Data Theft By Meta: सुप्रीम कोर्ट ने आज मेटा को अपने यूजर्स की प्राइवेसी चोरी करने पर कड़ी फटकार लगाई है. इसको लेकर कोर्ट की ओर से कंपनी को अल्टीमेटम दिया गया है.
सवाई माधोपुर: साइबर ठगी के आरोप में महेंद्र गिरफ्तार, मोबाइल जब्त
सूरवाल थाना पुलिस ने एंटी वायरस अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए सट्टा लगवाने और निवेश दोगुना करने का झांसा देने वाले आरोपी को पकड़ा।
जबलपुर में कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर एक वकील के साथ मोबाइल लूट की वारदात सामने आई है। बदमाश वकील का मोबाइल छीनकर मौके से फरार हो गया। घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें लुटेरे की तस्वीर साफ नजर आ रही है। 51 साल के पीड़ित वकील अमित शर्मा ने अपनी शिकायत में लिखा, 3 फरवरी को करीब डेढ़ बजे कलेक्ट्रेट के गेट नंबर एक के सामने अपने अधिवक्ता मित्र से बातचीत कर रहा था। उसी समय एक मोटरसाइकिल चालक मेरे हाथ से मेरा मोबाइल छीन कर तेजी से घंटाघर की तरफ भागा। एक राहगीर की मोटरसाइकिल से मैने उसका पीछा किया लेकिन वो पकड़ में नहीं आया। मामले की जानकारी मिलते ही ओमती थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच जारी है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश की जा रही है। कलेक्ट्रेट बार सचिव ने सुरक्षा पर उठाए सवाल कलेक्ट्रेट बार सचिव, एडवोकेट यशवंत दुबे ने कहा, ये घटना कलेक्ट्रेट गेट नंबर 1 के सामने हुई है। यहां से तहसीलदार, एसडीएम, कलेक्टर सब आते हैं। ऐसी जगह पर अधिवक्ता सुरक्षित नहीं है तो कौन सुरक्षित होगा। अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। पास में ही हाईकोर्ट है। कई बड़े सरकारी दफ्तर हैं। हाई सिक्योरिटी वाला इलाका है। ऐसे में यहां इस तरह की घटना पुलिस प्रशासन की सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं। कोई यहां अधिवक्ता से बिना डरे मोबाइल छीन सकता है तो कोई अंदर जाकर बम विस्फोट नहीं कर सकता क्या? कल के दिन कलेक्टर के साथ भी लूट हो सकती है। हमारा निवेदन है कि यहां सुरक्षा बढ़ाई जाए।
बोकारो के सिटी सेंटर स्थित तनिष्क ज्वेलर्स शोरूम में 11 जनवरी 2026 को हुई लूट के प्रयास की घटना में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में सेक्टर-4 थाना में 12 जनवरी 2026 को अज्ञात अपराधियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक नगर के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम ने घटनास्थल के आसपास के साक्ष्यों को खंगालते हुए आरोपियों की पहचान की और 2 फरवरी 2026 को बेगूसराय, बिहार से दोनों संदिग्धों को हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए बोकारो लाया गया। पूछताछ में कबूला जुर्म, हथियार और मोबाइल बरामद बोकारो लाकर की गई सघन पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने तनिष्क ज्वेलर्स शोरूम में लूट के प्रयास में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने एक देशी पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, एक पिठूबैग और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, ये सामान वारदात में इस्तेमाल किए जाने वाले थे। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान प्रिंस कुमार (20 वर्ष), पिता बिरजू महतो और मो. समशाद (24 वर्ष), पिता मो. मुख्तार के रूप में हुई है। दोनों आरोपी बिहार के बेगूसराय जिले के चेरियाबरियारपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। आपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिस पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी प्रिंस कुमार के खिलाफ पहले से ही एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत दो मामले दर्ज हैं। वहीं, दूसरे आरोपी मो. समशाद के विरुद्ध सिलीगुड़ी थाना में भी एक आपराधिक मामला दर्ज है। इससे यह स्पष्ट होता है कि दोनों अपराधी पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहे हैं। एसपी ने कहा कि बोकारो पुलिस जिले में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है और संगठित अपराधियों के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते अपराधियों को पकड़ा जा सके।
करौली के सपोटरा क्षेत्र स्थित कालीसिल बांध में डूबे एक 65 वर्षीय बुजुर्ग हरिमोहन मीणा का शव मंगलवार को बरामद कर लिया गया। सोमवार से लापता हरिमोहन की तलाश में प्रशासन द्वारा रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा था। कैलादेवी थाना अधिकारी रामावतार ने बताया कि सोमवार को हरिमोहन मीणा के लापता होने की सूचना मिली थी। बांध के किनारे उनके कपड़े और मोबाइल फोन मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और आपदा प्रबंधन टीम मौके पर पहुंची और तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया। प्रारंभिक जांच में बांध किनारे मिले कपड़े और मोबाइल फोन पटपरी पंचायत अमरबाड़ सपोटरा निवासी हरिमोहन मीणा पुत्र कजोड़या मीणा के होने की पुष्टि हुई। इससे उनके बांध में गिरने और डूबने की आशंका गहरा गई थी। तलाशी के दौरान बांध क्षेत्र में पैरों के निशान भी मिले थे। रेस्क्यू अभियान के दौरान जलाशय में मगरमच्छों की मौजूदगी की सूचना मिली, जिससे बचाव कार्य में अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। सुरक्षा कारणों से गोताखोरों द्वारा सीमित दायरे में ही तलाश की गई। अंधेरा होने के कारण सोमवार शाम को अभियान रोक दिया गया था। मंगलवार को सिविल डिफेंस टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद हरिमोहन मीणा का शव बांध से बाहर निकाला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और फिर परिजनों को सुपुर्द कर दिया। इस अभियान में पुलिस, सिविल डिफेंस और आपदा प्रबंधन टीम के साथ स्थानीय गोताखोरों ने भी सहयोग किया। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
अजमेर में एक प्रॉपर्टी कारोबारी से साइबर फ्रॉड हुआ। साइबर ठगों ने शेयर मार्केट में निवेश कर मुनाफा होने का झांसा देकर पीड़ित से अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए 8 लाख 50 हजार रुपए हड़प लिए। आरोपियों ने मुनाफे का झांसा देकर पीड़ित के मोबाइल नंबर को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा। वहीं मोबाइल में एप्लीकेशन डाउनलोड करवाई। इसमें करीब 51 लाख रुपए का फर्जी लाभ दिखाते रहे। पीड़ित हितेश कुमार साहू ने मामले की शिकायत सोमवार को साइबर थाने में दी है। पुलिस मामले में जांच में जुटी है। शेयर मार्केट में मुनाफे का दिया झांसा साइबर थाना पुलिस के अनुसार वैशाली नगर निवासी प्रॉपर्टी कारोबारी हितेश कुमार साहू ने मुकदमा दर्ज करवाया है। पीड़ित ने शिकायत देकर बताया कि दिसंबर 2025 में उसके मोबाइल नंबर पर एक व्हाट्सएप मैसेज आया था। मैसेज भेजने वाले व्यक्ति ने अपने आप को RB शेयर मार्केट का एडवाइजर बताया था। बाद में उसे अपनी कंपनी में शेयर मार्केट में निवेश करने पर अच्छा मुनाफा होने का झांसा दिया। लिंक भेज कर एप्लीकेशन डाउनलोड करवाई पीड़ित हितेश कुमार साहू ने बताया- उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। जहां कई और लोग भी जुड़े हुए थे। इसके बाद ग्रुप में लिंक भेजकर मोबाइल पर एप्लीकेशन डाउनलोड करवा कर रजिस्ट्रेशन करवाया और रुपए इन्वेस्ट करवाए गए। इसके बाद उसने अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए 8 लाख 50 हजार रुपए इन्वेस्ट किए थे। एप्लीकेशन में उसे मुनाफा जोड़कर करीब 51 लाख रुपए दिखाए गए थे। जब उसने वह राशि विड्रॉल करना चाहा तो नकदी विड्रॉल नहीं हुई। उसने कंपनी का मोबाइल नंबर निकाल कर संपर्क किया तो कंपनी ने एप्लीकेशन के लिए मना कर दिया। साइबर थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
बक्सर पुलिस ने 15 लाख के 73 मोबाइल लौटाए:ऑपरेशन मुस्कान के तहत SP ने मालिकों को सौंपे फोन
बक्सर पुलिस ने बिहार पुलिस मुख्यालय, पटना के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने चोरी या गुम हुए कुल 73 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 15 लाख रुपये है। मंगलवार को बक्सर पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य के नेतृत्व में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बरामद किए गए सभी मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। अपने खोए हुए फोन वापस पाकर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी और उन्होंने पुलिस की इस पहल की सराहना की। 18वें चरण तक कुल 1541 मोबाइल फोन बरामद पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 'ऑपरेशन मुस्कान' के 18वें चरण तक बक्सर पुलिस अब तक कुल 1541 मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली धारकों को सौंप चुकी है। यह अभियान जिले में लगातार प्रभावी साबित हो रहा है और इससे आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। त्वरित कार्रवाई कर संपत्ति की बरामदगी सुनिश्चित की जाएगी इस अवसर पर एसपी शुभम आर्य ने कहा कि मोबाइल के साथ-साथ अन्य चोरी या गुम हुई संपत्ति, जैसे बाइक आदि की भी बरामदगी कर सामूहिक रूप से लोगों को लौटाने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी व्यक्ति की संपत्ति खोने पर उसे दुख होता है और पुलिस का कर्तव्य है कि वह लोगों की खोई या चोरी हुई संपत्ति को खोजकर वापस करे, ताकि उनके चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट सके। पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल या अन्य सामान गुम या चोरी होने पर तुरंत संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई कर संपत्ति की बरामदगी सुनिश्चित की जा सके।
धार की ग्राम पंचायत दिग्ठान में सरपंच और उनके पुत्र की दबंगई का मामला सामने आया है। गांव की समस्याओं को लेकर पंचायत पहुंचे एक युवक के साथ सोमवार को महिला सरपंच ने मारपीट की, जबकि सरपंच के पुत्र पर युवक का मोबाइल फोन छीनने का आरोप है। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोमवार को मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। पंचायत कार्यालय में युवक से मारपीट वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि ग्राम पंचायत दिग्ठान की सरपंच शांताबाई गांव के युवक यशवंत को थप्पड़ मारती हैं। इस दौरान युवक उनसे कहता है, अब पंचायत में नहीं आए क्या? इस पर महिला सरपंच जवाब देती हैं, नहीं, पंचायत में आ… 50 बार आ। इसके बाद युवक यह कहते हुए नजर आता है, हां, मारो मुझे… मारो, मैं आपसे अच्छे से बात कर रहा हूं ना। इसी बीच महिला सरपंच युवक से कहती हैं, उस दिन तूने लफड़े क्यों किए थे? युवक इसका जवाब देते हुए कहता है कि उसने कोई लफड़ा नहीं किया। इसी दौरान युवक का कॉलर पकड़कर महिला सरपंच फिर युवक को थप्पड़ मारती है। सरपंच का पुत्र भी रहा मौजूद घटना के दौरान सरपंच का पुत्र विनोद भी मौके पर मौजूद था। आरोप है कि उसने युवक को धमकाते हुए उसका मोबाइल फोन छीन लिया, ताकि घटना की रिकॉर्डिंग और सबूत सामने न आ सकें। घटना के समय शिकायत लेकर पहुंचे अन्य ग्रामीणों ने बीच-बचाव किया और सरपंच के इस व्यवहार का कड़ा विरोध जताया। ग्रामीणों ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताया। ग्राम सभा विवाद से जुड़ा मामला पीड़ित युवक यशवंत ने बताया कि 27 जनवरी को ग्राम सभा के दौरान सरपंच मौजूद नहीं थीं। इस दौरान उसने ग्राम सभा की वीडियो रिकॉर्डिंग की थी। सरपंच की गैरमौजूदगी को लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई और ग्राम सभा का बहिष्कार भी किया गया था। इसी बात से नाराज थीं सरपंच यशवंत का कहना है कि ग्राम सभा में सरपंच की अनुपस्थिति को लेकर उठे सवालों से सरपंच नाराज थीं। इसी रंजिश के चलते पंचायत पहुंचने पर उसके साथ मारपीट की गई। पीड़ित युवक ने आरोप लगाया कि ग्राम दिग्ठान में विकास कार्य सिर्फ कागजों में हो रहे हैं। पंचायत द्वारा कई कार्यों की राशि निकाल ली गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम दिखाई नहीं देता। भ्रष्टाचार की शिकायत लेकर पहुंचा था पंचायत यशवंत ने बताया कि वह इन्हीं कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायत लेकर पंचायत पहुंचा था। लेकिन शिकायत सुनने के बजाय उसके साथ मारपीट की गई और मोबाइल छीन लिया गया। युवक ने सरपंच पर अपने घर से अवैध रूप से शराब का कारोबार संचालित करने का भी आरोप लगाया है। इस मामले में भी जांच और कार्रवाई की मांग की गई है। वीडियो में महिला को लोग समझा रहे है फिर भी नहीं मानी वायरल वीडियो में महिला सरपंच यह कहते हुए दिखाई दे रही हैं कि इसने पंचायत में कितने लफड़े कर रखे हैं। इसी बीच वहां मौजूद कुछ लोग सरपंच को समझाते नजर आते हैं और कहते हैं कि उन्होंने गलत किया है और किसी के साथ मारपीट नहीं करनी चाहिए थी। वीडियो में कुछ लोग यह कहते हुए भी सुनाई देते हैं कि इस पूरे मामले का वीडियो कलेक्टर को भेजा जाना चाहिए। इस पर मौके पर मौजूद लोगों द्वारा महिला सरपंच से सवाल किया जाता है कि आप सरपंच हैं तो क्या जनता को मारोगी? इसने आपको कोई गाली नहीं दी है। यह आपका गलत तरीका है। वहीं युवक भी वीडियो में यह कहते हुए सुनाई देता है कि “आपने मुझ पर हमला किया है, यह गलत बात है। वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप घटना का वीडियो सामने आने के बाद गांव और आसपास के इलाके में आक्रोश का माहौल है। लोग सरपंच और उनके पुत्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पंचायत व्यवस्था में विश्वास बना रह सके।
खटखट गैंग ने कार चालक को फंसाकर मोबाइल चुराया
जयपुर | माणक चौक इलाके में खटखट गैंग के बदमाशों ने कार चालक को बातों में फंसाकर मोबाइल चुरा लिया। इस संबंध में पीड़ित सियाराम नगर सांगानेर निवासी प्रहलाद नारायण शर्मा ने रविवार को माणक चौक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि बड़ी चौपड़ के पास त्रिपोलिया बाजार में एक युवक ने उनको बातों में फंसाकर मोबाइल लेकर भाग गया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बदमाशों की तलाश के लिए घटनास्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी के फुटेज खंगालने में जुटी है।
गयाजी में यात्रियों ने 2 मोबाइल चोर को पकड़ा:चोरी के चार फोन बरामद; मोबाइलों की कीमत 56 हजार रुपए
गयाजी में रेल यात्रियों की भीड़, प्लेटफॉर्म की चहल-पहल और ट्रेन पकड़ने की अफरा तफरी का फायदा उठाकर जेब साफ करने वालों पर रेलवे सुरक्षा बल ने शिकंजा कसा है। ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर की कार्रवाई की गई है। इसमें आरपीएफ ने दो बदमाश को चोरी किए गए चार मोबाइल फोन के साथ धर दबोचा। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत 56 हजार रुपये बताई गई है। कार्रवाई सोमवार को डीडीयू मंडल के वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त के दिशा-निर्देशन में की गई। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी निरीक्षक बनारसी यादव के नेतृत्व में गठित टीम प्लेटफॉर्म संख्या-06 पर दिल्ली छोर स्थित शौचालय के पास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। इस दौरान एक युवक की तलाशी ली गई, जिसके पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए। इसके कुछ ही मिनट बाद दूसरे युवक को भी उसी स्थान से दबोच लिया गया। दो एंड्रॉयड मोबाइल बरामद गिरफ्तार पहले आरोपी की पहचान अनिश कुमार (22), निवासी दिघा, थाना धनगायी, भोजपुर के रूप में हुई। उसके पास से सैमसंग और वीवो कंपनी के दो एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किए गए। इनमें एक मोबाइल में जियो सिम लगा हुआ था। दूसरा आरोपी आशुतोष कुमार (20), निवासी दावा, थाना जगदीशपुर, भोजपुर बताया गया। उसकी जेब से पोको और रेडमी कंपनी के दो मोबाइल मिले, जिनमें एक में वीआई कंपनी का सिम पाया गया। पूछताछ में दोनों युवक संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। मौके पर ही आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर आरोपियों को जीआरपी के हवाले किया गया। उप निरीक्षक अनिल कुमार चौधरी की शिकायत पर जीआरपी थाना गया में कांड संख्या 28/26 दर्ज की गई है। मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(5) के तहत पंजीकृत किया गया। आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और स्टेशन परिसर में अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पत्नी ने लकवाग्रस्त पति को कीटनाशक पिलाकर मार डाला। पत्नी ने फूलों में छिड़काव के बहाने बेटे से कीटनाशक मंगवाया था। बेटे ने पुलिस को बताया कि मां किसी से फोन पर बात करती थी। पुलिस ने अफेयर की आशंका जताई थी। पुलिस को कॉल डिटेल से पता चला कि महिला अपने बॉयफ्रेंड शमशेर के संपर्क में थी। दोनों मोबाइल पर लगातार बात करते थे और साथ मिलकर नई जिंदगी शुरू करने का प्लान बना रहे थे। इस वजह महिला ने अपने पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची। इस साजिश में उसके बॉयफ्रेंड ने भी साथ दिया। पुलिस ने शमशेर को दुर्ग से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पत्नी पहले ही जेल भेजी जा चुकी है। मामला दर्री थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक अरुण सिंह (38) परिवार के साथ आशा नगर लाटा में रहता था। डेढ़ साल पहले उसे लकवा मार गया था। वह पूरी तरह पत्नी बंटी देवी (35) पर डिपेंड था। 