मोबाइल बरामदगी के बाद जेल प्रहरी विष्णु की रिपोर्ट पर जयपुर के लालकोठी थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामले की जांच लालकोठी थाने के एएसआई सूरजमल को सौंपी गई है।
बिजली और मोबाइल नेटवर्क की बदहाली पर भड़के ग्रामीण, शहडोल-पंडरिया मार्ग जाम
डिंडौरी के बजाग में बिजली और मोबाइल नेटवर्क की बदहाल व्यवस्था से नाराज ग्रामीणों ने शहडोल-पंडरिया मार्ग जाम कर दिया। प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंचे, लेकिन ग्रामीण स्थायी समाधान की मांग पर डटे रहे।
सिंगरौली में पत्नी के लापता होने से परेशान युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, आश्वासन के बाद सुरक्षित उतरा
10 सितंबर, गुरुवार: सिंगरौली के बरगवां थाना क्षेत्र में पत्नी के लापता होने से परेशान 28 वर्षीय युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। पुलिस और प्रशासन की टीम ने कई घंटे समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज कर महिला की तलाश शुरू कर दी है।
मुजफ्फरपुर : आपके गांव की सड़क बनने में हुई देरी तो अफसर के मोबाइल पर बजेगा अलर्ट
ग्रामीण कार्य विभाग मुजफ्फरपुर में सड़क और पुल निर्माण में देरी पर नजर रखने के लिए एडवांस एमआईएस में 'डिले मॉड्यूल' जोड़ रहा है। इससे तय समय से काम में देरी होने पर संबंधित अभियंता के मोबाइल पर सीधे अलर्ट मिलेगा।
कानपुर में बुधवार देर रात 12वीं के छात्र ने घर के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। छात्र का चचेरा भाई वीरेंद्र कमरे में पहुंचा तो शव पंखे के सहारे दुपट्टे से लटका मिला। यह देख उसकी चीख निकल गई। शोर सुनकर परिवार के लोग और पड़ोसी मौके पर पहुंचे। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की। पुलिस ने छात्र का मोबाइल कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी है। मोबाइल में व्हाट्सएप के कुछ मैसेज डिलीट मिलने की बात सामने आई है। पुलिस प्रथम दृष्टया प्रेम प्रसंग समेत अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मामला सजेती थाना क्षेत्र के बरीपाल गांव का है। माता-पिता और बहन गए थे दवा लेने, घर पर अकेला था छात्र बरीपाल गांव निवासी किसान संजय पांडेय के परिवार में पत्नी राधा पांडेय, बेटी श्रद्धा पांडेय और इकलौता बेटा प्रखर पांडेय (18) था। प्रखर 12वीं का छात्र था। पिता के मुताबिक बुधवार को उनकी पत्नी और बेटी दवा लेने स्वरूपनगर गए थे। प्रखर उस समय घर पर अकेला था। घर लौटते समय मां और बहन ने किसी काम के सिलसिले में प्रखर को फोन किया, लेकिन कई बार कॉल करने के बावजूद फोन नहीं उठा। इसके बाद परिजनों ने प्रखर के चचेरे भाई वीरेंद्र को फोन कर घर जाकर देखने के लिए कहा। रात करीब आठ बजे वीरेंद्र घर पहुंचा। बाहर से प्रखर के नजर नहीं आने पर वह उसके कमरे में गया। दरवाजा खोलते ही सामने का दृश्य देखकर उसके होश उड़ गए। प्रखर का शव पंखे के सहारे दुपट्टे से लटका हुआ था। मोबाइल में डिलीट मिले व्हाट्सएप मैसेज, जांच में जुटी पुलिस वीरेंद्र की चीख-पुकार सुनकर परिवार के सदस्य और पड़ोसी मौके पर पहुंचे। परिजनों ने तत्काल 112 नंबर पर सूचना दी। कुछ ही देर में सजेती थाने की पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने कमरे और आसपास के स्थानों की जांच कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने छात्र का मोबाइल कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू की। प्रारंभिक छानबीन में मोबाइल के व्हाट्सएप पर कुछ मैसेज डिलीट मिले हैं। पुलिस मोबाइल की तकनीकी जांच के साथ ही छात्र के परिचितों और परिजनों से भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। छात्र ने आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाया, फिलहाल इसका स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। प्रेम प्रसंग समेत कई बिंदुओं पर जांच सजेती थाना प्रभारी अनुज भारती ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। परिजनों से पूछताछ की गई है, लेकिन उन्होंने आत्महत्या की कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई है। छात्र के मोबाइल को कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। प्रेम प्रसंग समेत अन्य पहलुओं पर भी छानबीन जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कागारौल थाना क्षेत्र में चोरों ने ज्वेलर्स की दुकान पीछे से तोड़ने के बाद दो अन्य दुकानों और दो खोखों के ताले तोड़कर चोरी की।
सरदारपुरा थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई - मोबाइल लूट गैंग के 3 बदमाश गिरफ्तार, 31 फोन बरामद
थानाधिकारी किशनलाल विश्नोई के नेतृत्व में गठित स्पेशल टीम ने शहर भर में आतंक बने मोबाइल लूट गैंग के 3 शातिरों को गिरफ्तार किया है। गैंग रेलवे स्टेशन व सरदारपुरा समेत पूरे शहर में स्कूटी पर सवार होकर राहगीरों से मोबाइल छीनकर फरार हो जाती थी।
गुना में अमेजन रिफंड फ्रॉड का खुलासा: पुलिस ने 17 लाख के 17 मोबाइल किए जब्त, दुकानदारों को बेच दिए थे फोन
जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने सत्र 2025-26 में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों की डिग्रियां डिजिलाकर पर अपलोड कर दी हैं। अब छात्रों को डिग्री लेने के लिए विश्वविद्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वे घर बैठे मोबाइल फोन से अपनी डिग्री डाउनलोड कर सकेंगे। यह डिग्री हर जगह मान्य होगी। कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह विश्वविद्यालय में छात्रों को डिजिटल सुविधाएं देने पर जोर दे रहे हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने एक पत्र जारी किया है। इसमें सभी प्राचार्यों, संकाय प्रमुखों, विभागाध्यक्षों और निदेशकों को छात्रों को इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। डिजिलाकर पर डिग्री पाने के लिए छात्रों को पहले अपना अकाउंट बनाना होगा। इसके लिए डिजिलाकर की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसमें आधार के अनुसार नाम, जन्मतिथि, लिंग, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर, छह अंकों का सुरक्षा पिन और आधार संख्या डालनी होगी। मोबाइल पर मिले ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) को वेरिफाई करने के बाद अकाउंट बन जाएगा। इसके बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का नाम चुनना होगा। फिर डिग्री सर्टिफिकेट का विकल्प लेना होगा। इसमें रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन या एनरोलमेंट संख्या और पास होने का साल डालना होगा। सहमति देने के बाद डिग्री 'जारी दस्तावेज' सेक्शन में दिखेगी। वहां से छात्र उसकी पीडीएफ कॉपी डाउनलोड कर प्रिंट भी निकाल सकते हैं।
नेहा के जीजा का मोबाइल गायब... दावा- शादी के लिए लाई थी शराब
समस्तीपुर में शराब मामले में गिरफ्तार नेहा झा और उसके जीजा ईशान की जांच अब SIT कर रही है. नेहा के मोबाइल से अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है, जबकि गिरफ्तारी के समय ईशान का मोबाइल भी बरामद नहीं हुआ था. SIT अब दोनों की पूरी ट्रेन यात्रा, 'शादी के लिए शराब लाने' के दावे और संभावित नेटवर्क की जांच में जुटी है.
नेटवर्क नहीं मिला तो मोबाइल कंपनी के टावर पर चढ़ गया युवक, आत्महत्या करने की दी धमकी
करीब एक महीने से नेटवर्क खराब होने का आरोप लगाते हुए युवक नाराज हो गया. वो समस्या के समाधान कराने की मांग पर अड़ा रहा.
नर्मदापुरम के स्कूल में अजीब हालात: बाहर 5G टॉवर, मोबाइल में फुल सिग्नल; शिक्षा विभाग की फाइलों में ‘जीरो नेटवर्क’
गुना में अमेजन से मोबाइल मंगवाकर रिफंड लेने के बाद फोन अपने पास रखने वाले फ्रॉड नेटवर्क के मामले में कैंट पुलिस ने 17 नए मोबाइल जब्त किए हैं। इनकी कीमत करीब 17 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने इन मोबाइल को दुकानदारों को बेच दिया था। आरोपी करीब 90 हजार रुपए कीमत वाला मोबाइल दुकानदारों को 80 हजार रुपए में बेच देते थे। पुलिस के मुताबिक, अमेजन से मोबाइल की डिलीवरी लेने के बाद आरोपी रिफंड भी प्राप्त कर लेते थे और फोन भी अपने पास रख लेते थे। इसके बाद इन मोबाइल को अलग-अलग दुकानदारों को बेच दिया जाता था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर दुकानदारों से ये मोबाइल बरामद किए हैं। 14 आरोपियों पर दर्ज है मामला कैंट पुलिस ने बताया कि एसपी हितिका वासल के निर्देशन में साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और आर्थिक अपराधों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में एएसपी प्रशांत सिंह सुमन के मार्गदर्शन और प्रभारी सीएसपी आनंद राय के नेतृत्व में कैंट पुलिस ने अमेजन फ्रॉड मामले में कार्रवाई की है। 2 सितंबर को इस नेटवर्क से जुड़े कुल 14 आरोपियों के खिलाफ कैंट थाने में अपराध क्रमांक 758/26 दर्ज किया गया था। आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 318(4), 319(2), 316(2), 61(2) और IT एक्ट की धारा 66(C), 66(D) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। पहले दो आरोपियों से EV कार और मोबाइल मिले मामले में कैंट पुलिस ने मुख्य आरोपी शोखर मीना निवासी ग्राम विलौदा और तरुण शर्मा निवासी साडा कॉलोनी राघौगढ़ को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से करीब 35 लाख रुपए कीमत की एक EV कार और करीब 3 लाख रुपए के 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। इसके बाद 6 सितंबर को पुलिस ने दो अन्य आरोपियों सुमित मीना निवासी ग्राम लालोनी और नमन शर्मा निवासी बारां, राजस्थान को गिरफ्तार किया। दोनों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड लिया गया। रिमांड में पूछताछ के बाद 17 मोबाइल बरामद पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से ऑनलाइन ठगी से प्राप्त मोबाइल फोन, उनकी बिक्री और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ की गई। पूछताछ और आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने अलग-अलग दुकानदारों से कुल 17 मोबाइल फोन बरामद किए। इनकी कीमत करीब 17 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस के अनुसार ये वही नए मोबाइल हैं, जिन्हें अमेजन से मंगाने के बाद रिफंड लिया गया था और फोन भी आरोपियों के पास रह गए थे। फरार आरोपियों की तलाश जारी पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी जारी है। कैंट थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम ने इस कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं का भी पता लगाया जा रहा है।
नोएडा में दो शातिर झपटमार पकड़े: बाइक पर घूमकर देते वारदातों को अंजाम; तमंचा-तीन मोबाइल और दो सोने की चेन जब्त
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) योजना ‘बीमार’ है। बच्चों में जन्मजात विकार, कुपोषण, गंभीर बीमारियों की जल्द पहचान के लिए चलाई गई योजना में 502 मोबाइल वैन में सिर्फ 305 की काम कर रही हैं। यानी 40 प्रतिशत टीम गायब है। इससे आंगनबाड़ी केंद्र, सरकारी स्कूल-मदरसों में बच्चों की नियमित स्क्रीनिंग प्रभावित हो रही है। इसके अलावा विशेषज्ञों के 232 स्वीकृत पदों में से 38 ही भरे गए। 194 पद (84 फीसदी) पिछले 10 साल से खाली हैं। यह खुलासा चिकित्सा विभाग की सालाना रिपोर्ट में हुआ है। उधर, लेखा महापरीक्षक (कैग) ने भी योजना को लेकर गंभीर टिप्पणी की थी।इसके बाद भी जिला अर्ली इंटरवेंशन सेंटर की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। गौरतलब है कि आरबीएसके के तहत 18 वर्ष तक के बच्चों में 4 प्रमुख श्रेणियों जन्मजात विकार, पोषण संबंधी कमियां, बीमारियां तथा विकास में देरी एवं दिव्यांगता की पहचान की जाती है। यदि कोई बच्चा 40 चिन्हित बीमारियों में से किसी से भी पीड़ित मिलता है तो उसे जिला अर्ली इंटरवेंशन सेंटर अथवा मेडिकल कॉलेज में रेफर किया जाता है। जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (एमएए) योजना के तहत निशुल्क सर्जरी भी कराई जाती है। लेकिन, आवश्यक स्टाफ की कमी से बच्चों की स्क्रीनिंग प्रभावित हो रही है। आयुष के 1024 पदों में सिर्फ 289 डॉक्टर ही कार्यरत हैं 352 ब्लॉकों में 512 मोबाइल हेल्थ टीमों में 305 टीमें ही काम कर रही हैं। इनमें भी चिकित्सकीय और तकनीकी कर्मचारियों की कमी है। 1,024 आयुष चिकित्सकों में 289 ही कार्यरत हैं। 735 पद रिक्त है। फार्मासिस्ट के 512 पदों में से 507 और एएनएम के 512 में 112 पद रिक्त है। बाल रोग विशेषज्ञ, मेडिकल ऑफिसर, फिजियोथेरेपिस्ट, ऑडियोलॉजिस्ट, मनोवैज्ञानिक, ऑप्टोमेट्रिस्ट और सोशल वर्कर सहित कुल 232 स्वीकृत पदों में से केवल 38 पर नियुक्तियां हुई हैं।
Prayagraj News: आनापुर में छात्र का मोबाइल छीनकर भागा बदमाश, शिकायत
आनापुर में छात्र का मोबाइल छीनकर भागा बदमाश, शिकायत
Mohali News: दिव्यांग से पर्स झपटा, पांच हजार नकदी व मोबाइल चोरी
Purse snatched from a differently-abled person; 5,000 in cash and a mobile phone stolen
बंगाल में भाजपा सांसद हुए साइबर ठगी के शिकार, मोबाइल सिम की क्लोनिंग; परिचितों से मांगे गए पैसे
बंगाल के स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन के बाद अब अलीपुरद्वार के भाजपा सांसद मनोज तिग्गा भी साइबर ठगी के शिकार हो गए हैं। सांसद ने बुधवार को स्वयं अपने इंटरनेट पोस्ट पर यह जानकारी दी।
Basti News: 150 स्कूलों में मोबाइल से लगेगी बच्चों की डिजिटल हाजिरी
150 schools will have digital attendance of children through mobile phones.
Rampur News: महामंडलेश्वर सच्चिदानंद महाराज को जान से मारने की धमकी, मोबाइल पर भेजे दो ऑडियो
रामपुर में छठी महोत्सव में हिस्सा लेने पहुंचे वृंदावन स्थित चित्रगुप्त पीठ के महामंडलेश्वर श्री 1008 सच्चिदानंद महाराज को बुधवार को मोबाइल पर जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है।
Pilibhit News: कहासुनी के बाद तीन लोगों को पीटा, मोबाइल तोड़ा
कहासुनी के विवाद में पड़ोस के लोगों पर गाली-गलौज कर मारपीट करने और मोबाइल तोड़ने का आरोप लगा है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मुजफ्फरपुर में ट्रक चालक को फर्जी ट्रांसपोर्टर बनकर 30 टन मक्का यूपी पहुंचाने का झांसा दिया गया। इसके बाद उसे रामदयालुनगर बुलाकर एक युवक ट्रक में सवार हो गया। रास्ते में उसने चालक को जूस पीने के लिए दिया। जूस पीने के कुछ देर बाद ही चालक को चक्कर आने लगा और वह बेहोश हो गया। इसी दौरान युवक उसकी जेब से 17 हजार रुपए और दो मोबाइल निकालकर फरार हो गया। कुछ देर बाद चालक को होश आया तो उसने किसी तरह ट्रक चलाया, लेकिन तुर्की थाना क्षेत्र में ट्रक आगे चल रहे वाहन से टकरा गया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने चालक को तुर्की पुलिस के हवाले कर दिया। बुधवार को परिजनों के साथ सदर थाने पहुंचे चालक ने पूरी घटना की लिखित शिकायत की। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है। फोन कर खुद को बताया ट्रांसपोर्टर, मक्का पहुंचाने की बात कही पीड़ित चालक जितेंद्र कुमार उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के गुरबक्सगंज गांव का रहने वाला है। उसने पुलिस को बताया कि वह तीन दिन पहले हरियाणा के झज्जर से अलकतरा लदा ट्रक लेकर बिहार आया था। बीबीगंज में अलकतरा खाली करने के बाद उसने ट्रक मझौलिया में खड़ा कर दिया था। इसी दौरान उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को ट्रांसपोर्टर बताते हुए कहा कि उसे 30 टन मक्का लोड कर यूपी के उन्नाव पहुंचाना है। चालक को इसके लिए रामदयालुनगर स्थित मलंग स्थान के पास बुलाया गया। मलंग स्थान के पास ट्रक में सवार हुआ युवक जितेंद्र के अनुसार, वह बताए गए स्थान पर पहुंचा तो एक युवक उसके ट्रक में सवार हो गया। युवक ने मक्का लोड कराने की बात कहते हुए चालक को आगे चलने के लिए कहा। कुछ दूर जाने के बाद उसने जितेंद्र को जूस पीने के लिए दिया। जितेंद्र ने पुलिस को बताया कि जूस पीने के कुछ ही देर बाद उसे चक्कर आने लगा। इसके बाद वह बेहोश हो गया। इसी दौरान ट्रक में सवार युवक ने उसकी जेब से 17 हजार रुपए और दो मोबाइल निकाल लिए और रास्ते में उतरकर फरार हो गया। होश आया तो ट्रक चलाया, तुर्की में हो गया हादसा चालक के अनुसार, कुछ समय बाद उसे हल्का होश आया। इसके बाद उसने किसी तरह ट्रक को आगे बढ़ाया। इसी दौरान तुर्की थाना क्षेत्र में ट्रक आगे चल रहे वाहन से टकरा गया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने चालक को पकड़ लिया और तुर्की पुलिस को सौंप दिया। जितेंद्र के मुताबिक, वह पूरी रात तुर्की थाने में रहा। बुधवार को जब उसे पूरी तरह होश आया तो उसने पुलिस को अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। परिजनों के साथ पहुंचा सदर थाना, जांच में जुटी पुलिस घटना की जानकारी मिलने के बाद जितेंद्र के परिजन तुर्की थाने पहुंचे। इसके बाद वे चालक को लेकर सदर थाना पहुंचे, जहां उसने लिखित शिकायत दी। सदर पुलिस अब फोन करने वाले व्यक्ति और उसके साथ ट्रक में सवार हुए युवक की पहचान में जुटी है। पुलिस घटना वाले स्थान और संभावित रास्तों के सीसीटीवी फुटेज के साथ फोन नंबरों की जांच कर रही है। जूस में क्या मिलाया गया था, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस (एक नवंबर) से मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों से लेकर उप स्वास्थ्य केंद्र तक सभी सेवाएं पेपरलेस करने की योजना बनाई है।
जबलपुर पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधों पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत 30 लाख रुपए कीमत के 175 गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बुधवार को एसपी कार्यालय के जनसुनवाई कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने ये मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंपे। बरामद मोबाइल में महंगे एंड्रॉइड स्मार्टफोन के साथ आईफोन भी शामिल हैं। ये फोन पिछले कुछ महीनों में शहर के अलग-अलग इलाकों से गुम या चोरी हुए थे। मोबाइल वापस मिलने पर कई लोगों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। ग्वारीघाट के ऑटो चालक केशव पटेल को उनका 18 हजार रुपए कीमत का मोबाइल वापस मिला। यह फोन नर्मदा घाट पर नहाते समय चोरी हो गया था। केशव ने बताया कि फोन चोरी होने के बाद भी वे उसकी ईएमआई भर रहे थे। फोन वापस मिलने पर उनकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए। इसी तरह धनवंतरी नगर की श्रद्धा ठाकुर को घर से गायब हुआ मोबाइल वापस मिला। गढ़ा की देवयानी शुक्ला का मोबाइल सागर में शादी समारोह के दौरान 8 महीने पहले खो गया था। पुलिस ने तकनीक की मदद से उसे तलाश कर बरामद किया। साइबर अपराध से बचने की दी जानकारी मोबाइल वितरण कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने साइबर अपराध जागरूकता सत्र भी आयोजित किया। इसमें लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के नए तरीकों, निजी जानकारी सुरक्षित रखने और साइबर अपराध होने पर तत्काल पुलिस से संपर्क करने की जानकारी दी गई। मोबाइल गुम हो तो CEIR पर करें रिपोर्ट पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तत्काल नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही CEIR पोर्टल पर भी मोबाइल की जानकारी दर्ज करें, ताकि उसे ट्रैक और ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
नोएडा में मोबाइल और चेन स्नैचिंग गैंग का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
नोएडा, 9 सितंबर . नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने की Police ने मोबाइल फोन और चेन स्नैचिंग की घटनाओं को अंजाम देने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर एक गिरोह का पर्दाफाश किया है. Police ने आरोपियों के कब्जे से तीन अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल फोन, दो चेन, घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल, 14,500 रुपए ... Read more
मानसा में मोबाइल झपटमारी का खुलासा:2 युवक और चोरी के फोन खरीदने वाला दुकानदार गिरफ्तार, मोबाइल बरामद
मानसा शहर में मोबाइल छीनकर फरार होने वाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके साथ चोरी के मोबाइल खरीदने वाले एक दुकानदार को भी पुलिस ने काबू किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। डीएसपी मानसा हरजिंदर सिंह गिल ने बताया कि 12 हट्टां चौक पर कृष्ण कुमार निवासी मानसा से दो युवकों ने मोबाइल फोन छीन लिया था। घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। DSP बोले- किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीदार सिंह निवासी माखा और मानव उर्फ मान निवासी मानसा के रूप में हुई है। जांच के दौरान सामने आया कि दोनों युवक चोरी किए गए मोबाइल फोन मानसा शहर के ही एक दुकानदार को बेचते थे। पुलिस ने दुकानदार हरप्रीत सिंह निवासी मानसा को भी मामले में गिरफ्तार किया है। डीएसपी ने बताया कि पुलिस ने चोरी किए गए मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि शहर में चोरी और झपटमारी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। डीएसपी ने चेतावनी दी कि चोरी की वारदातों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डिंडौरी में कब्जा हटाने के विरोध में मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक, कूदने की दे रहा धमकी
अवैध कब्जा को हटाने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समय सीमा में कब्जा नहीं हटाने पर बेदखली की कार्यवाही बुधवार को की जा रही है।
खरगोन में जुआ खेलते 13 लोग गिरफ्तार:पुलिस ने 10 बाइक, 11 मोबाइल समेत 12 लाख का माल जब्त किया
खरगोन जिले में मेनगांव और सनावद थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार रात लोहारी के पास जंगल में जुआ खेल रहे 13 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मौके से 2 लाख 56 हजार 500 रुपए नकद, करीब 1.50 लाख रुपए कीमत के 11 मोबाइल और करीब 8 लाख रुपए की 10 मोटरसाइकिलें जब्त की हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 12 लाख रुपए बताई गई है। कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की गई। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मेनगांव थाने में जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। चार्जिंग बल्ब की रोशनी में लगा रहे थे दांव पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि लोहारी के पास जंगल में कुछ लोग जुआ खेल रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और छापा मारा। यहां लोग चार्जिंग बल्ब की रोशनी में ताश के पत्तों से रुपए का दांव लगा रहे थे। अंधेरे का फायदा उठाकर कुछ आरोपी भागे पुलिस टीम को देखते ही कुछ जुआरी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग गए। हालांकि, पुलिस ने घेराबंदी कर 13 आरोपियों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी मेनगांव खरगोन, लोहारी, बामखल, बरसलाय और भटियान क्षेत्र के रहने वाले हैं। 13 आरोपियों पर जुआ एक्ट में केस पकड़े गए आरोपियों में सोनू उर्फ सनोव्वर खान, मंसूर खान, अरुण पगारे, शुभम वर्मा, आसिफ खान, वसीम खान, निसार खान, बिलाल खान, गोपाल धनगर, मोहसिन खान, सलमान, अरबाज खान और इमरान शेख शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मेनगांव थाने में अपराध क्रमांक 229/26 दर्ज किया है। इनके खिलाफ जुआ एक्ट की धारा 13 के तहत कार्रवाई की गई है।
