इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट ने वर्ष 2025 में शानदार उड़ान भरते यात्री सुविधाओं के मामले में देश में बड़ी छलांग लगाई है। यात्री सुविधा सर्वे में इंदौर एयरपोर्ट 10वें स्थान से सीधे तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। एयरपोर्ट्स काउंसिल इंटरनेशनल (एसीआई) द्वारा कराए गए एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी (एएसक्यू) सर्वे में इंदौर एयरपोर्ट को 5 में से 4.92 अंक मिले हैं, जबकि वर्ष 2024 में यह स्कोर 4.82 था और रैंक 10वीं थी। इस तरह एयरपोर्ट ने 0.10 अंकों की बढ़त के साथ 7 पायदान ऊपर चढ़ते हुए टॉप-3 में जगह बनाई है। यह सर्वे भारत के 16 और एशिया-पेसिफिक के 18 देशों के 98 एयरपोर्ट पर किया जाता है, जहां सालाना 18 लाख से ज्यादा यात्री आते हैं। सर्वे में एयरपोर्ट पर आने-जाने वाले यात्रियों से 31 अलग-अलग मानकों पर फीडबैक लिया जाता है। इनमें साफ-सफाई, पार्किंग, स्टाफ व्यवहार, शॉपिंग और खान-पान जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इंदौर एयरपोर्ट ने इस बार 31 में से 30 बिंदुओं पर पिछले साल से बेहतर प्रदर्शन किया, सिर्फ पासपोर्ट स्टाफ व्यवहार में थोड़ी गिरावट दर्ज हुई। एयरपोर्ट डायरेक्टर बोले- इस बार पहले स्थान का लक्ष्य एयरपोर्ट डायरेक्टर सुनील मग्गीरवार ने कहा कि यह उपलब्धि सही दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है और हमारा लक्ष्य है कि वर्ष 2026 में इंदौर एयरपोर्ट देश ही नहीं, दुनिया में भी पहला स्थान हासिल करे। वहीं, एयरपोर्ट के प्रवक्ता रामस्वरूप यादव के अनुसार यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। टॉप-3 एयरपोर्ट और उन्हें मिले अंक
वाराणसी में करोड़ों की ठगी का पर्दाफाश, गोवा से दो आरोपी गिरफ्तार
वाराणसी के एक प्रॉपर्टी डीलर को गोवा में जमीन दिलाने के नाम पर 16 करोड़ 62 लाख 49 हजार रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ है
चन्द्रप्रकाश का साई गोवा के लिए किया गया चयन
भाटापारा| ग्राम ढाबाडीह स्थित श्री शंकराचार्य विद्यापीठ के जूड़ो खिलाड़ी चंद्र प्रकाश यादव का चयन भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा गोवा के लिए किया गया है। वे ट्रेनिंग कैंप मे रहकर जूड़ो के लिए अपनी तैयारी करेंगे। उक्त छात्र ने शंकराचार्य विद्यापीठ के साथ-साथ गांव व अपने परिवार का नाम रोशन किया है। चंद्र प्रकाश यादव को उनकी इस सफलता के लिए यशवंत धु्रव, मनोज गुप्ता सहित अन्य लोगो ने बधाई दी है।
IPL के पिछले सीजन में मुरादाबाद पुलिस की कड़ी कार्रवाई से घबराए आईपीएल सटोरियों ने इस बार शहर छोड़कर गोवा और जिम कॉर्बेट में अपने ठिकाने बनाए हैं। पुराने आईपीएल सटोरियों के साथ-साथ इस फील्ड में उतरे कुछ नए खिलाड़ी भी पुलिस की रडार पर हैं। फिलहाल एक क्रॉकरी व्यापारी आईपीएल सट्टे की बागडोर संभाले है। पिछली बार एक सटोरिए के बड़ी रकम हार जाने के बाद इस खेल का भंडाफोड़ हुआ था। जिसके बाद कई बड़े कारोबारी और सियासी लोग इस खेल में पकड़े गए थे। दरअसल पुलिस ने 20 रईसजादों के ग्रुप के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की थी। पिछले 10 सालों से ये ग्रुप शहर में आईपीएल सट्टे का सिंडिकेट चला रहा था। लेकिन पूरा मामला उस वक्त खुला जब शहर में तैनात एक पुलिस इंस्पेक्टर का करीबी दोस्त इस सट्टे में 60 लाख रुपए हार गया। आईपीएल सटोरियों ने इस पर हारी रकम चुकाने का प्रेशर बनाया तो सटोरिए ने पुलिस इंस्पेक्टर से मदद मांगी। इसके बाद इन सभी को ट्रैप करने