27 जनवरी की शाम पत्नी ने पानी में कीटनाशक मिलाया और पति को पीला दिया। इस दौरान बेटी ने मां को पानी में कीटनाशक मिलाते देख लिया था। अपने बड़े भाई (13 वर्ष) को इसकी जानकारी दी। बच्चों ने घर में रखी कीटनाशक की शीशी देखी, जो पूरी तरह खाली थी। जब अरुण की तबीयत बिगड़ने लगी तो पत्नी अस्पताल ले जाने में टालमटोल करती रही। रात भर अरुण की हालत गंभीर बनी रही। 28 जनवरी की तड़के अरुण को अस्पताल ले जाया गया। 30 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बच्चों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी पत्नी ने कीटनाशक पिलाकर हत्या करने की बात स्वीकार कर ली। देखिए पहले ये तस्वीरें- अब पढ़िए हत्या की पूरी कहानी दरअसल, अरुण सिंह लकवाग्रस्त होने के साथ-साथ टीबी का भी मरीज था। पिछले डेढ़ सालों से पत्नी बंटी देवी देखभाल कर रही थी। परिवार वाले उसे आर्थिक रूप से मदद भी करते थे। 13 साल के बेटे के मुताबिक, मां मोबाइल पर किसी से बात करती थी। 27 जनवरी सुबह मां ने बेटे से फूलों में छिड़काव के लिए के लिए कीटनाशक मंगाया। बेटे ने कीटनाशक खरीदकर मां को दे दिया। शाम को उसने पहले बेटा-बेटी को कमरे से बाहर निकाल दिया। फिर कीटनाशक को पानी में मिलाकर पति को पिला दिया। पिता को कीटनाशक पिलाते हुए बेटी ने खिड़की से देख लिया। उसने यह बात बड़े भाई को बताई। लेकिन मां ने बहाना बनाकर बात को टाल दिया। बाद में बेटे ने कीटनाशक की शीशी देखी, जो खाली थी। इस बीच रात करीब 1:30 बजे अरुण सिंह को उल्टियां होने लगी। अस्पताल ले जाने के लिए टालमटोल करती रही बच्चे पिता को अस्पताल ले जाने के लिए कहते रहे, लेकिन मां टालमटोल करती रही। रात भर पिता तड़पता रहा। 28 जनवरी की तड़के उसे जिला मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो दिन तक चले इलाज के बाद 30 जनवरी की सुबह पिता ने दम तोड़ दिया। सख्ती से पूछताछ करने पर जुर्म स्वीकारा मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। बच्चों की दी गई जानकारी के आधार पर सिविल लाइन पुलिस ने बंटी देवी को पति की हत्या के संदेह में हिरासत में लिया। पहले वह पुलिस को गुमराह करती रही, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने जुर्म कबूल कर किया। आरोपी पत्नी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल इस मामले में पुलिस का कहना है कि शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। आरोपी पत्नी के खिलाफ हत्या की धारा के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। आगे की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है। कॉल डिटेल से पकड़ा गया महिला का बॉयफ्रेंड पुलिस की जांच में पता चला कि बंटी देवी की जान-पहचान दुर्ग के रहने वाले शमशेर नाम के युवक से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बात प्यार तक पहुंच गई। पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों मोबाइल पर लगातार बात करते थे और साथ मिलकर नई जिंदगी शुरू करने का प्लान बना रहे थे। इसी दौरान बंटी देवी ने अपने पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची। इस दौरान वह लगातार अपने बॉयफ्रेंड शमशेर के संपर्क में थी, जिसकी पुष्टि कॉल डिटेल रिकॉर्ड से हुई है। …………………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… मामी-भांजा अफेयर, दुपट्टे से गला घोंटा, चाकू से काट डाला:भांजे ने बर्थडे के दिन मारा, पति को छोड़कर 2 साल से लिव-इन में थी छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में युवक ने अपनी ही मामी को मार डाला। महिला ने पहले पति को छोड़कर रिश्ते में अपने से 2 साल छोटे भांजे से लव मैरिज की थी। आरोपी को शक था कि उसकी पत्नी कई लड़कों से फोन पर बात करती है। जब उसने इस बात से इंकार किया तो दोनों में झगड़ा हो गया। पढ़ें पूरी खबर…
शेखपुरा पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत 25 खोए हुए मोबाइल बरामद कर उनके मालिकों को लौटा दिए हैं। सोमवार को एसपी बलराम कुमार चौधरी ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिला पुलिस कार्यालय में एक विशेष शिविर आयोजित कर इन मोबाइलों को उनके धारकों को सौंपा। बरामद किए गए मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 4 लाख रुपये बताई गई है। एसपी ने अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में 25 लोगों को अपने हाथों से मोबाइल लौटाए। इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए एसपी ने बताया कि पिछले दो महीनों में पुलिस ने लगभग 200 खोए हुए मोबाइल बरामद कर वापस किए हैं। ऑपरेशन मुस्कान से जुड़ी तस्वीरें… ऑपरेशन मुस्कान के तहत कार्रवाई जारीउन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न थानों में मोबाइल खोने संबंधी दर्ज सनहा (शिकायतों) के आधार पर तकनीकी अनुसंधान किया जाता है। इसके बाद खोए हुए मोबाइलों का पता लगाकर उन्हें बरामद किया जाता है। बरामदगी के बाद, मोबाइल धारकों को नोटिस भेजकर उनकी उचित पहचान सुनिश्चित करने के बाद मोबाइल वापस कर दिए जाते हैं। एसपी ने यह भी बताया कि 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। मोबाइल प्राप्त करने वाले सभी लोगों ने पुलिस की इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया है।
अमृतसर के तरनतारन रोड इलाके में एक लड़की से मोबाइल फोन छीनने की कोशिश का मामला सामने आया है। घटना उस समय हुई जब एक लड़की अपने घर से किसी काम के लिए बाहर निकली थी। रास्ते में एक युवक ने एक्टिवा पर सवार होकर लड़की से मोबाइल छीनने का प्रयास किया। जानकारी के अनुसार, आरोपी ने लड़की का मोबाइल छीनने की कोशिश की। लड़की ने खुद को बचाने के लिए मोबाइल सड़क के दूसरी ओर फेंक दिया। इसके बावजूद आरोपी ने लड़की के साथ मारपीट की और उसे थप्पड़ मारे। इसके बाद आरोपी मोबाइल उठाकर मौके से फरार होने लगा। आरोपी का पीछा करते हुए लड़की गिरी लड़की ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की और उसकी एक्टिवा पकड़कर पीछा किया। इसी दौरान लड़की संतुलन बिगड़ने से सड़क पर गिर गई, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। घायल लड़की को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। CCTV में कैद हुई पूरी वारदात घटना की पूरी वारदात इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की पहचान की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से इलाके में गश्त बढ़ाने की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश जारी है।
केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के प्रयास जारी हैं। इसी क्रम में बिहार के सरकारी शिक्षकों और विद्यालयों में भी इसका प्रभाव दिख रहा है। नई तकनीक आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए मोतिहारी के डायट (DIET) भवन में टीबीटी (TBT) के माध्यम से एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार में मुख्य अतिथियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मेरा मोबाइल मेरी शिक्षा पद्धति को बच्चों के बीच प्रचारित करने पर जोर दिया। वक्ताओं ने बताया कि डिजिटल युग में मोबाइल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा का एक सशक्त माध्यम बन गया है। गूगल को 24x7 उपलब्ध एक ऐसे शिक्षक के रूप में प्रस्तुत किया गया, जो बच्चों को किसी भी विषय पर जानकारी और ज्ञान प्रदान कर सकता है। नई तकनीक से भी परिचित होंगे बच्चे मुख्य अतिथियों ने कहा कि सरकारी विद्यालयों के बच्चे भी मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन वीडियो, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म, शैक्षणिक ऐप्स और डिजिटल कंटेंट का उपयोग कर बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। इससे बच्चों की समझ बढ़ने के साथ-साथ वे नई तकनीक से भी परिचित होंगे। महिला शिक्षिकाओं ने TBT के तहत सुंदर गुलदस्ते बनाए कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने हस्तकला का भी प्रदर्शन किया। मेरा मोबाइल मेरी शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महिला शिक्षिकाओं ने टीबीटी के तहत सुंदर गुलदस्ते बनाए। इन गुलदस्तों को सम्मान व्यक्त करने के लिए डिजाइन किया गया था, जिसकी सभी ने सराहना की। सेमिनार में उपस्थित शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि तकनीक आधारित शिक्षा से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ रही है। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे सेमिनार भविष्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बिहार में इंटर की परीक्षा आज यानी 2 फरवरी से शुरू हो गई है, जो 13 फरवरी तक चलेगी। एग्जाम का आयोजन बिहार विद्यालय परीक्षा समिति(BSEB) की ओर से कराया जा रहा है। बांका के 33 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 22 हजार परीक्षार्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे। हालांकि 4 और 8 फरवरी को परीक्षा नहीं होगी। दो पालियों में परीक्षा, समय से पहले पहुंचना अनिवार्य परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जाएगी प्रथम पाली: सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक द्वितीय पाली: दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि पहली पाली में सुबह 9:00 बजे तक, दूसरी पाली में दोपहर 1:30 बजे तक परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश मिल सकेगा। निर्धारित समय के बाद आने वाले किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। देर से आने वालों के लिए शून्य सहनशीलता की नीति लागू रहेगी। जूता-मोजा वर्जित, तलाशी अनिवार्य कदाचार मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस बार कई सख्त नियम लागू किए गए हैं। जूता और मोजा पहनकर प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित, परीक्षार्थी केवल चप्पल पहनकर केंद्र में जा सकेंगे। मुख्य द्वार पर अनिवार्य फ्रिस्किंग, प्रवेश पत्र की सघन जांच के बाद ही अंदर जाने की अनुमति। महिला परीक्षार्थियों वाले केंद्रों पर महिला पुलिस बल की विशेष तैनाती। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी तरह की अनुचित सामग्री परीक्षा कक्ष तक न पहुंच सके। मोबाइल से स्मार्ट वॉच तक सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रतिबंधित नकल रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों में कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं मोबाइल फोन ब्लूटूथ स्मार्ट वॉच पेजर इलेक्ट्रॉनिक वॉच मैग्नेटिक वॉच सहित किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को परीक्षा केंद्र में ले जाना पूरी तरह वर्जित रहेगा। किसी भी प्रतिबंधित वस्तु के साथ पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। सीसीटीवी निगरानी, गहन मॉनिटरिंग से कदाचार पर नकेल सभी केंद्रों के अंदर और बाहर आवश्यक स्थानों पर सीसीटीवी लगाए गए हैं। परीक्षा के दौरान पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड की जाएगी। केंद्रों पर “आप सीसीटीवी निगरानी में हैं” से संबंधित फ्लेक्स और पोस्टर लगाए जाएंगे, जिससे कदाचार के प्रयासों पर रोक लग सके। परीक्षा संचालन के लिए प्रशासन की विशेष निगरानी जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला ने परीक्षा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संचालित कराने के लिए अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की है और सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रत्येक केंद्र पर सुरक्षा बल और दंडाधिकारी की तैनाती, अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित, विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष गश्ती व्यवस्था, जिला प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि कोई भी व्यक्ति यदि परीक्षा की शुचिता भंग करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों और परीक्षार्थियों से अपील प्रशासन ने परीक्षार्थियों से समय से पहले केंद्र पहुंचने, सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील की है। अभिभावकों से भी अनुरोध किया गया है कि वे परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न लगाएं और परीक्षा संचालन में सहयोग करें।
खगड़िया में इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 की शुरुआत 2 फरवरी से हो रही है। 13 दिनों तक चलने वाली यह परीक्षा जिला प्रशासन, पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त तैयारियों के बीच आयोजित की जाएगी। पूरे जिले में सदर और गोगरी अनुमंडल के 31 परीक्षा केंद्रों पर कुल 20,861 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस वर्ष परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष, कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराई जाएगी। दो पालियों में परीक्षा, देर से आने वालों को प्रवेश नहीं परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित होगी— पहली पाली: सुबह 9:30 बजे से 12:45 बजे तक दूसरी पाली: दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक जिला प्रशासन ने निर्देश दिया है कि परीक्षार्थी कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचें। निर्धारित समय के बाद किसी भी परीक्षार्थी को किसी भी परिस्थिति में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। प्रशासन ने इसे लेकर सख्त रुख अपनाया है, ताकि जांच प्रक्रिया सुचारू और व्यवस्थित रहे। सुरक्षा और निगरानी के लिए पुख्ता इंतजाम जिले में सदर अनुमंडल में 23 और गोगरी में 9 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, पर्याप्त पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी लगाए गए हैं और पूरी परीक्षा प्रक्रिया कैमरों की निगरानी में होगी। जूता-मोजा, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूर्णतः प्रतिबंधित कदाचार को रोकने के लिए प्रशासन ने इस बार कड़े नियम लागू किए हैं। जूता-मोजा पहनकर केंद्र में प्रवेश पूरी तरह वर्जित है। मोबाइल, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ, ईयरफोन पूर्ण प्रतिबंधित है। किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, व्हाइटनर और इरेजर निषिद्ध है। परीक्षार्थियों को केवल प्रवेश पत्र और वैध फोटो पहचान पत्र के साथ ही प्रवेश दिया जाएगा। प्रवेश से पहले हर छात्र की सघन फ्रिस्किंग अनिवार्य होगी। धारा-144 लागू, परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ पर रोक कदाचार पर रोक लगाने और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए जिले के सभी परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा-144 लागू कर दी गई है। परीक्षा केंद्रों के पास भीड़ लगाना, फोटो स्टेट और प्रिंटिंग दुकानों का खुला रहना, पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षा अवधि में अनावश्यक गतिविधि या गड़बड़ी पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। नकल या प्रतिबंधित सामग्री मिलने पर कड़ी कार्रवाई जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नकल करते पकड़े जाने या प्रतिबंधित वस्तु के साथ पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम, 1981 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा की पवित्रता और शुचिता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। यातायात व्यवस्था को भी दुरुस्त करने का निर्देश परीक्षा के दौरान शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में किसी तरह की भीड़भाड़ न हो, इसके लिए पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने यातायात विभाग को विशेष निगरानी और अतिरिक्त पुलिस बल लगाने का निर्देश दिया है। मुख्य चौक-चौराहों पर पुलिस की तैनाती से परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। प्रशासन की अपील- अनुशासन बनाए रखें, सहयोग करें अभिभावकों, परीक्षार्थियों और स्थानीय लोगों से प्रशासन ने अपील की है कि परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न करें। सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें। परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकलमुक्त बनाने में सहयोग करें। जिला प्रशासन का दावा है कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और परीक्षा सुरक्षित, पारदर्शी और कदाचारमुक्त तरीके से संपन्न कराई जाएगी।
