पंजाब की अति-सुरक्षित मानी जाने वाली कपूरथला मॉडर्न जेल से सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। जेल के अंदर चलाए गए एक विशेष तलाशी अभियान के दौरान एक हवालाती से दो नामी कंपनियों के स्मार्टफोन बरामद हुए हैं। इस मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के ही एक हेड कांस्टेबल पर हवालाती को मोबाइल फोन मुहैया कराने का गंभीर आरोप लगा है। जेल प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मॉडर्न जेल के सहायक सुपरिंटेंडेंट किरपाल सिंह ने थाना कोतवाली में इस बाबत एक लिखित शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में बताया गया कि जेल में आर्म्स एक्ट (हथियार कानून) के तहत बंद हवालाती सिपाहिया उर्फ शाही उर्फ अली (पुत्र मोहम्मद बशीर) की अचानक संदिग्ध गतिविधियों के चलते तलाशी ली गई। इस औचक चेकिंग के दौरान हवालाती के कब्जे से रेडमी (Redmi) और रियलमी (Realme) कंपनी के दो चालू स्मार्टफोन बरामद किए गए। पूछताछ में खुला CRPF हेड कांस्टेबल का नाम जब जेल अधिकारियों ने बैरक में मोबाइल मिलने को लेकर हवालाती सिपाहिया से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ कर दिया। हवालाती ने कबूल किया कि जेल के भीतर ये दोनों एंड्रॉयड स्मार्टफोन उसे किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि वहां ड्यूटी पर तैनात CRPF के हेड कांस्टेबल मोहम्मद अशरफ ने लाकर दिए थे। आरोपी हेड कांस्टेबल मोहम्मद अशरफ मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के कठुआ का रहने वाला है। दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज, जांच तेज थाना कोतवाली पुलिस के अनुसार जेल प्रशासन की शिकायत और सहायक सुपरिंटेंडेंट की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी हवालाती सिपाहिया और सुरक्षा में तैनात CRPF हेड कांस्टेबल मोहम्मद अशरफ के खिलाफ जेल मैनुअल के उल्लंघन और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस और जेल इंटेलिजेंस विंग अब इस बात की गहनता से तफ्तीश कर रही है कि प्रतिबंधित मोबाइल फोन जेल की तीन स्तरीय सुरक्षा चक्र को पार करके अंदर कैसे पहुंचे? पुलिस इस कोण से भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी हेड कांस्टेबल ने इसके बदले कोई मोटी रकम ली थी और क्या जेल के भीतर इस अवैध काम में कुछ अन्य कर्मचारी या बाहरी लोग भी संलिप्त हैं।
श्योपुर विधायक बाबू जंडेल का आज बुधवार को मोबाइल नंबर हैक कर लिया गया है। हैकर्स ने उनके नंबर का दुरुपयोग करते हुए परिचितों और समर्थकों को 60 हजार रुपए की आर्थिक मदद मांगने वाले फर्जी मैसेज भेजे। घटना का खुलासा तब हुआ जब कई लोगों ने मैसेज की पुष्टि के लिए विधायक से संपर्क किया। विधायक बाबू जंडेल ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने किसी से पैसे नहीं मांगे हैं। उनके नंबर से भेजे गए सभी मैसेज फर्जी हैं। उन्होंने आम लोगों, समर्थकों और परिचितों से अपील की है कि यदि उनके नंबर से पैसे मांगने वाली कोई कॉल या मैसेज आता है, तो उस पर भरोसा न करें और किसी भी खाते में पैसे ट्रांसफर न करें। उन्होंने साइबर अपराधियों की ओर से अपनाए जा रहे नए तरीकों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। विधायक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई विधायक ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज करा दी है। पुलिस ने मोबाइल हैक होने और फर्जी मैसेज भेजे जाने की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है। साइबर तकनीकी टीम की मदद से पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मोबाइल नंबर कैसे हैक हुआ और इन फर्जी संदेशों को भेजने में कौन लोग शामिल हैं। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर चिंता घटना ने एक बार फिर साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर चिंता बढ़ा दी है। मोबाइल हैकिंग, फर्जी कॉल और ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के नाम से पैसे मांगने वाला संदेश मिलने पर पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क कर उसकी पुष्टि करें। बिना पुष्टि किए किसी भी खाते में पैसे जमा न करें और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें। हालांकि, श्योपुर पुलिस की ओर से इन दिनों सायबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके बाबजूद विधायक का मोबाइल हैक होना मामले कि गंभीरता को दर्शाता है।
नालंदा में 35 साल की विधवा महिला के साथ गैंगरेप हुआ है। पुलिस ने बताया कि आरोपी उसे मोबाइल रिचार्ज और दवा दिलाने का भरोसा देकर अपने साथ ले गया था। वहां उसके 2 दोस्त पहले से मौजूद थे, तीनों ने उसके साथ गैंगरेप किया। दरिंदगी के बाद सभी उसे वहीं अर्धनग्न हालत में खेत में छोड़कर फरार हो गए। पीड़िता करीब डेढ़ किलोमीटर तक उसी हालत में मदद से लिए भटकती रही। एक युवक ने 112 पर कॉल कर के मामले की जानकारी दी। पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरी वारदात… मुंह में कपड़ा ठूंसा, आंखों पर पट्टी बांधी पुलिस ने बताया कि 30 जून को आरोपी विकास गोप ने मोबाइल रिचार्ज और दवा दिलाने का लालच देकर महिला को मिलने के लिए बुलाया था। पीड़िता बिना किसी को बताए चण्डी थाना क्षेत्र के रामपुर हॉल्ट के पास पहुंची। वहां विकास गोप बाइक लेकर खड़ा था। विकास ने महिला को बाइक पर बैठाया और कुछ दूर सुनसान जगह मक्के के खेत में ले गया। खेत में विकास के दो साथी नीतीश और शैलेष भी थे। तीनों ने पीड़िता के साथ गाली-गलौज की, उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और आंखों पर पट्टी बांधकर गैंगरेप किया। दरिंदगी के बाद तीनों आरोपियों ने पीड़िता का मोबाइल छीन लिया और उसे अर्धनग्न हालत में खेत में छोड़कर फरार हो गए। इसी स्थिति में पीड़िता डेढ़ किमी तक मदद के लिए भटकी। उसे एक युवक मिला, फिर पुलिस को जानकारी दी गई। मामला 30 जून का है। पीड़िता बोली- धमकी दी, किसी को बताया तो कहीं का नहीं छोड़ेंगे पांच दिन पहले एक महिला ने मेरी पहचान विकास गोप से कराई थी। विकास ने झांसा दिया कि फोन रिचार्ज करा देगा और दवा भी दिला देगा। उसने 30 जून की शाम मुझे रामपुर हॉल्ट के पास बुलाया। वहां से वह मुझे बाइक पर बैठाकर सुनसान जगह पर ले गया। कॉल कर अपने दो साथियों को बुला लिया। तीनों ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया। मेरे कपड़े-मोबाइल भी लेते गए। धमकी दी कि किसी को बताया तो कहीं का नहीं छोड़ेंगे। बदमाश मुझे निर्वस्त्र छोड़कर फरार हो गए। आरोपियों का कबूलनामा- मोबाइल, कपड़े छीने ताकी मदद ना मांग सके गिरफ्तार आरोपियों विकास कुमार, नीतीश कुमार और शैलेश कुमार ने पुलिस पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। मुख्य आरोपी विकास के इकबालिया बयान के अनुसार, उसने महिला को मदद का झांसा देकर रामपुर हॉल्ट के पास बुलाया और मोटरसाइकिल से सुनसान स्थल पर ले गया। इसके बाद उसने फोन कर अपने दोनों साथियों को भी वहां बुला लिया। तीनों ने मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात कबूली। आरोपियों ने माना कि उन्होंने पीड़िता का मोबाइल और कपड़े इसलिए छीने ताकि वह तुरंत किसी से मदद न मांग सके। पति की मौते के बाद 4 बच्चों की है जिम्मेदारी पीड़िता के पति की मौत दो साल पहले हो गई थी। चार बच्चे हैं। 3 बेटियां और 1 बेटा। महिला अकेले इन बच्चों को पाल रही है। वो घरों में झाड़ू-पोछा लगाने के साथ प्राइवेट स्कूलों में खाना बनाने का काम करती है। पीड़िता के साथ स्कूल में विकास की फुफेरी भाभी भी खाना बनाती थी। उसी ने विकास गोप का नंबर पीड़िता को दिया था। पीड़िता को कहा गया था कि वो तुम्हारी कुछ मदद कर सकता है। 6 घंटे में पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार किया नालंदा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच दल का गठन किया गया। चंडी थाना की टीम ने घटना के मात्र 6 घंटे में सभी तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है। विकास गोप पर चंडी थाना में हत्या सहित अन्य गंभीर मामले दर्ज हैं, जबकि नीतिश कुमार पर भी चंडी थाना में आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं। थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार झा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ चंडी थाना में मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
जिले में मोबाइल वेटरिनरी यूनिट में अब मौके पर होगी खून और गोबर की जांच
जिले के पशुपालकों को अब मवेशियों के खून और गोबर की जांच के लिए पशु चिकित्सालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पशुपालन विभाग ने जिले में संचालित सभी 10 मोबाइल वेटरिनरी यूनिटों को माइक्रोस्कोप उपलब्ध करा दिए हैं। इसके माध्यम से अब पशुपालकों के घर पहुंचने वाली टीम मौके पर ही खून में पैरासाइट और गोबर के नमूनों की जांच कर सकेगी। इससे बीमारियों की जल्द पहचान होने के साथ उपचार भी तुरंत शुरू किया जा सकेगा। अब तक मोबाइल वेटरिनरी यूनिट में उपचार की सुविधा तो उपलब्ध थी, लेकिन जांच की व्यवस्था नहीं होने से पशुपालकों को नमूने लेकर अस्पताल या लैब जाना पड़ता था। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. सतीश शर्मा ने बताया कि सभी यूनिटों को माइक्रोस्कोप उपलब्ध करा दिए गए हैं। आवश्यक प्रशिक्षण और व्यवस्थाएं पूरी होते ही जांच कार्य शुरू कर दिया जाएगा। पशुपालक टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल कर मोबाइल वेटरिनरी यूनिट की सेवा का लाभ ले सकते हैं। कॉल मिलने के बाद टीम निर्धारित समय में पशुपालकों के घर पहुंचती है। वर्तमान में यह सेवा सुबह 9 से शाम 5 बजे तक संचालित हो रही है। ऑपरेशन और प्लास्टर की भी सुविधा: डॉ. शर्मा ने बताया कि मोबाइल वेटरिनरी यूनिट में सामान्य उपचार के साथ अधिकांश छोटे-बड़े ऑपरेशन, हड्डी टूटने पर प्लास्टर तथा अन्य चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध हैं। हालांकि सीजेरियन, पेट के बड़े ऑपरेशन और सींग से जुड़े कुछ जटिल ऑपरेशन इसमें शामिल नहीं हैं। प्रत्येक यूनिट में पशु चिकित्सक, कंपाउंडर और पायलट तैनात हैं तथा 137 प्रकार की दवाएं उपलब्ध रहती हैं।
भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र के सुदामा नगर स्थित आंबेडकर कॉलोनी में बुजुर्ग दंपती हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला बारीक की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। शुरुआती जांच में पुलिस का फोकस प्रॉपर्टी विवाद और सुपारी किलिंग के एंगल पर है। तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस कई महत्वपूर्ण सुराग जुटाने में लगी है। रिश्तेदारों से 12 घंटे पूछताछ, मोबाइल डेटा की जांच जांच के दौरान पुलिस ने शकुंतला बारीक के भाई विनोद बारीक, उनके समधी मोरिस सोलोमन और मोरिस के बेटे को हिरासत में लेकर करीब 12 घंटे तक पूछताछ की। तीनों के मोबाइल फोन जब्त कर उनके कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा का विश्लेषण कराया गया। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन पुलिस ने अभी किसी को पूरी तरह क्लीन चिट नहीं दी है। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल डेटा की जांच अभी जारी है। वारदात से पहले किराएदार हुआ लापता पुलिस जांच में एक और अहम तथ्य सामने आया है। दंपती के मकान में रहने वाला एक किराएदार वारदात से करीब चार दिन पहले अचानक लापता हो गया था। उसका सामान अभी भी मकान में रखा हुआ है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और मान रही है कि उससे पूछताछ मामले की गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। सीसीटीवी और ऑनलाइन पेमेंट से मिला अहम सुराग घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में दो संदिग्ध युवक रेनकोट पहने और हाथों में ग्लव्स लगाए दिखाई दिए हैं। पुलिस ने आसपास के अन्य कैमरों की फुटेज भी खंगाली। इसी दौरान एक शराब दुकान की फुटेज मिली, जिसमें संदिग्ध हुलिए का एक युवक शराब खरीदते हुए दिखाई दिया। उसने भुगतान ऑनलाइन किया था। इसी डिजिटल ट्रांजेक्शन के आधार पर पुलिस ने एक संदिग्ध की पहचान की है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। एसआईटी कर रही बहुस्तरीय जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नरेट ने एडिशनल डीसीपी रश्मि अग्रवाल के नेतृत्व में 12 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। टीम में दो एसीपी के अलावा क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस के अधिकारी शामिल हैं। एसआईटी सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, डिजिटल साक्ष्य और परिजनों व अन्य संबंधित लोगों के बयानों का मिलान कर हत्यारों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पुलिस ने बताया जल्द होगा खुलासा एडिशनल पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। प्रॉपर्टी विवाद और सुपारी देकर हत्या कराए जाने सहित विभिन्न संभावित एंगल पर जांच जारी है। उन्होंने कहा कि तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। एसआईटी कर रही है मामले की जांच पुलिस ने एडिशनल डीसीपी रश्मि अग्रवाल के नेतृत्व में 12 सदस्यीय एसआईटी गठित की है। टीम में दो एसीपी, क्राइम ब्रांच और थाना पुलिस के अधिकारी शामिल हैं। एसआईटी तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और डिजिटल ट्रांजेक्शन के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। यह खबर भी पढ़ें… 5-7 फीट की दूरी से मारी बुजुर्ग दंपती को गोली पति-पत्नी के शव शुक्रवार को मिले थे। भोपाल की सुदामा नगर कॉलोनी में रहने वाले बुजुर्ग दंपती हेमंत बारीक और शकुंतला बारीक की जिंदगी जितनी शांत दिखती थी, उतनी ही रहस्यों से भरी हुई भी थी। 26 जून को जब दोनों के शव घर के भीतर सड़ी-गली हालत में मिले तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पूरी खबर यहां पढ़ें...
नोएडा के सेक्टर-49 थाने की पुलिस ने राह चलते लोगों को कार में बैठाकर लूटपाट करने और मोबाइल का लॉक खुलवाकर बैंक खाते से रकम ट्रांसफर करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है
धनबाद पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सरायढेला थाना क्षेत्र के होटल न्यू हरि-इन के कमरा नंबर 103 और 108 में छापेमारी कर 9 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 50 हजार रुपये नगद सहित साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बिहार के आशीष कुमार, मिथिलेश ठाकुर, मो. आबिद आलम, आशुतोष कुमार आनंद और मनंजर शेर आलम शामिल हैं। धनबाद से रोहित दॉ और महफुज आलम को पकड़ा गया है। इसके अतिरिक्त, ओडिशा के चन्द्रकांत परिदा और झारखंड के गोड्डा के मो. गुफरान आलम भी गिरफ्तार हुए हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 17 सिम कार्ड, 17 एटीएम कार्ड, बैंक खातों से जुड़े क्यूआर कोड, दो चेकबुक, एक पासबुक और 50 हजार रुपए नगद बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह साइबर ठगी और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े व्यक्तियों को बैंक खाते उपलब्ध कराता था। आरोपी विभिन्न लोगों के नाम पर खुले बैंक खातों का उपयोग साइबर अपराध से संबंधित वित्तीय लेनदेन के लिए करते थे। इस मामले में साइबर अपराध थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब गिरोह के मुख्य सरगना और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े अन्य व्यक्तियों तक पहुंचने के लिए सबूत जुटा रही है।
अमृतसर की केंद्रीय जेल फतेहपुर से एक बड़ा मामला सामने आया है। जेल प्रशासन द्वारा की गई तलाशी के दौरान एक जेल वार्डर के पास से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ और मोबाइल फोन बरामद किया गया है। इस मामले में थाना इस्लामाबाद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट और प्रिजन एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वार्डर से नशा और मोबाइल बरामद पुलिस के अनुसार, केंद्रीय जेल में ड्यूटी के दौरान जेल वार्डर रोबिनप्रीत सिंह की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 79.40 ग्राम अफीम, 41.18 ग्राम काले रंग का नशीला पदार्थ, 93.32 ग्राम सफेद नशीला पाउडर, 215 ग्राम तंबाकू, 205 नशीले पेपर और एक एप्पल कंपनी का टच स्क्रीन मोबाइल फोन बरामद किया गया। मामले की प्रारंभिक जांच और पूछताछ के दौरान हवालाती राहुल कुमार का नाम भी सामने आया है। पुलिस को शक है कि जेल के अंदर नशा और प्रतिबंधित सामान पहुंचाने के लिए एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह नशीला सामान जेल के भीतर किस उद्देश्य से लाया जा रहा था और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस ने जांच तेज की थाना इस्लामाबाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और प्रिजन एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे तथा अन्य गिरफ्तारियां हो सकती हैं। जेल के भीतर से नशीले पदार्थों की बरामदगी ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद पूरे मामले को बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
ई-रिक्शा चालक को नशीला पदार्थ पिलाकर लूटा:बदमाश ई-रिक्शा, मोबाइल ,नकदी लेकर फरार, अस्पताल में भर्ती
एटा जनपद के पिलुआ कस्बे में एक ई-रिक्शा चालक को अज्ञात व्यक्ति ने नशीला पदार्थ पिलाकर लूट लिया। बदमाश उसका ई-रिक्शा, मोबाइल फोन और ₹5000 नकद लेकर फरार हो गए। पीड़ित को बेहोशी की हालत में मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है। जानकारी के अनुसार, थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के सिराँव गांव निवासी राजकुमार उर्फ करुआ (22) पुत्र कमल सिंह ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। मंगलवार शाम करीब 4 बजे वह चौथ मिल के पास था। तभी एक अज्ञात व्यक्ति उसके ई-रिक्शा में बैठा और पिलुआ कस्बा छोड़ने की बात कही। आरोपी राजकुमार को पिलुआ कस्बे में अंडरपास के पास ले गया। ग्राम प्रधान प्रदीप शर्मा सिराव के अनुसार, रास्ते में उसे कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया, जिससे वह बेहोश हो गया। राजकुमार के बेहोश होते ही लुटेरा उसका ई-रिक्शा, मोबाइल फोन और जेब में रखे ₹5000 लेकर फरार हो गया। बुधवार सुबह जब राजकुमार को होश आया, तो वह पैदल ही घर की ओर आ रहा था। देर रात तक घर न पहुंचने पर परिवार के लोग उसकी तलाश कर रहे थे। परिवार के सदस्यों ने बुधवार दोपहर 1 बजे राजकुमार को जिला मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। थाना पिलुआ प्रभारी संदीप सिंह राणा ने बताया कि राजकुमार उर्फ करुआ बेहोशी की हालत में अंडरपास के पास पड़ा मिला था। परिजनों की सूचना पर उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ग्राम प्रधान प्रदीप शर्मा सिराव ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि लड़के को पिलुआ से पहले पुल के नीचे अचेत अवस्था में पाया गया था। अस्पताल में उसका उपचार जारी है और पुलिस को सूचना दे दी गई है।
किशनगंज पुलिस और एसएसबी ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। दिघलबैंक थाना क्षेत्र के मोहमारी खरवार टोला निवासी शाहनवाज हुसैन को 80 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ पकड़ा गया है। उसके पास से 23 लाख 47 हजार 900 नेपाली रुपये और 30 हजार 550 भारतीय रुपये भी बरामद हुए हैं।पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर एसएसबी और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त छापेमारी की। सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक चुनौती रही तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से छह मोबाइल फोन और एक वजन मशीन भी मिली। बरामद नेपाली मुद्रा की बड़ी मात्रा को देखते हुए जांच एजेंसियां इस मामले के अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जता रही हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी के संपर्क सीमा पार सक्रिय तस्करों से हो सकते हैं। जब्त किए गए मोबाइल फोन की जांच की जा रही है, ताकि उसके नेटवर्क और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। भारत-नेपाल सीमा से सटे किशनगंज जिले में ब्राउन शुगर और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक चुनौती रही है। आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गईइस कार्रवाई को नशा तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस ने आरोपी शाहनवाज हुसैन के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। बरामद सामान को जब्त कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले की विस्तृत जांच जारी है, जिसमें पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
जुरहरा में साइबर ठग गैंग का पर्दाफाश:6 बदमाश गिरफ्तार, 15 मोबाइल और 8 सिम कार्ड जब्त
