गुरुग्राम शहर में आईएमटी मानेसर की होंडा कंपनी के बाद अब आधा दर्जन से ज्यादा कंपनियों में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। सैकड़ों की संख्या में कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी वेतन वृद्धि और बेहतर कामकाजी शर्तों की मांग को लेकर कंपनी गेट के बाहर धरने पर बैठे हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी शामिल हैं। इन कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले कई साल से उनकी सैलरी में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। इस दौरान हड़ताली कर्मचारी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करके रोष जता रहे हैं। हड़ताल के चलते आईएमटी क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। लंबे समय से शोषण करने का आरोप कर्मचारी नेताओं का कहना है कि कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स लंबे समय से शोषण का शिकार हैं। न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम भुगतान, सुरक्षा और स्थायीकरण जैसी मांगें वर्षों से लंबित हैं। होंडा के कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो चुकी है, लेकिन उसके बाद अब सत्यम, मुंजाल शोवा, रिको और अन्य कंपनियों के कर्मचारी भी आंदोलन की राह पर हैं। इससे मानेसर के पूरे औद्योगिक क्षेत्र में उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। वीडियो बनाने पर बिफरे कर्मचारी स्थिति पर कंट्रोल करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिसकर्मियों द्वारा वीडियो बनाने को लेकर हड़ताली कर्मचारियों द्वारा हंगामा किया जा रहा है। वीडियो बनाने पर इन कर्मचारियों ने पुलिस जवाने के साथ धक्का मुक्की की और मोबाइल छीनने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस अधिकारियों की तरफ से बताया गया है कि कर्मचारियों को शांतिपूर्वक तरीके से समझाया जा रहा है। पुलिस प्रबंधन की तरफदारी न करें कर्मचारियों का कहना है कि यह उनकी हक की लड़ाई है, जिसमें प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच का मामला है। पुलिस को बीच में नहीं आना चाहिए और प्रबंधन की तरफदारी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप भी लगाया। भारी पुलिस फोर्स तैनात स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्मचारियों को समझाया जा रहा है, लेकिन कर्मचारी इसे दमनकारी रवैया बता रहे हैं। कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि उनकी सैलरी में उचित वृद्धि की जाए, कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को सुरक्षा दी जाए। शांतिपूर्ण संघर्ष को न दबाया जाए एक कर्मचारी नेता ने कहा कि हम अपनी जायज मांगों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। प्रबंधन हमारी बात नहीं सुन रहा और पुलिस हमें दबाने की कोशिश कर रही है। अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा। ऑटोमोबाइल और गारमेंट्स सेक्टर को नुकसान वहीं उद्यमियों का कहना है कि यदि प्रबंधन और सरकार ने तुरंत संवाद नहीं किया तो यह आंदोलन अन्य फैक्टरियों में फैल सकता है, जिसका सीधा असर ऑटोमोबाइल सेक्टर की सप्लाई चेन पर पड़ेगा। हालांकि प्रशासन और संबंधित कंपनी प्रबंधनों की ओर से अब तक कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है।
खगड़िया के तेताराबाद गांव में मंगलवार को प्यार में धोखा मिलने के बाद युवक 70 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला। इस दौरान गांव के लगभग 500 लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। पुलिस और ग्रामीण उसे नीचे उतारने का प्रयास करते रहे। 5 घंटे के बाद पुलिस ने युवक को फोन पर समझा-बुझाकर नीचे उतरने के लिए राजी किया। 3 साल से चल रहा था अफेयर युवक की मां सरिता देवी ने बताया कि उनका बेटा गुलशन कुमार हैदराबाद में क्रेन चलाने का काम करता है। वो पिछले तीन साल से एक लड़की से प्यार करता है। दोनों एक-दुसरे से शादी करना चाहते थे। मेरी भी उस लड़की से बात होती थी। लड़की के परिवार वाले भी शादी के लिए राजी थे। लेकिन 10 दिन पहले लड़की वालों ने शादी से इनकार कर दिया। लड़की के चाचा को इस शादी से आपत्ती, वो अब दोनों की बात तक नहीं होने देते। युवती ने मेरे बेटे का नंबर भी ब्लॉक कर दिया है। इसी कारण वह मानसिक तनाव में आकर टावर पर चढ़ गया था। टावर पर फोन लेकर चढ़ा युवक इस घटना का ड्रोन वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक टावर के टॉप पर खड़ा दिख रहा है। उसके हाथ में फोन भी नजर आ रहा है, जिससे कुछ देर बाद वो किसी से फोन पर बात करता है। घटना के बाद का भी एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पुलिस युवक को अपने साथ ले जा रही है। उनके आगे पीछे लोगों का काफिला भी चल रहा है। सभी अपने फोन से युवक की वीडियो बना रहे है। 5 घंटे बाद पुलिस ने सुरक्षित उतारा सूचना मिलते ही गगौर थाना अध्यक्ष श्यामसुंदर पासवान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि युवक को समझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस और ग्रामीणों ने लगातार समझाने-बुझाने का प्रयास किया। आखिरकार 5 घंटे बाद गुलशन कुमार को सुरक्षित नीचे उतारा गया।
राजनांदगांव पुलिस ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'जीरो टॉलरेंस' अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। बसंतपुर और सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने सट्टा खिलाने और अवैध शराब बेचने के आरोप में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बसंतपुर थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू ने टीम के साथ मुखबिर की सूचना पर फव्वारा चौक पर दबिश दी। यहां आरोपी देवेंद्र देवांगन (37 वर्ष, निवासी चिखली) को मोबाइल के माध्यम से सट्टा लिखते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। उसके पास से सैमसंग गैलेक्सी S-22 मोबाइल और 1,440 रुपए नगद जब्त किए गए। आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। अवैध शराब बेचते आरोपी गिरफ्तार इसी थाना क्षेत्र में जिला अस्पताल चौक के पास से आरोपी कुंदन साहू (42, निवासी संबलपुर) को अवैध रूप से शराब बेचते हुए गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से 20 पौवा देशी प्लेन शराब जब्त की है, जिसकी कीमत लगभग 1,600 रुपए है। कुंदन साहू के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। सट्टा खिलाते आरोपी गिरफ्तार नगर पुलिस अधीक्षक एलेक्ज़ेडर कीरो के पर्यवेक्षण में सिटी कोतवाली पुलिस ने भी कार्रवाई की। पुराना बस स्टैंड चौक के पास घेराबंदी कर अरविंद रंगारी (36, निवासी कैलाश नगर) को सट्टा खिलाते हुए पकड़ा गया। उसके पास से सट्टा पट्टी, पेन, 560 रुपए नगद और एक रियलमी मोबाइल बरामद हुआ। कार्रवाई जारी रखने की चेतावनी मोबाइल की जांच में व्हाट्सएप के जरिए सट्टा पट्टी के लेनदेन के पुख्ता सबूत मिले हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब, जुआ और सट्टा जैसी असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
राजधानी रायपुर में मीटर लगाने के नाम पर ठग ने कारोबारी से 6 लाख रुपए से अधिक की ठगी की है। आरोपी ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताकर पहले फोन किया, फिर लिंक भेजकर मोबाइल हैक किया और अलग-अलग किश्तों में रकम निकाल ली। मामला देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र का है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सेक्टर-2 निवासी आशीष भाई देसाई (किरायेदार) लेमिनेट का काम करते हैं। उन्होंने 1 अप्रैल 2026 को नया बिजली मीटर लगाने के लिए दलदल सिवनी-मोवा स्थित बिजली कार्यालय में आवेदन दिया था। इसी बीच 4 अप्रैल की सुबह करीब 8:20 बजे उन्हें एक अनजान नंबर से कॉल आया। व्हाट्सएप पर भेजा लिंक कॉल करने वाले ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताया और कहा कि मीटर प्रक्रिया पूरी करने के लिए 13 रुपये का ऑनलाइन भुगतान करना होगा। इसके बाद ठग ने दूसरे नंबर से व्हाट्सएप कॉल किया और एक लिंक भेजा, जिसमें बिजली विभाग का लोगो भी दिखाई दे रहा था। भरोसे में आकर पीड़ित ने लिंक ओपन कर दिया। मोबाइल हैक कर निकाले पैसे लिंक पर क्लिक करते ही उनका मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद ठग ने बैंक खातों से रकम निकालना शुरू कर दिया। बैंक ऑफ महाराष्ट्र के खाते से 6 किश्तों में 6,03,472 रुपए और एचडीएफसी बैंक के खाते से 99 हजार रुपये निकाल लिए गए। इस तरह कुल 8 ट्रांजैक्शन में 7,02,472 रुपए की ऑनलाइन ठगी की गई। पीड़ित को जब खाते से पैसे कटने के मैसेज मिलने लगे, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बोली- अंजान लिंक पर क्लिक करने से बचे पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अंजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही फोन पर मांगी गई जानकारी साझा करें। सरकारी विभाग कभी भी इस तरह लिंक भेजकर भुगतान नहीं कराते। साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा उपाय है।
खैरथल में मारपीट कर मोबाइल लूट का आरोपी गिरफ्तार:पेहल रोड पर की थी वारदात, मुंडावर पुलिस की कार्रवाई
खैरथल-तिजारा की मुण्डावर थाना पुलिस ने 5 हजार रुपए के इनामी बदमाश को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी करीब तीन माह से फरार चल रहा था और मोबाइल लूट के एक मामले में वांछित था। ये मामला 4 जनवरी को खैरथल-पेहल रोड पर दोपहर करीब 2:15 बजे सामने आया था। पीड़ित हेमकर्ण ने बताया था कि स्विफ्ट कार में सवार पांच बदमाशों ने उसकी मोटरसाइकिल रोककर अवैध हथियार दिखाए, मारपीट की और उसका मोबाइल लूटकर फरार हो गए थे। मामले में मुण्डावर थाने में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस ने जांच के दौरान पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। अब इस प्रकरण के मुख्य फरार आरोपी अंकित को भी पकड़ लिया गया है, जिस पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अंकित (20) निवासी नवीनगर, थाना शेखपुर अहीर, पुलिस जिला भिवाड़ी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी का पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है।
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड(PSEB) से एफिलिएटिड और एसोसिएटिड स्कूल संचालक 8 वीं क्लास में एडमिशन के लिए बर्थ सर्टिफिकेट की अनिवार्यता को खत्म करने की डिमांड कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ प्राइवेट स्कूल संचालक टीचर्स के मोबाइल नंबर मांगे जाने का भी विरोध कर रहे हैं। पीएसईबी के चेयरमैन डॉ अमरपाल सिंह ने स्कूल संचालकों को दो टूक कह दिया कि 8 वीं और उससे ऊपर की कक्षाओं में बिना बर्थ सर्टिफिकेट के एडमिशन नहीं होगा और एफलिएटिड व एसोसिएटिड स्कूलों को अपने टीचर्स के मोबाइल नंबर बोर्ड को देने पड़ेंगे। स्कूल संगठनों ने इस संबंध में बोर्ड के चेयरमैन के साथ बैठक भी की लेकिन चेयरमैन ने उनकी इन दोनों डिमांड्स को सिरे से नकार दिया। बोर्ड के रवैये से स्कूल संचालक खफा हैं और उन्होंने पंजाब भर के स्कूल संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक कॉल कर दी। स्कूल संगठनों के प्रतिनिधियों का कहना है कि पंजाब में 5000 से अधिक एफिलिएटिड व एसोसिएटिड स्कूल हैं जिनमें 10 से 15 लाख स्टूडेंट पढ़ते हैं। वहीं दूसरी तरफ ऑनलाइन एडमिशन के लिए सरकारी स्कूलों को भी आठवीं से 12 वीं तक के स्टूडेंट़स के बर्थ सर्टिफिकेट लगाने होंगे। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के आदेशों में क्या-क्या लिखा है, जानिए… स्कूल संचालक क्यों कर रहे हैं बोर्ड के आदेशों का विरोध, जानिए.. आज जालंधर में होगी बैठक पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से एफिलिएटिड व एसोसिएटिड स्कूलों अलग-अलग संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक आज जालंधर में रखी गई है। बैठक में स्कूल संचालक आगे की रणनीति तय करेंगे। स्कूल संघ के कॉर्डिनेटर राजेश नागर ने बताया कि इस बैठक में हर संगठन से प्रतिनिधियों को बुलाया गया है। बैठक में जो भी रणनीति बनेगी उससे सभी स्कूल संचालकों को अवगत करा दिया जाएगा।
लखनऊ में साइबर जालसाजों ने एयरटेल कंपनी के डायरेक्टर को एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैककर 10 लाख रुपए ठग लिए। तीन अलग-अलग खातों में रुपए ट्रांसफर करवा लिए। जालसाजी का पता चलने पर पीड़ित पुलिस के पास पहुंचे। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए पूरी रकम रिफंड करवा दी। अर्जुनगंज लखनऊ निवासी योगेंद्र कुमार एयरटेल में डायरेक्टर हैं। योगेंद्र को मोबाइल चलाने के दौरान रुपए निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का मैसेज मिला। उस मैसेज पर रिस्पांस करने पर एक Malicious Malware फाइल भेजी गई। इसके बाद पीड़ित का फोन हैक हो गया। जिसके बाद नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते हुए उनके खाते से तीन बार में 10 लाख रुपए कट गए। इसके बाद जालसाज और रुपए की डिमांड करने लगे। इस पर पीड़ित जानकारी करने के लिए साइबर थाने पहुंचे। मामले में साइबर थाना इंस्पेक्टर बृजेश कुमार यादव ने बताया कि 17 फरवरी की पीड़ित ने आकर पूरा मामला बताया। उनकी शिकायत पर जांच की गई तो जिस खाते में रकम गई थी उसमें पूरा पैसा पड़े होने की जानकारी हुई। इस पर मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई में तेजी लाई गई। बैंक में रुपए फ्रीज कर दिए गए। कोर्ट रिलीज करने का आर्डर मंगाया गया। पीड़ित को ऑर्डर मिलते ही 10 लाख रुपए मंगलवार को वापस हो गई। आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। ठगी होने पर तुरंत शिकायत करें एडीसीपी क्राइम किरन यादव ने बताया- साइबर अपराध के मामलों को पुलिस अत्यंत गंभीरता से लेते हुए पीड़ितों की धनराशि की शीघ्र रिकवरी के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस प्रकरण में भी त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया। गोल्डन टाइम में ही NCCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर फ्राडस्टरों के खाते को फ्रीज कराया गया। कोर्ट के द्वारा फ्राड की हुई 10 लाख रकम वापस कराई गई है। साइबर ठगी होने पर तुरंत इसकी शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नं-1930 या cybercrime.gov.in पर दर्ज कराएं। पुलिस पर भरोसा बढ़ारुपए मिलने के बाद पीड़ित योगेंद्र ने लखनऊ पुलिस का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा मेरे साथ हुए 10 लाख के साइबर फ्रॉड के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरी रकम बरामद कर मुझे वापस दिलाई गई। इससे आम जनता का पुलिस पर विश्वास और मजबूत हुआ है।
हरियाणा के नारनौल में पुलिस की साइबर सेल टीम ने तकनीकी सर्विलांस की सहायता से 32 गुम हुए महंगे स्मार्टफोन बरामद किए हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख 71 हजार 168 रुपये है। पुलिस मुख्यालय में पुलिस अधीक्षक (एसपी) दीपक ने स्वयं अपने हाथों से ये सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों के सुपुर्द किए। साइबर सेल की टीम ने न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि दूसरे जिलों और अन्य राज्यों में भी ट्रैक करके इन मोबाइलों को बरामद करने में सफलता पाई है। इस पूरी प्रक्रिया में केंद्र सरकार द्वारा जारी सीईआईआर पोर्टल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मालिकों के चेहरों पर खुशी अपने खोए हुए कीमती मोबाइल वापस पाकर सभी मालिकों के चेहरे खुशी से खिल उठे। फोन प्राप्त करने वाले नागरिकों ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि फोन गुम होने के बाद उन्हें इसके दोबारा मिलने की कोई उम्मीद नहीं थी, लेकिन पुलिस की इस तत्परता ने उन्हें नया फोन खरीदने के भारी आर्थिक बोझ से बचा लिया है। लोगों को जागरूक किया इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक दीपक ने वहां मौजूद लोगों को मोबाइल सुरक्षा के प्रति विशेष रूप से जागरूक किया। उन्होंने कहा कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है। एसपी ने सुरक्षा के दो महत्वपूर्ण कदम सुझाए। उन्होंने कहा कि मोबाइल खोते ही तुरंत सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि फोन को आसानी से ब्लॉक और ट्रैक किया जा सके, जिससे इसका गलत इस्तेमाल रुक सके। दूसरा, फोन गुम होते ही अपनी सिम को तुरंत बंद करवाएं और डुप्लीकेट सिम निकलवाएं ताकि कोई भी आपके नंबर का दुरुपयोग कर किसी साइबर अपराध को अंजाम न दे सके।
