नर्मदापुरम के तवानगर के जंगल में घोघरी और बटकुई के पास तीन लुटेरों ने जमकर आतंक मचाया। बदमाशों ने एक घंटे के भीतर दो लूट की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने अलग अलग स्थान से एक आदिवासी दंपति और एक अन्य ग्रामीण से नगद 6 हजार रुपए और दो मोबाइल छिन लिए और भाग निकले। जैसे ही घोघरी और बटकुई के ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली। बड़ी संख्या में लोग लुटेरों को ढूंढने निकल पड़े। तवानगर थाने में सूचना मिलते ही थाना प्रभारी संजय पांडे भी फोर्स के साथ लुटेरों को ढूंढने में जुट गए। जगह-जगह घेराबंदी की गई। तत्काल एक्शन से देर रात 12.30 बजे तक संदिग्ध दो युवकों को पुलिस ने पकड़ लिया। जिनसे थाने में पूछताछ की जा रही है। जल्द ही पुलिस मामले में खुलासा भी करेगी। जानकारी के मुताबिक फरियादी साहब लाल भूसारे निवासी पिपरिया कला है। जो अपनी पत्नी फूलवती के साथ बाइक से दूसरे गांव से अपने गांव जा रहे थे। शुक्रवार शाम 6 बजे चौरासी बाबा मंदिर के पीछे छिपीखापा रोड पर जंगल में एक बाइक से आएं तीन बदमाशों ने रोक लिया। बदमाशों ने फरियादी का मोबाइल और पत्नी के पास रखे 6 हजार रुपए छिन लिए और भाग निकले। कुछ देर बाद शाम 7 बजे घोघरी, बटकुई के पास फरियादी रामेश्वर निवासी घोघरी को भी इन्हीं बदमाशों ने रोक लिया। उसे डराकर मोबाइल और नगद 500 रुपए छिन लिए। एक के बाद एक पीड़ित थाने पहुंचे। डबल लूट की शिकायत आते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी संजय पांडे ने टीम गठित की और आरोपियों को ढूंढने निकल पड़े। थाने में देर रात को डबल लूट की एफआईआर भी दर्ज की गई। एसपी सांई कृष्णा थोटा ने बताया तवानगर थाना क्षेत्र में लूट की वारदात हुई है। जल्द मामले में खुलासा करेंगे।
मेरठ में सराफ का कारीगर 3.89 लाख रुपए का सोना लेकर फरार हो गया। वारदात का पता तब चला जब जेवरात की डिलीवरी का समय आया। पता चला कारीगर जेवरात के साथ फरार है। मामले में कोतवाली पुलिस से शिकायत की गई है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है। आइये एक नजर डालें पूरे मामले पर कोतवाली के कागजी बाजार रबड़ी वाली गली में मनोज कुमार वर्मा की एमके ज्वेलर्स नाम की फर्म है। मनोज ऑर्डर पर जेवरात तैयार कर सप्लाई का काम करते हैं। 22 फरवरी को मनोज ने अपने कारीगर सनी सिंह निवासी नंदी चौक इंदिरा नगर प्रथम ब्रह्मपुरी को 3.89 लाख का सोना जेवर तैयार कराने के लिए दिया लेकिन सनी सोने के साथ फरार हो गया। 10 मार्च को लगा घटना का पता मनोज वर्मा ने बताया कि सनी सिंह को सोना देने के बाद वह आउट ऑफ स्टेशन चले गए। यह सोना मोजीमल ज्वेलर्स के यहां पहुंचना था ताकि वह जेवर तैयार कर समय पर दे दें। वापस लौट कर वह मोजीमल ज्वेलर्स के यहां अपने जेवर लेने पहुंचे तो पता चला कि सनी सिंह ने सोना वहां दिया ही नहीं है। आरोपी का मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफमनोज वर्मा ने बताया कि उन्होंने सनी के बारे में आसपास के दुकानदारों से भी बात की लेकिन किसी ने भी आश्वस्त करने वाला जवाब नहीं दिया। उन्होंने सनी का मोबाइल नंबर भी मिलाया लेकिन वह भी स्विच ऑफ आ रहा था। उन्होंने उसके ब्रह्मपुरी स्थित घर पर भी संपर्क किया लेकिन वहां भी कोई नहीं मिला। सर्राफ ने सनी पर लगाए गंभीर आरोप इस वारदात की भनक लगते ही मनोज कुमार वर्मा कुछ कारोबारी को लेकर कोतवाली थाने पहुंच गए। उन्होंने मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल को भी जानकारी दी। सभी थाने पहुंचे और सनी सिंह को गिरफ्तार कर बरामद किए जाने की मांग की। छानबीन कर रही कोतवाली पुलिस SHO जितेंद्र सिंह ने बताया कि शराब की तरफ से सनी के खिलाफ तहरीर दी गई है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस आरोपी सनी तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
सीवान पुलिस ने 30 मोबाइल बरामद किए:ऑपरेशन मुस्कान चला मालिकों को लौटाए, चेहरे पर लौटी खुशी
बिहार पुलिस द्वारा खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान के तहत शुक्रवार को सीवान पुलिस ने 30 लोगों के चेहरों पर मुस्कान लौटाने का काम किया। पुलिस ने अलग-अलग जगहों से बरामद किए गए करीब 30 मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे। जानकारी के अनुसार हाल के दिनों में मोबाइल चोरी और गुम होने की घटनाओं में बढ़ोतरी को देखते हुए बिहार पुलिस द्वारा राज्यभर में ऑपरेशन मुस्कान अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत सीवान पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा के नेतृत्व में मोबाइल की बरामदगी के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। लगभग 30 मोबाइल फोन बरामद कर लोगों को वापस दिए गए एसपी पूरन कुमार झा के पदस्थापन के बाद महज दो महीनों के भीतर यह दूसरी बड़ी सफलता है। इससे पहले भी सीवान पुलिस ने 40खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंपे थे। शुक्रवार को एक बार फिर लगभग 30 मोबाइल फोन बरामद कर लोगों को वापस दिए गए। पुलिस के अनुसार बरामद किए गए मोबाइल फोन की कुल कीमत लगभग 7 से 8 लाख रुपये बताई जा रही है। एसपी ने बताया कि मोबाइल चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल खो जाता है या चोरी हो जाता है तो पुलिस उसे ट्रैक कर बरामद करने का प्रयास करती है। इसी कड़ी में तकनीकी टीम और थाना पुलिस की मदद से मोबाइल फोन को ट्रेस कर बरामद किया गया और आज उनके असली मालिकों को सौंप दिया गया। लोगों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। कई लोगों ने बताया कि उन्हें उम्मीद ही नहीं थी कि उनका खोया हुआ मोबाइल दोबारा मिल पाएगा। जब पुलिस द्वारा उन्हें फोन लौटाया गया तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लोगों ने इसके लिए पुलिस अधीक्षक और पुलिस टीम को धन्यवाद दिया।एसपी ने आम लोगों से अपील की कि मोबाइल चोरी या गुम होने की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं और सीईआईआर पोर्टल पर भी जानकारी दें, ताकि पुलिस उसे ट्रेस कर बरामद कर सके।
नगर निगम समस्तीपुर में वित्तीय वर्ष 2026-27 का माननीय महापौर अनिता राम की अध्यक्षता में बजट पारित किया गया। बैठक में उप महापौर रामबालक पासवान नगर आयुक्त शज्ञान प्रकाश उप नगर आयुक्त सशक्त स्थायी समिति सदस्यगण, सभी वार्ड पार्षदगण एवं अन्य लोग उपस्थित थे। बजट को सदन के सदस्यों की ओर से बहुत ही सराहनीय और नगर विकास के अनुरूप बताया गया। इसे सर्व सम्मति से पारित किया गया। साथ ही सशक्त स्थायी समिति के कार्रवाई का अनुमोदन और विगत सामान्य बोर्ड के बैठक की कार्रवाई की सपुष्टि की गई। 2026-27 के बजट का मुख्य सारांश इस प्रकार है:- नगर निगम समस्तीपुर के वित्तीय वर्ष 2026-27 की अनुमानित कुल प्राप्ति 360 करोड़ 25 लाख रूपये और अनुमानित कुल व्यय 274 करोड़ 70 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है। इस प्रकार लाभ की राशि लगभग 85 करोड़ 54 लाख रूपये रहने का अनुमान है। नगर निगम समस्तीपुर क्षेत्र से सम्पत्ति कर, मोबाइल टावर कर और ट्रेड लाइसेंस शुल्क नगर विकास आवास विभाग से विभिन्न मदों में प्राप्त आवंटन आय के स्त्रोत है। व्यय की पूरी जानकारी… 1. ठोस कचरा प्रबंधन के तहत कचरे से खाद निर्माण के लिए कम्पोस्ट पिट निर्माण, MRF, डोर कचरा संग्रह, लैंडफिल साईट, डस्टबीन का क्रय में किया जायेगा। 2. शहर को जल जमाव से निजात दिलाने के लिए स्ट्रॉम वाटर ड्रेनेज का निर्माण किया जायेगा। 3. योग शाला सेंटर का निर्माण, शवदाह गृह सहित मोक्षधाम, वृद्धों के लिए आश्रय स्थल और भूमिहीन शहरी गरीबों के लिए बहुमंजिला आवासन का निर्माण किया जायेगा। 4. बस स्टैण्ड, वेडर जोन, सामुदायिक शौचालय और मुत्रालय, पुस्तकालय, स्ट्रीट लाईट, हाई मास्ट लाईट, सी०सी०टी०वी० इत्यादि में किया जायेगा। 5. 28.66% अर्थात् Rs. 103 करोड़ 25 लाख लगभग रूपया शहरी गरीबो के लिए आधारभूत सेवाओं के लिए कर्णांकित करने का उपबंध किया गया है।
1.8 करोड़ के 451 गुम मोबाइल मालिकों को वापस:बिहार, राजस्थान, गुजरात और यूपी से चोरी के फोन ढूंढे
राजगढ़ पुलिस ने 'ऑपरेशन ट्रेस एंड रिटर्न' अभियान के तहत 451 गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 1.8 करोड़ रुपये बताई जा रही है। तकनीकी जांच के बाद ये फोन अब उनके असली मालिकों को लौटाए जा रहे हैं, जिससे उन्हें काफी मदद मिली है। मोबाइल गुम होने की बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर राजगढ़ पुलिस ने साइबर सेल और थानों की संयुक्त टीम के साथ यह विशेष अभियान शुरू किया था। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार तोलानी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के.एल. बंजारे के मार्गदर्शन में टीम ने तकनीकी विश्लेषण और सीईआईआर (CEIR) पोर्टल का उपयोग कर मोबाइल ट्रेसिंग का कार्य किया। बरामद किए गए मोबाइल राजगढ़ जिले के अलावा कई अन्य जिलों और राज्यों में उपयोग किए जा रहे थे। पुलिस ने तकनीकी ट्रैकिंग के माध्यम से देवास, इंदौर, उज्जैन, भोपाल, रतलाम, शाजापुर, आगर-मालवा, गुना, विदिशा, रायसेन, धार, खरगोन, ग्वालियर, रीवा, शिवपुरी और मंदसौर जैसे जिलों से फोन बरामद किए। इसके अतिरिक्त, बिहार, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से भी गुम हुए मोबाइल ट्रेस कर वापस लाए गए। यह अभियान मोबाइल रिकवरी के क्षेत्र में लगातार सफल रहा है। पूर्व में 350 मोबाइल फोन बरामद किए गए थे, और अब यह संख्या बढ़कर 451 हो गई है। बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत 1.8 करोड़ रुपये है। इस पूरे अभियान में राजगढ़ साइबर सेल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उपनिरीक्षक जितेंद्र अजनारे के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी ट्रैकिंग और विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर मोबाइलों की लोकेशन का पता लगाया और उन्हें बरामद किया।
कोरबा के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चेक बाउंसिंग के आरोपी अपूर्व वासन को न्यायालय के आदेश के बावजूद छह दिनों तक जेल की जगह अस्पताल में 'वीआईपी ट्रीटमेंट' मिलता रहा। इस दौरान उसे एक अलग कमरा दिया गया और वह पुलिसकर्मी की मौजूदगी में मोबाइल फोन चलाते हुए कैमरे में कैद हो गया। जानकारी के अनुसार, आरोपी अपूर्व वासन को 6 मार्च को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जबकि न्यायालय ने उसे चेक बाउंस मामले में सीधे जेल भेजने का निर्देश दिया था। नियमों के विपरीत, उसे सामान्य वार्ड या आईसीयू के बजाय एक अलग कमरा उपलब्ध कराया गया। अस्पताल परिसर में घूमता-फिरता भी देखा गया आरोपी आरोपी अस्पताल परिसर में घूमता-फिरता भी देखा गया और पुलिसकर्मी के सामने मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए उसका वीडियो मीडिया में सामने आया। घटनाक्रम उजागर होने के बाद अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में आरोपी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. गोपाल कंवर ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है। वहीं, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि आरोपी को अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद जेल में दाखिल करा दिया गया है। जानकारी के अनुसार, इस दौरान आरोपी को न्यायालय से जमानत मिल चुकी थी, लेकिन नियमों के तहत बिना जेल में आमद कराए जमानत की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकती थी। इसलिए उसे पहले जेल में दाखिल कराया गया ताकि औपचारिक प्रक्रिया पूरी हो सके।
जालंधर में चोर लुटेरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। रात ही नहीं, सुबह और दिन में भी लोगों के साथ वारदात हो रही है। शुक्रवार को शहर के मकसूदां इलाके में सुबह सैर कर रहे एक व्यक्ति पर लुटेरों ने बेसबॉल से हमला कर मोबाइल लूट लिया। अमनदीप एवेन्यू निवासी परमजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें राहगीरों ने अस्पताल में भर्ती कराया और पुलिस को सूचना दी। परमजीत सिंह के भाई अमरजीत सिंह ने बताया कि उनके भाई सुबह करीब 4:30 बजे सैर के लिए निकले थे। मकसूदां फ्लाईओवर के पास दो बाइक सवार युवकों ने उन्हें रोका और लूटपाट का प्रयास किया। विरोध करने पर लुटेरों ने उन पर बेसबॉल से हमला कर दिया। इसमें परमजीत सिंह की नाक की हड्डी टूट गई और आंख भी क्षतिग्रस्त हो गई। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी है। परमजीत सिंह के परिजनों ने थाना एक में शिकायत दर्ज कराकर लुटेरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। थाना एक के जांच अधिकारी शाम लाल ने बताया कि पुलिस को घटना की सूचना मिली है। उनकी टीम मामले की जांच कर रही है और घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। उन्होंने जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया।
कोंडागांव में आभा आईडी बनाने पर जोर:डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित, मोबाइल से कुछ मिनट में बनाएं
कोंडागांव 12 मार्च 2026। राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के तहत कोंडागांव जिले के नागरिकों को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए आभा आईडी (ABHA ID) बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखना है। जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों, उप स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आभा आईडी बनाने की सुविधा उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और मितानिन गांवों में जाकर लोगों को आभा ऐप की जानकारी दे रहे हैं और उनके पंजीकरण में सहायता कर रहे हैं। प्ले स्टोर से आभा ऐप या आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना होगा नागरिक अपने मोबाइल फोन का उपयोग करके भी कुछ ही मिनटों में अपनी आभा आईडी बना सकते हैं। इसके लिए उन्हें मोबाइल के प्ले स्टोर से आभा ऐप या आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना होगा, अथवा आभा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भी पंजीकरण किया जा सकता है। ऐप खोलने के बाद Create ABHA ID या Create Health ID विकल्प का चयन करना होगा। पंजीकरण आधार नंबर या मोबाइल नंबर के माध्यम से किया जा सकता है। मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करने और नाम, जन्मतिथि जैसी आवश्यक जानकारी की पुष्टि करने के बाद 14 अंकों की एक अद्वितीय आभा आईडी तैयार हो जाती है, जिसे डाउनलोड भी किया जा सकता है। आभा आईडी है एक डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. चतुर्वेदी ने बताया कि आभा आईडी एक डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड है। इसमें व्यक्ति की जांच रिपोर्ट, उपचार का विवरण और दवाइयों की जानकारी सुरक्षित रहती है। इससे किसी भी अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टर को मरीज की पिछली स्वास्थ्य जानकारी आसानी से मिल जाती है, जिससे बेहतर और त्वरित उपचार संभव होता है। कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना और सीएमएचओ डॉ. आर.के. चतुर्वेदी ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र, स्वास्थ्य कार्यकर्ता या मितानिन से संपर्क कर अपनी आभा आईडी बनवाएं और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं।
फाजिल्का जिले के अबोहर में एक युवक से मोबाइल छीनने के आरोप में पुलिस ने दो झपटमारों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से लूटा हुआ मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। पीड़ित की शिकायत पर थाना नंबर दो में दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी मनिंदर सिंह ने बताया कि नई आबादी गली नंबर 14 निवासी चिंटू ने पुलिस को शिकायत दी थी। चिंटू ने बताया कि 11 मार्च की दोपहर वह छोटी पौड़ी गली नंबर 14 से गुजर रहा था। इसी दौरान नई आबादी गली नंबर 19 बड़ी पौड़ी निवासी चिराग सोनी और नई आबादी गली नंबर 18 निवासी अंकुश उर्फ कालिया ने उससे उसका सैमसंग गैलेक्सी फोन छीन लिया। मोबाइल छीनकर भागने वाले आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने चिंटू की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए दोनों युवकों को नई आबादी क्षेत्र से ही पकड़ लिया। उनके पास से छीना गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया, जिसकी कीमत करीब 8 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। रिमांड पर लेगी पुलिस आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जाएगी, क्योंकि उनके खिलाफ पहले भी लूट और चोरी के कई मामले दर्ज हैं।
जयपुर में ट्रैफिक पुलिसकर्मी से हाथापाई करने का मामला सामने आया है। रॉन्ग साइड आए ई-रिक्शा को रोकने पर ड्राइवर और महिला ने पुलिसकर्मी के साथ धक्का-मुक्की की। चालान बनाने से रोकने के लिए मोबाइल छीनकर तोड़ दिया। संजय सर्किल थाने में पीड़ित पुलिस कॉन्स्टेबल ने राजकार्य में बाधा उत्पन्न करने का मामला दर्ज करवाया है। ASI करण सिंह ने बताया कि बहरोड कोटपुतली निवासी रामवतार (36) ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। वह जयपुर कमिश्नरेट की ट्रैफिक ब्रांच में कॉन्स्टेबल के पद पर तैनात है। संजय सर्किल पर चांदपोल बाहर साइड में रामवतार की ट्रैफिक ड्यूटी लगी हुई थी। सुबह करीब 11:15 बजे एक ई-रिक्शा चांदपोल बाजार से रॉन्ग साइड से आया। जिसको रोक कर मोबाइल से चालान करना चाहा। ई-रिक्शा ड्राइवर और उसमें बैठी महिला उतरकर मोबाइल छीनकर रोड पर फेंक कर तोड़ दिया। चालान बनाने से रोकने के लिए मोबाइल तोड़ने के साथ धक्का-मुक्की कर हाथापाई पर उतर गए। भीड़ इकट्ठा होने के दौरान ई-रिक्शे में बैठकर ड्राइवर व महिला फरार हो गए। संजय सर्किल थाने में ई-रिक्शा ड्राइवर व महिला के खिलाफ राजकार्य में बाधा की गुरुवार दोपहर FIR दर्ज करवाई गई।
