रामगढ़ जिले के भुरकुंडा क्षेत्र में सोमवार की सुबह-सुबह पुलिस और राहुल दुबे गैंग के बीच मुठभेड़ हो गई। घटना दुमुहाना मंदिर के पास की है। जहां संदिग्ध गतिविधि की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर अपराधियों ने फायरिंग कर दी। अचानक हुई इस गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि जैसे ही पुलिस की गाड़ी मौके पर पहुंची, वहां मौजूद अपराधी ने सीधे पुलिस को निशाना बनाकर गोली चला दी। इस हमले में पतरातू थाना प्रभारी की गाड़ी के शीशे और बंपर में गोली लगी, हालांकि वे बाल-बाल बच गए। एसआईटी की छापेमारी के दौरान मिली थी सूचना जानकारी के अनुसार, एसपी अजय कुमार के निर्देश पर राहुल दुबे गिरोह के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसआईटी टीम का गठन किया गया था। टीम लगातार भुरकुंडा और पतरातू इलाके में छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान गुप्त सूचना मिली थी कि गिरोह का सक्रिय सदस्य सनी सिंह क्षेत्र में घूम रहा है। अपने साथियों के साथ मिलकर किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है। सूचना के आधार पर पुलिस ने दुमुहाना मंदिर के पास सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली, गिरफ्तार छापेमारी के दौरान संदिग्ध युवक ने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी सनी सिंह के दाहिने पैर में गोली लग गई। गोली लगते ही वह घायल होकर गिर पड़ा। पूछताछ में उसने अपनी पहचान सनी सिंह, ग्राम रेलीगढ़ा निवासी के रूप में बताई। पुलिस ने मौके पर ही प्राथमिक उपचार कर उसे तत्काल सीसीएल अस्पताल भुरकुंडा भेज दिया, जहां उसका इलाज चल रहा है। दो देसी पिस्तौल, मोबाइल और बैग बरामद मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से दो देसी पिस्तौल, एक मोबाइल फोन और एक लेदर बैग बरामद किया है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुट गई है। गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि राहुल दुबे गिरोह पर शिकंजा कसने के लिए आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
डीग में दुकानदार की हत्या पेट्रोल के पैसे मांगने पर की गई थी। आरोपी ने दुकानदार पर लाठी से वार किए, जिससे उसका सिर फूट गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी। सीकरी थाना पुलिस ने रविवार को आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया। डीग एसपी कांबले शरण गोपीनाथ ने बताया- सीकरी थाना इलाका निवासी अजरुद्दीन ने शनिवार को रिपोर्ट दी थी। बताया था कि उसका भाई यूसुफ (55) निवासी टट्टा का बास गांव में अपने खेतों के बाहर छोटी सी दुकान चलाता था। वह दुकान से ही अवैध पेट्रोल भी बेचता था। शनिवार सुबह जब करीब 5 बजे यूसुफ की पत्नी उसे चाय देने गई तो लहूलुहान हालत में उसकी लाश खाट पर पड़ी थी। उसका मोबाइल फोन भी गायब था। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मोबाइल की लोकेशन को ट्रैस कर आरोपी महेंद्र (30) निवासी नगली बाल, थाना नौगांव जिला अलवर को गिरफ्तार कर लिया है। बाइक में पेट्रोल भरवाया, पैसे देने से किया मना पुलिस पूछताछ में महेंद्र ने हत्या करना कबूल कर लिया। पुलिस ने बताया- महेंद्र सीकरी में रिश्तेदार के घर आया था। इस बीच उसकी बाइक का पेट्रोल खत्म हो गया और वह नशे में था। वह सुबह करीब 4 बजे यूसुफ की दुकान पर गया। वहां यूसुफ सो रहा था। उसने यूसुफ को जगाया और बाइक में पेट्रोल डालने को कहा। महेंद्र के पास देने के लिए पैसे नहीं थे। उसने बाइक में पेट्रोल डलवा लिया। जब यूसुफ ने पैसे मांगे तो उसने पैसे देने से मना कर दिया। इसके बाद उसकी यूसुफ से कहासुनी हो गई। गुस्साए महेंद्र ने वहां रखी लाठी उठाई और यूसुफ के सिर पर लगातार 5 से 6 वार किए। यूसुफ के सिर से खून बहने लगा। वह खाट पर गिर पड़ा। इसके बाद महेंद्र उसका मोबाइल लेकर फरार हो गया। मोबाइल लोकेशन ट्रैस कर आरोपी को पकड़ा एसपी ने बताया कि मोबाइल की लोकेशन ट्रैस की गई, जिसके आधार पर महेंद्र को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। महेंद्र की बाइक में पेट्रोल नहीं था। उसके पास पेट्रोल की एवज में देने के लिए पैसे भी नहीं थे, इसलिए कहासुनी के बाद उसने यूसुफ की हत्या कर दी।
रात को घर पर सोई युवती,सुबह लापता हुई:पूरे गांव और रिश्तेदारों के घर ढूंढा, मोबाइल बंद आ रहा
सीकर जिले में 19 साल की युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। युवती रात के समय घरवालों के साथ सोई थी। परिवार के लोग सुबह जागे तो उन्हें युवती नहीं मिली। अब पुलिस युवती की तलाश कर रही है। 19 साल की युवती के बड़े भाई ने पुलिस में रिपोर्ट देकर बताया कि 2 अप्रैल की रात परिवार के सभी लोग एक कमरे में सोए हुए थे। रात 12 बजे तक परिवार के सभी लोग सो चुके थे। सुबह जब उठे तो देखा कि 19 साल की बहन घर पर नहीं थी। फोन बंद आ रहा पहले तो घरवालों ने सोचा कि युवती वॉशरूम गई होगी। लेकिन काफी देर बीतने के बाद भी जब युवती नहीं लौटी तो परिवार वॉशरूम की तरफ गया। वहां पर भी युवती नहीं मिली। इसके बाद युवती के मोबाइल पर कॉल किया तो वह भी स्विच ऑफ आ रहा था। युवती की गांव और रिश्तेदारी में भी काफी तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। एक 18 साल की युवती भी लापता हुई वहीं, जिले में एक 18 साल की युवती के भी लापता होने का मामला सामने आया है। युवती रात के समय घर से बिना बताए कहीं पर चली गई। इस मामले में भी पुलिस युवती की तलाश कर रही है।
जांजगीर-चांपा जिले के बनाहिल गांव में एक मोबाइल दुकान में डेटोनेटर से धमाका हुआ है। इस घटना में दुकान मालिक भूपेंद्र साहू के पैर में चोट आई है और दुकान का सामान क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध रमन केवट को हिरासत में लिया है। यह घटना 4 अप्रैल की रात करीब 11 बजे मुलमुला थाना क्षेत्र में हुई। जानकारी के अनुसार, 4 अप्रैल की रात भूपेंद्र साहू अपनी मोबाइल दुकान का शटर बंद करके काम कर रहे थे। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने दुकान के अंदर एक डेटोनेटर फेंक दिया। भूपेंद्र ने उसे पैर से मारकर दूर फेंकने की कोशिश की, लेकिन वह फट गया, जिससे उनके पैर में हल्की चोट आई और दुकान का सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही मुलमुला पुलिस मौके पर पहुंची। रविवार को फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक सबूत जुटाए। डीएसपी प्रदीप सोरी ने बताया कि भूपेंद्र साहू ने पूछताछ में रमन केवट पर संदेह जताया है। भूपेंद्र साहू के अनुसार, 4 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे रमन केवट का अपनी पत्नी से विवाद हो रहा था, जिसे सुलझाने के लिए भूपेंद्र वहां गए थे। आशंका है कि इसी बात को लेकर रमन ने रंजिश रखी और इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने संदेही रमन केवट को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि डेटोनेटर कहां से प्राप्त किया गया था।
आजमगढ़ पुलिस ने 256 मोबाइल फोन रिकवर किए:9 करोड़ 40 लाख रुपए से अधिक के मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं
आजमगढ़ पुलिस ने कोई मोबाइल को रिकवर करने का अभियान चलाया हुआ है। इस अभियान के तहत लगातार जिले में मोबाइल बरामद किया जा रहा है। एसएसपी डॉ# अनिल कुमार के निर्देश पर जिले में चलाए जा रहे इस अभियान के अंतर्गत गुमशुदा मोबाइल धारकों की ओर से सीईआईआर पोर्टल पर ऑनलाइन अपनी शिकायत दर्ज की जाती है। उन्हें बरामद करने के लिए सीसीटीएनएस प्रभारी जनपद आजमगढ़ को निर्देशित किया गया था। माह फरवरी 2024 से गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें गुमशुदा मोबाइल धारकों की ओर से सीईआईआर पोर्टल पर ऑनलाइन अपनी शिकायत दर्ज की जाती है। माह मार्च 2026 में आजमगढ़ पुलिस ने जनपद में खोए हुए कुल 256 एण्ड्रायड मोबाइल फोन (कीमत लगभग 61 लाख 50 हजार रूपये) को सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से बरामद किया गया है। पुलिस लाइन में उपभोक्ताओं को सौंपे गए मोबाइल फोन आजमगढ़ के एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने पुलिस लाइन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को उनके मोबाइल फोन सौंपे। वर्ष 2026 में आजमगढ़ पुलिस की ओर से कुल 607 एण्ड्रायड मोबाइल फोन को बरामद कर मोबाइल फोन स्वामियों को सुपुर्द किया गया है। इस प्रकार पिछले 26 माह में कुल 3820 एण्ड्रायड मोबाइल फोन (कुल कीमत लगभग 9 करोड़, 40 लाख रूपये) को बरामद कर मोबाइल फोन स्वामियों को सुपुर्द किया गया है। जिले के कुल 8 थानों क्रमशः मुबारकपुर (337 मोबाइल फोन), निजामाबाद (310 मोबाइल फोन), जीयनपुर (291 मोबाइल फोन), अहरौला (255 मोबाइल फोन), रौनापार (246 मोबाइल फोन), बरदह (229 मोबाइल फोन), जहानागंज (209 मोबाइल फोन), गंभीरपुर (201 मोबाइल फोन) 200 या 200 से अधिक मोबाइल फोन की बरामदगी की गई है। जिन्हें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ ने प्रशस्ति पत्र व नगद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
अमृतसर से नांदेड़ जा रही सचखंड एक्सप्रेस (12715) में रेल यात्रियों की सुरक्षा और सतर्कता का बड़ा उदाहरण सामने आया है। ट्रेन के टिकट चेकिंग स्टाफ ने सूझबूझ दिखाते हुए एक शातिर मोबाइल चोर को काबू किया है। आरोपी के पास से एक यात्री और रेलवे विभाग के ही एक कर्मचारी का चोरी हुआ मोबाइल बरामद हुआ है। जानकारी के अनुसार, सचखंड एक्सप्रेस के कोच B-4 में सीट संख्या 1 पर यात्रा कर रहे एक यात्री का मोबाइल अचानक चोरी हो गया। यात्री ने इसकी सूचना ड्यूटी पर मौजूद टिकट चेकिंग स्टाफ को दी। स्टाफ ने तुरंत हरकत में आते हुए संदिग्धों पर नजर रखनी शुरू कर दी। संदेह होने पर ली तलाशी, खुला राजजांच के दौरान चेकिंग स्टाफ को ट्रेन में घूम रहे एक संदिग्ध युवक पर शक हुआ। जब उससे पूछताछ की गई तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। सख्ती से तलाशी लेने पर चोर से यात्री का मोबाइल जो कोच B-4 से चोरी हुआ था मिला। विभाग के ही एक कर्मचारी का मोबाइल भी उससे मिला, जिसे उसने पहले चुराया था। राजपुरा में रेलवे पुलिस के हवाले किया आरोपीजैसे ही ट्रेन राजपुरा स्टेशन पहुंची, टिकट चेकिंग स्टाफ ने आरोपी को पूरी जानकारी के साथ रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के सुपुर्द कर दिया। RPF ने मोबाइल जब्त कर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों ने की टिकट चेकिंग स्टाफ की सराहनाफिरोजपुर मंडल के अधिकारियों ने टिकट चेकिंग स्टाफ के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की है। रेलवे प्रशासन ने दोहराया कि फिरोजपुर मंडल यात्रियों की सुरक्षा और उनके सामान की संरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
डीग में IPL सट्टेबाजों पर कार्रवाई:थार गाड़ी, कई मोबाइल और भारी मात्रा में हिसाब की डायरियां जब्त
डीग में एसपी कांबले गोपीनाथ शरण के निर्देश पर कामवन (कामां) क्षेत्र में अवैध क्रिकेट सट्टे के खिलाप छापेमारी की गई। पुलिस को क्षेत्र में अवैध सट्टेबाजी की शिकायतें मिली थीं। यह छापेमारी उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे गांव धिलावटी के पास 'कुलवाना मोड़' पर की गई। थाना कामवन पुलिस और DST ने संयुक्त रूप से इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस की दबिश के दौरान सट्टेबाजी से जुड़े 3 मुख्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। मौके से पुलिस ने सट्टे के कारोबार में इस्तेमाल की जा रही एक थार गाड़ी और कई मोबाइल फोन बरामद किए। इसके साथ ही, सट्टे के लेन-देन से संबंधित भारी मात्रा में हिसाब-किताब की डायरियां भी मिली हैं। इन डायरियों से क्षेत्र के कई बड़े नामों का खुलासा होने की संभावना है।एसपी ने बताया कि कस्बे में IPL मैचों के दौरान सट्टा लगाने और खिलाने वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर लिया गया है।
फरीदकोट की केंद्रीय मॉडर्न जेल में तलाशी अभियान के दौरान विभिन्न बैरकों से चार मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड बरामद किया गया है। इस मामले में जेल प्रशासन की शिकायत के आधार पर थाना सिटी पुलिस ने पांच हवालातियों और एक कैदी के खिलाफ जेल एक्ट के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस को भेजी गई शिकायत में जेल के सहायक अधीक्षक वीरपाल सिंह ने बताया कि जेल अधीक्षक के निर्देशों पर शनिवार रात जेल कर्मचारियों की टीम ने विभिन्न बैरकों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। फिरोजपुर, फाजिल्का और मानसा के हैं कैदी इस दौरान 5 हवालातियों बिट्टू सिंह फिरोजपुर), निशान सिंह मोगा, रोहित कुमार फिरोजपुर, बिंदु कुमार फाजिल्का, अर्शदीप सिंह मोगा और एक कैदी जुगराज सिंह उर्फ सोनी मानसा के पास से कुल चार मोबाइल फोन और एक सिम बरामद किया गया। इस शिकायत पर थाना सिटी फरीदकोट पुलिस ने उक्त सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जेल अधिकारी-कर्मचारी की भूमिका की जांच करेगी:डीएसपी इस मामले संबंधी जानकारी देते हुए डीएसपी तरलोचन सिंह ने बताया कि अब इस केस में नामजद हवालातियों और कैदी को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ कर जांच की जाएगी कि जेल के अंदर मोबाइल फोन कैसे पहुंचे। यदि किसी जेल अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नागौर में एसआई भर्ती के सेंटर में एग्जाम से पहले पुलिस और स्कूल स्टाफ के बीच विवाद हो गया। स्टाफ मोबाइल और गाड़ी अंदर ले जाने की जिद पर अड़ा रहा। करीब 1 घंटे तक पुलिस और स्टाफ के बीच हुए इस विवाद में कैंडिडेट्स को 20 मिनट देरी से एंट्री मिली। मामला शहर के कांकरिया स्कूल का है। दरअसल, एग्जाम सेंटर में मोबाइल ले जाने पर रोक लगी थी। लेकिन, स्कूल स्टाफ नहीं माना और चेतावनी दी कि मोबाइल नहीं ले जाने दिया तो काम नहीं करेंगे। एक घंटे तक स्कूल और पुलिस स्टाफ के बीच चली बहस करीब एक घंटे तक चली इस बहस को सुलझाने के लिए कोतवाली थानाधिकारी वेदपाल शिवरान और साइबर थाना प्रभारी धरम पुनिया ने काफी समझाइस की। लेकिन, स्टाफ अपनी शर्तों से पीछे हटने को तैयार नहीं हुआ। स्टाफ जिद्द पर अड़ा हुआ था कि वे मोबाइल, बैग और गाड़ी अंदर ले जाएंगे, जबकि पुलिस तैयार नहीं थी। इस दौरान केंद्रधीक्षक शंकरलाल खुद अपनी कार को प्रवेश द्वार के सामने खड़ा कर दिया। इस दौरान केन्द्राधीक्षक ने खुद शिक्षकों को बाहर निकलने का बोल दिया और पुलिस अधिकारीयों को यह तक कह दिया कि आप ही परीक्षा करवा लो। आखिर सेंटर के बाहर तैनात पुलिस अधिकारियों को स्टाफ की माननी पड़ी और मोबाइल के साथ हैंड बैग ले जाने की परमिशन दी। इस मामले में कलेक्टर ने एडीएम चंपालाल जिनगर और एएसपी आशाराम चौधरी को सेंटर की जांच के निर्देश दिए। प्रभारी बोले- मामूली बहस हुई थी नागौर में परीक्षा प्रभारी चम्पालाल जिनगर ने बताया कि RPSC की गाइडलाइन है कि जितने भी कार्मिक हैं वो फर्स्ट तो मोबाइल लेकर नहीं आएंगे अगर लेकर आते हैं तो मोबाइल को स्विच ऑफ़ करवा कर केंद्र अधीक्षक (CS ) की कस्टडी में रखेंगे। सभी मोबाइल CS के कस्टडी में रखवा दिए गए हैं। इसी बात को लेकर मामूली नोक-झोंक हुई थी। गौरतलब है कि नागौर में 18 केंद्र बनाए गए हैं जहां 2 दिनों में 4 पारियों में एग्जाम होने हैं और प्रत्येक पारी में 5448 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।
