पत्रकार और वाहन मालिक को अंदर बंधक करने की कोशिश की गई। धमकी दी गई कि मार देंगे, बाहर बुला रहे हैं लोग, वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि कुछ लोग लोहे की रॉड और अन्य सामान निकालने की बात कर रहे हैं, जबकि कई लोग बीच-बचाव कर रहे थे। यह प्रेस की आजादी पर हमला है- पीड़ित घटना से आहत पत्रकार ने कहा हम सिर्फ एक शिकायत की हकीकत दिखाने गए थे। जिस तरह से मोबाइल छीना और गेट बंद कर हमें घेरा गया, यह लोकतंत्र और प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। वाहन मालिक रजनीश ने भी कहा मेरी गाड़ी की तोड़फोड़ की गई और पूछने पर उल्टा पत्रकार पर हमला कर दिया गया। यह गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जा सकती। दोनों पक्षों की शिकायत पर FIR दर्ज घटना के बाद दोनों पक्ष नगर थाना पहुंचे और आवेदन दिया। नगर थाना प्रभारी अविनाश कुमार ने बताया आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो की जांच की जा रही है। जांच के बाद दोषियों पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बताया कि शोरूम परिसर में लगे कैमरे के फुटेज भी जांच के दायरे में हैं। ग्राहकों के वाहन की सुरक्षा पर उठे सवाल यह घटना सर्विस सेंटर की लापरवाही को उजागर करती है। सवाल उठ रहे हैं ग्राहक की गाड़ी सेंटर में रहते हुए बाहर क्यों गई? शराबबंदी के बावजूद वाहन का उपयोग कैसे हुआ? दुर्घटना होने पर इसे छुपाने की कोशिश क्यों की गई? स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब सर्विस सेंटरों पर ग्राहकों की गाड़ियों के दुरुपयोग के आरोप लगे हों। अगर पत्रकार सुरक्षित नहीं, तो आम आदमी का क्या? घटना के बाद शहर में चर्चा तेज है। लोग कह रहे हैं अगर खबर दिखाने गए पत्रकार के साथ यह हो सकता है, तो आम आदमी के साथ क्या होगा? इस घटना ने न केवल सर्विस सेंटर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं, बल्कि यह भी बताया है कि सच उजागर करने वालों को कैसी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
कटिहार में 3 फीट गड्ढे में गिरी बाइट:दो युवक को लगी चोट; मोबाइल बंद मिला, जेब से इंच गेज बरामद
होली से ठीक पहले कटिहार जिले में मंगलवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। मनिहारी-कटिहार मुख्य सड़क पर नवाबगंज के पास बोचाही मोड़ पर बाइक अनियंत्रित होकर गड्ढे में जा गिरी, जिसमें दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों की हालत नाजुक बताई जा रही है। सड़क किनारे गड्ढे में मिली बाइक देर रात स्थानीय लोगों ने सड़क किनारे गहरे गड्ढे में बाइक को गिरा हुआ देखा। पास ही दोनों युवक घायल अवस्था में पड़े मिले। उनके सिर और मुंह पर गहरी चोटें थीं।घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास के लोग भी पहले यह समझ नहीं पाए कि बाइक मनिहारी की ओर से आ रही थी या कटिहार की ओर से जा रही थी। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, बोचाही मोड़ तेज गति वाले वाहनों के लिए पहले से ही खतरनाक माना जाता है, और यहां हादसे अक्सर होते रहते हैं। राहगीर ने दिखाई मानवता, दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया इसी दौरान नारायणपुर से गुजर रहे एक युवक ने सड़क किनारे घायल पड़े युवकों को देखा। उसने तुरंत स्थानीय लोगों को आवाज लगाई और उनकी मदद से दोनों को मनिहारी अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में तैनात चिकित्सक डॉ. खुर्शीद आलम ने प्राथमिक उपचार के बाद बताया कि दोनों की स्थिति गंभीर है। सिर और चेहरे पर गहरी चोट को देखते हुए उन्हें तत्काल कटिहार सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। घायलों की पहचान राजा और नितेश जांच के दौरान घायलों में से एक की पहचान राजा, पिता प्रकाश ऋषि, निवासी नारायणपुर, के रूप में हुई। दूसरे घायल युवक का नाम नितेश बताया जा रहा है। दोनों की उम्र लगभग 25–27 वर्ष के बीच है। पुलिस ने राजा के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। जैसे ही जानकारी मिली, परिजन कटिहार के लिए रवाना हो गए। मोबाइल बंद मिला, जेब से इंच गेज बरामद मिस्त्री होने की आशंका पुलिस को एक युवक की जेब से एक मोबाइल फोन मिला, जो बैटरी डिस्चार्ज होने के कारण बंद था। दूसरे युवक की जेब से इंच गेज बरामद किया गया, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि वह मिस्त्री का काम करता होगा। हालांकि पुलिस अभी इसकी पुष्टि नहीं कर पाई है। मौके पर पहुंची पुलिस, जांच शुरू घटना की सूचना मिलते ही मनिहारी थानाध्यक्ष पंकज आनंद दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ सब-इंस्पेक्टर अंजनी कुमार, सब-इंस्पेक्टर नीरज कुमार, पीएसआई अमित कुमार, एएसआई विजय शर्मा एवं अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। पुलिस टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की और बाइक को कब्जे में लिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बाइक किस दिशा से आ रही थी। स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है। बोचाही मोड़ पर अक्सर होते हैं हादसे स्थानीय लोगों का कहना है कि बोचाही मोड़ सड़क पर एक खतरनाक मोड़ है, जहां तेज रफ्तार, रात में कम रोशनी और सड़क किनारे गहरे गड्ढे की वजह से अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से कई बार यहां स्ट्रीट लाइट लगाने और मोड़ को चौड़ा करने की मांग की है, ताकि हादसे रोके जा सकें। परिजनों में चिंता, इलाके में दहशत घटना की जानकारी मिलते ही नारायणपुर और आसपास के इलाकों में खबर फैल गई। दोनों घायलों के परिजनों में रोना-धोना शुरू हो गया। कई ग्रामीण कटिहार सदर अस्पताल के लिए निकल पड़े हैं। गांव में होली की खुशी पर भी इस हादसे की वजह से माहौल बोझिल हो गया है। पुलिस की अपील, तेज रफ्तार से बचें थानाध्यक्ष पंकज आनंद ने लोगों से अपील की कि त्योहारों के समय सड़क पर भीड़ और आवाजाही बढ़ जाती है, इसलिए तेज गति से वाहन न चलाएं। उन्होंने कहा, एक छोटी सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है। बोचाही मोड़ पहले से ही संवेदनशील पॉइंट है। लोग सावधानी बरतें।
मधुबनी जिले के नरहिया थाना क्षेत्र में एक शिक्षक से बाइक लूटने वाले पांच अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने 72 घंटे के भीतर इस लूटकांड का खुलासा करते हुए अवैध हथियार, जिंदा कारतूस, लूटी गई बाइक और अन्य सामान बरामद किए हैं। मधुबनी एसपी योगेंद्र कुमार ने मंगलवार शाम बताया कि 1 मार्च की सुबह नरहिया थाना क्षेत्र में एक शिक्षक अपनी बाइक पर जा रहे थे। तभी एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात अपराधियों ने हथियार के बल पर उनकी बाइक लूट ली थी। शिक्षक ने 2 मार्च को नरहिया थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। घटनास्थल का मुआयना कर केस किया दर्ज सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निर्लेश कुमार सिंह ने घटनास्थल का मुआयना किया और संबंधित धाराओं के तहत कांड संख्या 14/26 दर्ज किया। एसपी ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए फुलपरास एसडीपीओ अमित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आसूचना संकलन के आधार पर फुलपरास थाना के मुरली गांव से पांच संदिग्धों को पकड़ा। पूछताछ में सभी अभियुक्तों ने लूट की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। मोटरसाइकिल सहित अन्य सामान बरामद उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त अवैध हथियार, लूटी गई मोटरसाइकिल सहित अन्य सामान बरामद किए गए। बरामद वस्तुओं में एक देशी कट्टा, एक जिंदा कारतूस, दो मोटरसाइकिल और चार मोबाइल फोन शामिल हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान सूरज चौपाल, चितरंजन कुमार यादव, मिथिलेश कुमार चौपाल (सभी ग्राम मुरली) तथा अभिषेक चौपाल और सत्तू चौपाल (दोनों ग्राम मेनहा, थाना फुलपरास, जिला मधुबनी) के रूप में हुई है। सभी आरोपियों को मंगलवार शाम न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस उनके खिलाफ विधि सम्मत अग्रिम कार्रवाई कर रही है। एसपी मधुबनी ने टीम को बधाई देते हुए अपराधियों को चेतावनी दी कि अपराध की किसी भी घटना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फुलपरास अनुमंडल में पुलिस सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
होली खेलकर लौट रहे मोबाइल शोरूम संचालक की मौत:ट्रक ने मेगा हाईवे पर रतनगढ़ के पास कार को मारी टक्कर
चूरू जिले के रतनगढ़ थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में मोबाइल शोरूम संचालक की मौत हो गई। होली खेलकर गांव लौट रहे युवक की कार को मेगा हाईवे पर एक ट्रक ने टक्कर मार दी, जिससे कार पलट गई। हादसे के बाद कार सवार युवक को निजी वाहन से जालान अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। टक्कर के बाद कार सड़क पर कई बार पलटीपुलिस की जांच में सामने आया कि सुजानगढ़ तहसील के गांव रणधीसर निवासी 29 वर्षीय दिनेश सिंह राजपुरोहित अपनी कार से रतनगढ़ से गांव लौट रहे थे। मेगा हाईवे पर पड़िहारा से आगे और रणधीसर रेलवे फाटक से पहले एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार सड़क पर कई बार पलट गई। गांव में पसरा मातमदिनेश सिंह रतनगढ़ के मुख्य बाजार में एक मोबाइल शोरूम का संचालन करते थे। उनकी मौत की सूचना से व्यापारियों और गांव में दुख का माहौल है।घटना की सूचना मृतक के भाई दिलीप सिंह पुत्र भागीरथ सिंह ने पुलिस को दी। रतनगढ़ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया और यातायात सुचारु किया। थानाधिकारी ने बताया कि इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