लुधियाना शहर के सबसे पुराने माता रानी चौक स्थित मोबाइल मार्केट में चोरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ खरीदारी के बहाने आए एक प्रेमी जोड़े ने दुकानदार की आँखों में धूल झोंकते हुए कीमती आईफोन पर हाथ साफ कर दिया। यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। ग्राहक बनकर आए और कर दिया कांड दुकानदार सोनू ने जानकारी देते हुए बताया कि शाम के वक्त वह अपने साथी के साथ दुकान पर मौजूद था। तभी एक युवक और युवती फोन खरीदने के बहाने दुकान के अंदर दाखिल हुए। उन्होंने आते ही iPhone 13 Mini दिखाने की माँग की। जब सोनू ने उन्हें फोन दिखाया, तो वे उसे पसंद करने का नाटक करने लगे और फिर और विकल्प देखने के बहाने एंड्रॉयड फोन की माँग करने लगे। सीसीटीवी में क्या नजर आया? सीसीटीवी फुटेज में साफ़ दिख रहा है कि जोड़ा पहले दुकान के बाहर खड़ा होकर मोबाइल फोन देखता है और फिर अंदर आता है। जैसे ही दुकानदार दूसरे काउंटर की तरफ एंड्रॉयड फोन निकालने के लिए मुड़ता है, मौका पाकर युवक (पगड़ीधारी) काउंटर पर रखा आईफोन को फुर्ती से उठाकर अपनी जेब में डाल लेता है।जिस वक्त युवक चोरी कर रहा होता है, उसके साथ आई महिला दुकानदार को बातों में उलझाए रखती है ताकि उसका ध्यान भटक जाए। वह जानबूझकर पुराने (Used) फोन दिखाने की जिद करने लगती है। फोन जेब में डालने के बाद युवक अपनी साथी महिला को इशारा करता है और बाद में आकर लेंगे कहकर दोनों बड़े आराम से दुकान से बाहर निकल जाते हैं। स्टॉक चेक किया तो उड़े होश पीड़ित सोनू ने बताया कि उनके जाने के कुछ देर बाद जब वह काउंटर पर रखे फोन समेटने लगा, तो उसे एक फोन कम मिला। गिनती करने पर पता चला कि iPhone 13 Mini128 gb ब्ल्यू कलर (जिसकी बाजार कीमत लगभग 25,000 रुपये है) गायब था। तुरंत सीसीटीवी फुटेज चेक की गई, जिसमें जोड़े की यह करतूत साफ नजर आ गई। पुलिस को दी सूचना: दुकानदारों ने स्थानीय पुलिस को सूचित कर दिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। मार्केट एसोसिएशन ने भी अन्य दुकानदारों को ऐसे संदिग्ध जोड़ों से सावधान रहने की अपील की है।
साइबर ठगी का मामला:साइबर ठगों ने मोबाइल हैक कर 14 मिनट में 5.50 लाख रुपये दो बैंकों में किए ट्रांसफर
केवलादेव नेशनल पार्क में पक्षियों की चहचहाहट के बीच सैर कर रहे एक युवक के साथ साइबर ठगी का गंभीर मामला सामने आया है, जहां बैंकिंग अपडेट के नाम पर ठगों ने उसके खाते से महज 14 मिनट में 5.50 लाख रुपये निकाल लिए। केशर विहार में रह रहे 38 वर्षीय विनोद कुमार शर्मा केवलादेव घना घूमने पहुंचे थे। इसी बीच सुबह करीब 9:45 बजे उनके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से संदेश आया, जिसमें ‘एसबीआई आधार केवाईसी’ नाम की एक फाइल भेजी गई थी। बैंक से जुड़ा आधिकारिक संदेश बताकर भेजी गई इस फाइल पर क्लिक करते ही विनोद कुमार का मोबाइल अचानक हैंग हो गया और उन्होंने अपने फोन पर नियंत्रण पूरी तरह खो दिया। इसी दौरान साइबर ठगों ने उनके मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया और बैंक खाते से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन शुरू कर दिए। दोपहर 12:52 बजे से 1:06 बजे के बीच महज 14 मिनट में ठगों ने 5.50 लाख रुपये दो अलग-अलग बैंकों कोटक महिंद्रा बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खातों में ट्रांसफर कर दिए। ठगी का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित ने बैंक जाकर खाते की स्टेटमेंट देखी, जिसमें बड़ी राशि के ट्रांजेक्शन यूटीआर नंबरों के साथ दर्ज मिले। इसके बाद विनोद कुमार ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और सेवर थाने में रिपोर्ट दी। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया या कोई भी बैंक कभी भी व्हाट्सएप, एसएमएस या ई-मेल के जरिए एपीके फाइल, लिंक या ऐप डाउनलोड करने के लिए नहीं कहता। ग्राहक अपनी आधार केवाईसी केवल बैंक शाखा में जाकर, अधिकृत सेवा केंद्र पर या एसबीआई के आधिकारिक नेट बैंकिंग के जरिए ही अपडेट कर सकते हैं। अनजान नंबर से आने वाले ऐसे संदेशों से सावधान रहें, जिनमें केवाईसी अपडेट, खाता बंद हो जाएगा जैसे शब्द लिखे हों। ये साइबर ठगी के आम तरीके हैं। किसी भी परिस्थिति में ऐसे लिंक और ऐप को डाउनलोड नहीं करें। इसके साथ ही ओटीपी, पिन, पासवर्ड या कार्ड डिटेल साझा न करें। ^अगर कोई व्यक्ति गलती से किसी संदिग्ध लिंक या फाइल पर क्लिक कर देता है, तो तुरंत मोबाइल डेटा बंद करें, अपने बैंक को सूचना दें और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। --आशीष गोयल, रिजनल मैनेजर,एसबीआई जाने क्या होता है एपीके फाइल एपीके फाइल एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम का इंस्टॉलेशन पैकेज होता है, जिसमें ऐप का कोड, परमिशन मैनेजमेंट और रन टाइम कमांड शामिल होते हैं। साइबर ठग फर्जी एपीके में ट्रोजन या स्पायवेयर कोड एम्बेड कर देते हैं। जैसे ही यूजर इंस्टॉल फ्रॉम अननोन सोर्स की अनुमति देता है, ऐप डिवाइस एडमिन परमिशन, एक्सेसिबिलिटी सर्विस और स्क्रीन ओवरले का अधिकार हासिल कर लेता है। इसके बाद यह मैलवेयर बैकग्राउंड में चलकर की-लॉगिंग करता है, ओटीपी इंटरसेप्ट करता है, बैंकिंग ऐप की स्क्रीन रिकॉर्ड करता है और रिमोट सर्वर को डेटा भेजता है। इसी तकनीक से ठग रियल-टाइम में ट्रांजेक्शन को कंट्रोल कर खाते से रकम निकाल लेते हैं।
ग्वालियर में एक नाबालिग छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना रविवार दोपहर की है। जब छात्र दोपहर तक कमरे से बाहर नहीं निकला तो परिजनों को शक हुआ। कमरे का दरवाजा खोलने पर वह फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना उपनगर ग्वालियर के घासमंडी क्षेत्र में सुभाषपुरी हॉस्पिटल के पास की है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को निगरानी में लेकर जांच शुरू की। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि छात्र देर रात तक मोबाइल चला रहा था। उसका मोबाइल फोन पुलिस ने जब्त कर लिया है। फिलहाल मोबाइल लॉक है, लेकिन पुलिस को उससे अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। मृतक की पहचान घासमंडी निवासी 17 वर्षीय आयुष पाल के रूप में हुई है, जो 12वीं कक्षा का छात्र था। परिजनों के अनुसार, शनिवार रात उसने परिवार के साथ खाना खाया और अपने कमरे में सोने चला गया था। रविवार दोपहर तक बाहर नहीं आने पर मां कमरे में पहुंचीं, जहां का दृश्य बेहद हृदयविदारक था। शोर सुनकर अन्य परिजन भी पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, हालांकि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मोबाइल से खुलेगा मौत का राज पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि छात्र देर रात सोशल मीडिया पर सक्रिय था और किसी से बातचीत कर रहा था। मोबाइल फोन लॉक होने के कारण फिलहाल जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस मोबाइल को अनलॉक कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह किससे बात कर रहा था और आत्महत्या के पीछे की वजह क्या हो सकती है। थाना प्रभारी बोले- जांच की जा रही है ग्वालियर थाना प्रभारी प्रशांत शर्मा ने बताया कि नाबालिग छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है।
रणथंभौर नेशनल पार्क में टाइगर सफारी के दौरान मोबाइल फोन पर लगा पूर्ण प्रतिबंध
वन विभाग ने सुप्रीम कोर्ट और NTCA के निर्देशों पर वन्यजीवों के संरक्षण और शांति बनाए रखने के लिए यह कड़ा फैसला लिया है, पर्यटकों को गाइड के पास जमा करने होंगे फोन।
बाराबंकी पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत 106 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 22 लाख रुपये है। पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में सर्विलांस सेल और थाना स्तर की टीमों को यह सफलता मिली। इन मोबाइलों को सीईआईआर पोर्टल (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) के माध्यम से तकनीकी विश्लेषण और ट्रैकिंग के जरिए बरामद किया गया। विभिन्न थानों में दर्ज शिकायतों के आधार पर आईएमईआई नंबरों का उपयोग कर उनकी लोकेशन ट्रैक की गई, जिसके बाद अलग-अलग स्थानों से फोन मिले। बरामद किए गए मोबाइल फोन 01 फरवरी 2026 को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे गए। अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी श्री विकास चंद्र त्रिपाठी ने ये मोबाइल फोन सुपुर्द किए। अपने खोए हुए फोन और उसमें मौजूद महत्वपूर्ण डेटा वापस पाकर मालिकों ने बाराबंकी पुलिस का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बाराबंकी पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने पर तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं या सीधे सीईआईआर पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें। यह पोर्टल गुम हुए फोन को ब्लॉक करने, ट्रैक करने और शीघ्र बरामद करने में सहायक है। पुलिस ने साइबर फ्रॉड से बचाव के उपाय भी बताए और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा वेबसाइट cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करने की जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि पिछले तीन महीनों में मोबाइल रिकवरी टीम द्वारा 400 से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 77 लाख रुपये है। इन सभी फोनों को उनके स्वामियों को सौंपा गया है।
घाटमपुर में ट्रेन से कटकर युवक ने दी जान:हाथ में लिखा मोबाइल नंबर, परिजन बोले- मानसिक तनाव में था
कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र में शनिवार देर रात एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। कानपुर–बांदा रेलवे ट्रैक पर युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी ने घाटमपुर पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और परिजनों को सूचना दी। हाथ पर लिखा मिला मोबाइल नंबर, पहचान हुईमृतक की पहचान फतेहपुर जिले के जहानाबाद थाना क्षेत्र के औरंगाबाद कोड़ा निवासी 42 वर्षीय मोहम्मद इमरान के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार युवक के हाथ पर मोबाइल नंबर लिखा हुआ था, जिसके जरिए उसकी पहचान कर परिजनों से संपर्क किया गया। ट्रेन चालक ने घटना की जानकारी स्टेशन मास्टर को दी थी, जिसके बाद पुलिस सक्रिय हुई। मानसिक रूप से परेशान होने की बात आई सामनेपरिजनों ने पुलिस को बताया कि मोहम्मद इमरान बीते कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे और उनका इलाज भी कराया जा रहा था। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है। इंस्पेक्टर बोले- रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाईघाटमपुर इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने बताया कि परिजनों को सूचना देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गाजियाबाद में एक युवक ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। गंभीर हालत में उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। मरने से पहले युवक ने अपने मोबाइल पर सर्च किया था कि तुरंत मरने के लिए क्या करना चाहिए-फांसी लगानी चाहिए या जलकर मरना चाहिए। यह घटना शनिवार देर रात की है। पुलिस ने युवक का मोबाइल कब्जे में ले लिया है। उसकी पहचान मधुर यादव के रूप में हुई है। मधुर का चयन राजस्थान कोर्ट में स्टेनो के पद पर हुआ था। युवक ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। पड़ोसियों के अनुसार, मधुर का एक युवती से अफेयर चल रहा था। वहीं, उसके चाचा ने आत्महत्या की बात से इनकार करते हुए आरोप लगाया है कि किसी ने उसे नशीला स्प्रे सुंघाकर बेहोश किया और फिर पेट्रोल डालकर जला दिया।गा देखें घटनास्थल के तस्वीरें… राजस्थान में स्टेनो के पद पर हुआ चयन गाजियाबाद के मोदीनगर में मंगल विहार कॉलोनी में रहने वाले जितेंद्र यादव सिंचाई विभाग में तैनात हैं। उनका बड़ा बेटा मधुर यादव (25) का कुछ दिन पहले ही राजस्थान में कोर्ट में स्टेनो के पद पर चयन हुआ था। जिसकी ज्वाइनिंग डेट अभी नहीं आई थी। मधुर यादव 2 भाइयों में बड़ा था। छोटा भाई 12 वीं की पढ़ाई कर रहा है। घर से 2 KM दूर आग लगाई मधुर शनिवार रात करीब 9 बजे अपने घर से निकला था। घर से 2 किमी दूर निवाड़ी रोड पर 30 फीटा के पास उसने अपने शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। चूंकि, उस जगह पर ज्यादा भीड़भाड़ नहीं रहती इसलिए काफी देर बाद किसी ने देखा। उधर से गुजर रहे एक राहगीर अभिषेक ने मधुर को जलती हुई हालत में देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस तुरंत मधुर को मोदीनगर के प्राइवेट हॉस्पिटल में ले गई। जानकारी होने पर परिजन भी अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने बताया- मरीज 80 प्रतिशत तक जल गया है। डॉक्टरों ने उसे तुरंत दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। पुलिस ने झुलसी हुई हालत में मधुर से घटना के बारे में पूछा तो उसने अभिषेक नाम के एक युवक का नाम लिया। इसके बाद वह बयान में कुछ बोल नहीं सका। परिजन उसे लेकर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल लेकर गए। वहां रात में ही भर्ती कराया गया लेकिन रविवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। मोबाइल में सर्च किया मरा कैसे जाता है? मोदीनगर पुलिस ने जब मधुर के मोबाइल की फोन की जांच की तो पता चला कि 31 जनवरी को उसने गूगल पर सर्च किया कि मरा कैसे जाता है, फांसी से कैसे मरा जाता है, जलकर कैसे मरा जाता है। इसके बाद पुलिस ने मधुर के मोबाइल को कब्जे में लेकर साइबर एक्सपर्ट से भी राय ली है। पुलिस की जांच में सामने आया कि एक सप्ताह पहले भी युवक ने अपने एक राइट हाथ को जला लिया था। पड़ोसी बोले- लड़की से अफेयर था मधुर की मौत के बाद पड़ोस में रहने वाले एक युवक ने नाम न बताने की शर्त पर पुलिस को बताया- मधुर का एक लड़की से अफेयर था। हो सकता है कि लड़की के अफेयर में ही उसने यह कदम उठाया हो। लड़की शादी के लिए भी कहती थी। चाचा बोले- आत्महत्या नहीं कर सकता मेरा भतीजा मृतक मधुर के चाचा विजेंद्र यादव ने मोदीनगर थाने में तहरीर दी है। जिसमें उन्होंने कहा- मेरे भतीजे को किसी ने पेट्रोल डालकर आग लगाई। वह खुद आत्महत्या नहीं कर सकता और उसके साथ यह घटना किसी ने की है। जिसमें यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान मेरे भतीजे के ऊपर कोई नशीला स्प्रे किया। जिससे वह बेहोश हो गया। बाद में एक अभिषेक नाम के युवक ने पुलिस और हमें सूचना दी। परिवार हत्या की आशंका जता रहा है। ACP मोदीनगर अमित सक्सेना ने बताया कि युवक ने सुसाइड किया है। मोबाइल में इंटरनेट सर्च में यह साक्ष्य मिले हैं कि त्वरित मरा कैसे जाता है। जलकर कैसे मौत होती है, फांसी लगाकर कितनी देर में मौत हो जाती है। अब मोबाइल की पुलिस जांच कर रही है। ………….. ये खबर भी पढ़िए- अफसरी छोड़कर अलंकार घर पहुंचे तो मां ने गले लगाया:कानपुर में कहा- शंकराचार्य से मिलने जाऊंगा; नारे लगे- देखो शेर आया स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान के विरोध में इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री शनिवार को कानपुर में अपने घर पहुंचे। केशव नगर स्थित आवास पहुंचते ही घर की महिलाओं ने शंखनाद से उनका स्वागत किया। मां गीता अग्निहोत्री ने माला पहनाकर गले से लगाया। समर्थकों ने भी अलंकार अग्निहोत्री को फूल-माला से लाद दिया। लोगों ने नारेबाजी की- देखो-देखो शेर आया…। जमकर डांस किया। अलंकार ने सभी का अभिनंदन स्वीकार किया। पढ़िए पूरी खबर…
बड़वानी में थाने के सामने चोरी:लाखों के मोबाइल और नगदी लेकर फरार हुए चोर
बड़वानी शहर कोतवाली थाने के ठीक सामने स्थित एक मोबाइल दुकान में देर रात चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। चोर दुकान से लाखों रुपये कीमत के मोबाइल फोन और नकदी लेकर फरार हो गए। सुबह घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। दुकान संचालक जनार्दन ठाकुर ने बताया कि चोर करीब 15 हजार रुपये नकद, 15 से 20 महंगे मोबाइल फोन और मोबाइल एक्सेसरीज चुरा ले गए। चोरी गए सामान की कीमत करीब चार से पांच लाख रुपये बताई जा रही है। उन्हें सुबह करीब 5:30 बजे दुकान का ताला टूटा हुआ और शटर टेढ़ा नजर आया, जिसके बाद चोरी की जानकारी हुई। पुलिस मौके पर पहुंची, फिंगरप्रिंट टीम ने जुटाए सुराग सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने दुकान के अंदर बिखरे सामान का जायजा लिया। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की टीम ने भी दुकान के भीतर और आसपास से जरूरी सबूत जुटाए हैं। पहले भी हो चुकी है चोरी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल दुकान संचालक ने बताया कि यह उनकी दुकान में चोरी की दूसरी घटना है। इससे पहले भी कुछ साल पहले लाखों रुपये के मोबाइल और नकदी चोरी हो चुके हैं। खास बात यह है कि यह घटना थाने के ठीक सामने हुई है, जिससे पुलिस की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी जा रही है। मामले में अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा किया जा रहा है।
उदयपुर के सायरा थाना क्षेत्र में दो दिन पहले एक मोबाइल शॉप पर अचानक साइलेंट अटैक आने से टेम्पो ड्राइवर की मौत हो गई। घटना 30 जनवरी को शाम 7 बजे सायरा बस स्टेण्ड स्थित महादेव मोबाइल शॉप की है। जिसका सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इसमें चरावों का गुडा निवासी रोड सिंह(48) पिता मानसिंह खरवड़ रोड पार करते हुए किसी काम से मोबाइल शॉप पर पहुंचे। यहां लगी बेंच पर बैठे और पास रखे कैम्फर से ग्लास उठाकर पानी पीने की कोशिश की। तभी कुछ ही सेकंड में अचानक अचेत हो गए। दुकानदार सहित अन्य ग्राहक उन्हें इस अवस्था में देखकर हैरान रह गए। वे उन्हें तुरंत हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इधर, उनकी मौत की सूचना के बाद परिवार में मातम पसर गया। शोक के कारण गांव में चूल्हे तक नहीं जले। डॉक्टरों ने साइलेंट अटैक से बताया मौत का कारण: छोटे भाई बाबूसिंहमृतक के छोटे भाई और भाजपा मंडल महामंत्री बाबूसिंह खरवड़ ने बताया कि मुझे जैसे ही घटना का पता लगा कि मैं तुरंत मोबाइल शॉप पर पहुंचा। भाई को हॉस्पिटल लेकर गए। जहां डॉक्टरों ने साइलेंट अटैक का कारण बताते हुए उन्हें मृत घोषित कर दिया। वे स्वस्थ थे और उनको पूर्व में कोई बीमारी नहीं थी। उनके जाने का गहरा दुख है। उनके एक 21 वर्षीय लड़का और 15 वर्षीय लड़की है। लड़की का बचपन से एक हाथ नहीं है। भाई के शांत होने से उनके परिवार की आर्थिक हालत पर संकट खड़ा हो गया है।