का प्लान तैयार किया गया। पूरे ऑपरेशन में जहां इंस्पेक्टर का करीबी दोस्त हारी रकम के 60 लाख चुकाने से बच गया, वहीं आईपीएल के सट्टेबाजों को कई महीने तक जेल में रहना पड़ा था। पुलिस की इसी सख्ती से आईपीएल सटोरिए घबराए हुए हैं। क्रॉकरी व्यापारी बना आईपीएल सट्टे का हेड सूत्रों का कहना है कि आईपीएल सट्टे को इस वक्त शहर का एक बड़ा क्रॉकरी व्यापारी लीड कर रहा है। उसी के गुर्गे शहर में आईपीएल का सट्टा करा रहे हैं। इसी के साथ मालवीय नगर का एक पुराना सटोरिया भी इस गैंग में शामिल है। जो पूर्व में ज्वैलरी की दुकान करता था, लेकिन आईपीएल सट्टे के खेल में उतरने के बाद अब फुल टाइम सट्टा गैंग को हैंडल करता है। कई व्हाइट कॉलर लोग भी शहर में सट्टा खेलने के शौकीन हैं। इनकी लत इस कदर हावी है कि पिछले सीजन में पुलिस की कड़ी कार्रवाई के बाद भी इनकी लत छूटने का नाम नहीं ले रही है। SSP के कड़े रुख से घबराए हैं आईपीएल सट्टेबाजनिचले लेवल पर इस मामले को मैनेज करने की भरसक कोशिशें हुईं लेकिन मुरादाबाद के SSP सतपाल अंतिल के सख्त रुख अपनाने की वजह से रईसजादों को कोई रिलीफ नहीं मिल सकी थी। आईपीएल की सट्टेबाजी करने वाले रईसजादों के इस ग्रुप को कई-कई महीने तक जेल में रहना पड़ा था। एसएसपी ने इस मामले में आने वाले सियासी प्रेशर को भी दरकिनार कर सटोरियों पर क एक्शन लिया था। इस वजह से आईपीएल सटोरियों में दहशत है। सट्टेबाज जानते हैं कि शहर में आईपीएल के मौजूदा सीजन में शहर में रहकर सट्टा चलाना नामुमकिन है, ऐसे में उन्होंने गोवा और जिम कॉर्बेट को ठिकाना बनाया है। एक कारोबारी के गोवा में बने फॉर्म हाउस को ठिकाना बनाया गया है। वहीं से मुरादाबाद के आईपीएल सट्टेबाजों को फोन पर सट्टा खिलाया जाएगा। पुलिस ने पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज के पास छापा मारकर पकड़ा था आईपीएल सट्टा मुरादाबाद पुलिस ने 11 अप्रैल 2025 की रात सिविल लाइंस में पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (PTC) के गेट के पास स्थित एक फ्लैट पर छापा मारकर आईपीएल में सट्टा करा रहे 9 लोगों को गिरफ्तार किया था। सुरेंद्र सिंह, कौशल कपूर, विपुल जुयाल, शहजादे सलीम, अभिनव, मनोज, धर्मेंद्र, हेमंत, रोहित गुप्ता शामिल थे। पुलिस ने इन सभी को जेल भेज दिया था। 2 दिन बाद पुलिस ने सट्टे का हिसाब किताब रखने वाले गौर ग्रेसियस निवासी साहिल गुप्ता को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस ने 20 के खिलाफ लिखी थी FIR, कई नाम विवेचना में बढ़ाए सिविल लाइंस पुलिस ने मुकदमे में 20 लोगों को नामजद किया था। जिनमें से नौ को मौके से गिरफ्तार किया गया। 3 नाम विवेचना में प्रकाश में आने के बाद केस में बढ़ाए गए थे। जिन तीन लोगों के नाम विवेचना में प्रकाश में आने पर बढ़ाए गए थे, उनमें साहिल गुप्ता, गौरव आनंद उर्फ बिन्नी और प्रवीण सिंह शामिल है। प्रवीण सिंह का लाइसेंसी रिवाल्वर छापे के दौरान मिला था। इस केस में जो नाम पुलिस रिकॉर्ड पर दर्ज किए गए थे उनमें अमित नागपाल, कमलदीप टंडन, राजदीप टंडन, विशाल डुडेजा, मुकुल गोटेवाला, आशु रस्तोगी, रचित रस्तोगी, सुमित सेठी, टीटू उर्फ दीपक गगनेजा, कमल छावड़ा, विक्की छावड़ा, गौरव आनंद उर्फ बिन्नी और प्रवीण सिंह शामिल थे। IPL सटोरियों को निचले स्तर पर पुलिस की शह आईपीएल सट्टे के खेल में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। वर्षों से एक ही जगह जमें निचले स्तर के कुछ पुलिस अधिकारियों के आईपीएल सटोरियों से नजदीकी रिश्ते जगजाहिर हैं। सूत्रों का कहना है कि निचले स्तर से मिल रहे पुलिस संरक्षण की वजह से ही आईपीएल सट्टे का धंधा शहर में फलफूल रहा है।