सतना पुलिस ने 14 फरवरी को कोलगवां थाना क्षेत्र के नवरंग पार्क के पास एक युवती से मोबाइल छीनने का प्रयास करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को मंगलवार को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान चंदू कोल पिता दुक्की कोल, निवासी बढ़इया टोला के रूप में हुई है। यह घटना 14 फरवरी की रात करीब 9:30 बजे हुई थी। युवती बाजार से अपने घर बांधवगढ़ कॉलोनी जा रही थी, तभी आरोपी ने उसे अकेला पाकर मोबाइल छीनने की कोशिश की। युवती के शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी घटनायह पूरी घटना पास के एक घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। युवती ने घर जाकर अपने भाई को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद भाई ने अगले दिन सीसीटीवी फुटेज के साथ कोलगवां थाना में शिकायत दर्ज कराई। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान की और उसकी तलाश कर रही थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
जमुई के टाउन थाना क्षेत्र अंतर्गत नारडीह के पास सड़क किनारे जड़ी-बूटी बेचने वाले दो भाइयों को मंगलवार को कुछ लोगों ने बेरहमी से पीट दिया। घटना की सूचना मिलते ही टाउन थाना पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों घायल भाइयों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया। घायल भाइयों की पहचान उत्तर प्रदेश के चित्रकूट निवासी मंगल सिंह और सूरज सिंह के रूप में हुई है। बताया जाता है कि ये दोनों भाई कई वर्षों से नारडीह के पास अस्थायी झोपड़ी बनाकर जड़ी-बूटी बेचकर अपना जीवन यापन करते हैं। मोबाइल को लेकर चाय दुकानदार से विवाद घायलों के अनुसार, वे पास की एक चाय दुकान पर अपना एंड्रॉयड मोबाइल फोन चार्ज किया करते थे, जिसके लिए दुकानदार 10 रुपए लेता था। मंगलवार को भी उन्होंने अपना मोबाइल चार्ज करने के लिए दिया था। बाद में जब वे मोबाइल लेने पहुंचे तो दुकानदार ने मोबाइल नहीं होने की बात कही। इस पर दोनों भाइयों ने कहा कि जब चार्जिंग का पैसा लिया जाता है तो मोबाइल की जिम्मेदारी भी बनती है। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और आधा दर्जन से अधिक लोगों ने दोनों भाइयों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस मारपीट में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। फिलहाल, उनका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। लिखित शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई टाउन थाना अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार ने बताया कि अभी तक इस संबंध में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है।
पीएमसीएच में कार्यरत और पढ़ रहे 25-30 जूनियर डॉक्टर्स के खिलाफ पटना के पीरबहोर थाने में केस रजिस्टर्ड हुआ है। इन सभी पर नशे में मारपीट करने और मोबाइल, ट्रॉली बैग छीनने का आरोप पेशेंट ने लगाए हैं। दरअसल मधुबनी के रहने वाले राहुल कुमार मिश्राक(31) ट्रेन से सफर कर रहे थे। इसी दौरान अथमलगोला के पास बीते 2 मार्च को उनके साथ मारपीट की घटना हुई थी। इस घटना में राहुल और उनके भाई सोनू घायल हो गए। उनका प्रारंभिक इलाज बाढ़ अनुमंडल के अस्पताल में कराया गया। इसके बाद डॉक्टर ने बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर कर दिया। राहुल ने बताया कि 3 मार्च को 11:15 बजे सुबह में PMCH आए। सर्जरी डिपार्टमेंट के डॉक्टर के द्वारा सीटी स्कैन बाहर से करने के लिए कहा गया। मैं इस पर कहा कि पुर्जा पर लिखकर दे दीजिए, यहां नहीं होगा। तो फिर मैं बाहर से करा लूंगा। इसी को लेकर बहस होने लगी। इस बात से डॉक्टर्स और गार्ड इतने गुस्से में आ गए कि मुझे, मेरी मां, मेरे भाई के साथ मारपीट शुरू कर दी। गालियां देने लगें। जैसे तैसे हम लोग वहां से निकलकर बाहर जान बचाकर भाग रहे थे। इसी बीच मरीन ड्राइव की ओर बाहर निकलने वाले रास्ते के पास PMCH कैंपस में तीनों भाइयों को गार्ड और 25 से 30 जूनियर डॉक्टर्स ने घेर लिया और बुरी तरह से मारने पीटने लगे। नशे में थे सभी राहुल मिश्रा ने पुलिस को बताया है कि सभी डॉक्टर्स नशे में थे। मारपीट करने के साथ ट्रॉली बैग मोबाइल फोन छीन लिए। ट्रॉली बैग में कपड़े के अलावा बेशकीमती कीमती सामान भी थे। इंजरी के लिए काटनी पड़ी चक्कर इस मारपीट की घटना के बाद इंजरी के लिए पीड़ितों को अस्पताल की चक्कर लगानी पड़ी। सबसे पहले पीड़ित इलाज करने के लिए गार्डनर अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टर ने इंजरी देने से इनकार कर दिया। इसके बाद तीनों भाई पर्ची लेकर सदर अस्पताल गर्दनीबाग गए। तकरीबन 2 घंटे तक भटकते रहे। मजबूरन पटना के एक निजी अस्पताल में ट्रीटमेंट करना पड़ा। पीरबहोर के थानेदार सज्जाद गद्दी ने बताया कि 25 से 30 अज्ञात डॉक्टर्स के खिलाफ प्राथमिक की दर्ज हुई है। इसमें हॉस्टल में रह रहे जूनियर डॉक्टर्स और इलाज कर रहे डॉक्टर्स हैं। छानबीन के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज निकालना गई थी पुलिस पुलिस इस घटना का सीसीटीवी फुटेज निकालना गई थी। लेकिन होली के चलते दफ्तर बंद थे। जिसके चलते सीसीटीवी फुटेज नहीं निकल पाया। पुलिस का कहना है कि दफ्तर खुलने के साथ ही सीसीटीवी फुटेज निकाल कर सुरक्षित कर लिया जायेगा।
रश्मि की उम्र सिर्फ 23 साल थी, जब उसने अपने से छह साल बड़े 29 वर्षीय अभिनव से शादी की। दोनों की मुलाकात नौकरी के शुरुआती दिनों में ऑफिस की एक प्रेजेंटेशन के दौरान हुई थी। कॉफी ब्रेक में शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे लंच डेट्स और देर रात तक चलने वाली चैट्स में बदल गई। दो साल में दोस्ती ने प्रेम और फिर शादी का रूप ले लिया। शुरुआत में दोनों घंटों बात करते थे। रश्मि अपने सपनों और यात्राओं की लंबी सूची साझा करती, तो अभिनव भविष्य की योजनाएं बनाता। शादी के कुछ महीनों बाद दिनचर्या बदलने लगी। ऑफिस से लौटकर साथ चाय पीने की जगह दोनों अपने-अपने मोबाइल में खो जाते। डाइनिंग टेबल पर खाना ठंडा हो जाता, पर रील्स खत्म नहीं होतीं। धीरे-धीरे बातचीत कम होती गई और छोटी-छोटी बातों पर तकरार बढ़ने लगी। “तुम सुनते नहीं” और “तुम समझती नहीं” जैसे वाक्य रोजमर्रा का हिस्सा बन गए। हालात यहां तक पहुंच गए कि तलाक की चर्चा होने लगी। काउंसलिंग के दौरान पता चला कि रोजाना तीन-चार घंटे का स्क्रीन टाइम ही दूरी की असली वजह था। तय समय में ही सोशल मीडिया इस्तेमाल करने और आपसी संवाद बढ़ाने के नियम के साथ रिश्ते में फिर से गर्माहट लौट आई और संबंध संभल गया। यह कहानी सिर्फ रश्मि और अभिनव की नहीं है, बल्कि काउंसलिंग के लिए पहुंचने वाले हर पांच में से दो दंपतियों की है। मोबाइल पर रील देखना और बनाना आज की लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसकी बढ़ती लत अब परिवारों पर भारी पड़ने लगी है। कोरोना के बाद यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। पति-पत्नी के बीच संवाद घट रहा है और स्क्रीन टाइम बढ़ता जा रहा है। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में आने वाले दंपती विवादों और तनाव के मामलों में सोशल मीडिया, खासकर रील्स, एक बड़ी वजह बनकर सामने आई है। साल 2024-26 में ऐसे 1250 मामले दर्ज होना चिंताजनक संकेत है। हर साल के साथ बढ़ रहे विवादमनोचिकित्सकों के अनुसार, पांच दंपती विवाद मामलों में से दो सीधे तौर पर सोशल मीडिया से जुड़े होते हैं। पति-पत्नी के बीच झगड़े की वजह अक्सर यह होती है कि एक-दूसरे को समय देने के बजाय मोबाइल पर घंटों रील देखना या बनाना प्राथमिकता बन गया है। साल 2024-25 और 2025-26 में सरकारी अस्पतालों में कुल 1250 दंपती विवाद के मामले दर्ज हुए। इनमें बड़ी संख्या ऐसे मामलों की है, जहां सोशल मीडिया ने रिश्तों में दूरी बढ़ाई। घर के काम और कपल्स के बीच संवाद प्रभावित डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी के अनुसार, कई मामलों में देखा गया है कि महिलाएं या पुरुष रील बनाने और देखने में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि घर के जरूरी काम और पारिवारिक जिम्मेदारियां प्रभावित होने लगती हैं। पति-पत्नी दोनों मोबाइल पर व्यस्त रहते हैं, जिससे बच्चों को समय नहीं मिल पाता। रिश्तों को समय और संवाद की जरूरत होती है। यदि पति-पत्नी एक ही घर में रहकर भी स्क्रीन के जरिए अलग-अलग दुनिया में खोए रहें, तो दूरी बढ़ना स्वाभाविक है। 24 घंटे में अधिकतम एक घंटे का सोशल मीडिया समय तय करना चाहिए। पांच साल से दिख रहा यह ट्रेंडक्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. राहुल शर्मा बताते हैं कि पिछले पांच वर्षों में ऐसे मामलों में लगातार इजाफा हुआ है। पहले जहां मोबाइल का उपयोग सीमित था, वहीं अब यह दिनचर्या का प्रमुख हिस्सा बन गया है। औसतन शहरी दंपती प्रतिदिन 3 से 5 घंटे मोबाइल पर बिताते हैं। इसमें रील्स और शॉर्ट वीडियो का समय सबसे अधिक है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया की तुलना, लाइक्स और कमेंट्स की चाह भी तनाव बढ़ाने में भूमिका निभाती है। कई बार एक साथी दूसरे की ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर असुरक्षित महसूस करने लगता है। मोबाइल एडिक्शन और मनोवैज्ञानिक प्रभावविशेषज्ञों के अनुसार मोबाइल एडिक्शन से ध्यान भंग, चिड़चिड़ापन, नींद की कमी और भावनात्मक दूरी बढ़ती है। जब व्यक्ति वर्चुअल दुनिया में ज्यादा समय बिताता है, तो वास्तविक रिश्तों में उसकी भागीदारी कम हो जाती है। इससे साथी को उपेक्षा का अहसास होता है, जो धीरे-धीरे विवाद का कारण बनता है। सोशल मीडिया पर दूसरों की परफेक्ट लाइफ देखकर तुलना की भावना भी तनाव बढ़ाती है। इससे असंतोष और असुरक्षा की भावना जन्म लेती है। काउंसलिंग प्रक्रिया से मिल रही मददकाउंसलिंग में पहले पति-पत्नी से अलग-अलग बातचीत कर समस्या को समझा जाता है। फिर संयुक्त सत्र में संवाद की कमी, गलतफहमियों और स्क्रीन टाइम की आदत पर चर्चा की जाती है। औसतन 4 से 6 सेशन में सुधार दिखने लगता है। गंभीर मामलों में तीन से चार महीने तक काउंसलिंग चलती है। जरूरत पड़ने पर व्यवहार थेरेपी और समय प्रबंधन तकनीक भी सिखाई जाती है। रिश्ते बचाने के 5 उपाय ये खबर भी पढ़ें… पति बोला- रील बनाने रोज शॉपिंग करती है पत्नी भोपाल के कुटुंब न्यायालय (फैमिली कोर्ट) ने 28 नवंबर को एक पति-पत्नी को आपसी रजामंदी से तलाक दे दिया। उनकी शादी 12 साल पहले हुई थी और दोनों का एक बेटा भी है। तलाक की वजह बनी सोशल मीडिया रील्स। पति को पत्नी का सोशल मीडिया पर रील्स बनाना पसंद नहीं था तो पत्नी इससे होने वाली कमाई को गंवाना नहीं चाहती थी।पूरी खबर पढ़ें