'कनपुरिया बोली' से देश-दुनिया को गुदगुदाने वाले हास्य कलाकार अन्नू अवस्थी फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह कोई स्टेज शो नहीं, बल्कि अचानक बदला मौसम और अन्नू भैया का इंद्र देवता से सीधा संवाद है। दरअसल,शनिवार को शहर में अचानक हुई ओलावृष्टि और तेज बारिश को देखकर अन्नू अवस्थी अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में नजर आए। उन्होंने गिरते ओलों के बीच एक वीडियो अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर साझा किया, जिसमें वे इंद्र देवता के गुस्से को शांत करने की विनती कर रहे हैं। इंद्र देव 'खौरिया' गए हैं,अन्नू की निराली चिंता शनिवार को जैसे ही आसमान से सफेद ओले गिरने शुरू हुए, अन्नू अवस्थी का कैमरा चालू हो गया। गिरते ओलों को देखकर उन्होंने कहा, आज इंद्र देवता बहुत जोर 'खौरिया' (गुस्सा) गए हैं, ये देखो ओले गिर रहे हैं। कानपुर की सड़कों पर जब लोग छिपने की जगह ढूंढ रहे थे, तब अन्नू भैया इस ओलावृष्टि का संबंध अपने घर की 'गुड़िया' से जोड़ते दिखे। उनका मानना है कि प्रकृति का यह कोप शायद किसी की बातों का नतीजा है। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि उन्हें लग रहा है कि गुड़िया ने ही कुछ ऐसा कहा है, जिसकी वजह से बाबा (इंद्र देव) इतने नाराज हैं। अरे बाबा, मोबाइल भीगा जा रहा... वीडियो में अन्नू अवस्थी की चिंता सिर्फ ओलों तक सीमित नहीं रही। उन्हें अपने मोबाइल की भी फिक्र सताने लगी। जैसे-जैसे बारिश तेज हुई, वे कहने लगे, ओहो बाबा, मोबाइल भी भीगा जा रहा। एक तरफ इंद्र देव का क्रोध और दूसरी तरफ कीमती मोबाइल के भीगने का डर अन्नू के इस भोलेपन और कॉमिक टाइमिंग ने सोशल मीडिया पर लोगों को हंसने पर मजबूर कर दिया। गुड़िया की तरफ से मांगी माफीअन्नू अवस्थी यहीं नहीं रुके, उन्होंने बाकायदा हाथ जोड़कर इंद्र देवता से अपनी पत्नी गुड़िया की पैरवी कर डाली। उन्होंने कहा,अरे बाबा, गुड़िया को माफ करो। वो तो बोलती ही रहती है। इतना क्रोध ठीक नहीं बाबा, अब माफ कर दो। अन्नू अवस्थी के इस वीडियो पर फैंस जमकर मजे ले रहे हैं। लोगों का कहना है कि कानपुर का मौसम चाहे जैसा भी हो, लेकिन अन्नू भैया का 'हुनर' उसे और भी रंगीन बना देता है। क्यों पसंद किया जा रहा है ये अंदाज?अन्नू अवस्थी की खासियत उनकी सादगी और स्थानीय भाषा का सटीक इस्तेमाल है। 'खौरियाना' जैसे ठेठ कनपुरिया शब्दों का प्रयोग करके वे सीधे आम आदमी के दिल तक पहुंचते हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं कि अब तो इंद्र देवता को भी मान जाना चाहिए, क्योंकि अन्नू भैया ने खुद सिफारिश की है।
मंदसौर जिले की दलौदा पुलिस ने शनिवार को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आईपीएल (दिल्ली बनाम मुंबई) मैच पर सट्टा लगाते दो सटोरियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9,200 रुपए नकद, 2 मोबाइल फोन और लगभग 1.50 लाख रुपए के सट्टे का हिसाब-किताब जब्त किया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत हुई इस कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है। दिल्ली बनाम मुंबई मैच पर लगा रहे थे दांव एसपी विनोद कुमार मीणा के निर्देशन और दलौदा थाना प्रभारी शुभम व्यास के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर दलौदा थाना क्षेत्र में दबिश दी थी। मौके पर दो व्यक्ति आईपीएल के दिल्ली बनाम मुंबई मैच पर हार-जीत का सट्टा लगाते पाए गए, जिन्हें पुलिस टीम ने तुरंत गिरफ्तार कर लिया। 1.50 लाख का हिसाब और 9200 नकद जब्त पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान ईश्वर (पिता रामेश्वर) और मुकेश (पिता गोपाल परिहार) के रूप में की है। पुलिस ने इनके कब्जे से सट्टे में इस्तेमाल किए जा रहे दो मोबाइल फोन, 9,200 रुपए नकद और करीब डेढ़ लाख रुपए के सट्टे के लेन-देन का हिसाब-किताब बरामद किया है। मुख्यालय के निर्देश पर चल रहा अभियान यह कार्रवाई मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (भोपाल) के निर्देश पर चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी अभियान का हिस्सा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जुआ, सट्टा और आबकारी जैसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में जुआ-सट्टा जैसी अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की SI भर्ती का एग्जाम आज (5 अप्रैल) से दो पारी में होगी। पहली पारी की परीक्षा सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक होगी। इसके लिए सुबह 9 बजे सेंटर्स पर कड़ी चेंकिंग के साथ एंट्री दी जा रही है। नकल रोकने वाले डिवाइस की पहचान के लिए पुलिसवालों को ईएनटी डॉक्टर्स से विशेष ट्रेनिंग दिलवाई गई है। बता दें कि एसआई भर्ती 2021 पेपर लीक व डमी कैंडिडेट्स को लेकर चर्चा में रही थी। बाद में इस भर्ती को रद्द कर दिया गया। ऐसे में इस बार होने वाली परीक्षा को लेकर सरकार अलर्ट है। राजस्थान के 26 जिलों के 41 शहरों में 1174 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 7.70 लाख कैंडिडेट्स शामिल होंगे। ये भर्ती 1015 पदों के लिए है। सबसे पहले देखिए- परीक्षा केंद्र के बाहर के PHOTOS… डिवाइस की पहचान के लिए स्पेशल ट्रेनिंग जांच में नियुक्त पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसमें विशेषज्ञों और ईएनटी डॉक्टरों द्वारा पुलिसकर्मियों को ब्लूटूथ उपकरणों, विग, चश्मों में छिपे कैमरे और कान में लगने वाली सूक्ष्म डिवाइसों की पहचान करना बताया। अभ्यर्थी मूल आधार कार्ड (रंगीन प्रिंट) साथ लेकर जाएं। अगर आधार कार्ड पर फोटो पुरानी या धुंधली है तो ये ले जाएं- वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस (सभी में रंगीन और साफ नया फोटो होना चाहिए)। एडमिट कार्ड पर भी लेटेस्ट कलर फोटो चिपकाना न भूलें। बिना साफ फोटो वाले पहचान पत्र के अंदर नहीं जाने देंगे। …. एसआई भर्ती-2021 रद्द ही रहेगी:हाईकोर्ट की एकलपीठ का फैसला बरकरार; कहा- आयोग में राजनीतिक नियुक्तियां नहीं होनी चाहिए
भागलपुर के पीरपैंती थाना क्षेत्र में अवैध खनन और उससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ पुलिस को सफलता हाथ लगी है। SSP के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पुलिस गश्ती दल की लोकेशन साझा कर अवैध खनन लदे गाड़ी की पार्किंग कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते किया है। टोटल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले पर आज सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह ने प्रेस वार्ता आयोजित कर बताया कि देर रात पीरपैंती थाना की गश्ती टीम को संदेह हुआ कि कुछ अज्ञात चारपहिया गाड़ी उनका पीछा कर रहे हैं। शक के आधार पर पुलिस ने गाड़ी को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वाहन चालक भागने लगे। गश्ती दल ने तत्परता दिखाते हुए पीछा किया और साधु मड़ैया फोरलेन रोड के हिरानंद मोड़ के पास एक गाड़ी को पकड़ लिया। व्हाट्सएप के जरिए ड्राइवर को भेजता था पुलिस का लोकेशन पकड़े गए गाड़ी के ड्राइवर और उसमें सवार लोगों से पूछताछ की गई, जिसमें खुलासा हुआ कि वे अवैध खनन में संलिप्त गाड़ी को सुरक्षित स्थान पर खड़ा कराने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से पुलिस गश्ती की लोकेशन साझा करते थे। आरोपियों की निशानदेही पर एक अन्य गाड़ी को भी मिर्जाचौकी सीमा क्षेत्र के पास से बरामद किया गया। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान 1,30,500 रुपये नकद, एक कार, एक स्कॉर्पियो और 7 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में शुभम कुमार, बजरंगी भगत, नितीश कुमार, धर्मदेव पंडित, अभिषेक कुमार उर्फ चंदन कुमार यादव, नंदनी यादव और मो. अहमद राजा शामिल हैं। इनमें से अभिषेक कुमार उर्फ चंदन कुमार यादव का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, जिसके खिलाफ पीरपैंती और शिवनारायणपुर थाना में पहले से मामले दर्ज हैं। इस पूरी कार्रवाई में पीरपैंती थाना के पुलिस पदाधिकारी, गश्ती दल, खनन पदाधिकारी और सशस्त्र बल की संयुक्त टीम शामिल रही। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
कैथल में मोबाइल शॉप पर फायरिंग:बाइक पर आए थे दो नकाबपोश; 2 राउंड फायर, दुकानदार बोला- मुंह ढककर आए
कैथल जिले के चीका शहर में नकाबपोश बदमाशों ने एक मोबाइल की दुकान पर फायरिंग कर दी। बदमाशों ने दुकान के बाहर पहुंचकर दो राउंड फायर किए और मौके से फरार हो गए। गनीमत रही की गनीमत रही कि दुकानदार को गोली नहीं लगी। सूचना मिलते ही चीका थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र में जांच शुरू कर दी। पुलिस ने दुकान और आसपास के क्षेत्र का मुआयना किया और घटनास्थल से सबूत जुटाने में लग गई। सीआईए की टीमों को भी मौके पर बुलाया गया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई। अनुमान लगाया जा रहा है कि बदमाश किसी वारदात को अंजाम देने या डराने की नीयत से आए थे। दुकानदार बोले- किसी से कोई रंजिश नहीं दुकानदार सतीश कुमार बताया कि दोनों युवक बाइक पर सवार होकर आए थे। उन्होंने कपड़े से अपने मुंह ढके हुए थे। अचानक फायर करके मौके से फरार हो गए। सतीश ने बताया कि उनकी किसी के साथ कोई रंजिश भी नहीं है। पता नहीं किस कारण से गोलियां चलाई गई है। उन्होंने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। DSP बोले- नाकाबंदी कर दी गई है डीएसपी कुलदीप बेनीवाल ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। जिलेभर में नाकाबंदी कर दी गई है और संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हनुमानगढ़ जिले में चोरी की वारदातें लगातार सामने आ रही हैं। फेफाना थाना क्षेत्र में एक सूने घर से लाखों रुपए के जेवर और नकदी चोरी हो गई। वहीं, जिला मुख्यालय पर एक मोबाइल शॉप का ताला तोड़कर भी चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फेफाना निवासी राजेश कुमार ने पुलिस को बताया कि वह 26 मार्च को अपनी पत्नी के साथ सादुलशहर अपने बेटे-बहू से मिलने गए थे। इस दौरान उनका घर सूना था। 2 अप्रैल की शाम को जब वे वापस लौटे, तो घर के लॉबी का ताला टूटा हुआ मिला और अंदर कमरे अस्त-व्यस्त थे। राजेश कुमार ने सामान की जांच की तो अलमारी से सोने-चांदी के जेवर और 40 हजार रुपए नकद गायब मिले। चोरी हुए सामान में लगभग 4.5 तोला की दो लेडीज सोने की चेन, एक बच्चे की सोने की चेन, बच्चों के सोने के 11 घुंघरू, चांदी के चार कड़े, एक चांदी की कटोरी और एक चम्मच शामिल हैं। परिवादी के अनुसार, चोरी की वारदात 31 मार्च या 1 अप्रैल की रात को हुई। चोरी का पता चलते ही राजेश कुमार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। फेफाना पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले की जांच एएसआई महेंद्र कुमार कर रहे हैं। इधर, जंक्शन थाना क्षेत्र में एक मोबाइल शॉप में चोरी का मामला दर्ज किया गया है। सतीपुरा निवासी सौरभ शाक्य ने रिपोर्ट में बताया कि उनकी सुरेशिया में 'शाक्य मोबी केयर' के नाम से दुकान है। सौरभ शाक्य ने बताया कि 1 अप्रैल की रात करीब 9:30 बजे वह दुकान पर ताला लगाकर घर चले गए थे। रात में किसी समय अज्ञात चोरों ने दुकान का ताला तोड़कर कई नए और पुराने मोबाइल फोन चोरी कर लिए। सुबह दुकान पहुंचने पर उन्हें चोरी का पता चला। जंक्शन पुलिस ने भी संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
भीलवाड़ा: मातृ एवं शिशु अस्पताल में मोबाइल चोरी, होमगार्ड ने 2 आरोपियों को पकड़ा
वार्ड 180 में बुजुर्ग महिला का फोन चुराकर भाग रहे तीन युवकों में से दो को होमगार्ड जवानों ने घेराबंदी कर पकड़ा, भीमगंज पुलिस को सौंपा।
भीलवाड़ा: मोबाइल टावर लगाने के नाम पर 12.78 लाख की ठगी करने वाला असम से गिरफ्तार
करेड़ा पुलिस ने एयरटेल का फर्जी अधिकारी बनकर ग्रामीणों को चूना लगाने वाले मास्टरमाइंड दीपू बोरगोहैन को असम के जंगलों से किया गिरफ्तार।