सिरसा में फाइनेंस कंपनी का SRO कैश लेकर फरार:43 हजार की किस्त लेने गया था, मोबाइल भी किया बंद
सिरसा शहर में फाइनेंस कंपनी का SRO कलेक्शन कैश लाने के बाद मिसिंग हो गया है। उक्त SRO मल्लेकां में कंपनी का कलेक्शन के लिए गया था। वहां से करीब 43 हजार रुपए किस्त कलेक्शन कर ली और कंपनी मैनेजर को ऑफिस आने की कहा। कुछ देर बाद उसका फोन बंद आने लगा और खुद भी ऑफिस नहीं पहुंचा। जानकारी के अनुसार, उक्त कर्मचारी युवक मूलरूप से राजस्थान का रहने वाला है। इन दिनों कंपनी में काम के चलते ऐलनाबाद में रहता था। कंपनी मैनेजर ने इसकी सूचना कर्मचारी के घर पर परिवार को दी, जिसके बाद उसको हर जगह तलाशा, पर कोई पता नहीं चला। कंपनी की ओर से भी कर्मचारी युवक की तलाश जारी है। इसकी सूचना घरवालों की ओर से पुलिस को दी गई। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और उसका मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस कर जांच शुरू कर दी है। इससे घरवालों की चिंता बढ़ गई है कि युवक के पास कैश व बाइक दोनों है, जिससे अनहोनी होने का डर सता रहा है। यहां जानिए क्या है पूरा मामला शिकायत में गोविंद राम ने बताया कि वह राजस्थान से हनुमानगढ जिले के रावतसर से मोधूनगर के वार्ड 4 का रहने वाला है और उसका बेटा हाल ही में ऐलनाबाद में रहता है। उसका बेटा बाबू लाल, जो Fusion Finance Limited ऐलनाबाद ब्रांच में बतौर SRO (Senior Relationship Officer) के पद पर कार्य करता है। जिसका फाइनेंस की किस्तों के कलेक्शन का काम है। उसका बेटा ऐलनाबाद ब्रांच में रह रहा था। स्टाफ से फोन पर हुई थी बातचीत 11 तारीख को फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों से पता चला कि उसा बेटा कंपनी की फाइनेंस कलेक्शन के लिए मल्लेकां गया था। वहां पर कलेक्शन करने के बाद ब्रांच मैनेजर को फोन पर बताया कि उसने कलेक्शन कर ली है और वह वापस आ रहा है। कंपनी स्टाफ ने बताया कि बाबू लाल के साथ शाम साढे 6 बजे से साढ़े 7 बजे तक फोन पर बातचीत हुई और कहा-वह ऐलनाबाद के देवीलाल चौक पर पहुंच गया और बाद में उसका फोन बंद आने लगा। रिश्तेदारी से भी नहीं लगा सुराग उन्होंने आसपास व रिश्तेदारी में तलाश किया, पर कोई पता नहीं चला। उसके दामाद दुलीचंद ने भी बाबू लाल को फोन किया था और कहा-वह आ रहा है, पर नहीं आया। उसके पास कंपनी का करीब 43 हजार 500 रुपए है और बाइक है। अभी तक कोई सुराग नहीं लगा, जिसके बाद पुलिस को शिकायत दी।
रतिया में युवक से 29 हजार रुपए ठगे:लिंक क्लिक करने ही मोबाइल हैक हुआ; क्रिकेट मैच देखते समय फंसाया
फतेहाबाद जिले के रतिया क्षेत्र में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। एक अज्ञात व्यक्ति ने मोबाइल हैक कर एक युवक से 29,500 रुपये की धोखाधड़ी की। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव पिलछिया निवासी गुरप्रीत सिंह, जो रतिया में बजाज फाइनेंस में कार्यरत हैं, ने पुलिस को बताया कि 11 फरवरी 2026 को वह अपने मोबाइल फोन पर क्रिकेट मैच देख रहे थे। इसी दौरान उनके फोन पर एक अज्ञात लिंक आया। गुरप्रीत ने जैसे ही उस लिंक पर क्लिक किया, उनका मोबाइल फोन हैंग हो गया और अपने आप कुछ वीडियो के लिंक खुलने लगे। इसके तुरंत बाद मोबाइल स्क्रीन पर एक स्कैनर दिखाई दिया, जिसके नीचे लिखा था कि उनका मोबाइल फोन ‘साइबर टीम’ द्वारा लॉक कर दिया गया है। अनलॉक कराने के लिए मांगे 29,500 रुपए स्कैनर पर यह संदेश भी था कि मोबाइल को अनलॉक कराने के लिए 29,500 रुपये स्कैनर पर भेजने होंगे। घबराकर गुरप्रीत ने बताए गए स्कैनर पर 29,500 रुपये भेज दिए। पैसे भेजने के बाद भी उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया। पीड़ित ने बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने बहला-फुसलाकर उनसे धोखाधड़ी से 29,500 रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए। उन्होंने इस मामले की शिकायत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर भी दर्ज करवाई थी। पुलिस ने दर्ज किया मामला पुलिस ने गुरप्रीत सिंह की शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
मथुरा के संत प्रेमानंद महाराज के यहां जाने के लिए निकला इंदौर के 15 साल के बच्चे का दूसरे दिन भी कोई पता नहीं चला है। खजराना पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस और जीआरपी को इसकी जानकारी दे दी है। पिता ने गुरुवार को थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पिता के मुताबिक बड़ा बेटा पहले मथुरा में पढ़ाई कर चुका है। जब लापता छात्र छोटा था, तब वह उसे अपने साथ मथुरा लेकर गए थे। इसके अलावा उसने इंदौर के बाहर ज्यादा जगहें नहीं देखी हैं। वह धार्मिक प्रवृत्ति का था और रोज करीब दो घंटे पूजा-पाठ करता था। वह संतों और खासकर संत प्रेमानंद के प्रवचन भी मोबाइल पर देखता था और उनसे काफी प्रभावित था। दिनभर घर रहता था। शाम के वक्त 1.30-2 घंटे ऊपर माता रानी के यहां सेवा करता था। रोज मंदिर जाता था। अभी तक जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि उसने मोबाइल पर देहरादून जाने वाली ट्रेन के बारे में सर्च किया था। परिवार ने रिश्तेदारों को भी जानकारी दे दी है और वे भी उसकी तलाश में जुटे हैं। घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में छात्र अकेला जाते हुए दिखाई दिया है। पिता अनिल के मुताबिक बेटे की कोई जानकारी नहीं मिली है। वे संत प्रेमानंद के आश्रम में पता करने के लिए बड़े बेटे को इंदौर से रवाना कर रहे हैं। बुधवार से को लापता हुआ, गुरुवार को लेटर मिला तो थाने पहुंचा परिवार इंदौर की कृष्ण विहार कॉलोनी में रहने वाला 15 साल का बच्चा बुधवार को घर से अचानक लापता हो गया। परिवार को उसके हाथ का लिखा एक लेटर मिला है। लेटर उसने लिखा है कि वह वृंदावन के संत प्रेमानंद जी महाराज के वचनों से प्रभावित होकर अपने “असली परिवार” के पास जा रहा है। पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है और बच्चे की तलाश शुरू कर दी है। थाना प्रभारी मनोज सेंधव के अनुसार, बच्चे के पिता ड्राइवरी का काम करते हैं। बुधवार को बच्चा क्रिकेट खेलने के लिए घर से निकला था, लेकिन देर शाम तक नहीं लौटा। लेटर में लिखा- मुझे ढूंढने की कोशिश भी मत कीजिए परिवार जब घर पहुंचा तो उन्हें एक पत्र मिला। यह पत्र उनके बेटे ने ही लिखा था, जिसमें उसने अपने घर छोड़ने की बात बताई है। लेटर में उसने लिखा- “मां, पापा, भैया और दादा… आज मैं अपने असली परिवार के पास जा रहा हूं। आप लोग कृपया रोइए मत और मुझे ढूंढने की कोशिश भी मत कीजिए। अब मैं अपने मां-पिता के साथ ही रहूंगा। रिजल्ट खराब होने की वजह से नहीं जा रहा बच्चे ने लिखा- आप लोग यह मत समझना कि मैं किसी डांट-फटकार या रिजल्ट खराब होने की वजह से घर छोड़कर जा रहा हूं। मैं बस अपनी असलियत जान गया हूं। अगर आप जानना चाहते हैं कि वह असलियत क्या है, तो मेरे फोटो को देख लेना। उसमें प्रेमानंद जी महाराज के वचन लिखे हैं। दोस्त से 500 रुपए उधार लिए, उसे लौटा देना बच्चे ने लिखा- अब तक मैंने जो जीवन आपके साथ बिताया, वह पूरा हो गया है। मैंने एक दोस्त से 500 रुपए लिए हैं, कृपया उसे वापस कर देना। आप लोग घबराना मत, मैं जा रहा हूं। जय माता दी।” भाई बोला- प्रेमानंद महाराज के प्रवचन सुनता था बच्चे के बड़े भाई ने बताया कि भाई की गूगल हिस्ट्री और इंस्टाग्राम देखने पर पता चला कि वह उत्तराखंड की एक माताजी के भजन और प्रेमानंद जी महाराज के प्रवचन सुनता था। पत्र में उसने प्रेमानंद जी महाराज के एक प्रवचन का भी जिक्र किया है। ये खबर भी पढ़ें… मुस्लिम युवक बोला- प्रेमानंद महाराज को किडनी देना चाहता हूं नर्मदापुरम के एक मुस्लिम युवक ने वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज को किडनी डोनेट करने की पेशकश की है। इटारसी में न्यास कॉलोनी निवासी आरिफ खान चिश्ती ने कलेक्टर सोनिया मीणा के जरिए प्रेमानंद महाराज को पत्र लिखा है। उनको ई-मेल और व्हाट्सएप पर मैसेज भी भेजा है। पढ़ें पूरी खबर…
दुर्ग जिले में बीजेपी नेता विनायक ताम्रकर से जुड़े अफीम की अवैध खेती मामले में पुलिस ने चौथे आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी राजस्थान के जोधपुर का रहने वाला है। जांच में सामने आया कि खेती के लिए अफीम के बीज राजस्थान से मंगाए गए थे। छोटू राम नाम का व्यक्ति आरोपियों को बीज उपलब्ध कराता था। पुलिस ने उसे 12 मार्च को जोधपुर से गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस पहले ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें बीजेपी नेता विनायक ताम्रकर निवासी तेमरापारा दुर्ग, विकास बिश्नोई निवासी मतोड़ा जिला जोधपुर राजस्थान, मनीष उर्फ गोलू ठाकुर निवासी समोदा शामिल हैं। तीनों को 7 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। घटना के बाद कुछ आरोपी राजस्थान भाग गए थे। वहां मोबाइल फोन बंद कर छिपे हुए थे। जरूरत पड़ने पर ही मोबाइल चालू करते थे, इसी कारण चौथे आरोपी तक पहुंचने में पुलिस को समय लगा। मामले में एक आरोपी अब भी फरार है। आज खत्म हो रही न्यायिक रिमांड विनायक ताम्रकर, विकास बिश्नोई, मनीष ठाकुर की न्यायिक रिमांड आज खत्म हो रही है। ऐसे में आज शाम या कल पुलिस तीनों आरोपियों को दोबारा कोर्ट में पेश कर सकती है। बताया जा रहा है कि केस की कड़ियां जोड़ने के लिए विनायक ताम्रकर की पुलिस कस्टडी जरूरी मानी जा रही है। 6 मार्च को सामने आया था पूरा मामला मामला पुलगांव थाना क्षेत्र की जेवरा-सिरसा चौकी के अंतर्गत ग्राम समोदा, झेनझरी, सिरसा के बीच स्थित खेतों का है। 6 मार्च को सरपंच से सूचना मिली थी कि खेतों में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही है। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जांच में खेतों में मक्का-भुट्टा की फसल के बीच अफीम के पौधे लगे मिले। शक से बचने के लिए अफीम के पौधे मक्का की फसल के बीच लगाए गए थे। पुलिस ने करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल जमीन में लगी अफीम की फसल जब्त की। जब्त फसल की अनुमानित कीमत करीब 8 करोड़ रुपए बताई गई। नकद राशि और मोबाइल फोन जब्त गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से 2220 रुपए नकद और एक स्मार्टफोन जब्त किया गया। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है, ताकि अवैध खेती से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी मिल सके। इससे पहले की कार्रवाई में पुलिस खेती में इस्तेमाल कई वाहन और मशीनें भी जब्त कर चुकी है। इनमें दो ट्रैक्टर, दो जेसीबी, दो मोटरसाइकिल, एक हार्वेस्टर समेत खेती के उपकरण शामिल हैं। इनकी कुल कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए आंकी गई है।
यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर ही मिलेगी मोबाइल चार्जिंग की सुविधा
रेल यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने एक नई पहल शुरू की है। फिरोजपुर रेलवे डिवीजन के अधीन आते 8 रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को मोबाइल चार्जिंग की सुविधा मिलेगी। इसके लिए रेलवे स्टेशनों पर करीब 86 चार्जिंग कियोस्क लगाए जाएगे। अमृतसर रेलवे स्टेशन पर करीब 20 से अधिक चार्जिंग कियोस्क लगेंगे। स्टेशन के अधिकारियों की ओर से 25 से 30 के करीब लोकेशन भेजी गई थी, जहां-जहां यात्रियों को यह सुविधाएं दी जा सके। अमृतसर रेलवे स्टेशन पर 1 से 7 नंबर प्लेटफार्म, जनरल टिकट वेटिंग हॉल, गोलबाग साइड रिजर्वेशन के वेटिंग हॉल में यह चार्जिंग कियोस्क लगाए जाएंगे। बता दें कि फिरोजपुर रेलवे डिवीजन की ओर से 10 मार्च 2026 को ई-नीलामी की गई थी, जिसमें मोबाईल चार्जिंग कियोस्क लगाने के टेंडर आवंटित किए गए। फिरोजपुर रेलवे डिवीजन के सीनियर डीसीएम परमदीप सिंह सैनी ने बताया कि इस पहल से यात्रियों को आधुनिक सुविधा मिलने के साथ-साथ रेलवे की आय में भी वृद्धि होगी। मंडल के अमृतसर, ब्यास, जालंधर सिटी, फगवाड़ा, लुधियाना, फिरोजपुर कैंट, फिल्लौर रेलवे स्टेशन और ढंडारी कलां रेलवे स्टेशन पर यह मोबाइल चार्जिंग कियोस्क लगाए जाएंगे। इन स्टेशनों पर कुल 86 कियोस्क स्थापित किए जाने की योजना है। उन्होंने कहा कि आजकल यात्रियों द्वारा मोबाइल फोन का उपयोग काफी बढ़ गया है। यात्रा के दौरान कई बार मोबाइल फोन डिस्चार्ज हो जाने से यात्रियों को परेशानी होती है। इस समस्या को देखते हुए रेलवे ने प्लेटफॉर्म पर ही चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मोबाइल चार्जिंग कियोस्क शुरू होने से यात्रियों को स्टेशन परिसर में बेहतर सुविधा मिलेगी। यात्री आसानी से अपना मोबाइल चार्ज कर सकेंगे और यात्रा के दौरान संपर्क में रह पाएंगे। उन्होंने बताया कि कियोस्क पर डिजिटल पेमेंट की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जिससे यात्रियों को भुगतान करने में आसानी होगी और उनकी यात्रा पहले से अधिक सुविधाजनक बन सकेगी। रेलवे का मानना है कि इस पहल से यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा दोनों में सुधार होगा।
राघव चड्ढा का मोबाइल रिचार्ज बहस: आम जनता के खर्च पर संसद में उठी आवाज
हाल ही में आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद Raghav Chadha ने संसद में “मोबाइल रिचार्ज की बढ़ती कीमतों” को लेकर जोरदार बहस छेड़ दी। उनका कहना था कि आज के समय में मोबाइल और इंटरनेट किसी लग्ज़री की चीज़ नहीं बल्कि “आम आदमी की ज़रूरत” बन चुके हैं। ऐसे में टेलीकॉम कंपनियों […] The post राघव चड्ढा का मोबाइल रिचार्ज बहस: आम जनता के खर्च पर संसद में उठी आवाज appeared first on Sabguru News .
गाजियाबाद पुलिस ने 555 मोबाइल बरामद किए:1.50 करोड़ रुपये कीमत के फोन थे, मालिकों को लौटाए
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 555 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 1.50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। बरामद किए गए सभी फोन उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिए गए हैं। एडिशनल सीपी केशव कुमार चौधरी के अनुसार, नगर जोन के विभिन्न थानों में मोबाइल चोरी, स्नैचिंग और गुम होने की कई शिकायतें दर्ज की गई थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। पुलिस की सर्विलांस टीम ने तकनीकी जांच और अन्य सूचनाओं की मदद से इन मोबाइल फोन का पता लगाया। इसके बाद, अलग-अलग स्थानों से इन फोनों को बरामद किया गया। मोबाइल मिलने के बाद पुलिस ने उनके मालिकों की पहचान की और सभी को उनके फोन वापस सौंप दिए। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस का आभार व्यक्त किया। विभिन्न थानों से बरामद मोबाइल फोन का विवरण इस प्रकार है: कोतवाली नगर से 153, विजयनगर से 91, सिहानीगेट से 71, नंदग्राम से 65, मधुबन बापूधाम से 60, क्रॉसिंग रिपब्लिक से 36, वेव सिटी से 35, कविनगर से 33 और साइबर थाना से 11 मोबाइल बरामद किए गए। एडिशनल सीपी केशव कुमार चौधरी ने यह भी बताया कि पुलिस भविष्य में भी ऐसी शिकायतों पर लगातार कार्रवाई करती रहेगी, ताकि लोगों के चोरी हुए या गुम हुए मोबाइल फोन उन्हें वापस मिल सकें।
मोगा पुलिस ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दड़ा-सट्टा गिरोह का पर्दाफाश किया है। बता दे कि थाना सिटी साउथ पुलिस ने इस मामले में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 65,100 रुपए नकद, एक यूपीआई स्कैनर, पांच मोबाइल फोन और सट्टे से संबंधित अन्य सामान बरामद किया गया है। थाना सिटी साउथ के प्रभारी इंस्पेक्टर गुरविंदर सिंह भुल्लर ने बताया कि जिला पुलिस प्रमुख के निर्देश पर अवैध जुआ और सट्टा कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत सहायक थाना प्रभारी एएसआई रछपाल सिंह पुलिस टीम के साथ इलाके में गश्त कर रहे थे। चार आरोपी गिरफ्तार देर रात पुलिस टीम को तेल फैक्ट्री के पास कुछ लोगों द्वारा खुलेआम दड़ा-सट्टा का धंधा चलाने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल बताए गए स्थान पर छापा मारा। इस दौरान पुलिस ने मौके से चार व्यक्तियों को दड़ा-सट्टा की पर्चियां लगाते हुए रंगे हाथों पकड़ा। आरोपियों से नकदी बरामद गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान प्रिंस कुमार उर्फ भोला (निवासी प्रीत नगर मोगा), सुभाष कुमार (निवासी गांव रायपुर नगरी, उत्तर प्रदेश, हाल निवासी निगाहा रोड मोगा), अशोक कुमार उर्फ अशोकी (निवासी चड़िक रोड मोगा) और कुलदीप सिंह उर्फ भोला (निवासी बस्ती मोहन सिंह मोगा) के रूप में हुई है। सट्टे से संबंधित अन्य सामग्री बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 65,100 रुपये नकद, एक यूपीआई स्कैनर, पांच मोबाइल फोन और सट्टे से संबंधित अन्य सामग्री बरामद की है। इस संबंध में थाना सिटी साउथ मोगा में आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ के बाद उन्हें कोर्ट में में पेश किया जाएगा। मामले की आगे की जांच एएसआई रछपाल सिंह द्वारा की जा रही है।
क्या आपके मोबाइल नंबर का अंतिम अंक आपके लिए शुभ है ?