डीग में पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के निर्देश पर चलाए जा रहे 'ऑपरेशन एंटीवायरस' अभियान के तहत जुरहरा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 6 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 15 एंड्रॉयड मोबाइल फोन तथा 8 सिम कार्ड बरामद किए। इनमें 5 सक्रिय और 3 फर्जी सिम कार्ड शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक जुरहरा थाना पुलिस ने रात्रि गश्त के दौरान इन आरोपियों को साइबर ठगी की गतिविधियों में शामिल पाया। प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये ठग लोगों को सस्ते ड्रोन कैमरे, 5जी मोबाइल फोन और पुराने सिक्के बेचने का झांसा देते थे। वे नामी होटलों में कम कीमत पर कमरे बुक कराने का लालच देकर भी लोगों को ठगते थे। फर्जी बैंक लेनदेन के स्क्रीनशॉट भेजकर बनाते थे शिकारजांच में यह भी सामने आया कि आरोपी फर्जी बैंक लेनदेन के स्क्रीनशॉट और मैसेज बनाकर लोगों को भेजते थे। वे गलती से पैसे ट्रांसफर होने का बहाना बनाकर पीड़ितों को अपने फर्जी खातों में रकम जमा कराने के लिए गुमराह करते थे। यह गिरोह अन्य साइबर ठगों को फर्जी मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी उपलब्ध कराता था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में वाजिब (20), सालिम (20) निवासी कुकरपुरी), मोहम्मद जैद (21) निवासी परेही, आमिर खान (24) निवासी कंचननेर, आबिद (32) निवासी सामदीका और रॉबिन (25) निवासी सामदीका शामिल है। ये सभी आरोपी जुरहरा थाना क्षेत्र के निवासी हैं।पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान उनके अन्य साथियों, बैंक खातों और साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है। जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
गोरखपुर रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर में बुधवार को एम्स गोरखपुर के संविदा कर्मी ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। मौके पर सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन भी कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मोबाइल का कॉल डिटेल भी निकलवाया जा रहा है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस के अनुसार, इंदिरा नगर निवासी 28 वर्षीय शुभम शुक्ला एम्स गोरखपुर में संविदा पर कार्यरत थे। पहले उनकी तैनाती डायरेक्टर कार्यालय में थी, जबकि वर्तमान में वह एम्स परिसर स्थित रैन बसेरा में कार्य कर रहे थे। पिता जनार्दन शुक्ला ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 4 बजे शुभम अपने कमरे से निकलकर मकान की छत पर बने दूसरे रूम में चले गए। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों को संदेह हुआ। नायलॉन की रस्सी के सहारे लटक गया संविदा कर्मी सुबह करीब 5:30 बजे जब परिजन छत वाले रूम में पहुंचे तो शुभम नायलॉन की रस्सी के सहारे फंदे से लटके मिले। आनन-फानन में उन्हें नीचे उतारा गया और घटना की सूचना डायल-112 पुलिस को दी गई। सूचना पर रामगढ़ताल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। परिजनों और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। प्रभारी निरीक्षक सुनील राय का कहना है कि मामला सुसाइड का प्रतीत हो रहा है, लेकिन इसके पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल की जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
पंचकूला जिले के पिंजौर शहर में चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। देर रात पिंजौर की नवांनगर मार्केट में एक दुकान में चोरी की वारदात हुई। दुकान मालिक निशार अहमद ने बताया कि दो चोरों ने उनकी दुकान को निशाना बनाया। वर्मा कॉलोनी मढ़ांवाला निवासी निवार अहमद ने बताया कि उनकी नवांनगर मार्केट में 'अयान कम्युनिकेशन एंड कन्फेक्शनरी' नाम से दुकान है। बीते दिन वह दुकान पर ताला लगाकर अपने कमरे पर चले गए थे। सुबह करीब 6 बजे उनके पड़ोसी दुकानदार ने फोन कर सूचना दी कि दुकान का ताला टूटा हुआ है। ग्रोसरी का सामान और दो मोबाइल फोन चोरी सूचना मिलते ही निशार अहमद तुरंत अपनी दुकान पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि दुकान ताला टूटा हुआ था। उन्होंने तत्काल 112 पर कॉल कर स्थानीय पुलिस को घटना की जानकारी दी। दुकान के अंदर जाकर देखने पर निशार अहमद ने पाया कि दुकान का गल्ला (दराज) टूटा हुआ था और बाहर पड़ा था। चोरों ने दुकान से मोबाइल एसेसरी, ग्रोसरी का सामान और दो मोबाइल फोन चोरी कर लिए। दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में दो चोर साफ दिखाई दे रहे हैं, जिन्होंने काफी देर तक चोरी की वारदात को अंजाम दिया। निशार अहमद की शिकायत पर स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
नवादा जिले के अकबरपुर प्रखंड के पिठोरी गांव में एक महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पति ने अपनी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान विजय चौधरी की लगभग 30 वर्षीय पत्नी करीना देवी के रूप में हुई है। पति विजय चौधरी ने बताया कि उनकी पत्नी शादी के बाद किसी दूसरे लड़के से फोन पर बात किया करती थी। जब उन्होंने इसका विरोध किया और पत्नी को डांटा, तो उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। विजय चौधरी के अनुसार, उनका विवाह 2018 में हिंदू रीति-रिवाजों के साथ हुआ था। उनके दो बच्चे भी हैं, जिनमें एक लड़का और एक लड़की शामिल हैं। पुलिस ने मृतका का मोबाइल फोन जब्त कर लिया उन्होंने बताया कि पत्नी अक्सर किसी से बात करती थी, जिसका उन्होंने विरोध किया था। उन्होंने मायके वालों को भी इस बारे में बताया था और लोगों ने समझाने की कोशिश भी की थी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतका का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और आगे की जांच की जा रही है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल नवादा भेजा गया, जहां से पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। शादी से पहले लड़की किसी से बातचीत करती थी पति ने यह भी बताया कि एक साल पहले भी पत्नी के खिलाफ थाने में शिकायत की थी, तब दोनों के बीच समझौता हो गया था। पत्नी ने वादा किया था कि वह ऐसा दोबारा नहीं करेगी। अकबरपुर थाना प्रभारी रुपेश कुमार सिन्हा ने बताया कि मोबाइल के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। मृतका के मायके वालों ने पति पर कोई सीधा आरोप नहीं लगाया है। मृतका की मां ने बताया कि शादी से पहले लड़की किसी से बातचीत करती थी, लेकिन शादी के बाद उसने ऐसी बातचीत न करने की बात कही थी।
जमुई के लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम एक दिव्यांग फेरीवाले से 20 हजार रुपए नगद और मोबाइल फोन छीन लिया गया। यह घटना नावाबांध और बमकाली के बीच एक सुनसान सड़क पर शाम करीब छह बजे हुई। बाइक सवार दो बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया और कर्मटांड की ओर फरार हो गए। पीड़ित की पहचान बांका जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के गेरुआ गांव निवासी विवेक कुमार मंडल के रूप में हुई है। विवेक एक तीन पहिया वाहन से गांव-गांव घूमकर सामान बेचते हैं। मंगलवार को भी वह फेरी करने के बाद अपने घर लौट रहे थे। बदमाशों ने रास्ता रोककर छीना पैसा नावाबांध-बमकाली के बीच दो बाइक सवार बदमाशों ने उनका रास्ता रोका। बदमाशों ने उनसे 20 हजार रुपए नगद और मोबाइल फोन छीन लिया। विरोध करने पर आरोपियों ने विवेक को धमकाया और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने स्थानीय लोगों को इसकी सूचना दी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। इलाका सुनसान होने से क्राइम बढ़ा स्थानीय लोगों के अनुसार, नावाबांध-बमकाली का इलाका सुनसान है, जिसके कारण यहां पहले भी कई बार छीनतई और लूट की घटनाएं हो चुकी हैं। उनका आरोप है कि इस मार्ग पर पुलिस गश्ती पर्याप्त नहीं होने से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। लक्ष्मीपुर थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि उन्हें अभी तक घटना की जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि यदि पीड़ित द्वारा लिखित शिकायत दी जाती है, तो मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल में कुक से कथित मारपीट के मामले में FIR दर्ज होने के बाद पहली बार IPL क्रिकेटर शशांक सिंह सामने आए हैं। उन्होंने अपने और परिवार पर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि युवक को न तो बंधक बनाया गया न उसका मोबाइल छीना गया और न ही उसके साथ मारपीट हुई। शशांक का दावा है कि युवक कुक बनकर आया था, लेकिन उसे खाना बनाना ही नहीं आता था। वह घर के अलग-अलग हिस्सों में जाकर फोटो और वीडियो बना रहा था, जिससे परिवार को चोरी की आशंका हुई। भोपाल के रातीबड़ थाने में दर्ज FIR के बाद मीडिया से बातचीत में शशांक ने कहा कि यह पूरा मामला उनके परिवार को बदनाम करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि यदि उस समय पुलिस को बुला लिया होता तो आज यह स्थिति नहीं बनती। 'दो दिन के लिए आया था, किसी को बंधक क्यों बनाएंगे' शशांक ने कहा, वह सिर्फ दो दिन के लिए आया था। ऐसे में किसी को बंधक बनाने का सवाल ही नहीं उठता। वह यहां आराम से रह रहा था, खाना खा रहा था, वीडियो और फोटो बना रहा था। उनके मुताबिक युवक ने खुद को कुक बताया था, लेकिन वह खाना बनाने में सक्षम नहीं था। अगर कोई बावर्ची बनकर आया है तो उसे घर के मालिक के कमरे में जाकर निजी सामान की फोटो और वीडियो लेने की क्या जरूरत है? 'घर की प्राइवेट तस्वीरें थीं, इसलिए डिलीट कराईं' मोबाइल छीनने के आरोप पर शशांक ने कहा कि युवक का फोन नहीं छीना गया। उन्होंने बताया कि उसके मोबाइल में घर के निजी हिस्सों और सामान की तस्वीरें एवं वीडियो थे, जिन्हें उनकी मां ने डिलीट करवाया था। उन्होंने दावा किया कि उनके पिता ने युवक का वीडियो भी बनाया था, जिसमें वह अपने मोबाइल से किसी को कॉल करने की कोशिश कर रहा है। शशांक ने कहा, अगर मोबाइल हमारे पास होता तो वह कॉल कैसे करता? 'चोरी का शक था, एक चांदी के गणपति भी नहीं मिल रहे' शशांक ने कहा कि परिवार को युवक की गतिविधियों पर संदेह हुआ था। उनके मुताबिक, अब तक की जांच में घर से कोई बड़ी चोरी सामने नहीं आई है, लेकिन चांदी के गणपति की एक प्रतिमा नहीं मिल रही है। परिवार अभी भी घर का सामान जांच रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है युवक चोरी के इरादे से आया था, हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। 'बहन ने 100 नंबर पर कॉल करने को कहा, मैंने जाने दिया' क्रिकेटर ने बताया कि जब युवक की गतिविधियां संदिग्ध लगीं तो उनकी बहन ने पुलिस बुलाने की सलाह दी थी। हालांकि युवक ने अपनी मां की बीमारी का हवाला देते हुए खुद को गरीब बताया और जाने देने की गुहार लगाई। शशांक ने कहा, मैं भावुक हो गया और मैंने ही कहा कि उसे जाने दो। अब महसूस होता है कि वहीं पुलिस कार्रवाई कर लेनी चाहिए थी। यह हमारी सबसे बड़ी गलती थी। 'बाद में बैकग्राउंड चेक कराया, नशे की जानकारी मिली' शशांक के अनुसार युवक उनके पिता के परिचित के जरिए रीवा से आया था। परिवार ने भरोसे के आधार पर उसे काम पर रख लिया था। उन्होंने कहा कि बाद में बैकग्राउंड की जांच कराई गई, जिसमें उसके नशा करने संबंधी जानकारी मिली। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और इसकी जांच एजेंसियां ही कर सकती हैं। 'मेरी छवि खराब करने की कोशिश हो रही' मारपीट और गाली-गलौज के आरोपों को नकारते हुए शशांक ने कहा कि जो लोग उन्हें जानते हैं, वे उनके स्वभाव से परिचित हैं। उन्होंने कहा, हाथापाई तो बहुत दूर की बात है, मैं किसी से गाली-गलौज भी नहीं करता। हो सकता है काम नहीं मिलने या किसी अन्य वजह से मेरे नाम का इस्तेमाल कर मुझे बदनाम करने की कोशिश की जा रही हो। मामला क्या है? रीवा निवासी विपेंद्र सिंह तोमर ने आरोप लगाया है कि उन्हें कुक के रूप में भोपाल बुलाया गया था। खाना पसंद नहीं आने पर उनके साथ गाली-गलौज की गई, मोबाइल छीन लिया गया, जबरन काम कराया गया और बाद में मारपीट की गई। उनकी शिकायत पर रातीबड़ थाना पुलिस ने शशांक सिंह, उनके पिता रिटायर्ड स्पेशल डीजी शैलेष सिंह और एक अन्य कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। फिलहाल शिकायतकर्ता और आरोपी पक्ष के दावे अलग-अलग हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। ये खबर भी पढ़ें IPL क्रिकेटर शशांक, उनके IPS पिता पर भोपाल में FIR पीड़ित विपेंद्र सिंह तोमर का आरोप है कि खाना पसंद नहीं आने पर उसके साथ गाली-गलौज की गई। जब उसने काम छोड़ने की बात कही तो मोबाइल छीन लिया गया, जबरन काम कराया गया और बाद में शैलेष सिंह, शशांक और उनके ड्राइवर ने मिलकर मारपीट की। घटना के बाद युवक ने रोते हुए अपना VIDEO भी जारी किया है। इसके बाद भोपाल के रातीबड़ थाना पुलिस ने सोमवार को FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं इस मामले में शैलेष सिंह का कहना है कि वह बदतमीजी कर रहा था। पढ़ें पूरी खबर
गुरदासपुर जिले के कलानौर थाना क्षेत्र के गांव लखन कलां में एक मोबाइल टावर से 24 बैटरी चोरी हो गईं। चोर कार में आए थे और उन्होंने इस वारदात को महज आधे घंटे में अंजाम दिया। चोरी हुई बैटरियों की कीमत करीब साढ़े 3 लाख रुपए बताई जा रही है। यह घटना देर रात करीब 1:28 बजे हुई, जब चोरों ने मोबाइल टावर के गेट की कुंडी तोड़कर अंदर प्रवेश किया। पास की एक दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे में चोरों की कार कैद हो गई है। फुटेज के अनुसार, चोर रात 1:28 बजे टावर के सामने अपनी कार रोकते हैं और 1:59 बजे उसी रास्ते से वापस लौट जाते हैं। चोरों ने बैटरी खोलने के लिए इस्तेमाल किए गए कुछ औजार भी टावर में छोड़ दिए। तेल भरवाने आए कर्मचारी को पता चला मोबाइल टावर के कर्मचारी सतीश कुमार शर्मा को सुबह टावर में तेल भरवाने आने पर चोरी का पता चला। उन्होंने बताया कि चोरों ने 24 बैटरी चुराई हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग साढ़े 3 लाख रुपए है। घटना की जानकारी टावर के अधिकारियों को दे दी गई है और पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। टावर के पास के दुकानदार सतिंदर शील शर्मा ने इस घटना पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह इलाका स्कूल और रिहायशी क्षेत्र के पास है। अगर चोर ऐसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके में चोरी कर सकते हैं, तो रिहायशी इलाकों की सुरक्षा पर सवाल उठता है। उन्होंने पुलिस से इलाके में रात की गश्त बढ़ाने की मांग की है।
कटिहार नगर निगम ने मंगलवार को शहर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों के उल्लंघन पर विशेष अभियान चलाया। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के आलोक में चलाए गए इस अभियान के तहत, गठित मोबाइल कोर्ट ने सार्वजनिक स्थलों पर कचरा फैलाने वाले दुकानदारों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान कुल 37,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया। नगर आयुक्त संतोष कुमार और उनकी टीम ने डॉ. राजेंद्र पथ स्थित बाजार क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, दुकानदारों, व्यवसायियों और मॉल संचालकों को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2026 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें नियमों का पालन करने के लिए जागरूक और प्रेरित किया गया। 4 प्रकार के डस्टबिन रखने की आवश्यकता समझाई नगर निगम टीम ने सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को चार प्रकार के डस्टबिन रखने की आवश्यकता समझाई। अधिकारियों ने बताया कि गीला कचरा, सूखा कचरा, घरेलू हानिकारक कचरा और ई-वेस्ट का पृथक्करण सुनिश्चित करना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना लगाने की चेतावनी भी दी गई। 37 हजार रुपए का जुर्माना वसूला नगर आयुक्त ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शहर को स्वच्छ बनाने के लिए मोबाइल कोर्ट का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि सड़क पर कचरा फेंकने, खुले में कचरा जलाने और कचरा पृथक्करण न करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त ने पुष्टि की कि मंगलवार के अभियान में 37 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। नगर निगम ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे घर के कचरे को अलग-अलग कर निगम की गाड़ी में ही दें। शहर को साफ और स्वस्थ बनाने में सहयोग करने का आग्रह किया गया। इस अभियान में नगर प्रबंधक, स्वच्छता निरीक्षक और प्रवर्तन दल के सदस्य भी मौजूद थे।
बोकारो पुलिस ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। चंद्रपुरा थाना क्षेत्र के तेलो पूर्वी बहियारटांड़ में एक अवैध विदेशी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया। इस दौरान 37 पेटी अवैध विदेशी शराब, शराब बनाने की सामग्री, ढक्कन, रैपर-स्टिकर और पांच मोबाइल फोन जब्त किए गए। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसपी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर बेरमो अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया था। इस अभियान में बोकारो उत्पाद विभाग की टीम भी शामिल थी। टीम ने मुख्य आरोपी कामेश्वर कुमार के घर पर छापा मारा, जहां से अवैध विदेशी शराब और उसे बनाने में प्रयुक्त सामग्री बरामद हुई। कामेश्वर की निशानदेही पर अन्य आरोपियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कामेश्वर कुमार, विनय कुमार, दिनेश प्रजापति और कृष्णा कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से 37 पेटी अवैध विदेशी शराब जब्त की। इसके अतिरिक्त, विभिन्न ब्रांडों के ढक्कन, ब्लेंडर्स प्राइड के 51 रैपर-स्टिकर और पांच मोबाइल फोन भी बरामद किए गए।
करौली जिले की कुड़गांव थाना पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 1.40 ग्राम अवैध स्मैक और एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन जब्त किया है। आरोपी के खिलाफ पहले से भी एनडीपीएस एक्ट सहित विभिन्न मामलों में पांच प्रकरण दर्ज हैं। एसपी लोकेश सोनवाल के निर्देश पर कुड़गांव थाना पुलिस गश्त कर रही थी। गांव खिरखिड़ा के हार क्षेत्र में गश्त के दौरान एक व्यक्ति पुलिस वाहन को देखकर भागने लगा। संदेह होने पर पुलिस टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर बरामद हुई स्मैकपूछताछ में आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। तलाशी लेने पर उसके पास से 1.40 ग्राम अवैध स्मैक और एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद हुआ। मादक पदार्थ रखने का कोई वैध लाइसेंस या अनुमति पत्र नहीं मिलने पर पुलिस ने स्मैक और मोबाइल जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान खिरखिड़ा निवासी रघुवीर उर्फ भगत (60) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी रघुवीर उर्फ भगत के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, बरामद स्मैक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 30 हजार रुपए है। आरोपी के विरुद्ध पहले से भी विभिन्न थानों में मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े सहित 5 मामले दर्ज हैं।
चंडीगढ़ पुलिस ने मोबाइल स्नैचिंग के एक मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी रेलवे स्टेशन और आईएसबीटी के आसपास अकेले यात्रियों को निशाना बनाते थे। वारदात के बाद लूटा गया सामान बेचकर नशे की लत पूरी करते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से शिकायतकर्ता का मोबाइल फोन, आधार कार्ड और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुनिया (23) पुत्र प्रभु निवासी गांव अटावा, सेक्टर-42 और रोहित उर्फ अंड्डा (21) पुत्र यशबीर सिंह निवासी गांव अटावा, सेक्टर-42 के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि वारदात के दौरान मुनिया मोटरसाइकिल पर पीछे बैठा था और उसी ने मोबाइल छीना था, जबकि रोहित बाइक चला रहा था। हिमाचल जाने के दौरान बनाया निशाना डीएसपी धीरज कुमार ने बताया कि इस संबंध में 29 जून 2026 को सेक्टर-36 थाने में मामला दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता अजय कुमार निवासी मंडी (हिमाचल प्रदेश) ने बताया कि वह 28 जून को महाराष्ट्र से ट्रेन के जरिए चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचा था। वहां से उसे हिमाचल प्रदेश जाने के लिए सेक्टर-43 बस स्टैंड जाना था। रात करीब 9 बजे वह पैदल सेक्टर-42 स्थित शराब के ठेके के पास से सेक्टर-42/43 के छोटे चौक की ओर जा रहा था। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार 2 युवक उसके पास आए। पीछे बैठे युवक ने उसके हाथ से ओप्पो A15 मोबाइल झपट लिया। मोबाइल के कवर में उसका आधार कार्ड भी रखा हुआ था। वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। सेक्टर-42 झील के पास गिरफ्तार मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। टीम ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। गुप्त सूचना मिली कि दोनों आरोपी सेक्टर-42 झील के पास लूटा गया मोबाइल बेचने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। नशे की लत पूरी करने के लिए करते थे स्नैचिंग पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से शिकायतकर्ता का ओप्पो A15 मोबाइल, आधार कार्ड तथा वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल (सीएच-01-सीवाई-4087) बरामद कर ली है। पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी रेलवे स्टेशन और सेक्टर-43 बस स्टैंड के आसपास अकेले यात्रियों की रेकी करते थे। सुनसान स्थान मिलने पर वे मोबाइल या अन्य कीमती सामान झपट लेते थे। बाद में चोरी का सामान बेचकर उससे मिले पैसों से नशा करते थे। मुनिया करता है मजदूरी मुनिया 9वीं तक पढ़ा है और दिहाड़ी मजदूरी करता है। वह अपने माता-पिता, भाई और बहन के साथ रहता है। वहीं, रोहित उर्फ अंड्डा 8वीं तक पढ़ा है और सेक्टर-22 स्थित एक मोबाइल दुकान पर काम करता है। वह अपने माता-पिता और भाई के साथ रहता है।
राजस्थान के भीलवाड़ा में चोर नरेंद्र मोदी का मुखौटा लगाकर आए और दुकान से 40 मोबाइल चुराकर ले गए
rajasthan bhilwara mobile theft: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में एक चौंकाने वाली चोरी की घटना सामने आई है। एक चोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मुखौटा लगाकर मोबाइल फोन की दुकान में घुसपैठ की और लगभग 40 मोबाइल फोन चुराकर फरार हो गया। घटना का पूरा ...