सीकर में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले 16 साल के नाबालिग लड़के के लापता होने का मामला सामने आया है। नाबालिग दोपहर के समय घर से निकला था। अगले दिन उसने दूसरे मोबाइल में इंस्टाग्राम भी लॉगिन किया। पुलिस ने लड़के की मां की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज करके लड़के की तलाश शुरू कर दी है। नाबालिग की मां ने पुलिस में रिपोर्ट देकर बताया कि वह दूसरे जिले के रहने वाले हैं। उनका बेटा सीकर की प्राइवेट स्कूल में 12वीं कक्षा का स्टूडेंट है। जो 5 अप्रैल की दोपहर करीब 1 बजे घर से बिना बताए कहीं पर चला गया। जिसकी उन्होंने काफी तलाश की लेकिन कुछ भी पता नहीं चल पाया। अगले दिन उसने सुबह 6:30 पर अपना इंस्टाग्राम भी किसी दूसरे मोबाइल में लॉगिन किया है। फिलहाल पुलिस टेक्निकल सोर्स के जरिए नाबालिग की तलाश कर रही है। जानकारी के मुताबिक नाबालिग लड़के के पिता विदेश में नौकरी करते हैं। बेटा यहां पर किराए के मकान में रहकर पढ़ाई करता है।
15 महीने में 635 मोबाइल बरामद:बैतूल पुलिस ने साइबर ट्रैकिंग से कई राज्यों से की तलाश
बैतूल पुलिस ने पिछले एक साल में गुम हुए 635 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए हैं। मंगलवार को एक कार्यक्रम में इन मोबाइलों को उनके असली मालिकों को सौंपा गया। पुलिस के अनुसार, यह सफलता साइबर ट्रैकिंग और विभिन्न थानों की संयुक्त टीम के प्रयासों से मिली है। गुम हुए इन मोबाइलों को अलग-अलग राज्यों और जिलों से ट्रेस कर बैतूल लाया गया। बरामद किए गए फोनों में सैमसंग, वीवो, ओप्पो, रेडमी और रियलमी जैसी विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से मार्च 2024 के बीच 100 मोबाइल बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 9 लाख रुपए है। पिछले एक साल में बरामद किए गए कुल 635 मोबाइलों की कीमत लगभग 80 लाख रुपए आंकी गई है। इनमें से 535 से अधिक मोबाइल पहले ही उनके मालिकों को लौटाए जा चुके थे। मोबाइल प्राप्त करने वालों में छात्र, मजदूर, किसान और गृहणियां शामिल हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों में अपने खोए हुए सामान की वापसी को लेकर विश्वास बढ़ा है। पुलिस ने बताया कि CEIR पोर्टल मोबाइल ट्रैकिंग में काफी सहायक सिद्ध हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे मामलों में जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराई जाती है, मोबाइल मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होती है। इस पूरे अभियान में साइबर सेल और विभिन्न थानों के पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी लगातार ट्रैकिंग और फॉलोअप के प्रयासों से यह सफलता संभव हो पाई। पुलिस ने जनता से अपील की कि मोबाइल गुम होने पर घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत नजदीकी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं और CEIR पोर्टल पर शिकायत करें। इससे समय रहते मोबाइल को ट्रैक करने में मदद मिलेगी।
हिसार जिले में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत AVT स्टाफ ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपियों के कब्जे से 7.09 ग्राम हेरोइन (चिट्टा), एक एक्टिवा स्कूटी और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जानकारी के अनुसार AVT स्टाफ प्रभारी SI धर्मबीर के नेतृत्व में पुलिस टीम गश्त एवं चेकिंग पर थी। इसी दौरान मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए टीम ने दो संदिग्ध युवकों को काबू किया। तलाशी लेने पर उनके पास से हेरोइन बरामद हुई, जिसके बाद दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। दो आरोपी गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान समीर उर्फ सीमु निवासी बीरबल नगर नरवाना (जींद), हाल निवासी गांव खेदड़ (हिसार) तथा अमन उर्फ गैल निवासी गांव खेदड़ (हिसार) के रूप में हुई है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ थाना बरवाला में मुकदमा नंबर 170, दिनांक 06 अप्रैल 2026 को धारा 21B, 61, 85 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं केस प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी आदतन अपराधी हैं। समीर उर्फ सीमु के खिलाफ थाना बरवाला में पहले से ही लड़ाई-झगड़ा, लूट तथा एससी/एसटी एक्ट के तहत तीन मुकदमे दर्ज हैं। वहीं अमन उर्फ गैल के खिलाफ पानीपत और बरवाला में हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट सहित कई संगीन मामले दर्ज हैं। मामले की जांच में जुटी पुलिस इतना ही नहीं, अमन बरवाला थाना के एक पुराने मामले में वांछित भी चल रहा था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है, जिससे नशा तस्करी के नेटवर्क की मुख्य कड़ियों तक पहुंचने की उम्मीद है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
राजधानी जयपुर के मुहाना थाना क्षेत्र में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। बदमाशों ने गणेश कॉलोनी, रामपुरा रोड स्थित एक दुकान का ताला तोड़कर करीब 1 लाख रुपए की नकदी, दो महंगे मोबाइल फोन और जरूरी डॉक्यूमेंट्स चोरी कर लिए। मामले में पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, वारदात 6 अप्रैल, सोमवार को दोपहर करीब 2:28 बजे से 3 बजे के बीच हुई। परिवादी भाजपा मण्डल महामंत्री विनोद टाटीवाल ने मुहाना थाने में दर्ज रिपोर्ट में बताया कि वह रोज की तरह दुकान बंद कर गए थे, लेकिन कुछ समय बाद लौटने पर दुकान का ताला टूटा मिला। अंदर जाकर देखा तो नकदी, दो मोबाइल फोन और कुछ जरूरी दस्तावेज गायब थे। परिवादी के अनुसार चोरी गए सामान की कुल कीमत लाखों रुपए आंकी जा रही है। घटना के समय दुकान बंद थी और आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि नजर नहीं आई। हालांकि वारदात के CCTV फुटेज भी सामने आए हैं, जिनके आधार पर पुलिस बदमाशों की पहचान में जुटी है। मुहाना थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी। फिलहाल पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बदमाशों ने दुकान की पहले से रेकी की थी या वारदात को मौके की नजाकत देखकर अंजाम दिया गया।
फतेहाबाद जिले की मोबाइल मार्केट स्थित ट्रेंड्स मोबाइल शॉप में घुसकर चोरी करने और उसके बाद हाथ जोड़कर माफी मांगने वाले चोर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान हिसार जिले के आदमपुर निवासी प्रवीन उर्फ लॉरेंस के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ पहले से तीन केस दर्ज हैं। शहर थाना प्रभारी सुरेंद्रा ने बताया कि आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, 14 हजार रुपए की नकदी, एक बैग तथा चोरी में प्रयुक्त लोहे की रॉड बरामद की गई। आरोपी के खिलाफ मोबाइल शॉप संचालक लाजपत नगर निवासी प्रदीप कुमार की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। मंदिर में चोरी का आरोपी भी पकड़ा वहीं, हनुमान मंदिर के दान पात्र का ताला तोड़कर चोरी करने के आरोपी को भी पुलिस ने पकड़ लिया है। उसकी पहचान शक्ति नगर के रोहित के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ मालती शर्मा की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। उसने दान पात्र से दो हजार रुपए चोरी कर लिए थे। इस आरोपी रोहित के खिलाफ भी पहले से दो केस दर्ज हैं। इनमें से एक साल 2020 और दूसरा साल 2021 में सिटी थाने में दर्ज किया गया था। 2023 में दर्ज हुआ था पहला केस आदमपुर के चोरी के आरोपी प्रवीन के खिलाफ पहला केस साल 2023 में दर्ज किया था। उसके खिलाफ 24 अगस्त 2023 को भट्टू थाने में आईपीसी की धारा 457 और 380 के तहत केस दर्ज हुआ था। इसके बाद 11 सितंबर 2024 को सिटी थाना फतेहाबाद में बीएनएस की धारा 305, 331(4) और साल 2025 में बीएनएस की धारा 305, 331(4) के तहत केस दर्ज हुआ था।
SI भर्ती परीक्षा के बाद युवक ने सुसाइड कर लिया। वह आज सुबह पेड़ पर फंदे से लटका मिला। उसके पास एक बैग मिला, जिसमें एडमिट कार्ड और सॉल्व पेपर था। पुलिस ने परिजनों को सूचना दी है। उनके आने के बाद पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। युवक भरतपुर का रहने वाला था और 70 किमी दूर आकर अलवर के करणपुर रेलवे स्टेशन के पास सुसाइड किया। मोबाइल और एडमिट कार्ड मिला अलवर के रेणी थाना SHO बने सिंह ने बताया कि युवक भरतपुर के रुदावल थाना क्षेत्र के नारोली गांव का रहने वाला पिंटू जाटव (24) था। युवक के पास मिले एडमिट कार्ड में परीक्षा सेंटर का नाम भरतपुर शहर है। इसके अलावा भरतपुर से दौसा का ट्रेन टिकट भी मिला है। उसके मोबाइल पर परिजनों के कॉल आ रहे थे। उन नंबरों पर कॉल कर हादसे की जानकारी दी गई। ट्रेन से बीच रास्ते रूका SHO ने बताया कि युवक ट्रेन से भरतपुर से दौसा जा रहा था। बीच में अलवर के करणपुरा रेलवे स्टेशन पर उतर गया। ग्रामीणों ने आज सुबह करीब 8 बजे गांव के जंगल में स्टेशन के पास पेड़ के फंदे पर युवक को लटका देखा। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को रेणी हॉस्पिटल भेजा गया। (इनपुट;हेमंत गुप्ता)
सागर जिले के सुरखी थाना क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध गौरीदांत जंगल में युवक और उसकी महिला रिश्तेदार को अकेला पाकर लूट करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 4 अप्रैल को हुई इस वारदात में आरोपियों ने चाकू अड़ाकर पीड़ितों से एक मोबाइल और 4 हजार रुपए नकद लूट लिए थे। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कर सोमवार को दोनों आरोपियों को दबोच लिया है। वर्तमान में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल और नकद रुपए जब्त कर उन्हें न्यायालय में पेश कर दिया है। चाकू अड़ाकर लूटे थे 4 हजार नकद और मोबाइल पुलिस के अनुसार, सागर निवासी फरियादी अनुज नामदेव 4 अप्रैल को अपनी एक रिश्तेदार युवती के साथ जंगल के बीच स्थित प्रसिद्ध क्षेत्र गौरीदांत में दर्शन करने गया था। जब वे गौरीदांत पहुंचे, तभी उन्हें सुनसान इलाके में अकेला पाकर दो युवकों ने पकड़ लिया। आरोपियों ने चाकू अड़ाकर धमकाया और उनका मोबाइल सहित चार हजार रुपए नकद लूट लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर पकड़े गए दोनों आरोपी वारदात के बाद फरियादी अनुज ने सुरखी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में लिया और आरोपियों की तलाश शुरू की। साइबर सेल की मदद से लूटे गए मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कराई गई। लोकेशन के आधार पर पुलिस ने सोमवार को दबिश देकर आरोपी चंदन चढार (निवासी टंकी मोहल्ला, सुरखी) और छोटू रैकवार (निवासी काकागंज, सागर) को पकड़ लिया। पूछताछ में वारदात कबूली, टीम में ये रहे शामिल थाने लाकर जब दोनों आरोपियों से पूछताछ की गई, तो उन्होंने वारदात करना स्वीकार कर लिया। आरोपियों की निशानदेही पर लूटा गया मोबाइल और नकद रुपए जब्त कर लिए गए हैं। पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया है। इस पूरी कार्रवाई में सुरखी थाना प्रभारी प्रशिक्षु आईपीएस दीपांशु, एएसआई विमल परस्ते, प्रधान आरक्षक नीलम कुमार, नरेंद्र जादौन, नौबत कुमार, आरक्षक उमाशंकर, प्रेमचंद, ब्रजेन्द्र और रवि मिश्रा शामिल रहे।
सेंट्रल जेल में फिर मोबाइल मिला, जांच जारी
लुधियाना| लुधियाना की सेंट्रल जेल में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। नियमित चेकिंग के दौरान एक हवालाती के बैरक से मोबाइल फोन बरामद हुआ है, जिससे जेल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, जेल सुपरिटेंडेंट रशपाल गोयल की अगुवाई में जेल परिसर में विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इसी दौरान हवालाती अमरिंदर सिंह (पुत्र बलविंदर सिंह), निवासी गांव सोठां, के बैरक की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बैरक से एक की-पैड मोबाइल फोन बरामद किया गया। जेल प्रशासन ने तुरंत इसकी सूचना थाना डिवीजन-7 पुलिस को दी। पुलिस ने जेल अधिकारियों की शिकायत के आधार पर आरोपी हवालाती के खिलाफ प्रिजन एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है।
चौराहों पर लापरवाही लाइव : ड्यूटी ‘डाउन’; मोबाइल ‘ऑन’…, सुरक्षा किसके भरोसे?
राजधानी की सड़कों पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के लिए अब ‘सिग्नल’ से ज्यादा जरूरी ‘सोशल मीडिया’ और ‘कॉल’ हो गए हैं। शहर के व्यस्ततम चौराहों पर ट्रैफिक संभालने की जिम्मेदारी जवानों के हाथ में नहीं, बल्कि किनारे खड़े होकर मोबाइल चलाने में व्यस्त दिखती है। जब वर्दी ही डिजिटल दुनिया में मशगूल हो, तो सड़कों पर नियमों का टूटना और घंटों जाम में जनता का पिसना आम बात है। हाथ में ट्रैफिक स्टिक की जगह स्मार्टफोन थामे इन जवानों की लापरवाही ने शहर की रफ्तार को कम कर दिया है। ड्यूटी के समय मोबाइल पर टिकी ये नजरें हादसे को दावत दे रही हैं। वर्दी की इस बेरुखी ने आम नागरिकों की सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। अरगोड़ा चौक : ट्रैफिक जवान आसपास से बेखबर एचईसी सेक्टर 2 : सभी का ध्यान फोन पर मेन रोड स्थित जेडी हाईस्ट्रीट मॉल के सामने पुलिस पेट्रोलिंग वाहन लगाकर पेड़ के नीचे एक अधिकारी मोबाइल पर व्यस्त हैं। ऐसे में उनके मातहत ड्यूटी कर रहे जवान कितने सजग रहेंगे, यह समझा जा सकता है। अरगोड़ा चौक के पास दो ट्रैफिक जवान अपने मोबाइल में इस कदर व्यस्त थे कि उनको आने-जाने वालों की कोई खबर नहीं थी। दोनों अपने मोबाइल के साथ सोशल मीडिया पर मशगूल थे। एचईसी सेक्टर-2 में ड्यूटी के प्रति घोर लापरवाही की यह तस्वीर है। यहां ट्रैफिक संभालने के बजाय पुलिसकर्मी सड़क के किनारे अपने-अपने मोबाइल पर व्यस्त दिखे। ड्यूटी की उनमें थोड़ी भी परवाह नहीं थी।
सलूम्बर पुलिस ने 8 लाख के 62 मोबाइल बरामद किए:साइबर टीम की ट्रैकिंग से सफलता, मालिकों को लौटाए गए
सलूम्बर पुलिस ने हाल ही में एक बड़ी कार्रवाई में लगभग 8 लाख रुपये मूल्य के 62 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन सभी मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया, जिससे आमजन में खुशी का माहौल देखने को मिला। यह सफलता जिला पुलिस अधीक्षक विश्नाराम (IPS) के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान के तहत हासिल हुई। साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण, सतत निगरानी और प्रभावी कार्रवाई के जरिए इन मोबाइलों का पता लगाकर उन्हें बरामद किया। साल 2025-26 में 310 मोबाइल रिकवरी पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक जिले में गुम हुए कुल 348 मोबाइल फोन में से 310 को सफलतापूर्वक रिकवर कर उनके मालिकों तक पहुंचाया जा चुका है। यह आंकड़ा जिला पुलिस की सक्रियता और साइबर अपराधों के प्रति गंभीरता को दर्शाता है। मोबाइल फोन की सुपुर्दगी और आमजन की प्रतिक्रिया बरामद किए गए मोबाइल फोन को आवश्यक सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद संबंधित स्वामियों को सुपुर्द किया गया। अपने खोए हुए फोन वापस पाकर लोगों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया। जिला पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें। साथ ही मोबाइल के दुरुपयोग को रोकने के लिए उसे CEIR पोर्टल पर ब्लॉक कराना सुनिश्चित करें। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आमजन की सेवा के लिए ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
बयाना में प्रेमी से शादी करने की जिद पर मोबाइल टॉवर पर चढ़ी युवती
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर जिले के बयाना क्षेत्र में प्रेम प्रसंग को लेकर सोमवार को एक युवती के 150 फुट ऊंचे मोबाइल टॉवर पर चढ़ जाने से अफरातफरी मच गई। सूत्रों ने बताया कि बरखेड़ा गांव में युवती का गांव के ही मोनू चौधरी नामक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा है, लेकिन दोनों की […] The post बयाना में प्रेमी से शादी करने की जिद पर मोबाइल टॉवर पर चढ़ी युवती appeared first on Sabguru News .