राजस्थान के कई शहरों में गोवा की तर्ज पर अवैध कैसिनो खुल गए हैं। लग्जरी विला या फार्महाउस को दो दिन के लिए बुक किया जाता है। देशभर से हाईप्रोफाइल लोगों को इसमें लाखों रुपए लेकर एंट्री दी जाती है। टेबल पर पत्ते बांटने के लिए लड़कियां, शराब से लेकर हुक्का पार्टी तक का इंतजाम होता है। यहां तक कि सिक्योरिटी की पूरी गारंटी भी ली जाती है। ये खुलासा जयपुर में ऐसे ही एक पार्टी के दौरान हत्थे चढ़े मास्टरमाइंड ने किया है। ये कैसिनो पार्टी शहर के नजदीक भांकरोटा में एक फार्महाउस पर हो रही थी। इसमें ऑर्गेनाइजर प्रदीप लालवानी सहित 16 लोगों को पकड़ा गया था। पूछताछ में सामने आया है कि ये प्रदेश के कई शहरों में ऐसे ही पार्टी कर चुके हैं। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए पूरी रिपोर्ट.... अलग-अलग राज्यों से खेलने पहुंचे हाईप्रोफाइल लोग भांकरोटा एसएचओ श्रीनिवास जांगिड़ ने बताया कि 25 मार्च की रात इंप्रेस ग्रीन्स में 5 नंबर विला फार्म में अलग-अलग स्टेट की लग्जरी कारों का काफिला खड़ा था। सूत्रों ने कुछ संदिग्ध होने की सूचना दी। पड़ताल करने पर पता चला कि यह विला किसी प्रदीप लालवानी ने बुक करवाया है। इसके बाद दबिश दी गई थी। टीम अंदर पहुंची तो मौके पर मिले 20 संदिग्धों को पकड़ लिया। ऑर्गेनाइजर प्रदीप लालवानी और उसका सहयोगी रॉबिन मौके पर ही था। पूछताछ में उसने बताया कि फार्म किराए पर लिया था। पार्टी में दिल्ली, गुजरात, हरियाणा जैसे कई राज्यों के हाईप्रोफाइल लोगों को बुलाया गया था। पकड़े गए ज्यादातर युवा हैं। एंट्री फीस 1 लाख रुपए से शुरू ऐसे अवैध कैसिनो में जुआ खेलने के लिए एंट्री फीस 1 लाख से लेकर 2 लाख रुपए ली जाती थी। पैसा एडवांस मिलने के बाद टेबल और फार्महाउस में रूम बुकिंग फाइनल कर दी जाती थी। इसके बाद पार्टी से जुड़ी सारी व्यवस्थाओं का सारा जिम्मा रॉबिन को दिया जाता था। रॉबिन प्रदीप के लिए जगह, शराब, रिसोर्ट, स्टाफ मुहैया कराने का काम करता था। इसके बदले हर पार्टी का 20 हजार रुपए कमीशन लेता था। पूरा सेटअप भी रॉबिन का होता था। जगह फाइनल होने के बाद रॉबिन लोकेशन शेयर करता। फिर प्रदीप ग्रुप में जुड़े लोगों को जानकारी देता था। जुआ खेलने वालों को जयपुर बुलाकर उसी रिसॉर्ट या फार्महाउस में ठहराया जाता था। VIP और हाईप्रोफाइल लोगों की लिस्ट पुलिस पड़ताल में सामने आया कि पार्टी ऑर्गेनाइजर प्रदीप के पास (जुआ) खेलने के शौकीन हाईप्रोफाइल लोगों की लिस्ट बना रखी है, जो इसके लिए कहीं भी जाने को तैयार रहते हैं। जयपुर, दिल्ली या किसी भी शहर में पार्टी ऑर्गेनाइज करने पर उनको इनवाइट किया जाता था। पत्ते बांटने के लिए खूबसूरत लड़कियों का इंतजाम गेस्ट के एंटरटेनमेंट और पत्ते बांटने के लिए खूबसूरत लड़कियां को भी बुलवाया जाता था। जयपुर में रेड के दौरान एक लड़की को भी पकड़ा है, हालांकि उसकी पहचान उजागर नहीं की गई है। खाना बनाने के लिए दो शेफ और शराब परोसने के लिए एक्सपर्ट स्टाफ रखते थे। खेलते समय किसी गेस्ट के पास पैसा खत्म होने पर हवाला के जरिए मौके पर मंगवा लिया जाता था। गेम शुरू होते ही फ्लाइट मोड पर मोबाइल पुलिस से बचने के लिए अंधेरा होने के बाद ही टेबल का सेटअप तैयार किया जाता था। इसके बाद रिसॉर्ट या फार्महाउस को बंद कर दिया जाता था। बाहर प्राइवेट गार्ड होते थे। कोई भी गेस्ट अंदर की वीडियोग्राफी न कर पाए या अंदर की जानकारी किसी भी तरीके से लीक न हो, इसके लिए खेलने वालों का