सोनीपत पुलिस की साइबर सेल टीम ने एक विशेष अभियान चलाकर 40 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइल फोन की बाजार में अनुमानित कीमत लगभग दस लाख रुपए है। बरामद किए गए मोबाइल फोन विभिन्न कंपनियों के हैं। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त ममता सिंह ADGP के कुशल नेतृत्व और पुलिस उपायुक्त साइबर कुशल पाल सिंह तथा सहायक पुलिस आयुक्त राजपाल सिंह के मार्गदर्शन में की गई। शनिवार को सहायक पुलिस आयुक्त राजपाल सिंह ने CEIR पोर्टल और विभागीय अनुसंधान के माध्यम से प्राप्त जानकारी के आधार पर इन सभी मोबाइल फोनों को उनके असल मालिकों को सौंप दिया। सहायक पुलिस आयुक्त राजपाल सिंह ने बताया कि सोनीपत की साइबर सेल लगातार ऐसे मामलों में सफलता हासिल कर रही है। गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को CEIR (केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर) पोर्टल के माध्यम से ट्रैक किया जाता है। शिकायतकर्ताओं द्वारा ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कराई गई रिपोर्ट्स के आधार पर मोबाइल लोकेशन का विश्लेषण कर पुलिस टीमों ने इन फोनों को बरामद किया। अब तक 117 मोबाइल तलाश कर मालिकों को सौंपे उन्होंने यह भी बताया कि सोनीपत पुलिस ने इस वर्ष अब तक कुल 117 मोबाइल फोन ढूंढकर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे हैं। पुलिस का उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को उनके गुम हुए मोबाइल वापस दिलाना और उन्हें साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना है। राजपाल सिंह ने आम जनता से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल फोन गुम या चोरी हो जाता है, तो वे तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज करवाने के साथ-साथ CEIR पोर्टल पर भी अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करें। इससे मोबाइल की लोकेशन ट्रैक होने और उसकी बरामदगी की संभावना बढ़ जाती है।
भिलाई-3 स्थित पार्थिवी इंजीनियरिंग मैनेजमेंट कॉलेज में चल रही जेईई मेंस की परीक्षा में एक मुन्नाभाई पकड़ाया है। छात्र अपनी चप्पल के अंदर मोबाइल छिपाकर परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाने की कोशिश कर रहा था। जिसे गार्ड ने पकड़ लिया। छात्र को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। दरअसल, पार्थिवी इंजीनियरिंग कॉलेज (आईओन डिजिटल जोन) में गुरुवार को जेईई मेंस की पहली पाली की परीक्षा चल रही थी। आरोपी परीक्षार्थी आदित्य कुमार सुबह करीब 8:25 बजे परीक्षा केंद्र पहुंचा। मुख्य गेट पर चेकिंग के दौरान उसने चालाकी दिखाते हुए अपनी चप्पलें पहले ही उतार दीं। जिससे मेटल डिटेक्टर की जांच में वह न पकड़ा जाए। इसके बाद वह लैब नंबर 12ए में जाकर अपनी सीट पर बैठ गया और सुबह 9 बजे से पेपर देना शुरू कर दिया। वॉशरूम से लौटने के बाद गार्ड को हुआ शक परीक्षा के दौरान सुबह करीब 11:08 बजे आदित्य ने बायो-ब्रेक (वॉशरूम जाने) की अनुमति मांगी। वह लगभग 20 मिनट तक बाहर रहा। जब वह 11:28 बजे वॉशरूम से वापस आया, तो सुरक्षा गार्ड ओमेंद्र कुमार ने उसकी दोबारा जांच की। इस बार भी आदित्य ने चालाकी दिखाई और जांच से पहले ही अपनी चप्पलें दूर उतार दीं। चप्पल घसीट कर चल रहा था परीक्षार्थी जांच के बाद जैसे ही उसने चप्पल पहनी और लैब की तरफ बढ़ने लगा, गार्ड की नजर उसकी चाल पर पड़ी। वह अपनी चप्पलों को जमीन पर घसीटकर अजीब तरीके से चल रहा था। गार्ड को उसकी हरकत संदिग्ध लगी, जिसके बाद उसने छात्र को रोककर उसकी चप्पलों की बारीकी से जांच की। चप्पल के अंदर मिला मोबाइल, पुलिस को बुलाया जब गार्ड ने चप्पल चेक की तो उसमें मोबाइल मिला। छात्र ने चप्पल के तलवे को बीच से काटकर उसमें मोबाइल रखने के लिए एक खास जगह बनाई थी। चप्पल के अंदर मोबाइल पूरी तरह छिपा हुआ था। इसकी सूचना तुरंत कॉलेज के वेन्यू कमांडिंग ऑफिसर अजीत वर्मा और एनटीए के अधिकारियों को दी गई। पुलिस को दी गई सूचना, केस दर्ज मैनेजमेंट ने इस मामले की जानकारी तुरंत पुलिस को दी। डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और छात्र को हिरासत में लेकर भिलाई-3 थाने ले गई। कॉलेज प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने मोबाइल जब्त कर लिया है। आरोपी छात्र के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के जिला पश्चिम की टीमों ने साइबर सेल और संचार साथी (CEIR) पोर्टल की मदद से आमजन को बड़ी राहत दी है। पुलिस ने गुम और चोरी हुए 110 मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को सुपुर्द किए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 33 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस उपायुक्त (जोधपुर पश्चिम) कमल शेखावत ने बताया कि साइबर सेल (पश्चिम) और जिला पश्चिम के विभिन्न थानों की टीमों ने संचार साथी पोर्टल की तकनीकी मदद से इन मोबाइलों को ट्रेस किया है। शेखावत के अनुसार इस पोर्टल की मदद से अब तक जिला जोधपुर पश्चिम द्वारा कुल 820 मोबाइल बरामद कर परिवादियों को लौटाए जा चुके हैं। मोबाइल गुम होने पर क्या करें? डीसीपी शेखावत ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल चोरी या गुम होने पर तुरंत संचार साथी पोर्टल पर उसे ब्लॉक करवाएं। इसके लिए निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाएं:
नोएडा में साइबर अपराधियों ने एक प्रोफेसर के बैंक खाते से 59 लाख रुपए निकाल लिए। पीड़ित को ठगी की जानकारी तब हुई, जब बैंक से मैसेज आया कि उसके खाते से भारी रकम ट्रांसफर हो गई है। इसके बाद उसने तुरंत बैंक और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। जिन खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर हुई है,उनकी जांच की जा रही है। साइबर क्राइम थाने में दी शिकायत में पवन कुमार भारती ने बताया- वर्तमान में वह ग्रेटर नोएडा के एक सोसाइटी में रहते हैं और पेशे से प्रोफेसर हैं। उनका एक बैंक में करंट अकाउंट है। बीते माह 23 मार्च को सुबह करीब साढ़े दस बजे पवन को बैंक से सूचना मिली कि उनके खाते से कई ट्रांजैक्शन किए गए हैं। जब उन्होंने जांच की तो पता चला कि उनके खाते से अलग-अलग हिस्सों में कुल 59 लाख रुपये निकाल लिए गए हैं। ओटीपी और अलर्ट मैसेज नहीं आया पीड़ित के अनुसार उन्होंने यह ट्रांजैक्शन खुद नहीं किए थे और न ही उनके मोबाइल पर कोई ओटीपी या अलर्ट मैसेज आया था। जब उन्होंने अपना मोबाइल और ईमेल चेक किया तो पाया कि उनकी ईमेल आईडी निष्क्रिय हो गई थी। इससे उन्हें शक हुआ कि ठगों ने उनकी ईमेल और बैंकिंग जानकारी हैक कर ली। बैंक से स्टेटमेंट लेने पर पता चला कि ठगों ने एनईएफटी के जरिए कई बार में रकम ट्रांसफर की। चार बार में ट्रांसफर हुए पैसे इनमें आठ लाख, 10 लाख, 31 लाख और 10 लाख रुपये अलग-अलग ट्रांजैक्शन में भेजे गए। यह पूरी वारदात कुछ ही मिनटों में अंजाम दे दी गई। पीड़ित ने तुरंत नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और पुलिस में रिपोर्ट दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ठगों ने किस तरह से अकाउंट और ईमेल को एक्सेस किया।
चंडीगढ़ के सेक्टर 37 स्थित पंजाब भाजपा मुख्यालय में ब्लास्ट करने वाले हमलावरों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। चंडीगढ़ की एजीटीएफ, पंजाब एजीटीएफ और पंजाब की लोकल पुलिस आरोपियों के पीछे लगी हुई हैं। एक की महिला साथी को पुलिस बुडै़ल से हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं अब पता चला है कि NIA, रॉ और स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल की टीमें भी आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं। क्योंकि मामला ग्रेनेड हमले का है और जांच में सामने आया है कि यह पाकिस्तान में बनाया गया है, उसके बाद सभी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। पल-पल की जानकारी केंद्र सरकार को भी दी जा रही है। बीते बुधवार (1 अप्रैल) की शाम को ब्लास्ट किया गया था। इससे मौके पर खड़ी कई कारों के शीशे टूट गए और आसपास की दीवार पर छर्रों के निशान बन गए। घटना के 2 वीडियो वायरल हुए, जिसमें से एक में व्यक्ति ग्रेनेड बम फेंकता दिखा। जबकि, दूसरे वीडियो में बाइक पर जाते दो लोग दिखे, जिन्हें हमलवार बताया गया। वहीं, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी वायरल हुई, जिसमें इस हमले की जिम्मेदारी खालिस्तानी संगठन ने ली। अब तक पुलिस ने इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं की है। चंडीगढ़ की SSP कंवरदीप कौर ने कहा था कि क्रूड जैसी चीज फेंकी गई। चंडीगढ़ व पंजाब पुलिस का नहीं कोऑर्डिनेशनचंडीगढ़ व पंजाब पुलिस का कोऑर्डिनेशन नहीं हो रहा है। सूत्रों से पता चला है कि चंडीगढ़ में पंजाब यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट पर फायरिंग के मामले में और सेक्टर 9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत की हत्या के केस में पंजाब एजीटीएफ ने आरोपियों को पकड़ा, जिसके चलते चंडीगढ़ पुलिस की काफी किरकिरी हुई। इसी के चलते अब चंडीगढ़ के डीजीपी डॉक्टर सागर प्रीत हुड्डा की सुपरविजन में एजीटीएफ का गठन किया गया। अब चंडीगढ़ पुलिस आरोपियों को पंजाब पुलिस से पहले पकड़ना चाहती है, जिसके चलते आपस में कोऑर्डिनेशन नहीं हो रहा है और इसी का फायदा आरोपी उठा रहे हैं। सूत्रों से पता चला है कि चंडीगढ़ एजीटीएफ के पास सबसे पहले सूचना थी। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने सबसे पहले खरड़ में रेड की। उसके बाद पंजाब के गांव रतनगढ़ में गुरुवार को दोपहर करीब 3 बजे आरोपी अमनदीप के घर पहुंची, लेकिन वहां अमनदीप नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने उसकी मां अमर कौर (80) और उसकी पत्नी जसप्रीत कौर का फोन अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद पुलिस अमनदीप के पिता को अपने साथ ले आई। पंजाब पुलिस ने लगा रखा था फोन सर्विलांस परचंडीगढ़ पुलिस के बाद शाम को पंजाब पुलिस की टीम अमनदीप के घर पहुंची। पता चला है कि पंजाब एजीटीएफ ने अमनदीप का मोबाइल फोन सर्विलांस पर लगा रखा था और मोबाइल फोन पर बात हुई थी कि सामान घर में पड़े ट्रक में रखा हुआ है। इसके बाद पुलिस घर पहुंची और घर वालों से ट्रंक के बारे में पूछा कि वह कहां है। जब ट्रक को खोला गया तो उसके अंदर से एक पीला लिफाफा मिला, जिसके अंदर कारतूस मिले। सूत्रों से पता चला है कि फरार आरोपियों के पास ग्रेनेड और रिवॉल्वर भी हो सकते हैं। अभी तक की जांच में सामने आया है कि दूसरा आरोपी गुरतेज है। उसके घर भी चंडीगढ़ पुलिस पहले पहुंची थी, जहां उसके मां-बाप मिले और उन्होंने बताया कि उनका बेटा नशेड़ी है और काफी समय से घर नहीं आ रहा था। बुधवार रात को ही वह घर आया था। वह चंडीगढ़ में किसी महिला मित्र के साथ रहता है और रैपिडो चलाता है। उन्होंने उसे बेदखल कर रखा है। इसके बाद पंजाब पुलिस भी दूसरे आरोपी गुरतेज के घर पहुंची और वहां से उसके बड़े भाई को अपने साथ ले गई। सूत्रों के अुनसार, ब्लास्ट की वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी गुरतेज की महिला साथी को पुलिस बुडै़ल से हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पाकिस्तानी ग्रेनेड के यूज होने का दावाइससे पहले इस मामले में सूत्रों से पता चला था कि हमले में GHD2P हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया था। यह ग्रेनेड पाकिस्तान में बनाया जाता है। विस्फोट के बाद यह करीब 5 से 10 मीटर के दायरे में बेहद घातक साबित हो सकता है। वहीं, इसके टुकड़े 20 से 25 मीटर तक फैल सकते हैं, जिससे आसपास मौजूद लोगों के गंभीर रूप से घायल होने का खतरा रहता है। हमले के बाद 2 नए वीडियो भी सामने आए। हमले से कुछ मिनट पहले वीडियो में BJP ऑफिस के पास स्थित एक अन्य दफ्तर के बाहर 2 संदिग्ध खड़े दिखाई दे रहे हैं। वहीं, दूसरे वीडियो में हमले के बाद दोनों संदिग्ध सड़क के दूसरी ओर भागते हुए कैद हुए हैं। ऐसे जांच में उलझी रही चंडीगढ़ पुलिससूत्रों के मुताबिक आरोपी सेक्टर-24 (जहां पर VIP रहते हैं) में सड़क किनारे बने बस स्टॉप पर खड़े होकर बस का इंतजार करने लगे, जैसे ही CTU की बस आई उसमें बैठ गए और सेक्टर-43 बस स्टैंड पर उतर गए। इसके बाद वहां से खरड़ की बस ली। चंडीगढ़ पुलिस की जांच में सामने आया कि इन दोनों आरोपियों के पास 20-20 रुपए थे। जबकि किराया ज्यादा लगा था। जिसके बाद उनमें से एक ने बस में मौजूद एक शख्स को गूगल-पे के जरिए पैसे दिए और उसे कैश कुछ पैसे ले लिए, जो किराया उसने बस कंडक्टर को दिया। बीजेपी ऑफिस के साथ लगते पेट्रोल पंप से चंडीगढ़ पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज ली थी। उसमें एक बाइक पर दो शख्स सवार होकर जा जाते दिखे, जिसकी जांच में ही पुलिस उलझी रही। लेकिन आरोपी सड़क पार कर सामने सेक्टर-24 की तरफ से बस में बैठकर भा गए थे। इसी कारण आरोपी चंडीगढ़ पुलिस के हाथ नहीं लगे। रिटायर्ड SP से जानिए चंडीगढ़ पुलिस का सिस्टम पहले कैसे होता था…
