Sant Kabir Nagar News: मोबाइल गायब होने के बाद खाते से 3.42 लाख रुपये उड़ाए
Rs 3.42 lakh siphoned off from account after mobile went missing.
Nuh News: शादी की जिद को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक
Youth climbs mobile tower, insisting on marriage.
Budaun News: पुलिस ने डॉक्टर से 25 हजार की लूट संदिग्ध मानी, मोबाइल चोरी में केस दर्ज
पुलिस ने डॉक्टर से 25 हजार की लूट संदिग्ध मानी, मोबाइल चोरी में केस दर्ज
Kangra News: मोबाइल नेटवर्क न होने से लंबागांव के लोग परेशान
लंबागांव और आसपास के क्षेत्रों में निजी मोबाइल कंपनियों की नेटवर्क व्यवस्था इन दिनों उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। महंगे रिचार्ज पैकेज लेने के बावजूद मोबाइल में सिग्नल ठीक से नहीं आ रहे हैं।
Shamli News: मुठभेड़ में घायल इनाम धुरी के मोबाइल फोन से कनेक्शन खंगाल रही पुलिस
पुलिस इनाम धुरी से मिले मोबाइल फोन के आधार पर उसके कनेक्शन खंगाल रही है।
बिहार: मुजफ्फरपुर में अगवा युवक को बचाया गया, 4 मोबाइल स्नैचर्स भी गिरफ्तार
Patna, 10 अगस्त . मुजफ्फरपुर में Police ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अपहरण के दो घंटे के भीतर ही अगवा किए गए एक युवक को सुरक्षित बचा लिया और 50 हजार रुपए की फिरौती मांगने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया. एक अधिकारी ने Monday को यह जानकारी दी. यह घटना कटरा ... Read more
राजस्थान: पिता ने मोबाइल पर गेम खेलने से रोका, 11वीं के छात्र ने आत्महत्या की
jaipur, 10 अगस्त . कोटा में 11वीं कक्षा के एक छात्र ने आत्महत्या कर ली, क्योंकि उसके पिता ने उसे मोबाइल फोन पर गेम खेलने से रोका और फोन उससे ले लिया. मयंक नागर (16) ने Sunday रात दादाबाड़ी Police स्टेशन के तहत आने वाले हनुमान नगर इलाके में अपने घर पर जहरीली चीज खा ... Read more
लखनऊ के अलीगंज इलाके से तीन दिन पहले लापता हुई 16 साल किशोरी का शव सोमवार दोपहर 4 को वजीरगंज क्षेत्र में गोमती नदी में उतराता मिला। किशोरी इंस्टाग्राम के जरिए एक युवक से बातचीत करती थी। दोनों के बीच प्रेम संबंध होने की बात सामने आई है। शुक्रवार को इसकी जानकारी होने पर मां ने किशोरी को डांटते हुए उसका मोबाइल फोन छीन लिया था। इसके बाद किशोरी नाराज होकर घर से निकल गई थी। अलीगंज थाना प्रभारी ध्रुव कुमार के मुताबिक, त्रिवेणी नगर के आदर्शपुरम निवासी शिव सागर मड़ियांव के फैजुल्लागंज पावर हाउस में संविदा कर्मचारी हैं। वह पत्नी इंद्रा देवी और बेटियों प्रियंका, मेनका व सेजल (16) के साथ रहते हैं। सेजल ने इसी साल हाईस्कूल की परीक्षा पास की थी। युवक ने परिवार के सामने रखा था शादी का प्रस्ताव पुलिस के अनुसार, सेजल इंस्टाग्राम के जरिए एक युवक से बातचीत करती थी। दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। युवक ने सेजल के परिवार के सामने शादी का प्रस्ताव भी रखा था। इसकी जानकारी होने पर शुक्रवार शाम मां इंद्रा देवी ने सेजल को डांटा और उसका मोबाइल फोन ले लिया। इससे नाराज होकर सेजल शाम करीब 7 बजे घर से निकल गई। मां इंद्रा देवी और बहन प्रियंका उसके पीछे गईं। दोनों बंधा रोड तक पहुंचीं। रास्ते में गड्ढे में पैर जाने से प्रियंका गिरकर घायल हो गई। इंद्रा देवी उसे संभालने लगीं। इसी दौरान सेजल वहां से भाग निकली। रात में दर्ज कराई गुमशुदगी परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन सेजल का पता नहीं चला। इसके बाद देर रात पिता शिव सागर ने अलीगंज थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस और परिवार के लोग लगातार किशोरी की तलाश कर रहे थे। सोमवार को वजीरगंज क्षेत्र में शहीद स्मारक के पास गोमती नदी में किशोरी का शव उतराता मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शव को नदी से बाहर निकलवाया। पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान सेजल के रूप में की। पुलिस को आशंका है कि किशोरी ने नदी में कूदकर आत्महत्या की है। हालांकि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।
Gen-Z जुड़वां बहनों ने पकड़ा मोबाइल लुटेरा, मारे थप्पड़ ही थप्पड़
ग्वालियर की दो Gen-Z जुड़वां बहनों ने अपनी बहादुरी से यह साबित कर दिया है कि बेटियां अब अबला नहीं, बल्कि अपराधियों के लिए काल हैं. लॉ की दो छात्राओं ने मोबाइल छीनकर भाग रहे बाइक सवार लुटेरे का 80 की स्पीड में पीछा किया, उसे टक्कर मारकर गिराया और बीच सड़क पर पीट-पीटकर पुलिस के हवाले कर दिया.
पिता ने मोबाइल में गेम खेलने रोका तो बच्चे ने उठाया खौफनाक कदम, खत्म कर ली जीवन लीला
पिता ने अपने 11वीं में पढ़ने वाले बेटे को मोबाइल चलाने से रोका तो बेटे काफी गुस्सा हो गया. इसके बाद उसने खौफनाक कदम उठाते हुए अपनी जान दे दी.
शेखपुरा में खलासी को सोशल मीडिया चलाने के लिए अपना मोबाइल नहीं देना ट्रक चालक को महंगा पड़ गया। ड्राइवर के मना करने से खुद को अपमानित महसूस कर रहे खलासी ने रात में सोते वक्त उसकी चाकू से गोदकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी शेखपुरा से ट्रेन पकड़कर अपने गांव वैशाली फरार हो गया। खास बात यह रही कि हत्या करने के बाद भी उसने मृतक के पास रखे करीब 3 हजार रुपए नहीं लिए। पुलिस के लिए यह मामला शुरुआती तौर पर ब्लाइंड केस बना हुआ था, लेकिन CCTV फुटेज और तकनीकी जांच के सहारे पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसे वैशाली से गिरफ्तार कर लिया। मृतक की पहचान मोतिहारी के पिपराकोठी थाना क्षेत्र के बथना गांव निवासी मुन्नी लाल के बेटे लालदीप साह के रूप में हुई है। वहीं गिरफ्तार आरोपी वैशाली का रहने वाला नीतीश कुमार है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार कर ली है और वारदात की पूरी कहानी पुलिस को बताई है। नरकटियागंज से चीनी लेकर शेखपुरा आए थे दोनों पुलिस के अनुसार लालदीप साह ट्रक चालक था और आरोपी नीतीश कुमार उसके साथ खलासी के रूप में काम करता था। दोनों पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज से ट्रक पर चीनी लादकर शेखपुरा के लिए निकले थे। रास्ते में शेखपुरा पहुंचने के बाद दोनों ने बाईपास स्थित बुधौली के पास एक लाइन होटल पर साथ खाना खाया। खाना खाने के बाद दोनों ट्रक के पास लौटे। इसी दौरान नीतीश ने अपने उस्ताद से मोबाइल मांगा। वह मोबाइल पर सोशल मीडिया चलाना चाहता था। उसने बताया कि उसके पास अपना स्मार्टफोन नहीं था और वह दोस्तों के मोबाइल से व्हाट्सऐप, फेसबुक समेत दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़ा रहता था। मोबाइल नहीं देने पर खुद को समझा अपमानित पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने चालक से मोबाइल मांगा, लेकिन लालदीप साह ने अपना मोबाइल देने से साफ इनकार कर दिया। आरोपी को चालक की यह बात नागवार गुजरी। उसने खुद को अपमानित महसूस किया और उसके मन में चालक के प्रति गुस्सा भर गया। रात में जब चालक सो गया तो आरोपी ने बदला लेने का फैसला किया। उसने सो रहे लालदीप साह पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू से कई वार किए जाने के कारण चालक की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गया। हत्या के बाद ट्रेन से भाग गया वैशाली वारदात को अंजाम देने के बाद नीतीश ने मृतक के पास रखे पैसे तक नहीं लिए। पुलिस के मुताबिक चालक के पास करीब 3 हजार रुपए मौजूद थे, लेकिन आरोपी ने उसे हाथ तक नहीं लगाया। इसके बाद वह शेखपुरा रेलवे स्टेशन पहुंचा और ट्रेन पकड़कर अपने गांव वैशाली जिले के योगापट्टी चला गया। इधर, चालक की हत्या की सूचना मिलने के बाद पुलिस के सामने आरोपी की पहचान करना बड़ी चुनौती थी। घटना के पीछे लूट या पुरानी दुश्मनी जैसी कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आ रही थी। आरोपी ने पैसे भी नहीं लिए थे, इसलिए पुलिस को मामले की गुत्थी सुलझाने में काफी सावधानी से जांच करनी पड़ी। जिले से लेकर नरकटियागंज तक खंगाले CCTV फुटेज एएसपी राकेश कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पुलिस ने घटना के बाद जिले में ट्रकों के आने-जाने वाले सभी प्रमुख रास्तों के CCTV फुटेज खंगाले। इसके साथ ही नरकटियागंज से शेखपुरा तक ट्रक के आने वाले संभावित रूट पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग भी देखी गई। तकनीकी टीम ने अलग-अलग स्थानों के फुटेज को जोड़ते हुए ट्रक और उसके साथ मौजूद लोगों की गतिविधियों को ट्रैक किया। इसी दौरान पुलिस को आरोपी तक पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण सुराग मिले। जांच के क्रम में पुलिस ने आरोपी की पहचान वैशाली जिले के नीतीश कुमार के रूप में की। विशेष जांच दल ने वैशाली पहुंचकर आरोपी को दबोचा आरोपी की पहचान होने के बाद एएसपी राकेश कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल को वैशाली भेजा गया। टीम ने वहां छापेमारी कर आरोपी नीतीश कुमार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे शेखपुरा लाया गया, जहां पुलिस ने उससे पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस के सामने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसके पास स्मार्टफोन नहीं था और वह दोस्तों के मोबाइल से सोशल मीडिया पर सक्रिय रहता था। अपने उस्ताद से मोबाइल मांगने और मना किए जाने के बाद उसे काफी बुरा लगा। इसी गुस्से और अपमान की भावना में उसने रात में सो रहे चालक की हत्या कर दी। पुलिस टीम को सम्मानित करने की अनुशंसा एएसपी राकेश कुमार ने कहा कि शेखपुरा पुलिस की चुस्त-दुरुस्त कार्रवाई के कारण कोई भी अपराधी पुलिस की नजरों से बच नहीं सकता। उन्होंने कहा कि यह मामला पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन तकनीकी जांच और CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी तक पहुंच बनाई। उन्होंने इस ब्लाइंड मर्डर केस के उद्भेदन में नगर थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार और पूरी तकनीकी टीम की भूमिका की सराहना की। एएसपी ने बताया कि बेहतर पुलिसिंग और मामले के त्वरित उद्भेदन के लिए टीम को एसपी से पुरस्कृत करने की अनुशंसा की गई है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे पुलिस सुरक्षा में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस मामले में हत्या में इस्तेमाल चाकू समेत अन्य साक्ष्यों को भी जुटाने में लगी है।
हरदा की सिटी कोतवाली पुलिस ने मोबाइल दुकान में हुई चोरी का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इंदौर और हरदा से पकड़े गए दोनों आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया लैपटॉप, मोबाइल फोन और पावर बैंक सहित करीब 90 हजार रुपए का पूरा सामान बरामद किया है। पड़ोसी दुकानदार ने शटर टूटा देखा 9 अगस्त की सुबह नया बाजार क्षेत्र में ग्राम भुनास निवासी संदीप गोस्वामी की मोबाइल दुकान में चोरी हुई। संदीप को उनके पड़ोसी दुकानदार ने दुकान का शटर टूटा होने की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद संदीप मौके पर पहुंचे तो दुकान के अंदर सामान बिखरा हुआ था। जांच करने पर पता चला कि दुकान से कई मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान गायब हैं। चार ओप्पो और दो मोटोरोला मोबाइल चोरी चोर दुकान से चार ओप्पो A6C44 और दो मोटोरोला G06 मोबाइल फोन ले गए थे। इसके अलावा दो पावर बैंक और एक पुराना एचपी लैपटॉप भी चोरी किया गया था। दुकान से अन्य सामान भी गायब मिला। चोरी किए गए सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब 90 हजार रुपये बताई गई है। CCTV कैमरे में कैद हुई पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में चोरी की पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई थी। पुलिस ने इस फुटेज को जांच का अहम आधार बनाया। फुटेज में नजर आए संदिग्धों और घटना से जुड़े अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। साइबर सेल और फील्ड टीम ने शुरू की जांच चोरी की सूचना मिलने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(4) और 305(A) के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद साइबर सेल और फील्ड टीम को मिलाकर एक संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने सीसीटीवी फुटेज के साथ तकनीकी साक्ष्यों की जांच शुरू की। मोबाइल लोकेशन से आरोपियों तक पहुंची पुलिस पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के साथ मोबाइल लोकेशन का भी तकनीकी विश्लेषण किया। जांच के दौरान पुलिस को दो संदिग्धों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद टीम ने संदिग्धों के ठिकानों पर दबिश देकर दोनों को हिरासत में लिया। इंदौर और हरदा से पकड़े गए दोनों आरोपी पुलिस ने इंदौर के रावजी बाजार निवासी 32 वर्षीय रवि यादव और हरदा के अन्नापुर निवासी 22 वर्षीय विनय यादव को पकड़ा। दोनों से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने मोबाइल दुकान में चोरी करना कबूल कर लिया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर चोरी का पूरा सामान बरामद कर लिया। लैपटॉप, मोबाइल और पावर बैंक बरामद आरोपियों की निशानदेही पर दुकान से चोरी किए गए मोबाइल फोन, पावर बैंक और एचपी लैपटॉप समेत पूरा सामान बरामद कर लिया गया। पुलिस के अनुसार बरामद सामान की अनुमानित कीमत करीब 90 हजार रुपए है। इस तरह पुलिस ने चोरी गए सामान को भी पूरी तरह बरामद कर लिया। शौक पूरे करने के लिए चोरी का दावा एसडीओपी शालिनी परस्ते ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने अपने शौक पूरे करने के लिए चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। दोनों ने दुकान का शटर उखाड़कर अंदर प्रवेश किया और मोबाइल समेत अन्य सामान चोरी किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी चोरी किए गए मोबाइल को लैपटॉप वाले बैग में रखकर अपने साथ ले गए थे। दोनों आरोपी आदतन चोर, अन्य वारदातों पर पूछताछ पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी आदतन चोर हैं। अब पुलिस उनसे दूसरे जिलों में हुई चोरी की वारदातों के बारे में भी पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों ने इससे पहले किन-किन जगहों पर चोरी की है और उनके साथ इस तरह की वारदातों में और कौन लोग शामिल रहे हैं। पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई चोरी के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी का पूरा माल बरामद कर लिया। इस कार्रवाई में टीआई रोशनलाल भारती, हेड कांस्टेबल देवेंद्र सूरमा, आरक्षक प्रदीप मालवीय, रामनरेश और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से चोरी की वारदात का जल्द खुलासा हो सका।
हरियाणा के हांसी में साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ 'ऑपरेशन ट्रैकडाउन' के तहत पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर मोबाइल नंबर दिलाने के नाम पर 4.79 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी का आरोप है। पुलिस ने उसके पास से 10 हजार रुपए भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दिल्ली के रोहिणी निवासी साहिल बजाज के रूप में हुई है। मुख्य सिपाही अमित कुमार ने बताया कि यह मामला हांसी निवासी मंगल सिंह की शिकायत पर साइबर थाना हांसी में दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने उसे मोबाइल नंबर दिलाने का झांसा दिया। मोबाइल नंबर के बहाने ₹4.79 लाख ठगे आरोपियों ने अलग-अलग बहानों से मंगल सिंह से बार-बार ऑनलाइन भुगतान करवाया। उन्हें विश्वास दिलाया गया कि भुगतान के बाद मोबाइल नंबर सक्रिय हो जाएगा और पूरी राशि वापस मिल जाएगी। आरोपियों की बातों पर भरोसा कर शिकायतकर्ता ने विभिन्न माध्यमों से कुल 4 लाख 79 हजार 670 रुपए का भुगतान कर दिया। बाद में उसे ठगी का एहसास हुआ, जिसके बाद साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी को दिल्ली से किया गिरफ्तार जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी साहिल बजाज को दिल्ली से गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 10 हजार रुपए नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है और इस ठगी में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
