भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) अपने ऑफिशियल ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के जरिए कस्टमर्स को स्पेशल, आसानी से याद रहने वाले मोबाइल नंबर खरीदने का मौका दे रहा है जिन्हें आमतौर पर VIP, फैंसी या वैनिटी नंबर के नाम से जाना जाता है.
कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में इलाज की प्रक्रिया अब पहले से कहीं अधिक आसान, तेज़ और मरीजों के लिए अच्छी हो गई है। आधुनिक डिजिटल व्यवस्था के लागू होने से अब मरीजों को डॉक्टर को दिखाने, जांच करवाने और फिर रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए बार-बार अस्पताल के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मरीजों की सुविधा और समय की बचत को ध्यान में रखते हुए पूरी व्यवस्था को तकनीक-सक्षम, पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाया गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं अब एक क्लिक पर सुलभ होंगी। जांच पर्ची के साथ मरीज को यूनीक बारकोड मिलेगा नई व्यवस्था अनुसार, जब कोई मरीज अस्पताल परामर्श के लिए आता है, तो उसे गेट नंबर-2 से प्रिस्क्रिप्शन बनाकर संबंधित डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद गेट नंबर एक पर जाकर जांच की पर्ची बनवानी होगी। यहां पर जांच पर्ची के साथ मरीज को एक यूनीक बारकोड स्टिकर दिया जाएगा। जिसे लेकर सीधे लैब में जांच के लिए जाया जा सकेगा। इस बारकोड सिस्टम से मरीज की पहचान, जांच विवरण और रिपोर्ट का डेटा सुरक्षित रूप से दर्ज हो सकेगा। बारकोड स्टिकर में मरीज का नाम, HID नंबर, बिलिंग आईडी विभाग, OPD/IPD स्थिति और बारकोड जनरेट तिथि अंकित होगी। लैब में जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगी अपलोड लैब में जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट जैसे ही रिलीज होगी, वह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर दी जाएगी। मरीज गूगल प्ले स्टोर या IOS ऐप स्टोर से IHMS Online Report Application डाउनलोड कर आवश्यक विवरण भरकर अपनी रिपोर्ट मोबाइल पर देख डाउनलोड कर सकेगा। इससे अस्पताल में अनावश्यक भीड़ कम होगी। रिपोर्ट तैयार होते ही मरीज को वॉट्सऐप और एसएमएस के जरिए सूचना भेजी जाएगी। साथ ही डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ भी भर्ती मरीजों की रिपोर्ट डिजिटल रूप से देख सकेंगे, जिससे इलाज में तेजी आएगी।
फरीदाबाद के सदर थाना क्षेत्र के सागरपुर गांव में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक पर रास्ता रोककर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि हमलावरों ने न सिर्फ युवक के साथ मारपीट की, बल्कि उसकी कार में तोड़फोड़ करते हुए उसे जबरन एक कमरे में बंद कर दोबारा पीटा। इस घटना में दो लोग घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना डायल-112 के माध्यम से पुलिस को दी गई। कार्यक्रम से वापस घर लौट रहा था युवक गांव जाजरू निवासी जय डागर ने बताया कि वह दोपहर करीब एक बजे सुनपेड़ गांव में आयोजित रक्तदान कार्यक्रम में शामिल होने के बाद कार से घर लौट रहे थे। इसी दौरान सागरपुर गांव में एक ब्रेजा कार में सवार कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी के आगे वाहन खड़ा कर रास्ता रोक लिया। आरोप है कि इसके बाद गाली-गलौज करते हुए उन पर अचानक हमला कर दिया गया। 10 से 12 लोगों ने लाठी-डंडों से हमला किया जय डागर के अनुसार, सागरपुर निवासी महेंद्र, उसका भाई लक्ष्य और अन्य साथी मौके पर मौजूद थे। करीब 10 से 12 लोगों ने लाठी-डंडों से हमला किया और उनकी कार के शीशे व अन्य हिस्सों को क्षतिग्रस्त कर दिया। आरोप है कि एक व्यक्ति उन्हें जबरन पास के एक कमरे में ले गया, जहां दोबारा मारपीट की गई। इस दौरान दबाव बनाकर एक वीडियो भी बनवाया गया, जिसमें उनसे जबरन यह कहलवाया गया कि झगड़े के लिए वे स्वयं जिम्मेदार हैं। सोने की चेन और फोन लूटा पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनके पास से नकदी और सोने की चेन लूट ली, जबकि मोबाइल फोन छीन लिया गया था, जो पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद वापस मिला। हंगामा बढ़ने पर किसी स्थानीय व्यक्ति ने डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। डीजे बंद करवाने को लेकर विवाद हुआ जय डागर का कहना है कि यह हमला पुरानी रंजिश के चलते किया गया। वर्ष 2024 में एक कार्यक्रम के दौरान डीजे बंद करवाने को लेकर उनका विवाद हुआ था, जिसका मामला सेक्टर-58 थाना क्षेत्र में दर्ज है और वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। उसी विवाद की रंजिश में आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से उन पर हमला किया। इस घटना में उनके भतीजे प्रिंस को भी चोटें आई हैं। पुलिस बोली शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई वहीं, सदर थाना प्रभारी समीर ने बताया कि फिलहाल पीड़ित पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सिंगरौली में मोबाइल टावर पर चढ़े युवक पर केस:युवती की शिकायत पर जियावान पुलिस ने FIR दर्ज
सिंगरौली जिले के धनहा गांव में मोबाइल टावर पर चढ़कर हंगामा करने वाले युवक रवि कुशवाहा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई युवती की शिकायत पर जियावान थाना पुलिस ने की है। रवि पर एकतरफा प्रेम के चलते युवती को परेशान करने का आरोप है। घटना 23 जनवरी को हुई थी, जब रवि कुशवाहा गांव में लगे मोबाइल टावर पर चढ़ गया था। वह युवती को मौके पर बुलाने की मांग कर रहा था, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर जियावान थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को नीचे उतारने के लिए समझाइश दी। करीब पांच घंटे तक चले इस हंगामे के कारण पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस जांच में पता चला है कि रवि कुशवाहा और युवती दसवीं कक्षा तक एक ही स्कूल में साथ पढ़े थे। इसके बाद रवि युवती से एकतरफा प्रेम करने लगा, लेकिन युवती ने कभी इस रिश्ते को स्वीकार नहीं किया। युवती मानसिक रूप से परेशान हुई युवक लंबे समय से युवती को मानसिक रूप से परेशान कर रहा था। टावर पर चढ़ने की घटना के बाद 25 दिसंबर को युवती अपने परिजनों के साथ जियावान थाने पहुंची। उसने रवि कुशवाहा के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया कि युवक उसे बदनाम करने की साजिश कर रहा है और लगातार परेशान कर रहा है। शिकायत पर मामला दर्ज जियावान थाना प्रभारी रोशनी कुर्मी ने बताया कि युवती की शिकायत के आधार पर रवि कुशवाहा के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर की विजयनगर थाना पुलिस ने रविवार रात मोबाइल लूट की वारदातों में शामिल दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पुलिस ने अब तक 8 मोबाइल फोन और 5 चोरी की बाइक बरामद की हैं। आरोपी चोरी की बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वारदातों को अंजाम देते थे। टीआई चंद्रकांत पटेल ने बताया कि 22 जनवरी की रात अपेक्षा बारोलिया पुत्री बने सिंह बारोलिया निवासी आदर्श मेघदूत नगर अपोलो प्रीमियम बिल्डिंग थाने पहुंची थीं। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई कि वह इंदरगढ़ होटल के सामने रात में टहल रही थीं, तभी बाइक सवार बदमाश उनका आईफोन 16 प्रो झपटकर फरार हो गए। इसी दिन आरोपियों ने संस्कार गुप्ता, विष्णु मालवीय और धर्मेंद्र कुमार के साथ भी मोबाइल लूट की वारदातें की थीं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और बाइक नंबर के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में कृष्ण पुत्र रमेश मालवीय और चेतर उर्फ गोलू पुत्र मोहनलाल कहार शामिल हैं। दोनों आरोपी ग्राम पानीगांव थाना कांटा फोड़ जिला देवास के रहने वाले हैं। पैदल घूमने वालों को बनाते थे निशाना पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आरोपी नौकरी की तलाश में इंदौर आए थे, लेकिन यहां आकर लूट और चोरी की वारदातें करने लगे। वे सूने इलाकों में पैदल घूमने वाले स्टूडेंट्स और आम लोगों को निशाना बनाते थे और हाथ से मोबाइल झपटकर फरार हो जाते थे। फिलहाल पुलिस आरोपियों से अन्य लूट की वारदातों को लेकर पूछताछ कर रही है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।
चोरी का मोबाइल इस्तेमाल करते युवक गिरफ्तार:हनुमना पुलिस ने साइबर सेल की मदद से आरोपी को दबोचा
मऊगंज जिले के हनुमना थाना क्षेत्र में पुलिस ने रविवार को चोरी के एक मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने चोरी का मोबाइल इस्तेमाल कर रहे एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी के निर्देश पर साइबर सेल की तकनीकी सहायता से की गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुमित केवट उर्फ घोचू (20) के रूप में हुई है। हनुमना थाना पुलिस ने उसे चोरी के मोबाइल का उपयोग करते हुए पकड़ा। इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह और एसडीओपी मऊगंज सची पाठक का मार्गदर्शन भी रहा। 3 नवंबर से गायब था मोबाइल और लैपटॉप पुलिस के अनुसार, यह मामला 3 नवंबर 2025 को फरियादी अनिल कुमार केशरवानी द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट से जुड़ा है। अनिल कुमार केशरवानी, निवासी वार्ड क्रमांक 12, सीधी रोड हनुमना ने बताया था कि 2-3 नवंबर की रात अज्ञात चोर उनके घर से लैपटॉप और मोबाइल चोरी कर ले गए थे। इस पर हनुमना थाने में बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान, चोरी हुए मोबाइल की तलाश के लिए साइबर सेल की मदद ली गई। तकनीकी जांच से पता चला कि चोरी का मोबाइल मऊगंज में सुमित केवट उर्फ घोचू द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने उसे रविवार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी सुमित केवट ने मोबाइल अपने मित्र साहुल केवट से लेना स्वीकार किया। इसके बाद, गवाहों के समक्ष मोबाइल को जब्त कर आरोपी सुमित केवट को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे न्यायालय में पेश किया गया है। गिरफ्तार आरोपी सुमित केवट के खिलाफ पूर्व में भी मारपीट और धमकी से जुड़े तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस मामले को सुलझाने में हनुमना थाना स्टाफ और साइबर सेल की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
77 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर आजमगढ़ जिले के एसपी ग्रामीण चिराग जैन सहित पांच पुलिस कर्मियों को DGP सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। जिले के एसपी ग्रामीण चिराग जैन को उनके कर्तव्य निष्ठा समर्पण और शौर्य पूर्ण सेवाओं के लिए पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के प्रशंसा चिन्ह सिल्वर मेडल से सम्मानित किया जाएगा। एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने पूरे प्रदेश में सबसे अधिक मोबाइल फोन बरामद किया था। इसको लेकर हिमाचल प्रदेश में भी चिराग जैन को सम्मानित किया जा चुका है। इसके साथ ही जिले के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार के रीडर राजेंद्र कुमार मिश्रा को उनकी सेवा अभिलेख के आधार पर पुलिस महानिदेशक सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही जिले के पवई थाने के प्रभारी राकेश कुमार सिंह को भी पुलिस महानिदेशक सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान आजमगढ़ पुलिस के लिए गर्व का विषय है। इसके साथ ही जिले के अन्य पुलिस कर्मियों के लिए प्रेरणा स्रोत भी है। जिले के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने जिले के सभी पुलिस कर्मियों को इस सम्मान के लिए बधाई देते हुए शुभकामनाएं भी दी हैं। दो आरक्षियों को भी मिलेगा सम्मान जिले के एसपी ग्रामीण चिराग जैन को जहां उनके शौर्य पूर्ण और सारणी कार्यों के आधार पर पुलिस महानिदेशक सिल्वर मेडल प्रदान किया जाएगा। वहीं जिले के पुलिस लाइन में तैनात आरक्षी विक्रम सिंह और साइबर सेल में तैनात आरक्षी राहुल सिंह को पुलिस महानिदेशक प्रशंसा चिन्ह सिल्वर मेडल से सम्मानित किया जाएगा। निश्चित रूप से सम्मानित होने वाले जिले के पुलिस कर्मियों के लिए यह गौरव की बात है।
किशनगंज में वायरल वीडियो की जांच, सच्चाई आई सामने:युवक के हाथ में हथियार नहीं, मोबाइल फोन था
किशनगंज के खगड़ा मेला गेट के पास शनिवार रात एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक युवक को कथित तौर पर हथियार लहराते हुए देखा गया था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला। पुलिस अधीक्षक (एसपी) संतोष कुमार को इसकी जानकारी मिलने के बाद उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल जांच के आदेश दिए। पुलिस ने वायरल वीडियो की कई बिंदुओं पर गहन जांच की। SDPO गौतम कुमार के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और वीडियो फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। युवक के हाथ में कोई हथियार नहीं, बल्कि एक मोबाइल फोन था शुरुआती तौर पर वीडियो में दिख रही वस्तु को हथियार समझा जा रहा था। हालांकि, विस्तृत जांच में सामने आया कि युवक के हाथ में कोई हथियार नहीं, बल्कि एक मोबाइल फोन था, जिसे वह ऊपर की ओर लहराते हुए आगे बढ़ रहा था। एसपी संतोष कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच पूरी हो चुकी है। जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि हवा में लहराई जा रही वस्तु मोबाइल फोन थी। उन्होंने कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलाई जा रही गलत जानकारी का खंडन किया। अपहरण के प्रयास की प्राथमिकी अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कराई इस मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं थीं। यह भी बताया जा रहा था कि दो दिन पहले वार्ड संख्या 32 के पार्षद प्रतिनिधि और जदयू नेता मकसूद अंसारी उर्फ अनवर ने सदर थाना में अपने अपहरण के प्रयास की प्राथमिकी अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी। कुछ लोग वायरल वीडियो को इस घटना से जोड़ रहे थे, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच कर रही है।
अलीगढ़ में पनैठी चौकी का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें एक पुलिसकर्मी खुद ही दो युवकों की जेब में चाकू और मोबाइल रख रहा है। फिर उन युवकों को चोरी के मामले का आरोपी बना रहे हैं। वीडियो सामने आते ही पुलिस महकमें में अफरा-तफरी मच गई। यह वीडियो जांच करने पर सही पाया गया। जांच के आधार पर जो पुलिस कर्मी इसमें दिखाई दे रहे हैं निष्पक्ष जांच हेतू उन्हें तत्काल प्रभाव से उन्हें उनके स्थान से मुक्त कर दिया गया। देखें पुलिस के गुड वर्क का नाटकीय वीडियो… अकराबाद थाने की पनैठी चौकी का वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में अकराबाद थाने के दरोगा रोहित सिद्धू, अलखराम, सिपाही मनोज कुमार और अमित कुमार दिखाई दे आ रहे हैं। वीडियो में दरोगा रोहित कैमरा ऑन करने के लिए तैयार खड़े दिखाई दे रहे हैं। जबकि दरोगा अलखराम एक युवक को उसकी जैकेट के अंदर चाकू रखवाते हैं। वहीं सिपाही अमित कुमार दूसरे युवक की कमर में चाकू लगाते हुए नजर आ रहे हैं। पुलिसकर्मियों ने बनाई भूमिका इतना ही नहीं, वीडियो में पीछे खड़े सिपाही मनोज कुमार युवक की जेब में मोबाइल रखते हुए कहते सुने जा रहे हैं कि “साहब इन्हें थोड़ा आगे हल्के कदमों से चलने दो, फिर गाड़ी से पकड़ेंगे, तभी वीडियो सही बनेगी। पुलिस देखकर थोड़ा भागना भी चाहिए।” इसके बाद दरोगा रोहित के इशारे पर तलाशी की नाटकीय कार्रवाई शुरू होती है। पहले मोबाइल निकाला जाता है और युवक से कहलवाया जाता है कि उसने दुकान से चोरी किया है। फिर कमर से चाकू बरामद दिखाया जाता है। दूसरे युवक से भी इसी तरह चाकू निकलवाकर सवाल-जवाब किए जाते हैं। 54 दिन बाद गिरी गाज वीडियो खत्म होने के बाद पुलिसकर्मी आपस में फुटेज चेक करते हैं कि कोई कमी तो नहीं रह गई। इसके बाद युवकों के हाथों में मोबाइल और चाकू देकर दूसरी वीडियो भी बनाते हैं। और अंत में दरोगा अलखराम युवकों के साथ सेल्फी लेते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह पूरा दृश्य किसी युवक ने छत से चुपके से मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था। यह वीडियो करीब 54 दिनों तक किसी कारणवश सामने नहीं आई। लेकिन अब सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पूरे मामले का खुलासा हो गया। गुडवर्क के लिए पुलिस ने रचा नाटक घर से उठाकर जंगल में रची गई साजिश मामले का खुलासा होने पर परिजनों ने पुलिस पूछताछ में बताया- हम लोग पनैठी में रहते हैं। मेरे बेटे सूरज गौतम और सोनू को पुलिस ने 1 दिसंबर 2025 को घर से हिरासत में ले लिया था। फिर उन्हें जंगल की ओर ले जाकर जेब में चोरी के मोबाइल और पैंट में चाकू छिपाए गए। फिर फर्जी बरामदगी दिखाकर 2 दिसंबर को “गुडवर्क” के तौर पर गिरफ्तारी दर्शायी गई। रात में दिखाई गिरफ्तारी, वीडियो में दिन का दृश्य इसके बाद पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर बताया था कि रविवार शाम गश्त के दौरान नानऊ नहर की पटरी से दोनों आरोपियों को पकड़ा गया। उनके पास से दो चोरी के मोबाइल और दो अवैध चाकू बरामद हुए। लेकिन वायरल वीडियो में साफ तौर पर दिन के उजाले में पूरी स्क्रिप्ट रची जाती दिख रही है, जिससे पुलिस के दावे सवालों के घेरे में आ गए हैं। चारों पुलिसकर्मी लाइन हाजिर सीओ संजीव तोमर ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच की तो उसमें मामला सही पाया गया है। जांच के आधार पर दोनों दरोगा और सिपाही को तत्काल प्रभाव से हटाते हुए लाइन हाजिर किया गया है। वहीं, विभागीय कार्रवाई भी जाएगी। जांच मे जो भी साक्ष्य पाए जाएंगे, उनके विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। .......................... ये भी पढ़ें... अविमुक्तेश्वरानंद बोले- कितने भी जुल्म कर लो, पीछे नहीं हटूंगा:कुछ लोगों ने शिविर में घुसने की कोशिश की थी, 'योगी जिंदाबाद' के नारे लगाए प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच 7 दिनों से विवाद जारी है। शिविर में युवकों के हंगामे पर अविमुक्तेश्वरानंद ने पहली बार बयान दिया है। उन्होंने कहा- हमारे ऊपर आक्रमण इसलिए किया गया है, क्योंकि हम गो-रक्षा की बात कर रहे हैं। हम इनकी (भाजपा) आंख की किरकिरी बन गए हैं, कितना भी परेशान करें, मैं पीछे नहीं हटूंगा। पढ़ें पूरी खबर...