समस्तीपुर जिले के रोसरा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति का सड़ा-गला शव फांसी के फंदे से झूलता हुआ बरामद किया गया है। मृतक की पहचान लक्ष्मीपुर वार्ड 16 निवासी विनोद महतो के 35 साल के बेटे चंदन कुमार के रूप में हुई है। मृतक के भाई ने बताया कि चंदन तीन दिनों से लापता था। हालांकि, शुक्रवार को घर से ही चंदन की लाश बरामद की गई। चंदन दो भाई है। चंदन का छोटा भाई अपने पिता, पत्नी और बच्चों के साथ अपने ससुराल में रहता है। चंदन का एक बेटा भी उसके साथ रहता है। वारदात के दौरान चंदन की पत्नी अपने दो अन्य बच्चों के साथ दिल्ली में थी। घर से बदबू आने पर लाश होने की मिली जानकारी पुलिस के अनुसार, रोसरा थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर मोहल्ला स्थित चंदन कुमार के घर से दुर्गंध आने पर आसपास के लोगों ने उनके भाई अजीत कुमार और पिता विनोद महतो को सूचना दी। सूचना मिलने पर वे घर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया। मृतक के भाई अजीत कुमार ने बताया कि चंदन पिछले तीन दिनों से लापता था। 30 मार्च को मैं घर आया था, घर के दरवाजे पर कुंडी लगी थी, सोचा कि चंदन किसी रिश्तेदार के पास गया होगा। रिश्तेदारों के पास तलाश की, लेकिन वहां भी कोई जानकारी नहीं मिली। आज चंदन की लाश घर में ही लटकी पाई गई। तीन बच्चों का पिता था चंदन, पत्नी दो बच्चों को लेकर प्रेमी के पास दिल्ली में रह रही अजीत कुमार ने पुलिस को बताया कि चंदन कुमार के तीन बेटे हैं। लगभग एक साल पहले वो अपनी पत्नी के साथ दिल्ली गया था। दिल्ली में उसकी पत्नी का किसी अन्य व्यक्ति से प्रेम संबंध हो गया और वह उससे शादी करना चाहती थी। जब चंदन को इस बात का पता चला तो वह अपनी पत्नी को डांटता-फटकारता था। इसके बाद पत्नी ने प्रेमी से चंदन की पिटाई करा दी। फिर चंदन अपने मंझले बेटे को लेकर गांव आ गया था। गांव लौटने के बाद बेटे को छोटे भाई के ससुराल पहुंचाया अजीत ने बताया कि गांव लौटने के बाद चंदन ने अपने बेटे को मेरे पास छोड़ दिया था। चंदन दो किलोमीटर दूर मेरे ससुराल में ही खाना खाता था, फिर घर लौट जाता था। वो गांव में ही मजदूरी कर रहा था। उधर, पुलिस ने बताया कि शव काफी सड़ा-गला हुआ था और उससे तेज दुर्गंध आ रही थी। घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था और मृतक का मोबाइल फोन भी गायब था। पुलिस ने कहा- मामले की जांच पड़ताल जारी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर भेज दिया है। वही इस घटना की सूचना मृतक की पत्नी को भी दी गई है। इस मामले को लेकर रोसरा थाना प्रभारी लाल बाबू शाह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि लक्ष्मीपुर वार्ड 16 में घर में फांसी के फंदे से लटका सड़ा गला एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। परिजनों के तरफ से लिखित आवेदन दिए जाने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
नूरमहल में हुए ब्लाइंड मर्डर केस को पुलिस ने सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी ओंकार सिंह बराड़ ने बताया कि 1 मार्च 2026 को दलीप सिंह ने अपने बेटे इकबाल सिंह उर्फ बब्बलू की हत्या की शिकायत दर्ज करवाई थी। इकबाल सिंह का शव 28 फरवरी को नकोदर रोड पर नूरमहल के पास नए हाईवे के नजदीक एक कच्चे रास्ते पर मिला था। अज्ञात हमलावरों ने तेजधार हथियारों से उसकी हत्या कर दी थी। इस संबंध में थाना नूरमहल में एफआईआर नंबर 32 के तहत धारा 103 बीएनएस में मामला दर्ज किया गया। आपसी रंजिश में हुई थी हत्या जांच के दौरान सामने आया कि मृतक पिछले 17-18 वर्षों से अमरजीत सिंह कंग के घर की देखभाल करता था। वहीं, उसी घर में काम करने वाले सतनाम सिंह (मिस्त्री) और बब्बलू उर्फ लल्ला (मजदूर) के साथ उसका अक्सर विवाद होता रहता था। इसी आपसी रंजिश ने हत्या का रूप ले लिया। पुलिस के अनुसार, 28 फरवरी की रात करीब 8:30 बजे आरोपियों ने इकबाल सिंह को रास्ते में रोककर उसकी आंखों में मिर्च पाउडर डाला और दरांती जैसे तेजधार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी उसका मोबाइल फोन और जरूरी दस्तावेज लेकर फरार हो गए। तकनीकी जांच और गहन छानबीन के बाद पुलिस ने 2 अप्रैल को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी पहचान सतनाम सिंह निवासी मलोवाल और बब्बलू उर्फ लल्ला निवासी पंडोरी मोतुआ के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड लिया जाएगा और मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
नागौर पुलिस ने साइबर ठगों, मादक पदार्थ तस्करों और अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है। जिले की कोतवाली पुलिस ने ऑनलाइन गेम्स के माध्यम से लाखों रुपये की ठगी करने वाली गैंग का पर्दाफाश किया है। इसमें आरोपी सुनील और सुखवीर को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी 'Rolex Fairplay App' के जरिए लोगों को प्रलोभन देकर उनसे रुपए हड़प लेते थे। आरोपियेां के कब्जे से 2 लैपटॉप और 9 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। दोनों यूजर्स को ज्यादा रकम दिखाते थे, इसके बाद उसी रकम को देने के नाम पर उनसे रकम वसूलते थे। टेलीग्राम पर ठगी करने वाला गिरोह भी पकड़ामेड़तासिटी पुलिस ने टेलीग्राम पर टास्क देने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्य गोपाल, अनिल, प्रमेश और सुनील को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी टेलीग्राम ग्रुप और चैनल बनाकर लोगों को मनी विड्रॉल का झांसा देते थे और स्वयं कस्टमर सपोर्ट के रूप में कार्य करते थे। इनके पास से 6 मोबाइल फोन, 3 एटीएम कार्ड और 1 बैंक पासबुक जब्त की गई है। डोडा पोस्त के साथ एक गिरफ्तार'ऑपरेशन संकल्प' के तहत गोटन पुलिस ने आरोपी नेनाराम को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 3.085 किलोग्राम अवैध डोडा पोस्त बरामद किया है। पुलिस ने आरोपी के घर दबिश देकर मादक पदार्थ के साथ उसे पीसने की मिक्सी और तौलने का इलेक्ट्रॉनिक कांटा भी जब्त किया है। रेप कर फरार हुआ आरोपी भी पकड़ाइसके अलावा गोटन पुलिस ने रेप के मामले में फरार चल रहे वांछित आरोपी मुकेश उर्फ मुकेशनाथ को सीकर जिले से पकड़ा है। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीम ने किसान का भेष धारण कर रेतीले धोरों में सर्च ऑपरेशन चलाया था। अवैध शराब के साथ एक गिरफ्तारखींवसर पुलिस ने अवैध शराब के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए मुमताज नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आंकला बस स्टैंड स्थित आरोपी की दुकान से भारी मात्रा में देशी व अंग्रेजी शराब के साथ 8830 रुपए कैश बरामद किए है। पुलिस ने आमजन से अपील भी की है कि वे किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता किराये पर न दें और ऑनलाइन सट्टे जैसे अपराधों से दूर रहें।
मोगा में लूट गिरोह का पर्दाफाश:पुलिस ने दो आरोपी काबू किए, मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद
मोगा सिटी साउथ पुलिस ने लूटपाट करने वाले एक गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से छीना गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। इस मामले में मुकदमा नंबर 120 के तहत धारा 304 बी.एन.एस. के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हैप्पी सिंह उर्फ पोपला सिंह और जगदीप सिंह उर्फ जग्गू के रूप में हुई है। थाना प्रभारी गुरविंदर भुल्लर ने जानकारी देते हुए बताया कि करमजीत कौर पत्नी विशाल कुमार निवासी सरदार नगर, मोगा ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 को शाम करीब 5 बजे वह अपने घर के पास मौजूद थीं। इसी दौरान हीरो मोटरसाइकिल पर आए तीन अज्ञात व्यक्तियों ने उनके हाथ से मोबाइल फोन छीन लिया था। मोबाइल के कवर में उनका आधार कार्ड भी रखा हुआ था। आरोपी वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। जांच के दौरान, पुलिस ने छीना गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में शामिल तीसरे आरोपी अनमोलदीप सिंह उर्फ सन्नी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि गिरफ्तार आरोपी 20 मार्च 2026 को दर्ज एक अन्य मामले में भी शामिल थे, जिसमें शेखा चौक इलाके से एक महिला का मोबाइल फोन छीना गया था। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मोगा के कस्बा धर्मकोट के अंतर्गत आने वाले गांव भिंडर खुर्द में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया गया। घायल युवक की पहचान कपूर सिंह के रूप में हुई है, जिसे गंभीर हालत में मोगा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कपूर सिंह का करीब एक वर्ष पहले कथित हमलावरों के साथ मोबाइल चोरी के मामले को लेकर विवाद हुआ था। उस समय दोनों पक्षों के बीच राजीनामा हो गया था, लेकिन इसके बावजूद आरोपी उससे रंजिश रखते आ रहे थे। मौके से भागकर युवक ने बचाई जान कपूर सिंह के अनुसार, गत दिवस वह अपने दोस्त विशाल सिंह के पास काम के सिलसिले में गया हुआ था। इसी दौरान मौके पर पहुंचे कथित आरोपियों ने उस पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया। हमले में घायल कपूर सिंह ने बताया कि उसने बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाई और मौके से भागकर खुद को सुरक्षित किया। बाद में उसे उपचार के लिए सिविल अस्पताल मोगा में भर्ती कराया गया। फिलहाल उसका इलाज जारी है। पीड़ित युवक ने जान को बताया खतरापीड़ित कपूर सिंह ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उसने अपनी जान को खतरा बताते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच जारी वहीं, थाना धर्मकोट पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
हरियाणा के नारनौल शहर से एक 19 वर्षीय युवती के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। युवती की मां की शिकायत पर शहर थाना नारनौल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवती के परिजनों ने एक युवक पर शक जताया है। पुलिस को दी शिकायत में मूल रूप से गांव सलीमपुर (थाना अटेली) की रहने वाली महिला ने बताया कि वह इन दिनों किराये के मकान में गणेश कॉलोनी, नारनौल में रह रही हैं। उनकी बेटी 19 वर्षीय बेटी बीते कल सुबह करीब 9 बजे पढ़ाई के लिए नारनौल गई थी, लेकिन सुबह 11 बजे के बाद से उसका मोबाइल फोन बंद आ रहा है और उसका कोई पता नहीं चल पाया है। एक युवक पर शक परिजनों ने बताया कि उन्होंने अपने स्तर पर आस, पड़ोस, रिश्तेदारियों व उसकी सहेलियों सहित हर जगह तलाश की, लेकिन अभी तक युवती का कोई सुराग नहीं मिला। शिकायत में महिला ने धनौंदा निवासी अमन पर शक जताते हुए आरोप लगाया कि वह उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। उन्होंने बताया कि अमन का मोबाइल नंबर भी फिलहाल स्विच ऑफ आ रहा है। पुलिस तलाश में जुटी शिकायत मिलने के बाद थाना शहर नारनौल में धारा 127(6) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच पीएसआई सविना द्वारा की जा रही है। पुलिस लापता युवती की तलाश में जुटी हुई है।
यमुनानगर शहर के फरकपुर थाना क्षेत्र में चाकू दिखाकर हुई लूट की वारदात को 9 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इस बीच घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि तीन बदमाश साइकिल सवार को आगे बाइक अड़ाकर रोक लेते हैं। ऐसे में दो युवक बाइक से उतरकर साइकिल सवार को चाकू दिखाते हैं और तीसरा युवक बाइक को मोड़कर खड़ा हो जाता है। इस दौरान साइकिल नीचे गिर जाती है। 40 सेकेंड में बदमाश वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। 11,800 रुपए कैश व मोबाइल छीना घटना 25 मार्च तड़के तीन बजे की है, जब वार्ड नंबर-18 के सब्जी विक्रेता बेच्चु गुप्ता साइकिल पर सब्जी लेने मंडी जा रहा था। जब वह दुर्गा मंदिर से भगवती के बीच पहुंचा, तभी तीन युवक बाइक पर आए और उसकी साइकिल के आगे बाइक अड़ाकर उसे रोक लिया। बदमाशों ने अपने चेहरे कपड़े से ढके हुए थे और उनके हाथों में चाकू थे। आरोपियों ने पहले पैसे देने को कहा और मना करने पर उसके पेट पर चाकू रख दिया। डर के माहौल में बदमाशों ने उससे करीब 11 हजार 800 रुपए नकद और वीवो कंपनी का मोबाइल फोन लूट लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। मामले का सीसीटीवी फुटेज पुलिस जांच का अहम हिस्सा बना हुआ है। 9 दिन बाद भी खाली हाथ पुलिस पीड़ित ने घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचना दी थी, जिसके बाद थाना फरकपुर में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर जगतार सिंह कर रहे हैं। हालांकि, नौ दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अब तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित बेच्चु गुप्ता का कहना है कि वह अभी भी सदमे में है। आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उससे लूटा हुआ कैश व मोबाइल बरामद कराया जाए। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान के प्रयास जारी हैं। जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कुरुक्षेत्र जिले में लाडवा-यमुनानगर रोड पर स्कूटी सवार को लिफ्ट देना महंगा पड़ा गया। उस शख्स ने स्कूटी चला रहे युवक को रास्ते में रुमाल से बेहोश किया। फिर उसे खंडहर मकान में ले जाकर मारपीट कर सोनू की चैन, अंगूठी, 20 हजार रुपए कैश और मोबाइल लूट लिया। आरोपी ने युवक को कमरे में बंद किया और मौके से भाग गया। युवक को होश आया तो किसी तरह कमरे से बाहर निकला और घर पहुंचकर पुलिस को सारी दी। फिलहाल पुलिस ने थाना सदर थानेसर में केस दर्ज कर लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आसपास CCTV कैमरे चेक किए जा रहे हैं। घर लौटते वक्त मांगी लिफ्ट शमशेर सिंह निवासी खैरी ने पुलिस को शिकायत में बताया कि वह खेतीबाड़ी का काम करता है। कल वह अपने किसी काम से स्कूटी पर कुरुक्षेत्र आया था। काम निपटाने के बाद शाम को वापस अपने घर जा रहा था। बीड़ मथाना गांव के पास पहुंचा, तो एक व्यक्ति ने इशारा करके उसे रोक लिया और उससे लिफ्ट मांगी। मुंह पर रुमाल रख किया बेहोश उसने उस व्यक्ति को अपने पीछे स्कूटी पर बैठा लिया। थोड़ी दूर चलने के बाद उस शख्स ने अचानक उसके मुंह पर रुमाल रख दिया और वह बेहोश हो गया। इस दौरान आरोपी उसे बेहोशी की हालत में खाली पड़े सेलर के खंडहर मकान में ले आया। यहां आरोपी ने उसके साथ मारपीट की। अंगूठी, चेन और कैश छीना आरोपी ने जबरन उसकी 4-5 ग्राम की सोने की अंगूठी, करीब 2 तोले सोने की चैन, 20 हजार रुपये कैश और मोबाइल फोन छीन लिया। उसके बाद आरोपी उसे कमरे में बंद कर कुंडी लगाकर फरार हो गया। काफी देर बाद उसे होश आया। वह दरवाजा तोड़कर बाहर निकला और पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज करवाई।