43 गुम मोबाइल बरामद, कीमत 8.06 लाख रुपए:खगड़िया पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत मालिकों को लौटाए
खगड़िया पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने 8.06 लाख रुपये मूल्य के 43 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटा दिए हैं। यह जानकारी सोमवार को पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप सिंह ने एक प्रेस वार्ता में दी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत साइबर तकनीक और तकनीकी विश्लेषण का उपयोग कर गुम हुए मोबाइल फोन का पता लगाया गया। अधिक प्रभावी और तेज गति से अभियान बरामद किए गए मोबाइलों का सत्यापन करने के बाद, संबंधित धारकों को पुलिस कार्यालय बुलाकर उन्हें उनके फोन सौंपे गए। लंबे समय बाद अपने मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने खगड़िया पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया। एसपी सिंह ने स्पष्ट किया कि 'ऑपरेशन मुस्कान' कोई नया अभियान नहीं है, बल्कि यह पहले से ही संचालित है। खगड़िया जिले में इसे और अधिक प्रभावी और तेज गति से चलाया जा रहा है। इस पूरे अभियान का संचालन साइबर डीएसपी, खगड़िया के नेतृत्व में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी इस अभियान के तहत लगभग 50 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए जा चुके हैं। 18 मोबाइल साइबर थाना की कार्रवाई में मिले पुलिस का कहना है कि गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। बरामद किए गए मोबाइलों में सर्वाधिक 18 मोबाइल साइबर थाना की कार्रवाई में मिले हैं। इसके अतिरिक्त, महेशखूंट थाना से 5, मानसी से 4, अलौली और भरतखंड से 3-3, मुफस्सिल, चित्रगुप्तनगर, बहादुरपुर और चौथम से 2-2, जबकि अमौसी और मोरकाही थाना से एक-एक मोबाइल बरामद किया गया। पुलिस अधीक्षक ने दोहराया कि आम नागरिकों के गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को उनके वास्तविक मालिक तक पहुंचाना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है। इसके लिए तकनीकी टीम लगातार कार्य कर रही है और आने वाले दिनों में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
अगस्त 2024 में कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल की एक जूनियर डॉक्टर से रेप और मर्डर की नए सिरे से जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की नई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने हॉस्पिटल की एक महिला कर्मचारी का मोबाइल जब्त कर लिया है।
चलती काशी एक्सप्रेस में यात्री से मोबाइल छीना, लोहे की रॉड से किया हमला
जीआरपी घटना स्थल और आसपास के क्षेत्र की जानकारी जुटाकर आरोपी की पहचान और तलाश में जुटी है। चलती ट्रेन में इस तरह हुई मोबाइल छीनने की घटना से यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
लुधियाना के ढंडारी इलाके में लोहे के पुल के पास आज एक व्यक्ति (50) का शव मिला। राहगीरों ने शव पड़ा देखा तो तुरंत थाना साहनेवाल की कंगनवाल पुलिस चौकी को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, मृतक की अभी पहचान नहीं हो पाई है। शव सिर के बल जमीन पर पड़ा मिला और सिर पर चोट के निशान भी हैं। शव के पास एक बटन वाला मोबाइल फोन मिला, जबकि मृतक की जेब से एक डायरी भी बरामद हुई है। डायरी पानी में भीग जाने के कारण उसमें लिखी जानकारी स्पष्ट नहीं हो सकी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस चौकी कंगनवाल के मुंशी जसबीर सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। फिलहाल पुलिस मृतक की पहचान और उसके परिजनों का पता लगाने में जुटी हुई है। लूट की कोशिश के दौरान हत्या का शक प्रारंभिक जांच में पुलिस को आशंका है कि मृतक के साथ लूट की कोशिश की गई हो सकती है। उसके सिर पर वार किए जाने से मौत होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी हत्या या लूट को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला है। मौके से मिले सामान और अन्य परिस्थितियों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस ने घटना की कड़ियां जोड़ने के लिए आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मृतक वहां कब पहुंचा और उसके साथ कौन लोग थे। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है। मृतक की पहचान और परिजनों के पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
सीवान में ऑपरेशन मुस्कान से लौटे 70 स्मार्टफोन:12.5 लाख के गुम-चोरी मोबाइल असली मालिकों को सौंपे
सीवान में पुलिस के ऑपरेशन मुस्कान ने रविवार को 70 लोगों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौटा दी। महीनों पहले गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन जब उनके वास्तविक मालिकों को वापस मिले तो लोगों की खुशी देखते ही बन रही थी। समाहरणालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीवान पुलिस ने बरामद किए गए 70 मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 12.5 लाख रुपये बताई गई है। मोबाइल फोन आज के समय में महज बातचीत का साधन नहीं रह गया है। फोन गुम होने की परिस्थितियों की भी ली जानकारी इसमें लोगों की निजी जानकारियों के साथ-साथ जरूरी दस्तावेज, संपर्क नंबर, तस्वीरें और अन्य महत्वपूर्ण डाटा मौजूद रहता है। ऐसे में मोबाइल के गुम या चोरी हो जाने से लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी का भी सामना करना पड़ता है। लंबे समय बाद वही मोबाइल वापस मिलने पर लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मोबाइल लेने पहुंचे लोगों से पुलिस पदाधिकारियों ने उनके फोन गुम होने की परिस्थितियों की भी जानकारी ली। कुल 70 मोबाइल फोन बरामद किए किसी ने बताया कि बाजार में खरीदारी के दौरान मोबाइल कहीं गिर गया था, तो किसी का फोन यात्रा के दौरान गुम हो गया था। कई लोगों ने मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी, लेकिन पुलिस की कार्रवाई के बाद उनका फोन दोबारा उनके हाथ में पहुंच गया। प्रभारी साइबर डीएसपी निशिकांत भारती ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश पर पूरे बिहार में ऑपरेशन मुस्कान अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत जून माह में सीवान पुलिस ने गुम और चोरी हुए कुल 70 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मोबाइल घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी इन सभी मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों की पहचान और आवश्यक सत्यापन के बाद सौंपा गया। उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए साइबर सेल और पुलिस टीम लगातार तकनीकी माध्यमों से काम कर रही है। पुलिस का प्रयास है कि लोगों के गुम या चोरी हुए अधिक से अधिक मोबाइल बरामद कर उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाया जाए। यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। डीएसपी ने बताया कि जिन मोबाइल स्वामियों को पुलिस की ओर से सूचना दी गई थी, लेकिन वे रविवार को एसपी कार्यालय नहीं पहुंच सके, उनके मोबाइल भी सुरक्षित रखे जाएंगे। पहचान और आवश्यक सत्यापन पूरा करने के बाद संबंधित पुलिस पदाधिकारियों के माध्यम से मोबाइल उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। मोबाइल सौंपे जाने के दौरान लोगों ने पुलिस पदाधिकारियों का आभार जताया। कई लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया हुआ मोबाइल दोबारा मिल पाएगा। पुलिस की इस पहल से आम लोगों के बीच पुलिस के प्रति भरोसा भी बढ़ा है।
मुंबईः ग्रुप डी की परीक्षा में मोबाइल के जरिए नकल करते 4 उम्मीदवार गिरफ्तार
Mumbai , 10 अगस्त . Mumbai की पवई Police ने केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा आईआईटी-बॉम्बे परिसर के केंद्रीय विद्यालय में आयोजित चपरासी भर्ती परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर कथित तौर पर नकल करने वाले 4 उम्मीदवारों को गिरफ्तार किया है. पवई Police ने अभ्यर्थियों के पास मिले मोबाइल को जब्त कर लिया ... Read more
Jio ने अपने करोड़ों मोबाइल यूजर्स के लिए 3-in-1 रिचार्ज पैक पेश किए हैं, जिनमें 365 दिनों तक की वैलिडिटी मिलती है। साथ ही, यूजर्स को 15 OTT ऐप्स, डेटा आदि का भी लाभ मिलता है।
डिलीवरी बॉय का गंदा खेल: 56,910 रुपये के तीन मोबाइल फोन के डिब्बों में भर दिए पत्थर, रिपोर्ट दर्ज
डिलीवरी के लिए 40 पैकेट लेकर निकला डिलीवरी बॉय तीन मोबाइल वाले बॉक्स लेकर लौट आया। कंपनी में बॉक्स खोले गए तो अंदर पत्थर के टुकड़े और कागज भरे मिले। तीनों मोबाइलों की कीमत 56,910 रुपये बताई गई।
खोया मोबाइल मिला तो लगा बिछड़ा हमसफर लौट आया, खुशी से खिले चेहरे: बिलासपुर पुलिस की अनूठी पहल
बिलासपुर पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 'अर्पण' कार्यक्रम के तहत 30 लाख कीमत के 202 गुम मोबाइल उनके मालिकों को लौटाए। साल 2026 में अब तक 1250 फोन रिकवर कर बिलासपुर पुलिस पूरे छत्तीसगढ़ में पहले स्थान पर है। फोन मिलने पर नागरिकों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की।
रामपुर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में रविवार रात बिजली गुल होने के बाद एक चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो में बिजली न होने के कारण मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में एक घायल किशोर के पैर में टांके लगाए जा रहे हैं। इस घटना ने अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना रविवार रात करीब 9:30 बजे की है, जब जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। आरोप है कि बिजली जाने के बाद न तो जनरेटर समय पर चालू हुआ और न ही इमरजेंसी में रोशनी के लिए इनवर्टर की कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध थी। इसी दौरान एक घायल किशोर का इलाज चल रहा था। इमरजेंसी में मौजूद स्टाफ को मजबूरन मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में उस किशोर के पैर में टांके लगाने पड़े। घायल किशोर के तीमारदार ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। रविवार रात करीब 12 बजे से यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा, जिसके बाद लोग जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बिजली और वैकल्पिक प्रकाश व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल की इमरजेंसी में गंभीर मरीजों का इलाज होता है। ऐसी स्थिति में, यदि बिजली जाने पर जनरेटर या इनवर्टर जैसी वैकल्पिक व्यवस्थाएं काम नहीं करती हैं, तो मरीजों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वायरल वीडियो ने अस्पताल प्रशासन की तैयारियों पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। इस मामले पर जब जिला अस्पताल के सीएमएस बीसी सक्सेना से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि बिजली जाने पर जनरेटर समय से क्यों नहीं चला और इमरजेंसी में इनवर्टर या वैकल्पिक प्रकाश की व्यवस्था क्यों नहीं थी, इसकी जांच कराई जाएगी। यह सवाल बना हुआ है कि जिला अस्पताल की इमरजेंसी जैसी महत्वपूर्ण जगह पर बिजली जाने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं थी और मोबाइल की रोशनी में घायल का इलाज करने की नौबत क्यों आई। इन सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएंगे।
बुरहानपुर में आदिवासी दिवस कार्यक्रम से लौटते समय असीरगढ़ के पास हुए एक सड़क हादसे में ग्राम झांझर के तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल बुरहानपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। यह घटना रविवार रात लगभग 9:30 बजे की है। झांझर निवासी अरुण, दीपू और एक अन्य युवक आदिवासी दिवस का कार्यक्रम देखकर वापस लौट रहे थे। असीर के पास उनकी मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई। सूचना मिलते ही हाईवे चौकी मोबाइल टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस जवान हेमराज कैथवास और आरक्षक सचिन जाधव ने बिना देरी किए घायलों को बुरहानपुर जिला अस्पताल पहुंचाया। सभी घायल ग्राम झांझर के रहने वाले हैं, जो निंबोला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया है। उनके बयान दर्ज होने के बाद आगे की जांच की जाएगी। फिलहाल हादसे के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
राजस्थान में किसान को खाद के लिए लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा। कृषि विभाग 15 अगस्त के बाद यूरिया-डीएपी की ऑनलाइन बुकिंग प्रदेश भर में लागू करने जा रहा है। इसके बाद अगले चरण में खाद की होम डिलीवरी की भी तैयारी है। किसान घर बैठे ही एफएफएस एप (फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल) डाउनलोड कर खाद की बुकिंग कर सकेंगे। खाद कहां मिलेगी, उस वितरण केंद्र की जानकारी भी किसानों को एप से मिलेगी। जिन किसानों को एप चलाना नहीं आता, वे ई-मित्र के जरिए भी बुकिंग करा सकेंगे। खास बात ये है कि डीलर-वितरक स्टॉक नहीं होने का बहाना नहीं बना सकेंगे, क्योंकि स्टॉक की पूरी जानकारी विभाग के पास रहेगी। बुकिंग कैसे होगी? किसानों को क्या फायदा मिलेगा? ऐसे ही सवालों के जवाब कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल से बातचीत कर जाने, पढ़िए मंडे स्पेशल स्टोरी में… सवाल: खाद की ऑनलाइन बुकिंग कैसे होगी? जवाब: भारत सरकार का एफएफएस एप है। किसान इस मोबाइल एप को डाउनलोड करने के बाद आसान स्टेप में खाद की बुकिंग कर सकता है। एप में जाकर अपना राज्य, जिला और गांव चुनना होगा। इसके बाद आधार या फार्मर आईडी से अपनी पहचान वेरिफाई करनी होगी। इससे किसान की जमीन का रकबा और अन्य जानकारी सामने आ जाएगी। किसान ने जो फसल बोई है, उसका चयन करना होगा। उस फसल और रकबे से ही तय होगा कि कितने कट्टे खाद की जरूरत है। फिर नजदीकी वितरण केंद्र की लिस्ट दिखेगी, जहां खाद उपलब्ध है, उसका चुनाव करना होगा। अब बुकिंग आईडी के साथ एक क्यूआर कोड जेनरेट होगा। इसी को ई-टोकन कहा जाता है। किसान इस टोकन के साथ एप पर चुने गए सरकारी सहकारी केंद्र या निजी रिटेलर से खाद ले सकेगा। जिन किसानों को एप नहीं चलाना आता वे ई-मित्र पर जाकर भी बुकिंग करा सकेंगे। बस वहां फार्मर आईडी बतानी होगी। सवाल: एप कैसे बताएगा कि खाद कहां से लेनी है? जवाब: एप में किसान को आसपास के सरकारी और निजी खाद विक्रेताओं की लोकेशन और जानकारी मिलेगी। किसान अपनी सुविधा के अनुसार सेंटर चुनकर वहां ई-टोकन दिखाकर खाद ले सकेगा। इसके लिए किसान की फार्मर आईडी का इस्तेमाल होगा। प्रदेश में अब तक करीब 88 लाख किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है। इसमें किसान की जमीन, रकबा, डिजिटल नक्शे और फसल से जुड़ी जानकारी दर्ज है। फार्मर आईडी को जनाधार से भी लिंक कर दिया। हमने किसानों को दो ऑप्शन दिए