अंतरराज्यीय मोबाइल झपटमार गिरोह का पर्दाफाश:कोतवाली पुलिस ने 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार
सीधी। शहर में मोबाइल झपटमारी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाते हुए कोतवाली पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एक अंतरराज्यीय झपटमार गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सोमवार शाम लगभग 5 बजे की गई। थाना प्रभारी अभिषेक उपाध्याय ने जानकारी दी कि हाल ही में कोतवाली क्षेत्र में बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने एक राहगीर से मोबाइल छीनकर फरार होने की घटना को अंजाम दिया था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल भारतीय न्याय संहिता की धारा 304(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ की। जांच के दौरान, पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके अतिरिक्त, साइबर सेल की तकनीकी सहायता ली गई और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। प्राप्त सुरागों के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों की पहचान विष्णु उर्फ रितेश गुप्ता (21 वर्ष), निवासी बंजारी, थाना जमोड़ी, और अतुल सिंह चौहान (21 वर्ष), निवासी सुकवारी, थाना जमोड़ी के रूप में हुई। गहन पूछताछ के दौरान, दोनों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मोबाइल झपटमारी की कई वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 4 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत ₹46,000 है। वारदात में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें—एक हीरो स्प्लेंडर प्लस और एक होंडा शाइन—भी जब्त की गईं, जिनकी कीमत लगभग ₹1,50,000 बताई गई है। कुल मिलाकर, ₹1,96,000 का सामान बरामद किया गया है। थाना प्रभारी अभिषेक उपाध्याय ने बताया कि गिरोह के दो अन्य सदस्य अभी फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की विशेष टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।
नीमच के टैगोर मार्ग पर मोबाइल रिपेयरिंग को लेकर दो दुकानदारों के बीच विवाद हो गया। 'पाटनी मोबाइल' के मालिक आशीष कुमार पाटनी ने 'आई-सॉल्यूशन मोबाइल' के संचालक वसीम खान के खिलाफ एसपी ऑफिस में लिखित शिकायत की है। आशीष का आरोप है कि वसीम उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे हैं और सोशल मीडिया पर गलत वीडियो डालकर उनकी इज्जत खराब कर रहे हैं। सैमसंग सर्विस सेंटर चलाने वाले आशीष पाटनी ने बताया कि 2 अप्रैल को वसीम खान ने एक 'सैमसंग S-22' मोबाइल बनने के लिए भेजा था। आशीष के मुताबिक, फोन पहले से ही खुला हुआ और बंद था। वसीम के बहुत मिन्नत करने पर उन्होंने सिर्फ उसकी बैटरी बदल दी थी। दुकान पर हंगामा और सोशल मीडिया पर धमकी आशीष का आरोप है कि अगले दिन जब वे दुकान पर नहीं थे, तब वसीम ने फोन वापस भेजा और दावा किया कि रिपेयरिंग के दौरान कैमरा खराब हो गया है। इस बात पर दुकान के कर्मचारी और वसीम के बीच बहस हो गई। आशीष का कहना है कि वसीम ने दुकान पर आकर ग्राहकों के सामने बदतमीजी की और धमकी दी कि वे उनका धंधा चौपट कर देंगे और उन्हें जेल भिजवा देंगे। इंस्टाग्राम वीडियो पर आपत्ति शिकायत में कहा गया है कि वसीम खान ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी 'i_solution_mobile' पर एक वीडियो डाला है, जिसमें उनके खिलाफ झूठ फैलाया जा रहा है। आशीष ने पुलिस से अपनी सुरक्षा की मांग की है और आरोपी पर कार्रवाई करने को कहा है। दूसरे पक्ष का क्या कहना है? दूसरी तरफ, 'आई-सॉल्यूशन' के मालिक वसीम खान ने इन सभी आरोपों को गलत बताया है। वसीम का कहना है कि उनका मोबाइल आशीष पाटनी की लापरवाही से खराब हुआ है और वे बस अपना फोन सही करवाना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे खुद एसपी ऑफिस जाकर अपनी बात रखेंगे और अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे।
राजनांदगांव जिले में पुलिस ने आईपीएल सट्टेबाजी के एक हाईटेक ऑनलाइन रैकेट का भंडाफोड़ किया है। बसंतपुर थाना और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मोहारा नाला के पास कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस दौरान लैपटॉप, मोबाइल, सट्टा पट्टी और अन्य सामान सहित करीब 5.50 लाख रुपए का मशरूका जब्त किया है। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर जिले में सटोरियों के खिलाफ अभियान तेज किया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और सीएसपी वैशाली जैन के मार्गदर्शन में गठित टीम को मोहारा (बजरंग नगर) स्थित एक फार्महाउस पर बड़े पैमाने पर ऑनलाइन दांव लगाए जाने की सूचना मिली थी, जिसके बाद दबिश दी गई। 9.20 लाख रुपए का हिसाब-किताब जब्त गिरफ्तार किए गए आरोपी सांई ऐप का इस्तेमाल कर क्रिकेट मैच की हर गेंद और हर ओवर पर लाखों रुपए का दांव लगवा रहे थे। जांच में सामने आया कि आरोपी हिसाब-किताब रखने के लिए कोड भाषा का इस्तेमाल करते थे। पुलिस ने मौके से दो लैपटॉप, एक टैब, सात टच स्क्रीन मोबाइल, एक बाइक और सट्टा पट्टी में दर्ज 9.20 लाख रुपए का हिसाब-किताब जब्त किया। 5 सटोरिए गिरफ्तार, दो फरार पुलिस ने मोहारा और प्रभातनगर क्षेत्र के 5 सटोरियों को गिरफ्तार किया है। इनमें वीरू प्रजापति (24), रूपेश पांडे (43), आयुष मेश्राम (24), मोहित देवांगन (23) और लक्की उर्फ नरेंद्र देवांगन (32) शामिल हैं। इस मामले में संलिप्त दो अन्य आरोपी, मोहारा निवासी मूलचंद देवांगन और नागपुर निवासी सादिक खान, फिलहाल फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 112 (संगठित अपराध) और धारा 318(4) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(डी) भी लगाई है। इसका उद्देश्य सट्टेबाजी के इस संगठित तंत्र को जड़ से खत्म करना है। राजनांदगांव पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सटोरियों की सूची तैयार है और आने वाले दिनों में आईपीएल के दौरान ऐसी कई और बड़ी कार्रवाइयां देखने को मिलेंगी।
सहारनपुर पुलिस ने मोबाइल छिनैती गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को अरेस्ट किया है। बदमाशों के पास से चोरी के 6 मोबाइल फोन, 95 हजार नगद और एक स्क्रू ड्राइवर सेट बॉक्स बरामद हुआ है। मामला थाना तीतरों क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, शामली निवासी निततिन कुमार ने 27 मार्च 2026 ने शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें बताया था कि बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया। इस पर थाना तीतरों में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने सोमवार को सालियर नहर पटरी के पास से तीन आरोपियों को अरेस्ट कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में अहसन उर्फ हसन निवासी पांडोली थाना नागल, शाकिब निवासी संगम विहार कॉलोनी खाताखेड़ी थाना मंडी और मोहम्मद माजिद निवासी इन्द्रा कॉलोनी थाना बेहट शामिल हैं। पूछताछ में मुख्य आरोपी अहसन उर्फ हसन ने बताया कि उसने अपने साथी के साथ मिलकर बाइक पर सवार होकर राह चलते लोगों से मोबाइल छीने। उसने ये भी बताया कि वह पहले भी चोरी और छिनैती की घटनाएं कर चुका है। आरोपी ने बताया कि उसने चोरी किए गए 6 मोबाइल शाकिब और मोहम्मद माजिद को बेच दिए थे। इसके बदले उसे कुल 44 हजार रुपए मिले। पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए सभी मोबाइल आसपास के क्षेत्रों में की गई छिनैती और चोरी की घटनाओं से जुड़े हैं।
टोंक में गांजे के साथ नशा तस्कर पकड़ा:बाइक से सप्लाई करने जाते समय दबोचा, मोबाइल भी जब्त
टोंक जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) ने घाड़ थाना क्षेत्र में एक आरोपी को अवैध मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान आरोपी से करीब 2 लाख रुपए कीमत का लगभग 2 किलो गांजा, एक बाइक और मोबाइल जब्त किया गया। डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया - कुछ दिनों से नशे के अवैध कारोबार की शिकायतें मिल रही थीं, जिस पर टीम ने निगरानी बढ़ाई और तस्करों की धरपकड़ शुरू की। कार्रवाई के दौरान दूनी थाना क्षेत्र के बड़ोली बालूंदा निवासी धर्मराज (45) पुत्र कैलाश पुरी को गांजा खरीद-फरोख्त करते हुए गिरफ्तार किया गया। पुलिस आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
दुनिया के करीब 80% कमर्शियल ड्रोन बनाने वाला चीन अब अपने आसमान में सख्ती से ‘ड्रोन कंट्रोल’ लागू कर रहा है। 2025 तक देश में 30 लाख से ज्यादा ड्रोन रजिस्टर्ड हो चुके हैं, जो एक साल में 50% की वृद्धि है, लेकिन इसी तेजी के साथ सरकार ने नियंत्रण भी कड़ा कर दिया है। बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर सजा और जेल तक का प्रावधान लागू किया गया है। मई से हर ड्रोन का रियल-नेम रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा और उड़ान का डेटा रियल टाइम में सरकार तक जाएगा। ड्रोन का रियल टाइम डेटा सरकार को देना होगा - ड्रोन को आईडी या मोबाइल नंबर से लिंक करना जरूरी होगा।- उड़ान का रियल टाइम डेटा सरकार के पास भेजना होगा।- प्रतिबंधित क्षेत्रों में उड़ान से एक दिन पहले परमिट लेना अनिवार्य।- कई शहरों में बड़े हिस्से को नो-फ्लाई जोन घोषित किया।- छोटे ड्रोन को भी 400 फीट से नीचे सीमित छूट दी गई है।- बीजिंग में ड्रोन की बिक्री, किराया और बाहरी एंट्री पर भी रोक। - एक पते पर अधिकतम 3 ड्रोन रखने की सीमा तय की गई है।- बिना अनुमति उड़ान पर जुर्माना, जब्ती और जेल का प्रावधान।- ड्रोन बाजार पर भी असर साफ दिख रहा है। लोकल मार्केट में डिमांड घटने से डीलरों की बिक्री तेजी से घटी है,कई लोग ड्रोन फोटोग्राफी जैसे नए बिजनेस छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।
मोगा में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। एचडीएफसी बैंक परिवर्तन और स्माइल फाउंडेशन के सहयोग से मोगा के 12 गांवों में एक मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू की गई है। सिविल सर्जन डॉ. रमणदीप सिंगला ने इस वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहले से ग्रामीणों को अस्पतालों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और समय पर उपचार संभव हो सकेगा। डॉ. ज्योति (एएनएस) ने जानकारी दी कि मोबाइल मेडिकल वैन में सभी आवश्यक चिकित्सा उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ उपलब्ध है। वैन में सामान्य जांच, दवाइयां और स्वास्थ्य संबंधी सलाह प्रदान की जाएगी। ग्रामीणों को मिलेगा समय पर इलाजडॉ. सिंगला ने बताया कि यह मोबाइल मेडिकल वैन गांवों में रहने वाले लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। इसके माध्यम से दूर-दराज के क्षेत्रों में लोगों को उनके घर के पास ही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं और आवश्यक चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। इससे ग्रामीणों को अस्पतालों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और समय पर उपचार संभव हो सकेगा। उन्होंने आगे कहा कि अक्सर ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण लोग छोटी बीमारियों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में गंभीर रूप ले सकती हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट समय पर जांच और उपचार प्रदान करके लोगों के स्वास्थ्य स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस अवसर पर जिला मास मीडिया अधिकारी जसजीत कौर, मीडिया इंचार्ज हरिंदर कौर, स्माइल फाउंडेशन की सीएचओ आंचल ठाकुर, हरजीत कौर, हरप्रीत कौर और गुरमीत सिंह सहित अन्य स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे।
फतेहाबाद शहर के पॉश इलाके में ऑनलाइन सट्टे पर पुलिस ने कार्रवाई की है। नई एसपी निकिता खट्टर के निर्देश पर सीआईए टीम ने पॉश एरिया सूर्या एन्क्लेव में छापेमारी की। जहां अवैध वेबसाइटों के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा लगवाते हुए एक युवक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान भिवानी के तोशाम निवासी सन्नी के रूप में हुई है। जो फिलहाल सूर्या एन्क्लेव में ही रह रहा है। सीआईए प्रभारी वेदपाल ने बताया कि पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि सूर्या एन्क्लेव की गली नंबर 2 में एक मकान के अंदर अवैध सट्टेबाजी और ऑनलाइन बैटिंग ऐप्स के माध्यम से धोखाधड़ी का काम चल रहा है। पुलिस टीम ने तुरंत सर्च वारंट हासिल कर रेड पार्टी तैयार की और मकान की दूसरी मंजिल पर दबिश दी। मौके से युवक सन्नी को काबू किया गया। लैपटॉप, टैबलेट और मोबाइल बरामद पकड़े गए आरोपी सन्नी के पास से पुलिस टीम ने एक लैपटॉप, एक एंड्रॉइड टैबलेट और एक एंड्रॉइड मोबाइल बरामद किया है। मामले में आरोपी सन्नी के खिलाफ सिटी थाना फतेहाबाद में गैंबलिंग एक्ट की धारा 3 एवं 4 के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। फतेहाबाद में धड़ल्ले से चल रही सट्टेबाजी फतेहाबाद में सट्टेबाजी का अवैध काम धड़ल्ले से चल रहा है। कई सफेदपॉश भी इससे जुड़े हुए हैं। कुछ संदिग्ध लोगों के लिए पिछले साल तत्कालीन एसपी सिद्धांत जैन ने एयरपोर्ट अथॉरिटी को भी लेटर लिखा था, ताकि वे विदेश न भाग पाएं। इस युवक से भी पुलिस पूछताछ कर रही है, ताकि इनके पूरे नेटवर्क को खंगाला जा सके।
औरैया में घर में घुसकर मारपीट और लूट, CCTV:महिलाओं समेत परिवार को पीटा, नकदी और मोबाइल ले भागे
औरैया के दिबियापुर थाना क्षेत्र के जमौली गांव में घर में घुसकर मारपीट और लूट का मामला सामने आया है। पीड़िता जानवती पत्नी सुभाष चंद्र ने दिबियापुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, यह घटना 6 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 7 से 9 बजे के बीच हुई। आरोपियों ने घर के पास पहुंचकर गाली-गलौज की और विरोध करने पर परिवार के सदस्यों पर लाठी-डंडों व लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस हमले में शाहिद के परिजनों सहित कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने मारपीट के दौरान उनका मोबाइल फोन छीन लिया और जेब में रखे करीब 5 से 10 हजार रुपये भी लूट लिए। बीच-बचाव करने आए अन्य परिजनों को भी पीटा गया। घटना का एक वीडियो सीसीटीवी में कैद हो गया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिबियापुर में भर्ती कराया गया है। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अयोध्या पुलिस ने बरामद किए 30 लाख के मोबाइल:203 चोरी और गुम मोबाइल बरामद, लोगों को किया गया वापस
अयोध्या पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए CEIR पोर्टल के माध्यम से गुमशुदा और चोरी हुए 203 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइल फोन की कुल कीमत लगभग 30.45 लाख रुपये बताई जा रही है। बरामद मोबाइल फोन उनके असली धारकों को वापस किए जा रहे हैं। श्रीराम जन्मभूमि और हनुमानगढ़ी में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। इसी दौरान भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में मोबाइल चोरी और गुम होने की घटनाएं भी बढ़ीं, जिस पर पुलिस ने गंभीरता से कार्रवाई की। CEIR पोर्टल के जरिए मिली सफलता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि सर्विलांस टीम और सभी थानों की संयुक्त पुलिस टीम ने CEIR पोर्टल का अधिकतम उपयोग करते हुए अभियान चलाया। इस अभियान में अलग-अलग जनपदों और राज्यों से आए लोगों के मोबाइल फोन ट्रेस कर बरामद किए गए। लोगों को सौंपे जा रहे मोबाइल बरामद सभी 203 मोबाइल फोन आज पुलिस लाइन में उनके मालिकों को सौंपे जा रहे हैं। इससे लोगों में खुशी का माहौल है और पुलिस की इस पहल की सराहना की जा रही है। यह सर्विलांस टीम के सहयोग से प्राप्त हुआ है। इस दौरान CEIR पोर्टल प्रभारी और अयोध्या CO आशुतोष तिवारी, अयोध्या कोतवाली पंकज सिंह मौजूद रहे।