बिलासपुर में लोगों की निजी जानकारियों और मोबाइल नंबरों का सौदा कर लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने का मामला सामने आया है। सरकारी विभागों, ऑनलाइन डायरेक्टरी और घर-घर संपर्क कर करीब एक लाख लोगों का पर्सनल डेटा जुटाकर उसे महज 5 हजार रुपए में बेच दिया गया। जिसका इस्तेमाल ठगी के लिए करने की आशंका है। पुलिस ने इस मामले में अग्रसेन चौक स्थित सुपर मार्केट में संचालित ट्रस्ट फाइनेंशियल सर्विसेज सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। पुलिस लाइन निवासी रविकांत दुबे ने थाना सिविल लाइन में एक लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया था कि अग्रसेन चौक स्थित सुपर मार्केट में संचालित ट्रस्ट फाइनेंशियल सर्विसेस के कर्मचारी विभिन्न लोगों को फोन कर लोन दिलाने का झांसा दे रहे हैं और उनके मोबाइल नंबर अवैध तरीके से हासिल किए गए हैं। शिकायत को गंभीरता से लेते मामले की जांच शुरू की गई। जानकारी यह भी मिल रही कि, लोन ऑफर का कॉल बिलासपुर आईजी रामगोपाल गर्ग तक भी पहुंचा था। जिसे उन्होंने गंभीरता से लिया और जांच के आदेश दिए। साथ ही खुद पूरे मामले की मॉनिटरिंग की, तब जाकर इस डेटा चोरी का खुलासा हो सका। जांच में खुलासा: 5 हजार में खरीदा डेटा, चैनल में चलता है नेटवर्क पुलिस जांच में सामने आया कि ट्रस्ट फाइनेंशियल सर्विसेस की संचालिका उषा कश्यप, निवासी कोनारगढ़ थाना मुलमुला, पिछले करीब एक साल से अग्रसेन चौक स्थित सुपर मार्केट में कार्यालय संचालित कर रही थी। यहां से लोगों को पर्सनल लोन, होम लोन, बिजनेस लोन और वाहन लोन दिलाने के नाम पर लगातार कॉल किए जा रहे थे। पूछताछ में उषा कश्यप ने पुलिस को बताया कि उसने करीब एक लाख मोबाइल नंबरों का डेटा अमन राठौर नामक युवक से पांच हजार रुपए में खरीदा था। इसके बाद जब पुलिस ने अमन राठौर से पूछताछ की तो उसने चौंकाने वाला खुलासा किया। अमन ने बताया कि उसे यह डेटा शेख जुनैद खान उपलब्ध कराता था। घर-घर जाकर जुटाए जाते थे मोबाइल नंबर पुलिस जांच के दौरान शेख जुनैद खान ने बताया कि वह घर-घर जाकर लोगों से रियल एस्टेट में काम करने के नाम पर संपर्क करता था और उनसे मोबाइल नंबर व अन्य जानकारी हासिल करता था। इसके अलावा सरकारी विभागों, ऑनलाइन डायरेक्टरी और अन्य स्रोतों से भी लोगों के मोबाइल नंबर एकत्र किए जाते थे। इसके बाद इन नंबरों का डेटाबेस तैयार कर उसे आगे बेचा जाता था। पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित डेटा कलेक्शन और बिक्री का मामला हो सकता है, जिसकी जांच अभी जारी है। निजी जानकारी का किया जा रहा था व्यावसायिक उपयोग जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों द्वारा लोगों की निजी जानकारी, जैसे मोबाइल नंबर, नाम और पते का उपयोग उनकी सहमति के बिना व्यावसायिक लाभ के लिए किया जा रहा था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इन नंबरों का उपयोग केवल लोन कॉल के लिए किया गया या फिर किसी अन्य प्रकार की साइबर ठगी में भी इनका इस्तेमाल हुआ। ऐसे काम करता था पूरा नेटवर्क पुलिस के अनुसार शहर में पर्सनल, होम, बिजनेस और वाहन लोन दिलाने के नाम पर कार्यालय चल रहा था। शेख जुनैद खान (30) निवासी सीपत घर-घर जाकर रियल एस्टेट संबंधी जानकारी के बहाने लोगों से संपर्क करता था और उनके मोबाइल नंबर हासिल करता था। इसके अलावा उसने सरकारी विभागों और ऑनलाइन डायरेक्टरी से भी बड़ी संख्या में मोबाइल नंबर और अन्य जानकारियां एकत्र की थीं। पुलिस जांच में सामने आया कि अमन राठौर (23) ने करीब एक लाख लोगों के नाम, पते और मोबाइल नंबरों का यह गोपनीय डेटा उषा कश्यप को महज 5 हजार रुपए में बेच दिया था। इसके बाद इस डेटा का उपयोग कर लोगों को कॉल किए जाते थे और विभिन्न प्रकार के लोन दिलाने का प्रलोभन देकर अवैध लाभ कमाया जा रहा था। 5 हजार रुपए में खरीदा गया था 1 लाख लोगों का डेटा जांच में खुलासा हुआ है कि करीब एक लाख लोगों के नाम, पते और मोबाइल नंबर का डेटा महज 5 हजार रुपए में बेचा गया था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि डेटा किन-किन स्रोतों से जुटाया गया और इसका इस्तेमाल कितने लोगों से संपर्क करने में किया गया। और भी बड़े नेटवर्क की आशंका पुलिस को आशंका है कि मामले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। यह भी जांच की जा रही है कि प्रदेश के अन्य जिलों या राज्यों में भी इस प्रकार का डेटा बेचा गया है या नहीं। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है। लोगों के लिए जागरूकता संदेश पुलिस अफसरों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति, संस्था या कंपनी को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता या ओटीपी साझा न करें। यदि कोई संस्था लोन, इनाम या अन्य प्रलोभन देकर निजी जानकारी मांगती है, तो उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। संदिग्ध कॉल या साइबर धोखाधड़ी की शिकायत तत्काल नजदीकी थाने अथवा साइबर हेल्पलाइन 1930 पर करें।
शाजापुर पुलिस की साइबर टीम और जिला पुलिस थानों ने एक संयुक्त अभियान चलाकर 179 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया। बरामद किए गए इन सभी फोनों की अनुमानित कीमत लगभग 27 लाख रुपए है। सीईआईआर पोर्टल की मदद से मिले फोन पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत ने बताया कि इस अभियान के तहत 117 मोबाइल केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (CEIR) पोर्टल की मदद से ट्रेस किए गए। इसके अलावा 62 मोबाइल जिले के विभिन्न थानों के प्रयासों से बरामद हुए। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए इन मोबाइलों को अलग-अलग जिलों और राज्यों से ढूंढ निकाला। 24 घंटे में ढूंढ निकाला 45 हजार का आईफोन इस अभियान के दौरान शुजालपुर थाना क्षेत्र में 21 जून को गुम हुआ एक आईफोन 13 (iPhone 13) भी बरामद किया गया। करीब 45 हजार रुपए कीमत के इस फोन को साइबर टीम और थाना पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर ट्रेस कर आवेदक को वापस लौटा दिया। मोबाइल वापस मिलने पर मालिकों ने पुलिस प्रशासन का आभार जताया। साइबर ठगी से बचने के लिए 'सेफ क्लिक 2.0' की शुरूआत एसपी यशपाल सिंह राजपूत ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज कराएं। उन्होंने किसी भी साइबर ठगी की सूचना तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी थाने में देने को कहा। साथ ही सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत संदिग्ध लिंक, कॉल, ओटीपी और मैसेज से सतर्क रहने की सलाह दी।
रोहतक जिले के गांव बोहर के रहने वाले भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश नांदल का मोबाइल फोन हैक हो गया है। सतीश नांदल ने एक पोस्ट डालते हुए कहा कि उनके नंबर से संदिग्ध संदेश मिले, तो उनकी तरफ ध्यान ना दें। किसी ने उनके फोन को हैक कर लिया है, जिसकी शिकायत भी पुलिस को दी गई है। सतीश नांदल का फोन नंबर 9416053181 हैक हुआ है, जिसका हैक करने वाले आरोपियों की तरफ से गलत प्रयोग किया जा सकता है। सतीश नांदल के इस नंबर से आने वाले किसी भी कॉल, वॉट्सएप संदेश, लिंक, OTP या पैसे से संबंधित किसी भी अनुरोध पर बिल्कुल भी भरोसा न करें और न ही कोई जानकारी साझा करें। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश नांदल सतीश नांदल भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष है, जिन्होंने 2019 में चुनाव के दौरान इनेलो पार्टी को छोड़कर भाजपा में आस्था जगाई थी। भाजपा में शामिल होने के साथ ही 2019 में भाजपा की टिकट पर गढ़ी सांपला किलोई से चुनाव भी लड़ा था, लेकिन भूपेंद्र हुड्डा के सामने चुनाव हार गए थे। 2024 में चुनाव लड़ने से किया इनकार सतीश नांदल को भाजपा 2024 में भी विधानसभा टिकट दे रही थी, लेकिन सतीश नांदल ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। इसके बाद जिला परिषद की चेयरमैन मंजू हुड्डा को टिकट दी गई। सतीश नांदल ने मार्च 2026 में राज्यसभा की सीट पर चुनाव लड़ा, लेकिन इस बार भी हार का सामना करना पड़ा।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों का कहना है कि अब उनका ज्यादा समय बच्चों को पढ़ाने में नहीं, बल्कि मोबाइल ऐप और ऑनलाइन काम करने में निकल रहा है। पढ़ाई के अलावा उन्हें मिड-डे मील, किताब और साइकिल वितरण, सर्वे, चुनाव ड्यूटी, स्वास्थ्य और साक्षरता अभियान जैसे कई काम भी करने पड़ते हैं। इसके साथ ही 27 अलग-अलग मोबाइल ऐप और पोर्टल पर रोज जानकारी भी भरनी होती है। हाल ही में लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने सभी कर्मचारियों के लिए आई-जीओटी कर्मयोगी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है। इसके बाद शिक्षक संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। शिक्षक संघ बोला- हमें डेटा एंट्री का काम कराया जा रहा छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि शिक्षक का काम बच्चों को पढ़ाना है, लेकिन उन्हें अलग-अलग विभागों के ऑनलाइन कामों में लगा दिया गया है। इससे स्कूलों में पढ़ाई का समय कम हो रहा है और शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग समय-समय पर नया ऐप डाउनलोड करने का आदेश दे देता है। कई बार तय समय में काम पूरा नहीं करने पर वेतन रोकने जैसी चेतावनी भी दी जाती है। इससे शिक्षक पढ़ाने के बजाय मोबाइल पर जानकारी भरने में ज्यादा समय दे रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा असर शिक्षकों का कहना है कि हर दिन अलग-अलग ऐप और पोर्टल पर जानकारी अपडेट करनी पड़ती है। इसमें काफी समय लग जाता है। उनका कहना है कि अगर गैर-शैक्षणिक काम कम किए जाएं तो वे बच्चों को ज्यादा समय दे पाएंगे। 27 ऐप और पोर्टल पर करना पड़ता है काम शिक्षकों के अनुसार उन्हें ई जादुई पिटारा, वोटर हेल्पलाइन, बीएलओ ऐप, आयुष्मान ऐप, दीक्षा, सीजी एमडीएम, सीजी वीएसके, आई-जीओटी कर्मयोगी, उल्लास, टीबीसी बुक स्कैन, समग्र शिक्षा, एसएचवीआर, जीपी ऐप, पढ़ई तुंहर द्वार, टेलीप्रैक्टिस, शाला कोष, सुगम संदेश, चॉकलिट, जेडआईआईईआई, निष्ठा, रीड अलॉन्ग, विनोबा, सीजी स्कूल डॉट इन और एचएलओ समेत कुल 27 ऐप और पोर्टल पर काम करना पड़ता है।
पलवल जिले के भिडूकी गांव में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक पर घर से बुलाकर लाठी-डंडों, चाकू और अवैध हथियारों से हमला किया गया। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। होडल थाना पुलिस ने युवक के पिता की शिकायत पर पांच नामजद आरोपियों सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। होडल थाना प्रभारी सुंदरपाल के अनुसार, भिडूकी गांव निवासी लेखराज ने शिकायत में बताया कि वह देर शाम अपने परिवार के साथ घर पर खाना खा रहा था। इसी दौरान उसके बेटे विपिन के मोबाइल पर सुशील और मोहित का फोन आया। आरोपियों ने विपिन को जरूरी काम का हवाला देकर घर से बुलाया। इसके बाद विपिन चौराहे की तरफ चला गया। हमलावरों ने पहले से बनाई योजना आरोपियों ने पहले से ही विपिन पर हमले की योजना बना रखी थी। चौराहे पर भिडूकी गांव निवासी सुशील, मोहित, अजय, छांयसा गांव निवासी धर्मेन्द्र, होडल निवासी प्रशांत और उनके साथ कुछ अन्य लोग हाथों में लाठी-डंडे, चाकू और अवैध देशी कट्टा लेकर बैठे हुए थे। विपिन के पहुंचते ही सभी आरोपियों ने उसे घेर लिया और लाठी-डंडों व लात-घूसों से मारपीट शुरू कर दी। झगड़े में विपिन लहूलुहान हो गया और उसने शोर मचाया। शोर सुनकर स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को आता देख आरोपियों ने विपिन पर कट्टा तानकर उसे जान से मारने की कोशिश की। हालांकि, भीड़ बढ़ती देख वे सभी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग खड़े हुए। इलाज कराकर थाने पहुंचा युवक घायल विपिन का अस्पताल में इलाज कराने के बाद पीड़ित परिवार थाने पहुंचा। होडल थाना पुलिस ने इस संबंध में पांच नामजद सहित अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
कोटा में देर रात 2-3 बाइक पर सवार होकर आए 5-6 बदमाशों ने नशे की हालत में जमकर उत्पात मचाया। बदमाशों ने कई मकानों और घरों के बाहर खड़ी कारों और बाइकों में लाठी-डंडों, सरियों और पत्थरों से जमकर तोड़फोड़ की। वारदात से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। पूरी घटना का वीडियो कॉलोनी के एक युवक ने अपने मोबाइल के कैमरे में कैद कर लिया। वारदात बोरखेड़ा थाना क्षेत्र के आदर्श विहार कॉलोनी में सोमवार देर रात करीब 1:30 बजे की है। सूचना के बाद मौके पर बोरखेड़ा थाना पुलिस के पहुंचने से पहले ही बदमाश वहां से भाग गए। फिलहाल कॉलोनीवासियों की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस वीडियो के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुट गई है। हालांकि, पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है। पहले देखिए, वारदात से जुड़ी 2 PHOTO'S बदमाशों ने कॉलोनी में जमकर मचाया उत्पात एसआई ज्योति मौर्य ने बताया कि देर रात बाइक और अन्य वाहनों से आए बदमाशों ने कॉलोनी में जमकर उत्पात मचाया। स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। मौके से मिले वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है। कार्तिक सिंह नाम के युवक से था पुराना विवाद मौके पर पहुंचे एएसआई लतीफ मोहम्मद ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बदमाश नशे की हालत में थे। उनका किसी कार्तिक सिंह नाम के युवक से पुराना विवाद था और उसी के साथ मारपीट करने के इरादे से इलाके में पहुंचे थे। जब पुलिस को सूचना मिली और टीम मौके पर पहुंची तो आरोपी वहां से भाग निकले। भागते समय उन्होंने दूसरी कॉलोनी में भी जमकर तोड़फोड़ की और पत्थरों-सरियों से मकानों के कांच, कारों और बाइकों को नुकसान पहुंचाया। पीड़ितों की ओर से पुलिस को शिकायत दे दी गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और वीडियो की मदद से आरोपियों की पहचान कर रही है।
सिंगरौली जिले के सरई थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक महिला और युवक के बीच मोबाइल को लेकर विवाद हो गया। घटना सरई रेलवे गेट के पास की बताई जा रही है। विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि, विवाद की वजह अभी तक साफ नहीं हो सकी है। मोबाइल को लेकर हुई बहस वायरल वीडियो में एक युवक मोटरसाइकिल पर बैठा दिखाई दे रहा है। इसी दौरान एक महिला वहां पहुंचती है और कथित तौर पर उसका मोबाइल अपने पास रख लेती है। वीडियो में युवक महिला से लगातार मोबाइल वापस करने की बात कहता नजर आता है। जब महिला मोबाइल नहीं लौटाती, तो युवक उसे वापस लेने की कोशिश करता है। इसी दौरान दोनों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई हो जाती है। मौके पर लगी लोगों की भीड़ घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया। हालांकि, महिला के शामिल होने के कारण कई लोग सीधे हस्तक्षेप करने से बचते रहे। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। वहां मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। शिकायत का इंतजार कर रही पुलिस फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि विवाद किस वजह से शुरू हुआ और मोबाइल को लेकर दोनों पक्षों के बीच क्या स्थिति थी। मामले में अभी तक किसी भी पक्ष ने सरई थाने में लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। सरई थाना प्रभारी राकेश साहू ने बताया कि घटना का वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया है। अभी तक किसी भी पक्ष से आवेदन नहीं मिला है। शिकायत मिलने पर तथ्यों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है।
ZIP फाइल खोलते ही मोबाइल हो रहा हैक:CEO बनकर भेज रहे मैसेज, 30 महीनों में 791 करोड़ की साइबर ठगी
साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए अब नया तरीका अपना रहे हैं, जिसे ‘बॉस ZIP फ्रॉड’ या CEO इम्पर्सनेशन स्कैम कहा जा रहा है। इसमें ठग किसी कंपनी के बड़े अधिकारी जैसे सीईओ या डायरेक्टर बनकर कर्मचारियों को व्हाट्सएप या ई-मेल पर मैसेज भेजते हैं। मैसेज के साथ एक ZIP फाइल भेजी जाती है। जैसे ही कोई व्यक्ति उसे डाउनलोड करता है, उसका मोबाइल हैक हो जाता है और साइबर ठग फोन का पूरा कंट्रोल अपने हाथ में ले लेते हैं। गृह मंत्रालय ने लोगों को इस तरह की ठगी से सावधान रहने की सलाह दी है। बताया जा रहा है कि ठग पिछले 30 महीने में छत्तीसगढ़ में 791 करोड़ रुपए की ठगी को अंजाम दे चुके हैं। ZIP फाइल के जरिए भेजते हैं वायरस केंद्र सरकार के अलर्ट और साइबर एक्सपर्ट के अनुसार, इस तरह की ठगी में अपराधी कर्मचारियों पर तुरंत काम करने का दबाव बनाते हैं। वे कभी “सिक्योरिटी अपडेट”, कभी जरूरी दस्तावेज या फिर तुरंत पैसे भेजने का बहाना बनाकर ZIP फाइल खोलने को कहते हैं। इस फाइल के अंदर मौजूद EXE या DLL फाइल जैसे ही डाउनलोड होती है, मोबाइल संक्रमित हो जाता है और हैक हो सकता है। इसके बाद ठग बैंकिंग ऐप, ओटीपी और दूसरी जरूरी जानकारी तक पहुंच बना लेते हैं। कई मामलों में अपराधी मोबाइल हैक करने के बाद असली बॉस या अधिकारी का नंबर हटाकर अपना नंबर सेव कर लेते हैं। ऐसे में कर्मचारी को पता ही नहीं चलता कि वह ठग से बात कर रहा है। फिर फर्जी आदेश देकर कंपनी या कर्मचारी से पैसे ट्रांसफर करवा लिए जाते हैं। एक्सपर्ट्स ने दी ये सलाह साइबर एक्सपर्ट्स ने लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है कि अगर किसी अधिकारी के नाम से कोई संदिग्ध मैसेज या ZIP फाइल आए, तो उस पर तुरंत भरोसा न करें। किसी भी भुगतान या जरूरी निर्देश को मानने से पहले फोन, वीडियो कॉल या सीधे संपर्क करके उसकी पुष्टि करें। व्हाट्सएप पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन और अन्य सुरक्षा फीचर जरूर एक्टिव रखें ताकि अकाउंट सुरक्षित रहे। किसी भी अनजान ZIP, EXE या DLL फाइल को डाउनलोड या ओपन करने से बचें। अगर कोई व्यक्ति इस तरह की ठगी का शिकार हो जाए तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। साइबर ठगी के पैटर्न और बचाव के तरीके पुलिस की कार्रवाई, लेकिन चुनौती बड़ी रायपुर पुलिस ने 101 म्यूल अकाउंट होल्डर्स को गिरफ्तार किया। इन खातों के जरिए देशभर में करीब 1.57 करोड़ रुपए की ठगी की गई थी। पुलिस ने ऐसे गिरोह का भी खुलासा किया, जो अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर चलाकर अमेरिकी नागरिकों को ठगता था। इस गिरोह ने दो साल में 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी की। साइबर अपराधियों के बैंक खातों को लगातार फ्रीज किया जा रहा है। साथ ह, समय पर शिकायत मिलने पर पीड़ितों के पैसे रोकने की कोशिश भी की जा रही है। हालांकि मामलों की संख्या बढ़ रही है, इसलिए साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों की जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। साइबर ठगी होने पर तुरंत ये करें