आज के समय में मोबाइल हर व्यक्ति की जरूरत है, मोबाइल का उपयोग विद्यार्थी अपनी पढ़ाई के लिए, नौकरीपेशा अपनी नौकरी के लिए, व्यापारी अपने व्यापार के कार्यों में उपयोग करता है तो घर पर रहने वाले वृद्धजन या महिला अपने सुरक्षा की दृष्टी से रखते है। मोबाइल अपनों को अपनों से जोड़ने का भी काम करता है। आज के समय में यह व्यक्ति की अहम् जरूरत है, किन्तु क्या कभी आपने सोचा है की आपका मोबाइल नंबर कई बार आप के काम पर भी प्रभाव डालता है। ALSO READ: साल में 2 बार क्यों आता है खरमास? जानिए मलमास, अधिकमास और पुरुषोत्तम मास का रहस्य आपका मोबाइल नंबर आपके जीवन/कार्यों पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह से असर करता है। अंक ज्योतिष के अनुसार हर अंक की अपनी ऊर्जा होती है और यह ऊर्जा व्यक्ति के जीवन पर प्रभाव डालती है। तो आइए आज हम मोबाइल नंबर के आखरी अंक की ऊर्जा को जानते है कि यह ऊर्जा आपको किस तरह से प्रभावित करती। है... मोबाइल नंबर का अंतिम अंक 0 जिन लोगों के मोबाइल नंबर का अंतिम अंक 0 होता है, उनके पास कॉल्स तो आएंगी, काम के संदर्भ में बातें भी होंगी, लेकिन उसका पूरा परिणाम जीरो निकलेगा। यह अंक आपको कोई मदद नहीं करेगा या एकदम आपकी कोई सहायता नहीं कर पाएगा। यह अंक के परिणाम अधिकांश शून्य हो जाते है ,आपको बात करने वाले से अच्छे परिणाम की उम्मीद नहीं रखना चाहिए। यदि यह बिजनेस से जुड़ा मोबाइल नंबर है तो इसे तुरंत बदल देना चाहिए। आपके पास आपके ग्राहकों के फोन आएंगे, लेकिन वो आपको ऑर्डर नहीं देंगे। बिजनेस से जुड़ी बातें होंगी, लेकिन वह डील फाइनल नहीं होगी, उसमें काफी अड़चने भी आ सकती हैं। मोबाइल नंबर का अंतिम अंक 1 यदि किसी के मोबाइल नंबर के आखिर में अंक 1 आता है तो उस व्यक्ति के पास अन्य लोगों की तुलना में कॉल्स बहुत ही कम आती हैं ,जो भी कॉल्स आते हैं वह केवल काम की जितनी जरूरत है उतनी ही बात करता है। सामान्यतः इनके पास पुरुष के फोन अधिक आते है। यदि आपका बिजनेस महिला प्रधान है यानी महिलाओं से जुड़ा बिजनेस करते हैं और आपके मोबाइल नंबर का अंतिम अंक 1 है तो आपके बिजनेस में समस्या आएगी। आपके पास सही ग्राहकों के कॉल्स नहीं आएंगे क्योंकि इन नंबर पर पुरुष के फोन अधिक आएंगे, जिसका की इस बिजनेस से कोई मतलब नहीं रहता है। मोबाइल नंबर का अंतिम अंक 2 मोबाइल नंबर का अंतिम अंक यदि 2 है तो आपके पास काफी कॉल्स आते हैं, क्योंकि लोग आपके साथ अपनी भावनात्मक बातों को शेयर करना पसंद करते हैं। आप भी दूसरों के दुख में शामिल होकर उन्हें सपोर्ट करते हैं। सामने वाला व्यक्ति आपसे बेझिझक कितनी भी देर बात कर सकता है। सामान्यतः इनके पास महिलाओ के फोन अधिक आते है। ALSO READ: क्या तीसरा एंटी क्राइस्ट आ चुका है? नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी ने बढ़ाई दुनिया की चिंता मोबाइल नंबर का अंतिम अंक 3 मोबाइल नंबर का अंतिम अंक यदि 3 होता है तो उनके पास प्रभावशील व्यक्तियों के फोन अधिक आते है। इनके पास ऐसे फोन अधिक आते है, जो आपको बातचीत के दौरान एक बात ज्ञान की जरूर बताता ही है जैसे तुम ऐसा करते तो ज्यादा अच्छा रहता या तुम्हे ऐसा नहीं करना था आदि। मोबाइल नंबर का अंतिम अंक 4 मोबाइल नंबर अंतिम डिजिट अगर 4 है तो ऐसे लोगों के पास कई तरह के कॉल्स आते हैं। खास तौर पर शेखी बघारने वाले कॉल ज्यादा होते हैं। मोबाइल नंबर का अंतिम अंक 4 है तो ऐसे लोगों से ग्राहक बहुत मोलभाव करते हैं। इस नंबर पर आने वाले कॉल भ्रमित करने वाले होते है, हर तरह के कॉल इस नंबर पर आते है। इन व्यक्तियों के पास पैसा तो मिलता है, किन्तु यह नंबर हर किसी व्यक्ति को सूट नहीं करता है, यह नंबर न हो तो अच्छा रहता है। मोबाइल नंबर का अंतिम अंक 5 जिनके मोबाइल नंबर का अंतिम अंक 5 है तो उन लोगों के पास बहुत ही कॉल्स आती हैं। दिनभर उन लोगों का फोन बजता ही रहता है। लोग इनसे काफी बातें करते हैं, इन्हीं बातों से इनके लिए काम निकलते हैं। इससे वे अपने लिए पैसा बनाने में सफल हो सकते हैं। इन लोगों के पास पैसा कमाने की कमाल की ट्रिक होती हैं। यह नंबर कम्युनिकेशन के लिए अच्छा होता है, इन नंबर पर बिज़नेस पूछताछ अधिक मिलती है। व्यवसाय के लिए यह नंबर अच्छा होता है। व्यवसाय और कम्युनिकेशन के क्षेत्र में काम करने वालो के लिए के लिए यह नंबर बहुत अच्छा माना जाता है। मोबाइल नंबर का अंतिम अंक 6 जिन लोगों के मोबाइल नंबर का अंतिम अंक 6 है तो ये लोग अच्छी और मीठी बातें करने में सक्षम होते हैं। बिजनेस की बातें करने में भी ये लोग बहुत होशियार होते हैं। प्रॉपर्टी ब्रोकर के लिए यह नंबर शुभ होता है। नंबर 6 वालों के पास जितनी भी कॉल्स आती है उसमें फोन करने वालों में महिलाओं की संख्या ज्यादा हो सकती है। मोबाइल नंबर का अंतिम अंक 7 जिन लोगों के मोबाइल नंबर का अंतिम अंक 7 है तो ऐसे व्यक्ति से आपको जो भी आश्वासन मिलेगा वह पूरा नहीं होगा और आपको उस व्यक्ति के भरोसे पर नहीं रहना चाहिए। आईटी, सॉफ्टवेयर या ज्योतिषी का कार्य करने वालो के लिए यह नंबर लाभ देगा, बाकी आपको किसी भी आश्वासन पर भरोसा नहीं करना है। मोबाइल नंबर का अंतिम अंक 8 मोबाइल नंबर का अंतिम अंक अगर 8 है तो इनके पास बहुत ही सीमित कॉल्स आती हैं। ये लोग फोन पर काम की ही बात करते हैं। बात करने वाला व्यक्ति रसूखदार होगा और रुक-रुक कर बात करेगा, वह काम पूर्ति बात करेगा और पैसे सम्बंधित फायदा आपको मिलेगा। जो भी व्यक्ति आपको कॉल करेगा, वो अपना उद्देश्य बताएगा और आप जैसा उसको उत्तर देंगे, उस हिसाब से वो रिप्लाई देकर आगे बढ़ जाएगा। वो फालतू की बातें नहीं करेगा। मोबाइल नंबर का अंतिम अंक 9 जिन लोगों के मोबाइल नंबर का अंतिम अंक 9 है तो उनके पास कॉल करने वाला व्यक्ति पूरी एनर्जी से बात करता है। बात करने वाला व्यक्ति बाते बड़ी-बड़ी करेगा और उनके काम भी अच्छे होंगे। फोन करने वाला व्यक्ति आपसे सकारात्मक बातें करेगा। उसकी बातों में आपको कोई नकारात्मकता नहीं मिलेगी। ये आदमी आप से केवल अपने काम के बारे में बात करेगा। वह अपने उद्देश्य को ध्यान में रखकर ही बातें करेगा। वो आप से कोई फालतू बात नहीं करेगा। अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित है। इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें। ALSO READ: अधिक मास कब से कब तक? इस पवित्र महीने में करें ये 5 शुभ काम, खुल सकता है भाग्य
सोनभद्र में 151 खोए मोबाइल बरामद:CEIR पोर्टल की मदद से सोनभद्र पुलिस ने स्वामियों को लौटाए
सोनभद्र पुलिस ने खोए और गुम हुए 151 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने गुरुवार को पुलिस लाइन में खोए हुए सभी मोबाइलों को उनके स्वामियों को वापस कर दिए। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि पुलिस ने पिछले डेढ़ माह में खोए 151 मोबाइल फोन बरामद कर बृहस्पतिवार उनके स्वामियों को वापस सौंप दिए। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये बताई जा रही है। एसपी ने बताया कि, सर्विलांस सेल, एसओजी टीम और जनपद के विभिन्न थानों की संयुक्त टीमों ने इस अभियान को अंजाम दिया। इन टीमों ने CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल का उपयोग करते हुए तकनीकी विश्लेषण और लगातार निगरानी के माध्यम से इन मोबाइल फोन को ट्रेस कर बरामद किया। देखें, 7 तस्वीरें… बरामद मोबाइलों को सभी विधिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद उनके असली मालिकों को सुपुर्द कर दिया गया। अपने खोए हुए मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने सोनभद्र पुलिस की कार्यशैली की सराहना की और खुशी व्यक्त की। बता दे कि पुलिस ने इससे पहले जनवरी 2026 में भी इसी तरह 151 मोबाइल फोन बरामद कर उनके स्वामियों को लौटाए थे। लगातार मिल रही सफलता को पुलिस की तकनीकी दक्षता और आमजन के प्रति संवेदनशीलता का परिणाम बताया जा रहा है। एसपी अभिषेक वर्मा ने इस उपलब्धि के लिए सर्विलांस सेल, एसओजी टीम और संबंधित थाना प्रभारियों व कर्मचारियों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी तरह जनसेवा के लिए कार्य करने को प्रोत्साहित किया
पंचकूला जिले के पिंजौर की रतपुर कॉलोनी में एक परचून की दुकान के बाहर से एक्टिवा चोरी हो गई। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। शिकायतकर्ता मनोज कुमार रतपुर कॉलोनी के रहने वाले ने स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि खेड़ा मंदिर के पास उनकी 'शर्मा डिपार्टमेंटल' नाम से परचून की दुकान है। उनके पिता नरेश कुमार दुकान के कामों के लिए एक्टिवा का इस्तेमाल करते थे। परचून की दुकान के बाहर खड़ी थी बीते सोमवार को शाम करीब 4:30 बजे उनके पिता ने एक्टिवा को दुकान के बाहर खड़ा किया और दुकान के भीतर काम करने चले गए। लगभग 5:30 बजे जब वे बाहर आए, तो देखा एक्टिवा वहां नहीं थी। घटना के बाद उन्हें आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगालने पर पता चला कि एक अज्ञात व्यक्ति एक्टिवा लेकर वहां से फरार हो गया है। चोर एक्टिवा ले जाते हुए सीसीटीवी फुटेज में साफ साफ दिखाई दे रहा है। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस मनोज कुमार ने बताया कि वहीं बुधवार को उन्हें बद्दी पुलिस द्वारा उनके चोरी हुए एक्टिवा का चालान फोन पर मैसेज के माध्यम से प्राप्त हुआ। पुलिस ने शिकायतकर्ता की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
सवाई माधोपुर में अवैध खनन के आरोप में पकड़े गए एक आरोपी को छुड़ाने के लिए माफिया वन विभाग की बसोव वन चौकी में घुस गए। खनन माफियाओं ने चौकी का ताला तोड़कर गिरफ्तार ड्राइवर को छुड़ा लिया और पत्थरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जबरन ले गए। इस दौरान घटना का वीडियो बना रहे वनरक्षक का मोबाइल भी तोड़ दिया गया। घटना 9 मार्च की है। 10 मार्च को वन विभाग ने कुंडेरा थाने में 20 से 25 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है। अवैध खनन करते ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी रेंजर रामखिलाड़ी मीणा ने बताया - वन कर्मियों को सूचना मिली थी कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंदर पहाड़ से अवैध पत्थर खनन कर ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर ले जाया जा रहा है। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो कुछ लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली में पत्थर भरकर ले जाते हुए मिले। वन कर्मियों को देखकर आरोपी मौके से भागने लगे। इस दौरान वन कर्मियों ने घेराबंदी कर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोक लिया और ड्राइवर सचिन मीणा निवासी बसोव कला को पकड़ लिया। इसके बाद पत्थरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर वन चौकी में लाकर खड़ा कर दिया गया। आरोपी को छुड़ाने के लिए चौकी में घुसे वन विभाग की कार्रवाई के दौरान कुछ लोग मौके से भाग गए थे। थोड़ी देर बाद हनुमान के साथ कई लोग चौकी पहुंच गए। ये लोग अवैध खनन के आरोप में गिरफ्तार ड्राइवर सचिन मीणा को छुड़ाने के लिए बसोव वन चौकी में घुस गए। आरोपियों ने चौकी के मुख्य गेट का ताला तोड़ दिया और जबरदस्ती आरोपी को छुड़ाकर अपने साथ ले गए। ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जबरन ले गए आरोपियों ने चौकी परिसर में खड़ी पत्थरों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जबरन निकाल ली। इस दौरान एक वनरक्षक घटना का वीडियो बना रहा था। आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने वन विभाग की सरकारी बाइक की चाबी भी निकाल कर अपने साथ ले गए।
जेल से सर्च के दौरान सात मोबाइल बरामद, आठ हवालातियों पर केस
अमृतसर| फताहपुर जेल में चैकिंग के दौरान सात मोबाइल बरामद किए गए। इस मामले में थाना इस्लामाबाद पुलिस ने 8 हवालातियों के खिलाफ पर्चा दर्ज किया। पुलिस को दी शिकायत में सहायक सुपरिंटेंडेंट साहिब सिंह ने बताया कि जेल के अंदर तलाशी अभियान के दौरान बंद हवालातियों के पास से 7 मोबाइल फोन (3 टच और 4 कीपैड) बरामद किए गए है। आरोपियों में हवालाती सवरित सिंह, अमरजोत सिंह, करनबीर सिंह उर्फ कन्नू, जीवन सिंह, अमित कुमार उर्फ बीची, हवालाती राहुल, जशनदीप सिंह और संदीप सिंह शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद मोबाइलों की फॉरेंसिक जांच करवाई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि जेल के भीतर इन फोनों का इस्तेमाल किन गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।
उत्तर प्रदेश में कचरे को संसाधन में बदलने की दिशा में एक अनोखी पहल सामने आई है। रामपुर जिला प्रशासन ने खराब और निष्क्रिय पड़ी सरकारी एंबुलेंस को मॉडिफाई कर उन्हें मोबाइल दुकानों में बदल दिया है और इन्हें रेहड़ी-पटरी संचालकों को रोजगार के लिए उपलब्ध कराया है।
जौनपुर में जनसेवा केंद्र संचालक को गोली मारी:बदमाश बाइक, बैग और मोबाइल लेकर फरार, हालत गंभीर
जफराबाद क्षेत्र के गोसाईपुर गांव के पास बुधवार रात बाइक सवार बदमाशों ने एक सहज जन सेवा केंद्र संचालक को गोली मार दी। बदमाश उनकी बाइक, बैग और मोबाइल लेकर फरार हो गए। घायल संचालक को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। गोसाईपुर गांव निवासी प्रेमचंद यादव (पुत्र तेजू यादव) गोसाईपुर चौराहे पर सहज जन सेवा केंद्र चलाते हैं। बुधवार रात करीब नौ बजे वे अपना केंद्र बंद करके बाइक से घर लौट रहे थे। केंद्र से लगभग 500 मीटर दूर ब्राह्मण बस्ती के पास पहुंचते ही एक बाइक पर सवार बदमाशों ने उन्हें रोका और गोली मार दी। गोली प्रेमचंद के सीने और पेट के बीच लगी है। बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद उनकी बाइक, बैग और मोबाइल फोन लेकर भाग गए। गोली लगने के बाद प्रेमचंद यादव भागकर ब्राह्मण बस्ती पहुंचे और लोगों से मदद मांगी। ब्राह्मण बस्ती के लोगों ने ग्राम प्रधान को सूचना दी, जिसके बाद प्रेमचंद को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश शुक्ल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि बदमाशों का पता लगाया जा सके।
ललितपुर में बजाज फाइनेंस कंपनी और आम नागरिकों के साथ 1.71 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी कंपनी की ललितपुर शाखा में सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत था। मुख्य आरोपी दिनेश कुमार उर्फ कार्तिक (31) को गिरफ्तार किया है। आरोपी बैंक कॉलोनी निवासी विनोद कुमार का पुत्र है। पुलिस ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में न्यायालय में पेश किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक स्कॉर्पियो कार, दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एक कलाई घड़ी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, झांसी स्थित बजाज फाइनेंस लिमिटेड के असिस्टेंट मैनेजर रिस्क संदीप सिंह सोलंकी ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि महेंद्र बरार, नवनीत और अन्य लोगों ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कंपनी को 1,71,01,703 रुपये का नुकसान पहुंचाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी क्रम में वांछित आरोपी दिनेश कुमार को भी दबोच लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बजाज फाइनेंस की ललितपुर शाखा में सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर भोले-भाले लोगों को लोन दिलाने का झांसा दिया और उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज ले लिए। इसके बाद फर्जी बिक्री और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लोन स्वीकृत कराया और रकम हड़प ली। पुलिस के मुताबिक इस गिरोह में कंपनी के कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल थे। पुलिस के अनुसार गिरोह ने वर्ष 2024 और 2025 में फर्जी ऋण आवेदन और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की। आरोपी ने ठगी के पैसों से स्कॉर्पियो कार खरीदी और ऐशो-आराम पर खर्च किया। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी, निरीक्षक नरेंद्र सिंह, मुख्य आरक्षी सत्येंद्र सिंह और महिला कांस्टेबल नीलम शामिल रहीं। पुलिस अब इस मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