मोबाइल फ्लाइट मोड पर डाल दिया जाता था। गेम के दौरान किसी को भी मोबाइल इस्तेमाल की परमिशन नहीं दी जाती थी। कॉइन पर 5% कमीशन पुलिस पूछताछ में सामने आया कि खेलने के लिए मिनिमम 500 रुपए में एक प्लास्टिक का कॉइन देते थे। गेस्ट को कम से कम 1 लाख रुपए लेकर ही खेलने की परमिशन थी। मान लीजिए पार्टी में 20 लोगों ने कुल 20 लाख रुपए दांव पर लगाए तो उसमें 5 प्रतिशत के हिसाब से 1 लाख रुपए बतौर कमीशन प्रदीप लालवानी रखता था। वीकेंड पर नहीं होती थी पार्टी डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि प्रदीप वीकेंड की बजाय बुधवार और गुरुवार का दिन पार्टी के लिए फिक्स करता था। क्योंकि वीकेंड पर होने वाली पार्टियों पर पुलिस नजर रखती है। पार्टी में कौन-कौन शामिल होंगे इसका भी फॉर्मूला बना रखा था। 70 प्रतिशत गेस्ट पिछली पार्टियों में शामिल हो चुके लोगों को रखता। वहीं, 30 प्रतिशत ग्राहक जिस शहर में पार्टी रखता, वहां के शामिल करता था। ताकि कोई भी एक दूसरे की आइडेंटिटी न निकाल पाए। खेलने वालों की सिक्योरिटी की पूरी गारंटी लेता था। कौन है मास्टरमाइंड प्रदीप प्रदीप लालवानी (45) मूल मूल रूप से दिल्ली का है। वह अवैध कैसिनो का काम पिछले 6 साल से कर रहा है। खुद भी जुआ खेलने का आदी है। कुछ साल पहले वह अपने दोस्तों के साथ जुआ खेलने गोवा गया था। वहां कुछ दिन रहकर उसने जुआ खेलना और खिलाने की ट्रिक्स सीखीं। इसके बाद दिल्ली लौटकर खुद के कार्ड और बोर्ड बना कर अपना सेटअप तैयार कर लिया। जयपुर में पार्टी ऑर्गेनाइज करने के लिए उसने कनेक्शन खंगाले तो रॉबिन से मुलाकात हुई। इसके बाद उसने रॉबिन (26) को ही कमीशन पर कई काम सौंप दिए। रॉबिन मूल रूप से जयपुर के राजापार्क का रहने वाला है। एसएचओ श्रीनिवास जांगिड़ ने बताया पूछताछ में सामने आया कि प्रदीप लालवानी और रॉबिन जयपुर के अलावा अजमेर, उदयपुर, पुष्कर, जयपुर-दिल्ली रोड पर बने कई फॉर्म हाउस और दौसा में अलग-अलग लोकेशन पर जुआ खिला चुके हैं। रेड में पकड़े गए थे 16 लोग 25 मार्च को हुई रेड में प्रदीप लालवानी के अलावा पुलिस ने शेखर लाल, अशोक कुमार, विक्रम सिंह, विनोद राणा, मोहित मेहता, रॉबिन को गिरफ्तार किया गया। साथ ही गेम खेलने वाले हर्षित राज, मोहित शर्मा, संजय सिंघानिया, शिवदास मीणा, अजय कुमार, जितेन्द्र चौधरी, विकास शर्मा, जुगल किशोर व अमित शर्मा के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। गोवा से सीखकर यहां करते हैं पार्टियां राजस्थान में कैसिनो लीगल नहीं है। पुलिस पड़ताल में सामने आया है कि कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो गोवा में सीखकर अलग-अलग राज्यों में इसे यही बिजनेस कर रहे हैं। कमीशन पर या एंट्री के नाम पर पैसा लेकर खुद की व्यवस्था कर लेते हैं। जो जीतता है उसे ग्रुप में जोड़ कर आगे दूसरी पार्टी में इनवाइट किया जाता है। लीगल कैसिनो में खिलाए जाते हैं 3-4 गेम, एंट्री की उम्र भी तय कैसिनो में खिलाए जाने वाले गेम एक तरह से जुआ है। इनमें एंट्री के लिए आमतौर पर आयु (21 वर्ष या उससे अधिक) तय है। खेलने वाले को अपना एक आईडी कार्ड भी देना होता है। फिर कुछ एंट्री फीस देनी होती है। कैसिनो में डायरेक्ट पैसे से नहीं खेला जाता। खेलने वाला पहले काउंटर से पैसे देकर 'चिप्स' (प्लास्टिक के टोकन जैसे) खरीदता है। यही चिप्स खेल में दांव लगाने के लिए इस्तेमाल होते हैं। खेल खत्म होने पर चिप्स को वापस कैश में बदला जा सकता है। कैसिनो में कई प्रकार के खेल होते हैं... रुलेट (Roulette): एक घूमते पहिए पर नंबर या रंग पर दांव लगाया जाता है। ब्लैक जैक (Blackjack): कार्ड गेम, जिसमें 21 के करीब अंक लाने की कोशिश होती है। पोकर (Poker): रणनीति और मनोविज्ञान पर आधारित कार्ड गेम है। स्लॉट मशीन: मशीन के माध्यम से खेले जाने वाला गेम है जिस में बटन दबा कर पत्ते सामने आते हैं।