अब तक वॉट्सएप पर किसी नए व्यक्ति से बात करने के लिए अपना मोबाइल नंबर देना जरूरी होता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मेटा के स्वामित्व वाले वॉट्सएप ने यूजरनेम फीचर लॉन्च करने का ऐलान किया है। इसके बाद लोग अपना मोबाइल नंबर बताए बिना भी सिर्फ यूजरनेम के जरिए चैट कर सकेंगे। कंपनी ने 29 जून से दुनियाभर में यूजरनेम रिजर्वेशन शुरू कर दिया है। हालांकि यह सुविधा सभी यूजर्स को एक साथ नहीं मिलेगी। आने वाले कुछ महीनों में इसे धीरे-धीरे सभी देशों में रोल आउट किया जाएगा। जब यह फीचर आपके इलाके में उपलब्ध होगा, तब वॉट्सएप के अंदर नोटिफिकेशन मिलेगा। वॉट्सएप सीआओ कुणाल शाह ने X पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने फीचर सार्वजनिक होने से पहले ही अपना यूजरनेम रिजर्व कर लिया है। उन्होंने लोगों से भी जल्द अपना पसंदीदा यूजरनेम लेने की अपील की। वॉट्सएप Username फीचर से जुड़े 8 सवालों के जवाब ……………….. यह खबर भी पढ़ें… वॉट्सएप 1 मार्च से सिम कार्ड के बिना नहीं चलेगा: सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने से मना किया; कंप्यूटर पर हर 6 घंटे में लॉगआउट होगा केंद्र सरकार ने 'सिम बाइंडिंग' के नियमों को लागू करने की 28 फरवरी की डेडलाइन को बढ़ाने से इनकार कर दिया है। नए नियमों के तहत मोबाइल में सिम कार्ड न होने पर वॉट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल जैसे मैसेजिंग एप काम नहीं करेंगे। कंप्यूटर पर लॉगिन वॉट्सएप भी 6 घंटे में लॉगआउट हो जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे साइबर फ्रॉड रोकने में मदद मिलेगी। पूरी खबर पढ़ें…
जालंधर की नकोदर सदर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आते गांव गोहीर में देर रात एक दुस्साहसिक वारदात सामने आई है। यहाँ एक पशु शेड (बाड़े) को निशाना बनाते हुए पांच अज्ञात चोरों ने न केवल मवेशी चुराए, बल्कि बाड़े की रखवाली कर रहे नौकर को डरा-धमकाकर बंधक भी बना लिया। पुलिस ने इस संबंध में पीड़ित मकान मालिक की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने वारदात के रूट और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि चोरों के सुराग जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। पीड़ित गुरदयाल सिंह (निवासी गांव गोहीर) ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि रोजाना की तरह रात के समय उनके पशु बाड़े में मवेशी बंधे हुए थे और उनका नौकर वहां मौजूद था। इसी दौरान करीब पांच अज्ञात नकाबपोश चोर जबरन बाड़े के भीतर घुस आए। जब नौकर ने मुस्तैदी दिखाते हुए चोरों को रोकने और शोर मचाने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उसे हथियारों के बल पर डराया-धमकाकर काबू कर लिया। चोरों ने नौकर का मोबाइल फोन छीन लिया ताकि वह किसी को मदद के लिए फोन न कर सके और फिर उसे रस्सी से बुरी तरह बांधकर बंधक बना दिया। दो भैंसें और उसका बच्चा लेकर हुए फरार नौकर को पूरी तरह असहाय करने के बाद, चोरों ने बाड़े में बंधी दो कीमती भैंसें और एक भैंस का बच्चा खोला और उन्हें लेकर रात के अंधेरे में मौके से फरार हो गए। सुबह जब परिवार के लोग बाड़े पहुंचे, तब जाकर घटना का खुलासा हुआ और नौकर को मुक्त कराया गया। मामले के जांच अधिकारी (IO) सुखविंदर सिंह ने बताया कि पीड़ित गुरदयाल सिंह की शिकायत और बंधक बनाए गए नौकर के बयानों के आधार पर पांच अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
करनाल जिले में पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन कार्रवाइयों में नशा तस्करी, चोरी और सट्टा खाईवाली जैसे मामलों का खुलासा हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अफीम, चोरी किया गया सामान और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। सभी मामलों में आगे की जांच जारी है। एंटी नारकोटिक्स सेल करनाल की टीम ने इंचार्ज एसआई हिम्मत सिंह के नेतृत्व में थाना मुनक क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गांव पाढा निवासी परमजीत पुत्र राजेंद्र और गांव अहर, थाना मतलौडा जिला पानीपत निवासी अंकित पुत्र राजेंद्र के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 81 ग्राम अफीम और वारदात में प्रयुक्त एचएफ डीलक्स बाइक बरामद की। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे जल्दी अमीर बनने और अपने शौक पूरे करने के लिए अफीम की तस्करी करते थे। पुलिस टीम ने गश्त के दौरान दोनों को काबू किया। मामले में दोनों से गहन पूछताछ जारी है और अन्य संभावित खुलासों की जांच की जा रही है। चोरी के मामले में आरोपी गिरफ्तार, इन्वर्टर-बैटरी बरामद सीआईए असंध की टीम ने थाना असंध में दर्ज चोरी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान हरप्रीत सिंह उर्फ प्रिंस पुत्र जोगिन्द्र सिंह, निवासी गली नंबर 10 शिमलापुरी कॉलोनी लुधियाना (पंजाब), हाल निवासी गांव खेड़ी सरफली के रूप में हुई है। इस मामले में गांव खेड़ी सरफली निवासी प्रदीप कौर पत्नी बूटा सिंह की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस टीम ने मुख्य सिपाही राजिंदर के नेतृत्व में विश्वसनीय सूचना के आधार पर आरोपी को गांव खेड़ी सरफली बस अड्डे से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर 28 जून 2026 को राष्ट्रीय राजमार्ग-152डी के पास से चोरी किया गया माइक्रोटेक कंपनी का इन्वर्टर और स्मार्टन कंपनी की बैटरी बरामद की गई। आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया गया। सट्टा खाईवाली करते आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल जब्त सीआईए-3 की टीम ने पुरानी सब्जी मंडी क्षेत्र में छापेमारी कर सट्टा खाईवाली करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान भीम नगर निवासी राजेश पुत्र ज्ञान चंद के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद किया है। जांच अधिकारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी मोबाइल के जरिए ऑनलाइन नंबर लगाकर सट्टा खाईवाली कर रहा है। सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर दबिश देकर आरोपी को काबू किया। आरोपी के खिलाफ थाना शहर करनाल में मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस की अपील: नशे और अपराध की सूचना तुरंत दें जिला पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी नशा तस्करी या अन्य अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
मध्य प्रदेश के रतलाम में तीसरी मंजिल पर एक महिला के घर में बदमाश घुस गए। उन्होंने महिला के हाथ-पैर बांध दिए। विरोध करने पर मारपीट की। 4 महीने की बेटी को बाथरूम में छोड़ दिया। इसके बाद अलमारी का लॉकर तोड़कर 10 हजार रुपए नकद और मोबाइल लूट लिया। जाते-जाते महिला की कटी हुई चोटी भी साथ ले गए। जानकारी के मुताबिक, घटना सोमवार दोपहर करीब 1:40 बजे की है। हनुमान रुंडी इलाके में रहने वाले रुपेश सोलंकी बाजना बस स्टैंड स्थित अपनी हेयर सैलून की दुकान पर थे। घर में उनकी पत्नी मोनिका चार महीने की बेटी काव्या के साथ तीन मंजिला मकान की तीसरी मंजिल पर बने कमरे में थीं। बदमाशों ने हाथ-पैर बांधकर बनाया बंधक पीड़िता ने बताया कि अचानक दो बदमाश कमरे में घुस आए। शोर मचाने की कोशिश करने पर उन्होंने डराया-धमकाया, हाथ-पैर बांध दिए और चोटी काट दी। महिला ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन डर और सदमे से बेहोश हो गई। इसी दौरान बदमाश उसकी चार महीने की बेटी को उठा ले गए। वारदात से जुड़ी तस्वीरें देखिए… बच्ची को बाथरूम में छोड़कर लॉकर तोड़ा महिला को बंधक बनाने के बाद बदमाश चार महीने की काव्या को बाथरूम में छोड़ गए। इसके बाद अलमारी का लॉकर तोड़कर 10 हजार रुपए नकद और एक मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए। जाते-जाते महिला की कटी हुई चोटी भी साथ ले गए। 7 साल की पोती ने देखा, तब हुआ खुलासा घटना का पता तब चला, जब महिला के ससुर अशोक सोलंकी बड़े बेटे संजय की 7 वर्षीय बेटी नव्या और छोटे बेटे रुपेश के बेटे रुद्राक्ष को स्कूल से लेकर घर पहुंचे। नव्या दूसरी मंजिल पर अपने कमरे में गई, जबकि रुद्राक्ष नीचे दादा-दादी के पास खेलने लगा। इसी दौरान नव्या ने दो बदमाशों को घर से बाहर निकलते देखा। उसने तुरंत दादा को बताया। अशोक सोलंकी तीसरी मंजिल पर पहुंचे तो बहू मोनिका हाथ-पैर बंधी मिलीं। कमरे का नजारा देख उड़ गए होश अशोक सोलंकी ने तुरंत बहू के बंधन खोले। चार महीने की काव्या की तलाश करने पर वह बाथरूम में मिली। इसके बाद उन्होंने दोनों बेटों और पड़ोसियों को सूचना दी, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। परिजन मां और बेटी को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए, जहां दोनों का इलाज जारी है। सूचना मिलते ही माणकचौक थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पीड़िता और परिवार के अन्य सदस्यों के बयान दर्ज किए। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान ने बताया कि फरियादी के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। बदमाशों की पहचान के लिए आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
इंदौर के नगीन नगर इलाके में एक युवक को पीटने का वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। हिंदू संगठन के लोगों ने आरोप लगाया कि एक युवक हिंदू महिला को बाइक पर ले जा रहा था और उसे डरा-धमका रहा था। लोगों ने उसे पकड़ा और उसके पति को भी जानकारी दी, जिसके बाद पति मौके पर पहुंचा और युवक की डंडे से जमकर पिटाई कर दी। इधर, हिंदू संगठन के लोगों का कहना है कि युवक तो मौके से भाग निकला, लेकिन उसका मोबाइल मिला है, जिसमें कई महिलाओं के साथ उसके अश्लील वीडियो है। विश्व हिंदू परिषद, सामाजिक समरसता प्रमुख इंदौर तन्नू शर्मा ने बताया कि मामला सोमवार का है। एक युवक हिंदू महिला को बाइक पर बैठाकर उसे लव जिहाद का शिकार बनाने का प्रयास कर रहा था। स्थानीय लोगों ने देखा तो उसे पकड़ा और पति को जानकारी दी। पति ने युवक की पिटाई भी कर दी। युवक का मोबाइल चेक किया तो उसमें कई अश्लील वीडियो मिले है। सूचना पर जब हिंदू संगठन के लोग पहुंचे, लेकिन युवक भाग निकला था। मामले में तन्नू शर्मा का कहना है कि हम पता लगा रहे है कि वह कितनी महिलाओं को परेशान कर रहा था। विहिप नेता तन्नू शर्मा ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उसकी मोबाइल की जांच की जाए कि उसने किन हिंदू महिलाओं को लव जिहाद में फंसाया है और उनकी अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैक मेल किया है। रात में चंदन नगर थाने पर शिकायत करेंगे।
अजमेर की रनर सूफिया सूफी ने कहा कि क्षेत्र कोई भी हो, जीवन में सफलता के लिए मजबूत मानसिकता और सकारात्मक सोच सबसे बड़ी ताकत होती है। खुद पर विश्वास रखें और कड़ी मेहनत करें। खेल एक ऐसी चीज है जो जीवन में किसी भी प्रकार की लत या हताशा से बाहर निकलने में मदद करती है। इसलिए शारीरिक वर्कआउट बेहद जरूरी है। उन्होंने अपनी 5 हजार किलोमीटर की दौड़ भारतीय सेना को समर्पित बताते हुए इसे देश के वीर जवानों के सम्मान का प्रतीक बताया। इस दौरान बच्चों और युवाओं से मोबाइल की लत से दूर रहने, खेलों से जुड़ने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। दरअसल, सोमवार को 5 हजार किलोमीटर की दौड़ पूरी कर गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने की दिशा में आगे बढ़ रही सूफिया अजमेर पहुंचीं। इस दौरान सूफिया का हार्टफुलनेस संस्थान और टीम ग्रीन हार्टफुलनेस रन की ओर से पटेल स्टेडियम में अभिनंदन किया गया। अजमेर सहित पूरा राजस्थान स्पोर्ट्स कल्चर से दूर पत्रकारों से बात करते हुए सूफिया ने कहा कि स्पोर्ट्स का कल्चर अजमेर के साथ-साथ पूरे राजस्थान में नहीं है और इसे देखकर बढ़ा दुख होता है। आज के समय में बच्चे मोबाइल फोन में रील्स स्क्रॉल करने में लगे रहते हैं। उन्हें अपनी इस आदत और मानसिकता को बदलने की जरूरत है। वे जितना ज्यादा मोबाइल से दूर रहेंगे और शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान देंगे, उतना ही अपनी सेहत को बेहतर बना पाएंगे। अब तक 5 वर्ल्ड रिकॉर्ड बना चुकी सूफिया इस दौरान उन्होंने कहा कि वे इन दिनों ‘रन अक्रॉस इंडिया'' अभियान के तहत कन्याकुमारी से लद्दाख के काराकोरम तक दौड़ रही हैं। अब तक वे 2900 किमी की दूरी तय कर चुकी हैं और आज अजमेर पहुंचीं हैं। वे अब तक पांच विश्व रिकॉर्ड बना चुकी हैं। यह उनका छठा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड होगा। 12 मई को कन्याकुमारी से शुरू हुई दौड़ जुलाई में पूरा करने का लक्ष्य सूफिया ने बताया- 12 मई को कन्याकुमारी से दौड़ शुरू की थी। जुलाई तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। वे रोजाना 65 से 70 किलोमीटर दौड़ती हैं, जिसे पूरा करने में करीब 8 घंटे लगते हैं। उनकी दौड़ का उद्देश्य युवाओं को अपने सपनों के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा देना है। उन्होंने अपनी यात्रा का हर किलोमीटर देश के वीर सैनिकों को समर्पित किया है। ---------------------------------- पढें ये खबर भी… राजस्थान की सूफिया 98 घंटे तक खतरनाक पहाड़ों पर दौड़ीं:गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम, पहले भी मनाली-लेह के रास्ते पर की थी रनिंग अजमेर की रनर सूफिया सूफी (40) ने एक और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। सूफिया सूफी ने हिमाचल प्रदेश के मनाली से लेह तक 430 किलोमीटर की दूरी 98 घंटे 27 मिनट में पूरी की। सूफिया सूफी इससे पहले 4 रिकॉर्ड बना चुकी हैं। (पूरी खबर पढ़ें…)
शिवपुरी जिले के पिछोर तहसील में 19 जून को एक घटना के संबंध में लोधी युवा शक्ति संगठन ने सोमवार को कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने खनिज विभाग की कार्रवाई के दौरान युवक मंगल लोधी के साथ कथित मारपीट, अभद्र व्यवहार और मोबाइल छीनने का आरोप लगाया। उन्होंने खनिज निरीक्षक ऋषभ सिंह दीक्षित को तत्काल निलंबित करने, एफआईआर दर्ज करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। संगठन के सदस्य कपूर लोधी ने बताया कि 19 जून को पत्थर से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पर कार्रवाई चल रही थी। इस दौरान मौके पर मौजूद कई लोग अपने मोबाइल से वीडियो बना रहे थे। मंगल लोधी भी घटना की रिकॉर्डिंग कर रहे थे। आरोप है कि खनिज निरीक्षक ऋषभ सिंह दीक्षित ने उनका मोबाइल छीन लिया। जब मंगल लोधी ने अपना मोबाइल वापस मांगा, तो उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया, थप्पड़ मारा गया और धक्का-मुक्की की गई। बोले- गलत ढंग से FIR कराई गईसंगठन का दावा है कि इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो उपलब्ध है। इसके बावजूद, खनिज निरीक्षक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके विपरीत, मंगल लोधी के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कर दिया गया। ज्ञापन में 112 डायल वाहन के उपयोग की भी जांच की मांग की गई है। संगठन ने यह स्पष्ट करने को कहा है कि वाहन का उपयोग किस आदेश और वैधानिक प्रक्रिया के तहत किया गया था। यदि जांच में कोई अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।मांग- निष्पक्ष अधिकारी से कराई जाएजिला पंचायत सदस्य सियाराम लोधी ने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच किसी वरिष्ठ और निष्पक्ष अधिकारी से कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी होने तक खनिज निरीक्षक को निलंबित किया जाना चाहिए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, यदि मंगल लोधी के खिलाफ दर्ज प्रकरण जांच में गलत साबित होता है, तो उसे निरस्त किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आगामी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि इस मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष भी उठाया जाएगा। पुलिस बोली- मामले की जांच जारीइस मामले में पिछोर थाना प्रभारी नीतू सिंह अहिरवार का कहना है कि पुलिस ने खनिज विभाग के आवेदन पर प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की थी। पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षक बोले- वीडियो काट-छांटकर पेश कियावहीं खनिज निरीक्षक ऋषभ सिंह दीक्षित ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि कार्रवाई के दौरान मौके पर जानबूझकर विवाद की स्थिति बनाई गई थी। जो वीडियो वायरल किया जा रहा है, उसे काट-छांटकर पेश किया गया है। उनका दावा है कि एक अन्य वीडियो भी मौजूद है, जिसमें मंगल लोधी जब्त की गई ट्रैक्टर-ट्रॉली को ले जाने से रोकते हुए दिखाई दे रहा है। ऋषभ दीक्षित ने यह भी कहा कि मंगल लोधी के खिलाफ पहले से आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि अब तक जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉली के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए गए हैं, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि संबंधित वाहन किसका है।
गयाजी में पुलिस ने अलग-अलग क्षेत्रों से 68 स्मार्ट फोन बरामद किया है। जिन्हें मालिकों को सौंप दिया गया है। एसएसपी सुशील कुमार ने बताया कि रिकवर 68 स्मार्टफोन की कुल अनुमानित कीमत लगभग 20 लाख 50 हजार रुपए है। एसएसपी ने कहा कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब गयाजी पुलिस ने ऐसी कार्रवाई की है। इससे पहले भी पुलिस विभाग की ओर से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन बरामद कर जनता को लौटाया जा चुका है। पुलिस लगातार इस अभियान पर काम कर रही है और जो भी मोबाइल फोन खो जाते हैं या चोरी हो जाते हैं, उन्हें तकनीकी सर्विलांस की मदद से रिकवर कर असली मालिकों को सौंपने का सिलसिला जारी है। ऑपरेशन मुस्कान तहत कार्रवाई हो रही है। एसएसपी सुशील कुमार ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल फोन गुम हो जाता है या चोरी हो जाता है तो वे घबराएं नहीं। सबसे पहले अपने नजदीकी थाने में जाकर इस संबंध में एक सनहा जरूर दर्ज करवाएं। सनहा दर्ज कराना इस पूरी प्रक्रिया का सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम है। CEIR पोर्टल का उपयोग करने की सलाह मोबाइल धारकों को भारत सरकार के सीईआईआर पोर्टल का उपयोग करना चाहिए। एसएसपी ने प्रक्रिया समझाते हुए बताया कि मूल मोबाइल धारक को इस पोर्टल पर जाकर खुद को रजिस्टर करना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान उन्हें अपने मोबाइल से जुड़ी तमाम जानकारियां जैसे… मोबाइल का आईएमईआई नंबर, मोबाइल का मॉडल नंबर, कंपनी का नाम और थाने में दर्ज कराए गए सनहा की एक कॉपी अपलोड करनी होगी। अपराधियों को पकड़ने में मिलेगी मदद एसएसपी ने इसके फायदे बताते हुए कहा कि सीईआईआर पोर्टल पर डेटा अपलोड होने के बाद, यदि कोई भी अन्य व्यक्ति उस गुम या चोरी हुए मोबाइल का उपयोग करने की कोशिश करेगा तो असली मालिक को तुरंत ऑटोमैटिक नोटिफिकेशन मिल जाएगा। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस को भी इसकी सूचना तुरंत मिल जाएगी। चूंकि हर स्थानीय थाने के पास अब CEIR का एक्सेस मौजूद है। इसलिए पुलिस के लिए मोबाइल को लोकेट करना और उसे रिकवर करना बेहद आसान हो जाएगा। इस तकनीक की मदद से मोबाइल चोरी की घटनाओं में संलिप्त अपराधियों को पकड़ने और उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने में पुलिस को मदद मिलेगी।