सिरसा में मोबाइल शॉप से कैश-फोन चोरी:शटर का ताला तोड़कर दुकान में घुसे चोर; गल्ला उखाड़ कर निकाली नकदी
सिरसा शहर में सालासर मंदिर के पास काठपाल मोबाइल शॉप में सेंधमारी हो गई। शॉप में रखे मोबाइल व कैश चुरा लिया। हालांकि, ये भीड़-भाड़ वाला एरिया है और सबसे व्यस्तम एरिया है। यहां पर अक्सर लोगों की हलचल रहती है और पुलिस की भी गश्त रहती है। इसके बावजूद इस एरिया में सेंधमारी हो गई। जानकारी के अनुसार, दुकानदार सुबह शॉप पर पहुंचा, तो शटर खुला मिला। इसके बाद चोरी होने का शक हुआ, तो डायल बुलाई। कुछ देर बाद लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस को दी शिकायत में रिची राय ने बताया कि उसकी द्वारकापुरी गली कार्नर सालासर मन्दिर के सामने काठपाल मोबाइल के नाम शॉप है। रोजाना की भांति शाम को शॉप बंद करके घर चले गए थे। जब सुबह दुकान पर आकर देखा, तो शटर का ताला टूटा पड़ा था। दुकान में बिखरा मिला सामान दुकान का शटर उठाकर अंदर जाकर देखा, तो सारा सामान बिखरा पड़ा था। गल्ले का ताला भी तोड़ रखा था, जिसमें करीब 20 हजार रुपए की नकदी रखी थी। वो गायब मिली और दो-तीन नए फोन व उनके चार्जर भी चुरा लिए गए। जिनकी कीमत करीब 50 हजार रुपए है। इस बारे में उसने आसपास के लोगों व दुकानदारों से पता किया, तो किसी ने कुछ नहीं बताया। डायल 112 को बुलाकर पुलिस को सूचना दी।
फतेहाबाद जिले के मोबाइल मार्केट स्थित मोबाइल शॉप के ताले तोड़कर चोर सामान चोरी कर ले गए। इसकी सीसीटीवी फुटेज में एक युवक नजर आ रहा है, जो गल्ले में रखी नकदी और मोबाइल चोरी कर ले गया। मोबाइल उसने बैग में भर लिए। इसके बाद जाते टाइम सीसीटीवी की ओर देखकर हाथ जोड़कर माफी मांगी। इसके बाद कानों के हाथ लगाकर बाहर चला गया। सुबह दुकानदार जब दुकान पर पहुंचे, तो उन्हें घटना की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। इसके बाद चोर की तलाश शुरू की गई है। रात को दुकान बंद करके गए थे जानकारी के अनुसार, रोहित जांगड़ा और प्रदीप कुमार नामक दो युवक पार्टनरशिप में लालबत्ती चौक के पास स्थित मोबाइल मार्केट में ट्रेंड्स मोबाइल के नाम से शॉप चलाते हैं। दोनों रविवार की शाम को दुकान बंद करके घर गए थे। सुबह दुकान पर लौटे, तो उन्हें दुकान का ताला टूटा हुआ मिला। इसके बाद उन्होंने दुकान खंगाली, तो उसमें से महंगे मोबाइल चोरी किए हुए थे। साथ ही गल्ले में रखी करीब 10 हजार से ज्यादा की राशि भी चोरी हो चुकी थी। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाली, तो चोर नजर आया। जानिए…वीडियो में क्या नजर आ रहा वीडियो में नजर आता है कि रात को 11 बजकर 53 मिनट पर टी-शर्ट पहने चोर दुकान में घुसता है। चोर हाथ में मोबाइल की लाइट जलाए हुए होता है। बाद में दुकान की लाइट जलाता है, फिर काउंटर में रखे मोबाइल देखने लगता है। इसके बाद अलग-अलग कोनों में तलाश करता है। फिर काउंटर के ऊपर चढ़कर अलमारी में रखे मोबाइल देखता है। इसके बाद गल्ले से रुपए निकालता है। इस सारे सामान को वह काले रंग के बैग में रखता है। करीब 7 मिनट तक चोर दुकान में ही रहता है। इसके बाद वापस जाने पर कैमरे की तरफ देखकर पहले हाथ जोड़ता है, फिर कान पकड़ कर माफी मांगता है। फिर हाथ से सेल्यूट करके शटर उठाकर बाहर चला जाता है।
नारनौल में ट्रैक्टर ड्राइवर को पीटकर मोबाइल छीना:पिकअप में आए युवकों ने किया हमला, वारदात कर फरार
महेंद्रगढ़ जिले में नारनौल क्षेत्र में बलाहा कला के पास एक ट्रैक्टर ड्राइवर के साथ मारपीट और मोबाइल छीनने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। राजस्थान के झुंझनूं जिला के शिमला के नीरज ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह ट्रैक्टर से तूड़ी ढोने का काम करता है। बीते कल रात करीब 8–9 बजे वह दौचाना से तूड़ी लेकर गांव गोद में प्रदीप के पशु स्टॉक पर डालने जा रहा था। जब वह बलाहा कला के समीप पहुंचा, तो सामने से एक बिना नंबर की पिकअप गाड़ी आ गई, जिसमें 5-6 लोग सवार थे। लाठी-डंडों से मारा नीरज के अनुसार साइड को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। इसी दौरान पिकअप में सवार लोग नीचे उतर आए और लकड़ी व डंडों से उसके साथ मारपीट करने लगे। मारपीट के दौरान उसकी जेब में रखे करीब 700 रुपये गिर गए और आरोपियों ने उसका मोटरोला कंपनी का मोबाइल फोन भी छीन लिया। पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया पीड़ित ने बताया कि इसके बाद उसने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घायल नीरज ने दौचाना के पीएचसी में अपनी एमएलआर कटवाई, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे नागरिक अस्पताल नारनौल रेफर कर दिया। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस के अनुसार शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मामले की जांच एएसआई अशोक कुमार द्वारा की जा रही है।
रामगढ़ जिले के भुरकुंडा क्षेत्र में सोमवार की सुबह-सुबह पुलिस और राहुल दुबे गैंग के बीच मुठभेड़ हो गई। घटना दुमुहाना मंदिर के पास की है। जहां संदिग्ध गतिविधि की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर अपराधियों ने फायरिंग कर दी। अचानक हुई इस गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि जैसे ही पुलिस की गाड़ी मौके पर पहुंची, वहां मौजूद अपराधी ने सीधे पुलिस को निशाना बनाकर गोली चला दी। इस हमले में पतरातू थाना प्रभारी की गाड़ी के शीशे और बंपर में गोली लगी, हालांकि वे बाल-बाल बच गए। एसआईटी की छापेमारी के दौरान मिली थी सूचना जानकारी के अनुसार, एसपी अजय कुमार के निर्देश पर राहुल दुबे गिरोह के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसआईटी टीम का गठन किया गया था। टीम लगातार भुरकुंडा और पतरातू इलाके में छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान गुप्त सूचना मिली थी कि गिरोह का सक्रिय सदस्य सनी सिंह क्षेत्र में घूम रहा है। अपने साथियों के साथ मिलकर किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है। सूचना के आधार पर पुलिस ने दुमुहाना मंदिर के पास सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली, गिरफ्तार छापेमारी के दौरान संदिग्ध युवक ने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी सनी सिंह के दाहिने पैर में गोली लग गई। गोली लगते ही वह घायल होकर गिर पड़ा। पूछताछ में उसने अपनी पहचान सनी सिंह, ग्राम रेलीगढ़ा निवासी के रूप में बताई। पुलिस ने मौके पर ही प्राथमिक उपचार कर उसे तत्काल सीसीएल अस्पताल भुरकुंडा भेज दिया, जहां उसका इलाज चल रहा है। दो देसी पिस्तौल, मोबाइल और बैग बरामद मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से दो देसी पिस्तौल, एक मोबाइल फोन और एक लेदर बैग बरामद किया है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुट गई है। गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि राहुल दुबे गिरोह पर शिकंजा कसने के लिए आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
डीग में दुकानदार की हत्या पेट्रोल के पैसे मांगने पर की गई थी। आरोपी ने दुकानदार पर लाठी से वार किए, जिससे उसका सिर फूट गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी। सीकरी थाना पुलिस ने रविवार को आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया। डीग एसपी कांबले शरण गोपीनाथ ने बताया- सीकरी थाना इलाका निवासी अजरुद्दीन ने शनिवार को रिपोर्ट दी थी। बताया था कि उसका भाई यूसुफ (55) निवासी टट्टा का बास गांव में अपने खेतों के बाहर छोटी सी दुकान चलाता था। वह दुकान से ही अवैध पेट्रोल भी बेचता था। शनिवार सुबह जब करीब 5 बजे यूसुफ की पत्नी उसे चाय देने गई तो लहूलुहान हालत में उसकी लाश खाट पर पड़ी थी। उसका मोबाइल फोन भी गायब था। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मोबाइल की लोकेशन को ट्रैस कर आरोपी महेंद्र (30) निवासी नगली बाल, थाना नौगांव जिला अलवर को गिरफ्तार कर लिया है। बाइक में पेट्रोल भरवाया, पैसे देने से किया मना पुलिस पूछताछ में महेंद्र ने हत्या करना कबूल कर लिया। पुलिस ने बताया- महेंद्र सीकरी में रिश्तेदार के घर आया था। इस बीच उसकी बाइक का पेट्रोल खत्म हो गया और वह नशे में था। वह सुबह करीब 4 बजे यूसुफ की दुकान पर गया। वहां यूसुफ सो रहा था। उसने यूसुफ को जगाया और बाइक में पेट्रोल डालने को कहा। महेंद्र के पास देने के लिए पैसे नहीं थे। उसने बाइक में पेट्रोल डलवा लिया। जब यूसुफ ने पैसे मांगे तो उसने पैसे देने से मना कर दिया। इसके बाद उसकी यूसुफ से कहासुनी हो गई। गुस्साए महेंद्र ने वहां रखी लाठी उठाई और यूसुफ के सिर पर लगातार 5 से 6 वार किए। यूसुफ के सिर से खून बहने लगा। वह खाट पर गिर पड़ा। इसके बाद महेंद्र उसका मोबाइल लेकर फरार हो गया। मोबाइल लोकेशन ट्रैस कर आरोपी को पकड़ा एसपी ने बताया कि मोबाइल की लोकेशन ट्रैस की गई, जिसके आधार पर महेंद्र को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। महेंद्र की बाइक में पेट्रोल नहीं था। उसके पास पेट्रोल की एवज में देने के लिए पैसे भी नहीं थे, इसलिए कहासुनी के बाद उसने यूसुफ की हत्या कर दी।
रात को घर पर सोई युवती,सुबह लापता हुई:पूरे गांव और रिश्तेदारों के घर ढूंढा, मोबाइल बंद आ रहा
सीकर जिले में 19 साल की युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। युवती रात के समय घरवालों के साथ सोई थी। परिवार के लोग सुबह जागे तो उन्हें युवती नहीं मिली। अब पुलिस युवती की तलाश कर रही है। 19 साल की युवती के बड़े भाई ने पुलिस में रिपोर्ट देकर बताया कि 2 अप्रैल की रात परिवार के सभी लोग एक कमरे में सोए हुए थे। रात 12 बजे तक परिवार के सभी लोग सो चुके थे। सुबह जब उठे तो देखा कि 19 साल की बहन घर पर नहीं थी। फोन बंद आ रहा पहले तो घरवालों ने सोचा कि युवती वॉशरूम गई होगी। लेकिन काफी देर बीतने के बाद भी जब युवती नहीं लौटी तो परिवार वॉशरूम की तरफ गया। वहां पर भी युवती नहीं मिली। इसके बाद युवती के मोबाइल पर कॉल किया तो वह भी स्विच ऑफ आ रहा था। युवती की गांव और रिश्तेदारी में भी काफी तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। एक 18 साल की युवती भी लापता हुई वहीं, जिले में एक 18 साल की युवती के भी लापता होने का मामला सामने आया है। युवती रात के समय घर से बिना बताए कहीं पर चली गई। इस मामले में भी पुलिस युवती की तलाश कर रही है।
जांजगीर-चांपा जिले के बनाहिल गांव में एक मोबाइल दुकान में डेटोनेटर से धमाका हुआ है। इस घटना में दुकान मालिक भूपेंद्र साहू के पैर में चोट आई है और दुकान का सामान क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध रमन केवट को हिरासत में लिया है। यह घटना 4 अप्रैल की रात करीब 11 बजे मुलमुला थाना क्षेत्र में हुई। जानकारी के अनुसार, 4 अप्रैल की रात भूपेंद्र साहू अपनी मोबाइल दुकान का शटर बंद करके काम कर रहे थे। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने दुकान के अंदर एक डेटोनेटर फेंक दिया। भूपेंद्र ने उसे पैर से मारकर दूर फेंकने की कोशिश की, लेकिन वह फट गया, जिससे उनके पैर में हल्की चोट आई और दुकान का सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही मुलमुला पुलिस मौके पर पहुंची। रविवार को फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक सबूत जुटाए। डीएसपी प्रदीप सोरी ने बताया कि भूपेंद्र साहू ने पूछताछ में रमन केवट पर संदेह जताया है। भूपेंद्र साहू के अनुसार, 4 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे रमन केवट का अपनी पत्नी से विवाद हो रहा था, जिसे सुलझाने के लिए भूपेंद्र वहां गए थे। आशंका है कि इसी बात को लेकर रमन ने रंजिश रखी और इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने संदेही रमन केवट को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि डेटोनेटर कहां से प्राप्त किया गया था।
आजमगढ़ पुलिस ने 256 मोबाइल फोन रिकवर किए:9 करोड़ 40 लाख रुपए से अधिक के मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं
आजमगढ़ पुलिस ने कोई मोबाइल को रिकवर करने का अभियान चलाया हुआ है। इस अभियान के तहत लगातार जिले में मोबाइल बरामद किया जा रहा है। एसएसपी डॉ# अनिल कुमार के निर्देश पर जिले में चलाए जा रहे इस अभियान के अंतर्गत गुमशुदा मोबाइल धारकों की ओर से सीईआईआर पोर्टल पर ऑनलाइन अपनी शिकायत दर्ज की जाती है। उन्हें बरामद करने के लिए सीसीटीएनएस प्रभारी जनपद आजमगढ़ को निर्देशित किया गया था। माह फरवरी 2024 से गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें गुमशुदा मोबाइल धारकों की ओर से सीईआईआर पोर्टल पर ऑनलाइन अपनी शिकायत दर्ज की जाती है। माह मार्च 2026 में आजमगढ़ पुलिस ने जनपद में खोए हुए कुल 256 एण्ड्रायड मोबाइल फोन (कीमत लगभग 61 लाख 50 हजार रूपये) को सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से बरामद किया गया है। पुलिस लाइन में उपभोक्ताओं को सौंपे गए मोबाइल फोन आजमगढ़ के एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने पुलिस लाइन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को उनके मोबाइल फोन सौंपे। वर्ष 2026 में आजमगढ़ पुलिस की ओर से कुल 607 एण्ड्रायड मोबाइल फोन को बरामद कर मोबाइल फोन स्वामियों को सुपुर्द किया गया है। इस प्रकार पिछले 26 माह में कुल 3820 एण्ड्रायड मोबाइल फोन (कुल कीमत लगभग 9 करोड़, 40 लाख रूपये) को बरामद कर मोबाइल फोन स्वामियों को सुपुर्द किया गया है। जिले के कुल 8 थानों क्रमशः मुबारकपुर (337 मोबाइल फोन), निजामाबाद (310 मोबाइल फोन), जीयनपुर (291 मोबाइल फोन), अहरौला (255 मोबाइल फोन), रौनापार (246 मोबाइल फोन), बरदह (229 मोबाइल फोन), जहानागंज (209 मोबाइल फोन), गंभीरपुर (201 मोबाइल फोन) 200 या 200 से अधिक मोबाइल फोन की बरामदगी की गई है। जिन्हें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ ने प्रशस्ति पत्र व नगद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में सड़क किनारे 95% जली हालत में मिली नाबालिग की रविवार सुबह रायपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। ब्वॉयफ्रेंड से किश्त पर लिए मोबाइल को लेकर उसका विवाद हुआ था। जिसके बाद उसने आग लगाकर सुसाइड करने की धमकी दी थी। उसके ब्वॉयफ्रेंड ने पुलिस को बताया कि, गर्लफ्रेंड ने एक दुकान से 100 रुपए का पेट्रोल खरीदा था। पेट्रोल को छीनकर अपनी बाइक पर डाल लिया था। उसे उसके घर से करीब 500 मीटर दूर छोड़कर रामनगर लौट आया था। आधे घंटे बाद जलने की जानकारी हुई। मामला विश्रामपुर थाना क्षेत्र का है। देखिए तस्वीरें… जानिए क्या है पूरा मामला ? जानकारी के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 9.30 बजे विश्रामपुर-भटगांव रोड पर पासिंग नाले के पास सड़क किनारे नाबालिग जली अवस्था में मिली थी। उसकी पहचान ग्राम गोरखनाथपुर निवासी मोनिका सिंह उर्फ मोना (17) के रूप में हुई। वो कक्षा 11वीं की छात्रा थी। पुलिस ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां से उसे 95 फीसदी जलना बताया गया। उसे शुरुआती इलाज के बाद अंबिकापुर रेफर कर दिया गया था। सूचना मिलने पर परिजन भी अस्पताल पहुंचे। रायपुर पहुंचने के बाद हुई मौत घटना की सूचना पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े शनिवार शाम अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंची। मोनिका सिंह को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कराया। उसे रात में ही रायपुर मेकाहारा भेज दिया गया। रायपुर में इलाज के दौरान रविवार सुबह मोनिका सिंह की मौत हो गई। छात्रा के शव को वापस गोरखनाथपुर से जाया जा रहा है। प्रेमी से मोबाइल को लेकर हुआ था विवाद परिजनों से पूछताछ में पता चला कि, बेटी मोनिका का पिछले दो साल से रामनगर निवासी भूपेंद्र सिंह से लव अफेयर चल रहा था। दोनों एक दूसरे के घर आते जाते रहते थे। भूपेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि, दोनों ने मिलकर किश्त में मोबाइल खरीदा था, जिसमें से कुछ पैसे भूपेंद्र सिंह ने दिया था। बाकी पैसे मोनिका को देने थे। उसने पैसे जमा नहीं कराए तो भूपेंद्र ने उससे मोबाइल छीन लिया था। मोबाइल नहीं देने पर मरने की दी धमकी शुक्रवार की शाम को छात्रा मोनिका सिंह रामनगर भूपेंद्र सिंह के घर आई थी। रात में वह रूक गई थी। उसने सुबह भूपेंद्र सिंह से मोबाइल मांगा तो भूपेंद्र सिंह ने नहीं दिया। इस पर उसने धमकी दी कि वह जलकर मर जाएगी। रामनगर में ही छात्रा ने एक दुकान से 100 रुपए का पेट्रोल खरीदा था। भूपेंद्र ने उसे पेट्रोल खरीदते देख लिया और पेट्रोल लूटकर अपनी बाइक पर डाल लिया था। इसके बाद मोनिका को बाइक पर बैठाकर उसने आईटीआई कॉलोनी के पास सुबह 9 बजे छोड़ दिया था। वहां से उसका घर करीब 500 मीटर दूर है। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि वह वापस रामनगर लौट आया था। इसके करीब आधे घंटे बाद मोनिका सिंह गंभीर रूप से जली अवस्था में मिली। पुलिस ने प्रेमी को थाने में बैठाया पूछताछ के बाद पुलिस ने भूपेंद्र सिंह को थाने में बैठा लिया है। पुलिस भूपेंद्र सिंह के बयान की जांच की जा रही है। एडिशनल एसपी अभिषेक पैकरा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस को छात्रा की मौत की अधिकारिक सूचना नहीं मिली है। …………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… 'आत्महत्या के लिए मैं जिम्मेदार' लिखकर खुद को जलाया: बाथरूम में जली मिली महिला टीचर की लाश; बेटा डॉक्टर है, बेटी MBBS कर रही मैं शारीरिक परेशानी की वजह से यह कदम उठा रही हूं। इसकी जिम्मेदार मैं स्वंय हूं। यह लिखकर छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की एक टीचर ने खुद को आग लगाकर आत्महत्या कर ली है। भिलाई की रहने वाली रजनी देवांगन (50) पेशे से टीचर थी। उनका बेटा डॉक्टर है और बेटी MBBS की पढ़ाई कर रही है। पति की प्राइवेट जॉब है। रजनी ने सुसाइड क्यों किया इसकी जांच जारी है। पढ़ें पूरी खबर…
डीग में IPL सट्टेबाजों पर कार्रवाई:थार गाड़ी, कई मोबाइल और भारी मात्रा में हिसाब की डायरियां जब्त
डीग में एसपी कांबले गोपीनाथ शरण के निर्देश पर कामवन (कामां) क्षेत्र में अवैध क्रिकेट सट्टे के खिलाप छापेमारी की गई। पुलिस को क्षेत्र में अवैध सट्टेबाजी की शिकायतें मिली थीं। यह छापेमारी उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे गांव धिलावटी के पास 'कुलवाना मोड़' पर की गई। थाना कामवन पुलिस और DST ने संयुक्त रूप से इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस की दबिश के दौरान सट्टेबाजी से जुड़े 3 मुख्य आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। मौके से पुलिस ने सट्टे के कारोबार में इस्तेमाल की जा रही एक थार गाड़ी और कई मोबाइल फोन बरामद किए। इसके साथ ही, सट्टे के लेन-देन से संबंधित भारी मात्रा में हिसाब-किताब की डायरियां भी मिली हैं। इन डायरियों से क्षेत्र के कई बड़े नामों का खुलासा होने की संभावना है।एसपी ने बताया कि कस्बे में IPL मैचों के दौरान सट्टा लगाने और खिलाने वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर लिया गया है।
फरीदकोट की केंद्रीय मॉडर्न जेल में तलाशी अभियान के दौरान विभिन्न बैरकों से चार मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड बरामद किया गया है। इस मामले में जेल प्रशासन की शिकायत के आधार पर थाना सिटी पुलिस ने पांच हवालातियों और एक कैदी के खिलाफ जेल एक्ट के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस को भेजी गई शिकायत में जेल के सहायक अधीक्षक वीरपाल सिंह ने बताया कि जेल अधीक्षक के निर्देशों पर शनिवार रात जेल कर्मचारियों की टीम ने विभिन्न बैरकों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। फिरोजपुर, फाजिल्का और मानसा के हैं कैदी इस दौरान 5 हवालातियों बिट्टू सिंह फिरोजपुर), निशान सिंह मोगा, रोहित कुमार फिरोजपुर, बिंदु कुमार फाजिल्का, अर्शदीप सिंह मोगा और एक कैदी जुगराज सिंह उर्फ सोनी मानसा के पास से कुल चार मोबाइल फोन और एक सिम बरामद किया गया। इस शिकायत पर थाना सिटी फरीदकोट पुलिस ने उक्त सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जेल अधिकारी-कर्मचारी की भूमिका की जांच करेगी:डीएसपी इस मामले संबंधी जानकारी देते हुए डीएसपी तरलोचन सिंह ने बताया कि अब इस केस में नामजद हवालातियों और कैदी को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ कर जांच की जाएगी कि जेल के अंदर मोबाइल फोन कैसे पहुंचे। यदि किसी जेल अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नागौर में एसआई भर्ती के सेंटर में एग्जाम से पहले पुलिस और स्कूल स्टाफ के बीच विवाद हो गया। स्टाफ मोबाइल और गाड़ी अंदर ले जाने की जिद पर अड़ा रहा। करीब 1 घंटे तक पुलिस और स्टाफ के बीच हुए इस विवाद में कैंडिडेट्स को 20 मिनट देरी से एंट्री मिली। मामला शहर के कांकरिया स्कूल का है। दरअसल, एग्जाम सेंटर में मोबाइल ले जाने पर रोक लगी थी। लेकिन, स्कूल स्टाफ नहीं माना और चेतावनी दी कि मोबाइल नहीं ले जाने दिया तो काम नहीं करेंगे। एक घंटे तक स्कूल और पुलिस स्टाफ के बीच चली बहस करीब एक घंटे तक चली इस बहस को सुलझाने के लिए कोतवाली थानाधिकारी वेदपाल शिवरान और साइबर थाना प्रभारी धरम पुनिया ने काफी समझाइस की। लेकिन, स्टाफ अपनी शर्तों से पीछे हटने को तैयार नहीं हुआ। स्टाफ जिद्द पर अड़ा हुआ था कि वे मोबाइल, बैग और गाड़ी अंदर ले जाएंगे, जबकि पुलिस तैयार नहीं थी। इस दौरान केंद्रधीक्षक शंकरलाल खुद अपनी कार को प्रवेश द्वार के सामने खड़ा कर दिया। इस दौरान केन्द्राधीक्षक ने खुद शिक्षकों को बाहर निकलने का बोल दिया और पुलिस अधिकारीयों को यह तक कह दिया कि आप ही परीक्षा करवा लो। आखिर सेंटर के बाहर तैनात पुलिस अधिकारियों को स्टाफ की माननी पड़ी और मोबाइल के साथ हैंड बैग ले जाने की परमिशन दी। इस मामले में कलेक्टर ने एडीएम चंपालाल जिनगर और एएसपी आशाराम चौधरी को सेंटर की जांच के निर्देश दिए। प्रभारी बोले- मामूली बहस हुई थी नागौर में परीक्षा प्रभारी चम्पालाल जिनगर ने बताया कि RPSC की गाइडलाइन है कि जितने भी कार्मिक हैं वो फर्स्ट तो मोबाइल लेकर नहीं आएंगे अगर लेकर आते हैं तो मोबाइल को स्विच ऑफ़ करवा कर केंद्र अधीक्षक (CS ) की कस्टडी में रखेंगे। सभी मोबाइल CS के कस्टडी में रखवा दिए गए हैं। इसी बात को लेकर मामूली नोक-झोंक हुई थी। गौरतलब है कि नागौर में 18 केंद्र बनाए गए हैं जहां 2 दिनों में 4 पारियों में एग्जाम होने हैं और प्रत्येक पारी में 5448 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।
'कनपुरिया बोली' से देश-दुनिया को गुदगुदाने वाले हास्य कलाकार अन्नू अवस्थी फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह कोई स्टेज शो नहीं, बल्कि अचानक बदला मौसम और अन्नू भैया का इंद्र देवता से सीधा संवाद है। दरअसल,शनिवार को शहर में अचानक हुई ओलावृष्टि और तेज बारिश को देखकर अन्नू अवस्थी अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में नजर आए। उन्होंने गिरते ओलों के बीच एक वीडियो अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर साझा किया, जिसमें वे इंद्र देवता के गुस्से को शांत करने की विनती कर रहे हैं। इंद्र देव 'खौरिया' गए हैं,अन्नू की निराली चिंता शनिवार को जैसे ही आसमान से सफेद ओले गिरने शुरू हुए, अन्नू अवस्थी का कैमरा चालू हो गया। गिरते ओलों को देखकर उन्होंने कहा, आज इंद्र देवता बहुत जोर 'खौरिया' (गुस्सा) गए हैं, ये देखो ओले गिर रहे हैं। कानपुर की सड़कों पर जब लोग छिपने की जगह ढूंढ रहे थे, तब अन्नू भैया इस ओलावृष्टि का संबंध अपने घर की 'गुड़िया' से जोड़ते दिखे। उनका मानना है कि प्रकृति का यह कोप शायद किसी की बातों का नतीजा है। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि उन्हें लग रहा है कि गुड़िया ने ही कुछ ऐसा कहा है, जिसकी वजह से बाबा (इंद्र देव) इतने नाराज हैं। अरे बाबा, मोबाइल भीगा जा रहा... वीडियो में अन्नू अवस्थी की चिंता सिर्फ ओलों तक सीमित नहीं रही। उन्हें अपने मोबाइल की भी फिक्र सताने लगी। जैसे-जैसे बारिश तेज हुई, वे कहने लगे, ओहो बाबा, मोबाइल भी भीगा जा रहा। एक तरफ इंद्र देव का क्रोध और दूसरी तरफ कीमती मोबाइल के भीगने का डर अन्नू के इस भोलेपन और कॉमिक टाइमिंग ने सोशल मीडिया पर लोगों को हंसने पर मजबूर कर दिया। गुड़िया की तरफ से मांगी माफीअन्नू अवस्थी यहीं नहीं रुके, उन्होंने बाकायदा हाथ जोड़कर इंद्र देवता से अपनी पत्नी गुड़िया की पैरवी कर डाली। उन्होंने कहा,अरे बाबा, गुड़िया को माफ करो। वो तो बोलती ही रहती है। इतना क्रोध ठीक नहीं बाबा, अब माफ कर दो। अन्नू अवस्थी के इस वीडियो पर फैंस जमकर मजे ले रहे हैं। लोगों का कहना है कि कानपुर का मौसम चाहे जैसा भी हो, लेकिन अन्नू भैया का 'हुनर' उसे और भी रंगीन बना देता है। क्यों पसंद किया जा रहा है ये अंदाज?अन्नू अवस्थी की खासियत उनकी सादगी और स्थानीय भाषा का सटीक इस्तेमाल है। 'खौरियाना' जैसे ठेठ कनपुरिया शब्दों का प्रयोग करके वे सीधे आम आदमी के दिल तक पहुंचते हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं कि अब तो इंद्र देवता को भी मान जाना चाहिए, क्योंकि अन्नू भैया ने खुद सिफारिश की है।
मंदसौर जिले की दलौदा पुलिस ने शनिवार को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आईपीएल (दिल्ली बनाम मुंबई) मैच पर सट्टा लगाते दो सटोरियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9,200 रुपए नकद, 2 मोबाइल फोन और लगभग 1.50 लाख रुपए के सट्टे का हिसाब-किताब जब्त किया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत हुई इस कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों पर प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है। दिल्ली बनाम मुंबई मैच पर लगा रहे थे दांव एसपी विनोद कुमार मीणा के निर्देशन और दलौदा थाना प्रभारी शुभम व्यास के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर दलौदा थाना क्षेत्र में दबिश दी थी। मौके पर दो व्यक्ति आईपीएल के दिल्ली बनाम मुंबई मैच पर हार-जीत का सट्टा लगाते पाए गए, जिन्हें पुलिस टीम ने तुरंत गिरफ्तार कर लिया। 1.50 लाख का हिसाब और 9200 नकद जब्त पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान ईश्वर (पिता रामेश्वर) और मुकेश (पिता गोपाल परिहार) के रूप में की है। पुलिस ने इनके कब्जे से सट्टे में इस्तेमाल किए जा रहे दो मोबाइल फोन, 9,200 रुपए नकद और करीब डेढ़ लाख रुपए के सट्टे के लेन-देन का हिसाब-किताब बरामद किया है। मुख्यालय के निर्देश पर चल रहा अभियान यह कार्रवाई मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (भोपाल) के निर्देश पर चलाए जा रहे प्रदेशव्यापी अभियान का हिस्सा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जुआ, सट्टा और आबकारी जैसे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में जुआ-सट्टा जैसी अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की SI भर्ती का एग्जाम आज (5 अप्रैल) से दो पारी में होगी। पहली पारी की परीक्षा सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक होगी। इसके लिए सुबह 9 बजे सेंटर्स पर कड़ी चेंकिंग के साथ एंट्री दी जा रही है। नकल रोकने वाले डिवाइस की पहचान के लिए पुलिसवालों को ईएनटी डॉक्टर्स से विशेष ट्रेनिंग दिलवाई गई है। बता दें कि एसआई भर्ती 2021 पेपर लीक व डमी कैंडिडेट्स को लेकर चर्चा में रही थी। बाद में इस भर्ती को रद्द कर दिया गया। ऐसे में इस बार होने वाली परीक्षा को लेकर सरकार अलर्ट है। राजस्थान के 26 जिलों के 41 शहरों में 1174 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 7.70 लाख कैंडिडेट्स शामिल होंगे। ये भर्ती 1015 पदों के लिए है। सबसे पहले देखिए- परीक्षा केंद्र के बाहर के PHOTOS… डिवाइस की पहचान के लिए स्पेशल ट्रेनिंग जांच में नियुक्त पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसमें विशेषज्ञों और ईएनटी डॉक्टरों द्वारा पुलिसकर्मियों को ब्लूटूथ उपकरणों, विग, चश्मों में छिपे कैमरे और कान में लगने वाली सूक्ष्म डिवाइसों की पहचान करना बताया। अभ्यर्थी मूल आधार कार्ड (रंगीन प्रिंट) साथ लेकर जाएं। अगर आधार कार्ड पर फोटो पुरानी या धुंधली है तो ये ले जाएं- वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस (सभी में रंगीन और साफ नया फोटो होना चाहिए)। एडमिट कार्ड पर भी लेटेस्ट कलर फोटो चिपकाना न भूलें। बिना साफ फोटो वाले पहचान पत्र के अंदर नहीं जाने देंगे। …. एसआई भर्ती-2021 रद्द ही रहेगी:हाईकोर्ट की एकलपीठ का फैसला बरकरार; कहा- आयोग में राजनीतिक नियुक्तियां नहीं होनी चाहिए
भागलपुर के पीरपैंती थाना क्षेत्र में अवैध खनन और उससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ पुलिस को सफलता हाथ लगी है। SSP के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पुलिस गश्ती दल की लोकेशन साझा कर अवैध खनन लदे गाड़ी की पार्किंग कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते किया है। टोटल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले पर आज सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह ने प्रेस वार्ता आयोजित कर बताया कि देर रात पीरपैंती थाना की गश्ती टीम को संदेह हुआ कि कुछ अज्ञात चारपहिया गाड़ी उनका पीछा कर रहे हैं। शक के आधार पर पुलिस ने गाड़ी को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वाहन चालक भागने लगे। गश्ती दल ने तत्परता दिखाते हुए पीछा किया और साधु मड़ैया फोरलेन रोड के हिरानंद मोड़ के पास एक गाड़ी को पकड़ लिया। व्हाट्सएप के जरिए ड्राइवर को भेजता था पुलिस का लोकेशन पकड़े गए गाड़ी के ड्राइवर और उसमें सवार लोगों से पूछताछ की गई, जिसमें खुलासा हुआ कि वे अवैध खनन में संलिप्त गाड़ी को सुरक्षित स्थान पर खड़ा कराने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से पुलिस गश्ती की लोकेशन साझा करते थे। आरोपियों की निशानदेही पर एक अन्य गाड़ी को भी मिर्जाचौकी सीमा क्षेत्र के पास से बरामद किया गया। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान 1,30,500 रुपये नकद, एक कार, एक स्कॉर्पियो और 7 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में शुभम कुमार, बजरंगी भगत, नितीश कुमार, धर्मदेव पंडित, अभिषेक कुमार उर्फ चंदन कुमार यादव, नंदनी यादव और मो. अहमद राजा शामिल हैं। इनमें से अभिषेक कुमार उर्फ चंदन कुमार यादव का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, जिसके खिलाफ पीरपैंती और शिवनारायणपुर थाना में पहले से मामले दर्ज हैं। इस पूरी कार्रवाई में पीरपैंती थाना के पुलिस पदाधिकारी, गश्ती दल, खनन पदाधिकारी और सशस्त्र बल की संयुक्त टीम शामिल रही। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