यूपी के कासगंज की रहने वाली महिला को काम के बहाने राजस्थान ले जाकर उससे रेप किया गया। उसे 10 दिन तक बंधक बनाकर रखा गया। यह गंदा काम महिला के मुंहबोले भाई ने किया। महिला ने बताया- वह मुझे मुंहबोली बहन कहता था। इसी का फायदा उठाकर मुझे अपने साथ ले गया। राजस्थान ले जाने के बाद उसने मेरा मोबाइल फोन तोड़ दिया। इससे मेरी किसी से बात नहीं हो पाई। इसी बीच किसी तरह उसका मोबाइल मेरे हाथ लग गया। तब मैंने अपने पति को फोन कर आपबीती बताई। इसके बाद पति, देवर और ससुर मुझे लेने राजस्थान पहुंचे। लेकिन, इससे पहले ही वह श्रीगंगानगर में मुझे छोड़कर भाग गया। इसके बाद महिला को राजस्थान के अबोहर लाकर अस्पताल में मेडिकल के लिए भर्ती कराया गया। वहीं, महिला के पति ने बताया कि उसने भी पुलिस को पत्नी की गुमशुदगी की शिकायत दी थी। लेकिन पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। गुरुवार को महिला ने राजस्थान के थाना खुईयां सरवर पहुंचकर आरोपी के खिलाफ शिकायत दी है। महिला ने बताईं ये बातें… पति बोला- पुलिस ने कार्रवाई नहीं कीउधर, 23 मार्च की शाम तक जब महिला घर नहीं लौटी, तो पति ने पत्नी के लापता होने की शिकायत खुईयां सरवर थाने में दर्ज करवाई थी। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। थाना खुईयां सरवर प्रभारी रणजीत सिंह ने बताया कि मामले की जांच लेडी इंस्पेक्टर प्रमिला और गुरदीप सिंह को सौंप दी गई है। पुलिस ने आरोपी मंगल सिंह के खिलाफ रेप का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामले में अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। पैसों के बारे में पुलिस मामले की जांच करेगी या आरोपी पकड़ा जाएगा, तभी कुछ साफ हो सकेगा। भास्कर सर्वे में हिस्सा लीजिए, पूरी तरह गोपनीय है… यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए… --------------------------- यह खबर भी पढ़ें... 27 साल की महिला का हेलमेट समेत सिर कटकर अलग, उन्नाव में ट्रक गर्दन पर चढ़ा; भतीजी बाल-बाल बची; दुबई में रहता है पति उन्नाव में तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से गुरुवार दोपहर स्कूटी सवार महिला की मौत हो गई। महिला अपनी 6 साल की भतीजी के साथ बाजार गई थी। रास्ते में ट्रक ने पीछे से स्कूटी में टक्कर मार दी। इससे महिला और उसकी भतीजी सड़क पर गिर गई। तभी ट्रक का पहिया महिला की गर्दन से गुजर गया। महिला का सिर हेलमेट समेत धड़ से अलग हो गया। हादसे में बच्ची बाल-बाल बची है। लेकिन वह सदमे में है। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर
अबोहर की महिला को काम के बहाने राजस्थान लेकर जाकर रेप किया गया और 10 दिन तक बंधक बनाकर रखा। महिला ने कहा कि आरोपी उसे मुंहबोली बहन कहता था और इसी का फायदा उठाकर उसे अपने साथ ले गया। राजस्थान ले जाने के बाद आरोपी ने उसका फोन तोड़ दिया। जिसके कारण उसकी किसी से बात नहीं हो पाई। किसी तरह उसके हाथ आरोपी युवक का फोन लगा, तो उसने अपने पति को कॉल कर आपबीती बताई। इसके बाद पति, देवर और ससुर उसे लेने के लिए राजस्थान पहुंचे। लेकिन इससे पहले ही आरोपी श्रीगंगानगर में महिला को छोड़कर भाग गया। इसके बाद उसे यहां लाकर अस्पताल में मेडीकल के लिए दाखिल करवाया। वहीं पति ने कहा कि उसने पुलिस को गुमशुदगी की शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने तक कोई कार्रवाई नहीं की। अब फिर से उन्होंने पुलिस को शिकायत दी है। महिला ने ये बड़ी बातें बताई… पति बोला- पुलिस ने कार्रवाई नहीं की महिला के पति ने 23 मार्च को शाम तक जब वह घर नहीं लौटी, जो पत्नी के लापता होने की शिकायत खुईयां सरवर थाने में दर्ज करवाई थी। लेकिन पुलिस ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं थाना खुईयां सरवर पुलिस का कहना है कि पीड़िता का मेडिकल कराया जा रहा है। उसकी शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ जांच की जा रही है और उचित कार्रवाई की जाएगी।
सिरसा पुलिस ने रानियां क्षेत्र में बुजुर्ग दंपती के घर हुई दिनदहाड़े लूट की वारदात में शामिल चौथे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल हथियार भी बरामद किया है। इस मामले में पहले ही तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह घटना 13 मार्च 2026 को रानियां थाना क्षेत्र के धनुर रोड स्थित वार्ड नंबर-10 में एक ढाणी में हुई थी। पीड़ित महिला गुरदीप कौर पत्नी संतोख सिंह ने पुलिस को बताया कि चार युवक स्कूटी और बाइक पर सवार होकर उनके घर पहुंचे और खुद को बिजली मिस्त्री बताया। घर में घुसते ही उन्होंने पिस्तौल के बल पर उनके 13 वर्षीय पोते को बंधक बना लिया। मोबाइल और कैश लूटकर भागे थे आरोपियों ने गुरदीप कौर और उनके पति को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद वे घर में रखे एक मोबाइल और लगभग 8 से 9 हजार रुपए कैश लूटकर मौके से फरार हो गए। एसपी ने स्पेशल टीमें गठित की थीं मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी दीपक सहारन ने स्पेशल पुलिस टीमों का गठन कर जल्द समाधान के निर्देश दिए। पीड़िता की शिकायत के आधार पर रानियां थाना में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने हथियार भी बरामद किया थाना प्रभारी ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण सुराग जुटाए। इसी कड़ी में वारदात में शामिल चौथे आरोपी सनील कुमार निवासी वार्ड नंबर-15 को रानियां क्षेत्र से ही गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल कापा (हथियार) भी बरामद किया है। तीन आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके गौरतलब है कि इस मामले में पहले ही तीन आरोपी प्रमोद कुमार निवासी ढाणी जोगा सिंह, गुरपिंदर सिंह और सुखदेव सिंह निवासी रानियां को गिरफ्तार किया जा चुका है। उनकी निशानदेही पर लूटी गई कैश, मोबाइल फोन, लैपटॉप तथा वारदात में इस्तेमाल स्कूटी व बाइक भी बरामद कर उन्हें जेल भेजा जा चुका है। गिरफ्तार किए गए चौथे आरोपी सनील कुमार को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। फिलहाल, पुलिस मामले में जांच कर रही है।
मऊ में मोबाइल दुकान से 50 लाख की चोरी:दीवार काटकर घुसे चोर, जहां चोरी, वो सबसे व्यस्त मॉर्केट
मऊ जिले के नगर कोतवाली थाना क्षेत्र के शहादतपुरा में एक मोबाइल दुकान में चोरी की बड़ी वारदात हुई है। चोरों ने दुकान की दीवार काटकर लगभग 50 लाख रुपए के मोबाइल फोन चुरा लिए। घटना का पता तब चला जब सुबह दुकानदार दुकान खोलने पहुंचा। मऊ के नवागत एसपी कमलेश बहादुर को चोरों ने शहर के व्यस्ततम इलाके में चोरी की घटना को अंजाम देकर चुनौती दी है। साथ ही शहर के बीचो-बीच इस चोरी की घटना को लेकर पुलिस पर भी सवाल निशान खड़े हो रहे हैं। वहीं पूरे मामले पर दुकान के मालिक राजेंद्र अग्रवाल ने बताया कि सुबह 9 बजे जब वे दुकान खोलने पहुंचे तो देखा कि सामान बिखरा पड़ा था और दुकान के बाहर मोबाइलों के खाली डिब्बे पड़े थे। उन्होंने तुरंत डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। यह घटना थाना कोतवाली क्षेत्र की सारहु पुलिस चौकी से महज सौ मीटर की दूरी पर हुई है, जिसे पुलिस के लिए एक चुनौती माना जा रहा है। चोरों ने दुकान में घुसने के लिए दीवार में सेंध लगाई थी। मौके से दीवार काटने का एक औजार भी बरामद हुआ है। दुकानदार के अनुसार, सैकड़ों महंगे मोबाइल चोरी हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि यह जिले के व्यस्ततम इलाके में हुई चोरी की घटना है। मामले का जल्द खुलासा करने के लिए फॉरेंसिक टीम, सर्विलांस टीम और पुलिस की टीमें काम कर रही हैं। उन्होंने कहां की शहर के बीचों बीच चोरी की यह घटना पुलिस के लिए चैलेंज है।
इंदौर में 3बच्चों की मां ने जहर खाकर जान दी:पति की डांट के बाद उठाया कदम, मोबाइल जांच करेगी पुलिस
इंदौर में तीन बच्चों की मां ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। घटना आजाद नगर क्षेत्र की है। बुधवार रात महिला को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक मृतका सीमा (26) पत्नी चंद्रभान प्रजापति, निवासी अभिषेक नगर है। बुधवार रात उसे उपचार के लिए एमवाय अस्पताल लाया गया था। पति चंद्रभान ने बताया कि रात करीब साढ़े 10 बजे घर पहुंचने पर सीमा की तबीयत खराब थी और पूछने पर उसने जहर खाने की बात बताई। मोबाइल पर बातचीत को लेकर हुआ विवाद पुलिस के अनुसार, सीमा कुछ दिनों से करण नाम के युवक से मोबाइल पर बात और चैटिंग कर रही थी। यह बात पति को पता चलने पर उसने बुधवार को उसे डांटा था। पुलिस का कहना है कि इसी बात से आहत होकर सीमा ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। दोनों की शादी को 8 साल से ज्यादा समय हो चुका है और उनके तीन बच्चे हैं। चंद्रभान मूल रूप से सागर का रहने वाला है और करीब 14 साल पहले काम के सिलसिले में इंदौर आया था। वह परिवार के साथ अभिषेक नगर में रह रहा था। पुलिस ने बताया कि मामले में महिला के मोबाइल की जांच की जाएगी। जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जामुल थाना क्षेत्र में संचालित संगठित ऑनलाइन सट्टा गिरोह के मामले में पुलिस ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी पहले गिरफ्तार किए गए सात सटोरियों के साथ मिलकर काम कर रहे थे। पुलिस ने इनके पास से छह मोबाइल फोन और 65 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। दरअसल कुछ दिन पहले जामुल पुलिस ने सुंदर विहार कॉलोनी फेस-2 में छापा मारकर एक बड़े सट्टा गिरोह का पर्दाफाश किया था। उस दौरान पुलिस ने मौके से सात लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों से सख्ती से पूछताछ और उनके मोबाइल डेटा की जांच में खुलासा हुआ कि इस अवैध खेल में कुछ अन्य लोग भी हयोग कर रहे थे। भिलाई-रायपुर के इलाकों में दी गई दबिश तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने भिलाई और रायपुर के अलग-अलग इलाकों में दबिश दी। इस दौरान पुलिस ने परमेश गेडाम (भिलाई), शिवा वैष्णव उर्फ समीर (रायपुर), मोहम्मद असलम (भिलाई) और सत्यपाल पासवान (भिलाई) को गिरफ्तार किया। पकड़े गए चारों आरोपी सट्टा संचालन के लिए आईडी उपलब्ध कराने, पैसों के लेन-देन का हिसाब रखने और तकनीकी सहायता देने का काम करते थे। सोशल मीडिया और नई तकनीक का इस्तेमाल पुलिस ने बताया कि आरोपी कम समय में अधिक पैसा कमाने के लालच में इस अवैध धंधे से जुड़े थे। ये लोग सोशल मीडिया और नई तकनीक का इस्तेमाल कर पुलिस की नजरों से बचते हुए सट्टा संचालित कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में अब तक कुल 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
रास्ता रोककर युवती से छेड़छाड़, मोबाइल नंबर मांगने लगा युवक
लुधियाना| शिमलापुरी इलाके में काम से घर लौट रही 25 वर्षीय युवती के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि मोहल्ले का ही एक युवक लंबे समय से उसे परेशान कर रहा था।पीड़िता के पिता के मुताबिक, 31 मार्च को उनकी बेटी काम से घर लौट रही थी। जैसे ही वह गली नंबर 4, रविंद्र कॉलोनी के पास पहुंची, आरोपी गुरजीत सिंह ने उसका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि युवक ने युवती की बाजू पकड़ ली और उसे आगे नहीं जाने दिया। इस दौरान वह जबरदस्ती उसका मोबाइल नंबर मांगने लगा। युवती ने हिम्मत दिखाते हुए खुद को छुड़ाया और घर पहुंचकर परिवार को घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने तुरंत थाना शिमलापुरी पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी गुरजीत सिंह के खिलाफ छेड़छाड़ की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी सलविंदर सिंह ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
नवादा में साइबर अपराधी अरेस्ट:बैंक से लोन के नाम पर करता था ठगी, लिंक भेजकर करता था मोबाइल हैक
नवादा पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। बुधवार को पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के निर्देश पर साइबर थाना पुलिस ने एक साइबर अपराधी रमेश कुमार (28 वर्ष) को गिरफ्तार किया। उसे वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के फतहा गांव स्थित एक ईंट भट्ठे के पास से पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त रमेश कुमार AL-KHAIR BATTUL MALL BANK से कम ब्याज दरों पर ऋण दिलाने का झांसा देकर देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों को ठगता था। वह ओटीपी के माध्यम से बैंक खातों से पैसे निकाल लेता था और लिंक भेजकर मोबाइल फोन हैक करने जैसे तरीकों का इस्तेमाल करता था। आरोपी की गिरफ्तारी को SIT का गठन इस मामले में साइबर थाना में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। पुलिस ने रमेश कुमार के पास से एक स्मार्ट मोबाइल फोन भी बरामद किया है। गठित एसआईटी टीम में पुलिस अवर निरीक्षक रंजन कुमार, प्रभारी पुलिस अवर निरीक्षक दीपक कुमार, बी०एच०जी०/192249 बालमुकुंद कुमार, बी०एच०जी०/192326 कुंदन कुमार, बी०एच०जी०/192207 सचिन कुमार और चा0सि0/60 सुभाष कुमार शामिल थे। ये सभी साइबर थाना, नवादा से संबंधित हैं। नवादा जिले में साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, जिसके खिलाफ पुलिस लगातार अभियान चला रही है।
सुलतानपुर में राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने बुधवार को चेकिंग के दौरान एक शातिर चोर को गिरफ्तार कर उसके पास से चोरी का एक कीमती मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस अधीक्षक रेलवे लखनऊ, रोहित मिश्रा के निर्देश पर संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं की सघन तलाशी का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थानाध्यक्ष भोला शंकर के नेतृत्व में जीआरपी टीम ने 1 अप्रैल को प्लेटफॉर्म नंबर 1 के वाराणसी छोर पर स्थित माल गोदाम के पास से एक संदिग्ध युवक को पकड़ा। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान सूरज मिश्रा (उम्र 32 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मिश्रा का पुरवा लोकीपुर, थाना कूड़ेभार, सुलतानपुर का निवासी है। उसके पास से एक काले रंग का रियलमी (Realme) टचस्क्रीन मोबाइल फोन बरामद हुआ है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 27,000 रुपये बताई गई है। अभियुक्त सूरज मिश्रा के विरुद्ध मामला पंजीकृत किया गया है। पुलिस पूछताछ में अभियुक्त ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि वह नशे का आदी है। अपनी नशे की लत को पूरा करने के लिए पैसों का इंतजाम करने हेतु वह रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में छोटी-मोटी चोरियां करता था। इस सफल कार्रवाई में उप-निरीक्षक दीवान चन्द रावत, कांस्टेबल नितिन कुमार, सूर्यप्रकाश सरोज और आरपीएफ पोस्ट के रामबहादुर यादव शामिल रहे। अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