पटना में दैनिक भास्कर वुमन प्राइड अवॉर्ड-2026 का शनिवार को आयोजन हुआ। समारोह में 29 महिलाओं को सम्मानित किया गया। किसी ने जरूरतमंद मरीजों और उनके परिजनों को बेहद कम कीमत में खाना उपलब्ध कराया, तो किसी ने दूरदराज इलाकों के वंचित बच्चों को शिक्षा से जोड़कर उनके भविष्य को नई दिशा दी। वहीं शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सेवा, उद्यमिता, कला, साहित्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में काम करने वाली कई महिलाओं ने समाज में सकारात्मक बदलाव की मिसाल पेश की है। इन महिलाओं की सफलता की कहानियां सिर्फ उपलब्धियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह समाज के प्रति जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और सेवा भावना का भी उदाहरण हैं। इन्होंने छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव किए हैं। मुख्य अतिथि बिहार सरकार के कला, संस्कृति युवा सह पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने समारोह का उद्घाटन किया। वहीं, विशिष्ट अतिथि में योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन विजयालक्ष्मी और पुलिस अधीक्षक (ERSS-112) शीला ईरानी मौजूद रहीं। देखें तस्वीरें… समारोह का उद्देश्य नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देना ये वार्षिक समारोह समाज-देश के लिए योगदान देने वाली, चुनौतियों से ऊपर उठकर सफलता पाने वाली महिलाओं के लिए है। मंच विभिन्न क्षेत्रों- जैसे उद्यमिता, चिकित्सा, शिक्षा, खेल, और समाजसेवा में कार्य करने वाली महिलाओं के संघर्ष और सफलता की कहानियों को चिह्नित करता है। इसका उद्देश्य नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन लाने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करना है। भास्कर के समारोह में सम्मानित होने वालीं महिलाएं… अमृता सिंह-पल्लवी सिंह : पिछले 8 वर्षों से ‘साईं की रसोई' से PMCH में मरीजों और उनके परिजन को मात्र 5 रुपए में खाना उपलब्ध कराकर मानवता की मिसाल पेश की है। अनुरंजना भारद्वाज: सीमित संसाधनों के बावजूद दूरदराज क्षेत्र में अपनी संस्था स्थापित की। इनके प्रयासों से कई वंचित बच्चों को शिक्षा का अवसर और उज्जवल भविष्य की दिशा मिली है। अमरीन खान: पूर्णिया की शिक्षिका, जिन्होंने पिछले 18 साल से स्कूल को सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को उड़ान देने वाला परिवार बनाया है। Kidzee Johnny Kids और Mount Litera Zee School की प्रिंसिपल के रूप में सैकड़ों बच्चों के भविष्य को दिशा दे रही हैं। आशा अनुरागिनी पोद्दार: ‘Bamboo Art' से परंपरा-प्रकृति से जुड़ी कला को नई पहचान देने वाली एक महिला उद्यमी हैं। बांस की कला को हजारों महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का माध्यम बनाया है। डॉ. आयशा फातिमा: वनस्पति विज्ञान में पीएचडी सहित उच्च शिक्षा प्राप्त डॉ. आयशा फातिमा ने शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। गया इंजीनियरिंग कॉलेज और ICMR-NIE, चेन्नई में अपनी सेवाओं के साथ-साथ वे समाज सेवा में भी सक्रिय हैं। वंचित बच्चों को किताबें उपलब्ध कराना और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों की शादी में सहयोग करना उनकी संवेदनशीलता का उदाहरण है। डॉ. आयुषी सिन्हा: बेगूसराय की युवा डॉक्टर डॉ. आयुषी सिन्हा ने मात्र 2 साल में 1700 से अधिक सफल सर्जरी कर पहचान बनाई है। इसके साथ ही 15,000 से अधिक मरीजों को निःशुल्क परामर्श देकर समाज सेवा की मिसाल पेश की है। अपनी सेवा-समर्पण से वे स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रेरणा बनकर उभरी हैं। डॉ. बंदना तिवारी: MBBS, MS के साथ पूर्व रजिस्ट्रार, IGIMS की अनुभवी नेत्र विशेषज्ञ हैं। कैटरेक्ट, कॉर्निया और रिफ्रैक्टिव सर्जरी की विशेषज्ञ के रूप में हजारों मरीजों की दृष्टि में नई रोशनी ला रही हैं। वर्तमान में Drishtipunj Eye Hospital की डायरेक्टर हैं। डॉ. दीपशिखा: MBBS और DNB (पीडियाट्रिक्स) से प्रशिक्षित डॉ. दीप्तिशिखा नवजात और बच्चों की सेहत के लिए समर्पित एक संवेदनशील चिकित्सक हैं। उनकी देखभाल और विशेषज्ञता ने कई नन्हीं जिंदगियों को नई उम्मीद और स्रक्षित भविष्य दिया है। अपनी सेवा और समर्पण से वे चाइल्ड केयर के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी मिसाल हैं। डॉ. जूली बनर्जी: 22 वर्षों से कॉरपोरेट नेतृत्व और सामाजिक उद्यमिता के क्षेत्र में सक्रिय डॉ. जूली बनर्जी महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देने के लिए उनका योगदान प्रेरणादायी रहा है। अपने कार्यों से वे समाज में बदलाव की एक मजबूत आवाज बनी हैं। कुमारी बबिता: LIC बिहार में 'बेस्ट बिजनेस परफॉर्मर' के रूप में एक अलग पहचान बनाया है। अपनी लगन और अच्छे प्रदर्शन से उन्होंने सफलता की नई मिसाल कायम की है। वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में उनका योगदान प्रेरणादायी है। वैदय लीला गुप्ता: प्राकृतिक चिकित्सा और आयुर्वेद की शक्ति को जन-जन तक पहुंचाने के लिए वैदय लीला गुप्ता ने लोगों को प्राकृतिक तरीके से स्वस्थ रहने की प्रेरणा दी है। समाज के स्वास्थ्य जागरूकता के लिए उनका योगदान सराहनीय है। डॉ. ममता सिंह: नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। शिक्षा और चिकित्सा दोनों क्षेत्रों में डॉ. ममता सिंह योगदान दे रहीं हैं। इसके साथ ही GOAL Institute की जॉइंट डायरेक्टर हैं। अपने ज्ञान और समर्पण से वे नई पीढ़ी को प्रेरित कर रही हैं। ममता सिंह: अशीर्वाद एंगिकॉन की ममता सिंह कम बजट वाले प्रॉपर्टी प्रोजेक्ट्स से निम्न वर्गीय परिवारों के लिए आवास उपलब्ध कराने का कार्य कर रही हैं। उनके प्रयासों से कई परिवारों को अपने सपनों का घर मिला है। डॉ. मनीषा सिन्हा: पिछले 3 दशकों से शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. मनीषा सिन्हा Radiant International School की प्रिंसिपल हैं। अपने नेतृत्व और अनुभव से उन्होंने विद्यार्थियों के लिए सीखने का माहौल तैयार किया है। मनीषा श्रीवास्तव: भोजपुरी लोक संगीत की लोकप्रिय गायिका हैं। अपनी पारंपरिक और शुद्ध विधाओं- विवाह गीत, सोहर और अन्य लोक गीतों के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने शुद्ध और बिना वल्गर भोजपुरी संगीत को बढ़ावा देकर बिहार और हिंदी भाषी क्षेत्रों में अपनी खास पहचान बनाई है। नीलम देवी: मॉरल एजुकेशन आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने और बेटियों की पढ़ाई को समाज की प्राथमिकता बनाने के लिए हमेशा समर्पित रहीं। नीलम देवी अपने प्रयासों से बेटियों के सपनों को शिक्षा से नई उड़ान दे रही हैं। उनका समर्पण समाज में सकारात्मक और स्थायी बदलाव की मिसाल है। निर्मला कुमारी: एलआईसी बिहार में 'बेस्ट बिजनेस