दुर्ग जिले में शनिवार को पद्मनाभपुर पुलिस ने रविशंकर स्टेडियम के पीछे चैनल गेट के पास से 2 युवकों को अवैध नशीली टेबलेट के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 98 हजार 200 रुपए की नशीली दवाइयां, मोबाइल फोन, कैश और एक बाइक जब्त की है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 3 अप्रैल को पद्मनाभपुर थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि, रविशंकर स्टेडियम के पीछे चैनल गेट के पास दो युवक नशीली टेबलेट लेकर ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आसपास घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ और तलाशी के दौरान उनके पास से प्रतिबंधित नशीली टेबलेट बरामद हुई। तलाशी के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से 97 नग एन-जेडईपी 10 नाइट्राजेपाम टेबलेट, 10 नग अल्फा 0.5 टेबलेट, दो मोबाइल फोन, 400 रुपए कैश और एक एवेंजर बाइक मिली। सभी सामान को जब्त कर लिया गया है। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 98 हजार 200 रुपए बताई जा रही है। लंबे समय से कर रहे थे व्यापार पकड़े गए आरोपियों की पहचान गुलशन कौशल (29) निवासी कसारीडीह गुरुघासी दास वार्ड, थाना पद्मनाभपुर और सुमित भोई (34) निवासी बांसपारा, थाना मोहन नगर के रूप में हुई है। दोनों लंबे समय से नशीली टेबलेट बेचने की कोशिश कर रहे थे और अवैध कमाई के लिए ग्राहकों की तलाश में थे। इससे पहले भी वो कई बार इस कृत्य को कर चुके हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है कि ये नशीली दवाइयां कहां से लाई गई थीं और किन लोगों को बेचने की तैयारी थी।
हनुमानगढ़ जिले में चोरी की वारदातें लगातार सामने आ रही हैं। फेफाना थाना क्षेत्र में एक सूने घर से लाखों रुपए के जेवर और नकदी चोरी हो गई। वहीं, जिला मुख्यालय पर एक मोबाइल शॉप का ताला तोड़कर भी चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फेफाना निवासी राजेश कुमार ने पुलिस को बताया कि वह 26 मार्च को अपनी पत्नी के साथ सादुलशहर अपने बेटे-बहू से मिलने गए थे। इस दौरान उनका घर सूना था। 2 अप्रैल की शाम को जब वे वापस लौटे, तो घर के लॉबी का ताला टूटा हुआ मिला और अंदर कमरे अस्त-व्यस्त थे। राजेश कुमार ने सामान की जांच की तो अलमारी से सोने-चांदी के जेवर और 40 हजार रुपए नकद गायब मिले। चोरी हुए सामान में लगभग 4.5 तोला की दो लेडीज सोने की चेन, एक बच्चे की सोने की चेन, बच्चों के सोने के 11 घुंघरू, चांदी के चार कड़े, एक चांदी की कटोरी और एक चम्मच शामिल हैं। परिवादी के अनुसार, चोरी की वारदात 31 मार्च या 1 अप्रैल की रात को हुई। चोरी का पता चलते ही राजेश कुमार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। फेफाना पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले की जांच एएसआई महेंद्र कुमार कर रहे हैं। इधर, जंक्शन थाना क्षेत्र में एक मोबाइल शॉप में चोरी का मामला दर्ज किया गया है। सतीपुरा निवासी सौरभ शाक्य ने रिपोर्ट में बताया कि उनकी सुरेशिया में 'शाक्य मोबी केयर' के नाम से दुकान है। सौरभ शाक्य ने बताया कि 1 अप्रैल की रात करीब 9:30 बजे वह दुकान पर ताला लगाकर घर चले गए थे। रात में किसी समय अज्ञात चोरों ने दुकान का ताला तोड़कर कई नए और पुराने मोबाइल फोन चोरी कर लिए। सुबह दुकान पहुंचने पर उन्हें चोरी का पता चला। जंक्शन पुलिस ने भी संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोनीपत पुलिस की साइबर सेल टीम ने एक विशेष अभियान चलाकर 40 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइल फोन की बाजार में अनुमानित कीमत लगभग दस लाख रुपए है। बरामद किए गए मोबाइल फोन विभिन्न कंपनियों के हैं। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त ममता सिंह ADGP के कुशल नेतृत्व और पुलिस उपायुक्त साइबर कुशल पाल सिंह तथा सहायक पुलिस आयुक्त राजपाल सिंह के मार्गदर्शन में की गई। शनिवार को सहायक पुलिस आयुक्त राजपाल सिंह ने CEIR पोर्टल और विभागीय अनुसंधान के माध्यम से प्राप्त जानकारी के आधार पर इन सभी मोबाइल फोनों को उनके असल मालिकों को सौंप दिया। सहायक पुलिस आयुक्त राजपाल सिंह ने बताया कि सोनीपत की साइबर सेल लगातार ऐसे मामलों में सफलता हासिल कर रही है। गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को CEIR (केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर) पोर्टल के माध्यम से ट्रैक किया जाता है। शिकायतकर्ताओं द्वारा ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कराई गई रिपोर्ट्स के आधार पर मोबाइल लोकेशन का विश्लेषण कर पुलिस टीमों ने इन फोनों को बरामद किया। अब तक 117 मोबाइल तलाश कर मालिकों को सौंपे उन्होंने यह भी बताया कि सोनीपत पुलिस ने इस वर्ष अब तक कुल 117 मोबाइल फोन ढूंढकर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे हैं। पुलिस का उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को उनके गुम हुए मोबाइल वापस दिलाना और उन्हें साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना है। राजपाल सिंह ने आम जनता से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल फोन गुम या चोरी हो जाता है, तो वे तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज करवाने के साथ-साथ CEIR पोर्टल पर भी अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करें। इससे मोबाइल की लोकेशन ट्रैक होने और उसकी बरामदगी की संभावना बढ़ जाती है।
भिलाई-3 स्थित पार्थिवी इंजीनियरिंग मैनेजमेंट कॉलेज में चल रही जेईई मेंस की परीक्षा में एक मुन्नाभाई पकड़ाया है। छात्र अपनी चप्पल के अंदर मोबाइल छिपाकर परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाने की कोशिश कर रहा था। जिसे गार्ड ने पकड़ लिया। छात्र को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। उसके खिलाफ छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। दरअसल, पार्थिवी इंजीनियरिंग कॉलेज (आईओन डिजिटल जोन) में गुरुवार को जेईई मेंस की पहली पाली की परीक्षा चल रही थी। आरोपी परीक्षार्थी आदित्य कुमार सुबह करीब 8:25 बजे परीक्षा केंद्र पहुंचा। मुख्य गेट पर चेकिंग के दौरान उसने चालाकी दिखाते हुए अपनी चप्पलें पहले ही उतार दीं। जिससे मेटल डिटेक्टर की जांच में वह न पकड़ा जाए। इसके बाद वह लैब नंबर 12ए में जाकर अपनी सीट पर बैठ गया और सुबह 9 बजे से पेपर देना शुरू कर दिया। वॉशरूम से लौटने के बाद गार्ड को हुआ शक परीक्षा के दौरान सुबह करीब 11:08 बजे आदित्य ने बायो-ब्रेक (वॉशरूम जाने) की अनुमति मांगी। वह लगभग 20 मिनट तक बाहर रहा। जब वह 11:28 बजे वॉशरूम से वापस आया, तो सुरक्षा गार्ड ओमेंद्र कुमार ने उसकी दोबारा जांच की। इस बार भी आदित्य ने चालाकी दिखाई और जांच से पहले ही अपनी चप्पलें दूर उतार दीं। चप्पल घसीट कर चल रहा था परीक्षार्थी जांच के बाद जैसे ही उसने चप्पल पहनी और लैब की तरफ बढ़ने लगा, गार्ड की नजर उसकी चाल पर पड़ी। वह अपनी चप्पलों को जमीन पर घसीटकर अजीब तरीके से चल रहा था। गार्ड को उसकी हरकत संदिग्ध लगी, जिसके बाद उसने छात्र को रोककर उसकी चप्पलों की बारीकी से जांच की। चप्पल के अंदर मिला मोबाइल, पुलिस को बुलाया जब गार्ड ने चप्पल चेक की तो उसमें मोबाइल मिला। छात्र ने चप्पल के तलवे को बीच से काटकर उसमें मोबाइल रखने के लिए एक खास जगह बनाई थी। चप्पल के अंदर मोबाइल पूरी तरह छिपा हुआ था। इसकी सूचना तुरंत कॉलेज के वेन्यू कमांडिंग ऑफिसर अजीत वर्मा और एनटीए के अधिकारियों को दी गई। पुलिस को दी गई सूचना, केस दर्ज मैनेजमेंट ने इस मामले की जानकारी तुरंत पुलिस को दी। डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और छात्र को हिरासत में लेकर भिलाई-3 थाने ले गई। कॉलेज प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने मोबाइल जब्त कर लिया है। आरोपी छात्र के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के जिला पश्चिम की टीमों ने साइबर सेल और संचार साथी (CEIR) पोर्टल की मदद से आमजन को बड़ी राहत दी है। पुलिस ने गुम और चोरी हुए 110 मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को सुपुर्द किए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 33 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस उपायुक्त (जोधपुर पश्चिम) कमल शेखावत ने बताया कि साइबर सेल (पश्चिम) और जिला पश्चिम के विभिन्न थानों की टीमों ने संचार साथी पोर्टल की तकनीकी मदद से इन मोबाइलों को ट्रेस किया है। शेखावत के अनुसार इस पोर्टल की मदद से अब तक जिला जोधपुर पश्चिम द्वारा कुल 820 मोबाइल बरामद कर परिवादियों को लौटाए जा चुके हैं। मोबाइल गुम होने पर क्या करें? डीसीपी शेखावत ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल चोरी या गुम होने पर तुरंत संचार साथी पोर्टल पर उसे ब्लॉक करवाएं। इसके लिए निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाएं:
नोएडा में साइबर अपराधियों ने एक प्रोफेसर के बैंक खाते से 59 लाख रुपए निकाल लिए। पीड़ित को ठगी की जानकारी तब हुई, जब बैंक से मैसेज आया कि उसके खाते से भारी रकम ट्रांसफर हो गई है। इसके बाद उसने तुरंत बैंक और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। जिन खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर हुई है,उनकी जांच की जा रही है। साइबर क्राइम थाने में दी शिकायत में पवन कुमार भारती ने बताया- वर्तमान में वह ग्रेटर नोएडा के एक सोसाइटी में रहते हैं और पेशे से प्रोफेसर हैं। उनका एक बैंक में करंट अकाउंट है। बीते माह 23 मार्च को सुबह करीब साढ़े दस बजे पवन को बैंक से सूचना मिली कि उनके खाते से कई ट्रांजैक्शन किए गए हैं। जब उन्होंने जांच की तो पता चला कि उनके खाते से अलग-अलग हिस्सों में कुल 59 लाख रुपये निकाल लिए गए हैं। ओटीपी और अलर्ट मैसेज नहीं आया पीड़ित के अनुसार उन्होंने यह ट्रांजैक्शन खुद नहीं किए थे और न ही उनके मोबाइल पर कोई ओटीपी या अलर्ट मैसेज आया था। जब उन्होंने अपना मोबाइल और ईमेल चेक किया तो पाया कि उनकी ईमेल आईडी निष्क्रिय हो गई थी। इससे उन्हें शक हुआ कि ठगों ने उनकी ईमेल और बैंकिंग जानकारी हैक कर ली। बैंक से स्टेटमेंट लेने पर पता चला कि ठगों ने एनईएफटी के जरिए कई बार में रकम ट्रांसफर की। चार बार में ट्रांसफर हुए पैसे इनमें आठ लाख, 10 लाख, 31 लाख और 10 लाख रुपये अलग-अलग ट्रांजैक्शन में भेजे गए। यह पूरी वारदात कुछ ही मिनटों में अंजाम दे दी गई। पीड़ित ने तुरंत नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और पुलिस में रिपोर्ट दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ठगों ने किस तरह से अकाउंट और ईमेल को एक्सेस किया।
चंडीगढ़ के सेक्टर 37 स्थित पंजाब भाजपा मुख्यालय में ब्लास्ट करने वाले हमलावरों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। चंडीगढ़ की एजीटीएफ, पंजाब एजीटीएफ और पंजाब की लोकल पुलिस आरोपियों के पीछे लगी हुई हैं। एक की महिला साथी को पुलिस बुडै़ल से हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। वहीं अब पता चला है कि NIA, रॉ और स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल की टीमें भी आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं। क्योंकि मामला ग्रेनेड हमले का है और जांच में सामने आया है कि यह पाकिस्तान में बनाया गया है, उसके बाद सभी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। पल-पल की जानकारी केंद्र सरकार को भी दी जा रही है। बीते बुधवार (1 अप्रैल) की शाम को ब्लास्ट किया गया था। इससे मौके पर खड़ी कई कारों के शीशे टूट गए और आसपास की दीवार पर छर्रों के निशान बन गए। घटना के 2 वीडियो वायरल हुए, जिसमें से एक में व्यक्ति ग्रेनेड बम फेंकता दिखा। जबकि, दूसरे वीडियो में बाइक पर जाते दो लोग दिखे, जिन्हें हमलवार बताया गया। वहीं, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी वायरल हुई, जिसमें इस हमले की जिम्मेदारी खालिस्तानी संगठन ने ली। अब तक पुलिस ने इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं की है। चंडीगढ़ की SSP कंवरदीप कौर ने कहा था कि क्रूड जैसी चीज फेंकी गई। चंडीगढ़ व पंजाब पुलिस का नहीं कोऑर्डिनेशनचंडीगढ़ व पंजाब पुलिस का कोऑर्डिनेशन नहीं हो रहा है। सूत्रों से पता चला है कि चंडीगढ़ में पंजाब यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट पर फायरिंग के मामले में और सेक्टर 9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत की हत्या के केस में पंजाब एजीटीएफ ने आरोपियों को पकड़ा, जिसके चलते चंडीगढ़ पुलिस की काफी किरकिरी हुई। इसी के चलते अब चंडीगढ़ के डीजीपी डॉक्टर सागर प्रीत हुड्डा की सुपरविजन में एजीटीएफ का गठन किया गया। अब चंडीगढ़ पुलिस आरोपियों को पंजाब पुलिस से पहले पकड़ना चाहती है, जिसके चलते आपस में कोऑर्डिनेशन नहीं हो रहा है और इसी का फायदा आरोपी उठा रहे हैं। सूत्रों से पता चला है कि चंडीगढ़ एजीटीएफ के पास सबसे पहले सूचना थी। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने सबसे पहले खरड़ में रेड की। उसके बाद पंजाब के गांव रतनगढ़ में गुरुवार को दोपहर करीब 3 बजे आरोपी अमनदीप के घर पहुंची, लेकिन वहां अमनदीप नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने उसकी मां अमर कौर (80) और उसकी पत्नी जसप्रीत कौर का फोन अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद पुलिस अमनदीप के पिता को अपने साथ ले आई। पंजाब पुलिस ने लगा रखा था फोन सर्विलांस परचंडीगढ़ पुलिस के बाद शाम को पंजाब पुलिस की टीम अमनदीप के घर पहुंची। पता चला है कि पंजाब एजीटीएफ ने अमनदीप का मोबाइल फोन सर्विलांस पर लगा रखा था और मोबाइल फोन पर बात हुई थी कि सामान घर में पड़े ट्रक में रखा हुआ है। इसके बाद पुलिस घर पहुंची और घर वालों से ट्रंक के बारे में पूछा कि वह कहां है। जब ट्रक को खोला गया तो उसके अंदर से एक पीला लिफाफा मिला, जिसके अंदर कारतूस मिले। सूत्रों से पता चला है कि फरार आरोपियों के पास ग्रेनेड और रिवॉल्वर भी हो सकते हैं। अभी तक की जांच में सामने आया है कि दूसरा आरोपी गुरतेज है। उसके घर भी चंडीगढ़ पुलिस पहले पहुंची थी, जहां उसके मां-बाप मिले और उन्होंने बताया कि उनका बेटा नशेड़ी है और काफी समय से घर नहीं आ रहा था। बुधवार रात को ही वह घर आया था। वह चंडीगढ़ में किसी महिला मित्र के साथ रहता है और रैपिडो चलाता है। उन्होंने उसे बेदखल कर रखा है। इसके बाद पंजाब पुलिस भी दूसरे आरोपी गुरतेज के घर पहुंची और वहां से उसके बड़े भाई को अपने साथ ले गई। सूत्रों के अुनसार, ब्लास्ट की वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी गुरतेज की महिला साथी को पुलिस बुडै़ल से हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पाकिस्तानी ग्रेनेड के यूज होने का दावाइससे पहले इस मामले में सूत्रों से पता चला था कि हमले में GHD2P हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल किया गया था। यह ग्रेनेड पाकिस्तान में बनाया जाता है। विस्फोट के बाद यह करीब 5 से 10 मीटर के दायरे में बेहद घातक साबित हो सकता है। वहीं, इसके टुकड़े 20 से 25 मीटर तक फैल सकते हैं, जिससे आसपास मौजूद लोगों के गंभीर रूप से घायल होने का खतरा रहता है। हमले के बाद 2 नए वीडियो भी सामने आए। हमले से कुछ मिनट पहले वीडियो में BJP ऑफिस के पास स्थित एक अन्य दफ्तर के बाहर 2 संदिग्ध खड़े दिखाई दे रहे हैं। वहीं, दूसरे वीडियो में हमले के बाद दोनों संदिग्ध सड़क के दूसरी ओर भागते हुए कैद हुए हैं। ऐसे जांच में उलझी रही चंडीगढ़ पुलिससूत्रों के मुताबिक आरोपी सेक्टर-24 (जहां पर VIP रहते हैं) में सड़क किनारे बने बस स्टॉप पर खड़े होकर बस का इंतजार करने लगे, जैसे ही CTU की बस आई उसमें बैठ गए और सेक्टर-43 बस स्टैंड पर उतर गए। इसके बाद वहां से खरड़ की बस ली। चंडीगढ़ पुलिस की जांच में सामने आया कि इन दोनों आरोपियों के पास 20-20 रुपए थे। जबकि किराया ज्यादा लगा था। जिसके बाद उनमें से एक ने बस में मौजूद एक शख्स को गूगल-पे के जरिए पैसे दिए और उसे कैश कुछ पैसे ले लिए, जो किराया उसने बस कंडक्टर को दिया। बीजेपी ऑफिस के साथ लगते पेट्रोल पंप से चंडीगढ़ पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज ली थी। उसमें एक बाइक पर दो शख्स सवार होकर जा जाते दिखे, जिसकी जांच में ही पुलिस उलझी रही। लेकिन आरोपी सड़क पार कर सामने सेक्टर-24 की तरफ से बस में बैठकर भा गए थे। इसी कारण आरोपी चंडीगढ़ पुलिस के हाथ नहीं लगे। रिटायर्ड SP से जानिए चंडीगढ़ पुलिस का सिस्टम पहले कैसे होता था…