हैं। अगर किसान सहकारी समितियों के सदस्य हैं तो अपनी समिति से खाद ले सकते हैं। अगर सदस्य नहीं हैं तो प्राइवेट रिटेलर का चुनाव करके वहां से खाद उठा सकते हैं। सवाल: एप पर खाद का रेट भी पता चलेगा? जवाब: हां, किसान जब एप से खाद बुक करेगा तो उसे पूरी जानकारी मिलेगी। बुकिंग के बाद ओटीपी आएगा और खाद लेने पर उसका बिल भी मिलेगा। बिल में कितने कट्टे लिए गए और उनकी कीमत कितनी है, इसकी जानकारी दर्ज होगी। सवाल : डिजिटल टोकन कितने समय तक मान्य रहेगा? जवाब : ऑनलाइन बुकिंग के बाद जारी किया गया टोकन 48 घंटे तक वैध रहेगा। इसके बाद टोकन स्वतः निरस्त हो जाएगा और दोबारा बुकिंग करनी होगी। सवाल: यह व्यवस्था कब से शुरू होगी? जवाब: कृषि विभाग की तैयारी पूरी है। किसानों, खाद डीलरों और अधिकारियों को ट्रेनिंग दी जा रही है। विभाग का लक्ष्य 15 अगस्त के बाद प्रदेशभर में व्यवस्था शुरू करना है। इसके लिए केंद्र सरकार की स्वीकृति का इंतजार है। नई व्यवस्था में कृषि अधिकारियों को डीलर के पास उपलब्ध खाद का स्टॉक भी LIVE दिखाई देगा। इससे स्टॉक होने के बावजूद किसान को खाद देने से इनकार करने की समस्या कम करने की कोशिश है। सवाल: क्या खाद की होम डिलीवरी की भी योजना है? जवाब: कृषि विभाग फिलहाल होम डिलीवरी का मॉडल तैयार कर रहा है। इसके लिए ज्यादा संख्या में वितरण केंद्रों की जरूरत होगी। ऐसे में किसानों के घर तक खाद पहुंचाने की योजना पर काम चल रहा है। हालांकि प्रदेशभर में होम डिलीवरी कब से शुरू होगी, इसकी तारीख अभी तय नहीं है। यूरिया पर केंद्र सरकार बड़ी सब्सिडी देती है। इसी वजह से इसके गैर-कृषि उपयोग और कालाबाजारी की आशंका रहती है। नए सिस्टम से बिक्री और वितरण का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार होगा। सवाल: पोर्टल पर कितने किसानों का डेटा उपलब्ध है? जवाब: करीब 88 लाख किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, जबकि करीब 10 लाख किसानों की आईडी अभी लंबित हैं। आने वाले समय में किसान से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं में फार्मर आईडी को अनिवार्य करने की तैयारी है। इससे किसान को मिली योजनाओं का रिकॉर्ड एक जगह रहेगा और पात्र किसान तक योजना का लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी। सवाल: राजस्थान में खाद की कितनी जरूरत और खपत होती है? जवाब: खाद की मांग बुआई के मौसम और फसल के हिसाब से बदलती रहती है। फिलहाल प्रदेश में करीब 3 लाख मीट्रिक टन यूरिया अतिरिक्त उपलब्ध है। डीएपी की कुछ कमी थी, लेकिन अब इसकी सप्लाई पर्याप्त हो रही है। सवाल: पोर्टल 4 कट्टे की जरूरत बता रहा है और किसान 6 कट्टे चाहता है तो इसका समाधान कैसे होगा? जवाब: अभी खाद की मात्रा की कोई अंतिम सीमा तय नहीं की गई है। विभाग किसान की जमीन, फसल और जरूरत के हिसाब से औसत खपत का आकलन करेगा। मसलन, अगर 5 बीघा जमीन वाले किसान को 100 कट्टे खाद चाहिए तो विभाग यह जानने की कोशिश करेगा कि इतनी मात्रा की जरूरत क्यों है? उद्देश्य यह है कि वास्तविक जरूरत वाले किसान को खाद मिले और अनावश्यक स्टॉक न किया जा सके। सवाल: किसान ऑनलाइन बुकिंग नहीं करना चाहता तो क्या सीधे वितरण केंद्र से लेने का पुराना तरीका लागू रहेगा? जवाब: मेरा अनुभव है कि ऐसी समस्या आएगी ही नहीं कि किसान डिमांड करे कि मुझे टोकन से खाद नहीं लेनी है। नई व्यवस्था सभी पर लागू होगी। आजकल सबके पास मोबाइल है। किसान एप से बुकिंग नहीं कर सकता तो ई-मित्र के माध्यम से भी बुकिंग करा सकेगा। हमारे विभाग ने प्रक्रिया को बेहद आसान बनाया है, इसलिए किसान को लाइन में खड़े होकर खाद लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सहकारी समिति के सदस्य किसान अपनी समिति का विकल्प चुन सकेंगे, जबकि अन्य किसान निजी रिटेलर का चुनाव कर सकेंगे। सवाल: पायलट प्रोजेक्ट कहां शुरू हुआ और उसका क्या परिणाम रहा? जवाब: हमने जून में सिरोही और राजसमंद में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था। दोनों जिलों में अब तक 70 हजार से ज्यादा किसानों को करीब 10 हजार टन यूरिया एप के माध्यम से वितरित कर चुके हैं। पायलट प्रोजेक्ट के परिणाम सकारात्मक रहे हैं। राजस्थान इस तरह की व्यवस्था लागू करने वाला मध्यप्रदेश के बाद देश का दूसरा राज्य बनने जा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार से कृषि विभाग को 175 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि भी मिली है।
Lucknow News: युवक से मोबाइल लूटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
युवक से मोबाइल लूटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
Mohali News: बारिश में फिसली बाइक, मोबाइल झपटकर भाग रहे दो युवक पकड़े गए
Bike skidded in the rain; two youths caught while fleeing after snatching a mobile phone
Sant Kabir Nagar News: 20 प्रतिशत कम कीमत पर मोबाइल देने का झांसा देकर ठगी का आरोप
Accusation of fraud by luring people with the promise of mobile phones at 20% lower prices.
Pilibhit News: पहचान होने के बाद अभिभावकों को दिए जाएंगे मोबाइल फोन
जवाहर नवोदय विद्यालय की अनुशासन समिति ने पिछले दिनों छात्रों के पास से 14 मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। ये मोबाइल फोन पहचान होने के बाद संबंधित छात्रों के अभिभावकों को दिए जाएंगे।
Bijnor News: कांवड़ियों के मोबाइल चुराने वाले पांच आरोपी गिरफ्तार
Five accused of stealing mobile phones of Kanwariyas arrested
Unnao News: मोबाइल चोरी के आरोप में युवक के बांधे हाथ, मुड़वाया सिर और मूंछ
सफीपुर। मोबाइल चोरी की दस दिन पहले हुई घटना में पिता-पुत्र ने आरोपी को पकड़कर तालिबानी सजा देते हुए उसके हाथ बांधे और उसका सिर व मूंछ मुड़वा दी।
दुर्ग के जुनवानी इलाके में वेलनेस स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार संचालित किए जाने का पुलिस ने खुलासा किया है। स्मृतिनगर पुलिस ने सूचना के आधार पर ली वेलनेस स्पा सेंटर में रेड की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने स्पा सेंटर के मैनेजर और महिला दलाल समेत 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। मौके से करीब 4 लाख रुपए कीमत के 19 मोबाइल फोन, ग्राहकों से मिले 1900 रुपए नगद और देह व्यापार से जुड़ी जानकारी वाला सामान जब्त किया गया है। पुलिस के मुताबिक, स्मृतिनगर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जुनवानी स्थित ली वेलनेस स्पा सेंटर में स्पा की आड़ में देह व्यापार चलाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने टीम बनाई और सेंटर पर दबिश दी। पुलिस की कार्रवाई के दौरान मौके पर कई लोग मिले, जिनमें स्पा सेंटर का मैनेजर, महिला दलाल, ग्राहक और अन्य लोग शामिल थे। पैसे लेकर महिलाओं को ग्राहकों के लिए उपलब्ध कराने का आरोप पुलिस जांच में सामने आया कि स्पा सेंटर का मैनेजर तनय सोनी पैसे लेकर महिलाओं को देह व्यापार के लिए ग्राहकों को उपलब्ध कराता था। वहीं, महिला दलाल हेमा सिंह उर्फ प्रीत के जरिए लड़कियों को बुलाया जाता था। पुलिस के अनुसार, ग्राहकों से संपर्क कराने और पूरी गतिविधि को संचालित करने में मैनेजर की भूमिका सामने आई है। 19 मोबाइल और नगदी जब्त रेड के दौरान पुलिस ने मौके से 19 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पुलिस ने इनकी कीमत करीब 4 लाख रुपए बताई है। इसके अलावा ग्राहकों से प्राप्त 1900 रुपए नगद भी मिले। पुलिस ने ग्राहकों और देह व्यापार के लिए आने वाले लोगों की जानकारी से जुड़ी सामग्री, आपत्तिजनक सामग्री और अन्य दस्तावेज भी जब्त किए हैं। 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया पुलिस ने मामले में तनय सोनी (23), हेमा सिंह उर्फ प्रीत (32), रूपेन्द्र जंघेल (39), रितिक सोनी (26), दिनेन्द्र कुमार सोनी (27), हेमंत सिन्हा (28), अविनाश शर्मा उर्फ अभी (32), आनंद कुमार (31) और अरुण पाण्डेय (24) को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी दुर्ग-भिलाई के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले बताए गए हैं। देह व्यापार के लिए ऐसे लाते थे महिलाएं पुलिस के मुताबिक, स्पा सेंटर में आने वाले ग्राहकों से पैसे लिए जाते थे। इसके बाद महिला दलाल के जरिए महिलाओं को बुलाकर ग्राहकों से संपर्क कराया जाता था। स्पा सेंटर का मैनेजर इस पूरी गतिविधि को संचालित करता था। पुलिस ने मौके से मिले मोबाइल और दस्तावेजों के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत कार्रवाई स्मृतिनगर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की धारा 3, 4, 5 और 7 के तहत कार्रवाई की है। पुलिस अब जब्त किए गए मोबाइल फोन, दस्तावेज और अन्य सामग्री की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि स्पा सेंटर में यह गतिविधि कब से चल रही थी और इसमें और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला की 'सेवा एवं समर्पण' पहल के तहत संचालित निःशुल्क मोबाइल अस्पताल वैन रविवार को नरवाना शहर के वार्ड नंबर-19 स्थित रविदासिया मोहल्ला पहुंची। रविदास मंदिर परिसर में आयोजित इस स्वास्थ्य शिविर में लोगों का निःशुल्क मेडिकल चेकअप किया गया और आवश्यकतानुसार मुफ्त दवाइयां वितरित की गईं। शिविर में सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। नरवाना के जयराम अस्पताल की विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. गरिमा (एमबीबीएस) और उनकी टीम ने मरीजों की जांच की। डॉक्टरों ने ब्लड प्रेशर, शुगर और सामान्य बीमारियों सहित विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी जांचें कीं तथा मरीजों को आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराईं। मोबाइल अस्पताल वैन कई गांव में दे चुकीं सेवाएं आयोजकों के अनुसार, 'आदित्य निःशुल्क मोबाइल अस्पताल' वैन इससे पहले नरवाना क्षेत्र के कई गांवों जैसे कलौदा कलां, दनौदा खुर्द, फरैण कलां, फरैण खुर्द, खरड़वाल, खरल, ढाकल, पीपलथा, सिंसर, लौन, सच्चा खेड़ा, रसीदां, भिखेवाला, बेलरखा, गुरथली में अपनी सेवाएं दे चुकी है। इसके अतिरिक्त, नरवाना शहर की चमेला कॉलोनी, वार्ड-15, नई बस्ती, वार्ड-22/23, सैनी मोहल्ला, सुरजाखेड़ा, धर्म सिंह कॉलोनी और वार्ड-3 सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी यह वैन पहुंच चुकी है। आयोजकों का दावा है कि अब तक हजारों लोग इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं। घर के नजदीक ही स्वास्थ्य जांच और दवाइयां मिल रही इस मोबाइल अस्पताल के माध्यम से घर के नजदीक ही स्वास्थ्य जांच और दवाइयां मिलने से बुजुर्गों, महिलाओं और जरूरतमंद लोगों को विशेष राहत मिल रही है। इस सेवा की संचालन व्यवस्था नरवाना क्षेत्र में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बृजेंद्र सिंह सुरजेवाला द्वारा संभाली जा रही है। विधायक आदित्य सुरजेवाला का धन्यवाद करते हुए बलजीत सिंह, सुरजीत सिंह, सतीश कुमार, पतासो देवी, मोहित, संतोष देवी और कुलदीप लांबा ने बताया कि घर के पास ही निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और दवाइयां मिलने से लोगों को काफी सुविधा हो रही है। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जरूरतमंदों के लिए यह सेवा अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। जरूरतमंद लोगों को मिल रही सुविधाएं इस अवसर पर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहे सतबीर दबलैन ने कहा कि मोबाइल अस्पताल वैन को नरवाना हलके के हर गांव और हर वार्ड तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि गरीब और जरूरतमंद लोगों को उनके घर के नजदीक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को समय पर स्वास्थ्य संबंधी सुविधा उपलब्ध करवाना है। इस मौके पर पार्षद आशुतोष शर्मा, निखिल गर्ग, डॉ. शमशेर अमरगढ़, मौजी बेलरखा, मास्टर होशियार सिंह, राकेश रायका, धौला नैन, संजीव धमतान सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भागलपुर में पुलिस ने गेमलिंग के आरोप में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है, मधुसुदनपुर थाना क्षेत्र में घर के अंदर लंबे समय से चल रहे जुए के अड्डे का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जुआ खेल रहे और इसका आयोजन कराने वाले कुल 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 5 लाख 10 हजार रुपये नकद, 13 गड्डी ताश, पांच एटीएम कार्ड और 18 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। रविवार को सिटी एसपी अतुलेश झा ने प्रेसवार्ता कर पूरे मामले की जानकारी पत्रकारों को दी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम का गठनसिटी एसपी ने बताया कि 8 अगस्त को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि हसनपुर थाना क्षेत्र में सुनील यादव के घर पर बड़ी संख्या में लोगों को जुटाकर अवैध रूप से जुआ खिलाया जा रहा है। सूचना के अनुसार यह गतिविधि काफी दिनों से संचालित की जा रही थी। सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। तलाशी के दौरान 5.10 लाख रुपये नकद मिलेविशेष टीम का नेतृत्व एसडीपीओ ने किया। छापेमारी टीम में संबंधित थानाध्यक्ष भी शामिल थे। पुलिस ने सूचना को पुख्ता करने के लिए जिला की डीआईयू टीम की भी मदद ली। सूचना के सत्यापन के बाद थाना पुलिस और डीआईयू की टीम ने संयुक्त रूप से बताए गए स्थान पर छापेमारी की। SP ने बताया कि छापेमारी के दौरान मौके पर जुआ खेल रहे और जुआ का आयोजन करा रहे 19 लोगों को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान 5.10 लाख रुपये नकद, 13 गड्डी ताश, पांच एटीएम कार्ड और 18 मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस ने सभी बरामद सामान को विधिवत जब्त कर लिया है। मामले में सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। सिटी एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला गया है। पुलिस जांच में कई आरोपियों के पूर्व में गंभीर अपराधों में संलिप्त होने और जेल जाने की जानकारी सामने आई है। इसी वजह से पुलिस इस पूरे मामले को संगठित अपराध के रूप में देख रही है और आरोपियों के खिलाफ उसी के अनुरूप कार्रवाई की जा रही है। गश्ती दल के पहुंचते ही भाग जाते थे आरोपीSP ने कहा कि जुए के अड्डे को संचालित करने वाले लोग पुलिस की गतिविधियों पर लगातार नजर रखते थे। स्थानीय लोगों की ओर से भी पुलिस को इस संबंध में इनपुट मिल रहे थे। गश्ती दल ने भी कई बार मौके पर इस तरह की गतिविधि होने की पुष्टि की थी। हालांकि, पुलिस की गाड़ी या गश्ती दल के पहुंचने की भनक लगते ही वहां मौजूद लोग भाग जाते थे या जुए का संचालन इस तरह करते थे कि पुलिस के हटते ही दोबारा गतिविधि शुरू कर देते थे। आगे कहा कि इस बार कार्रवाई को सफल बनाने के लिए जिला की आसूचना इकाई की मदद ली गई। सूचना को पुख्ता करने के बाद विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की, जिसके बाद मौके से 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा सका।