बिहार में शराबबंदी के दावों के बीच बेगूसराय से एक तस्वीर सामने आई है। होली से ठीक पहले वीरपुर थाना क्षेत्र के नौला चौक पर आज एक बाइक सवार शराब तस्कर के बोरे से दर्जनों अंग्रेजी शराब की बोतलें बीच सड़क पर गिर गई। कुछ बोतलें टूट गई, लेकिन, कुछ बची बोतलों को लूटने की लोगों के बीच होड़ मच गई। शराब तस्कर अपना मोबाइल छोड़ कर मौके से भाग निकला है। सड़क पर बोतलें गिरते ही वहां मौजूद लोगों में उसे उठाने की होड़ मच गई, जिससे कुछ देर के लिए यातायात बाधित हो गया। मौके पर हंगामा खड़ा हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाइक सवार एक युवक काफी तेज गति से नौला चौक की ओर आ रहा था। बाइक के पीछे एक बड़ा बोरा बंधा हुआ था। चौक के पास अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण बाइक अनियंत्रित हो गई। इसी दौरान बोरे का मुंह खुल गया और उसमें रखी रॉयल स्टैग ब्रांड की अंग्रेजी शराब की बोतलें एक-एक कर सड़क पर गिरने लगीं। मुख्य सड़क होने के कारण देखते ही देखते कई बोतलें गुजरते वाहनों के पहियों के नीचे आकर चकनाचूर हो गई। वहीं जो बोतलें सुरक्षित रही, उसे उठाने के लिए आस-पास के लोग झपट पड़े। इधर, तस्कर को अहसास हुआ कि उसकी खेप सड़क पर बिखर चुकी है और भीड़ जमा हो रही है। जिसके बाद पकड़े जाने के डर से वह बाइक सहित मौके से फरार हो गया। इस दौरान हड़बड़ी में उसका मोबाइल फोन घटनास्थल पर ही गिर गया। घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में चर्चा है कि जब मुख्य चौक-चौराहों पर पुलिस की गिश्त का दावा किया जाता है, तो इतनी बड़ी मात्रा में शराब लेकर तस्कर बेखौफ कैसे घूम रहे हैं। घटना साबित करती है कि बेगूसराय में शराब की होम डिलीवरी और तस्करी का सिंडिकेट मजबूती से काम कर रहा है। घटनास्थल से तस्कर का मोबाइल फोन जब्त घटना की सूचना मिलते ही नौला पुलिस पिकेट प्रभारी संजय कुमार सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से तस्कर का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। पुलिस ने सड़क पर बिखरे कांच के टुकड़ों और बची हुई बोतलों को कब्जे में लेकर रास्ता साफ कराया। CCTV में पूरी वारदात कैद हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नौला चौक पर लगे सीसीटीवी कैमरों में यह पूरी घटना कैद हो गई है। फुटेज में तस्कर का चेहरा और मोटरसाइकिल का नंबर स्पष्ट दिखने की उम्मीद है। वीरपुर थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है। जब्त मोबाइल फोन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तस्कर की पहचान की कर उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
ग्वालियर के थाटीपुर क्षेत्र में वॉट्सऐप पर भेजी गई एपीके फाइल खोलते ही युवक के बैंक खाते से 2.12 लाख रुपए निकाल लिए गए। घटना 27 फरवरी की तृप्ति नगर की है। पुलिस ने 3 मार्च को मामला दर्ज किया। फरियादी शशांक गुप्ता, पुत्र संतोष गुप्ता निजी कंपनी में कर्मचारी हैं। उनके वॉट्सऐप पर अनजान नंबर से ‘RTO ई-चालान कॉपी’ नाम की एपीके फाइल आई थी। फाइल खोलते ही मोबाइल हुआ हैंग शशांक ने ई-चालान समझकर फाइल खोल दी। इसके बाद मोबाइल 7-8 मिनट तक हैंग रहा। बाद में मोबाइल सामान्य हो गया। उस समय उन्हें किसी गड़बड़ी का अंदेशा नहीं हुआ। करीब एक घंटे बाद उनके मोबाइल पर मैसेज आया कि कैनरा बैंक खाते से 89 हजार, 60 हजार और 63 हजार रुपए ट्रांसफर हुए हैं। कुल 2 लाख 12 हजार रुपए निकाले गए। शशांक तुरंत बैंक पहुंचे। वहां उन्हें साइबर ठगी की जानकारी मिली। 1930 पर शिकायत के बाद केस दर्ज पहले थाने में सुनवाई नहीं होने पर शशांक ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की। इसके बाद थाटीपुर थाना पुलिस ने ई-जीरो एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने बताया- मोबाइल में डाला गया मैलवेयर थाटीपुर थाना पुलिस के अनुसार ठगों ने एपीके फाइल के जरिए मोबाइल में मैलवेयर इंस्टॉल कर दिया। इसी के माध्यम से बैंक खाते से रकम ट्रांसफर की गई। पुलिस और साइबर विशेषज्ञों ने अपील की है कि वॉट्सऐप या एसएमएस पर आने वाली किसी भी एपीके फाइल को न खोलें। आरटीओ चालान की जानकारी केवल सरकारी वेबसाइट या अधिकृत ऐप से ही जांचें।
जालंधर में मोबाइल की दुकान में घुसी बोलेरो:महिला और दो बच्चे बाल-बाल बचे, आरोपी ड्राइवर मौके से फरार
जालंधर के सुंदर नगर में सोमवार देर रात एक अनियंत्रित बोलेरो गाड़ी एक दुकान में जा घुसी। हादसे के वक्त दुकान के अंदर एक महिला अपने दो बच्चों के साथ मौजूद थी। गनीमत रही कि इस घटना में किसी को कोई गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन दुकान का सारा सामान क्षतिग्रस्त हो गया। यह घटना नूरपुर कॉलोनी के पास सुंदर नगर स्थित शिवम मोबाइल वर्ल्ड नामक दुकान में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बोलेरो गाड़ी तेज रफ्तार में थी और अनियंत्रित होकर सीधे दुकान में घुस गई। दुकान के अंदर बैठी महिला को हल्की चोटें आईं और उनका सामान टूट गया। हादसे के बाद ड्राइवर मौके से फरारहादसे के बाद ड्राइवर मौके से फरार हो गया। स्थानीय निवासियों ने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी, जिसके बाद थाना आठ के जांच अधिकारी निर्मल सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने बोलेरो गाड़ी को कब्जे में ले लिया है।ड्राइवर दवा ले रहा था, क्लीनर ने चला दी गाड़ीहरगोविंद नगर निवासी जसवीर सिंह ने बताया कि वह पिछले 3-4 दिनों से बीमार थे। उन्होंने दवाई लेने के लिए गाड़ी रोकी थी। इस दौरान पीछे से एक और कार आ गई। उसे पास देने के चलते क्लीनर सीट पर बैठा उनका साथी गाड़ी को हटाने लगा। ब्रेक की जगह रेस पर पैर रखे जाने से गाड़ी अनियंत्रित हो गई और दुकान में घुस गई। ASI बोले-परिवार के बयान दर्ज एएसआई निर्मल सिंह ने बताया कि उन्हें पीसीआर टीम से सूचना मिली थी। उन्होंने कहा कि पुलिस परिवार के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। इसके साथ ही भागे हुए ड्राइवर की भी तलाश की जा रही है। अभी परिवार के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
मध्य प्रदेश में होली के त्योहार के चलते बड़ी संख्या में लोग यात्रा कर रहे हैं। इसका फायदा उठाकर बस ऑपरेटर्स यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। ऑनलाइन बस बुकिंग ऐप्स पर भोपाल से लखनऊ के लिए किराया 8,899 रुपए तक है। यह सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक है। त्योहार के समय घर पहुंचने की मजबूरी में यात्रियों के पास सीमित विकल्प होते हैं। इसी का फायदा उठाते हुए किराए में भारी बढ़ोतरी कर दी है। आमतौर पर भोपाल से सतना का सामान्य किराया 1,000 से 1,200 रुपए के बीच रहता है, लेकिन अब रेड बस के ऐप पर किराया 4,500 रुपए है। यानी किराया करीब चार गुना तक बढ़ा दिया है। इसी तरह, भोपाल से रीवा जाने वाली सुनील टूर एंड ट्रैवल्स की बस में अधिकतम किराया 6,000 रुपए तक है। देव हाई स्पीड ट्रैवल्स में 4,500 रुपए और अजुमन ट्रैवल्स में 5,000 रुपए तक किराया वसूला जा रहा है। जबकि सामान्य दिनों में यही सफर 900 से 1,200 रुपए में पूरा हो जाता है। खास बात यह है कि एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस अफसरों को निर्धारित किराये की अवैध वसूली रोकने के निर्देश दिए थे। भोपाल से मुंबई 6006, लखनऊ 8899 भोपाल से मुंबई के लिए रतन टूर एंड ट्रैवल्स द्वारा 6006 रुपए तक किराया दर्शाया है, जबकि आम दिनों में यही टिकट 1400 से 1700 रुपए में मिल जाता है। भोपाल से लखनऊ के लिए बेटवंटी ट्रेवल्स में किराया 8899 रुपए तक पहुंच गया है, जो सामान्य 1400 से 1800 रुपए की तुलना में कई गुना अधिक है। विभाग के पास ऐप किरायों पर सीधा नियंत्रण नहीं सबसे अहम बात यह है कि ऑनलाइन बस बुकिंग ऐप्स पर प्रदर्शित किरायों पर परिवहन विभाग का सीधा नियंत्रण नहीं है। किराया तय करने का अधिकार संबंधित बस ऑपरेटर के पास होता है और ऐप्स उसी तय दर को अपने प्लेटफॉर्म पर दिखाते हैं। ऐसे में त्योहारों के दौरान जैसे ही मांग बढ़ती है, किराया मनचाहे स्तर तक पहुंच जाता है। हालांकि, भोपाल आरटीओ के आरटीओ जितेंद्र शर्मा का कहना है कि यदि किसी यात्री को किराए से संबंधित कोई शिकायत है, तो वह सीधे आरटीओ कार्यालय में संपर्क कर सकता है। एसोसिएशन ने कहा- इन गाड़ियों पर कोई नियंत्रण नहीं मध्य प्रदेश बस ओनर्स एसोसिएशन के महामंत्री जय कुमार जैन का कहना है कि जो बसें स्टेज कैरिज के रूप में चलाई जा रही हैं वह किसी तरह की किराए में अनियमिता नहीं कर रही हैं। जो गाड़ियां ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट लेकर अवैध रूप से स्टेज कैरिज के रूप में इस्तेमाल की जा रही हैं, वे ही ज्यादा किराया लेकर यात्रियों का शोषण कर रही है। इन गाड़ियों पर कोई नियंत्रण नहीं है। मुख्यमंत्री ने दिए थे अफसरों को निर्देश खास बात यह है कि रविवार को ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस अधीक्षकों और आईजी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कहा था कि त्योहारों के चलते अधिक संख्या में यात्रियों के आवागमन के कारण बस ऑपरेटर्स द्वारा यात्रियों से अधिक किराया वसूल करने की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसी घटनाओं पर रोक लगाएं। त्यौहारों के दौरान विशेष संवेदनशीलता का परिचय दिया जाना चाहिए। यह खबर भी पढ़ें… CM बोले-कानून व्यवस्था से कोई कंप्रोमाइज न करें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी पुलिस अधीक्षकों और आईजी से कहा है कि कानून व्यवस्था के मामले में किसी तरह की कोई कंप्रोमाइज न करें।सभी मैदानी अफसरों, पुलिस अधिकारियों से कहा है कि होली के साथ-साथ आने वाले त्यौहारों, परीक्षा का समय आदि के दौरान पुलिस डटकर ड्यूटी करे। सभी प्रकार से चुनौतियों के साथ सामंजस्य बैठाते हुए कानून-व्यवस्था के मामले में समझौता न करें। पूरी खबर पढ़े...