डीग के बेढ़म गांव में मोबाइल नेटवर्क की समस्या से परेशान 25 साल का युवक बुधवार को टावर पर चढ़ गया। युवक ने चेतावनी दी कि अगर गांव में नेटवर्क की समस्या जल्द ठीक नहीं हुई तो वह टावर से कूदकर आत्महत्या कर लेगा। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए समझाने का प्रयास शुरू किया। एक महीने से नेटवर्क की परेशानी बेढ़म निवासी युवक पुष्कर का कहना है कि गांव में करीब एक महीने से मोबाइल नेटवर्क की समस्या बनी हुई है। नेटवर्क नहीं मिलने से मोबाइल कॉल, इंटरनेट और दूसरे ऑनलाइन काम प्रभावित हो रहे हैं। इससे ग्रामीणों को परेशानी के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। समस्या से नाराज होकर टावर पर चढ़ा पुष्कर ने मोबाइल नेटवर्क की समस्या को लेकर नाराजगी जताते हुए बुधवार को टावर पर चढ़ने का फैसला किया। उसने कहा कि मोबाइल कंपनियां ग्राहकों से महंगे रिचार्ज ले रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बेहतर नेटवर्क सुविधा नहीं मिल रही। युवक ने नेटवर्क की समस्या के लिए संबंधित संचालकों को जिम्मेदार बताया और समस्या दूर नहीं होने पर टावर से कूदने की चेतावनी दी। पुलिस ने संभाला मोर्चा युवक के टावर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने युवक से बातचीत कर उसे समझाने का प्रयास किया। पुलिस का प्रयास है कि युवक को सुरक्षित नीचे उतारा जाए और किसी तरह की अनहोनी को रोका जा सके। एसपी बोले- जल्द सुरक्षित नीचे उतारेंगे जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ ने बताया कि एक युवक टावर की खराबी और नेटवर्क की समस्या के कारण टावर पर चढ़ा है। सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस को मौके पर भेजा गया है। पुलिस युवक को समझा रही है और जल्द ही उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया जाएगा।
फिरोजपुर केंद्रीय जेल में प्रतिबंधित मोबाइल फोन और नशीला सामान मिलने का मामला सामने आया है। जेल प्रशासन की ओर से चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान अलग-अलग बैरकों और जेल परिसर से 9 मोबाइल फोन, सिम कार्ड, नशीली गोलियां और अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद किया गया। मामले में जेल प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने 10 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जेल प्रशासन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 21 अगस्त से 2 सितंबर 2026 के बीच कई बार तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान जेल में बंद कैदियों और हवालातियों के सामान के साथ-साथ अलग-अलग स्थानों की जांच की गई। तलाशी के दौरान कुल 9 मोबाइल फोन बरामद हुए। इसके अलावा कुछ मामलों में सिम कार्ड और नशीली गोलियां भी मिलीं। जेल प्रशासन ने दी पुलिस को सूचना जेल प्रशासन ने बरामद सामान कब्जे में लेने के बाद इसकी सूचना पुलिस को दी। शिकायत के आधार पर थाना सिटी फिरोजपुर में एफआईआर नंबर 312 दर्ज की गई है। पुलिस ने 10 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था को भेदकर मोबाइल फोन और नशीला सामान अंदर कैसे पहुंचा। लगातार मोबाइल मिलने से जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस जांच के बाद ही पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा।
फाजिल्का जिले में अबोहर के गांव बहादुरखेड़ा में बीएसएनएल मोबाइल टावर से करीब 1.16 लाख रुपए का सामान चोरी हो गया। चोरी कर भाग रहे तीन लोगों को बीएसएनएल के एसडीओ ने पीछा कर सामान समेत पकड़ लिया। सूचना मिलने पर थाना सदर पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। बीएसएनएल अबोहर के एसडीओ राकेश बांसल निवासी सिविल लाइन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बहादुरखेड़ा में विभाग का टावर लगा है। यहां किर्लोसकर कंपनी का जेनरेटर और क्रंपटन कंपनी का 40 केवी का अल्टीनेटर लगा हुआ है। बुधवार की सुबह करीब 8 बजे गांव के चौकीदार मंगा सिंह ने उन्हें फोन कर बताया कि तीन युवक टावर में घुसकर सामान चोरी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही एसडीओ राकेश बांसल जेटीओ राजेश कुमार के साथ मौके पर पहुंचे। तब तक आरोपी सामान लेकर फरार हो चुके थे। तलाश करने के बाद पकड़े गए चोर दोनों ने आसपास तलाश की तो गांव की फिरनी के पास तीनों आरोपी चोरी के सामान के साथ मिल गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों से 30 मीटर फीडर केबल, 27 डीबीआई एंटीना, 50 एम्पियर का एलटेक रेक्टिफायर, 512 वोल्ट की डिजी बैटरी, 10 मीटर डीसी केबल और अल्टीनेटर का एवीआर कार्ड बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरजंट सिंह उर्फ जंटा, निक्का और सुधीर कुमार उर्फ सीपू के रूप में हुई है। ये तीनों बहादुरखेड़ा के रहने वाले हैं। पुलिस रिमांड पर लेकर आरोपियों से अन्य टावरों पर हुई चोरी की घटनाओं के बारे में भी पूछताछ करेगी।
गोपालगंज में दुकानदार के सोते ही मोबाइल चोरी, CCTV कैमरे में कैद हुआ युवक
9 सितंबर, बुधवार: गोपालगंज के मॉडल सदर अस्पताल के मुख्य गेट के सामने दुकान से मोबाइल चोरी का मामला सामने आया है। दुकानदार पीयूष कुमार के सोने के दौरान युवक मोबाइल लेकर फरार हो गया। CCTV फुटेज में चोरी की पूरी घटना कैद हुई है। नगर थाने में आवेदन दिया गया है।
दिल्ली के सत्य निकेतन में लगे मोबाइल जैमर्स? दिल्ली पुलिस ने बताया सच
दिल्ली के मोती बाग के पास मौजूद 6 सितंबर को सत्य निकेतन कॉलोनी में एक हादसा हुआ, जिसमें एक इमारत हादसे का शिकार हो गई. हादसे के बाद कुछ अफवाह फैली, जिसमें दिल्ली पुलिस ने पोस्ट करके बताया कि रेस्क्यू वाली जगह पर कोई नेटवर्क जैमर्स का इस्तेमाल नहीं किया है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
बागमती एक्सप्रेस में यात्री से मोबाइल छीना, चलती ट्रेन से नीचे फेंकने का आरोप
बागमती एक्सप्रेस में यात्री से मोबाइल छीना, चलती ट्रेन से नीचे फेंकने का आरोप
पुराने फोन से बंद हुआ WhatsApp सपोर्ट, लिस्ट में आपका मोबाइल तो नहीं
WhatsApp ने अपना सपोर्ट पुराने स्मार्टफोन से बंद कर दिया है, जिसके बाद यूजर्स को ऐप में नोटिफिकेशन्स भी मिलेगा. इसमें यूजर्स को अपने हैंडसेट को लेटेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) के साथ अपडेट करना होगा, नहीं तो न्यू मोबाइल को खरीदना होगा. आइये इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
दतिया शहर में मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल के सामने ग्वालियर-झांसी नेशनल हाईवे पर मंगलवार दोपहर भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक सड़क पर लहूलुहान हालत में जा गिरे। हादसे के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने डायल-112 और 108 एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस से दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतकों की पहचान करने की थी। पुलिस ने मृतकों के पास मिले मोबाइल फोन की मदद से साइबर टीम के जरिए उनकी पहचान कर परिजनों को सूचना दी। सड़क पर बिखरे बाइक के पुर्जे घटना मंगलवार दोपहर करीब 3:30 बजे की है। मेडिकल कॉलेज गर्ल्स हॉस्टल के सामने हाईवे से गुजर रहे लोगों ने दो युवकों को सड़क पर घायल अवस्था में पड़ा देखा। मौके पर सड़क पर खून फैला हुआ था और बाइक के कई पुर्जे बिखरे पड़े थे। हाईवे किनारे युवकों के जूते भी पड़े मिले। सूचना मिलने के बाद पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। दोनों युवकों को जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। हादसे के कारण हाईवे पर कुछ देर यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस ने मौके से क्षतिग्रस्त बाइक को हटवाकर यातायात सुचारू कराया। एक मोबाइल टूटा मिला, दूसरा लॉक था दोनों युवकों के पास पहचान से जुड़ा कोई दस्तावेज नहीं मिला। पुलिस ने तलाशी ली तो एक युवक का मोबाइल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में मिला और वह बंद था। दूसरे युवक का मोबाइल चालू था, लेकिन लॉक होने के कारण उससे तत्काल जानकारी नहीं मिल पा रही थी। पुलिस ने साइबर टीम की मदद ली। तकनीकी सहायता से मोबाइल को अनलॉक कराया गया। इसके बाद मोबाइल में सेव नंबरों पर पुलिस ने संपर्क किया। फोन के जरिए मृतकों के परिजनों तक पहुंच बनाई गई और उन्हें हादसे की सूचना दी गई। मामा के बेटे को लेने पहुंचा था लखन मृतकों की पहचान महावीर कुशवाह (17) निवासी उड़नू की टोरिया के पास राजा का बगिया और लखन कुशवाह (21) निवासी भांडेर के रूप में हुई। परिजनों के मुताबिक महावीर पांच भाइयों में सबसे छोटा था। वहीं लखन तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। बताया गया कि लखन अपने मामा के बेटे महावीर को घर से लेने करीब डेढ़ घंटे पहले बाइक से पहुंचा था। इसके बाद दोनों बाइक से घूमने के लिए निकले थे। परिजनों को क्या पता था कि कुछ ही देर बाद एक सड़क हादसा उनकी खुशियां छीन लेगा। दोनों की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। टक्कर मारने वाले वाहन की तलाश पुलिस के मुताबिक फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि दोनों युवकों की बाइक को किस वाहन ने टक्कर मारी। टक्कर के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस हाईवे और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। हादसे के समय वहां से गुजरने वाले वाहनों की जानकारी भी जुटाई जा रही है, ताकि टक्कर मारकर भागे वाहन और उसके चालक का पता लगाया जा सके। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
रोहतक जिले के गांव मदीना में रेडियो स्टेशन के पीछे सोमवार सुबह एक युवक का शव जली हुई हालत में मिला था। मृतक की पहचान शेर मोहम्मद निवासी गांव जमालपुर अलीगढ़ यूपी के रूप में हुई, जो दिल्ली में ओला कंपनी के अंदर ड्राइवर था। देर रात को मृतक के परिजनों ने शवगृह पहुंचकर शव की पहचान की। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मृतक शेर मोहम्मद के परिजनों ने बताया कि शेर मोहम्मद की आल्टो गाड़ी रविवार को ऑनलाइन बुक हुई थी। रविवार दोपहर को शेर मोहम्मद सवारी लेकर निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। कई बार फोन किया, लेकिन फोन भी बंद आ रहा था। जब शेर मोहम्मद की कोई खबर नहीं मिली तो उसकी तलाश शुरू कर दी। जले हुए आधार कार्ड से हुई पहचान मदीना गांव में जहां जली हुई हालत में शव मिला, वहां पुलिस को करीब 50 कदम दूर मिट्टी में एक जला हुआ आधार कार्ड मिला, जिस पर शेर मोहम्मद नाम लिखा था। साथ ही उसका फोन नंबर भी था। वहीं, एक जला हुआ मोबाइल भी बरामद किया गया। इसी के आधार पर पुलिस ने मृतक के परिजनों से संपर्क किया। देर रात पहुंचे परिजन, शवगृह में की शिनाख्त मृतक शेर मोहम्मद के परिजन सूचना मिलने के बाद देर रात को थाना बहुअकबरपुर पहुंचे और पुलिस के साथ रात को ही डेड हाउस आए। डेड हाउस में शव की शिनाख्त करते हुए पुलिस को शिकायत दी है। मृतक का आज पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। एक साल से ओला कंपनी में चलाता था गाड़ी मृतक के परिजनों ने बताया कि शेर मोहम्मद एक साल से ओला कंपनी में गाड़ी चलाता था। इससे पहले वह एक प्राइवेट अस्पताल में एम्बूलेंस चलाता था। दिल्ली से गाड़ी कहां के लिए बुक हुई थी, इसके बारे में पुलिस छानबीन कर रही है। शेर मोहम्मद के दो बेटे व एक बेटी है, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थाना बहुअकबरपुर पुलिस ने बताया कि सोमवार सुबह एक युवक का शव जली हुई हालत में मिला था। मृतक की शिनाख्त शेर मोहम्मद के रूप में हुई है। मृतक के परिजनों की शिकायत पर हत्या का केस दर्ज किया गया है। शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर आज परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस मामले में हत्यारोपियों की तलाश कर रही है।
सुबह का पहला घंटा स्क्रीन-फ्री रखें, मोबाइल देखने से बचें
भास्कर न्यूज। लुधियाना। सुबह आंख खुलते ही मोबाइल हाथ में लेना अब कई लोगों की रोजमर्रा की आदत बन चुका है। अलार्म बंद करने के बाद ज्यादातर लोग बिना उठे ही वॉट्सएप मैसेज, इंस्टाग्राम रील्स, ई-मेल, न्यूज अपडेट और सोशल मीडिया नोटिफिकेशन चेक करने लगते हैं। कुछ लोगों के लिए यह महज पांच मिनट की आदत होती है, लेकिन यही पांच मिनट कब 20-30 मिनट में बदल जाते हैं, पता ही नहीं चलता। दिन की शुरुआत अपने विचारों और दिनचर्या से करने के बजाय स्क्रीन की सूचनाओं से होने लगी है। {अलार्म के बाद फोन, फिर शुरू हो जाता है स्क्रॉलिंग का सिलसिला: मोबाइल को बेड के पास रखकर सोने वालों में सुबह सबसे पहले फोन देखने की आदत ज्यादा देखी जा रही है। अलार्म बंद करने के साथ ही नोटिफिकेशन चेक करने की उत्सुकता रहती है। एक मैसेज के बाद दूसरा, फिर सोशल मीडिया की एक रील और उसके बाद दूसरी। इस दौरान व्यक्ति मानसिक रूप से कई तरह की सूचनाओं से घिर जाता है। कई बार सुबह-सुबह मिली नकारात्मक खबर या काम से जुड़ा मैसेज पूरे दिन के मूड को प्रभावित कर देता है। { सुबह का समय दिमाग के लिए सबसे शांत: मनोवैज्ञानिकों के अनुसार नींद से जागने के तुरंत बाद दिमाग धीरे-धीरे सक्रिय अवस्था में आता है। इस समय लगातार स्क्रीन देखने और सूचनाएं पढ़ने से दिमाग को तुरंत कई चीजों पर प्रतिक्रिया देनी पड़ती है। इससे बेचैनी, चिड़चिड़ापन और दिन की शुरुआत में ही मानसिक दबाव महसूस हो सकता है। खासकर कामकाजी लोगों में ऑफिस के मैसेज सुबह-सुबह देखने से काम का तनाव घर से निकलने से पहले ही शुरू हो जाता है। सुबह का पहला घंटा ‘नो स्क्रीन टाइम’ रखें : एक्सपर्ट की सलाह है कि जागने के बाद कम से कम 30 से 60 मिनट तक मोबाइल से दूरी रखने की कोशिश करें। सबसे पहले पानी पीना, हल्की स्ट्रेचिंग, प्रार्थना/मेडिटेशन, कुछ देर धूप में बैठना या दिन की प्राथमिकताएं तय करना बेहतर विकल्प हो सकता है। अगर अलार्म के लिए फोन जरूरी है तो इसे बेड से कुछ दूरी पर रखें और गैरजरूरी नोटिफिकेशन रात में ही बंद कर दें। { सुबह फोन नहीं, पहले खुद से कनेक्ट हों: जागने के तुरंत बाद फोन देखने से हमारा ध्यान बाहरी सूचनाओं की तरफ चला जाता है। सुबह का समय दिमाग को शांत तरीके से दिन के लिए तैयार करने का होता है। इसलिए कोशिश करें कि उठने के बाद पहले 30 मिनट स्क्रीन फ्री रहें। शुरुआत में मुश्किल लगे तो 10 मिनट से शुरुआत करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं। फोन देखने का एक तय समय रखें, ताकि दिन की शुरुआत नोटिफिकेशन नहीं बल्कि अपनी प्राथमिकताओं के साथ हो।
Gorakhpur News: फेसबुक पर महिला सिपाही का फोटो और मोबाइल नंबर वायरल, अश्लील कॉल से परेशान
Female constable's photo and mobile number go viral on Facebook; harassed by obscene calls.
Ghaziabad News: मारपीट में युवक घायल, मोबाइल फोन तोड़ने का आरोप
लोनी। ट्रोनिका सिटी थाना क्षेत्र की पूजा कॉलोनी में एक युवक से मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित महताब ने सहजाद अंसारी, सुहैल, अर्जुन और कुछ अज्ञात साथियों पर मारपीट का आरोप लगाया है।
बदायूं। पांच सौ करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले में भागे चल रहे 50-50 हजार रुपये के इनामी पूर्व भाजपा नेता शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य की धरपकड़ के लिए गौतमबुद्धनगर की एसटीएफ एक माह से जाल बिछाए थी।
Ghaziabad News: बदमाशों ने युवक को धक्का देकर मोबाइल छीना
साहिबाबाद। बाइक सवार दो बदमाशों ने वृंदावन ग्रीन सोसायटी के युवक से मोबाइल छीन लिया।
Kangra News: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मांगे नए मोबाइल फोन
आंगनबाड़ी केंद्रों पर विभागीय रिपोर्टिंग और दैनिक कार्यों को ऑनलाइन दर्ज करने में कार्यकर्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
Faridabad News: ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल एक्स-रे वैन से होगी टीबी की जांच
TB screening to be conducted using mobile X-ray vans in rural areas.
Jind News: मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल के बीच किताबों से जुड़ाव बनाए रखना जरूरी
अभियान के दौरान संस्कृत प्रवक्ता रेखा शर्मा ने कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को अच्छे साहित्य का अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।
मेरठ में साइबर ठगों ने एक पेपर मील प्रबंधक के मोबाइल को APK फाइल के जरिए हैक कर कंपनी निदेशक के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बना लिया। इसके बाद प्रबंधक को भुगतान के फर्जी निर्देश भेजकर चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन में करीब 1.80 करोड़ रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए। हालांकि साइबर थाना पुलिस की करीब डेढ़ माह की मेहनत रंग लाई। पुलिस ने ठगी की रकम में से 1.55 करोड़ 98 हजार 300 रुपये रिकवर कराकर पीड़ित को वापस दिला दिए। इस सफलता पर एसएसपी ने साइबर थाना टीम की सराहना की है। साइबर थाना प्रभारी महावीर सिंह के मुताबिक, मवाना रोड स्थित डिफेंस कॉलोनी निवासी प्रज्ज्वल अग्रवाल की हरिद्वार के झबरेड़ा-नारसन क्षेत्र में गंगोत्री पेपर मील है। मील का बैंक खाता पंजाब नेशनल बैंक की न्यू मंडी मुजफ्फरनगर शाखा में है। इस खाते का संचालन मील के प्रबंधक संदीप गोयल करते हैं। 17 जुलाई को पहुंची थी APK फाइल17 जुलाई को संदीप गोयल के व्हाट्सएप नंबर पर एक अंजान नंबर से APK फाइल पहुंची। संदीप ने बिना जांच-पड़ताल किए फाइल खोल दी। फाइल खुलते ही उनके मोबाइल का नियंत्रण साइबर ठगों के हाथ में चला गया। इसके बाद ठगों ने पेपर मील के निदेशक नीरज अग्रवाल के नाम और प्रोफाइल का इस्तेमाल करते हुए फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट तैयार कर लिया। निदेशक बनकर भेजे भुगतान के निर्देशठगों ने इसी फर्जी अकाउंट से संदीप गोयल को व्हाट्सएप मैसेज भेजने शुरू किए। मैसेज में अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए। चूंकि इससे पहले भी निदेशक नीरज अग्रवाल व्हाट्सएप के जरिए भुगतान संबंधी निर्देश देते थे, इसलिए संदीप को ठगों की करतूत पर जरा भी शक नहीं हुआ। चार ट्रांजेक्शन में ट्रांसफर कर दिए 1.80 करोड़17 जुलाई से 20 जुलाई के बीच मील प्रबंधक ने ठगों के बताए बैंक खातों में चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए करीब 1.80 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। रकम ट्रांसफर होने के बाद भी उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह साइबर ठगों के जाल में फंस चुके हैं। निदेशक के आने पर खुला ठगी का राज20 जुलाई को पेपर मील के निदेशक नीरज अग्रवाल और प्रज्ज्वल अग्रवाल मिल पहुंचे। इस दौरान संदीप गोयल ने उन्हें किए गए भुगतानों की जानकारी दी। रकम की जानकारी मिलते ही दोनों के होश उड़ गए। उन्होंने साफ किया कि इस तरह के भुगतान के लिए उन्होंने कोई मैसेज नहीं भेजा था। इसके बाद ठगी का पूरा मामला सामने आया। तत्काल साइबर पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायतमामले की जानकारी होते ही संदीप गोयल ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। साथ ही तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय को फोन पर पूरी घटना की जानकारी दी गई। एसएसपी के निर्देश पर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। डेढ़ माह तक खातों की खंगाली गई कुंडलीसाइबर थाना पुलिस की टीम पिछले करीब डेढ़ माह से मामले की जांच में जुटी थी। टीम ने उन बैंक खातों की पहचान की, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खातों में मौजूद रकम को फ्रीज करा दिया। हालांकि कार्रवाई से पहले ही साइबर ठग 24 लाख एक हजार 700 रुपये निकालने में कामयाब हो गए थे।इसके बाद बची रकम को पीड़ित तक वापस पहुंचाने के लिए पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी की। मामला कोर्ट तक पहुंचा और पुलिस ने न्यायालय से रकम रिलीज कराने का आदेश प्राप्त किया। कोर्ट के आदेश पर वापस मिले 1.55 करोड़मंगलवार को कोर्ट के आदेश के बाद साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ 55 लाख 98 हजार 300 रुपये की रकम प्रज्ज्वल अग्रवाल के खाते में रिकवर करा दी। इस तरह पुलिस की कार्रवाई से पीड़ित को ठगी की रकम का बड़ा हिस्सा वापस मिल गया।
जबलपुर में सेंध का नया खेल, सफर में महिला के 79 हजार साफ, ओटीपी आते ही युवक का मोबाइल हैक
गोहलपुर पुलिस ने धारा 318 बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया है। घटना का स्थान अधारताल थाना क्षेत्र का होने के कारण केस डायरी अग्रिम विवेचना के लिए अधारताल थाने भेजी गई है।
नवादा में पुलिस ने सस्ते लोन का झांसा देकर ठगी करने वाले पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के मीरचक चमर टोली से इन्हें पकड़ा गया। इनके पास से आठ मोबाइल फोन भी मिले हैं। एसडीपीओ सुजय विद्यार्थी और थाना अध्यक्ष पंकज कुमार सैनी ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि पुलिस को ठगी की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी गई और उनके निर्देश पर एक टीम बनाई गई। टीम ने मीरचक चमर टोली में छापेमारी की। ऑनलाइन लोन देने का झांसा देते थे छापेमारी के दौरान पांच साइबर अपराधी पकड़े गए। उनके पास से आठ एंड्रॉयड मोबाइल और फर्जी सिम कार्ड भी जब्त किए गए। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मीरचक चमर टोली निवासी जोगिंदर दास (केदार रविदास का बेटा), गौतम कुमार (अरविंद रविदास का बेटा), टुनटुन रविदास (राजेंद्र रविदास का बेटा), प्रकाश रविदास (काली रविदास का बेटा) और धर्मेंद्र रविदास (नरेश रविदास का बेटा) के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बजाज फाइनेंस, रिलायंस फाइनेंस और दूसरी कंपनियों के नाम पर ऑनलाइन लोन देने का झांसा देते थे। प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठग लेते थे पैसे वे कस्टमर डेटा और फेसबुक से नंबर लेकर लोगों को फोन करते थे। ग्राहकों को भरोसा दिलाने के लिए ठग कभी बैंक मैनेजर तो कभी दूसरे स्टाफ बनकर बात करते थे। जब कोई ग्राहक उनके जाल में फंस जाता था, तो वे लोन देने के बहाने आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक की फोटोकॉपी, पासपोर्ट साइज फोटो और ईमेल आईडी मांगते थे। इसके बाद उनसे प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे ठग लेते थे। आरोपियों ने बताया कि वे इस तरह कई लोगों से ठगी कर चुके हैं। एसपी अभिनव धीमान के निर्देश पर वारिसलीगंज थाना प्रभारी पंकज कुमार सैनी लगातार छापेमारी कर रहे हैं। पुलिस वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में फैले ठगी के नेटवर्क को खत्म करने की कोशिश कर रही है।
सहरसा जिले के सोनवर्षा कचहरी थाना क्षेत्र के दिवारी गांव निवासी 30 वर्षीय चालक रूपेश कुमार की बांका जिले के चंदन थाना क्षेत्र में अज्ञात अपराधियों ने चाकू मारकर हत्या कर दी। सोमवार को उसका शव रेलवे पटरी के किनारे मिला। मंगलवार को शव गांव पहुंचा तो परिजनों में मातम छा गया। परिजनों ने गांव के ही एक व्यक्ति पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, दिवारी गांव निवासी मणिकांत यादव का बेटा रूपेश कुमार गाड़ी चलाकर अपने परिवार का गुजारा करता था। रविवार तड़के करीब तीन बजे वह बसौना निवासी एक रिटायर्ड इंजीनियर को चारपहिया वाहन से देवघर छोड़ने गया था। उन्हें वहां छोड़कर रूपेश किसी दूसरी गाड़ी से घर लौट रहा था। परिजनों ने बताया कि रास्ते में उसने फोन कर घर आने की जानकारी दी थी, लेकिन कुछ देर बाद ही उसका मोबाइल अचानक बंद हो गया। मोबाइल की आखिरी लोकेशन बांका में मिली रूपेश से संपर्क न होने पर अनहोनी की आशंका से परिजन सोनवर्षा कचहरी थाना पहुंचे। पुलिस की टेक्निकल टीम की मदद से रूपेश के मोबाइल की आखिरी लोकेशन बांका जिले के चंदन थाना क्षेत्र की निकली। परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे, जहां रेलवे ट्रैक के किनारे रूपेश का खून से लथपथ शव पड़ा था। उसके शरीर पर चाकू से कई वार के गहरे निशान थे। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया मृतक रूपेश अपने दो भाइयों में बड़ा और परिवार का इकलौता कमाने वाला था। वह अपने पीछे पत्नी, सात साल की बेटी और चार साल के छोटे बेटे को छोड़ गया है। मंगलवार को जैसे ही उसका शव गांव पहुंचा, परिजनों के रोने-धोने से गांव में दुख का माहौल बन गया। परिजनों ने गांव के ही अनिल वर्मा पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच और गिरफ्तारी की मांग की है। CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से जांच बांका जिले चंदन थानाध्यक्ष रवि कुमार, ने बताया कि घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों सहित सभी बिंदुओं पर गहराई से पड़ताल की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