क्रेडिट लिमिट बढ़ाने का झांसा दिया, मोबाइल हैक कर खाते से 3.41 लाख की निकासी की
साइबर अपराधियों ने तीन लोगों से ठगी की है। राजीवनगर के विवेक मिश्रा निजी कंपनी में काम करते हैं। विवेक को शातिर ने बैंक अधिकारी बनकर फोन किया। कहा-वह बैंक के क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट से बोल रहा है। उसने लिमिट बढ़ाने का झांसा दिया और कहा कि यह ऑफर कुछ ही समय के लिए है। इससे जुड़ी जानकारी आपको भेज रहा हूं। इसके बाद उनके मोबाइल पर एक एपीके फाइल भेज दी। एपीके फाइल में क्रेडिट कार्ड लिखा था। विवेक ने जैसे ही एपीके फाइल पर क्लिक किया उनका मोबाइल हैक हो गया। शातिर उनका मोबाइल ऑपरेट करने लगा। विवेक ने मोबाइल ऑफ कर दिया। कुछ देर बाद उन्होंने मोबाइल ऑन किया और बैलेंस चेक किया तो पता चला कि उनके खाते से 3.41 लाख की निकासी हो गई है। पालीगंज के सुदीप राज को भी क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट का अधिकारी बनकर फोन किया। उनके मोबाइल पर ओटीपी भी आया। सुदीप का कहना है कि उन्होंने शातिर को कोई जानकारी नहीं दी। इसके बाद भी खाते से 40 हजार की निकासी हो गई। न फोन, न ओटीपी आया, फिर भी खाते से 2.39 लाख की निकासी प्रिंस कुमार बाढ़ के रहने वाले हैं। उन्होंने साइबर थाने की पुलिस को बताया कि उनके पिता के खाते से 2.39 लाख की निकासी हो गई। शातिर ने उनके पिता को फोन नहीं किया। ओटीपी भी नहीं आया। जब खाता अपडेट कराया गया तो पता चला कि निकासी हो गई है। बैंक ने बताया कि निकासी यूपीआई से की गई है। एपीके फाइल आती है तो उसपर क्लिक नहीं करें। क्लिक करने पर आपका मोबाइल हैक हो जाएगा और खाता से निकासी हो जाएगी। ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक डिटेल्स या पासवर्ड किसी से शेयर नहीं करें। ठगी का शक होते ही इंटरनेट या वाईफाई बंद कर दें और तुरंत 1930 पर कॉल करें। cybercrime.gov.in पर भी शिकायत करें।
पूर्णिया में चोर को लोगों ने पीटा:पुलिस के हवाले किया, कहा- मोबाइल झपट कर भाग रहा था
पूर्णिया में मोबाइल झपट कर भागने के आरोप में युवक को लोगों ने पकड़ लिया। मौके पर जुटे लोगों ने युवक की जमकर धुनाई कर दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पिटाई के बाद लोगों ने पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी की पहचान रोहित कुमार के के तौर पर हुई है। जो मरंगा थाना क्षेत्र के मिल्की गांव का रहने वाला है। घटना शहर के कटिहार मोड़ टीओपी के पास की है। स्थानीय रवि कुमार ने बताया कि गुलाबबाग के रहने वाले एक युवक के हाथ से बाइक सवार बदमाश ने मोबाइल झपट लिया और मौके से फरार होने लगा। शोर मचाने पर आसपास मौजूद लोगों ने बदमाश का पीछा कर पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। भीड़ में खड़े जिस किसी शख्स को मौका मिला, उसने लात घुसो से पीटा। भीड़ में खड़े किसी शख्स ने चोर की पिटाई का वीडियो बना लिया। भीड़ में मौजूद लोगों ने पुलिस को फोन किया। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने युवक को लोगों की भीड़ के बीच से निकाला और फिर उसकी जान बचाई। पुलिस की पूछताछ में युवक ने बताया कि उसका नाम रोहित कुमार है और वो मरंगा का रहने वाला है। उसने किसी युवक से 2 हजार रुपए लिया था। आज वो ये रुपए लौटाने आया था। उसी युवक ने उसे फ़साने के लिए मोबाइल झपटमारी की अफवाह फैलाई। पुलिस ने युवक को लोगों के कब्जे से छुड़ाकर हिरासत में ले लिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि इन दिनों शहर में बाइक सवार मोबाइल झपट्टामार गिरोह सक्रिय है। खासकर लड़कियों, छात्रों और अकेले चल रहे लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। आए दिन मोबाइल छीनकर बदमाश फरार हो जाते हैं। हालांकि, पुलिस की सख्ती से काफी हद तक इस तरह की घटनाओं में कमी आई है।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के अटल बिहारी वाजपेयी स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज द्वारा आज 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एवं साइबर अपराध' विषय पर एक विशेष अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य डिजिटल युग में बढ़ते साइबर खतरों और उनसे जुड़ी कानूनी चुनौतियों के प्रति छात्र-छात्राओं को जागरूक करना था। डाटा चोरी और डिजिटल अरेस्ट पर चर्चा की मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद अपर पुलिस आयुक्त (कानपुर नगर पश्चिम) श्री कपिल देव सिंह ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि AI जहां एक ओर प्रगति का मार्ग प्रशस्त कर रहा है, वहीं अपराधी इसका दुरुपयोग कर नए-नए तरीकों से ठगी कर रहे हैं। उन्होंने डाटा चोरी, 'डिजिटल अरेस्ट', फेक कॉल, और सोशल मीडिया स्कैम जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से चेताया कि आजकल 'इंस्टेंट लोन' और 'फेक गेमिंग ऐप्स' के जरिए युवाओं को आसानी से जाल में फंसाया जा रहा है। साइबर क्राइम एक्सपर्ट सबइंस्पेक्टर सुश्री रिया तिवारी ने बताया कि अपराधी अक्सर लोगों के मन में डर या लालच पैदा करके उन्हें शिकार बनाते हैं। उन्होंने बताया कि, ठग वॉयस क्लोनिंग यानि एआई की मदद से अपनों की आवाज निकालकर पैसे ठग लेते हैं। फिशिंग लिंक भेजकर बैंकिंग जानकारी चुरा लेते हैं। स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स के जरिए आपके फोन का पूरा कंट्रोल अपराधियों के पास चला जाता है और आप ठगी का शिकार हो जाते हैं। कार्यक्रम में दूरसंचार विभाग (DoT) की आधिकारिक वेबसाइट के फायदों के बारे में भी बताया गया, जिससे नागरिक यह जान सकते हैं कि उनके नाम पर कितने सिम कार्ड चल रहे हैं। विधि विभाग की निदेशिका डॉ. स्मृति रॉय ने युवाओं से अपील की कि वे बुजुर्गों को साइबर अपराधों से बचाने के लिए 'यूथ गार्ड' की भूमिका निभाएं। अगर आप ठगी का शिकार होते हैं तो आपको राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करनी चाहिए। इसके साथ ही आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
पंजाब के लुधियाना में लूट, झपटमारी और चोरी की वारदातें बढ़ती जा रही है। बदमाशों पर नकेल कसने के लिए पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने विशेष टीमों का गठन किया हुआ है। इसी कड़ी के तहत पुलिस ने दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 2 मोटरसाइकिल और 10 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जानकारी देते हुए एडीसीपी जोन-1 समीर वर्मा और एसीपी सेंट्रल अनिल कुमार भनोट ने बताया कि थाना डिवीजन नंबर-4 के एसएचओ इंस्पेक्टर गुरजीत सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऋषि निवासी गली नंबर 1, आदिल निवासी गली नंबर 4, मेहरबान के रूप में हुई है। नशे की लत के कारण करते थी लूट पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी नशे की लत के चलते अपने साथियों के साथ मिलकर लूट और चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। आरोपियों के खिलाफ थाना डिवीजन नंबर-4 में FIR 30 जनवरी 2026 को धारा 304 और 317(2) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल करेगी, ताकि उनसे अन्य वारदातों और संभावित साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
सीकर में महिला 6 साल की बेटी के साथ लापता:21 साल की युवती बस डिपो से गुम, मोबाइल भी स्विच ऑफ
सीकर जिले में 26 साल की महिला और 21 साल की युवती की गुमशुदगी का मामला सामने आया है। 26 साल की महिला अपनी 6 साल की बेटी को साथ लेकर चली गई। वहीं 21 साल की युवती भी लापता है। पुलिस अब दोनों की तलाश कर रही है। पहला मामला : 26 साल की महिला के पति ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उनकी 26 साल की पत्नी 6 साल की बेटी को साथ लेकर 28 जनवरी की रात को कहीं पर चली गई। जिसकी उन्होंने काफी तलाश की लेकिन अभी तक कुछ भी पता नहीं चल पाया। दुूसरा मामला : 21 साल की युवती के पिता ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि अपनी बेटी को सीकर जाने के लिए उन्होंने अपने गांव के बस डिपो पर छोड़ा था। लेकिन अब तक युवती वापस नहीं लौटी है। परिजनों ने उसके मोबाइल पर भी कॉल किया लेकिन नंबर लगातार स्विच ऑफ आ रहा है।
सुल्तानविंड के मेन बाजार में मोबाइल टावर को लेकर विवाद
भास्कर न्यूज | अमृतसर सुल्तानविंड गांव के मेन बाजार में एक बैंक की इमारत के ऊपर मोबाइल टावर लगाए जाने को लेकर इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। टावर लगाने का काम शुरू होते ही लोगों ने इसका कड़ा विरोध किया और काम रुकवा दिया। इलाके के लोगों का कहना है कि बिना उनकी सहमति के रिहायशी इलाके में टावर लगाया जा रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। प्रदर्शन कर रहे निवासियों में गुरप्रीत सिंह, दविंदर सिंह, तरसेम सिंह, अमनदीप सिंह, सरबजीत कौर, रजवंत कौर, परमजीत सिंह सहित कई लोग शामिल रहे। उन्होंने बताया कि मोबाइल टावर से निकलने वाली रेडिएशन का बच्चों, बुजुर्गों और आम लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। जिस स्थान पर टावर लगाया जा रहा है, उसके चारों ओर घनी आबादी वाला रिहायशी इलाका है। इतना ही नहीं, टावर के ठीक सामने एक सरकारी स्कूल भी स्थित है, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर लोगों में खासा रोष है। इलाका निवासियों का आरोप है कि टावर लगाने से पहले न तो किसी तरह की सार्वजनिक सहमति ली गई और न ही उन्हें इसकी जानकारी दी गई। विरोध के दौरान लोगों ने संबंधित विभागों को शिकायत पत्र भी सौंपे और तुरंत कार्रवाई की मांग की। स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए नगर निगम के एमटीपी विभाग ने मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप किया और किसी भी तरह के झगड़े से बचने के लिए टावर लगाने का काम अस्थायी रूप से रुकवा दिया। एमटीपी अधिकारी नरिंदर शर्मा ने कहा कि निगम की टीम ने कोई झगड़ा न हो, इसलिए टावर का काम रुकवा दिया गया है। बाकी परमिशन देने का काम जिला प्रशासन का है।
व्यापार को बढ़ाने के लिए फरवरी में चैंबर लॉन्च करेगा मोबाइल ऐप
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस के वैश्विक मंच पर पहली बार झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स को प्रतिनिधित्व मिलने पर राज्यभर के व्यापारियों और उद्यमियों में उत्साह है। झारखंड चैंबर की कार्यकारिणी समिति की पांचवीं बैठक में इसे मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच बताते हुए कहा गया कि सरकार के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में चैंबर को शामिल किया जाना देश-विदेश के निवेशकों के लिए स्पष्ट संदेश है कि झारखंड अब निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है। यहां बैठक चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई। अध्यक्ष ने कहा कि झारखंड चैंबर सरकार के साथ मिलकर राज्य के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा। चैंबर उपाध्यक्ष राम बांगड़ ने कहा कि चैंबर अपने मेंबर्स को व्यापार में बढ़ावा देने के लिए फरवरी में ऐप लॉन्च करेगा। सह सचिव रोहित पोद्दार ने कहा कि नई इंडस्ट्री के साथ एग्जिस्टिंग इंडस्ट्री की समस्याओं का निराकरण वार्ता से की जाएगी। वहीं, पंडरा टर्मिनल मार्केट यार्ड को मतगणना केंद्र बनाए जाने पर उच्च न्यायालय की रोक को व्यापारियों के लिए बड़ी राहत बताया गया। बैठक में बजट, रेलवे कनेक्टिविटी, नए औद्योगिक क्षेत्रों और उप समितियों के गठन जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बैठक में महासचिव रोहित अग्रवाल, प्रवीण लोहिया, नवजोत अलंग व अन्य थे। झारखंड चैंबर ने मौजूदा उद्योगों की समस्याओं पर बैठक में चर्चा की। कोविड काल में बंद कई ट्रेनों का परिचालन अब तक शुरू नहीं हो पाया है, जिसे जल्द ही रेल मंत्री से मुलाकात कर पुनः शुरू कराने पर जोर दिया गया। मोबाइल ऐप में सभी सदस्यों का व्यावसायिक डेटा रहेगा। देश-विदेश के लोग इसे एक्सेस कर सकेंगे। चैंबर की कार्यकारिणी समिति की बैठक में उपस्थित पदाधिकारी।
पर्यटन जोन में मोबाइल का उपयोग प्रतिबंधित
सवाईमाधोपुर| रणथंभौर नेशनल पार्क में अब टूरिज्म जोन में मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस सम्बन्ध में रणथंभौर बाघ परियोजना के उपवन संरक्षक (पर्यटन) संजीव शर्मा ने आदेश जारी किए। बताया कि सर्वोच्च न्यायालय व अन्य की अनुपालना तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण के पत्रानुसार रणथंभौर नेशनल पार्क के टूरिज्म जोन में मोबाइल का उपयोग प्रतिबंधित किया गया है।
चोरी के मोबाइल बेचने वाला गिरोह काबू, 8 फोन बरामद
लुधियाना| शहर में राहगीरों से हथियार के बल मारपीट कर लूटपाट करने वाले गिरोह पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटे गए 8 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पहले मामले में थाना दरेसी की पुलिस ने दौलत कॉलोनी क्षेत्र में बाइक (PB-10-HR-5986) पर घूम रहे दो आरोपियों को काबू किया। जांच अधिकारी सुखविंदर सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में राहुल कुमार पुत्र राजेश कुमार और सुमित कुमार पुत्र अनिल कुमार, दोनों निवासी अशोक नगर, को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से 4 लूटे हुए मोबाइल फोन बरामद हुए। दूसरे मामले में थाना साहनेवाल की पुलिस ने लूटे गए मोबाइल फोन बेचने जा रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान सोनू पुत्र छोटे लाल निवासी आसा कांडा, गोविंद कुमार पुत्र रमेश चंद निवासी आंबेडकर नगर और मंदीप सिंह पुत्र चरणजीत सिंह निवासी बिलासपुर के रूप में हुई है। इनके कब्जे से भी 4 मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित थानों में मामला दर्ज कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। पूछताछ में गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और वारदातों का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।
राजस्थान: रणथम्भौर सफारी में मोबाइल फोन बैन, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर वन विभाग का फैसला
राजस्थान के रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान में सफारी के दौरान पर्यटकों को मोबाइल फोन का उपयोग करने की अनुमति नहीं होगी।
रणथंभौर टाइगर रिजर्व से आने वाले वाइल्ड लाइफ के बेहतरीन वीडियो अब मोबाइल कैमरे से रिकॉर्ड नहीं किए जा सकेंगे। वन विभाग की ओर से एक आदेश जारी किया गया है, जिसमें सफारी के दौरान मोबाइल के उपयोग पर रोक लगा दी गई है। सफारी से पहले जमा कराने होंगे फोनरणथंभौर टाइगर रिजर्व के पर्यटन डीएफओ संजीव शर्मा ने बताया कि पूर्व में सुप्रीम कोर्ट की ओर से वन्यजीवों के संरक्षण के लिए सफारी के दौरान मोबाइल फोन के उपयोग रोक लगाने के निर्देश दिए थे। इसके कारण आज रणथंभौर टाइगर रिजर्व में सफारी के दौरान पर्यटकों के मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। वन विभाग की ओर से ऑनलाइन बुकिंग साइट पर भी यह जानकारी जल्दी अपलोड कर दी जाएगी। इसी के साथ ही सफारी पर जाने वाले गाइडों को पर्यटकों के मोबाइल फोन के उपयोग करने से रोकने लिए निर्देशित किया गया है। अब यहां सफारी पर आने वाले पर्यटकों को सफारी से पहले मोबाइल गाइड के पास एक बैग में जमा कराने होंगे। जिसे सफारी के बाद लौटा दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि अब रणथंभौर के टाइगरों की रील्स सोशल मीडिया पर काफी शेयर की जाती थी। अब यह रोक लगने के बाद रील सोशल मीडिया पर सामने नहीं आएगी।
सीवान पुलिस ने 40 चोरी के मोबाइल किए बरामद:'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत मालिकों को सौंपे गए फोन
सीवान पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से चोरी हुए 40 मोबाइल फोन बरामद कर शुक्रवार को उनके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द किया। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा के कार्यालय कक्ष में आयोजित किया गया, जहां संबंधित लोगों को बुलाकर उनके मोबाइल फोन सौंपे गए। इस अवसर पर एसपी पूरन कुमार झा ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि पिछले दो महीनों के दौरान जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से मोबाइल चोरी की कई घटनाएं सामने आई थीं। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय पुलिस एवं जिला स्तर की विशेष टीमों का गठन किया गया। तकनीकी अनुसंधान, सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना के आधार पर लगातार कार्रवाई की गई, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 40 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए गए। अनुमानित कीमत लगभग 10 से 12 लाख रुपए एसपी ने बताया कि बरामद किए गए मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 10 से 12 लाख रुपए है। मोबाइल बरामद होने के बाद उनके वास्तविक मालिकों की पहचान कर उन्हें आज औपचारिक रूप से सौंपा गया। उन्होंने कहा कि पुलिस की यह कार्रवाई आमजन के बीच विश्वास बहाल करने और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लोगों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। इस दौरान डॉ. शैलेश कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बताया कि करीब दो माह पूर्व लकड़ी नबीगंज थाना क्षेत्र में उनके हाथ से झपट्टा मारकर मोबाइल चोरी कर ली गई थी। काफी प्रयास के बावजूद मोबाइल नहीं मिल रहा था, लेकिन पुलिस की सक्रियता और मेहनत के कारण उनका मोबाइल आज उन्हें वापस मिल गया। उन्होंने इसके लिए सीवान पुलिस और पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा का आभार व्यक्त किया। ऑपरेशन मुस्कान आगे भी जारी रहेगा एसपी पूरन कुमार झा ने कहा कि मोबाइल चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ऑपरेशन मुस्कान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि यदि उनके मोबाइल चोरी हो जाएं तो तुरंत नजदीकी थाना या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय पर कार्रवाई कर मोबाइल बरामद किया जा सके।