भागलपुर में आज रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए हथियार और चोरी के सामान का जखीरा बरामद किया है। यह कार्रवाई भागलपुर और नाथनगर के बीच स्थित एलसी गेट नंबर-1 ए के पास की गई। छापेमारी के दौरान कई संदिग्ध सामान मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। इस संयुक्त अभियान का नेतृत्व आरपीएफ पोस्ट कमांडर अमित कुमार गिरी कर रहे थे। उनके साथ जीआरपी के ओसी नाशिम्म खान, सीआईबी इंस्पेक्टर एस.के. सुधा और आईपीएफ ए.के. सिंह सहित अन्य सुरक्षा बलों की टीम मौजूद थी। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि रेलवे ट्रैक के आसपास कुछ अपराधी एकत्रित होकर आपराधिक घटना की योजना बना रहे हैं और उनके पास अवैध हथियार व चोरी का सामान भी रखा हुआ है। भारी मात्रा में हथियार-अन्य सामान बरामद सूचना के आधार पर पुलिस और आरपीएफ की टीम ने इलाके में छापेमारी की। इस दौरान मौके से भारी मात्रा में हथियार और अन्य सामान बरामद किया गया। बरामद सामान में 2 पिस्टल, 4 कांटा, 18 जिंदा कारतूस, 6 धारदार हथियार, करीब 50 मोबाइल फोन, कई चाकू, सोने और चांदी के आभूषण, बैंक पासबुक, ट्रॉली बैग, लाइटर और सोने-चांदी का वजन मापने वाली मशीन शामिल है। मो. लाल बाबू के घर पर भी छापेमारी की जांच के दौरान पुलिस ने मो. कलीम और मो. लाल बाबू के घर पर भी छापेमारी की, जहां से हथियार और अन्य संदिग्ध सामान बरामद किया गया। पुलिस का मानना है कि इन लोगों का संबंध रेलवे क्षेत्र में होने वाली चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं से हो सकता है। इस मामले में करीब 10 से 12 बदमाशों को नामजद किया गया है। हालांकि, छापेमारी की भनक लगते ही कई आरोपी मौके से फरार हो गए। फिलहाल पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। आरपीएफ और जीआरपी अधिकारियों ने बताया कि बरामद सामान की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह किन-किन घटनाओं से जुड़ा हुआ है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा।
विदिशा में सड़क सुरक्षा और विधिक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला न्यायालय के निर्देश पर गांधी चौक-नीमताल क्षेत्र में एक मोबाइल कोर्ट लगाया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रमाकांत भारके की उपस्थिति में दोपहिया और चारपहिया वाहनों की सघन जांच की गई। इस दौरान वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन, बीमा, फिटनेस और परमिट सहित अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की गई। दस्तावेजों में कमी पाए जाने पर लगभग 25 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 50 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। अचानक लगी इस मोबाइल कोर्ट की कार्रवाई से वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। कई वाहन चालक चेकिंग देखकर रास्ता बदलते नजर आए, वहीं कुछ लोग हाथ जोड़कर माफी मांगते भी दिखे। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रमाकांत भारके ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश जाकिर हुसैन के मार्गदर्शन में यह अभियान पूरे जिले में चलाया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2025 में जिले में कुल 1246 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 221 लोगों की मौत हुई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। भारके ने आगे कहा कि अधिकांश दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहन चालक हेलमेट नहीं पहनते और चारपहिया वाहन चालक सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करते। इसके अतिरिक्त, कई वाहन बिना बीमा और आवश्यक दस्तावेजों के चलते हैं, जिससे दुर्घटना की स्थिति में पीड़ितों को बीमा क्लेम नहीं मिल पाता। मोबाइल कोर्ट के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों का पालन करने और वाहन के सभी दस्तावेज पूर्ण रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
लुधियाना में लगातार मोबाइल और बाइक चोरी की घटनाओं से गुस्साए लोगों ने बुधवार को पुलिस चौकी का घेराव किया। पीड़ित लोगों के साथ पार्षद व अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं ने थाना डिवीजन नंबर तीन के अधीन आने वाली शिंगार चौकी के खिलाफ धरना दिया। करीब दो घंटे तक लोग शिंगार चौकी के बाहर दरी बिछाकर बैठे रहे। सूचना मिलने पर थाना डिवीजन नंबर तीन के एसएचाओ इंस्पेक्टर जगदीप सिंह मौके पर पहुंचे। धरने पर बैठे लोगों व पार्षदों ने उन्हें खूब खरी- खोटी सुनाई और चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। लोगों का आरोप है कि शिंगार सिनेमा चौकी के सामने से एक बाइक चोरी हुई। पीड़ित शिकायत देने गया तो चौकी इंचार्ज ने उसकी शिकायत दर्ज नहीं की। यही नहीं इससे पहले भी एक बच्चे का मोबाइल छीनकर ले गए, उसकी भी शिकायत दर्ज नहीं की। धरने में 8 से 10 लोग ऐसे थे जिनके मोबाइल या दोपहिया वाहन चोरी हुए थे। सभी का आरोप है कि चौकी इंचार्ज उनकी सुरक्षा करना तो दूर उनकी शिकायत तक दर्ज नहीं करते। पब्लिक बोली- चौकी बंद कर दो धरने पर बैठे पार्षद गौरवजीत सिंह गोरा, पार्षद पति इंद्र अगवाल, सिमरनजीत सिंह सिम्मू, कांग्रेस नेता योगश हांडा व अन्य ने इंस्पेक्टर को कहा कि जब चौकी में उनकी शिकायत ही दर्ज नहीं होनी तो इसे बंद कर दिया जाए। उनका कहना है कि चौकी के सामने से बाइक चोरी हो गई, जिससे साफ है कि चोरों में पुलिस का भी डर नहीं है। पीड़ित बोले- आए दिन यहां पर हो रही छीना-झपटी शिंगार सिनेमा चौकी के एरिया रणजीत पार्क व आसपास के इलाकों में लगातार छीना- झपटी की घटनाएं हो रही हैं। एक व्यक्ति ने बताया कि झपटमारों ने उन पर दातर से हमला किया और मोबाइल छीन कर ले गए। उसके बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। पीड़ित शिकायत लेकर पहुंचे धरने में आए पीड़ितों से जब इंस्पेक्टर जगदीप सिंह बात कर रहे थे तो पीड़ितों ने अपनी शिकायतों का पुलिंदा भी इंस्पेक्टर जगदीप सिंह को दिखाया और कहा कि इतनी शिकायतें दी हैं लेकिन किसी का निपटारा नहीं किया गया। मामले की जांच करेंगे ओर कार्रवाई होगी थाना डिवीजन नंबर तीन के एसएचओ जगदीप सिंह ने कहा कि धरना देने वालों की जो भी शिकायतें हैं उनकी जांच की जाएगी और इलाके में चोरी व छीना झपटी की वारदातों को रोकने के लिए पुलिस पेट्रोलिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि चौकी इंचार्ज से इस सारे में मामले जवाब तलबी भी की जाएगी।
रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने करीब 20 लाख रुपए कीमत के 100 मोबाइल फोन ढूंढकर उनके असली मालिकों को वापस कर दिए। ये मोबाइल फोन सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों से ट्रेस किए गए। पुलिस के मुताबिक बरामद मोबाइल फोन उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, झारखंड, दिल्ली और बिहार से मिले हैं। 2026 में अब तक 300 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं। इनकी कुल कीमत करीब 60 लाख रुपए बताई जा रही है। तकनीकी जांच से मिले मोबाइल एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की टीम ने गुम मोबाइल के आवेदनों के आधार पर तकनीकी विश्लेषण और ट्रैकिंग की मदद से मोबाइल फोन का पता लगाया। कई मोबाइल ऐसे लोगों के पास मिले जो उन्हें इस्तेमाल कर रहे थे। साइबर सेल द्वारा जानकारी देने के बाद कुछ लोगों ने मोबाइल फोन कूरियर के जरिए रायपुर भेज दिए, जबकि कुछ मामलों में अन्य राज्यों की पुलिस के सहयोग से मोबाइल बरामद किए गए। पुलिस की अपील रायपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि मोबाइल फोन गुम हो जाए तो तुरंत www.ceir.gov.in पोर्टल पर इसकी जानकारी दर्ज करें और नजदीकी थाना या साइबर सेल से संपर्क करें। पुलिस ने यह भी कहा है कि मोबाइल फोन को हमेशा पासवर्ड या लॉक से सुरक्षित रखें, ताकि उसका गलत इस्तेमाल न हो सके।
सूने मकान का ताला तोड़कर सोने-चांदी के गहने और नगदी चोरी करने वाले दो शातिर बदमाशों को करणी विहार थाना पुलिस और डीएसटी जयपुर वेस्ट की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी वारदात के दौरान जल्दबाजी में अपना मोबाइल फोन और डेबिट कार्ड मौके पर ही छोड़कर भाग गए थे, जिसके आधार पर पुलिस ने उनकी पहचान कर उन्हें दबोच लिया। डीसीपी वेस्ट हनुमान प्रसाद ने बताया कि वैशालीनगर सिटी, पांच्यावाला सिरसी रोड निवासी हेमलता श्रीवास्तव ने करणी विहार थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उन्होंने बताया कि 1 मार्च की रात वह अपने बच्चों के साथ दिल्ली चली गई थीं। इसी दौरान 2 मार्च को देर रात अज्ञात चोरों ने उनके मकान के ताले तोड़कर सोने-चांदी के गहने और नगदी चोरी कर ली। घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज मोबाइल एप पर देखने पर उन्हें चोरी का पता चला। उन्होंने तुरंत कॉलोनीवासियों को सूचना दी, जिससे चोरों में भगदड़ मच गई और भागते समय आरोपी अपना मोबाइल फोन और उसके कवर में रखा एचडीएफसी बैंक का डेबिट कार्ड मौके पर ही छोड़ गए। चांदी के सिक्के, शिव-पार्वती की जोड़ी बरामद मामले की जांच के लिए पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो आरोपियों शुभम सैनी (27) और नरेन्द्र सैनी उर्फ नंदू (29) को चिह्नित कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों से 6 चांदी के सिक्के, एक पीतल की चरण पादुका और पीतल की शिव-पार्वती की जोड़ी बरामद की है। पूछताछ में आरोपियों ने हरमाड़ा थाना क्षेत्र में भी चोरी-नकबजनी की वारदात करना स्वीकार किया है। आरोपी नशे के आदी पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी मुरलीपुरा थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं और पहले भी चोरी व नकबजनी की करीब चार दर्जन वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। आरोपी नशे के आदी हैं और मोटरसाइकिल से कॉलोनियों में घूमकर सूने मकानों की रैकी कर मौका मिलते ही ताला तोड़कर चोरी करते थे। फिलहाल पुलिस आरोपियों से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल की बरामदगी और अन्य साथियों की तलाश को लेकर पूछताछ कर रही है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा।
जालंधर के दोआबा चौक पर दो बाइक सवार लुटेरों ने एक बुजुर्ग व्यक्ति का मोबाइल छीन लिया। लूट के दौरान बुजुर्ग ने शोर मचाया, लेकिन बाइक की रफ्तार ज्यादा होने के कारण वह भागने में कामयाब हो गए और घटना के पास लगे सीसीसीटी कैमरों में कैद हो गई। वारदात के बाद घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने सूचना पुलिस को दी। भगतपुरा निवासी मुख्त्यार चंद ने थाना-8 पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी दोआबा चौक के पास बुक (किताब) की दुकान है। वह दुकान से घर जा रहे थे, तभी बाइक सवार दो युवक उसके पास से निकले तो उन्होंने देख लिया कि उसकी कमीज की ऊपर वाली जेब में मोबाइल है, जिसके बाद वह दोबारा वापस आए और उनकी जेब से मोबाइल निकल लिया। पुलिस जांच में जुटी मुख्त्यार चंद ने बताया कि उन्होंने शोर भी मचाया, लेकिन लुटेरे तेज रफ्तार बाइक पर सवार होकर भागने में सफल रहे। घटना की सूचना मिलते ही थाना आठ की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। थाना आठ के प्रभारी साहिल चौधरी ने बताया कि पुलिस टीम जांच में जुटी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
फरीदकोट जिले की केंद्रीय माडर्न जेल में जेल प्रशासन के सर्च ऑपरेशन के दौरान 8 मोबाइल बरामद किए गए है। इस मामले में थाना सिटी पुलिस को शिकायत भेज कर 7 हवालातियों और एक कैदी के खिलाफ जेल एक्ट के तहत केस दर्ज करवाया गया है। बता दे कि पुलिस को भेजी शिकायत में जेल के सहायक अधीक्षक गुरचरण सिंह ने बताया कि जेल अधीक्षक के दिशा निर्देशों पर जेल प्रशासन की टीमों द्वारा विभिन्न बैरकों की सर्च की गई तो जेल में बंद 7 हवालातियों फाजिल्का निवासी केवल सिंह,मोगा निवासी हरप्रीत सिंह, अबोहर निवासी राहुल कुमार,मोगा निवासी कमलजीत सिंह, तरनतारन निवासी गुरजंट सिंह के पास से मोबाइल बरामद हुआ। 8 के खिलाफ केस दर्ज इस दौरान जेल में सर्च के दौरान मोगा निवासी परमजीत सिंह,मोगा के ही हरविंदर सिंह और एक कैदी मोगा निवासी जसविंदर सिंह से एक-एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। इस शिकायत के आधार पर थाना सिटी पुलिस ने इन 7 हवालातियों और एक कैदी के खिलाफ केस दर्ज करते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच में जुटी पुलिस बता दें कि फरीदकोट जेल से लगातार मोबाइल फोन बरामद हो रहे है। हालांकि अभी तक ना तो जेल प्रशासन और ना ही पुलिस पता लगा पाई है कि आखिरकार यह मोबाइल जेल में अंदर कैसे पहुंच रहे है। जेल कर्मियों की भूमिका की जांच करेगी पुलिस इस मामले में डीएसपी तरलोचन सिंह ने बताया कि अब नामजद किए गए हवालातियों व कैदी को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी और इनसे बरामद मोबाइल फोनों के बारे में पूछताछ की जाएगी। यदि इन्हें मोबाइल फोन उपलब्ध करवाने में किसी जेल अधिकारी या कर्मचारी की शमूलियत सामने आई तो उसे भी केस में नामजद करते हुए गिरफ्तार किया जाएगा।
आगरा में गर्लफ्रेंड के लिए 60 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर युवक चढ़ गया। करीब 40 फीट ऊपर चढ़कर बोला- उसे बुलाकर लाओ। मैं उससे बहुत प्यार करता हूं। इस दौरान काफी संख्या में आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। सूचना पर पुलिस पहुंची। इस दौरान मौके पर परिवार के लोगों को बुलाया गया। इसके बाद करीब 5 घंटे तक समझाने के बाद किसी तरह नीचे ऊतारा। इसके बाद युवक से एसडीएम पूछताछ कर रहे हैं। मामला थाना ट्रांस यमुना के शाहदारा चुंगी की है। अब पूरा मामला पढ़िए शाहदरा चुंगी में बुधवार सुबह 9 बजे एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। इसके बाद गर्लफ्रेंड को बुलाने के लिए चिल्लाने लगा। इसके बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीम युवक को समझाकर सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास करने लगी। युवक की पहचान बंटी पुत्र सूबेदार सिंह, निवासी मेहरी हिरन, गांव दारापुर, थाना टूंडला के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि युवक की रिश्तेदारी नगला बिहारी में है और एकतरफा प्रेम प्रसंग के चलते उसने यह कदम उठाया है। युवक ने 112 कंट्रोल रूम पर कॉल कर पुलिस से बातचीत भी की। बातचीत में उसने साफ कहा कि जब तक मेरी गर्लफ्रेंड नहीं आएगी तब तक मैं टावर से नीचे नहीं उतरूंगा। इसके बाद पुलिस पहुंची और करीब 5 घंटे तक चले ड्रामे के बाद दोपहर में 2 बजे युवक को नीचे उतारा गया।
तरनतारन में एक पूर्व सैनिक से तलवार दिखाकर मोबाइल फोन और करीब 3,000 रुपए नकद लूट लिए गए। मोटरसाइकिल सवार दो लुटेरों ने इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता हरभाल सिंह, जो गांव बाकीपुर के निवासी हैं, भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। वह तरनतारन के मोहल्ला जसवंत सिंह में एक कंप्यूटर कैफे चलाते हैं। हरभाल सिंह ने पुलिस को बताया कि कल शाम वह अपने स्कूटर पर गांव लौट रहे थे। नकदी और मोबाइल छीनकर हुए फरार जब वह रोही जरमस्तपुर के पास पुल के पास पहुंचे, तो मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों ने उन्हें रोका। लुटेरों ने तलवार से हमला करने की धमकी दी और उनकी जेब से मोबाइल फोन तथा लगभग 3,000 रुपए नकद छीनकर फरार हो गए। मामले की जांच में जुटी पुलिस हरभाल सिंह की शिकायत पर, तरनतारन सिटी थाने की पुलिस ने कार्रवाई की। एएसआई सुखा सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान गुरकीर्तन सिंह निवासी पलासौर और गोल सिंह के रूप में हुई है। इन आरोपियों के खिलाफ थाना सिटी तरनतारन में केस नंबर 60 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