परफॉर्मर' के रूप में अपनी मेहनत और अच्छे प्रदर्शन से खास पहचान बनाई है। निर्मला कुमारी ने लगन-समर्पण से वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में सफलता की मिसाल कायम की है। डॉ. नीतू कुमारी नवगीत: लोक गायिका डॉ. नीतू कुमारी नवनीत अपनी आवाज से लोगों के दिलों में खास पहचान बना चुकी हैं। पटना नगर निगम की ब्रांड एम्बेसडर के रूप में वे गीतों से स्वच्छता अभियान का संदेश जन-जन तक पहुंचा रही हैं। कला और सामाजिक जागरूकता को जोड़ने का उनका प्रयास प्रेरणादायी है। पिंकी देवी: एलआईसी बिहार में 'बेस्ट बिजनेस परफॉर्मर' के रूप में अपनी मेहनत और उत्कृष्ट प्रदर्शन से खास पहचान बनाई है। पिंकी देवी ने वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में सफलता हासिल की है। प्रीति सिंह: राजनीतिक परिवार से संबंध होने के बावजूद समाज के प्रति उनका समर्पण और सक्रियता काबिल-ए-तारीफ है। शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उन्होंने अपनी मेहनत और पहल से एक अलग पहचान बनाई है। प्रियंका कुमारी: कंचनजंघा फाउंडेशन फॉर हायर एजुकेशन में असिस्टेंट डायरेक्टर हैं। विदद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और धार्मिक-संवेदनशील व्यक्तित्व के साथ वे जरूरतमंद और गरीब छात्रों की मदद के लिए हमेशा आगे रहती हैं। एक सशक्त महिला के रूप में परिवार और समाज दोनों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। पूनम कुमारी: एलआईसी बिहार में 'बेस्ट बिजनेस परफॉर्मर' के रूप में अपनी मेहनत और बेहतर प्रदर्शन से अलग पहचान बनाने वाली पूनम कुमारी ने सफलता पाई है। ऋतिका गुप्ता: एमबीए (मार्केटिंग) के साथ 16 साल का अंतरराष्ट्रीय अनुभव है। अनुभवी बिजनेस लीडर ऋतिका गुप्ता ने अमेरिका, चीन और भारत जैसे देशों में काम करते हुए नेतृत्व और उद्यमिता की मजबूत पहचान बनाई है। सीमा कुमारी: एलआईसी बिहार में 'बेस्ट बिजनेस परफॉर्मर' के रूप में खास पहचान बनाई है। सीमा कुमारी ने वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में सफलता पाई है। डॉ. सुनीता कुमारी: जहानाबाद में जन्मीं डॉ. सुनीता कुमारी ने मनोविज्ञान के क्षेत्र में शोध किया है। इसके अलावा कामकाजी महिलाओं की समस्याओं को आवाज दी है। उनके प्रयासों से सरकारी कार्यालयों में महिलाओं के लिए रेस्ट रूम की व्यवस्था संभव हो सकी। आज सचिवालय के कई भवनों में ये सुविधा उनके प्रयासों की देन हैं। श्वेता कुमारी: बिहार का अपना डिजिटल प्लेटफॉर्म The Arch Go, जहां घर बैठे चुटकियों में ऑर्डर की सुविधा उपलब्ध है। उद्यमिता और इनोवेशन से लोगों के जीवन को आसान बनाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। वीणा अमृत: हिंदी साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। वर्तमान में आरा के डीके कॉलेज की प्राचार्या के हैं। उनका कार्य नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। डॉ. विजया सिंह: प्रोफेसर हैं। विवाह के बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और आज RK College, मधुबनी में राजनीति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष HOD हैं।
'अनुपमा' में आया बड़ा लीप, गोवा में नई शुरुआत को लेकर रूपाली गांगुली का खुलासा
स्टार प्लस का सबसे पॉपुलर शो 'अनुपमा' अपनी जबरदस्त कहानी के साथ टीवी पर राज कर रहा है, जो लगातार आने वाले ट्विस्ट, ड्रामा और इमोशनल उतार-चढ़ाव से दर्शकों को बांधे रखता है। यही वजह है कि लोग इतने लंबे समय से इस शो से जुड़े हुए हैं। अब कहानी में एक ...