राजनांदगांव। बसंतपुर थाना पुलिस ने सस्ते दाम में जमीन दिलाने का झांसा देकर 3.50 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी की रकम से खरीदी गई एक मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी जब्त किया है। पुलिस के अनुसार, चौकी सुरगी क्षेत्र के ग्राम धामनसरा निवासी तरुण निषाद की वर्ष 2021 में आरोपी दुर्गेश कुमार यादव (22) निवासी मानाटोला, जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी से पहचान हुई थी। आरोपी अपने मौसा के घर धामनसरा आया हुआ था और खुद को जमीन की खरीद-बिक्री का कारोबार करने वाला बताता था। मोबाइल में दिखाई जमीन, किश्तों में लिए 3.50 लाख दुर्गेश ने तरुण को मोबाइल में जमीन की तस्वीरें दिखाकर बेहद कम कीमत में जमीन दिलाने का भरोसा दिलाया। दोनों के बीच 3.50 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। आरोपी के झांसे में आकर प्रार्थी ने अलग-अलग किश्तों में फोन के माध्यम से कुल साढ़े तीन लाख रुपये उसके खाते में भेज दिए। रकम मिलने के बाद आरोपी ने न तो जमीन दिलाई और न ही पैसे लौटाए। खुद के साथ धोखाधड़ी होने का एहसास होने पर पीड़ित ने बसंतपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। विशेष टीम ने दबिश देकर दबोचा मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में पुलिस ने मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने धोखाधड़ी करना स्वीकार कर लिया। बाइक और मोबाइल जब्त आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने ठगी की रकम से खरीदी गई एसपी-125 बाइक (CG-08-AY-3881) और एक ओप्पो मोबाइल फोन जब्त किया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 420 के तहत कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
छतरपुर में रविवार देर रात हुए एक भीषण सड़क हादसे में पिता-पुत्र की जान चली गई। हादसे में एक युवक गंभीर रूप से घायल है। घटना से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने सोमवार को शव सड़क पर रखकर चक्काजाम कर दिया। तीनों एक शादी समारोह से बाइक पर लौट रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार अज्ञात बोलेरो ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। बड़ेरापुरा निवासी रामकृपाल सेन (60), उनका बेटा संदीप सेन (32) और हेमंत कुशवाहा (19) छतरपुर के एक होटल में शादी समारोह में गए थे। रात करीब 11 बजे तीनों एक ही बाइक से गांव लौट रहे थे। हमा गांव के पास निर्माणाधीन ब्रिज पर अज्ञात बोलेरो ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में रामकृपाल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि संदीप ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। घायल हेमंत का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। देखिए चक्का जाम की तस्वीरें… सबूत मिटाने के लिए आरोपी ने छीना मोबाइलघायल हेमंत ने बताया कि हादसे के बाद उसने अपने मोबाइल से घटना का वीडियो बना लिया था। यह देख आरोपी वाहन चालक उसका मोबाइल छीनकर मौके से भाग गया, ताकि कोई सबूत न बचे। पुलिस को घटनास्थल से बोलेरो के टूटे हुए हिस्से मिले हैं, जिसके आधार पर वाहन की तलाश की जा रही है। ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, सड़क पर रखा शवसोमवार को हादसे से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने हमा गांव में शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि एमकेसी कंपनी ब्रिज बना रही है, लेकिन वहां कोई बैरिकेड या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया है। सूचना मिलते ही सीएसपी और कोतवाली समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई है। पुलिस अधिकारी परिजनों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास कर रहे हैं।
बहादुरगढ़ मोबाइल लूट केस में बड़ा खुलासा:चाकू के बाद ऑटो भी हुआ बरामद; Paytm से उड़ाई थी राशि
झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में मोबाइल लूट और ऑनलाइन ठगी के मामले में पुलिस को सफलता मिली है। थाना सेक्टर-6 पुलिस ने पुलिस रिमांड के दौरान दोनों आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया ऑटो बरामद कर लिया है। इससे पहले पुलिस आरोपियों से घटना में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर चुकी है। पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। थाना सेक्टर-6 प्रभारी उपनिरीक्षक सत्यवीर ने बताया कि मामले में गिरफ्तार नीरज निवासी संत कबीर बस्ती, बहादुरगढ़ और विकास निवासी बनी पाना, सांखोल को रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने वारदात में इस्तेमाल किए गए ऑटो की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने उसे बरामद कर लिया। ऐसे दिया था वारदात को अंजाम पुलिस के अनुसार, पीड़ित मोहम्मद आसिफ अली ने शिकायत में बताया कि 6 मई 2026 की रात वह मोबाइल चार्ज करवाने के बाद ऑटो में बैठकर अपने गांव जाखौदा लौट रहा था। रास्ते में ऑटो चालक ने पहले से बैठे दो युवकों के साथ मिलकर ऑटो का रास्ता बदल दिया। सेक्टर-16 इलाके में पहुंचने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की, मोबाइल फोन छीन लिया और Paytm का पासकोड पूछकर उसके खाते से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कर पैसे निकाल लिए। इसके बाद आरोपी फरार हो गए। CCTV से काबू आए आरोपी शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आसपास के CCTV फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अदालत से रिमांड मिलने के बाद पूछताछ में पुलिस ने पहले वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू और अब ऑटो भी बरामद कर लिया है। पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है।
इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में एक शख्स ने ऑनलाइन ऑर्डर के बहाने महंगा आईफोन बुलवाया और फिर उसे लेकर फरार हो गया। आरोपी ने 1 लाख 34 हजार 900 रुपए कीमत का आईफोन 17 प्रो 256 जीबी लिया, लेकिन भुगतान नहीं किया। मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। लसूड़िया पुलिस के मुताबिक विजयश्री नगर निवासी हिमांशु (30) पिता श्याम भाटिया की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। हिमांशु एक मोबाइल दुकान में स्टोर मैनेजर है। उसने पुलिस को बताया कि 1 जून को दिलीप नाम के ग्राहक ने आईफोन 17 प्रो 256 जीबी मॉडल का ऑर्डर किया था। ऑर्डर लेकर बताए पते पर पहुंचा था स्टोर मैनेजर ऑर्डर मिलने के बाद हिमांशु मोबाइल लेकर ग्राहक के बताए पते श्रीनाथ पैलेस निपानिया स्थित फ्लैट पर पहुंचा। यहां बातचीत के दौरान आरोपी ने मौके का फायदा उठाया और टेबल पर रखा आईफोन उठाकर भाग गया। आरोपी ने मोबाइल की कीमत का भुगतान भी नहीं किया। पुलिस ने जांच के बाद प्रकरण दर्ज किया मोबाइल लेकर फरार होने के बाद स्टोर मैनेजर ने आरोपी की तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद पुलिस को शिकायत की गई। शिकायत की जांच के बाद रविवार को एफआईआर दर्ज की गई है।पुलिस अब आरोपी की पहचान के लिए इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
20 लाख की ब्राउन शुगर के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, कार और दो मोबाइल भी जब्त
भास्कर न्यूज | चतरा जिले में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सदर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए करीब 20 लाख रुपये मूल्य की 21.10 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। सदर थाना प्रभारी अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि चतरा-इटखोरी मार्ग पर भेड़ी फार्म डैम के समीप कुछ लोग मादक पदार्थ की खरीद-बिक्री के उद्देश्य से पहुंचे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी की और संदिग्धों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान दोनों युवकों के पास से 21.10 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई। बरामद मादक पदार्थ का अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य करीब 20 लाख रुपये आंका गया है। गिरफ्तार तस्करों की पहचान इटखोरी थाना क्षेत्र के पीतिज गांव निवासी बेचन दांगी के पुत्र विकास कुमार दांगी तथा इंद्रदेव सिंह के पुत्र रवि कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को मौके से गिरफ्तार कर थाना लाया, जहां उनसे पूछताछ की गई। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि ब्राउन शुगर की खेप कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। पुलिस इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। छापेमारी अभियान के दौरान पुलिस ने तस्करों के पास से उनकी नई ब्रेजा कार व दो एनरायड मोबाइल फोन भी जप्त किया है। तस्कर भेड़ी फार्म डैम के पास बाहरी तस्कर का इंतजार कर रहे थे। यहां बाहर से तस्कर ब्राउन शुगर की खरीदारी करने के पहुंचने वाले थे। लेकिन पुलिस ने इससे पहले इन्हें गिरफ्तार कर लिया। हांलाकि पुलिस ने इस नेटवर्क में शामिल कुछ अन्य तस्करों की भी पहचान की है। जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
युवा टीम ने मोबाइल कैमरे से खींची 120 तस्वीरें, प्रदर्शनी में डिस्प्ले
सिटी रिपोर्टर }गौरागिनी आर्ट्स की ओर से रविवार को जवाहर कला केंद्र की पारिजात-2 आर्ट गैलरी में फोटोग्राफी प्रदर्शनी ‘जयपुर हमारी नजर से’ आयोजित हुई। इसमें 17 वर्षीय कृष्णप्रिया भाटिया और उनकी टीम ने मोबाइल कैमरे से खींची 120 तस्वीरें प्रदर्शित कीं। तस्वीरों में जयपुर की धरोहर, ऐतिहासिक इमारतें, बारिश के बाद के दृश्य और शहर की प्राकृतिक सुंदरता को युवा नजरिए से दिखाया गया। प्रदर्शनी का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने किया। कृष्णप्रिया ने बताया कि परिवार और दोस्तों के साथ यात्राओं के दौरान ली गई तस्वीरों के संग्रह से इस प्रदर्शनी का विचार आया और सभी तस्वीरें मोबाइल कैमरे से क्लिक की गई हैं।
सीकर में NEET की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स की आपसी लड़ाई में हॉस्टल संचालक ने 2 स्टूडेंट्स को बेरहमी से पाइपों से पीटा। यह घटना 26 जून की रात 2 बजे शहर के पिपराली रोड स्थित एक बॉयज हॉस्टल में हुई। बॉयज हॉस्टल में रहने वाले दोनों पीड़ित स्टूडेंट्स ने बताया- हमारे साथ मारपीट की। हमारे मोबाइल छीन लिए। इसके बाद परिजनों से बात भी नहीं करने दी। हमें बाउंसर्स के साथ कोचिंग भेजा और वापस हॉस्टल ले गए। बाद में रूममेट की मदद से फोन कर परिजनों को घटना की जानकारी दी। वहीं घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। CI राजेश बुडानिया ने बताया- एक स्टूडेंट्स के परिजन ने 27 जून को शिकायत दी थी। पुलिस ने संज्ञान लेते एक आरोपी को शांतिभंग की धारा में गिरफ्तार किया। दोनों स्टूडेंट्स के परिजन ने हॉस्टल संचालक, बाउंसर्स समेत कुल 4 नामजद लोगों पर मारपीट करने और बंधक बनाने का मामला रविवार को दर्ज करवाया। छात्रों के परिजन ने दर्ज कराए मुकदमे मारपीट के मामले में छात्रों के परिजनों ने 2 अलग-अलग मुकदमे दर्ज करवाए हैं। मामले की जांच RPS अधिकारी को दी गई है। पीड़ित स्टूडेंट्स के परिजनों ने बताया कि मेरा बेटा करीब डेढ़ साल से एक कोचिंग में NEET फाउंडेशन की तैयारी कर रहा है। 26 जून को मेरे बच्चे की किसी अन्य बच्चे से लड़ाई हो गई। इसी बीच हॉस्टल संचालक 3 बाउंसर्स के साथ आया और दोनों बच्चों की बुरी तरह पाइपों से पिटाई कर दी। दोनों बच्चों को पीटते समय वीडियो कॉलिंग करके भी दिखाया गया। आरोपियों ने कथित रूप से जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए बच्चे की पिटाई की। मोबाइल छीना, परिजनों से बात नहीं करने दी पीड़ित छात्रों ने बताया- घटना के बाद हमारे मोबाइल फोन छीन लिए और हमें परिजनों से बात नहीं करने दी। छात्रों का आरोप है कि मारपीट के बाद उन्हें कोई इलाज या दवा भी उपलब्ध नहीं कराई। अगले दिन बाउंसर्स के साथ हमें कोचिंग भेजा गया और वापस हॉस्टल ले जाया गया। बाद में पीड़ितों ने एक रूममेट की मदद से चोरी-छिपे फोन कर परिजनों को घटना की जानकारी दी। CI राजेश बुडानिया ने बताया- वायरल वीडियो, उपलब्ध साक्ष्यों और पीड़ितों के बयानों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर जयपुर से है। युवती पर खौलता पानी फेंकने वाले कॉन्स्टेबल को पुलिस विभाग ने लाइन हाजिर कर दिया है। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, राजस्थान दिनभर में क्या कुछ खास रहा... पहले टॉप 5 खबरें1. युवती पर खौलता पानी फेंकने वाला पुलिसकर्मी लाइन हाजिरजयपुर के रामनगरिया थाना क्षेत्र में युवती पर खौलता पानी फेंकने वाले कॉन्स्टेबल नरेंद्र को पुलिस विभाग ने लाइन हाजिर कर दिया है। साथ ही सरकार ने पीड़िता के इलाज का पूरा खर्च उठाने, आर्थिक सहायता देने और परिवार के पुनर्वास के लिए डेयरी बूथ आवंटित करने की घोषणा की है। पूरी खबर पढ़ें 2. 11-12 साल के 3 बच्चों ने काटा था दोस्त का सिरजयपुर में 10 साल के बच्चे की हत्या के मामले का पुलिस ने रविवार को खुलासा कर दिया है। हत्या करने वाले 3 दोस्तों को पकड़ा गया है, जिनकी उम्र महज 11-12 साल है। बहन के लिए गलत बोलने के कारण आरोपी नाराज थे। पार्टी के बहाने लड़के को बुलाकर सिर काट दिया। पूरी खबर पढ़ें 3. उदयपुर में बारिश, अंधड़ के कारण पेड़ गिरेउदयपुर में रविवार दोपहर मौसम अचानक बदल गया और तेज बारिश हुई। आंधी के कारण कुछ जगह पेड़ भी गिर गए, जिनके नीचे गाड़ियां दब गईं। इससे पहले शनिवार को बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, पाली समेत कई जिलों में 1 से 3 इंच तक बरसात हुई। उदयपुर जिले में बाकल नदी बहने लगी। पूरी खबर पढ़ें 4. एक्सरसाइज करते समय कॉन्स्टेबल को आया हार्टअटैकसवाई माधोपुर पुलिस लाइन में तैनात कॉन्स्टेबल की हार्टअटैक से मौत हो गई। कॉन्स्टेबल SI भर्ती की तैयारी कर रहे थे। रविवार सुबह दौड़ लगाने के बाद एक्सरसाइज कर रहे थे। इसी दौरान अचानक हार्ट अटैक आया और अचेत होकर मैदान में गिर पड़े। पूरी खबर पढ़ें 5. बदमाशों ने मोबाइल लूटा, चलती ट्रेन से कूदा युवक अजमेर में ट्रेन के कोच में गेट पर खड़े युवक का बदमाशों ने मोबाइल लूट लिया और भागने लगे। युवक ने चेन पुलिंग की और ट्रेन से छलांग लगा दी। घायल होने के बाद करीब 1 किलोमीटर पीछा कर एक महिला और पुरुष को पकड़ लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपियों की पिटाई कर दी। पूरी खबर पढ़ें अब 3 अहम खबरें6. युवक की मूंछ-बाल काटे, जूतों की माला पहनाईबाड़मेर के एक गांव में घर में घुसने के आरोप में युवक को बंधक बनाकर मारपीट की गई। लोगों ने उसे अपमानित करने की नीयत से आधी मूंछ और बाल काटकर उसे चप्पल-जूतों की माला पहना दी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पूरी खबर पढ़ें 7. JEE की छात्रा ने फ्लाईओवर से कूदकर सुसाइड कियाकोटा में JEE की तैयारी कर रही 17 साल की छात्रा ने फ्लाईओवर से छलांग लगाकर जान दे दी। छात्रा बिहार के अररिया जिले की रहने वाली थी। वह जनवरी से कोटा में पीजी में रह रही थी और एक कोचिंग संस्थान से जेईई की तैयारी कर रही थी। पूरी खबर पढ़ें 8. तेज रफ्तार कार खेत में पलटी, युवक की मौतअलवर के लक्ष्मणगढ़ कस्बे में गोपालपुरा मोड़ के पास तेज रफ्तार कार बेकाबू हो गई और सड़क किनारे खेत में पलटी खा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे में कार सवार 1 युवक की मौत हो गई, जबकि उसके 2 दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए। पूरी खबर पढ़ें खबर जो हटकर है9. पानी की फुहारों से प्रदूषण कम कर रही वैनजयपुर की हवा साफ करने के लिए हाईटेक मोबाइल मशीन सड़क पर उतर गई है। IIT खड़गपुर की तकनीक से बनी यह वैन प्रदूषण वाले इलाकों में घूमकर पानी की फुहारें छोड़ रही है और हवा में मौजूद प्रदूषक कणों को कम करने का काम कर रही है। पूरी खबर पढ़ें कल क्या होगा खास10. भामाशाहों का सम्मान किया जाएगा जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में सोमवार सुबह 11 बजे भामाशाह सम्मान समारोह होगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर भामाशाहों का सम्मान करेंगे।
खैरथल-तिजारा जिले में रविवार से तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत हो गई। जिला अस्पताल भिवाड़ी में जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश ने पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने जिला अस्पताल परिसर में नवनिर्मित मदर लैब का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद गेट ने बताया- जिले में 28, 29 और 30 जून तक पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत जिले के 1,69,723 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। आरसीएचओ डॉ. सूआ लाल ने बताया कि जिलेभर में 1,124 पोलियो बूथ बनाए गए हैं। वहीं, 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक देंगी, जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाएंगे। अभियान की निगरानी और प्रभावी संचालन के लिए 135 सुपरवाइजर, 46 मोबाइल टीमें और 23 ट्रांजिट टीमें तैनात की गई हैं। विभाग का उद्देश्य है कि जिले का कोई भी पांच वर्ष तक का बच्चा पोलियो रोधी दवा से वंचित न रहे। अभिभावकों से बच्चों को पोलियो की खुराक दिलाने की अपील सीएमएचओ डॉ. अरविंद गेट ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं और पोलियो मुक्त भारत के लक्ष्य को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें। अभियान के शुभारंभ अवसर पर जिला अस्पताल के चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी भाग लिया।
वाराणसी के बीएचयू स्थित सर सुंदरलाल अस्पताल में रविवार को इमरजेंसी वार्ड के बाहर हंगामा हो गया। इलाज कराने पहुंचे एक युवक ने सुरक्षाकर्मियों पर अभद्र व्यवहार और मारपीट का आरोप लगाया। युवक का दावा है कि वीडियो बनाने पर सुरक्षाकर्मियों ने उसके साथ धक्का-मुक्की की और मोबाइल छीनने की भी कोशिश की। घटना का वीडियो सामने आया है। हालांकि, इस मामले में अब तक अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, पुलिस का कहना है कि किसी भी पक्ष की ओर से अभी तक लिखित शिकायत नहीं मिली है। परिजनों के साथ इलाज कराने पहुंचा था युवक युवक अपने परिजनों के साथ इलाज कराने के लिए बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल पहुंचा था। उसका आरोप है कि इमरजेंसी वार्ड के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने प्रवेश के दौरान उससे अभद्र व्यवहार किया और गलत तरीके से बात की। युवक का कहना है कि जब उसने पूरे घटनाक्रम का वीडियो मोबाइल से रिकॉर्ड करना शुरू किया तो सुरक्षाकर्मी भड़क गए। आरोप है कि इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई और मोबाइल फोन छीनने की भी कोशिश की गई। घटना के दौरान बनाया गया वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अस्पताल प्रशासन ने नहीं दी प्रतिक्रिया घटना को लेकर अभी तक बीएचयू अस्पताल या विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अस्पताल के अधिकारी भी फिलहाल इस मामले पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। पुलिस बोली- अभी कोई शिकायत नहीं मिली पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं दी गई है। शिकायत मिलने पर जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अबोहर में दिनदहाड़े युवक से कापे की नोक पर लूट:10 हजार रुपए और मोबाइल छीनकर 2 बदमाश फरार
