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ओंगनार में मोबाइल मेडिकल यूनिट टीम ने स्वच्छ भारत अभियान आयोजित किया

बेनूर| एसबीआई फाउंडेशन एवं स्वयंसेवी संस्था परिवर्तन समाज विकास समिति नारायणपुर द्वारा प्रोजेक्ट विलेज ओंगनार में स्वच्छ भारत अभियान आयोजित किया गया। अभियान के तहत सामुदायिक पेयजल एवं स्नानागार परिसर के आसपास स्वच्छता प्रबंधन और अपशिष्ट कचरा निपटान को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। गुरुवार को माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर महिलाओं को सेनेटरी पैड वितरित कर माहवारी संबंधी स्वास्थ्य जानकारी भी दी गई। स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया गया। ग्रामीणों ने गांव को स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में 116 लोगों ने भाग लिया। इस दौरान ग्राम पंचायत सरपंच, पंचगण, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। मोबाइल मेडिकल यूनिट टीम द्वारा ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण, डॉक्टर परामर्श, रक्त जांच और निशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया। संस्था ने बताया कि एमएमयू सेवा का उद्देश्य वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक सरलता से स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है।

दैनिक भास्कर 30 May 2026 5:30 am

10 माह बाद भी मोबाइल जांच रिपोर्ट नहीं आई:एक लड़के ने 43 लड़कियों को दिया झांसा... दोस्ती, शादी के वादे, सबके फोटो-वीडियो; कुछ अश्लील, ब्लैकमेलिंग और उगाही

जुलाई 2025 में कोंडागांव पुलिस ने अमान वीरानी (25) को सेंट्रल गवर्नमेंट की एक अधिकारी की शिकायत पर गिरफ्तार किया। अधिकारी ने आरोप लगाया कि अमान ने दोस्ती कर शादी का झांसा दिया, वीडियो-फोटो बनाए, फिर ब्लैकमेल कर वसूली की। पुलिस और साइबर टीम ने उसका मोबाइल जब्त किया। जांच टीम के दो अधिकारियों और सूत्रों ने भास्कर को बताया कि मोबाइल गैलरी में 40 से अधिक लड़कियों के फोटो-वीडियो थे। कांटेक्ट लिस्ट में 43 लड़कियों के नंबर मिले। कॉल करने पर पता चला कि इनमें 20 नाबालिग, 10 शादीशुदा और 8 ऐसी थीं जिनकी शादी होने वाली थी। सभी बस्तर संभाग की थीं। जांच के दौरान दो और पीड़िताएं सामने आईं। इसके बाद अमान के खिलाफ एक अधिकारी, कॉलेज छात्रा और एक नवविवाहिता की शिकायत पर कुल 3 एफआईआर दर्ज हुईं। मोबाइल जांच के लिए साइबर लैब नवा रायपुर भेजा गया और अमान जेल चला गया। इस मामले ने अप्रैल 2026 में नया मोड़ लिया। पहली पीड़िता ने कोंडागांव न्यायाधीश और पुलिस अधीक्षक को ई-मेल भेजा, जिसकी प्रति भास्कर को मिली। पीड़िता ने लिखा कि जेल से छूटने के बाद अमान उस पर केस वापस लेने का दबाव बना रहा है। उसका एक्सीडेंट हुआ है और उसे आशंका है कि इसके पीछे भी अमान का हाथ हो सकता है। उसने खुद को बिस्तर पर होने और थाना आने में असमर्थ बताया। इसके बाद रिपोर्टर ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि दोबारा शिकायत के बावजूद पुलिस ने पीड़िता का बयान तक नहीं लिया। वहीं, बेल मिलने के बाद अमान कुछ दिन जगदलपुर में रहा और अब केशकाल में है। परिवार की गुजारिश पर उसे स्पेयर पार्ट्स की दुकान में काम मिला है। रिपोर्टर जब मस्जिद गली स्थित उसके घर पहुंचा तो वहां ताला लगा मिला। इस दौरान अन्य पीड़िताओं से भी संपर्क हुआ, लेकिन वे परिवार और बदनामी के डर से सामने आने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि जो हुआ, उसे भूलने में ही भलाई है। जांच के दौरान रिपोर्टर को कई ऐसे वीडियो-फोटो भी मिले, जिनमें अमान अलग-अलग लड़कियों के साथ दिखाई दे रहा है। 10 महीने बाद भी मोबाइल की जांच शुरू नहीं हुई अमान के खिलाफ दर्ज तीनों एफआईआर में मोबाइल प्रमुख साक्ष्य है। इसे जांच के लिए साइबर लैब नवा रायपुर भेजा गया, लेकिन पेंडेंसी के कारण जांच शुरू नहीं हो सकी। लैब इंचार्ज रवि गुप्ता ने कहा कि यदि जिले से केस की प्राथमिकता के आधार पर जांच के लिए पत्र आता है तो कार्रवाई की जाती है। इससे सवाल उठ रहे हैं कि कोंडागांव और केशकाल थाना पुलिस ने मामले को अपेक्षित गंभीरता से लिया या नहीं। रिपोर्ट के आधार पर कोंडागांव पुलिस ने धारा 64 (1), धारा 64 (2) (डी), धारा 308 (2), धारा 324 (4), धारा 115 (2),धारा 351 (2) में केस दर्ज किया। पीड़िता का दर्द: मैं कॉलेज में पढ़ती थी। इसी दौरान अमान से मेरी जान-पहचान हुई। फिर धीरे-धीरे हम कॉलिंग और चैट करने लगे। हां, बाहर भी घूमने गए थे। इसी दौरान उसने मेरे वीडियो बनाए, फोटो लिए। इन्हें वायरल करने की धमकी देकर मुझसे 25 हजार रुपए लिए। हर महीने वह पैसा मांगता था।जांच अधिकारी- रमेश निषाद, एएसआई- पूर्व के केस में मोबाइल जब्त हुआ था। उसकी रिपोर्ट अहम है। पढ़िए... पीड़िताओं की आपबीती जांच अधिकारी- अखिलेश धीवर, एसआई (अभी कोंडागांव में पदस्थ)- साइबर टीम ने अमान को पकड़ा था। उन्होंने कहा था- मोबाइल में लड़कियों के बहुत फोटो-वीडियो हैं। लड़कियों को ब्लैकमेल करता था। जांच अधिकारी- केएस सौरी, एसआई, केशकाल- अमान ने कहा था, अगर 2 दिन और नहीं पकड़ते तो फिर मुझे कभी नहीं पकड़ पाते। वह विदेश भागने वाला था। उसके मोबाइल में लड़कियों के वीडियो और फोटो हैं। भास्कर एक्सपर्ट मुकेश चौधरी, साइबर क्राइम एक्सपर्ट पैटर्न ऑफ क्राइम’ को समझना जरूरी ऐसे मामलों में आरोपी शारीरिक संबंध या पैसों के लिए ब्लैकमेलिंग कर सकते हैं। यदि आपत्तिजनक कंटेंट का दुरुपयोग हुआ हो तो उसके ऑनलाइन प्रसार का खतरा भी रहता है। उन्होंने कहा कि जांच में बैंक लेनदेन, सोशल मीडिया चैट, ब्राउजर हिस्ट्री और डिजिटल उपकरणों की जांच अहम होती है। मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में आवश्यक जानकारियां मांगी जानी चाहिए। ऐसे संवेदनशील मामलों में स्पष्ट एसओपी और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी जरूरी है। इस केस को मैं प्राथमिकता से दिखवाता हूं प्रकरण मेरी जॉइनिंग के पहले का है, लेकिन बेहद संवेदनशील है। आपने संज्ञान में लाया है। मैं इसे प्राथमिकता से दिखवाता हूं। मैं साइबर लैब इंचार्ज से बात करूंगा, ताकि जल्द से जल्द मोबाइल की जांच रिपोर्ट आ सके। पीड़िताओं की शिकायत को मंगवाकर मैं स्वयं देखता हूं। -पंकज चंद्रा, एसपी, कोंडागांव

दैनिक भास्कर 30 May 2026 5:30 am

सिगरेट के विवाद में होटल मालिक पर फायर:नेशनल शूटिंग चैंपियन समेत 4 आरोपी गिरफ्तार; थार-ब्रेजा, पिस्टल और लूटा मोबाइल बरामद

मुजफ्फरनगर के खतौली थाना क्षेत्र में एनएच-58 स्थित पंचगंगा होटल पर हुई फायरिंग की घटना का पुलिस ने 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने होटल मालिक नदीम को गोली मारने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य आरोपी विक्रांत खुद को नेशनल शूटिंग चैंपियन बताता है, जबकि एक अन्य आरोपी जेवर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में मुंशी के पद पर कार्यरत है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि 28 मई की रात कुछ युवक थार और ब्रेजा कारों में सवार होकर पंचगंगा होटल पहुंचे थे। खाना खाने के बाद सिगरेट और पानी को लेकर होटल स्टाफ से उनकी बहस हो गई। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने होटल मालिक नदीम पुत्र अमीर अहमद पर फायरिंग कर दी। गोली नदीम के पैर में लगी और आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद घायल नदीम को अस्पताल में भर्ती कराया गया। खतौली थाने में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। एसएसपी के निर्देश पर सीओ खतौली रूपाली राय के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया। शुक्रवार को एक चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान विक्रांत, गिरीश छोकर, उमेश कुमार और दिनेश के रूप में हुई है। सभी आरोपी गौतमबुद्धनगर के जेवर थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी पिस्टल, कारतूस, एक मोबाइल फोन, दो लग्जरी गाड़ियां (थार और ब्रेजा) तथा 1 लाख 20 हजार 900 रुपये नकद बरामद किए हैं। पूछताछ में पता चला कि मुख्य आरोपी विक्रांत के पास लाइसेंसी पिस्टल थी और उसी ने नदीम पर गोली चलाई थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी घटना के बाद भागने की फिराक में थे, लेकिन उन्हें उससे पहले ही पकड़ लिया गया। वहीं गैंग का एक सदस्य सरकारी दफ्तर में तैनात है। अब पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास और उनके नेटवर्क की भी जांच कर रही है।

दैनिक भास्कर 29 May 2026 4:58 pm

सीकर में बिना बताए घर से निकलीं 2 महिलाएं:एक बेटी को भी ले गई साथ, मोबाइल भी स्विच ऑफ; CCTV खंगाल रही पुलिस

सीकर जिले में 2 महिलाओं के लापता होने का मामला सामने आया है। एक महिला अपनी बेटी को भी अपने साथ लेकर चली गई, वहीं दूसरी महिला सुबह बिना बताए घर से कहीं चली गई। दोनों महिलाओं के पति ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज करवाई है। पुलिस दोनों महिलाओं की तलाश कर रही है और आस-पास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पहले केस में 34 साल की महिला के पति ने पुलिस में शिकायत देकर बताया- मेरी 34 साल की पत्नी अपनी बेटी को लेकर गांव से 27 मई की सुबह 10 बजे कहीं चली गई। इसके बाद उन्होंने पत्नी और बेटी की काफी तलाश की लेकिन कुछ भी पता नहीं चल पाया। रिश्तेदारी और आस-पड़ोस में भी मालूम किया लेकिन उन्हें भी कुछ मालूम नहीं था। अब पत्नी का मोबाइल भी स्विच ऑफ है। दूसरे केस में 29 साल की महिला के पति ने पुलिस में शिकायत देकर बताया- रात के समय पत्नी घर पर ही सोई थी। 26 मई की सुबह करीब 6:30 बजे वह घर से बिना बताए कहीं पर चली गई। जिसकी उन्होंने काफी तलाश की लेकिन कुछ भी पता नहीं चल पाया।

दैनिक भास्कर 29 May 2026 4:56 pm

चेन स्नैचिंग और मोबाइल छीनने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार:एक ज्वेलर संचालक भी गिरफ्तार, तीन दिन पहले वृद्धा के गले से मादलिया छीन ले गए थे

उदयपुर की सुखेर थाना पुलिस ने चेन स्नैचिंग और मोबाइल छीनकर भागने वाली गैंग 3 आरोपियों सहित 4 जनों को गिरफ्तार किया है। इन्होंने भुवाणा में वृद्ध महिला की सोने की मादलिया लूटने की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों के कब्जे से मादलिया और घटना में उपयोग ली बाइक भी जब्त की है। थानाधिकारी भरत योगी ने बताया कि बदमाशों ने लूटे गए सोने के मादलिया कनक ज्वेलर्स के संचालक मनोहर सिंह पिता बक्तावर सिंह निवासी बड़गांव को बेचे थे। आरोपियों ने शहर में अलग-अलग जगह भी झपट्टा मारकर मोबाइल छीनने की घटनाएं स्वीकार की है। पुलिस ने बताया कि आरोपी सुरेश पिता शंकर निवासी राजेशवन्दन कॉलोनी, रवि पिता नारायण देव मगरी, नीरज पिता सुरेश देव मगरी और मनोहर सिंह पिता बक्तावर सिंह निवासी बड़गांव को गिरफ्तार किया है। मामले में आगे जांच जारी है। घर के बाहर बैठी वृद्धा के साथ की थी वारदातपुलिस ने बताया कि 26 मई 2026 को प्रार्थी अर्जन लाल पिता गोलीलाल डांगी निवासी भुवाणा ने थाने में रिपोर्ट दी थी। जिसमें बताया कि उसकी दादी डाली डांगी घर के बाहर चौक में अकेली बैठी थी। तभी शाम करीब 4:30 बजे दो युवक बाइक से आए। फिर दादी को धमकाते हुए झपट्टा मारा और गले में पहनी सोने की मादलिया छीनकर भाग गए। मादलिया का वजन करीब 4 ग्राम था। मामले की शिकायत मिलते ही पुलिस ने आसपास सीसीटीवी खंगालते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

दैनिक भास्कर 29 May 2026 1:41 pm

गोपालगढ़ में 5 साइबर ठग गिरफ्तार:1 नाबालिग भी किया डिटेन, 6 मोबाइल और सिम कार्ड बरामद

डीग जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन एंटीवायरस” के तहत गोपालगढ़ थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान 5 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक नाबालिग को भी डिटेन किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए हैं। इसके अलावा मौके से 14 टूटे हुए मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। आशंका है कि इन टूटे हुए फोनों का उपयोग भी साइबर ठगी से जुड़े मामलों में किया जाता था। दबिश देकर पकड़े बदमाशदरअसल गोपालगढ़ थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ युवक मोबाइल फोन और फर्जी सिम कार्ड का उपयोग कर साइबर ठगी की गतिविधियों में लिप्त हैं।सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दबिश दी और आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी विभिन्न तरीकों से लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाते थे। बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड की गहन जांच की जा रही है, ताकि इनके जरिए किए गए साइबर अपराधों का रिकॉर्ड खंगाला जा सके। पुलिस को आशंका है कि इन आरोपियों के तार अन्य राज्यों में सक्रिय साइबर गिरोहों से भी जुड़े हो सकते हैं।

दैनिक भास्कर 29 May 2026 1:18 pm

बारां : अभिरूचि शिविर में विद्यार्थियों को मोबाइल के दुष्प्रभावों से अवगत कराया

बारां। विद्या भारती द्वारा संचालित आदर्श विद्या मंदिर उमा विद्यालय एवं मदनलाल भवानी शंकर गुप्त बालिका आदर्श विद्या मंदिर माधव नगर छबड़ा में आयोजित अभिरूचि शिविर संपन्न हुआ। अध्यक्षता विद्यालय समिति अध्यक्ष अशोक भार्गव ने की। प्रधानाचार्य अमृत लाल मीणा ने बताया कि समापन समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मन मोहा व भैया-बहिनों ने विविध […] The post बारां : अभिरूचि शिविर में विद्यार्थियों को मोबाइल के दुष्प्रभावों से अवगत कराया appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 29 May 2026 11:49 am

'गूगल अपडेट' के नाम पर 1.99 लाख की ठगी:दुर्ग में ठगों ने ठेकेदार का मोबाइल हैक किया, 3 बार में निकली रकम

दुर्ग जिले में साइबर अपराधियों ने 'गूगल अपडेट' के नाम पर ठेकेदार के बैंक खाते से 1.99 लाख रुपए की ठगी की है। ठगों ने मोबाइल हैक कर वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित की शिकायत पर मोहन नगर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक शंकर नगर दुर्ग निवासी महेंद्र कुमार देशलहरा (36) ठेकेदारी का काम करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 22 मई 2026 को उनके मोबाइल पर 'गूगल अपडेट' से संबंधित एक मैसेज आया था। इसे सामान्य सिस्टम अपडेट समझकर उन्होंने मैसेज खोल दिया। मैसेज खोलते ही उनका मोबाइल फोन असामान्य तरीके से काम करने लगा। फोन के कई सिस्टम अचानक बंद हो गए। मोबाइल हैंग होने लगा। इसी दौरान साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते तक पहुंच बना लेते हुए वारदात को अंजाम दिया। दो दिनों में तीन बार में निकली रकम पीड़ित के अनुसार, 22 मई को सुबह करीब 11:30 बजे उनके बंधन बैंक खाते से 94,999 रुपए निकाले गए। इसके ठीक एक मिनट बाद सुबह 11:31 बजे 5,001 रुपए ट्रांसफर हो गए। अगले दिन, 23 मई को शाम करीब 4 बजे फिर 99,500 रुपए खाते से निकाल लिए गए। इस तरह कुल 1,99,500 रुपए की ठगी हुई। महेंद्र कुमार ने बताया कि ठगी के दौरान उनका मोबाइल पूरी तरह से उनके नियंत्रण से बाहर हो गया था। कोई भी सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा था। बैंक सहित साइबर हेल्पलाइन में शिकायत लगातार रकम कटने के बाद पीड़ित ने पहले बैंक, साइबर हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्होंने मोहन नगर थाना पहुंचकर लिखित आवेदन दिया। शिकायत के साथ बैंक खाते की डिटेल, साइबर कंप्लेन की कॉपी भी पुलिस को सौंपी गई है। भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज पुलिस ने प्रारंभिक जांच में मामला साइबर फ्रॉड का पाए जाने पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मोबाइल हैकिंग से बढ़ रहे साइबर अपराध पुलिस अधिकारियों के मुताबिक साइबर अपराधी अब फर्जी लिंक, अपडेट मैसेज, APK फाइल के जरिए लोगों के मोबाइल फोन को हैक कर रहे हैं। एक बार फोन का एक्सेस मिलते ही ठग बैंकिंग ऐप, OTP, निजी जानकारी तक पहुंच बना लेते हैं। अनजान लिंक खोलने से बचें विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक, अपडेट, एप्लिकेशन को बिना सत्यापन ओपन नहीं करना चाहिए। मोबाइल पर आने वाले फर्जी सिस्टम अपडेट मैसेज साइबर अपराधियों का नया हथियार बन चुके हैं। फिलहाल पुलिस ट्रांजेक्शन डिटेल, मोबाइल डेटा, बैंकिंग ट्रेल के आधार पर साइबर ठगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

दैनिक भास्कर 29 May 2026 10:09 am

ग्वालियर बॉयज हॉस्टल में छात्रों के मोबाइल चोरी:कूलर चला कर सो रहे थे सभी, एक युवक आया और मोबाइल चोरी कर ले गया

ग्वालियर के ठाटीपुर थाना क्षेत्र स्थित सुरेश नगर के सीताराम बॉयज हॉस्टल में मोबाइल चोरी की वारदात सामने आई है। गुरुवार दोपहर एक युवक हॉस्टल में घुसा और कई छात्रों के मोबाइल चोरी कर फरार हो गया। घटना के बाद छात्रों ने ठाटीपुर थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोपहर में सो रहे थे छात्र जानकारी के अनुसार हॉस्टल में अलग-अलग जिलों से आए छात्र रहकर पढ़ाई करते हैं। गुरुवार दोपहर छात्र खाना खाने के बाद अपने कमरों में आराम कर रहे थे। भीषण गर्मी के कारण सभी छात्र कूलर चलाकर सो गए थे। इसी दौरान करीब दोपहर 12 बजे एक संदिग्ध युवक हॉस्टल परिसर में दाखिल हुआ। आरोपी ने उन कमरों को निशाना बनाया जहां छात्र गहरी नींद में थे। चोरी हुए मोबाइल संदीप बघेल, दुष्यंत सिकरवार, बादल शिवहरे, नितिन सिकरवार, शैलेन्द्र सिकरवार और देवेश सिकरवार के बताए गए हैं। छात्रों के जागने पर मोबाइल गायब मिले, जिसके बाद हॉस्टल में अफरा-तफरी मच गई। CCTV में कैद हुआ संदिग्ध युवक पुलिस ने हॉस्टल में लगे CCTV कैमरों की जांच की। फुटेज में एक युवक हॉस्टल के अंदर आता और संदिग्ध तरीके से घूमता दिखाई दे रहा है। हालांकि छात्र और हॉस्टल संचालक आरोपी की पहचान नहीं कर सके हैं। पुलिस को अंदरूनी जानकारी का शक पुलिस का कहना है कि आरोपी सीधे कमरों तक पहुंचा और बिना डर के वारदात को अंजाम दिया। ऐसे में शुरुआती जांच में किसी परिचित, कर्मचारी या छात्र की भूमिका होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस हॉस्टल में आने-जाने वालों का रिकॉर्ड खंगाल रही है और आसपास के CCTV फुटेज भी जुटाए जा रहे हैं। चोरी का केस दर्ज ठाटीपुर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का दावा है कि तकनीकी जांच और CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 29 May 2026 7:52 am

संदिग्ध आतंकी उर्दू-पंजाबी में वीडियो कॉल पर बातें करते:सहारनपुर में गांववाले बोले- हमें देखकर मुंह फेर लेता था, मोबाइल सबसे बड़ा दुश्मन