जालंधर शहर में थाना नवी बारादरी की पुलिस ने 2 चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर नंबर 175 दर्ज कर उनके कब्जे से चोरी की स्कूटी, बाइक और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।आरोपियों की पहचान 20 वर्षीय विवेक कुमार निवासी गली नंबर 3, शीतल नगर और 20 वर्षीय दीपक निवासी शीतल नगर के रूप में हुई है।एएसआई दिलबाग सिंह ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी वाहन चोरी के आदी हैं और चोरी की प्लैजर स्कूटी पर सवार होकर बस स्टैंड से कैंट रोड की तरफ जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने कैंट रोड पर तुरंत नाकाबंदी कर दोनों को मौके पर दबोच लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना नवी बारादरी में बीएनएस की धारा 303(2) और 317(2) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें अदालत में पेश किया, जहां से उनका पुलिस रिमांड हासिल किया गया। रिमांड के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर चोरी का सामान बरामद किया गया, जिसमें बिना नंबर की स्पलेंडर बाइक (चेसिस नंबर MBLHA10BWFHL27895), एक प्लैजर स्कूटी (PB08BL6746), एक रेडमी 5जी और एक इंफिनिक्स मोबाइल फोन शामिल है। पुलिस बोली-पूछताछ जारी, और भी केस हो सकते ट्रेसपुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक दोनों आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं। आरोपी विवेक कुमार और दीपक कुमार दोनों के खिलाफ 12 अक्टूबर 2025 को थाना डिवीजन नंबर 1 में बीएनएस की धारा 331(2), 305, 317(2) और 3(5) के तहत मामला (केस नंबर 196) पहले से दर्ज है। पुलिस फिलहाल दोनों से और पूछताछ कर रही है, जिससे चोरी के अन्य मामलों का खुलासा होने की संभावना है।
बिलासपुर पुलिस ने गुम हुए मोबाइल फोन की सर्वाधिक 1250 रिकवरी कर पूरे छत्तीसगढ़ में पहला स्थान प्राप्त किया है। हाल ही में, एसएसपी और पुलिस उप महानिरीक्षक रजनेश सिंह ने 'अर्पण कार्यक्रम' के तहत 30 लाख रुपए से अधिक मूल्य के 202 गुम हुए मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए। मोबाइल पाकर स्वामियों ने पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया। अक्सर मोबाइल गुम होने या चोरी हो जाने पर उपयोगकर्ता निराश हो जाते हैं, और कई लोग पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने से भी हिचकिचाते हैं। हालांकि, पुलिस के इस अभियान से स्पष्ट होता है कि उनकी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई की जाती है। स्वतंत्रता दिवस उत्सव के अवसर पर आयोजित 'चेतना अभियान' कार्यक्रम में साइबर सेल ने आम जनता को साइबर धोखाधड़ी के खतरों के प्रति सचेत किया और भारत सरकार के उपयोगी मोबाइल एप्लीकेशन 'संचार साथी' की जानकारी भी प्रदान की। फोन की शिकायतों को गंभीरता से लिया था एसएसपी ने बिलासपुर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से प्राप्त गुम मोबाइल फोन की शिकायतों को गंभीरता से लिया था। उन्होंने गुम हुए मोबाइल फोन की तलाश कर उनके वास्तविक स्वामियों को वापस करने के निर्देश दिए थे। प्रदेश के कई जिलों में मिले फोन इसके परिणामस्वरूप, एसीसीयू (साइबर सेल) बिलासपुर की टीम ने तकनीकी संसाधनों और लगातार प्रयासों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों सहित सीमावर्ती राज्यों से गुम हुए मोबाइल फोन बरामद करने में सफलता हासिल की। साइबर फ्रॉड और 'संचार साथी' ऐप के बारे में बताया कार्यक्रम के दौरान, साइबर सेल बिलासपुर के प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपथी और उनकी टीम ने वर्तमान समय में प्रचलित विभिन्न प्रकार के साइबर फ्रॉड और उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके अतिरिक्त, भारत सरकार द्वारा विकसित बहुउपयोगी मोबाइल एप्लीकेशन 'संचार साथी' के संबंध में भी नागरिकों को अवगत कराया गया, जिसमें इसके उपयोग और साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला गया। इस कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण एवं एसीसीयू) मधुलिका सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल, नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन परमेश्वर तिलकवार और नगर पुलिस अधीक्षक सरकंडा तिलेश्वर प्रसाद यादव सहित कई पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और मोबाइल धारक उपस्थित रहे।
कोरबा पुलिस ने एक युवती से मारपीट कर मोबाइल लूटने के मामले में 4 महीने बाद आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से लूटा गया रियलमी कंपनी का मोबाइल भी बरामद कर लिया गया है। यह घटना 30 मार्च 2026 की रात करीब 09:30 बजे हुई थी। पीड़िता कुमारी पूनम राय (24), जो बाल विहार स्कूल के पास पम्पहाउस की निवासी हैं। वो अपना काम खत्म कर पैदल घर लौट रही थीं। बुधवारी रेलवे क्रॉसिंग के पास अंधेरे का फायदा उठाकर एक अज्ञात युवक रेलवे लाइन की तरफ से आया। मारपीट कर लूटा फोन आरोपी ने युवती को जबरन रेलवे पटरी की ओर खींच लिया और हाथ-थप्पड़ से मारपीट की। इसके बाद उसने पीड़िता का लगभग 15 हजार रुपए कीमती मोबाइल फोन छीन लिया और अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गया। CCTV से हुई आरोपी की पहचान इस पर सीएसईबी चौकी पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान बुधवारी बाजार जैन मंदिर के पीछे बस्ती निवासी रामा सोरी (29) के रूप में हुई। आरोपी घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था। पुलिस ने घेराबंदी कर किया गिरफ्तार मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर 09 अगस्त 2026 को पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी रामा सोरी को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने युवती से मारपीट कर मोबाइल लूटने की बात स्वीकार की। विवेचना में यह सामने आया कि आरोपी ने पीड़िता से मोबाइल लूटने के लिए आपराधिक बल का प्रयोग किया था। इसलिए प्रारंभिक धाराओं को हटाकर भारतीय न्याय संहिता की धारा 309(6) बीएनएस जोड़ी गई है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी सिविल लाइन रामपुर, उप पुलिस अधीक्षक आस्था शर्मा, चौकी प्रभारी सीएसईबी राजेश तिवारी, प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्रमोद पटेल सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
हरियाणा में 50 लाख से अधिक महिलाओं के खाते में आएंगे 1500 करोड़, इतने बजे मोबाइल पर आएगा मैसेज
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सोमवार को हरियाणा में 50 लाख से अधिक लाभार्थियों के बैंक खातों में 1500 करोड़ रुपये से अधिक की कल्याणकारी योजनाओं की राशि सीधे हस्तांतरित करेंगे।
लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर फोन पर बात कर रहे युवक से बाइक सवार लूटेरों ने मोबाइल छीन लिया। राहगीरों ने बदमाशों का पीछा किया, लेकिन स्टेशन के बाहर भीड़ का फायदा उठाकर आरोपी भाग निकले। हुसैनगंज पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर रविवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से लूटा गया मोबाइल और घटना में इस्तेमाल बाइक बरामद हुई है। हरदोई के संडीला स्थित आशरफा टोला निवासी सोनू राठौर शनिवार को अपने काम से चारबाग स्टेशन आए थे। स्टेशन के पास वह मोबाइल पर बात कर रहे थे। इस दौरान पीछे से आए बाइक सवार दो युवक झपट्टा मारकर उनका मोबाइल छीन लिया। सोनू के शोर मचाने पर आसपास के लोगों ने बदमाशों का पीछा किया, लेकिन दोनों स्टेशन के बाहर भीड़ में गायब हो गए। सूचना पर पहुंची हुसैनगंज पुलिस ने सोनू की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट का मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें एक बाइक पर सवार दो युवक तेज रफ्तार में भागते दिखाई दिए। फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। रविवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बाल विद्या मंदिर, चारबाग के पास घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों की पहचान करेहटा, ऐशबाग, राजेंद्रनगर निवासी रितिक लोधी और श्रम विहार, मानकनगर, आलमबाग निवासी प्रेम शर्मा के रूप में हुई। दोनों ने मोबाइल लूट की वारदात कबूल की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोनू का लूटा गया मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद की। दोनों आरोपियों को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
भरूच से चलती ट्रेन में मोबाइल छीनने की कोशिश में युवक की मौत
भरूच से पनौली रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेन में एक युवक की मोबाइल छीनने की कोशिश के दौरान गंभीर हादसा हुआ. दरवाजे के पास सफर कर रहे युवक से मोबाइल को छीनने के दौरान उसका संतुलन खराब हो गया और वह ट्रेन से नीचे गिर गया. गंभीर रूप से घायल युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया.
ग्रोसरी डिलीवरी ऐप्स ने बदली जिंदगी, 10 सेकंड डिलीवरी ट्रिक का वीडियो हुआ वायरल
ग्रोसरी डिलीवरी ऐप्स ने बदली जिंदगी, 10 सेकंड डिलीवरी ट्रिक का वीडियो हुआ वायरल
डॉक्टर का नंबर गूगल पर सर्च करना पड़ा भारी, लिंक भेजकर मोबाइल किया मिरर, खातों से उड़ाए 82 हजार
जबलपुर में डॉक्टर का नंबर इंटरनेट पर खोजना दो लोगों को महंगा पड़ा। साइबर ठगों ने फर्जी डॉक्टर बनकर लिंक भेजे और मोबाइल मिररिंग कर 82,594 रुपये ठग लिए।
फतेहपुर: पुलिस पर बेवजह फंसाने का आरोप लगाकर मोबाइल टॉवर पर चढ़ा युवक
फतेहपुर: पुलिस पर बेवजह फंसाने का आरोप लगाकर मोबाइल टॉवर पर चढ़ा युवक
मंडी के धर्मपुर में 11 वर्षीय बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। प्रारंभिक पूछताछ में मोबाइल को लेकर डांट की बात सामने आई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
फतेहपुर जिले में पुलिस पर बेवजह फंसाने का आरोप लगाकर एक युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। पुलिस उसे उतारने की कोशिश में जुटी है। असोथर थाना क्षेत्र के किलापर निवासी लखन पासवान रविवार सुबह करीब आठ बजे मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया।
गुजरात सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए डिजिटल सुविधा की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने दिव्यांगों को जारी किए जाने वाले ‘दिव्यांग बस पास’ को डिजिलॉकर से जोड़ दिया है। अब लाभार्थियों को बस में सफर के दौरान बस पास की हार्ड कॉपी साथ रखने की ...
प्रेमिका से 'हां' कहलवाने की जिद में मोबाइल टावर पर चढ़ गया युवक
महाराष्ट्र के सांगली में प्यार का इजहार करने का एक ऐसा तरीका सामने आया, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया. कुपवाड़ में एक युवक अपनी प्रेमिका से शादी के लिए 'हां' कहलवाने की जिद करते हुए मोबाइल टावर पर चढ़ गया. उसका कहना था कि जब तक गर्लफ्रेंड उसका प्रपोजल एक्सेप्ट नहीं करेगी, वह नीचे नहीं उतरेगा.
सार्वजनिक शौचालय के पास बने कमरे से 3 मोबाइल और 6-7 हजार रुपए चोरी
भास्कर न्यूज | पानीपत बिचपड़ी स्थित सार्वजनिक शौचालय के साथ बने कमरे से चोर रात में अलमारी का ताला खोलकर तीन मोबाइल फोन और करीब 6 से 7 हजार रुपए चुरा लिया। महिला की शिकायत पर थाना सेक्टर 13-17 पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ चोरी का केस दर्ज किया है। पीड़िता रंजना ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपनी बेटी के साथ पिछले कुछ महीनों से सार्वजनिक शौचालय के साथ बने कमरे में रह रही है। 3 अगस्त की रात करीब 11:45 बजे जब उसकी आंख खुली तो कमरे में एक अनजान युवक अलमारी खोलकर सामान खंगाल रहा था। महिला के शोर मचाने पर आरोपी उसकी पकड़ से छूटकर भाग निकला। बाहर सड़क पर उसका एक साथी बाइक लेकर खड़ा था, जिस पर बैठकर दोनों फरार हो गए। चोर अलमारी में रखे दो चालू मोबाइल, एक खराब मोबाइल और पर्स में रखे 6-7 हजार रुपए ले गए। आरोपी ऊपर के लॉकर से सामान बैग में भरने की कोशिश कर रहा था। सेंटर लोकर मे गलत चाबी लगने के कारण नहीं खुला। शक के आधार पर दिए नाम, निकले गलत महिला ने शुरुआत में दो व्यक्तियों पर शक जताया था। हालांकि, जांच अधिकारी एएसआई सरोज द्वारा मौके पर की गई जांच में पता चला कि नामजद किए गए व्यक्ति का चोरी में हाथ नहीं था। महिला नगर निगम की तरफ से बनाए कमरे में रह रही है,जबकि वे दोनों व्यक्ति कमरा खाली करने के लिए कह रहे थे, इसी लिए शक के आधार पर उनका नाम लिखवाया था, जांच में वे चोर नहीं मिले। जांच के अनुसार कमरे में अज्ञात चोर ने घुसकर वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने केस दर्ज लिया है और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है।
बच्चों से मोबाइल में रिमोट एक्सेस हुआ एक्टिव, क्रेडिट कार्ड से कट गए 40 हजार
भास्कर संवाददाता| सीहोर मोबाइल चलाते समय बच्चों से हुई गलती अस्पतालकर्मी को भारी पड़ गई। मोबाइल में रिमोट एक्सेस से जुड़ी प्रक्रिया सक्रिय होने के बाद साइबर ठगों ने उसके क्रेडिट कार्ड से 40 हजार 153 रुपए निकाल लिए। घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क सक्रिय हुई और तकनीकी स्तर पर कार्रवाई शुरू की। समय पर शिकायत दर्ज होने और तत्काल कार्रवाई के चलते पुलिस ने ठगी की पूरी राशि वापस कराने में सफलता हासिल की। जिला अस्पताल में पदस्थ अनार सिंह 4 अगस्त को मोबाइल का उपयोग कर रहे थे। इसी दौरान बच्चों से अनजाने में मोबाइल में ऑटो कंट्रोल अथवा रिमोट एक्सेस से संबंधित एप्लीकेशन की प्रक्रिया सक्रिय हो गई। इसके बाद उनके क्रेडिट कार्ड से 40 हजार 153 रुपए का ट्रांजेक्शन हो गया। राशि कटने की जानकारी मिलने पर उन्होंने तत्काल कोतवाली पहुंचकर पुलिस को शिकायत की। सीएसपी अभिनंदना शर्मा ने बताया कि शिकायत मिलते ही कोतवाली की साइबर हेल्प डेस्क ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की। साइबर फ्रॉड की शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस टीम ने ट्रांजेक्शन की तकनीकी जानकारी जुटाकर रकम को ट्रेस करने की प्रक्रिया शुरू की। एमेजोन-पे से हुआ था भुगतान, पुलिस ने कैंसिल कराया : जांच के दौरान सामने आया कि ठगी की रकम से संबंधित भुगतान एमेजोन पे के माध्यम से किया गया था। पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण के बाद संबंधित स्तर पर तत्काल समन्वय किया। समय रहते कार्रवाई होने के कारण भुगतान को कैंसिल कराने में सफलता मिली और रकम आगे ट्रांसफर होने से बच गई। पुलिस के अनुसार साइबर ठगी के मामलों में शिकायत करने में देरी होने पर रकम को वापस कराना मुश्किल हो सकता है, इसलिए घटना के तत्काल बाद शिकायत करना जरूरी है।
आईआईटी बीएचयू की शोध छात्रा आंचल अग्रहरी का मोबाइल हैक कर जालसाजों ने 46118 रुपये निकाल लिए। एसबीआई क्रेडिट कार्ड प्रतिनिधि बनकर लिंक भेजा और क्लिक करते ही बैंक खाते से रुपये निकल गए।
Lucknow News: मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल घटा रहा सुनने की क्षमता
मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल घटा रहा सुनने की क्षमता
Lucknow News: मोबाइल हैक कर खाते से निकाले 2.87 लाख
मोबाइल हैक कर खाते से निकाले 2.87 लाख
Kushinagar News: सीसीटीवी और मोबाइल की टाइमलाइन ने खोली हत्या की गुत्थी
आदर्श हत्याकांड के पर्दाफाश में पुलिस ने जल्दबाजी के बजाय साक्ष्यों को आधार बनाया।
Jhansi News: मोबाइल टावर न होने से हो रही नेटवर्क की समस्या
खिलारा/ भंडरा। ग्राम खिलारा, पुरवा, बरुआमाफ, नयागांव, भानपुरा, कुंअरपुरा में किसी भी मोबाइल कंपनी का टावर न होने से ग्रामीणों को फोन पर बात करने के लिए घरों की छतों व खुले मैदानों में जाना पड़ता है।
Jammu News: मोबाइल फोरेंसिक रिपोर्ट के इंतजार में एनसीबी को आगे की जांच की अनुमति
मोबाइल फोरेंसिक रिपोर्ट के इंतजार में एनसीबी को आगे की जांच की अनुमति
Mau News: शादी की जिद में 300 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक
Youth climbs 300-foot-high mobile tower, insisting on marriage.