टोंक में जिला स्पेशल टीम ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, उसके पास से 3 लाख रुपए की कीमत का 5 किलो अवैध मादक पदार्थ गांजा और 2 लाख कीमत की 22 किलो भांग जब्त की है। एक मोबाइल व 1 हजार रुपए कैश भी बरामद किए गए हैं। जिला स्पेशल टीम प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि जिले में लगातार फैल रहे नशे के विरुद्ध कार्रवाई जारी है। शुक्रवार को नगरफोर्ट में बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए आरोपी मनीष पाराशर के कब्जे से करीब 3 लाख की कीमत का करीब 5 किलो अवैध मादक पदार्थ गांजा और लगभग 2 लाख कीमत का 22 किलो भांग बरामद की गई है। आरोपी के कब्जे से खरीद-फरोख्त के 21 हजार रुपए और एक मोबाइल भी जब्त किया है। आरोपी नगरफोर्ट निवासी मनीष (30)पुत्र रतन लाल पाराशर को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से नगर फोर्ट कस्बे में छोटे-छोटे पैकेट बनाकर गांजा सप्लाई करता था। डीएसटी प्रभारी का कहना है कि जिले में नशे के तस्करों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी रहेगी और जिले में तस्करों से जुड़ी हर गतिविधि को रोकने का प्रयास किया जाएगा।
नूरमहल में हुए ब्लाइंड मर्डर केस को पुलिस ने सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी ओंकार सिंह बराड़ ने बताया कि 1 मार्च 2026 को दलीप सिंह ने अपने बेटे इकबाल सिंह उर्फ बब्बलू की हत्या की शिकायत दर्ज करवाई थी। इकबाल सिंह का शव 28 फरवरी को नकोदर रोड पर नूरमहल के पास नए हाईवे के नजदीक एक कच्चे रास्ते पर मिला था। अज्ञात हमलावरों ने तेजधार हथियारों से उसकी हत्या कर दी थी। इस संबंध में थाना नूरमहल में एफआईआर नंबर 32 के तहत धारा 103 बीएनएस में मामला दर्ज किया गया। आपसी रंजिश में हुई थी हत्या जांच के दौरान सामने आया कि मृतक पिछले 17-18 वर्षों से अमरजीत सिंह कंग के घर की देखभाल करता था। वहीं, उसी घर में काम करने वाले सतनाम सिंह (मिस्त्री) और बब्बलू उर्फ लल्ला (मजदूर) के साथ उसका अक्सर विवाद होता रहता था। इसी आपसी रंजिश ने हत्या का रूप ले लिया। पुलिस के अनुसार, 28 फरवरी की रात करीब 8:30 बजे आरोपियों ने इकबाल सिंह को रास्ते में रोककर उसकी आंखों में मिर्च पाउडर डाला और दरांती जैसे तेजधार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी उसका मोबाइल फोन और जरूरी दस्तावेज लेकर फरार हो गए। तकनीकी जांच और गहन छानबीन के बाद पुलिस ने 2 अप्रैल को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी पहचान सतनाम सिंह निवासी मलोवाल और बब्बलू उर्फ लल्ला निवासी पंडोरी मोतुआ के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड लिया जाएगा और मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
नागौर पुलिस ने साइबर ठगों, मादक पदार्थ तस्करों और अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है। जिले की कोतवाली पुलिस ने ऑनलाइन गेम्स के माध्यम से लाखों रुपये की ठगी करने वाली गैंग का पर्दाफाश किया है। इसमें आरोपी सुनील और सुखवीर को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी 'Rolex Fairplay App' के जरिए लोगों को प्रलोभन देकर उनसे रुपए हड़प लेते थे। आरोपियेां के कब्जे से 2 लैपटॉप और 9 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। दोनों यूजर्स को ज्यादा रकम दिखाते थे, इसके बाद उसी रकम को देने के नाम पर उनसे रकम वसूलते थे। टेलीग्राम पर ठगी करने वाला गिरोह भी पकड़ामेड़तासिटी पुलिस ने टेलीग्राम पर टास्क देने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्य गोपाल, अनिल, प्रमेश और सुनील को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी टेलीग्राम ग्रुप और चैनल बनाकर लोगों को मनी विड्रॉल का झांसा देते थे और स्वयं कस्टमर सपोर्ट के रूप में कार्य करते थे। इनके पास से 6 मोबाइल फोन, 3 एटीएम कार्ड और 1 बैंक पासबुक जब्त की गई है। डोडा पोस्त के साथ एक गिरफ्तार'ऑपरेशन संकल्प' के तहत गोटन पुलिस ने आरोपी नेनाराम को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 3.085 किलोग्राम अवैध डोडा पोस्त बरामद किया है। पुलिस ने आरोपी के घर दबिश देकर मादक पदार्थ के साथ उसे पीसने की मिक्सी और तौलने का इलेक्ट्रॉनिक कांटा भी जब्त किया है। रेप कर फरार हुआ आरोपी भी पकड़ाइसके अलावा गोटन पुलिस ने रेप के मामले में फरार चल रहे वांछित आरोपी मुकेश उर्फ मुकेशनाथ को सीकर जिले से पकड़ा है। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीम ने किसान का भेष धारण कर रेतीले धोरों में सर्च ऑपरेशन चलाया था। अवैध शराब के साथ एक गिरफ्तारखींवसर पुलिस ने अवैध शराब के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए मुमताज नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आंकला बस स्टैंड स्थित आरोपी की दुकान से भारी मात्रा में देशी व अंग्रेजी शराब के साथ 8830 रुपए कैश बरामद किए है। पुलिस ने आमजन से अपील भी की है कि वे किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता किराये पर न दें और ऑनलाइन सट्टे जैसे अपराधों से दूर रहें।
मोगा में लूट गिरोह का पर्दाफाश:पुलिस ने दो आरोपी काबू किए, मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद
मोगा सिटी साउथ पुलिस ने लूटपाट करने वाले एक गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से छीना गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। इस मामले में मुकदमा नंबर 120 के तहत धारा 304 बी.एन.एस. के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हैप्पी सिंह उर्फ पोपला सिंह और जगदीप सिंह उर्फ जग्गू के रूप में हुई है। थाना प्रभारी गुरविंदर भुल्लर ने जानकारी देते हुए बताया कि करमजीत कौर पत्नी विशाल कुमार निवासी सरदार नगर, मोगा ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 को शाम करीब 5 बजे वह अपने घर के पास मौजूद थीं। इसी दौरान हीरो मोटरसाइकिल पर आए तीन अज्ञात व्यक्तियों ने उनके हाथ से मोबाइल फोन छीन लिया था। मोबाइल के कवर में उनका आधार कार्ड भी रखा हुआ था। आरोपी वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। जांच के दौरान, पुलिस ने छीना गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में शामिल तीसरे आरोपी अनमोलदीप सिंह उर्फ सन्नी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि गिरफ्तार आरोपी 20 मार्च 2026 को दर्ज एक अन्य मामले में भी शामिल थे, जिसमें शेखा चौक इलाके से एक महिला का मोबाइल फोन छीना गया था। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मोगा के कस्बा धर्मकोट के अंतर्गत आने वाले गांव भिंडर खुर्द में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया गया। घायल युवक की पहचान कपूर सिंह के रूप में हुई है, जिसे गंभीर हालत में मोगा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कपूर सिंह का करीब एक वर्ष पहले कथित हमलावरों के साथ मोबाइल चोरी के मामले को लेकर विवाद हुआ था। उस समय दोनों पक्षों के बीच राजीनामा हो गया था, लेकिन इसके बावजूद आरोपी उससे रंजिश रखते आ रहे थे। मौके से भागकर युवक ने बचाई जान कपूर सिंह के अनुसार, गत दिवस वह अपने दोस्त विशाल सिंह के पास काम के सिलसिले में गया हुआ था। इसी दौरान मौके पर पहुंचे कथित आरोपियों ने उस पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया। हमले में घायल कपूर सिंह ने बताया कि उसने बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाई और मौके से भागकर खुद को सुरक्षित किया। बाद में उसे उपचार के लिए सिविल अस्पताल मोगा में भर्ती कराया गया। फिलहाल उसका इलाज जारी है। पीड़ित युवक ने जान को बताया खतरापीड़ित कपूर सिंह ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उसने अपनी जान को खतरा बताते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच जारी वहीं, थाना धर्मकोट पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
हरियाणा के नारनौल शहर से एक 19 वर्षीय युवती के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। युवती की मां की शिकायत पर शहर थाना नारनौल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवती के परिजनों ने एक युवक पर शक जताया है। पुलिस को दी शिकायत में मूल रूप से गांव सलीमपुर (थाना अटेली) की रहने वाली महिला ने बताया कि वह इन दिनों किराये के मकान में गणेश कॉलोनी, नारनौल में रह रही हैं। उनकी बेटी 19 वर्षीय बेटी बीते कल सुबह करीब 9 बजे पढ़ाई के लिए नारनौल गई थी, लेकिन सुबह 11 बजे के बाद से उसका मोबाइल फोन बंद आ रहा है और उसका कोई पता नहीं चल पाया है। एक युवक पर शक परिजनों ने बताया कि उन्होंने अपने स्तर पर आस, पड़ोस, रिश्तेदारियों व उसकी सहेलियों सहित हर जगह तलाश की, लेकिन अभी तक युवती का कोई सुराग नहीं मिला। शिकायत में महिला ने धनौंदा निवासी अमन पर शक जताते हुए आरोप लगाया कि वह उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। उन्होंने बताया कि अमन का मोबाइल नंबर भी फिलहाल स्विच ऑफ आ रहा है। पुलिस तलाश में जुटी शिकायत मिलने के बाद थाना शहर नारनौल में धारा 127(6) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच पीएसआई सविना द्वारा की जा रही है। पुलिस लापता युवती की तलाश में जुटी हुई है।
यमुनानगर शहर के फरकपुर थाना क्षेत्र में चाकू दिखाकर हुई लूट की वारदात को 9 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इस बीच घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि तीन बदमाश साइकिल सवार को आगे बाइक अड़ाकर रोक लेते हैं। ऐसे में दो युवक बाइक से उतरकर साइकिल सवार को चाकू दिखाते हैं और तीसरा युवक बाइक को मोड़कर खड़ा हो जाता है। इस दौरान साइकिल नीचे गिर जाती है। 40 सेकेंड में बदमाश वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। 11,800 रुपए कैश व मोबाइल छीना घटना 25 मार्च तड़के तीन बजे की है, जब वार्ड नंबर-18 के सब्जी विक्रेता बेच्चु गुप्ता साइकिल पर सब्जी लेने मंडी जा रहा था। जब वह दुर्गा मंदिर से भगवती के बीच पहुंचा, तभी तीन युवक बाइक पर आए और उसकी साइकिल के आगे बाइक अड़ाकर उसे रोक लिया। बदमाशों ने अपने चेहरे कपड़े से ढके हुए थे और उनके हाथों में चाकू थे। आरोपियों ने पहले पैसे देने को कहा और मना करने पर उसके पेट पर चाकू रख दिया। डर के माहौल में बदमाशों ने उससे करीब 11 हजार 800 रुपए नकद और वीवो कंपनी का मोबाइल फोन लूट लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। मामले का सीसीटीवी फुटेज पुलिस जांच का अहम हिस्सा बना हुआ है। 9 दिन बाद भी खाली हाथ पुलिस पीड़ित ने घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचना दी थी, जिसके बाद थाना फरकपुर में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर जगतार सिंह कर रहे हैं। हालांकि, नौ दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अब तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित बेच्चु गुप्ता का कहना है कि वह अभी भी सदमे में है। आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उससे लूटा हुआ कैश व मोबाइल बरामद कराया जाए। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान के प्रयास जारी हैं। जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कुरुक्षेत्र जिले में लाडवा-यमुनानगर रोड पर स्कूटी सवार को लिफ्ट देना महंगा पड़ा गया। उस शख्स ने स्कूटी चला रहे युवक को रास्ते में रुमाल से बेहोश किया। फिर उसे खंडहर मकान में ले जाकर मारपीट कर सोनू की चैन, अंगूठी, 20 हजार रुपए कैश और मोबाइल लूट लिया। आरोपी ने युवक को कमरे में बंद किया और मौके से भाग गया। युवक को होश आया तो किसी तरह कमरे से बाहर निकला और घर पहुंचकर पुलिस को सारी दी। फिलहाल पुलिस ने थाना सदर थानेसर में केस दर्ज कर लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आसपास CCTV कैमरे चेक किए जा रहे हैं। घर लौटते वक्त मांगी लिफ्ट शमशेर सिंह निवासी खैरी ने पुलिस को शिकायत में बताया कि वह खेतीबाड़ी का काम करता है। कल वह अपने किसी काम से स्कूटी पर कुरुक्षेत्र आया था। काम निपटाने के बाद शाम को वापस अपने घर जा रहा था। बीड़ मथाना गांव के पास पहुंचा, तो एक व्यक्ति ने इशारा करके उसे रोक लिया और उससे लिफ्ट मांगी। मुंह पर रुमाल रख किया बेहोश उसने उस व्यक्ति को अपने पीछे स्कूटी पर बैठा लिया। थोड़ी दूर चलने के बाद उस शख्स ने अचानक उसके मुंह पर रुमाल रख दिया और वह बेहोश हो गया। इस दौरान आरोपी उसे बेहोशी की हालत में खाली पड़े सेलर के खंडहर मकान में ले आया। यहां आरोपी ने उसके साथ मारपीट की। अंगूठी, चेन और कैश छीना आरोपी ने जबरन उसकी 4-5 ग्राम की सोने की अंगूठी, करीब 2 तोले सोने की चैन, 20 हजार रुपये कैश और मोबाइल फोन छीन लिया। उसके बाद आरोपी उसे कमरे में बंद कर कुंडी लगाकर फरार हो गया। काफी देर बाद उसे होश आया। वह दरवाजा तोड़कर बाहर निकला और पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज करवाई।