यूपी के सहारनपुर से एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पाकिस्तानी आतंकी मॉड्यूल के 4 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया। ये भाजपा के दफ्तरों, अस्पताल, स्कूल समेत कई संवेदनशील ठिकानों पर ब्लास्ट करने की साजिश रच रहे थे। इनमें से 2 संदिग्ध महकाब और शाहरुख सहारनपुर के रहने वाले हैं। दैनिक भास्कर ने सहारनपुर में इनके घर और गांववालों से बात की। एक ग्रामीण ने बताया- महकाब पहले शाम को सबके साथ बैठता था। फिर धीरे-धीरे सबसे अलग रहने लगा। किसी से ज्यादा बात नहीं करता था। रात में देर तक मोबाइल चलाता था। वीडियो कॉल पर पंजाबी या उर्दू में बात करता था। उसकी बातें ज्यादा समझ में नहीं आती थीं। बात करते समय बगल से कोई गुजरता, तो वह मुंह फेर लेता था। वहीं, शाहरुख की मां ने रोते हुए कहा- बेटे को गलत फंसाया गया है। हमने उसे मेहनत से कमाना और जीना सिखाया है। गांववालों ने भी कहा- वह काफी मिलनसार था। किसी से कोई झगड़ा नहीं था। जिन लड़कों को हम कल तक खेतों में घूमते, मोबाइल पर रील बनाते देखते थे, उन्हीं पर अब आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने की बात सामने आई है। ATS की जांच में सामने आया कि संदिग्धों की दोस्ती इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आकिब जट्ट के नेटवर्क से हुई। वीडियो कॉल पर आदेश दिए जाते थे। कोडवर्ड में बात होती थी। पहले चारों संदिग्ध आतंकियों को जानिए अब चलते हैं संदिग्ध आतंकियों के गांव महकाब ने धीरे-धीरे गांव वालों से दूरी बनाई सहारनपुर जिला मुख्यालय से करीब 30 किमी दूर सरसावा क्षेत्र का ढीक्का कला गांव है। गांव में 27 मई (बुधवार) की सुबह अचानक पुलिस, खुफिया एजेंसियों और मीडिया का जमावड़ा लग गया। तब लोगों के महकाब के आतंकी कनेक्शन का पता चला। ढीक्का कला गांव में जब हम पहुंचे, तो महकाब के घर के बाहर चारपाई पर उसके पिता हसरत मायूस होकर लेटे थे। हमारे पूछने पर कहने लगे- बेटा पंजाब में वेल्डिंग का काम करता था। घर आता था, तो खेती में हाथ बंटाता था। हमें तो कभी शक ही नहीं हुआ। परिवार खेती-किसानी करता है। हमारे पास करीब 10 बीघा जमीन है। घर सामान्य है और परिवार का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। महकाब के बारे में गांव के लोग भी बताते हैं कि वह शांत स्वभाव का था। लेकिन, पिछले कुछ महीनों में मोबाइल पर ज्यादा समय बिताने लगा था। शाहरुख की मां रो-रोकर बोली- बेटे को फंसाया गया दूसरे संदिग्ध आतंकी शाहरुख के घर का माहौल भी तनावपूर्ण था। उसकी मां रोते हुए सिर्फ इतना कह पाई- बेटा तो देहरादून में टाइल्स लगाने का काम करता था। हम गरीब लोग हैं। हमें क्या पता कि इंस्टाग्राम पर कौन क्या करा देता है? मेरे बेटे को गलत फंसाया गया है। हमारा बेटा ऐसा नहीं है। हमने उसे मेहनत से कमाना और जीना सिखाया है। मेरे बेटे को फंसाया गया है। शाहरुख के परिवार के पास 11-12 बीघा जमीन है। गांववालों के मुताबिक, वह मिलनसार था और कभी किसी झगड़े में नहीं पड़ा। टीचर बोले- पैसे से गरीब नहीं, लेकिन मानसिक रूप से खाली सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और हरिद्वार बेल्ट से बड़ी संख्या में युवा मजदूरी करने पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड जाते हैं। ज्यादातर युवाओं की जिंदगी अब मोबाइल और सोशल मीडिया के बीच सिमटती जा रही है। ग्राउंड पर बातचीत में एक बात बार-बार सामने आई कि इन युवकों के पास न स्थायी रोजगार है, न भविष्य को लेकर स्पष्ट दिशा। एक स्थानीय शिक्षक कहते हैं- ये लड़के आर्थिक रूप से बहुत गरीब नहीं हैं, लेकिन मानसिक रूप से खाली हैं। सोशल मीडिया इनकी दुनिया बन चुका है। इंस्टाग्राम पर कोई इन्हें भाई बोल दे, पैसे और विदेश के सपने दिखा दे तो ये जल्दी प्रभावित हो जाते हैं। फिर ये आतंकियों के चंगुल में फंस जाते हैं। कट्टरपंथी नेटवर्क अब सीधे धार्मिक भाषणों की बजाय ‘डिजिटल फ्रेंडशिप मॉडल’ पर काम कर रहे हैं। पहले दोस्ती, फिर भावनात्मक जुड़ाव, फिर गोपनीय चैट और आखिरी में नेटवर्क से जोड़ना, यही नई रणनीति है। किसान ने कहा- पहले डर गलत संगत का था, अब मोबाइल का ढीक्का कला गांव में अब हर घर में एक ही चर्चा है कि क्या सोशल मीडिया गांवों तक आतंक का रास्ता बना चुका है? महकाब और शाहरुख के परिवारवालों का कहना है कि उन्हें कभी अंदाजा नहीं था कि उनके बच्चे किसी ऐसे नेटवर्क के संपर्क में हो सकते हैं। गांव के बुजुर्ग अब बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर चिंता जता रहे हैं। एक बुजुर्ग किसान ने कहा- पहले डर गलत संगत का होता था, नशे में फंसने का था। अब डर मोबाइल का है। आतंकी नेटवर्क ने संदिग्धों को बड़ी जिंदगी के सपने दिखाए ATS की जांच में सामने आया है कि महकाब और गगनदीप की दोस्ती इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आकिब जट्ट के नेटवर्क से हुई थी। शुरुआत सामान्य चैटिंग से हुई। फिर वीडियो कॉल आने लगे। धीरे-धीरे बातचीत काम तक पहुंच गई। पहले इन युवकों को सोशल मीडिया पोस्ट, धार्मिक वीडियो और अन्याय से जुड़े कंटेंट भेजे गए। फिर उन्हें सिस्टम के खिलाफ लड़ाई और बड़ी जिंदगी के सपने दिखाए गए। पैसों और हथियारों का लालच भी दिया गया। बाद में इन्हें अस्पतालों, भाजपा कार्यालयों और संवेदनशील जगहों की रेकी करने को कहा गया। इन्हें ज्यादा से ज्यादा युवाओं को नेटवर्क से जोड़ने के आदेश भी दिए गए। वीडियो कॉल पर आदेश दिए जाते थे। बातचीत में कोडवर्ड्स का इस्तेमाल होता था और इंस्टाग्राम अकाउंट बार-बार बदले जाते थे। ADG बोले- नोएडा में चारों ने मीटिंग की थी एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने बताया- पाकिस्तानी गैंगस्टर आकिब जट्‌ट ने वीडियो कॉल पर चारों को देश में कई जगहों पर आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए अधिक से अधिक लोगों को अपने साथ जोड़ने के लिए भी कहा था। महकाब और गगनदीप ने ही शाहरुख और मुशर्रफ को अपने साथ जोड़ा था। इन चारों के बीच सोशल मीडिया पर अस्पताल उड़ाने के लिए रेकी और हथियार खरीदने की बात की जा रही थी। मार्च, 2026 में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए महकाब और गगनदीप ने नोएडा में मीटिंग की थी। मीटिंग में इनके बीच पैसे और हथियार लेने की बात हुई थी। पश्चिमी यूपी में हैंड ग्रेनेड से हमलों की साजिश रची जा रही थी ATS के मुताबिक, संदिग्धों को भाजपा कार्यालयों, अस्पतालों और कुछ कारोबारी ठिकानों की रेकी करने का टास्क मिला था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि पश्चिमी यूपी में कई जगहों पर हैंड ग्रेनेड हमलों की साजिश रची जा रही थी। हथियार और विस्फोटक POK से सप्लाई होने की आशंका जताई जा रही है। एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि इन युवकों ने यूपी में किन-किन जगहों की रेकी की। सहारनपुर में सरसावा एयरबेस और आर्मी एरिया के कारण जांच और ज्यादा संवेदनशील हो गई है। यह सिर्फ खुद कट्टरपंथ की ओर नहीं बढ़ रहे थे, बल्कि अन्य युवाओं को भी जोड़ रहे थे। सोशल मीडिया के जरिए नए लड़कों को तलाशा जा रहा था। अब आतंकियों के निशाने पर बेरोजगार, भर्ती रणनीति बदली सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों का कहना है कि आतंकी नेटवर्क अब 'लो विजिबिलिटी मॉडल' पर काम कर रहे हैं। वे ऐसे युवाओं को चुन रहे हैं, जो सुरक्षा एजेंसियों की नजर में आसानी से न आएं। कुछ साल पहले तक आतंकी संगठनों और पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क की रणनीति अलग थी। वे पढ़े-लिखे, तकनीकी जानकारी रखने वाले, हाईप्रोफाइल और प्रभावशाली युवाओं को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते थे। डॉक्टर, इंजीनियरिंग छात्र, आईटी प्रोफेशनल और उच्च शिक्षित युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा के जरिए ट्रेंड किया जाता था। अब आतंकियों का नया निशाना छोटे शहरों के मजदूर, बेरोजगार युवक, खेतों में काम करने वाले लड़के और सोशल मीडिया पर घंटों बिताने वाली गरीब पीढ़ी है। सहारनपुर से गिरफ्तार 4 युवकों की कहानी इसी बदलती रणनीति का सबसे बड़ा संकेत माना जा रहा है। अब शहजाद भट्‌टी को जानिए... दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की जांच के अनुसार, भारतीय खुफिया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर से आतंकी बने शहजाद भट्टी और आबिद जट्‌ट को, हाल ही में सामने आए संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) का कथित मास्टरमाइंड बताया है। शहजाद भट्‌टी और गुजरात की साबरमती जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई एक समय अच्छे दोस्त थे। लेकिन, भट्‌टी के लॉरेंस के गुर्गों से अपने काम करवाने और पहलगाम अटैक पर लॉरेंस की हाफिज सईद को धमकी के बाद वह एक-दूसरे के कट्‌टर दुश्मन बन गए। लॉरेंस मूल रूप से पंजाब के फाजिल्का का रहने वाला है। उसने चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की। इसके बाद उस पर कत्ल-फिरौती जैसे कई केस दर्ज हुए। 2 महीने में 12 से अधिक संदिग्ध पकड़े गए यूपी में बीते दो महीने में एजेंसियों ने 12 से ज्यादा संदिग्ध आतंकी पकड़े हैं। 4 अप्रैल को लखनऊ से 4 संदिग्ध पकड़े गए थे। ATS पूछताछ में सामने आया था कि पाकिस्तान से उन्हें ऑफर था कि तुम लोग दहशत फैलाओ, जितनी दहशत, उतना पैसा मिलेगा…। बड़े धमाके की फिराक में चारों संदिग्ध आतंकियों ने पिकअप और बाइक में आग लगाकर रिहर्सल की। इसके वीडियो पाकिस्तानी हैंडलर अबू बकर को भेजे थे। बदले में उन्हें हर आगजनी पर 12 हजार रुपए मिलते थे। इसके बाद एटीएस ने 24 अप्रैल को 2 और संदिग्ध मेरठ के तुषार और दिल्ली के समीर खान को पकड़ा था। दोनों पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी, आबिद जट के संपर्क में थे। एटीएस के अनुसार, दोनों यूपी के एक्स मुस्लिमों को हैंड ग्रेनेड से मारने की प्लानिंग कर रहे थे। टारगेट किलिंग के लिए उन्हें 3 लाख रुपए की लालच दिया गया था। —----------------------------------- 3 महीने पहले डॉक्टर मॉड्यूल सामने आया था, पढ़िए वो खबर… आतंकी अदील की पत्नी सर्जन, हनीमून पर जाने वाला था: शादी के 32वें दिन पकड़ा गया; सहारनपुर में अकेला रहता था, 5 लाख सैलरी सहारनपुर से गिरफ्तार आतंकी डॉ. अदील अहमद और उसके साथियों की यूपी को दहलाने की साजिश थी। जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े इन आतंकियों की बाकायदा ट्रेनिंग हुई थी। इसके बाद ये भारत आए और वेस्ट यूपी और दिल्ली से सटे इलाकों को अपना ठिकाना बनाया। सूत्रों के मुताबिक, जांच में पता चला कि डॉ. अदील के किराए के घर पर रात में 8 लोग आते थे। ये कौन हैं? सुरक्षा एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 29 May 2026 5:32 am

झोटवाड़ा में बिजली गुल होते ही घर में घुसा नकाबपोश, बुजुर्ग से मोबाइल लूटा

शहर में बिजली कटौती अब सुरक्षा पर भी भारी पड़ने लगी है। झोटवाड़ा में रात बिजली जाते ही एक नकाबपोश बदमाश खुले गेट से घर में घुस गया और 79 वर्षीय रिटायर्ड कर्मचारी से मोबाइल लूट लिया। विरोध करने पर बदमाश ने बुजुर्ग पर चाकू से हमला कर दिया और साथी के साथ बाइक पर फरार हो गया। पुलिस के अनुसार तारा नगर निवासी 79 वर्षीय बुजुर्ग कॉपर मिल से रिटायर्ड हैं। सोमवार रात 10 बजे इलाके की बिजली गुल होने के कारण घर का गेट खुला था। इसी दौरान नकाबपोश युवक घर में घुस आया और बुजुर्ग के हाथ से मोबाइल छीनने लगा। मोबाइल बचाने के प्रयास में बुजुर्ग और बदमाश के बीच धक्का-मुक्की हुई। बदमाश ने चाकू से बुजुर्ग के हाथ पर वार कर दिया। घायल बुजुर्ग शोर मचाते हुए बदमाश के पीछे दौड़े, लेकिन बाहर बाइक सवार साथी उसे लेकर फरार हो गया। बुजुर्ग ने प्राथमिक उपचार करवाया। झोटवाड़ा थाना पुलिस ने बुधवार को मामला दर्ज कर लिया। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।

दैनिक भास्कर 29 May 2026 5:30 am

संभल में 40 मिनट में 5 मिमी बारिश:15 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़का पारा, 27 डिग्री पर पहुंचा, मोबाइल पर आया अलर्ट मैसेज

संभल में गुरुवार रात हुई बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। लगभग 40 मिनट तक हुई इस बारिश से पारा 15 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। गुरुवार रात करीब 9:09 बजे जनपद संभल के शहरी और ग्रामीण इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई। दिन में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो बारिश के बाद घटकर 31 डिग्री सेल्सियस हो गया। रात 10:43 बजे तक इसमें 4 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट आई, जिससे तापमान 27 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। अनुमान है कि 40 मिनट की इस बारिश में लगभग 5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। बारिश और आंधी के बीच संभल में कई लोगों को मोबाइल पर 3 घंटे के लिए भयंकर आंधी-तूफान का अलर्ट मैसेज भी मिला। बीती 16 मई से आम जनमानस भीषण गर्मी का सामना कर रहा था। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद हुई इस बारिश से न केवल मौसम ने करवट ली है, बल्कि त्वचा को झुलसाने वाली गर्मी से भी बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक मौसम ऐसा ही सुहावना रहने की संभावना है। स्थानीय निवासी कुशल कुमार ने बताया कि कई दिनों से पड़ रही गर्मी के बाद बारिश से मौसम में बदलाव आया है। हालांकि, कुछ लोगों को तेज हवाओं के कारण नुकसान भी हुआ है। मोहम्मद नईम ने कहा कि बकरीद के त्योहार के दिन रात में हुई बारिश से सभी लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है।

दैनिक भास्कर 28 May 2026 11:17 pm

फर्रुखाबाद में तेज हवा के साथ चमक रही बिजली:कायमगंज समेत शहर में बूंदाबांदी, मोबाइल पर बजा अलर्ट अलार्म

फर्रुखाबाद में गुरुवार देर रात मौसम में अचानक बदलाव आया। तेज हवाएं चलने लगीं, आसमान में बादल छा गए और बिजली चमकने लगी। इस दौरान कई लोगों के मोबाइल फोन पर 'एक्सट्रीमली सीवियर अलर्ट' का अलार्म भी बजा, जिससे लोग दहशत में आ गए। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट आई और ठंडी हवाएं चलने लगीं, जिससे मौसम सुहावना हो गया। फर्रुखाबाद शहर के साथ-साथ फतेहगढ़, कमालगंज, अमृतपुर, राजेपुर, नवाबगंज और कायमगंज में भी तेज हवाएं चलीं और बिजली चमकी। कायमगंज और शहर में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, जबकि हवा की रफ्तार लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटा रही। तेज आंधी, बारिश और बिजली कड़कने के बीच अचानक लोगों के मोबाइल फोन पर एक तेज चेतावनी ध्वनि के साथ 'एक्सट्रीमली सीवियर अलर्ट' का संदेश आने लगा। एक साथ बड़ी संख्या में मोबाइलों पर यह अलर्ट आने से लोग पहले तो कुछ समझ नहीं पाए। अमरदीप, प्रदीप और सद्दाम हुसैन जैसे कई लोगों ने बताया कि जैसे ही काले बादल छाए और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई, उनके मोबाइल फोन में अचानक सायरन जैसी तेज आवाज बजने लगी और स्क्रीन पर चेतावनी संदेश दिखाई दिया। मोबाइल पर प्राप्त चेतावनी संदेश में बताया गया था कि अगले तीन घंटों में जनपद के कुछ स्थानों पर बिजली कड़कने के साथ तेज आंधी चलने, हवा की गति 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा (कुछ स्थानों पर 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक) रहने, मध्यम से तेज बारिश और ओलावृष्टि होने की बहुत अधिक संभावना है। शुरुआत में कई लोगों ने इस अचानक आए अलर्ट को किसी बड़ी आपदा की चेतावनी समझा। हालांकि, बाद में उन्हें जानकारी मिली कि यह अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और आपदा प्रबंधन प्रणाली द्वारा जारी किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य खराब मौसम से पहले लोगों को सतर्क करना है ताकि संभावित जनहानि और हादसों से बचा जा सके।

दैनिक भास्कर 28 May 2026 10:43 pm

नर्स बोली- मोबाइल टॉर्च के भरोसे कैसे कराएं डिलीवरी, VIDEO:सरबई PHC में 5 दिन से नहीं है बिजली; मरीज और गर्भवती महिलाएं परेशान

छतरपुर जिले के सरबई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहां पिछले 4-5 दिनों से बिजली गुल पड़ी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की नींद अब तक नहीं टूटी। हालात ऐसे हैं कि अस्पताल में इलाज से पहले बिजली की “सांसें” बचाना जरूरी हो गया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ स्टाफ नर्स अनीता अहिरवार ने खुद बनाया है। वीडियो में उनका दर्द साफ झलकता दिखाई दे रहा है। वह कहती नजर आ रही हैं कि अस्पताल में बिजली नहीं है, ऐसे में डिलीवरी कैसे कराई जाए। “कई बार शिकायत की, फिर भी नहीं आई बिजली”वायरल वीडियो में स्टाफ नर्स यह भी बता रही हैं कि उन्होंने फोन पर कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक अस्पताल की बिजली व्यवस्था ठीक नहीं हो सकी। लगातार बिजली गुल रहने से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। टॉर्च के सहारे इलाज, खतरे में मरीजों की जानसरकारी अस्पताल में हालात इतने खराब हैं कि यहां प्रसव जैसी संवेदनशील प्रक्रिया भी मोबाइल टॉर्च की रोशनी में कराने की नौबत आ गई है। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को उठानी पड़ रही है। दावों की रोशनी, अस्पताल अंधेरे मेंएक तरफ सरकार मातृ स्वास्थ्य और सुरक्षित प्रसव को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ सरबई स्वास्थ्य केंद्र में बुनियादी सुविधा बिजली तक उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत खुद सामने आ रही है। फाइलों में सब ठीक, जमीन पर बदहाल सिस्टमविडंबना यह है कि कागजों और फाइलों में शायद अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं “सुचारु रूप से संचालित” दिखाई जा रही हों, लेकिन हकीकत में अस्पताल अंधेरे के भरोसे चल रहा है। जब अस्पताल ही अंधेरे में डूबा हो, तो आखिर मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी कौन उठाएगा? आखिर कब जागेगा स्वास्थ्य विभाग और कब सुधरेंगे सरबई स्वास्थ्य केंद्र के हालात?

दैनिक भास्कर 28 May 2026 9:40 pm

शराब दुकान में चाकू की नोक पर युवक से लूट:धमतरी में 3 हजार और मोबाइल लूटे, नाबालिग सहित 3 गिरफ्तार

धमतरी जिले के भखारा थाना क्षेत्र में शराब दुकान परिसर में एक युवक से चाकू की नोक पर लूटपाट करने वाले आरोपियों को पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। मामले में दो युवकों और एक विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लिया गया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है। पुलिस के अनुसार, घटना 25 मई की रात की है। प्रार्थी अपने बड़े भाई के कहने पर शराब और डीजल खरीदने के लिए 3000 रुपए लेकर भखारा आया था। रात करीब 8 बजे वह भखारा शराब दुकान परिसर पहुंचा, जहां पहले से मौजूद आरोपियों ने उसे रोक लिया। गर्दन पर चाकू अड़ाकर की लूट युवक के पास पैसे होने की जानकारी मिलने पर आरोपियों ने उससे रकम मांगनी शुरू कर दी। मना करने पर आरोपी अंशुमन साहू ने युवक की गर्दन पर धारदार चाकू अड़ा दिया। इसी दौरान लोकेश पटेल और एक विधि से संघर्षरत बालक ने युवक को पकड़ लिया। वहीं, आरोपी समीर निर्मलकर ने मारपीट करते हुए युवक से 3000 रुपए नकद और एक रेडमी मोबाइल फोन लूट लिया। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने कुछ घंटों में दबोचे आरोपी घटना की सूचना मिलते ही भखारा थाना पुलिस ने धारा 309(4) बीएनएस और 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के निर्देश पर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी अंशुमन साहू और लोकेश पटेल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त धारदार चाकू और लूटी गई नगदी रकम भी बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों में अंशुमन साहू (18) और लोकेश पटेल (18) शामिल हैं। एक आरोपी फरार, तलाश जारी मामले में एक विधि से संघर्षरत बालक की संलिप्तता भी सामने आई है, जिसे किशोर न्याय बोर्ड धमतरी के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। फिलहाल, घटना में शामिल फरार आरोपी समीर निर्मलकर की तलाश में पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। ASP बोले- असामाजिक तत्वों पर होगी सख्त कार्रवाई एएसपी शैलेंद्र पांडेय ने कहा कि जिले में लूट, चोरी, चाकूबाजी और असामाजिक गतिविधियों में शामिल आरोपियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

दैनिक भास्कर 28 May 2026 8:37 pm

पठानकोट निकाय चुनाव के नतीजे कल, सेंटर पर मोबाइल बैन:सुबह 8 बजे से काउटिंग; 258 प्रत्याशियों की किस्मत का होगा फैसला

निकाय चुनाव 2026 के नतीजों का इंतजार कल यानी 29 मई को खत्म होने जा रहा है। प्रशासन द्वारा वोटों की गिनती को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मतगणना को सुचारू रूप से चलाने के लिए दो अलग-अलग कॉलेजों में काउंटिंग हॉल बनाए गए हैं। पठानकोट नगर निगम के लिए एबी कॉलेज में कुल 2 काउंटिंग हॉल तैयार किए गए हैं। इसके अलावा सुजानपुर नगर कौंसिल की मतगणना एसएमडीआरएसडी कॉलेज के हॉल में की जाएगी। रिटर्निंग ऑफिसर व एक्सईएन गुरप्रीत सिंह ने बताया कि काउंटिंग सेंटर्स पर टेबल लगाने और अन्य जरूरी तैयारियां आज ही पूरी कर ली गई हैं। इसके साथ ही चुनावी ड्यूटी पर तैनात स्टाफ को ट्रेनिंग भी दी गई है। 50 वार्डों में कुल 199 कैंडिडेट मैदान में बता दें, शहर के कुल 50 वार्डों में 199 उम्मीदवार मैदान में डटे हैं। इनमें कांग्रेस और भाजपा ने सभी 50 वार्डों में उम्मीदवार खड़े किए हैं। आम आदमी पार्टी ने 49 वार्डों में अपने कैंडिडेट उतारे हैं, शिरोमणि अकाली दल कुल 29 वार्डों में चुनाव लड़ रही है, बहुजन समाज पार्टी और आजाद उम्मीदवारों को मिलाकर कुल 20 कैंडिडेट अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। वहीं, सुजानपुर नगर काउंसिल के कुल 15 वार्डों में कुल 59 कैंडिडेट चुनाव मैदान में आमने-सामने हैं। कुल मिलाकर 258 प्रत्याशी चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजामस्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा के लिए थ्री-लेयर सिक्योरिटी (तीहरे स्तर की सुरक्षा) का चक्रव्यूह तैयार किया गया है। पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पंजाब पुलिस के जवान 24 घंटे शिफ्टिंग में मुस्तैद रहेंगे। इसके अलावा, स्ट्रॉन्ग रूम के आस-पास किसी भी बाहरी व्यक्ति को जाने की सख्त मनाही है। केवल संबंधित वार्डों के रिटर्निंग ऑफिसर (RO) को ही वहां जाने की इजाजत होगी, लेकिन उन्हें भी पूरी चेकिंग से गुजरना होगा। अधिकारी भी केवल सीलबंद स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर तक ही जा सकेंगे। बिना पास नो एंट्रीएसएसपी दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि पठानकोट के एबी कॉलेज और एसडी कॉलेज में मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। इन दोनों ही मुख्य केंद्रों के बाहर पुलिस द्वारा 100 मीटर के दायरे में मजबूत बैरिकेडिंग की गई है। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा जिन्हें ऑथराइजेशन कार्ड (प्रवेश पत्र) जारी किया गया है, केवल उन्हें ही मुख्य गेट से अंदर जाने की अनुमति दी जाएगी। चाहे वह काउंटिंग एजेंट हो, उम्मीदवार हो या किसी पार्टी का प्रतिनिधि, बिना ऑथराइजेशन कार्ड के किसी को भी बैरिकेड के अंदर पैर नहीं रखने दिया जाएगा। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से दोनों मुख्य कॉलेजों के बाहर त्रि-स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है। सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनातमतगणना प्रक्रिया को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के बेहद पुख्ता और कड़े इंतजाम किए गए हैं। एसएसपी ढिल्लों के अनुसार, मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए एक एसपी, चार डीएसपी और करीब 6 एसएचओ/इंस्पेक्टरों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही 500 से अधिक पुलिस जवानों की नफरी दोनों काउंटिंग सेंटरों पर मुस्तैद रहेगी। इतना ही नहीं, कल सुबह से ही पूरे शहर में वार्ड-वाइज़ पुलिस स्क्वॉड गश्त करेंगे और जगह-जगह नाकेबंदी कर हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। काउंटिंग सेंटर के भीतर मोबाइल फोन पर पूर्ण पाबंदीचुनाव आयोग के कड़े निर्देशों का हवाला देते हुए एसएसपी ने कहा कि काउंटिंग सेंटर के अंदर मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। रिटर्निंग ऑफिसर (RO) और असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर के अलावा कोई भी व्यक्ति चाहे वह कितना भी बड़ा राजनीतिक दल का नेता हो या काउंटिंग एजेंट, अंदर मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेगा। इस नियम को लेकर काउंटिंग सेंटरों के बाहर बकायदा नोटिस भी चस्पा कर दिए गए हैं। पठानकोट में रहेगा “ड्राई डे”राज्य चुनाव आयुक्त पंजाब द्वारा जारी आदेशों के अनुसार पंजाब के जिन नगर निगमों, नगर कौंसिलों (नगर परिषदों) और नगर पंचायतों में मतगणना होनी है, वहां “ड्राई डे” रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि मतगणना निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के मद्देनजर ये निर्णय लिया गया है। अमन-शांति बनाए रखें राजनीतिक दलजिला चुनाव अधिकारी-कम-डीसी डॉ पल्लवी ने कहा कि 29 मई को वोटों की गिनती होगी। इसके लिए एसएसपी पठानकोट की अगुवाई में सुरक्षा के बेहद कड़े प्रबंध किए गए हैं। डीईओ ने सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से अपील की है कि जिस तरह उन्होंने शांतिपूर्ण मतदान में सहयोग दिया, उसी तरह 29 मई को नतीजों के बाद भी अमन-शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की हुल्लड़बाजी से परहेज करें। 8 नगर निगमों में पठानकोट में सबसे अधिक वोटिंगचुनाव आयोग द्वारा जारी अंतिम आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के 8 प्रमुख नगर निगमों में कुल 59.91% मतदान दर्ज किया गया है। नगर निगमों में सबसे ज्यादा उत्साह पठानकोट में दिखा, जबकि मोहाली के लोग वोटिंग में सबसे पीछे रहे। आंकड़ों के मुताबिक पठानकोट नगर निगम में सबसे अधिक 67.62% मतदान हुआ। इसके अलावा, बरनाला नगर निगम में 63.51%, कपूरथला नगर निगम में 61.31%, फाजिल्का नगर निगम में 60.05%, गुरदासपुर नगर निगम में 58.60%, बठिंडा नगर निगम में 58.45%, मोगा नगर निगम में 58.34%, एसएएस नगर (मोहाली) नगर निगम में सबसे कम 54.83 फीसदी मतदान हुआ।