बालाघाट कोतवाली पुलिस ने तीन अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी नोटों का बंडल दिखाकर लोगों को दोगुनी या चार गुनी रकम करने का लालच देकर ठगी करते थे। पुलिस ने मंगलवार को यह कार्रवाई की। महाराष्ट्र और छग से किया गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों में महाराष्ट्र के नागपुर के मनकापुर निवासी आर्यन (23), लकेश चचाने (27) और छत्तीसगढ़ के राजगढ़ के बाजारापारा निवासी अंकित पांडे (26) शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से दो बाइक, चार मोबाइल और सात हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। कोतवाली पुलिस ने यह कार्रवाई धोखाधड़ी के तीन मामलों में की है। इन मामलों में आरोपियों ने निवेशकों को चार गुना राशि का लालच देकर ठगा था। तीन शिकायतें हुईं थी दर्ज मामले की जांच कर रहे एसआई संदीप भारतीय ने बताया कि कोतवाली थाने में 20 मई, 9 अगस्त और 3 सितंबर को अलग-अलग शिकायतें दर्ज हुई थीं। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि आरोपियों ने नोटों का बंडल दिखाकर करीब 3 लोगों से 1 लाख 10 हजार रुपये की धोखाधड़ी की थी। आरोपी निवेशकों को उनकी रकम वापस देने में टालमटोल करते रहे और उन्हें पैसे नहीं लौटाए। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसके बाद पुलिस ने मुखबिरों को सक्रिय किया और आरोपियों की तलाश शुरू की। मंगलवार को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी शहर में वैनगंगा नदी के पुल के नीचे हैं। पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। चार गुना रकम का झांसा देते थे आरोपियों ने कबूल किया कि वे निवेशकों को चार गुना रकम का झांसा देकर उनसे पैसे लेते थे। वे जिस बाइक से आते थे, उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर आते थे, ताकि उनकी पहचान न हो सके। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी निवेशकों को विश्वास दिलाने के लिए जिन नोटों के बंडल का इस्तेमाल करते थे, उनमें ऊपर असली नोट होते थे। बाकी बंडल में कागज के टुकड़े होते थे। फिलहाल पुलिस इन आरोपियों से धोखाधड़ी से जुड़े और भी मामलों को लेकर पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने दबिश देकर ड्रग्स तस्कर को दबोचा:11 KG डोडा-पोस्त और मोबाइल जब्त; पूछताछ जारी
बालोतरा जिले की मंडली पुलिस ने अवैध मादक-पदार्थ खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। इसके कब्जे से 11 किलो अवैध डोडा-पोस्त जब्त किया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से मादक-पदार्थ की खरीद-फरोख्त को लेकर पूछताछ कर रही है। एसपी राजेश कुमार कॉवत के अनुसार-टीम को डीएसटी से सूचना मिली थी कि मंडली कस्बे में रहवासी ढाणी में अवैध मादक-पदार्थ की खरीद-फरोख्त की जा रही है। इस पर टीम ने सूचना के आधार पर मंडली गांव में मांगीलाल पुत्र पुनाराम के घर में दबिश दी। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 11 किलोग्राम अवैध डोडा-पोस्त और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया। आरोपी मांगीलाल को गिरफ्तार किया गया है। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज इस संबंध में मंडली थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। फिलहाल पुलिस अवैध मादक-पदार्थ तस्करी में शामिल व्यक्तियों को लेकर पूछताद कर रही है। कार्रवाई डीएसटी एएसआई आईदानराम, हेड कॉन्स्टेबल मांगूसिंह, कॉन्स्टेबल श्यामदान शामिल रहे। एसपी के मुताबिक- नशाखोरी पर कंट्रोल करने और पुलिस मुख्यालय की मंशानुसार मादक-पदार्थ की तस्करी की रोकथाम एवं कंट्रोल के लिए अभियान चलाया जा रहा है। एएसपी हरफूलसिंह मीना डीएसपी योगेश चौधरी सुपरविजन के सुपरविजन में मंडली थानाधिकारी अनु चौधरी के नेतृत्व में टीम बनाई गई थी।
दौसा नगर निकाय चुनाव के तहत स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी, शांतिपूर्ण मतदान के लिए पुलिस-प्रशासन तैयार है। पहले चरण में 9 सितम्बर को बांदीकुई, बसवा, भांडारेज, सिकराय, महवा और मंडावर नगर पालिका क्षेत्रों में होने वाले चुनाव में 1500 पुलिसकर्मी, आरएसी-होमगार्ड का जाब्ता तैनात रहेगा। साथ ही 40 पुलिस मोबाइल पार्टियां बनाई गई हैं। पहले चरण के चुनाव के लिए मोबाइल पार्टियां संबंधित नगर निकाय क्षेत्रों में पहुंच गई हैं। 157 बूथ क्रिटिकल जिले में 11 नगर निकायों में कुल 362 मतदान बूथ रहेंगे। इनमें 157 क्रिटिकल बूथ हैं। दौसा में 38, महवा में 17, लालसोट में 16, बांदीकुई, मंडावर में 15-15, सिकराय में 13, रामगढ़ पचवारा, भांडारेज में 12-12, मंडावरी में 7, बसवा, लवाण में 6-6 क्रिटिकल बूथ हैं। पहले चरण के चुनाव के लिए 1500 पुलिसकर्मी, आरएसी, होमगार्ड तैनात रहेंगे। इनमें आरएसी की दो कंपनियां भी शामिल हैं। पुलिस मोबाइल पार्टियों के अलावा सुपरवाइजर अधिकारी भी रहेंगे। इंस्पेक्टर, आरपीएस अधिकारियों को सुपरवाइजर अधिकारी लगाया गया है। क्रिटिकल मतदान भवनों के लिए 1 अधिकारी, 4 जवानों का जाब्ता तैनात किया जाएगा। हर बूथ पर एक कॉन्स्टेबल, एक होमगार्ड रहेगा। एसपी बोले- भयमुक्त चुनाव कराना प्राथमिकता एसपी पीयूष दीक्षित ने पुलिस मोबाइल पार्टियों, सुपरवाइजर अधिकारियों की ब्रीफिंग के दौरान कहा कि मतदान शांतिपूर्ण, निष्पक्ष, भयमुक्त वातावरण में कराना पुलिस की प्राथमिकता है। किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाए।
ब्रिक्स समिट को लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट, 22 डायवर्जन पॉइंट तय; नेविगेशन ऐप्स से भी तालमेल
New Delhi, 8 सितंबर . राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के India मंडपम में होने वाले ब्रिक्स समिट को लेकर दिल्ली ट्रैफिक Police ने व्यापक यातायात व्यवस्था तैयार की है. एडिशनल सीपी (ट्रैफिक) डीके गुप्ता ने बताया कि ट्रैफिक इंतजामों की लगातार रिहर्सल की जा रही है और अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देकर तैनाती की ... Read more
जेल में मोबाइल फोन मामले में प्रज्वल रेवन्ना दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजे गए
Bengaluru, 8 सितंबर . Bengaluru की विशेष अदालत ने जेल के भीतर मोबाइल फोन रखने और इस्तेमाल करने के मामले में पूर्व जेडी(एस) सांसद प्रज्वल रेवन्ना को दो दिन की Police हिरासत में भेज दिया है. अदालत ने उनके सह-आरोपी प्रताप राय को भी दो दिन की Police कस्टडी में भेजने का आदेश दिया. प्रज्वल ... Read more
सायबर सेल ने 54 गुम-चोरी मोबाइल बरामद:कीमत 8 लाख रुपए, मालिकों को लौटाए गए
श्योपुर पुलिस की सायबर सेल ने गुम और चोरी हुए 54 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपए है। मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम में एक कार्यक्रम के दौरान ये मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंप दिए गए। पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान के निर्देश पर सायबर सेल को गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन ढूंढने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा गया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार भूरिया और डीएसपी मुख्यालय प्रेमनारायण गोयल के मार्गदर्शन में सायबर सेल ने जिले के सभी थानों से मिलकर मोबाइलों की तलाश शुरू की। पुलिस ने बताया कि मोबाइल फोन की लोकेशन और तकनीकी जानकारी जुटाने के लिए CEIR पोर्टल और दूसरे तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल किया गया। इसके लिए दूसरे राज्यों और जिलों की पुलिस टीमों से भी संपर्क किया गया। लगातार कोशिशों के बाद कुल 54 मोबाइल फोन बरामद हुए। 8 सितंबर को पुलिस कंट्रोल रूम में हुए कार्यक्रम में बाबूलाल मीणा, सिकंदर मीणा, विकास बैरवा, विष्णु कुमार नागर, धीरा सिंह, राम नरेश सुमन, राजेन्द्र आर्य, विक्की बाथम, कान्हाजी कुशवाह, राम सिंह, गिर्राज बैरवा, बृजेश दीक्षित, विमल कंबोज, आकाश सुमन, सत्यनारायण बैरवा, लेखराज बैरवा और दिनेश सुमन समेत कुल 54 लोगों को उनके मोबाइल फोन सौंपे गए। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस के काम की तारीफ की। पुलिस ने यह भी बताया कि सायबर सेल को मिले दूसरे आवेदनों पर भी कार्रवाई चल रही है। गुम हुए बाकी मोबाइलों की तलाश के लिए लगातार कोशिशें की जा रही हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत नजदीकी थाने में आवेदन दें। मोबाइल का बिल या बॉक्स, जिस पर IMEI नंबर साफ लिखा हो, और आधार कार्ड देकर CEIR पोर्टल पर मोबाइल की जानकारी अपलोड करवाएं।
दमोह शहर से सटे आमचौपरा गांव में एक निजी कंपनी मोबाइल टावर लगा रही है। इसके विरोध में मंगलवार दोपहर महिलाओं ने कलेक्टर प्रताप नारायण यादव को आवेदन दिया। उन्होंने टावर न लगाने की मांग की है। महिलाओं ने अपने ज्ञापन में बताया कि आमचौपरा मोहल्ले में मुकेश जैन अपनी जमीन पर निजी मोबाइल कंपनी का टावर लगवा रहे हैं। मोहल्ले के सभी लोगों को इस पर आपत्ति है और वे टावर को अपने मोहल्ले के बीच नहीं लगने देना चाहते। महिलाओं का कहना है कि टावर लगने से मोहल्ले में शोर होगा, जिससे बच्चों की पढ़ाई में दिक्कत आएगी। उन्हें बच्चों में बीमारी का खतरा बढ़ने और पूरे दिन मोबाइल चलाने से पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। इसलिए उनकी मांग है कि इस टावर को कहीं और लगाया जाए। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी बात नहीं सुनी गई, तो मोहल्ले के सभी लोग मजबूरी में आंदोलन करेंगे। ज्ञापन देने पहुंची महिलाओं में लता खरे, संध्या, यशोदा सिंह, सरोज रानी, कृष्ण राय, निर्मला दुबे और वर्षा खरे सहित अन्य महिलाएं शामिल थीं।
पलवल में मकान से लाखों की चोरी:कैश, चांदी के जेवर, 2 मोबाइल चुराए, 8 किलो देसी घी भी ले गए चोर
पलवल जिले के पावसर गांव में एक मकान से हजारों की नकदी, जेवरात और देसी घी चोरी होने का मामला सामने आया है। बहीन थाना पुलिस ने मकान मालिक की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। बहीन थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि पावसर गांव के मोहम्मद साजिद ने शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि रात के समय अज्ञात चोर उनके घर में घुस गए। चोरों ने कमरे में रखी अलमारी से 25 हजार रुपए, चांदी का रानी हार, दो मोबाइल फोन और घड़ियां चुरा लीं। इसके साथ ही करीब आठ किलो देसी घी भी चोरी कर लिया गया। खेत में फेंक कर गए खाली डिब्बे सुबह जब परिवार के लोग जागे तो घर का सामान बिखरा पड़ा था। तलाश करने पर घर के पास एक खेत में चोरों द्वारा फेंके गए डिब्बे, पुराने कपड़े और पॉलिथीन मिले। हालांकि, कीमती सामान, नकदी और जेवरात गायब थे। पीड़ित मोहम्मद साजिद के अनुसार, इस चोरी में उनका करीब एक लाख रुपए का नुकसान हुआ है। बहीन थाना पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि टीम चोरों की तलाश में जुटी है और जल्द ही उनका पता लगाकर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
नोएडा में मोबाइल स्नैचिंग गैंग का खुलासा, तीन शातिर गिरफ्तार
नोएडा, 8 सितंबर . नोएडा के थाना सेक्टर-20 Police ने मोटरसाइकिल चोरी और मोबाइल फोन स्नैचिंग करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है. Police ने आरोपियों के कब्जे से चोरी और स्नेचिंग के 14 मोबाइल फोन, दो चोरी की मोटरसाइकिल, मोटरसाइकिल का लॉक तोड़ने में इस्तेमाल होने वाला ... Read more
बेंगलुरु : जेल के अंदर मोबाइल फोन इस्तेमाल के आरोप में प्रज्वल रेवन्ना पर कसा शिकंजा
Bengaluru, 8 सितंबर . कर्नाटक Police दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व जेडी (एस) सांसद प्रज्वल रेवन्ना को Bengaluru सेंट्रल जेल के अंदर मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लेने वाली है. प्रज्वल रेवन्ना पूर्व Prime Minister एचडी देवेगौड़ा के पोते, ... Read more
चंदौली पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से 101 खोए मोबाइल फोन बरामद किए
सर्विलांस टीम की तकनीकी मदद से बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत ₹31 लाख है, जिन्हें उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिया गया।
जेल में देख रहा था पोर्न, मोबाइल फोन केस में प्रज्वल रेवन्ना कोर्ट में पेश
जेल में मोबाइल फोन के कथित इस्तेमाल और पोर्न देखने के मामले में प्रज्वल रेवन्ना और सह आरोपी प्रताप राय को 42वें एसीएमएम कोर्ट में पेश किया गया. पुलिस ने आगे की पूछताछ के लिए चार दिन की कस्टडी मांगी, जबकि बचाव पक्ष ने कहा कि जेल के भीतर ही पूछताछ की जा सकती है.
श्रीगंगानगर में महिला वकील का मोबाइल हैक:फोन स्विच ऑफ पड़ा था, पेटीएम अकाउंट से निकाले 60 हजार
श्रीगंगानगर में महिला वकील के पेटीएम अकाउंट से हैकर ने 59,701 रुपए में से 59 हजार रुपए ट्रांसफर कर लिए। महिला का मोबाइल कई घंटे बंद था। शाम को फोन ऑन करने पर उन्हें खाते से रकम निकलने का पता चला और अकाउंट में सिर्फ 701 रुपए बचे थे। बैंक या पेटीएम की ओर से ट्रांजेक्शन का कोई मैसेज भी नहीं आया। महिला ने उसी रात साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी और अगले दिन पुरानी आबादी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना 21 अगस्त को पुरानी आबादी थाना क्षेत्र में हुई। खाते में जमा थे 59,701 रुपए, हैकर ने किए ट्रांसफर पुलिस को दी शिकायत में एडवोकेट रेणु वर्मा (41), निवासी वार्ड नंबर 13, पुरानी आबादी, ने बताया कि उनका पंजाब नेशनल बैंक की नगर परिषद ब्रांच में अकाउंट है। इसमें 59,701 रुपए जमा थे। 21 अगस्त 2026 को शाम करीब 4:09 बजे अज्ञात हैकर ने उनका मोबाइल हैक कर पेटीएम के जरिए 59 हजार रुपए ट्रांसफर कर लिए। शाम को फोन खोला तो खाते में बचे सिर्फ 701 रुपए रेणु ने बताया कि सुबह 9:30 से दोपहर 3:30 बजे तक उनका फोन बंद था। बाद में उन्होंने थोड़ी देर के लिए मोबाइल खोला और फिर बंद रखा। शाम करीब 5:30 बजे फोन ऑन करने पर खाते से रुपए निकलने का पता चला। अकाउंट में सिर्फ 701 रुपए बचे थे। बैंक या Paytm की ओर से उन्हें ट्रांजेक्शन का कोई मैसेज भी नहीं आया। उसी रात साइबर क्राइम थाने में दी शिकायत महिला वकील ने उसी रात करीब 9:15 बजे साइबर क्राइम थाने (शिव चौक) में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद सुबह पुरानी आबादी थाने में भी शिकायत दी। उनकी रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
'हम जान दे रहे हैं...' भाई को फोन पर दी धमकी: देवर-भाभी ने मोबाइल किया बंद, नहर किनारे मिला सामान
पुलिस को मौके से पर्स, जेवर, कपड़े, एटीएम कार्ड और नकदी मिली है। परिजनों की मौजूदगी में नहर में दोनों की तलाश जारी है।
धर्मपुर में बाथरूम के वेंटिलेटर पर मोबाइल रखकर महिला की वीडियो बनाने का आरोप लगा है। शिकायत पर पुलिस ने पड़ोसी युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नकलचियों के मोबाइल हुए डिस्चार्ज, जांच के लिए इंदौर का डीएवीवी बनाएगा मोबाइल इन्वेस्टिगेशन कमेटी
Indroe DAVV: परीक्षा केंद्र से जब्त मोबाइल विश्वविद्यालय में जांच होने तक लंबे समय तक बंद रखे जाते हैं, इस दौरान बैटरी खत्म हो जाती है।
धर्मपुर उपमंडल में एक पड़ोसी युवक ने नहाती महिला का वीडियो बना लिया। महिला ने खिड़की पर मोबाइल देखकर शोर मचाया, जिसके बाद युवक को मौके पर ही पकड़ लिया गया।
शिक्षकों को पंजाब की तर्ज पर दिया मोबाइल भत्ता : संघ
राजकीय टीजीटी कला संघ ने प्रदेश सरकार से शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों को पंजाब की तर्ज पर मोबाइल भत्ता देने की मांग की है।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में ड्यूटी से गायब रहने पर एक महिला सिपाही निलंबित, गृहरक्षक पर कार्रवाई। वहीं, पटना में जाम के दौरान केबिन में मोबाइल चलाते मिले तीन यातायात पुलिसकर्मियों का वेतन रोका गया।
गया स्थित बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) ने 70वीं BPSC के चयनित प्रशिक्षु रोहित आनंद को मॉक टेस्ट के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करने और फैकल्टी से कथित दुर्व्यवहार के आरोप में प्रशिक्षण से विरमित कर दिया।
रेल हादसे में अब सड़क मार्ग से पहुंचेगी रिस्टोरेशन टीम, रांची मंडल को मिला पहला रोड मोबाइल वाहन
रेल हादसे में अब सड़क मार्ग से पहुंचेगी रिस्टोरेशन टीम, रांची मंडल को मिला पहला रोड मोबाइल वाहन
नगर परिषद के 60 में से 59 वार्डों में होने वाले चुनाव को लेकर बांसवाड़ा पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान के लिए करीब 650 पुलिसकर्मियों को 99 मतदान बूथों पर तैनात किया गया है। इनमें 25 संवेदनशील बूथ हैं, जहां 5-5 अतिरिक्त पुलिसकर्मी लगाए गए हैं। इसके अलावा 11 मोबाइल पार्टियां, 6 सुपरवाइजर अधिकारी और रिजर्व पुलिस बल लगातार निगरानी रखेंगे। एसपी सुधीर जोशी ने जवानों को ड्यूटी में पूरी मुस्तैदी और निष्पक्षता बरतने के निर्देश दिए हैं। चुनाव में गड़बड़ी या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने कहा- ड्यूटी में किसी तरह की लापरवाही नहीं होएसपी सुधीर जोशी ने पुलिस लाइन में जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान पूरी मुस्तैदी और ईमानदारी जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि अगर किसी जवान की ड्यूटी उसके किसी रिश्तेदार या परिचित के क्षेत्र में लगती है, तो भी उसे अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्पक्षता से निभानी होगी। किसी भी तरह की लापरवाही या पक्षपातपूर्ण रवैये पर सवाल खड़े हो सकते हैं। 99 बूथों पर करीब 650 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगेचुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के लिए करीब 650 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। कुल 99 मतदान बूथों पर पुलिस का कड़ा पहरा रहेगा। इनमें 25 मतदान केंद्रों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इन बूथों पर 5 पुलिसकर्मी अतिरिक्त तैनात किए गए हैं। इसके अलावा बाकी सभी मतदान केंद्रों पर भी पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। 11 मोबाइल पार्टियां और 6 सुपरवाइजर अधिकारी निगरानी रखेंगेकानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 11 मोबाइल पार्टियां गठित की गई हैं। इसके साथ ही 6 पुलिस सुपरवाइजर अधिकारियों की भी तैनाती की गई है। जोनल और एरिया मजिस्ट्रेट के साथ भी पुलिस बल लगाया गया है। किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटने के लिए अलग-अलग स्थानों पर पर्याप्त रिजर्व पुलिस बल भी रखा गया है। राउंड द क्लॉक निगरानी, गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाईपुलिस की टीमें राउंड द क्लॉक निगरानी रखेंगी। चुनाव में किसी भी असामाजिक तत्व की ओर से खलल डालने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने चुनाव के दौरान पूरी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जवानों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
मां, खाना खा लिया है, यात्रा की वजह से थक गया हूं, आराम कर रहा हूं। शनिवार शाम करीब 4 बजे देवास से दिल्ली के लिए ट्रेन से निकला अर्पित जाज रविवार सुबह करीब 7 बजे रेलवे स्टेशन पहुंचा। करीब 8 बजे वह अपने परिसर पहुंच गया था। दिल्ली पहुंचने के बाद उसने दादा को भी फोन किया था। बातचीत में उसने कहा- “दादा, मैं ठीक से पहुंच गया हूं और खाना खाने जा रहा हूं।” घरवालों को क्या पता था कि दिल्ली पहुंचने के बाद की ये सामान्य-सी बातचीत कुछ घंटों बाद उनके जीवन की सबसे दर्दनाक याद बन जाएगी। दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक पांच मंजिला इमारत अचानक गिर गई थी। हादसे में 7 लोगों की मौत हुई, जबकि 6 लोग घायल हुए, जिनमें 3 की हालत गंभीर बताई गई। इसी हादसे में देवास के अर्पित और कटनी के अक्षय की मौत हुई। माता-पिता ने रुकने को कहा था, बोला- रिजर्वेशन है अर्पित करीब एक साल से दिल्ली में रह रहा था। माता-पिता चाहते थे कि वह कुछ समय और घर पर रुके। उन्होंने उसे रविवार को जाने से रोकने की कोशिश भी की थी, लेकिन अर्पित ने कहा था- “रिजर्वेशन है, जाना ही पड़ेगा।” इसके बाद वह शनिवार शाम ट्रेन से दिल्ली रवाना हो गया। अर्पित परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी बड़ी बहन प्रियंशी इंदौर में पढ़ाई कर रही है। बेटे को पढ़ाकर उसके भविष्य के सपने पूरे करने की उम्मीद माता-पिता ने लगा रखी थी। दिल्ली में रहकर वह अपनी पढ़ाई और भविष्य को लेकर आगे बढ़ रहा था। तीन तस्वीरों में देखिए अर्पित की यादें… फोन बंद हुआ तो परिवार की चिंता बढ़ी हादसे से करीब डेढ़ घंटे पहले मां से हुई बातचीत के बाद अर्पित से संपर्क नहीं हो सका। उसका मोबाइल बंद हो गया। इसी बीच परिवार को उस इमारत के हादसे की जानकारी मिली, जहां अर्पित रहता था। अर्पित तीसरी मंजिल पर कमरा नंबर 320 में रहता था। परिवार के लिए सबसे बड़ी बेचैनी यह थी कि बेटे से कुछ देर पहले ही बात हुई थी। फोन पर उसने खाना खाने और फिर आराम करने की बात कही थी। इसके बाद वही फोन बंद हो गया। अर्पित के रिश्तेदार दीपक के मुताबिक, दिल्ली में रहने वाले उसके दोस्तों ने फोन कर बताया कि जिस इमारत में अर्पित रहता था, वह हादसे का शिकार हो गई है। इसके बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई। दिल्ली पहुंचते ही बनाया था परिसर का वीडियो दिल्ली पहुंचने के बाद अर्पित ने अपने परिसर का वीडियो भी बनाया था। यह वीडियो उसके मोबाइल में था, लेकिन हादसे के बाद उसका मोबाइल भी नहीं मिल रहा है। परिवार के पास अब उसके फोन में दर्ज आखिरी तस्वीरों और वीडियो की यादें ही रह गई हैं। एक तरफ बेटे के सुरक्षित पहुंचने की जानकारी थी, दूसरी तरफ उसी बेटे से संपर्क टूटने की खबर। परिवार के लिए सबसे मुश्किल यही था कि हादसे से पहले तक अर्पित सामान्य दिन की तरह ही अपनी दिनचर्या में था। 11 अक्टूबर को था अर्पित का जन्मदिन अर्पित का जन्मदिन भी अब करीब था। 11 अक्टूबर को वह अपना जन्मदिन मनाने वाला था, लेकिन उससे पहले ही हादसे ने परिवार से उसका साथ छीन लिया। परिवार के लिए यह तारीख अब खुशी के बजाय ऐसी याद बन गई है, जिसे वे चाहकर भी भुला नहीं पाएंगे। जिस घर में जन्मदिन की तैयारियों और बेटे के आने की उम्मीद होती, वहां अब उसकी यादें ही रह गई हैं। कटनी में अक्षय के परिवार ने घर में लगाया ताला इसी हादसे ने कटनी के एक परिवार के सपनों को भी झकझोर दिया। अक्षय यादव के हादसे की खबर मिलने के बाद परिवार के सभी सदस्य घर में ताला लगाकर दिल्ली रवाना हो गए। पड़ोसी विनय चतुर्वेदी के मुताबिक, हादसे की सूचना मिलते ही पूरा परिवार दिल्ली चला गया। अक्षय पढ़ाई में शुरू से ही बेहद होनहार था। उसका सपना दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने का था। परीक्षा में सफलता के बाद उसे DU में दाखिला मिला। इसके बाद वह UPSC की तैयारी में जुट गया था। परिवार और मोहल्ले के लोगों को उससे बड़ी उम्मीदें थीं। रक्षाबंधन पर घर आया था, फिर दिल्ली लौट गया अक्षय रक्षाबंधन पर घर आया था। परिवार के साथ त्योहार मनाया और फिर अपने सपनों की तैयारी के लिए दिल्ली लौट गया। परिवार के लिए वह मुलाकात अब और भी ज्यादा यादगार हो गई है। पड़ोसी संदीप त्रिपाठी ने बताया कि अक्षय मेहनती और पढ़ाई को लेकर गंभीर था। उसके दिल्ली जाने को परिवार उसके भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम मानता था। पूरे मोहल्ले में उसके साथ हुई घटना से शोक का माहौल है। मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. दिल्ली इमारत हादसे में एमपी के दो युवकों की मौत:कटनी का अक्षत डीयू में पढ़ता था दिल्ली के सत्य निकेतन हादसे में मध्य प्रदेश के दो युवकों की भी मौत हुई है। देवास के अर्पित जाज (21) और कटनी के अक्षत यादव (19) दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ते थे। अर्पित जाज देवास के कैलादेवी क्षेत्र के पास स्थित जय बजरंग नगर का रहने वाला था और दिल्ली यूनिवर्सिटी से बी.कॉम सेकंड ईयर में पढ़ रहा था। पढ़ें पूरी खबर… 2. दिल्ली पीजी हादसा- अब तक 7 मौतें; बेसमेंट में तोड़फोड़ से गिरी थी 5 मंजिला बिल्डिंग दिल्ली में रविवार दोपहर गिरी इमारत का मलबा अभी भी हटाया जा रहा है। सोमवार को मलबे से एक और शव मिला है। हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है और 12 लोगों को बचाया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