टीवी सीरियल नागिन की निर्माता एकता कपूर ने रणथंभौर में टाइगर सफारी की। सीरियल की अच्छी टीआरपी से उत्साहित एकता रिलैक्स नजर आईं। वे अपने दोस्तों और परिचितों के साथ गुरुवार को सवाई माधोपुर के होटल नाहरगढ़ पहुंचीं थी। शुक्रवार शाम उन्होंने खुली जिप्सी में जोन नंबर 4 में सफारी की। इस दौरान टाइग्रेस रिद्धी और उसके शावकों को देख वे काफी रोमांचित हुई और अपने मोबाइल कैमरा में फोटो और वीडियो लिए। सवाई माधोपुर के रणथंभौर नेशनल पार्क में टाइगर सफारी करने वाले सेलिब्रिटीज की फेहरिस्त में एकता कपूर का नाम भी जुड़ गया है। जोन-4 में की टाइगर सफारी मशहूर एक्टर जितेंद्र की बेटी और बालाजी टेलीफिल्म्स की डायरेक्टर एकता कपूर गुरुवार शाम रणथंभौर पहुंचीं थीं। वे सीधे पांच सितारा होटल नाहरगढ़ पहुंचीं। शुक्रवार शाम वे अपने साथियों के साथ कार से रणथंभौर टाइगर रिजर्व पहुंचीं और यहां से खुली जिप्सी में रणथंभौर के जोन नंबर 4 में टाइगर सफारी की। इस रूट पर उन्हें बाघिन रिद्धि और उसके शावकों का दीदार हुआ। उन्होंने अपने मोबाइल कैमरे में टाइगर्स को क्लिक किया। बाघिन और उसके शावकों को अठखेलियां करते देख एकता कपूर काफी खुश नजर आईं। सफारी के दौरान उन्होंने रणथंभौर टाइगर रिजर्व के प्राकृतिक सुंदरता को भी निहारा और इसकी जमकर तारीफ की। एकता कपूर हाल ही अपना नया सीरियल नागिन लेकर आई हैं। इससे पहले बालाजी टेलीफिल्म्स के जरिए वे क्योंकि सास भी कभी बहू थी जैसे सुपरहिट सीरियल बना चुकी हैं। उनके भाई तुषार कपूर भी एक्टर हैं। ये खबर भी पढ़ें बाघ ने बगुले को 5 मिनट मुंह में दबोचे रखा,VIDEO:पंजे से उठाकर पकड़ा, थोड़ी देर तक खेलता रहा; फिर जिंदा छोड़ दिया सवाई माधोपुर के रणथम्भौर में एक फिर बाघ की अठखेलियों को देखकर हर टूरिस्ट हैरान हो गया। बाघ बगुले को मुंह में लेकर घूम रहा था। टूरिस्टों को लगा बाघ ने शिकार किया है। तभी टाइगर ने बगुले को छोड़ दिया। देखते ही देखते बगुला उड़ गया। (पढ़ें पूरी खबर)
जालंधर में सरीन अस्पताल के पास उस समय हड़कंप मच गया जब एक स्नैचर ने एक लड़की का मोबाइल छीन लिया और फरार होने की कोशिश की। लड़की के शोर मचाने पर मोहल्ले के युवकों ने तुरंत मुस्तैदी दिखाई और चोर का पीछा करना शुरू कर दिया। बाइक कार से टक्कराई चोर की बाइक भागने की हड़बड़ाहट में एक इनोवा कार से टकरा गई। टक्कर के बाद चोर अपनी बाइक वहीं छोड़कर पास के एक घर में घुस गया, जहाँ लोगों ने उसे घेराबंदी कर काबू कर लिया। गुस्साए लोगों ने चोर को पिटा गुस्साए लोगों ने पकड़े गए चोर की पिटाई शुरू कर दी। खुद को घिरता देख चोर ने एक अजीब पैंतरा अपनाया और चिल्लाने लगा कि उसे 'एड्स' (AIDS) है। बीमारी की बात सुनकर संक्रमण के डर से लोगों ने उसे छोड़ दिया और वह मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस ने चोर की बाइक कब्जे में ली घटना की सूचना मिलते ही पीसीआर कर्मी राजेश कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने चोर की स्पलेंडर बाइक को कब्जे में ले लिया है, जिस पर कोई नंबर प्लेट नहीं लगी थी। फिलहाल पुलिस बाइक को थाने ले गई है और मामले की कानूनी कार्रवाई जारी है।
पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा की रेप-हत्या मामले में बड़ा अपडेट सामने आ रहा है। SIT को इस केस के संबंध में मोबाइल फोन से साक्ष्य मिले हैं। बताया जा रहा है कि मृतिका जो फोन इस्तेमाल करती थी, उसके डेटा के साथ छेड़छाड़ किया गया था। पुलिस के मुताबिक, मृतिका के फोन का डाटा रिकवरी हो गया है। अब SIT की नजर 3 संदिग्धों पर है। SIT सिर्फ DNA सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार तकर रही है। इन संदिग्धों से सैंपल मैच होते ही आगे की कार्रवाई की जायेगी। इन संदिग्धों में एक जहानाबाद और 2 पटना के हैं। आज शुक्रवार शाम तक DNA सैंपल की रिपोर्ट आने की संभावना है। वरीय अधिकारी विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले इस मामले का खुलासा करना चाहते हैं। आज पूरी SIT की टीम इसमें लगी है। मृतिका के मोबाइल फोन के डेटा को एनालाइज किया जा रहा है। इसमें SIT को स्नैप चैट से भी साक्ष्य हाथ लगे हैं। SIT की जांच अब तक कहां पहुंची, आगे क्या स्ट्रेटजी है? किसका सैंपल लिया गया है? सैंपलिंग पर परिजन क्या कहते हैं? पढ़िए रिपोर्ट…। DNA: अब तक 25 लोगों के सैंपल लिए, हर जानने वाले का टेस्ट होगा नीट छात्रा रेप-मौत केस में अब तक जांच एजेंसियां 25 लोगों के DNA सैंपल ले चुकी हैं। इनमें शंभू गर्ल्स हॉस्टल आने-जाने वाले युवक, हॉस्टल से जुड़े लोग, छात्रा को अस्पताल पहुंचाने में मदद करने वाले, परिजन और करीबी शामिल हैं। इस मामले में हॉस्टल संचालक के बेटे का भी DNA सैंपल लिया गया है। इससे साफ है कि SIT जांच में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरतना चाहती। FSL की जांच में छात्रा के कपड़ों से स्पर्म मिलने के बाद DNA मिलान जांच का सबसे अहम आधार बन गया है। इसी स्पर्म के DNA को सभी संदिग्ध लोगों के DNA से मैच किया जाएगा। जांच एजेंसियों का मानना है कि अगर एक भी प्रोफाइल मैच होती है तो केस की दिशा पूरी तरह साफ हो जाएगी। जज की मौजूदगी में मेडिकल गाइडलाइन के तहत DNA सैंपल लिए गए। सैंपल सील कर FSL भेजे गए हैं। SIT का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा रेफरेंस सैंपल लेकर जांच को कोर्ट में विवाद मुक्त बनाना जरूरी है। इसी वजह से परिजनों और मददगारों के भी सैंपल लिए गए। हालांकि इस पर परिवार ने आपत्ति जताई है। ट्रैवल हिस्ट्री की बारीकी से जांच, 11 दिन की हर मूवमेंट का मैप तैयार SIT अब छात्रा की 11 दिन की पूरी ट्रैवल हिस्ट्री खंगाल रही है। जांच 27 दिसंबर से शुरू होकर 6 जनवरी तक केंद्रित है। यह देखा जा रहा है कि छात्रा पटना और जहानाबाद में कहां-कहां गई। कितनी देर रुकी और किसके संपर्क में रही। 27 दिसंबर को छात्रा अपने परिजनों के साथ पटना से जहानाबाद गई थी। 5 जनवरी की दोपहर तक वहीं रही। 5 जनवरी को ट्रेन से पटना आई और सीधे शंभू गर्ल्स हॉस्टल गई। SIT ने इस पूरे सफर में शामिल स्कॉर्पियो ड्राइवर, ऑटो चालक और ट्रेन टाइमिंग तक की पुष्टि की है। मोबाइल टावर लोकेशन, गूगल लोकेशन हिस्ट्री और CCTV फुटेज के जरिए यह जांच हो रही है कि क्या इस दौरान कोई अनजान व्यक्ति छात्रा के संपर्क में आया। जांच एजेंसियां मानती हैं कि कई बार अपराध की कड़ी अपराध स्थल से पहले जुड़ती है। इसलिए ट्रैवल हिस्ट्री को बेहद गंभीरता से देखा जा रहा है। टावर लोकेशन से पता लगा रहे, कब-कहां एक्टिव रहा मोबाइल छात्रा के मोबाइल की टावर लोकेशन हिस्ट्री SIT के लिए अहम डिजिटल सबूत बन गई है। पुलिस पता लगाने में जुटी है कि किस समय मोबाइल किस टावर से कनेक्ट था। इससे यह साफ हो जाएगा कि छात्रा घटना से पहले, दौरान और बाद में किन इलाकों में मौजूद थी। खासतौर पर 5 जनवरी की शाम से 6 जनवरी दोपहर 2 बजे तक का डेटा अलग-अलग टाइम स्लॉट में जांचा जा रहा है। हॉस्टल व अस्पताल के पास के टावर और रास्ते में आने वाले टावरों के डेटा का मिलान किया जा रहा है। SIT सूत्रों के मुताबिक, टावर डेटा को संदिग्धों के मोबाइल लोकेशन से क्रॉस किया जा रहा है। अगर किसी संदिग्ध की लोकेशन छात्रा के मोबाइल के साथ मैच करती है तो वह जांच में बड़ा सुराग माना जाएगा। यह भी देखा जा रहा है कि मोबाइल लंबे समय तक किस जगह स्थिर रहा, जिससे घटना स्थल की पुष्टि हो सकेगी। कॉल डिटेल से पता चलेगा किससे आखिरी बातचीत हुई SIT छात्रा की एक महीने की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाल रही है। देखा जा रहा है कि छात्रा ने किन-किन लोगों से बात की। किन लोगों से फोन पर ज्यादा संपर्क रहा। आखिरी कॉल किसे की गई। 5 जनवरी की रात करीब 10 बजे छात्रा ने अपने पिता से बात की थी। इस दौरान उसने किसी परेशानी की बात नहीं कही। इसके बाद छात्रा की बात किन लोगों से बात हुई या नहीं हुई। यह जांच का अहम हिस्सा है। कॉल डिटेल को हॉस्टल रजिस्टर, CCTV फुटेज और संदिग्धों के मोबाइल रिकॉर्ड से मैच किया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या किसी नंबर से बार-बार कॉल या मैसेज आया, जिससे मानसिक दबाव या साजिश की आशंका हो। एक महीने की मोबाइल सर्च हिस्ट्री देखी जा रही जांच में सामने आया है कि छात्रा के मोबाइल में नींद की गोली से जुड़ी सर्च हिस्ट्री मिली है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि छात्रा ने किस मानसिक हालत में यह सर्च किया। इसके अलावा 5 जनवरी से 6 जनवरी दोपहर तक की सर्च हिस्ट्री को टाइमलाइन के साथ देखा जा रहा है। क्या कोई मेडिकल सर्च थी, क्या किसी दवा या लक्षण से जुड़ी जानकारी खोजी गई? इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। SIT का मानना है कि मोबाइल सर्च हिस्ट्री से यह संकेत मिल सकता है कि छात्रा पर कोई दबाव था या उसे किसी तरह की दवा दी गई। घटना की सीक्वेंस बना रही SIT और AIIMS की टीम SIT ने 27 दिसंबर से 11 जनवरी तक की पूरी इवेंट सीक्वेंस तैयार की है। इसमें छात्रा का घर जाना, वापस लौटना, हॉस्टल पहुंचना, अस्पताल में भर्ती होना और अंत में मौत तक की पूरी टाइमलाइन शामिल है। इस सीक्वेंस में पिता, ड्राइवर, हॉस्टल स्टाफ, डॉक्टर और रिश्तेदारों के बयान शामिल किए गए हैं। खास बात यह है कि प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में इलाज से पहले MLC तैयार की गई, जिससे पुलिस को सूचना मिली। SIT का कहना है कि यह पूरी सीक्वेंस कोर्ट में सबूत के तौर पर रखी जाएगी ताकि साफ हो सके कि किस स्तर पर क्या हुआ और किसकी जिम्मेदारी बनती है। AIIMS की टीम ने सोमवार-मंगलवार को घटना का सीन रीक्रिएट किया है। इसमें छात्रा के हॉस्टल से अस्पताल में भर्ती होने तक के मूवमेंट को देखा गया है। मनीष रंजन के गांव में SIT का छापा NEET छात्रा मौत मामले में SIT ने बुधवार को शंभू गर्ल्स हॉस्टल के संचालक मालिक मनीष रंजन के जहानाबाद स्थित पैतृक गांव खरका पहुंची और छापेमारी की। सूत्रों की माने तो टीम ने मनीष रंजन के घर के एक-एक कमरे की तलाशी ली। इस दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज-सामग्री जब्त की। पुलिस ने मनीष रंजन के परिजनों और पड़ोसियों से भी पूछताछ की। SIT की टीम यह जानने की कोशिश कर रही थी कि मनीष आखिरी बार गांव कब आया था और इस दौरान वह कहां-कहां गया। परिवार बोला जांच के नाम पर टॉर्चर किया जा रहा परिवार का आरोप है कि 'जांच के नाम पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। मृतिका के परिजन ने कहा कि प्रशासन को रिश्तों की समझ नहीं है। हर घंटे वही सवाल पूछे जा रहे हैं। मदद करने वाले रिश्तेदारों और जानकारों तक का DNA लिया गया, जिससे लोग डर गए हैं। परिवार का कहना है कि वे जांच के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन सम्मान और संवेदनशीलता जरूरी है।' उन्होंने कहा, 'पिता और बेटी में क्या रिश्ता होता है। बहन और भाई में क्या रिश्ता होता है। यह नहीं समझ रहे। जिसने मदद की उसका भी सैंपल लिया जा रहा है। क्या करना चाह रहे हैं? लड़की के परिवार से दो भाई, पिता और मां के सैंपल लिए गए हैं। मेरा एक दोस्त जिसने मदद की उसका सैंपल लिया जा रहा है। एक फुफेरा भाई है उसका टेस्ट लिया जा रहा है। परिवार से 9 लोगों का सैंपल लिया गया है। मंगलवार को चार लोगों के सैंपल लिए गए। दो तीन लोग, जिन्होंने मदद की उनका टेस्ट लिया जा रहा है।' छात्रा के परिजन का कहना है कि, 'ऐसे में कोई मदद करने आएगा? इस तरह किसी को टॉर्चर किया जाता है? एक ही बात 50 बार पूछी जा रही है। शुरुआत से गुमराह किया जा रहा है। कहा गया कि लड़की ने आत्महत्या की। 90 गोलियां पाई गईं। फिर उसके साथ रेप कहां हुआ?' लड़की की मदद करने वाले एक युवक का सैंपल लिया गया है। उसके भाई ने कहा, 'मेरे भाई की गलती बस इतनी है कि उसने बताया कि कौन से हॉस्पिटल में इलाज कराना चाहिए। मेरे भाई को हमें बताए बिना रातभर थाने में रखा गया। आज उसका सैंपल लिया गया है।' SIT की शुरुआती लापरवाही: 5 बड़े पॉइंट 1- नाबालिग होने के संकेत के बावजूद POCSO देर से शुरुआती दस्तावेजों और पारिवारिक बयानों में छात्रा की उम्र 18 साल से कम होने के संकेत थे। इसके बावजूद शुरुआती FIR में POCSO एक्ट नहीं जोड़ा गया। नाबालिग से जुड़े केस में यह देरी कानूनी रूप से गंभीर चूक मानी जाती है। 2- घटनास्थल को तुरंत सील नहीं किया गया शंभू गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा के कमरे और आसपास के इलाके को तुरंत सील नहीं किया गया। इससे सबूत से छेड़छाड़, सफाई या मूवमेंट की आशंका बनी। फॉरेंसिक प्रोटोकॉल के मुताबिक यह शुरुआती स्तर की बड़ी लापरवाही मानी जाती है। 3- CCTV फुटेज तुरंत जब्त नहीं की गई घटना के बाद पहले 24 घंटे के CCTV फुटेज जब्त करना सबसे अहम होता है। हॉस्टल, आसपास की गलियों और रास्तों के कैमरों का डेटा समय पर सुरक्षित नहीं किया गया। इससे फुटेज डिलीट या ओवरराइट होने का खतरा बढ़ा। 4- मेडिकल सबूत को गंभीरता से नहीं लिया गया प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में MLC तैयार होने और चोट के संकेत मिलने के बाद भी जांच की रफ्तार नहीं बढ़ी। शुरुआती स्तर पर रेप के एंगल को मजबूती से नहीं पकड़ा गया। इससे जांच की दिशा कमजोर पड़ती चली गई। 5- परिवार से संवेदनशील तरीके से पूछताछ नहीं शुरुआती दिनों में परिवार और रिश्तेदारों से बार-बार एक जैसे सवाल पूछे गए। परिजनों का आरोप है कि पूछताछ का तरीका ठीक नहीं है। इससे भरोसा कमजोर हुआ। अब जानिए किसने क्या कहा… नीट छात्रा मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष का कहना था कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी अबतक पीड़िता को इंसाफ नहीं मिला। आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। वहीं इस मामले पर रिएक्शन देते हुए लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद अरुण भारती ने विपक्ष पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, जो लोग आज नैतिकता की दुहाई दे रहे हैं, उन्हें पहले अपने शासनकाल में हुए कांडों का जवाब देना चाहिए।
इंदौर में रहकर नीट की तैयारी कर रहे 20 वर्षीय छात्र ने गुरुवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्र अपने किराए के कमरे से पूरे दिन बाहर नहीं निकला, जिसके बाद मकान मालिक ने पुलिस और परिजनों को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कमरे की तलाशी ली, लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मामले की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान योगेश डाबर (20) पुत्र मूलचंद डाबर के रूप में हुई है, जो खंडवा नाका क्षेत्र में किराए के कमरे में रहकर पढ़ाई कर रहा था। गुरुवार को योगेश के आत्महत्या करने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्ट मार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। मोबाइल जब्त, जांच जारी पुलिस ने योगेश का मोबाइल फोन जब्त किया है, जो लॉक अवस्था में है। फिलहाल मोबाइल से कोई जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या के कारणों को लेकर हर पहलू से जांच की जा रही है। परिजनों से एक दिन पहले हुई थी बात मृतक के पिता मूलचंद डाबर ने बताया कि वे मूल रूप से बड़वानी जिले के रहने वाले हैं। वे एमपीईबी में कार्यरत हैं और खेती भी करते हैं। योगेश दो साल से इंदौर में रहकर नीट की तैयारी कर रहा था। परिवार से उसकी एक दिन पहले ही मोबाइल पर बातचीत हुई थी और उस दौरान किसी तरह की परेशानी की बात सामने नहीं आई थी। योगेश के साथ कमरे में उसका एक दोस्त भी रहता था, लेकिन वह कुछ दिन पहले अपने गांव गया हुआ था, जिससे घटना के समय योगेश कमरे में अकेला था। पढ़ाई के दबाव की आशंका पुलिस के मुताबिक शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि छात्र पढ़ाई को लेकर तनाव में हो सकता है, हालांकि आत्महत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगा।