दैनिक भास्कर 28 May 2026 7:22 pm

अमृतसर के बाजार में आग, दुकानदार जिंदा जला:20 से 25 दुकानें चपेट में आईं, मोबाइल टावर में भी भड़की; सामान जलता देख रोए लोग

अमृतसर में बांसों वाले बाजार में गुरुवार को अचानक भीषण आग लग गई। बाजार में बांस, सीढ़ियां समेत अन्य सामान होने के कारण आग तेजी से फैल गई। देखते ही देखते आग की लपटें कई फुट ऊंचाई तक उठने लगीं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान एक दुकानदार जिंदा जल गया। उसकी बाजार में बांस की दुकान थी। वह दिव्यांग था, जिसके कारण समय रहते वह दुकान से बाहर नहीं निकल पाया और आग की चपेट में आ गया। 20 से 25 दुकानें आग में जलकर खाक हो गई। वहीं एक दुकान के ऊपर लगे मोबाइल टावर में भी आग लग गई। अब टावर के गिरने का खतरा है। सामान जलता देख एक दुकानदार रो पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेज थी कि आसपास के दुकानदारों और लोगों में दहशत फैल गई। दुकानदारों ने कहा कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आधा घंटा लेट आईं। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। आग शाम करीब 6 बजे लगी। वहीं, विधायक अजय गुप्ता ने बताया कि जैसे ही उन्हें घटना की जानकारी मिली, वह 5 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गए। रास्ते में ही उन्होंने फायर ब्रिगेड अधिकारियों, पीएसपीसीएल अधिकारियों और पुलिस कमिश्नर से संपर्क कर सभी इंतजाम करवाए। फायर ब्रिगेड की टीमें रात 9 बजे तक आग बुझाने में जुटी रहीं। सभी दुकानों में आग लगीदुकानदार अनूप कुमार ने बताया कि राम बागा कोट आत्मा सिंह में सारी दुकानों में ही आग लग गई। बैक साइड में सारी बांस की दुकानें है और करोड़ों का नुकसान हो गया है। दुकानदार ने रोते हुए कहा कि उसके छोटे बच्चे हैं। उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा कि वो कैसे मैनेज करेंगे। सारा सामान जलकर खाक हो गया है। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां लेट पहुंचीं। 40 सालों में पहली बार ऐसा हादसा देखामौके पर पहुंचे राजीव कुमार राजू ने बताया कि वह रामबाग चौक में बर्फ के कारोबार से जुड़े हुए हैं और पिछले 40 वर्षों से इस इलाके में काम कर रहे हैं। इतने सालों में उन्होंने कभी भी इस तरह का भयावह हादसा नहीं देखा। मार्केट में सूखा सामान ज्यादा पड़ा थाउन्होंने बताया कि बांसों वाली मार्केट में सूखा सामान ज्यादा पड़ा होने के कारण आग बहुत तेजी से फैल गई। आग किसी शॉर्ट सर्किट या अन्य कारण के चलते लगी हो सकती है, लेकिन असली कारणों का खुलासा जांच के बाद ही होगा। इलाका निवासियों का कहना है कि आग लगने के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड विभाग को सूचित किया गया था। लेकिन फायर ब्रिगेड की गाड़ियां काफी देरी से मौके पर पहुंचीं। एक-एक करके गाड़ियां पहुंच रही थीं, जिस कारण आग पर काबू पाने में परेशानी हुई। लोग बोले- फायर ब्रिगेड की टीमें देरी से पहुंचींलोगों ने बताया कि जब उन्होंने कमिश्नर को फोन किया तो उन्होंने कहा कि बकरीद की छुट्टी होने के कारण कुछ परेशानी आई है। लेकिन इसे जल्द ही हल कर लिया जाएगा। अगर समय रहते फायर ब्रिगेड विभाग की गाड़ियां पहुंच जातीं तो नुकसान कम हो सकता था। बाजार में आग के PHOTOS… बाजार में लगी आग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

दैनिक भास्कर 28 May 2026 7:04 pm

सीतामढ़ी में 3 क्रिमिनल गिरफ्तार:अवैध पिस्टल, कारतूस, मोबाइल और बाइक बरामद

सीतामढ़ी जिले की महिंदवारा थाना पुलिस ने वाहन जांच अभियान के दौरान तीन संदिग्ध अपराधियों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। उनके पास से एक पिस्टल, छह जिंदा कारतूस, तीन मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। डीएसपी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई महिंदवारा थाना क्षेत्र के बिसनपुर से बतरौली जाने वाली सड़क पर की गई। पुलिस टीम संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी, तभी मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उनके पास से अवैध हथियार और कारतूस मिले। बरामद सभी सामान जब्त कर लिए गए गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रुन्नीसैदपुर थाना क्षेत्र के तिलकताजपुर गांव निवासी मुकेश कुमार, महिंदवारा थाना क्षेत्र के सिरखिरिया गांव निवासी मुकेश कुमार और अमित कुमार के रूप में हुई है। ये सभी सीतामढ़ी जिले के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने बताया कि अपराधियों के पास से मैगजीन लगी एक पिस्टल, छह जिंदा कारतूस, तीन मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। बरामद सभी सामान जब्त कर लिए गए हैं। आपराधिक इतिहास की भी जांच जारी इस संबंध में महिंदवारा थाना में कांड संख्या 157/26 दर्ज कर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरफ्तार युवक किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे या नहीं। साथ ही, पुलिस टीम उनके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।

दैनिक भास्कर 28 May 2026 5:58 pm

सहारनपुर में एक्सप्रेसवे पर लूट करने वाले तीन बदमाश अरेस्ट:प्राइवेट नौकरी की सैलरी से नहीं हो रहा था गुजारा, दो लूटी गई बाइक और मोबाइल बरामद

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर राहगीरों को निशाना बनाकर लूट की वारदात करने वाले तीन शातिर बदमाशों को थाना गागलहेड़ी पुलिस और स्वाट टीम ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर दो लूटी गई मोटरसाइकिल, एक मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त एक अन्य बाइक बरामद की गई है। पुलिस लाइन सभागार में एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि 21 मई 2026 की रात धनकरपुर निवासी ओमपाल सैनी से तीन अज्ञात बदमाशों ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बाइक और मोबाइल फोन लूट लिया था। पीड़ित की तहरीर पर थाना गागलहेड़ी में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी के निर्देश पर थाना गागलहेड़ी, स्वाट और मिशन शक्ति टीम की संयुक्त टीमें गठित की गई थीं। पुलिस ने मंगलवार रात दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के गागलहेड़ी कट से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में आदित्य उर्फ आदि निवासी ऊमरीकलां थाना रामपुर मनिहारान, अक्षित निवासी मिर्जापुर थाना बड़गांव और कार्तिक उर्फ बुड्ढा निवासी ऊमरी खुर्द थाना रामपुर मनिहारान शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि आदित्य भगवानपुर में नौकरी करता था, लेकिन कमाई से खर्च नहीं चल रहा था। इसी वजह से तीनों ने मिलकर लूट की योजना बनाई। उन्होंने एक्सप्रेसवे को इसलिए चुना क्योंकि रात के समय वहां आवाजाही कम रहती है। 21 मई की रात तीनों अपने मोबाइल बंद कर बाइक से एक्सप्रेसवे पहुंचे। कोलकी फ्लाईओवर के पास उन्हें एक युवक अकेले बाइक पर जाता दिखा। आरोपियों ने रास्ता पूछने के बहाने उसे रुकवाया और जबरन उसकी स्प्लेंडर बाइक और मोबाइल फोन लूट लिया। बाद में पुलिस को भ्रमित करने के लिए वे सैय्यद माजरा टोल होते हुए भगवानपुर की ओर चले गए और रास्ते में मोबाइल की सिम निकालकर फेंक दी। पहली घटना के बाद आरोपी दूसरे रास्ते से फिर एक्सप्रेसवे पहुंचे और यमुनानगर हाईवे पर ग्राम नंदी के पास सुखदेव ढाबे से पहले बाइक सवार दो युवकों से उनकी मोटरसाइकिल लूट ली। दोनों लूटी गई बाइकों को हरौड़ा गांव के पास हाईवे किनारे खाली कमरों में छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर गागलहेड़ी थाने से संबंधित लूटी गई स्प्लेंडर प्लस बाइक नंबर UP11CL2853, थाना कोतवाली देहात क्षेत्र से लूटी गई स्प्लेंडर प्लस बाइक नंबर UP11BV9027, एक सैमसंग S23 मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त स्प्लेंडर बाइक नंबर UP12BJ8329 बरामद की है। एसपी सिटी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से भी विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।

दैनिक भास्कर 28 May 2026 5:25 pm

हिसार में बाइक- नकदी लूटने वाले 3 अरेस्ट:लिफ्ट मांगकर दिया वारदात को अंजाम, मोटरसाइकिल, मोबाइल और कैश बरामद

हिसार जिले में बालसमंद पुलिस ने बाइक सवार से लूट के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई नकदी, मोबाइल फोन और बाइक भी बरामद कर ली है। एएसआई जसवंत सिंह ने बताया कि बुधवार को गांव चुली खुर्द, आदमपुर निवासी अनिल कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। अनिल रालवास से पातन रोड की तरफ जा रहे थे, तभी आरोपियों ने उनसे लिफ्ट मांगी। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें डरा-धमकाकर मारपीट की और उनका मोबाइल फोन, नकदी तथा बाइक लूट ली। सीसीटीवी फुटेज से हुई आरोपियों की पहचान शिकायत के आधार पर तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए हिसार एसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने साइबर सेल की तकनीकी सहायता और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई करते हुए बालसमंद निवासी प्रमोद, संजय और कुलदीप को गिरफ्तार किया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लूटी गई नकदी, मोबाइल फोन और बाइक बरामद कर ली है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि उनसे अन्य आपराधिक वारदातों के संबंध में गहनता से पूछताछ की जा सके।

दैनिक भास्कर 28 May 2026 3:51 pm

इंदौर में युवक के खाते से 1.89 लाख रुपए उड़ाए:अचानक अपडेट होने लगा मोबाइल और आने लगे ट्रांजेक्शन के मैसेज

इंदौर के विजयनगर क्षेत्र में एक ऑनलाइन कंपनी में काम करने वाले युवक के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया है। युवक के मोबाइल में अचानक सॉफ्टवेयर अपडेट शुरू हुआ और कुछ ही देर में उसके बैंक खाते से 1 लाख 89 हजार रुपए निकल गए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विजयनगर थाना पुलिस के मुताबिक ओमेक्स सिटी निवासी सूरज पुत्र तेजराम कुशवाह ने ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। सूरज ने पुलिस को बताया कि वह ईयरकार्ट कंपनी में नौकरी करता है। मंगलवार दोपहर वह काम कर रहा था, तभी उसके मोबाइल पर अचानक सॉफ्टवेयर अपडेट ऑटोमैटिक शुरू हो गया। उसने मोबाइल बंद करने की कोशिश की, लेकिन फोन बंद नहीं हुआ। क्रेडिट कार्ड में यूपीआई के जरिए ट्रांसफर की गई राशि इसी दौरान उसके मोबाइल पर लगातार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के मैसेज आने लगे। जब उसने अपने बैंक खातों का बैलेंस चेक किया तो उसके होश उड़ गए। उसके खाते से कुल 1 लाख 89 हजार रुपए कट चुके थे। यह रकम एक्सिस बैंक, पीएनबी और एसबीआई के क्रेडिट कार्ड में यूपीआई के जरिए ट्रांसफर की गई थी। एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की घटना के बाद सूरज ने अपने परिचितों को जानकारी दी और तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। बुधवार को उसे विजयनगर थाने बुलाया गया, जहां पुलिस ने उसकी शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मोबाइल में आया सॉफ्टवेयर अपडेट असली था या किसी साइबर ठग द्वारा भेजा गया फर्जी लिंक या मैलवेयर। अधिकारियों ने लोगों से अनजान लिंक और संदिग्ध अपडेट से सतर्क रहने की अपील की है।

दैनिक भास्कर 28 May 2026 3:30 pm

लुधियाना सेंट्रल जेल में हवालाती से नशा बरामद:जेल प्रशासन और पुलिस ने चलाया सर्च ऑपरेशन; मोबाइल भी मिला

लुधियाना की केंद्रीय जेल में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए प्रतिबंधित सामग्री रखने का एक और गंभीर मामला सामने आया है। जेल के अंदर अचानक की गई चेकिंग के दौरान एक हवालाती के पास से नशीला पदार्थ और कीपैड मोबाइल फोन बरामद किया गया है। जेल प्रशासन की लिखित शिकायत पर थाना डिवीजन नंबर 7 की पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। सहायक सुपरिंटेंडेंट की शिकायत पर कार्रवाई जानकारी के अनुसार केंद्रीय जेल के सहायक सुपरिटेंडेंट सुरजीत सिंह ने पुलिस को पत्र के जरिए इस मामले की आधिकारिक शिकायत सौंपी। जेल के भीतर सुरक्षा को पुख्ता रखने और नशीले पदार्थों की आमद रोकने के लिए बैरकों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक हवालाती की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए उसकी गहनता से तलाशी ली गई। क्रीम रंग का नशीला पाउडर और कीपैड फोन बरामद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तलाशी के दौरान आरोपी हवालाती, जिसकी पहचान शिवम वर्मा निवासी लुधियाना के रूप में हुई है, के कब्जे से 07 ग्राम क्रीम रंग का संदिग्ध नशीला पदार्थ बरामद हुआ। इसके साथ ही आरोपी के पास से जेल नियमों के विपरीत छिपाकर रखा गया एक कीपैड मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। आरोपी ने जेल के भीतर प्रतिबंधित सामग्री रखकर जेल मैनुअल और नियमों का सरेआम उल्लंघन किया है। पुलिस ने आरोपी शिवम वर्मा के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 22-61-85 और प्रिज़न एक्ट (जेल अधिनियम) की धारा 52-A(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। सुरक्षा पर फिर उठे सवाल थाना डिवीजन नंबर 7 की पुलिस अब इस मामले की बारीक जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जेल के भीतर इतनी कड़ी सुरक्षा और त्रिस्तरीय चेकिंग व्यवस्था के बावजूद नशीला पाउडर और मोबाइल फोन बैरक तक कैसे पहुंचे। इस मामले में जेल के अंदर सक्रिय किसी नेटवर्क या बाहरी मददगारों की भूमिका को लेकर भी तफ्तीश की जा रही है।

दैनिक भास्कर 28 May 2026 1:50 pm

भिवानी से महिला और युवती लापता:दोनों सुबह घर से निकली, मोबाइल ले गई साथ; तलाश पर नहीं लगा सुराग

भिवानी शहर में अलग-अलग स्थानों की रहने वाली एक महिला व एक युवती संदिग्ध हालात में लापता होने का मामला सामने आया है। जो सुबह घर से निकली थी और वापस नहीं आई। दोनों के पास ही मोबाइल नंबर भी था। वहीं परिवार वालों ने इसकी शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। भिवानी के एक गांव निवासी व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी। जिसमें बताया कि वह फिलहाल भिवानी शहर में रहता है। उसकी करीब 26 वर्षीय पत्नी सुबह करीब साढ़े 9 बजे घर से बिना बताए चली गई। जिसके बाद उसने आस-पड़ोस व रिश्तेदारियों में तलाश किया, लेकिन कहीं पर भी कोई सुराग नहीं लगा। जो अपने साथ अपना मोबाइल नंबर भी लेकर गई है। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। 24 वर्षीय युवती भी गायब भिवानी शहर निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी, जिसमें बताया उसकी बहन की उम्र करीब 24 वर्ष है। जो सुबह के समय घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। जिसके पास मोबाइल फोन भी है। वहीं आस-पड़ोस में भी पूछताछ कर ली, लेकिन कहीं पर कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद केस दर्ज कर लिया। वहीं युवती की तलाश आरंभ कर दी।

दैनिक भास्कर 28 May 2026 7:34 am

भारत-नेपाल सीमा पर तस्कर गिरफ्तार:43.57 ग्राम ब्राउन शुगर, लाखों का कैश और 8 मोबाइल जब्त

भारत-नेपाल सीमा से सटे दिघलबैंक क्षेत्र में SSB और कोढ़ोबाड़ी थाना पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियन चलाया। इस दौरान भारी मात्रा में ब्राउन शुगर, नगदी और अन्य सामग्री बरामद हुआ है। साथ ही, एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। एसएसबी जी कंपनी सिंघीमारी और कोढ़ोबाड़ी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने सामेद टोला निवासी जान मोहम्मद (पिता अब्दुल सामेद) के घर पर सघन छापेमारी की। तलाशी के दौरान टीम ने 43.57 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 62,900 भारतीय रुपए, 17,200 नेपाली मुद्रा, 11 कतरी रियाल और 8 मोबाइल फोन भी जब्त किए। इस कार्रवाई में आरोपी जान मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया गया। नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश कर रही पलिस पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा इसका तार सीमा पार से जुड़े किसी बड़े गिरोह से तो नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए एसएसबी और स्थानीय पुलिस लगातार संयुक्त अभियान चला रही है। इसी क्रम में मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें सुरक्षा बलों को महत्वपूर्ण सफलता मिली। इस अभियान में कोढ़ोबाड़ी थानाध्यक्ष संतोष कुमार और एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट मनोज कुमार सहित एसएसबी एवं पुलिस बल के अन्य जवान शामिल रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

दैनिक भास्कर 28 May 2026 6:48 am

भोपाल में आईपीएस की बेटी का सुसाइड केस:छात्रा के पास से पुलिस को मोबाइल मिला, सुसाइड नोट में आत्महत्या के कारणों का जिक्र नहीं

भोपाल में आईपीएस संजीव कंचन की 17 साल की बेटी की सुसाइड थ्योरी सुलझती नहीं दिख रही है। हालांकि पुलिस की शुरुआती जांच में यह साफ हुआ कि छात्रा पढ़ाई में बहुत बहत प्रदर्शन नहीं कर सकी थी। वह भोपाल के रातीबड़ थाना इलाके में स्थित प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ती थी। मृतक की मां ने पुलिस को बताया कि बेटी को उन्होंने मोबाइल फोन नहीं दिलाया था। उसके पास में एक मोबाइल देखने के बाद उससे पूछताछ की। उसे समझाइश दी, जिससे नाराज होकर बेटी ने सुसाइड कर लिया। घटना के समय मां और पिता दोनों ही अपने जॉब पर थे। मृतक की मां भोपाल गैस राहत में जज हैं। हबीबगंज थाना प्रभारी संजीव चौकसे के अनुसार, बच्ची 11वीं कक्षा की छात्रा थी। पुलिस को परिजन से सूचना मिली। छात्रा के मोबाइल और उसके संपर्कों की जांच की जा रही है। वहीं पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस को मिला सुसाइड नोट एसीपी उमेश तिवारी ने बताया कि मृत छात्रा के पास से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने लिखा, “मम्मी-पापा, मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं, लेकिन मैं आपकी अच्छी बेटी नहीं बन सकी। आईएम सॉरी।” हालांकि छात्रा ने सुसाइड नोट में आत्महत्या के कारण का जिक्र नहीं किया है। पुलिस ने सुसाइड नोट और छात्रा का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। तीन महीने की उम्र में गोद ली थी आईपीएस संजीव कंचन ने बेटी को गोद लेकर पाला था। महज तीन महीने की उम्र में बेटी को विधिवत तरीके से अडॉप्ट किया गया था। इसकी पुष्टि पुलिस कमिश्नर संजय सिंह ने की है। पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के सही कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है। परिजनों के डिटेल बयान फिलहाल दर्ज नहीं किए जा सके हैं। सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नजर पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम अब मृतक के दोस्तों और सहपाठियों से भी पूछताछ करेगी ताकि उसके व्यवहार में आए किसी भी बदलाव या मानसिक तनाव के बारे में सुराग मिल सके। चूंकि छात्रा हाल ही में नई कक्षा में गई थी, इसलिए पढ़ाई के दबाव के एंगल को भी पूरी तरह नकारा नहीं जा रहा है। इसके साथ ही साइबर सेल की मदद से उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स और हालिया एक्टिविटी को भी ट्रैक किया जा रहा है, ताकि यह समझा जा सके कि घटना से कुछ घंटे पहले वह किन लोगों के संपर्क में थी या क्या वह किसी बात को लेकर परेशान थी। सभी एंगल पर पुलिस जांच जारी पुलिस इस घटना को हर संभावित एंगल से देख रही है, ताकि कदम उठाने की असली वजह साफ हो सके। पुलिस परिवार के सदस्यों से भी बातचीत कर रही है। हालांकि, परिजनों के डिटेल बयान अभी दर्ज नहीं किया जा सके हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम की विस्तृत रिपोर्ट और फॉरेंसिक इनपुट मिलने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट होगी। ये खबर भी पढ़ें… IPS-जज दंपती की 17 वर्षीय बेटी ने की खुदकुशी भोपाल के पॉश इलाके चार इमली में रहने वाले एक आईपीएस अधिकारी संजीव कंचन की 17 वर्षीय बेटी का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना मंगलवार दोपहर की है। हबीबगंज थाना प्रभारी संजीव चौकसे के अनुसार, बच्ची 11वीं कक्षा की छात्रा थी।पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 28 May 2026 5:00 am

लेडी नर्सिंग ऑफिसर के सुसाइड की वजह सामने आई:पंचकूला में 15 साल बड़े शख्स से शादी, तलाक, फिर बॉयफ्रेंड जिंदगी में आया; लॉकर से 2 मोबाइल मिले