टॉक्सिक मूवी प्रिव्यू: यश का डबल रोल, गोवा के अंडरवर्ल्ड पर आधारित फिल्म 19 मार्च 2026 को होगी रिलीज
यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक’ 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी यह पीरियड गैंगस्टर ड्रामा गोवा के ड्रग कार्टेल की अंधेरी दुनिया को दिखाती है। फिल्म में यश डबल रोल में हैं। कियारा आडवाणी, नयनतारा और ...
ललित सुरजन की कलम से - गोवा में चार दिन
एक समय भारत में तीन स्थान अवकाश-प्राप्त लोगों के लिए और साधन-सम्पन्न तबकों के लिए स्वर्ग माने जाते थे
Goa Board HSSC: कक्षा 12वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा कल से होगी शुरू, यहां देखें डिटेल्स
गोवा बोर्ड एचएसएससी यानी कक्षा 12वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा 27 मई से शुरू होगी। परीक्षा का आयोजन उत्तरी गोवा, मापुसा केंद्र, डी.एम.एस पीवीसी एसएम, कुशे हायर सेकेंडरी स्कूल, असगाओ, बर्देज गोवा, साउथ
महाराष्ट्र पुलिस और गोवा के बाद Singham Again में इस राज्य के पुलिस ऑफिसर बनेंगे Ajay Devgan, जाने लेटेस्ट अपडेट
गो गोवा गॉन की रिलीज को 11 साल हुए पूरे, कुणाल खेमू बोले- मुझे बहुत खुशी और गर्व का कराती है एहसास
Film Go Goa Gone: राज और डी.के. द्वारा निर्देशित फिल्म गो गोवा गॉन ने अपनी रिलीज़ के 11 साल पूरे कर लिए हैं। दिलचस्प बात यह है कि ज़ॉम्बी एक्शन कॉमेडी ने न केवल अपनी मज़ेदार और आकर्षक कहानी से, बल्कि अपने बेहतरीन अभिनय और संवादों से भी दर्शकों का ...
मंगलवार को करीना, कृति और तब्बू की फिल्म का हुआ बुरा हाल, जाने The Goat Life और Family Star का कैसा है हाल
दूसरे हफ्ते में The Goat Life ने Crew को चटाई धूल, 'द फैमिली स्टार' के खाते में आए इतने करोड़
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लोगों के सिर चढ़कर बोल रहाThe Goat Life का क्रेज, हाफ सेंचुरी मारने से बस चंद कदम दूर है Prithviraj Sukumaran की फिल्म
पृथ्वीराज सुकुमारन कीThe Goat Life ने तोड़ा साउथ की इस फिल्म का रिकॉर्ड, हफ्तेभर में 40 करोड़ के पार पहुंची फिल्म
बॉक्स ऑफिस पर छठे दिन ही धडाम हुई पृथ्वीराज सुकुमारन कीThe Goat Life,मंगलवार को फिल्म के खाते में आये बस इतने रूपए
मंडे को पृथ्वीराज सुकुमारन कीThe Goat Life ने करीना, कृति और तब्बू की फिल्म को दिया धोबी पछाड़, 5 वें दिन कमाए ओतने करोड़
पृथ्वीराज सुकुमारन की द गोट लाइफ का बॉक्स ऑफिस पर तूफान, तोड़े कई रिकॉर्ड
The Goat Life Box Office Collection: साउथ सुपरस्टार पृथ्वीराज सुकुमारन की मलयालम फिल्म 'द गोट लाइफ' ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया है। सच्ची घटनाओं पर आधारित यह फिल्म बेन्यामिन के नॉवेल 'आदु जीविथम' पर आधारित है। इस फिल्म में ...
वीकेंड पर रॉकेट बनी पृथ्वीराज सुकुमारन की AadujeevithamThe Goat Life,तूफानी रफ़्तार से चौथे दिन फिल्म ने कमा डाले इतने करोड़
The Goat Life Review: पृथ्वीराज सुकुमारन की दमदार एक्टिंग बनी फिल्म की जान, दिल दहलाने वाली हैनजीब की कहानी