अबोहर में दिनदहाड़े एक युवक से कापे की नोक पर 10 हजार रुपए नकद और मोबाइल फोन लूट लिया गया। यह घटना नई आबादी क्षेत्र में स्टील ओवरब्रिज के नीचे दोपहर करीब ढाई बजे हुई, जब पीड़ित हर्ष स्वामी दुकान से घर लौट रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन आरोपी अभी तक फरार हैं। पीड़ित हर्ष स्वामी (पुत्र अनुदत्त स्वामी, निवासी गली नंबर 15, छोटी पौड़ी, नई आबादी) शहर की एक दुकान में नौकरी करता है। उसने सिटी-2 पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह दुकान से घर लौट रहा था और उसके पास वेतन के रूप में मिले करीब 10 हजार रुपए मौजूद थे। झाड़ियों से निकल आए 2 युवक हर्ष के अनुसार, जब वह नई आबादी जाने वाले स्टील ओवरब्रिज के नीचे पहुंचा, तो झाड़ियों में छिपे दो युवक अचानक उसके सामने आ गए। दोनों के हाथों में तेजधार कापे थे। आरोपियों ने हथियार दिखाकर उसे डराया और उसकी जेब में रखी नकदी तथा रेडमी कंपनी का मोबाइल फोन छीन लिया। पीड़ित ने शोर मचाया तो दोनों आरोपी जेपी पार्क की दीवार फांदकर मौके से फरार हो गए। हर्ष ने तुरंत सिटी-2 थाना पुलिस को घटना की सूचना दी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों और सुनसान क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाई जानी चाहिए। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों की तलाश कर रही है।
अजमेर में चलती ट्रेन में युवक का मोबाइल लूटने का मामला सामने आया है। युवक अजमेर-सरायरोहिल्ला ट्रेन के कोच में गेट पर खड़ा होकर मोबाइल देख रहा था। इसी दौरान बाहर से बदमाशों ने पानी की बोतल फेंकी। युवक के हाथ से मोबाइल नीचे गिर गया। बदमाश मोबाइल लेकर भागने लगे। युवक ने चेन पुलिंग करके चलती ट्रेन से छलांग लगा दी। घायल होने के बाद भी पीछा करके एक महिला और पुरुष को स्थानीय लोगों की मदद से राजा सर्कल स्थित जीसीए-1 ब्रिज के पास पकड़ लिया । घटना रविवार दोपहर करीब 3 बजे अलवर गेट इलाके की है। आरोपियों के बैग में पीड़ित के मोबाइल समेत तीन अन्य मोबाइल और एक कीमती घड़ी बरामद हुई। मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपियों की पिटाई कर दी। पहले देखिए वारदात के PHOTOS… चलती ट्रेन से कूदा युवक दौसा निवासी पीड़ित दीपक ने बताया- मैं अजमेर-सरायरोहिल्ला ट्रेन से अजमेर से जयपुर जा रहा था। कोच में गेट के पास खड़ा होकर मोबाइल पर लाइव लोकेशन देख रहा था। इसी दौरान ट्रैक के पास नीचे खड़े बदमाशों ने मेरे ऊपर पानी की बोतल फेंक दी। बोतल हाथ पर लगने से मोबाइल नीचे गिर गया, जिसे उठाकर बदमाश भाग निकले। मैंने ने चेन पुलिंग करवाई और ट्रेन से कूद गया। बदमशों के पीछे दौड़ पड़ा। बदमाश झाड़ियों में छिप गए। मोबाइल एक महिला और पुरुष को दे दिया। मैंने उनका पीछा किया और लोगों की मदद से राजा सर्कल स्थित जीसीए-1 ब्रिज के पास से दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। सूचना मिलने पर पहले अलवर गेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन मामला रेलवे क्षेत्र का होने के कारण जीआरपी को सौंप दिया गया। --- ये खबर पढ़ें… हॉस्पिटल से बस स्टैंड तक फैला था चोरों का नेटवर्क:रात में रेकी के बाद सोते लोगों को बनाते निशाना, दो बदमाशों को किया गिरफ्तार एसएमएस हॉस्पिटल थाना पुलिस ने संगठित मोबाइल चोर गिरोह का खुलासा कर दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 1.5 लाख रुपये से अधिक कीमत के 8 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए। (पूरी खबर पढ़ें)
हरियाणा के भिवानी जिले के लोहारू क्षेत्र में पिछले लगभग एक सप्ताह से मोबाइल नेटवर्क की गति धीमी होने से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या के कारण लोगों के दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। नेटवर्क की खराबी के चलते मोबाइल कॉल बार-बार कट रही हैं, इंटरनेट की गति अत्यंत धीमी हो गई है और ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, ऑनलाइन भुगतान, बैंकिंग सेवाएं, सरकारी पोर्टलों पर कार्य, विद्यार्थियों की पढ़ाई और व्यापारिक लेन-देन जैसे आवश्यक डिजिटल कार्य प्रभावित हो रहे हैं। कई क्षेत्रों में इंटरनेट सेवा लगभग ठप है। लोग बोले- अभी तक स्थाई समाधान नहीं किया गया सुरेन्द्र दलाल, मंजीत, प्रविन्द्र धोला, कर्मबीर, भूपेंद्र (ढाणी टोडा), कुलविंदर और बागड़ी सहित अनेक स्थानीय निवासियों ने इस स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह से लगातार नेटवर्क की समस्या बनी हुई है, लेकिन संबंधित मोबाइल कंपनियों द्वारा अभी तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया है। तकनीकी खामियों को दूर करने की मांग की नागरिकों का कहना है कि डिजिटल युग में मोबाइल नेटवर्क एक मूलभूत आवश्यकता बन चुका है। नेटवर्क बाधित होने से आमजन, विद्यार्थी, व्यापारी और नौकरीपेशा लोग भारी परेशानी झेल रहे हैं। उन्होंने एयरटेल, जियो, बीएसएनएल जैसी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों और दूरसंचार विभाग से क्षेत्र में नेटवर्क व्यवस्था की तत्काल जांच कर तकनीकी खामियों को दूर करने की मांग की है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर आगे की रणनीति पर विचार करेंगे।
सिरसा पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने मोबाइल चोरी की वारदात का मात्र 24 घंटे में खुलासा करते हुए आरोपी को चोरी के मोबाइल सहित गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि वार्ड नंबर-27, रानियां गेट निवासी मोहित शर्मा ने शिकायत दर्ज करवाई थी। मोहित ने बताया कि 26 जून की रात वह सिरसा के टाउन पार्क में सो रहा था। इसी दौरान एक अज्ञात युवक उसकी जेब से मोबाइल फोन चोरी कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने जुटाए सुराग, आरोपी अरेस्ट शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाना में अज्ञात आरोपी के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी एवं गोपनीय सूचनाओं के आधार पर महत्वपूर्ण सुराग जुटाए। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी रिंकू सिंह को गिरफ्तार कर लिया। रिंकू सिंह गांव जाटू लौहारी का निवासी है और वर्तमान में रेलवे कॉलोनी, सिरसा में रहता है। उसके पास से चोरी किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
इंदौर-उज्जैन रोड पर शनिवार-रविवार दरमियानी रात सपना ट्रैवल्स की एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा नानाखेड़ा थाना क्षेत्र के तपोभूमि के पास रात करीब 1 से 1:30 बजे के बीच हुआ। दुर्घटना में करीब 20 यात्री घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। 6 यात्रियों को गंभीर चोट, चरक अस्पताल में भर्ती हादसे में छह यात्रियों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें जिला अस्पताल के चरक भवन में भर्ती कराया गया है। अन्य यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार भर्ती सभी घायलों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। तेज बारिश में डिवाइडर पर चढ़कर पलटी बस बस इंदौर बस स्टैंड से उज्जैन के नानाखेड़ा बस स्टैंड जा रही थी। बताया जा रहा है कि बस में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे और कई लोग खड़े होकर यात्रा कर रहे थे। हादसे के समय तेज बारिश हो रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गई और पलट गई। ड्राइवर पर मोबाइल और शराब पीकर बस चलाने के आरोप घायल यात्रियों ने बस ड्राइवर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हादसे के समय ड्राइवर मोबाइल फोन पर बात कर रहा था। कुछ यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि ड्राइवर ने शराब का सेवन किया हुआ था। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है। स्थानीय लोगों ने शीशे तोड़कर यात्रियों को निकाला बस पलटते ही अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री सीटों के नीचे दब गए। आसपास के लोगों ने बस के शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा। शादी समारोह से लौट रहे थे कई यात्री घायलों में ग्वालियर निवासी गोविंद अग्रवाल (54) और उनके पुत्र सुधीर अग्रवाल (25), इंदौर के विजयनगर निवासी खुशी तिवारी (15), उज्जैन की साईं धाम कॉलोनी निवासी वंश खत्री (10) और उनकी मां वंदना खत्री (32), तथा जीवनखेड़ी निवासी हरदीप पिता अर्जुन शामिल हैं। इनमें से कई यात्री इंदौर में शादी समारोह से लौट रहे थे। पुलिस ने बस जब्त कर जांच शुरू की पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को जब्त कर मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक जांच में ड्राइवर की लापरवाही हादसे का प्रमुख कारण मानी जा रही है। पुलिस तकनीकी जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
नीट यूजी-2026 पुनर्परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने जांच तेज कर दी है। एजेंसी अब गिरफ्तार मास्टरमाइंड अर्पित सिंह, विवेक कुमार समेत अन्य आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की गहन पड़ताल कर रही है। जांचकर्ताओं का मानना है कि बैंक खातों में हुए पैसों के लेनदेन से सॉल्वर गैंग के पूरे नेटवर्क और उसके सरगनाओं तक पहुंचने में बड़ी सफलता मिल सकती है। इसके साथ ही आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले संदिग्ध नंबरों और चैट का भी तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। बैंक खातों से जुड़ेगी फर्जीवाड़े की कड़ी ईओयू ने लखीसराय पुलिस से गिरफ्तार 12 आरोपियों, जिनमें सॉल्वर, बायोमेट्रिक ऑपरेटर और अन्य सहयोगी शामिल है। सभी के बैंक खातों का पूरा ब्योरा जुटा लिया है। अब इन खातों में हुए लेनदेन की जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि परीक्षा में फर्जीवाड़ा कराने के लिए किन लोगों ने रकम भेजी और पैसा किन-किन खातों से होकर गुजरा। अधिकारियों का मानना है कि आर्थिक लेनदेन की कड़ियां पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर सकती है। मेडिकल छात्रों को जोड़ने वाले मास्टरमाइंड की तलाश जांच में सामने आया है कि कांटी थाना क्षेत्र के हरचंदा निवासी विवेक कुमार और अर्पित सिंह गया स्थित एएनएमएमसीएच के चतुर्थ वर्ष के छात्र हैं। अर्पित का मुजफ्फरपुर के भगवानपुर यादव नगर का पता भी जांच में फर्जी पाया गया है। लखीसराय पुलिस पहले ही अर्पित को सॉल्वर गैंग का मास्टरमाइंड बता चुकी है। आरोप है कि उसने मूल परीक्षार्थी प्रभात अमन की जगह परीक्षा दी थी। अब ईओयू यह पता लगाने में जुटी है कि मेडिकल छात्रों को इस नेटवर्क से जोड़ने वाला मुख्य संचालक कौन है और गिरोह का नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है। फरार आरोपियों की तलाश, कई मेडिकल कॉलेज जांच के घेरे में मामले में संजीत कुमार पहले से न्यायिक हिरासत में है, जबकि प्रभात अमन, शुभम कुमार वर्मा, निशांत सिंह, मधुप्रिया, अक्षत दुबे, निरंजन, नंदनी राज और राहुल कुमार सिंह की तलाश जारी है। ईओयू उनके स्थायी पते, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य अभिलेखों के आधार पर छापेमारी कर रही है। संबंधित मेडिकल कॉलेजों से छात्रों की उपस्थिति और शैक्षणिक रिकॉर्ड भी मांगे गए हैं। जांच का दायरा अब केवल लखीसराय तक सीमित नहीं है। 21 जून को आयोजित नीट पुनर्परीक्षा के दिन पटना, गया, दरभंगा, पावापुरी और एनएमसीएच समेत कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों से अनुपस्थित रहे छात्रों की भी जांच की जा रही है। आशंका है कि इनमें से कुछ छात्र विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सॉल्वर के रूप में शामिल हुए थे। पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए ईओयू ने एसटीएफ के सहयोग से जांच और तेज कर दी है।
जोधपुर हाईकोर्ट बच्चों द्वारा मोबाइल फोन के उपयोग और इसके दुष्प्रभावों को लेकर चिंता जता चुका है। ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और चीन जैसे देश बच्चों के स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के उपयोग पर सख्त नियम लागू कर रहे हैं। ऐसे समय में राजस्थान में 3 से 14 वर्ष आयु वर्ग के 1.44 करोड़ बच्चों में से 12.43 लाख (8.6%) एक्टिव सिम वाले मोबाइल का उपयोग करते हैं। इनमें से 1.11 लाख के पास तो खुद का मोबाइल फोन हैं, जबकि 11.07 लाख परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं। प्रदेश के 1.03 करोड़ बच्चे मोबाइल फोन के अलावा टैबलेट, लैपटॉप या अन्य डिजिटल माध्यमों से इंटरनेट तक पहुंच रहे हैं। इनमें से करीब 93.3 लाख बच्चे नियमित रूप से रोजाना 5-6 घंटे इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें डिजिटल साक्षर केवल 10% ही हैं। चिंताजनक है कि राज्य में 35.1% यूजर मनोरंजन के लिए इंटरनेट चलाते हैं, जबकि महज 9.9% लोग सूचना के लिए नेट इस्तेमाल करते हैं। दिसंबर में जारी व्यापक वार्षिक मॉड्यूलर सर्वे (CAMS) 2022-23 के अनुसार राज्य के 92.3% घरों तक मोबाइल पहुंच चुका है। 70% आबादी इंटरनेट का उपयोग करती है। 96% से अधिक 4जी और 5जी नेटवर्क की पहुंच में हैं। लेकिन डिजिटल साक्षर 25.2% है। ऐसे ही हालात में ऑस्ट्रेलिया ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पहुंच सीमित करने वाला कानून पारित किया है। फ्रांस में बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर अभिभावकीय सहमति जरूरी है। चीन ने बच्चों और किशोरों के स्क्रीन टाइम तथा गेमिंग का समय तय किया है। लेकिन भारत के अधिकांश राज्यों ने बच्चों के स्मार्टफोन उपयोग पर कानूनी प्रतिबंध या पाबंदियां लागू नहीं की हैं। भास्कर एनालिसिस - 96 फीसदी आबादी तक 4जी-5जी, प्रदेश में डिजिटल साक्षरता 25% ही है राजस्थान में इंटरनेट इंटरनेट का उपयोग किसलिए? कम उम्र में मोबाइल का अनियंत्रित उपयोग बच्चों के लिए ठीक नहीं मोबाइल-इंटरनेट जरूरत हैं, लेकिन कम उम्र में अनियंत्रित उपयोग बच्चों की एकाग्रता, सीखने की क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। बच्चों चिड़चिड़ापन और आक्रामकता बढ़ रही है। इसलिए अभिभावकों को निगरानी करनी चाहिए। सरकार का भी मोबाइल-इंटरनेट के उपयोग पर नियंत्रण हो -कोमल पंवार, शिशु मनो विशेषज्ञ और शिक्षाविद्
बड़वानी के प्रसिद्ध राजघाट पर नर्मदा स्नान करने गए चार दोस्तों के साथ शनिवार शाम को चोरी की वारदात हो गई। अज्ञात बदमाशों ने पार्किंग में खड़ी स्कूटी की डिक्की में रखे 1 लाख नकद, चार कीमती मोबाइल फोन और जरूरी दस्तावेज चुरा लिए। पीड़ितों ने शनिवार रात 10 बजे कोतवाली थाना बड़वानी पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। नहाने जाने से पहले डिक्की में सुरक्षित रखा था कीमती सामान फरियादी नरेन्द्र लखतरिया (45) निवासी रायल टाउन कॉलोनी, बड़वानी ने बताया कि वे टाइल्स का व्यवसाय करते हैं। शनिवार शाम करीब 6:15 बजे वे अपने तीन दोस्तों आशीष पालीवाल (सेगांव), सुनील कनासे (कृष्णा स्टेट कॉलोनी) और गौरव माथुर (आशाग्राम रोड) के साथ राजघाट पर नर्मदा नदी में स्नान करने गए थे। नदी में उतरने से पहले चारों दोस्तों ने सुरक्षा के लिहाज से अपने-अपने मोबाइल, पर्स और नकदी नरेंद्र की एक्टिवा स्कूटी की डिक्की में रख दिए थे। डिक्की में रखे थे चारों दोस्तों ₹1 लाख डिक्की में रखे कुल 1 लाख रुपयों में नरेंद्र के ₹52,000, आशीष के ₹22,000, सुनील के ₹14,000 और गौरव के ₹12,000 नकद शामिल थे। इसके अलावा डिक्की में चारों के अलग-अलग कंपनियों (वीवो, रियलमी, सैमसंग और ओप्पो) के मोबाइल फोन और पर्स में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मौजूद थे। 1 किलोमीटर दूर खदान के पास मिली स्कूटी करीब आधा घंटा नहाने के बाद जब चारों दोस्त वापस पार्किंग में पहुंचे, तो वहां से एक्टिवा गायब देख उनके होश उड़ गए। उन्होंने आसपास काफी खोजबीन की, तभी राजघाट मंदिर के पुजारी ने बताया कि एक स्कूटी यहां से करीब एक किलोमीटर दूर खदान के पास लावारिस हालत में खड़ी है। दोस्त जब दौड़कर मौके पर पहुंचे तो स्कूटी तो मिल गई, लेकिन उसकी डिक्की का लॉक टूटा हुआ था और अंदर रखा ₹1 लाख कैश व चारों मोबाइल गायब थे। बड़वानी कोतवाली थाना पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर हुलिए और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
बालोद पुलिस ने नशे के खिलाफ अभियान के तहत मरारपारा स्थित एक किराए के मकान में दबिश देकर गांजा तस्करी का खुलासा किया है। पुलिस ने रायपुर निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 2 किलोग्राम गांजा और एक मोबाइल फोन जब्त किया है। जब्त गांजे की कीमत करीब 1 लाख रुपए आंकी गई है। बालोद टीआई शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि मरारपारा वार्ड 9 में रहने वाला 47 वर्षीय राजदीप शर्मा अपने घर में बिक्री के लिए गांजा रखे हुए है। सूचना पर थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह उड़ीसा के नुआपाड़ा क्षेत्र से गांजा लाकर बालोद में बेचता था। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से टेप में लिपटा 2 किलोग्राम गांजा, जिसकी कीमत करीब एक लाख रुपए, एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज जब्त किए। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ख) के तहत अपराध दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
कोरबा में मोबाइल शॉप पर चोरी, वारदात सीसीटीवी में कैद:छज्जा तोड़कर घुसे चोर, पुलिस जांच में जुटी
कोरबा के उरगा थाना क्षेत्र अंतर्गत बरपाली स्थित सिद्धि मोबाइल शॉप में बीती रात चोरी की घटना सामने आई है। चोरों ने दुकान का छज्जा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। वे रिपेयरिंग के लिए रखे मोबाइल फोन और एक नया मोबाइल लेकर फरार हो गए। चोरी की यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। उरगा थाना पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश में जुट गई है। दुकान संचालक ने बताया कि सिद्धि मोबाइल शॉप बरपाली में लंबे समय से संचालित है। शुक्रवार रात को वे दुकान बंद कर ताला लगाकर घर चले गए थे। शनिवार सुबह जब वे दुकान पहुंचे और ताला खोला, तो अंदर का नजारा देखकर उन्हें चोरी का अंदेशा हुआ। दुकान का छज्जा टूटा हुआ था और काउंटर व दराज का सामान बिखरा पड़ा था। सीसीटीवी में कैद हुई वारदात संचालक ने तुरंत दुकान का मुआयना किया और सीसीटीवी फुटेज खंगाला। फुटेज में एक युवक चेहरे पर कपड़ा बांधकर रात में दुकान के छज्जे को तोड़कर अंदर घुसता दिखाई दे रहा है। अंदर घुसने के बाद उसने पहले काउंटर की दराज खंगाली। दराज में नगदी रकम न मिलने पर उसने रिपेयरिंग के लिए आए मोबाइल फोन और डिस्प्ले पर रखा एक नया मोबाइल उठाया। इसके बाद वह उसी टूटे हुए छज्जे के रास्ते से फरार हो गया। यह पूरी वारदात कुछ ही मिनटों में अंजाम दी गई। पुलिस ने मौके से जुटाए सबूत चोरी की सूचना मिलते ही उरगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर सबूत जुटाए और सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले लिया। फुटेज में चोर की हुलिया और हरकतें साफ नजर आ रही हैं। पुलिस का मानना है कि आरोपी स्थानीय है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। दुकान संचालक की शिकायत पर अज्ञात चोर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही उरगा थाना क्षेत्र के भैसमा में एक स्वीट्स की दुकान पर भी चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। उस घटना की पूरी करतूत भी सीसीटीवी में कैद हुई थी।