हरियाणा के जींद जिले में एक किसान के बैंक खाते से अज्ञात साइबर ठगों ने 6 लाख 48 हजार 600 रुपए निकाल लिए। इस दौरान उसका मोबाइल फोन हैक कर लिया गया था। उस पर न तो कोई कॉल आ रही थी और न ही कोई कॉल जा रही थी। किसान की शिकायत पर साइबर थाना जींद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नरवाना क्षेत्र के गांव दनौदा निवासी कर्मबीर ने बताया कि वह खेती-बाड़ी का काम करता है। 13 जनवरी को वह अपने घर के चौबारे में था और उसने अपना मोबाइल फोन चार्जिंग पर लगाया हुआ था। कुछ देर बाद उसका भाई ऊपर आया और बताया कि उसका फोन नहीं मिल रहा है। जब कर्मबीर ने फोन चेक किया तो पाया कि उसके मोबाइल नंबर पर कोई कॉल नहीं आ रही थी और न ही जा रही थी। चार ट्रांजैक्शन में निकाले गए रुपए कर्मबीर ने बताया कि इसके बाद उसके फोन पर HDFC बैंक खाते से चार ट्रांजैक्शन में कुल ₹6 लाख 48 हजार 600 रुपए कटने के मैसेज आए। जांच में पता चला कि उसका मोबाइल नंबर बंद हो चुका था और फोन हैक कर ठगों ने खाते से रकम निकाल ली। बैंक ने बताया फोन हैक होने की आशंका कर्मबीर ने तुरंत HDFC बैंक उचाना जाकर घटना की जानकारी दी। बैंक मैनेजर ने बताया कि यह साइबर फ्रॉड का मामला है और बैंक की कोई गलती नहीं है। इसके बाद कर्मबीर ने तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल कर शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने दर्ज किया मामला किसान की लिखित शिकायत पर साइबर थाना जींद पुलिस ने धारा 318(4) BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि ऑनलाइन शिकायत और बैंक ट्रांजैक्शन डिटेल के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। साइबर टीम ठगों के खातों और ट्रांजैक्शन की ट्रेसिंग में जुटी है।
खरगोन की साइबर सेल पुलिस ने 112 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को वापस सौंप दिए हैं। इन मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 22 लाख 40 हजार रुपये बताई गई है। रविवार सुबह 11:30 बजे पुलिस अधीक्षक (एसपी) रवींद्र वर्मा ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) बिट्टू सहगल और खरगोन एसडीओपी रोहित लखारे की मौजूदगी में यह स्मार्टफोन पीड़ितों को सौंपे। इस दौरान साइबर धोखाधड़ी के प्रति जागरूकता और CEIR पोर्टल के बारे में भी जानकारी दी गई। इन कंपनियों के फोन बरामदबरामद मोबाइलों में वन प्लस, सैमसंग, रेडमी, वीवो, ओप्पो, रियलमी, टेक्नो और पोको जैसी कंपनियों के फोन शामिल हैं। हर मोबाइल की कीमत 10 हजार से 25 हजार रुपये के बीच है। साइबर सेल टीम ने गुम मोबाइलों की शिकायतों के आधार पर तकनीकी मदद और CEIR पोर्टल की सहायता से इन्हें ढूंढा। इस काम में साइबर सेल प्रभारी एसआई दीपक तलवारे, हेड कांस्टेबल आशीष अजनारे, आरक्षक अभिलाष डोंगरे, मगन अलावा, सोनू वर्मा और सचिन चौधरी की टीम शामिल थी। साइबर सेल ने लोगों ये टिप्स दिए
इंदौर के चंदन नगर थाना क्षेत्र में ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति के बैंक खाते से 1 लाख 60 हजार रुपए निकाल लिए गए। चंदन नगर पुलिस ने शनिवार को रामचंद्र प्रजापत, निवासी डी सेक्टर, राजनगर की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पीड़ित रामचंद्र क्लॉथ मार्केट में प्यून का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि 11 जनवरी को उनका मोबाइल चोरी हो गया था। इसके अगले दिन उन्होंने नया मोबाइल खरीदा और उसमें वही सिम कार्ड डाला। इसके बाद जब उन्होंने फोन-पे ऐप के माध्यम से अपना बैंक खाता चेक किया, तो खाते से 1 लाख 60 हजार रुपए गायब पाए गए। रामचंद्र ने जब फोन-पे की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री चेक की, तो पता चला कि पहला ट्रांजेक्शन सिंहासा वाइन शॉप पर हुआ था। इसके बाद अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए। घटना की जानकारी उन्होंने अपने परिवार को दी और फिर साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद चंदन नगर पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राजाजीपुरम इलाके में शुक्रवार रात लुटेरे पांच मिनट के अंदर दो मोबाइल छीनकर फरार हो गए। युवक घर के पास टहल रहा था। इस दौरान बाइक से दो लुटेरों ने घटना को अंजाम दिया। भागने के दौरान रास्ते में एक अन्य युवक का मोबाइल छीनकर भाग निकले। पुलिस मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच कर रही है। तालकटोरा थाना क्षेत्र के सी-ब्लॉक राजाजीपुरम निवासी आशुतोष त्रिपाठी ने बताया कि शुक्रवार की रात करीब 10 बजे वह घर के पास टहल रहे थे। इस दौरान एक अज्ञात बाइक सवार ने झपट्टा मारकर उनका सैमसंग मोबाइल छीन लिया और मौके से फरार हो गया। भागते समय दूसरे युवक को निशाना बनाया घटना के कुछ ही दूरी पर उसी बाइक सवार ने सेक्टर-13 राजाजीपुरम निवासी विनय कुमार श्रीवास्तव से भी मोबाइल छीन लिया। विनय कुमार उस समय मोबाइल से बात करते हुए जा रहे थे। झपटमार दोनों मोबाइल छीनने के बाद तेज रफ्तार में बाइक से भाग निकला। पीड़ितों ने बाइक सवार लुटेरों का पीछा करने का प्रयास किया लेकिन बाइक सवार अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इंस्पेक्टर तालकटोरा कुलदीप सिंह का कहना है कि आरोपियों की तलाश में टीमें लगी हैं, जल्द ही गिरफ्तार किए जाएंगे।
इंदौर की खजराना पुलिस ने लगातार तीन मोबाइल लूटने वाले बदमाशों को रविवार गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने राह चलते लोगों से मोबाइल लूटे थे। पुलिस ने उन्हें सीसीटीवी फुटेज और बाइक नंबर के आधार पर दबोच लिया। टीआई मनोज सेंधव की टीम को सूचना मिली कि 22 जनवरी की रात शिवकुमार कनाडे निवासी खजराना जब पैदल जा रहे थे, तब बाइक सवार दो बदमाशों ने उनके हाथ से मोबाइल छीन लिया और फरार हो गए। आरोपियों ने राबर्ट चौराह और मालवीय नगर पेट्रोल पंप के पास भी लूट की वारदात की थी। पुलिस ने कार्रवाई कर सुफियान और अर्जुन नामक बदमाशों को गिरफ्तार किया। बताया जाता है कि आरोपियों ने अन्य लूट की वारदातें भी कबूल की हैं। पुलिस उनके बारे में और जानकारी जुटा रही है। आरोपियों ने बताया कि वे अपने शौक और मौज के लिए मोबाइल लूटते थे और जेल रोड के एक व्यापारी को मोबाइल बेचते थे। पुलिस की टीम फिलहाल आरोपियों से अधिक पूछताछ कर रही है।
टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत बिगाड़ देगी सेहत, शरीर बन जाएगा बीमारियों का घर
हाई टेक्नोलॉजी की दुनिया में लोगों के लिए मोबाइल से 5 मिनट भी दूर रह पाना मुश्किल है। रील देखने और सोशल मीडिया चलाने की लत इतनी ज्यादा लग चुकी है कि लोग टॉयलेट में भी मोबाइल को अपने साथ लेकर जाते हैं और जरूरत से ज्यादा समय वही बिता देते हैं।
जालंधर के भार्गव कैंप नगर क्षेत्र में दिनदहाड़े गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। जहां 4 से 5 युवकों द्वारा एक युवक को जबरन बाइक पर बैठाकर ले जाया गया और उसके साथ मारपीट की गई। पीड़ित युवक सब्जी बेचने का काम करता है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। मारपीट के बाद आरोपी युवक को खुद छोड़कर फरार हो गए। पीड़ित युवक राम कुमार का कहना है कि कुछ युवक उसे जबरन बाइक पर बैठाकर घासमंडी की ओर ले गए। जहां उससे पूछताछ की गई और मारपीट की गई। युवक के अनुसार, आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया गया। हालांकि, मोबाइल को लेकर बयान में विरोधाभास सामने आया है। एक तरफ युवक कह रहा है कि फोन तोड़ा गया, वहीं दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि फोन गिरने से टूट गया। पीड़ित बोला- शक के आधार पर उठाया बताया जा रहा है कि, यह पूरा मामला किसी लड़की से बातचीत को लेकर हुआ, लेकिन पीड़ित युवक का कहना है कि उसे किसी भी लड़की या ऐसे किसी मामले की कोई जानकारी नहीं है। युवक ने साफ कहा कि उसे बेवजह शक के आधार पर उठाया गया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करने की बात कही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दबाव में पूरी बात छिपा रहा युवक : परिजन परिजनों का आरोप है कि युवक पूरी सच्चाई नहीं बता पा रहा और किसी दबाव में है। युवक के गले और शरीर पर चोट के निशान भी देखे गए हैं। परिजनों ने पुलिस को लिखित शिकायत सौंप दी है और न्याय की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भरे बाजार से किसी युवक को जबरन उठाकर ले जाना बेहद गंभीर मामला है और इससे इलाके की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। लोगों ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
कटनी के जंगल में जुआ फड़ पर छापा:8 आरोपी गिरफ्तार; 1.13 लाख कैश और 18 बाइक और 8 मोबाइल जब्त
कटनी की बरही थाना पुलिस ने ग्राम करौंदी कला के पास घने जंगल में चल रहे एक बड़े जुआ फड़ पर दबिश दी। इस कार्रवाई में पुलिस ने 8 जुआरियों को गिरफ्तार किया है और मौके से नगदी सहित वाहन जब्त किए हैं। मुखबिर की सूचना पर जंगल में घेराबंदी बरही थाना प्रभारी अरविंद चौबे को सूचना मिली थी कि करौंदी कला के सुनसान जंगल में बड़े पैमाने पर जुआ खिलाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने जंगल में चारों तरफ से घेराबंदी की और अचानक छापा मार दिया। पुलिस को देख जुआरियों में हड़कंप मच गया और कई लोगों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने 8 आरोपियों को धर दबोचा। नगदी के साथ मिली बाइकें पुलिस ने मौके से 1 लाख 13 हजार 800 रुपए नगद, 8 महंगे स्मार्टफोन और ताश की गड्डियां बरामद की हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि फड़ के पास से कुल 18 मोटरसाइकिलें मिलीं। इनमें से 12 बाइक लावारिस हालत में पाई गईं, जिनके मालिक पुलिस को देखकर भाग निकले। पुलिस ने सभी वाहनों को जब्त कर लिया है। ये जुआरी चढ़े पुलिस के हत्थे पकड़े गए आरोपियों में बरही और आसपास के क्षेत्रों के रहने वाले सतीश सोनी, जितेंद्र गुप्ता, राम जी ताम्रकार, राकेश जयसवाल, शेख राजा, आशीष सोनी, धनेंद्र द्विवेदी और नफीस खान शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इनमें से कई आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी है और ये आदतन जुआ खिलाने का काम करते हैं। सख्त धाराओं में मामला दर्ज थाना प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। लावारिस मिली मोटरसाइकिलों को भी पुलिस एक्ट के तहत जब्त कर उनके मालिकों की तलाश की जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र के सट्टेबाजों और जुआरियों में खौफ का माहौल है।
इंदौर के एरोड्रम क्षेत्र में रहने वाले एक रिटायर्ड इंस्पेक्टर का बेटा तीन दिन से लापता है। पुलिस को जानकारी मिली कि वह अपने भाई से पातालपानी जाकर आत्महत्या करने की बात कहकर निकला था। इसके बाद परिजन पातालपानी पहुंचे, लेकिन वहां उसका कोई सुराग नहीं मिला। 21 जनवरी की शाम रिटायर्ड इंस्पेक्टर अपने बड़े बेटे के साथ थाने पहुंचे और गुमशुदगी दर्ज कराई। शनिवार को पातालपानी क्षेत्र में युवक की चप्पल मिलने की सूचना सामने आई। हालांकि, रात होने के कारण सर्चिंग नहीं की जा सकी। जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह एनडीआरएफ की टीम पातालपानी क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाएगी। चिड़ियाघर जाने की बात कहकर घर से निकला था युवक रिटायर्ड इंस्पेक्टर जगन्नाथ गवई का बेटा मनीष 21 जनवरी को घर से चिड़ियाघर जाने की बात कहकर निकला था। शाम तक जब वह नहीं पहुंचा तो जगन्नाथ ने बेटे के मोबाइल पर कॉल किया। मनीष ने एक घंटे में घर लौटने की बात कही। लेकिन कुछ देर बाद बड़े बेटे दीपक का कॉल आया। उसने बताया कि उसके मोबाइल पर मनीष का एक मैसेज आया है, जिसमें लिखा है कि वह पातालपानी जाकर आत्महत्या करने वाला है। इसके बाद जगन्नाथ ने मनीष को कॉल किया, लेकिन उसका मोबाइल स्विच ऑफ था। वह बेटे दीपक को लेकर पातालपानी भी गए, लेकिन वहां मनीष के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। महू में खाई के पास मिली युवक की चप्पल इसके बाद रात में परिजन एरोड्रम थाने पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर आसपास के थानों को भी इसकी जानकारी दे दी। शनिवार को महू पुलिस को सूचना मिली कि खाई के पास एक युवक की चप्पल पड़ी हुई है। जांच में यह चप्पल मनीष गवई की होने की जानकारी सामने आई है। एडिशनल एसपी रूपेश द्विवेदी के अनुसार, शाम को कुछ लोग मौके पर पहुंचे थे, लेकिन अंधेरा होने के कारण सर्चिंग नहीं की जा सकी। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह मनीष की तलाश के लिए एनडीआरएफ की टीम खाई में सर्चिंग अभियान चलाएगी।
मुजफ्फरपुर पुलिस ने अपनी पहल 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत 51 लोगों को उनके खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन वापस लौटा दिए हैं। शनिवार को जिला पुलिस कार्यालय में आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिटी एसपी मोहीबुल्ला अंसारी ने इन मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपा। शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों से मोबाइल चोरी और गुम होने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों के मद्देनजर, एसएसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस की तकनीकी शाखा (Technical Cell) ने वैज्ञानिक अनुसंधान और सर्विलांस की मदद से इन 51 मोबाइल फोनों को ट्रैक कर बरामद किया। जनता के बीच विश्वास बढ़ाने की कोशिश अपनी खोई हुई संपत्ति वापस पाकर लोगों के चेहरे पर खुशी साफ देखी गई। यह पहल पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाने और अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सिटी एसपी मोहीबुल्ला अंसारी ने बताया कि यह अभियान केवल मोबाइल रिकवरी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता के मन में सुरक्षा का भाव पैदा करना और पुलिस के प्रति विश्वास को मजबूत करना है। भावुक हुए मोबाइल धारक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब सिटी एसपी ने एक-एक कर लोगों को उनके फोन सौंपे, तो माहौल काफी सुखद हो गया। कई मोबाइल धारकों ने बताया कि उनके फोन की कीमत भले ही बहुत अधिक न हो, लेकिन उसमें मौजूद निजी डेटा और यादें उनके लिए अनमोल थीं। एक पीड़ित ने बताया, मैंने उम्मीद छोड़ दी थी कि मेरा फोन कभी वापस मिलेगा, लेकिन पुलिस की इस तत्परता ने हैरान कर दिया। मुजफ्फरपुर पुलिस का बहुत-बहुत आभार। अपराधियों पर पुलिस का कड़ा रुख सिटी एसपी मोहीबुल्ला अंसारी ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस केवल बरामदगी नहीं कर रही, बल्कि चोरी और छिनतई में शामिल गिरोहों को भी चिह्नित कर रही है। उन्होंने कहा कि बरामद किए गए फोनों के आधार पर अपराधियों की कुंडली खंगाली जा रही है और इस सिंडिकेट में शामिल लोगों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि चोरी के मोबाइल खरीदना या बेचना भी अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। एसपी ने नागरिकों से जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि किसी का मोबाइल गुम या चोरी हो जाता है, तो वे तुरंत नजदीकी थाने में सनहा (Diary) दर्ज कराएं। साथ ही, उन्होंने भारत सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल के महत्व पर जोर दिया।
दुर्ग में जुआ खेलते 21 आरोपी गिरफ्तार:1.91 लाख कैश, कार-बाइक और मोबाइल समेत 9.66 लाख का माल जब्त