70 मोबाइल व 9 बाइक लौटाकर एसपी ने लोगों का जीता दिल
भास्कर न्यूज | गोपालगंज होली के ठीक एक दिन पहले जिले की पुलिस ने ऐसा काम किया, जिससे सैकड़ों परिवारों के चेहरे पर खोई मुस्कान वापस ला दी। पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी के नेतृत्व में चलाए गए ऑपरेशन मुस्कान के तहत गुम व चोरी हुए 70 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए, वहीं 9 चोरी की मोटरसाइकिल भी जब्त कर विधिवत सुपुर्द की गईं। शहर के पोस्ट ऑफिस चौक पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में एसपी ने स्वयं उपस्थित होकर लाभुकों को उनके मोबाइल और बाइक की चाबी सौंपी। इस दौरान पुलिस की ओर से सभी बाइक मालिकों को एक-एक हेलमेट उपहार स्वरूप दिया गया, ताकि सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़े। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बरामदगी के बाद प्रत्येक मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। सत्यापन, दस्तावेज जांच और पहचान सुनिश्चित करने के बाद ही सार्वजनिक रूप से सामान लौटाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने तालियों की गड़गड़ाहट से पुलिस की इस पहल का स्वागत किया। मोबाइल और बाइक प्राप्त करने वाले लोगों ने कहा कि आमतौर पर चोरी या गुम हुए सामान की वापसी की उम्मीद कम ही रहती है। कई बार थाने के चक्कर लगाने पड़ते हैं और आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ता है। लेकिन इस बार पुलिस ने खुद घर से बुलाकर, पूरी पारदर्शिता के साथ सामान लौटाया। लोगों ने खुलकर कहा कि अगर प्रदेश में ऐसे ईमानदार और सक्रिय पुलिस पदाधिकारी हों, तो आम नागरिकों की परेशानियां काफी हद तक कम हो जाएं।इस मौके पर एसपी विनय तिवारी ने कहा कि पुलिस सेवा में आने के साथ ही ईमानदारी और निष्ठा से काम करने का संकल्प दिलाया जाता है।
कथा कथावाचक से लूटपाट, चाकू की नोक पर मोबाइल व नकदी छीनी
फतेहपुर| फतेहपुर से सटे मसलिया थाना क्षेत्र के बसमत्ता गम्हरिया में भागवत कथा सुनने आए एक कथावाचक के साथ न केवल मारपीट की गई, बल्कि चाकू की नोक पर उनसे छिनतई भी की गई। पीड़ित 28 वर्षीय दयाल लोहार के रूप में हुई है, जो धनबाद जिले के मैथन थानांतर्गत पोयलाडीह के निवासी हैं। घटना रात लगभग 10 बजे की है। अपराधियों ने दयाल लोहार के साथ बेरहमी से मारपीट की। लुटेरों ने उनसे एक सैमसंग का स्मार्टफोन,हाथ की दो चांदी की अंगूठी,एक चांदी का ब्रेसलेट व स्कूटी की चाबी छीन ली। इतना ही नहीं, अपराधियों ने मारपीट कर जबरन उनके फोन पे का पिन हासिल कर लिया और खाते से 20 हजार रुपये अवैध रूप से ट्रांसफर कर लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद चारों अपराधी अपनी पल्सर बाइक से अंधेरे का फायदा उठाकर रफूचक्कर हो गए। पीड़ित ने मसलिया पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।
राजधानी में ड्रग्स क्वीन नव्या मलिक और विधि अग्रवाल समेत पकड़े गए 43 ड्रग्स तस्करों की जांच के दौरान 620 से ज्यादा लोगों के नंबर मिले हैं, जो इन तस्करों से ड्रग्स व सूखा नशे से जुड़े उत्पाद खरीदते थे और उसका सेवन करते थे। इनमें 320 युवक-युवती सिर्फ नव्या और विधि के गिरोह के संपर्क में थे। ये लोग एक माह में 10-20 लाख रुपए का ड्रग्स मंगाते थे। पुलिस ने चैट, ट्रांजेक्शन और कॉल डिटेल के आधार पर ऐसे लोगों की पहली बार सूची तैयार की है। इस सूची को महिला एवं बाल विकास तथा गृह विभाग को भेजा गया है, ताकि नशे की लत छुड़ाने के लिए सरकार इन युवाओं की काउंसिलिंग करा सके। कई लोगों से पुलिस ने पूछताछ की, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई और पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। इनमें अधिकांश नेता, अधिकारी और कारोबारी परिवारों के युवक-युवती शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 23 अगस्त 2025 को हरियाणा का तस्कर मोनू विश्नोई ड्रग्स लेकर ट्रेन से रायपुर पहुंचा। ट्रेन से उतरने के बाद उसने नव्या मलिक को फोन किया। नव्या उस समय रायपुर में नहीं थी। उसने मोनू को एक्सप्रेस-वे के पास इंतजार करने को कहा। नव्या ने ड्रग्स लेने के लिए हर्ष आहूजा और दीप धनोरिया को भेजा। दोनों आधे घंटे में वहां पहुंच गए। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने पहले से ट्रैप लगाया था। जैसे ही ड्रग्स का लेन-देन हुआ, पुलिस ने तीनों को पकड़ लिया। कॉल डिटेल से खुला राजनव्या और उससे जुड़े कॉल डिटेल निकाले गए, जिससे नव्या, विधि समेत अन्य आरोपियों का सुराग मिला। छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। 43 तस्करों के मोबाइल और बैंक खातों की जांच में 620 लोगों के नंबर मिले, जो ड्रग्स और अन्य सूखा नशा खरीदने के लिए उनसे संपर्क करते थे। रायपुर पुलिस को इसका इनपुट मिल चुका था। एडिक्ट्स की लिस्ट 4 माह से फाइल में दबी पड़ी रही यह सूची पिछले चार माह से सरकार के पास लंबित है और अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इनमें से अधिकांश लोग आज भी सूखा नशा ले रहे हैं। लिस ने सूची में शामिल कई रसूखदारों को थाने बुलाकर पूछताछ तो की, लेकिन उनके हाई-प्रोफाइल कनेक्शन के चलते उन्हें बिना किसी ठोस कार्रवाई या बॉन्ड के छोड़ दिया गया। पुलिस ने बनाई टीम, पर काउंसिलिंग नहीं गृह विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को पिछले साल ड्रग्स लेने वालों की सूची भेजी गई थी, जिसमें नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज हैं। पुलिस की पहल थी कि सरकार नशे की लत छुड़ाने के लिए आगे आए और विशेषज्ञों की मदद से इनकी काउंसिलिंग कराए। साथ ही परिजनों को बुलाकर बातचीत की जाए, क्योंकि ये लोग हर साल लाखों रुपए खर्च कर ड्रग्स खरीद रहे हैं और परिवार को इसकी जानकारी तक नहीं है। परिजनों को भी जागरूक करने का सुझाव दिया गया है, ताकि बच्चों को पैसे देते समय सतर्कता बरती जा सके। हर वार्ड में नशा मुक्ति केंद्र चाहिएसूखे नशे की लत लगातार बढ़ रही है। पुलिस की पहल है कि हर वार्ड में एक नशा मुक्ति केंद्र खोला जाए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आगे आकर अपने वार्ड या इलाके में ऐसे केंद्र शुरू करने चाहिए, ताकि स्थानीय स्तर पर नशा करने वालों की काउंसिलिंग हो सके और उन्हें नशा छोड़ने में मदद मिल सके। हालांकि इस दिशा में अभी ठोस प्रयास किया जाना बाकी है।
रामपुर में मोबाइल टावर चोरी का खुलासा:दो सगे भाई गिरफ्तार, कबाड़ी की दुकान से बरामद किए उपकरण
रामपुर की सिविल लाइंस पुलिस ने मोबाइल टावर चोरी के मामले का खुलासा करते हुए दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर चोरी किए गए टावर के उपकरण और अन्य सामग्री बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रिजवान और इमरान पुत्र मुश्ताक के रूप में हुई है, जो गंज थाना क्षेत्र के निवासी हैं। दोनों सगे भाइयों को सोमवार दोपहर करीब 3 बजे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया गया। थाना प्रभारी ओंकार सिंह ने बताया कि यह मामला 25 फरवरी 2026 को जीटीएल कंपनी के टेक्नीशियन चंद्रिका प्रसाद पुत्र कमला प्रसाद द्वारा दर्ज कराई गई एक ऑनलाइन शिकायत से संबंधित है। शिकायतकर्ता ने बताया था कि बरेली गेट स्थित मोहल्ला जहारुद्दीन में नसरीन जहां के मकान पर GTL Infrastructure Limited का एक मोबाइल टावर (साइट आईडी UPW/GBT/K/10416) लगा हुआ था। टेक्नीशियन ने 2 फरवरी 2026 को निरीक्षण के दौरान पाया कि टावर का 50 मीटर स्ट्रक्चर, शेल्टर और अन्य महत्वपूर्ण उपकरण मौके पर मौजूद नहीं थे। इसकी सूचना तुरंत कंपनी अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने जांच के दौरान संदिग्धों को चिन्हित कर गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर चोरी का सामान एक कबाड़ी की दुकान से बरामद किया गया। टेक्नीशियन चंद्रिका प्रसाद ने पुलिस की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि टावर पहले से रनिंग स्थिति में नहीं था और इसका मामला कोर्ट में विचाराधीन था। कोर्ट के अगले आदेश का इंतजार किया जा रहा था, लेकिन उससे पहले ही चोरों ने टावर के अधिकांश हिस्से चोरी कर लिए। पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
CCTV कैमरों की मदद से दबोचा शातिर चोर:चोरी की बाइक व मोबाइल बरामद, मण्डावा पुलिस की कार्रवाई
मण्डावा पुलिस ने एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी से चोरी की बाइक और मोबाइल भी बरामद किया गया है। थानाधिकारी रामनारायण चोयल के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने आरोपी की तलाश के लिए जाल बिछाया। पुलिस टीम ने हाइवे और कस्बों के सीसीटीवी कैमरों पर फोकस किया। मंडावा कस्बा, फतेहपुर बाईपास और फतेहपुर कस्बे के दर्जनों कैमरों की फुटेज जाँची गई। फुटेज के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस को संदिग्ध की लोकेशन मिली। सटीक सूचना पर पुलिस ने दबिश देकर सचिन पुत्र विजेश कुमार कुमावत निवासी कोलिहान (खेतड़ी), हाल निवासी- मणिविहार कॉलोनी, हमीरी रोड, झुंझुनूं को गिरफ्तार किया है। पुलिस की गिरफ्त में आया आरोपी आदतन अपराधी की तरह पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था। आरोपी की निशानदेही पर चोरी की गई मोटरसाइकिल और मोबाइल बरामद कर लिए गए हैं। मामले के अनुसार 23 फरवरी 2026 को मंडावा थाने में चोरी की एक रिपोर्ट दर्ज हुई थी। परिवादी ने बताया कि उसके भाई की एचएफ डीलक्स बाइक और एक कीमती मोबाइल फोन पर चोरी कर लिया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