सीकर में 2 नाबालिग सगे भाई रुपए कमाने के लिए बिना बताए हॉस्टल से चले गए। दोनों एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हैं। दोनों ने किशनगढ़-कुचामन-नागौर पर काम ढूंढने की कोशिश की, लेकिन काम नहीं मिला। दोनों ने स्टेशनों पर रहकर रात गुजारी। 10 दिन बाद जब मोबाइल ऑन किया तो, लोकेशन मिलते ही पुलिस ने इन्हें कुचामन से मंगलवार शाम को डिटेन कर लिया। दोनों भाइयों की मां की मौत हो चुकी है। वहीं पिता शराब पीने के आदी हैं, इसलिए NGO के जरिए वे प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हैं। मामला सीकर के उद्योग नगर थाना इलाके का है। SHO राजेश कुमार बुडानिया ने बताया- स्कूल मैनेजमेंट ने थाने में एक मार्च को मामला दर्ज करवाया था। इसमें बताया कि 28 फरवरी को उनके हॉस्टल से 15 और 17 साल के दो नाबालिग भाई लापता हो गए हैं। दोनों हॉस्टल से बिना बताए कहीं चले गए। इनमें 17 साल का स्टूडेंट 11वीं और 15 साल का स्टूडेंट नौवीं क्लास में पढ़ता है। दोस्तों से मोबाइल का पता चला, पुलिस ने लोकेशन की ट्रेसपुलिस ने स्टूडेंट के बारे में तमाम जानकारी जुटाना शुरू किया। दोनों स्टूडेंट के साथियों से भी बातचीत की। इस दौरान सामने आया कि इन स्टूडेंट के पास एक मोबाइल फोन है। वह मोबाइल फोन स्विच ऑफ आ रहा था। ऐसे में टेक्निकल सोर्सेज के जरिए स्टूडेंट्स का पता लगाना मुश्किल था। दोनों लड़कों ने कुचामन जिले में अपना मोबाइल कुछ देर के लिए ऑन किया। जैसे ही पुलिस को इसका पता लगा तो पुलिस टीम वहां गई। जहां दोनों स्टूडेंट को डिटेन कर लिया। यहां से उन्हें सीकर लाया गया। मां की हो चुकी मौत, पिता शराब पीने के आदीपुलिस के अनुसार- दोनों लड़कों की मां की मौत करीब 12 साल पहले हो चुकी थी। पिता शराब पीने के आदी हैं। ऐसे में दोनों को समाज कल्याण विभाग के जरिए NGO के हाउस में दाखिल करवा दिया गया। NGO के द्वारा ही इन्हें पढ़ने के लिए सीकर भेजा गया था। दोनों के एग्जाम 28 फरवरी को पूरे हो गए थे। दोनों भाई पढ़ाई में काफी होशियार हैं। अंदेशा है कि परिवार के साथ नहीं रहने की वजह से बच्चों को लगता था कि उन्हें रुपए कमाकर ही सब कुछ करना है। इसलिए दोनों ने एक साथ हॉस्टल छोड़ने का मन बनाया। दोनों 28 फरवरी को हॉस्टल छोड़कर ट्रेन से किशनगढ़ पहुंच गए। यहां उन्होंने कई जगह काम की तलाश की, लेकिन उन्हें काम नहीं मिला। दोनों लड़कों के पास कुछ ही रुपए थे। इनमें केवल ट्रेन का किराया और खाना ही हो सकता था। ऐसे में कई जगह इन लोगों ने मदद भी मांगी। पहले किशनगढ़ फिर नागौर, कुचामन में काम के लिए गएकिशनगढ़ में दोनों भाइयों को जब काम नहीं मिला तो वे काम की तलाश में नागौर आ गए। यहां भी उन्हें कोई काम नहीं मिला। आखिर में दोनों कुचामन चले गए। यहां इन्होंने अपना मोबाइल ऑन किया। यहीं से दोनों को दस्तयाब किया गया था। SHO राजेश कुमार बुडानिया ने कहा- परिजनों के साथ समाज के हर आदमी की जिम्मेदारी है कि वे स्टूडेंट्स को मोटिवेट करते रहें। ताकि वे कोई गलत कदम नही उठाएं। …… सीकर से एक्टर बनने मुंबई भाग गया 15-साल का स्टूडेंट:एक हजार रुपए लेकर घर से निकला, ट्रेन में बैठा; वड़ापाव खाकर भरा पेट सीकर में दसवीं क्लास में पढ़ने वाला 15 साल का बच्चा एक्टर बनने मुंबई भाग गया। वह घर से मॉर्निंग वॉक के लिए निकला था। उसके पास एक हजार रुपए थे। घर से निकलने के बाद रेलवे स्टेशन से मुंबई जाने वाली ट्रेन में बैठ गया। मुंबई में वड़ापाव खाकर पेट भरा और पब्लिक प्लेस पर रात बिताई।(पूरी खबर पढ़ें)
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गांव में अफीम की अवैध खेती को लेकर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि, मुख्य आरोपी विकास विश्नोई ने अफीम की खेती करना यूट्यूब वीडियो देखकर सीखा था। उसके मोबाइल की हिस्ट्री में खेती से लेकर अफीम तैयार करने और खपाने तक के सैकड़ों वीडियो मिले हैं। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि, उसने समोदा गांव में अफीम की खेती की और करीब 150 ग्राम अफीम दुर्ग से राजस्थान अपने गांव भी ले गया था। इस मामले में पुलिस ने भाजपा नेता विनायक ताम्रकार, विकास विश्नोई और मनीष ठाकुर को गिरफ्तार किया है। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अब कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जिले के सभी फार्म हाउस की जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने मौके से अफीम की फसल नष्ट कर दिया है। ट्रैक्टर, जेसीबी, हार्वेस्टर, बाइक, 7 बोरी डोडा, कृषि उपकरण और सीसीटीवी कैमरे समेत कई सामान जब्त किए हैं। देखिए तस्वीरें… 6 साल से दुर्ग में रह रहा था विश्नोई बताया जा रहा है कि, आरोपी विकास विश्नोई पिछले करीब 6 साल से दुर्ग में रह रहा था। वो भाजपा नेता विनायक ताम्रकार के कपास के फॉर्म हाउस में अपनी पत्नी के साथ रहता था। 3 मार्च को खेत में लगी अफीम की फसल की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई, तो पत्नी को दुर्ग से राजस्थान भेज दिया। दो दिनों की रिमांड पर तीनों आरोपी इस मामले में पुलिस ने आरोपी भाजपा नेता विनायक ताम्रकार, विकास विश्नोई और मनीष ठाकुर को मंगलवार को कोर्ट में दोबारा पेश किया गया। पहले रिमांड खत्म होने के बाद पुलिस ने दोबारा पूछताछ के लिए रिमांड मांगा। कोर्ट ने तीनों को दो दिन के लिए फिर से पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब उनसे अफीम की खेती से जुड़े दूसरे लोगों और नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है। जिले के सभी फॉर्म हाउस की होगी जांच अब जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है। दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने जिले में चल रहे सभी फॉर्म हाउस की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि, जिले के सभी तहसीलदार अपने-अपने इलाके के फॉर्म हाउस की जांच करें और उसकी रिपोर्ट सीधे उन्हें सौंपे। कलेक्टर ने विनायक ताम्रकार की जमीन का सर्वे करने वाले कर्मचारी शशिकांत साहू और पटवारी अनीता साहू को शोकॉज नोटिस भी जारी किया है। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि जमीन के सर्वे के दौरान इस तरह की खेती की जानकारी क्यों नहीं मिली। अब तक बड़ी मात्रा में जब्त हुई है सामग्री पुलिस ने कार्रवाई के दौरान अफीम की अवैध खेती से जुड़ी कई चीजें भी जब्त की है। इनमें खेती में इस्तेमाल हो रहे दो ट्रैक्टर, जमीन समतल करने के लिए इस्तेमाल की जा रही दो जेसीबी मशीन और एक हार्वेस्टर मशीन शामिल है। इसके अलावा आरोपियों के पास से दो बाइक भी मिली है। पुलिस को मौके से अफीम की खेती से जुड़ी 7 बोरी डोडा भी मिला है। साथ ही अफीम की खेती और उसे तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले कई कृषि औजार और उपकरण भी जब्त किए गए हैं। आरोपी के पास से पैन कार्ड, दूसरे व्यक्तिगत दस्तावेज और हिसाब-किताब की डायरी भी मिली है। खेत में सिंचाई के लिए इस्तेमाल हो रहे दो मोटर पंप और स्प्रिंकलर सिस्टम भी पुलिस ने जब्त किए हैं। इसके अलावा खेत की निगरानी के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। 5 एकड़ 62 डिसमिल में लगे थे अफीम के पौधे बता दें कि, ग्राम समोदा और झेनझरी के बीच स्थित फार्महाउस से करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में लगे अफीम के पौधे जब्त किए गए हैं। खेत से करीब 14 लाख 30 हजार पौधे बरामद किए गए हैं।जब्त पौधे की कीमत करीब 7.88 करोड़ रुपए आंकी गई है। पुलिस भू-स्वामी मुधमति बाला और प्रीति बाला से भी पूछताछ करेगी। जांच में सामने आया है कि राजस्थान के मजदूर ही काम संभाल रहे थे। इसके अलावा आरोपियों ने सुरक्षा के लिए बाउंसर भी तैनात किए गए थे। चारों ओर गेट लगाए गए थे, जिससे आम लोगों का अंदर जाना लगभग असंभव था। डिजिटल सर्वे में फार्महाउस में गेहूं और मक्का की खेती दिखाई गई थी। उसी की आड़ में अफीम उगाई जा रही थी। ……………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… 4 साल से 5 एकड़ में अफीम की खेती: दुर्ग फार्महाउस में तैनात रहते थे बाउंसर्स; भाजपा नेता ने डिजिटल सर्वे में गेहूं-मक्का दिखाया छत्तीसगढ़ के दुर्ग में पुलिस ने अफीम की खेती करते हुए भाजपा नेता विनायक ताम्रकर (पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष दुर्ग) सहित 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। ग्राम समोदा और झेनझरी के बीच स्थित फार्महाउस से करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में लगे अफीम के पौधे जब्त किए गए हैं। खेत से करीब 14 लाख 30 हजार पौधे बरामद किए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक मोबाइल शॉप से 16 आईफोन चोरी हो गए। चोर मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर दुकान में घुसा, फिर आईफोन और 30 हजार कैश समेत करीब 13.39 लाख रुपए की चोरी कर फरार हो गया। चोरी की वारदात CCTV कैमरे में कैद हो गई है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, शहर के गोपी टॉकीज रोड पर स्थित सेल स्पॉट मोबाइल दुकान का संचालन लक्ष्मीपुर निवासी मोहम्मद फारुख करता है। सोमवार रात दुकान बंद कर संचालक और स्टाफ घर चले गए थे। मंगलवार सुबह जब संचालक दुकान खोलने पहुंचा, तो शोकेस काउंटर में रखे मोबाइल अस्त-व्यस्त पड़े मिले। दूसरी मंजिल का ताला तोड़कर घुसा चोर दुकान की जांच करने पर दूसरी मंजिल के दरवाजे का लॉक टूटा हुआ मिला। इसके बाद CCTV फुटेज चेक करने पर पता चला कि चोर दूसरी मंजिल से ताला तोड़कर अंदर घुसा और ग्राउंड फ्लोर की दुकान से 16 आईफोन और दराज में रखे 30 हजार लेकर फरार हो गया। फुटेज में आरोपी मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर दुकान में घूमते और सामान बैग में भरते हुए नजर आ रहा है। CCTV फुटेज में आरोपी पिट्ठू बैग में मोबाइल भरकर ले जाते हुए दिखाई दे रहा है। चोरी की पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है। सीसीटीवी की फुटेज खंगाल रही पुलिस मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंचकर जांच की। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आसपास लगे और भी CCTV कैमरों की फुटेज खंगाले जा रहे हैं। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रहेगा इस मामले में शशि मोहन सिंह ने बताया कि, CCTV में दिख रहे संदिग्ध की तस्वीरें जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारियों और आसपास के जिलों में भेजी गई हैं। उन्होंने कहा कि किसी को आरोपी के बारे में जानकारी मिलती है, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम गोपनीय रखा जाएगा। …………………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… दीवार में 1 फीट छेद-कर 25 लाख के मोबाइल चोरी,VIDEO: महंगे आईफोन ले गए, सस्ते फेंके, कैश काउंटर-गोल्ड रिंग को हाथ तक नहीं लगाया अंबिकापुर शहर के गुदरी चौक स्थित गोलू मोबाइल शॉप में करीब 25 लाख रुपये की चोरी हुई है। 5 नवंबर की रात चोर दीवार के पीछे एक होल बनाकर अंदर घुसे और करीब 100 महंगे आईफोन और सैमसंग मोबाइल चोरी कर ले गए। जबकि सस्ती कंपनियों के फोन दुकान में ही छोड़ दिए। यह मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
राजस्थान क्राइम फाइल्स के पहले पार्ट-1 में आपने पढ़ा चूरू का 3 साल पुराना केस। शादीशुदा महिला शाहीन की लाश उसी के घर में मिली। चुन्नी से गला दबाकर हत्या की गई थी। परिवार वालों ने उसके शौहर पर दहेज हत्या का आरोप लगाया। पुलिस की जांच में सामने आया कि आदिल और शाहीन के बीच अनबन तो थी समझौता भी हो गया था। इसके अलावा आदिल का कहना था कि वारदात की रात वह झुंझुनूं में था। फिर पुलिस को एक क्लू मिलता है और पूरे मामले का सच सामने आ जाता है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… लव मैरिज की थी पुलिस के सामने अब तक जो कहानी सामने आई थी वो ये थी कि आदिल और शाहीन ने लव मैरिज की थी। शाहीन के परिवार वाले इस शादी से खुश नहीं थे। संभवत: इसीलिए उन्होंने आदिल पर ही दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाया हो। पुलिस के लिए पहले बन गया था हत्याकांड इधर,आदिल भी खुद को बेगुनाह बताते हुए वारदात की रात झुंझुनूं में होने का हवाला दे रहा था। पड़ोस के लोगों से पूछताछ में भी पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा। शाहीन हत्याकांड पुलिस के लिए पहेली बनता जा रहा था। आदिल का कहना था कि वह झुंझुनूं में था। पुलिस इस बात की जांच कर रही थी। इस दौरान एक सीसीटीवी फुटेज मिला। फुटेज में वारदात की रात 10 बजे आदिल पीली टीशर्ट और काली पैंट पहने नजर आ रहा था। फुटेज चूरू के ही एक पेट्रोल पंप का था। खुद को बचाने के लिए कहानी बनाई आदिल वहां अपने दोस्तों के साथ दिखा था। वो अपने दोस्तों के साथ सेल्फी भी ले रहा था। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद अब ये साफ हो गया था कि आदिल झूठ बोल रहा था। आदिल ने खुद को बचाने के लिए एक कहानी तैयार की थी। उसने पुलिस से कहा कि वह वारदात की रात झुंझुनूं में अपने फूफा के घर गया हुआ था। आदिल का सच सामने आने के बाद पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की। आदिल की निशानदेही पर एक लोहे के संदूक के नीचे छिपाया गया उसका मोबाइल पुलिस ने बरामद किया। आदिल के फोन से पुलिस को शाहीन के शव के पांच फोटो मिले। ये फोटो वारदात वाली रात 2 बजकर 18 मिनट से रात 2 बजकर 29 बजे के बीच खींची गई थीं। ये आदिल के खिलाफ बड़ा सबूत था। तफ्तीश में सामने आया कि शादी के कुछ सालों बाद आदिल के एक दूसरी लड़की से अवैध संबंध बन गए। यही आदिल और शाहीन के बीच विवाद का कारण बन गया था। शाहीन आदिल के इस अवैध संबंध का विरोध कर रही थी और यही विरोध उसकी मौत का कारण बन गया। इस मामले में कोर्ट ने तमाम सबूतों के आधार पर आदिल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। …. इस खबर का पार्ट-1 भी पढ़िए… बंद घर में पड़ी लाश पर चल रही थीं चींटियां:बहन का शव देखकर भाई के मुंह से निकली चीख, लव मैरिज की थी, पार्ट-1
फर्जी नंबर प्लेट लगी बाइक के 1 माह में 2 चालान कटे, मैसेज असल मालिक के मोबाइल पर आ रहा
भास्कर न्यूज | अमृतसर शहर में फर्जी नंबर प्लेट लगाकर बाइक चलाने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। ड्रीम सिटी विशंभरपुरा के रहने वाले तरलोचन सिंह की बाइक के नंबर पीबी-02-डीपी-9006 का इस्तेमाल कर कोई अज्ञात शख्स दूसरी बाइक पर शहर में घूम रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस फर्जी नंबर वाली बाइक पर ट्रैफिक पुलिस और थाना सी-डिवीजन पुलिस ने एक माह में 2 बार चालान भी कर दिया, लेकिन कागजात के बारे में नहीं पूछा। अब चालान के मैसेज असली मालिक तरलोचन सिंह के मोबाइल पर पहुंच रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि उसने इस मामले की शिकायत पुलिस अधिकारियों से की। एक माह से वह ट्रैफिक पुलिस, थाना और आरटीए कार्यालय के चक्कर काट रहा है फिर भी कार्रवाई नहीं हुई। मामले में ट्रैफिक एसीपी के रीडर जसप्रीत सिंह से बात की गई तो कहा कि उन्हें दूसरे चालान की जानकारी नहीं है और पहला चालान सी-डिवीजन पुलिस ने किया था। एडीसीपी ट्रैफिक अमनदीप कौर ने बताया कि इस मामले में वह खुद जांच करेंगे। फर्जी नंबर के साथ बाइक लेकर घूमने वाले को जरूर काबू किया जाएगा। तरलोचन सिंह ने बताया कि 3 फरवरी को उसके मोबाइल पर 1500 रुपए के ऑनलाइन चालान का मैसेज आया। यह चालान थाना सी-डिवीजन क्षेत्र में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर किया गया था। मैसेज देखते ही वह पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचा और रीडर के माध्यम से शिकायत दी कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसकी बाइक का नंबर दूसरी बाइक पर लगाकर चला रहा है। तरलोचन ने पुलिस को कहा कि वह बाइक चोरी की हो सकती है और भविष्य में कोई अपराध भी हो सकता है, इसलिए तुरंत कार्रवाई की जाए। शिकायत को 6 फरवरी को ट्रैफिक एसीपी परमिंदर सिंह के पास मार्क किया । पीड़ित जब ट्रैफिक पुलिस लाइन पहुंचा तो एसीपी के रीडर जसप्रीत सिंह ने उसे कहा कि चालान थाना सी-डिवीजन ने किया है, इसलिए वहां जाए। जब वह सी-डिवीजन थाना पहुंचा तो मुंशी ने कहा कि मामला ट्रैफिक पुलिस का है। इस तरह करीब 18 दिन तक वह दोनों दफ्तरों के चक्कर काटता रहा। मामला तब और गंभीर हो गया जब 21 फरवरी को हजार रुपए का दूसरा ऑनलाइन चालान का मैसेज मिला। इस बार चालान रणजीत एवेन्यू, अजनाला रोड चौक पर ट्रैफिक एएसआई गुरजीत सिंह ने किया था। चालान के साथ भेजी फोटो में बाइक और नंबर प्लेट साफ दिखाई दे रहे थे। तरलोचन ने तुरंत ट्रैफिक एसीपी के रीडर जसप्रीत सिंह को उसी दिन शाम को कॉल कर दूसरे चालान के बारे में बताया। रीडर ने अगले दिन आने को कहा। तरलोचन गया भी, लेकिन फिर से उसे टाल-मटोल किया गया। जब वह चालान करने वाले ट्रैफिक एएसआई गुरजीत सिंह से मिला तो उसने कहा कि उन्हें इस बारे में पहले कोई सूचना नहीं थी और उन्होंने बाइक के कागजात भी नहीं देखे। उन्होंने कहा कि आगे से ध्यान रखा जाएगा।
400 गुम मोबाइल यूपी-राजस्थान से ट्रेस कर मालिकों को लौटाए
भास्कर न्यूज | अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने यूपी-राजस्थान, उत्तराखंड और पंजाब के कई जिलों से गुम हुए 400 मोबाइल ट्रेर किए और मंगलवार को असल मालिकों को सौंपे। इससे पहले पहले चरण में 100 मोबाइल फोन और दूसरे चरण में 200 मोबाइल फोन लोगों को लौटाए गए थे, जबकि अब तीसरे चरण में 400 मोबाइल फोन मालिकों तक पहुंचाए गए हैं। सीपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि विभिन्न टीमों ने लगातार तकनीकी जांच और निगरानी के जरिए इन मोबाइल फोन का पता लगाया। बरामद किए गए 400 मोबाइल फोन अनुमानित कीमत करीब 85 लाख 20 हजार रुपए है। सीपी ने बताया कि तकनीकी निगरानी और सेंट्रल इक्विपमेंट अरईडेंटिटी रजिस्टर (सीईआईआर) सिस्टम की मदद से मोबाइल ट्रैक किए गए। विभिन्न राज्यों व जिलों से बरामद कर उनके मालिकों तक पहुंचाया। सीपी ने लोगों से अपील की है कि यदि उनका मोबाइल फोन गुम हो जाए तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या सांझ केंद्र में इसकी शिकायत दर्ज करवाएं। साथ ही दूरसंचार मंत्रालय की ओर से जारी सीईआईआर पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराएं। छेहर्टा के रहने वाले हिमांशु शर्मा ने बताया कि ढाई साल पहले सदर चौक पर मेरा मोबाइल गिर गया था। इसकी शिकायत थाना पुलिस को दी थी। जो शिकायत साइबर सैल के पास पहुंची। उन्हें मोबाइल का डिब्बा और बिल भी लिया था। तीन-चार महीनों तक मोबाइल मिल जाएगा, उसकी आस में था, लेकिन पुलिस की ओर से कोई रिप्लाई नहीं मिला। उम्मीद छोड़ दी थी। लेकिन ढाई साल के बाद उनका गुम हुआ मोबाइल मिल गया। ढपई की रोशनी ने बताया कि 2 माह पहले ऑटो रिक्शा में पर्स से उसका मोाबइल गिर गया था। सांझ केंद्र में शिकायत देने के बाद मोबाइल की सारी जानकारी साइबर सैल थाना पुलिस को दी गई। उसके बाद दुबई चली गई थी। कुछ दिन पहले ही लौटी है। पुलिस की ओर से जानकारी मिली कि उनका मोबाइल मिल गया है तो वह वापस लेने आई हैं।