संभल में एलपीजी गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं को केवाईसी अधूरी होने और मोबाइल नंबर बदलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई उपभोक्ता सिलेंडर खत्म होने के बाद भी डिलीवरी नहीं मिलने से परेशान हैं, जिसके चलते उन्हें चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। बुधवार को संभल कोतवाली क्षेत्र की 10 गैस एजेंसियों पर सिलेंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी गईं। इनमें कई ऐसे उपभोक्ता भी शामिल थे, जो अपनी केवाईसी अपडेट कराने के लिए लगातार एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। जिला पूर्ति अधिकारी शिवि गर्ग ने बताया कि जनपद संभल में एलपीजी गैस सिलेंडर की कोई किल्लत नहीं है। जिले में कुल 39 गैस एजेंसियां हैं, जिनसे 4.50 लाख उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। प्रतिदिन लगभग 13,000 सिलेंडर की बुकिंग और उतनी ही डिलीवरी हो रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे घबराएं नहीं, क्योंकि जनपद में गैस की कोई कमी नहीं है। उपभोक्ताओं की परेशानी का मुख्य कारण कई सालों से केवाईसी अपडेट न कराना या मोबाइल नंबर बदल जाना है, जिससे ओटीपी नहीं आ पा रहा है। आलम सराय निवासी अमन कुमार ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उन्होंने दो महीने पहले गैस बुक कराई थी, लेकिन उन्हें अभी तक सिलेंडर नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी वाले कभी किसी को सिलेंडर दे देते हैं और कभी किसी को। आज भी सिलेंडर मांगने पर उन्हें कल या परसों आने को कहा गया। अमन कुमार ने बताया कि गैस खत्म होने के बाद उन्हें घर पर चूल्हे पर रोटी बनवानी पड़ रही है और काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने भारत गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने के लिए अतिरिक्त पैसे देने की पेशकश भी की, लेकिन फिर भी उन्हें सिलेंडर नहीं दिया गया। माजिद ने बताया कि सिलेंडर खत्म हुए तीन दिन हो गए हैं और यहां डोडा गैस एजेंसी पर चार चक्का लगाने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिला है। पंजू सराय की जीनत परवीन ने कहा कि गैस बुक करने के लिए डोडा गैस एजेंसी पर आए थे बुक हो गई है। गांव भतावली राघवेंद्र सिंह ने बताया कि केवाईसी करने के लिए आए हैं हमारी किताब जमा कर ली गई है 2 घंटे के बाद जानकारी देने के लिए कह रहे हैं।
पटना पुलिस ने मोबाइल चोर गिरोह के नेटवर्क का खुलासा किया है। जो पटना के अलग-अलग इलाकों से मोबाइल चोरी करके बाई रोड रक्सौल बॉर्डर ले जाते थे। इसके लिए सुविधा के अनुसार निजी वाहनों का भी इस्तेमाल तस्कर कर रहे थे। आशंका है कि वहां जमा करने के बाद नेपाल में सप्लाई होती थी। पकड़े गए आरोपी पटना के कदमकुआं, शाहपुर और चिरैया पूर्वी चंपारण के हैं। इनके पास चोरी के कुल 55 मोबाइल फोन मिले हैं। जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 15 लाख रुपए है। फिलहाल पटना पुलिस पूछताछ के आधार पर इनके लिंकेज खंगाल रही है। हाल ही में जक्कनपुर इलाके से भी इसी तरीके का एक गिरोह पकड़ा गया था। जो पटना से मोबाइल फोन चोरी करके बस के जरिए रक्सौल भेज रहा था, और वहां से नेपाल में सप्लाई होती थी। दो संदिग्ध सचिवालय हॉल्ट के पास से पकड़े गए थे पटना सेंट्रल एसपी दीक्षा ने बताया कि बीते 30 मार्च को सचिवालय थाने की पुलिस को सूचना मिली कि सचिवालय हॉल के पास मोबाइल स्नेचिंग गिरोह के कुछ मेंबर घटना को अंजाम देने के सिलसिले में आए हैं। इसी सूचना के आधार पर घेराबंदी करके सर्च किया गया। इस दौरान दो संदिग्ध सचिवालय हॉल्ट के पास से पकड़े गए। उनके बैग की तलाशी ली गई तो 22 मोबाइल फोन मिले। इनकी निशानदेही पर पटना और पूर्वी चंपारण की रक्सौल में छापेमारी की गई। जहां से 33 और मोबाइल फोन के साथ 2 अन्य लोगों को पूर्वी चंपारण की रक्सौल बॉर्डर इलाके से अरेस्ट किया गया। इसमें रवि कुमार, रौशन कुमार, साजन और आदित्य समेत 4 लोगों को अरेस्ट किया गया है। फिलहाल उनके लिंकेज खंगाले जा रहे हैं। नेपाल जाने के बाद नहीं रन कर पता है आईएमइआई नंबर पुलिस सूत्रों की माने तो नेपाल में मोबाइल फोन खपाए जाते हैं। वहां आईएमइआई नंबर रन नहीं कर पता है। जिसके चलते बिहार या भारत में चोरी किए गए मोबाइल फोन को पकड़ना ट्रैक करना आसान नहीं होता है। इसके चलते मुश्किलें आती हैं।
लुधियाना के शिमलापुरी इलाके में एक युवती को परेशान करने और उसका रास्ता रोककर छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़िता के पिता के बयान पर आरोपी युवक के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पीड़िता के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी 25 वर्षीय बेटी को आरोपी गुरजीत सिंह अक्सर आते-जाते परेशान करता था। 31 मार्च 2026 को जब उनकी बेटी काम से वापस घर लौट रही थी, तो गली नंबर 04, रविंद्र कॉलोनी के पास आरोपी ने उसे जबरदस्ती रोक लिया। बाजू पकड़कर नंबर देने का बनाया दबाव शिकायत के मुताबिक, आरोपी गुरजीत सिंह ने युवती का रास्ता रोककर उसकी बाजू पकड़ ली और उसे जाने नहीं दिया। वह जबरन युवती से उसका मोबाइल नंबर मांगने लगा। युवती ने किसी तरह वहां से खुद को छुड़ाया और भागकर घर पहुंची। घर आकर उसने परिजनों को पूरी बात बताई, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। आरोपी की पहचान और पुलिस कार्रवाई परिजनों की शिकायत पर शिमलापुरी थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। आरोपी की पहचान गुरजीत सिंह निवासी गली नंबर 04, मोहल्ला रविंद्र कॉलोनी, शिमलापुरी के रूप में हुई है। थाना शिमलापुरी की पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 74, 75 और 79 के तहत मामला दर्ज कर अगली कार्रवाई शुरू कर दी है।
डीडवाना-कुचामन में चोरी हुए 151 मोबाइल बरामद:मालिकों को लौटाए 45 लाख के फोन, लोगों ने जताई खुशी
डीडवाना-कुचामन पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत गुम और चोरी हुए 151 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 45 लाख 30 हजार रुपए है। इन मोबाइलों को उनके मालिकों को लौटा दिया गया है।जिले के सभी थानों और साइबर सेल की संयुक्त टीमों ने राजस्थान सहित अन्य राज्यों से इन मोबाइलों को ट्रेस कर बरामद किया। एसपी ऋचा तोमर ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में यह सभी मोबाइल उनके मालिकों को सौंपे। एसपी ने बताया कि मोबाइल ट्रेसिंग के लिए पुलिस टीमों ने CEIR पोर्टल का उपयोग कर विशेष अनुसंधान किया।इस अभियान के तहत पहले भी 570 से ज्यादा मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं। अब तक कुल 725 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं, जो इस अभियान की व्यापक सफलता को दर्शाता है।एसपी तोमर ने आम जनता से अपील की है कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत संबंधित थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं। साथ ही, CEIR पोर्टल पर IMEI नंबर दर्ज कर मोबाइल को ब्लॉक करवा दें। बरामद होने पर इसी पोर्टल के माध्यम से उसे अनब्लॉक कराया जा सकता है।
गुरुग्राम में साइबर पुलिस की तमाम कोशिशों के बाद भी ऑनलाइन ठगी का खेल चल रहा है। मानेसर के साइबर थाने में हाल ही में तीन अलग-अलग शिकायतकर्ताओं द्वारा ऑनलाइन ठगी की शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। तीनों मामलों में कुल 2,27,000 रुपये की धोखाधड़ी हुई है। सभी मामलों में शिकायतकर्ताओं ने बताया कि अनजान लिंक पर क्लिक करने या अपडेट लेने के बाद फोन अनियंत्रित हो गया और पैसे कट गए। जांच अधिकारी पीड़ितों के बैंक विवरण, ट्रांजेक्शन आईडी और IP एड्रेस की जांच कर रहे हैं। पहली घटना: गांव कांकरोला निवासी संजय कुमार ने बताया कि 15 मार्च को वह यूट्यूब पर एक विज्ञापन देख रहा था। लिंक पर क्लिक करते ही उनका फोन हैक हो गया। इसके बाद उनके बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते से 44,000 रुपये कट गए। दूसरी घटना: पातली मानेसर में रहने वाले राहुल कुमार ने बताया कि वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हमीरपुर का रहने वाला है। दो मार्च को Facebook और Instagram चलाते समय उसके पास एंड्रायड अपडेट आने के बाद फोन हैक हो गया। इसके बाद उनके पंजाब नेशनल बैंक के खाते से सुपर मनी एप के माध्यम से 83,000 रुपये की फ्रॉड ट्रांजेक्शन हुई। तीसरी घटना: बांस गांव मानेसर के किरायेदार धर्मसिंह ने बताया कि वह मूल रूप से बिजनौर, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। 16 मार्च को उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से लिंक आया। लिंक पर क्लिक करते ही फोन हैक हो गया और उनके बैंक खाते से 85,000 और 15,000 कट गए। पुलिस जांच कर रही पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार का कहना है कि आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, संदिग्ध अपडेट न लें, OTP किसी से शेयर न करें और संदिग्ध ट्रांजेक्शन तुरंत बैंक व पुलिस को सूचित करें। साइबर क्राइम की घटनाओं को रोकने के लिए साइबर थानों द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
जौनपुर : साइबर सेल पुलिस की बड़ी सफलता, 55 लाख रुपए के 240 मोबाइल फोन बरामद
जौनपुर के साइबर सेल पुलिस टीम को गुमशुदा मोबाइल बरामद करने में बड़ी सफलता हाथ लगी है
संगरूर जिले में हुई चोरी की एक वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने पीड़ित के पड़ोसी को ही आरोपी के तौर पर गिरफ्तार किया है। आरोपी ने घर से मोबाइल फोन, नकदी और गेहूं चुराया था। तरसेम सिंह ने पुलिस को बताया कि उनके दो बेटे कंबाइन सीजन के लिए मध्य प्रदेश गए हुए थे। 14 मार्च 2026 को तरसेम सिंह और उनकी पत्नी भी अपने काम से घर से बाहर गए थे। अगले दिन सुबह जब वे घर लौटे, तो उन्होंने देखा कि घर का मुख्य गेट खुला हुआ था। कमरे में रखा बक्सा भी टूटा हुआ था। जांच करने पर पता चला कि बक्से से एक वीवो मॉडल 1820 मोबाइल फोन, 20 हजार रुपये नकद और आंगन में रखा गेहूं का एक गट्ठा गायब था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि चोरी की वारदात को अंजाम देने वाला कोई और नहीं, बल्कि पीड़ित का पड़ोसी कालू सिंह ही है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी कालू सिंह के ठिकानों पर छापेमारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से चोरी किया गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।
छतरपुर पुलिस ने 'ऑपरेशन विश्वास' के तहत मार्च माह में 106 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को सौंप दिए हैं। पुलिस अधीक्षक अगम जैन के निर्देशन में साइबर सेल और थानों की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। बरामद मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 16 लाख रुपए आंकी गई है। ये मोबाइल फोन केवल छतरपुर से ही नहीं, बल्कि दिल्ली, लखनऊ, महोबा, झांसी, बांदा, टीकमगढ़, सागर और पन्ना जैसे दूर-दराज के विभिन्न जिलों से ट्रैक किए गए थे। पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी और आपसी समन्वय के माध्यम से इन मोबाइलों को सफलतापूर्वक खोज निकाला। इस साल 406 मोबाइल बरामद किए 'ऑपरेशन विश्वास' के तहत वर्ष 2026 में अब तक 406 से अधिक मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं। इन मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 70 लाख रुपए है। बरामद किए गए मोबाइल छात्र-छात्राओं, मजदूरों, किसानों, एनजीओ कर्मचारियों और गृहणियों सहित समाज के विभिन्न वर्गों से संबंधित थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले के मार्गदर्शन और साइबर सेल प्रभारी नेहा सिंह गुर्जर व उनकी टीम की मेहनत इस सफलता का आधार बनी। इस पहल से 'मित्र पुलिस' के रूप में पुलिस की छवि और मजबूत हुई है।
टोंक में जिला स्पेशल टीम ने एक टॉकीज संचालक सहित 10 व्यक्तियों को सट्टा पर्ची पर सट्टा खेलते हुए पकडा है। आरोपियों से 14 हजार 125 सट्टा राशि और करीब 3 लाख रुपए के हिसाब की डायरियां बरामद हुई है। 10 मोबाइल और केलकुलेटर भी जब्त किए गए हैं। कार्रवाई जिला स्पेशल टीम ने कोतवाली थाना क्षेत्र के काफला बाजार स्थित टेगोर टॉकिज काफला पर की। टोंक ASP रतन लाल भार्गव के निर्देशन में और DSP मृत्युजंय मिश्रा के सुपरविजन में जिला स्पेशल टीम प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में गठित टीम ने दबिश दी। जिला स्पेशल टीम प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि कोतवाली थाना क्षेत्र के काफला बाजार स्थित टेगोर टॉकिज इन दिनों बंद पड़ा है। उसमें सट्टा लगाने की शिकायत मिल रही थी। जिला स्पेशल टीम ने प्लानिंग कर टॉकीज पर छापामार कार्रवाई की। इस दौरान टॉकीज संचालक समेत दस लोग मौके पर सट्टा लगाते पकड़े गए। आरोपियों के विरूद्ध पुलिस थाना कोतवाली में प्रकरण दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। काली पलटन निवासी सद्दाम पुत्र फरीद, कसाईयों का मौहल्ला निवासी शब्बीर पुत्र अहमद, जखीरा निवासी महबूब पुत्र अयुब अली, रजबन निवासी अजीम पुत्र नईम,अजीम पुत्र मो. युनुस, मोईन पुत्र प्यारे मियां,बहीर निवासी महबूब पुत्र सलीम, जाल का कुंआ निवासी गुलजार पुत्र जुल्फीकार,जाटापाडा पुरानी टोंक निवासी नरेन्द्र पुत्र लालाराम,कालाबाबा के पास पुरानी टोंक निवासी मोहनलाल पुत्र चुन्नी लाल को गिरफ्तार किया है।