Budaun News: मोर्चरी के पास डॉक्टर से 25 हजार व मोबाइल लूटा
मोर्चरी के पास डॉक्टर से 25 हजार व मोबाइल लूटा
Sant Kabir Nagar News: शिक्षकों को मोबाइल एप के उपयोग की दी गई जानकारी
Teachers were provided with information on the use of the mobile app.
Ghazipur News: मोबाइल व्यवसायी पर फायरिंग के आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर
Accused in shooting of mobile businessman remain at large
तमिलनाडु के सभी प्रमुख मंदिरों में 1 सितंबर से मोबाइल फोन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
कटिहार में अपहरण मामले का खुलासा:तीन आरोपी गिरफ्तार, जिंदा कारतूस और मोबाइल बरामद
कटिहार नगर थाना क्षेत्र में अपहरण के एक मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से तीन जिंदा कारतूस, एक खोखा और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। जानकारी के अनुसार, 7 अगस्त को कुलीपाड़ा रहमत कॉलोनी निवासी राहुल कुमार राय ने नगर थाना में अपने पुत्र के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार के निर्देश पर सदर-1 एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम (SIT) का गठन किया गया। गठित टीम ने वैज्ञानिक अनुसंधान और मानवीय सूचना के आधार पर अमला टोला में छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने मामले में संलिप्त होने के आरोप में अमला टोला निवासी हेमंत कुमार दौलानी (52), विनोदपुर निवासी रौशना कुमार (55) और सेमापुर निवासी विकास कुमार (22) को गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने बताया कि तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से तीन जिंदा कारतूस, एक खोखा और एक एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। इस संबंध में नगर थाना कांड संख्या 904/26 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मंडला में ट्रैफिक नियमों का पालन कराने और चालकों को जागरूक करने के मकसद से शनिवार शाम मुख्य चौराहों पर चलित न्यायालय (मोबाइल कोर्ट) लगाया गया। इस दौरान नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों का चालान काटकर करीब 70 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। मोबाइल कोर्ट ने शहर के नेहरू स्मारक चौक, आंगन तिराहा (महाराजपुर) और कटरा बायपास पर चेकिंग अभियान चलाया। जांच के दौरान बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, गाड़ियों पर काली फिल्म और हूटर का इस्तेमाल करने वाले वाहनों को रोका गया और मौके पर ही चालान बनाए गए। मौके पर मौजूद रहे जज और पुलिस टीम नेहरू स्मारक चौक पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद जफर और न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद सैफी न्यायिक कर्मचारियों के साथ मौजूद रहे। आंगन तिराहा पर न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. अल्तमश रहमान और न्यायिक मजिस्ट्रेट वत्सला प्रजापति ने पुलिस बल और न्यायिक कर्मचारियों के साथ गाड़ियों की जांच की। वाहन चालकों को दी गई सख्त हिदायत कार्रवाई के दौरान दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई। अफसरों ने साफ किया कि बिना हेलमेट, ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट, फिटनेस, रजिस्ट्रेशन, बीमा और नंबर प्लेट के वाहन न चलाएं। चारपहिया चालकों को सीट बेल्ट लगाने की सलाह दी गई। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि आगे भी नियम तोड़ने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मोबाइल कोर्ट का मुख्य मकसद केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाना है।
अनूपपुर पुलिस ने एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी के फील्ड अफसर को फर्जी लूट की झूठी कहानी गढ़ने और कंपनी के 1.20 लाख रुपए हड़पने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी को जेल भेज दिया है। चचाई थाना प्रभारी फूलवती ने बताया कि 7 अगस्त को अमित नामदेव (निवासी स्लीमनाबाद, कटनी, हाल निवासी पुरानी बस्ती अनूपपुर) ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 'स्वतंत्र माइक्रो फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड' कंपनी के फील्ड एजेंट कुलदीप शर्मा ने कलेक्शन के 1,20,467 रुपए का गबन कर लिया है। कुलदीप कंपनी में फील्ड ऑफिसर के पद पर काम करता है। ऑफिस नहीं पहुंचा और बनाई लूट की फर्जी कहानी शिकायत के मुताबिक, कुलदीप ने 6 अगस्त को देवरी, खुटवा, चचाई और सकोला से पैसे वसूले थे। उसे रात 8 बजे तक अनूपपुर दफ्तर में रुपए जमा करने थे, लेकिन वह न तो ऑफिस पहुंचा और न ही उसका फोन लगा। जब कंपनी ने उस पर दबाव बनाया, तो उसने अपने साथ लूट होने की झूठी सूचना पुलिस को दे दी। पूछताछ में खुला राज, रुपए और मोबाइल मिला पुलिस की सख्ती से पूछताछ में आरोपी कुलदीप शर्मा (24 वर्ष, पिता कन्हैया लाल, निवासी उचेहरा, गोहपारू, शहडोल) का झूठ पकड़ा गया। उसने कबूल किया कि उसे निजी काम के लिए पैसों की जरूरत थी, इसलिए उसने वसूली की रकम अपने पास रख ली और अपना मोबाइल जंगल में छिपा दिया था। पुलिस को आरोपी के पास से 1,18,400 रुपए नकद और एक मोबाइल फोन मिला है। आरोपी के खिलाफ बीएनएस (BNS) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
टोंक की दत्तवास थाना पुलिस ने अवैध जुआ-सट्टे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जंगल में जुआ खेल रहे 4 युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 34 हजार 520 रुपए की जुआ राशि, 52 ताश के पत्ते और एक ताश की गड्डी जब्त की है। इसके अलावा एक वरना कार, एक टीवीएस बाइक और 5 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। कार्रवाई गोरधनपुरा गांव के जंगल में दबिश देकर की गई। दत्तवास थाना प्रभारी निरमा मीना ने बताया - मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग जंगल में जुआ खेल रहे हैं। सूचना के बाद पुलिस ने योजना बनाकर टीम को मौके के लिए रवाना किया। जंगल में घेराबंदी कर पुलिस ने चारों युवकों को जुआ खेलते हुए पकड़ लिया। पुलिस ने देवनारायण जाट (32) निवासी दहलोद, थाना दत्तवास, गुड्डू सैन (24) निवासी दहलोद, थाना दत्तवास, जिला टोंक, मनराज गुर्जर (26) निवासी सैदरिया, थाना निवाई सदर और चौथमल नाई (25) निवासी सैदरिया, थाना निवाई सदर, जिला टोंक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद जुआ खेलने वालों में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि कई जुआरी पुलिस की कार्रवाई के डर से भूमिगत हो गए हैं।
ग्वालियर में जुड़वा बहनों ने दिखाई साहस, मोबाइल स्नैचर का पीछा कर दबोचा, पुलिस ने किया सम्मानित
ग्वालियर, 8 अगस्त . Madhya Pradesh के ग्वालियर में दो जुड़वा बहनों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए मोबाइल छीनकर भाग रहे एक युवक को पकड़ लिया. दोनों बहनों ने न केवल आरोपी का पीछा किया, बल्कि उसे दबोचकर अपना मोबाइल वापस हासिल किया और बाद में Police के हवाले कर दिया. इस ... Read more
रोड़ घटिया बनाई या जो बनी हैं, उसे सुधार लेना वरना सीधे जेल भेजूंगा। मैं खुद जाकर चेक करूंगा। कोई गड़बड़ी की तो समझ लेना। ये कहना है कि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे का हैं, शनिवार को खंडवा में दौरे पर आए थे। उन्होंने निर्माण कार्यों का जायजा लिया और जिले के सभी नगरीय निकाय के अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें निर्देश दिए। आयुक्त भोंडवे ने खंडवा नगर निगम के कई कामों को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने एक शिकायत मिलने पर बैठक में कहा कि, रोड़ निर्माण में गुणवत्तापूर्ण काम होना चाहिए। खासकर कायाकल्प के कामों में, टेस्टिंग के बाद ही भुगतान होना चाहिए। आयुक्त ने घटिया रोड़ बनाने पर अधिकारियों को सीधे जेल भेजने की बात कहीं। इसके अलावा उन्होंने लीगेसी वेस्ट साइट (ट्रेचिंग ग्राउंड) पर करीब 200 टन कचरा प्रति घंटे फिल्टर व प्रोसेस करने वाली एडवांस मशीनें मंगाने के को कहा। संबंधित फर्म को ब्लैक लिस्ट किए जाने के कारणों का उल्लेख करते हुए कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने और अनुबंधीय प्रावधानों के अनुसार 10 प्रतिशत लिक्विडिटी नुकसान अधिरोपित करने के निर्देश निगम आयुक्त प्रियंका राजावत को दिए हैं। नई बिल्डिंग में रूफटॉप जिम बनाएंआयुक्त ने नई नगर निगम बिल्डिंग में वर्टिकल वॉल और गार्डन, कमरों के थीम बेस्ड नाम और छत पर रूफटॉप ओपन जिम विकसित करने के निर्देश दिए हैं। ताकि कार्य के साथ स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जा सके। स्वीमिंग पूल पर अचीवमेंट बोर्ड, डिजिटल टीवी और जिम कॉर्नर विकसित करने के निर्देश दिए। ईवी चार्जिंग स्टेशन और कुत्तों को लेकर निर्देशआयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि, पुराने बस स्टैंड पर ईवी चार्जिंग स्टेशन बनाया जाए। साथ ही डॉग शेल्टर होम पर जिलेभर के कुत्तों को रखने की व्यवस्था की जाए। बैठक में प्रभारी कलेक्टर डॉ. नागार्जुन गौड़ा, अपर कलेक्टर सृष्टि देशमुख गौड़ा, सहायक कलेक्टर शिल्पा चौहान आदि मौजूद थे।
उन्नाव में तहसील बांगरमऊ में EWS प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर एक युवक ने तहसील कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में रुपये मांगने, मारपीट करने और मोबाइल तोड़ने का आरोप लगाया है। ग्राम गोल्हुवा पुर निवासी शहंशाह खान पुत्र इस्माइल खान ने शिकायत में बताया कि उन्होंने 11 जून 2026 को तहसील बांगरमऊ में EWS प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किया था। आवेदन के साथ सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए गए थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, जब वह प्रमाण पत्र लेने तहसील पहुंचे तो कर्मचारी राम जी ने दस्तावेज खो जाने की बात कहते हुए उन्हें दोबारा कागजात जमा करने को कहा। शहंशाह खान ने कर्मचारी के कहने पर दोबारा सभी दस्तावेज जमा कर दिए। इसके बाद लेखपाल की आख्या भी सत्यापित हो गई, लेकिन इसके बावजूद उनका EWS प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया। पीड़ित का आरोप है कि प्रमाण पत्र लेने के लिए वह कई बार तहसील पहुंचे, जहां उन्हें घंटों इंतजार कराया गया। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग शहंशाह खान ने आरोप लगाया कि प्रमाण पत्र जारी करने के लिए कर्मचारी रामजी और उनके एक साथी द्वारा उनसे रुपये की मांग की गई। रुपये देने से इनकार करने पर कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि कर्मचारी ने प्रमाण पत्र फाड़ देने की धमकी दी। शिकायतकर्ता के अनुसार, जब उन्होंने कथित घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया तो कर्मचारी और उनके साथी ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया और तोड़ दिया। पीड़ित का दावा है कि घटना से संबंधित वीडियो उनके पास मौजूद है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत पीड़ित ने 8 अगस्त यानी शनिवार को को मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत राजस्व एवं आपदा विभाग से संबंधित है और प्रमाण पत्र (हैसियत/EWS आदि) श्रेणी में दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और उसका EWS प्रमाण पत्र जारी कराने की मांग की है। एसडीएम बोले- जांच कराई जाएगी एसडीएम बांगरमऊ ब्रजेश शुक्ला ने बताया कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है। शिकायत की जानकारी होने पर पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मोहाली में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब 105 नए हाईटेक कैमरों से 24 घंटे कड़ी निगरानी रखी जाएगी, जिससे ई-चालान स्वतः जारी होंगे। ये कैमरे उन पांच जंक्शनों पर लगाए जा रहे हैं जहां सबसे अधिक उल्लंघन होते हैं, जिससे सड़क सुरक्षा में सुधार होगा।
मुजफ्फरपुर पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। अहियापुर थाना क्षेत्र से हुई इस गिरफ्तारी में आरोपी के पास से 66 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। एसडीपीओ 2 विनीता सिन्हा ने इस मामले का खुलासा किया। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अहियापुर थाना क्षेत्र में उर्मिला नर्सिंग होम के पीछे एक व्यक्ति एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के खातों से अवैध रूप से पैसे निकाल रहा है। इस सूचना के आधार पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अहियापुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस टीम ने चिन्हित स्थान पर छापेमारी कर आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपों की पहचान सन्नी बाबा उर्फ रिशु के रूप में हुई है। वो मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र के सो-बुढनपुरा (कृष्णा कुमार ठाकुर के मकान के पीछे) का निवासी है। आरोपी की तलाशी के दौरान उसके पास से 66 विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। पुलिस ने उसके घर की भी तलाशी ली, जहां से धोखाधड़ी में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण मिले। आरोपी के पास से अलग-अलग बैंक के 66 एटीएम कार्ड किए बरामद पुलिस ने आरोपी के पास से विभिन्न बैंकों के कुल 66 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। इनमें एसबीआई (SBI), एचडीएफसी (HDFC) और आईडीबीआई (IDBI) जैसी प्रमुख बैंकों के एटीएम कार्ड शामिल हैं। इसके साथ ही अपराध में प्रयुक्त एक एंड्रॉइड मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह एटीएम बूथों के आसपास घात लगाकर बैठता था और पैसे निकालने आने वाले सीधे-साधे लोगों की मदद करने के बहाने उनका एटीएम पिन देख लेता था। फिर चालाकी से उनका कार्ड बदलकर दूसरे फर्जी एटीएम कार्ड से पैसे गायब कर देता था। आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास एसडीपीओ नगर टू विनीता सिन्हा ने बताया कि गिरफ्तार शम्भू नाथ उर्फ रिंकू का पूर्व का आपराधिक इतिहास रहा है। यह शातिर अपराधी पूर्व में औराई थाना क्षेत्र से एटीएम से धोखाधड़ी करने के मामले में जेल जा चुका है। इसके अतिरिक्त, आरोपी शराब तस्करी के मामले में भी अहियापुर थाना क्षेत्र से पहले जेल की हवा खा चुका है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ अहियापुर और औराई थाना समेत जिले के विभिन्न थानों में दो दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी ने 4 से 5 सदस्यों के नाम का किया खुलासा, तलाश जारी इस मामले को लेकर अहियापुर थाना में कांड संख्या-1277/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पूछताछ में आरोपी ने अपने गिरोह के 4 से 5 अन्य सदस्यों के नामों का भी खुलासा किया है। पुलिस उन फरार सह-अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
दिल्ली में युवती का मोबाइल फोन छीनकर भागे तीन युवक गिरफ्तार
New Delhi, 8 जुलाई . दिल्ली के सोनिया विहार Police ने युवती का मोबाइल फोन छीनकर भागे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों की पहचान रेहान (22), मोहम्मद कैफ (22) और फहाद ( 22) के रूप में हुई है. Police ने इन आरोपियों के पास से अपराध में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की है. ... Read more
पूर्णिया में स्मैक के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, कार और मोबाइल जब्त
8 शनिवार, अगस्त: पूर्णिया में पुलिस ने स्मैक के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान एक कार और मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है।
'खत्म हो जाएगा मोबाइल पेमेंट...' UPI चार्ज पर बोले अशनीर ग्रोवर
अशनीर ग्रोवर ने कहा कि सरकार को एक बार फिर यूपीआई पर एमडीआर को लेकर विचार करना चाहिए, क्योंकि इससे सही तरीके से चलने वाला मोबाइल पेमेंट खत्म हो सकता है.