महिला से 15 हजार और मोबाइल लेकर लुटेरे फरार
भास्कर न्यूज |लुधियाना शृंगार रोड इलाके में मोटरसाइकिल सवार दो बदमाशों ने एक महिला को निशाना बनाते हुए उसका पर्स झपट लिया और फरार हो गए। पर्स में मोबाइल, करीब 15 हजार रुपए और जरूरी दस्तावेज थे। इलाके में 24 घंटे के भीतर इस तरह की यह दूसरी वारदात होने से लोगों में चिंता बढ़ गई है। पीड़ित महिला की पहचान गुरु तेग बहादुर नगर निवासी रूपिंदर कौर के रूप में हुई है। रूपिंदर कौर के अनुसार वह जमालपुर से फील्डगंज मार्केट सामान खरीदने के लिए जा रही थीं। जब वह शृंगार रोड पर ओम ढाबा के पास पहुंचीं तो पीछे से मोटरसाइकिल पर आए दो युवकों ने अचानक उनके हाथ से पर्स झपट लिया और मौके से फरार हो गए। वारदात के बाद उन्होंने शोर मचाया तो आसपास मौजूद लोगों ने बदमाशों को पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन वह भाग गए। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस चौकी के इंचार्ज रवि कुमार ने बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है।
पत्नी से नाराज युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा
भास्कर न्यूज|पहाड़पुर थाना क्षेत्र में मंगलवार को उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया, जब बनकटवा गांव निवासी संजय कुमार पांडे के बड़े पुत्र मोहित पांडे पत्नी से नाराज होकर मेला चौक स्थित एयरटेल के मोबाइल टावर पर चढ़ गया और कूदकर जान देने की धमकी देने लगा। युवक के टावर पर चढ़ने की खबर मिलते ही आसपास के हजारों लोगों की भीड़ जुट गई। जानकारी के अनुसार मोहित पांडेय पारिवारिक विवाद को लेकर मानसिक रूप से परेशान बताया जा रहा है। इसी बात को लेकर मंगलवार को वह आक्रोशित हो गया और अचानक मेला चौक स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गया। टावर की ऊंचाई पर खड़े होकर युवक बार-बार नीचे कूदने की धमकी देने लगा। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की सांसें थम सी गईं और लोग उसे नीचे उतरने के लिए लगातार समझाते रहे। घटना की सूचना मिलते ही पहाड़पुर थानाध्यक्ष अजय कुमार पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने युवक को भरोसा दिलाया कि उसकी समस्या का समाधान करने की कोशिश की जाएगी। इसके बाद युवक टावर से नीचे उतर आया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पहाड़पुर थाना ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
महिला शिक्षा की अलख जगाने वाली और आधुनिक भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि के अवसर पर मंगलवार को चिड़ावा कॉलेज में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान समाज में शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समानता के स्वर मुखर हुए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद संतोष अहलावत उपस्थित रहीं, जिन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संघर्ष और साहस का प्रतीक है सावित्रीबाई का जीवन: संतोष अहलावत पूर्व सांसद संतोष अहलावत ने सावित्रीबाई फुले के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने उस दौर में महिलाओं और वंचितों के लिए शिक्षा के द्वार खोले, जब समाज में इसके प्रति घोर विरोध था। उनके द्वारा जलाया गया शिक्षा का दीप आज भी करोड़ों महिलाओं के जीवन को रोशन कर रहा है। अहलावत ने वर्तमान पीढ़ी को सचेत करते हुए कहा कि आज के युवाओं को मोबाइल की आभासी दुनिया और समय की बर्बादी से बाहर निकलना होगा। यदि हम वास्तव में सावित्रीबाई फुले को श्रद्धांजलि देना चाहते हैं, तो हमें कुछ नया और सकारात्मक करने का संकल्प लेना चाहिए। युवाओं की ऊर्जा ही समाज में वास्तविक परिवर्तन का आधार बनेगी। प्रतियोगिताओं के विजेताओं का हुआ सम्मान यह कार्यक्रम सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (भारत सरकार) के अधीन बाबू जगजीवन राम नेशनल फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया गया था। इस अवसर पर हाल ही में आयोजित हुई निबंध लेखन और चित्रकला प्रतियोगिताओं के परिणामों की घोषणा की गई। मुख्य अतिथियों ने विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और उनके कौशल की सराहना की। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां महाविद्यालय की छात्राओं ने सावित्रीबाई फुले के जीवन संघर्ष और उनके साहसी व्यक्तित्व पर आधारित कई मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। नाटकों और गीतों के माध्यम से दर्शाया गया कि किस प्रकार सावित्रीबाई ने सामाजिक कुरीतियों का सामना करते हुए नारी शिक्षा की नींव रखी। इन प्रस्तुतियों ने वहां मौजूद जनसमूह को भावुक करने के साथ-साथ प्रेरित भी किया। प्राचार्या रेखा कुलश्रेष्ठ ने कार्यक्रम अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई का जीवन समर्पण की एक अद्भुत मिसाल है और विद्यार्थियों को उनके आदर्शों को अपने चरित्र में ढालना चाहिए। पवन पूनिया (उपनिदेशक, सामाजिक न्याय विभाग) ने सरकारी योजनाओं और शिक्षा के माध्यम से सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने पर बल दिया। हिंमाशु सिंह (जिला जनसंपर्क अधिकारी) ने विद्यार्थियों को सूचना और सही ज्ञान के महत्व से अवगत कराया। सामूहिक संकल्प के साथ समापन कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी गणमान्य नागरिकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने समाज में शिक्षा के प्रचार-प्रसार और समानता की भावना को आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार प्रभुशरण तिवारी, शंभु पंवार, मनोज शर्मा, महेश आजाद, निर्मला शर्मा, पूनम जांगिड़, पूनम नुनिया, गुड्डी सोमरा, अभिषेक मुरारका सहित भारी संख्या में विद्यार्थी और नागरिक उपस्थित रहे।
लुधियाना में महिला का पर्स और मोबाइल छीना:नकदी और मोबाइल लेकर बदमाश फरार, CCTV फुटेज से तलाश
लुधियाना के शिंगार रोड इलाके में एक महिला से पर्स छीनने की घटना सामने आई है। मोटरसाइकिल सवार दो बदमाशों ने महिला का पर्स, मोबाइल फोन और 15 हजार रुपए नकद छीनकर फरार हो गए। यह 24 घंटे के भीतर इलाके में हुई दूसरी ऐसी घटना है। पीड़ित महिला की पहचान गुरु तेग बहादुर नगर निवासी रूपिंदर कौर के रूप में हुई है। रूपिंदर कौर जमालपुर से फिल्डगंज मार्केट सामान खरीदने जा रही थीं। शिंगार रोड पर ओम ढाबा के पास पहुंचने पर पीछे से आए दो मोटरसाइकिल सवार युवकों ने उनके हाथ से पर्स झपट लिया। नकदी और मोबाइल लेकर फरार महिला के अनुसार, पर्स में लगभग 15 हजार रुपए नकद, एक मोबाइल फोन और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। घटना के बाद महिला ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोगों ने बदमाशों को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वे तेज रफ्तार मोटरसाइकिल पर फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज से तलाश घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस चौकी के इंचार्ज रवि कुमार ने बताया कि घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। पुलिस ने की लोगों से अपील फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।पुलिस ने नागरिकों से ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।
मेरठ में मंगलवार को बाइकर्स गैंग ने कॉलेज जा रही छात्रा का मोबाइल छीन लिया और फरार हो गए। छात्र काफी दूर तक दौड़ी लेकिन बदमाश फरार हो गए। पुलिस छानबीन में जुटी है। जिस जगह यह घटना घटी पुलिस को वहां कोई चालू कैमरा नहीं मिला है। कई घंटे तक पुलिस ने वारदात को छिपाये रखा। पहले एक नजर डालते हैं वारदात पर नौचंदी थाना क्षेत्र की रहने वाली छात्रा सीसीएसयू केंपस से कोर्स कर रही है। मंगलवार को यह छात्रा घर से कॉलेज जाने के लिए निकली। आवास एवं विकास परिषद कार्यालय से आगे निकलते ही छात्रा का फोन बज गया। जैसे ही छात्रा ने फोन निकाल कर कान पर लगाया। अचानक पीछे से आए बाइक पर सवार बदमाशों ने झपट्टा मार कर मोबाइल छीन लिया। गढ़ रोड की तरफ भागे बदमाशकान पर लगे मोबाइल पर झपट्टा लगते ही छात्रा हक्की-बाकी रह गई। वह गिरती गिरती भी बची। अचानक वह चिल्लाई और बाइक सवार बदमाशों के पीछे की भागी। 10 सेकंड में बदमाश आंख से ओझल हो गए। छात्रा ने अपने परिजनों को सूचना दी। मोबाइल छीनन के बाद बदमा गढ़ रोड की तरफ भाग गए। छात्रों को लेकर थाने पहुंचे परिजन छात्रा से मोबाइल लूट की जानकारी मिलते ही उसके एक वकील रिश्तेदार मौके पर पहुंच गए। वह छात्रा को लेकर सीधे नौचंदी थाने आगे। यहां चौकी इंचार्ज को उन्होंने पूरी घटना के बारे में बताया। तहरीर लिखवाने के बाद चौकी इंचार्ज छात्र को लेकर घटनास्थल पर आ गए। घटनास्थल के आसपास खराब पड़े कैमरेचौकी इंचार्ज छात्रा को साथ लेकर सीसीटीवी कैमरे तलाशने लगे। चौकी इंचार्ज ने 5 से 6 कैमरे चिन्हित किए लेकिन आधे से ज्यादा खराब थे। जो चल भी रहे थे उनमें वारदात स्थल कैद नहीं हो रहा था। करीब 2 घंटे तक पुलिस मामले को छुपाए रही। चौकी इंचार्ज ने भी छात्रा को मीडिया के सामने नहीं जाने दिया।
अमृतसर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने करीब 400 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिए हैं। इन मोबाइल फोन की कुल कीमत लगभग 85 लाख रुपय बताई जा रही है। यह सभी मोबाइल अलग-अलग स्थानों से ट्रैक करके एकत्र किए गए थे। इस मौके पर अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि पुलिस विभाग हमेशा जनता के साथ बेहतर संबंध बनाए रखने और उनकी मदद करने को प्राथमिकता देता है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी पुलिस द्वारा दो बार विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए थे, जिनमें पहले 100 और फिर 200 मोबाइल फोन उनके मालिकों को लौटाए गए थे। अब तीसरे कार्यक्रम के तहत करीब 400 मोबाइल फोन वापस किए जा रहे हैं। मोबाइल खोने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील पुलिस कमिश्नर ने कहा कि मोबाइल फोन खोने से लोगों को सिर्फ फोन की कीमत का ही नुकसान नहीं होता, बल्कि उसमें मौजूद जरूरी डाटा भी खो सकता है, जो कई बार बहुत कीमती और महत्वपूर्ण होता है। इसलिए उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर किसी का मोबाइल फोन गुम हो जाए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि उसे जल्द से जल्द ट्रैक किया जा सके। CEIR पोर्टल से देशभर में ट्रैक किए गए फोन उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन को ट्रैक करने के लिए केंद्र सरकार के सीईआईआर पोर्टल की मदद ली गई। इस पोर्टल के जरिए पूरे देश में मोबाइल फोन को ट्रैक किया जा सकता है। इसी तकनीक की सहायता से कई मोबाइल पंजाब के अलग-अलग जिलों और अन्य राज्यों से भी बरामद किए गए। बरामद किए गए मोबाइल फोन में 13 आईफोन और 387 अलग-अलग कंपनियों के एंड्रॉयड फोन शामिल हैं। इन सभी मोबाइल फोन को साइबर पुलिस स्टेशन और अन्य थानों की टीमों ने मिलकर ट्रैक कर बरामद किया है। पुलिस कमिश्नर ने इस सफलता के लिए पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि पुलिस की मेहनत और तकनीक के सही उपयोग से लोगों की खोई हुई चीजें वापस मिलना संभव हो रहा है।
बरनाला जिला जेल में दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। ये फोन जेल के सेल ब्लॉक नंबर-01 के पीछे मिट्टी में दबे मिले। इस संबंध में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।पुलिस स्टेशन सिटी-1 बरनाला के एसएचओ लखविंदर सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट राजिंदरपाल की शिकायत पर की गई। शिकायत में जेल के सेल ब्लॉक के आसपास संदिग्ध गतिविधि का जिक्र था, जिसके बाद वहां खुदाई की गई। खुदाई के दौरान मिट्टी में दबा एक लिफाफा मिला, जिसमें दो कीपैड मोबाइल फोन थे। इनमें एक गोल्डन रंग का कोचड़िया कंपनी का फोन था, जिसमें बैटरी थी लेकिन सिम कार्ड नहीं था और सीरियल नंबर मिटाया हुआ था। जेल से दो मोबाइल फोन बरामद वहीं दूसरा ब्लैक रंग का सैमसंग कंपनी का फोन था, उसमें भी बैटरी थी पर सिम कार्ड और सीरियल नंबर गायब थे।ये दोनों मोबाइल फोन हैंडवार्डर कमलजीत सिंह ने बरामद किए। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये मोबाइल फोन जेल परिसर में किसने और किस मकसद से छिपाए थे।
रामनगरिया थाना पुलिस ने 7 साइबर ठगों कोकिया गिरफ्तार, 8 लैपटॉप-10 मोबाइल जब्त
रामनगरिया थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से साइबर अपराध में काम लिए गए आठ लैपटॉप व दस मोबाइल सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। गिरोह विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर ऑनलाइन ठगी को अंजाम देता था। डीसीपी ईस्ट संजीव नैन ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में मेलविन ऐग्नेल परेरा (मुंबई), फैसल पुटावाला व फैसल शेख (अहमदाबाद), पेटिनिलु सेब, प्रेम छैत्री, हिमाका यपतो और विकाय सुमी (नागालैंड) शामिल हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है। 6 मार्च को गश्त के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि श्रीकिशनपुरा, जगतपुरा स्थित पिंकसिटी एन्क्लेव के एक विला में कुछ युवक लैपटॉप और मोबाइल के माध्यम से अवैध गतिविधियों में संलिप्त हैं। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और वहां मौजूद सात युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच में उनके पास से 8 लैपटॉप, 10 मोबाइल, चार्जर, माउस, हेडफोन, वाईफाई डोंगल और अन्य उपकरण बरामद किए गए। थानाधिकारी चंद्रभान ने बताया कि आरोपी सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से विदेशी नागरिकों के संपर्क नंबर प्राप्त करते थे। इसके बाद एंटीवायरस संबंधी समस्या का समाधान करने या शक्ति वर्धक दवाइयों की सप्लाई का झांसा देकर उनसे पैसे वसूलते थे। आरोपी वर्चुअल नंबर और विभिन्न एप्लीकेशन के जरिए संपर्क कर पीड़ितों से यूएसडीटी के माध्यम से भुगतान लेते थे और बाद में इसे नकद में परिवर्तित कर लेते थे।
मोबाइल दुकान का शटर तोड़कर नगदी व मोबाइल चोरी:45 लाख का सामान ले गए चोर, चौकी से 400 मीटर दूर की घटना
लखनऊ के अलीगंज थानाक्षेत्र में गल्ला मंडी चौकी से महज 400 मीटर दूर एक मोबाइल की दुकान से चोरों ने 45 लाख का मोबाइल और नगदी पार कर दी। देर रात चोर दुकान का शटर तोड़कर अंदर घुसे और सामान लेकर गायब हो गए। पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। पुलिस अज्ञात चोरों की तलाश में जुटी है। जानकीपुरम गार्डन निवासी अंशिका गुप्ता पत्नी ऋषभ गुप्ता की पुरनिया तिराहा मान लॉन के सामने अलीगंज में मार्टिन टाउन नाम से मोबाइल की दुकान है। रविवार को दुकान बंद करके अंशिका घर चली गई। देर रात करीब 2:30 बजे तीन अज्ञात चोर बाइक से आए और शटर का ताला तोड़कर अंदर घुस गए। अंदर रखा 40 से 45 लाख का मोबाइल और 3 लाख 8 हजार नगदी लेकर फरार हो गए। सोमवार को सुबह करीब 9 बजे अंशिका के पिता दुकान खोलने पहुंचे तब घटना की जानकारी हुई। उन्होंने शटर का ताला टूटा और खुला देखा। शॉप के अंदर से मोबाइल फोन और नगद गायब मिला। जिसकी सूचना उन्होंने पुलिस को दी। चौकी से 400 मीटर दूर, सीसीटीवी में दिखे चोरदुकान में सीसीटीवी कैमरा लगा है। जिसमें एक बाइक से तीन लड़के आते दिखे हैं। दुकान की तरफ आने के बाद तीनों ने कैमरे का डायरेक्शन घुमा दिया। जिससे कोई उन्हें देख न सके। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी कैमरे की मदद से ही आरोपियों की तलाश में लगी है। वहीं गल्ला मंडी पुलिस चौकी भी महज 400 मीटर दूरी पर है और दुकान मेन रोड पर होने के बावजूद इतनी बड़ी घटना हुई। जिसने पुलिस की गश्त पर सवाल खड़ा किए हैं।
आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए सीवान में पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है। सोमवार को जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने समाहरणालय परिसर से चलंत चापाकल मरम्मति दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह दल जिले के सभी प्रखंडों में जाकर खराब पड़े चापाकलों की मरम्मति करेगा, ताकि गर्मी के दिनों में लोगों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े। लोक स्वास्थ्य प्रमंडल (PHED) सीवान की ओर से यह पहल की गई है। विभाग के अनुसार जिले के सभी 19 प्रखंडों में चापाकलों की मरम्मति के लिए विशेष चलंत मरम्मति दल का गठन किया गया है। ये दल प्रखंड स्तर पर लगातार भ्रमण करते हुए पंचायतों में खराब पड़े चापाकलों को दुरुस्त करने का कार्य करेंगे। ऑनलाइन एंट्री विभागीय पोर्टल पर दर्ज की जाएगी इस कार्य के लिए पंचायतवार रोस्टर तैयार किया गया है। मरम्मति दल का दायित्व होगा कि वह पंचायत के जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर बंद पड़े चापाकलों की सूची प्राप्त करे और उसके आधार पर प्राथमिकता के साथ मरम्मति कार्य कराए। मरम्मति कार्य पूरा होने के बाद उसकी ऑनलाइन एंट्री विभागीय पोर्टल पर दर्ज की जाएगी, ताकि कार्य की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। जिले में कुल 40,235 चापाकल स्थापित हैं, जिनमें 6,578 आईएम-II और आईएम-III श्रेणी के चापाकल तथा 33,697 साधारण चापाकल शामिल हैं। इनमें से फिलहाल 793 चापाकल मरम्मति योग्य पाए गए हैं, जिनमें 102 आईएम-II/आईएम-III तथा 691 साधारण चापाकल शामिल हैं। इन सभी को दुरुस्त करने के लिए मरम्मति दल लगातार दो महीने तक सक्रिय रहेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करने का लक्ष्य जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि गर्मी के मौसम से पहले सभी खराब चापाकलों को ठीक कर दिया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सके। साथ ही पेयजल से जुड़ी अन्य समस्याओं के समाधान के लिए भी विभाग तत्पर रहेगा। चापाकलों की मरम्मति से संबंधित शिकायतों के लिए लोक स्वास्थ्य प्रमंडल द्वारा नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है। इसके लिए दूरभाष संख्या 06154-242075 जारी की गई है। कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी सीवान ने बताया कि इस नंबर पर फोन कर आम लोग अपने क्षेत्र के खराब चापाकल की सूचना दे सकते हैं।
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के आदेशानुसार 14 मार्च (शनिवार) को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। नेशनल लोक अदालत में बीएसएनएल द्वारा उपभोक्ताओं की सुविधा हेतु जिला न्यायालय इंदौर एवं तहसील महू में बकाया लैंडलाइन, ब्रॉडबैंड, एफटीटीएच सहित मोबाइल पोस्टपेड बिल संबंधित प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का निपटान किया जाएगा। बीएसएनएल के उपभोक्ताओं द्वारा अपने बकाया बिलों की राशि लोक अदालत में जमा करने पर उन्हें नियमानुसार 10 से 50% की आकर्षक छूट का लाभ दिया जाएगा। उपभोक्ताओं के अनुरोध पर उन्हें पुनः लीज्ड सर्किट, लैंडलाइन, ब्रॉडबैंड एवं एफटीटीएच सहित मोबाइल सेवाएं प्रदाय की जाएंगी । बीएसएनएल के उपभोक्ता अपने बिल संबंधित प्रकरणों का बीएसएनएल नेहरू पार्क स्थित कार्यालय के राजस्व अनुभाग में भी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर समाधान/निपटान करवा सकते हैं।
टोंक जिला स्पेशल टीम ने कोतवाली क्षेत्र में अवैध हुक्काबार पर छापा मारा है। पुलिस ने मौके से 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 5 फ्लेवर युक्त हुक्के, 5 चिलम, 6 मोबाइल, 4 बाइक और कैश जब्त किया है। जिला स्पेशल टीम ने गिरफ्तार लोगों और जब्त सामग्री को आगे की कार्रवाई के लिए कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। जिला स्पेशल टीम के प्रभारी ओम प्रकाश चौधरी ने बताया- हेड कॉन्स्टेबल शरीफ मोहम्मद, कॉन्स्टेबल शिवपाल, प्रधान, रुकमकेश, राधाकिशन, राजेश कुमार और राधामोहन ने अवैध नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए टोंक शहर में कोतवाली थाना क्षेत्र में चल रहे अवैध हुक्का बार पर छापामार कार्रवाई की। पुलिस ने मौके से 6 व्यक्ति हुका बार संचालक मुद्दवीर पुत्र सिराज निवासी शेर अली खान की गली कोतवाली, मोहम्मद अनस पुत्र वाहिद निवासी रजबन कोतवाली, अनस पुत्र वहीदुद्दीन खान निवासी काली पलटन, इरफान पुत्र जमील निवासी पुरानी टोंक, शहजान पुत्र रईस निवासी पुरानी टोंक एवं हबीब पुत्र बुरखान मोहम्मद निवासी रजबन को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 5 फ्लेवर युक्त हुक्के, 5 चिलम, 6 मोबाइल, 4 बाइक और साढ़े 4 हजार कैश जब्त किया गया।
अजमेर में क्रोकरी की दुकान संचालित करने वाली महिला के ज्वैलर्स की ओर से धोखाधड़ी कर 10 लाख रुपए हड़पने का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला ने चांदी बेची और बकाया रकम नहीं लौटाई। अब आरोपी दुकान बंद कर फरार हो गए और उनके मोबाइल भी बंद है। पीड़िता ने कोतवाली थाने में शिकायत दी है। चांद बावडी अजमेर निवासी मंजू वाधवानी ने कोतवाली थाने में दी शिकायत में बताया-वह अपनी मां गीता वाधवानी के साथ न्यू कवंडसपूरा अजमेर में क्रोकरी की छोटी सी दुकान चलाती है। बिजनेस के लिए पुरानी चांदी बेचने के लिए 26 जनवरी 2026 को अपनी मां के साथ नया बाजार अजमेर स्थित टी.के. सर्राफ की दुकान पर गई। वहां पर वजन कराया, जो 4 किलो 420 ग्राम 900 मिलीग्राम थी। टीके सर्राफ के मालिक कालू भाई द्वारा उनकी ही दुकान के काउंटर पर व्यवसाय कर रहे उनके रिश्तेदार सुरेश सोनी एवं उसके पित्ता राजकुमार सोनी व विशाल सोनी जो 'रॉयल ज्वेलर्स' नाम से व्यवसाय कर रहे थे, के पास भेजा। इन्होंने चादी के उस दिन के बाजार भाव 3 लाख 43 हजार रुपए प्रति किलोग्राम के हिसाब से कुल 13 लाख 86 हजार 714 रुपए बताए। साढे़ तीन लाख नकद उसी दिन दे दिए बौर बकाया 10 लाख 36 हजार 714 दो तीन दिन में देने का भरोसा दिलाया। इसके बाद आए दिन कोई न कोई बहाना कर टालते रहे। 27 फरवरी 2026 को जब इनकी दुकान पर पहुंची तो दुकान बंद मिली, मोबइल फोन स्विच ऑफ मिला। जानकारी मिली कि ये लोग दुकान बंद कर फरार हो चुके हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया कि इन सभी ने मिलीभगत कर सोची समझी साजिश के तहत रुपए हड़पे और अब दुकान बन्द करके फरार हो गए। अत: धोखाधड़ी कर ठगी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इनके पासपोर्ट जब्त किए जाए, बैंक खातों को फ्रीज किया जाए। इन्होंने कई लोगों के करोड़ों हड़प कर लिए। पुलिस ने शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। …………. पढें ये खबर भी…. अजमेर के स्टैच्यू ऑफ ट्रूथ में बिना अनुमति स्थायी निर्माण:सार्वजनिक पार्क-ग्रीन एरिया में केवल प्रतिमा की थी अनुमति; शिकायत की अजमेर के जयपुर रोड स्थित स्टैच्यू ऑफ ट्रूथ के सार्वजनिक पार्क-ग्रीन एरिया में कथित रूप से स्थायी निर्माण करने और पार्क के मूल स्वरूप को नष्ट करने का आरोप है। इस संबंध में अजमेर के द्रुपद मलिक की ओर से जिला प्रशासन, अजमेर विकास प्राधिकरण, नगर निगम और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल सहित संबंधित अधिकारियों को शिकायत की गई है। शिकायत में मांग की गई है कि पार्क क्षेत्र में केवल प्रतिमा लगाने की अनुमति थी। अवैध व नियम विरूद्ध बने निर्माण को हटाया जाए। पूरी खबर पढें
लखनऊ में सोमवार को आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए फरियादियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने लोगों से प्रार्थना पत्र लेकर भरोसा दिलाया कि सरकार सभी शिकायतों का निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि लोग निश्चिंत होकर घर जाएं, उनकी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश मुख्यमंत्री ने जनपदों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से जुड़ी हर शिकायत का निस्तारण तय समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आम लोगों की समस्याओं के समाधान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। बच्चों को पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह जनता दर्शन के दौरान कुछ अभिभावक अपने बच्चों के साथ मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट दी और उनसे पढ़ाई के बारे में बातचीत की। एक बच्चे से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किताबें पढ़ने की आदत डालें और सोशल मीडिया का उपयोग जरूरत भर ही करें। उन्होंने कहा कि मोबाइल और सोशल मीडिया का अत्यधिक प्रयोग नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए पढ़ाई और सकारात्मक गतिविधियों पर अधिक ध्यान देना चाहिए। निवेश और उद्योग विकास में देरी स्वीकार नहीं कार्यक्रम में दो उद्यमियों ने भी मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रार्थना पत्र को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) और जिला प्रशासन को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निवेश और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बेहतर माहौल तैयार किया है और सिंगल विंडो सिस्टम सहित कई पारदर्शी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निवेश और उद्योग विकास से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और उद्यमियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा।
चार साल पहले जिस युवती से लव मैरिज कर लवकुश माहौर ने अपना घर बसाया था, उसी ने अपने दूसरे प्रेमी के लिए उसकी हत्या करवा दी। मुरैना जिले के सिहोनिया में हुए इस ब्लाइंड मर्डर का पुलिस ने चार दिन बाद खुलासा कर दिया है। सिहोनिया पुलिस ने मामले में मृतक की पत्नी खुशी माहौर और उसके पड़ोसी प्रेमी विक्रम परमार को गिरफ्तार कर हत्या का केस दर्ज किया है। वारदात में इस्तेमाल किया गया कट्टा भी बरामद कर दोनों को जेल भेज दिया गया है। जांच में सामने आया कि लवकुश की पत्नी खुशी माहौर का अपने ही मोहल्ले में रहने वाले युवक विक्रम परमार से अफेयर हो गया था। दोनों साथ रहना चाहते थे, लेकिन लवकुश उनके रिश्ते के बीच आ रहा था। इसी वजह से दोनों ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। 3 मार्च की रात जब लवकुश अपने घर में सो रहा था, तभी विक्रम छत के रास्ते घर में घुसा और सोते हुए उसे कट्टे से गोली मार दी। इसके बाद वारदात को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश भी की गई। मृतक की बहन द्वारा आरोपी को भागते देखने और मोबाइल चैट सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर साजिश का पर्दाफाश हुआ और पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दैनिक भास्कर की टीम मुरैना से करीब 35 किमी दूर सिहोनिया पहुंची और मृतक लवकुश माहौर के परिजन से बातचीत की। परिजन का कहना है कि बेटे की बेरहमी से हत्या की गई है, इसलिए आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… अब पढ़िए सिलसिलेवार पूरा मामला… शादी में मिले लवकुश और खुशी, फिर किया प्रेम विवाह मृतक लवकुश माहौर के भाई अनिल माहौर के अनुसार लवकुश और उसकी पत्नी खुशी माहौर की शादी प्रेम विवाह था। 31 मई 2022 को अंबाह के बडफरा गांव निवासी गणेशी माहौर की बेटी खुशी माहौर और सिहोनिया निवासी अशोक माहौर के बेटे लवकुश माहौर की शादी हुई थी। बताया गया है कि खुशी और लवकुश की मुलाकात एक रिश्तेदारी की शादी में हुई थी। वहीं से दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। इसके बाद खुशी के परिजनों ने लवकुश के परिवार से संपर्क किया। कुछ समय बाद दोनों परिवार भी इस रिश्ते के लिए तैयार हो गए और उनकी शादी करा दी गई। सूरत की हीरा फैक्ट्री में काम करता था लवकुश शादी के बाद लवकुश माहौर रोजगार की तलाश में गुजरात के सूरत चला गया। वहां वह हीरा बनाने की एक फैक्ट्री में मजदूरी करने लगा। काम के कारण वह ज्यादातर समय सूरत में ही रहता था और बीच-बीच में अपने गांव सिहोनिया आता था। कभी-कभी उसकी पत्नी खुशी भी सूरत अपने पति के पास चली जाती थी। इसी दौरान पति की गैरमौजूदगी में खुशी का संपर्क पड़ोस में रहने वाले युवक विक्रम परमार से हो गया। पहले दोनों के बीच मोबाइल पर बातचीत शुरू हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच अफेयर हो गया। बताया जाता है कि जब खुशी अपने पति के पास सूरत जाती थी तो विक्रम भी उसके साथ वहां पहुंच जाता था। लवकुश दिनभर हीरा फैक्ट्री में काम पर रहता था। वहीं, खुशी विक्रम को अपने पास बुला लेती थी और दोनों साथ में समय बिताते थे। 18 दिन पहले बेटे का जन्म, परिवार में छाई थी खुशी खुशी माहौर ने 18 फरवरी को एक बेटे को जन्म दिया था। इस मौके पर लवकुश सूरत से अपने गांव सिहोनिया वापस आया था। बेटे के जन्म से परिवार में खुशी का माहौल था और सभी लोग काफी खुश थे। होली का त्योहार भी नजदीक था, इसलिए लवकुश ने होली के बाद वापस सूरत जाने का मन बनाया था। लेकिन उससे पहले ही उसकी हत्या की साजिश रच दी गई। पत्नी के साथ कमरे में सो रहा था लवकुश, रात में चली गोली सिहोनिया गांव निवासी अशोक माहौर का 25 वर्षीय बेटा लवकुश माहौर 3 मार्च की रात गोली लगने से संदिग्ध हालत में मृत पाया गया। उस समय लवकुश अपनी पत्नी खुशी माहौर के साथ कमरे में सो रहा था। घटना के बाद कमरे में मौजूद पत्नी खुशी ने इसे आत्महत्या बताया। हालांकि घर के आंगन में सो रही मृतक की बहन ने पड़ोसी युवक विक्रम परमार को छत के रास्ते भागते हुए देखा था। उसने तुरंत यह बात परिजनों और पुलिस को बताई। घटनास्थल की स्थिति देखकर पुलिस को भी मामला संदिग्ध लगा। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और धीरे-धीरे पूरे मामले की परतें खुलती चली गईं। करीब चार दिन बाद पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा कर दिया। मोबाइल चैट से मिला सुराग, दोनों की सेल्फी भी मिली जांच के दौरान पुलिस को आरोपी विक्रम परमार अपने घर में सोता हुआ मिला। इस वजह से शुरुआत में उस पर ज्यादा शक नहीं किया गया। लेकिन मृतक की बहन लगातार विक्रम का नाम ले रही थी। इसके बाद पुलिस ने जब विक्रम का मोबाइल चेक किया तो उसमें मृतक की पत्नी खुशी माहौर के साथ उसकी वॉट्सऐप चैट मिली। इस चैट में खुशी उसे रात में अपने कमरे में बुलाती थी। इसके अलावा दोनों की कुछ सेल्फी भी मिलीं, जिनसे उनके बीच नजदीकी संबंध होने के संकेत मिले। यह चैट एक महीने पुरानी बताई जा रही है। इसी चैट और दोनों की सेल्फी के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और विक्रम को राउंडअप किया। पढ़िए चैट… पीछे के रास्ते से आता था, मिलकर रची हत्या की साजिश पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विक्रम परमार अपनी प्रेमिका खुशी माहौर से मिलने अक्सर घर के पीछे के रास्ते से आता था। गांव में बने पुराने मकानों की छतें ज्यादा ऊंची नहीं हैं। घर के पीछे बनी बाउंड्री के सहारे वह पहले छत पर चढ़ जाता था। छत से नीचे सीढ़ियों के पास ही खुशी और लवकुश का कमरा था। इसी रास्ते से 3 मार्च की रात भी विक्रम घर में घुसा। बताया जाता है कि कमरे का दरवाजा खुशी ने ही खोला था। कमरे में पहुंचकर विक्रम ने पहले बच्चे को गोद में लिया और कुछ देर तक उसे सहलाया। इसके बाद उसने सोते हुए लवकुश पर कट्टे से गोली चला दी और वहां से भाग गया। जांच में यह भी सामने आया कि खुशी माहौर और विक्रम परमार के बीच प्रेम संबंध काफी गहरा हो चुका था। दोनों साथ भागकर रहने की योजना बना रहे थे, लेकिन खुशी को डर था कि वे पकड़े जाएंगे। इसके बाद दोनों ने फैसला किया कि लवकुश को रास्ते से हटाना ही बेहतर होगा। खुशी ने विक्रम से कहा था कि डिलीवरी के समय लवकुश घर आएगा, तभी उसे मार देना। इसी योजना के तहत लवकुश की हत्या की साजिश रची गई। बहन नंदनी बोली- गोली की आवाज सुनी, विक्रम को भागते देखा मृतक की बहन नंदनी के अनुसार 3 मार्च की सुबह करीब 3 बजे वह घर के आंगन में सो रही थी। तभी उसे गोली चलने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर वह उठी तो देखा कि पड़ोसी विक्रम परमार उसके भाई-भाभी के कमरे से निकलकर भाग रहा है और छत के रास्ते पीछे की ओर चला गया। नंदनी ने तुरंत शोर मचाया, जिससे घर के बाकी लोग भी जाग गए और सभी कमरे की ओर दौड़े। जब कमरे में पहुंचे तो भाई को गोली लगी थी वह मर चुका था। बार-बार बदलते बयान से खुला हत्या का राज सिहोनिया थाना प्रभारी अतुल परिहार के अनुसार 3 मार्च को पुलिस को लवकुश माहौर को गोली लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पुलिस को कमरे की स्थिति और वहां मौजूद पत्नी खुशी माहौर के बयान आपस में मेल नहीं खाते नजर आए, जिससे मामला संदिग्ध लगने लगा। मृतक की बहन ने शुरू से ही पड़ोसी युवक विक्रम परमार का नाम लिया था। हालांकि जब पुलिस उसके घर पहुंची तो वह वहां सोता हुआ मिला, जिससे कुछ समय के लिए उस पर शक कम हो गया। बाद में जब पुलिस ने विक्रम का मोबाइल चेक किया तो उसमें मृतक की पत्नी खुशी माहौर के साथ उसकी वॉट्सऐप चैट मिली। इसके बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई। पूछताछ में सामने आया कि खुशी काफी चालाकी से विक्रम से संपर्क करती थी। वह चैट करने के बाद मैसेज डिलीट कर देती थी और कई बार उसे ब्लॉक भी कर देती थी, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस के अनुसार घटना की रात भी दोनों की पहले से योजना थी। खुशी ने विक्रम को कट्टा लेकर घर बुलाया और कमरे में सो रहे लवकुश पर गोली चलवा दी। पुलिस ने आरोपी पत्नी खुशी माहौर और उसके प्रेमी विक्रम परमार को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में इस्तेमाल किया गया कट्टा भी जब्त कर लिया गया है और दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। ये खबर भी पढ़ें… झाबुआ में रील बनाने से मना किया तो पति को मार डाला झाबुआ में पत्नी बारात में रील नहीं बनाने देने पर इस कदर नाराज हुई कि पति की हत्या कर दी। वह भी शादी की पगड़ी से गला घोंटकर। इसके लिए यूट्यूब देखकर पूरी प्लानिंग की। वारदात थांदला थाना इलाके में 28 जनवरी की है। पुलिस ने मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए नाबालिग पत्नी को अभिरक्षा में ले लिया है। पूरी खबर पढ़ें…