दुर्ग जिले के नंदिनी नगर थाना क्षेत्र के ग्राम रवेलीडीह में जुए की फड़ पर दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 जुआरियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 1 लाख 91 हजार रुपए कैश, एक कार, 10 बाइक और 25 मोबाइल समेत कुल 9 लाख 66 हजार रुपए का मशरुका जब्त किया गया है। जानकारी के अनुसार, 24 जनवरी को नंदिनी नगर थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम रवेलीडीह में टीकाराम वर्मा के घर पर कुछ लोग रुपए-पैसे का दांव लगाकर काट पत्ती नामक जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही एसीसीयू टीम का गठन किया गया और तत्काल मौके पर दबिश दी गई। घेराबंदी कर आरोपियों को किया गिरफ्तार रेड के दौरान पुलिस ने चारों ओर से घेराबंदी कर जुए की फड़ पर छापा मारा। मौके से 52 पत्ती ताश के साथ 21 लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 1 लाख 91 हजार रुपए नकद, एक आल्टो कार जिसकी कीमत करीब 50 हजार रुपए आंकी गई है। 7 बाइक जिनकी कुल कीमत लगभग 3 लाख 50 हजार रुपए, और 25 मोबाइल जिनकी अनुमानित कीमत 3 लाख 75 हजार रुपए बताई गई है। कुल मिलाकर 9 लाख 66 हजार रुपए का मशरुका पुलिस ने अपने कब्जे में लिया। अलग-अलग क्षेत्र के रहने वाले हैं आरोपी गिरफ्तार आरोपियों में खुर्सीपार, सूरडंग, दुर्ग, स्मृति नगर, कोहका, नगपुरा, वैशाली नगर, जामुल, खपरी, रामपुर, बोडेगांव सहित आसपास के क्षेत्रों के निवासी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों के विरुद्ध थाना नंदिनी नगर में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3(2) के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इन्हें किया गया गिरफ्तार सुखेश नयां खुर्सीपार, कमलेश्वर सिंह सुरडुंग, धनराज चदिवार दुर्ग, प्रशांत वर्मा स्मृति नगर, नयन साहू कोहका, संतोष सेन नगपुरा, जसवंत गोस्वामी नगपुरा, धर्मेंद्र कुमार सिन्हा नगपुरा, संतोष शुक्ला सुरडुंग, मोहित वर्मा वैशाली नगर, चेतन शर्मा खपरी, प्रवीण सिंह रामपुर, दुखीराम वैष्णव जामुल, ध्रुव कुमार सोनी कोहका, दिनेश सोनी दुर्ग, मोहित जायसवाल जामुल, विक्की साहू स्मृति नगर, प्रकाशदास गोस्वामी नगपुरा, प्रहलाद निर्मलकर जामुल, हिमांशु निषाद कोहका, सोहन देवांगन बोडेगांव शामिल हैं।
तरनतारन पुलिस ने विभिन्न थानों में दर्ज कई मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के दौरान 1 किलो 11 ग्राम हेरोइन, 02 मोबाइल फोन और 1 मोटरसाइकिल सहित भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और अन्य सामान बरामद किया गया है। थाना सदर पट्टी में दर्ज केस नंबर 14 क्राइम 21/61/85 NDPS एक्ट के तहत सावन कुमार उर्फ टीपू जो बड़ा महुल्ला वार्ड नंबर 6 का रहने वाला हैं उसे गिरफ्तार किया।आरोपी के पास से 10 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। नशीली गोलियां और ड्रग मनी बरामद इसी थाने में मुकदमा नंबर 12 जुर्म 22/27 A/29/61/85 NDPS एक्ट के तहत जसविंदर सिंह गांव संगवा और मनप्रीत सिंह उर्फ बबलू गांव कुल्ला के रहने वालों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 410 नशीली गोलियां और 2570 रुपए ड्रग मनी बरामद की गई। हेरोइन और पैसे बरामद बता दे कि भिखीविंड सबडिवीजन के थाना वल्टोहा में मुकदमा नंबर 15 NDPS एक्ट की धाराओं 21B, 27A के तहत दर्ज किया गया। इसमें आकाशदीप सिंह जो पट्टी जीवन नगर, वल्टोहा को गिरफ्तार कर उसके पास से 7 ग्राम हेरोइन और 200 रुपए ड्रग मनी बरामद की गई। हेरोइन, बाइक और फोन बरामद वहीं एक अन्य मामले में, मुकदमा नंबर 20 धारा 21सी/29/61/85 एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किया गया। इसमें जतिंदर सिंह नूरदी का रहने वाला, अर्शदीप सिंह वासी नारली और अमृत सिंह वासी नारली के रहने वालों को गिरफ्तार किया गया। इनसे 01 किलो 11 ग्राम हेरोइन, 2 मोबाइल फोन और 1 मोटरसाइकिल बरामद हुई। 1 किलो हेरोइन और बाइक बरामद मुकदमा नंबर 21 जुर्म 21सी/61/85 एनडीपीएस एक्ट के तहत गुरविंदरपाल सिंह उर्फ गुरी पुत्र सुखदेव सिंह बट्ठे भैणी वाले वासी माड़ी मेघा थाना खालड़ा को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 01 किलो 10 ग्राम हेरोइन और 1 मोटरसाइकिल बरामद की गई। मोबाइल और अन्य सामान बरामद इसके अतिरिक्त, सी.आई.ए. स्टाफ तरनतारन ने थाना खेमकरण में दर्ज मुकदमा नंबर 09 जुर्म 21सी/61/85 एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत निशान सिंह वासी धोलन को गिरफ्तार किया। उसके पास से 392 ग्राम हेरोइन व एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। पीओ घोषित अपराधी गिरफ्तार इसी सिलसिले में पी.ओ. स्टाफ तरनतारन ने आई.पी.सी. मामले में वांछित पी.ओ.आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। आरोपी करनदीप सिंह उर्फ करन वासी मरगिंदपुर को कच्चा पक्का से गिरफ्तार किया गया। उसे कोर्ट ने 82-83 सी.आर.पी.सी. के तहत पी.ओ. घोषित किया गया था।
मुंगेर पुलिस का 'ऑपरेशन मुस्कान':96 खोए मोबाइल असली मालिकों को लौटाए गए, जनता ने एसपी को सराहा
मुंगेर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत शनिवार को 96 खोए हुए मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए गए। यह कार्यक्रम एसपी कार्यालय परिसर में आयोजित किया गया, जहां विभिन्न जिलों से आए पीड़ितों को उनके फोन सौंपे गए। इस अवसर पर एसपी कार्यालय में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। जैसे ही पुलिस अधिकारियों ने एक-एक कर मोबाइल धारकों को उनके फोन लौटाए, वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर मुंगेर पुलिस की सराहना की। कई पीड़ितों ने बताया कि उन्हें मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन पुलिस की सक्रियता से यह संभव हो सका। असली मालिकों को फोन सौंपे गएपुलिस अधिकारियों ने बताया कि 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज मोबाइल गुमशुदगी के मामलों की तकनीकी जांच की गई। साइबर सेल और संबंधित थाना पुलिस के समन्वय से इन मोबाइलों की लोकेशन ट्रेस कर उन्हें बरामद किया गया। इसके बाद सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर असली मालिकों को फोन सौंपे गए। मुंगेर पुलिस का आभार व्यक्त कियामोबाइल वापस मिलने पर पीड़ितों ने मुंगेर पुलिस का आभार व्यक्त किया। कई लोगों ने कहा कि आज के समय में मोबाइल केवल संपर्क का साधन नहीं है, बल्कि इसमें व्यक्तिगत और महत्वपूर्ण जानकारी भी होती है। ऐसे में फोन वापस मिलना उनके लिए बड़ी राहत की बात है। एसपी ने आम लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाने में या ऑनलाइन माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। पुलिस ने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी 'ऑपरेशन मुस्कान' के माध्यम से जनता की समस्याओं का समाधान इसी तरह किया जाता रहेगा।
चूरू की कोतवाली पुलिस ने साइबर अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने साइबर ठगी के शिकार तीन पीड़ितों को कुल 99 हजार 548 रुपए की राशि वापस दिलवाई है। इसके साथ ही, साइबर पुलिस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर पांच गुमशुदा मोबाइल फोन भी ट्रेस कर बरामद किए गए हैं, जिन्हें उनके मालिकों को लौटा दिया गया है। कोतवाली सीआई सुखराम चोटिया ने बताया कि साइबर पोर्टल पर कार्यरत टीम ने उल्लेखनीय कार्य किया है। साइबर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के अनुसार, परिवादी अजय कुमार, पवन गोयल और समीर के साथ क्रमशः 40 हजार, 45 हजार और 14 हजार 548 रुपए की साइबर ठगी हुई थी। इन मामलों में कोतवाली थाना के कॉन्स्टेबल सुनील कुमार ने सूझबूझ का परिचय देते हुए ठगी गई राशि को ट्रेस किया और तीनों पीड़ितों को उनकी पूरी रकम रिफंड करवाई। वहीं, सीईआर पोर्टल पर गठित टीम में कॉन्स्टेबल सुनील कुमार और कुलदीप भाकर ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कर पांच गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें या नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अतिरिक्त, सोशल मीडिया खातों में टू-स्टेप वेरिफिकेशन अपनाएं और मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें ताकि ठगों के झांसे में आने से बचा जा सके।
गुम मोबाइलों को ट्रेस करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बीकानेर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर सेल और विभिन्न थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कुल 170 (कीमत दस हजार तक) गुम मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 40 लाख रुपए आंकी गई है। बुजुर्ग, महिलाएं और छात्र रहे ज्यादा पीड़ित पुलिस के अनुसार गुम हुए मोबाइलों में अधिकांश बुजुर्गों, महिलाओं, विद्यार्थियों और मजदूर वर्ग के थे। कई मामलों में मोबाइल किश्तों पर खरीदे गए थे, जिससे लोगों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अन्य राज्यों से भी हुई बरामदगी इस विशेष अभियान के तहत केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि एमपी, बिहार, यूपी, हरियाणा सहित अन्य राज्यों से भी गुम मोबाइल ट्रेस कर बरामद किए गए। ऐसे हुई कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर ने बताया कि जिले में मोबाइल गुम होने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। दूरसंचार विभाग के ऑनलाइन पोर्टल CEIR पर दर्ज शिकायतों और मोबाइल गुमशुदगी रिपोर्ट के आधार पर साइबर सेल व थानों को विशेष निर्देश दिए गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर चक्रवर्ती सिंह राठौड़ व ग्रामीण बनवारी लाल मीणा के निर्देशन में थाना स्तर पर टीमों का गठन किया गया। थानों के अनुसार मोबाइल बरामदगी साइबर अपराध से सतर्क रहने की अपील पुलिस ने मोबाइल लौटाते समय लोगों को साइबर अपराध, सोशल मीडिया फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी से बचाव के बारे में भी जानकारी दी। यहाँ कर सकते है शिकायत बीकानेर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत ceir.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या cybercrime.gov.in पर साइबर अपराध की रिपोर्ट करें। किसी भी सहायता के लिए हेल्पलाइन 1930 या बीकानेर पुलिस हेल्पलाइन 7877045498 पर संपर्क किया जा सकता है।
पूर्णिया जिले में के. नगर थाना पुलिस ने मोबाइल झपट्टामार गिरोह का पर्दाफाश किया है। गुप्त सूचना के आधार पर गिरोह से जुड़े तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। चोरी के 8 एंड्रॉइड मोबाइल फोन एक अपाची बाइक बरामद की गई है, जिसका इस्तेमाल वारदात को अंजाम देने में किया जाता था। गिरफ्तार बदमाशों की पहचान परोरा पंचायत के वार्ड 15 निवासी रौशन कुमार सिंह (23), सौरभ कुमार पासवान (23) और वार्ड 16 निवासी मनीष कुमार सिंह (22) के रूप में हुई है। रौशन कुमार पेशे से मछली व्यवसायी है, लेकिन वो अपने व्यवसाय की आड़ में चोरी और झपट्टामारी से लाए गए मोबाइल खरीदने और बेचने का अवैध धंधा कर रहा था। सख्ती से पूछताछ के बाद साथियों का नाम बताया थानाध्यक्ष मुन्ना कुमार पटेल ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि रौशन कुमार सिंह चोरी के मोबाइल की खरीद–फरोख्त में संलिप्त है। सूचना की पुष्टि के बाद एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया और रौशन के घर पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान उसके पास से 5 चोरी के मोबाइल बरामद किए गए और उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। सख्ती से पूछताछ किए जाने पर रौशन ने बताया कि सौरभ कुमार पासवान और मनीष कुमार सिंह झपट्टा मारकर मोबाइल चोरी करते थे और बाद में उसे बेचने के लिए उसके पास लाते थे। रौशन की निशानदेही पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों युवकों को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मनीष कुमार सिंह के पास से 1 और सौरभ कुमार पासवान के पास से 2 मोबाइल बरामद किए। इस तरह 8 एंड्रॉइड मोबाइल जब्त किए गए हैं। इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल नीले रंग की अपाची बाइक को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
पानीपत बस स्टैंड का एक वीडियो सामने आया है जिसमे कांग्रेस के एक नेता की लोग जमकर क्लास ले रहे हैं। नेता बार-बार एक महिला के पैरों की तरफ झुककर फिर घुटनों पर बैठकर माफी मांगते दिख रहे हैं। बताया जा रहा है प्राइवेट बस में महिला का मोबाइल नंबर मांगने से उपजे विवाद के बाद ये सारा हंगामा हुआ। मौके पर मौजूद लोगों ने वीडियो बनाकर वायरल किया। हालांकि इस संबंध में महिला की ओर से किसी थाने में शिकायत देने की बात सामने नहीं आई है। वीडियो में दिख रहे सतपाल वाल्मीकि इसराना हलके से कांग्रेस के टिकट के दावेदारों में शामिल रहे थे। हालांकि इस घटना और वायरल वीडियो को लेकर उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया या पक्ष नहीं आया। दैनिक भास्कर एप की टीम ने जब उनका पक्ष लेने के लिए उनके मोबाइल पर संपर्क किया तो उन्होंने इतना ही कहा- किसी शोक सभा में हूं, अगली सुबह बात करूंगा। पूरे घटनाक्रम से जुड़े PHOTOS... यहां पढ़िए, क्या है पूरा मामला... टिकट की दौड़ में थे शामिलसतपाल वाल्मीकि इसराना विधानसभा क्षेत्र से सक्रिय राजनीति में हैं और 2024 के चुनावों में कांग्रेस की ओर से टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। इस घटना के बाद कांग्रेस पार्टी के लिए भी असहज स्थिति पैदा हो गई। वहीं स्थानीय विपक्ष अब इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर हमलावर है। सोशल मीडिया पर इसको लेकर यूजर्स कमेंट कर रहे हैं।
भिवानी के थाना जुई कला पुलिस ने ईंट भट्ठे पर कार्यरत एक मजदूर का मोबाइल चोरी करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम ने आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए दो मोबाइल भी बरामद किए हैं। उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी रोहित ने थाना जुई कला में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह जुई कला क्षेत्र में स्थित एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता है। 21 जनवरी की रात्रि को उसकी झुग्गी में एक अज्ञात व्यक्ति घुसकर उसका मोबाइल चोरी कर फरार हो गया। शिकायत के आधार पर थाना जुई कला में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई। जांच के दौरान थाना जुई कला के सहायक उप निरीक्षक संदीप कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए मोबाइल चोरी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया। यूपी के बुलंदशहर का रहने वाला गिरफ्तार आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के जिला बुलंदशहर के कमालपुर निवासी साकिब के रूप में हुई है। पुलिस टीम द्वारा आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह नशे का आदी है। नशे की पूर्ति के लिए उसने पहले ईंट भट्ठे पर मजदूर की झुग्गी में घुसकर मोबाइल चोरी किया। इसके पश्चात उसने रास्ते में एक व्यक्ति से फोन करने के बहाने उसका मोबाइल लेकर फरार हो गया। आरोपी मजदूरी का कार्य करता है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेज दिया हैं।
पूर्णिया जिले के केनगर थाना पुलिस ने मोबाइल झपट्टा मार गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से कुल 8 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एक अपाची बाइक बरामद की है। सभी गिरफ्तार अभियुक्तों को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया। थाना प्रभारी मुन्ना कुमार पटेल ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में परोरा पंचायत के वार्ड संख्या-15 निवासी विनोद पासवान का 23 वर्षीय पुत्र सौरभ कुमार पासवान और अर्जुन प्रसाद सिंह का 23 वर्षीय पुत्र रौशन कुमार सिंह शामिल हैं। इनके साथ ही वार्ड संख्या-16 निवासी ठाकुर प्रसाद सिंह का 22 वर्षीय पुत्र मनीष कुमार सिंह भी पकड़ा गया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मछली व्यवसायी रौशन कुमार अपने व्यवसाय की आड़ में चोरी के मोबाइल खरीदकर बेचने का धंधा कर रहा है। इस सूचना के सत्यापन के लिए एक पुलिस टीम गठित की गई। गश्ती वाहन भेजकर रौशन के घर पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान रौशन के पास से 5 मोबाइल फोन बरामद हुए। मौके पर ही रौशन कुमार को गिरफ्तार कर कड़ाई से पूछताछ की गई, जिस पर उसने बताया कि मनीष और सौरभ मोबाइल छीनकर उसे बेचने के लिए देते थे। रौशन की निशानदेही पर मनीष और सौरभ को भी गिरफ्तार कर लिया गया। मनीष के पास से 1 मोबाइल और सौरभ के पास से 2 मोबाइल फोन बरामद किए गए। इसके अलावा, एक बाइक भी जब्त की गई है।