हवा से बनेगा शुद्ध पानी!: नोएडा की कंपनी ने लॉन्च की मशीन, मोबाइल चार्जर जितनी बिजली खपत का दावा
एक निजी कंपनी की ओर से पेयजल संकट से राहत दिलाने के लिए हवा से पानी बनाने वाली एटमॉस्फेरिक वाटर जनरेटर (एडब्ल्यूजी) को तैयार किया हैं।
Gwalior Mobile Snatcher: ग्वालियर में कोचिंग से लौट रही दो छात्राओं ने मोबाइल झपटमार को दौड़ाकर पकड़ लिया।
जबलपुर के करौंदा बायपास पर मोबाइल ई-कोर्ट की कार्रवाई, दो वाहन जब्त; गंदगी करने पर काटे चालान
नगर निगम द्वारा यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने एवं सार्वजनिक मार्गों को अव्यवस्थित होने से रोकने हेतु ऐसी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
अपने मोबाइल से कैसे निकालें जमीन के पेपर, ये तरीका याद रख लें
उत्तर प्रदेश में जमीन का रिकॉर्ड देखने के लिए अब हर बार तहसील जाने की जरूरत नहीं है. मोबाइल से ही यूपी भूलेख की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर खसरा-खतौनी की जानकारी देखी जा सकती है. इसके लिए जिला, तहसील और गांव का नाम चुनना होता है.
घर में रसोई गैस से होने वाले हादसों को रोकने के लिए जोधपुर के दो युवाओं ने एक डिवाइस बनाई है। यह डिवाइस गैस लीकेज होने पर अलार्म बजाएगा। साथ ही उपभोक्ता के मोबाइल पर अलर्ट भी भेजेगा। इसके बाद भी यदि यूजर उसे बंद नहीं करेगा तो यह खुद ही गैस सप्लाई रोक देगा। इस डिवाइस को स्टार्टअप 'पवन पुत्र सॉल्यूशंस' के वैभव बोहरा और भरत सोनी ने बनाया है। फाउंडर वैभव बोहरा ने बताया- मेरी दादी ने एक बार घर में गैस खुली छोड़ दी। इससे मुझे इस डिवाइस का आइडिया आया। जानें कैसे काम करेगा यह डिवाइस जानें ऐसे काम करता है डिवाइस दरअसल, यह डिवाइस एक सेंसर की तरह काम करता है। इसे किचन में सिलेंडर के पास लगाया जाता है। इसका दूसरा पार्ट गैस पाइप में लगा होता है। यह लगातार गैस की मात्रा को नापता है और मॉनिटर करता है। गैस खुली रह जाने पर यह उसकी रिलीज होने की मात्रा और समय को देखकर अलर्ट करेगा। डिवाइस यूजर के मोबाइल से भी कनेक्ट रहता है। ज्यों ही गैस तय समय से ज्यादा निकल रही है और चूल्हा नहीं जला तो यह अलार्म बजाएगा। इसके साथ ही यूजर के मोबाइल पर अलर्ट मैसेज भेजगा। मैसेज में यह भी बताएगा कि गैस तय मात्रा से कितनी ज्यादा रिलीज हो रही है। यदि यूजर का मोबाइल साइलेंट मोड पर है तो भी यह अलर्ट मैसेज आएगा। इसके बाद यदि यूजर गैस बंद कर देता है तो अलार्म बंद हो जाएगा। मोबाइल पर भी किचन में कम हुई गैस की मात्रा दिखाई देगी। यदि किसी कारण यूजर गैस बंद नहीं कर पाता है तो 25 सेकंड बाद अपने आप यह गैस की सप्लाई को रोक देगा। इसके बाद यूजर उसे फिर से चालू कर सकता है। ऐसे आया आइडिया वैभव बोहरा ने बताया- मेरी दादी एक दिन किचन में काम करने के बाद गैस सिलेंडर बंद करना भूल गईं। जब मैं अपने ऊपर के कमरे से नीचे आया तो देखा कि गैस की स्मैल आ रही है तो मैंने गैस सिलेंडर बंद कर दिया। ऐसा कई बार हुआ कि चूल्हा कभी हवा से तो कभी चाय गिरने से बंद हो जाता था और गैस निकलती रहती थी। इससे मुझे आइडिया आया कि ऐसा कोई डिवाइस बनाया जाए जो इस चीज को डिडेक्ट करे और बड़ा हादसा होने से पहले रोक दे। मैंने अपने साथी भरत सोनी और कई अन्य लोगों से बात की तो यह समस्या सभी के सामने आई। ऐसे में यह डिवाइस बनाने का आइडिया आया। 2019 से 2024 तक देश में हुई 12 हजार लोगों की मौत भरत सोनी ने बताया- जब वैभव ने मुझे इसके बारे में जानकारी दी तो मैंने बताया कि मेरे घर में भी अक्सर गैस चालू रह जाती है। इसको लेकर मैंने जानकारी जुटाई तो पता चला कि देश में साल 2019 से 2024 तक गैस की वजह से होने वाले हादसों से 12 हजार लोगों की मौत हुई है। ऐसे हादसे रोकने के लिए मैंने वैभव के साथ मिलकर यह डिवाइस डवलप किया। यह खबर भी पढ़ें... सिलेंडर में लीकेज से आग लगी, मां-2 बेटियां जिंदा जली:चाय बनाने के लिए गैस चालू करते ही भड़की आग, बाहर निकलने का मौका नहीं मिला ब्यावर जिले के रायपुर मारवाड़ उपखंड क्षेत्र में रविवार को सिलेंडर में लीकेज से आग लग गई। हादसे में मां और 2 बेटियों की जिंदा जलने से मौत हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि उसने पूरी रसोई को चपेट में ले लिया। महिला और दोनों बच्चियों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया। (पूरी खबर पढ़ें)
वाराणसी में IIT-BHU की PhD स्कॉलर आंचल अग्रहरि साइबर ठगी का शिकार हो गईं। जालसाज ने खुद को SBI क्रेडिट कार्ड का प्रतिनिधि बताया और ऑटो-डेबिट बंद कराने के नाम पर व्हाट्सऐप से एक ऐप डाउनलोड कराया। ऐप इंस्टॉल करते ही मोबाइल की स्क्रीन और कामकाज कुछ देर के लिए ठप हो गया। इसके बाद स्कॉलर के खाते से ₹46,118 निकल गए। रकम ZEPTOMARKETPLACE प्राइवेट लिमिटेड के खाते में ट्रांसफर हुई। आंचल की तहरीर पर लंका पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। SBI कर्मी बनकर किया फोन आंचल ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया - 28 जून 2026 को शाम में साढ़े 4 बजे मोबाइल नंबर 9905328956 से मुझे फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को SBI क्रेडिट कार्ड का प्रतिनिधि बताया था। उसने कहा की आप के क्रेडिट कार्ड एक ऐसी योजना चालू हो गयी है। जिसकी वजह से आप के अकॉउन्ट से हर महीने 2,200 रुपए ऑटो डेबिट हो जाएंगे। ऐसे में व्हाट्सप्प पर आपको एक एप भेजा गया है। उसे इंस्टाल कर लें जिसकी मदद से हम यह योजना डीएक्टिव कर देंगे। एप्लिकेशन ने कर लिया मोबाइल हैक आंचल ने बताया - मैंने उसकी बात मान ली और तुरंत व्हाट्सएप से वह एप डाउनलोड कर इंसटाल कर दिया। फिर उसने मेरे डेबिट कार्ड की सारी डीटेल उस एप में दर्ज कराई। कुछ ही देर बाद वह एप बफरिंग करने लगा और मोबाइल हैक कर गया। कोई भी की मोबाइल की काम नहीं कर रही थी। कुछ देर बाद मोबाइल नार्मल हो गया और काम करने लगा। शाम साढ़े 5 बजे आया मैसेज आंचल ने बताया - मुझे मोबाइल के हैक होने पर शक हो गया था की यह कोई साइबर फ्राड तो नहीं है। तभी शाम साढ़े 5 बजे मेरे मोबाइल पर मेरे अकाउंट संबंधित मैसेज आया तो देखा उसमें 46118 रुपए कटने का मैसेज आया था। यह राशि ZEPTOMARKETPLACE प्राइवेट लिमिटेड के अकाउंट में डेबिट हुई थी। इसपर मैंने साइबर हेल्पलाइन और साइबर के सभी प्लेटफार्म पर इसकी शिकायत की। पर किसी भी प्रकार की सहायता न होने पर पुलिस में कंप्लेन की है।
Bihar Teachers: बिहार में शिक्षकों को छुट्टी के लिए अब जिला शिक्षा कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। शिक्षा विभाग ऑनलाइन पोर्टल शुरू कर रहा है, जिससे शिक्षक 24 घंटे के भीतर छुट्टी मंजूर करा सकेंगे और भ्रष्टाचार खत्म होगा।
जोधेवाल इलाके में पैदल जा रहे व्यक्ति से मोबाइल झपटा, दो आरोपी गिरफ्तार
लुधियाना| जोधेवाल इलाके में दुआ फैक्टरी के पास एक्टिवा सवार दो झपटमारों ने एक व्यक्ति से उसका मोबाइल फोन छीन लिया। हालांकि, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से चोरी के 3 मोबाइल फोन व एक एक्टिवा बरामद की है। शिकायतकर्ता शिव शंकर गिरी निवासी बहादुर के रोड ने पुलिस को बताया कि 6 अगस्त 2026 की शाम को वह फैक्टरी के पास वाली गली में पैदल फोन पर बात करता हुआ जा रहा था। तभी पीछे से आए एक्टिवा सवार दो युवकों ने उसके हाथ से फोन छीन लिया और सब्जी मंडी की तरफ भाग गए। जांच के दौरान आरोपियों की पहचान शिवम और आदर्श के रूप में हुई। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
घूस लेते LDA इंजीनियर के साथ गिरफ्तार बिचौलिए से मोबाइल और डायरी बरामद, अवैध वसूली नेटवर्क का खुलासा
लखनऊ में घूस लेते पकड़े गए बिचौलिए श्रवण कुमार से बरामद मोबाइल और डायरी से LDA में अवैध वसूली के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। इसमें कई इंजीनियरों, अधिकारियों और बिचौलियों के लेन-देन का विवरण दर्ज है।
Gorakhpur News: मोबाइल नहीं मिला तो मां का गला दबाया, नाराज होकर घर से भागी छात्रा बिहार में मिली
Student who ran away from home in anger after being denied a mobile phone and having strangled her mother has been found in Bihar.
Panipat News: एनसी मेडिकल कॉलेज के पास ऑटो और मोबाइल चोरी किया
एनसी मेडिकल कॉलेज के पास ऑटो और मोबाइल चोरी किया
Ghaziabad News: मोबाइल छोड़ मैदान पर पहुंची जेन-जी, वीवेल-2026 में खेलों ने जोड़े रिश्ते
मोबाइल छोड़ मैदान पर पहुंची जेन-जी, वीवेल-2026 में खेलों ने जोड़े रिश्ते
Basti News: मोबाइल की दुकान में लाखों की चोरी
Theft worth lakhs in mobile shop
Yamuna Nagar News: अब मोबाइल पर आएगी गन्ना आपूर्ति की सूचना
सरस्वती शुगर मिल ने पर्ची वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर ली है। आगामी पेराई सत्र से किसानों को अब कागज की इंडेंट (पर्ची) नहीं दी जाएगी।
Chandauli News: मोबाइल व्यवसायी पर फायरिंग, हाथ में लगी गोली
Mobile businessman shot at; bullet hits hand.
आज छोटे-छोटे बच्चों के पास फोन हैं। वे वीडियो बना रहे हैं। यूट्यूब पर वीडियो देख रहे हैं। पेरेंट्स इतना जल्दी फोन क्यों देते हैं? जब वो आपसे दूर हो जाता है तो आप कहते हैं इंटरनेट ने दूर कर दिया है। बच्चों को मोबाइल से दूर रखे और बच्चों की मसूमियत को जिंदा रखे। पेरेंट़्स को बच्चों के लिए एफर्ट देने होंगे। जब आप समय और संस्कर दे पाएं, तभी उसे दुनिया में लाएं। ये बात जया किशोरी ने शुक्रवार को दैनिक भास्कर के मारवाड़ उत्सव के तहत हुए मोटिवेशनल टॉक शो के दौरान कहीं। इस दौरान उन्होंने शहरवासियों की फरमाइश पर ‘किशोरी कुछ ऐसा इंतजाम हो जाए...’ भजन भी गाकर सुनाया। इस टॉक शो के दौरान सिटी भास्कर की नेशनल एडिटर प्रेरणा साहनी के साथ जया किशोरी ने परिवार, जेन-जी, बच्चों, रिश्तों और यूथ को लेकर भी बात की। कहा- गाड़ी से कम्फर्ट आता है, खुशी नहीं जया किशोर ने कहा- चीजों में शांति नहीं होती है। गाड़ी से कम्फर्ट आता है, लेकिन खुशी नहीं आती। उन्होंने कहा- जितना अच्छा संवाद भगवान से हो सकता है, उससे बेहतर कोई नहीं है। उन्होंने कहा- मुझे ईश्वर जवाब देता है। जया किशोरी ने किस्सा सुनाते हुए कहा- एक टाइम ऐसा आया, जब मैं बहुत परेशान थी। नींद आना बंद हो गई थी। एक समय आया, जब सूरज की रोशनी मेरे कृष्ण पर पड़ी और ऐसा लग रहा था वो मुस्कराते हुए मुझे कह रहे तो चिल करो। इसलिए मैं कहती हूं ईश्वर जवाब देते हैं। यूथ पर कहा- सहन नहीं करवा है, सवाल पूछना चाहिए यूथ को लेकर वे बोलीं- सहन कभी नहीं करना है। सवाल सभी से पूछना चाहिए। सवाल करना और गाली देने में फर्क होता है। क्रिटिसाइज करने और धमकाने में फर्क होता है। जब आप धैर्य खो देते हैं तो मुद्दे से भटक जाते हो। जेन-जी को लेकर उन्होंने कहा- आज का जेन जी समझदार है और अपना हक जानना चाहता है। बस धैर्य रखना चाहिए। कहा- बच्चों पर इतना प्रेशर मत दीजिए उन्होंने बच्चों को लेकर कहा- बच्चों को इतना प्रेशर करते हैं कि बच्चे को लगता है, ये ही मेरा जीवन है। बाहर वाले की वजह से हमारा जीवन नहीं बदल सका। उन्होंने अपने बचपन का जिक्र करते हुए कहा- मैंने बचपन नहीं जिया। जब 6 साल की थी तब शुरुआत की थी और 15 साल में सक्सेस मिली। डिप्रेशन एक दम से नहीं आता, फेलियर बतातना है अगली बार क्या नहीं करना हैजया किशोरी ने कहा- डिप्रेशन बड़ी चीज है। ये एकदम से नहीं आता। उससे पहले कई लक्षण आते है। लेकिन, लोग इलाज नीं लेते। अब ऑनलाइन राइड भी टाइम पर नहीं आ रही है तो लोगें को ट्रॉमा हो जाता है। इसलिए डिप्रेशन के पहले की जो स्टेज है, उन पर काम करना या इलाज करना शुरू कर दीजिए तो वो आएगा ही नहीं। वे बोलीं-फेलियर आपको ये बताता है कि अगली बार क्या नहीं करना है। उन्होंने कहा- अपने अंदर के बच्चे को खत्म मत करो। बच्चे को हार जीत से मतलब नहीं होता है। जीवन आपका खेल है इसे खेलते रहिए। हार जीत में मत रहिए। जीवन के लिए दिए सक्सेस मंत्र जया किशोर ने कहा- माफ करने की हद नहीं होनी चाहिए। माफ करो, लेकिन भूलो मत। उतना ही कमाइए, जितना आपको चाहिए। उतने में मत जाइए कि समाज को चाहिए। आपको अपना मोटिवेशन आपके अंदर होना चाहिए। कोई व्यक्ति या वीडियो आपको मोटिवेट करता है तो ये गलत है।
पंजाब के तरनतारन में तीन अज्ञात लुटेरों ने एक युवक पर कृपाण से हमला कर उसका घुटना तोड़ दिया। लुटेरे युवक का मोबाइल फोन और 900 रुपए लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना बीती रात करीब 8 बजे हुई, जब मुगलचक पन्नुआं निवासी प्रिंसपाल सिंह (20) पुत्र बलजीत सिंह अपने घर लौट रहा था। रास्ते में तीन लुटेरों ने उसे घेर लिया, जो तेजधार हथियारों से लैस थे। जब लुटेरों ने उसका मोबाइल फोन और जेब में रखे करीब 900 रुपए छीनने की कोशिश की, तो प्रिंसपाल ने विरोध किया। पिटाई कर घुटने में पहुंचाई चोट विरोध करने पर एक लुटेरे ने प्रिंसपाल पर कृपाण से कई वार किए, जिससे उसके घुटने में गंभीर चोट आई और वह घायल हो गया। घटना को अंजाम देने के बाद तीनों लुटेरे उसका फोन और नकदी लेकर मौके से भाग गए। प्रिंसपाल सिंह का इलाज अस्पताल में चल रहा है। पीड़ित ने पुलिस से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। इस मामले में जानकारी देते हुए डीएसपी गोइंदवाल साहिब हरिंदर सिंह ने बताया कि प्रिंसपाल सिंह के बयानों के आधार पर तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। एएसआई राजपाल सिंह ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
सोसायटी के गेट से मोबाइल लोकेशन तक, डिजिटल सबूतों से CBI ने कैसे जोड़ी NEET-UG पेपर लीक की कड़ियां?