टोंक जिले में पुलिस ने राज्य स्तरीय साइबर ठगी गिरोह का बड़ा खुलासा किया है। 22 राज्यों में फैले इस गिरोह ने अब तक 10 से 12 करोड़ रुपए की साइबर ठगी को अंजाम दिया है। टोंक एसपी राजेश कुमार मीणा के निर्देशन में गठित जिला स्पेशल टीम (SIT) ने दो शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार कर उनके नेटवर्क की परतें खोल दी हैं। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने एक लाख रुपए नकद, एक थार कार और करीब पांच लाख रुपए की लागत के पांच मोबाइल फोन जब्त किए हैं। 404 शिकायतें पहले से दर्ज, 22 राज्यों में फैला नेटवर्क पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर पहले से ही 404 शिकायतें दर्ज हैं। अब तक करीब 2 करोड़ 49 लाख रुपए की ठगी की पुष्टि हो चुकी है, जबकि पूछताछ में आरोपियों ने 10 से 12 करोड़ रुपए तक की साइबर ठगी करना स्वीकार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह ने देश के 22 राज्यों में सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बनाया। ठगी का यह नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से संचालित किया जा रहा था। फर्जी सिम और ट्रेड लिंक से करते थे ठगी जांच में सामने आया है कि आरोपी अलग-अलग राज्यों की फर्जी सिम का इस्तेमाल कर साइबर ठगी को अंजाम देते थे। पुलिस ने खुलासा किया है कि गिरोह द्वारा कुल 82 फर्जी सिम कार्ड का उपयोग किया गया। आरोपी लोगों को फर्जी ट्रेडिंग लिंक भेजकर निवेश के नाम पर झांसे में लेते थे और फिर उनके खातों से रकम साफ कर देते थे। इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी पुलिस ने इस मामले में रामवतार उर्फ राज (26) पुत्र बद्री लाल, हंसराज (28) पुत्र रतन लाल को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी साइबर फ्रॉड के पुराने खिलाड़ी बताए जा रहे हैं और इनके मोबाइल से कई अहम डिजिटल सबूत भी मिले हैं। दूनी थाना इलाके में की गई कार्रवाई कार्रवाई टोंक एसपी राजेश कुमार मीणा के निर्देशन में, मालपुरा एएसपी पुष्पेंद्र सिंह और देवली डीएसपी हेमराज चौधरी के सुपरविजन में थाना दूनी क्षेत्र में की गई। जिला स्पेशल टीम के प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में टीम ने यह सफलता हासिल की। पूरे गिरोह तक पहुंचने की तैयारी पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। साइबर ठगी से जुड़े बैंक खातों, डिजिटल वॉलेट, सिम सप्लायर और अन्य सहयोगियों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।
सिरसा जिले में एक विवाहिता शादी के 15 दिन बाद ही प्रेमी संग फरार हो गई। जब ससुराल में घरवाले सुबह उठे, तो वह घर पर नहीं मिली और मायके में पता किया, तो वहां भी नहीं पहुंची। आरोप है कि विवाहिता घर से जाते समय जेवर व नकदी भी ले गई। युवती किसी से फोन पर बात करती थी और पहले किसी को शक नहीं हुआ। इस बारे में पति ने युवती के मायके में पता किया, तो सास ने कहा-पहले उसे फोन पर बात करते कभी नहीं देखा और न ही शक हुआ। वह शादी के समय खुश थी और उसने शादी के समय भी कुछ नहीं बताया। इस पर ससुराल वालों को शक था, पर तब तक उसे टोकते, तो वह अचानक चली गई। इसे लेकर परिजनों ने पुलिस को शिकायत दी है। युवती का मोबाइल नंबर ट्रेस लगाया पुलिस का कहना है कि विवाहिता के परिजनों ने शिकायत दी हुई है और ससुराल वाले व मायके वाले दोनों पक्ष आए हुए थे। युवती का मोबाइल नंबर ट्रेस लगाया हुआ है और लोकेशन का पता चलने पर उसका सुराग लगाया जाएगा। पुलिस को दी शिकायत में जिले के गांव के 24 वर्षीय युवक ने बताया कि उसकी शादी इसी माह में पड़ोसी गांव की रहने वाली युवती के साथ हुई थी। तलाश पर नहीं लगा कोई सुराग युवती की उम्र 20 साल थी और शादी के बाद घर पर ही रहती थी। वह अचानक अल सुबह घर से बिना बताए कहीं चली गई। वह घर से जाते समय मंगलसूत्र, कानों की सोने की बालियां, पाजेब व करीब 40 हजार रुपए की नकदी भी ले गई। इस बारे में उन्होंने आसपास व उसके मायके में पता किया, तो वहां भी नहीं पहुंची। उसके पास एक मोबाइल था, वो भी अपने साथ ले गई। उसका मोबाइल नंबर अब बंद आ रहा है।
रायपुर सेंट्रल जेल में एक कैदी और उसकी गर्लफ्रेंड की मुलाकात का एक वीडियो सामने आया है। यह वीडियो गर्लफ्रेंड ने ही बनाया था, जो अपने बॉयफ्रेंड से मिलने मीटिंग रूम में आई थी। उसने यह वीडियो अपने सोशल मीडिया पेज पर अपलोड किया। अब वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में लड़की कहती है कि आज मेरी जान का जन्मदिन है। मैं उससे मिलने सेंट्रल जेल आई हूं। बहुत दुख हो रहा है कि वह मेरे साथ नहीं है। मैं उसके जन्मदिन पर उसके साथ नहीं हूं, लेकिन मैं उससे मिलने आई हूं। देखते हैं उसका रिएक्शन क्या होता है। मुलाकात रूम में मोबाइल फोन ले जाना मना है। सवाल उठ रहे हैं कि लड़की अपना फोन अंदर कैसे ले गई। जेल अधिकारियों ने अभी तक इस मामले पर कोई बयान नहीं दिया है। पहले देखिए ये तस्वीरें- जन्मदिन था, गर्लफ्रेंड मिलने पहुंची जानकारी के मुताबिक कैदी का नाम तारकेश्वर बताया जा रहा है। तारकेश्वर किस मामले में जेल में बंद है? इसकी ऑफिशियल जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। हालांकि चर्चा है कि वह NDPS (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस) मामले में जेल में बंद है। बताया जा रहा है कि युवक का जन्मदिन था, इसी वजह से उसकी गर्लफ्रेंड मिलने गई थी। मुलाकाती कक्ष में दोनों के बीच फोन पर बातचीत हुई और इसी दौरान युवती ने वीडियो बनाया। इसके बाद सोशल मीडिया पर अपलोड किया। वायरल होने के बाद चर्चा में आया मामला वायरल वीडियो कब का है इसकी जानकारी नहीं है। वीडियो में खुदा गवाह फिल्म का गाना ‘तू ना जा मेरे बादशाह’ गाने एडिट करके लगाया गया है। ये वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुआ, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया। इस संबंध में जेल प्रबंधन ने मीडिया से दूरी बना ली है। जेल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल इस वीडियो ने जेल की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेल के विजिटिंग एरिया में मोबाइल फोन लाना मना है। इसके बावजूद वह जवान लड़की मोबाइल फोन अंदर कैसे ले गई? क्या एंट्री गेट पर कोई सिक्योरिटी चेक नहीं हुआ, या चेक के बावजूद फोन किसी तरह अंदर चला गया? ये वो सवाल हैं जो लोग अब सोशल मीडिया पर पूछ रहे हैं। सेंट्रल जेल में पहले भी कैदियों के वीडियो वायरल हुए बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब रायपुर सेंट्रल जेल के कैदी का वीडियो वायरल हुआ है। इससे पहले भी जेल के अंदर से कसरत करते हुए कैदी का वीडियो वायरल हो चुका है। जेल प्रबंधन ने जांच कराने का दावा किया था, लेकिन इस बारे में अधिकृत जानकारी नहीं दी गई। ………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… रायपुर जेल में कैदी ने जिम करते VIDEO बनाया: दोस्तों संग सेल्फी ली, गैंगस्टर अमन साव भी करा चुका है फोटोशूट; अष्टकोण अधिकारी सस्पेंड छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सेंट्रल जेल में बंद आरोपी का जिम करते वीडियो वायरल हो रहा है। जेल में अपने साथियों के साथ सेल्फी भी ली है। 3 महीने से जेल में बंद है, लेकिन सोशल मीडिया पर एक्टिव है। वीडियो और फोटोज 13 से 15 अक्टूबर के बीच के बताए जा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
आजमगढ़ जिले के सदर अस्पताल में अपने पति के साथ इलाज कराने आई गर्भवती महिला के रहस्यमय परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। इस घटना से पूरे परिवार में हड़कंप मच गया है पीड़ित पति की तहरीर पर शहर कोतवाली में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अस्पताल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की तलाश कर रही है जिससे कि महिला का कुछ पता चल सके। पति के साथ आई थी अस्पतालआजमगढ़ जिले के थाना मेहनगर क्षेत्र के निवासी युवक अपनी 21 वर्षीय गर्भवती पत्नी दिखाने के लिए मंगलवार को सुबह करीब 11:15 बजे महिला सदर अस्पताल आया था। इसी दौरान वह शौचालय जाने के लिए कुछ समय के लिए बाहर गया जब वह वापस लौटा तो उसकी पत्नी मौके पर मौजूद नहीं थी। पति द्वारा अस्पताल परिसर और आसपास काफी खोजबीन की गई, लेकिन पत्नी का कोई सुराग नहीं मिल सका। बताया गया कि पत्नी का मोबाइल फोन भी उसी के पास था। जिससे संपर्क नहीं हो सका इस घटना के बाद से पति बेहद परेशान है और उसे पत्नी के साथ किसी अप्रिय घटना की आशंका सता रही है। पीड़ित ने पुलिस को सूचना देते हुए आशंका जताई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी पत्नी को बहला-फुसलाकर भगा लिया है। कोतवाली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि अस्पताल परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और महिला की तलाश के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है। हालांकि गायब महिला का अभी तक कहीं पता नहीं चल पाया है।
सहारनपुर में मोबाइल झपटमारी के तीन आरोपी अरेस्ट:मोबाइल बरामद, दो का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
सहारनपुर में मोबाइल झपटमारी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाते हुए गुरुवार शाम थाना सदर बाजार पुलिस ने तीन आरोपियों को अरेस्ट किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से झपटे गए वीवो कंपनी का एक मोबाइल फोन भी बरामद किया। गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। यह कार्रवाई बीते कल 28 जनवरी को हुई एक झपटमारी की घटना के संबंध में की गई है। बेहट रोड मित्तर नर्सरी निवासी अशिता पुत्री राजेंद्र ने सदर बाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि जब वह बेहट अड्डे से कमिश्नर कार्यालय की ओर जा रही थीं, तब कमिश्नर आवास के सामने अज्ञात व्यक्तियों ने उनके हाथ से वीवो मोबाइल फोन छीन लिया था। एसएसपी के निर्देश पर थाना सदर बाजार प्रभारी निरीक्षक कपिल देव के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने विनोद विहार के पास एक खाली मैदान से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान रामनगर, थाना कोतवाली देहात निवासी बंटी पुत्र अतर सिंह, गुरदेश पुत्र हरपाल और टीनू उर्फ सुनील पुत्र हरिराम के रूप में हुई है। तीनों को कानूनी कार्रवाई के बाद कोर्ट में पेश किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी बंटी के खिलाफ चोरी, धोखाधड़ी, जालसाजी और आयुध अधिनियम से संबंधित कई पुराने मामले दर्ज हैं। गुरदेश भी पहले चोरी और संबंधित धाराओं में कई बार गिरफ्तार हो चुका है। टीनू उर्फ सुनील की भूमिका भी इस वारदात में सक्रिय पाई गई है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक जयवीर सिंह, हेड कांस्टेबल विजय कुमार, सुमित तोमर, प्रवीण त्यागी और कांस्टेबल सुनील कुमार शामिल थे। पुलिस अब इन आरोपियों से अन्य झपटमारी की घटनाओं के संबंध में भी पूछताछ कर रही है।
कोडरमा में गुरुवार की शाम 72 दिनों से लापता युवक का शव बरामद किया गया। घटना चंदवारा थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपराडीह रेलवे स्टेशन मार्ग की है। शव की पहचान मोबाइल फोन और कपड़े से मृतकों के परिजनों ने की। मृतक की पहचान दर्शील बर्णवाल उर्फ सोनू के रूप में की गई है। दर्शील की शादी तय हो चुकी थी और विवाह से 10 दिन पहले 19 नवंबर से वो लापता था। काफी मशक्कत के बाद शव को कुएं से बाहर निकाला गयासूचना मिलने पर चंदवारा थाना प्रभारी शशि भूषण कुमार अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। तकनीकी शाखा की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद शव को कुएं से बाहर निकाला गया। शव बाहर आते ही मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस दौरान 19 नवंबर से लापता दर्शील बर्णवाल उर्फ सोनू के परिजन भी पहुंचे। इधर, पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। हत्या कर शव को कुएं में फेंकने का आरोपशव पूरी तरह से सड़ गल चुका था। इधर, मृतक के मामा अशोक बर्णवाल का कहना है कि दर्शील की हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया गया है। उन्होंने पुलिस से गुजारिश की है कि इस मामले को आत्महत्या का रूप न दिया जाए और उचित जांच करते हुए जो भी दोषी हो उसपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर गुरुवार को सागर कलेक्टर संदीप जीआर ने अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों के अंदर मोबाइल समेत सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे। सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। जिले में कुल 142 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 58 हजार से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए जिला पंचायत सीईओ विवेक केवी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन ने बताया कि जिले में कुल 58,880 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इनमें हाई स्कूल (10वीं) के 33,998 और हायर सेकेंडरी (12वीं) के 24,882 छात्र-छात्राएं हैं। सभी 142 परीक्षा केंद्रों पर केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष और पर्यवेक्षकों को भी मंडल के निर्देशों का पालन करते हुए अपने-अपने मोबाइल परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्र पर जमा कराने होंगे। 2 सेंटर अति संवेदनशील, पुलिस अभिरक्षा में बंटेंगे पेपर जिले में दो अति संवेदनशील परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 'शासकीय पंडित रविशंकर शुक्ल कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय' और 'महारानी लक्ष्मीबाई सांदीपनि विद्यालय क्रमांक-1' (सागर) शामिल हैं। यहां विशेष ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रश्न पत्र और गोपनीय सामग्री का वितरण पुलिस अभिरक्षा में किया जाए। समन्वय संस्था में 24 घंटे पुलिस गार्ड तैनात रहेंगे। उड़न दस्ता रखेगा नजर, कंट्रोल रूम बनेंगे कलेक्टर ने निर्देश दिए कि परीक्षा के दौरान उड़न दस्ता लगातार निरीक्षण करे। कहीं कोई गड़बड़ी होने पर तत्काल सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जिला और विकासखंड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में संभागीय अधिकारी (माशिमं) आर.एस. दाहिमा, समन्वय संस्था के प्राचार्य सुधीर तिवारी, शैलेंद्र जाट समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
रायपुर सेंट्रल जेल में कैदी युवक के गर्लफ्रेंड से मुलाकात का वीडियो सामने आया है। मुलाकात कक्ष में बॉयफ्रेंड से मिलने पहुंची लड़की ने यह वीडियो बनाया है। वीडियो को लड़की ने सोशल मीडिया पेज पर अपलोड कर दिया, जो अब वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में लड़की कहती है कि 'आज मेरे जान का जन्मदिन है। मैं उससे मिलने सेंट्रल जेल आई हूं। तकलीफ तो बहुत होती है कि वो मेरे साथ नहीं है। उसके जन्मदिन पर मैं उसके पास नहीं हूं। पर मिलने आई हूं, देखती हूं उसका रिएक्शन कैसा होता है। दरअसल, मुलाकात कक्ष में मोबाइल ले जाना बैन है। इसके बावजूद लड़की वहां मोबाइल कैसे ले गई? इस पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं जेल प्रबंधन की ओर से इस मामले को लेकर अब तक कोई बयान सामने नहीं आया है। पहले देखिए ये तस्वीरें- जन्मदिन था, गर्लफ्रेंड मिलने पहुंची जानकारी के मुताबिक कैदी का नाम तारकेश्वर बताया जा रहा है। तारकेश्वर किस मामले में जेल में बंद है? इसकी ऑफिशियल जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। चर्चा है कि वह NDPS (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस) मामले में जेल में बंद है। बताया जा रहा है कि युवक का जन्मदिन था, इसी वजह से उसकी गर्लफ्रेंड मिलने गई थी। मुलाकाती कक्ष में दोनों के बीच फोन पर बातचीत हुई और इसी दौरान युवती ने वीडियो बनाया। मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर डाला लड़की ने पहले जेल के बाहर पहले वीडियो बनाया फिर जेल के अंदर मिलने पहुंची थी। लड़की ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया और इसे सोशल मीडिया पर अपलोड किया। वायरल होने के बाद चर्चा में आया मामला वायरल वीडियो कब का है इसकी जानकारी नहीं है। हालांकि, लड़की ने अपने पेज पर एक और वीडियो अपलोड किया है। वीडियो में खुदा गवाह फिल्म का गाना ‘तू ना जा मेरे बादशाह’ गाने एडिट करके लगाया गया है। ये वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुआ, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया। इस संबंध में जेल प्रबंधन ने मीडिया से दूरी बना ली है। जेल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल इस वीडियो के सामने आने के बाद जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, जेल के मुलाकाती कक्ष में मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद युवती मोबाइल लेकर अंदर कैसे पहुंची? क्या प्रवेश के समय जांच नहीं हुई, या फिर जांच के बावजूद मोबाइल अंदर चला गया? अब यही सवाल सोशल मीडिया पर लोग उठा रहे हैं। सेंट्रल जेल में पहले भी कैदियों के वीडियो वायरल हुए बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब रायपुर सेंट्रल जेल के कैदी का वीडियो वायरल हुआ है। इससे पहले भी जेल के अंदर से कसरत करते हुए कैदी का वीडियो वायरल हो चुका है। जेल प्रबंधन ने जांच कराने का दावा किया था, लेकिन इस बारे में अधिकृत जानकारी नहीं दी गई। ………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… रायपुर जेल में कैदी ने जिम करते VIDEO बनाया: दोस्तों संग सेल्फी ली, गैंगस्टर अमन साव भी करा चुका है फोटोशूट; अष्टकोण अधिकारी सस्पेंड छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सेंट्रल जेल में बंद आरोपी का जिम करते वीडियो वायरल हो रहा है। जेल में अपने साथियों के साथ सेल्फी भी ली है। 3 महीने से जेल में बंद है, लेकिन सोशल मीडिया पर एक्टिव है। वीडियो और फोटोज 13 से 15 अक्टूबर के बीच के बताए जा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा ने बांदा में जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मानदेय वृद्धि और मोबाइल फोन उपलब्ध कराने की मांग की गई है। मोर्चा ने बताया कि वे कई वर्षों से अपनी मांगों को लेकर शासन और विभाग का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। लगातार ज्ञापन, गोष्ठियों और संवाद के बावजूद अब तक समस्याओं के समाधान की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि मुख्यमंत्री ने सितंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में सार्वजनिक रूप से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि और उच्च गुणवत्ता वाले मोबाइल फोन उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। हालांकि, मोर्चा का कहना है कि ये घोषणाएं अब तक क्रियान्वित नहीं हुई हैं। इन्हीं परिस्थितियों के चलते, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने 29 जनवरी 2026 (गुरुवार) को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का निर्णय लिया है। यह प्रदर्शन उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर आयोजित किया जाएगा, जहां जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। मोर्चा ने इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण, अनुशासित और लोकतांत्रिक बताया है। इस संबंध में शासन-प्रशासन के सभी संबंधित अधिकारियों को पहले ही सूचना दे दी गई है, ताकि आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें और कार्यकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से शासन स्तर तक पहुंचाया जा सके। संगठन के सभी जिलाध्यक्षों और पदाधिकारियों से अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने और जिला प्रशासन से समन्वय बनाए रखने की अपेक्षा की गई है। मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन किसी भी प्रकार का टकराव नहीं है। यह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के अधिकार, सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग को सशक्त बनाने की दिशा में एक संगठित, संवैधानिक और निर्णायक पहल है।