अजमेर में मासूम से पड़ोसी युवक ने अश्लील हरकत की। पीड़िता के परिवार को जान से मारने की धमकी देकर आरोपी पड़ोसी युवक उससे अश्लील हरकत कर रहा था। साथ ही मोबाइल पर अश्लील फोटो-वीडियो भी दिखाए। बाद में रोते हुए पीड़िता ने पिता को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। मामले में पीड़िता के पिता ने गुरुवार को थाने में मुकदमा दर्ज करवाया। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घर आकर की गंदी हरकतपुलिस के अनुसार पीड़ित पिता ने शिकायत में बताया कि उसकी बेटी घर पर रो रही थी। जब उससे प्यार से पूछा तो उसने बताया कि गर्मियों की छुट्टी के दौरान पड़ोस में रहने वाले अंकल घर आए और उसे बहला फुसलाकर उसके साथ अश्लील हरकत की। बाद में वे वहां से चले गए। पीड़िता ने अपने पिता को रोते हुए बताया कि तभी से पड़ोस में रहने वाले अंकल उसके साथ इस तरह की हरकतें कर रहे हैं। आरोपी ने मोबाइल में पीड़िता बच्ची को अश्लील फोटो-वीडियो भी दिखाए। साथ ही किसी को नहीं बताने की धमकी दी। मामले में पिता की शिकायत पर पुलिस जांच में जुटी है।
अगर आप बिहार को पूरी लग्जरी सुविधाओं के साथ एक्सप्लोर करना चाहते हैं तो इसके लिए 1 करोड़ की कैरावैन बस आपके लिए तैयार है। आज दो कैरावैन बस को हरी झंडी दिखाई गई। बिहार के पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद आज इसका उद्घाटन किया। इस दौरान मंत्री ने खुद बस में सवार होकर सफर किया। ये दोनों बसें एक चलता-फिरता फाइव स्टार होटल है, जिसमें बेडरूम, बाथरूम, किचन सहित ड्रेसिंग एरिया भी है। 24 घंटे इसमें वाई-फाई की सुविधा मिलेगी। सबसे पहले देखिए कैरावैन बस के उद्घाटन की तस्वीरें... कैरावैन को ऑल इंडिया परमिट, ऑनलाइन बुकिंग सुविधा दोनों कैरावैन बसों की कुल खरीद लागत लगभग 2 करोड़ 18 लाख आई है। दोनों कैरावैनों को ऑल इंडिया परमिट भी मिली है। इस कैरावैन का उपयोग बिहार और देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों के टूर के लिए किया जाएगा। इसमें देशी-विदेशी पर्यटक पटना से गयाजी, जहानाबाद, बक्सर, नवादा, राजगीर, बांका, वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व सहित राज्य और देश के कई पर्यटन स्थलों की यात्रा कर सकेंगे। इसका किराया 75 रू प्रति किलोमीटर, कम से कम 250 किलोमीटर प्रतिदिन + 05 प्रतिशत जीएसटी रखा गया है। इसकी बुकिंग ऑनलाइन बिहार टूरिज्म की वेबसाइट और ऑफलाइन ऑफिस आकर कर सकते हैं। आम लोग इसकी बुकिंग सिख हेरिटेज भवन, दरोगा राय पथ में बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के कार्यालय या कौटिल्य विहार काउंटर से कर सकते हैं। इसके अलावा मोबाइल नंबर 8544418209 पर भी बुकिंग की जा सकती है। सिक्योरिटी के लिए 6 कैमरे को इंस्टॉल किया यह बस पूरी तरीके से एयर कंडीशन्ड है, जिसमें सिक्योरिटी के लिहाज से 6 कैमरे को इंस्टॉल किया गया है। इसे बिहार सरकार के लिए बुलेट प्रूफ गाड़ियां बनाने वाली कंपनी ने डिजाइन किया है। इसे बनाने के 3 महीने के भीतर ही दो गाड़ियों को बिहार डिलीवर किया गया है। हर सीट पर लगे हैं मोटराइज्ड पर्दे JCBL कंपनी के डिप्टी मैनेजर विशाल रतन बताते हैं कि कैरावैन के अंदर इंटर करने के लिए ऑटोमैटिक फोल्डेबल फूट स्टेप्स की सुविधा दी गई है। इस बस में चार रिक्लाइनर, 3 सीटर एक सोफा और 4 स्लीपर बर्थ की सुविधा दी गई है। ये रिक्लाइनर, पूरी तरह से ऑटोमेटेड है, जिसे अपने हिसाब से ऑपरेट किया जा सकता है। इस सीट को 360 डिग्री मूव भी कर सकते हैं। हर सीट के पास खाना खाने के लिए स्नेक टेबल की भी सुविधा दी गई है। सीट के बगल में पर्दे को भी मोटराइज्ड किया गया है, जो बटन से ऑपरेट होते हुए खुल और बंद हो सकते हैं। एयरक्राफ्ट जैसे हैटरैक केबिन की दी गई सुविधा विशाल रतन ने आगे बताया कि 43 इंच का एक स्मार्ट टीवी यहां इंस्टॉल किया गया है। बेडरूम वाले एरिया में हर स्लीपर बर्थ में एक टीवी लगाई गई है। हर सीट के पास मोबाइल चार्जिंग पॉइंट दी गई है। किसी तरीके की समस्या होने पर या कोई इंस्ट्रक्शन देने के लिए ड्राइवर से डायरेक्ट को-ऑर्डिनेटर किया जा सकता है। सामान रखने के लिए एयरक्राफ्ट जैसे हैटरैक केबिन की सुविधा दी गई है। वहीं, सोफे के नीचे स्टोरेज की सुविधा दी गई है। सेफ्टी के लिए इमरजेंसी एग्जिट भी दी गई है। किचन में चूल्हे के साथ फ्रिज, माइक्रोवेव, वाटर कूलर भी मौजूद गाड़ी के अंदर किचन एरिया में एक प्रॉपर स्लैब बनाया गया है, जिसमें इंडक्शन की सुविधा दी गई है। लोग इस पर खाना भी बना सकते हैं। इसके साथ ही फ्रिज, माइक्रोवेव, वाटर कूलर भी मौजूद है। किचन एरिया में करीब चार से ज्यादा कंपार्टमेंट बनाए गए हैं, जिसमें बर्तन या फिर कोई भी किचन के समान को स्टोर करके रखा जा सकता है। बगल में ही वॉश बेसिन भी है, जिसमें खाना बनाने के बाद बर्तन को भी धो सकते हैं। यात्रा के दौरान लोगों को खाने के लिए होटल या रेस्टोरेंट की जरूरत नहीं पड़ेगी। बेडरूम में लगाए गए ऑर्थोपेडिक मेट्रेस इस कैरावैन में जो बेडरूम एरिया बनाया गया है, वहां एक साथ चार लोग सो सकते हैं। हर सीट को भारत के अलग-अलग टूरिस्ट प्लेस के वॉलपेपर से सजाया गया। हर सीट के पास एसी वेंट, रीडिंग लैंप, मोटराइज्ड कर्टन के साथ मोबाइल चार्जिंग शॉकेट की सुविधा दी गई है। बेडरूम के दाहिने साइड वाले ऑर्थोपेडिक मेट्रेस है, जिसमें मेडिकल कंडीशन जैसे, कमर दर्द, पैर दर्द या फिर सर्वाइकल वाले बीमार मरीज आराम से सो सकते हैं। बेडरूम में ड्रेसिंग एरिया और मेकअप के लिए भी जगह बाथरूम में बेसिन के साथ-साथ शॉवर एरिया भी बनाया गया है, जहां पर लोग नहा भी सकते हैं। यहां गर्म और ठंडा दोनों तरह का पानी आएगा। इस कैरावैन में मरीन टॉयलेट लगाया गया है, जो कम पानी में भी एफिशिएंट तरीके से सफाई कर सकती है। बेडरूम में तैयार होने के लिए ड्रेसिंग एरिया दिया गया है। यहां मेकअप करने के लिए बड़ा सा आइना लगाया गया है और साथ ही अपने कॉस्मेटिक रखने के लिए सेल्फ भी दी गई है। 75 रुपए प्रति किलोमीटर के दर से किराया बिहार टूरिज्म के ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के मैनेजर रत्नेश कुमार ने बताया कि, इसका किराया 75 रुपए प्रति किलोमीटर के दर से न्यूनतम 250 किलोमीटर के लिए रखा गया है। इसके अलावा, एक दिन के लिए बुकिंग लगभग 20 हजार रुपए प्रतिदिन की दर से होगी, ज्यादा यात्रा पर प्रति किमी की दर लागू होगी। वहीं, पटना में 12 घंटे और 75 किमी की यात्रा के लिए 11,000 रुपए में बुकिंग का विकल्प भी दिया गया है। अभी इसके रजिस्ट्रेशन और परमिट की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।
शहडोल पुलिस लाइन में ड्यूटी के दौरान कॉन्स्टेबल ने खुद को गोली मार ली। उसकी मौके पर मौत हो गई। घटना गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करीब 1:25 बजे रक्षित केंद्र की है। कॉन्स्टेबल की पहचान शिशिर सिंह राजपूत (29) के रूप में हुई है। उसने सर्विस राइफल से गर्दन के पास फायर किया। पता चला है कि घटना से ठीक पहले कॉन्स्टेबल मोबाइल पर किसी से बात कर रहा था। इसी दौरान उसने मोबाइल जमीन पर फेंक दिया। इसके बाद राइफल से खुद पर फायर कर लिया। मौके पर टूटा हुआ मोबाइल और सर्विस राइफल मिली है। आवाज सुनकर पहुंचे पुलिसकर्मीगोली चलने की आवाज सुनकर रात में ही आसपास सो रहे अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। सूचना पर कोतवाली पुलिस और पुलिस लाइन के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। वहां से टूटा हुआ मोबाइल फोन जब्त किया। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल घटना का कारण पता नहीं चला है। पुलिस का कहना है कि कॉल डिटेल और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। जबलपुर का रहने वाला था कॉन्स्टेबलशिशिर सिंह (पिता स्वर्गीय शरद सिंह) मूल रूप से जबलपुर का निवासी था। उसे वर्ष 2013 में बाल आरक्षक के रूप में अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। वर्ष 2015 में 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद वह नियमित आरक्षक के पद पर नियुक्त हुआ। वर्तमान में वह शहडोल पुलिस लाइन में पदस्थ था। परिवार में उसकी मां और तीन बहनें हैं। परिजनों को सूचना दे दी है। पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है। दो दिन पहले ही नया मोबाइल लिया थाकॉन्स्टेबल ने दो दिन पहले ही नया मोबाइल खरीदा था। वह उसी मोबाइल से कुर्सी पर अलाव तापते हुए किसी से बात कर रहा था। बात करते समय विवाद बढ़ा। मोबाइल इतनी जोर से पटका कि वह चकनाचूर हो गया। बताया जा रहा है कि गोली लगने के बाद भी शव कुर्सी पर ही ऐसे रखा था, जैसे वह वहीं सो रहा हो।
व्यक्ति से मोबाइल छीन नहीं पाए तो लुटेरों ने सिर पर किया हमला
जालंधर| लम्मा पिंड इलाके में बुधवार देर रात सैर कर रहे एक व्यक्ति से तीन अज्ञात लुटेरों ने मोबाइल छीनने की कोशिश की, लेकिन जब व्यक्ति से वे मोबाइल नहीं छीन पाए तो तेजधार हथियारों से उसे घायल कर फरार हो गए। पीड़ित प्रताप सिंह ने बताया कि वह रात करीब 11 बजे सेठी इंडस्ट्री रोड पर सैर कर रहे थे। इसी दौरान पैदल आए तीन युवकों ने उन्हें घेर लिया और मोबाइल छीनने की कोशिश की। जब उन्होंने लुटेरों को काबू करने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उनके सिर पर तेजधार हथियार से वार कर दिया। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित का आरोप है कि ‘वारदात के तुरंत बाद उन्होंने रामा मंडी थाना पुलिस को कई बार फोन किया, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। मजबूरन घायल अवस्था में उन्हें खुद ही अस्पताल जाकर अपना इलाज करवाना पड़ा।’ आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि ‘हद तो तब हो गई जब अस्पताल से लौटते समय उन्होंने लम्मा पिंड चौक के पास लगे पुलिस नाके पर आपबीती सुनाई, लेकिन पुलिसकर्मियों ने मदद के बजाय उनकी गाड़ी की ही चेकिंग शुरू कर दी। उधर, घटना की पूरी सीसीटीवी फुटेज सामने आई है, जिसमें हमलावर हथियार लहराते हुए गलियों में भागते नजर आ रहे हैं। फुटेज के आधार पर पुलिस ने अब आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि किसी भी हालत आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।
एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के तहत वोटर्स के नाम जोडने, काटने और संशोधन के लिए आज दावे-आपत्तियों का आखिरी दिन है। भोपाल सहित एमपी के अलग-अलग जिलों से वोटर्स के नाम हटाने के लिए बड़ी संख्या में ऐसे गुमनाम आवेदन बीएलओ तक पहुंचे हैं जिनमें शिकायतकर्ता का नाम, पता मोबाइल नंबर और दस्तखत तक नहीं हैं। कांग्रेस का आरोप है कि ये मतदाताओं के नाम कटवाने के लिए जो फॉर्म-7 बीएलओ के पास भेजे गए हैं। वो बीजेपी ने छपवाए हैं। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के ऑफिस पहुंचकर लिखित में शिकायत की है। कांग्रेस के आरोपों की दैनिक भास्कर ने पड़ताल की तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। भोपाल: शिकायतकर्ता का नाम नहीं फिर भी आपत्ति दर्ज भोपाल जिले की बैरसिया विधानसभा के नायसमंद में 86 वोटर्स के नाम काटने के लिए फॉर्म 7 बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) को भेजे गए हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि इन फॉर्म में शिकायतकर्ता का नाम पता और मोबाइल नंबर नहीं लिखा है। न ही शिकायतकर्ताओं के साइन हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इन फॉर्म 7 को किसी सॉफ्टवेयर के जरिए टाइप किया गया है। इसमें अधिकांश अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं के नाम काटने के लिए आपत्ति लगाई गई है। जिन वोटर्स के नाम काटने के लिए आपत्तियां लगाई गईं हैं कांग्रेस के बूथ लेवल एजेंट ने उन मतदाताओं के घर जाकर बातचीत करके वीडियो जारी किया है। जिसमें मतदाता कह रहे हैं कि वे पीढ़ियों से यहां रहते हुए आ रहे हैं। राजगढ़: फर्जी साइन कर की गई शिकायतेंराजगढ़ के ब्यावरा में कांग्रेस की ओर से रिटर्निंग ऑफिसर को शिकायत की गई है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा संगठन द्वारा ब्यावरा विधानसभा के हर बूथ पर वैध मतदाताओं के नाम पर झूठी आपत्तियां पेश की जा रही हैं। इन आपत्तियों की पुष्टि किए बिना इन्हें पॉलिटिकल प्रेशर के कारण निर्वाचन कार्यालय में लिया जा रहा है। जबकि नियमानुसार आपत्तियां बीएलओ के पास दर्ज होनी चाहिए। टीकमगढ़: एक पंचायत के 300 वोटर्स के नाम काटने लगाई आपत्तिटीकमगढ़ के खरगापुर विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बड़ाघाट के तीन गांव हनुमतपुरा, बड़ाघाट, तमोरा के ग्रामीणों से बल्देवगढ़ एसडीएम से शिकायत की है। ग्रामीणों का आरोप है कि बीजेपी की ओर से भेजे 300 लोगों के नाम काटने के लिए आवेदन दिए गए हैं। भागीरथ यादव, राममिलन यादव, खुम्मन रैकवार, दशरथ रैकवार, बृजराज यादव , विक्रम यादव द्वारा फर्जी शिकायतें करके ग्रामीणों के नाम मतदाता सूची से कटवाने की साजिश की जा रही है। एसडीएम को दिए ज्ञापन में झूठी आपत्ति दर्ज कराने वालों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई है। पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष दिग्विजय सिंह गौर का कहना है कि खरगापुर विधानसभा की ग्राम पंचायत गणेशपुरा में कुशवाहा समाज के 39 लोगों के नाम काटने के लिए आपत्तियां दी गई हैं, जबकि वो लोग पीढियों से गांव के निवासी है। हम एक भी पात्र मतदाता का नाम नहीं कटने देंगे। सीधी: बीजेपी नेता ने अल्पसंख्यकों के नाम कटवाने दिए आवेदनसीधी के जिला निर्वाचन अधिकारी से अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं ने शिकायत की है कि बीजेपी के बीएलए बृजेश सिंह ने 4-5 बार फार्म-7 भरकर मुस्लिम समुदाय के लोगों के नाम कटवाने के लिए आवेदन दिए हैं। हम लोग यहां के निवासी हैं। इसके बावजूद बीएलओ के माध्यम से बीजेपी नेता शपथ पत्र मांगकर परेशान कर रहे हैं। जबकि, बीजेपी के बीएलए बृजेश सिंह के परिवारजनों के नाम भाग संख्या 272 और भाग संख्या 69 पटेहरा में भी दर्ज हैं। अल्पसंख्यक वर्ग के मतदाताओं ने निर्वाचन अधिकारी से मांग की है कि जो व्यक्ति आपत्ति लगाने के लिए फॉर्म 7 जमा करे उससे हलफनामा लिया जाए। पटवारी बोले: तीन दिन में 11 लाख फॉर्म कैसे आ गए जीतू पटवारी ने कहा कि सारे जिला निर्वाचन अधिकारियों, रिटर्निंग ऑफिसर से लेकर बीएलओ से प्रार्थना करता हूं कि 11 लाख नाम तीन दिन में बढ़ गए। 4 लाख से सीधे 11 लाख फॉर्म 7 दिए गए। ये बीजेपी की साजिश की ओर इशारा कर रहा है। चूंकि बीजेपी का राज है तो फिर बीजेपी की सरकार में मंत्रियों की ड्यूटी क्यों लगाई?पटवारी ने कहा- राजस्थान और कई राज्यों में ऐसे घटनाक्रम सामने आए हैं कि भाजपा एससी,एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्ग के नाम कटवा रही है। कांग्रेस के जो परिवार हैं उनके नाम कटवाए जा रहे हैं। फॉर्म 7 का दुरुपयोग किया जा रहा फाॅर्म 7 का दुरुपयोग किया जा रहा है। फाॅर्म 7 के अंतर्गत एक व्यक्ति एक आपत्ति दर्ज करा सकता है लेकिन, बीजेपी के एक-एक कार्यकर्ता ने 25-25 आपत्तियां दर्ज कराईं। इसके प्रमाण हमने निर्वाचन आयोग को दिए हैं। मैं निर्वाचन में काम करने वाले अधिकारियों से निवेदन करता हूं कि एक बूथ पर भी आपने भाजपा का साथ दिया? एक भी सही नाम काटा, या एक भी अवैध नाम जोड़ा तो हम आपके खिलाफ पुलिस में एफआईआर कराएंगे। यही निर्देश कोर्ट ने बिहार असम के संदर्भ में दिए हैं। बीजेपी के प्रभाव में गलत काम करने वाले बीएलओ जेल जाएंगेजीतू पटवारी ने कहा- 95 प्रतिशत बीएलओ ईमानदारी से काम कर रहे हैं। 5 प्रतिशत बीएलओ बीजेपी के नेताओं के प्रभाव में आकर दुरुपयोग कर रहे हैं, अगर आपने एक भी नाम गलत तरीके से काटा तो भाजपा के लोग आपके भविष्य के लिए हथेली लगाने नहीं आएंगे। अगर बीजेपी नेताओं के प्रभाव में आकर कोई काम किया तो थाना और जेल की सलाखें आपका रास्ता देख रहीं हैं। रायसेन में 200 लोगों के नाम कटने की आपत्तिरायसेन में एक व्यक्ति ने 200 लोगों के नाम कटवाने के लिए आपत्ति ली। जिन लोगों ने आपत्ति ली उनसे पूछा तो उन्हें पता ही नहीं था। उनके नाम से नकली आपत्ति दर्ज कराई गई थी। ऐसी कई बातें आदिवासी क्षेत्रों में सामने आईं हैं। खासकर जो आदिवासी पलायन कर गए वे अपना नाम एसआईआर में सत्यापन करवाकर वापस चले गए उनके नाम काटने के लिए आपत्तियां दर्ज कराई जा रहीं हैं। ये खबर भी पढ़ें…भोपाल में 4.38 लाख वोटर्स के नाम कटे...जुड़ेंगे 50 हजार भोपाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) सर्वे में कुल 4.38 लाख वोटर्स के नाम कटे हैं, लेकिन नए नाम सिर्फ 50 हजार ही जुड़े हैं। गुरुवार को वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, घटाने और संशोधन का आखिरी दिन है। इसके चलते टीमें वार्डों में जाकर कैम्प भी लगा रही है।पूरी खबर पढ़ें