लखीसराय जिले की रामगढ़ चौक पुलिस ने मोबाइल लूट के दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से लूट के 15 मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई एक बाइक बरामद की है। दोनों आरोपी शेखपुरा जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार ने बताया कि रामगढ़ चौक थाना में मोबाइल लूट के दो मामले दर्ज किए गए थे। इन घटनाओं के बाद पुलिस लगातार अपराधियों की तलाश कर रही थी। पुलिस टीम ने पीछा कर पकड़ लिया इसी क्रम में, एसडीपीओ शिवम कुमार के नेतृत्व में 30 मार्च को रामगढ़ थाना क्षेत्र के पास एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। चेकिंग के दौरान, दो संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर भागने लगे, जिन्हें पुलिस टीम ने पीछा कर पकड़ लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने लखीसराय जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र में मोबाइल लूट की वारदातों को अंजाम देने की बात कबूल की। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने शेखपुरा जिले में छापेमारी कर लूटे गए सभी 15 मोबाइल फोन बरामद किए। क्षेत्र में अपराध नियंत्रण में एक बड़ी सफलता मान रही पुलिस एसपी ने बताया कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की भी जांच की जा रही है, ताकि पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस इस कार्रवाई को क्षेत्र में अपराध नियंत्रण में एक बड़ी सफलता मान रही है।
तरनतारन में 5 नशा गिरफ्तार:2 किलो हेरोइन, 191 ग्राम आइस ड्रग बरामद; मोबाइल और बाइक जब्त
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव द्वारा शुरू किए गए ड्रग्स के खिलाफ अभियान के तहत, तरनतारन पुलिस ने 3 अलग-अलग मामलों में 5 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के दौरान 2 किलो 32 ग्राम हेरोइन और 191 ग्राम आइस बरामद की गई है। इसी अभियान के तहत, 27 मार्च को डीएसपी भिखीविंड प्रीतिंदर सिंह और खालरा पुलिस स्टेशन की टीम गांव वान तारा सिंह के पास एक चेक पोस्ट पर तैनात थी। इस दौरान, PB02-DQ-7394 नंबर की एक बाइक गांव वान तारा सिंह की ओर से आती दिखी, जिस पर दो युवक सवार थे। बाइक सवारों से 1 किलो हेरोइन बरामद पुलिस पार्टी ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया, तो बाइक के पीछे बैठे युवक ने घास में एक लिफाफा फेंक दिया। पुलिस ने तुरंत दोनों युवकों को रोका और उनकी पहचान लवप्रीत सिंह उर्फ खुश्की पुत्र लाडी सिंह निवासी चेला कॉलोनी भिखीविंड और साजन सिंह पुत्र दिलबाग सिंह निवासी डल के रूप में हुई। डीएसपी की मौजूदगी में फेंके गए लिफाफे की जांच करने पर उसमें से 1 किलो 32 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पुलिस ने लवप्रीत सिंह और साजन सिंह के पास से कुल 1 किलो 32 ग्राम हेरोइन, एक मोबाइल फोन और बाइक जब्त की। उनके खिलाफ खालरा थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस नंबर 72, क्राइम 21C/61/85 दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 4 दिन का पुलिस रिमांड मिला है। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान ड्रग नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। 191 ग्राम आइस के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार थाना खालड़ा के चीफ ऑफिसर और उनकी टीम ने गश्त के दौरान अनाज मंडी में 2 युवकों को संदिग्ध हालत में पकड़ा। पूछताछ करने पर उन्होंने अपना नाम बलवीर सिंह और गुरसेवक सिंह बताया। तलाशी लेने पर उनके पास से 191 ग्राम आइस (एक प्रकार का नशीला पदार्थ) और दो मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच कर रही है। कोर्ट ने आरोपियों को 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। दुकान की आड़ में बेचता था हेरोइन एक अन्य मामले में, सीआईए स्टाफ तरनतारन को सूचना मिली कि मनप्रीत सिंह नाम का एक व्यक्ति सोनू टेलीकॉम की दुकान की आड़ में हेरोइन बेचता है। पुलिस ने दुकान पर छापा मारा और मनप्रीत सिंह को 1 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोर्ट ने आरोपी को 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस को उम्मीद है कि इन दोनों मामलों में आरोपियों से पूछताछ के दौरान और भी खुलासे हो सकते हैं। पुलिस इन मामलों की गंभीरता से जांच कर रही है ताकि नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल अन्य लोगों को भी पकड़ा जा सके।
दरभंगा के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र में गाड़ी चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान पुलिस को सफलता हाथ लगी है। जांच के क्रम में पुलिस ने तीन संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से अवैध हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गिरीश कुमार (पिता विशुनदेव सदा), संजीत कुमार मुखिया (पिता सुनील मुखिया) और सौरभ कुमार मुखिया (पिता रंजीत मुखिया) के रूप में हुई है। तीनों आरोपी खेसराहा गांव, थाना कुशेश्वरस्थान, जिला दरभंगा के निवासी बताए जा रहे हैं। बिना नंबर प्लेट की बाइक बरामद पुलिस के अनुसार, गाड़ी चेकिंग के दौरान एक बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर सवार तीनों युवकों को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उनके पास से एक देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस, तीन मोबाइल फोन और बिना नंबर प्लेट की बाइक बरामद हुई। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर ही तीनों को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में तो नहीं थे।
बरनाला में दुकान का शटर काटकर चोरी:20 हजार नकदी समेत कई मोबाइल गायब, CCTV फुटेज से आरोपियों की तलाश
संगरूर में देर रात चोरों ने एक मोबाइल फोन की दुकान को निशाना बनाया। बता दे कि चोरों ने पटवार खाने के सामने स्थित दुकान का शटर काटकर अंदर प्रवेश किया। इस दौरान 20 हजार रुपए नकद और कई मोबाइल फोन चुराकर फरार हो गए। दुकान मालिक ने बताया कि वह प्रतिदिन की तरह रात को दुकान बंद करके गया था। सुबह जब वह लौटा, तो उसने देखा कि दुकान का शटर कटा हुआ था और अंदर से सामान गायब था। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। मामले की जांच में जुटी पुलिस थाना सिटी संगरूर के एसएचओ ने पुष्टि की कि उन्हें सुबह इस घटना की जानकारी मिली थी। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों को जल्द पकड़ने का आश्वासन दिया। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से चोरों की तलाश बता दे कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। स्थानीय लोगों ने रात में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
पलवल में सीआईए टीम ने शहर थाना क्षेत्र स्थित एक मोबाइल फोन की दुकान से लाखों रुपए के मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी के मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में मंदपुरी गांव निवासी फारुख को गिरफ्तार किया है। सीआईए प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि आदर्श कॉलोनी निवासी अशोक कुमार, जो 999 टेलीकॉम दुकान के मैनेजर हैं, ने पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि सुबह दुकान खोलने पर सामान बिखरा हुआ मिला और कई कीमती उपकरण गायब थे। पीड़ित के अनुसार, 9 मार्च को चोरों ने दुकान से 9 स्मार्टफोन, एक लैपटॉप, एक एप्पल वॉच और मोबाइल के अन्य एक्सेसरीज व सामान चुराया था। शिकायत मिलने के बाद शहर थाना पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। रिमांड पर लेकर की जाएगी सामान की बरामदगी पुलिस अधीक्षक ने चोरों की तलाश का जिम्मा सीआईए पलवल प्रभारी रविंद्र कुमार को सौंपा था। सीआईए की टीम ने हवलदार मनोज कुमार के नेतृत्व में साइबर तकनीकी और इंटेलिजेंस की मदद से 30 मार्च को इस वारदात का पर्दाफाश करते हुए आरोपी फारुख को गिरफ्तार किया। आरोपी को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस का उद्देश्य चोरी किया गया सामान बरामद करना और यह पता लगाना है कि इस वारदात में उसके साथ और कौन-कौन शामिल थे।
जालौन में स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था लागू:उपभोक्ता मोबाइल रिचार्ज की तरह बिजली का कर सकेंगे उपयोग
जालौन में बिजली व्यवस्था को आधुनिक और उपभोक्ता-अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए स्मार्ट प्रीपेड मीटर प्रणाली लागू की जा रही है। विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में डीएम राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की। विद्युत विभाग ने इस नई व्यवस्था की विशेषताओं और लाभों की विस्तृत जानकारी दी। डीएम ने बताया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर एक आधुनिक तकनीक आधारित प्रणाली है, जो उपभोक्ताओं को रीयल-टाइम में बिजली खपत और भुगतान की जानकारी उपलब्ध कराएगी। यह मीटर प्रीपेड मोड पर कार्य करेगा। जिससे उपभोक्ता मोबाइल रिचार्ज की तरह बिजली का उपयोग कर सकेंगे। इसके माध्यम से सटीक बिलिंग, डेटा सुरक्षा और सौर ऊर्जा के उपयोग की सुविधा भी सुनिश्चित होगी। नए कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर अनिवार्य उन्होंने बताया कि भारत सरकार और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुसार नए कनेक्शनों में स्मार्ट मीटर अनिवार्य किए जा रहे हैं, जबकि पुराने मीटरों को चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा। स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को दैनिक और प्रति घंटे खपत की निगरानी, कम बैलेंस की पूर्व सूचना, ऑटोमैटिक रीकनेक्शन और प्रीपेड पर 2 प्रतिशत छूट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। पहले जमा सुरक्षा धनराशि को भी उपभोक्ताओं के खाते में समायोजित किया जाएगा। उपभोक्ता UPPCL स्मार्ट ऐप के माध्यम से घर बैठे बिजली उपयोग की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और UPI, Paytm, GPay आदि से आसानी से रिचार्ज कर सकते हैं। ऐप पर शिकायत दर्ज करने, रिचार्ज हिस्ट्री देखने और मासिक विवरण प्राप्त करने की सुविधा भी उपलब्ध है। विद्युत विभाग ने काउंटर स्थापित की ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए बीसी सखी के माध्यम से रिचार्ज की व्यवस्था की गई है, जबकि विद्युत विभाग ने विशेष काउंटर भी स्थापित किए हैं। स्मार्ट मीटर की स्थापना आरडीएसएस योजना के तहत निःशुल्क की जा रही है। स्थापना के दौरान उपभोक्ताओं को इंस्टॉलर की पहचान, सही मोबाइल नंबर पंजीकरण और सीलिंग प्रमाण पत्र की जांच करने की सलाह दी गई है। बिजली आपूर्ति बाधित होने पर रिचार्ज के बाद सामान्यतः दो घंटे के भीतर आपूर्ति बहाल हो जाती है। साथ ही ग्रेस पीरियड, इमरजेंसी क्रेडिट और नो-डिस्कनेक्ट जोन जैसी सुविधाएं भी दी जा रही हैं। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि वे इस व्यवस्था को अपनाकर पारदर्शी और आधुनिक विद्युत प्रणाली के निर्माण में सहयोग करें। इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता योगेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता जितेंद्र नाथ और महेंद्र भारती सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
ग्वालियर में जलकर वसूली टीम पर हमला:उपयंत्री से मारपीट, मोबाइल तोड़ा; अवैध कनेक्शन हटाने गई थी टीम
ग्वालियर में मंगलवार को थाटीपुर क्षेत्र में जलकर वसूली के दौरान नगर निगम की टीम पर हमला कर दिया गया। पीएचई शाखा की टीम गोपालपुरा इलाके में कार्रवाई के लिए पहुंची थी, जहां कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई और वसूली की राशि भी गायब हो गई। नगर निगम की टीम मजबूत सिंह नामक उपभोक्ता के घर पहुंची थी, जिस पर दो लाख रुपए से ज्यादा जलकर बकाया है। जांच में यहां अवैध नल कनेक्शन मिला, जिसे काटने की कार्रवाई शुरू की गई। कार्रवाई के दौरान हुआ हमला कर्मचारी भरत श्रीवास्तव के अनुसार, चार दिन पहले भी इसी घर का कनेक्शन काटा गया था। मंगलवार को दोबारा अवैध कनेक्शन मिलने पर जब टीम ने कार्रवाई शुरू की, तो आरोपी और उसके परिवार ने हमला कर दिया। हमले में भरत श्रीवास्तव के कपड़े फट गए। टीम के एक सदस्य का मोबाइल फोन भी तोड़ दिया गया। अन्य कर्मचारियों के साथ भी हाथापाई की गई। वसूली के 5000 रुपए गायब कर्मचारियों के पास मौजूद करीब 5000 रुपए, जो अन्य उपभोक्ताओं से वसूले गए थे, घटना के दौरान गायब हो गए। स्थिति बिगड़ने पर टीम को मौके से भागना पड़ा। घटना के बाद कर्मचारी थाटीपुर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। बड़ी संख्या में पीएचई कर्मचारी भी थाने पहुंचे और एफआईआर की मांग की। पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
गुरुग्राम जिले में मानेसर क्षेत्र के एक अस्पताल से चोरी के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से सोने-चांदी के आभूषण और चोरी के पैसों से खरीदा गया एक मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, बीती 25 मार्च को एक व्यक्ति ने मानेसर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 24 मार्च को उसके अस्पताल से अज्ञात व्यक्ति ने सोने की अंगूठी और कैश चोरी कर ली थी। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी राहुल उर्फ मूसा गिरफ्तार अपराध शाखा फर्रुखनगर की टीम ने कार्रवाई करते हुए 30 मार्च को आरोपी को इंछापुरी चौक (पटौदी) से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान गुरुग्राम जिले के गांव खोड़ निवासी राहुल उर्फ मूसा के रूप में हुई है। आरोपी पर 6 केस पहले से दर्ज पूछताछ के दौरान आरोपी राहुल उर्फ मूसा ने पटौदी क्षेत्र में एक और रेवाड़ी में दो अन्य चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और गुरुग्राम में चोरी सहित विभिन्न धाराओं के तहत कुल 6 केस दर्ज हैं। गहने और मोबाइल बरामद पुलिस ने आरोपी के पास से 2 सोने की अंगूठियां, 2 चांदी की अंगूठियां, एक जोड़ी पायल, एक जोड़ी कान की बालियां और चोरी की रकम से खरीदा गया एक मोबाइल बरामद किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी से आगे की पूछताछ जारी है।