हरियाणा के पंचकूला में सरकारी अस्पताल ICU में नर्सिंग आफिसर प्रीति बेनीवाल (30) ने 20 अप्रैल को सुसाइड कर लिया था। ऑन ड्यूटी मृत मिलीं प्रीति केस में अब बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रीति का 11 साल से किसी युवक के साथ अफेयर चल रहा था। इस अफेयर की जानकारी प्रीति की कुछ दोस्तों को भी थी। इसी अफेयर के कारण ही परिवार ने कम उम्र में ही उसकी शादी करीब 15 साल बड़े शख्स से करवा दी। पुलिस के अनुसार, प्रीति अपनी शादी से खुश नहीं थी। इसके कारण कुछ समय बाद ही वह मायके वापस लौट आई थी और तलाक ले लिया था। बाद में प्रीति ने रोहतक में रहकर BSC नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की। मगर, अफेयर के चलते प्रीति का अक्सर घरवालों के साथ झगड़ा होता था। जांच में यह भी सामने आया है कि प्रीति के भाई ने कुछ समय पहले ही उसका आईफोन भी तोड़ दिया था। इसके अलावा प्रीति के लॉकर से 2 मोबाइल मिले हैं, जिन्हें अखबार के नीचे छिपाया गया था। अस्पताल प्रबंधन ने इन्हें पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस अब इन मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवा रही हैं। साथ ही पुलिस ने प्रीति के भाई से भी मोबाइल तोड़ने पर सवाल किए हैं। उधर, प्रीति का परिवार पुलिस अधिकारियों से मिला है, जो रोहतक के उस युवक के खिलाफ कार्रवाई चाहता है, जिससे प्रीति का अफेयर रहा है। पुलिस ने युवक से पूछताछ भी की है। नर्सिंग आफिसर प्रीति बेनीवाल की कुछ PHOTOS… पहले नर्सिंग आफिसर प्रीति बेनीवाल के अफेयर की कहानी… अब जानिए प्रीति और उसके परिवार के बारे में…. यहां जानिए कैसे हुई थी प्रीति की मौत… हरियाणा के पंचकूला के सरकारी अस्पताल की नर्सिंग ऑफिसर प्रीति बैनीवाल 20 अप्रैल (रविवार) की रात को ऑन ड्यूटी ICU में मृत मिली थी। घटना का खुलासा उस समय हुआ, जब दूसरी शिफ्ट के कर्मचारी ड्यूटी पर आए, उन्हें स्टोर एरिया की तरफ फर्श पर गिरी हुई मिली थी। नर्सिंग ऑफिसर प्रीति के हाथ में कैनुला लगा था। नाक से कुछ खून भी आया हुआ था। इससे कयास लगाए गए थे कि उसने खुद को ओवरडोज इंजेक्शन दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। परिवार का कहना था कि वह पेट दर्द से पीड़ित रहती थी। इसके बाद पंचकूला अस्पताल के आईसीयू में फोरेंसिक की टीम जांच के लिए पहुंची थी। टीम मौके पर बड़ी संख्या में एक्सपायरी इंजेक्शन अपने साथ ले गई थी। पोस्टमार्टम 5 डॉक्टरों के बोर्ड ने किया था। मगर, अब तक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं आई थी। लॉकर में मिले प्रीति के मोबाइल : PMO पंचकूला सरकारी अस्पताल के PMO डा. आरएस चौहान ने बताया कि हादसे की जांच के लिए इंटरनल कमेटी ने पाया है कि घटना का अस्पताल से कोई संबंध नहीं था। जांच के दौरान प्रीति के लॉकर से 2 मोबाइल मिले हैं। जिन्हें अखबार के नीचे छिपाया गया था। जो अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सौंप दिए हैं।फिलहाल चल रही है जांच : SHO पंचकूला सेक्टर-7 थाना के SHO राजेश कुमार के अनुसार जांच में अफेयर की बात सामने आई तो रोहतक के युवक को जांच में शामिल किया गया है। मोबाइल एफएसएल जांच के लिए भेजे गए हैं। पोस्टमार्टम की फाइनल रिपोर्ट भी अभी नहीं आई। फिलहाल जांच चल रही है। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… पंचकूला सरकारी अस्पताल ICU में मृत मिली नर्सिंग ऑफिसर:हिसार की रहने वाली, हाथ में कैनुला लगा मिला, घटना के बाद मोबाइल गायब हरियाणा के पंचकूला सरकारी अस्पताल की नर्सिंग ऑफिसर ऑन ड्यूटी ICU में मृत पाई गई है। घटना के वक्त मृतका के हाथ पर कैनुला लगा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि इंजेक्शन लगाया गया है। हालांकि अभी स्पष्ट नहीं है कि यह हत्या है या फिर आत्महत्या। पुलिस की एफएसएल टीम जांच में जुटी हुई है। (पूरी खबर पढ़ें)

दैनिक भास्कर 28 May 2026 5:00 am

218 गुम मोबाइल फोन बरामद, कीमत 40 लाख:कांकेर पुलिस ने CEIR पोर्टल और साइबर सेल की मदद से खोजे फोन,मालिकों को लौटाए

कांकेर पुलिस ने जिलेभर में गुम हुए मोबाइल फोन बरामद करने के लिए चलाए गए विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने करीब 40 लाख रुपये कीमत के 218 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक धारकों को सौंप दिए हैं। यह कार्रवाई साइबर सेल कांकेर और जिले के विभिन्न थाना स्टाफ की संयुक्त टीम द्वारा की गई। मोबाइलों की तलाश के लिए तकनीकी अनुसंधान और CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की मदद ली गई। 218 मोबाइल बरामद किए गए पुलिस के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से 26 मई 2026 तक प्राप्त गुम मोबाइल शिकायतों पर लगातार कार्रवाई की गई। इस दौरान पहले 116 मोबाइल संबंधित थानों के माध्यम से लौटाए जा चुके थे। वहीं बुधवार को 102 अतिरिक्त मोबाइल उनके मालिकों को सौंपे गए। इस तरह कुल 218 मोबाइल बरामद किए गए हैं। CEIR पोर्टल से ट्रैक हुए मोबाइल पुलिस ने बताया कि CEIR एक नागरिक पोर्टल है, जिसके जरिए खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को सभी टेलीकॉम नेटवर्क में ब्लॉक किया जा सकता है। इससे मोबाइल का दुरुपयोग रुक जाता है। यदि कोई व्यक्ति ब्लॉक किए गए मोबाइल का उपयोग करने की कोशिश करता है, तो उसकी जानकारी ट्रैक की जा सकती है। मोबाइल बरामद होने के बाद उसे अनब्लॉक कर वास्तविक मालिक को वापस सौंप दिया जाता है। पुलिस अधीक्षक ने दिए निर्देश पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को आमजन से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की शिकायतों का शीघ्र निराकरण और जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। पुलिस ने जिलेवासियों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते तकनीकी जांच कर मोबाइल की बरामदगी सुनिश्चित की जा सके।

दैनिक भास्कर 27 May 2026 8:56 pm

APK फाइल डाउनलोड करवाकर एकाउंटेंट के मोबाइल का लिया एक्सेस:फोटो, वीडियो और कॉल तक की जानकारी ली, मालिक के बाहर जाते ही उसकी डीपी लगाकर ट्रांसफर करवा लिए 20 लाख रुपए

भिलाई में साईराम व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक के साथ हुई ठगी के मामले में पुलिस ने राजस्थान के 6 आरोपियों को रायपुर से गिरफ्तार किया है। ठगों ने व्यापारी के एकाउंटेंड से अपने खाते में 20 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए थे। इसके अगले दिन दोबारा 48 लाख रुपए की डिमांड की थी। जिसके बाद व्यापारी ने सुपेला थाना में एफआईआर दर्ज करवाई थी। पुलिस ने बताया कि ठगों ने पहले कंपनी के एकाउंटेंट को APK फाइल भेजी। एकाउंटेंट ने गलती से वह फाइल डाउनलोड कर ली। इसके बाद एकाउंटेंट के मोबाइल का पूरा एक्सेस ठगों के पास चला गया। आरोपी कई दिनों तक मोबाइल की गतिविधियों पर नजर रखते रहे और कंपनी के लेनदेन की पूरी जानकारी जुटा ली। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उन्होंने कंपनी से 20 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी कर ली। मामला थाना सुपेला क्षेत्र का है। कई दिनों से जुटा रहे थे जानकारीपुलिस जांच में पता चला कि ठगों ने सबसे पहले एकाउंटेंट के मोबाइल में APK फाइल इंस्टॉल करवाई थी। यह फाइल डाउनलोड होते ही मोबाइल का कंट्रोल आरोपियों के पास पहुंच गया। वे मोबाइल के मैसेज, कॉल, फोटो और व्हाट्सएप गतिविधियां लगातार देखते रहे। इसी दौरान उन्हें पता चला कि कंपनी के डायरेक्टर श्रीचंद बत्रा आस्ट्रेलिया जा रहे हैं मालिक के बाहर जाते ही आरोपियों ने एकाउंटेंट के मोबाइल से उनकी फोटो निकाली और उसी फोटो को डीपी में लगाकर उन्होंने कंपनी के अकाउंटेंट को मैसेज भेजकर पैसे ट्रांसफर करने को कहा। चूंकि कंपनी में डायरेक्टरों के बीच व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पेमेंट की प्रक्रिया चलती थी, इसलिए एकाउंटेंट को शुरुआत में शक नहीं हुआ। म्यूल खातों का किया इस्तेमाल, रायपुर में रह रहे थेपुलिस ने राजस्थान के रहने वाले इन सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी रायपुर में रह रहे थे। सभी बेरोजगार हैं। मोबाइल का एक्सेस लेने के बाद ठगों ने यह भी पता लगाया कि कंपनी किसे नियमित पेमेंट करती है और किन खातों में पैसा भेजा जाता है। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उन्होंने 20 लाख रुपए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। अगले दिन जब आरोपियों ने 48 लाख रुपए और भेजने का मैसेज किया, तब एकाउंटेंट को मामला संदिग्ध लगा। पैसे का ट्रांसफर म्यूल खातों में किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 1.20 लाख रुपए नकद, 6 मोबाइल, 10 डेबिट कार्ड, कई बैंक दस्तावेज, सिम कार्ड और पासबुक जब्त किए हैं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए किया गिरफ्तारशिकायत मिलने के बाद दुर्ग पुलिस और एसीसीयू की टीम ने जांच शुरू की। तकनीकी जांच और बैंक खातों की जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपी राजस्थान के रहने वाले हैं और रायपुर में लगातार होटल बदलकर रह रहे थे। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी तनिष्क होटल और आसपास के इलाकों में ठहरे हुए हैं। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर के रहने वाले हैं। पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि वे अलग-अलग शहरों में किराए के मकान और होटल में रहकर साइबर ठगी करते थे। आरोपी फर्जी बैंक खातों के जरिए रकम ट्रांसफर कर कमीशन बांटते थे। 3 बीकानेर और 3 आरोपी जोधपुर के रहने वाले हैं- मुरली जनागल पिता आशुराम जी जनागल उम्र 19 वर्ष निवासी अमरपुरा थाना गंगाशहर जिला बीकानेर राजस्थान- गोपाल सोनी पिता मदनमोहन सोनी उम्र 25 वर्ष निवासी चीपड़ाबाड़ी थाना गंगाशहर जिला बीकानेर राजस्थान- मोती सिंह पिता नरेन्द्र सिंह उम्र 18 वर्ष निवासी सोइरा शेरगढ़ थाना शेरगढ़ जिला जोधपुर राजस्थान- मोतीलाल शर्मा पिता गोपीकिशन शर्मा उम्र 18 वर्ष निवासी बापीनी थाना पतोड़ा जिला जोधपुर राजस्थान- बनवारी शर्मा पिता रामेश्वरलाल शर्मा उम्र 28 वर्ष निवासी गंगाशहर बाफना स्कूल के सामने जिला बीकानेर राजस्थान- पंकज शर्मा पिता अण्डभद्रा राव उम्र 24 वर्ष निवासी थाना लोहावट जिला जोधपुर राजस्थान

दैनिक भास्कर 27 May 2026 8:43 pm

करनाल में झेलम एक्सप्रेस में मिला युवक का शव:जम्मू से आ रहा, मोबाइल से हुई पहचान, पुलिस को परिजनों के पहुंचने का इंतजार

जम्मू से दिल्ली की ओर जा रही झेलम एक्सप्रेस ट्रेन में एक युवक की डेडबॉडी मिलने से हड़कंप मच गया। युवक सीट पर ही बैठा मिला, लेकिन उसमें कोई हलचल नहीं थी। ट्रेन के करनाल रेलवे स्टेशन पर पहुंचते ही यात्रियों ने तुरंत जीआरपी को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोचरी भिजवाया। मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगा। मृतक की पहचान 30 वर्षीय दीपक निवासी जम्मू के रूप में हुई है। वह झेलम एक्सप्रेस में सवार होकर जम्मू से दिल्ली जा रहा था। ट्रेन में सफर के दौरान वह अपनी सीट पर ही बैठा रहा, लेकिन जब काफी देर तक कोई हलचल नहीं हुई तो आसपास बैठे यात्रियों को शक हुआ। यात्रियों ने दी पुलिस को सूचना जैसे ही ट्रेन करनाल रेलवे स्टेशन पर पहुंची, यात्रियों ने तुरंत जीआरपी करनाल को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ट्रेन के अंदर पहुंची और युवक की स्थिति की जांच की। उस समय तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने आसपास के लोगों से उसकी पहचान कराने की कोशिश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। तलाशी में नहीं मिला कोई दस्तावेज जीआरपी करनाल की एएसआई सीमा ने बताया कि युवक के पास से कोई पहचान पत्र या दस्तावेज नहीं मिला। तलाशी के दौरान केवल मोबाइल फोन बरामद हुआ। मोबाइल में मौजूद कॉन्टेक्ट नंबर के जरिए परिजनों से संपर्क किया गया, जिसके बाद मृतक की पहचान दीपक के रूप में हुई। परिजनों के आने के बाद होगा पोस्टमार्टम पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर करनाल के मोर्चरी में रखवा दिया है। परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा और शव उन्हें सौंप दिया जाएगा। फिलहाल मौत के कारण स्पष्ट नहीं हैं और पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

दैनिक भास्कर 27 May 2026 4:20 pm

जनगणना- 'मेल मेंबर घर पर नहीं, बाद में आना':अफसर बोले- मोबाइल नंबर देने में आनाकानी कर रहे लोग; बेल बजाने पर नहीं खोल रहे गेट

जनगणना 2027 का पहला चरण पंजाब में शुरू हो चुका है। लुधियाना समेत पंजाब में हाउस लिस्टिंग का काम चल रहा है। जनगणना करने के लिए कर्मचारी फील्ड में हैं लेकिन कई लोग उन्हें सहयोग नहीं कर रहे और उन्हें जमीनी स्तर पर बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहरी इलाकों में हालत यह हो गई है कि जैसे ही जनगणना कर्मी किसी घर की बेल बजाते हैं, अंदर से सीधा सा जवाब मिलता है- 'अभी कोई मेल मेंबर घर पर नहीं है, बाद में आना' या 'रात को आना जब सब घर पर होंगे।' लोग अपने घरों के मुख्य गेट तक खोलने को तैयार नहीं हैं और जरूरी मोबाइल नंबर व सही जानकारी देने से कतरा रहे हैं। गवर्नमेंट टीचर यूनियन के प्रधान संजीव शर्मा ने फील्ड में तैनात स्टाफ की तरफ से आ रही दिक्कतों का खुलासा करते हुए बताया कि कर्मचारियों को हर दूसरे घर में लोगों के गुस्से या असहयोग का सामना करना पड़ रहा है। जनगणना कर्मचारियों ने फील्ड में आ रही समस्याओं से अफसरों को अवगत कराया। हालात यह हैं कि अफसरों को पब्लिक से अपील करनी पड़ गई कि जनगणना में लोग सहयोग करें। जनगणना करने आ रहे कर्मचारी भी आपके बीच में से ही हैं। जनगणना करने वालों के सामने आ रही ये 4 बड़ी मुसीबतें जनगणना पर सहायक कमिश्नर जसदेव सिंह सेखों की 4 अहम बातें: 1.बदतमीजी करना पंजाब के स्वभाव के खिलाफ: सेखों ने कहा कि फील्ड से कई शिकायतें आ रही हैं कि लोग जनगणना कर्मचारियों को देखकर अपने घरों के गेट नहीं खोल रहे हैं और जानकारी देने में आनाकानी कर रहे हैं। कुछ जगहों पर तो कर्मचारियों के साथ बदतमीजी भी की गई है। उन्होंने साफ कहा कि यह बर्ताव पंजाब के भाईचारे और मेहमाननवाजी के स्वभाव के बिल्कुल खिलाफ है। 2. कर्मचारी कोई बेगाने नहीं: उन्होंने जनता को याद दिलाया कि चिलचिलाती धूप में आपके दरवाजे पर आने वाले ये कर्मचारी कोई बाहरी या बेगाने लोग नहीं हैं। इस काम में ज्यादातर हमारे सरकारी स्कूल के टीचर्स और युवा लगे हुए हैं। ये हमारी अपनी बहनें, माताएं और हमारे ही घर-परिवार के बच्चे हैं, जो अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। 3. भीषण गर्मी है, पानी के लिए जरूर पूछें: सहायक कमिश्नर ने लोगों से अपील की है कि मई के महीने में रिकॉर्डतोड़ भीषण गर्मी और लू चल रही है। ऐसे में जब भी कोई कर्मचारी आपके घर आए, तो इंसानियत के नाते उनसे पानी के लिए जरूर पूछें और उन्हें पानी पिलाएं। अगर आप ज्यादा समय नहीं दे सकते, तो कम से कम उनका सहयोग करें और फटाफट सही जानकारी देकर फ्री करें ताकि वे आगे अपना काम कर सकें। 4. आपकी दी गई जानकारी से ही तय होता है देश-प्रदेश का विकास: उन्होंने समझाया कि जनगणना का यह काम देश की तरक्की के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। घर-घर से जो आंकड़े (डेटा) इकट्ठा किए जाते हैं, उसी के आधार पर भारत सरकार और राज्य सरकारें भविष्य की बड़ी लोक-भलाई योजनाएं बनाती हैं। सटीक आंकड़ों से ही पता चलता है कि किस इलाके में कितनी मदद और बजट की जरूरत है। एडीसी पूनम सिंह ने ली रिव्यू मीटिंग; तकनीकी और प्रेक्टिकल दिक्कतों पर चर्चा फील्ड स्टाफ की इन गंभीर शिकायतों और आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया है। लुधियाना की अतिरिक्त उपायुक्त (ADC)-कम-जिला जनगणना अधिकारी पूनम सिंह ने बुधवार को लुधियाना में अफसरों के साथ एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक की। उन्होंने अफसरों को हिदायतें दी हैं कि जहां भी कर्मचारियों को दिक्कतें आ रही हैं उन्हें तुरंत हल करें। कर्मचारियों को सभी लोग सहयोग करें वो गर्मी में इतना महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं। एडीसी ने बैठक में अफसरों ने दिए ये सख्त निर्देश, जानिए…

दैनिक भास्कर 27 May 2026 2:28 pm

हम तुम्हारे बिना जी नहीं सकते, पोस्ट कर लगाई फांसी:लखीमपुर-खीरी में प्रेम प्रसंग के चलते युवक ने दी जान, मोबाइल खंगाल रही पुलिस

लखीमपुर खीरी जिले के सिंगाही कस्बे में एक युवक ने मंगलवार रात अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है। आत्महत्या करने से पहले युवक ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो बनाया था। इस वीडियो में उसने कथित प्रेमिका का नाम लेते हुए कहा, ‘हम तुम्हारे बिना जी नहीं सकते।’ यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आशंका जताई जा रही है कि युवक प्रेम प्रसंग के चलते मानसिक तनाव में था, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। युवक के मोबाइल फोन और उसकी सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। परिजनों से भी पूछताछ जारी है।

दैनिक भास्कर 27 May 2026 1:23 pm

आगरा पुलिस ने 2 महीने में 201 फोन किए बरामद:फोन मालिकों को बुलाकर 88 लाख कीमत के मोबाइल किए वापस

आगरा पुलिस को पिछले दो महीने में कई मोबाइल फोन गुम होने की सूचना CEIR पोर्टल से मिली थी। बीते दो महीनों में गुम हुए 201 मोबाइल फोन खोज निकाले है। बरामद मोबाइलों की कीमत करीब 88 लाख रुपए है। बुधवार को 'खोया-पाया सेल' ने फोन मालिकों को बुलाकर उनके मोबाइल वापस किए। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया- पिछले कुछ महीनों से साइबर थाना, सर्विलांस सेल और अलग-अलग थानों के जरिए फोन गुम होने की सूचनाएं मिली थीं। इसके बाद पुलिस की स्पेशल टीमों को मोबाइल की खोज में लगाया गया। इस पूरे ऑपरेशन में सर्विलांस सेल ने सबसे ज्यादा 80 मोबाइल बरामद किए। थाना शाहगंज पुलिस ने भी 20 फोन ढूंढे है। इसके अलावा थाना ताजगंज, सदर, न्यू आगरा और साइबर सेल ने भी दर्जनों फोन बरामद किए। डीसीपी ने बताया कि ज्यादातर फोन रास्ते में गिर गए थे या बस-ऑटो में छूट गए थे। कुछ चोरी के भी थे, जिन्हें बरामद कर लिया गया। 2 महीने बाद आया पुलिस का कॉल, यकीन नहीं हुआमोबाइल लेने पहुंचे साहिल की खुशी देखते ही बन रही थी। साहिल ने बताया-मेरा फोन बाजार जाते समय गिर गया था। बहुत खोजा लेकिन नहीं मिला। किसी ने बताया कि CEIR पोर्टल पर शिकायत करो। मैंने ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा दी। उम्मीद छोड़ दी थी। दो महीने बाद पुलिस का फोन आया कि आपका मोबाइल मिल गया है, पुलिस लाइन आकर ले जाओ। पहले तो यकीन ही नहीं हुआ। क्या करें अगर फोन गुम हो जाए? 1. सबसे पहले: नजदीकी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराएं। 2. दूसरा कदम: www.ceir.gov.in पोर्टल पर जाकर फोन को ब्लॉक कराएं और 'Find' रिक्वेस्ट डालें। 3. पुलिस का इंतजार करें: IMEI ब्लॉक होते ही फोन किसी काम का नहीं रहता। पुलिस के ट्रेस करते ही आपको कॉल आएगा।

दैनिक भास्कर 27 May 2026 12:40 pm

लुधियाना में फल विक्रेता से दिनदहाड़े लूट:बाइक सवार बदमाश नकदी और मोबाइल छीनकर फरार, CCTV खंगाल रही पुलिस

लुधियाना में दिनदहाड़े एक फल विक्रेता से लूट की वारदात सामने आई है। बाइक सवार तीन बदमाशों ने तेजधार हथियार दिखाकर रेहड़ी चालक को घेर लिया और उससे नकदी व मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। पुलिस इलाके में सीसीटीवी खंगाल रही है। थाना मोती नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता दिलीप कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह गोल मार्केट में फल-फ्रूट की रेहड़ी लगाता है। 3 दिन पहले वह अपनी रेहड़ी पर फल बेचने जा रहा था। जब वह शिवा डाइंग के पास विश्वनाथ मंदिर के नजदीक पहुंचा तो सिल्वर रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल नंबर PB10HY-2523 पर सवार तीन अज्ञात युवकों ने उसे घेर लिया। आरोपी मौके से फरार पीड़ित के मुताबिक आरोपियों ने तेजधार हथियार की नोक पर उसे डराया-धमकाया और उसकी जेब से 19,500 रुपए की नकदी तथा ओप्पो मोबाइल फोन छीन लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। फिलहाल इस केस में अभी पुलिस के हाथ खाली है। मामले की शिकायत मिलने के बाद थाना मोती नगर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 304 और 3(5) के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।

दैनिक भास्कर 27 May 2026 7:35 am

इनकम टैक्स के पास महिला से मोबाइल स्नेचिंग:ई-रिक्शा से सड़क पर गिरी महिला, बाइक सवार दो बदमाश वारदात के बाद फरार

पटना में बाइक सवार 2 बदमाशों ने महिला से मोबाइल छीन लिया। महिला ई-रिक्शा से पटना हाईकोर्ट जा रही थी। इसी बीच एक बाइक से 2 बदमाश आए और झपटा मारकर फरार हो गए। इस दौरान महिला चलती ई-रिक्शा से सड़क पर गिरकर घसीटा गई। उसे चोट आई है। महिला को इसके बाद ई-रिक्शा चालक और राहगीरों की मदद से गार्डिनर अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक इलाज के बाद महिला अपने परिजन के साथ घर चली गई। घटना कोतवाली इलाके के इनकम टैक्स फलमंडी के पास की है। हाईकोर्ट की ओर जा रही थी पीड़ित महिला आरती कुमारी ने बताया कि तारा मंडल के पास ई-रिक्शा में हाईकोर्ट जाने के लिए बैठी थीं। इसी बीच बाइक से बहुत तेजी में दो युवक आए और ई-रिक्शा से सटाकर अपनी रफ्तार धीमी कर दी। एक जो पीछे बैठा था, उसने मेरे हाथ से मोबाइल छीनने का प्रयास किया, लेकिन मैं जोर से पकड़ी थी। इसी छीना झपटी में मैं मोबाइल बचाने के चक्कर में सड़क पर गिर गई। वो मोबाइल स्नेचिंग कर के भाग गए। घटना के बाद जांच में जुटी पुलिस घटना की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली थाने की गश्ती गाड़ी पहुंच गई। पीड़िता से देर रात गार्डिनर अस्पताल में पहुंचकर घटना की जानकारी ली। फिलहाल पीड़ित के बयान के आधार पर पुलिस मामले की छानबीन शुरू कर दी है।

दैनिक भास्कर 27 May 2026 6:49 am

इनपुट टैक्स क्रेडिट में गड़बड़ियां, करोड़ों का फर्जी लेनदेन:अजमेर में मोबाइल एसेसरीज कारोबारी के यहां जीएसटी की कार्रवाई

स्टेट जीएसटी विभाग की टीमों ने अजमेर में टैक्स चोरी का खुलासा किया। अजमेर में अरमान मोबाइल एसेसरीज कारोबारी के यहां सर्च ऑपरेशन में करोड़ों रुपए के फर्जी लेनदेन और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) गड़बड़ी सामने आई। उपायुक्त (प्रशासन) चंदन सिंह शेखावत के अनुसार- अजमेर का मोबाइल एसेसरीज कारोबारी लंबे समय से विभाग की निगरानी में था। जांच में सामने आया कि कारोबारी ने अपने दो बड़े शोरूम और कर्मचारियों के नाम पर अलग-अलग क्रेता-विक्रेता फमें बना रखी थीं। इन फमों के जरिए खरीद-बिक्री और बिलिंग का ऐसा नेटवर्क तैयार किया गया, जिससे फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा लेकर सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व नुकसान की आशंका है। प्रारंभिक जांच में 2 से 3 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी सामने आने की संभावना जताई गई है। कारोबारी ने मौके पर 27 लाख रुपए जमा करवाए। जांच में यह भी सामने आया कि माल और बिलिंग का वास्तविक प्रवाह अलग-अलग फर्मों के जरिए घुमाया जा रहा था, ताकि टैक्स देनदारी कम दिखाई जा सके। नेटवर्क ट्रैक कर पकड़ी सर्कुलर ट्रेडिंग जीएसटी विभाग ने कार्रवाई में डेटा एनालिटिक्स और सर्कुलर ट्रेडिंग तकनीक का उपयोग किया। सर्कुलर ट्रेडिंग में एक ही माल को कई फर्मों के बीच कागजों में बार-बार खरीदा और बेचा जाता है। उदाहरण के तौर पर ए ने बी से माल खरीदा, बी ने सी से, सी ने डी से और डी ने वही माल फिर ए को बेच दिया। इस प्रक्रिया में असली व्यापार कम और कागजी बिलिंग ज्यादा होती है। फर्मों के बीच पैसा घूमता रहता है और फर्जी आईटीसी के जरिए टैक्स देनदारी कम दिखाई जाती है। विभाग ने डेटा एनालिटिक्स के जरिए संदिग्ध लेनदेन पकड़कर फर्मों के नेटवर्क को ट्रैक किया।