जिला स्तरीय स्किल एग्जीबिशन:विद्यार्थियों ने मोबाइल से चलाई कार, चोरी रोकने को लेजर तकनीक बनाई
मुभीछाराउमावि गांधी चौक में जिला स्तरीय स्किल एग्जीबिशन में जूनियर वैज्ञानिकों ने आधुनिक तकनीकी के मॉडल विकसित प्रदर्शित किए। इनमें मॉडल ऐसे थे, जिन्हें देखकर हैरत होती है कि इतनी कम उम्र में भी आइडिया लेवल पर बच्चों की सोच कितनी विकसित है। 292 बच्चों ने अपने अपने मॉडल प्रस्तुति किए। इनमें से यह चार मॉडल जो वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अत्यंत उपयोगी है और जीवन को सरल बनाने वाले हैं। मोबाइल एप से कार कंट्रोल करने का मॉडल पीएमश्री सिंधासवा के 11वीं कक्षा के इंसाफ खां ने मोबाइल टेक्नोलॉजी और कार को आपस में जोड़कर अपना मॉडल बनाया है। इंसाफ ने एआई एप से कार को सेल्फ ड्राइव मोड पर चलाने के लिए एप तैयार किया। इसे उसने अपने मोबाइल में इंस्टॉल किया है। इसके साथ ही कार में मोबाइल कनेक्टिविटी के लिए चिप भी डाली। इससे मोबाइल में इंस्टॉल एप से कार को ड्राइविंग मोड पर चला सकते हैं। इसके साथ ही कार को ड्राइवर के बिना कंट्रोल किया जा सकता है। अल्ट्रा सोनिक होम सिक्योरिटी सिस्टम बनाया पीएमश्री राउमावि भाडखा के 10वीं कक्षा के विद्यार्थी मोतीलाल ने अल्ट्रा सोनिक आधारिक होम सिक्योरिटी सिस्टम का मॉडल बनाया। कॉलोनी, घर या खेत में होने वाली चोरियों को रोकने के लिए विशेष मेथर्ड यूज किया गया। रात में कॉलोनी का मेन गेट लगा होने के बाद इस सिस्टम को चालू कर देते हैं। उसके बाद इस सिस्टम के आगे कोई भी वाहन आकर रुकेगा तो सिस्टम की अल्ट्रा रैन डिटेक्टर मॉडल,बारिश आने की सूचना देगा राउमावि कांकराला कल्याणपुरा के 9 वीं कक्षा के विद्यार्थी विक्रम प्रजापत ने रैन डिटेक्टर मॉडल बनाया। विक्रम ने अपने मॉडल में बारिश की सूचना के साथ ही घरों में उपयोग होने वाला सिस्टम भी डवलप किया। मॉडल में घर के बाहर सूख रहे कपड़ों की रॉड को इस मॉडल से जोड़ दिया। जैसे ही इस रैन डिटेक्टर पर बारिश की बूंदें पड़ती है तो कपड़ों को सुखाने वाली रॉड अपने आप ही घर में ले लेती है। वहीं जब बारिश बंद होती है और डिटेक्टर सूख जाता है तो वापस पहले वाली स्थिति में आ जाती है।
बैंकों में 5 डे वीक वर्किंग यानी, पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर अब बैंककर्मी हड़ताल पर जाएंगे। 27 जनवरी को एक दिवसीय हड़ताल होगी। फिर भी मांग नहीं मानी गई तो अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होगी। इससे पहले गुरुवार शाम को अरेरा हिल्स में बैंककर्मी इकट्ठा हुए। उन्होंने मोबाइल की टॉर्च जलाकर विरोध जताया। गुरुवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसके चलते ही फोरम की स्थानीय भोपाल इकाई के आह्वान पर राजधानी भोपाल के सैकड़ों बैंक कर्मचारी और अधिकारी शाम 5.30 बजे पंजाब नैशनल बैंक इंदिरा प्रेस कॉम्प्लेक्स के सामने एकत्रित हुए। उन्होंने अपनी मांग के समर्थन में जोरदार नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और सभा की। फोरम में शामिल बैंक यूनियंस के पदाधिकारी केके शर्मा, सुबिन सिन्हा, प्रवीण मेघानी, नजीर कुरैशी, दिनेश झा, विशाल जैन, संजय कुदेशिया, वीएस नेगी, सुनील सिंह आदि ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि 27 जनवरी को अखिल भारतीय बैंक हड़ताल का आह्वान किया गया है। इस हड़ताल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी क्षेत्र के बैंक, विदेशी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंकों के 8 लाख कर्मचारी और अधिकारी शामिल होंगे। आंदोलित बैंक कर्मियों की मांग है कि बैंकिंग उद्योग में 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने के लिए केंद्र सरकार मंजूरी दें। शेष सभी शनिवार (वर्तमान में केवल दूसरा और चौथा शनिवार अवकाश है), को अवकाश घोषित किया जाए। लंबे समय से हो रही मांगयूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स लंबे समय से बैंकिंग क्षेत्र में सप्ताह में 5 कार्य दिवस लागू करने की मांग करता आ रहा है। 2015 में हुए 10वें द्विपक्षीय समझौते/7वें जॉइंट नोट में भारतीय बैंक संघ (IBA) और केंद्र सरकार द्वारा सहमति व्यक्त की गई थी। जिसके अनुसार प्रत्येक माह के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश घोषित किया गया और अन्य शनिवारों को आधे दिन के बजाय पूरा कार्य दिवस किया गया। उस समय यह भी आश्वासन दिया गया था कि शेष सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करने की मांग पर उचित समय पर विचार किया जाएगा, किंतु यह मुद्दा लंबित रहा। 2022 में केंद्र सरकार और भारतीय बैंक संघ ने यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के साथ इस विषय पर चर्चा करने पर सहमति जताई। ताकि कार्य घंटे बढ़ाकर शेष शनिवारों को अवकाश घोषित किया जा सके। साल 2023 में चर्चा के पश्चात यह सहमति बनी कि सोमवार से शुक्रवार के कार्य घंटे प्रतिदिन 40 मिनट बढ़ाए जाएंगे और शेष शनिवारों को अवकाश घोषित किया जाएगा। इस प्रस्ताव को विधिवत सरकार को भेजा गया, लेकिन दुर्भाग्यवश पिछले दो वर्ष से सरकार की स्वीकृति लंबित है। सरकार से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 24 एवं 25 मार्च-25 को दो दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया था। उस समय सरकार ने बताया कि मामला सक्रिय विचाराधीन है। जिसके चलते हड़ताल स्थगित कर दी गई थी। इस ठोस आश्वासन के बावजूद अब तक स्वीकृति नहीं दी गई।
दमोह दंपती की ट्रेन से कटकर मौत:कटनी के बखलेटा स्टेशन पर हादसा, मोबाइल नंबर से हुई शिनाख्त
दमोह जिले के बिल्थरा गांव के एक दंपति की बुधवार रात कटनी जिले के बखलेटा रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गई। पत्नी अपने पति का इलाज कराने के लिए जा रही थी। जीआरपी चौकी प्रभारी शेख जुम्मन ने बताया कि बुधवार रात सागोनी स्टेशन मास्टर से दो अज्ञात शवों के रेलवे ट्रैक पर पड़े होने की सूचना मिली थी। गुरुवार सुबह पंचनामा कार्रवाई के दौरान एक पर्ची मिली, जिस पर लिखे मोबाइल नंबर से मृतक के छोटे भाई रामचरण माली से संपर्क हुआ। फोटो दिखाने पर शवों की शिनाख्त सुखदेव माली और उनकी पत्नी सुलेखा के रूप में हुई। मृतक के भाई रामचरण माली ने बताया कि सुखदेव माली को पिछले पांच साल से मिर्गी के दौरे आते थे। उनकी पत्नी सुलेखा उन्हें बखलेटा स्थित एक हनुमान मंदिर में पूजन कराने के लिए ले जा रही थीं, ताकि उनका इलाज हो सके। आशंका जताई जा रही है कि रेलवे स्टेशन पर सुखदेव को मिर्गी का दौरा पड़ा और वह ट्रैक पर गिर गए। उन्हें बचाने के प्रयास में सुलेखा भी ट्रैक पर कूद गईं, जिससे दोनों मालगाड़ी की चपेट में आ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। दोनों के शव गुरुवार दोपहर जिला अस्पताल लाए गए, जहां पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई। शाम साढ़े पांच बजे तक पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था। जीआरपी चौकी प्रभारी शेख जुम्मन ने बताया कि ऑनलाइन नाम जनरेट होने में समय लगने के चलते पोस्टमार्टम में समय लग रहा है। वहीं परिजन काफी गमगीन है क्योंकि एक साथ पति-पत्नी की मौत से दो बच्चों के सर से माता-पिता का साया भी उठ गया है। जीआरपी पुलिस ने मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
लुधियाना जिले में खन्ना पुलिस ने जेल से संचालित हो रहे एक बड़े ड्रग तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि समराला का रहने वाला सुनील कुमार उर्फ बची जेल के अंदर से ही मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर हेरोइन का पूरा गैंग चला रहा था। इस अवैध धंधे में उसकी मां घर पर बैठकर ड्रग से होने वाली कमाई (ड्रग मनी) का हिसाब-किताब संभाल रही थी। प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तारी पुलिस के अनुसार, यह ड्रग ट्रैफिकिंग नेटवर्क काफी समय से सक्रिय था और विभिन्न जिलों में हेरोइन की आपूर्ति कर रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनील कुमार उर्फ बची को प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया। जेल में इस्तेमाल फोन बरामद पूछताछ के दौरान जेल में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया गया, जिसका उपयोग ड्रग आपूर्ति, पैसों के लेन-देन और गैंग के सदस्यों से संपर्क करने के लिए किया जा रहा था।इस बड़े रैकेट का खुलासा 6 जनवरी को हुआ, जब पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान तरनतारन के रहने वाले अंग्रेज सिंह और बठिंडा का जशनप्रीत सिंह को कार सहित गिरफ्तार किया। 4 किलो 215 ग्राम हेरोइन बरामद कार की तलाशी लेने पर 4 किलो 215 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इतनी बड़ी मात्रा में नशा मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गहनता से जांच शुरू की।आगे की जांच में 9 जनवरी को समराला थाना क्षेत्र के गांव दिवाला का हर्षदीप सिंह और कूम कलां थाना क्षेत्र के गांव कटानी खुर्द, जिला लुधियाना का प्रभजोत सिंह उर्फ प्रभ को नामजद कर गिरफ्तार किया गया। कई नाम सामने आए इसके बाद हुई गहन पूछताछ में कई अन्य आरोपियों के नाम सामने आए। इनमें दोराहा का रहने वाला मनप्रीत चौधरी उर्फ भीमा, माछीवाड़ा साहिब का प्रभजोत सिंह, कटानी खुर्द का रहने वाला अनमोल सिंह उर्फ आकाश, गांव सठियाला (वर्तमान निवासी खरड़) का गुरतेज सिंह उर्फ गुरी शामिल हैं। सभी की तलाश जारी इसके साथ ही अमलोह का सनी, जगराओं का लव उर्फ कालू, कपूरथला का अर्शदीप सिंह, लुधियाना का अमरीक सिंह उर्फ विक्की मराडे, बहादुरके का कुवरवीर सिंह और गांव गेहलेवाल निवासी परमवीर सिंह उर्फ परम शामिल हैं।
पुलिस थाना मालपुरा गेट ने मोबाइल दुकानों में शटर तोड़कर नकबजनी करने वाली एक शातिर अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने करीब 1500 किलोमीटर तक पीछा कर चार आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से करीब 10 लाख रुपए मूल्य के मोबाइल फोन, एसेसरीज व नकदी बरामद की है। बता दें कि चारों आरोपियों ने 14 जनवरी की देर रात बाबा रामदेव मार्केट, मालपुरा गेट स्थित मोबाइल दुकान में हुई चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। चोर दुकान से विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन, मोबाइल एसेसरीज व नकदी चोरी कर फरार हो गए थे। चोरी की वारदात के बाद पीड़ित मयुर हेमनानी ने थाना मालपुरा गेट में रिपोर्ट दर्ज करवाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना मालपुरा गेट थानाधिकारी उदयभान यादव के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। नकबजनी से पहले आस-पास किराये का कमरा लेते डीसीपी ईस्ट संजीव नैन ने बताया कि आरोपी मोबाइल दुकानों में नकबजनी करने से पहले उस क्षेत्र में अपने जान-पहचान वालों के पास अस्थायी रूप से किराए का कमरा लेते थे। इसके बाद दिन और रात में इलाके की रेकी, आने-जाने के रास्तों की पहचान करते थे। वारदात के समय आरोपी चेहरे पर मफलर बांधकर, नीचे की ओर देखते हुए चलते थे ताकि सीसीटीवी कैमरों में पहचान न हो सके। चोरी के बाद संकरे रास्तों से निकलकर मुख्य सड़क पर पहुंच जाते थे जिससे पुलिस गश्त से बच सकें। 1500 KM पीछा कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया संजीव नैन ने बताया कि टीम द्वारा अज्ञात आरोपियों की पहचान के लिए क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों का गहन अवलोकन, आसूचना संकलन तथा तकनीकी अनुसंधान किया गया। इसके आधार पर आरोपियों की पहचान कर राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग टीमों द्वारा दबिश दी गई। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने 1500 KM पीछा कर चारों आरोपियों को डिटेन कर गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए करीब 10 लाख रुपए मूल्य के मोबाइल फोन व अन्य सामान बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपी मामले में पुलिस ने अभिषेक (24 साल) पुत्र स्व. अमीर चन्द, निवासी – गांव नोगमा केन्ट, थाना फतेहगढ़, जिला फर्रुखाबाद (यूपी) हाल – किरायेदार, ऐंचारा बिल्डिंग के पीछे, गणेश मोहल्ला, सांगानेर, रवि कुमार (30 साल) पुत्र स्व. अनार सिंह, निवासी – गांव आलीपुर खेड़ा, थाना भोगांव, जिला मैनपुरी (यूपी) हाल – किरायेदार, कुलदीप का मकान, गली नं. 2, शंकर की ढाणी, बासगांव,आईएमटी मानेसर, थाना मानेसर, जिला गुरुग्राम (हरियाणा), गुड्डन उर्फ अमित (24 साल) पुत्र स्व. गंगाचरण, निवासी – गांव नोगमा केन्ट, थाना फतेहगढ़, जिला फर्रुखाबाद (यूपी) हाल – रवि का मकान, बस स्टैंड के पास, कपूरावाला, थाना मुहाना और अंशु (23 साल) पुत्र बृजमोहन शर्मा, निवासी - गांव नोगमा केन्ट, थाना फतेहगढ़, जिला फर्रुखाबाद (यूपी) हाल – रवि का मकान, बस स्टैंड के पास, कपूरावाला, थाना मुहाना को गिरफ्तार किया। पुलिस द्वारा आरोपियों से अन्य चोरी की वारदातों के संबंध में गहन पूछताछ जारी है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में चक्रधर नगर थाना क्षेत्र के एक मोबाइल दुकान में अज्ञात चोर ने बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। रात के समय शटर का ताला तोड़कर चोर दुकान में घुसा और महंगे मोबाइल और कैश चोरी कर फरार हो गया। पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार, सुभाष नगर निवासी सुरेश शाह बोइरदादर रोड पर मोबाइल दुकान का संचालन करते हैं। बुधवार रात रोज की तरह दुकान बंद कर शटर में ताला लगाकर वह घर चले गए थे। ताला और कांच का दरवाजा तोड़कर घुसा चोर रात के समय अज्ञात चोर ने दुकान के शटर का ताला तोड़ा। इसके बाद अंदर लगे कांच के दरवाजे को भी क्षतिग्रस्त कर दुकान में प्रवेश किया। CCTV फुटेज में एक ही चोर पूरी वारदात को अंजाम देते हुए नजर आ रहा है। महंगे मोबाइल और करीब एक लाख कैश चोरी चोर ने दुकान के काउंटर में रखे कई महंगे मोबाइल चोरी कर लिए। इसके साथ ही गल्ले में रखे करीब 1 लाख रुपए नकद भी लेकर फरार हो गया। फिलहाल चोरी गए मोबाइल और कुल नुकसान का सटीक आकलन नहीं हो सका है। सुबह दुकान खुलने पर चोरी का हुआ खुलासा गुरुवार सुबह जब पास की दुकान के व्यवसायी ने शटर का ताला टूटा देखा, तो उसने तुरंत सुरेश शाह को सूचना दी। दुकान पहुंचने पर चोरी की पुष्टि हुई, जिसके बाद चक्रधर नगर थाना में मामले की शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस जांच में जुटी, CCTV फुटेज खंगाले जा रहे सूचना मिलने पर चक्रधर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। दुकान के अंदर और बाहर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपी की पहचान की जा सके। चक्रधर नगर थाना के ASI नंदू सारथी ने बताया कि शाह मोबाइल दुकान में चोरी की घटना हुई है। चोरी की कुल राशि और सामान का आकलन किया जा रहा है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उदयपुर जिले के खेरवाड़ा क्षेत्र में उस समय दहशत और कौतूहल का माहौल बन गया, जब जवास गांव के बेहद नजदीक पहाड़ियों में लेपर्ड का मूवमेंट दिखाई दिया। जंगल से सटे इलाके में दो लेपर्ड नजर आने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। लोगों ने अपनी आंखों के सामने लेपर्ड की चहलकदमी देखी और पूरे घटनाक्रम को मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। खेरवाड़ा कस्बे से करीब 11 किलोमीटर दूर स्थित जवास गांव का वीडियो सामने आया है। लोगों ने बनाया लेपर्ड के मूवमेंट का वीडियो वीडियो में लोगों की आवाजाही देखकर एक लेपर्ड पहाड़ी के ऊपर तरफ भागता हुआ नजर आ रहा है। जबकि, दूसरे वीडियो में रात को दो लेपर्ड आराम करते हुए नजर आ रहे हैं। लेपर्ड का यह मूवमेंट वहां पास ही की आबादी क्षेत्र से लोगों ने देखा और वीडियो बना लिया। अक्सर यहां रहता है लेपर्ड का मूवमेंट ग्रामीणों का कहना है कि यहां पर अक्सर लेपर्ड का मूवमेंट रहता है, लेकिन इतने नजदीक का नजारा था। बताते है कि जवास रावला के पीछे स्थित पहाड़ी क्षेत्र में इन लेपर्ड का मूवमेंट रहता है। नदी में पानी पीते हुए भी कई बार लेपर्ड देखे गए ग्रामीणों का कहना है कि पास ही नदी है वहां पर भी लेपर्ड पानी पीने के लिए आते रहते हैं। दो दिन पहले जब इन लेपर्ड को देखा तब वे पहाड़ी पर नीचे की तरफ आए हुए थे। ये लेपर्ड रात के समय भी देखे गए थे। इसके बाद वासप लेपर्ड नहीं दिखे। बार-बार लेपर्ड की मौजूदगी सामने आने से ग्रामीणों में भय व्याप्त है और लोग खासतौर पर बच्चों और पशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