NEET-UG2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई के आरोपपत्र का मुख्य आधार डिजिटल फोरेंसिक है, जिसने एक्सेस-कंट्रोल ऐप और मोबाइल डेटा से आरोपियों की पहचान की।
गिरिडीह पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी एपीके (APK) फाइल के माध्यम से ठगी करने वाले दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी व्हाट्सएप पर गैस बिल अपडेट कराने के नाम पर फर्जी लिंक भेजकर लोगों के मोबाइल फोन हैक कर ठगी करते थे। एसपी डॉ. बिमल कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के तेलोडीह गांव के पास मनियामारी जाने वाली सड़क किनारे कुछ साइबर अपराधी सक्रिय हैं। इस सूचना के आधार पर साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर भगत के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से दोनों साइबर अपराधियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अहिल्यापुर थाना क्षेत्र के चिकसोरिया निवासी संतोष मंडल (23) और बिरनी थाना क्षेत्र के बेहरवाटाड़ निवासी छोटू कुमार मंडल (20) के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान, दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे फर्जी सिम कार्ड का उपयोग कर व्हाट्सएप के माध्यम से 'gas bill update.apk', 'gas 2 admin apk' और 'mngl gas bill update.apk' जैसी फर्जी एपीके फाइलें भेजते थे। वे गैस बिल अपडेट करने के बहाने इन फाइलों को डाउनलोड करवाकर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे। इस मामले का खुलासा साइबर डीएसपी आर. के. राणा ने किया। उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ साइबर थाना कांड संख्या 24/2026, दिनांक 7 अगस्त 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। डीएसपी राणा ने आम जनता से अपील की कि वे किसी भी अनजान नंबर से प्राप्त एपीके फाइल या संदिग्ध लिंक को डाउनलोड न करें और ऐसी किसी भी घटना की सूचना तुरंत साइबर थाना या हेल्पलाइन पर दें। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 5 मोबाइल फोन और 5 सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी संतोष मंडल का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वह इससे पहले गिरिडीह साइबर थाना कांड संख्या 35/2019 और कांड संख्या 15/2025 में भी जेल जा चुका है। इस छापेमारी अभियान में साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर भगत, पुलिस पदाधिकारी गुंजन कुमार, पुनित गौतम, सहायक अवर निरीक्षक गजेंद्र कुमार, सहायक आरक्षी अभिमन्यु कुमार तथा पुलिस लाइन से प्राप्त सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान चलाया जाएगा।
किशनगंज में 2 आरोपी गिरफ्तार:मारवाड़ी कॉलेज के पास मोबाइल स्नैचिंग मामले का खुलासा
किशनगंज पुलिस ने मोबाइल छिनतई के एक मामले का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना मारवाड़ी कॉलेज के पास हुई थी, जहां आरोपियों ने एक महिला के हाथ से मोबाइल छीनकर फरार हो गए थे। जानकारी के अनुसार, मारवाड़ी कॉलेज के समीप एक महिला के हाथ से मोबाइल फोन छीनकर दो युवक फरार हो गए थे। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। घटना के बाद से ही पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही थी। आरोपियों ने भागने का प्रयास किया इसी दौरान, पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि मोबाइल छिनतई की घटना में शामिल दोनों आरोपी बाजार समिति क्षेत्र में मौजूद हैं और वहीं मजदूरी का कार्य कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बाजार समिति पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। आरोपियों का निकाला जा रहा आपराधिक इतिहास गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 21 वर्षीय रेहान खान उर्फ समीर खान और एक नाबालिग के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ के दौरान घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की बात सामने आ रही है। सदर थाना अध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है।
पठानकोट जिला के सुजानपुर क्षेत्र के गांव उपरली जैनी का 25-26 वर्षीय युवक बिक्रम कुमार संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया है। युवक की शादी में केवल चार से पांच दिन शेष थे और परिवार में विवाह की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं। उसके अचानक लापता होने से परिवार और गांव में चिंता का माहौल है। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, बिक्रम कुमार पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव से गुजर रहा था और उसका उपचार भी चल रहा था। बताया जा रहा है कि वह बीती रात करीब 11:30 बजे से 12 बजे के बीच किसी व्यक्ति से पैसे लेने की बात कहकर घर से निकला था। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इसके बाद गांव के कई युवक भी खोज अभियान में शामिल हो गए। परिजनों को रात में मिली सूचना रात करीब 1:30 बजे परिजनों को सूचना मिली कि बिक्रम कुमार की मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन शाहपुर कंडी थाना क्षेत्र के माधवपुर नहर हेड के पास लावारिस हालत में पड़े मिले हैं। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने आशंका जताई कि युवक नहर में गिर गया होगा। ग्रामीणों का कहना है कि नहर में इन दिनों करीब 12 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे बहाव काफी तेज है और तलाशी अभियान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। घटना की सूचना शाहपुर कंडी पुलिस को दे दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवक की तलाश के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। फिलहाल उसकी स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फरीदाबाद में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जो सोशल मीडिया पर खूबसूरत युवतियों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को पहले प्रेमजाल में फंसाता और फिर वीडियो कॉल के जरिए उनकी अश्लील वीडियो रिकार्ड कर लेते थे। जिसके बाद उनको ब्लैकमेल करके पैसा वसूला जाता था। साइबर पुलिस ने मास्टरमाइंड और साथी सहित को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि एक नाबालिक को अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में आसिफ उर्फ भस्सू निवासी गांव कैथवाड़ा, जिला डीग (राजस्थान), फैजान और अमान निवासी जमाई कालोनी शामिल है। पहले यह गिरोह राजस्थान में रहकर ठगी कर रहा था, मगर वहां दबिश बढ़ने के कारण इसने फरीदाबाद में बड़खल की जमाई कालोनी को ठिकाना बनाया। यहां पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर इन्हें धर दबोचा। फर्जी सिम कार्ड के जरिए बनाते थे अकाउंट पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी फर्जी सिम कार्ड के जरिए वाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लड़कियों के नाम से नकली अकाउंट बनाते थे। इन प्रोफाइल पर खूबसूरत युवतियों की तस्वीरें लगाकर लोगों से दोस्ती करते और मीठी-मीठी बातें कर उनका विश्वास जीत लेते थे। इसके बाद वीडियो कॉल के दौरान पहले से रिकार्ड अश्लील वीडियो चलाकर सामने वाले को आपत्तिजनक स्थिति में आने के लिए उकसाते थे। पूरी बातचीत और वीडियो को स्क्रीन रिकार्डर से रिकार्ड कर लिया जाता था। ब्लैकमेल करके पैसे मांगे जाते इसके बाद शुरू होता था ब्लैकमेल का खेल। आरोपित एडिट की गई वीडियो पीड़ित को भेजकर उसे इंटरनेट मीडिया, स्वजन और परिचितों के बीच वायरल करने तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देते थे। बदनामी के डर से अधिकांश लोग उनकी मांग के अनुसार रुपये ट्रांसफर कर देते थे। ठगी की रकम फर्जी बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। 5 मोबाइल, आठ फर्जी सिम कार्ड बरामद पुलिस ने आरोपियों को पास से कब्जे से पांच मोबाइल और आठ फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं। जांच में लड़कियों के नाम से बनाए गए कई फर्जी इंटरनेट मीडिया अकाउंट और ठगी के लिए इस्तेमाल किए गए बैंक खातों का भी पता चला है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों और ठगी के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। मास्टरमाइंड 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया सब इंस्पेक्टर अवतार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस गिरोह के मास्टमाइंड आसिफ को कोर्ट में पेश करके 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। जबकि दूसरे आरोपी अमान को जेल भे दिया गया है। पुलिस ने एक नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा है।
अजमेर में एसबीआई क्रेडिट कार्ड को RuPay कार्ड में कन्वर्ट कराने का झांसा एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने APK फाइल भेजकर उसका मोबाइल हैक कर लिया और क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल कर तीन ट्रांजेक्शन में कुल 1 लाख 53 हजार 337 रुपए की ऑनलाइन ठगी कर ली। मामले में अब गेगल थाना पुलिस ने साइबर थाने से प्राप्त जीरो एफआईआर के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। खुद को SBI कार्ड से जुड़ा बताया पुलिस के अनुसार कायड़ स्थित साईं ज्योति कॉलोनी निवासी अमित सिंह (46) ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 30 जुलाई को एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर खुद को SBI कार्ड से जुड़ा बताते हुए क्रेडिट कार्ड को RuPay कार्ड में कन्वर्ट कराने का ऑफर दिया। इसके बाद आरोपी ने व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेजी और उसे मोबाइल में इंस्टॉल करवाया। फाइल इंस्टॉल होते ही मोबाइल हैक हो गया और आरोपी ने क्रेडिट कार्ड की जानकारी हासिल कर Zepto Now पर तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर कुल 1,53,337 रुपए की धोखाधड़ी कर ली। बिना ओटीपी के उड़ाए डेढ़ लाख से ज्यादा पीड़ित का कहना है कि उसने किसी भी तरह का OTP साझा नहीं किया, लेकिन मोबाइल की स्क्रीन एक्सेस होने के कारण साइबर ठगों ने कार्ड की पूरी जानकारी हासिल कर ली। ATS/SOG में जीरो एफआईआर दर्ज घटना के तुरंत बाद उसने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर साइबर थाना ATS/SOG में जीरो एफआईआर दर्ज की गई। अब मामला गेगल थाने में स्थानांतरित होने पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच थानाधिकारी रोशन सामरिया कर रहे हैं।
गरीब मरीजों के इलाज के लिए हर साल दिए जाने वाले 300 करोड़ रुपए के मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान में सेंध लगी है। भोपाल और सीहोर के 10 से अधिक अस्पतालों पर बिना बीमारी मरीजों के फर्जी केस बनाकर अनुदान की राशि डलवाने का संदेह है। जांच में 18 ऐसे मोबाइल नंबर भी सामने आए हैं, जिनका अलग-अलग नाम के कथित मरीजों के आवेदन में इस्तेमाल हुआ। इनमें एक-एक मोबाइल नंबर से 17-18 आवेदन किए गए। अब संदिग्ध अस्पतालों की अलग से जांच कर उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मोबाइल नंबरों को भी ट्रेस किया जा रहा है। यह सेंध तब सामने आई, जब सीएम स्वेच्छानुदान का बजट 200 करोड़ से बढ़ाकर 300 करोड़ किया गया और मंजूरी की प्रक्रिया को आयुष्मान, समग्र आईडी व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के पोर्टल से इंटरलिंक किया गया। डेटा मिलान में एक नंबर से बार-बार आवेदन और अन्य विसंगतियां मिलने पर जांच शुरू हुई। जांच प्रभावित न हो, इसलिए सीएम सचिवालय ने अभी अस्पतालों व मोबाइल नंबरों का खुलासा नहीं किया है। सूत्रों के मुताबिक, संदिग्ध भुगतान की राशि करोड़ों रुपए तक हो सकती है। नए नियम चुनौती समाधान : सारे पोर्टल को एकसाथ जोड़ेंगे
दिल्ली, हरियाणा और बिहार के युवक पहले से एक-दूसरे के संपर्क में थे और इंस्टाग्राम ग्रुप चैट के जरिए पूरी योजना बना रहे थे। वारदात को अंजाम देने के इरादे से तीन आरोपी अप्रैल में पहली बार रायपुर पहुंचे। रेकी के लिए उन्होंने अपनी बाइक ट्रेन पार्सल से रायपुर मंगाई, लेकिन बाइक गलती से गोंदिया पहुंच गई। इसके बाद वे गोंदिया जाकर बाइक लेकर रायपुर आए और कल्याण ज्वेलर्स की सुरक्षा व्यवस्था व आसपास के इलाके की विस्तार से रेकी की। लौटते समय बाइक रेलवे स्टेशन की पार्किंग में छोड़ गए। मई में गिरोह के दो अन्य सदस्य फिर रायपुर पहुंचे और दोबारा रेकी कर बाइक वापस ले गए। इसके बाद इंस्टाग्राम ग्रुप चैट के जरिए पूरी रणनीति तैयार हुई। फरार दोनों आरोपी मोबाइल से लोकेशन, फोटो, पैसों और अन्य अपडेट साझा कर ऑपरेशन संचालित कर रहे थे। लक्ष्य ज्वेलर्स में हो चुकी है चोरी मई 2026: शंकर नगर के लक्ष्य ज्वेलर्स में करोड़ों की चोरी हुई थी। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कुछ जेवर बरामद किए थे। यह चोरी की वारदात थी, डकैती की साजिश नहीं। गैस कटर की तलाश में थे, तभी पुलिस के हत्थे चढ़ेडीसीपी नॉर्थ दीपमाला कश्यप के मुताबिक बुधवार रात तीनों आरोपी ट्रेन से रायपुर पहुंचे। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-7 के पीछे नए रोड के पास वे वारदात के लिए गैस कटर की तलाश कर रहे थे। मुखबिर से सूचना मिलने पर गुढ़ियारी पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ के बाद तीनों को हिरासत में ले लिया। जांच में डकैती की पूरी योजना सामने आई। मोबाइल में बिहार के शोरूमों की मिलीं कई तस्वीरें भीपुलिस को आरोपियों के मोबाइल के तकनीकी विश्लेषण में पंडरी स्थित कल्याण ज्वेलर्स के अलावा बिहार के कई शोरूमों की तस्वीरें भी मिली हैं। हालांकि पुलिस के अनुसार बिहार में उन शोरूमों में डकैती की किसी वारदात की जानकारी नहीं मिली है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों का फिलहाल कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है, जबकि फरार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। बिहार के ज्वेलरी शोरूम भी निशाने पर थेपुलिस बरामद मोबाइल फोन के तकनीकी जांच के जरिए यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है, हथियारों की व्यवस्था कैसे की गई और क्या शहर के अन्य ज्वेलरी शोरूम भी इनके निशाने पर थे।
Sant Kabir Nagar News: सीएचसी सेमरियावां में एक्स-रे रिपोर्ट चाहिए तो एंड्रॉयड मोबाइल फोन लेकर आएं
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरियावां पर डिजिटल एक्स-रे मशीन लगी है। डिजिटल एक्स-रे
Azamgarh News: मोबाइल कोर्ट में राज्य आयुक्त ने सुनीं 103 दिव्यांगजनों की समस्याएं
मोबाइल कोर्ट में राज्य आयुक्त ने सुनीं 103 दिव्यांगजनों की समस्याएं
बक्सर पुलिस की बड़ी सफलता: एसपी शुभम आर्य ने बरामद खोए हुए मोबाइल असली धारकों को लौटाए
6 गुरुवार, अगस्त: बक्सर जिले में पुलिस ने अभियान चलाकर लोगों के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके बाद बक्सर एसपी शुभम आर्य ने एक कार्यक्रम के दौरान सभी मोबाइल उनके असली धारकों को सौंप दिए। अपने खोए हुए फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने बक्सर पुलिस की इस पहल की सराहना की।
माता--पिता के विवाद को लेकर बालक परेशान रहता था। बालक के मौत के कारण अभी स्पष्ट नहीं है। बच्चा मोबाइल लेकर कमरे में गया था उसके बाद वह यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
भागलपुर जिले में साइबर ठगी, मारपीट और चोरी के अलग-अलग मामले सामने आए हैं। ओएलएक्स पर मोबाइल खरीदने के नाम पर 9 हजार की ठगी हुई, कोर्ट परिसर में मारपीट और चोरी के मोबाइल के साथ एक गिरफ्तार हुआ।
Sonipat News: कांवड़ियों की सेवा को रवाना हुई मोबाइल डिस्पेंसरी
Mobile dispensary sets out to serve Kanwariyas.