राजनांदगांव पुलिस को मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। चिचोला पुलिस ने बस स्टैंड के पास घेराबंदी कर महाराष्ट्र के दो अंतरराज्यीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 23.270 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है, जिसकी बाजार कीमत 10.10 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और एसडीओपी केसरीनंदन नायक के मार्गदर्शन में चिचोला पुलिस लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी। मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई 26 जून को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि चिचोला बस स्टैंड के पास दो व्यक्ति बैग में बड़ी मात्रा में गांजा लेकर ग्राहक की तलाश कर रहे हैं। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। बस स्टैंड के पास घेराबंदी कर पकड़े गए आरोपी चौकी प्रभारी निरीक्षक योगेश पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद समीर (28) निवासी फिरदौस कॉलोनी, अकोला (महाराष्ट्र) तथा आयाज खान (39) निवासी नया वैधपुरा, मुजफ्फरनगर, अकोला (महाराष्ट्र) के रूप में हुई है। बैग से मिले 20 पैकेट गांजा पुलिस ने दोनों आरोपियों के बैग की तलाशी ली तो टेप से पैक किए गए 20 पैकेट गांजा बरामद हुए। तौल करने पर गांजे का कुल वजन 23.270 किलोग्राम निकला। गवाहों की मौजूदगी में पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 23.270 किलो गांजा, 300 रुपये नकद और एक मोबाइल फोन जब्त किया। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया। बाद में उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
कुरुक्षेत्र जिले में जीटी रोड पर देर रात हुए सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। हादसा शाहाबाद से पिपली रोड पर मन्नत हवेली होटल के पास हुआ। युवक रात करीब एक बजे जीटी रोड पार कर रहा था। इसी दौरान किसी तेज रफ्तार वाहन ने उसे कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आरोपी ड्राइवर मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना डायल-112 पर दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू की। मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस उसकी पहचान कराने की कोशिश कर रही है। हवेली के पास घूम रहा था युवक रामगढ़ गांव के रहने वाले सचिन ने बताया कि उसका शाहाबाद-पिपली रोड पर उसका ढाबा है। उसके ढाबे और हवेली होटल के आसपास एक युवक घूम रहा था। हालांकि, किसी को उसका कोई नाम या पता मालूम नहीं था। रात करीब 1 बजे युवक हवेली होटल की तरफ से गांव मसाना की ओर जाने के लिए जीटी रोड पार कर रहा था। अज्ञात गाड़ी ने मारी टक्कर इसी दौरान किसी गाड़ी ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही युवक हाइवे पर गिर पड़ा और गाड़ी उसके ऊपर से निकल गई। इससे उस युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी ड्राइवर गाड़ी लेकर फरार हो गया। हादसे की सूचना पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। हाथ पर लिखा मिला मोबाइल नंबर इस युवक की बाजू पर अलग-अलग टैटू बने हुए हैं। उसके एक हाथ पर मोबाइल नंबर भी लिखा हुआ है। उसकी बाजू पर भगवान शिव के टैटू के साथ कई नाम के टैटू हैं। उसके एक हाथ पर रितिका व आलिया और बाजू पर मनीष व काजल नाम के टैटू बने हुए हैं। हालांकि युवक की पहचान नहीं हो सकी। पुलिस ने इत्तेफाकिया रिपोर्ट दर्ज की पुलिसे सचिन के बयान पर इत्तेफाकिया रिपोर्ट की। साथ ही शव का पोस्टमॉर्टम करवा दिया। मृतक की उम्र करीब 35 साल की होगी। फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही मृतक की पहचान की कोशिश में लगी है। आसपास के थानों में जानकारी दी गई है।
बिलासपुर में साइबर ठगों ने एडवोकेट का मोबाइल हैक कर लिया और अकाउंट से 1.42 लाख रुपए ट्रासफर कर लिए। इस दौरान वह कोर्ट में पैरवी कर रहे थे, तब उनका मोबाइल ऑटोमैटिक अपडेट हो रहा था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला तारबाहर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक तारबाहर विद्यानगर निवासी खेलन सोनवानी पेशे से एडवोकेट हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 27 मई को दोपहर करीब 2 बजे वे कोर्ट में थे। इसी दौरान उनका मोबाइल ऑटोमेटिक अपडेट होने लगा। अमेजन पे, मोबाइल बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड से निकाली रकम मोबाइल अपडेट होने के दौरान हैक हो गया। इसके बाद ठगों ने अमेजन-पे और मोबाइल बैंकिंग के जरिए 37,500-37,500 रुपए की दो ट्रांजैक्शन कर कुल 75 हजार रुपए निकाल लिए। वहीं, क्रेडिट कार्ड का गलत इस्तेमाल कर 67,500 रुपए और खर्च कर दिए। इस तरह ठगों ने कुल 1 लाख 42 हजार 500 रुपए की ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया। पहले खरीदे गिफ्ट कार्ड, फिर गेमिंग एप में किया ट्रांसफर साइबर ठगों ने पकड़े जाने से बचने के लिए सीधे बैंक ट्रांसफर नहीं किया। उन्होंने पहले पैसों से ऑनलाइन गिफ्ट कार्ड खरीदे। इसके बाद उन गिफ्ट कार्ड को एक नामी गेमिंग प्लेटफॉर्म से जुड़े ई-वॉलेट में ट्रांसफर कर कैश करा लिया। शिकायत में एक संदिग्ध ईमेल आईडी का भी जिक्र है। पीड़ित ने तारबाहर थाने और साइबर पोर्टल में ट्रांजेक्शन डिटेल के साथ शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, पुलिस अज्ञात ठगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इंदौर के अन्नपूर्णा थाना पुलिस ने मोबाइल स्नेचिंग की वारदातों का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटे गए पांच मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की है। आरोपी सुनसान इलाकों में घूमकर महिलाओं और राह चलते लोगों के हाथ से मोबाइल छीनकर फरार हो जाते थे। अन्नपूर्णा थाना प्रभारी हित गोपाल यादव को पिछले दिनों इलाके में लगातार मोबाइल लूट की शिकायतें मिल रही थीं। पीड़ितों ने पुलिस को बताया था कि बाइक सवार बदमाश उनके हाथ से मोबाइल छीनकर भाग गए। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थलों के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और बदमाशों की पहचान की। स्नेचिंग की वारदात कबूल की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राहुल पुत्र गोपाल रावत निवासी विदुर नगर कॉलोनी और संयम पुत्र राजेश मोर निवासी बापू घनश्याम दास नगर को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने अन्नपूर्णा क्षेत्र में ही तीन मोबाइल स्नेचिंग की वारदात करना कबूल किया है। शौक-मौज के लिए करते थे वारदात पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपी शौक पूरा करने के लिए मोबाइल लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे। आरोपी बाइक से सुनसान इलाकों में घूमते और मौका मिलते ही मोबाइल छीनकर फरार हो जाते थे। जांच में सामने आया है कि आरोपियों के संपर्क जेल रोड के कुछ व्यापारियों से भी हैं। पुलिस ने पूछताछ के दौरान कुछ लोगों के नाम मिलने की बात कही है। फिलहाल आरोपियों से आगे की पूछताछ की जा रही है और अन्य वारदातों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।
किशनगंज में मुहर्रम ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने के आरोप में एक महिला सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। एसपी संतोष कुमार ने कर्तव्य में घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में सिपाही अनुप्रिया कुमारी (नंबर 853) को शुक्रवार रात को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। यह कार्रवाई 26 जून को दोपहर करीब 12:15 बजे हुई, जब एसपी संतोष कुमार मुहर्रम के मद्देनजर शहर का दौरा कर रहे थे। उन्होंने सौदागर पट्टी चौक पर ड्यूटी पर तैनात सिपाही अनुप्रिया कुमारी को मोबाइल/ईयर फोन का इस्तेमाल करते हुए पाया। आरोप है कि जब वरीय अधिकारियों ने उन्हें बुलाया, तब भी वह मोबाइल में व्यस्त रहीं और मनमाने तरीके से अपनी कुर्सी पर बैठी रहीं। उन्होंने अपनी जगह से हिलने से इनकार कर दिया। मुहर्रम के दौरान विधि-व्यवस्था और सांप्रदायिक संवेदनशीलता को देखते हुए, सिपाही का यह आचरण कर्तव्य में घोर लापरवाही माना गया। निर्देशों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई बिहार पुलिस मुख्यालय के स्पष्ट निर्देश हैं कि विधि-व्यवस्था, वीआईपी सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और अन्य महत्वपूर्ण ड्यूटी पोस्टों पर पुलिसकर्मी अनावश्यक मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। सिपाही अनुप्रिया कुमारी ने इन निर्देशों का उल्लंघन किया। 7 दिन के अंदर देना है स्पष्टीकरण एसपी संतोष कुमार ने सिपाही अनुप्रिया कुमारी को 26 जून, 2026 से सामान्य जीवन यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया है। पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित), पुलिस केंद्र, किशनगंज को दो दिनों के भीतर विस्तृत तथ्यात्मक जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। निलंबित सिपाही को सात दिनों के अंदर विभागीय जांच के संबंध में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को भी कहा गया है। किशनगंज पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्य निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता या संदिग्ध आचरण के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जाएगी। दोषी पाए जाने पर भविष्य में भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा थाना में कैंसर पीड़ित युवक के साथ कुकर्म मामले में मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार लंबा हो सकता है। पीड़ित और आरोपी पुलिसकर्मियों की मेडिकल रिपोर्ट आने में 7 दिन या उससे अधिक का समय लग सकता है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) आगे की कार्रवाई करेगी। उधर, सूत्रों के मुताबिक, SIT ने जांच के दौरान पीड़ित युवक का मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में लिया है। मोबाइल फोन की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। मोबाइल से कई जरूरी जानकारियां मिली हैं। इसके अलावा साइबर टीम भी डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। कैंसर संबंधी रिपोर्ट नहीं करवाई उपलब्ध सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान अब तक पीड़ित की ओर से पुलिस को कैंसर संबंधी कोई मेडिकल रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया है। ऐसे में SIT अपने स्तर पर यह जांच कर रही है कि युवक को कैंसर है या वह किसी अन्य बीमारी से पीड़ित है। इसके लिए संबंधित अस्पतालों और अन्य रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पीड़ित का सीसीटीवी आया सामने 18 जून को थाने में हुई घटना के बाद पीड़ित हॉस्पिटल की गैलरी में घूमता नजर आ रहा है। उसके हाथ में कुछ पर्चे भी हैं। हॉस्पिटल स्टॉफ के साथ पीड़ित नॉर्मल घूमता भी दिखाई दे रहा है, जबकि हॉस्पिटल में भर्ती होने के बाद पीड़ित के हाथ में पट्टी बंधी थी। युवक के हाथ मिला फ्रैक्चर चेकअप के बाद डॉक्टरों ने भी माना था कि युवक को ब्लीडिंग हुई और एक फ्रैक्चर मिला। इसके बाद उसे भर्ती किया गया। मामले के बाद SIT ने पीड़ित का वीडियोग्राफी के साथ री-मेडिकल और पुलिसकर्मियों का मेडिकल करवाया। मारपीट कर गलत काम किया पीड़ित युवक ने आरोप लगाया कि वो 17 जून को इंद्री नाके पर होमगार्ड ने उसकी बाइक रुकवा ली थी। इसके बाद मोबाइल छीनकर लाड़वा थाने ले आए। जहां ASI संजीव कुमार, राजेंद्र कुमार और होमगार्ड सुमित ने उसके साथ मारपीट कर गलत काम किया। ब्लीडिंग हुई तो अस्पताल पहुंचा पीड़ित ने आगे कहा था कि पुलिसकर्मी ने उसकी टांगें लड़कियों जैसी बताई थी। इसके बाद जहां उसके पैर पर कैंसर है, उस जगह को जूते से रगड़ा था। बाद में पुलिसकर्मियों ने उसे छोड़ दिया। अगले दिन नहाने के दौरान उसे ब्लीडिंग हुई तो वो लाड़वा सीएचसी पहुंचा, जहां से डॉक्टरों ने LNJP रेफर कर दिया। आरोपी पुलिसकर्मी हुए सस्पेंड इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा तो SP चंद्रमोहन ने एएसआई संजीव कुमार, राजेंद्र कुमार और होमगार्ड सुमित को सस्पेंड कर दिया था। साथ ही पीड़ित के साथ मारपीट के आरोप में ASI और होमगार्ड सुमित के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया। हर चीज को ध्यान में रखकर होगी कार्रवाई- DSP DSP निर्मल सिंह ने कहा कि जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। टीम किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले मेडिकल रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्य और अन्य उपलब्ध तथ्यों का मिलान करेगी। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
झपटमार से चोरी के 4 मोबाइल और 40 नशीली गोलियां बरामद, अरोपी गिरफ्तार
लुधियाना| थाना जोधेवाल की पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक शातिर झपटमार को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी के पास से पुलिस ने विभिन्न कंपनियों के 4 झपटकर चोरी किए गए मोबाइल फोन और 40 नशीली गोलियां बरामद की हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हवलदार सुरिंदर सिंह पुलिस पार्टी के साथ बंटी बाबा काकोवाल रोड के पास गश्त और संदिग्धों की चेकिंग के संबंध में मौजूद थे। इसी दौरान उन्हें एक खास मुखबिर ने पक्की इत्तला दी कि झपटमारी की वारदातों को अंजाम देने वाला एक शातिर अपराधी इलाके में किसी वारदात की फिराक में खड़ा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत एक्शन लेते हुए गांव काकोवाल के सरकारी स्कूल के ठीक पीछे बने खाली प्लॉटों में रेड की। वहां खड़े एक संदिग्ध युवक को पुलिस ने घेराबंदी करके काबू कर लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान अमित कुमार के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा जब उसकी तलाशी ली गई, तो उसके कब्जे से 4 मोबाइल फोन ,40 नशीली गोलियां बरामद हुईं। आरोपी अमित कुमार इलाके में लूटपाट और मोबाइल छीनने की वारदातों का आदी है और नशे की लत व खर्चों को पूरा करने के लिए वारदातें करता था।थाना जोधेवाल पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने ये मोबाइल फोन किन-किन इलाकों से झपटे थे और वह नशीली गोलियां कहां से खरीद कर लाता था।
‘बिलौटी मौजा की जिस जमीन पर जवइनियां गांव के बाढ़ विस्थापितों को बसाया जा रहा है, वहां विकास के लिए सरकार की ओर से पहले 11 करोड़, फिर 1400 करोड़ का फंड आया था। एसडीएम के घोटाले के सबूत भइया के पास थे, जो उनके मोबाइल में था। मैंने सोशल मीडिया पर देखा है कि वीडियो में भइया ने एसडीएम का नाम लिया है और कहा था कि इन्होंने धमकी दी है कि तुम्हें और तुम्हारे परिवार वालों को मरवा दिया जाएगा। गलती से हम लोगों ने FIR में जगदीशपुर एसडीएम संजीत कुमार का नाम नहीं डाला है। लेकिन मेरे भाई की हत्या में मुख्य आरोपी एसडीएम ही है। मैं ये कहना चाहूंगा कि उस दिन के सीसीटीवी कैमरे की जांच कराई जाए, जिस दिन मेरे भइया एसडीएम के ऑफिस गए थे। ऑफिस में मेरे भाई को धक्का मारा गया और गाली देकर भगा दिया गया था। कैमरे की जांच होगी तो सच्चाई जनता के सामने आ जाएगी। एसडीएम पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।’ भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही है। दरअसल, भरत तिवारी अपने फेसबुक पोस्ट और लाइव के जरिए लगातार जगदीशपुर एसडीएम का जिक्र करता था। कई पोस्ट में उसने सीधे तौर पर जगदीशपुर एसडीएम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। आखिर भरत तिवारी और जगदीशपुर एसडीएम संजीत कुमार के बीच तनातनी का कारण क्या था? जगदीशपुर एसडीएम पर भरत क्या-क्या आरोप लगाता था? जवइनियां गांव के बाढ़ विस्थापितों को कहां बसाया जा रहा है? बाढ़ विस्थापितों को कितना मुआवजा मिला है? पढ़िए एक्सक्लूसिव रिपोर्ट। भरत तिवारी एनकाउंटर की 3 तस्वीरें सीनियर वकील ने मुख्य सचिव को जांच के लिए लिखी चिट्ठी जवइनियां गांव के बाढ़ विस्थापितों के लिए विकास फंड में हेरफेर के आरोपों को लेकर शुक्रवार को सीनियर वकील और ज्ञानवापी एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि केस में हिंदू पक्ष के वकील सौरभ तिवारी की ओर से जांच की मांग की गई है। सौरभ तिवारी ने बिहार के मुख्य सचिव को चिट्ठी लिखकर कथित भ्रष्टाचार में एसडीएम की भूमिका को लेकर जांच की मांग की है। चिट्ठी में उन्होंने लिखा है कि जवइनियां गांव के विस्थापितों के पुनर्वास योजना में कथित वितीय भ्रष्टाचार मामले में जगदीशपुर एसडीएम के साथ शाहपुर सीओ की भूमिका की जांच अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी से कराई जाए। जांच में किसी तरह की लीपा-पोती न हो, इसलिए जांच पूरी होने तक जगदीशपुर के SDM, शाहपुर के अंचलाधिकारी यानी CO को निलंबित किया जाए या उनका कहीं और ट्रांसफर किया जाए, ताकि सबूतों या फिर डॉक्यूमेंट्स से छेड़छाड़ न हो सके। भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बुधवार को बिलौटी गांव में हुई महापंचायत के संयोजक पंकज त्रिपाठी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि एसडीएम इस पूरे मामले के मुख्य साजिशकर्ता हैं। ये बाढ़ पीड़ित और 2 जगह के फंड से जुड़ा मामला है। ये सारी चीजें भरत के मोबाइल और कॉल डिटेल से पता चल जाएगी। लेकिन, वो मोबाइल अभी भी पुलिस के पास है। उस मोबाइल के साथ छेड़छाड़ करके डेटा भी खत्म किया गया होगा, ये भी आशंका है। अब जानिए आखिर भरत और एसडीएम के बीच तनातनी की वजह क्या थी? भरत तिवारी ने 6 जून को फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि आप लोगों को मैं बताना चाहता हूं कि बिलौटी गांव में बसाए जा रहे बाढ़ प्रभावितों के लिए लगाए जा रहे हैंडपंप के काम में लापरवाही, भष्टाचार का मामला सामने आया है। इसके खिलाफ मैंने 5 जून को नल जल विभाग के SDO से बात की, उन्होंने गलती भी स्वीकारी और कहा कि कार्रवाई करते हैं।’ भरत ने भ्रष्टाचार के लिए सीधे जगदीशपुर के एसडीएम संजीत कुमार को जिम्मेदार बताया था। भरत तिवारी का आरोप था कि स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी खासकर जगदीशपुर के एसडीएम और अंचल स्तर के अधिकारी आम जनता के काम में भ्रष्टाचार कर रहे हैं। भरत बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास और जमीन अलॉटमेंट और मुआवजे से जुड़ी प्रक्रियाओं को लेकर स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली से नाराज था। वो व्यवस्था को सुधारने की मांग कर रहा था, लेकिन अधिकारियों की कार्यप्रणाली में सुधार न होने की वजह से वो फेसबुक पर लाइव आकर उनकी पोल खोल रहा था और जगदीशपुर एसडीएम को चुनौती दे रहा था। एनकाउंटर से 2 दिन पहले 15 जून 2026 को फेसबुक पर किए गए पोस्ट और लाइव में भरत ने कहा कि वो देश में व्यवस्था परिवर्तन के लिए ‘क्रांतिकारी युद्ध’ शुरू करने जा रहा है। भरत ने जगदीशपुर के तत्कालीन एसडीएम को जान से मारने तक की धमकी दी थी। उसने फेसबुक लाइव में अवैध हथियार (पिस्टल) लहराते हुए कहा था कि अगर अधिकारियों ने अपना रवैया नहीं बदला, तो मैं कानून हाथ में ले लूंगा। 