पलवल जिले के रहराना गांव में बिजली का खंबा (पोल) लगाने गए बिजली विभाग के जेई और उनके स्टाफ के साथ बदसलूकी और मारपीट का मामला सामने आया है। आरोपियों ने सरकारी कार्य में बाधा डालने के साथ-साथ जेई का मोबाइल फोन छीनकर उसमें रिकॉर्ड वीडियो भी डिलीट कर दिया। पुलिस ने मामले में नामजद आरोपी और उसके साथियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लाइन बंद करने का लिया था परमिट कैंप थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल के अनुसार, बिजली निगम के जेई राजेंद्र सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि 18 जनवरी की रात उन्हें रहराना गांव में एक बिजली का पोल टूटने की सूचना मिली थी। सुरक्षा कारणों से उसी रात लाइन बंद कर परमिट ले लिया गया था। 19 जनवरी की सुबह करीब आठ बजे जेई राजेंद्र सिंह, ठेकेदार योगेश और लाइन स्टाफ (महिपाल, रवि, हरेंद्र) के साथ टूटे हुए पोल को दोबारा लगाने पहुंचे। जिस जगह पोल टूटा था, वहां हरि नामक व्यक्ति अपनी दुकान के ऊपर निर्माण कार्य कर रहा था, जिसके कारण विवाद शुरू हो गया। वीडियो बनाने पर भड़का व्यक्ति जब जेई मौके की स्थिति का वीडियो बनाने लगे, तो हरि का बेटा राहुल वहां पहुंच गया। आरोप है कि राहुल ने आते ही टीम के साथ गाली-गलौज की और कहा कि वह पोल नहीं लगने देगा। जब जेई ने मोबाइल उसकी तरफ किया, तो राहुल ने धक्का-मुक्की की। उसके एक साथी ने जेई का फोन छीन लिया और उसमें रिकॉर्ड की गई वीडियो डिलीट कर दी। पुराना पोल जान बूझकर तोड़ा- जेई जेई ने अपनी शिकायत में आशंका भी जताई है कि बिजली का पोल भी इन्हीं लोगों ने जान बूझकर तोड़ा होगा, ताकि वे अपने निर्माण कार्य को आगे बढ़ा सके। शिकायत में आरोप लगाया कि आरोपी जाते-जाते विभाग की टीम को धमकी देकर गए कि उनके रहते यहां कोई पोल खड़ा नहीं कर सकता और यदि ऐसा करने का प्रयास किया तो अंजाम ठीक नहीं होगा। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने जेई राजेंद्र सिंह की शिकायत के आधार पर हरि और उसके बेटे राहुल सहित अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट, मोबाइल छीनने और धमकी देने सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है। जिसके संबंध में कैंप थाना पुलिस ने जेई की शिकायत पर आरोपी राहुल के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जिले के राघौगढ़ इलाके में लूट और डकैती के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने ऑटो के आगे बाइक लगाकर उसे रोका और उसमें बैठी महिला के साथ मारपीट कर पैसे लूट लिए थे। पुलिस ने लूटा गया मोबाइल भी बरामद कर लिया है। राघौगढ़ पुलिस ने बताया कि लक्ष्मी पत्नि राजकुमार खटीक निवासी नानाखेड़ी केंट गुना हाल सुधासागर कॉलोनी बहादुरगढ़ थाना विजयपुर द्वारा 14 सितंबर 2025 को राघौगढ़ थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उसने बताया था कि 13 सितंबर को वह अपने ऑटो मछली बेचने के लिए उनारसी कला जिला विदिशा गई थी। ऑटो रघुवीर उर्फ कल्ला गुर्जर चला रहा था। पहले रैकी की फिर लूट की वारदात को दिया अंजामवापस लौटते समय आरोन-राघौगढ़ रोड़ पर पाटन तिराहे के पास दो मोटर साइकिलों पर सवार अज्ञात चार लड़कों ने अचानक ऑटो के सामने मोटर साइकिलें लगाकर ऑटो को रोक लिया। ऑटो में तोड़फोड़ और उनके साथ मारपीट कर 10 हजार रुपये नगदी, गले में पहना हुआ मंगलसूत्र और एक मोबाइल छीनकर भाग गए। महिला की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। SP अंकित सोनी के निर्देशन में राघौगढ़ SDOP दीपा डोडवे के नेतृत्व में राघौगढ़ थाना प्रभारी ट्रेनी DSP आनंद कुमार राय और उनकी टीम ने बदमाशों की तलाश में अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। साथ ही विभिन्न तकनीकि संसाधनों की मदद लेकर आरोपियों की पहचान के प्रयास किए गए। इसी क्रम में पुलिस द्वारा सूचना संकलन, तकनीकि विश्लेषण के आधार पर अज्ञात आरोपियों की पहचान कर ली गई। दो आरोपी गिरफ्तारबदमाशों की पहचान हो जाने के बाद उनकी तलाश में दबिशें दी गईं। इसी क्रम में दो आरोपियों तोफान उर्फ कल्ला पुत्र पर्वत सिंह भील उम्र 20 साल और लोकेश पुत्र अमर सिंह भील उम्र 20 साल निवासीगण ग्राम सैरखेड़ा थाना जामनेर जिला गुना को गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही आरोपियों द्वारा घटना में इस्तेमाल की गई एक बाइक और महिला का लूटा हुआ मोबाइल बरामद किया गया। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना कुल पांच लोगों के द्वारा की गई थी, जिनमें चार लोगों ने घटना घटित की और उनका एक साथी आगे रैकी कर उन्हें जानकारी दे रहा था। विवेचना में आए तथ्यों के आधार पर प्रकरण में लूट की धारा के स्थान पर डकैती की धारा 311 बीएनएस जोड़ी गई। रिमाण्ड के बाद आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया है।
दुर्ग पुलिस ने मोबाइल व्हाट्सऐप ग्रुप बनाकर जुआ-सट्टा खेलने और खिलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग प्रकरणों में कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन और जुआ-सट्टा की 23 हजार रुपए की नगद रकम बरामद की गई है। सभी आरोपियों को छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। सूचना के बाद पहुंची पुलिस जानकारी के अनुसार, 20 जनवरी 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि थाना भिलाई नगर क्षेत्र अंतर्गत सिविक सेंटर भिलाई में मुन्ना जूस कार्नर के पास कुछ लोग मोबाइल व्हाट्सऐप के माध्यम से जुआ-सट्टा खेल रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और संदेही नरेश देवांगन को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन और 3,000 रुपए नगद सट्टा रकम बरामद की गई। मोबाइल फोन भी जब्त वहीं मौके पर मौजूद चिण्टू कुमार के पास से भी एक मोबाइल फोन और 5,000 रुपए नगद सट्टा राशि मिली। इस तरह कुल 8,000 रुपए नगद और 2 मोबाइल फोन जब्त किए गए। इस मामले में थाना भिलाई नगर में अपराध दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मार्केट में चल रहा था जुआं इसी प्रकार दूसरी कार्रवाई में सेक्टर-06 सी मार्केट भिलाई में जुआ-सट्टा खिलाने की सूचना पर पुलिस ने दबिश दी। यहां से कृष्णा जी प्रसाद उर्फ गोलू, भीष्म कुमार देवांगन, दीपक कुमार, गिरधर रेड्डी और संजय सेनापति को मौके से पकड़ा गया। इनके कब्जे से 5 मोबाइल फोन, 15,000 रुपए नगद और सट्टा नंबर लिखी हुई कॉपी बरामद की गई। इस मामले में थाना भिलाई नगर में अपराध दर्ज कर सभी आरोपियों को धारा 6 व 7 के तहत गिरफ्तार किया गया। दुर्ग-भिलाई के रहने वाले हैं आरोपी गिरफ्तार आरोपियों में नरेश देवांगन (44) सेक्टर-06 भिलाई, चिण्टू कुमार (37) रिसाली नेवई, कृष्णा जी प्रसाद उर्फ गोलू (56) सेक्टर-04 भिलाई, भीष्म कुमार देवांगन (48) सेक्टर-07 भिलाई, दीपक कुमार शंकर नगर दुर्ग, गिरधर रेड्डी सेक्टर-10 भिलाई और संजय सेनापति शांति नगर सुपेला शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अवैध जुआ-सट्टा के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ग्वालियर में छह दिन पहले हुई स्पेयर पार्ट्स व्यवसायी से कैश, मोबाइल लूट का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन से गैंग को ट्रैस कर चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। जिनसे व्यवसायी के अलावा आईजी ऑफिस में पदस्थ सिपाही सहित कुल तीन लूट का खुलासा हुआ है। लूट का मास्टर माइंड एक पंचर दुकान चलाने वाला निकला है। जिसका घटना से पांच दिन पहले व्यापारी से झगड़ा हुआ था।व्यवसायी से लूटे गए 32 हजार रुपए में से 12 हजार रुपए बरामद हो गए हैं। वारदात में उपयोग किया गया कट्टा भी जब्त हो गया है। व्यापारी का लूटा गया मोबाइल बदमाशों ने नाले में फेंकना कुबूल किया है। पुलिस लूटे गए मोबाइल को बरामद करने प्रयास कर रही है। पुलिस को आशंका है कि इस गैंग से अन्य वारदातों का खुलासा हो सकता है। एएसपी क्राइम सुमन गुर्जर ने बताया कि ग्वालियर निवासी प्रदीप शर्मा व्यापारी हैं। उनका भिंड के मालनपुर में स्पेयर पार्ट्स की शॉप है। 14 जनवरी की रात वह मालनपुर से दुकान बंद करने के बाद अपनी स्कूटी से ग्वालियर आ रहे थे। अभी वह एयरपोर्ट रोड अमेटी यूनिवर्सिटी के पास पहुंचे थे कि तभी बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने टेकनपुर का पता पूछा। व्यापारी ने अपनी स्कूटी की गति कम की तो बाइक सवारों ने ओवरटेक कर रोक लिया।एक बदमाश बाइक पर बैठा रहा था, जबकि दूसरा आया और कट्टा अड़ाकर टिफिन में छुपाकर रखे 32 हजार रुपए, मोबाइल व स्कूटी की चाबी छीन ले गए थे। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया था और बदमाशों की तलाश शुरू की। व्यापारी से लूटा गया मोबाइल मोबाइल की लोकेशन 48 घंटे तक एक ही स्पॉट पर आ रही थी, उसके बाद मोबाइल बंद हो गया था।मोबाइल से लोकेशन फिर मिले थे फुटेजइस सनसनीखेज लूट को चुनौती के रूप में लेते हुए क्राइम ब्रांच व महाराजपुरा थाना पुलिस ने जांच शुरू की। घटना स्थल पर घना अंधेरा था और कोई CCTV कैमरा नहीं था, जिस कारण कोई फुटेज नहीं मिला था। जब साइबर टीम ने लूटे गए मोबाइल की लोकेशन तलाश की तो पता लगा कि मोबाइल रामा जी का पुरा के आसपास मिली। पुलिस को यकीन था कि यहां तब बदमाश आए हैं।इसके बाद पुलिस ने वहां लगे CCTV कैमरे खंगाले तो दो संदेही के फुटेज मिले। जिनकी जानकारी जुटाई तो पता चला कि यह संदेही मालनपुर के दो अन्य युवकों के लगातार संपर्क में थे। जिस दिन घटना घटी थी उस दिन यह चारों मोबाइल घटना स्थल पर थे। इसका पता चलते ही पुलिस ने इनकी तलाश की और लक्ष्मणगढ़ पुल के पास से चारों को पकड़ लिया है। यह बदमाश लगे पुलिस के हाथपुलिस के हाथ लगे बदमाशों की पहचान हो गई है। पुलिस ने खुलासा किया है कि व्यापारी से लूट का मास्टर माइंड पंचर की दुकान चलाने वाला राजा बेग निवासी सिहोनिया मुरैना हाल मालनपुर भिंड है। इसका व्यापारी प्रदीप शर्मा से घटना के पांच दिन पहले ही झगड़ा हुआ था। जिसके बाद इसने अपने साथियों के साथ लूट की योजना बनाई थी।इसके अन्य साथी सोनू उर्फ इब्राहिम शाह निवासी सुभाष नगर इमामबाड़े के पास राम जी की पुलिया, रिजवान शाह निवासी सरकारी मल्टी ब्लॉक जी-4 महलगांव और सलमान शाह निवासी काली माता मंदिर के ऊपर रामा जी का पुरा के रूप में हुई है। वहीं पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस ने इनसे एक 315 बोर का कट्टा, एक जिंदा राउंड, एक होंडा साइन बाइक, लंच बॉक्स, दुकान की चाबी और 12 हजार रूपए बरामद किए है।आईजी ऑफिस में पदस्थ सिपाही से भी की थी लूटपुलिस पूछताछ में पता चला है कि पकड़े गए बदमाशों ने 16 जनवरी को बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के सेवन हिल्स रिसोर्ट के पास आईजी ऑफिस में पदस्थ जवान धर्मेन्द्र सिंह परमार से कट्टा अड़ाकर पर्स लूटा था। जिसमें 750 रुपए, दो एटीएम कार्ड व अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे थे। वहीं इन्हीं बदमाशों ने पुरानी छावनी इलाके में एक चोरी व लूट की वारदात को अंजाम दिया था।एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह का कहना है- पकड़े गए बदमाश काफी शातिर है और पूछताछ के बाद इनसे अन्य घटनाओं का खुलासा हो सकता है। फिलहाल तीन वारदात का खुलासा हुआ है। पूछताछ की जा रही है।
समस्तीपुर-दरभंगा मुख्य पथ पर आज शाम ट्रक और बाइक के बीच सीधी टक्कर हो गई। इसमें बाइक सवार युवक की मौत हो गई। घटना की सूचना पर स्थानीय थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई है। घटना कल्याणपुर थाना क्षेत्र के मिल्की रमौली गांव के पास की है। शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है। युवक के पास एक बैग मिला है, हालांकि बैग में पहचान से संबंधित कोई कागजात बरामद नहीं हुआ है। युवक समस्तीपुर से दरभंगा की ओर जा रहा था। जबकि, ट्रक दरभंगा से समस्तीपुर की ओर आ रही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि युवक मोबाइल पर बात करता हुआ आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान वह ट्रक की चपेट में आ गया। जिससे मौके पर उसे की मौत हो गई। घटना में युवक की बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गयी। मृतक की पहचान वारिसनगर थाना क्षेत्र के रहुआ गांव निवासी रूपसूदन ठाकुर के बेटे सुधांशु कुमार उर्फ मुनचुन (25) के रूप में की गई है। घटना की सूचना पर कल्याणपुर थाने की पुलिस ने मृतक के शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा है। बड़ी संख्या में जुटी लोगों की भीड़ घटना के संबंध में बताया गया है कि सुधांशु बुधवार शाम अपनी बाइक से पूसा की ओर से वारिसनगर के लिए लौट रहा था। इसी दौरान वह मिल्की चौक के पास बाइक रोक कर मोबाइल से किसी से बात कर रहा था। इसी दौरान पीछे से और संतुलित रूप से आ रही ट्रक ने उसे कुचल डाला। जिससे सुधांशु की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना के बाद बड़ी संख्या में मौके पर लोगों की भीड़ छूट गई, हालांकि किसी ने भी युवक की पहचान नहीं की। बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुई उसकी बाइक की फोटो के बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे, तब जाकर युवक की पहचान हो पाई । युवक गांव में ही खेती-बाड़ी का काम करता था। पूसा खेती के सिलसिले में ही जानकारी के लिए गया हुआ था। लोगों ने बताया कि सुधांशु बाइक से आ रहा था इसी दौरान उसके मोबाइल की घंटी बजी। जिस कारण वह सड़क के किनारे ही बाइक पर बैठे-बैठे मोबाइल निकाल कर बात करना शुरू कर दिया। काफी देर से वह मोबाइल पर बात कर रहा था, इसी दौरान पूसा की ओर से ही आ रही ट्रक ने पीछे से उसे कुचल डाला। सदर डीएसपी 2 संजय कुमार ने बताया कि सड़क हादसे में युवक की मौत हुई है, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि युवक सड़क पर ही किनारे में बाइक रोककर मोबाइल से बातचीत कर रहा था इसी दौरान पीछे से आई ट्रक ने उसे कुचल डाला। शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है, घटना को लेकर एक प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।
डूंगरपुर शहर के रोडवेज बस स्टैंड पर एक युवती से लूट की वारदात सामने आई है। दिनदहाड़े बाइक सवार दो बदमाश युवती का पर्स और मोबाइल छीनकर फरार हो गए। पुलिस बदमाशों की तलाश में जुट गई है। यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई। चित्तौड़गढ़ निवासी काजल पुत्री देवी सिंह अहमदाबाद से बस द्वारा डूंगरपुर पहुंची थी। वह रोडवेज बस स्टैंड पर चित्तौड़गढ़ जाने वाली बस का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान एक बाइक पर सवार होकर दो बदमाश आए। उन्होंने युवती के हाथ से उसका पर्स और मोबाइल छीन लिया और तुरंत मौके से फरार हो गए। युवती ने बताया कि पर्स में 2 हजार रुपए नकद, आधार कार्ड और एटीएम कार्ड थे। वारदात के बाद युवती ने शोर मचाया, लेकिन बदमाश आंखों से ओझल हो चुके थे। दिनदहाड़े हुई इस घटना के बाद युवती कोतवाली थाने पहुंची और लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने युवती की शिकायत के आधार पर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है।