किशोरों पर अध्ययन: स्कूलों में बढ़ रहा नशे का खतरा, मोबाइल इंटरनेट से बढ़ी समस्या; गुवाहाटी में स्थिति गंभीर
15 पिस्तौल और 5 किलो हेरोइन समेत 2 पकड़े एक वेल्डर तो दूसरे की मोबाइल रिपेयर की शॉप
भास्कर न्यूज | अमृतसर अमृतसर देहाती पुलिस ने 2 तस्करों को काबू कर 15 पिस्तौल और 5 किलो हेरोइन बरामद की। आईजी बॉर्डर रेंज गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि 6 सितंबर की शाम करीब 7 बजे थाना घरिंडा की पुलिस टीम को अड्डा अटारी के पास गुप्त सूचना मिली थी। सूचना थी कि दीपक सिंह निवासी रोड़ांवाला खुर्द और शुभप्रीत सिंह उर्फ शुभ निवासी वेरका-मजीठा बाईपास अवैध हथियारों व हेरोइन की खेप लेकर अटारी इलाके में घूम रहे हैं। इसके तुरंत बाद पुलिस ने अटारी-झब्बाल रोड पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की और स्कूटी सवार दोनों आरोपियों को दबोच लिया। आईजी बॉर्डर रेंज भुल्लर ने बताया कि गिरफ्तार 24 वर्षीय दीपक सिंह पेशे से प्राइवेट वेल्डिंग का काम करता है। उसका गांव रोड़ांवाला खुर्द भारत-पाक सीमा पर स्थित है, जिसके ठीक सामने पाकिस्तान का गांव भानचक्क पड़ता है। दीपक सीधे तौर पर पाकिस्तानी तस्करों के संपर्क में था और सीमा पार से ड्रोन या अन्य माध्यमों से भेजी गई खेप रिसीव करता था। वहीं, उसका साथी शुभप्रीत सिंह हॉल गेट पर मोबाइल रिपेयर की दुकान चलाता है। शुरुआती पूछताछ के आधार पर पुलिस ने इस मॉड्यूल से जुड़े 2 अन्य आरोपियों की पहचान कर ली है। आईजी भुल्लर के अनुसार, पुलिस अब पूरे नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सीमा पार से यह खेप किसने भेजी थी और पंजाब में इसे किन गैंगस्टरों या स्थानीय तस्करों तक पहुंचाया जाना था।
इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) में नकल प्रकरणों की जांच अब जब्त मोबाइल की बैटरी डिस्चार्ज होने से अटक रही है। परीक्षा में नकल करते पकड़े गए विद्यार्थियों के मोबाइल महीनों तक विश्वविद्यालय में जमा रहते हैं। इस दौरान फोन की बैटरी खत्म हो जाती है और मोबाइल बंद हो जाते हैं। ऐसे में अनफेयर मिन्स कमेटी यह पता नहीं लगा पाती कि विद्यार्थी ने परीक्षा के दौरान मोबाइल से कितने सवालों के जवाब लिखे। इस तकनीकी परेशानी के कारण कई नकल प्रकरणों में विद्यार्थियों के खिलाफ उचित और व्यवहारिक निर्णय लेने में दिक्कत आ रही है। अब विश्वविद्यालय ने इसका स्थायी समाधान निकालने के लिए जब्त मोबाइल की जांच के लिए अलग समिति बनाने का फैसला किया है। कार्यपरिषद ने भी इसे मंजूरी दे दी है। पता नहीं चलता कि कितने सवाल हल किएमोबाइल बंद होने की स्थिति में समिति यह जांच नहीं कर पाती कि परीक्षा के दौरान विद्यार्थी ने फोन का इस्तेमाल कितनी देर किया और कितने प्रश्नों के उत्तर मोबाइल देखकर लिखे। इससे नकल की गंभीरता तय करने में परेशानी आती है। कई मामलों में जांच लंबे समय तक अटकी रहती है। इसका सीधा असर विद्यार्थियों के खिलाफ कार्रवाई और सजा तय करने पर पड़ता है। पर्याप्त प्रमाण नहीं मिलने पर कुछ मामलों में विद्यार्थियों को राहत भी देनी पड़ती है। अब जब्त होते ही मोबाइल की होगी जांचकुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई ने बताया कि परीक्षा के दौरान मोबाइल लाना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद यदि प्रश्नपत्र हल करते समय विद्यार्थी के पास मोबाइल मिलता है तो उड़नदस्ता या केंद्राध्यक्ष नकल प्रकरण बनाता है। महीनों तक फोन बंद रहने से बैटरी डिस्चार्ज होने की समस्या सामने आती है, जिससे नकल प्रकरणों की जांच प्रभावित होती है। इसी समस्या से बचने के लिए अलग समिति बनाई जा रही है। यह समिति सिर्फ जब्त मोबाइल से जुड़े नकल प्रकरणों की जांच करेगी, ताकि मोबाइल को जल्द खोलकर उसमें उपलब्ध जानकारी के आधार पर नकल का स्तर तय किया जा सके।
Mohali News: खरड़ में टैक्सी चालक पर जानलेवा हमला, मोबाइल छीना ; तीन नामजद पर केस
Taxi driver attacked with intent to kill and mobile phone snatched in Kharar; case registered against three named individuals
Amroha News: मोबाइल लूट की सूचना पर दौड़ी जीआरपी, निकली मारपीट
रेलवे स्टेशन पर मोबाइल लूट की सूचना मिलने पर जीआरपी में खलबली मच गई। मौके पर पहुंचने पर युवकों के दो गुटों में मारपीट का मामला सामने आया।
Lucknow News: चालक के भाई ने ट्रेन में फेंका था धीरेंद्र का मोबाइल फोन
चालक के भाई ने ट्रेन में फेंका था धीरेंद्र का मोबाइल फोन
Shamli News: मोबाइल फोन और लैपटॉप की स्क्रीन से धीमी हुई पलक झपकने की रफ्तार
मोबाइल फोन और लैपटॉप की स्क्रीन पर लगातार काम करना या देखना आंखों को नुकसान पहुंचा रहा है।
भारतीय रेलवे देश की जीवनरेखा मानी जाती है, जिससे रोजाना करोड़ों मुसाफिर अपनी मंजिल तक पहुंचते हैं। तकनीक के इस आधुनिक दौर में रेलवे ने पारंपरिक उद्घोषणाओं और जटिल नोटिस बोर्ड्स से आगे बढ़कर सीधे आम यात्रियों की जेब यानी स्मार्टफोन तक अपनी पहुंच बनाने का फैसला किया है। रेलवे बोर्ड ने सूचनाओं के आदान-प्रदान को सरल, आकर्षक और सुलभ बनाने के लिए 'शॉर्ट वीडियो और रील्स' आधारित डिजिटल सूचना प्रणाली की शुरुआत की है।अब यात्रियों को अपनी ट्रेन की लोकेशन, कोच पोजीशन, प्लेटफॉर्म बदलने की सूचना या स्पेशल ट्रेनों के शेड्यूल के लिए स्टेशन पर भारी भीड़ या पूछताछ खिड़की पर लाइन लगाने की जरूरत नहीं होगी। यात्री अपने मोबाइल स्क्रीन पर 15 से 30 सेकंड की रील्स देखकर वास्तविक समय में सटीक जानकारियां हासिल कर सकेंगे।कैसे काम करेगा यह नया रील-बेस्ड सिस्टम: सेकंडों में मिलेगी जरूरी अपडेट्सरेलवे के इस नए डिजिटल प्लेटफॉर्म को आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स, मोबाइल एप्लिकेशन और व्हाट्सऐप बॉट्स से एकीकृत किया जा रहा है। सूचना तकनीक विंग (CRIS) के सहयोग से विकसित इस प्रणाली में यात्रियों को विजुअल और ऑडियो दोनों माध्यमों से अपडेट मिलेंगे:प्लेटफॉर्म और डायवर्जन अलर्ट: बड़े जंक्शनों पर ट्रेन के आगमन से पहले किस प्लेटफॉर्म पर गाड़ी लगेगी, इसकी संक्षिप्त वीडियो क्लिप या ग्राफिकल रील जारी होगी।कोच पोजिशन गाइड: इंजन से स्लीपर, थर्ड एसी, सेकंड एसी और जनरल बोगी की सही स्थिति दर्शाने वाला 3D रील एनिमेशन यात्रियों को तुरंत समझ आएगा।त्योहारी व समर स्पेशल ट्रेनें: आगामी त्योहारों (होली, दिवाली, छठ) और गर्मियों की छुट्टियों में चलने वाली स्पेशल ट्रेनों के रूट, समय और खाली सीटों की स्थिति को शॉर्ट वीडियो में हाइलाइट किया जाएगा।कैटरिंग और सुरक्षा गाइडलाइंस: ई-कैटरिंग के जरिए खाना बुक करने, 'रेल मदद' ऐप का उपयोग करने और आपातकालीन स्थिति में 139 नंबर पर संपर्क करने के आसान स्टेप्स रील के रूप में दिखाए जाएंगे।'जेन-जी' और युवाओं को ध्यान में रखकर उठाया कदम: बोरिंग टेक्स्ट की जगह विजुअल कंटेंटरेलवे अधिकारियों का मानना है कि आज की पीढ़ी लंबे-चौड़े पैराग्राफ या भारी-भरकम पीडीएफ फाइलों को पढ़ने के बजाय विजुअल फॉर्मेट में सूचनाएं देखना अधिक पसंद करती है। इंस्टाग्राम, यूट्यूब शॉर्ट्स और फेसबुक रील्स की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए रेलवे ने सूचना प्रसारण की भाषा और शैली को पूरी तरह बदल दिया है।इस पहल से न केवल युवा यात्रियों को सुविधा होगी, बल्कि बुजुर्ग और कम पढ़े-लिखे नागरिकों के लिए भी रंग-बिरंगे ग्राफिक्स, नक्शे और स्थानीय भाषाओं में बोले गए वॉयस-ओवर को समझना पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगा। रेलवे क्षेत्रीय भाषाओं (हिंदी, तमिल, तेलुगु, बंगाली, मराठी आदि) में भी इन रील्स को तैयार कर रहा है ताकि देश के हर कोने का यात्री अपनी भाषा में अपडेट प्राप्त कर सके।स्टेशन के डिजिटल डिस्प्ले और क्यूआर कोड से भी जुड़ेंगी रील्सइस योजना का विस्तार रेलवे स्टेशनों के फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर तक भी किया जा रहा है। प्रमुख रेलवे स्टेशनों के वेटिंग हॉल, कॉनकोर्स और प्लेटफॉर्म पर लगे बड़े एलईडी स्क्रीन्स पर भी इन उपयोगी रील्स को लूप में चलाया जाएगा। इसके अलावा, यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन परिसरों में क्यूआर (QR) कोड लगाए जा रहे हैं।यात्री अपने स्मार्टफोन के कैमरे से क्यूआर कोड को स्कैन करते ही स्टेशन पर उपलब्ध सुविधाओं—जैसे क्लॉक रूम, एक्जीक्यूटिव लाउंज, व्हीलचेयर सुविधा, आरओ वाटर पॉइंट और मेडिकल बूथ—के 10 सेकंड के नेविगेशन वीडियो देख सकेंगे। इससे अनजान स्टेशनों पर भी मुसाफिरों को रास्ता खोजने में किसी से पूछने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।डिजिटल इंडिया का प्रभाव: सुरक्षित और सहज बनेगा रेल का सफरभारतीय रेलवे का यह कदम 'डिजिटल इंडिया' अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूती देने वाला है। इससे स्टेशनों पर होने वाली अनावश्यक अफरातफरी, प्लेटफॉर्म पर अंतिम समय में होने वाली भगदड़ और यात्रियों के असमंजस को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।यात्री सुरक्षा, टिकट रिफंड नियम, तत्काल बुकिंग के नए दिशा-निर्देश और साफ-सफाई से जुड़े अभियानों को भी इसी विजुअल फॉर्मेट में आम जनता तक पहुंचाया जाएगा। विश्लेषकों का मानना है कि सरकारी विभागों द्वारा सोशल मीडिया के लोकप्रिय फॉर्मेट्स को सार्वजनिक सेवाओं से जोड़ना एक सकारात्मक प्रशासनिक नवाचार है, जिससे रेल सेवाओं की छवि और यात्री अनुभव दोनों में उल्लेखनीय सुधार होगा।
हांसी जिले के गांव ढाणा के पास सोमवार देर रात एक घटना हुई। स्कार्पियो सवार कुछ लोगों ने खुद को गो-रक्षक दल का सदस्य बताया। उन्होंने पशु व्यापारियों की आईसर गाड़ी रुकवा ली। आरोपियों ने 3 व्यापारियों से मारपीट की, उनके मोबाइल छीन लिए। इसके बाद उन्हें जबरन स्कार्पियो में बैठाकर ले गए। वे आईसर में लदी 6 भैंस और 6 बच्चे, कुल 12 पशु भी अपने साथ ले गए। डंडों से पीटकर गाड़ी और मोबाइल छीने पुलिस को दी शिकायत में गाजियाबाद निवासी संजय ने बताया कि वह अपने पार्टनर बागपत निवासी वसीम और डबवाली निवासी ड्राइवर बलकर्ण सिंह के साथ राजस्थान से 12 पशु लेकर गाजियाबाद जा रहा था। रात करीब साढ़े 12 बजे ढाणा के पास काले रंग की स्कार्पियो ने उनकी आईसर के आगे गाड़ी लगाकर रास्ता रोक लिया। संजय ने बताया कि तीन-चार युवक डंडे लेकर उतरे। उन्होंने खुद को गो-रक्षक दल का सदस्य बताया और गाड़ी की जांच करने लगे। आरोप है कि आधार कार्ड दिखाने के बहाने संजय और ड्राइवर के मोबाइल छीन लिए गए। जब उन्होंने विरोध किया, तो तीनों के साथ मारपीट की गई। इसके बाद उन्हें स्कार्पियो में बैठा लिया गया। कुछ युवक आईसर गाड़ी लेकर फरार हो गए। 12 पशुओं समेत गाड़ी लेकर फरार हुए आरोपी बाद में आरोपियों ने तीनों को भिवानी-लोहारू रोड पर बालाजी कॉलेज के पास एक सुनसान जगह पर उतार दिया। उन्हें पुलिस को सूचना देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। जब उन्होंने आईसर की जांच की तो उसमें कोई पशु नहीं मिला। वसीम के मोबाइल से डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी गई, जो सीट के नीचे मिला था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपहरण, लूट, मारपीट और धमकी समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की पहचान करने और 12 पशुओं को बरामद करने की कोशिश कर रही है।
शिवपुरी जिले की ग्राम पंचायत दुल्हई में सोमवार शाम 34 वर्षीय गुलशन राजपूत जनसमस्याओं को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। उसका कहना है कि गांव की समस्याओं को लेकर अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। युवक पटवारी की नियमित उपस्थिति, गौचर भूमि से कब्जा हटाने और गांव की सड़क से जुड़ी समस्या दूर करने की मांग कर रहा है। गुलशन का आरोप है कि दुल्हई गांव में पटवारी नियमित रूप से नहीं आते। इससे ग्रामीणों को राजस्व से जुड़े कामों के लिए परेशानी होती है। उसने गांव की गौचर भूमि पर कुछ लोगों के कब्जे का भी आरोप लगाया है। इसे हटाने की मांग की है। युवक के मुताबिक, मुख्य सड़क से दुल्हई गांव तक जाने वाला रास्ता संकरा हो गया है। सड़क के किनारे कुछ लोगों ने बाड़ और दूसरी बाधाएं लगा रखी हैं। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी होती है। गुलशन का कहना है कि इन समस्याओं को लेकर अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। रात 8 बजे तक टावर पर रहा युवक घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। रात करीब 8 बजे तक गुलशन राजपूत टावर पर ही था। भौंती थाना पुलिस मौके पर मौजूद रही और युवक को समझाकर नीचे उतारने की कोशिश करती रही। युवक टावर से नीचे उतरने के लिए तैयार नहीं था।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में मोबाइल पर रील और सीरियल देखने की लत ने एक महिला की जान ले ली। 52 साल की मंगलो बाई ने रील देखते समय नेटवर्क चले जाने से गुस्से में कीटनाशक पी लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दरअसल, शनिवार दोपहर वह खाना खाते समय मोबाइल पर रील देख रही थी, तभी नेटवर्क गायब हो गया। काफी देर तक रील नहीं चली तो उसने गुस्से में मोबाइल जमीन पर पटक दिया। इसके बाद कमरे में जाकर खुद को बंद कर लिया। अंदर उसने कीटनाशक पी लिया। पति को जब यह बात पता चली तो उल्टी कराने महिला को गोबर पानी पिला दिया। लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। परिजन उसे करतला स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। रविवार को इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। यह घटना करतला थाना क्षेत्र के केराकछार गांव की है। वहीं, कोरबा मेडिकल कॉलेज में पिछले 8 महीनों में आत्महत्या से जुड़े मामलों में 57 लोगों की मौत हो चुकी है। अब जानिए पूरा मामला जानकारी के अनुसार, केराकछार गांव में रहने वाला प्रेमलाल सारथी मजदूरी करता है। वह पत्नी मंगलो बाई (52) और 3 बच्चों का पालन-पोषण करता था। परिजनों के मुताबिक, मंगलो बाई को मोबाइल पर रील और सीरियल देखने की आदत थी। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे मंगलो खाना खा रही थी और साथ में मोबाइल पर रील देख रही थी। इसी दौरान अचानक मोबाइल में नेटवर्क चला गया। उसने कुछ देर इंतजार किया, लेकिन नेटवर्क नहीं आया और रील शुरू नहीं हुई। इससे वह गुस्सा हो गई और मोबाइल को जमीन पर पटक दिया, जिससे वह टूट गया। इसके बाद मंगलो कमरे के अंदर चली गई और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। करीब 10 मिनट बाद वह कमरे से बाहर आई और बरामदे में जाकर बैठ गई। कुछ देर बाद उसे लगातार उल्टियां होने लगी। कमरे में मिला कीटनाशक का खाली डिब्बा शुरुआत में परिजनों को लगा कि उसकी तबीयत खराब हो गई है। लेकिन उल्टी से जहरीले पदार्थ जैसी दुर्गंध आने पर उन्हें शक हुआ। परिजनों ने कमरे की जांच की तो वहां कीटनाशक का खाली डिब्बा मिला। इसके बाद उन्हें अंदेशा हुआ कि मंगलो ने कीटनाशक पी लिया है। परिजन तुरंत डायल-112 की मदद से उसे करतला स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे संजीवनी एक्सप्रेस से कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। यहां उसका इलाज चल रहा था। रविवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अस्पताल ले जाने से पहले गोबर पानी पिलाया मृतका के पति प्रेमलाल ने पुलिस को बताया कि गांव में चली आ रही पुरानी मान्यता के चलते अस्पताल ले जाने से पहले उन्होंने मंगलो को उल्टी कराने के लिए गोबर पानी भी पिलाया था। हालांकि, उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और बाद में उसे अस्पताल ले जाया गया। मोबाइल की लत को लेकर एक्सपर्ट ने दी चेतावनी मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. अंकित गुप्ता के मुताबिक, आजकल कई परिवारों में माता-पिता काम में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में बच्चों को व्यस्त रखने के लिए उन्हें मोबाइल दे दिया जाता है। धीरे-धीरे मोबाइल ही उनका साथी बन जाता है। उन्होंने बताया कि स्कूल-कॉलेज में भी मोबाइल का इस्तेमाल और उससे जुड़ी बातें आम हो गई हैं। ऐसे में जब मोबाइल छीन लिया जाता है या ज्यादा इस्तेमाल करने पर डांट पड़ती है तो कुछ बच्चों और युवाओं में अकेलापन, चिड़चिड़ापन और तनाव बढ़ सकता है। गंभीर स्थिति में वे आत्मघाती कदम तक उठा सकते हैं। ऐसे मामलों में परिवार को बच्चों से बातचीत करने और उनकी परेशानी समझने पर ध्यान देना चाहिए। 8 महीने में 57 लोगों की सुसाइड से मौत कोरबा मेडिकल कॉलेज में आत्महत्या के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इनमें कई मरीजों को समय पर इलाज मिलने से बचा लिया जाता है, लेकिन पिछले 8 महीनों में ऐसे मामलों में 57 लोगों की मौत हो चुकी है। यानी औसतन हर महीने करीब 7 लोगों की जान सुसाइड से जा रही है। इन मामलों में बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी शामिल हैं। ……………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…. शादीशुदा महिला के फांसी लगाने का LIVE VIDEO:रिकॉर्डिंग चालू कर साड़ी के फंदे से झूली, रील बनाते समय हादसे की भी आशंका छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में 22 साल की शादीशुदा महिला ने फांसी लगा ली है। फंदे पर लटकने से लेकर मौत तक मोबाइल में लाइव वीडियो भी रिकॉर्ड हुआ है। जब उसकी सास घर आई, तब इसका पता चला। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
ऐसा गेमिंग फैन पहली बार देखा होगा! बंदर बना मोबाइल गेम का दीवाना
ऐसा गेमिंग फैन पहली बार देखा होगा! बंदर बना मोबाइल गेम का दीवाना
सोमवार शाम को हल्की बारिश हुई। इसके बाद मेनार, रुंडेडा और इंटाली में मौसम खूबसूरत हो गया। बारिश रुकने के बाद आसमान में इंद्रधनुष दिखा, जिसने प्रकृति की मनमोहक छटा बिखेर दी। रंग-बिरंगे इंद्रधनुष को देखकर लोगों की नजरें कुछ देर के लिए वहीं ठहर गईं। बारिश के बाद आसमान में बादलों के बीच से सूर्य की किरणें निकलीं। इनके साथ ही इंद्रधनुष का सुंदर नजारा देखने को मिला। हरे-भरे खेतों और पेड़-पौधों के बीच आसमान में बना यह इंद्रधनुष इलाके की सुंदरता को और बढ़ा रहा था। कई लोगों ने इस मनमोहक दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया। प्रकृति के इस खूबसूरत नजारे ने बारिश की शाम को यादगार बना दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के बाद आसमान में दिखाई दिया यह इंद्रधनुष काफी देर तक लोगों को आकर्षित करता रहा।
पूर्णिया में मोबाइल दुकान चोरी का खुलासा, एक बालक समेत आरोपी गिरफ्तार; 16 चोरी के मोबाइल बरामद
7 सितंबर, सोमवार: पूर्णिया के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में मोबाइल दुकान चोरी का पुलिस ने खुलासा किया है। एक बालक समेत आरोपी को पकड़ा गया और उनकी निशानदेही पर बंगाल के कलियाचक की दुकान व आरोपी के पास से 16 चोरी के मोबाइल बरामद किए गए।
सरायकेला में बंद स्कूल में साजिश रचते 6 अपराधी गिरफ्तार, 3 पिस्टल और लूटे गए मोबाइल बरामद
चांडिल पुलिस ने 15 दिनों में हुई दो लूट व छिनतई की घटनाओं का पर्दाफाश करते हुए 6 अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
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मुजफ्फरपुर के बोचहां में मैकेनिक से लूटपाट मामले में दो गिरफ्तार, लूटी गई बाइक और मोबाइल बरामद
हथियार के बल पर बाइक और मोबाइल लूटने के मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों, श्रवण और राजा, के पास से लूटी गई बाइक और मोबाइल भी बरामद कर लिया है।
सरयू राय ने पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता पर जमशेदपुर में आपराधिक गिरोहों और भू-माफिया को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है।
कोरबा के ग्राम केराकछार में रील देखने के दौरान नेटवर्क चले जाने से नाराज 52 वर्षीय मंगलो बाई सारथी की तबीयत बिगड़ गई।
होशियारपुर जिले के टांडा उड़मुड़ क्षेत्र में लूटपाट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। रविवार शाम करीब 5:30 बजे एक रिटायर्ड कैप्टन से पिस्तौल की नोक पर मोबाइल फोन छीन लिया गया। यह वारदात उस समय हुई जब कैप्टन अपनी कॉलोनी में सैर कर रहे थे। वारदात के बाद बाइक सवार 2 युवक मौके से फरार हो गए। वारदात को अंजाम देने वाले बाइक सवार बदमाश सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गए है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। कमर पर पिस्तौल लगाई, मोबाइल छीनकर हुए फरार रिटायर्ड कैप्टन गुरनाम सिंह भंगू ने बताया कि वह रोज की तरह शाम को अपनी कॉलोनी में टहल रहे थे। तभी एक बाइक पर सवार दो युवक उनके पास आए। पीछे बैठे युवक ने उन्हें पकड़ लिया और उनकी कमर पर पिस्तौल लगा दी। इसके बाद दोनों ने उनके हाथ से मोबाइल फोन छीना और बाइक पर बैठकर भाग गए। कैप्टन गुरनाम सिंह ने तुरंत टांडा पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी मिली है, जिसमें लुटेरे वारदात के बाद बाइक पर जाते हुए दिख रहे हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर संदिग्ध आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है। लोगों ने की पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग टांडा क्षेत्र में चोरी और लूट की बढ़ती घटनाओं से स्थानीय लोगों में चिंता है। लोगों का कहना है कि इन वारदातों को रोकने के लिए पुलिस को गश्त बढ़ानी चाहिए और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करना चाहिए। उनका यह भी कहना है कि लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिससे लोगों में असुरक्षा बढ़ रही है।
जयपुर की सेंट्रल जेल में तलाशी अभियान के दौरान 13 मोबाइल बरामद किए गए। इसी के साथ कैदियों के पास चार्जर, सिम कार्ड, डेटा केबल सहित अन्य प्रतिबंधित सामान भी मिला है। लालकोठी थाना एसआई श्याम सुंदर ने बताया कि तलाशी के दौरान वार्ड नंबर 10 और 11 से मोबाइल फोन बरामद हुए। मामले में सेंट्रल जेल में जेल प्रहरी मनोज कुमार शर्मा की ओर से 13 कैदियों के खिलाफ लालकोठी थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर मोबाइल फोन जेल के अंदर पहुंचने और इनके इस्तेमाल को लेकर जांच शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री को धमकी से भी जुड़ा रहा है जेल का मोबाइल कनेक्शन जयपुर सेंट्रल जेल में मोबाइल के इस्तेमाल का मामला पहले भी सामने आ चुका है। पूर्व में जेल से मोबाइल के जरिए राजस्थान के मुख्यमंत्री को धमकी दिए जाने का मामला सामने आया था। इस बार दर्ज मामले में शिवराज, विशाल, ब्रह्मसिंह, देवी सिंह, प्रकाश, कपिल, मुस्ताक अलि, विष्णु सिंह, युनुस, भानाराम माली, साहिल गोदारा, कुलवेंद्र और कृष्णा के नाम सामने आए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जेल के अंदर मोबाइल किस तरह पहुंचे और इनका इस्तेमाल किन लोगों से संपर्क के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर बरामद मोबाइल फोन और अन्य सामान को जांच में शामिल किया है। पुलिस मोबाइल के नंबर, सिम कार्ड और कॉल डिटेल के आधार पर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। जेल में प्रतिबंधित सामान पहुंचाने में किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका रही है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
उदयपुर की सूरजपोल थाना पुलिस ने बाइक पर सवार महिला का मोबाइल छीनकर भागने वाले 2 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से चोरी का मोबाइल और घटना में उपयोग ली गई बाइक भी जब्त की है। थानाधिकारी सूर्यभान सिंह ने बताया कि आरोपी मानाराम निवासी गोवर्धन विलास और लिंबाराम निवासी कृष्णपुरी जावरमाइंस को जगदीश चौक एरिया से गिरफ्तार किया था। पुलिस आरोपियों से शहर में पूर्व में हुई वारदातों को लेकर भी पूछताछ कर रही है। हालांकि, बदमाशों पर पूर्व में कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है। बाइक पर पीछे बैठी पत्नी के हाथ से छीन भागे थे मोबाइल परेश कुमार राव पिता पूरणमल निवासी भुवाणा ने 5 अगस्त को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया था कि वह और उसकी पत्नी दुर्गा राव बाइक से सेक्टर-14 किसी काम से गए थे। वापस अपने भुवाणा की तरफ लौटते वक्त रात करीब 8:15 बजे पारस चौराहे से गुजर रहे थे। तभी एक स्प्लेंडर बाइक पर दो युवक आए। और चलती बाइक से महिला के हाथ से मोबाइल छीनकर भाग गए। तभी बाइक बेकाबू होने से गिरते-गिरते बचे। शिकायत पर पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी खंगाल कर आरोपियों की पहचान की और बाइक की लोकेश का पीछा करते हुए उन्हें जगदीश चौक से डिटेन किया। शिकायतकर्ता परेश ने बताया कि वह टूर एंड ट्रॉवेल्स का काम करता हैं और उसकी पत्नी के मोबाइल की कीमत 24 हजार रुपए थी।