जेल में हवालाती से मोबाइल बरामद
शहर के केंद्रीय जेल में चेकिंग के दौरान एक हवालाती के बैरक से मोबाइल फोन बरामद हुआ है। जानकारी के अनुसार जेल सुपरिंटेंडेंट सुरजीत सिंह की अगुवाई में जेल में नियमित चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान एक बैरक की तलाशी लेने पर हवालाती अंकित भूरी पुत्र अजमेर सिंह निवासी शहीद भगत सिंह नगर के पास से मोबाइल फोन बरामद हुआ। मामले की सूचना मिलने के बाद डिवीजन-7 की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि अंकित भूरी कुछ महीने पहले नशा तस्करी के मामले में गिरफ्तार होकर जेल में बंद है। अब उसके पास से मोबाइल मिलने के मामले में भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
कुरुक्षेत्र जिले के एक्सिस बैंक इस्माइलाबाद के पूर्व ब्रांच हेड पर फर्जी मोबाइल और ईमेल अपडेट कर कस्टमर के अकाउंट से सवा 2 करोड़ रुपए ट्रांसफर करने का आरोप लगा है। आरोपी पूर्व ब्रांच हेड ने बगैर कस्टमर की मर्जी के बिना अकाउंट में अपडेशन की। आरोपी ने अपनी पत्नी के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर किए तो मामला खुल गया। मौजूदा ब्रांच हेड अचिन मनोचा ने बताया कि चंडीगढ़ की अशा किरण टिक्कू के उनकी ब्रांच में 3 अकाउंट हैं। पिछले साल 14 जुलाई को उनके अकांउट के मोबाइल नंबर और ईमेल चेंज हो गए। यह बदलाव उनकी मर्जी के बिना हुए थे। उन्होंने जांच करवाई तो उनके अकाउंट से 19 से 22 जुलाई के बीच उनके एक अकाउंट से 1.70 करोड़ और दूसरे से 56 लाख रुपए ट्रांसफर हुए। दो अकाउंट में गए पैसे इसमें 95 लाख रुपए IMPS से चीका ब्रांच के राधा कृष्ण ट्रेडिंग कंपनी के ओडी अकाउंट और बाकी 1.31 करोड़ RTGS-IMPS से ICICI बैंक अंबाला ब्रांच के सरबजीत सिंह के अकाउंट में ट्रांसफर हुए थे। मामला जानकारी में आते ही बैंक ने फौरन एक्शन लिया। चीका ब्रांच में 95 लाख पर लियन मार्क किया और सरबजीत के अकाउंट पर 1.31 करोड़ फ्रीज कर दिए गए। आरोपी की पत्नी के अकाउंट में ट्रांसफर इसके अलावा 40 लाख और ट्रांसफर हुए। यह रकम आरोपी देवी दयाल की पत्नी निधि के अकाउंट में ट्रांसफर हुए थे। बैंक ने वहां भी डेबिट फ्रीज लगवा दिया। बैंक की कार्रवाई से करीब 2.25 करोड़ रिकवर हो गए थे, लेकिन एक लाख रुपए रिकवर हो पाए। इस मामले को लेकर आरोपी देवी दयाल से पूछताछ हुई थी। अब पुलिस कर रही मामले की जांच उधर, थाना इस्माइलाबाद के SHO दिनेश कुमार ने बताया कि ब्रांच हेड अचिन मनोचा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी पूर्व ब्रांच हेड देवी दयाल के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हालांकि बैंक ने अपनी जांच करने के बाद पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
गयाजी में चोरी के मोबाइल के साथ बदमाश अरेस्ट:फोन की कीमत 12 हजार रुपए, यात्रियों को बनाता था निशाना
गया. रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत गया रेलवे स्टेशन से एक युवक को चोरी के मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब 12 हजार रुपये बताई गई है। आज आरपीएफ पोस्ट गया के उप निरीक्षक विकास कुमार के नेतृत्व में प्रधान आरक्षी संजय कुमार राय, आरक्षी विकास कुमार, आरक्षी आलोक कुमार सक्सेना और आरक्षी दीपक कुमार ओझा (सीआईबी गया) की टीम संयुक्त रूप से गया रेलवे स्टेशन परिसर में गश्ती अभियान चला रही थी। इस दौरान सीपीडीएस गया के उप निरीक्षक मुकेश कुमार और जीआरपी गया के जवान भी टीम के साथ मौजूद थे। गश्ती के क्रम में टीम जब गया रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 01 बी के दिल्ली छोर की ओर पहुंची, तो वहां एक युवक संदिग्ध अवस्था में घूमता हुआ दिखाई दिया। पुलिस टीम को देखकर उसकी गतिविधियां और अधिक संदिग्ध प्रतीत हुईं, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोककर पूछताछ की। रेडमी कंपनी का एक मोबाइल फोन बरामद पूछताछ के दौरान युवक ने अपना नाम चिंटू कुमार (22) पिता अरविंद सिंह, निवासी ग्राम बनियाडीह, थाना वजीरगंज, जिला गया, बिहार बताया। सुरक्षा बलों की ओर से उसकी तलाशी ली गई, जिसमें उसके पास से रेडमी कंपनी का एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। पूछताछ में युवक ने स्वीकार किया कि यह मोबाइल उसने एक यात्री से चोरी किया था। इसके बाद आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को बरामद मोबाइल के साथ जीआरपी थाना गया के हवाले कर दिया। मामले में कांड संख्या 67/2026, दिनांक 06 मार्च 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317(5) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और स्टेशन परिसर में होने वाली चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत लगातार निगरानी और गश्ती अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा सके। आरपीएफ ने यात्रियों से भी अपील की है कि यात्रा के दौरान अपने सामान की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत रेलवे सुरक्षा बल या जीआरपी को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
धमतरी में शराब दुकान के पीछे 9 जुआरी गिरफ्तार:पुलिस ने 58 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन किए जब्त
धमतरी जिले में पुलिस ने शराब दुकान के पीछे जुआ खेल रहे नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। अर्जुनी थाना क्षेत्र के ग्राम आमदी में हुई इस कार्रवाई में जुआरियों के कब्जे से 58,100 रुपये का सामान जब्त किया गया, जिसमें नकद राशि, मोबाइल फोन शामिल हैं। कुछ लोगों ने पुलिस को सूचित किया था कि जुआरी रुपये-पैसों का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए अर्जुनी पुलिस की एक टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दबिश दी। लोगों की सुचना के आधार पर रंगे हाथ पकड़े गए जुआरी दबिश के दौरान मौके पर नौ जुआरी जुआ खेलते हुए पाए गए, जिन्हें पुलिस टीम ने रंगे हाथों पकड़ा। आरोपियों के पास से कुल 23,100 रुपये नकद और सात मोबाइल फोन जब्त किए गए। जब्त किए गए सामान का कुल मूल्य 58,100 रुपये आंका गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शेखर साहू (33 वर्ष, ग्राम भानपुरी), द्वारिका साहू (26 वर्ष, ग्राम आमदी), टिमेश साहू (27 वर्ष, ग्राम आमदी), सोमेश्वर पटेल (30 वर्ष, ग्राम पेण्डरवानी), धनेश्वर चंदेल (42 वर्ष, ग्राम पलारी), टीकम महार (33 वर्ष, ग्राम परसतराई), गोकुल राम साहू (36 वर्ष, ग्राम परसतराई), पवन कुमार सतनामी (50 वर्ष, ग्राम पलारी) और भूपेन्द्र सेन (27 वर्ष, रत्नाबांधा, धमतरी) शामिल हैं।
गोविंद नगर स्थित दुर्गा मंदिर से दानपात्र चोरी करने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। डीसीपी साउथ ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि दानपात्र चोरी करने के बाद आरोपियों ने पांच–पांच हजार रुपए बांटें, मोबाइल फोन खरीदा और शराब पीने में पैसा खर्च किया था। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की जाएगी। 6 मार्च को 13 ब्लॉक स्थित दुर्गा मंदिर की खिड़की का ग्रिल काट कर चोरों ने मंदिर का दानपात्र चोरी कर लिया था। अगले दिन मंदिर से दानपात्र गायब मिलने पर पुजारी ने पुलिस को सूचना दी थी। गोविंद नगर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें तीन आरोपी कैद हो गए थे। पुलिस ने 100 सीसीटीवी खंगाली डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि दान पात्र में तकरीबन 20 हजार रुपए थे, जिसमें से पांच–पांच हजार रुपए आरोपियों ने बांट लिए थे। पुलिस ने करीब 110 सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर रामआसरे नगर कच्ची बस्ती निवासी छोटू कुमार, सुमित बाल्मीकी व गुजैनी एफ ब्लॉक निवासी कृष्णा उर्फ उत्कर्ष शुक्ला को गिरफ्तार किया है। चोरी की रकम से कृष्णा ने 2500 रुपए का एक मोबाइल फोन खरीदा था, जिसे बरामद किया गया है। बंटवारे के बाद बची रकम आरोपियों ने शराब में उड़ाई थी। रेलवे मैदान से दानपात्र बरामदआरोपियों ने दान पात्र निराला नगर स्थित रेलवे ग्राउंड में फेंक दिया था, जिसे बरामद कर लिया गया है। आरोपी छोटू और सुमित के खिलाफ गोविंद नगर थाने में तीन–तीन व कृष्णा के खिलाफ गोविंद नगर और बर्रा थाने में दो मुकदमे दर्ज है। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब के बरनाला जिले की जिला जेल में तलाशी के दौरान तीन लावारिस मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेल प्रशासन की शिकायत पर सिटी बरनाला पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, शाम करीब 06:30 बजे जिला जेल बरनाला की सेल नंबर 03 में तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान कीपैड वाले दो लावारिस मोबाइल फोन मिले। जेल प्रशासन ने जब इन फोनों के बारे में कैदियों से पूछताछ की, तो किसी ने भी इन्हें अपना नहीं बताया। असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट विकास शर्मा ने पुलिस स्टेशन सिटी बरनाला को लिखित सूचना भेजी। दोबारा अभियान चलाया तो फिर मिला फोन इसी बीच, दोपहर लगभग 03:10 बजे जेल परिसर में एक और तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान सेल नंबर 01 के बाथरूम की खिड़की के पास से कीपैड वाला एक और लावारिस मोबाइल फोन बरामद हुआ। इस मोबाइल फोन के बारे में भी किसी कैदी या कर्मचारी ने कोई जानकारी नहीं दी, जिसके बाद इसे भी लावारिस मानते हुए पुलिस को सौंप दिया गया। जेल के अंदर मोबाइल फोन का मिलना सुरक्षा के लिहाज से एक गंभीर मामला है, क्योंकि जेल नियमों के अनुसार कैदियों के पास मोबाइल फोन रखना सख्त मना है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि ये मोबाइल फोन जेल के अंदर कैसे पहुंचे और इस मामले में कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस ने बताया कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अबोहर नगर थाना पुलिस ने अबोहर में लूटपाट की वारदातों को अंजाम देने वाले एक गिरोह को 24 घंटे के भीतर काबू कर लिया है। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली ड्राइवर से लूटपाट के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन्हें कोर्ट में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। नगर थाना प्रभारी रविंदर सिंह भीटी ने बताया कि फाजिल्का के गांव मुहार खीवा निवासी हरप्रीत सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी। हरप्रीत ने बताया कि 5 मार्च की रात करीब 9 बजे वह सादुलशहर से अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली पर गांव लौट रहा था। पुलिस आरोपियों से कर रही पूछताछ मलोट रोड स्थित पाली के ढाबे के पास पांच हथियारबंद युवकों ने उसे रोक लिया। आरोपियों ने हरप्रीत सिंह के साथ मारपीट कर उसे घायल कर दिया। वे ट्रैक्टर-ट्रॉली के किराए के 20 हजार रुपए और उसका मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गुरविंदर सिंह उर्फ सेठी, साजन, विशाल, गगनदीप उर्फ गग्गू सभी निवासी पंजपीर और रामदीन निवासी इंद्रा नगरी को गिरफ्तार किया। थाना प्रभारी ने बताया कि रिमांड के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ की जाएगी। पुलिस को उनसे लूटपाट की अन्य वारदातों का भी खुलासा होने की संभावना है।
आजमगढ़ के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने जिले में मोबाइल रिकवर करने का अभियान चलाया हुआ है। इस अभियान के तहत 154 मोबाइल फोन रिकवर किए गए हैं, जिनकी कीमत 38 लाख रुपए से अधिक की बताई जा रही है। फरवरी 2024 से शुरू हुई है। इस अभियान के अंतर्गत अभी तक 3179 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। जिनकी कीमत लगभग 8 करोड रुपए बताई गई है। इन मोबाइल फोन को उनके स्वामियों के सुपुर्द किया गया है। जिले के पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने सभी उपभोक्ताओं को उनके मोबाइल फोन सौंपे। लगातार चल रहा है अभियान एसपी ग्रामीण चिराग जैन का कहना है कि मोबाइल रिकवर करने का अभियान लगातार चल रहा है। इस अभियान के क्रम में गुमशुदा मोबाइल धारकों द्वारा सीईआईआर पोर्टल पर आनलाइन अपनी शिकायत दर्ज की जाती है। जिन्हे बरामद करने हेतु सीसीटीएनएस प्रभारी जनपद आजमगढ़ को निर्देशित किया गया था। माह फरवरी 2024 से गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी हेतु अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें गुमशुदा मोबाइल धारकों द्वारा सीईआईआर पोर्टल पर आनलाइन अपनी शिकायत दर्ज की जाती है। फरवरी 2026 में आजमगढ़ पुलिस द्वारा जनपद में खोए हुए कुल 154 एण्ड्रायड मोबाइल फोन (कीमत लगभग 38.50 लाख रूपये) को सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से बरामद किया गया हैं। वर्ष 2026 में आजमगढ़ पुलिस द्वारा कुल 351 एण्ड्रायड मोबाइल फोन को बरामद कर मोबाइल फोन स्वामियों को सुपुर्द किया गया है। इस प्रकार विगत 25 माह में कुल 3179 एण्ड्रायड मोबाइल फोन (कीमत लगभग 7.885 करोड़ रूपये) को बरामद कर मोबाइल फोन स्वामियों को सुपुर्द किया गया है।
फ्लैट में फंदे से लटका मिला युवक, मोबाइल में मिला सुसाइड नोट
जयपुर | करणी विहार थाना इलाके में एक युवक के आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। युवक अपने फ्लैट में रस्सी के फंदे से लटका मिला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए कांवटिया अस्पताल की मॉर्चरी भिजवाया। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार शाम शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने िरपोर्ट दर्ज कर आत्महत्या के कारणों की जांच शुरू कर दी। एसआई कालूराम के अनुसार जालोर निवासी राजू राम विश्नोई (26) पुत्र आशुराम करणी विहार क्षेत्र स्थित श्याम हाइट्स अपार्टमेंट के एक फ्लैट में अपनी बहन के साथ रहता था। वह चौड़ा रास्ता स्थित एक ज्वेलरी शॉप पर काम करता था। होली के त्योहार के चलते उसकी बहन गांव गई हुई थी, जिसके कारण वह फ्लैट में अकेला रह रहा था। इसी दौरान गुरुवार सुबह उसने कमरे में रस्सी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे तक युवक के फ्लैट से बाहर नहीं आने पर आसपास के लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। मृतक के जीजा श्रीराम ने बताया कि राजू राम ने आत्महत्या से पहले अपने मोबाइल फोन में सुसाइड नोट लिखा था। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर लिया है और उसमें दर्ज जानकारी के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत बिगाड़ देगी सेहत, शरीर बन जाएगा बीमारियों का घर
हाई टेक्नोलॉजी की दुनिया में लोगों के लिए मोबाइल से 5 मिनट भी दूर रह पाना मुश्किल है। रील देखने और सोशल मीडिया चलाने की लत इतनी ज्यादा लग चुकी है कि लोग टॉयलेट में भी मोबाइल को अपने साथ लेकर जाते हैं और जरूरत से ज्यादा समय वही बिता देते हैं।
महिलाओं के मोबाइल पर बैन : जब चौपाल संविधान से ऊपर बैठ जाए
राजस्थान के जालोर जिले के जसवंतपुरा क्षेत्र के गाजीपुरा गांव में आयोजित एक सामाजिक पंचायत के पंच-पटेलों ने महिलाओं और बेटियों के लिए कैमरा युक्त मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया। महिलाएं मोबाइल फोन को सार्वजनिक समारोहों के साथ-साथ पड़ोसियों के घर जाने के दौरान भी नहीं ले जा सकेंगी। यह पाबंदी किसी ... Read more
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