दैनिक भास्कर 27 May 2026 6:42 am

ऑर्डर कैंसिल होने पर डिलीवरी बॉय ने मोबाइल चुराया; 699 रुपए वसूले, फिर 100 और मांगे, पुलिस ने पकड़ा

दो दिन तक बहाने बनाकर घुमाता रहा; पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर पकड़ा, मोबाइल बरामद ई-कॉमर्स कंपनी की डिलीवरी पार्टनर कंपनी के एक डिलीवरी बॉय की करतूत सामने आई है। ऑर्डर कैंसिल होने से नाराज होकर उसने एक दुकान से मोबाइल फोन चोरी कर लिया और उसे लौटाने के बदले पैसे मांगने लगा। परेशान दुकानदार की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भरतपुर निवासी विष्णु शर्मा को गिरफ्तार कर लिया और उसके कब्जे से मोबाइल बरामद कर लिया। मामला बजाज नगर थाना इलाके का है। दुकानदार ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से सामान मंगाया था, लेकिन डिलीवरी से पहले ऑर्डर कैंसिल कर दिया। इससे नाराज डिलीवरी बॉय ने मौका पाकर दुकान से मोबाइल फोन चोरी कर लिया। मोबाइल गायब होने पर दुकानदार ने तलाश की और शक के आधार पर डिलीवरी बॉय से संपर्क किया। आरोप है कि उसने मोबाइल अपने पास होने की बात स्वीकार करते हुए 699 रुपए देने पर ही लौटाने की बात कही। पैसे लिए, पर मोबाइल नहीं लौटाया मोबाइल में जरूरी डेटा होने के कारण दुकानदार ने आरोपी के बताए यूपीआई नंबर पर 699 रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपी ने गोपालपुरा बायपास पुलिया के नीचे एक महिला के जरिए मोबाइल दिलाने की बात कही, लेकिन फोन नहीं लौटाया और स्विच ऑफ कर लिया। अगले दिन आरोपी ने फिर कॉल कर बाइक में पेट्रोल के लिए 100 रुपए और मांगे। लगातार परेशान करने पर दुकानदार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। नारायण विहार स्थित फ्लैट में मिला पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और अन्य इनपुट के आधार पर नारायण विहार स्थित एक फ्लैट पर कार्रवाई कर आरोपी को दस्तयाब कर लिया और बजाज नगर थाने ले आई। उसके कब्जे से चोरी किया मोबाइल बरामद कर लिया गया।

दैनिक भास्कर 27 May 2026 5:30 am

जांच को भेजे 7 मोबाइल खोलेंगे राज:हनी ट्रैप-2 - रसूखदारों से जुड़े वीडियो-फोटो अब तक नहीं लगे हाथ

हनी ट्रैप-2 कांड में गिरफ्तार कर जेल भेजी गई रेशू और श्वेता जैन से एसआईटी कोई खास राज नहीं उगलवा पाई है। बताते हैं आरोपी श्वेता हनी ट्रैप-1 कांड में जेल से छूटने के बाद भी दिल्ली में एक केंद्रीय मंत्री से लगातार संपर्क में रही हैं। इस केस में नाम आने के बाद उसने रसूख का इस्तेमाल कर खुद को सख्ती से पूछताछ की जद से दूर रखा है। वहीं रेशू के मजबूत नेटवर्क के कारण अधिकारी उससे भी हनी ट्रैप के वीडियो, फुटेज व फोटो नहीं जुटा पाए हैं। दोबारा रिमांड पर आई लेडी तस्कर अलका ने इंटेलीजेंस के हेड कांस्टेबल विनोद शर्मा के साथ मिलकर पुलिस विभाग में खुद का मजबूत नेटवर्क तैयार कर लिया था। अलका एएसपी और एसीपी रैंक के अफसरों से संपर्क में रहती थी। कई अधिकारी जो इसके संपर्क में थे, वह रिटायर हो चुके हैं। रिटायरमेंट के बाद भी वह उनसे कानूनी सलाह मशविरा करती रही है। वीडियो और फोटो पर करोड़ों की डील करती थी रेशू बताते हैं रेशू हर फोटो, वीडियो पर करोड़ों की डील करती थी। आरोपियों से मिले 7 मोबाइल फोन को भोपाल फॉरेंसिक लैब भेजा है। बताते हैं श्वेता जैन, रेशू चौधरी, अलका और हेड कांस्टेबल विनोद के मोबाइल में कई वीडियो फुटेज हैं, जो आपस में शेयर किए गए हैं। इन्हीं के मोबाइल का एनालिसिस साइबर एक्सपर्ट कर रहे हैं।

दैनिक भास्कर 27 May 2026 5:30 am

भोपाल में IPS अफसर की नाबालिग बेटी ने किया सुसाइड:घर में फंदे पर लटकी मिली 11वीं की छात्रा; मोबाइल की जांच में जुटी पुलिस

भोपाल के पॉश इलाके चार इमली में मंगलवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक आईपीएस अधिकारी की 17 वर्षीय बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह 11वीं कक्षा की छात्रा थी और परिवार के साथ रहती थी। जानकारी के अनुसार, छात्रा ने मंगलवार दोपहर के समय घर के भीतर यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों ने पुलिस को बुलाया। हबीबगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। पुलिस छात्रा के मोबाइल फोन और उसके संपर्कों की जांच कर रही है। हबीबगंज थाना प्रभारी संजीव चौकसे के अनुसार, मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

दैनिक भास्कर 27 May 2026 12:03 am

नवादा में सस्ते लोन का झांसा देकर ठगी:2 गिरफ्तार, ऑनलाइन कंपनियों के नाम पर टारगेट, मोबाइल हैक कर खाते से उड़ाते थे पैसे

नवादा पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के निर्देश पर साइबर डीएसपी शाहनवाज अख्तर के नेतृत्व में गठित टीम ने दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी विभिन्न ऑनलाइन कंपनियों के नाम पर लोगों को सस्ते लोन का झांसा देकर ठगी करते थे।यह गिरफ्तारी 26 मई को वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के चकवाय गांव से की गई। पुलिस को प्रतिबिंब पोर्टल पर दिख रहे नंबरों के आधार पर इन अपराधियों का पता चला था। इस संबंध में साइबर थाना कांड संख्या 54/26 आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का लालच देते थेगिरफ्तार किए गए अभियुक्त बजाज फाइनेंस, धनी फाइनेंस, मुद्रा फाइनेंस और इस्लामिक बैंक जैसी कंपनियों के नाम पर लोगों को कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का लालच देते थे। वे ग्राहकों का डेटा चुराकर उन्हें फोन कॉल करते थे।फोन पर बातचीत के दौरान, वे पीड़ितों से या तो ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) मांग लेते थे या उन्हें कोई लिंक भेजकर उनके मोबाइल फोन को हैक कर लेते थे। इसके बाद, वे पीड़ितों के बैंक खातों से धीरे-धीरे पैसे निकाल लेते थे। ठगी के लिए वे बहुत कम प्रोसेसिंग चार्ज की मांग करते थे, जिसे उपभोक्ता आसानी से चुका देते थे। 5 स्मार्टफोन और 1 सिम कार्ड बरामदगिरफ्तार अपराधियों की पहचान दीपू उर्फ दीपक कुमार (30 वर्ष), पिता भोनू राम उर्फ भुनेश्वर राम, और अजीत कुमार (25 वर्ष), पिता सुभाष सिंह के रूप में हुई है। दोनों चकवाय, वारिसलीगंज, नवादा के निवासी हैं। इनके पास से 5 स्मार्टफोन और 1 सिम कार्ड बरामद किया गया है।

दैनिक भास्कर 26 May 2026 8:46 pm

फर्जी ट्रेड लिंक भेजकर करोड़ों रुपए ठगे, 2 गिरफ्तार:2 थार और 4 मोबाइल भी जब्त; 68 फर्जी सिम कार्ड से की थी वारदात

सैकड़ों लोगों को टेलीग्राम और वॉटसऐप पर फर्जी ट्रेड लिंक भेजकर करोड़ों रुपए की साइबर ठगी करने वाले दो युवकों को टोंक जिले की डीएसटी और सदर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 2 थार गाड़ी, चार मोबाइल जब्त किए है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ठगी करने में 68 फर्जी सिमकार्ड उपयोग में लिए थे। हालांकि आरोपियों ने कितने लोगों से कितनी राशि की ठगी की है, इसकी फिलहाल जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में आंकड़ा करोड़ों रुपए पहुंचने की आशंका है। कार्रवाई ASP रतनलाल भार्गव, टोंक डीएसपी मृत्युजंय मिश्रा के नेतृत्व में की गई। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों द्वारा अलग-अलग मोबाइन नंबरों का उपयोग साइबर ठगी में किया गया है, राशि भी अलग-अलग फर्जी खातों में ट्रांसफर करवाई गई है। इन खातों की एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के रिकॉर्ड से भी जांच की जा रही है। बैंक खातों में करोड़ों रुपए की राशि का लेनदेन सामने आया है। दोनों आरोपी द्वारा साइबर अपराध को अंजाम देने के लिए कुल 68 फर्जी सिम कार्ड प्रयोग किए गए। इनमें से कुलदीप मीणा, निवासी दौसाडा थाना मंडावरी जिला दौसा ने 60 और दिलखुश गुर्जर निवासी रजमाणा थाना चौथ का बरवाड़ा जिला सवाई माधोपुर ने 8 सिम कार्ड काम में लिए थे। आरोपियों के कब्जे से साइबर ठगी से आए रुपयों से खरीदी गई दो थार गाड़ी भी जब्त की गई। इसके अतिरिक्त एक आरोपी के पास से साइबर ठगी की कैश रकम 10,020 रुपए भी जप्त किए गए है। आरोपियों से गहन पूछताछ व अनुसंधान साइबर थाना टोंक द्वारा किया जा रहा है और साइबर ठगी से जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।

दैनिक भास्कर 26 May 2026 8:24 pm

इमाम से मारपीट, जबरन 'जय श्री राम' बुलवाने का आरोप:विरोध करने पर गला दबाया, मोबाइल छीना; समाजजनों ने मंदसौर एसपी को सौंपा ज्ञापन

मंदसौर जिले के अफजलपुर क्षेत्र से मस्जिद के एक इमाम के साथ मारपीट और जय श्री राम का नारा लगाने के लिए दबाव बनाने का मामला सामने आया है। पीड़ित इमाम मोहम्मद हुसैन ने कुछ लोगों पर रास्ते में रोककर मारपीट करने, मोबाइल छीनने, गला दबाने और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। इस मामले को लेकर मंगलवार को समाजजन पुलिस कंट्रोल रूम में एसपी विनोद कुमार मीना के नाम ज्ञापन सौंपा। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार, मोहम्मद हुसैन निवासी मुल्तानपुरा पिछले करीब एक माह से अफजलपुर की जामा मस्जिद में इमामत का कार्य कर रहे हैं। पीड़ित के अनुसार, 23 मई की शाम करीब 7 बजे वह अफजलपुर बस स्टैंड क्षेत्र में कुछ सामान लेने गए थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें रोककर पूछताछ शुरू की। मौलाना का आरोप है कि जब उन्होंने अपना पता मुल्तानपुरा बताया तो मौके पर मौजूद लोगों ने आधार कार्ड मांगा गया। उन्होंने अपने भाई को फोन कर आधार कार्ड व्हाट्सएप पर भेजने के लिए कहा, लेकिन आरोपियों ने उनका मोबाइल छीन लिया। इसके बाद उन पर बांग्लादेशी होने का आरोप लगाया गया और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई। भीड़ जुटी, मारपीट और नारे लगाने का दबावपीड़ित के मुताबिक मौके पर धीरे-धीरे बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। आरोप है कि भीड़ ने उनके साथ मारपीट की और जबरन ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने के लिए दबाव बनाया। मौलाना का कहना है कि जब उन्होंने नारे लगाने से मना किया तो उनका गला दबाया गया और थप्पड़ों से मारपीट की गई। यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों ने उन्हें गाय और महिला से जुड़े झूठे मामलों में जेल भिजवाने की धमकी दी साथ ही कहा कि आगे गांव में दिखाई दिए तो जान से खत्म कर देंगे। थाने ले जाने और वहां भी दुर्व्यवहार का आरोपमौलाना ने आरोप लगाया कि घटना के बाद उन्हें अफजलपुर थाने ले जाया गया, जहां भी उनके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट हुई। तभी पुलिसकर्मियों ने मौलाना की बात गंभीरता से नहीं सुनी और आरोपियों का पक्ष लिया। साथ ही उनके परिजनों से भविष्य में गांव नहीं आने की बात कही गई। समाजजनों ने की सख्त कार्रवाई की मांगमंगलवार को समाजजन बड़ी संख्या में पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे और सीएसपी जितेंद्र कुमार भास्कर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। समाजजनों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इससे असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ सकते हैं और सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। सीएसपी जितेंद्र कुमार भास्कर ने बताया कि समाजजनों द्वारा ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में मस्जिद में इमामत करने वाले व्यक्ति के साथ मारपीट, धार्मिक नारे लगाने के लिए दबाव बनाने और थाने में भी मारपीट किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। पूरे मामले की जांच की जा रही है।

दैनिक भास्कर 26 May 2026 5:08 pm

युवक का शव मिला, लॉक मोबाइल से पहचान में देरी:शिवपुरी के पुराने आरटीओ ऑफिस में चार दिन पहले मिली थी लाश

शिवपुरी के पुराने बस स्टैंड के पास स्थित पुराने आरटीओ ऑफिस के खंडहर में शनिवार शाम मिले शव की पहचान मंगलवार को हो गई। मृतक की पहचान फिजिकल थाना क्षेत्र निवासी 26 वर्षीय विशाल रजक पिता नंद किशोर रजक के रूप में हुई। उसका मोबाइल फोन लॉक होने के कारण परिजनों से संपर्क नहीं हो सका, जिससे शव की पहचान में देरी हुई। विशाल रजक मकानों में पुट्टी करने का काम करता था। उसके पिता नंद किशोर रजक ने बताया कि विशाल गुरुवार को काम पर जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिवार लगातार उसकी तलाश कर रहा था। मोबाइल फोन फाइनेंस पर लिया थाजानकारी के अनुसार, विशाल ने अपना मोबाइल फोन फाइनेंस पर लिया था। किस्तें जमा न होने के कारण फाइनेंस कंपनी ने उसका मोबाइल लॉक कर दिया था। इसी वजह से वह मोबाइल घर पर छोड़कर गया था। जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों को उसकी तलाश में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शनिवार शाम पुराने आरटीओ ऑफिस के खंडहर में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची थी। शव काफी डीकंपोज हो चुका था, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था। पुलिस ने पहचान के प्रयास शुरू किए और मंगलवार को मृतक की शिनाख्त विशाल रजक के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, शव पर किसी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। हालांकि, बताया जा रहा है कि विशाल नशे का आदी था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

दैनिक भास्कर 26 May 2026 4:15 pm

इंदौर में वेयरहाउस विवाद में संचालक का अपहरण:पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने मोबाइल लोकेशन से छुड़ाया; चार आरोपी गिरफ्तार

इंदौर के राऊ थाना क्षेत्र में वेयरहाउस संचालक के साथ मारपीट कर उसके अपहरण का मामला सामने आया है। पीड़ित की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने सोमवार देर रात मोबाइल लोकेशन के आधार पर युवक को आरोपियों के कब्जे से मुक्त कराया। मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी कार जब्त की गई है। एसीपी निधि सक्सेना के मुताबिक सूरज की पत्नी ज्योति ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसका पति पिगडंबर स्थित वाइन शॉप के पास खड़ा था, तभी कुछ लोग उसे जबरन कार में बैठाकर ले गए। शिकायत मिलते ही पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी कर जांच शुरू कर दी। जांच में सामने आया कि वेयरहाउस के सौदे को लेकर चल रहे विवाद के कारण मुकेश और उसके साथियों ने सूरज का अपहरण किया। आरोप है कि सभी ने मिलकर सूरज को कार में जबरन बैठाया और उसे सांवेर क्षेत्र के नागपुर गांव ले गए, जहां उसके साथ मारपीट की गई। घटना की पुष्टि होने के बाद राऊ थाना पुलिस ने अपहरण, मारपीट और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार सूरज ने अपने वेयरहाउस का सौदा आरोपियों से किया था, लेकिन बाद में वह सौदा पूरा करने से मुकर गया। इसके बाद आरोपी लगातार उस पर दबाव बना रहे थे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

दैनिक भास्कर 26 May 2026 3:29 pm

जामताड़ा में लूट-चोरी का खुलासा; नाबालिग गिरफ्तार:देशी पिस्टल, गोली, मोबाइल भी मिले, बेल पर था बाहर, फिर दबोचा गया

जामताड़ा पुलिस ने जिले में लगातार बढ़ रही लूट और चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए एक नाबालिग अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से जिले में आपराधिक घटनाओं में इजाफा हो रहा था, जिसे गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच दल का गठन किया गया था। गठित टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 7.65 एमएम का एक देशी पिस्टल और एक जिंदा गोली बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी जिले में अपराध नियंत्रण की दिशा में बड़ी सफलता मानी जा रही है। लूट की कई घटनाओं में शामिल रहा आरोपी एसपी ने बताया कि गिरफ्तार नाबालिग ने मिहिजाम थाना क्षेत्र के ढेकीपाड़ा स्थित कब्रिस्तान के पास रेलवे कर्मचारी इरफान अंसारी को चाकू का भय दिखाकर लूट की घटना को अंजाम दिया था। इसके अलावा, उसने पश्चिम बंगाल के चित्तरंजन थाना क्षेत्र के फतेहपुर इलाके में एक महिला से मोबाइल फोन, पर्स और नकदी भी छीनी थी। पुलिस जांच में दोनों मामलों में उसकी संलिप्तता की पुष्टि हुई है। आरोपी के पास से एक वनप्लस मोबाइल फोन, एक वीवो मोबाइल फोन, एक टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल, एक क्षतिग्रस्त बैग और एक चाकू भी बरामद किया गया है। पुलिस का कहना है कि बरामद सामान लूट की घटनाओं से जुड़ा हुआ है। जमानत पर छूटकर फिर बना अपराधी जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार नाबालिग मार्च 2025 में हुई एक गोलीबारी की घटना में भी शामिल था। उस मामले में वह जमानत पर बाहर आया था और फिर से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो गया। एसपी शंभू कुमार सिंह ने कहा कि जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि सुभाष चौक में हुई ज्वेलरी दुकान लूट कांड का भी जल्द खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

दैनिक भास्कर 26 May 2026 2:21 pm

वाराणसी में मोबाइल टावर पर चढ़कर युवती का हाईवोल्टेज ड्रामा:बोली- बॉयफ्रेंड के पैर का फ्रैक्चर हो गया, अब शादी करवाओ

वाराणसी में में मंगलवार की सुबह एक युवती अपने प्रेमी से शादी की मांग को लेकर 100 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई। युवती का आरोप है कि प्रेमी का पैर फ्रैक्चर होने के कारण कई दिनों से मुलाकात नहीं हो पा रही थी। अब मैं उसके साथ शादी करना चाहती हूं। लेकिन मेरे परिवार के लोग जाति अलग होने के कारण मना कर रहे हैं। युवती को टॉवर पर हंगामा करता देख ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों ने काफी देर तक समझाकर उसकी शादी प्रेमी से करवाने का भरोसा देकर उसको सुरक्षित नीचे उतरा। इसके बाद युवती को लेकर थाने पहुंची और उसके प्रेमी को भी बुलाया। थाने में दोनों के परिजनों के साथ बातचीत चल रही है। यह पूरा मामला बड़ागांव थाना क्षेत्र का है। देखें 2 तस्वीरें… मिलने पहुंचे प्रेमी का गिरकर पैर फ्रैक्चर हो गया था थाना क्षेत्र के अहरक गांव निवासी सनी विश्वकर्मा का युवती के साथ लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा है। करीब दस दिन पहले युवती से मिलने उसके गांव गया था। इसी दौरान परिजनों के पहुंचने पर वह भागने की कोशिश में छत से कूद गया, जिससे उसका पैर फ्रैक्चर हो गया। घटना के बाद दोनों की मुलाकात नहीं हो रही थी। जाति अलग का हवाला देकर शादी से किया मना परेशान युवती मंगलवार की सुबह अचानक प्रेमी के गांव पहुंची और मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई और वह अपने प्रेमी से शादी कराने की मांग करने लगी। सूचना पर पहुंची पुलिस उसको समझाकर नीते उतारा। फिर दोनों के परिजनों के थाने बुलाया गया, जहां घंटों बातचीत चली। युवती के पिता ने सामाजिक और पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए जल्दबाजी में फैसला लेने पर आपत्ति जताई। वहीं, मामला अलग-अलग जातियों से जुड़ा होने के कारण भी उलझा हुआ है। वहीं, थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह ने बताया- युवती को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है। दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। यदि किसी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत मिलती है तो तथ्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। ------------ ये खबर भी पढ़ें… UP का पेट्रोल-डीजल नेपाल वाले ले जा रहे:100 का तेल 135 रुपए में बेच रहे; बॉर्डर के 7 जिलों में ज्यादातर पंप बंद यूपी से सटा नेपाल बॉर्डर 579 किलोमीटर लंबा है। इनमें यूपी के 7 जिले आते हैं। इन जिलों के ज्यादातर पेट्रोल पंप बंद हो गए हैं। जहां पेट्रोल मिल रहा, वहां लंबी कतारे हैं। इसके पीछे की वजह वो लोग हैं, जो नेपाल बॉर्डर को क्रॉस करके भारत आते हैं। यहां से ईंधन का स्टॉक लेकर अपने देश लौट जाते हैं। अब सवाल उठता है कि ऐसा क्यों हो रहा? पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 26 May 2026 12:16 pm

पूर्णिया में नशे के कारोबार पर पुलिस का शिकंजा:स्मैक के साथ दो धंधेबाज गिरफ्तार, कार में छिपाकर ले जा रहे थे खेप; टैब और मोबाइल भी बरामद

पूर्णिया में नशे के काले कारोबार के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। 98.93 ग्राम स्मैक के साथ 2 तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गश्ती के दौरान कार से स्मैक बरामद की है। इसके अलावा एक टैब और दो मोबाइल भी जब्त किए हैं। गिरफ्तार तस्करों की पहचान रवि ठाकुर और विनोद कुमार के रूप में हुई है। दोनों थाना सदर थाना क्षेत्र के गुलाबबाग के रहने वाले है। सदर थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस इलाके में नियमित गश्ती कर रही थी। इसी दौरान एक कार पर नजर पड़ी। कार को रोककर जब तलाशी ली गई तो उसमें छिपाकर रखी गई स्मैक बरामद हुई। खेप के साथ मौके से दो धंधेबाजों को गिरफ्तार किया। केस दर्जकर नेटवर्क खंगाल रही पुलिस बरामद स्मैक की कीमत लाखों रुपए में आंकी जा रही है। तस्करों के नेटवर्क खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अब ये पता लगाने में जुटी है कि आखिर स्मैक कहां से लाई गई थी और इसकी सप्लाई कहां की जानी थी। गिरफ्तार दोनों तस्करों से लगातार पूछताछ की जा रही है। जब्त मोबाइल फोन और टैब की भी जांच की जा रही है ताकि नशे के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी मिल सके। पुलिस कार के मालिक और उसके इस्तेमाल को लेकर भी जांच कर रही है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के कारोबार पर लगातार नजर रखी जा रही है और ऐसे कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

दैनिक भास्कर 26 May 2026 9:00 am

पंजाब निकाय चुनाव की वोटिंग आज, बैलेट पेपर से होगी:8 निगम भी शामिल, मोबाइल समेत 9 चीजों पर रोक, सरकारी छुट्‌टी, शराब बिक्री पर रोक