दुर्ग जिले के अमलेश्वर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक बड़े जुआ अड्डे का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कृष्णा वाटिका रिसॉर्ट में छापा मारकर 16 जुआरियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में 25 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की गई है, जिसमें लाखों रुपए नकद, मोबाइल फोन और लग्जरी वाहन शामिल हैं। यह कार्रवाई अमलेश्वर पुलिस और एसीसीयू टीम की संयुक्त पहल थी। पुलिस को 1 मार्च 2026 को सूचना मिली थी कि अमलेश्वर क्षेत्र स्थित कृष्णा वाटिका रिसॉर्ट में कुछ लोग ताश के पत्तों पर बड़ी रकम का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने पहले गोपनीय तरीके से इसकी पुष्टि की। पुष्टि के बाद पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से रिसॉर्ट में दबिश दी। पुलिस टीम के पहुंचते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन घेराबंदी कर 16 आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया गया। सभी आरोपी ताश के पत्तों पर नकद राशि का दांव लगाते हुए पाए गए। छापेमारी में 3.59 लाख नकद और 22 मोबाइल जब्त छापेमारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से कुल 3,59,470 रुपए नकद बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त, 22 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। पुलिस के अनुसार, इन मोबाइल फोन का उपयोग जुआ संचालन और आपसी संपर्क के लिए किया जा रहा था। जुआ अड्डे से 3 बाइक और 3 कार जब्त मौके से तीन मोटरसाइकिल और तीन चारपहिया वाहन भी जब्त किए गए। इन वाहनों की अनुमानित कीमत 25 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। पुलिस ने आशंका जताई है कि यह जुआ अड्डा लंबे समय से संचालित हो रहा था। गिरफ्तार आरोपियों में रायपुर और दुर्ग जिले के विभिन्न क्षेत्रों के निवासी शामिल हैं। इनके नाम रोहित निर्मलकर, नरेश सोनकर, प्रमोद वर्मा, मुकेश कुमार धीमर, संजू सोनकर, नारायण टंडन, डिजेन्द्र निर्मलकर, पुनीत राम साहू, विनोद अमरदास, शुभम चंद्राकर, गोपाल सोनकर उर्फ गोपी, मनीष साहू उर्फ गुड्डू, सोनू साहू उर्फ दुर्गेश, सत्यनारायण साहू, संजय साहू और महेंद्र साहू हैं। सभी 16 आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।
लुधियाना के सलेम टाबरी मुख्य चौराहे पर आज सोमवार मोबाइल स्नैचिंग की वारदात से हड़कंप मच गया। मोबाइल पर बात कर रहे एक बुजुर्ग से दो बाइक सवार युवकों ने फोन छीन लिया और फरार होने लगे। पुलिस ने एक बदमाश को काबू कर लिया। ‘चोर-चोर’ की आवाज पर लोगों ने घेरा घटना के बाद बुजुर्ग ने शोर मचाया तो आस-पास मौजूद लोगों ने पीछा कर बाइक सवारों को घेर लिया। इस दौरान एक आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब हो गया, जबकि दूसरे को लोगों ने पकड़ लिया। गुस्साए लोगों ने पकड़े गए आरोपी की जमकर धुनाई कर दी। बाद में सूचना मिलने पर थाना सलेम टाबरी की पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। पुलिस बाइक समेत आरोपी को थाने ले गई। आरोपी के पास था बिना नंबर प्लेट वाला बाइक पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम ‘काला’ बताया है। उसने खुद को भट्टियां कॉलोनी का निवासी बताया और कहा कि वारदात में उसका एक साथी भी शामिल था, जो मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक जिस बाइक पर आरोपी सवार थे, उस पर नंबर प्लेट नहीं थी और आशंका है कि वह भी चोरी की हो सकती है। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। इलाके के लोगों ने दिनदहाड़े हुई वारदात पर नाराजगी जताते हुए गश्त बढ़ाने की मांग की है।
बैतूल। जैसे-जैसे रंगों का त्योहार नजदीक आ रहा है, बैतूल मुख्यालय में होली की रौनक अपने चरम पर पहुंच गई है। शहर के प्रमुख बाजारों — गंज चौक, कॉलेज रोड, सदर क्षेत्र और कोठी बाजार — में रंग, गुलाल, पिचकारियां और होली से जुड़े सामानों की खरीदारी जोरों पर है। बाजारों में भीड़ बढ़ने से पूरा शहर रंगों से सराबोर नजर आ रहा है। बच्चों के बीच कार, बंदूक, फायर ब्रिगेड, पानी टैंक और कार्टून कैरेक्टर वाली नई डिज़ाइन की पिचकारियां खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। वहीं युवाओं में हाई प्रेशर पिचकारियों और रंगीन वाटर गन की मांग बढ़ी है। दुकानदारों का कहना है कि इस बार पिछले वर्षों की तुलना में बिक्री बेहतर रहने की उम्मीद है। रंगों के मामले में भी इस बार बाजार में खूब विविधता देखने को मिल रही है। पारंपरिक लाल, हरा और गुलाबी गुलाल के साथ हर्बल व प्राकृतिक रंगों की मांग बढ़ रही है। लोग त्वचा और पर्यावरण को नुकसान से बचाने के लिए हर्बल रंगों को प्राथमिकता दे रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार, भले ही इनकी कीमत सामान्य रंगों से थोड़ी अधिक है, लेकिन लोग स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इन्हें खरीद रहे हैं। होली की तैयारियों में मिठाइयों की दुकानों पर भी चहल-पहल है। गुजिया, नमकीन और पारंपरिक व्यंजन बनाने की शुरुआत हो चुकी है। वहीं पूजन सामग्री की दुकानों पर भी भीड़ देखी जा रही है। सुरक्षा को लेकर जिला पुलिस प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। सोमवार को शांति समिति की बैठक में पुलिस अधिकारियों ने विभिन्न समुदायों और संगठनों के प्रतिनिधियों से चर्चा की। पुलिस ने बताया कि जिले में 250 से अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं। पचमढ़ी पीटीएस से भी अतिरिक्त बल बुलाया गया है। 40 फिक्स पिकेट्स और 9 मोबाइल यूनिट लगाई गई हैं। साथ ही, सीसीटीवी कैमरे, मोबाइल वाहन और ब्रेथ एनलाइजर से निगरानी रखी जाएगी।
कोतवाली फेज दो पुलिस ने सर्विलांस की मदद से लोगों के गुम हुए 111 मोबाइल फोन ढूंढ लिए। होली के पहले सोमवार को पीड़ितों को मोबाइल सौंपकर उनके चेहरे पर मुस्कान लौटाई गई। गुम हुए मोबाइल पाकर पीड़ितों के चेहरे खिल उठे। सेंट्रल नोएडा जोन के डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से गुमशुदा मोबाइल पर काम किया जा रहा था। भीड़-भाड़ वाले स्थानों, बाजारों, ऑटो, बसों, मेट्रो आदि से गुम होने वाले मोबाइल फोन की थानों पर आने वाली सूचनाओं को एकत्र किया गया। इसके बाद पुलिस की टीम ने उन मोबाइल को सर्विलांस व अन्य माध्यमों से पता करना शुरू किया। इसके बाद गुम हुए मोबाइल का इस्तेमाल करने वाले लोगों से पुलिस ने संपर्क किया और बताया कि आप दूसरे का मोबाइल इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके बाद करीब 111 ऐसे मोबाइल को पुलिस ने ढूंढ लिया। इनमें बड़ी संख्या में मोबाइल ऐसे लोगों के पास थे जिन्हें राह चलते मोबाइल फोन मिल गया था और उन्होंने सस्ते दाम पर बेच दिए थे। डीसीपी ने बताया कि 111 मोबाइल फोन बरामद कराने में फेज टू पुलिस की टीम ने बेहतरीन काम किया है। जुलाई महीने में 100 और इससे पहले भी 57 मोबाइल एक साथ पीडि़तों को वापस दिलाया गया था। ईएमआई पर फोन लेने वालों को दोहरी खुशीजिन लोगों के मोबाइल पुलिस ने ढूंढे हैं। इनमें कुछ लोग ऐसे हैं जिन्होंने ईएमआई पर मोबाइल खरीदे थे लेकिन उनका मोबाइल गुम हो गया था। ऐसे लोग मोबाइल का इस्तेमाल भी नहीं कर रहे थे और ईएमआई भी दे रहे थे। ईएमआई पर मोबाइल खरीदने वाले लोगों को मोबाइल मिलने पर दोहरी खुशी मिली। मोबाइल पाने वाले लोगों को विश्वास नहीं हो रहा है कि उनका मोबाइल मिल गया है। इस तरह के मोबाइल पुलिस को मिलेपुलिस को मिले अधिकतर मोबाइल ऐसे हैं जो भीड़भाड़ वाले बाजारों,सब्जी व फलों की मंडियों व साप्ताहिक बाजारों में सामान खरीदते समय, बैठने, झुकने व धक्का मुक्की में गिर गए थे। कुछ मोबाइल ऐसे भी हैं जो लोगों के यात्रा के दौरान ऑटो, टैक्सियों, बसों व मेट्रो ट्रेनों में छूट गए थे। वहीं बाइक चलाते समय ब्रेकर आने पर जेब से निकल कर गिरने वाले मोबाइल भी शामिल हैं।
भोपाल के कजलीखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित देव ग्रीन सिटी कॉलोनी में 33 वर्षीय महिला ने डुप्लेक्स की दूसरी मंजिल से छलांग लगाकर जान दे दी। सोमवार सुबह महिला की खून से लथपथ लाश घर के बाहर पथरीले हिस्से में पड़ी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के मुताबिक, मृतका सोनम प्रजापति का रविवार देर रात अपने पति जितेंद्र प्रजापति से मोबाइल को लेकर विवाद हुआ था। पति ने पुलिस को बताया कि पत्नी ने मोबाइल मांगा था, लेकिन उसने देने से इनकार कर दिया और सोने चला गया। सुबह पड़ोसियों ने महिला का शव देखा, तब घटना की जानकारी लगी। टीआई बोलीं-पहले भी होते थे विवादथाना प्रभारी पल्लवी पांडे के अनुसार, पति पत्नी के चरित्र पर शंका करता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे। करीब एक महीने पहले पति ने पत्नी का मोबाइल भी तोड़ दिया था। वह पत्नी के किसी से भी फोन पर बात करने पर एतराज करता था। रविवार रात भी मोबाइल को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। इसके बाद महिला कब छत पर गई और छलांग लगाई, इसकी जानकारी परिजनों को नहीं है। हत्या के एंगल से भी जांचएएसआई संतोष कुमार के अनुसार, पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। जहां महिला का शव मिला, वह पथरीला इलाका है और वहां खून के निशान पाए गए हैं। आत्महत्या के साथ-साथ हत्या के एंगल से भी जांच की जा रही है। बच्चों से भी पूछताछ की गई है। फिलहाल किसी ने पिता पर सीधे आरोप नहीं लगाए हैं। तीन बच्चों की मां थी महिलामहिला 14 साल की बेटी और दो बेटों की मां थी। परिवार मूल रूप से जबलपुर का रहने वाला है और करीब दस साल से भोपाल में रह रहा था। पति कारपेंट्री का काम करता है।
छतरपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन विश्वास’ सफल:होली पर 90 गुम मोबाइल लौटाए, 14 लाख रुपए के फोन बरामद
छतरपुर पुलिस ने सोमवार को होली के अवसर पर 90 गुमशुदा मोबाइल फोन उनके मालिकों को लौटाकर कई परिवारों को खुशी दी। पुलिस अधीक्षक अगम जैन के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन विश्वास' के तहत यह कार्रवाई की गई। साइबर सेल और विभिन्न थानों की संयुक्त टीम ने एक माह के भीतर इन मोबाइलों को बरामद किया। इन 90 मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत लगभग 14 लाख रुपए बताई गई है। बरामद किए गए मोबाइलों में आई-टेक्नो, रेडमी, मोटोरोला, सैमसंग, वनप्लस, वीवो, ओप्पो और रियलमी जैसी विभिन्न कंपनियों के हैंडसेट शामिल हैं। इन्हें छतरपुर जिले के अलावा उत्तर प्रदेश के हमीरपुर, महोबा, झांसी और मध्य प्रदेश के सागर, पन्ना तथा निवाड़ी जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से ट्रैक कर वापस लाया गया। इस साल 300 फोन बरामद हो चुकेइन मोबाइलों के वास्तविक मालिकों में छात्र, किसान, मजदूर और गृहणियां शामिल हैं। वर्ष 2026 में अब तक पुलिस कुल 300 से अधिक मोबाइल फोन बरामद कर चुकी है, जिनकी कुल कीमत लगभग 54 लाख रुपए आंकी गई है। इस अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले के मार्गदर्शन में साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक नेहा सिंह गुर्जर और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। छतरपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि मोबाइल गुम होने पर घबराएं नहीं। वे साइबर सेल या आधिकारिक व्हाट्सएप नंबर 9479991005 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत के लिए आधार कार्ड, मोबाइल बिल, बॉक्स-कवर की फोटो, गुम होने की तिथि और स्थान, एक वैकल्पिक नंबर तथा थाने में की गई शिकायत की कॉपी आवश्यक होगी। पुलिस ने बताया कि 'ऑपरेशन विश्वास' अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि आमजन को गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी में त्वरित सहायता मिलती रहे।
मोगा पुलिस ने CEIR पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर 160 गुम हुए मोबाइल बरामद किए हैं। ये फोन 1 जनवरी, 2026 से अब तक गुम हुए थे। इन्हें पंजाब के विभिन्न जिलों के साथ-साथ राज्य के बाहर से भी खोजा गया। 2 मार्च को मोगा पुलिस ने एक समारोह कर इन मोबाइल्स को उनके असली मालिकों को लौटा दिया। इस पहल की मोबाइल प्राप्त करने वाले लोगों और आम जनता ने सराहना की। पुलिस ने कहा- CEIR पोर्टल पर शिकायत दें मोगा पुलिस ने बताया कि वह गुम या चोरी हुए मोबाइल फोनों की तकनीकी माध्यम से तेजी से ट्रेसिंग जारी रखेगी ताकि उन्हें जल्द से जल्द मालिकों तक पहुंचाया जा सके। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने पर CEIR पोर्टल (https://www.ceir.gov.in) पर शिकायत दर्ज कराएं। SSP बोले- मोबाइल खरीदने से पहले पूरी जानकारी लें SSP मोगा अजय गांधी ने आम जनता से अपील की है कि किसी से भी मोबाइल फोन खरीदने से पहले उसकी पूरी जानकारी लें। उन्होंने संदिग्ध या अज्ञात व्यक्ति से बिना किसी दस्तावेज के मोबाइल फोन न खरीदने की सलाह दी। पुलिस को तुरंत शिकायत देने की बात कही उन्होनें कहा कि यदि कोई लावारिस मोबाइल फोन मिलता है, तो उसे उसके असली मालिक या नजदीकी पुलिस स्टेशन में जमा कराएं ताकि उसका दुरुपयोग न हो। उन्होंने उपयोगकर्ताओं से अपने मोबाइल फोन में मौजूद महत्वपूर्ण डेटा की सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी लॉक लगाने और किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ ओटीपी साझा न करने का आग्रह किया। उन्होंने CEIR पोर्टल के बारे में अन्य लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया, जिससे गुम हुए मोबाइल फोन को ढूंढने में मदद मिल सके।
ग्वालियर पुलिस ने 551 गुम मोबाइल बरामद किए:डेढ़ करोड़ के फोन मालिकों को लौटाए, चेहरे पर लौटी खुशी
ग्वालियर पुलिस ने गुम हुए या चोरी हुए 551 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मूल मालिकों को लौटा दिए हैं। इन मोबाइलों की कुल कीमत लगभग डेढ़ करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस मुख्यालय पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में जब लोगों को उनके फोन वापस मिले तो उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि यह एक विशेष आयोजन था, जिसके तहत ग्वालियर के नागरिकों को उनके गुम हुए मोबाइल वापस किए गए। पुलिस की टीमों ने देश के कोने-कोने और विभिन्न राज्यों के शहरों से इन मोबाइलों को बरामद किया। उन्होंने बताया कि 'होली के रंग मोबाइल के संग' नामक इस विशेष अभियान के तहत सभी मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा गया। मोबाइल वापस पाने वालों में विनोद पाल नामक एक दृष्टिबाधित व्यक्ति भी शामिल थे, जो ट्रांसपोर्ट कार्यालय में काम करते हैं। उन्होंने बताया कि लगभग चार महीने पहले बारादरी जाते समय टेंपो में उनका फोन किसी ने निकाल लिया था। हालांकि उन्हें दिखाई नहीं देता, लेकिन टेंपो से उतरते ही उन्हें मोबाइल गायब होने का एहसास हुआ। विनोद पाल ने तुरंत पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह अपने मोबाइल के लिए नियमित रूप से एसपी कार्यालय आते-जाते रहते थे और अधिकारियों से पूछते रहते थे। चार महीने की अवधि में पुलिस ने उनका मोबाइल ढूंढ निकाला और उन्हें वापस मिल गया, जिससे उनके चेहरे पर मुस्कान लौट आई।
शाहजहांपुर पुलिस ने होली से पहले 151 गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत 35 लाख रुपये है। पुलिस लाइन में आयोजित एक कार्यक्रम में इन मोबाइलों को उनके मालिकों को सौंप दिया गया। पिछले कुछ समय से पुलिस को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से मोबाइल चोरी और गुम होने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने मोबाइल बरामदगी के लिए सर्विलांस सेल और एसओजी को संयुक्त रूप से लगाया। टीम ने गुम हुए और चोरी हुए मोबाइलों के नंबरों को सर्विलांस पर लगाकर ट्रेस किया। गहन जांच के बाद, पुलिस ने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से कुल 151 मोबाइल फोन बरामद किए। बरामद किए गए मोबाइलों के मालिकों में दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। मोबाइल वापस मिलने पर मालिकों के चेहरे खिल उठे। एक महिला ने बताया कि मोबाइल खोने पर उन्हें काफी दुख हुआ था और उन्होंने मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी। उन्होंने कहा कि होली से पहले मोबाइल वापस मिलना किसी तोहफे से कम नहीं है। सभी ने पुलिस का आभार व्यक्त किया। पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी ने पुलिस टीम के कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि होली से पहले 151 मोबाइल का मिलना उनके स्वामियों के लिए खुशी की बात है। एसपी ने यह भी बताया कि पिछले साल भी लगभग एक हजार मोबाइल बरामद कर उनके मालिकों को सौंपे गए थे।
शहर के कोतवाली इलाके में मोबाइल चोरी होने की रिपोर्ट न लिखने से नाराज होकर विज्ञापन के बोर्ड पर चढ़कर हंगामा करने वाले युवक के मामले ने नया खुलासा हुआ है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि युवक ने अपना मोबाइल गिरवी रख दिया था। बता दें कि मामला 19 फरवरी का है। श्रीराम कॉलोनी निवासी विश्ववीर सहरिया जयस्तंभ चौराहे पर स्थित विज्ञापन के बोर्ड पर चार गया था। उसका आरोप था कि उसका मोबाइल सदर बाजार क्षेत्र से चोरी हो गया था, लेकिन जब वह इसकी रिपोर्ट दर्ज कराने पुलिस के पास पहुंचा, तो उसे कथित तौर पर न्याय के बजाय परेशानियों का सामना करना पड़ा। घटनाक्रम के अनुसार, विश्ववीर का आरोप था कि जब चोरी की शिकायत लेकर पहुंचा, तो उसे पहले मोबाइल का डिब्बा लाने को कहकर लौटा दिया गया। जब वह डिब्बा लेकर पुनः पहुंचा, तो उसे अगले दिन सुबह आने की सलाह दी गई। पुलिस की इस कार्यशैली से आहत युवक का धैर्य जवाब दे गया और उसने सार्वजनिक रूप से अपना विरोध दर्ज कराने के लिए पोल का सहारा लिया। युवक के ऊँचाई पर चढ़ते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और करीब एक घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा था। इस हाईवोल्टेज ड्रामे के कारण व्यस्ततम मार्ग पर यातायात भी बाधित हुआ। पुलिस ने युवक को समझा-बुझाकर नीचे उतारा था। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। कोतवाली पुलिस की जांच में यह सामने आया कि युवक ने नशे की हालत में अपना मोबाइल 600 रुपए में गिरवी रख दिया था। मोबाइल गिरवी रखने से मिले पैसों से उसने शराब पी। इसके बाद वह मोबाइल चोरी की रिपोर्ट लिखने थाने पहुंच गया था।