बड़वानी नगर पालिका परिषद में सोमवार को होने वाली बैठक से पहले ही राजनीतिक हंगामा शुरू हो गया। एजेंडा से जुड़े दस्तावेज नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए नेता प्रतिपक्ष समेत कांग्रेस पार्षद नगर पालिका गेट पर धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे तक चले इस धरने से पालिका परिसर में गहमागहमी का माहौल रहा। नेता प्रतिपक्ष राकेश सिंह जाधव ने बताया कि नगर पालिका ने 7 सितंबर को दोपहर 3 बजे परिषद की बैठक बुलाई है। नियमों के मुताबिक, बैठक के मुद्दों का अध्ययन करने के लिए वार्ड-14 की पार्षद रीना हेमंत कुमरावत ने 27 अगस्त को लिखित आवेदन देकर एजेंडा से संबंधित सभी प्रस्ताव, एस्टीमेट और वित्तीय मंजूरी के दस्तावेज मांगे थे। एक ङी दस्तावेज नहीं मिला आरोप है कि 11 दिन बीतने के बाद भी एक भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया। रविवार को जाधव खुद पार्षद प्रतिनिधि के साथ नपा कार्यालय पहुंचे, तो कर्मचारियों ने कहा कि अभी यहां कोई नहीं है। सीएमओ सोनाली शर्मा को फोन लगाया तो उनका मोबाइल बंद मिला। अधिकारी बलिराम मंडलोई ने फोन पर कहा कि मैं बाहर हूं, कल देता हूं। जाधव ने कहा कि यह पूरी तरह लोकतंत्र के खिलाफ है। जनप्रतिनिधियों को जानबूझकर अंधेरे में रखा जा रहा है। बिना कागज देखे हम जनहित के प्रस्तावों को कैसे मंजूरी दे दें? हमारी मांग है कि या तो बैठक टाल दी जाए या बैठक से पहले सभी दस्तावेज लिखित में दिए जाएं। आरोप बताए गलत दूसरी ओर, सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को गलत बताया है। नपा अध्यक्ष प्रतिनिधि निक्कू चौहान ने कहा कि 23 अगस्त को ही सभी पार्षदों को एजेंडा बांट दिया गया था। इसकी रसीद हमारे पास है। बैठक तय समय पर ही होगी। बहरहाल, बैठक शुरू होने से पहले ही पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।
गया जंक्शन पर RPF-GRP की संयुक्त कार्रवाई, चोरी के मोबाइल और ट्रॉली बैग के साथ 2 गिरफ्तार
7 सितंबर, सोमवार: गया जंक्शन पर RPF और GRP की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए चोरी के मोबाइल और ट्रॉली बैग के साथ दो अपराधियों को गिरफ्तार किया। पुलिस दोनों से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।
फरीदाबाद में जर्जर मकान पर मोबाइल टावर, जनरेटर चलने पर हिलती है इमारत; दिल्ली जैसे हादसे का डर
फरीदाबाद में जर्जर मकान पर मोबाइल टावर, जनरेटर चलने पर हिलती है इमारत; दिल्ली जैसे हादसे का डर
अमेजन से दस करोड़ से ज्यादा के फ्रॉड के आरोपी गुना पुलिस रिमांड पर हैं। पूछताछ में रविवार को इनसे कई खुलासे हुए हैं। मुख्य आरोपी को सिम और OTP उपलब्ध कराने वाले आरोपी ने उससे मां के इलाज के लिए पैसे उधार लिए थे। इन्हीं पैसों को चुकाने के लिए वह मुख्य आरोपी का साथ देने लगा। पुलिस ने राजस्थान के एक दुकानदार को भी पकड़ा है, जो आरोपी से मोबाइल खरीदता था। इसके अलावा मुख्य आरोपी के एक और साथी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। बता दें कि मुख्य आरोपी शेखर मीणा केवल BA पास है। इसके बाद भी उसने अमेजन जैसी बड़ी कंपनी और ब्लू डार्ट जैसे डिलीवरी कंपनी के लूप होल को खोज निकाला। इसी का फायदा उठाकर उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा और इतना बड़ा साम्राज्य खड़ा कर लिया। सिम और OTP उपलब्ध कराता थाइस पूरे मामले में मुख्य आरोपी शेखर मीणा को आरोपी तरुण शर्मा सिम और OTP उपलब्ध कराता था। तरुण राघौगढ़ ने ही एयरटेल पेमेंट्स बैंक चलाता था। इसी कारण उसकी शॉप पर बड़ी संख्या में ग्राहक आते थे। तरुण ने आरोपी शेखर मीणा से अपनी मां के इलाज के लिए डेढ़ लाख रुपए उधार लिए थे। शेखर ने उसे कहा कि उधार नहीं चुका पा रहा है, तो इस काम में उसका साथ दे। इससे उसकी उधारी चुक जाएगी। इसी वजह से तरुण ने उसका साथ देना शुरू कर दिया। तरुण अपनी दुकान पर आने वाले ग्राहकों से कहता की उसके मोबाइल पर OTP नहीं आ रहा। इसलिए वह ग्राहक का नंबर लेकर शेखर को भेजता। शेखर उस नंबर से अमेजन पर अकाउंट बनाता और OTP उस ग्राहक के नंबर पर जाता। तरुण ग्राहक से OTP लेकर शेखर को देता था। एक OTP के लिए 700 रुपए का हिसाब तय हुआ था। राजस्थान में बेचता था मोबाइलपुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ में सामने आया कि शेखर राजस्थान में कई दुकानों पर मोबाइल कम कीमत पर बेचता था। पूछताछ के आधार पर पुलिस टीम राजस्थान के बारां जिले पहुंची और वहां से दुकानदार को हिरासत में लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। हालांकि, उसके अलावा और भी कई दुकानें हैं, जहां ये मोबाइल बेचता था। उनकी डिटेल भी पुलिस निकाल रही है। एक साल में बदलीं पांच गाड़ियांआरोपी शेखर मीणा ठगी के पैसों से आलीशान जिंदगी जीने लगा था। जिस युवक के पास तीन साल पहले तक कुछ नहीं था, अब उसके पास महंगी गाड़ियां आ गई थीं। महंगे फोन वह रखता था। उसने अपने गांव में एक आलीशान मकान भी बनाया था। लगभग दस हजार स्क्वायर फीट में ये मकान बनाया गया। आगे के हिस्से में कई दुकानें भी बनाई गई हैं। जब ठगी का पैसा आने लगा, तो उसे महंगी गाड़ियों का भी शौक लग गया था। पिछले एक साल में ही वह पांच गाड़ियां बदल चुका था। अभी हाल ही में उसने लगभग 40 लाख की थार गाड़ी बुक की है। इस गाड़ी की डिलीवरी दीपावली पर होने वाली थी। बैंक स्टेटमेंट देखकर चौंकी पुलिसइस ठगी का खुलासा होने पर पुलिस ने आरोपी शेखर मीणा के बैंक अकाउंट के स्टेटमेंट भी निकलवाए हैं। इन्हें देखकर पुलिस भी चौंक गई। इनमें अधिकतर ट्रांजेक्शन मोबाइल के पेमेंट और रिफंड के थे। ऐसे सैकड़ों ट्रांजेक्शन उसके बैंक स्टेटमेंट में निकले हैं, जिनकी पुलिस जांच कर डिटेल बना रही है। वहीं पुलिस शेखर की संपत्ति की भी जांच कर रही है। उसने खुद और परिवार के नाम पर कितनी प्रॉपर्टी खरीदी है, इसकी जानकारी पुलिस निकाल रही है। पुलिस ने गुना, बमोरी तहसीलदार, गुना नगरपालिका CMO को पत्र लिखकर शेखर मीणा और उसके परिवार के नाम पर रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी की जानकारी मांगी है।
कैमूर पुलिस ने आम जनता की सुरक्षा और उनकी खोई हुई संपत्ति वापस दिलाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अपने खास अभियान 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस विभाग ने बताया कि पुलिस टीम ने जिले के अलग-अलग इलाकों से गुम या चोरी हुए कुल 7 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह काम तकनीकी जांच और तेजी से कार्रवाई करके किया गया। बरामद किए गए इन मोबाइल फोन को एक कार्यक्रम में उनके असली मालिकों को पहचान पत्र जांचने के बाद सौंप दिया गया। शिकायत पर की जाती है तुरंत कार्रवाई अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर नागरिकों के चेहरों पर खुशी लौट आई। यह इस अभियान के नाम 'ऑपरेशन मुस्कान' को सही साबित करता है। इस मौके पर पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जनता की सुरक्षा और उनके बीच पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाना इस अभियान की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। पुलिस ने यह भी साफ किया कि मोबाइल चोरी या गुम होने की किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाती है। डायल 112 का इस्तेमाल करने की अपील इसके साथ ही, पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध बात की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। लोगों को आपातकालीन स्थिति में बिहार पुलिस की 'Dial 112' सेवा का इस्तेमाल करने के लिए भी कहा गया, जो किसी भी इमरजेंसी में तुरंत मदद के लिए हमेशा तैयार रहती है। यह कार्रवाई पुलिस के काम करने के तरीके और समाज के लिए उनकी लगन को दिखाती है।
झज्जर सहित समस्त हरियाणा में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे सफाई कर्मचारियों के समर्थन में अब कॉकरोच जनता पार्टी की एंट्री हो गई है। आंदोलनरत कर्मचारियों की आवाज को ज्यादा मजबूती से जनता और सरकार तक पहुंचाने के उद्देश्य से दिल्ली और हरियाणा से CJP के पदाधिकारी झज्जर पहुंचे। यहां धरना स्थल पर कर्मचारियों के बीच करीब एक घंटे तक सोशल मीडिया की ट्रेनिंग दी गई। CJP पदाधिकारियों ने कर्मचारियों को बताया कि आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया अपनी बात रखने और लोगों तक पहुंच बनाने का प्रभावी माध्यम है। कर्मचारियों को मोबाइल फोन से वीडियो तैयार करने, अपनी बात कैमरे के सामने रखने और आंदोलन से जुड़ी गतिविधियों को सोशल मीडिया पर प्रभावी तरीके से साझा करने के बारे में जानकारी दी गई। सोशल मीडिया को बनाया जाएगा आवाज का माध्यम ट्रेनिंग के दौरान कर्मचारियों को समझाया गया कि वे अपने आंदोलन से जुड़ी वास्तविक जानकारी खुद लोगों तक पहुंचाएं। उन्हें बताया गया कि धरने, अपनी मांगों और सरकार से बातचीत सहित आंदोलन से जुड़े हर पहलू को सोशल मीडिया के माध्यम से सामने रखा जा सकता है। पदाधिकारियों ने कर्मचारियों से कहा कि सोशल मीडिया पर नियमित और सकारात्मक तरीके से अपनी बात रखने से आंदोलन की पहुंच बढ़ सकती है। इसके लिए किसी बड़े प्लेटफॉर्म का इंतजार करने के बजाय कर्मचारी खुद मोबाइल के जरिए अपनी आवाज जनता तक पहुंचा सकते हैं। धरना स्थल पर कर्मचारियों के इंटरव्यू भी रिकॉर्ड किए CJP टीम ने सिर्फ ट्रेनिंग तक ही अपनी गतिविधि सीमित नहीं रखी, बल्कि धरना स्थल पर मौजूद सफाई कर्मचारियों से सीधे बातचीत भी की। टीम ने कर्मचारियों के इंटरव्यू रिकॉर्ड किए और उनकी मांगों, आंदोलन की स्थिति तथा सरकार से अपेक्षाओं के बारे में जानकारी ली। इन इंटरव्यू के माध्यम से सफाई कर्मचारियों की बात को सोशल मीडिया के जरिए व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की गई। इससे कर्मचारियों को अपनी बात सीधे जनता के सामने रखने का मंच भी मिला। झज्जर से शुरू हुई CJP हरियाणा टीम की पहली बैठक सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के बीच CJP हरियाणा टीम की पहली बैठक भी झज्जर जिले से शुरू हुई। बैठक में हरियाणा में संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर गतिविधियों को बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मुख्य रूप से तीन मुद्दों पर फोकस रहा। इनमें स्कूल सुधार अभियान को और गति देना, हरियाणा में संगठन को मजबूत करना और जनता की राय जानना शामिल रहा। पदाधिकारियों ने जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़ने, उनकी समस्याओं और राय को समझने तथा संगठन की गतिविधियों को प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाने को लेकर भी विचार-विमर्श किया। स्कूल सुधार अभियान को मिलेगी नई गति बैठक में स्कूल सुधार अभियान को भी प्रमुखता दी गई। पदाधिकारियों ने अभियान को और प्रभावी बनाने तथा ज्यादा से ज्यादा लोगों को इससे जोड़ने पर चर्चा की। इसके साथ ही हरियाणा में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका देने पर भी मंथन हुआ। जनता की राय को संगठन में मिलेगी अहमियत बैठक में जनता की राय को भी महत्वपूर्ण मुद्दे के तौर पर रखा गया। पदाधिकारियों का फोकस यह जानने पर रहा कि आम लोगों के प्रमुख मुद्दे क्या हैं और उनकी अपेक्षाएं क्या हैं। इसके आधार पर आने वाले समय में संगठन की गतिविधियों और अभियानों को आगे बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा की गई। CJP पदाधिकारी बोले- कर्मचारियों की आवाज को मिलेगी मजबूती CJP पदाधिकारियों ने सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि कर्मचारियों की मांगों को मजबूती से सामने लाने के लिए हर संभव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कर्मचारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठाने और सोशल मीडिया का सकारात्मक इस्तेमाल करने की अपील की। झज्जर में सफाई कर्मचारियों के धरना स्थल से शुरू हुई सोशल मीडिया ट्रेनिंग और हरियाणा टीम की पहली बैठक को CJP के प्रदेश में जमीनी और डिजिटल स्तर पर सक्रिय होने की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। बैठक में आने से रोका गया, साथियों पर दबाव का आरोपइंडिया नॉर्थ एंड ईस्ट जोन इंचार्ज अंकित भारद्वाज ने आरोप लगाया कि CJP की बैठक में शामिल होने से उनके साथियों को रोका गया। उन्होंने कहा कि साथियों के पास पुलिस के फोन गए और उन पर बैठक में नहीं आने के लिए दबाव बनाया गया। भारद्वाज ने कहा, हमारे साथियों पर दबाव डाला जा रहा है कि आप न जाएं, लेकिन हम रुकने वाले नहीं हैं। हम अपने अभियान और संगठन को मजबूती के साथ आगे बढ़ाएंगे। ये पदाधिकारी रहे मौजूद इस मौके पर अंकित भारद्वाज, इंचार्ज इंडिया ईस्ट एंड नार्थ जोन; डॉ. विवेक सांगवान, मेंबर इंडिया नॉर्थ जोन कोऑर्डिनेशन कमेटी और अजय देशवाल, मेंबर इंडिया नॉर्थ जोन कोऑर्डिनेशन कमेटी मौजूद रहे।
Prayagraj News: ऑटो की टक्कर से सड़क पर 10 मीटर तक घिसटा युवक, मोबाइल में हुआ विस्फोट
ऑटो की टक्कर से सड़क पर 10 मीटर तक घिसटा युवक, मोबाइल में हुआ विस्फोट
Panipat News: बंद मकान का ताला तोड़कर जेवरात और मोबाइल चोरी
बंद मकान का ताला तोड़कर जेवरात और मोबाइल चोरी
Rampur News: मोबाइल को लेकर भाई से कहासुनी के बाद युवक ने लगाया फंदा, मौत
नगर के नवाबपुरा मोहल्ले में रविवार को 22 वर्षीय आफताब का शव कमरे में पंखे से लटका मिला।
Saharanpur News: मोबाइल टावर पर चढ़ा शामली का युवक, घंटों समझाने के बाद उतरा
Youth from Shamli climbs mobile tower; comes down after hours of persuasion.
Jaunpur News: मोबाइल नंबर का दुरुपयोग करके उज्ज्वल कार्ड से लिया लोन
Loan taken from Ujjwal Card by misusing mobile number
Kanpur News: आरसी में मोबाइल नंबर अपडेट होना जरूरी, नहीं जारी होगा प्रदूषण प्रमाणपत्र
वाहन की आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) में अगर गलत मोबाइल नंबर दर्ज है तो वाहन का प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं बनेगा।
Jind News: जीआरपी ने स्टेशन पर मोबाइल चोर दबोचा, चार फोन बरामद
जीआरपी जाखल इंचार्ज नरेश कुमार रविवार सुबह अपनी टीम के साथ स्टेशन पर गश्त कर रहे थे।
Budaun News: मोबाइल फोन विक्रेता बृहस्पतिवार को रखेंगे साप्ताहिक बंदी
बिल्सी। नगर के कारोबारियों ने सर्वसम्मति से प्रत्येक बृहस्पतिवार को सभी मोबाइल की दुकानें बंद रखने का निर्णय लिया है। बैठक इस्लामियां इंटर कॉलेज में हुई।
हरियाणा की जेलों में मोबाइल और इंटरनेट पर लगेगी लगाम, अंबाला का प्रयोग बना बेस्ट प्रैक्टिस
हरियाणा की जेलों में अवैध मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए टावर हार्मोनिक्स काल ब्लाकिंग प्रणाली लागू की जा रही है।
हांसी में साइबर क्राइम पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उस पर मोबाइल फोन चोरी कर बैंक खाते से करीब एक लाख रुपए की धोखाधड़ी करने का आरोप है। आरोपी की पहचान मोहाली, पंजाब के सोहेल सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया और 2 दिन के रिमांड पर लिया है। सहायक उप निरीक्षक प्रेम कुमार ने बताया कि हांसी का रहने वाला शिकायतकर्ता 6 जून को रेलवे स्टेशन से ट्रेन में सफर कर रहा था। इसी दौरान किसी अनजान शख्स ने उसका मोबाइल फोन चोरी कर लिया। मोबाइल चोरी होने के बाद शिकायतकर्ता ने तुरंत यूपीआई, नेट बैंकिंग और एटीएम कार्ड बंद करवा दिए थे। कई ट्रांजैक्शन से निकाले करीब एक लाख 9 जून को जब उसने बैंक स्टेटमेंट चेक की, तो पता चला कि खाते से अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए 99 हजार 990 रुपए निकाल लिए गए हैं। शिकायतकर्ता ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर इसकी शिकायत दर्ज करवाई। आरोपी से पूछताछ कर रही पुलिस साइबर क्राइम पुलिस ने तकनीकी और साइबर तरीकों से जांच की। इसके बाद मामले में सोहेल सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लिया है। उससे चोरी हुए मोबाइल, पैसे के लेन-देन और इस घटना में शामिल दूसरे लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है। एसपी की लोगों से अपील एसपी विनोद कुमार के निर्देश पर साइबर ठगी के मामलों में आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर वे साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत 1930 पर शिकायत करें। साथ ही, ओटीपी, यूपीआई पिन और बैंकिंग से जुड़ी कोई भी गुप्त जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से शेयर न करें।
नोएडा की सेक्टर-63 थाना पुलिस ने मोबाइल फोन चोरी और स्नैचिंग करने वाले गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से 31 चोरी के मोबाइल फोन, एक अवैध चाकू और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। आरोपियों की पहचान गाजियाबाद निवासी पुष्पेंद्र और ध्रुव के रूप में हुई है। उन्हें रविवार को बी-1 सेक्टर-63 हल्दीराम कट की सर्विस रोड से खुफिया जानकारी के आधार पर पकड़ा गया। डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेंद्र सिंह ने रविवार को सूरजपुर में एक प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 14 अगस्त को थाना 63 में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि दो बाइक सवार उसका सैमसंग मोबाइल फोन छीनकर भाग गए थे। इसके बाद मोबाइल से जुड़े बैंक खाते से 93,500 रुपये भी निकाल लिए गए थे। शिकायत मिलने के बाद सेक्टर-63 पुलिस ने उसी दिन मामला दर्ज कर एक टीम बनाई। पुलिस ने पीड़ित के बैंक खाते से ट्रांसफर किए गए 70,000 रुपये को डेबिट/फ्रीज करा दिया था। पुलिस टीम लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। रविवार को पुष्पेंद्र और ध्रुव की गिरफ्तारी के बाद पीड़ित का सैमसंग मोबाइल भी बरामद कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी बेहद शातिर हैं। वे मोटरसाइकिल पर सवार होकर राह चलते लोगों से मोबाइल फोन छीनते थे। इसके बाद वे फोन का पासवर्ड तोड़कर पेटीएम या फोन पे के जरिए अपने खातों में पैसे ट्रांसफर कर लेते थे। जब उनके पास काफी संख्या में मोबाइल जमा हो जाते थे, तो वे अपनी मजबूरी बताकर राह चलते लोगों को कम दामों में बेच देते थे। लोगों को डराने-धमकाने के लिए वे अपने साथ चाकू भी रखते थे। मोबाइल बेचकर मिले पैसों को वे आपस में बांट लेते थे और मौज-मस्ती करते थे। इन दोनों आरोपियों के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल, दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया गया है।
जयपुर में मोबाइल टावर लगाने के नाम पर फ्रॉड करने वाले एक शातिर साइबर क्रिमिनल को मुरलीपुरा पुलिस ने रविवार को अरेस्ट किया। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए लोगों को फंसाकर किराए के बैंक अकाउंट में ठगी की रकम मंगवाकर निकाल लेता था। विश्वास में लेने के लिए AI से डिटेल एडिट कर बैंक चेक और सर्टिफिकेट बनाकर भेजता था। CCTV फुटेज के आधार पर पंजाब से पकड़कर लाए साइबर क्रिमिनल आरोपी से पुलिस पूछताछ कर रही है। डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया- साइबर क्राइम में आरोपी दीपक कुमार (33) निवासी सुनाम संगरूर पंजाब को अरेस्ट किया है। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए मोबाइल टावर लगाने पर मोटे किराए का लालच का विज्ञापन डालता था। कॉन्टैक्ट करने वाले लोगों को मोबाइल टावर लगाने पर किराए के नाम पर मोटी रकम देने का आश्वासन देता था। रुपए निकालने के लिए एटीएम बूथ में नकाब पहनकर पहुंचा था आरोपी पीड़ितों की डिटेल लेकर प्रोसेस करने की कहता था। विश्वास में लेने के लिए AI के जरिए डिटेल एडिट कर पीड़ितों के नाम से बैंक चेक, नॉन ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट आदि बनाकर भेजता था। लालच में आने पर मोबाइल टावर के एवज में लाखों रुपए किराए पर लिए बैंक अकाउंट में डलवा लेता था। एटीएम बूथ में नकाब पहनकर पहुंचकर रुपए निकाल लेता था। 6 लाख रुपए की ठगी की थी मुरलीपुरा थाने के SHO वीरेंद्र कुरली ने बताया- 14 जुलाई को बाबूलाल जांगिड़ से 5.80 लाख रुपए के साइबर फ्रॉड में जांच की। ठगी की रकम निकालने वाले एटीएम बूथ की फुटेजों के आधार पर साइबर क्रिमिनल की पहचान हुई थी। पुलिस टीम ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर पंजाब में दबिश देकर आरोपी को धर-दबोचा। पुलिस जांच में आरोपी के यूज किए सिमकार्ड और बैंक अकाउंट्स के खिलाफ सुरोठ करौली, सांचौर जालोर, उज्जैन मध्यप्रदेश, गाजियाबाद उत्तर प्रदेश और सिलीगुड़ी पश्चिम बंगाल आदि स्थानों पर लोगों के साथ धोखाधड़ी करना सामने आया है।
छिंदवाड़ा में एम्बुलेंस चालक से मारपीट और लूट के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 1 सितंबर की शाम विवांता अस्पताल के सामने एम्बुलेंस की वर्ना कार से टक्कर हो गई थी। इसके बाद कार सवारों ने चालक के साथ मारपीट की और उसे जबरन रानी कामथ ग्राउंड के पास ले गए। वहां एम्बुलेंस के कांच और हेडलाइट तोड़ने के साथ गाड़ी को पेड़ से टकराकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। रविवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ा और उनका जुलूस निकाला। 12 हजार रुपए और मोबाइल छीनने का आरोपपुलिस के मुताबिक आरोपियों ने चालक से 12 हजार रुपए नकद और ओप्पो मोबाइल छीन लिया। एम्बुलेंस में रखी बैटरी और छोटा ऑक्सीजन सिलेंडर भी निकाल लिया। मारपीट में चालक के होंठ, ठुड्डी और पैर में चोट आई। वर्ना कार से टक्कर के बाद शुरू हुआ विवादपीड़ित मुन्ना उर्फ अनिल पवार ने 5 सितंबर को देहात थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वह विवांता अस्पताल मरीज लेने जा रहा था। अस्पताल के सामने आगे चल रही सफेद वर्ना कार ने अचानक ब्रेक लगाया। इससे एम्बुलेंस पीछे से कार से टकरा गई। इसके बाद कार में सवार लोगों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि उसे जबरन एम्बुलेंस में बैठाकर सीएम राइज स्कूल के पास से रानी कामथ ग्राउंड की ओर ले जाया गया। वहां हाथ-मुक्कों से मारपीट की गई। एक आरोपी ने रॉड से उसके पैर पर वार किया। एम्बुलेंस को 50-60 हजार रुपए का नुकसानआरोपियों ने एम्बुलेंस के आगे और पीछे के कांच और हेडलाइट पत्थर मारकर तोड़ दिए। इसके बाद एम्बुलेंस को आगे-पीछे करके झाड़ियों और पेड़ से टकराया गया। पीड़ित के मुताबिक इससे वाहन को करीब 50 से 60 हजार रुपए का नुकसान हुआ। हुलिए के आधार पर पकड़े गए आरोपीपुलिस ने अपराध क्रमांक 509/26 में BNS की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। पीड़ित के बताए हुलिए के आधार पर पुलिस ने दो संदिग्धों को पकड़ा। उनकी पहचान अभिषेक चौकसे (25), निवासी रानी कामथ और सतिन डेहरिया (28), निवासी चमन मोहल्ला गुरैया के रूप में हुई। पुलिस ने दोनों की पहचान पीड़ित से कराई। पीड़ित ने उन्हें पहचान लिया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में दोनों ने वारदात करना स्वीकार किया। दोनों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। वर्ना कार, मोबाइल और नकदी बरामदपुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 2.35 लाख रुपए कीमत की वर्ना कार, 1 हजार रुपए नकद और करीब 35 हजार रुपए कीमत का ओप्पो मोबाइल बरामद किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी अभिषेक चौकसे के खिलाफ देहात थाने में पहले भी मारपीट का अपराध दर्ज है। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जीएस राजपूत, उपनिरीक्षक महेश अहिरवार, सहायक उपनिरीक्षक संदीप राजपूत सहित पुलिसकर्मियों और साइबर सेल की टीम की भूमिका रही।