पंजाब में आज 8 नगर निगमों के लिए आज वोटिंग होगी। इनमें बठिंडा, अबोहर, बटाला, बरनाला, कपूरथला, मोगा, पठानकोट और मोहाली शामिल हैं। इनके अलावा 75 नगर कौंसिल और 20 नगर पंचायतों के लिए भी मतदान होगा। खास बात यह है कि इसमें EVM की जगह बैलेट पेपर से वोट डाले जाएंगे। वोटिंग सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। इस चुनाव में 7,555 कैंडिडेट चुनाव मैदान में हैं। जिनके चुनाव के लिए 36.73 लाख वोटर मतदान करेंगे। चुनाव को लेकर पूरी सख्ती बरती गई है। राज्य चुनाव आयोग ने 9 चीजों को अंदर ले जाने पर रोक लगा दी है। यहां तक कि स्विच ऑफ मोबाइल भी अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। वोटिंग के चलते आज पंजाब के सरकारी छुट्‌टी रहेगी। इसके अलावा शराब बिक्री पर भी रोक रहेगी। वोटिंग में किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए 35 हजार पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। सबसे ज्यादा AAP के 1801 उम्मीदवारराज्य चुनाव आयोग के मुताबिक इस चुनाव में 8 नगर निगमों में 1613 उम्मीदवार हैं। 75 नगर कौंसिलों में 5142 और 20 नगर पंचायतों में 800 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें सबसे अधिक उम्मीदवार AAP के 1801 कैंडिडेट चुनाव लड़ रहे हैं। दूसरे नंबर पर कांग्रेस के 1550, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 1316, शिरोमणि अकाली दल के 1251, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के 96, 1528 निर्दलीय और 13 अन्य उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। पोलिंग बूथ में इन 9 चीजों पर रोकपंजाब के चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने बताया कि इस बार मतदान के दौरान बूथ के अंदर 9 चीजों को ले जाने पर प्रतिबंध लगाया है। इस बार मोबाइल पूरी तरह बैन रहेगा। चुनाव आयुक्त का कहना है कि स्विच ऑफ मोबाइल को भी पोलिंग बूथ के अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। इसके अलावा, पानी की बोतल, स्याही, चाकू, पेचकस, हथियार, कैमरा, माचिस की डिब्बी और लाइटर अंदर नहीं ले जा पाएंगे। उन्होंने कहा कि वोटर अपना मोबाइल घर पर रख कर वोट देने निकलें। 274 पोलिंग बूथ अति संवेदनशीलराज्य चुनाव आयोग के मुताबिक वोटिंग के लिए कुल 3,977 बूथ बनाए गए हैं। इनमें से 740 पोलिंग बूथों को संवेदनशील और 274 बूथों को अति संवेदनशील घोषित किया है। इस चुनाव में 36 हजार मुलाजिमों की तैनाती की गई है। 35 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी फील्ड में रहेंगे। हर बूथ पर 5 मुलाजिमों की तैनाती होगी। पोलिंग बूथों में लगेंगे कैमरे, एक साल तक सेफ रहेगी फुटेजपंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर सभी पोलिंग बूथों के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में संबंधित फुटेज को बिना परमिशन नष्ट नहीं किया जाएगा। अदालत की ओर से रिकॉर्डिंग कम से कम एक वर्ष तक सुरक्षित रखे जाने के आदेश दिए गए हैं। चुनाव आयुक्त बोले- कोई गड़बड़ी न करे, DVR भी स्ट्रॉन्ग रूम में रहेगीराज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने बताया कि कोई भी व्यक्ति चुनाव में गड़बड़ी की कोशिश न करे। हर बूथ के अंदर और बाहर सीसीटीवी लगाए गए हैं। जिसकी फुटेज रिटर्निंग अधिकारी के पास होगी। वार्ड स्तर पर रिटर्निंग अधिकारी फुटेज के लिए जिम्मेदार होंगे। मतदान प्रक्रिया मुकम्मल होने के बाद डीवीआर स्ट्रांग रूम में ही सुरक्षित रखी जाएगी। जिसकी सारी जिम्मेदारी डिप्टी कमिश्नर की होगी।

दैनिक भास्कर 26 May 2026 5:25 am

छतरपुर में 47॰ पार पहुंचा तापमान, रेड अलर्ट जारी:रात में भी चल रहीं गर्म हवाएं; मोबाइल पर सायरन जैसे हीट वेव अलर्ट पहुंच रहे

छतरपुर जिले में भीषण गर्मी ने लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। राजस्थान की ओर से आने वाली उत्तर-पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण दिन ही नहीं बल्कि शाम और रात में भी लोगों को राहत नहीं मिल रही। सोमवार को जिले के कई हिस्सों में लू जैसे हालात बने रहे। गर्म हवा के थपेड़ों ने बाजारों से लेकर सड़कों तक लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को खजुराहो में अधिकतम तापमान 1.4 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 47.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.7 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 29.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो औसत से 1.6 डिग्री ज्यादा रहा। नौगांव में 1॰ की बढ़त, पारा 46.8॰ पहुंचाइसी तरह नौगांव में भी गर्मी का असर बेहद तीखा रहा। यहां अधिकतम तापमान 1 डिग्री की बढ़त के साथ 46.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.7 डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 2 डिग्री बढ़कर 28 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो औसत से 1.3 डिग्री ज्यादा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में राहत की संभावना से इनकार किया है। अगले दो दिनों के लिए रेड अलर्टविभाग के मुताबिक, 26 और 27 मई को जिले में हीट वेव का रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 28 और 29 मई के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि रात के समय भी गर्म हवाएं चल सकती हैं, जिससे लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिलेगी और उमस जैसी स्थिति बनी रह सकती है। हालांकि 30 और 31 मई को तेज हवा के साथ हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है, लेकिन इससे तापमान में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है। उल्टा बारिश के बाद उमस बढ़ सकती है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ेगी। लगातार मोबाइल पर पहुंच रहे हीट वेव अलर्टजिले में गर्मी की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा लगातार हीट वेव अलर्ट जारी किए जा रहे हैं। सोमवार दोपहर भी लोगों के मोबाइल फोन पर रेड अलर्ट के संदेश पहुंचे। इन अलर्ट मैसेज की आवाज सायरन जैसी होने के कारण कई लोग अचानक घबरा जाते हैं। हालांकि अब अधिकांश लोगों को समझ आने लगा है कि यह हीट वेव की चेतावनी है। भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है।

दैनिक भास्कर 25 May 2026 10:32 pm

झांसी में मोबाइल छीनने वाले दो आरोपी गिरफ्तार:4 दिन पहले वारदात करके भाग गए थे, स्कूटी और फोन बरामद

झांसी में मोबाइल छीनकर भागने वाले दो झपट्‌टमारों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों ने 4 दिन पहले घर जा रहे एक व्यक्ति से मोबाइल छीन लिया था। पीड़ित ने प्रेमनगर थाने में केस दर्ज कराया था। तब से पुलिस दोनों के पीछे लगी थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दोनों को डगरिया तिराहे से गिरफ्तार किया है। उनसे छीना गया मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी बरामद हुई है। सीपरी बाजार से घर जा रहा था बबीना के आरा मशीन निवासी आदर्श साहू पुत्र मनोज कुमार साहू ने पुलिस को बताया था कि वह सीपरी बाजार में काम करता है। 21 मई की रात लगभग 10 बजे काम करके घर जा रहा था। राजगढ़ पीएसी गेट नंबर 3 के सामने प्रतीक्षालय के पास पहुंचा तो एक स्कूटी से अज्ञात दो युवक आए और डरा धमकाकर उसका मोबाइल छीनकर ले गए। पीड़ित की तहरीर पर प्रेमनगर पुलिस ने 24 मई को केस दर्ज किया था। घटना के खुलासे के लिए थाना प्रभारी तुलसीराम पांडेय ने दो पुलिस टीमों का गठन किया था। सोमवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने डगरिया तिराहे के पास से राजगढ़ के वीरूनगर निवासी प्रदीप उर्फ पिस्सू पुत्र मेवालाल और सिमोन मसीह पुत्र सुरेंद्र मसीह को गिरफ्तार कर लिया। उनसे लूटा गया मोबाइल और घटना में इस्तेमाल स्कूटी बरामद हुई है।

दैनिक भास्कर 25 May 2026 8:16 pm

रायगढ़ में IPL सट्टा लिखते आरोपी गिरफ्तार:बंद भारत टॉकीज के सामने चल रहा था ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा, मोबाइल और कैश जब्त

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के खिलाफ पुलिस लगातार ऑपरेशन अंकुश चला रही है। इसी अभियान के तहत धरमजयगढ़ पुलिस ने IPL मैच में सट्टा लिख रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से कैश और मोबाइल फोन जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, रविवार रात पुलिस को सूचना मिली थी कि करीब 10-12 साल से बंद पड़े भारत टॉकीज के सामने कुछ लोग IPL मैच में हार-जीत का दांव लगाकर सट्टा खेला रहे हैं। पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखकर वहां मौजूद कुछ लोग भाग निकले, जबकि एक व्यक्ति सट्टा-पट्टी लिखते हुए पकड़ लिया गया। आरोपी के पास मिले सट्टा हिसाब और मोबाइल पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मनीष भौमिक बताया। पुलिस जांच में उसके पास से IPL टीमों के नाम और रुपए का हिसाब लिखा हुआ दस्तावेज मिला। इसके अलावा आरोपी से 725 रुपए नकद और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है। पुलिस अब मोबाइल की जांच कर रही है, जिसमें ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिलने की संभावना जताई जा रही है। ऑपरेशन अंकुश के तहत लगातार कार्रवाई शशि मोहन सिंह की पदस्थापना के बाद जिले में ऑपरेशन अंकुश चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा और अंक सट्टा नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने कोलकाता से लेकर गोवा तक जुड़े सट्टा नेटवर्क के खाईवालों पर कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 4 महीने में 62 सटोरिए गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक, फरवरी 2026 से अब तक जिले में कुल 62 सटोरियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन आरोपियों से 1 करोड़ 9 लाख रुपए से अधिक नकदी, सैकड़ों मोबाइल फोन, 2 नोट गिनने की मशीन और लैपटॉप जब्त किए गए हैं। SSP बोले- युवाओं को नुकसान पहुंचा रहा सट्टा एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा और अवैध जुआ गतिविधियां समाज और युवाओं को आर्थिक व सामाजिक रूप से नुकसान पहुंचा रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ऐसे संगठित अपराधों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है और सट्टा खिलाने वालों के साथ सट्टा खेलने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 25 May 2026 6:48 pm

झांसी GRP ने 26 लाख के मोबाइल मालिकों को सौंपे:ट्रेन में सफर के दौरान गुम हुए थे 218 फोन, छह राज्यों से ढूंढ लाई जीआरपी

झांसी जीआरपी ने सोमवार को गुम हुए रेल यात्रियों के 218 मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिए। बरामद किए गए मोबाइल फोनों की अनुमानित कीमत करीब 26 लाख रुपए बताई गई है। मोबाइल पाने वाले यात्रियों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी जीआरपी विपुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक जीआरपी झांसी करीब 70 लाख रुपए कीमत के मोबाइल फोन बरामद कर चुकी है। सोमवार को जिन 218 मोबाइल फोनों को लौटाया गया, उन्हें यात्रियों के सत्यापन के बाद ही सुपुर्द किया गया।एसपी ने बताया कि झांसी मंडल के विभिन्न जीआरपी थानों में यात्रियों ने मोबाइल गुम होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतों में दिए गए आईएमईआई नंबर के आधार पर सर्विलांस टीम ने मोबाइल ट्रैक किए। जांच में पता चला कि ये मोबाइल मध्य प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सक्रिय हैं।इसके बाद जीआरपी के 12 थानों और सर्विलांस टीम को मोबाइल बरामद करने की जिम्मेदारी दी गई। करीब तीन महीने तक चले अभियान में सभी मोबाइल बरामद कर लिए गए। मोबाइल मिलने के बाद शिकायतकर्ताओं द्वारा दिए गए बिल और आईएमईआई नंबर का मिलान कराया गया। सत्यापन पूरा होने के बाद यात्रियों को झांसी बुलाकर उनके मोबाइल वापस सौंपे गए। एसपी जीआरपी ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और उनके सामान की बरामदगी के लिए जीआरपी लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने यात्रियों से यात्रा के दौरान सतर्क रहने की अपील भी की। कहा कि अक्सर लापरवाही के चलते लोगों के मोबाइल गुम हो जाते हैं या फिर चोरी हो जाते हैं। ऐसे में यात्रियों को सफर के दौरान अपने सामान और मोबाइल का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

दैनिक भास्कर 25 May 2026 5:42 pm

धौलपुर पुलिस ने 29 गुमशुदा मोबाइल किए बरामद:9.30 लाख रुपए के फोन CEIR पोर्टल से ट्रेस कर मालिकों को सौंपे

धौलपुर पुलिस ने एक अभियान के तहत 29 गुमशुदा मोबाइल फोन उनके मालिकों को लौटा दिए हैं। सरमथुरा थाने की साइबर टीम ने यह सराहनीय कार्य किया। बरामद किए गए इन मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 9 लाख 30 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देश पर सरमथुरा थाने की साइबर डेस्क टीम ने CEIR पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर इन मोबाइलों को ट्रेस किया। साइबर डेस्क प्रभारी उदय गुर्जर, प्रदीप और भूप सिंह कॉन्स्टेबल की टीम ने लगातार प्रयासों से विभिन्न राज्यों और जिलों से इन फोनों को बरामद किया। मोबाइल वापस मिलने पर मालिकों ने धौलपुर पुलिस की कार्यशैली की सराहना की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार CEIR पोर्टल के शुरू होने के बाद से सरमथुरा पुलिस अब तक कुल 130 गुमशुदा मोबाइल उनके मालिकों तक पहुंचा चुकी है। बरामद किए गए मोबाइल केवल धौलपुर से ही नहीं, बल्कि आगरा, करौली, भरतपुर, ग्वालियर, दतिया, झांसी, टोंक, आंध्र प्रदेश, केरल और बिहार सहित कई अन्य क्षेत्रों से भी ट्रेस किए गए थे। पुलिस ने बताया कि गुमशुदा मोबाइलों की तलाश कर उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने का यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।

दैनिक भास्कर 25 May 2026 5:40 pm

मऊ में 7 गुम मोबाइल फोन बरामद:CEIR पोर्टल से ट्रेस कर पुलिस ने मालिकों को लौटाए, 2.30 लाख कीमत

मऊ जिले की साइबर थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गुम हुए सात मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को वापस सौंप दिया। बरामद किए गए इन मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख 30 हजार रुपये है। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देश पर, साइबर क्राइम थाना मऊ की टीम ने यह कार्रवाई की। टीम ने CEIR पोर्टल पर दर्ज छह शिकायतों का निस्तारण करते हुए तकनीकी सहायता से इन मोबाइल फोन को ट्रेस किया। जिन लोगों के मोबाइल फोन बरामद किए गए, उनमें आयुष्मान सिंह, नौसाद अहमद, राम अवतार चौहान, विजय मिश्रा, ज्योति कुमारी, पवन कुमार मौर्य और जयप्रकाश शामिल हैं। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी मोबाइल फोन उनके मालिकों को सौंप दिए गए। अपने मोबाइल फोन वापस मिलने पर लाभार्थियों ने मऊ पुलिस के प्रयासों की सराहना की और साइबर थाना टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मऊ पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने पर तुरंत CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। इससे गुमशुदा मोबाइल को जल्द ट्रेस कर बरामद किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, किसी भी प्रकार के ऑनलाइन या वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें, ताकि त्वरित कार्रवाई कर धनराशि वापस कराई जा सके।

दैनिक भास्कर 25 May 2026 5:29 pm

ग्वालियर में मोबाइल शॉप संचालक से ठगी:सिम का नेटवर्क बंद कराकर खाते से निकाले 1.64 लाख रुपए

ग्वालियर में साइबर अपराधियों ने एक मोबाइल शॉप संचालक को निशाना बनाया है। ठगों ने पहले सिम का नेटवर्क बंद कराया और फिर नेट बैंकिंग व यूपीआई के जरिए दो बैंक खातों से 1.64 लाख रुपए ठग लिए। मामले का खुलासा तब हुआ जब दुकानदार ने दोबारा सिम चालू कर बैंक खातों की जांच की। संचालक की सिम अस्थायी रूप से बंद कर साइबर ठगों ने बैंक खातों से 1 लाख 64 हजार 601 रुपए निकाल लिए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गोला का मंदिर चौराहे के पास दुकान जानकारी के अनुसार नारायण विहार निवासी रामप्रसाद शर्मा पिता रामप्रकाश शर्मा मोबाइल व्यवसायी हैं। उनकी गुंजन मोबाइल नाम से दुकान गोला का मंदिर चौराहे के पास स्थित है। 28 अप्रैल की शाम करीब 4 बजे अचानक उनके जियो नंबर का नेटवर्क बंद हो गया। शुरुआत में उन्हें लगा कि यह सामान्य तकनीकी समस्या होगी, लेकिन कुछ देर बाद उनकी पत्नी दीप्ति शर्मा ने दूसरे मोबाइल नंबर पर फोन कर बताया कि उनका जियो नंबर पूरी तरह बंद बता रहा है। इसके बाद रामप्रसाद ने तुरंत माई जियो ऐप के जरिए अपनी सिम को दोबारा एक्टिव कराने की कोशिश की। कुछ समय बाद सिम फिर से चालू हो गई, जिससे उन्हें लगा कि समस्या खत्म हो गई है, लेकिन असली झटका उन्हें शाम करीब साढ़े सात बजे लगा। दुकान पर एक ग्राहक को ऑनलाइन भुगतान करने के दौरान जब उनका ट्रांजेक्शन फेल हुआ, तो उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने अपने बैंक खातों की जांच की, जहां पता चला कि अज्ञात ठगों ने उनके दो अलग-अलग बैंक खातों से कुल 1 लाख 64 हजार 601 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए हैं। यह रकम नेट बैंकिंग और यूपीआई ट्रांजेक्शन के जरिए निकाली गई। डिजिटल ट्रांजेक्शन से जांच में जुटी पुलिस घटना के बाद पीड़ित व्यवसायी ने तुरंत पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साइबर ठगी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किन बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है और वारदात में कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही साइबर सेल की मदद से डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच भी की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि अचानक मोबाइल नेटवर्क बंद हो जाए या सिम निष्क्रिय हो जाए तो तुरंत अपने बैंक खातों और यूपीआई सेवाओं की जांच करें, क्योंकि साइबर अपराधी अब सिम स्वैपिंग और नेटवर्क हैकिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं।

दैनिक भास्कर 25 May 2026 4:37 pm

नालंदा में 17 घंटे के अंदर लूटकांड का खुलासा:सारे पुलिस ने पांच अपराधियों को किया गिरफ्तार, 43 हजार कैश और मोबाइल बरामद

नालन्दा जिले के सारे थाना क्षेत्र में लूट की एक बड़ी वारदात का पुलिस ने महज 17 घंटों के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने न केवल लूटी गई राशि और मोबाइल बरामद की है, बल्कि घटना को अंजाम देने वाले गिरोह के सभी सदस्यों को भी दबोच लिया है। डुमरांव निवासी सोहन पासवान से 23 मई 2026 की शाम लूटपाट हुई थी। पीड़ित से 45,000 रुपए नकद और एक कीपैड मोबाइल छीन लिया गया था। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस की विशेष टीम ने की कार्रवाई सदर डीएसपी-1 संकेत कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सहायक पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम में सीआई (CI) अस्थावां, सारे थानाध्यक्ष और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। टीम ने तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान का सहारा लिया और स्थानीय स्तर पर सूचना संकलन कर तेजी से कार्रवाई की। गिरोह का पर्दाफाश और गिरफ्तारी पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि घटना के पीछे स्थानीय स्तर पर ही रची गई साजिश थी। पाइप खरीदने के बहाने ओम प्रकाश उर्फ शिवन ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर योजना बनाई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कुल 5 लोगों को पकड़ा है, जिनमें एक नाबालिग है। गिरफ्तार आरोपियों में उत्तम कुमार, राकेश कुमार उर्फ मझला, भुल्ला, ओम प्रकाश उर्फ शिवन है। बरामदगी और आपराधिक इतिहास पुलिस ने लूटी गई 45,000 रुपए की राशि में से 43,000 रुपए नकद और कीपैड मोबाइल बरामद कर लिया है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में से उत्तम कुमार और राजेश कुमार का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। दोनों के खिलाफ सारे थाना में आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं में मामले दर्ज है। नालंदा पुलिस की इस उपलब्धि की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है। डीएसपी(सदर) संकेत कुमार ने बताया कि मामले का खुलासा करने वाली टीम के सराहनीय कार्य के लिए उन्हें पुरस्कृत करने की अनुशंसा भी की जा रही है।

दैनिक भास्कर 25 May 2026 12:35 pm

बिलासपुर में ‘खिलाड़ी बुक’ से चल रहा था ऑनलाइन सट्टा:सटोरिए, हलावा कारोबारी समेत 4 गिरफ्तार, 13.48 लाख कैश-27 एटीएम समेत मोबाइल जब्त

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए “खिलाड़ी बुक” पैनल के जरिए खेलों पर सट्टा चलाने वाले गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने सटोरिए समेत हवाला कारोबार से जुड़े 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। इस पूरे मामले में पुलिस ने आरोपियों के पास से 13 लाख 48 हजार रुपए नकद, 27 एटीएम कार्ड, कार, स्कूटी और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस नेटवर्क की पूरी चेन खंगालने में जुटी हुई है। मोबाइल से चल रहा था ऑनलाइन सट्टा दरअसल पुलिस को पिछले कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मंगला चौक के पास कुछ युवक मोबाइल फोन के जरिए “खिलाड़ी बुक” पैनल से ऑनलाइन सट्टा चला रहे हैं। इसके बाद ACCU और सिविल लाइन थाना पुलिस की टीम आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। रविवार को पुलिस को सूचना मिली कि सटोरिए सक्रिय हैं और बड़े पैमाने पर पैसों का लेनदेन हो रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर रेड कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने संतोष जसवानी, करन श्रीवास, आशीष जसवानी समेत एक नाबालिग को पकड़ लिया। अलग-अलग बैंक खातों से कर रहे थे लेन-देन पुलिस ने आरोपियों के पास से 13 लाख 48 हजार रुपए नकद, पांच मोबाइल, अलग-अलग बैंकों के 27 एटीएम कार्ड, कार और स्कूटी जब्त की है। जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन से ऑनलाइन सट्टे से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अलग-अलग बैंक खातों और एटीएम कार्डों के जरिए सट्टे की रकम का लेन-देन कर रहे थे। हवाला के जरिए सट्टे की रकम पहुंचाता था आरोपी जांच में पता चला है कि मुख्य आरोपी संतोष जसवानी ऑनलाइन सट्टे का संचालन कर रहा था। वहीं आशीष जसवानी सट्टे से आने वाली रकम को हवाला के जरिए पहुंचाने का काम करता था। इसी आधार पर पुलिस ने आशीष को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार बाहर के बड़े सटोरियों और ऑनलाइन पैनलों से जुड़े हो सकते हैं। अब जब्त मोबाइल और बैंकिंग दस्तावेजों की तकनीकी जांच कर नेटवर्क की पूरी चेन खंगाली जा रही है। तीन बड़े सटोरियों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि जिले में सट्‌टेबाजों पर पुलिस लगातार सख्ती से कार्रवाई कर रही है। शहर के फरार तीन बड़े सटोरियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने रोहित पंजवानी, सागर चेतवानी और राज चेतानी के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी कराया है। हवाला के जरिए ऑनलाइन सट्‌टे की रकम की डिलीवरी पुलिस ने इस केस में गंगानगर फेस-2 निवासी सटोरिया संतोष जसवानी (34) को गिरफ्तार किया है, जो मूल रूप से तोरवा के हेमुनगर का रहने वाला है। वह मंगला के गंगानगर स्थित रोमन हाईट्स में कारोबार चला रहा था। उसके साथ सिरगिट्‌टी के नयारापारा निवासी करन श्रीवास (20) पिता देवी प्रसाद श्रीवास भी था। वहीं, सरकंडा के बीआर हॉस्पिटल के पास रहने वाला आशीष जसवानी (20) पिता अम्रेश कारोबारी है, जो कमीशन लेकर सट्‌टे की रकम को हवाला के जरिए डिलीवरी करता था। इस केस में पुलिस ने एक नाबालिग के भी गिरफ्तार किया है।

दैनिक भास्कर 25 May 2026 10:40 am

कुरुक्षेत्र में गुरुद्वारे से महिला सेवादार का मोबाइल चोरी, VIDEO:दो दिन से बर्तन सेवा कर रहा था आरोपी, मौका देख उड़ाया फोन