कपूरथला की सुल्तानपुर लोधी सब-डिवीजन में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो लोगों को घर बुलाकर उनकी अश्लील वीडियो बनाता और फिर ब्लैकमेल करता था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। डीएसपी धीरेन्दर वर्मा ने इसकी पुष्टि की है। डीएसपी वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से 20 हजार रुपए कैश, एक मोबाइल फोन और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। डीएसपी धीरेन्दर वर्मा के अनुसार, पीड़ित हरविंदर सिंह ने अपनी शिकायत में बताया था कि 27 मार्च को दोपहर में उन्हें मोना नाम की एक महिला का फोन आया। महिला ने हरविंदर सिंह को बताया कि उसे पता चला है कि वह मकान खरीदना चाहते हैं और उसके पास एक तैयार मकान है, जिसे वह दिखा सकती है। इसी बहाने महिला ने हरविंदर सिंह को अपने घर बुला लिया। पीड़ित बोला- महिला अचानक कपड़े उतारने लगी पीड़ित के मुताबिक, जब वह महिला के घर पहुंचे, तो महिला ने अचानक अपने कपड़े उतारकर उनके साथ अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। इसी दौरान कुछ अन्य लोग भी वहां आ गए और उन्होंने हरविंदर सिंह की वीडियो बनाना शुरू कर दिया। बाद में आरोपियों ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उनसे 75 हजार रुपए वसूल लिए और 2 लाख रुपए की अलग से मांग करने लगे। महिला समेत सात पर केस दर्ज पीड़ित ने अपनी शिकायत में वीडियो बनाने वालों के नाम भी बताए। इनमें बूटा निवासी गांव तलवण, राजेश कुमार निवासी शाहकोट, काका निवासी गांव साबूवाल और तारी निवासी गांव काकड़ा शामिल थे। इस शिकायत के आधार पर सुल्तानपुर लोधी पुलिस ने महिला मोना सहित कुल सात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया। अन्य आरोपियों में हरदीप सिंह, बूटा, राजेश, काका, तारी और एक अन्य महिला शामिल हैं। गिरोह झूठे केस में फंसाकर पैसे ऐंठता था पुलिस जांच के दौरान मिली सूचना के आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह लोगों को डरा-धमकाकर और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूलता था। 20 हजार कैश और मोबाइल बरामद डीएसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुख्य आरोपी बूटा निवासी तलवण (जालंधर), राजेश निवासी शाहकोट और रेखा पत्नी परमिंदर निवासी गांव अदालतचकक शामिल हैं। इनसे 20 हजार रुपए कैश, एक मोबाइल और आवश्यक दस्तावेज बरामद हुए हैं।
सोनीपत जिले के मुरथल अड्डा क्षेत्र में देर रात चोरों ने एक मोबाइल शॉप को निशाना बनाते हुए बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर दुकान का ताला तोड़कर अंदर घुसे और नगदी सहित महंगे मोबाइल फोन व अन्य सामान लेकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। दुकानदार राजीव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह मुरथल अड्डा स्थित “राजीव मोबाइल कम्युनिकेशन” नाम से दुकान चलाता है। 30 मार्च 2026 की रात करीब 2:30 बजे अज्ञात चोरों ने उसकी दुकान का ताला तोड़ दिया और अंदर घुसकर चोरी की घटना को अंजाम दिया। 50 हजार कैश समेत 25 मोबाइल चोरी चोर दुकान से करीब 50 हजार रुपए नकद और कुल 25 मोबाइल फोन चोरी कर ले गए। चोरी हुए मोबाइल में आईटेल, जियो ब्रांड, रेडमी, टेक्नो, सैमसंग, ओप्पो सहित अन्य कंपनियों के कीपैड और एंड्रॉयड फोन शामिल हैं। इसके अलावा स्मार्ट वॉच, ईयरबड्स और 4G सिम वॉच भी चोरी हुई है। सीसीटीवी में कैद वारदात की अलग-अलग तस्वीर… CCTV फुटेज में कैद हुए चोर मुरथल अड्डा स्थित दुकान पर चोर करीबन सुबह 2 बजकर 50 सेकेंड़ पर दुकान का शटर उखाड़ कर दाखिल हुए हैं। मात्र 3 मिनट 29 सेकेंड़ में चोरों ने दुकान से लाखों के मोबाइल और कैश चोरी कर फरार हो गए। सीसीटीवी में दिखाई दे रहे दो चोरों में एक युवक नजर आ रहा है, तो दूसरा बुजुर्ग व्यक्ति हैं। दोनों अलग-अलग थैले में मोबाइल फोन डालता हुआ दिखाई दे रहा है। दोनों चोर चद्दर और कंबल ओढ़ का दुकान में घुसे और इस दौरान दोनों सीसीटीवी में कैद हो गए हैं, जिनकी तस्वीर बिल्कुल क्लियर है। सीसीटीवी फुटेज पुलिस को सौंपी दुकानदार अजय के मुताबिक दो बार दुकान में घुसे हैं। पहले दुकान के गल्ले से करीबन ₹50 हजार कैश चोरी किया गया। उसके बाद दोबारा फिर दुकान में उसे इसमें कीपैड और एंड्रॉयड फोन वह अन्य मोबाइल से रिलेटेड सामग्री चोरी करके चले गए। उन्होंने बताया कि करीबन 3 लाख के आसपास का नुकसान हुआ है। पहले आरोपी अपना मुंह ढक कर आए थे और बाद में फिर मुंह खोलकर दुकान में घुसे थे। दुकानदार ने तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की मांग की है और कहा कि जल्द से जल्द चोर पकड़े जाए। पीड़ित ने बताया कि दुकान में लगे CCTV कैमरों में चोरों की पूरी हरकत कैद हो गई है। उसने 8 अलग-अलग फुटेज को पेन ड्राइव में सुरक्षित कर पुलिस को सौंप दिया है, जिससे आरोपियों की पहचान में मदद मिल सकती है। फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट टीम ने जुटाए साक्ष्य सूचना मिलने पर ASI विजय कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट को बुलाया गया और आसपास के CCTV कैमरों की भी जांच की गई। पुलिस ने पीड़ित द्वारा दी गई फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने शिकायत के आधार पर थाना सिविल लाइन सोनीपत में धारा 331(4), 305 और 3(5) BNS के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच P/SI आशु राव के नेतृत्व में की जा रही है। पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
फिरोजाबाद में गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच आसफाबाद चौराहा स्थित एक गैस एजेंसी पर ग्राहक से मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह घटना करीब दो दिन पहले हुई थी। जानकारी के अनुसार, सिलेंडर लेने पहुंचे एक ग्राहक ने अपनी बुकिंग रसीद पर मुहर लगाने की मांग की। इसी बात को लेकर उसकी एजेंसी कर्मचारियों से कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि कर्मचारियों ने ग्राहक को थप्पड़ मार दिया और उसका मोबाइल भी तोड़ दिया। घटना के दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने इस पूरे वाकये को अपने मोबाइल में कैद कर लिया। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। पीड़ित उपभोक्ता का आरोप है कि केवल रसीद पर मुहर लगाने की मांग करने पर उसके साथ बदसलूकी की गई और उसका मोबाइल तोड़ दिया गया। वहीं, एजेंसी संचालक, जिन्हें भाजपा से जुड़ा एक वरिष्ठ नेता बताया जा रहा है, का कहना है कि आजकल अधिकांश काम मोबाइल और ऑनलाइन माध्यम से हो रहे हैं। इसके बावजूद लोग एजेंसी कार्यालय में भीड़ लगाकर सिलेंडर की मांग करते हैं। बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान युवक एजेंसी कर्मचारियों का वीडियो भी बना रहा था, जिससे कर्मचारी नाराज हो गए और मामला और भड़क गया। गैस संकट के बीच एजेंसियों पर बढ़ती भीड़ अब अक्सर विवाद और मारपीट का कारण बन रही है।
रामगढ़ स्थित राधा गोविंद विश्वविद्यालय में जेईई मेंस परीक्षा से ठीक पहले बड़े फर्जीवाड़े की साजिश का खुलासा हुआ है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव निर्मल कुमार मंडल की शिकायत पर रामगढ़ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला 29 मार्च का है, जब 2 अप्रैल को प्रस्तावित परीक्षा से पहले कंप्यूटर लैब में संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं। आरोप है कि विश्वविद्यालय के कर्मचारी दिनेश कुमार महतो ने ओरमांझी निवासी टीसीएस कर्मचारी राजेश ठाकुर और तीन अन्य के साथ मिलकर बिना अनुमति लैब में मॉनिटर बदलने का काम शुरू कर दिया। इस दौरान कई कंप्यूटर सिस्टम और सीपीयू से छेड़छाड़ भी की गई। पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से की जा रही थी, जिससे संदेह और गहरा गया। फॉर्च्यूनर में लोड हो रहे थे मॉनिटर, पूछताछ में खुला राज घटना का खुलासा तब हुआ जब विश्वविद्यालय के कर्मचारी उमेश कुमार साव ने लैब के बाहर एक फॉर्च्यूनर गाड़ी में मॉनिटर लोड होते देखा। उन्होंने मौके पर मौजूद सूरज कुमार से पूछताछ की। जिसने बताया कि टीसीएस के निर्देश पर परीक्षा से पहले कुछ सिस्टम बदले जा रहे हैं। हालांकि, जब विश्वविद्यालय प्रशासन ने आधिकारिक स्तर पर जानकारी ली, तो ऐसी किसी अनुमति से इनकार कर दिया गया। इसके बाद मामला और संदिग्ध हो गया। प्रशासन ने जब आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की, तो राजेश ठाकुर समेत तीन लोग लैब की चारदीवारी फांदकर फरार हो गए। मौके पर दिनेश कुमार महतो को पकड़ लिया गया, जबकि फॉर्च्यूनर में सवार सूरज कुमार और शाकिर अंसारी को भी हिरासत में लिया गया। पैसे लेकर छात्रों को फायदा पहुंचाने की थी साजिश पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने बताया कि परीक्षा में ‘सेटिंग’ कर कुछ चुनिंदा छात्रों को लाभ पहुंचाने और इसके बदले मोटी रकम वसूलने की योजना थी। इस साजिश के तहत कंप्यूटर सिस्टम में बदलाव किया जा रहा था, जिससे परीक्षा परिणाम प्रभावित किया जा सके। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे संस्थान की छवि को धूमिल करने की गंभीर कोशिश बताया है। थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडेय के अनुसार, पुलिस ने एक फॉर्च्यूनर गाड़ी, 70 मॉनिटर और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। मामले में पकड़े गए तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
राजनांदगांव की बसंतपुर पुलिस ने सृष्टि कॉलोनी स्थित मेडिकल स्टोर में हुई चोरी का 6 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में एक आदतन अपराधी और दो नाबालिगों को गिरफ्तार किया है। चोरी की गई बाइक, मोबाइल और सीसीटीवी कैमरा बरामद कर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक डालेश कुमार श्री धनवंतरी मेडिकल स्टोर्स में काम करते हैं। उन्होंने 29 मार्च की रात चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। डालेश ने बताया कि रात करीब 3 बजे जब उनकी नींद खुली, तो कमरे का दरवाजा खुला था और उनका मोबाइल गायब था। जांच करने पर पता चला कि मेडिकल स्टोर से सीसीटीवी कैमरा, गल्ले में रखे 10,000 रुपए कैश और बाहर खड़ी पल्सर बाइक (CG-24-T-4461) भी चोरी हो गई थी। पुलिस ने पुलिस ने कुछ संदिग्धों को चिन्हित किया और अजय उर्फ बोचकू यादव और दो नाबालिगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। मुख्य आरोपी पर दर्ज हैं 8 केस उन्होंने चोरी की वारदात कबूल कर ली, जिसके बाद पुलिस ने उनके पास से चोरी का सारा सामान बरामद कर लिया। मुख्य आरोपी अजय उर्फ बोचकू यादव (21) क्षेत्र का आदतन अपराधी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ बलात्कार (पॉक्सो एक्ट), आगजनी, मारपीट, चोरी और आर्म्स एक्ट सहित लगभग 8 गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
भोजपुर में माइक्रो फाइनेंस कंपनी के एरिया ब्रांच मैनेजर ने खुदकुशी कर ली। कमरे में फंदे से लटका हुआ शव मिला है। मृतक की पहचान जहानाबाद जिले के सुकना बिहार निवासी चितरंजन कुमार(26) के तौर पर हुई है। 2025 से बिहिया प्रखंड में पोस्टिंग थी। इससे पहले बिक्रम औ अरवल जिले में काम कर चुके हैं। घटना बिहिया गांव की है। चितरंजन कुमार ने पीले रंग के गमछे से पंखे से लटककर अपनी जान दे दी। चौंकाने वाली बात यह है कि आत्महत्या करने से पहले उन्होंने अपने मोबाइल को सामने छज्जे पर रखकर करीब 40 मिनट तक किसी से वीडियो कॉल पर बातचीत की। आशंका जताई जा रही है कि उसी दौरान यह खौफनाक कदम उठाया। प्रेम-प्रसंग में खुदकुशी की बात सामने आ रही है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा सूचना मिलते ही बिहिया पुलिस मौके पर पहुंची। शव को फंदे से उतारकार पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक जांच में प्रेम-प्रसंग से जुड़ा मामला सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है। घर में मचा कोहराम मृतक के बड़े भाई इंद्रजीत ने बताया कि चितरंजन बेहद मिलनसार और होनहार युवक था, जो सभी से अच्छे से व्यवहार करता था। परिवार को कभी अंदाजा नहीं था कि वह ऐसा कदम उठा सकता है। तीन भाई और 2 बहन में चौथे नंबर पर था। घर में लोगों को रो-रोकर बुरा हाल है। मोबाइल पर 16 मिस्ड कॉल इस संबंध में जगदीशपुर एसडीपीओ राजेश कुमार ने बताया कि युवक ने आत्महत्या से पहले करीब 40 मिनट तक फोन पर बातचीत की थी। उसके बाद उसके मोबाइल पर 16 मिस्ड कॉल भी आए हैं। पुलिस उन सभी नंबरों की जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में युवक ने यह कदम उठाया।
टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत बिगाड़ देगी सेहत, शरीर बन जाएगा बीमारियों का घर
हाई टेक्नोलॉजी की दुनिया में लोगों के लिए मोबाइल से 5 मिनट भी दूर रह पाना मुश्किल है। रील देखने और सोशल मीडिया चलाने की लत इतनी ज्यादा लग चुकी है कि लोग टॉयलेट में भी मोबाइल को अपने साथ लेकर जाते हैं और जरूरत से ज्यादा समय वही बिता देते हैं।
महिलाओं के मोबाइल पर बैन : जब चौपाल संविधान से ऊपर बैठ जाए
राजस्थान के जालोर जिले के जसवंतपुरा क्षेत्र के गाजीपुरा गांव में आयोजित एक सामाजिक पंचायत के पंच-पटेलों ने महिलाओं और बेटियों के लिए कैमरा युक्त मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया। महिलाएं मोबाइल फोन को सार्वजनिक समारोहों के साथ-साथ पड़ोसियों के घर जाने के दौरान भी नहीं ले जा सकेंगी। यह पाबंदी किसी ... Read more
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