फरीदकोट जिले की केंद्रीय मॉडर्न जेल में बंद कैदियों और हवालातियों से मोबाइल फोन बरामद होने का सिलसिला लगातार जारी है। जेल प्रशासन ने एक बार फिर विभिन्न बैरकों की तलाशी के दौरान 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस संबंध में जेल प्रशासन की ओर से पुलिस को शिकायत भेजकर 3 हवालातियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया गया है। पुलिस को भेजी गई शिकायत में जेल के सहायक अधीक्षक कर्मजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि जेल अधीक्षक के दिशा-निर्देशों पर जेल कर्मचारियों की टीम ने विभिन्न बैरकों का औचक निरीक्षण किया। जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज इस दौरान ब्लॉक नंबर 7 की बैरक नंबर 7 की तलाशी लेने पर वहां बंद हवालाती श्रीगंगानगर (राजस्थान) का त्रिलोक सिंह, गुरदीप सिंह और फाजिल्का का रहने वाला विक्रम सिंह के पास से कुल चार मोबाइल फोन बरामद किए गए। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने थाना सिटी फरीदकोट में उक्त तीनों हवालातियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। नामजद हवालातियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी पुलिस इस संबंध में डीएसपी तरलोचन सिंह ने बताया कि अब पुलिस द्वारा नामजद किए गए हवालातियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि जेल के अंदर मोबाइल फोन किस तरह पहुंचे। यदि जांच के दौरान किसी जेल अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसे भी केस में नामजद कर गिरफ्तार किया जाएगा।
पलवल जिला साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मोहदमका गांव के तोहिद के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से ठगी में इस्तेमाल मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए हैं। साइबर क्राइम थाना के हवलदार निखिल ने बताया कि उनकी टीम जयंती मोड़ हथीन पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मोहदमका निवासी तोहिद फर्जी सिम और बैंक खातों का उपयोग कर लोगों को ठग रहा है। आरोपी तोहिद खुद को रिश्तेदार बताकर या बैंक में पैसे आने के फर्जी मैसेज भेजकर धोखाधड़ी करता था। सूचना के आधार पर पुलिस ने दबोचा सूचना के आधार पर पुलिस ने हथीन बाईपास पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक स्मार्टफोन मिला। फोन की जांच में संदिग्ध व्हाट्सएप चैटिंग, फर्जी बैंक ट्रांजेक्शन के मैसेज और कई क्यूआर कोड पाए गए। बरामद मोबाइल नंबर की नेशनल साइबर अपराध पोर्टल पर जांच करने पर उसके खिलाफ पहले से ही एक शिकायत दर्ज मिली। गिरोह की तलाश में जुटी टीम तोहिद लोगों को झांसा देने के लिए अपनी असली पहचान छिपाकर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट और सिम कार्ड का इस्तेमाल करता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। साइबर थाना पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों को ठगा है और इस गिरोह में उसके अन्य साथी कौन-कौन हैं, ताकि उन्हें भी गिरफ्तार किया जा सके।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) ने APK फाइल के जरिए हो रही साइबर ठगी को लेकर उपभोक्ताओं को सतर्क किया है। कंपनी के नाम पर व्हाट्सएप के माध्यम से नए बिजली कनेक्शन के लिए डिमांड भुगतान मांगने और एपीके फाइल भेजकर ठगी के मामले सामने आए हैं। पावर कंपनी ने स्पष्ट किया है कि, नए बिजली कनेक्शन या किसी भी प्रकार के भुगतान के लिए वह कभी भी व्हाट्सएप पर एपीके फाइल नहीं भेजती और न ही 10 अंकों वाले मोबाइल नंबर से कोई लिंक या मैसेज भेजती है। ऐसे किसी भी संदेश को डाउनलोड या क्लिक न करने की अपील की गई है। पुलिस में दर्ज कराई गई है शिकायतें कंपनी के कार्यपालक निदेशक (ऊर्जा एवं सूचना प्रौद्योगिकी) वी.के. साय ने बताया कि, कुछ जिलों में उपभोक्ताओं के मोबाइल पर नए कनेक्शन के नाम पर एपीके फाइल भेजी गई। फाइल डाउनलोड करने के बाद उपभोक्ताओं का मोबाइल हैक हो गया। उनके बैंक खातों से पैसे निकाले गए। जिसकी शिकायतें पुलिस में दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा कि, साइबर अपराधी कभी बिजली कनेक्शन काटने तो कभी नया कनेक्शन देने के नाम पर उपभोक्ताओं को ठगने का प्रयास कर रहे हैं। बिजली से संबंधित भुगतान केवल निर्धारित और अधिकृत माध्यमों से ही करें। किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश से सावधान रहें। अधिकारिक कॉल सेंटर पर करें संपर्क पावर कंपनी ने बताया कि, वह संदेश भेजने के लिए केवल CSPDCL-S सेंडर आईडी का इस्तेमाल करती है। भुगतान की सुविधा केवल संबंधित बिजली कार्यालय, एटीपी केंद्र, मोर बिजली ऐप या कंपनी की अधिकृत वेबसाइट पर उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए उपभोक्ता केंद्रीकृत कॉल सेंटर 1912 या नजदीकी वितरण केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
जेल में 3 मोबाइल सप्लाई करने वाला होमगार्ड गिरफ्तार, 5 हजार रुपए में करता था डिलीवरी
जांच के दौरान सामने आया कि एक अज्ञात जेल के बाहर आया। जिसने आरोपी को टावर पर ड्यूटी के दौरान फोन दिए। फिर तीनों मोबाइल फोन होमगार्ड कर्मचारी विशाल कुमार द्वारा जेल के अंदर फेंके गए थे। जब जेल अधिकारियों ने आरोपी से पूछताछ की तो उसने पहले इस बात से इनकार कर दिया। लेकिन, सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसे एक फोन कॉल आई थी। कॉल करने वाले व्यक्ति ने उससे कहा था कि वह बाहर से फेंके गए सामान को रिसीव कर हवालातियों की बैरक के अंदर फेंक दे। इसके बदले उसे 5 हजार रुपए देने का लालच दिया गया था। आरोपी ने यह भी बताया कि उसे नहीं पता कि फोन पर बात करने वाला व्यक्ति कौन था। जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी के मोबाइल फोन की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसे कॉल करने वाला व्यक्ति कौन था और इसके पीछे कौन सा गिरोह काम कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ जेल में दो अन्य कैदियों के पास भी मोबाइल फोन मिलने का मामला सामने आया है। ये मोबाइल करीब एक महीने पहले बरामद किए गए थे। जेल प्रशासन ने अपनी आंतरिक जांच पूरी करने के बाद अब थाना डिवीजन-7 पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने कैदी लव गिल और करनवीर सिंह के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है। भास्कर न्यूज|लुधियाना केंद्रीय जेल में सेंधमारी कर कैदियों तक मोबाइल पहुंचाने के मामले में जेल में तैनात एक होमगार्ड कर्मचारी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी को किसी अज्ञात ने जेल के बहार से सामान फेंक कर पकड़ाया। जिसके बाद आरोपी ने जेल के अंदर सामान को पहुंचाया। आरोपी की पहचान विशाल कुमार पुत्र प्रेम लाल निवासी जम्मू-कश्मीर के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ थाना डिवीजन-7 में मामला दर्ज किया गया है। जांच अधिकारी गुरदयाल सिंह ने बताया कि डिप्टी सुपरिंटेंडेंट जेल सुरजीत सिंह की शिकायत पर यह केस दर्ज हुआ है। शिकायत के अनुसार आरोपी की ड्यूटी जेल के टावर पर लगी हुई थी। 27 जनवरी की सुबह करीब 7:40 बजे वार्ड-02 की बैरक में बाहर की तरफ से एक सूट फेंका गया था। जब जेल स्टाफ ने सूट की जांच की तो उसके अंदर से तीन मोबाइल फोन बरामद हुए।
नीट छात्रा के मोबाइल लोकेशन व ट्रैवल हिस्ट्री पर डीएनए सैंपल ले रही एसआईटी
पुलिस मुख्यालय रोजाना कर रहा केस की समीक्षा नीट छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में एसआईटी ने बुधवार को हॉस्टल संचालक के बेटे समेत नौ लोगों का ब्लड सैंपल डीएनए टेस्ट के लिए लिया। अबतक एसआईटी इस केस की गुत्थी सुलझाने के लिए 25 लोगों का सैंपल ले चुकी है। इनमें उसके माता-पिता, भाई, मामा और करीबी परिजन भी हैं। बेउर जेल में बंद मनीष कुमार रंजन के साथ ही हॉस्टल आने-जाने वाले युवकों का भी सैंपल लिया गया। जब तक किसी की डीएनए फ्रेमिंग उसके कपड़े से मिले स्पर्म के डीएनए से नहीं मिलेगी, एसआईटी सैंपल लेती रहेगी। कितने का सैंपल लेगी, इसको लेकर एसआईटी के पास कोई ठोस जवाब नहीं है। सूत्रों के अनुसार, तीन संदिग्धों को पुलिस ने पूछताछ के लिए उठाया है। पुलिस मुख्यालय में इस केस की रोजाना समीक्षा हो रही है। डीजीपी से लेकर आलाधिकारी एसआईटी से रोज फीडबैक ले रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल : आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए एसआईटी कितने लोगों का सैंपल लेगी? एसआईटी अपनी जांच से क्यों नहीं किसी को गिरफ्तार कर सकी? कब तक एफएसएल रिपोर्ट के इंतजार में रहेगी? अगर किसी का डीएनए नहीं मिला तो एसआईटी क्या करेगी? इन सवालों का जवाब देने की स्थिति में कोई पुलिस अधिकारी नहीं है। कोर्ट के आदेश पर चित्रगुप्तनगर थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज इस मामले में कोर्ट के आदेश के बाद चित्रगुप्तनगर थाने में पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। यह एक्ट के लग जाने के बाद एसआईटी हरेक एंगल पर छानबीन करने में जुटी है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी छात्रा के एक महीने की ट्रैवल हिस्ट्री और डिजिटल हिस्ट्री निकाल कर जांच करने में जुटी है। एसआईटी का सबसे ज्यादा फोकस 26 दिसंबर से लेकर जनवरी तक की डिजिटल हिस्ट्री पर है। 26 दिसंबर से पहले छात्रा के पटना में कहीं जाने या किसी से बात करने के साक्ष्य मिले तो उन लोगों का भी सैंपल लिया जाएगा। सीआईडी की एफएसएल टीम ब्लड सैंपल की जांच करने में जुटी है। डीएनए रिपोर्ट आने में अभी देर लगेगी। वहीं एसआईटी को अभी विसरा रिपोर्ट भी नहीं मिली है, जिससे यह साफ हो जाएगा कि उसकी मौत कैसे हुई? छात्रा 26 दिसंबर को पटना से परिजनों के साथ जहानाबाद गई थी। 5 जनवरी को वह ट्रेन से अकेली लौटी। 6 जनवरी को हॉस्टल में उसकी तबीयत खराब हुई। उसे 6 जनवरी को सहज सर्जरी में एडमिट किया गया। उसी दिन प्रभात अस्पताल और फिर मेदांता अस्तपाल में भर्ती किया गया। मेदांता में 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मोहाली में मोबाइल की दुकान में चोरी:लाखों रुपये के फोन और नकदी ले उड़े चोर; पुलिस जांच में जुटी
मोहाली जिले की जीरकपुर मेन मार्केट में एक मोबाइल दुकान में लाखों रुपये की चोरी हुई है। चोरों ने पटियाला चौक स्थित फ्लाईओवर के नीचे 'हरीश मोबाइल' नामक दुकान का शटर काटकर वारदात को अंजाम दिया। यह घटना पुलिस बीट से मात्र 100 मीटर की दूरी पर हुई है। चोरों ने दुकान का शटर आयरन कटर से काटा और अंदर प्रवेश किया। उन्होंने दुकान से कई सेकेंड हैंड मोबाइल फोन, मोबाइल एक्सेसरीज और कुछ नकदी चुरा ली। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, चोरों ने बिजली से चलने वाले कटर का उपयोग किया और लगभग एक घंटे तक बेखौफ होकर चोरी की। पुलिस बीट से सिर्फ 100 मिटर दूर चोरी की वारदात चोरी की यह वारदात पटियाला चौक स्थित पुलिस बीट बॉक्स से सिर्फ सौ मीटर की दूरी पर हुई। इतनी कम दूरी के बावजूद चोरों का इतनी देर तक चोरी करना पुलिस की रात्रि गश्त और सतर्कता पर सवाल खड़े करता है। व्यापारियों ने बताया कि मेन मार्केट और हाईवे पर दिन-रात चहल-पहल रहती है, ऐसे में रात के समय ऐसी घटना होना चिंताजनक है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से व्यापारी वर्ग में भय का माहौल है। दुकानदारों ने प्रशासन से मेन मार्केट क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरी की घटनाओं पर जल्द रोक लगाने की मांग की है।
बक्सर शहर के शांतिनगर मोहल्ले में 23 जून 2022 को हुई युवक की निर्मम हत्या के मामले में न्यायालय ने कड़ा और अहम फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-8) सुनील कुमार सिंह की अदालत ने इस बहुचर्चित मामले में आरोपी महिला सीमा देवी को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी महिला पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में अभियुक्त को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मोबाइल चोरी के शक में शुरू हुआ था विवाद मामले की जानकारी देते हुए अपर लोक अभियोजक ददन कुमार सिंह ने बताया कि यह घटना 23 जून 2022 की है। शांतिनगर मोहल्ला निवासी रामाश्रय चौहान के पुत्र गुड्डू चौहान पर उसी मोहल्ले की रहने वाली सीमा देवी ने मोबाइल चोरी का आरोप लगाया था। आरोप लगाते ही सीमा देवी आपा खो बैठी और गुड्डू चौहान के साथ लाठी-डंडे से बेरहमी से मारपीट करने लगी। मारपीट इतनी गंभीर थी कि युवक के सिर पर गहरी चोटें आईं और वह मौके पर ही बुरी तरह जख्मी हो गया। अस्पताल पहुंचते ही हुई युवक की मौत घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से घायल गुड्डू चौहान को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल बक्सर ले जाया गया। हालांकि अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और मोहल्ले में भारी आक्रोश देखने को मिला था। पिता की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर घटना के संबंध में मृतक के पिता रामाश्रय चौहान ने टाउन थाना में लिखित आवेदन देकर सीमा देवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य, गवाहों के बयान तथा मेडिकल रिपोर्ट को संकलित किया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने ठहराया दोषी मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कई गवाहों को प्रस्तुत किया गया। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य भौतिक साक्ष्यों को अदालत के समक्ष रखा गया। अभियोजन पक्ष ने यह स्पष्ट रूप से सिद्ध किया कि सीमा देवी द्वारा की गई लाठी-डंडे से मारपीट के कारण ही गुड्डू चौहान की मौत हुई थी। सभी तथ्यों, साक्ष्यों और गवाहों के बयान पर गंभीरता से विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी महिला को हत्या का दोषी करार दिया। फैसले से पीड़ित परिवार को मिला न्याय अदालत के इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली और न्याय मिलने की बात कही। वहीं, क्षेत्र में यह स्पष्ट संदेश गया कि कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है। यह फैसला समाज के लिए एक कड़ा संदेश भी है कि किसी पर आरोप लगाकर हिंसा करना कानूनन अपराध है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