हरियाणा के कुरुक्षेत्र शहर में गुरुद्वारा 6वीं पातशाही में मोबाइल चोरी की घटना सामने आई है। यहां लंगर हाल के बाहर बर्तन सेवा कर रही महिला सेवादार का मोबाइल फोन चोरी हो गया। चोरी ये घटना गुरुद्वारा परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। इसमें एक युवक चुपके से महिला के थैले से मोबाइल चोरी कर फरार हो गया। आरोपी युवक खुद को सेवादार बताकर पिछले दो दिनों से गुरुद्वारा साहिब में घूम रहा था। यहां तक गुरुद्वारे में बर्तन सेवा में लगा हुआ था। युवक पहले काफी देर तक आसपास का माहौल देखता है, कहीं, कोई उसकी तरफ ध्यान नहीं दे रहा। इसके बाद वह धीरे से महिला सेवादार के थैले के करीब पहुंचता है और चुपचाप उसमें से मोबाइल फोन निकालकर वहां से निकल जाता है। महिला कर रही थी सेवा जानकारी के मुताबिक, शहर की रहने वाली महिला सेवादार हर रोज गुरुद्वारे में लंगर और बर्तन की सेवा करने आती है। घटना के वक्त भी महिला सेवा में लगी हुई थी। सेवा करके महिला वापस जाने लगी और अपना थैला उठाया, तो उसमें से मोबाइल गायब था। मोबाइल गायब देखकर महिला ने शोर भी मचाया। दो दिन से आ रहा था सेवा करने फिर गुरुद्वारा प्रबंधन ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो पूरी वारदात सामने आ गई। आरोपी पिछले दो दिन से सेवा करने के बहाने से गुरुद्वारा साहिब में आ रहा था, ताकि किसी को उस पर शक ना हो। दरअसल, सेवा करने के दौरान सेवा लगे लोग अपना मोबाइल और सामान एक साइड में रख देते थे। कार्रवाई की मांग कर रही संगत घटना के बाद से संगत में रोष पनप रहा है। संगत ने पुलिस को शिकायत देकर आरोपी युवक की जल्द पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी युवक की पहचान करने की कोशिश कर रही है।

दैनिक भास्कर 25 May 2026 10:17 am

ट्विशा मामले में खुलासा, 10 दिन जबलपुर में रुका समर्थ:फरारी में मोबाइल बंद रखा ताकि ट्रेस न कर सकें लोकेशन, मददगारों से पूछताछ करेगी पुलिस

भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा की मौत के मामले की जांच लगातार उलझती जा रही है। मुख्य आरोपी समर्थ सिंह से पूछताछ के बाद कई नए खुलासे सामने आए हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि घटना के बाद समर्थ करीब 10 दिन तक जबलपुर में छिपा रहा। इसकी पुष्टि कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे ने भी की है। समर्थ अभी पुलिस रिमांड पर है।फरारी के दौरान समर्थ ने अपना मोबाइल भी बंद रखा, ताकि पुलिस लोकेशन ट्रेस न कर सके। हालांकि तकनीकी जांच में उसकी आखिरी मोबाइल लोकेशन भोपाल में ट्रेस हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी थी। लोकेशन बदलने की बात कबूली पूछताछ में समर्थ ने फरारी के दौरान लगातार लोकेशन बदलने और लोगों से सीधे संपर्क से बचने की बात कबूल की है। जांच एजेंसियों को शक है कि उसे किसी न किसी स्तर पर मदद मिल रही थी। इसी वजह से पुलिस अब उन लोगों की पहचान कर रही है, जो 12 और 13 मई को उसके संपर्क में थे। पुलिस जल्द ही उनसे पूछताछ करेगी, ताकि यह साफ हो सके कि फरारी के दौरान उसे किसने ठिकाना और मदद उपलब्ध कराई। पुलिस ने घटनास्थल का किया मुआयना पुलिस ने घटनास्थल का दोबारा मुआयना भी किया है। अधिकारियों ने मौके का नक्शा तैयार कर हर पहलू का वेरिफिकेशन शुरू किया है। जांच टीम यह सुनिश्चित करना चाहती है कि घटनाक्रम पूरी तरह सही है या किसी प्रकार के साक्ष्यों से छेड़छाड़ हुई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक घटनास्थल से मिले कुछ संकेत अब तक की थ्योरी से पूरी तरह मेल नहीं खा रहे हैं, इसलिए हर एंगल से जांच की जा रही है। केंद्रीय एजेंसी को सौंपे जा सकते हैं दस्तावेज मामले में सीबीआई जांच की संभावना भी लगातार मजबूत होती दिख रही है। राज्य स्तर पर जुटाए गए दस्तावेज और सबूत केंद्रीय एजेंसी को सौंपे जा सकते हैं। यदि सीबीआई जांच शुरू होती है, तो तकनीकी और फॉरेंसिक पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जाएगी।जांच एजेंसियां फिलहाल मोबाइल डेटा, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के जरिए यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि घटना से पहले और बाद में कौन-कौन लोग सक्रिय थे। ट्विशा की अंतिम चैट्स और मूवमेंट भी जांच के दायरे में हैं। ड्राइविंग नहीं आती थी फिर कार की चाबी कैसे? अब तक पुलिस ट्विशा की मौत के समय पहने कपड़े, फंदा और उसका मोबाइल फोन जब्त कर चुकी है। मोबाइल की कॉल डिटेल, चैट और डिजिटल गतिविधियों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान ट्विशा की शॉर्ट्स की जेब से फॉक्सवैगन कार की चाबी भी मिली थी। जबकि परिजनों के मुताबिक ट्विशा को ड्राइविंग नहीं आती थी। ऐसे में पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह चाबी उसकी जेब तक कैसे पहुंची। नशे का पता लगाने बिसरा सुरक्षित फॉरेंसिक टीम ने मामले में बिसरा भी सुरक्षित रखा है। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर दोबारा परीक्षण कराया जाएगा, ताकि यह पता चल सके कि मौत से पहले किसी तरह के नशीले पदार्थ या अन्य तत्वों का सेवन हुआ था या नहीं। गौरतलब है कि ट्विशा की सास गिरीबाला सिंह ने दिवंगत बहू पर गांजा सेवन की लत होने के आरोप लगाए थे। निष्कर्षों के साथ आज लौटेगी एम्स दिल्ली की टीम नई दिल्ली एम्स के फॉरेंसिक मेडिसिन एवं टॉक्सिकोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार गुप्ता ने बताया कि ट्विशा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने में समय लगेगा। उन्होंने कहा कि कुछ प्रयोगशाला जांच जैसे हिस्टोपैथोलॉजी और विसरा का एनालिसिस किया जाना बाकी है। एम्स दिल्ली के वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम नमूने, फोटोग्राफ, वीडियो और लिखित निष्कर्षों के साथ आज लौटेगी। परिजन बोले- एमपी पुलिस पर भरोसा नहीं इधर ट्विशा के परिजन लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। ट्विशा के भाई आशीष शर्मा का कहना है कि शुरुआत से ही जांच को प्रभावित करने की कोशिश हुई है और उन्हें मध्यप्रदेश पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। उनका कहना है कि सीबीआई केस टेकओवर करेगी, तभी निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद की जा सकती है। ये खबर भी पढ़ें… एक्ट्रेस ट्विशा का मौत के 12 दिन बाद अंतिम संस्कार एक्ट्रेस ट्विशा का मौत के 12 दिन बाद रविवार को अंतिम संस्कार किया गया। भोपाल के भदभदा श्मशान घाट में भाई मेजर हर्षित ने ट्विशा को मुखाग्नि दी। इस दौरान ट्विशा की मां और परिवार भावुक होकर रो पड़ा। इससे पहले रविवार को ही दिल्ली AIIMS की टीम ने ट्विशा की डेडबॉडी का दोबारा पोस्टमॉर्टम किया।पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 25 May 2026 5:00 am

IFS स्वधा बोलीं-'पासपोर्ट ऑफिस की टीम-आवेदकों का स्वागत है':मधेपुरा में 3 दिवसीय मोबाइल कैंप शुरू, 24 से 26 मई तक कर सकते हैं आवेदन

मधेपुरा कलेक्ट्रेट परिसर में रविवार से तीन दिवसीय पासपोर्ट सेवा मोबाइल कैंप का शुभारंभ हो गया। 24 से 26 मई तक चलने वाले इस विशेष शिविर का उद्घाटन क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना की अधिकारी स्वधा रिजवी (आईएफएस), जिलाधिकारी अभिषेक रंजन और पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए स्वधा रिजवी ने पासपोर्ट कार्यालय की टीम और आवेदकों का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि अब पासपोर्ट बनवाने के लिए लोगों को पटना जाने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय की पहल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना के तहत बिहार के अधिकांश लोकसभा क्षेत्रों में पासपोर्ट सेवा से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसका उद्देश्य आम नागरिकों को अपने घर के नजदीक ही यह सेवा प्रदान करना है, जिससे पासपोर्ट सेवा सरल, सुगम और आम लोगों की पहुंच तक हो सके। पासपोर्ट सेवा को बेहतर करने के सुझाव मांगे रिजवी ने आवेदकों से पासपोर्ट सेवा को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी मांगे। उन्होंने जानकारी दी कि आवेदक वसुधा केंद्र और सीएससी सेंटर के माध्यम से भी निर्धारित शुल्क पर पासपोर्ट के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से ऑनलाइन आवेदन करते समय सभी आवश्यक दस्तावेज सही ढंग से अपलोड करने की अपील की, ताकि आवेदन प्रक्रिया में कोई परेशानी न हो। आवेदकों की सुविधा के लिए पर्याप्त काउंटर जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने बताया कि शिविर के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। आवेदकों की सुविधा के लिए पर्याप्त काउंटर, बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा और आवश्यक प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शिविर से जिले के लोगों को काफी राहत मिलेगी और उनके समय तथा खर्च दोनों की बचत होगी। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, पटना की ओर से नागरिकों से निर्धारित तिथि के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में पहुंचकर इसका लाभ उठाने की अपील की गई। उद्घाटन अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 24 May 2026 7:28 pm

ग्वालपाड़ा में युवक स्मैक के साथ गिरफ्तार:पुलिस को मोबाइल और नकदी भी मिला

मधेपुरा के ग्वालपाड़ा में पुलिस ने एक युवक को अवैध स्मैक के साथ गिरफ्तार किया है। युवक की पहचान वार्ड संख्या-06 निवासी बालकिशोर यादव के 19 वर्षीय पुत्र छोटू कुमार के रूप में हुई है। उसे बसबिट्टी के पास से पकड़ा गया। थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि सब-इंस्पेक्टर तमजीद अहमद खाँ पुलिस बल के साथ गश्ती और वाहन जांच अभियान पर थे। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि बसबिट्टी के पास एक युवक स्मैक की छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर बेचने की तैयारी कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर छापेमारी की। पुलिस वाहन को देखकर युवक भागने लगा, लेकिन पुलिसकर्मियों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। थानाध्यक्ष के अनुसार, एनडीपीएस एक्ट की धारा-50 के तहत तलाशी लेने पर युवक के पास से 1.69 ग्राम स्मैक, सिल्वर पेपर के 12 छोटे टुकड़े, एक ओप्पो कंपनी का एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 4,250 रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस ने मौके पर ही जब्ती सूची तैयार कर सभी बरामद सामान जब्त कर लिया। इस संबंध में ग्वालपाड़ा थाना में कांड संख्या 86/2026 दर्ज किया गया है। आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

दैनिक भास्कर 24 May 2026 7:15 pm

रायपुर में ड्रग्स सप्लायर गिरफ्तार:गुढ़ियारी में खोज रहा था ग्राहक, पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा; MDM-कार और मोबाइल जब्त

रायपुर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गुढ़ियारी पुलिस ने एमडीएम ड्रग्स के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी कार में बैठकर ग्राहक तलाश रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से 2.69 ग्राम एमडीएम ड्रग्स, कार और फोन जब्त किया है। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 2.50 लाख रुपए बताई जा रही है। आरोपी का नाम शशांक तांडेकर है। अब पढ़िए क्या है पूरा मामला गुढ़ियारी पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि, कलिंग नगर स्थित सीएसईबी मैदान के पास युवक ड्रग्स बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहा है। सूचना पर पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी की और पकड़ा। तलाशी के दौरान कार में बैठे युवक के पास से एमडीएम ड्रग्स बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम शशांक तांडेकर निवासी गुढ़ियारी रायपुर बताया। आरोपी पर नारकोटिक एक्ट में मामला दर्ज कर पूछताछ की जा रही है। आरोपी पर आगे की कार्रवाई पुलिस अधिकारी कर रहे है। इससे जुड़े बाकी लोगों की भी होगी गिरफ्तारी गुढ़ियारी निरीक्षक बीएल चंद्राकर ने बताया कि, मुखबिर की सूचना पर एसीसीयू-गुढ़ियारी पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। सिंडिकेट से जुड़े अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 24 May 2026 7:12 pm

मेडिकल कॉलेज कर्मी की नहर में मिली लाश:बाइक शव के ऊपर पड़ी थी, चेहरे पर चोट के निशान, मोबाइल सड़क किनारे मिला

सिद्धार्थनगर में चिल्हिया थाना क्षेत्र में रविवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब मेडिकल कॉलेज में कार्यरत एक युवक का शव नहर में संदिग्ध हालत में मिला। शव के ऊपर उसकी बाइक पड़ी थी, जबकि मोबाइल फोन सड़क किनारे मिला। घटना के बाद परिवार ने हत्या की आशंका जताई है और पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप लगाया है। मृतक की पहचान धुसरी खुर्द गांव निवासी 26 वर्षीय प्रभु नाथ गौतम के रूप में हुई है। वह माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज में मल्टी परपज हेल्थ वर्कर के पद पर तैनात थे। युवक की संदिग्ध मौत के बाद पूरे इलाके में चर्चा और दहशत का माहौल है। परिजनों के मुताबिक प्रभु नाथ गौतम शनिवार रात करीब 10 बजे मेडिकल कॉलेज से ड्यूटी खत्म कर बाइक से घर लौट रहे थे। देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर परिवार को चिंता हुई, लेकिन पहले उन्हें लगा कि वह किसी काम से कहीं रुक गए होंगे। रविवार सुबह ग्राम कपिया के पास नौगढ़ माइनर नहर में युवक का शव मिलने की सूचना मिली। यह जगह थाना चिल्हिया और सदर क्षेत्र की सीमा पर स्थित है। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने बताया कि जब लोग नहर की तरफ पहुंचे तो पानी में युवक का शव पड़ा था और उसके ऊपर बाइक गिरी हुई थी। कुछ दूरी पर सड़क किनारे उसका मोबाइल फोन भी पड़ा मिला। घटनास्थल की स्थिति देखकर ग्रामीणों और परिजनों ने कई सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यदि यह सामान्य सड़क हादसा होता, तो मोबाइल सड़क किनारे और शव नहर में अलग-अलग हालत में कैसे मिलता। ग्रामीणों के मुताबिक मृतक के चेहरे के दोनों तरफ चोट जैसे निशान भी दिखाई दे रहे थे। इसी वजह से इलाके में हत्या की आशंका को लेकर चर्चा तेज हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि नहर और सुनसान सड़क के आसपास पहले भी संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें सामने आती रही हैं। लोगों ने मांग की है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाए और युवक की कॉल डिटेल की भी जांच हो। पिता बोले- पुलिस ने अपनी तरफ से लिखवाई तहरीर घटना की सूचना मिलते ही चिल्हिया और सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को नहर से बाहर निकलवाकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिवार के लोग जमा रहे। मृतक के पिता जय राम गौतम ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनके बेटे की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और उन्हें हत्या की आशंका है। पिता का आरोप है कि चिल्हिया थाने के एक दरोगा ने अपनी तरफ से तहरीर लिखवाकर उनसे अंगूठा लगवा लिया। उनका कहना है कि उन्हें यह तक नहीं बताया गया कि तहरीर में क्या लिखा गया है। परिवार का आरोप है कि मामले को सड़क हादसा साबित करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस बोली- हर पहलू से जांच जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार मामले को लेकर क्षेत्राधिकारी मयंक द्विवेदी ने बताया कि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि मामला सड़क हादसे का है या फिर हत्या का। फिलहाल पुलिस किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं कर रही है। उधर, युवक की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। अविवाहित प्रभु नाथ गौतम परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रहे थे। उनकी अचानक मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है।

दैनिक भास्कर 24 May 2026 5:33 pm

इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन पर स्कूटी से पिस्टल बरामद:घेराबंदी देख साथी खेतों में भागा, आरोपी से जिंदा कारतूस और मोबाइल जब्त

धार के नौगांव थाना पुलिस ने इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन पर कार्रवाई करते हुए एक युवक को अवैध देशी पिस्टल और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई शनिवार देर रात जेतपुरा में की गई, जबकि उसका एक साथी मौके से फरार हो गया। मामले का खुलासा रविवार को नौगांव थाना प्रभारी हीरू सिंह रावत ने किया। नौगांव थाना प्रभारी हीरू सिंह रावत ने बताया कि शनिवार रात पुलिस टीम वाहन चेकिंग और कस्बा भ्रमण पर थी। इसी दौरान जेतपुरा चौराहे पर मुखबिर से सूचना मिली कि मागोद की ओर से दो युवक स्कूटी (MP 09 DN 2581) से इंदौर की तरफ जा रहे हैं और उनके पास अवैध हथियार हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने गवाहों के साथ इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन रोड पर घेराबंदी की। कुछ देर बाद बताए गए हुलिए की स्कूटी आती दिखाई दी। पुलिस को देखकर स्कूटी पर पीछे बैठा युवक खेतों की तरफ भाग निकला, जबकि स्कूटी चला रहे युवक को पुलिस टीम ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। जेब से एक खाली मैग्जीन मिलीपूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सतीष उर्फ सत्या पिता कालू बसुनिया निवासी चंदन नगर, इंदौर बताया। फरार साथी का नाम चेतन नाथ निवासी अहीरखेड़ी, इंदौर बताया गया। तलाशी के दौरान आरोपी की जेब से एक खाली मैग्जीन मिली। स्कूटी की डिक्की से एक देशी पिस्टल, एक मैग्जीन और दो जिंदा राउंड बरामद किए गए। आरोपी हथियार रखने संबंधी कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, एक खाली मैग्जीन, दो मोबाइल फोन और सुजुकी बर्गमैन स्ट्रीट स्कूटी जब्त की है। आरोपी सतीष उर्फ सत्या को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। फरार आरोपी चेतन नाथ की तलाश जारी है। कार्रवाई में पवन गौर, देवेन्द्र परमार, अनिल, रफीख खान, एवं सैनिक पिंटू की अहम भूमिका रही।

दैनिक भास्कर 24 May 2026 4:29 pm

जशपुर पुलिस को मिली मोबाइल फॉरेंसिक वैन:घटनास्थल पर होगी वैज्ञानिक जांच, DIG बोले- गंभीर अपराधों में जांच अनिवार्य

जशपुर जिले में अपराध जांच प्रणाली को आधुनिक और वैज्ञानिक बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ शासन और पुलिस प्रशासन ने जशपुर पुलिस को अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई है। “लैब ऑन व्हील्स” नामक इस वैन को बुधवार को रक्षित केंद्र जशपुर से जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अब हत्या, दुर्घटना, साइबर अपराध, नारकोटिक्स समेत अन्य गंभीर मामलों में घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक जांच और साक्ष्य संग्रहण किया जा सकेगा। डीआईजी-एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि राज्य में अपराध जांच को अधिक प्रभावी, वैज्ञानिक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से स्टेट फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी रायपुर ने इस अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि यह नई आपराधिक कानून व्यवस्था के तहत एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 2024 से लागू भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) 2023 में वैज्ञानिक जांच को विशेष महत्व दिया गया है। सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में फॉरेंसिक टीम की उपस्थिति और वैज्ञानिक साक्ष्य संग्रह अनिवार्य किया गया है। घटनास्थल पर ही होगी जांच “लैब ऑन व्हील्स” के जरिए घटनास्थल पर प्रारंभिक जांच, साक्ष्य संरक्षण और विश्लेषण किया जा सकेगा। इससे साक्ष्यों के नष्ट होने की संभावना कम होगी और जांच प्रक्रिया अधिक सटीक बनेगी। राज्य शासन ने लगभग 65 लाख रुपये प्रति यूनिट लागत से 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्रदेश के विभिन्न जिलों को उपलब्ध कराई हैं। जशपुर जिले को मिली यह वैन अत्याधुनिक तकनीक और आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित है। वैन में उपलब्ध प्रमुख सुविधाएं “बेगुनाह पिसे नहीं, गुनहगार बचे नहीं” : रायमुनी भगत विधायक रायमुनी भगत ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार पुलिस व्यवस्था के आधुनिकीकरण के लिए लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हत्या, दुष्कर्म, नशे से जुड़े अपराधों समेत महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले मामलों में कई बार साक्ष्यों के अभाव में आरोपी न्यायालय से बरी हो जाते थे, लेकिन अब वैज्ञानिक जांच प्रणाली से वास्तविक अपराधियों की पहचान आसान होगी। उन्होंने कहा कि यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन डायल-112 सेवा से भी जुड़ी रहेगी, जिससे घटनास्थल पर त्वरित कार्रवाई और वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित होगी। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा, “बेगुनाह पिसे नहीं, गुनहगार बचे नहीं।” न्याय व्यवस्था को मिलेगी मजबूती जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव ने इसे न्याय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक उपकरणों की मदद से अपराध जांच प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। नगरपालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने कहा कि अब घटनास्थल पर साक्ष्यों का सुरक्षित और त्वरित संग्रह संभव होगा, जिससे दोषियों की पहचान और न्यायालय में दोष सिद्ध करना आसान बनेगा। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक जांच प्रणाली से अपराधियों के बच निकलने की संभावना काफी कम हो जाएगी। जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सिंह ने कहा कि पहले साक्ष्यों को जांच के लिए बाहर भेजना पड़ता था, जिससे रिपोर्ट आने में देरी होती थी और साक्ष्य दूषित होने का खतरा बना रहता था। अब मौके पर ही प्रारंभिक जांच होने से जांच प्रक्रिया अधिक तेज और प्रभावी बनेगी। वैज्ञानिक जांच से अपराधियों पर शिकंजा फॉरेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी सलीम कुजूर ने बताया कि “लैब ऑन व्हील्स” के जरिए घटनास्थल पर वैज्ञानिक जांच, साक्ष्य संरक्षण और प्रारंभिक परीक्षण संभव होगा। इससे रिपोर्टिंग अधिक तेज और सटीक होगी, साथ ही न्याय प्रक्रिया भी मजबूत बनेगी। उन्होंने कहा कि यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन “विज्ञान की शक्ति से सशक्त जांच और त्वरित न्याय” की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक जांच, सटीक साक्ष्य और सुरक्षित समाज की अवधारणा को मजबूत करना है।

दैनिक भास्कर 24 May 2026 1:46 pm

धमतरी में फॉरेंसिक मोबाइल वैन का शुभारंभ:अपराध जांच में मिलेगी मदद, सबूत जुटाना होगा आसान; SP बोले- अपराधियों में बढ़ेगा भय

छत्तीसगढ़ के धमतरी में फॉरेंसिक मोबाइल वैन का शुभारंभ किया गया है। पुलिस लाइन से इस वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह वैन अपराधों की जांच में सबूत इकट्ठा करने की प्रक्रिया को आसान बनाएगी। पुलिस लाइन में आयोजित इस कार्यक्रम में एसपी सूरज सिंह परिहार, महापौर रामू रोहरा, पूर्व विधायक इन्दर चोपड़ा और फॉरेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी सहित कई अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। इस दौरान वैज्ञानिक अधिकारी ने वैन में उपलब्ध तकनीकी उपकरणों और फॉरेंसिक कार्यप्रणाली का प्रदर्शन भी किया। सूक्ष्म साक्ष्यों की पहचान में मदद करेगी मोबाइल फॉरेंसिक वैन फॉरेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी अमित पटेल ने बताया कि यह मोबाइल वैन जांच को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि क्राइम सीन पर मौजूद खून और अन्य सूक्ष्म सबूतों (ट्रेस एविडेंस) का पता लगाने में यह वैन सहायक होगी, जिन्हें सामान्य आंखों से नहीं देखा जा सकता। अलग-अलग प्रकार की लाइटों का उपयोग करके सबूतों की मौजूदगी का पता लगाया जा सकेगा। जांच प्रक्रिया होगी मजबूत, अपराधियों में बढ़ेगा भय एसपी सूरज सिंह परिहार ने बताया कि इस वैन के आने से जांच प्रक्रियाओं को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने उल्लेख किया कि पूर्व में विवेचना के माध्यम से कई मामलों में सफलता मिली है, जैसे 2023 में 6 लोगों को उम्रकैद की सजा हुई थी। एसपी ने कहा कि इससे पुलिस और न्याय व्यवस्था में लोगों का विश्वास बढ़ेगा, जबकि अपराधियों में भय उत्पन्न होगा। उन्होंने यह भी बताया कि फॉरेंसिक मोबाइल वैन से समय की भी बचत होगी।