हरियाणा की जेलों को और अधिक सुरक्षित और हाईटेक बनाने के लिए राज्य सरकार ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। अंबाला जेल में प्रयोग के तौर पर शुरू की गई ‘टावर हार्मोनिक्स कॉल ब्लॉकिंग प्रणाली’ के बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इस तकनीक की मदद से जेल परिसर के भीतर अवैध मोबाइल फोन के जरिए होने वाली कॉल और इंटरनेट सेवा पर पूरी तरह से नकेल कस दी गई है। अंबाला में मिली सफलता के बाद अब इस प्रणाली को प्रदेश की अन्य जेलों में भी लागू करने की तैयारी चल रही है। प्रदेश के सहकारिता, पर्यटन, कारागार एवं निर्वाचन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि जेलों के भीतर अवैध मोबाइल का इस्तेमाल रोकना विभाग की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि केवल मोबाइल बरामद करना ही काफी नहीं है, बल्कि उसके इस्तेमाल की गुंजाइश को ही खत्म करना सबसे कारगर उपाय है। सरकार जेलों की सुरक्षा व्यवस्था से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगी। अब जानिए… कैसे काम करती है नई तकनीक आधुनिक तौर पर होगी सुरक्षा : अरविंद शर्माहरियाणा कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा ने कहा कि जेल विभाग पारंपरिक तलाशी और निगरानी व्यवस्था के साथ-साथ इस आधुनिक तकनीक को जोड़ने पर जोर दे रहा है। अंबाला के सफल ट्रायल के बाद अब अन्य जेलों की तकनीकी परिस्थितियों और आवश्यकता का आकलन कर इस प्रणाली का विस्तार किया जाएगा।
किशनगढ़-रेनवाल में नगर निकाय चुनाव के साथ प्रचार का तरीका तेजी से बदल रहा है। पहले उम्मीदवार के नाम और चुनाव चिह्न दीवारों पर लिखे जाते थे, चौपालों पर चुनावी बातें होती थीं और कार्यकर्ता घर-घर जाकर वोटरों से मिलते थे। अब यह प्रचार मोबाइल स्क्रीन तक पहुंच गया है। सोशल मीडिया के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) उम्मीदवारों के लिए प्रचार का नया हथियार बन गया है। चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार और उनके समर्थक एआई की मदद से बढ़िया पोस्टर, कार्टून, स्लोगन, फोटो डिजाइन और छोटे वीडियो बना रहे हैं। एक ही फोटो से कुछ ही समय में अलग-अलग थीम की प्रचार सामग्री तैयार हो रही है। इसे व्हाट्सऐप, फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ग्रुप में भेजा जा रहा है। इससे कम समय और कम खर्च में ज्यादा से ज्यादा वोटरों तक पहुंचने की कोशिश हो रही है। एक ही फोटो से अलग-अलग थीम की प्रचार सामग्री हो रही तैयारजानकारों का कहना है कि एआई आधारित प्रचार का इस्तेमाल युवा उम्मीदवारों में ज्यादा दिख रहा है। नगर पालिका क्षेत्र में करीब 60 प्रतिशत युवा उम्मीदवार किसी न किसी रूप में एआई आधारित प्रचार सामग्री का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, 50 साल से ज्यादा उम्र के उम्मीदवारों में भी करीब 30 से 40 प्रतिशत तक इसका इस्तेमाल दिख रहा है। मोबाइल और सोशल मीडिया की बढ़ती पहुंच ने चुनाव प्रचार का पूरा तरीका बदल दिया है। पहले दीवारों पर लिखे नाम से होती थी प्रत्याशी की पहचान85 साल के जगदीश शर्मा पुराने चुनावों को याद करते हुए बताते हैं कि पहले उम्मीदवार की पहचान दीवारों पर लिखे नाम और बिल्ले से होती थी। कार्यकर्ताओं की टोलियां घर-घर जाकर प्रचार करती थीं। 65 साल के कैलाश कुमावत के मुताबिक, पेंटर से नाम लिखवाने और प्रचार का सामान बनाने में एक-दो दिन लग जाते थे। सीताराम कुमावत ने लोहे की चादर पर नाम और चुनाव चिह्न काटकर प्रचार करने का दौर भी देखा है।रमेश कुमार बिडसर बताते हैं कि पहले पर्चे छपवाकर घर-घर बांटने पड़ते थे, जबकि अब एक पोस्ट सोशल मीडिया पर डालते ही बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच जाती है।
लखनऊ में शनिवार शाम पानी भरे गड्ढे में डूबने से 5 साल के बच्चे की मौत हो गई। बच्चा दोस्त के साथ टॉयलेट करने गया था, तभी पैर फिसलने से गड्ढे में जा गिरा। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि लोहिया अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्चे को देखने से इनकार कर दिया। बाद में मातृ एवं शिशु अस्पताल में उसे मृत घोषित किया गया। हादसे के बाद बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया गया। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और नगर निगम की टीम करीब 3 घंटे तक बच्चे और उसके परिजनों की तलाश करती रही। मोबाइल नंबर ट्रेस करने के बाद पुलिस को घर का पता चला और देर शाम परिजनों को घटना की जानकारी दी। परिजनों ने किसी कार्रवाई से इनकार करते हुए पुलिस को लिखकर दे दिया। बच्चे के पिता मर्चेंट नेवी में काम करते हैं और फिलहाल दुबई में हैं। उन्होंने फोन पर बेटे को आखिरी बार देखा। हादसे के बाद मां कुसुम का रो-रोकर बुरा हाल है। वह कई बार अचेत भी हो गईं। कथा में शामिल थे बच्चे, आरती के दौरान दोनों बाहर निकले जुग्गौर के डीह गांव में सोना पांडेय के घर शनिवार शाम सत्यनारायण भगवान की कथा चल रही थी। परिवार के लोगों के साथ बच्चे भी कथा में शामिल थे। हर्षित भी अपने दोस्त नंदीश (5) के साथ वहां खेल रहा था। कथा खत्म होने के बाद आरती शुरू हुई। इसी दौरान दोनों बच्चे घर से बाहर निकल गए। दोनों पास के गड्ढे के किनारे टॉयलेट करने पहुंचे। बारिश के कारण आसपास की नालियों का पानी इसी गड्ढे में भर रहा था। अचानक हर्षित का पैर फिसला और वह पानी में जा गिरा। गड्ढा करीब 5 फीट गहरा था। पानी में डूबने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका। दादी ने पूछा तो दोस्त ने बताया- हर्षित गड्ढे में गिर गया कुछ देर बाद हर्षित की दादी उसे बुलाने लगीं। उन्होंने नंदीश से उसके बारे में पूछा तो उसने बताया कि हर्षित गड्ढे में गिर गया है। इसके बाद परिवार और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। हर्षित के बड़े भाई उज्ज्वल ने उसे गड्ढे से बाहर निकाला। नंदीश ने पुलिस को बताया कि हर्षित ने उससे कहा था, चलो पेशाब करने चलते हैं। दोनों गड्ढे के पास पहुंचे थे। हर्षित के गिरने के बाद नंदीश ने उसे बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुआ। इसके बाद वह दौड़कर घर पहुंचा और दादी को घटना की जानकारी दी। सीएचसी से लोहिया अस्पताल ले गए, डॉक्टरों पर देखने से इनकार का आरोप परिजन हर्षित को तुरंत चिनहट सीएचसी लेकर पहुंचे। वहां से उसे लोहिया अस्पताल रेफर किया गया। परिजनों का आरोप है कि लोहिया अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बच्चे को देखने से इनकार कर दिया। इसके बाद वे हर्षित को शहीद पथ स्थित मातृ एवं शिशु अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिता दुबई में, फोन पर बेटे को आखिरी बार देखा हर्षित के पिता बृजेश चौरसिया मर्चेंट नेवी में काम करते हैं और फिलहाल दुबई में हैं। हादसे की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने फोन के जरिए बेटे को आखिरी बार देखा। बेटे की मौत की खबर से मां कुसुम का रो-रोकर बुरा हाल है। वह कई बार अचेत भी हो गईं। प्लॉट में खुला था गड्ढा, आसपास के घरों का पानी भरता था स्थानीय लोगों के मुताबिक, प्लॉट में खुला गड्ढा है, जिसमें आसपास के घरों का पानी जाता है। बारिश के कारण इसमें पानी भर गया था। इसी गड्ढे में पैर फिसलने से हर्षित की जान चली गई। हादसे के बाद पुलिस और नगर निगम की टीम करीब 3 घंटे तक बच्चे और उसके परिजनों की तलाश करती रही। मोबाइल नंबर ट्रेस करने के बाद पुलिस को परिजनों के घर का पता चला। देर शाम पुलिस वहां पहुंची और घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने किसी तरह की कार्रवाई से इनकार कर दिया। उन्होंने पुलिस को लिखकर दिया कि वे कोई कार्रवाई नहीं चाहते। ……………. ये खबर भी पढ़ें… लखनऊ में 5-साल के बच्चे की गड्ढे में डूबकर मौत:दोस्त के साथ टॉयलेट करने गया था, पिता दुबई में मर्चेंट नेवी अफसर लखनऊ में शनिवार शाम गड्ढे में डूबने से 5 साल के बच्चे की मौत हो गई। वह एक दोस्त के साथ टॉयलेट करने गया था। इसी दौरान फिसलकर गड्ढे में गिर गया। दोस्त ने घर पहुंचकर घरवालों को जानकारी दी। इसके बाद बच्चे को उसके ही बड़े भाई ने गड्ढे से निकाला। घरवाले बच्चे को लोहिया अस्पताल ले गए। आरोप है कि वहां डॉक्टरों ने बच्चे को देखने से मना कर दिया। इसके बाद उसे शहीद पथ स्थित मातृ एवं शिशु अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हादसा शाम करीब 4 बजे हुआ। बच्चे के पिता बृजेश चौरसिया मर्चेंट नेवी में हैं और इस समय दुबई में हैं। पढ़िए पूरी खबर…
बिहार: टीचर ने जिस मोबाइल से छात्रा से रेप का वीडियो बनाया वो पुलिस के हाथ लगा, एक आरोपी अब भी फरार
बक्सर जिले के दो शिक्षकों पर छात्रा से पटना के होटल में घिनौनी हरकत का आरोप लगा है। पुलिस ने अब पटना के उस होटल में भी दबिश दी है। पुलिस ने उस मोबाइल फोन को बरामद कर लिया है जिसके जरिए छात्रा का वीडियो बनाया गया था।
ग्वालियर में साइबर ठगी के तीन अलग-अलग मामलों में जालसाजों ने डॉक्टर, व्यापारी और एक नागरिक को निशाना बनाया। आरोपियों ने कुल 3 लाख 73 हजार 500 रुपए की ऑनलाइन ठगी की। डॉक्टर को शेयर बाजार में सस्ते शेयर यानी ब्लॉक डील का झांसा दिया गया, जबकि अन्य दो मामलों में मोबाइल का डेटा हैक कर बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से रुपए निकाले गए। पीड़ितों की शिकायत पर झांसी रोड, गोला का मंदिर और सिरोल थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तीनों मामलों में पीड़ितों ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की थी। ब्लॉक डील के नाम पर डॉक्टर से ठगी झांसी रोड थाना क्षेत्र के हरिशंकर पुरम स्थित ओमशांति अपार्टमेंट निवासी डॉ. शैलेंद्र कुमार के WhatsApp पर 7 अगस्त को ‘हार्दिक डोसी मेन’ नाम से एक लिंक आया था। कॉलर ने खुद को ब्लॉक डील एक्सपर्ट बताया और शेयर बाजार की मौजूदा कीमत से काफी कम दाम पर शेयर दिलाने की बात कही। डॉक्टर ने गोल्डटच समेत अन्य शेयर खरीदने के लिए बताए गए खातों में किस्तों में रुपए ट्रांसफर कर दिए। उन्होंने 7 अगस्त को 50 हजार, 9 अगस्त को 50 हजार, 10 अगस्त को 50 हजार और 11 अगस्त को 1 लाख रुपए भेजे। इस तरह कुल 2.50 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए। रुपए निकालने पर 7.50 लाख और मांगे डॉक्टर ने जब निवेश की रकम निकालने की कोशिश की तो ट्रांजेक्शन रुक गया। ठगों से संपर्क करने पर उन्होंने 7.50 लाख रुपए और निवेश करने को कहा। डॉक्टर ने जब रुपए वापस मांगे तो आरोपियों ने बातचीत बंद कर दी। इसके बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की। झांसी रोड पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। OTP के बाद क्रेडिट कार्ड से 98,500 रुपए निकले गोला का मंदिर थाना क्षेत्र के पिंटो पार्क निवासी मनीष चौहान के मोबाइल पर 4 अगस्त की दोपहर करीब 12:43 बजे एक OTP आया था। इसके तुरंत बाद उनके क्रेडिट कार्ड से 98,500 रुपए कटने का मैसेज आया। बैंक से फोन आने पर मनीष ने इस लेन-देन से इनकार किया। इसके बाद बैंक ने क्रेडिट कार्ड ब्लॉक कर दिया। जांच में सामने आया कि मोबाइल और क्रेडिट कार्ड का डेटा हैक कर रकम निकाली गई। मनीष ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की थी। इसके बाद गोला का मंदिर थाना पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। डेढ़ घंटे तक अपडेटिंग मोड में रहा फोन सिरोल थाना क्षेत्र के डोंगरपुर निवासी किराना कारोबारी सूरज कुमार का मोबाइल 17 अगस्त को अचानक करीब डेढ़ घंटे तक ‘अपडेटिंग मोड’ में रहा। फोन सामान्य होने के बाद उन्होंने फोन-पे चेक किया तो केनरा बैंक खाते से 25 हजार रुपए गायब थे। पीड़ित ने तुरंत बैंक पहुंचकर खाता होल्ड कराया। इसके बाद सिरोल थाने में शिकायत दर्ज कराई। ठग लगातार बदल रहे ठगी के तरीके : डीएसपी साइबर डीएसपी साइबर मनीष यादव ने कहा, ठग लोगों को ठगने के लिए लगातार तरीके बदलते रहते हैं। लोगों को सतर्क रहना चाहिए। अगर मोबाइल अपने आप अपडेटिंग मोड में चला जाए तो तुरंत सतर्क होकर बैंक और पुलिस से संपर्क करना चाहिए।
बिहार के गया, नवादा और अरवल समेत 9 जिलों में BSNL के नेटवर्क को अपग्रेड करने की तैयारी है। ये सभी क्षेत्र लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म (एलडब्ल्यूई) प्रभावित माने जाते हैं, जहां पहाड़ी, घने जंगल और दुर्गम रास्ते संचार की मुख्य बाधा रहे हैं।
त्योहारी सीजन में शहर की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए रांची पुलिस ने तैयारी शुरू कर दी है। त्योहारों के दौरान सुरक्षा में किसी तरह की चूक न हो, इसके लिए एक ही जगह पर पिछले 3 साल या उससे अधिक समय से ड्यूटी कर रहे जवानों का स्थानांतरण किया जाएगा। एसएसपी राकेश रंजन ने इससे संबंधित आदेश सार्जेंट मेजर को दिया है, ताकि ऐसे जवानों के नाम शॉर्टलिस्ट किए जा सकें। त्योहारों के दौरान बैंक, एटीएम, ज्वेलरी दुकान, अस्पताल समेत अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पर विशेष फोकस रहेगा। रांची पुलिस ने प्रमुख प्रतिष्ठानों की सूची तैयार कर इनके लिए सुरक्षा का ब्लूप्रिंट बनाया है। इसके तहत सभी प्रमुख प्रतिष्ठानों के बाहर क्यूआर कोड लगाए गए हैं। बीट पुलिस के जवानों को ड्यूटी के दौरान इन क्यूआर कोड को स्कैन करना होगा। इससे वरीय अधिकारी यह सुनिश्चित कर सकेंगे कि बीट पुलिस के जवान नियमित रूप से संबंधित प्रतिष्ठानों तक पहुंच रहे हैं और वहां आने-जाने वाले लोगों पर नजर रख रहे हैं। ऐसे काम करेंगे टाइगर मोबाइल के जवान बाइक से गश्ती: एक पदाधिकारी जवान के साथ बाइक पर सवार होकर निर्धारित बीट में लगातार पेट्रोलिंग करेंगे। हॉटस्पॉट पर विशेष नजर: स्नैचिंग, मोबाइल चोरी व छिनतई रोकने को चिह्नित स्पॉट में अधिक निगरानी रखेंगे। प्रतिष्ठित संस्थानों पर मौजूदगी: बैंक व ज्वेलरी दुकान पर मौजूदगी दर्ज कराते हुए क्यूआर कोड स्कैन करेंगे। थानेदार से सीधे संपर्क में रहेंगे: टाइगर मोबाइल में तैनात पुलिसकर्मी थानेदार से सीधे संपर्क में रहेंगे। बिना नंबर की गाड़ी व संदिग्धों को देखते ही सत्यापन करेंगे।
Agra News: जन्माष्टमी की रात 9 घंटे गुल रही सीएचसी की बिजली, मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुए 7 प्रसव
जन्माष्टमी की रात 9 घंटे गुल रही सीएचसी की बिजली, मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुए 7 प्रसव
Sonipat News: नागरिक अस्पताल में डेढ़ घंटे बिजली गुल, मोबाइल की टॉर्च से हुई मरीजों की जांच
Power outage at Civil Hospital lasts an hour and a half; patients examined using mobile phone torches.
Unnao News: मोबाइल पर लिंक खोलते ही महिला के खाते से दो लाख पार
मोबाइल पर लिंक खोलते ही महिला के खाते से दो लाख पार
A pollution certificate will not be issued if the mobile number on the vehicle registration certificate is not updated.
Farrukhabad News: मोबाइल और इंटरनेट का सदुपयोग भी सिखाएं शिक्षक
फर्रुखाबाद। शिक्षक दिवस पर कलक्ट्रेट सभागार में 50 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी अंकुर लाठर ने शिक्षकों से बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ मोबाइल और इंटरनेट के सदुपयोग की जानकारी देने का आग्रह किया।
Faridabad News: मोबाइल हैक कर महिला के खाते से 1.13 लाख रुपये उड़ाए, तीन गिरफ्तार
Rs 1.13 lakh siphoned off from woman's account after hacking her mobile; three arrested.
Bilaspur News: बच्चों को मोबाइल देने से पहले रखें उम्र और जरूरत का ध्यान
बिलासपुर। राजकीय प्राथमिक पाठशाला बंदला में शिक्षा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसएमसी प्रधान नारकली देवी ने की।
शिक्षक दिवस पर ई-अटेंडेंस दर्ज करने के बावजूद सैकड़ों शिक्षकों को मोबाइल पर अनुपस्थिति का मैसेज मिला।
बालोतरा पुलिस ने धोरों में छुपाए डोडा-पोस्त पर कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 22.910 किलो डोडा-पोस्त बरामद किया है। फिलहाल आरोपी से मादक-पदार्थ की खरीद-फरोख्त को लेकर पूछताछ की जा रही है। एसपी राजेश कुमार कांवट ने बताया कि नशाखोरी को कंट्रोल करने के लिए स्पेशल अभियान चलाया जा रहा है। एएसपी हरफूल सिंह और पचपदरा डीएसपी योगेश चौधरी के सुपरविजन में गिड़ा थानाधिकारी अचलाराम के नेतृत्व में टीम बनाई गई। टीम को सूचना मिली कि गांव खरतानियों का तला, कानोड में स्थानीय निवासी रतनाराम पुत्र खेराजराम अवैध मादक-पदार्थ की बिक्री कर रहा है। डोडा-पोस्त सप्लाई की सूचना पुख्ता होने के बाद कार्रवाई करते हुए टीम मौके पर पहुंची। रतनाराम के घर और खेत पर दबिश देकर तलाशी ली गई। इस दौरान 22.910 किलोग्राम अवैध मादक-पदार्थ डोडा-पोस्त मिले। एक मोबाइल फोन भी बरामद किया। मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में गिड़ा थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। इस मामले में अवैध मादक-पदार्थ कहां से लेकर आया। सप्लाई चैन और शामिल आरोपियों को संबंध में पूछताछ की जा रही है।
'जरूरत पड़ी तो कड़े फैसले लेंगे', बच्चों के मोबाइल उपयोग पर सीएम शुभेंदु अधिकारी ने जताई चिंता
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बच्चों में मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल पर गंभीर चिंता जताई और अभिभावकों से स्क्रीन टाइम कम करने की अपील की।
कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल ने शनिवार को नरसिंहपुर जिले के करेली में शिक्षक दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल और इंटरनेट पर प्रतिबंध को लेकर बयान दिया। उन्होंने बेंगलुरु में भाजपा नेताओं पर दर्ज मामले को लेकर कांग्रेस पर भी निशाना साधा। पटेल ने कहा कि नकल करने वाले ज्यादा आगे नहीं जा पाते। कांग्रेस को यह बात ध्यान रखनी चाहिए। बच्चों के मोबाइल और इंटरनेट इस्तेमाल पर प्रतिबंध के सवाल पर मंत्री पटेल ने कहा कि दुनिया के कई देश अब इस दिशा में कदम उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया समेत तीन देशों में 14 साल तक के बच्चों के मोबाइल और इंटरनेट इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है। न्यूयॉर्क के मेयर जहरान ममदानी ने आठवीं क्लास तक के बच्चों के लिए मोबाइल पर रोक लगाने का फैसला किया है। पटेल ने कहा कि वे ममदानी की सोच से सहमत नहीं हैं, लेकिन बच्चों के दिमाग में 'कचरा' न घुसे, इस बात पर विचार करना चाहिए। पटेल ने आगे कहा कि जो देश मर्यादाओं की ज्यादा बात नहीं करते, वे भी बच्चों को मोबाइल और इंटरनेट के बुरे असर से बचाने के लिए रोक लगा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हम संस्कार वाले देश हैं, इसलिए इन बातों पर सकारात्मक तरीके से विचार करने की जरूरत है।
करौली में अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में जिला स्पेशल टीम और कैलादेवी थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। पुलिस ने 14.75 ग्राम स्मैक के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त की गई स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजेश कुमार मीना (32) निवासी कालाखाना, थाना सदर हिण्डौनसिटी और अवदेश मीना (24) निवासी मोहनपुरा, थाना कैलादेवी के रूप में हुई है। दोनों करौली जिले के रहने वाले हैं। पुलिस दोनों आरोपियों से स्मैक की खरीद-फरोख्त और तस्करी के नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि स्मैक कहां से लाई गई थी और इसे कहां सप्लाई किया जाना था। साथ ही तस्करी से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
जामताड़ा पुलिस को साइबर ठगी के खिलाफ सफलता मिली है। पुलिस ने फर्जी सिम कार्ड और गिफ्ट वाउचर का इस्तेमाल कर लोगों को ठगने वाले गिरोह के दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। साइबर डीएसपी अमित रविदास ने बताया कि एसपी शंभू कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर एक खास टीम बनाई गई और छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान मुस्ताक अंसारी (23), और मोहम्मद अमजद अंसारी को पकड़ा गया। आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे फर्जी सिम कार्ड के जरिए साइबर ठगी करते थे। वे आधे दाम पर गिफ्ट वाउचर खरीदकर ऑनलाइन खरीदारी में उनका इस्तेमाल करते थे। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि फर्जी सिम कार्ड और गिफ्ट वाउचर की खरीद-बिक्री का नेटवर्क कहां से चलता है और यह सिंडिकेट किन-किन इलाकों तक फैला हुआ है। इस मामले में साइबर थाना में केस नंबर 56/26 दर्ज कर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी है।
विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले में इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए तकनीक का खूब इस्तेमाल किया जाएगा। भीड़ में बच्चों के अपने परिजनों से बिछड़ने की समस्या से बचने के लिए उनके हाथों में बारकोडेड स्ट्रिप लगाए जाएंगे। स्ट्रिप बच्चे के परिजन के मोबाइल नंबर से लिंक रहेगा। बच्चा भीड़ में अपने परिजनों से अलग होते ही सिस्टम के जरिए मोबाइल पर अलर्ट पहुंचने का इंतजाम किया जा रहा है। गया के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने शनिवार को व्हीलचेयर योगदान समारोह में यह जानकारी दी। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने बताया कि पिछले साल पितृपक्ष मेले के दौरान कई बच्चे अपने परिजनों से बिछड़ गए थे। बच्चों को खोजने में काफी परेशानी हुई थी। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार तकनीक की मदद से ऐसी घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई का इंतजाम किया जा रहा है। बच्चों के हाथ में लगाए जाने वाले बारकोडेड स्ट्रैप को उनके परिजनों के मोबाइल नंबर से जोड़ा जाएगा। बच्चा कुछ दूरी पर जाते ही परिजनों के मोबाइल पर मैसेज या अलर्ट पहुंच सकेगा, जिससे तुरंत कार्रवाई हो सकेगी। डीएम बोले- इस बार टेक्नोलॉजी का ज्यादा से ज्यादा यूज उन्होंने यह भी बताया कि पितृपक्ष मेले की तैयारियों में इस बार टेक्नोलॉजी का खूब इस्तेमाल होगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक नई इंटरैक्टिव वेबसाइट भी तैयार की जा रही है। इसके जरिए मेले से जुड़ी जरूरी जानकारियां श्रद्धालुओं तक आसानी से पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्कॉलरशिप एवं वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से जिला प्रशासन को छह व्हीलचेयर दिए गए। इनका इस्तेमाल पितृपक्ष मेले में आने वाले दिव्यांग और बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए होंगे। जिलाधिकारी ने संस्था के इस सामाजिक पहल की सराहना करते हुए कहा कि पितृपक्ष मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में दिव्यांग और बुजुर्ग श्रद्धालु आते हैं। व्हीलचेयर की मदद से उन्हें मंदिर तक पहुंचाने और दर्शन के बाद वापस लाने में जिला प्रशासन को काफी सुविधा होगी। पितृपक्ष मेले में सफाई से लेकर रोशनी तक, तैयारी तेज जिलाधिकारी ने कहा कि पितृपक्ष मेले में साफ-सफाई पर विशेष फोकस रहेगा। मेले के अलग-अलग क्षेत्रों को जोन में बांटकर सफाई की व्यवस्था की जा रही है। गया नगर निगम के सहयोग से सजावट और प्रकाश व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जाएगा। प्रशासन की ओर से मेले की तैयारियों को लेकर लगातार बैठकें की जा रही हैं और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
सहारनपुर में मुठभेड़ के बाद 25 हजार का इनामी हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार, पैर में लगी गोली; लूट का मोबाइल और तमंचा बरामद