दरभंगा के बहेड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। अवैध हथियार के साथ चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। सभी का क्रिमिनल रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। इसके अलावा 2 नाबालिग को भी पकड़ा है। जानकारी के मुताबिक रविवार देर शाम गश्ती के दौरान दरोगा मिथिलेश राही नवादा चौक के पास संदिग्ध अवस्था में घूम रहे एक युवक को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से एक देसी पिस्टल और मोबाइल बरामद हुआ। मामले की सूचना वरीय पुलिस पदाधिकारी को दी गई। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने छापा मारा सूचना पर पुलिस उपाधीक्षक (परिक्ष्यमान) के नेतृत्व में इंस्पेक्टर पंकज कुमार, हरिद्वार शर्मा सहित अन्य पुलिस पदाधिकारियों की टीम गठित की गई। पकड़े गए युवक की निशानदेही पर ग्राम घोंधिया में छापेमारी कर दो अन्य युवकों सत्यम कुमार सहनी और सचिन कुमार सहनी को गिरफ्तार किया गया।गिरफ्तार युवकों की निशानदेही पर मझौरा चौक के पास छापेमारी कर एक और युवक को देसी कट्टा और मोबाइल के साथ पकड़ा। छापेमारी टीम में प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक सह थानाध्यक्ष बहेड़ा, पंकज कुमार, हरिद्वार शर्मा, दीपक कुमार, नरेन्द्र कुमार, अनुराधा, मिथिलेश राही, विक्की कुमार, दीपक कुमार, सिपाही गौतम कुमार, सिपाही रवि तिवारी और रिशु झा शामिल थे। पुलिस ने बताया कि क्षेत्र में अपराध नियंत्रण को लेकर लगातार गश्ती एवं छापेमारी अभियान जारी रहेगा।
लुधियाना में नेशनल हाईवे (NH-44) पर देर रात एक कैंटर डिवाइडर से टकरा गया। हादसे में कैंटर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। देर रात कैंटर ड्राइवर की मदद के लिए कुछ लोग रूके। दो युवक कैंटर ड्राइवर को सड़क से पकड़कर गली में ले गए और उसका मोबाइल व नकदी लूटकर फरार हो गए। ड्राइवर उनका पीछा करने की कोशिश करता रहा लेकिन वो दोनों फरार हो गए। लोगों को लगा कि कैंटर ड्राइवर एक्सीडेंट के बाद डर के मारे मौके से फरार हो गया। वहीं दूसरी तरफ मौके पर रूके अन्य लोगों ने पीसीआर को सूचना दी। पीसीआर मौके पर पहुंची। घटना नेशनल हाईवे पर टिब्बा रोड के पास हुई। मदद के बहाने ले गए और लूटा ड्राइवर वरिंदर कुमार कुछ देर बाद जब घटना स्थल पर पहुंचा तो उसने बताया कि सामने से एक मोटर साइकिल आ गई थी जिसे बचाने के चक्कर में एक्सीडेंट हो गया। उसने बताया कि एक्सीडेंट के बाद जो युवक मदद के लिए आए और उसे गली में ले गए। वहां पर दोनों ने मिलकर उसका मोबाइल व नकदी लूट ली। एक्सीडेंट के कारण कैंटर का इंजन ऑयल सड़क पर गिरा और फैल गया। जिसकी वजह से सड़क पर वाहन फिलसने का खतरा बन गया। मौके पर पहुंची पीसीआर ने दुर्घटना के कारण सड़क पर तेल गिरे होने के कारण ट्रैफिक को डायवर्ट किया। सीसीटीवी फुटेज की जांच से होगा साफ मौके पर पहुंचे पीसीआर कर्मी सतनाम सिंह ने बताया कि टैंकर का ड्राइवर एक्सीडेंट के बाद मौके से फरार हो गया था। बाद में पता चला कि उसे कुछ लोग साथ ले गए और उसका मोबाइल व नकदी छीन ली। उन्होंने बताया कि घटना स्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जाएगी। उसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
रेलवे ट्रैक पर मोबाइल से बात करते युवक ट्रेन की चपेट में आया, मौत
गिरिडीह |पचंबा थाना क्षेत्र के सलैया रेलवे स्टेशन पर रविवार की शाम में 30 वर्षीय सुमित सिन्हा ट्रेन की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए और शाम 5.30 बजे उसकी मौत हो गई। मृतक पचंबा थाना क्षेत्र के हटिया रोड का निवासी था। पुलिस के अनुसार, युवक मोबाइल पर बात करते हुए रेलवे ट्रैक पर घूम रहा था। इसी दौरान कोडरमा–मधुपुर पैसेंजर ट्रेन सलैया स्टेशन से गुजर रही थी। ट्रेन चालक ने काफी समय तक हार्न बजाकर चेतावनी दी, लेकिन युवक ट्रैक से नहीं हटा, जिस दौरान ट्रेन की चपेट में आ गया। पचंबा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि हादसे के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के िलए सदर अस्पताल भेज िदया है।
जिला जेल से 2 मोबाइल बरामद, 3 कैदियों पर केस
बरनाला | थाना सिटी वन की पुलिस ने जिला जेल बरनाला से 2 मोबाइल बरामद कर कैदी आकाशदीप सिंह, विक्रम सिंह और निर्मल सिंह के खिलाफ पर्चा दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार पुलिस को जिला जेल बरनाला में दोपहर के समय जेल की बैरक नंबर 03 की तलाशी के दौरान 2 मोबाइल फोन बरामद हुआ। पुलिस ने कैदी पर पर्चा दर्ज कर अगली कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में रंगभरी एकादशी पर मंदिर न्यास के सारे दावे खोखले साबित हुए। मंदिर परिसर में मोबाइल नहीं ले जाने की चेतावनी को वीआईपी श्रद्धालुओं और नेताओं ने धता बता दिया। मंदिर न्यास के अधिकारियों और कर्मचारियों के सामने सैकड़ों लोग फोन लेकर अंदर पहुंचे। सत्ता पक्ष से नेताओं, महिला नेत्रियों और तमाम लोगों ने खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई। मंदिर न्यास के कैमरों के सामने खड़े होकर फोटोग्राफी की, सेल्फी ली लेकिन तीसरी आंख से निगरानी करने वाली मंदिर की टीम भी खामेश रही। अब फजीहत और सवालों के बाद मंदिर न्यास पूरे मामले में पुलिस को जिम्मेदार ठहरा रहा है। काशी विश्वनाथ मंदिर में रंगभरी एकादशी पर एक ओर आम श्रद्धालुओं को मंदिर न्यास के कर्मचारियों से दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। वहीं अराजकता में डूबे पुलिस कर्मियों ने जमकर मनमानी की। काशी विश्वनाथ मंदिर में क्राउड मैनेजमेंट का दावा करने वाले मंदिर न्यास के इंतजाम भी खोखले नजर आए। मंदिर की ओर से प्रवेश द्वार समेत चंद प्वाइंट पर मौजूद कर्मचारियों को छोड़कर पूरे परिसर में कोई सुदृढ़ व्यवस्था नहीं नजर आई। प्रवेश स्थलों पर खड़े गार्ड भी कुछ देर बार प्वाइंट से अलग नजर आए, मंदिर परिसर में सैकड़ों लोग बिना चेकिंग के घुस गए। तमाम लोग गर्भगृह तक मोबाइल लेकर पहुंचे। मंदिर के जिम्मेदार अधिकारी अधीनस्थों के भरोसे फोटो खिंचाने और चेहरा चमकाने में व्यस्त रहे। जबकि पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने एडिशन सीपी, डीएम और मंडलायुक्त समेत अफसरों के साथ मंदिर का भ्रमण कर प्वाइंट तय किए थे। बैठक में भारी भरकम गाइडलाइन जारी की थी लेकिन ऐन वक्त पर सब धराशायी नजर आया। मंदिर के एसडीएम शंभूशरण ने बताया कि मोबाइल लेकर आने वालों की पहचान कराई जा रही है। मंदिर न्यास की अपनी अलग एसओपी है, मामला मंदिर की सुरक्षा समिति को बताया गया है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर मंदिर न्यास कार्रवाई करेगा।
सीवान सहित पूरे बिहार में होली के रंग में रंगे लोग जहां होली मिलन समारोहों में एक-दूसरे को गुलाल लगाकर और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ पर्व मना रहे हैं, वहीं सीवान के एक निजी होटल में आयोजित समारोह में एमएलसी विनोद जायसवाल महिला नर्तकियों के साथ डांस करते नजर आए। समारोह का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एमएलसी विनोद जायसवाल मंच के सामने महिला नर्तकियों के साथ ठुमके लगाते और होली के गीतों पर झूमते दिखाई दे रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान वहां मौजूद लोगों ने इस दृश्य को अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जिसके बाद यह वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैल गया। राजनीतिक रूप से सक्रिय विनोद जायसवाल को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का करीबी माना जाता है। ऐसे में यह वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लोग इसे होली के उल्लास और पारंपरिक उत्सव का हिस्सा बता रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग जनप्रतिनिधि की गरिमा और पद की मर्यादा को लेकर सवाल उठा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं मिली-जुली हैं। समर्थकों का कहना है कि होली एक ऐसा त्योहार है जिसमें सामाजिक भेदभाव और औपचारिकताएं पीछे छूट जाती हैं और सभी लोग खुलकर उत्सव मनाते हैं। उनके अनुसार, एक जनप्रतिनिधि का आम लोगों के बीच सहज रूप में शामिल होना सकारात्मक संकेत है। वहीं आलोचकों का तर्क है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले जनप्रतिनिधियों को अपने आचरण और सार्वजनिक छवि का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उनका कहना है कि इस तरह के वीडियो से राजनीतिक संदेश भी जाता है और पक्ष इसे मुद्दा बना सकता है। हालांकि इस मामले में अभी तक विनोद जायसवाल की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि वे इस वायरल वीडियो पर क्या स्पष्टीकरण देते हैं। फिलहाल होली के इस रंगीन आयोजन का यह वीडियो सीवान की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
लुधियाना जिले में रायकोट पुलिस ने चाकू की नोक पर स्कूटी लूटने वाले एक प्रेमी जोड़े को गिरफ्तार किया है। जहां आरोपियों के खिलाफ थाना सिटी रायकोट में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।आरोपियों की पहचान जसविंदर सिंह उर्फ जस्सा (निवासी तलवंडी राय, रायकोट, हाल निवासी गली नंबर 1, गुरु रामदास नगर, बरनाला) और गुरप्रीत कौर उर्फ प्रीति (निवासी जोहलां रोड, रायकोट) के रूप में हुई है। बता दे कि सिटी रायकोट के इंचार्ज गुरसेवक सिंह ने बताया कि दोनों आरोपी प्रेमी-प्रेमिका हैं और लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने पैसों की जरूरत के चलते वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश कर दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। दिनदहाड़े की थी लूट पीड़ित युवक ने अपने बयान में बताया कि 3 फरवरी 2026 को वह अपनी स्कूटी पर गांव बस्सियां से सिलौनी रोड होते हुए रायकोट जा रहा था। दोपहर करीब 12 बजे जब वह सिलौनी रोड पर न्यू ग्रीन सिटी का गेट पार कर रायकोट में एक मोड़ पर पहुंचा, तो वहां एक अज्ञात लड़की और एक युवक खड़े थे। चाकू दिखाकर की वारदात दोनों ने अचानक उसकी स्कूटी के सामने आकर उसे रोक लिया। युवक ने उसे थप्पड़ मारा और हाथ में पकड़ा चाकू दिखाकर स्कूटी से नीचे उतार दिया। इसी दौरान युवती स्कूटी पर बैठ गई। युवक ने पीड़ित को डराकर उसका मोबाइल फोन, जेब से आधार कार्ड और नकदी सहित पर्स छीन लिया। पीड़िता की मां ने की जांच-पड़ताल वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी उसकी स्कूटी लेकर बस्सियां रोड की तरफ फरार हो गए। पीड़ित की माता परमजीत कौर ने अपने स्तर पर जांच-पड़ताल की। इसमें उन्हें पता चला कि उनके बेटे को लूटने वाले युवक का नाम जसविंदर सिंह उर्फ जस्सा और युवती का नाम गुरप्रीत कौर उर्फ प्रीति है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार यह भी बताया गया कि युवती कुछ दिन पहले अपनी स्कूटी पर रायकोट बस स्टैंड के पास भी देखी गई थी। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