दैनिक भास्कर 24 May 2026 1:30 pm

GPM पुलिस को मिली मोबाइल फॉरेंसिक वैन:गंभीर अपराधों की जांच में होगी सहायक कलेक्टर ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (जीपीएम) पुलिस को अपराध अनुसंधान और वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन को आधुनिक बनाने के लिए एक अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन मिली है। छत्तीसगढ़ शासन ने प्रदेश के सभी जिलों में वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देने और अपराधों की विवेचना को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से ये वैन उपलब्ध कराई हैं। सर्किट हाउस जीपीएम में मोबाइल फॉरेंसिक वैन के तकनीकी उपयोग, कार्यप्रणाली और वैज्ञानिक अनुसंधान में इसकी उपयोगिता पर एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को घटनास्थल पर वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन, साक्ष्यों के संरक्षण और आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों के प्रयोग का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन, जेएमएफसी पेंड्रारोड सीमा जगदल्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश, जनप्रतिनिधिगण, अधिवक्तागण और राजस्व-पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में इस मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर जिले की सेवा के लिए रवाना किया गया। वैज्ञानिक साक्ष्यों के संकलन की दी गई जानकारी कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी आपराधिक घटना की जांच में घटनास्थल से प्राप्त वैज्ञानिक साक्ष्य अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को फिंगरप्रिंट, जैविक नमूने, रक्त के धब्बे, बाल, फाइबर, डिजिटल साक्ष्य और अन्य महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन की विधियों की जानकारी दी गई। साक्ष्यों के सुरक्षित संरक्षण और वैधानिकता पर जोर इसके साथ ही, साक्ष्य एकत्रित करते समय बरती जाने वाली तकनीकी सावधानियों, साक्ष्यों को दूषित होने से बचाने, उनके सुरक्षित संरक्षण और न्यायालय में उनकी वैधानिकता बनाए रखने संबंधी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। गंभीर अपराधों की जांच में मोबाइल फॉरेंसिक वैन होगी सहायक प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि घटनास्थल पर छोटी सी चूक भी महत्वपूर्ण साक्ष्यों को प्रभावित कर सकती है, इसलिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर कार्य करना आवश्यक है। यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन हत्या, लूट, डकैती, चोरी, सड़क दुर्घटना, साइबर अपराध और अन्य गंभीर अपराधों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

दैनिक भास्कर 24 May 2026 1:14 pm

लुधियाना में 4353 उम्मीदवारों ने दी UPSC प्रीलिम्स परीक्षा:14 सेंटरों पर 2 शिफ्टों में एग्जाम; मोबाइल समेत इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बैन

लुधियाना में आज यूपीएससी सिविल सर्विसेज प्रीलिमिनरी परीक्षा चल रही है। 2 शिफ्टों में ये परीक्षा आयोजित की गई है। जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां मुकम्मल रखी है। जिले के 14 परीक्षा केंद्रों पर कुल 4353 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे है। परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकलमुक्त करवाने के लिए सभी सेंटरों पर सुरक्षा और तकनीकी इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा 2 शिफ्टों में आयोजित होगी। पहला पेपर सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक जबकि दूसरा पेपर दोपहर 2:30 से 4:30 बजे तक होगा। प्रशासन ने नकल रोकने को परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए हैं। एसडीएम जसलीन कौर भुल्लर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। उन्होंने बताया कि सुपरवाइजर, असिस्टेंट सुपरवाइजर, पुलिस कर्मियों और निरीक्षण अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों के बारे में पहले ही ब्रीफ कर दिया गया है। निर्धारित समय के बाद नहीं मिलेगी एंट्रीअभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से डेढ़ घंटा पहले केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। सभी परीक्षा केंद्रों के गेट निर्धारित समय पर बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद किसी भी उम्मीदवार को प्रवेश नहीं मिलेगा। मोबाइल, स्मार्ट वॉच समेत इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बैनपरीक्षा केंद्रों के अंदर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैमरा, पेन ड्राइव और किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। हालांकि सामान्य कलाई घड़ी पहनने की अनुमति होगी। हर सेंटर पर रहेगी पुलिस तैनातप्रशासन के मुताबिक हर परीक्षा केंद्र पर पुरुष और महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती रहेगी। सभी अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग भी की जाएगी। ये बनाए गए परीक्षा केंद्रपरीक्षा के लिए डीसीएम प्रेसिडेंसी स्कूल, एमजीएम पब्लिक स्कूल, भारतीय विद्या मंदिर स्कूल, आरएस मॉडल स्कूल, गवर्नमेंट कॉलेज फॉर गर्ल्स रक्ख बाग, एससीडी गवर्नमेंट कॉलेज, एसडीपी कॉलेज फॉर वूमेन, खालसा कॉलेज फॉर वूमेन, मालवा सेंट्रल कॉलेज ऑफ एजुकेशन, स्कूल ऑफ एमिनेंस मॉडल टाउन और गुरु नानक देव इंजीनियरिंग कॉलेज समेत कुल 14 केंद्र बनाए गए हैं।

दैनिक भास्कर 24 May 2026 11:41 am

साइना नेहवाल बोलीं- मोबाइल से दूरी बनाएं बच्चे:बैडमिंटन का मौजूदा प्रदर्शन चिंताजनक, पंचकूला में शोरूम का उद्धाटन किया

पंचकूला के सेक्टर-20 स्थित एक शोरूम के उद्घाटन समारोह में रविवार को ओलिंपिक में पदक जीतने वाली भारत की पहली बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल बतौर मुख्य अतिथि पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने भारतीय बैडमिंटन के मौजूदा प्रदर्शन, युवा खिलाड़ियों, मोबाइल के बढ़ते प्रभाव और अपने करियर के संघर्षों को लेकर खुलकर बात की। साइना ने पंचकूला से जुड़ी अपनी पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा कि, जब वह सिर्फ 13 साल की थीं, तब यहां एक टूर्नामेंट खेलने आई थीं और उसे जीतने में सफल रही थीं। उन्होंने बैडमिंटन को देश का दूसरा सबसे पसंदीदा खेल बताते हुए कहा कि सुपरस्टार बनने के पीछे कई वर्षों की लगातार मेहनत छिपी होती है। उन्होंने कहा, “सुपरस्टार बनना आसान नहीं होता। इसके पीछे कई सालों की मेहनत लगती है। मैंने लगातार 10 से 15 साल तक मेहनत की, तभी ये मुकाम हासिल कर पाई।” भारतीय बैडमिंटन में सुधार की जरूरत साइना ने भारतीय बैडमिंटन के मौजूदा प्रदर्शन पर चिंता जताते हुए कहा कि, पहले भारत को लगातार अच्छे परिणाम मिल रहे थे, लेकिन अब खेल में कुछ कमियां नजर आ रही हैं, जिन्हें सुधारने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि, 10 साल पहले जैसे रिजल्ट आ रहे थे, हम लगातार जीत रहे थे। अब जो गलतियां हो रही हैं उन्हें सुधारने की जरूरत है। खिलाड़ी अच्छा खेल रहे हैं लेकिन रिजल्ट और बेहतर आने चाहिए। बैडमिंटन लीग बढ़ाने की वकालत साइना ने कहा कि देश में बैडमिंटन को और आगे बढ़ाने के लिए ज्यादा लीग आयोजित की जानी चाहिए ताकि बच्चों का खेल के प्रति आकर्षण बना रहे। उन्होंने कहा, “मैं चाहती हूं कि बैडमिंटन में और लीग आएं ताकि बच्चों का इंटरेस्ट बना रहे और ज्यादा खिलाड़ी आगे निकलकर आएं।” मोबाइल से दूर रहें बच्चे आज की पीढ़ी में मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए साइना ने माता-पिता से बच्चों को खेल और फिटनेस के लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा, “आजकल बहुत डिस्ट्रैक्शन हैं। मैं पेरेंट्स से कहूंगी कि बच्चों को मोबाइल कम दें, उन्हें रनिंग और एक्सरसाइज की आदत डालें। बच्चे आज ज्यादा फ्रैजाइल हो रहे हैं, उन्हें और मेहनत करनी होगी।” सफलता का श्रेय माता-पिता और कोच को अपने करियर की सफलता का श्रेय साइना ने अपने माता-पिता और कोच पुलेला गोपीचंद को दिया। उन्होंने कहा कि गोपीचंद खिलाड़ियों के लिए सुबह 3 बजे से रात 8 बजे तक स्टेडियम में मेहनत करते थे। साइना ने कहा, “हर बच्चे में एक साइना है। अगर मैं वर्ल्ड नंबर-1 बन सकती हूं तो हर बच्चा बन सकता है। मेरा सपना है कि मैं हमेशा बैडमिंटन से जुड़ी रहूं, चाहे कोचिंग के जरिए हो या मोटिवेशनल टॉक्स के जरिए।”

दैनिक भास्कर 24 May 2026 11:29 am

कोरबा को मिली आधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन:घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच, लखन लाल देवांगन ने दिखाई हरी झंडी

कोरबा जिले को अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन मिली है। यह वैन घटनास्थल पर त्वरित वैज्ञानिक जांच, साक्ष्य संकलन और सुरक्षित संरक्षण में अहम भूमिका निभाएगी। इससे अपराध जांच प्रक्रिया अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। 23 मई 2026 को जिला FSL यूनिट कोरबा ने पुलिस प्रशासन के समन्वय में कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान मोबाइल फॉरेंसिक वैन के महत्व, उपयोगिता और अपराध जांच में इसकी भूमिका की विस्तृत जानकारी दी गई। मंत्री लखन लाल देवांगन ने वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, जिला FSL अधिकारी, अभियोजन अधिकारी, DDP, DPO, GP, AGP और अधिवक्तागण मौजूद रहे। सभी ने वैन की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया और इसे न्याय प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। मोबाइल फॉरेंसिक वैन की प्रमुख विशेषताएं घटनास्थल पर त्वरित जांच यह वैन किसी भी अपराध स्थल पर तुरंत पहुंचकर प्राथमिक जांच करेगी, जिससे महत्वपूर्ण साक्ष्यों के नष्ट होने की संभावना कम होगी। वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य संकलन वैन की मदद से ब्लड, DNA, फिंगरप्रिंट, जैविक नमूने, बाल, रेशा और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से संकलन और प्रारंभिक परीक्षण किया जा सकेगा। डिजिटल फॉरेंसिक सुविधा वैन में डिजिटल फॉरेंसिक सहायता भी उपलब्ध है। इसके जरिए मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से डेटा रिकवरी और प्रारंभिक विश्लेषण किया जा सकेगा। साक्ष्यों का सुरक्षित संरक्षण वैन में आधुनिक वैज्ञानिक उपकरण लगाए गए हैं, जो साक्ष्यों को तापमान और नमी से सुरक्षित रखेंगे ताकि न्यायालयीन प्रक्रिया में उनका उपयोग किया जा सके। गंभीर अपराधों की जांच में मदद यह वैन गोलीबारी, विस्फोट, आगजनी और अन्य गंभीर अपराधों में बारूद के कणों तथा ज्वलनशील पदार्थों की पहचान करने में भी सहायक होगी। विभागों के बीच बढ़ेगा समन्वय इस पहल से पुलिस, अभियोजन और फॉरेंसिक विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इससे अपराध जांच प्रक्रिया तेज और अधिक सटीक बनेगी। जागरूकता बढ़ाने पर जोर कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य फॉरेंसिक विज्ञान के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना और घटनास्थल से न्यायालय तक की वैज्ञानिक जांच प्रक्रिया को मजबूत करना है। साथ ही अपराध जांच में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देकर पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाने की दिशा में काम किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 24 May 2026 11:28 am

दिल्ली जल बोर्ड अधिकारी बनकर 3.39 लाख की ठगी:नोएडा में ऐप डाउनलोड कराकर मोबाइल हैक किया, बैंक खाते से उड़ाए पैसे

साइबर अपराधियों ने दिल्ली जल बोर्ड का अधिकारी बनकर एक व्यक्ति के मोबाइल फोन को हैक कर बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से 3.39 लाख रुपए निकाल लिए। पीड़ित ने मामले की शिकायत सेक्टर 126 थाने की पुलिस से की। अज्ञात ठगों के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में दिल्ली के त्रिलोकपुरी निवासी वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि वर्तमान में वह सेक्टर-128 स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। उनके मोबाइल नंबर पर इस महीने की दो तारीख को एक एसएमएस मिला। उसमें लिखा था दिल्ली जल बोर्ड का कर्मचारी बोल रहा है और पानी के बिल मीटर की रीडिंग अपडेट करनी है। इसके लिए एक मोबाइल नंबर पर संपर्क करने को कहा गया। पीड़ित ने दिए गए नंबर पर कॉल किया। मोबाइल पर ऐप कराया डाउनलोडसामने वाले व्यक्ति ने खुद को दिल्ली जल बोर्ड का कर्मचारी बताया और मोबाइल में एक ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा। जैसे ही ऐप इंस्टॉल किया गया, मोबाइल फोन हैक हो गया। इसके तुरंत बाद बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से कई ट्रांजैक्शन होने लगे। बचत खाते से करीब 65 हजार रुपये निकाल लिए गए, जबकि क्रेडिट कार्ड के जरिए लगभग 2 लाख 74 हजार रुपए का ट्रांजैक्शन ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट पर किया गया। कई ट्रांजेक्शन हुए फेलकई अन्य असफल ट्रांजैक्शन के मैसेज भी पीड़ित को मिले। घटना का पता चलते ही पीड़ित ने बैंक से संपर्क कर खाते और कार्ड को ब्लॉक कराया। साथ ही नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर सेक्टर-126 थाने में आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। रिमोट एक्सेस ऐप करा रहे डाउनलोडपुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी सरकारी विभागों के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर मोबाइल में रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करा रहे हैं। इसके जरिए मोबाइल और बैंकिंग डिटेल्स तक पहुंच बनाई जाती है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई एप डाउनलोड न करें और न ही बैंक संबंधी जानकारी साझा करें।

दैनिक भास्कर 24 May 2026 6:30 am

रजिस्ट्री, स्पीड पोस्ट बुकिंग के लिए मोबाइल नंबर जरूरी

बाड़मेर | भारतीय डाक विभाग ने मेल सेवा रजिस्ट्री और स्पीड पोस्ट की बुकिंग प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब भेजने वाले और पाने वाले दोनों के मोबाइल नंबर देना अनिवार्य होगा। यह नया नियम 21 मई से प्रभावी हो गया है। पहले विशेष परिस्थितियों में छूट होने के कारण डाकघरों में बिना मोबाइल नंबर के स्पीड पोस्ट बुक हो रही थी।

दैनिक भास्कर 24 May 2026 5:30 am

बैग पैकिंग व एंबुलेंस फर्मों को सौंपा पशुओं का इलाज:प्रदेश में 536 मोबाइल वेटरनरी यूनिट में भ्रष्टाचार; किट से दवाएं घटा रहे

घर-घर जाकर पशुओं के निशुल्क इलाज के लिए प्रदेश में संचालित 536 मोबाइल वेटरनरी यूनिट (एमवीयू) में भ्रष्टाचार हो रहा है। शिकायत मिलने पर भास्कर ने पांच जिलों में इन यूनिट की पड़ताल की। सामने आया कि इनके संचालन का जिम्मा संभाल रही कंपनी को दवा के नाम पर सालाना करीब 18 करोड़ रुपए मिलते हैं, फिर भी वो टेंडर शर्तों में शामिल 136 में से 50-60 दवाएं नहीं दे रही हैं। यूनिट के लिए वाहनों की खरीद सरकार के स्तर पर हुई। ढाई साल पहले ये काम गुणेश इंडिया प्रालि व सीएएमपी को पांच साल के लिए 572 करोड़ रुपए में दिया गया। दो साल में 190 करोड़ रुपए का पेमेंट किया गया है। गुणेश इंडिया सीमेंट बैग पैकिंग कारोबार और सीएएमपी 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़ी है। दर्द की दवा, एंटीबायोटिक और ग्लूकोज के सहारे ही स्टाफ द्वारा मोबाइल यूनिट का ट्रिप पूरा कर रहे हैं। इन 5 जिलों में पड़ताल की भास्कर की टीम नेरिपोर्टर ने जयपुर, सीकर, झालावाड़, डीडवाना-कुचामन, झुंझुनूं में मोबाइल यूनिट को लेकर पड़ताल की। हर जगह 70-80 तरह की जेनरिक दवाएं ही मिलीं। 50-60 तरह की दवाएं गायब थीं। ब्यूटाफास्पोशन-साइनोंकोबालामिन जैसे इंजेक्शन नहीं दिए जा रहे। प्लास्टर जैसे जरूरी आइटम भी सिर्फ एक-दो पीस ही दिए जा रहे थे। एक पशु के फ्रेक्चर के लिए दो से तीन बैंडेज की जरूरत होती है। स्टेथोस्कॉप, ब्रुसोलोसिस जांच किट जैसी चीजें नहीं है। यूनिट में इस तरह सामने आई दवाओं की कमी 1. जयपुर जिले के गोविंदगढ़ की एंबुलेंस को रिपोर्टर ने चैक किया। वहां घाव भरने के काम आने वाले एस्कार्बिक एसिड आईपी इंजेक्शन, सूजन कम करने के लिए फ्रूसेमाइड आईपी इजेंक्शन जैसी दो दर्जन से ज्यादा दवाएं नहीं मिली। स्टाफ ने बताया कि दवाओं की कमी रहती है। इससे कई बार इलाज में दिक्कत आती है। 2. रींगस की मोबाइल यूनिट में कई दवाएं कम मिली। इसके साथ ही फ्रिज, इन्वर्टर एक साल से खराब है। 40 डिग्री में दवाएं खुले में रखी मिली। स्टाफ ने बताया कि एक साल से स्टेपनी तक ठीक नहीं करवाई जा रही। हर बार फिजिकल वेरिफिकेशन में अधिकारी इसकी रिपोर्ट तैयार करते हैं, लेकिन ठीक नहीं करवाया। 3. झालावाड़ में भवानीमंडी की मोबाइल यूनिट में दो दर्जन से ज्यादा दवाओं की सप्लाई नहीं आ रही। इनमें सर्जरी के वक्त बेहोशी के काम आने वाला केंटामाइन हाइड्रोक्लोराइड इंजेक्शन, पेट के कीड़े मारने के काम आने वाली मोक्सीडेक्टिन आईपी ओरल दवा नहीं आ रही। एक्सपर्ट - ऑनलाइन हो स्टॉक, स्लिप दी जाएपशुपालन विभाग के रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर जीएल लूनिया बताते हैं कि निशुल्क मोबाइल यूनिट में पारदर्शिता होनी चाहिए। किसी भी बीमार पशु के इलाज के लिए कम से कम 3 दिन लगातार दवा देनी होती है। व्यवस्थाओं में सुधार के लिए एंबुलेंस की तमाम चीजें ऑनलाइन होनी चाहिए, ताकि कोई भी पशुपालक वेबसाइट पर दवा का स्टॉक चैक कर सके। इलाज के बाद पशुपालक को स्लिप दें, ताकि दूसरे डॉक्टर से परामर्श लेने में मदद मिल सके। डीप फ्रिज होना बहुत जरूरी है। ताकि दवाओं के लिए तापमान कंट्रोल किया जा सके। “नोडल ऑफिसर से मोबाइल यूनिट की रेगुलर मॉनिटरिंग करवाई जा रही है। किसी यूनिट के काम में खामी मिलने या कॉल पर नहीं पहुंचने पर पेनल्टी लगाई जाती है। दवा सप्लाई में कहीं गड़बड़ी है, तो इसे चेक करवाएंगे।”-हेमंत कुमार पंत, ज्वाइंट डायरेक्टर मोबाइल यूनिट, पशुपालन विभाग जयपुर “हम पूरी दवा भेज रहे हैं। दो-चार दवाओं में ऐसी स्थिति हो सकती है। कई बार एक ही बीमारी के केस ज्यादा आने पर दवा की शॉर्टेज हो जाती है। उसे हम तत्काल पूरा करते हैं।”-प्रवीण सावंत, स्टेट ऑपरेशन हैड, सीएएमपी “हमारी तरफ से मोबाइल यूनिट को पूरी दवा दी जा रही है।” -पुष्पेंद्र राघव, स्टेट ऑपरेशन हैड, गुणेश इंडिया प्राइवेट लिमिटेड एक्सप्लेनर - कबाड़ हुए ज्यादातर यूनिट के फ्रिज, 136 में से दे रहे सिर्फ 50 दवा मोबाइल वेटरनरी यूनिट की जीपीएस सिस्टम और फिजिकल लेवल पर पशुपालन विभाग मॉनिटरिंग करता है। प्रत्येक यूनिट की एक बेस लोकेशन तय है। कॉल पर एंबुलेंस को पशुपालक तक ले जाते हैं। पड़ताल में सामने आया कि एंबुलेंस में लगाए गए मिनी फ्रिज, इन्वर्टर, वॉश बेसिन खराब हो चुके हैं। इंजेक्शन व अन्य दवाओं को 40-45 डिग्री तापमान में रखनी पड़ रही है। मोबाइल यूनिट का समय-समय पर फिजिकल वेरिफिकेशन होता है। इसके बावजूद जरूरी चीजे कबाड़ बनी हुई है। किट में ये दवाएं नहीं मिल रहीं कंपनियों के फायदे के लिए बदली शर्तेंटेंडर में 21 अगस्त 2023 को तकनीकी बिड के समय कई शर्तें बदल दी। यूनिट को हर दिन 7 से 8 केस कवर करने थे। इनको घटाकर 5-6 कर दिया गया। टेंडर फाइल के प्रोग्राम ऑब्जेक्टिव में ब्रीडिंग और कृत्रिम गर्भाधान करवाया जाना था। इस शर्त को हटा दिया गया। यूं समझें खर्च का गणित एक मोबाइल यूनिट पर हर महीने 1.77 लाख खर्च हो रहे हैं। इनमें डॉक्टर, एलएसए व ड्राइवर की सैलेरी पर 94 हजार, डीजल, मेंटेनेंस व टोल फ्री सर्विस पर 35 हजार। बाकी बचे 47 हजार दवा व अन्य खर्च के काम आते हैं। प्रदेश में 536 मोबाइल यूनिट पर सालाना 110 करोड़ से ज्यादा खर्च हो रहे हैं।

दैनिक भास्कर 24 May 2026 5:30 am

मृतका के मोबाइल ने ही खोला आत्महत्या का राज:PWD एक्सईएन बच्चों के सामने पत्नी को पीटता था, फुटेज मिले

मुहाना थाना इलाके में दो बच्चों की मां अनु मीणा की मौत का राज डेढ़ महीने बाद उसके मोबाइल ने ही खोल दिया। बहन की मौत के बाद भाई नीरज मीणा एपल मोबाइल अपने साथ ले आया था। लॉक खुलने पर उसमें मिले वीडियो देखकर परिवार चौंक गया। आरोप है कि पीडब्ल्यूडी में एक्सईएन पति गौतम मीणा बच्चों के सामने पत्नी से मारपीट करता था, अभद्रता करता था और दहेज के लिए प्रताड़ित करता था। इसके बाद नीरज ने मुहाना थाने में पति व ससुराल पक्ष के खिलाफ प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करवाया। बता दें कि 7 अप्रैल 2026 को अनु ने सुसाइड कर लिया था। तब मौत की वजह घरेलू तनाव माना गया था, लेकिन डेढ़ महीने बाद मोबाइल खुला तो प्रताड़ना और मारपीट के वीडियो सामने आ गए। मृतका के भाई नीरज का कहना है कि एपल फोन होने से लॉक खुलने में समय लगा। 3 मार्च: अनु का सिर सिलेंडर पर मारा, टीवी तोड़ दिया, 13 मार्च को कमरे में बंद किया ...और 23 दिन बाद अनु ने सुसाइड कर लियाअनु ने 7 अप्रैल को रसोई में एलपीजी गैस का रेगुलेटर ऑन किया और कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। दम घुटने से उसकी मौत हो गई। पुलिस और एफएसएल ने घटनास्थल का जायजा लिया था। मोबाइल में मिले वीडियो को परिवार ने केस का अहम सबूत बताया है। आरोपी ने बच्चों को संरक्षण देने से भी मना कर दिया। दोनों बच्चे अभी नाना के पास रह रहे हैं। आरोप - शादी में 60 लाख खर्च, 100 ग्राम सोना दिया, होंडा सिटी कार और 5 लाख रुपए मांग रहे थेनीरज ने बताया 2015 में अनु की शादी चीथवाड़ी निवासी गौतम से हुई थी। गौतम अभी निवाई (टोंक) में पदस्थ है। शादी में 60 लाख खर्च किए। 100 ग्राम सोना दिया था। गौतम और उसके परिजन होंडा सिटी कार और 5 लाख रुपए मांग रहे थे। अनु को प्रताड़ित किया जाने लगा। हम पति-पत्नी का विवाद समझ रहे थे और परिवार नहीं टूटे, इसलिए दखल नहीं दे रहे थे।

दैनिक भास्कर 24 May 2026 5:30 am

'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा

बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?

न्यूज़ ट्रॅक लाइव 11 Jun 2024 3:05 pm

संजय दत्त से लेकर तमन्ना भाटिया तक को समन ,क्या है आईपीएल की अवैध स्ट्रीमिंग और सट्टेबाज़ी ऐप्स की हक़ीक़त

तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

न्यूज़ ट्रॅक लाइव 25 Apr 2024 2:05 pm