कपूरथला स्थित मॉडर्न जेल में चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान विभिन्न बैरकों से पांच मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इस संबंध में जेल के सहायक सुपरिटेंडेंट की शिकायत पर थाना कोतवाली में पांच बंदियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। सहायक सुपरिटेंडेंट बलदेव सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में जेल गार्डों ने लंगर-2 ब्लॉक ए में तलाशी ली थी। इस दौरान गुरदासपुर जिले के कलानौर निवासी गुरबचन सिंह से एक सफेद रंग का कीपेड मोबाइल फोन, लावा बैटरी और एक BSNL सिम बरामद हुई। वार्ड नंबर 4 में तैनात वार्डन सुरिंदरपाल सिंह ने कमरा नंबर 5 की तलाशी ली। इस दौरान गुरदासपुर जिले के तलवाड़ा निवासी अमन की जैकेट की सिम के साथ VIVO कंपनी काका टच स्क्रीन मोबाइल फोन मिला। इन हवालातियों से भी मिले मोबाइल फोन इसी अभियान के तहत, पट्टीवाली निवासी अर्शदीप सिंह से खडूर साहिब, तरनतारन से संबंधित जियो सिम के साथ ओप्पो कंपनी का ग्रे रंग का मोबाइल बरामद किया गया। तलवाड़ा निवासी निर्वेर सिंह से रेडमी कंपनी का सफेद रंग का टच स्क्रीन मोबाइल मिला। कपूरथला के शेरगढ़ मोहल्ला निवासी देव दर्शन के कमरे की तलाशी में एक बॉक्स में रखा सैमसंग कंपनी का मोबाइल फोन भी बरामद हुआ। जेल प्रशासन की शिकायत के आधार पर थाना कोतवाली में सभी पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
भोजपुर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गंगहर गांव स्थित ठाकुरबाड़ी से राम-जानकी समेत 4 बेशकीमती मूर्तियों की चोरी मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। भक्तों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। पुलिस चोरों तक पहुंचने के लिए हर संभावित एंगल से छानबीन कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, तकनीकी जांच के तहत टावर डंप खंगाला जा रहा है, ताकि घटना के समय इलाके में सक्रिय मोबाइल नंबरों की पहचान की जा सके। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज, यदि कहीं उपलब्ध हो, उसकी भी तलाश की जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों के अलावा मानवीय सूत्रों को भी सक्रिय किया गया है, ताकि स्थानीय स्तर पर किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिल सके। घटना से पहले मंदिर के पुजारी बदले गए थे जांच की दिशा मंदिर के नए और पुराने पुजारी की भूमिका की ओर भी गई है। बताया जा रहा है कि घटना से करीब 4 से 5 दिन पहले ही मंदिर के पुजारी बदले गए थे। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस बदलाव का चोरी की घटना से कोई संबंध है। इसके अलावा मंदिर निर्माण कार्य में लगे मिस्त्री और मजदूरों की भी सूची तैयार कर उनके मोबाइल नंबर, पते और गतिविधियों का सत्यापन किया जा रहा है। पुलिस सभी से अलग-अलग पूछताछ कर रही है और हर छोटे-बड़े सुराग को जोड़ने का प्रयास कर रही है। जल्द गिरफ्तारी का दावा थानाध्यक्ष राम कल्याण यादव भी घटनास्थल पर पहुंचे और मंदिर परिसर और आसपास के इलाके का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र मामले का खुलासा करने का निर्देश दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है और जल्द ही चोरों तक पहुंचने की उम्मीद है। इधर, गंगहर गांव निवासी और मठ के अध्यक्ष रणविजय सिंह के बयान पर मुफस्सिल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी के अनुसार, मठ परिसर में मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है। 18 जनवरी की रात करीब 10 बजे के बाद भगवान राम-जानकी, लक्ष्मण और लड्डू गोपाल की मूर्तियों की चोरी कर ली गई। अगले दिन सुबह ग्रामीणों से चोरी की जानकारी मिलने पर वे मौके पर पहुंचे।
छिंदवाड़ा के लोग इलाज या अन्य कार्यों से अक्सर पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के नागपुर जिले का रुख करते हैं, लेकिन अब वहां जाने वाले लोगों को साइबर ठगों से सतर्क रहने की जरूरत है। ट्रैफिक चालान के नाम पर ठगी का एक नया मामला सामने आया है, जिसमें छिंदवाड़ा के एक युवक से ढाई लाख रुपए निकाल लिए गए। पीड़ित की पहचान मनजीत सिंह बेदी के रूप में हुई है, जो 17 जनवरी को अपनी मां के उपचार के लिए नागपुर गए हुए थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया, जिसमें लिखा था कि उनकी गाड़ी के टायर में ट्रैफिक पुलिस की ओर से जेमर (व्हील लॉक) लगाया गया है और इसे हटवाने के लिए जुर्माना भरना होगा। मैसेज के साथ एक लिंक भी भेजी गई थी। ड्राइवर से की बात, गाड़ी में दिखा जेमर मैसेज मिलने के बाद मनजीत बेदी ने अपने ड्राइवर से संपर्क किया, तो उसने बताया कि कार के टायर में वास्तव में जेमर लगा हुआ है। इसके बाद मनजीत बेदी ने मैसेज में भेजी गई लिंक के जरिए जुर्माना भरने की कोशिश की। लिंक क्लिक करते ही मोबाइल हुआ हैक जैसे ही उन्होंने लिंक पर क्लिक किया, उनका मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद उनके बैंक खाते से चार बार में कुल 2.5 लाख रुपए निकाल लिए गए। पहले 1.5 लाख रुपए, फिर 50 हजार रुपए, और इसके बाद 25-25 हजार रुपए निकालकर पूरा खाता खाली कर दिया गया। झारखंड के खाते में ट्रांसफर हुई रकम पीड़ित को जब ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। छिंदवाड़ा लौटकर उन्होंने कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उनके खाते से 50 हजार रुपए झारखंड के एक बैंक खाते में ट्रांसफर हुए हैं। साइबर पुलिस जांच में जुटी 20 जनवरी को पीड़ित ने छिंदवाड़ा पहुंचकर शिकायत की। कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर पुलिस की मदद से जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि लिंक के जरिए मोबाइल हैक कर बैंक डिटेल्स हासिल की गई और रकम उड़ाई गई।
नागौर में पुलिस ने बासनी कस्बे में मोबाइल फोन के जरिए सट्टा-जुआ खेलते दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी सार्वजनिक स्थान पर अंकों पर दांव लगाकर सट्टा खेल रहे थे। सदर थानाधिकारी सुरेश कुमार ने बताया- पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सुल्तान हिंद मस्जिद के पास कुछ लोग मोबाइल फोन के जरिए सट्टा खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक शिवराम मय जाप्ता मौके पर पहुंचे और दबिश देकर दो लोगों को पकड़ लिया। मोबाइल गेम के जरिए नया तरीका सदर थानाधिकारी सुरेश कंस्वा ने बताया कि बासनी क्षेत्र में मोबाइल गेम के जरिए आमने-सामने बैठकर जुआ खेलने का नया ट्रेंड सामने आ रहा है। इसी आधार पर लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। मुखबिरी के आधार पर की गई कार्रवाई में आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में जुए के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर और भी कार्रवाई की जाएगी। 6500 रुपए नकद और सट्टा सामग्री बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6500 रुपए नकद (जुआ राशि), मोबाइल फोन, सट्टा सामग्री बरामद की है। ये हैं गिरफ्तार आरोपी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद शाहीद (40) निवासी नया मोहल्ला (बासनी), मोहम्मद हसन उर्फ सत्या (52) निवासी जिन्दरान मोहल्ला (बासनी) के रूप में हुई है।
तेजधार हथियार दिखा स्कूटर सवार से मोबाइल फोन और नकदी छीनी
लुधियाना| थाना मोती नगर इलाके में लूट की वारदात थमने का नाम नहीं ले रही हैं। दिल्ली रोड पर बदमाशों ने एक बार फिर तेजधार हथियारों के बल पर राहगीर को निशाना बनाते हुए मोबाइल फोन और नकदी लूट ली। लगातार हो रही घटनाओं से इलाके के लोगों में दहशत का माहौल है। पीड़ित इकबाल हुसैन, निवासी शेरपुर कलां ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने जुपीटर स्कूटर पर शिव चौक से समराला चौक की ओर जा रहा था। जब वह थाना मोती नगर के पास दिल्ली रोड पर पहुंचा, तभी पीछे से मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक आए और रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने तेजधार हथियार दिखाकर उसे डराया और उसके पास से मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड व कुछ नकदी लूट ली। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले भी इसी इलाके में काम पर जा रहे दो युवकों के साथ मारपीट कर नकदी लूटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनकी जांच अभी जारी है। ऐसे में एक और लूट की घटना ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। थाना मोती नगर पुलिस ने पीड़ित के बयानों के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 304 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। ।
कानपुर में चलती ट्रेनों में खिड़की पर बैठे यात्रियों से मोबाइल छीनने वाले लुटेरे को रेलवे सुरक्षा बल ने गिफ्तार कर लिया। आरोपी कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर ट्रैक से 50-60 कदम दूरी पर संदिग्ध रूप से छिपकर बैठा था। आरोपी ट्रेन आने का इंतजार कर रहा था। आरपीएफ और जीआरपी ने संयुक्त अभियान के तहत जांच के दौरान आरोपी को दबोच लिया। पूछताछ में पता चला कि आरोपी चलती ट्रेनों में लूट और छिनैती करता था और उसके खिलाफ कई मुकदमें भी दर्ज हैं। जिसके बाद उसे गिरफ्तार करते हुए कानूनी कार्रवाई की जा रही है। ललितपुर का रहने वाला है आरोपी आरपीएफ इंस्पेक्टर एसएन पाटीदार ने बताया कि ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत रेलवे स्टेशन पर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीमें लगातार संदिग्धों की जांच कर रही हैं और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। संयुक्त टीमें मंगलवार को भी जांच कर रही थी, इसी दौरान टीम दोपहर लगभग 1:25 बजे रेलवे ट्रैक के किनारे से ललितपुर निवासी राकेश कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी आउटर पर लुकछिप कर ट्रेनों का इंतजार करता था और मौका लगते ही खिड़की पर बैठे यात्री का मोबाइल छीन लेता था। छिनैती के मोबाइल हुए बरामद आरपीएफ पोस्ट कमांडर ने बताया कि आरोपी के खिलाफ थाना जीआरपी कानपुर में पहले से ही दो मुकदमें दर्ज थे। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पहले हुई घटनाओं में शामिल था। आरोपी के पास से छिनैती के दो मोबाइल भी बरामद हुए हैं, जिसकी कीमत लगभग 1 लाख रुपए है। उन्होंने बताया कि पूछताछ के बाद आरोपी को जीआरपी के सुपुर्द कर दिया गया। जिसके बाद आरोपी को कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया गया है। इंस्पेक्टर के अनुसार आगे भी लगातार अभियान जारी रहेगा और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब में फरीदकोट जिले की केंद्रीय माडर्न जेल में बंद कैदियों और हवालातियों से मोबाइल फोन बरामद होने का सिलसिला जारी है। जेल प्रशासन ने एक बार फिर सर्च ऑपरेशन के दौरान आठ मोबाइल फोन बरामद किए हैं, और इस मामले में थाना सिटी पुलिस को शिकायत भेज कर 8 हवालातियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत केस दर्ज करवाया गया है। पुलिस को भेजी शिकायत में जेल के सहायक अधीक्षक कमलजीत सिंह ने बताया कि जेल अधीक्षक के दिशा निर्देशों पर जेल प्रशासन की टीमों द्वारा विभिन्न बैरकों की सर्च की गई तो इस दौरान जेल में बंद 8 हवालातियों से मोबाइल बरामद किया गया। 8 कैदियों से मोबाइल बरामद कमलजीत सिंह ने बताया कि फिरोजपुर के चंद सिंह,श्री अमृतसर का हरविंदर सिंह, मोगा का रहने वाला गुरप्रीत सिंह, श्री अमृतसर साहिब का अमृतपाल सिंह, श्री अमृतसर साहिब के गगनदीप सिंह; तरनतारन का गुरभेज सिंह उर्फ भेजा,श्री अमृतसर साहिब का महिकदीप सिंह और होशियारपुर का महिंदरपाल सिंह से एक-एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। पहले भी बरामद हो चुके हैं मोबाइल इस शिकायत के आधार पर थाना सिटी पुलिस ने इन आठ हवालातियों के खिलाफ केस दर्ज करते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। बता दें कि फरीदकोट जेल से लगातार मोबाइल फोन बरामद हो रहे है। कुछ दिन पहले भी जेल प्रशासन ने सर्च के दौरान 12 मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ करेगी पुलिस इस मामले में डीएसपी तरलोचन सिंह ने बताया कि अब नामजद किए गए हवालातियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि इन्हें मोबाइल फोन उपलब्ध करवाने में किसी जेल अधिकारी या कर्मचारी का नाम सामने आया तो उसे भी केस में नामजद करते हुए गिरफ्तार किया जाएगा।
NDPS का एक आरोपी गिरफ्तार:मानटाउन पुलिस ने 12 ग्राम स्मैक की बरामद, मोबाइल और बाइक की जब्त
सवाई माधोपुर की मानटाउन थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ स्मैक के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी अकरम (34) पुत्र माजिद, निवासी दोन्दरी, थाना मानटाउन को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 12 ग्राम स्मैक भी बरामद की है। इसी के साथ ही आरोपी से एक बाइक और मोबाइल भी जब्त किया है। सीमेंट फैक्ट्री इलाके से आरोपी को किया गिरफ्तार मानटाउन थानाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई जारी है। भरतपुर रेंज के पुलिस IG कैलाश विश्नोई ने एनडीपीएस एक्ट में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में SP अनिल कुमार के निर्देशन, ASP विजय सिंह मीणा और CO सिटी उदय सिंह के सुपरविजन में थाना मानटाउन पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है।थानाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता के नेतृत्व में सोमवार को SI बनयसिंह मय जाप्ता (कॉन्स्टेबल सुरेन्द्र सिंह, हरि सिंह व जगदीश) गश्त पर रवाना हुए। गश्त के दौरान सीमेन्ट फैक्ट्री मैदान, साहू नगर क्षेत्र में एक संदिग्ध युवक बाइक पर बैठा दिखाई दिया। पुलिस के पूछताछ करने पर युवक ने अपना नाम अकरम बताया। जिसकी तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 12 ग्राम अवैध मादक पदार्थ स्मैक, एक रेडमी कंपनी का एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एक बजाज प्लेटिना मोटरसाइकिल (RJ-25 SD-8393) बरामद हुई, जिन्हें मौके पर ही जब्त कर लिया गया। फिलहाल आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
ग्वालियर के थाटीपुर थाना पुलिस ने यूपी के मथुरा और आगरा से वारदात करने आए तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। बदमाशों ने टाउनशिप का पता पूछने के बहाने एक युवक को स्कॉर्पियो में बैठाया और फिर उसे बंधक बनाकर हाईवे के सुनसान इलाके में ले जाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहित चौधरी निवासी मथुरा, विक्रम जादौन निवासी आगरा और विवेक राजपूत निवासी आगरा के रूप में हुई है। तीनों आरोपियों ने वारदात करना स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटा गया मोबाइल और स्कॉर्पियो कार बरामद कर ली है। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने इससे पहले भी कहीं इसी तरह की वारदात तो नहीं की है। रास्ता दिखाने के लिए गाड़ी में बैठाया था घटना 12 जनवरी की रात करीब 8 से 9 बजे के बीच की है। दर्पण कॉलोनी निवासी 24 वर्षीय प्रथम राठौर (जो पढ़ाई के साथ नौकरी भी करता है) खाना खाने के बाद टहलते हुए सिविल डिस्पेंसरी थाटीपुर की ओर जा रहा था। इसी दौरान बिना नंबर की स्कॉर्पियो में सवार युवकों ने उससे सचिन तेंदुलकर मार्ग स्थित एक टाउनशिप का पता पूछा। प्रथम ने उन्हें रास्ता बता दिया। इसके बाद कार सवार युवकों ने कहा कि उन्हें रास्ता ठीक से समझ में नहीं आ रहा है और यदि प्रथम उनके साथ चलकर टाउनशिप तक पहुंचा दे तो वे उसे वापस उसी जगह छोड़ देंगे। भरोसा कर प्रथम स्कॉर्पियो में बैठ गया। कार में पहले से दो अन्य युवक मौजूद थे। आरोपियों ने युवक से मोबाइल छीन लिया जब स्कॉर्पियो टाउनशिप के सामने पहुंची तो प्रथम ने गाड़ी रोकने के लिए कहा, लेकिन बदमाशों ने गाड़ी नहीं रोकी और उसे सिरोल होते हुए हाईवे की ओर ले गए। हाईवे के पास एक सुनसान इलाके में गाड़ी रोककर बदमाशों ने उससे रुपए मांगे। रुपए नहीं मिलने पर उसकी तलाशी ली गई, लेकिन नकदी न मिलने पर बदमाशों ने उसका मोबाइल छीन लिया और पासवर्ड पूछकर उसे धमकाया। इसके बाद बदमाश स्कॉर्पियो लेकर फरार हो गए। लगातार ऑपरेट हो रहा था मोबाइल 18 जनवरी को जब प्रथम के पिता ने मोबाइल के बारे में पूछा, तब पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ। इसके बाद पिता, बेटे को लेकर थाटीपुर थाना पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को स्कॉर्पियो और लूटे गए मोबाइल के आधार पर अहम सुराग मिले। मोबाइल लगातार ऑपरेट हो रहा था। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर यूपी के मथुरा और आगरा से तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया।