आगरा का खंदौली इलाका 31 मार्च को अचानक चर्चा में आ गया। वजह- 48 अश्लील वीडियो का एक साथ सोशल मीडिया पर वायरल हो जाना था। इन वीडियो में 3 लड़के और 2 लड़कियां दिख रही थीं। सभी की उम्र 14 से 17 साल के बीच थी। ये वीडियो उस वक्त वायरल हुए, जब इलाके में ऐतिहासिक श्रीराम मेला चल रहा है। इससे इलाके में तनाव फैल गया। किसी ने शिकायत तो नहीं की, लेकिन पुलिस एक्टिव हो गई। दो लड़कों को गिरफ्तार कर लिया गया। छानबीन में सामने आया कि लड़कियां हिंदू और लड़कों में एक मुस्लिम है। इसके बाद पूरे इलाके में 48 पुलिसवाले तैनात कर दिए गए। बच्चे नाबालिग हैं, इसलिए पुलिस भी कार्रवाई सोच-समझकर कर रही है। जिन्हें गिरफ्तार किया गया है, उन्हें बाल सुधार गृह में भेजा गया है। दोनों लड़कियों की काउंसलिंग की जा रही है। सामने आया है कि पांचों बच्चे एक-दूसरे को जानते थे। जो कुछ भी वीडियो में दिख रहा, वो लोग सहमति से कर रहे थे। सवाल उठे कि अचानक वीडियो वायरल कैसे हो गए? उन्हें बनाने के पीछे मकसद क्या था? वीडियो वायरल किसने किया? अब पुलिस के पास ऑप्शन क्या है? सब कुछ सिलसिलेवार पढ़िए… मंत्री ने मेले की शुरुआत की, मेले में अश्लील वीडियो फैल गएआगरा जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर खंदौली इलाका है। इस वक्त यहां 126वां ऐतिहासिक श्रीराम मेला और कुश्ती-दंगल चल रहा है। इसकी शुरुआत केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने 26 मार्च को की थी। अभी तक तो इस मेले की ही चर्चा थी, लेकिन 31 मार्च को अचानक स्थिति बदल गई। मेले में मौजूद लोगों के मोबाइल में कुछ वीडियो पहुंचे। इनमें 2 लड़कियां और 3 लड़के दिख रहे थे, जो न्यूड थे। ये अश्लील वीडियो सुबह 9 बजे इतनी तेजी से लोगों ने एक-दूसरे के मोबाइल पर भेजे कि 12 बजते-बजते इलाके के तकरीबन सभी लोगों तक पहुंच गए थे। लोगों ने इन वीडियो में दिख रहे लड़कों को पहचान लिया। ये सभी एक ही गांव के थे। एक लड़का मुस्लिम, दूसरा मौर्य और तीसरा कश्यप बिरादरी से है। वीडियो में जो दो लड़कियां दिख रही थीं, उनमें एक ठाकुर बिरादरी की और दूसरी OBC वर्ग की है। ये दोनों लड़कियां अलग-अलग गांव से हैं। ये लड़के-लड़कियां 9वीं से लेकर 12वीं तक की क्लास में पढ़ाई करते हैं। मुस्लिम वर्ग से आने वाला लड़का पढ़ाई छोड़ चुका है। वह एक दुकान में काम करता है। सोशल मीडिया से दोस्ती, फिर आपस में मिलने लगेआरोपियों के गांव में लोगों से बात करने पर पता चला कि इनकी जान-पहचान पहले से ही थी। सभी एक-दूसरे को जानते थे। बाद में इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे से जुड़ गए। यहीं आपस में बात करते थे। एक दूसरे को फोटो-वीडियो भेजते थे। उम्र कम थी, इसलिए रंगबाजी, भौकाल, प्यार जैसी बातें करते और वीडियो बनाते थे। मोहल्ले में अक्सर साथ घूमते हुए भी दिखते थे। 3 महीने पहले मिलने की प्लानिंग की, फिर न्यूड वीडियो बनाए इस कहानी की शुरुआत करीब 3 महीने पहले हुई। पांचों ने मिलकर प्लान बनाया कि सब मुलाकात करते हैं। इसके लिए एक दोस्त का घर चुना। वहीं पर सब इकट्ठा हुए। वहां इन लोगों ने न्यूड वीडियो बनाए। उनमें किसी भी तरह की कोई जोर-जबरदस्ती नहीं दिख रही थी। कोई वीडियो 30 सेकेंड का था, तो कोई 10-15 सेकेंड का था। इन वीडियो में दोनों लड़कियां और 2 लड़के अश्लील हरकतें करते हुए दिख रहे हैं। तीसरा लड़का इन सबके वीडियो बना रहा है। जहां घटना हुई, वहां पहले भी हुए थे बवाल आसपास के लोग बताते हैं- जिस जगह की यह घटना है, वहां ठाकुरों की आबादी ज्यादा है। यहां पहले भी झगड़े हो चुके हैं। इस घटना के बाद तनाव बढ़ गया, इसलिए प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया। यहां पुलिस तैनात कर दी गई। इसकी एक वजह यह भी है कि आरोपियों में एक मुस्लिम वर्ग का लड़का है। वह वीडियो में भी बिना कपड़ों के नजर आ रहा है। उसके घर के आसपास अब किसी को भी नहीं जाने दिया जा रहा। वीडियो जब वायरल हुए, तो इससे जुड़े लड़कों के परिवार के लोगों ने खुद को अपने घरों में कैद कर लिया। किसी ने कोई शिकायत नहीं की। लेकिन, पुलिस को इस मामले की गंभीरता का अंदाजा था। इसलिए उन्होंने खुद ही एफआईआर लिखी और दो लड़कों को गिरफ्तार किया। खंदौली के थाना प्रभारी कुलदीप सिंह कहते हैं- इस मामले में अगर लड़कियों के परिवार के लोग शिकायत दर्ज करवाते हैं, तो हम मुकदमा लिखेंगे और आगे की कार्रवाई करेंगे। अभी अश्लील सामग्री डिजिटल प्लेटफार्म पर पोस्ट करने की धारा में FIR दर्ज की है। मोबाइल बेचा, इसलिए वीडियो सामने आएपुलिस ने पकड़े गए दोनों लड़कों से पूछताछ की। इंस्पेक्टर ने पूछा- ये वीडियो क्यों वायरल किए? इस पर एक लड़के ने कहा- वीडियो मेरे फोन में थे। हमने वह फोन बेच दिया था। लेकिन, वीडियो नहीं हटाया था। वहीं से वायरल हो गए। इंस्पेक्टर ने पूछा- फोन कब और किसे बेचा? इसका जवाब लड़के ठीक से नहीं दे सके। उनके बयानों में भी विरोधाभास था। इंस्पेक्टर ने पूछा- उस मोबाइल में इन वीडियो के अलावा और क्या-क्या था? इसका जवाब भी लड़के नहीं दे सके। (पुलिस मान रही है कि न्यूड वीडियो सामने आने के पीछे कोई और वजह भी हो सकती है। साथ ही वीडियो में 2 लोकेशन दिख रही हैं। ये भी माना जा रहा है कि वीडियो 2 लोकेशन पर शूट हुए हैं।) पुलिस के सामने 6 और सवाल हैं, जिनकी छानबीन की जा रही… DCP बोले- लोगों से अपील, ये वीडियो शेयर न करेंआगरा वेस्ट के DCP आदित्य सिंह ने कहा- इसमें शामिल सभी लड़के-लड़कियां नाबालिग हैं। जो वीडियो अभी वायरल हो रहे, वो सभी 3 महीने पहले के हैं। अभी 2 लड़कों को गिरफ्तार किया गया है। उनसे पूछताछ में यह भी पता चला कि ये सभी पहले से आपस में परिचित रहे हैं। डीसीपी ने लोगों से यह भी आग्रह किया कि वीडियो अगर आपके पास है, तो उसे शेयर नहीं करिए। शेयर करने पर कार्रवाई हो सकती है। --------------------------- यह खबर भी पढ़ें… किडनी बेचने वाला MBA स्टूडेंट गर्लफ्रेंड के सामने फूट-फूटकर रोया, कानपुर में पुलिसवालों के पैर पकड़े; बोला- मां को मत बताना कानपुर में रुपए के लालच में अपनी किडनी बेचने वाला आयुष हैलट अस्पताल के ICU में एडमिट है। पुलिस ने आयुष से कहा कि परिजनों को पूरी बात बता दो। इस पर आयुष पुलिसकर्मियों के पैर पकड़कर रोने लगा। कहा- सर, मेरी मां को कुछ मत बताना। मैं नौकरी करने की बात कहकर कानपुर आया था। पूरी खबर पढ़ें…
अबोहर की महिला को काम के बहाने राजस्थान लेकर जाकर रेप किया गया और 10 दिन तक बंधक बनाकर रखा। महिला ने कहा कि आरोपी उसे मुंहबोली बहन कहता था और इसी का फायदा उठाकर उसे अपने साथ ले गया। राजस्थान ले जाने के बाद आरोपी ने उसका फोन तोड़ दिया। जिसके कारण उसकी किसी से बात नहीं हो पाई। किसी तरह उसके हाथ आरोपी युवक का फोन लगा, तो उसने अपने पति को कॉल कर आपबीती बताई। इसके बाद पति, देवर और ससुर उसे लेने के लिए राजस्थान पहुंचे। लेकिन इससे पहले ही आरोपी श्रीगंगानगर में महिला को छोड़कर भाग गया। इसके बाद उसे यहां लाकर अस्पताल में मेडीकल के लिए दाखिल करवाया। वहीं पति ने कहा कि उसने पुलिस को गुमशुदगी की शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने तक कोई कार्रवाई नहीं की। अब फिर से उन्होंने पुलिस को शिकायत दी है। महिला ने ये बड़ी बातें बताई… पति बोला- पुलिस ने कार्रवाई नहीं की महिला के पति ने 23 मार्च को शाम तक जब वह घर नहीं लौटी, जो पत्नी के लापता होने की शिकायत खुईयां सरवर थाने में दर्ज करवाई थी। लेकिन पुलिस ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं थाना खुईयां सरवर पुलिस का कहना है कि पीड़िता का मेडिकल कराया जा रहा है। उसकी शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ जांच की जा रही है और उचित कार्रवाई की जाएगी।
सिरसा पुलिस ने रानियां क्षेत्र में बुजुर्ग दंपती के घर हुई दिनदहाड़े लूट की वारदात में शामिल चौथे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल हथियार भी बरामद किया है। इस मामले में पहले ही तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह घटना 13 मार्च 2026 को रानियां थाना क्षेत्र के धनुर रोड स्थित वार्ड नंबर-10 में एक ढाणी में हुई थी। पीड़ित महिला गुरदीप कौर पत्नी संतोख सिंह ने पुलिस को बताया कि चार युवक स्कूटी और बाइक पर सवार होकर उनके घर पहुंचे और खुद को बिजली मिस्त्री बताया। घर में घुसते ही उन्होंने पिस्तौल के बल पर उनके 13 वर्षीय पोते को बंधक बना लिया। मोबाइल और कैश लूटकर भागे थे आरोपियों ने गुरदीप कौर और उनके पति को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद वे घर में रखे एक मोबाइल और लगभग 8 से 9 हजार रुपए कैश लूटकर मौके से फरार हो गए। एसपी ने स्पेशल टीमें गठित की थीं मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी दीपक सहारन ने स्पेशल पुलिस टीमों का गठन कर जल्द समाधान के निर्देश दिए। पीड़िता की शिकायत के आधार पर रानियां थाना में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने हथियार भी बरामद किया थाना प्रभारी ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण सुराग जुटाए। इसी कड़ी में वारदात में शामिल चौथे आरोपी सनील कुमार निवासी वार्ड नंबर-15 को रानियां क्षेत्र से ही गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल कापा (हथियार) भी बरामद किया है। तीन आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके गौरतलब है कि इस मामले में पहले ही तीन आरोपी प्रमोद कुमार निवासी ढाणी जोगा सिंह, गुरपिंदर सिंह और सुखदेव सिंह निवासी रानियां को गिरफ्तार किया जा चुका है। उनकी निशानदेही पर लूटी गई कैश, मोबाइल फोन, लैपटॉप तथा वारदात में इस्तेमाल स्कूटी व बाइक भी बरामद कर उन्हें जेल भेजा जा चुका है। गिरफ्तार किए गए चौथे आरोपी सनील कुमार को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। फिलहाल, पुलिस मामले में जांच कर रही है।
मऊ में मोबाइल दुकान से 50 लाख की चोरी:दीवार काटकर घुसे चोर, जहां चोरी, वो सबसे व्यस्त मॉर्केट
मऊ जिले के नगर कोतवाली थाना क्षेत्र के शहादतपुरा में एक मोबाइल दुकान में चोरी की बड़ी वारदात हुई है। चोरों ने दुकान की दीवार काटकर लगभग 50 लाख रुपए के मोबाइल फोन चुरा लिए। घटना का पता तब चला जब सुबह दुकानदार दुकान खोलने पहुंचा। मऊ के नवागत एसपी कमलेश बहादुर को चोरों ने शहर के व्यस्ततम इलाके में चोरी की घटना को अंजाम देकर चुनौती दी है। साथ ही शहर के बीचो-बीच इस चोरी की घटना को लेकर पुलिस पर भी सवाल निशान खड़े हो रहे हैं। वहीं पूरे मामले पर दुकान के मालिक राजेंद्र अग्रवाल ने बताया कि सुबह 9 बजे जब वे दुकान खोलने पहुंचे तो देखा कि सामान बिखरा पड़ा था और दुकान के बाहर मोबाइलों के खाली डिब्बे पड़े थे। उन्होंने तुरंत डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। यह घटना थाना कोतवाली क्षेत्र की सारहु पुलिस चौकी से महज सौ मीटर की दूरी पर हुई है, जिसे पुलिस के लिए एक चुनौती माना जा रहा है। चोरों ने दुकान में घुसने के लिए दीवार में सेंध लगाई थी। मौके से दीवार काटने का एक औजार भी बरामद हुआ है। दुकानदार के अनुसार, सैकड़ों महंगे मोबाइल चोरी हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि यह जिले के व्यस्ततम इलाके में हुई चोरी की घटना है। मामले का जल्द खुलासा करने के लिए फॉरेंसिक टीम, सर्विलांस टीम और पुलिस की टीमें काम कर रही हैं। उन्होंने कहां की शहर के बीचों बीच चोरी की यह घटना पुलिस के लिए चैलेंज है।
इंदौर में 3बच्चों की मां ने जहर खाकर जान दी:पति की डांट के बाद उठाया कदम, मोबाइल जांच करेगी पुलिस
इंदौर में तीन बच्चों की मां ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। घटना आजाद नगर क्षेत्र की है। बुधवार रात महिला को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक मृतका सीमा (26) पत्नी चंद्रभान प्रजापति, निवासी अभिषेक नगर है। बुधवार रात उसे उपचार के लिए एमवाय अस्पताल लाया गया था। पति चंद्रभान ने बताया कि रात करीब साढ़े 10 बजे घर पहुंचने पर सीमा की तबीयत खराब थी और पूछने पर उसने जहर खाने की बात बताई। मोबाइल पर बातचीत को लेकर हुआ विवाद पुलिस के अनुसार, सीमा कुछ दिनों से करण नाम के युवक से मोबाइल पर बात और चैटिंग कर रही थी। यह बात पति को पता चलने पर उसने बुधवार को उसे डांटा था। पुलिस का कहना है कि इसी बात से आहत होकर सीमा ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। दोनों की शादी को 8 साल से ज्यादा समय हो चुका है और उनके तीन बच्चे हैं। चंद्रभान मूल रूप से सागर का रहने वाला है और करीब 14 साल पहले काम के सिलसिले में इंदौर आया था। वह परिवार के साथ अभिषेक नगर में रह रहा था। पुलिस ने बताया कि मामले में महिला के मोबाइल की जांच की जाएगी। जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। जामुल थाना क्षेत्र में संचालित संगठित ऑनलाइन सट्टा गिरोह के मामले में पुलिस ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी पहले गिरफ्तार किए गए सात सटोरियों के साथ मिलकर काम कर रहे थे। पुलिस ने इनके पास से छह मोबाइल फोन और 65 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। दरअसल कुछ दिन पहले जामुल पुलिस ने सुंदर विहार कॉलोनी फेस-2 में छापा मारकर एक बड़े सट्टा गिरोह का पर्दाफाश किया था। उस दौरान पुलिस ने मौके से सात लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों से सख्ती से पूछताछ और उनके मोबाइल डेटा की जांच में खुलासा हुआ कि इस अवैध खेल में कुछ अन्य लोग भी हयोग कर रहे थे। भिलाई-रायपुर के इलाकों में दी गई दबिश तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने भिलाई और रायपुर के अलग-अलग इलाकों में दबिश दी। इस दौरान पुलिस ने परमेश गेडाम (भिलाई), शिवा वैष्णव उर्फ समीर (रायपुर), मोहम्मद असलम (भिलाई) और सत्यपाल पासवान (भिलाई) को गिरफ्तार किया। पकड़े गए चारों आरोपी सट्टा संचालन के लिए आईडी उपलब्ध कराने, पैसों के लेन-देन का हिसाब रखने और तकनीकी सहायता देने का काम करते थे। सोशल मीडिया और नई तकनीक का इस्तेमाल पुलिस ने बताया कि आरोपी कम समय में अधिक पैसा कमाने के लालच में इस अवैध धंधे से जुड़े थे। ये लोग सोशल मीडिया और नई तकनीक का इस्तेमाल कर पुलिस की नजरों से बचते हुए सट्टा संचालित कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में अब तक कुल 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
रास्ता रोककर युवती से छेड़छाड़, मोबाइल नंबर मांगने लगा युवक
लुधियाना| शिमलापुरी इलाके में काम से घर लौट रही 25 वर्षीय युवती के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोप है कि मोहल्ले का ही एक युवक लंबे समय से उसे परेशान कर रहा था।पीड़िता के पिता के मुताबिक, 31 मार्च को उनकी बेटी काम से घर लौट रही थी। जैसे ही वह गली नंबर 4, रविंद्र कॉलोनी के पास पहुंची, आरोपी गुरजीत सिंह ने उसका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि युवक ने युवती की बाजू पकड़ ली और उसे आगे नहीं जाने दिया। इस दौरान वह जबरदस्ती उसका मोबाइल नंबर मांगने लगा। युवती ने हिम्मत दिखाते हुए खुद को छुड़ाया और घर पहुंचकर परिवार को घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने तुरंत थाना शिमलापुरी पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी गुरजीत सिंह के खिलाफ छेड़छाड़ की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी सलविंदर सिंह ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत बिगाड़ देगी सेहत, शरीर बन जाएगा बीमारियों का घर
हाई टेक्नोलॉजी की दुनिया में लोगों के लिए मोबाइल से 5 मिनट भी दूर रह पाना मुश्किल है। रील देखने और सोशल मीडिया चलाने की लत इतनी ज्यादा लग चुकी है कि लोग टॉयलेट में भी मोबाइल को अपने साथ लेकर जाते हैं और जरूरत से ज्यादा समय वही बिता देते हैं।
महिलाओं के मोबाइल पर बैन : जब चौपाल संविधान से ऊपर बैठ जाए
राजस्थान के जालोर जिले के जसवंतपुरा क्षेत्र के गाजीपुरा गांव में आयोजित एक सामाजिक पंचायत के पंच-पटेलों ने महिलाओं और बेटियों के लिए कैमरा युक्त मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया। महिलाएं मोबाइल फोन को सार्वजनिक समारोहों के साथ-साथ पड़ोसियों के घर जाने के दौरान भी नहीं ले जा सकेंगी। यह पाबंदी किसी ... Read more
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