बोकारो की चास पुलिस ने जुआ के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस ने एक खंडहरनुमा मकान में चल रहे जुआ अड्डे पर छापा मारकर 10 जुआरियों को गिरफ्तार किया। मौके से 10 मोबाइल फोन, 4,840 रुपए नकद, ताश और एक दरी बरामद की गई है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध जुआ अड्डों पर पुलिस की सख्ती बढ़ सकती है। चास थाना के इंस्पेक्टर और थाना प्रभारी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें चास के अंसारी मोहल्ला स्थित सुधीर खटाल के पीछे एक खंडहरनुमा मकान में कुछ असामाजिक तत्वों के इकट्ठा होने की सूचना मिली थी। मकान की घेराबंदी कर छापेमारी सूचना की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वहां बड़ी संख्या में लोग जुआ खेल रहे थे। इसके बाद पुलिस टीम ने मकान की घेराबंदी करके छापा मारा और मौके से 10 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में गोविंद अंसारी, गुड्डू महतो, हसन अंसारी, सुलतान स्वर्णकार, अमर कुमार राजवार, आलोक चटर्जी, एकनाथ यादव, मनीष कुमार राय, एरफान रजा और अब्दुल अंसारी शामिल हैं। पुलिस ने सभी के खिलाफ चास थाना में मामला दर्ज किया है। छोटू करवा रहा था जुआ अड्डे का संचालन थाना प्रभारी ने बताया कि पूछताछ और जांच में सामने आया है कि उस जगह पर लंबे समय से जुआ का खेल चलाया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, इस जुआ अड्डे का संचालन छोटू नाम का व्यक्ति करवा रहा था। उसके खिलाफ पहले भी केस दर्ज है और अभी वह जमानत पर बाहर है। पुलिस ने कहा कि उसकी भूमिका की जांच की जा रही है और उसे जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस ने बरामद सामान जब्त कर लिया है। छापेमारी में चास थाना के पुलिसकर्मी और जवान शामिल थे। मामले में आगे की जांच चल रही है।
सीकर में स्कॉलरशिप फॉर्म भरवाने गई 21 साल की युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। युवती का फोन भी बंद आ रहा है। पिता की शिकायत पर पुलिस मामले की जांच में जुटी है। युवती के पिता ने शिकायत देकर पुलिस को बताया कि उनकी बेटी थर्ड ईयर में पढ़ती है। वह 3 सितंबर की सुबह घर से कस्बे के ही ई-मित्र पर स्कॉलरशिप फॉर्म भरवाने गई थी। लेकिन दोपहर बाद तक वापस नहीं लौटी। परिवार ने सोचा कि ई-मित्र पर भीड़ होने के चलते टाइम लग गया हो, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी युवती घर नहीं लौटी तो उन्होंने ई-मित्र पर जाकर देखा। इसके बाद आस-पड़ोस और रिश्तेदारी में भी युवती की काफी तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। रिपोर्ट के अनुसार युवती के पास एक मोबाइल फोन भी था जो लगातार स्विच ऑफ है। अब पुलिस युवती की तलाश कर रही है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। 17 साल की नाबालिग लड़की भी लापता सीकर में 17 साल की नाबालिग लड़की के भी लापता होने का मामला सामने आया है। परिजनों ने बताया कि 2 सितंबर की रात बेटी घर पर ही सो रही थी। 3 सितंबर की सुबह जब जागे तो बेटी घर पर नहीं मिली
झाबुआ के राजवाड़ा चौक पर शुक्रवार रात जन्माष्टमी का मटकी फोड़ मुकाबला देर रात तक चला। कई टीमों ने मटकी तक पहुंचने की कोशिश की, लेकिन झाबुआ यूथ टीम के प्रह्लाद ने आखिरकार मटकी फोड़कर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। प्रतियोगिता की इनामी राशि भी 21 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपए कर दी गई थी। नशामुक्ति को बनाया आयोजन का संदेश श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समिति ने इस बार मटकी फोड़ आयोजन की थीम नशामुक्ति रखी। मटकी बांधने वाली रस्सी और आयोजन स्थल के आसपास नशे के नुकसान से जुड़े नारे लगाए गए थे। कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने मोबाइल की टॉर्च जलाकर समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ ली। समिति अध्यक्ष बलवीरसिंह सोहेल और महासचिव चंदरसिंह चंदेल ने बताया कि इसी संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए यह पहल की गई। रात 11:30 बजे चार फीट नीचे की मटकी राजवाड़ा चौक पर शाम से ही लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। रात 9 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हुए। इसके बाद मटकी फोड़ प्रतियोगिता में टीमों ने हिस्सा लिया। मटकी तक पहुंचना मुश्किल होने पर रात 11:30 बजे के बाद इसे करीब चार फीट नीचे किया गया। इसके बाद भी टीमों के बीच मुकाबला जारी रहा और आखिर में झाबुआ यूथ टीम ने मटकी फोड़ दी। जिलेभर में हुए मटकी फोड़ कार्यक्रम जन्माष्टमी पर झाबुआ के साथ पेटलावद, थांदला और मेघनगर समेत कई कस्बों और गांवों में भी मटकी फोड़ प्रतियोगिताएं हुईं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
बक्सर के डुमरांव में छात्राओं के यौन शोषण के मामले में पुलिस जांच तेज हो गई है। गिरफ्तार और फरार शिक्षकों के जब्त मोबाइल की फॉरेंसिक जांच और सीडीआर के जरिए घटना से जुड़ी कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
साइबर ठगी; फिशिंग लिंक से मोबाइल में घुस सकता है बॉटनेट
साइबर ठग फिशिंग लिंक भेजकर लोगों के मोबाइल और कंप्यूटर में बॉटनेट मालवेयर डालकर निजी और बैंकिंग जानकारी चुरा सकते हैं। इसे देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आमजन को मोबाइल की सुरक्षा के लिए ‘eScan CERT-In Bot Removal App’ इस्तेमाल करने की सलाह दी है। एडीजी साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि साइबर ठग फिशिंग लिंक के जरिए मोबाइल में मालवेयर संक्रमित कर देते हैं। इसके बाद ठग मोबाइल में मौजूद निजी जानकारी, एप और संवेदनशील बैंकिंग विवरण तक पहुंच बनाने की कोशिश कर सकते हैं। पुलिस के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In) के सहयोग से एंड्रॉयड यूजर्स के लिए eScan CERT-In Bot Removal App तैयार किया। यह मोबाइल में मौजूद बॉट, मालवेयर, ट्रोजन और अन्य साइबर खतरों की पहचान कर हटाने में मदद करता है। एप संदिग्ध एप्लीकेशन और दी गई संवेदनशील अनुमतियों की जांच करता है। ऐसे करें मोबाइल की जांच: गूगल प्ले स्टोर से एप डाउनलोड करने के बाद जरूरी अनुमतियां दें। इसके एंटीवायरस विकल्प में जाकर Full Scan चलाएं। खतरनाक फाइल या एप मिलने पर उसे हटाएं अथवा अलग करें। जांच के बाद मोबाइल को रीस्टार्ट करने की सलाह दी है। पुलिस ने लोगों से अज्ञात APK फाइल डाउनलोड नहीं करने, एप को जरूरत से ज्यादा परमिशन नहीं देने, केवल विश्वसनीय स्रोत से ऐप डाउनलोड करने और मोबाइल व एप को अपडेट रखने की अपील की है। वॉट्सएप में Two-Step Verification चालू रखने तथा बैंक खाते और डिजिटल भुगतान पर नियमित नजर रखने को भी कहा है।
Prayagraj News: युवती से मोबाइल लूटने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, फोन बरामद
युवती से मोबाइल लूटने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, फोन बरामद
Panchkula News: पांच साल पुराने मोबाइल स्नैचिंग केस में दो आरोपी बरी
Two accused acquitted in five-year-old mobile snatching case
बरनाला में हादसे के बाद इंसानियत शर्मसार:मृत युवक का मोबाइल चुराने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार, फोन बरामद
बरनाला में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले युवक का मोबाइल फोन चोरी करने के आरोप में बरनाला पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मृतक का चोरी हुआ मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। जानकारी के अनुसार, गांव पलासर निवासी सुखपाल सिंह ने पुलिस को शिकायत दी थी कि 21 अगस्त को उनके रिश्तेदार हरदीप सिंह धनौला रोड पर आवारा पशु से टकरा गए थे। हादसे में हरदीप सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस बोली- केस में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल था। आरोप है कि वहां मौजूद कुछ लोगों ने मदद करने के बजाय मृतक का मोबाइल फोन चोरी कर लिया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई। इसके बाद सुखप्रीत सिंह निवासी सेखा रोड, बरनाला और पवनदीप सिंह निवासी गांव बकरंदी, जिला बठिंडा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों के पास से चोरी किया मोबाइल बरामद कर लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पंजाब के गुरदासपुर जिले के बटाला में धारीवाल के परशुराम मंदिर में बीती रात चोरी हो गई। चोरों ने मंदिर में घुसकर पंडित की बजाज बाइक, डिक्की में रखे 20 हजार रुपए और एक बटन वाला मोबाइल फोन चुरा लिया। जानकारी के अनुसार, पीड़ित पंडित का नाम हैप्पी है। उन्होंने बताया कि उनके पिता बीमार हैं और लंबे समय से बिस्तर पर हैं। वहीं गिरने से उनकी मां का चूल्हा भी टूट गया है। लोन किश्त चुकाने के लिए ली थी राशि हैप्पी पंडित अकेले ही सात लोगों के परिवार का गुजारा कर रहे हैं। घर में वह अकेले कमाने वाले सदस्य हैं। उन्होंने बताया कि लोन की किश्त चुकाने के लिए उन्होंने एक सुनार से 20 हजार रुपये ब्याज पर उधार लिए थे। चोरों की तलाश में जुटी पुलिस पंडित ने पुलिस से गुहार लगाई है कि उनकी मोटरसाइकिल और पैसे जल्द से जल्द ढूंढकर वापस किए जाए। मामले में धारीवाल पुलिस स्टेशन के इंचार्ज जतिंदर सिंह ने कहा कि आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में 'मनोरमा कृषि रक्षक' मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया। यह ऐप किसानों को मौसम, फसल सलाह, रोग पहचान और बाजार संबंधी जानकारी प्रदान करेगा।
सीकर के खाटूश्यामजी मंदिर में श्रद्धालुओं से रुपए लेकर VIP दर्शन करवाने वाली गैंग का खुलासा हुआ है। पुलिस ने गिरोह के 1 सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी और उसके साथी मंदिर में तैनात प्राइवेट सुरक्षा गार्ड के साथ मिलकर लोगों को 1000 रुपए लेकर दर्शन करवाते थे। पुलिस ने आरोपी से 3 मोबाइल जब्त किए हैं। इन मोबाइल में काफी संख्या में लोगों के रुपए भेजने के ट्रांजैक्शन मिले हैं। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है। साथ ही मामले में फरार 7 अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। आरोपी के पास मिले 3 मोबाइलएसपी प्रवीण नायक नूनावत ने बताया- आरोपी हंसराज उर्फ टिंकू (26) पुत्र किशनाराम धानका निवासी लाडपुर, खाटूश्यामजी (सीकर) को मंदिर के पास से शुक्रवार को पकड़ा गया है। वहीं गैंग के 7 नामजद आरोपी फरार हैं। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी रुपए लेकर श्रद्धालुओं को VIP दर्शन करवा रहा है। आरोपी से जब्त 3 मोबाइल में ऐसे एविडेंस मिले हैं, जिससे सामने आया कि आरोपी श्रद्धालुओं से रुपए लेकर लोगों को VIP दर्शन करवाता है। फिलहाल पूरी डिटेल्स चेक की जा रही है। यदि मंदिर में तैनात कोई प्राइवेट गार्ड भी इसमें शामिल है तो उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा। भीड़ के अनुसार बदलते थे VIP दर्शन के रेटएसपी प्रवीण नायक नूनावत ने बताया- आरोपी हंसराज और उसकी गैंग के सदस्य भीड़ के हिसाब से दर्शनों की रेट बदलते रहते थे। यदि किसी दिन भीड़ कम रहती तो प्रति व्यक्ति के 1 हजार रुपए लेते थे। वीकेंड और एकादशी, द्वादशी के मौके पर रेट बढ़ाकर दोगुना या तीन गुना कर देते थे। पहली बार इस तरह की गैंग पर मुकदमा दर्जआरोपी हंसराज को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 1 दिन के रिमांड पर भेज दिया गया है। पहली बार इस तरह की गैंग पर खाटूश्यामजी में मुकदमा दर्ज हुआ है। उसकी गैंग के सदस्य सागर गुर्जर, मोंटू शर्मा, बिट्टू शर्मा, प्रमोद, दीपक, शेखर और महिपाल फरार है, जिनकी तलाश जारी है। दोषी पाए जाने पर हो सकती है 7 साल की कैद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 (4), 112 और 61 (2) और राजस्थान पर्यटन व्यवसाय अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया है। धारा 318 (4) गंभीर धोखाधड़ी से संबंधित है, इसमें दोषी पाए जाने पर 7 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है। धारा 112 के तहत यदि कोई व्यक्ति ऐसा लघु संगठित अपराध करता है या उसका प्रयास करता है, तो उसे कम से कम 1 साल और अधिकतम 7 साल तक की कैद हो सकती है। इसके अलावा धारा 61 (2) में 2 साल या अधिकतम आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।----------- ये खबर भी पढ़ें…खाटूश्यामजी में VIP दर्शनों की व्यवस्था बदली:अब प्रोटोकॉल वाले ही कर सकेंगे दर्शन, राजभवन-मंत्रियों की सिफारिश करवानी होगी सीकर के खाटूश्यामजी मंदिर में VIP दर्शनों की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब VIP दर्शनों के लिए सचिवालय, कलेक्ट्रेट, राजभवन, मंत्रियों की सिफारिश लेनी होगी। मंदिर में अब केवल प्रोटोकॉल वालों को ही VIP दर्शन होंगे। सिफारिश के बाद क्यूआर कोड जनरेट होगा, जिसे दिखाने पर ही मंदिर में एंट्री मिलेगी। (पूरी खबर पढ़ें)
रायगढ़ जिले में गांजा तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 34.865 किलो गांजा, एक टाटा सफारी, दो हुंडई औरा कार और 8 मोबाइल जब्त किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक जब्त संपत्ति की कुल कीमत 61 लाख 53 हजार 200 रुपए है। मामला लैलूंगा थाना क्षेत्र का है। गुरुवार को लैलूंगा पुलिस को सूचना मिली थी कि, काले रंग की टाटा सफारी में बड़ी मात्रा में गांजा लेकर तस्कर ओडिशा से जमुना के रास्ते लैलूंगा-पत्थलगांव होते हुए उत्तर प्रदेश जा रहे हैं। SDOP सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में पुलिस ने ग्राम कमरगा में नाकाबंदी की। इसी दौरान तेज रफ्तार सफारी पहुंची। पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया तो चालक ने पुलिस के निजी वाहन को साइड से टक्कर मार दी और वाहन लेकर पाकरगांव-लैलूंगा की ओर भागने लगा। आगे स्कूटी से कर रहे थे पायलेटिंग पुलिस ने सफारी का पीछा किया। ग्राम मोतीपुर के पास सफारी के आगे एक स्कूटी चलती मिली, जिसका चालक रास्ता साफ कराने के लिए पायलेटिंग कर रहा था। पुलिस को देखकर दोनों वाहन छोड़कर भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया गया। पूछताछ में स्कूटी चालक ने अपना नाम गगन कुमार चौधरी (25), गोंडा अलीगढ़ी, उत्तर प्रदेश और सफारी चालक ने अनिल कुमार चौधरी (36), गोंडा, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश बताया। 2 और कारों में 6 तस्कर कर रहे थे पायलेटिंग पूछताछ में पता चला कि इनके साथ 6 अन्य तस्कर भी ओडिशा से निकले थे। वे दो हुंडई औरा कारों में सफारी के आगे चलकर पायलेटिंग कर रहे थे। इसी दौरान सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की सरिया पुलिस ने कंचनपुर बैरियर और बरगढ़ जाने वाले रास्ते पर दोनों कारों को संदेह के आधार पर पकड़ लिया। दोनों कारों से 6 आरोपी गिरफ्तार पहली हुंडई औरा कार से संदीप सिंह (23), ललित पाल (22), शुभम सिंह (20) और दीपांशु सिंह (20) पकड़े गए। ये सभी प्रयागराज और फतेहपुर जिले के अलग-अलग गांवों के निवासी बताए गए हैं।दूसरी कार से प्रिंस सिंह (28) और देवेंद्र तिवारी (25) को पकड़ा गया। दोनों उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। पूछताछ में सफारी में गांजा होने की जानकारी दी सरिया पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनके पीछे चल रही टाटा सफारी में अनिल चौधरी गांजा लेकर चल रहा था। इसके बाद सरिया पुलिस ने रायगढ़ पुलिस अधिकारियों को सूचना दी। सूचना मिलते ही लैलूंगा पुलिस ने नाकेबंदी की और सफारी समेत दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। 34.865 किलो गांजा और 3 वाहन जब्त पुलिस ने सभी 8 आरोपियों को मामले में नामजद किया है। उनके कब्जे से 34.865 किलो गांजा, एक टाटा सफारी, दो हुंडई औरा कार और 8 मोबाइल जब्त किए गए। पुलिस के मुताबिक गांजे की कीमत 17 लाख 43 हजार 200 रुपए है। वाहनों और अन्य जब्ती को मिलाकर कुल 61 लाख 53 हजार 200 रुपए की संपत्ति जब्त की गई है। सभी आरोपियों के खिलाफ लैलूंगा थाने में NDPS एक्ट की धारा 20(B) और 29 के तहत कार्रवाई की गई है।
पलवल सीआईए स्टाफ ने एटीएम कार्ड बदलकर धोखाधड़ी करने और पैसे निकालने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से 20 एटीएम कार्ड और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। सीआईए प्रभारी जगमिंद्र सिंह ने बताया कि 18 अगस्त 2026 को दुधोला गांव के सोहनपाल ने गदपुरी थाना में शिकायत दी थी। सोहनपाल पृथला-दुधौला रोड पर स्थित एटीएम से पैसे निकालने गए थे। वहां एक अनजान शख्स ने धोखाधड़ी कर उनका एटीएम कार्ड बदल लिया था। पीओएस मशीन के जरिए ट्रांसफर किए रुपए इसके बाद आरोपी ने उनके खाते से 82 हजार रुपए निकाल लिए। यह पैसे एटीएम और पीओएस मशीन के जरिए ट्रांसफर किए गए थे। शिकायत के आधार पर गदपुरी थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीआईए स्टाफ पलवल को सौंपी गई। सीआईए स्टाफ ने कार्रवाई करते हुए मथुरा (यूपी) के फालेन गांव निवासी अनिल और सोनू को गिरफ्तार किया। पुलिस कर रही आरोपियों से पूछताछ आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन और 20 एटीएम कार्ड मिले हैं। इनमें शिकायतकर्ता सोहनपाल का बदला हुआ एटीएम कार्ड भी शामिल है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अपनी पीओएस मशीन में 59 हजार 999 रुपए स्वैप कर ट्रांसफर किए थे। बाकी 22 हजार रुपए ततारपुर स्थित एचडीएफसी बैंक के एटीएम से निकाले थे। दोनों आरोपियों को सीआईए ने कोर्ट में पेश किया और रिमांड पर लिया है। पुलिस का कहना है कि उनसे पूछताछ की जाएगी कि उन्होंने और कहां-कहां और किन-किन के एटीएम कार्ड बदलकर कितने रुपए निकाले हैं।
नवादा जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में वारिसलीगंज पुलिस ने एसपी अभिनव धीमान के निर्देश पर एक महिला समेत दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया पुलिस ने इनके पास से 20 हजार रुपए कैश, 2 मोबाइल फोन और एक ATM कार्ड बरामद किया है। पुलिस को 4 सितंबर को सूचना मिली थी कि साइबर ठगी में शामिल एक युवक वारिसलीगंज बाजार में घूम रहा है। यह जानकारी एसपी अभिनव धीमान को दी गई। SP के निर्देश पर वारिसलीगंज थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर पंकज कुमार सैनी के नेतृत्व में एक खास टीम बनाई गई। टीम ने वारिसलीगंज बाजार के सब्जी बाजार मोड़ और थाना क्षेत्र के कुंभी गांव में छापेमारी की। इस दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। कम ब्याज पर लोन दिलाने का देते थे झांसा गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शेखपुरा जिले के अरियरी थाना क्षेत्र के ससवहना, वर्तमान स्टेशन रोड निवासी अशोक कुमार की 30 वर्षीय पत्नी मुन्नी कुमारी और कुंभी गांव निवासी गुलशन सिंह के 19 वर्षीय बेटे शिवम कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, ये दोनों साइबर अपराधी लोगों को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, बजाज फाइनेंस और रिलायंस फाइनेंस जैसी कंपनियों से कम ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा देते थे। इसी तरह वे ऑनलाइन ठगी करते थे। थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ वारिसलीगंज थाना में कांड संख्या 634/26 दर्ज किया गया है। पुलिस कानूनी कार्रवाई पूरी कर दोनों को जेल भेजने की तैयारी कर रही है। छापेमारी टीम में थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी, एसआई सुशील कुमार, एसआई रमेश कुमार, पीएसआई मनोज कुमार राय, एएसआई पप्पू कुमार और एएसआई मंजर धुनिया समेत दूसरे पुलिसकर्मी शामिल थे।
पुलिस ने मोबाइल फोन जब्त कर मालखाने में रखे, पंचकूला कोर्ट ने दिया अमेजन को सौंपने का आदेश
पंचकूला सेशंस कोर्ट ने जब्त मोबाइल फोन अमेजन ट्रांसपोर्टेशन सर्विसेज को सौंपने का आदेश दिया है, क्योंकि मालखाने में लंबे समय तक रखने से कंपनी को आर्थिक नुकसान हो सकता है।
झांसी के वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन क्षेत्र से जीआरपी ने मोबाइल चोरी करने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। दोनों के कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनकी कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस ने दोनों को प्लेटफॉर्म नंबर 1/7 पर दिल्ली एंड की ओर ई-कैबिन के पास से पकड़ा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान नीरज (21) पुत्र सुरेश और गजेन्द्र उर्फ भूरा (30) पुत्र रामकिशन, निवासी करियावटी, थाना भीतरवार, जिला ग्वालियर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 3.20 बजे दोनों संदिग्ध हालत में घूमते मिले। पुलिस ने रोककर तलाशी ली तो उनके पास से दो मोबाइल फोन मिले। दोनों मोबाइल बिना सिम और चिप के चालू हालत में मिले। पूछताछ में पुलिस को आरोपियों के वारदात करने का तरीका भी पता चला। जीआरपी के अनुसार, दोनों आरोपी यार्ड में खड़े होकर ट्रेनों के आने का इंतजार करते थे। ट्रेन आते ही उनकी नजर यात्रियों पर रहती थी। खासतौर पर ऐसे यात्री उनके निशाने पर होते थे, जो ट्रेन के गेट पर बैठकर मोबाइल फोन चलाते थे।यात्री जैसे ही मोबाइल में व्यस्त होता, आरोपी उसके हाथ से फोन झपटकर भाग जाते थे। ट्रेन की रफ्तार बढ़ने से पहले ही वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से निकलने की कोशिश करते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों ने इस तरीके से कितनी वारदातें की हैं और बरामद मोबाइल किन यात्रियों के हैं। जीआरपी के अनुसार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उनके आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
मुजफ्फरपुर पुलिस ने जिले में चल रहे अवैध ऑनलाइन गेमिंग और लॉटरी गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा को मिली सीक्रेट जानकारी के आधार पर सदर थाना पुलिस और एक विशेष टीम ने मिलकर यह एक्शन लिया। इस दौरान नेटवर्क चलाने वाले 12 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया। नगर एसडीपीओ विनता सिन्हा ने बताया कि पुलिस टीम को कुछ समय से इलाके में अवैध सट्टा, जुआ और ऑनलाइन लॉटरी ऐप के जरिए बड़े स्तर पर सट्टेबाजी की शिकायतें मिल रही थीं। इसे गंभीरता से लेते हुए एसएसपी मुजफ्फरपुर के निर्देशों पर जिले में अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत भगवानपुर इलाके में की छापेमारी इसी अभियान के तहत सदर थाना क्षेत्र के भगवानपुर इलाके में एक खास ठिकाने पर प्लान बनाकर छापेमारी की गई। पुलिस टीम ने घेराबंदी करके ऑनलाइन गेमिंग लॉटरी ऐप के माध्यम से सट्टा खिलाने और इस अवैध नेटवर्क को चलाने वाले 12 आरोपियों को पकड़ा। छापेमारी के दौरान पुलिस ने सट्टा चलाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और नकदी बरामद की है। इनमें 12 मोबाइल फोन, 2 कैलकुलेटर, पर्ची काटने वाली 12 लॉगबुक, कटी हुई पर्ची वाली 3 लॉगबुक और 12,110 रुपये नकद शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में ये शामिल गिरफ्तार आरोपियों में सदर थाना (मुजफ्फरपुर) क्षेत्र के दिवाकर आनंद, मिथुन कुमार, प्रकाश चन्द्र जैन, मनोज कुमार, संजीत पासवान, जितेन्द्र कुमार और राजेश कुमार शामिल हैं। इसके साथ ही साहेबगंज से नीरज कुमार, काजी मोहम्मदपुर से मो. जलालुद्दीन, नगर थाना से शशिभूषण, पारू से चंद्रभूषण राउत और वैशाली जिले के महुआ के रहने वाले मनोज कुमार सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। मुजफ्फरपुर के नगर एसडीपीओ 2 विनता सिन्हा ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तार सभी 12 अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस इन सभी आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास को भी गहराई से खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध ऑनलाइन लॉटरी नेटवर्क के तार राज्य के किन-किन अन्य हिस्सों या अंतर्राज्यीय गिरोहों से जुड़े हुए हैं।