17 जून 2026 की सुबह (एनकाउंटर वाले दिन) किए गए अपने आखिरी फेसबुक लाइव में भरत ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि “पुलिस और प्रशासन मुझे मानसिक रूप से विक्षिप्त (पागल) साबित करने की साजिश रच रहे हैं, ताकि मुझे जबरन उठाकर मानसिक अस्पताल भेजा जा सके और मेरी आवाज दबाई जा सके।” भरत ने कहा था कि मैं व्यवस्था के खिलाफ लड़ते हुए पीछे नहीं हटूंगा। अब समझिए जवइनियां गांव के बाढ़ प्रभावितों को कितना मुआवजा मिल रहा है दरअसल, जवइनियां गांव के बाढ़ प्रभावितों के लिए बिहार सरकार की ओर से शाहपुर प्रखंड मुख्यालय से करीब 3 किलोमीटर दूर बिलौटी मौजा में बसाया जा रहा है। करीब 5.5 एकड़ सरकारी जमीन पर हर परिवार को 3-3 डिसमिल जमीन आवंटित की गई है। दावा किया जा रहा है कि जहां विस्थापितों को बसाया जाना है, उसे सरकार मॉडल टाउनशिप के रूप में विकसित करेगी। फिलहाल, आवंटित जमीन पर 2 हैंडपंप और बिजली का खंभा लगाया गया है, जबकि एक सामुदायिक भवन और एक आंगनवाड़ी निर्माणाधीन है। भरत का कहना था कि मॉडल टाउनशिप के लिए प्रशासन की ओर से अब तक जवइनियां गांव के 70 परिवारों को चिह्नित किया गया है। इन्हें जमीन का आधिकारिक पर्चा (स्वामित्व) भी सौंप दिया गया है। 70 में से हर बाढ़ प्रभावित परिवार को मात्र 1 लाख 20 हजार रुपए दिए जाने हैं। ये रकम 3 किस्तों में दी जानी है। 70 में से 52 परिवार ऐसे हैं, जिन्हें पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपए मिल चुके हैं, जबकि 18 परिवार पहली किस्त के लिए प्रक्रिया में हैं। भरत का कहना था कि ये इसी रकम में बाढ़ प्रभावितों को ईंट भी खरीदनी है, दीवार से लेकर छत तक बनाना है, लेकिन जहां बाढ़ प्रभावितों को बसाया जा रहा है, वो जमीन गड्ढे में है। दो से तीन घंटे की बारिश में घुटनों तक पानी भर जाएगा। इसलिए वहां प्रशासन को अपने पैसों से मिट्टी भरवाना चाहिए। भरत का दावा था कि प्रशासन ने प्रभावितों से कहा था कि इसी 1 लाख 20 हजार रुपए में से आप लोग मिट्टी भी भरवा लीजिए। प्रशासन के इस निर्देश के खिलाफ भरत गांव वालों से कहता था कि आप लोग अपने पैसे से मिट्टी मत भरवाइए, मैं आप लोगों की लड़ाई लड़ रहा हूं, प्रशासन की टीम ही मिट्टी डलवाएगी। भरत का कहना था कि कुछ लोगों ने आवंटित जमीन पर रहना भी शुरू कर दिया था, लेकिन उनके लिए शुरुआत में बिजली, पानी की व्यवस्था नहीं की गई थी। भरत ने प्रयासो किया तो बिजली और पानी की व्यवस्था की गई। आखिर में जानिए आखिर कौन हैं जगदीशपुर के एसडीएम संजीत कुमार जगदीशपुर एसडीएम संजीत कुमार मूल रूप से मधेपुरा के गम्हरिया गांव के रहने वाले हैं। संजीत ने अपने पहले ही प्रयास में बीपीएससी 60वीं, 62वीं की परीक्षा पास की थी, जिसका रिजल्ट फरवरी 2019 में आया था। संजीत की 60वीं रैंक थी और उनकी पहली पोस्टिंग बेगूसराय के डिप्टी कलेक्टर के रूप में हुई थी। शंभू भगत और ललिता देवी की तीन संतानों में संजीत कुमार सबसे बड़े हैं। 17 जून को भरत एनकाउंटर के बाद से जगदीशपुर एसडीएम संजीत कुमार की ऑफिस में काफी कम एक्टिविटी दिख रही है। हालांकि वे नियमित रूप से अपने ऑफिस में बैठ रहे हैं और जरूरी कामों को निपटा रहे हैं। लेकिन लोगों से उनका मिलना-जुलना काफी कम हो गया है। हर साल मुहर्रम पर्व को लेकर तत्पर और एक्टिव रहने वाले एसडीएम की शुक्रवार को ताजिया जुलूस के दौरान भी कहीं नहीं दिखे।
हरदोई के मल्लावां कोतवाली क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार रात 8 बजे सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक ने सड़क किनारे खड़े ई-रिक्शा चालक को टक्कर मार दी। हादसे में ई-रिक्शा चालक की मौत हो गई। कन्नौज जिले के तिर्वा निवासी 55 वर्षीय रामपाल ई-रिक्शा चलाते थे। शुक्रवार को वह हरदोई के मल्लावां स्थित गुलाबपुरवा गांव में बेटी रूपा और उसके बच्चों को छोड़ने आए थे। बेटी को पहुंचाने के बाद वह लौट रहे थे, तभी रास्ता भटक कर गांव की सड़क से गंगा एक्सप्रेस-वे पर चढ़ गए। एक्सप्रेस-वे पर पहुंचने के बाद रामपाल अपने ई-रिक्शा से नीचे उतरे और किनारे खड़े होकर मोबाइल पर बात करने लगे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रामपाल गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। घटना के तुरंत बाद एक्सप्रेस-वे पर गश्त कर रहे यूपीडा (UPEIDA) के वाहन ने घायल चालक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मल्लावां में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने उनकी नाजुक हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, लेकिन अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतक अपने पीछे दो बेटे और दो बेटियां छोड़ गए हैं। सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
लखनऊ की महिंगवां पुलिस और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम ने मोबाइल चोरी कर साइबर ठगी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में शुक्रवार को 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये पांचों सीतापुर के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी भीड़भाड़ वाले बाजारों और सार्वजनिक स्थानों से मोबाइल चोरी या झपटमारी करते थे। इसके बाद वे चोरी हुए मोबाइल में लगे सिम का उपयोग कर बैंक खातों से जुड़े यूपीआई और इंटरनेट बैंकिंग को सक्रिय करते थे। फिर खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर नकदी निकाल लेते थे और आपस में बांट लेते थे। 11 एंड्रॉयड, 3 की-पैड वाले फोन मिले पुलिस ने उनके पास से 11 एंड्रॉयड मोबाइल, 3 की-पैड मोबाइल (कुल 14 मोबाइल), 8,358 रुपए नकद, विभिन्न बैंक डेबिट कार्ड, आधार व पैन कार्ड, दो सिम कार्ड, एक स्विफ्ट डिजायर कार और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है। लखनऊ में ही रहकर की ठगी आरोपियों ने लखनऊ के ही महिंगवां क्षेत्र में लगभग 3.91 लाख रुपए और बीकेटी क्षेत्र में करीब 4.28 लाख रुपए की साइबर ठगी की वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके आपराधिक नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ आरोपियों के खिलाफ पहले भी साइबर अपराध के मामले दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपियों में सीतापुर के परेवांजाल अटरिया के राम स्वरूप (31), सुभाष उर्फ सतीश उर्फ छोटू (23) व रामू रावत (31), गोसाईंपुरवा अटरिया के पुतीलाल (36) और चंदैरा कमलापुर के अमित कुमार (25) शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और बरामद किए गए मोबाइलों के वास्तविक मालिकों की पहचान की जा रही है।
मऊगंज जिले की हनुमना थाना पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार 2.0’ के तहत अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से 29 शीशी प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप (कोरेक्स/आनरेक्स), एक पल्सर मोटरसाइकिल और एक एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किया है। जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 1.37 लाख रुपये आंकी गई है। मुखबिर की सूचना पर की गई घेराबंदी थाना प्रभारी अनिल काकड़े ने बताया कि शुक्रवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक उत्तर प्रदेश के ड्रामनगंज की ओर से पल्सर बाइक पर नशीली कफ सिरप लेकर मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने डीपी होटल के पास घेराबंदी की। कुछ देर बाद संदिग्ध बाइक को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें काले बैग से 29 शीशियां कफ सिरप की बरामद हुईं। दो आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सूरज शुक्ला (19) निवासी बैरिहा, थाना शाहपुर और कुलदीप मिश्रा उर्फ प्रभात (24) निवासी खटखरी, थाना शाहपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, मध्य प्रदेश ड्रग कंट्रोल एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है ताकि सप्लाई नेटवर्क का पता लगाया जा सके। अभियान लगातार जारी रहेगा पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई आईजी रीवा जोन के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार 2.0’ के तहत की गई है। हनुमना पुलिस ने कहा कि जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
पानीपत के गांव जालपाड़ में चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि उन्होंने एक घर के भीतर सो रहे 11 सदस्यों की मौजूदगी में लाखों रुपए की चोरी की वारदात को अंजाम दे डाला। चोरों ने न सिर्फ सोने-चांदी के आभूषणों और मोबाइल फोन पर हाथ साफ किया, बल्कि घर के मंदिर में स्थापित भगवान श्री कृष्ण (कान्हा जी) की मूर्ति भी चुरा ले गए। चोरी की ये पूरी वारदात सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी देते हुए पीड़ित विकास निवासी गांव जालपाड़ ने बताया कि वह पेशे से खेतीबाड़ी करता है। बीते 24 जून की रात को वह और उसके परिवार के अन्य सदस्य रोजाना की तरह गर्मी के कारण घर के आंगन और छत पर सोए हुए थे। वारदात के वक्त घर में छोटे-बड़े मिलाकर कुल 11 सदस्य मौजूद थे और गहरी नींद में थे। चोरों ने इसी बात का फायदा उठाया और दबे पांव घर के भीतर दाखिल हो गए। 25 जून की सुबह जब परिवार के सदस्य सोकर उठे, तो उन्हें घर के कमरों का सामान पूरी तरह बिखरा हुआ मिला। सामान अस्त-व्यस्त देख परिवार के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत कीमती सामान की जांच की। सोने के आभूषण ले गए, करीब 2 लाख का नुकसान पीड़ित विकास ने बताया कि जब उन्होंने अंदर जाकर अलमारी और लॉकर चेक किया तो कमरे के भीतर रखे सोने-चांदी के आभूषण गायब थे, जिनमें एक सोने का मंगलसूत्र और चांदी की पायजेब शामिल है। इसके अलावा चोरों ने घर में रखे दो कीमती मोबाइल फोन भी चुरा लिए। चोरों ने घर के मंदिर को भी नहीं बख्शा और वहां रखी कान्हा जी की मूर्ति भी अपने साथ समेट ले गए। विकास के अनुसार, चोरों ने करीब 2 लाख रुपए के सामान पर हाथ साफ किया है। इस चोरी की घर में सो रहे 11 सदस्यों में से किसी को भी भनक तक नहीं लगी। CCTV कैमरे में कैद हुए बाइक सवार वारदात के बाद जब पीड़ित परिवार और आसपास के लोगों ने क्षेत्र में लगे CCTV कैमरों की फुटेज को खंगाला, तो उसमें दो संदिग्ध चोर नजर आए। फुटेज में साफ दिख रहा है कि एक बाइक पर सवार होकर दो चोर गली में आते हैं। इनमें से एक चोर बाइक स्टार्ट रखकर बाहर ही निगरानी के लिए खड़ा रहता है, जबकि दूसरा चोर दीवार फांदकर या दरवाजे के रास्ते घर के भीतर घुसता है और चंद मिनटों में चोरी कर बाहर आ जाता है।
अलवर जिले में 17 वर्षीय किशोरी लापता हो गई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। मामले में परिवार ने संभावना जताई है कि किशोरी किसी अज्ञात युवक के संपर्क में थी। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार- किशोरी 24 जून की रात करीब 9 बजे घर से किसी को बिना बताए चली गई। परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिजन थाने पहुंचे और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में यह भी बताया गया कि किशोरी किसी अज्ञात युवक से मोबाइल फोन पर बातचीत करती थी। जब उसकी मां को इसकी जानकारी हुई तो किशोरी ने मोबाइल फोन पानी की टंकी में फेंक दिया। इसके कुछ समय बाद वह घर छोड़कर चली गई। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल पाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस किशोरी की तलाश के साथ-साथ उसके मोबाइल संपर्कों और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच कर रही है।
कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा थाना में कैंसर पीड़ित युवक के साथ कुकर्म के मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। अब SIT को सिर्फ पीड़ित के री-मेडिकल और आरोपी पुलिसकर्मियों की मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है। आज रिपोर्ट आने की संभावना है। रिपोर्ट मिलते ही SIT मामले में अगली कार्रवाई करेगी। रिपोर्ट के बाद केस में बड़ा फैसला लिया जा सकता है। इधर, जांच के बीच एक CCTV फुटेज भी सामने आया है। यह फुटेज 18 जून का और अस्पताल का बताया जा रहा है। फुटेज में पीड़ित युवक अस्पताल के अंदर नॉर्मल दिख रहा है। हाथ पर नहीं कोई चोट पीड़ित युवक के हाथ पर भी कोई साफ चोट नजर नहीं आती। फुटेज में युवक अस्पताल परिसर में अकेला घूम रहा है। उधर, सूत्रों के मुताबिक, SIT ने पीड़ित का मोबाइल कब्जे में लेकर साइबर सेल की मदद से उसका डेटा खंगाला है। जांच के दौरान मोबाइल से कई अहम टेक्निकल इनपुट और डिजिटल सबूत मिले हैं। कल DSP बोले- टेक्निकल जांच कर रहे इन्हीं तथ्यों के आधार पर SIT जांच को आगे बढ़ा रही है। DSP निर्मल सिंह ने कल दावा कि SIT जांच में टेक्निकल तथ्य पर सबसे ज्यादा फोकस कर रही है। थाना परिसर की CCTV फुटेज भी टीम के कब्जे में है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से कॉल डिटेल, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड का भी मिलान किया जा रहा है। पीड़ित और आरोपी पक्ष से पूछताछ पूरी SIT पीड़ित युवक के बयान पहले ही दर्ज कर चुकी है। मामले में सस्पेंड ASI संजीव कुमार, ASI राजेंद्र कुमार और होमगार्ड जवान सुमित से भी पूछताछ हो चुकी है। मारपीट और गाली-गलौज के आरोप में दोनों ASI और होमगार्ड के खिलाफ पहले ही अलग केस दर्ज किया जा चुका है। DSP बोले- मेडिकल रिपोर्ट पेंडिंग SIT के इंचार्ज DSP लाडवा निर्मल सिंह ने बताया कि जांच पूरी निष्पक्षता से की जा रही है। टीम लगातार तथ्य जुटा रही है। पीड़ित का री-मेडिकल कराया जा चुका है, जबकि आरोपी पुलिसकर्मियों का भी मेडिकल हो चुका है। अब मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट मिलते ही जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बीमारी बताई, फिर भी नहीं बख्शा पीड़ित युवक का आरोप है कि उसे 17 जून को जबरन लाडवा थाना लाया गया। वहां पहले कई घंटे बैठाकर रखा गया और बाद में रात के समय कमरा नंबर-4 में ले जाकर उसके साथ मारपीट की गई। युवक का आरोप है कि दो ASI और एक होमगार्ड जवान ने उसके कपड़े उतरवाकर उसके साथ कुकर्म किया। आरोप- कैंसर वाली जगह पर जूते से रगड़ा युवक का कहना है कि उसने पुलिसकर्मियों को बताया था कि वह कैंसर का मरीज है और उसकी टांग में गंभीर दिक्कत है। इसके बावजूद आरोपियों ने कैंसर प्रभावित हिस्से पर जूते से रगड़ा। युवक ने यह भी आरोप लगाया कि कीमोथेरेपी के कारण टांगों के बाल झड़ने पर पुलिसकर्मियों ने आपत्तिजनक टिप्पणी की और उसके बाद उसके साथ गलत हरकत की।
सवाई माधोपुर में रणथंभौर नेशनल पार्क के झूमर बावड़ी वन क्षेत्र में गुरुवार शाम एक युवक का शव पेड़ से फंदे पर लटका मिला। वनकर्मियों ने शव देखकर तत्काल कोतवाली थाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। घटना की जानकारी युवक के परिजनों को भी दे दी गई है। मोबाइल से हुई पहचान, नालंदा (बिहार) का था युवक कोतवाली थानाधिकारी मदनलाल मीणा ने बताया कि मृतक की पहचान दीनबंधु पासवान पुत्र विजय पासवान निवासी नालंदा (बिहार) के रूप में हुई है। युवक की जेब से मिले मोबाइल के आधार पर उसके परिजनों से संपर्क कर घटना की सूचना दी गई। पुलिस के अनुसार युवक ने काली टी-शर्ट और जींस पहन रखी थी। उसके हाथ में कलावा और कड़ा था, गले में रुद्राक्ष युक्त तुलसी की माला थी। चेहरे पर हल्की दाढ़ी-मूंछ थी, जबकि वह नंगे पैर था और उसने जूते-चप्पल नहीं पहन रखे थे। वन क्षेत्र में कैसे पहुंचा, पुलिस कर रही जांच पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि युवक झूमर बावड़ी वन क्षेत्र तक कैसे पहुंचा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार झूमर बावड़ी गेट पर हमेशा वनकर्मी तैनात रहते हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि युवक दीवार फांदकर जंगल में दाखिल हुआ होगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
अंडरगारमेंट्स में मोबाइल छिपाकर लाने वाली लड़की का क्या हुआ? तीसरी बार दे रही थी परीक्षा
देश की सबसे बड़ी और संवेदनशील परीक्षाओं में से एक नीट (NEET Re-Exam) के दौरान एक ऐसा हैरान करने वाला वाकया सामने आया है जिसने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों की हताशा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। री-एग्जामिनेशन के दौरान कड़ी सुरक्षा और आधुनिक मेटल डिटेक्टर चेकिंग को धता बताते हुए एक छात्रा अपने अंडरगारमेंट्स में मोबाइल फोन छिपाकर परीक्षा हॉल के भीतर ले जाने की कोशिश कर रही थी। लेकिन मुस्तैद महिला सुरक्षाकर्मियों की पैनी नजर और चेकिंग डिवाइस की बीप ने इस शातिर हाई-टेक चोरी को रंगे हाथों पकड़ लिया। मेडिकल की इस प्रतिष्ठित परीक्षा में तीसरी बार बैठ रही इस छात्रा की इस अजीबोगरीब और हैरान करने वाली हरकत के बाद अब हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर उस लड़की के खिलाफ प्रशासन ने क्या बड़ा एक्शन लिया है।तीसरी बार की कोशिश और शॉर्टकट अपनाने की खौफनाक जिदएक वरिष्ठ क्राइम और एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर इस मामले की तह में जाने पर पता चलता है कि आरोपी छात्रा पिछले दो सालों से नीट की परीक्षा क्रैक करने की लगातार कोशिश कर रही थी। दो बार असफलता हाथ लगने के बाद उस पर इस तीसरी बार की परीक्षा में पास होने का मानसिक और पारिवारिक दबाव बहुत अधिक था। शायद इसी दबाव या फिर किसी सॉल्वर गैंग के बहकावे में आकर उसने परीक्षा में पास होने के लिए यह आत्मघाती और अवैध शॉर्टकट रास्ता चुना। उसने सोचा था कि कड़े नियमों और फ्रिस्किंग (बॉडी सर्च) के बावजूद वह इस संवेदनशील जगह पर फोन छिपाकर ले जाने में कामयाब हो जाएगी, लेकिन परीक्षा केंद्र के मुख्य दरवाजे पर ही उसकी यह चालाकी पूरी तरह धरी की धरी रह गई।रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद केंद्र पर मचा हड़कंपजैसे ही महिला सुरक्षाकर्मियों ने जांच के दौरान छात्रा के पास से मोबाइल फोन और कुछ संदिग्ध डिजिटल डिवाइस बरामद किए, परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया। केंद्र व्यवस्थापक (Centre Superintendent) ने तुरंत इस गंभीर मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के फ्लाइंग स्क्वाड को दी। पकड़े जाने के बाद छात्रा रोने लगी और अपनी तीसरी कोशिश का हवाला देते हुए माफी मांगने लगी। लेकिन एंटी-चीटिंग और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए अधिकारियों ने नियमों में किसी भी तरह की ढील देने से साफ इनकार कर दिया।अब क्या हुआ उस लड़की का और कितनी गंभीर होगी कानूनी कार्रवाईइस हाई-प्रोफाइल नकल के मामले में छात्रा के खिलाफ एंटी-चीटिंग एक्ट (नकल विरोधी कानून) और धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं के तहत स्थानीय पुलिस स्टेशन में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह परीक्षा हॉल के भीतर किससे संपर्क करने वाली थी या क्या इसके पीछे कोई संगठित सॉल्वर गैंग काम कर रहा है। इसके साथ ही, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने छात्रा को 'अनफेयर मींस' (UFM) श्रेणी में डालते हुए परीक्षा से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। जानकारों की मानें तो इस गंभीर अपराध के बाद अब उस पर भविष्य में होने वाली सभी सरकारी और मेडिकल परीक्षाओं में बैठने के लिए आजीवन प्रतिबंध (Lifetime Ban) भी लग सकता है, जिसने उसकी तीसरी बार की मेहनत और पूरे करियर को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