सिरसा जिले की रानियां थाना पुलिस ने स्कूटी और मोबाइल फोन छीनने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके एक अन्य साथी की भी पहचान कर ली है, जिसकी तलाश जारी है। यह जानकारी रानियां थाना प्रभारी ने दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि यह घटना 20 जनवरी 2026 को रात करीब 8 बजे हुई थी। जहां शिव किसान केंद्र नानुआना रोड, रानियां के मालिक ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, जब वह सुल्तानपुरिया रोड रानियां स्थित स्टेडियम के पास पहुंचा, तो वहां मोटरसाइकिल के पास तीन युवक खड़े थे। स्कूटी और मोबाइल लेकर हुए थे फरार उनमें से एक युवक ने अपनी मोटरसाइकिल को शिकायतकर्ता की स्कूटी के आगे कर दिया, जिससे स्कूटी गिर गई। शिकायतकर्ता के संभलने से पहले ही, मोटरसाइकिल के पास खड़े युवक उसकी स्कूटी और मोबाइल फोन लेकर मौके से फरार हो गए। वहीं पीड़ित की शिकायत के आधार पर, रानियां थाना में छीना-झपटी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। दो आरोपी गिरफ्तार जांच के दौरान मिली महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर, रानियां थाना की पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान रणजीत सिंह उर्फ मिथुन पुत्र बलबीर सिंह और सुखविंदर सिंह उर्फ जेबी पुत्र जरनैल सिंह, निवासी गांव मौजूद्दीन, जिला सिरसा के रूप में हुई है। कोर्ट ने भेजा न्यायिक हिरासत में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद उनके एक अन्य साथी की भी पहचान कर ली गई है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
मंदसौर जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल से अव्यवस्था और लचर व्यवस्थाओं की चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। जहां एक ओर सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को हाई-टेक और मज़बूत बनाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर मंदसौर जिला अस्पताल में मरीजों का इलाज मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में किया जा रहा है। अस्पताल के वार्डों में बेड खाली नहीं है। मजबूरी में मरीजों को अस्पताल के गलियारों (कॉरिडोर) में शिफ्ट किया गया है, तो उनके परिजन बरामदों के फर्श पर रात गुजारने को मजबूर हैं। मोबाइल की फ्लैशलाइट में इलाजशनिवार-शुक्रवार दरमियानी रात चिकित्सक जब मरीज को कैनुला लगाने पहुंचीं तो वहां पर्याप्त रोशनी नहीं थी। ऐसे में मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर कैनुला लगाया गया। कम रोशनी में इंजेक्शन लगाना या अन्य चिकित्सीय प्रक्रिया करना किसी बड़े हादसे को निमंत्रण देने जैसा है। जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों को इस जोखिम भरे माहौल में काम करना पड़ रहा है। बिजली बैकअप और मूलभूत सुविधाओं का अभावअस्पताल में उचित बिजली बैकअप और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होना गंभीर लापरवाही माना जा रहा है। मरीजों और परिजनों का आरोप है कि मूलभूत सुविधाओं का अभाव लंबे समय से बना हुआ है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों में इस अव्यवस्था को लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सेवा जैसी संवेदनशील व्यवस्था में इस प्रकार की लापरवाही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता को दर्शाती है। जिला अस्पताल की यह स्थिति स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की वास्तविकता को उजागर करती है। सवाल यह उठता है कि यदि जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में यह हाल है, तो ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति क्या होगी ? स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल व्यवस्था सुधारने, पर्याप्त बेड उपलब्ध कराने, बिजली बैकअप दुरुस्त करने और मरीजों के लिए बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की है।
टेम्पो ड्राइवर पर लाठी-रॉड से हमला कर लूट:कैश, जेवर और मोबाइल लूटा, मरा हुआ समझकर छोड़ भागे बदमाश
हनुमानगढ़ जिले में संगरिया थाना इलाके की मानकसर ढाणी में एक टेम्पो ड्राइवर पर हमला कर उससे नकदी, चांदी के आभूषण और मोबाइल फोन लूटने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में 4 लोगा के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीलीबंगा क्षेत्र के गांव प्रेमपुरा निवासी मुकेश कुमार ने पुलिस को बताया कि वह टेम्पो चलाने का काम करता है। 27 फरवरी की शाम करीब 5:30 बजे उसे एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। कॉलर ने शेरगढ़ गांव से 45 क्रेट सब्जी पीलीबंगा पहुंचाने के लिए 1300 रुपए किराया तय किया और उसे मानकसर ढाणी बुलाया। किराए पर चलने का झांसा देकर बुलायारिपोर्ट के अनुसार, मुकेश अपने साथी रामचंद्र के साथ रात करीब 7:45 बजे टेम्पो लेकर मानकसर ढाणी पहुंचा। वहां एक व्यक्ति मिला जिसने कमरे की चाबी नहीं होने की बात कहकर कुछ देर इंतजार करने को कहा। इसी दौरान 3 अन्य युवक वहां आ गए। आरोप है कि चारों ने मिलकर मुकेश और उसके साथी पर लोहे की रॉड और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। एक साथी जान बचाकर भागाहमले के दौरान रामचंद्र अपनी जान बचाकर भाग गया, जबकि हमलावरों ने मुकेश को पकड़ लिया। आरोपियों ने उसकी जेब से 2300 रुपए नकद, दो चांदी की अंगूठियां, एक कान की बाली और मोबाइल फोन छीन लिया। विरोध करने पर उसे नीचे गिराकर रॉड से कई वार किए गए। मुकेश के पेट, कमर, हाथ और पैरों पर चोट के निशान बताए गए हैं। मरा हुआ समझकर छोड़कर हुए फरारहमलावर उसे मृत समझकर मौके से फरार हो गए। बाद में होश आने पर मुकेश सड़क पर पहुंचा और अपने साथी के साथ पीलीबंगा लौटा। इसके बाद पुलिस को घटना की सूचना दी गई। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच एएसआई विजय सिंह को सौंपी है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
गुरुग्राम में साइबर अपराधियों ने दो अलग-अलग वारदातों में 1 लाख 56 हजार रुपए की ठगी को अंजाम दिया। एक मामले में बीमा प्रीमियम जमा कराने का झांसा दिया गया, जबकि दूसरे में मोबाइल हैक कर रकम उड़ा ली गई। दोनों घटनाओं की शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन मानेसर ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। खेड़की दौला के रहने वाले राहुल पुरी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 30 जनवरी 2026 को उन्हें व्हाट्सएप पर एक व्यक्ति का मैसेज मिला। आरोपी ने खुद को PNB MetLife Insurance का मैनेजर बताया और ‘सेंचुरी प्लान’ का प्रीमियम बकाया बताते हुए एक क्यूआर कोड भेजा। पहले भुगतान असफल रहने के बाद, आरोपी ने दूसरा क्यूआर कोड भेजा। राहुल ने गूगल पे के माध्यम से भुगतान किया, जिसके बाद उनके एचडीएफसी बैंक खाते से पहले 2,000 रुपए और फिर 98,000 रुपए कट गए। बाद में कंपनी कार्यालय से पुष्टि हुई कि उनकी पॉलिसी में कोई राशि जमा नहीं हुई है। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) व 319(2) के तहत केस दर्ज किया है। मोबाइल हैक कर उड़ाए 56 हजार रुपए गांव बास पद्मका, तहसील पटौदी के रहने वाले पवन कुमार ने शिकायत दी कि ड्यूटी के दौरान उनका मोबाइल अचानक हैक हो गया। बिना किसी ओटीपी या लिंक पर क्लिक किए, उनके फोनपे से जुड़े इंडियन बैंक खाते से 50,000 रुपए और 6,000 रुपए कटने के मैसेज प्राप्त हुए। इस मामले में भी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस की अपील- अनजान पर भरोसा न करें साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड, लिंक या कॉल पर भरोसा न करें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत बिगाड़ देगी सेहत, शरीर बन जाएगा बीमारियों का घर
हाई टेक्नोलॉजी की दुनिया में लोगों के लिए मोबाइल से 5 मिनट भी दूर रह पाना मुश्किल है। रील देखने और सोशल मीडिया चलाने की लत इतनी ज्यादा लग चुकी है कि लोग टॉयलेट में भी मोबाइल को अपने साथ लेकर जाते हैं और जरूरत से ज्यादा समय वही बिता देते हैं।
महिलाओं के मोबाइल पर बैन : जब चौपाल संविधान से ऊपर बैठ जाए
राजस्थान के जालोर जिले के जसवंतपुरा क्षेत्र के गाजीपुरा गांव में आयोजित एक सामाजिक पंचायत के पंच-पटेलों ने महिलाओं और बेटियों के लिए कैमरा युक्त मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया। महिलाएं मोबाइल फोन को सार्वजनिक समारोहों के साथ-साथ पड़ोसियों के घर जाने के दौरान भी नहीं ले जा सकेंगी। यह पाबंदी किसी ... Read more
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