पटना के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र में रहने वाले एक डॉक्टर दंपति से 30 लाख रुपए की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पटना पुलिस को कामयाबी मिली है। पुलिस ने जांच के दौरान शेखपुरा जिले के बरसा गांव के एक नाबालिग को पकड़ा है। उसके पास से दो मोबाइल फोन मिले हैं। मोबाइल की जांच में पुलिस को कई ऐसे सबूत मिले हैं, जिनसे पता चला है कि आरोपी का गिरोह सिर्फ रंगदारी नहीं मांगता था, बल्कि साइबर अपराध भी करता था। पुराने सिक्के-नोट और पुरानी गाड़ियों के नाम पर ठगी पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह लोगों को अलग-अलग तरीकों से ठगता था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये लोग पुराने सिक्के और नोट बेचने का लालच देकर ठगी करते थे। पुरानी गाड़ियों की खरीद-बिक्री के नाम पर भी लोगों से पैसे वसूलते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और ठगी के जरिए कितनी रकम वसूली है। बरामद मोबाइल फोन की डिजिटल जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों और उनके नेटवर्क की तलाश कर रही है। डॉक्टर दंपति से मांगी थी 30 लाख की रंगदारी मामले की शुरुआत 4 अगस्त को हुई। पत्रकारनगर थाना क्षेत्र में रहने वाले डॉक्टर दंपति को एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन और मैसेज कर 30 लाख रुपए की रंगदारी मांगी। पैसे न देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। धमकी मिलने के बाद डॉक्टर दंपति ने पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल, मैसेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। दो दिन बाद व्यापारी से मांगे 10 लाख पुलिस अभी डॉक्टर दंपति से रंगदारी मांगने के मामले की जांच कर ही रही थी कि 6 अगस्त को एक और घटना हुई। चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र के एक व्यापारी को भी इसी तरह फोन और मैसेज से निशाना बनाया गया। व्यापारी से 10 लाख रुपए की रंगदारी मांगी गई। दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो दिनों के अंतराल पर रंगदारी मांगने की घटनाएं सामने आने के बाद पुलिस को आशंका हुई कि दोनों मामलों के पीछे एक ही गिरोह हो सकता है। इसके बाद दोनों घटनाओं को जोड़कर जांच शुरू की गई। एसपी पूर्वी के नेतृत्व में बनाई SIT मामलों की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई। टीम में पत्रकारनगर और चित्रगुप्त नगर थाने के थानाध्यक्षों के अलावा संबंधित पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों को शामिल किया गया। टीम ने वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी इनपुट के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। रंगदारी के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, फोन, कॉलिंग पैटर्न और डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल की गई। पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों को ट्रैक करने के साथ-साथ उनके संपर्क में रहने वाले लोगों की भी जानकारी जुटाई। तकनीकी जांच से नाबालिग तक पहुंची पुलिस लगातार तकनीकी जांच और पुलिस के प्रयास के बाद टीम को गिरोह से जुड़े एक नाबालिग सदस्य तक पहुंचने में सफलता मिली। पुलिस ने उसे निरुद्ध कर पूछताछ की। उसके पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान नाबालिग ने गिरोह की गतिविधियों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी हैं। बरामद मोबाइल फोन की जांच में भी कई डिजिटल दस्तावेज और अन्य सामग्री मिली है, जिनके आधार पर पुलिस गिरोह के दूसरे सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। रंगदारी के साथ साइबर ठगी भी करता था गिरोह जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य कथित तौर पर लोगों से रंगदारी मांगने के साथ-साथ साइबर अपराध में भी सक्रिय थे। आरोपियों का तरीका केवल एक तरह की ठगी तक सीमित नहीं था। वे अलग-अलग तरह के लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। प्रारंभिक जांच में पुराने सिक्के और पुराने नोट बेचने का झांसा देकर ठगी करने की बात सामने आई है। इसके अलावा पुरानी गाड़ियों की खरीद-बिक्री के नाम पर भी लोगों को भरोसे में लेकर ठगी किए जाने के संकेत मिले हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तरह की ठगी के जरिए गिरोह ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और इससे कितनी रकम की ठगी की गई। पटना के बाहर भी फैला है नेटवर्क पुलिस की जांच में यह भी संकेत मिला है कि गिरोह का नेटवर्क केवल पटना तक सीमित नहीं था। इसके तार दूसरे जिलों से भी जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब गिरोह के सदस्यों, उनके आपसी संपर्क और अलग-अलग जिलों में उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह से जुड़े लोगों पर करीब आधा दर्जन संगीन मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। इन मामलों की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पहले की घटनाओं में भी यही गिरोह शामिल था या नहीं। मोबाइल और डिजिटल साक्ष्य बने जांच की अहम कड़ी पूरे मामले की जांच में बरामद दोनों मोबाइल फोन को अहम कड़ी माना जा रहा है। पुलिस इनकी तकनीकी जांच के जरिए कॉल रिकॉर्ड, मैसेज, संपर्क में रहे लोगों और डिजिटल दस्तावेजों की जानकारी खंगाल रही है। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और उनकी भूमिका तय करने में जुटी है। फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस रंगदारी मांगने वाले आरोपियों के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के साथ-साथ साइबर ठगी से जुड़े मामलों को भी जोड़कर जांच करने पर है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ गिरोह की गतिविधियों, इससे जुड़े अन्य मामलों के बारे में और खुलासे होने की संभावना है।
अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे कठुआ जिले के हीरानगर स्थित चन्न खत्रियां इलाके में एक कबूतर पकड़ा गया है।
रीवा में 16.632 किलो गांजा, पिस्टल-कारतूस और मोबाइल बरामद, आरोपी गिरफ्तार
27 अगस्त, गुरुवार: रीवा के समान थाना पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत गड़रिया नहर के पास घेराबंदी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके पास से 16.632 किलो गांजा, देशी पिस्टल, मैगजीन, 4 कारतूस और 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए। आरोपी के खिलाफ NDPS और आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया गया है।
सावधान! APK डाउनलोड करने से पहले रुको, भारी पड़ जाएगा ये ऐप्स इंस्टॉल करना; बड़ा अलर्ट
Mod WhatsApp, Pro Instagram और अन्य अनऑफिशियल APK फाइलें डाउनलोड करना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि फर्जी डाउनलोड में मैलवेयर छिपा हो सकता है। आइए आपको इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।
टूटा या खराब फोन भी नहीं है 'बेकार'! जानें पुराने मोबाइल से पैसे कमाने का तरीका
घर में पड़ा पुराना स्मार्टफोन अब बेकार नहीं रहेगा, क्योंकि उसे रीसेल या रीसाइकल करके अच्छी कीमत मिल सकती है। जानें पुराने फोन को बेचने से पहले क्या करें और कैसे उसकी वैल्यू बढ़ाएं।
Rahul Gandhi मोबाइल दिखाकर बोले- ये 21वीं सदी का पिंजरा | Congress | Rajiv Gandhi Birth Anniversary
पूर्व पीएम राजीव गांधी की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस मौके पर दिल्ली में हरा भरा स्वाराज कार्यक्रम का आयोजन किया. इसमें कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पहुंचे. यहां उन्होंने मोबाइल दिखाकर क्या कुछ कहा
बच्चों को मोबाइल से दूर रखना है? घर पर खेलें ये 5 मजेदार गेम्स
बच्चों का खाली समय मोबाइल में निकलने के बजाय अगर परिवार के साथ मजेदार खेल खेलते हुए बीते तो इससे अच्छा क्या होगा। घर पर मौजूद कुछ आसान खेल बच्चों को बिजी रखने के साथ खूब हंसाने का काम भी कर सकते हैं।
सरकारी स्कूल के बच्चों को समय पर मिलेंगी किताबें, अब मोबाइल ऐप से होगी सीधी निगरानी
उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में किताबों के वितरण पर निगरानी रखने के लिए मोबाइल ऐप की शुरुआत की गई है। राज्य भर के बच्चों को समय पर किताबें मिल सकेंगी।
iQOO-Redmi Smartphone Price Hike: मोबाइल खरीदने वालों को झटका, 14,000 रुपये तक महंगे हुए फोन
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5 AI Apps जो आपको जरूर Try करने चाहिए, आपके काम को बना देंगे आसान
Artificial Intelligence यानी AI अब सिर्फ बड़ी कंपनियों या टेक एक्सपर्ट्स तक सीमित नहीं है। आज स्मार्टफोन पर मौजूद कई AI Apps पढ़ाई, ऑफिस के काम, कंटेंट क्रिएशन, रिसर्च और रोजमर्रा के छोटे-बड़े कामों को काफी आसान बना सकते हैं। अगर आप भी AI का सही इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इन 5 Apps को जरूर Try करें। 1. ChatGPT ChatGPT एक ऑल-राउंड AI Assistant है। आप इसका इस्तेमाल सवालों के जवाब पाने, ईमेल या आर्टिकल लिखने, आइडिया निकालने, पढ़ाई में मदद लेने और कई तरह के कामों के लिए कर सकते हैं। यह उन लोगों के लिए खास उपयोगी है जिन्हें एक ही App में अलग-अलग काम करने वाला AI Assistant चाहिए। 2. Google Gemini Google Gemini उन यूज़र्स के लिए काफी उपयोगी है जो Google के Ecosystem का इस्तेमाल करते हैं। Gemini में बातचीत के अलावा Image Generation, Deep Research, Gemini Live और Canvas जैसे फीचर्स भी उपलब्ध हैं। इसका इस्तेमाल पढ़ाई, रिसर्च, आइडिया और रोजमर्रा के कामों में किया जा सकता है। 3. Microsoft Copilot अगर आप Microsoft के Apps जैसे Word, Excel, PowerPoint और Outlook का इस्तेमाल करते हैं, तो Copilot आपके काम को आसान बना सकता है। यह सवालों के जवाब देने, कंटेंट तैयार करने और कुछ Microsoft 365 Apps में AI की मदद लेने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। 4. Perplexity Perplexity उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जिन्हें किसी विषय पर Research करनी होती है। यह AI के साथ Search Experience देता है और जानकारी खोजने व अलग-अलग स्रोतों को समझने में मदद कर सकता है। Students, Writers और Researchers के लिए यह उपयोगी हो सकता है। 5. Canva अगर आप Social Media Posts, Posters, Presentations या दूसरे Designs बनाते हैं, तो Canva का AI आपके काम को आसान कर सकता है। आप AI की मदद से अपने Ideas को Visual Content में बदलने और Design तैयार करने की शुरुआत कर सकते हैं।
नोएडा में मेट्रो स्टेशन पर सुसाइड करने वाले नाबालिग बेटे ने अपनी जान देने से पहले पिता की हत्या की थी जान। वारदात को अंजाम देने के बाद वह शव को कमरे में बंद करके पिता का मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गया था। पुलिस को गढ़ी चौखंडी गांव स्थित किराये के कमरे से व्यक्ति का शव मिला।
How Mobile Phone Affects You: अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो सुबह उठकर सबसे पहले मोबाइल चलाते हैं, तो इस खबर को अवश्य पढ़ें। यहां हम आपको बताएंगे इसके असर के बारे में।
ग्वालियर में मोबाइल चोर को पकड़ती बहनों का वीडियो झूठे सांप्रदायिक दावे से वायरल
बूम से बातचीत में ग्वालियर पुलिस ने पुष्टि की कि वीडियो में दिख रहा आरोपी मुस्लिम नहीं है और उसकी पहचान मनप्रीत सिंह के रूप में की गई है.
दुनिया भर में मृत्यु और विकलांगता के प्रमुख कारणों में स्ट्रोक वजह है। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो स्ट्रोक के इलाज में हर एक मिनट कीमती होता है। जितना जल्दी मरीज को हॉस्पिटल ले जाया जाए, उतना ज्यादा रिकवरी की संभावना होता है। डॉक्टरों ने आज स्मार्टफोन के दौर में एक नया शुरुआती संकेत पहचाना है, जिसको डिस्टेक्स्टिया कहा जाता है। इसमें व्यक्ति फोन पर सही शब्द नहीं टाइप कर पाता, उसके वाक्य अर्थहीन हो जाते हैं या फिर लिखने में काफी गलतियां होने लगती हैं। कई मामलों में यह स्ट्रोक का पहला दिखने वाला संकेत मिला है। जानें क्या है डिस्टेक्स्टिया यह कोई बीमारी नहीं बल्कि डिजिटल माध्यम पर लिखने की क्षमता में अचानक से आने वाले बदलाव या गड़बड़ी को दिखाता है। यह Dysgraphia और Aphasia जैसे न्यूरोलॉजिकल लक्षणों का आधुनिक रूप है। इसे भी पढ़ें: Health Tips: अनजाने में ज्यादा प्रोटीन लेना शरीर के लिए नुकसानदेह, Side Effects से बचने के लिए चेक करें ये 5 संकेत हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति सामान्य रूप से टाइप करता है, लेकिन अचानक से उसके मैसेज में गड़बड़ी दिखने लगे, शब्दों का क्रम बिगड़ जाए, सामान्य शब्द भी न याद आएं, अर्थहीन वाक्य बनने लगे और सही शब्द न टाइप कर पाएं। तो यह दिमाग में भाषा कंट्रोल करने वाले हिस्से के प्रभावित होने का संकेत हो सकता है। डिस्टेक्स्टिया और स्ट्रोक का संबंध स्ट्रोक तब होता है, जब दिमाग के किसी हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन रुक जाता है। या फिर रक्त वाहिका फट जाती है। अगर यह हिस्सा भाषा या फिर लिखने की क्षमता को कंट्रोल करने वाले क्षेत्र को प्रभावित करता है, तो व्यक्ति को पढ़ने, बोलने या लिखने में परेशानी महसूस होती है। आज के समय में लोग मोबाइल पर टाइप करके बातचीत करते हैं। इसलिए कई बार सबसे पहला बदलाव फोन पर भेजे गए मैसेज पर दिखता है। कुछ केस में मरीज हॉस्पिटल पहुंचने से पहले फैमिली में किसी को ऐसे मैसेज भेजे, जिसमें व्याकरण और अर्थ दोनों ही पूरी तरह से असामान्य हो, तो जांच में उनको स्ट्रोक की पुष्टि हो सकती है। फोन पर टाइप करते समय कौन-से संकेत न करें नजरअंदाज व्यक्ति जानने वाले शब्दों को भी बार-बार गलत लिखता हो। मैसेज पढ़ने पर शब्द होते हैं, लेकिन इस मैसेज का कोई सही अर्थ न निकले। अगर बिना किसी तकनीकी वजह के टाइपिंग में परेशानी होने लगे। क्यों मानते हैं डिस्टेक्स्टिया को स्ट्रोक का शुरुआती चेतावनी संकेत डिस्टेक्स्टिया इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज भी ज्यादातर लोग फोन पर लगातार मैसेज करते हैं। ऐसे में लिखने की क्षमता में अचानक बदलाव सबसे पहले डिजिटल बातचीत में नजर आ सकता है। सिर्फ टाइपिंग में गलती होना ही स्ट्रोक का प्रमाण नहीं है। जल्दबाजी, ध्यान भटकना, या ऑटो करेक्ट से भी गलतियां हो सकती हैं। लेकिन अगर व्यक्ति पहले सामान्य रूप से टाइप करता था, लेकिन अगर अचानक से असामान्य मैसेज आने लगे, तो इसको गंभीरता से लेना चाहिए। स्ट्रोक के शुरुआती संकेत एक हाथ या एक पैर में कमजोरी चेहरा के एक तरफ का हिस्सा लटक जाना बोलने में परेशानी होना अचानक से धुंधला दिखना तेज सिरदर्द संतुलन बिगड़ना भ्रम या समझने में परेशानी आधुनिक डिजिटल युग में स्ट्रोक एक शुरूआती संकेत माना जाता है। हालांकि यह कोई अलग बीमारी नहीं बल्कि दिमाग के भाषा और लेखन से जुड़े हिस्सों में आई समस्या का संकेत हो सकता है। हालांकि सिर्फ टाइपिंग में हुई एक-दो गलतियों से घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर आपको लगातार बोलने में परेशानी, लगातार असामान्य मैसेज, चेहरे का टेढ़ा दिखना, हाथ-पैरों में कमजोरी जैसे लक्षण दिखते हैं, तो इसको मेडिकल इमरजेंसी मानना चाहिए।
Train Ticket Discount: मोबाइल से जनरल टिकट लेने पर बचेगा पैसा, RailOne पर रेलवे दे रहा 3% की छूट
RailOne Ticket Discount 2026: ट्रेन से रोजाना या अक्सर सफर करने वालों के लिए मोबाइल टिकटिंग अब सिर्फ समय बचाने का जरिया नहीं, बल्कि किराये में बचत का विकल्प भी बन गई है। भारतीय रेलवे के RailOne App के जरिए यात्री स्टेशन के टिकट काउंटर पर जाए बिना अनारक्षित यानी जनरल टिकट खरीद सकते हैं। खास बात यह है कि पात्र डिजिटल पेमेंट से टिकट का भुगतान करने पर किराये में 3 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। रेलवे ने इस सुविधा को डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देने और स्टेशनों के टिकट काउंटर पर भीड़ कम करने के उद्देश्य से उपलब्ध कराया है। ऑफर को 31 मार्च 2027 तक जारी रखने की जानकारी दी गई है। इसका फायदा उन यात्रियों को खास तौर पर हो सकता है जो लोकल, पैसेंजर या दूसरी अनारक्षित श्रेणी वाली ट्रेनों में नियमित सफर करते हैं। स्टेशन पहुंचने से पहले मोबाइल पर तैयार हो सकता है टिकट जनरल कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों को सफर से पहले वैध अनारक्षित टिकट लेना होता है। परंपरागत तरीके में इसके लिए रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर या उपलब्ध टिकट मशीन का इस्तेमाल करना पड़ता है। व्यस्त समय में काउंटर पर लंबी लाइन मिलने से ट्रेन छूटने तक की चिंता हो सकती है। RailOne ने इस प्रक्रिया को मोबाइल पर उपलब्ध करा दिया है। यात्री ऐप में अपनी यात्रा की जरूरी जानकारी दर्ज करके अनारक्षित टिकट खरीद सकता है। इससे टिकट लेने के लिए अलग से काउंटर की कतार में खड़े होने की जरूरत कम हो जाती है। किराये में 3% कम भुगतान करने का मौका RailOne के जरिए अनारक्षित टिकट खरीदने वाले यात्रियों के लिए डिजिटल भुगतान पर विशेष छूट उपलब्ध है। यात्री अगर पात्र डिजिटल माध्यम से भुगतान करता है तो टिकट किराये पर 3 प्रतिशत डिस्काउंट प्राप्त कर सकता है। यह फायदा भले ही एक टिकट पर छोटी रकम जैसा दिखाई दे, लेकिन रोजाना रेल यात्रा करने वाले लोगों के लिए पूरे महीने या साल में इससे अच्छी-खासी बचत हो सकती है। उदाहरण के तौर पर नौकरी, पढ़ाई या कारोबार के सिलसिले में नियमित ट्रेन यात्रा करने वाले यात्री बार-बार टिकट खरीदते हैं। ऐसे यात्रियों के लिए हर टिकट पर मिलने वाली छोटी छूट समय के साथ ज्यादा उपयोगी हो सकती है। किन पेमेंट विकल्पों पर मिल सकती है छूट? RailOne पर अनारक्षित टिकट खरीदते समय कई डिजिटल पेमेंट माध्यम उपलब्ध हो सकते हैं। ऑफर के तहत UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग और दूसरे पात्र डिजिटल भुगतान माध्यमों से भुगतान करने पर 3 प्रतिशत डिस्काउंट का फायदा लिया जा सकता है। हालांकि भुगतान पूरा करने से पहले ऐप में लागू ऑफर और अंतिम किराया जरूर देखना चाहिए। R-Wallet का नियम थोड़ा अलग RailOne में R-Wallet की सुविधा भी उपलब्ध है, लेकिन इसका लाभ सामान्य डिजिटल पेमेंट डिस्काउंट से अलग रखा गया है। R-Wallet से टिकट खरीदने पर अलग व्यवस्था के तहत 3 प्रतिशत cashback उपलब्ध है। इसलिए यात्री को यह समझना चाहिए कि सामान्य डिजिटल भुगतान पर मिलने वाली 3 प्रतिशत छूट और R-Wallet का 3 प्रतिशत cashback एक ही ऑफर नहीं हैं। टिकट खरीदते समय ऐप में दिखाई दे रहे भुगतान विकल्प और लागू लाभ को देखकर ही पेमेंट मोड चुनना बेहतर होगा। RailOne से जनरल टिकट खरीदने का तरीका RailOne से टिकट लेने के लिए सबसे पहले मोबाइल में इसका आधिकारिक ऐप इंस्टॉल करें। ऐप Android और iOS दोनों तरह के स्मार्टफोन के लिए उपलब्ध है। ऐप में रजिस्ट्रेशन या लॉगिन पूरा करने के बाद अनारक्षित टिकट से संबंधित सेक्शन में जाएं। अब जिस स्टेशन से यात्रा शुरू करनी है और जहां तक जाना है, उससे जुड़ी जानकारी दर्ज करें। ऐप में मांगी गई अन्य जरूरी यात्रा जानकारी भरने के बाद टिकट का विवरण और किराया ध्यान से जांचें। इसके बाद उपलब्ध डिजिटल पेमेंट विकल्प में से अपनी सुविधा का माध्यम चुनकर भुगतान पूरा करें। ट्रांजैक्शन सफल होने के बाद टिकट की स्थिति ऐप में जरूर जांच लें। पुराने UTS यूजर्स के लिए भी अहम है RailOne RailOne आने के बाद रेलवे की मोबाइल टिकटिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ है। पहले अनारक्षित टिकट के लिए UTS on Mobile App का व्यापक इस्तेमाल किया जाता था। मार्च 2026 से UTS की सेवाओं को RailOne पर स्थानांतरित कर दिया गया है। ऐसे में पुराने UTS उपयोगकर्ताओं के लिए RailOne अब महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बन गया है। मौजूदा R-Wallet बैलेंस से जुड़े उपयोगकर्ताओं को RailOne पर रजिस्ट्रेशन करते समय पुराने UTS खाते से जुड़े मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करने की जरूरत पड़ सकती है। केवल जनरल टिकट नहीं, कई सेवाएं एक जगह RailOne को रेलवे की कई यात्री सुविधाओं को एक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यात्री इसके जरिए अनारक्षित टिकट के अलावा रिजर्व टिकट से जुड़ी सुविधाओं, प्लेटफॉर्म टिकट, ट्रेन संबंधी जानकारी, PNR स्टेटस और अन्य उपलब्ध रेलवे सेवाओं तक पहुंच सकते हैं। इसका फायदा यह है कि अलग-अलग काम के लिए यात्रियों को कई रेलवे ऐप इस्तेमाल करने की जरूरत कम हो सकती है। डिजिटल टिकट से लाइन और समय दोनों की बचत RailOne से जनरल टिकट खरीदने का सबसे बड़ा फायदा केवल 3 प्रतिशत डिस्काउंट नहीं है। मोबाइल टिकटिंग यात्रियों को स्टेशन के टिकट काउंटर पर लगने वाली लाइन से बचाने में मदद करती है। खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में नियमित यात्रियों के लिए यह सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है। डिजिटल भुगतान से कैश रखने और खुले पैसे की समस्या भी खत्म हो जाती है। इस तरह यात्री को एक ही सुविधा में टिकट खरीदने, डिजिटल पेमेंट करने और पात्र होने पर किराये में छूट पाने का मौका मिलता है। टिकट बुक करते समय सावधानी भी जरूरी मोबाइल से जनरल टिकट लेते समय शुरुआती स्टेशन और गंतव्य स्टेशन सही चुनना जरूरी है। भुगतान करने से पहले यात्रा का विवरण ध्यान से जांचें। बैंक खाते से रकम कट जाने भर से यह नहीं मान लेना चाहिए कि टिकट सफलतापूर्वक जारी हो गया है। ऐप में टिकट की स्थिति जरूर चेक करें। RailOne को केवल आधिकारिक ऐप स्टोर या रेलवे द्वारा बताए गए माध्यम से ही डाउनलोड करें। अनजान लिंक से ऐप या APK फाइल डाउनलोड करने से बचना चाहिए। इसके अलावा UPI PIN, OTP, पासवर्ड और दूसरी बैंकिंग जानकारी किसी व्यक्ति के साथ साझा न करें। 31 मार्च 2027 तक मिलेगा डिजिटल डिस्काउंट रेलवे ने RailOne से अनारक्षित टिकट खरीदने पर डिजिटल भुगतान के जरिए मिलने वाली 3 प्रतिशत छूट को 31 मार्च 2027 तक बढ़ाया है। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को मोबाइल टिकटिंग और कैशलेस पेमेंट की ओर प्रोत्साहित करना है। रोजाना ट्रेन से यात्रा करने वालों के लिए यह दोहरा फायदा हो सकता है। एक तरफ स्टेशन पर टिकट काउंटर की लाइन से बचा जा सकता है और दूसरी तरफ पात्र डिजिटल पेमेंट पर किराये में कुछ बचत भी हो सकती है। ऐसे में अगली बार जनरल टिकट लेकर यात्रा करनी हो तो स्टेशन के काउंटर पर जाने से पहले RailOne में उपलब्ध मोबाइल टिकटिंग विकल्प और लागू डिस्काउंट की जांच करना फायदेमंद हो सकता है। डिस्क्लेमर: रेलवे टिकट, डिस्काउंट, cashback और भुगतान से जुड़े नियम समय-समय पर बदले जा सकते हैं। टिकट खरीदने से पहले RailOne App या भारतीय रेलवे के आधिकारिक माध्यम पर मौजूदा नियम, किराया और ऑफर जरूर जांचें।
बक्सर पुलिस की बड़ी सफलता: एसपी शुभम आर्य ने बरामद खोए हुए मोबाइल असली धारकों को लौटाए
6 गुरुवार, अगस्त: बक्सर जिले में पुलिस ने अभियान चलाकर लोगों के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके बाद बक्सर एसपी शुभम आर्य ने एक कार्यक्रम के दौरान सभी मोबाइल उनके असली धारकों को सौंप दिए। अपने खोए हुए फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने बक्सर पुलिस की इस पहल की सराहना की।
ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर चोरी के दो मोबाइल के साथ एक आरोपी गिरफ्तार
4 मंगलवार, अगस्त:ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चोरी के दो मोबाइल फोन के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Gaya News: 4 मोबाइल के साथ धराए दो चोर
गया जंक्शन पर 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत आरपीएफ और जीआरपी के संयुक्त अभियान में यात्रियों से चोरी किए गए चार मोबाइल फोन के साथ दो चोरों को गिरफ्तार किया गया है।
पिसावां में माता-पिता से विवाद के बाद युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ा, तीन घंटे बाद पुलिस ने उतारा
1 शनिवार, अगस्त: पिसावां के चौखड़ियां गांव में माता-पिता से विवाद के बाद एक युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। करीब तीन घंटे की समझाइश के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने युवक के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की है।
खैरथल के मुंडावर में ससुराल पक्ष से नाराज युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, पुलिस ने सुरक्षित उतारा
1 शनिवार, अगस्त: खैरथल जिले के मुंडावर क्षेत्र में ससुराल पक्ष से नाराज एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन ने समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवक से पूछताछ के साथ काउंसलिंग भी कराई जा रही है।
टीवी अभिनेत्री स्मृति खन्ना का मानना है कि वर्टिकल सीरीज मनोरंजन की दुनिया का भविष्य हैं। उन्होंने बताया कि कम समय के एपिसोड, मोबाइल फ्रेंडली फॉर्मेट और बड़े प्रोडक्शन हाउस की बढ़ती दिलचस्पी इस नए ट्रेंड को तेजी से आगे बढ़ा रही है। साथ ही उन्होंने ...
31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