बोकारो में बुधवार शाम उस समय अफरातफरी मच गई, जब मध्य प्रदेश से आए एक युवक ने 150 मीटर ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी दे दी। घटना हरला थाना क्षेत्र अंतर्गत बसंती मोड़ के पास की है। युवक की फेसबुक के माध्यम से हरला थाना क्षेत्र की एक लड़की से जान पहचान हुई थी। युवक उससे मिलने के लिए बोकारो पहुंच गया। पर जब लड़की ने मिलने से इंकार कर दिया तो युवक ने टावर पर चढ़ नीचे कूदकर सुसाइड की धमकी दी। युवक ने पुलिस को खुद ही सूचना दीटावर पर चढ़ने के बाद युवक ने गूगल से पुलिस का नंबर निकालकर खुद ही सूचना दी कि वह आत्महत्या करने जा रहा है। इसके बाद हरला थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को समझाने का प्रयास शुरू किया। इस दौरान आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए। घंटों तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। बाद में युवक नीचे उतर गया। शुरुआत में लोगों को लगा कि कोई तकनीकी कर्मचारी टावर पर चढ़ा है, लेकिन बाद में सच्चाई सामने आई। दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने नीचे उतारायुवक की पहचान भोजराज चंदेल के रूप में हुई है, जो मध्य प्रदेश के गुणा थाना क्षेत्र स्थित जोहरी गांव का निवासी है। भोजराज के अनुसार, बोकारो की लड़की से उसकी पहचान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के माध्यम से हुई थी। दोनों के बीच काफी समय से बातचीत हो रही थी। इधर, करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने सूझबूझ और धैर्य से काम लेते हुए युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया। हरला थाना प्रभारी खुर्शीद आलम ने बताया कि युवक को काफी समझाकर शांत किया गया और उसकी जान बचा ली गई।
नूंह पुलिस ने मारपीट और लूट के आरोपी को पकड़ा:नकदी, मोबाइल और घड़ी बरामद, राजस्थान से किया गिरफ्तार
नूंह जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुई लूटपाट की घटना का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मोहम्मद फैज नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को बजरंग दल का कार्यकर्ता बताकर यात्रियों से लूट की थी। बता दे कि यह घटना 23 जनवरी की रात फिरोजपुर झिरका थाना क्षेत्र में हुई थी। आरोपी की पहचान राजस्थान के बेला सीकरी के रहने वाले मोहम्मद फैज के रूप में हुई है।पीड़ित राजू और दिलशाद दिल्ली से मध्य प्रदेश जा रहे थे, जब उनकी गाड़ी शमशाबाद टोल प्लाजा के पास खराब हो गई। नकदी, मोबाइल समेत अन्य सामान लूटा इस दौरान उन्होंने मदद के लिए कॉल किया, लेकिन कोई सहायता नहीं मिली।तभी मोहम्मद फैज अपने 4 साथियों के साथ एक बोलेरो कैंपर से वहां पहुंचा। उन्होंने पीड़ितों के साथ मारपीट की और उनसे 17 हजार रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और यूपीआई के माध्यम से 5,000 रुपये जबरन ट्रांसफर करवा लिए। आरोपी ने दी साथियों की जानकारी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, टोल रिकॉर्ड और तकनीकी जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए फैज को राजस्थान से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और अपने फरार साथियों के बारे में भी जानकारी दी। धार्मिक संगठन का नाम बताकर की लूट पुलिस ने आरोपी के पास से लूटा गया मोबाइल, सिम कार्ड, नकदी और एक घड़ी बरामद की है। घटना में इस्तेमाल की गई बोलेरो कैंपर गाड़ी भी जब्त कर ली गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह एक सुनियोजित लूट थी, जिसमें आरोपी ने धार्मिक संगठन का नाम इस्तेमाल कर यात्रियों को निशाना बनाया।
इंदौर की एरोड्रम थाना पुलिस ने वकालत की प्रैक्टिस करने वाली एक महिला की शिकायत पर पूर्व में वकील देवेंद्र पनसे के खिलाफ छेड़छाड़ के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी। अब पीड़िता ने एक बार फिर उसी मामले में शिकायत दर्ज कराई है। बताया जा रहा है कि आरोपी वकील अलग-अलग मोबाइल नंबरों से मैसेज भेज रहा था और ऑनलाइन गिफ्ट पीड़िता के घर भिजवा रहा था। एरोड्रम थाने पहुंची 35 वर्षीय पीड़िता ने मंगलवार को वकील देवेंद्र पनसे, निवासी रामनारायण नगर के खिलाफ दोबारा परेशान करने की शिकायत की है। पीड़िता का अपने पति से तलाक का मामला पहले चल रहा था, जिसमें देवेंद्र पनसे उनका वकील था। हालांकि, आरोपी की हरकतों से परेशान होकर पीड़िता ने अपना वकील बदल लिया था। देवेंद्र पनसे के खिलाफ 2025 में एरोड्रम थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन इसके बावजूद उसकी हरकतें बंद नहीं हुईं। आरोप है कि देवेंद्र तीन अलग-अलग मोबाइल नंबरों से पीड़िता को लगातार मैसेज भेज रहा था। उसने कई ऑनलाइन पार्सल भी भिजवाए, जिन्हें पीड़िता की मां ने रिसीव किया था। मंगलवार दोपहर को फिर से मैसेज आने पर पीड़िता अपनी मां के साथ थाने पहुंची और दोबारा एफआईआर दर्ज कराई। महिला को घूरने की बात पर पिटाई इधर, कनाड़िया थाना क्षेत्र में भी महिला को घूरने के आरोप में एक युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार महेश कुमार अहिरवार की शिकायत पर मंगलवार को जितेंद्र, महेश और अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट की एफआईआर दर्ज की गई है। महेश का अरविंदो अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस द्वारा बयान लेने पर उसने बताया कि वह एक शादी समारोह में वेटर का काम कर रहा था। संपत हिल्स में आयोजित शादी कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने उस पर महिला को घूरने का आरोप लगाया। महेश द्वारा इनकार करने पर जितेंद्र, महेश और अन्य लोगों ने डंडों और लात-घूंसों से उसकी बुरी तरह पिटाई कर दी, जिससे वह बेहोश हो गया। इसके बाद साथियों ने उसे अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। इंदौर की एरोड्रम पुलिस ने वकालात की प्रेक्टिस करने वाली एक महिला की शिकायत पर पूर्व में वकील देवेन्द्र पनसे के खिलाफ छेडछाड को लेकर एफआईआर की थी। दूसरी बार फिर से पीड़िता ने इस मामले में शिकायत की। बताया जाता है कि वकील मोबाइल नंबरो से मैसेज कर ऑनलाइन गिफ्ट घर पर भेज रहा था।एरोड्रम थाने पर एक 35 साल की पीड़िता मंगलवार को पहुंची। उसने वकील देवेन्द्र पनसे निवासी रामनारायण नगर के खिलाफ परेशान करने के खिलाफ शिकायत की है। पीड़िता का अपने पति से पूर्व में तलाक का प्रकरण चल रहा था। इसमें देवेन्द्र वकील थे। लेकिन देवेन्द्र की हरकतो के चलते पीड़िता ने वकील बदल लिया। देवेन्द्र के खिलाफ एरोड्रम थाने में ही 2025 में एफआईआर कराई थी। लेकिन इसके बाद भी देवेन्द्र की हरकते कम नही हुई। इसके बाद भी देवेन्द्र तीन अलग अलग नंबरो से पीड़ता को मैसेज भेज रहा था। उसने ऑनलाइन कई पार्सल भी भेजे। जो पीड़िता की मां ने लिए थे। पीड़िता को मंगलवार दोपहर में फिर से देवेन्द्र पनसे ने मैसेज किए। पीड़िता परेशान होकर अपनी मां के साथ थाने पहुंची ओर मामले में एफआईआर दर्ज कराई है।महिला को घूरने की बात पर पिटाईकनाडिया में भी एक महिला को घूरने की बात पर पिटाई हो गई। पुलिस के मुताबिक महेश कुमार अहिरवार की शिकायत पर मंगलवार को पुलिस ने जितेन्द्र और महेश व अन्य के खिलाफ मारपीट को लेकर एफआईआर की है। महेश का अरिवदों में उपचार चल रहा है। यहां पर पुलिस ने उसके बयान लिए तो उसने बताया कि वह शादी पार्टी में वेटर का काम करता है। संपत हिल्स में शादी का प्रोग्राम था। यहां पर कुछ लोगो ने कहां कि वह महिला को घूर रहा है। इस बात पर उसने इंकार किया। तब जितेन्द्र और महेश के साथ अन्य लोगो ने उसके साथ डंडे ओर लात घूंसो से बुरी तरह से मारपीट की। महेश इस दौरान बेहोश हो गया। बाद में उसे साथियो ने अरविंदो में भर्ती कराया है। फिलहाल पुलिस उक्त मामले में आरोपियो की तलाश कर रही है।
हरियाणा के नूंह जिले में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की एक प्लाटून ने बुधवार को अभ्यास शुरू किया। अलीगढ़ से पहुंचे इस दंगा निरोधक दस्ते की प्लाटून 28 से 31 जनवरी तक जिले में रहेगी। आरएएफ जवानों की भारी मौजूदगी से झंडा चौक और पल्ला गांव में हलचल देखी गई। अभ्यास के तहत दंगा निरोधक दस्ता ने झंडा चौक और पल्ला गांव में फ्लैग मार्च निकाला। इसके साथ ही, जवानों ने मोबाइल पेट्रोलिंग के जरिए गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। अचानक हुए इस अभ्यास से स्थानीय लोग आश्चर्यचकित हुए और इलाके में विभिन्न चर्चाएं शुरू हो गईं। जवानों ने ग्रामीणों को शांति, भाईचारे और सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने लोगों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक खबरों से सतर्क रहने की अपील की। पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने इस अभ्यास का उद्देश्य स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि इसका मकसद इलाके की स्थिति को समझना, स्थानीय हालात का करीब से आकलन करना और भविष्य में किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति से तुरंत निपटने की तैयारी करना है। दंगा निरोधक दस्ते की इस सक्रियता ने एक बार फिर नूंह जिले को सुर्खियों में ला दिया है।देखें फोटो…
शेखपुरा में इंटरमीडिएट परीक्षा के कदाचारमुक्त और सफल संचालन के लिए बुधवार को समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में जिला पदाधिकारी शेखर आनंद और पुलिस अधीक्षक बलिराम कुमार चौधरी ने संयुक्त बैठक की। परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी तक आयोजित की जाएगी। बैठक में सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। जारी निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम उपलब्ध कराया जाएगा। वीक्षकों को योगदान के बाद परीक्षा की गोपनीयता और संबंधित निर्देशों से अवगत कराया जाएगा। प्रतिदिन वीक्षकों का रैंडमाइजेशन भी किया जाएगा। कम से कम दो वीक्षक अनिवार्य रूप से रहेंगेप्रत्येक 25 परीक्षार्थियों पर एक वीक्षक की प्रतिनियुक्ति होगी, लेकिन प्रत्येक कक्ष में कम से कम दो वीक्षक अनिवार्य रूप से रहेंगे। एक बेंच पर अधिकतम दो परीक्षार्थियों को बैठाने की अनुमति होगी, जिसके लिए सीटिंग प्लान तैयार किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर सघन फ्रिस्किंग की व्यवस्था रहेगी ताकि किसी भी परीक्षार्थी के पास मोबाइल, स्मार्टफोन या कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण न हो। परीक्षार्थियों के बैठने की दूरी कम से कम 3 फीट होनी चाहिए। केंद्रों पर पेयजल, शौचालय, रोशनी और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जूता पहनकर आने की अनुमति नहीं होगीपरीक्षार्थी केवल अपना प्रवेश पत्र लाएंगे और उन्हें जूता/मोजा पहनकर आने की अनुमति नहीं होगी। प्रवेश गेट पर गहन जांच की जाएगी। आवश्यकतानुसार स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और 500 मीटर की दूरी पर एक फोटोग्राफर नियुक्त किया जाएगा। सभी वीक्षक अपने आवंटित कक्ष में फ्रिस्किंग का कार्य करेंगे। परीक्षा केंद्र के बाहर CCTV निगरानी संबंधी प्लेकार्ड लगाना अनिवार्य होगा। केंद्र के बाहर सीटिंग प्लान और सभी कक्षों का रूट चार्ट प्रदर्शित किया जाएगा। प्रत्येक कक्ष में दीवार घड़ी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। परीक्षा प्रारंभ के बाद प्रवेश की अनुमति नहीं होगीप्रथम एवं द्वितीय पाली के परीक्षा समय और प्रवेश समय को परीक्षा केंद्र के बाहर स्पष्ट रूप से अंकित किया जाएगा। परीक्षा प्रारंभ होने के बाद किसी भी परिस्थिति में परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। मुख्य द्वार बंद होने के बाद यदि कोई परीक्षार्थी अवैध रूप से प्रवेश का प्रयास करता है, तो इसे आपराधिक अतिक्रमण (क्रिमिनल ट्रेसपास) माना जाएगा। परीक्षार्थी को दो वर्ष के लिए परीक्षा से निष्कासित किया जाएगा तथा प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। संबंधित परीक्षा केंद्र के कर्मियों की संलिप्तता पाए जाने पर उनके विरुद्ध निलंबन एवं कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। सभी केंद्राधीक्षक प्रश्नपत्र वितरण चार्टपालीवार तैयार करेंगे तथा प्रश्नपत्र खोलने संबंधी निर्देशों का पालन करेंगे। कदाचार-मुक्त परीक्षा संचालन की पूर्ण जिम्मेदारी केंद्राधीक्षक एवं वीक्षकों की होगी। सभी केंद्राधीक्षक या विक्षक अपना अपना आईडी कार्ड लगाकर उपस्थित रहेंगे। कदाचार में संलिप्त पाए जाने पर बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम, 1981 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण, पारदर्शी एवं निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हो सके।
पानीपत में साइबर अपराधियों ने अब 'सिम स्वाइप' या तकनीकी सेंधमारी के जरिए एक परिवार को अपना निशाना बनाया है। गांव भोड़वाल माजरी के रहने वाले युवक के पिता के बैंक खाते से अज्ञात ठगों ने 5 लाचा 87 हजार 860 रुपए की बड़ी राशि निकाल ली है। ठगी का पता तब चला जब बंद पड़े फोन की नई सिम चालू की गई। मामले की शिकायत पुलिस को दी गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। साथ ही सभी आवश्यक साक्ष्यों को जुटा कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फोन बंद होते ही शुरू हुआ ठगी का खेल पीड़ित नीरज कुमार ने साइबर थाना पानीपत को दी शिकायत में बताया कि 16 जनवरी 2026 को उनके पिता (कर्ण सिंह) का मोबाइल नंबर अचानक बंद हो गया। फोन बंद होने के कारण परिवार ने नई सिम निकलवाई। जैसे ही नई सिम एक्टिवेट (चालू) हुई, मोबाइल पर बैंक से पैसे कटने का मैसेज आया। बैंक स्टेटमेंट देख परिवार के उड़े होश शुरुआत में मोबाइल पर ₹10,000 कटने का मैसेज देख नीरज तुरंत HDFC बैंक (समालखा जीटी रोड शाखा) पहुंचे। जब बैंक से खाते की पूरी जानकारी ली गई, तो पता चला कि उनके पिता के खाते से अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 5,87,860 रुपए गायब हो चुके हैं। यह पूरी राशि किसी अज्ञात अपराधी ने साइबर फ्रॉड के जरिए निकाली है। पुलिस और साइबर सेल से लगाई गुहार नीरज ने बताया कि घटना के तुरंत बाद 17 जनवरी 2026 को उन्होंने नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज करवा दी थी। अब पीड़ित ने पानीपत साइबर क्राइम थाना प्रबंधक को लिखित शिकायत देकर अज्ञात अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और अपनी गाढ़ी कमाई वापस दिलाने की मांग की है।सावधानी: अगर अचानक सिम बंद हो जाए तो क्या करें?
लुधियाना सेंट्रल जेल की सुरक्षा में तैनात कर्मचारी ही सेंधमारी में लगे हैं। जेल प्रशासन ने ड्यूटी पर तैनात एक होमगार्ड को जेल के अंदर मोबाइल फेंकने के आरोप में पकड़ा है। जेल अफसरों ने आरोपी होमगार्ड को थाना डिवीजन नंबर सात की पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस ने आरोपी होमगार्ड के खिलाफ थाना डिवीजन नंबर सात में जेल एक्ट के तहत पर्चा दर्ज कर दिया है। आरोपी का नाम विशाल कुमार है और वह मूल रूप से जम्मू कश्मीर का रहने वाला है और उसकी ड्यूटी जेल के टावर पर होती थी। पुलिस ने यह मामला डिप्टी सुपरिंटेंडेंट जेल सुरजीत सिंह की शिकायत पर दर्ज किया है। होमगार्ड ने 3 मोबाइल अंदर फेंके डिप्टी सुपरिंटेंडेंट जेल सुरजीत सिंह ने पुलिस को बताया कि 27 जनवरी को सुबह करीब 7:40 बजे वार्ड नंबर-02 की बैरक में बाहर की ओर से एक सूट फेंका गया। जांच करने पर सूट के अंदर से तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए। इस मामले की जांच के बाद सामने आया कि यह मोबाइल फोन होमगार्ड कर्मचारी विशाल कुमार ने जेल के अंदर फेंके थे। जेल अधिकारियों ने जब उससे पूछताछ की तो पहले वह नहीं माना लेकिन बाद में उसने मान लिया कि ये तीनों मोबाइल उसी ने अंदर फेंके थे। फेंके जेल टावर पर तैनात कर्मियों से करते हैं संपर्क जांच अधिकारी एएसआई गुरदयाल सिंह ने बताया कि जेल की सुरक्षा दीवारों पर टावर बने हैं। उन टावरों होमगार्ड के कर्मचारी तैनात रहते हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी विशाल कुमार की ड्यूटी भी उसी टावर पर थी। उसके साथ बाहर से फेंके ने संपर्क किया और फिर उसे तीन मोबाइल दिए। विशाल कुमार ने फेंके से कपड़े में लपेटकर मोबाइल लिए और उसके बाद अंदर फेंक दिए जिसे जेल प्रशासन ने पकड़ लिया। उन्होंने बताया कि ये मोबाइल किसे उपलब्ध करवाने थे अभी इस मामले की पूछताछ चल रही है। जेल की ड्योढ़ी पर हैं स्कैनर जेल की ड्योढ़ी से मोबाइल व अन्य सामान अंदर ले जाना मुश्किल होता है। जेल की ड्योढ़ी पर स्कैनर लगे हैं और वहां पर हर सामान व इंसान की स्कैनिंग होती है। इसलिए जेल के अंदर बैठे कैदियों के परिजन फेंकों के साथ संपर्क करके सामान अंदर पहुंचाते हैं। कैदियों के पास से 2 मोबाइल बरामद वहीं दूसरी तरफ जेल में दो और कैदियों के पास भी मोबाइल मिले हैं। ये मोबाइल करीब एक महीने पहले मिले थे और जेल प्रशासन ने जांच के बाद अब थाना डिवीजन नंबर सात को शिकायत दी है। पुलिस ने लव गिल और करनवीर सिंह के खिलाफ भी मामला दर्ज कर दिया है।
टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत बिगाड़ देगी सेहत, शरीर बन जाएगा बीमारियों का घर
हाई टेक्नोलॉजी की दुनिया में लोगों के लिए मोबाइल से 5 मिनट भी दूर रह पाना मुश्किल है। रील देखने और सोशल मीडिया चलाने की लत इतनी ज्यादा लग चुकी है कि लोग टॉयलेट में भी मोबाइल को अपने साथ लेकर जाते हैं और जरूरत से ज्यादा समय वही बिता देते हैं।
महिलाओं के मोबाइल पर बैन : जब चौपाल संविधान से ऊपर बैठ जाए
राजस्थान के जालोर जिले के जसवंतपुरा क्षेत्र के गाजीपुरा गांव में आयोजित एक सामाजिक पंचायत के पंच-पटेलों ने महिलाओं और बेटियों के लिए कैमरा युक्त मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया। महिलाएं मोबाइल फोन को सार्वजनिक समारोहों के साथ-साथ पड़ोसियों के घर जाने के दौरान भी नहीं ले जा सकेंगी। यह पाबंदी किसी ... Read more
फ्री मोबाइल रिचार्ज का ऑफर! जानिए त्योहारों में कैसे हो रहा है स्कैम
सोशल मीडिया पर अलग-अलग अवसरों पर फ्री मोबाइल रिचार्ज मिलने का वादा करके लोगों के साथ स्कैम किया जा रहा है.
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