लखनऊ में एक युवक एक लड़की से निकाह कराने की जिद लेकर 150 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ गया। वहां से लड़की का नाम लेकर चिल्लाने लगा कि उससे मेरा निकाह करा दो। युवक के टावर पर चढ़ने की सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिसवाले उसे समझाने लगे, लेकिन वह उतर नहीं रहा था। घटना पीजीआई कैंपस की है। मंगलवार सुबह इरशाद खान नाम का युवक मोबाइल फोन टावर पर चढ़ गया। पहुंची पुलिस ने एहतियातन टावर के आसपास के क्षेत्र को घेर लिया। लोगों को वहां जाने से रोका। यह ड्रामा देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस करीब 1 घंटे तक उसे समझाती रही। PGI इलाके में रहता है युवक युवक PGI इलाके में रहता है। PGI कैंपस सहित आसपास के गांवों में वह जंगली जीवों का रेस्क्यू करता है। वह कई बार कैंपस के अंदर ही निकले अजगर, बिज्जू आदि का रेस्क्यू कर चुका है। पिछले साल अस्पताल परिसर में ही अजगर निकला था जिसे इरशाद ने रेस्क्यू किया था। अजगर करीब 10 फीट लंबा था। इसी 4 जनवरी को PGI के पल्मोनरी वार्ड बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर स्थित वेटिंग हॉल में जंगली बिल्ली (बिज्जू) दिखी थी। उसे पकड़ने के लिए लोगों ने इरशाद को बुलाया था। इरशाद ने बिल्ली को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित पकड़ लिया। बाद में उसे गौतमखेड़ा जंगल में छोड़ दिया। PGI प्रशासन ने पुलिस बुलाई, बैठक की PGI प्रशासन ने पुलिस बुला ली है। जोन के कई अधिकारी अस्पताल परिसर पहुंचे हैं। बैठक में वर्तमान हालात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा की। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। युवक को PGI के एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक ले जाया गया है। वहां उससे पूछताछ की जाएगी। खबर अपडेट की जा रही है... ------------------------- ये खबर भी पढ़िए... लखनऊ में शिलापट्ट पर हारे हुए भाजपा नेता का नाम : पार्टी के महानगर और मंडल अध्यक्ष के भी नाम लिखे, अधिकारी बोले- सब हटाए जाएंगे लखनऊ के विकास कार्यों में जनप्रतिनिधियों से ज्यादा भाजपा के मंडल और महानगर लेवल के नेताओं के नाम चमक रहे हैं। कई विकास कार्यों के शिलापट्ट पर सांसद राजनाथ सिंह, मेयर सुषमा खर्कवाल के साथ महानगर अध्यक्ष और मंडल अध्यक्ष के नाम छपे हैं। इतना ही नहीं, सांसद निधि से कराए गए काम पर उन्होंने अपना नाम लिखवा दिया जो कभी पार्षदी का चुनाव हार चुके हैं। (पूरी खबर पढ़िए)
बरेली में मोबाइल की किस्त न जमा करने पर हमलावरों ने एलएलबी छात्र को गोली मार दी। फायरिंग की आवाज सुनकर वकील भाई बचाने आया तो उस पर भी गोली चला दी। दोनों घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। उसके बाद हमलावर भाग गए। शोर सुनकर लोग मौके पर पहुंचे। दोनों भाइयों को अस्पताल ले जाया गया। जहां छात्र की इलाज के दौरान मौत हो गई। जबकि उसके भाई का इलाज चल रहा है। सूचना मिलने पर वकील पहले थाने फिर अस्पताल पहुंचे। हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा किया। कार्रवाई का आश्वासन देकर पुलिस ने उन्हें शांत कराया। उसके बाद वे वापस लौटे। शुरुआती जांच में पता चला है कि किस्त पर मोबाइल लेने को लेकर प्रधान के परिवार से विवाद हुआ था। जिसके बाद छात्र की हत्या की गई। घटना सोमवार देर शाम फरीदपुर थाना क्षेत्र के नवादा बिलसंडी गांव में हुई। सबसे पहले दो तस्वीरें देखिए अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला एलएलबी का पेपर देकर बाइक से भाई के साथ लौट रहा था नवादा-बिलसंडी निवासी ओमपाल सिंह किसान हैं। उनके चार बेटों में सबसे बड़े प्रमोद, उसके बाद एडवोकेट मनोज यादव, धीरेंद्र हैं। सबसे छोटा योगेश यादव (21) बरेली शहर के क्लासिक लॉ कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई कर रहा था। सोमवार की शाम वह अपने एलएलबी 5th सेमेस्टर का पेपर देकर बाइक से घर लौट रहा था। उसके साथ उसके बड़े भाई वकील धीरेंद्र भी थे। घर के पास पहले से घात लगाकर बैठे थे बदमाश जैसे ही वह अपने गांव पहुंचा, घर से ठीक पास ही पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने योगेश पर फायर कर दिया। उसे गोली लग गई। गोली चलते देख भाई धीरेंद्र बचाने दौड़े। बदमाशों ने उन पर भी फायर किया। गोली लगने से वह भी घायल हो गए। उन्होंने शोर मचाया। आवाज सुनकर उनके दूसरे भाई एडवोकेट मनोज यादव पहुंचे। उन्होंने भाईयों को घायल देखा तो बदमाशों से भिड़ गए। हमलावरों ने उन्हें और धीरेंद्र को पीटा। इसके बाद अपनी-अपनी बाइक से भाग गए। पेट में गोली लगने से छात्र की हुई मौत शोर सुनकर लोग पहुंचे। योगेश और उसके भाई धीरेंद्र को अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने योगेश को मृत घोषित कर दिया। जबकि धीरेंद्र का इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक योगेश के पेट में गोली लगने से खून ज्यादा बहा, इसके कारण उसकी जान चली गई। वकीलों ने हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग वकील पर गोली चलने और भाई की हत्या की सूचना मिलने पर वकील रात में थाने और अस्पताल पहुंच गए। पुलिस से हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। अधिवक्ताओं का कहना था कि जब कानून के रखवाले और छात्र ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता का क्या होगा। वकीलों ने कहा कि अगर 24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं होती है तो आंदोलन करेंगे। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद वकील शांत हुए। सीओ संदीप सिंह और थाना प्रभारी चमन सिंह ने मौके पर जाकर घटना की जानकारी ली। एहतियात के तौर पर गांव में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी गई है। आरोपियों की तलाश में तीन टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। एसपी साउथ बोलीं- आरोपी जल्द होंगे गिरफ्तारएसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया कि योगेश यादव नाम के एक छात्र की गोली मारकर हत्या की गई है। इस मामले में एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में किस्त पर मोबाइल लेने का विवाद सामने आया है। पता चला है कि योगेश का ग्राम प्रधान रहीस के परिवार से मोबाइल के पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। रंजिश में उसे गोली मारी गई है। छानबीन में सुमित, राम खिलाड़ी और पीके पर हमले का आरोप है। तीनों एक गांव के रहने वाले हैं। उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। सभी की तलाश की जा रही है। ------------------------------------------- ये खबर भी पढ़िए- गर्लफ्रेंड के टुकड़े-टुकड़े किए, नीले बक्से में रखे:झांसी में 7 दिन से एक-एक अंग जला रहा था, ऑटो में बक्सा रखकर भागा झांसी में बॉयफ्रेंड ने गर्लफ्रेंड की हत्या कर दी। लाश के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। रिटायर्ड रेलकर्मी लाश को ठिकाने के इरादे से 7 दिन से रोज एक-एक अंग जला रहा था। बाद में बचे अधजले अंग, हड्डियों और राख को नीले बक्से में भरकर फेंकने जा रहा था। पढ़िए पूरी खबर... ...................
किशनगंज के दिघलबैंक थाना क्षेत्र में पुलिस ने ब्राउन शुगर तस्करी के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 25 वर्षीय शोहेद आलम को 50.88 ग्राम ब्राउन शुगर, एक मोबाइल फोन और एक टोटो के साथ पकड़ा है। आरोपी मोहमारी गांव का निवासी है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शोहेद आलम ब्राउन शुगर की एक बड़ी खेप लेकर जा रहा है। इस सूचना के आधार पर दिघलबैंक पुलिस ने एक विशेष निगरानी अभियान चलाया। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को टोटो सहित दबोच लिया। पुलिस को तलाशी में मिले खाद के 12 बैग टोटो की तलाशी के दौरान, पुलिस को उसमें खाद के 12 बैग मिले, जिनमें से प्रत्येक का वजन लगभग 45 किलोग्राम था। इन खाद के बैगों के बीच छिपाकर रखी गई 50.88 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की गई। जब्त की गई ब्राउन शुगर की अनुमानित बाजार कीमत हजारों रुपए बताई जा रही है। यह कार्रवाई किशनगंज जिले में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस की सख्ती को दर्शाती है। जिला पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने ऐसे अभियानों को जारी रखने के निर्देश दिए हैं। विशेष रूप से, नेपाल सीमा से सटे इलाकों में ब्राउन शुगर की तस्करी में वृद्धि हुई है, जिस पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और एसएसबी संयुक्त रूप से सक्रिय हैं। NDPC एक्ट के तहत मामला दर्ज गिरफ्तार आरोपी शोहेद आलम के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह खेप संभवतः नेपाल से लाई गई थी और इसे स्थानीय स्तर पर बेचा जाना था। पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी समाज के लिए घातक है और युवाओं को बर्बाद कर रही है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस सफलता की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इससे इलाके में नशे का कारोबार कम होगा।
पूर्णिया के गुलाबबाग में पुलिस ने 18.11 ग्राम स्मैक के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। घर से नशे का कारोबार कर रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर पुलिस ने पकड़ा। मौके से एक मोबाइल भी मिला है। तस्कर की पहचान सदर थाना क्षेत्र के कब्रिस्तान टोला जीरोमाइल निवासी मो. राजा(28) के तौर पर हुई है। बरामद स्मैक की कीमत करीब 1 लाख रुपए है। इनपुट के आधार पर पुलिस ने मारा छापा गुलाबबाग टीओपी प्रभारी सन्नी ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। एक तस्कर गुलाबबाग के कब्रिस्तान टोला स्थित घर से स्मैक की खरीद-बिक्री करता है। इनपुट के आधार पर टीम ने छापेमारी कर खेप के साथ तस्कर को गिरफ्तार किया है। तस्कर स्मैक की तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। जब्त किए गए मोबाइल के आधार पर आगे की कड़ियों की जांच की जा रही है। नशे के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा और इसमें शामिल किसी भी धंधेबाजों को बख्शा नहीं जाएगा।
संगीन अपराधों के जांच में आएगी तेजी:हाईटेक मोबाइल फोरेंसिक वैन, डीएनए व जैविक सबूत सुरक्षित रहेंगे
इंदौर पुलिस अब अपराधों की जांच तेजी से कर सकेगी। इंदौर के चार जोन को केंद्र सरकार द्वारा चार फोरेंसिक वाहन आवंटित किए गए हैं। इन फोरेंसिक वैन की मदद से घटनास्थल पर ही अपराध की जांच हो सकेगी। हत्या, ज्यादती, लूट और एक्सीडेंट जैसे संगीन अपराधों में सबूत किसी थाने में नहीं, बल्कि सीधे घटनास्थल पर ही सुरक्षित किए जाएंगे। सबूतों की मौके पर ही जांच हो जाएगी। पुलिस विभाग की इस पहल का मुख्य उद्देश्य फोरेंसिक आधारित जांच को तेजी से लाना है। इससे न केवल अपराधों का जल्द खुलासा होगा, बल्कि अपराधियों को सजा दिलाने की दर में भी सुधार होगा। माइक्रोस्कोप, थर्मल प्रिंटर भीये वैन आधुनिक फोरेंसिक उपकरणों से लैस हैं, जिससे घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक विश्लेषण संभव हो सकेगा। मोबाइल फोरेंसिक वैन में स्टीरियो माइक्रोस्कोप, वेइंग बैलेंस, डीएसएलआर कैमरा, मिनी फ्रिज, एलईडी टीवी स्क्रीन, थर्मल प्रिंटर, बॉडी-वॉर्न कैमरा सहित कई आधुनिक उपकरण मौजूद हैं। दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण इन नई वैन और उनमें लगे उपकरणों के संचालन के लिए इंदौर के फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) के अधिकारियों और विशेषज्ञों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण का मुख्य केंद्र यह होगा कि कैसे घटनास्थल पर ही नमूनों की जांच की जाए, ताकि हर साक्ष्य को लैब भेजने की जरूरत न पड़े और समय की बचत हो सके। अपराधियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटा सकेंगेरेप, छेड़छाड़ और घरेलू हिंसा जैसे मामलों में अब डीएनए और जैविक साक्ष्य तुरंत सुरक्षित किए जाएंगे, जिससे अपराधी बच नहीं सकेंगे। हिट एंड रन और सड़क हादसों में टायर के निशान, ब्रेक मार्क और खून के सैंपल मौके पर ही दर्ज होंगे, जिससे दोषियों की पहचान आसान हो जाएगी। सबूत नष्ट होने का खतरा रहता था घटनास्थल पर पुलिस के पहुंचने के बाद एफएसएल की टीम को सूचना दी जाती थी। इस दौरान सबूत नष्ट होने का खतरा रहता था। घटनास्थल पर पुलिस से पहले आम लोग पहुंच जाते थे। कोई खून पर पानी डाल देता था या घटनास्थल के आसपास चलने लग जाता था। चोरी के केस में फरियादी द्वारा घर का सामान कितना गया, इसकी चेकिंग में फिंगर प्रिंट मिट जाते थे। फोटो अलग-अलग एंगल से नहीं हो पाते थे। मर्डर जैसे अपराध को जांचने का मकसद रंजिश, लेन-देन का विवाद या तत्कालिक विवाद रहता है। इन्वेस्टिगेशन जल्द करने में फायदा मिलेगा, अपराधी बचेंगे नहींइंदौर के चारों जोन को चार फोरेंसिक वैन मिली हैं। इससे घटनास्थल पर सारे साक्ष्य जुटा लिए जाएंगे। इससे इन्वेस्टिगेशन जल्द करने में फायदा मिलेगा। -कृष्ण लालचंदानी, डीसीपी जोन-1
साइबर गिरोह को मोबाइल बेचने वाले नौ शातिर गिरफ्तार
पटना रेल थाने की पुलिस ने नौ चोरों को गिरफ्तार किया है। झारखंड के महराजपुर के अविनाश कुमार, मनोज कुमार, राजू के बेटे अविनाश, पटना के गुड्डू पाली, राहुल, कुंदन, वैशाली के संजय को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा दो नाबालिग भी पकड़े गए हैं। सबको न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने इनके पास से 3.40 लाख के 23 मोबाइल बरामद किए हैं। यह गिरोह बाकरगंज की मोबाइल दुकान और साइबर अपराधियों को मोबाइल बेचता है। सभी शातिर कई ट्रेनों से मोबाइल चोरी कर पटना जंक्शन में जमा हुए थे। आरपीएस मेस के पास जमा दस संदिग्ध पुलिस को देखकर भागने लगे। सबको खदेड़कर पकड़ा गया। जांच में आया कि सभी मोबाइल का बंटवारा करने जमा हुए थे। गिरोह का सरगना झारखंड का अविनाश है। वही साइबर शातिरों के ग्रुप से जुड़ा हुआ है। शातिरों को जब मोबाइल और सिम की जरूरत होती तो अविनाश को फोन करता है और वह यात्रियों का मोबाइल चोरी करता है। गिरोह मुगलसराय से किउल तक ट्रेनों में चोरी करता है। अविनाश ने बताया कि सुबह के तीन बजे जब यात्री गहरी नींद में सोए होते हैं तब ये चोरी करते हैं।
महिलाओं के मोबाइल पर बैन : जब चौपाल संविधान से ऊपर बैठ जाए
राजस्थान के जालोर जिले के जसवंतपुरा क्षेत्र के गाजीपुरा गांव में आयोजित एक सामाजिक पंचायत के पंच-पटेलों ने महिलाओं और बेटियों के लिए कैमरा युक्त मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया। महिलाएं मोबाइल फोन को सार्वजनिक समारोहों के साथ-साथ पड़ोसियों के घर जाने के दौरान भी नहीं ले जा सकेंगी। यह पाबंदी किसी ... Read more
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