Palwal News: झिरकेश्वर महादेव मंदिर में मोबाइल नेटवर्क की समस्या
झिरकेश्वर महादेव मंदिर में मोबाइल नेटवर्क की समस्या
Maharajganj News: परिजन ने मोबाइल पर ज्यादा बात करने के लिए डांटा तो टॉवर पर चढ़ गई युवती, हंगामा
Girl climbs tower after family scolds her for talking too much on mobile phone, creates ruckus
Kurukshetra News: मोबाइल मेडिकल यूनिट से 90 लोगों को मिली स्वास्थ्य सेवाएं
मोबाइल मेडिकल यूनिट से 90 लोगों को मिली स्वास्थ्य सेवाएं
Bareilly News: मालिकों को लौटाए 455 लापता मोबाइल फोन
बरेली। पुलिस ने सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल और सर्विलांस की मदद से जुलाई में 455 लापता और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर लिए। बुधवार को उन्हें उनके असली मालिकों को सौंपा गया।
Budaun News: जिला अस्पताल में मरीज का मोबाइल चुराते दबोचा चोर
बदायूं। जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार को पेइंग वार्ड में भर्ती मरीज का मोबाइल चोरी करने पहुंचे युवक को महिला ने रंगेहाथ पकड़ लिया।
स्वाइप नहीं, सच्ची मुलाकात चाहिए! Gen-Z ने डेटिंग ऐप्स से क्यों बनाई दूरी, जानिए क्या कहता है सर्वे
डेटिंग ऐप्स और सोशल मीडिया से Gen-Z अब ऊब चुका है और रियल लाइफ को अपना रहा है। फोर्ब्स के सर्वे के मुताबिक, युवा अब ऑनलाइन चैट की बजाय लोगों से आमने-सामने मिलकर उन पर भरोसा करना पसंद कर रहे हैं। आइये जानते हैं आखिर ऐसा क्यों हो रहा है।
भोपाल में हवलदार साइबर ठगी के शिकार, मोबाइल पर आया फर्जी लिंक और खाते से गायब हो गए 1.96 लाख रुपये
साइबर अपराधी अब आम लोगों के साथ-साथ पुलिसकर्मियों को भी निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कमलानगर थाने में पदस्थ हवलदार राजेंद्र बहादुर सिंह से जुड़ा है, जो साइबर ठगी का शिकार हो गए।
रायपुर के शांति नगर स्थित पीजी उमाठे उत्कृष्ट शासकीय विद्यालय की छात्राओं ने ब्रिक्स-2026 अंतरराष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। शिक्षिका रीता मंडल के मार्गदर्शन में छात्राओं ने 'बिल्डिंग स्पंज सिटी टुगेदर' नामक जियोस्पेशियल प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया। इस शानदार उपलब्धि पर जिला कलेक्टर डा. गौरव सिंह ने विद्यालय की शिक्षिका और छात्राओं को सम्मानित किया।
बच्चे के पिता सऊदी अरब में रहकर काम करते हैं। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान था।
लुधियाना में राहगीरों से मोबाइल झपटने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस को सफलता मिली है। थाना सदर पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो छीने गए मोबाइल फोन बेचने की फिराक में था। गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 49 फोन बरामद किए गए हैं। एएसआई हरबंस सिंह ने बताया कि 4 अगस्त को वह टीम के साथ इलाके में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान एक गुप्त मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग छीने गए मोबाइल बेचने के लिए गांव संगोवाल स्थित डी-मार्ट के पीछे एक सूने मकान में बैठे हैं और ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं। पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर छापेमारी की सूचना को विश्वसनीय मानते हुए एएसआई हरबंस सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर छापेमारी की। वहां मौजूद चारों आरोपियों को काबू कर लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से विभिन्न कंपनियों के कुल 49 मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस ने सभी आरोपियों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पुनीत कुमार और राजीव कुमार (दोनों निवासी कासाबाद चौक, लुधियाना, वर्तमान में किराएदार), अताउल शेख (निवासी गांव बिशनपुर आधा, जिला सीतामढ़ी, बिहार) और उमेश कुमार (निवासी गांव इनरवा, जिला सीतामढ़ी, बिहार) के रूप में हुई है। थाना सदर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 303(2), 304 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच ASI हरबंस सिंह कर रहे पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बरामद 49 मोबाइल फोन किन-किन इलाकों से छीने गए थे। इस गिरोह में उनके साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान शहर में हुई मोबाइल स्नैचिंग की कई अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है। मामले की जांच एएसआई हरबंस सिंह कर रहे हैं।
लेडी लॉयल में मोबाइल चोरी: शिकायत पर प्रसूता को नवजात संग निकाला, पति ने किया हंगामा; फिर भर्ती किया
लेडी लॉयल के कर्मचारियों के सुनवाई नहीं करने पर पुलिस के पास पहुंचा था पति, हंगामे के बाद दोबारा भर्ती किया।
ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर चोरी के दो मोबाइल के साथ एक आरोपी गिरफ्तार
4 मंगलवार, अगस्त:ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चोरी के दो मोबाइल फोन के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Parenting Tips: बच्चा मोबाइल छोड़कर किताबों से दोस्ती करने लगेगा, अपनाएं ये 5 आसान तरीके
सही माहौल, रोचक गतिविधियां और थोड़ी समझदारी से बच्चों में विकसित करें पढ़ने की आदत
Gaya News: 4 मोबाइल के साथ धराए दो चोर
गया जंक्शन पर 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत आरपीएफ और जीआरपी के संयुक्त अभियान में यात्रियों से चोरी किए गए चार मोबाइल फोन के साथ दो चोरों को गिरफ्तार किया गया है।
पिसावां में माता-पिता से विवाद के बाद युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ा, तीन घंटे बाद पुलिस ने उतारा
1 शनिवार, अगस्त: पिसावां के चौखड़ियां गांव में माता-पिता से विवाद के बाद एक युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। करीब तीन घंटे की समझाइश के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने युवक के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की है।
खैरथल के मुंडावर में ससुराल पक्ष से नाराज युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, पुलिस ने सुरक्षित उतारा
1 शनिवार, अगस्त: खैरथल जिले के मुंडावर क्षेत्र में ससुराल पक्ष से नाराज एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन ने समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवक से पूछताछ के साथ काउंसलिंग भी कराई जा रही है।
Netflix का मजा एकदम FREE में! Flipkart शॉपिंग करने पर मिलेगा मोबाइल प्लान
Flipkart ने Netflix के साथ पार्टनरशिप की है, जिसके साथ Flipkart Plus मेंबर हर महीने 299 रुपये या उससे ज्यादा के चार क्वॉलिफाइंग ऑर्डर पूरे करके Netflix Mobile Plan हासिल कर सकेंगे। यह ऑफर 1 अगस्त, 2026 से शुरू होगा।
Jio का बड़ा धमाका, 33.3 लाख नए एक्टिव मोबाइल सब्सक्राइबर जुड़े, 5G और वायरलाइन में भी नंबर-1
जून में सक्रिय मोबाइल ग्राहकों की दौड़ में रिलायंस जियो सबसे आगे रहा। ट्राई के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी ने महीने के दौरान 33.3 लाख सक्रिय यानी VLR ग्राहक जोड़े। इससे जियो का सक्रिय मोबाइल ग्राहक आधार बढ़कर 49.89 करोड़ हो गया। देश के कुल 120.11 करोड़ ...
आरोपी के मोबाइल से मिले 111 हूबहू असली सवाल! 5 लाख का सौदा टेलीग्राम पर 10 लाख में बिका, मची खलबली
मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी (NEET UG) को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा सामने आया है, जिसने देश के लाखों छात्रों और अभिभावकों को झकझोर कर रख दिया है। पेपर लीक मामले की जांच कर रही जांच एजेंसियों के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है। गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में परीक्षा के पूरे 111 असली सवाल बरामद हुए हैं। इसके साथ ही इस पूरे रैकेट के वित्तीय लेन-देन का भी पर्दाफाश हुआ है, जिसमें पांच लाख रुपये से शुरू हुआ यह खेल टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दोगुने दाम तक पहुंच गया।मोबाइल में मौजूद थे परीक्षा के 111 हूबहू सवालजांच अधिकारियों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान पकड़े गए संदिग्ध के स्मार्टफोन के डेटा को जब खंगाला गया, तो उसमें एक गोपनीय पीडीएफ फाइल मिली। इस फाइल में नीट यूजी परीक्षा के कुल 111 सवाल बिल्कुल उसी क्रम और भाषा में मौजूद थे, जो परीक्षा के दिन प्रश्नपत्र में पूछे गए थे। यह इस बात का अकाट्य सबूत है कि परीक्षा शुरू होने से कई घंटे पहले ही प्रश्नपत्र को पूरी तरह से लीक कर दिया गया था। साइबर और फॉरेंसिक टीमें अब इस मोबाइल के डिलीट किए गए डेटा और चैट हिस्ट्री को रिकवर करने में जुटी हैं ताकि इस चेन से जुड़े अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके।5 लाख रुपये में हुआ सौदा, टेलीग्राम पर 10 लाख में खुली बोलीइस रैकेट के काम करने के तौर-तरीकों ने सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि लीक करने वाले गिरोह ने सबसे पहले चुनिंदा दलालों और छात्रों के साथ इस पूरे पेपर का सौदा महज 5 लाख रुपये प्रति छात्र की दर से तय किया था। लेकिन लालच बढ़ने के बाद इस सिंडिकेट ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। गिरोह के सदस्यों ने टेलीग्राम (Telegram) पर सीक्रेट और एन्क्रिप्टेड ग्रुप्स बनाए, जहां इस लीक प्रश्नपत्र को 10-10 लाख रुपये में धड़ल्ले से बेचा गया। डिजिटल पेमेंट और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पैसों का ट्रांसफर किए जाने के भी इनपुट मिले हैं।सॉल्वर गैंग और कोचिंग सेंटर्स के कनेक्शन की गहराई से जांचइस बड़े खुलासे के बाद देश के कई राज्यों में फैले सॉल्वर गैंग और कुछ नामी कोचिंग संस्थानों के गठजोड़ पर भी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। जांच टीम इस बात का पता लगा रही है कि परीक्षा केंद्र से या प्रिंटिंग प्रेस से यह पेपर किस स्तर पर बाहर आया। इस नई कूटनीतिक और डिजिटल जांच के बाद प्रभावित छात्रों और विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने और दोबारा निष्पक्ष तरीके से परीक्षा आयोजित कराने की मांग तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय भी इस पूरे मामले की रिपोर्ट पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन ने हमारे हाथ की घड़ी से लेकर जेब के पर्स तक की जगह काफी हद तक ले ली है। आजकल कई लोग घर से निकलते समय जेब में सिर्फ एक मोबाइल और गाड़ी की चाबी रखना ही पसंद करते हैं। ऑनलाइन पेमेंट से लेकर डिजिटल आइडेंटिटी (जैसे डिजिलॉकर) तक के सारे काम अब एक क्लिक पर चुटकियों में हो जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बिना पर्स के सिर्फ फोन लेकर घूमने की यह आदत सिर्फ एक सुविधा है, या फिर यह आपकी सोच, स्वभाव और लाइफस्टाइल के बारे में भी कुछ गहरे संकेत देती है? आइए जानते हैं इसके पीछे की दिलचस्प साइकोलॉजी...1. आपके भीतर की 'मिनिमलिस्ट' सोच की झलकअगर आप बिना पर्स के सिर्फ जरूरी चीजों के साथ बाहर निकलते हैं, तो यह आपके भीतर छिपी 'मिनिमलिस्ट' (Minimalist) सोच को दर्शाता है। मनोविज्ञान (Psychology) के अनुसार, ऐसे लोग अक्सर सादगी, स्पष्टता और एक व्यवस्थित (Organized) जीवन को ज्यादा महत्व देते हैं। उनका मानना होता है कि जितनी कम चीजें साथ होंगी, जिंदगी उतनी ही आसान और कम उलझनों वाली रहेगी। भौतिक चीजों का एक्स्ट्रा बोझ न उठाना इनके मानसिक सुकून को बढ़ाता है।2. नई टेक्नोलॉजी पर अटूट भरोसाUPI, मोबाइल बैंकिंग, डिजिटल वॉलेट और डिजिटल आईडी (जैसे ई-आधार या ड्राइविंग लाइसेंस) ने इंसानी आदतों को पूरी तरह बदल दिया है। जो लोग नई तकनीक और डिजिटल दौर के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हैं, वे मोबाइल आधारित इकोसिस्टम में बहुत सहज महसूस करते हैं। वे लकीर के फकीर बनने के बजाय बदलाव को जल्दी स्वीकार करते हैं, इसलिए उन्हें हर समय पारंपरिक लेदर का भारी-भरकम पर्स साथ रखने की कोई जरूरत महसूस नहीं होती।3. सुविधा और समय को सबसे ऊपर रखना (Efficiency First)कुछ लोगों के लिए समय और कम्फर्ट (Comfort) ही सबसे बड़ी प्रायोरिटी होती है। जब एक ही स्मार्टफोन से बैंकिंग, शॉपिंग, कैब बुकिंग, टिकट और पेमेंट जैसे सारे काम हो सकते हैं, तो अलग से कार्ड्स और नोटों से भरा पर्स कैरी करना उन्हें फिजूल और एक एक्स्ट्रा बोझ लगता है। ऐसे लोग अपनी डेली लाइफ को बेहद स्मार्ट, तेज और झंझट-मुक्त (Hassle-free) रखना पसंद करते हैं।4. हर परिस्थिति में खुद को ढालने की क्षमता (Adaptability)साइकोलॉजी कहती है कि बिना पर्स के घर से बाहर निकलने वाले लोग स्वभाव से थोड़े बेफिक्र और कूल होते हैं। वे छोटी-छोटी संभावित परेशानियों (जैसे—अगर फोन की बैटरी खत्म हो गई तो क्या होगा?) को लेकर पहले से ज्यादा तनाव या स्ट्रेस नहीं लेते। वे जानते हैं कि अगर कोई विपरीत परिस्थिति आ भी गई, तो वे हालात के अनुसार ऑन-द-स्पॉट कोई न कोई रास्ता निकाल लेंगे। हालांकि, इसका मतलब यह कतई नहीं है कि वे गैर-जिम्मेदार या लापरवाह हैं, बल्कि यह उनके आत्मविश्वास को दिखाता है।क्या सिर्फ इस एक आदत से आपकी पूरी पर्सनैलिटी डिसाइड होती है?बिल्कुल नहीं। लाइफस्टाइल एक्सपर्ट्स और साइकोलॉजिस्ट का साफ मानना है कि सिर्फ पर्स रखने या न रखने की आदत से किसी भी इंसान के संपूर्ण चरित्र या नेचर का आकलन नहीं किया जा सकता। यह पूरी तरह से उस व्यक्ति की तात्कालिक जरूरत, उसके कार्यक्षेत्र और उसकी व्यक्तिगत सुविधा पर निर्भर करता है।एक्सपर्ट टिप: भले ही आज की डिजिटल लाइफस्टाइल में बिना पर्स के निकलना एक बड़ा ट्रेंड बन चुका है, लेकिन पूरी तरह से मोबाइल पर निर्भर रहना कभी-कभी मुसीबत में डाल सकता है (जैसे फोन चोरी होना, नेटवर्क गायब होना या बैटरी डेड होना)। इसलिए, सुरक्षा के लिहाज से आपातकालीन स्थिति (Emergency) के लिए जेब में थोड़ा सा कैश और एक वैलिड फिजिकल आइडेंटिटी कार्ड (जैसे ड्राइविंग लाइसेंस या कोई अन्य सरकारी आईडी) साथ रखना हमेशा एक समझदारी भरा फैसला माना जाता है।
टीवी अभिनेत्री स्मृति खन्ना का मानना है कि वर्टिकल सीरीज मनोरंजन की दुनिया का भविष्य हैं। उन्होंने बताया कि कम समय के एपिसोड, मोबाइल फ्रेंडली फॉर्मेट और बड़े प्रोडक्शन हाउस की बढ़ती दिलचस्पी इस नए ट्रेंड को तेजी से आगे बढ़ा रही है। साथ ही उन्होंने ...
31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

